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रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली:कहा- जिसे पसंद हो, वो बनाए, अपकमिंग फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में अधूरा प्यार और बिछड़ने का दर्द दिखेगा

रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली, लेकिन उनकी आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में एक बार फिर अधूरे प्यार, बिछड़ने और लौटकर आने की कसक देखने को मिलेगी। दिलजीत दोसांझ, शरवरी, वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह स्टारर यह फिल्म सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि यादों, माइग्रेशन और इमोशनल टूटन की कहानी है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इम्तियाज अली ने बताया कि वह ‘रॉकस्टार’ का सीक्वल क्यों नहीं बनाना चाहते। वहीं उन्होंने दिलजीत दोसांझ, ए.आर. रहमान और अपनी फिल्मों में बार-बार दिखने वाले दर्द व बिछड़ने के एहसास पर भी खुलकर बात की। शरवरी और वेदांग ने भी फिल्म से अपने भावनात्मक जुड़ाव और किरदारों की तैयारी के अनुभव साझा किए। सवाल: आपकी फिल्मों में इश्क मिलने से ज्यादा बिछड़ने में दिखता है। क्या ये आपकी निजी सोच से आता है? जवाब/इम्तियाज अली: जब मैं फिल्म बनाता हूं, तब अपने बारे में नहीं सोच रहा होता। शायद मैं कहानियां बनाकर खुद से भागने की कोशिश करता हूं। लेकिन ये सच है कि जब आप किसी शहर को छोड़ रहे होते हैं, तभी उसकी सबसे ज्यादा याद आती है। मुझे याद है, जब मैं दिल्ली और जमशेदपुर के बीच ट्रेन से सफर करता था, तो अपना शहर सबसे खूबसूरत तब लगता था जब उसे छोड़ रहा होता था। कहते हैं, “A city looks most beautiful from the light of the burning bridge.” यानी जब वापसी का रास्ता खत्म हो जाता है, तब उस जगह के लिए प्यार और बढ़ जाता है। सवाल: वेदांग, ‘मैं वापस आऊंगा’ आपके लिए क्या मायने रखती है? जवाब/वेदांग रैना: शुरुआत में मेरे लिए सबसे बड़ी बात सिर्फ इम्तियाज सर के साथ काम करना था। लेकिन जब स्क्रिप्ट आगे बढ़ी, तब महसूस हुआ कि यह कहानी मुझसे बहुत जुड़ी हुई है, क्योंकि मैं भी कश्मीरी पंडित हूं। मेरी फैमिली ने माइग्रेशन देखा है। इसलिए इस फिल्म से मेरा भावनात्मक जुड़ाव हो गया। ये सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। सवाल: शरवरी, आपके लिए इस फिल्म का मतलब क्या है? जवाब/शरवरी: ये एक सिंपल लव स्टोरी है। प्यार सिर्फ किसी इंसान से नहीं, अपनी मिट्टी और अपनेपन से भी हो सकता है। इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत उसका प्यार है। एक एक्टर के तौर पर भी ये मेरे लिए नया अनुभव था। इस किरदार को निभाते हुए मैंने खुद को भी थोड़ा और समझा। सवाल: इम्तियाज, आपके लिए इश्क क्या है? क्या आप ‘लव एट फर्स्ट साइट’ में भरोसा करते हैं? जवाब/इम्तियाज अली: जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा हूं, प्यार को लेकर और कन्फ्यूज होता जा रहा हूं। शायद फिल्मों के जरिए ही उसे समझने की कोशिश करता हूं। मुझे लगता है प्यार कुछ भी हो सकता है। पहली नजर में भी हो सकता है, बार-बार भी हो सकता है और सिर्फ एक बार भी हो सकता है। जैसे भगवान को हर इंसान अपने तरीके से समझता है, वैसे ही प्यार भी है। सवाल: आपकी फिल्मों में टूटना, बिछड़ना और फिर लौटकर आना बार-बार क्यों दिखता है? जवाब/इम्तियाज अली: ये सब बचपन की यादों और लोगों की कहानियों से आता है। पंजाब में शूटिंग के दौरान कई बुजुर्गों ने मुझे पार्टिशन के किस्से सुनाए। किसी ने बताया कि उनके बुजुर्ग वाघा बॉर्डर तक पहुंच गए थे और कह रहे थे, “मुझे लाहौर जाना है,” क्योंकि उन्हें याद नहीं था कि पार्टिशन हो चुका है। किसी ने वीडियो कॉल पर अपने बचपन की जगह का रास्ता समझाया, जहां वो खुद नहीं जा सकते थे। ऐसी कई छोटी-छोटी बातें मेरे दिमाग में जमा होती गईं और फिर इस फिल्म की कहानी बन गई। सवाल: वेदांग, आपके लिए इश्क क्या है? जवाब/वेदांग रैना: अगर प्यार को सिर्फ रोमांटिक तरीके से ना देखें, तो कोई चीज आपको बहुत गहराई से छू जाए, वो भी प्यार हो सकता है। मुझे नहीं पता कि मुझे ‘लव एट फर्स्ट साइट’ हुआ है या नहीं, लेकिन किसी चीज से गहराई से प्रभावित होना शायद प्यार ही है। सवाल: क्या आपका दिल टूटा है? जवाब/वेदांग रैना: हां, जरूर टूटा है। शायद उस वक्त लगा था कि दिल टूट गया है, लेकिन अब मैच्योर नजरिए से देखूं तो शायद वो कुछ और था। लेकिन वो एहसास मैंने महसूस किया है। सवाल: दिल टूटने ने आपको कितना बदला? जवाब/वेदांग रैना: हर अनुभव इंसान को बदलता है और दिल टूटना जिंदगी का बड़ा मोड़ होता है। उसके बाद लोगों, रिश्तों और दुनिया को देखने का नजरिया बदल जाता है। शायद वही चीज इंसान को और समझदार बनाती है। सवाल: शरवरी, आपके लिए प्यार क्या है? जवाब/शरवरी: हम सब जिंदगी भर प्यार को समझते रहते हैं। बचपन से लेकर परिवार और रिश्तों तक, हर जगह प्यार मौजूद होता है। मेरे लिए प्यार का मतलब एक वादा है, एक सच्चाई है। हमारी फिल्म भी इसी भावना पर बनी है, एक ऐसा प्यार जो बहुत प्योर है। सवाल: क्या कभी दिल टूटा? और उससे कैसे बाहर निकलीं? जवाब/शरवरी: जब मैं इम्तियाज सर की फिल्में देखती हूं, तो उनमें दर्द के साथ एक खूबसूरती भी दिखती है। मैं मानती हूं कि कोई रिश्ता कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता। शायद उनकी फिल्मों ने मुझे यही सिखाया है। सवाल: इम्तियाज अली के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ शरवरी: हमने शूटिंग से पहले उनके साथ रेकी की थी। वहीं हमें समझ आया कि फिल्म क्या है और किरदार कैसे सोचते हैं। पंजाब में शूटिंग के दौरान वहां के लोगों और खाने से भी बहुत प्यार मिला। सवाल: रेकी के दौरान की क्या खास यादें है? जवाब/वेदांग रैना: हम लोग लोकेशन पर सिर्फ साथ घूम रहे थे और समझ रहे थे कि फिल्म कैसे बनती है। तभी एहसास हुआ कि असली मेहनत डायरेक्टर और उनकी टीम करती है। सवाल: पंजाब शूट के दौरान सबसे मजेदार चीज क्या रही? जवाब/शरवरी: हमने रेकी के दौरान खूब स्टफ्ड कुलचे खाए। मुझे अभी भी पनीर-छोले याद हैं। वहां का खाना और लोग दोनों बेहद प्यारे थे। उसी दौरान हमने फिल्म और किरदारों को बेहतर तरीके से समझा। सवाल: आपकी फिल्मों में ट्रेन का सफर हमेशा खास क्यों होता है? जवाब/इम्तियाज अली: मुझे ट्रेन में शूटिंग और सफर करना हमेशा अच्छा लगता है। इस फिल्म के लिए हमने रेवाड़ी से पुराना स्टीम इंजन मंगवाया था, जो पार्टिशन के दौर जैसा दिखता था। एक सीन में जब वेदांग का किरदार चिल्लाता है, “मैं वापस आऊंगा,” तभी मुझे लगा कि यही फिल्म का सही टाइटल है। सवाल: क्या इस फिल्म के किरदारों से बाहर निकलना मुश्किल था? जवाब/ वेदांग रैना: हां, कई बार मुश्किल लगा। मैंने खुद पर बहुत जिम्मेदारी ले ली थी कि इस दौर और दर्द को सही तरीके से दिखा सकूं। इम्तियाज सर शूट से पहले पार्टिशन की असली कहानियां सुनाते थे। वो बातें आज भी मेरे दिमाग में हैं। सवाल: इम्तियाज अली एक्टर्स से इतने रॉ और रियल इमोशन्स कैसे निकलवाते हैं? जवाब/ वेदांग रैना: एक सीन में मुझे सिर्फ लेटकर छत की तरफ देखना था। लेकिन उससे पहले इम्तियाज सर ने 10-15 मिनट तक पार्टिशन की असली घटनाएं सुनाईं। उन्होंने जो बातें बताईं, उनके विजुअल आज भी मेरे दिमाग में हैं। उसी वजह से वो सीन इतना इमोशनल बन पाया। सवाल: शरवरी, आपके किरदार जिया के बारे में क्या कहेंगी? जवाब/शरवरी: जिया एक रहस्यमयी लड़की है। पूरी फिल्म में लोग उसे समझने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन उसके दिल में सिर्फ सच्चा प्यार है। यही बात उसे खास बनाती है। सवाल: इम्तियाज जी, आप जिया के किरदार को कैसे देखते हैं? जवाब/ इम्तियाज अली: जिया उस फूल की तरह है जिसके चारों तरफ पूरी फिल्म घूमती है। हर किरदार उसे समझने की कोशिश करता है, लेकिन वो आखिर तक एक रहस्य बनी रहती है। सवाल: फिल्म के संगीत पर कितना रिसर्च किया गया? जवाब/ इम्तियाज अली: रिसर्च के दौरान पता चला कि उस दौर के युवा काफी वेस्टर्न म्यूजिक सुनते थे। इसलिए हमने उसी तरह का संगीत और गायकी रखने की कोशिश की। ‘मस्कारा’ गाने में भी वही वेस्टर्न स्टाइल दिखाई देता है। सवाल: ए.आर. रहमान के साथ फिर काम करना कैसा रहा? जवाब/ इम्तियाज अली: रहमान साहब के साथ काम हमेशा अलग अनुभव होता है। हमने हर गाने और इंस्ट्रूमेंट को उस दौर के हिसाब से डिजाइन किया। कई गानों में उस समय का स्विंग और डांस स्टाइल भी देखने को मिलेगा। सवाल: दिलजीत दोसांझ अब ग्लोबल स्टार बन चुके हैं। उनके बारे में क्या कहना चाहेंगे? जवाब/ इम्तियाज अली: दिलजीत बहुत प्यारे इंसान हैं। हर कोई उनसे प्यार करता है। उनके साथ पहली और दूसरी बार काम करके भी मुझे बहुत अच्छा लगा। वो बेहद सच्चे और प्योर इंसान हैं, उनमें कोई मिलावट नहीं है। उनके साथ काम करना हमेशा खुशी देता है और उम्मीद है आगे भी साथ काम होगा। सवाल: वेदांग और शरवरी आप दोनों बताएं, दिलजीत और नसीरुद्दीन शाह जैसे कलाकारों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ इम्तियाज अली: वेदांग का नसीर साहब के साथ कोई सीन नहीं था, क्योंकि वो उनके यंग वर्जन का किरदार निभा रहे हैं। शरवरी ने उनके साथ काम किया और उनका पहला सीन ही नसीर साहब के साथ था। सवाल: शरवरी, नसीरुद्दीन शाह के साथ पहला सीन कैसा रहा? जवाब/ शरवरी: मैं बहुत नर्वस थी। लेकिन कैमरा ऑन होते ही उनकी आंखों में एक अलग दुनिया दिखने लगती है। उनके साथ काम करना मेरे लिए बहुत प्रेरणादायक अनुभव रहा। सवाल: क्या ‘रॉकस्टार 2’ बनने की संभावना है? जवाब/ इम्तियाज अली: मैं लोगों से कहूंगा कि “रॉकस्टार” को भूलकर आगे बढ़ो। जावेद साहब ने भी कहा था, “मैं शोले बना चुका हूं, अब आप बनाओ।” तो जिसे “रॉकस्टार” पसंद है, वो खुद अपनी “रॉकस्टार” बनाए।

दैनिक भास्कर 23 May 2026 6:30 am

अंजुम शर्मा ने रणवीर सिंह की तारीफ:कहा- वो बहुत कमाल और सिक्योर एक्टर हैं; ‘धुरंधर’ में रहमान के रोल को भी सराहा

एक्टर अंजुम शर्मा इन दिनों वेब सीरीज ‘कप्तान’ में अपने किरदार ‘मुन्ना’ को लेकर चर्चा में हैं। ‘मिर्जापुर’ के शरद शुक्ला के बाद अंजुम ने इस बार एक बिल्कुल अलग और मस्तमौला किरदार निभाया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अंजुम शर्मा ने इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने के संघर्ष, स्टार्स की इनसिक्योरिटी, ओटीटी के बदलते दौर पर बात की। सवाल: क्या ओटीटी ने बॉलीवुड और मेनस्ट्रीम सिनेमा की कहानी कहने का तरीका बदल दिया है? जवाब: बिल्कुल। ओटीटी मेनस्ट्रीम सिनेमा का ही एक्सटेंशन है। वही फिल्ममेकर आए, जिन्होंने फिल्मों का अनुभव लेकर ‘मिर्जापुर’, ‘सेक्रेड गेम्स’ जैसी सीरीज बनाई। फर्क सिर्फ इतना था कि यहां लॉन्ग फॉर्मेट मिला, इसलिए कहानियों को ज्यादा गहराई और खुलकर दिखाया जा सका। सवाल: इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने की वजह से कभी इनसिक्योरिटी या पॉलिटिक्स फेस करनी पड़ी? जवाब:कभी-कभी ऐसा भी होता है कि किसी फिल्म या किरदार में कास्टिंग का पूरा मामला कॉम्बिनेशन पर निर्भर करता है। मैं इसमें किसी को दोष नहीं देता। कई बार मेकर्स ये देखते हैं कि दो कलाकार स्क्रीन पर साथ कैसे दिखेंगे, चाहे सामने बड़ा स्टार हो या कोई और एक्टर। ऐसे में अगर किसी एक कलाकार की प्रेजेंस या परफॉर्मेंस ज्यादा डोमिनेटिंग लगती है, तो हो सकता है कि वो उस किरदार या कहानी के लिए सही फिट न हो। कई बार कहानी को ऐसे एक्टर की जरूरत होती है, जो दूसरे किरदार पर हावी न पड़े और स्क्रीन पर बैलेंस बना रहे। मेरे साथ भी शुरुआत में एक-दो बार ऐसा हुआ, लेकिन मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि जिन लोगों के साथ काम किया, उन्होंने हमेशा बहुत सुरक्षित और सहयोग वाला माहौल दिया। चाहे ‘मिर्जापुर’ में अली फजल हों, पंकज त्रिपाठी जी हों या विजय वर्मा। मैं उस वक्त काफी नया था, जबकि वो लोग काफी अनुभवी थे, लेकिन उन्हें देखकर मुझे लगा कि जितना सहज हो सकते हो, उतना सहज हो जाओ। क्योंकि सामने वाला कलाकार पूरी तरह सिक्योर होकर काम कर रहा है, आपको सपोर्ट कर रहा है और एप्रिशिएट भी कर रहा है। मुझे हमेशा ऐसा महसूस हुआ कि वो लोग आपको नीचे नहीं दिखाना चाहते, बल्कि अपने साथ लेकर आगे बढ़ाना चाहते हैं। सवाल: लेकिन इंडस्ट्री में ऐसा भी सुनने को मिलता है कि अच्छे सीन्स काट दिए जाते हैं या अच्छे एक्टर्स को रिप्लेस कर दिया जाता है? जवाब: बहुत पहले की बात है। एक फिल्म में एक ऐसे एक्टर को कास्ट किया गया था, जो पहले से फिल्मों में काम कर रहे थे और इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे, लेकिन जिस लहजे और जिस जोन के किरदार के लिए उन्हें चुना गया था, उससे वो पूरी तरह वाकिफ नहीं थे। मुझे बिना ज्यादा कुछ बताए बुलाया गया और कहा गया कि उनकी आवाज डब करनी है। मैंने बिना यह पूछे कि क्यों, कैसे या कितने पैसे मिलेंगे, तुरंत हां कर दी। मैंने सोचा कि बुलाया है, तो जरूर कोई वजह होगी। मैंने डबिंग की और बाद में जब फिल्म रिलीज हुई, तो मैंने देखा कि फाइनल डबिंग काफी हद तक वैसी ही थी जैसी मैंने की थी। तब लगा कि शायद मेरी डबिंग को रेफरेंस की तरह इस्तेमाल किया गया होगा। ऐसे अनुभव बहुत कुछ सिखाते हैं। खासकर अगर आप इंडस्ट्री में बाहर से आए हैं, तो आपको समझ आ जाता है कि यहां मौके खुद आपके पास नहीं आते, आपको खुद उन्हें बनाना पड़ता है। सवाल: धुरंधर 2 में ऐसी कौन-सी चीज थी, जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब: धुरंधर 2 देखकर मुझे बहुत समय बाद ऐसा लगा कि इतनी लंबी, करीब साढ़े तीन घंटे की फिल्म को मैं दोबारा देखना चाहूंगा। खासकर रणवीर सिंह का गांव वाला शुरुआती सीक्वेंस आपको पूरी तरह बांध लेता है। फिल्म में वो सारी चीजें हैं, जो अच्छे सिनेमा को यादगार बनाती हैं। सवाल: ‘एनिमल’ और ‘धुरंधर’ जैसे मेकर्स के साथ काम करने की इच्छा है? जवाब: बिल्कुल। संदीप रेड्डी वांगा, विशाल भारद्वाज, आदित्य धर जैसे मेकर्स के साथ काम करने का बहुत मन है। मुझे लगता है कि मेरे अंदर अभी बहुत कुछ एक्सप्लोर होना बाकी है। सही डायरेक्टर और सही कहानी आपकी एनर्जी को सही दिशा देते हैं। सवाल: ‘धुरंधर’ में कोई ऐसा किरदार लगा, जिसे आप करना चाहते? जवाब: नहीं, मतलब यह तो मैं नहीं कह सकता कि मैं अलग फ्लेवर डाल सकता था। मुझे धुरंधर के पार्ट वन में रहमान डकैत एक ऐसा कैरेक्टर था, जिसको देख कर लगा कि मतलब बखूबी उन्होंने निभाया है। अक्षय खन्ना ने बहुत अच्छे से किया है। उनको देख कर आपको लगता है कि अरे, यह आप करते तो इसमें दो-चार चीजें आप और एड कर सकते थे। रणवीर सिंह ने तो कमाल किया है। सबसे बड़ी बात ये है कि वो बहुत सिक्योर एक्टर हैं। वो कहानी और बाकी किरदारों के साथ पूरी तरह घुल-मिल जाते हैं। सवाल: क्या आज इंडस्ट्री में टैलेंट से ज्यादा पीआर और सोशल मीडिया को अहमियत मिलती है? जवाब: देखिए, मैं ये नहीं कहूंगा कि इंडस्ट्री पूरी तरह ऐसी है, लेकिन हां, आज एक गैप जरूर आ गया है। एक तरफ आपका टैलेंट, क्राफ्ट और काम है और दूसरी तरफ ये बात कही जाती है कि आपकी पीआर बहुत स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए, आपको खुद को मार्केट करना आना चाहिए। मेरा मानना है कि एक्टर या किसी भी क्रिएटिव इंसान का असली काम अपना काम ईमानदारी और मेहनत से करना है। अगर आपने तमाम मुश्किलों के बावजूद अच्छा काम किया है, तो वही सिलसिला आगे बढ़ना चाहिए। आपकी पहचान आपके टैलेंट, क्रेडिबिलिटी और क्राफ्ट के आधार पर बननी चाहिए।

दैनिक भास्कर 23 May 2026 5:30 am

अमित बोले- ‘धुरंधर’ सक्सेस डिजर्व करती है, लेकिन ईर्ष्या हुई:प्रवीण सिसोदिया ने कहा- कास्टिंग परफेक्ट हो तो ‘मुगल-ए-आजम’ की तरह हर किरदार याद रहता है

फिल्म ‘सितंबर 21’ सिर्फ अल्जाइमर पर बनी कहानी नहीं, बल्कि उन केयरगिवर्स की भावनात्मक यात्रा है जो अपनों की देखभाल करते-करते अंदर से टूटने लगते हैं। डायरेक्टर करेन क्षिति सुवर्णा और को-प्रोड्यूसर प्रीति अली ने इस संवेदनशील विषय को असली जिंदगी के अनुभवों से जोड़कर पर्दे पर उतारा है। दैनिक भास्कर से बातचीत में प्रवीण एस. सिसोदिया, प्रियंका उपेंद्र और अमित बहल ने बताया कि फिल्म मरीजों के साथ उनके परिवार के दर्द को भी सामने लाती है। इंटरव्यू में ‘धुरंधर’ की कास्टिंग और ‘मुगल-ए-आजम’ जैसे क्लासिक सिनेमा पर भी चर्चा हुई। सवाल: पहली ही फिल्म में अल्जाइमर जैसा संवेदनशील विषय… आखिर इस कहानी ने आपको इतना अंदर तक कैसे छू लिया? जवाब/करेन क्षिति सुवर्णा: जब मैं अपनी पहली फीचर फिल्म बनाना चाहती थी, तब मैंने तय किया था कि सिर्फ मनोरंजन के लिए फिल्म नहीं बनाऊंगी। मैं ऐसी कहानी कहना चाहती थी जो समाज को कुछ दे। हमारे लेखक राज शेखर की यह उनकी असली जिंदगी की कहानी है। वह अपने भाई के केयरगिवर थे, जिन्हें अल्जाइमर था। हमारे प्रोड्यूसर्स की मां भी इस बीमारी से जूझ चुकी थीं। जब मैं अल्जाइमर केयर सेंटर गई, तब मुझे एहसास हुआ कि लोग मरीजों की बात तो करते हैं, लेकिन केयरगिवर्स की तकलीफ कोई नहीं समझता। वहीं से यह फिल्म शुरू हुई। सवाल: यानी यह सिर्फ मरीज की नहीं, उन लोगों की भी कहानी है जो चुपचाप टूटते रहते हैं? जवाब/करेन क्षिति सुवर्णा: बिल्कुल। अल्जाइमर का अभी तक कोई इलाज नहीं है। सिर्फ देखभाल की जा सकती है। लेकिन किसी ने यह नहीं दिखाया कि केयरगिवर्स पर क्या बीतती है। वे मानसिक और भावनात्मक रूप से टूट जाते हैं। हमारी फिल्म उसी दर्द और संघर्ष को दिखाती है। सवाल: प्रवीण, जब आपने पहली बार कहानी सुनी तो क्या तुरंत लगा कि यह फिल्म करनी ही है? जवाब/प्रवीण एस. सिसोदिया: हां। ऐसी फिल्में हर बार नहीं मिलतीं। एक कलाकार हमेशा कुछ नया करना चाहता है। जब करेन क्षिति ने कहानी सुनाई, तो मुझे लगा कि यह सिर्फ एक्टिंग नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। मैंने तुरंत हां कह दी। सवाल: प्रियंका, एक केयरगिवर का दर्द निभाना कितना मुश्किल था? जवाब/प्रियंका उपेंद्र: बहुत मुश्किल था। क्योंकि सिर्फ लुक बदलना काफी नहीं था। मुझे उसकी भावनाएं समझनी थीं। अल्जाइमर के बारे में सुनना अलग बात है, लेकिन यह सोचना कि उस इंसान और उसके family पर क्या गुजरती होगी… वह बहुत भारी था। मेरे किरदार के अंदर बहुत दर्द था, लेकिन बाहर से उसे मजबूत दिखना था। यही सबसे बड़ी चुनौती थी। सवाल: फिल्म का नाम ‘सितंबर 21’ क्यों रखा गया? क्या इसका कनेक्शन कोविड से भी है? जवाब/प्रीति अली: हां, कोविड का दौर फिल्म का हिस्सा है। लेकिन ‘सितंबर 21’ सिर्फ एक तारीख नहीं है, यह कहानी की भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ हिस्सा है। मैं अभी ज्यादा नहीं बताऊंगी, क्योंकि दर्शकों को यह फिल्म में महसूस करना चाहिए। सवाल: अमित, आपको इस फिल्म की कहानी ने निजी तौर पर छुआ? जवाब/अमित बहल: बहुत ज्यादा। मेरे पिता मेरे शिक्षक थे और मैंने करीब ढाई साल तक उनकी देखभाल की थी।जब मैंने फिल्म देखी, तो मुझे एहसास हुआ कि यह सिर्फ मरीज की कहानी नहीं है, बल्कि उन लोगों की भी कहानी है जो उनके साथ जीते हैं। फिल्म यह भी दिखाती है कि हर केयरगिवर एक जैसा नहीं होता। हर इंसान की अपनी सीमाएं और संघर्ष होते हैं। सवाल: फिल्म में अल्जाइमर के मेडिकल पहलुओं पर भी काफी रिसर्च की गई है। यह कितना जरूरी था? जवाब/अमित बहल: बहुत जरूरी था। लोग अक्सर अल्जाइमर को सिर्फ बुढ़ापे में भूलने की आदत समझ लेते हैं। लेकिन यह एक गंभीर बीमारी है। फिल्म में दिखाया गया है कि यह बीमारी किस तरह बढ़ती है और मरीज के व्यवहार में क्या बदलाव आते हैं। यह सिर्फ इमोशनल फिल्म नहीं, बल्कि काफी शैक्षिक भी है। सवाल: फिल्म हिंदी और कन्नड़ दोनों भाषाओं में बनी है। पहली ही फिल्म में यह रिस्क लेना कितना मुश्किल था? जवाब/प्रीति अली: बहुत मुश्किल था। लेकिन जब हमने फिल्म को सपोर्ट करने का फैसला किया, तभी तय कर लिया था कि इसे दोनों भाषाओं में बनाएंगे। पूरी टीम ने इसे बहुत मेहनत से संभाला। सवाल: हाल ही में ‘धुरंधर’ की काफी चर्चा रही। उसकी सफलता और कास्टिंग को आप कैसे देखते हैं? जवाब/अमित बहल: ‘धुरंधर’ सच में कमाल की फिल्म है। उसकी सफलता पूरी तरह डिजर्व करती है। और सच कहूं तो थोड़ी-सी ईर्ष्या भी होती है, लेकिन वह बहुत स्वाभाविक है। उसकी कास्टिंग इतनी परफेक्ट थी कि कई किरदारों को पहचानना मुश्किल हो गया था। हर कलाकार अपने रोल में पूरी तरह फिट था। सवाल: प्रवीण, आपको ‘धुरंधर’ में कोई ऐसा किरदार लगा जिसे आप निभाना चाहते? जवाब/ प्रवीण एस. सिसोदिया: देखिए, अभिनेता के मन में हमेशा आता है कि “यह रोल मैं भी कर सकता था।” लेकिन सच यह है कि उस फिल्म की कास्टिंग शानदार थी। हर कलाकार बिल्कुल सही जगह पर था। मुझे तो ऐसा लगा जैसे पुरानी क्लासिक फिल्मों की तरह हर किरदार अपनी जगह पर पूरी ईमानदारी से खड़ा है। जैसे लोग ‘मुगल-ए-आजम’ के किरदारों को आज तक याद रखते हैं, वैसे ही जब कोई फिल्म सही कास्टिंग और सच्चे अभिनय के साथ बनती है, तो उसका असर लंबे समय तक रहता है।

दैनिक भास्कर 23 May 2026 5:30 am

थलापती विजय को मिला विराट कोहली का साइन किया बैट:विजय ने बैट के साथ तस्वीरें खिंचवाईं; डायरेक्टर गिफ्ट कर चुके भविष्यवाणी वाली नंबर प्लेट

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पूर्व अभिनेता थलापती विजय को शुक्रवार को क्रिकेटर विराट कोहली का साइन किया हुआ क्रिकेट बैट गिफ्ट किया गया है। एमआरएफ (MRF) कंपनी के टॉप मैनेजमेंट ने सचिवालय में मुलाकात के दौरान उन्हें ये गिफ्ट दिया। विजय ने इस बैट के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जो सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। तस्वीरों में विजय मोनोक्रोम सूट और कंधे पर अंगवस्त्रम पहने हुए बैट दिखाते नजर आ रहे हैं। इससे पहले हाल ही में फिल्म डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने भी उन्हें 'GOAT' फिल्म में इस्तेमाल की गई एक खास नंबर प्लेट गिफ्ट की थी, जिसमें विजय के मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी की गई थी। डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने गिफ्ट की थी नंबर प्लेट मुख्यमंत्री विजय को हाल ही में फिल्म डायरेक्टर वेंकट प्रभु ने भी एक खास तोहफा दिया था। उन्होंने साल 2024 में आई फिल्म 'द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम' (GOAT) में इस्तेमाल की गई गाड़ी की नंबर प्लेट को फ्रेम करवाकर विजय को गिफ्ट किया था। इस नंबर प्लेट पर 'TN 07 CM 2026' लिखा हुआ था, जिसे फिल्म में विजय के मुख्यमंत्री बनने के संकेत के तौर पर देखा गया था। विजय के सच में मुख्यमंत्री बनने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह क्लिप काफी चर्चा में रही थी। बाल कलाकार से मुख्यमंत्री बनने तक का सफर फिल्म डायरेक्टर एसए चंद्रशेखर के बेटे विजय ने अपने करियर की शुरुआत 1984 में बाल कलाकार के रूप में फिल्म 'वेट्री' से की थी। इसके बाद 1992 में आई फिल्म 'नालैया तीरपू' से उन्होंने लीड एक्टर के तौर पर डेब्यू किया। साल 1996 में आई 'कोयंबटूर माप्पिल्लई' और 'पूवे उनक्कागा' उनके करियर की पहली ब्लॉकबस्टर फिल्में बनीं। साल 2024 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 'तमिलगा वेत्री कड़गम' नाम की पार्टी बनाई। इसके बाद साल 2026 के चुनावों में जीतकर वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने। आखिरी फिल्म 'जन नायक' पर चल रहा है विवाद राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होने से पहले विजय ने एच विनोद के डायरेक्शन में अपनी आखिरी फिल्म 'जन नायक' साइन की थी। इस फिल्म में ममिता बैजू, बॉबी देओल और पूजा हेगड़े मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म जनवरी में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर बोर्ड (CBFC) के साथ हुए विवाद और कमिटी में शिकायत के कारण इसकी रिलीज टल गई। अ प्रैल में यह फिल्म एचडी क्वालिटी में ऑनलाइन लीक भी हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। यह फिल्म अभी तक रिलीज नहीं हो सकी है।

दैनिक भास्कर 22 May 2026 8:21 pm

ध्रुव राठी बोले- मोदी जहां भी जाएं, उन्हें शर्मिंदा करें:भड़कीं एक्ट्रेस गुल पनाग; बोलीं- विदेशी धरती पर प्रधानमंत्री पद का मजाक उड़ाना गलत

बॉलीवुड एक्ट्रेस गुल पनाग ने सोशल मीडिया पर यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक पोस्ट की आलोचना की है। ध्रुव राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने पीएम को विदेशी धरती पर शर्मिंदा करने की बात कही थी। इस पर जवाब देते हुए गुल पनाग ने कहा कि सरकार से असहमत होना और विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विदेश में देश के प्रधानमंत्री और उनके पद का मजाक बनाना ठीक नहीं है। एक्ट्रेस के मुताबिक, ऐसा करने से देश की संस्थाएं और खुद भारतीय कमजोर होते हैं। ध्रुव राठी ने लिखा- मोदी को शर्मिंदा करें यूट्यूबर ध्रुव राठी ने 19 मई को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 12 साल में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। ध्रुव राठी ने आगे लिखा कि वे दूसरे देशों के विदेशी पत्रकारों से भी कहेंगे कि वे पीएम मोदी से जहां भी मिलें, उनसे सवाल जरूर पूछें। उन्हें लोगों के सामने जवाब देने के लिए मजबूर करें। ध्रुव राठी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी। पत्रकार के वीडियो के बाद शुरू हुआ विवादयह पूरा विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के बाद शुरू हुआ। ओस्लो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग ने प्रधानमंत्री से भारत में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की थी। इस दौरान पीएम मोदी बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था, जिसके बाद ध्रुव राठी ने पत्रकार के समर्थन में यह पोस्ट लिखा था। विरोध करना अलग, लेकिन यह तरीका सही नहींध्रुव राठी के इस पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए गुल पनाग ने लिखा कि आप किसी प्रधानमंत्री को नापसंद कर सकते हैं, सरकार से असहमत हो सकते हैं, डिबेट कर सकते हैं और अलग तरह से वोट कर सकते हैं। यही लोकतंत्र है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के ऑफिस और विदेश में वे जिसे रिप्रेजेंट करते हैं, उसका विदेशी धरती पर मजाक बनाना सही नहीं है। यह विरोध का सही तरीका नहीं है, बल्कि इससे हमारा ही नुकसान होता है। राजनीति में भी सक्रिय रह चुकी हैं एक्ट्रेसगुल पनाग एक्टिंग के साथ-साथ राजनीति और सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रही हैं। साल 2014 के आम चुनाव में उन्होंने चंडीगढ़ लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां वे तीसरे स्थान पर रही थीं। बाद में उन्होंने खुद को राजनीतिक गतिविधियों से अलग कर लिया और जून 2021 में आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वे एक एनजीओ भी चलाती हैं जो शिक्षा और लैंगिक समानता के लिए काम करता है।

दैनिक भास्कर 22 May 2026 5:30 pm

एक्स करण कुंद्रा-तेजस्वी की सगाई के बाद किया क्रिप्टिक पोस्ट:अब अनुषा दांडेकर ने दी सफाई, कहा- मुझे कुछ कहना होता है, तो साफ कहती हूं

एक्ट्रेस, वीजे और सिंगर अनुषा दांडेकर ने हाल ही में अपनी उस पोस्ट पर सफाई दी है, जो उन्होंने एक्स बॉयफ्रेंड करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की सगाई की खबरों के बीच की थी। उन्होंने साफ किया है कि उनकी क्रिप्टिक पोस्ट का करण-तेजस्वी की सगाई से कोई लेना-देना नहीं था। अनुषा दांडेकर ने आधिकारिक सोशल मीडिया से इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है, “हे भगवान, साफ है कि आपको कुछ पता ही नहीं है, खासकर आर्टिकल्स के बारे में। जब मैं किसी खास चीज के बारे में बात करती हूं, तो मैं साफ कहती हूं। अगर मैं अपनी वजहों से भगवान का शुक्रिया अदा कर रही हूं, तो भी आप उसे उसी बात से जोड़ देते हैं और फिर अपनी ही धारणाओं के आधार पर मुझ पर सवाल उठाते हैं। आगे अनुशा ने लिखा है, कमाल है। और जितने भी प्यारे डीएम आए, मैंने सब देखे और मैं सहमत हूं। अब सब लोग मान सकते हैं कि आपने मुझे क्या लिखा था। लव यू ऑल।” अनुषा ने किस पोस्ट पर दी सफाई दरअसल, एक समय में अनुषा दांडेकर और करण कुंद्रा रिलेशनशिप में थे। दोनों ने एमटीवी लव स्कूल भी साथ होस्ट किया था, हालांकि कुछ समय बाद दोनों अलग हो गए। इस दौरान खबरें रहीं कि करण कुंद्रा, अनुषा से कमिटेड नहीं थे। इसके बाद बिग बॉस 15 में करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की नजदीकियां बढ़ीं और दोनों रिलेशनशिप में आ गए। दोनों पिछले 5 सालों से रिलेशनशिप में हैं। हाल ही में करण कुंद्रा और तेजस्वी की कुछ तस्वीरें वायरल हुई हैं, जिसमें करण, तेजस्वी को शादी के लिए प्रपोज करते दिखे हैं। तस्वीरें वायरल होने के बीच ही अनुषा ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर कर लिखा, ‘भगवान का शुक्र है। iykyk (अगर आप जानते हैं, तो जान जाएंगे)।’ अनुषा की इस पोस्ट को करण-तेजस्वी की सगाई से जोड़कर देखा जाने लगा। एक वजह ये भी रही कि करण से ब्रेकअप के बाद अनुषा ने उनके खिलाफ कई बयान दिए थे।

दैनिक भास्कर 22 May 2026 3:34 pm

सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स:सिर्फ हिंदी रिलीज के लिए 450 करोड़ रुपए की मांग, डिस्ट्रीब्यूटर्स परेशान; किंग का टूट सकता है रिकॉर्ड

रणबीर कपूर और साई पल्लवी की मल्टीस्टारर फिल्म रामायण कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने की कगार में है। फिल्म पहले ही 700 करोड़ रुपए की ओटीटी डील ठुकरा चुकी है, जिसके बाद अब रिपोर्ट्स हैं कि इस पैन इंडिया फिल्म के सिर्फ हिंदी डिस्ट्रीब्यूशन के राइट्स की डील 450 करोड़ में की जा रही है। वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि अनिल थडाणी और जयंतीलाल गडा जैसे कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स का मानना है कि 450 करोड़ एक फिल्म के सिर्फ हिंदी डिस्ट्रीब्यूशन के लेना एक बड़ी कीमत है। उन्होंने निर्माताओं को इसमें कटौती करने पर विचार करने की सलाह दी है। हालांकि फिल्म के मेकर्स को फिल्म की सक्सेस पर पूरा भरासो है और वो इस रकम पर अड़े हुए हैं। फिलहाल मेकर्स की करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन, AA फिल्म्स और पेन स्टूडियो से प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा की इस डील पर बात चल रही है। ट्रेड एक्सपर्स्ट्स के अनुसार, फिल्म रामायण सिर्फ भारत में 1000 से 1500 करोड़ तक का कलेक्शन कर इतिहास रच सकती है। वहीं वर्ल्डवाइड इसके 2500 करोड़ तक कमाई करने के अनुमान हैं। फिल्म को बड़े स्केल में तैयार किया गया है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें- देखिए फिल्म रामायण की खास झलक-

दैनिक भास्कर 22 May 2026 1:52 pm

रिव्यू- चांद मेरा दिल:प्यार, तकरार और रिश्तों की उलझनों के बीच दिल छू जाती है अनन्या पांडे-लक्ष्य की इमोशनल कहानी, लेकिन सेकंड हाफ फीका

रेटिंग: 3/5 स्टारअवधि: 2 घंटे 26 मिनट कास्ट- अनन्या पांडे, लक्ष्य ललवानी डायरेक्टर- विवेक सोनी बॉलीवुड में प्रेम कहानियां हमेशा से बनती रही हैं, लेकिन ज्यादातर फिल्मों में प्यार का सफर वहीं खत्म हो जाता है जहां हीरो-हीरोइन एक हो जाते हैं। शादी के बाद क्या होता है, जिम्मेदारियां रिश्ते को कैसे बदल देती हैं और प्यार कब थकने लगता है, इन सवालों से हिंदी सिनेमा अक्सर बचता रहा है। ‘चांद मेरा दिल’ इसी मुश्किल हिस्से को पकड़ने की कोशिश करती है।डायरेक्टर विवेक सोनी की यह फिल्म प्यार को सिर्फ खूबसूरत एहसास की तरह नहीं दिखाती, बल्कि उसके साथ आने वाली उलझनों, गुस्से, टूटन और दोबारा जुड़ने की कोशिशों को भी सामने लाती है। फिल्म कई जगह आपको अपने आसपास के रिश्तों की याद दिलाती है। हालांकि इसकी रफ्तार कुछ हिस्सों में धीमी पड़ती है, लेकिन इमोशनल पकड़ बनी रहती है। कहानी: कॉलेज के प्यार से शादी तक और फिर रिश्ते की असली परीक्षाहैदराबाद के बैकड्रॉप में बनी यह कहानी इंजीनियरिंग स्टूडेंट चांदनी (अनन्या पांडे) और आरव (लक्ष्य) के इर्द-गिर्द घूमती है। आरव पहली नजर में चांदनी पर दिल हार बैठता है। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदलती है और दोनों एक-दूसरे की दुनिया बन जाते हैं।कॉलेज रोमांस, लंबी बाइक राइड्स, देर रात की बातें और भविष्य के सपनों के बीच दोनों शादी का फैसला कर लेते हैं। लेकिन असली कहानी शादी के बाद शुरू होती है। करियर का दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां, परिवार का हस्तक्षेप और रिश्ते में बढ़ती गलतफहमियां दोनों को बदलने लगती हैं।एक ऐसा पल आता है जब आरव का गुस्सा रिश्ते में ऐसी दरार पैदा कर देता है, जहां प्यार से ज्यादा आत्मसम्मान बड़ा सवाल बन जाता है। रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। क्या दोनों अपने रिश्ते को दूसरा मौका देंगे या प्यार जिम्मेदारियों के बोझ तले दब जाएगा, यही फिल्म का मूल संघर्ष है।एक्टिंग: अनन्या पांडे ने किया सरप्राइज, लक्ष्य ने दिखाया नया रंगअगर इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत किसी चीज को कहा जाए, तो वह इसकी एक्टिंग है। अनन्या पांडे ने अपने करियर की अब तक की सबसे संतुलित परफॉर्मेंस दी है। उन्होंने चांदनी के किरदार को सिर्फ एक रोमांटिक लड़की बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि उसकी उलझन, दर्द, असुरक्षा और मजबूती को अच्छे से दिखाया है। कई इमोशनल सीन्स में वह काफी प्रभाव छोड़ती हैं। वहीं लक्ष्य इस फिल्म का बड़ा सरप्राइज हैं। ‘किल’ जैसी एक्शन फिल्म के बाद यहां उनका बेहद संवेदनशील और टूटा हुआ रूप देखने को मिलता है। गुस्से, पछतावे और प्यार के बीच फंसे एक लड़के की बेचैनी उन्होंने अच्छे ढंग से निभाई है। कई जगह उनकी बॉडी लैंग्वेज और इमोशनल सीन आपको बांधे रखते हैं।दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर सामने आती है। कम स्क्रीन टाइम में परेश पाहुजा भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं।डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष: रिश्तों की बारीकियों को समझती फिल्मडायरेक्टर विवेक सोनी ने कहानी को जरूरत से ज्यादा फिल्मी बनाने की बजाय उसे जमीन से जोड़े रखने की कोशिश की है। अच्छी बात यह है कि यहां गुस्से को हीरोइज्म की तरह नहीं दिखाया गया। रिश्तों में छोटी गलतियां किस तरह बड़ी दूरी में बदल जाती हैं, फिल्म इसे संवेदनशील तरीके से दिखाती है।कैमरा वर्क खासकर इमोशनल सीक्वेंस में अच्छा लगता है। कुछ सीन की फ्रेमिंग और लाइटिंग कहानी की बेचैनी को और असरदार बनाती है। एडिटिंग पहले हाफ में अच्छी है, लेकिन दूसरे हिस्से में फिल्म थोड़ी लंबी महसूस होने लगती है।फिल्म की कमियां: दूसरे हाफ में ढीली पड़ती रफ्तारफिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा इसकी लंबाई है। 2 घंटे 26 मिनट का रनटाइम कुछ जगह भारी महसूस होता है। सेकेंड हाफ में कुछ सीन जरूरत से ज्यादा खिंचे लगते हैं और कहानी थोड़ी दोहराव वाली महसूस होती है। हालांकि ये बातें फिल्म के इमोशनल असर को पूरी तरह कमजोर नहीं करतीं। म्यूजिकः फिल्म का टाइटल ट्रैक असरदारसचिन-जिगर का संगीत फिल्म की जान है। गाने कहानी पर बोझ नहीं लगते, बल्कि उसे आगे बढ़ाने का काम करते हैं। टाइटल ट्रैक लंबे समय तक याद रहता है। बैकग्राउंड स्कोर कई इमोशनल पलों को और मजबूत बनाता है और रिश्ते की बेचैनी को महसूस कराता है।फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं?‘चांद मेरा दिल’ ऐसी प्रेम कहानी है जो सिर्फ प्यार में पड़ने की नहीं, प्यार को बचाने की जद्दोजहद दिखाती है। फिल्म पूरी तरह परफेक्ट नहीं है और दूसरे हाफ में थोड़ा खिंचती भी है, लेकिन इसकी ईमानदार कहानी, मजबूत एक्टिंग और रिश्तों की सच्चाई इसे देखने लायक बनाती है। अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो प्यार की चमक के साथ उसकी थकान भी दिखाएं, तो यह फिल्म एक बार जरूर देखी जा सकती है।

दैनिक भास्कर 22 May 2026 1:40 pm

स्मिता पाटिल और राज बब्बर के रिश्ते पर बोले आर्य:कहा- किसे अच्छा लगेगा उसके पापा का अफेयर हो; सौतेले भाई प्रतीक बब्बर से जारी अनबन

राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर ने हाल ही में पिता और स्मिता पाटिल के अफेयर पर बात की है। उनका कहना है कि दोनों के अफेयर से उन्हें काफी दिक्कत हुई थी। वहीं आर्य बब्बर का ये भी कहना है कि वो स्मिता पाटिल को स्मिता मां कहते हैं, लेकिन प्रतीक बब्बर अपने पिता को ही पिता नहीं मानते। उन्होंने ये भी कहा कि उनके और प्रतीक के बीच सुलह नहीं हो सकती। राज बब्बर ने नादिरा जहीर से शादी की थी, जिससे उन्हें दो बच्चे आर्य बब्बर और जूही हुए। आर्य महज 3 साल के थे, जब राज बब्बर ने स्मिता पाटिल से शादी कर पहली पत्नी और बच्चों को छोड़ दिया। हालांकि 3 साल में जब स्मिता ने बेटे प्रतीक को जन्म दिया, तो डिलीवरी कॉम्प्लिकेशन से उनका निधन हो गया। इसके बाद राज बब्बर, पहली पत्नी के साथ रहने लगे। इन सभी चीजों से पारिवारिक रिश्तों में तनाव रहा। हाल ही में प्रतीक बब्बर ने शादी में पिता को नहीं बुलाया और फिर अपने नाम से पिता का सरनेम हटाकर मां स्मिता का नाम जोड़ लिया। तब भी ये रिश्ते विवादों में रहे। अब हाल ही में विक्की ललवानी को दिए इंटरव्यू में आर्य बब्बर ने स्मिता-राज के रिश्ते पर कहा, मैं आज 44 साल का हूं, ये तब हुआ जब मैं 4-5 साल का था। मेरे पिता ने जिंदगी में बहुत कुछ किया उसके बाद। लेकिन सबसे जरूरी चीज जो हम सबकी रह गई है वो ये कि हमारे पापा का एक अफेयर हुआ था। एक रिश्ते को उन्होंने इज्जत दी, साथ दिया था। वो हम सबकी जिंदगी का इशू बन गया। जो शायद नहीं होना चाहिए, क्योंकि हम सब आगे बढ़ गए हैं। आगे जब पूछा गया कि क्या इससे पिता से रिश्ते बिगड़ गए, तो आर्य कहते हैं, किस बच्चे को अच्छा लगेगा कि उसके पापा का बाहर अफेयर हो। अगर आपको पता चलता कि आपके पापा का अफेयर है, आपको अच्छा लगता। हर कोई मूव ऑन कर गया। पापा ने मूव ऑन कर लिया, उनका दूसरा अफेयर भी हो गया। आर्य ने बातचीत में ये भी बताया कि स्मिता पाटिल के लिए राज बब्बर ने घर खरीदा था और वो परिवार को छोड़कर उनके साथ जाकर रहने लगे थे। उस घर में फिलहाल प्रतीक बब्बर अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। आगे आर्य ने कहा, मैं स्मिता मां को प्यार और इज्जत देता हूं, क्योंकि उन्हें वो प्यार और इज्जत मेरे पिता ने दी। हमारी मां ने हमें समझाया है कि चाहे कुछ भी हो, प्रतीक के साथ हमारा स्वाभाव गलत नहीं होना चाहिए। हमारी मां ने हमें सिखाया, पिता ने नहीं। यही वजह है कि हम उसके साथ अच्छे से रहते हैं। जब मैंने देखा कि प्रतीक मेरी मां को मां कह रहा है, तो मैं भी स्मिता को स्मिता मां कहने लगा। आखिर में आर्य ने कहा, जिस स्मिता मां के लिए पापा ने हमें छोड़ा, आज उन्हीं का बच्चा पापा को पापा नहीं मान रहा है। उन्होंने ये भी साफ किया कि अब उनके प्रतीक से रिश्ते कभी सुधर नहीं सकेंगे।

दैनिक भास्कर 22 May 2026 11:42 am

ऐश्वर्या को आलिया ने नहीं किया रिप्लेस:कांस फिल्म फेस्टिवल की क्लोजिंग सेरेमनी के लिए बेटी आराध्या के साथ रवाना हुईं, एयरपोर्ट पर फैन ने रोका

बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय हर साल की तरह इस साल भी कांस फिल्म फेस्टिवल का हिस्सा बन रही हैं। वो हर साल लोरियल की तरफ से पहुंचती थीं, लेकिन ओपनिंग सेरेमनी में आलिया के आने से हर किसी का मानना था कि ऐश्वर्या इस साल कांस से नदारद रहेंगी। हालांकि ऐश्वर्या कांस के लिए रवाना हो चुकी हैं। कांस फिल्म फेस्टिवल 12 मई से शुरू हुआ है, जो 23 मई को खत्म होगा। मुंबई एयरपोर्ट से ऐश्वर्या राय का वीडियो सामने आया है। वो बेटी के साथ कांस के लिए निकलीं। उन्होंने ऑल ब्लैक आउटफिट पहना हुआ था। वहीं आराध्या ने भी मां से ट्विनिंग की थी। एयरपोर्ट में ऐश्वर्या एंटर कर ही रही थीं, जब एक यंग फैन ने उन्हें फोटो के लिए रोक लिया। वो लड़का पीछे की तरफ देख रहा था, तो ऐश्वर्या ने खुद उसे आगे देखने के लिए कहा, लेकिन इसके बाद उल्टा फैन ने ही ऐश्वर्या को टोककर कहा कि उसका कैमरा पीछे ही है। इसके बाद ऐश्वर्या राय ने पीछे की तरफ ही पोज कर फैन के साथ तस्वीर क्लिक करवाई। इस दौरान एक्ट्रेस की सिक्योरिटी टीम उस लड़के को पीछे करती दिखी। बीते साल चर्चा में रहा कांस से ऐश्वर्या का लुक ऐश्वर्या राय ने साल 2002 में कांस में डेब्यू किया था। इसके बाद से ही वो लगातार कांस में मौजूद रहती हैं। बीते साल ऐश्वर्या ने मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन की गई सफेद-गोल्डन साड़ी पहनी थी। रेड डायमंड जूलरी और सिंदूर के साथ ऐश्वर्या बेहद खूबसूरत दिखीं। उनका ट्रेडिशनल लुक काफी चर्चा में रहा था। कांस के दूसरे लुक में ऐश्वर्या राय ने गौरव गुप्ता के कलेक्शन की ब्लैक सिक्वल गाउन के साथ ट्रेल कैरी की थी। खुले बालों और मिनिमल जूलरी में एक्ट्रेस बेहद ग्लैमरस लगी थीं। कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय के ये लुक भी देखिए- कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। आलिया भट्ट का कांस लुक भी चर्चा में रहा तीसरे लुक में आलिया डिजाइनर तरुण तहिलियानी की आइवरी साड़ी में दिखाई दीं। वे फ्रेंच रिवेरा में भारत पैवेलियन पहुंचीं, जहां उन्होंने फिल्म मेकर आशुतोष गोवारिकर के साथ 57वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) का पोस्टर और क्रिएटिव विजन लॉन्च किया।

दैनिक भास्कर 22 May 2026 9:55 am

रैपिड फायर विद राम चरण:सलमान खान को कहा मोस्ट स्टाइलिश, जानिए विलेन बनने के हाईपोथेटिकल सवाल का क्या था मजेदार जवाब

साउथ सुपरस्टार राम चरण, RRR, मगधीरा, रंगस्थल जैसी बेहतरीन फिल्मों के बाद अब जल्द ही फिल्म पेद्दी ला रहे हैं। ये फिल्म 4 जून को रिलीज होने वाली है, जिसका ट्रेलर भी जारी किया जा चुका है। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने रैपिड फायर के कई बेहतरीन सवालों का मजेदार जवाब दिया है। ऊपर दिए गए वीडियो में क्लिक कर देखिए राम चरण के रैपिड फायर राउंड के जवाब। …………………………………….. राम चरण के भास्कर को दिए गए ये एक्सक्लूवि इंटरव्यू भी पढ़िए- राम चरण बोले- पेद्दी के लिए आमिर-सलमान से कॉन्फिडेंस मिला:डायरेक्टर मना करते हैं, लेकिन अपने स्टंट खुद करता हूं; सेट पर लगीं कई चोटें, पार्ट-1 सवाल- आपका डेडिकेशन दिख रहा है, हाथ पर चोटें भी हैं? राम चरण- बहुत सारे गिफ्ट्स (चोटें) मिले हैं मुझे इस डेडिकेशन के लिए। (हंसते हुए) जब पहली बार ये सुना था, तब मुझे मालूम हुआ। इससे पहले सलमान खान और आमिर खान की फिल्म भी चली थीं दंगल और सुल्तान। हम बहुत कॉन्फिडेंट थे कि इस तरह की फिल्में चलती हैं। उनका शुक्रिया। जहां तक कुश्ती का सवाल है… पूरी खबर पढ़िए……………………………….. भास्कर इंटरव्यू राम चरण बोले- कभी राजनीति में नहीं आऊंगा: दो नांव पर सवार होना मुश्किल, सबसे बड़ा एंटरटेनर बनना है; हनुमान भक्त हैं, कहा- मेरा नाम ही हनुमान, पार्ट–2 सवाल- हनुमान जी के भक्त हैं, आप? राम चरण- मेरे नाम ही हनुमान है, हनुमान मेरे लिए भाई, दोस्त, फादर, मेरे लिए सब कुछ हैं।सवाल- पिता की लीगेसी आगे बढ़ाने के लिए प्रेशर फील करते हैं? राम चरण- फ्रैंकली कभी नहीं। हम लोग एंटरटेनमेंट फैमिली में पैदा हुए हैं। तो हमारे लिए ये कोई नई चीज नहीं थी। हम सिर्फ अच्छे काम के लिए तड़पते हैं, स्टारडम हमें.. पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 22 May 2026 5:30 am

दर्शील सफारी बोले- इन्फेक्शन के चलते दांत बाहर निकले:दर्दनाक था डेंटल प्रोसीजर, कहा- तारे जमीन का ऑडिशन देते हुए इसका मतलब तक नहीं पता था

तारे जमीन से स्टारडम हासिल करने वाले दर्शील सफारी जल्द ही फिल्म कृष्णा और चिट्ठी में नजर आने वाले हैं। फिल्म 29 मई को रिलीज हो रही है। हाल ही में दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दर्शील ने अपने करियर, परफेक्शन के दबाव, आमिर खान से मिली सीख, थिएटर, सोशल मीडिया और जिंदगी के संघर्षों पर खुलकर बात की। दर्शील ने बताया कि ‘तारे जमीन पर’ की सफलता के बाद उन्होंने खुद पर ही बहुत ज्यादा दबाव बना लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक वह फेल होने के डर में जीते रहे, लेकिन थिएटर ने उन्हें दोबारा खुद से जोड़ा। सवाल- अपनी जर्नी को कैसे देखते हैं, तारे जमीन पर से जो आपने छाप छोड़ी, क्या प्रेशर था कि हर परफॉर्मेंस वैसी ही हो? जवाब- 100%। वो कहते हैं ना कि आपने जिस चीज के लिए अपनी पूरी लाइफ लगाई हो, 20-25 साल काम किया हो, पूरी जी-जान लगाई और लोगों ने उसे पसंद किया, लेकिन मेरे लिए ये सब पहले ही हो गया। पहली ही बॉल पर सिक्स जैसा। बस मुझे बोला गया था कि इसको सिक्स बोलते हैं तो मैंने बल्ला घुमा दिया और हो गया। फिर मेरे लिए एक रिवर्स अंडरस्टैंडिंग शुरू होने लगी, क्योंकि फिर सब कुछ वैसा ही करना था। वो मैच कैसे करते हैं। तब मैं कहीं भी जाता था, जिनसे भी मिलता था, मैं उनके घर का बेटा बन गया था। तो अब मुझे ये मैच करना था, एक्सपेक्टेशन बैठ गई। आप मंजिल तक पहुंचे थे, अब आपको दोबारा वही सब हासिल करना है। मेरे लिए पिछले 15 साल डिस्कवरी के रहे। एक्सेप्ट करने के रहे। जो बातें 15 साल पहले समझ नहीं आती थीं वो फिर मुझे बाद में समझ आने लग गईं। पेंडमिक के बाद थोड़ा कॉन्फिडेंस फिर से शुरू हुआ कि अब मैं शुरुआत कर सकता हूं चीजों को ट्राई करने में, फिर से मुझे फिल्मों में काम मिलने लगा। वेब सीरीज में ज्यादा एड्स में थोड़ा कम काम किया। अब लगा कि हां अब मैं ट्रैक पर आ चुका हूं। ये फ्लो मिला है, ये मोमेंटम मिला है, इस पर अभी और कैसे बिल्ड कर सकता हूं और बैकग्राउंड नॉइज बंद कर दिया मैंने। सवाल- बैकग्राउंड नॉइस जो है कहीं ना कहीं वो आपके ऊपर लोड ज्यादा डालता गया? जवाब- बिल्कुल। और ये प्रेशर अनफॉर्चूनेटली मुझे है, हाल ही में मैं सोच रहा था, किसी ने मुझ पर वर्बली डाला ही नहीं है। ना मेरे पेरेंट्स, ना मेरे टीचर्स, ना मेरे दोस्त। किसी ने नहीं है। मुझसे सिर्फ ये सवाल पूछा जाता था कि अगला क्या है। मैं खुद ही अपने आप पर वो प्रेशर डालता था। आप फेलियर से डर जाते हो कि मुझे अभी फेल होना नहीं है हरगिज। अब कोशिश नहीं करूंगा तो पता नहीं चलेगा फेलियर क्या है, सक्सेस क्या है। तो ये सारी चीजें हो रही थीं और बहुत टाइम निकल गया उसमें। कई साल गए। उसी दौरान मैं थिएटर कर रहा था। तो थिएटर में तो और क्रिटिकल हो गया था। मैंने अपना वो बैकग्राउंड नॉइस जो आपको बता रहा हूं उस पर थोड़ा कंट्रोल लाना शुरू किया। और जब अच्छा कंट्रोल आ गया तो लाइफ बहुत बेहतरीन हो गई मेरे लिए। सवाल- आपने मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के साथ काम किया है, परफेक्शन वाला जो प्रेशर है उसने आपको कहीं ना कहीं एक गिल्ट भी दिया। जवाब- 100%। ये बड़ी डरावनी सी चीज होती है। एक बात मानी जाती है कि परफेक्शन का मतलब है कि आप एक भी एरर नहीं होने देंगे और आपका ऑब्जरवेशन इतना स्ट्रांग है। अब ये मैं नहीं कहूंगा कि मैंने आमिर सर से सीखा क्योंकि मैं बहुत छोटा था ये समझने के लिए कि परफेक्शन का मतलब भी क्या होगा, स्पेलिंग भी नहीं पता होगा। लेकिन बिल्कुल कहीं ना कहीं एक स्टैण्डर्ड सेट हो गया है दिमाग में कि मुझे यहां पहुंचना है और मुझे ये करना है। अब ये करना कैसे है, क्या करना है उसका कोई गाइडेंस नहीं है और होना भी नहीं चाहिए। वो आपको खुद को ही डिस्कवर करना है। थिएटर करते हुए रियलाइज हुआ कि मैंने इतना टाइम निकाल दिया है। मां ने मुझे गाइड किया कि हर चीज का एक सही टाइम आता है। सवाल- वो लम्हा याद है जब पहली बार सैकड़ों लोगों के बीच में आप सेलेक्ट हुए थे? जवाब- नहीं। मैंने जब ऑडिशन दिया था तब मुझे ऑडिशन का मतलब नहीं पता था। मुझे लगा शूटिंग चालू हो गई है। मैं स्कूल यूनिफॉर्म में था। मैंने सबको बोलना शुरू कर दिया था कि मैं फिल्म की शूटिंग कर रहा हूं। सवाल- क्या क्या बताया गया था ऑडिशन मैं जाने से पहले? जवाब- यही कि सीन है, ये लाइंस हैं तुम्हारी, तुम ऐसा सोचो कि तुम अब विंडो के बाहर देख रहे हो और तुम्हें कुछ एक बहुत प्यारी सी मछली दिख रही है कोई तालाब या कोई पॉटहोल में और उसमें पानी भरा हुआ है। सवाल- खिड़की से देखने वाले सीन की इमेज आज भी याद है जवाब- मैं लड़का ही ऐसा था जो बहुत डिस्ट्रैक्टेड था और मैं घूम जाता था इन चीजों में। तो मेरे लिए बहुत आसान था। फिर कहा टीचर डांटने वाली है तो तुम देख लेना क्या है। मुझे इसका कोई नॉलेज नहीं था। मुझे किसी ने चिल्लाया, मैंने बोला अरे भाई चिल्ला क्यों रहा है? क्या हो गया? मेरे लिए वो टीचर सीन फिल्म नहीं था। जेन्युइन इमोशन था। फिल्म मेरी परफॉरमेंस मेरे अकेले की नहीं थी। वो आमिर सर की भी थी, अमोल गुप्ते सर का भी थी। मैं ये भी मानता हूं कि कहीं ना कहीं सभी आर्टिस्ट की थी जिन्होंने सपोर्ट दिया है। सवाल- पहली बार अमोल गुप्ते से कब मुलाकात हुई? जवाब- ये बहुत फनी था। मैं शामक दावर की डांस क्लास में था। उनकी टीम के दो लोग थे। उन्होंने हाय कहा। वैसे तो अनजान लोगों को हाय नहीं बोलते, लेकिन मैं उल्टा था। मैं खुद अनजान लोगों से बात करने जाता था। मैं चला गया अमोल जी से बात करने। इतने स्वीटहार्ट पर्सन हैं, वो मुझे कहते थे दर्शील यार मैं तुझे आज से दर्शील नहीं बुलाऊंगा। मैं बोला क्या बुलाओगे आप? उन्होंने बोला मैं तुझे उस्ताद बुलाऊंगा। तो मैंने मेरा पेट नेम मेरी स्कूल की बुक में इरेज़ करके उस्ताद लिखना शुरू कर दिया था। मुझे उस्ताद का मतलब भी नहीं पता था तभी। सवाल- आमिर से फिर दूसरी बार जब मुलाकात हुई, वो कैसा था? जवाब- ऐसे लगा ही नहीं आमिर सर हैं, कैप, शॉर्ट्स, टीशर्ट, हाय आई एम आमिर। तो मतलब मेरे दिमाग में तो कुछ और ही चल रहा था कि यार आएगी पूरी फौज बॉडीगार्डों की, कैमरा, फोटोग्राफ ये वो वगैरह वगैरह। मैंने लगान थिएटर में देखी थी, दिल चाहता है थिएटर में देखी थी, मैं सोता था थिएटर में लेकिन मैंने सारी फिल्में देखी हैं। सवाल- बनी टीथ, जो आपका आइकॉनिक लुक है, क्या उसकी वजह से कभी रिजेक्शन मिला दर्शील- एडेनोइड्स कोई इन्फेक्शन टाइप सा होता है जिसमें टॉन्सिल इन्फेक्ट हो जाते हैं और उसमें आंखों के नीचे ऐसे काले गड्ढे होते हैं और दांत बाहर होते हैं। तो मुझे एडेनोइड्स था। फिल्मी दुनिया में स्क्रीन पर भी सही दिखना जरूरी है। अभी उस टीथ के साथ अगर मैं आपको बोलूं एक बहुत इंटेंस पॉलिटिकल रोल प्ले करना है मुझे, लेकिन मैं उसमें फिट नहीं हो सकता। लेकिन अगर मैं अभी बोलूं एक कॉमेडी फिल्म है, तो उसमें फिट हो जाऊंगा। तो मैंने फिर डेंटल प्रोसीजर करा लिया। काफी पेनफुल था।फिर अच्छा लगता है। सवाल- सेट पर मस्ती करते थे? जवाब- अरे बहुत, मैं लोगों का वॉकी-टॉकी चुराकर छुप जाता था और हाइड एंड सीक खेलता था उनके साथ।सवाल- आप नेपो किड नहीं हो। कितना मुश्किल होता है सर्वाइव करना? जवाब- मेरी मां ने थोड़ा बहुत थिएटर और टीवी भी किया है। तो मुझे नहीं पता कि मैं नेपोकिड हूं या नहीं। आपने विल स्मिथ को देखा है विल स्मिथ का जो बेटा है जेडन स्मिथ। वो ओपनली कहता है कि मेरे फादर के शैडो से मैं बाहर निकलूं कैसे भाई? आप मुझे याद ही विल स्मिथ के बेटे से करने वाले हो। मैं भी यही सोचता हूं। सवाल- इंटरनेशनल प्रोजेक्ट भी आ रहे हैं? मोहित और प्रियदर्शनी के साथ कुछ बताना चाहोगे? जवाब- मैं इस बारे में ज्यादा नहीं बोल सकता। जो कैरेक्टर मैं प्ले कर रहा हूं सचिन मुंशी, जिनको डिसेबिलिटी है, ड्यूशन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी। उनका जो माइंडसेट है, मैंने उनसे बात की है और उसके बाद में शायद दो घंटा रोया हूं सिर्फ। उनकी माइंडसेट ये है कि आप मुझे दया की नजरों से मत देखो बॉस। दया मत खाओ मुझपे। मैं ठीक हूं मेरी ये कंडीशन है मैंने एक्सेप्ट कर ली है अब देखो मैं क्या करता हूं। और उन्होंने पीएचडी लाई है। वो लाइफ और मौत के बीच में एक सेकंड के फर्क में रहते हैं। दूसरा इंडो-हॉलीवुड कोलैबोरेशन एक ब्रिटिश प्रोजेक्ट है। जहां मैं एक डीजे प्ले कर रहा हूं 80s 90s का। मैं इसके लिए एक्साइटेड हूं, क्योंकि मुझे म्यूजिक पसंद है। मैंने पिछले साल एक बॉलीवुड सीरीज देखी थी, उसका कंटीन्यूएशन भी आएगा। मैंने एक साउथ की रीमेक फिल्म भी शूट की है। उसमें प्रसाद ओक सर हैं, कबीर दुहान सिंह हैं, जैन खान दुर्रानी जो मेरे ऑपोजिट को-एक्टर प्ले कर रहे हैं ।

दैनिक भास्कर 22 May 2026 4:30 am

राम चरण बोले- कभी राजनीति में नहीं आऊंगा:दो नांव पर सवार होना मुश्किल, सबसे बड़ा एंटरटेनर बनना है; हनुमान भक्त हैं, कहा- मेरा नाम ही हनुमान, पार्ट–2

ग्लोबल स्टार राम चरण 4 जून को रिलीज होने वाली फिल्म पेद्दी में नजर आने वाले हैं। फिल्म रिलीज से पहले राम चरण ने दैनिक भास्कर से बातचीत में स्प्रिचुएलिटी, अनुशासन और राजनीति पर बात की है। जब राम चरण से पूछा गया कि क्या उन्हें कभी पिता की लीगेसी आगे बढ़ाने का प्रेशर महसूस होता है, तो उन्होंने कहा कि वो एक फिल्मी परिवार से आते हैं और उनके लिए ये आम बात है। सवाल- आप 41 दिनों तक अयप्पा दीक्षा लेते हैं, नंगे पांव चलना, काले कपड़े पहनना। ग्लोबल स्टार के तौर पर इस कनेक्शन को बढ़ाने के लिए क्या करते हैं? राम चरण- मैं खुश हूं कि सबको ये पसंद आ रहा है। मैं सलाह दूंगा कि सबको अयप्पा दीक्षा जरूर लेनी चाहिए। ये किसी धर्म या गॉड के बारे में नहीं है, ये हमारे जीने का तरीका है। ये सबसे अनुशासित तरीका है जिंदगी का। इसलिए हर साल 2 बार करता हूं, जिससे साल भर एनर्जी रहती है। ये पूरी तरह बैलेंस करता है। सवाल- हनुमान जी के भक्त हैं, आप? राम चरण- मेरे नाम ही हनुमान है, हनुमान मेरे लिए भाई, दोस्त, फादर, मेरे लिए सब कुछ हैं। सवाल- उपासना जो आपका सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम हैं, वो कहती हैं कि आप बहुत अनुशासित हैं, कभी ऐसा नहीं लगता कि ये डेडिकेशन छोड़कर आम दिन रहे? राम चरण- इतना भी डिसिप्लिन नहीं हूं। हर दिन लगता है कि लेट उठूं, लेट सोऊं फिल्म देखकर। रोज छोले भटूरे खाने का मन होता है, बिरयानी खाने का मन होता है। लेकिन क्या करूं, प्रोड्यूसर ऐसा करने नहीं देते। चिरंजीवी सर, डैड घर में रहते हैं, तो सोने नहीं देते, पूछते हैं जिम क्यों नहीं आया। तो अगर हमें कोई पुश करने वाला होता है तो रिलेक्स करने का कोई टाइम नहीं होता। सवाल- चिरंजीवी क्या आपको फिल्म से जुड़ी टिप्स देते हैं? राम चरण- बहुत कम टिप्स देते हैं। वो मानते हैं कि हर एक्टर की अपनी जर्नी होती है। जब उन्हें कुछ बहुत पसंद आता है, तब ही वो बात करते हैं, वर्ना उनका मानना है कि मैं खुद अपनी राह चुनुंगा। हर एक्टर के लिए डिसिप्लिन जरूरी है। दुनिया के हर सक्सेसफुल इंसान और एक्टर के लिए डिसिप्लिन जरूरी है। अगर डिसिप्लिन नहीं है तो कामयाबी जल्दी धुंधली हो जाती है। सवाल- आमतौर पर पिता हमेशा सामने तारीफ करने से कतराते हैं, लेकिन दूसरों के सामने करते हैं, क्या आपके साथ भी ऐसा ही है? राम चरण- मेरे पिता थोड़े अलग हैं। जो बच्चों को हमेशा बोलते रहते हैं कि अच्छा काम किया। बुरा काम किया तो कम बोलते हैं। वो तारीफ हमेशा करते हैं। सवाल- पिता का कोई ऐसा कॉम्प्लिमेंट, जो हमेशा याद रहेगा? राम चरण- ये कुश्ती की जो बॉडी बनी है, वो फिल्म के लिए ही मत रखना, हमेशा ऐसे ही रहना। वो वाकई बहुत तारीफ करते हैं, जो मैंने 14 महीने की मेहनत की है उसकी। ये वो चीज है, जिसकी पिता सराहना करते हैं। सवाल- पिता की लीगेसी आगे बढ़ाने के लिए प्रेशर फील करते हैं? राम चरण- फ्रैंकली कभी नहीं। हम लोग एंटरटेनमेंट फैमिली में पैदा हुए हैं। तो हमारे लिए ये कोई नई चीज नहीं थी। हम सिर्फ अच्छे काम के लिए तड़पते हैं, स्टारडम हमें पुश नहीं करता। सवाल- आपके लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट क्या है? राम चरण- मगधीरा और रंगस्थलम, इन दो फिल्मों ने मुझे एक्टर के तौर पर बनाया। सवाल- आपका परिवार राजनीति में भी बड़ा नाम है, विजय को भी देखें, आपके अंकल (पवन कल्याण) भी आंध्रप्रदेश सरकार में रहे, फैंस को उम्मीद है आप भी राजनीति में आएं? राम चरण- नहीं नहीं। बिल्कुल नहीं। मैं बस एंटरटेनमेंट फील्ड में बेस्ट बनना चाहता हूं। जाहिर तौर पर मेरे डैड और अंकल ने पॉलिटिक्स में कदम रखा, लेकिन मैं ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहता। मेरे लिए दो नांव में सवार होना बहुत मुश्किल है। फिल्म पेद्दी के बारे में- फिल्म पेद्दी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। ये एक पैन इंडिया फिल्म है। बुच्ची बाबू के निर्देशन में बनी इस फिल्म को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया है। ये जान्हवी कपूर की दूसरी तेलुगु फिल्म है। उन्होंने 2024 में फिल्म देवरा से तेलुगु सिनेमा में डेब्यू किया था। इससे पहले रविवार को मुंबई के बीकेसी में फिल्म का ट्रेलर लॉन्च इवेंट आयोजित किया गया था, जहां फिल्म की पूरी स्टारकास्ट मौजूद रही।

दैनिक भास्कर 22 May 2026 4:30 am

थलापति विजय एक फिल्म का ₹275 करोड़ लेते थे:कभी लुक्स-आवाज पर उड़ता था मजाक, एक्टिंग छोड़ने वाले थे, राजनीति में उतरे, अब CM हैं

साउथ सुपरस्टार थलापति विजय की कहानी फिल्मों की सफलता के साथ संघर्ष, आलोचना, पारिवारिक विवाद और राजनीति तक पहुंचने की भी रही है। करियर की शुरुआत में उनके लुक्स, आवाज और एक्टिंग का मजाक उड़ाया गया। लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद वह एक्टिंग छोड़ने का सोचने लगे थे। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को लवर बॉय इमेज से निकालकर फैमिली स्टार और फिर तमिल सिनेमा के बड़े मास सुपरस्टार के रूप में स्थापित किया। घिल्ली, थुप्पाक्की और सरकार जैसी फिल्मों में राजनीतिक और सामाजिक संदेशों ने उनकी अलग पहचान बनाई। इसी दौरान पिता एस.ए. चंद्रशेखर से राजनीतिक संगठन को लेकर विवाद भी चर्चा में रहा। बाद में विजय ने तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) लॉन्च की और अब वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं थलापति विजय के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। थलापति विजय का बचपन और पारिवारिक पृष्ठभूमि साउथ सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाने वाले थलापति विजय का पूरा नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। उनका जन्म 22 जून 1974 को चेन्नई में हुआ था। वह ऐसे परिवार से आते हैं, जिसका फिल्म इंडस्ट्री से गहरा संबंध रहा है। उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर तमिल फिल्मों के जाने-माने निर्देशक रहे हैं, जबकि मां शोभा चंद्रशेखर सिंगर, राइटर और प्रोड्यूसर रही हैं। घर में फिल्मी माहौल होने की वजह से विजय बचपन से कैमरा और सिनेमा की दुनिया के करीब रहे। हालांकि उनका बचपन पूरी तरह ग्लैमर से भरा नहीं था। छोटी बहन विद्या का कम उम्र में निधन हो गया था। कई इंटरव्यूज और तमिल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना के बाद विजय काफी शांत और अंतर्मुखी हो गए थे। फैंस मानते हैं कि उन्होंने बहन की याद में कई निजी प्रोजेक्ट्स में विद्या नाम का इस्तेमाल किया। पढ़ाई बीच में छोड़ी, एक्टिंग को चुना विजय ने शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के फातिमा मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल और बाललोक मैट्रिकुलेशन स्कूल से की थी। इसके बाद उन्होंने लोयोला कॉलेज में विजुअल कम्युनिकेशन कोर्स में एडमिशन लिया। लेकिन उसी दौरान फिल्मों में उनकी व्यस्तता बढ़ने लगी। उन्होंने महसूस किया कि उनका पूरा फोकस एक्टिंग पर जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ दी। विजय के पास कोई बड़ी प्रोफेशनल डिग्री नहीं है, लेकिन बाद के वर्षों में कई संस्थानों ने उन्हें मानद सम्मान दिए। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि पढ़ाई अधूरी छोड़ने वाला यह लड़का आगे चलकर करोड़ों लोगों का सुपरस्टार बनेगा। पिता की फिल्म से डेब्यू, लेकिन शुरुआत रही मुश्किल विजय ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट वेट्री, कुटुम्बम, नान सिगप्पु मनिथन, वसंत रागम, सत्तम ओरु विलयाट्टु और इधु एंगाल नीती जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें से अधिकांश फिल्मों का निर्देशन उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने किया था। इसके बाद विजय ने 1992 में फिल्म 'नालैया थीरपु' से लीड एक्टर के रूप में करियर शुरू किया था। लुक्स और आवाज का मजाक उड़ाया गया हालांकि शुरुआत उनके लिए बेहद कठिन रही। शुरुआती फिल्मों के फ्लॉप होने के साथ विजय को उनके लुक्स, आवाज और एक्टिंग के लिए आलोचना सहनी पड़ी। उस दौर की कई मैगजीन्स में लिखा गया कि वह हीरो मटेरियल नहीं हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय ने बाद में कहा था कि लोग उनके लुक्स और आवाज का मजाक उड़ाते थे। एक्टिंग छोड़ने तक का मन बना लिया था। विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि इंडस्ट्री के कई लोगों ने उन्हें लॉन्च करने के फैसले पर सवाल उठाए थे। लगातार आलोचना से विजय इतने परेशान हो गए थे कि उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया था। लेकिन परिवार, खासकर उनके पिता ने उन्हें हिम्मत दी और मेहनत जारी रखने की सलाह दी। बहन की मौत ने बदल दिया स्वभाव विजय की जिंदगी में बहन विद्या की मौत सबसे बड़ा भावनात्मक झटका मानी जाती है। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, पहले विजय काफी शरारती थे, लेकिन बहन के निधन के बाद उनमें गंभीरता आ गई। इसी दौर में उनका फिल्मों और किताबों की तरफ झुकाव बढ़ा। कई फिल्म समीक्षकों का मानना है कि उनकी फिल्मों में दिखाई देने वाली इमोशनल डेप्थ उनके निजी संघर्षों से जुड़ी रही। इंडस्ट्री में शुरुआती रिजेक्शन और आलोचना के बावजूद विजय टूटे नहीं। उन्होंने डांस, स्क्रीन प्रेजेंस, बॉडी लैंग्वेज और डायलॉग डिलीवरी पर लगातार मेहनत की। यही मेहनत आगे चलकर उनकी पहचान बनी। ‘लवर बॉय’ से बने फैमिली स्टार 1996 में रिलीज हुई 'पूवे उनाक्कागा' विजय के करियर का पहला बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। यह उनके करियर की पहली बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म थी। इस रोमांटिक-ड्रामा फिल्म ने विजय को तमिल सिनेमा का बड़ा स्टार बना दिया और उनकी छवि स्थापित रोमांटिक हीरो की बन गई। वह फैमिली ऑडियंस और युवाओं के बीच लोकप्रिय हो गए। इसके बाद उन्होंने कई रोमांटिक और फैमिली फिल्में कीं। धीरे-धीरे उनकी इमेज लवर बॉय स्टार के रूप में बनने लगी। उस दौर में विजय की सबसे बड़ी ताकत उनकी सरलता और साफ छवि मानी जाती थी। वह बाकी स्टार्स की तरह ज्यादा विवादों में नहीं रहते थे और मीडिया से सीमित बातचीत करते थे। बिहाइंडवुड्स के एक पुराने इंटरव्यू में विजय ने कहा था- ‘मैं ज्यादा बोलने वाला इंसान नहीं हूं।’ यही रिजर्व्ड पर्सनैलिटी आगे चलकर उनकी पब्लिक इमेज का अहम हिस्सा बनी। घिल्ली और थुप्पाक्की ने बनाया ‘मास सुपरस्टार’ 2003 की थिरुमलाई और 2004 की ब्लॉकबस्टर घिल्ली ने विजय की इमेज पूरी तरह बदल दी। अब वह सिर्फ रोमांटिक हीरो नहीं रहे, बल्कि मास एक्शन स्टार बन गए। उनकी एंट्री, डांस स्टेप्स और पंच डायलॉग्स युवाओं के बीच लोकप्रिय होने लगे। इसके बाद थुप्पाक्की, मर्सल, मास्टर और लियो जैसी फिल्मों ने उनके स्टारडम को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। खास बात यह रही कि विजय ने आलोचनाओं का जवाब विवादों से नहीं दिया। उन्होंने अपने काम से लोगों की सोच बदली। विजय अब तक 68 फिल्मों में एक्टिंग कर चुके हैं। उनकी 69वीं फिल्म 'जन नायकन' है। इस फिल्म के बाद उन्होंने एक्टिंग से सन्यास ले लिया। यह फिल्म 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर और अन्य विवादों की वजह से टल गई। कुछ रिपोर्ट्स में विजय के बर्थडे 22 जून 2026 को संभावित रिलीज डेट बताया गया है, लेकिन आधिकारिक फाइनल डेट अनाउंस नहीं हुई है। फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वह भारत के दूसरे सबसे महंगे पेड एक्टर हैं। एक फिल्म के लिए वह 130-275 करोड़ रुपए तक फीस लेते हैं। फिल्मों में राजनीतिक संदेश और बढ़ती लोकप्रियता विजय की कई फिल्मों में सिस्टम, भ्रष्टाचार और राजनीति से जुड़े मुद्दे दिखाई दिए। मर्सल में GST और मेडिकल सिस्टम पर टिप्पणी चर्चा में रही, जबकि सरकार में वोटिंग और राजनीतिक भ्रष्टाचार पर फोकस किया गया। बीबीसी न्यूज की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन फिल्मों के डायलॉग्स और सीन राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गए थे। इससे विजय की पॉलिटिकली अवेयर स्टार वाली इमेज मजबूत हुई। इसी दौरान उनका फैन नेटवर्क ‘विजय मक्कल इयक्कम’ तेजी से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय होने लगा। ब्लड डोनेशन कैंप, गरीबों को खाना बांटना और एजुकेशन सपोर्ट जैसे कार्यक्रमों ने विजय को सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि सामाजिक चेहरा बना दिया। पिता से विवाद ने मचाई हलचल 2020 में विजय और उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर के रिश्ते सार्वजनिक विवाद की वजह से सुर्खियों में आ गए। दरअसल, एस.ए. चंद्रशेखर ने ‘ऑल इंडिया थलापति विजय मक्कल इयक्कम’ नाम से राजनीतिक संगठन रजिस्टर कराया था। इसके बाद विजय ने बयान जारी कर कहा कि उनका उस संगठन से कोई संबंध नहीं है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय नहीं चाहते थे कि उनकी राजनीतिक पहचान किसी और के फैसले से तय हो। इसी घटना के बाद पिता-पुत्र के रिश्तों में तनाव की खबरें आने लगीं। हालांकि बाद में एस.ए. चंद्रशेखर ने माना कि रिश्तों में उतार-चढ़ाव रहे, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच सुलह हुई। 2023 में दोनों फिर साथ दिखे। मां शोभा चंद्रशेखर बनीं सबसे बड़ा सहारा इन पारिवारिक तनावों के बीच विजय की मां शोभा चंद्रशेखर हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पिता और बेटे के बीच सुलह कराने में अहम भूमिका निभाई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विजय अपनी मां के बेहद करीब हैं। उनके लिए चेन्नई में साईं बाबा मंदिर बनवाने की खबर काफी चर्चित रही। राजनीति में एंट्री: लॉन्च की TVK फरवरी 2024 में विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी TVK लॉन्च की। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी लॉन्च करते समय विजय ने कहा था कि राजनीति उनके लिए जन-केंद्रित सेवा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, जाति आधारित राजनीति और डिविसिव पॉलिटिक्स के खिलाफ काम करना उनका लक्ष्य होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, विजय लंबे समय से अपनी राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे थे। उनका फैन नेटवर्क पहले से जमीनी स्तर पर सक्रिय था और 2021 के लोकल बॉडी चुनावों में समर्थित उम्मीदवारों की जीत ने इसकी ताकत दिखा दी थी। कहा- पैसों के लिए वोट मत बेचिए 2023 में छात्रों और बोर्ड टॉपर्स को सम्मानित करने वाले कार्यक्रम में विजय का एक बयान वायरल हुआ था। द हिंदू की रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने युवाओं से कहा था- ‘पैसों के लिए अपना वोट मत बेचिए।’ इस बयान को उनकी राजनीतिक एंट्री का बड़ा संकेत माना गया। विजय युवाओं से फर्स्ट टाइम वोटर्स और क्लीन पॉलिटिक्स की बात करते थे। विश्लेषकों का मानना है कि वह खुद को सिर्फ स्टार नहीं, बल्कि 'यूथ-सेंट्रिक लीडर' के रूप में पेश करना चाहते थे। सीएम कैसे बने विजय? विजय की राजनीति में एंट्री के बाद TVK ने तेजी से अपना जनाधार बढ़ाया। युवाओं, फर्स्ट टाइम वोटर्स और उनके मजबूत फैन नेटवर्क ने पार्टी को जमीनी स्तर पर फायदा पहुंचाया। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने भ्रष्टाचार, शिक्षा, बेरोजगारी और क्लीन पॉलिटिक्स को मुख्य मुद्दा बनाया। चुनाव में TVK को बड़ी सफलता मिली और पार्टी तमिलनाडु की सत्ता तक पहुंच गई। इसके बाद TVK विधायक दल की बैठक में विजय को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। फिर उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने कहा कि उनकी राजनीति का मकसद जनता के लिए काम करना है और वह युवाओं व आम लोगों के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। तमिलनाडु की राजनीति में फिल्म स्टार्स का लंबा इतिहास रहा है। एम. जी. रामचंद्रन, जे. जयललिता और एन. टी. रामा राव जैसे सितारे सत्ता तक पहुंच चुके हैं। शादी, परिवार और तलाक की चर्चाएं विजय ने 25 अगस्त 1999 को संगीता सोरनलिंगम से शादी की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संगीता यूके बेस्ड श्रीलंकाई तमिल परिवार से थीं और पहले विजय की बड़ी फैन थीं। दोनों के दो बच्चे हैं- जेसन संजय (बेटा) और दिव्या शाशा (बेटी)। उनके बेटे जेसन संजय फिल्ममेकिंग और निर्देशन में रुचि रखते हैं। लंबे समय तक विजय की इमेज फैमिली मैन स्टार की रही, लेकिन 2026 में उनके रिश्ते को लेकर तलाक की खबरों ने जोर पकड़ लिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि संगीता ने फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दायर की है। कुछ रिपोर्ट्स में एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर और लंबे समय से अलग रहने जैसी बातें सामने आईं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई और विजय की तरफ से सीमित सार्वजनिक प्रतिक्रिया आई। सोशल मीडिया और Reddit पर इस मुद्दे को लेकर बहस हुई। कुछ लोगों ने इसे उनकी राजनीतिक छवि से जोड़कर देखा, जबकि कई फैंस ने उनका समर्थन किया। पत्नी से तलाक की खबरों के अलावा भी विजय का नाम कुछ और विवादों से जुड़ा है। __________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... रितेश को लोगों ने एक्टर नहीं, सीएम का बेटा माना:फिल्में फ्लॉप हुईं तो एक्टिंग छोड़ना चाहते थे; कॉमेडी से पहचान मिली, विलेन बनकर चौंकाया कॉमेडी फिल्मों से पहचान बनाने वाले रितेश देशमुख आज ‘राजा शिवाजी’ में छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि एक दौर ऐसा भी था, जब लगातार फ्लॉप फिल्मों और ट्रोलिंग से परेशान होकर उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया था।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 22 May 2026 4:30 am

सोनाक्षी सिन्हा-जहीर इकबाल ने बनाया मेलोडी टॉफी पर वीडियो:पीएम मोदी ने मेलोनी को गिफ्ट की टॉफी; सोशल मीडिया पर शुरू हुआ मेलोडी ट्रेंड

बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा और उनके पति जहीर इकबाल सोशल मीडिया पर चल रहे 'मेलोडी' ट्रेंड में शामिल हो गए हैं। दोनों ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक मजेदार वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में जहीर मेलोडी टॉफी की मशहूर टैगलाइन बोलते नजर आ रहे हैं। दरअसल, यह पूरा ट्रेंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी देने के बाद शुरू हुआ है। जॉइंट इंस्टाग्राम पोस्ट में शेयर किए गए इस वीडियो में सोनाक्षी अपने पति जहीर से पूछती हैं, तुम क्या पूछना चाहते हो? इस पर जहीर जवाब देते हैं, तुम अच्छी तरह जानती हो कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूं। जब सोनाक्षी चिढ़ाते हुए कहती हैं नहीं, तो जहीर तुरंत अपनी जेब से मेलोडी टॉफी निकालते हैं और कहते हैं, मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ। पीएम मोदी और मेलोनी के वीडियो से शुरू हुआ ट्रेंडइस मेलोडी ट्रेंड का बैकग्राउंड काफी दिलचस्प है। हाल ही में इंस्टाग्राम पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में दोनों नेताओं के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत हो रही थी। जी-7 समिट या द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान भारत की तरफ से इटली को मेलोडी टॉफी का एक पैकेट गिफ्ट किया गया था। इसके बाद से ही यह मामला चर्चा में आया। 'मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ' की कहानीवीडियो में इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी कहती हैं, प्रधानमंत्री मोदी हमारे लिए एक गिफ्ट लेकर आए हैं, यह बहुत अच्छी टॉफी है। इस पर पीएम मोदी हंसते हुए कहते हैं, मेलोडी। इसके बाद दोनों नेता हंसने लगते हैं। दोनों देशों के बड़े नेताओं के बीच हुई इस बातचीत के बाद से ही सोशल मीडिया पर मेलोडी को लेकर अलग-अलग रील्स और वीडियो बनाने का ट्रेंड शुरू हो गया, जिसमें अब बॉलीवुड के ये सेलिब्रिटीज भी शामिल हो रहे हैं। स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत की थी शादी बता दें कि सोनाक्षी और जहीर ने साल 2024 में 'स्पेशल मैरिज एक्ट' के तहत शादी की थी। यह कानून अलग-अलग धर्मों के लोगों को बिना धर्म बदले शादी करने की अनुमति देता है। चूंकि यह एक अंतरधार्मिक विवाह था, इसलिए सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी चर्चा और बहस हुई थी। सलमान खान की पार्टी में हुई थी पहली मुलाकात सोनाक्षी और जहीर की लव स्टोरी करीब 10 साल पुरानी है। दोनों की पहली मुलाकात साल 2016 में सलमान खान की एक पार्टी में हुई थी। यहीं से उनकी दोस्ती शुरू हुई, जो समय के साथ और मजबूत होती गई। साल 2017 से दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया।

दैनिक भास्कर 21 May 2026 4:50 pm

रणवीर सिंह की धुरंधर का नया वर्जन कल होगा स्ट्रीम:बिना किसी कट के रिलीज होगी फिल्म, हाई कोर्ट की जांच के बीच मेकर्स का फैसला

रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ का अनकट वर्जन 'धुरंधर रॉ एंड अनदेखा' कल यानी 22 मई से ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स और जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होने जा रहा है। नेटफ्लिक्स और जियोहॉटस्टार ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी। 'धुरंधर रॉ एंड अनदेखा' वर्जन हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में उपलब्ध होगा। यह फिल्म पिछले साल 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसके बाद 30 जनवरी को इसे नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया गया था। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म के दूसरे पार्ट में सेना की गोपनीय जानकारियां दिखाने के आरोपों पर केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड से जांच करने को कहा है। 'धुरंधर 2' की स्ट्रीमिंग डेट भी तयमेकर्स ने फिल्म के दूसरे पार्ट 'धुरंधर: द रिवेंज रॉ एंड अनदेखा' की रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया है। इस पार्ट का प्रीमियर 4 जून को शाम 7 बजे होगा। इसके बाद 5 जून से दर्शक इसे सिर्फ जियोहॉटस्टार पर देख सकेंगे। फिल्म के दोनों ही पार्ट ने बॉक्स ऑफिस पर बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं और दोनों फिल्मों की कहानी को दर्शकों ने काफी पसंद किया है। दूसरे पार्ट पर चल रहा है कानूनी विवादफिल्म का नया वर्जन ऐसे समय में आ रहा है जब इसके दूसरे पार्ट को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में कानूनी विवाद चल रहा है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के हेड कांस्टेबल दीपक कुमार ने कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में सेना के ऑपरेशन्स से जुड़ी गुप्त जानकारियां दिखाई गई हैं, जिससे देश की सुरक्षा और अखंडता को खतरा हो सकता है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड को दिए निर्देशइस मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि फिल्म भले ही काल्पनिक हो, लेकिन एक सुरक्षाकर्मी की ओर से उठाए गए मुद्दों को छोड़ नहीं सकते। कोर्ट ने केंद्र सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से इन आरोपों की जांच करने को कहा है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस बात की जांच की जाए कि क्या फिल्म से ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का उल्लंघन हुआ है। दोनों पार्ट ने वर्ल्डवाइड ₹3000 करोड़ कमाए रणवीर सिंह स्टारर फिल्म धुरंधर और धुरंधर 2 ने मिलकर दुनियाभर में 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है। इसके बाद यह 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। फिल्म ने अब तक भारत में करीब ₹1145 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1797 करोड़ ग्रॉस कमाई कर ली है। वहीं 5 दिसंबर 2025 में रिलीज हुई धुरंधर ने दुनियाभर में करीब ₹1,307.35 करोड़ का कलेक्शन किया था। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें‘धुरंधर 2’ की OTT रिलीज डेट आउट:5 जून से जियो-हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी, भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली दूसरी फिल्म रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 'धुरंधर 2' बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड ब्रेकिंग परफॉरमेंस के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज के लिए तैयार है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म 5 जून से जियो-हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। पूरी खबर पढ़े…

दैनिक भास्कर 21 May 2026 3:48 pm

बोल्ड सीन पर आपत्तिजनक कमेंट देख भड़कीं कुनिका:कहा- देश में औरत होना पाप, मारो-जला दो, कत्ल करो; अमरीश पुरी के साथ रोमांस करती दिखी थीं

लगातार राजनैतिनक मुद्दों पर राय रखने वालीं कुनिका सदानंद तब भड़क गईं, जब कुछ लोगों ने उनके पुराने बोल्ड सीन पर उन पर आपत्तिजनक कमेंट करना शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ गई कि कुनिका ने ये तक कह दिया कि भारत में औरतों को जलील करना और मार डालना पाप है। वायरल किए जा रहे वीडियो में कुनिका सदानंद एक फिल्मी सीन में अमरीश पुरी के साथ पूल में रोमांस करती दिखी थीं। इसे शेयर कर एक यूजर ने लिखा, ये कुनिका हैं, जो आदर्ष के झंडे उठाती हैं और मोदी जी को हर रोज गालियां देती हैं। इस ट्वीट के जवाब में कुनिका ने पहले तो सफाई देकर लिखा, ‘ये रोल है बेवकूफ। इसे एक्टिंग कहते हैं।’ इसके बावजूद भी उस वीडियो पर कई आपत्तिजनक और अभद्र भाषा वाले कमेंट आते रहे। इस पर भड़ककर कुनिका ने लिखा, ‘इस देश में औरत होना पाप हो गया है। औरतों को मारो, जला दो, कत्ल कर दो, रेप कर दो, उनको गाली दो, लांछन लगाओ, भ्रूण हत्या करो, तौहीन करो, उनका हक और उनसे मौका छीनों। ये सब जायज है हमारे नए भारत में।’ विवाद के बीच कई लोग ऐसे भी रहे जो कुनिका का बचाव करते दिखे। एक महिला ने कुनिका के बचाव में लिखा, ‘किसी एक्ट्रेस के पुराने सीन को लेकर उसे सार्वजनिक रूप से सेक्शुअलाइज करना, मजाक उड़ाना और गंदी बातें करना सनातन संस्कृति नहीं, बल्कि साफ तौर पर औरतों के प्रति घटिया सोच और मिसोजिनी है।’‘जो लोग हर समय संस्कार और परंपरा की बातें करते हैं, वही ऑनलाइन महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करके शिकारी जैसी हरकतें कर रहे हैं। हिंदू धर्म महिलाओं का सम्मान सिखाता है, उनका अपमान, पीछा करना या उन्हें नीचा दिखाना नहीं। ऐसी सोच को बढ़ावा देने वाले हर आदमी को शर्म आनी चाहिए।’ तृषा-विजय का बचाव कर ट्रोलिंग का शिकार हुईं कुनिका दरअसल, कुनिका सदानंद ने हाल ही में थलापति विजय और तृषा कृष्णन का बचाव करते हुए कहा था कि नरेंद्र मोदी भी पत्नी को छोड़ चुके हैं। इसके बाद से ही उन्हें बीजेपी सपोर्टर्स की तरफ से आलोचना झेलनी पड़ रही है। 62 साल की कुनिका सदानंद 90 के दशक की जानी-मानी एक्ट्रेस रही हैं। वो हम साथ-साथ हैं, बेटा, प्यार किया तो डरना क्या, खिलाड़ी, गुमराह, कोयला जैसी दर्जनों फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। कुनिका सदानंद बिग बॉस 19 का हिस्सा रही थीं। इस समय उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा में रही। शो में उन्होंने बताया कि उन्होंने घरवालों के खिलाफ जाकर लव मैरिज की थी। बेटे के जन्म के ठीक बाद उनके ससुराल वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया और बेटे को भी छीन लिया। बेटे की कस्टडी हासिल करने के लिए उन्होंने फिल्मों में छोटे-मोटे रोल कर कोर्ट की फीस भरी थी। एक समय वो कुमार सानू के साथ भी रिलेशनशिप में रही थीं।

दैनिक भास्कर 21 May 2026 1:09 pm

अनुराग डोभाल का पेरेंट्स पर आरोप- मेरे खिलाफ साजिश रची:बोले- जिस दिन अस्पताल गया, तभी मेरे खिलाफ शिकायत की; मार्च में की सुसाइड की कोशिश

8 मार्च 2026 में परिवार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर सुसाइड की कोशिश करने वाले राइडर अनुराग डोभाल ने फिर एक बार परिवार पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परिवार उनके खिलाफ साजिश रच रहा है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ था, उस दिन भी पिता ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। अनुराग डोभाल ने अपने यूट्यूब चैनल पर नया व्लॉग शेयर किया है। इसमें उन्होंने कहा कि जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ, उस दिन उन्हें उम्मीद थी कि उनके परिवार वाले भी पहुंचेगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब हाल ही में काम के सिलसिले में देहरादून गए अनुराग को पता चला है कि 8 मार्च को जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ, उसी समय उनके पिता ने उनके खिलाफ 50 पन्नों की शिकायत दर्ज करवाई। अनुराग के खिलाफ जांच भी होती रही और अब जाकर उन्हें इसकी जानकारी मिली। अनुराग ने कहा कि एक्सीडेंट के बाद रिकवरी का एक महीना बेहद दर्दनाक था। उन्हें डायपर यूज करने पड़े, लेकिन उनके परिवार से कोई आगे नहीं आया। उल्टा उनके खिलाफ शिकायत कर दी। उनका कहना है कि कोई भी मां-बाप अपने सगे बच्चे के साथ कभी ऐसा नहीं कर सकते। शिकायत में मां ने लिखा, अनुराग के दोस्तों से डर लगता है अनुराग डोभाल ने बताया है कि उनके खिलाफ दर्ज हुई शिकायत में ये भी लिखा गया है कि मां को उनके घर आने वाले दोस्तों से डर लगता था। जबकि राइडर ने दावा किया है कि जब भी उनके दोस्त घर आए, उनकी मां खुद उन्हें खाना खिलाती थीं। शिकायत में ये भी आरोप- राइडर के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत के अनुसार, अनुराग ने घर आकर मां-बाप को धमकी दी और जबरदस्ती पेरेंट्स से पेपर में साइन करवाए। बता दें कि दोनों पक्षों में प्रॉपर्टी को लेकर भी विवाद है। अनुराग का कहना है कि उनके दादा जी, जिनका निधन 2022 में हुआ है, उनकी प्रॉपर्टी में उनका भी हिस्सा है। लेकिन उनके पेरेंट्स ने नोटिस जारी कर उन्हें घर और प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया है। अनुराग का कहना है कि पेरेंट्स अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल करने का हक रखते हैं, लेकिन दादाजी की नहीं। आखिर में अनुराग ने कहा- मेरे खिलाफ क्या क्या साजिशें हो रही हैं, अगर मैं आपको बताऊं तो आपको यकीन नहीं होगा। लेकिन में समय पर सब बताऊंगा, क्योंकि मैं गलत नहीं हूं। क्या है अनुराग डोभाल और पेरेंट्स का विवाद विवाद मार्च के पहले हफ्ते में शुरू हुआ था जब अनुराग ने अपने माता-पिता और भाई कलम इंक (अतुल डोभाल) पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। अनुराग डोभाल (UK07) ने यूट्यूबर पर दो घंटे का एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने बताया कि इंटरकास्ट मैरिज के चलते उनके परिवार वाले उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। उनकी पत्नी भी छोड़कर चली गई है। रोते हुए वो बार-बार आत्महत्या की बातें कर रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद से ही अनुराग को जमकर ट्रोल किया जा रहा था। इसके बाद शनिवार को अनुराग इंस्टाग्राम पर लाइव आए, उन्होंने कार ड्राइव करते हुए लाइव स्ट्रीमिंग में कहा- “मम्मी अगले जन्म आऊं तो प्यार दे देना बस… बहुत जरूरत थी प्यार की। लोग ही नहीं बचे, किसको फोन करूं।” इसके बाद उन्होंने कहा, “लेट्स गो फॉर द फाइनल ड्राइव।” लाइव में दिखाई देता है कि अनुराग कार में एक अंग्रेजी गाना लगाते हैं और तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने लगते हैं। कुछ ही देर में स्पीड करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। इसी दौरान वह अचानक स्टीयरिंग घुमाते नजर आते हैं, जैसे गाड़ी को डिवाइडर से टकराने की कोशिश की हो। हालांकि उसी समय इंस्टाग्राम लाइव अचानक बंद हो जाता है। हादसे में उनकी गर्दन और पीछे के हिस्से में गहरी चोटें आई हैं। घटना के बाद उन्हें मेरठ के शुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दूसरी तरफ, उनके भाई कलम इंक ने इन आरोपों को गलत बताया और दावा किया कि अनुराग के दावों की वजह से उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।

दैनिक भास्कर 21 May 2026 11:16 am

सलमान खान को पैपराजी ने घेरा:नाराजगी पर चिल्ला-चिल्लाकर बोला- सॉरी भाईजान, फिर एक्टर ने दिए पोज, पहले कहा था- ऐसे सौ जला दूंगा

मंगलवार को सलमान खान हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे, जहां से निकलते हुए पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए। उन्होंने पैपराजी को जमकर खरी-खोटी सुनाई और फिर बाद में सीरीज में पोस्ट शेयर कर सभी को चेतावनी दी थी। हालांकि अब ये विवाद खत्म हो चुका है। हाल ही में सलमान खान, फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे थे, जहां सभी पैपराजी ने उनसे माफी मांगी है। सलमान जैसे ही पार्टी में पहुंचे, वैसे ही सभी पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और माफी मांगने लगे। सभी एक साथ, सॉरी भाईजान, जोर से बोलो सॉरी, कहते दिखे। इसके बाद सलमान ने भी उनकी माफी कबूल कर ली। क्यों हुआ था विवाद? सलमान खान मंगलवार को अपनी सिक्योरिटी टीम के साथ हिंदुजा हॉस्पिटल से निकल रहे थे। उन्हें देखते ही पैपराजी ने उनकी अपकमिंग फिल्म मातृभूमि चिल्लाना शुरू कर दिया। सलमान करीब आए और सभी को सुनाने लगे। कुछ देर बाद उन्होंने आधिकारिक X अकाउंट से एक-एक कर 4 पोस्ट कीं। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा, “अगर मैं किसी प्रेस वाले को अस्पताल में मेरी पीड़ा का मजा लेते देखूं। उस प्रेस वाले के लिए मैंने खड़ा होकर बात की है, उनका ध्यान रखा है ताकि वो भी अपनी रोजी-रोटी कमा सकें।” दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “लेकिन अगर वो मेरे नुकसान से पैसा कमाना चाहते हैं, तो करते रहें। भाई भाई मातृभूमि पिक्चर की मां की आंख, पिक्चर इंपोर्टेंट है या लाइफ।” तीसरी पोस्ट में सलमान लिखते हैं, “ऐसे मैं सौ जला दूंगा। भाई का एक भाई के दुख पर अगली बार कोशिश कर लेना मेरे साथ। बस कोशिश कर लेना, जब भी तुम्हारा कोई अस्पताल में होगा, क्या मैं ऐसा रिएक्ट करूंगा?” आखिर में सलमान खान ने लिखा, “साठ साल का हो गया हूं लेकिन लड़ना नहीं भूला, ये याद रख लेना, जेल में डालोगे हाहा हाहा।” वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सलमान की नाराजगी के बाद पैपराजी उनसे माफी मांगते दिखे हैं। इस दौरान सलमान ने कुछ अपशब्द भी कहे। बता दें कि ये हाल-फिलहाल का इकलौता मामला नहीं है। इससे पहले गोविंदा के बॉडीगार्ड्स की भी पैपराजी से बहस हो चुकी है। दरअसल, गोविंदा सोमवार को एक इवेंट में पहुंचे थे। वहां से निकलते हुए उन्हें पैपराजी ने घेर लिया। जब उनके गार्ड्स ने निकलने की जगह बनाने के लिए लोगों को पीछे किया, तो पैपराजी ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया। विवाद बढ़ने पर गोविंदा को खुद बीच-बचाव करना पड़ा।

दैनिक भास्कर 21 May 2026 10:01 am

सीएम नायब सैनी से मिले एक्टर रणदीप हुड्डा:हरियाणवी संस्कृति, युवाओं को लेकर चर्चा; सीएम बोले- माटी की खुशबू को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया

हरियाणा की राजनीति, संस्कृति और फिल्म जगत से जुड़ी दो बड़ी हस्तियों की मुलाकात ने बुधवार को संत कबीर कुटीर का माहौल खास बना दिया। हरियाणा के सीएम नायब सैनी से प्रदेश की माटी से जुड़े सुप्रसिद्ध बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने मुलाकात की । इस दौरान सीएम ने राधा-कृष्ण की तस्वीर भी भेंट की। इस दौरान हरियाणा की संस्कृति, युवाओं की प्रतिभा, फिल्म उद्योग में प्रदेश की बढ़ती पहचान और हरियाणवी बोली को देश-दुनिया तक पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। एक्टर रणदीप हुड्डा की सादगी, अभिनय क्षमता और अपनी मिट्टी से जुड़ाव को लेकर मुख्यमंत्री ने भी उनकी सराहना की। इस बारे में सीएम के सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट भी शेयर भी की गई है। हरियाणवी संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने में अहम योगदान सीएम नायब सैनी ने कहा कि रणदीप हुड्डा ने बॉलीवुड में अपनी दमदार अभिनय शैली से अलग पहचान बनाई है। उन्होंने फिल्मों के माध्यम से हरियाणवी बोली, संस्कृति और प्रदेश की मिट्टी की खुशबू को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रणदीप हुड्डा जैसे कलाकार प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। अभिनय और सादगी से जीता लोगों का दिल मुख्यमंत्री ने अभिनेता रणदीप हुड्डा के सादगीपूर्ण व्यक्तित्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि फिल्मी दुनिया में ऊंचा मुकाम हासिल करने के बावजूद रणदीप हुड्डा अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश में लोग उन्हें बेहद पसंद करते हैं। प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने रणदीप हुड्डा इस दौरान युवाओं को खेल, कला और फिल्म क्षेत्र में आगे बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के युवा हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और रणदीप हुड्डा जैसे व्यक्तित्व युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देते हैं। संत कबीर कुटीर में हुई मुलाकात संत कबीर कुटीर में हुई इस मुलाकात का माहौल बेहद आत्मीय रहा। दोनों हस्तियों ने प्रदेश की संस्कृति, कला और सामाजिक विषयों पर भी विचार साझा किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अभिनेता रणदीप हुड्डा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके योगदान को हरियाणा के गौरव से जोड़ा।

दैनिक भास्कर 21 May 2026 6:54 am

राम चरण बोले- पेद्दी के लिए आमिर-सलमान से कॉन्फिडेंट मिला:डायरेक्टर मना करते हैं, लेकिन अपने स्टंट खुद करता हूं; सेट पर लगीं कई चोटें, पार्ट-1

RRR को ऑस्कर में मिली जीत के बाद ग्लोबल स्टार बन चुके राम चरण की फिल्म पेद्दी 4 जून को रिलीज हो रही है। फिल्म में उनके साथ जान्हवी कपूर नजर आने वाली हैं। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक राम चरण ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया है कि ये उनके करियर की ऐसी पहली फिल्म है, जिसके लिए उन्होंने सबसे ज्यादा सिंसियरली काम किया है। 200 दिनों के शूटिंग शेड्यूल में वो बस सोने ही घर जाते थे और अगली सुबह जल्दी सेट पर पहुंच जाते थे। शूटिंग के दौरान राम चरण को कई चोटें आईं। वो इन्हें गिफ्ट कहते हैं, उनका मानना है कि खुद स्टंट करना जरूरी है, क्योंकि आज के दौर में लोग सीन देखकर समझ जाते हैं कि कौन सा बॉडी डबल ने किया है और कौन सा एक्टर ने। राम चरण का ये भी कहना है कि सलमान खान की सुल्तान और दंगल की कामयाबी देखने के बाद उन्हें कुश्ती पर फिल्म बनाने का कॉन्फिडेंट मिला। पढ़िए राम चरण से हुई खास बातचीत- सवाल- पेद्दी में कुश्ती का बैकड्रॉप है। इस विषय को चुनने की क्या खास वजह रही? राम चरण- मुझे लगता है कि मेरी दूसरी फिल्मों की तुलना में मैंने इस फिल्म में सबसे ज्यादा सिंसियरली काम किया है। बहुत इज्जत से काम किया है, क्योंकि इसमें सिंसियेरिटी की जरुरत थी। ये फिल्म 1.8 बिलियन लोगों को रिप्रेजेंट करती है। ये फिल्म पहचान के लिए जीती है। जो पेद्दी का किरदरा है, वो पहचान की तलाश में है, अपने और अपनी कम्युनिटी के लिए। भारत जैसे देश में अगर आप मैप में नहीं हैं, कई गांव जिनमें लोग रह रहे हैं, वो वोट नहीं कर सकते, उनके पास ट्रांसपोर्ट नहीं है, स्कूल नहीं है, पोस्टल बॉक्स नहीं हैं, कोई सर्विसेस नहीं हैं। वो बस वहां रह रहे हैं। ऐसे कई गांव हैं। ये एक ऐसे लड़के की कहानी है, जो ऐसे गांव से निकलकर कैसे पहचान बनाता है। सवाल- आपका डेडिकेशन दिख रहा है, चेहरे पर चोटें भी हैं? राम चरण- बहुत सारे गिफ्ट्स (चोटें) मिले हैं मुझे इस डेडिकेशन के लिए। (हंसते हुए) जब पहली बार ये सुना था, तब मुझे मालूम हुआ। इससे पहले सलमान खान और आमिर खान की फिल्म भी चली थीं दंगल और सुल्तान। हम बहुत कॉन्फिडेंट थे कि इस तरह की फिल्में चलती हैं। उनका शुक्रिया। जहां तक कुश्ती का सवाल है, उत्तर भारत (यूपी, हरियाणा, बिहार) के दिल में यह खेल बसता है, लोग इसकी पूजा करते हैं। यह भारत में बेहद गहराई तक जड़ा हुआ खेल है। सदियों पुरानी इसकी परंपरा रही है। इसकी शुरुआत भले किसी अलग उद्देश्य से हुई थी, लेकिन अब यह देश के दिल और गांव-कस्बों से जुड़ा एक असली हार्टलैंड खेल बन चुका है। ऐसे किरदार करना बहुत थका देने वाला होता है, फिजिकली, आपको मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग होना पड़ता है। 200 दिन हमने शूटिंग की और फिजिकली जो करना पड़ा किया। मेरे सीनियर एक्टर सलमान खान और आमिर खान को हैड्स ऑफ, जिन्होंने इसे इतनी खूबसूरती से किया। मुझे भी कई गिफ्ट्स (चोटें) मिले हैं। सवाल- RRR में भी जो एक्शन था, असली आग के साथ जो क्लाइमैक्स सीन था, हर बार खुद को रिस्क में डालने में आपको डर नहीं लगता? राम चरण- मुझे लगता है डैड के टाइम से और हमारे टाइम में भी रिस्क फैक्टर था। अभी टेक्नॉलॉजी बढ़ने से रिस्क कम हो गया, लेकिन इसके अलावा क्या करना है ये मुझे नहीं पता। मुझे ऐसा करके, अपने स्टंट खुद करके अच्छा लगता है। मुझे इसके अलावा कुछ नहीं आता। मुझे पता है कि मेरी ऑडियंस को ये पसंद आएगा। आज कल देखकर बताया जा सकता है कि कौन सा स्टंट बॉडीडबल ने किया और कौन सा खुद ने किया। मुझे जितना हो सके ऑथेंटिक होना पसंद है। मेरे डायरेक्टर कहते हैं कि राम ऐसा मत करो। मेरे पिता आज भी 71 साल की उम्र में अपनी फाइट खुद करते हैं। मैं उनसे विनती करता हूं कि ऐसा मत करिए। लेकिन खुद ऐसा करने में एक चार्म है। लोगों कनेक्ट कर पाते हैं। उस कनेक्शन के लिए ही हम काम करते हैं। सवाल- हम बाहर से खुद को कितना भी स्ट्रॉन्ग हैं, लेकिन फिल्म के दौरान क्या कभी ऐसा हुआ जब इमोशनली टूटे या दर्द में रहे? राम चरण- मैं आपको बताता हूं, मैं अपनी जिंदगी में पहली बार 200 दिनों तक इतने जोश में मैं उठा था। ऐसा कभी किसी फिल्म में नहीं हुआ। मैं सिर्फ घर में सोने के लिए आता था। और वापस सेट पर पहुंचना चाहता था, ये फिल्म ही इतनी इंस्पायरिंग थी। हम सुबह 4ः45 पर उठते थे। वो लोग कहते थे कि 9 बजे या 10 बजे तक तैयार हो जाइए। लेकिन मैं कहता था सुबह 7 बजे क्यों नहीं। ऐसा इंथूसियाज्म इस फिल्म में लगा। सवाल- आपके पिता चिरंजीवी ने श्रीदेवी के साथ काम किया है, अब आप और जान्हवी इस फिल्म में हैं, दोनों की केमिस्ट्री नजर आ रही है। कैसा फील कर रहे हैं, जान्हवी के बारे में क्या कहना चाहेंगे? राम चरण- वो बहुत सिंसियर इंसान है। सिर्फ एक्ट्रेस ही नहीं, वो इंसान ही सिंसियर है। बहुत तैयारी से आती है, बहुत मेहनत करती है। जैसी वो है, उसमें उनके मां-बाप की परवरिश झलकती है। ये उसके काम में भी रिफ्लेक्ट होता है। उसके साथ काम करना एक प्लेजर है। फिल्म के बारे में- फिल्म पेद्दी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। ये एक पैन इंडिया फिल्म है। बुच्ची बाबू के निर्देशन में बनी इस फिल्म को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया है। ये जान्हवी कपूर की दूसरी तेलुगु फिल्म है। उन्होंने 2024 में फिल्म देवरा से तेलुगु सिनेमा में डेब्यू किया था।

दैनिक भास्कर 21 May 2026 4:30 am

धुरंधर 2 पर सेना की जानकारी लीक करने का आरोप:हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से जांच करने को कहा; SSB जवान ने याचिका दायर की

रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2' कानूनी विवाद में घिर गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड (CBFC) को फिल्म के खिलाफ लगी याचिका की जांच करने के निर्देश दिए हैं। सशस्त्र सीमा बल (SSB) के एक जवान ने जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि फिल्म में सेना के ऑपरेशन से जुडी गुप्त जानकारियां दिखाई गई हैं। कोर्ट ने कहा कि फिल्म भले ही काल्पनिक हो, लेकिन सुरक्षा से जुड़ी की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सेंसर बोर्ड करेगा जांच चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को इस याचिका पर विचार कर फैसला लेने को कहा है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि भले ही यह फिल्म मनोरंजन के लिए बनाई गई एक काल्पनिक कहानी है, लेकिन इसके प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इसे ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के उल्लंघन के आरोपों के तहत जांचने के लिए कहा है। एसएसबी जवान ने उठाए सुरक्षा पर सवालयह याचिका एसएसबी में हेड कांस्टेबल दीपक कुमार ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म में सेना के ऑपरेशन्स की बारीक जानकारियां दिखाई गई हैं, जिससे देश की सुरक्षा और अखंडता को खतरा हो सकता है। याचिकाकर्ता के मुताबिक, फिल्म में कुछ खास जगहों और किरदारों को इस तरह दिखाया गया है जो बड़े अधिकारियों और शहीद सैनिकों से मेल खाते हैं। इतनी साफ जानकारियां दिखाना देश की सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय को सौंपा केस हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका को पूरी तरह खारिज नहीं किया। बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता ने जो मुद्दे उठाए हैं, उन पर सही तरीके से विचार करना और उनका समाधान निकालना जरूरी है। कोर्ट ने इस रिट याचिका को एक प्रजेंटेशन (अभ्यावेदन) मानकर सूचना और प्रसारण मंत्रालय को सौंप दिया है। अब सरकार और सेंसर बोर्ड को इस पर मिलकर आखिरी फैसला लेना होगा। भारत की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने अब तक भारत में करीब ₹1145 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1797 करोड़ ग्रॉस कमाई कर ली है। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है। फिल्म में लंबी स्टारकास्ट धुरंधर 2 में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में थे। इसके अलावा फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, गौरव गेरा और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी नजर आए। जबकि पहले पार्ट में अक्षय खन्ना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। धुरंधर (2025) और धुरंधर 2 (2026) दोनों ही फिल्मों का निर्देशन आदित्य धर ने किया। फिल्म को ज्योति देशपांडे और आदित्य धर ने मिलकर जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है।

दैनिक भास्कर 20 May 2026 5:35 pm

जन्मदिन पर जूनियर NTR की फिल्म ड्रैगन का टीजर रिलीज:खतरनाक किलर के लुक में में दिखे एक्टर; घर के बाहर जमा हुए हजारों फैंस

साउथ सिनेमा एक्टर जूनियर NTR आज यानी 20 मई को अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर उनकी आने वाली फिल्म 'ड्रैगन' का पहला ग्लिम्स (टीजर) रिलीज कर दिया गया है। फिल्म में एनटीआर एक खतरनाक हत्यारे (असेसिन) के रोल में नजर आ रहे हैं। वहीं, हैदराबाद में एक्टर के घर के बाहर तड़के सुबह से ही हजारों फैंस की भीड़ जमा हो गई। एनटीआर ने अपने घर के बाहर आकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया। अफीम वॉर पर आधारित है फिल्म 'ड्रैगन' रिलीज हुए ग्लिम्स वीडियो के मुताबिक, फिल्म की कहानी ग्लोबल अफीम वॉर (ग्लोबल ओपियम वॉर) के इर्द-गिर्द बुनी गई है। टीजर की शुरुआत एक बैकग्राउंड वॉइस ओवर से होती है। इसमें बताया जाता है कि ब्रिटिश मूल रूप से भारत में अफीम की खेती के लिए आए थे, जिससे हेरोइन बनती है। अंग्रेजों ने भारत में रहकर उन दो मुख्य जगहों पर कंट्रोल किया जहां प्रतिबंधित ड्रग्स की सबसे ज्यादा खेती होती थी। इसमें अफगानिस्तान और थाईलैंड, लाओस और बर्मा का क्षेत्र शामिल है। अंग्रेजों के जाने के बाद दो मुख्य ग्रुप 'अफगान ट्रेडिंग कंपनी' और 'गोल्डन ट्रायंगल' के बीच अफीम के बिजनेस पर कब्जे को लेकर जंग शुरू हो जाती है। खतरनाक लुक में दिखे NTRइस फिल्म में जूनियर NTR 'अफगान ट्रेडिंग कंपनी' के सबसे बड़े शूटर और हत्यारे लूगर का किरदार निभा रहे हैं, जिसे 'ड्रैगन' भी कहा जाता है। ग्लिम्स में उनका लुक काफी आक्रामक और दमदार दिख रहा है। वीडियो में उनका एक डायलॉग भी है। इसमें वे कहते हैं, जब मैं सोने के लिए अपनी आंखें बंद करता हूं, तो मुझे उन लोगों के चेहरे नहीं दिखते जिन्हें मैंने मारा है। मुझे सिर्फ बचे हुए दुश्मनों के चेहरे दिखते हैं। गलती से भी मेरे सपनों में मत आना! अनिल कपूर निभा रहे नारकोटिक्स चीफ का रोलफिल्म में बॉलीवुड के सीनियर एक्टर अनिल कपूर भी मुख्य भूमिका में हैं। वे फिल्म में नारकोटिक्स ब्यूरो के चीफ रघुवीर राठौड़ का किरदार निभा रहे हैं। वहीं बीजू मेनन अफगानिस्तान लॉजिस्टिक्स के हेड जलील रहमान के रोल में दिखेंगे। इनके अलावा फिल्म में रुक्मिणी वसंत, आशुतोष राणा, खुशबू सुंदर, राजीव कनकाला और सिद्धांत गुप्ता जैसे कलाकार भी नजर आएंगे। यह फिल्म पहले इसी साल 25 जून को रिलीज होने वाली थी, लेकिन मेकर्स ने अब इसकी रिलीज डेट आगे बढ़ा दी है। अब यह फिल्म अगले साल 11 जून, 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। घर के बाहर जमा हुए हजारों फैंसजूनियर एनटीआर ने इस साल अपना जन्मदिन हैदराबाद में अपने परिवार और करीबी दोस्तों के साथ मनाया। सुबह से ही उनके हैदराबाद वाले घर के बाहर फैंस की भारी भीड़ जुट गई थी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच एनटीआर कैजुअल टी-शर्ट और पैंट पहने फैंस के सामने आए। उन्होंने हाथ हिलाकर सबका शुक्रिया अदा किया।

दैनिक भास्कर 20 May 2026 4:03 pm

23 मई को भोपाल आएगी पेद्दी की टीम:राम चरण बोले- हम ए.आर.रहमान की लाइव परफॉर्मेंस के साथ भोपाल में शाम बिताने के लिए एक्साइटेड हैं

साउथ सुपरस्टार राम चरण और जान्हवी कपूर जल्द ही फिल्म पेद्दी में नजर आने वाले हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में राम चरण ने बताया है कि वो इस फिल्म में कुश्ती करते नजर आने वाले हैं। इस फिल्म के प्रमोशन के लिए वो भारत के दिल मध्यप्रदेश के भोपाल से शुरुआत करेंगे, जहां ए.आर. रहमान लाइव परफॉर्मेंस देंगे। जब दैनिक भास्कर ने राम चरण से पूछा कि फिल्म का प्रमोशन ‘भारत के दिल’ यानी भोपाल से शुरू करने की क्या वजह रही? तो वो कहते हैं, ‘भोपाल और मध्य प्रदेश के लोग कुश्ती और पारंपरिक खेलों को दिल से प्यार देते हैं।’ 'हिंदी ऑडियंस ने हमें हमेशा बहुत प्यार दिया है, इसलिए प्रमोशन की शुरुआत के लिए यह बिल्कुल सही जगह थी। हम ए.आर. रहमान साहब के लाइव परफॉर्मेंस के साथ भोपाल के दर्शकों के बीच एक यादगार शाम बिताने के लिए बेहद उत्साहित हैं।' फिल्म में कुश्ती करते नजर आएंगे राम चरण पेद्दी में कुश्ती का बैकड्रॉप है। इस विषय को चुनने की खास वजह पूछी गई तो राम चरण ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मेरी दूसरी फिल्मों की तुलना में मैंने इस फिल्म में सबसे ज्यादा सिंसियरली काम किया है। बहुत इज्जत से काम किया है, क्योंकि इसमें सिंसियेरिटी की जरुरत थी। ये फिल्म 1.8 बिलियन लोगों को रिप्रेजेंट करती है। ये फिल्म पहचान के लिए जीती है।' 'जो पेद्दी का किरदार है, वो पहचान की तलाश में है, अपने और अपनी कम्युनिटी के लिए। भारत जैसे देश में अगर आप मैप में नहीं हैं, कई गांव जिनमें लोग रह रहे हैं, वो वोट नहीं कर सकते, उनके पास ट्रांसपोर्ट नहीं है, स्कूल नहीं है, पोस्टल बॉक्स नहीं हैं, कोई सर्विसेस नहीं हैं। वो बस वहां रह रहे हैं। ऐसे कई गांव हैं। ये एक ऐसे लड़के की कहानी है, जो ऐसे गांव से निकलकर कैसे पहचान बनाता है।' भोपाल के बीएचईएल, दशहरा ग्राउंड में होगी ए.आर.रहमान की लाइव परफॉर्मेंस 23 मई को फिल्म पेद्दी की टीम फिल्म प्रमोशन के लिए भोपाल पहुंचेगी। इवेंट को भोपाल के बीएचईएल, दशहरा मैदान में आयोजित किया जा रहा है। मेगा म्यूजिकल नाइट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस इवेंट में ए.आर.रहमान फिल्म के गानों पर परफॉर्मेंस देंगे। फिल्म के बारे में- फिल्म पेद्दी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। ये एक पैन इंडिया फिल्म है। बुच्ची बाबू के निर्देशन में बनी इस फिल्म को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया है। ये जान्हवी कपूर की दूसरी तेलुगु फिल्म है। उन्होंने 2024 में फिल्म देवरा से तेलुगु सिनेमा में डेब्यू किया था। इससे पहले रविवार को मुंबई के बीकेसी में फिल्म का ट्रेलर लॉन्च इवेंट आयोजित किया गया था, जहां फिल्म की पूरी स्टारकास्ट मौजूद रही।

दैनिक भास्कर 20 May 2026 3:00 pm

थलापति विजय के को-स्टार जय ने कबूला इस्लाम:कहा- मंदिर में अपमान हुआ, मस्जिद में कोई धक्का नहीं देता, नाम बदलकर अजीज करूंगा

थलापति विजय के साथ 2002 की फिल्म भगवती में नजर आ चुके एक्टर जयकांत ने इस्लाम कबूल कर लिया है। इसकी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा है कि मंदिर में अपमानित महसूस करने के बाद उन्होंने इस्लाम अपनाया और जल्द ही वो अपना नाम भी बदलने वाले हैं। गलाटा प्लस को दिए इंटरव्यू में जय ने बताया है कि उन्होंने 2011 से इस्लाम फॉलो करना शुरू किया है, लेकिन आज तक नाम नहीं बदला। उन्होंने कहा कि वो सबरीमाला के लिए माला पहनते थे। इसके बाद उन्होंने एक साल तक यीशू की भी माला पहनी और व्रत रखा। उन्होंने सभी देवी-देवताओं का अनुसरण किया, ये सोचकर कि सब ठीक है। लेकिन फिर एक समय ऐसा आया, जब उन्हें मंदिर में अपमानित होना पड़ा। उनके साथ मंदिर में कुछ ऐसी घटनाएं हुईं, जिनसे वो संतुष्ट नहीं थे। जय ने बातचीत में आगे बताया है कि मंदिर में अपमान होने के बाद वो मस्जिद जाने लगे, जहां उन्होंने देखा कि सभी लाइन से खड़े होकर प्रार्थना कर रहे हैं। एक्टर ने इंटरव्यू में कहा, ‘सभी जानते थे कि मैं एक्टर हूं, लेकिन मस्जिद में किसी ने मुझसे बात नहीं की। बाहर आने के बाद ही उन्होंने मुझसे बात की, वो भी विनम्रता से। वो सभी को समान मानते हैं। उनके लिए ईश्वर ही सर्वोच्च है। चाहे कोई सेलिब्रिटी हो, वो उसे बड़ा नहीं समझते।’ आगे उन्होंने कहा- ‘मस्जिदों में प्रार्थना करते हुए कोई धक्का नहीं देता, या जाने के लिए नहीं कहता। हम जितनी देर चाहें वहां रह सकते हैं। ये योग जैसा अनुभव है। अब मेरा स्वाभाव भी बदल गया है।’ जय का कहना है कि धर्म परिवर्तन से उनके करियर का कोई लेना-देना नहीं है। एक्टर ने बताया है कि वो जल्द ही अपना नाम जयकांत से अजीज जय करने वाले हैं। उनके इस फैसले से परिवार वाले भी खुश हैं, क्योंकि इससे पहले वो किसी धर्म को नहीं मानते थे। कौन हैं जयनाथ, जो बनेंगे अजीज 42 साल के जयनाथ एक तमिल एक्टर हैं। उन्होंने फिल्म भगवती में थलापति विजय के छोटे भाई का रोल निभाया था। इसके बाद वो चेन्नई 600028, सुब्रमण्यपुरम, एंगाएयुम एप्पोथुम, राजा रानी और जरुगंदी जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं।

दैनिक भास्कर 20 May 2026 1:09 pm

अस्पताल के बाहर पैपराजी पर भड़के सलमान खान:वॉर्निंग देकर कहा- 60 का हो गया हूं, लड़ना नहीं भूला, जेल में डालोगे, मेरी फिल्म की मां की आंख

सलमान खान मंगलवार को एक करीबी से मिलने हिंदुजा हॉस्पिटल पहुंचे थे, जहां वो पैपराजी पर भड़क गए हैं। अस्पताल से एक वीडियो सामने आया है कि जिसमें वो काफी गुस्से में वॉर्निंग देते हुए दिखे। इस घटना के कुछ देर बाद ही सलमान ने आधिकारिक पोस्ट कर कड़े शब्दों में निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि वो 60 की उम्र में भी लड़ना नहीं भूले हैं। देखिए तस्वीरें- सलमान खान ने अस्पताल से लौटने के बाद आधिकारिक X अकाउंट से एक-एक कर 4 पोस्ट कीं। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा, “अगर मैं किसी प्रेस वाले को अस्पताल में मेरी पीड़ा का मजा लेते देखूं। उस प्रेस वाले के लिए मैंने खड़ा होकर बात की है, उनका ध्यान रखा है ताकि वो भी अपनी रोजी-रोटी कमा सकें।” दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “लेकिन अगर वो मेरे नुकसान से पैसा कमाना चाहते हैं, तो करते रहें। भाई भाई मातृभूमि पिक्चर की मां की आंख, ये पिम्प मेरी जिंदगी है।” तीसरी पोस्ट में सलमान लिखते हैं, “ऐसे मैं सौ जला दूंगा। भाई का एक भाई के दुख पर अगली बार कोशिश कर लेना मेरे साथ। बस कोशिश कर लेना, जब भी तुम्हारा कोई अस्पताल में होगा, क्या मैं ऐसा रिएक्ट करूंगा?” आखिर में सलमान खान ने लिखा, “साठ साल का हो गया हूं लेकिन लड़ना नहीं भूला, ये याद रख लेना, जेल में डालोगे हाहा हाहा।” वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सलमान की नाराजगी के बाद पैपराजी उनसे माफी मांगते दिखे हैं। इस दौरान सलमान ने कुछ अपशब्द भी कहे। बता दें कि ये हाल-फिलहाल का इकलौता मामला नहीं है। इससे पहले गोविंदा के बॉडीगार्ड्स की भी पैपराजी से बहस हो चुकी है। दरअसल, गोविंदा सोमवार को एक इवेंट में पहुंचे थे। वहां से निकलते हुए उन्हें पैपराजी ने घेर लिया। जब उनके गार्ड्स ने निकलने की जगह बनाने के लिए लोगों को पीछे किया, तो पैपराजी ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया। विवाद बढ़ने पर गोविंदा को खुद बीच-बचाव करना पड़ा।

दैनिक भास्कर 20 May 2026 9:18 am