टीवी एक्ट्रेस जैस्मीन भसीन जल्द ही रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' से छोटे पर्दे पर वापसी कर रही हैं। रोहित शेट्टी के होस्ट वाले इस शो के प्रीमियर से पहले जैस्मीन ने एक इंटरव्यू में अपनी शादी की अफवाहों और लगातार पूछे जाने वाले सवालों पर दो टूक जवाब दिया है। लंबे समय से एक्टर अली गोनी को डेट कर रहीं जैस्मीन ने कहा कि उनकी शादी से किसी का कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए। न तो कोई कैटरिंग का बिल भर रहा है और न ही डेकोरेशन का खर्च उठा रहा है। 'न आपको कैटरिंग का बिल देना है, न डेकोरेशन का खर्च'पिंकविला को दिए इंटरव्यू में जैस्मीन भसीन से जब अलि गोनी संग शादी की प्लानिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी असहमति जताई। जैस्मीन ने कहा, मुझे लगता है कि किसी को इससे क्या लेना-देना। न तो आपने कैटरिंग का बिल भरना है और न ही शादी की डेकोरेशन का खर्च उठाना है। जब शादी करनी होगी, तब कर लेंगे। लोगों को अपने काम से काम रखना चाहिए। जैस्मीन ने आगे कहा कि जब भी शादी होगी, सबको अपने आप पता चल जाएगा। यह उनका निजी फैसला है और किसी और को इससे परेशानी नहीं होनी चाहिए। 'शायद लोग अपनी शादी से खुश नहीं हैं'जैस्मीन ने लोगों की इस उत्सुकता पर चुटकी लेते हुए कहा कि कभी-कभी उन्हें इन बातों पर हंसी आती है। उन्होंने कहा, मुझे समझ नहीं आता कि लोग मेरी पर्सनल लाइफ में इतने इंटरेस्टेड क्यों हैं। शायद लोग अपनी शादी से खुश नहीं हैं, इसलिए उन्हें लगता है कि हम क्यों खुश हैं, हमें भी शादी करके परेशान होना चाहिए। जैस्मीन ने कहा कि कुछ लोगों की मानसिकता ऐसी होती है कि वे बार-बार ऐसे सवाल पूछकर दूसरों को परेशान देखना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसे सवालों पर जवाब न देने का मन बनाया हुआ है। 'खतरों के खिलाड़ी 15' से कर रही हैं वापसीपर्सनल लाइफ के अलावा जैस्मीन भसीन अपने प्रोफेशनल प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में हैं। वे कलर्स टीवी के पॉपुलर स्टंट बेस्ड रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' में नजर आने वाली हैं। यह शो 1 अगस्त से ऑन-एयर हो रहा है। रोहित शेट्टी इस शो को होस्ट कर रहे हैं। जैस्मीन इससे पहले भी टीवी के कई बड़े रियलिटी शोज और फिक्शन ड्रामा में काम कर चुकी हैं और इस शो से वे एक बार फिर स्क्रीन पर वापसी कर रही हैं। 'बिग बॉस 14' के घर से शुरू हुई लव स्टोरीजैस्मीन भसीन और अली गोनी टीवी इंडस्ट्री के चर्चित जोड़ियों में से एक हैं। दोनों की प्रेम कहानी रियलिटी शो 'बिग बॉस 14' के दौरान शुरू हुई थी। शो में दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और उन्होंने अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था। बिग बॉस के घर से निकलने के बाद भी दोनों कई म्यूजिक वीडियोज में साथ दिखे हैं और लगातार एक-दूसरे के साथ हैं।
सर्वगुण संपन्न:अब नॉन ग्लैमरस रोल में दिखेंगी वाणी कपूर, 3 महीने की तैयारी
वाणी कपूर की अगली फिल्म ‘सर्वगुण संपन्न’ है। इसकी निर्देशक सोनाली रतन देशमुख हैं। उन्होंने इस फिल्म के आइडिया से लेकर वाणी के इससे जुड़ने और कहानी के फोकस पर खास बातचीत की... निर्देशक सोनाली ‘सर्वगुण संपन्न’ को लेकर कहती हैं...‘फिल्म की शुरुआत किसी स्टार को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि एक वन-लाइनर आइडिया से हुई थी। ‘शिद्दत’ के बाद मैडॉक फिल्म्स की क्रिएटिव हेड शारदा कार्की ने मुझे लेखक सुमित घिल्डियाल के साथ तैयार की गई कहानी सुनाई, जिसमें मुझे अलग तरह की मानवीय कॉमेडी नजर आई। इसके बाद स्क्रिप्ट पर कई महीनों तक काम हुआ। कहानी को बार-बार लिखा गया ताकि हास्य परिस्थितियों से पैदा हो और भावनात्मक संतुलन भी बना रहे। वन-लाइनर सिर्फ दिशा देता है, असली फिल्म स्क्रीनप्ले में तैयार होती है।’ फिल्म पूरी तरह फैमिली ड्रामा, जिंदगी में आए बदलावों के इर्द-गिर्द घूमती है कहानी सोनाली का कहना है कि ‘फिल्म की बाहरी परत देखकर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। किसी एडल्ट स्टार से मिलती-जुलती शक्ल कहानी की सिर्फ शुरुआती वजह है, जबकि पूरी फिल्म एक छोटे शहर की लड़की की जिंदगी में आए बदलावों और पारिवारिक रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। किरदार को जीने पर रहा वाणी का पूरा जोर बकौल सोनाली...‘फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले वाणी ने करीब तीन महीने तक अपने किरदार पर काम किया। इस दौरान लगातार स्क्रिप्ट रीडिंग, वर्कशॉप और किरदार की मानसिकता, भाषा, बॉडी लैंग्वेज व व्यवहार पर विस्तार से चर्चा की गई। हमारा उद्देश्य वाणी से सिर्फ अभिनय कराना नहीं था, बल्कि उन्हें उस लड़की की दुनिया और व्यक्तित्व में पूरी तरह ढालना था, ताकि स्क्रीन पर उनका किरदार पूरी तरह स्वाभाविक लगे।’ ऋषिकेश भी फिल्म में, सिर्फ लोकेशन नहीं, कहानी का अहम किरदार भी सोनाली बताती हैं...‘फिल्म के लिए ऋषिकेश का चयन केवल खूबसूरत लोकेशन की वजह से नहीं किया गया। धार्मिक माहौल, छोटे शहर की सामाजिक संरचना और पारिवारिक जीवन कहानी का अहम हिस्सा हैं। शूटिंग ऋषिकेश के साथ हरिद्वार और देहरादून में भी हुई, लेकिन कहानी की आत्मा ऋषिकेश में ही बसती है।' रिश्तों की केमिस्ट्री पर फोकस, दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान लाने का लक्ष्य सोनाली ये भी कहती है कि ‘फैमिली कॉमेडी में पंचलाइन से ज्यादा रिश्तों की केमिस्ट्री काम करती है। अगर फिल्म खत्म होने के बाद दर्शक मुस्कुराते हुए सिनेमाघर से बाहर निकलेंगे, तो वही ‘सर्वगुण संपन्न’ की सबसे बड़ी सफलता होगी।' स्क्रिप्ट लॉक होने के बाद फिल्म से जुड़ी थीं वाणी, तोड़ी अपनी ग्लैमरस इमेज सोनाली के अनुसार, ‘स्क्रिप्ट के कई ड्राफ्ट पूरे होने के बाद ही वाणी को कहानी सुनाई गई। इस बार वाणी अपने अब तक के ग्लैमरस स्क्रीन इमेज से अलग ऋषिकेश की एक साधारण, चश्मा लगाने वाली और सलवार-कमीज पहनने वाली लड़की के किरदार में नजर आएंगी। कई बार सेट इमेज से निकलकर सामान्य किरदार निभाना भी चैलेंजिंग होता है।’
देहरादून के फेमस यूट्यूबर UK 07 राइडर अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अनुराग ने 26 जुलाई को यूट्यूब पर 5 मिनट का एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें उन्होंने रितिका पर धोखा देने का आरोप लगाया। अनुराग ने रितिका और उनकी मां पर बेटे अनुरित से नहीं मिलने देने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि रितिका के परिवार को उन्होंने अपने बेटे से मिलने के लिए 37 लाख रुपए दिए हैं और अब रितिका का परिवार भारी-भरकम गुजारा भत्ता मांग रहा है। अनुराग ने कहा, यह सब झेलना सबसे मुश्किल है, लेकिन अपने बेटे के लिए मैं यह भी करना चुनूंगा। अनुराग ने वीडियो में आगे लिखा, मैंने अपने बेटे अनुरित की खातिर सब कुछ छिपाने और सभी को माफ करने का फैसला किया था। भाई कलम को सब सच पता था, लेकिन उसने अपने अहम को संतुष्ट करने के लिए दुनिया के सामने मुझे गलत बना दिया। रितिका ने भी इस चीज का फायदा उठाया, क्योंकि मेरे पास मेरे मां-बाप नहीं थे, मेरी फैमिली नहीं थी। सब लोगों ने मिलकर मुझे बहुत परेशान किया और आज भी कर रहे हैं। आर्थिक रूप से, कानूनी रूप से और मानसिक रूप से। लेकिन अब और नहीं। मेरी गलती बस इतनी थी कि मैं इन सब लोगों से प्यार करता था और इनकी गलतियों को छिपाता रहा। लेकिन मुझे लगता है कि वे इस प्यार और वफादारी के हकदार नहीं हैं। तस्वीरें देखिए- अनुराग ने रितिका और उसके दोस्त का ऑडियो वारयल की अनुराग ने एक ऑडियो भी शेयर किया, जिसमें रितिका पर दोस्त अभिषेक के साथ मिलकर धोखा देने का आरोप लगाया है। इसमें उन्होंने दावा किया कि रितिका कह रही है, अनुराग मेरे लिए मर चुका है। मेरे पास इसका बच्चा है, यह मेरे लिए पाप है। इसके बाद अनुराग ने अभिषेक का एक ऑडियो बताकर भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि अभिषेक कह रहा है, “रितिका ने मुझसे कहा था कि मैं बच्चे को मार दूंगी। वह एबॉर्शन कराने के लिए कह रही थी, लेकिन मैंने मना कर दिया था।” दो महीने पहले रितिका को पहनाया मंगलसूत्र अनुराग ने 12 मई को अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उन्होंने रितिका और उनकी मां को महंगे गिफ्ट दिए थे। गिफ्ट में उन्होंने रितिका की मां को एक रिंग दी थी और इसी दौरान रितिका को मंगलसूत्र भी पहनाया था। अनुराग ने तब बताया था कि मदर्स डे के मौके पर उन्होंने यह सरप्राइज प्लान किया था। इसके लिए वह रितिका के घर गए थे और पूरे सरप्राइज का वीडियो भी अपने यूट्यूब चैनल पर जारी किया था। सरप्राइज की दो तस्वीरें 4 महीने पहले बने थे पिता अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान चार महीने पहले अपने पहले बच्चे के माता-पिता बने थे। रितिका ने 27 मार्च 2026 को राम नवमी के शुभ अवसर पर बेटे को जन्म दिया था। बेटे के जन्म पर अनुराग ने भावुक होते हुए कहा था कि अब मेरा दूसरा जन्म अपने बेटे के लिए है। रितिका ने बेटे के जन्म की जानकारी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए साझा की थी, जहां उन्होंने नवजात के नन्हे पैरों की तस्वीर पोस्ट की थी। 7 मार्च को की थी सुसाइड की कोशिश अनुराग डोभाल ने 7 मार्च को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कार चलाते हुए इंस्टाग्राम लाइव किया था। लाइव में उन्होंने कहा था- मम्मी, अगले जन्म आऊं तो बस प्यार देना… चलो फाइनल ड्राइव पर चलते हैं। इसके बाद उन्होंने करीब 150-160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कार भगाई और कार डिवाइडर से टकरा गई। उस समय लगभग 80 हजार लोग लाइव देख रहे थे। हादसे के बाद उन्हें पहले मेरठ के शुभारती अस्पताल ले जाया गया और बाद में दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली में भर्ती कराया गया था। इसके कुछ दिनों बाद अनुराग डोभाल को 14 मार्च 2026 को पहली बार अस्पताल से छुट्टी मिली थी। हालांकि, डिस्चार्ज होने के तुरंत बाद उनकी स्थिति फिर से बिगड़ गई थी। 15 मार्च (रविवार) को जब उन्हें देहरादून ले जाया जा रहा था, तब उन्हें सांस लेने में गंभीर समस्या हुई, जिसके कारण उन्हें फिर से एक नीजी अस्पताल के ICU में भर्ती कराना पड़ा था। अनुराग ने लगाए थे परिवार पर गंभीर आरोप एक्सीडेंट से पहले अनुराग डोभाल ने कई वीडियो पोस्ट किए थे, जिनमें उन्होंने अपने माता-पिता और भाई पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि परिवार उनकी शादी तोड़ने की कोशिश कर रहा है और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। इसी विवाद के बाद वह इंस्टाग्राम लाइव आए थे और उसी दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया था। होली के दिन डाला वीडियो, फिर डिलीट किया अनुराग डोभाल ने होली की रात (4 मार्च) जारी करीब दो घंटे के वीडियो में अपनी निजी जिंदगी और परिवार के साथ चल रहे विवाद का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी रितिका चौहान पहले उनकी फैन थीं और इंस्टाग्राम पर मैसेज के जरिए दोनों की बातचीत शुरू हुई, जो बाद में रिश्ते में बदल गई। अनुराग के मुताबिक, उनकी इंटरकास्ट शादी (ब्राह्मण-राजपूत) को लेकर परिवार में विवाद हो गया। उनका आरोप है कि शादी के बाद उन्हें पत्नी के साथ घर में रहने नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्हें अलग फ्लैट में रहना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में परिवार के साथ मामला पुलिस और कानूनी विवाद तक पहुंच गया। वीडियो में अनुराग ने बताया कि पत्नी के प्रेग्नेंट होने की खबर मिलने के बाद उन्हें लगा कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन हालात और बिगड़ गए। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं के कारण वह लंबे समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। इसके कुछ दिनों बाद अनुराग ने ये वीडियो डिलीट कर दिया था। भाई अतुल डोभाल उर्फ कलम इंक भी आए सामने इस पूरे विवाद के बीच अनुराग के भाई अतुल डोभाल उर्फ कलम इंक ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया पर उनके परिवार को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और वायरल ऑडियो क्लिप एडिटेड हैं। अतुल ने कहा कि अगर उन्होंने अपने भाई के साथ गलत किया है तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को इस विवाद के कारण सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। रितिका को किचन में जाने से रोकने पर सफाई अनुराग के भाई अतुल डोभाल उर्फ कलम इंक ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कहा था कि अनुराग की पत्नी रितिका को किचन में जाने से रोकने का मामला गलत तरीके से पेश किया गया। उनके अनुसार परिवार में किसी करीबी की मौत हो गई थी और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कुछ समय तक मिठाई और तला हुआ खाना नहीं बनाया जाता। इसी कारण उन्हें खाना बनाने से रोका गया था। प्रॉपर्टी विवाद के आरोपों से इनकार कलम इंक ने अपने ऊपर लगे प्रॉपर्टी कब्जाने और झूठे केस करने के आरोपों को भी खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि अगर उन्होंने अपने भाई की संपत्ति का एक छोटा सा हिस्सा भी लिया है तो इसकी जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर उन्हें सजा दी जाए। एक्सीडेंट के बाद परिवार को मिल रहीं धमकियां अतुल डोभाल ने कहा कि अनुराग के सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों के बाद उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं। उनका कहना है कि अनुराग के करोड़ों फॉलोअर्स हैं और लाइव में परिवार को जिम्मेदार ठहराने के बाद लोग उनके घर के बाहर तक पहुंच गए और धमकियां देने लगे। ------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… जैस्मीन सैंडलस से छेड़छाड़ के दावे का VIDEO वायरल: देहरादून शो में सिंगर ने नहीं दर्ज कराई शिकायत; खुद फैंस को बुलाया था स्टेज पर देहरादून में 17 जुलाई को हुए पंजाबी सिंगर जैस्मीन सैंडलस के शो की कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं। इन पोस्ट में कुछ यूजर्स ने दावा किया है कि शो के दौरान जैस्मिन के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान या उसके बाद जैस्मीन सैंडलस की ओर से ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। (पढ़ें पूरी खबर)
अभिनेता करण कुंद्रा ने तेजस्वी प्रकाश को मॉरिशस छुट्टियों के दौरान पानी के अंदर प्रपोज किया है। करण ने अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किए ट्रैवल व्लॉग में ट्रिप की झलक दिखाई है। इस व्लॉग में स्कूबा डाइविंग के दौरान करण पानी के अंदर एक घुटने पर बैठकर तेजस्वी को शादी के लिए प्रपोज करते नजर आ रहे हैं। बिना बोले इशारों में करण ने अपने प्यार का इजहार किया, जिसका जवाब तेजस्वी ने मुस्कुराकर दिया। स्कूबा डाइविंग के दौरान किया प्यार प्रपोज करण कुंद्रा के नए ट्रैवल व्लॉग में दोनों मॉरिशस में छुट्टियों का आनंद लेते दिख रहे हैं। वीडियो में स्कूबा डाइविंग के दौरान करण और तेजस्वी ने पहले अपने हाथों से दिल का आकार बनाया। इसके बाद करण पानी के अंदर ही एक घुटने पर बैठ गए और तेजस्वी से शादी करने की इच्छा जताई। पानी के अंदर आवाज न आने के बावजूद करण ने बिना बोले 'आई लव यू' कहा। तेजस्वी ने भी खुशी से मुस्कुराते हुए जवाब दिया। मॉरिशस की खूबसूरत लोकेशन पर बिताए रोमांटिक पलइस व्लॉग में यह कपल मॉरिशस के समुद्री जीवन को देखने से लेकर समंदर किनारे फुर्सत के पल बिताता नजर आ रहा है। दोनों ने साथ में कई एडवेंचर एक्टिविटीज भी कीं। इस प्रपोजल और दोनों के बीच के जुड़ाव को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर फैंस लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। 'देसी ब्लिंग' में डायमंड रिंग के साथ किया था प्रपोजपानी के अंदर प्रपोजल से पहले भी करण कुंद्रा अपने प्यार का इजहार कर चुके हैं। इस साल की शुरुआत में रियलिटी शो 'देसी ब्लिंग' के दौरान करण ने तेजस्वी को डायमंड रिंग देकर आधिकारिक तौर पर प्रपोज किया था। उस वक्त भी दोनों के रिश्ते के इस पड़ाव की काफी चर्चा हुई थी। 'बिग बॉस 15' से शुरू हुई लव स्टोरी करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की प्रेम कहानी साल 2021 में रियलिटी शो 'बिग बॉस 15' के सेट से शुरू हुई थी। शो में साथ रहते हुए दोनों के बीच दोस्ती हुई जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। तेजस्वी प्रकाश ने उस सीजन की ट्रॉफी जीती थी। शो खत्म होने के बाद भी दोनों लगातार एक-दूसरे के साथ हैं और टीवी इंडस्ट्री के चर्चित कपल्स में शामिल हैं।
अमाल मलिक ने म्यूजिक कंपोजर तनिष्क बागची पर लगाए गए अपने आरोपों को दोहराते हुए नया बयान जारी किया। साथ ही उन्होंने तनिष्क को चेतावनी भी दी। अमाल मलिक ने X पर लिखा, मैं ये ट्वीट सिर्फ इसलिए डिलीट कर रहा हूं ताकि अपनी टाइमलाइन का कचरा साफ कर सकूं। यह फैसला मैंने पूरी समझ के साथ लिया है। जो कहना था, मैं कह चुका हूं और इस इंसान को उसकी औकात भी दिखा चुका हूं। इससे पहले कि कोई पोर्टल क्लिकबेट हेडलाइन चलाए कि 'अमाल मलिक ने अपने ट्वीट डिलीट कर दिए', मैं साफ करना चाहता हूं कि पिछले कुछ दिनों में मैंने जो भी कहा, उस हर बात पर आज भी कायम हूं। मैं अपने किसी बयान से पीछे नहीं हट रहा हूं। मैं सिर्फ इन पोस्ट्स को यहां से हटा रहा हूं। अमाल ने आगे लिखा, करीब 10 साल तक मैंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन आज एक दशक बाद मुझे खुलकर सामने आना पड़ा, क्योंकि यहां कोई भी सही बात के लिए खड़ा नहीं होता और न ही इंडस्ट्री के गलत लोगों को बेनकाब करता है। यहां किसी में सच को सच कहने की हिम्मत नहीं है, लेकिन किसी न किसी को यह करना ही था। मैं उसके गलत कामों और अनैतिक हरकतों पर बहुत समय से चुप था। तनिष्क बागची का बिना नाम लिए उन पर निशाना साधते हुए उन्होंने लिखा, आज मैंने एक बहुत बुरे इंसान की सच्चाई सबके सामने रख दी है। कर्म हर किसी का हिसाब रखता है। उन लोगों का भी, जो इतने सालों से उसकी गलत और अमानवीय हरकतों का साथ दे रहे हैं। अब सजा ऊपरवाला देगा और उसके घर में देर है, अंधेर नहीं। एक आखिरी बात बेटे, मुझसे तो औकात में ही रहना। यह मैं तुम्हें जिंदगीभर की चेतावनी दे रहा हूं और अगर अब से तुमने किसी के साथ भी कुछ गड़बड़ की, तो याद रखना, मैं फिर लौटूंगा तेरी बैंड बजाने। – अमाल मलिक इससे पहले अमाल ने तनिष्क पर दूसरों का म्यूजिक कॉपी करने, क्रेडिट लेने और अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। अमाल ने दावा किया था कि तनिष्क ने टिप्स म्यूजिक कंपनी में काम करने वाली एक लड़की से शादी का वादा किया और बाद में अब्यूज कर छोड़ दिया। इतना ही नहीं अमाल ने दावा किया था कि वह उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम से धमकी दिलवा रहे हैं। अमाल ने ऑफिशियल X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर तनिष्क बागची के लिए लिखा था, तुमने मीटू का मामला रफा-दफा करवा लिया क्या? टिप्स म्यूजिक कंपनी के ए एंड आर डिपार्टमेंट में एक लड़की है। उससे शादी का वादा करके तुमने उसका शोषण किया और फिर उसे छोड़ दिया। आज तुमने किसी और से शादी कर ली। उस महिला पर तरस आता है जिसने तुम्हारे जैसे सांप को चुना। वह लड़की गहरे सदमे और अवसाद में है, और यह खबर बहुत तेजी से फैलेगी। आगे अमाल ने लिखा था, और कृपया देवेंद्र फडणवीस का नाम लेकर मुझे इनडायरेक्ट धमकियां देना बंद करो। ये सब मेरे साथ नहीं चलेगा, छोटे। मैं गलत नहीं हूं, इसलिए मुझे किसी बात का डर नहीं है। तुम मुझसे गंदी लड़ाई करना चाहते हो? तो सामने आओ। जिस स्कूल के तुम चपरासी भी नहीं बन सके, हम वहां के प्रिंसिपल, ट्रस्टी और म्यूजिक टीचर हैं, बेटे। अब कोर्ट में मिलते हैं। अगर सच में कुछ करना है, तो आ जाओ। तनिष्क बागची मैं आऊं क्या अपनी पर? सॉन्ग की ₹8 लाख रॉयल्टी नहीं मिली: तनिष्क फिल्म 'सैयारा' को लेकर तनिष्क बागची ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्हें टाइटल सॉन्ग के लिए अभी तक 8 लाख रुपए की रॉयल्टी नहीं मिली। तनिष्क का बयान आने के बाद यशराज फिल्म्स (YRF) ने कहा था कि सभी पेमेंट कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार किए गए हैं, जिसके बाद तनिष्क ने अपनी पोस्ट हटा दी थी। तनिष्क की पोस्ट के बाद अमाल मलिक ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह 2015 से ही म्यूजिक इंडस्ट्री की खामियों के खिलाफ लड़ रहे हैं और अब लोग 10 साल देर से जागे हैं। इसके बाद से ही अमाल मलिक लगातार तनिष्क के खिलाफ कई पोस्ट शेयर किए। एक पोस्ट में अमाल ने तनिष्क को मिस्टर रिमिक्स और ऑरिजिनल गाने खराब करने वाला लिखा। अमाल ने तनिष्क पर फर्जी कैंपेन चलाने के आरोप लगाते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। फिलहाल इस विवाद पर अब तक तनिष्क बागची की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। कौन हैं तनिष्क बागची? विवादों में रहे हैं अमाल मलिक अमाल मलिक बॉलीवुड के पॉपुलर सिंगर और कंपोजर हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत में सलमान खान की फिल्म जय हो और सोनम कपूर की खूबसूरत जैसी फिल्मों में कंपोजिशन किया। अमाल मलिक के पॉपुलर गाने कुछ महीनों पहले ही अमाल मलिक ने भाई अरमान और परिवार से रिश्ता तोड़ने की अनाउंसमेंट की थी, जिससे वो सुर्खियों में आ गए थे। इसके बाद उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 18 में हिस्सा लिया था।
लहर-लहर:संभव है आपको राजनीति में दिलचस्पी न हो, लेकिन राजनीति को आपमें है
बहुत-से लोग, खास तौर पर चालीस-पचास साल के, नौकरीपेशा लोग और हमारी उम्र के लोग भी मुझसे कहते हैं, ‘सर, मुझे राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है।’ मैं उनसे कहता हूं, ‘आपको राजनीति में दिलचस्पी नहीं है?’ कहना तो ऐसा हुआ जैसे कोई कहे, ‘मुझे प्रदूषण में कोई दिलचस्पी नहीं है।’ अरे भाई, आपको प्रदूषण में दिलचस्पी हो या न हो, आप उसी हवा में सांस ले रहे हैं, उसी माहौल में जी रहे हैं, वही आपके खाने-पीने में घुला हुआ है। यह दिलचस्पी का सवाल ही नहीं है। ठीक उसी तरह, अगर आपको राजनीति में दिलचस्पी नहीं है, तो कोई बात नहीं, लेकिन राजनीति को आपमें पूरी दिलचस्पी है। वह हर रोज आपकी जिंदगी बदल रही है। आपके रोजगार पर, जेब पर, आजादी पर, आपके बच्चों के भविष्य पर उसका असर पड़ रहा है। प्रदूषण की तरह राजनीति भी आपके दरवाजे पर दस्तक देकर नहीं आती। वह आपकी सांसों में उतरती है, आपके खाने में पहुंचती है, आपके रोजमर्रा के जीवन में शामिल हो जाती है। आप चाहें या न चाहें, उससे बच नहीं सकते। इसलिए यह कहना कि ‘मुझे राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है’, मुझे थोड़ा अजीब लगता है। मैं यह नहीं कह रहा कि हर आदमी को नेता बन जाना चाहिए या चुनाव लड़ना चाहिए, लेकिन जिस समाज में आप रहते हैं, जिस मुल्क में आपकी जिंदगी गुजरती है, जिस दुनिया का आप हिस्सा हैं, उसके बारे में आपको मालूम तो होना चाहिए। यह समझना चाहिए कि वह किस दिशा में जा रही है- सही दिशा में या गलत दिशा में। भारतीय राजनीति को सिर्फ नेताओं के भाषणों से मत समझिए, उसे अपने आसपास की जिंदगी में देखिए। आपकी सड़क कैसी है, आपके बच्चे किस स्कूल में पढ़ते हैं, अस्पताल कैसा है, रोजगार के अवसर कितने हैं, आपकी आजादी कितनी सुरक्षित है- इन सबका रिश्ता राजनीति से है। इसलिए यह कहना कि ‘मुझे राजनीति से कोई मतलब नहीं’, अपने ही जीवन से आंखें मूंद लेने जैसा है। लोकतंत्र में राजनीति जनता की मालिक नहीं, उसकी जवाबदेह सेवक होनी चाहिए। किसी भी सरकार से सवाल पूछना विरोध नहीं, नागरिक का अधिकार है। आखिर में, राजनीति उतनी ही अच्छी होगी, जितने जागरूक उसके नागरिक होंगे। फिर फैसला आपका है। आप क्या सोचते हैं, क्या करते हैं और अपनी हैसियत के मुताबिक क्या योगदान दे सकते हैं- यह भी आपका ही चुनाव है। क्योंकि अगर समाज गलत दिशा में जाएगा, तो उसका असर आप पर भी पड़ेगा। और अगर सही दिशा में जाएगा, तब भी उसका फायदा आपको ही मिलेगा। मुझे छात्रों से बातचीत करना हमेशा अच्छा लगता है। सच कहूं तो उनसे जितना मैं बोलता हूं, उससे ज्यादा उनसे सीखता हूं। खास तौर पर उनके सवालों से। अच्छे सवाल किसी भी समाज की जिंदगी की निशानी होते हैं। अक्सर लोग कहते हैं कि छात्रों को राजनीति से दूर रहना चाहिए। मैं पूछता हूं- क्यों? राजनीति अगर आपकी फीस तय करती है, आपकी शिक्षा की दिशा तय करती है, आपके रोजगार का भविष्य तय करती है, तो आप उससे कैसे बेखबर रह सकते हैं? हां, मैं यह जरूर कहूंगा कि छात्र राजनीति का मतलब किसी पार्टी का झंडा उठाना नहीं है। उसका मतलब है सवाल पूछना, बहस करना, अपने समाज को समझना और सही-गलत में फर्क करना सीखना। यूनिवर्सिटी सिर्फ डिग्री देने की जगह नहीं होती; वह लोकतंत्र की पहली पाठशाला होती है। अगर वहां सवाल खामोश हो जाएं, तो समझिए समाज का भविष्य भी खामोश हो जाएगा। हमारे जमाने में न मल्टीप्लेक्स थे, न मॉल। फिल्म देखने जाना अपने-आप में एक छोटा-सा त्योहार होता था। दो रुपए का टिकट भी सोच-समझकर खरीदना पड़ता था। लेकिन मुझे फिल्म खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा इंतजार ट्रेलरों का रहता था। मुझे लगता था कि एक टिकट के पैसे में दूसरी फिल्मों की झलक भी मुफ्त मिल गई- इससे बड़ा बोनस क्या हो सकता है! आज मैं जब आप नौजवानों को देखता हूं, तो मुझे लगता है कि वो सब भी आने वाले भारत के ट्रेलर हैं। कल का भारत कैसा होगा, उसकी पहली झलक आपकी सोच, सवालों और सपनों में दिखाई देती है। ये देश कभी असंतुलित नहीं हो सकता। ऊंची-नीची लहरें आती रहती हैं, हमारी कश्ती डगमगाती जरूर है, डूब नहीं सकती। हिन्दुस्तान ने कई जमाने देखे हैं, लेकिन वो चलता रहा। यह हमारी खुशकिस्मती है कि हम एक लोकतांत्रिक देश में पैदा हुए हैं। इस लोकतांत्रिक व्यवस्था से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। मुझे सचमुच लगता है कि बीस और तीस की उम्र के लोग कुछ बातें मुझसे बेहतर समझते हैं। देशप्रेम का मतलब ये नहीं कि सिर्फ नारे लगाते रहो और देश के लिए कुछ भी न करो। चाहे कोई कुछ भी कहे, मैं एक ही बात जानता हूं कि एक हिन्दुस्तानी अपने को तबाह नहीं कर सकता। वो वही करेगा, जो इस देश के लिए अच्छा है। हम हिन्दुस्तानियों में ये खूबी है कि हममें टॉलरेंस है। हमारी खूबी ये है कि हम हमेशा हर तरह की विचारधारा को जगह देते रहे और इसीलिए हमारा ‘इंटेलेक्चुअल मसल’ डेवलप हुआ है, इसीलिए हमारे यहां बेहतर माइंड पैदा हुए हैं, इसीलिए हमने प्रोग्रेस की है, इसीलिए हमारे पास डेमोक्रेसी है। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)
एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके से सवाल पूछा है। शनिवार को उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में अभिजीत दिपके का एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में अभिजीत दिपके कहते हुए सुनाई देते हैं, अब जब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है, अगर हम सरकार के खिलाफ झुकेंगे नहीं, तो अच्छे-अच्छों का इस्तीफा ले सकते हैं। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए श्वेता तिवारी ने लिखा, अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा दे रहे हैं? और 'कॉकरोच जनता पार्टी', तुम वहां कब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हो? हरजोत बैंस से इस्तीफे की मांग उठी बता दें कि पंजाब में हाल ही में हुई फार्मेसी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली/नकल और पिछले कुछ सालों में हुए कई पेपर लीक मामलों को लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफा मांगा जा रहा है। वहीं, हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष की इस्तीफे की मांग का जवाब देते हुए कहा कि अगर उनके पद छोड़ने से राज्य की शिक्षा व्यवस्था बेहतर होती है, तो वह आज ही इस्तीफा देने को तैयार हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें.... प्रधान के इस्तीफे पर रणवीर शौरी ने भी प्रतिक्रिया दी वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक्टर रणवीर शौरी ने X पर एक GIF शेयर करते हुए लिखा, और एक ही झटके में मोदी सरकार अपने किसी भी दुश्मन को तो नहीं हरा पाई, लेकिन अपने कई समर्थकों को जरूर नाराज कर दिया। #मास्टरस्ट्रोक एक X यूजर के सवाल पर रणवीर ने कहा कि उनके मुताबिक धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए था, लेकिन यह फैसला सड़कों पर हालात बिगड़ने से पहले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने लिखा कि अब ऐसा लगता है कि समर्थकों की बजाय विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुनी गई। वहीं, एक्ट्रेस तारा देशपांडे ने जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू की एक X पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने लंबे कार्यकाल में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को लागू करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे कम आय वाले परिवारों तक LPG कनेक्शन पहुंचे। तारा ने आगे लिखा कि उन्होंने LPG सब्सिडी के लिए PAHAL डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी (HELP) जैसे सुधारों की देखरेख की। उन्होंने यह भी कहा कि महामारी के दौरान स्टील उद्योग को संभालने और शिक्षा क्षेत्र में NEET पेपर लीक मामले को छोड़कर किए गए कार्यों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। प्रधान के इस्तीफे लिए दीपके ने CJI सूर्यकांत का शुक्रिया अदा किया। दीपके बोले- अगर आपने हमें कॉकरोच न कहा होता, तो युवा सड़कों पर नहीं होते। प्रधान ने इस्तीफा न दिया होता। पूरी खबर यहां पढ़ें…. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, शबाना आजमी, प्रकाश राज, स्वरा भास्कर और भूमि पेडनेकर समेत कई सेलेब्स ने प्रतिक्रिया दी। पूरी खबर यहां पढ़ें….
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर जेन Z की तारीफ की। वीडियो में सोनाक्षी ने कहा कि उन्होंने पहले जेन Z को हल्के में लिया था, लेकिन अब उनकी सोच बदल गई है। उन्होंने कैमरे के सामने कान पकड़कर दंड-बैठक भी की और कहा कि अब वह भी जेन Z जैसी बनना चाहती हैं। सोनाक्षी ने वीडियो में कहा, ‘भाई, आप जानते नहीं हो, आपने आज क्या किया है। ब्रो, मैं तो आर्टिस्ट हूं, लेकिन जेन Z आर्ट है। पता है, मैं जेन Z को बहुत हल्के में लेती थी।’ इंस्टाग्राम पर किए कई पोस्ट इससे पहले सोनाक्षी सिन्हा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लगातार इंस्टाग्राम पर कई पोस्ट शेयर किए। एक पोस्ट में लिखा था, ‘धर्मेंद्र प्रधान ने रिजाइन कर दिया।’ एक अन्य इंस्टाग्राम स्टोरी में उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की तस्वीर शेयर की। इसके बैकग्राउंड में फिल्म धुरंधर का गाना आरी आरी बजता सुनाई दे रहा था। इसके अलावा उन्होंने CJP नेता अभिजीत दिपके का एक वीडियो भी शेयर किया और लिखा, ‘भाई, क्या कह दिया?’ साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक को धन्यवाद दिया। छात्रों के समर्थन में जताई थी राय सोनाक्षी सिन्हा इससे पहले भी छात्रों के समर्थन में सोशल मीडिया पर अपनी राय रख चुकी हैं। उन्होंने छात्रों के लिए न्याय की मांग की थी। इसके अलावा उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का समर्थन करते हुए सरकार से सवाल भी उठाए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…. पारुल ने जश्न मनाने का वीडियो शेयर किया धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक्ट्रेस और एंटरप्रेन्योर पारुल गुलाटी का सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। पारुल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह जश्न मनाती नजर आ रही हैं। वीडियो पर लिखा है, ‘हम मालकिन हॉस्टल में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे मना रहे हैं।’ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। प्रधान के इस्तीफे लिए दीपके ने CJI सूर्यकांत का शुक्रिया अदा किया। दीपके बोले- अगर आपने हमें कॉकरोच न कहा होता, तो युवा सड़कों पर नहीं होते। प्रधान ने इस्तीफा न दिया होता। पूरी खबर यहां पढ़ें…. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, शबाना आजमी, प्रकाश राज, स्वरा भास्कर और भूमि पेडनेकर समेत कई सेलेब्स ने प्रतिक्रिया दी। पूरी खबर यहां पढ़ें….
आईटी कंपनी की अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर एफटीआईआई पहुंचीं और फिर मुंबई आकर लगातार संघर्ष किया। 60 ऑडिशन के बाद पहला विज्ञापन मिला, लेकिन हार नहीं मानी। वेब सीरीज मेड इन हेवन, त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर, राख और प्रीतम एंड पेड्रो जैसी सीरीज में नजर आ चुकीं अभिनेत्री नैना सरीन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपने संघर्ष, ऑडिशन, इंडस्ट्री, परिवार और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। सवाल: एक्टिंग का सपना देखने पर परिवार और समाज का कितना दबाव था? जवाब : मैं बोकारो के एक मिडिल क्लास परिवार से हूं। रिश्तेदारों को लगता था कि यह सिर्फ शौक है और कुछ साल बाद मैं वापस नौकरी कर लूंगी। लेकिन मम्मी-पापा ने हमेशा मेरा साथ दिया। मम्मी कहती थीं, जब सिर पर पड़ेगा, तब देख लेंगे। सवाल: मुंबई आने से पहले एफटीआईआई जाने का फैसला कैसे लिया? जवाब: मेरे पास सीधे मुंबई आने के पैसे नहीं थे। कॉलेज के एक सीनियर से एफटीआईआई के बारे में पता चला। मैं उस समय बेंगलुरु में आईटी कंपनी में इंस्ट्रक्शनल डिजाइनर थी। नौकरी के साथ वॉइस ओवर और मिमिक्री सीखती थी। फिर तैयारी करके एफटीआईआई का एंट्रेंस दोबारा दिया और चयन हो गया। सवाल: एफटीआईआई ने क्या सबसे बड़ा सबक दिया? जवाब: वहां सिर्फ एक्टिंग नहीं सिखाई जाती, बल्कि खुद को समझना और अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करना सीखते हैं। सबसे बड़ी ताकत वहां की कम्युनिटी है। मुंबई आने के बाद भी बैचमेट और सीनियर्स हमेशा साथ रहे। सवाल: मुंबई में पहला काम कैसे मिला? जवाब: मुंबई आने के बाद मैंने लगातार ऑडिशन दिए। करीब 60 ऑडिशन के बाद पहला विज्ञापन मिला। उसे नीरज घेवान ने डायरेक्ट किया था। बाद में उन्होंने मुझे मेड इन हेवन में भी कास्ट किया। सवाल: आपकी पहली फिल्म कौन-सी थी? जवाब: एफटीआईआई में पढ़ाई के दौरान ही मुझे फिल्म ‘होटल मुंबई’ मिली। इसमें मैंने ताज होटल की रिसेप्शनिस्ट का किरदार निभाया। इसके बाद ‘ईब आले ऊ’ ने मुझे काफी पहचान दिलाई। यह कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई गई। सवाल: वेब सीरीज का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेड इन हेवन के बाद त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर मिली। इस शो में लंबा शूट था और कई दूसरे प्रोजेक्ट छोड़ने पड़े। लेकिन सेट का माहौल शानदार था। मानव कौल और पूरी टीम ने हर सीन में काफी मदद की। सवाल: राख में सिर्फ दो सीन थे, फिर भी रोल क्यों चुना? जवाब: किरदार छोटा था, लेकिन बहुत प्रभावशाली था। ऑडिशन देते समय ही समझ आ गया था कि यह आसान नहीं है। इसमें इंटिमेसी वाले सीन भी थे, लेकिन सेट पर इंटिमेसी कोऑर्डिनेटर मौजूद थे, इसलिए पूरा माहौल सुरक्षित और प्रोफेशनल था। सवाल: प्रीतम एंड पेड्रो में राजकुमार हिरानी और अरशद वारसी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: अरशद सर बेहद अनुशासित हैं। उनकी दिनचर्या सुनकर मैं हैरान रह गई। वहीं राजकुमार हिरानी सर ने मेरा सीन देखकर पूछा कि क्या मैंने एक्टिंग की पढ़ाई की है। जब उन्हें पता चला कि मैं एफटीआईआई से हूं, तो उन्होंने संस्थान को लेकर काफी बातें कीं। सवाल: आपने कहा कि लीड रोल करने के बाद भी छोटे किरदार करने में संकोच नहीं करतीं? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैंने खुद कास्टिंग डायरेक्टर्स से कहा कि मुझे हर तरह के रोल के लिए ऑडिशन बुलाइए। मैं स्क्रीन टाइम नहीं देखती। अच्छा किरदार छोटा हो या बड़ा, फर्क नहीं पड़ता। सवाल: संघर्ष के दौरान सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? जवाब: मुंबई में सबसे बड़ी चुनौती पैसों की होती है। मैं हर नए कलाकार से कहती हूं कि पहले अपनी कमाई का कोई जरिया तय करें। वॉइस ओवर करें, असिस्टेंट बनें, राइटिंग करें या कोई दूसरी नौकरी करें, लेकिन आर्थिक रूप से टिके रहना जरूरी है। सवाल: सबसे चुनौतीपूर्ण किरदार कौन-सा रहा? जवाब: त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर में मां का किरदार। मां की जिम्मेदारी, उसकी बॉडी लैंग्वेज और भावनाएं समझना आसान नहीं था। इसके लिए मैंने अपनी मां को बहुत करीब से ऑब्जर्व किया। सवाल: इस समय किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं? जवाब: कुछ इंडिपेंडेंट फिल्मों की शूटिंग पूरी की है। इसके अलावा अपनी एफटीआईआई बैचमेट श्रेया भट्टाचार्य के साथ अपने निजी अनुभवों पर आधारित एक मिनी सीरीज लिख रही हूं। अभी उसके लिए प्रोड्यूसर की तलाश है। सवाल: निजी जिंदगी का क्या प्लान है? जवाब: मेरा फोकस अभी सिर्फ फिल्मों में काम करना है। शादी सही समय और सही इंसान मिलने पर हो जाएगी। फिलहाल मैं चाहती हूं कि मेरे पास इतना काम हो कि बाकी चीजों के बारे में सोचने का समय ही न मिले। सवाल: आपने मिमिक्री और वॉइस ओवर भी सीखा है? जवाब: हां। बेंगलुरु में इसकी ट्रेनिंग ली थी। आवाज निकालना आसान है, लेकिन उसे लंबे समय तक उसी टोन में बनाए रखना सबसे मुश्किल काम होता है। पहले बच्चों की ई-लर्निंग किताबों की रिकॉर्डिंग भी किया करती थी।
वेब सीरीज 'ठुकरा के मेरा प्यार' के दूसरे सीजन को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस मौके पर लीड कलाकार धवल ठाकुर और संचिता बसु ने दैनिक भास्कर से अपने स्ट्रगल, सोशल मीडिया से फिल्मों तक के सफर, कास्टिंग स्कैम, शूटिंग के किस्सों और प्यार पर खुलकर बात की। सवाल: 'ठुकरा के मेरा प्यार' का ऑफर मिला तो सबसे पहला ख्याल क्या आया? जवाब/धवल ठाकुर: मेरे लिए सबसे बड़ी बात यही थी कि इतना अच्छा मौका मिला था। मैं जल्द से जल्द स्क्रिप्ट पढ़कर किरदार की तैयारी शुरू करना चाहता था। कोशिश यही थी कि इस किरदार के साथ पूरी ईमानदारी रखूं। संचिता बसु: मुझे शुरुआत से ही शानवी का किरदार बहुत पसंद आया। मैं गर्ल्स स्कूल में पढ़ी हूं, इसलिए कॉलेज लाइफ कभी जी नहीं पाई। इस किरदार के जरिए लगा कि वह अनुभव भी जी सकूंगी। सवाल: पहली बार जब आप दोनों मिले, तब एक-दूसरे के बारे में क्या सोच थी? जवाब/धवल ठाकुर: हमारी पहली मुलाकात ऑडिशन के दौरान हुई थी। वहीं से प्रोफेशनल रिश्ता शुरू हुआ। बाद में वर्कशॉप और स्क्रिप्ट रीडिंग के दौरान दोस्ती हुई, जिसने हमारी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री मजबूत बनाई। संचिता बसु: पहली बार मिले तो धवल बहुत शांत लगे। बाद में पता चला कि वे बेहद अच्छे इंसान हैं। दो साल साथ काम करते-करते हमारी अंडरस्टैंडिंग इतनी अच्छी हो गई कि कई बार बिना बोले भी एक-दूसरे की बात समझ जाते हैं। सवाल: इस सीरीज तक पहुंचने का मौका कैसे मिला? जवाब/धवल ठाकुर: बॉम्बे शो स्टूडियोज से कॉल आया। किरदार की जानकारी और कुछ सीन भेजे गए। फिर सचिन सर और कमल सर से मुलाकात हुई। ऑडिशन दिया और चयन हो गया। संचिता बसु: उस समय मैं हैदराबाद में तेलुगु फिल्म की शूटिंग कर रही थी। जियो हॉटस्टार की तरफ से ऑडिशन का मेल आया। मैंने वहीं से ऑडिशन रिकॉर्ड कर भेजा और करीब 15 दिन बाद सिलेक्शन का कॉल आया। सवाल: सोशल मीडिया से फिल्मों तक का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब/संचिता बसु: मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक्टिंग मेरा करियर बनेगी। नौवीं क्लास में शौक से वीडियो बनाती थी। शुरुआत में महीनों तक व्यूज नहीं आए, लेकिन वीडियो बनाना नहीं छोड़ा। फिर एक दिन वीडियो वायरल हुआ और वहीं से जिंदगी बदलने लगी। इसी दौरान मेरी रील्स देखकर मुझे एक तेलुगु फिल्म का ऑफर मिला। शुरुआत में लगा कि यह फेक कॉल है, क्योंकि आजकल ऐसे कई फर्जी कॉल आते हैं। यकीन नहीं हुआ कि कोई फिल्म के लिए बुला रहा है। लेकिन मेरे मैनेजर और कास्टिंग डायरेक्टर नवनीत झा ने भरोसा दिलाया कि सब कुछ असली है। सबसे दिलचस्प बात यह थी कि जिस फिल्म के लिए मुझे चुना गया, उसकी शूटिंग पहले दूसरी अभिनेत्री के साथ पूरी हो चुकी थी। बाद में मेकर्स ने नया चेहरा लेने का फैसला किया और पूरी फिल्म मेरे साथ दोबारा शूट की। उस वक्त मैं 11वीं क्लास में पढ़ती थी। भागलपुर से हैदराबाद शूटिंग के लिए जाती थी और लौटकर ऑनलाइन परीक्षा भी देती थी। मेरे लिए यह किसी सपने से कम नहीं था। सवाल: धवल, आपकी बहन मृणाल ठाकुर पहले से इंडस्ट्री में हैं। इसके बावजूद क्या आपने अपने स्ट्रगल के दौरान फेक ऑडिशन या कास्टिंग स्कैम का सामना किया? जवाब/धवल ठाकुर: बिल्कुल। मैं कास्टिंग स्कैम का शिकार होते-होते बचा हूं। कॉलेज के दिनों में सोशल मीडिया पर कास्टिंग पोस्ट देखकर ऑडिशन देने पहुंचा। वहां 10, 15 और 20 हजार रुपए के पैकेज दिखाए गए। कहा गया कि पहले पोर्टफोलियो और कार्ड बनवाइए, तभी काम मिलेगा। मेरे साथ ऐसा दो बार हुआ। तभी समझ आया कि यह ऑडिशन नहीं, नए कलाकारों से पैसे ऐंठने का तरीका है। बाद में कुछ एक्टर्स मिले, जिन्होंने मुझे जेन्युइन कास्टिंग ग्रुप से जोड़ा। वहीं से सही ऑडिशन मिलने शुरू हुए। मैं नए कलाकारों से कहना चाहूंगा कि ऑडिशन के नाम पर कभी पैसे न दें। असली कास्टिंग डायरेक्टर कभी पैसे नहीं मांगते। सवाल: संचिता आपको परिवार का साथ कितना मिला? जवाब/संचिता बसु: मम्मी हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं। लेकिन पापा को काफी समय तक पता नहीं था कि मैं वीडियो बनाती हूं। कोरोना के दौरान ज़ी म्यूजिक के एक गाने में मौका मिला। अखबार में खबर छपने के बाद उन्हें पहली बार पता चला कि मैं इस फील्ड में काम कर रही हूं। शुरुआत में उन्हें चिंता थी, लेकिन 'ठुकरा के मेरा प्यार' रिलीज होने के बाद उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया। सवाल: इस सीरीज के बाद मिला सबसे खास कॉम्प्लिमेंट कौन-सा था? जवाब/संचिता बसु: मेरे लिए सबसे खास कॉम्प्लिमेंट पापा का था। उन्होंने पूरी सीरीज देखने के बाद सिर्फ इतना कहा, बहुत अच्छा किया। वो ज्यादा बोलते नहीं हैं, लेकिन उनकी आंखों की खुशी ही मेरे लिए सबसे बड़ा इनाम थी। धवल ठाकुर: परिवार ने कहा कि स्क्रीन पर मुझे देखकर बिल्कुल नहीं लगा कि मैं धवल हूं। ऐसा लगा जैसे उत्तर प्रदेश के किसी गांव का लड़का सामने खड़ा है। एक अभिनेता के लिए इससे बड़ा कॉम्प्लिमेंट नहीं हो सकता। सवाल: शूटिंग का सबसे मजेदार किस्सा कौन-सा रहा? जवाब/संचिता बसु: पहले सीजन के लिए मुझे बाइक चलाना सीखना पड़ा। शूटिंग के दौरान मैं कई बार बाइक से गिर गई। जब भी धवल पीछे बैठते थे, मैं उनसे कहती थी, जब मैं बोलूं, तुरंत ब्रेक दबा देना। धवल ठाकुर (हंसते हुए): मैं उनसे कहता था, मेरे पैर लंबे हैं, मुझे कुछ नहीं होगा। तू बस अपनी चिंता कर। पूरी यूनिट को पता था कि मुझे बाइक चलाने का ज्यादा अनुभव नहीं था। जिस दिन बाइक वाला सीन होता था, सब पहले से अलर्ट रहते थे। सवाल: दो सीजन साथ काम करने के बाद आपने एक-दूसरे से क्या सीखा? जवाब/संचिता बसु: दो साल साथ काम करने के बाद हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझने लगे हैं। धवल से मैंने सीखा कि किसी भी सीन को करते समय पहले उसकी जरूरत समझनी चाहिए। तब अभिनय अपने आप आसान हो जाता है। धवल ठाकुर: संचिता की सबसे अच्छी बात यह है कि उन्हें कोई नई चीज बताई जाए तो वह उसे सीखने की पूरी कोशिश करती हैं। मैंने उनसे शूटिंग के साथ सोशल मीडिया मैनेज करना सीखा। छुट्टी वाले दिन भी वह खुद रील शूट, एडिट और पोस्ट करती थीं। उनकी मेहनत मैंने बहुत करीब से देखी है। सवाल: अगर असल जिंदगी में कोई आपका प्यार ठुकरा दे तो क्या करेंगे? जवाब/धवल ठाकुर: मैं बदला लेने में विश्वास नहीं करता। माफ करके आगे बढ़ जाना सबसे अच्छा रास्ता है। अगर आप सिर्फ किसी को कुछ साबित करने के लिए काम कर रहे हैं, तो वह ज्यादा दिन नहीं चल सकता। अपने लिए काम करना ज्यादा जरूरी है। संचिता बसु: मैं भी बदला नहीं लूंगी। शायद थोड़ा रो लूं, लेकिन फिर आगे बढ़ जाऊंगी। हर चीज का जवाब गुस्से से नहीं दिया जा सकता। सवाल: दर्शकों को 'ठुकरा के मेरा प्यार' सीजन-2 क्यों देखना चाहिए? जवाब/संचिता बसु: लोगों ने पहले सीजन की तरह दूसरे सीजन को भी बहुत प्यार दिया है। यह सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि दो लोगों की अलग-अलग परिस्थितियों और भावनाओं की कहानी है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को आगे के एपिसोड भी पसंद आएंगे। धवल ठाकुर: कुलदीप और शानवी दोनों परफेक्ट किरदार नहीं हैं। उनसे भी गलतियां होती हैं और यही उन्हें असली बनाती है। शायद इसी वजह से लोग खुद को इन किरदारों से जोड़ पाते हैं। सवाल: आने वाले प्रोजेक्ट्स में क्या देखने को मिलेगा? जवाब/संचिता बसु: मैं नई तेलुगु फिल्म पर काम कर रही हूं। उम्मीद है कि जल्द ही उसके बारे में आधिकारिक घोषणा होगी। धवल ठाकुर: मेरी एक इंडिपेंडेंट फिल्म आने वाली है। अभी ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकता, लेकिन इस साल दर्शकों को जरूर देखने मिलेगी। कुछ और प्रोजेक्ट्स भी लाइनअप में हैं। सवाल: क्या तीसरे सीजन की भी उम्मीद रखनी चाहिए? जवाब/संचिता बसु: पहले सीजन-2 पूरा देख लीजिए। उसके बाद क्या होगा, यह वक्त बताएगा। धवल ठाकुर: दर्शकों ने जिस तरह दोनों सीजन को प्यार दिया है, उसके लिए दिल से शुक्रिया। हर शुक्रवार नए एपिसोड देखिए और अपना प्यार बनाए रखिए।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने वाले बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता प्रकाश राज, कॉमेडियन-एक्टर वीर दास, अभिनेता अभिषेक बनर्जी और कॉमेडियन समय रैना समेत कई सेलेब्स ने छात्रों को बधाई देते हुए उनके आंदोलन का समर्थन किया। वहीं विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा और आयशा खान सहित कई कलाकारों और डिजिटल क्रिएटर्स ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया। प्रकाश राज बोले- सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, मेरे प्यारे साथियों, आपको बहुत-बहुत बधाई। सोनम वांगचुक सर और उन सभी लोगों को भी बधाई, जो युवाओं के साथ मजबूती से खड़े रहे। आपने साबित कर दिया कि सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है। वीर दास बोले- जीत आपकी है, अब जश्न मनाइए वीर दास ने छात्रों के नाम संदेश लिखते हुए कहा, “आपने उस छोटी-सी बात को फिर से जीवित कर दिया, जिसे हम स्कूल की किताबों में पढ़कर भूल गए थे। प्यारे बच्चों, आगे चाहे जो भी हो, जीत आपकी है। अब जाइए और इस जीत का जश्न मनाइए।” समय रैना ने लिखा- छात्रों को और ताकत मिले कॉमेडियन समय रैना ने छात्रों के समर्थन में संक्षिप्त पोस्ट करते हुए लिखा, छात्रों को और ताकत मिले। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी बोले- एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने अपनी प्रोफाइल फोटो बदलते हुए लिखा, मैंने अपनी प्रोफाइल फोटो बदल ली है। नई पीढ़ी को बहुत-बहुत बधाई। साथ ही एक बात हमेशा याद रखिए- अगर हम एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे, बंट जाएंगे तो हार जाएंगे। प्रियंका चोपड़ा ने नई पीढ़ी को बताया जीत का हकदार प्रियंका चोपड़ा ने भी इस घटनाक्रम पर खुशी जताई और अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए आंदोलन का नेतृत्व करने वाली नई पीढ़ी की तारीफ की। प्रियंका ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की एक पोस्ट शेयर की, जिसमें लिखा था, देशभर में 30 दिन तक चले छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक की 26 दिन की कठिन भूख हड़ताल के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इस पोस्ट पर उन्होंने ताली बजाने वाला, भावुक चेहरा, काला चश्मा और लाल दिल वाला इमोजी लगाकर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद प्रियंका ने इंडिया कल्चरल हब की एक और पोस्ट शेयर की, जिस पर लिखा था, यह जीत नई पीढ़ी की है। प्रियंका ने इसके बाद सोनम वांगचुक की एक तस्वीर भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की। हालांकि, इस तस्वीर के साथ उन्होंने कुछ भी नहीं लिखा। विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा और आयशा खान ने भी किया समर्थन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिनेता विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा, आयशा खान समेत कई कलाकारों और डिजिटल क्रिएटर्स ने भी छात्रों की चिंताओं का समर्थन किया। इन सभी ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों की आवाज सुने जाने की जरूरत पर जोर दिया। सोशल मीडिया पर इन कलाकारों के पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इसे छात्रों की एकजुटता और उनकी आवाज की जीत बता रहे हैं।
कोविड महामारी ने लोगों की नजर में डॉक्टरों की छवि बदल दी। अब दर्शक जानना चाहते हैं कि डॉक्टर हर दिन किन फैसलों, मानसिक दबाव, संसाधनों की कमी और मरीजों की जटिल परिस्थितियों से गुजरते हैं। इसी वजह से दुनियाभर में मेडिकल ड्रामा की नई लहर देखने को मिल रही है। 2025 में रिलीज हुई अमेरिकी सीरीज द पिट इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इस सीरीज को 2026 के एमी अवॉर्ड्स में सबसे ज्यादा नामांकन मिले। इसकी सफलता के बाद एक बार फिर मेडिकल ड्रामा चर्चा में हैं। दुनिया में मेडिकल ड्रामा की नई लहर द पिट - जियो हॉटस्टार में उपलब्ध। 2026 एमी अवॉर्ड्स में सबसे ज्यादा नामांकन। इसके 2 सीजन आ चुके हैं। 8.9 की IMDB रेटिंग है। द गुड डॉक्टर - यह सीरीज नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है। इसके 7 सीजन आ चुके हैं। 8.0 की IMDB रेटिंग है। हॉस्पिटल प्लेलिस्ट - इसके 2 सीजन आ चुके हैं। 8.7 की IMDB रेटिंग है। ट्रांसप्लांट - सीरियाई शरणार्थी डॉक्टर के संघर्ष की कहानी। प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है। 7.9 की IMDB रेटिंग है। भारत में भी बढ़ रहा ट्रेंड ग्राम चिकित्सालय - ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की चुनौतियों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाती है। 2 सीजन आ चुके हैं। प्राइम वीडियो पर उपलब्ध। 7.4 की IMDB रेटिंग है। मुंबई डायरीज 26/11- मुंबई हमले के दौरान सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की चुनौतियों को दिखाती है। अमेजन प्राइम वीडियो पर है। 8.4 की IMDB रेटिंग है। मेडिकल ड्रीम्स - मेडिकल छात्रों की दुनिया पर आधारित कहानी। यूट्यूब पर उपलब्ध। 7.2 की IMDB रेटिंग है।
टीवी शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी एक्ट्रेस अपरा मेहता ने मॉब अटैक और शादी पर बड़ा बयान दिया है। एक्ट्रेस ने कहा है कि उनके पूर्व पति एक्टर दर्शन जरिवाला ने उन्हें दुनिया की सबसे बदसूरत महिला कहा था, जिसके बाद उनका तलाक हुआ था। हालिया इंटरव्यू में उन्होंने करियर के पीक में भीड़ द्वारा हुई बदसलूकी पर भी बात की। एक्ट्रेस ने बताया है कि लोगों ने उन्हें घेर कर गलत तरह छुआ और फिर सिगरेट से जलाया। एक्ट्रेस अपरा मेहता ने हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में भीड़ द्वारा हुई बदसलूकी पर कहा, ‘मैं करियर के पीक पर थी और हम लोगों का गुजराती ड्रामा कोलकाता में होता था। तो 5 शोज हुए थे कला मंदिर में। वहां सीट पूरी पैक थीं। जैसे ही में अंदर आई मुझे देखकर लोगों ने 8 हजार डांडियां ऊपर उछाल दीं। मैं भीड़ में बुरी तरह फंस गई। वो मुझे खींच के म्यूजिशियन्स के पोडियम तक ले गए। मैं लोगों से हाथ मिलाने लगी तो लोग मेरे हाथ की हीरे की अंगूठी खींचने लगे, किसी ने मुझे सिगरेट से जला दिया। पूरी जनता पागल हो गई थी।’ आगे अपरा ने कहा, ‘पोडियम हिलने लगा था, मैंने कहा ये तो खतरनाक हो गया। उसके बाद मुझे वहां से उतारा गया, पूरे लोगों ने सर्कल बनाया। उस समय हर कोई मुझे हर कहीं छू रहा था। मैंने कहा ओके टच कर लो क्या मिलेगा। मैं उस समय शॉक में भी नहीं थी।’ पति ने कहा था- तुम दुनिया की सबसे बदसूरत औरत हो एक्ट्रेस अपरा मेहता ने करियर के पीक में गुजरात के पॉपुलर एक्टर दर्शन जरिवाला से शादी की थी। इस शादी से उन्हें एक बेटी हुई, लेकिन 2003 में दोनों अलग हो गए। अपरा ने बताया है कि 2003 में वो शूटिंग के सिलसिले में USA में थीं। उस दिन उनकी शादी की सालगिरह थी, उसी दिन दर्शन जरिवाला ने तलाक की मांग की। अपरा कहती हैं, मैंने उन्हें यूएसए से कॉल किया, हमारी एनिवर्सरी थी। उन्होंने मुझसे कहा कि हमें बात करना चाहिए। काम खत्म कर मैं लौटी। मैं 3 बजे भारत पहुंचीं, 5 बजे घर आई, मुझे अगली सुबह 7 बजे शूटिंग के लिए जाना था। उन्होंने मुझसे कहा, अपरा हमें अलग हो जाना चाहिए, मैं अब तुमसे प्यार नहीं करता। अब पसंद नहीं करता और मुझे लगता है कि तुम दुनिया की सबसे बदसूरत महिला हो। वो झूले पर बैठे चाय पीते हुए कह रहे थे, मैं वहीं खड़ी सुन रही थी। काम पर गई, थोड़ी देर बाद कहा कि नहीं उसने जानबूझकर ऐसा नहीं कहा होगा। लेकिन फिर थोड़े दिनों बाद वो घर छोड़कर चले गए। कौन हैं अपरा मेहता?
स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर फर्जी पोस्ट वायरल होने के बीच शाहरुख खान अपने परिवार के साथ लंदन में वेकेशन मना रहे हैं। लंदन स्थित घर के बाहर से एक्टर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो पत्नी गौरी और बेटों आर्यन- अबराम के साथ सड़क पर टहलते दिखे हैं। सामने आए वीडियो में शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान नजर नहीं आ रही हैं। शाहरुख खान हुडी पहने हुए चेहरा छिपाए हुए दिखे, वहीं अबराम और आर्यन उनके पीछे वॉक कर रहे थे। ऐश्वर्या राय भी न्यूयॉर्क वेकेशन पर ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन को भी न्यूयॉर्क वेकेशन में स्पॉट किया गया है। फैन पेज से वायरल हुई फोटो में ऐश्वर्या-अभिषेक कैजुअली न्यूयॉर्क की सड़कों पर टहलते दिखे हैं। शाहरुख खान के नाम से वायरल हुई थी प्रोटेस्ट से जुड़ी फर्जी पोस्ट सलमान खान ने कुछ समय पहले ही स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़ी एक पोस्ट शेयर की थी। इसके कुछ देर बाद ही शाहरुख खान की पोस्ट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पोस्ट में लिखा गया था, प्यारे छात्रों, आप लोगों ने यह दिखा दिया है कि असली ताकत कहां होती है, किताबों में, कलम में और अपनी आवाज में। आपका यह विरोध सिर्फ एक परीक्षा के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक बेहतर, पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था के लिए है। हर छात्र इस बात का हकदार है कि उसकी मेहनत का मूल्यांकन उसकी मेहनत के आधार पर हो, न कि किसी पेपर लीक या घोटाले के कारण। यह लड़ाई सही भी है और जरूरी भी। देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। फैक्ट चेक करने पर सामने आया कि शाहरुख खान ने अपने किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसी कोई पोस्ट शेयर नहीं की। इसे फैनपेज द्वारा एडिट कर बनाया गया था। कई फैंस देश के बड़े मुद्दे पर शाहरुख खान की चुप्पी पर निराशा जाहिर कर रहे हैं। वहीं कुछ सेलेब्स ऐसे भी हैं, जो बेबाकी से इस मुद्दे पर राय रख रहे हैं। सलमान खान इस प्रोटेस्ट पर बोलने वाले पहले सबसे बड़े स्टार रहे। आगे करीना कपूर, वरुण धवन, सारा अली खान, प्रीति जिंटा, दीया मिर्जा जैसे कई सेलेब्स ने इस पर पोस्ट शेयर की। प्रोटेस्ट में शामिल हुए ये सेलेब्स सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी 20 जुलाई को जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट में शामिल हुईं। इस दौरान उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। उनके अलावा साउथ एक्टर प्रकाश राज भी कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ ट्रक में प्रोटेस्ट करते दिखे। 20 जुलाई के प्रोटेस्ट के बाद कई सेलेब्स अलग-अलग शहरों के प्रोटेस्ट में शामिल हुए। एक्ट्रेस आएशा खान को मुंबई के प्रोटेस्ट से डीटेन तक किया गया। वहीं एक्टर और आमिर खान के भांजे इमरान खान, कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी, सिंगर-रैपर बादशाह, हुमा कुरैशी, साकिब सलीम जैसे कई और सेलेब्स प्रोटेस्ट में पहुंचे।
सैयारा सॉन्ग कंट्रोवर्सी के चलते सिंगर-कंपोजर तनिष्क बागची और अमाल मलिक के बीच सोशल मीडिया पर विवाद जारी है। अब अमाल ने तनिष्क पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। अमाल ने दावा किया है कि तनिष्क ने टिप्स म्यूजिक कंपनी में काम करने वाली एक लड़की से शादी का वादा किया और बाद में अब्यूज कर छोड़ दिया। इतना ही नहीं अमाल ने दावा किया है कि वह उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम से धमकी दिलवा रहे हैं। अमाल ने ऑफिशियल X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर तनिष्क बागची के लिए लिखा है, ‘तुमने मीटू का मामला रफा-दफा करवा लिया क्या? टिप्स म्यूजिक कंपनी के ए एंड आर डिपार्टमेंट में एक लड़की है। उससे शादी का वादा करके तुमने उसका शोषण किया और फिर उसे छोड़ दिया। आज तुमने किसी और से शादी कर ली। उस महिला पर तरस आता है जिसने तुम्हारे जैसे सांप को चुना। वह लड़की गहरे सदमे और अवसाद में है, और यह खबर बहुत तेजी से फैलेगी।’ आगे अमाल ने लिखा है, ‘और कृपया देवेंद्र फडणवीस का नाम लेकर मुझे अप्रत्यक्ष धमकियां देना बंद करो। ये सब मेरे साथ नहीं चलेगा, छोटे। मैं गलत नहीं हूं, इसलिए मुझे किसी बात का डर नहीं है। तुम मुझसे गंदी लड़ाई करना चाहते हो? तो सामने आओ। जिस स्कूल के तुम चपरासी भी नहीं बन सके, हम वहां के प्रिंसिपल, ट्रस्टी और म्यूजिक टीचर हैं, बेटे। अब कोर्ट में मिलते हैं। अगर सच में कुछ करना है, तो आ जाओ। तनिष्क बागची मैं आऊं क्या अपनी पर?’ जानिए क्या है पूरा विवाद? 2025 की फिल्म सैयारा के सुपरहिट होने के बाद सिंगर तनिष्क बागची ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें टाइटल सॉन्ग के लिए 8 लिखे मिले थे। गाना हिट रहा, लेकिन उन्हें इसकी रॉयल्टी नहीं मिली। तनिष्क का बयान आने के बाद यशराज फिल्म्स (YRF) ने कहा कि सभी भुगतान कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार किए गए हैं, जिसके बाद तनिष्क ने अपनी पोस्ट हटा दी। तनिष्क की पोस्ट के बाद अमाल मलिक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह 2015 से ही म्यूजिक इंडस्ट्री की खामियों के खिलाफ लड़ रहे हैं और अब लोग 10 साल देर से जागे हैं। इसके बाद से ही अमाल मलिक लगातार तनिष्क के खिलाफ कई पोस्ट शेयर कर रहे हैं। एक पोस्ट में अमाल ने तनिष्क को मिस्टर रिमिक्स और ऑरिजिनल गाने खराब करने वाला लिखा। शुक्रवार को अमाल ने कई पोस्ट शेयर किए, जिसमें उन्होंने तनिष्क पर फर्जी कैंपेन चलाने के आरोप लगाते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। फिलहाल इस विवाद पर अब तक तनिष्क बागची की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ मोटिवेशनल पोस्ट शेयर की हैं। कौन हैं तनिष्क बागची? विवादों में रहे हैं अमाल मलिक अमाल मलिक बॉलीवुड के पॉपुलर सिंगर और कंपोजर हैं। उनके पिता डब्बू मलिक और भाई अरमान मलिक की सिंगिंग इंडस्ट्री में काफी फेमस हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत में सलमान खान की जय हो और सोनम कपूर की खूबसूरत जैसी फिल्मों में कंपोजिशन किया और कई हिट गाने दिए। अमाल मलिक के पॉपुलर गाने कुछ महीनों पहले ही अमाल मलिक ने भाई अरमान और परिवार से रिश्ता तोड़ने की अनाउंसमेंट की थी, जिससे वो सुर्खियों में आ गए थे। इसके बाद उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 18 में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने अंकल अन्नू मलिक पर कई विवादित बयान दिए थे।
इन दिनों अपकमिंग फिल्म भाई तेरा स्टार है के प्रमोशन में व्यस्त चल रहे एक्टर और डांसर की मीडिया से बहस हो गई। राघव हाल ही में फिल्म प्रमोट करने जयपुर पहुंचे थे। इवेंट से निकलते हुए एक रिपोर्टर ने राघव से स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर सवाल किया, जिससे वो भड़क गए। लोकल न्यूज चैनल के रिपोर्टर ने राघव के निकलते ही उनके कंधे पर हाथ रखा और पूछा, आपने स्टूडेंट के बीच प्रमोशन किया है, लेकिन स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर आपने कुछ बोला नहीं है। इस पर राघव ने उसी अंदाज में कंधे पर हाथ रखकर कहा, ‘जितनी हिम्मत आप हमसे पूछने में करते हैं, उतनी उनसे किया करो, जिनसे वाकई पूछना चाहिए।’ राघव चिढ़कर निकलने लगे, तभी रिपोर्टर ने फिर कहा कि आप स्टूडेंट के बीच आए हैं। इस पर राघव ने पलटकर कहा, ‘मैंने इंस्टाग्राम पर डाला हुआ है, आप वो पढ़ लीजिए और इतनी हिम्मत वहां दिखाते, जहां दिखाना है। वहां हिम्मत दिखाओ, वहां ये हालत नहीं होती।’ राघव जुयाल का वीडियो सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर उन्हें बॉयकॉट करने की मांग की जाने लगी। अब राघव ने खुद आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो री-शेयर किया, जिसमें उनके बॉयकॉट की मांग हो रही थी। इसके साथ एक्टर ने लिखा- मुझे जो कहना था, मैंने कह दिया। प्रोटेस्ट पर क्या थी राघव की पोस्ट राघव जुयाल उन सेलेब्स में शामिल हैं, जिन्होंने सबसे पहले स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़ी पोस्ट शेयर की थी। राघव ने सबसे पहले भगत सिंह की तस्वीर शेयर कीं और दूसरी पोस्ट में आंदोलन से जुड़े डायलॉग शेयर किए। प्रोटेस्ट के बीच शेयर की गईं राघव की पोस्ट- शहनाज गिल से नाम जुड़ने पर चर्चा में है राघव जुयाल की बर्थडे पार्टी में शहनाज गिल, आर्यन खान समेत कई सेलेब्स पहुंचे थे। इस दौरान राघव, शहनाज के लिए बेहद प्रोटेक्टिव दिखे। उन्होंने अपनी बर्थडे पार्टी के बाद शहनाज को लोगों से बचाते हुए कार के अंदर गोद में बैठा लिया था। पिंकविला से बातचीत में राघव ने साफ किया कि किसी भी महिला की सुरक्षा करना उनके लिए कोई पब्लिसिटी स्टंट नहीं, बल्कि उनकी मूल प्रवृत्ति है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई महिला उनके साथ होगी, वे 'मरते दम तक उसकी रक्षा करेंगे'।
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने देर रात सोशल मीडिया पर क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की है। जिसे चंद घंटों में ही 1.3 मिलियन से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। सलमान ने इंस्टाग्राम से दो शर्टलेस तस्वीरें शेयर कीं। शर्टलेस तस्वीरें जिम की हैं, जिनमें सलमान जिम इक्विपमेंट के पास खड़े हैं और उनके सिर पर तोलिया डला हुआ है। इन तस्वीरों के साथ सलमान खान ने लिखा है, सलमान खान डर गया, हम्म्म जो डर गया समझो मर गया। स्टूडेंट प्रोटेस्ट सपोर्ट कर चर्चा में हैं सलमान खान इन दिनों जंतर-मंतर में चल रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट को सपोर्ट कर चर्चा में हैं। 2 दिन पहले सलमान ने स्टूडेंट का समर्थन करते हुए एक पोस्ट शेयर की और प्रोटेस्ट के हिंसक होने पर निराशा जाहिर की। उन्होंने लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद से ही कई बड़े बॉलीवुड सेलेब्स ने भी प्रोटेस्ट में समर्थन देना शुरू कर दिया। इनमें वरुण धवन, प्रीति जिंटा, करीना कपूर, अनन्या पांडे, सारा अली खान शामिल हैं। सलमान की पोस्ट के कुछ समय बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्दे पर एक रील पोस्ट की और चर्चा करने की बात की। कुछ देर बाद लिखा- सोनम प्लीज कुछ खा लो, कुछ घंटों में टूटा अनशनप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट सामने आने के बाद सलमान खान ने नई पोस्ट में सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की। संयोग से इसके कुछ घंटों बाद ही उन्होंने अनशन खत्म कर दिया। सलमान खान ने लिखा था, छात्र हमारी टॉप प्रायोरिटी हैं, चाहे शिक्षा के मामले में हो या उनकी सुरक्षा के। इसलिए उन्हें किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है और न ही उनके माता-पिता को उनकी फिक्र करनी चाहिए। माननीय प्रधानमंत्री ने भी इस मामले पर ट्वीट किया है और मुझे पूरा भरोसा है कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसलिए छात्रों से मेरी अपील है कि वे अपने घर लौट जाएं और अपने माता-पिता के पास रहें। आगे सलमान ने लिखा, ‘सोनम, अब यह मामला खत्म हो चुका है, भाई। इसे और आगे मत बढ़ाओ। अगर भविष्य में जरूरत पड़ी तो उसी जज़्बे को फिर से दिखाना, हालांकि मुझे इसकी संभावना नहीं लगती। फिलहाल कुछ खा लो। अगर चाहो तो मैं अपने घर से तुम्हारे लिए खाना भी भिजवा दूंगा।’
देशभर में चल रहे नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन के बीच बॉलीवुड हस्तियों के बयानों से नया विवाद शुरू हो गया है। एक्ट्रेस आकांक्षा पुरी ने दावा किया है कि इस आंदोलन में शामिल होने और रैलियों का चेहरा बनने के लिए कई स्टार्स, इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को पैसों के ऑफर दिए जा रहे हैं। वहीं, प्रियंका चोपड़ा की कजिन और एक्ट्रेस मीरा चोपड़ा ने विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने पर कड़ा एतराज जताया है। पैसे देकर आंदोलन का चेहरा बनाए जाने के ऑफरन्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में एक्ट्रेस आकांक्षा पुरी ने कहा कि मनोरंजन उद्योग के लोगों को कई ग्रुप्स की ओर से फोन आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रैलियों में जाने और आंदोलन का चेहरा बनने के लिए स्टार्स और इन्फ्लुएंसर्स को पैसों का लालच दिया जा रहा है। आकांक्षा ने कहा, हर कोई इसे एक मार्केटिंग एक्सरसाइज में बदलना चाहता है। वे चाहते हैं कि हम रैलियों में जाएं और इस आंदोलन का चेहरा बनें। लेकिन मैं इस सर्कस का हिस्सा नहीं बनूंगी। सही चीज का समर्थन जरूर करें, लेकिन इसे पैसों के लिए मार्केटिंग स्टंट न बनाएं। हालांकि, आकांक्षा ने यह भी माना कि वे छात्रों की वास्तविक मांगों के साथ खड़ी हैं और सरकार को युवाओं की बात सुननी चाहिए। पीएम को गाली देने पर भड़कीं मीरा चोपड़ादूसरी तरफ, एक्ट्रेस मीरा चोपड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो री-शेयर करते हुए प्रदर्शनकारियों के आचरण पर सवाल खड़े किए हैं। वायरल वीडियो में माइक पर एक महिला कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती दिख रही है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रही महिला नीट की रैंक होल्डर है। वीडियो पर रिएक्ट करते हुए मीरा चोपड़ा ने लिखा, क्या यह आज का युवा है? या नीट की स्टूडेंट? प्लीज बताओ यह कौन सा युवा है??? राजनीतिक रोटियां न सेकें पार्टियांइससे पहले मीरा चोपड़ा ने भी छात्रों की जायज मांगों का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने अधिकारियों से अपील की थी कि छात्रों की बात सुनी जाए, क्योंकि वे देश का भविष्य हैं। हालांकि, उन्होंने राजनीतिक दलों द्वारा इस मुद्दे का फायदा उठाने पर सख्त चेतावनी भी दी थी। मीरा ने लिखा था, चाहे CJP हो या आम आदमी पार्टी (AAP), किसी भी राजनीतिक दल को अपने एजेंडे के लिए छात्रों के संघर्ष का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। बच्चे का भविष्य कोई राजनीतिक हथियार नहीं है। छात्रों की बात जरूर सुनी जाए, लेकिन नेताओं को उनके कंधे पर रखकर बंदूक चलाने की इजाजत न मिले। ये खबर भी पढ़ें दीया मिर्जा ने पीएम मोदी पर निशाना साधा:पेपर लीक पर 47 दिन बाद बोले, बच्चों को खोने वाले परिवारों के लिए एक शब्द भी नहीं कहा अभिनेत्री दीया मिर्जा ने नीट पेपर लीक विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर अपनी निराशा जताई है। सोशल मीडिया पर एक नोट शेयर करते हुए दीया ने कहा कि पीएम का बयान संवेदनहीन था। पूरी खबर पढ़ें करीना बोलीं- छात्रों की बात सुनना अहसान नहीं, हमारा फर्ज:कमल हासन बोले- सिस्टम सड़ चुका है; इमरान और वरुण समेत कई एक्टर्स समर्थन में उतरे दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधार आंदोलन को अब बॉलीवुड हस्तियों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। सलमान खान, आलिया भट्ट और अनन्या पांडे के बाद अब करीना कपूर खान, कमल हासन, वरुण धवन, इमरान खान और पीयूष मिश्रा भी छात्रों के पक्ष में आ गए हैं। पूरी खबर पढ़ें
सलमान खान के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि शाहरुख खान ने भी नीट विवाद पर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन किया है। इंटरनेट पर शाहरुख के नाम से एक स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्रों के समर्थन में मैसेज लिखा है। इस पोस्ट में पेपर लीक के अलावा पारदर्शी सिस्टम के लिए आवाज उठाई गई है। हालांकि, पड़ताल में यह स्क्रीनशॉट पूरी तरह फर्जी निकला है। शाहरुख खान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसा कोई पोस्ट शेयर नहीं किया है और न ही इस मुद्दे पर अब तक कोई प्रतिक्रिया दी है। वायरल स्क्रीनशॉट में क्या दावा किया जा रहा है?सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट में शाहरुख खान के हवाले से लिखा गया कि छात्रों ने दिखाया है कि असली ताकत किताबों, पेन और आवाज में होती है। फर्जी पोस्ट में लिखा था, यह लड़ाई सिर्फ एक एग्जाम के खिलाफ नहीं, बल्कि फेयर और पारदर्शी सिस्टम के लिए है। हर छात्र अपनी मेहनत का हिसाब चाहता है, न कि पेपर लीक या स्कैम। मैं इमोशनली और मॉरली आप सभी के साथ हूं। इस मैसेज के सामने आने के बाद कई लोगों को लगा कि शाहरुख खान ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। सामने आई सच्चाई, फैंस ने जताई नाराजगीजब शाहरुख खान के आधिकारिक इंस्टाग्राम और X (ट्विटर) अकाउंट्स की जांच की गई, तो वहां ऐसा कोई भी बयान या पोस्ट नहीं मिला। इसके बाद यह साफ हो गया कि इंटरनेट पर वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट पूरी तरह से फर्जी और एडिट किया गया है। शाहरुख के फैंस ने भी सोशल मीडिया पर फर्जी स्क्रीनशॉट शेयर करने वाले यूजर्स को आड़े हाथों लिया और गलत जानकारी फैलाने के लिए नाराजगी जताई। सलमान खान समेत कई बॉलीवुड हस्तियां आ चुकी हैं समर्थन मेंदिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन को बॉलीवुड की कई नामचीन हस्तियों का समर्थन मिल चुका है। सलमान खान, करीना कपूर, आलिया भट्ट, इमरान खान, शबाना आजमी और राजकुमार राव जैसे कलाकारों ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध करते हुए उनकी मांगों को सही ठहराया है। इसी बीच लोगों को शाहरुख खान के बयान का भी इंतजार था, जिसका फायदा उठाकर किसी ने यह फर्जी पोस्ट वायरल कर दिया। 'किंग' फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं शाहरुख खानशाहरुख खान इन दिनों अपनी आने वाली एक्शन फिल्म 'किंग' की शूटिंग में व्यस्त हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में शाहरुख अपनी बेटी सुहाना खान के साथ नजर आएंगे। फिल्म में दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, राघव जुयाल और रानी मुखर्जी भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। ये खबर भी पढ़ें दीया मिर्जा ने पीएम मोदी पर निशाना साधा:पेपर लीक पर 47 दिन बाद बोले, बच्चों को खोने वाले परिवारों के लिए एक शब्द भी नहीं कहा अभिनेत्री दीया मिर्जा ने नीट पेपर लीक विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर अपनी निराशा जताई है। सोशल मीडिया पर एक नोट शेयर करते हुए दीया ने कहा कि पीएम का बयान संवेदनहीन था। पूरी खबर पढ़ें
एक्टर से राजनेता बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय की आखिरी फिल्म जन नायकन कल यानी 23 जुलाई को दुनियाभर में रिलीज हुई है। इस मौके पर उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने पहुंची थीं। थिएटर के बाहर स्पॉट हुईं तृषा ने इस पर बात करने से इनकार कर दिया, जबकि उनकी मां ने भावुक होकर कहा कि वो विजय को बड़े पर्दे पर देखना मिस करेंगी। तृषा कृष्णन की मां उमा कृष्णन भी फिल्म देखने पहुंचीं। विजय की आखिरी फिल्म पर उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा, मुझे बहुत बुरा लग रहा है, हम उन्हें बहुत मिस करेंगे। फिल्म देखने पहुंचीं तृषा भीड़ में फंसी तृषा कृष्णन अपनी दोस्तों के साथ जन नायकन देखने पहुंची थीं। फिल्म देखकर निकलते हुए तृषा को भीड़ ने घेर लिया, जिसके बाद एक्ट्रेस कार तक पहुंचने में मशक्कत करती नजर आई हैं। फैंस की भीड़ के बीच पुलिस को भी एक्ट्रेस और उनकी दोस्तों को बचाने में जद्दोजहद करनी पड़ी। फिल्म देखने के कुछ देर बाद तृषा ने दोस्तों के साथ एक फोटो शेयर की है, जिसके कैप्शन में लिखा था, ‘हम जिंदा निकल कर आ गए’। वहीं फिल्म पर लिखा गया, ‘एक आखिरी बार, एक आखिरी डांस, जन नायकन का पागलपन।’ फिल्म ने पहले दिन किया 40 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, विजय की फिल्म जन नायकन ने पहले दिन देशभर में 42.70 करोड़ का नेट कलेक्शन कर लिया है। सेंसरशिप के चलते टलती रही विजय की आखिरी फिल्म जन नायकन बता दें कि विजय ने बीते साल जन नायकन के बाद फिल्म से रिटायरमेंट का ऐलान किया था। ये फिल्म पहले जनवरी 2026 में रिलीज की जाने वाली थी। हालांकि सेंसरशिप के चलते फिल्म टलते हुए अब रिलीज हुई है। फिल्म रिलीज से पहले थलापति विजय के फैंस में काफी उत्साह देखने मिला। उनके कई फैंस विदेश से फिल्म देखने भारत आए हैं। साउथ के कई सिनेमाघरों के बाहर विजय के बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए, जहां फैंस घंटों तक डांस करते रहे। ……………………………………… जन नायकन मूवी रिव्यू:विजय की आखिरी फिल्म पर राजनीति हावी, तीन घंटे का सफर बन गया थका देने वाला तमाशा विजय की आखिरी फिल्म होने के कारण 'जन नायकन' सिर्फ एक रिलीज नहीं, बल्कि करोड़ों प्रशंसकों के लिए भावनात्मक मौका थी। उम्मीद थी कि यह फिल्म उनके लंबे सिनेमाई सफर को यादगार विदाई देगी। लेकिन निर्देशक एच. विनोथ इसे कहानी से ज्यादा राजनीतिक संदेश और स्टार की छवि चमकाने का माध्यम बना देते हैं। नतीजा यह कि फिल्म कई बार मनोरंजन छोड़कर चुनावी भाषण जैसी लगने लगती है। विजय की मौजूदगी तालियां जरूर बटोरती है, लेकिन कमजोर पटकथा और जरूरत से ज्यादा लंबाई फिल्म का असर कम कर देती है। फिल्म की लंबाई 3 घंटे 3 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 2 स्टार दिए हैं। पूरा रिव्यू पढ़ें…
अभिनेत्री दीया मिर्जा ने नीट पेपर लीक विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर अपनी निराशा जताई है। सोशल मीडिया पर एक नोट शेयर करते हुए दीया ने कहा कि पीएम का बयान संवेदनहीन था। उन्होंने सवाल उठाया कि हफ्तों से अनशन पर बैठे छात्रों, विरोध कर रहे युवाओं और अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों के लिए एक भी शब्द क्यों नहीं कहा गया। यह प्रतिक्रिया पीएम मोदी के उस वीडियो मैसेज के बाद आई है, जिसमें उन्होंने फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून बनाने का आश्वासन दिया था। 'टूटे दिलों को जोड़ने वाली बात नहीं कही'दीया मिर्जा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक भावुक नोट शेयर करते हुए सरकार के रवैये की आलोचना की। उन्होंने लिखा, उन माता-पिता के लिए सहानुभूति का एक शब्द भी नहीं, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया। अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों के संघर्ष, सोनम जी और हफ्तों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के लिए कुछ नहीं कहा गया। सर, इतना कठिन कैसे हो सकता है? दीया ने प्रधानमंत्री के देरी से बोलने पर सवाल उठाते हुए आगे लिखा, आपको कुछ कहने में 47 दिन लग गए। और अब जब आपने कहा है, तो भी कुछ नहीं कहा। ऐसा कुछ भी नहीं, जो उन लाखों टूटे हुए दिलों को राहत दे सके। पीएम मोदी ने वीडियो मैसेज में क्या कहा?मोदी ने गुरुवार आधी रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी। पीएम ने बताया कि कैबिनेट में इससे जुड़े मसौदे पर आज चर्चा होगी और सख्त फैसले लिए जाएंगे। मंजूरी मिलने के बाद इसे अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा। साथ ही इसे जल्द पास कराने की कोशिश होगी। PM मोदी ने X हैंडल पर 2.56 मिनट का एक वीडियो मैसेज पोस्ट किया। कहा- पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया। जंतर-मंतर पर एक महीने से जारी था CJP का प्रदर्शनदिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र संगठन करीब एक महीने से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में हुई धांधली के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। इसके साथ ही देश की पूरी परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार लागू किए जाएं। ये खबर भी पढ़ें करीना बोलीं- छात्रों की बात सुनना अहसान नहीं, हमारा फर्ज:कमल हासन बोले- सिस्टम सड़ चुका है; इमरान और वरुण समेत कई एक्टर्स समर्थन में उतरे दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधार आंदोलन को अब बॉलीवुड हस्तियों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। सलमान खान, आलिया भट्ट और अनन्या पांडे के बाद अब करीना कपूर खान, कमल हासन, वरुण धवन, इमरान खान और पीयूष मिश्रा भी छात्रों के पक्ष में आ गए हैं। पूरी खबर पढ़ें
सिनेमा की सबसे बड़ी ताकत यही होती है कि वह मनोरंजन के साथ समाज के जरूरी सवाल भी उठा सके। द इंडिया स्टोरी भी कीटनाशकों, मिलावटी भोजन और बढ़ते कैंसर जैसे बेहद गंभीर विषय को पर्दे पर लाती है। विषय ऐसा है जो हर परिवार से जुड़ा है और जिस पर मजबूत फिल्म बन सकती थी। लेकिन अफसोस, यहां इरादे बड़े हैं और फिल्म बेहद छोटी साबित होती है। कमजोर पटकथा, बिखरा स्क्रीनप्ले, फीका कोर्टरूम ड्रामा और जरूरत से ज्यादा मेलोड्रामा मिलकर इस फिल्म को एक औसत अनुभव बना देते हैं। इस फिल्म की लेंथ 2 घंटा 20 मिनट है। दैनिक भास्कर ने इस फिल्म को 5 में से 2 स्टार रेटिंग दी है। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी पूर्व सैन्य अधिकारी मेजर योगेश पाटिल (श्रेयस तलपड़े) की है, जिसकी छोटी बेटी परी (त्रिशा शारदा) कैंसर की वजह से दुनिया छोड़ देती है। जांच के दौरान योगेश को पता चलता है कि उसकी बेटी की बीमारी के पीछे फलों, सब्जियों, दूध और दूसरे खाद्य पदार्थों में मौजूद जहरीले कीटनाशक हैं। इसके बाद वह सरकार, कीटनाशक कंपनियों और जरूरत से ज्यादा रसायनों का इस्तेमाल करने वाले किसानों को अदालत में कटघरे में खड़ा कर देता है। इस कानूनी लड़ाई में उसका साथ देती हैं वकील अर्चना (काजल अग्रवाल)। अदालत में सुनवाई शुरू होती है और यहीं से फिल्म को उड़ान भरनी चाहिए थी। लेकिन पूरी बहस इतनी कमजोर लिखी गई है कि मामला कभी रोमांचक बन ही नहीं पाता। विपक्ष के वकील (मनीष वाधवा) को भी सिर्फ औपचारिक मौजूदगी तक सीमित कर दिया गया है। न कोई जोरदार जिरह होती है, न चौंकाने वाले सबूत सामने आते हैं और न ही ऐसा कोई दृश्य जो दर्शकों से तालियां बटोर सके। आखिर तक फिल्म सिर्फ एक ही बात दोहराती रहती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? श्रेयस तलपड़े पूरी ईमानदारी से अपना किरदार निभाते हैं। बेटी को खोने वाले पिता का दर्द उनके चेहरे पर साफ दिखता है, लेकिन कमजोर लेखन उनके अभिनय को ऊंचाई तक नहीं पहुंचने देता। काजल अग्रवाल का अभिनय ठीक है, लेकिन अदालत में उनका किरदार प्रभाव नहीं छोड़ता। इतने बड़े केस की वकील होने के बावजूद उनके हिस्से कोई ऐसा दृश्य नहीं आता जो याद रह जाए। बाल कलाकार त्रिशा शारदा फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी हैं। बीमारी से जूझती बच्ची के रूप में वह दिल छू जाती हैं। मुरली शर्मा अपनी छोटी भूमिका में असर छोड़ते हैं, जबकि मनीष वाधवा जैसे सशक्त अभिनेता का पूरा इस्तेमाल ही नहीं किया गया। निर्देशन और तकनीकी पक्ष निर्देशक चेतन डीके का उद्देश्य अच्छा है, लेकिन फिल्म बनाने का तरीका बेहद साधारण है। स्क्रीनप्ले बिखरा हुआ है और कई दृश्य कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय सिर्फ जानकारी देने का काम करते हैं। सबसे बड़ी कमी कोर्टरूम ड्रामा में दिखाई देती है। जहां तेज बहस, मजबूत तर्क और कानूनी दांवपेंच होने चाहिए थे, वहां सब कुछ बेहद आसान और सपाट नजर आता है। सरकार, मीडिया और बड़ी कंपनियों जैसे अहम पहलुओं को भी सतही तरीके से दिखाया गया है। पहला हिस्सा डॉक्यूमेंट्री जैसा महसूस होता है, जबकि दूसरा हिस्सा जरूरत से ज्यादा भावुक हो जाता है। संपादन भी ढीला है और फिल्म कई जगह अपनी रफ्तार खो देती है। कैमरा वर्क और प्रोडक्शन डिजाइन सामान्य हैं। तकनीकी रूप से फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है जो बड़े पर्दे का अनुभव खास बना सके। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? संगीत पूरी तरह निराश करता है। कोई भी गीत याद नहीं रहता और पृष्ठभूमि संगीत भी फिल्म की भावनाओं को ज्यादा ऊंचाई नहीं दे पाता। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? द इंडिया स्टोरी इस बात का उदाहरण है कि सिर्फ अच्छा विषय किसी फिल्म को अच्छा नहीं बना सकता। जब पटकथा कमजोर हो, कोर्टरूम ड्रामा बेजान हो और निर्देशन में धार न हो, तो सबसे जरूरी मुद्दा भी अपना असर खो देता है। अगर आपका मकसद सिर्फ कीटनाशकों के नुकसान के बारे में जानना है तो फिल्म एक जानकारी जरूर देती है। लेकिन एक प्रभावशाली कोर्टरूम ड्रामा और मजबूत सिनेमाई अनुभव की उम्मीद लेकर जाएंगे तो यह फिल्म निराश ही करेगी।
क्योंकि सास भी कभी बहू थी, कुसुम और कोई अपना सा जैसे कई सुपरहिट टीवी शोज में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री ने हाल ही में टीवी इंडस्ट्री और एक्टर्स के नशे करने से जुड़ा एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खुद भी कबूला है कि वो सभी तरह के नशे कर चुकी हैं। इतना ही नहीं एक्ट्रेस ने ये भी दावा किया है कि टीवी इंडस्ट्री की पार्टीज के लिए ड्रग का बजट बनता था, कई बार तो शूटिंग तक कैंसिल करना पड़ता था। एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री ने हाल ही में सिद्धार्थ कानन के पॉडकास्ट में सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर बात की। एक्ट्रेस ने कहा कि ड्रग्स ही एक्टर की मौत की वजह बने। उन्होंने कहा- ‘उन्होंने आत्महत्या क्यों की ये मेरी समझ से परे है। लेकिन मुझे लगता है ड्रग्स ही वजह है। पहले हमारी इंडस्ट्री में पार्टी का बजट होता था कि दारू का कितना बजट होगा। अब ड्रग्स का बजट होता है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘आप इसे पसंद करें या न करें, लेकिन मैं खुद भी देखकर शॉक थी कि ड्रग्स का बजट होता है। इसलिए बहुत सालों से मैंने पार्टी करना बंद कर दिया है। अब वो पार्टियां नहीं होतीं कि गाना लगा है चलो डांस करें, अब पार्टीज कुछ अलग होती हैं, पूरी तरह।’ एक्ट्रेस ने दावा किया है कि टीवी इंडस्ट्री की बड़ी पार्टीज में खुलेआम ड्रग्स इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन छोटी पार्टीज में ओपनली ड्रग्स इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा- ‘हर कोई जानता है कि सब नशे करते हैं। मैं पर्सनली नहीं जानती कि कौन नशे करता है, लेकिन मैं ऐसी जगह गई हूं, जहां मैंने लोगों को ड्रग्स लेते देखा है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा है, ‘मैं सती सावित्री बनने की कोशिश नहीं कर रही हूं, मैंने अपनी जिंदगी में सारे नशे किए हैं। लेकिन मैंने एक्सपेरिमेंट की तरह किया है कि ये करने से क्या होता है। वर्ना अगर आप ड्रग्स में घुस जाओ, तो जिंदगी में कुछ नहीं कर सकते हो।’ नारायणी ने आगे कहा, ‘कोकेन की लत लग जाती है। मुझे लगता है कोकेन इंडस्ट्री को खा रही है। ये दुनिया को खा रही है, क्योंकि सभी ड्रग्स करते हैं। मैं बहुत कम लोगों को जानती हूं जो ड्रग्स नहीं करते हैं। मैं ये सब नहीं करती थी, लेकिन जब मैं ऐसी जगह गई, तो मैं वहां लोगों को देखकर शॉक हो जाती थी।’ एक्टर्स खड़े होने लायक नहीं होते, शूटिंग कैंसिल होती है- नारायणी जब आगे एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या एक्टर्स सेट पर या वैनिटी में ड्रग्स लेते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नाम नहीं लेना है, लेकिन ये बहुत होता है। हमारी शूट कैंसिल हुई है, क्योंकि एक्टर्स शूट करने की हालत में नहीं है। महंगे एक्टर्स सेट पर बैठे हैं, लेकिन शूट नहीं हो रही, क्योंकि लोग खड़े होने लायक नहीं हैं। मेरे आखिरी दो शोज में ऐसा नहीं हुआ है, लेकिन पिछले शोज में ये बहुत हुआ है।’ अपने विवादित बयान में नारायणी शास्त्री ने साफ किया है कि वो ड्रग एडिक्ट नहीं हैं, उन्होंने सारे नशे सिर्फ ट्राय करने के लिए इस्तेमाल किए थे। एक्ट्रेस ने सफाई में कहा है कि उन्होंने पहली बार शराब इसलिए पी, जिससे उन्हें पता रहे कि अगर कोई उन्हें छिपकर शराब पिलाए तो पता हो कि उसका स्वाद कैसा है। कौन हैं एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री
एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा हाल ही में भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव पर भड़क गई हैं। इतना ही नहीं एक्ट्रेस उन्हें पहचान भी नहीं सकीं और उनके अस्तित्व पर सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, हाल ही में खेसारी लाल यादव एक इवेंट का हिस्सा बने थे। जैसे ही वो पोज देने के लिए कैमरामैन के सामने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि जिस जगह बैकग्राउंड बैनर लगा है, ठीक उसी जगह एक आवारा कुत्ता बैठा है। खेसारी लाल यादव ने खुद तो कुत्ते को छुआ तक नहीं, लेकिन वहां मौजूद टीम ने उस कुत्ते को बेरहमी से घसीटते हुए वहां से अलग कर दिया। खेसारी लाल यादव शांत खड़े देखते रहे और कुत्ते को हटाए जाने के बाद उन्होंने वहां पोज दिए। इवेंट का वीडियो सामने आने के बाद मलाइका भड़क गईं। मलाइका ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से खेसारी लाल यादव का वो वीडियो शेयर कर भड़कते हुए लिखा है, ‘ये लोग हैं कौन और ये आदमी कौन है, जो खड़ा होकर पोज दे रहा है। वाहियात।’ इतना ही नहीं। ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो री-शेयर करने के अलावा मलाइका अरोड़ा ने शेयर किए गए वीडियो पर भी दो कमेंट किए। पहले कमेंट में मलाइका ने लिखा, ‘वाहियात’। और दूसरे कमेंट में उन्होंने लिखा, ‘ये बेवकूफ कौन है, क्या इसके लिए पोज देना इतना जरूरी था।’ मलाइका का कमेंट सामने आने के बाद कई लोग खेसारी लाल यादव की पैरवी करते हुए उनकी पहचान बता रहे हैं। वहीं कुछ ट्रोलर्स ऐसे भी हैं, जो मलाइका को ही ट्रोल कर रहे हैं। कौन हैं खेसारी लाल यादव?
वास्तु, किस्मत और अंधविश्वास जैसे विषयों पर कई बार बहस होती है, लेकिन फिल्मों में इसे हल्के फुल्के और मनोरंजक अंदाज में कम ही दिखाया जाता है। 'उत्तर दा पुत्तर' इसी कोशिश के साथ आती है। फिल्म हंसाती है, व्यंग्य करती है और आखिर में एक ऐसा सवाल छोड़ जाती है, जो शायद थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी आपके साथ चलता है। हालांकि कुछ कमियां इसे और बेहतर बनने से रोकती हैं। इस फिल्म की लेंथ 1 घंटा 43 मिनट है। इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की कहानी फिजिक्स के प्रोफेसर साईं राम टुटेजा (अन्नू कपूर) की है। विज्ञान पढ़ाने वाले टुटेजा खुद वास्तु पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। उनकी जिद है कि वह तभी अपना घर बनाएंगे, जब उसे उत्तर दिशा की ओर फेस करने वाली परफेक्ट जमीन मिले। इसी वजह से सालों तक किराए के घर में रहते हैं। जब आखिरकार उन्हें मनचाही जमीन मिलती है और सपनों का घर बनाने का सफर शुरू होता है, तब किस्मत उनके सामने एक के बाद एक मुश्किलें खड़ी कर देती है। इंटरवल के बाद कहानी दिलचस्प मोड़ लेती है, जब टुटेजा समझते हैं कि जिंदगी सिर्फ दिशा नहीं, बल्कि अपने फैसलों और मेहनत से बदलती है। इस सफर में उनका छात्र ज्ञान चंद उर्फ जीसी (सुमित गुलाटी) उनका सबसे बड़ा सहारा बनता है। फिल्म कॉमेडी और व्यंग्य के जरिए वास्तु और अंधविश्वास पर सवाल भी उठाती है। कई जगह इसकी झलक 'खोसला का घोंसला' की याद दिलाती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? अन्नू कपूर पूरी फिल्म की जान हैं। साईं राम टुटेजा के किरदार में उनका अभिनय इतना सहज है कि कई बार लगता है जैसे यह किरदार उन्हीं के लिए लिखा गया हो। कॉमेडी, इमोशन और टाइमिंग, हर जगह वह फिल्म को अपने कंधों पर संभाल लेते हैं। सुमित गुलाटी (ज्ञान चंद उर्फ जीसी) दूसरे हिस्से में कहानी का मजबूत आधार बनते हैं और अपने किरदार में ईमानदार नजर आते हैं। रुखसार रहमान (गिन्नी) सधी हुई एक्टिंग करती हैं। राजेंद्र सेठी (आनंद राज आनंद) कम स्क्रीन टाइम में भी असर छोड़ते हैं। बृजेंद्र काला, पवन मल्होत्रा, इश्तियाक खान और नितिन अरोड़ा जैसे कलाकार अपनी मौजूदगी से फिल्म को और मनोरंजक बनाते हैं। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष डायरेक्टर रविंदर सिवाच ने एक अच्छे आइडिया को मनोरंजक तरीके से पेश किया है। फिल्म का मैसेज साफ है और वह बिना भाषण दिए अपनी बात कह जाती है। हालांकि कुछ सीन जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं और एडिटिंग थोड़ी टाइट होती तो फिल्म का असर और बढ़ सकता था। कास्टिंग में भी एक बात खटकती है। नासिर अब्दुल्ला, जो गिन्नी के पिता बने हैं, पर्दे पर अन्नू कपूर से उम्र में छोटे नजर आते हैं। ऐसे में उनका अन्नू कपूर के ससुर वाला किरदार पूरी तरह विश्वसनीय नहीं लगता। कैमरा वर्क और बाकी टेक्निकल पहलू कहानी के हिसाब से ठीक हैं। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक कहानी के साथ चलता है। गाने सीन के हिसाब से अच्छे लगते हैं, लेकिन थिएटर से बाहर निकलने के बाद बहुत ज्यादा याद नहीं रहते। बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के मूड को सपोर्ट करता है। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? 'उत्तर दा पुत्तर' कोई बड़ी या भव्य फिल्म नहीं है, लेकिन एक अच्छे विषय को ईमानदारी और हल्के फुल्के अंदाज में पेश करती है। अन्नू कपूर का शानदार अभिनय, बाकी कलाकारों का साथ और व्यंग्य से भरी कहानी इसे एक बार देखने लायक बनाती है। अगर आप ऐसी फिल्में पसंद करते हैं जो हंसाने के साथ सोचने पर भी मजबूर करें, तो 'उत्तर दा पुत्तर' आपको निराश नहीं करेगी। हालांकि थोड़ी टाइट एडिटिंग और कुछ बेहतर कास्टिंग फैसले इसे और मजबूत बना सकते थे।
मूवी रिव्यू: दुल्हनिया ले आएगी:रिश्तों पर नहीं, समाज की सोच पर निशाना साधती है खुशाली कुमार की फिल्म
क्या 30 की उम्र पार होते ही लड़की की शादी कर देना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए? यही सवाल उठाती है निर्देशक आकाशादित्य लामा की फिल्म 'दुल्हनिया ले आएगी'। कॉमेडी, इमोशन और पारिवारिक रिश्तों के ताने-बाने में बुनी गई यह फिल्म मनोरंजन के साथ एक जरूरी सामाजिक संदेश भी देती है कि शादी की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती। हालांकि कहानी कई जगह अनुमानित लगती है, लेकिन इसका उद्देश्य और क्लाइमैक्स फिल्म को एक बार देखने लायक बना देते हैं। इस फिल्म की लेंथ 2 घंटा 8 मिनट है। दैनिक भास्कर ने इस फिल्म को 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। कैसी है फिल्म की कहानी? फिल्म की कहानी 32 वर्षीय नव्या (खुशहाली कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है। बढ़ती उम्र को लेकर उसके पिता (महेश मांजरेकर) लगातार उसकी शादी की चिंता करते रहते हैं। जल्दबाजी में उसकी शादी एक ऐसे लड़के से तय कर दी जाती है, जिसके पहले से कई लड़कियों के साथ अफेयर रह चुके होते हैं। नव्या को इस सच्चाई का पता चल जाता है, लेकिन वह अपने पिता का दिल नहीं तोड़ना चाहती। वह यह बात उनसे छिपा लेती है और तय करती है कि शादी तो उसी दिन होगी, लेकिन सही दूल्हे के साथ। इसके बाद शुरू होती है उसके लिए सही जीवनसाथी की तलाश, जिसमें कई मजेदार और भावुक घटनाएं सामने आती हैं। इस सफर में ओंकार कपूर का किरदार भी कहानी में अहम मोड़ लेकर आता है। फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसका क्लाइमैक्स है। आखिर में निर्देशक यह संदेश देते हैं कि सरकार ने भले ही लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र तय कर दी हो, लेकिन शादी की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती। लड़की को तभी शादी करनी चाहिए, जब उसे सही जीवनसाथी मिले। हालांकि पहले हाफ में कहानी थोड़ी धीमी गति से आगे बढ़ती है और कई घटनाएं पहले से अनुमानित लगती हैं। अगर स्क्रीनप्ले पर थोड़ा और काम किया जाता तो फिल्म और प्रभावशाली बन सकती थी। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? खुशहाली कुमार ने नव्या के किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है। उन्होंने एक ऐसी लड़की की भावनाओं को अच्छी तरह पर्दे पर उतारा है, जो परिवार की खुशी और अपनी जिंदगी के फैसलों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है। ओंकार कपूर अपने किरदार में सहज नजर आते हैं और कहानी को हल्कापन देने में सफल रहते हैं। महेश मांजरेकर एक चिंतित पिता के रूप में प्रभाव छोड़ते हैं। उनके और खुशहाली कुमार के बीच के भावनात्मक दृश्य फिल्म की सबसे मजबूत कड़ियों में शामिल हैं। वहीं पीयूष मिश्रा अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद अदायगी से हर बार की तरह प्रभावित करते हैं। भले ही उनका किरदार बहुत लंबा न हो, लेकिन जहां भी नजर आते हैं, अपनी छाप छोड़ जाते हैं। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष निर्देशक आकाशादित्य लामा ने गंभीर सामाजिक मुद्दे को भारी-भरकम बनाने के बजाय हल्के-फुल्के और मनोरंजक अंदाज में पेश किया है। यही फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहानी को पारिवारिक दर्शकों के हिसाब से सरल और सहज रखा है। सिनेमैटोग्राफी फिल्म के माहौल के अनुरूप है और रंगों का इस्तेमाल आकर्षक लगता है। एडिटिंग पहले हाफ में थोड़ी और कसी जा सकती थी, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी अच्छी रफ्तार पकड़ लेती है। संवाद कई जगह मुस्कुराने पर मजबूर करते हैं, जबकि क्लाइमैक्स भावनात्मक असर छोड़ता है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का संगीत इसकी मजबूत कड़ियों में से एक है। 'बिटिया पराई नहीं होती' गाना भावनात्मक रूप से दिल को छूता है और फिल्म के संदेश को मजबूती देता है। वहीं 'जलवा दिखा जाए' कहानी में मनोरंजन का तड़का लगाता है। दोनों गाने फिल्म के मूड के साथ अच्छी तरह मेल खाते हैं और याद रह जाते हैं। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? 'दुल्हनिया ले आएगी' कोई बहुत अलग कहानी नहीं कहती, लेकिन समाज में लड़कियों की शादी को लेकर बने दबाव और सोच पर जरूरी सवाल जरूर उठाती है। फिल्म कॉमेडी, इमोशन और सामाजिक संदेश का संतुलित मिश्रण है। अगर आप परिवार के साथ ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं, जो मनोरंजन के साथ एक सकारात्मक संदेश भी दे, तो यह फिल्म आपके लिए अच्छी पसंद हो सकती है।
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधार आंदोलन को अब बॉलीवुड हस्तियों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। सलमान खान, आलिया भट्ट और अनन्या पांडे के बाद अब करीना कपूर खान, कमल हासन, वरुण धवन, इमरान खान और पीयूष मिश्रा भी छात्रों के पक्ष में आ गए हैं। करीना कपूर ने कहा कि देश के युवाओं की मांग सुनना कोई अहसान नहीं, बल्कि हमारा फर्ज है। वहीं कमल हासन ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को सड़ा हुआ बताया है। इमरान खान ने मुंबई में खुद सड़क पर उतरकर छात्रों के साथ प्रदर्शन किया। इमरान खान की प्रोटेस्ट में तस्वीरें करीना बोलीं- बच्चे कल की तैयारी नहीं कर रहे, वे ही कल हैंकरीना कपूर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नोट शेयर किया है। उन्होंने लिखा, मैं पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे पर शांत थी, लेकिन अब चुप नहीं रह सकती। अपनी आवाज उठाने वाले युवाओं की अनदेखी करना नामुमकिन है और ऐसा होना भी नहीं चाहिए। शिक्षा से बच्चे को भरोसा और उम्मीद मिलती है। लेकिन शिक्षा तभी काम करती है जब बच्चों को इस पर विश्वास हो। अगर उन्हें लगेगा कि ईमानदारी, मेहनत और मेरिट का कोई मतलब नहीं है, तो उनका भरोसा उठ जाएगा। करीना ने आगे लिखा, छात्रों को ऐसी व्यवस्था मिलनी चाहिए जिस पर वे भरोसा कर सकें। जब पूरी पीढ़ी अपने भविष्य के लिए एक आवाज में बोलती है, तो उन्हें सुनना अहसान नहीं, हमारा फर्ज है। हमारे बच्चे हमें देख रहे हैं। वे कल की तैयारी नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे ही हमारा कल हैं। कमल हासन बोले- सिस्टम सड़ चुका एक्टर और नेता कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश के शिक्षा तंत्र पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, जब एक बच्चा रोया था, तब हमें सुन लेना चाहिए था। हमने तब तक इंतजार किया जब तक कई बच्चों की मौत नहीं हो गई। एक ऐसा सिस्टम जहां सीखने की जगह कोचिंग ने ले ली है, उत्सुकता की जगह चिंता ने ले ली है और मेरिट की जगह अपराध ने ले ली है, वह सिस्टम पूरी तरह सड़ चुका है। जब बच्चों को जवाबों की जगह बैरिकेड्स और लाठियां मिलती हैं, तो देश नाकाम साबित होता है। कमल हासन ने 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जिक्र करते हुए उनसे अपना अनशन खत्म करने की अपील भी की। उन्होंने देश के बच्चों से कहा कि आपने अपना फर्ज निभाया है, अब देश को आपके लिए अपना फर्ज निभाना होगा। मुंबई में प्रदर्शन में शामिल हुए इमरान खानएक्टर इमरान खान बुधवार को नीट धांधली के खिलाफ मुंबई में आयोजित एक विरोध मार्च में खुद शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने दिल्ली में 'चलो संसद' मार्च के दौरान छात्रों पर हुए आंसू गैस और लाठीचार्ज पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने लिखा था, जब मैंने देखा कि पुलिस छात्रों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज कर रही है, तो मेरा दिल टूट गया। जिन छात्रों ने मेहनत की, उन्हें सिस्टम ने धोखा दिया और जब उन्होंने अपनी बात रखनी चाही तो उन्हें लाठियों से चुप करा दिया गया। मुंबई मार्च के दौरान जब एक युवा कलाकार ने उनसे पूछा कि कई एक्टर्स राजनीति पर बोलने से बचते हैं, तो इमरान ने कहा, सच्ची कला में कलाकार का अपना नजरिया होता है। अगर आप अपनी राय के साथ खड़े नहीं हो सकते और अपनी कला में दिल नहीं डाल सकते, तो उस कला की कोई कीमत नहीं है। वरुण धवन बोले- राजनीतिक फायदे के लिए न हो इस्तेमाल एक्टर वरुण धवन ने भी इंस्टाग्राम पर छात्रों का समर्थन किया। वरुण ने लिखा, छात्र देश का भविष्य हैं। जब किसी छात्र का सपना टूटता है, तो सिर्फ एक सपना नहीं, पूरे परिवार की उम्मीदें टूटती हैं। सिस्टम के फेल होने पर उन्हें सवाल पूछने का पूरा हक है। अधिकारियों को उनकी चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए और पारदर्शी हल निकालना चाहिए। यह केवल छात्रों का आंदोलन रहना चाहिए और इस पर किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। पीयूष मिश्रा ने कहा- इंकलाब जिंदाबाद वहीं, सीनियर एक्टर और सिंगर पीयूष मिश्रा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए 'इंकलाब जिंदाबाद' का नारा दिया। पीयूष ने कहा, जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, वह बहुत दुखद था। मैं छात्रों के साथ हूं। पुलिस और बच्चों को चोट पहुंची, यह सब गलत था। अगर सरकार और प्रशासन पहले ही छात्रों की बात सुन लेता, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती।
सिनेमा में कई हीरो आए, कई सुपरस्टार बने, लेकिन एक अभिनेता ऐसा भी था जिसने पर्दे पर उपकार, पूरब और पश्चिम, रोटी कपड़ा और मकान जैसी फिल्मों के जरिए देशभक्ति को जिया। उनका नाम था मनोज कुमार। देशप्रम ही वो वजह था कि लोग उनका असली नाम भूलने लगे और उन्हें सिर्फ एक नाम से पुकारने लगे 'भारत कुमार'। उनकी फिल्मों में दिखने वाला जज्बा, जुनून और दर्द सिर्फ अभिनय नहीं था। उन्होंने खुद 10 साल की उम्र में भारत-पाक के बंटवारे से उठी चीखें सुनी और कई जाने जाते देखीं। बीमार मां को दर्द से कराहते देखा और छोटे भाई को दम तोड़ते भी। सिर पर छत नहीं थी, भविष्य का कोई भरोसा नहीं था और उम्मीद भी टूटने लगी, लेकिन किसे पता था कि पाकिस्तान से भागा वो बच्चा, देशभक्ति की ऐसी मिसाल बनेगा कि हर कोई उन्हें असल नाम से ज्यादा भारत कुमार के नाम से पहचानेगा। आज मनोज कुमार उर्फ भारत कुमार की बर्थ एनिवर्सरी है। अप्रैल 2025 में उनका निधन हो गया है, लेकिन अगर आज वो होते तो 88 साल के हो जाते। उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर जानिए, विभाजन के दर्द से निकलकर देश का हीरो बनने की कहानी- किस्सा- 1 दंगों में भाई की मौत हुई, यमुना में शव बहाया; इलाज न करने वाले डॉक्टर्स को लाठी से पीटा 24 जुलाई 1937 ब्रिटिश इंडिया के अबोटाबाद के पंजाबी हिंदू परिवार में हरिकृष्ण गिरी गोस्वामी का जन्म हुआ, जो बाद में मनोज कुमार नाम से जाने गए। वो हिस्सा जहां उनका जन्म हुआ वो बंटवारे के बाद पाकिस्तान के खैबर पखतूनख्वा में आता है। मनोज कुमार महज 10 साल के थे, जब अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद बंटवारा शुरू हुआ। दंगे भड़के और जान बचाते हुए मनोज कुमार का परिवार दिल्ली के हडसन लाइन रिफ्यूजी कैंप में आकर रहने लगा। छोटा भाई कुक्कू महज 2 माह का था। पैदाइश से ही उसकी तबीयत खराब रहती थी और मां भी बीमार चल रही थी। दंगों के बीच डॉक्टर्स भी जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे थे, तभी भाई की सही इलाज न मिल पाने से मौत हो गई। बचपन का वो दर्द याद कर मनोज कुमार ने संसद टीवी के शो गुफ्तगू में कहा- वो रोता हुआ बचपन, जो लाहौर से बिछड़ गया, जो अबोटाबाद से बिछड़ गया। बहुत रोता हुआ बचपन था वो, आज भी सोचता हूं तो आंखे भले ही संभाल लूं, लेकिन दिल रोता है। दिल का रोना बहुत भयानक होता है। सबसे बड़ा मैं, मुझसे छोटी बहन ललिता। जब बंटवारा हुआ तो मां ने छोटे भाई को जन्म दिया। कुक्कू नाम था उसका, बीमार, मां भी बीमार। हम रिफ्यूजी कैंप में थे। मां को दिल्ली के तीस हजारी अस्पताल में रखा गया। जब सायरन बजता था, तो डॉक्टर-नर्स अंडरग्राउंड चले जाते थे। मां मेरी तड़प रही थी, भाई तड़प रहा था। मां चीख रही थी कि डॉक्टर को बुलाओ। वो सब अंडरग्राउंड थे। मां चीख मारी, मेरा भाई कुक्कू चला गया था। मैं गुस्से में था। मैं लाठी लेकर अंडरग्राउंड गया। डॉक्टर्स को भी मारा, नर्स को भी मारा। पिता जी आए, उन्होंने संभाला। दूसरे दिन उस 2 महीने के बच्चे को जमुना जी में बहा दिया, जैसे-जैसे वो नीचे जा रहा था, वैसे-वैसे लगता था कि मैं डूब रहा हूं। फिर पिता जी ने रात को अपने सिर पर हाथ रखकर कसम खिलवाई कि जिंदगी में दंगा, मारपीट नहीं करना। आखिर में मनोज कुमार ने रुंहासी आवाज में कहा, जिसका बचपन मर गया, समझो वो आदमी ही मर गया। भाई की मौत के बाद भी मनोज कुमार, 2 महीने तक रिफ्यूजी कैंप में ही रहे और हालात बेहतर होने के बाद परिवार दिल्ली में ही बस गया। पिता स्टील की फैक्ट्री में काम करते थे, लेकिन साथ ही वो शायर थे। जब मनोज कुमार के पिता 5वीं में थे, तो लामा इकबाल ने उनकी नजम सुनकर उन्हें खिज्र का तकाजा दिया था। जब उनका कलाम छपा, तो महाराष्ट्र उर्दू एकेडमी से उन्हें सिमरन अवॉर्ड मिला। किस्सा- 2 दिलीप कुमार को फिल्मों में मरता देख मान लिया फरिश्ता, सोचा- मैं भी फरिश्ता बनूंगा दिल्ली में ही मनोज कुमार की पढ़ाई हुई। वह कम उम्र के थे, जब मामा उन्हें अक्सर फिल्में दिखाने ले जाते थे। तब दिलीप कुमार स्टार बन चुके थे, जिनकी फिल्में अक्सर सिनेमाघरों में लगती थीं। मनोज कुमार ने सबसे पहले दिलीप कुमार की 1947 में आई फिल्म जुगनू देखी, जिसमें उनके किरदार की मौत हो जाती है। तब तक मनोज कुमार नहीं जानते थे कि सिनेमा क्या होता है। कुछ समय बाद उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्म शहीद (1948) देखी। उसमें भी दिलीप कुमार को मरता हुआ दिखाया गया। मनोज कुमार फिल्म देखकर घर लौटे, तो देर तक सोए ही नहीं। मन में बस एक ही ख्याल था कि जब वो शख्स एक साल पहले (फिल्म जुगनू में) मर चुके हैं, तो दोबारा (फिल्म शहीद में) कैसे मर सकते हैं। मां ने उन्हें जागते देखा, तो पूछ लिया- सोते क्यों नहीं हो? मनोज कुमार ने मासूम आवाज में कहा- बीजी (जैसा वो मां को पुकारते थे), आदमी कितनी बार मरता है? मां ने जवाब दिया- एक बार। मनोज कुमार ने फिर कहा- और जो 2-3 बार मरे? मां ने कहा- वो तो फरिश्ता ही होगा। उस दिन मनोज कुमार ने ठान लिया कि मैं भी बड़ा होकर फरिश्ता ही बनूंगा। किस्सा- 3 कजन का खत मिलने पर बॉम्बे पहुंचे, सेट पर सामान ढोने का काम मिला बढ़ती उम्र के साथ मनोज कुमार हीरो बनने का ख्याल पक्का करने लगे। उन्होंने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई पूरी की। मनोज कुमार के कजन लेखराज भाकरी भी हिंदी सिनेमा से जुड़ चुके थे। एक दिन जब मनोज कुमार की लेखराज से मुलाकात हुई, तो उन्होंने मनोज को देखते ही कहा- तू तो हीरो लगता है। मनोज सुनकर खड़े हुए और झट से कहा- तो बना दीजिए। लेखराज ने जब फिल्में डायरेक्ट करना शुरू किया, तो उन्हें मनोज की कही वो बात याद रही। 1956 में उन्होंने मनोज के परिवार को खत लिखकर उन्हें बॉम्बे भेजने को कहा। माता-पिता की रजामंदी के बाद मनोज बॉम्बे पहुंचे और चाचा-चाची के घर में रहने लगे। लेखराज ने शुरुआत में उन्हें सेट असिस्टेंट का काम दिया, जहां वो शूटिंग से जुड़ा सामान ढोते थे। कुछ समय बाद ही उन्हें कड़ी मेहनत की बदौलत असिस्टेंट डायरेक्टर का काम मिलने लगा। किस्सा- 4 पहली फिल्म में 19 साल के मनोज कुमार को बनाया 90 साल का भिखारी, गर्लफ्रेंड भी नहीं पहचान सकी मनोज कुमार के कजिन लेखराज ने 1957 की फिल्म फैशन डायरेक्ट की, जिसमें माला सिन्हा और प्रदीप कुमार लीड रोल में थे। इस फिल्म में मनोज ने उन्हें असिस्ट किया था। तब वह महज 19 साल के थे। शूटिंग शुरू होने से पहले लाइट टेस्टिंग के लिए मनोज को ही कैमरे के सामने खड़ा कर लाइट चेक की जाती थी। जब इस फिल्म के छोटे से रोल के लिए कोई कलाकार नहीं मिला, तो लेखराज ने मनोज से कहा कि वो इसे करें। मनोज को लगा कि कोई बढ़िया सा रोल होगा, लेकिन बाद में पता चला कि 19 साल के मनोज कुमार को 90 साल के एक भिखारी का रोल मिला है। उन्होंने इसे भी स्वीकार किया और पूरे गेटअप के साथ भिखारी बन गए। इस समय तक मनोज कुमार को दिल्ली के कॉलेज में साथ पढ़ने वाली शशि को पसंद करते थे। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। घर में टेलीफोन नहीं था, तो जब मनोज छुट्टी पर दिल्ली जाते तभी दोनों की बात होती थी। जब मनोज को फिल्म फैशन में काम मिला, तो वो घरवालों और गर्लफ्रेंड शशि को खबर नहीं दे सके। फिल्म रिलीज हुई और शशि अपनी दोस्तों के साथ फिल्म देखने पहुंचीं। उन्होंने पूरी फिल्म देखी, लेकिन भिखारी बने मनोज कुमार का गेटअप ऐसा था कि वो उन्हें पहचान ही नहीं सकीं। फिल्म फैशन में रोल छोटा जरूर था, लेकिन मनोज कुमार कुछ मिनटों के अभिनय में अपनी गहरी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। आगे उन्हें सहारा, चांद और हनीमून जैसी और फिल्मों में छोटे-मोटे रोल मिलने लगे। किस्सा- 5 दिलीप कुमार की फिल्म से प्रेरित होकर बदला नाम मनोज कुमार का असली नाम हरिकृष्ण गिरी गोस्वामी था, हालांकि जब उन्हें फिल्मों में काम मिलने लगा तो उन्होंने नाम बदल दिया। बचपन में उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्म शबनम देखी थी, जिसमें उनके किरदार का नाम मनोज कुमार था। फिल्मों के लिए उन्होंने अपना नाम ही मनोज कुमार रख लिया। हर फिल्म में उन्हें इसी नाम से क्रेडिट दिया जाता था। छोटे-मोटे रोल करने के बाद हुनर की बदौलत मनोज कुमार को फिल्म कांच की गुड़िया (1960) में लीड रोल दिया गया। आगे उन्होंने रेशमी रूमाल, चांद, बनारसी ठग, गृहस्थी, अपने हुए पराए, वो कौन थी जैसी और फिल्में कीं, लेकिन असल पहचान मिली 1962 की फिल्म हरियाली और रास्ता से। आगे शादी (1962), गृहस्थी (1963), फूलों की सेज (1964) ने उन्हें टॉप एक्टर्स में शामिल किया, जिसके बाद ब्लॉकबस्टर फिल्म वो कौन थी (1964) से मनोज कुमार स्टार बने। इस फिल्म के गाने लग जा गले और नैना बरसे रिमझिम आज भी काफी मशहूर हैं। स्टार बनने के बाद मनोज कुमार को दिलीप कुमार के साथ 1968 की फिल्म आदमी में काम मिला। किस्सा- 6 लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर बनाई फिल्म मनोज कुमार ने 1965 में फिल्म शहीद में काम किया, जो भगत सिंह पर बनी थी। फिल्म बड़ी हिट रही और इसके गाने ‘ऐ वतन, ऐ वतन हमको तेरी कसम…’, 'सरफरोशी की तमन्ना… और ओ मेरा रंग दे बसंती चोला… काफी पसंद किए गए। ये फिल्म तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को इतनी पसंद आई कि उन्होंने मनोज कुमार से कहा कि उन्हें नारे जय जवान जय किसान पर फिल्म बनाने की सलाह दी। सलाह मानते हुए मनोज कुमार ने फिल्म उपकार (1967) बनानी शुरू कर दी और इसे डायरेक्ट करने का भी फैसला किया। एक दिन मनोज कुमार ने मुंबई से दिल्ली जाने के लिए राजधानी ट्रेन की टिकट खरीदी और ट्रेन में चढ़ गए। ट्रेन में बैठे-बैठे ही उन्होंने आधी फिल्म लिखी और लौटते हुए आधी। जब मनोज कुमार ने अनाउंस किया कि वो उपकार फिल्म से डायरेक्शन में कदम रखने जा रहे हैं, तो राज कपूर ने उन्हें तीखे शब्दों में सलाह दी, या तो एक्टिंग कर लो या डायरेक्शन, क्योंकि हर कोई राज कपूर नहीं है, जो हर काम एक साथ कर ले। 1967 में आई उपकार उस साल की सबसे बड़ी फिल्म थी। फिल्म का गाना मेरे देश की धरती सोना उगले.. आज भी सबसे बेहतरीन देशभक्ति गानों में गिना जाता है। फिल्म में मनोज कुमार का नाम भारत था। फिल्म के गाने की पॉपुलैरिटी देखते हुए मनोज कुमार को मीडिया ने भारत कहना शुरू कर दिया और फिर उन्हें भारत कुमार कहा जाने लगा। फिल्म हिट होने के बाद राज कपूर ने अपनी कही बात पर पछतावा जाहिर करते हुए मनोज कुमार से कहा था- ‘मुझे लगता था कि सिर्फ मैं ही अपना कॉम्पिटिशन हूं, लेकिन अब मुझसे मुकाबला करने के लिए तुम आ गए हो।’ फिल्म भले ही लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर बनी थी, लेकिन अफसोस वो इसे देख नहीं सके। 1966 में शास्त्री जी ताशकंत, उज्बेकिस्तान की यात्रा पर निकले थे। वो लौटने के बाद फिल्म उपकार देखते, लेकिन ताशकंत में ही इंडो-पाकिस्तान वॉर में शांति पत्र साइन करने के अगले दिन 11 जनवरी 1966 को उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के एक साल बाद 11 अगस्त 1967 को फिल्म रिलीज हुई। लाल बहादुर शास्त्री को फिल्म न दिखा पाने का अफसोस ताउम्र मनोज कुमार को रहा। किस्सा- 7 इमरजेंसी का विरोध किया, फिल्में बैन हुईं मनोज कुमार के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अच्छे ताल्लुकात थे, लेकिन जब इमरजेंसी की घोषणा हुई तो मनोज कुमार ने इसका जमकर विरोध किया। विरोध करने वाले कई सितारों की फिल्मों को बैन कर दिया गया, जिनमें मनोज कुमार की फिल्में भी शामिल हुईं। उनकी फिल्म दस नंबरी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बैन कर दी और फिल्म शोर सिनेमाघरों में रिलीज के 2 हफ्ते पहले ही दूरदर्शन पर दिखा दी गई। जब फिल्म सिनेमाघरों में लगी तो ये फ्लॉप हो गई। किस्सा- 8 इमरजेंसी पर फिल्म बनाने से किया इनकार, अमृता प्रीतम से कहा- क्या तुम बिक चुकी हो कुछ दिनों बाद मनोज कुमार के पास सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से कॉल आया, जिसमें उनसे पूछा गया कि क्या वो इमरजेंसी पर बन रही डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन करेंगे। मनोज ने साफ तौर पर इनकार कर दिया। जब उन्हें पता चला कि डॉक्यूमेंट्री को मशहूर राइटर अमृता प्रीतम लिख रही हैं, तो उन्होंने तुरंत अमृता प्रीतम को कॉल मिलाया और पूछा कि क्या तुम बिक चुकी हो। मनोज ने की बात सुनकर अमृता प्रीतम भी उदास हो गईं। आगे उन्होंने अमृता से कहा कि उन्हें इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रिप्ट फाड़ देनी चाहिए। किस्सा- 9 दिलीप कुमार को क्रांति की शूटिंग में हुई अड़चन तो रोक दी शूटिंग मनोज कुमार ने उपकार के बाद पूरब और पश्चिम, शोर, रोटी कपड़ा और मकान जैसी कई सुपरहिट फिल्में बनाईं। जब मनोज कुमार ने क्रांति (1981) बनाई, तो इसमें दिलीप कुमार को कास्ट किया। वही दिलीप कुमार, जो उनकी फिल्मों में आने की प्रेरणा थे। ये वो समय था, जब दिलीप कुमार ने 4 सालों तक कोई फिल्म नहीं की थी, इसके बावजूद वो राजी हो गए। ये एक मेगा बजट की फिल्म थी। फिल्म के एक सीन के लिए दिलीप कुमार को लोहे की जंजीरें पहनाकर राज दरबार में पेश किया जाना था। बार-बार टेक हुआ, लेकिन दिलीप कुमार भारी-भरकम जंजीरों में सही शॉट नहीं दे पाए। एक समय दिलीप साहब झुंझला गए और डायरेक्टर मनोज कुमार से कहा- तुमने मुझे ये जंजीरों वाला जवाहरात पहना दिया है, इसका वजन शरीर पर आ रहा है। पहले इसे हल्का करवाओ। अब वो जमाना गया जब हम 15 किलो वजन के साथ एक्टिंग करते थे। ये सुनते ही मनोज कुमार ने तुरंत शूटिंग रुकवा दी। उन्होंने रबर की जंजीरें बनवाईं और ऐसी पेंट करवाईं कि वो असली लगें। उन हल्की जंजीरों के साथ ही फिर दिलीप साहब ने शूटिंग की। किस्सा 10 फिल्म क्रांति, जिसके नाम पर बिकने लगे कपड़े ये उस साल की सबसे बड़ी हिट होने के साथ-साथ शोले के बाद भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी। देश के 26 सेंटर में 25 हफ्तों से ज्यादा चली थी। फिल्म मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) और जूनागढ़ (गुजरात) में भी सिल्वर जुबली रही, जहां कोई फिल्म टिकती नहीं थी। करीब डेढ़ सालों तक सिनेमाघरों में चली ये फिल्म 96 दिनों तक हाउसफुल थी। फिल्म का क्रेज ऐसा था कि दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में तो इस फिल्म के पोस्टर वाली टी-शर्ट, शर्ट, जैकेट और अंडरगार्मेंट्स भी बिकने लगे थे। किस्सा- 11 बहन की मौत के बावजूद, अगले दिन मनोज कुमार के सेट पर पहुंचे थे प्राण 1966 की फिल्म दो बदन में मनोज कुमार ने पहली बार प्राण के साथ काम किया और दोनों दोस्त बन गए। फिल्मों के मशहूर विलेन प्राण को हमेशा नेगेटिव रोल ही मिलते थे। ऐसे में उनकी छवि बदलने के लिए मनोज कुमार ने उन्हें अपनी फिल्म आह में पॉजिटिव रोल दिया। ये फिल्म फ्लॉप रही और लोगों ने प्राण को नापसंद किया, लेकिन मनोज कुमार ने तब भी हार नहीं मानी। उसी समय मनोज उपकार फिल्म में काम कर रहे थे। उन्होंने इस फिल्म में उन्हें मलंग बाबा का पॉजिटिव रोल देने का फैसला किया। इस सिलसिले में दोनों की मुलाकात हुई। मनोज कुमार- क्या आप मेरी फिल्म में मलंग बाबा का रोल प्ले करोगे? प्राण ने जवाब दिया- पंडित जी, लाइए स्क्रिप्ट पढ़ लूं। वो मनोज कुमार को पंडित जी ही कहते थे। स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद उन्होंने कहा, पंडित, फिल्म की स्क्रिप्ट और मलंग का किरदार दोनों बहुत खूबसूरत हैं, लेकिन एक बार सोच लो, क्योंकि मेरी छवि खूंखार, शराबी, जुआरी और बालात्कारी की है। क्या दर्शक मुझे किसी साधू बाबा के रोल में अपना सकेंगे। इरादों के पक्के मनोज कुमार ने उन्हें वो रोल दिया और शूटिंग शुरू कर दी। प्राण साहब समय के बेहद पाबंद थे। एक दिन वो सेट पर पहुंचे तो मनोज कुमार को लगा कि वो बीमार हैं। उन्होंने पास जाकर पूछा- आपकी तबीयत तो ठीक है ना? जवाब मिला- हां, मैं एकदम फिट हूं। उस दिन दोनों ने एक्शन सीन शूट किए। जब पैकअप हुआ तो फिर मनोज ने गौर किया कि प्राण साहब कुछ ठीक नहीं लग रहे। वो तुरंत मेकअप रूम में पहुंचे और कहा- आप कुछ छिपा रहे हैं। आप आज मुझे ठीक नहीं लग रहे। अगर कुछ बात है तो बताइए। जवाब में प्राण साहब ने कहा- नहीं कुछ नहीं, दरअसल कल शाम को मेरी बड़ी बहन की अचानक मौत हो गई। उस चक्कर में मैं रात भर सो नहीं पाया। ये सुनकर मनोज कुमार दंग रहे है कि अपनी जान से प्यारी बड़ी बहन को खोने पर भी वो सेट पर पहुंच गए। मनोज ने फिर कहा- अगर ऐसा कुछ था तो आपने मुझे फोन करके बताया क्यों नहीं, मैं आज की शूटिंग कैंसिल कर देता। जवाब मिला- मैं हरगिज ऐसा नहीं चाहता था कि मेरी वजह से आपकी फिल्म का शेड्यूल खराब हो। वैसे भी आपने बहुत मुश्किल से इतने सारे कलाकारों को एक साथ जुटाया है। मेरी वजह से फिल्म को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए। इसके बाद से ही दोनों की दोस्ती हर फिल्म के साथ गहरी होती चली गई। जब 12 जुलाई 2013 को मनोज कुमार ने प्राण साहब के निधन की खबर सुनी तो सदमे में चले गए। उन्होंने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और बातचीत करनी बंद कर दी। कई दिनों तक मनोज कुमार ने न किसी से मुलाकात की न ही कुछ बोले। किस्सा- 12 शाहरुख खान पर किया था 100 करोड़ की मानहानी का केस 2007 की फिल्म ओम शांति ओम के एक सीन में शाहरुख खान ने मनोज कुमार की नकल उतारी थी। मनोज कुमार की मिमिक्री करते हुए उन्होंने उनका सिग्नेचर पोज भी किया था, जिसमें वो अपने हाथों को चेहरे के सामने लाते थे। फिल्म में मजाक बनता देख मनोज कुमार इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने शाहरुख खान और ईरोज पर 100 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा कर दिया। मामला बढ़ता देख शाहरुख खान ने ई-मेल के जरिए मनोज कुमार से माफी मांगी थी। मनोज कुमार ने शाहरुख को माफ कर दिया और कोर्ट ने भी फिल्ममेकर्स को उस सीन को फिल्म से हटाने के आदेश दे दिए। भारत के बाद जब जापान में ये फिल्म रिलीज हुई तब भी उस सीन को नहीं हटाया गया। इस बात से नाराज होकर मनोज ने कहा था, मैं शाहरुख को कभी माफ नहीं करूंगा, उसने मेरी और कोर्ट के आदेश की इंसल्ट की है। हालांकि, समय के साथ ये मामला खत्म हो चुका है। बता दें कि ये मामला कोर्ट के बाहर ही सेटल हो गया था।
फिल्म 'दुल्हनिया ले आएगी' को लेकर अभिनेत्री खुशहाली कुमार और निर्देशक-निर्माता आकाशादित्य लामा ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इंटरव्यू में लामा ने मजाकिया अंदाज में खुद को टी-सीरीज का 'राइवल' बताते हुए खुशहाली की कास्टिंग की वजह बताई। दोनों ने शादी को लेकर युवाओं की बदलती सोच, रिश्तों में भरोसे की अहमियत और फिल्म के संदेश पर बात की। खुशहाली ने पीयूष मिश्रा और महेश मांजरेकर के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। साथ ही पिता गुलशन कुमार की विरासत, अपनी अलग पहचान और समाजसेवा से जुड़े किस्से भी बताए। सवाल: आजकल युवाओं में शादी को लेकर डर बढ़ रहा है। ऐसे में 'दुल्हनिया ले आएगी' जैसी फिल्म लाने का विचार कैसे आया? जवाब/आकाशादित्य लामा: शादी के बिना समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। परिवार समाज की सबसे छोटी इकाई है और शादी से ही बनता है। हमारी फिल्म कॉमेडी जरूर है, लेकिन इसके जरिए रिश्तों, प्यार और पिता-बेटी के रिश्ते की बात कही गई है। गंभीर बातों को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश किया है। खुशहाली कुमार: शादी तब करनी चाहिए, जब आप उसके लिए तैयार हों। सरकार ने शादी की न्यूनतम उम्र तय की है, लेकिन कोई एक्सपायरी डेट नहीं रखी। सही साथी मिले और आप मानसिक रूप से तैयार हों, तभी शादी का फैसला लेना चाहिए। यही बात फिल्म भी मजेदार अंदाज में कहती है। सवाल: खुशहाली कुमार को इस फिल्म के लिए कैसे चुना? जवाब/आकाशादित्य लामा: (हंसते हुए) लोग कहते हैं कि खुशहाली बड़ी म्यूजिक कंपनी की मालकिन हैं। मैं भी आजकल एक छोटी-सी म्यूजिक कंपनी चला रहा हूं, इसलिए फिलहाल हम दोनों राइवल हैं। ऐसे में मैं उनके पास क्यों जाता? लेकिन सच यह है कि मैंने उन्हें सिर्फ एक अभिनेत्री के तौर पर चुना। मैंने उनकी फिल्म 'धोखा: राउंड द कॉर्नर' देखी थी और 'स्टारफिश' के कुछ हिस्से भी। मेरी कहानी की 'नव्या' के लिए वही सबसे फिट लगीं। मैं ऐसी अभिनेत्री चाहता था, जिसकी कोई तय इमेज न हो। खुशहाली ने पहले कॉमेडी नहीं की थी, इसलिए लगा कि उनके साथ फिल्म में नई ताजगी आएगी। कहानी उन्हें पसंद आई और वहीं से हमारी यात्रा शुरू हुई। सवाल: फिल्म में पीयूष मिश्रा और महेश मांजरेकर जैसे बड़े कलाकार हैं। उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/आकाशादित्य लामा: कई लोगों ने पहले ही कहा था कि इतने बड़े कलाकारों को संभालना आसान नहीं होगा। लेकिन मेरा अनुभव बिल्कुल उल्टा रहा। अगर कलाकार को भरोसा हो जाए कि निर्देशक अपना काम जानता है और निर्माता उसका सम्मान करता है, तो कोई दिक्कत नहीं होती। दिलचस्प बात यह रही कि महेश मांजरेकर, पीयूष मिश्रा और स्नेहिल दीक्षित खुद भी निर्देशक हैं। मैंने इस फिल्म से सीखा कि निर्देशक को डायरेक्ट करना सबसे आसान होता है। खुशहाली कुमार: पीयूष जी की एनर्जी कमाल की है। रात की शूटिंग हो या दिन की, वह हमेशा पूरे उत्साह के साथ सेट पर आते थे। महेश सर के साथ पिता-बेटी के भावनात्मक दृश्य करना मेरे लिए खास अनुभव रहा। वह इतने नैचुरल अभिनेता हैं कि उनके साथ अभिनय करना आसान हो जाता है। सवाल: अगर फिल्म की शूटिंग का बिहाइंड द सीन वीडियो रिलीज हो, तो सबसे यादगार पल कौन-सा होगा? जवाब/आकाशादित्य लामा: दो सीन मेरे सबसे करीब हैं। पहला, जब नव्या अपने पिता से कहना चाहती है कि वह शादी नहीं करना चाहती, लेकिन उनकी भावनाओं को देखकर चुप रह जाती है। दूसरा, फिल्म के आखिर में खुशहाली का लंबा मोनोलॉग। उन्होंने उसे बिना रीटेक के एक ही बार में पूरा किया। ट्रायल शो में लोग पहले हंस रहे थे, लेकिन यह सीन आते ही माहौल भावुक हो गया। खुशहाली कुमार: सेट पर सबसे ज्यादा मजा तब आता था, जब सर खुद एक्टिंग करके सीन समझाते थे। उनका थिएटर बैकग्राउंड है, इसलिए वह हर सीन निभाकर दिखाते थे। कई बार हमें हंसी रोकना मुश्किल हो जाता था। सवाल: आजकल शादी को लेकर युवाओं की सोच बदल रही है। कई लोग शादी से बचना चाहते हैं। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब/आकाशादित्य लामा: कुछ घटनाओं की वजह से लोगों के मन में डर बढ़ा है, लेकिन रिश्ते भरोसे से चलते हैं। सोशल मीडिया के दौर में हर घटना तुरंत वायरल हो जाती है। हमें सिर्फ यह नहीं देखना चाहिए कि सामने वाले ने क्या कहा, बल्कि यह भी समझना चाहिए कि उसने ऐसा क्यों कहा। रिश्तों में विश्वास और धैर्य सबसे जरूरी हैं। परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने की जरूरत है। खुशहाली कुमार: मैं भी मानती हूं कि शादी तभी करनी चाहिए, जब दोनों लोग उसके लिए तैयार हों। कई बार परिवार या समाज के दबाव में लोग शादी कर लेते हैं और बाद में परेशानियां शुरू हो जाती हैं। आज लड़कियां खुलकर अपनी बात कह रही हैं। अगर कोई पहले करियर बनाना चाहती है, तो उसके फैसले का सम्मान होना चाहिए। हर इंसान को वही करना चाहिए, जो वह सच में चाहता है। सवाल: खुशहाली, लोग आपको अक्सर टी-सीरीज और गुलशन कुमार के परिवार से जोड़कर देखते हैं। क्या आपको लगता है कि अब आपकी अलग पहचान भी बन चुकी है? जवाब/खुशहाली कुमार: मुझे गर्व है कि मैं गुलशन कुमार जी की बेटी हूं। मैं हमेशा चाहूंगी कि लोग मुझे उनके नाम से भी याद रखें। लेकिन जब मुझे मेहनत की वजह से काम मिलता है, तो वह खुशी अलग होती है। 'धोखा' के बाद यह फिल्म मुझे मेरी एक्टिंग देखकर मिली। उससे पहले मैं फैशन डिजाइनर थी। पेरिस और न्यूयॉर्क में शो किए, हॉलीवुड कलाकारों के लिए डिजाइनिंग की। वहां मुझे कोई परिवार की वजह से नहीं जानता था। वहां जो पहचान मिली, वह मेरी मेहनत की वजह से मिली। सवाल: इस फिल्म से जुड़ी सबसे खास याद क्या रहेगी? जवाब/खुशहाली कुमार: यह मेरे प्रोडक्शन हाउस के बाहर साइन की गई पहली फिल्म और पहली कॉमेडी भी है। पहला साइनिंग अमाउंट मिलने पर मैंने उसे भगवान गणेश के चरणों में रखा। यही पल मेरे लिए सबसे खास रहेगा। मेरी कोशिश रहती है कि कमाई का एक हिस्सा जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। कई लड़कियों की पढ़ाई का खर्च मैं उठाती हूं। पहले अपनी फैक्ट्री के पास बच्चों को रोज खाना भी खिलाती थी। मुझे लगता है कि ये संस्कार मुझे पापा से मिले हैं। अगर भगवान ने आपको कुछ दिया है, तो उसे दूसरों के साथ जरूर बांटना चाहिए।
देशभर में चल रहे नीट पेपर लीक विवाद पर बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तारीफ करते हुए सरकार से कड़े कदम उठाने की अपील की। सलमान के इस पोस्ट के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर 'द कपिल शर्मा शो' का एक पुराना वीडियो वायरल होने लगा। इस वीडियो में उनके पिता सलीम खान खुलासा कर रहे हैं कि स्कूल के दिनों में सलमान के लिए एक शख्स लीक पेपर घर लाता था। सलमान ने भी शो में हंसते हुए इसे स्वीकार किया था। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो गुटों में बंट गए हैं। 'गणेश मेरे लिए लाता था लीक पेपरवीडियो में सलमान खान अपने पिता सलीम खान और भाइयों अरबाज व सोहेल खान के साथ कपिल शर्मा के शो में नजर आ रहे हैं। शो में सलीम खान बताते हैं कि कैसे गणेश नाम का एक व्यक्ति उनके घर आता था और सलमान उसकी बहुत खातिरदारी करते थे। सलीम खान ने मजाकिया अंदाज में कहा था, मुझे समझ नहीं आता था कि गणेश को मुझसे भी ज्यादा इज्जत क्यों मिल रही है। बाद में पता चला कि जब परीक्षा का पेपर लीक होता था, तो वही लाकर देता था। इस पर सोहेल खान ने हंसते हुए कहा कि टीवी पर पारिवारिक राज खोले जा रहे हैं। तभी सलमान ने मुस्कुराते हुए सफाई दी कि वह पेपर सोहेल के लिए नहीं, बल्कि उनके अपने लिए आता था। बचाव में उतरे फैंस- बोले स्कूल की बात पुराना वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स ने सलमान को घेरने की कोशिश की, लेकिन सलमान के फैंस उनके समर्थन में आ गए। सोशल मीडिया पर फैंस का कहना है कि यह उनके स्कूल के दिनों की पुरानी और हल्की-फुल्की बात थी। एक यूजर ने लिखा, सलमान अपने स्कूल के दिनों की बात कर रहे थे, इसका राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा से कोई मुकाबला नहीं है। वहीं कई यूजर्स ने उन्हें इस मुद्दे पर ट्रोल किया आंदोलन का हिंसक होना बेहद दुखद लंबी चुप्पी के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जंतर-मंतर में छात्रों के साथ हुई हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलमान खान पहले सुपरस्टार बन चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ छात्रों के साथ हुई हिंसा की कड़ी निंदा की, बल्कि उनके विरोध प्रदर्शन को सही करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही उनका साथ देगी और शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी होगी। साथ ही एक्टर ने कहा कि ये सिर्फ छात्रों और शिक्षा का मुद्दा है इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं करना चाहिए। सलमान खान ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से अपने स्कूल के दिनों की एक तस्वीर शेयर कर लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। कॉकरोच जनता पार्टी ने री-शेयर किया पोस्ट सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम से इसे री-शेयर किया गया है।
एक्टर राजकुमार राव साल 2025 में आए राजनीतिक प्रमोशनल गाने 'मोदी है तो मुमकिन है' को लेकर विवादों में आ गए हैं। दिल्ली में NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में राजकुमार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट लिखी थी। इसके बाद यूजर्स ने उन्हें पुराने गाने की याद दिलाते हुए ट्रोल करना शुरू कर दिया। एक यूजर के कमेंट का जवाब देते हुए राजकुमार ने लिखा कि वे उनके दबाव के बारे में सोच भी नहीं सकते। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना यह कमेंट डिलीट कर दिया। अब इस कमेंट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। देरी से बोलने पर ट्रोल हुए, फिर दिया जवाबराजकुमार राव ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के समर्थन में देरी से पोस्ट की। इस पोस्ट के बाद लोगों ने उन्हें देर से बोलने और राजनीतिक गाने 'मोदी है तो मुमकिन है' में काम करने के लिए ट्रोल करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने कमेंट किया, मेरे मन में आपके लिए बहुत सम्मान था, लेकिन एक प्रोपेगैंडा गाने की वजह से सब खत्म हो गया। मैं आपकी कोई फिल्म नहीं छोड़ता था, कभी नहीं सोचा था कि आप इतनी आसानी से बिक जाएंगे। इस पर राजकुमार राव ने जवाब में लिखा, भाई, मैं कभी अपनी आत्मा नहीं बेच सकता। एक गाना यह तय नहीं करता कि मैं कौन हूं, किस बात का समर्थन करता हूं या जीवन में मेरी विचारधारा क्या है। आप प्रेशर के बारे में नहीं जान सकते। मैं हमेशा सही बात और इंसानियत को जोड़ने वाली बातों के साथ खड़ा रहता हूं। जब तक मेरी अंतरात्मा साफ है और मैं मेहनत कर रहा हूं, तब तक कुछ और मायने नहीं रखता। कमेंट डिलीट करने के बाद बढ़ा विवादराजकुमार ने अपना यह जवाब बाद में इंस्टाग्राम से डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक इसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर फैल चुके थे। कई यूजर्स ने इसे 'साल का सबसे बड़ा कबूलनामा' कहा। वहीं, कुछ लोगों ने एक्टर को अवसरवादी करार दिया। एक यूजर ने X पर लिखा, दबाव कोई ऐसा बहाना नहीं है कि आप रीढ़ की हड्डी न होने की बात छिपा सकें। एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, इसे हिम्मत नहीं, बल्कि अवसरवादिता कहते हैं। जब माहौल बदलता दिखता है, तभी ये लोग ऐसी बातें करते हैं। छात्रों के समर्थन में पोस्ट से शुरू हुआ विवादराजकुमार राव ने इंस्टाग्राम पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के पक्ष में बात रखी थी। छात्र नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शैक्षणिक सुधारों की मांग कर रहे हैं। 41 साल के एक्टर ने लिखा था, “जब युवा असहज महसूस करते हैं, तो यह समाज के लिए मैसेज है कि उनकी बात सुनी जानी चाहिए। हर आवाज को सम्मान, निष्पक्षता और गरिमा मिलनी चाहिए। शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत होनी चाहिए। हिंसा किसी भी तरफ से हो, वह सिर्फ जख्म गहरे करती है। यह समय बातचीत और सहानुभूति का है।” 2025 में रिलीज हुआ था गाना, टी-सीरीज ने किया था प्रोड्यूसजिस गाने को लेकर यह विवाद चल रहा है, उसका टाइटल 'मोदी है तो मुमकिन है' है। टी-सीरीज का प्रोड्यूस किया यह गाना साल 2025 में रिलीज हुआ था। 2 मिनट 55 सेकंड लंबे इस गाने को मीत ब्रदर्स ने गाया है। गाने में राजकुमार राव के अलावा वरुण धवन, विक्रांत मैसी और अरशद वारसी जैसे कलाकार भी नजर आए थे। यह गाना अब भी यूट्यूब पर उपलब्ध है।
जन नायकन मूवी रिव्यू:विजय की आखिरी फिल्म पर राजनीति हावी, तीन घंटे का सफर बन गया थका देने वाला तमाशा
विजय की आखिरी फिल्म होने के कारण 'जन नायकन' सिर्फ एक रिलीज नहीं, बल्कि करोड़ों प्रशंसकों के लिए भावनात्मक मौका थी। उम्मीद थी कि यह फिल्म उनके लंबे सिनेमाई सफर को यादगार विदाई देगी। लेकिन निर्देशक एच. विनोथ इसे कहानी से ज्यादा राजनीतिक संदेश और स्टार की छवि चमकाने का माध्यम बना देते हैं। नतीजा यह कि फिल्म कई बार मनोरंजन छोड़कर चुनावी भाषण जैसी लगने लगती है। विजय की मौजूदगी तालियां जरूर बटोरती है, लेकिन कमजोर पटकथा और जरूरत से ज्यादा लंबाई फिल्म का असर कम कर देती है। फिल्म की लंबाई 3 घंटे 3 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 2 स्टार दिए हैं। फिल्म की कहानी कैसी है?कहानी वेत्री (विजय) की है, जो जेल में बंद होने के बावजूद सब पर भारी पड़ता है। ईमानदार जेलर श्रीकांत (गौतम वासुदेव मेनन) उसकी इंसानियत पहचानता है, लेकिन एक हादसे के बाद अपनी बेटी विजी (ममिता बैजू) की जिम्मेदारी वेत्री को सौंप देता है। वेत्री उसे सेना में अधिकारी बनाने का सपना पूरा करने निकल पड़ता है। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय अपराधी जॉन हिमलर (बॉबी देओल) देश में हिंसा और अराजकता फैलाने की साजिश रच रहा है। पत्रकार कयाल (पूजा हेगड़े) भी इस कहानी का हिस्सा बनती हैं। शुरुआत में कहानी भावनात्मक लगती है, लेकिन जल्द ही महिला सशक्तिकरण, आतंकवाद, राजनीति, भ्रष्टाचार और सत्ता की लड़ाई जैसे कई मुद्दों का बोझ उठाने लगती है। इसके चलते मूल कहानी पीछे छूट जाती है। अंतराल के बाद फिल्म पूरी तरह बिखर जाती है और ऐसा लगता है कि हर दूसरा दृश्य सिर्फ विजय की छवि को और बड़ा बनाने के लिए लिखा गया है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है?विजय हमेशा की तरह पूरे आत्मविश्वास के साथ नजर आते हैं। एंट्री, एक्शन, संवाद और स्क्रीन प्रेजेंस में उनका जलवा बरकरार है। लेकिन जब पटकथा ही कमजोर हो तो उनका स्टारडम भी फिल्म को ज्यादा दूर नहीं ले जा पाता।ममिता बैजू सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं और भावनात्मक दृश्यों में अपनी छाप छोड़ती हैं। बॉबी देओल का खलनायक कागज पर जितना खतरनाक लगता है, पर्दे पर उतना असर नहीं छोड़ता। पूजा हेगड़े को करने के लिए बहुत कम मिला है। प्रकाश राज, नासर, प्रियामणि और गौतम वासुदेव मेनन जैसे कलाकार भी सीमित भूमिका में रह जाते हैं। निर्देशन और तकनीकी पक्ष कैसा है?एच. विनोथ ने एक मजबूत भावनात्मक कहानी को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की, लेकिन यही दांव सबसे कमजोर साबित होता है। पटकथा बार-बार भटकती है और कई दृश्य बिना किसी असर के गुजर जाते हैं। फिल्म को आसानी से आधा घंटा छोटा किया जा सकता था।विशेष प्रभाव कई जगह बड़े पर्दे के स्तर के नहीं लगते। चरम हिस्सा जरूरत से ज्यादा लंबा और थकाऊ है। cinematography अच्छी है और कुछ दृश्य प्रभाव छोड़ते हैं, लेकिन कमजोर राइटिंग और ढीली एडिटिंग तकनीकी मेहनत पर भारी पड़ जाता है। म्यूजिक कैसा है?अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी है। गाने पहले से लोकप्रिय हैं और पार्श्व संगीत कई दृश्यों में जान डालता है। खासकर विजय की एंट्री और एक्शन वाले दृश्य संगीत की वजह से ज्यादा प्रभावशाली बनते हैं। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं?'जन नायकन' अपने सबसे बड़े मकसद में ही चूक जाती है। यह न पूरी तरह दमदार राजनीतिक ड्रामा बन पाती है और न ही विजय को यादगार विदाई दे पाती है। विजय के प्रशंसकों के लिए इसमें तालियां बजाने लायक कई पल हैं, लेकिन एक दर्शक के तौर पर फिल्म निराश करती है। कमजोर कहानी, बिखरी पटकथा और बेवजह की लंबाई इसे साधारण बना देती है। विजय की विदाई इससे कहीं ज्यादा मजबूत और यादगार फिल्म की हकदार थी।
जून में पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई विजेंद्र नाथ पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। घटना के बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अब लंबे समय बाद पंकज त्रिपाठी ने इस हमले पर बात की है। उनका कहना है कि उनके परिवार ने कभी किसी के साथ गलत नहीं किया है, यही वजह है कि परिवार किसी से नहीं डरता। हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में एक्टर पंकज त्रिपाठी ने कहा है, ‘मेरा अपने परिवार से बहुत लगाव है, हम दिन में रोज एक बार बात जरूर करते हैं। इस घटना का मुझ पर असर जरूर पड़ा, लेकिन मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। हम लोग किसी से डरने वाले लोग नहीं हैं।’ आगे एक्टर ने कहा है, ‘हमने किसी के लिए संसार में गलत नहीं किया, तो डर किस बात का। वो एक अप्रिय घटना से ज्यादा कुछ नहीं है। जीवन में ये सब घटना चलती रहती है।’ जानिए क्या था हमले का पूरा विवाद? जून में बिहार के गोपालगंज में एक्टर पंकज त्रिपाठी के भाई विजेंद्र नाथ पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। घटना बरौली थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव की है। विजेंद्र नाथ तिवारी देर शाम अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान अचानक 2 लोगों ने विजेंद्र पर वार किया। हमले में वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। विजेंद्र नाथ को तुरंत सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने हालत को देखते हुए उन्हें पटना AIIMS रेफर कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि विजेंद्र का आरोपियों के साथ जमीनी विवाद था, जिसके चलते उन पर जानलेवा हमला किया गया था। दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जल्द शुरू करेंगे यूट्यूब चैनल आखिरी बार इसी साल की फिल्म कृष्णा अवतारम में नजर आए पंकज त्रिपाठी जल्द ही अपना यूट्यूब चैनल शुरू करने वाले हैं। आने वाले दिनों में वो फिल्म मिर्जापुर में नजर आएंगे, जो 5 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इसके अलावा वो फिल्म पारिवारिक मनुरंजन और ओह माय डॉग में नजर आएंगे। पंकज त्रिपाठी 12 साल बाद थिएटर में भी वापसी करने वाले हैं।
बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स लगातार जंतर मंतर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ स्टार्स ऐसे भी हैं, जो स्टूडेंट के विरोध में बयान दे रहे हैं, तो कुछ इस मुद्दे पर बात करने से भी झिझक रहे हैं। हाल ही में एक इवेंट में पहुंचे सिंगर सोनू निगम से प्रोटेस्ट पर सवाल किया गया, जिस पर वो भड़क गए। वहीं रूपाली गांगुली ने प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने पर सवाल खड़े किए हैं। सोनू निगम मंगलवार को एक इवेंट में शामिल हुए। इस समय एक रिपोर्टर ने देश में जारी प्रोटेस्ट पर पूछा- देश में जो सिचुएशन चल रही है, स्टूडेंट का प्रोटेस्ट चल रहा। इसी बीच सोनू निगम हंसते हुए चिढ़ गए और तुरंत सवाल काटते हुए कहा- मैं यहां किस लिए आया हूं। आगे उन्होंने चुप करवाते हुए कहा-'बस, बस।' रिपोर्टर तब भी शांत नहीं हुआ तो सिंगर ने कहा- ‘अभी हो गया, हो गया।’ वीडियो वायरल होने के बाद सोनू निगम ट्रोलर्स के निशाने पर आ चुके हैं। कई फैंस ने वीडियो पर कमेंट कर लिखा है कि वो उनके कॉन्सर्ट के टिकट कैंसिल करवा रहे हैं। रूपाली गांगुली बोलीं- पुलिस पर हमला करने वालों को स्टूडेंट नहीं कह सकते अनुपमा एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने प्रोटेस्ट पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा, ‘जो लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और पुलिस पर हमला करते हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता। ऐसे कृत्य किसी भी जायज आंदोलन को कमजोर ही करते हैं।’ भाजपा से जुड़ी हुईं रूपाली ने छात्रों की मांगो को जायज कहा, लेकिन साथ ही कहा कि प्रोटेस्ट हिंसक नहीं होना चाहिए। उन्होंने लिखा है, ‘दुर्भाग्य से जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसा का रूप ले लेता है, तो छात्रों की वास्तविक चिंताएं पीछे छूट जाती हैं। अगर देशविरोधी या राजनीतिक स्वार्थ रखने वाले तत्व छात्र आंदोलनों का इस्तेमाल अपने एजेंडे के लिए करते हैं, तो सबसे ज्यादा नुकसान उन छात्रों का होता है जो न्याय की मांग कर रहे हैं।’ ‘भारत अपने छात्रों के साथ है। भारत अपने नागरिकों के साथ है। यह लड़ाई पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर सुधारों के लिए होनी चाहिए, न कि हिंसा और तोड़फोड़ के लिए।’ शशि थरूर ने बिग बी की चुप्पी पर ली फिरकी कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन का प्रोटेस्ट से जुड़ा 14 साल पुराना पोस्ट शेयर कर फिरकी ली है। री-शेयर की गई पोस्ट में अमिताभ बच्चन ने दिल्ली गैंगरेप से जुड़े विरोध में आंसू गैस के इस्तेमाल का विरोध किया था, जबकि इस प्रोटेस्ट में हिंसा होने के बावजूद उन्होंने चुप्पी साधी हुई है। विवेक ऑबेरॉय ने भी टाला था प्रोटेस्ट से जुड़ा सवाल कुछ समय पहले ही विवेक ऑबेरॉय से सोनम वांगचुक और उनके अनशन पर सवाल किया गया, तो एक्टर ने मुद्दे पर राय रखने की बजाए कहा, ‘मैं अभिनेता हूं, नेता नहीं हूं, मैं पॉलिटिकल चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता।’ विवेक का ये बयान सामने आने के बाद कई लोग उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं।
लंबी चुप्पी के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जंतर-मंतर में छात्रों के साथ हुई हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलमान खान पहले सुपरस्टार बन चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ छात्रों के साथ हुई हिंसा की कड़ी निंदा की, बल्कि उनके विरोध प्रदर्शन को सही करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही उनका साथ देगी और शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी होगी। साथ ही एक्टर ने कहा कि ये सिर्फ छात्रों और शिक्षा का मुद्दा है इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं करना चाहिए। सलमान खान ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से अपने स्कूल के दिनों की एक तस्वीर शेयर कर लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। कॉकरोच जनता पार्टी ने री-शेयर किया पोस्ट सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम से इसे री-शेयर किया गया है। प्रोटेस्ट के सपोर्ट में उतर रहे हैं बॉलीवुड सेलेब्स एक्टर अनुपम खेर ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को सबसे निष्पक्ष और ईमानदार बताया, साथ ही उन्हें बाहरी राजनीतिक दलों के एजेंडे से सावधान रहने की हिदायत दी। वहीं, रत्ना पाठक शाह ने मौजूदा स्थिति की तुलना पौराणिक कथा के द्रोणाचार्य से की और सीमा पाहवा ने फिल्म इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। नसीरुद्दीन शाह बोले- जाहिल देश चलाए तो चाहेगा सब जाहिल बनें नसीरुद्दीन शाह ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा- अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाम और बेरहम बने। मेरी पूरी हमदर्दी छात्रों के साथ है। मैं उन्हें हजार-हजार हर सांस के साथ दुआएं देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं। इस वक्त मेरा दिल भी भरा हुआ है और मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं यह देखकर कि हमारे इन बच्चों के साथ किस तरह ज़ुल्म का बर्ताव किया जा रहा है उन गुंडों के हाथों, जो मुझे अमरीका के ICE एजेंट्स की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए। आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने कहा, ‘कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और यह भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें। बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है, बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ते रहें। मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम सब आपके साथ हैं। और इस मुल्क की हुकूमत को मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं, सब याद रखा जाएगा।’ अनुपम खेर बोले- 'छात्रों का प्रदर्शन सबसे ईमानदारएक्टर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर कर जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज पर दुख जताया। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शैक्षणिक सुधारों की मांग कर रहे हैं। अनुपम खेर ने कहा, छात्रों, प्रदर्शन के वीडियो देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। जब छात्र सिर्फ अपनी मांग रखना चाहते हैं, तो उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए। मैं भी कभी छात्र था और अधिकारियों से सवाल पूछता था। इसलिए आपकी बेचैनी, गुस्सा और भविष्य की उम्मीदों को अच्छे से समझता हूं। छात्र प्रदर्शन सबसे ईमानदार प्रदर्शन होता है, क्योंकि वे सिर्फ अपने भविष्य, अधिकार और देश के सुधार के लिए चिंतित होते हैं। मैं दिल से आपका समर्थन करता हूं। राजनीतिक हस्तक्षेप पर चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, एक बड़े भाई के नाते कहना चाहता हूं कि जब आपके प्रदर्शन में बाहरी राजनीतिक दल शामिल होने लगते हैं, तो सावधान रहें। उनका मकसद आपका मुद्दा आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि अपना स्वार्थ पूरा करना होता है। शुरुआत में लगता है कि ज्यादा लोग आने से प्रदर्शन मजबूत होगा, लेकिन ये लोग आपकी आवाज का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए करने लगते हैं। बाद में मुद्दा आपका नहीं रहता, वे कैमरे और नारे अपने साथ ले जाते हैं। इससे आपकी सच्चाई को नुकसान पहुंचता है। अपना विरोध खुद का रखें, किसी को अपनी आवाज का गलत इस्तेमाल न करने दें। रत्ना पाठत बोलीं- छात्रों का भविष्य दांव पर लगा रहे'एक्टर नसीरुद्दीन शाह के समर्थन के बाद उनकी पत्नी और सीनियर एक्ट्रेस रत्ना पाठक शाह ने भी इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा, मुझे हमेशा से एकलव्य की कहानी गलत लगती थी कि गुरु द्रोणाचार्य ने अंगूठा मांगकर उसका पूरा भविष्य दांव पर लगा दिया। अब समझ आ रहा है कि वे किस तरह के गुरु थे। हम विश्वगुरु बनने की बात करते हैं, लेकिन अपने छात्रों से संवाद तक नहीं बना पा रहे। हम चाहते हैं कि छात्र अपना पूरा भविष्य इसलिए कुर्बान कर दें ताकि कुछ लोग अपनी राजनीतिक सत्ता बचा सकें? ये किस तरह के गुरु हैं? अपनी पीढ़ी की तरफ से माफी मांगते हुए उन्होंने कहा, हम देख रहे थे कि क्या गलत हो रहा है, लेकिन सही समय पर सही तरीके से उसे रोक नहीं पाए। इसलिए हमने आपको मार्गदर्शन देने का अधिकार खो दिया है। लेकिन हमारे पास आपका समर्थन करने का संकल्प है। हमें बुलाइए, हम आपके साथ हैं। सीमा पाहवा ने कहा- 'चूहों की तरह छिपे हैं बड़े स्टार्स'एक्ट्रेस सीमा पाहवा ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो शेयर कर इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर नाराजगी जताई। उन्होंने सीजेपी (CJP) को टैग करते हुए कहा, मैं इन बच्चों, इनके परिवारों और देश के साथ हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि यह कैसे रुकेगा, क्योंकि इंसानियत खत्म हो चुकी है। इतने सारे लोग अब भी चुप हैं, यह बहुत शर्मनाक है। क्या आपको लगता है कि सरकार खिलाफ हो जाएगी तो काम या पद चला जाएगा? अपनी इंसानियत जगाइए। रोते, तड़पते और पिटते बच्चों को देखिए। क्या आप इसलिए घरों में दुबके हैं ताकि आपके अवॉर्ड्स न रुकें? क्या आप सब कायर हैं? शर्म आनी चाहिए! बाहर निकलिए और छात्रों का साथ दीजिए। सीमा पाहवा ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ सड़क पर उतरीं 75 वर्षीय सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, मैं उस महिला की बड़ी प्रशंसक बन गई हूं जो इस उम्र में वहां मार्च कर रही हैं। अगर मुझे अपनी व्यक्तिगत समस्या न होती, तो मैं भागकर जाती और बच्चों के साथ लाठीचार्ज झेलती। राजकुमार राव की अपील- 'बातचीत से निकलेगा समाधान'एक्टर राजकुमार राव ने भी सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए शांतिपूर्ण बातचीत पर जोर दिया। उन्होंने लिखा, जब युवा महसूस करते हैं कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही, तो यह समाज के लिए याद दिलाने वाली बात है कि उसे सुनना चाहिए। हर आवाज को गरिमा, निष्पक्षता और सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए। साथ ही, शांति ही हमारी सबसे बड़ी ताकत होनी चाहिए। हिंसा केवल जख्मों को गहरा करती है और समाधान से दूर ले जाती है। यह बातचीत और सहानुभूति का समय है। उन्होंने आगे कहा, छात्रों को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए और अधिकारियों को सहानुभूति व खुलेपन के साथ सुनना चाहिए। असली और स्थायी बदलाव टकराव से नहीं, बातचीत से आता है। हम सभी देश का विकास चाहते हैं और उसकी नींव निष्पक्ष शिक्षा है। क्या है जंतर-मंतर प्रदर्शन का पूरा मामलादेशभर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के पेपर लीक होने की घटनाओं के बाद से छात्रों का आक्रोश बढ़ा हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में हजारों छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग नीट परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधार लागू करना है। सोमवार को संसद घेराव के लिए निकले छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसके बाद से यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

