बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक्ट्रेस एक रिवीलिंग ब्लैक ड्रेस में दिख रही हैं, जिसे देखकर कई लोगों ने उनके पहनावे पर कमेंट करने शुरू कर दिए। हालांकि, वीडियो को लेकर पत्रकार जयदीप पांडेय ने दावा किया कि यह वीडियो फेक AI वीडियो है। जयदीप ने एक यूजर को रिप्लाई करते हुए लिखा, 'यह माधुरी दीक्षित का AI से बनाया गया फर्जी वीडियो है। कृपया ऐसी कोई भी चीज पोस्ट या शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच जरूर कर लें।' कई यूजर्स ने इस वीडियो को शेयर किया। वहीं, एक यूजर की पोस्ट पर कम्यूनिटी नोट जारी कर X (पूर्व में ट्विटर) ने कहा कि वीडियो पूरी तरह से AI की मदद से तैयार किया गया है। कई सेलेब्स के AI-जनरेटेड पोस्ट बने हैं गौरतलब है कि कई सेलिब्रिटी एआई-जनरेटेड कंटेंट का शिकार हो चुके हैं, जिनमें रश्मिका मंदाना, कैटरीना कैफ और कीर्ति सुरेश शामिल हैं। हाल ही में फेक एआई से बने वीडियो और तस्वीरों को लेकर साउथ एक्ट्रेस रुक्मिणी वसंत भड़क गई थीं। रुक्मिणी ने शनिवार को अपने एक्स अकाउंट पर एक नोट शेयर कर लिखा था, ‘मेरी टीम और मैंने सोशल मीडिया पर कुछ एआई से बनाई गई तस्वीरें देखी हैं, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वो मेरी हैं। मैं साफ कहना चाहती हूं कि ये तस्वीरें पूरी तरह फर्जी और बनाई गई हैं। इस तरह की एडिटेड तस्वीरें बनाना और फैलाना बहुत गैरजिम्मेदाराना है। यह किसी की प्राइवेसी का बड़ा उल्लंघन भी है।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। इन तस्वीरों को बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी और साइबर क्राइम कार्रवाई शुरू की जा रही है। मैं सभी लोगों से अपील करती हूं कि ऐसे कंटेंट को शेयर न करें और न ही उसे बढ़ावा दें।’ रश्मिका का डीपफेक वीडियो सामने आया था नवंबर 2023 में रश्मिका का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह काले रंग के कपड़ों में एक लिफ्ट के अंदर जाती हुई दिख रही थीं। यह वीडियो पूरी तरह फेक था। मूल वीडियो ब्रिटिश-भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जारा पटेल का था। AI डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके जारा के चेहरे की जगह रश्मिका का चेहरा लगा दिया गया था। फेक तस्वीरें और एआई से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… AI से बना रश्मिका मंदाना का फेक वीडियो वायरल:अमिताभ बच्चन ने किया अलर्ट, बोले- दोषी के खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाए नवंबर 2023 में एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना का एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक महिला लिफ्ट में एंटर करती नजर आ रही थी जो देखने में तो बिल्कुल रश्मिका जैसी लगती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
राइटर और कॉलमनिस्ट शोभा डे ने दावा किया है कि 'डॉन 3' विवाद की आड़ में रणवीर सिंह और 'धुरंधर' के डायरेक्टर आदित्य धर के खिलाफ साजिश रची जा रही है। फिल्म 'डॉन 3' से अचानक बाहर होने के चलते फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ 'नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव' (असहयोग निर्देश) जारी कर दिया है। इसी मुद्दे पर बात करते हुए गुरुवार को शोभा डे ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। साथ ही कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं... सब कुछ एक जैसा दिखता है, लेकिन अलग है। सबको साथ लेकर चलने की जगह अलगाव क्यों? धमकियां और दबाव बनाने की कोशिशें काम नहीं करेंगी। पहले भी नहीं कीं और आगे भी नहीं करेंगी।' वीडियो में शोभा डे ने रणवीर सिंह के 'डॉन 3' विवाद और दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद की तुलना की। उन्होंने कहा, 'मैं रणवीर सिंह वाले मामले को भी देख रही हूं और दिल्ली जिमखाना वाले मामले को भी। दोनों में मुझे ज्यादा फर्क नहीं दिखता। कई मायनों में रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं।' बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब से सफदरजंग रोड स्थित परिसर खाली करने को कहा है। सरकार का कहना है कि लुटियंस दिल्ली में सरकारी और रक्षा संस्थानों के पास मौजूद इस जमीन की जरूरत रक्षा ढांचे को मजबूत करने और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए है। शोभा डे ने कहा, 'पूरा मामला आखिर है किस बारे में? यह ताकत, कंट्रोल और लोगों पर रोक लगाने की कोशिश के बारे में है। यह लोगों को उनकी जगह दिखाने और सबक सिखाने की कोशिश है। उन लोगों या संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्हें कुछ लोग जरूरत से ज्यादा विशेष अधिकार मिलने वाला मानते हैं।' शोभा डे ने रणवीर को समझदार और शांत बताया शोभा डे ने रणवीर की तारीफ करते हुए कहा, 'रणवीर समझदार हैं और उन्हें सही सलाह मिल रही है। वह चुप हैं और पूरे मामले पर कोई बयान नहीं दे रहे। उनके फैंस और समर्थक उनकी तरफ से जवाब दे रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'दिल्ली जिमखाना क्लब की कहानी अलग है। वहां पुराने सदस्य बैठे हैं और खुद को बाकी दुनिया से अलग रखते हैं। वहीं दूसरी तरफ रणवीर सिंह का मामला है। दोनों खबरें अलग हैं, लेकिन इनमें कई समानताएं भी हैं।' शोभा डे ने यह भी कहा कि FWICE अचानक चर्चा में आ गया है। संगठन यह कह रहा है कि वह भारत के सबसे सफल सितारों में से एक रणवीर सिंह को स्टूडियो में जाकर काम नहीं करने देगा। शोभा डे ने आगे कहा, 'अगर यह मामला एक्सेल एंटरटेनमेंट, फरहान अख्तर और रणवीर सिंह के बीच का था, तो वे वकील रख सकते थे और अदालत का रुख कर सकते थे। इसके लिए दूसरे लोगों को बीच में लाने की जरूरत नहीं थी।' उन्होंने कहा, 'जो कुछ अभी हो रहा है, वह बहुत गलत और परेशान करने वाला लग रहा है।' आदित्य धर को ताकतवर लोगों के लिए खतरा बताया शोभा डे ने कहा, 'रणवीर सिंह एक बड़े फिल्म स्टार हैं। उनकी पहचान सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि एक अलग ही मुकाम की है। 'धुरंधर' की जबरदस्त सफलता का श्रेय इसके निर्देशक और निर्माता को भी जाता है।' उन्होंने आगे कहा, 'मुझे ऐसा लगता है कि यह सिर्फ रणवीर सिंह के खिलाफ नहीं, बल्कि 'धुरंधर' से जुड़े सभी लोगों, खासकर इसके डायरेक्टर आदित्य धर और निर्माता के खिलाफ भी एक साजिश हो सकती है।' शोभा ने सवाल उठाते हुए कहा, 'क्या आदित्य धर बॉलीवुड के कुछ ताकतवर लोगों के लिए इतना बड़ा खतरा बन गए हैं? ऐसा तो लगता है।' वीडियो के अंत में शोभा डे ने फरहान अख्तर से अपील की कि इस मामले को अदालत में ले जाया जाए। उन्होंने कहा, 'कानून को तय करने दीजिए कि किसने क्या गलती की है, क्योंकि आम लोगों के लिए अभी यह बिल्कुल साफ नहीं है।'
कभी डकैतों और खूनी संघर्षों की कहानियों के लिए चर्चा में रहने वाले चंबल के बीहड़ इन दिनों एक अलग वजह से सुर्खियों में हैं। इस बार वहां फिल्मों की शूटिंग का माहौल देखने को मिल रहा है। मैडॉक फिल्म्स ने अपनी अगली फिल्म ‘शक्तिशालिनी’ की शूटिंग के लिए मुंबई और हैदराबाद के स्टूडियो सेट्स की बजाय चंबल के असली बीहड़ों को चुना है। ‘स्त्री’, ‘भेड़िया’, ‘मुंज्या’ और ‘थामा’ जैसी फिल्मों के बाद मैडॉक अब एक नई हॉरर-ड्रामा फिल्म पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘फिल्म में तंत्र-विद्या, लोककथाएं, चंबल की पृष्ठभूमि और एक्शन का मिश्रण देखने को मिल सकता है। इसमें अनीत पड्डा, विशाल जेठवा और विनीत कुमार सिंह नजर आएंगे।’ लोकेशन नहीं फिल्म का किरदार होगा चंबल फिल्म से जुड़े सूत्रों के मुताबिक ‘इसमें चंबल को सिर्फ एक शूटिंग लोकेशन नहीं, बल्कि कहानी के अहम हिस्से के तौर पर दिखाया जाएगा। बीहड़ों की वीरानी, गुफाएं, मिट्टी और रात का सन्नाटा फिल्म के माहौल को और प्रभावी बनाएंगे। विशाल का अब तक का सबसे खतरनाक अवतार ‘मर्दानी 2’ से पहचान बनाने वाले विशाल जेठवा इस फिल्म में बिलकुल नए और इंटेंस अवतार में नजर आने वाले हैं। शुरुआती शूटिंग के दौरान उन्हें स्कूल यूनिफॉर्म में देखा गया था, जिससे माना जा रहा है कि कहानी का एक हिस्सा किरदारों के बचपन या फ्लैशबैक से जुड़ा हो सकता है। हालांकि बाद में उनका लुक पूरी तरह बदलता दिखाई दिया। 15 दिनों में बनीं रहस्यमयी ‘तांत्रिक गुफाएं’ रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘फिल्म के लिए मेकर्स ने स्टूडियो सेट्स का सहारा लेने के बजाय चंबल के असली बीहड़ों के बीच एक बड़ा सेट तैयार किया। बताया जा रहा है कि करीब 15 दिनों की मेहनत के बाद वहां प्राचीन तांत्रिक गुफाओं जैसा माहौल बनाया गया। इन गुफाओं की डिजाइन लोककथाओं, पुराने मंदिरों और मध्य भारत की तांत्रिक परंपराओं से प्रेरित है। सेट के अंदर गुप्त रास्ते, विशाल मूर्तियां, अग्निकुंड और कई रहस्यमयी प्रतीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे फिल्म का माहौल और प्रभावी दिखे। जानकारी यह भी सामने आई है कि फिल्म के कुछ अहम ट्विस्ट और क्लाइमैक्स सीन्स इन्हीं गुफाओं में शूट किए गए। शूटिंग के दौरान गोपनीयता बनाए रखने के लिए यूनिट पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए थे। अनीत निभा रहीं रहस्यमयी किरदार फिल्म में अनीत पड्डा, शालिनी के किरदार में नजर आएंगी। बता दें कि कहानी एक साधारण ग्रामीण लड़की से शुरू होती है, जिसकी जिंदगी रहस्यमयी घटनाओं के बाद पूरी तरह बदल जाती है। धीरे-धीरे उसे अपने भीतर ऐसी शक्तियों का एहसास होता है, जो सामान्य इंसानों से अलग हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म में शालिनी का किरदार डर और शक्ति दोनों का मिश्रण होगा। मेकर्स ने उनके ट्रांसफॉर्मेशन को विजुअली अलग दिखाने की कोशिश की है।
अभिनेता रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच चल रहे विवाद का असर उनकी आने वाली फिल्म 'प्रलय' पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। डॉन 3 से अचानक अलग होने के बाद FWICE ने 25 मई को रणवीर के खिलाफ असहयोग प्रस्ताव (नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव) जारी किया था। इसके बाद से ही 300 करोड़ रुपए के बजट वाली इस जोम्बी थ्रिलर फिल्म के लेट होने की खबरें आ रही हैं। हालांकि, एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म का प्री-प्रोडक्शन काम तय समय पर चल रहा है और इसकी शूटिंग अगस्त में शुरू होगी। प्री-प्रोडक्शन काम पर रोक नहींरिपोर्ट में इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि FWICE के असहयोग प्रस्ताव से फिल्म के शुरुआती काम पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। फिल्म का प्री-प्रोडक्शन काम जैसे स्क्रिप्टिंग, वीएफएक्स (VFX) की तैयारी, डिजाइन प्लानिंग और लोकेशन की खोज लगातार जारी है। फेडरेशन का यह फैसला शूटिंग शुरू होने के बाद जमीनी स्तर पर काम करने वाले मजदूरों और कर्मचारियों के तालमेल को प्रभावित कर सकता है, लेकिन कागजी और तकनीकी तैयारियों को इससे नहीं रोका जा सकता। मेकर्स को उम्मीद है कि अगस्त में शूटिंग शुरू होने से पहले यह मामला सुलझा लिया जाएगा। 300 करोड़ के बजट से बनेगी फिल्म'प्रलय' फिल्म को लेकर हिंदी सिनेमा में काफी चर्चा है क्योंकि यह एक बड़े स्तर पर बनने वाली पोस्ट-एपोकैलिप्टिक जोम्बी सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म है। बॉलीवुड में इस जॉनर पर बहुत कम फिल्में बनी हैं। इस फिल्म का बजट करीब 300 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। फिल्म में जोम्बी की एक अलग दुनिया दिखाने के लिए विदेशी तकनीशियनों और क्रू मेंबर्स की मदद ली जा रही है। रणवीर सिंह इस फिल्म को लेकर काफी गंभीर हैं और वे इस किरदार के लिए अपने लुक में बड़ा बदलाव करने वाले हैं। डॉन 3 छोड़ने के बाद शुरू हुआ विवादरणवीर सिंह और फेडरेशन के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक्टर ने अचानक फरहान अख्तर की फिल्म 'डॉन 3' से अलग होने का फैसला किया। फेडरेशन का आरोप है कि रणवीर के इस फैसले से फिल्म का शेड्यूल बिगड़ गया और प्रोड्यूसर्स को 45 करोड़ का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी शिकायत के बाद FWICE ने 25 मई को रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव जारी किया था। हालांकि यह कोई कानूनी बैन नहीं है, लेकिन इसके कारण फिल्म की शूटिंग के दौरान लॉजिस्टिक्स और वर्कर्स को जुटाने में दिक्कतें आ सकती हैं।
'धुरंधर (2025)' और 'धुरंधर: द रिवेंज (2026)' की बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता के बाद फिल्म के पार्ट 3 को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ANI से बातचीत के दौरान राकेश बेदी से धुरंधर 3 को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने भी फिल्म को लेकर कई बातें सुनी हैं, लेकिन उनके पास ऐसी कोई खबर नहीं है। उन्होंने कहा, ‘धुरंधर 3 बन रही है या नहीं, अगर बन रही है तो मैं उसका हिस्सा हूं या नहीं, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।’ राकेश बेदी ने आगे कहा कि अगर उन्हें इस बारे में कोई जानकारी मिलेगी, तो वह इसकी घोषणा जरूर करेंगे। बता दें कि फिल्ममेकर आदित्य धर की एक्शन-थ्रिलर फ्रेंचाइजी 'धुरंधर' और 'धुरंधर 2' में राकेश बेदी ने पाकिस्तानी राजनेता जमील जमाली का किरदार निभाया था। उनका यह रोल लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आया। भारत की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने भारत में करीब ₹1148 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1812 करोड़ ग्रॉस कमाई की है। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है। फिल्म में लंबी स्टारकास्ट धुरंधर 2 में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में थे। इसके अलावा फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, गौरव गेरा और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी नजर आए। जबकि पहले पार्ट में अक्षय खन्ना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। धुरंधर (2025) और धुरंधर 2 (2026) दोनों ही फिल्मों का निर्देशन आदित्य धर ने किया। फिल्म को ज्योति देशपांडे और आदित्य धर ने मिलकर जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। ……..……..……..…….. धुरंधर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर के बाद ल्यारी पर आई एक और फिल्म:पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी के फैसलाबाद में सिर्फ 22 टिकट बिके, कई शो कैंसिल पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित थी। गौरतलब है कि ल्यारी का जिक्र भारतीय फिल्म धुरंधर में भी हुआ, जो सुपरहिट साबित हुई। हालांकि, मेरा ल्यारी को बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रिस्पॉन्स मिला। पूरी खबर यहां पढ़ें…
'धुरंधर (2025)' और 'धुरंधर: द रिवेंज (2026)' की बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता के बाद फिल्म के पार्ट 3 को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ANI से बातचीत के दौरान राकेश बेदी से धुरंधर 3 को लेकर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने भी फिल्म को लेकर कई बातें सुनी हैं, लेकिन उनके पास ऐसी कोई खबर नहीं है। उन्होंने कहा, ‘धुरंधर 3 बन रही है या नहीं, अगर बन रही है तो मैं उसका हिस्सा हूं या नहीं, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।’ राकेश बेदी ने आगे कहा कि अगर उन्हें इस बारे में कोई जानकारी मिलेगी, तो वह इसकी घोषणा जरूर करेंगे। बता दें कि फिल्ममेकर आदित्य धर की एक्शन-थ्रिलर फ्रेंचाइजी 'धुरंधर' और 'धुरंधर 2' में राकेश बेदी ने पाकिस्तानी राजनेता जमील जमाली का किरदार निभाया था। उनका यह रोल लोगों को बहुत ज्यादा पसंद आया। भारत की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने भारत में करीब ₹1148 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1812 करोड़ ग्रॉस कमाई की है। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है। फिल्म में लंबी स्टारकास्ट धुरंधर 2 में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में थे। इसके अलावा फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, गौरव गेरा और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी नजर आए। जबकि पहले पार्ट में अक्षय खन्ना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। धुरंधर (2025) और धुरंधर 2 (2026) दोनों ही फिल्मों का निर्देशन आदित्य धर ने किया। फिल्म को ज्योति देशपांडे और आदित्य धर ने मिलकर जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। ……..……..……..…….. धुरंधर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर के बाद ल्यारी पर आई एक और फिल्म:पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी के फैसलाबाद में सिर्फ 22 टिकट बिके, कई शो कैंसिल पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित थी। गौरतलब है कि ल्यारी का जिक्र भारतीय फिल्म धुरंधर में भी हुआ, जो सुपरहिट साबित हुई। हालांकि, मेरा ल्यारी को बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रिस्पॉन्स मिला। पूरी खबर यहां पढ़ें…
उर्दू शायरी को आम लोगों की जुबान तक पहुंचाने वाले मशहूर शायर बशीर बद्र का गुरुवार दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर भोपाल स्थित घर पर निधन हो गया। 91 वर्षीय बशीर लंबे समय से बीमार थे और याददाश्त भी खो चुके थे। शाम को बड़ा बाग कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पद्मश्री और साहित्य अकादमी सम्मान से नवाजे गए बशीर ने करीब 700 गजलें और नज्में जबकि 4 हजार से ज्यादा शेर लिखे थे। 1987 के मेरठ दंगों में बशीर साहब का घर जला दिया गया था। इसमें सालों की जमा-पूंजी, डिग्रियां, किताबें और यादें राख हो गई थीं। इसके बाद वे भोपाल में आकर बस गए थे। उन्होंने इसी सदमे में शायरी कही- लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में। वे जहां खड़े होते थे, मुशायरा वहीं से बड़ा हो जाता था बशीर बद्र के निधन पर देश-प्रदेश के शायर और कवियों ने दुख जताया है। कुमार विश्वास ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा- मैं बहुत कम लोगों के लिए यह कहता हूं कि उन्होंने भाषा को बदल दिया। बशीर बद्र साहब उन गिने-चुने लोगों में थे। उन्होंने सिर्फ गजल नहीं लिखी, उन्होंने गजल को ड्रॉइंगरूम से निकालकर आम आदमी की जुबान बना दिया। उन्होंने कहा- बशीर साहब से मेरा रिश्ता तीन दशक से ज्यादा का था। पहले मैं उन्हें एक श्रोता की तरह सुनता था, फिर एक साथी कवि की तरह उनके साथ मंच साझा करने लगा। हम दोनों का रिश्ता मेरठ से था, इसलिए एक अपनापन हमेशा महसूस होता था। बाद में जब वे कुछ अप्रिय परिस्थितियों के कारण भोपाल आकर बस गए, तब भी मुलाकातों और मुशायरों का सिलसिला चलता रहा। मैंने उन्हें हमेशा एक बड़े आदमी और बड़े शायर की तरह देखा। वे जहां खड़े हो जाते थे, मुशायरा वहीं से बड़ा हो जाता था। बशीर बद्र भारतीय गजल के गौतम बुद्ध थे। जैसे भगवान बुद्ध ने कठिन आध्यात्म को पाली और प्राकृत जैसी लोकभाषाओं में उतारकर आम आदमी तक पहुंचाया, वैसे ही बशीर साहब ने बड़ी से बड़ी बात को इतनी सादगी से कहा कि वह सीधे लोगों के दिल में उतर गई। उनकी शायरी में कोई दिखावा नहीं था। चमत्कार पैदा करने की कोशिश नहीं थी, पर हर शेर खुद एक चमत्कार बन जाता था। संसद-विधानसभाओं में चले जाइए, अखबारों में देख लीजिए, सड़कों के नारों में सुन लीजिए- बशीर बद्र मौजूद मिलेंगे। उनका शेर भारत-पाक के रिश्तों की भाषा बना कुमार विश्वास ने कहा, ‘बशीर बद्र का शेर- दिल मिले या न मिले, हाथ मिलाते रहिए…भारत-पाक के रिश्तों की भाषा बन गया। दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष हाथ मिलाते थे, अगले दिन यही शेर अखबारों में छपा होता। यह शेर न जाने कितने मौकों पर कहा गया- उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो... न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए।’ उन्होंने बताया- मुझे याद है कि मीना कुमारी जैसी बड़ी अदाकारा ने इसे अपनी डायरी में लिखा था। सोचिए, एक शेर किताबों से निकलकर जिंदगी का हिस्सा बन जाए, इससे बड़ी बात किसी शायर के लिए क्या होगी? बशीर साहब अच्छे शायर होने के साथ बहुत पढ़े-लिखे भी थे। उन्होंने पीएचडी की थी। उनमें एक प्रोफेसराना ठहराव था। बात करते थे तो लगता था जैसे कोई बहुत तहजीब वाला आदमी अपने इल्म को बहुत सलीके से आपके सामने रख रहा है। अपनी शायरी में हमेशा जिंदा रहेंगे बशीर बद्र कुमार विश्वास ने आगे बताया- मुझे भोपाल राजभवन का एक मुशायरा याद है। दो बड़े शायरों के बीच बहस बढ़ गई थी। माहौल खराब हो सकता था। लेकिन बशीर साहब ने जिस शालीनता से स्थिति संभाली, वह सिर्फ बड़े शायर का नहीं, बड़े इंसान का भी परिचय था। उनके आखिरी साल आसान नहीं थे। बीमारी तकलीफदेह थी। पर मैं यहां खास तौर पर डॉ. राहत बद्र का जिक्र करना चाहूंगा। जिस समर्पण और प्रेम से उन्होंने बशीर साहब की सेवा की, वह प्रेम की पराकाष्ठा है। आज के समय में ऐसे उदाहरण बहुत कम मिलते हैं। मुझे लगता है कि किसी शायर की असली मौत तब होती है जब उसके शेर लोगों की जिंदगी से चले जाएं। बशीर बद्र साहब के साथ ऐसा कभी नहीं होगा। वे अपने अशआर (कई सारे शेर) में हमेशा जिंदा रहेंगे। जब तक लोग मोहब्बत करेंगे, रिश्तों को बचाने की कोशिश करेंगे, टूटने के बाद भी मुस्कुराना सीखेंगे... तब तक बशीर बद्र जिंदा रहेंगे। अधूरी है तेरी रचना जरा तू पूरा करने दे... प्रसार भारती के चेयरमैन और मशहूर कवि प्रसून जोशी ने बशीर बद्र के लिए खास तौर पर लिखी कविता दैनिक भास्कर से साझा की है… अधूरी है तेरी रचना जरा तू पूरा करने दे यहां एक चोट रखने दे, वहां एक घाव भरने दे यहीं कागज पे ये अल्फ़ाज़ सारे सूख जाएंगे ज़रा सा फैल जाने दे, ज़रा बूंदें बिखरने दे अभी अंगूर में हूं और मुझे ख़ामोश रहना है सुराही में ज़रा शीशों में तू मुझको उतरने दे कहां बुझने का डर मुझको, मैं कोई शमा थोड़े हूं ज़रा सी ज़ुल्फ़ हूं मुझको तू झोंकों से संवरने दे सुनी हैं धड़कनें उसकी कई चुपचाप कानों से यही उम्मीद है शायद मुझे बांहों में मरने दे सुने तू बैठ कर मुझको नहीं ऐसी तमन्ना है मैं हूं ट्रक पर लिखा एक शेर, तू मुझको गुज़रने दे ये खबरें भी पढ़ें… शायर बशीर बद्र का 91 साल की उम्र में निधन उर्दू ग़ज़ल के शहंशाह डॉ. बशीर बद्र (91) नहीं रहे। उन्होंने गुरुवार दोपहर 12:15 बजे भोपाल में फानी दुनिया को अलविदा कहा। उर्दू अदब की रूह में समाए बशीर बद्र तक़रीबन 14 बरस डिमेंशिया की गिरफ़्त में रहे, जिससे उनकी याददाश्त कमजोर होती चली गई, मगर उनके शेर आज भी दिलों में धड़कते हैं। उनको शाम 7:30 बजे भोपाल टॉकीज के पास कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया गया। पढ़ें पूरी खबर… हमें चूल्हा जलाना नहीं आता, आप बनाओ चाय आधुनिक उर्दू गजल के बेमिसाल शायर के इंतकाल के बाद शोक की लहर है। उनके जाने के साथ न सिर्फ एक शायर ही नहीं गया, बल्कि एक ऐसा इंसान भी चला गया, जिसने अपनी शायरी से आम आदमी को सोचने पर मजबूर किया। पढ़ें पूरी खबर…
फिल्म मेकर करण जौहर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शाहरुख खान, आलिया भट्ट और करीना कपूर सहित कई करीबी दोस्तों को अनफॉलो कर दिया है। इस बदलाव के बाद उनके फॉलोअर्स की संख्या 1.8 करोड़ से घटकर 1.75 करोड़ रह गई है। करीबी दोस्तों को अनफॉलो करने की वजह बताते हुए करण ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने इसे 'डिजिटल डिटॉक्स' बताया है। करण ने लिखा कि वे सोशल मीडिया पर अपना समय और एनर्जी कम करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। करीबी दोस्तों और स्टार्स को लिस्ट से हटायाकरण जौहर ने उन कलाकारों को भी अनफॉलो कर दिया है जिन्हें उन्होंने खुद फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च किया था। इनमें उनकी करीबी आलिया भट्ट, वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा शामिल हैं। इसके अलावा जान्हवी कपूर, मलाइका अरोड़ा और मनीष मल्होत्रा भी उनकी फॉलो लिस्ट से गायब हैं। मनीष मल्होत्रा के डिजाइन किए हुए आउटफिट को पहनकर ही हाल ही में करण ने मेट गाला इवेंट में हिस्सा लिया था। अब करण के अकाउंट पर फॉलोइंग की संख्या सिर्फ 74 रह गई है। प्रियंका चोपड़ा उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं जिन्हें वे अब भी फॉलो कर रहे हैं। बोले- सोशल मीडिया पर एनर्जी कम करना चाहता हूंइस कदम पर उठ रहे सवालों का जवाब करण जौहर ने सोशल मीडिया के जरिए ही दिया। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, 'यह एक डिजिटल डिटॉक्स है। मैं इंस्टाग्राम पर सभी को अनफॉलो इसलिए कर रहा हूं ताकि यहां बिताए जाने वाले समय और एनर्जी को कम कर सकूं।' इसके साथ ही उन्होंने आगे लिखा कि यह कोई ऐसी बात नहीं है जिसे नेशनल न्यूज बनाया जाए। हालांकि अचानक उठाए गए इस कदम से उनके फैंस काफी हैरान हैं। कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे भी लिस्ट से बाहरकरण जौहर के इस फैसले की जद में वे सितारे भी आए हैं जिनके साथ वे फिलहाल काम कर रहे हैं। प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो करण जौहर की फिल्म 'चांद मेरा दिल' हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म में अनन्या पांडे और लक्ष्य लालवानी मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसके बाद वे कार्तिक आर्यन के साथ अपनी नई फिल्म 'नागजिला' लेकर आ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि करण ने अपनी वर्तमान फिल्मों के लीड एक्टर्स कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे को भी इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया है। ये खबर भी पढ़ें करण जौहर@54; लड़कियों जैसा कहकर उड़ा मजाक:अमिताभ को डायरेक्ट करने के डर से बेहोश हुए, 'मेट गाला' में शामिल एकमात्र भारतीय डायरेक्टर बचपन से ही करण जौहर की चाल, बोलने का तरीका और बॉडी लैंग्वेज मजाक का कारण बनी। जिसके चलते करण धीरे-धीरे इतने डर गए कि लोगों के बीच जाने से कतराने लगे। घरवालों से झूठ बोला कि वो कंप्यूटर क्लास जा रहे हैं, जबकि असल में वो आवाज बदलने की ट्रेनिंग ले रहे थे। माता-पिता नहीं चाहते थे कि वो फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनें। पूरी खबर पढ़ें
अभिनेता सलमान खान ने रणवीर सिंह और फिल्म मेकर फरहान अख्तर के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए पहल की है। यह विवाद रणवीर सिंह के अचानक फिल्म 'डॉन 3' को छोड़ने के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर के खिलाफ असहयोग प्रस्ताव (नॉन-कोऑपरेशन नोटिस) जारी कर दिया था। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान ने दोनों पक्षों से निजी तौर पर बात की है ताकि इस मामले को शांति से सुलझाया जा सके। सलमान ने दोनों पक्षों से की बातरिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान के रणवीर सिंह और फरहान अख्तर दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं। इसी वजह से उन्होंने इस गंभीर होते विवाद में बीच-बचाव करने का फैसला किया। सलमान ने दोनों से फोन पर बात की और दोनों का अलग-अलग पक्ष सुना। उन्होंने दोनों को समझाया कि इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स में आपसी मतभेद होना कोई नई बात नहीं है। सूत्रों के अनुसार, सलमान खान ने फरहान अख्तर से कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में क्रिएटिव डिफरेंसेस (रचनात्मक मतभेद) होना बेहद आम बात है। इसे लेकर विवाद को और ज्यादा बढ़ाना ठीक नहीं है। उन्होंने फरहान को सलाह दी कि वे इस मामले को यहीं खत्म करें और दोनों ही पक्षों को अपने प्रोफेशनल संबंध खराब नहीं करने चाहिए। भविष्य में साथ काम करने की बात कहीसलमान खान ने रणवीर सिंह और फरहान अख्तर दोनों से ही विवाद को भूलकर आगे बढ़ने की अपील की है। उन्होंने दोनों से कहा कि जब यह मामला पूरी तरह शांत हो जाए, तो उन्हें भविष्य में दोबारा एक-दूसरे के साथ काम करने के लिए तैयार रहना चाहिए। सलमान की इस सलाह के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों के बीच तनाव कुछ कम हो सकता है। प्री-प्रोडक्शन में भारी खर्च होने का दावा यह भी कहा गया कि एक्सेल एंटरटेनमेंट ने डॉन 3 के प्री-प्रोडक्शन पर पहले ही काफी पैसा खर्च कर दिया था। कंपनी ने फिल्म की तैयारी, शेड्यूलिंग और उससे जुड़े दूसरे कामों में हुए खर्च को देखते हुए मुआवजे की मांग रखी थी। दूसरी तरफ रणवीर और उनकी टीम की सोच अलग थी। रणवीर इस बात से नाराज थे कि उनके करियर के कमजोर दौर में एक्सेल दूसरे कलाकारों को फिल्म के लिए सोच रहा था। इंडस्ट्री में चर्चा थी कि फिल्म को लेकर ऋतिक रोशन से भी बात की गई थी, जो रणवीर की टीम को पसंद नहीं आया। रणवीर के करीबी सूत्र का कहना है कि एक्टर को लगा कि अगर एक्सेल उस समय उनका पूरा सपोर्ट नहीं कर रहा था, तो भरोसा पहले ही टूट चुका था। रणवीर स्क्रिप्ट को लेकर भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उनका मानना था कि फिल्म धुरंधर के बाद सही दिशा में नहीं जा रही थी। उन्हें लगा कि फरहान अख्तर का पूरा फोकस इस प्रोजेक्ट पर नहीं था। हालांकि, रणवीर की टीम का कहना था कि एक्टर एक्सेल को नुकसान में छोड़ना नहीं चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने 10 करोड़ रुपए और भविष्य की फिल्म में 25 करोड़ रुपए की छूट वाला ऑफर दिया था, लेकिन एक्सेल भविष्य में साथ काम करने के बजाय सीधे कैश मुआवजा चाहता था। रणवीर सिंह से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रणवीर सिंह के सपोर्ट में उतरी इंडस्ट्री:चंकी बोले- मुझे भी बैन किया, मैंने ये झेला, मनोज बाजपेयी बोले-उम्मीद है हल निकले, अशोक पंडित ने सफाई दी फरहान अख्तर की डॉन 3 अचानक छोड़ देने से FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एप्लॉय्ज) ने रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया है। इस घोषणा के बाद इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। चंकी पांडे ने बताया है कि एक समय वो भी इस बैन का शिकार हो चुके हैं। माफी मांगने के बाद उन पर लगा बैन हटाया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
टीवी एक्ट्रेस ईशा सिंह और अभिनेता-निर्देशक पीटर विल्सन की फिल्म 'ऑब्सेस' आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में दोनों ने अपने संघर्ष, छोटे शहरों से मुंबई तक के सफर और बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में जगह बनाने की चुनौतियों पर खुलकर बात की। पीटर ने बताया कि फिल्म को बनाने के लिए उन्होंने अभिनय, निर्देशन और प्रोडक्शन की जिम्मेदारी एक साथ संभाली, जबकि ईशा ने कहा कि उन्होंने इस फिल्म के लिए कई जोखिम भरे स्टंट खुद किए। पढ़िए पूरी बातचीत... सवाल: भोपाल और छोटे शहरों से मुंबई तक का सफर तय करके आज फिल्म 'ऑब्सेस' तक पहुंचने पर कैसा महसूस हो रहा है? जवाब/ईशा सिंह: अभी तक हम फिल्म की तैयारियों में इतने व्यस्त थे कि सफर के बारे में सोचने का समय ही नहीं मिला। लेकिन जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि हम बहुत दूर आ गए हैं। एक छोटे शहर से निकलकर यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। मैं ईश्वर की बहुत आभारी हूं। सवाल: पीटर, आपने इस फिल्म को डायरेक्ट भी किया है, प्रोड्यूस भी किया है और इसमें अभिनय भी किया है। यह कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब/पीटर विल्सन: बहुत मुश्किल था। हमने पहले इस किरदार के लिए कई बड़े कलाकारों से बात की, लेकिन हमारे पास कोई बड़ा बैनर या इंडस्ट्री प्रोफाइल नहीं था। तब टीम ने कहा कि यह किरदार मुझे खुद निभाना चाहिए। मुझे इसके लिए 130-140 किलो तक वजन बढ़ाना पड़ा। एक डायरेक्टर के तौर पर मुझे तकनीकी और रचनात्मक दोनों पहलुओं पर ध्यान देना था। यह पूरी तरह जुनून और जिद का नतीजा है। सवाल: ईशा, जब आपको फिल्म का ऑफर मिला तो परिवार का क्या रिएक्शन था? जवाब/ईशा सिंह: यह मेरी दूसरी फिल्म है। इससे पहले मैंने 'मिडिल क्लास लव' की थी, जो एक रोमांटिक फिल्म थी। 'ऑब्सेस' पूरी तरह अलग है। जब मुझे कहानी सुनाई गई तो लगा कि यह कुछ नया और चुनौतीपूर्ण है। इसमें ग्लैमर कम और अभिनय की गुंजाइश ज्यादा थी। इसलिए मैंने तुरंत हां कह दी। सवाल: पीटर, आपने ईशा को इस किरदार के लिए क्यों चुना? जवाब/पीटर विल्सन: मुझे ऐसे कलाकार की तलाश थी जो किरदार के लिए पूरी तरह समर्पित हो। ईशा का थिएटर बैकग्राउंड और उनके काम के प्रति समर्पण मुझे पसंद आया। उन्होंने कहानी सुनते ही किरदार को समझ लिया था। मुझे भरोसा था कि वह इसे पूरी ईमानदारी से निभाएंगी। सवाल: छोटे शहरों से आने वाले कलाकारों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है? जवाब/ईशा सिंह: लोग अक्सर कहते हैं कि एक्टिंग कोई करियर नहीं है। खासकर लड़कियों को बहुत बातें सुननी पड़ती हैं। मुझे भी कहा गया कि यह बेवकूफी है। लेकिन मेरे माता-पिता ने मेरा पूरा साथ दिया। अगर परिवार का भरोसा हो तो मुश्किल रास्ते भी आसान लगने लगते हैं। पीटर विल्सन: मैं पंजाब के एक छोटे से गांव से आता हूं। इंडस्ट्री में मेरा कोई गॉडफादर नहीं था। कई बार लोगों ने मजाक उड़ाया और कहा कि फिल्म बनाकर दिखाओ, रिलीज करके दिखाओ। लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मेरी टीम और साथियों ने मेरा पूरा साथ दिया। सवाल: क्या कभी रिजेक्शन या रिप्लेसमेंट का सामना करना पड़ा? जवाब/पीटर विल्सन: हां, कई बार ऐसा हुआ कि किसी प्रोजेक्ट में कास्ट होने के बाद भी मुझे रिप्लेस कर दिया गया। लेकिन इन अनुभवों ने मुझे और मजबूत बनाया। आज वही संघर्ष मेरी ताकत बन गया है। सवाल: आप दोनों के लिए 'ऑब्सेशन' का मतलब क्या है? जवाब/ईशा सिंह: मैं अपने काम को लेकर ऑब्सेस्ड हूं। मेरा मानना है कि मेहनत करते रहो और बाकी ऊपर वाले पर छोड़ दो। समय हर सवाल का जवाब देता है। पीटर विल्सन: मैं फिल्मों को लेकर ऑब्सेस्ड हूं। हमेशा सपना था कि अपनी फिल्म बनाऊं और अपनी कंपनी शुरू करूं। उसी जुनून ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। सवाल: क्या कभी किसी फैन की दीवानगी डरावनी लगी? जवाब/ईशा सिंह: हां, एक फैन मेरी हर गतिविधि पर नजर रखता था। उसे पता होता था कि मैं कहां हूं और क्या कर रही हूं। बाद में उसने धमकियां देना शुरू कर दीं। हमें उसकी शिकायत करनी पड़ी। वह अनुभव काफी डरावना था। सवाल: फिल्म की शूटिंग के दौरान कोई यादगार या जोखिम भरा अनुभव? जवाब/ईशा सिंह: फिल्म में मैंने खुद ड्राइविंग और कई स्टंट किए हैं। एक बार शूटिंग के दौरान कार का बैलेंस बिगड़ गया था और बड़ा हादसा होते-होते बचा। उस समय मैं बहुत डर गई थी। पीटर विल्सन: हमने ज्यादातर स्टंट्स रियल लोकेशन्स पर शूट किए हैं। कई बार टीम और उपकरणों की सुरक्षा को लेकर भी खतरे पैदा हुए, लेकिन सौभाग्य से सब सुरक्षित रहा। सवाल: इंडस्ट्री से किस तरह का सपोर्ट मिला? जवाब/ईशा सिंह: मैं खुद को खुशकिस्मत मानती हूं कि मेरे आसपास बहुत अच्छे लोग हैं। मेरे दोस्तों और सहकर्मियों ने ट्रेलर देखकर काफी सराहना की। यह सपोर्ट मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगी? जवाब/ईशा सिंह: मेरे फैंस ने हमेशा मेरा साथ दिया है। वे मेरे लिए पोस्टर बनाते हैं, ट्रेंड चलाते हैं और हर मुश्किल समय में मेरे साथ खड़े रहते हैं। मैं दिल से उनका धन्यवाद करती हूं और उम्मीद करती हूं कि उन्हें 'ऑब्सेस' पसंद आएगी। सवाल: दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब/पीटर विल्सन: 'ऑब्सेस' एक इंडिपेंडेंट फिल्म है, जिसे हमने पूरी मेहनत और ईमानदारी से बनाया है। यह एक अलग तरह का, रियलिस्टिक और एक्सपेरिमेंटल सिनेमा है। मैं चाहूंगा कि दर्शक इसे देखें और अपना प्यार दें।
कोरियोग्राफर मुदस्सर खान ने हाल ही में इंटरफेथ मैरिज और ट्रोलिंग को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि हिंदू लड़की रिया किशनचंदानी से शादी के बाद उन्हें और उनकी पत्नी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि ऐसे लोगों को वह ज्यादा महत्व नहीं देते। फिल्मीज्ञान को दिए इंटरव्यू में मुदस्सर खान ने कहा, ‘अगर कोई गाली देता है या खराब बातें करता है, तो मैं उसे सीधे ब्लॉक कर देता हूं। ऐसे लोगों को भाव देने का कोई मतलब नहीं है।’ उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कई लोग सिर्फ दूसरों को परेशान करने के लिए आते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोग फेक अकाउंट बनाकर गालियां देते हैं और दूसरों का मूड खराब करने की कोशिश करते हैं। रिया को ट्रोल्स को नजरअंदाज करना सिखाया मुदस्सर ने बताया कि शुरुआत में उनकी पत्नी रिया भी इन कमेंट्स से परेशान हो जाती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने उन्हें समझाया कि ऐसे लोगों को नजरअंदाज करना ही सबसे सही तरीका है। इसके बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर लोगों को फिल्टर करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, 'जब शादी हो जाती है, तो धीरे-धीरे लोगों की बातें अपने आप कम होने लगती हैं। पहले लोग लगातार कमेंट करते हैं, लेकिन बाद में खुद ही शांत हो जाते हैं।' 'मुझे अक्सर जिहादी वाले कमेंट मिलते हैं'- मुदस्सर कोरियोग्राफर ने कहा, 'मुझे अक्सर जिहादी वाले कमेंट मिलते हैं। हमेशा, अगर मैं पोस्ट कर रहा हूं तो मुझे भी आमतौर पर मिलते हैं, तो मुझे लगता है कि ये लोग वो हैं, जो छोटी बिल्डिंगों में, चार माले की बिल्डिंगों में दीवार के कोने में पान थूकते हैं, वो लाल हो जाता है न, तो ये वो लोग हैं जिनकी कोई वैल्यू नहीं है। एक दिन साफ होने वाले हैं। मुदस्सर ने यह भी कहा कि वह इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे लोगों को बिल्कुल महत्व नहीं देता। मेरी जिंदगी में इससे कहीं ज्यादा बड़े काम हैं। मैं अपने परिवार, दोस्तों और देश के लिए अच्छा काम करना चाहता हूं। मैं जिंदगी में कुछ बड़ा बनाना और क्रिएट करना चाहता हूं। इसलिए छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देता।’ साल 2023 में मुदस्सर की शादी हुई थी मुदस्सर खान और रिया किशनचंदानी ने साल 2023 में शादी की थी। उनकी शादी में सलमान खान भी शामिल हुए थे। मुदस्सर लंबे समय से सलमान के साथ काम कर रहे हैं और उन्होंने 'दबंग', 'बॉडीगार्ड' और 'रेडी' जैसी सलमान की कई फिल्मों के गानों को कोरियोग्राफ किया है।
मेगास्टार पिता चिरंजीवी की विरासत के बीच अपनी अलग पहचान बनाना राम चरण के लिए आसान नहीं था। करियर की शुरुआती ब्लॉकबस्टर सफलता ने उन्हें स्टार बनाया, लेकिन फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें गहरे अवसाद और आत्म-संदेह में धकेल दिया। एक समय वह खुद को कमरे में बंद कर लेते थे और फैंस से माफी तक मांगनी पड़ी। बॉलीवुड डेब्यू की नाकामी और कोविड के दौरान मानसिक संघर्ष ने उनकी राह और कठिन बना दी। हालांकि, हर झटके से उबरते हुए राम चरण ने वापसी की और ‘आरआरआर’ के साथ ग्लोबल स्टार बन गए। अब उनकी फिल्म ‘पेद्दी’ रिलीज होने वाली है। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं राम चरण के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें… सुपरस्टार परिवार में जन्म, लेकिन सामान्य माहौल में हुई परवरिश राम चरण का जन्म 27 मार्च 1985 को चेन्नई (तब मद्रास) में हुआ था। वह तेलुगु सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी और सुरेखा के बेटे हैं। उनका परिवार आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले से जुड़ा है। उनकी दो बहनें सुष्मिता और श्रीजा हैं। राम चरण का जन्म भले ही फिल्मी परिवार में हुआ, लेकिन बचपन में उन्हें कभी यह एहसास नहीं होने दिया गया कि उनके पिता देश के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं। सैम फ्रैगोसो के टॉक ईजी पॉडकास्ट में राम चरण ने बताया था कि चिरंजीवी घर में कभी स्टारडम की चमक नहीं लाते थे। राम चरण ने कहा था कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि बच्चे यह सोचें कि जिंदगी में उन्हें सब कुछ आसानी से मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि एक मशहूर पेंटर ने चिरंजीवी की बड़ी पेंटिंग बनाई थी, लेकिन उन्होंने उसे घर में लगाने से मना कर दिया था, ताकि बच्चों पर स्टार इमेज का असर न पड़े। राम चरण के मुताबिक, घर में फिल्मों और स्टारडम की चर्चा कम होती थी। इसी वजह से वह और उनके भाई-बहन सामान्य माहौल में बड़े हुए। स्कूल में छुपानी पड़ती थी पहचान राम चरण ने कई बातचीत में बताया है कि स्कूल के दिनों में वह ज्यादा ध्यान आकर्षित नहीं करना चाहते थे। जब लोग उन्हें चिरंजीवी का बेटा कहकर पहचान लेते थे, तो उन्हें असहज महसूस होता था। वह बाकी बच्चों की तरह सामान्य जिंदगी जीना चाहते थे। उन्होंने कहा था कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें जमीन से जुड़े संस्कार दिए और मेहनत की अहमियत समझाई। यही वजह थी कि स्टार किड होने के बावजूद वह खुद को साबित करने का दबाव महसूस करते थे। पढ़ाई, बिजनेस में दिलचस्पी और एक्टिंग की तरफ झुकाव राम चरण ने चेन्नई के पद्म शेषाद्रि बाला भवन स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने ऊटी के लॉरेंस स्कूल, हैदराबाद पब्लिक स्कूल और सेंट मैरी कॉलेज, हैदराबाद में पढ़ाई की। शुरुआत में उनका फिल्मों में आने का कोई तय सपना नहीं था। उन्हें बिजनेस, स्पोर्ट्स और ऑटोमोबाइल्स में ज्यादा दिलचस्पी थी। कारों और स्पोर्ट्स के प्रति उनका लगाव पुराना है। मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने बताया था कि घर में कभी फिल्मों में आने का दबाव नहीं था। कॉलेज के दिनों में धीरे-धीरे उनका झुकाव अभिनय की तरफ बढ़ा। इसके बाद उन्होंने मुंबई के किशोर नमित कपूर एक्टिंग इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। राम चरण ने बताया था कि एक्टिंग सीखने के दौरान उन्होंने अपने पिता की फिल्मों को एक स्टूडेंट की तरह देखना शुरू किया। वह चिरंजीवी की डांसिंग, स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद अदायगी को बारीकी से समझते थे। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि अभिनय सिर्फ स्टारडम नहीं, बल्कि एक कला भी है। अप्रैल 2024 में उन्हें चेन्नई की वेल्स यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिली। पहली फिल्म कैसे मिली? राम चरण को पहली फिल्म ‘चिरुथा’ (2007) पिता चिरंजीवी की वजह से मिली, लेकिन इसके लिए उन्हें कड़ी तैयारी और स्क्रीन टेस्ट से गुजरना पड़ा था। निर्देशक पुरी जगन्नाथ ने उन्हें लॉन्च किया। फिल्म को निर्माता सी अश्विनी दत्त ने प्रोड्यूस किया था। ABN तेलुगु के शो ‘ओपन हार्ट विद आरके’ में राम चरण ने बताया था कि पहली फिल्म के दौरान वह बेहद नर्वस रहते थे। कैमरे के सामने सहज महसूस नहीं करते थे और अभिनय, डांस तथा कैमरा फेसिंग पर लगातार मेहनत करनी पड़ती थी। फिल्म रिलीज से पहले ही राम चरण को लेकर जबरदस्त चर्चा शुरू हो चुकी थी, क्योंकि वह चिरंजीवी के बेटे थे। फिल्म के पोस्टर्स और गानों ने रिलीज से पहले माहौल बना दिया था। बाद में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई और राम चरण को बेस्ट मेल डेब्यू – साउथ का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। पिता से मिली सबसे बड़ी सीख राम चरण ने बताया था कि पहली फिल्म के बाद जब वह सलाह लेने अपने पिता चिरंजीवी के पास पहुंचे, तब उन्होंने साफ कहा- “तुम्हें अपनी अलग पहचान खुद बनानी होगी।” राम चरण मानते हैं कि उनकी सफलता में पिता की परवरिश, अनुशासन और सिखाए गए मूल्यों का बड़ा योगदान है। ‘मगधीरा’ ने रातोंरात बनाया सुपरस्टार 2009 में रिलीज हुई ‘मगधीरा’ राम चरण के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। फिल्म का निर्देशन एस.एस. राजामौली ने किया था। फिल्म में राम चरण के डबल रोल, एक्शन और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने जबरदस्त प्यार दिया। यह उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्मों में शामिल हुई और राम चरण रातोंरात सुपरस्टार बन गए। घुड़सवारी और तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली ‘मगधीरा’ के लिए उन्होंने घुड़सवारी और तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली थी। फिल्म के कई स्टंट उन्होंने खुद किए। शूटिंग के दौरान वह कई बार घायल हुए, लेकिन शूटिंग नहीं रोकी। राम चरण कई बार कह चुके हैं कि राजामौली ने उनके करियर को नई दिशा दी। उनके मुताबिक, राजामौली ने उन्हें सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि अनुशासन और डिटेलिंग भी सिखाई। सफलता के बाद आया मुश्किल दौर ‘मगधीरा’ के बाद राम चरण ने ‘ऑरेंज’, ‘राचा’, ‘नायक’, ‘येवडू’ और ‘गोविंदुडू अंदरीवाडेले’ जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें कुछ फिल्में सफल रहीं, लेकिन कुछ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। ‘जंजीर’ से बॉलीवुड में डेब्यू 2013 में उन्होंने ‘जंजीर’ से बॉलीवुड डेब्यू किया। यह अमिताभ बच्चन की 1973 में आई सुपरहिट फिल्म ‘जंजीर’ का रीमेक थी। अपूर्व लखिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राम चरण ने ‘एसीपी विजय खन्ना’ का किरदार निभाया था, जो मूल फिल्म में अमिताभ बच्चन का रोल था। इसमें प्रियंका चोपड़ा फीमेल लीड में थीं। वहीं, संजय दत्त भी फिल्म का हिस्सा थे और विलेन का रोल प्रकाश राज ने निभाया था। 60 करोड़ रुपए के बजट में बनी फिल्म ने सिर्फ 22 करोड़ रुपए की कमाई की थी। ‘जंजीर’ के फ्लॉप होने के बाद राम चरण ने दोबारा हिंदी फिल्मों में काम नहीं किया। हालांकि, वह सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ में कैमियो करते नजर आए थे। फिल्मों के फ्लॉप होने पर वह डिप्रेशन में चले जाते थे इंटरटेनमेंट पोर्टल M9 न्यूज के मुताबिक, 2018 की एक बातचीत में राम चरण ने स्वीकार किया था कि फिल्मों के फ्लॉप होने पर वह डिप्रेशन में चले जाते थे। उन्होंने बताया था कि कई बार वह खुद को कमरे में बंद कर लेते थे और किसी से मिलना पसंद नहीं करते थे। उस दौरान उनकी मां सुरेखा कमरे में खाना लेकर जाती थीं। राम चरण ने कहा था कि असफलता उन्हें आत्ममंथन करने पर मजबूर करती थी और उसी ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनना सिखाया। ‘ध्रुव’ और ‘रंगस्थलम’ से बदली इमेज 2016 में आई ‘ध्रुव’ में राम चरण ने एक ईमानदार आईपीएस अफसर का किरदार निभाया। फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस को सराहा गया। इसके बाद 2018 में रिलीज हुई ‘रंगस्थलम’ उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल हो गई। फिल्म में उन्होंने ‘चिट्टी बाबू’ नाम के ग्रामीण युवक का किरदार निभाया था। इस रोल के लिए राम चरण ने आंध्र प्रदेश के गांवों में जाकर लोगों की बॉडी लैंग्वेज, बोलने का तरीका और देहाती लहजा समझा। उन्होंने किरदार पर इतनी मेहनत की कि कई समीक्षकों ने इसे उनके करियर का बेहतरीन परफॉर्मेंस बताया। फ्लॉप फिल्म के बाद फैंस से मांगी माफी 2019 में रिलीज हुई ‘विनय विधेय रामा’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। फिल्म को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद राम चरण ने सार्वजनिक तौर पर फैंस से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि वह आगे बेहतर फिल्मों का चुनाव करेंगे। स्टार्स का इस तरह खुलकर अपनी गलती स्वीकार करना कम देखने को मिलता है। कोविड में मानसिक रूप से टूट गए थे फिल्म ‘पेद्दी’ के प्रमोशन के दौरान राम चरण ने बताया कि कोविड-19 लॉकडाउन का उन पर गहरा मानसिक असर पड़ा था। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से फिल्म की शूटिंग रुक गई थी और वह लंबे समय तक घर में अकेले रहे। उनकी पत्नी उपासना कामिनेनी उस दौरान अस्पताल और मरीजों से जुड़े कामों में व्यस्त थीं, जबकि वह घर में अलग-थलग महसूस कर रहे थे। राम चरण ने कहा कि वह इतने “मेंटली लो” हो गए थे कि शूटिंग दोबारा शुरू होने पर भी खुद को मोटिवेट नहीं कर पा रहे थे। तब उन्होंने एस.एस. राजामौली को फोन कर अपनी हालत बताई। राम चरण के मुताबिक, राजामौली ने उन्हें सलाह दी कि मोटिवेशन हमेशा किसी बड़ी चीज से नहीं आता। छोटे-छोटे लक्ष्य तय करके भी खुद को संभाला जा सकता है। राजामौली ने उदाहरण देते हुए बताया था कि लॉकडाउन के दौरान वह अपने कमरे को सबसे साफ रखने जैसे छोटे लक्ष्य तय करते थे। यही सलाह धीरे-धीरे राम चरण को मानसिक रूप से संभालने में मददगार साबित हुई। कौन हैं राम चरण की पत्नी उपासना कामिनेनी? राम चरण की पत्नी उपासना कामिनेनी बिजनेसवुमन, हेल्थकेयर एंटरप्रेन्योर और फिलैंथ्रोपिस्ट हैं। वह अपोलो हॉस्पिटल्स समूह से जुड़ी हैं और अपोलो फाउंडेशन की उपाध्यक्ष के तौर पर काम करती हैं। वह हेल्थ और वेलनेस प्लेटफॉर्म यूआर.लाइफ की संस्थापक भी हैं। कोविड के दौरान उन्होंने हेल्थ सर्विसेज और जरूरतमंदों की मदद से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया। उपासना, प्रथाप सी. रेड्डी की पोती हैं, जिन्होंने अपोलो हॉस्पिटल्स की स्थापना की थी। उनकी मां शोभना कामिनेनी अपोलो हॉस्पिटल्स की एक्जिक्यूटिव उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। राम चरण और उपासना की शादी 14 जून 2012 को हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। क्लीन कारा कोनिडेला बड़ी बेटी हैं। शिव राम कोनिडेला बेटे और अनवीरा देवी कोनिडेला बेटी हैं। शिव राम और अनवीरा जुड़वां बच्चे हैं। एस.एस. राजामौली को मानते हैं लकी डायरेक्टर राम चरण के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों ‘मगधीरा’ और ‘आरआरआर’ का निर्देशन एस.एस. राजामौली ने किया था। राम चरण कई बार कह चुके हैं कि राजामौली ने उनके करियर को नई दिशा दी और उनसे उन्होंने बहुत कुछ सीखा। उनको वह लकी डायरेक्टर मानते हैं। ‘आरआरआर’ से मिली इंटरनेशनल पहचान 2022 में रिलीज हुई ‘आरआरआर’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर्स में शामिल हो गई। फिल्म में राम चरण ने स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू का किरदार निभाया। फिल्म ने दुनियाभर में रिकॉर्ड कमाई की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। इसके बाद राम चरण की पहचान ग्लोबल स्टार के रूप में मजबूत हो गई। ‘आरआरआर’ की सक्सेस के बाद एक हफ्ते तक घर से बाहर नहीं निकले टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने बताया था कि ‘आरआरआर’ की सफलता के बाद भी वह एक हफ्ते तक घर से बाहर नहीं निकले थे, क्योंकि वह इतनी बड़ी सफलता को समझने और संभालने की कोशिश कर रहे थे। ‘आरआरआर’ की सक्सेस के बाद राम चरण की फिल्म ‘आचार्य’ और ‘गेम चेंजर’ बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। फिल्म ‘आचार्य’ में राम चरण ने ‘सिद्ध’ का अहम किरदार निभाया था। वह एक नक्सली युवा की भूमिका में थे, जो वनवासियों और धर्मस्थली की रक्षा के लिए लड़ता है। इस फिल्म में उनके पिता और मेगास्टार चिरंजीवी ने मुख्य ‘आचार्य’ की भूमिका निभाई थी। ‘गेम चेंजर’ में राम चरण ने एक युवा और ईमानदार प्रशासनिक अधिकारी का किरदार निभाया था, जो पहले आईपीएस और बाद में आईएएस बनता है। सफलता और असफलता पर क्या सोचते हैं? दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने सफलता और असफलता को लेकर संतुलित सोच जाहिर की थी। उन्होंने कहा- “अगर कोई फिल्म फ्लॉप हो, तो बुरा नहीं फील करना और हिट हो तो जरूरत से ज्यादा खुश नहीं होना। हमें एक जैसा रहना चाहिए।” राम चरण ने कहा कि वह सक्सेस पार्टी नहीं करते। खाली समय में वह परिवार और पालतू जानवरों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं। बिजनेसमैन और प्रोड्यूसर भी हैं अभिनेता के अलावा राम चरण सफल निर्माता और बिजनेसमैन भी हैं। उन्होंने 2016 में कोनिडेला प्रोडक्शन कंपनी की शुरुआत की। इस प्रोडक्शन हाउस के तहत ‘कैदी नंबर 150’ (2017) और ‘सई रा नरसिम्हा रेड्डी’ जैसी फिल्में बनाई गईं। राम चरण ‘ट्रूजेट’ एयरलाइन के मालिक हैं, जिसे टर्बो मेघा एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से भी जाना जाता है। यह क्षेत्रीय एयरलाइन मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों के बीच उड़ानें संचालित करती है। जानवरों और पोलो से खास लगाव राम चरण को घोड़ों और पालतू जानवरों से खास लगाव है। उनके पास कई पालतू डॉग्स हैं और वह अक्सर सोशल मीडिया पर उनके साथ तस्वीरें शेयर करते हैं। पोलो स्पोर्ट्स में भी उनकी खास दिलचस्पी रही है। वह हैदराबाद पोलो एंड राइडिंग क्लब से जुड़े रहे हैं। ‘पेद्दी’ में आएंगे नजर वर्कफ्रंट की बात करें तो राम चरण की फिल्म ‘पेद्दी’ 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। यह एक पैन इंडिया फिल्म है। बुच्ची बाबू के निर्देशन में बनी इस फिल्म को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया है। इसमें राम चरण के अपोजिट जान्हवी कपूर नजर आएंगी _________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... थलापति विजय एक फिल्म का ₹275 करोड़ लेते थे:कभी लुक्स-आवाज पर उड़ता था मजाक, एक्टिंग छोड़ने वाले थे, राजनीति में उतरे, अब CM हैं साउथ सुपरस्टार थलापति विजय की कहानी फिल्मों की सफलता के साथ संघर्ष, आलोचना, पारिवारिक विवाद और राजनीति तक पहुंचने की भी रही है। करियर की शुरुआत में उनके लुक्स, आवाज और एक्टिंग का मजाक उड़ाया गया। लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद वह एक्टिंग छोड़ने का सोचने लगे थे।पूरी खबर पढ़ें..
बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपना एक फनी डांस वीडियो शेयर किया। वीडियो में वह पजामा पहनकर डांस करती नजर आईं। श्रद्धा ने माइकल जैक्सन के गाने बैड पर डांस किया। जिसमें उनके मजेदार और एनर्जेटिक मूव्स दिख रहे हैं। हालांकि, वीडियो के साथ-साथ उनके कैप्शन ने लोगों का ध्यान खींचा। अपने कथित बॉयफ्रेंड राहुल मोदी को टैग करते हुए उन्होंने लिखा, ‘कोई ऐसा ढूंढो जो आपका ऐसा डांस निकाल पाए।’ जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह वीडियो राहुल मोदी ने रिकॉर्ड किया है। श्रद्धा और राहुल के रिश्ते की चर्चा लंबे समय से श्रद्धा और राहुल के रिश्ते की चर्चा पहली बार 2024 की शुरुआत में तब हुई, जब दोनों को मुंबई में एक डिनर डेट के बाद साथ देखा गया था। हालांकि, दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से कभी स्वीकार नहीं किया है, लेकिन उन्हें अक्सर साथ स्पॉट किया गया है। वहीं, इसी साल जनवरी के महीने में सोशल मीडिया पर श्रद्धा की शादी की चर्चाएं तेज हुई थीं। दावा किया गया था कि श्रद्धा अपने कथित बॉयफ्रेंड राहुल मोदी के साथ जल्द ही शादी के बंधन में बंध सकती हैं। दरअसल, एक पोस्ट में दावा किया गया था कि श्रद्धा और राहुल की शादी राजस्थान के उदयपुर में हो सकती है। जिसके बाद इन दावों पर श्रद्धा के भाई और एक्टर सिद्धांत कपूर ने मजेदार अंदाज में प्रतिक्रिया दी थी। सिद्धांत ने इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही एक पोस्ट के कमेंट सेक्शन में हैरानी और हंसी वाले इमोजी के साथ लिखा था, ‘ये तो मेरे लिए भी न्यूज है।’ जनवरी 2026 में श्रद्धा ने भी अपनी शादी को लेकर चर्चा तब बढ़ा दी थी, जब उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक फैन के सवाल का जवाब दिया था। फैन ने पूछा था, ‘श्रद्धा जी शादी कब करोगे?’ इस पर श्रद्धा ने मजाकिया अंदाज में लिखा था, ‘मैं करूंगी, यू विवाह करूंगी।’ वर्कफ्रंट की बात करें तो श्रद्धा को आखिरी बार फिल्म स्त्री 2 में देखा गया था, जो साल 2024 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म थी। वहीं, वो जल्द अपकमिंग फिल्म ‘ईथा’ में नजर आएंगी। यह फिल्म मशहूर लावणी डांसर और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ नारायणगांवकर की बायोपिक है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस शहाना गोस्वामी ने हाल ही में बताया कि वह बिना किसी 'प्राइमरी पार्टनर' के ओपन रिलेशनशिप में हैं। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शहाना ने कहा, ‘फिलहाल मेरी जिंदगी में ऐसा कोई एक खास पार्टनर नहीं है। मेरी जिंदगी में कई लोग हैं, जिनसे मेरा लंबे समय से जुड़ाव है, लेकिन ये रिश्ते कैजुअल नहीं हैं। मेरे लिए कोई भी रिश्ता हल्का या टाइमपास नहीं होता।’ उन्होंने आगे कहा, 'मेरे लिए ओपननेस का मतलब यह है कि किसी एक इंसान के साथ तय रिश्ता जरूरी नहीं है। लेकिन लोगों के साथ जुड़ाव और अपनापन बना रहता है। कभी वह सिर्फ दोस्ती होती है, कभी रिश्ता थोड़ा और गहरा भी हो सकता है। हर चीज को किसी एक नाम या दिशा में बांधना जरूरी नहीं है। सबसे जरूरी चीज प्यार और दोस्ती है। मेरे लिए दोस्त वही है, जिसके लिए दिल में सच्चा अपनापन हो।' शहाना ने ओपन रिलेशनशिप में घोस्टिंग से इनकार किया शहाना गोस्वामी से जब ओपन रिलेशनशिप में घोस्टिंग यानी अचानक रिश्ता खत्म कर देने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'असल में ऐसा नहीं होता। मैं लोगों को इग्नोर नहीं करती। इस तरह की जिंदगी अचानक नहीं मिलती। यहां तक पहुंचने के लिए इंसान को खुद पर बहुत काम करना पड़ता है। बाहर से यह आसान लगता है, लेकिन अपने अंदर की जलन और असुरक्षाओं का सामना करना पड़ता है।' शहाना ने कहा कि उनके करीब आने वाले कई लोग उनकी सोच और आजादी को समझ नहीं पाते। कुछ लोग बिना किसी लड़ाई या विवाद के उनसे दूरी बना लेते हैं, क्योंकि वे खुद को असहज महसूस करने लगते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं उन लोगों से अलग हूं, जिनसे वे पहले मिले हैं। मेरी वजह से कई लोगों की असुरक्षाएं बाहर आ जाती हैं। मैं जानबूझकर ऐसा नहीं करती, लेकिन मेरी आजादी लोगों को खुद के बारे में सोचने पर मजबूर करती है और हर कोई इसके लिए तैयार नहीं होता।' कई पार्टनर्स एक-दूसरे से मिल चुके हैं: शहाना शहाना ने कहा कि कम उम्र में ही उन्हें ओपन रिलेशनशिप के बारे में समझ आ गई थी। एक्ट्रेस ने कहा, 'मुझे हमेशा लगा कि प्यार आजाद होना चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए कि रिश्ता किसी इंसान को बांध दे या उसकी जिंदगी सीमित कर दे। इसी सोच ने मेरे रिश्तों और उन्हें निभाने के तरीके को तय किया है।' उन्होंने बताया कि उनके कई ओपन रिलेशनशिप पार्टनर्स एक-दूसरे से मिल चुके हैं। उनके मुताबिक, ऐसे रिश्ते तभी चल पाते हैं, जब उनमें ईमानदारी और खुलकर बातचीत हो। शहाना ने यह भी कहा कि लोग अक्सर यह सोच लेते हैं कि उनकी जिंदगी आसान है या उन्हें कभी मुश्किल भावनाओं का सामना नहीं करना पड़ा। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। उनके मुताबिक, आजादी का मतलब मुश्किलों से भागना नहीं होता। असली आजादी तब आती है, जब इंसान अपनी परेशानियों, डर और भावनाओं का सामना करता है और उनसे भागता नहीं। शहाना का कहना है कि बाहर से देखने वाले लोग अक्सर इसी बात को समझ नहीं पाते।
फिल्म डॉन 3 को लेकर रणवीर सिंह और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बीच विवाद के बीच यह दावा किया गया कि मार्च 2026 में हुई एक मीटिंग में रणवीर की टीम ने एक्सेल को भविष्य की फिल्मों के लिए ₹10 करोड़ और ₹25 करोड़ की फीस में छूट का ऑफर दिया था, लेकिन प्रोडक्शन हाउस ने इसे मना कर दिया। सोमवार को खबर आई कि FWICE ने रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन नोटिस जारी किया है। बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च के पहले हफ्ते में एक बड़ी मीटिंग हुई थी, जिसमें आमिर खान, साजिद नाडियाडवाला, करण जौहर, फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी समेत कई जाने-माने लोग शामिल हुए थे। इसी मीटिंग में रणवीर सिंह की टीम ने एक्सेल एंटरटेनमेंट के सामने समझौते का प्रस्ताव रखा था। सूत्र के मुताबिक, रणवीर की टीम ने एक्सेल को तुरंत ₹10 करोड़ (100 मिलियन रुपए) का ऑफर दिया। यह भी कहा गया कि अगर दोनों भविष्य में फिर से किसी फिल्म में साथ काम करते हैं, तो रणवीर अपनी फीस पर ₹25 करोड़ (250 मिलियन रुपए) का डिस्काउंट देंगे। रणवीर की टीम का इरादा एक्सेल को उनके नुकसान की भरपाई करना और अपने रिश्ते बनाए रखना था। हालांकि, फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी इस प्रपोजल से खुश नहीं थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका मानना था कि भविष्य में रणवीर के साथ काम करने का उनका कोई प्लान नहीं है, इसलिए फीस में छूट का ऑफर उनके लिए काम का नहीं था। सूत्र के मुताबिक, फरहान और रितेश पिछले दो सालों में हुई देरी, अनिश्चितता और विवाद से काफी नाराज थे। उनका कहना था कि इससे उन्हें फाइनेंशियल और प्रोफेशनल दोनों तरह का नुकसान हुआ है। इसलिए वे सिर्फ तुरंत नकद मुआवजा चाहते थे। यह भी कहा गया कि एक्सेल एंटरटेनमेंट ने डॉन 3 के प्री-प्रोडक्शन पर पहले ही काफी पैसा खर्च कर दिया था। कंपनी ने फिल्म की तैयारी, शेड्यूलिंग और उससे जुड़े दूसरे कामों में हुए खर्च को देखते हुए मुआवजे की मांग रखी थी। दूसरी तरफ रणवीर सिंह और उनकी टीम की सोच अलग थी। रणवीर इस बात से नाराज थे कि उनके करियर के कमजोर दौर में एक्सेल दूसरे कलाकारों को फिल्म के लिए सोच रहा था। इंडस्ट्री में चर्चा थी कि फिल्म को लेकर ऋतिक रोशन से भी बात की गई थी, जो रणवीर की टीम को पसंद नहीं आया। रणवीर के करीबी सूत्र का कहना है कि एक्टर को लगा कि अगर एक्सेल उस समय उनका पूरा सपोर्ट नहीं कर रहा था, तो भरोसा पहले ही टूट चुका था। रणवीर स्क्रिप्ट को लेकर भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उनका मानना था कि फिल्म धुरंधर के बाद सही दिशा में नहीं जा रही थी। उन्हें लगा कि फरहान अख्तर का पूरा फोकस इस प्रोजेक्ट पर नहीं था। हालांकि, रणवीर की टीम का कहना था कि एक्टर एक्सेल को नुकसान में छोड़ना नहीं चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने 10 करोड़ रुपए और भविष्य की फिल्म में 25 करोड़ रुपए की छूट वाला ऑफर दिया था, लेकिन एक्सेल भविष्य में साथ काम करने के बजाय सीधे कैश मुआवजा चाहता था।
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, ना जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे भोपाल में निधन हो गया। 91 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। अंतिम संस्कार का समय अभी तय नहीं हुआ है। हालांकि परिजन के अनुसार आज शाम को अंतिम संस्कार किया जा सकता है। बद्र लंबे समय से डिमेंशिया बीमारी से पीड़ित थे। याददाश्त जा चुकी थी। वे लोगों को पहचान भी नहीं पा रहे थे। पिछले कुछ समय से उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही थी। जब भी उन्हें मुशायरे की याद आती थी तो इरशाद, इरशाद कहने लगते थे। बद्र ने उर्दू गजल को नया लहजा दिया। कठिन लफ्जों की जगह आसान शब्दों का प्रयोग करके शायरी लिखते थे। साल 1974 से 1990 के बीच का दौर उनके जीवन का स्वर्णिम काल माना जाता है। इस दौरान उनकी शायरी ने नई ऊंचाइयों को छुआ और वे देश-विदेश में पहचान बनाने में कामयाब रहे। उनकी गजलों की सादगी, गहराई और आम बोलचाल की भाषा ने उन्हें आम लोगों के दिलों तक पहुंचाया। फोटोज में बशीर बद्र… 1974-1990 का दौर बशीर बद्र के लिए काफी अहम रहा बता दें, साल 1969 में बशीर बद्र ने एएमयू से स्नातकोत्तर की उपाधि भी ली थी। शायर बशीर बद्र ने मेरठ कॉलेज के उर्दू विभाग में 12 अगस्त 1974 को बतौर लेक्चरर ज्वाइन कर लिया था। वे यहां वर्ष 1990 तक रहे। वर्ष 1974-1990 का दौर बशीर बद्र के लिए काफी अहम रहा। तब वे शायरी के बुलंदी को छू रहे थे। खबर अपडेट हो रही है…
फिल्म डायरेक्टर कुणाल कोहली ने अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्मों के फ्लॉप परफॉरमेंस और बॉक्स ऑफिस के दबाव पर खुलकर बात की है। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कुणाल ने कहा कि रणवीर सिंह आगे भी हिट फिल्में देंगे और वे फिर से फ्लॉप फिल्म भी दे सकते हैं, यह कोई बड़ी बात नहीं है। कुणाल के मुताबिक, दुनिया का कोई भी बड़ा स्टार फ्लॉप फिल्मों से बच नहीं सकता है। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि किसी भी कलाकार के टैलेंट को सिर्फ फिल्म के हिट या फ्लॉप होने से तय न करें। फ्लॉप फिल्म देना कोई बड़ी बात नहींकुणाल कोहली ने फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों के रवैये पर बात की। उन्होंने कहा कि जब किसी स्टार की फिल्म नहीं चलती, तो लोग जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देने लगते हैं। फिल्म इंडस्ट्री में कोई भी ऐसा सुपरस्टार नहीं है जिसकी कोई फिल्म फ्लॉप न हुई हो। हर एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के जीवन में ऐसा समय आता है। एक फ्लॉप फिल्म किसी कलाकार की काबिलियत तय नहीं कर सकती। रणवीर सिंह फिर से हिट फिल्म देंगे और वे दोबारा फ्लॉप फिल्म भी दे सकते हैं। यह सब फिल्म बिजनेस का हिस्सा है, इसे लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। बॉक्स ऑफिस से जज करना दर्शकों की कमजोरीरणवीर सिंह की एक्टिंग की तारीफ करते हुए कुणाल ने कहा कि वे एक शानदार अभिनेता हैं। फिल्म 'धुरंधर' में उन्होंने कुछ दृश्यों में बेहतरीन काम किया है। यही नहीं, रणवीर ने उन फिल्मों में भी शानदार एक्टिंग की है जो बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल सकी थीं। कुणाल ने दर्शकों को नसीहत देते हुए कहा कि केवल टिकटों की बिक्री देखकर किसी के काम का फैसला करना फिल्म देखने वालों की कमजोरी को दिखाता है। दर्शकों को इस सोच से आगे बढ़कर फिल्म की कहानी और परफॉर्मेंस पर ध्यान देना चाहिए। 'धुरंधर 2' का समर्थन किया था इससे पहले रिलीज होने के समय कुणाल धुरंधर 2 का समर्थन किया था। उन्होंने बताया कि फिल्म की रिलीज से पहले इंडस्ट्री के कई बड़े निर्देशकों का मानना था कि यह फिल्म फ्लॉप हो जाएगी। कुणाल कोहली ने स्क्रीन से बातचीत में कहा कि जब फिल्म रिलीज होने वाली थी, तब उन्होंने कई बड़े निर्देशकों से बात की थी। कुणाल के मुताबिक, इंडस्ट्री ने इस फिल्म का सपोर्ट नहीं किया था। मैंने जिन बड़े डायरेक्टर्स से बात की, उनका कहना था कि फिल्म सोमवार को बैठ जाएगी। भारत की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने अब तक 1800 करोड़ रुपए ग्रॉस कमाई कर ली है। धुरंधर 2 में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में थे। इसके अलावा फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, गौरव गेरा और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी नजर आए। जबकि पहले पार्ट में अक्षय खन्ना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। धुरंधर (2025) और धुरंधर 2 (2026) दोनों ही फिल्मों का निर्देशन आदित्य धर ने किया। फिल्म को ज्योति देशपांडे और आदित्य धर ने मिलकर जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है।
पंजाब किंग्स (PBKS) के आईपीएल 2026 के प्लेऑफ से बाहर होने के बाद टीम की को-ओनर और एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने फैंस के लिए एक इमोशनल नोट शेयर किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर प्रीति ने सीजन के उतार-चढ़ाव भरे सफर में टीम का साथ देने के लिए समर्थकों का आभार जताया। पंजाब किंग्स इस सीजन में 15 पॉइंट्स के साथ पांचवें नंबर पर रही और सिर्फ एक पॉइंट के अंतर से प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई थी। राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को हराकर चौथा स्थान हासिल किया और पंजाब को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। प्रीति जिंटा ने सोशल मीडिया पर जताया आभारप्रीति जिंटा ने एक्स पोस्ट में लिखा कि आईपीएल 2026 के इस उतार-चढ़ाव भरे सफर में हमारे साथ मजबूती से खड़े रहने के लिए पंजाब किंग्स के सभी फैंस का बहुत-बहुत शुक्रिया। अच्छे और बुरे समय के बीच आप सभी के प्यार ने इस सफर को और ज्यादा पूरा बना दिया। दोबारा मिलने तक मेरा सारा प्यार और शुभकामनाएं। प्रीति ने इस पोस्ट के साथ अपने सिग्नेचर स्टाइल में हैशटैग टिंग (#Ting) भी लिखा। उनकी इस पोस्ट पर फैंस लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं और टीम के खेल की तारीफ कर रहे हैं। पहले हाफ में नंबर-1 पर रही थी टीमसाल 2025 में रनर-अप रही पंजाब किंग्स को इस सीजन की शुरुआत में जीत का बड़ा दावेदार माना जा रहा था। टूर्नामेंट के पहले हाफ में टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। पंजाब ने लगातार अपने पहले छह मैच जीते। टीम ने छह जीत और एक बिना नतीजे वाले मैच के साथ लगातार सात मैचों तक अजेय रहने का रिकॉर्ड बनाया। पंजाब किंग्स 13 पॉइंट्स के साथ करीब एक महीने तक पॉइंट टेबल में पहले स्थान पर जमी रही। लगातार छह हार के कारण बिगड़ा खेलटूर्नामेंट के दूसरे हाफ में टीम अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी। खराब रणनीतिक फैसलों और मैच के दौरान कैच छूटने के कारण पंजाब किंग्स का प्रदर्शन लगातार गिरता गया। टीम को लगातार छह मैचों में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी प्लेऑफ की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। इसके बाद टीम ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को हराकर अपनी हार का सिलसिला जरूर तोड़ा, लेकिन वे कुल 15 पॉइंट्स ही जुटा सके जो प्लेऑफ में पहुंचने के लिए काफी नहीं थे। सिर्फ एक पॉइंट के अंतर से टूटी उम्मीदपंजाब किंग्स को प्लेऑफ से बाहर करने में राजस्थान रॉयल्स (RR) की जीत की बड़ी भूमिका रही। राजस्थान रॉयल्स ने अपने आखिरी मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) को हराकर कुल 16 पॉइंट्स हासिल कर लिए। इस जीत के साथ राजस्थान ने पंजाब किंग्स को हटाकर पॉइंट टेबल में चौथे स्थान पर कब्जा कर लिया और प्लेऑफ का आखिरी टिकट पा लिया। पंजाब की टीम सिर्फ एक पॉइंट कम होने की वजह से पांचवें स्थान पर रहकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
शिल्पा शेट्टी की बहन और एक्ट्रेस शमिता शेट्टी ने सोशल मीडिया पर अपनी उम्र और शादी को लेकर कमेंट करने वाले ट्रोलर्स को कड़ा जवाब दिया है। इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए शमिता ने उन लोगों पर निशाना साधा जो सिंगल महिलाओं को ऐज-शेम करते हैं। 47 वर्षीय शमिता ने कहा कि वे शादी करने की किसी जल्दबाजी में नहीं हैं और अपनी जिंदगी में बेहद फिट और खुश हैं। उन्होंने ट्रोलर्स की पुरुष-प्रधान और पिछड़ी सोच पर आपत्ति जताते हुए उन्हें तुरंत अनफॉलो करने की सलाह दी है। कमेंट करने वाले को कहा- बदलाव प्राकृतिक हैशमिता शेट्टी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक ट्रोलर की पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इसमें यूजर ने लिखा था कि आपकी उम्र हो गई है और अब पहले वाली बात नहीं रही। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए शमिता ने लिखा, 'हां, मैं अब अलग दिखूंगी। समय के साथ चीजें बदलती हैं और यह जीवन का प्राकृतिक नियम है। शारीरिक बनावट सहित कुछ भी हमेशा के लिए एक जैसा नहीं रहता। लेकिन अपनी उम्र के हिसाब से मैं पूरी तरह स्वस्थ, फिट और खुश हूं। मेरे लिए सिर्फ यही मायने रखता है।' 'शादी करके आपने क्या उखाड़ लिया'यूजर ने शमिता की शादी को लेकर भी टिप्पणी की थी कि अगर समय पर शादी कर लेतीं तो आज बच्चे बड़े हो गए होते। इस पर शमिता ने तीखा पलटवार करते हुए पूछा, 'तो? आपने शादी करके क्या उखाड़ लिया है भाई? सबसे जरूरी बात यह है कि आप लोग सिंगल महिलाओं को फॉलो ही क्यों करते हैं? सिर्फ इसलिए ताकि उन्हें ऐज-शेम कर सकें और उन पर अपनी पुरुष-प्रधान और आदिमानव जैसी पिछड़ी सोच थोप सकें? कृपया मुझ पर एक अहसान करें और मुझे तुरंत अनफॉलो कर दें।' बड़ी बहन शिल्पा शेट्टी से होती है तुलनाशमिता शेट्टी की बड़ी बहन और बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी 50 साल की हैं। शिल्पा शादीशुदा हैं और उनका एक 14 साल का बेटा है। शमिता ने पहले भी कई इंटरव्यू में साफ किया है कि वे सिर्फ शादी करने के नाम पर किसी से भी शादी नहीं करना चाहतीं। वे सही समय और सही जीवनसाथी का इंतजार करने में विश्वास रखती हैं और अपनी सिंगल लाइफ को पूरी तरह से एन्जॉय कर रही हैं। फिल्में छोड़ इंटीरियर डिजाइनिंग में बनाया करियरशमिता शेट्टी ने साल 2000 में आदित्य चोपड़ा की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'मोहब्बतें' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने 'जहर' (2005), 'फरेब' (2005) और 'कैश' (2007) जैसी फिल्मों में काम किया। कुछ समय बाद उन्होंने एक्टिंग से एक लंबा ब्रेक ले लिया और इंटीरियर डिजाइनिंग के क्षेत्र में अपना सफल करियर बनाया। इसके बाद उन्होंने रियलिटी शोज के जरिए दोबारा एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में वापसी की।
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने सोशल मीडिया पर अभिनेत्रियों के बीच होने वाली तुलना और फैन वॉर पर नाराजगी जताई है। एक फैन ने एआई (AI) की मदद से एक फोटो बनाई थी, जिसमें उर्वशी सहित ऐश्वर्या राय, प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट के स्टारडम की तुलना की गई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उर्वशी ने इसे टॉक्सिक बताया और कहा कि हर एक्ट्रेस का अपना सफर होता है। उर्वशी इन दिनों कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस में हैं, जहां वे लगातार पांचवीं बार भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। फोटो में फीमेल स्टार्स को नीचे झुकते दिखाया गयाइंटरनेट पर एआई फोटो वायरल हो रही थी। इस फोटो में ऐश्वर्या राय को ग्लोबल स्टारडम के टॉप पर दिखाया गया था। वहीं प्रियंका चोपड़ा एक सिंहासन पर बैठी थीं और उनके पास दीपिका पादुकोण व माधुरी दीक्षित खड़ी थीं। फोटो में आलिया भट्ट, कैटरीना कैफ, करीना कपूर और उर्वशी रौतेला को उनके नीचे घुटनों के बल बैठा दिखाया गया था। इस फोटो में सभी अभिनेत्रियों के नाम भी टैग किए गए थे। अभिनेत्रियों को इस तरह कमतर दिखाए जाने पर उर्वशी ने कड़ा रुख अपनाया है। कहा- महिलाओं की तुलना से सिर्फ नेगेटिविटी फैलती हैउर्वशी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा, 'मेरा मानना है कि हर एक्ट्रेस का अपना एक अलग सफर, कड़ी मेहनत और किस्मत होती है। महिलाओं की आपस में तुलना करने या फैन वॉर कराने से सिर्फ नेगेटिविटी फैलती है। इसकी जगह हमें टैलेंट, ग्रोथ और दयालुता का सम्मान करना चाहिए। कृपया इस तरह की टॉक्सिसिटी को बंद करें।' एक्ट्रेस ने फैंस से इस तरह की पोस्ट न बनाने और सभी कलाकारों के काम की सराहना करने की अपील की है। कांस के रेड कारपेट पर उर्वशी का पांचवां सालउर्वशी रौतेला कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने लुक को लेकर भी चर्चा में हैं। उन्होंने इस बार रेड कारपेट पर योलांड ऑफिशियल लेबल का ब्लैक वेलवेट गाउन पहना था, जिसमें वी-नेकलाइन बनी हुई थी। इसके अलावा वे वियतनामी डिजाइनर लेबल जोलीपोली कूटूर के लैवेंडर शेड वाले गाउन में भी नजर आईं। रेड कारपेट पर मीडिया प्लेटफॉर्म ब्रूट से बात करते हुए उर्वशी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, 'जब भी मैं अपने देश का प्रतिनिधित्व करती हूं, तो मैं सिर्फ उर्वशी नहीं रह जाती, बल्कि मैं इंडिया बन जाती हूं। यह लगातार मेरा पांचवां साल है और मुझे इस बात पर गर्व है।' ऐश्वर्या, दीपिका और आलिया भी रही हैं कांस का हिस्साकांस फिल्म फेस्टिवल में भारत की ओर से कई बड़ी अभिनेत्रियां शामिल होती रही हैं। ऐश्वर्या राय पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से इस फेस्टिवल का हिस्सा बन रही हैं। वे साल 2003 से लोरियल पेरिस की ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर के रूप में रेड कारपेट पर चल रही हैं और इस साल भी वे वहां नजर आईं। वहीं आलिया भट्ट दूसरी बार लोरियल की ब्रांड एंबेसडर के तौर पर कांस पहुंची हैं। दीपिका पादुकोण भी पहले कई बार कांस का हिस्सा रह चुकी हैं और वे साल 2022 में इस फेस्टिवल की मुख्य कॉम्पिटिशन जूरी में भी शामिल थीं।
बंगाली फिल्म निर्माता अनिक दत्ता का बुधवार को कोलकाता में निधन हो गया। पुलिस के मुताबिक, वे दक्षिण कोलकाता में अपने बहुमंजिला घर की छत से नीचे गिर गए थे। उन्हें तुरंत ढाकुरिया के पास एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद कोलकाता पुलिस की एक टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डायरेक्टर के निधन की खबर मिलने के बाद श्रीलेखा मित्रा और रुद्रनील घोष सहित बंगाली सिनेमा के कई कलाकार अस्पताल पहुंचे। छत से गिरने के बाद अस्पताल ले जाया गयान्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि अनिक दत्ता अपने घर की छत से संदिग्ध परिस्थितियों में गिर गए थे। हालांकि, अभी तक उनके परिवार की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच कर रही है। उनके इस तरह अचानक चले जाने से बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के लोग हैरान हैं। एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा, रुद्रनील घोष और अरिंदम सिल अस्पताल के बाहर नजर आए, जो डायरेक्टर को अपनी आखिरी विदाई देने पहुंचे थे। 'भूतेर भविष्यत' से मिली थी पहचानअनिक दत्ता को साल 2012 में रिलीज हुई हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'भूतेर भविष्यत' से सिनेमा जगत में बड़ी पहचान मिली थी। इस फिल्म में हॉरर कहानी के साथ राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था पर कड़ा कटाक्ष किया गया था। बंगाली सिनेमा में इस फिल्म को एक मील का पत्थर माना जाता है। इस फिल्म में स्वास्तिका मुखर्जी, पराश बंदोपाध्याय, सब्यसाची चक्रवर्ती, परमब्रत चटर्जी और शाश्वत चटर्जी जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इसके बाद उन्होंने 'आश्चर्य प्रदीप' और 'मेघनाद बध रहस्य' जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया था। सत्यजीत रे पर बनी फिल्म को मिले दो नेशनल अवॉर्डअनिक दत्ता ने मशहूर फिल्ममेकर सत्यजीत रे की ऐतिहासिक फिल्म 'पथेर पांचाली' के बनने की कहानी पर आधारित एक फिल्म 'अपराजितो' बनाई थी। इस बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म को साल 2024 में दो नेशनल अवॉर्ड मिले थे। फिल्म को बेस्ट मेकअप (सोमनाथ कुंडू) और बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन (आनंद आध्या) का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर अनिक दत्ता ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा था कि वे खुद जूरी में रह चुके हैं और जानते हैं कि फैसले कैसे लिए जाते हैं। उन्होंने अपने क्रू मेंबर्स सोमनाथ और आनंद की कड़ी मेहनत की तारीफ की थी। पिछले साल रिलीज हुई थी आखिरी फिल्मडायरेक्टर अनिक दत्ता की आखिरी निर्देशित फिल्म 'जतो कांडो कोलकातातेई' साल 2025 में दुर्गा पूजा के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यह एक जासूसी मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म थी। इस फिल्म में अबीर चटर्जी, काजी नौशाबा अहमद और दुलाल लाहिड़ी ने मुख्य किरदार निभाए थे। अनिक दत्ता अपनी फिल्मों में सामाजिक संदेश, सस्पेंस और सटायर (व्यंग्य) के सटीक इस्तेमाल के लिए जाने जाते थे।
रणवीर सिंह पर लगाए गए बैन के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। हालांकि डायरेक्टर संजय गुप्ता को रणवीर का पक्ष लेना महंगा पड़ता नजर आ रहा है। अब FWICE ने उन्हें 2021 की वो शिकायत याद दिलाई है, जो उन्होंने जैकी श्रॉफ द्वारा अचानक फिल्म मुंबई सागा छोड़ने पर दर्ज करवाई थी और उनके खिलाफ एक्शन लिया गया था। दरअसल, 25 मई को जब FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न ऑफ सिने एप्लॉय्ज) ने डॉन 3 अचानक छोड़ने पर रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन कॉर्पोरेशन डिक्लेयरेशन जारी किया है। यानी अब फेडरेशन से जुड़े लोग विवाद खत्म होने तक रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे। इस पर विरोध जताते हुए संजय गुप्ता ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, जब एक ए-लिस्टर हीरो शूट करता है, तो उसके साथ 300 से ज्यादा वर्कर्स सेट पर काम करते हैं। किसी को बैन करने से उसका नुकसान नहीं होता, बल्कि उन मजदूरों की रोजी-रोटी छिन जाती है, जो उस काम पर ही निर्भर हैं। आखिर में इसका मतलब क्या है। रणवीर का समर्थन करने पर फेडरेशन के सेक्रेटरी अशोक दुबे ने भड़कते हुए हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में मुंबई सागा की याद दिलाते हुए कहा, “मैं संजय गुप्ता जी से पूछना चाहता हूं कि कुछ साल पहले जब उनकी फिल्म मुंबई सागा की शूटिंग चल रही थी और जैकी श्रॉफ ने आने से मना कर दिया था, तब यही समस्या IFTDA और फेडरेशन ने मिलकर सुलझाई थी। तब यह आपत्ति कहां थी?” आगे उन्हों स्ट्रिक्ट एक्शन लेने पर कहा, “अगर यह ट्रेंड चलता रहा तो कई फिल्ममेकर्स और प्रोड्यूसर्स को नुकसान उठाना पड़ेगा। हमने किसी को बैन नहीं किया है, हमने सिर्फ नॉन-कोऑपरेशन की बात कही है। यह फेडरेशन के सदस्यों का फैसला है, फिल्म बॉडी का आंतरिक निर्णय है।” जानिए क्या है पूरा मामला? फरहान अख्तर ने साल 2023 में फिल्म डॉन-3 की घोषणा एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 2006 में आई शाहरुख स्टारर डॉन और 2011 में आई डॉन-2 के बाद ये इस फ्रेंचाइजी की यह तीसरी फिल्म होने वाली थी। अनाउंसमेंट के समय कियारा आडवाणी को फिल्म में कास्ट किया गया था। लेकिन प्रेग्नेंसी और मेटरनिटी ब्रेक के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी, जिसके बाद कृति सेनन को कास्ट करने की खबरें रहीं। ये फिल्म फरहान अख्तर, होम प्रोडक्शन एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बना रहे थे। डॉन-3 को जारी रखने लिए फरहान ने अपनी दूसरी फिल्म जी ले जरा पोस्टपोन कर दी। फिल्म डिले होने पर रणवीर सिंह धुरंधर में व्यस्त हो गए। रिपोर्ट्स थीं कि 2025 में डॉन 3 की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन फिर अचानक रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में हस्तक्षेप कर रहे थे। वो गाली-गलौज और हिंसक सीन की मांग कर रहे थे, लेकिन मेकर्स इस पर राजी नहीं हुए। मिडडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि रणवीर ने फिल्म छोड़ दी है और वो जल्द ही फिल्म का साइनिंग अमाउंट भी लौटा देंगे, जबकि मेकर्स पहले ही प्री-प्रोडक्शन, डिले और री-वर्क के चलते फिल्म पर खर्च कर चुके थे। इस पर फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर 45 करोड़ हर्जाने की मांग की। उनका कहना था कि प्री-प्रोडक्शन, शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के चलते उनका भारी नुकसान हुआ है। तब आमिर खान ने भी बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रोड्यूसर गिल्ड ने दोनों पक्षों को सुलह का समय भी दिया, लेकिन हल तब भी नहीं निकला। बाद में ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार 25 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखने के बाद फेडरेशन ने रणवीर को बैन करने का ऐलान कर दिया। रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और 'डॉन' फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। 'डॉन 3' को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए। इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे। अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म 'वेलकम टु जंगल' की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था। कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है।
वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म है जवानी तो इश्क होना है से गाना चुनरी चुनरी रिलीज हो चुका है। ये गाना 1999 की फिल्म बीवी नं. 1 के गाने का रीमेक है, जिसे अभिजीत भट्टाचार्या और अनुराधा श्रीराम ने गाया था। अब अभिजीत नया गाना देख भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि सुनकर ये किसी भजन जैसा लग रहा है। साथ ही उन्होंने कहा है कि वरुण इस गाने से कभी सलमान नहीं बन सकेंगे। हाल ही में एएनआई से बातचीत में सिंगर अभिजीत भट्टाचार्या ने कहा है, ‘जब मैंने ये गाना (चुनरी चुनरी रीमेक सॉन्ग) सुना तो मुझे लगा कि ये कोई भजन है। चुनरी चुनरी एक रोमांटिक ट्रेक था और इन लोगों ने अब इसे भजन बना दिया है।’ आगे उन्होंने वरुण धवन की आलोचना करते हुए कहा, ‘इस एक्टर (वरुण धवन) ने सिर्फ सेकेंड हैंड फिल्में की हैं। खासकर जब इसके पिता (डेविड धवन) ने ऑरिजिनल फिल्म बनाईं। उसने वही गाना इस्तेमाल किया, जो एक समय में हिट था। वरुण धवन इस गाने से सलमान खान नहीं बन सकता। सलमान खान और वरुण धवन में बहुद फर्क है।’ इसके अलावा अभिजीत ने कहा है, ‘ये गाना सलमान खान के करियर का सबसे बड़ा हिट है। जब फिल्म आई है, तब से लेकर अब तक ट्रेंडिंग है। ये सलमान की लाइफ का सबसे बड़ा हिट है। उस वक्त ये सुपरस्टार नहीं एक उभरता हुआ कलाकार था।’ मुझे अप्रोच करते तब भी सोचता- अभिजीत बीवी नं. 1 का गाना चुनरी चुनरी अभिजीत भट्टाचार्या ने गाया था, जबकि नए आए रीमेक गाने को आई पी सिंह, सुधीर यदुवंशी जैसे मेल सिंगर्स ने आवाज दी है। इस पर उन्होंने भड़कते हुए कहा, ‘अगर वो मुझे रीमेक गाने के लिए अप्रोच करते तब भी मैं इसे करने से पहले सोचता। मेरे ऑरिजिनल गाने में बहुत सारी एक्टिंग थी। अच्छा ही हुआ कि मैंने इसे नहीं किया, वर्ना डीग्रेड ही होता। हमने इस गाने को जिस तरह किया, वरुण कभी वैसा कर ही नहीं सकता।’ सलमान भी दे चुके हैं रीमेक पर रिएक्शन चुनरी-चुनरी गाना सलमान खान और सुष्मिता सेन पर फिल्माया गया था। हाल ही में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सलमान ने गाना सुनकर मजाकिया अंदाज में वरुण को इशारा करते हुए कहा, ‘वरुण ने मेरा एक और गाना उठा लिया।’ कब-कब वरुण धवन ने रीमेक का लिया सहारा जुड़वा 2 (2017) ऑरिजिनल फिल्म- जुड़वा (1997) इस फिल्म में वरुण धवन ने ऑरिजिनल फिल्म के गाने ऊंची है बिल्डिंग लिफ्ट तेरी बंद है और चलती है क्या 9 से 12 भी रीमेक किए थे। इन दोनों ही गानों को सलमान पर फिल्माया गया था। कुली नंबर 1 (2020) ऑरिजिनल फिल्म- कुली नंबर 1 (1995) 2020 की कुली नंबर 1 में 1995 की फिल्म के दो गाने तुझको मिर्ची लगी तो मैं क्या करूं और हुस्न है सुहाना को रीमेक किया गया था। इन फिल्मों के अलावा वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म का टाइटल है जवानी तो इश्क होना है भी सलमान खान और सुष्मिता पर फिल्माए गए बीवी नंबर 1 के गाने से लिया गया है।
कबीर खान अपनी नई फिल्म में फिर फैमिली-इमोशन और चाइल्ड-कनेक्ट वाले जॉनर में लौट रहे हैं। फिल्म में कार्तिक आर्यन मुख्य भूमिका में हैं और कहानी एक बच्चे व एक मैच्योर किरदार के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है। सूत्रों के मुताबिक, फिल्म का टोन काफी हद तक सलमान खान स्टारर ‘बजरंगी भाईजान’ जैसी भावनात्मक अपील वाला रखा गया है। मेकर्स इसे भारी वीएफएक्स या बड़े सेट्स की बजाय कंटेंट-ड्रिवन फिल्म के तौर पर तैयार कर रहे हैं। फिल्म का बजट भी नियंत्रित रखा गया है। मड आइलैंड में बना कश्मीर, कृत्रिम बर्फबारी भी की गई फिल्म का पहला बड़ा शेड्यूल मुंबई के मड आइलैंड में पूरा किया गया, जहां करीब 15 दिनों तक कश्मीर जैसा सेट तैयार किया गया था। प्रोडक्शन डिजाइन टीम ने वहां कश्मीरी गलियां, बाजार और लोकल मकानों का सेट लगाया। इसी सेट पर पत्थरबाजी और सुरक्षा बलों से जुड़े कुछ अहम सीक्वेंस शूट किए गए। रात के सीन्स के लिए बड़े कृत्रिम चांद और हाई-इंटेंसिटी लाइट्स का इस्तेमाल किया गया ताकि मूनलाइट जैसा प्रभाव मिल सके। मुंबई की गर्मी के बीच सेट पर कृत्रिम बर्फबारी और ठंडा माहौल तैयार करने के लिए खास तकनीक का इस्तेमाल किया गया। कई सीन्स में लोकल कश्मीरी बैकग्राउंड और तनावपूर्ण माहौल को बेहद रियल तरीके से कैद करने की कोशिश की गई है। रियल लोकेशन को भी पूरी प्राथमिकता दे रहे हैं मेकर्स मुंबई शेड्यूल पूरा होने के बाद अब फिल्म की यूनिट असली कश्मीर में शूटिंग कर रही है। टीम बीती 13 तारीख को मुंबई से रवाना हुई थी और 15 तारीख से वहां मुख्य शूट शुरू हो चुका है। यह आउटडोर शेड्यूल करीब 10 दिनों का रखा गया। इसमें फिल्म के इमोशनल हिस्से, ट्रेनिंग मोंटाज और लोकल लोकेशन वाले सीन्स फिल्माए गए। कहानी में कश्मीर का बैकड्रॉप काफी अहम भूमिका निभाता है, इसलिए मेकर्स ने रियल लोकेशंस पर भी शूट को प्राथमिकता दी है। यूनिट घाटी के कम भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्राकृतिक लोकेशंस पर शूट कर रही है ताकि विजुअल्स ज्यादा वास्तविक लगें। कुछ सीन्स स्थानीय कलाकारों और वास्तविक माहौल के बीच शूट हो रहे हैं, जिससे कहानी में ग्राउंडेड फील मिले। एप्लॉज और कबीर के जॉइंट वेंचर में बन रही फिल्म शुरुआती दिनों में इस फिल्म के मेकर्स के नामों को लेकर काफी गोपनीयता बरती जा रही थी। क्लैपबोर्ड और फाइलों पर किसी फाइनल टाइटल के बजाय केवल ‘प्रोजेक्ट नंबर’ या ‘प्रोडक्श नं.’ लिखा हुआ था, लेकिन अब यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि इस फिल्म के पीछे समीर नायर की मशहूर और बड़ी कंपनी एप्लॉज एंटरटेनमेंट खड़ी है। कॉर्पोरेट स्तर पर एप्लॉज एंटरटेनमेंट जैसी बड़ी कंपनी का इस फिल्म को लीड करना फिल्म की मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और पोस्ट-प्रोडक्शन के स्केल को बढ़ा रहा है।
करिश्मा कपूर के पूर्व पति संजय कपूर के निधन के बाद से ही उनके बच्चों और उनकी पत्नी प्रिया सचदेव के बीच प्रॉपर्टी और वसीयत पर कानूनी जंग जारी है। फैसला आने तक कोर्ट ने संजय कपूर की प्रॉपर्टी फ्रीज कर दी है। मामले की सुनवाई के समय करिश्मा कपूर के बच्चों ने दावा किया था कि उनके पास स्कूल-कॉलेज की फीस भरने तक के लिए पैसे नहीं हैं। इस पर अब संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर ने एक याचिका दायर कर पति के EPF अकाउंट से पैसे निकालने की इजाजत मांगी है। मामले में अब कोर्ट ने अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है। प्रिया कपूर की याचिका की सुनवाई 26 मई को हुई, जिसमें 30 अप्रैल को कोऑर्डिनेट बेंच द्वारा संजय कपूर के सभी खातों को फ्रीज करने के आदेश पर आंशिक संशोधन की मांग हुई है। कोर्ट में सबमिट किए गए डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, प्रिया कपूर ने अंतरिम आदेश के अनुच्छेद 79 के खंड B और D में बदलाव करने का अनुरोध किया है। लाइव एंड लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रिया कपूर के वकील ने कोर्ट में साफ किया है कि EPF से निकाले गए पैसों का इस्तेमाल, सिर्फ करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा की पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए किया जाएगा। करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा ने कोर्ट में याचिका दायर कर पिता संजय कपूर की वसीयत और प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी मांगी थी। तब प्रिया कपूर ने कोर्ट में एक वसीयत दिखाई, जिसमें कियान और समायरा के नाम कुछ भी खास नहीं लिखा गया था। तब बच्चों ने पिता की राइटिंग, बार-बार बच्चों के नाम गलत लिखे जाने पर वसीयत को फर्जी बताया। मामले की सुनवाई करते हुए 30 अप्रैल को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने संजय कपूर की प्रॉपर्टी और अकाउंट फ्रीज कर दिए थे। कोर्ट ने प्रिया कपूर पर लगाई इन चीजों की अस्थाई रोक- हालांकि तब सुनवाई में बच्चों की पढ़ाई और तलाक की शर्तों के लिए छूट दी गई थी। अब नई याचिका में प्रिया कपूर, कोर्ट के ऑर्डर में संशोधन की मांग कर रही हैं, इसलिए कोर्ट द्वारा केस से जुड़े सभी लोगों को नोटिस जारी कर उनकी सहमति मांगी है। इस मामले की अगली सुनवाई अब जुलाई में होगी। क्यों करिश्मा के बच्चों की फीस भरना चाहती हैं प्रिया दरअसल, जब करिश्मा कपूर ने संजय कपूर से तलाक लिया था, तो बच्चों की पढ़ाई के खर्चे की जिम्मेदारी संजय कपूर ने लिखित ली थी। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी प्रिया ने उनके सारे अकाउंट्स पर हक जताया, जिसके बाद करिश्मा के बच्चों की जिम्मेदारी भी उन पर आई। वसीयत के लिए करिश्मा के बच्चों ने प्रिया के खिलाफ याचिका दायर की है, इसके बावजूद उनके खर्च की जिम्मेदारी प्रिया पर ही है। एक सुनवाई के दौरान करिश्मा की बेटी समायरा ने कोर्ट में कहा कि पिछले 2 महीनों से उनके कॉलेज की फीस नहीं भरी गई है। वो अमेरिका में पढ़ाई करती हैं। तब कोर्ट ने इस मामले पर दोनों पक्षों को फटकारा था। तब प्रिया के वकील ने कहा था कि वो बच्चों की फीस समय पर देंगे। लेकिन अकाउंट फ्रीज होने से अब उन्हें फीस चुकाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जून 2015 में हुआ संजय कपूर का निधन संजय कपूर की मौत 12 जून 2025 को लंदन में दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। करिश्मा कपूर ने 2003 में संजय से शादी की थी। इससे उन्हें दो बच्चे कियान-समायरा हुए। शादी के 13 साल बाद करिश्मा-संजय ने आपसी सहमति से तलाक लिया था। इसके बाद संजय ने प्रिया सचदेव से तीसरी शादी की थी। करिश्मा से पहले उन्होंने नंदिता महतानी से पहली शादी की थी, लेकिन वो भी टूट गई।
फरहान अख्तर की डॉन 3 अचानक छोड़ देने से FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एप्लॉय्ज) ने रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया है। जब तक मामला नहीं सुलझता, तब तक रणवीर के साथ फेडरेशन से जुड़े लोग काम नहीं कर सकेंगे। इस घोषणा के बाद इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। चंकी पांडे ने बताया है कि एक समय वो भी इस बैन का शिकार हो चुके हैं। माफी मांगने के बाद उन पर लगा बैन हटाया गया था। वहीं दूसरी तरफ FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने बैन पर सफाई दी है। मैंने भी ये झेला है- चंकी पांडे चंकी पांडे ने रणवीर सिंह के विवाद पर हाल ही में ई-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में बताया है कि 1987 में फिल्म इंडस्ट्री की हड़ताल थी और शूटिंग करने की इजाजत नहीं थी। लेकिन ठीक उसी समय उनकी फिल्म आग ही आग की शूटिंग ऊटी में हुई। इस बात से नाराज फेरडरेशन ने फिल्म में काम करने वाले हर शख्स को बैन कर दिया था। हालांकि तब धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा इतने बड़े स्टार थे, जिनके पास एक साथ 30-40 फिल्में थीं, ऐसे में उन्हें बैन करना मुश्किल था। चंकी पांडे जो नए आए थे और उनकी पहली फिल्म भी रिलीज नहीं हुई थी, उन्हें एक हफ्ते के लिए बैन कर दिया था। विवाद पर चंकी पांडे ने माफी मांगी, जिसके बाद उन्हें दोबारा काम करने की इजाजत मिली। बातचीत में चंकी पांडे ने कहा है, हमारी इंडस्ट्री बहुत छोटी और नाजुक है। मैंने ये सब खुद झेला है। उम्मीद है ये मामला जल्द सुलझेगा- मनोज बाजपेयी अपकमिंग फिल्म गवर्नर के प्रमोशनल इवेंट के दौरान एक्टर मनोज बाजपेयी ने भी इस पर रिएक्शन दिया है। उन्होंने रणवीर के बैन से जुड़े सवाल पर कहा, 'यह जगह इस बात के लिए बिल्कुल सही नहीं है। मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं कि इस इंडस्ट्री में जितने भी लोग हैं, वे सब इसके बारे में सिर्फ सोशल मीडिया पर ही पढ़ रहे हैं और हमारे पास इसके बारे में कोई डीटेल जानकारी नहीं है'। आगे मनोज बाजपेयी ने कहा है, ‘एक को-वर्कर होने और इस बिरादरी के सदस्य होने के तौर पर हम बस यही कह सकते हैं कि हमें उम्मीद है कि ये मामला जल्द सुलझ जाएगा। बिना किसी और बढ़ावे के यह मामला सुलझेगा।’ फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी रणवीर को बैन करने पर फेडरेशन की आलोचना की है। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘जब एक ए-लिस्टर हीरो शूट करता है, तो उसके साथ 300 से ज्यादा वर्कर्स सेट पर काम करते हैं। किसी को बैन करने से उसका नुकसान नहीं होता, बल्कि उन मजदूरों की रोजी-रोटी छिन जाती है, जो उस काम पर ही निर्भर हैं। आखिर में इसका मतलब क्या है।’ FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने दी सफाई बैन की आलोचना होने के बाद अशोक पंडित ने इस मामले पर सफाई दी है। उनका कहना है कि लोगों ने उनके आदेश का गलत अर्थ निकाला है। ई-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अशोक पंडित ने कहा- पहली बात तो पूरा कन्वर्सेशन ही गलत हो गया। ये बैन नहीं है। हम कोई कोर्ट नहीं हैं। हम लोगों को बैन नहीं कर सकते। हमने नॉन कॉर्पोरेशन इशू किया है। इसका मतलब है कि जो हमारे 30 क्राफ्ट के सदस्य हैं, वो रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे। हमारी इच्छा है कि हम उनके साथ काम करते हैं या नहीं।हम एक ट्रेड यूनियन जैसे हैं। मामला अभी हल नहीं हुआ है, क्योंकि हमने बहुत देखा कि ये बहुत ही गलत ट्रेंड शुरू हो गया। जानिए क्या है पूरा मामला? फरहान अख्तर ने साल 2023 में फिल्म डॉन-3 की घोषणा एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 2006 में आई शाहरुख स्टारर डॉन और 2011 में आई डॉन-2 के बाद ये इस फ्रेंचाइजी की यह तीसरी फिल्म होने वाली थी। अनाउंसमेंट के समय कियारा आडवाणी को फिल्म में कास्ट किया गया था। लेकिन प्रेग्नेंसी और मेटरनिटी ब्रेक के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी, जिसके बाद कृति सेनन को कास्ट करने की खबरें रहीं। ये फिल्म फरहान अख्तर, होम प्रोडक्शन एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बना रहे थे। डॉन-3 को जारी रखने लिए फरहान ने अपनी दूसरी फिल्म जी ले जरा पोस्टपोन कर दी। फिल्म डिले होने पर रणवीर सिंह धुरंधर में व्यस्त हो गए। रिपोर्ट्स थीं कि 2025 में डॉन 3 की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन फिर अचानक रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में हस्तक्षेप कर रहे थे। वो गाली-गलौज और हिंसक सीन की मांग कर रहे थे, लेकिन मेकर्स इस पर राजी नहीं हुए। मिडडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि रणवीर ने फिल्म छोड़ दी है और वो जल्द ही फिल्म का साइनिंग अमाउंट भी लौटा देंगे, जबकि मेकर्स पहले ही प्री-प्रोडक्शन, डिले और री-वर्क के चलते फिल्म पर खर्च कर चुके थे। इस पर फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर 45 करोड़ हर्जाने की मांग की। उनका कहना था कि प्री-प्रोडक्शन, शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के चलते उनका भारी नुकसान हुआ है। तब आमिर खान ने भी बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रोड्यूसर गिल्ड ने दोनों पक्षों को सुलह का समय भी दिया, लेकिन हल तब भी नहीं निकला। बाद में ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार 25 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखने के बाद फेडरेशन ने रणवीर को बैन करने का ऐलान कर दिया। रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और 'डॉन' फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। 'डॉन 3' को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए। इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे। अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म 'वेलकम टु जंगल' की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था। कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है।
फरहान अख्तर की डॉन 3 अचानक छोड़ देने से FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एप्लॉय्ज) ने रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया है। जब तक मामला नहीं सुलझता, तब तक रणवीर के साथ फेडरेशन से जुड़े लोग काम नहीं कर सकेंगे। इस घोषणा के बाद इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। चंकी पांडे ने बताया है कि एक समय वो भी इस बैन का शिकार हो चुके हैं। माफी मांगने के बाद उन पर लगा बैन हटाया गया था। वहीं दूसरी तरफ FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने बैन पर सफाई दी है। मैंने भी ये झेला है- चंकी पांडे चंकी पांडे ने रणवीर सिंह के विवाद पर हाल ही में ई-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में बताया है कि 1987 में फिल्म इंडस्ट्री की हड़ताल थी और शूटिंग करने की इजाजत नहीं थी। लेकिन ठीक उसी समय उनकी फिल्म आग ही आग की शूटिंग ऊटी में हुई। इस बात से नाराज फेरडरेशन ने फिल्म में काम करने वाले हर शख्स को बैन कर दिया था। हालांकि तब धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा इतने बड़े स्टार थे, जिनके पास एक साथ 30-40 फिल्में थीं, ऐसे में उन्हें बैन करना मुश्किल था। चंकी पांडे जो नए आए थे और उनकी पहली फिल्म भी रिलीज नहीं हुई थी, उन्हें एक हफ्ते के लिए बैन कर दिया था। विवाद पर चंकी पांडे ने माफी मांगी, जिसके बाद उन्हें दोबारा काम करने की इजाजत मिली। बातचीत में चंकी पांडे ने कहा है, हमारी इंडस्ट्री बहुत छोटी और नाजुक है। मैंने ये सब खुद झेला है। उम्मीद है ये मामला जल्द सुलझेगा- मनोज तिवारी अपकमिंग फिल्म गवर्नर के प्रमोशनल इवेंट के दौरान एक्टर मनोज तिवारी ने भी इस पर रिएक्शन दिया है। उन्होंने रणवीर के बैन से जुड़े सवाल पर कहा, 'यह जगह इस बात के लिए बिल्कुल सही नहीं है। मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं कि इस इंडस्ट्री में जितने भी लोग हैं, वे सब इसके बारे में सिर्फ सोशल मीडिया पर ही पढ़ रहे हैं और हमारे पास इसके बारे में कोई डीटेल जानकारी नहीं है'। आगे मनोज बाजपेयी ने कहा है, ‘एक को-वर्कर होने और इस बिरादरी के सदस्य होने के तौर पर हम बस यही कह सकते हैं कि हमें उम्मीद है कि ये मामला जल्द सुलझ जाएगा। बिना किसी और बढ़ावे के यह मामला सुलझेगा।’ फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी रणवीर को बैन करने पर फेडरेशन की आलोचना की है। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘जब एक ए-लिस्टर हीरो शूट करता है, तो उसके साथ 300 से ज्यादा वर्कर्स सेट पर काम करते हैं। किसी को बैन करने से उसका नुकसान नहीं होता, बल्कि उन मजदूरों की रोजी-रोटी छिन जाती है, जो उस काम पर ही निर्भर हैं। आखिर में इसका मतलब क्या है।’ FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने दी सफाई बैन की आलोचना होने के बाद अशोक पंडित ने इस मामले पर सफाई दी है। उनका कहना है कि लोगों ने उनके आदेश का गलत अर्थ निकाला है। ई-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अशोक पंडित ने कहा- पहली बात तो पूरा कन्वर्सेशन ही गलत हो गया। ये बैन नहीं है। हम कोई कोर्ट नहीं हैं। हम लोगों को बैन नहीं कर सकते। हमने नॉन कॉर्पोरेशन इशू किया है। इसका मतलब है कि जो हमारे 30 क्राफ्ट के सदस्य हैं, वो रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे। हमारी इच्छा है कि हम उनके साथ काम करते हैं या नहीं। हम एक ट्रेड यूनियन जैसे हैं। मामला अभी हल नहीं हुआ है, क्योंकि हमने बहुत देखा कि ये बहुत ही गलत ट्रेंड शुरू हो गया। जानिए क्या है पूरा मामला? फरहान अख्तर ने साल 2023 में फिल्म डॉन-3 की घोषणा एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 2006 में आई शाहरुख स्टारर डॉन और 2011 में आई डॉन-2 के बाद ये इस फ्रेंचाइजी की यह तीसरी फिल्म होने वाली थी। अनाउंसमेंट के समय कियारा आडवाणी को फिल्म में कास्ट किया गया था। लेकिन प्रेग्नेंसी और मेटरनिटी ब्रेक के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी, जिसके बाद कृति सेनन को कास्ट करने की खबरें रहीं। ये फिल्म फरहान अख्तर, होम प्रोडक्शन एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बना रहे थे। डॉन-3 को जारी रखने लिए फरहान ने अपनी दूसरी फिल्म जी ले जरा पोस्टपोन कर दी। फिल्म डिले होने पर रणवीर सिंह धुरंधर में व्यस्त हो गए। रिपोर्ट्स थीं कि 2025 में डॉन 3 की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन फिर अचानक रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में हस्तक्षेप कर रहे थे। वो गाली-गलौज और हिंसक सीन की मांग कर रहे थे, लेकिन मेकर्स इस पर राजी नहीं हुए। मिडडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि रणवीर ने फिल्म छोड़ दी है और वो जल्द ही फिल्म का साइनिंग अमाउंट भी लौटा देंगे, जबकि मेकर्स पहले ही प्री-प्रोडक्शन, डिले और री-वर्क के चलते फिल्म पर खर्च कर चुके थे। इस पर फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर 45 करोड़ हर्जाने की मांग की। उनका कहना था कि प्री-प्रोडक्शन, शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के चलते उनका भारी नुकसान हुआ है। तब आमिर खान ने भी बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रोड्यूसर गिल्ड ने दोनों पक्षों को सुलह का समय भी दिया, लेकिन हल तब भी नहीं निकला। बाद में ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार 25 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखने के बाद फेडरेशन ने रणवीर को बैन करने का ऐलान कर दिया। रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और 'डॉन' फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। 'डॉन 3' को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए। इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे। अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म 'वेलकम टु जंगल' की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था। कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है।
एक्ट्रेस मुस्कान वर्मा ने छोटे शहर रुड़की से निकलकर मुंबई में अपनी पहचान बनाई। म्यूजिक सीखने वाली मुस्कान के भीतर एक्टिंग का सपना उनकी मां ने जगाया, जो खुद एक्ट्रेस बनना चाहती थीं। शुरुआती दिनों में उन्हें संघर्ष, रिजेक्शन और लोगों के ताने झेलने पड़े, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। वेब सीरीज ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ में बिन्नी के किरदार ने उन्हें नई पहचान दी। दैनिक भास्कर से बातचीत में मुस्कान ने अपने स्ट्रगल, कास्टिंग काउच, परिवार के सपोर्ट, रणदीप हुड्डा के साथ काम करने का अनुभव और भावुक क्रिमेशन सीन से जुड़ी यादें साझा कीं। सवाल: आपकी जर्नी बहुत खूबसूरत रही है। रुड़की जैसे शहर से मुंबई तक पहुंचना आसान नहीं होता। सबसे पहले एक्टिंग का सपना कब देखा? जवाब: सच कहूं तो यह सपना मेरी मम्मी का था। वह खुद एक्ट्रेस बनना चाहती थीं, लेकिन उस समय लड़कियों की जल्दी शादी हो जाती थी। उनका सपना अधूरा रह गया। धीरे-धीरे वही सपना मेरे अंदर आने लगा। मम्मी मुझे बचपन से दो रिबन, काजल और लिपस्टिक लगाकर हीरोइन की तरह तैयार करती थीं। लोग कहते थे कि जिस तरह यह बच्ची को तैयार करती है, यह जरूर फिल्मों में जाएगी। सवाल: यानी कहीं न कहीं मम्मी ने आपके अंदर वह सपना डाल दिया था? जवाब: बिल्कुल। फिर मैंने म्यूजिक का छह साल का कोर्स किया। मेरी मैम कहती थीं कि तुम्हें मुंबई जाकर कोशिश करनी चाहिए। उसके बाद मम्मी-पापा ने मुझे एक-दो साल का समय दिया कि जाओ और ट्राई करो। सवाल: जब घर से सीमित समय मिला था, तब मुंबई आने के बाद पहला मौका कैसे मिला? जवाब: मैं कोविड से थोड़ा पहले मुंबई आई थी और जल्दी ही मुझे एक टीवीसी ऐड मिल गया। फिर लगा कि शायद मैं सही दिशा में जा रही हूं। कोविड के दौरान पापा ने कहा था कि अब वापस आ जाओ, क्योंकि उस समय बहुत लोग मुंबई छोड़ रहे थे। लेकिन तभी मुझे ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ मिल गई। सवाल: मुंबई में शुरुआत कैसे हुई? पहली बार कहां रुकी थीं? जवाब: शुरुआत में मैं न्यू म्हाडा में रुकी थी। रिश्तेदारों के जरिए रहने की व्यवस्था हुई। धीरे-धीरे ऑडिशन देना शुरू किया, लोगों से मिलती गई और इंडस्ट्री को समझती गई। सवाल: छोटे शहर से आने वाले लोगों के लिए मुंबई को समझना आसान नहीं होता। आपने कैसे सीखा? जवाब: ऑडिशन में जाती गई और लोगों से मिलती गई। फिर दोस्त बने। किसी ने बताया कि ऐसे ऑडिशन देना होता है और ऐसे कास्टिंग डायरेक्टर से मिलना होता है। बाद में मैं मेडिटेशन और ब्रह्माकुमारी से भी जुड़ गई। मुझे लगता है कि भगवान कृष्ण की कृपा से सब होता चला गया। सवाल: आपने म्यूजिक की पढ़ाई की। तो सपना सिंगर बनने का था या एक्ट्रेस बनने का? जवाब: शुरुआत में सपना सिंगिंग का था। मेरी आवाज की तारीफ होती थी। लेकिन धीरे-धीरे एक्टिंग की तरफ झुकाव बढ़ता गया। सच कहूं तो अब काफी समय से मैंने रियाज नहीं किया है। एक्टिंग में इतना बिजी हो गई हूं कि म्यूजिक थोड़ा पीछे छूट गया। लेकिन अगर आगे कभी मौका मिला, तो मैं अपनी किसी फिल्म या प्रोजेक्ट में जरूर गाना चाहूंगी। सवाल: आपको कब लगा कि एक्टिंग ही करनी है? जवाब: जब मम्मी दिन में सोती थीं, तब मैं साड़ी पहनकर माधुरी दीक्षित के गानों पर डांस करती थी। शायद वहीं से सब शुरू हुआ। सवाल: पेरेंट्स क्या करते हैं और परिवार में सबसे ज्यादा सपोर्ट किसका मिला? जवाब: मेरे पापा पत्रकार हैं और मम्मी टीचर हैं। सबसे ज्यादा सपोर्ट मम्मी का मिला। पापा थोड़े स्ट्रिक्ट थे। म्यूजिक क्लास मम्मी ने उनसे छुपाकर कराई। उन्हें डर था कि मेरे सपने कहीं खत्म न हो जाएं। सवाल: मुंबई में संघर्ष कितना मुश्किल रहा? जवाब: बहुत मुश्किल था। यहां अच्छे और गलत दोनों तरह के लोग मिले। कॉम्प्रोमाइज जैसी बातें सुननी पड़ीं। लेकिन मैंने ऐसे कई प्रोजेक्ट छोड़ दिए। मुझे लगा कि गलत रास्ते से सफलता नहीं चाहिए। सवाल: उस दौरान आर्थिक स्थिति कैसे संभाली? जवाब: मैंने यहां लगभग एक साल नौकरी की। एक ऑफिस में काम करती थी। मैं घर से ज्यादा पैसे नहीं मांगती थी, क्योंकि डर था कि पापा वापस बुला लेंगे। सवाल: फिल्म इंडस्ट्री को लेकर छोटे शहरों में बहुत गलत धारणाएं होती हैं। आपके साथ भी ऐसा हुआ? जवाब: हां, बहुत हुआ। लोगों ने कहा कि मुंबई जाकर पता नहीं क्या कर रही होगी। लेकिन मैंने कभी जवाब नहीं दिया। मैंने सोचा कि एक दिन मेरा काम ही जवाब देगा। आज वही लोग टीवी पर मुझे देखकर तारीफ करते हैं। सवाल: एक्टिंग में पहला बड़ा मौका कौन सा मिला? जवाब: मैंने पहले स्टार भारत के शो ‘राधा कृष्ण’ में चित्रलेखा का रोल किया। उसका ऑडिशन दिया और भूल गई थी। रात 12:30 बजे कॉल आया कि सुबह 6 बजे शूट के लिए निकलना है। सवाल: उस शो से कितना फायदा मिला? जवाब: सीखने को बहुत मिला, लेकिन मुझे हमेशा लगता था कि मैं टीवी सीरियल्स के लिए नहीं बनी हूं। मैं कुछ अलग करना चाहती थी। सवाल: कभी ऐसा लगा कि शायद यह इंडस्ट्री आपके लिए नहीं है? जवाब: हां। एक बड़े शो में मैं फाइनल हो गई थी, लेकिन शूट से एक रात पहले रिप्लेस कर दिया गया। मैं डिप्रेशन में चली गई थी। लगा कि शायद मैं टैलेंटेड नहीं हूं। लेकिन बाद में समझ आया कि शायद भगवान ने मेरे लिए कुछ बड़ा सोच रखा था। सवाल: फिर ‘इंस्पेक्टर अविनाश’ में काम करने का मौका कैसे मिला? जवाब: एक कास्टिंग डायरेक्टर ने मुझे कॉल किया और कहा कि एक डायरेक्टर से मिल लो। मैं उस समय इसे सीरियस नहीं ले रही थी। उन्होंने चार-पांच बार कॉल किया, तब मैं मिलने गई। वहां मेरी मुलाकात डायरेक्टर नीरज पाठक से हुई और मुझे बिन्नी का रोल मिल गया। सवाल: पहली बार इतने बड़े सेट पर पहुंचीं। कैसा अनुभव रहा? जवाब: बहुत शानदार। मुझे कभी नहीं लगा कि मैं पहली बार काम कर रही हूं। नीरज पाठक सर इतने सपोर्टिव थे कि हर चीज प्यार से समझाते थे। वह किसी भी एक्टर से बेहतरीन एक्टिंग निकलवा लेते हैं। सवाल: रणदीप हुड्डा के साथ पहला सीन कैसा था? जवाब: बहुत अच्छा। उन्होंने मुझे कभी जूनियर जैसा महसूस नहीं कराया। हमारे बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता बन गया था। पहला सीन वही था, जिसमें मेरा किरदार कॉलेज टॉप करता है और पूरा एसटीएफ परिवार घर आता है। सवाल: दूसरे सीजन में आपका किरदार और मजबूत दिखा। उसके बारे में बताइए? जवाब: इसमें दिखाया गया है कि बेटियां किसी बेटे से कम नहीं होतीं। एक भावुक सीन है, जहां मेरे किरदार को अपने पिता को मुखाग्नि देनी पड़ती है। लोगों ने उस सीन को बहुत पसंद किया। सवाल: उस सीन को करते समय क्या महसूस हुआ? जवाब: उस समय मैंने सच में सोच लिया था कि सामने लेटे हुए मेरे असली पापा हैं। मैं इतनी भावुक हो गई थी कि सीन खत्म होने के बाद खुद को संभालने में समय लगा। सवाल: एक्टिंग की तैयारी कैसे करती हैं? जवाब: मैं गहरी वर्कशॉप्स करती हूं। मेरे ट्रेनर सिखाते हैं कि सीन करते समय पूरी ईमानदारी होनी चाहिए। उस पल वही रिश्ता सच लगना चाहिए। अगर सामने वाला मेरा भाई या पिता है, तो उस समय मैं सच में वही महसूस करती हूं। सवाल: इस सीरीज के बाद सबसे खूबसूरत कॉम्प्लीमेंट क्या मिला? जवाब: लोगों ने कहा कि ऐसा लग ही नहीं रहा कि मैं एक्टिंग कर रही हूं। सबको सब कुछ नैचुरल लगा। सवाल: आपके पेरेंट्स ने सीरीज देखकर क्या कहा? सवाल: आपके पेरेंट्स ने सीरीज देखकर क्या कहा? जवाब: बहुत प्राउड फील किया। उन्होंने कहा कि तुम्हारी मेहनत अब स्क्रीन पर दिख रही है। सवाल: आगे क्या नया देखने को मिलेगा? जवाब: अभी दो फिल्में और एक वेब सीरीज कर रही हूं। नाम नहीं बता सकती, लेकिन जल्दी ही सब सामने आएगा।
अभिनेता सनी देओल अपनी पत्नी पूजा देओल के साथ मंगलवार को मुंबई एयरपोर्ट पर नजर आए। दोनों को बहुत कम मौकों पर एक साथ देखा जाता है। इससे पहले कपल को 2023 में उनके बेटे करण देओल की शादी में एक साथ देखा गया था। एयरपोर्ट पर सनी देओल अपनी पत्नी के लिए इंतजार करते और उन्हें सम्मान के साथ आगे जाने का रास्ता देते दिखे। इस दौरान पैपराजी लगातार दोनों की फोटो क्लिक कर रहे थे। यह देख सनी देओल ने पैपराजी से कहा ‘थोड़ी देर के लिए तो छोड़ दो यार’। एयरपोर्ट पर दिखा जेंटलमैन अंदाजमुंबई एयरपोर्ट से सामने आए वीडियो में सनी देओल ऑलिव ग्रीन शर्ट, ब्लू जींस, सफेद स्नीकर्स और काले चश्मे में नजर आए। उनके हाथ में एक छोटा ट्रैवल बैग भी था। वहीं उनकी पत्नी पूजा देओल ने बेज रंग की शर्ट और ब्लैक पैंट पहनी हुई थी। एयरपोर्ट पर गाड़ी से उतरने के बाद सनी देओल तेजी से आगे बढ़े, लेकिन सिक्योरिटी गेट पर पहुंचकर वे रुक गए। उन्होंने वहां खड़े होकर उन्होंने अपनी पत्नी पूजा का इंतजार किया। जब पूजा वहां पहुंचीं, तो सनी ने उन्हें पहले आगे जाने का रास्ता दिया। हमेशा अपनी प्राइवेसी बनाए रखता है कपलसनी देओल और पूजा देओल अपनी निजी जिंदगी को लाइमलाइट से दूर रखने के लिए जाने जाते हैं। दोनों की शादी 1980 के दशक में हुई थी। यह वह समय था जब सनी देओल फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सुपरस्टार नहीं बने थे। पति की इतनी बड़ी कामयाबी और स्टारडम के बावजूद पूजा देओल ने हमेशा मीडिया से दूरी बनाए रखी। वे किसी भी फिल्मी पार्टी या इवेंट में नजर नहीं आती हैं। लाइमलाइट दूर रहती हैं देओल परिवार की महिलाएंदेओल परिवार में केवल पूजा ही नहीं, बल्कि घर की अन्य महिलाएं भी जानबूझकर लाइमलाइट से दूर रहती हैं। दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर भी सालों से मीडिया और पब्लिक इवेंट्स से एक दूरी बनाकर रखती हैं। इसी तरह सनी देओल की दोनों बहनें विजेता देओल और अजिता देओल भी पूरी तरह से अपनी प्राइवेट लाइफ जीती हैं। उन्हें भी कभी फिल्मी गलियारों या पब्लिक प्लेटफॉर्म पर नहीं देखा जाता है। इन फिल्मों में दिखेंगे सनी देओलअगर वर्क फ्रंट की बात करें तो सनी देओल इन दिनों अपनी कई बड़ी फिल्मों की तैयारी में लगे हैं। वे जल्द ही फिल्म 'लाहौर 1947' में नजर आएंगे, जिसे आमिर खान प्रोड्यूस कर रहे हैं और राजकुमार संतोषी डायरेक्ट कर रहे हैं। इसके अलावा वे नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' और एक्शन फिल्म 'गबरू' का भी हिस्सा हैं। फिल्म 'गदर 2' की बड़ी सफलता के बाद सनी देओल के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, जिनकी शूटिंग आने वाले दिनों में पूरी होगी।
बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे की नई फिल्म 'चांद मेरा दिल' के एक डांस सीन को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। फिल्म में उनके भरतनाट्यम और कन्टेंपररी मिक्स (फ्यूजन) डांस सीक्वेंस की आलोचना हो रही है। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद और क्लासिकल डांसर अनीता रत्नम सहित कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर नाराजगी जताई है। शमा मोहम्मद ने कहा कि अनन्या ने उनके पसंदीदा डांस फॉर्म को खराब कर दिया है। वहीं, फिल्म की असिस्टेंट कोरियोग्राफर ने अनन्या का बचाव करते हुए उनके काम की तारीफ की है। फिल्म रिलीज के बाद वायरल हुआ वीडियो विवेक सोनी के निर्देशन में बनी फिल्म 'चांद मेरा दिल' 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस कॉलेज रोमांस ड्रामा फिल्म में अनन्या पांडे के अपोजिट एक्टर लक्ष्य मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म रिलीज होने के बाद से ही इसके एक डांस सीन की क्लिप एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही है। इस सीन में अनन्या का किरदार भरतनाट्यम और आधुनिक डांस स्टेप्स का एक फ्यूजन परफॉर्म करता है। इसी परफॉर्मेंस को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स अनन्या पांडे को ट्रोल कर रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने जताई आपत्ति इस डांस सीन पर राजनीति और कला जगत से भी प्रतिक्रियाएं आई हैं। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अनन्या पांडे ने मेरे पसंदीदा डांस फॉर्म भरतनाट्यम को खत्म कर दिया है। बचपन से भरतनाट्यम सीख चुकीं शमा ने आगे लिखा कि इस शास्त्रीय नृत्य को सीखने में लंबा समय लगता है, इसे किसी के लिए तुरंत तैयार नहीं किया जा सकता। कृपया भरतनाट्यम जैसी खूबसूरत कला का अपमान न करें। इसके साथ ही मशहूर क्लासिकल डांसर अनीता रत्नम ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस परफॉर्मेंस को देखकर ऐसा लगता है जैसे भरतनाट्यम को बंधक बना लिया गया हो। कोरियोग्राफर ने किया अनन्या पांडे का बचाव इस मामले में फिल्म की टीम की तरफ से अभी तक अनन्या पांडे या डायरेक्टर विवेक सोनी का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, फिल्म की असिस्टेंट कोरियोग्राफर अनन्या कुरुप ने एक्ट्रेस के बचाव में सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की है। उन्होंने फिल्म के बिहाइंड द सीन (बीटीएस) वीडियो और क्रेडिट रोल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा कि अनन्या पांडे के साथ काम करने का अनुभव बहुत अच्छा रहा। उन्होंने भरतनाट्यम सीखने के लिए कड़ी मेहनत की है और फिल्म 'चांद मेरा दिल' में बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है। कई फैंस भी यह कहकर अनन्या का सपोर्ट कर रहे हैं कि यह कोई पारंपरिक डांस नहीं बल्कि सिर्फ एक फ्यूजन रूटीन था।
टीवी और फिल्म अभिनेता रमाकांत दायमा का मंगलवार, 26 मई को निधन हो गया। वे 69 साल के थे और पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की जानकारी उनकी सह-कलाकार एक्ट्रेस शुभांगी लटकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी है। रमाकांत दायमा ने 'चक दे इंडिया', 'राम सेतु' और 'स्कैम 1992' जैसी मशहूर फिल्मों और वेब सीरीज में अभिनय किया था। उनके निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने दुख जताया है। को स्टार शुभांगी लटकर ने शेयर किया वीडियोएक्ट्रेस शुभांगी लटकर ने सोशल मीडिया पर रमाकांत दायमा के निधन की पुष्टि की है। उन्होंने रमाकांत का एक पुराना वीडियो शेयर किया, जिसमें वे डांस और एक्टिंग करते नजर आ रहे हैं। शुभांगी ने उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए एक लंबा नोट भी लिखा। उन्होंने बताया कि रमाकांत दायमा केवल एक अच्छे दोस्त ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के करीबी सदस्य और गाइड भी थे। वे ऊर्जा से भरपूर थे और हर चुनौती का सामना हंसकर करना जानते थे। अधूरे रह गए साथ काम करने के सपनेशुभांगी ने अपनी पोस्ट में बताया कि वे रमाकांत के साथ दोबारा काम करना चाहती थीं। दोनों ने मिलकर एक हिंदी नाटक और मंच पर कविताएं पेश करने की प्लानिंग की थी। जब शुभांगी ने उनसे इसके लिए कहा था, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा था कि पहले मुझे जल्दी ठीक होने दो। लंबे समय से बीमार होने के बावजूद उनके ठीक होने की उम्मीद थी, लेकिन अब यह सपना अधूरा रह गया। मौत की वजह का खुलासा नहींरमाकांत दायमा का जन्म 13 सितंबर 1956 को हुआ था। वे पिछले कई महीनों से गंभीर रूप से बीमार थे, लेकिन उनके निधन की असल वजह का अभी तक पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है। फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों और करीबियों ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। फिल्मों और टीवी में रहा लंबा सफररमाकांत दायमा ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए। उन्होंने शाहरुख खान की मुख्य भूमिका वाली सुपरहिट फिल्म 'चक दे इंडिया' में काम किया था। इसके अलावा वे अक्षय कुमार की फिल्म 'राम सेतु', सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'ब्रदर्स' और हंसल मेहता की मशहूर वेब सीरीज 'स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी' में भी अहम किरदारों में नजर आए थे। वे छोटे कद के होने के बावजूद अपनी मजबूत एक्टिंग से दर्शकों के बीच पहचान बनाने में सफल रहे थे।
जिंदगी न मिलेगी दोबारा, गली बॉय और दिल धड़कने दो जैसी कई बेहतरीन फिल्में बनाने वालीं डायरेक्टर और फरहान अख्तर की बहन जोया अख्तर के ऑफिस में चोरी की बड़ी घटना हुई है। उनके ऑफिस से 66 हार्ड डिस्क चोरी हुए हैं, जिनमें अपकमिंग कई फिल्मों और वेब सीरीज के फुटेज थे। जोया अख्तर की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल एक आरोपी गिरफ्तार हो चुका है, जबकि एक अब भी फरार है। इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, घटना 21 मई की है। जोया अख्तर और रीमा कागती के प्रोडक्शन हाउस टाइगर बेबी फिल्म्स के बांद्रा वेस्ट स्थित कंपनी ऑफिस के कुछ एंप्लॉय्ज, कुछ फुटेजेस देखने के लिए हार्ड डिस्क ढूंढ रहे थे। काफी तलाश के बाद भी हार्ड डिस्क नहीं मिली। स्टोरेज कैबिनेट की जांच करने पर सामने आया कि कई बॉक्स खाली हैं और कई हार्ड डिस्क टूटी हुई हैं। बाद में सामने आया कि 66 हार्ड डिस्क वहां हैं ही नहीं। चोरी की पुष्टि होने के बाद कंपनी की एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट और एचआर मेहजबीन मुश्ताक शेख ने बांद्रा पुलिस स्टेशन में कंपनी ने ही दो कर्मचारियों मोहम्मद शाहिद अजीम खान और रितेश के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। करोड़ों का डाटा 15-20 हजार में बेचा मोहम्मद शाहिद ने पुलिस पूछताछ में चोरी के आरोप कबूल कर लिए हैं। उसके बयान के अनुसार, 5 महीने पहले उसने 24 हार्ड डिस्क चुराईं और बोरिवली निवासी रितेश को 15-20 हजार रुपए प्रति हार्ड डिस्क बेचीं। रितेश फिलहाल फरार है, पुलिस अन्य हार्ड डिस्क की तलाश में है। पुलिस शिकायत के अनुसार, प्रोडक्शन हाउस के ऑफिस में कुल 119 हार्ड डिस्क थीं, इनमें से 66 गायब हैं, जिनमें 16-72 टीबी की कैपेसिटी वाली हाई स्टोरेज डिवाइज शामिल हैं। इन हार्ड डिस्क में प्रोडक्शन हाउस की अपकमिंग फिल्मों के फुटेज, एडिटिंग कंटेंट, पोस्ट प्रोडक्शन फाइल्स, एड्स की फुटेजेस हैं। अगर ये फुटेज लीग होती हैं या डिलीट की जाती हैं, तो प्रोडक्शन हाउस को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, चोरी हुईं हार्ड डिस्क में प्रोडक्शन की फिल्मों और सीरीज मेड इन हेवन, घोस्ट स्टोरीज, नायका और गांधी मनी का कंटेंट भी था। इनके अलावा कुछ डिस्क में सेंसिटिव रॉ कंटेंट था। जोया अख्तर के बारे में- जोया अख्तर, मशहूर लिरिसिस्ट जावेद अख्तर और पहली पत्नी हनी ईरानी की बेटी हैं। एक्टर फरहान अख्तर उनके भाई और फराह खान उनकी कजिन हैं। जोया अख्तर ने दिल चाहता है और लक्ष्य जैसी फिल्मों में बतौर कास्टिंग डायरेक्टर और एग्जीक्यूटिव काम करने के बाद 2009 की फिल्म लक बाय चांस से डायेक्टोरियल डेब्यू किया था। ये फिल्म हिट रही, जिसके लिए जोया को बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। आगे उन्होंने जिंदगी न मिलेगी दोबारा, बॉम्बे टॉकीज (एक पार्ट), दिल धड़कने दो, गली बॉय जैसी कई बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट की हैं।
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ने मंगलवार सुबह मैसूर के चामुंडेश्वरी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। यह कदम उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद उठाया है, जो उनके खिलाफ दर्ज 'कांतारा' फिल्म के दैवा सीन की मिमिक्री केस में दिया गया था। कोर्ट ने अप्रैल में उन्हें चार हफ्ते के भीतर मंदिर जाकर दर्शन करने का आदेश दिया था। रणवीर सिंह का यह मंदिर दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब एक दिन पहले ही फिल्म फेडरेशन (FWICE) ने फिल्म 'डॉन 3' को छोड़ने के कारण उनके खिलाफ असहयोग निर्देश जारी कर उन्हें बैन कर दिया था। आम भक्त की तरह कतार में लगकर किए दर्शन रणवीर सिंह मंगलवार सुबह मैसूर पहुंचे। इससे पहले सुबह जल्दी उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर देखा गया था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अभिनेता ने किसी वीआईपी सुविधा का इस्तेमाल नहीं किया। वे एक आम श्रद्धालु की तरह कतार में खड़े हुए और देवी चामुंडेश्वरी के दर्शन किए। गर्भगृह के प्रवेश द्वार तक उन्होंने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था, जिसे अंदर जाने से पहले हटा दिया। वे बिना किसी पूजा सामग्री के खाली हाथ पहुंचे थे और मंदिर में विशेष प्रार्थना की। गोवा के फिल्म फेस्टिवल से शुरू हुआ था विवाद यह पूरा विवाद पिछले साल 30 नवंबर 2025 को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के समापन समारोह से शुरू हुआ था। इस समारोह में रणवीर सिंह ने फिल्म 'कांतारा' के प्रसिद्ध 'दैवा' सीन की मिमिक्री की थी, जिसमें फिल्म के डायरेक्टर और लीड एक्टर ऋषभ शेट्टी नजर आए थे। इस परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कन्नड़ समुदाय के एक बड़े हिस्से ने कड़ी नाराजगी जताई थी। इसके बाद कन्नड़ समुदाय की भावनाएं आहत करने के आरोप में रणवीर के खिलाफ कर्नाटक में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। हाई कोर्ट ने दिया था मंदिर जाने का आदेश मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद रणवीर सिंह ने फरवरी 2026 में राहत के लिए कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया था। तब कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अप्रैल में रणवीर ने कोर्ट में एक संशोधित हलफनामा दायर कर बिना किसी शर्त के माफी मांगी थी। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सफाई देते हुए लिखा था कि उनका इरादा सिर्फ ऋषभ शेट्टी की बेहतरीन एक्टिंग की सराहना करना था और वे सभी संस्कृतियों का सम्मान करते हैं। इस पर कोर्ट ने मामले को बंद करने के संकेत देते हुए उन्हें मंदिर जाने का आदेश दिया था। 'डॉन 3' विवाद के ठीक अगले दिन पहुंचे मैसूर रणवीर का यह मंदिर दौरा उस वक्त हुआ है जब वे एक और बड़े विवाद में घिरे हैं। सोमवार को ही फिल्म फेडरेशन FWICE ने उनके खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव (असहयोग निर्देश) जारी किया है। उन पर आरोप है कि वे फिल्म 'डॉन 3' के प्रोजेक्ट से ऐन वक्त पर पीछे हट गए, जिससे डायरेक्टर फरहान अख्तर और मेकर्स को करीब 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इस बड़े फैसले के अगले ही दिन रणवीर मैसूर के मंदिर में प्रार्थना करते नजर आए।
सोमवार को भारत की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म पुरस्कार से सम्मानिक किया। हेमा मालिनी ये सम्मान लेने पहुंचीं, जिस समय वो बेहद भावुक हो गईं, जबकि बेटी अहाना फूट-फूटकर रोती दिखीं। अब हेमा मालिनी ने एक भावुक पोस्ट कर कहा है कि सम्मान लेते हुए उन्हें धर्मेंद्र की मौजूदगी महसूस हुई। उन्हें ऐसा लगा जैसे धर्मेंद्र ने उनका हाथ थाम लिया है। हेमा मालिनी ने पद्म पुरस्कार समारोह की तस्वीरों के साथ आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, एक बेहद भावुक और खुशी से भरा पल, ऐसा पल जब मुझे सच में अपने पति धरम जी की गर्मजोशी भरी मौजूदगी महसूस हुई, जैसे वह मेरा हाथ थामकर मुझे उस मंच तक ले जा रहे हों, जहां उनका पद्म विभूषण सम्मान उनका इंतजार कर रहा था। आगे उन्होंने लिखा है, ‘कल शांत और गरिमामयी पद्म पुरस्कार समारोह में, जब महामहिम राष्ट्रपति जी स्वयं सभी योग्य सम्मानित लोगों को पुरस्कार दे रही थीं, तब मैं धरम जी की ओर से वहां मौजूद थी। उस पल मेरे भीतर गर्व की एक गहरी भावना उमड़ पड़ी। उनके साथ बिताए सालों की यादें ताजा हो गईं, पहले कई सफल फिल्मों में उनकी को-स्टार के रूप में और बाद में उनकी जीवनसंगिनी बनकर। इन यादों ने मेरी आंखों को नम कर दिया।’ हेमा मालिनी ने आगे भावुक होकर लिखा, ‘धर्मेंद्र एक बेहद प्यार करने वाले और ख्याल रखने वाले पति थे, स्नेही पिता और दादा थे, एक सच्चे दोस्त, अच्छे विचारों वाले इंसान, सच्चे मार्गदर्शक और भरोसेमंद साथी थे। धरम जी में ये सभी खूबसूरत गुण थे और उससे भी कहीं ज्यादा। वह एक उदार, नेकदिल और देने वाले इंसान थे, जिन्हें जानने वाला हर व्यक्ति उनसे प्यार करता था।’ यादें आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी- हेमा मालिनी आखिर में हेमा मालिनी लिखती हैं, 'मैंने यह सम्मान विनम्रता के साथ अपने पूरे परिवार, उनके करोड़ों चाहने वालों और शुभचिंतकों की ओर से स्वीकार किया। मैं भगवान का धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे इतना अद्भुत जीवनसाथी दिया, जिनकी यादें मैं अपनी जिंदगी के आखिरी पल तक संजोकर रखूंगी। ये मेरे दिल की सच्ची भावनाएं हैं, जो देश के दूसरे सबसे बड़े सम्मान ‘पद्म विभूषण’ को धरम जी की ओर से प्राप्त करते समय उमड़ पड़ीं।’ बेटी ईशा देओल भी हुईं भावुक हेमा मालिनी के अलावा ईशा देओल ने भी भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने लिखा, गर्व का एक पल, भावनाओं से भरा एक पल। हम कितनी गहराई से चाहते थे कि आज वह हमारे बीच मौजूद होते, अपनी सफेद शर्ट और नीले सूट में हमेशा की तरह बेहद हैंडसम दिखते हुए, एक छोटे बच्चे जैसी उत्सुकता के साथ यह प्रतिष्ठित सम्मान लेने जाते। कल जब मेरी मा ने हमारे परिवार की ओर से यह सम्मान स्वीकार किया, और हम सभी छह बच्चों की तरफ से सबसे छोटी अहाना वहां मौजूद थी, तब उसकी आंखों में आंसू थे और हाथों में तालियां, अपने पिता के सम्मान में। देखिए पद्म पुरस्कार से हेमा मालिनी और बेटी अहाना की झलक- 24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया। वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे। धर्मेंद्र के निधन के बाद से ही हेमा मालिनी उन्हें याद कर भावुक पोस्ट और तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। बता दें कि हेमा मालिनी और धर्मेंद्र ने 30 से ज्यादा फिल्मों में साथ काम किया है। फिल्मों में आने से पहले ही धर्मेंद्र शादीशुदा थे। उनकी शादी कम उम्र में प्रकाश कौर से हुई थी, जिससे उन्हें 4 बच्चे सनी, बॉबी, अजेता, विजेता हुए। शादीशुदा होने के बावजूद हेमा मालिनी से शादी करने के लिए धर्मेंद्र ने इस्लाम कबूल किया और उनसे दूसरी शादी की। इस शादी से उन्हें दो बेटियां ईशा और अहाना हैं।
टेलीविजन की पॉपुलर एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी शादी के 9 साल बाद मां बनी हैं। उन्होंने मंगलवार को मुंबई में जुड़वा बेटों को जन्म दिया है। एक्ट्रेस और उनके पति विवेक दाहिया ने सोशल मीडिया के जरिए फैंस को ये खुशखबरी दी है। दिव्यांका-विवेक ने आधिकारिक सोशल मीडिया में कोलेब पोस्ट जारी कर लिखा, ‘आखिरकार इंतजार खत्म हो चुका है। हमारे बेटे आ गए हैं और जिंदगी अब पहले से भी ज्यादा खूबसूरत लग रही है। मेरे करण अर्जुन आ गए।’ आगे कपल ने लिखा है, ‘दिव्यांका और मुझे पेरेंटहुड के नए खूबसूरत सफर को शुरू करने के लिए आप सभी के प्यार और आशीर्वाद की जरुरत है।’ शेयर की तस्वीर में लिखा गया है, हमने भगवान से खुशियां मांगीं और भगवान ने कहा, डबल ले लो। हमें जुड़वा बच्चे हुए हैं। मार्च में की थी प्रेग्नेंसी अनाउंस दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक ने मार्च में फैंस को गुड न्यूज दी थी। एक्ट्रेस ने बेबी बंप की तस्वीरों के साथ लिखा था, ‘10 साल बाद कहानी में आया सबसे खूबसूरत ट्विस्ट। कुछ सफर जल्दी पूरे करने के लिए नहीं होते। वो साथ-साथ तैयार होने के लिए होते हैं। और जब आपको लगता है कि आपकी कहानी पूरी हो चुकी है। तभी जिंदगी उसमें सबसे खूबसूरत अध्याय जोड़ देती है। अब भी यकीन नहीं हो रहा। बिना वजह मुस्कुरा रहे हैं। दिल में सिर्फ शुक्र और खुशी है। हम माता-पिता बनने वाले हैं।’ देखिए दिव्यांका त्रिपाठी की प्रेग्नेंसी की चुनिंदा तस्वीरें- टीवी के शो के सेट में हुआ प्यार और कर ली शादी दिव्यांका त्रिपाठी और विवेक दाहिया की मुलाकात टीवी शो ये है मोहब्बतें के सेट पर हुई थी। दोनों शो के लीड एक्टर्स थे। साथ काम करते हुए दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और फिर जनवरी 2016 में कपल ने सगाई की। सगाई के 5 महीने बाद जुलाई 2016 में दिव्यांका और विवेक की शादी भोपाल में हुई। दिव्यांका त्रिपाठी को टीवी शो बनूं मैं तेरी दुल्हन से देशभर में पहचान मिली थी। इसेक बाद वो ये हैं मोहब्बतें में दिखीं। टीवी शोज के अलावा दिव्यांका कई रियलिटी शो, कई वेब सीरीज और फिल्मों का भी हिस्सा रही हैं।
तलाक, घरेलु हिंसा, बच्चों की कस्टडी और भाई की रिहाई की लड़ाई लड़ रहीं सेलिना जेटली ने हाल ही में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस में भावुक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने इस मामले की तुलना अपने मामले से की। उन्होंने इसकी निंदा करते हुए ये भी कहा कि जिस समय तक ट्विशा की चिता की राख भी ठंडी नहीं हुई, तब कुछ लोग पौधों की चिंता कर रहे थे। सेलिना जेटली ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से ट्विशा शर्मा के लिए भावुक होकर लिखा, ‘शादी हमेशा खुशियों भरी नहीं होती। कभी-कभी सबसे बड़ा दर्द वही होता है, जिसे कोई देख नहीं पाता। ट्विशा शर्मा की दुखद कहानी ने पूरे देश को हिला दिया है। एक पढ़ी-लिखी, खूबसूरत और हुनरमंद लड़की, जिसकी जिंदगी घर के अंदर होने वाले दुख, अकेलेपन और हिंसा में फंस गई।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘जब उसकी चिता की राख भी ठंडी नहीं हुई थी, जब उसका दुखी परिवार अपनी बेटी के लिए जवाब, पोस्टमार्टम और इंसाफ की गुहार लगा रहा था, तब लोगों का ध्यान पौधों को पानी न देने जैसी बातों पर चला गया। यह देखकर इस दर्दनाक घटना को देख रहे बहुत से लोग अंदर तक हिल गए।’ ‘यही अत्याचार की सबसे डरावनी बात है। धीरे-धीरे एक महिला का दर्द लोगों के लिए आम बात बन जाता है, और फिर उसकी तकलीफ किसी को दिखाई नहीं देती। हर दर्द शरीर पर चोट के निशान नहीं छोड़ता।’ ट्विशा केस की तुलना सेलिना जेटली ने अपनी जिंदगी से की। उन्होंने लिखा, ‘मेरे साथ भी ऐसा हुआ था। मेरे माता-पिता नहीं रहे थे, मैं आर्थिक रूप से मजबूत नहीं थी, और मेरे तीन छोटे बच्चे थे। बहुत सी महिलाओं की तरह मैं भी रिश्ते में इसलिए बनी रही क्योंकि मुझे लगा परिवार को बचाना जरूरी है। मैं नहीं चाहती थी कि मेरे बच्चों को तकलीफ हो। मेरे पास मदद मांगने के लिए कोई नहीं था, और मैं अपनी सच्चाई बताने से डरती थी।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘समय के साथ इंसान और अकेला महसूस करने लगता है। धीरे-धीरे वह खुद पर भी शक करने लगता है। फिर सिर्फ जिंदा रहना ही जिंदगी लगने लगता है। मेरा दिल ट्विशा शर्मा के परिवार और हर उस महिला के साथ है जो चुपचाप दर्द सह रही है। माता-पिता, दोस्त और परिवार से एक विनती है, अगर आपकी बेटी मदद मांगे, तो उसे अपने पास वापस ले आइए। उसे अकेले मत छोड़िए।’ सेलिना ने पति पर लगाए घरेलु हिंसा के आरोप सेलिना ने साल 2010 में ऑस्ट्रियाई बिजनेसमैन पीटर हाग से शादी की थी। सेलिना ने पिछले साल नवंबर 2025 में अंधेरी कोर्ट में पीटर के खिलाफ घेरुल हिंसा समेत कई आरोप में मामला दर्ज कराया था। उन्होंने मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रुपये की मांग की है। मुंबई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पीटर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसीलिए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है ताकि उन पर नजर रखी जा सके। आरोप हैं कि शादी के तुरंत बाद ही उनके साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न शुरू हो गया था। सेलिना ने बताया कि वह अपने पड़ोसियों की मदद से चुपचाप उस अपमान और डर के माहौल से बचकर निकली थीं। 15 साल की शादी में उनसे उनकी मेहनत की कमाई और प्रॉपर्टी छीनने की कोशिश की गई और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उनके पति ने बच्चे भी अपने पास रख लिए हैं और सेलिना को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। सेलिना ने ये भी आरोप लगाए कि पति ने धोखे में रखकर उन्हें तलाक को नोटिस भेजा। हाल ही में मामले की सुनवाई के लिए ऑस्ट्रिया गई थीं। तब भी उनकी बच्चों से मुलाकात नहीं हो सकी। सेलिना के तीन बच्चे हैं, जबकि एक बच्चे का निधन हो चुका है। बच्चों से न मिल पाने के बाद सेलिना दिवंगत बेटे की कब्र पर जाकर फूट-फूटकर रोईं। बता दें कि सेलिना जेटली ने 2010 में पीटर हाग से शादी की थी। सेलिना ने 2012 में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। 5 साल बाद उन्हें फिर जुड़वां बच्चे हुए, जिनमें से एक की हाइपोप्लास्टिक हार्ट कंडीशन के चलते मौत हो गई। फिलहाल सेलिना के तीन बच्चे विंस्टन, विराज और आर्थर हैं। एक नजर ट्विशा डेथ केस पर-
फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 छोड़ने से रणवीर सिंह विवादों में फंस चुके हैं। फरहान अख्तर की शिकायत के बाद FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एप्लॉय्ज) ने सोमवार को एक्टर पर बैन लगा दिया है। ऐसे में वो डॉन 3 विवाद खत्म होने तक कोई फिल्म नहीं कर सकेंगे। इसकी दूसरी तरफ रणवीर सिंह सोमवार देर रात मुंबई से रवाना हुए हैं, जिससे धुरंधर 3 की शूटिंग के कयास लगाए जा रहे हैं। रणवीर सिंह बैन की घोषणा होने के बाद देर रात मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए। एयरपोर्ट पर उन्होंने लंबे बालों को बांध रखा था और सफेत कुर्ते-पजामे के साथ काली जैकेट पहनी थी। रणवीर सिंह के एयरपोर्ट में स्पॉट होने के ठीक बाद उनके धुरंधर को-स्टार अर्जुन रामपाल भी एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए। दोनों के साथ रवाना होने से धुरंधर 3 की शूटिंग की खबरें तेज हो गई हैं। डॉन 3 विवाद खत्म होने तक शूटिंग नहीं कर सकेंगे रणवीर सिंह, जानिए क्या है विवाद? धुरंधर की सक्सेस के बाद रणवीर सिंह ने फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 अचानक छोड़ दी, जिसकी घोषणा 2023 में रणवीर के साथ हुई थी। मेकर्स का दावा है कि इससे उनका 45 करोड़ का नुकसान हुआ। पहले इस मामले की शिकायत प्रोड्यूसर गिल्ड में की गई, जिसके बाद ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार फेडरेशन ने सोमवार को मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रख रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया। ऐसे में रणवीर विवाद खत्म होने तक कोई नई फिल्म नहीं शूट कर सकेंगे। रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और 'डॉन' फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। 'डॉन 3' को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए। इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे। अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज की शूटिंग पूरी तरह बंद हो जाएगी। पेमेंट वसूलना: फेडरेशन मेकर्स और एक्टर्स के बीच पैसों के विवाद को सुलझाती है। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने एक फिल्म के बाद क्रू मेंबर्स के करीब 3 करोड़ रुपए नहीं चुकाए थे। फेडरेशन ने उनकी अगली फिल्म 'वेलकम टु जंगल' की शूटिंग से पहले सभी सदस्यों को काम न करने का निर्देश दे दिया। इसके बाद प्रोडक्शन कंपनी और फेडरेशन के दबाव में फिरोज नाडियाडवाला को पुराना बकाया चुकाना पड़ा था। कार्रवाई का अधिकार: संविधान के खिलाफ काम करने पर फेडरेशन किसी भी एसोसिएशन या सदस्य को नॉन-मेम्बर घोषित कर सकती है। रणवीर की आने वाली फिल्मों पर क्या असर होगा? इस निर्देश के कारण रणवीर सिंह के नए प्रोजेक्ट्स और फिल्मों के निर्माण में दिक्कतें आ सकती हैं। रणवीर सिंह की आने वाली फिल्मों में 'किंग' (स्पेशल कैमियो), निर्देशक आदित्य धर के साथ अगला बड़ा प्रोजेक्ट, कियारा आडवाणी के साथ एक फिल्म और संजय लीला भंसाली की 'बैजू बावरा' शामिल हैं। शूटिंग में रुकावट: रणवीर की जिन फिल्मों की शूटिंग अभी होनी है, वहां काम करने वाले 90 प्रतिशत टेक्नीशियन, जूनियर आर्टिस्ट और क्रू मेंबर्स इसी फेडरेशन से जुड़े हैं। असहयोग निर्देश के कारण ये वर्कर्स रणवीर के सेट पर काम करने से मना कर सकते हैं, जिससे शूटिंग रुक सकती है। मेकर्स की परेशानी: रणवीर के साथ नई फिल्म प्लान कर रहे दूसरे प्रोड्यूसर्स के लिए काम आगे बढ़ाना मुश्किल होगा। उन्हें फिल्म शुरू करने से पहले फेडरेशन से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेने की जरूरत पड़ सकती है। जब तक यह विवाद नहीं सुलझता, तब तक रणवीर के नए प्रोजेक्ट्स लटक सकते हैं।
जैकी श्रॉफ और तीन बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके डायरेक्टर मनीष सैनी ने फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो - एलियंस का आगमन’ को लेकर दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। इस दौरान जैकी श्रॉफ ने बच्चों से अपने खास कनेक्शन, जिंदगी के उतार-चढ़ाव, भाई की मौत के ट्रॉमा और बिंदास जिंदगी जीने के मंत्र पर बात की। वहीं मनीष सैनी ने बताया कि डार्क और VFX फिल्मों के दौर में उन्होंने ऐसा सुपरहीरो बनाने की कोशिश की है, जो लोगों को डराए नहीं, बल्कि मुस्कुराए और परिवार को साथ बैठकर फिल्म देखने का मौका दे। सवाल: दादा, आपसे हर जनरेशन जुड़ जाती है। बच्चे भी और बड़े भी। इस कनेक्शन का राज क्या है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: मुझे खुद नहीं पता यार। बस दिल से जीने, प्यार बांटने और लोगों के साथ घुलने-मिलने का। मैं हमेशा यही सोचता हूं कि किसी को नीचे गिराकर बड़ा नहीं बनना चाहिए। बच्चों के साथ बच्चा बन जाओ, बड़ों के साथ दोस्त बन जाओ। जब आप किसी से दिल से मिलते हो, तो एक एनर्जी एक्सचेंज होती है। हाथ मिलाओ, गले लगो, प्यार से बात करो, वही कनेक्शन बना देता है। ग्रैंडफादर और ग्रैंडचाइल्ड का रिश्ता भी ऐसा ही होता है। सवाल: क्या आज जॉइंट फैमिली की कमी महसूस होती है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: आजकल परिवार छोटे हो गए हैं। पहले छोटे घर में भी 6-7 लोग साथ रहते थे, लेकिन प्यार बहुत होता था। हम लोग छोटे से घर में रहते थे, मगर मजा बहुत आता था। दादा-दादी के साथ रहने से बच्चे जिंदगी सीखते हैं। उनके अनुभव, बातें और प्यार जैसी चीजें आज कहीं ना कहीं कम हो गई हैं। सवाल: आजकल लोगों में प्यार और रिस्पेक्ट कम होता जा रहा है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: मैं हमेशा अच्छाई देखने की कोशिश करता हूं। चांद को देखता हूं, उसके दाग नहीं। अगर इंसान हर वक्त सिर्फ कमी देखेगा, तो जिंदगी भारी हो जाएगी। कई बार मैं खुद की गलतियां देख लेता हूं, फिर दूसरों की बुराई करने का मन नहीं करता। हर इंसान में कुछ अच्छा जरूर होता है। सवाल: मनीष जी, आपने जैकी दादा में कौन-सी सुपरपावर देखी? जवाब/ मनीष सैनी: जैकी सर का पॉजिटिव ऑरा बहुत अलग है। वो फिटनेस, हेल्थ और एनवायरमेंट की जो बातें करते हैं, वैसे ही असल जिंदगी में भी हैं। मुझे लगा कि अगर वो यह किरदार निभाएंगे, तो लोग उस कहानी पर यकीन करेंगे। क्योंकि उनका व्यक्तित्व ऐसा है कि लोग उनसे तुरंत जुड़ जाते हैं। सवाल: सेट पर जैकी दादा कैसे थे? जवाब/ मनीष सैनी: सेट पर वो बिल्कुल बच्चों जैसे हो जाते थे। बच्चे उनके आसपास आराम से घूमते, चॉकलेट पर झगड़ते और बातें करते थे। कोई बच्चा उनसे डरता नहीं था। मैं देखता था कि बच्चे उनकी उंगली पकड़कर ले जा रहे हैं और वीडियो कॉल पर टाइगर से बात कर रहे हैं। तब लगा कि हमने सही इंसान को चुना है। सवाल: उनकी सबसे बड़ी खासियत क्या लगी? जवाब/ मनीष सैनी: इतने बड़े स्टार होने के बाद भी उनमें कोई स्टार वाला एटीट्यूड नहीं था। रात 1 बजे शूट खत्म हुआ, फिर भी खुद गाड़ी चलाकर फार्महाउस गए। मैंने पूछा, “सर, आप क्यों ड्राइव कर रहे हो?” तो बोले, “अब मजा आएगा, मैं ड्राइव करूंगा।” उनकी यही सिंप्लिसिटी सबसे बड़ी चीज है। सवाल: दादा, इंडस्ट्री में इतने साल रहने के बाद भी आपकी मासूमियत कैसे बची रही? जवाब/ जैकी श्रॉफ: जब मैं छोटा था, तभी मेरे बड़े भाई चले गए थे। उस उम्र में वो बड़ा झटका था। तभी समझ आ गया कि जिंदगी हमेशा के लिए नहीं है। उसके बाद मैंने सोचा कि जितना वक्त मिला है, उसे प्यार और खुशी से जीना चाहिए। पल को एंजॉय करो, लोगों के साथ रहो और जिंदगी को हल्का रखो। सवाल: क्या यही सोच आपने अपने बच्चों को भी दी? जवाब/ जैकी श्रॉफ: मैंने हमेशा कोशिश की कि बच्चे जमीन से जुड़े रहें। नाम और शोहरत बाद में है, पहले इंसान अच्छा होना जरूरी है। टाइगर और कृष्णा दोनों में वही सिंप्लिसिटी और डिसिप्लिन दिखता है, तो अच्छा लगता है। बस दुआ है कि वो हमेशा ऐसे ही रहें। सवाल: मनीष जी, आज VFX और बड़े-बड़े सुपरहीरो का दौर है। आपने इतना इमोशनल सुपरहीरो कैसे बनाया? जवाब/ मनीष सैनी: ये ऐसे इंसान की कहानी है जो बच्चों के बीच सुपरहीरो बनकर रहना चाहता है। वो चाहता है कि बच्चे उसे हमेशा खास समझें। लेकिन बच्चे सवाल पूछते हैं, पावर देखने की जिद करते हैं और वहीं से कहानी मजेदार और इमोशनल बन जाती है। मुझे लगा कि असली सुपरहीरो वही है जो प्यार दे सके। सवाल: फिल्म का सबसे इमोशनल हिस्सा क्या है? जवाब/ मनीष सैनी: फिल्म में एक डायलॉग है जहां जैकी सर कहते हैं, “मुझे शाबाशी बहुत अच्छी लगती है।” वो लाइन छोटी है, लेकिन बहुत गहरी है। सेट पर कई लोगों की आंखें भर गई थीं। क्योंकि हर इंसान चाहता है कि कोई उसकी तारीफ करे और उसे महसूस कराए कि वो जरूरी है। सवाल: डार्क फिल्मों के दौर में ऐसी फिल्म बनाने की हिम्मत कहां से आई? जवाब/ मनीष सैनी: कोविड के बाद बहुत नेगेटिविटी बढ़ गई थी। हर तरफ गुस्सा, अंधेरा और तनाव था। मुझे लगा कि ऐसी फिल्म बनानी चाहिए जो लोगों को मुस्कुराने का मौका दे। बच्चों और सीनियर सिटिजन को सुपरहीरो बनाना मुझे नया और दिल से जुड़ा लगा। यही इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। सवाल: क्या आप ट्रेंड फॉलो नहीं करते? जवाब/ मनीष सैनी: मैं कोशिश करता हूं कि ट्रेंड के पीछे ना भागूं। राइटर का काम सिर्फ वही बनाना नहीं है जो चल रहा हो, बल्कि कुछ नया सोचकर लोगों के सामने रखना है। फायदा हो या नुकसान, मैं हमेशा ऐसी कहानी बनाना चाहता हूं जिससे मुझे संतुष्टि मिले। सवाल: दादा, आप अपने किरदार से कितना रिलेट करते हैं? जवाब/ जैकी श्रॉफ: पूरी तरह रिलेट करता हूं। बच्चों के साथ खेलना, उनकी बातें सुनना और उनका मजाक खुशी से लेना… ये सब मैं असल जिंदगी में भी करता हूं। मैं खुद को खुला इंसान मानता हूं। बच्चा हो या बड़ा, किसी के साथ भी बैठकर बात कर सकता हूं। यही जिंदगी का मजा है। सवाल: आपकी बातें अक्सर वायरल हो जाती हैं। इसका राज क्या है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: मैं बस दिल से बोलता हूं। मुंबई का हूं, खुला दिमाग है। मुझे लगता है कि इंसान आखिर इंसान है। कोई लेबर हो या स्टार, दर्द सबको बराबर लगता है। इसलिए मैं लोगों को ऊपर-नीचे करके नहीं देखता। सवाल: अगर सुपरहीरो यूनिवर्स बने तो उसमें कौन-कौन होगा? जवाब/ जैकी श्रॉफ: शाहरुख का रा.वन रहेगा, ऋतिक बाबा और टाइगर रहेंगे। डेनी डेंजोंगपा साहब भी जरूर होंगे। सवाल: आपकी सबसे बड़ी सुपरपावर क्या है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: अगर बच्चे मेरी बात सुनते हैं और पेड़ लगाने लगते हैं, तो वही मेरी सुपरपावर है। मैं हमेशा लोगों से कहता हूं कि पेड़ लगाओ, प्रकृति बचाओ। बाकी सुपरपावर फिल्मों में होती है, असली ताकत वही है जो लोगों के काम आए। सवाल: लाइफ में आपने काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं और कई मुश्किलें भी आई हैं। वो कौन-कौन से ‘सुपर विलेन्स’ थे और उनसे आपने कैसे ओवरकम किया? जवाब/ जैकी श्रॉफ: मैंने जिंदगी को हमेशा हल्के में लिया। जो आया उसे अपनाया, जो चला गया उसे जाने दिया। गलती हुई तो माफी मांग ली। अगर इंसान हर चीज दिल पर लेकर बैठेगा, तो जी नहीं पाएगा। बिंदास रहना जरूरी है। सवाल: आपको कब लगा कि टाइगर में सुपरपावर है? जवाब/ जैकी श्रॉफ: जब वो छोटा था, मैंने उसे स्केटबोर्ड दिया। वो गिरा, चोट लगी, लेकिन थोड़ी देर बाद फिर उठकर कोशिश करने लगा। शाम तक वो शानदार स्केटिंग कर रहा था। तब समझ गया था कि उसमें मेहनत और जुनून दोनों हैं। सवाल: मनीष जी, दर्शकों को इस फिल्म में क्या मिलेगा? जवाब/ मनीष सैनी: आज घरों में टीवी बड़े हो गए हैं, लेकिन लोग अलग-अलग कमरों में बैठकर देखते हैं। मुझे लगा कि ऐसी फिल्म बनानी चाहिए जिसे पूरा परिवार साथ बैठकर देख सके। ये फिल्म आपको हंसाएगी, मुस्कुराएगी और खूबसूरत यादें देकर जाएगी। यही इसकी सबसे बड़ी जीत होगी। सवाल: दादा, आखिर में दर्शकों के लिए क्या कहना चाहेंगे? जवाब/ जैकी श्रॉफ: इज्जत से जियो, बिंदास रहो, हेल्दी रहो और मजबूत बनो। शरीर को संभालकर रखो, क्योंकि यही असली मंदिर है। ग्रैंडफादर बनो, तब भी बच्चों के साथ खेलो, हंसो और जिंदगी को एंजॉय करो।

