स्टूडेंट प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद सीनियर एक्टर अनुपम खेर ने प्रोटेस्ट में इस्तेमाल हुई भाषा की जमकर आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव किया है। उन्होंने कड़े शब्दों में मर्यादा न रखे जाने पर निंदा की और कहा कि हर वर्ग के इंसान ने शब्दों की मर्यादा तोड़ दी। अनुपम खेर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है। इसके कैप्शन में एक्टर ने लिखा है, ‘लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हमारी आवाज है। लेकिन उसकी सबसे बड़ी खूबसूरती हमारी भाषा है। असहमति जरूरी है। सवाल पूछना भी जरूरी है। सरकारों को जवाबदेह बनाना भी जरूरी है। लेकिन अगर हम अपनी भाषा की मर्यादा खो देंगे, तो हमारी बात की ताकत भी कम हो जाएगी। यह वीडियो किसी व्यक्ति के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। यह उस संस्कृति के पक्ष में है जहां विचारों का संघर्ष हो सकता है, लेकिन शब्दों का पतन नहीं। मतभेद रखें, लेकिन मर्यादा भी रखें। क्योंकि एक सभ्य समाज की पहचान केवल उसके विचारों से नहीं, बल्कि उन्हें व्यक्त करने के तरीके से भी होती है। जय हिन्द। वंदे मातरम।’ वीडियो में उन्होंने कहा, ‘आंदोलन खत्म हो गया, बहुत सी बातें स्पष्ट हो गईं। ये भी साबित हो गया कि छात्र अपनी बात ईमानदारी से रखता है, तो लोकतंत्र उसे सुनता है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘इस पूरे आंदोलन में एक घटना ने हम सबको भीतर तक दुखी किया है। कैमरों के सामने मंचों के सामने जिस तरह भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अपमानजनक और अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया गया, उसे देखकर मन व्यथित हुआ। ये किसी एक व्यक्ति का नहीं उस संस्कृति का प्रश्न है जिसे हम आने वाली पीढ़ी के लिए छोड़कर जाना चाहते हैं।’ आगे एक्टर ने कहा, ‘हम किसी भी नेता से असहमत हो सकते हैं, उनकी नीतियों की आलोचना कर सकते हैं, उनसे सवाल पूछ सकते हैं, यही लोकतंत्र की आत्मा है। लेकिन जब तर्क समाप्त हो जाते हैं और गालियां शुरू हो जाती हैं, तो बहस नहीं बचती, सिर्फ शोर बचता है। श्री नरेंद्र मोदी पिछले 30 सालों से सार्वजनिक जीवन में हैं, देश की जनता ने उन्हें बार-बार अपना विश्वास दिया है। हम उनके हर निर्णय से सहमत हों, ये आवश्यक नहीं है, लेकिन किसी भी निर्वाचित मंत्री के पद की गरिमा का सम्मान करना हम सबका दायित्व है।’ आगे अनुपम खेर कहते हैं, ‘दुख ये नहीं कि उनका विरोध हुआ। दुख इस बात का है कि विरोध की भाषा इतनी छोटी हो गई। ये केवल युवाओं तक सीमित नहीं था। हर वर्ग के लोग इस गिरती हुई भाषा का हिस्सा बने। जब बड़े ही मर्यादा भूल जाएं, तो आने वाली पीढ़ि से इसकी अपेक्षा कैसे कर सकते हैं। लोकतंत्र से सवाल अवश्य पूछे, लेकिन शब्दों को इतना गरीब न होने दें कि वो बात से पहले हमारा चरित्र बता दें, क्योंकि देश की पहचान लोगों और उनकी भाषा से होती है।’ कई सेलेब्स ने किया स्टूडेंट प्रोटेस्ट का समर्थन सलमान खान, प्रीति जिंटा, दीया मिर्जा समेत कई बड़े कलाकारों ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट का खुलकर समर्थन किया, वहीं प्रकाश राज, शबाना आजमी, आएशा खान, इमरान खान, मुनव्वर फारूकी समेत कई सेलेब्स प्रोटेस्ट का हिस्सा भी बने। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सामने आने के बाद कई सेलेब्स ने इसे लोकतंत्र की जीत कहा। आलिया भट्ट, शबाना आजमी, प्रकाश राज, प्रियंका चोपड़ा, स्वरा भास्कर, तिलोत्तमा शोम, भूमि पेडनेकर, हुमा कुरैशी, ईशान खट्टर, अभिषेक बनर्जी, वीर दास, समय रैना, विजय वर्मा, रीमा कागती और जोया अख्तर समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों को बधाई दी। प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, मेरे प्यारे साथियों, आपको बहुत-बहुत बधाई। सोनम वांगचुक सर और उन सभी लोगों को भी बधाई, जो युवाओं के साथ मजबूती से खड़े रहे। आपने साबित कर दिया कि सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है। वीर दास ने छात्रों के नाम संदेश लिखते हुए कहा, “आपने उस छोटी-सी बात को फिर से जीवित कर दिया, जिसे हम स्कूल की किताबों में पढ़कर भूल गए थे। प्यारे बच्चों, आगे चाहे जो भी हो, जीत आपकी है। अब जाइए और इस जीत का जश्न मनाइए।” कॉमेडियन समय रैना ने छात्रों के समर्थन में संक्षिप्त पोस्ट करते हुए लिखा, छात्रों को और ताकत मिले। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी बोले- एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने अपनी प्रोफाइल फोटो बदलते हुए लिखा, मैंने अपनी प्रोफाइल फोटो बदल ली है। नई पीढ़ी को बहुत-बहुत बधाई। साथ ही एक बात हमेशा याद रखिए- अगर हम एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे, बंट जाएंगे तो हार जाएंगे। प्रियंका चोपड़ा ने नई पीढ़ी को बताया जीत का हकदार प्रियंका चोपड़ा ने भी इस घटनाक्रम पर खुशी जताई और अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए आंदोलन का नेतृत्व करने वाली नई पीढ़ी की तारीफ की। प्रियंका ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की एक पोस्ट शेयर की, जिसमें लिखा था, देशभर में 30 दिन तक चले छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक की 26 दिन की कठिन भूख हड़ताल के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इस पोस्ट पर उन्होंने ताली बजाने वाला, भावुक चेहरा, काला चश्मा और लाल दिल वाला इमोजी लगाकर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद प्रियंका ने इंडिया कल्चरल हब की एक और पोस्ट शेयर की, जिस पर लिखा था, यह जीत नई पीढ़ी की है। प्रियंका ने इसके बाद सोनम वांगचुक की एक तस्वीर भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की। हालांकि, इस तस्वीर के साथ उन्होंने कुछ भी नहीं लिखा। आलिया बोलीं- Gen Z ने इतिहास रच दियाआलिया भट्ट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, जेन-जी सामने आई, बाकी इतिहास बन गया। रीमा कागती और जोया अख्तर ने की छात्रों की तारीफफिल्ममेकर रीमा कागती ने छात्रों की सराहना करते हुए लिखा, “जेन-जी, तुम उम्मीद की सुनामी हो।” वहीं जोया अख्तर ने लिखा, लोकतंत्र वह शासन व्यवस्था है, जिसमें सत्ता जनता के हाथों में होती है। भूमि, हुमा और ईशान ने बताया लोकतंत्र की जीतभूमि पेडनेकर ने कहा कि इस आंदोलन ने पूरे देश को प्रेरित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे शिक्षा व्यवस्था समेत अन्य संस्थानों में भी व्यापक सुधार होंगे। हुमा कुरैशी, जो कुछ दिन पहले अपने भाई साकिब सलीम के साथ जंतर-मंतर पहुंची थीं, उन्होंने लिखा, “देश के युवाओं को सलाम।” वहीं अभिनेता ईशान खट्टर ने इसे भारत और लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने लिखा, करोड़ों लोगों की सामूहिक संवेदनशीलता ने वर्षों की उदासीनता को बहा दिया। मुझे बेहद गर्व है। यही वह भारत है, जिसमें मैं बड़ा हुआ हूं। मां तुझे सलाम। शबाना आजमी बोलीं- यह सिर्फ शुरुआत हैपीटीआई से बातचीत में शबाना आजमी ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा, मुझे अपने युवाओं पर बहुत गर्व है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि हमारा संविधान हमारी सबसे बड़ी ताकत है। इसके लिए मैं उनका दिल से धन्यवाद करती हूं। शबाना ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों की जीत की दिशा में पहला कदम है, लेकिन आंदोलन यहीं नहीं रुकना चाहिए। उन्होंने कहा, जब तक शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं होते और छात्रों की सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह संघर्ष जारी रहना चाहिए। विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा और आयशा खान ने भी किया समर्थन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिनेता विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा, रिद्धि डोगरा,आयशा खान समेत कई कलाकारों और डिजिटल क्रिएटर्स ने भी छात्रों की चिंताओं का समर्थन किया। इन सभी ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों की आवाज सुने जाने की जरूरत पर जोर दिया। रिद्धि डोगरा ने लोकतंत्र पर लिखा लंबा नोटरिद्धि डोगरा ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लोकतंत्र की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने लिखा, 'लोकतंत्र किसी एक पल में नहीं बना। यह समय के साथ उन लोगों की वजह से बना, जिन्होंने कभी परवाह करना नहीं छोड़ा। आज का दिन याद दिलाता है कि आपकी आवाज में ताकत है। उम्मीद है कि आप इसका इस्तेमाल सहानुभूति, समझदारी और उम्मीद के साथ करेंगे। भारत का भविष्य आपका है।' विजय वर्मा ने दो पोस्ट शेयर कर सरकार पर कसा तंजविजय वर्मा ने इंस्टाग्राम पर लगातार दो पोस्ट शेयर किए। पहले पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'दो भाई, दोनों तबाही। सचमुच गज्जू जी नाकामी को हाथ हिलाकर अलविदा कह रहे हैं।' इसके बाद दूसरे पोस्ट में उन्होंने फिल्मी अंदाज में लिखा, 'अच्छा चलता हूं, दुआओं में याद रखना।' विजय के इन पोस्ट को सोशल मीडिया पर सरकार पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है। स्वरा भास्कर और तिलोत्तमा शोम ने छात्रों को दी बधाई, इस्तीफे को बताया आंदोलन की जीत धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिनेत्री स्वरा भास्कर और तिलोत्तमा शोम ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। छात्र आंदोलन के समर्थन में पहले दिन से सक्रिय रहीं स्वरा भास्कर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर जंतर-मंतर से छात्रों के जश्न का वीडियो शेयर किया। इसके साथ उन्होंने लिखा, 'धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। छात्रों की बहुत बड़ी जीत है ये।' वहीं, अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम ने भी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए छात्रों के संघर्ष की सराहना की। उन्होंने लिखा, 'भारत के युवाओं का बहुत-बहुत आभार।'
बिग बॉस मलयालम 1 की कंटेस्टेंट और एक्ट्रेस पर्ल माने छात्र आंदोलन पर पोस्ट लिखकर विवादों में आ गई हैं। सोशल मीडिया पर विरोध बढ़ने के बाद पर्ल माने के दो दिन में 3 लाख से ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स कम हो गए हैं। कमेंट सेक्शन बंद करने के बाद यह विवाद और बढ़ गया। ‘जीवन से बढ़कर कोई मुद्दा नहीं’पर्ल माने ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबी पोस्ट शेयर कर देश भर में चल रहे छात्र प्रदर्शनों को दर्दनाक और दिल तोड़ने वाला बताया था। उन्होंने लिखा था, मैं बस इतना सोच रही थी कि प्लीज किसी को चोट न पहुंचे। सुरक्षित रहें, अगर जान खतरे में है तो घर लौट जाएं। कोई भी मुद्दा जीवन खोने से बड़ा नहीं है। पर्ल ने यह भी उम्मीद जताई थी कि इस आंदोलन का असली मकसद भटक न जाए। पोस्ट के साथ उन्होंने कमेंट सेक्शन बंद कर दिया और लिखा कि कमेंट बंद करना उनके बोलने की आजादी का हिस्सा है। कमेंट बंद करने पर भड़के यूजर्सकमेंट सेक्शन बंद करने और पर्ल माने के रुख से सोशल मीडिया यूजर्स नाराज हो गए। यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे सुविधाओं के साथ पली-बढ़ी हैं और उन्हें आम छात्रों के संघर्ष की समझ नहीं है। विरोध के चलते 24 जुलाई को पोस्ट शेयर करने के वक्त उनके 5.7 मिलियन इंस्टाग्राम फॉलोअर्स थे, जो घटकर 5.4 मिलियन रह गए। इसके अलावा उनके यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज पर भी फॉलोअर्स की संख्या में गिरावट आई है। यूजर्स उनके पुराने पोस्ट्स पर भी जाकर आलोचना कर रहे हैं। श्वेता तिवारी ने अभिजीत दीपके से पूछा सवाल वहीं एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके से सवाल पूछा है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में अभिजीत दिपके का एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में अभिजीत दिपके कहते हुए सुनाई देते हैं, अब जब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है, अगर हम सरकार के खिलाफ झुकेंगे नहीं, तो अच्छे-अच्छों का इस्तीफा ले सकते हैं। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए श्वेता तिवारी ने लिखा, “अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा दे रहे हैं? और 'कॉकरोच जनता पार्टी', तुम वहां कब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हो?” एक्ट्रेस तारा देशपांडे ने किया धर्मेन्द्र प्रधान का समर्थन एक्ट्रेस तारा देशपांडे ने जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू की एक X पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने लंबे कार्यकाल में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को लागू करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे कम आय वाले परिवारों तक LPG कनेक्शन पहुंचे।
‘मैं वो आदमी था, जो रोज 4–5 घंटे कसरत करता था। बैडमिंटन खेलता था, फ्री-हैंड एक्सरसाइज करता था, वेट उठाता था... लेकिन फिर एक एक्सीडेंट हुआ और मैं तीन महीने तक बिस्तर पर पड़ा रहा।’ एक पुराने इंटरव्यू में दिवंगत एक्टर अमजद खान ने अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक दौर याद करते हुए यह बात कही थी। उन्होंने बताया था कि हादसे में शरीर की लगभग सारी हड्डियां टूट गई थीं। डॉक्टरों ने तीन साल तक एक्सरसाइज करने से मना कर दिया। जैसे-तैसे संभले तो दूसरा हादसा हो गया, फिर पैर टूट गया। इसके बाद पैरालिसिस का अटैक आया और महीनों तक बिस्तर पर रहना पड़ा। आज अमजद खान की 34वीं पुण्यतिथि पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ अनसुने किस्से। पुलिस की नौकरी छोड़ फिल्मों में आए थे पिता अमजद खान के पिता जयंत एक एक्टर थे। उनका असली नाम जकारिया खान था। जयंत ने शुरुआती पढ़ाई के बाद राजस्थान के अलवर में पुलिस अधिकारी की नौकरी शुरू कर दी थी। हालांकि, फिल्मों में आने के लिए उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी। डायरेक्टर विजय भट्ट ने उन्हें नया नाम दिया- 'जयंत'। अपनी लंबी कद-काठी, गूंजती आवाज और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस के दम पर उन्होंने 1930 और 40 के दशक में कई फिल्मों में हीरो और बाद में करेक्टर एक्टर के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने दिलीप कुमार, मधुबाला और किशोर कुमार जैसे बड़े सितारों के साथ भी काम किया। पिता की तरह अमजद खान भी फिल्मों में आए, लेकिन जयंत अपने बेटे की सबसे बड़ी सफलता नहीं देख सके। 2 जून 1975 को गले के कैंसर से उनका निधन हो गया और करीब दो महीने बाद फिल्म 'शोले' रिलीज हुई। अस्पताल से पत्नी को लाने के लिए भी नहीं थे ₹400 अमजद खान के जब बेटे का जन्म हुआ था, उस समय परिवार बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा था। आर्थिक तंगी इतनी थी कि बेटे के जन्म के बाद उनकी पत्नी को मैटरनिटी हॉस्पिटल से घर लाने के लिए भी अमजद खान के पास 300-400 रुपए नहीं थे, लेकिन उसी दिन उनकी किस्मत ने करवट ली। जिस दिन उनके बेटे का जन्म हुआ, उसी दिन उन्हें फिल्म 'शोले' साइन करने का मौका मिला। यही फिल्म आगे चलकर उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी पहचान बनी। कैसे मिला था शोले' का गब्बर सिंह बनने का मौका 'शोले' में गब्बर सिंह का किरदार बॉलीवुड के सबसे आइकोनिक किरदारों में गिना जाता है। निर्देशक रमेश सिप्पी इस रोल के लिए पहले डैनी डेंजोंगपा को कास्ट करना चाहते थे। लेकिन डैनी उस समय फिरोज खान की फिल्म 'धर्मात्मा' की शूटिंग के लिए अफगानिस्तान जा रहे थे, इसलिए उन्होंने यह फिल्म छोड़ दी। इसके बाद यह रोल रंजीत को भी ऑफर हुआ था, लेकिन उन्होंने डैनी की दोस्ती के कारण मना कर दिया। बाद में यह रोल अमजद खान ने निभाया। अमजद खान को यह रोल कैसे मिला, इस बारे में उनके बेटे शादाब खान ने बताया था कि सबसे पहले लेखक सलीम खान ने निर्देशक रमेश सिप्पी से कहा था, एक लड़का है अमजद खान... बहुत बेहतरीन एक्टर है, एक बार उसे देखकर तो देखिए। इसी दौरान एक्टर सत्येन कपूर ने भी रमेश सिप्पी से अमजद खान की जोरदार सिफारिश की। उन्होंने कहा, मैं खुद को अच्छा एक्टर मानता हूं, लेकिन अमजद मुझसे भी बेहतर एक्टर है। उसे एक मौका जरूर दीजिए। सलीम खान और सत्येन कपूर की बात रमेश सिप्पी के दिमाग में बैठ गई। इसके बाद उन्होंने एक नाटक में अमजद खान की दमदार परफॉर्मेंस देखी। उनकी एक्टिंग से प्रभावित होकर रमेश सिप्पी ने उन्हें ऑडिशन के लिए बुलाया। ऑडिशन सफल रहा और अमजद खान को 'शोले' में गब्बर सिंह का किरदार मिल गया। इसके बाद जो हुआ, वह भारतीय सिनेमा का इतिहास बन गया। गब्बर की आवाज डब कराने का सुझाव दिया गया था शोले में गब्बर सिंह की गूंजती हुई आवाज आज भी लोगों के रोंगटे खड़े कर देती है। कितने आदमी थे?, तेरा क्या होगा कालिया? और ये हाथ मुझे दे दे ठाकुर! जैसे डायलॉग अमजद खान की आवाज की वजह से ही अमर हो गए। हालांकि, एक समय ऐसा भी आया था, जब गब्बर की आवाज बदलने की तैयारी हो रही थी। फिल्म के डायरेक्टर रमेश सिप्पी ने अरबाज खान को दिए इंटरव्यू में बताया था कि लेखक जोड़ी सलीम-जावेद को शुरुआत में अमजद खान की आवाज पर भरोसा नहीं था। उनका मानना था कि गब्बर की आवाज डब करानी चाहिए। हालांकि, रमेश सिप्पी इस फैसले के पक्ष में नहीं थे। उनका मानना था कि अमजद खान की अलग और अनोखी आवाज ही इस किरदार की सबसे बड़ी ताकत है। हाल ही में अमजद खान के बेटे शादाब खान ने भी इस किस्से का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अमिताभ बच्चन ने भी रमेश सिप्पी से साफ कहा था, इसकी आवाज को बिल्कुल मत छेड़ना, यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। रमेश सिप्पी ने अमिताभ की बात का समर्थन किया और अमजद खान की असली आवाज को ही फिल्म में रखा। नतीजा यह हुआ कि वही आवाज हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार और खौफनाक आवाजों में शामिल हो गई। जब टैरो रीडर ने पहले ही कह दिया था- 'फिल्म इसी आदमी से चलेगी' फिल्म 'शोले' की शूटिंग एक साल से ज्यादा समय से चल रही थी। लंबा शेड्यूल देखकर फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग रमेश सिप्पी का मजाक उड़ाते थे। इसी दौरान रमेश सिप्पी, अमजद खान को साथ लेकर मशहूर टैरो कार्ड रीडर डोलोरेस से मिलने पहुंचे। उस वक्त अमजद खान शूटिंग के बाद गब्बर सिंह के लुक में ही थे। शादाब खान के मुताबिक, डोलोरेस ने टैरो कार्ड खोलते ही रमेश सिप्पी से कहा, आपकी फिल्म सुपरहिट होगी। यह लगातार पांच साल तक चलेगी... और इसकी वजह यही आदमी होगा। इतना कहते हुए उन्होंने सीधे अमजद खान की ओर इशारा कर दिया था। रमेश सिप्पी और अमजद खान दोनों हैरान रह गए। फिल्म 'शोले' का आइकॉनिक डायलॉग 'अरे ओ सांभा, कितने आदमी थे?' आज भी लोगों की जुबान पर है। अमजद खान को इस डायलॉग की प्रेरणा अपने घर के धोबी से मिली थी। अमजद खान के घर जो धोबी कपड़े लेने आता था, वह लोगों को बड़े अनोखे अंदाज में अरे ओ शांती... कहकर आवाज लगाता था। जब अमजद खान को 'शोले' में गब्बर सिंह का किरदार निभाने का मौका मिला, तो उन्होंने उसी अंदाज को अपने अभिनय में शामिल कर लिया था। एक हादसे ने बदल दी अमजद खान की पूरी जिंदगी 1976 में फिल्म 'द ग्रेट गैम्बलर' की शूटिंग के लिए अमजद खान अपने परिवार के साथ गोवा जा रहे थे। उनके बेटे शादाब खान ने बताया था कि कार अमजद खान खुद चला रहे थे। पीछे उनकी पत्नी शैला खान और शादाब बैठे थे। उस वक्त शैला अपनी बेटी अहलम के साथ प्रेग्नेंट थीं। सुबह का समय था। रात की बारिश से सड़क गीली थी। तभी अचानक रास्ते में एक खराब ट्रक सामने आ गया, जिसके आसपास चेतावनी के लिए पत्थर रखे गए थे। ट्रक से बचने के लिए अमजद खान ने तुरंत गाड़ी मोड़ी, लेकिन गीली सड़क पर कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे एक पेड़ से जा टकराई। हादसा इतना भयानक था कि अमजद खान की जान जाते-जाते बची। उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि शादाब की कॉलर बोन टूट गई। पूरे परिवार को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। हादसे की खबर मिलते ही अमिताभ बच्चन ने मुंबई से इलाज और बाकी इंतजाम किए थे। अस्पताल में सत्यजीत रे ने कहा-मेरी फिल्म के लिए मत मरना 1976 के भीषण सड़क हादसे के बाद अमजद खान अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। कई बार उनकी हालत इतनी सीरियस हो जाती थी। उसी दौरान महान फिल्मकार सत्यजीत रे उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे। अमजद खान उस वक्त पूरी तरह होश में भी नहीं थे। सत्यजीत रे उनके पास बैठे और बोले, अमजद, मैं 'शतरंज के खिलाड़ी' बना रहा हूं और उसमें वाजिद अली शाह का किरदार सिर्फ तुम ही निभा सकते हो। अगर तुम्हें कुछ हो गया, तो मैं यह फिल्म ही नहीं बनाऊंगा। इसलिए मेरी फिल्म के लिए... मरना मत। शादाब खान ने बताया था कि उनके पिता उस समय बेहोशी और होश के बीच थे, लेकिन उन्होंने सत्यजीत रे की बातें महसूस कीं। आखिरकार अमजद खान मौत को मात देकर ठीक हुए और बाद में 'शतरंज के खिलाड़ी' में नवाब वाजिद अली शाह का यादगार किरदार निभाया। 1976 में हुए भीषण सड़क हादसे में अमजद खान की कई हड्डियां टूट गईं, फेफड़ा क्षतिग्रस्त हो गया और गर्दन में गंभीर चोट आई। इसके बाद उन्हें लंबे समय तक गर्दन पर सपोर्ट कॉलर पहनना पड़ा। करीब एक साल तक वह बिस्तर पर रहे। लगातार दवाइयों और आराम की वजह से उनका वजन तेजी से बढ़ने लगा। शादाब बताते हैं कि हादसे से पहले उनके पिता बेहद फिट थे। उन्हें क्रिकेट और बैडमिंटन का बहुत शौक था और वह शानदार खिलाड़ी भी थे। लेकिन दुर्घटना के बाद उनके पैर में लगी रॉड करीब 20 साल तक नहीं निकाली गई, जिससे वह पहले की तरह दौड़-भाग या व्यायाम नहीं कर सके। धीरे-धीरे उनका स्वास्थ्य गिरने लगा और बढ़ता वजन उनकी सबसे बड़ी परेशानी बन गया। बेटे ने डॉक्टर पर हाथ उठा दिया था 27 जुलाई 1992 की शाम अमजद खान अपने कमरे में आराम कर रहे थे। दिनभर वह कई बार उठे, फिर दोबारा सो गए। परिवार को लगा कि वह सिर्फ थके हुए हैं। शाम करीब 8 बजे बेटा शादाब खान घर लौटे। तभी उनकी मां ने कहा, जाकर देखो... तुम्हारे डैड उठ नहीं रहे हैं। शादाब तुरंत कमरे में पहुंचे। उन्होंने पिता को उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। उनका शरीर ठंडा पड़ चुका था। फौरन डॉक्टर को बुलाया गया। जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि अमजद खान को मैसिव हार्ट अटैक आया है और एक खास इंजेक्शन की जरूरत है। 18 साल के शादाब बिना एक पल गंवाए कार लेकर दवा लेने निकल पड़े। वह इतनी तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहे थे कि आज भी उन्हें हैरानी होती है कि रास्ते में कोई हादसा नहीं हुआ। लेकिन जब वह इंजेक्शन लेकर लौटे, तो डॉक्टर ने सिर्फ एक वाक्य कहा, 'तुम कुछ सेकंड देर से पहुंचे।' यह सुनते ही शादाब का गुस्सा और दर्द फूट पड़ा। उन्होंने डॉक्टर पर हाथ उठा दिया, घर का क्रॉकरी और कटलरी का सामान तोड़ डाला, दीवार पर मुक्के मार दिए और पिता के एक करीबी दोस्त से भी धक्का-मुक्की कर बैठे। बाद में हाल ही में शादाब ने स्वीकार किया कि उस वक्त वह सिर्फ 18 साल के थे। पिता को खोने का दर्द इतना गहरा था कि वह खुद पर काबू नहीं रख पाए। अंडरवर्ल्ड ने अमजद खान के परिवार को फोन किया थाअमजद खान के बेटे शादाब खान ने पत्रकार विकी लालवानी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता के निधन के कुछ महीने बाद उनके परिवार को अंडरवर्ल्ड से एक फोन आया था। शादाब के मुताबिक, अमजद खान की फिल्मों की करीब ₹1.27 करोड़ फीस कई बड़े फिल्म निर्माताओं पर बकाया थी। यह रकम उस दौर में बेहद बड़ी थी, लेकिन परिवार को कभी वापस नहीं मिली। इंटरव्यू में शादाब ने बताया कि मिडिल ईस्ट से जुड़े एक गैंगस्टर ने उनकी मां को फोन कर कहा था कि वह बॉलीवुड से यह पूरी रकम तीन दिनों के भीतर वसूल कर उनके घर पहुंचा सकता है। हालांकि, उनकी मां ने यह प्रस्ताव तुरंत ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा था, “मेरे पति ने कभी अंडरवर्ल्ड की मदद नहीं ली। मैं उनके जाने के बाद भी ऐसी शुरुआत नहीं करना चाहती।” ………….. यह खबर भी पढ़ें… राजेश खन्ना की पुण्यतिथि:मां-बाप पाकिस्तान भागे, रिश्तेदारों ने पाला, आखिरी शब्द-पैकअप टाइम हो गया, बंगले में तोहफों के 65 सूटकेस मिले, जानिए मौत की कहानी 18 जुलाई 2012 दोपहर में खबर आई, सुपरस्टार राजेश खन्ना, 'काका बाबू' अब नहीं रहे। राजेश खन्ना पिछले कुछ दिनों से काफी बीमार थे। फैंस की भीड़ कई दिनों से उनकी सलामती के लिए कार्टर रोड स्थित आशीर्वाद बंगले के बाहर भीड़ लगाकर दुआ कर रहे थे। फिर जैसे ही हर न्यूज चैनल, फेसबुक, ट्विटर में उनकी मौत की खबर आई, जल्द ही आशीर्वाद के सामने मातम मना रहे फैंस का जन सैलाब आ गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
टीवी एक्ट्रेस जैस्मीन भसीन जल्द ही रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' से छोटे पर्दे पर वापसी कर रही हैं। रोहित शेट्टी के होस्ट वाले इस शो के प्रीमियर से पहले जैस्मीन ने एक इंटरव्यू में अपनी शादी की अफवाहों और लगातार पूछे जाने वाले सवालों पर दो टूक जवाब दिया है। लंबे समय से एक्टर अली गोनी को डेट कर रहीं जैस्मीन ने कहा कि उनकी शादी से किसी का कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए। न तो कोई कैटरिंग का बिल भर रहा है और न ही डेकोरेशन का खर्च उठा रहा है। 'न आपको कैटरिंग का बिल देना है, न डेकोरेशन का खर्च'पिंकविला को दिए इंटरव्यू में जैस्मीन भसीन से जब अलि गोनी संग शादी की प्लानिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने अपनी असहमति जताई। जैस्मीन ने कहा, मुझे लगता है कि किसी को इससे क्या लेना-देना। न तो आपने कैटरिंग का बिल भरना है और न ही शादी की डेकोरेशन का खर्च उठाना है। जब शादी करनी होगी, तब कर लेंगे। लोगों को अपने काम से काम रखना चाहिए। जैस्मीन ने आगे कहा कि जब भी शादी होगी, सबको अपने आप पता चल जाएगा। यह उनका निजी फैसला है और किसी और को इससे परेशानी नहीं होनी चाहिए। 'शायद लोग अपनी शादी से खुश नहीं हैं'जैस्मीन ने लोगों की इस उत्सुकता पर चुटकी लेते हुए कहा कि कभी-कभी उन्हें इन बातों पर हंसी आती है। उन्होंने कहा, मुझे समझ नहीं आता कि लोग मेरी पर्सनल लाइफ में इतने इंटरेस्टेड क्यों हैं। शायद लोग अपनी शादी से खुश नहीं हैं, इसलिए उन्हें लगता है कि हम क्यों खुश हैं, हमें भी शादी करके परेशान होना चाहिए। जैस्मीन ने कहा कि कुछ लोगों की मानसिकता ऐसी होती है कि वे बार-बार ऐसे सवाल पूछकर दूसरों को परेशान देखना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने ऐसे सवालों पर जवाब न देने का मन बनाया हुआ है। 'खतरों के खिलाड़ी 15' से कर रही हैं वापसीपर्सनल लाइफ के अलावा जैस्मीन भसीन अपने प्रोफेशनल प्रोजेक्ट्स को लेकर भी चर्चा में हैं। वे कलर्स टीवी के पॉपुलर स्टंट बेस्ड रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' में नजर आने वाली हैं। यह शो 1 अगस्त से ऑन-एयर हो रहा है। रोहित शेट्टी इस शो को होस्ट कर रहे हैं। जैस्मीन इससे पहले भी टीवी के कई बड़े रियलिटी शोज और फिक्शन ड्रामा में काम कर चुकी हैं और इस शो से वे एक बार फिर स्क्रीन पर वापसी कर रही हैं। 'बिग बॉस 14' के घर से शुरू हुई लव स्टोरीजैस्मीन भसीन और अली गोनी टीवी इंडस्ट्री के चर्चित जोड़ियों में से एक हैं। दोनों की प्रेम कहानी रियलिटी शो 'बिग बॉस 14' के दौरान शुरू हुई थी। शो में दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और उन्होंने अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया था। बिग बॉस के घर से निकलने के बाद भी दोनों कई म्यूजिक वीडियोज में साथ दिखे हैं और लगातार एक-दूसरे के साथ हैं।
सर्वगुण संपन्न:अब नॉन ग्लैमरस रोल में दिखेंगी वाणी कपूर, 3 महीने की तैयारी
वाणी कपूर की अगली फिल्म ‘सर्वगुण संपन्न’ है। इसकी निर्देशक सोनाली रतन देशमुख हैं। उन्होंने इस फिल्म के आइडिया से लेकर वाणी के इससे जुड़ने और कहानी के फोकस पर खास बातचीत की... निर्देशक सोनाली ‘सर्वगुण संपन्न’ को लेकर कहती हैं...‘फिल्म की शुरुआत किसी स्टार को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि एक वन-लाइनर आइडिया से हुई थी। ‘शिद्दत’ के बाद मैडॉक फिल्म्स की क्रिएटिव हेड शारदा कार्की ने मुझे लेखक सुमित घिल्डियाल के साथ तैयार की गई कहानी सुनाई, जिसमें मुझे अलग तरह की मानवीय कॉमेडी नजर आई। इसके बाद स्क्रिप्ट पर कई महीनों तक काम हुआ। कहानी को बार-बार लिखा गया ताकि हास्य परिस्थितियों से पैदा हो और भावनात्मक संतुलन भी बना रहे। वन-लाइनर सिर्फ दिशा देता है, असली फिल्म स्क्रीनप्ले में तैयार होती है।’ फिल्म पूरी तरह फैमिली ड्रामा, जिंदगी में आए बदलावों के इर्द-गिर्द घूमती है कहानी सोनाली का कहना है कि ‘फिल्म की बाहरी परत देखकर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। किसी एडल्ट स्टार से मिलती-जुलती शक्ल कहानी की सिर्फ शुरुआती वजह है, जबकि पूरी फिल्म एक छोटे शहर की लड़की की जिंदगी में आए बदलावों और पारिवारिक रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। किरदार को जीने पर रहा वाणी का पूरा जोर बकौल सोनाली...‘फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले वाणी ने करीब तीन महीने तक अपने किरदार पर काम किया। इस दौरान लगातार स्क्रिप्ट रीडिंग, वर्कशॉप और किरदार की मानसिकता, भाषा, बॉडी लैंग्वेज व व्यवहार पर विस्तार से चर्चा की गई। हमारा उद्देश्य वाणी से सिर्फ अभिनय कराना नहीं था, बल्कि उन्हें उस लड़की की दुनिया और व्यक्तित्व में पूरी तरह ढालना था, ताकि स्क्रीन पर उनका किरदार पूरी तरह स्वाभाविक लगे।’ ऋषिकेश भी फिल्म में, सिर्फ लोकेशन नहीं, कहानी का अहम किरदार भी सोनाली बताती हैं...‘फिल्म के लिए ऋषिकेश का चयन केवल खूबसूरत लोकेशन की वजह से नहीं किया गया। धार्मिक माहौल, छोटे शहर की सामाजिक संरचना और पारिवारिक जीवन कहानी का अहम हिस्सा हैं। शूटिंग ऋषिकेश के साथ हरिद्वार और देहरादून में भी हुई, लेकिन कहानी की आत्मा ऋषिकेश में ही बसती है।' रिश्तों की केमिस्ट्री पर फोकस, दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान लाने का लक्ष्य सोनाली ये भी कहती है कि ‘फैमिली कॉमेडी में पंचलाइन से ज्यादा रिश्तों की केमिस्ट्री काम करती है। अगर फिल्म खत्म होने के बाद दर्शक मुस्कुराते हुए सिनेमाघर से बाहर निकलेंगे, तो वही ‘सर्वगुण संपन्न’ की सबसे बड़ी सफलता होगी।' स्क्रिप्ट लॉक होने के बाद फिल्म से जुड़ी थीं वाणी, तोड़ी अपनी ग्लैमरस इमेज सोनाली के अनुसार, ‘स्क्रिप्ट के कई ड्राफ्ट पूरे होने के बाद ही वाणी को कहानी सुनाई गई। इस बार वाणी अपने अब तक के ग्लैमरस स्क्रीन इमेज से अलग ऋषिकेश की एक साधारण, चश्मा लगाने वाली और सलवार-कमीज पहनने वाली लड़की के किरदार में नजर आएंगी। कई बार सेट इमेज से निकलकर सामान्य किरदार निभाना भी चैलेंजिंग होता है।’
देहरादून के फेमस यूट्यूबर UK 07 राइडर अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अनुराग ने 26 जुलाई को यूट्यूब पर 5 मिनट का एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें उन्होंने रितिका पर धोखा देने का आरोप लगाया। अनुराग ने रितिका और उनकी मां पर बेटे अनुरित से नहीं मिलने देने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि रितिका के परिवार को उन्होंने अपने बेटे से मिलने के लिए 37 लाख रुपए दिए हैं और अब रितिका का परिवार भारी-भरकम गुजारा भत्ता मांग रहा है। अनुराग ने कहा, यह सब झेलना सबसे मुश्किल है, लेकिन अपने बेटे के लिए मैं यह भी करना चुनूंगा। अनुराग ने वीडियो में आगे लिखा, मैंने अपने बेटे अनुरित की खातिर सब कुछ छिपाने और सभी को माफ करने का फैसला किया था। भाई कलम को सब सच पता था, लेकिन उसने अपने अहम को संतुष्ट करने के लिए दुनिया के सामने मुझे गलत बना दिया। रितिका ने भी इस चीज का फायदा उठाया, क्योंकि मेरे पास मेरे मां-बाप नहीं थे, मेरी फैमिली नहीं थी। सब लोगों ने मिलकर मुझे बहुत परेशान किया और आज भी कर रहे हैं। आर्थिक रूप से, कानूनी रूप से और मानसिक रूप से। लेकिन अब और नहीं। मेरी गलती बस इतनी थी कि मैं इन सब लोगों से प्यार करता था और इनकी गलतियों को छिपाता रहा। लेकिन मुझे लगता है कि वे इस प्यार और वफादारी के हकदार नहीं हैं। तस्वीरें देखिए- अनुराग ने रितिका और उसके दोस्त का ऑडियो वारयल की अनुराग ने एक ऑडियो भी शेयर किया, जिसमें रितिका पर दोस्त अभिषेक के साथ मिलकर धोखा देने का आरोप लगाया है। इसमें उन्होंने दावा किया कि रितिका कह रही है, अनुराग मेरे लिए मर चुका है। मेरे पास इसका बच्चा है, यह मेरे लिए पाप है। इसके बाद अनुराग ने अभिषेक का एक ऑडियो बताकर भी शेयर किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि अभिषेक कह रहा है, “रितिका ने मुझसे कहा था कि मैं बच्चे को मार दूंगी। वह एबॉर्शन कराने के लिए कह रही थी, लेकिन मैंने मना कर दिया था।” दो महीने पहले रितिका को पहनाया मंगलसूत्र अनुराग ने 12 मई को अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उन्होंने रितिका और उनकी मां को महंगे गिफ्ट दिए थे। गिफ्ट में उन्होंने रितिका की मां को एक रिंग दी थी और इसी दौरान रितिका को मंगलसूत्र भी पहनाया था। अनुराग ने तब बताया था कि मदर्स डे के मौके पर उन्होंने यह सरप्राइज प्लान किया था। इसके लिए वह रितिका के घर गए थे और पूरे सरप्राइज का वीडियो भी अपने यूट्यूब चैनल पर जारी किया था। सरप्राइज की दो तस्वीरें 4 महीने पहले बने थे पिता अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान चार महीने पहले अपने पहले बच्चे के माता-पिता बने थे। रितिका ने 27 मार्च 2026 को राम नवमी के शुभ अवसर पर बेटे को जन्म दिया था। बेटे के जन्म पर अनुराग ने भावुक होते हुए कहा था कि अब मेरा दूसरा जन्म अपने बेटे के लिए है। रितिका ने बेटे के जन्म की जानकारी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए साझा की थी, जहां उन्होंने नवजात के नन्हे पैरों की तस्वीर पोस्ट की थी। 7 मार्च को की थी सुसाइड की कोशिश अनुराग डोभाल ने 7 मार्च को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर कार चलाते हुए इंस्टाग्राम लाइव किया था। लाइव में उन्होंने कहा था- मम्मी, अगले जन्म आऊं तो बस प्यार देना… चलो फाइनल ड्राइव पर चलते हैं। इसके बाद उन्होंने करीब 150-160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कार भगाई और कार डिवाइडर से टकरा गई। उस समय लगभग 80 हजार लोग लाइव देख रहे थे। हादसे के बाद उन्हें पहले मेरठ के शुभारती अस्पताल ले जाया गया और बाद में दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली में भर्ती कराया गया था। इसके कुछ दिनों बाद अनुराग डोभाल को 14 मार्च 2026 को पहली बार अस्पताल से छुट्टी मिली थी। हालांकि, डिस्चार्ज होने के तुरंत बाद उनकी स्थिति फिर से बिगड़ गई थी। 15 मार्च (रविवार) को जब उन्हें देहरादून ले जाया जा रहा था, तब उन्हें सांस लेने में गंभीर समस्या हुई, जिसके कारण उन्हें फिर से एक नीजी अस्पताल के ICU में भर्ती कराना पड़ा था। अनुराग ने लगाए थे परिवार पर गंभीर आरोप एक्सीडेंट से पहले अनुराग डोभाल ने कई वीडियो पोस्ट किए थे, जिनमें उन्होंने अपने माता-पिता और भाई पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि परिवार उनकी शादी तोड़ने की कोशिश कर रहा है और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। इसी विवाद के बाद वह इंस्टाग्राम लाइव आए थे और उसी दौरान उनका एक्सीडेंट हो गया था। होली के दिन डाला वीडियो, फिर डिलीट किया अनुराग डोभाल ने होली की रात (4 मार्च) जारी करीब दो घंटे के वीडियो में अपनी निजी जिंदगी और परिवार के साथ चल रहे विवाद का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी रितिका चौहान पहले उनकी फैन थीं और इंस्टाग्राम पर मैसेज के जरिए दोनों की बातचीत शुरू हुई, जो बाद में रिश्ते में बदल गई। अनुराग के मुताबिक, उनकी इंटरकास्ट शादी (ब्राह्मण-राजपूत) को लेकर परिवार में विवाद हो गया। उनका आरोप है कि शादी के बाद उन्हें पत्नी के साथ घर में रहने नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्हें अलग फ्लैट में रहना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में परिवार के साथ मामला पुलिस और कानूनी विवाद तक पहुंच गया। वीडियो में अनुराग ने बताया कि पत्नी के प्रेग्नेंट होने की खबर मिलने के बाद उन्हें लगा कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन हालात और बिगड़ गए। उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं के कारण वह लंबे समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। इसके कुछ दिनों बाद अनुराग ने ये वीडियो डिलीट कर दिया था। भाई अतुल डोभाल उर्फ कलम इंक भी आए सामने इस पूरे विवाद के बीच अनुराग के भाई अतुल डोभाल उर्फ कलम इंक ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया पर उनके परिवार को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और वायरल ऑडियो क्लिप एडिटेड हैं। अतुल ने कहा कि अगर उन्होंने अपने भाई के साथ गलत किया है तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार को इस विवाद के कारण सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। रितिका को किचन में जाने से रोकने पर सफाई अनुराग के भाई अतुल डोभाल उर्फ कलम इंक ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कहा था कि अनुराग की पत्नी रितिका को किचन में जाने से रोकने का मामला गलत तरीके से पेश किया गया। उनके अनुसार परिवार में किसी करीबी की मौत हो गई थी और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कुछ समय तक मिठाई और तला हुआ खाना नहीं बनाया जाता। इसी कारण उन्हें खाना बनाने से रोका गया था। प्रॉपर्टी विवाद के आरोपों से इनकार कलम इंक ने अपने ऊपर लगे प्रॉपर्टी कब्जाने और झूठे केस करने के आरोपों को भी खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि अगर उन्होंने अपने भाई की संपत्ति का एक छोटा सा हिस्सा भी लिया है तो इसकी जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर उन्हें सजा दी जाए। एक्सीडेंट के बाद परिवार को मिल रहीं धमकियां अतुल डोभाल ने कहा कि अनुराग के सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों के बाद उनके परिवार को धमकियां मिल रही हैं। उनका कहना है कि अनुराग के करोड़ों फॉलोअर्स हैं और लाइव में परिवार को जिम्मेदार ठहराने के बाद लोग उनके घर के बाहर तक पहुंच गए और धमकियां देने लगे। ------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… जैस्मीन सैंडलस से छेड़छाड़ के दावे का VIDEO वायरल: देहरादून शो में सिंगर ने नहीं दर्ज कराई शिकायत; खुद फैंस को बुलाया था स्टेज पर देहरादून में 17 जुलाई को हुए पंजाबी सिंगर जैस्मीन सैंडलस के शो की कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं। इन पोस्ट में कुछ यूजर्स ने दावा किया है कि शो के दौरान जैस्मिन के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान या उसके बाद जैस्मीन सैंडलस की ओर से ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। (पढ़ें पूरी खबर)
अमाल मलिक ने म्यूजिक कंपोजर तनिष्क बागची पर लगाए गए अपने आरोपों को दोहराते हुए नया बयान जारी किया। साथ ही उन्होंने तनिष्क को चेतावनी भी दी। अमाल मलिक ने X पर लिखा, मैं ये ट्वीट सिर्फ इसलिए डिलीट कर रहा हूं ताकि अपनी टाइमलाइन का कचरा साफ कर सकूं। यह फैसला मैंने पूरी समझ के साथ लिया है। जो कहना था, मैं कह चुका हूं और इस इंसान को उसकी औकात भी दिखा चुका हूं। इससे पहले कि कोई पोर्टल क्लिकबेट हेडलाइन चलाए कि 'अमाल मलिक ने अपने ट्वीट डिलीट कर दिए', मैं साफ करना चाहता हूं कि पिछले कुछ दिनों में मैंने जो भी कहा, उस हर बात पर आज भी कायम हूं। मैं अपने किसी बयान से पीछे नहीं हट रहा हूं। मैं सिर्फ इन पोस्ट्स को यहां से हटा रहा हूं। अमाल ने आगे लिखा, करीब 10 साल तक मैंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन आज एक दशक बाद मुझे खुलकर सामने आना पड़ा, क्योंकि यहां कोई भी सही बात के लिए खड़ा नहीं होता और न ही इंडस्ट्री के गलत लोगों को बेनकाब करता है। यहां किसी में सच को सच कहने की हिम्मत नहीं है, लेकिन किसी न किसी को यह करना ही था। मैं उसके गलत कामों और अनैतिक हरकतों पर बहुत समय से चुप था। तनिष्क बागची का बिना नाम लिए उन पर निशाना साधते हुए उन्होंने लिखा, आज मैंने एक बहुत बुरे इंसान की सच्चाई सबके सामने रख दी है। कर्म हर किसी का हिसाब रखता है। उन लोगों का भी, जो इतने सालों से उसकी गलत और अमानवीय हरकतों का साथ दे रहे हैं। अब सजा ऊपरवाला देगा और उसके घर में देर है, अंधेर नहीं। एक आखिरी बात बेटे, मुझसे तो औकात में ही रहना। यह मैं तुम्हें जिंदगीभर की चेतावनी दे रहा हूं और अगर अब से तुमने किसी के साथ भी कुछ गड़बड़ की, तो याद रखना, मैं फिर लौटूंगा तेरी बैंड बजाने। – अमाल मलिक इससे पहले अमाल ने तनिष्क पर दूसरों का म्यूजिक कॉपी करने, क्रेडिट लेने और अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। अमाल ने दावा किया था कि तनिष्क ने टिप्स म्यूजिक कंपनी में काम करने वाली एक लड़की से शादी का वादा किया और बाद में अब्यूज कर छोड़ दिया। इतना ही नहीं अमाल ने दावा किया था कि वह उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम से धमकी दिलवा रहे हैं। अमाल ने ऑफिशियल X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर तनिष्क बागची के लिए लिखा था, तुमने मीटू का मामला रफा-दफा करवा लिया क्या? टिप्स म्यूजिक कंपनी के ए एंड आर डिपार्टमेंट में एक लड़की है। उससे शादी का वादा करके तुमने उसका शोषण किया और फिर उसे छोड़ दिया। आज तुमने किसी और से शादी कर ली। उस महिला पर तरस आता है जिसने तुम्हारे जैसे सांप को चुना। वह लड़की गहरे सदमे और अवसाद में है, और यह खबर बहुत तेजी से फैलेगी। आगे अमाल ने लिखा था, और कृपया देवेंद्र फडणवीस का नाम लेकर मुझे इनडायरेक्ट धमकियां देना बंद करो। ये सब मेरे साथ नहीं चलेगा, छोटे। मैं गलत नहीं हूं, इसलिए मुझे किसी बात का डर नहीं है। तुम मुझसे गंदी लड़ाई करना चाहते हो? तो सामने आओ। जिस स्कूल के तुम चपरासी भी नहीं बन सके, हम वहां के प्रिंसिपल, ट्रस्टी और म्यूजिक टीचर हैं, बेटे। अब कोर्ट में मिलते हैं। अगर सच में कुछ करना है, तो आ जाओ। तनिष्क बागची मैं आऊं क्या अपनी पर? सॉन्ग की ₹8 लाख रॉयल्टी नहीं मिली: तनिष्क फिल्म 'सैयारा' को लेकर तनिष्क बागची ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्हें टाइटल सॉन्ग के लिए अभी तक 8 लाख रुपए की रॉयल्टी नहीं मिली। तनिष्क का बयान आने के बाद यशराज फिल्म्स (YRF) ने कहा था कि सभी पेमेंट कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार किए गए हैं, जिसके बाद तनिष्क ने अपनी पोस्ट हटा दी थी। तनिष्क की पोस्ट के बाद अमाल मलिक ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह 2015 से ही म्यूजिक इंडस्ट्री की खामियों के खिलाफ लड़ रहे हैं और अब लोग 10 साल देर से जागे हैं। इसके बाद से ही अमाल मलिक लगातार तनिष्क के खिलाफ कई पोस्ट शेयर किए। एक पोस्ट में अमाल ने तनिष्क को मिस्टर रिमिक्स और ऑरिजिनल गाने खराब करने वाला लिखा। अमाल ने तनिष्क पर फर्जी कैंपेन चलाने के आरोप लगाते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। फिलहाल इस विवाद पर अब तक तनिष्क बागची की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। कौन हैं तनिष्क बागची? विवादों में रहे हैं अमाल मलिक अमाल मलिक बॉलीवुड के पॉपुलर सिंगर और कंपोजर हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत में सलमान खान की फिल्म जय हो और सोनम कपूर की खूबसूरत जैसी फिल्मों में कंपोजिशन किया। अमाल मलिक के पॉपुलर गाने कुछ महीनों पहले ही अमाल मलिक ने भाई अरमान और परिवार से रिश्ता तोड़ने की अनाउंसमेंट की थी, जिससे वो सुर्खियों में आ गए थे। इसके बाद उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 18 में हिस्सा लिया था।
लहर-लहर:संभव है आपको राजनीति में दिलचस्पी न हो, लेकिन राजनीति को आपमें है
बहुत-से लोग, खास तौर पर चालीस-पचास साल के, नौकरीपेशा लोग और हमारी उम्र के लोग भी मुझसे कहते हैं, ‘सर, मुझे राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है।’ मैं उनसे कहता हूं, ‘आपको राजनीति में दिलचस्पी नहीं है?’ कहना तो ऐसा हुआ जैसे कोई कहे, ‘मुझे प्रदूषण में कोई दिलचस्पी नहीं है।’ अरे भाई, आपको प्रदूषण में दिलचस्पी हो या न हो, आप उसी हवा में सांस ले रहे हैं, उसी माहौल में जी रहे हैं, वही आपके खाने-पीने में घुला हुआ है। यह दिलचस्पी का सवाल ही नहीं है। ठीक उसी तरह, अगर आपको राजनीति में दिलचस्पी नहीं है, तो कोई बात नहीं, लेकिन राजनीति को आपमें पूरी दिलचस्पी है। वह हर रोज आपकी जिंदगी बदल रही है। आपके रोजगार पर, जेब पर, आजादी पर, आपके बच्चों के भविष्य पर उसका असर पड़ रहा है। प्रदूषण की तरह राजनीति भी आपके दरवाजे पर दस्तक देकर नहीं आती। वह आपकी सांसों में उतरती है, आपके खाने में पहुंचती है, आपके रोजमर्रा के जीवन में शामिल हो जाती है। आप चाहें या न चाहें, उससे बच नहीं सकते। इसलिए यह कहना कि ‘मुझे राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है’, मुझे थोड़ा अजीब लगता है। मैं यह नहीं कह रहा कि हर आदमी को नेता बन जाना चाहिए या चुनाव लड़ना चाहिए, लेकिन जिस समाज में आप रहते हैं, जिस मुल्क में आपकी जिंदगी गुजरती है, जिस दुनिया का आप हिस्सा हैं, उसके बारे में आपको मालूम तो होना चाहिए। यह समझना चाहिए कि वह किस दिशा में जा रही है- सही दिशा में या गलत दिशा में। भारतीय राजनीति को सिर्फ नेताओं के भाषणों से मत समझिए, उसे अपने आसपास की जिंदगी में देखिए। आपकी सड़क कैसी है, आपके बच्चे किस स्कूल में पढ़ते हैं, अस्पताल कैसा है, रोजगार के अवसर कितने हैं, आपकी आजादी कितनी सुरक्षित है- इन सबका रिश्ता राजनीति से है। इसलिए यह कहना कि ‘मुझे राजनीति से कोई मतलब नहीं’, अपने ही जीवन से आंखें मूंद लेने जैसा है। लोकतंत्र में राजनीति जनता की मालिक नहीं, उसकी जवाबदेह सेवक होनी चाहिए। किसी भी सरकार से सवाल पूछना विरोध नहीं, नागरिक का अधिकार है। आखिर में, राजनीति उतनी ही अच्छी होगी, जितने जागरूक उसके नागरिक होंगे। फिर फैसला आपका है। आप क्या सोचते हैं, क्या करते हैं और अपनी हैसियत के मुताबिक क्या योगदान दे सकते हैं- यह भी आपका ही चुनाव है। क्योंकि अगर समाज गलत दिशा में जाएगा, तो उसका असर आप पर भी पड़ेगा। और अगर सही दिशा में जाएगा, तब भी उसका फायदा आपको ही मिलेगा। मुझे छात्रों से बातचीत करना हमेशा अच्छा लगता है। सच कहूं तो उनसे जितना मैं बोलता हूं, उससे ज्यादा उनसे सीखता हूं। खास तौर पर उनके सवालों से। अच्छे सवाल किसी भी समाज की जिंदगी की निशानी होते हैं। अक्सर लोग कहते हैं कि छात्रों को राजनीति से दूर रहना चाहिए। मैं पूछता हूं- क्यों? राजनीति अगर आपकी फीस तय करती है, आपकी शिक्षा की दिशा तय करती है, आपके रोजगार का भविष्य तय करती है, तो आप उससे कैसे बेखबर रह सकते हैं? हां, मैं यह जरूर कहूंगा कि छात्र राजनीति का मतलब किसी पार्टी का झंडा उठाना नहीं है। उसका मतलब है सवाल पूछना, बहस करना, अपने समाज को समझना और सही-गलत में फर्क करना सीखना। यूनिवर्सिटी सिर्फ डिग्री देने की जगह नहीं होती; वह लोकतंत्र की पहली पाठशाला होती है। अगर वहां सवाल खामोश हो जाएं, तो समझिए समाज का भविष्य भी खामोश हो जाएगा। हमारे जमाने में न मल्टीप्लेक्स थे, न मॉल। फिल्म देखने जाना अपने-आप में एक छोटा-सा त्योहार होता था। दो रुपए का टिकट भी सोच-समझकर खरीदना पड़ता था। लेकिन मुझे फिल्म खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा इंतजार ट्रेलरों का रहता था। मुझे लगता था कि एक टिकट के पैसे में दूसरी फिल्मों की झलक भी मुफ्त मिल गई- इससे बड़ा बोनस क्या हो सकता है! आज मैं जब आप नौजवानों को देखता हूं, तो मुझे लगता है कि वो सब भी आने वाले भारत के ट्रेलर हैं। कल का भारत कैसा होगा, उसकी पहली झलक आपकी सोच, सवालों और सपनों में दिखाई देती है। ये देश कभी असंतुलित नहीं हो सकता। ऊंची-नीची लहरें आती रहती हैं, हमारी कश्ती डगमगाती जरूर है, डूब नहीं सकती। हिन्दुस्तान ने कई जमाने देखे हैं, लेकिन वो चलता रहा। यह हमारी खुशकिस्मती है कि हम एक लोकतांत्रिक देश में पैदा हुए हैं। इस लोकतांत्रिक व्यवस्था से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। मुझे सचमुच लगता है कि बीस और तीस की उम्र के लोग कुछ बातें मुझसे बेहतर समझते हैं। देशप्रेम का मतलब ये नहीं कि सिर्फ नारे लगाते रहो और देश के लिए कुछ भी न करो। चाहे कोई कुछ भी कहे, मैं एक ही बात जानता हूं कि एक हिन्दुस्तानी अपने को तबाह नहीं कर सकता। वो वही करेगा, जो इस देश के लिए अच्छा है। हम हिन्दुस्तानियों में ये खूबी है कि हममें टॉलरेंस है। हमारी खूबी ये है कि हम हमेशा हर तरह की विचारधारा को जगह देते रहे और इसीलिए हमारा ‘इंटेलेक्चुअल मसल’ डेवलप हुआ है, इसीलिए हमारे यहां बेहतर माइंड पैदा हुए हैं, इसीलिए हमने प्रोग्रेस की है, इसीलिए हमारे पास डेमोक्रेसी है। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)
टीवी एक्ट्रेस दीपिका सिंह ने वृंदावन मंदिर में VIP ट्रीटमेंट मिलने के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। हाल ही में पति रोहित राज गोयल और बच्चों के साथ वृंदावन दर्शन के दौरान वायरल हुए वीडियो को लेकर उठे विवाद के बीच दीपिका ने रविवार को इंस्टाग्राम पर नया वीडियो शेयर कर कहा कि पूरा सच सामने है और लोगों को बिना पूरी जानकारी के आरोप नहीं लगाने चाहिए। दरअसल, दीपिका सिंह हाल ही में अपने परिवार के साथ वृंदावन दर्शन के लिए पहुंची थीं। इस दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि उन्हें मंदिर में VIP ट्रीटमेंट दिया गया, जबकि उनके सामने खड़ी एक बुजुर्ग महिला की अनदेखी की गई। दीपिका सिंह ने आरोपों पर जवाब दिया विवाद बढ़ने पर दीपिका ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया। साथ ही एक इन्फ्लुएंसर को टैग करते हुए लिखा, यह सब @glam_with_nishitwins (निशा बंसल) ने मेरी और पुजारी जी की ट्रोलिंग से शुरू किया था, लेकिन मैं उन्हें पूरी सच्चाई दिखाने की कोशिश कर रही हूं। इससे उन्हें भी ज्यादा व्यूज और फॉलोअर्स मिलेंगे। बाद में मुझे धन्यवाद कह सकती हैं। सबूत सबके सामने है। माता जी का प्रसाद भी मिला। उन्होंने आगे लिखा, असली प्रसाद: सही सोच, शुद्ध मन, अहंकार का त्याग, किसी पर बिना जाने उंगली न उठाना, शांति और अपने हक के लिए खड़े होने की शक्ति। दो बच्चों को देखकर दिया गया प्रेम क्या पाप है? बच्चे भी तो भगवान श्रीकृष्ण (गोपाल जी) का ही रूप हैं। इन्फ्लुएंसर पर भड़कते हुए उन्होंने लिखा, @glam_with_nishitwins, आप और आपके जैसे लोग ऐसी रील बनाकर भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जो लोग अभी-अभी भक्ति के रास्ते पर चले हैं, उनका मन इससे टूट सकता है। कृपया भक्तों की भावनाओं का सम्मान करें। सिर्फ व्यूज और फॉलोअर्स पाने के लिए लोगों को गुमराह न करें। राधे-राधे। वीडियो में बुजुर्ग महिला को भी प्रसाद मिला दीपिका ने जो वीडियो शेयर किया उसमें मंदिर के पुजारी उन्हें अंगवस्त्र, फूलों की माला और प्रसाद देते दिखाई देते हैं। साथ ही बच्चों को बांसुरी भी भेंट की जाती है। वीडियो में सामने खड़ी बुजुर्ग महिला को भी प्रसाद मिलता हुआ दिखाई देता है। दरअसल, इंस्टाग्राम पर निशा बंसल ने दीपिका का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, “कुछ तो शर्म कर लो, धर्म के ठेकेदारों। वो एक बूढ़ी मां है। उसकी उम्र खड़े होने लायक नहीं थी। इनको माला, बांसुरी, इत्र, सब सेवा, उसके नसीब प्रसाद भी नहीं।” दीपिका को 'दीया और बाती हम' से पहचान मिली थी दीपिका सिंह ने साल 2011 में स्टार प्लस के सुपरहिट शो 'दीया और बाती हम' से टीवी डेब्यू किया। इस शो में उन्होंने आईपीएस अधिकारी संध्या राठी का किरदार निभाया। इसके बाद उन्होंने वेब सीरीज 'द रियल सोलमेट' और टीवी शो 'कवच: महाशिवरात्रि' में काम किया। साल 2022 में फिल्म 'टीटू अंबानी' से बॉलीवुड में कदम रखा।
एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके से सवाल पूछा है। शनिवार को उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में अभिजीत दिपके का एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में अभिजीत दिपके कहते हुए सुनाई देते हैं, अब जब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया है, अगर हम सरकार के खिलाफ झुकेंगे नहीं, तो अच्छे-अच्छों का इस्तीफा ले सकते हैं। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए श्वेता तिवारी ने लिखा, अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा दे रहे हैं? और 'कॉकरोच जनता पार्टी', तुम वहां कब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हो? हरजोत बैंस से इस्तीफे की मांग उठी बता दें कि पंजाब में हाल ही में हुई फार्मेसी भर्ती परीक्षा में कथित धांधली/नकल और पिछले कुछ सालों में हुए कई पेपर लीक मामलों को लेकर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफा मांगा जा रहा है। वहीं, हरजोत सिंह बैंस ने विपक्ष की इस्तीफे की मांग का जवाब देते हुए कहा कि अगर उनके पद छोड़ने से राज्य की शिक्षा व्यवस्था बेहतर होती है, तो वह आज ही इस्तीफा देने को तैयार हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें.... प्रधान के इस्तीफे पर रणवीर शौरी ने भी प्रतिक्रिया दी वहीं, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक्टर रणवीर शौरी ने X पर एक GIF शेयर करते हुए लिखा, और एक ही झटके में मोदी सरकार अपने किसी भी दुश्मन को तो नहीं हरा पाई, लेकिन अपने कई समर्थकों को जरूर नाराज कर दिया। #मास्टरस्ट्रोक एक X यूजर के सवाल पर रणवीर ने कहा कि उनके मुताबिक धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए था, लेकिन यह फैसला सड़कों पर हालात बिगड़ने से पहले लिया जाना चाहिए था। उन्होंने लिखा कि अब ऐसा लगता है कि समर्थकों की बजाय विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुनी गई। वहीं, एक्ट्रेस तारा देशपांडे ने जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू की एक X पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने लंबे कार्यकाल में कई विभागों की जिम्मेदारी संभाली और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को लागू करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे कम आय वाले परिवारों तक LPG कनेक्शन पहुंचे। तारा ने आगे लिखा कि उन्होंने LPG सब्सिडी के लिए PAHAL डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन एंड लाइसेंसिंग पॉलिसी (HELP) जैसे सुधारों की देखरेख की। उन्होंने यह भी कहा कि महामारी के दौरान स्टील उद्योग को संभालने और शिक्षा क्षेत्र में NEET पेपर लीक मामले को छोड़कर किए गए कार्यों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। प्रधान के इस्तीफे लिए दीपके ने CJI सूर्यकांत का शुक्रिया अदा किया। दीपके बोले- अगर आपने हमें कॉकरोच न कहा होता, तो युवा सड़कों पर नहीं होते। प्रधान ने इस्तीफा न दिया होता। पूरी खबर यहां पढ़ें…. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, शबाना आजमी, प्रकाश राज, स्वरा भास्कर और भूमि पेडनेकर समेत कई सेलेब्स ने प्रतिक्रिया दी। पूरी खबर यहां पढ़ें….
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर जेन Z की तारीफ की। वीडियो में सोनाक्षी ने कहा कि उन्होंने पहले जेन Z को हल्के में लिया था, लेकिन अब उनकी सोच बदल गई है। उन्होंने कैमरे के सामने कान पकड़कर दंड-बैठक भी की और कहा कि अब वह भी जेन Z जैसी बनना चाहती हैं। सोनाक्षी ने वीडियो में कहा, ‘भाई, आप जानते नहीं हो, आपने आज क्या किया है। ब्रो, मैं तो आर्टिस्ट हूं, लेकिन जेन Z आर्ट है। पता है, मैं जेन Z को बहुत हल्के में लेती थी।’ इंस्टाग्राम पर किए कई पोस्ट इससे पहले सोनाक्षी सिन्हा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद लगातार इंस्टाग्राम पर कई पोस्ट शेयर किए। एक पोस्ट में लिखा था, ‘धर्मेंद्र प्रधान ने रिजाइन कर दिया।’ एक अन्य इंस्टाग्राम स्टोरी में उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों की तस्वीर शेयर की। इसके बैकग्राउंड में फिल्म धुरंधर का गाना आरी आरी बजता सुनाई दे रहा था। इसके अलावा उन्होंने CJP नेता अभिजीत दिपके का एक वीडियो भी शेयर किया और लिखा, ‘भाई, क्या कह दिया?’ साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक को धन्यवाद दिया। छात्रों के समर्थन में जताई थी राय सोनाक्षी सिन्हा इससे पहले भी छात्रों के समर्थन में सोशल मीडिया पर अपनी राय रख चुकी हैं। उन्होंने छात्रों के लिए न्याय की मांग की थी। इसके अलावा उन्होंने भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक का समर्थन करते हुए सरकार से सवाल भी उठाए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…. पारुल ने जश्न मनाने का वीडियो शेयर किया धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक्ट्रेस और एंटरप्रेन्योर पारुल गुलाटी का सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है। पारुल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह जश्न मनाती नजर आ रही हैं। वीडियो पर लिखा है, ‘हम मालकिन हॉस्टल में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे मना रहे हैं।’ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दिया। प्रधान के इस्तीफे लिए दीपके ने CJI सूर्यकांत का शुक्रिया अदा किया। दीपके बोले- अगर आपने हमें कॉकरोच न कहा होता, तो युवा सड़कों पर नहीं होते। प्रधान ने इस्तीफा न दिया होता। पूरी खबर यहां पढ़ें…. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, शबाना आजमी, प्रकाश राज, स्वरा भास्कर और भूमि पेडनेकर समेत कई सेलेब्स ने प्रतिक्रिया दी। पूरी खबर यहां पढ़ें….
आईटी कंपनी की अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर एफटीआईआई पहुंचीं और फिर मुंबई आकर लगातार संघर्ष किया। 60 ऑडिशन के बाद पहला विज्ञापन मिला, लेकिन हार नहीं मानी। वेब सीरीज मेड इन हेवन, त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर, राख और प्रीतम एंड पेड्रो जैसी सीरीज में नजर आ चुकीं अभिनेत्री नैना सरीन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपने संघर्ष, ऑडिशन, इंडस्ट्री, परिवार और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। सवाल: एक्टिंग का सपना देखने पर परिवार और समाज का कितना दबाव था? जवाब : मैं बोकारो के एक मिडिल क्लास परिवार से हूं। रिश्तेदारों को लगता था कि यह सिर्फ शौक है और कुछ साल बाद मैं वापस नौकरी कर लूंगी। लेकिन मम्मी-पापा ने हमेशा मेरा साथ दिया। मम्मी कहती थीं, जब सिर पर पड़ेगा, तब देख लेंगे। सवाल: मुंबई आने से पहले एफटीआईआई जाने का फैसला कैसे लिया? जवाब: मेरे पास सीधे मुंबई आने के पैसे नहीं थे। कॉलेज के एक सीनियर से एफटीआईआई के बारे में पता चला। मैं उस समय बेंगलुरु में आईटी कंपनी में इंस्ट्रक्शनल डिजाइनर थी। नौकरी के साथ वॉइस ओवर और मिमिक्री सीखती थी। फिर तैयारी करके एफटीआईआई का एंट्रेंस दोबारा दिया और चयन हो गया। सवाल: एफटीआईआई ने क्या सबसे बड़ा सबक दिया? जवाब: वहां सिर्फ एक्टिंग नहीं सिखाई जाती, बल्कि खुद को समझना और अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करना सीखते हैं। सबसे बड़ी ताकत वहां की कम्युनिटी है। मुंबई आने के बाद भी बैचमेट और सीनियर्स हमेशा साथ रहे। सवाल: मुंबई में पहला काम कैसे मिला? जवाब: मुंबई आने के बाद मैंने लगातार ऑडिशन दिए। करीब 60 ऑडिशन के बाद पहला विज्ञापन मिला। उसे नीरज घेवान ने डायरेक्ट किया था। बाद में उन्होंने मुझे मेड इन हेवन में भी कास्ट किया। सवाल: आपकी पहली फिल्म कौन-सी थी? जवाब: एफटीआईआई में पढ़ाई के दौरान ही मुझे फिल्म ‘होटल मुंबई’ मिली। इसमें मैंने ताज होटल की रिसेप्शनिस्ट का किरदार निभाया। इसके बाद ‘ईब आले ऊ’ ने मुझे काफी पहचान दिलाई। यह कई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई गई। सवाल: वेब सीरीज का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेड इन हेवन के बाद त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर मिली। इस शो में लंबा शूट था और कई दूसरे प्रोजेक्ट छोड़ने पड़े। लेकिन सेट का माहौल शानदार था। मानव कौल और पूरी टीम ने हर सीन में काफी मदद की। सवाल: राख में सिर्फ दो सीन थे, फिर भी रोल क्यों चुना? जवाब: किरदार छोटा था, लेकिन बहुत प्रभावशाली था। ऑडिशन देते समय ही समझ आ गया था कि यह आसान नहीं है। इसमें इंटिमेसी वाले सीन भी थे, लेकिन सेट पर इंटिमेसी कोऑर्डिनेटर मौजूद थे, इसलिए पूरा माहौल सुरक्षित और प्रोफेशनल था। सवाल: प्रीतम एंड पेड्रो में राजकुमार हिरानी और अरशद वारसी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: अरशद सर बेहद अनुशासित हैं। उनकी दिनचर्या सुनकर मैं हैरान रह गई। वहीं राजकुमार हिरानी सर ने मेरा सीन देखकर पूछा कि क्या मैंने एक्टिंग की पढ़ाई की है। जब उन्हें पता चला कि मैं एफटीआईआई से हूं, तो उन्होंने संस्थान को लेकर काफी बातें कीं। सवाल: आपने कहा कि लीड रोल करने के बाद भी छोटे किरदार करने में संकोच नहीं करतीं? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैंने खुद कास्टिंग डायरेक्टर्स से कहा कि मुझे हर तरह के रोल के लिए ऑडिशन बुलाइए। मैं स्क्रीन टाइम नहीं देखती। अच्छा किरदार छोटा हो या बड़ा, फर्क नहीं पड़ता। सवाल: संघर्ष के दौरान सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? जवाब: मुंबई में सबसे बड़ी चुनौती पैसों की होती है। मैं हर नए कलाकार से कहती हूं कि पहले अपनी कमाई का कोई जरिया तय करें। वॉइस ओवर करें, असिस्टेंट बनें, राइटिंग करें या कोई दूसरी नौकरी करें, लेकिन आर्थिक रूप से टिके रहना जरूरी है। सवाल: सबसे चुनौतीपूर्ण किरदार कौन-सा रहा? जवाब: त्रिभुवन मिश्रा सीए टॉपर में मां का किरदार। मां की जिम्मेदारी, उसकी बॉडी लैंग्वेज और भावनाएं समझना आसान नहीं था। इसके लिए मैंने अपनी मां को बहुत करीब से ऑब्जर्व किया। सवाल: इस समय किन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं? जवाब: कुछ इंडिपेंडेंट फिल्मों की शूटिंग पूरी की है। इसके अलावा अपनी एफटीआईआई बैचमेट श्रेया भट्टाचार्य के साथ अपने निजी अनुभवों पर आधारित एक मिनी सीरीज लिख रही हूं। अभी उसके लिए प्रोड्यूसर की तलाश है। सवाल: निजी जिंदगी का क्या प्लान है? जवाब: मेरा फोकस अभी सिर्फ फिल्मों में काम करना है। शादी सही समय और सही इंसान मिलने पर हो जाएगी। फिलहाल मैं चाहती हूं कि मेरे पास इतना काम हो कि बाकी चीजों के बारे में सोचने का समय ही न मिले। सवाल: आपने मिमिक्री और वॉइस ओवर भी सीखा है? जवाब: हां। बेंगलुरु में इसकी ट्रेनिंग ली थी। आवाज निकालना आसान है, लेकिन उसे लंबे समय तक उसी टोन में बनाए रखना सबसे मुश्किल काम होता है। पहले बच्चों की ई-लर्निंग किताबों की रिकॉर्डिंग भी किया करती थी।
वेब सीरीज 'ठुकरा के मेरा प्यार' के दूसरे सीजन को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस मौके पर लीड कलाकार धवल ठाकुर और संचिता बसु ने दैनिक भास्कर से अपने स्ट्रगल, सोशल मीडिया से फिल्मों तक के सफर, कास्टिंग स्कैम, शूटिंग के किस्सों और प्यार पर खुलकर बात की। सवाल: 'ठुकरा के मेरा प्यार' का ऑफर मिला तो सबसे पहला ख्याल क्या आया? जवाब/धवल ठाकुर: मेरे लिए सबसे बड़ी बात यही थी कि इतना अच्छा मौका मिला था। मैं जल्द से जल्द स्क्रिप्ट पढ़कर किरदार की तैयारी शुरू करना चाहता था। कोशिश यही थी कि इस किरदार के साथ पूरी ईमानदारी रखूं। संचिता बसु: मुझे शुरुआत से ही शानवी का किरदार बहुत पसंद आया। मैं गर्ल्स स्कूल में पढ़ी हूं, इसलिए कॉलेज लाइफ कभी जी नहीं पाई। इस किरदार के जरिए लगा कि वह अनुभव भी जी सकूंगी। सवाल: पहली बार जब आप दोनों मिले, तब एक-दूसरे के बारे में क्या सोच थी? जवाब/धवल ठाकुर: हमारी पहली मुलाकात ऑडिशन के दौरान हुई थी। वहीं से प्रोफेशनल रिश्ता शुरू हुआ। बाद में वर्कशॉप और स्क्रिप्ट रीडिंग के दौरान दोस्ती हुई, जिसने हमारी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री मजबूत बनाई। संचिता बसु: पहली बार मिले तो धवल बहुत शांत लगे। बाद में पता चला कि वे बेहद अच्छे इंसान हैं। दो साल साथ काम करते-करते हमारी अंडरस्टैंडिंग इतनी अच्छी हो गई कि कई बार बिना बोले भी एक-दूसरे की बात समझ जाते हैं। सवाल: इस सीरीज तक पहुंचने का मौका कैसे मिला? जवाब/धवल ठाकुर: बॉम्बे शो स्टूडियोज से कॉल आया। किरदार की जानकारी और कुछ सीन भेजे गए। फिर सचिन सर और कमल सर से मुलाकात हुई। ऑडिशन दिया और चयन हो गया। संचिता बसु: उस समय मैं हैदराबाद में तेलुगु फिल्म की शूटिंग कर रही थी। जियो हॉटस्टार की तरफ से ऑडिशन का मेल आया। मैंने वहीं से ऑडिशन रिकॉर्ड कर भेजा और करीब 15 दिन बाद सिलेक्शन का कॉल आया। सवाल: सोशल मीडिया से फिल्मों तक का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब/संचिता बसु: मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक्टिंग मेरा करियर बनेगी। नौवीं क्लास में शौक से वीडियो बनाती थी। शुरुआत में महीनों तक व्यूज नहीं आए, लेकिन वीडियो बनाना नहीं छोड़ा। फिर एक दिन वीडियो वायरल हुआ और वहीं से जिंदगी बदलने लगी। इसी दौरान मेरी रील्स देखकर मुझे एक तेलुगु फिल्म का ऑफर मिला। शुरुआत में लगा कि यह फेक कॉल है, क्योंकि आजकल ऐसे कई फर्जी कॉल आते हैं। यकीन नहीं हुआ कि कोई फिल्म के लिए बुला रहा है। लेकिन मेरे मैनेजर और कास्टिंग डायरेक्टर नवनीत झा ने भरोसा दिलाया कि सब कुछ असली है। सबसे दिलचस्प बात यह थी कि जिस फिल्म के लिए मुझे चुना गया, उसकी शूटिंग पहले दूसरी अभिनेत्री के साथ पूरी हो चुकी थी। बाद में मेकर्स ने नया चेहरा लेने का फैसला किया और पूरी फिल्म मेरे साथ दोबारा शूट की। उस वक्त मैं 11वीं क्लास में पढ़ती थी। भागलपुर से हैदराबाद शूटिंग के लिए जाती थी और लौटकर ऑनलाइन परीक्षा भी देती थी। मेरे लिए यह किसी सपने से कम नहीं था। सवाल: धवल, आपकी बहन मृणाल ठाकुर पहले से इंडस्ट्री में हैं। इसके बावजूद क्या आपने अपने स्ट्रगल के दौरान फेक ऑडिशन या कास्टिंग स्कैम का सामना किया? जवाब/धवल ठाकुर: बिल्कुल। मैं कास्टिंग स्कैम का शिकार होते-होते बचा हूं। कॉलेज के दिनों में सोशल मीडिया पर कास्टिंग पोस्ट देखकर ऑडिशन देने पहुंचा। वहां 10, 15 और 20 हजार रुपए के पैकेज दिखाए गए। कहा गया कि पहले पोर्टफोलियो और कार्ड बनवाइए, तभी काम मिलेगा। मेरे साथ ऐसा दो बार हुआ। तभी समझ आया कि यह ऑडिशन नहीं, नए कलाकारों से पैसे ऐंठने का तरीका है। बाद में कुछ एक्टर्स मिले, जिन्होंने मुझे जेन्युइन कास्टिंग ग्रुप से जोड़ा। वहीं से सही ऑडिशन मिलने शुरू हुए। मैं नए कलाकारों से कहना चाहूंगा कि ऑडिशन के नाम पर कभी पैसे न दें। असली कास्टिंग डायरेक्टर कभी पैसे नहीं मांगते। सवाल: संचिता आपको परिवार का साथ कितना मिला? जवाब/संचिता बसु: मम्मी हमेशा मेरे साथ खड़ी रहीं। लेकिन पापा को काफी समय तक पता नहीं था कि मैं वीडियो बनाती हूं। कोरोना के दौरान ज़ी म्यूजिक के एक गाने में मौका मिला। अखबार में खबर छपने के बाद उन्हें पहली बार पता चला कि मैं इस फील्ड में काम कर रही हूं। शुरुआत में उन्हें चिंता थी, लेकिन 'ठुकरा के मेरा प्यार' रिलीज होने के बाद उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया। सवाल: इस सीरीज के बाद मिला सबसे खास कॉम्प्लिमेंट कौन-सा था? जवाब/संचिता बसु: मेरे लिए सबसे खास कॉम्प्लिमेंट पापा का था। उन्होंने पूरी सीरीज देखने के बाद सिर्फ इतना कहा, बहुत अच्छा किया। वो ज्यादा बोलते नहीं हैं, लेकिन उनकी आंखों की खुशी ही मेरे लिए सबसे बड़ा इनाम थी। धवल ठाकुर: परिवार ने कहा कि स्क्रीन पर मुझे देखकर बिल्कुल नहीं लगा कि मैं धवल हूं। ऐसा लगा जैसे उत्तर प्रदेश के किसी गांव का लड़का सामने खड़ा है। एक अभिनेता के लिए इससे बड़ा कॉम्प्लिमेंट नहीं हो सकता। सवाल: शूटिंग का सबसे मजेदार किस्सा कौन-सा रहा? जवाब/संचिता बसु: पहले सीजन के लिए मुझे बाइक चलाना सीखना पड़ा। शूटिंग के दौरान मैं कई बार बाइक से गिर गई। जब भी धवल पीछे बैठते थे, मैं उनसे कहती थी, जब मैं बोलूं, तुरंत ब्रेक दबा देना। धवल ठाकुर (हंसते हुए): मैं उनसे कहता था, मेरे पैर लंबे हैं, मुझे कुछ नहीं होगा। तू बस अपनी चिंता कर। पूरी यूनिट को पता था कि मुझे बाइक चलाने का ज्यादा अनुभव नहीं था। जिस दिन बाइक वाला सीन होता था, सब पहले से अलर्ट रहते थे। सवाल: दो सीजन साथ काम करने के बाद आपने एक-दूसरे से क्या सीखा? जवाब/संचिता बसु: दो साल साथ काम करने के बाद हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझने लगे हैं। धवल से मैंने सीखा कि किसी भी सीन को करते समय पहले उसकी जरूरत समझनी चाहिए। तब अभिनय अपने आप आसान हो जाता है। धवल ठाकुर: संचिता की सबसे अच्छी बात यह है कि उन्हें कोई नई चीज बताई जाए तो वह उसे सीखने की पूरी कोशिश करती हैं। मैंने उनसे शूटिंग के साथ सोशल मीडिया मैनेज करना सीखा। छुट्टी वाले दिन भी वह खुद रील शूट, एडिट और पोस्ट करती थीं। उनकी मेहनत मैंने बहुत करीब से देखी है। सवाल: अगर असल जिंदगी में कोई आपका प्यार ठुकरा दे तो क्या करेंगे? जवाब/धवल ठाकुर: मैं बदला लेने में विश्वास नहीं करता। माफ करके आगे बढ़ जाना सबसे अच्छा रास्ता है। अगर आप सिर्फ किसी को कुछ साबित करने के लिए काम कर रहे हैं, तो वह ज्यादा दिन नहीं चल सकता। अपने लिए काम करना ज्यादा जरूरी है। संचिता बसु: मैं भी बदला नहीं लूंगी। शायद थोड़ा रो लूं, लेकिन फिर आगे बढ़ जाऊंगी। हर चीज का जवाब गुस्से से नहीं दिया जा सकता। सवाल: दर्शकों को 'ठुकरा के मेरा प्यार' सीजन-2 क्यों देखना चाहिए? जवाब/संचिता बसु: लोगों ने पहले सीजन की तरह दूसरे सीजन को भी बहुत प्यार दिया है। यह सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि दो लोगों की अलग-अलग परिस्थितियों और भावनाओं की कहानी है। मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को आगे के एपिसोड भी पसंद आएंगे। धवल ठाकुर: कुलदीप और शानवी दोनों परफेक्ट किरदार नहीं हैं। उनसे भी गलतियां होती हैं और यही उन्हें असली बनाती है। शायद इसी वजह से लोग खुद को इन किरदारों से जोड़ पाते हैं। सवाल: आने वाले प्रोजेक्ट्स में क्या देखने को मिलेगा? जवाब/संचिता बसु: मैं नई तेलुगु फिल्म पर काम कर रही हूं। उम्मीद है कि जल्द ही उसके बारे में आधिकारिक घोषणा होगी। धवल ठाकुर: मेरी एक इंडिपेंडेंट फिल्म आने वाली है। अभी ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकता, लेकिन इस साल दर्शकों को जरूर देखने मिलेगी। कुछ और प्रोजेक्ट्स भी लाइनअप में हैं। सवाल: क्या तीसरे सीजन की भी उम्मीद रखनी चाहिए? जवाब/संचिता बसु: पहले सीजन-2 पूरा देख लीजिए। उसके बाद क्या होगा, यह वक्त बताएगा। धवल ठाकुर: दर्शकों ने जिस तरह दोनों सीजन को प्यार दिया है, उसके लिए दिल से शुक्रिया। हर शुक्रवार नए एपिसोड देखिए और अपना प्यार बनाए रखिए।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने वाले बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता प्रकाश राज, कॉमेडियन-एक्टर वीर दास, अभिनेता अभिषेक बनर्जी और कॉमेडियन समय रैना समेत कई सेलेब्स ने छात्रों को बधाई देते हुए उनके आंदोलन का समर्थन किया। वहीं विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा और आयशा खान सहित कई कलाकारों और डिजिटल क्रिएटर्स ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया। प्रकाश राज बोले- सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, मेरे प्यारे साथियों, आपको बहुत-बहुत बधाई। सोनम वांगचुक सर और उन सभी लोगों को भी बधाई, जो युवाओं के साथ मजबूती से खड़े रहे। आपने साबित कर दिया कि सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है। वीर दास बोले- जीत आपकी है, अब जश्न मनाइए वीर दास ने छात्रों के नाम संदेश लिखते हुए कहा, “आपने उस छोटी-सी बात को फिर से जीवित कर दिया, जिसे हम स्कूल की किताबों में पढ़कर भूल गए थे। प्यारे बच्चों, आगे चाहे जो भी हो, जीत आपकी है। अब जाइए और इस जीत का जश्न मनाइए।” समय रैना ने लिखा- छात्रों को और ताकत मिले कॉमेडियन समय रैना ने छात्रों के समर्थन में संक्षिप्त पोस्ट करते हुए लिखा, छात्रों को और ताकत मिले। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी बोले- एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने अपनी प्रोफाइल फोटो बदलते हुए लिखा, मैंने अपनी प्रोफाइल फोटो बदल ली है। नई पीढ़ी को बहुत-बहुत बधाई। साथ ही एक बात हमेशा याद रखिए- अगर हम एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे, बंट जाएंगे तो हार जाएंगे। प्रियंका चोपड़ा ने नई पीढ़ी को बताया जीत का हकदार प्रियंका चोपड़ा ने भी इस घटनाक्रम पर खुशी जताई और अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए आंदोलन का नेतृत्व करने वाली नई पीढ़ी की तारीफ की। प्रियंका ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की एक पोस्ट शेयर की, जिसमें लिखा था, देशभर में 30 दिन तक चले छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक की 26 दिन की कठिन भूख हड़ताल के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इस पोस्ट पर उन्होंने ताली बजाने वाला, भावुक चेहरा, काला चश्मा और लाल दिल वाला इमोजी लगाकर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद प्रियंका ने इंडिया कल्चरल हब की एक और पोस्ट शेयर की, जिस पर लिखा था, यह जीत नई पीढ़ी की है। प्रियंका ने इसके बाद सोनम वांगचुक की एक तस्वीर भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की। हालांकि, इस तस्वीर के साथ उन्होंने कुछ भी नहीं लिखा। विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा और आयशा खान ने भी किया समर्थन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिनेता विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा, आयशा खान समेत कई कलाकारों और डिजिटल क्रिएटर्स ने भी छात्रों की चिंताओं का समर्थन किया। इन सभी ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों की आवाज सुने जाने की जरूरत पर जोर दिया। सोशल मीडिया पर इन कलाकारों के पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इसे छात्रों की एकजुटता और उनकी आवाज की जीत बता रहे हैं।
टीवी शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी एक्ट्रेस अपरा मेहता ने मॉब अटैक और शादी पर बड़ा बयान दिया है। एक्ट्रेस ने कहा है कि उनके पूर्व पति एक्टर दर्शन जरिवाला ने उन्हें दुनिया की सबसे बदसूरत महिला कहा था, जिसके बाद उनका तलाक हुआ था। हालिया इंटरव्यू में उन्होंने करियर के पीक में भीड़ द्वारा हुई बदसलूकी पर भी बात की। एक्ट्रेस ने बताया है कि लोगों ने उन्हें घेर कर गलत तरह छुआ और फिर सिगरेट से जलाया। एक्ट्रेस अपरा मेहता ने हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में भीड़ द्वारा हुई बदसलूकी पर कहा, ‘मैं करियर के पीक पर थी और हम लोगों का गुजराती ड्रामा कोलकाता में होता था। तो 5 शोज हुए थे कला मंदिर में। वहां सीट पूरी पैक थीं। जैसे ही में अंदर आई मुझे देखकर लोगों ने 8 हजार डांडियां ऊपर उछाल दीं। मैं भीड़ में बुरी तरह फंस गई। वो मुझे खींच के म्यूजिशियन्स के पोडियम तक ले गए। मैं लोगों से हाथ मिलाने लगी तो लोग मेरे हाथ की हीरे की अंगूठी खींचने लगे, किसी ने मुझे सिगरेट से जला दिया। पूरी जनता पागल हो गई थी।’ आगे अपरा ने कहा, ‘पोडियम हिलने लगा था, मैंने कहा ये तो खतरनाक हो गया। उसके बाद मुझे वहां से उतारा गया, पूरे लोगों ने सर्कल बनाया। उस समय हर कोई मुझे हर कहीं छू रहा था। मैंने कहा ओके टच कर लो क्या मिलेगा। मैं उस समय शॉक में भी नहीं थी।’ पति ने कहा था- तुम दुनिया की सबसे बदसूरत औरत हो एक्ट्रेस अपरा मेहता ने करियर के पीक में गुजरात के पॉपुलर एक्टर दर्शन जरिवाला से शादी की थी। इस शादी से उन्हें एक बेटी हुई, लेकिन 2003 में दोनों अलग हो गए। अपरा ने बताया है कि 2003 में वो शूटिंग के सिलसिले में USA में थीं। उस दिन उनकी शादी की सालगिरह थी, उसी दिन दर्शन जरिवाला ने तलाक की मांग की। अपरा कहती हैं, मैंने उन्हें यूएसए से कॉल किया, हमारी एनिवर्सरी थी। उन्होंने मुझसे कहा कि हमें बात करना चाहिए। काम खत्म कर मैं लौटी। मैं 3 बजे भारत पहुंचीं, 5 बजे घर आई, मुझे अगली सुबह 7 बजे शूटिंग के लिए जाना था। उन्होंने मुझसे कहा, अपरा हमें अलग हो जाना चाहिए, मैं अब तुमसे प्यार नहीं करता। अब पसंद नहीं करता और मुझे लगता है कि तुम दुनिया की सबसे बदसूरत महिला हो। वो झूले पर बैठे चाय पीते हुए कह रहे थे, मैं वहीं खड़ी सुन रही थी। काम पर गई, थोड़ी देर बाद कहा कि नहीं उसने जानबूझकर ऐसा नहीं कहा होगा। लेकिन फिर थोड़े दिनों बाद वो घर छोड़कर चले गए। कौन हैं अपरा मेहता?
स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर फर्जी पोस्ट वायरल होने के बीच शाहरुख खान अपने परिवार के साथ लंदन में वेकेशन मना रहे हैं। लंदन स्थित घर के बाहर से एक्टर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो पत्नी गौरी और बेटों आर्यन- अबराम के साथ सड़क पर टहलते दिखे हैं। सामने आए वीडियो में शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान नजर नहीं आ रही हैं। शाहरुख खान हुडी पहने हुए चेहरा छिपाए हुए दिखे, वहीं अबराम और आर्यन उनके पीछे वॉक कर रहे थे। ऐश्वर्या राय भी न्यूयॉर्क वेकेशन पर ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन को भी न्यूयॉर्क वेकेशन में स्पॉट किया गया है। फैन पेज से वायरल हुई फोटो में ऐश्वर्या-अभिषेक कैजुअली न्यूयॉर्क की सड़कों पर टहलते दिखे हैं। शाहरुख खान के नाम से वायरल हुई थी प्रोटेस्ट से जुड़ी फर्जी पोस्ट सलमान खान ने कुछ समय पहले ही स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़ी एक पोस्ट शेयर की थी। इसके कुछ देर बाद ही शाहरुख खान की पोस्ट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पोस्ट में लिखा गया था, प्यारे छात्रों, आप लोगों ने यह दिखा दिया है कि असली ताकत कहां होती है, किताबों में, कलम में और अपनी आवाज में। आपका यह विरोध सिर्फ एक परीक्षा के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक बेहतर, पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था के लिए है। हर छात्र इस बात का हकदार है कि उसकी मेहनत का मूल्यांकन उसकी मेहनत के आधार पर हो, न कि किसी पेपर लीक या घोटाले के कारण। यह लड़ाई सही भी है और जरूरी भी। देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। फैक्ट चेक करने पर सामने आया कि शाहरुख खान ने अपने किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसी कोई पोस्ट शेयर नहीं की। इसे फैनपेज द्वारा एडिट कर बनाया गया था। कई फैंस देश के बड़े मुद्दे पर शाहरुख खान की चुप्पी पर निराशा जाहिर कर रहे हैं। वहीं कुछ सेलेब्स ऐसे भी हैं, जो बेबाकी से इस मुद्दे पर राय रख रहे हैं। सलमान खान इस प्रोटेस्ट पर बोलने वाले पहले सबसे बड़े स्टार रहे। आगे करीना कपूर, वरुण धवन, सारा अली खान, प्रीति जिंटा, दीया मिर्जा जैसे कई सेलेब्स ने इस पर पोस्ट शेयर की। प्रोटेस्ट में शामिल हुए ये सेलेब्स सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी 20 जुलाई को जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट में शामिल हुईं। इस दौरान उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। उनके अलावा साउथ एक्टर प्रकाश राज भी कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ ट्रक में प्रोटेस्ट करते दिखे। 20 जुलाई के प्रोटेस्ट के बाद कई सेलेब्स अलग-अलग शहरों के प्रोटेस्ट में शामिल हुए। एक्ट्रेस आएशा खान को मुंबई के प्रोटेस्ट से डीटेन तक किया गया। वहीं एक्टर और आमिर खान के भांजे इमरान खान, कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी, सिंगर-रैपर बादशाह, हुमा कुरैशी, साकिब सलीम जैसे कई और सेलेब्स प्रोटेस्ट में पहुंचे।
एक्टर सोनू सूद बोले- पैसा सब कुछ नहीं होता:मां-बाप को याद कर भावुक हुए, कहा- उनका साथ सबसे बड़ी दौलत
बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने आज अपने सोशल मीडिया पेज पर एक भावुक वीडियो साझा किया है। वीडियो में उन्होंने लोगों से अपने माता-पिता का सम्मान करने और उनके महत्व को समझने की अपील की है। मोगा निवासी सोनू सूद इस दौरान अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए भावुक दिखाई दिए। सूद ने बताया कि उन्होंने बहुत कम उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया था। उन्होंने कहा कि एक दिन हर किसी के माता-पिता इस दुनिया को अलविदा कह जाते हैं। उस समय आपके फोन में उनका नंबर तो रहेगा, लेकिन उसे उठाने वाला कोई नहीं होगा। माता-पिता को गले लगाने का मौका मिल जाता अभिनेता ने यह भी कहा कि जीवन में चाहे इंसान के पास कितना भी पैसा और सुविधाएं क्यों न हों, माता-पिता के साथ न होने पर कुछ भी खरीद पाने की खुशी अधूरी रह जाती है। उस समय व्यक्ति उनके पुराने संदेश पढ़कर और यादों को ताजा कर यही सोचता है कि काश एक बार फिर अपने माता-पिता को गले लगाने का मौका मिल जाता। अपने प्यार का एहसास जरूर कराएं सोनू सूद ने भावुक अपील करते हुए कहा कि दुनिया की हर चीज दोबारा हासिल की जा सकती है, लेकिन बीता हुआ समय और माता-पिता का साथ वापस नहीं आता। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर उनके माता-पिता आज उनके साथ हैं तो उन्हें अपने प्यार का एहसास जरूर कराएं। उन्हें गले लगाएं और बताएं कि उनकी जिंदगी में माता-पिता की अहमियत सबसे ज्यादा है। संदेश की लोग जमकर सराहना कर रहे सोनू सूद के इस भावुक वीडियो को सोशल मीडिया पर लाखों लोग देख रहे हैं। उनके संदेश की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे माता-पिता के प्रति प्रेम, सम्मान और अपनापन जताने वाला प्रेरणादायक संदेश बता रहे हैं।
सैयारा सॉन्ग कंट्रोवर्सी के चलते सिंगर-कंपोजर तनिष्क बागची और अमाल मलिक के बीच सोशल मीडिया पर विवाद जारी है। अब अमाल ने तनिष्क पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। अमाल ने दावा किया है कि तनिष्क ने टिप्स म्यूजिक कंपनी में काम करने वाली एक लड़की से शादी का वादा किया और बाद में अब्यूज कर छोड़ दिया। इतना ही नहीं अमाल ने दावा किया है कि वह उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम से धमकी दिलवा रहे हैं। अमाल ने ऑफिशियल X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर तनिष्क बागची के लिए लिखा है, ‘तुमने मीटू का मामला रफा-दफा करवा लिया क्या? टिप्स म्यूजिक कंपनी के ए एंड आर डिपार्टमेंट में एक लड़की है। उससे शादी का वादा करके तुमने उसका शोषण किया और फिर उसे छोड़ दिया। आज तुमने किसी और से शादी कर ली। उस महिला पर तरस आता है जिसने तुम्हारे जैसे सांप को चुना। वह लड़की गहरे सदमे और अवसाद में है, और यह खबर बहुत तेजी से फैलेगी।’ आगे अमाल ने लिखा है, ‘और कृपया देवेंद्र फडणवीस का नाम लेकर मुझे अप्रत्यक्ष धमकियां देना बंद करो। ये सब मेरे साथ नहीं चलेगा, छोटे। मैं गलत नहीं हूं, इसलिए मुझे किसी बात का डर नहीं है। तुम मुझसे गंदी लड़ाई करना चाहते हो? तो सामने आओ। जिस स्कूल के तुम चपरासी भी नहीं बन सके, हम वहां के प्रिंसिपल, ट्रस्टी और म्यूजिक टीचर हैं, बेटे। अब कोर्ट में मिलते हैं। अगर सच में कुछ करना है, तो आ जाओ। तनिष्क बागची मैं आऊं क्या अपनी पर?’ जानिए क्या है पूरा विवाद? 2025 की फिल्म सैयारा के सुपरहिट होने के बाद सिंगर तनिष्क बागची ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें टाइटल सॉन्ग के लिए 8 लिखे मिले थे। गाना हिट रहा, लेकिन उन्हें इसकी रॉयल्टी नहीं मिली। तनिष्क का बयान आने के बाद यशराज फिल्म्स (YRF) ने कहा कि सभी भुगतान कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार किए गए हैं, जिसके बाद तनिष्क ने अपनी पोस्ट हटा दी। तनिष्क की पोस्ट के बाद अमाल मलिक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह 2015 से ही म्यूजिक इंडस्ट्री की खामियों के खिलाफ लड़ रहे हैं और अब लोग 10 साल देर से जागे हैं। इसके बाद से ही अमाल मलिक लगातार तनिष्क के खिलाफ कई पोस्ट शेयर कर रहे हैं। एक पोस्ट में अमाल ने तनिष्क को मिस्टर रिमिक्स और ऑरिजिनल गाने खराब करने वाला लिखा। शुक्रवार को अमाल ने कई पोस्ट शेयर किए, जिसमें उन्होंने तनिष्क पर फर्जी कैंपेन चलाने के आरोप लगाते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। फिलहाल इस विवाद पर अब तक तनिष्क बागची की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ मोटिवेशनल पोस्ट शेयर की हैं। कौन हैं तनिष्क बागची? विवादों में रहे हैं अमाल मलिक अमाल मलिक बॉलीवुड के पॉपुलर सिंगर और कंपोजर हैं। उनके पिता डब्बू मलिक और भाई अरमान मलिक की सिंगिंग इंडस्ट्री में काफी फेमस हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत में सलमान खान की जय हो और सोनम कपूर की खूबसूरत जैसी फिल्मों में कंपोजिशन किया और कई हिट गाने दिए। अमाल मलिक के पॉपुलर गाने कुछ महीनों पहले ही अमाल मलिक ने भाई अरमान और परिवार से रिश्ता तोड़ने की अनाउंसमेंट की थी, जिससे वो सुर्खियों में आ गए थे। इसके बाद उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 18 में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने अंकल अन्नू मलिक पर कई विवादित बयान दिए थे।
इन दिनों अपकमिंग फिल्म भाई तेरा स्टार है के प्रमोशन में व्यस्त चल रहे एक्टर और डांसर की मीडिया से बहस हो गई। राघव हाल ही में फिल्म प्रमोट करने जयपुर पहुंचे थे। इवेंट से निकलते हुए एक रिपोर्टर ने राघव से स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर सवाल किया, जिससे वो भड़क गए। लोकल न्यूज चैनल के रिपोर्टर ने राघव के निकलते ही उनके कंधे पर हाथ रखा और पूछा, आपने स्टूडेंट के बीच प्रमोशन किया है, लेकिन स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर आपने कुछ बोला नहीं है। इस पर राघव ने उसी अंदाज में कंधे पर हाथ रखकर कहा, ‘जितनी हिम्मत आप हमसे पूछने में करते हैं, उतनी उनसे किया करो, जिनसे वाकई पूछना चाहिए।’ राघव चिढ़कर निकलने लगे, तभी रिपोर्टर ने फिर कहा कि आप स्टूडेंट के बीच आए हैं। इस पर राघव ने पलटकर कहा, ‘मैंने इंस्टाग्राम पर डाला हुआ है, आप वो पढ़ लीजिए और इतनी हिम्मत वहां दिखाते, जहां दिखाना है। वहां हिम्मत दिखाओ, वहां ये हालत नहीं होती।’ राघव जुयाल का वीडियो सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर उन्हें बॉयकॉट करने की मांग की जाने लगी। अब राघव ने खुद आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो री-शेयर किया, जिसमें उनके बॉयकॉट की मांग हो रही थी। इसके साथ एक्टर ने लिखा- मुझे जो कहना था, मैंने कह दिया। प्रोटेस्ट पर क्या थी राघव की पोस्ट राघव जुयाल उन सेलेब्स में शामिल हैं, जिन्होंने सबसे पहले स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़ी पोस्ट शेयर की थी। राघव ने सबसे पहले भगत सिंह की तस्वीर शेयर कीं और दूसरी पोस्ट में आंदोलन से जुड़े डायलॉग शेयर किए। प्रोटेस्ट के बीच शेयर की गईं राघव की पोस्ट- शहनाज गिल से नाम जुड़ने पर चर्चा में है राघव जुयाल की बर्थडे पार्टी में शहनाज गिल, आर्यन खान समेत कई सेलेब्स पहुंचे थे। इस दौरान राघव, शहनाज के लिए बेहद प्रोटेक्टिव दिखे। उन्होंने अपनी बर्थडे पार्टी के बाद शहनाज को लोगों से बचाते हुए कार के अंदर गोद में बैठा लिया था। पिंकविला से बातचीत में राघव ने साफ किया कि किसी भी महिला की सुरक्षा करना उनके लिए कोई पब्लिसिटी स्टंट नहीं, बल्कि उनकी मूल प्रवृत्ति है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई महिला उनके साथ होगी, वे 'मरते दम तक उसकी रक्षा करेंगे'।
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने देर रात सोशल मीडिया पर क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की है। जिसे चंद घंटों में ही 1.3 मिलियन से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। सलमान ने इंस्टाग्राम से दो शर्टलेस तस्वीरें शेयर कीं। शर्टलेस तस्वीरें जिम की हैं, जिनमें सलमान जिम इक्विपमेंट के पास खड़े हैं और उनके सिर पर तोलिया डला हुआ है। इन तस्वीरों के साथ सलमान खान ने लिखा है, सलमान खान डर गया, हम्म्म जो डर गया समझो मर गया। स्टूडेंट प्रोटेस्ट सपोर्ट कर चर्चा में हैं सलमान खान इन दिनों जंतर-मंतर में चल रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट को सपोर्ट कर चर्चा में हैं। 2 दिन पहले सलमान ने स्टूडेंट का समर्थन करते हुए एक पोस्ट शेयर की और प्रोटेस्ट के हिंसक होने पर निराशा जाहिर की। उन्होंने लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद से ही कई बड़े बॉलीवुड सेलेब्स ने भी प्रोटेस्ट में समर्थन देना शुरू कर दिया। इनमें वरुण धवन, प्रीति जिंटा, करीना कपूर, अनन्या पांडे, सारा अली खान शामिल हैं। सलमान की पोस्ट के कुछ समय बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्दे पर एक रील पोस्ट की और चर्चा करने की बात की। कुछ देर बाद लिखा- सोनम प्लीज कुछ खा लो, कुछ घंटों में टूटा अनशनप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट सामने आने के बाद सलमान खान ने नई पोस्ट में सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की। संयोग से इसके कुछ घंटों बाद ही उन्होंने अनशन खत्म कर दिया। सलमान खान ने लिखा था, छात्र हमारी टॉप प्रायोरिटी हैं, चाहे शिक्षा के मामले में हो या उनकी सुरक्षा के। इसलिए उन्हें किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है और न ही उनके माता-पिता को उनकी फिक्र करनी चाहिए। माननीय प्रधानमंत्री ने भी इस मामले पर ट्वीट किया है और मुझे पूरा भरोसा है कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसलिए छात्रों से मेरी अपील है कि वे अपने घर लौट जाएं और अपने माता-पिता के पास रहें। आगे सलमान ने लिखा, ‘सोनम, अब यह मामला खत्म हो चुका है, भाई। इसे और आगे मत बढ़ाओ। अगर भविष्य में जरूरत पड़ी तो उसी जज़्बे को फिर से दिखाना, हालांकि मुझे इसकी संभावना नहीं लगती। फिलहाल कुछ खा लो। अगर चाहो तो मैं अपने घर से तुम्हारे लिए खाना भी भिजवा दूंगा।’
देशभर में चल रहे नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन के बीच बॉलीवुड हस्तियों के बयानों से नया विवाद शुरू हो गया है। एक्ट्रेस आकांक्षा पुरी ने दावा किया है कि इस आंदोलन में शामिल होने और रैलियों का चेहरा बनने के लिए कई स्टार्स, इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को पैसों के ऑफर दिए जा रहे हैं। वहीं, प्रियंका चोपड़ा की कजिन और एक्ट्रेस मीरा चोपड़ा ने विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने पर कड़ा एतराज जताया है। पैसे देकर आंदोलन का चेहरा बनाए जाने के ऑफरन्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में एक्ट्रेस आकांक्षा पुरी ने कहा कि मनोरंजन उद्योग के लोगों को कई ग्रुप्स की ओर से फोन आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रैलियों में जाने और आंदोलन का चेहरा बनने के लिए स्टार्स और इन्फ्लुएंसर्स को पैसों का लालच दिया जा रहा है। आकांक्षा ने कहा, हर कोई इसे एक मार्केटिंग एक्सरसाइज में बदलना चाहता है। वे चाहते हैं कि हम रैलियों में जाएं और इस आंदोलन का चेहरा बनें। लेकिन मैं इस सर्कस का हिस्सा नहीं बनूंगी। सही चीज का समर्थन जरूर करें, लेकिन इसे पैसों के लिए मार्केटिंग स्टंट न बनाएं। हालांकि, आकांक्षा ने यह भी माना कि वे छात्रों की वास्तविक मांगों के साथ खड़ी हैं और सरकार को युवाओं की बात सुननी चाहिए। पीएम को गाली देने पर भड़कीं मीरा चोपड़ादूसरी तरफ, एक्ट्रेस मीरा चोपड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो री-शेयर करते हुए प्रदर्शनकारियों के आचरण पर सवाल खड़े किए हैं। वायरल वीडियो में माइक पर एक महिला कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती दिख रही है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रही महिला नीट की रैंक होल्डर है। वीडियो पर रिएक्ट करते हुए मीरा चोपड़ा ने लिखा, क्या यह आज का युवा है? या नीट की स्टूडेंट? प्लीज बताओ यह कौन सा युवा है??? राजनीतिक रोटियां न सेकें पार्टियांइससे पहले मीरा चोपड़ा ने भी छात्रों की जायज मांगों का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने अधिकारियों से अपील की थी कि छात्रों की बात सुनी जाए, क्योंकि वे देश का भविष्य हैं। हालांकि, उन्होंने राजनीतिक दलों द्वारा इस मुद्दे का फायदा उठाने पर सख्त चेतावनी भी दी थी। मीरा ने लिखा था, चाहे CJP हो या आम आदमी पार्टी (AAP), किसी भी राजनीतिक दल को अपने एजेंडे के लिए छात्रों के संघर्ष का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। बच्चे का भविष्य कोई राजनीतिक हथियार नहीं है। छात्रों की बात जरूर सुनी जाए, लेकिन नेताओं को उनके कंधे पर रखकर बंदूक चलाने की इजाजत न मिले। ये खबर भी पढ़ें दीया मिर्जा ने पीएम मोदी पर निशाना साधा:पेपर लीक पर 47 दिन बाद बोले, बच्चों को खोने वाले परिवारों के लिए एक शब्द भी नहीं कहा अभिनेत्री दीया मिर्जा ने नीट पेपर लीक विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर अपनी निराशा जताई है। सोशल मीडिया पर एक नोट शेयर करते हुए दीया ने कहा कि पीएम का बयान संवेदनहीन था। पूरी खबर पढ़ें करीना बोलीं- छात्रों की बात सुनना अहसान नहीं, हमारा फर्ज:कमल हासन बोले- सिस्टम सड़ चुका है; इमरान और वरुण समेत कई एक्टर्स समर्थन में उतरे दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधार आंदोलन को अब बॉलीवुड हस्तियों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। सलमान खान, आलिया भट्ट और अनन्या पांडे के बाद अब करीना कपूर खान, कमल हासन, वरुण धवन, इमरान खान और पीयूष मिश्रा भी छात्रों के पक्ष में आ गए हैं। पूरी खबर पढ़ें
सलमान खान के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि शाहरुख खान ने भी नीट विवाद पर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन किया है। इंटरनेट पर शाहरुख के नाम से एक स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्रों के समर्थन में मैसेज लिखा है। इस पोस्ट में पेपर लीक के अलावा पारदर्शी सिस्टम के लिए आवाज उठाई गई है। हालांकि, पड़ताल में यह स्क्रीनशॉट पूरी तरह फर्जी निकला है। शाहरुख खान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसा कोई पोस्ट शेयर नहीं किया है और न ही इस मुद्दे पर अब तक कोई प्रतिक्रिया दी है। वायरल स्क्रीनशॉट में क्या दावा किया जा रहा है?सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट में शाहरुख खान के हवाले से लिखा गया कि छात्रों ने दिखाया है कि असली ताकत किताबों, पेन और आवाज में होती है। फर्जी पोस्ट में लिखा था, यह लड़ाई सिर्फ एक एग्जाम के खिलाफ नहीं, बल्कि फेयर और पारदर्शी सिस्टम के लिए है। हर छात्र अपनी मेहनत का हिसाब चाहता है, न कि पेपर लीक या स्कैम। मैं इमोशनली और मॉरली आप सभी के साथ हूं। इस मैसेज के सामने आने के बाद कई लोगों को लगा कि शाहरुख खान ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। सामने आई सच्चाई, फैंस ने जताई नाराजगीजब शाहरुख खान के आधिकारिक इंस्टाग्राम और X (ट्विटर) अकाउंट्स की जांच की गई, तो वहां ऐसा कोई भी बयान या पोस्ट नहीं मिला। इसके बाद यह साफ हो गया कि इंटरनेट पर वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट पूरी तरह से फर्जी और एडिट किया गया है। शाहरुख के फैंस ने भी सोशल मीडिया पर फर्जी स्क्रीनशॉट शेयर करने वाले यूजर्स को आड़े हाथों लिया और गलत जानकारी फैलाने के लिए नाराजगी जताई। सलमान खान समेत कई बॉलीवुड हस्तियां आ चुकी हैं समर्थन मेंदिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन को बॉलीवुड की कई नामचीन हस्तियों का समर्थन मिल चुका है। सलमान खान, करीना कपूर, आलिया भट्ट, इमरान खान, शबाना आजमी और राजकुमार राव जैसे कलाकारों ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध करते हुए उनकी मांगों को सही ठहराया है। इसी बीच लोगों को शाहरुख खान के बयान का भी इंतजार था, जिसका फायदा उठाकर किसी ने यह फर्जी पोस्ट वायरल कर दिया। 'किंग' फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं शाहरुख खानशाहरुख खान इन दिनों अपनी आने वाली एक्शन फिल्म 'किंग' की शूटिंग में व्यस्त हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में शाहरुख अपनी बेटी सुहाना खान के साथ नजर आएंगे। फिल्म में दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, राघव जुयाल और रानी मुखर्जी भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। ये खबर भी पढ़ें दीया मिर्जा ने पीएम मोदी पर निशाना साधा:पेपर लीक पर 47 दिन बाद बोले, बच्चों को खोने वाले परिवारों के लिए एक शब्द भी नहीं कहा अभिनेत्री दीया मिर्जा ने नीट पेपर लीक विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर अपनी निराशा जताई है। सोशल मीडिया पर एक नोट शेयर करते हुए दीया ने कहा कि पीएम का बयान संवेदनहीन था। पूरी खबर पढ़ें
अभिनेत्री दीया मिर्जा ने नीट पेपर लीक विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर अपनी निराशा जताई है। सोशल मीडिया पर एक नोट शेयर करते हुए दीया ने कहा कि पीएम का बयान संवेदनहीन था। उन्होंने सवाल उठाया कि हफ्तों से अनशन पर बैठे छात्रों, विरोध कर रहे युवाओं और अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों के लिए एक भी शब्द क्यों नहीं कहा गया। यह प्रतिक्रिया पीएम मोदी के उस वीडियो मैसेज के बाद आई है, जिसमें उन्होंने फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून बनाने का आश्वासन दिया था। 'टूटे दिलों को जोड़ने वाली बात नहीं कही'दीया मिर्जा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक भावुक नोट शेयर करते हुए सरकार के रवैये की आलोचना की। उन्होंने लिखा, उन माता-पिता के लिए सहानुभूति का एक शब्द भी नहीं, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया। अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों के संघर्ष, सोनम जी और हफ्तों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के लिए कुछ नहीं कहा गया। सर, इतना कठिन कैसे हो सकता है? दीया ने प्रधानमंत्री के देरी से बोलने पर सवाल उठाते हुए आगे लिखा, आपको कुछ कहने में 47 दिन लग गए। और अब जब आपने कहा है, तो भी कुछ नहीं कहा। ऐसा कुछ भी नहीं, जो उन लाखों टूटे हुए दिलों को राहत दे सके। पीएम मोदी ने वीडियो मैसेज में क्या कहा?मोदी ने गुरुवार आधी रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी। पीएम ने बताया कि कैबिनेट में इससे जुड़े मसौदे पर आज चर्चा होगी और सख्त फैसले लिए जाएंगे। मंजूरी मिलने के बाद इसे अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा। साथ ही इसे जल्द पास कराने की कोशिश होगी। PM मोदी ने X हैंडल पर 2.56 मिनट का एक वीडियो मैसेज पोस्ट किया। कहा- पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया। जंतर-मंतर पर एक महीने से जारी था CJP का प्रदर्शनदिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र संगठन करीब एक महीने से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में हुई धांधली के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। इसके साथ ही देश की पूरी परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार लागू किए जाएं। ये खबर भी पढ़ें करीना बोलीं- छात्रों की बात सुनना अहसान नहीं, हमारा फर्ज:कमल हासन बोले- सिस्टम सड़ चुका है; इमरान और वरुण समेत कई एक्टर्स समर्थन में उतरे दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधार आंदोलन को अब बॉलीवुड हस्तियों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। सलमान खान, आलिया भट्ट और अनन्या पांडे के बाद अब करीना कपूर खान, कमल हासन, वरुण धवन, इमरान खान और पीयूष मिश्रा भी छात्रों के पक्ष में आ गए हैं। पूरी खबर पढ़ें
सिनेमा की सबसे बड़ी ताकत यही होती है कि वह मनोरंजन के साथ समाज के जरूरी सवाल भी उठा सके। द इंडिया स्टोरी भी कीटनाशकों, मिलावटी भोजन और बढ़ते कैंसर जैसे बेहद गंभीर विषय को पर्दे पर लाती है। विषय ऐसा है जो हर परिवार से जुड़ा है और जिस पर मजबूत फिल्म बन सकती थी। लेकिन अफसोस, यहां इरादे बड़े हैं और फिल्म बेहद छोटी साबित होती है। कमजोर पटकथा, बिखरा स्क्रीनप्ले, फीका कोर्टरूम ड्रामा और जरूरत से ज्यादा मेलोड्रामा मिलकर इस फिल्म को एक औसत अनुभव बना देते हैं। इस फिल्म की लेंथ 2 घंटा 20 मिनट है। दैनिक भास्कर ने इस फिल्म को 5 में से 2 स्टार रेटिंग दी है। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी पूर्व सैन्य अधिकारी मेजर योगेश पाटिल (श्रेयस तलपड़े) की है, जिसकी छोटी बेटी परी (त्रिशा शारदा) कैंसर की वजह से दुनिया छोड़ देती है। जांच के दौरान योगेश को पता चलता है कि उसकी बेटी की बीमारी के पीछे फलों, सब्जियों, दूध और दूसरे खाद्य पदार्थों में मौजूद जहरीले कीटनाशक हैं। इसके बाद वह सरकार, कीटनाशक कंपनियों और जरूरत से ज्यादा रसायनों का इस्तेमाल करने वाले किसानों को अदालत में कटघरे में खड़ा कर देता है। इस कानूनी लड़ाई में उसका साथ देती हैं वकील अर्चना (काजल अग्रवाल)। अदालत में सुनवाई शुरू होती है और यहीं से फिल्म को उड़ान भरनी चाहिए थी। लेकिन पूरी बहस इतनी कमजोर लिखी गई है कि मामला कभी रोमांचक बन ही नहीं पाता। विपक्ष के वकील (मनीष वाधवा) को भी सिर्फ औपचारिक मौजूदगी तक सीमित कर दिया गया है। न कोई जोरदार जिरह होती है, न चौंकाने वाले सबूत सामने आते हैं और न ही ऐसा कोई दृश्य जो दर्शकों से तालियां बटोर सके। आखिर तक फिल्म सिर्फ एक ही बात दोहराती रहती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? श्रेयस तलपड़े पूरी ईमानदारी से अपना किरदार निभाते हैं। बेटी को खोने वाले पिता का दर्द उनके चेहरे पर साफ दिखता है, लेकिन कमजोर लेखन उनके अभिनय को ऊंचाई तक नहीं पहुंचने देता। काजल अग्रवाल का अभिनय ठीक है, लेकिन अदालत में उनका किरदार प्रभाव नहीं छोड़ता। इतने बड़े केस की वकील होने के बावजूद उनके हिस्से कोई ऐसा दृश्य नहीं आता जो याद रह जाए। बाल कलाकार त्रिशा शारदा फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी हैं। बीमारी से जूझती बच्ची के रूप में वह दिल छू जाती हैं। मुरली शर्मा अपनी छोटी भूमिका में असर छोड़ते हैं, जबकि मनीष वाधवा जैसे सशक्त अभिनेता का पूरा इस्तेमाल ही नहीं किया गया। निर्देशन और तकनीकी पक्ष निर्देशक चेतन डीके का उद्देश्य अच्छा है, लेकिन फिल्म बनाने का तरीका बेहद साधारण है। स्क्रीनप्ले बिखरा हुआ है और कई दृश्य कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय सिर्फ जानकारी देने का काम करते हैं। सबसे बड़ी कमी कोर्टरूम ड्रामा में दिखाई देती है। जहां तेज बहस, मजबूत तर्क और कानूनी दांवपेंच होने चाहिए थे, वहां सब कुछ बेहद आसान और सपाट नजर आता है। सरकार, मीडिया और बड़ी कंपनियों जैसे अहम पहलुओं को भी सतही तरीके से दिखाया गया है। पहला हिस्सा डॉक्यूमेंट्री जैसा महसूस होता है, जबकि दूसरा हिस्सा जरूरत से ज्यादा भावुक हो जाता है। संपादन भी ढीला है और फिल्म कई जगह अपनी रफ्तार खो देती है। कैमरा वर्क और प्रोडक्शन डिजाइन सामान्य हैं। तकनीकी रूप से फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है जो बड़े पर्दे का अनुभव खास बना सके। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? संगीत पूरी तरह निराश करता है। कोई भी गीत याद नहीं रहता और पृष्ठभूमि संगीत भी फिल्म की भावनाओं को ज्यादा ऊंचाई नहीं दे पाता। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? द इंडिया स्टोरी इस बात का उदाहरण है कि सिर्फ अच्छा विषय किसी फिल्म को अच्छा नहीं बना सकता। जब पटकथा कमजोर हो, कोर्टरूम ड्रामा बेजान हो और निर्देशन में धार न हो, तो सबसे जरूरी मुद्दा भी अपना असर खो देता है। अगर आपका मकसद सिर्फ कीटनाशकों के नुकसान के बारे में जानना है तो फिल्म एक जानकारी जरूर देती है। लेकिन एक प्रभावशाली कोर्टरूम ड्रामा और मजबूत सिनेमाई अनुभव की उम्मीद लेकर जाएंगे तो यह फिल्म निराश ही करेगी।
रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायणः पार्ट-1 का ट्रेलर पोस्टपोन हो चुका है। ये ट्रेलर पहले 24 जुलाई यानी आज रिलीज किया जाना था, लेकिन आखिरी वक्त में इसे टाल दिया गया है। इस फैसले से फैंस काफी नाराज दिखे। वहीं दूसरी तरफ रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में माता सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया ने फिल्म में तथ्यों को गलत तरह दिखाने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि फिल्म रामायण, टीवी शो रामायण को टक्कर नहीं दे पाएगी। दीपिका चिखलिया ने तथ्य गलत दिखाने पर उठाए सवाल रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में माता सीता बनीं दीपिका चिखलिया ने फिल्म रामायण में सीता बनीं साई पल्लवी के घुंघराले बाल दिखाए जाने पर सवाल उठाए। वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में दीपिका ने साई पल्लवी पर कहा, तुलसीदास की रामायण में सीता का वर्णन बादाम जैसी आंखों वाली, एक निश्चित कद-काठी, लंबे बालों और गौर वर्ण वाली स्त्री के रूप में किया गया है। यही बात रामानंद सागर भी तलाश रहे थे और उन्हें वह रूप मुझमें दिखाई दिया। आगे उन्होंने कहा, मेरी पहचान आज भी सीता के रूप में है। कई बार लोग मेरा नाम भूल जाते हैं, लेकिन उन्हें याद रहता है कि मैंने सीता का किरदार निभाया था। यही मेरी पहचान है। मुझे लगता है कि हमारी रामायण का प्रभाव फिल्म 'रामायण' पर बहुत गहरा रहेगा। महामारी के दौरान जब हमारी रामायण का दूरदर्शन पर दोबारा प्रसारण हुआ था, तब नई पीढ़ी ने भी उसे देखा। ऐसे में उस छवि को मिटा पाना बहुत मुश्किल है। रामायण में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि सीता जी के घुंघराले बाल थे। अन्नू कपूर भी उठा चुके हैं साई पल्लवी की कास्टिंग पर सवाल सीनियर एक्टर अन्नू कपूर ने हाल ही में रणबीर कपूर स्टारर फिल्म रामायण में माता सीता का किरदार साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी को देने पर सवाल खड़े किए हैं। अन्नू कपूर ने हाल ही में जूम को दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत में बायोपिक नहीं बनानी चाहिए। आगे अन्नू कपूर ने नितेश तिवारी की अपकमिंग फिल्म रामायण पर कहा, ‘क्या बनाएंगे, जो बनाएंगे, वो रामानंद सागर की रामायण को टेक्नोलॉजिकली बहुत शू शां और फूं फां और शोशेबाजी कर देंगे। लेकिन उसके बाद आप ये सोचिए कि किसको आपने सीता का रोल दिया है। सीता मां हैं, इस देश का हिंदू श्री राम चंद्र को नारायण का अवतार मानते हैं और किनको लिया है माता सीता के रोल में। अब आप सोचिए।’ रामायण का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन फिल्म रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने ऑफिशियल सोशल मीडिया से स्टेटमेंट जारी कर ट्रेलर पोस्टपोन होने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट से पार्टनरशिप होने के बाद ट्रेलर टाला गया है, क्योंकि वो अब इसे वर्ल्ड लेवल पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। स्टेटमेंट के आखिर में नमित मल्होत्रा ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा, मैं रामायण पर विश्वास रखने वाले सभी प्रशंसकों और समर्थकों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिनकी वजह से यह संभव हो पाया। हमारे देश का युवा ही हमारा भविष्य है। आइए, हम सभी मिलकर अपने भविष्य की रक्षा और उसे बेहतर बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। जय हिंद। 8 नवंबर को रिलीज होगी रामायणः पार्ट-1 बता दें कि एपिक सागा फिल्म रामायण, इंडियन सिनेमा की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में हैं। ये फिल्म 8 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
क्योंकि सास भी कभी बहू थी, कुसुम और कोई अपना सा जैसे कई सुपरहिट टीवी शोज में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री ने हाल ही में टीवी इंडस्ट्री और एक्टर्स के नशे करने से जुड़ा एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खुद भी कबूला है कि वो सभी तरह के नशे कर चुकी हैं। इतना ही नहीं एक्ट्रेस ने ये भी दावा किया है कि टीवी इंडस्ट्री की पार्टीज के लिए ड्रग का बजट बनता था, कई बार तो शूटिंग तक कैंसिल करना पड़ता था। एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री ने हाल ही में सिद्धार्थ कानन के पॉडकास्ट में सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर बात की। एक्ट्रेस ने कहा कि ड्रग्स ही एक्टर की मौत की वजह बने। उन्होंने कहा- ‘उन्होंने आत्महत्या क्यों की ये मेरी समझ से परे है। लेकिन मुझे लगता है ड्रग्स ही वजह है। पहले हमारी इंडस्ट्री में पार्टी का बजट होता था कि दारू का कितना बजट होगा। अब ड्रग्स का बजट होता है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘आप इसे पसंद करें या न करें, लेकिन मैं खुद भी देखकर शॉक थी कि ड्रग्स का बजट होता है। इसलिए बहुत सालों से मैंने पार्टी करना बंद कर दिया है। अब वो पार्टियां नहीं होतीं कि गाना लगा है चलो डांस करें, अब पार्टीज कुछ अलग होती हैं, पूरी तरह।’ एक्ट्रेस ने दावा किया है कि टीवी इंडस्ट्री की बड़ी पार्टीज में खुलेआम ड्रग्स इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन छोटी पार्टीज में ओपनली ड्रग्स इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा- ‘हर कोई जानता है कि सब नशे करते हैं। मैं पर्सनली नहीं जानती कि कौन नशे करता है, लेकिन मैं ऐसी जगह गई हूं, जहां मैंने लोगों को ड्रग्स लेते देखा है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा है, ‘मैं सती सावित्री बनने की कोशिश नहीं कर रही हूं, मैंने अपनी जिंदगी में सारे नशे किए हैं। लेकिन मैंने एक्सपेरिमेंट की तरह किया है कि ये करने से क्या होता है। वर्ना अगर आप ड्रग्स में घुस जाओ, तो जिंदगी में कुछ नहीं कर सकते हो।’ नारायणी ने आगे कहा, ‘कोकेन की लत लग जाती है। मुझे लगता है कोकेन इंडस्ट्री को खा रही है। ये दुनिया को खा रही है, क्योंकि सभी ड्रग्स करते हैं। मैं बहुत कम लोगों को जानती हूं जो ड्रग्स नहीं करते हैं। मैं ये सब नहीं करती थी, लेकिन जब मैं ऐसी जगह गई, तो मैं वहां लोगों को देखकर शॉक हो जाती थी।’ एक्टर्स खड़े होने लायक नहीं होते, शूटिंग कैंसिल होती है- नारायणी जब आगे एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या एक्टर्स सेट पर या वैनिटी में ड्रग्स लेते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नाम नहीं लेना है, लेकिन ये बहुत होता है। हमारी शूट कैंसिल हुई है, क्योंकि एक्टर्स शूट करने की हालत में नहीं है। महंगे एक्टर्स सेट पर बैठे हैं, लेकिन शूट नहीं हो रही, क्योंकि लोग खड़े होने लायक नहीं हैं। मेरे आखिरी दो शोज में ऐसा नहीं हुआ है, लेकिन पिछले शोज में ये बहुत हुआ है।’ अपने विवादित बयान में नारायणी शास्त्री ने साफ किया है कि वो ड्रग एडिक्ट नहीं हैं, उन्होंने सारे नशे सिर्फ ट्राय करने के लिए इस्तेमाल किए थे। एक्ट्रेस ने सफाई में कहा है कि उन्होंने पहली बार शराब इसलिए पी, जिससे उन्हें पता रहे कि अगर कोई उन्हें छिपकर शराब पिलाए तो पता हो कि उसका स्वाद कैसा है। कौन हैं एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री
एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा हाल ही में भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव पर भड़क गई हैं। इतना ही नहीं एक्ट्रेस उन्हें पहचान भी नहीं सकीं और उनके अस्तित्व पर सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, हाल ही में खेसारी लाल यादव एक इवेंट का हिस्सा बने थे। जैसे ही वो पोज देने के लिए कैमरामैन के सामने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि जिस जगह बैकग्राउंड बैनर लगा है, ठीक उसी जगह एक आवारा कुत्ता बैठा है। खेसारी लाल यादव ने खुद तो कुत्ते को छुआ तक नहीं, लेकिन वहां मौजूद टीम ने उस कुत्ते को बेरहमी से घसीटते हुए वहां से अलग कर दिया। खेसारी लाल यादव शांत खड़े देखते रहे और कुत्ते को हटाए जाने के बाद उन्होंने वहां पोज दिए। इवेंट का वीडियो सामने आने के बाद मलाइका भड़क गईं। मलाइका ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से खेसारी लाल यादव का वो वीडियो शेयर कर भड़कते हुए लिखा है, ‘ये लोग हैं कौन और ये आदमी कौन है, जो खड़ा होकर पोज दे रहा है। वाहियात।’ इतना ही नहीं। ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो री-शेयर करने के अलावा मलाइका अरोड़ा ने शेयर किए गए वीडियो पर भी दो कमेंट किए। पहले कमेंट में मलाइका ने लिखा, ‘वाहियात’। और दूसरे कमेंट में उन्होंने लिखा, ‘ये बेवकूफ कौन है, क्या इसके लिए पोज देना इतना जरूरी था।’ मलाइका का कमेंट सामने आने के बाद कई लोग खेसारी लाल यादव की पैरवी करते हुए उनकी पहचान बता रहे हैं। वहीं कुछ ट्रोलर्स ऐसे भी हैं, जो मलाइका को ही ट्रोल कर रहे हैं। कौन हैं खेसारी लाल यादव?
वास्तु, किस्मत और अंधविश्वास जैसे विषयों पर कई बार बहस होती है, लेकिन फिल्मों में इसे हल्के फुल्के और मनोरंजक अंदाज में कम ही दिखाया जाता है। 'उत्तर दा पुत्तर' इसी कोशिश के साथ आती है। फिल्म हंसाती है, व्यंग्य करती है और आखिर में एक ऐसा सवाल छोड़ जाती है, जो शायद थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी आपके साथ चलता है। हालांकि कुछ कमियां इसे और बेहतर बनने से रोकती हैं। इस फिल्म की लेंथ 1 घंटा 43 मिनट है। इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की कहानी फिजिक्स के प्रोफेसर साईं राम टुटेजा (अन्नू कपूर) की है। विज्ञान पढ़ाने वाले टुटेजा खुद वास्तु पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। उनकी जिद है कि वह तभी अपना घर बनाएंगे, जब उसे उत्तर दिशा की ओर फेस करने वाली परफेक्ट जमीन मिले। इसी वजह से सालों तक किराए के घर में रहते हैं। जब आखिरकार उन्हें मनचाही जमीन मिलती है और सपनों का घर बनाने का सफर शुरू होता है, तब किस्मत उनके सामने एक के बाद एक मुश्किलें खड़ी कर देती है। इंटरवल के बाद कहानी दिलचस्प मोड़ लेती है, जब टुटेजा समझते हैं कि जिंदगी सिर्फ दिशा नहीं, बल्कि अपने फैसलों और मेहनत से बदलती है। इस सफर में उनका छात्र ज्ञान चंद उर्फ जीसी (सुमित गुलाटी) उनका सबसे बड़ा सहारा बनता है। फिल्म कॉमेडी और व्यंग्य के जरिए वास्तु और अंधविश्वास पर सवाल भी उठाती है। कई जगह इसकी झलक 'खोसला का घोंसला' की याद दिलाती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? अन्नू कपूर पूरी फिल्म की जान हैं। साईं राम टुटेजा के किरदार में उनका अभिनय इतना सहज है कि कई बार लगता है जैसे यह किरदार उन्हीं के लिए लिखा गया हो। कॉमेडी, इमोशन और टाइमिंग, हर जगह वह फिल्म को अपने कंधों पर संभाल लेते हैं। सुमित गुलाटी (ज्ञान चंद उर्फ जीसी) दूसरे हिस्से में कहानी का मजबूत आधार बनते हैं और अपने किरदार में ईमानदार नजर आते हैं। रुखसार रहमान (गिन्नी) सधी हुई एक्टिंग करती हैं। राजेंद्र सेठी (आनंद राज आनंद) कम स्क्रीन टाइम में भी असर छोड़ते हैं। बृजेंद्र काला, पवन मल्होत्रा, इश्तियाक खान और नितिन अरोड़ा जैसे कलाकार अपनी मौजूदगी से फिल्म को और मनोरंजक बनाते हैं। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष डायरेक्टर रविंदर सिवाच ने एक अच्छे आइडिया को मनोरंजक तरीके से पेश किया है। फिल्म का मैसेज साफ है और वह बिना भाषण दिए अपनी बात कह जाती है। हालांकि कुछ सीन जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं और एडिटिंग थोड़ी टाइट होती तो फिल्म का असर और बढ़ सकता था। कास्टिंग में भी एक बात खटकती है। नासिर अब्दुल्ला, जो गिन्नी के पिता बने हैं, पर्दे पर अन्नू कपूर से उम्र में छोटे नजर आते हैं। ऐसे में उनका अन्नू कपूर के ससुर वाला किरदार पूरी तरह विश्वसनीय नहीं लगता। कैमरा वर्क और बाकी टेक्निकल पहलू कहानी के हिसाब से ठीक हैं। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक कहानी के साथ चलता है। गाने सीन के हिसाब से अच्छे लगते हैं, लेकिन थिएटर से बाहर निकलने के बाद बहुत ज्यादा याद नहीं रहते। बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के मूड को सपोर्ट करता है। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? 'उत्तर दा पुत्तर' कोई बड़ी या भव्य फिल्म नहीं है, लेकिन एक अच्छे विषय को ईमानदारी और हल्के फुल्के अंदाज में पेश करती है। अन्नू कपूर का शानदार अभिनय, बाकी कलाकारों का साथ और व्यंग्य से भरी कहानी इसे एक बार देखने लायक बनाती है। अगर आप ऐसी फिल्में पसंद करते हैं जो हंसाने के साथ सोचने पर भी मजबूर करें, तो 'उत्तर दा पुत्तर' आपको निराश नहीं करेगी। हालांकि थोड़ी टाइट एडिटिंग और कुछ बेहतर कास्टिंग फैसले इसे और मजबूत बना सकते थे।

