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जेल से रिहा होकर राजपाल यादव बोले:मामला करोड़ों रुपए का नहीं, ईगो और जलन का था, मुश्किल दौर में भी अपनी लड़ाई जारी रखी

पैसों के विवाद में जेल जाने के बाद अभिनेता राजपाल यादव पहली बार खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि 10-12 साल से चल रहे इस मामले में वह हमेशा कोर्ट की शरण में रहे हैं और सच्चाई जनता तक पहुंचना जरूरी है। राजपाल का कहना है कि सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी फैलने से भ्रम पैदा हुआ, इसलिए उन्होंने खुद सामने आकर सफाई देना जरूरी समझा। उन्होंने कहा कि अगर किसी का पैसा समय पर नहीं दे पाए तो उसकी नाराजगी स्वीकार है, लेकिन कभी किसी से छिपने या भागने की जरूरत महसूस नहीं हुई। अभिनेता ने इसे अपनी जिंदगी का सिर्फ एक ‘एपिसोड’ बताते हुए कहा कि आगे जो भी होगा, वह कोर्ट और सच्चाई के आधार पर तय होगा। दैनिक भास्कर से बातचीत में राजपाल यादव ने कहा कि सच छिपाने की बजाय उसे जनता के सामने रखना ही एक कलाकार की जिम्मेदारी है। पैसे के विवाद, जेल जाने और सोशल मीडिया पर फैली बातों के बीच आपने खुद सामने आकर सफाई देना जरूरी क्यों समझा? आप इस पूरे मामले को किस नजर से देखते हैं? हमारे देश की जनता बहुत ईमानदार और सच्ची है। आप क्रिकेटर हों या अभिनेता लोग आपको दिल से प्यार करते हैं। लेकिन अगर उनके पास कोई अधूरी जानकारी पहुंचती है, तो उसे साफ करना हमारा कर्तव्य है, क्योंकि हम पब्लिक के आदमी हैं। मुझे लगा कि सच्चाई जनता तक पहुंचनी चाहिए। 10-12 साल से जो मामला चल रहा है, उसमें मैं हमेशा माननीय कोर्ट की शरण में था, हूं और रहूंगा। एक अभिनेता का करियर होता है। फिल्म फाइनेंस 100 साल पुराना रिश्ता है। एक शुक्रवार 500 रुपए का नहीं रहता 500 करोड़ के दरवाजे खोल देता है। यही सिनेमा है, यही उसका रोमांच है। 1896 में हॉलीवुड शुरू हुआ, 1913 के आसपास भारतीय सिनेमा शुरू हुआ। 100 साल से इंडस्ट्री चल रही है। अगर सब बेईमान होते, तो क्या इतने साल टिक पाती इंडस्ट्री ? राजपाल यादव एक कॉमन मैन का प्रतिनिधि आदमी है। मैं कहीं “बिलॉन्ग” नहीं करता, मैं जीता हूं। 20 साल तक मुझे नहीं मालूम था कि मैं अभिनेता बनूंगा। लेकिन मुझे खेती करना आता था गेहूं कैसे बोया जाता है, पानी कैसे चलाया जाता है, मेड़ कैसे बांधी जाती है। अगर मैं अभिनेता हूं, तो मुझे स्टेज मैनेजमेंट समझना होगा। अगर फिल्म अभिनेता हूं, तो फिल्म का क्राफ्ट समझना होगा। क्राफ्ट से गुजरना पड़ेगा। मैं 11 साल सेल्फ-डिपेंड रहा हूं। मेरे पिताजी और परिवार गवाह हैं। हमने अपनी किताबें मेहनत से खरीदीं। थोड़ा पिताजी ने काम किया, थोड़ा भाई ने, थोड़ा मैंने। आज एशिया से लेकर सातों समंदर तक लोग पहचानते हैं। मैंने कभी रिसर्च नहीं की, लेकिन 500-600 लोग तो जहां जाता हूं पहचान लेते हैं। अगर ऐसे आदमी पर कोई उंगली उठती है, तो ऑडियंस को सच्चाई पता चलनी चाहिए। लोग कह रहे थे करियर खत्म हो जाएगा, इंडस्ट्री क्या कहेगी, दुनिया क्या कहेगी, सब चौपट हो जाएगा। मैं कहता हूं खड़ा हूं, चौपट हो जाए तो हो जाए। मजाक करता हूं, लेकिन अंदर की गंभीरता शरीर से 10 गुना ज्यादा है। मैं शाहजहांपुर से दाल-चावल-रोटी का इंतजाम करके मुंबई आया था। सिर्फ रोटी कमाने नहीं आया था। मैं अपनी भूख मिटाने आया था कला की भूख। एक डायलॉग बोलने में खुशी मिलती है। 50 बार रिहर्सल करने में खुशी मिलती है। दो लोगों का खर्च उठाने में खुशी मिलती है। यह मेरा पैशन है। यह जो विवाद आया है, यह मेरी जिंदगी का सिर्फ एक एपिसोड है। मैंने 50 लोगों से लेन-देन किया है। जिसका पैसा समय पर नहीं दे पाया, उसकी गाली खाने को तैयार हूं इस केस में गाली मिली भी। लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी का पैसा ले लिया और उसका फोन न उठाया हो। मुझे नहीं लगता कि ऐसी कोई जरूरत है कि मैं किसी से छिपूं या भागूं। जिन दो लोगों पर आपके 30 साल के करियर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का आरोप है, क्या उनसे आउट ऑफ कोर्ट समझौते की कोई संभावना है? नहीं, अभी ऐसा कोई प्रश्न ही पैदा नहीं होता। जो भी होगा, माननीय कोर्ट के माध्यम से होगा। अगर उन्हें 5 करोड़ नहीं चाहिए थे, तो नाम तो हो गया ना उनका। तीन घंटे की चर्चा में उन्हें वही मिला जो चाहिए था पहचान। समझौता तब होता है जब दोनों तरफ से लड़ाई हो। यहां तो एक तरफ से पूरी तैयारी थी। स्टेडियम भी आपने बनाया, खिलाड़ी भी आपने खड़े किए, आउट भी आपने किया और पवेलियन भी आपने भेज दिया लेकिन अब मेरी बारी है। इन्होंने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर मुझे मेरी बारी दे दी। अब सच में मेरी बारी है। क्या आपको लगता है कि आपकी चुप्पी का फायदा उठाया गया? चुप्पी का फायदा उठाने की कोशिश हुई। लेकिन जिन्होंने इंटरव्यू दिए, उन्होंने खुद ही अपने शब्दों में कॉमा और विराम लगा दिए हैं। अब उनकी नियति और इरादा साफ हो चुका है पूर्ण विराम। मैं तो इसी की तलाश में था कि इनका इंटेंशन सामने आ जाए। इन्होंने कहा कि जिस दिन म्यूजिक रिलीज हुआ, अगले दिन फिल्म रुकवा दी। अरे, 20 करोड़ रुपये लगे हों और कोई फिल्म रुकवा दे? जबकि भुगतान फरवरी में होना था और बात सितंबर में की जा रही है। कभी-कभी यह सब पैसों से ज्यादा जलन और कुंठा का मामला भी हो जाता है। अगर उद्देश्य प्रसिद्धि पाना था, तो वह मिल गई। फेमस होना था हो गए। मैंने कुछ नया नहीं जोड़ा, बस वही कहा जो उनके अपने शब्दों और घटनाक्रम से साफ दिखाई देता है। आगे जो भी होगा, कानून और सच्चाई के आधार पर होगा। पैसे के विवाद में जेल जाने के बाद आपके जेल अनुभव को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें कही गईं। इस पर आप क्या कहना चाहेंगे? जेल का अपना सिस्टम होता है, अपने नियम होते हैं। जेल देश की व्यवस्था का हिस्सा है। वहां के कानूनों का पालन करना धर्म है। बाहर जो लिखा जाता है, वह लोगों की कल्पना हो सकती है। कोई सोचता है काश ऐसा हो जाता, कोई कहता है काश वैसा हो जाता। वह उनका विषय है, मेरा नहीं। मैं जहां भी मिलूंगा, हंसते हुए मिलूंगा अपने आप से, समाज से, परिवार से। मुश्किल समय में आपके पिता ने कहा था कि अगर भैंसों से घिर जाओ तब भी शेर की तरह लड़ना। अगर आज वे होते, तो इस पूरे विवाद पर आपको क्या सलाह देते? वो यही कहते कि बेटा, अगर गलत हो तो तुरंत झुक जाओ। लेकिन अगर गलती नहीं है, तो दुनिया एक तरफ हो जाए, बिल्कुल मत झुकना। मुझे पता है यह दुनिया अपनी ही दुनिया है। आज अगर लोग आपको समझ रहे हैं या परख रहे हैं, तो कल आपके संस्कार ही आपकी परीक्षा लेंगे। अचानक कुछ भी नहीं होता। हर चीज के पीछे व्यवहार, आचरण और संस्कार होते हैं। मैं 30 साल पहले जैसा था, आज भी वैसा ही हूं। आगे भी कोशिश करूंगा कि और अच्छा काम करूं, ऐसे किरदार करूं जो मुझे खुद भी चौंका दें और देश-दुनिया में पहचान बनाएं।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 5:30 am

बादशाह के टटीरी सॉन्ग की बाल-महिला आयोग को शिकायत:नाबालिग लड़कियों को स्कूल बैग फेंकते दिखाया, रैप में गंदे शब्द इस्तेमाल करने का आरोप

बॉलीवुड रैपर-सिंगर बादशाह के हरियाणवी फोक सॉन्ग 'टटीरी' को लेकर विवाद हो गया है। गाने को लेकर 2 अलग-अलग शिकायतें दी गईं हैं। पहली शिकायत पानीपत की सविता आर्या ने हरियाणा महिला आयोग और दूसरी शिकायत रोहतक के एडवोकेट राजनारायण पंघाल ने राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को भेजी है। शिकायत में बादशाह के रैप की लाइन ‘आया बादशाह डोली चढ़ाने, इन सबकी घोड़ी बनाने’ पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस गाने में गंदी शब्दावली का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही स्कूल ड्रेस में नाबालिग बच्चियों को स्कूल बैग फेंकते हुए दिखाया गया। यह सॉन्ग 1 मार्च को रिलीज हुआ था। इस गाने में कैथल की रहने वाली सिमरन जागलान की भी आवाज है। वह हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी की बेटी हैं। टटीरी गाने को अभी तक यूट्यूब पर 2 मिलियन से ज्यादा लोग सुन चुके हैं। अब जानिए गाने को लेकर क्या शिकायत हुई…. वकील ने दिया इन एक्ट का हवाला… अब जानिए कौन हैं बादशाह…. ------------------------ ये खबर भी पढ़ें :- बादशाह संग 'टटीरी' सॉन्ग गाने वाली सिमरन की कहानी:पिता हरियाणवी सॉन्ग 'पानी आली पानी प्यादे' गाकर फेमस हुए, बेटी बॉक्सिंग में स्टेट चैंपियन रही बॉलीवुड रैपर-सिंगर बादशाह ने हरियाणवी फोक सॉन्ग 'टटीरी' लॉन्च किया है। इस गाने में कैथल की रहने वाली सिमरन जागलान ने अपनी आवाज दी है। सिमरन, हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी की बेटी हैं, जिन्होंने फेमस हरियाणवी सॉन्ग 'पानी आली पानी प्यादे' गाया है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 5:00 am

भाषा और पहनावे पर उड़ा मजाक, ऑडिशन में हुई बेइज्जती:सिद्धांत बोले, टाइम इंतजार से नहीं आता, मेहनत और धैर्य से खुद बनाना पड़ता है

हिंदी सिनेमा की दुनिया हर साल नए चेहरों से रोशन होती है, लेकिन चमकते सितारों की भीड़ में अपनी अलग पहचान बना पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। इस चमक-दमक के पीछे अनगिनत संघर्ष, असफलताएं और आत्मविश्वास की लंबी परीक्षा छिपी होती है। ऐसे ही संघर्षों से निकलकर सामने आए नामों में सिद्धांत चतुर्वेदी का नाम खास तौर पर लिया जाता है। बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड, बिना किसी बड़े गॉडफादर और बिना तैयार मंच के उन्होंने अपने दम पर वह मुकाम हासिल किया, जिसकी कल्पना कई युवा कलाकार करते हैं। उनकी यात्रा आसान नहीं रही। ऑडिशन दर ऑडिशन रिजेक्शन झेलना, बार-बार यह सुनना कि वे हीरो जैसे नहीं दिखते और इंडस्ट्री में आउटसाइडर का टैग लग जाना, ये सब किसी भी नए कलाकार का आत्मविश्वास डिगा सकते थे। स्कूल के दिनों में उन्हें बुलिंग का सामना भी करना पड़ा, जिसने उनके व्यक्तित्व पर असर डाला, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। इसके बजाय, उन्होंने इन्हीं अनुभवों को अपनी ताकत में बदला। सिद्धांत की कहानी केवल एक अभिनेता के सफल होने की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस जज्बे की कहानी है जो हर ठोकर के बाद इंसान को और मजबूत बनाता है। संघर्ष, धैर्य और खुद पर अटूट विश्वास के सहारे उन्होंने यह साबित किया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी आउटसाइडर अपनी जगह बना सकता है। आज की सक्सेस स्टोरी में आइए जानते हैं सिद्धांत चतुर्वेदी के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ और बातें.. साधारण घर में जन्म, बड़े सपने सिद्धांत चतुर्वेदी का जन्म 29 अप्रैल 1993 को उत्तर प्रदेश के बलिया में हुआ। बचपन में ही उनका परिवार मुंबई आ गया, जहां उनकी परवरिश हुई। उनके पिता चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। घर में पढ़ाई-लिखाई को हमेशा प्राथमिकता दी जाती थी। अभिनय को करियर के रूप में चुनना परिवार के लिए शुरुआत में चौंकाने वाला था, लेकिन बेटे के जुनून को देखते हुए उन्होंने उनका साथ दिया। पढ़ाई और CA की तैयारी सिद्धांत ने अपनी स्कूली शिक्षा मुंबई से पूरी की। कॉलेज में उन्होंने बीकॉम में दाखिला लिया। इसके बाद पिता के पेशे से प्रेरित होकर उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की पढ़ाई शुरू की और इंटरमीडिएट स्तर तक पहुंचे। परिवार चाहता था कि वे एक सुरक्षित और स्थिर करियर चुनें। थिएटर और मंच से बढ़ता लगाव पढ़ाई के दौरान ही सिद्धांत का झुकाव थिएटर और मंच की ओर बढ़ने लगा। वे कॉलेज फेस्ट में परफॉर्म करते, स्टैंड-अप और स्पोकन वर्ड पोएट्री में हिस्सा लेते थे। मंच पर मिलने वाली सराहना ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और अभिनय के प्रति उनका जुनून मजबूत होता गया। ऑडिशन और शुरुआती संघर्ष मुंबई में ऑडिशन का दौर उनके लिए आसान नहीं था। कई बार उन्हें कहा गया कि वे टिपिकल बॉलीवुड हीरो जैसे नहीं दिखते। उनके घुंघराले बालों और हिंदी लहजे पर भी टिप्पणी की जाती थी। लेकिन इन सबके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अभिनय के सपने को आगे बढ़ाते रहे। स्कूल में भी उन्हें इसी वजह से चिढ़ाया गया था। लेकिन उन्होंने अपनी इसी पहचान को ताकत बना लिया। ब्रांड नहीं, काम से बनती है पहचान सिद्धांत चतुर्वेदी कहते हैं- जब मैंने अपना सफर शुरू किया था, तब बहुत कुछ समझ में नहीं आता था। क्या पहनना है, कहां जाना है, कौन-से ब्रांड के कपड़े या जूते पहनने से अच्छा माना जाएगा। मेरी पर्सनल स्टाइलिंग कभी भी ब्रांड-आधारित नहीं रही। स्कूल के दिनों में मुझे इस बात पर काफी चिढ़ाया गया कि मैं महंगी घड़ियां या जूते नहीं पहनता। लेकिन मेरे माता-पिता ने मुझे बहुत सही परवरिश दी। उन्होंने कहा, “इन चीजों से तुम्हारी पहचान नहीं बनेगी, तुम्हारा काम तुम्हारी पहचान बनेगा। जिस दिन तुम कुछ बन जाओगे, तुम खुद एक ब्रांड बन जाओगे।” वैलिडेशन की भीड़ में खुद को खोने का डर इंडस्ट्री में आने के बाद मैंने भी जैसा देश, वैसा भेष के चक्कर में बहुत कुछ आजमाया। लेकिन फिर महसूस हुआ कि मैं खुद को खो रहा हूं। बस भीड़ में घुलने की कोशिश कर रहा हूं, वैलिडेशन ढूंढ़ रहा हूं। पार्टियों में पहुंच तो गया, लेकिन सबसे बड़ा दुख यह था कि वहां टैलेंट की कदर नहीं होती। वहां अंक इस बात पर मिलते हैं कि आप क्या पहन रहे हैं, कहां से आए हैं और किस लहजे में बात कर रहे हैं। शुद्ध हिंदी बोलने पर लोग ऐसे देखते हैं, जैसे कुछ समझ ही नहीं पा रहे हों। स्टार फैक्टर से बड़ा है टैलेंट फिर मैंने खुद को वापस खींचा और कहा-मैं सिद्धांत चतुर्वेदी हूं, बलिया से हूं और वही रहूंगा। यह पूरी एक यात्रा रही है। एक बार एक बेहद प्रतिभाशाली युवा अभिनेता के बारे में चर्चा हो रही थी। एजेंसी ने कहा, “उसमें स्टार फैक्टर नहीं है।” जब पूछा गया क्यों, तो जवाब मिला, “अंग्रेजी और प्रेजेंटेशन की कमी है।” मैं सोच में पड़ गया-जिस देश की 60 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और जिनके हाथों पर हमारी अर्थव्यवस्था टिकी है, वहां आज भी हम वही सोच बेच रहे हैं, जिससे आजादी मिले दशकों हो चुके हैं? टैलेंट ही सबसे बड़ा फैक्टर होना चाहिए। और आज वही कलाकार शानदार काम कर रहा है। एड फिल्मों और छोटे प्रोजेक्ट्स से शुरुआत फिल्मों से पहले सिद्धांत ने कुछ विज्ञापन फिल्मों (एड फिल्म्स) में भी काम किया। यह उनके लिए कैमरे के सामने सहज होने की पहली सीढ़ी थी। उन्होंने कई छोटे ब्रांड्स और डिजिटल कैंपेन के लिए काम किया। इन अनुभवों ने उन्हें ऑडिशन की प्रक्रिया समझने और इंडस्ट्री के कामकाज से परिचित कराया। वेब सीरीज से पहला बड़ा मौका सिद्धांत को पहला बड़ा ब्रेक वेब सीरीज ‘इनसाइड एज’ से मिला। इस सीरीज में सिद्धांत चतुर्वेदी ने प्रशांत कनौजिया नामक एक नौसिखिया तेज गेंदबाज का रोल किया था। यह रोल छोटा, लेकिन लेकिन प्रभावशाली था। यहीं से इंडस्ट्री की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने खुद बताया था कि वे हर छोटे रोल को अपनी आखिरी उम्मीद की तरह निभाते थे। यह मंच उनके लिए अभिनय की प्रयोगशाला साबित हुआ। बॉलीवुड में पहला बड़ा ब्रेक, गली बॉय बनी टर्निंग पॉइंट सिद्धांत के करियर की टर्निंग पॉइंट बनी फिल्म ‘गली बॉय’। सिद्धांत इस फिल्म के लिए ऑडिशन देने पहुंचे थे और निर्देशक जोया अख्तर ने उनकी परफॉर्मेंस से प्रभावित होकर उन्हें एमसी शेर का रोल दिया। फिल्म में रणवीर सिंह और आलिया भट्ट मुख्य भूमिकाओं में थे,लेकिन सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद सिद्धांत ने गहरी छाप छोड़ी। उनका डायलॉग- “अपना टाइम आएगा नहीं, लाना पड़ता है।” युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इस किरदार की तैयारी के लिए सिद्धांत ने मुंबई के स्ट्रीट रैपर्स के साथ समय बिताया और रैप संस्कृति को करीब से समझा। ‘बंटी और बबली 2’ से मुख्यधारा में पहचान ‘गली बॉय’ की सफलता के बाद सिद्धांत को कई बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने लगे। उन्होंने ‘बंटी और बबली 2’ में सैफ अली खान और रानी मुखर्जी जैसे अनुभवी कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा की। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई, लेकिन सिद्धांत की मौजूदगी ने उन्हें मुख्यधारा के युवा स्टार के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। ‘गहराइयां’ में ग्रे शेड्स वाला किरदार फिल्म ‘गहराइयां’ में सिद्धांत ने दीपिका पादुकोण के साथ काम किया। रिलेशनशिप ड्रामा पर आधारित इस फिल्म में उनका किरदार ग्रे शेड्स लिए हुए था, जिसने उनके अभिनय के नए आयाम दर्शकों के सामने रखे। सिद्धांत का मानना है कि हर फिल्म के साथ खुद को तोड़कर फिर से गढ़ना ही एक अभिनेता की असली चुनौती और पहचान है। कॉमेडी से सोशल ड्रामा तक का सफर हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘फोन भूत’ में सिद्धांत ने कैटरीना कैफ के साथ काम किया और अपने कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद सिद्धांत का नाम धर्मा प्रोडक्शन की फिल्म ‘धड़क 2’ से भी जुड़ा। यह फिल्म सामाजिक मुद्दों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। हाल ही में सिद्धांत की फिल्म ‘दो दीवाने शहर में’ भी रिलीज हुई है, जिससे उनके करियर में एक और नया अध्याय जुड़ गया। ‘वी शांताराम’ बायोपिक में दिखेंगे सिद्धांत चतुर्वेदी जल्द ही मशहूर फिल्मकार ‘वी शांताराम' की बायोपिक में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में सिद्धांत वी. शांताराम के जीवन और उनके सिनेमा में योगदान को पर्दे पर उतारेंगे। फिल्म का निर्देशन अभिजीत शिरीष देशपांडे कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट में तमन्ना भाटिया भी अहम भूमिका में दिखाई देंगी। फिल्म का उद्देश्य भारतीय सिनेमा के एक महान फिल्मकार की यात्रा और उनके योगदान को दर्शकों तक पहुंचाना है। अभिषेक चौबे के साथ नए प्रोजेक्ट पर काम सिद्धांत निर्देशक अभिषेक चौबे की अगली फिल्म में भी नजर आएंगे। यह प्रोजेक्ट उनके होमटाउन बलिया की पृष्ठभूमि पर आधारित बताया जा रहा है। फिल्म की कहानी उत्तर प्रदेश के छोटे शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक परतों को सामने लाएगी। फिलहाल इस फिल्म के टाइटल और बाकी कास्ट को लेकर आधिकारिक घोषणा होना बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि यह फिल्म सिद्धांत के करियर में एक अलग और दमदार किरदार लेकर आएगी। ______________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... स्ट्रगल, बॉडी शेमिंग-रिजेक्शन झेलकर बनीं स्टार:लोगों ने कहा- हीरोइन नहीं बन सकती, सुसाइड के ख्याल आए, मृणाल ठाकुर बोलीं, कमजोरियों को अपनी ताकत बनाया टीवी की दुनिया से बॉलीवुड तक अपनी दमदार एक्टिंग और काबिलियत के बल अपनी एक अलग पहचान बना चुकी एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर के लिए यह सफर आसान नहीं था। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें डिमोटिवेटिंग और नकारात्मक अनुभवों का सामना करना पड़ा था। पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 4:30 am

बालाजी टेलीफिल्म्स विवाद पर राज शांडिल्य का बयान:कॉन्ट्रैक्ट कॉन्ट्रोवर्सी के बीच आरोपों को निराधार बताया, कहा- 'भागम भाग 2' तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ेगी

फिल्ममेकर राज शांडिल्य और बालाजी टेलीफिल्म्स के बीच इन दिनों कॉन्ट्रैक्ट को लेकर विवाद चर्चा में है। इस बीच राज शांडिल्या ने एक बयान जारी कर अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि उनकी आने वाली फिल्म ‘भागम भाग 2’ तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रही है। राज शांडिल्य ने कहा कि उन्होंने अपने कॉन्ट्रैक्ट के तहत कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए बालाजी टेलीफिल्म्स के साथ अपनी व्यवस्था समाप्त करने का नोटिस जारी किया था। उनके मुताबिक इस नोटिस को जारी हुए दो हफ्ते से ज्यादा समय हो चुका है। अगर कंपनी को इस फैसले को चुनौती देने का कोई ठोस आधार लगती, तो वह सिविल कोर्ट का रुख कर सकती थी, लेकिन अब तक ऐसी कोई कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। डायरेक्टर का कहना है कि अब उनके खिलाफ बढ़ा-चढ़ाकर और बेबुनियाद आपराधिक आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे दबाव बनाने की कोशिश बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी कानूनी स्थिति पर पूरा भरोसा है और किसी भी आरोप का जवाब वे कानूनी प्रक्रिया के तहत देंगे। दरअसल, यह विवाद कथित तौर पर उस कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है जो राज शांडिल्या ने बालाजी टेलीफिल्म्स की प्रमुख एकता कपूर की कंपनी के साथ किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार इस डील के तहत उन्हें तीन फिल्मों का निर्देशन करना था। आरोप है कि तीसरी फिल्म पूरी किए बिना ही उन्होंने अन्य प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू कर दिया, जिसमें ‘भागम भाग' 2’ भी शामिल है। दूसरी ओर, राज शांडिल्य का कहना है कि उन्होंने नियमों के तहत ही यह समझौता समाप्त किया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि ‘भागम भाग' 2’ की योजना में कोई बदलाव नहीं हुआ है और फिल्म का काम तय शेड्यूल के अनुसार आगे बढ़ेगा। निर्देशक ने फिल्म और क्रिएटिव इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से भी अपील की कि वे इस मामले में अपनाए जा रहे दबाव के तरीकों पर ध्यान दें और भविष्य में पेशेवर साझेदारी तय करते समय अपनी राय खुद बनाएं। बता दें कि फिल्म भागम भाग' साल 2006 में रिलीज हुई एक कॉमेडी फिल्म थी। इसका निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर प्रियदर्शन ने किया था। फिल्म में अक्षय कुमार, गोविंदा और लारा दत्ता जैसे कलाकार नजर आए थे। यह फिल्म अपनी तेज-तर्रार कॉमेडी, गलतफहमियों और मजेदार भागदौड़ वाली कहानी के लिए काफी पसंद की गई थी। बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म सफल रही और बाद में इसे एक कल्ट कॉमेडी माना जाने लगा। अब इस फिल्म का सीक्वल भागम भाग' 2 बनाया जा रहा है। इस बार फिल्म का निर्देशन राज शांडिल्य कर रहे हैं। फिल्म में एक बार फिर अक्षय कुमार और परेश रावल जैसे कलाकारों के होने की चर्चा है। मेकर्स इस सीक्वल को पहले पार्ट की तरह फुल कॉमेडी और एंटरटेनमेंट से भरपूर बनाने की योजना बना रहे हैं।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 6:54 pm

गोविंदा बोले- डेविड धवन वफादार नहीं थे:करियर के लिए मामला खतरनाक लगा तो दूरी बना ली; वरुण के साथ वैसी फिल्में बनाना मुश्किल

90 के दशक में बॉलीवुड को कई सुपरहिट कॉमेडी फिल्में देने वाली गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी की कड़वाहट एक बार फिर सामने आई है। गोविंदा ने हाल ही में इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि डेविड धवन उनके प्रति वफादार नहीं थे। गोविंदा के मुताबिक, जब उन्हें लगा कि मामला अब उनके करियर के लिए खतरनाक हो रहा है, तो उन्होंने इस जोड़ी से दूरी बनाना ही बेहतर समझा। गोविंदा ने कहा, मुझे ऐसा लगता है कि डेविड अपने बेटे वरुण के साथ वैसी फिल्में नहीं कर पाएंगे जैसी उन्होंने मेरे साथ की थीं। गोविंदा बोले- डेविड के मन में कुछ और था इंटरव्यू में गोविंदा ने डेविड धवन अपने काम के प्रति तो ईमानदार थे, लेकिन एक दोस्त और एक्टर के तौर पर वफादार नहीं रहे। उन्होंने आगे कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में वफादारी का बहुत महत्व है। अगर आपकी वफादारी किसी और के प्रति है, तो ईमानदारी पर सवाल उठेंगे ही। मुझे कभी नहीं लगा कि वह कोई अजनबी हैं, लेकिन मुझे महसूस हुआ कि कुछ लोग उन्हें मेरे खिलाफ भड़का रहे थे।गोविंदा ने बताया कि एक वक्त ऐसा आया जब उन्हें लगा कि अब चीजें हाथ से बाहर निकल रही हैं। उन्होंने कहा, मुझे लगा कि ये मामला अब खतरनाक हो गया है, इसलिए इससे बाहर निकलना ही ठीक है। बता दें कि साल 2007 में फिल्म 'पार्टनर' के लिए यह जोड़ी दोबारा साथ आई थी। गोविंदा ने ही डेविड को सलाह दी थी कि इस फिल्म में सलमान खान को साथ लिया जाए। फिल्म ब्लॉकबस्टर रही, लेकिन इसके बाद दोनों ने फिर कभी साथ काम नहीं किया। चश्मे बद्दूर' फिल्म ने बढ़ाई थी कड़वाहट गोविंदा और डेविड के बीच दरार तब और गहरी हुई जब 2013 में 'चश्मे बद्दूर' की रीमेक बनी। गोविंदा का दावा है कि इस फिल्म का आइडिया उन्होंने ही डेविड को दिया था, लेकिन डेविड ने उन्हें बिना बताए फिल्म किसी और के साथ बना ली। गोविंदा ने कहा कि जब उन्होंने अपनी 18वीं फिल्म साथ करने के लिए डेविड को फोन किया, तो डायरेक्टर ने उन्हें कोई जवाब नहीं दिया। वरुण धवन के साथ वैसा जादू मुश्किल इंटरव्यू के दौरान जब गोविंदा से वरुण धवन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि डेविड अब वही सफलता अपने बेटे के साथ दोहराना चाहते हैं। गोविंदा बोले, मुझे ऐसा लगता है कि वह अपने बेटे के साथ वैसी फिल्में नहीं कर पाएंगे जैसी उन्होंने मेरे साथ की थीं। वैसा जादू दोबारा क्रिएट करना बहुत मुश्किल काम है। सुपरहिट रही गोविंदा-डेविड धवन की जोड़ी 90 के दशक में गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी ने मिलकर 'कुली नंबर 1', 'हीरो नंबर 1', 'साजन चले ससुराल' और 'राजा बाबू' जैसी करीब 15 सुपरहिट फिल्में दीं। उस दौर में डेविड के निर्देशन और गोविंदा की कॉमेडी का बॉक्स ऑफिस पर एकतरफा राज था, लेकिन बाद में आपसी मनमुटाव के कारण यह जोड़ी टूट गई।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 6:47 pm

राज-डीके की नई फिल्म में सलमान खान बनेंगे रिटायरिंग सुपरहीरो:अप्रैल 2026 तक स्क्रिप्ट पूरी होने की संभावना, नवंबर में शुरू हो सकती फिल्म शूटिंग

बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान जल्द ही एक अनोखे सुपरहीरो किरदार में नजर आ सकते हैं। खबर है कि फिल्ममेकर जोड़ी राज-डीके अपनी अगली फिल्म के लिए सलमान खान के साथ बातचीत कर रही है। यह फिल्म सुपरहीरो जॉनर पर आधारित होगी, लेकिन इसकी कहानी पारंपरिक सुपरहीरो फिल्मों से काफी अलग बताई जा रही है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की कहानी एक ऐसे सुपरहीरो के इर्द-गिर्द घूमती है जो दुनिया को बार-बार बचाते-बचाते थक चुका है और अब अपनी जिम्मेदारियों से रिटायर होना चाहता है। वह सामान्य जिंदगी जीना चाहता है और सुपरहीरो की पहचान से दूरी बनाना चाहता है। लेकिन परिस्थितियां उसे ऐसा करने नहीं देतीं और बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जो उसे फिर से एक्शन में लौटने पर मजबूर कर देती हैं। कहानी में एक बड़े संघर्ष की ओर बढ़ता हुआ प्लॉट दिखाया जाएगा, जिसमें कॉमेडी और सुपरहीरो ड्रामा का मिश्रण होगा। सूत्रों के अनुसार, यह फिल्म हॉलीवुड फिल्म ‘हैंकॉक’ की तरह एक अनोखे और थोड़े अलग अंदाज की सुपरहीरो कहानी हो सकती है। इसमें एक थका-हारा लेकिन शक्तिशाली हीरो दिखाया जाएगा, जो जिम्मेदारियों से भागना चाहता है, लेकिन आखिरकार हालात उसे फिर से हीरो बनने पर मजबूर कर देते हैं। बताया जा रहा है कि सलमान खान को इस फिल्म का कॉन्सेप्ट पसंद आया है, लेकिन उन्होंने अभी अंतिम हां नहीं कही है। अभिनेता चाहते हैं कि पहले पूरी स्क्रिप्ट तैयार हो और फिल्म का बजट भी संतुलित रखा जाए। सलमान किसी बहुत महंगे सुपरहीरो प्रोजेक्ट में काम करने के मूड में नहीं हैं, इसलिए उन्होंने निर्माताओं से कहा है कि कहानी और बजट दोनों को सही तरह से विकसित किया जाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल 2026 में सलमान खान को फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट सुनाई जा सकती है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार हुआ, तो फिल्म की शूटिंग नवंबर 2026 से शुरू होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट को मिथ्री मूवी मेकर्स और रील लाइफ एंटरटेनमेंट मिलकर प्रोड्यूस कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 5:47 pm

मंदाना करीमी भारत छोड़ेंगी:कहा- इंडिया ने धोखा दिया, काम मिलना बंद हुआ, ईरान आजाद होते ही लौटूंगी; पहले भी विवादों में रहीं एक्ट्रेस

ईरानी एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने भारत छोड़ने का फैसला कर लिया है। 25 सालों से बॉलीवुड में काम कर रहीं मंदाना का कहना है कि भारत ने उन्हें धोखा दिया है और अब यहां उनकी कोई आवाज नहीं बची है। उन्होंने अपना सारा सामान पैक कर लिया है और जैसे ही ईरान में मौजूदा शासन खत्म होगा, वह वापस अपने देश लौट जाएंगी। दरअसल ईरान-इजराइल युद्ध में 28 फरवरी को हुए मिसाइल हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई थी। मंदाना ने सोशल मीडिया पर इस मौत पर खुशी जाहिर की थी और ईरानी शासन की कड़ी आलोचना की थी। इसी विरोध के बाद से मंदाना को भारत में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। एक्ट्रेस का दावा- काम मिलना बंद हुआ बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में मंदाना ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा, पिछले दो महीनों में मुझे मुंबई में बहुत अकेलापन महसूस हुआ। ईरान के हक में बोलने और विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने की वजह से मैंने अपने कई पुराने दोस्त खो दिए। मुझे महसूस हो रहा है कि भारत ने एक तरह से मुझे धोखा दिया है। जनवरी 2026 से मुझे काम मिलना बंद हो गया है और मेरे पुराने कॉन्ट्रैक्ट भी कैंसिल कर दिए गए हैं। बैग पैक, सरकार गिरते ही ईरान लौटेंगी मंदाना का कहना है कि वह अब भारत से अपना नाता तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा, जैसे ही ऐलान होगा कि ईरान की मौजूदा सरकार गिर गई है, मैं तुरंत चली जाऊंगी। मैंने अपना बैग पैक कर लिया है। मैं एक ऐसा ईरान देखना चाहती हूं जहां महिलाएं आजाद हों, अपनी मर्जी के कपड़े पहन सकें और किसी भी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर सकें। मॉडलिंग से शुरू हुआ था मंदाना का करियर मंदाना करीमी का जन्म तेहरान में हुआ था। वह 2010 में पहली बार मॉडलिंग के लिए भारत आई थीं और 2013 से मुंबई में ही बस गईं। उन्होंने 'क्या कूल हैं हम 3', 'मैं और चार्ल्स' और 'भाग जॉनी' जैसी फिल्मों में काम किया। इसके अलावा 'बिग बॉस' और 'लॉकअप' जैसे रियलिटी शोज से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद मंदाना ने साल 2017 में भारतीय बिजनेसमैन गौरव गुप्ता से शादी की, लेकिन यह रिश्ता लंबा नहीं चला। 2021 में उनका तलाक हो गया। मंदाना ने अपने पति और ससुराल वालों पर घरेलू हिंसा और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 4:24 pm

ईरान-इजराइल जंग से दुबई में फंसीं सोनल चौहान भारत लौटीं:PM मोदी से मांगी थी मदद; कहा- युद्ध समस्या का समाधान नहीं, ईशा गुप्ता भी वापस आईं

ईरान और इजराइल के बीच युद्ध के चलते दुबई में फंसी बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनल चौहान और ईशा गुप्ता सुरक्षित भारत लौट आई हैं। सोनल ने कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वतन वापसी के लिए मदद मांगी थी। अब उन्होंने मुंबई पहुंचने की जानकारी देते हुए भारत सरकार और दुबई प्रशासन को शुक्रिया कहा। सोनल ने युद्ध पर बात करते हुए यह भी कहा कि युद्ध कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। इससे पहले मंगलवार को UAE में फंसी ईशा गुप्ता ने भी भारत लौटकर भारत सरकार और यूएई प्रशासन का धन्यवाद किया था। वतन वापसी पर सोनल ने जाहिर की खुशी सोनल चौहान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर अपनी वतन वापसी की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि भारत वापस आकर वह बहुत शुक्रगुजार महसूस कर रही हैं। एक्ट्रेस ने उन सभी फैंस और दोस्तों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने मुश्किल वक्त में उनके लिए मैसेज भेजे और दुआएं कीं। एक्ट्रेस ने कहा कि यह मुश्किल समय जल्द ही खत्म होगा और इलाके में शांति बहाल होगी। ईशा गुप्ता ने भी घर लौटने पर ईश्वर का आभार जताते हुए कहा था कि यह अनुभव हमें असली ताकत का एहसास कराता है। दुबई प्रशासन की तारीफ की, बोलीं- वहां के लोगों में हिम्मत दिखी सोनल ने अपनी पोस्ट में दुबई के लोगों और वहां की सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा, मैंने वहां के लोगों का जोश और अपनी सरकार पर अटूट भरोसा देखा। इस संकट के समय में दुबई प्रशासन ने सबको शांत और सुरक्षित रखा। हर चीज को बड़ी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ हैंडल किया गया ताकि वहां मौजूद हर व्यक्ति खुद को सेफ महसूस करे। ईशा गुप्ता ने भारत लौटकर सुनाई आपबीती ईशा ने सोशल मीडिया पर बताया कि मिसाइल हमलों की खबरों के बाद UAE में डर और अफरा-तफरी का माहौल था। कुछ समय के लिए एयरपोर्ट बंद कर दिए गए थे, जिससे यात्री वहीं फंस गए थे। ईशा ने यूएई सरकार, एयरपोर्ट स्टाफ और होटल मैनेजमेंट की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों ने फंसे हुए यात्रियों को तुरंत होटलों में रुकवाया और खाने-पीने का इंतजाम किया। जंग के बाद दुबई और UAE में फंसी थीं एक्ट्रेसेस ईरान और इजराइल के युद्ध के बीच ईरान ने दुबई और UAE पर भी मिसाइलों से हमला किया। सुरक्षा कारणों से मिडिल ईस्ट के कई देशों ने अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद कर दिया था। दुबई और UAE इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ और कई इंटरनेशनल फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। इसी दौरान सोनल चौहान और ईशा गुप्ता वहां फ्लाइट्स रद्द होने के कारण फंस गईं।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 1:34 pm

करणवीर बोहरा के पिता और प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा का निधन:बेटे ने इंस्टाग्राम पर दी जानकारी; तेजा, टक्कर जैसी फिल्में प्रोड्यूस की थीं

एक्टर करणवीर बोहरा के पिता और फिल्म प्रोड्यूसर महेंद्र बोहरा का निधन हो गया है। उनके निधन की जानकारी बेटे करणवीर ने सोशल मीडिया के जरिए दी। महेंद्र बोहरा लंबे समय से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे। उन्होंने प्रोड्यूसर के तौर पर तेजा और प्यार का कर्ज जैसी फिल्मों में काम किया था। करणवीर ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर अपने पिता को याद किया। उन्होंने लिखा, “लव यू डैड। मैं आपको शब्दों से ज्यादा मिस करूंगा। जिसने भी अपने माता-पिता को खोया है, वह जानता है कि यह दर्द कैसा होता है। लेकिन इस दुख के बीच मुझे सुकून है कि आपने एक अच्छी और पूरी जिंदगी जी।” उन्होंने आगे लिखा, “आप हमेशा कहते थे कि आप इस दुनिया से शांति से जाना चाहते हैं और बिना किसी तकलीफ के। ऐसा ही हुआ। आप मजबूत थे और आपने हमेशा अपनी शर्तों पर जिंदगी जी।” एक्टर ने कहा- पिता ने उम्मीद रखना सिखाया एक्टर ने बताया कि उनके पिता ने उन्हें जिंदगी की कई अहम बातें सिखाईं। उन्होंने कहा, “आपने मुझे और दीदी को सिखाया कि हालात कितने भी मुश्किल हों, उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। अगर गिरो तो दोबारा खड़े होना चाहिए। जिंदगी को जोश और पॉजिटिविटी के साथ जीना चाहिए।” करणवीर ने यह भी कहा कि उनके पिता ने उन्हें सपने देखना और मेहनत करना सिखाया। उन्होंने लिखा, “आपने मुझे सिखाया कि एक प्रोड्यूसर के एक्टर बनो और अपना शॉट पूरा किए बिना सेट मत छोड़ो। आपने मुझे क्रिएट करना सिखाया। आपने सिखाया कि लोगों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए।” एक्टर ने पोस्ट में लिखा कि जो भी उनके पिता के बारे में बात करता है, वही कहता है कि वह बहुत अच्छे इंसान थे। उन्होंने कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें ऐसा पिता मिला। कई दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव रहे महेंद्र बोहरा कई दशकों तक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव रहे। वह मशहूर फिल्म निर्माता रामकुमार बोहरा के बेटे थे। अपने करियर में उन्होंने कई हिंदी फिल्मों का निर्माण किया। इनमें तेजा, लश्कर, टक्कर, प्यार का कर्ज और हमें तुमसे प्यार कितना जैसी फिल्में शामिल हैं। लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े रहे महेंद्र बोहरा ने कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह, संजय दत्त, सुनील शेट्टी और सोनाली बेंद्रे जैसे सितारों के साथ फिल्में बनाई।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 12:50 pm

आयशा खान बोलीं- हर दिन मिलती हैं रेप की धमकियां:धुरंधर एक्ट्रेस ने कहा-मेरे पीरियड्स पर गाना शूट करना एक नेशनल जोक बन गया

एक्ट्रेस आयशा खान ने हाल ही में पब्लिक लाइफ में महिलाओं को मिलने वाली ऑनलाइन ट्रोलिंग और धमकियों के बारे में खुलकर बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर उन्हें रोज बॉडी को लेकर सेक्शुअल कमेंट्स मिलते हैं और कई बार रेप की धमकियां भी मिलती हैं। मोजो स्टोरी की समिट में आयशा ने कहा कि हाल ही में उन्होंने फिल्म धुरंधर के गाने शरारत की शूटिंग से जुड़ा एक अनुभव शेयर किया था। उन्होंने बताया था कि उस गाने की शूटिंग उन्होंने पीरियड्स के दौरान की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोल किया गया। आयशा ने कहा कि मुझे लगा कि मेरे पीरियड्स पर होना अचानक एक नेशनल जोक बन गया है। एक्ट्रेस ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग उनके कपड़ों को लेकर भी कमेंट करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं इंस्टाग्राम पर लगभग हर दिन अपनी बॉडी को लेकर सेक्शुअल कमेंट्स का सामना करती हूं। अगर मैं नॉर्मल टॉप पहनती हूं तो लोगों को समस्या होती है। अगर मैं स्कर्ट पहनती हूं तो भी लोगों को दिक्कत होती है। मुझे कुछ पोस्ट करने से पहले भी सोचना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि कई बार इस तरह की बातें उन्हें इमोशनली परेशान करती हैं। उनके मुताबिक अगर किसी को कपड़े पहनने या फोटो पोस्ट करने से पहले सोचना पड़े, सिर्फ इसलिए कि लोग उसे सेक्शुअल तरीके से देखेंगे, तो यह एक दुखद स्थिति है। आयशा ने कहा कि कुछ दिनों में वह इन बातों को नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन कई बार ऐसे कमेंट्स ज्यादा परेशान करते हैं, खासकर जब लोग हिंसा की बात करते हैं। उन्होंने कहा, “जब लोग लिखते हैं कि अगर उनके पास ताकत होती तो वह कुछ भी कर सकते थे, तो यह डराने वाला होता है। क्योंकि यह असली लोग हैं जो हमारे आसपास ही रहते हैं।” लगभग हर दिन रेप की धमकियां भी मिलती हैं: आयशा समिट के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें ऑनलाइन रेप की धमकियां मिलती हैं। इस पर आयशा ने कहा, “हां, लगभग हर दिन। मैं अभी अपना फोन खोलकर दिखा सकती हूं। यह अब बहुत नॉर्मल हो गया है।” उन्होंने कहा कि इंटरव्यू और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के सवाल अक्सर उठते हैं, लेकिन इस पर ज्यादा कार्रवाई नहीं होती। उनके मुताबिक यह कोई नई समस्या नहीं है। यह काफी समय से चली आ रही है। आयशा ने यह भी कहा कि यह समस्या सिर्फ उनके साथ नहीं है। पब्लिक लाइफ में रहने वाली लगभग हर महिला को इस तरह की ट्रोलिंग और धमकियों का सामना करना पड़ता है। एक्ट्रेस ने बताया उनके साथ रेप की कोशिश हो चुकी आयशा ने अपने जीवन की एक निजी घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके साथ एक बार रेप की कोशिश भी हो चुकी है। उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी एक इंटरव्यू में इसके बारे में बात की है। मैं इस विषय पर ज्यादा नहीं जाना चाहती। कुछ दिन ऐसे होते हैं जब यह घटना फिर याद आ जाती है और मन को परेशान करती है।” आयशा ने कहा कि ऑनलाइन धमकियों के असल जिंदगी में सच हो जाने का डर भी उन्हें रहता है। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला सफर कर रही होती है या किसी फिल्म के सेट पर काम कर रही होती है, तब भी उसे याद रहता है कि ऐसे कमेंट करने वाले लोग असल में आसपास ही मौजूद हो सकते हैं। आयशा ने एक घटना का भी जिक्र किया जो शूटिंग के दौरान हुई थी। उन्होंने बताया कि वह एक फिल्म की शूटिंग कर रही थीं और उस दिन उनके पिता भी सेट पर मौजूद थे। उसी समय उन्होंने इंस्टाग्राम खोला। वहां एक ऐसा मैसेज दिखा जो उन्हें लंबे समय से मिल रहा था। उसमें वॉइस नोट भी थे। बाद में उन्हें पता चला कि वह मैसेज सेट पर काम करने वाले एक स्पॉट बॉय का था। उन्होंने तुरंत अपने पिता और प्रोडक्शन टीम को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई। आयशा ने कहा कि इस घटना से उन्हें यह एहसास हुआ कि ऑनलाइन ट्रोलिंग और धमकियां कभी-कभी असल जिंदगी के बहुत करीब भी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति पब्लिक लाइफ में है और सोशल मीडिया अकाउंट पब्लिक है, तो वह हमेशा लोगों की नजर में रहता है। ऐसे में ट्रोलिंग और गलत कमेंट्स का खतरा भी बढ़ जाता है।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 10:38 am

बेटी के साथ दुबई में फंसी लारा दत्ता हुईं इमोशनल:शूटिंग के दौरान धमाके सुने, फाइटर जेट देखे; कहा- पिछले कुछ दिन काफी तनाव भरे रहे

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक्ट्रेस लारा दत्ता दुबई से अपना अनुभव शेयर करते हुए इमोशनल हो गईं। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में वहां का माहौल थोड़ा तनाव भरा रहा है। एक्ट्रेस इस समय अपनी बेटी सायरा के साथ दुबई में हैं। लारा ने कहा कि वह दुबई एक ब्रांड से जुड़े काम के लिए गई थीं। यह एक सामान्य वर्क ट्रिप थी, लेकिन हालात अचानक बदल गए। संघर्ष बढ़ने के बाद वहां का माहौल अलग हो गया। उन्होंने एक वीडियो में बताया कि वह 28 तारीख को दुबई के एक स्टूडियो में शूट कर रही थीं। उसी दौरान उन्हें ऊपर से तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी। लारा ने कहा, “हम इस इजराइल-ईरान युद्ध की शुरुआत से ही दुबई में हैं। यूएई का दुबई पिछले तीन साल से मेरा घर जैसा है। मैं यहां काफी समय बिताती हूं। 28 तारीख को मैं दुबई के एक स्टूडियो में शूट कर रही थी।” उन्होंने आगे बताया कि अचानक ऊपर से धमाकों की आवाज आने लगी। इसके बाद टीम के लोग स्टूडियो से बाहर निकल गए। लारा ने कई फाइटर जेट उड़ते देखे एक्ट्रेस ने कहा, “हमने ऊपर से धमाके सुने। हम स्टूडियो से बाहर भागे। वहां हमने देखा कि आसमान में मिसाइलों को बीच में ही रोका जा रहा था। पिछले कुछ दिन काफी तनाव वाले रहे हैं। मेरी बेटी मेरे साथ है। महेश काम के सिलसिले में बाहर थे, वह दुबई में नहीं थे।” लारा ने यह भी बताया कि उन्होंने आसमान में कई फाइटर जेट उड़ते हुए देखे। साथ ही तेज आवाज वाले धमाके भी सुनाई दिए। उन्होंने कहा, “हम थोड़ा नर्वस हैं और यह सब थोड़ा डराने वाला है। ऊपर कई फाइटर जेट उड़ते दिखे। कई तेज धमाकों की आवाज भी आई। हम एक सुरक्षित इलाके में विला में रहते हैं, लेकिन धमाकों के समय खिड़कियां हिलने लगती हैं और दरवाजे भी हिलते हैं। यह स्थिति परेशान करने वाली होती है। हालांकि मुझे एक बार भी असुरक्षित महसूस नहीं हुआ।” यूएई सरकार सभी लोगों का ध्यान रख रही: लारा लारा ने यूएई सरकार की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि वहां की सरकार लोगों की सुरक्षा के लिए पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “यूएई सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। हर व्यक्ति को यहां सुरक्षित महसूस कराने की कोशिश की जा रही है। चाहे कोई भी किसी भी देश से हो, सभी का ध्यान रखा जा रहा है।” एक्ट्रेस ने आगे कहा कि वहां रहने वाले लोगों को महसूस कराया जाता है कि उनकी अहमियत है। उन्होंने कहा, “यहां रहने वाले लोगों को लगता है कि उनकी परवाह की जाती है। सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि सभी सुरक्षित रहें। मैं यह देखकर हैरान हूं कि यहां सामान्य लोग भी रोज अपना काम कर रहे हैं। मेरा माली भी रोज आकर लॉन की घास काटता है और पौधों को पानी देता है।” वीडियो के अंत में लारा इमोशनल हो गईं। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही मुंबई लौटना चाहती हैं। उन्होंने बताया, “हम फ्लाइट देख रहे हैं। ज्यादा फ्लाइट नहीं हैं, लेकिन कुछ फ्लाइट मिल रही हैं। एतिहाद और एमिरेट्स की फ्लाइट्स देख रहे हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह मुंबई लौट जाएं। बच्चों को इन हालात से ज्यादा डर लग रहा है। बड़े लोग खुद को संभाल लेते हैं, लेकिन बच्चों को समझाना पड़ता है।” लारा ने पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव हुआ था, तब मैं भारत में थी। उस समय हमने देखा कि हमारे देश ने लोगों की सुरक्षा के लिए अच्छा काम किया था। यहां भी वैसा ही महसूस होता है।” अंत में उन्होंने कहा कि किसी भी आम नागरिक को डर के माहौल में नहीं जीना चाहिए। लारा ने कहा, “कोई भी आम इंसान डर में जीने का हकदार नहीं है। उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य होंगे और सही फैसले लिए जाएंगे।” बता दें कि दुबई में तनाव की वजह ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ता क्षेत्रीय संघर्ष है। ईरान ने दुबई और अबू धाबी के कुछ ठिकानों को निशाना बनाया। सुरक्षा कारणों से दुबई का हवाई क्षेत्र कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा, जिससे कई उड़ानें रद्द हुईं और हजारों यात्री फंस गए।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 9:21 am

बादशाह संग 'टटीरी' सॉन्ग गाने वाली सिमरन की कहानी:पिता हरियाणवी सॉन्ग 'पानी आली पानी प्यादे' गाकर फेमस हुए, बेटी बॉक्सिंग में स्टेट चैंपियन रही

बॉलीवुड रैपर-सिंगर बादशाह ने हरियाणवी फोक सॉन्ग 'टटीरी' लॉन्च किया है। इस गाने में कैथल की रहने वाली सिमरन जागलान ने अपनी आवाज दी है। सिमरन, हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी की बेटी हैं, जिन्होंने फेमस हरियाणवी सॉन्ग 'पानी आली पानी प्यादे' गाया है। सिमरन एक बॉक्सर भी हैं और स्टेट चैंपियन रह चुकी हैं। अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए वह सिंगिंग भी कर रही हैं। तीन साल पहले बनाए गए 'टटीरी' गाने पर बादशाह की नजर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने 1 मार्च को इसका रीमिक्स वर्जन रिलीज किया। इस गाने को अभी तक यूट्यूब पर 2 मिलियन से ज्यादा लोग सुन चुके हैं। गाने की शूटिंग जींद के सच्चा खेड़ा, नरवाना और दुबई में हुई है। 26 फरवरी को बादशाह इस गाने के प्रमोशन के लिए हरियाणा के कैथल और सोनीपत पहुंचे थे। अब 14 मार्च को सिमरन, बादशाह के साथ मुंबई में एक शो करेंगी। जानिए कौन हैं सिमरन जागलान जिन्होंने बादशाह संग गाना गाया… पिता भी हरियाणवी सिंगर 20 साल की सिमरन जागलान कैथल जिले के पट्‌टी अफगान गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता कर्मबीर फौजी भी हरियाणवी सिंगर हैं। सिमरन चार बेटियों में तीसरे नंबर पर है। सिमरन कैथल के आरकेएसडी कॉलेज में बीए फाइनल ईयर की स्टूडेंट हैं। वह कैथल में ही गुरमीत कोच के पास बॉक्सिंग की प्रैक्टिस करती हैं। वह स्टेट और नेशनल चैंपियन भी रह चुकी हैं। कॉल आई तो विश्वास नहीं हुआ सिमरन ने बताया कि जब मुझे बादशाह के साथ गाने का मौका मिला तो पहले मुझे विश्वास ही नहीं हुआ। मुझे लगा कि शायद कोई प्रैंक कॉल या प्रमोशन कॉल है। बाद में जब पुष्टि हुई तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बादशाह को उनकी ट्रेडिशनल स्टाइल में गाई हुई आवाज पसंद आई। इसी वजह से मुझे ‘टटीरी’ में मौका मिला। 3 साल पहले बनाया था टटीरी गाना सिमरन ने बताया कि करीब तीन साल पहले मैंने अपने पिता की कंपनी में ही ‘टटीरी’ गाना गाया था। वही गाना बादशाह को पसंद आया और उन्होंने इसे रिमिक्स कर मॉडर्न ट्विस्ट दिया। अब 2026 में यह गाना नए रूप में रिलीज हुआ है। मैंने अभी तक करीब 300 फोक सॉन्ग गाए हैं। मैं फोक सॉन्ग और भजन गाती हूं। मैंने सिंगिंग लाइन की शुरुआत अपने पिता के साथ की। मेहनत का फल जरूर मिलता है सिमरन ने कहा कि मैं बॉक्सर हूं। सिंगिंग पिता की प्रेरणा से शुरू हुई। जब भी पिता कहते थे कि गाना गाना है, तो मैं मना नहीं करती थी। मैं कहती हूं कि अगर हम साफ-सुथरा गा रहे हैं और मेहनत कर रहे हैं तो उसका फल एक दिन जरूर मिलता है। मैं अपनी सफलता का सारा श्रेय अपने पिता को देती हूं। अब जानिए कर्मबीर फौजी ने क्या कहा… सभी बच्चे बॉक्सिंग करते हैं सिमरन के पिता कर्मबीर फौजी ने बताया कि परिवार के बच्चे बॉक्सिंग खेलते हैं। सिमरन खेलो इंडिया में नेशनल खेल चुकी है। सबसे बड़ी बेटी शीतल भी ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी में मेडल हासिल किया है। शीतल से छोटी शिवानी जागलान ने नेशनल बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीता है। बादशाह के मैनेजर का कॉल आया था कर्मबीर ने कहा कि हमारे पास बादशाह के मैनेजर का कॉल आया था। उन्होंने टटीरी सॉन्ग को लेकर बातचीत की थी। बाद में बादशाह से बात करवाई। जब बादशाह को यह पता चला कि सिमरन हरियाणवी सिंगर कर्मबीर फौजी की बेटी है तो वे और भी ज्यादा खुश हुए। बेटी की आवाज आज बॉलीवुड में गूंज रही है। यह उसके लिए बहुत बड़ा ब्रेक है। फोक सॉन्ग संस्कृति की पहचान उन्होंने कहा कि बेटी सिमरन सिंगिंग और बॉक्सिंग दोनों में अच्छा कर रही है। अब यह बेटी पर ही डिपेंड करेगा कि वो अपना करियर किस तरफ लेकर जाती है। बेटी की बाजू में थोड़ी इंजरी भी है। बेटी से फोक सॉन्ग गवाने का उद्देश्य सिर्फ इतना था कि हमारे पुराने गीत जिंदा रहे, क्येंकि ये हमारी संस्कृति की पहचान हैं। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणवी सॉन्ग 'टटीरी' का रैप वर्जन लाए सिंगर बादशाह:सोनीपत में सरपंचों के वेलकम पर बोले- मासूम शर्मा वाली वीडियो देखी है बॉलीवुड रैपर-सिंगर बादशाह ने हरियाणवी फॉक सॉन्ग टटीरी का रैप वर्जन रिकॉर्ड किया है। इसी सिलसिले में सिंगर अपनी टीम के साथ सोनीपत के गांव असदनपुर-नांदनोर पहुंचे, यहां उन्हें बैल-बुग्गी पर बैठाकर गांव की गलियों में घुमाया गया। सरपंच मुकेश उर्फ बल्लू के घर पर देसी खाना खाया। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 5:00 am

हैदराबाद में हुआ विजय-रश्मिका का रिसेप्शन:लाल साड़ी में एक्ट्रेस ने रखा ट्रेडिशनल लुक, कर्नाटक के डिप्टी CM समेत कई बड़े स्टार्स पहुंचे, PHOTOS

विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना का रिसेप्शन 4 मार्च, गुरुवार को हैदराबाद के होटल ताज कृष्णा में हुआ। कपल ने 26 फरवरी को उदयपुर में इंटिमेट वेडिंग की थी, जिसके बाद अब कपल ने ग्रैंड रिसेप्शन दिया है। रिसेप्शन में बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियों के अलावा कई राजनेता शामिल हुए। बॉलीवुड से करण जौहर, कृति सेनन समेत कई लोग रिसेप्शन में पहुंचें, वहीं साउथ से चिरंजीवी, नागार्जुन, रामचरण जैसे की स्टार्स ने भी शिरकत की। विजय देवरकोंडा बोले- अंडरग्राउंड हो जाऊंगा रिसेप्शन में तस्वीरें क्लिक करवाते हुए विजय देवरकोंडा ने कहा है कि ये उनकी शादी से जुड़ी आखिरी सेरेमनी है, इसके बाद वो अंडरग्राउंड हो जाएंगे। रिसेप्शन से विजय-रश्मिका की ये तस्वीरें भी देखें- बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से कई सेलेब्स रिसेप्शन में हैदराबाद पहुंचे रश्मिका-विजय के रिसेप्शन में बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के कई सेलेब्स हैदराबाद पहुंचे हैं, जिनमें फिल्ममेकर करण जौहर, एक्ट्रेस कृति सेनन, रिया चक्रवर्ती, कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा, एक्ट्रेस नीना गुप्ता भी शामिल हैं। साउथ इंडस्ट्री के तमाम बड़े स्टार्स रिसेप्शन में पहुंचे रश्मिका मंदाना के रिसेप्शन में उनके पुष्पा को-स्टार अल्लू अर्जुन भी पहुंचे। इसके अलावा कपल के रिसेप्शन में रामचरण, चिरंजीवी, नागार्जुन, वेंकटेश, कार्थी समेत साउथ के हर बड़े स्टार ने शिरकत की है। रिसेप्शन में थी कड़ी सुरक्षा, बिना कार्ड के एंट्री पर थी रोक हाई-प्रोफाइल गेस्ट लिस्ट होने के चलते विजय-रश्मिका के रिसेप्शन की सिक्योरिटी बेहद टाइट रखी गई थी। रिसेप्शन से पहले ही कपल ने एक आधिकारिक नोट जारी कर कहा था कि बिना वैलिड इन्विटेशन कार्ड के वेन्यू में एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी। 26 फरवरी को उदयपुर के आईटीसी ममेंटोस एकाया रिसोर्ट में हुई शादी विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने 26 फरवरी को उदयपुर में शादी की है। ये इंटिमेट वेडिंग आईटीसी ममेंटोस एकाया रिसॉर्ट में हुई, जिसमें महज 250 गेस्ट शामिल हुए थे। ये शादी तेलुगु और कोडवा जैसी दो अलग-अलग परंपराओं से संपन्न हुई।रश्मिका ने लाल साड़ी और सोने के आभूषण पहने, जबकि विजय ने आइवरी धोती और लाल अंगवस्त्रम धारण किया। शादी के बाद कपल ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें पोस्ट की थीं। देखिए विजय-रश्मिका की शादी की तस्वीरें- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शादी की शुभकामनाएं पीएम नरेंद्र मोदी ने रश्मिका और विजय को बधाई संदेश भेजा था। उन्होंने दोनों को आशीर्वाद दिया है। संदेश में ‘सखा सप्तपदी भव’ का जिक्र करते हुए कहा कि सात कदम साथ चलने के बाद दूल्हा-दुल्हन जीवन भर के साथी और सच्चे दोस्त बन जाते हैं। ये रिश्ता सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का भी होता है। उन्होंने इस बंधन को विश्वास और प्यार से भरी शुरुआत बताया। प्रधानमंत्री ने विजय और रश्मिका के फिल्मी सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा- विजय और रश्मिका दोनों ही अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट और कहानियों के लिए नए नहीं हैं, वह पर्दे पर जादू करना जानते हैं। लेकिन उनकी असल जिंदगी का यह नया अध्याय, जो प्यार और भरोसे से भरा है, निश्चित रूप से सिल्वर स्क्रीन पर उनके द्वारा बनाए गए जादू से भी कहीं ज्यादा चमकेगा। 24 फरवरी को हुई संगीत सेरेमनी विजय रश्मिका की संगीत सेरेमनी आईटीसी ममेंटोस रिसोर्ट में 24 फरवरी को हुई। इस दौरान विजय-रश्मिका ने कई डांस परफॉर्मेंस दी हैं। संगीत में रश्मिका मंदाना ने फाल्गुनी शेन का डिजाइनर लहंगा पहना था। देखिए संगीत सेरेमनी की तस्वीरें- प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन में कपल्स ने खेले गेम्स 26 फरवरी को हुई शादी से 2 दिन पहले 23 फरवरी को ही रश्मिका-विजय उदयपुर के ममेंटोज एकाय रिसोर्ट पहुंचे थे। यहां प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन हुआ। इस दौरान लड़के वालों और लड़की वालों के बीच गई गेम्स भी हुए। प्री-वेडिंग से लेकर हल्दी सेरेमनी तक की तस्वीरें भी उदयपुर से लगातार सामने आईं। देखिए प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन की तस्वीरें-

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 4:30 am

यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज टली:19 मार्च की जगह अब 4 जून को आएगी फिल्म, 8 मार्च का ट्रेलर लॉन्च इवेंट भी रद्द

यश की फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन अप्स का ग्रैंड ट्रेलर लॉन्च इवेंट, जो पहले 8 मार्च को बेंगलुरु में होने वाला था, अब कैंसल कर दिया गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि फिल्म की रिलीज डेट 19 मार्च से बढ़ाकर 4 जून कर दी गई है। प्रोड्यूसर्स ने कहा कि मिडिल ईस्ट (वेस्ट एशिया) में चल रहे टेंशन की वजह से सिनेमा के काम पर असर पड़ रहा है, जिसकी वजह से यह फैसला लिया गया। इस इवेंट के लिए पूरे भारत से मीडिया को बेंगलुरु बुलाने का प्लान था। यह इवेंट फिल्म के आखिरी प्रमोशनल कैंपेन की शुरुआत थी। फिल्म पहले 19 मार्च को रिलीज होने वाली थी, जो रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर: द रिवेंज से क्लैश कर रही थी। हालांकि, फिल्म के पोस्टपोन होने के कारण, आदित्य धर की फिल्म अब सोलो रिलीज होगी। फिल्म की टीम का कहना है कि विदेशों में, खासकर खाड़ी देशों में, बड़े मार्केट में हालात ठीक नहीं हैं। हाल ही में, US और इजराइल ने ईरान पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट में इजराइल और US के बेस पर मिसाइल हमले किए। यह टेंशन पिछले पांच दिनों से चल रहा है। इसलिए, दुनिया भर में बेहतर रिलीज के लिए फिल्म की रिलीज को टालने का फैसला किया गया। सिनेमा ऑपरेशन में आ रही मुश्किलों को देखते हुए, प्रोडक्शन हाउस ने अपना पूरा प्रमोशनल प्लान बदल दिया है। फिलहाल, ट्रेलर लॉन्च समेत सभी प्रमोशनल एक्टिविटीज को नई रिलीज डेट के करीब आने तक रोक दिया गया है। एक ऑफिशियल बयान में, KVN प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस ने कहा कि फिल्म को एक ग्लोबल सिनेमैटिक एक्सपीरियंस के तौर पर बनाया गया है। इसे कन्नड़ और इंग्लिश में एक साथ शूट किया गया है और इसे हिंदी, तमिल, तेलुगु और मलयालम में डब करके रिलीज किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि रिलीज डेट को रीशेड्यूल करने का फैसला आसान नहीं था, लेकिन यह दुनिया भर के दर्शकों और डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स के सबसे अच्छे फायदे में लिया गया फैसला था। फिल्म को गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट किया है और यश ने को-राइट किया है। फिल्म में नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया भी अहम रोल में हैं। फिल्म का प्रमोशनल प्लान अब जून की नई रिलीज डेट के हिसाब से फिर से बनाया जाएगा ताकि भारत और विदेश में ज्यादा लोगों तक यह पहुंच सके। फिल्म का नया प्रमोशनल प्लान आने वाले हफ्तों में अनाउंस किया जाएगा। तब तक, फैंस को इस बहुत इंतजार वाली फिल्म की पहली झलक के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 4:44 pm

रील संस्कृति के समय में परिपक्व प्रेम पर खास चर्चा:सौरभ जैन और शीन दास ने कहा- सम्मान और धैर्य से ही रिश्ते चलते हैं

सौरभ राज जैन और शीन सविता दास इन दिनों वेब सीरीज संमरमर को लेकर चर्चा में हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दोनों कलाकारों ने अपने किरदारों अमृता और आदित्य के जरिए बदलते दौर के प्रेम, धैर्य और रिश्तों की गहराई पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि सच्चा प्यार केवल साथ रहने का नाम नहीं, बल्कि सम्मान, समझ और जिम्मेदारी निभाने का भी नाम है। आज के ‘रील संस्कृति’ और त्वरित फैसलों वाले समय में उनका मानना है कि रिश्तों की असली ताकत धैर्य और परस्पर सम्मान में छिपी है। दोनों ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए यह भी बताया कि टीवी से आगे बढ़ने के सफर में उन्हें किन धारणाओं का सामना करना पड़ा। साथ ही, सूरज बड़जात्या के साथ काम करने के अनुभव को उन्होंने परिवार जैसा बताया। पेश है कुछ खास अंश.. सवाल: शीन, आपका किरदार आपके असली जीवन से कितना मिलता-जुलता है? जवाब/शीन:मुझे लगता है कि भावनात्मक रूप से मैं और अमृता (मेरा किरदार) थोड़े संवेदनशील हैं। फर्क इतना है कि अमृता पहले बात को समझती है, उसे अपने भीतर समेटती है और फिर प्रतिक्रिया देती है। लेकिन मैं तुरंत प्रतिक्रिया दे देती हूं। मैं खुद भी यही सीखना चाहती हूं कि पहले बात को समझूं और फिर जवाब दूं। सवाल: सौरभ, आपका किरदार आदित्य आपसे कितना मिलता है? जवाब/सौरभ: आदित्य मुझे बहुत अपने जैसा लगता है। रिश्तों को समझना और उन्हें सम्मान देना मेरे लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। बचपन में हम सब थोड़े आवेग में फैसले लेते हैं और फिर उनसे सीखते हैं। आदित्य की यात्रा भी कुछ ऐसी ही है। इसलिए यह किरदार मेरे लिए बहुत जुड़ा हुआ और अपना-सा है। सवाल: बदलते समय में प्यार के बारे में आप क्या कहना चाहेंगे? और यह कहानी कितनी प्रासंगिक है? जवाब/शीन: एक पुरानी कहावत है कि प्यार करना आसान है, लेकिन निभाना कठिन है। जो लोग निभा लेते हैं, वही सच्चे मायने में जीतते हैं। अमृता और आदित्य ने अपने प्यार को निभाया है। उन्हें समाज के लिए शादी की जरूरत नहीं थी, क्योंकि उनका रिश्ता गहरा और सच्चा था। हालांकि परिस्थितियों के कारण अमृता को अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए अलग रास्ता चुनना पड़ा। लेकिन आदित्य ने उसका साथ नहीं छोड़ा। उसने उसे आगे बढ़ने की आज़ादी दी। यह कहानी सपनों और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन की है। जीवन हमेशा सीधी रेखा में नहीं चलता। प्यार और जिम्मेदारियां हमेशा एक साथ नहीं चलतीं। यही इस कहानी की खूबसूरती है। सवाल: आज के ‘तुरंत सब कुछ पाने’ वाले दौर में इंतजार और धैर्य कितना मायने रखता है? जवाब/सौरभ: मेरे विचार से किसी भी दौर का प्यार हो, उसका आधार एक ही है, सम्मान। जहां सम्मान है, वहां धैर्य भी है। बिना धैर्य के सम्मान नहीं हो सकता। जो इस बात को समझता है, वही सच्चा प्रेम करता है। जो सिर्फ समय बिताना चाहता है, उसके लिए प्रेम का कोई अर्थ नहीं है। सवाल: आजकल ‘अल्फा मेल’ की बातें होती हैं। ऐसे में आदित्य जैसा सरल और संवेदनशील लड़का कितना प्रासंगिक है? जवाब/सौरभ: मुझे लगता है कि दस आक्रामक लोगों के बीच एक शांत और संतुलित व्यक्ति काफी होता है। सच्चे प्रेम में हिंसा नहीं, बल्कि मूल्य और जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होते हैं। सशक्त होना मतलब केवल अपने बारे में सोचना नहीं है। असली सशक्तिकरण तब है, जब आप अपने सपनों के साथ-साथ अपनी जिम्मेदारियों को भी समझते हैं। आदित्य और अमृता की यात्रा यही सिखाती है। सवाल: टीवी से फिल्मों और अन्य मंचों पर आने वाले कलाकारों को ‘टीवी कलाकार’ का टैग झेलना पड़ता है। क्या आपके साथ ऐसा हुआ? जवाब/शीन: कभी-कभी लोग ऐसा कहते हैं। लेकिन मेरा मानना है कि मैं जिस लगन से टीवी करती हूं, उसी लगन से फिल्म भी करूंगी। टीवी कलाकारों को अनुशासन, संवाद याद रखने और समय की कद्र करने की अच्छी आदत होती है। इसलिए यह अनुभव हमें और मजबूत बनाता है। लोगों की सोच अलग हो सकती है, लेकिन इससे मुझे फर्क नहीं पड़ता। सौरभ: हां, ऐसी धारणाएं होती हैं। लेकिन मेरा मानना है कि जब आपका समय आता है, तो सब ठीक हो जाता है। अगर समय नहीं आया, तो हम कई कारण गिना सकते हैं। पर सही समय पर सब अपने आप ठीक हो जाता है। सवाल: राजश्री परिवार के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? और सूरज जी से क्या सीख मिली? जवाब/शीन: जब मैंने उनके साथ पहला शो किया था, तो उन्होंने मुझसे कहा था कि टीआरपी की चिंता मत करो, बस प्रक्रिया का आनंद लो। यह सुनकर मैं हैरान रह गई थी। इतने बड़े निर्माता का ऐसा कहना बहुत प्रेरणादायक था। आज भी जब उनका फोन आता है, तो ऐसा लगता है जैसे घर से फोन आया हो। सौरभ: पहले मैंने ‘यहां में घर घर खेली’ में एक छोटे किरदार में काम किया था, और इस बार बड़ा अवसर मिला। जब मैं पहली बार उनसे मिला, तो सोचा था कोई असिस्टेंट आकर किरदार समझाएगा। लेकिन वे खुद मेरे मेकअप कक्ष में आए और किरदार के संदर्भ लेकर समझाया। उनका काम के प्रति जुनून और सभी को सम्मान देने का तरीका बहुत प्रेरणादायक है। आज के समय में जहां सम्मान को दिखावा समझ लिया जाता है, वहां उनके साथ रहकर महसूस होता है कि सच्चा सम्मान कैसा होता है।

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 6:30 am

जब होली बनी फिल्मों की कहानी का टर्निंग पॉइंट:‘सिलसिला’ में अमिताभ-रेखा के रिश्ते का सच सामने आया, ‘शोले’ में गब्बर ने किया हमला

होली का त्योहार बॉलीवुड फिल्मों के गानों के बिना अधूरा है, क्योंकि त्योहार का जश्न इन्हीं गानों पर झूमकर मनाया जाता है। हालांकि, ये गाने और फिल्में सिर्फ जश्न तक सीमित नहीं रहे हैं। बॉलीवुड की कई फिल्मों में होली के मौके पर कहानी में मोड़ और ट्विस्ट सामने आया है। ‘सिलसिला’ में ‘रंग बरसे’ के दौरान रिश्तों का सच सामने आता है। ‘शोले’ में होली के जश्न के बाद तुरंत हमला होता है। चलिए, ऐसी कुछ फिल्मों के बारे में जानते हैं... सिलसिलासाल 1981 में आई फिल्म सिलसिला का गाना रंग बरसे आज भी होली पर सबसे ज्यादा बजने वाले गानों में से एक है। वहीं, फिल्म में गाना रंग बरसे कहानी में बड़ा मोड़ लाता है। इस गाने में अमित, यानी अमिताभ बच्चन, और चांदनी, यानी रेखा, होली के जश्न में भांग के नशे में होते हैं। नशे में वे अपनी पुरानी यादों और दबे जज्बातों में खो जाते हैं। दोनों सबके सामने खुलकर गाते और नाचते हैं। उनके बीच की नजदीकी साफ दिखने लगती है। अमित की पत्नी शोभा (जया बच्चन) और चांदनी के पति डॉ. आनंद (संजीव कुमार) यह सब देख रहे होते हैं। उनके चेहरे पर असहजता साफ नजर आती है। उन्हें दोनों के पुराने रिश्ते का एहसास हो जाता है। शोले1975 की फिल्म शोले में होली का सीन कहानी में ट्विस्ट लाता है। गाने 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं' के बाद पूरा रामगढ़ जश्न मना रहा होता है। तभी गब्बर सिंह के डकैत अचानक गांव पर हमला कर देते हैं। जय और वीरू बहादुरी से डकैतों से लड़ते हैं। एक समय वे घिर जाते हैं और ठाकुर से बंदूक फेंकने को कहते हैं। ठाकुर के पास बंदूक होती है, फिर भी वह कुछ नहीं करता। डकैत वहां से भाग निकलते हैं। इस बात से नाराज होकर जय और वीरू गांव छोड़ने का फैसला करते हैं। तभी ठाकुर अपनी शॉल हटाकर दिखाता है कि उसके हाथ नहीं हैं। वह बताता है कि गब्बर ने उसका परिवार मार दिया और उसके हाथ काट दिए। यह सच सुनकर जय और वीरू बदला लेने का फैसला पक्का कर लेते हैं। दामिनीफिल्म ‘दामिनी’ (1993) में होली का सीन कहानी का सबसे बड़ा मोड़ साबित होता है, जहां से फिल्म की कहानी एक पारिवारिक ड्रामे से बदलकर एक गंभीर लीगल थ्रिलर बन जाती है। होली के जश्न और गाने (‘गवाह है चाँद तारे’) के बीच दामिनी (मीनाक्षी शेषाद्री) अपने देवर राकेश और उसके दोस्तों को घर की नौकरानी उर्मी का बलात्कार करते हुए देख लेती है। दामिनी का पति शेखर (ऋषि कपूर) और उसके ससुराल वाले परिवार की ‘इज्जत’ बचाने के लिए उसे चुप रहने और पुलिस से झूठ बोलने के लिए मजबूर करते हैं। जब दामिनी सच बोलने का फैसला करती है, तो उसे मानसिक रूप से बीमार घोषित कर पागलखाने भेज दिया जाता है, ताकि उसकी गवाही को अमान्य किया जा सके। पागलखाने से भागने के बाद दामिनी की मुलाकात गोविंद (सनी देओल) से होती है, जो एक शराबी और असफल वकील है। यहीं से फिल्म का सबसे मशहूर हिस्सा शुरू होता है, जहाँ गोविंद दामिनी को इंसाफ दिलाने के लिए दिग्गज वकील इंद्रजीत चड्ढा (अमरीश पुरी) के खिलाफ कोर्ट में खड़ा होता है। जॉली एलएलबी 2फिल्म ‘जॉली एलएलबी 2’ में होली का सीन कहानी का अहम मोड़ बनता है। गाने ‘गो पागल’ के बाद हिना (सयानी गुप्ता) को पता चलता है कि जॉली (अक्षय कुमार) ने उसके पति के फर्जी एनकाउंटर केस में मदद का वादा किया था, लेकिन सच में उससे दो लाख रुपये लेकर अपना चैंबर खरीदने की योजना बनाई। इस धोखे का अहसास हिना को तोड़ देता है। जश्न और रंगों के माहौल के तुरंत बाद हिना का आत्महत्या वाला सीन फिल्म की दिशा बदल देता है। यही घटना जॉली के भीतर गहरा अपराध बोध पैदा करती है। वह अपने लालच और स्वार्थ को छोड़कर सच में केस लड़ने का फैसला करता है। इसके बाद कहानी एक गंभीर कोर्टरूम ड्रामा बन जाती है, जहां जॉली सिस्टम के खिलाफ खड़ा होकर न्याय के लिए लड़ता है। पद्मावतफिल्म ‘पद्मावत’ में होली का सीन सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि एक चाल है। अलाउद्दीन खिलजी छह महीने की घेराबंदी के बाद नई रणनीति बनाता है। वह सफेद झंडा भेजकर शांति का संदेश देता है। राजपूतों को लगता है कि अब सुलह होगी। किले के बाहर बैठा खिलजी अपने चेहरे पर केसरिया रंग लगाता है। राजपूतों के लिए यह वीरता का रंग है, लेकिन उसके लिए यह जुनून का प्रतीक है। होली के बहाने वह ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा का फायदा उठाकर किले में प्रवेश कर जाता है। वह भरोसा जीतता है ताकि रानी पद्मावती को देख सके। बाद में इसी शांति वार्ता के दौरान वह रतन सिंह को छल से बंदी बना लेता है। …………………………… होली से जुड़ी ये खबर पढ़ें… हरिवंशराय बच्चन ने होली का गाना ‘रंग बरसे’ लिखा था: अमिताभ बच्चन ने गाया था, फिल्म ‘सिलसिला’ में रेखा के साथ फिल्माया गया फिल्मों और होली का रिश्ता 94 सालों पुराना है। 1932 में पहली बार फिल्म गुलरू जरीना में होली थीम का ब्लैक एंड व्हाइट गाना ‘होरी मुझे खेलने को टेसू मंगा दे..’ दिखाया गया। हालांकि, इसे पॉपुलैरिटी नहीं मिली। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 6:02 am

बॉलीवुड की यादगार होली: कपूर, बच्चन से शाहरुख तक:आरके स्टूडियो से जलसा और मड आइलैंड तक सितारों की रंगीन होली के मशहूर किस्से

बॉलीवुड और होली का बहुत पुराना रिश्ता है। पर्दे पर ही नहीं बल्कि रियल लाइफ में भी बॉलीवुड सेलेब्स होली मनाना खूब पसंद करते हैं। बच्चन, अख्तर और कपूर जैसे परिवारों की होली हमेशा से ही यादगार रही है। इन परिवारों ने होली के त्यौहार को एक नई परिभाषा दे दी और आज भी इनकी होली के चर्चे खूब होते हैं। रंगों के इस मौसम में जानते हैं इन सितारों की होली के मशहूर किस्से- शोमैन राज कपूर की होली बॉलीवुड की होली की बात हो तो राज कपूर का जिक्र जरूर होता है। राज कपूर की होली पार्टी हमेशा से खूब मशहूर थी। बड़े-बड़े स्टार्स पार्टी का हिस्सा बनना चाहते थे, न्यू कमर्स भी इस पार्टी में आने के लिए तरसा करते थे। बॉलीवुड में एक कहावत सबसे ज्यादा मशहूर है कि अगर आरके स्टूडियो में होली नहीं खेली तो क्या होली खेली? राज कपूर की होली को एक जमाने में 'भांग एंड फूड' फेस्टिवल भी कहा जाता था। इनकी पार्टी की एक खास बात यह भी थी कि यह एक पॉन्ड में ढेर सारा रंग मिलाकर अपने मेहमानों के लिए तैयार रखते थे। और जो भी इस पार्टी में आता था उसे उस पॉन्ड में डुबकी लगाकर ही एंट्री मिलती थी। हुड़दंग वाली होली की एक झलक, बजते बाजे और चेहरे पर लगे गुलाल इस होली के जश्न को दोगुना कर देते थे। आरके स्टूडियो की फेमस होली में नरगिस, वैजयंती माला, हेमा मालिनी, धर्मेद्र, मनोज कुमार, राजेंद्र कुमार, जितेंद्र, दारा सिंह, राकेश रोशन, मिथुन, राजेश खन्ना, अमिताभ, अनिल कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा, राखी, रेखा, श्रीदेवी, जीनत अमान जैसे कलाकार होली का मजा उठा चुके हैं। हालांकि 1988 में राज कपूर के निधन के बाद आरके स्टूडियो की होली बंद हो गई। बच्चन परिवार की होली बॉलीवुड के महानायक अभिताभ बच्चन पर फिल्माया गाना रंग बरसे आज भी होली पार्टी की जान है। वहीं रियल लाइफ में भी बिग बी होली खेलने के शौकीन रहे है। बिग बी के बगले जलसा पर हर साल होली का जश्नन पूरे धूम-धाम के साथ मनाया जाता रहा है। साल 2004 में बिग बी की होली खूब चर्चे में थी क्योंकि इसी होली में शाहरुख खान और अमर सिंह ने अपने गिले शिकवे दूर किए थे। फिलहाल कुछ सालों से बच्चन परिवार होली पार्टी नहीं रख रहा है। जावेद अख्तर और शबाना की होली जावेद अख्तर उन सेलेब्स में से हैं जो आज भी होली पार्टी का उसी तरह आयोजन करते हैं जिस तरह सालों से करते आए हैं। जानकारी के मुताबिक, शबाना के पिता कैफी आजमी ने होली पार्टी का ट्रेडिशन शुरु किया था। जावेद अख्तर और शबाना होली को हमेशा से ही लैविश अंदाज में मनाते है। शाहरुख खान की होली शाहरुख खान के होली मनाने का अंदाज खूब निराला है। शाहरुख और गौरी की होली इसलिए फेमस होती है क्योंकि इनकी होली में हर्बल रंगों के कलर्स के साथ-साथ फूलों का भी इस्तेमाल होता है। शाहरुख खुलकर पत्नी गौरी खान होली का त्यौहार के साथ मनाते आए हैं। सुभाष घई की होली अपने मड आइलैंड वाले बंगले पर सुभाष घई लगभग हर बार ही होली पार्टी करते है। एक जमाना था जब सुभाष की होली के पार्टी की चर्चा कई महीनों तक होती थी।

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 5:30 am

हरिवंशराय बच्चन ने होली का गाना ‘रंग बरसे’ लिखा था:अमिताभ बच्चन ने गाया था, फिल्म ‘सिलसिला’ में रेखा के साथ फिल्माया गया

फिल्मों और होली का रिश्ता 94 सालों पुराना है। 1932 में पहली बार फिल्म गुलरू जरीना में होली थीम का ब्लैक एंड व्हाइट गाना ‘होरी मुझे खेलने को टेसू मंगा दे..’ दिखाया गया। हालांकि, इसे पॉपुलैरिटी नहीं मिली। इसके बाद महबूब खान ने फिल्म औरत (1940) में होली की खूबसूरती दिखाते हुए दो गाने डाले। रंगों वाली होली दिखी तो जरूर लेकिन ब्लैक एंड व्हाइट एरा में रंग नहीं दिखे। पहली होली भले ही ब्लैक एंड व्हाइट थी, लेकिन जब रंगीन फिल्मों का दौर आया तब भी पर्दे पर रंगीन होली दिखाने का क्रेडिट भी महबूब खान की फिल्म आन (1952) को मिला। होली के गानों और सेलेब्स का होली मनाने का तरीका दोनों की कई कहानियां हैं। बॉलीवुड के शो-मैन कहे जाने वाले राज कपूर शानदार तरीके पैमाने पर होली मनाते थे। राज कपूर अपनी पार्टी में किन्नरों को बुलाते थे। उन्हें अपनी आने वाली फिल्म के गाने सुनाया करते थे। अगर किन्नरों को कोई गाना पसंद ना आए तो उसे फिल्म में नहीं रखते थे। अमिताभ बच्चन की होली पार्टी में मेहमानों के रंग से भरे पूल में फेंका जाता था। भांग पिलाई जाती थी और जमकर नाच-गाना होता था। एक समय जब अमिताभ का करियर कठिन दौर से गुजर रहा था तो एक होली गीत ने ही उन्हें फिल्म दिलाई थी। आज होली के खास मौके पर पढ़िए फिल्मों में दिखाई गई होली और स्टार्स के घर होली के जश्न से जुड़े कुछ खास किस्से- बड़े पर्दे की पहली होली तो दिखी, लेकिन रंग नहीं होली दिखाने वाली पहली फिल्म भले ही गुलरू जरीना है, लेकिन होली का ट्रेंड शुरू करने का क्रेडिट महबूब खान को दिया जाता है। डायरेक्टर महबूब खान ने 1940 की ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म औरत में होली के दो गाने थे। फिल्म में सुरेंद्र, सरदार अख्तर और याकूब अहम किरदारों में थे। पर्दे पर होली तो दिखाई गई, लेकिन ब्लैक एंड व्हाइट होने पर रंग नहीं दिखे। जब रंगीन फिल्मों का दौर आया तो महबूब खान ने इसी फिल्म को दोबारा मदर इंडिया टाइटल के साथ बनाया। ये फिल्म 1958 को रिलीज हुई थी। भारत की पहली फिल्म जिसे ऑस्कर नॉमिनेशन तक मिला। फिल्म में होली पर फिल्माया गया गाना “होली आई रे कन्हाई” जबरदस्त हिट हुआ, जिसे शमशाद बेगम ने आवाज दी थी। उस जमाने में मदर इंडिया हिंदी सिनेमा की सबसे महंगी फिल्म थी जो करीब 60 लाख रुपए में बनी थी। जिसने सबसे ज्यादा 8 करोड़ रुपए की कमाई भी की। किन्नरों के साथ होली खेलते थे राज कपूर राज कपूर अपनी हर होली पार्टी में किन्नरों को बुलाकर उनके साथ होली का जश्न मनाते थे। राज किन्नरों पर इतना भरोसा करते थे कि रंग- गुलाल लगाने के बाद वो उन्हें अपनी अपकमिंग फिल्म के गाने बिना झिझक सुना देते थे। जब उनकी तरफ से हरी झंडी मिलती थी, तब ही फिल्म में वो गाना लिया जाता था। जब राज कपूर ने एक होली पार्टी में किन्नरों को अपनी अपकमिंग फिल्म राम तेरी गंगा मैली के गाने सुनाए तो एक गाना किन्नरों को पसंद नहीं आया। राज का उन पर ऐसा अटूट विश्वास था कि उन्होंने तुरंत कंपोजर रविंद्र जैन को बुलाकर इसे बदलने को कहा। इस गाने के रिप्लेसमेंट में ‘सुन साहिबा सुन’ गाना तैयार किया गया। जब फिर किन्नरों को ये गाना सुनाया गया तो जवाब मिला, ये गाना दशकों तक याद रखा जाएगा। हुआ भी ऐसा ही। सुन साहिबा सुन गाना चार्टबस्टर था, जो आज भी लोगों की जुबान पर है। कंपोजर रविंद्र जैन को इस फिल्म के लिए बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। राज कपूर की पार्टी में होता था देखने लायक जश्न 60 के दशक में हिंदी सिनेमा में राज कपूर पहले ऐसे सेलिब्रिटी थे, जिन्होंने होली सेलिब्रेशन के लिए आरके स्टूडियो में पार्टी रखना शुरू किया। इनकी पार्टी में दो बड़े कंटेनर में पानी भरकर उनमें हर तरह के रंग मिलाए जाते थे। पार्टी में शामिल होने वाले गेस्ट को सबसे पहले इन कंटेनर में डाला जाता था और रंगने के बाद ही वो अंदर पार्टी में शामिल होते थे। इस पार्टी में उस दौर के हर छोटे-बड़े कलाकार को बुलाया जाता था। कई लोग तो इसे भांग एंड फूड फेस्टिवल तक कहते थे। अमिताभ पर ही फिल्माए गए पिता के लिखे हुए दो होली सॉन्ग अमिताभ बच्चन पर फिल्माए गए दो होली के सदाबहार गाने ‘रंग बरसे’ और ‘होरी खेलें’ उनके पिता कवि हरिवंशराय बच्चन ने लिखे थे। ये दोनों गाने फिल्माए जाने से काफी सालों पहले से ही अमिताभ अपने पिता से सुनते आए थे। 1981 की फिल्म सिलसिला में रंग बरसे गाना भी एक इत्तेफाक का नतीजा है। दरअसल, ये गाना मीरा पर बने एक भजन से प्रेरित है, जिसके लिरिक्स “रंग बरसे ओ मीरन, भवन में रंग बरसे” से प्रेरित हैं। पिता से बचपन से ये भजन सुनते आए अमिताभ खुद भी इस भजन को अक्सर गुनगुनाते रहते थे। राज कपूर की होली पार्टी में जब यश चोपड़ा ने इसे सुना तो उन्हें ये इतना पसंद आया कि इसे फिल्म में लेने का फैसला किया। ठीक ऐसा ही बागबान के गाने होरी खेले रघुबीरा के साथ हुआ। ये लोकगीत भी अक्सर हरिवंश राय बच्चन गुनगुनाते रहते थे, जो अमिताभ ने कई बार सुना था। जब बागबान फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर आदेश श्रीवास्तव ने अमिताभ से फिल्म के लिए एक होली के गाने का सुझाव मांगा तो उन्होंने यही गाना बताया। दोनों ने मिलकर इसे फाइनल किया और एक रात में इस गाने की रिकॉर्डिंग की। अमिताभ की होली पार्टी में मेहमानों को दी जाती थी भांग अमिताभ बच्चन भी अपने बंगले में होली की बड़ी पार्टी दिया करते थे। इनके बंगले में मेहमानों को भांग सर्व की जाती है। 2004 में बिग बी के बंगले जलसा में हुई पार्टी खूब सुर्खियों में रही थी, क्योंकि यहां शाहरुख खान और अमर सिंह के बीच की सालों से चली आ रही लड़ाई गले मिलकर खत्म हुई थी। किस्से अमिताभ बच्चन की होली पार्टी के- अमिताभ बच्चन की होली पार्टी ही वो वजह है जिसके डर से पॉपुलर फिल्ममेकर करण जौहर आज भी होली से घबराते हैं। दरअसल, 10 साल के करण जौहर अपने पिता हीरू जौहर के साथ बिग बी के घर होली पार्टी में गए थे। करण को बचपन से ही रंग लगवाने से नफरत थी। वो पार्टी में ये बात सबको बताने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही छोटे अभिषेक बच्चन ने दोस्तों के साथ शरारत करते हुए करण को रंग से भरे पूल में फेंक दिया। इससे करण इतने सहम गए कि उन्होंने जिंदगी में कभी होली नहीं खेली। बचपन में अर्जुन कपूर के साथ अभिषेक ने की थी मस्ती अर्जुन कपूर को हमेशा से ही रंग खेलने में कोई खास दिलचस्पी नहीं है। एक कारण ये भी है कि अर्जुन को रंगों से एलर्जी है। एक बार बचपन में अर्जुन अमिताभ बच्चन की होली पार्टी में पहुंचे थे। इस पार्टी में अभिषेक बच्चन और किरण खेर के बेटे सिकंदर खेर ने उन्हें रंगों से भरे पूल में धक्का दे दिया था। इसके बाद से ही उन्होंने कभी होली नहीं खेली। खुशनुमा माहौल दिखाने के लिए सेट पर होती थी असली पार्टी डर फिल्म का गाना अंग से अंग लगाना शूट करना भी यश चोपड़ा के लिए चैलेंजिंग था। शूटिंग लोनावला में हुई, जिसे साउथ के पॉपुलर कोरियोग्राफर तरुण कुमार ने कोरियोग्राफ किया था। जब यश चोपड़ा ने डांस रिहर्सल देखी तो उन्होंने कोरियोग्राफर से कहा कि स्टेप्स काफी सीरियस हैं। यश के कहने पर स्टेप्स बदल दिए गए। गाने की शूटिंग देखने के लिए हनी ईरानी, डिंपल कपाड़िया, यश चोपड़ा की पत्नी पामेला और जूही चावला के कुछ रिश्तेदार भी लोनावला पहुंच गए। सेट पर मस्ती भरा माहौल रखने के लिए सब वर्ड पजल खेलते थे और यश सभी लोगों के लिए मजेदार खाना बनवाते थे, जिससे असल में सेट पर पार्टी का माहौल दिखे। डू मी अ फेवर गाने की शूटिंग के दौरान लोगों ने देखा चमत्कार फिल्म वक्त का गाना डू मी अ फेवर अपनी तरह का एक शानदार गाना है। होली थीम पर बना ये गाना खूब बजाया गया और पसंद भी किया गया। इस गाने की शूटिंग के दौरान सेट पर मौजूद लोगों ने चमत्कार देखा। दरअसल विपुल शाह चाहते थे कि उन्हें रंग बरसे गाने की टक्कर का कोई गाना मिले। म्यूजिक डायरेक्टर अनु मलिक से चर्चा की तो 3 महीने में उन्होंने डू मी अ फेवर गाना तैयार कर विपुल को सुनाया। अनु ने इतने बेहतरीन ढंग से डू मी अ फेवर लेट्स प्ले होली कहा कि विपुल ने उन्हें ही गाने को आवाज देने के लिए इंसिस्ट किया। शूटिंग के दौरान विपुल शाह चाहते थे कि बदली में गाना फिल्माया जाय, लेकिन बारिश ना हो। गाने के लिए सेट तैयार करवाया गया था, जिसमें एक विशाल तालाब भी बनवाया गया था। गाने की शूटिंग शुरू हुई तो बदली छा गई और जब तक शूटिंग चलती रही बदली कायम रही, जो अमूमन होता नहीं है। जैसे ही गाने की शूटिंग पूरी हुई और डायरेक्टर ने पैक-अप कहा वैसे ही तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे पूरा सेट तबाह हो गया। बलम पिचकारी गाने की शूटिंग के समय हुआ दीपिका के साथ प्रैंक नए जमाने में बलम पिचकारी होली थीम का सबसे पसंदीदा गाना माना जाता है। इस गाने की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर अयान मुखर्जी और रणबीर कपूर ने दीपिका के साथ प्रैंक किया था। सेट पर एक रंग से भरा पूल तैयार किया गया था, जिसके बारे में सिर्फ अयान और रणबीर को ही पता था। जैसे ही दीपिका और कल्कि सेट पर तैयार होकर पहुंचे तो दोनों ने उन्हें उठाकर पूल में फेंक दिया। इस समय कैमरा रोलिंग में था। इस प्रैंक से आए रियल एक्सप्रेशन ही गाने में लिए गए थे। आखिर में होली सेलिब्रेशन की ये पुरानी तस्वीरें भी देखें-

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 5:00 am

नाम बदलकर अबू सलेम ने मोनिका बेदी से बढ़ाई नजदीकियां:US में नौकरों जैसा सलूक किया, एक्ट्रेस बोलीं- गिरफ्तारी से खुशी मिली

बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के मोनिका बेदी केस के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे 2002 में 1993 सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपी और अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को गिरफ्तार किया गया। जब पुलिस उनके घर पहुंची, तो वहां मोनिका बेदी की भी गिरफ्तारी हुई। मोनिका बेदी पुर्तगाल में सना मलिक नाम से रह रही थीं। इस पहचान के लिए उन्होंने नकली पासपोर्ट बनवाए थे। गिरफ्तारी के बाद अबू सलेम और मोनिका बेदी को पुर्तगाल की एक ही जेल में अलग-अलग सेल में रखा गया। दोनों के बीच अक्सर खतों के जरिए प्यार मोहब्बत की बातें होती थीं। दोनों जल्द ही जेल से निकलकर आम जिंदगी जीने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन फिर अचानक मोनिका बेदी ने उन्हें खत भेजना बंद कर दिया और उनसे रिश्ता खत्म कर लिया। जब दोनों को 1 साल बाद भारत डिपोर्ट किया गया तो चार्टर्ड प्लेन में मोनिका से नजरें तक नहीं मिलाईं। अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे- 11 नवंबर 2005 को मोनिका बेदी और अबू सलेम को भारत लाया गया। मोनिका बेदी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B (आपराधिक साजिश), 419 (छल से प्रतिरूपण) और 420 (धोखाधड़ी) और पासपोर्ट अधिनियम, 1967, सेक्शन 12 के तहत मामला दर्ज हुआ था। पुर्तगाल में पहले ही सजा काट चुकीं मोनिका बेदी पर भारत में नया केस हुआ। 29 सितंबर 2006 में इंडियन कोर्ट पासपोर्ट एक्ट की धारा के अलावा अन्य धाराओं पर दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई। उन्हें हैदराबाद और भोपाल की जेल में रखा गया था। मोनिका बेदी ने कहा था, मुझे अबू सलेम से प्यार करने की कीमत चुकानी पड़ी फिल्मफेयर को दिए एक पुराने इंटरव्यू में मोनिका बेदी ने कहा था, ‘पुर्तगाल की जेल में साफ कमरे और ठीक-ठाक बिस्तर थे, लेकिन यहां मुझे खुले टॉयलेट के सामने फर्श पर सोना पड़ा। मुझे जमानत नहीं मिली, जबकि हत्या के मामलों में आरोपी महिलाओं को मिल गई थी। मुझे अबू सलेम से प्यार करने की कीमत चुकानी पड़ी।' 'आखिरकार 2007 में मुझे जमानत मिल गई। 2010 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मेरी दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए सजा को उतनी अवधि तक सीमित कर दिया, जितनी मैं पहले ही जेल में काट चुकी थी। लेकिन तब तक खुशी की अहमियत ही खत्म हो चुकी थी। सजा तो मैंने काट ही ली थी, क्या वे साल मुझे वापस मिल सकते हैं?’ अबू सलेम के दूसरे आरोपों में शामिल नहीं थीं मोनिका बेदी जांच एजेंसियों को शक था कि मोनिका बेदी अबू सलेम की अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में भी शामिल हो सकती हैं। क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल कहते हैं, ‘मेरे इन्फॉर्मर से मुझे ये जानकारी मिली कि जिस समय डायरेक्टर मुकेश दुग्गल की हत्या हुई, उस जगह मोनिका बेदी का मोबाइल फोन मिला था, जिसे हटवाने के लिए अबू सलेम ने 18 लाख रुपए की रिश्वत दी थी। लेकिन जांच में ये कन्फर्म नहीं हुआ।’ मोनिका के खिलाफ पुलिस को फर्जी पासपोर्ट केस के अलावा कोई सबूत नहीं मिले, जिसके चलते उन पर सिर्फ एक केस ही चला। वाकई में मोनिका जिस समय अबू सलेम के साथ भारत से भागीं, तब वो नहीं जानती थीं कि अबू सलेम पर कई हत्याओं और 1993 के सीरियल बम ब्लास्ट के भी आरोप हैं। शुरुआती समय में वो ये तक नहीं जानती थीं कि जिस शख्स से उनकी बातचीत होती है, वो इवेंट ऑर्गेनाइजर नहीं बल्कि अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम है। चार्जशीट देखकर मोनिका बेदी ने किया रिश्ता खत्म करने का फैसला जिस समय मोनिका बेदी को पुर्तगाल जेल में रखा गया था, तब उन्हें अबू सलेम की चार्जशीट दिखाई गई। चार्जशीट देखने के बाद मोनिका बेदी को एहसास हुआ कि जिस शख्स को वो बड़ा बिजनेसमैन समझती थीं, वो असल में एक अंडरवर्ल्ड डॉन है। यही वजह रही कि उन्होंने रिश्ता अचानक खत्म कर लिया। मोनिका के दूर जाने से नाखुश था अबू सलेम, रिश्ता बनाए रखना चाहता था भारत लाए जाने के बाद मोनिका बेदी और अबू सलेम को अलग-अलग जेल में रखा गया। इस समय अबू सलेम, मोनिका बेदी के लिए अक्सर हैदराबाद जेल में फूल और महंगे तोहफे भिजवाता था। वो बार-बार उनसे संपर्क करने की कोशिश करता था, लेकिन मोनिका ने अपने रास्ते अलग कर लिए थे। अबू सलेम ने दावा किया था कि वो और मोनिका बेदी साल 2000 में लॉस एंजिलिस की एक मस्जिद में निकाह कर चुके हैं और मोनिका उनकी कानूनी तौर पर पत्नी हैं। हालांकि मोनिका इन सभी दावों को खारिज करती रहीं। इस समय अबू सलेम के वकील अरविंद शुक्ला ने दावा किया कि उनके पास मोनिका और अबू सलेम का निकाहनामा भी है। जानिए कैसे हुई डॉन से मोनिका बेदी की पहली मुलाकात 18 जनवरी 1975 पंजाब के होशियारपुर जिले के चाबेवल गांव में मोनिका बेदी का जन्म हुआ। वो महज 1 साल की थीं, जब उनका परिवार नॉर्वे शिफ्ट हो गया। वहां पिता ने कपड़ों का बिजनेस शुरू किया था। मोनिका विदेश में रहीं और पढ़ाई भी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से की। देखने में बेहद खूबसूरत मोनिका के लुक्स की तुलना टीनएज में मशहूर एक्ट्रेस सायरा बानो से होती थी। डांस में रुचि थी तो वो भी घंटों कमरे बंद कर गाने सुनकर थिरका करती थीं। भाई उन्हें कमरा साफ करने के बदले श्रीदेवी के डांस के वीसीडी दिलवाया करता था। मोनिका सालाना भारत आया करती थीं। साल 1995 में जब वो भारत आईं तो उन्होंने यहीं रहकर गोपी कृष्ण डांस क्लासेस जॉइन कर कथक सीखने का फैसला किया। वहीं उनकी एक रोज मनोज कुमार से मुलाकात हुई, जिन्होंने उनकी खूबसूरती देखकर उन्हें अपने बेटे कुणाल के साथ लॉन्च करने का ऑफर दिया। मोनिका ने एक्टिंग क्लासेस भी शुरू कर दीं, लेकिन मनोज कुमार की वो फिल्म बनी ही नहीं। इसी बीच उन्हें दूसरी फिल्में मिलने लगीं। उनकी पहली फिल्म साउथ की ताजमहल रही। जिसके बाद उन्होंने सैफ अली खान के साथ सुरक्षा, सलमान खान के साथ जानम समझा करो और संजय दत्त के साथ जोड़ी नंबर वन जैसी कई फिल्में कीं। फिर आया साल 1998… करियर बुलंदियों पर था। कई डायरेक्टर प्रोड्यूसर उन्हें फिल्मों के ऑफर दे रहे थे। एक शाम उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स ने अपना नाम अर्सलान बताया था। उसने कहा कि वो दुबई का बड़ा बिजनेसमैन है। उनका दुबई में इवेंट है, जिसमें मोनिका को परफॉर्मेंस का ऑफर मिला। मोनिका दुबई गईं। उस शख्स से मिलीं और दोनों में अच्छी बातचीत हुई। जब वो भारत लौटीं, तब तक उनकी अर्सलान से दोस्ती गहरी हो चुकी थी। वो हर आधे घंटे में उन्हें कॉल करते और दोनों की लंबी-लंबी बातें होतीं। मोनिका भी उन्हें पसंद करने लगीं। अर्सलान से मिलने वो दो-तीन बार दुबई भी गई थीं। उन्होंने बताया कि उनके दुबई में कार के शोरूम हैं। वो उन्हें शोरूम दिखाने भी ले गए थे। ऐसी ही एक मुलाकात के दौरान अर्सलान ने मोनिका से कहा कि उनका असल नाम अर्सलान नहीं बल्कि अबू सलेम है। मोनिका को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ा। अंडरवर्ल्ड कवर करने वाले सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल इस पर कहते हैं, ‘मोनिका के सामने एक ऐसी तस्वीर खींची गई कि अर्सलान बड़े-बड़े प्रोजेक्ट दिला सकता है। अबू सलेम ने मुकेश दुग्गल पर दबाव डालकर मोनिका को करीब आठ-नौ फिल्मों में काम तो दिलवाया, लेकिन टैलेंट की कमी और अंडरवर्ल्ड के दबाव के चलते इंडस्ट्री में डर फैलने लगा। धीरे-धीरे ये बात फैल गई कि मोनिका अंडरवर्ल्ड से जुड़ी हैं, और काम मिलना बंद हो गया।’ ‘जब मोनिका को पता चला कि दबाव डी-कंपनी से आ रहा है, तब तक मोनिका के लिए वापसी के सारे रास्ते बंद हो चुके थे। इस बीच दोनों की मुलाकातें विदेशों में होने लगीं और काफी समय तक उन्हें यह भी पता नहीं था कि अरसलान असल में अबू सलेम है।’ जब उनसे पूछा गया कि मोनिका को अबू सलेम की सच्चाई कब पता चली और उसके बाद क्या हुआ? तो जवाब में विवेक अग्रवाल ने कहा, ‘जब मोनिका को अबू सलेम की असल पहचान का पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों के बीच रिश्ता इस हद तक पहुंच चुका था कि शादी की बातें होने लगी थीं और अबू सलेम ये दावा करने लगा था कि वो सब कुछ छोड़ देगा। लेकिन अंडरवर्ल्ड एक अंधेरी गली है एक बार अंदर गए तो वापसी नहीं होती।’ अबू सलेम ने छिपाई मोनिका से कई राजफिल्मफेयर को दिए गए एक पुराने इंटरव्यू में मोनिका बेदी ने कहा, ‘धीरे-धीरे मुझे एहसास हुआ कि वह कोई प्रभावशाली व्यक्ति है। उसके आसपास हमेशा गार्ड रहते थे। यह मुझे अजीब तो लगा, लेकिन उसने कभी अपनी निजी जिंदगी के बारे में खुलकर कुछ नहीं बताया। वह बहुत बंद स्वभाव का था। मुझे सिर्फ इतना पता था कि वह शादीशुदा है और तलाक की प्रोसेस चल रही है।’ ‘फिर किसी कारण से उसे अमेरिका जाना पड़ा। वह चाहता था कि मैं तुरंत उसके साथ अमेरिका आ जाऊं। वहां पहुंचकर मुझे एहसास हुआ कि अब मैं वापस नहीं जा सकती। पुलिस को पता था कि अबू सलेम एक एक्ट्रेस के साथ जुड़ा हुआ है और वे मेरी पहचान जानते थे। अबू सलेम को डर था कि मुझ पर दबाव डालकर वे उस तक पहुंच जाएंगे। इसलिए उसने मुझे लौटने नहीं दिया।’ वो चिड़चिड़ा और गुस्सल था- मोनिका बेदी आगे मोनिका ने कहा था, ‘मैं अमेरिका में उसके साथ एक साल से ज्यादा रही। बीच-बीच में वह दुबई जाता था और मैं अपने माता-पिता से मिलने नॉर्वे चली जाती थी। लेकिन हमारे बीच मतभेद बढ़ने लगे। वह बुरा इंसान नहीं था, पर उसकी सोच अलग थी। वह हावी रहने वाला स्वभाव का था। उसने ताकत और लोगों को कंट्रोल करने वाली जिंदगी जी थी, इसलिए वह हर चीज अपने तरीके से चाहता था। दबावों के कारण उसका स्वभाव चिड़चिड़ा और गुस्सैल हो गया था। मुझे समझ में आ गया कि हम साथ रहने के लिए नहीं बने थे। मैं अपने पेशे में वापस लौटना चाहती थी, लेकिन उसने इजाजत नहीं दी। उसे डर था कि मेरे जरिए उसका ठिकाना पता चल जाएगा।’ मोनिका बेदी ने कई बार की भागने की कोशिश उसी इंटरव्यू में मोनिका ने कहा, ‘ऐसा नहीं था कि उसने मुझे बंदूक की नोक पर बंधक बना रखा था, वह तो फिल्मों जैसी कहानी होती। लेकिन कई बार मैं उससे दूर भागकर कुछ दिनों के लिए होटल में रही, फिर वह मुझे वापस ले आता। कभी-कभी मैं खुद भी लौट जाती, क्योंकि वह फोन पर रोता और कहता, “मैं तुमसे प्यार करता हू, ऐसा मत करो।” वह कहता कि वह सब कुछ छोड़कर आम जिंदगी जीना चाहता है। मुझे लगा कि कम से कम हालात संभलने तक मुझे उसके साथ रहना चाहिए।’ ‘आप कह सकते हैं कि यह मजबूरी, डर और प्यार, सबका मिला-जुला असर था, जिसकी वजह से मैं उसके साथ रही। मैं उससे प्यार भी करती थी। और मुझे समझ नहीं आता था कि जाऊं तो जाऊं कहां। पैसों, डॉक्यूमेंट्स और पासपोर्ट की जरूरत होती है।’ मैंने उसके लिए खाना बनाया, कपड़े धोए- मोनिका बेदी मोनिका ने इंटरव्यू में कहा था, ‘लोगों को लगता था कि उसके पास बहुत पैसा है, इसलिए मैं राजकुमारी जैसी जिंदगी जी रही हूं। लेकिन उसके साथ मैंने सिर्फ मुश्किलें और संघर्ष ही देखे। हम लगातार एक जगह से दूसरी जगह जाते रहे। मैं उसके लिए खाना बनाती, सफाई करती और कपड़े धोती थी। दरअसल, खाना बनाना भी मैंने उसी से सीखा।’ ‘अगर मैंने कभी अच्छी जिंदगी देखी, तो वह अपने माता-पिता के घर में या अपनी मेहनत की कमाई से ही देखी। लोग कहते थे, “वह उसके साथ पैसे के लिए है।” लेकिन पैसा कहां था? मुझे मुश्किलों से शिकायत नहीं थी, तकलीफ उसके एग्रेसिव और चिड़चिड़े बिहेवियर से थी। मैं अक्सर सोचती थी कि आखिर मैं इस सब में कैसे फंस गई।’ मोनिका बेदी ने ये भी कहा कि जब उनकी पुर्तगाल में गिरफ्तारी हुई, तो वो इससे बहुत खुश थीं, क्योंकि उन्हें आखिरकार भारत लौटने का एक रास्ता दिख रहा था। इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, ‘मैंने उसे चिट्ठियों के जरिए साफ कह दिया कि मैं अब यह रिश्ता आगे नहीं बढ़ा सकती। लेकिन उसे भरोसा था कि वह मुझे मना लेगा। उसने लिखा, “तुम मुझे इस मोड़ पर छोड़ नहीं सकती।” मैं यह नहीं कहूंगी कि वह मुझसे प्यार नहीं करता था, उसका प्यार सच्चा था, उसमें कोई चालाकी नहीं थी। लेकिन मेरे अंदर एक मजबूत इच्छाशक्ति आ गई थी। मैं निडर हो गई थी।’ ‘जब मैंने अपने माता-पिता को नॉर्वे से पुर्तगाल सिर्फ मुझसे मिलने के लिए आते देखा, तो मुझे एहसास हुआ कि मैंने उनके साथ क्या किया?’ कई बार घर से भगाई गईं मोनिका बेदी, मुंबई में नहीं मिला ठिकाना साल 2007 में मोनिका बेदी को फर्जी पासपोर्ट केस में जमानत मिली। जमानत के समय शर्त रखी गई कि उन्हें अपने परिवार के साथ पंजाब में रहना होगा। लेकिन मोनिका को कुछ समय में एहसास हो गया कि वो परिवार के लिए बोझ बन गई हैं। उन्होंने मुंबई जाकर कोर्ट से अपील की कि उन्हें मुंबई में रहने की इजाजत मिले, जिससे वो कमाई कर सकें। उन्हें परमिशन मिल गई, लेकिन तब उनके सारे दोस्तों ने हाथ पीछे खींच लिए। उन्होंने मुंबई में किराए पर घर भी ढूंढने की कोशिश की, लेकिन हर किसी ने नाम सुनकर घर देने से इनकार दिया। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्हें मुंबई में रहने के लिए एक किराए का घर मिला। उन्होंने गद्दा, कुछ बर्तन और घर का सामान खरीदा। उन्हें लगा कि अब शायद जिंदगी पटरी पर आए, लेकिन कुछ हफ्तों बाद ही मकानमालिक ने उन्हें घर खाली करने के लिए बोल दिया। ऐसा कई बार हुआ। बिग बॉस 2 में देखकर भड़का अंडरवर्ल्ड डॉन साल 2008 में मोनिका बेदी को रियलिटी शो बिग बॉस 2 का ऑफर मिला। विवादित जिंदगी के बावजूद मोनिका बेदी का शो में बिहेवियर काफी पसंद किया गया। इस दौरान उनकी को-कंटेस्टेंट राहुल महाजन से बढ़ती नजदीकियां काफी सुर्खियों में रहीं। ये खबर जेल में बंद अबू सलेम तक भी पहुंचीं। इस समय उसने पेशी से निकलते हुए कहा, मोनिका बेदी मेरी पत्नी है। अगर उसे नई जिंदगी शुरू करना है, तो पहले मुझे तलाक देना होगा। हालांकि मोनिका बार-बार शादी के दावे खारिज करती रहीं। मोनिका का बिग बॉस 2 में जाने से ठीक पहले इंटरव्यू कर चुकीं सीनियर रिपोर्टर जिग्ना वोरा कहती हैं, ‘मैंने चलती गाड़ी में बैठकर उनका इंटरव्यू किया था। जब मैंने उनसे और अबू सलेम के रिश्ते पर सवाल किया, तो वो इस बात से मुकर गईं। उन्होंने हर सवाल का जवाब ‘ना’ में दिया। वो डिनायल मोड में थीं अबू सलेम से अपने रिश्ते को लेकर। लेकिन आज भी कई ऐसे डॉक्युमेंट्स मौजूद हैं जो यह प्रूव करते हैं कि दोनों साथ थे और कैसे उन्होंने दुबई छोड़कर पुर्तगाल में साथ रहने का प्लान बनाया था।’ बिग बॉस 2 के बाद मोनिका बेदी झलक दिखला जा, राज पिछले जनम का, दिल जीतेंगी देसी गर्ल-1 जैसे कई रियलिटी शोज में नजर आईं। इसके बाद उन्हें संजयलीला भंसाली के प्रोडक्शन में बने टीवी शो सरस्वतीचंद में नेगेटिव रोल में कास्ट किया गया। वो टीवी शो बंधन में भी नजर आ चुकी हैं। टीवी शोज के अलावा वो कुछ पंजाबी, बंगाली और नेपाली फिल्मों का भी हिस्सा रहीं, लेकिन उन्हें अब तक कोई बॉलीवुड फिल्म नहीं मिली।अबू सलेम ने ट्रेन में जाते हुए अनजान महिला से की शादी मोनिका बेदी के अलावा अबू सलेम भी अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका है। साल 2014 में अबू सलेम को पासपोर्ट केस की सुनवाई के लिए ट्रेन से लखनऊ लाया गया था। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में ही उसने मुंब्रा की एक लड़की से ट्रेन में बातचीत की और कुछ घंटों की मुलाकात के बाद वहीं निकाह कर लिया। काजी ने फोन में ही निकाह पढ़वाया था। इसके बाद साल 2018 में अबू सलेम ने तीसरी शादी करने के लिए पेरोल की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। बता दें कि इससे पहले अबू सलेम ने 1991 में समायरा जुमानी से पहली शादी की थी। अबू सलेम फिलहाल नासिक की सेंट्रल जेल में है, उसे की हत्याओं के मामलों में दोषी करार दिया जा चुका है। हालांकि उसे फांसी की सजा नहीं दी जा सकती। दरअसल, जिस समय उसे पुर्तगाल से भारत डिपोर्ट किया गया था, तब पुर्तगाल सरकार ने शर्त रखी थी कि पुर्तगाल के कानून के मद्देनजर उसे फांसी न दी जाए, क्योंकि उसे डिपोर्ट किया गया है। आखिर में क्राइम रिपोर्टर विवेक अग्रवाल कहते हैं, ‘मोनिका बेदी और अबू सलेम की मोहब्बत की दास्तान बड़ी बन गई। क्योंकि वो मोनिका बेदी थी और वो अबू सलेम था। हाजी मस्तान और सोना की कहानी आज भी क्यों कही जाती है? क्योंकि उसमें ग्लैमर जुड़ा हुआ है। दाऊद इब्राहिम की जिंदगी में महजबीन जैसी पत्नी होने के बावजूद उसकी मोहब्बत की कहानियां मंदाकिनी के साथ क्यों कही जाती हैं?’ ‘मंदाकिनी हजार बार इनकार कर चुकी हैं, लेकिन उनके इनकार से क्या फर्क पड़ता है? विक्की गोस्वामी और ममता कुलकर्णी की कहानी भी इसलिए बड़ी बनी, क्योंकि ममता एक सेलिब्रिटी थीं। एक तरफ अगर कोई सेलिब्रिटी हो, तो कहानी अपने आप सबकी निगाहों का मरकज बन जाती है। मोनिका और अबू सलेम के साथ भी यही हुआ।’ आज भी सिंगल है मोनिका बेदी हाल ही में सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में मोनिका बेदी ने कहा कि पिछले बुरे अनुभव के बाद से ही उन्हें रिश्ते और प्यार से डर लगने लगा है। यही वजह है कि वो आज भी सिंगल हैं। उन्होंने कहा कि वो हमेशा अकेली ही रहना चाहती हैं।…………………………………………… पार्ट-1, डिजाइनर कपड़ों में गिरफ्तार हुईं मोनिका बेदी:पुर्तगाल जेल में अबू सलेम को लिखे लव लेटर, चार्टर्ड प्लेन में नहीं मिलाई नजरें तारीख- 18 सितंबर 2002 जगह- लिस्बन पुर्तगाल भारत के समयानुसार करीब 8 बज रहे थे। लिस्बन की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक टेजो नदी का किनारा आमतौर पर सैलानियों से भरा होता था, नजारे किसी रोमांटिक फिल्म की तरह होते थे, लेकिन उस शाम ये नजारे थे एक क्राइम थ्रिलर फिल्म के। नदी किनारे एक लग्जरी एसयूवी कार सामान्य स्पीड में चल रही थी कि अचानक ही उस कार के पीछे पुर्तगाल पुलिस की गाड़ियों का काफिला चलने लगा। कार सवार शख्स को एहसास हुआ कि पुलिस उसका पीछा कर रही है, तभी उसने एक्सेलेटर पर पैर मारा और रफ्तार बढ़ा दी। पूरी कहानी पढ़िए… (नोट- ये खबर मोनिका बेदी का केस और अंडरवर्ल्ड की स्टोरी कवर करने वाले सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल और क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के इंटरव्यू और रिसर्च के आधार पर क्रिएटिव लिबर्टी के साथ लिखी गई है।)लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय ………………………. बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के मोनिका बेदी केस में इतना ही, अगले हफ्ते केस-8 में पढ़िए बॉलीवुड एक्टर कमल सदाना के फैमिली हत्याकांड की कहानी। जब उनके पिता ने उनके 20वें जन्मदिन के मौके पर पूरे परिवार की गोली मारकर हत्या कर दी। सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर। एक्टर कमल सदाना के बर्थडे के दिन पिता ने किए नशे; कुछ देर में फर्श में खून से लथपथ मिलीं मां-बहन, फिर एक्टर पर भी चलाई गई गोली तारीख- 21 अक्टूबर 1990 जगह- 28th रोड, बांद्रा ईस्ट, मुंबई का बंगला शाम का वक्त था। ‘बेखुदी’ और ‘रंग’ जैसी बेहतरीन फिल्मों में नजर आ चुके कमल सदाना का 20वां बर्थडे था। घर का माहौल खुशनुमा था, जो जल्द ही मातम और भयावह मंजर में तब्दील होने वाला था। कमल की मां ने उनके दोस्तों के लिए पार्टी रखी थी। पार्टी की तैयारियां जोरों पर थीं, बहन नम्रता भी हेडफोन लगाए एक कोना पकड़कर बैठी थी। दोस्त हरि पहले ही घर आ चुका था। दीवारें रंगीन गुब्बारे और रंग-बिरंगी लाइट्स से सजी हुई थीं। लिविंग रूम के सेंटर टेबल को कमल का पसंदीदा केक रखने के लिए खाली रखा गया था, जहां चंद घंटों में 3 लाशें बिछ गईं। पूरी कहानी पढ़िए अगले हफ्ते बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-8 में। ……………………………………… भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड बोली- कमरे में बंद किया; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया, मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम कर रही थी। मैं सुबह से शाम वहीं रहती थी। घर में दो मेड और थीं। उस दिन घर में कोई नहीं था। अचानक उन्होंने मुझे पकड़ लिया। मैंने बचने की कोशिश की तो मारा। पूरी कहानी पढ़िए……………………………. पार्ट-2, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड ने बयान बदला, कहा- रेप नहीं हुआ, 7 साल की सजा हुई; ₹15 लाख की हुई मांग केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। पूरी कहानी पढ़िए………………………………………. पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवेक की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवेक की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवेक का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 4:30 am

विजय-रश्मिका का रिसेप्शन आज हैदराबाद में:हाई-प्रोफाइल गेस्ट के लिए सुरक्षा टाइट, कार्ड के बिना एंट्री पर रोक, 26 फरवरी को उदयपुर में की शादी

विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना का रिसेप्शन आज हैदराबाद के होटल ताज कृष्णा में होने वाला है। कपल ने 26 फरवरी को उदयपुर में इंटिमेट वेडिंग की थी, जिसमें परिवार और करीबी लोग समेत महज 250 लोग ही मौजूद थे। अब कपल हैदराबाद में ग्रैंड रिसेप्शन दे रहा है, जिसमें हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयाली और कन्नड़ इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियां शामिल होने वाली हैं। शादी में कई बड़े राजनेता भी शिरकत करेंगे। बिना वैलिड कार्ड के एंट्री पर रोक विजय-रश्मिका ने रविवार के आधिकारिक बयान करते हुए बताया है कि उनके रिसेप्शन में हाई-प्रोफाइल लोगों की मौजूदगी के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हैदराबाद के लोकल अधिकारियों से संपर्क कर अतिरिक्त सिक्योरिटी रखी गई है। गेस्ट लिस्ट को काफी लिमिटेड किया गया है। शादी में आने वाले सभी गेस्ट को ऑफिशियल वैलिड इनविटेशन कार्ड दिखाने के बाद ही एंट्री मिलेगी। अगर कार्ड नहीं हुआ तो एंट्री नहीं दी जाएगी। उदयपुर के आईटीसी ममेंटोस रिसोर्ट में हुई शादी विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना 26 फरवरी को राजस्थान के उदयपुर में शादी के बंधन में बंध गए। दोनों की शादी एक प्राइवेट सेरेमनी में आईटीसी ममेंटोस रिसॉर्ट में हुई। शादी दो अलग परंपराओं से संपन्न हुई। सुबह तेलुगु रीति-रिवाजों से विवाह हुआ, जबकि शाम को रश्मिका की कोडवा परंपरा के अनुसार रस्में निभाई गईं। रश्मिका ने लाल साड़ी और सोने के आभूषण पहने, जबकि विजय ने आइवरी धोती और लाल अंगवस्त्रम धारण किया। देखिए विजय रश्मिका की शादी की तस्वीरें- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शादी की शुभकामनाएं पीएम नरेंद्र मोदी ने रश्मिका और विजय को बधाई संदेश भेजा था। उन्होंने दोनों को आशीर्वाद दिया है। संदेश में ‘सखा सप्तपदी भव’ का जिक्र करते हुए कहा कि सात कदम साथ चलने के बाद दूल्हा-दुल्हन जीवन भर के साथी और सच्चे दोस्त बन जाते हैं। ये रिश्ता सिर्फ दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का भी होता है। उन्होंने इस बंधन को विश्वास और प्यार से भरी शुरुआत बताया। प्रधानमंत्री ने विजय और रश्मिका के फिल्मी सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा- विजय और रश्मिका दोनों ही अपनी फिल्मों की स्क्रिप्ट और कहानियों के लिए नए नहीं हैं, वह पर्दे पर जादू करना जानते हैं। लेकिन उनकी असल जिंदगी का यह नया अध्याय, जो प्यार और भरोसे से भरा है, निश्चित रूप से सिल्वर स्क्रीन पर उनके द्वारा बनाए गए जादू से भी कहीं ज्यादा चमकेगा। 24 फरवरी को हुई संगीत सेरेमनी विजय रश्मिका की संगीत सेरेमनी आईटीसी ममेंटोस रिसोर्ट में 24 फरवरी को हुई। इस दौरान विजय-रश्मिका ने कई डांस परफॉर्मेंस दी हैं। संगीत में रश्मिका मंदाना ने फाल्गुनी शेन का डिजाइनर लहंगा पहना था। देखिए संगीत सेरेमनी की तस्वीरें- प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन में कपल्स ने खेले गेम्स 26 फरवरी को हुई शादी से 2 दिन पहले 23 फरवरी को ही रश्मिका-विजय उदयपुर के ममेंटोज एकाय रिसोर्ट पहुंचे थे। यहां प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन हुआ। इस दौरान लड़के वालों और लड़की वालों के बीच गई गेम्स भी हुए। प्री-वेडिंग से लेकर हल्दी सेरेमनी तक की तस्वीरें भी उदयपुर से लगातार सामने आईं। देखिए प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन की तस्वीरें-

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 4:30 am

नाम बदलकर अबू सलेम ने मोनिका बेदी से बढ़ाई नजदीकियां:US में नौकरों जैसा सलूक किया, कैद में रखा, एक्ट्रेस बोलीं- गिरफ्तारी से खुशी मिली

बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के मोनिका बेदी केस के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे 2002 में 1993 सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपी और अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को गिरफ्तार किया गया। जब पुलिस उनके घर पहुंची, तो वहां मोनिका बेदी की भी गिरफ्तारी हुई। मोनिका बेदी पुर्तगाल में सना मलिक नाम से रह रही थीं। इस पहचान के लिए उन्होंने नकली पासपोर्ट बनवाए थे। गिरफ्तारी के बाद अबू सलेम और मोनिका बेदी को पुर्तगाल की एक ही जेल में अलग-अलग सेल में रखा गया। दोनों के बीच अक्सर खतों के जरिए प्यार मोहब्बत की बातें होती थीं। दोनों जल्द ही जेल से निकलकर आम जिंदगी जीने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन फिर अचानक मोनिका बेदी ने उन्हें खत भेजना बंद कर दिया और उनसे रिश्ता खत्म कर लिया। जब दोनों को 1 साल बाद भारत डिपोर्ट किया गया तो चार्टर्ड प्लेन में मोनिका से नजरें तक नहीं मिलाईं। अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे- 11 नवंबर 2005 को मोनिका बेदी और अबू सलेम को भारत लाया गया। मोनिका बेदी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B (आपराधिक साजिश), 419 (छल से प्रतिरूपण) और 420 (धोखाधड़ी) और पासपोर्ट अधिनियम, 1967, सेक्शन 12 के तहत मामला दर्ज हुआ था। पुर्तगाल में पहले ही सजा काट चुकीं मोनिका बेदी पर भारत में नया केस हुआ। 29 सितंबर 2006 में इंडियन कोर्ट पासपोर्ट एक्ट की धारा के अलावा अन्य धाराओं पर दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई। उन्हें हैदराबाद और भोपाल की जेल में रखा गया था। मोनिका बेदी ने कहा था, मुझे अबू सलेम से प्यार करने की कीमत चुकानी पड़ी फिल्मफेयर को दिए एक पुराने इंटरव्यू में मोनिका बेदी ने कहा था, ‘पुर्तगाल की जेल में साफ कमरे और ठीक-ठाक बिस्तर थे, लेकिन यहां मुझे खुले टॉयलेट के सामने फर्श पर सोना पड़ा। मुझे जमानत नहीं मिली, जबकि हत्या के मामलों में आरोपी महिलाओं को मिल गई थी। मुझे अबू सलेम से प्यार करने की कीमत चुकानी पड़ी।' 'आखिरकार 2007 में मुझे जमानत मिल गई। 2010 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मेरी दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए सजा को उतनी अवधि तक सीमित कर दिया, जितनी मैं पहले ही जेल में काट चुकी थी। लेकिन तब तक खुशी की अहमियत ही खत्म हो चुकी थी। सजा तो मैंने काट ही ली थी, क्या वे साल मुझे वापस मिल सकते हैं?’ अबू सलेम के दूसरे आरोपों में शामिल नहीं थीं मोनिका बेदी जांच एजेंसियों को शक था कि मोनिका बेदी अबू सलेम की अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में भी शामिल हो सकती हैं। क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल कहते हैं, ‘मेरे इन्फॉर्मर से मुझे ये जानकारी मिली कि जिस समय डायरेक्टर मुकेश दुग्गल की हत्या हुई, उस जगह मोनिका बेदी का मोबाइल फोन मिला था, जिसे हटवाने के लिए अबू सलेम ने 18 लाख रुपए की रिश्वत दी थी। लेकिन जांच में ये कन्फर्म नहीं हुआ।’ मोनिका के खिलाफ पुलिस को फर्जी पासपोर्ट केस के अलावा कोई सबूत नहीं मिले, जिसके चलते उन पर सिर्फ एक केस ही चला। वाकई में मोनिका जिस समय अबू सलेम के साथ भारत से भागीं, तब वो नहीं जानती थीं कि अबू सलेम पर कई हत्याओं और 1993 के सीरियल बम ब्लास्ट के भी आरोप हैं। शुरुआती समय में वो ये तक नहीं जानती थीं कि जिस शख्स से उनकी बातचीत होती है, वो इवेंट ऑर्गेनाइजर नहीं बल्कि अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम है। चार्जशीट देखकर मोनिका बेदी ने किया रिश्ता खत्म करने का फैसला जिस समय मोनिका बेदी को पुर्तगाल जेल में रखा गया था, तब उन्हें अबू सलेम की चार्जशीट दिखाई गई। चार्जशीट देखने के बाद मोनिका बेदी को एहसास हुआ कि जिस शख्स को वो बड़ा बिजनेसमैन समझती थीं, वो असल में एक अंडरवर्ल्ड डॉन है। यही वजह रही कि उन्होंने रिश्ता अचानक खत्म कर लिया। मोनिका के दूर जाने से नाखुश था अबू सलेम, रिश्ता बनाए रखना चाहता था भारत लाए जाने के बाद मोनिका बेदी और अबू सलेम को अलग-अलग जेल में रखा गया। इस समय अबू सलेम, मोनिका बेदी के लिए अक्सर हैदराबाद जेल में फूल और महंगे तोहफे भिजवाता था। वो बार-बार उनसे संपर्क करने की कोशिश करता था, लेकिन मोनिका ने अपने रास्ते अलग कर लिए थे। अबू सलेम ने दावा किया था कि वो और मोनिका बेदी साल 2000 में लॉस एंजिलिस की एक मस्जिद में निकाह कर चुके हैं और मोनिका उनकी कानूनी तौर पर पत्नी हैं। हालांकि मोनिका इन सभी दावों को खारिज करती रहीं। इस समय अबू सलेम के वकील अरविंद शुक्ला ने दावा किया कि उनके पास मोनिका और अबू सलेम का निकाहनामा भी है। जानिए कैसे हुई डॉन से मोनिका बेदी की पहली मुलाकात 18 जनवरी 1975 पंजाब के होशियारपुर जिले के चाबेवल गांव में मोनिका बेदी का जन्म हुआ। वो महज 1 साल की थीं, जब उनका परिवार नॉर्वे शिफ्ट हो गया। वहां पिता ने कपड़ों का बिजनेस शुरू किया था। मोनिका विदेश में रहीं और पढ़ाई भी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से की। देखने में बेहद खूबसूरत मोनिका के लुक्स की तुलना टीनएज में मशहूर एक्ट्रेस सायरा बानो से होती थी। डांस में रुचि थी तो वो भी घंटों कमरे बंद कर गाने सुनकर थिरका करती थीं। भाई उन्हें कमरा साफ करने के बदले श्रीदेवी के डांस के वीसीडी दिलवाया करता था। मोनिका सालाना भारत आया करती थीं। साल 1995 में जब वो भारत आईं तो उन्होंने यहीं रहकर गोपी कृष्ण डांस क्लासेस जॉइन कर कथक सीखने का फैसला किया। वहीं उनकी एक रोज मनोज कुमार से मुलाकात हुई, जिन्होंने उनकी खूबसूरती देखकर उन्हें अपने बेटे कुणाल के साथ लॉन्च करने का ऑफर दिया। मोनिका ने एक्टिंग क्लासेस भी शुरू कर दीं, लेकिन मनोज कुमार की वो फिल्म बनी ही नहीं। इसी बीच उन्हें दूसरी फिल्में मिलने लगीं। उनकी पहली फिल्म साउथ की ताजमहल रही। जिसके बाद उन्होंने सैफ अली खान के साथ सुरक्षा, सलमान खान के साथ जानम समझा करो और संजय दत्त के साथ जोड़ी नंबर वन जैसी कई फिल्में कीं। फिर आया साल 1998… करियर बुलंदियों पर था। कई डायरेक्टर प्रोड्यूसर उन्हें फिल्मों के ऑफर दे रहे थे। एक शाम उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स ने अपना नाम अर्सलान बताया था। उसने कहा कि वो दुबई का बड़ा बिजनेसमैन है। उनका दुबई में इवेंट है, जिसमें मोनिका को परफॉर्मेंस का ऑफर मिला। मोनिका दुबई गईं। उस शख्स से मिलीं और दोनों में अच्छी बातचीत हुई। जब वो भारत लौटीं, तब तक उनकी अर्सलान से दोस्ती गहरी हो चुकी थी। वो हर आधे घंटे में उन्हें कॉल करते और दोनों की लंबी-लंबी बातें होतीं। मोनिका भी उन्हें पसंद करने लगीं। अर्सलान से मिलने वो दो-तीन बार दुबई भी गई थीं। उन्होंने बताया कि उनके दुबई में कार के शोरूम हैं। वो उन्हें शोरूम दिखाने भी ले गए थे। ऐसी ही एक मुलाकात के दौरान अर्सलान ने मोनिका से कहा कि उनका असल नाम अर्सलान नहीं बल्कि अबू सलेम है। मोनिका को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ा। अंडरवर्ल्ड कवर करने वाले सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल इस पर कहते हैं, ‘मोनिका के सामने एक ऐसी तस्वीर खींची गई कि अर्सलान बड़े-बड़े प्रोजेक्ट दिला सकता है। अबू सलेम ने मुकेश दुग्गल पर दबाव डालकर मोनिका को करीब आठ-नौ फिल्मों में काम तो दिलवाया, लेकिन टैलेंट की कमी और अंडरवर्ल्ड के दबाव के चलते इंडस्ट्री में डर फैलने लगा। धीरे-धीरे ये बात फैल गई कि मोनिका अंडरवर्ल्ड से जुड़ी हैं, और काम मिलना बंद हो गया।’ ‘जब मोनिका को पता चला कि दबाव डी-कंपनी से आ रहा है, तब तक मोनिका के लिए वापसी के सारे रास्ते बंद हो चुके थे। इस बीच दोनों की मुलाकातें विदेशों में होने लगीं और काफी समय तक उन्हें यह भी पता नहीं था कि अरसलान असल में अबू सलेम है।’ जब उनसे पूछा गया कि मोनिका को अबू सलेम की सच्चाई कब पता चली और उसके बाद क्या हुआ? तो जवाब में विवेक अग्रवाल ने कहा, ‘जब मोनिका को अबू सलेम की असल पहचान का पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों के बीच रिश्ता इस हद तक पहुंच चुका था कि शादी की बातें होने लगी थीं और अबू सलेम ये दावा करने लगा था कि वो सब कुछ छोड़ देगा। लेकिन अंडरवर्ल्ड एक अंधेरी गली है एक बार अंदर गए तो वापसी नहीं होती।’ अबू सलेम ने छिपाई मोनिका से कई राजफिल्मफेयर को दिए गए एक पुराने इंटरव्यू में मोनिका बेदी ने कहा, ‘धीरे-धीरे मुझे एहसास हुआ कि वह कोई प्रभावशाली व्यक्ति है। उसके आसपास हमेशा गार्ड रहते थे। यह मुझे अजीब तो लगा, लेकिन उसने कभी अपनी निजी जिंदगी के बारे में खुलकर कुछ नहीं बताया। वह बहुत बंद स्वभाव का था। मुझे सिर्फ इतना पता था कि वह शादीशुदा है और तलाक की प्रोसेस चल रही है।’ ‘फिर किसी कारण से उसे अमेरिका जाना पड़ा। वह चाहता था कि मैं तुरंत उसके साथ अमेरिका आ जाऊं। वहां पहुंचकर मुझे एहसास हुआ कि अब मैं वापस नहीं जा सकती। पुलिस को पता था कि अबू सलेम एक एक्ट्रेस के साथ जुड़ा हुआ है और वे मेरी पहचान जानते थे। अबू सलेम को डर था कि मुझ पर दबाव डालकर वे उस तक पहुंच जाएंगे। इसलिए उसने मुझे लौटने नहीं दिया।’ वो चिड़चिड़ा और गुस्सल था- मोनिका बेदी आगे मोनिका ने कहा था, ‘मैं अमेरिका में उसके साथ एक साल से ज्यादा रही। बीच-बीच में वह दुबई जाता था और मैं अपने माता-पिता से मिलने नॉर्वे चली जाती थी। लेकिन हमारे बीच मतभेद बढ़ने लगे। वह बुरा इंसान नहीं था, पर उसकी सोच अलग थी। वह हावी रहने वाला स्वभाव का था। उसने ताकत और लोगों को कंट्रोल करने वाली जिंदगी जी थी, इसलिए वह हर चीज अपने तरीके से चाहता था। दबावों के कारण उसका स्वभाव चिड़चिड़ा और गुस्सैल हो गया था। मुझे समझ में आ गया कि हम साथ रहने के लिए नहीं बने थे। मैं अपने पेशे में वापस लौटना चाहती थी, लेकिन उसने इजाजत नहीं दी। उसे डर था कि मेरे जरिए उसका ठिकाना पता चल जाएगा।’ मोनिका बेदी ने कई बार की भागने की कोशिश उसी इंटरव्यू में मोनिका ने कहा, ‘ऐसा नहीं था कि उसने मुझे बंदूक की नोक पर बंधक बना रखा था, वह तो फिल्मों जैसी कहानी होती। लेकिन कई बार मैं उससे दूर भागकर कुछ दिनों के लिए होटल में रही, फिर वह मुझे वापस ले आता। कभी-कभी मैं खुद भी लौट जाती, क्योंकि वह फोन पर रोता और कहता, “मैं तुमसे प्यार करता हू, ऐसा मत करो।” वह कहता कि वह सब कुछ छोड़कर आम जिंदगी जीना चाहता है। मुझे लगा कि कम से कम हालात संभलने तक मुझे उसके साथ रहना चाहिए।’ ‘आप कह सकते हैं कि यह मजबूरी, डर और प्यार, सबका मिला-जुला असर था, जिसकी वजह से मैं उसके साथ रही। मैं उससे प्यार भी करती थी। और मुझे समझ नहीं आता था कि जाऊं तो जाऊं कहां। पैसों, डॉक्यूमेंट्स और पासपोर्ट की जरूरत होती है।’ मैंने उसके लिए खाना बनाया, कपड़े धोए- मोनिका बेदी मोनिका ने इंटरव्यू में कहा था, ‘लोगों को लगता था कि उसके पास बहुत पैसा है, इसलिए मैं राजकुमारी जैसी जिंदगी जी रही हूं। लेकिन उसके साथ मैंने सिर्फ मुश्किलें और संघर्ष ही देखे। हम लगातार एक जगह से दूसरी जगह जाते रहे। मैं उसके लिए खाना बनाती, सफाई करती और कपड़े धोती थी। दरअसल, खाना बनाना भी मैंने उसी से सीखा।’ ‘अगर मैंने कभी अच्छी जिंदगी देखी, तो वह अपने माता-पिता के घर में या अपनी मेहनत की कमाई से ही देखी। लोग कहते थे, “वह उसके साथ पैसे के लिए है।” लेकिन पैसा कहां था? मुझे मुश्किलों से शिकायत नहीं थी, तकलीफ उसके एग्रेसिव और चिड़चिड़े बिहेवियर से थी। मैं अक्सर सोचती थी कि आखिर मैं इस सब में कैसे फंस गई।’ मोनिका बेदी ने ये भी कहा कि जब उनकी पुर्तगाल में गिरफ्तारी हुई, तो वो इससे बहुत खुश थीं, क्योंकि उन्हें आखिरकार भारत लौटने का एक रास्ता दिख रहा था। इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, ‘मैंने उसे चिट्ठियों के जरिए साफ कह दिया कि मैं अब यह रिश्ता आगे नहीं बढ़ा सकती। लेकिन उसे भरोसा था कि वह मुझे मना लेगा। उसने लिखा, “तुम मुझे इस मोड़ पर छोड़ नहीं सकती।” मैं यह नहीं कहूंगी कि वह मुझसे प्यार नहीं करता था, उसका प्यार सच्चा था, उसमें कोई चालाकी नहीं थी। लेकिन मेरे अंदर एक मजबूत इच्छाशक्ति आ गई थी। मैं निडर हो गई थी।’ ‘जब मैंने अपने माता-पिता को नॉर्वे से पुर्तगाल सिर्फ मुझसे मिलने के लिए आते देखा, तो मुझे एहसास हुआ कि मैंने उनके साथ क्या किया?’ कई बार घर से भगाई गईं मोनिका बेदी, मुंबई में नहीं मिला ठिकाना साल 2007 में मोनिका बेदी को फर्जी पासपोर्ट केस में जमानत मिली। जमानत के समय शर्त रखी गई कि उन्हें अपने परिवार के साथ पंजाब में रहना होगा। लेकिन मोनिका को कुछ समय में एहसास हो गया कि वो परिवार के लिए बोझ बन गई हैं। उन्होंने मुंबई जाकर कोर्ट से अपील की कि उन्हें मुंबई में रहने की इजाजत मिले, जिससे वो कमाई कर सकें। उन्हें परमिशन मिल गई, लेकिन तब उनके सारे दोस्तों ने हाथ पीछे खींच लिए। उन्होंने मुंबई में किराए पर घर भी ढूंढने की कोशिश की, लेकिन हर किसी ने नाम सुनकर घर देने से इनकार दिया। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्हें मुंबई में रहने के लिए एक किराए का घर मिला। उन्होंने गद्दा, कुछ बर्तन और घर का सामान खरीदा। उन्हें लगा कि अब शायद जिंदगी पटरी पर आए, लेकिन कुछ हफ्तों बाद ही मकानमालिक ने उन्हें घर खाली करने के लिए बोल दिया। ऐसा कई बार हुआ। बिग बॉस 2 में देखकर भड़का अंडरवर्ल्ड डॉन साल 2008 में मोनिका बेदी को रियलिटी शो बिग बॉस 2 का ऑफर मिला। विवादित जिंदगी के बावजूद मोनिका बेदी का शो में बिहेवियर काफी पसंद किया गया। इस दौरान उनकी को-कंटेस्टेंट राहुल महाजन से बढ़ती नजदीकियां काफी सुर्खियों में रहीं। ये खबर जेल में बंद अबू सलेम तक भी पहुंचीं। इस समय उसने पेशी से निकलते हुए कहा, मोनिका बेदी मेरी पत्नी है। अगर उसे नई जिंदगी शुरू करना है, तो पहले मुझे तलाक देना होगा। हालांकि मोनिका बार-बार शादी के दावे खारिज करती रहीं। मोनिका का बिग बॉस 2 में जाने से ठीक पहले इंटरव्यू कर चुकीं सीनियर रिपोर्टर जिग्ना वोरा कहती हैं, ‘मैंने चलती गाड़ी में बैठकर उनका इंटरव्यू किया था। जब मैंने उनसे और अबू सलेम के रिश्ते पर सवाल किया, तो वो इस बात से मुकर गईं। उन्होंने हर सवाल का जवाब ‘ना’ में दिया। वो डिनायल मोड में थीं अबू सलेम से अपने रिश्ते को लेकर। लेकिन आज भी कई ऐसे डॉक्युमेंट्स मौजूद हैं जो यह प्रूव करते हैं कि दोनों साथ थे और कैसे उन्होंने दुबई छोड़कर पुर्तगाल में साथ रहने का प्लान बनाया था।’ बिग बॉस 2 के बाद मोनिका बेदी झलक दिखला जा, राज पिछले जनम का, दिल जीतेंगी देसी गर्ल-1 जैसे कई रियलिटी शोज में नजर आईं। इसके बाद उन्हें संजयलीला भंसाली के प्रोडक्शन में बने टीवी शो सरस्वतीचंद में नेगेटिव रोल में कास्ट किया गया। वो टीवी शो बंधन में भी नजर आ चुकी हैं। टीवी शोज के अलावा वो कुछ पंजाबी, बंगाली और नेपाली फिल्मों का भी हिस्सा रहीं, लेकिन उन्हें अब तक कोई बॉलीवुड फिल्म नहीं मिली।अबू सलेम ने ट्रेन में जाते हुए अनजान महिला से की शादी मोनिका बेदी के अलावा अबू सलेम भी अपनी जिंदगी में आगे बढ़ चुका है। साल 2014 में अबू सलेम को पासपोर्ट केस की सुनवाई के लिए ट्रेन से लखनऊ लाया गया था। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में ही उसने मुंब्रा की एक लड़की से ट्रेन में बातचीत की और कुछ घंटों की मुलाकात के बाद वहीं निकाह कर लिया। काजी ने फोन में ही निकाह पढ़वाया था। इसके बाद साल 2018 में अबू सलेम ने तीसरी शादी करने के लिए पेरोल की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। बता दें कि इससे पहले अबू सलेम ने 1991 में समायरा जुमानी से पहली शादी की थी। अबू सलेम फिलहाल नासिक की सेंट्रल जेल में है, उसे की हत्याओं के मामलों में दोषी करार दिया जा चुका है। हालांकि उसे फांसी की सजा नहीं दी जा सकती। दरअसल, जिस समय उसे पुर्तगाल से भारत डिपोर्ट किया गया था, तब पुर्तगाल सरकार ने शर्त रखी थी कि पुर्तगाल के कानून के मद्देनजर उसे फांसी न दी जाए, क्योंकि उसे डिपोर्ट किया गया है। आखिर में क्राइम रिपोर्टर विवेक अग्रवाल कहते हैं, ‘मोनिका बेदी और अबू सलेम की मोहब्बत की दास्तान बड़ी बन गई। क्योंकि वो मोनिका बेदी थी और वो अबू सलेम था। हाजी मस्तान और सोना की कहानी आज भी क्यों कही जाती है? क्योंकि उसमें ग्लैमर जुड़ा हुआ है। दाऊद इब्राहिम की जिंदगी में महजबीन जैसी पत्नी होने के बावजूद उसकी मोहब्बत की कहानियां मंदाकिनी के साथ क्यों कही जाती हैं?’ ‘मंदाकिनी हजार बार इनकार कर चुकी हैं, लेकिन उनके इनकार से क्या फर्क पड़ता है? विक्की गोस्वामी और ममता कुलकर्णी की कहानी भी इसलिए बड़ी बनी, क्योंकि ममता एक सेलिब्रिटी थीं। एक तरफ अगर कोई सेलिब्रिटी हो, तो कहानी अपने आप सबकी निगाहों का मरकज बन जाती है। मोनिका और अबू सलेम के साथ भी यही हुआ।’ आज भी सिंगल है मोनिका बेदी हाल ही में सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में मोनिका बेदी ने कहा कि पिछले बुरे अनुभव के बाद से ही उन्हें रिश्ते और प्यार से डर लगने लगा है। यही वजह है कि वो आज भी सिंगल हैं। उन्होंने कहा कि वो हमेशा अकेली ही रहना चाहती हैं।…………………………………………… पार्ट-1, डिजाइनर कपड़ों में गिरफ्तार हुईं मोनिका बेदी:पुर्तगाल जेल में अबू सलेम को लिखे लव लेटर, चार्टर्ड प्लेन में नहीं मिलाई नजरें तारीख- 18 सितंबर 2002 जगह- लिस्बन पुर्तगाल भारत के समयानुसार करीब 8 बज रहे थे। लिस्बन की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक टेजो नदी का किनारा आमतौर पर सैलानियों से भरा होता था, नजारे किसी रोमांटिक फिल्म की तरह होते थे, लेकिन उस शाम ये नजारे थे एक क्राइम थ्रिलर फिल्म के। नदी किनारे एक लग्जरी एसयूवी कार सामान्य स्पीड में चल रही थी कि अचानक ही उस कार के पीछे पुर्तगाल पुलिस की गाड़ियों का काफिला चलने लगा। कार सवार शख्स को एहसास हुआ कि पुलिस उसका पीछा कर रही है, तभी उसने एक्सेलेटर पर पैर मारा और रफ्तार बढ़ा दी। पूरी कहानी पढ़िए… (नोट- ये खबर मोनिका बेदी का केस और अंडरवर्ल्ड की स्टोरी कवर करने वाले सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल और क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के इंटरव्यू और रिसर्च के आधार पर क्रिएटिव लिबर्टी के साथ लिखी गई है।)लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय ………………………. बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के मोनिका बेदी केस में इतना ही, अगले हफ्ते केस-8 में पढ़िए बॉलीवुड एक्टर कमल सदाना के फैमिली हत्याकांड की कहानी। जब उनके पिता ने उनके 20वें जन्मदिन के मौके पर पूरे परिवार की गोली मारकर हत्या कर दी। सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर। एक्टर कमल सदाना के बर्थडे के दिन पिता ने किए नशे; कुछ देर में फर्श में खून से लथपथ मिलीं मां-बहन, फिर एक्टर पर भी चलाई गई गोली तारीख- 21 अक्टूबर 1990 जगह- 28th रोड, बांद्रा ईस्ट, मुंबई का बंगला शाम का वक्त था। ‘बेखुदी’ और ‘रंग’ जैसी बेहतरीन फिल्मों में नजर आ चुके कमल सदाना का 20वां बर्थडे था। घर का माहौल खुशनुमा था, जो जल्द ही मातम और भयावह मंजर में तब्दील होने वाला था। कमल की मां ने उनके दोस्तों के लिए पार्टी रखी थी। पार्टी की तैयारियां जोरों पर थीं, बहन नम्रता भी हेडफोन लगाए एक कोना पकड़कर बैठी थी। दोस्त हरि पहले ही घर आ चुका था। दीवारें रंगीन गुब्बारे और रंग-बिरंगी लाइट्स से सजी हुई थीं। लिविंग रूम के सेंटर टेबल को कमल का पसंदीदा केक रखने के लिए खाली रखा गया था, जहां चंद घंटों में 3 लाशें बिछ गईं। पूरी कहानी पढ़िए अगले हफ्ते बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-8 में। ……………………………………… भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड बोली- कमरे में बंद किया; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया, मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम कर रही थी। मैं सुबह से शाम वहीं रहती थी। घर में दो मेड और थीं। उस दिन घर में कोई नहीं था। अचानक उन्होंने मुझे पकड़ लिया। मैंने बचने की कोशिश की तो मारा। पूरी कहानी पढ़िए……………………………. पार्ट-2, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड ने बयान बदला, कहा- रेप नहीं हुआ, 7 साल की सजा हुई; ₹15 लाख की हुई मांग केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। पूरी कहानी पढ़िए………………………………………. पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवेक की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवेक की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवेक का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 4:30 am

शबाना आजमी के घर सजी सितारों वाली होली:कैटरीना, रणबीर, वरुण धवन, एकता कपूर जैसे सेलेब्स ने मनाया रंगों भरा जश्न

मुंबई में इस बार होली का जश्न खास रहा, जब दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी ने अपने घर पर रंगों की महफिल सजाई। फिल्म और टीवी जगत के कई बड़े सितारे इस उत्सव में शामिल हुए और माहौल पूरी तरह से रंगों, संगीत और खुशियों से सराबोर नजर आया। बॉलीवुड के चर्चित सितारे कैटरीना कैफ, रणबीर कपूर और वरुण धवन भी होली के रंग में रंगे दिखाई दिए। सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं और कैमरों के सामने जमकर पोज भी दिए। सितारों की मौजूदगी ने इस होली पार्टी को और भी खास बना दिया। सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि टीवी इंडस्ट्री की भी रंगीन झलक देखने को मिली। मशहूर प्रोड्यूसर एकता कपूर ने भी अपने अंदाज में होली का जश्न मनाया। उन्होंने टीवी सितारों के साथ रंग खेलते हुए त्योहार की तस्वीरें और वीडियोज शेयर किए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 7:27 pm

जान्हवी कपूर ने भाई अर्जुन के समर्थन में आवाज उठाई:ऑनलाइन बुलिंग पर जताई नाराजगी, कहा- क्लिकबेट और रेज-बेट से फैल रही नफरत

जान्हवी कपूर ने भाई अर्जुन कपूर के खिलाफ हो रही ऑनलाइन बुलिंग पर कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में एक बातचीत के दौरान जाह्नवी ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी को भी निशाना बनाना या ट्रोल करना बिल्कुल गलत है और इसके लिए कोई बहाना नहीं हो सकता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि लगातार हो रही व्यक्तिगत टिप्पणियां और ट्रोलिंग मानसिक रूप से नुकसान पहुंचा सकती हैं। इंडियन इक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक जान्हवी ने यह भी आरोप लगाया कि कई लोग अर्जुन कपूर का नाम सिर्फ क्लिकबेट और ‘रेज-बेट के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके मुताबिक, कुछ सोशल मीडिया पेज और यूजर्स बिना तथ्यों की जांच किए भड़काऊ हेडलाइन बनाते हैं, ताकि ज्यादा व्यूज और एंगेजमेंट मिल सके। उन्होंने कहा कि यह एक तरह से पब्लिक फिगर्स को आसान निशाना बनाने जैसा है, जहां सच्चाई से ज्यादा सनसनी को महत्व दिया जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर कलाकार इंसान होता है और उसे भी सम्मान और संवेदनशीलता की जरूरत होती है। जान्हवी ने कहा कि आलोचना और नफरत में फर्क होता है। रचनात्मक आलोचना किसी के काम को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है, लेकिन व्यक्तिगत हमले और अपमान किसी भी तरह से जायज नहीं हैं। सोशल मीडिया पर बढ़ती ट्रोलिंग को लेकर उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी दिखाने की अपील की। जान्हवी का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं है कि किसी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार लोग बिना पूरी जानकारी के राय बना लेते हैं, जिससे गलतफहमियां और नकारात्मकता बढ़ती है। गौरतलब है कि अर्जुन कपूर अक्सर अपने काम और निजी जिंदगी को लेकर ट्रोलिंग का सामना करते रहे हैं। ऐसे में जाह्नवी का यह बयान न सिर्फ अपने भाई के समर्थन में है, बल्कि सोशल मीडिया पर बढ़ती हेट स्पीच के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 5:04 pm

‘जब खुली किताब’ का ट्रेलर आउट:पंकज कपूर और डिंपल कपाड़िया लीड रोल में आएंगे नजर, 6 मार्च को जी5 पर स्ट्रीम होगी फिल्म

एप्लॉज एंटरटेनमेंट की फिल्म ‘जब खुली किताब’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। फिल्म में दिग्गज एक्टर पंकज कपूर और डिंपल कपाड़िया मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। ट्रेलर से साफ है कि कहानी परिपक्व उम्र के रिश्तों, अधूरी भावनाओं और जीवन के नए अध्याय की खोज पर केंद्रित है। दोनों कलाकारों की गहरी और सधी हुई अदाकारी फिल्म को खास बना रही है। यह फिल्म मशहूर एक्टर-लेखक सौरभ शुक्ला के चर्चित नाटक पर आधारित है। उन्होंने न केवल मूल नाटक लिखा था, बल्कि इसके फिल्म रूपांतरण का निर्देशन भी खुद किया है। नाटक की लोकप्रियता को देखते हुए फिल्म से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं। ये है कहानी कहानी दो ऐसे लोगों की है जो जीवन के उत्तरार्ध में एक-दूसरे से मिलते हैं और अपने अतीत की परतें खोलते हुए रिश्तों को नए नजरिए से समझने की कोशिश करते हैं। फिल्म में अपारशक्ति खुराना भी अहम भूमिका निभा रहे हैं, जो कहानी में नई पीढ़ी का दृष्टिकोण जोड़ते हैं। ट्रेलर में हल्की-फुल्की नोकझोंक, भावनात्मक संवाद और जीवन के अनुभवों से उपजी संवेदनशीलता की झलक मिलती है। एप्लॉज एंटरटेनमेंट द्वारा प्रस्तुत और शूस्ट्रैप फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म 6 मार्च 2026 से जी5 पर स्ट्रीम होगी।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 4:20 pm

नैनीताल में बदले लुक में दिखे बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी:फिल्म ‘स्नैप’ की चल रही शूटिंग; कैंची से मल्लीताल तक चला कैमरा

पहाड़ों की वादियों में इन दिनों बॉलीवुड की हलचल है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जिस चेहरे की हो रही है, वो हैं अपने अलग अंदाज़ और मिमिक्री के लिए मशहूर अभिनेता जावेद जाफरी। फिल्म ‘स्नैप’ की शूटिंग के लिए वे इन दिनों नैनीताल में डेरा डाले हुए हैं और सूट-बूट के साथ घनी दाढ़ी वाले नए लुक में नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जावेद जाफरी शहर की गलियों में बदले हुए हुलिए में घूमते दिखे। हालांकि सेट पर फोटोग्राफी पर सख्ती के चलते उनके इस नए लुक की तस्वीरें सामने नहीं आ पा रही हैं। यही वजह है कि शहर में उनके किरदार को लेकर सस्पेंस और भी गहरा गया है। सरोवर नगरी में शूटिंग से जुड़ी PHOTOS… कॉमेडी किंग का सीरियस अंदाज टीवी शो ‘बूगी वूगी’ से लेकर फिल्मों ‘धमाल’ और ‘3 इडियट्स’ तक अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए पहचान बनाने वाले जावेद जाफरी इस बार कुछ अलग अंदाज में नजर आने वाले हैं। सूत्रों की मानें तो फिल्म में उनका किरदार कहानी का अहम मोड़ तय करेगा। बताया जा रहा है कि वे फिल्म में भेष बदलकर शहर में घूमते नजर आएंगे। उनके सूट-बूट और दाढ़ी वाले लुक को लेकर यूनिट में भी खास गोपनीयता बरती जा रही है। ‘स्नैप’ में स्टारकास्ट की भरमार फराज हैदर के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘स्नैप’ में विक्रांत मैसी, मानुषी छिल्लर, अर्चना पूरन सिंह, श्रेयस तलपड़े और जावेद जाफरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। शूटिंग के दौरान मानुषी छिल्लर को स्कूटी पर सीन देते देखा गया, जबकि विक्रांत मैसी अलग-अलग लोकेशनों पर शूट करते नजर आए। हमें नैनीताल से बेहतर लोकेशन नहीं मिली निर्माता फराज हैदर के मुताबिक, फिल्म की पूरी शूटिंग नैनीताल में ही की गई है। इसमें कैंची, तल्लीताल और मल्लीताल जैसे प्रमुख इलाकों को कहानी में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि फिल्म एक काल्पनिक कहानी है, लेकिन इसकी आत्मा पहाड़ों की खूबसूरती से जुड़ी है। “हमें नैनीताल से बेहतर लोकेशन नहीं मिली। यहां की वादियां और झीलें कहानी को जीवंत बनाती हैं,” उन्होंने कहा।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 3:39 pm

‘वज्र’ में दिखेगा हाई-ऑक्टेन एक्शन:टाइगर तैयार, जापान में शूट होगी फिल्म; 2027 में OTT पर भी देंगे दस्तक

एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ ने 2 मार्च को अपने जन्मदिन के मौके पर अपनी अगली फिल्म ‘वज्र’ के टाइटल की आधिकारिक घोषणा कर दी। यह फिल्म निर्देशक राम माधवानी और निर्माता महावीर जैन के साथ मिलकर बनाई जा रही है। ‘नीरजा’ और ‘आर्या’ जैसे कंटेंट-ड्रिवन प्रोजेक्ट्स के लिए पहचाने जाने वाले राम माधवानी के साथ टाइगर का यह सहयोग इंडस्ट्री में खास चर्चा बटोर रहा है। ‘वज्र’ को 2027 की सबसे बड़ी एक्शन फिल्मों में से एक माना जा रहा है, जिसमें हाई-ऑक्टेन एक्शन देखने को मिलेगा। फिल्म की शूटिंग अप्रैल से शुरू करने की है प्लानिंग सूत्रों के मुताबिक ‘वज्र’ एक स्पिरिचुअल एक्शन थ्रिलर होगी, जिसकी शूटिंग अप्रैल से शुरू करने की योजना है। फिल्म का बड़ा हिस्सा जापान में फिल्माया जाएगा, जहां टाइगर विशेष मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण भी लेंगे। इसे ग्लोबल दर्शकों के लिए नए प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। ‘बागी 5’ भी है बननी, डेवलपमेंट स्टेज में है ‘हीरोपंती 3’ 2027 के लिए टाइगर ने बड़े स्केल पर बदलाव की तैयारी की है। साजिद नाडियाडवाला के बैनर तले बनने वाली ‘बागी 5’ उनकी सफल फ्रेंचाइज का अगला चैप्टर होगी। इसके अलावा ‘हीरोपंती 3’ फिलहाल डेवलपमेंट स्टेज में है और स्क्रिप्ट पर नए सिरे से काम किया जा रहा है, ताकि पिछली किस्त की कमियों को सुधारा जा सके। अंतरराष्ट्रीय स्टंट डायरेक्टर्स के साथ तैयारी हो रही है... डिजिटल स्पेस में टाइगर 2027 में अपना ओटीटी डेब्यू करने की तैयारी में भी हैं। ओटीटी के लिए वे आठ एपिसोड की एक एक्शन सीरीज में दिखेंगे। जिसकी कहानी जासूसी और अंडरकवर ऑपरेशन्स के इर्द-गिर्द है। अंतरराष्ट्रीय स्टंट डायरेक्टर्स के साथ इसकी तैयारी भी हो रही है।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 2:35 pm

इंटरव्यू: एक्टर रणविजय सिंह ने कहा:यूथ अपनी सेल्फ-वर्थ पहचानें; ट्रेंड नहीं टारगेट के पीछे दौड़ो, किसी और के लिए नहीं खुद के लिए जियो

फिटनेस और एडवेंचर की दुनिया का चर्चित चेहरा रणविजय सिंह एसके मैराथन में शामिल होने रायपुर पहुंचे। लगभग 21 कैटेगरी में मरीन ड्राइव से मैराथन की शुरुआत होगी। जिसका फ्लैग अॉफ रोडिज फेम रणविजय करेंगे। इस बार लेट्स रन टूवर्डस अ हेल्थियर इंडिया एंड अ सेफर डिजिटल इंडिया थीम पर होने वाली इस मैराथन में 10 हजार धावकों के शामिल होने की संभावना है। इस मौके पर रणविजय ने सिटी भास्कर से एक्सक्लूसिव बात की और अपने अनुभव साझा किए। पढ़िए रणविजय ने यूथ, फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर क्या कहा… आने वाले समय में आपके क्या प्लान्स हैं? - मेरे बच्चे अभी छोटे हैं, तो मैं उनके लिए समय निकलना चाहता हूं। करियर के एक फेज में बहुत दौड़-धूप की, पर अब बच्चों के बड़े होने तक सलेक्टिव वर्क करने का प्लान है। क्वॉन्टिटी से ज्यादा क्वॉलिटी ऑफ वर्क पर फोकस है। रील और रियल लाइफ के बीच यूथ खुद को कैसे बैलेंस करे? - यूथ जो भी करता है वो अपने परिवार, बड़ों और समाज को देख कर करता है। जो उदाहरण हम उन्हें देंगे, वे आगे चल कर वही करेंगे। यूथ को खुद की सेल्फ-वर्थ समझना जरूरी है। किसी और के लिए नहीं, अपने लिए जिएं। आप काफी ओवरवेट थे, फिर इसे कैसे ठीक किया? - एक स्कूल में फिटनेस सेशन के दौरान बच्चे ने कहा कि आप तो फिट हैं, इसलिए फिटनेस की बात कहना आसान है। मैंने इसे चैलेंज के रूप में लिया। 39 की उम्र में 83 किलो से 108 किलो तक वेट गेन किया। फिर वर्कआउट और सही न्यूट्रिशन रूटीन फॉलो करके 9 महीने में वापस खुद को फिट किया। मिलिट्री फैमिली बैकग्राउंड की वजह से आपको लाइफ में कितनी हेल्प मिली - मिलिट्री बैकग्राउंड से होना मेरे लिए एडेड एडवांटेज साबित हुआ है। इसकी वजह से डिसिप्लिन, पंक्चुएलिटी और हर सिचुएशन में एडजस्ट करना मेरी लाइफ का हिस्सा रहे हैं। देश के छोटे-बड़े मिलिट्री कैनटोनमेंट(छावनी) में पापा की पोस्टिंग हुईं, जिससे मेरी पढ़ाई 9 अलग-अलग स्कूल्स से पूरी हुई। इस वजह से पूरा भारत नजदीक से देखा है, हर जगह दोस्त बनाए और हर शहर से कुछ सीखने को मिला। आपके अनुसार लाइफ में स्पोर्ट्स और फिटनेस की क्या अहमियत है? - स्पोर्ट्स मेरी लाइफ का मंत्रा है। स्पोर्ट्स डिसिप्लिन और स्ट्रैटजी सिखाता है, मोटिवेटेड रखता है, चैलेंजेज लेने के योग्य बनाता है और पॉजिटिव फ्रेम ऑफ माइंड देता है। फिटनेस, लाइफस्टाइल का बाय-प्रोडक्ट है। एक्टिव लाइफस्टाइल और माइंडफुल ईटिंग से अपने माइंड और बॉडी का हर उम्र में ध्यान रखा जा सकता है।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 2:08 pm

यूएई में फंसी एक्ट्रेस ईशा गुप्ता सुरक्षित भारत लौटीं:कहा- हालात मुश्किल थे, भगवान की कृपा से हम सेफ रहे

वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के बीच एक्ट्रेस ईशा गुप्ता सुरक्षित भारत लौट आई हैं। वह संयुक्त अरब अमीरात में फंसी हुई थीं। मंगलवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पूरी बात शेयर की। उन्होंने भारत सरकार और यूएई प्रशासन का धन्यवाद किया। ईशा गुप्ता ने लिखा, “मैं घर वापस आ गई हूं। आप सभी की दुआओं के लिए धन्यवाद। जिस हालात में हम थे, वह बहुत मुश्किल समय था। यह भगवान की कृपा है कि हम सुरक्षित हैं। 28 तारीख, रविवार को मैं एयरपोर्ट पर थी। दोपहर 1 बजे तक एयरपोर्ट बंद कर दिया गया। चारों तरफ अफरा-तफरी थी। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या हुआ है। फिर मिसाइल अटैक की खबर आने लगी। हमें नहीं पता था कि अगले मिनट क्या होगा। अजनबी लोग एक-दूसरे को संभाल रहे थे। सब अपने घर फोन कर रहे थे।” उन्होंने आगे बताया कि यह घटना अबू धाबी एयरपोर्ट पर हुई। उनके अनुसार वहां का स्टाफ और सिक्योरिटी तुरंत एक्टिव हो गए। सभी ने शांत रहकर स्थिति संभाली। उन्होंने लिखा कि वह अभी चेक-इन नहीं कर पाई थीं। इसलिए वह वापस अपने होटल लौट गईं। रात में होटल में जो लोग मिले, उनसे पूरी जानकारी मिली। बता दें कि वेस्ट एशिया में तनाव का असर उड़ानों पर भी पड़ा। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पश्चिम दिशा में जाने वाली कई इंटरनेशनल फ्लाइट्स लेट हुईं। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) ने बयान जारी कर यह जानकारी दी। एयरपोर्ट ने एक्स पर लिखा कि मिडिल ईस्ट की राजनीतिक स्थिति के कारण कई उड़ानों के समय में बदलाव किया गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि एयरपोर्ट आने से पहले अपनी एयरलाइन से ताजा अपडेट ले लें। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार हालात पर नजर रख रही है। जिन इलाकों में एयरस्पेस बंद है, वहां से बचते हुए फ्लाइट रूट बदले जा रहे हैं। लंबी दूरी की उड़ानें धीरे-धीरे वैकल्पिक रास्तों से शुरू की जा रही हैं। फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं। दरअसल, अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत हुई। तेहरान समेत कई शहरों में बड़े धमाके हुए हैं। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। इन हमलों का असर इजरायल, बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन तक देखा गया। इससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 1:23 pm

अब कस्टमाइज्ड सिनेमा का दौर:बटन दबाते ही रेगिस्तान में बदलेगा बर्फीले इलाके का दृश्य, IIM-IIT की तर्ज पर क्रिएटिव टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट; एनिमेशन, विजुअल इफैक्ट के क्रिएटर होंगे तैयार

आने वाला समय इंटरएक्टिव, कस्टमाइज्ड और इमर्सिव सिनेमा का है। दर्शक सिर्फ फिल्म देखेंगे नहीं, बल्कि महसूस करेंगे।फर्ज कीजिए थिएटर में एक दृश्य में रेगिस्तान का बैकग्राउंड है। आप इसे लद्दाख की बर्फीली वादियों में देखना चाहते हैं। रिमोट कंट्रोल का बटन दबाते ही दृश्य बदल जाएगा। दृश्य 360 डिग्री घुमाकर किसी भी एंगल से देख सकेंगे। थियेटर में अगर 40 दर्शक हैं तो सब अपनी पसंद के एंगल से फिल्म देख सकेंगे। 8 साल पहले आई हॉलीवुड फिल्म रियल प्लेयर वन में दिखाई विशाल वर्चुअल दुनिया ओएसिस की तरह दर्शक स्पर्श, कंपन, गर्मी, सर्दी, हवा और दूरी का अहसास कर पाएंगे। इसके लिए बॉडी सूट, ग्लव्ज और वीआर हेडसेट पहनने होंगे। यह अभी उपलब्ध 4डी सिनेमा से अलग है, जहां सीट हिलती है, पानी के छींटे पड़ते हैं या खुशबू आती है। इमर्सिव सिनेमा में वर्चुअल एक्शन का असर होगा, जिसमें एवीजीसी एक्सआर (एनिमेशन, विजुअल इफैक्ट, गेमिंग, कॉमिक्स व एक्सटेंडेट रियलिटी) का हर पहलू शामिल है। मुंबई के एनएफडीसी कैंपस​ स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी (आईआईसीटी) में एवीजीसी एक्सआर के हर पहलू के लिए आधुनिक लैब व स्टूडियो हैं। सीईओ निनाद रायकर कहते हैं कि डीम्ड यूनिवर्सिटी दर्जे के बाद एनिमेशन, गेमिंग जैसे स्पेशलाइज्ड यूजी-पीजी कोर्स शुरू होंगे। अभी 19 डिप्लोमा-सर्टिफिकेट कोर्स हैं। संस्थान ने करिकुलम, रिसर्च व इनोवेशन के लिए नेटफ्लिक्स, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एपल, मेटा समेत 24 संस्थानों को भागीदार बनाया है। 2030 तक 20 लाख प्रोफेशनल की जरूरत 2030 तक इस इंडस्ट्री को 20 लाख प्रोफेशनल की जरूरत होगी। ऑरेंज इकोनॉमी के लिए बजट में घोषित 15 हजार स्कूलों व 500 कॉलेजों में छात्रों को एनिमेशन, विजुअल इफैक्ट्स जैसे क्षेत्रों में कुशल बनाने के लिए एवीजीसी कंटेंट क्रिएशन लैब का खाका जल्द तैयार होगा। सरकार की योजना एक मॉडल आईआईसीटी विकसित करने के बाद आईआईटी व आईआईएम की तर्ज पर देश में अलग-अलग जगह आईआईसीटी स्थापित करने की है। हॉलीवुड की 60% फिल्मों का प्रोसेस भारत में- सलिल देशपांडे फैकल्टी, आईआईसीटी भारत में भी एवीजीसी एक्सआर सेक्टर के लैब हैं। हॉलीवुड की 60% फिल्मों के कुछ हिस्से और दुनिया की 10% फिल्मों का एवीजीसी एक्सआर जॉब बैकएंड वर्क भारत में होता है। राजामौली जैसे फिल्मकार हैदराबाद की अन्नपूर्णा लैब इस्तेमाल करते हैं। भारत में अभी रोटोमेशन, रोटोस्कॉपिंग, मैचमूव, ट्रैकिंग, क्लीनअप, पेंट, क्राउड सिमुलेशन, लाइटिंग सपोर्ट का काम होता है। भारत बैकएंड पर काम करता है। करीब 80 लाख लोग जुड़े हैं। पर, भारत कॉन्सेप्ट डिजाइन यानी कहानी, कैरेक्टर, क्रिएटिव कंट्रोल, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (आईपी) पर मालिकाना हक नहीं रखता। ऑरेंज इकोनॉमी में हिस्सेदारी बढ़ाने का लाभ बैकएंड से फ्रंटफुट पर जाने में मिलेगा। आईआईसीटी की क्षमता आज ही अवतार जैसी फिल्मों के 40-50 फीसदी निर्माण की है। अभी आईआईसीटी 10 स्टार्टअप को इंक्यूबेट भी कर रही है।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 12:24 pm

विजय-रश्मिका की संगीत नाइट की तस्वीरें सामने आईं:शादी के 5 दिन बाद कपल ने किया पोस्ट; सेरेमनी में किया रोमांटिक डांस

शादी की तस्वीरें शेयर करने के कुछ दिन बाद रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने अपने संगीत समारोह की झलक फैंस के साथ शेयर की है। मंगलवार को दोनों ने इंस्टाग्राम पर प्री-वेडिंग फंक्शन की कई तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए। रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने अपनी पोस्ट में इस रात को “प्यार, खुशी के आंसू, हंसी, म्यूजिक और डांस से भरी रात” बताया। उन्होंने लिखा, “यह हमारे लिए सबसे मजेदार रात थी। मैं और विजय एक-दूसरे को सरप्राइज देना चाहते थे। परिवार भी हमें सरप्राइज देना चाहता था। हम सभी को खुलकर डांस करते देख बहुत खुश और हैरान थे। 24.2.26 की रात, जब हम दोनों परिवार और दोस्तों के बीच एक साथ डांस कर रहे थे।” देखें संगीत नाइट की तस्वीरें दोनों का संगीत 24 फरवरी को हुआ था। वहीं, दोनों ने 26 फरवरी को राजस्थान के उदयपुर में शादी की। दोनों की शादी एक प्राइवेट सेरेमनी में आईटीसी ममेंटोस रिसॉर्ट में हुई। शादी दो अलग परंपराओं से संपन्न हुई। सुबह तेलुगु रीति-रिवाजों से विवाह हुआ, जबकि शाम को रश्मिका की कोडवा परंपरा के अनुसार रस्में निभाई गईं। 4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन अब दोनों 4 मार्च को हैदराबाद में ग्रैंड वेडिंग रिसेप्शन देने वाले हैं। रविवार को जारी ऑफिशियल अनाउंसमेंट लेटर में कपल ने बताया कि यह रिसेप्शन सिर्फ इनविटेशन वाला इवेंट होगा। इसे खास गैदरिंग के तौर पर प्लान किया गया है। इसमें तेलुगु, हिंदी, तमिल, मलयालम और कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को बुलाया गया है। साथ ही कुछ पॉलिटिकल और एडमिनिस्ट्रेटिव सर्कल के खास मेहमान भी शामिल होंगे। हाई-प्रोफाइल गेस्ट्स के कारण सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। लोकल अधिकारियों से बात कर अतिरिक्त सिक्योरिटी रखी गई है। गेस्ट लिस्ट को सीमित किया गया है। एंट्री सिर्फ वैलिड ऑफिशियल इनविटेशन वाले मेहमानों को ही मिलेगी।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 11:03 am

फरहाना भट्ट ने खामेनेई के निधन पर जताया दुख:हिना खान के पति रॉकी बोले- देश के खिलाफ खड़े विदेशी के लिए दुख मनाते हो

‘बिग बॉस सीजन 19’ की रनर अप और एक्ट्रेस फरहाना भट्ट ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर दुख जताया। इसके बाद हिना खान के पति और फिल्ममेकर रॉकी जायसवाल ने सोमवार को खामेनेई के निधन पर दुख जताने वालों पर निशाना साधा। दरअसल, फरहाना भट्ट ने ‘इंस्टेंटबॉलीवुड’ से बातचीत में कहा था, बिल्कुल, वे एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्हें हम कभी नहीं भूल सकते। वे हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगे। इस घटना से सभी कश्मीरी गहरे सदमे में हैं। आप विश्वास नहीं करेंगे, सेहरी के बाद मैं बिल्कुल नहीं सो पाई। मैं बहुत दुखी थी। ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था। वहीं, रॉकी जायसवाल ने सोमवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर लंबा पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लिखा, “मुझे इस बात से कोई मतलब नहीं कि कौन किसके लिए दुख मनाता है, जब तक ये प्राइवेट हो, लेकिन जब पब्लिक में किया जाता है तो आलोचना को न्योता देता है।” उन्होंने आगे लिखा कि उन्होंने कुछ लोगों को किसी भारतीय सैनिक, हमले के पीड़ितों, सरकार या पुलिस के लिए उतना दुख जताते नहीं देखा। न ही महान एपीजे अब्दुल कमाल के लिए।' रॉकी ने विदेशी के लिए दुख पर उठाए सवाल रॉकी ने अपनी स्टोरी में आगे लिखा, 'आपको जो प्रोटेक्ट करता है, उसकी पीठ में छूरी घोंपते हो और जो आपके देश के खिलाफ खड़ा है, उस विदेशी के लिए दुख मनाते हो। वफादारी ही सबकुछ है और वफादारी से ही सबकुछ साफ हो जाता है।' हिना खान ने भी पोस्ट कर प्रतिक्रिया दी वहीं, रॉकी जायसवाल की पत्नी और एक्ट्रेस हिना खान ने पीएम मोदी पर सवाल उठाने वालों पर निशाना साधा। एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा, “जो ये भी ठीक से नहीं चला सकते, वो उस पर सवाल उठा रहे हैं जो इतना बड़ा देश चला रहा है। ऑडेसिटी, गट्स, आयरनी! जय हिंद।” बता दें कि ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद भारत के कुछ राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए। कश्मीर घाटी के श्रीनगर, बडगाम, बारामूला और पुलवामा में शिया समुदाय के हजारों लोग सड़कों पर उतरे। लखनऊ, दिल्ली, भोपाल, बेंगलुरु, मुंब्रा और भिवाड़ी में भी प्रदर्शन हुए।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 9:40 am

पंजाबी सिंगर करण औजला की दरियादिली:मुंबई में 2 ऑटो ड्राइवरों के चालान भरे, नाम सुनते ही एक ने लगा लिया गले

पंजाबी सिंगर करण औजला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लेकिन इस बार वजह उनका कोई गाना नहीं बल्कि उनकी दरियादिली है। मुंबई की सड़कों पर ऑटो की सवारी के दौरान उन्होंने दो ऑटो ड्राइवरों के पेंडिंग चालान खुद भर दिए। करीब 22 हजार रुपए का जुर्माना चुकाकर उन्होंने ड्राइवरों की गाड़ी सीज होने से बचा ली। दरअसल, मुंबई ट्रैफिक पुलिस का सब इंस्पेक्टर चालान न भरने पर ऑटो सीज करने की धमकी दे रहा था। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। फैंस उनके इस अंदाज की जमकर तारीफ कर रहे हैं। करण औजला मुंबाई घूमने गए थे। ट्रैफिक पुलिस ने रोका, ₹17,000 का पेंडिंग चालानकरण औजला रविवार (1 मार्च) को मुंबई की सड़कों पर ऑटो से घूम रहे थे, तभी ट्रैफिक पुलिस ने उनके ऑटो को रोक लिया। ऑटो ड्राइवर ने घबराते हुए बताया कि उसका 17,000 रुपए का पुराना चालान पेंडिंग है और अब पुलिस उसकी गाड़ी जब्त कर लेगी। यह सुनकर औजला ने तुरंत अपने साथी को भेजकर ड्राइवर का पूरा जुर्माना भरने को कहा। ट्रैफिककर्मी ने पूछा कितना भरूं, औजला ने कहा- पूरे 17 हजारट्रैफिक कर्मी ने जोर से पूछा कि कितने का जुर्माना भरूं। इस पर करण औजला ने ऑटो में बैठकर ही अपने साथी को कहा कि पूरा 17 हजार रुपए भर दे। यह बात सुनकर पुलिसकर्मी करण औजला को देखने लगा। इसी बीच करण औजला के साथी ने 17 हजार रुपए ऑनलाइन पेमेंट कर दी। दूसरा ऑटो ड्राइवर भी पहुंचा मदद मांगनेऔजला जिस सड़क पर ऑटो की सवारी कर रहे थे उसी सड़क पर पुलिस ने नाका लगाया था और ऑटो ड्राइवरों के चालान कर रहे थे। करण औजला ने जब उस ऑटो का चालान भरा, जिसमें वो बैठे तो उसी बीच एक और ऑटो ड्राइवर मदद मांगने पहुंच गया। दूसरे ड्राइवर का भी भरा 5 हजार का चालानदूसरे ऑटो ड्राइवर ने मदद मांगी तो करण औजला ने उसे पूछा कि कितने का चालान पेंडिंग है। उसने कहा कि 16 हजार रुपए का चालान है। लेकिन 4-5 हजार भी भर दिए जाएं तो गाड़ी बंद होने से बच जाएगी। करण ने दरियादिली दिखाते हुए उस ड्राइवर के भी 5 हजार रुपए तुरंत भर दिए। ड्राइवर ने करण औजला को गले लगा दियाजिस ऑटो ड्राइवर का 5 हजार रुपए का चालान भरा गया था, उसे जाते-जाते पता चला कि मदद करने वाला शख्स कोई और नहीं बल्कि पंजाबी सिंगर करण औजला हैं। यह जानकर ड्राइवर खुश हो गया और बोला कि वह उन्हें बेहद पसंद करता है। ड्राइवर ने भावुक होकर करण औजला से गले मिलने की इच्छा जताई। औजला ने भी बिना देर किए उसे गले लगा लिया। यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए खास बन गया। सेल्फी लेने पहुंच गए फेंसकरण औजला ने जब दो ऑटो ड्राइवरों के चालान भरे तो बाकी लोग भी वहां रूक गए। औजला के कुछ फैंस आए और उन्होंने औजला के साथ सेल्फी लेनी शुरू कर दी। इसके बाद औजला वहां से चले गए। सनवीर चना ने इंस्टाग्राम पर की पोस्टकरण औजला का यह वीडियो उनके फैन सनवीर चना ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। जैसे ही उन्होंने यह वीडियाे पोस्ट किया तो उनके अन्य फैंस ने भी उसे X, फेसबुक समेत अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करके वायरल कर दिया। इस वीडियो को अब तक करीब 2 लाख लोग इंस्टाग्राम पर देख चुके हैं। जबकि सनवीर चना ने इससे पहले जो 34 वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर अपलोड किए, उसमें से सिर्फ एक ही 25 हजार से ज्यादा लोगों ने देखा। इस वीडियो को एक दिन में ही इतनी बड़ी संख्या में लोग देख चुके हैं। अब विस्तार से पढ़िए करण औजला ने चालान भरते समय क्या-क्या कहा पुलिसकर्मी: ऑटो रोको?ऑटो ड्राइवर: अच्छा जी। करण औजला: क्या हुआ?ऑटो ड्राइवर: साहब गाड़ी बंद हो जाएगी। पुलिस ने रोक दिया है 15 हजार रुपए का फाइन है। करण औजला: जाओ इसका 17 हजार का चालान भर दो।पुलिसकर्मी: कितने का चालान भरूं? करण औजला: पूरा भर दे। 17 हजार एक साथ कर दो।करण औजला का साथी: पूरा भर रहें भाई साहब। अभी भर रहे हैं। दूसरा ऑटो ड्राइवर: मेरा भी ऑटो का चालान भरवा दो भाई।करण औजला: यहां पर बहुत से ऑटो ड्राइवरों का चालान हुआ है और पुलिस कार्रवाई कर रही है। दूसरा ऑटो ड्राइवर: मेरा भी चालान भरवा दो।करण औजला: आपका भी फाइन है। कितना है? दूसरा ऑटो ड्राइवर: 16 हजार रुपए है, पर आप चार-पांच हजार भरवा देंगे तो ऑटो छूट जाएगा साहब।करण औजला: 5 हजार इसका भी भरवा दो। इसके बाद औजला ने कहा कि ये लोग मुझे प्यार करते हैं। यहां जितने भी हैं सबके फाइन हो रखे हैं। करण का साथी: इसका भी कर दें।करण औजला: हां पांच हजार का कर दो। दूसरा ऑटो ड्राइवर: अरे सर थैंक्यू। आपकी मेहरबानी।करण औजला: मेरा नाम करण। दूसरा ऑटो ड्राइवर: अरे आप करण हो। गले लग जाओ एक बार।करण औजला: आगे से बिल्कुल फाइन नहीं लेना। कोई नहीं भरेगा और।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 5:45 am

डिजाइनर कपड़ों में गिरफ्तार हुईं मोनिका बेदी:पुर्तगाल जेल में अबू सलेम को लिखे लव लेटर, चार्टेड प्लेन में नहीं मिलाई नजरें, पार्ट-1

बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस 7 में जानिए मोनिका बेदी केस की कहानी। मोनिका को साल 2002 में फर्जी पासपोर्ट से दुनियाभर के कई देशों में घूमने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। सीबीआई इन्वेस्टिगेशन हुई और एक्ट्रेस को दोषी पाया गया। मोनिका ने अबू सलेम से शादी की थी। एक एक्ट्रेस का अंडरवर्ल्ड डॉन से रिश्ता कैसे बना, वो जुर्म की दुनिया में कैसे पहुंचीं और क्यों उनकी सजा माफ की गई, जानिए मोनिका बेदी केस में। तारीख- 18 सितंबर 2002 जगह- लिस्बन पुर्तगाल भारत के समयानुसार करीब 8 बज रहे थे। लिस्बन की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक टेजो नदी का किनारा आमतौर पर सेलानियों से भरा होता था, नजारे किसी रोमांटिक फिल्म की तरह होते थे, लेकिन उस शाम ये नजारे थे एक क्राइम थ्रिलर फिल्म के। नदी किनारे एक लग्जरी एसयूवी कार आम गति में चल रही थी कि अचानक ही उस कार के पीछे पुर्तगाल पुलिस की गाड़ियों का काफिला चलने लगा। कार सवार शख्स को एहसास हुआ कि पुलिस उसका पीछा कर रही है, तभी उसने एक्सेलेटर पर पैर मारा और रफ्तार बढ़ा दी। वो किनारा उस रोज पुलिस सायरन से गूंज उठा और चेजिंग कई किलोमीटर तक जारी रही। कुछ किलोमीटर आगे बढ़कर वो लग्जरी एसयूवी कार एक कर्ब (फुटपाथ की बाउंड्री) से जा टकराई। कार अनियंत्रित होकर डगमगा गई और रुक गई। तभी पुर्तगाल पुलिस की टीम पूरा कवर देते हुए कार तक पहुंची और ड्राइवर के हाथ में हथकड़ियां लगा दी। उस रोज पुर्तगाल में गिरफ्तार हुआ वो शख्स भारतीय था। डॉक्यूमेंट्स देखे गए तो हर जगह सिर्फ एक ही नाम लिखा था, अर्सलान मोहसिन अली और पता भी एक ही था। सारे डॉक्यूमेंट्स फर्जी थे। उस शख्स का असली नाम था अबू सलेम, अबू सलेम अब्दुल कय्युम अंसारी, एक कुख्यात गैंगस्टर, टेररिस्ट और मोस्ट वॉन्टेड। तब वो भारत के 20 मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों में से एक। जिस पर कई हत्याओं, 1993 सीरियल बम ब्लास्ट, फिरौती, किडनैपिंग जैसे कई केस थे। वही अबू सलेम जिसने भारत के म्यूजिक कंपोजर गुलशन कुमार की हत्या करवाई और राजेश खन्ना पर गोलियां चलवाई थीं। गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुर्तगाल पुलिस अबू सलेम के लोकल पते पर पहुंचीं। वो पिछले कई महीनों से लिस्बन के 284, रुआ दा पाल्मा अपार्टमेंट, मार्टिन मोनिज में रह रहा था। पुलिस पूरे फोर्स और कवर के साथ खामोशी से धीमे कदमों के साथ उस अपार्टमेंट में दाखिल हुई। तभी उन्होंने डिजाइनर कपड़े पहने एक महिला को सीढ़ियों से उतरते देखा। उस महिला की हंसी पूरे अपार्टमेंट में गूंज रही थी। साथ में एक लड़का भी कदम से कदम मिलाकर उतर रहा था और उसके सुनाए गए चुटकुले पर महिला बार-बार टहाके लगाकर हंस रही थी। तभी पुलिस ने एक्शन लिया और उस महिला पर बंदूक तानते हुए हाथ ऊपर करने को कहा। हंसी अचानक थम गई। वो कुछ समझ पाती, उससे पहले उसके हथकड़ियां पहना दी गईं। उसे धकेलते हुए पुलिस वैन में बैठाया गया, साथ मौजूद लड़के की भी गिरफ्तारी हुई और दूसरी तरफ एक पुलिस टीम ने अपार्टमेंट की तलाशी लेना शुरू किया। तलाशी में उस महिला के भी डॉक्यूमेंट्स मिल गए। उनमें नाम लिखा था, सना मलिक कमाल। ये पूरा फिल्मी सीन जिस महिला के साथ घटा था, वो असल में एक हीरोइन थीं। नाम था मोनिका बेदी। अबू सलेम और मोनिका बेदी की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही भारत तक पहुंचीं, तो हर तरफ सनसनी मच गई। आखिर एक बड़ी बॉलीवुड एक्ट्रेस का एक अंडरवर्ल्ड डॉन से क्या ताल्लुक हो सकता है, जिससे उनकी साथ गिरफ्तारी हुई। दोनों को फर्जी डॉक्यूमेंट्स और पासपोर्ट बनवाने, फर्जी पासपोर्ट से पुर्तगाल में आने और कई अन्य देशों में जाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अबू सलेम पर कई गंभीर आरोप थे। 1993 के सीरियल बम ब्लास्ट में नाम आने के बाद से ही इंडियन पुलिस उसकी तलाश में थीं। जांच में सामने आ चुका था कि अबू सलेम का एक बॉलीवुड एक्ट्रेस से रिश्ता है। हालांकि शुरुआत में एक्ट्रेस का नाम सामने नहीं आया था। जब तक पुलिस समझ पाती कि वो एक्ट्रेस मोनिका बेदी हैं, तब तक वो देश छोड़ चुकी थीं। ऐसे में पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाईं। अगर मोनिका भारत में ही रह रही होतीं, तो उनकी गिरफ्तारी पहले ही हो जाती। भारत के डॉन के पीछे थी 3 मुल्कों की पुलिस, दो देशों की पुलिस को दिया चकमा पुर्तगाल स्थित अबू सलेम और मोनिका बेदी के घर से मिले डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, अबू सलेम कई अलग-अलग पहचानों से देश बदल रहा था। अर्सलान अली के अलावा वो रमील कमाल मलिक, दानिश बेग, अखिल अहमद आजमी और रमेश कुमार नाम भी रख चुका था। दाऊद इब्राहिम और छोटा राजन को भी थी अबू सलेम की तलाश सीनियर जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल के अनुसार, गुलशन कुमार की हत्या करवाने पर दाऊद इब्राहिम, अबू सलेम से नाराज हो गए। अबू सलेम उत्तरप्रदेश का रहनेवाला था। वो 80 के दशक में मुंबई आया और अंधेरी रेल्वे स्टेशन के पास एक छोटी सी इलेक्ट्रॉनिक शॉप में काम करने लगा। कुछ समय बाद वो दाऊद इब्राहिम के गैंग लीडर सय्यैद टोपी से जुड़ा और फिर उनके लिए हथियार और हवाला के पैसे सप्लाई करने का काम करने लगे। एक्टर संजय दत्त को भी अबू सलेम ने ही हथियार सप्लाई किए थे। सीरियल बम ब्लास्ट में नाम आने पर वो देश छोड़कर भाग निकला और दुबई से काम करने लगा। 90 के दशक के मिड में दाऊद इब्राहिम गैंग को छोटा राजन की गैंग ने जबरदस्त टक्कर दी। छोटा राजन, दाऊद गैंग के लोगों को मरवाने लगा और पुलिस ने भी कई एनकाउंटर किए। इस समय अबू सलेम ने कई स्ट्रेटजी दीं, जिससे वो दाऊद का खान आदमी बना। दाऊद ने अबू सलेम को फिल्म इंडस्ट्री से वसूली की पूरी जिम्मेदारी दी। लेकिन जब अबू सलेम ने 12 अगस्त 1997 में प्रोड्यूसर गुलशन कुमार की बिना बताए हत्या करवा दी, तो दाऊद इससे काफी नाराज हुआ। इसी समय अबू सलेम ने डायरेक्टर राकेश रोशन और राजीव राय पर भी हमले करवाए। डायरेक्टर मुकेश दुग्गल की भी हत्या करवा दी गई। यही वजह रही की डी-कंपनी अबू सलेम के खिलाफ हो गई। अबू सलेम भी अंडरग्राउंड हो गया। लेकिन डी-कंपनी उसकी तलाश में थी। केस कवर करने वाले सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल कहते हैं, ‘जिस दिन गुलशन कुमार की हत्या हुई, उस दिन अबू सलेम को 12 करोड़ रुपए फिल्म इंडस्ट्री से मिले। जो लोग पैसे देने में आनाकानी कर रहे थे, गुलशन कुमार की हत्या के बाद उन लोगों ने खौफ में पैसे दिए।’ वो आगे कहते हैं, ‘छोटा राजन भी अबू सलेम को मारने के लिए ढूंढ रहा था और डी-कंपनी भी उसकी तलाश में थी। उस समय मुंबई पुलिस अंडरवर्ल्ड के कुछ लोगों के फोन रिकॉर्ड कर रही थी। टेपिंग में वो लोग बार-बार कह रहे थे ‘चिकना यहां हैं’, ‘चिकना वहां है, उसे पकड़ना है’ ये सारी चीजें रिकॉर्डिंग में थीं। एक क्राइम रिपोर्टर होने के नाते ये इन्फॉर्मेशन मेरे पास आ रही थी। उस समय पुलिस वाले भी यही मान रहे थे और मैं भी यही मान रहा था कि ये लोग फिल्म इंडस्ट्री के चिकना को टारगेट कर रहे हैं, जो ऋतिक रोशन हैं।’ ‘अंडरवर्ल्ड के लोगों ने फिल्म इंडस्ट्री के लोगों का कोडनेम रखा था। ऋतिक का नाम चिकना था। तब इन्वेस्टिगेटर भी परेशान थे और मैं भी क्योंकि ऋतिक मुंबई में शूट कर रहे होते थे और रिकॉर्डिंग में आता था कि चिकना डेनमार्क में है। तब जाकर सामने आया कि चिकना, अबू सलेम का कोडवर्ड था। दाऊद गैंग ने उसे ये नाम दिया, जिससे किसी को पता न चले कि वो किसे मारना चाहते हैं। अबू सलेम इन लोगों से जान बचाने के लिए मोनिका बेदी के साथ दुनियाभर में भटक रहा था।’ भारतीय पुलिस पहले ही उसकी तलाश में अबू सलेम को वॉन्टेड घोषित कर चुकी थी। इसके अलावा पुर्तगाल पुलिस और अमेरिकन FBI (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) भी अबू सलेम की एक्टिविटी पर नजरें गड़ाए हुए थे। दरअसल, अबू सलेम का पुर्तगाल आने से पहले लंदन, दुबई, सिंगापुर, काठमांडू, अटलांटिक सिटी, न्यूयॉर्क, शिकागो और ज्यूरिख जैसे कई देशों में लगातारा आना जाना था, जिससे वो कई जांच एजेंसियों की नजरों में आ चुका था। 1997 में उसकी यूएई से गिरफ्तारी हुई थी, तब वो अखिल अहमद आजमी नाम के डॉक्यूमेंट्स से उस देश में आया था। हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया था। कुछ समय बाद उसे अबू धाबी से हामिद अतीक नाम से फर्जी डॉक्यूमेंट्स रखने पर गिरफ्तार किया गया, लेकिन तब वो केन्या भाग निकला। अमेरिका के FBI (फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) उसकी तलाश में थी और इसके लिए लगातारर सीबीआई से संपर्क में थी। उसे इंटरनेशनल फ्यूजिटिव ट्रैकिंग सिस्टम में डाल दिया था। सलेम के ई-मेल इंटरसेप्ट करने के अलावा FBI के एजेंट को उसके एक्ट्रेस मोनिका बेदी के साथ होने के सबूत मिले थे, जिसके बाद मोनिका को भी ट्रैक किया जा रहा था। ट्रैकिंग की मदद से सामने आया कि अबू सलेम कुछ महीनों से पुर्तगाल में मोनिका बेदी के साथ रह रहा है। इन्फॉर्मेशन मिलते ही पुलिस ने दूसरी जांच एजेंसियों के साथ मिलकर उसके 9 मोबाइल फोन और 3 सैटेलाइन फोन ट्रैक करना शुरू कर दिए। कट्टर दुश्मन छोटा राजन ने FBI को दी थी अबू सलेम-मोनिका की टिप फरवरी 2002 से ही वो जांच एजेंसियों की नजर में था। तभी FBI ने पुर्तगाल पुलिस को उसकी डीटेल्स भेज दी थीं। FBI के लिए उसकी गिरफ्तारी इसलिए भी जरूरी थी क्योंकि उन्हें शक था कि अबू सलेम का अल-कायदा से संबंध हो सकता है। इसकी एक वजह ये भी थी कि अबू सलेम ने अपना फर्जी पासवोर्ट उसी सोर्स से बनवाया, जिससे 9/11 आतंकी हमले के संदिग्धों ने पासपोर्ट बनवाए थे। जांच के दौरान जांच एजेंसी को कई मेल मिले, जिसमें अबू सलेम से जुड़ी इन्फॉर्मेशन दी गई थी। वो मेल कराची से आए थे। बाद में सामने आया कि वो मेल भेजने वाला शख्स कोई और नहीं अबू सलेम का सबसे बड़ा दुश्मन छोटा राजन था। गिरफ्तारी के बाद से ही मोनिका बेदी का नाम अंडरवर्ल्ड की डी-कंपनी से जोड़ा जाने लगा। कुछ सालों से फिल्मी गलियारों में चर्चा थी कि मोनिका का डी-कंपनी से संबंध है, लेकिन ये संबंध क्या और कैसे था, इस बात से हर कोई अंजान था। और फिर सामने आई, मोनिका बेदी और अबू सलेम की लव स्टोरी- जेल में लव लेटर एक्सचेंज करते थे अबू सलेम-मोनिका बेदी 18 सितंबर 2004 को ही पुर्तगाल की जेल में रखा गया। उस समय अंडरवर्ल्ड से जुड़े केस कवर करने वाले मशहूर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल कहते हैं, ‘पुर्तगाल जेल में ऊंची दीवारें, दरवाजे और संतरी तैनात थे, लेकिन इसके बावजूद वार्ड्स के बीच संपर्क पूरी तरह खत्म नहीं होता था। इसी जेल के दौरान मोनिका बेदी और अबू सलेम का रिश्ता और ज्यादा इमोशनल रूप में सामने आया। मोनिका बेदी अबू सलेम को लंबे-लंबे खत लिखा करती थीं। हर खत के अंत में वो खुद को “तुम्हारी गुड़िया” लिखती थीं। इन पत्रों में बेहद भावुक और रोमांटिक बातें होती थीं, प्यार, समर्पण और साथ रहने की कसमें। कई बार वो खतों में स्केच भी बनाती थीं और अपने जज्बातों को तस्वीरों के जरिए जताती थीं। कुल मिलाकर, पुर्तगाल की जेल के दौरान उनका रिश्ता एक तरफ डर, असुरक्षा और अनिश्चित भविष्य से घिरा हुआ था, तो दूसरी तरफ खतों के जरिए जताया गया गहरा भावनात्मक जुड़ाव भी साफ दिखाई देता था।’ एक खत में मोनिका बेदी ने अबू सलेम को लिखा- मैं जानती हूं तुम्हें अच्छा नहीं लग रहा होगा, लेकिन जो बात कही वो पूरे यकीन से कही, जब तुम भी सोचोगे तो मानोगे मुझे, यकीन है इसका। मुझे मालूम है बाबू, तुम्हें बचपन से इस्लाम ही सिखाया गया है। और मुस्लिम लोगों के बीच रहे हो या हिंदुओं के। लेकिन हिंदू कुछ नहीं है, न पंजाबी न सिख, मुझे कुछ नहीं मालूम। कुछ दिनों बाद जब मुझे पूरा यकीन हो जाएगा, तो मैं क्रिश्चियन धर्म अपना लूंगी। सॉरी, इस वक्त तुम्हें ये अच्छा नहीं लग रहा होगा, लेकिन जल्द तुम्हें सब कुछ समझ आ जाएगा।खत में आगे मोनिका ने लिखा, मैं ज्यादा नहीं लिखना चाहती, मैं चाहती हूं तुम खुद सीखो और समझो। सच्चाई तुम्हें खुद ही दिख जाएगी, लेकिन प्लीज खुले दिल से समझने की कोशिश करना। बेमन से नहीं।तुम्हें सच लिख रही हूं कि मैं बहुत सी चीजों के लिए तुमसे नाराज थी, लेकिन जब तुम आने पर गले मिले, तो कुछ अजीब सा लगा। कुछ ठीक से बता नहीं सकती। ओ बाबू तुम्हारी कुछ समझ नहीं आ रहा होगा। लेकिन तुम्हें रोता देख खुदा को तुम पर तरस आ गया और तुम उनसे गले मिल लिए। उस दिन तुम अपनी गुड़िया (जैसा अबू सलेम मोनिका को कहते थे) से गले नहीं मिले, खुदा से मिले। जब अबू समय पर जवाब नहीं देते तो मोनिका बेसब्री से इंतजार कर लगातार खत भेजकर सवाल करती थीं। ऐसे ही एक खत में मोनिका बेदी ने लिखा था- ‘माय लव तुम कहां हो। तुम्हारी तरफ से कोई लेटर नहीं आया। क्या तुम अपनी गुड़िया से नाराज हो। मैं जानती हूं कि तुम बेबी से नाराज हो।’ उस समय मशहूर क्राइम जर्नलिस्ट जिग्ना वोरा, इस केस को कवर कर रही थीं। इसके साथ ही वो हुसैन जैदी के साथ मिलकर अबू सलेम पर किताब भी लिख रही थीं, जिसके लिए उन्होंने लंबी रिसर्च की थी। दैनिक भास्कर से बातचीत में जिग्ना वोरा कहती हैं, ‘उस दौरान अबू सलेम को पुर्तगाल से एक्स्ट्राडाइट किया गया था। तो जो उसके कागज थे चार्जशीट, फैक्टुअल पेपर्स, केस से जुड़े डॉक्युमेंट्स उन पर मैंने स्टोरी की। साथ ही मैं अबू सलेम पर एक किताब भी लिख रही थी, जिसका नाम था माय नेम इज अबू सलेम। ये किताब मैं लेखक एस. हुसैन जैदी के साथ को-राइट कर रही थी। लेकिन फिर जब मेरे ऊपर केस हुआ और मैं जेल गई, तो उस वजह से मेरे नाम पर वो किताब नहीं छपी।’ ‘किताब को लिखने के दौरान ही मैंने अबू सलेम पर बहुत रिसर्च की थी, काफी डॉक्युमेंट्स खंगाले थे, जिसमें पुर्तगाल की कोर्ट के पेपर्स भी शामिल थे। तभी मुझे उनके बारे में काफी कुछ जानने को मिला।’ ‘पुर्तगाल जेल में उन्हें अलग-अलग रखा गया था। तो दोनों एक-दूसरे से लव लेटर्स के जरिए कम्युनिकेशन करते थे। एक सेल से दूसरे सेल तक प्यार के खत भिजवाते थे और इस बात का खुलासा मैंने ही किया था। मैंने ही ये स्टोरी सबसे पहले ब्रेक की थी।’ मोनिका बेदी और अबू सलेम के लिए अलग रहना भी मुश्किल था। खतों में साफ था कि दोनों जल्द ही जेल से निकलकर एक अच्छी जिंदगी बिताना चाहते थें, लेकिन फिर जेल में अचानक कुछ ऐसा हुआ, जिससे मोनिका बेदी ने अबू सलेम से रिश्ता खत्म करने का फैसला कर लिया। उन्होंने अलग होने का इशारा करते हुए एक खत में साल 1968 में आई फिल्म सरस्वतीचंद्र का एक गाना लिखा, बोल थे- छोड़ दे सारी दुनिया किसी के लिए ये मुनासिब नहीं आदमी के लिए प्यार से भी जरूरी कई काम हैं प्यार सब कुछ नहीं जिंदगी के लिए पहले मोनिका बेदी और अबू सलेम को 18 सितंबर 2004 से 10 नवंबर 2005 तक पुर्तगाल में रखा गया, जिसके बाद उन्हें भारत डिपोर्ट किया गया। सजा खत्म होते-होते मोनिका बेदी और अबू सलेम के बीच खतों का सिलसिला खत्म हो चुका था। दोनों को 11 नवंबर 2005 को एक ही चार्टेड प्लेन ने भारत लाया गया। प्लेन में चढ़ते हुए दोनों का पूरे सवा साल बाद आमना-सामना हुआ। जैसे ही अबू सलेम ने मोनिका को देखा, वो भावुक हो गए। उन्होंने बात करना चाहा, लेकिन मोनिका उन्हें बिना देखे नजर झुकाए खड़ी रहीं। वो कौन सी बात थी, जिससे मोनिका ने अबू सलेम को अचानक छोड़ दिया, मोनिका ने क्यों कहा कि गिरफ्तारी से उन्हें सुकून मिला और आखिर एक एक्ट्रेस, अंडरवर्ल्ड डॉन के प्यार में कैसे पड़ी। जानिए सभी सवालों के जवाब मोनिका बेदी केस के पार्ट-2 में। ………………………………. पार्ट-2, नाम बदलकर मोनिका बेदी से अबू सलेम ने बढ़ाईं नजदीकियां: US में नौकरों जैसा सलूक किया, भारत आने से रोका, जेल में भिजवाए फूल 11 नवंबर 2005 को मोनिका बेदी और अबू सलेम को भारत लाया गया। मोनिका बेदी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B (आपराधिक साजिश), 419 (छल से प्रतिरूपण) और 420 (धोखाधड़ी) और पासपोर्ट अधिनियम, 1967, सेक्शन 12 के तहत मामला दर्ज हुआ था। पुर्तगाल में पहले ही सजा काट चुकीं मोनिका बेदी पर भारत में नया केस हुआ। 29 सितंबर 2006 में इंडियन कोर्ट पासपोर्ट एक्ट की धारा के अलावा अन्य धाराओं पर दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई। जिस समय मोनिका बेदी को पुर्तगाल जेल में रखा गया था, तब उन्हें अबू सलेम की चार्जशीट दिखाई गई। चार्जशीट देखने के बाद मोनिका बेदी को एहसास हुआ कि जिस शख्स को वो बड़ा बिजनेसमैन समझती थीं, उस पर कई हत्याओं के आरोप हैं और उसका नाम 1993 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट में आ चुका है। अबू सलेम ने पुलिस कस्टडी में दावा किया कि वो और मोनिका बेदी साल 2000 में लॉस एंजिलिस की एक मस्जिद में निकाह कर चुके हैं और मोनिका उनकी कानूनी तौर पर पत्नी हैं। पूरी कहानी पढ़िए कल, मोनिका बेदी केस के पार्ट-2 में। ………………………………………… भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड बोली- कमरे में बंद किया; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया, मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम कर रही थी। मैं सुबह से शाम वहीं रहती थी। घर में दो मेड और थीं। उस दिन घर में कोई नहीं था। अचानक उन्होंने मुझे पकड़ लिया। मैंने बचने की कोशिश की तो मारा। पूरी कहानी पढ़िए……………………………. पार्ट-2, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड ने बयान बदला, कहा- रेप नहीं हुआ, 7 साल की सजा हुई; ₹15 लाख की हुई मांग केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। पूरी कहानी पढ़िए………………………………………. पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवेक की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवेक की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवेक का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 4:30 am