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तमन्ना भाटिया के स्टोर लॉन्च में पहुंचे आर्यन खान:सामंथा रुथप्रभू, सिद्धार्थ मल्होत्रा, पूजा हेगड़े समेत कई फिल्मी सितारों ने की शिरकत

पॉपुलर एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने बतौर एक्ट्रेस कामयाबी हासिल करने के बाद अब जूलरी बिजनेस में कदम रखा है। शनिवार को उन्होंने मुंबई के जुहू में फाइन जूलरी का तमन्ना स्टोर लॉन्च किया है। स्टोर लॉन्च इवेंट में फिल्म इंडस्ट्री के कई सेलेब्स ने शिरकत की। इस दौरान बैड्स ऑफ बॉलीवुड डायरेक्टर आर्यन खान भी तमन्ना को सपोर्ट करने पहुंचे हैं। तमन्ना भाटिया पेरेंट्स के साथ स्टोर लॉन्च इवेंट की होस्ट बनीं। उन्होंने व्हाइट फ्रिल ऑफ शोल्डर टॉप के साथ बैगी जींस पहना था। इस लुक को उन्होंने मैस्सी बन, पॉइंटेड सिल्वर हील्स और डायमंड जूलरी से कंप्लीट किया था। देखिए स्टोर लॉन्च इवेंस से सेलेब्स के लुक-

दैनिक भास्कर 1 Feb 2026 10:25 am

रामचरण-उपासना के घर हुआ जुड़वां बच्चों का जन्म:चिरंजीवी ने की घोषणा, कहा- मां और दोनों बच्चे स्वस्थ, शादी के 12 साल बाद दूसरी बार पेरेंट्स बने

साउथ सुपरस्टार रामचरण दूसरी बार पिता बने हैं। उनकी पत्नी उपासना ने 31 जनवरी को हैदराबाद के अपोलो हॉस्पिटल में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है। रामचरण के पिता चिरंजीवी ने इसकी घोषणा करते हुए बताया है कि डिलीवरी के बाद बच्चे और मां दोनों स्वस्थ हैं। चिरंजीवी ने ऑफिशियल X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर लिखा है, बहुत खुशी और दिल से भरे आभार के साथ, हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि रामचरण और उपासना को जुड़वां बच्चों का आशीर्वाद मिला है, एक बेटा और एक बेटी। आगे चिरंजीवी ने लिखा है, ‘दोनों बच्चे और मां स्वस्थ हैं और ठीक हैं। दादा-दादी के रूप में इन नन्हे मेहमानों का अपने परिवार में स्वागत करना हमारे लिए शुद्ध आनंद और दिव्य आशीर्वाद का पल है। हम सभी की प्रार्थनाओं, प्यार, आशीर्वाद और शुभकामनाओं के लिए दिल से धन्यवाद देते हैं।- चिरंजीवी और सुरेखा।’ उपासना की डिलीवरी 1 फरवरी को सुबह 9 बजे के लिए शेड्यूल की गई थी, हालांकि किसी वजह से डिलीवरी 31 जनवरी को अपोलो हॉस्पिटल में की गई। जिस हॉस्पिटल में उपासना की डिलीवरी हुई है, वो उसकी वाइस प्रेसिडेंट भी हैं। आज चिरंजीवी मीडिया को संबोधित कर सकते हैं। साल 2012 में हुई शादी, 2023 में हुआ था बेटी का जन्म रामचरण ने साल 2012 में उपासना कोनिडेला से शादी की थी। उपासन, अपोलो चैरिटी वाइस प्रेसिडेंट और बी पॉजिटिव मैगजीन की चीफ एडिटर हैं। वो भारत के पहले कोर्पोरेट हॉस्पिटल अपोलो हॉस्पिटल के फाउंडर और एग्जीक्यूटिव चेयरमैन प्रताप सी.रेड्डी की पोती हैं। राम चरण और उपासना 9वीं क्लास से साथ पढ़ाई की थी, जिसके बाद दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। दोनों की सगाई दिसंबर 2011 में हुई और फिर 14 जून 2012 को दोनों ने हैदराबाद के टेंपल ट्रीज फार्म हाउस में शादी की। 20 जून 2023 को राम चरण की बेटी का जन्म हुआ था। कुछ समय पहले ही उपासना की गोद भराई के साथ रामचरण और उपासना ने फैंस के साथ जल्द दूसरी बार पेरेंट्स बनने की खुशखबरी शेयर की थी। दिवाली के मौके पर उपासना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से गोद भराई का वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, 'यह दीवाली रही दोगुनी खुशियों, दोगुने प्यार और दोगुने आशीर्वादों की रही।'

दैनिक भास्कर 1 Feb 2026 9:18 am

भाई ने सोशल मीडिया स्टार का रेप किया:बॉयफ्रेंड से रिश्ते पर परिवार को एतराज, अगवा कर इज्जत के नाम पर बेरहमी से मार डाला

31 जनवरी 2023… की बात है, जब सोशल मीडिया स्टार टीबा अल-अली अपने देश इराक लौटी थीं। पिता से विवाद के कारण वह लंबे समय से तुर्की में रह रही थीं और परिवार से दूरी बनाए रखना चाहती थीं। इराक में वह कहां ठहरी थीं, यह घर में किसी को नहीं पता था सिर्फ उनकी मां को ही टीबा का पता मालूम था। मां अपनी बेटी से एक बार मिलना चाहती थीं। उन्होंने टीबा को फोन किया और टीबा भी मां से मिलने के लिए मान गईं। लेकिन यही फैसला उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुआ। मां के साथ वहां पूरा परिवार पहुंच गया और टीबा का अपहरण कर लिया गया। इसके बाद टीबा को जबरन साउथ इराक ले जाया गया, जहां बेटी और पिता के बीच तीखी बहस हुई। कहा जाता है कि इसी दौरान परिवार ने टीबा को कोई नशीला पदार्थ पिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गईं। इसी हालत में गुस्साए पिता ने अपनी ही बेटी का गला घोंटकर हत्या कर दी। जब यह मामला सामने आया, तो इराक ही नहीं बल्कि तुर्की में भी भारी आक्रोश फैल गया। हर किसी के मन में बस एक ही सवाल था आखिर ऐसी कौन-सी वजह थी, कि एक पिता ने बिना किसी पछतावे के अपनी ही बेटी की जान ले ली? आज अनसुनी दास्तानें के चैप्टर 3 में पढ़िए सोशल मीडिया स्टार टीबा अल-अली की हत्या की दर्दनाक कहानी… टीबा अल-अली का जन्म वर्ष 2000 में इराक में हुआ था। उनके पिता का नाम तैय्यब अली था। वह पढ़ाई में ठीक-ठाक थीं, लेकिन खेल-कूद, सोशल एक्टिविटीज और एक्स्ट्रा करिकुलर कामों में ज्यादा रुचि रखती थीं। छोटी उम्र से ही टीबा ने अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश शुरू कर दी थी। लेकिन टीबा के पिता हमेशा से चाहते थे कि वह घर पर ही रहे और पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे। 2017 में टीबा अपने परिवार के साथ आगे की पढ़ाई के लिए तुर्की चली गई थीं। वहां उन्होंने नई जिंदगी की शुरुआत की और खुद को स्वतंत्र महसूस किया। हालांकि उनके परिवार ने वापस इराक लौटने का फैसला लिया लेकिन टीबा तुर्की में रहना पसंद करने लगीं। उन्होंने अपनी पढ़ाई और जिंदगी को वहीं आगे बढ़ाने का फैसला किया। बचपन से ही टीबा ने ठान लिया था कि वह अपनी एक अलग पहचान बनाएंगी। इसी सोच के साथ उन्होंने सोशल मीडिया की दुनिया में कदम रखा। सबसे पहले उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल बनाया, जहां वह मेकअप, फिटनेस, फैशन और अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी बातें शेयर करने लगीं। लेकिन जैसे ही उनके पिता को इस बारे में जानकारी हुई तो बाप-बेटी के बीच आए दिन झगड़े होने लगे। टीबा के पिता उन पर पाबंदी सी लगाना चाहते थे इसी डर के कारण टीबा कभी इराक परिवार से मिलने नहीं जाती थीं। हालांकि, धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर टीबा के फॉलोअर्स बढ़ने लगे और उनके वीडियो लोगों को काफी पसंद आने लगे। उनकी पर्सनैलिटी, खुले विचार और आत्मनिर्भर अंदाज ने उन्हें सोशल मीडिया की दुनिया में खास बना दिया। उनकी लोकप्रियता इराक से निकलकर तुर्की और अन्य देशों तक फैल गई। टीबा ने न सिर्फ अपनी निजी जिंदगी को दिखाना शुरू किया बल्कि समाज में महिलाओं की आजादी और स्वतंत्रता के मुद्दों पर भी अपने विचार रखे। अपने एक व्लॉग में कहा था कि वह तुर्की में पढ़ाई करने आई थीं लेकिन यहां कि जिंदगी उन्हें इतनी पसंद आई कि वह यहां रहने लगी। इसी दौरान टीबा की मुलाकात मुहम्मद अल-शामी से हुई, जो सीरियाई मूल के थे। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और दोनों ने शादी करने का फैसला किया। तुर्की में रहते हुए दोनों ने मिलकर अपनी जिंदगी को व्लॉग्स और सोशल मीडिया के जरिए दिखाना शुरू कर दिया। टीबा की यह आजादी और मुहम्मद अल-शामी के साथ उनका रिश्ता पिता को कभी मंजूर नहीं था, जो आगे चलकर एक खौफनाक अंजाम तक भी पहुंचा। वह नहीं चाहते थे कि दोनों साथ रहे और शादी करें। लेकिन टीबा ने मुहम्मद अल-शामी से शादी करने का फैसला कर लिया। इसी दौरान जनवरी 2023 में टीबा 25वें अरबियन गल्फ कप में अपनी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का सपोर्ट करने के लिए इराक लौटीं। जब टीबा इराक लौटीं, तो उन्हें अपनी जनजाति से जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस से संपर्क किया। जैसे तैसे वह कहीं छुप गईं। सिर्फ उनकी मां जानती थीं कि टीबा कहां ठहरी थीं। मां-बेटी के बीच लगातार बातचीत होती थी। मां टीबा को बहुत याद करती थीं और उनसे मिलना भी चाहती थीं। आखिरकार टीबा अपनी मां से एक दोस्त के घर मिलने के लिए तैयार हो गईं, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वह कभी भी अपने पिता के घर नहीं जाएंगी। यह फैसला बाद में उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुआ, क्योंकि जैसे ही मां उस जगह पहुंचीं तो अचानक पूरा परिवार वहां आ गया। टीबा का अपहरण कर उन्हें दक्षिणी इराक के अल-दीवानिया ले जाया गया, जहां उनका परिवार और उनकी जनजाति रहती थी। वहां टीबा और उनके पिता के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। बहस के दौरान टीबा ने आरोप लगाया कि 2015 में महज 15 साल की उम्र में उनके भाई ने उनके साथ दुष्कर्म किया और पिता ने उन्हें बचाने की कोई कोशिश तक नहीं की। बस इसी डर के कारण वह परिवार के साथ तुर्की जाने के बाद इराक लौटना नहीं चाहती थीं, क्योंकि उन्हें लगता था कि शोषण जारी रहेगा और पिता फिर अनदेखा करेंगे। तुर्की जाने से पहले टीबा ने यह बात अपनी मां को भी बताई थी, लेकिन इराक में महिलाओं के अधिकार न होने के कारण मां कुछ नहीं कर सकीं। लगभग सभी लोगों ने खासकर उनके पिता ने टीबा से कहा कि वह इसे नजरअंदाज कर दें। जबकि पिता ने बेटी की बात समझने की जगह उसे ही दोषी ठहराया और कहा कि एक पुरुष के साथ उनका रिश्ता और उसे सोशल मीडिया पर दिखाया, जिससे परिवार के साथ ही उनकी पूरी जनजाति शर्मशार हुई। कहा जाता है इसी दौरान परिवार ने टीबा को कुछ पीने को दिया, जिसे पीते ही टीबा को नींद आ गई और फिर 31 जनवरी 2023 को उनके पिता ने गला घोंटकर उनकी हत्या कर डाली। जैसे ही एक युवा यूट्यूब स्टार की हत्या की खबर इराक में फैली तो हर तरह प्रदर्शन शुरू हो गया। देखते ही देखते इराक में प्रदर्शनकारियों ने टीबा की हत्या के खिलाफ न्याय की मांग करना शुरू कर दिया। उधर महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने टीबा की हत्या और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को अनुमति देने वाले कानूनों के विरोध में भी जमकर प्रदर्शन किया। 3 फरवरी को संयुक्त राष्ट्र मिशन ने इस हत्या की निंदा की और इराक सरकार से जेंडर-आधारित हिंसा को अपराध घोषित करने की मांग की। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी हत्या की कड़ी निंदा की। पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा था कि जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करें कि आखिर टीबा की हत्या क्यों और किसने की। ऐसा भी कहा जाता है कि परिवारिक विवाद 2015 से चला आ रहा था। पुलिस और परिवार के बीच पहले एक समझौता भी हुआ था, जिसके चलते पुलिस जाकर विवाद सुलझाने वाली थी। लेकिन इसी दौरान पुलिस तब हैरान रह गई जब पिता खुद थाने आकर काबूल किया कि उसने ही अपनी बेटी की हत्या की थी। टीबा के पिता तैय्यब अली ने पुलिस के सामने कहा कि उनकी बेटी ने परिवार की इज्जत खराब कर दी थी। बेटी की हत्या को उन्हें कोई पछतावा नहीं था और कहा कि हां- मैंने ही बेटी की हत्या की। टीबा अल-अली के पिता तैय्यब अली को अपनी बेटी की हत्या के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

दैनिक भास्कर 1 Feb 2026 4:30 am

फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर पर 4 राउंड फायरिंग:मुंबई में इसी जगह कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के घर; अभी किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली

महाराष्ट्र के मुंबई में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर 4 राउंड फायरिंग हुई। घटना की खबर मिलने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीमें उनके घर पहुंचीं। रोहित शेट्टी मुंबई के जुहू इलाके में रहते हैं। उनके घर के पास बॉलीवुड के कई सेलिब्रिटीज के घर हैं। ये घटना शनिवार रात करीब 3 बजे हुई। इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मामले पर अभी रोहित शेट्टी या पुलिस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले में अभी तक किसी ने भी जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस आगे की जांच कर रही है। -------------- ये खबर भी पढ़ें… फायरिंग केस में कमाल आर खान को मिली जमानत:एक्टर-प्रोड्यूसर की पिछले हफ्ते हुई थी गिरफ्तारी मुंबई के ओशिवारा फायरिंग मामले में एक्टर और प्रोड्यूसर कमाल आर खान उर्फ KRK को जमानत मिल गई है। उन्हें 25 हजार रुपए के पर्सनल बॉन्ड पर जमानत दी गई है। KRK को पिछले हफ्ते मुंबई पुलिस ने ओशिवारा इलाके में फायरिंग की घटना से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 1 Feb 2026 3:42 am

‘घातक 2’ पर बड़ा अपडेट:सनी देओल को स्क्रिप्ट सुनाने मनाली पहुंचे राजकुमार संतोषी, सीक्वल को लेकर बन सकती है बात

बॉलीवुड में इन दिनों ‘सीक्वल के ट्रेंड’ की लहर लगातार बढ़ती जा रही है, और इसी कड़ी में अब प्रसिद्ध फिल्ममेकर राजकुमार संतोषी एक बार फिर से सनी देओल के पास अपना नया प्रोजेक्ट लेकर पहुंच गए हैं। जानकारी के मुताबिक संतोषी हिमाचल प्रदेश के मनाली पहुंचे हैं, जहां वे सनी देओल को ’घातक 2’ की कहानी और स्क्रिप्ट सुनाने वाले हैं। वैसे भी 'गदर 2' और 'बॉर्डर 2' की सफलता के बाद सनी देओल अब इंडस्ट्री के डिमांडिंग एक्टर बन गए हैं। 1996 में रिलीज हुई फिल्म ‘घातक’ बॉलीवुड के उन एक्शन फिल्मों में से एक थी जिसने सनी देओल की छवि को और भी मजबूती दी थी। अब लगभग 30 साल बाद उसी फिल्म के सीक्वल की चर्चा जोरों पर है। राजकुमार संतोषी ने इस सीक्वल के लिए एक ठोस आईडिया तैयार किया है, जिसे उन्होंने सनी को व्यक्तिगत रूप से मनाली में सुनाने का निर्णय लिया है। सनी देओल फिलहाल हिमाचल प्रदेश में छुट्टियां मना रहे हैं और ‘बॉर्डर 2’ की जबरदस्त सफलता का आनंद ले रहे हैं। बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म ने अब तक लगभग 300 करोड़ रुपए से ऊपर की कमाई कर ली है और दर्शकों की ओर से खूब सराहना पा रही है। सूत्रों के अनुसार राजकुमार संतोषी और सनी देओल के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर मीटिंग आज यानी 31 जनवरी 2026 को हो सकती है। इस दौरान संतोषी अपने स्क्रिप्ट को विस्तार से सनी के सामने रखेंगे और उनका फीडबैक जानेंगे। अगर सनी को कहानी पसंद आती है, तो इस सीक्वल की घोषणा जल्द ही हो सकती है। हालांकि सनी देओल पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे सिर्फ इसलिए किसी पुराने क्लासिक का सीक्वल नहीं करेंगे कि पिछली फिल्में सफल रहीं। उनका मानना है कि इस तरह का कदम दर्शकों के साथ धोखा जैसा होगा। इसलिए अगर उन्हें स्क्रिप्ट में वास्तविक दम दिखता है और कहानी उन्हें प्रभावित करती है, तभी वे इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी देंगे। सनी देओल और राजकुमार संतोषी ने पहले भी कई सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया है, जैसे 'घायल' (1990), 'दामिनी' (1993) और 'घातक' (1996)। ये फिल्में जबरदस्त चली थीं और आज भी लोगों को बहुत याद हैं।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 7:14 pm

सलमान खान ने ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब:कहा- किसी को रोमांटिक लुक लगता है, कर्नल हूं, जो टीम और जवानों को हौसला देता है

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपनी आगामी वॉर फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ के टीजर में दिखाए गए लुक पर चल रहे ट्रोलिंग पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने सलमान के एक क्षणिक दृश्य को “रोमांटिक ग्लांस” बताकर आलोचना की थी, लेकिन सलमान ने इसे मजाक में उड़ा दिया और स्पष्टीकरण दिया कि यह भाव किसी रोमांस का नहीं बल्कि एक कर्नल की गंभीर सोच का है। सलमान ने हाल ही में इंडियन स्ट्रीट प्रीमियर लीग (ISPL) मैच के दौरान टीजर का वह सीन दोबारा किया और कहा कि “अब किसी को ये रोमांटिक लुक लगता है, लेकिन मैं फिल्म में कर्नल हूं भैया, यह एक कर्नल का लुक है जो टीम और जवानों को हौसला देता है।” उन्होंने यह भी मजाक में कहा कि वह चाहें तो वही लुक और भी दे सकते हैं, लेकिन इसका कोई “रोमांटिक मतलब” नहीं है और यह नाराजगी या आलोचना उन्हें प्रभावित नहीं करती। सलमान खान की वॉर फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' का टीजर उनके बर्थडे पर 27 दिसंबर को लॉन्च हुआ था। फिल्म का पहला ट्रैक 'मातृभूमि' 24 जनवरी को ही लॉन्च हो चुका है। फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ 2020 के गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित है और इसमें सलमान खान के अभिनय की एक गंभीर, प्रेरणादायक भूमिका देखने को मिलेगी। अपूर्व लाखिया के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में सलमान खान के अपोजिट अभिनेत्री चित्रागंदा सिंह नजर आएंगी। साथ ही फिल्म में कई नए चेहरे भी दिखेंगे। फिल्म में सलमान कर्नल बी.संतोष बाबू की भूमिका में नजर आएंगे। यह फिल्म 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 6:27 pm

टीवी से बड़े पर्दे तक पहुंचेगी ‘नागिन’:एकता कपूर की सुपरहिट फ्रैंचाइजी पर फिल्म बनाने की तैयारी, पौराणिक और फैंटेसी अवतार में दिखेगी नई दुनिया

एकता कपूर का सुपरहिट शो ‘नागिन’ अब टीवी की दुनिया से आगे बढ़कर सिनेमाघरों तक पहुंच सकता है। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बालाजी टेलीफिल्म्स इस पॉपुलर फ्रैंचाइजी को फिल्मों के रूप में पेश करने की संभावनाओं पर काम कर रहा है। 2015 में मौनी रॉय और अदा खान के साथ शुरू हुआ ‘नागिन’ देखते ही देखते देश के सबसे चर्चित सुपरनैचुरल शोज में शामिल हो गया। बीते 11 सालों में इस फ्रैंचाइजी के कई सीजन आ चुके हैं और फिलहाल ‘नागिन 7’ टीवी पर ऑन-एयर है। अब मेकर्स इसकी पौराणिक और फैंटेसी दुनिया को बड़े पर्दे पर और भव्य रूप में दिखाने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, ‘नागिन’ फिल्म का कॉन्सेप्ट अभी शुरुआती स्टेज में है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि बड़े पर्दे पर नागिन का किरदार कौन निभाएगा। टीवी की तरह ही इस रोल के लिए भी लंबा ऑडिशन प्रोसेस रखा जा सकता है, क्योंकि यह प्रोजेक्ट एकता कपूर के बेहद करीब रहा है और वह लुक से लेकर स्टाइलिंग तक हर चीज पर खास ध्यान देती हैं। एकता कपूर इन दिनों कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं। उनकी और TVF की थिएट्रिकल फिल्म ‘Vvan’ में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया लीड रोल में नजर आएंगे। इसके अलावा अक्षय कुमार, तब्बू और परेश रावल स्टारर हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बंगला’ भी 15 मई 2026 को रिलीज होने वाली है।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 4:24 pm

सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट करना चाहती हैं आलिया भट्ट:एक्ट्रेस बोलीं- कई बार मन करता है, लेकिन ऐसा करने से फैंस से संपर्क टूट जाएगा

एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने हाल ही में कहा कि कई बार उनका मन सोशल मीडिया अकाउंट को डिलीट करने का करता है। एस्क्वायर इंडिया को दिए इंटरव्यू में आलिया ने कहा, “कई दिन ऐसे होते हैं जब मैं उठकर सोचती हूं कि बस सोशल मीडिया डिलीट कर दूं और सिर्फ एक्टिंग करूं। बार-बार इस बातचीत का हिस्सा नहीं बनना चाहती, लेकिन मुझे यह भी पता है कि ऐसा करने से उन लोगों से संपर्क टूट जाएगा, जिन्होंने शुरू से मेरा साथ दिया है। मैं ऐसा नहीं चाहती।” बता दें कि आलिया भट्ट देश में सबसे ज्यादा फॉलो की जाने वाली एक्ट्रेस में से एक हैं और इंस्टाग्राम पर उनके 86 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। फोन की फोटो गैलरी राहा से भरी हुई है: आलिया इंटरव्यू में आलिया ने मां बनने के बाद आए बदलावों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि मां बनने के बाद उनकी पर्सनल लाइफ पूरी तरह बदल गई है। अब उनकी दुनिया ज्यादातर अपनी बेटी के इर्द-गिर्द घूमती है। आलिया ने कहा, “अब जब पर्सनल लाइफ की बात आती है, तो वह इतनी पर्सनल हो गई है कि उसे शेयर करना थोड़ा मुश्किल लगता है। मेरे फोन की फोटो गैलरी मेरी बेटी राहा से भरी हुई है। मुझे अपनी तस्वीरें लेने के लिए अलग से मेहनत करनी पड़ती है।” उन्होंने मां बनने को एक बड़ा बदलाव बताया। आलिया के मुताबिक, इससे न सिर्फ शरीर बदलता है, बल्कि सोच, प्राथमिकताएं और दुनिया को देखने का नजरिया भी बदल जाता है। आलिया के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह जल्द ही एक्शन थ्रिलर फिल्म अल्फा में नजर आएंगी। इस फिल्म का डायरेक्शन शिव रावल कर रहे हैं। इसमें आलिया एक ऑल-वुमन कॉम्बैट यूनिट की कमांडर की भूमिका निभा रही हैं। फिल्म में शरवरी वाघ भी अहम रोल में हैं और यह YRF स्पाई यूनिवर्स का हिस्सा है। बॉबी देओल भी इसमें नजर आएंगे। फिल्म अल्फा पहले क्रिसमस 2025 पर रिलीज होने वाली थी। बाद में इसके अप्रैल में रिलीज होने की चर्चा थी और अब यह फिल्म 2026 में ही किसी बाद की तारीख पर रिलीज होने की उम्मीद है। अभी आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं हुआ है। इसके अलावा आलिया, रणबीर कपूर और विक्की कौशल के साथ संजय लीला भंसाली की फिल्म लव एंड वॉर में भी नजर आएंगी।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 3:16 pm

फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी की जमानत खारिज:हाईकोर्ट ने माना- इस स्तर सुविधा दिया जाना उचित नहीं, करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला

करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी सहित तीन लोगों की जमानत याचिका राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने माना कि इस स्तर जमानत की सुविधा दिया जाना उचित नहीं है। राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस विनोद कुमार भारवनी ने आज इस मामले में सुनवाई की। इस दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध किया। उनका तर्क था कि इस मामले में अभी जांच चल रही है। अब तक की जांच में पाया गया है कि आरोपी विक्रम भट्ट व श्वेताम्बरी भट्ट द्वारा अलग-अलग नामों से अलग-अलग फर्जी बिल तैयार करवाकर परिवादी से पैसा ट्रांसफर करवाया गया है। उस पैसे को वापस अपने खातों में डलवाकर स्वयं ने ही उपयोग में ले लिया है। उन्होंने कहा- इस प्रकार आरोपियों ने मिलकर नाम से 4,23,13,424 रूपए लिए हैं। इसमें से 1,65,69,955 रूपए खुद के ही खातों में कर्जा उतारने के लिए उपयोग में ले लिए गए हैं। विशिष्ट लोक अभियोजक ने कहा- आपराधिक कृत्य में प्रार्थी मेहबूब अंसारी की सक्रिय भूमिका जांच के दौरान सामने आई है। उन्होंने यह भी कहा- प्रार्थीगण द्वारा गवाहों पर भी दबाव बनाया जा रहा है, महत्वपूर्ण अनुसंधान अभी बाकी है। अलग से अभी पूछताछ करनी है। अगर इस समय यदि प्रार्थीगण को जमानत पर छोड़ दिया गया तो वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं इसलिए जमानत आवेदन निरस्त किया जाए। हाईकोर्ट श्वेताम्बरी वी. भट्ट पत्नी विकम भट्ट, विकम भट्ट पुत्र प्रवीण भट्ट एवं मेहबूब अंसारी पुत्र उस्मान अंसारी की ओर से प्रस्तुत जमानत आवेदन पत्र निरस्त करते कर दिया। जाने 30 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला? राजस्थान के उदयपुर के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को विक्रम भट्ट समेत 8 लोगों के खिलाफ 30 करोड़ की धोखाधड़ी की FIR उदयपुर में दर्ज कराई थी। डॉ. अजय मुर्डिया का आरोप था कि एक इवेंट में उनकी मुलाकात दिनेश कटारिया से हुई थी। दिनेश कटारिया ने उन्हें पत्नी की बायोपिक बनाने का प्रस्ताव दिया। इस सिलसिले में दिनेश कटारिया ने 24 अप्रैल 2024 को मुंबई स्थित वृंदावन स्टूडियो बुलाया था। कटारिया ने उन्हें विक्रम भट्ट से मिलवाया, जहां भट्ट से बायोपिक बनाने पर चर्चा हुई थी। कुछ दिन बाद विक्रम और श्वेतांबरी भट्ट ने डॉक्टर अजय मुर्डिया को कहा- 7 करोड़ रुपए और फाइनेंस करके वे 4 फिल्में 47 करोड़ में बना सकते हैं। इन फिल्मों की रिलीज से 100 से 200 करोड़ रुपए तक मुनाफा हो जाएगा। इसके बाद उनके स्टाफ में अमनदीप मंजीत सिंह, मुदित, फरजाना आमिर अली, अबजानी, राहुल कुमार, सचिन गरगोटे, सबोबा भिमाना अडकरी के नाम के अकाउंट में 77 लाख 86 हजार 979 रुपए ट्रांसफर करवाए। इस तरह 2 करोड़ 45 लाख 61 हजार 400 रुपए ट्रांसफर किए। वहीं इंदिरा एंटरटेनमेंट से 42 करोड़ 70 लाख 82 हजार 232 रुपए का भुगतान किया गया, जबकि चार फिल्मों का निर्माण 47 करोड़ में किया जाना तय हुआ था। दो मूवी रिलीज हुई, एक पर काम भी शुरू नहीं किया विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट ने केवल दो फिल्म का निर्माण कर रिलीज करवाया। तीसरी फिल्म विश्व विराट लगभग 25 प्रतिशत ही बनाई गई। चौथी फिल्म महाराणा-रण की अभी तक शूटिंग भी शुरू नहीं हुई। आरोप है कि डायरेक्टर ने फिल्म महाराणा-रण के ही 25 करोड़ हड़प लिए। इंदिरा IVF के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया (पीड़ित) ने फिल्म डायरेक्टर, उनकी पत्नी, बेटी कृष्णा निवासी अंधेरी वेस्ट, मुंबई, दिनेश कटारिया निवासी सहेली नगर उदयपुर, महबूब अंसारी प्रोड्यूसर निवासी ठाणे, मुदित बुटट्टान निवासी दिल्ली, गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव डीएससी चेयरमैन, अशोक दुबे जनरल सेक्रेटरी, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज मुंबई के खिलाफ भूपालपुरा (उदयपुर) थाने में रिपोर्ट दी थी। ये भी पढ़ें… गुलाम-राज मूवी बनानेवाले विक्रम भट्‌ट 7 दिन की रिमांड पर:30 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में मुंबई से पत्नी के साथ गिरफ्तार, उदयपुर लाया गया बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्‌ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को ACJM कोर्ट ने 7 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस सोमवार रात करीब 10 बजे मुंबई से उदयपुर लेकर आई थी। 30 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में 7 दिसंबर को दोनों को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था। (पूरी खबर पढ़ें)

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 2:45 pm

ए.आर. रहमान के सपोर्ट में उतरे अमाल मलिक:उनके बयान को सही बताता, बोले- आज का सिस्टम भाई-भतीजावाद और ग्रुपिज्म का है

बॉलीवुड सिंगर-कंपोजर अमाल मलिक ने हाल ही में मशहूर संगीतकार ए.आर. रहमान के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। रहमान ने इंडस्ट्री में काम की कमी और पॉवर शिफ्ट के बारे में कहा था कि यह बदलाव कुछ हद तक सांप्रदायिक पक्ष भी रखता है। ए.आर. रहमान के बयान पर फिल्म इंडस्ट्री के लोग लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक अमाल ने एक इंटरव्यू कहा, “अगर इंडस्ट्री की नजरिए से देखें तो ए.आर. रहमान ने जो बात कही है, वह काफी हद तक सही है। पर मैं इसके सांप्रदायिक पक्ष से सहमत नहीं हूं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आज का सिस्टम भाई-भतीजावाद या ग्रुपिज्म का है, और कई कंपनियां अपने ‘कंपार्टमेंट’ कलाकारों को प्रमोट करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज मैनेजमेंट और एजेंसियों का जमाना है, और इस वजह से निर्णय लेने की क्षमता पर कलाकारों का नियंत्रण कम हो गया है। मलिक ने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ निर्देशक और प्रोड्यूसर खास कलाकारों के साथ ही काम करते हैं, जो कि इंडस्ट्री का एक वास्तविक हिस्सा बन गया है। अमाल मलिक ने कहा, “अगर कोई बेहतर संगीत बना रहा है, उसे अवसर मिलना चाहिए, चाहे वह ए.आर. रहमान हों या कोई नया कलाकार।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रहमान के बयान को उनकी असुरक्षा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह इंडस्ट्री की व्यापक समस्याओं की तरफ इशारा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब ए.आर. रहमान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पिछले कुछ वर्षों में फिल्मों में उनकी भागीदारी कम हुई है क्योंकि निर्णय लेने वाले अब उन लोगों के हैं जो रचनात्मक नहीं हैं, और यह बदलाव कहीं न कहीं “संभवतः सांप्रदायिक” भी हो सकता है। जिससे इंडस्ट्री में बहस शुरू हो गई थी।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 2:35 pm

‘अपना संन्यास वापस ले लो’:विशाल भारद्वाज ने अरिजीत सिंह से प्लेबैक सिंगिंग में लौटने की अपील की, डायरेक्टर ने लिखा इमोशनल नोट

डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने सिंगर अरिजीत सिंह से प्लेबैक सिंगिंग में वापस आने की अपील की है। अरिजीत ने हाल ही में प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का फैसला किया है। इस ऐलान से फैंस के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग भी हैरान हो गए थे। शुक्रवार को विशाल भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में विशाल किसी महफिल में बैठे गाना गाते नजर आ रहे हैं। वह गा रहे हैं, “डर लगता है मुझको तू जाने वाला है, मुझे इश्क हुआ है, ये होने वाला है।” वीडियो में उन्होंने अरिजीत सिंह को टैग भी किया है। कैप्शन में विशाल भारद्वाज ने लिखा कि यह वीडियो खुद अरिजीत सिंह ने बनाया था। उन्होंने अरिजीत के लिए एक खास मैसेज भी लिखा। विशाल ने कहा कि कुछ दिन पहले दोनों साथ बैठकर इस गाने की जैमिंग कर रहे थे और उसी वक्त यह वीडियो रिकॉर्ड किया गया था। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें नहीं पता था कि यह अरिजीत के साथ उनके आखिरी फिल्मी गानों में से एक होगा। इसके साथ ही विशाल ने अरिजीत से प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का फैसला वापस लेने की अपील की। पॉपुलर सिंगर अरिजीत सिंह ने 27 जनवरी को प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास ले लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए इसकी आधिकारिक घोषणा की थी। सिंगर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकांउट पर लिखा था, नमस्ते, आप सभी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं। इतने सालों से श्रोताओं के रूप में मुझे जो इतना प्यार दिया है, उसके लिए आप सबका धन्यवाद। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई भी नया काम नहीं लूंगा। मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। यह एक शानदार सफर रहा। प्लेबैक सिंगिंग में गानों की रिकॉर्डिंग स्टूडियो में होती है। बाद में इसे फिल्मों में एक्टर-एक्ट्रेस पर फिल्माया जाता है। यानी आवाज सिंगर की होती है, एक्टर-एक्ट्रेस इस पर लिप्सिंग करते हैं।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 1:45 pm

230 करोड़ से ज्यादा हुई बॉर्डर 2 की कमाई:फिल्म ने आठवें दिन कमाए ₹11.25 करोड़, सनी देओल ने फिल्म की सफलता का जश्न मनाया

सनी देओल की फिल्म बॉर्डर 2 ने सिर्फ 8 दिनों में 230 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली है। हालांकि, दमदार ओपनिंग वीकेंड के बाद वीकडेज में कमाई थोड़ी घटी, लेकिन इसके बावजूद फिल्म ने एक हफ्ते में दुनियाभर में 300 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। सैकनिल्क के मुताबिक, बॉर्डर 2 ने आठवें दिन यानी दूसरे शुक्रवार को भारत में 11 करोड़ रुपए की कमाई की। सातवें दिन फिल्म ने 11.25 करोड़ रुपए कमाए थे। इस तरह भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई 235.25 करोड़ रुपए हो चुकी है। अगर वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें, तो भारत से ग्रॉस कमाई 281.5 करोड़ रुपए है। विदेशों से फिल्म ने करीब 41 करोड़ रुपए कमाए हैं। इस तरह कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 322.5 करोड़ रुपए पहुंच गया है। इस रफ्तार से फिल्म के दूसरे वीकेंड पर 350 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, फिल्म की शानदार सफलता का सनी देओल ने जश्न मनाया। सनी ने हिमाचल प्रदेश के मनाली के एक होटल में अपनी टीम के साथ केक काटा। जश्न के दौरान सनी देओल काफी खुश नजर आए। केक पर “बधाई हो बॉर्डर 2” लिखा हुआ था। सनी देओल ने केक काटा और टीम के लोगों के साथ बांटा। टीम के एक सदस्य, जिन्हें सब प्यार से “बाहुबली जी” कह रहे थे, ने सनी देओल को फूलों का गुलदस्ता भी दिया और दोनों ने गले लगकर खुशी जाहिर की। वीडियो के अंत में सनी ने फिल्म को पसंद करने के लिए लोगों को धन्यवाद दिया। इससे पहले सनी देओल ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने फैंस से कहा, “आवाज कहां तक गई? आपके दिलों तक। थैंक यू वेरी मच, लव यू ऑल।” कैप्शन में उन्होंने लिखा था, “मेरी, आपकी, हमारी बॉर्डर 2 को इतना प्यार देने के लिए आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद।” बता दें कि फिल्म बॉर्डर 2 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म बॉर्डर का सीक्वल है। फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है। इस फिल्म को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 12:00 pm

हॉलीवुड एक्ट्रेस ने मुगल बेगम नूरजहां का ताज-महल नेकलेस पहना:₹74 करोड़ कीमत; 54 साल पहले अमेरिकी अभिनेत्री को उनके पांचवें पति ने गिफ्ट किया था

हॉलीवुड एक्ट्रेस मार्गोट रॉबी अपनी आगामी फिल्म वुथरिंग हाइट्स के प्रचार के लिए बुधवार को रेड कार्पेट पर ग्लैमरस लुक में नजर आई। इसमें उनके को-एक्टर जैकब एलोर्डी भी शामिल हैं। लॉस एंजिल्स के टीसीएल चाइनीज थिएटर में फिल्म के वर्ल्ड प्रीमियर पर मार्गोट ने एक शानदार गाउन पहना। यह लुक बेहद खूबसूरत और विंटेज स्टाइल का था, लेकिन असली सुर्खियां बटोरीं उनके नेकलेस ने। मार्गोट ने मुगल बेगम नूरजहां का ऐतिहासिक ताज महल डायमंड नेकलेस पहना। यह 69.42 कैरेट का हार्ट शेप का टेबल-कट डायमंड है और इसे गोल्ड और रूबी से बनी कार्टियर चेन में सेट किया गया है। इस नेकलेस की कीमत लगभग 8 मिलियन डॉलर (करीब 74 करोड़ रुपये) बताई जा रही है। यह नेकलेस 54 साल पहले, 1972 में अमेरिकी एक्ट्रेस एलिजाबेथ टेलर के पांचवें पति रिचर्ड बर्टन ने उनके 40वीं जन्मदिन पर गिफ्ट किया था। मुगल सम्राट जहांगीर ने नूरजहां को गिफ्ट किया था यह नेकलेस ताज महल डायमंड की असली कहानी और भी रोचक है। यह दिल के आकार का डायमंड 17वीं सदी का है, जिस पर फारसी भाषा में 'प्यार हमेशा बना रहता है' लिखा है और नूरजहां का नाम भी उकेरा गया है। इसे मुगल सम्राट शाह जहांगीर ने अपनी पत्नी नूरजहां को गिफ्ट किया था। बाद में यह उनके बेटे शाहजहां के पास पहुंचा, जिन्होंने इसे अपनी पत्नी मुमताज महल को दिया। मुमताज की मौत के बाद शाहजहां ने ताजमहल बनवाया, जिसके कारण इस डायमंड को ताज महल डायमंड कहा जाने लगा। मुगल दरबार में फैशन की रानी मानी जाती थीं नूरजहां नूरजहां मुगल साम्राज्य की सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली बेगम थीं। उन्होंने 1611 में मुगल सम्राट जहांगीर से शादी की (यह उनकी 20वीं पत्नी थीं)। जहांगीर ने उन्हें पहले नूर महल (महल की रोशनी) और बाद में नूरजहां (दुनिया की रोशनी) का खिताब दिया। वह मुगल इतिहास में इकलौती ऐसी बेगम थीं जिनके नाम पर सिक्के ढाले गए, फरमान जारी किए गए और उन्होंने दरबार में जहांगीर के साथ बैठकर शासन चलाया। नूरजहां मुगल दरबार में फैशन और स्टाइल की रानी मानी जाती थीं। उन्होंने खुद डिजाइनर की तरह काम किया और कई नए फैशन ट्रेंड शुरू किए। उन्होंने नूरमहली ड्रेस जैसी खास पोशाकें डिजाइन कीं, जो हल्की, फ्लोरल पैटर्न वाली कॉटन और मलमल से बनी होती थीं। उन्होंने बदला किनारी, पंचतोलिया (पांच रंगों वाली महीन कपड़े) और दुदामी जैसे नए टेक्सटाइल और फैब्रिक्स को पॉपुलर किया। वे परफ्यूम बनाने में माहिर थीं और अत्रि जहांगीरी नाम का अपना स्पेशल इत्र बनाती थीं, जो गुलाब के तेल से तैयार होता था। उनके स्टाइल में फारसी, मुगल और सेंट्रल एशियन प्रभाव का मिश्रण था। नूरजहां मुगल इतिहास की सबसे अमीर और स्वतंत्र रूप से धनी बेगमों में से एक थीं। नूर जहां 1645 में लाहौर में मर गईं और जहांगीर के मकबरे के पास दफन हैं। उनकी विरासत आज भी मुगल कला, फैशन, और महिलाओं की शक्ति की मिसाल है। हॉलीवुड स्टार रिचर्ड बर्टन ने अपनी पत्नी को गिफ्ट किया था कई सदियों बाद, 20वीं सदी में यह डायमंड अलग-अलग हाथों से गुजरता रहा और आखिरकार 1971 में फ्रेंच लग्जरी ब्रांड कार्टियर ने इसे खरीद लिया। कार्टियर ने इसे खूबसूरती से री-डिजाइन किया। डायमंड को जेड में माउंट किया, लाल रूबी और छोटे कट डायमंड्स के साथ सजाया और एक गोल्ड-रूबी चेन बनाई जो मूल इंडियन सिल्क कॉर्ड की तरह लगती है। चेन में रॉन्डेल्स, एडजस्टेबल स्लाइड और पीछे टैसल्स हैं, जो इसे और शानदार बनाते हैं। 1972 में हॉलीवुड स्टार रिचर्ड बर्टन एलिजाबेथ टेलर के लिए गिफ्ट ढूंढ रहे थे। उन्होंने यह नेकलेस एयरपोर्ट पर देखा और चुपके से खरीद लिया। उन्होंने इसे एलिजाबेथ को सरप्राइज के तौर पर दिया। एलिजाबेथ ने इसे बहुत पसंद किया और यह उनकी ज्वेलरी कलेक्शन का सबसे खास पीस बन गया। रिचर्ड अपनी पत्नी के लिए ताजमहल खरीदना चाहते थे यह नेकलेस एलिजाबेथ टेलर और रिचर्ड बर्टन की जुनूनी लव स्टोरी का प्रतीक बन गया, जो क्लियोपेट्रा फिल्म के सेट पर शुरू हुई थी। रिचर्ड बर्टन ने मजाक में कहा था, “मैं तो ताजमहल खरीदना चाहता था, लेकिन ट्रांसपोर्ट में बहुत खर्चा होता!” इसलिए उन्होंने यह डायमंड चुना, जो ताजमहल की लव स्टोरी से जुड़ा है। एलिजाबेथ ने इसे एक बार ऑस्कर में पहना था। 2011 में एलिजाबेथ की मौत के बाद उनकी ज्वेलरी की नीलामी में यह नेकलेस 8.8 मिलियन डॉलर (करीब 74 करोड़ रुपये) में बिका। पैसे एलिजाबेथ टेलर एड्स फाउंडेशन को गए। इस तरह यह नेकलेस मुगल काल की शाही प्रेम कहानियों से शुरू होकर एलिजाबेथ-बर्टन की हॉलीवुड रोमांस तक पहुंचा, और अब मार्गोट रॉबी के जरिए नई पीढ़ी को इंस्पायर कर रहा है – हमेशा की तरह “प्यार अमर है” का संदेश देता हुआ। ------------------------------

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 11:43 am

फायरिंग केस में कमाल आर खान को मिली जमानत:एक्टर-प्रोड्यूसर की पिछले हफ्ते हुई थी गिरफ्तारी

मुंबई के ओशिवारा फायरिंग मामले में एक्टर और प्रोड्यूसर कमाल आर खान उर्फ KRK को जमानत मिल गई है। उन्हें 25 हजार रुपए के पर्सनल बॉन्ड पर जमानत दी गई है। KRK को पिछले हफ्ते मुंबई पुलिस ने ओशिवारा इलाके में फायरिंग की घटना से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनसे पहले पूछताछ की और बाद में उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान KRK ने बताया था कि फायरिंग उनकी लाइसेंसी बंदूक से हुई थी। न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, KRK की वकील सना रईस खान ने मामले में एक्टर की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह गिरफ्तारी कानून की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल है। उनके मुताबिक, गिरफ्तारी बिना किसी नोटिस के की गई और KRK के संवैधानिक अधिकारों का ध्यान नहीं रखा गया। वकील सना खान ने कहा कि यह भी आरोप लगाया गया कि छह कारतूस यानी गोलियां गायब हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है भी, तो यह एक प्रशासनिक गलती हो सकती है। ऐसे मामलों में लाइसेंस देने वाली अथॉरिटी कार्रवाई कर सकती है। इसके लिए आपराधिक कोर्ट में केस नहीं बनता। उन्होंने यह भी कहा कि KRK पर यह आरोप नहीं है कि उन्होंने किसी व्यक्ति या इमारत को निशाना बनाकर गोली चलाई। KRK एक लाइसेंसी हथियार के मालिक हैं। वकील ने बताया कि छह दिन बाद एक व्यक्ति ने यह कहा कि उसने अपने घर से फायरिंग की आवाज सुनी। हालांकि उस व्यक्ति का नाम रिमांड रिपोर्ट में दर्ज नहीं है। वकील के मुताबिक, पिस्तौल की रेंज सिर्फ 20 से 30 मीटर तक होती है। जबकि KRK के बंगले और उस इमारत के बीच दूरी करीब 1500 मीटर है। ऐसे में वहां तक गोली पहुंचना संभव नहीं है। मुंबई पुलिस के अनुसार, फायरिंग की सूचना मिलने के बाद CCTV फुटेज देखे गए और कई लोगों से पूछताछ की गई। KRK को बाद में अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें दो हफ्ते की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब उन्हें इस मामले में जमानत मिल गई है। कौन हैं कमाल आर खान (KRK)? कमाल आर खान उर्फ KRK खुद को फिल्म क्रिटिक बताते हैं और सोशल मीडिया पर अक्सर वे फिल्मों की आलोचना करते नजर आते हैं। कई बार वे बॉलीवुड स्टार्स पर तीखी टिप्पणियों के कारण चर्चा में रहे हैं। वे सलमान खान, शाहरुख खान और अजय देवगन जैसे बड़े सितारों पर तीखी टिप्पणियां कर चुके हैं। सलमान खान ने तो उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दर्ज कराया था। वहीं, KRK ने साल 2008 में आई फिल्म देशद्रोही मुख्य भूमिका निभाई थी और इसे खुद ही प्रोड्यूस भी किया था। इसके बाद वे 2014 की फिल्म एक विलेन में सपोर्टिंग रोल में नजर आए थे।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 10:37 am

सनी देओल ने कुल्लू में देखा ‘बॉर्डर 2’ का प्रीमियर:फैंस के साथ खिंचवाई फोटो, शोभला मल्टीप्लेक्स में दर्शकों के साथ बैठे

बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल इन दिनों कुल्लू-मनाली की वादियों में हैं। बीती शाम उन्होंने कुल्लू के शोभला मल्टीप्लेक्स पहुंचकर अपनी नई फिल्म ‘बॉर्डर 2’ का प्रीमियर देखा। इस दौरान उनके फैंस ने सनी देओल के साथ फोटो खिंचवाई और काफी देर तक उनसे बात की। मल्टीप्लेक्स में सनी देओल ने आम लोगों के साथ बैठकर अपनी फिल्म का लुत्फ उठाया। अभिनेता को अपने बीच पाकर वहां मौजूद प्रशंसकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मल्टीप्लेक्स पहुंचते ही सनी देओल का जोरदार स्वागत किया गया। उनका अंदाज हमेशा की तरह सादगी भरा और मिलनसार नजर आया। सनी देओल ने खुद प्रशंसक का मोबाइल लेकर खींची सेल्फी इस दौरान एक खास पल तब देखने को मिला, जब एक प्रशंसक सेल्फी लेने में असमर्थ था। सनी देओल ने मुस्कुराते हुए खुद उसका मोबाइल हाथ में लिया और सेल्फी क्लिक की। थिएटर में बच्चों से की बात थिएटर में प्रवेश करने से पहले सनी देओल ने छोटे बच्चों से भी मुलाकात की। बच्चों के साथ उनकी आत्मीय बातचीत ने माहौल को और भी खास बना दिया। मल्टीप्लेक्स में दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर शुरुआती उत्साह साफ नजर आया, जो ‘बॉर्डर 2’ के प्रति दीवानगी का संकेत देता है। बता दें कि सनी देओल तीन दिन से कुल्लू-मनाली की वादियों में हैं।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 8:06 am

तस्करी के सेट पर चोटिल हुईं अमृता खानविलकर:शूटिंग के दौरान लगी गंभीर चोट, इमरान हाशमी ने संभाला, एक्ट्रेस ने सुनाया पूरा किस्सा

टीवी, फिल्म और ओटीटी की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुकीं अभिनेत्री अमृता खानविलकर के लिए साल 2026 की शुरुआत बेहद खास रही है। इस साल उनकी दो वेब सीरीज रिलीज हुईं, जिनमें से एक में उन्होंने इमरान हाशमी के साथ स्क्रीन शेयर की है। दमदार किरदारों, एक्शन सीक्वेंस और अलग-अलग जॉनर में काम कर अमृता ने एक बार फिर अपनी वर्सेटिलिटी साबित की है। थिएटर से लेकर ओटीटी तक, हर मंच पर उनका आत्मविश्वास साफ नजर आता है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अभिनेत्री ने इमरान हाशमी के साथ काम करने के अनुभव, अपने हालिया प्रोजेक्ट्स और आगे की योजनाओं पर खुलकर बात की। 2026 की शुरुआत आपके लिए काफी रॉकिंग रही है। दो वेब सीरीज रिलीज हुई हैं, इसे आप कैसे देखती हैं? सच में यह शुरुआत काफी रॉकिंग रही है। दिलचस्प बात यह है कि इस बार मैंने कोई न्यू ईयर रेजोल्यूशन भी नहीं लिया था, और फिर भी सब कुछ अपने आप सही तरीके से होता चला गया। मैं अपनी मराठी थिएटर की रिहर्सल कर रही थी, तभी दिसंबर में मुझे कॉल आया कि तस्करी नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही है और प्रमोशन के लिए मेरी डेट्स चाहिए। संयोग से 7 और 8 जनवरी की जो दो डेट्स मांगी गई थीं, मैं उन दिनों फ्री थी। सब कुछ बड़े आराम से हो गया और मुझे दर्शकों से बहुत प्यार मिला। तस्करी हो या स्पेस जेन: चंद्रयान, दोनों में आपके किरदार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। इसे निभाना कितना चैलेंजिंग था? तस्करी में मुझे मिताली कामथ के रोल के लिए नहीं, बल्कि किसी और किरदार के ऑडिशन के लिए बुलाया गया था। पता नहीं नीरज और राघव सर के मन में क्या आया कि उन्होंने कहा, “इसका भी ऑडिशन दे दो।” नीरज सर ने मुझसे पूछा कि क्या मुझे एक्शन आता है। मैंने ईमानदारी से कहा कि एक्शन तो नहीं, लेकिन मैं डांसर हूं, इसलिए कोरियोग्राफी समझती हूं। इसके बाद डेढ़ घंटे तक स्टंट की रिहर्सल करवाई गई और फिर ऑडिशन लिया गया। ऑडिशन देखते ही उन्होंने कहा कि यही रोल मैं करूंगी। एक एक्शन सीन के दौरान गलती से मैंने अपने स्टंटमैन को मुक्का मार दिया, जो उसकी हड्डी पर जा लगा और मेरा हाथ भी सूज गया। इसके बावजूद तुरंत ग्लव्स पहनकर मुझे किक बॉक्सिंग वाले मोंटाज के लिए फोटोशूट करना था। दर्द भूलकर मैं काम पर लग गई। अब यही किस्से मैं आगे चलकर अपने ग्रैंडचिल्ड्रन को सुनाऊंगी। वहीं स्पेस जेन: चंद्रयान में मुझे एक बार फिर टीवीएफ के साथ काम करने का मौका मिला। इस सीरीज के जरिए मैंने वैज्ञानिकों की जिंदगी को बहुत करीब से महसूस किया कि कैसे उनके प्रोफेशन में 0.0001 प्रतिशत की भी कितनी अहमियत होती है। ऐसे रोल करने के बाद क्या आपके अंदर का डर खत्म हो गया है? क्या आगे आप ज्यादा एक्सपेरिमेंटल रोल करेंगी? जी हां, डर तो उसी वक्त खत्म हो गया था जब मैंने नीरज पांडे जैसे डायरेक्टर के साथ एक एक्शन सीरीज कर ली। इसके बाद मेरी इच्छा थी कि मैं टीवीएफ के साथ भी एक ठोस काम करूं, और वह मौका मुझे मिला। आगे भी मैं इसी ईमानदारी के साथ अलग-अलग तरह के काम करना चाहती हूं। तस्करी के सेट पर इमरान हाशमी को देखकर क्या आप कभी स्टारस्ट्रक हुईं? कोई खास पल जो आपके लिए यादगार रहा हो? मेरी और नंदीश की जो जबरदस्त केमिस्ट्री दिखती है, वह सिर्फ इमरान सर की वजह से ही संभव हो पाई। जब एक एक्शन सीन के दौरान मुझे चोट लगी, उस वक्त मेरे पीछे इमरान सर ही थे। उन्होंने तुरंत सीन रुकवाया, आइस बकेट मंगवाया और खुद मेरा हाथ पकड़कर उसमें डाला। दर्द के कारण मैं रो पड़ी थी, लेकिन उन्होंने मुझे संभाला। वाकई यह कहना गलत नहीं होगा कि “अख्खा बॉलीवुड एक तरफ और इमरान हाशमी एक तरफ।” सेट पर कई मेकअप आर्टिस्ट और क्रू मेंबर्स मेरे पास आकर कहते थे कि मैम, बस एक फोटो खिंचवा दीजिए या हमें उन्हें बस देखना है। उनके साथ काम करने में एक अलग ही तरह का कंफर्ट था। उनका ऑरा ही अलग है। वे ऐसे अभिनेता हैं जिन्हें न फेलियर से फर्क पड़ता है, न सक्सेस से। आपके हिसाब से ओटीटी प्लेटफॉर्म नए एक्टर्स को किस तरह मौके दे रहा है? मुझे लगता है कि ओटीटी सबसे ज्यादा राइटर्स का मीडियम है। यहां किरदारों को बहुत अलग तरीके से लिखा जा सकता है। चाहे किरदार डार्क हो या ग्रे जोन में, दर्शक उसे स्वीकार कर लेते हैं। स्टोरीटेलिंग के लिहाज से ओटीटी एक बेहद दमदार प्लेटफॉर्म है। जब जयदीप अहलावत, तिलोत्तमा शोमे, कोंकणा सेन शर्मा जैसे कलाकार हों, तो फिर क्या कहना। यहां हीरो-हीरोइन नहीं, सिर्फ कंटेंट काम करता है। फिल्मों के अलावा आप थिएटर में भी काफी एक्टिव हैं और इस बार अपना शो खुद प्रोड्यूस कर रही हैं। इसके बारे में बताइए? यह मराठी रंगभूमि में मेरा डेब्यू है, जिसमें मैं एक्टिंग के साथ-साथ प्रोड्यूसर भी हूं। थिएटर मुझे बहुत पसंद है, क्योंकि जो संतुष्टि थिएटर देता है, वह कोई और मंच नहीं दे सकता। जब 700–800 लोग आपको लाइव देखने आते हैं और शो खत्म होते ही आपको उनका प्यार मिलता है, वह अनुभव अनमोल होता है। अब तक हम मुंबई, पुणे, सातारा, सांगली और कोल्हापुर मिलाकर 10 शो कर चुके हैं। नाटक का नाम लग्न पंचमी है। अपने अब तक के सफर को आप कैसे देखती हैं? इस सफर में बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। मैं भगवान का शुक्रिया अदा करती हूं कि उन्होंने मुझे यह दिन दिखाया। हर कोई मेहनत करता है, लेकिन कई बार काम नोटिस नहीं हो पाता। मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि मुझे दर्शकों का इतना प्यार मिला, और इसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगी।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 6:30 am

मनोज मुंतशिर बोले- ‘बॉर्डर 2’ का गाना लिखते वक्त रोया:मिथुन ने कहा- इतने लंबे करियर के बाद भी लगा जैसे ये मेरी पहली फिल्म

‘बॉर्डर 2’ में देशभक्ति, जज्बे और जमीन से जुड़े इमोशंस का ऐसा संगम है कि फिल्म का हर सीन दर्शकों के दिल में सीधे उतर रहा है। फिल्म के गाने भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान फिल्म के गीतकार मनोज मुंतशिर ने बताया कि जब तक अच्छे शब्द नहीं मिले तब तक गाने 9 महीनों तक लगातार लिखते रहे। कई बार गीत लिखते वक्त उनकी आंखों में आंसू आ जाता था। म्यूजिक डायरेक्टर मिथुन ने बताया कि उन्हें 20 साल के करियर के बाद भी लगा कि ‘बॉर्डर 2’ उनकी पहली फिल्म है। पेश है मनोज मुंतशिर और मिथुन से हुई बातचीत के कुछ और प्रमुख अंश.. सवाल: जब ‘बॉर्डर 2’ का ऑफर आया तो मन में पहला सवाल क्या था? पुरानी विरासत को बचाना या नई पहचान बनाना? मनोज मुंतशिर/ जवाब: पुरानी लेगेसी को सम्मान देना। ‘बॉर्डर’ ने जो इज्जत कमाई है, उसे बनाए रखना ही हमारा सबसे बड़ा लक्ष्य था। हमने अन्नू मलिक और जावेद अख्तर साहब से बहुत कुछ सीखा। ‘बॉर्डर 2’ की नई कहानी और नई सिचुएशन हैं। लेकिन पुराने गानों के आगे हमारा सिर हमेशा झुका रहा। हमने अपना बेस्ट दिया। लेकिन मूल बॉर्डर साउंडट्रैक के लिए हमेशा सम्मान रहा। सभी रिक्रिएटेड गानों में हमारी श्रद्धांजलि झलकती है। सवाल: मिथुन आप इस बारे में क्या कहना चाहेंगे? मिथुन/जवाब: मनोज जी जिस सम्मान की बात कर रहे रहे हैं, वो गानों में साफ सुनाई देता है। घर कब आओगे और जाते हुए लम्हों सुनिए तो पता चलेगा। ये मूल गानों के सामने नमन हैं। पूरे एहतराम और प्रार्थना के साथ बनाए गए। हमारा यही भाव था। जो लोग पसंद कर रहे हैं, उन्हें ये भावना महसूस हुई। सवाल: ‘बॉर्डर 2’ के गाने बनाते समय प्रेशर महसूस हुआ? मिथुन/ जवाब: मुझे लगता है कि प्रेशर ऐसा शब्द है, जिससे मैं या शायद मनोज जी भी ज्यादा रिलेट नहीं करते। हां, जिम्मेदारी जरूर होती है, और वो हर फिल्म में होती है, क्योंकि हर कहानी कुछ न कुछ कहना चाहती है। इसलिए संगीतकार और गीतकार से वही उम्मीद की जाती है। लेकिन जब बात ‘बॉर्डर’ की होती है, तो जिम्मेदारी दोगुनी हो जाती है। ये सिर्फ एक ब्रांड की बात नहीं है। अगर कुछ देर के लिए फिल्म का नाम ‘बॉर्डर’ न भी मानें, तब भी ये हमारे सैनिकों की सच्ची कहानियों पर आधारित है। 1971 में भारत ने कई मोर्चों पर युद्ध लड़े थे। ‘बॉर्डर’ लोंगेवाला की लड़ाई पर थी, जबकि इस बार कहानी एक अलग फ्रंट की है। इस फिल्म की कहानी से हमारे देश के शहीदों के नाम जुड़े हैं, और यही इसे बेहद गंभीर और संवेदनशील बनाता है। हम हाल ही में शहीदों के परिवारों से मिले और तब समझ आया कि इस कहानी से जुड़ना कितनी बड़ी जिम्मेदारी है। सवाल: ‘बॉर्डर’ के म्यूजिक से आपका रिश्ता कैसा रहा है, और नए वर्जन को लेकर आपका नजरिया क्या था? मनोज मुंतशिर/जवाब: ‘बॉर्डर’ के दो गाने मेरी जिंदगी का हिस्सा तब से हैं, जब वे कैसेट पर आए थे। तब प्लेलिस्ट का कॉन्सेप्ट नहीं था, लेकिन शायद ही कोई हफ्ता ऐसा गया हो जब मैंने उस म्यूजिक को दोबारा न सुना हो। उस म्यूजिक से हम बेहद करीबी रिश्ता महसूस करते हैं। ऐसे में न मैं और न ही मिथुन सर कभी किसी रेस में थे कि हम इससे बेहतर कुछ करेंगे। जिस चीज से आप इतना प्यार करते हैं, उससे मुकाबला नहीं, उसे एंजॉय और सेलिब्रेट किया जाता है। हमारी कोशिश बस इतनी थी कि पूरी विनम्रता के साथ देखें, क्या हम अपने तरीके से उसमें कुछ जोड़ सकते हैं। सवाल : ‘संदेशे आते हैं’ जैसे आइकॉनिक गीत में कुछ नया लिखने की जरूरत क्यों पड़ी? मनोज मुंतशिर/जवाब: ‘संदेशे आते हैं’ अपने आप में एक कम्प्लीट सॉन्ग है। जावेद अख्तर साहब ने उसमें अपनी आत्मा डाली थी। वो सिर्फ गीत नहीं, एक धड़कता हुआ दिल है। उसमें कुछ नया जोड़ना यह दिखाने के लिए नहीं था कि हम भी लिख सकते हैं। बात सिर्फ इतनी थी कि ‘बॉर्डर 2’ एक नई फिल्म है, इसके मोर्चे और इसके किरदार अलग हैं। जो किरदार सीधे ‘बॉर्डर’ पर नहीं थे, उनकी भी अपनी कहानी है, और उस कहानी को कहने के लिए एक भाषा चाहिए। अनु मलिक का म्यूजिक और जावेद साहब का इमोशनल लैंडस्केप पहले से मौजूद था। हमने बस उसी कैनवस पर अपने हिस्से के चार रंग जोड़े। ‘संदेशे’ हमेशा जावेद अख्तर, अनु मलिक, रूप कुमार राठौड़ और सोनू निगम का ही गीत रहेगा। इस पर न मिथुन की दावेदारी है, न मेरी, न किसी और की। सवाल: क्या यह गीत अचानक लिखा गया था या इसके पीछे लंबा सफर रहा? मनोज मुंतशिर/जवाब: यह गीत किसी एक दिन या कुछ घंटों में नहीं लिखा गया। इसे लगभग 9 महीनों तक लगातार लिखा और बदला गया। कई बार शब्द अच्छे लगे, फिर नई धुन आई तो लगा इससे भी गहरा लिखा जा सकता है। यह एक सतत साधना थी, जिसमें भावनाएं हर दिन शामिल रहीं। सवाल: इस गीत को लिखते समय भावनात्मक जुड़ाव कितना गहरा था? मनोज मुंतशिर/जवाब: बहुत गहरा। कई बार लिखते हुए आंसू आ जाते थे। कुछ पंक्तियां ऐसी थीं जिन्हें लिखते समय भावनाओं पर काबू नहीं पाया जा सका। यह गीत उन किरदारों और उस कहानी की पुकार था, जिसे बिना संवेदनशील हुए लिखा ही नहीं जा सकता। सवाल: मिथुन, उस पल अपनी भावनाओं को संभालना आपके लिए कितना मुश्किल था? मिथुन/जवाब: मैं इसे मुश्किल नहीं कहूंगा। जब दिल सही जगह पर हो और नीयत साफ हो, तो भावनाएं खुद बहने लगती हैं। कमरे में मनोज मुंतशिर जी और अनुराग सिंह जी जैसे लोग थे, जिनका सेना से गहरा जुड़ाव और भावनात्मक समझ बहुत मजबूत है। उनकी मौजूदगी मेरे लिए सही रोशनी जैसी थी। मुझे बस अपनी भावना को खुलकर बाहर आने देना था। जो धुन आपने सुनी, वही मेरी पहली और सच्ची अभिव्यक्ति थी। सवाल: गीत लिखना और कविता लिखना अलग कैसे होता है, और मिथुन के साथ आपका जुड़ाव कैसा रहा? मनोज मुंतशिर/जवाब: फिल्मों के गाने लिखते वक्त कविता नहीं, बल्कि ऐसे बोल लिखे जाते हैं जो संगीत के साथ सांस ले सकें। मिथुन के साथ हमेशा पूरा भरोसा रहा, क्योंकि वो शब्दों की गहराई को तुरंत समझ लेते हैं और उसी पल उसका सही एक्सप्रेशन ढूंढ लेते हैं। सवाल: जिस धुन पर गाना बना, वो कैसे तय हुआ? मनोज मुंतशिर/जवाब: मैंने उन्हें दो लाइनें सुनाईं और उसी पल उन्होंने पियानो पर जो धुन बनाई, वही आज गाने में है। उसे संवारने में एक साल लगा, लेकिन धुन वही रही। यही कनेक्शन है। मिथुन हमेशा यूनिवर्स से जुड़े हुए लगते हैं, जैसे वो बस चुने हुए इंस्ट्रूमेंट हों। सवाल: आप दोनों को बहुत शानदार फीडबैक मिले होंगे। वीर जवानों के परिवारों से भी आप मिले। ऐसा कोई खास कॉम्प्लिमेंट या प्रतिक्रिया, जो आज भी जहन में हो? मनोज मुंतशिर/जवाब: हजारों-हजारों कमेंट आए। कई लोगों ने लिखा कि सिर्फ इस गीत के लिए मैं ये फिल्म 10 बार देखूंगा। ये पढ़कर बहुत अच्छा लगा। लेकिन सच कहूं तो आप शायद गाने के लिए फिल्म देखने जाएं, मगर फिल्म इतनी अच्छी बनी है कि आप 20 बार देखेंगे। 10 बार गाने के लिए और 10 बार फिल्म के लिए। सवाल: मिथुन, आपको कोई ऐसा फीडबैक मिला जो दिल को छू गया हो? मिथुन/जवाब: मैं फीडबैक से थोड़ा दूर रहता हूं, सोशल मीडिया से भी दूरी रखता हूं। लेकिन जब मेरा गाना लोगों तक पहुंचता है, तो उसकी फ्रीक्वेंसी मुझे महसूस होती है। मेरे लिए सबसे खास लम्हा तब था जब हम INS विक्रांत पर परफॉर्म कर रहे थे। स्टेज पर सोनू निगम जी, मनोज जी, 50 म्यूजिशियन और हमारे भारतीय नौसेना के अफसर मौजूद थे। दो अंतरों के बाद मुझे लगा जैसे वक्त थम गया हो। मैंने सब से खड़े होकर हमारे “मिट्टी के बेटों” को श्रद्धांजलि देने की गुजारिश की। फिर कोरस ने गाया- “कुछ दर्द कभी सोते ही नहीं…” वो पल कला, सिनेमा, अवॉर्ड्स, व्यूज, सब से परे था। वो अनुभव किसी भी सम्मान से बड़ा था। सवाल: मनोज जी, आप सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव हैं। पॉजिटिव और क्रिटिकल फीडबैक को कैसे फिल्टर करते हैं? मनोज मुंतशिर/जवाब:मेरे पास सिर्फ एक फिल्टर है कि क्या मेरी बात से देश का, समाज का, लोगों का भला हो रहा है? अगर जवाब “हां” है, तो मैं डरता नहीं। लेकिन अगर कोई बात सिर्फ मुझे मजा दे और समाज को नुकसान पहुंचाए, तो मैं उसे कभी नहीं कहूंगा। मेरे लिए सब कुछ मुझसे बड़ा है। ये मेरे बारे में नहीं, देश के बारे में है। सवाल: जब लोग कहते हैं कि आपके गीतों या धुनों ने उनकी जिंदगी बदल दी, तब आप क्या महसूस करते हैं? मनोज मुंतशिर/जवाब: हम बस ईश्वर का आभार मानते हैं। अगर सब कुछ हमारी काबिलियत से होता, तो मैं रोज सुबह उठकर एक बड़ा गीत लिख देता। सच ये है कि हम बहुत सीमित हैं। हम पत्थर हैं और हमारे वीरों की कहानियां वो पारस हैं, जो हमें सोना बना देती हैं। सवाल: मिथुन, आप इस बारे में कुछ कहना चाहेंगे? मिथुन/ जवाब: नम्रता एक कलाकार की सबसे बड़ी ताकत है। मैंने ये अपने गुरुओं से सीखा है। प्यारेलाल जी कहा करते थे कि ईश्वर हमें तभी इस्तेमाल करता है, जब हम खाली होते हैं। 20 साल के करियर के बाद भी मुझे लगता है कि ‘बॉर्डर 2’ मेरी पहली फिल्म है और हर काम ऐसे करता हूं जैसे ये आखिरी हो। सवाल: इतना गहरा असर छोड़ने वाले गीत कैसे रचे जाते हैं? मनोज मुंतशिर/जवाब: फैज साहब ने कहा था कि जिस दिन मेरे सीने का नासूर रिसना बंद हो जाएगा, मैं लिखना छोड़ दूंगा। जिस दिन मैं दूसरों का दर्द महसूस करना बंद कर दूं, उस दिन मैं लिखना भी छोड़ दूंगा। आज मैं लिखता हूं क्योंकि मैं तड़पता हूं। मेरी आंखों में आंसू हैं, और शायद यही वजह है कि मेरे गीत लोगों को छू पाते हैं। सवाल: आज देशभक्ति को पैट्रियोटिज्म बनाम जिंगोइज्म के चश्मे से क्यों देखा जा रहा है? आप क्या कहना चाहेंगे? मनोज मुंतशिर/जवाब: ये फिल्म बनाने वालों की नीयत पर निर्भर करता है। अगर इरादा सिर्फ भावनाएं भड़काकर पैसा कमाने का है, तो जिंगोइज्म लगेगा। लेकिन अगर ईमानदारी से कहानी कही जाए, तो उस पर कभी जिंगोइज्म की मुहर नहीं लगती।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 5:30 am

प्रीति जिंटा@51; अखबार से मिली पिता की मौत की खबर:अंडरवर्ल्ड डॉन के खिलाफ गवाही देने वाली इकलौती सेलिब्रिटी, मुफ्त के ₹600 करोड़ ठुकराए

बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा आज 51 साल की हो गई हैं। फिल्म दिल से करियर की शुरुआत करने वाली प्रीति ने दिल चाहता है, कल हो ना हो, कोई… मिल गया, वीर-जारा और कभी अलविदा ना कहना जैसी कई फिल्मों में काम किया। आज प्रीति जिंटा के बर्थडे के खास मौके पर आइए उनकी जिंदगी को करीब से छूते हैं- प्रीति का जन्म एक हिमाचली राजपूत परिवार में हुआ। उनके पिता दुर्गानंद जिंटा भारतीय सेना में अधिकारी थे। बचपन से पिता की डिसिप्लिन वाली लाइफस्टाइल ने एक्ट्रेस की पर्सनैलिटी पर गहरी छाप छोड़ी, लेकिन जब प्रीति 13 साल की थीं, तब उनके पिता का एक कार एक्सीडेंट में निधन हो गया। उस कार में उनकी मां नीलप्रभा भी थीं। किस्मत से उनकी जान बच गई, लेकिन उनके शरीर की लगभग हर हड्डी, यहां तक कि रीढ़ की हड्डी भी टूट गई। वह करीब एक साल तक बिस्तर पर रहीं। सिमी गरेवाल के शो में प्रीति ने पिता के साथ हुए हादसे को लेकर बताया था कि हादसे से कुछ दिन पहले उन्हें अजीब सा एहसास हो रहा था। वह स्कूल में रोज न्यूजपेपर पढ़ती थीं और एक दिन उन्होंने अपनी दोस्त शगुन से कहा था कि न जाने क्यों उन्हें लगता है कि वे अपने पिता से जुड़ी कोई बुरी खबर न्यूजपेपर में पढ़ने वाली हैं। जिस पर दोस्त ने कहा था कि तुम पागल हो गई हो। जब एक्ट्रेस के पिता का एक्सीडेंट हुआ था, उस समय प्रीति स्कूल में थीं। एक सुबह एक नन उन्हें जगाने आईं और बेहद प्यार से कहा कि उन्हें कहीं जाना है। प्रीति को यह अजीब लगा, क्योंकि स्कूल में शरारत के चलते नन आमतौर पर उनसे रूड तरीके से पेश आती थीं। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि एक छोटा सा हादसा हुआ है। उन्हें सीधे अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अपनी मां को स्ट्रेचर पर देखा। मां बेहोश थीं। पिता के बारे में किसी ने कुछ नहीं बताया। अगले दिन जब प्रीति स्कूल लौटीं, तो स्कूल चल रहा था और उन्हें पार्लर में बैठाया गया। वहीं उन्होंने अखबार में अपने पिता की मौत की खबर पढ़ी थी। प्रीति ने बताया था कि उस घटना पर उन्होंने महीनों तक कोई रिएक्शन नहीं दिया। करीब छह महीने तक वह रोई तक नहीं। उन्हें कभी पिता का शव देखने नहीं दिया गया था, इसलिए उनके मन ने इस सच को स्वीकार ही नहीं किया। फिर एक रात अचानक नींद में उनकी चीख निकल गई और सारा दर्द आंसुओं के साथ बाहर आ गया। अपने पिता को याद करते हुए प्रीति ने बताया था कि उन्होंने उन्हें हमेशा बराबरी का दर्जा दिया। वह कहते थे कि बेटियों को कमजोर बनाकर नहीं पालना चाहिए। अगर बेटे बैग उठाते थे, तो बेटी भी उठाती थी। अगर बेटी खाना बनाना सीखती थी, तो बेटे भी सीखते थे। भाई को झगड़े में पत्थर मार दिया था प्रीति जिंटा बचपन से ही बहुत निडर और शरारती थीं। एक बार उनका अपने बड़े भाई से झगड़ा हो गया। गुस्से में उन्होंने पत्थर उठाकर भाई के सिर पर मार दिया। भाई रोने लगा। तब प्रीति को अपने पापा की बात याद आ गई। उनके पापा हमेशा कहते थे, “राजपूत रोते नहीं हैं।” बस फिर क्या था, प्रीति ने भाई को थप्पड़ मारकर कहा, “तुम राजपूत नहीं हो क्या? रोना बंद करो!” भाई के सिर से खून निकल रहा था, लेकिन वो चुपचाप बैठ गया। तभी मां आ गईं। प्रीति को पता था कि अब तो पिटाई पक्की है, इसलिए वो डर के मारे टेबल के नीचे छुप गईं। पूरी रात वो वहीं सोती रहीं। घरवालों को लगा कि प्रीति डरकर घर से भाग गई है। पुलिस तक बुला ली गई। सुबह जब घर साफ करने वाली बाई आई, तब पता चला कि प्रीति तो टेबल के नीचे ही सो रही थीं। किताब नहीं थी, फिर भी सब्जेक्ट में टॉप किया टीवी शो जीना इसी का नाम है में प्रीति की मां ने बताया था कि प्रीति स्कूल में तो खूब पढ़ती थीं, लेकिन घर आकर किताबें कम खोलती थीं। जब उनकी मां को दसवीं के इंग्लिश पेपर से एक दिन पहले पता चला कि प्रीति के पास इंग्लिश की किताब ही नहीं है, तो वो बहुत घबरा गईं और तुरंत बाजार से किताब लाकर दी। प्रीति को कोई घबराहट नहीं थी, लेकिन मां को लग रहा था कि अब ये फेल हो जाएगी। पर जब रिजल्ट आया तो सब हैरान रह गए क्योंकि प्रीति पूरे हिमाचल प्रदेश में इंग्लिश में फर्स्ट आई थीं। स्कूल के बाद प्रीति ने शिमला के सेंट बीड्स कॉलेज से अंग्रेजी में ऑनर्स किया और फिर साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन और क्रिमिनल साइकोलॉजी की पढ़ाई की। एक्टिंग में जाने की उनकी प्लानिंग नहीं थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दिलचस्प तरीके से हुई करियर की शुरूआतसाल 1996 में प्रीति अपने एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में गई थीं। वहीं उनकी मुलाकात एक ऐड फिल्ममेकर कुणाल से हुई। बातों-बातों में कुणाल को प्रीति की पर्सनैलिटी इतनी पसंद आई कि दो दिन बाद उन्होंने फोन कर कहा कि उन्होंने एक चॉकलेट का ऐड प्रीति को ध्यान में रखकर लिखा है और उन्होंने प्रीति को ऑडिशन के लिए बुलाया। प्रीति थोड़ी घबराई हुई थीं, लेकिन उन्होंने सोचा कि ऑडिशन देने से क्या नुकसान होगा? वहां बस चार-पांच लोग होंगे और बात खत्म हो जाएगी, लेकिन जब वह ऑडिशन के लिए पहुंचीं, तो वहां करीब 50 लड़कियां खड़ी थीं। प्रीति घबरा गईं, लेकिन फिर भी उन्होंने हिम्मत जुटाई और हाथ में चॉकलेट लेकर सिर्फ दो लाइनें बोलीं। वहीं से किस्मत ने करवट ले ली। एक्ट्रेस ने सिर्फ दो लाइन बोलकर दिखाई और उनका सिलेक्शन हो गया। यह पर्क चॉकलेट का ऐड था। इसके बाद उन्होंने लिरिल का मशहूर ऐड किया और यहीं से उनकी पहचान बननी शुरू हो गई। सिक्का उछाल फिल्मों में आने का किया था फैसला प्रीति एक ऑडिशन के लिए गई थीं, तभी उनकी मुलाकात फिल्ममेकर शेखर कपूर से हुई। वो सीढ़ियों से उतर रही थीं, हाथ में दो किताबें थीं। तभी शेखर ने उनसे पूछा, “आप ऑडिशन में क्या करना चाहेंगी?” प्रीति ने सीधा कहा, “मैं ऑडिशन देने नहीं आई हूं।” शेखर ने माइक लेकर सबके सामने बोल दिया कि ये लड़की ऑडिशन देने आई है, लेकिन घबरा गई है। प्रीति का चेहरा लाल हो गया और उन्होंने आखिरकार ऑडिशन दे ही दिया। दो हफ्ते बाद शेखर कपूर ने उन्हें बुलाया और कहा, “क्या आप मेरे साथ ये फिल्म (ता रा रम पम पम) करेंगी?” प्रीति को यकीन ही नहीं हुआ, उन्होंने सिक्का उछाल करके फिल्मों में काम करने का फैसला किया। हालांकि, यह फिल्म नहीं बन पाई। फिल्मी करियर की शुरुआतप्रीति की पहली रिलीज हुई फिल्म मणिरत्नम की फिल्म दिल से थी। इसमें उनका रोल भले ही छोटा था, लेकिन उनकी शानदार एक्टिंग ने उन्हें पहचान दिलाई। जब प्रीति फिल्म दिल से कर रही थीं, तो कई लोगों ने उन्हें डरा दिया कि फिल्म में मनीषा कोइराला उनके रोल को दबा देंगी। प्रीति थोड़ा घबराई हुई थीं, लेकिन सेट पर मनीषा के साथ काम करके उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। प्रीति ने कहा था कि इस अनुभव की वजह से आज जब भी कोई नई लड़की उनके साथ काम करती है, तो वो खासतौर पर कोशिश करती हैं कि उसके साथ अच्छे से पेश आएं। लीड रोल के तौर पर वह फिल्म सोल्जर में नजर आई थीं। सरोज खान की डांट के बाद रो पड़ी थीं प्रीति जिंटा ने सिमी गरेवाल के शो में बताया था कि जब वह फिल्म क्या कहना की शूटिंग कर रही थीं, तब एक गाने के सीन में वह ठीक से लिपसिंक नहीं कर पा रही थीं। इस बात पर मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान काफी नाराज हो गई थीं। प्रीति के अनुसार, उसी दिन उन्हें पहली बार असली पैशन का एहसास हुआ। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है मेरा असली जुनून तब शुरू हुआ, जब सेट पर मुझ पर चिल्लाया गया था। मुझे आज भी याद है, मेरी पहली फिल्म क्या कहना के दौरान सरोज जी ने कहा था, ‘कहां से ले आए हो इस लड़की को? इसे यह नहीं पता कि डांस कैसे करना है?’ प्रीति ने आगे बताया था कि सरोज खान ने गुस्से में यह भी कहा था कि उन्हें लिपसिंक तक नहीं आती और सवाल उठाया कि वह आखिर यहां कर क्या रही हैं। उस पल को याद करते हुए प्रीति ने कहा था, “उस वक्त मैं खुद को बहुत मूर्ख महसूस कर रही थी और रो भी पड़ी थी।” हालांकि उसी डांट ने उन्हें खुद को बदलने की प्रेरणा दी। प्रीति ने बताया था कि उन्हें तभी समझ आ गया था कि अगर उन्हें फिल्मों में टिकना है, तो आधे मन से नहीं बल्कि पूरी मेहनत और लगन के साथ काम करना होगा। कई हिट फिल्मों में काम किया 2003 से 2006 का दौर प्रीति जिंटा के करियर का सबसे बेस्ट टाइम रहा है। कोई मिल गया, कल हो ना हो, वीर जारा, सलाम नमस्ते और कभी अलविदा ना कहना जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार की कैटेगरी में ला खड़ा किया। प्रीति जिंटा ने अंडरवर्ल्ड डॉन के खिलाफ गवाही दी थी प्रीति जिंटा सिर्फ अपनी फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने साहस के लिए भी जानी जाती हैं। साल 2003 में अंडरवर्ल्ड के खिलाफ अदालत में गवाही देना उनके जीवन का सबसे साहसी फैसला माना जाता है। यह मामला फिल्म चोरी चोरी चुपके चुपके के फाइनेंसर भारत शाह से जुड़ा था, जिन पर मुंबई अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील से संबंध रखने का आरोप लगा था। इस मामले में भारत शाह को गिरफ्तार किया गया था। इसी दौरान प्रीति को 50 लाख रुपए की रंगदारी की धमकी मिली। इस केस में कई बड़े फिल्मी सितारों को गवाह बनाया गया था, जिनमें सलमान खान और शाहरुख खान भी शामिल थे, लेकिन बाद में सभी अपने बयानों से मुकर गए, लेकिन प्रीति ने अदालत में अपने बयान से पीछे हटने से इनकार कर दिया। वह इकलौती गवाह थीं, जिन्होंने अपने पहले दिए गए बयान को कोर्ट में दोहराया और प्रॉसिक्यूटर का साथ दिया। कोर्ट में गवाही देने के बाद प्रीति को दो महीने तक विटनेस प्रोटेक्शन में रखा गया और वह पब्लिक लाइफ से दूर रहीं। उनके इस कदम की देशभर में सराहना हुई। इसी बहादुरी के लिए उन्हें रेड एंड व्हाइट ब्रेवरी अवॉर्ड्स में माइंड ऑफ स्टील अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 2016 में जीन गुडइनफ से शादी की प्रीति जिंटा की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने 2016 में अमेरिकी बिजनेसमैन जीन गुडइनफ से शादी की और अब वे लॉस एंजिलिस में रहती हैं। 2021 में सरोगेसी के जरिए वे जुड़वां बच्चों की मां बनीं। प्रीति एक्टिंग के अलावा स्पोर्ट्स की फील्ड में भी एक्टिव हैं। वह आईपीएल टीम पंजाब किंग्स की को ओनर हैं। 600 करोड़ की संपत्ति का ऑफर ठुकराया दिग्गज फिल्म निर्माता कमाल अमरोही के बेटे शानदार अमरोही ने साल 2011 में घोषणा की थी कि वे अपनी 600 करोड़ रुपए की संपत्ति प्रीति जिंटा के नाम कर देंगे। वे प्रीति को अपनी बेटी समान मानते थे क्योंकि उन्होंने एक पारिवारिक विवाद के दौरान शानदार का काफी सपोर्ट किया था। हालांकि प्रीति ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि उन्हें किसी और की संपत्ति की जरूरत नहीं है और न ही उनका इसमें कोई स्वार्थ है। उन्होंने साफ किया कि वे केवल एक मित्र और मददगार के नाते उनके साथ थीं। बुर्का पहनकर फिल्म दबंग देखने गई थीं प्रीतिजब सलमान प्रीति के टॉक शो: अप क्लोज एंड पर्सनल विद पीजेड में गेस्ट के तौर पर आए, तो एक्ट्रेस ने बताया था कि जब फिल्म दबंग रिलीज हुई थी, तो वह ऑडियंस का रिएक्शन देखने के लिए बुर्का पहनकर गेटी थिएटर गई थीं। फिल्म के दौरान उन्होंने सलमान के कुछ सीन पर बाकी ऑडियंस के साथ सीटियां भी बजाई थीं। जल्द बड़े पर्दे में नजर आएंगी प्रीतिप्रीति जल्द ही फिल्म लाहौर 1947 में सनी देओल के साथ नजर आएंगी। यह बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म है, जिसे राजकुमार संतोषी डायरेक्ट कर रहे हैं और आमिर खान प्रोड्यूस कर रहे हैं। यह फिल्म साल 2026 में रिलीज हो सकती है। इसके अलावा चर्चा है कि संजय लीला भंसाली की नेटफ्लिक्स सीरीज हीरामंडी सीजन 2 में भी उन्हें एक रोल मिल सकता है। ________________________ बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.... जावेद अख्तर @81, बंटवारे को ऐतिहासिक भूल बताया:आरएसएस की तुलना तालिबान से कर दी थी, बुर्का-घूंघट को व्यक्तिगत पसंद नहीं, ब्रेनवाश का नतीजा कहा जावेद अख्तर की धारदार कलम ने 'शोले', 'दीवार', ‘डॉन’, 'मिस्टर इंडिया' जैसी कालजयी फिल्मों को अमर संवाद दिए, तो उनकी बेबाक जुबान ने समाज, धर्मनिरपेक्षता और राजनीति पर कड़े प्रहार किए। पूरी खबर पढ़ें....

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 4:31 am

विशाल मिश्रा के डेब्यू एल्बम ‘पागलपन’ का पहला गाना रिलीज:सिंगर बोले- ‘क्या बताऊं तुझे’ जिंदगी के उस दौर से निकला जब मैं बैचेन था

सिंगर-कंपोजर विशाल मिश्रा ने अपने बहुप्रतीक्षित डेब्यू एल्बम ‘पागलपन’ का पहला गाना ‘क्या बताऊं तुझे’ रिलीज कर दिया है। इस गाने के साथ विशाल ने अपने म्यूजिकल सफर के एक बेहद निजी और इमोशनल चैप्टर की शुरुआत की है। विशाल ने इस गाने के जरिए बेचैनी, अकेलेपन और उन जज्बातों को आवाज दी है, जिन्हें अक्सर लोग शब्दों में बयां नहीं कर पाते। ‘पागलपन’ का पहला गाना ‘क्या बताऊं तुझे’ एल्बम की इमोशनल दुनिया की झलक दिखाता है। गाने को एल्बम का पहला ट्रैक बनाए जाने को लेकर विशाल ने बताया कि यह गाना उनकी जिंदगी के उस दौर से निकला है, जहां पिछले दो साल बेचैनी, तन्हाई और खामोश दर्द से भरे रहे। उनके मुताबिक, यही वह पहला एहसास था, जिसे बाहर आना जरूरी था, और इसलिए उन्होंने इस गाने से ‘पागलपन’ की शुरुआत की। विशाल ने कहा कि यह एल्बम ईश्वर और उनके फैंस के आशीर्वाद का नतीजा है। पागलपन उन लोगों को समर्पित है जो गहराई से महसूस करते हैं, चुपचाप संघर्ष करते हैं और कई बार सही वक्त पर अपने प्यार या दर्द को शब्द नहीं दे पाते। ‘क्या बताऊं तुझे’ को ऐसे ही तमाम लोगों को डेडिकेट करता हूं। ‘पागलपन’ एक इंटरनेशनल एल्बम है, जिसमें भारतीय भावनाओं की झलक देखने को मिलेगी। इसे भूषण कुमार के साथ मिलकर कल्पना किया गया है। इस प्रोजेक्ट में दुनिया भर के कलाकार, साउंड्स और संस्कृतियों को एक साथ लाया गया है, ताकि एक ऐसा म्यूजिकल एक्सपीरियंस तैयार हो सके जो सीमाओं से परे हो। ‘क्या बताऊं तुझे’ सभी म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जबकि इसका वीडियो टी-सीरीज के यूट्यूब चैनल पर एक्सक्लूसिव तौर पर रिलीज किया गया है।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 7:01 pm

मल्हार पाटेकर ने शेयर की अजित पवार की तस्वीरें:नाना पाटेकर के फार्महाउस में दिखे पूर्व उपमुख्यमंत्री

नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने गुरुवार को दिवंगत अजित पवार को याद करते हुए सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने पवार परिवार और पाटेकर परिवार के बीच पुराने रिश्ते की बात भी बताई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद पर रहे अजित पवार का बुधवार को विमान हादसे में निधन हो गया, जिसके बाद पूरे महाराष्ट्र में दुख का माहौल है। मल्हार ने जो तस्वीरें शेयर की हैं, उसमें अजित पवार, नाना पाटेकर और उनके परिवार के साथ पुणे के पास स्थित फार्महाउस में नजर आ रहे हैं। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि अजित पवार वहां प्राइवेट लंच के लिए गए थे और परिवार के साथ समय बिता रहे थे। ये तस्वीरें डोंजे इलाके में स्थित नाना पाटेकर के फार्महाउस की हैं। अजित पवार को याद करते हुए मल्हार ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अजित पवार का जाना उनके लिए निजी नुकसान है। उन्होंने कहा कि पवार उनके परिवार की तरह थे और हमेशा रहेंगे। उनके साथ बिताए गए पल कभी भुलाए नहीं जा सकते। मल्हार ने यह भी लिखा कि यह नुकसान कभी पूरा नहीं हो सकता। अजित पवार अक्सर नाना पाटेकर के फार्महाउस पर आते थे। यहां वे नाना पाटेकर के साथ बैठकर खाना खाते और बातचीत करते थे। नाना पाटेकर ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर अजित पवार की तारीफ भी की थी। उन्होंने कहा था कि पवार अपने काम को बिना दिखावे के करते थे और हमेशा जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ते थे। …………………. अजित पवार से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अजित पवार का अंतिम संस्कार, पत्नी ने गंगाजल चढ़ाया: बेटों ने मुखाग्नि दी, गन सैल्यूट दिया गया बारामती के काटेवाड़ी स्थित विद्या प्रतिष्ठान मैदान में गुरुवार को महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार का अंतिम संस्कार हो गया। उनके दोनों बेटों पार्थ और जय पवार ने मुखाग्नि दी। पत्नी सुनेत्रा पवार ने पति के पार्थिव शरीर पर गंगाजल चढ़ाकर अंतिम विदाई दी। इस मौके पर चाचा शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले, गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 3:13 pm

फिल्म रिव्यू – मर्दानी 3:गंभीर मुद्दा, रानी मुखर्जी की दमदार वापसी, लेकिन इंटरवल के बाद धीमी रफ्तार; जानिए कैसी है फिल्म

मर्दानी फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म एक बार फिर समाज के उस अंधेरे कोने में झांकती है, जहां सच्चाई डरावनी और चुभने वाली है। यह सिर्फ एक पुलिस केस नहीं, बल्कि मासूम बच्चियों की किडनैपिंग, मानव तस्करी और मेडिकल रिसर्च के नाम पर होने वाले अमानवीय शोषण पर सीधा और बेबाक हमला है। शिवानी शिवाजी रॉय इस बार भी सिस्टम, अपराध और लालच की खतरनाक जुगलबंदी से अकेले टकराती नजर आती हैं। फिल्म की कहानी कहानी की शुरुआत बुलंदशहर से होती है, जहां दो मासूम बच्चियों झिलमिल और रूहानी का अपहरण हो जाता है। रूहानी एक एम्बेसडर की बेटी है, जबकि झिलमिल उसी घर में काम करने वाले नौकर की। यह मामला सिर्फ अपहरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जांच के दौरान छोटी बच्चियों की तस्करी और संगठित अपराध का एक भयावह नेटवर्क धीरे धीरे सामने आने लगता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंपी जाती है और जिम्मेदारी मिलती है एसएसपी शिवानी शिवाजी रॉय को। जांच आगे बढ़ती है तो सामने आती है अम्मा, एक भिखारी माफिया की सरगना, जो मासूम बच्चियों को एक बेहद संवेदनशील और अमानवीय धंधे का हिस्सा बनाती है, जिसकी परतें जैसे जैसे खुलती हैं, कहानी और बेचैन करने वाली होती जाती है। इसी दौरान शिवानी की मुलाकात रामानुजन से होती है, जो भिखारी माफिया के खिलाफ काम करने वाला एक सामाजिक कार्यकर्ता है। बचपन में माफिया द्वारा उसकी उंगलियां काट दी गई थीं। अम्मा के ठिकानों पर छापेमारी का सिलसिला शुरू होता है, लेकिन इंटरवल से ठीक पहले अम्मा शिवानी को खुली चुनौती देती है। यहीं से कहानी शह और मात के खेल में बदल जाती है। इंटरवल के बाद कहानी कई परतें खोलती है। रामानुजन के किरदार से जुड़ा एक बड़ा रहस्य सामने आता है, जो यह संकेत देता है कि इस अपराध के पीछे सिर्फ तस्करी नहीं, बल्कि कुछ ऐसा भी है, जिसका इस्तेमाल ताकतवर लोग अपने फायदे के लिए करते हैं। सवाल यही है कि क्या शिवानी इस पूरे नेटवर्क को तोड़ पाएगी और क्या वह इस अमानवीय सच तक पहुंच सकेगी। फिल्म में एक्टिंग रानी मुखर्जी एक बार फिर साबित करती हैं कि मर्दानी फ्रेंचाइजी की असली ताकत वही हैं। उनकी बॉडी लैंग्वेज, आंखों की सख्ती और संवादों की डिलीवरी शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार को पूरी तरह असली और भरोसेमंद बना देती है। अम्मा के रोल में मल्लिका प्रसाद ने जबरदस्त खौफ पैदा किया है। कई सीन में उनका किरदार रोंगटे खड़े कर देता है और वह रानी को हर फ्रेम में कड़ी टक्कर देती नजर आती हैं। रामानुजन के किरदार में प्रजेश कश्यप फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज साबित होते हैं। फातिमा के किरदार में जानकी बोदीवाला की एक्टिंग संतुलित और प्रभावी है, वहीं जिशु सेनगुप्ता सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में कामयाब रहते हैं। फिल्म में निर्देशन और तकनीकी पक्ष अभिराज मिनावाला का डायरेक्शन फिल्म को शुरू से अंत तक गंभीर और बेचैन माहौल में बनाए रखता है। कहानी में मौजूद ट्विस्ट और टर्न कई जगह असर छोड़ते हैं, हालांकि इंटरवल के बाद कुछ सीन में फिल्म थोड़ी खिंची हुई महसूस होती है। सेकेंड हाफ में कुछ दृश्यों में लॉजिक की कमी भी साफ नजर आती है। तकनीकी तौर पर फिल्म मजबूत नजर आती है। सिनेमैटोग्राफी कहानी के मूड को बेहतरीन तरीके से सपोर्ट करती है। रंगों का चुनाव, लो-लाइट फ्रेम्स और क्लोज-अप शॉट्स क्रूरता और संवेदनशीलता दोनों भावों को उभारते हैं। एक्शन सीक्वेंस रियल लगते हैं और कहीं भी बनावटी महसूस नहीं होते। फिल्म में संगीत फिल्म में कोई गाना नहीं है और इसकी जरूरत भी महसूस नहीं होती। बैकग्राउंड स्कोर इंटेंस है और हर सीन में तनाव, डर और बेचैनी का माहौल बनाए रखता है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट मर्दानी 3 एक जरूरी और झकझोर देने वाली फिल्म है, जो छोटी बच्चियों की किडनैपिंग, ट्रैफिकिंग और मेडिकल रिसर्च के नाम पर होने वाले अमानवीय शोषण को बेबाकी से सामने लाती है। दमदार अभिनय, मजबूत बैकग्राउंड स्कोर और प्रभावशाली क्लाइमेक्स फिल्म को देखने लायक बनाते हैं। कमजोर संवाद और थोड़ी खिंची हुई पटकथा के बावजूद, यह फिल्म दर्शकों को सोचने और असहज होने पर मजबूर करती है।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 1:16 pm

विवेक ओबेरॉय की कॉन्फ्रेंस के बाद गुस्से में थे सलमान:प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने एक्टर को शांत रहने की सलाह देने की बात कही

फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि विवेक ओबेरॉय द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान पर आरोप लगाने के बाद सलमान बहुत गुस्से में थे। गौरतलब है कि फिल्म इंडस्ट्री में सलमान खान और विवेक ओबेरॉय के बीच पुराना विवाद रहा है। यह विवाद उस समय और बढ़ गया था, जब विवेक ने आरोप लगाया था कि सलमान ने उन्हें धमकी दी है। अब इस मामले को लेकर प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने कुछ बातें सामने रखी हैं। हाल ही में सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि विवेक की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वे सलमान के घर गए थे। उस वक्त एक्टर काफी नाराज थे। शैलेन्द्र ने कहा कि उन्होंने सलमान को सलाह दी थी कि जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। उन्होंने एक्टर से कहा, “जिंदगी में हमें रिएक्ट नहीं, बल्कि एक्ट करना चाहिए। जो करना है, वह बाद में भी किया जा सकता है। अभी शांति से बैठो और समय को अपना काम करने दो।” शैलेन्द्र के मुताबिक, सलमान ने उनकी बात मानी और उस समय कोई रिएक्शन नहीं दिया। सलमान ने लड़ाई चुपचाप लड़ी: शैलेन्द्र फिल्म प्रोड्यूसर ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि उसने (सलमान) वह लड़ाई चुपचाप लड़ी। मुझे लगता है कि अब विवेक बॉलीवुड में काम नहीं कर रहा है। मुझे पूरी तरह नहीं पता, लेकिन ऐसा ही लगता है। विवेक भी ऐसा कहते हैं, वह बहुत समझदारी भरा कदम था। किसी को चोट न पहुंचाना और खुद पर आरोप न आने देना, मुझे लगता है कि यह सही तरीका था। इंटरव्यू में शैलेन्द्र ने सलमान को लेकर यह भी कहा कि सलमान जंगल में पैदा हुआ टाइगर है, लेकिन अब जू में है। उनके मुताबिक सफलता मिलने के बाद सलमान डरपोक हो गए।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 12:06 pm

'अक्षय कुमार मनी माइंडेड हैं':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह का दावा- फिल्म फ्लॉप होने के बाद एक्टर ने फीस लौटाने से किया था मना

फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने एक्टर अक्षय कुमार को लेकर कहा कि वह मनी माइंडेड हैं। वह पहले बिजनेसमैन हैं और बाद में एक्टर हैं। शैलेन्द्र सिंह ने यह बात हाल ही में सिद्धार्थ कन्नन को दिए एक इंटरव्यू में कही। इंटरव्यू में शैलेन्द्र ने साल 2009 की फिल्म 8 x 10 तस्वीर से जुड़ा अपना अनुभव शेयर। उन्होंने यह कहा कि इस फिल्म की असफलता के बाद उन्होंने फिल्म बनाना छोड़ दिया था। शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि उनका बयान किसी निजी नाराजगी पर आधारित नहीं है। उन्होंने बताया कि अक्षय एक अच्छे इंसान हैं और दोनों के बीच रिश्ता ठीक था। उन्होंने बताया कि वे साथ में खेल भी खेलते थे। शैलेन्द्र ने कहा कि जब उन्हें अक्षय के साथ फिल्म बनाने का मौका मिला, तो वे बहुत खुश थे। उन्होंने बताया कि फिल्म 8 x 10 तस्वीर उस समय बनी थी जब अक्षय कुमार और डायरेक्टर नागेश कुकुनूर दोनों अपने करियर के अच्छे दौर में थे। शुरुआत में यह फिल्म 30 से 35 करोड़ रुपए के बजट में बनाई जानी थी। शूटिंग के लिए मुनार की जगह तय की गई, लेकिन अक्षय के व्यस्त शेड्यूल की वजह से प्लानिंग बदलती चली गई। शैलेन्द्र ने कहा, “मुनार से हम कैलगरी गए, फिर केप टाउन गए और उसके बाद कई दूसरी जगहों पर शूटिंग हुई।” उन्होंने बताया कि बार-बार लोकेशन बदलने से फिल्म का बजट काफी बढ़ गया। यह फिल्म अक्षय की सुपरहिट फिल्म सिंह इज किंग के तुरंत बाद रिलीज हुई थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म पूरी तरह फ्लॉप रही। फिल्म के फ्लॉप होने के बाद शैलेन्द्र ने अक्षय से उनकी फीस का कुछ हिस्सा वापस करने की बात कही। उन्होंने कहा, “मैंने उनसे कहा कि भाई, आपकी फिल्म देखने कोई नहीं आया। आपको भी कुछ जिम्मेदारी लेनी होगी। आपने मुझसे बहुत पैसे लिए हैं।” शैलेन्द्र के मुताबिक, अक्षय ने पैसे लौटाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ भी पैसे वापस नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने फिल्म बनाना बंद कर दिया। शैलेन्द्र ने आगे कहा कि अक्षय पैसे के मामले में बहुत स्ट्रेटजी से काम करते हैं। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान उनकी फीस धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। शैलेन्द्र के अनुसार, “पहले 15 करोड़ रुपए होते हैं, फिर 21 करोड़ रुपए, फिर 27 करोड़ रुपए और बाद में अचानक 36 करोड़ रुपए हो जाते हैं। यह उनका लकी नंबर 9 है।”

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 9:21 am

'माया सभा' में अलग अंदाज में दिखेंगे जावेद जाफरी:एक्टर बोले- 40 साल के करियर में इससे ज्यादा पावरफुल स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी

जावेद जाफरी ने अपने चार दशक के करियर में हर तरह के किरदार निभाए हैं, लेकिन ‘माया सभा’ को वह अपने लिए खास फिल्म मानते हैं। उनसे इस अपकमिंग फिल्म को लेकर हुई खास बातचीत... ‘माया सभा’ की स्क्रिप्ट में ऐसा क्या था जिसने आपको तुरंत इस प्रोजेक्ट से जोड़ दिया? जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी, तो अपने करीब 40 साल के करियर में एक अभिनेता के तौर पर जो स्क्रिप्ट्स मुझे पढ़ने को मिली हैं, उनमें से यह सबसे पावरफुल लगी। सबसे खास बात यह थी कि यह एक कैरेक्टर-ड्रिवन स्क्रिप्ट है, न कि सिर्फ कहानी के सहारे चलने वाली फिल्म। यहां पूरा नैरेटिव मेरे किरदार के इर्द-गिर्द आगे बढ़ता है और उस किरदार में इतने इमोशनल और साइकोलॉजिकल लेयर्स हैं कि एक्टर को बहुत कम ऐसा मौका मिलता है। ईमानदारी से कहूं तो यह नो-ब्रेनर था। सोचने का मौका ही नहीं मिला, बस हां कहना था। इसके साथ-साथ एक अलग तरह का सम्मान भी महसूस हुआ कि निर्देशक ने मुझे इस रोल के लिए सोचा। आमतौर पर लोग मुझे कॉमेडी या डांस से जोड़ते हैं, ऐसे में मुझे एक अभिनेता के रूप में देखने के लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं। टाइटल में ‘माया’ और ‘सभा’ दोनों शब्दों की परतें आपके किरदार से कैसे जुड़ती हैं? ‘माया सभा’ असल में एक इल्यूजन की दुनिया है। यहां जो सिनेमा हॉल है, जो किरदार दिखाई देते हैं, वो वैसे नहीं हैं जैसे पहली नजर में लगते हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है और किरदारों की परतें खुलती हैं, आपको एहसास होता है कि जो दिख रहा था, असलियत उससे बिल्कुल अलग है। यहां ‘सभा’ एक जगह भी है, लोग भी हैं, लेकिन सब कुछ माया यानी भ्रम में लिपटा हुआ है। धीरे-धीरे दर्शक समझता है कि यहां कोई और ही खेल चल रहा है। ‘माया सभा’ आपके करियर की उन फिल्मों में से है जो दर्शक से सोचने की मांग करती हैं? देखिए, कुछ फिल्में होती हैं जो कहती हैं कि आइए, बैठिए, एंटरटेन होइए, टाइम पास कीजिए। लेकिन ‘माया सभा’ में परतें हैं। यह फिल्म रिश्तों की जटिलता दिखाती है-एक पिता और बेटे का रिश्ता, उनके बीच की दूरी, बोझ, दर्द। बाहर से आए दो किरदारों का उनके जीवन में क्या असर पड़ता है, ये सब बहुत धीरे-धीरे सामने आता है। यह जरूरी नहीं कि आपको बहुत गहराई से सोचने की जरूरत पड़े, लेकिन फिल्म का अंदाज ऐसा है कि चीजें धीरे-धीरे रिवील होती हैं। दूसरी बार देखने पर यह फिल्म और ज्यादा एंजॉय होती है। मेरे हिसाब से यह एक बेहद खूबसूरत और अलग दुनिया है, जो इस कहानी के जरिए रची गई है। इस फिल्म में आपका किरदार क्या किसी मानसिक दुविधा से भी गुजरता है? यह किरदार कई तरह के बोझ अपने भीतर लिए हुए है। उसकी जिंदगी में क्या-क्या बीत चुका है-पत्नी का छोड़कर जाना, बेटे के साथ उलझा रिश्ता, करियर में उतार-चढ़ाव, पैसों और फिल्मों को लेकर असफलताएं—ये सब धीरे-धीरे सामने आता है। दर्शक भी कन्फ्यूज रहता है कि यह इंसान आखिर है क्या—नेगेटिव है, पॉजिटिव है, पागल है, होश में है, या किसी को मैनिपुलेट कर रहा है? जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, आपको समझ आता है कि यह किरदार किस दिशा में जा रहा है और उसकी मानसिक स्थिति क्या है। क्या आपको लगता है कि आज ऐसी फिल्में मेनस्ट्रीम में कम बन रही हैं? आज मेनस्ट्रीम का मतलब ही बदल गया है। लोग उसे मेनस्ट्रीम कहते हैं जो ज्यादा पैसा कमाती है लेकिन यह जरूरी नहीं कि वही सिनेमा का असली पैमाना हो। ‘माया सभा’ में कोई पारंपरिक फॉर्मूला नहीं है—न हीरो-विलेन, न गाने-डांस। यह एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, एक रात की कहानी है, चार किरदार हैं और एक थिएटर है। इसके बावजूद आप एक सेकंड के लिए भी बोर नहीं होते। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी राइटिंग है। यही इस फिल्म का असली हीरो है। क्या यह रोल आपको एक अभिनेता के तौर पर आपको कंफर्ट जोन से बाहर ले गया? नहीं देखिए, अगर एक अभिनेता हमेशा अपने कंफर्ट जोन में ही काम करता रहे, तो वह बेहतर कैसे बनेगा? जब तक चुनौती नहीं होगी, तब तक परफॉर्मेंस भी आगे नहीं बढ़ सकती। अगर मैं वही करता रहूं, जो मैं सालों से करता आ रहा हूं, तो इसमें नया क्या रह जाएगा? एक अभिनेता के तौर पर ज़रूरी है कि आप ऐसे रोल्स चुनें जो आपको चैलेंज करें, जहां आप यह सोचें कि मैं इस किरदार को कैसे निभाऊं, उसे कैसे गढ़ूं और उसमें खुद को पूरी तरह शामिल कर सकूं। जब दर्शक यह कहें कि “ये हमने जावेद जाफरी को पहले कभी ऐसे करते नहीं देखा,” तो वही मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। मैं ऊपर वाले का शुक्रगुजार हूं कि मुझे अलग-अलग तरह के किरदार निभाने के मौके मिले। माया सभा का यह किरदार उसी तरह का था, जो मुझे मेरे कंफर्ट जोन से बाहर लेकर गया। चाहे फिल्म सलाम नमस्ते हो, ‘धमाल’ सीरीज हो, ‘ओह डार्लिंग! ये है इंडिया!’ जैसी फिल्म हो या ‘बूगी वूगी’ डांस शो हो। या फिर ‘ताकेशी कैसल' में सिर्फ आवाज़ के ज़रिए लोगों से जुड़ना, इन सभी अनुभवों ने मुझे एक कलाकार के तौर पर लगातार कुछ नया करने का मौका दिया। मेरे लिए यह ‘छाप छोड़ने’ से ज़्यादा अपनी कला का प्रदर्शन है कि एक अभिनेता के तौर पर मैं किसी किरदार को अपनी नजर से कैसे पेश कर सकता हूं। डायरेक्टर और राइटर की अपनी सोच होती है, लेकिन एक अभिनेता के रूप में मैं उस किरदार में क्या जोड़ सकता हूं, यही मेरे लिए सबसे अहम है। पिछले 40 सालों में अगर मुझे इतना कुछ करने का अवसर मिला है, तो इसके लिए मैं सच में ऊपर वाले का शुक्रगुजार हूं। डारेक्टर राही अनिल बर्वे के साथ क्या क्रिएटिव डिस्कशन होता रहा सेट पर? यह करीब 22 दिनों की बेहद इंटेंस शूटिंग थी। कई बार 18-19 घंटे, यहां तक कि 22 घंटे तक काम किया। सिनेमा हॉल के अंदर धुआं, धूल, केरोसीन—हालात मुश्किल थे, एलर्जी भी हुई, लेकिन अंत में जो सटिस्फैक्शन मिलता है, वही सब कुछ भुला देता है। दर्शक को इससे फर्क नहीं पड़ता कि आपने कितने टेक लिए या बजट कितना था। उन्हें सिर्फ एंड रिजल्ट दिखता है और अगर रिजल्ट अच्छा हो, तो एक कलाकार के तौर पर वही सबसे बड़ी खुशी है।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 5:00 am

एक्टर विशाल जेठवा की मां ने सैनेटरी पैड बेचे:घरों में बर्तन धोए; मर्दानी–2 का खूंखार विलेन होमबाउंड का हीरो बना, फिल्म ऑस्कर पहुंची

एक्टर विशाल जेठवा की नीरज घायवान के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘होमबाउंड’ भले ही ऑस्कर की रेस से बाहर हो गई हो। लेकिन इस फिल्म ने विशाल को इंटरनेशनल स्टार बना दिया। कान्स फिल्म फेस्टिवल सहित इस फिल्म की कई प्रमुख इंटरनेशनल फेस्टिवल में स्क्रीनिंग हुई। जहां पर फिल्म को खूब सराहा गया। इस फिल्म के जरिए विशाल जेठवा भले ही ग्लोबल मंच पर छा गए हों, लेकिन यहां तक पहुंचने की उनकी जर्नी इतनी भी आसान नहीं थी। एक्टर का बचपन बहुत ही गरीबी में मुंबई की चॉल में बीता। उनके पिता नरेश जेठवा नारियल पानी बेचते थे। विशाल जब 13 साल के थे, तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई। विशाल जेठवा की मां प्रीति जेठवा ने परिवार का पेट पालने के लिए घरों में सफाई का काम किया, यहां तक कि सैनिटरी पैड्स बेचे। लेकिन बेटे के सपने को कभी टूटने नहीं दिया। मां के ही सपोर्ट से विशाल एक्टर बने। शुरुआत में उन्हें काफी रिजेक्शन का समाना करना पड़ा, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी। आज की सक्सेस स्टोरी में जानेंगे, विशाल जेठवा के करियर और उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास किस्से उन्हीं की जुबानी.. मेरे पिता ने नारियल पानी भी बेचा है मैं लोअर मिडिल क्लास फैमिली से आता हूं। आप इसे गरीब परिवार भी कह सकते हैं। मेरे पिता ने नारियल पानी भी बेचा है। बियर बार के लिए सींग-चने के पैकेट भी बनाए हैं। मैं खुद बियर बार के सींग-चने के पैकेट बनाने में उनकी मदद करता था। मैं 13 साल का था, जब पिता की मृत्य हो गई। यह 2008 की बात है। वह सबसे बुरा दौर था। उस समय हम लोग मलाड के चॉल वाले घर पर रहते थे। घर में पंखा और एसी तक नहीं था। बहुत सारा कर्ज हो गया था। उस कर्ज को चुकाने के लिए हमें अपना घर बेचना पड़ा, फिर भी हम सिर्फ 20 प्रतिशत ही कर्ज उतार पाए थे। हम लोग मलाड से मीरा रोड किराए के घर पर शिफ्ट हो गए थे। गुजराती मीडियम स्कूल से पढ़ाई की मैंने मलाड में गुजराती मीडियम स्कूल से छठी क्लास तक पढ़ाई की। उसके बाद मीरा रोड शिफ्ट हो गए। आगे की पढ़ाई भायंदर के अभिनव विद्या मंदिर से की। उसके बाद कांदीवली के ठाकुर कॉलेज में बी.कॉम में एडमिशन लिया, लेकिन ग्रेजुएशन पूरा नहीं कर पाया। पिता की मौत के बाद मेरी मां को बहुत संघर्ष करना पड़ा। परिवार का पेट पालने के लिए मां ने घरों में झाड़ू-पोछा लगाया, यहां तक कि सैनिटरी पैड्स भी बेचे। मां ने हर कदम पर मेरा साथ दिया। कड़ा संघर्ष, भूख और गरीबी बहुत देखी ग्रेजुएशन बीच में इस लिए छोड़ दिया ताकि मैं भी कुछ काम कर सकूं। मैंने कड़ा संघर्ष देखा, भूख और गरीबी बहुत देखी। कुछ ना कुछ काम करके घर का सहारा बनाना चाह रहा था। बैकग्राउंड डांसर से करियर की शुरुआत 2009 में मैं बैकग्राउंड डांसर बन गया था। मैं ‘सा रे गा मा पा लिल चैंप्स’ में बैकग्राउंड डांसर था। उसके ग्रैंड फिनाले में सलमान खान सर, अजय देवगन सर और असीन मैम अपनी फिल्म ‘लंदन ड्रीम्स’ के प्रमोशन के लिए आए थे। सलमान से मिलने का मौका हाथ से निकल गया मैं भी उन्हीं डांसर्स में से एक था, जिन्हें उनके पीछे परफॉर्म करना था। बैकस्टेज में हमें साफ हिदायत दी गई थी कि डांस खत्म होने के बाद कोई भी सलमान सर के पास नहीं जाएगा और उन्हें परेशान नहीं करेगा। मैं एक गुड बॉय की तरह वहीं खड़ा रहा। लेकिन जैसे ही डांस खत्म हुआ, बाकी सभी लोग सलमान सर के पास चले गए। उस वक्त मुझे बहुत लेफ्ट-आउट महसूस हुआ। लगा कि मौका हाथ से निकल गया। एक दिन एक्टिंग क्लास देखी, तो लगा डांस मेरे लिए नहीं है। क्लास जॉइन की, तो एक्टिंग मेरी हॉबी बन गई। एक्टिंग क्लास जॉइन की जब मुझे एक्टिंग क्लास जॉइन करनी थी, तब हमारी फाइनेंशियल कंडीशन ज्यादा अच्छी नहीं थी। ऐसे में मम्मी ने ही बहुत जुगाड़ करके बात की। कहीं इंस्टॉलमेंट में फीस भरवाई, कहीं कम पैसे करवाए, कहीं डिस्काउंट दिलवाया। अलग-अलग तरीकों से उन्होंने सब अरेंज किया और मुझे एक्टिंग क्लास में डाला। दरअसल, उन्हें भी इस फील्ड का शौक था। शायद उनके बचपन के कुछ सपने जो पूरे नहीं हो पाए, वो मुझमें देख रही थीं। उस समय डेडिकेशन इतना था कि बारिश में साइकिल से भीगते हुए क्लास जाता था। गुरुजी कहते, विशाल, तुम गीले हो गए हो , फिर भी आ गए? लेकिन एक्टिंग से मुझे प्यार इतना था कि कुछ भी मुश्किल नहीं लगता था। नुक्कड़ नाटक में छोटे रोल्स में भी लोग तालियां बजाते थे। मेरे जोक्स पर हंसते थे। मुझे लगने लगा कि अब रास्ते खुद बनने लगे हैं। पहली बार एक्टिंग की क्लास बोरिंग लगी हालांकि पहली बार एक्टिंग की क्लास बोरिंग लगी थी। सोचा था कि शाहरुख खान वाले जैसे बड़े डायलॉग मिलेंगे। गुरुजी ने कहा था कि इंडस्ट्री में आए हो? सेल्फ ब्रेक मत लो, कभी हार मत मानो। एक्टर बनने से पहले अच्छा इंसान बनो। सेट पर जो कपड़े मिलें, बिना शिकायत के पहनो। डायरेक्टर जो कहे, वैसा करो। मैं रोज ऑडिशन में फेल हो रहा था मैंने एक्टिंग के लिए ऑडिशन देना शुरू किया। हर रोज ऑडिशन में फेल होकर घर आता था। बहुत कोशिश के बाद भी कोई रिजल्ट सामने नहीं आ रहा था। मुझे दुखी देखकर मां बहुत चिंतित होती थीं। इसी चिंता में वो कहती थीं कि नहीं हो रहा है तो छोड़ दे। लेकिन फिर एक्टिंग क्लास की एक कविता याद आती थी। लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।’’ इसे गुरु जी कहते थे कि रोज पढ़कर आना है। उससे सीख मिली कि जिंदगी ट्राई करते रहने का नाम है। रिजल्ट न मिले तो भी जारी रखो। ट्राई बंद करना ही सबसे बड़ा फेलियर है। छोटे पर्दे पर शुरुआत महाराणा प्रताप से हुई छोटे पर्दे पर मेरी शुरुआत सोनी टीवी के शो ‘भारत का वीर पुत्र- महाराणा प्रताप’ से हुई। इसमें मैंने युवा अकबर का रोल निभाया था। इसमें काम मिलने की कहानी बहुत ही दिलचस्प है। मैं असल में इस शो के लिए मेरा भाई ऑडिशन देने गया था। मैं भी उसके साथ चला गया। वहां मैंने देखा कि ज्यादातर लड़के पतले-दुबले थे। तभी उन्होंने मुझसे कहा कि आप भी ऑडिशन दे दीजिए, जबकि असल में टेस्ट मेरे भाई का था। मैंने भी ऑडिशन दे दिया। उन्हें मेरा ऑडिशन पसंद आया और उन्होंने मुझे दोबारा बुलाया। मैंने एक-दो बार और ऑडिशन दिए, और हर बार उन्हें मेरा काम अच्छा लगा। उस समय अकबर के रोल के लिए तीन बार कास्टिंग बदली गई थी। दो अकबर बदल चुके थे, और मैं तीसरा था। पहले मैं शॉर्टलिस्ट हुआ, लेकिन मेरा फाइनल सिलेक्शन नहीं हुआ। मुझे बहुत बुरा लगा। पहली बार बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट (मेल) अवॉर्ड मिला बाद में जब मैंने टीवी पर देखा, तो कोई और लड़का वह रोल कर रहा था। लेकिन वह लड़का भी एक-दो एपिसोड या एक-दो दिन काम करने के बाद कुछ हेल्थ इश्यूज की वजह से शो छोड़कर चला गया। फिर दूसरा लड़का आया, वह भी एक-दो दिन काम करने के बाद किसी वजह से निकल गया। तीसरी बार नंबर लग गया। सीरियल में रिप्लेसमेंट तो आम है। दो एपिसोड ये अकबर, फिर निकालो। फिर मेरा टर्न आया। सबने एक्सेप्ट किया, लोगों को मजा आया। बस, जिंदगी बन गई। इस शो के लिए मुझे इंडियन टेली अवॉर्ड्स 2015 में बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट (मेल) का अवॉर्ड मिला था। मुझे अकबर के बारे में ज्यादा नहीं पता था हालांकि ‘भारत का वीर पुत्र- महाराणा प्रताप’ करते वक्त मुझे अकबर के बारे में ज्यादा नहीं पता था। लगा कि राजा है, रॉयलिटी जैसा चलेगा, बात करेगा। सोचा प्रताप हीरो है तो अकबर उसका दोस्त होगा। उस समय बेवकूफी भरी सोच थी, लेकिन उसी में काम किया। करते-करते सब सीख गया। एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया था जिंदगी में कई बार गिव अप करने का मन आया है। एक बार तो ऐसा समय भी था जब मैं लगातार सीरियल्स कर रहा था और मुझे लगने लगा था कि शायद मेरे अंदर अब कुछ नया बचा ही नहीं है। वही टाइप के रोल आने लगे थे। मन में सवाल उठने लगे कि अब मैं लोगों को क्या नया दिखाऊं? जो भी कला थी, क्या वो खत्म हो चुकी है? शायद लोग बस वही देखना चाहते हैं, और शायद मेरे अंदर भी अब वही बचा है। तब ऐसा लगा कि छोड़ देना चाहिए, बहुत हो गया। मम्मी के सामने फूट-फूट कर रोया उस वक्त मैंने मम्मी से बात की। मैं सच में रो रहा था। अंदर से पूरी तरह टूटा हुआ। आंसू रुक ही नहीं रहे थे। मम्मी ने मुझे समझाया, हौसला दिया। भले ही मैंने गिव अप नहीं किया, लेकिन मन में ये ख्याल जरूर था कि अब बस, छोड़ देता हूं। हालांकि टीवी कभी नहीं छोड़ा। काम मिलता रहा, लेकिन अंदर का एक्टर पूछता रहा कि इससे आगे क्या? बेहतर क्या? लगा कि मनचाहा काम नहीं मिल रहा। एक दिन का रोल भी करता। फिर सोचा कि अब कुछ बचा नहीं। ‘मर्दानी 2’ ने सेल्फ डाउट से बाहर निकाला फिर मेरी जिंदगी में ‘मर्दानी 2’ आई। इसमें यशराज फिल्म्स की कास्टिंग डायरेक्टर शानू शर्मा मैम का बहुत बड़ा हाथ है। उन्होंने मुझे सेल्फ डाउट से बाहर निकाला। आज मैं खुद पर शक नहीं करता। कभी-कभी मौके सही समय पर नहीं मिलते, थोड़ा वक्त लग जाता है, लेकिन खुद पर डाउट करना सबसे गलत चीज है। एक बार शानू मैम ने मुझे फोन पर बताया कि उन्हें मेरा ऑडिशन पसंद आया है। तब मैं सोचने लगा कि जो इंसान बॉलीवुड में इतने बड़े-बड़े स्टार्स नहीं, बल्कि पर्सनैलिटीज बनाती है, जिसने बेहतरीन से बेहतरीन एक्टिंग देखी है, उसे मेरे काम में क्या अच्छा लगा होगा? वो मुझे फोन करके बात क्यों कर रही हैं? तभी मुझे एहसास हुआ कि अगर कोई मुझमें इतना कॉन्फिडेंस देख पा रहा है, तो वो कॉन्फिडेंस मेरे अंदर पहले से ही था। और फिर मैं ‘मर्दानी 2’ में सिलेक्ट हुआ। उसके बाद मेरी जिंदगी सच में बदल गई। एक साल तक ‘मर्दानी 2’ के किरदार से बाहर नहीं निकल पाया मर्दानी 2 का सनी का किरदार मेरे लिए सबसे मुश्किल अनुभवों में से एक था। मैं करीब एक साल तक उस किरदार से बाहर नहीं निकल पाया। शूटिंग खत्म हो चुकी थी, लेकिन मन में यही चलता रहता था कि कहीं पैचवर्क का कॉल आ गया तो? अगर मैंने किरदार छोड़ दिया, तो वापस उसमें कैसे जाऊंगा?” अपने कपड़े पहनता था तो अनकंफर्टेबल लगता था। फिर धीरे-धीरे मैंने खुद को वापस लाने के लिए पुराने दोस्तों से मिलना शुरू किया, म्यूजिक सुना, फैमिली के साथ वक्त बिताया और खुद से कहा कि अब फिल्म खत्म हो गई है, इस किरदार को जाने देना ठीक है।” सलमान सर के साथ शूट में बहुत नर्वस था सलमान खान की फिल्म ‘टाइगर 3’ में मेरा किरदार बहुत छोटा था। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान मैं बहुत नर्वेस था। जब मैं टाइगर के शूट पर पहुंचा, तो मुझसे डायलॉग ही नहीं निकल रहे थे। लगातार फम्बल हो रहे थे। सभी लोग हैरान थे कि आज मुझे क्या हो गया है। जबकि उसी सेट पर मैंने मर्दानी 2 फिल्म की शूटिंग पूरी की थी, वो भी बिना एक भी फम्बल के, क्योंकि मैं पूरी तरह तैयार होकर गया था। तब मैंने साफ-साफ बता दिया कि मैं पहली बार सलमान सर के साथ शूट कर रहा हूं और बहुत नर्वस हूं। यह बात कहने के बाद मैं थोड़ा रिलैक्स हो गया। सेट पर कभी सुनता कि ‘एसके सर आ रहे हैं’, कभी उन्हें लोगों से मिलते, हंसते, कभी साइकिल पर सेट पर आते देखता था। एक कलाकार के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऑडियंस की तरह सलमान खान को देखना मुझे बेहद अच्छा लग रहा था। ‘होमबाउंड’ रोल के लिए चोट के बावजूद ऑडिशन दिया होमबाउंड मुझे ऑडिशन के जरिए मिली थी। उस वक्त मेरे पैर में गंभीर चोट लगी थी। पैर में प्लास्टर और टांके लगे थे। लेकिन मैंने कास्टिंग डायरेक्टर्स से कहा कि प्रोड्यूसर या डायरेक्टर को मत बताना, वरना वो सोचेंगे कि मैं शूट नहीं कर पाऊंगा। क्योंकि मुझे ये रोल किसी भी हालत में छोड़ना नहीं था। मेरे कई राउंड ऑडिशन हुए। फाइनल राउंड ऑडिशन ईशान खट्टर के साथ हुआ। ताकि पता चल सके कि फिल्म में हमारी केमिस्ट्री कैसे दिखेगी। फिल्म देखने के बाद मम्मी रो रहीं थीं एक पार्टी में एक दोस्त ने सच में मेरे पैर छुए। पहले मुझे लगा मजाक कर रहा है, लेकिन वो बिल्कुल सीरियस था। तब समझ आया कि हमारा काम लोगों को कितनी गहराई से छू सकता है। कान्स फिल्म फेस्टिवल में मम्मी ने पहली बार फिल्म देखी थी। वहां 9 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला। मम्मी रो रही थीं। मैं उन्हें पहली बार इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में लेकर गया था, वो पल हमेशा याद रहेगा। मुझे पिताजी की बहुत याद आती है। उन्होंने ये सब देखा ही नहीं। काश आज पापा जिंदा होते मुझे अपने बुरे दिनों से ज्यादा अच्छे दिनों में उनकी बहुत याद आती है। क्योंकि उन्हें कभी अच्छी चीजे नसीब नहीं हुईं। वो चाहते थे कि घर में सोफा हो, हमारे पास एक बाइक हो, एसी वाले कमरे में मैं सोऊं। यही उनकी छोटी-छोटी इच्छाएं थीं। आज जब पीछे मुड़कर देखता हूं, तो लगता है जिंदगी बहुत बदल गई है। घर में एसी है, सोफा है, ठीक-ठाक घर है, अच्छी गाड़ी में सफर कर पाता हूं। तब मन में ख्याल आता है कि काश वो होते। उन्हें ब्लेजर पहनाता, अपने साथ इवेंट्स में ले जाता, काम पर साथ ले जाता, वो मेरे लिए गाड़ी चलाते। ये सब सोचकर दिल भर आता है। जिंदगी में जो चला गया, वो वापस नहीं आता। अब उसे स्वीकार करना ही जीवन है। __________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... रानी मुखर्जी की कद-काठी, रंग और आवाज का उड़ा मजाक:लोगों ने कहा- हीरोइन बनने के लायक नहीं, 8 फिल्मफेयर और नेशनल अवॉर्ड मिले बॉलीवुड में अक्सर यह माना जाता है कि फिल्मी परिवार से आने वाले कलाकारों के लिए रास्ते आसान होते हैं, लेकिन रानी मुखर्जी की कहानी इस धारणा को पूरी तरह तोड़ देती है। पिता के सख्त विरोध, इंडस्ट्री में मजाक, आर्थिक परेशानियों और उनके आत्मविश्वास पर लगातार हमले किए गए।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 4:30 am

सिक्योरिटी गार्ड ने शाहरुख का चश्मा उतरवाया:स्माइल करते नजर आए एक्टर, मुंबई एयरपोर्ट से चेकिंग का वीडियो वायरल

शाहरुख खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान एक्टर से चश्मा उतरवाया जाता है। इस दौरान एक्टर ने नियमों का पालन किया और मुस्कुराते हुए नजर आए। वहीं, अब इस वीडियो पर यूजर्स जमकर रिएक्शन भी दे रहे हैं। दरअसल, शाहरुख खान को आज सुबह मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया, जहां से वह दुबई के लिए रवाना हुए। शाहरुख खान दुबई मॉल ग्लोबल फैशन अवार्ड्स में शिरकत करेंगे, जहां उन्हें ग्लोबल स्टाइल आइकन अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। पैपराजी ताहिर जासूस द्वारा शेयर किए गए वीडियो में शाहरुख खान एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेकिंग करते नजर आए। इस दौरान एक्टर सिंपल लेकिन स्टाइलिश लुक में दिखाई दिए। उन्होंने सफेद शर्ट के ऊपर नीली हुडी पहनी हुई थी और साथ में डेनिम कार्गो पैंट कैरी किया था। सामने आए वीडियो में एंट्री गेट पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने पहले शाहरुख का पासपोर्ट चेक किया और फिर उन्हें चश्मा उतारने को कहा। शाहरुख खान ने पूरी तरह से सुरक्षा नियमों का पालन किया और बिना किसी हिचक के गाइडलाइंस फॉलो कीं। शाहरुख खान की यह सिक्योरिटी चेकिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यूजर्स जहां एक तरफ शाहरुख की सादगी और नियमों के प्रति सम्मान की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सिक्योरिटी गार्ड की भी सराहना हो रही है, जिसने स्टारडम से प्रभावित हुए बिना अपना फर्ज निभाया। बता दें कि 29 और 30 जनवरी को आयोजित होने वाले दुबई मॉल ग्लोबल फैशन अवार्ड्स में फैशन, संस्कृति और ग्लोबल आइकन का जश्न मनाया जाएगा। इस इवेंट में दुनिया भर की नामी हस्तियां शामिल होंगी। कार्यक्रम में मशहूर कॉउचर डिजाइनर रीम एकरा, लग्जरी फैशन के दिग्गज ब्रुनेलो कुसिनेली और अरमानी ग्रुप के सीनियर एग्जीक्यूटिव की मौजूदगी रहेगी। साथ ही सेरेमनी में अरमानी ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ जियोर्जियो अरमानी को विशेष श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिसे ग्यूसेप्पे मार्सोची रिप्रेजेंट करेंगे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 4:09 pm

रणवीर के बाहर होने के बाद ‘डॉन 3’ होल्ड पर:फरहान अख्तर ने अगली फिल्म पर बढ़ाया फोकस, कटरीना-प्रियंका और आलिया से बातचीत जारी

फिल्ममेकर फरहान अख्तर ने रणवीर सिंह को ‘डॉन 3’ से बाहर कर दिया है। इसके बाद फिल्म को अस्थायी रूप से होल्ड पर रख दिया गया और अब नए एक्टर की तलाश जारी है। इसी बीच फरहान अपनी दूसरी फिल्म जी ले जरा पर ध्यान दे रहे हैं। इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा, कटरीना कैफ और आलिया भट्ट नजर आएंगी। पिंकविला की रिपोर्ट के अनुसार, फरहान अख्तर के लिए ‘डॉन 3’ की कास्टिंग बेहद अहम है। वह पूरी तरह सुनिश्चित होना चाहते हैं कि इस भूमिका के लिए सही एक्टर ही चुना जाए, इसी वजह से यह प्रक्रिया लंबी चल रही है। इसी कारण फरहान फिलहाल ‘जी ले जरा’ पर फोकस कर रहे हैं। यह फिल्म उनके लिए हमेशा से खास रही है। बताया जा रहा है कि वह कटरीना कैफ, आलिया भट्ट और प्रियंका चोपड़ा जोनास से फिर से संपर्क कर रहे हैं, ताकि प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया जा सके। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी हो चुकी है और उसे लॉक भी कर दिया गया है, लेकिन तीनों एक्ट्रेसेस की शूटिंग डेट्स का मेल न बैठ पाने की वजह से देरी हो रही है। जैसे ही तीनों की डेट्स फाइनल होती हैं, फिल्म की शूटिंग शुरू की जा सकती है। हालांकि, फरहान अख्तर इस चुनौती का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं और तीनों एक्ट्रेसेस के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं, ताकि शूटिंग के लिए कोई शेयर समय तय किया जा सके। बता दें, पहले खबरें थीं कि रणवीर सिंह डॉन-3 से अलग हो गए हैं। एक्टर ने ये फैसला धुरंधर की सफलता की वजह से लिया था। लेकिन फिर नई जानकारी आई थी कि रणवीर ने ये फिल्म नहीं छोड़ी बल्कि उनके अनुचित मांगों और क्रिएटिव डिफरेंस की वजह से उन्हें फिल्म से निकाला गया है। इंडिया टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर की फिल्म छोड़ने की खबर पूरी तरह अफवाह है। मेकर्स और रणवीर के बीच क्रिएटिव मतभेद थे। इसका नतीजा ये हुआ कि मेकर्स ने एक्टर को फिल्म से बाहर निकाल दिया। मेकर्स रणवीर की मांगों से सहमत नहीं थे। सोर्स ने ये भी दावा किया था कि रणवीर की पिछले तीन फिल्में लगातार फ्लॉप रहीं लेकिन उसके बाद भी फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने उन्हें मौका दिया। फिल्में फ्लॉप होने की वजह से संजय लीला भंसाली ने बैजू बावरा कैंसिल कर दी थी लेकिन फरहान-रितेश उनके साथ खड़े रहे थे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 3:49 pm

समीर वानखेड़े को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका:आर्यन खान की सीरीज के खिलाफ याचिका खारिज; शाहरुख खान से मांगा था 2 करोड़ का मुआवजा

आर्यन खान ड्रग केस के जांच अधिकारी रहे समीर वानखेड़े को गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा। अदालत ने आर्यन खान की वेब सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड के खिलाफ दायर उनकी याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई करने का उसके पास अधिकार नहीं है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि समीर वानखेड़े चाहें तो उचित अदालत में दोबारा याचिका दायर कर सकते हैं। अंतरिम याचिका पर फैसला सुनाते हुए अदालत ने दो अहम सवालों पर विचार किया। पहला- क्या यह मुकदमा दिल्ली में सुनवाई योग्य है? दूसरा- क्या सीरीज में समीर वानखेड़े का चित्रण प्रथम दृष्टया उनके लिए कानूनी रूप से नुकसानदेह है? समीर वानखेड़े की वकील जे. साई दीपक ने दलील दी थी कि यह मामला दिल्ली में सुनवाई योग्य है। उन्होंने कहा कि वानखेड़े से जुड़े विभागीय मामले दिल्ली में लंबित हैं और उनके खिलाफ खबरें प्रकाशित करने वाले मीडिया संस्थान, जैसे हिंदुस्तान टाइम्स और इंडियन एक्सप्रेस भी दिल्ली में स्थित हैं। दीपक ने यह भी कहा कि इस मामले में पहले से ही दोनों पक्षों के बीच विवाद रहा है। उनके अनुसार, जिस व्यक्ति को पहले गिरफ्तार किया गया था, वही इस सीरीज का निर्देशक है और सीरीज के एक सीन में सीधे तौर पर समीर वानखेड़े को निशाना बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि सीरीज निर्माताओं की नाराजगी और बदले की भावना का सीधा संबंध उस कथित मानहानि से है, जिसका सामना वानखेड़े को इस कंटेंट की वजह से करना पड़ा। 2 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग समीर वानखेड़े ने इस मुकदमे में 2 करोड़ रुपए का मुआवजा भी मांगा था। उनका कहना था कि वह इस राशि को टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल में कैंसर मरीजों के इलाज के लिए दान करना चाहते हैं। किस सीन पर हुआ विवाद? दरअसल, सीरीज बॉलीवुड बैकड्रॉप पर बनी है। इसके पहले एपिसोड में दिखाया गया है बॉलीवुड सेलेब्स एक सक्सेस पार्टी का हिस्सा बने हैं, जिसके बाहर एक अधिकारी को ड्रग का सेवन कर रहे लड़के को गिरफ्तार करते दिखाया गया है। इस किरदार को समीर वानखेड़े से काफी मिलता-जुलता दिखाया गया है। सीरीज जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर भी उस किरदार की तुलना समीर वानखेड़े से हुई थी। आर्यन खान के ड्रग केस में जांच अधिकारी थे समीर वानखेड़े 2 अक्टूबर 2021 में नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने गोवा जा रहे कोर्डिएला क्रूज से आर्यन खान और उनके दोस्तों को ड्रग लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। तत्कालीन जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की टीम, पैसेंजर बनकर शिप पर चढ़ी। रात 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चली छापेमारी में कोकीन और चरस सहित दूसरे ड्रग्स बड़ी मात्रा में जब्त किए गए। आर्यन खान को इस मामले में कई हफ्तों तक आर्थर रोड जेल में रखा गया था। जमानत के कागजात में देरी के कारण आर्यन 30 अक्टूबर को आर्थर रोड जेल से रिहा हुए। फिर 27 मई, 2022 को आर्यन खान और 5 अन्य को पर्याप्त सबूत के अभाव में क्लीन चिट दे दी गई। इस रेड के चलते समीर वानखेड़े भी जांच के दायरे में आ गए थे। उस समय उनकी और शाहरुख खान के बीच हुई चैट भी पेश की गई थी। चैट में शाहरुख, समीर वानखेड़े से मदद मांग रहे थे। विवादों में रही सीरीज बैड्स ऑफ बॉलीवुड इस सीरीज में कई बॉलीवुड एक्टर्स ने कैमियो किया है। सीरीज के 7वें एपिसोड में रणबीर कपूर को ई-सिगरेट पीते दिखाया गया है। जिसके बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। IANS के अनुसार, यह शिकायत विनय जोशी नामक व्यक्ति ने दर्ज कराई। उनका कहना है कि शो के सातवें एपिसोड में रणबीर कपूर ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते दिखे, लेकिन इस दौरान किसी तरह की हेल्थ वॉर्निंग या डिस्क्लेमर नहीं दिया गया। शिकायत के बाद NHRC ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को नोटिस भेजा है। आयोग ने कहा कि मंत्रालय इस तरह के कंटेंट को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए। आयोग ने यह भी कहा कि इस तरह के सीन युवा दर्शकों पर गलत असर डाल सकते हैं।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 12:47 pm

अरिजीत सिंह ने दबाव में गाया ‘बॉर्डर 2’ का गाना?:सोशल मीडिया के दावे पर भड़के फिल्म के को-प्रोड्यूसर भूषण कुमार, कहा- ये सब बकवास

अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने के फैसले के बाद हर कोई इसके पीछे की वजह जानना चाहता है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच यह दावा भी किया जा रहा है कि फिल्म बॉर्डर 2 के आइकॉनिक गाने ‘संदेसे आते हैं’ के लिए अरिजीत सिंह पर दबाव बनाया गया था। अब इस पूरे मामले पर फिल्म के को-प्रोड्यूसर भूषण कुमार ने रिएक्शन दिया है। पहले जानिए पूरा मामला क्या है? दरअसल, मंगलवार को रेडिट पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें दावा किया गया कि मुंबई के म्यूजिक सर्कल्स में कहा जा रहा है कि अरिजीत सिंह का प्लेबैक सिंगिंग से सन्यास लेना कोई अचानक फैसला नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे बन रहा था। सूत्रों का कहना है कि अरिजीत बड़े म्यूजिक लेबल्स के काम करने के तरीके से काफी निराश थे, खासकर एक ताकतवर लेबल मालिक से, जो रचनात्मक फैसलों में ज्यादा दखल और बिजनेस दबाव डालते हैं। बताया जा रहा है कि अरिजीत सिंह उस समय परेशान थे क्योंकि उनके ऊपर एक देशभक्ति गाने का रीमेक गाने का दबाव बनाया गया। वे इस रीमेक से खुश या रचनात्मक रूप से सहमत नहीं थे, लेकिन फिर भी उन्हें वह गाना गाने के लिए कहा गया। उनके करीबी लोग बताते हैं कि इसी वजह से उनका फैसला आसान हो गया। हालांकि, चर्चा यह है कि अरिजीत संगीत या सिनेमा छोड़ नहीं रहे हैं। वह सिर्फ इस सिस्टम से अलग हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि वह अपनी प्रोडक्शन कंपनी शुरू करेंगे, ताकि अपनी शांत और सादगी भरी कहानी कहने की शैली वाली फिल्में बना सकें। साथ ही, वह Oriyon Music पर भी पूरा ध्यान देंगे और इसे एक ऐसा म्यूजिक लेबल बनाएंगे, जहां कलाकारों को पूरी आजादी मिले और बिना जबरदस्ती के रीमेक या फैक्टरी-स्टाइल हिट्स, सिर्फ अपनी शर्तों पर बनाई गई संगीत। हालांकि, इस पोस्ट में फिल्म का नाम नहीं लिखा गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह फिल्म बॉर्डर 2 से जुड़ा मामला है। को-प्रोड्यूसर भूषण कुमार का रिएक्शन हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान फिल्म के को-प्रोड्यूसर भूषण कुमार से जब इस मामले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा कि आप अरिजीत को फोन करके खुद पूछ लीजिए, यह सब पूरी तरह बकवास है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 10:50 am

रणवीर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज:चावुंडी दैव परंपरा और हिंदू भावनाओं के अपमान का आरोप; कांतारा की देवी को भूत कहकर मजाक उड़ाया था

बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में बुधवार को बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह के खिलाफ हिंदू धार्मिक भावनाओं और कर्नाटक की चावुंडी दैव परंपरा का अपमान करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला 28 नवंबर 2025 को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) से जुड़ा है। रणवीर सिंह के खिलाफ यह एफआईआर बेंगलुरु के वकील प्रशांत मेथल ने दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रणवीर सिंह ने मंच पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और ऐसा अभिनय किया, जिससे दैवा परंपरा के पवित्र तत्वों का मजाक उड़ाया गया। शिकायत में कहा गया है कि रणवीर ने पंजुरली और गुलिगा दैवा से जुड़े भाव-हावभाव की नकल की और उन्हें भद्दे, हास्यास्पद और अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत किया। इसके अलावा अभिनेता पर चावुंडी दैव को ‘महिला भूत’ कहने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, चावुंडी दैवा कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में पूजनीय रक्षक देवी मानी जाती हैं और वे दिव्य स्त्री शक्ति का प्रतीक हैं। उन्हें ‘भूत’ कहना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया है। अब यह मामला बेंगलुरु की प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (CMM) अदालत को भेज दिया गया है और 8 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई की जाएगी। बता दें, वकील प्रशांत मेथल ने 27 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष एक निजी शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद 23 जनवरी 2026 को अदालत ने बीएनएस की धारा 175, उपधारा 3 के तहत हाई ग्राउंड्स पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। जानिए क्या है पूरा मामला? रणवीर सिंह 28 नवंबर 2025 को गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया का हिस्सा बने थे। इस दौरान मंच पर उन्होंने फिल्म कांतारा में दिखाई गईं चावुंडी (चामुंडा) देवी का मजाक बनाया था। रणवीर सिंह ने फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर ऋषभ शेट्टी से कहा, 'ऋषभ मैंने इसे (कांतारा) थिएटर में देखा था। वो एक आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस थी, खासकर जब फीमेल घोस्ट (भूत) आपके शरीर में आती है। वो परफॉर्मेंस, वो एक शॉट आउटस्टैंडिंग था।' आगे रणवीर सिंह ने कहा, 'क्या आपने कांतारा देखी है। जब वो शॉट आता है'। आगे रणवीर सिंह ने खुद उस कैरेक्टर की मिमिक्री करते हुए मजाक उड़ाया। आगे रणवीर ने कहा, 'क्या यहां कोई है, जो मुझे कांतारा 3 में देखना चाहता है, वो इस आदमी से कहे।' फिल्म फेस्टिवल से रणवीर सिंह का एक और वीडियो सामने आया था, जिसमें वो मंच से उतरने के बाद भी ऋषभ शेट्टी के सामने चावुंडी देवी की मिमिक्री करते दिखाई दिए, हालांकि ऋषभ शेट्टी लगातार इशारा कर उन्हें रोकते नजर आए थे। वहीं, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एक्टर की जमकर आलोचना भी हुई थी। पणजी में भी दर्ज हुई शिकायत, माफी मांगी थी बैंगलोर में दर्ज हुई इस शिकायत से पहले भी रणवीर सिंह के खिलाफ पणजी में शिकायत दर्ज हो चुकी है। 2 दिसंबर को हिंदू जनजागृति समिति ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में रणवीर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने कानूनी कार्यवाही के साथ माफी की भी मांग की थी, जिसके बाद एक्टर ने सार्वजनिक तौर पर माफीनामा जारी किया था। रणवीर सिंह ने माफीनामा जारी कर आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है- मेरा इरादा फिल्म (कांतारा) में ऋषभ की शानदार परफॉर्मेंस को उजागर करने का था। एक अभिनेता होने के नाते, मैं जानता हूं कि उस खास सीन को जिस तरह से उन्होंने निभाया, उसके लिए कितनी मेहनत लगती है और इसके लिए मैं उनका अत्यधिक सम्मान करता हू। मैंने हमेशा हमारे देश की हर संस्कृति, परंपरा और आस्था का गहरा सम्मान किया है। अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दिल से माफी चाहता हूं।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 9:02 am