तमिल एक्टर, डायरेक्टर और स्क्रीनराइटर के. भाग्यराज का शनिवार को चेन्नई में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। वे 73 साल के थे। कार्डियोपल्मोनरी कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें चेन्नई के ग्रीनवेज़ इलाके के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 7 जनवरी, 1953 को जन्मे कृष्णस्वामी भाग्यराज को तमिल सिनेमा के सबसे प्रभावशाली फिल्ममेकर्स में से एक माना जाता था। उन्हें उनके खास स्क्रीनराइटिंग स्टाइल के लिए स्क्रीनप्ले का किंग कहा जाता था। भाग्यराज ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत डायरेक्टर भारतीराजा के असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर की थी। बाद में वे तमिल सिनेमा के जाने-माने लेखकों और डायरेक्टरों में से एक बन गए। उन्होंने 75 से ज़्यादा फ़िल्मों में एक्टिंग की और 25 से ज़्यादा डायरेक्ट कीं। वे एक प्रोड्यूसर, नॉवेलिस्ट और मैगज़ीन एडिटर भी थे। उन्हें मुंडनई मुदिचू में अपने रोल के लिए फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला था। सीएम विजय ने भाग्यराज के घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शनिवार को चेन्नई स्थित दिवंगतके. भाग्यराज के आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। विजय ने भाग्यराज के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की इस दौरान उन्होंने भाग्यराज की पत्नी पूर्णिमा भाग्यराज तथा उनके बेटे शंतनु भाग्यराज से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। के. भाग्यराज के निधन पर तृषा और चिरंजीवी ने जताया दुख के. भाग्यराज के निधन पर अभिनेत्री तृषा कृष्णन ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, प्रिय भाग्यराज सर, आपको भावभीनी श्रद्धांजलि। यकीन नहीं हो रहा कि कल ही हम साथ बैठकर खाना खा रहे थे और आज आपके निधन की खबर सुनने को मिली। इस मुश्किल घड़ी में पूर्णिमा मैम, शांतनु, अमलू और किकी के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति दें। वहीं, अभिनेता चिरंजीवी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए बताया कि दो दिन पहले ही उनकी भाग्यराज से गोवा में मुलाकात हुई थी। उन्होंने लिखा, मैं बेहद स्तब्ध और दुखी हूं। अभी परसों ही हम गोवा में खुशबू सुंदर की बेटी की शादी में साथ थे। हम हंस रहे थे, मजाक कर रहे थे और साथ में तस्वीरें खिंचवा रहे थे। भाग्यराज गरु पूरी तरह से जिंदगी और खुशियों से भरपूर नजर आ रहे थे। आज सुबह उनके निधन की खबर सुनकर यकीन नहीं हो रहा। बता दें कि के. भाग्यराज का निधन उनके गुरु और दिग्गज फिल्मकार भारतीराजा के निधन के महज 17 दिन बाद हुआ है। फिल्मकार भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।
एक्टर सलमान खान और उनका परिवार मुंबई के बांद्रा इलाके में नया घर बनवाने जा रहा है। ऐसा दावा हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में किया गया है। जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि सलमान का परिवार गैलेक्सी अपार्टमेंट छोड़ देगा। हालांकि, अभी तक इस बात की ऑफिशियल कन्फर्मेशन नहीं हुई है। बता दें कि साल 2024 में अपार्टमेंट के बाहर फायरिंग हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 16 जून को महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) ने बांद्रा के चिम्बई इलाके में छह मंजिला सी-फेसिंग रेजिडेंशियल बिल्डिंग बनाने को मंजूरी दी। जमीन सलमान की मां सलमा खान के नाम रिपोर्ट के अनुसार, यह नया प्लॉट गैलेक्सी अपार्टमेंट से कुछ सौ मीटर की दूरी पर है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, नया प्लॉट सलमान खान की मां सलमा खान के नाम पर है। MCZMA की बैठक के रिकॉर्ड में बताया गया है कि यहां 1956 से पहले बना दो मंजिला मकान था। यह जमीन पहले मैरी क्लोटिल्डा बैपटिस्टा के नाम थी। बाद में कई बार मालिक बदले और 2011 में खान परिवार ने इसे खरीद लिया। पुरानी बिल्डिंग जर्जर होने के कारण उसे गिरा दिया गया था। अब इस प्लॉट पर ग्राउंड, स्टिल्ट और छह मंजिला रेजिडेंशियल बिल्डिंग बनाई जाएगी। यह कंस्ट्रक्शन डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेगुलेशन 2034 के रेगुलेशन 33(16) के तहत किया जाएगा। डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, प्रोजेक्ट में 1.459 FSI का इस्तेमाल होगा। BMC ने 28 अक्टूबर, 2025 को IOD (परमिशन) जारी किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का निर्माण सच डेवलपर्स करेंगे। कुल कंस्ट्रक्शन एरिया 1,014.11 स्क्वेयर मीटर होगा। म्युनिसिपल रोड से बिल्डिंग तक 6.01 मीटर चौड़ी एक्सेस रोड भी बनाई जाएगी। डॉक्यूमेंट्स में यह भी लिखा है कि कंस्ट्रक्शन के लिए कोई नया पेड़ नहीं काटा जाएगा और न ही किसी पेड़ को दूसरी जगह लगाया जाएगा। इसके बजाय, प्रोजेक्ट साइट और रिक्रिएशन एरिया के आसपास देसी पेड़ लगाए जाएंगे। खान परिवार 1974 से गैलेक्सी में रह रहा है सलमान का परिवार 1974 से गैलेक्सी अपार्टमेंट में रह रहा है। गैलेक्सी अपार्टमेंट की बात करें, तो यह बांद्रा के बैंडस्टैंड इलाके में स्थित 8 मंजिला बिल्डिंग है। सलमान यहां ग्राउंड फ्लोर के 1 BHK फ्लैट में रहते हैं। उनके माता-पिता पहली मंजिल पर रहते हैं, इसलिए सलमान हमेशा उनके करीब रहना पसंद करते हैं। ईद, दिवाली और सलमान के जन्मदिन पर हजारों फैंस गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर जुटते हैं और सलमान बालकनी से उनका अभिवादन करते हैं। वहीं, 2024 में दो बाइक सवार हमलावरों ने बिल्डिंग पर चार गोलियां चलाई थीं। इसके बाद उनके माता-पिता के फ्लैट के पास की खुली बालकनी को बुलेटप्रूफ ग्लास से कवर कर दिया गया। ……………. सलमान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सलमान खान निभा सकते हैं कर्ण का किरदार:रिपोर्ट में दावा- राकेश ओमप्रकाश मेहरा की पीरियड फिल्म में नजर आ सकते हैं एक्टर सलमान खान एक बड़े बजट की पीरियड फिल्म में नजर आ सकते हैं। सलमान फिल्म में महाभारत के प्रमुख पात्र कर्ण का किरदार निभाते नजर आ सकते हैं। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फिल्म का डायरेक्शन नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा करेंगे, जबकि इसे फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रोड्यूस करेगी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
मुंबई में जल्द मंचित होने जा रहे नाटक ‘वो सुबह हम से ही आएगी’ को लेकर फिल्ममेकर महेश भट्ट और संगीतकार अनु मलिक ने दैनिक भास्कर से बात की। यह नाटक बदलाव, उम्मीद और इंसान की भीतर की ताकत की कहानी है। इसे महेश भट्ट प्रजेंट कर रहे हैं। नाटक दिनेश गौतम ने लिखा है, तारिक हमीद डायरेक्ट कर रहे हैं। इसके गीत IPS अधिकारी कैसर खालिद ने लिखे हैं और संगीत अनु मलिक ने दिया है। मंच पर इमरान जाहिद और नमिता सचदेवा अभिनय करते नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में महेश भट्ट ने कहा कि आज लोगों के पास मोबाइल, स्ट्रीमिंग और डिजिटल कंटेंट के कई विकल्प हैं, लेकिन रंगमंच की ताकत अब भी अलग है। उन्होंने कहा, “रंगमंच में आप किसी कलाकार की सांस महसूस करते हैं। वहां जो अनुभव मिलता है, वह किसी स्क्रीन पर नहीं मिल सकता। हम दुनिया से जुड़े हुए दिखते हैं, लेकिन भीतर से कटते जा रहे हैं। ऐसे दौर में थिएटर इंसान को इंसान से जोड़ता है।” नाटक के मूल विचार पर बात करते हुए महेश भट्ट ने कहा कि असली बदलाव बाहर से नहीं, भीतर से आता है। उन्होंने कहा, “जब तक आप अपने अंदर की रोशनी नहीं जगाएंगे, तब तक उधार की रोशनी पर चलते रहेंगे। सबसे बुरा वक्त ही कई बार आपको अपनी असली ताकत से मिलाता है।” भट्ट ने अपनी जिंदगी के संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि करियर और निजी जीवन के कठिन दौर ने उन्हें बदला और उसी से कई यादगार कहानियां निकलीं। उन्होंने कहा, “अगर इस नाटक को देखकर दर्शकों को लगे कि अगर कहानी का किरदार कर सकता है तो हम भी कर सकते हैं, तो यही इसकी सबसे बड़ी सफलता होगी।” वहीं, नाटक के संगीत को लेकर अनु मलिक ने कहा कि वह शुरुआत से इस प्रोजेक्ट से भावनात्मक रूप से जुड़ गए थे। अनु मलिक ने कहा, “इस नाटक का शीर्षक ही इतना असरदार था कि मैं उससे तुरंत जुड़ गया। इमरान जाहिद ने जब कहानी सुनाई और गीत भेजे तो मैंने उसी वक्त धुन बना ली।” उन्होंने थिएटर और फिल्मों के संगीत के फर्क पर कहा, “थिएटर के लिए संगीत बनाना ज्यादा मुश्किल है, क्योंकि सब कुछ रियल टाइम में होता है। जो दर्शक उस पल महसूस करता है, वही उसके साथ घर तक जाता है।” महेश भट्ट के साथ अपने रिश्ते पर अनु मलिक ने कहा, “महेश भट्ट मेरे लिए सिर्फ निर्देशक नहीं हैं। उन्होंने हमेशा मुझ पर भरोसा किया। उनका नाम सुनते ही मेरे दिमाग में धुन बनने लगती है। यही उनका जादू है।” नाटक ‘वो सुबह हम से ही आएगी’ उम्मीद, आत्मविश्वास और भीतर की रोशनी की बात करता है। इसके जरिए टीम संदेश देना चाहती है कि बदलाव किसी और से नहीं, खुद से शुरू होता है।
विपिन अनेजा बोले- रहमान से मांगा अपनी आवाज का गाना:हनी सिंह ने फोन कर कहा- आपकी गजल दिल छू गई
सिंगर विपिन अनेजा इन दिनों फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के गाने ‘तेरे पास मैं’ को लेकर चर्चा में हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि यह गाना उनके लिए नया प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि लंबे इंतजार और संगीत सफर का अहम पड़ाव है। उन्होंने ‘जाने तेरे शहर का’, ए.आर. रहमान के साथ अनुभव, हनी सिंह के साथ प्रयोग और बदलते संगीत पर बात की। उनका कहना है कि हर नया गाना उन्हें आगे बढ़ने का मौका देता है। सवाल: फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ का गाना ‘तेरे पास मैं’ आपके लिए कितना खास है? जवाब: यह गाना मेरे लिए बहुत खास है। ‘तेरे पास मैं’ और ‘जाने तेरे शहर का’ दोनों की भावनात्मक दुनिया एक जैसी है। दोनों न्यू एज गजल जैसे लगते हैं। लोगों ने पहले गाने की तरह इसे भी अपनाया है और यह लंबे समय तक साथ रहेगा। सवाल: लोग आज भी फिल्म ‘जज्बा’ के गाने ‘जाने तेरे शहर का’ को याद करते हैं, उस सफर को कैसे देखते हैं? जवाब: इस गाने ने मुझे पहचान दी। फिल्म में यह गाना इरफान खान और ऐश्वर्या राय पर फिल्माया गया है। शुरुआत में लगा था कि इसे ज्यादा प्रमोशन नहीं मिलेगा, लेकिन बाद में यह अपने दम पर लोगों तक पहुंचा। आज भी युवा इसे सुनते हैं और अपनी प्लेलिस्ट में रखते हैं। सवाल: ‘जाने तेरे शहर का’ गाने तक पहुंचने की कहानी क्या रही? जवाब: मुंबई में एक संगीत महफिल के दौरान मेरी मुलाकात आर्को से हुई। उन्होंने मुझे लाइव सुना और मेरी आवाज पसंद आई। वहीं से मुझे मौका मिला और बाद में यह गाना फिल्म का हिस्सा बना। सवाल: ‘मैं वापस आऊंगा’ और ए.आर. रहमान के साथ जुड़ने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: रहमान साहब के साथ मेरा जुड़ाव काफी पुराना है। मैंने उनसे कहा था कि मेरी आवाज की अपनी पहचान है और उसके हिसाब से कुछ बनाएं। बाद में इस प्रोजेक्ट में मैंने अलग-अलग वर्जन रिकॉर्ड किए। उनके साथ काम करना सपना पूरा होने जैसा है। सवाल: ए.आर. रहमान से पहली मुलाकात कैसे हुई थी? जवाब: रहमान साहब से मेरी मुलाकात करीब 20 साल पहले कजाकिस्तान के वर्ल्ड पॉप म्यूजिक फेस्टिवल में हुई थी। मैं भारत को सिंगर के तौर पर रिप्रेजेंट कर रहा था और वह जज थे। उन्होंने मेरी परफॉर्मेंस सुनी और बाद में इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में भी मौका दिया। वहीं से जुड़ाव शुरू हुआ। ‘मैं वापस आऊंगा’ से पहले मैंने उनकी साउथ की कुछ फिल्मों में गाए हैं। सवाल: आपने रहमान से अपनी आवाज के लिए अलग तरह का संगीत बनाने की बात भी कही थी? जवाब: मैंने उनसे कहा था कि मेरी आवाज मिड और लो रेंज में ज्यादा सहज रहती है। मेरी आवाज की अपनी पहचान है। इसके बाद लंबी बातचीत हुई और मैंने उन्हें देर रात तक गजलें सुनाईं। यह मेरे लिए खास अनुभव था। सवाल: हनी सिंह के साथ जुड़ी कौन-सी बात सबसे ज्यादा यादगार रही? जवाब: हनी सिंह ने मेरा गाना सुनकर मुझे फोन किया और कहा कि उन्हें ‘जाने तेरे शहर का’ पसंद आया। वह मेरे साथ कुछ अलग करना चाहते थे। बाद में हमने गजल और रैप को मिलाकर प्रयोग किया। सवाल: हनी सिंह के साथ गजल और रैप का प्रयोग कैसे हुआ? जवाब: हमारी पहचान पुरानी है। हमने साथ काम किया और गजल-रैप का नया प्रयोग किया। संगीत में नए रास्ते तलाशते रहना जरूरी है। सवाल: ओटीटी आने के बाद संगीत में क्या बदलाव महसूस हुआ? जवाब: ओटीटी ने संगीत को ज्यादा आजादी दी है। अब सिर्फ पारंपरिक फिल्मी साउंड तक सीमित नहीं रहना पड़ता। नए विषय और अलग तरह के गानों को जगह मिल रही है। सवाल: क्या आज के दौर में मेलोडी पीछे छूट रही है? जवाब: मुझे ऐसा नहीं लगता। ट्रेंड बदलते रहते हैं, लेकिन अच्छी धुन, अच्छे बोल और अच्छी आवाज लोगों के दिल तक पहुंचती है। मेलोडी कभी खत्म नहीं होती। सवाल: हजारों लाइव शोज के बाद कौन-सा मंच सबसे यादगार रहा? जवाब: रहमान साहब के साथ इंटरनेशनल स्टेज पर परफॉर्म करना यादगार रहा, लेकिन महाकाल में गाना सबसे भावुक अनुभव था। वहां भजन और स्तोत्र गाना अलग अनुभव था। सवाल: अपने पूरे सफर को आज किस तरह देखते हैं? जवाब: मैं अपने परिवार का पहला इंसान हूं जिसने प्रोफेशनल म्यूजिक को करियर बनाया। रास्ते में कई बार गिरा, सीखा और आगे बढ़ा। जब लोग कहते हैं कि मेरी सफलता उन्हें अपनी लगती है, तो लगता है कि मेहनत सही दिशा में जा रही है। सवाल: इतने सालों बाद भी क्या आज सीखना जारी है? जवाब: बिल्कुल। मैं आज भी खुद को संगीत का छात्र मानता हूं। 27 साल से मंच पर हूं, लेकिन हर नया गाना और कंपोजर कुछ नया सिखाता है।
सैफ अली खान ने जनवरी 2025 में घर में घुसकर हुए डरावने, जानलेवा हमले पर बात की है। एक्टर ने बताया है कि जब वो बच्चों के कमरे में पहुंचे तो वो हमलावर जेह और नैनी को पहले ही चोट पहुंचा चुका था। जैसे ही सैफ ने उसे रोकने की कोशिश की, उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मार दिया और उनका सफेद कुर्ता खून से लाल हो गया। सैफ ने ये भी बताया है कि हमले के बाद वो फर्श पर गिर पड़े और उन्हें लगा कि वो अब जिंदा नहीं बच सकेंगे। तभी बेटे तैमूर ने उनसे पूछा था कि क्या वो मरने वाले हैं। हमले पर बात करते हुए सैफ ने ये भी कहा कि वो उस शख्स को माफ करने के लिए तैयार हैं। सैफ अली खान ने मोजो स्टोरी को दिए इंटरव्यू में हमले पर बात करते हुए कहा, 'वह बहुत ही भयावह घटना थी। एक चोर बाथरूम की खिड़की से घर में घुस आया। हम सो रहे थे, तभी नैनी ने आकर कहा, “जेह बाबा के कमरे में कोई आदमी है, जिसके हाथ में छुरी है और वह पैसे मांग रहा है।” 'मैं तुरंत बच्चों के कमरे में गया। वह शख्स बच्चे (जेह) को पकड़े हुए था। उसने बच्चे को हल्की चोट पहुंचाई थी और हमारी मेड को भी जख्मी कर दिया था। शायद अगर मैं पहले लाइट जला देता और उससे बात करने की कोशिश करता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। लेकिन उस समय मैंने बिना सोचे-समझे उस पर हमला कर दिया और हमारी हाथापाई शुरू हो गई।' ‘इसके बाद वह चाकू लेकर बेकाबू हो गया। चारों तरफ खून और अफरा-तफरी मच गई। फिर मेरी नेपाली मेड गीता वहां आई, उसने उसे जोर से धक्का देकर कमरे के दूसरी तरफ फेंक दिया।’ आगे सैफ ने कहा, 'कुछ देर बाद मैंने नोटिस किया कि मैं सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए था, जो खून से पूरी तरह भीग चुका था। एक समय ऐसा आया जब मैं फर्श पर पड़ा था और मुझे लगा कि शायद मैं मर जाऊंगा। मैं सोच रहा था कि मैंने अपनी जिंदगी अच्छी तरह जी ली है। मैं बस अपने बच्चे का हाथ पकड़कर दुनिया को अलविदा कहना चाहता था। फिर मेरी आंख खुली और मैंने सोचा ऐसा नहीं होगा। फिर मैं हॉस्पिटल गया। मैं वाकई तैमूर के साथ रहना चाहता था। मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरे साथ हॉस्पिटल आओगे। उसने मुझे देखा और पूछा, 'क्या आप मरने वाले हैं?' मैंने कहा, 'नहीं, मेरी पीठ में बहुत दर्द है, लेकिन मैं ठीक हो जाऊंगा', उसने कहा, हां मैं चलूंगा।' सैफ ने ये भी कहा कि उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मारा था। चाकू का 6 इंच का टुकड़ा उनकी पीठ में रह गया था। वो टुकड़ा रीड़ की हड्डी के पास लगा था। सैफ ने कहा, ‘मेरा एक पैर सुन्न हो रहा था, मैं पैरालाइस होने के बेहद करीब था।’ मैं उसे माफ करना चाहता हूं- सैफ अली खान आखिर में सैफ ने कहा, मैं उस आदमी को माफ भी करना चाहता था, क्योंकि मुझे लगता है कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई थी और वह लड़ाई करने नहीं आया था। मैं उसे माफ करने के लिए तैयार हूं, लेकिन जिस हिस्से में उसने मुझे मारने की कोशिश की, उसे भुला पाना मेरे लिए अब भी मुश्किल है। मुझे लगता है कि समाज में अमीरी-गरीबी और असमानता जैसी चीजों ने भी ऐसी परिस्थितियां पैदा की हैं। जनवरी 2025 में हुआ था हमला सैफ अली खान पर बीते साल 15 जनवरी को उनके घर सतगुरु शरण अपार्टमेंट में घुसकर हमला हुआ था। इसके बाद सैफ खुद ऑटो कर बच्चों के साथ अस्पताल पहुंचे थे। लीलावती हॉस्पिटल की मेडकिल रिपोर्ट के अनुसार, एक्टर सैफ अली खान को पांच जगहों पर चाकू घोंपा गया था। उनको पीठ, कलाई, गर्दन, कंधे और कोहनी पर चोटें लगी थीं। इलाज के बाद एक्टर को 21 जनवरी को डिस्चार्ज किया गया। पुलिस ने 2 दिन बाद बांग्लादेशी नागरिक शरीफुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था। आरोपी अब भी पुलिस की हिरासत में है।
पैपराजी पर भड़कीं मलाइका अरोड़ा:किसी से बात कर रही थीं; ज्यादा करीब आने पर बोलीं- बाबा, आप इधर आ जाओ
मलाइका अरोड़ा का हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह किसी से बात करती नजर आ रही हैं। इस दौरान पैपराजी उनके काफी करीब आ जाते हैं, जिससे वे नाराज हो गईं। मलाइका पैपराजी से कहती हैं, बाबा, आप इधर आ जाओ। जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, अब तक यह जानकारी सामने नहीं आ पाई कि यह वीडियो कब और कहां का है। मलाइका ने बिना जरूरत तस्वीरें खींचने पर नाराजगी जताई थी बता दें कि मलाइका अरोड़ा ने कहा था कि उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब पैपराजी उनकी बिना जरूरत वाली तस्वीरें क्लिक करते हैं। दिसंबर 2022 में कॉमेडियन भारती सिंह से बातचीत के दौरान मलाइका ने कहा था, मैंने कभी किसी को नहीं डांटा, जब तक किसी ने मुझे धक्का न दिया हो या गलत व्यवहार न किया हो, लेकिन मुझे सबसे ज्यादा गुस्सा तब आता है, जब फोटोग्राफर्स मेरे चेहरे की बजाय मेरे शरीर के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीरें लेने लगते हैं। कैमरा ऊपर-नीचे घूमता रहता है और मुझे इससे दिक्कत होती है। मलाइका ने आगे कहा था, वे मेरे शरीर के कुछ खास हिस्सों पर ही फोकस क्यों करते हैं? मुझे अपने शरीर पर गर्व है। फिर लोग कहते हैं कि अगर नहीं दिखाना है, तो पूरे कपड़े पहन लो। लेकिन मैं क्या पहनूं, यह मेरा फैसला है। मुझे जैसे कपड़े पसंद हैं, मैं वैसे ही पहनूंगी। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसी तस्वीरों की वजह से उन्हें अपने परिवार को भी जवाब देना पड़ता है। इसलिए यह बात उन्हें परेशान करती है। सलमान भी पैपराजी पर भड़के थे वहीं, पिछले महीने सलमान खान भी पैपराजी पर भड़क गए थे। दरअसल, वे हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे, जहां से निकलते समय पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए थे। हालांकि, बाद में जब सलमान फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तब सभी पैपराजी ने उनसे माफी मांगी थी। सलमान जैसे ही पार्टी में पहुंचे, वैसे ही सभी पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और माफी मांगने लगे। सभी एक साथ, सॉरी भाईजान, जोर से बोलो सॉरी, कहते दिखे। इसके बाद सलमान ने भी उनकी माफी कबूल कर ली थी। बता दें कि इस पहले गोविंदा के बॉडीगार्ड्स की भी पैपराजी से बहस हो चुकी है। दरअसल, गोविंदा पिछले एक इवेंट में पहुंचे थे। वहां से निकलते हुए उन्हें पैपराजी ने घेर लिया था। जब उनके गार्ड्स ने निकलने की जगह बनाने के लिए लोगों को पीछे किया, तो पैपराजी ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया। विवाद बढ़ने पर गोविंदा को खुद बीच-बचाव करना पड़ा था।
डॉन 3 विवाद में सुनील शेट्टी ने रणवीर सिंह का बचाव किया है। फिल्म छोड़ने की शिकायत के बाद उन्हें FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एम्प्लॉय्ज) द्वारा बैन किया गया था। यानी विवाद खत्म होने तक फेडरेशन से जुड़ा कोई शख्स उनके साथ काम नहीं कर सकता था। इस पर सुनील शेट्टी का कहना है कि किसी के पास किसी एक्टर को बैन करने का अधिकार नहीं है। उनका कहना है कि रणवीर ने फिल्म इंडस्ट्री के रेवेन्यू में बड़ा योगदान दिया है। उन्हें ऐसे ही कोई बैन नहीं कर सकता। हाल ही में टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने डॉन 3 विवाद पर कहा है, ‘कोई भी किसी एक्टर को बैन नहीं कर सकता। कोई आर्ट को बैन नहीं कर सकता है। किसी के पास ये अधिकार नहीं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले को एक सेकेंड में खारिज कर देगा। देखिए, दिक्कत ये है कि दोनों (फरहान और रणवीर) ही सेंसिबल हैं। फरहान भी एक बहुत सेंसिबल एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर हैं। और रणवीर भी। उसने अच्छा टाइम देखा है। मुझे लगता है कि अगर दोनों साथ बैठेंगे, तो मामला सुलझ जाएगा।’ मैं इसमें दखल नहीं दूंगा- सुनील शेट्टी जब उनसे पूछा गया कि क्या वो ये मामला सुलझा सकते हैं, तो जवाब में उन्होंने कहा, ‘नहीं मैं इस मामले में दखल नहीं दूंगा, क्योंकि कई लोग पहले ही बात कर चुके हैं। लेकिन फरहान और रणवीर को जानते हुए मैं यही कहना चाहूंगा कि अगर दोनों साथ बैठें तो जादू कर सकते हैं। रणवीर शिखर पर है और डॉन एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसका हिस्सा रहना बहुत अच्छा होगा। ये फ्रैंचाइजी अमिताभ बच्चन से शुरू हुई, फिर शाहरुख जुड़े, इससे बेहतर और क्या हो सकता है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘अगर कोई कह रहा है कि मैं इसे बैन कर दूंगा, उसे बैन कर दूंगा, आप किसी को ऐसे ही बैन नहीं कर सकते। आप होते कौन हैं किसी को बैन करने वाले। समझने की कोशिश करें कि इस बच्चे ने आपको करोड़ों का रेवेन्यू दिया है। आप उसे बैन क्यों करना चाहते हैं। बिकने वाली चीज को अगर आप बैन करोगे, तो आप क्या मांग रहे हो। बैन तो बस बोलने की बातें होती हैं।’ जानिए क्या है पूरा मामला? फरहान अख्तर ने 3 साल पहले डॉन फ्रैंचाइजी की तीसरी फिल्म डॉन 3 की घोषणा रणवीर सिंह के साथ की थी। फिल्म में उनके साथ कियारा आडवाणी को कास्ट किया गया था, हालांकि मेटरनिटी लीव के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी। ये फिल्म कास्टिंग के चलते टलती गई और फिर रणवीर सिंह ने फिल्म धुरंधर पर काम शुरू कर दिया। धुरंधर की सक्सेस के बाद रणवीर सिंह ने क्रिएटिव डिफरेंस का हवाला देते हुए फिल्म छोड़ने का फैसला किया, जिस पर फरहान अख्तर ने आपत्ति जताई। विवाद के बीच रणवीर सिंह ने साइनिंग अमाउंट लौटाने की बात कही, लेकिन प्रोडक्शन ने दावा किया कि फिल्म में अब तक 45 करोड़ खर्च हो चुके हैं। विवाद के बीच फरहान अख्तर ने पहले प्रोड्यूसर गिल्ड और बाद में FWICE में शिकायत भेज हस्तक्षेप की मांग की थी, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
सुनील शेट्टी ने हाल ही में बताया है कि उनकी 15 महीने की नातिन इवारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भक्त है। वो रोज उनकी तस्वीर देखती है और उन्हें गणेश मंदिर पर चढ़े लड्डू लाकर खिलाती है। सुनील शेट्टी ने हाल ही में टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘मैंने हमेशा कहा है कि मैं नरेंद्र मोदी का बहुत बड़ा फैन हूं। मैं किसी पार्टी की बात नहीं कर रहा, मैं लीडर की बात कर रहा हूं, जो मुझमें जोश भरता है। मुझे जितना मेरे देश से प्यार है, उतना उस इंसान से प्यार है। उनमें कुछ तो बात है। आप मानोगे नहीं, मेरी पोती 15 महीने की है। उसकी नैनी ने एक बार एयरपोर्ट में उसे उनकी (मोदी जी की) तस्वीर दिखाई थी। आज वो हर रोज सुबह आती है, उसके पास एक साईं बाबा की बुक है, जिसमें मोदी जी की बड़ी सी फोटो है, वो उसे खोलती है, मोदी जी-मोदी जी बोलती है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘वो रोज गणपति की मूर्ति के पास जाती है, वहां से लड्डू लेकर आती और उन्हें खिलाती है। न मैंने कभी बोला, न नैनी ने कुछ बोला। नैनी ने सिर्फ उसे फोटो दिखाई थी। कुछ तो बात होगी। कुछ तो है। वो अकेली बच्ची नहीं है। हमने आज तक उसे एक वर्ड नहीं कहा, लेकिन फिर भी वो मोदी जी बोलती है। उनमें कुछ तो जादुई है। मुझ पर उनका जादू तब शुरू हुआ, जब मैं पहली बार उनसे अहमदाबाद में मिला, मैं वहां किसी काम से गया था। ये 2010 की बात है।’ वेलकम टू द जंगल में नजर आए सुनील शेट्टी सुनील शेट्टी की फिल्म वेलकम टू द जंगल 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म में अक्षय कुमार, रवीना टंडन, जैकलीन फर्नांडिस, दिशा पाटनी, परेश रावल, राजपाल यादव समेत कई कलाकार हैं। फिल्म ने पहले ही दिन भारत में 15 करोड़ रुपए का नेट बॉक्स ऑफिस ओपनिंग कलेक्शन किया है। वहीं फिल्म ने वर्ल्डवाइड 29 करोड़ की कमाई की है। इस फिल्म का क्लैश हॉलीवुड फिल्म सुपर गर्ल से हुआ है। 15 महीने की हैं सुनील शेट्टी की नातिन इवारा सुनील शेट्टी की बेटी और एक्ट्रेस अथिया शेट्टी ने 23 जनवरी 2023 में क्रिकेटर के.एल.राहुल से शादी की थी। शादी के बाद मार्च 2025 में अथिया ने बेटी इवारा को जन्म दिया था। अथिया, बेटी के लिए नो फोटो पॉलिसी फॉलो करती हैं। उन्होंने आज तक बेटी की झलक नहीं दिखाई है।
सीनियर एक्टर मुकेश खन्ना राम मंदिर में हुए चढ़ावा घोटाले पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि मंदिर में चोरी करने वाले चोर, डाकू या किसी बेइमान से भी ऊपर हैं। उन्होंने अपील की है कि भक्तों को मंदिर में चढ़ावा देना ही बंद कर देना चाहिए। मुकेश खन्ना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, ‘क्या आप जानते हैं, मंदिरों में आपका नकदी चढ़ावा, भगवान तक नहीं पहुंचता। बीच में कहीं खो जाता है। लूट मची पड़ी है। कहावत है ना, लूट सके तो लूट। और लूटने वाले यहां भरे पड़े हैं। मैंने एक बार कहा था- भरे पड़े हैं चोर, डाकू और बेईमान, फिर भी मेरा देश है महान। लेकिन इन चढ़ावा लूटने वालों को मैं क्या नाम दूं? चोर, डाकू या बेईमान? इनमें से कोई नहीं। क्योंकि ये इन सबसे ऊपर हैं। ये भक्तों को ही नहीं, भगवान को भी लूट रहे हैं।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘मैं सिर्फ भक्तों को सलाह दूंगा कि- ना रहेगा बांस,ना बजेगी बांसुरी, वैसे ही- ना चढ़ेगा चढ़ावा, ना होगा घोटाला। सो चढ़ावा चढ़ाना बंद कीजिए। खास तौर पर पैसों और गहनों का। भगवान खुश होंगे।’ क्या है पूरा मामला? 7 जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था। योगी सरकार के आदेश पर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए SIT बनी। शुरुआती जांच में दान, चढ़ावे और प्रबंधन से जुड़े मामलों में अनियमितताओं के संकेत मिले। SIT की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा। इससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया। इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है।
रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल मर्डर केस पर एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर कर कहा कि बच्चों के गलत कामों के लिए उनके माता-पिता या परिवार को दोषी नहीं ठहराना चाहिए। आजकल बच्चों के संस्कार सिर्फ घर से तय नहीं होते, बल्कि सोशल मीडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उनके दोस्त उन्हें प्रभावित करते हैं। लोहागढ़ किले में हुए इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया है। माता-पिता को जज करना ठीक नहींकंगना रनोट ने अपने पोस्ट में लिखा कि माता-पिता को बच्चों के किए पर दोष देना सही नहीं है। आज के समय में बच्चे किसके साथ उठते-बैठते हैं और किससे प्रभावित हो रहे हैं, यह ज्यादा जरूरी है। बच्चों को कौन 'प्रोग्राम' कर रहा है, उसी से उनका व्यवहार बदलता है। लोग अब कई तरह की लाइफ जी रहे हैं, इसलिए किसी एक घटना के आधार पर पूरे परिवार को जज नहीं किया जाना चाहिए। कंगना से पहले खुशबू पटानी, आंचल खुराना और हिना खान जैसे सेलिब्रिटीज भी आरोपी सिया गोयल को लेकर गुस्सा जाहिर कर चुके हैं। मंगेतर ने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर की हत्यापुलिस जांच के मुताबिक, 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर रची थी। केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और दोनों इस साल नवंबर में शादी करने वाले थे। पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। पहली कोशिश में झाड़ी पकड़कर बचे थे केतनपुलिस ने बताया कि आरोपियों ने केतन को मारने की पहली कोशिश 14 जून को की थी। सिया उस दिन केतन को लोहागढ़ किले पर लेकर गई थी और वहां उसे घाटी में धक्का दे दिया था। हालांकि, केतन एक झाड़ी को पकड़कर लटक गए और उनकी जान बच गई। उस समय सिया ने बात को घुमाने के लिए सांप दिखने का नाटक किया और केतन का ध्यान भटका दिया। इसके बाद वह केतन को भरोसा दिलाकर वापस घर ले आई। दूसरी बार में किले से नीचे धकेलापहली कोशिश नाकाम होने के बाद सिया ने कुछ दिनों बाद दोबारा केतन को किले पर चलने के लिए राजी किया। इस बार वहां सिया का बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी भी पहले से मौजूद था। जब केतन वहां पहुंचे, तो सिया और चेतन ने पीछे से आकर उन्हें जोरदार धक्का दे दिया। गहरी घाटी में गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। तीन सुराग; सिया का झूठ, CCTV फुटेज, 2004 बार कॉल पहला सुरागः सिया के हावभाव से केतन की बहन को शक हुआ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 जून को सिया केतन के घर पहुंची। केतन की बहन ने पूछा- केतन कैसे गिरा? इस सवाल पर सिया के हावभाव अचानक बदल गए। वो ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी। केतन की बहन को शक हुआ और उसने पिता विशाल अग्रवाल से कहा- भाई अच्छा ट्रैकर है, उसकी मौत एक्सीडेंट नहीं हो सकती। सिया ठीक से जवाब नहीं दे रही। विशाल को भी पहले से शक था कि कुछ तो ठीक नहीं है। इसके बाद विशाल दोबारा पुणे पुलिस से मिले और सिया पर शक जताया। उन्होंने ये भी कहा कि सिया किसी लड़के से बात करती है, उसकी भी जांच की जानी चाहिए। दूसरा सुरागः किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने लड़का दिखा पुलिस ने लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज निकाले। इनमें 18 जून को एक शख्स वहां पहुंचे केतन और सिया के आसपास कई बार दिखा। गर्मी का मौसम, ऊपर से किले की चढ़ाई, उसके बावजूद किले की सीढ़ियों के फुटेज में दिखा कि वो हुडी पहने था। पुलिस के मुताबिक, लड़का अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था। तीसरा सुरागः सिया की एक नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे। ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है। मर्डर की 2 वजह; दावा- सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी: पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी और परिवार के दबाव में केतन से शादी करने जा रही थी। इसी पहलू को पुलिस हत्या की संभावित वजहों में से एक मानकर जांच कर रही है। बदनामी के कारण प्रेमी के साथ भागी नहीं: प्रेमी चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता था कि इससे उसके परिवार की बदनामी होगी। पुणे के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 22 जून को सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। मर्डर से पहले सिया का मंगेतर के साथ डांस, रोमांस; 3 तस्वीरें केतन के मर्डर करने से पहले सिया ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ। 19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन की स्टोरी पोस्ट की, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आ रहे थे। एक पोस्ट में दोनों कार के अंदर बैठकर गले लगते दिखे। केतन ने अपने कार के अंदर और बाहर फूलों की सजावट की थी।
बॉलीवुड एक्टर पंकज त्रिपाठी हाल ही में आईफा के कनेक्स इवेंट में शामिल हुए। यहां उन्होंने सोशल मीडिया और एक्टिंग से जुड़े कई मजेदार सवालों के जवाब दिए। जब उनसे पूछा गया कि अगर वे अपना यू-ट्यूब चैनल शुरू करेंगे तो क्या करेंगे, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे मोटिवेशनल स्पीकर बनेंगे। इवेंट में ऑफ कैमरा पंकज त्रिपाठी ने ऑफ कैमरा अपने बड़े भाई की सेहत से जुड़ा अपडेट भी दिया। उन्होंने बताया कि बिहार में हुए हमले के बाद अब उनके भाई की तबीयत पहले से बेहतर है। यू-ट्यूब चैनल पर दूंगा प्रवचन इवेंट के दौरान होस्ट दिया मिर्जा ने पंकज त्रिपाठी से पूछा कि अगर वे कभी यू-ट्यूब पर आते हैं तो उनका कंटेंट कैसा होगा? इस पर पंकज त्रिपाठी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, 'मैं प्रवचन करूंगा और मोटिवेशनल स्पीकर बनूंगा।' उन्होंने आगे मजाक करते हुए कहा कि आज के समय में मोटिवेट होने वाले लोग कम बचे हैं और मोटिवेशनल स्पीकर ज्यादा हो गए हैं। दूसरों को मोटिवेट करने वाले को खोजा जा रहा है, लेकिन मोटिवेट होने के लिए कोई बचा ही नहीं है। मेरा नाम 'ऑथेंटिसिटी कुमार' है जब पंकज त्रिपाठी से पूछा गया कि क्या उन पर सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने या एक्टिंग के दौरान ज्यादा लाउड परफॉर्मेंस देने का दबाव रहता है, तो उन्होंने इससे साफ इनकार किया। उन्होंने कहा, 'मुझ पर ऐसा कोई दबाव नहीं रहता। मेकर्स मुझे बोलते हैं कि तुम जो करते हो, वही स्क्रीन पर कर दो। मुझे तो उसी अंदाज के पैसे मिलते हैं जो मैं असल में करता हूं।' उन्होंने अपनी सादगी और ओरिजिनैलिटी पर बात करते हुए खुद को मजाकिया लहजे में 'ऑथेंटिसिटी कुमार' बताया। भाई की तबीयत में हो रहा सुधार इवेंट के दौरान पंकज त्रिपाठी ने ऑफ कैमरा अपने बड़े भाई विजेंद्र नाथ तिवारी की सेहत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके भाई की तबीयत अब पहले से बेहतर है और वे धीरे-धीरे रिकवर कर रहे हैं। बता दें कि हाल ही में 21 जून को बिहार के गोपालगंज जिले में उनके भाई पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसके बाद पंकज त्रिपाठी अपने परिवार से मिलने पटना पहुंचे थे। फिलहाल उनके भाई का इलाज पटना के अस्पताल में चल रहा है। जमीनी विवाद में हुआ था कुल्हाड़ी से हमला गोपालगंज पुलिस के मुताबिक, यह घटना माधोपुर थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव में हुई थी। पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई विजेंद्र नाथ तिवारी अपने घर के बाहर बैठे थे, तभी पुराने जमीनी विवाद और घर के पास मिट्टी फेंकने की बात को लेकर उनके पड़ोसी राजेश साह ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले में उनके पीठ और कंधों पर गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें पहले गोपालगंज सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पटना के अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हमले में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
फिल्म ‘नागबंधम द सीक्रेट ट्रेजर’ अपने माइथो कंटेंट को लेकर चर्चा में हैं। इसमें भगवान शिव को खास तरीके से प्रेजेंट किया गया है। यह 3 जुलाई को रिलीज होगी। निर्देशक अभिषेक नामा ने मेकिंग से जुड़ी रोचक बातें शेयर कीं... अभिषेक बताते हैं...‘नागबंधम द सीक्रेट ट्रेजर’ एक भव्य एडवेंचर थ्रिलर फिल्म है, जो सदियों से छिपे एक रहस्य के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में एक ऐसी जर्नी दिखाई गई है, जिसमें पौराणिक कथाएं, पवित्र मंदिर, भूले-बिसरे योद्धा, ब्रह्मकमल और एक खजाना शामिल है, जो मानवता की किस्मत बदल सकता है। यह फिल्म 5 भाषाओं तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी में बनी है।’अभिषेक ने बताया, ‘फिल्म की शूटिंग कई जगहों पर की गई, जिनमें हैदराबाद, विशेष रूप से तैयार किए गए स्टूडियो सेट, जंगल, पानी वाले लोकेशन और बड़े आउटडोर क्षेत्र शामिल हैं, जिन्हें कहानी की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग दुनिया और समय को दर्शाने के लिए तैयार किया गया। सभी शेड्यूल, एक्शन सीक्वेंस, गानों और अन्य कामों को मिलाकर इस फिल्म को पूरा करने में एक साल से अधिक का समय लगा।’ देश के प्राचीन इतिहास और रहस्यमयी खजानों के प्रति रुचि से आया आइडिया अभिषेक साझा करते हैं...‘नागबंधम का मूल आइडिया भारत के प्राचीन इतिहास और रहस्यमयी खजानों के प्रति मेरी गहरी रुचि से आया। कई वर्षों तक मैंने पवित्र मंदिरों, नाग परंपराओं, खो चुकी सभ्यताओं से जुड़ी कहानियों पर रिसर्च की। कई एडवेंचर से भरी कहानियों ने प्रेरित किया।’ हर किरदार के व्यक्तित्व के हिसाब से एक्टर्स को फिल्म में चुना गया है अभिषेक कहते हैं...‘फिल्म के हर किरदार के लिए एक खास व्यक्तित्व और स्क्रीन प्रेजेंस की जरूरत थी। विराट कर्ण को इसलिए चुना गया, क्योंकि उनके भीतर मुख्य किरदार की जर्नी को दिखाने की क्षमता थी। महेश मांजरेकर और मुरली शर्मा जैसे अनुभवी कलाकारों ने फिल्म को गहराई और विश्वसनीयता दी। वहीं नाभा नटेश और दक्षा नागरकर अपने किरदारों में मजबूती और आकर्षण लाईं। जब ये कलाकार जुड़े तो हमें लगा कि ‘नागबंधम’ की दुनिया के लिए हमें बिल्कुल सही टीम मिल गई है। विराट कर्ण उन पहले कलाकारों में शामिल थे, जो इस प्रोजेक्ट से जुड़े, क्योंकि पूरी कहानी उनके किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है। ’ करीब 110 करोड़ रुपए है लागत अभिषेक कहते हैं...‘नागबंधम’ का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं है। हर सेट, कॉस्ट्यूम, हथियार और फ्रेम को भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और जुनून के साथ तैयार किया गया है। सिर्फ ट्रेजर हंट नहीं, देश की संस्कृति से लोगों को परिचय भी कराना है। इसका बजट करीब 110 करोड़ रुपए है।’ शूटिंग लोकेशन - हैदराबाद में विशेष रूप से तैयार किए गए स्टूडियो अभिषेक के मुताबिक, ‘फिल्म की शूटिंग कई जगहों पर की गई, जिनमें हैदराबाद, विशेष रूप से तैयार किए गए स्टूडियो सेट, जंगल, पानी वाले लोकेशन और बड़े आउटडोर क्षेत्र शामिल हैं, जिन्हें कहानी की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग दुनिया और समय को दर्शाने के लिए तैयार किया गया। सभी शेड्यूल, एक्शन सीक्वेंस, गानों और अन्य कामों को मिलाकर इस फिल्म को पूरा करने में एक साल से अधिक का समय लगा।’ 10 बड़े सेट में तैयार हुई फिल्म की दुनिया ‘नागबंधम’ के लिए करीब 10 बड़े सेट तैयार किए गए। ‘फिल्म के हर हथियार और कॉस्ट्यूम को अलग तरीके से डिजाइन किया गया है। एक्शन और क्लोजअप सीन्स के लिए हथियारों के अलग-अलग संस्करण तैयार किए गए। फिल्म के इमोशन को शिद्दत से दिखाएंगे 5 भव्य गाने अभिषेक ने बताया ‘फिल्म का हर गीत इसकी कहानी को आगे बढ़ाने के साथ इससे जुड़ी अलग-अलग भावनाओं को भी दिखाता है। - एक भव्य भक्ति गीत, जो दिव्य ऊर्जा और आध्यात्मिकता का उत्सव पर है। - दूसरा रोमांटिक गीत है, जो मुख्य किरदारों के इमोशल रिश्ते को दिखाता है। - तीसरा इमोशनल गीत है, जिसमें दर्द, त्याग और आंतरिक संघर्ष नजर आएगा। - चौथा सनातन धर्म और नागा साधुओं की दुनिया से प्रेरित गीत है। - पांचवें गाने में पारिवारिक उत्सव है, जिसमें खुशी, अपनापन और परंपरा दिखेगी।
NEET पेपर लीक के बाद से विवादों में घिरे हुए धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की बधाई देने पर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भड़क गई हैं। उन्होंने इसे शर्मनाक बताते हुए कई सवाल खड़े किए हैं और सख्त शब्दों में इसकी आलोचना की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह कैबिनेट मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान को जन्मदिन की बधाई देते हुए लिखा, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू करने के लिए सराहनीय प्रयास कर रहे हैं। इस नीति का उद्देश्य भारत को ज्ञान, शिक्षा और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाना है। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं। नरेंद्र मोदी की पोस्ट सामने आने के बाद कुनिका सदानंद ने भड़कते हुए लिखा है, क्या किसी और को भी यह बेहद शर्मनाक नहीं लगता? जिस देश में लगभग 1 करोड़ छात्रों के साथ अन्याय हुआ हो, वहां के प्रधानमंत्री शिक्षा व्यवस्था की बदइंतजामी पर एक ट्वीट तक नहीं करते। जब युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और कुछ छात्रों ने अपनी जान तक गंवा दी है, तब भी वे इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहते। लेकिन उनके पास अपने कैबिनेट मंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने का समय है। वही मंत्री, जिन्हें देश की बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। मोदी जी, एक ही दिल है, आखिर कितनी बार तोड़ेंगे? धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग जारी NEET पेपर लीक होने के बाद से ही देश भर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस के अलावा कॉकरोच जनता पार्टी भी लगातार देश भर के कई शहरों में प्रदर्शन कर उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। देखिए धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन की चुनिंदा तस्वीरें- कुनिका सदानंद के बारे में-
अभिनेत्री और राजनेता खुशबू सुंदर और फिल्ममेकर सुंदर सी की बड़ी बेटी अवंतिका सुंदर शादी के बंधन में बंध गई हैं। उन्होंने 25 जून को गोवा के एक लग्जरी रिसॉर्ट में श्रवण श्रीनिवासन के साथ सात फेरे लिए। इस शादी में साउथ फिल्म इंडस्ट्री और बॉलीवुड के कई बड़े कलाकार शामिल हुए। सोशल मीडिया पर शादी के कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें चिरंजीवी, नागार्जुन, अनिल कपूर, वेंकटेश और जैकी श्रॉफ जैसे एक्टर्स एक साथ नजर आ रहे हैं। एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी शादी में शामिल हुईं। खुशबू सुंदर ने इस शादी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को भी न्योता भेजा था। देखें शादी की तस्वीरें.… चिरंजीवी, जैकी श्रॉफ और अनिल कपूर का गेट-टुगेदरइस शादी के जरिए सिनेमा जगत के दिग्गज कलाकारों का एक बड़ा गेट-टुगेदर देखने को मिला। एक वीडियो में चिरंजीवी और जैकी श्रॉफ आपस में बातचीत करते नजर आ रहे हैं। वहीं एक अन्य क्लिप में चिरंजीवी, जैकी श्रॉफ, वेंकटेश, अनिल कपूर और नागार्जुन एक साथ बैठकर हंसते-मजाक करते और एक-दूसरे की तस्वीरें खींचते हुए दिखे। एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी शादी में शामिल हुईं। वे गोल्डन साड़ी और डायमंड नेकलेस में पहली रो में बैठकर चिरंजीवी और उनकी पत्नी से बात करती नजर आईं। वाइट और गोल्ड रही शादी की थीमशादी के फंक्शंस के लिए एक खास ड्रेस कोड रखा गया था। समारोह में पहुंचे ज्यादातर मेहमान पारंपरिक दक्षिण भारतीय परिधानों जैसे वेष्टी और मुंडू में नजर आए। शादी की थीम वाइट और गोल्ड कलर पर आधारित थी, जिससे पूरा माहौल पारंपरिक लग रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सभी स्टार्स इसी कॉम्बिनेशन के कपड़ों में दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री विजय को दिया था पर्सनल न्योताखुशबू सुंदर ने इस शादी के लिए कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों को भी आमंत्रित किया था। इस महीने की शुरुआत में, 3 जून को खुशबू सुंदर अपने परिवार के साथ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के आवास पर गई थीं। उन्होंने विजय को शादी का पर्सनल कार्ड दिया था। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए खुशबू ने विजय को अपना भाई बताया था और लिखा था कि उनके व्यस्त शेड्यूल के बावजूद वे बहुत गर्मजोशी से मिले। हालांकि, मुख्यमंत्री इस शादी समारोह में शामिल नहीं हो सके। प्रधानमंत्री मोदी से भी की थी मुलाकातमुख्यमंत्री विजय के अलावा खुशबू सुंदर और उनके पति सुंदर सी ने पिछले महीने नई दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री को शादी का निमंत्रण पत्र सौंपा था। खुशबू सुंदर ने इस मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की थीं और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया था।
पॉप स्टार टेलर स्विफ्ट जल्द ही बॉयफ्रेंड फुटबॉल प्लेयर ट्रैविस केल्से से शादी करने वाली हैं। शादी को प्राइवेट रखने की कोशिश जारी है, जिसके तहत प्री-वेडिंग इवेंट में आने वाले मेहमानों को भी वेन्यू की जानकारी नहीं दी जा रही है। वेडिंग डेट पर भी सस्पेंस बना हुआ है। इसी बीच कपल की टीम ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन के आसपास की सड़कें बंद करने की अनुमति मांगी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कपल की शादी 3-5 जुलाई के आसपास हो सकती है, जिसमें हजार से ज्यादा मेहमानों के शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, टेलर 4 जुलाई को होने वाले एक खास वीकेंड इवेंट के लिए लोगों को निमंत्रण भेज रही हैं। माना जा रहा है कि इसी दौरान वह अपनी शादी का ऐलान कर सकती हैं। इस प्री-वेडिंग इवेंट में करीब 100 मेहमान शामिल होंगे। एंटरटेनमेंट टुनाइट से बातचीत में फुटबॉलर जॉर्ज किटल ने बताया है कि उन्हें भी इस इवेंट का न्योता मिला है, हालांकि किसी भी मेहमान को वेन्यू की जानकारी नहीं दी जा रही है। जॉर्ज ने आगे कहा, हमें कुछ नहीं पता। मुझे बस इतना पता है कि मैं नीले रंग का सूट पहनने वाला हूं। मैंने कल रात ट्रैविस से भी पूछा था, लेकिन वह मेरी बात पर हंसने लगा। मुझे तो ऐसा लग रहा है कि कहीं किसी रनवे पर एक बड़ा प्राइवेट जेट हमारा इंतजार कर रहा होगा और फिर हमें विमान से किसी गुप्त जगह ले जाया जाएगा। शादी का समारोह 3 जुलाई से शुरू होकर 4 जुलाई तक चल सकता है। इस दौरान मैडिसन स्क्वायर गार्डन के आसपास की सड़कों को बंद करने की अनुमति भी मांगी गई है। समारोह में करीब 1,000 मेहमानों के शामिल होने की संभावना है, हालांकि इनमें से सभी शादी में मौजूद नहीं होंगे। फिलहाल टेलर स्विफ्ट और ट्रैविस केल्से की ओर से शादी को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।टेलर स्विफ्ट के बारे में- पूरा नाम: टेलर एलिसन स्विफ्ट जन्म: 13 दिसंबर 1989 जन्मस्थान: वेस्ट रीडिंग, US 3 सालों से फुटबॉलर को कर रही हैं डेट टेलर स्विफ्ट बीते 3 सालों से ट्रैविस को डेट कर रही हैं। दोनों की पहली मुलाकात 2023 में टेलर स्विफ्ट के एराज टूर के दौरान हुई थी। ट्रैविस इस कॉन्सर्ट का हिस्सा बने थे। न्यू हाइट्स पॉडकास्ट में ट्रैविस ने बताया था कि पहले कॉन्सर्ट में दोनों की बात नहीं हुई थी, जिससे उन्हें निराशा हुई थी। वो टेलर के लिए एक स्पेशल ब्रेसलेट भी लेकर पहुंचे थे, लेकिन इसे दे नहीं सके। हालांकि बाद में दोनों की दोस्ती हुई और फिर दोनों रिलेशनशिप में आ गए। टेलर स्विफ्ट को ट्रैविस ने दी साढ़े 4 करोड़ की रिंग टेलर स्विफ्ट और ट्रैविस ने 8 महीने पहले सगाई की है। सिंगर ने सोशल मीडिया पर सगाई की तस्वीरें शेयर कर इसकी आधिकारिक घोषणा की थी। देखिए टेलर स्विफ्ट की सगाई की तस्वीरें- टेलर स्विफ्ट ने अपनी डायमंड रिंग की भी तस्वीरें पोस्ट कीं। द हॉलीवुड रिपोर्टर में डायमंड एक्सपर्ट के हवाले से बताया गया था कि ये एंगेजमेंट रिंग 8-10 कैरेट की है। वहीं जूलरी इन्फ्लुएंसर जूलिया शाफ के अनुसार, कुशन कट डायमंड रिंग की कीमत लगभग ढाई लाख डॉलर यानी करीब 2 करोड़ 19 लाख 23 हजार है। जबकि पूरी अंगूठी की कीमत 5 लाख डॉलर यानी 4 करोड़ 38 लाख 48 हजार के करीब है।
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान को आज फिल्म इंडस्ट्री में 34 साल हो चुके हैं। उनकी पहली फिल्म दीवाना 34 साल पहले आज के ही दिन 26 जून को रिलीज हुई थी। इस खास मौके पर शाहरुख खान मंगलूरु के एक इवेंट का हिस्सा बने, जहां आइकॉनिक पोज, हिट गानों में डांस करते हुए एक्टर ने मंगलूरु की बचपन की याद पर भी बात की है। इस दौरान एक्टर ने कन्नड़ में फैंस से बात कर हर किसी का ध्यान खींच लिया। शाहरुख खान इस इवेंट में बचपन की एक तस्वीर लेकर पहुंचे थे। इवेंट के बीच उन्होंने जेब में रखी वो तस्वीर निकालकर ऑडियंस को दिखाई, जो उनके अनुसार, उनके बचपन की इकलौती तस्वीर है। शाहरुख ने तस्वीर दिखाते हुए कहा, ‘भले ही इस समय यह तस्वीर थोड़ी अटपटी लगे, क्योंकि मैं इसमें बिना कपड़ों के हूं। ये मेरे पास मेरे बचपन की इकलौती तस्वीर है, जो मंगलूरु में ली गई थी। मैं बिना कपड़ों के बाल्टी में हूं।’ बता दें कि शाहरुख खान का जन्म नई दिल्ली में हुआ था, हालांकि उन्होंने बचपन के शुरुआती 5 साल अपने दादा जी इफ्तिखार अहमद के साथ मंगलूरु में ही बिताए हैं। इवेंट में शाहरुख खान ने फैंस को कन्नड़ में ग्रीट किया है, जिसके बाद उन्होंने दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के गीतों के साथ-साथ झूमे जो पठान और छम्मक छल्लो पर भी परफॉर्म किया। देखिए इवेंट से शाहरुख खान की तस्वीरें- फिल्म दीवाना में बने विलेन, संयोग से मिली थी ये फिल्म फिल्मों से पहले शाहरुख खान ने कई टीवी शोज में काम किया था, जिसके बाद उन्हें फिल्म दीवाना एक संयोग से मिली। इस फिल्म में राजा सहाय के रोल के लिए पहले अरमान कोहली को फाइनल किया गया था, लेकिन किसी वजह से एक्टर ने यह फिल्म करने से मना कर दिया था। इसी समय शेखर कपूर ने प्रोड्यूसर गुड्डू धनोआ को शाहरुख से मिलने के लिए दिल्ली भेजा। वो कनॉट प्लेस में मिले। गुड्डू धनोआ ने एक इंटरव्यू में बताया था, तब तक, अभिनेता की कोई भी फिल्म रिलीज नहीं हुई थी। फिर भी उन्होंने मुझसे कहा, 'मैं आपकी फिल्म नहीं कर सकता। मैं पहले से ही 5 फिल्में कर रहा हूं।' ये सुनते ही मुझे झटका लगा। पूछने पर अभिनेता ने बताया कि वो हेमा मालिनी की 'दिल आशना है' (1992), 'राजू बन गया जेंटलमैन' (1992), 'चमत्कार' (1992), 'किंग अंकल' (1993) और 'कभी हां कभी ना' (1994) में काम कर रहे हैं। मैंने फिर भी रिक्वेस्ट किया, कि उन्हें एक बार स्टोरी जरुर सुननी चाहिए। शाहरुख ने फिर मुझे अगले दिन दोपहर 12 बजे अपने घर आने के लिए कहा था। गुड्डू धनोआ ने बताया, अगले दिन मिलने पर शाहरुख को स्टोरी का सेकेंड हाफ इतना पसंद आया कि उन्होंने कहा, 'गुड्डू, मैं आपकी फिल्म कर रहा हूं।' पर तभी जब मेरी बाकी फिल्मों की डेट्स आगे बढ़ जाए या फिर कैंसिल हो जाएं। किस्मत देखिए जिस फिल्म के लिए डेट्स नहीं थी, वो फिल्म सबसे पहले रिलीज हो गई और सुपरहिट भी साबित हुई। पहली फिल्म में इतनी थी शाहरुख की फीस एक ऐसी फिल्म, जिसमें एक्ट्रेस की एंट्री सेकेंड हाफ में हुई थी। फिर भी लोगों को शाहरुख की एक्टिंग खूब पसंद आई। गुड्डू धनोआ ने बताया कि किंग खान को इस फिल्म के लिए 11 हजार साइनिंग अमाउंट और 1.50 लाख रुपए एक्टिंग फीस दी गई थी। ऋषि कपूर को फिल्म का गाना 'ऐसी दीवानगी' इतना पसंद आया था कि वो खुद इस गाने को करना चाहते थे। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। गाना शाहरुख पर फिल्माया गया था। इस फिल्म से शाहरुख खान ने इडंस्ट्री में खास पहचान बना ली और आगे हिट देते हुए टॉप एक्टर्स में शामिल हुए। आज शाहरुख बॉलीवुड के सबसे कामयाब एक्टर हैं, जिनकी गिनती दुनिया के सबसे रईस एक्टर्स में भी होती है।
स्टारकास्ट- अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, जैकी श्रॉफ, रवीना टंडन, जैकलीन फर्नांडिस डायरेक्टर- अहमद खान रेटिंग- 3.5 स्टार्स अवधि- 2 घंटे 44 मिनट'वेलकम टू द जंगल' का मकसद सिर्फ और सिर्फ मनोरंजन करना है और फिल्म शुरुआत से ही यह बात साफ कर देती है, यहां लॉजिक भी छुट्टी पर है और हंसी ड्यूटी पर। करीब तीन दर्जन कलाकारों से सजी यह कॉमेडी हर कुछ मिनट बाद नया किरदार, कॉमेडी और बवाल लेकर आती है। कहानी कई बार तर्क से दूर जरूर जाती है, लेकिन अगर आप लॉजिक को थोड़ी देर के लिए किनारे रख दें (या पॉपकॉर्न के साथ निगल लें) तो अक्षय कुमार की कॉमिक टाइमिंग, रवीना टंडन के साथ उनकी केमिस्ट्री और बाकी कलाकारों की मस्ती आपको लगातार हंसाती रहती है। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी बड़े कारोबारी सिन्हा (जाकिर हुसैन) से शुरू होती है, जिसे पता चलता है कि सरकार बदलने के बाद उसका काला धन सरकारी एजेंसियों के रडार पर आने वाला है। उसका निजी सचिव दुबे (जॉनी लिवर) सलाह देता है कि पूरा पैसा एक फ्लॉप फिल्म बनाने में लगा दिया जाए, क्योंकि काला धन वहां खपाया जा सकता है I इसके बाद दो नाकाम निर्देशक देव और दास (राजपाल यादव और परेश रावल), फ्लॉप अभिनेता राजीव (अक्षय कुमार), कमजोर नजर वाला छायाकार (श्रेयस तलपड़े) और कई अजीबोगरीब कलाकारों के साथ फिल्म की शूटिंग शुरू हो जाती है। इसी बीच सिन्हा के घर पर छापा पड़ जाता है और उसकी पूरी अवैध संपत्ति जब्त हो जाती है। अब उसके पास आखिरी उम्मीद यही फिल्म बचती है। वह दुबे को आदेश देता है कि बिना किसी अतिरिक्त बजट के एक ही दिन में फिल्म पूरी करनी होगी, यानी ‘जुगाड़’ ही असली हीरो है। इसी मजबूरी में पूरी टीम बॉर्डर से लगे आजादगंज गांव पहुंचती है। यहां गांव वाले इन्हें भारतीय सेना समझ बैठते हैं क्योंकि वे आतंकी सरगना जतारा के अत्याचारों से परेशान हैं। इसके बाद फिल्म कॉमेडी से निकलकर हल्के भावनात्मक मोड़ भी लेती है। दूसरे हिस्से में कुछ दृश्य कॉमिक 'बजरंगी भाईजान' की याद भी दिलाते हैं। आखिरकार यह टीम गांव वालों को जतारा के आतंक से कैसे बचाती है, यही फिल्म का क्लाइमैक्स है, जहां लॉजिक थोड़ा और पीछे छूट जाता है, लेकिन मस्ती से हंसते-हंसते लोटपोट जरुर है । कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? अक्षय कुमार अपने पुराने कॉमिक अवतार में लौटे हैं और पूरी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत भी वही हैं। खास बात यह है कि संवादों में कई बार उन्होंने खुद अपनी छवि का मजाक भी उड़ाया है और वही दृश्य सबसे ज्यादा हंसी लेकर आते हैं, जैसे वो खुद भी जानते हों कि यहां लॉजिक नहीं, टाइमिंग काम आएगी। रवीना टंडन का स्क्रीन टाइम भले कम हो, लेकिन जब भी वह पर्दे पर आती हैं, पूरा ध्यान अपनी ओर खींच लेती हैं। लंबे समय बाद अक्षय और रवीना को साथ देखना फिल्म का सबसे यादगार हिस्सा बन जाता है।सुनील शेट्टी और अरशद वारसी अपनी पुरानी छवि में खूब जमे हैं। 'आवारा पागल दीवाना' वाले अंदाज में सुनील शेट्टी फिर से मजा देते हैं। परेश रावल, जॉनी लीवर, फरीदा जलाल और किरण कुमार अपने छोटे छोटे किरदारों में भी जमकर हंसाते हैं। जैकी श्रॉफ खलनायक के रूप में प्रभाव छोड़ते हैं। दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस फिल्म में ग्लैमर का तड़का लगाती हैं। डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष कैसा है? दिवंगत नीरज वोहरा की कहानी का विचार दिलचस्प है। निर्देशक अहमद खान की सबसे बड़ी कामयाबी यह है कि उन्होंने इतने बड़े कलाकारों की फौज को संतुलित तरीके से संभाला है और लगभग हर कलाकार को चमकने का मौका दिया है। फिल्म के संवाद लगातार हंसाते हैं और कई कॉमिक पंच लंबे समय तक याद रहते हैं। हालांकि पहले हिस्से में कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं, जहां लगता है कि एडिटिंग भी शायद छुट्टी पर चली गई थी। दूसरे भाग में भी कुछ हिस्सों की एडिटिंग और बेहतर हो सकती थी। फिल्म थोड़ी और कसी होती तो मनोरंजन का स्तर और ऊपर पहुंच सकता था। छायांकन, एक्शन और लोकेशन कहानी के मुताबिक अच्छे हैं। हालांकि पहले हिस्से में कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं, जहां एडिटिंग थोड़ी और कसी जा सकती थी। दूसरे भाग में भी कुछ हिस्सों की एडिटिंग और बेहतर हो सकती थी। फिल्म थोड़ी और टाइट होती तो मनोरंजन का स्तर और ऊपर पहुंच सकता था। छायांकन, एक्शन और लोकेशन कहानी के मुताबिक अच्छे हैं। VFX ठीक ठाक ही है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक?फिल्म का संगीत कहानी के साथ चलता है, लेकिन ऐसा कोई गाना नहीं है जो सिनेमाघर से निकलने के बाद लंबे समय तक याद रह जाए। बैकग्राउंड संगीत कॉमेडी के माहौल को जरूर मजबूत करता है। फाइनल वर्डिक्ट- फिल्म देखें या नहीं? 'वेलकम टू द जंगल' ऐसी फिल्म नहीं है जिसमें हर सीन का तर्क तलाशा जाए, क्योंकि अगर आप ढूंढेंगे, तो शायद हंसी छूट जाएगी। यह उन दर्शकों के लिए बनी है जो परिवार या दोस्तों के साथ बैठकर खुलकर हंसना चाहते हैं। अक्षय कुमार का पुराना कॉमिक अंदाज, रवीना टंडन के साथ उनकी शानदार केमिस्ट्री और सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, परेश रावल, जॉनी लीवर, फरीदा जलाल जैसे कलाकार मिलकर फिल्म को मनोरंजक बना देते हैं।
‘वेलकम टू द जंगल’ की चर्चा अब तक इसकी बड़ी स्टारकास्ट और स्केल को लेकर होती रही है, लेकिन फिल्म से जुड़े लोगों के लिए इसकी सबसे खास बात कुछ और थी। डायरेक्टर अहमद खान और अभिनेता आफताब शिवदासानी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि लंबे शूटिंग शेड्यूल के दौरान फिल्म का सेट सिर्फ काम की जगह नहीं रहा, बल्कि ऐसा स्पेस बन गया जहां कलाकारों ने साथ समय बिताया, पुरानी केमिस्ट्री दोबारा जी और कई नई यादें बनाई। दोनों ने बताया कि कई बार शूट खत्म होने के बाद भी लोग सेट पर रुके रहते थे, क्योंकि वहां का माहौल किसी फिल्म से ज्यादा एक बड़े गैदरिंग जैसा लगने लगा था। सवाल: इस फिल्म के सेट को बाकी फिल्मों से अलग क्या बनाता था? जवाब/अहमद खान:आमतौर पर लोग फिल्म पर आते हैं, अपना काम करते हैं और चले जाते हैं। यहां वैसा नहीं था। यहां लोगों को सेट पर रहने में मजा आ रहा था। कई बार जिन कलाकारों का शूट नहीं होता था, वो भी मौजूद रहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि कहीं कुछ मजेदार मिस न हो जाए। धीरे-धीरे ऐसा माहौल बन गया जहां काम के साथ दोस्ती और अपनापन भी जुड़ गया। सवाल: इतने सारे कलाकारों के बीच माहौल कैसे बना रहा? जवाब/अहमद खान:जब इतने लोग साथ काम करते हैं तो हर किसी की अपनी एनर्जी होती है। कोई बहुत तैयारी करके आता है, कोई मौके पर चीजें बदल देता है। मुझे लगा कि अगर सबको थोड़ा खुलने दिया जाए तो बेहतर चीजें निकलकर आएंगी। मेरा काम सिर्फ उस एनर्जी को सही दिशा देना था। सवाल: क्या कभी लगा कि लोग शूट से ज्यादा एक-दूसरे के लिए आ रहे हैं? जवाब/अहमद खान:हां, कई बार। लेकिन मुझे लगता है वही इस फिल्म की सबसे अच्छी बात थी। लोग काम करके जा नहीं रहे थे, वो वक्त भी साथ बिता रहे थे। कई लोगों ने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे कॉलेज वाले दिन वापस आ गए हों। सवाल: कॉमेडी में इम्प्रोवाइजेशन कितना काम आया? जवाब/अहमद खान:बहुत ज्यादा। कई बार सीन स्क्रिप्ट से शुरू होता था लेकिन कलाकारों की वजह से उसका रूप बदल जाता था। कॉमेडी में यही मजा होता है कि आप थोड़ा स्पेस दो तो कई अच्छी चीजें सामने आती हैं। सवाल: आफताब, इतने साल बाद इस टीम के साथ लौटना कैसा रहा? जवाब/आफताब शिवदासानी:बहुत सहज लगा। ऐसा नहीं लगा कि इतने साल निकल गए हैं। कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जहां दोबारा शुरुआत नहीं करनी पड़ती। बस वहीं से बात शुरू हो जाती है जहां छोड़ी थी। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे यादगार चीज क्या रही? जवाब/आफताब शिवदासानी:मैं मजाक में कहता था कि मुझे शूट से ज्यादा लंच का इंतजार रहता था। लेकिन उसमें सच्चाई भी थी। लंच टाइम वो वक्त होता था जब सब लोग साथ बैठते थे, बातें करते थे, हंसते थे। कई यादें वहीं बनीं। सवाल: अगर इस पूरे सफर को एक लाइन में बताना हो तो क्या कहेंगे? जवाब/अहमद खान:कई बार ऐसा लगता था कि हम फिल्म नहीं बना रहे, यादें बना रहे हैं। इतने लंबे समय तक साथ रहने के बाद सबके बीच एक अलग जुड़ाव बन गया था। सवाल: इस फिल्म की सबसे बड़ी याद क्या रहेगी? जवाब/आफताब शिवदासानी:मेरे लिए यही कि इतने साल बाद भी लोगों के बीच वही अपनापन बना रहा। फिल्में खत्म हो जाती हैं, लेकिन कुछ लोग और कुछ पल साथ रह जाते हैं। यही चीज सबसे ज्यादा याद आएगी। _________________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. दिशा बोलीं- बड़े कलाकारों से बहुत कुछ सीखा:अरशद वारसी ने कहा- शूटिंग कभी काम नहीं, दोस्तों के साथ बिताया वक्त लगा ‘वेलकम टू द जंगल’ में बड़ी स्टारकास्ट के बीच काम करने का अनुभव कलाकारों के लिए सिर्फ शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। दिशा पाटनी ने इसे सीखने और समझने का मौका बताया, जबकि अरशद वारसी के मुताबिक सेट का माहौल इतना सहज था कि काम का दबाव महसूस ही नहीं हुआ। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों कलाकारों ने बताया कि इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत कलाकारों के बीच बना तालमेल और साथ बिताया समय रहा।पूरा इंटरव्यू पढ़ें.. अक्षय कुमार बोले- हिट-फ्लॉप बाद की बात:ढाई साल साथ काम कर बना खास रिश्ता; सुनील शेट्टी बोले- ऐसी स्टारकास्ट फिर शायद न मिले फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ सिर्फ मल्टीस्टारर फिल्म नहीं, बल्कि कलाकारों के लिए यादों और रिश्तों का सफर भी रही। दैनिक भास्कर से बातचीत में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी ने फिल्म से जुड़े किस्से साझा किए। अक्षय ने बताया कि बड़े स्टारकास्ट के साथ काम करना पिकनिक जैसा अनुभव था, जहां शूटिंग के साथ मस्ती भी हुई।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
बॉलीवुड एक्टर अली फजल हाल ही में क्राइम थ्रिलर सीरीज 'राख' में नजर आए थे। यह 8 एपिसोड की सीरीज 12 जून को प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई। यह दिल्ली में हुए 1978 के रंगा-बिल्ला केस से प्रेरित है। अली ने इसमें सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश जाटव का किरदार निभाया। उन्होंने अपने रोल और इस सीरीज के बारे में दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। सवाल: इस सीरीज को हां करने की वजह क्या रही?जवाब: यह कहानी आज के समय में बेहद प्रासंगिक है। हालांकि इसकी प्रेरणा एक कुख्यात केस से ली गई है, जो आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। दिल्ली उस दौर की तुलना में काफी बदल चुकी है, लेकिन उस समय के कई लोग आज भी मिलते हैं और बताते हैं कि तब क्या-क्या हुआ था। हाल ही में किसी ने मुझे बताया कि उस केस के दोनों आरोपी मुंबई के जेवीपीडी इलाके में भी देखे गए थे। यही बात इस मामले को और चौंकाने वाली बनाती है। साथ ही यह सवाल भी उठता है कि आज ऐसे कितने मामले हो रहे हैं। मेरे हिसाब से सिनेमा की जरूरत तब पड़ती है, जब लोगों को जागरूक करना हो कि एक परिवार के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ न हो। वहीं, जयप्रकाश का किरदार मुझे बहुत दिलचस्प लगा। सवाल: जयप्रकाश के किरदार में ढलने के लिए आपने क्या-क्या किया?जवाब: इस किरदार को गढ़ने में मेरी पूरी टीम का बड़ा योगदान रहा। हम सभी ने इस पर बैठकर काफी रिसर्च की और बहुत पढ़ाई की। शुरुआत में हमने सिर्फ सीन पढ़े, फिर धीरे-धीरे किरदार की दुनिया में उतरते गए। हमने समझने की कोशिश की कि अगर यह उस दौर का व्यक्ति है, तो उसकी फितरत कैसी होगी, उसकी आदतें क्या होंगी। कहानी इमरजेंसी के बाद के समय की है, इसलिए उस दौर में पुलिस कैसे काम करती थी, इस पर भी काफी चर्चा हुई। उदाहरण के तौर पर, उस समय दिल्ली में कॉन्स्टेबल्स को शॉर्ट्स पहनने से मना कर दिया गया था। लोगों की भाषा भी काफी पुख्ता थी और वे ज्यादातर हिंदी में बात करते थे। मेरे हिसाब से इन सभी पहलुओं को गहराई से समझना इस किरदार की तह तक पहुंचने के लिए बेहद जरूरी था। सवाल: दर्शकों पर इस सीरीज का क्या प्रभाव पड़ा?जवाब: मुझे लोगों से बहुत अलग-अलग और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। आमतौर पर ऐसी कहानियों में या तो सिर्फ अपराधी का दृष्टिकोण दिखाया जाता है या फिर पुलिस का, लेकिन इस सीरीज में दोनों के बीच बैलेंस रखा गया है। मेरे लिए इसकी सबसे अहम बात 'वर्दी की बंदिश' है। जब आप वर्दी पहनते हैं, तो आपके काम करने की एक सीमा तय हो जाती है और आपको उसी दायरे में रहकर काम करना पड़ता है। लोगों को लगता है कि पुलिस के पास बहुत आजादी होती है, लेकिन हकीकत हमेशा वैसी नहीं होती। इस सीरीज में मेरा किरदार भी एक आम इंसान की तरह नजर आता है, जो इस केस को पूरी शिद्दत और ईमानदारी से सुलझाने की कोशिश करता है। यही बात शायद दर्शकों को उससे जोड़ रही है। सवाल: आपकी वेब सीरीज 'राख' की शूटिंग का अनुभव कैसा रहा?जवाब: मेरे अनुसार शूटिंग करीब डेढ़ से दो महीने तक चली। हमारे डायरेक्टर्स की यह इच्छा थी कि हम रियल लोकेशनों पर ही शूटिंग करें और सेट न बनाए जाएं। इसलिए ज्यादातर शूट असली जगहों पर हुआ। हमने काफी शूटिंग आगरा और उसके आसपास के इलाकों में की। इसके बाद मुंबई में काम किया और फिर मुख्य शूटिंग दिल्ली में हुई। दिलचस्प बात यह रही कि दिल्ली का शेड्यूल मार्च में रखा गया था, जब वहां काफी गर्मी रहती है। सवाल: क्या आज के समय में स्टार कास्ट से ज्यादा फिल्म की कहानी केंद्र में आ रही है?जवाब: जी, मैं इससे पूरी तरह सहमत हूं। जिस दिन कहानी किसी फिल्म की असली हीरो बन जाएगी, उस दिन पूरा खेल बदल जाएगा। उसके बाद अगर उस कहानी के साथ अच्छे कलाकार जुड़ जाएं, तो बात और बेहतर हो जाती है। मेरा मानना है कि अगर कहानी मजबूत नहीं है, तो सिर्फ किसी बड़े नाम के भरोसे पूरी फिल्म को नहीं बेचा जा सकता। सवाल: आप कोई भी प्रोजेक्ट चुनने से पहले उसमें क्या देखते हैं?जवाब: मैं किसी भी स्क्रिप्ट का चयन काफी सोच-समझकर करता हूं। 'मिर्जापुर' के बाद यह पहला शो है, जिसे मैंने चुना है। मेरे लिए किसी सीरीज का हिस्सा बनना अपने आप में एक बड़ा कदम था, क्योंकि फिल्मों की तुलना में सीरीज में कहानी को अधिक विस्तार और गहराई से प्रेजेंट किया जाता है। किरदारों की कई परतें खुलती हैं और उस पर काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसीलिए किसी भी प्रोजेक्ट को चुनते समय मैं सबसे पहले यह देखता हूं कि उसका मेकर कौन है। इसके साथ ही प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और कहानी, इन तीनों चीजों पर मेरा विशेष ध्यान रहता है। जब ये तीनों मजबूत हों, तो आधा काम अपने आप आसान हो जाता है।
हर सफलता की कहानी सिर्फ तालियों और शोहरत से नहीं बनती। इसके पीछे ऐसे दौर भी होते हैं जब मौके छूटते हैं, फैसले गलत साबित होते हैं और फिर खुद को साबित करना पड़ता है। शिल्पा शेट्टी की कहानी भी ऐसी ही रही। एक तस्वीर से मॉडलिंग की शुरुआत, पहली फिल्म बंद होने का झटका, करियर में ठहराव और फिर वापसी- उन्होंने हर मोड़ पर खुद को खड़ा किया। इसी सफर में बेटे की तारीफ ने उन्हें एहसास कराया कि असली सफलता सिर्फ नाम नहीं, बल्कि हर दौर में प्रासंगिक बने रहना है। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं शिल्पा शेट्टी के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। एक तस्वीर ने बदल दी शिल्पा की जिंदगी 8 जून 1975 को कर्नाटक के मंगलुरु में जन्मीं शिल्पा शेट्टी का असली नाम अश्विनी शेट्टी है। उनका परिवार बाद में मुंबई आ गया, जहां उनकी पढ़ाई हुई। शुरुआती दिनों में उनकी जिंदगी फिल्मों और ग्लैमर से अलग थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह पिता के काम में हाथ बंटाती थीं और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्मों की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा बनेंगी। इसी दौरान उन्हें एक फैशन शो में हिस्सा लेने का मौका मिला। उनकी मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा। शो में मौजूद एक फोटोग्राफर ने उनकी तस्वीरें खींचीं और बाद में उन्हीं के जरिए उन्हें मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे। धीरे-धीरे विज्ञापनों और फोटोशूट्स का सिलसिला शुरू हुआ और यहीं से मनोरंजन जगत में सफर शुरू हुआ। 16 साल की उम्र में शिल्पा ने 1991 में पहली बार लिम्का के लिए मॉडलिंग की। उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह मौका आगे चलकर बॉलीवुड का दरवाजा खोलेगा। मॉडलिंग में पहचान बनने के बाद उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलने लगे और जिंदगी ने नया मोड़ लिया। पहली फिल्म बंद हुई, लेकिन उसी ने खोला बॉलीवुड का दरवाजा शिल्पा शेट्टी की सफलता की कहानी सीधे ‘बाजीगर’ से शुरू नहीं हुई थी। कम लोग जानते हैं कि उनकी पहली फिल्म ‘गाता रहे मेरा दिल’ थी, जिसमें उनके साथ रोनित रॉय और रोहित रॉय थे। फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी थी और ट्रेड मैगजीन में उनकी तस्वीर के साथ बॉलीवुड डेब्यू की घोषणा भी हो गई थी। लेकिन रिलीज से पहले ही फिल्म बंद हो गई। इसे यश चोपड़ा के असिस्टेंट रह चुके डायरेक्टर दिलीप नाइक ने डायरेक्ट किया था। नए कलाकार के लिए पहली फिल्म का बंद होना करियर खत्म होने जैसा हो सकता था, लेकिन शिल्पा के साथ उल्टा हुआ। उसी ट्रेड मैगजीन में छपी उनकी तस्वीर इंडस्ट्री के लोगों की नजर में आई और उन्हें ‘बाजीगर’ का ऑफर मिला। फिल्म ‘बाजीगर’ से जुड़ा किस्सा शेयर करते हुए शिल्पा शेट्टी कहती हैं- लोग आज भी उस सीन की बात करते हैं जिसमें मैं गिरते हुए मुस्कुरा रही हूं। उस समय वीएफएक्स नहीं हुआ करता था। हमने वो सीन कई बार शूट किया था। आज भी ध्यान से देखें तो उसमें इस्तेमाल हुई स्ट्रिंग दिखाई देती है। लेकिन उससे सीखा कि फिल्में सिर्फ पैसों से नहीं बनतीं, उनमें आत्मा होनी चाहिए। ‘बाजीगर’ में वही बात थी। प्रोड्यूसर्स ने फिल्म से बाहर कर दिया 'बाजीगर' की सक्सेस के बाद शिल्पा शेट्टी 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी', 'छोटे सरकार', 'आओ प्यार करें', 'हथकड़ी', 'औजार' और 'परदेसी बाबू' जैसी फिल्मों का हिस्सा रहीं और दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुईं। सफलता का सफर हमेशा नहीं रहता। शिल्पा के करियर में एक दौर ऐसा भी आया जब फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया था। कई बार उन्हें फिल्म के लिए चुना गया, लेकिन बाद में प्रोड्यूसर्स ने बाहर कर दिया। लगातार निराशा ने उन्हें परेशान किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 'धड़कन' बना करियर का टर्निंग पॉइंट साल 2000 में आई फिल्म 'धड़कन' ने उनके करियर को नई दिशा दी। इस फिल्म में उनके अभिनय को खूब सराहा गया और वह फिर चर्चा में आ गईं। इसके बाद उन्होंने 'रिश्ते', 'फिर मिलेंगे', 'दस' और 'लाइफ इन ए... मेट्रो' जैसी फिल्मों में काम किया। खासकर 'फिर मिलेंगे' में एचआईवी पीड़ित महिला के किरदार ने उनके अभिनय को नई पहचान दी। शिल्पा कहती हैं- मेरी जिंदगी में कई मजेदार और अजीब अनुभव रहे हैं। फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए ऐसे कई पल आए हैं जिन्हें मैं हंसते हुए याद करती हूं। कुछ अनुभव ऐसे भी रहे हैं जिन्हें मैं दोबारा याद नहीं करना चाहती, लेकिन वे सभी अनुभव मेरे लिए सीख का हिस्सा रहे हैं। हर अनुभव ने मुझे कुछ नया सिखाया और मेरी सोच को मजबूत बनाया है। ‘बिग ब्रदर’ से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान फिल्मों के साथ-साथ शिल्पा ने टीवी की दुनिया में भी अपनी जगह बनाई। ब्रिटेन के रियलिटी शो 'सेलिब्रिटी बिग ब्रदर' में हिस्सा लेकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की। शो में नस्लीय टिप्पणियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और विजेता बनीं। इस जीत ने उन्हें दुनिया भर में लोकप्रिय बना दिया। ‘बिग ब्रदर’ जीतने के बाद लगा, मैंने एक अलग पहचान बना ली शिल्पा ने बताया कि जिंदगी में सफलता का एहसास किसी एक पल से नहीं जुड़ा होता, क्योंकि हर पड़ाव पर इंसान के बेंचमार्क बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि ‘बिग ब्रदर’ जीतने के बाद जब विदेशों में लोग उन्हें पहचानने लगे, तब पहली बार लगा कि उन्होंने अपने काम से खास मुकाम हासिल किया है। बेटे की तारीफ ने दिलाया असली उपलब्धि का एहसास शिल्पा ने कहा कि आज उनके लिए सफलता का मतलब बदल चुका है। अब जब उनका 14 साल का बेटा उन्हें देखकर कहता है, “मॉम, क्या लगती हैं आप,” तो उन्हें लगता है कि उन्होंने सच में कुछ हासिल किया है। उनके मुताबिक Gen Z की सोच अलग है और हर दौर में प्रासंगिक बने रहना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। फिटनेस से बिजनेस और समाजसेवा तक, बनाई अलग पहचान फिल्मों और टीवी के साथ-साथ शिल्पा शेट्टी ने खुद को सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं रखा। समय के साथ उन्होंने फिटनेस, वेलनेस और लाइफस्टाइल के क्षेत्र में पहचान बनाई। योग और हेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा देते हुए उन्होंने फिटनेस से जुड़ी किताबें और वीडियो जारी किए, जिन्हें लोगों के बीच लोकप्रियता मिली। उनका मानना है कि फिटनेस सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन और अनुशासन भी इसका हिस्सा हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़े कारोबारी प्रयासों में कदम रखा। हॉस्पिटैलिटी, फिटनेस और डिजिटल वेलनेस से जुड़े कामों के जरिए उन्होंने खुद को अभिनेत्री से आगे एक एंटरप्रेन्योर के रूप में स्थापित किया। उन्होंने लाइफस्टाइल और कंज्यूमर ब्रांड्स में निवेश भी किया और नए क्षेत्रों में मौजूदगी दर्ज कराई। बिजनेस के साथ-साथ शिल्पा समाज सेवा और जनजागरूकता अभियानों से भी जुड़ी रहीं। स्वास्थ्य, स्वच्छता और बेहतर जीवनशैली जैसे विषयों पर उन्होंने लोगों को जागरूक किया। सामाजिक योगदान और सकारात्मक प्रभाव के लिए उन्हें कई सम्मान मिले। इनमें आईफा स्पेशल अवॉर्ड फॉर ग्लोबल इम्पैक्ट, यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स की मानद डॉक्टरेट और स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े कार्यों के लिए ‘चैंपियंस ऑफ चेंज’ सम्मान शामिल हैं। शिल्पा मानती हैं कि सफलता सिर्फ उपलब्धियां हासिल करने का नाम नहीं है, बल्कि उसका असर लोगों की जिंदगी में भी दिखना चाहिए। यही वजह है कि वह सफलता को केवल करियर नहीं, बल्कि प्रभाव, संतुलन और प्रेरणा से जोड़कर देखती हैं। कितनी है शिल्पा शेट्टी की नेटवर्थ? टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, शिल्पा शेट्टी की कुल नेटवर्थ करीब 150 करोड़ रुपए है। उन्हें लग्जरी गाड़ियों का भी शौक है। उनके पास फेरारी पोर्टोफिनो M, लैम्बोर्गिनी एवेंटाडोर, बीएमडब्ल्यू i8, मर्सिडीज-मेबैक GLS 600, लोटस एलेत्रे, मर्सिडीज-AMG G63, लैंड रोवर रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी और पोर्श कायेन GTS जैसी महंगी गाड़ियां हैं। शिल्पा शेट्टी का आलीशान बंगला शिल्पा शेट्टी का मुंबई के जुहू में आलीशान बंगला 'किनारा' है, जहां वह परिवार के साथ रहती हैं। इस घर की कीमत 100 करोड़ रुपए से अधिक बताई जाती है। इसके अलावा उनके दुबई और यूके में भी अपार्टमेंट हैं। वह डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) सेक्टर में एक्टिव एंजेल इन्वेस्टर हैं। वह बैस्टियन हॉस्पिटैलिटी की को-ओनर हैं और मामाअर्थ जैसे ब्रांड्स में भी उनकी हिस्सेदारी है। एसपीएस स्टूडियो की भी मालकिन हैं शिल्पा शेट्टी शिल्पा का वीएफएक्स स्टूडियो एसपीएस स्टूडियो है। इसमें उन्होंने 10 करोड़ रुपए का निवेश किया है। यहां विजुअल इफेक्ट्स से जुड़ा काम किया जाता है। इसके अलावा उनका अपना फैशन ब्रांड ड्रीम एसएस भी है। _______________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... फरहाना भट्ट का कास्टिंग काउच से सामना:फार्महाउस पर रहने की शर्त थी; बिग बॉस में कपड़े न देने वाले डिजाइनर 2 लाख लेकर पहुंचे बचपन में रिश्तेदार ताने देते थे कि यह परिवार की इज्जत खराब कर देगी। पिकनिक पर ले जाने से पहले सिर पर दुपट्टा रखने की शर्त रखी जाती थी और उन्हें तिरस्कार झेलना पड़ता था। लेकिन फरहाना भट्ट ने हार मानने के बजाय खुद को साबित किया। आठवीं कक्षा से उन्होंने अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाना शुरू कर दिया।पूरी खबर पढ़ें..
बेंगलुरु में कन्नड़ एक्ट्रेस कृषी थापांडा के फ्लैट में उनके 45 वर्षीय दोस्त का शव फंदे से लटका मिला। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान बिजनेसमैन वैषाक के रूप में हुई है और शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस ने बताया कि घटना का पता गुरुवार सुबह उस समय चला, जब वैषाक का शव राजराजेश्वरिनगर स्थित एक्ट्रेस के फ्लैट में छत के पंखे से लटका मिला। उस समय एक्ट्रेस फ्लैट पर मौजूद नहीं थीं। शुरुआती जांच के अनुसार, वैषाक डिप्रेशन से जूझ रहे थे। उनके पास एक्ट्रेस के फ्लैट की चाबी थी और वह अक्सर वहां आते-जाते थे। बुधवार रात भी वह फ्लैट पर अकेले थे, जहां उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले एक्ट्रेस को किया था फोन पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जांच में यह भी सामने आया कि घटना से पहले वैषाक ने एक्ट्रेस को फोन कर आत्महत्या करने की बात कही थी। इसके बाद एक्ट्रेस ने तुरंत उनके परिवार को सूचना दी। जब परिवार के सदस्य फ्लैट पहुंचे, तो उन्हें वैषाक की डेड बॉडी मिली। पुलिस के मुताबिक, वैषाक को पहले एक कारोबारी को कथित तौर पर धमकी देने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। कृषी कन्नड़ फिल्मों की फेमस एक्ट्रेस हैं कृषी थापांडा कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस और मॉडल हैं। एक्टिंग की दुनिया में आने से पहले उन्होंने एक मॉडल के रूप में पहचान बनाई। साल 2014 में उन्होंने मिस कर्नाटक का खिताब जीता, जिसके बाद ग्लैमर इंडस्ट्री में उनकी लोकप्रियता बढ़ी। मॉडलिंग से पहले वह अमेरिकी कंपनी इंटरकॉल में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर भी काम कर चुकी हैं। कृषी ने साल 2016 में कन्नड़ फिल्म 'अकीरा' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। पहली ही फिल्म में उनकी एक्टिंग को काफी सराहना मिली और उन्हें SIIMA अवॉर्ड्स में बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेशन मिला। इसी साल उनकी फिल्म 'कही' भी रिलीज हुई, जिसे क्रिटिक्स ने खूब पसंद किया और फिल्म को कर्नाटक राज्य पुरस्कार में बेस्ट स्क्रिप्ट का सम्मान मिला। इसके बाद कृषी ने 'इराडू कनासु', 'दलपति', 'कन्नडक्कागी ओंदन्नू ओत्ती', 'इरा', 'भाराते', 'लंके', 'ब्लैंक', 'रुपयी' और 'गणा' जैसी कई फिल्मों में काम किया। फिल्मों के अलावा कृषी 'बिग बॉस कन्नड़ सीजन 5' में भी नजर आईं।
फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ का नया गाना ‘ओ मेरे बलम’ आज रिलीज हो गया है। ट्रेलर में सुनाई दी इसकी धुन ने दर्शकों का ध्यान खींचा था, जिसके बाद इसके पूरे गाने का इंतजार किया जा रहा था। अब मेकर्स ने यह गाना रिलीज कर दिया है। फिल्म के ट्रेलर में एक्शन, कॉमेडी और बड़ी स्टारकास्ट के साथ ‘ओ मेरे बलम’ की छोटी-सी झलक भी दिखाई गई थी। ‘तेरा पैसा मेरा पैसा’ जैसे गाने के मुकाबले ‘ओ मेरे बलम’ एक सॉफ्ट और सुरीला गाना है। आनंद राज आनंद ने दिया म्यूजिक गाने का म्यूजिक आनंद राज आनंद ने दिया है, जबकि इसके बोल फरहाद सामजी ने लिखे हैं। गाने को काव्याकृति और साकेत बी. ने आवाज दी है। आनंद राज आनंद ने कहा कि इस गाने की धुन को सरल और दिल तक पहुंचने वाली बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि ट्रेलर में मिले रिएक्शन से यह साफ हो गया था कि दर्शकों को इसकी धुन पसंद आई है और अब वे इसे पूरा सुन सकेंगे। गाने का म्यूजिक प्रोडक्शन और प्रोग्रामिंग अंकित गुप्ता (अंकी) ने की है। मिक्सिंग और मास्टरिंग भास्कर शर्मा ने की है। देखें गाने की झलक- अब तक 56 हजार से ज्यादा टिकट बिक चुके फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इससे पहले 25 जून, शाम 7:30 बजे से इसके पेड प्रीव्यू रखे गए हैं। फिल्म ने रिलीज से पहले ही शानदार शुरुआत कर दी है। सैकनिल्क के अनुसार, पहले दिन की एडवांस बुकिंग में अब तक 56 हजार से ज्यादा टिकट बिक चुके हैं। फिल्म ने 1.34 करोड़ रुपए की एडवांस कमाई की है। ब्लॉक सीटों के साथ यह आंकड़ा 3.76 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। सबसे ज्यादा एडवांस बुकिंग दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में हुई है। इसके बाद उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात में भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। अहमद खान के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, दलेर मेहंदी, आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, किरण कुमार, जाकिर हुसैन, विंदू दारा सिंह, उर्वशी रौतेला, हेमंत पांडे, बृजेंद्र काला, फिरोज खान (अर्जुन), दिवंगत पंकज धीर, पुनीत इस्सर, सुदेश बेरी, जीतू वर्मा, वृहि कोडवारा, आदित्य सिंह और भाग्य भानुशाली नजर आएंगे। फिल्म को ए.ए. नाडियाडवाला, केप ऑफ गुड फिल्म्स और स्टार स्टूडियोज ने सीता फिल्म्स के साथ मिलकर प्रेजेंट किया है। इसका प्रोडक्शन बेस इंडस्ट्रीज ग्रुप के बैनर तले राकेश डांग और वेदांत विकास बाली ने किया है, जबकि प्रोड्यूसर फिरोज ए. नाडियाडवाला हैं।
मशहूर एक्ट्रेस इंदिरा कृष्णन ने हाल ही में अपने करियर के शुरुआती दिनों का कास्टिंग काउच का अनुभव शेयर किया। टेली मसाला को दिए इंटरव्यू में इंदिरा कृष्णन से जब पूछा गया कि क्या इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच जैसी बातें सच हैं, तो उन्होंने कहा, 'मेरे साथ खुद हुआ है। मैं उन मेकर्स का नाम नहीं लेना चाहती, क्योंकि वे साउथ इंडस्ट्री के बड़े नाम हैं। उन्होंने मुझसे कहा था कि अगर हम आपको इतना बड़ा रोल दे रहे हैं, तो आपको कंफर्टेबल होना पड़ेगा।' उन्होंने आगे कहा, 'तो मैंने कहा, कंफर्टेबल का मतलब... अरे, कंफर्टेबल का मतलब आपको समझ जाना चाहिए। मैंने उनसे कहा, जब मैं अपना टैलेंट बेच रही हूं, तो खुद को क्यों बेचूं? मैं एक टैलेंटेड एक्ट्रेस हूं।' इंदिरा ने दावा किया कि सिर्फ इसी वजह से उन्हें कई बड़ी फिल्मों से बाहर कर दिया गया। हालांकि उन्होंने किसी फिल्म का नाम नहीं लिया। एक्ट्रेस ने कहा कि इस घटना के बाद उनके मन में एक तरह का डर बैठ गया था। इसी कारण लंबे समय तक उन्होंने साउथ फिल्मों में काम करने से दूरी बनाए रखी, जबकि उन्हें लगातार ऑफर मिल रहे थे। उनका कहना था कि हर बार ऑफर मिलने पर भी वह मना कर देती थीं, क्योंकि वह दोबारा ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना चाहती थीं। बाद में प्रोड्यूसर प्रेरणा अरोड़ा के कहने पर उन्होंने तेलुगु फिल्म 'जटाधारा' में काम किया। इंदिरा ने बताया कि प्रेरणा अरोड़ा ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि यह एक अच्छी फिल्म है, जिसके बाद उन्होंने दोबारा साउथ में काम करने का फैसला लिया था। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कभी नहीं हुआ ऐसा अनुभव इंदिरा कृष्णन ने साफ कहा कि उन्होंने कास्टिंग काउच जैसी स्थिति सिर्फ साउथ फिल्म इंडस्ट्री में महसूस की। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उनके साथ ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि 'तेरे नाम' जैसी फिल्मों से पहले भी वह कई प्रोड्यूसर्स से मिली थीं, लेकिन अगर उन्हें कोई फिल्म नहीं मिली तो उसकी वजह सिर्फ यह थी कि वह उस किरदार के लिए सही नहीं थीं, न कि किसी तरह का समझौता। उन्होंने कहा कि मुंबई में किसी भी प्रोड्यूसर या कास्टिंग डायरेक्टर ने उनसे कभी गलत तरीके से संपर्क नहीं किया। उनके मुताबिक, मुंबई का माहौल उन्हें हमेशा ज्यादा प्रोफेशनल लगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब साउथ इंडस्ट्री भी पहले की तुलना में काफी प्रोफेशनल हो चुकी है और वह कई साल पुरानी बात बता रही हैं। टीवी इंडस्ट्री को लेकर क्या बोलीं? टीवी इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच के सवाल पर इंदिरा कृष्णन ने कहा कि उन्होंने आज तक ऐसा कोई मामला न तो देखा और न ही खुद अनुभव किया है। नए कलाकारों को लेकर जताई चिंता इंदिरा कृष्णन ने कहा कि मुंबई में स्थापित कलाकारों के साथ इस तरह की घटनाएं कम होती हैं, लेकिन छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर आने वाले नए कलाकार कई बार ऐसे लोगों के झांसे में आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल, लखनऊ और दूसरे शहरों से आने वाली लड़कियों को फिल्मों में काम दिलाने का सपना दिखाकर कुछ लोग उनका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके करियर में न कोई गॉडफादर था और न ही कोई मेंटर। उन्होंने अपने दम और अपने टैलेंट के बल पर इंडस्ट्री में पहचान बनाई है।
मिर्जापुर सीरीज के 3 कामयाब सीजन के बाद मिर्जापुरः द मूवी का टीजर आज जारी हो चुका है। ये फिल्म 4 सितंबर को थिएटर में कई भाषाओं में रिलीज होने वाली है। एक्सेल मूवीज के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किए गए 2 मिनट 22 सेकेंड के टीजर में गुड्डू पंडित (अली फजल), कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) और मुन्ना भैया (दिव्येंदु शर्मा) के दमदार डायलॉग दिखाए गए हैं। हालांकि दिव्येंदु शर्मा का रोल फिल्म में कम होने वाला है। टीजर की एक खास बात ये भी है कि इसमें मिर्जापुर सीरीज से स्वीटी के किरदार को भी दोबारा जोड़ा गया है, जिन्हें पहले ही सीजन में मरता हुआ दिखाया गया था। 4 सितंबर को होगी रिलीज मिर्जापुर: द मूवी 4 सितंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में रिलीज होगी। फिल्म को अमेजन MGM स्टूडियोज और रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म को गुरमीत सिंह ने डायरेक्ट किया है और कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी को-प्रोड्यूसर हैं। फिल्म में रवि किशन भी नजर आएंगे फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आएंगे। 'मिर्जापुर' भारत की सबसे लोकप्रिय क्राइम-एक्शन वेब सीरीज में से एक है। यह सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। इसकी कहानी उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और मिर्जापुर की पृष्ठभूमि पर आधारित है। 'मिर्जापुर' का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे।
पुणे में हुए केतन अग्रवाल के मर्डर केस में उनकी मंगेतर सिया ने हत्या की बात कबूल ली है। देश भर में चर्चा में बने हुए केस पर एक्ट्रेस हिना खान ने भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि सिया चाहतीं तो हत्या करने की बजाय सच कहकर रिश्ता खत्म कर सकती थीं। हिना के अलावा एक्ट्रेस आंचल खुराना ने भड़कते हुए कहा है कि सिया को भी उसी तरह खाई से फेंकना चाहिए, जैसे उन्होंने केतन को गिराया। हिना खान ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘आज के टाइम में सच सुनना और सच कहना इतना मुश्किल हो गया है कि लोग किसी की जान लेने को भी तैयार हैं। तुम (सिया) बस एक सच बोलकर उसे छोड़ सकती थीं और किसी भी XYZ के साथ रह सकती थीं। क्यों? अफसोस।’ एक्ट्रेस आंचल खुराना बोलीं- उसे भी धक्का दे दो आंचल खुराना ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा कि यह मामला महिला या पुरुष का नहीं, बल्कि इंसानियत और नैतिकता का है। उन्होंने सवाल उठाया कि रिश्तों में मतभेद होने पर लोग बातचीत के बजाय हिंसा का रास्ता क्यों चुन रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के खिलाफ अत्याचार न पुरुषों पर होना चाहिए और न ही महिलाओं पर। उन्होंने आगे कहा, सिया ने उसका मर्डर करना फेवर किया, लेकिन उसमें इतना दम नहीं था कि वो अपने मां-बाप को बोल दे। आंचल ने अंत में कहा कि इसको भी यही सजा मिलनी चाहिए कि उसी खाई से धक्का देकर वहीं खत्म कर देना चाहिए। कोई कोर्ट केस नहीं होना चाहिए। क्या है पूरा मामला? पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहगढ़ किले पर घूमने के दौरान केतन अग्रवाल करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना गया था, लेकिन बाद में तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच की दिशा बदली। जांच में सिया और उनके बॉयफ्रेंड के खिलाफ सबूत मिले। दोनों की गिरफ्तारी हुई और पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूल ली। सिया बॉयफ्रेंड चेतन से शादी करना चाहती थीं, लेकिन उनके परिवार वालों ने उनकी शादी केतन से तय कर दी। सिया ने विरोध भी किया, लेकिन हल नहीं निकला। ऐसे में सिया ने मई में ही केतन की हत्या की साजिश रची। वो प्लान के तहत उन्हें घूमने लेकर गईं और फिर बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर उन्हें धक्का दे दिया। पुणे मर्डर केस से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पुणे मर्डर- मंगेतर के साथ सिया की रोमांटिक पोस्ट:दोनों लोहगढ़ गए तो प्रेमी भी पहुंचा; गर्मी में हुडी पहना था, इसी से सुराग मिला पुणे में मंगेतर की हत्या करने वाली 20 साल की सिया गोयल ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। पूरी खबर यहां पढ़ें…
साउथ एक्ट्रेस सामंथा रुथप्रभू ने बुधवार को एक इवेंट में प्रेग्नेंसी की खबरों पर कन्फर्मेशन दे दी है। एक इवेंट में टी-शर्ट पहनने से दिखे बेबी बंप के बाद से ही एक्ट्रेस के प्रेग्नेंट होने की खबरें थीं। एक्ट्रेस ने अब बताया है कि वो मदरहुड के लिए फिल्मों से ब्रेक भी लेने वाली हैं। सामंथा रुथप्रभू बुधवार को हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म मां इंती बंगारम के सक्सेस मीट में पति राज निदिमोरू के साथ पहुंची थीं। इवेंट में मीडिया से बातचीत करते हुए सामंथा ने प्रेग्नेंसी कन्फर्म करते हुए कहा, ‘मां इंती बंगारम के बाद मैं अपनी कंडीशन को देखते हुए एक छोटा सा ब्रेक लूंगी। मुझे मेटरनिटी लीव लेनी ही पड़ेगी। इसके बाद मैं अपने फैंस के लिए एक और फिल्म के साथ वापसी करूंगी।’ टी-शर्ट में बेबी बंप दिखने से हुआ प्रेग्नेंसी का खुलासा सामंथा रुथप्रभू की फिल्म मां इंती बंगारम 19 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म को दर्शकों की काफी सराहना मिल रही है। फिल्म की सक्सेस का जश्न मनाने के लिए हाल ही में सामंथा एक फैन मीट-अप का हिस्सा बनी थीं, जहां उन्होंने व्हाइट टी-शर्ट के साथ डेनिम पेयर किया था। इवेंट से बाहर आते हुए हर किसी की नजर उनके बेबी बंप पर थी, जो फिटेड टी-शर्ट में साफ नजर आ रहा था। 6 महीने पहले की राज निदिमोरू से शादी सामंथा रुथप्रभू ने 1 दिसंबर 2025 में द फैमिली मैन डायरेक्टर राज निदिमोरू से शादी की है। ये एक प्राइवेट वेडिंग थी, जिसमें सामंथा-राज के करीबी रिश्तेदार और दोस्त ही शामिल हुए थे। कपल ने सदगुरु के ईशा फाउंडेशन के लिंगा भैरवी मंदिर में प्राचीन योगिक परंपरा से भूत शुद्धि विवाह किया था। सामंथा रुथप्रभू ने शादी की तस्वीरें पोस्ट कर आधिकारिक घोषणा की थी। उन्होंने तस्वीरों के साथ लिखा था- ‘01.12.2025।’ देखिए सामंथा- राज निदिमोरू की शादी की तस्वीरें- सामंथा रुथप्रभू और राज निदिमोरू ने पॉपुलर सीरीज द फैमिली के दूसरे सीजन में साथ काम किया था। जिसे राज निदिमोरू और डीके ने मिलकर बनाया था। कौन हैं राज निदिमोरू? 50 साल के राज निदिमोरू, फिल्ममेकर हैं। उनकी और डीके (कृष्णा दसराकोठापल्ली) की फिल्ममेकर जोड़ी फिल्म इंडस्ट्री में काफी पॉपुलर है। दोनों ने यूके से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के बाद 2002 की फिल्म शादी डॉट कॉम से साथ में फिल्म इंडस्ट्री में करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद दोनों ने साल 2003 से स्वतंत्र फिल्ममेकर के तौर पर फिल्म 99 लिखी, प्रोड्यूस की और डायरेक्ट की। इसके बाद दोनों ने शोर इन द सिटी, गो गोवा गोन, हैप्पी एंडिंग, ए जेंटलमैन जैसी फिल्में लिखने के साथ-साथ इनका निर्देशन भी किया। साल 2019 से राज और डीके ने ओटीटी में कदम रखा और मनोज बाजपेयी स्टारर सीरीज द फैमिली मैन डायरेक्ट-प्रोड्यूसर की। आगे उन्होंने फर्जी, सिटाडेल और गन्स और गुलाब जैसी सीरीज बनाईं। राज और डीके की जोड़ी ने ही श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव स्टारर फिल्म स्त्री लिखी और प्रोड्यूस की है। 2021 में सामंथा ने लिया था नागा चैतन्य से तलाक सामंथा रुथप्रभू और नागा चैतन्य फिल्म ये माया चेसावे में साथ नजर आए थे। इस फिल्म के सेट पर दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और रिलेशनशिप में आ गए। 7 सालों तक रिलेशनशिप में रहने के बाद सामंथा ने साउथ स्टार नागा चैतन्य से साल 2017 में शादी की थी। दोनों की शादी हिंदू और क्रिश्चियन रीति-रिवाजों से हुई थी। शादी के बाद सामंथा ने अपना सरनेम अक्किनेनी कर लिया था, हालांकि जुलाई 2021 में उन्होंने सामंथा अक्किनेनी से नाम सामंथा रुथप्रभू कर लिया। इसके बाद से ही दोनों के तलाक की खबरें सामने आने लगीं और दोनों ने अक्टूबर 2021 में तलाक की अनाउंसमेंट कर दी। सामंथा से तलाक लेने के 2 साल बाद नागा चैतन्य ने एक्ट्रेस शोभिता धूलिपाला से शादी की है।
रामानंद सागर के पॉपुलर टीवी शो रामायण में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी भारत की राजनीति और विपक्षी नेताओं पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि भारत के विपक्षी नेता ही बाहर के लोगों के साथ मिलकर देश की गरिमा से खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने भारत को इटली की राजनीति से सीख लेने की सलाह दी है। सुनील लहरी ने आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट की है, जिसके साथ उन्होंने लिखा है, ‘अगर देश को नंबर 1और मजबूत बनाना है तो विपक्ष को आपसी मतभेद भुलकर सत्ताधारी पार्टी का बाहर वाली नकारात्मक शक्तियों से देश की गरिमा और लड़ाई में साथ देना चाहिए ना कि उन बाहर वाली शक्तियों की हां में हां मिलानी चाहिए।’ शेयर किए गए वीडियो में सुनील ने कहा है, ‘दोस्तों ये जानकर बहुत खुशी होती है कि आज भी दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जो अपने देश, प्रधानमंत्री और सरकार की गरिमा के लिए आपसी मतभेद भूलकर साथ खड़े हैं। आप समझ गए होंगे कि मैं इटली की बात कर रहा हूं। और एक भारत है, जहां अपोजिशन वाले बाहर वालों के साथ मिलकर अपने देश को अपनी सरकार को, अपने प्रधानमंत्री को भला-बुरा बोलते हैं। कितनी शर्म की बात है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘कोई अपने देश के लिए जान ही क्यों न लगा दे, लेकिन देश की तरक्की तब होती है, जब पूरा देश एक साथ मिलकर इसके लिए खड़ा हो। वैसे भी हम भारतीयों का इतिहास रहा है, चाहे वो मुगल सम्राज हो या ब्रिटिश शासन हो। भारतीयों को मारने वाले कौन थे, न मुगल थे न ब्रिटिश थे, भारतीय थे। चुल्लू भर पानी में इन लोगों को डूब मरना चाहिए। देश की तरक्की में बाधा बनते हैं, देश के साथ एकजुट खड़े नहीं होते। कई चीजों में सवाल करते हैं। आपकी क्या राय है जरूर बताइएगा। जय हिंद, जय श्री राम।’टीवी शो रामायण में लक्ष्मण बने थे सुनील लहरी 1987 में आए पॉपुलर माइथोलॉजिकल शो रामायण में सुनील लहरी ने लक्ष्मण का किरदार निभाया था, जबकि अरुण गोविल भगवान राम और दीपिका चिखलिया माता सीता के किरदार में थीं। ये दुनिया का सबसे ज्यादा देखा गया पौराणिक टीवी शो है, जिसे 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा। शो को रामानंद सागर ने बनाया था। रणबीर कपूर के राम बनने पर दे चुके हैं प्रतिक्रिया टीवी शो की पॉपुलैरिटी के बाद अब जल्द ही फिल्म रामायण रिलीज होने वाली है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में हैं। कुछ समय पहले ही फिल्म का टीजर जारी किया गया है। इसे देखने के बाद सुनील लहरी ने रणबीर की सराहना की। उन्होंने डीएनए से बातचीत में रणबीर के लुक पर कहा, जो धैर्य और मासूमियत अरुण गोविल के चेहरे पर दिखती थी, उसकी कमी लग रही है। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि वह अपनी एक्टिंग से किरदार के साथ न्याय करेंगे। सुनील ने आगे कहा कि 'एनिमल' जैसी फिल्म के बाद रणबीर को अचानक भगवान राम के रूप में देखना दर्शकों के लिए मुश्किल होगा। वह राम के बजाय लक्ष्मण या भरत के किरदार के लिए ज्यादा फिट लगते। सुनील लहरी का मानना है कि भगवान राम जैसे किरदारों के लिए नए चेहरों को कास्ट करना बेहतर होता है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई सुपरस्टार ऐसा रोल करता है, तो दर्शकों के मन में उसकी पिछली फिल्मों की इमेज रहती है। उन्होंने कहा, थिएटर में एंट्री करते वक्त दर्शकों के मन में एक्टर की एक खास छवि बनी रहती है। किसी एक्टर के लिए अपनी पुरानी इमेज को त्याग देना और भगवान के रूप में स्वीकार्यता हासिल करना लगभग नामुमकिन है। बता दें कि इस फिल्म में लक्ष्मण का रोल रवि दुबे निभा रहे हैं।

