वेब सीरीज ‘संकल्प’ में अपने दमदार किरदार से चर्चा में आए अभिनेता क्रांति प्रकाश झा का मानना है कि दिग्गज निर्देशक प्रकाश झा के साथ काम करना किसी पाठशाला में सीखने जैसा अनुभव है। क्रांति कहते हैं कि इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना उनके लिए डेस्टिनी जैसा रहा। शो में उन्हें महान अभिनेता नाना पाटेकर के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका मिला, जिसे वह अपने करियर का बड़ा सौभाग्य मानते हैं। अपने किरदार की तैयारी से लेकर शूटिंग के यादगार पलों और ओटीटी के बढ़ते महत्व तक, क्रांति प्रकाश झा ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अपने अनुभव, चुनौतियों और आने वाले प्रोजेक्ट्स को लेकर खुलकर बात की। पेश है बातचीत के कुछ खास अंश.. आप वेब सीरीज ‘संकल्प' से कैसे जुड़े? सच कहूं तो मैं इसे अपनी डेस्टिनी मानता हूं। आप सालों तक मेहनत करते रहते हैं और अचानक एक दिन आपका कोई सपना सच हो जाता है। मुझे शो की प्रोड्यूसर दिशा जी का फोन आया था, जिसके बाद मैं प्रकाश झा सर से मिलने गया। उनसे मिलने के बाद चीजें तय हुईं और उन्होंने मुझे इस किरदार के लिए चुन लिया। मेरे लिए यह किस्मत की बात है कि मुझे इतने बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने का मौका मिला। प्रकाश झा के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? मैं उन्हें निर्देशक से ज्यादा एक अध्यापक मानता हूं। उनका कलाकारों के साथ वही रिश्ता होता है जो एक गुरु का अपने शिष्य के साथ होता है। वे हर बारीकी को बहुत अच्छे से समझाते हैं। लेकिन हाँ, उनके साथ काम करते वक्त आपको हमेशा सतर्क पर रहना पड़ता है, क्योंकि आपको उनके विजन को सही साबित करना होता है। उन्होंने आप पर भरोसा किया है, तो आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि आप उनके निर्णय को सही ठहराएं। सीरीज की शूटिंग के दौरान आपके सामने मुख्य चुनौतियां क्या थीं? सबसे बड़ी चुनौती झा सर के विजन पर खरा उतरना और उसे जस्टिफाई करना था। हर एक सीन, हर एक कॉमा, हर एक शब्द के पीछे के कारण को समझना और अपनी क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना था। अगर यह बाहर निकलकर लोगों को पसंद आ रही है, तो इसमें झा सर का ही सबसे बड़ा हाथ होगा सेट पर अन्य कलाकारों (संजय कपूर, जीशान, कुबरा सैत) के साथ कैसा माहौल था? मेरे ज्यादातर सीन नाना सर के साथ ही थे, संजय कपूर जी के साथ मेरे सीन नहीं हैं लेकिन सेट का माहौल एक परिवार जैसा था। बाकी मेरे अपने व्यक्तिगत सीन्स थे। हम सब साथ में खाना खाते थे। प्रकाश झा सर के सेट की सबसे अच्छी बात यह है कि वहां सबको समानता दी जाती है। चाहे कोई बहुत बड़ा एक्टर हो या नया, सबके साथ एक जैसा व्यवहार होता है। यह अनुशासन और समानता वाकई सीखने लायक है। नाना पाटेकर के साथ काम करना आपके लिए कितना सौभाग्यपूर्ण रहा? यह एक अभिनेता के लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है। इस सीरीज के फॉर्मेट की खूबसूरती ही यही है कि मुझे दो दिग्गजों के साथ काम करने का अवसर मिला। एक तरफ प्रकाश झा सर जैसे दिग्गज निर्देशक और दूसरी तरफ नाना पाटेकर सर जैसे महान कलाकार। नाना सर के साथ स्क्रीन शेयर करना मेरे लिए बहुत गर्व और सीखने वाली बात रही। प्रकाश झा सर अक्सर कलाकारों को रिपीट करते हैं, क्या आगे के लिए कोई बात हुई? उन्होंने बस इतना कहा था कि तुम लंबी रेस के घोड़े हो।’ बाकी तो समय ही बताएगा। हर इंसान हर किरदार में फिट नहीं हो सकता, लेकिन मुझे पूरी उम्मीद है कि भविष्य में अगर कोई ऐसा किरदार होगा जिसमें उन्हें मेरी जरूरत लगेगी, तो वे मुझे जरूर बुलाएंगे। क्या आप प्रकाश झा से पारिवारिक रूप से जुड़े हैं, जैसा कि कुछ लोगों को लगता है? बहुत से लोगों को यही लगता है क्योंकि हमारा सरनेम (झा) एक है, पर ऐसा है नहीं। हमारे बीच अध्यापक और विद्यार्थी जैसा रिश्ता है। मजेदार बात यह है कि जिस दिन मेरे माता-पिता ने मेरा नाम ‘क्रांति प्रकाश झा' रखा, शायद उसी दिन मेरी किस्मत में लिख दिया गया था कि मैं कभी न कभी ‘प्रकाश झा' सर के साथ काम करूंगा। आपके आने वाले प्रोजेक्ट्स और ‘रक्तांचल 3' के बारे में क्या अपडेट है? ‘रक्तांचल' के तीसरे सीजन की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है। अब यह अमेज़न एमएक्स पर आएगा। अगले दो-तीन महीनों में यह रिलीज हो सकता है, आप इसका पोस्टर एमएक्स के पेज पर देख सकते हैं। इसके अलावा भी कुछ प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं। इस सीरीज के लिए आपकी विशेष तैयारी क्या थी? मेरे लिए कोई भी काम नॉर्मल नहीं होता। मैं हर सीन को अपना आखिरी सीन मानकर करता हूं। इस किरदार (कस्तूरी) में एक तरह की डार्कनेस है, जो मेरे निजी स्वभाव में नहीं है। इसलिए मैंने शूटिंग से 10 दिन पहले खुद को सबसे अलग कर लिया था ताकि उस इंटेंसिटी को पकड़ सकूं। फिर जब आपके साथ इतने दिग्गज कलाकार और महान निर्देशक हों, तो आपको अपना सर्वश्रेष्ठ देना ही होता है। यह एक चुनौती होती है, और आलस्य की कोई गुंजाइश नहीं होती। शूटिंग का सबसे यादगार पल कौन सा रहा? मेरा पहला सीन ही सबसे यादगार था। वह सीरीज का सबसे भारी और इंटेंस सीन था जहां ‘माट साहब' और ‘कस्तूरी' के बीच टकराव होता है। मुझे सुबह ही बताया गया कि आज सबसे हेवी सीन शूट करना है। एक तरफ महान प्रकाश झा सर कैमरे के पीछे थे और सामने महान नाना पाटेकर सर। वह पल मैं कभी नहीं भूल सकता। आप अपने करियर में ओटीटी के महत्व को कैसे देखते हैं? ओटीटी बहुत ही बेहतरीन माध्यम है। इसने लेखकों, एडिटर्स, म्यूजिशियंस और एक्टर्स सभी के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं। आज जनता के हाथ में पावर है और अब हमें सिर्फ सिनेमा हॉल के भरोसे नहीं रहना पड़ता। यह एक नया आयाम है जहां काम की कमी नहीं है। क्या भविष्य में आप अभिनय के अलावा निर्देशन या निर्माण में भी हाथ आजमाएंगे? बिल्कुल, मैं भविष्य में फिल्में बनाना और निर्देशित करना चाहूंगा। खासकर मैं अपनी भाषा (बिहारी भाषाओं) में फिल्में करना चाहता हूं। जैसा कि मैं पहले भी करता रहा हूं। इसके लिए सही समय, स्थान और धन की जरूरत होती है। जब ईश्वर मौका देंगे, मैं यह जरूर करूंगा।
बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-9 में जानिए कहानी, जिया खान डेथ केस की। जिया का शव उनके अपार्टमेंट में मिला, पुलिस जांच में इसे आत्महत्या माना गया लेकिन उनकी मां राबिया ने इसे मर्डर कहा, वजह थी जिया के गले में मिला एक गहरा निशान। तारीख- 3 जून 2013 जगह- फ्लैट नंबर 102, सागर संगीत सोसाइटी, जुहू, मुंबई एक्ट्रेस जिया खान की मां राबिया खान उनसे मिलने के लिए लंदन से आई थीं। जिया का पूरा परिवार लंदन में ही रहता था, वो खुद भी वहीं जन्मी थीं, लेकिन काम के सिलसिले में उन्होंने मुंबई में घर ले रखा था। जिया खान की बहन कविता का बर्थडे था, वो उसी दिन आधी रात 3 बजे हीथ्रो की फ्लाइट से बर्थडे सेलिब्रेट करने मुंबई पहुंचने वाली थीं। जिया बेहद एक्साइटेड थीं और बहन के लिए तोहफा लेना चाहती थीं। उस रोज वो मां के साथ कविता के लिए गोल्ड जूलरी लेने बांद्रा गईं। लौटते हुए शाम हो गई, हल्की बारिश भी हो रही थी। जिया ने खुशी-खुशी मां से कहा कि वो खुद ड्राइव करना चाहती थीं। जिया बार-बार कविता को मैसेस कर रही थीं। घर आकर जिया रेस्ट करने लगीं। रात के करीब साढ़े 8 बजे थे, जब उनकी मां राबिया ने कहा कि उन्हें अपनी दोस्त के घर जाना है। जवाब में जिया ने कहा, मैं भी फैजान (भाई जैसा दोस्त) से मिलने जा रही हूं, शो (गेम ऑफ थ्रोन) देखूंगी और फिर एक घंटे में आ जाऊंगी। आकर आपसे घर में ही मिलूंगी। जिया और राबिया साथ घर से निकले। राबिया ने रिक्शा किया और जिया पैदल ही दूसरी दिशा में चली गईं। फैजान चंद कदमों की दूरी पर ही रहते थे। मां राबिया उस दिन करीबी दोस्त एक्ट्रेस अंजू महेंद्रू के घर गईं। वहीं खाना खाया। रात 9 बजकर 37 मिनट पर राबिया ने जिया को कॉल कर कहा कि वो याद से खाना खा लें। दरअसल, जिया को एक नई फिल्म मिली थी, उस फिल्म में उन्हें वजनी दिखना था, जिसके लिए उन्हें ज्यादा-से-ज्यादा खाना खाने की सलाह मिलती रहती थी। कुछ मिनट बात कर राबिया ने कॉल कट कर दिया। कुछ देर बाद उस पार्टी में एक्टर आदित्य पंचोली अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहुंचे। जिया खान उस समय आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली के साथ रिलेशनशिप में थीं। कुछ दिनों से उनके रिश्ते में अनबन चल रही थी। जिया अक्सर मां से बताती थीं कि सूरज उनके साथ बुरा सलूक करते हैं। जैसे ही राबिया ने देखा कि आदित्य पंचोली भी वहां आए हुए हैं, तो वो असहज होकर करीब पौने 11 बजे निकल गईं। राबिया घर लौटीं तो गौर किया कि सारी लाइट्स ऑन हैं, जबकि वो जिया के साथ सारी लाइट्स बंद कर निकली थीं। बेडरूम में पहुंचीं, तो देखा वहां कि भी सारी लाइट्स जल रही हैं, जिया का हैंड बैग फर्श पर पड़ा था। राबिया को कुछ अटपटा लगा। वो फ्रेश होने बाथरूम गईं, लाइट्स वहां की भी ऑन थीं। तभी उन्होंने दूसरे कमरे का दरवाजा स्लाइड किया। मंजर देख उनकी चीख निकल गई। बेटी जिया उस कमरे के पंखे से फांसी लगा चुकी थीं। राबिया दौड़ते हुए पहुंचीं और पैर पकड़ लिए। बेटी का शरीर अब भी गर्म था। उन्होंने मदद के लिए चिल्लाया, जिससे पड़ोस के कुछ लोग पहुंच गए। जिया के शरीर को फंदे से उतारा गया। उस समय डॉक्टर अग्रवाल वहां पहुंचे और उन्होंने कहा कि जिया की मौत हो चुकी है। रात 3 बजे जिया की बहन कविता ने मुंबई में लैंड किया। जैसे ही उन्होंने फोन एयरप्लेन मोड से हटाया तो उनके पास कई मैसेजेस आए हुए थे। जैसे ही उन्होंने मैसेज खोले, तो उसमें लोग उन्हें सांत्वना दे रहे थे। शुरुआत में कविता कुछ समझ नहीं पाईं, लेकिन जब दूसरे मैसेज देखे तो उन्हें बहन जिया की मौत की खबर मिली। वो घर पहुंचीं तो देखा फिल्म इंडस्ट्री और मीडिया की भीड़ उनके घर में थी। उस रोज अंजू महेंद्रु भी पहुंची, जिनके घर में कुछ घंटों पहले ही राबिया ने डिनर किया था। दैनिक भास्कर ने अंजू महेंद्रू से संपर्क किया, लेकिन वो इस केस के बारे में कोई बात नहीं करना चाहतीं। जिया की मौत की खबर मिलने के 3 घंटे बाद आदित्य पंचोली भी राबिया से मिलने उनके घर पहुंचे, लेकिन इस समय उनके साथ सूरज पंचोली नहीं आए। जबकि जिया की मौत के समय सूरज उन्हें डेट कर रहे थे। मुंबई के जेजे हॉस्पिटल में जिया का पोस्टमार्टम किया गया और 3 जून की सुबह 7 बजे उनका शव परिवार को सौंप दिया गया। 4 जून को ही उनके अपार्टमेंट से जनाजा उठाया गया। जुहू के सोनापुर कब्र वाला में उनके जनाजे की नमाज हुई जिसके बाद उन्हें जुहू के कब्रिस्तान में दफ्नाया गया। फिल्म इंडस्ट्री की तमाम बड़ी हस्तियां उनके जनाजे में शामिल हुईं, जिनमें आमिर खान, प्रेम चोपड़ा, किरण राव, रितेश देशमुख जैसे कई स्टार्स शामिल हैं। जनाजे में आदित्य पंचोली का हुआ मीडिया से झगड़ा जिया खान के जनाजे में सूरज पंचोली के पिता आदित्य पंचोली भी पहुंचे। कार से उतरते हुए उन्होंने मीडिया से बदसलूकी की और उनका ट्रायपोड तोड़ दिया। मीडिया ने उन्हें घेर लिया और हर्जाना भरने को कहा। इस समय आदित्य ने धमकी देते हुए कहा कि वो उन पर कार चढ़ा देंगे। जमकर बहस हुई, जिसके बाद आदित्य को कैमरापर्सन को 25 हजार रुपए का हर्जाना देना पड़ा। साथ ही वहां मौजूद भीड़ के दबाव में उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, जिया की मौत 3 जून की रात 11 बजे से 11 बजकर 30 मिनट के दरमियान हुई थी। इसके महज चंद मिनटों बाद ही मां राबिया घर पहुंची थीं। अगर मां कुछ देर पहले पहुंचतीं तो जिया को बचाया जा सकता था। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत फांसी लगाने से हुई थी। इसके अलावा उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। पुलिस जांच में सामने आया कि जिया ने मौत से पहले आखिरी बार बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली को कॉल किया था। उस रात साढ़े 10 बजे से साढ़े 11 बजे तक जिया खान और सूरज के बीच कई बार कॉल पर बात हुई। सूरज ने कुछ कॉल उठाए और कुछ का जवाब नहीं दिया। सूरज ने साढ़े 11 बजे जिया को कई मैसेज भी किए, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला। बिल्डिंग के सीसीटीवी फुजेट देखने में सामने आया कि उस रात जिया करीब 9 बजे मां के साथ घर से निकली थीं। कुछ देर बाद वो घर लौट आईं। रात करीब 10 बजे वो एक और बार बाहर निकलीं और फिर 10 बजकर 48 मिनट पर घर लौटीं। मौत से पहले सूरज ने भिजवाए थे फूल 4 जून को सूरज पंचोली को जुहू पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए बुलाया गया। उन्होंने कहा कि वो और जिया ब्रेकअप कर चुके थे। सूरज ने पुलिस बयान में कहा कि वो लंबे समय से जिया से ब्रेकअप करने की कोशिश कर रहे थे। 3 जून को उन्होंने जिया को फूल भिजवाए, जो ब्रेकअप के लिए थे। हालांकि जिया की मां ने दावा किया कि वो फूल सूरज ने इसलिए भिजवाए, क्योंकि जिया को 2 नई फिल्मों और एक गाने में काम मिला था। उसी दिन जिया की मां राबिया का भी बयान लिया गया। राबिया ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि जिया फिल्मों में कम काम मिलने से परेशान चल रही थीं। 2 जून को वो साउथ फिल्म के ऑडिशन के लिए हैदराबाद गई थीं, लेकिन उनका ऑडिशन अच्छा नहीं रहा। उन्हें वजन बढ़ाने को कहा गया था। सूरज और राबिया के अलावा जिया के कुक, वॉचमैन और कुछ पड़ोसियों से भी पूछताछ की गई। मौत के बाद जिया के कमरे से मिला 6 पन्नों का नोट, लिखा था- सपने छीन लिए जिया की मौत के 6 दिन बाद उनकी बहन को 6 पन्नों का एक नोट मिला, जिसमें जिया ने साफ लिखा था कि लेटर मिलने से पहले वो दुनिया से जा चुकी हैं। उनकी मां राबिया ने वो 6 पन्ने शेयर करते हुए एक नोट में लिखा, मीडिया और इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों का मानना है कि करियर की दिक्कतों के चलते वो डिप्रेशन में थीं। लेकिन सच ये है कि ये सूरज पंचोली और उनके पिता आदित्य पंचोली के अब्यूज और ट्रॉमा की वजह से हुआ। जिया ने मुझसे और अपनी बहनों से इस बारे में बात की थी, यही बात उन्होंने लेटर में भी लिखी है। मां ने उस नोट में लिखा कि जिया की मौत के 3 दिन बाद उनकी छोटी बहन जिया द्वारा लिखी गईं कुछ कविताओं को ढूंढ रही थीं। वो जिया की प्रेयर मीट में उन कविताओं को पढ़ना चाहती थीं। वो पन्ने ढूंढते हुए उन्हें जिया के वॉलेट बॉक्स में 6 पन्ने मिले। जिन्हें वो सार्वजनिक कर रही हैं। जिया ने वो 6 पन्ने जिस शख्स के लिए लिखे, वो कोई नहीं बल्कि सूरज पंचोली थे। नोट्स के अनुसार, सूरज ने उनके साथ मारपीट की और उनका अबॉर्शन करवाया। जिया खान के नोट्स के अनुसार- पेज-1 मुझे नहीं पता यह तुम्हें कैसे कहूं। लेकिन अब कह ही देती हूं, क्योंकि अब मेरे पास खोने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। मैंने तो पहले ही सब कुछ खो दिया है। अगर तुम यह पढ़ रहे हो, तो शायद मैं जा चुकी होऊंगी या जाने वाली होऊंगी। मैं अंदर से टूटी हुई हूं। तुम्हें शायद यह पता न हो, लेकिन तुमने मुझे इतनी गहराई से प्रभावित किया कि तुमसे प्यार करते-करते मैंने खुद को ही खो दिया। फिर भी तुमने मुझे हर दिन टॉर्चर किया। इन दिनों मुझे कोई रोशनी दिखाई नहीं देती। मैं जागती हूं और चाहती हूं कि काश मुझे जागना ही न पड़े। एक समय था जब मैंने तुम्हारे साथ अपनी जिंदगी देखी थी, तुम्हारे साथ एक भविष्य देखा था। लेकिन तुमने मेरे सपनों को चकनाचूर कर दिया। मैं अंदर से मरी हुई महसूस करती हूं। मैंने कभी भी खुद को किसी को इतना नहीं दिया था, न ही किसी की इतनी परवाह की थी। तुमने मेरे प्यार का बदला धोखे और झूठ से दिया। इससे कोई फर्क नहीं पड़ा कि मैंने तुम्हें कितने तोहफे दिए, या तुम्हारे लिए मैं कितनी खूबसूरत लगती थी। मुझे प्रेग्नेंट होने से डर लगता था, लेकिन फिर भी मैंने खुद को पूरी तरह तुम्हें सौंप दिया। पेज 2 तुमने मुझे जो दर्द हर दिन दिया है, उसने मुझे पूरी तरह तोड़ दिया है। तुमने मेरी आत्मा तक को तोड़ दिया। मैं न ठीक से खा पा रही हूं, न सो पा रही हूं, न सोच पा रही हूं और न ही सामान्य रूप से काम कर पा रही हूं। मैं हर चीज से दूर भाग रही हू। अब मुझे अपने करियर की भी कोई चाह नहीं रही। जब मैं तुमसे पहली बार मिली थी, मैं महत्वाकांक्षी और अनुशासित थी। फिर मैं तुमसे प्यार कर बैठी। मुझे लगा था कि प्यार मुझमें सबसे अच्छा रूप बाहर लाएगा। समझ नहीं आता कि किस्मत ने हमें क्यों मिलाया। मैंने जो भी दर्द, रेप और एब्यूज या टॉर्चर सहा मैं उसे डिजर्व नहीं करती हूं। मुझे तुम्हारी तरफ से कोई प्यार और वादा नहीं दिखता। मुझे बस डर लगता है कि तुम मुझे मेंटली और फिजिकली टॉर्चर करोगे। तुम्हारी जिंदगी सिर्फ लड़कियां और पार्टी है और मेरी, तुम और काम। अगर मैं यहां रही तो तुम्हे याद करूंगी और तुम्हारे लिए तरसती रहूंगी। पेज 3 मेरे 10 साल के करियर और सपनों को अलविदा। मैंने तुम्हें कभी नहीं बताया, लेकिन मुझे तुम्हारे बारे में एक मैसेज मिला था कि तुम मुझे धोखा दे रहे हो। मैंने उसे अनदेखा किया और तुम पर भरोसा करने का फैसला किया। तुमने मुझे शर्मिंदा किया। मैं कभी बाहर नहीं गई, न ही किसी और के साथ रही। मैं एक वफादार इंसान हूं। मैंने कभी किसी और से करीबी रिश्ता नहीं बनाया। मैं सिर्फ चाहती थी कि तुम वही दर्द महसूस करो जो तुम मुझे हर समय महसूस कराते थे। कोई और लड़की तुम्हें उतना प्यार नहीं दे सकती जितना मैंने दिया। मैं यह अपने खून से लिख सकती हूं। यहां मेरे लिए चीजें बेहतर हो रही थीं, लेकिन क्या फायदा, जब जिसे तुम प्यार करते हो वही तुम्हें अपमानित करे, मारने की धमकी दे, धोखा दे, दूसरी लड़कियों से कहे कि वे खूबसूरत हैं, या जब तुम उनके घर जाओ। पेज 4 अब मेरे पास कहीं जाने की जगह नहीं है। तुम प्यार की बातें करते हो या मेरे सामने झूठ बोलते हो, फिर उन्हीं लड़कियों के पीछे उनकी गाड़ी में चले जाते हो या उनके परिवार का अपमान करते हो। तुमने कभी मेरी बहन से भी मुलाकात नहीं की। मैंने तुम्हारी बहन के लिए तोहफे खरीदे थे। तुमने मेरी आत्मा तोड़ दी। अब मेरे पास जीने की कोई वजह नहीं बची। मैंने तुम्हारे लिए सब कुछ किया। मैं हम दोनों के लिए मेहनत कर रही थी। लेकिन तुम कभी मेरे सच्चे साथी नहीं बने। मेरा भविष्य खत्म हो गया, मेरी खुशियां मुझसे छिन गईं। मैं हमेशा तुम्हारे लिए अच्छा चाहती थी। जो थोड़ा पैसा था, वह भी तुम्हारे बेहतर भविष्य के लिए लगाने को तैयार थी। लेकिन तुमने कभी मेरे प्यार की कद्र नहीं की। तुमने मेरे चेहरे पर लात मारी। मेरी सेल्फ रिस्पेक्ट नहीं बची। मेरा टैलेंट, मेरे सपने, सब छीन लिए। तुमने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। पेज 5 तुमने मुझे इतना दुख दिया कि मैं दस दिन तक तुम्हारे लिए रोती रही और तुम्हें फर्क भी नहीं पड़ा। तुम्हें मेरे लिए कुछ खरीदा तक नहीं। गोवा की वेकेशन ही मेरा बर्थडे गिफ्ट थी, लेकिन उसके बाद भी तुमने धोखा दिया। मैंने तुम्हारे लिए खर्च किया। मैंने हमारे बच्चे को गिरा दिया, जबकि इससे मुझे गहरा दुख हुआ। तुमने मेरा क्रिसमस और मेरा बर्थडे भी खराब कर दिया। जब मैं तुम्हारा जन्मदिन खास बनाने की कोशिश कर रही थी, तब तुम वेलेंटाइन डे पर मुझसे दूर रहे। तुमने वादा किया था कि एक साल पूरा होने पर हम सगाई करेंगे। तुम्हें जिंदगी में सिर्फ पार्टी, औरतें और मतलब की चीजें चाहिए थीं। मुझे सिर्फ तुम और मेरी खुशी चाहिए थी। लेकिन तुमने दोनों ही मुझसे छीन लिए। मैंने तुम्हारे ऊपर बिना किसी मतलब पैसा खर्च किया। पेज 6 तुम मेरे चेहरे पर हंसते थे, जब मैं तुम्हारे लिए रोती थी। अब इस दुनिया में मेरे पास जीने के लिए कुछ नहीं बचा। काश तुमने मुझे वैसे प्यार किया होता जैसे मैं तुम्हें करती थी। मैंने हमारे भविष्य और हमारी सफलता के सपने देखे थे। लेकिन अब मैं यहां से सिर्फ टूटे हुए सपनों और खाली वादों के साथ जा रही हूं। अब मैं सिर्फ सो जाना चाहती हूं और फिर कभी न जागूं। मैं कुछ भी नहीं रह गई हूं। मेरे पास सब कुछ था, फिर भी मैं तुम्हारे साथ रहते हुए भी अकेली महसूस करती थी। तुमने मुझे अकेला और इनसिक्योर महसूस कराया। मैं इससे कहीं ज्यादा हूं। मां की शिकायत पर हुई थी सूरज पंचोली की गिरफ्तारी जिया का नोट मिलने के बाद राबिया खान ने सूरज पंचोली को बेटी की मौत का जिम्मेदार बताते हुए जुहू पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। 10 जून 2013 को सूरज पंचोली की गिरफ्तारी हुई। सूरज को आर्थर रोड जेल के उसी सेल में रखा गया जहां 26/11 हमले के आरोपी अजमल कसाब को भी रखा जा चुका था। सूरज के पेरेंट्स आदित्य पंचोली और जरीना वाहब ने उन्हें बेल दिलवाने की कई कोशिशें कीं। कई बार उनकी बेल याचिका खारिज हो गई। उन्हें 21 दिनों तक जेल में रहना पड़ा, जिसके बाद 2 जुलाई 2013 को उन्हें जमानत पर छोड़ा गया। उन्हें 50 हजार के निजी मुचलके, देश न छोड़ने समेत कई शर्तों पर बेल मिली थी। जिया की मां का दावा- गले में थे गहरे जख्म, CBI जांच की मांग की सूरज को बेल मिलने के कुछ महीने बाद जिया खान की मां ने उन पर हत्या के आरोप लगाए। उन्होंने अक्टूबर 2013 में बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर CBI जांच की मांग की। उनका कहना था कि पुलिस ने केस की जांच सही तरह नहीं की। उनकी बेटी की हत्या हुई है, क्योंकि उसके गले में फांसी नहीं बल्कि एक नुकीली चीज के निशान हैं। उन्होंने बेटी जिया खान की डेडबॉडी की एक तस्वीर भी जारी की, जिसमें उनके गले पर वाकई गहरा जख्म था। राबिया ने दावा किया कि उनके शरीर पर चोट के कई और निशान थे। लंबी जद्दोजहद के बाद जुलाई 2014 में ये केस CBI को सौंपा गया। राबिया के अनुसार, उनके घर के पर्दे कभी बंद नहीं होते, लेकिन उस दिन थे। उनके कमरे का हैंडल भी टूटा हुआ था। जिया की डेडबॉडी में वाकई गहरे जख्म थे। जो दुपट्टे से नहीं बने थे। जिया की मां के अनुसार वो किसी नुकीली चीज या रिस्ट वॉच का निशान था। मौत से ठीक पहले बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली के घर गई थीं जिया खान जांच में ये भी सामने आया कि उस रोज सूरज से कॉल पर बात करने के बाद जिया उनके घर भी गई थीं, लेकिन कुछ देर बाद ही लौट आईं। केस चल ही रहा था कि सूरज की मां जरीना वाहब ने जिया से जुड़े कई अटपटे दावे किए। उनके अनुसार, जिया ने करीब 4-5 बार पिछले फेल रिलेशनशिप के चलते आत्महत्या की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि जिया ने ही फेसबुक के जरिए सूरज से पहली बार बात की और दोस्ती बढ़ाई। उन्होंने ये भी कहा कि जिया और उनकी मां का रिश्ता ठीक नहीं था। एक बार मां से झगड़े के बाद उनके सिर से काफी खून बह रहा था, वो रोती हुईं सूरज के घर पहुंची थीं। केस तब और उलझ गया, जब जिया खान की मां राबिया ने बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज का एक क्लिप जारी किया, जिसमें जिया की मौत के दिन सूरज पंचोली के पिता आदित्य पंचोली, बिल्डिंग के कैमरे में कैद हुए। जिया की मौत की की जांच के दौरान कई बड़े सवाल खड़े हुए। पहला सवाल- अगर जिया ने आत्महत्या की तो उनके गले में वो चोट के निशान कैसे आए? दूसरा सवाल- जिया ने सूरज से आखिरी बार कॉल पर क्या बात की, जिया उनके घर क्यों गईं? तीसरा सवाल- क्या वाकई जिया और उनकी मां का रिश्ता ठीक नहीं था? चौथा सवाल- वो लड़की कौन थी, जिसकी वजह से जिया और सूरज का झगड़ा हुआ? आखिरी सवाल- जिया की मौत की असल वजह क्या थी? जानिए सभी सवालों के जवाब कल जिया खान डेथ केस के पार्ट-2 में। …………………………………………………….. पार्ट-2, मौत से पहले जिया खान का हुआ सूरज से झगड़ा: अबॉर्शन के बाद फीटस बाथरूम में बहाया, सुसाइड नोट पर उठे सवाल जिया खान के कॉल रिकॉर्ड्स से सामने आया कि जिस समय जिया की मौत हुई, उससे कुछ मिनटों पहले तक उनकी बॉयफ्रेंड सूरज पंचोली से कॉल पर बात हुई थी। सीबीआई की जांच के मुताबिक रात 10 बजकर 4 मिनट पर सूरज ने जिया को कॉल किया था। उन्होंने जिया से कहा था कि वो एक होटल में जूलरी डिजाइनर का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल, जिया, अपनी बहन कविता को बर्थडे में तोहफा देने के लिए खास जूलरी बनवा रही थीं। खुद कुछ जूलरी खरीदने के अलावा जिया ने सूरज को एक अमाउंट दिया था, जिससे वो जूलरी डिजाइनर नीलू से जूलरी पिक कर सकें। रात को 10 बजे के करीब कॉल पर हुई बातचीत में सूरज ने उनसे यही कहा था कि वो जूलरी डिजाइनर से मिलने होटल आए हैं। सूरज से बात करने के बाद जिया ने तुरंत जूलरी डिजाइनर को कॉल किया। उन्होंने जिया को बताया कि वो उस दिन नहीं बल्कि अगली सुबह सूरज से मिलने वाली हैं। सूरज का झूठ पकड़ा जाने पर जिया ने उन्हें फिर कॉल किया। पूरी कहानी पढ़िए कल… ………………………………………………….. भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड बोली- कमरे में बंद किया; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया, मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम कर रही थी। मैं सुबह से शाम वहीं रहती थी। घर में दो मेड और थीं। उस दिन घर में कोई नहीं था। अचानक उन्होंने मुझे पकड़ लिया। मैंने बचने की कोशिश की तो मारा। पूरी कहानी पढ़िए……………………………. पार्ट-2, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड ने बयान बदला, कहा- रेप नहीं हुआ, 7 साल की सजा हुई; ₹15 लाख की हुई मांग केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। पूरी कहानी पढ़िए………………………………………. पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवेक की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवेक की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवेक का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…
हॉलीवुड के प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह अकादमी पुरस्कार के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट को लेकर इस साल सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। इस सेगमेंट में उन कलाकारों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिनका हाल ही में निधन हुआ हो। हालांकि इस बार दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र का नाम इसमें शामिल नहीं किया गया, जिससे उनके फैंस नाराज हो गए। ऑस्कर समारोह के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि भारतीय सिनेमा के इतने बड़े स्टार को इस सेगमेंट में क्यों नहीं याद किया गया। धर्मेंद्र ने हिंदी सिनेमा में छह दशक से ज्यादा समय तक काम किया और कई यादगार फिल्में दीं। ऐसे में फैंस का कहना था कि उन्हें इस सम्मान में जरूर शामिल किया जाना चाहिए था। अब इस पूरे मामले पर धर्मेंद्र की पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में हेमा मालिनी ने कहा कि धर्मेंद्र को अपने करियर में अवॉर्ड्स से ज्यादा दर्शकों के प्यार की परवाह थी। हेमा ने कहा, “धरम जी को अपने लंबे करियर में बहुत ज्यादा अवॉर्ड्स नहीं मिले। फिर भी उन्होंने कभी इसकी शिकायत नहीं की। वे हमेशा कहते थे कि दर्शकों का प्यार ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि उन्हें ऑस्कर या किसी दूसरे अवॉर्ड की ज्यादा चिंता होती।” उन्होंने यह भी कहा कि लोग धर्मेंद्र को आज भी बहुत प्यार करते हैं और यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। हेमा मालिनी के मुताबिक, किसी कलाकार के लिए दर्शकों का सम्मान और स्नेह किसी भी अवॉर्ड से बड़ा होता है। इस बीच कई फैंस ने सोशल मीडिया पर यह भी बताया कि ब्रिटेन के प्रतिष्ठित ब्रिटिश एकेडमी फिल्म पुरस्कार में ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट के दौरान धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी गई थी। इसे लेकर हेमा मालिनी ने खुशी भी जताई थी। धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में रोमांस, एक्शन और कॉमेडी जैसी कई शैलियों में काम किया और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। फिलहाल ऑस्कर के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में उनका नाम शामिल न होने को लेकर चर्चा जारी है, लेकिन हेमा मालिनी का मानना है कि धर्मेंद्र के लिए दर्शकों का प्यार ही सबसे बड़ा पुरस्कार था।
साउथ सिनेमा के सुपरस्टार विजय थलपति की मोस्ट-अवेटेड फिल्म 'जन नायकन' को लेकर सेंसर से जुड़ा विवाद अभी तक खत्म नहीं हुआ है। फिल्म को सर्टिफिकेट देने से पहले सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन की रिवाइजिंग कमेटी एक बार फिर फिल्म की स्क्रीनिंग करने वाली है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक 17 मार्च को कमेटी फिल्म देखेगी और इसके बाद सर्टिफिकेट को लेकर फैसला लिया जा सकता है। पहले यह स्क्रीनिंग 9 मार्च को तय की गई थी, लेकिन कमेटी के एक सदस्य के बीमार पड़ने के कारण इसे टाल दिया गया था। अब नई तारीख तय कर दी गई है और प्रोडक्शन हाउस को इसकी जानकारी दे दी गई है। इस स्क्रीनिंग के बाद कमेटी यह तय करेगी कि फिल्म को सर्टिफिकेट दिया जाए या इसमें कुछ बदलाव किए जाएं। ‘जना नायगन’ पिछले कई महीनों से सेंसर प्रक्रिया में फंसी हुई है। फिल्म को पहले एग्जामिनिंग कमेटी के सामने पेश किया गया था। वहां कुछ आपत्तियों के बाद इसे रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया। इसी वजह से फिल्म की रिलीज लगातार टलती रही और फैंस को लंबे समय से इंतजार करना पड़ रहा है। फिल्म का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है। यह एक बड़े बजट की एक्शन-ड्रामा फिल्म मानी जा रही है और इंडस्ट्री में इसे विजय के करियर की अहम फिल्मों में से एक बताया जा रहा है। अब सबकी नजर 17 मार्च को होने वाली रिवाइजिंग कमेटी की स्क्रीनिंग पर है। इसी के बाद फिल्म की रिलीज को लेकर स्थिति साफ हो सकती है। दरअसल, फिल्म पहले 9 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट समय पर न मिलने के कारण इसकी रिलीज टालनी पड़ी। इसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया था और निर्माताओं ने सर्टिफिकेशन को लेकर कानूनी लड़ाई भी लड़ी थी।
सलमान खान की अपकमिंग वॉर ड्रामा फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का नाम अब बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया है। फिल्म के टाइटल बदलने की खबर सामने आने के बाद इसे लेकर काफी चर्चा हो रही है। अब फिल्म के डायरेक्टर अपूर्व लाखिया ने इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और बताया कि यह फैसला अचानक नहीं लिया गया था। हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान अपूर्व लाखिया ने कहा कि फिल्म का टाइटल बदलना किसी एक दिन में लिया गया फैसला नहीं था। मेकर्स काफी समय से इस पर विचार कर रहे थे। उनका कहना है कि नया नाम फिल्म के बड़े और व्यापक भाव को बेहतर तरीके से दर्शाता है। फिल्म पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से बनाई जा रही थी, जो 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई गलवान घाटी की झड़प से प्रेरित कहानी पर आधारित है। इस घटना में भारतीय सेना के जवानों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में बहादुरी दिखाई थी। इसी घटना को फिल्म की कहानी का आधार बनाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाइटल बदलने के पीछे एक वजह यह भी है कि मेकर्स फिल्म को सिर्फ एक घटना तक सीमित नहीं रखना चाहते थे। ‘मातृभूमि’ नाम देशभक्ति और बलिदान की भावना को ज्यादा व्यापक तरीके से दर्शाता है। हाल ही में सलमान खान ने सोशल मीडिया पर फिल्म का नया पोस्टर शेयर किया था, जिसमें नया टाइटल और टैगलाइन ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ दिखाई दी। पोस्टर में सलमान घायल हालत में दुश्मनों का सामना करते नजर आ रहे हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह अहम भूमिका में दिखाई देंगी। यह पहली बार होगा जब दोनों कलाकार किसी फिल्म में साथ नजर आएंगे। फिल्म की कहानी गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों की बहादुरी और संघर्ष को दिखाएगी। यह वॉर ड्रामा हाई-एल्टीट्यूड लोकेशन्स पर शूट की गई है, ताकि असली माहौल को पर्दे पर दिखाया जा सके। हालांकि टाइटल बदलने के बाद अब फिल्म की रिलीज डेट को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। मेकर्स की ओर से अभी तक नई रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
अमेरिकी रैपर कान्ये वेस्ट का दिल्ली में होने वाला मेगा कॉन्सर्ट टल गया है। यह शो पहले 29 मार्च को होना था, लेकिन अब इसे 23 मई, 2026 के लिए रिशेड्यूल किया गया है। रैपर ने सोमवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इस बदलाव की जानकारी देते हुए फैंस के साथ अपडेट शेयर किया। सुरक्षा कारणों से टला कॉन्सर्ट कान्ये वेस्ट ने सोशल मीडिया पर बताया कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और क्षेत्रीय स्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। रैपर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उनके लिए फैंस, आर्टिस्ट और प्रोडक्शन टीम की सुरक्षा सबसे ऊपर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा करने वाले लोगों की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए शो की तारीख को आगे बढ़ाना जरूरी था। पुराने टिकट ही रहेंगे वैलिड शो के टलने से उन फैंस को चिंता करने की जरूरत नहीं है जिन्होंने पहले ही टिकट बुक कर लिए थे। रैपर ने साफ किया कि 29 मार्च के शो के लिए खरीदे गए सभी टिकट 23 मई को होने वाले रिशेड्यूल शो के लिए मान्य रहेंगे। उन्होंने अपने मैसेज में लिखा, आपकी समझ और निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद। हम सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। ईरान और इजराइल के बीच बढ़ा तनाव इस कॉन्सर्ट के टलने के पीछे ग्लोबल लेवल पर चल रहा युद्ध मुख्य कारण है। हाल ही में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था, जिसमें वहां के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है, जिसका असर अब इंटरनेशनल इवेंट्स और कॉन्सर्ट्स पर भी दिखने लगा है। पहली बार भारत आने वाले थे कान्ये कान्ये वेस्ट का भारत में यह पहला बड़ा शो होने वाला था, जिसे लेकर म्यूजिक लवर्स के बीच काफी क्रेज देखा जा रहा है। दिल्ली का यह इवेंट लंबे समय से सुर्खियों में है। कान्ये वेस्ट 24 बार के ग्रैमी विजेता हैं।
बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडिस रविवार को काशी पहुंचीं। यहां उन्होंने अपने पिता एलरॉय फर्नांडीज के साथ अपनी मां की अस्थियां गंगा में विधि-विधान के साथ विसर्जित कीं। इस दौरान जैकलिन ने कहा- हमें सनातन धर्म बहुत पसंद है, इसलिए हम अपनी मां की अस्थियां लेकर काशी आए हैं। काशी में गंगा के पवित्र जल में अस्थि विसर्जन करना हमारी मां को श्रद्धांजलि देने का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक निर्णय है। बता दें कि जैकलिन फर्नांडिस की मां किम फर्नांडिस का 6 अप्रैल 2025 को निधन हो गया था। चेहरे को कपड़े से ढककर होटल से सीधे घाट पहुंचीं जैकलिन ताज होटल से सीधे गंगा घाट की ओर रवाना हो गईं। उनकी यात्रा को पूरी तरह निजी रखा गया। उन्होंने अपने चेहरे को कपड़े से ढक रखा था ताकि उनकी पहचान न हो सके और वह आम श्रद्धालुओं की तरह पूजा-अर्चना कर सकें। पिता के साथ नाव पर बैठकर गंगा के बीच पहुंचीं। यहां काशी विश्वनाथ मंदिर के सामने पवित्र गंगा नदी में अपनी मां की अस्थियों का विसर्जन किया। इस पूरे धार्मिक अनुष्ठान को वाराणसी के आचार्य विकास पाण्डेय के मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। उनके साथ काशी के अरूण भी मौजूद रहे। धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के तुरंत बाद वह वापस लौट गईं। 2022 से तबीयत बिगड़ी हुई रहती थी जैकलीन फर्नांडिस की मां को साल 2022 में भी हार्ट स्ट्रोक हुआ था। उस समय उनका इलाज बहरीन में करवाया गया था। बताते चलें कि किम फर्नांडिस मनामा में रहती थीं, जबकि जैकलीन वर्क कमिटमेंट के चलते भारत में रह रही हैं। जैकलीन ने इंटरव्यू में कहा था, 'पापा का अगर मेरे साथ कुछ टकराव भरा होता था तो अक्सर मेरी मां मेरे पापा को समझाती थीं, क्योंकि उनका कम्युनिकेशन स्किल अमेजिंग है। तो दोनों ही सूरत में मेरी मां की चलती थी। मैं अगर पर मां कोई किताब लिखूं तो उसका टाइटल 'थ्रू हर आईज' होगा मेरी मां को इंडियन कुर्तियां बहुत पसंद हैं। मैं उनकी कुर्ती इंडिया से लाया करती हूं, वो उन्हें बेहद पसंद आती हैं।' 24 मार्च को जैकलीन की मां किम को हार्ट स्ट्रोक आया था 24 मार्च को जैकलीन की मां किम को हार्ट स्ट्रोक आया था, जिसके बाद उन्हें इमरजेंसी में मुंबई के लीलावती हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। उनकी हालत लगातार क्रिटिकल बनी हुई थी। 13 दिन ICU में भर्ती थीं। 6 अप्रैल 2025 को उनका निधन हो गया। एयर होस्टेस थीं जैकलीन की मां किमजैकलीन की मां किम फर्नांडीस मलेशिया की नागरिक थीं। वो एयर होस्टेस रह चुकी हैं। किम ने एलरॉय फर्नांडीस से शादी की जो एक श्रीलंकाई बिजनेस मैन हैं। जैकलीन के साथ उनके 4 बच्चे हैं। -------------------------------ये खबर भी पढ़ें… 'देखा है पहली बार गोरखपुर की आंखों में प्यार':माधुरी दीक्षित बोलीं- आपसे मिलकर बहुत खुशी हुई; धक-धक गाने पर फैंस झूमे गोरखपुर का प्यार हमेशा याद रहेगा। आपसे मिलकर बहुत खुशी हो रही है। आप की आंखों में एक प्यार झलक रहा है। यह देखकर मुझे अपनी ही फिल्म का डॉयलाग याद आ रहा है...देखा है पहली बार गोरखपुर की आंखों में प्यार। पढ़िए पूरी खबर
गोरखपुर का प्यार हमेशा याद रहेगा। आपसे मिलकर बहुत खुशी हो रही है। आप की आंखों में एक प्यार झलक रहा है। यह देखकर मुझे अपनी ही फिल्म का डॉयलाग याद आ रहा है...देखा है पहली बार गोरखपुर की आंखों में प्यार। चूंकि मैं पहली आ रही हूं और आप सभी से मिलकर बहुत आनंद और खुशी मिल रही है। जब नजर की बात होती है तो मुझे याद आता है मेरा डॉयलाग। यूं नजर की बात की और दिल चुरा गए। हम तो समझे थे बुद्ध आप तो धड़कन सुना गए। ये बातें रविवार को गोरखपुर पहुंची बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित ने कही। वह एक ज्वैलरी शॉप का उद्घाटन करने पहुंचीं थीं। इस दौरान सांसद और अभिनेता रवि किशन ने माधुरी दीक्षित को गोरखपुर शहर के बारे में बताया। कहा कि यह शहर संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ है। 3 तस्वीरें देखिए… धक-धक करने लगा गाने पर झूमे फैंस ज्वैलरी शॉप के उद्घाटन के समय जब माधुरी दीक्षित पहुंचीं तो उनका ‘धक-धक करने लगा’ गाने से स्वागत किया गया। इस दौरान फैंस भी माधुरी-माधुरी चिल्लाने लगे। उन्हें देखने के लिए फैंस की भीड़ जुट गई। लोग आसपास के घरों की छतों पर चढ़ गए। इस दौरान हॉस्टल के छत पर छात्राएं पहुंच गई और वहां से अपने मोबाइल के फ्लैश लाइट जलाकर स्वागत किया। सांसद रवि किशन बोले- पहले भोजपुरी के हिरोइन भी नहीं आना चाहती थीं सांसद और एक्टर रवि किशन ने कहा- बहुत अच्छा लगल सब लोगन के। पूज्य महाराज जी के दिल से धन्यवाद। ई बा गोरखपुर। एके कहल जा ला सरकार। जहां भोजपुरी के हिरोइन आवे के तैयार ना रहनि। आज ईहां के आवत बा माधुरी दीक्षित जी सुपर स्टार। रवि किशन बोले- माधुरी मैम के साथ मेरी आ रही फिल्म सांसद और एक्टर रवि किशन ने कहा- माधुरी मैम के बारे में सुनते ही मेरे पास फोन आने लगे कि मैम से हमे मिलवा दीजिए। वहां कहां रूकी हैं। मैम को देखकर लोग पागल हो गए हैं। उन्होंने कहा- हम लोगों की एक फिल्म भी आ रही है मां- बहन।………………….. ये खबर भी पढ़िए- खाना नहीं दिया तो सौतेली मां को मार डाला, सिर पर हथौड़े से किए ताबड़तोड़ वार, आरोपी बेटा गिरफ्तार संभल में युवक ने अपनी सौतेली मां के सिर पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर मार डाला। वह खाना देर से मिलने से नाराज था। चीखने की आवाज सुनकर जब पिता किचन में पहुंचे तो महिला जमीन पर पड़ी तड़प रही थी। चारों ओर खून बिखरा पड़ा था। पास ही हथौड़ा पड़ा हुआ था। अस्पताल ले जाने के पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया। पढ़ें पूरी खबर…
बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' बॉक्स ऑफिस पर रिलीज से पहले ही 100 करोड़ रुपए कमा लिए हैं। फिल्म ने वर्ल्डवाइड एडवांस बुकिंग (प्री-सेल्स) में 100 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर लिया है। शनिवार के कारोबार के अंत तक फिल्म का कुल ग्लोबल एडवांस कलेक्शन लगभग 101 करोड़ रुपए रहा। इसमें भारत से 44 करोड़ और विदेशी बाजारों (ओवरसीज) से 57 करोड़ रुपए आए हैं। बाहुबली 2 का रिकॉर्ड तोड़ा विदेशी बाजारों में फिल्म का जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। 'धुरंधर' ने सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के प्री-सेल्स रिकॉर्ड्स बदल दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया में फिल्म ने 1.05 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर की कमाई कर 'बाहुबली: द कंक्लूजन' का सालों पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ओवरसीज मार्केट में भारी डिमांड विदेशी मार्केट्स में फिल्म की डिमांड इतनी ज्यादा है कि कई जगहों पर सिनेमाघर पहले ही फुल (हाउसफुल) हो चुके हैं। नॉर्थ अमेरिका में एडवांस बुकिंग करीब 3.40 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। ट्रेड जानकारों का मानना है कि यह जल्द ही 4 से 5 मिलियन डॉलर के आंकड़े को छू लेगी। दर्शकों की भारी भीड़ को देखते हुए डिस्ट्रीब्यूटर्स और एग्जीबिटर्स सोमवार और मंगलवार को फिल्म के और ज्यादा शोज बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। 200 करोड़ के क्लब पर नजर वर्ल्डवाइड लेवल पर फिल्म की एडवांस बुकिंग आसानी से 150 करोड़ रुपए के पार निकल जाएगी। अगर भारत में फिल्म का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक रहा, तो प्री-सेल्स का आंकड़ा 200 करोड़ तक पहुंचना भी संभव लग रहा है। इससे पहले 'पुष्पा 2', 'लियो' और 'RRR' जैसी फिल्में इस आंकड़े के करीब रही हैं। हालांकि, अगर 'धुरंधर' वहां तक पहुंचती है, तो यह पहली ऐसी फिल्म होगी जो इस मुकाम को हासिल करेगी। धुरंधर को भी शानदार रिस्पॉन्स मिला था इससे पहले फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनिया भर में करीब ₹1,303 करोड़ की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन ₹1,005.85 करोड़ रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग ₹836.95 करोड़ हुआ। इसके साथ ही यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी सिंगल-लैंग्वेज फिल्म बन गई। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब ₹299.5 करोड़ का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने ₹193.06 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को बॉलीवुड स्टार सलमान खान से मुलाकात की है। अखिलेश यादव ने खुद सलमान खान के साथ अपनी एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अखिलेश यादव सलमान के पिता सलीम खान की सेहत का हाल जानने पहुंचे थे। हालांकि इस मीटिंग की कोई आधिकारिक वजह अब तक सामने नहीं आई है। इंस्टाग्राम पर शेयर की फोटो, लिखा- मुंबई मिलन अखिलेश यादव ने इस मुलाकात की तस्वीर पोस्ट करते हुए कैप्शन में 'मुंबई मिलन' लिखा है। फोटो में दोनों एक साथ पोज देते नजर आ रहे हैं। पोस्ट होते ही यह तस्वीर वायरल हो गई और कुछ ही घंटों में इसे लाखों लाइक्स मिल गए। वहीं फैन्स इस मुलाकात के पीछे के मकसद को लेकर कई तरह के कयास लगा रहे हैं। सलीम खान लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान को 17 फरवरी को सुबह ब्रेन से जुड़ी दिक्कत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सुबह करीब 8:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने उनकी स्थिति का आकलन किया। 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर जलील पारकर ने जानकारी दी थी कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिससे दिमाग की नसों की स्थिति और संभावित ब्लॉकेज को साफ तरीके से देखा जाता है। राजनेताओं से पुराने संबंध सलमान खान के परिवार के साथ अलग-अलग पार्टियों के राजनेताओं के पुराने संबंध रहे हैं। इससे पहले भी अखिलेश यादव और अन्य कई बड़े नेता सलमान और सलीम खान से मिलते रहे हैं। सलीम खान बॉलीवुड के दिग्गज लेखक हैं और उनकी तबीयत खराब होने की खबर के बाद से ही कई बड़ी हस्तियां खान परिवार का हाल जानने उनसे मिलने पहुंची हैं।
पॉपुलर यूट्यूबर अनुराग डोभाल की सेहत एक बार फिर गंभीर हो गई है। अनुराग ने इंस्टाग्राम लाइव में सुसाइड करने की कोशिश की थी। इस दौरान अनुराग रोड एक्सीडेंट का शिकार हो गए थे। उन्हे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 13 मार्च को हालत में सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी, लेकिन देहरादून शिफ्ट करने के दौरान रास्ते में ही उनकी तबीयत दोबारा बिगड़ गई। उन्हें फिर से पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। अनुराग के मैनेजर रोहित पांडे ने इंस्टाग्राम पर इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें अनुराग एम्बुलेंस में हैं और उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। मैनेजर ने बताया कि डॉक्टरों ने हालत स्थिर देखते हुए डिस्चार्ज किया था, लेकिन घर ले जाते समय अचानक उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी। मैनेजर बोले- हालत नाजुक, दुआओं की जरूरत मैनेजर रोहित पांडे ने सोशल मीडिया पर अपडेट देते हुए लिखा, 'कल अनुराग भाई की हालत स्थिर थी, इसलिए हम उन्हें देहरादून लेकर जा रहे थे। लेकिन दुर्भाग्य से रास्ते में ही उनकी कंडीशन खराब हो गई। वह अभी अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहे हैं। उन्हें तुरंत इलाज की जरूरत थी, इसलिए हमने उन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया है।' मैनेजर ने फैंस से उनके लिए दुआ करने की अपील की है। सुसाइड की कोशिश में फेफड़े हुए डैमेज अनुराग डोभाल की इस हालत की वजह कुछ दिन पहले हुआ एक भयानक हादसा है। इंस्टाग्राम पर लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान उन्होंने तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा दी थी। इस एक्सीडेंट में अनुराग के कूल्हे की हड्डियां टूट गई थीं और उनके फेफड़े भी बुरी तरह डैमेज हो गए थे। चोटों की वजह से उन्हें निमोनिया भी हो गया है, जिससे सांस लेने की समस्या और ज्यादा बढ़ गई है। परिवार पर लगाया था टॉर्चर का आरोप इस विवाद की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई थी जब अनुराग ने इंस्टाग्राम पर कई इमोशनल पोस्ट किए थे। 3 मार्च को उन्होंने लिखा था कि उन्हें मेंटली टॉर्चर किया जा रहा है। अनुराग ने वीडियो में दावा किया था, मुझसे मेरा परिवार, पैसा और रिश्ते सब छीन लिए गए हैं। अगर मुझे कुछ होता है, तो इसके जिम्मेदार मेरे मम्मी, पापा और भाई होंगे। इंटर-कास्ट मैरिज बनी विवाद का कारण अनुराग ने अपने आखिरी व्लॉग में बताया था कि रितिका के साथ उनकी इंटर-कास्ट मैरिज को लेकर परिवार खुश नहीं था। उन्होंने काफी कोशिश की, लेकिन घरवाले शादी में शामिल नहीं हुए। अनुराग का कहना था कि उन्हें न तो माता-पिता का प्यार मिला और न ही भाई का।
डायरेक्टर डेविड धवन ने कहा है कि उनके साथ काम करने वाले एक्टर्स में गोविंदा अब भी बेस्ट एक्टर हैं। डेविड अपने बेटे वरुण के साथ द ग्रेट इंडियन कपिल शो के ग्रैंड फिनाले में मेहमान बनकर पहुंचे हमान बनकर पहुंचे थे। शो के दौरान डेविड ने अपने पुराने दोस्त गोविंदा की जमकर तारीफ की। उन्होंने गोविंदा के सेट पर लेट आने की खबरों पर उनका बचाव किया और और बताया कि काम के टैलेंट के मामले में उनका कोई मुकाबला नहीं है। गोविंदा के लेट आने पर किया बचाव डेविड धवन ने गोविंदा के सेट पर लेट आने के पुराने विवादों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, लोग बोलते हैं ना कि वो सेट पर देर से आता है, आज कौन लेट नहीं आता? वो आता है और अपना काम पूरी तरह खत्म करके जाता है। डेविड ने आगे कहा कि उन्होंने बॉलीवुड के कई बड़े स्टार्स के साथ काम किया है, लेकिन उन सबमें गोविंदा उन्हें आज भी बेस्ट लगते हैं। वरुण बोले- पापा आज भी ची ची भैया को याद करते हैं एपिसोड के दौरान वरुण धवन ने बताया कि उनके पिता आज भी गोविंदा के काम के बहुत बड़े फैन हैं। वरुण ने कहा, आज भी जब कोई नया सीन लिखा जाता है, तो पापा को ची ची भैया (गोविंदा) की याद आती है। वे मुझसे कहते हैं कि अगर गोविंदा यहां होते, तो वे इसे कैसे करते? वे अक्सर मेरी तुलना सलमान खान, गोविंदा और अनिल कपूर से करते हैं। वरुण ने मजाकिया अंदाज में यह भी बताया कि अगर सेट पर कोई एक्टर खराब काम करे, तो डेविड माइक पर ही उसे 'ठंडा एक्टर' बोल देते हैं। पार्टनर फिल्म का सुनाया दिलचस्प किस्सा डेविड ने फिल्म 'पार्टनर' की शूटिंग का एक वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि गोविंदा ने चार पन्नों का लंबा सीन सिर्फ एक बार पढ़ा और उसे एक ही टेक में पूरा कर दिया। डेविड ने कहा, आप यकीन नहीं करेंगे, वह चार पन्नों का सीन था। मैंने शॉट सेट करना शुरू किया तो उसने कहा कि अभी सेट मत करो, बस मुझे परफॉर्म करते देखो। उस सीन में उसने ऐसी कलाबाजियां दिखाईं कि मैं दंग रह गया। गोविंदा वाकई कमाल का है। चश्मे बद्दूर' फिल्म ने बढ़ाई थी कड़वाहट डेविड और गोविंदा ने साथ में 'कुली नंबर 1', 'साजन चले ससुराल' और 'हीरो नंबर 1' जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। हालांकि, बाद में इनके रिश्तों में खटास आ गई थी। गोविंदा ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने डेविड को 'चश्मे बद्दूर' फिल्म का आइडिया दिया था, लेकिन डेविड ने उन्हें बिना बताए वह फिल्म किसी और के साथ बना ली। गोविंदा को इस बात का बुरा लगा कि उनके पुराने दोस्त ने उन्हें इस बारे में फोन तक नहीं किया। इसके बाद से दोनों के बीच दूरियां बढ़ गईं।
बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने अपनी कनाडाई नागरिकता पर खुलकर बात की है। इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अक्षय ने बताया कि उन्होंने कनाडा शिफ्ट होने का फैसला तब लिया था, जब उनकी बैक-टू-बैक 16-17 फिल्में फ्लॉप हो गई थीं। अक्षय ने साफ किया कि वह देशभक्ति वाली फिल्में अपनी कोई खास इमेज बनाने के लिए नहीं करते हैं, बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें वह विषय सही लगते हैं। लगातार फिल्में फ्लॉप हुईं तो लिया था फैसला अक्षय कुमार ने बताया कि उनके करियर में एक ऐसा दौर आया था जब उनकी 16-17 फिल्में लगातार फ्लॉप हो गई थीं। अक्षय के मुताबिक, मेरे पास काम तो था लेकिन सिर्फ 3-4 फिल्में बची थीं। उस वक्त मुझे लगा कि अब कुछ और करना चाहिए। मुझे कनाडा में काम मिल रहा था, तो मैंने वहां जाकर छोटा सा बिजनेस करने का प्लान बनाया था। इसी दौरान अक्षय ने कनाडा की नागरिकता ली और उन्हें वहां का पासपोर्ट मिल गया। किस्मत पलटी और भारत में ही रुक गया अक्षय ने कहा की कमाल की बात यह रही कि मेरी जो 3 फिल्में रिलीज होने वाली थीं, वो तीनों ही हिट हो गईं। मुझे फिर से भारत में काम मिलने लग गया। मैंने अपने दोस्त से कह दिया कि मैं अब नहीं आ रहा हूं और भारत में ही रहूंगा। उस बीच मैं पासपोर्ट वाली बात भूल गया। मेरे लिए वह सिर्फ एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट था। 'इमेज बनाने के लिए नहीं करता देशभक्ति फिल्में' जब अक्षय से पूछा गया कि क्या 'केसरी' जैसी फिल्में उन्होंने नेशनलिस्ट हीरो की इमेज बनाने के लिए कीं? इस पर उन्होंने कहा, मैं जो भी काम करता हूं, अपनी इमेज बनाने के लिए नहीं करता। मैं बहुत काम करता हूं, लेकिन देशभक्त की इमेज बनाने के लिए नहीं। मैं वो काम करता हूं जो मुझे अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि लोगों को लगता है कि मैं ट्रोलिंग से बचने के लिए ऐसी फिल्में करता हूं, जबकि ऐसा नहीं है। 'भारत में सबसे ज्यादा टैक्स भरा, फिर भी लोग बोलते हैं' ट्रोलिंग पर दुख जताते हुए अक्षय ने कहा, लोग मुझे कैनेडियन-कैनेडियन कहने लगे, तो मैंने पासपोर्ट ही बदल लिया। मुझे समझ नहीं आता कि लोग इतना क्यों बोलना चाहते हैं? वह सिर्फ एक पासपोर्ट था, जबकि मैं टैक्स भारत में भरता हूं। जब मैं कैनेडियन था, तब भी मैंने भारत में सबसे ज्यादा टैक्स भरा। मैंने कनाडा में कभी टैक्स नहीं भरा, लेकिन इसकी कोई बात नहीं करता। 2023 में मिली भारत की नागरिकता अक्षय कुमार के पास लंबे समय तक कनाडा की नागरिकता रही, जिसके कारण उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जाता था। साल 2023 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अक्षय ने जानकारी दी थी कि उन्हें अब भारतीय नागरिकता और पासपोर्ट मिल गया है। इससे पहले वे कनाडाई नागरिक होने के कारण भारत में वोट भी नहीं डाल पाते थे।
राजपाल यादव बोले:‘भूत बंगला’ में हॉरर और कॉमेडी दोनों, प्रियन सर की फिल्म के लिए रोल नहीं पूछता
अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन की फिल्म ‘भूत बंगला’ में राजपाल यादव भी नजर आएंगे। तीनों की यह तिकड़ी पहले ‘भूल भुलैया’ में काम कर चुकी है। राजपाल कहते हैं कि ‘भूत बंगला’ की कहानी सिर्फ एक हॉरर कॉमेडी नहीं, बल्कि एक रहस्य से भरी दुनिया है। टीजर में दिखाया गया ‘वधुसुर’ और मंगलपुर की हवेली दरअसल उस बड़े रहस्य की झलक भर है।' करीब 25 साल के करियर में सैकड़ों किरदार कर चुके राजपाल खुद को आज भी छात्र ही मानते हैं। वह कहते हैं कि ‘जब एक्टर किरदार की सोच को समझ लेता है तो उसकी बॉडी लैंग्वेज अपने आप बदल जाती है। मैं कभी किसी की नकल नहीं करता हूं।' प्रियन सर के साथ काम करना मनोरंजन का विज्ञान पढ़ने जैसा राजपाल बताते हैं कि, ‘प्रियदर्शन के साथ मेरा रिश्ता दो दशक से भी पुराना है। मैंने कभी उनसे स्क्रिप्ट तक नहीं पूछी। जब भी उनका फोन आता है, सिर्फ यही कहते हैं-राजपाल, आना है...' तो मैं बिना कुछ पूछे सेट पर पहुंच जाता हूं। इस फिल्म में हॉरर और कॉमेडी दोनों है। प्रियदर्शन सर के साथ काम करना किसी यूनिवर्सिटी में मनोरंजन का विज्ञान पढ़ने जैसा है। जहां हर एक्टर छात्र होता है।' ‘छोटा पंडित’ के बाद मेरा नया किरदार भी दर्शक पसंद करेंगे भूल भुलैया' के बाद से ‘छोटा पंडित’ के नाम से भी लोकप्रियता मिली। इस पर राजपाल का कहना है कि ‘कोई दबाव महसूस नहीं होता। एक कलाकार के लिए हर किरदार ‘रसगुल्ले’ की तरह होता है, छोटा हो या बड़ा उसका स्वाद मीठा ही होता है। ‘भूत बंगला’ में भी मेरा किरदार बारीकी से गढ़ा गया है और प्रियदर्शन सर ने इसमें आम आदमी के ऐसे शेड्स दिए हैं, जिनसे दर्शक आसानी से जुड़ पाएंगे और पसंद भी करेंगे।' ‘भूत बंगला’ की हवेली का आर्किटेक्चर ही डर पैदा करता है बकौल राजपाल, ‘किसी भी फिल्म में लोकेशन सिर्फ एक जगह नहीं बल्कि एक किरदार होती है। जहां ‘भूल भुलैया’ की हवेली में राजपूताना ठाठ और रहस्य का माहौल था, वहीं ‘भूत बंगला’ की हवेली का आर्किटेक्चर और अंधेरा अपने आप में अलग तरह का डर पैदा करता है। प्रियदर्शन सर ने इसे ब्यूटीफुल हॉरर की तरह ट्रीट किया है, जिससे दर्शकों को लगेगा कि वे खुद उस बंगले के भीतर मौजूद हैं।' अक्की पाजी के साथ काम करना हमेशा रोलर कोस्टर जैसा अक्षय के साथ फिर से काम करने को लेकर राजपाल कहते हैं कि ‘अक्की पाजी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह हर वक्त लाइव एक्टर जैसे रहते हैं। कैमरा ऑन हो या ऑफ, सेट पर उनका एनर्जी लेवल वही रहता है। शॉट के बीच भी दोनों कलाकार लगातार रिहर्सल करते रहते हैं और सीन में छोटे-छोटे इम्प्रोवाइजेशन जोड़ते हैं ताकि सीन और ज्यादा जीवंत बन सके। अक्षय के साथ काम करना हमेशा रोलर कोस्टर जैसा अनुभव होता है।'
एक्टर आर माधवन ने शनिवार को लोगों को एक फ्रॉड सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर अलर्ट किया, जो सोशल मीडिया पर लोगों से कॉन्टैक्ट करने के लिए उनके नाम का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह अकाउंट उनसे या उनकी टीम से किसी भी तरह जुड़ा नहीं है और इसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। माधवन ने शनिवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर उस फेक हैंडल का स्क्रीनशॉट शेयर किया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर कोई भी अन्य अकाउंट उन्हें रिप्रेजेंट नहीं करता और न ही उनकी ओर से लोगों से बात करता है। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि यह व्यक्ति खुद को उनका रिप्रेजेंटेटिव बताकर सोशल मीडिया पर लोगों से संपर्क कर रहा है, जो पूरी तरह फेक है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। माधवन ने यह भी कहा कि इंस्टाग्राम या किसी भी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके अलावा कोई और अकाउंट उनकी ओर से बात नहीं करता। इस मामले में जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ उचित कदम उठाए जा रहे हैं। फिल्म धुरंधर 2 में नजर आएंगे आर माधवन आर माधवन जल्द ही फिल्म “धुरंधर 2: द रिवेंज” में दिखाई देंगे। यह फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म “धुरंधर” का सीक्वल है। इसमें माधवन इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर अजय सान्याल की भूमिका निभाते नजर आएंगे।
विजय सेतुपति की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'महाराजा' का सीक्वल बनने जा रहा है। खुद विजय सेतुपति ने कन्फर्म किया है कि फिल्म के डायरेक्टर निथिलन समिनाथन ने दूसरे पार्ट की कहानी पूरी कर ली है। विजय ने कहा कि वे इस फिल्म की कहानी सुनने के लिए बहुत एक्साइटेड हैं। 2024 में रिलीज हुई फिल्म महाराजा ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की थी और अब इसके दूसरे पार्ट की तैयारी शुरू हो गई है। डायरेक्टर निथिलन ने तैयार की स्क्रिप्ट हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में विजय सेतुपति ने फिल्म के फ्यूचर प्लान पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि 'महाराजा 2' की कहानी पर काम पूरा हो चुका है। विजय ने कहा, निर्देशक निथिलन समिनाथन ने महाराजा 2 की कहानी पूरी कर ली है। मैं इसे जल्द ही सुनने के लिए बहुत एक्साइटेड हूं। हालांकि, एक्टर ने अभी यह साफ नहीं किया है कि फिल्म फ्लोर पर कब जाएगी। 2024 की सफल फिल्मों में से एक 'महाराजा' बता दें कि जून 2024 में रिलीज हुई 'महाराजा' विजय सेतुपति के करियर की 50वीं फिल्म थी। इस फिल्म में विजय ने एक ऐसे साधारण नाई का किरदार निभाया था, जिसकी जिंदगी में एक हादसा सब कुछ बदल देता है। फिल्म की सस्पेंस भरी कहानी और विजय सेतुपति की एक्टिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। 20 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन किया था। सीक्वल में क्या हो सकता है खास? 'महाराजा' के पहले पार्ट का क्लाइमेक्स और उसकी कहानी की बुनावट फिल्म की सबसे बड़ी ताकत थी। फिल्म में अनुराग कश्यप ने विलेन का रोल निभाया था। अब सीक्वल की खबर आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या कहानी वहीं से आगे बढ़ेगी या विजय सेतुपति किसी नए सस्पेंस के साथ पर्दे पर लौटेंगे।
जाकिर खान अस्पताल में एडमिट:छोटे भाई अरबाज के रमजान व्लॉग में लीलावती हॉस्पिटल में दिखे कॉमेडियन
कॉमेडियन जाकिर खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वह अस्पताल में भर्ती दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो जाकिर खान के छोटे भाई अरबाज खान ने अपने रमजान व्लॉग में शनिवार को शेयर किया था। व्लॉग में वह दर्शकों को अस्पताल का वह कमरा दिखाते हैं, जहां जाकिर भर्ती हैं। वीडियो में जाकिर एक हॉस्पिटल का गाउन पहने हुए दिख रहे हैं, जिस पर लीलावती हॉस्पिटल का नाम छपा हुआ है। वीडियो में जाकिर और उनके भाई को ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप के दौरान इंडिया बनाम इंग्लैंड मैच देखते हुए भी देखा जा सकता है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि जाकिर 5 मार्च के आसपास अस्पताल में एडमिट हुए। हालांकि अस्पताल में भर्ती होने का कारण अभी सामने नहीं आया है और यह भी जानकारी सामने नहीं आई है कि वह अभी भी अस्पताल में एडमिट हैं या नहीं। वीडियो वायरल होने के बाद फैंस ने सोशल मीडिया पर उनकी सेहत को लेकर सवाल पूछे और जल्द ठीक होने की कामना की। जाकिर ने स्टैंड-अप कॉमेडी से ब्रेक लेने की बात कही थी गौरतलब है कि यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब जाकिर ने हाल ही में स्टैंड-अप कॉमेडी से ब्रेक लेने की बात कही थी। जनवरी में हैदराबाद में एक शो के दौरान उन्होंने कहा था कि वह अपनी सेहत और कुछ अन्य चीजों पर ध्यान देने के लिए ब्रेक लेना चाहते हैं। हालांकि बाद में जाकिर खान ने हेल्थ को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि इस स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।
सत्ते पे सत्ता, कर्ज, हीरो जैसी फिल्मों में काम करने वाली सीनियर एक्ट्रेस मधु मल्होत्रा का 72 साल की उम्र में निधन हो गया। उनका निधन 13 मार्च को मुंबई में हुआ। ट्रेड मैगजीन ‘फिल्म इंफॉर्मेशन’ के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार 14 मार्च को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट में किया गया। हालांकि, अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है कि उनके निधन की वजह क्या थी। मधु मल्होत्रा ने 1975 में रामसे ब्रदर्स की हॉरर फिल्म अंधेरा से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद 1979 में शक्ति सामंत की फिल्म द ग्रेट गैम्बलर में उन्होंने अमिताभ बच्चन के किरदार जय की बहन की भूमिका निभाई। 1980 की फिल्म कर्ज में उन्होंने पिंकी का किरदार निभाया था। वहीं 1981 की फिल्म आस पास में वह प्रेम चोपड़ा के साथ नजर आई थीं। फिल्म सत्ते पे सत्ता में भी नजर आई थीं मधु मल्होत्रा ने 1982 की फिल्म सत्ते पे सत्ता में भी काम किया था, जिसका निर्देशन राज एन सिप्पी ने किया था। अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी स्टारर इस फिल्म में वह पेंटल के साथ नजर आई थीं। वहीं सुभाष घई की 1983 की फिल्म हीरो में मधु मल्होत्रा लोकप्रिय गीत “लंबी जुदाई” में जिप्सी महिला के किरदार में नजर आई थीं। इस फिल्म में जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्री मुख्य भूमिका में थे। बाद में उन्होंने 1992 की फिल्म हीर रांझा में अनिल कपूर की बहन का किरदार निभाया। 1993 की फिल्म किंग अंकल में उन्होंने मिसेज मलिक की भूमिका निभाई। वह 1998 की फिल्म गुलाम में भी नजर आई थीं। मधु मल्होत्रा आखिरी बार 2000 में रिलीज हुई मोहन भाकरी की फिल्म वो बेवफा थी में दिखाई दी थीं।
बॉलीवुड एक्टर आमिर खान ने 14 मार्च को अपना 61वां जन्मदिन घर पर परिवार और करीबी लोगों के साथ मनाया। इस मौके पर उनकी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट, पूर्व पत्नी किरण राव और बच्चे जुनैद, इरा व आजाद समेत परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। साथ ही पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान और उनकी पत्नी भी सेलिब्रेशन का हिस्सा बने। इरफान पठान ने इंस्टाग्राम पर सेलिब्रेशन का एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में आमिर केक काटते नजर आ रहे हैं। इरफान ने वीडियो के साथ लिखा, “आमिर भाई को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। इरा खान को अगत्सु फाउंडेशन के जरिए मेंटल हेल्थ के लिए अवेयरनेस और सपोर्ट पर काम करते देखना अच्छा लगा।” आमिर के जन्मदिन सेलिब्रेशन की तस्वीरें देखें- वर्क फ्रंट की बात करें तो आमिर खान आखिरी बार फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ में नजर आए थे, जो पिछले साल 20 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं, हाल ही में आमिर खान प्रोडक्शंस की फिल्म ‘एक दिन’ का ट्रेलर रिलीज किया गया है। इसमें आमिर के बेटे जुनैद खान और साई पल्लवी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
डायरेक्टर आदित्य धर और एक्टर रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज से पहले ही पेड प्रीव्यू में रिकॉर्ड बना दिया। ‘धुरंधर 2’ ने रिलीज से पहले पेड प्रीव्यू के जरिए करीब 27.13 करोड़ रुपए की कमाई की है। फिल्म ने ‘दे कॉल हिम ओजी’ और ‘बाहुबली 2’ को पीछे छोड़ दिया। यह कलेक्शन ‘स्त्री 2’ के 8.5 करोड़ के मुकाबले लगभग तीन गुना है। आमतौर पर निर्माता प्रदर्शन से पहले दर्शकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए कुछ चुनिंदा पेड प्रीव्यू शो रखते हैं। 19 मार्च को धुरंधर 2 रिलीज होगी। इससे पहले 18 मार्च को देशभर में 9550 पेड प्रीव्यू शो रखे गए हैं। इसकी 5.38 लाख टिकटें बिक चुकी हैं। मुंबई में एक टिकट की कीमत 3100 रुपए तक रही, जबकि दिल्ली में 2400 रुपए रही। इस तरह फिल्म रिलीज से पहले ही भारत में 27.13 करोड़ रुपए कमा चुकी है। यदि पहले से ब्लॉक की गई टिकटों को जोड़ लें तो कमाई 31.9 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी। दुनियाभर में बुक हुए पेड प्रीव्यू शो की कमाई देखें तो यह 60 करोड़ रुपए तक पहुंचती है। अमेरिका में 690 स्थानों पर 1765 शो रखे गए हैं। इनके 67 हजार टिकट बुक हो चुके हैं। पूरे उत्तरी अमेरिका में कमाई 13.1 लाख डॉलर (12.12 करोड़ रुपए) हो चुकी है। फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श के मुताबिक धुरंधर 2 हिंदी फिल्म इतिहास का नया बेंचमार्क गढ़ने जा रही है। रिलीज के पहले दिन 19 मार्च को फिल्म 200 करोड़ रुपए की वैश्विक कमाई कर सकती है। बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह के अलावा अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर. माधवन भी नजर आएंगे। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। इसके साथ ही ज्योति देशपांडे और लोकेश धर भी फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। फिल्म को जियो स्टूडियोज ने प्रेजेंट किया है और यह बी62 स्टूडियोज के बैनर तले बनी है। फिल्म को पांच भाषाओं - हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में रिलीज किया जाएगा। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था गौरतलब है कि फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनिया भर में करीब ₹1,303 करोड़ की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन ₹1,005.85 करोड़ रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग ₹836.95 करोड़ हुआ। इसके साथ ही यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी सिंगल-लैंग्वेज फिल्म बन गई है। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब ₹299.5 करोड़ का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने ₹193.06 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई है।
98वीं ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी कल यानी 16 मार्च को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में होगी। भारतीय समयानुसार इसे सुबह साढ़े 4 बजे से टेलीकास्ट किया जाएगा। इस साल भारत की कोई फिल्म ऑस्कर नॉमिनेशनल हासिल नहीं कर सकी है, हालांकि भारतीय मूल की फिल्ममेकर गीता गंदभीर की 2 डॉक्यूमेंट्री फिल्मों को ऑस्कर में नॉमिनेशन मिला है। प्रियंका चोपड़ा 2016 के बाद फिर एक बार ऑस्कर अवॉर्ड प्रेजेंट करने वाली हैं। 2 बार प्रेजेंटर बनने वालीं वो इकलौती भारतीय हैं। इस साल हॉलीवुड फिल्म सिनर ने 16 ऑस्कर नॉमिनेशन हासिल कर रिकॉर्ड बनाया है। अगर ये फिल्म 11 से ज्यादा ऑस्कर जीतने में सफल रहती है, तो ये दुनिया की सबसे ज्यादा ऑस्कर जीतने वाली फिल्म बन जाएगी। फिलहाल ये रिकॉर्ड 1997 की टाइटैनिक, 2003 की लॉर्ड्स ऑफ द रिंग और 1995 की बेन हर के पास है। ऑस्कर 2026 सेरेमनी से पहले जानिए इस साल की नॉमिनेशन लिस्ट और पढ़िए ऑस्कर के इतिहास, विवाद और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स की रोचक कहानी- ऑस्कर 2026 की नॉमिनेशनल लिस्ट देखिए- 98वें एकेडमी अवॉर्ड में सबसे ज्यादा 16 नॉमिनेशन अमेरिकन फिल्म सिनर्स को मिले हैं। इसी के साथ ये फिल्म ऑस्कर के इतिहास में सबसे ज्यादा नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्म बन चुकी है। इससे पहले ये रिकॉर्ड ऑल अबाउट ईव (1950), टाइटैनिक (1997) और ला ला लैंड (2016) के पास था, जिन्हें कुल 14 नॉमिनेशन मिले थे। बड़ा रिकॉर्ड कायम कर सकती है फिल्म सिनर्स रिकॉर्ड 16 नॉमिनेशनल हासिल करने वाली फिल्म सिनर्स अगर 11 या उससे ज्याद ऑस्कर जीतती है, तो ये फिल्म ऑस्कर के इतिहास में सबसे ज्यादा अवॉर्ड हासिल करने वाली फिल्म बन जाएगी। अब तक 11-11 ऑस्कर जीतने पर ये रिकॉर्ड बेन-हर (1995), टाइटैनिक (1997) और लॉर्ड ऑफ द रिंगः रिटर्न ऑफ द किंग (2003) के पास है। देखिए ऑस्कर 2026 के नॉमिनेशन की पूरी लिस्ट लियोनार्डो को मिला करियर का छठवां बेस्ट एक्टर नॉमिनेशन लियोनार्डो डीकैप्रियो को फिल्म वन बैटल आफ्टर अनदर के लिए बेस्ट एक्टर का नॉमिनेशन मिला है। वो अब तक कुल 6 ऑस्कर बेस्ट एक्टर नॉमिनेशन हासिल कर चुके हैं। साल 2015 की फिल्म रेनेनेंट के लिए उन्हें करियर का पहला बेस्ट एक्टर का ऑस्कर मिला था। लियोनार्डो की फिल्म वन बैटल आफ्टर अनदर को इस साल अलग-अलग कैटेगरी में 13 नॉमिनेशन मिले हैं। भारतीय मूल की गीता गंदभीर को मिले 2 ऑस्कर नॉमिनेशन गीता गंभदीर को ऑस्कर में दो नॉमिनेशन मिले हैं। पहला नॉमिनेशन उन्हें फिल्म द परफेक्ट नेबर के लिए बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म के लिए और दूसरा द डेविल इज बिजी के लिए बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म केटेगरी में मिला है। इससे पहले गीता 2 एमी अवॉर्ड्स भी जीत चुकी हैं। गीता के पिता शरद गंदभीर भारतीय थे, जो 1960 में यूएस जाकर बस गए थे। गीता का जन्म बॉस्टन में हुआ। उनकी फिल्म ए परफेक्ट नेबर फ्लोरिडा की अजीके की जिंदगी पर बनी है, जिनकी 2023 में पड़ोस में रहने वाली 58 साल की महिला ने हत्या कर दी थी। ऑस्कर के इतिहास में पहली बार मिलेगा बेस्ट कास्टिंग का अवॉर्ड 98वें ऑस्कर अवॉर्ड में नई कैटेगरी जोड़ी गई है। इस साल से बेस्ट कास्टिंग के लिए भी ऑस्कर दिया जाएगा, जबकि अब तक ये कैटेगरी ऑस्कर में शामिल नहीं थी। इस साल सिनर्स, मार्टी सुप्रीम, हेमनेट, वन बैटल आफ्टर अनदर और द सीक्रेट एजेंट फिल्मों के कास्टिंग डायरेक्टर्स को नॉमिनेशन मिला है। 98 साल में भारत की किसी फिल्म को नहीं मिला ऑस्कर ऑस्कर अवॉर्ड की शुरुआत साल 1929 में हुई। साल 1957 में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेट कैटेगरी के जरिए दुनियाभर की फिल्में ऑस्कर में भेजी जाने लगीं। इस कैटेगरी के आने के बाद 1957 में महबूब खान की फिल्म मदर इंडिया को ऑस्कर भेजा गया। ये ऑस्कर जाने वाली पहली फिल्म बनी। इसके बाद 1989 में ‘सलाम बॉम्बे’, 2003 में ‘लगान’ और 2004 में मराठी फिल्म ‘श्वास’ को फाइनल नॉमिनेशन मिला, लेकिन इनमें से कोई फिल्म अवॉर्ड हासिल नहीं कर सकी। बेस्ट फिल्म कैटेगरी में तो भारत ऑस्कर जीतने से चूक गया, लेकिन अब तक 9 भारतीय ऑस्कर जीत चुके हैं। भानू अथैया ऑस्कर जीतने वालीं पहली भारतीय हैं। जबकि ए.आर.रहमान इकलौते भारतीय हैं, जिन्हें 2 ऑस्कर मिल चुके हैं। उन्हें 2008 की फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर के गाने जय हो के लिए बेस्ट ओरिजिनल स्कोर और बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का अवॉर्ड मिला था। एक नजर ऑस्कर के इतिहास और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स पर- इन कारणों से विवादों में रही ऑस्कर सेरेमनी- विल स्मिथ ने सेरेमनी में होस्ट को थप्पड़ मारा 2022 में ऑस्कर सेरेमनी विल स्मिथ द्वारा क्रिस रॉक को मंच पर थप्पड़ मारने से सुर्खियों में रही। होस्ट क्रिस ने विल की पत्नी के गंजे सिर पर मजाक किया था। कुछ देर बार विल स्मिथ को फिल्म ‘किंग रिचर्ड’ के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला तो उन्होंने मंच पर एकेडमी से माफी मांगी, लेकिन उन्होंने क्रिस रॉक के लिए कुछ नहीं कहा। मार्लन ब्रांडो का ऑस्कर चोरी हुआ, लियोनार्डो डिकैप्रियो ने वही अवॉर्ड लौटाया 1954 की फिल्म ‘ऑन द वॉटरफ्रंट’ के लिए मार्लन ब्रांडो को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला था, जो उनके घर से चोरी हो गया था। कुछ समय बाद ‘टाइटैनिक’ एक्टर लियोनार्डो डिकैप्रियो को यही अवॉर्ड अमेरिकन फाइनेंसर जो लो ने तोहफे में दिया। जो लो ने लियोनार्डो की फिल्म ‘द वुल्फ ऑफ द वॉल स्ट्रीट’ में पैसे लगाए थे। जब जो लो पर धोखाधड़ी के केस की जांच बैठी और उनकी संपत्ति जब्त हुई तो लियोनार्डो को ये अवॉर्ड अधिकारियों को लौटाना पड़ा। जो लो ने अधिकारियों को बताया कि ये अवॉर्ड एक ऑक्शन में 6 लाख डॉलर (5.2 करोड रुपए) में खरीदा था। कचरे के ढेर में मिली थीं 52 ऑस्कर ट्रॉफी ऑस्कर अवॉर्ड 2000 से 20 दिन पहले 55 ट्रॉफी से भरा ट्रक चोरी हो गया था। जल्दबाजी में सेरेमनी के लिए नई ट्रॉफी बनवाई गईं। कुछ दिनों बाद एक शख्स को कचरे के ढेर में 52 ट्रॉफी मिलीं। एकेडमी को जानकारी दिए जाने के बाद उस शख्स को 5 हजार डॉलर का इनाम मिला था। बची हुईं 3 में से एक ट्रॉफी ड्रग रेड में मिली, लेकिन बची हुईं 2 ट्रॉफी आज भी लापता हैं। रिकवर हुईं सभी ट्रॉफी को नष्ट कर दिया गया था। लिफाफा बदलने से गलत फिल्म को मिला था बेस्ट पिक्चर का अवॉर्ड 2017 में बेस्ट पिक्चर कैटेगरी में ‘मूनलाइट’ फिल्म को अवॉर्ड दिया जाने वाला था, हालांकि अवॉर्ड प्रेजेंटर्स को जो लिफाफा मिला, उसमें फिल्म ‘ला ला लैंड’ का नाम लिखा गया था। अनाउंसमेंट होने के बाद प्रेजेंटर्स ने सही नाम की घोषणा कर माफी मांगी थी।
98वीं ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी कल यानी 16 मार्च को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में होगी। भारतीय समयानुसार इसे सुबह साढ़े 4 बजे से टेलीकास्ट किया जाएगा। इस साल भारत की कोई फिल्म ऑस्कर नॉमिनेशनल हासिल नहीं कर सकी है, हालांकि भारतीय मूल की फिल्ममेकर गीता गंदभीर की 2 डॉक्यूमेंट्री फिल्मों को ऑस्कर में नॉमिनेशन मिला है। प्रियंका चोपड़ा 2016 के बाद फिर एक बार ऑस्कर अवॉर्ड प्रेजेंट करने वाली हैं। 2 बार प्रेजेंटर बनने वालीं वो इकलौती भारतीय हैं। इस साल हॉलीवुड फिल्म सिनर ने 16 ऑस्कर नॉमिनेशन हासिल कर रिकॉर्ड बनाया है। अगर ये फिल्म 11 से ज्यादा ऑस्कर जीतने में सफल रहती है, तो ये दुनिया की सबसे ज्यादा ऑस्कर जीतने वाली फिल्म बन जाएगी। फिलहाल ये रिकॉर्ड 1997 की टाइटैनिक, 2003 की लॉर्ड्स ऑफ द रिंग और 1995 की बेन हर के पास है। ऑस्कर 2026 सेरेमनी से पहले जानिए इस साल की नॉमिनेशन लिस्ट और पढ़िए ऑस्कर के इतिहास, विवाद और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स की रोचक कहानी- ऑस्कर 2026 की नॉमिनेशनल लिस्ट देखिए- 98वें एकेडमी अवॉर्ड में सबसे ज्यादा 16 नॉमिनेशन अमेरिकन फिल्म सिनर्स को मिले हैं। इसी के साथ ये फिल्म ऑस्कर के इतिहास में सबसे ज्यादा नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्म बन चुकी है। इससे पहले ये रिकॉर्ड ऑल अबाउट ईव (1950), टाइटैनिक (1997) और ला ला लैंड (2016) के पास था, जिन्हें कुल 14 नॉमिनेशन मिले थे। बड़ा रिकॉर्ड कायम कर सकती है फिल्म सिनर्स रिकॉर्ड 16 नॉमिनेशनल हासिल करने वाली फिल्म सिनर्स अगर 11 या उससे ज्याद ऑस्कर जीतती है, तो ये फिल्म ऑस्कर के इतिहास में सबसे ज्यादा अवॉर्ड हासिल करने वाली फिल्म बन जाएगी। अब तक 11-11 ऑस्कर जीतने पर ये रिकॉर्ड बेन-हर (1995), टाइटैनिक (1997) और लॉर्ड ऑफ द रिंगः रिटर्न ऑफ द किंग (2003) के पास है। देखिए ऑस्कर 2026 के नॉमिनेशन की पूरी लिस्ट लियोनार्डो को मिला करियर का छठवां बेस्ट एक्टर नॉमिनेशन लियोनार्डो डीकैप्रियो को फिल्म वन बैटल आफ्टर अनदर के लिए बेस्ट एक्टर का नॉमिनेशन मिला है। वो अब तक कुल 6 ऑस्कर बेस्ट एक्टर नॉमिनेशन हासिल कर चुके हैं। साल 2015 की फिल्म रेनेनेंट के लिए उन्हें करियर का पहला बेस्ट एक्टर का ऑस्कर मिला था। लियोनार्डो की फिल्म वन बैटल आफ्टर अनदर को इस साल अलग-अलग कैटेगरी में 13 नॉमिनेशन मिले हैं। भारतीय मूल की गीता गंदभीर को मिले 2 ऑस्कर नॉमिनेशन गीता गंभदीर को ऑस्कर में दो नॉमिनेशन मिले हैं। पहला नॉमिनेशन उन्हें फिल्म द परफेक्ट नेबर के लिए बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म के लिए और दूसरा द डेविल इज बिजी के लिए बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म केटेगरी में मिला है। इससे पहले गीता 2 एमी अवॉर्ड्स भी जीत चुकी हैं। गीता के पिता शरद गंदभीर भारतीय थे, जो 1960 में यूएस जाकर बस गए थे। गीता का जन्म बॉस्टन में हुआ। उनकी फिल्म ए परफेक्ट नेबर फ्लोरिडा की अजीके की जिंदगी पर बनी है, जिनकी 2023 में पड़ोस में रहने वाली 58 साल की महिला ने हत्या कर दी थी। ऑस्कर के इतिहास में पहली बार मिलेगा बेस्ट कास्टिंग का अवॉर्ड 98वें ऑस्कर अवॉर्ड में नई कैटेगरी जोड़ी गई है। इस साल से बेस्ट कास्टिंग के लिए भी ऑस्कर दिया जाएगा, जबकि अब तक ये कैटेगरी ऑस्कर में शामिल नहीं थी। इस साल सिनर्स, मार्टी सुप्रीम, हेमनेट, वन बैटल आफ्टर अनदर और द सीक्रेट एजेंट फिल्मों के कास्टिंग डायरेक्टर्स को नॉमिनेशन मिला है। 98 साल में भारत की किसी फिल्म को नहीं मिला ऑस्कर ऑस्कर अवॉर्ड की शुरुआत साल 1929 में हुई। साल 1957 में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेट कैटेगरी के जरिए दुनियाभर की फिल्में ऑस्कर में भेजी जाने लगीं। इस कैटेगरी के आने के बाद 1957 में महबूब खान की फिल्म मदर इंडिया को ऑस्कर भेजा गया। ये ऑस्कर जाने वाली पहली फिल्म बनी। इसके बाद 1989 में ‘सलाम बॉम्बे’, 2003 में ‘लगान’ और 2004 में मराठी फिल्म ‘श्वास’ को फाइनल नॉमिनेशन मिला, लेकिन इनमें से कोई फिल्म अवॉर्ड हासिल नहीं कर सकी। बेस्ट फिल्म कैटेगरी में तो भारत ऑस्कर जीतने से चूक गया, लेकिन अब तक 9 भारतीय ऑस्कर जीत चुके हैं। भानू अथैया ऑस्कर जीतने वालीं पहली भारतीय हैं। जबकि ए.आर.रहमान इकलौते भारतीय हैं, जिन्हें 2 ऑस्कर मिल चुके हैं। उन्हें 2008 की फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर के गाने जय हो के लिए बेस्ट ओरिजिनल स्कोर और बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का अवॉर्ड मिला था। एक नजर ऑस्कर के इतिहास और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स पर- इन कारणों से विवादों में रही ऑस्कर सेरेमनी- विल स्मिथ ने सेरेमनी में होस्ट को थप्पड़ मारा 2022 में ऑस्कर सेरेमनी विल स्मिथ द्वारा क्रिस रॉक को मंच पर थप्पड़ मारने से सुर्खियों में रही। होस्ट क्रिस ने विल की पत्नी के गंजे सिर पर मजाक किया था। कुछ देर बार विल स्मिथ को फिल्म ‘किंग रिचर्ड’ के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला तो उन्होंने मंच पर एकेडमी से माफी मांगी, लेकिन उन्होंने क्रिस रॉक के लिए कुछ नहीं कहा। मार्लन ब्रांडो का ऑस्कर चोरी हुआ, लियोनार्डो डिकैप्रियो ने वही अवॉर्ड लौटाया 1954 की फिल्म ‘ऑन द वॉटरफ्रंट’ के लिए मार्लन ब्रांडो को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला था, जो उनके घर से चोरी हो गया था। कुछ समय बाद ‘टाइटैनिक’ एक्टर लियोनार्डो डिकैप्रियो को यही अवॉर्ड अमेरिकन फाइनेंसर जो लो ने तोहफे में दिया। जो लो ने लियोनार्डो की फिल्म ‘द वुल्फ ऑफ द वॉल स्ट्रीट’ में पैसे लगाए थे। जब जो लो पर धोखाधड़ी के केस की जांच बैठी और उनकी संपत्ति जब्त हुई तो लियोनार्डो को ये अवॉर्ड अधिकारियों को लौटाना पड़ा। जो लो ने अधिकारियों को बताया कि ये अवॉर्ड एक ऑक्शन में 6 लाख डॉलर (5.2 करोड रुपए) में खरीदा था। कचरे के ढेर में मिली थीं 52 ऑस्कर ट्रॉफी ऑस्कर अवॉर्ड 2000 से 20 दिन पहले 55 ट्रॉफी से भरा ट्रक चोरी हो गया था। जल्दबाजी में सेरेमनी के लिए नई ट्रॉफी बनवाई गईं। कुछ दिनों बाद एक शख्स को कचरे के ढेर में 52 ट्रॉफी मिलीं। एकेडमी को जानकारी दिए जाने के बाद उस शख्स को 5 हजार डॉलर का इनाम मिला था। बची हुईं 3 में से एक ट्रॉफी ड्रग रेड में मिली, लेकिन बची हुईं 2 ट्रॉफी आज भी लापता हैं। रिकवर हुईं सभी ट्रॉफी को नष्ट कर दिया गया था। लिफाफा बदलने से गलत फिल्म को मिला था बेस्ट पिक्चर का अवॉर्ड 2017 में बेस्ट पिक्चर कैटेगरी में ‘मूनलाइट’ फिल्म को अवॉर्ड दिया जाने वाला था, हालांकि अवॉर्ड प्रेजेंटर्स को जो लिफाफा मिला, उसमें फिल्म ‘ला ला लैंड’ का नाम लिखा गया था। अनाउंसमेंट होने के बाद प्रेजेंटर्स ने सही नाम की घोषणा कर माफी मांगी थी।
बॉलीवुड डायरेक्टर रोहित शेट्टी ने अपनी सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी गोलमाल के 20 साल पूरे होने पर फैंस को बड़ा सरप्राइज दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए आधिकारिक तौर पर ‘गोलमाल 5’ की शूटिंग शुरू होने का ऐलान कर दिया है। रोहित शेट्टी ने अपने पोस्ट में लिखा, “20 साल पहले ‘गोलमाल’ रिलीज हुई थी, एक ऐसी फिल्म जिसने मेरी जिंदगी बदल दी। इसका पूरा क्रेडिट आप सभी दर्शकों को जाता है। पिछले 20 सालों में हमने आपको खूब एंटरटेन किया और कभी-कभी निराश भी किया, लेकिन हमने हमेशा अपने काम के प्रति ईमानदारी बनाए रखी।” उन्होंने आगे लिखा कि अब उनकी शानदार टीम एक बार फिर नए सफर पर निकलने के लिए तैयार है। डायरेक्टर ने बताया कि ‘गोलमाल 5’ की शूटिंग शुरू हो चुकी है और इस बार भी उनका मकसद दर्शकों को भरपूर एंटरटेन करना है। पोस्ट के आखिर में उन्होंने लिखा, “आपका प्यार और सपोर्ट हमेशा मिला है। अब हमें सिर्फ आपके आशीर्वाद की जरूरत है। सिनेमाघरों में मुलाकात होगी।” दरअसल, ‘गोलमाल’ फ्रेंचाइजी बॉलीवुड की सबसे सफल कॉमेडी सीरीज में से एक मानी जाती है। इसकी शुरुआत 2006 में रिलीज हुई पहली फिल्म गोलमाल: फन अनलिमिटेड से हुई थी। इसके बाद गोलमाल रिटर्न्स (2008), गोलमाल 3 (2010) और गोलमाल अगेन (2017) ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। फ्रेंचाइजी की खास बात इसकी कॉमिक टाइमिंग, मजेदार कहानी और स्टारकास्ट रही है। इस सीरीज में आमतौर पर अजय देवगन, अरशद वारसी, तुषार कपूर, श्रेयस तलपड़े और कुणाल खेमू जैसे कलाकार नजर आते रहे हैं। हालांकि ‘गोलमाल 5’ में फाइनल कास्ट क्या होगी, इस बारे में अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। रोहित शेट्टी की इस घोषणा के बाद फैंस काफी एक्साइटेड हो गए हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कमेंट कर कहा कि वे एक बार फिर गोलमाल गैंग की मस्ती देखने का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि 20 साल पुरानी इस सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी का पांचवां पार्ट दर्शकों को कितना हंसाने में कामयाब होता है।
बॉलीवुड के मशहूर सिंगर-रैपर बादशाह को लॉरेंस गैंग ने जान से मारने की धमकी दी है। सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लिखा- पिछली बार चंडीगढ़ में क्लब पर फायरिंग की, इस बार सीधे माथे पर गोली मारेंगे। इसके साथ टटीरी सॉन्ग का भी जिक्र किया। करीब एक साल पहले सेक्टर-26 में 2 क्लबों के बाहर धमाके हुए थे। सेविले बार एंड लाउंज और डि'ओरा क्लब के बाहर हुए धमाके में क्लब के बाहर के शीशे टूट गए थे। सेविले बार एंड लाउंज क्लब के बादशाह भी पार्टनर हैं। लॉरेंस गैंग की पोस्ट… हम खबर को अपडेट कर रहे हैं…
रणवीर सिंह स्टारर स्पाई-एक्शन फिल्म ‘धुरंधर 2’ की एडवांस बुकिंग आज देशभर के सिनेमाघरों में शुरू हो गई है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इस साल की सबसे बड़ी ओपनिंग में से एक साबित हो सकती है। बड़े पैमाने पर बनाई गई यह फिल्म हाई-ऑक्टेन एक्शन, जासूसी और रिवेंज ड्रामा के दम पर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने की तैयारी में है। फिल्म को Jio Studios और B62 Studios मिलकर प्रेजेंट कर रहे हैं। मेकर्स ने इसे भव्य पैमाने पर तैयार किया है, जिसमें बड़े एक्शन सीक्वेंस, दमदार कहानी और इंटरनेशनल लेवल की प्रोडक्शन वैल्यू देखने को मिलेगी। रणवीर निभा रहे हैं दमदार किरदार फिल्म में रणवीर सिंह एक खतरनाक मिशन पर निकले स्पाई के किरदार में नजर आएंगे। कहानी बदले की भावना और गुप्त मिशनों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें देश की सुरक्षा के लिए अंडरकवर ऑपरेशन्स दिखाए जाएंगे। रणवीर के किरदार को फिल्म का सबसे बड़ा हाईलाइट माना जा रहा है, जिसमें उनका एक्शन और इंटेंस लुक देखने को मिलेगा। दमदार स्टारकास्ट से बढ़ी फिल्म की ताकत फिल्म में कई बड़े कलाकार भी अहम किरदार निभा रहे हैं।आर. माधवन रणनीतिक मास्टरमाइंड अजय सन्याल के रोल में नजर आएंगे, जबकि अर्जुन रामपाल आईएसआई मेजर इकबाल के रूप में दिखाई देंगे। वहीं संजय दत्त एसपी चौधरी असलम के ताकतवर किरदार में नजर आएंगे। इन सभी किरदारों की वजह से फिल्म की कहानी और भी ज्यादा इंटेंस और दिलचस्प बनने वाली है। पांच भाषाओं में रिलीज होगी फिल्म फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। वहीं इसे ज्योति देशपांडे और लोकेश धर ने प्रोड्यूस किया है। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में भी रिलीज किया जाएगा, जिससे यह पैन-इंडिया ऑडियंस तक पहुंचेगी। खास बात यह है कि फिल्म की रिलीज गुड़ी पड़वा और उगादी के मौके पर रखी गई है, जबकि इसके तुरंत बाद Eid al‑Fitr का त्योहार भी है। ऐसे में ट्रेड को उम्मीद है कि त्योहारों की छुट्टियों का फायदा फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को मिल सकता है। फिलहाल एडवांस बुकिंग खुलते ही कई शहरों में दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि रणवीर सिंह की यह स्पाई-एक्शन फिल्म रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर कितना बड़ा रिकॉर्ड बनाती है।
साउथ सिनेमा के दिग्गज निर्देशक एस. शंकर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वेलपरी’ को लेकर नया अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मेगा बजट फिल्म में अब रणवीर सिंह की जगह विक्की कौशल नजर आ सकते हैं। फिल्म में साउथ सुपरस्टार धनुष पहले से ही अहम भूमिका में बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘वेलपरी’ में दूसरे लीड रोल के लिए पहले रणवीर सिंह का नाम चर्चा में था। हालांकि अब वलाई पेचु की एक रिपोर्ट के अनुसार मेकर्स इस किरदार के लिए विक्की कौशल से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें कास्ट करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि फिल्म की स्टारकास्ट को लेकर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी प्रसिद्ध तमिल उपन्यास ‘वीर युग नायकन वेल परी’ पर आधारित है, जिसे लेखक सु. वेंकटेशन ने लिखा है। यह कहानी प्राचीन तमिलनाडु के प्रसिद्ध और उदार शासक वेलपरी के जीवन पर आधारित मानी जाती है। फिल्म को बड़े स्तर पर ऐतिहासिक ड्रामा के रूप में बनाने की तैयारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक शंकर इस प्रोजेक्ट को लंबे समय से बनाना चाहते थे और इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट मानते हैं। खबर यह भी है कि फिल्म के लिए धनुष से लंबी डेट्स मांगी गई हैं क्योंकि इसे बड़े पैमाने पर शूट करने की योजना है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार होता है, तो दर्शकों को पहली बार बड़े पर्दे पर धनुष और विक्की कौशल की नई जोड़ी देखने को मिल सकती है। वहीं रणवीर सिंह का नाम फिलहाल इस प्रोजेक्ट से बाहर बताया जा रहा है। वर्कफ्रंट की बात करें तो धनुष आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। वहीं विक्की कौशल भी कई फिल्मों में व्यस्त हैं और उनकी परफॉर्मेंस को लेकर इंडस्ट्री में काफी चर्चा रहती है। फिलहाल ‘वेलपरी’ को लेकर मेकर्स की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। अगर विक्की कौशल इस फिल्म में शामिल होते हैं तो यह बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बीच एक और बड़ी कोलैबोरेशन मानी जाएगी।
टीवी और फिल्म इंडस्ट्री को कई बड़े सितारे देने वाली प्रोड्यूसर एकता कपूर अब टैलेंट मैनेजमेंट की दुनिया में भी कदम रख रही हैं। उनके नेतृत्व वाली कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स ने नए टैलेंट मैनेजमेंट वेंचर ‘हुनर’ लॉन्च करने की घोषणा की है। यह नई कंपनी खास तौर पर कलाकारों को निखारने और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कहानी कहने और परफॉर्मेंस के कल्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है। ‘हुनर’ का मकसद बॉलीवुड और भारतीय टेलीविजन के स्थापित कलाकारों के साथ-साथ नए क्रिएटर्स और एक्टर्स को भी एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना है, जहां उन्हें सही दिशा और मौके मिल सकें। कंपनी के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म टैलेंट को सिर्फ रिप्रेजेंट करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कलाकारों की आर्टिस्टिक ग्रोथ पर भी काम करेगा। यहां कलाकारों को सही गाइडेंस, बेहतर अवसर और एक क्रिएटिव माहौल दिया जाएगा, जिससे वे अपने हुनर को निखार सकें और यादगार कहानियों का हिस्सा बन सकें। नए वेंचर के बारे में बात करते हुए एकता कपूर ने कहा कि बालाजी टेलीफिल्म्स में हमेशा से यह विश्वास रहा है कि टैलेंट तभी चमकता है, जब उसे सही माहौल और प्रोत्साहन मिले। उनके मुताबिक, ‘हुनर’ के जरिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने की कोशिश है, जहां कलाकारों को सिर्फ मैनेज नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें समझा भी जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी का मकसद कलाकारों को सोच-समझकर गाइडेंस देना, उनकी खूबियों के हिसाब से मौके तलाशने में मदद करना और उनके लंबे समय तक विकास में साथ देना है। एकता के अनुसार, यह पहल कलाकारों को एक्सपेरिमेंट करने और अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने का मौका देगी। इस नए वेंचर के लॉन्च को सेलिब्रेट करने के लिए मुंबई के प्रतिष्ठित फेयरमोंट मुंबई में एक एक्सक्लूसिव ‘हुनर लॉन्च पार्टी’ का आयोजन किया जाएगा। इस खास शाम में बॉलीवुड और टेलीविजन इंडस्ट्री के कई दिग्गज सितारे, क्रिएटर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और मीडिया से जुड़े लोग शामिल होंगे। एकता कपूर लंबे समय से नए टैलेंट को मौका देने के लिए जानी जाती हैं। उनके प्रोडक्शन हाउस ने इंडस्ट्री को कई बड़े कलाकार दिए हैं। ऐसे में ‘हुनर’ के जरिए वह अपने इसी विजन को और आगे बढ़ा रही हैं। इस पहल के साथ बालाजी टेलीफिल्म्स न सिर्फ कहानी कहने की अपनी विरासत को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कलाकारों के लिए एक ऐसा मंच भी तैयार कर रहा है, जहां वे सीख सकें, बढ़ सकें और अपनी पहचान बना सकें।
टीवी एक्टर विक्रम सिंह चौहन इन दिनों कलर्स के नए शो ‘दो दुनिया एक दिल’ में ‘शिवाय’ का किरदार निभाते नजर आ रहे हैं। हाल ही में दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान विक्रम ने डिजिटल दुनिया, ऑनलाइन फ्रॉड और दर्शकों की बदलती पसंद पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने फिल्मों में बढ़ रहे एंटी-हीरो और ग्रे किरदारों के ट्रेंड पर भी प्रतिक्रिया दी। विक्रम ने कहा कि धुरंधर और टॉक्सिक जैसी फिल्में भी एक आर्ट फॉर्म हैं और हर क्रिएटर को अपनी कहानी लोगों तक पहुंचाने का अधिकार है। उनके मुताबिक, अगर किसी को ऐसा कंटेंट सही नहीं लगता तो वह उसे न देखने का चुनाव भी कर सकता है। पेश है विक्रम सिंह चौहन से हुई बातचीत के कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: ‘दो दुनिया एक दिल’ में आपका किरदार दो अलग-अलग दुनिया के बीच कनेक्शन बनाता है। क्या आपको लगता है कि आज की टेक्नोलॉजी लोगों को जोड़ने से ज्यादा अलग कर रही है? जवाब: मुझे लगता है कि बैलेंस मेंटेन करना बहुत जरूरी है। अगर आप पूरी तरह डिजिटल दुनिया से दूर रहेंगे तो पीछे छूट जाएंगे, क्योंकि आजकल ज्यादातर काम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ही होता है। लेकिन अगर आप इसमें बहुत ज्यादा डूब जाते हैं, तो आपकी पर्सनल ग्रोथ और प्रोडक्टिविटी भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि हम दोनों दुनिया के बीच संतुलन बनाए रखें। सवाल: आज के समय में डिजिटल फ्रॉड और फेक आइडेंटिटी बड़ा मुद्दा बन चुका है। अगर आपको कभी ऑनलाइन फ्रॉड का सामना करना पड़े तो आप कैसे हैंडल करेंगे? जवाब:हमारे शो में भी बताया गया है कि अगर किसी के साथ ऑनलाइन फ्रॉड होता है, तो वह cyber.gov.in पर जाकर इसकी शिकायत कर सकता है। इसके अलावा कई हेल्पलाइन नंबर भी हैं, जहां कॉल करके रिपोर्ट की जा सकती है और पुलिस की मदद ली जा सकती है। मेरे साथ व्यक्तिगत रूप से ऐसा कभी नहीं हुआ, लेकिन इस शो के जरिए मुझे भी यह जागरूकता मिली है कि ऐसी स्थिति में कहां संपर्क करना चाहिए। सवाल: OTT और सोशल मीडिया के दौर में दर्शकों की पसंद काफी बदल गई है। क्या अब दर्शक ज्यादा रियल और अनफिल्टर्ड कहानियां देखना चाहते हैं? जवाब:मुझे लगता है कि दर्शक हमेशा से ही रियल और अनफिल्टर्ड कहानियां देखना चाहते थे। हर कोई कुछ नया, कुछ रॉ और असली महसूस कराने वाली कहानियां पसंद करता है। जिन कहानियों में ह्यूमन कनेक्शन और इमोशन होते हैं, वही दर्शकों को सबसे ज्यादा छूती हैं। सवाल: आजकल धुरंधर और टॉक्सिक जैसी फिल्मों में एंटी-हीरो या ग्रे किरदारों का ट्रेंड बढ़ रहा है। क्या टीवी पर भी इसका असर दिख रहा है? जवाब: मुझे लगता है कि यह एक आर्ट फॉर्म है और हर किसी को अपनी कला लोगों तक पहुंचाने का अधिकार है। अगर किसी को लगता है कि ऐसा कंटेंट उसके परिवार या समाज के लिए सही नहीं है, तो वह उसे न देखने का चुनाव कर सकता है। डिजिटल दुनिया में कई तरह का कंटेंट मौजूद है, जिनमें से कुछ चीजें इन फिल्मों से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि दर्शक समझदारी से अपनी पसंद का चुनाव करें।
एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री (शोबिज) में नए कलाकारों के शोषण को लेकर गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि मनोरंजन जगत में कई नए लोगों का यौन शोषण होता है और कुछ को तो देह व्यापार तक धकेल दिया जाता है। मेरी सहेली के साथ बातचीत में तनुश्री ने कहा कि इंडस्ट्री में आने वाले कई नए लोगों को पहले तारीफों और बड़े वादों से आकर्षित किया जाता है। उन्होंने कहा, “किसी को कहा जाता है कि आप हीरोइन बनेंगे या बड़े स्टार बनेंगे, लेकिन कई बार यही बातें आगे चलकर एक जाल की शुरुआत बन जाती हैं।” तनुश्री के अनुसार, कई लोग पहले नए कलाकारों की तारीफ करते हैं और फिर उन्हें अलग-अलग लोगों से मिलने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में कलाकारों को बहुत संयम और सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ता है। ‘यहां लालच का तरीका अलग होता है’- तनुश्री तनुश्री ने कहा कि बचपन में माता-पिता जो सावधान रहने की सीख देते हैं, वह बड़े होने के बाद भी लागू होती है। उन्होंने कहा कि जैसे बच्चों को अनजान लोगों के साथ न जाने की सलाह दी जाती है, वैसे ही इंडस्ट्री में भी सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने बताया कि यहां लालच अलग तरीके से दिया जाता है। उनके मुताबिक कई लोग कलाकारों की महत्वाकांक्षा, उम्मीदों और सपनों का इस्तेमाल करते हैं। तनुश्री ने कहा कि वह इन मुद्दों पर इसलिए बोलती हैं ताकि इंडस्ट्री में आने वाले नए लोगों को चेतावनी मिल सके। एक्ट्रेस ने यह भी कहा, “बहुत सारे लड़के-लड़कियां यहां आते हैं। उनका इस्तेमाल किया जाता है और उनका शोषण होता है, फिर उन्हें छोड़ दिया जाता है। कुछ लोग बाद में प्रॉस्टिट्यूशन में चले जाते हैं, क्योंकि उनके साथ इतना ज्यादा शोषण हो चुका होता है कि लोग उन्हें उस धंधे में धकेल देते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “कुछ लोग इतने ज्यादा मानसिक रूप से टूट जाते हैं कि अपने शहर वापस चले जाते हैं। और ये कहानियां कभी बाहर नहीं आतीं। बाहर सिर्फ सक्सेस की स्टोरीज ही दिखाई जाती हैं।” तनुश्री ने यह भी बताया कि उन्होंने एक एक्ट्रेस से दोस्ती खत्म कर दी थी, क्योंकि उस बातचीत में इंडस्ट्री में समझौते को सही ठहराने जैसी बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि अगर किसी से निजी रिश्ते में रहना उनकी इच्छा है तो वह अलग बात है, लेकिन वह अपनी जिंदगी का सौदा नहीं करेंगी। उन्होंने कहा , “मैं उस धंधे में नहीं हूं। मैं एक कलाकार हूं।”
बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले आमिर खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने सिर्फ हिट फिल्में ही नहीं दीं, बल्कि अभिनय और कहानी कहने के तरीके को भी नई दिशा दी है। 8 साल की उम्र में फिल्म ‘यादों की बारात’ से चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर कैमरे के सामने आने वाले आमिर ने आगे चलकर ‘लगान’, ‘गजनी’, ‘3 इडियट्स’ और ‘दंगल’ जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई। किरदार के लिए महीनों तैयारी करना, स्क्रिप्ट पर गहराई से काम करना और हर फिल्म में कुछ नया करने की कोशिश उनकी खास पहचान बन चुकी है। इतना ही नहीं शूटिंग के दौरान आमिर घड़ी नहीं देखते है, मोबाइल के जमाने में लंबे समय तक पेजर यूज किया। उनका मानना था कि तकनीक से ज्यादा जरूरी काम पर ध्यान देना है। यही वजह है कि उन्हें इंडस्ट्री में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है। आज आमिर खान 61वें जन्मदिन पर जानिए उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से, जो बताते हैं कि वे सिर्फ बड़े स्टार ही नहीं बल्कि अपने काम को लेकर बेहद समर्पित कलाकार भी हैं। 8 साल की उम्र में पहली बार कैमरे के सामने आमिर खान का फिल्मों से रिश्ता बचपन से ही जुड़ गया था। वे सिर्फ 8 साल की उम्र में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्म ‘यादों की बारात’ में नजर आए थे। यह फिल्म उनके चाचा नासिर हुसैन ने बनाई थी। उस समय आमिर को फिल्मों की दुनिया का ज्यादा अंदाजा नहीं था, लेकिन कैमरे के सामने आने का अनुभव उन्हें हमेशा याद रहा। बाद में उन्होंने अभिनय को ही अपना करियर बनाया और बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद अभिनेताओं में शामिल हो गए। उनका मानना है कि शुरुआती अनुभव ही किसी कलाकार के भीतर आत्मविश्वास पैदा करते हैं। फिल्म सेट ही बन गया एक्टिंग स्कूल बचपन में आमिर अक्सर अपने पिता और परिवार के साथ फिल्म के सेट पर जाया करते थे। वे घंटों बैठकर शूटिंग देखते और कलाकारों को अभिनय करते हुए देखते थे। यही उनका पहला एक्टिंग स्कूल बन गया। NDTV को दिए एक इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “मैं प्रशिक्षित अभिनेता नहीं हूं। मैंने अभिनय किसी संस्थान से नहीं सीखा, बल्कि सेट पर देखकर सीखा।” आमिर के मुताबिक हर फिल्म और हर किरदार उन्हें कुछ नया सिखाता है। यही वजह है कि वे हर रोल को बिल्कुल नए नजरिए से समझने की कोशिश करते हैं। स्कूल के दिनों में स्टेट लेवल टेनिस खिलाड़ी फिल्मों से पहले आमिर खान की जिंदगी में खेल का भी बड़ा स्थान था। स्कूल के दिनों में उन्हें टेनिस खेलने का बहुत शौक था और वे स्टेट लेवल टेनिस खिलाड़ी भी रह चुके हैं। खेल ने उन्हें अनुशासन और धैर्य सिखाया। यही गुण बाद में उनके अभिनय करियर में भी काम आए। आमिर अक्सर कहते हैं कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए लगातार अभ्यास और फोकस जरूरी होता है। खेल से मिली यह सीख उनके काम करने के तरीके में भी साफ नजर आती है। क्यों कहा जाता है ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान को बॉलीवुड में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है क्योंकि वे अपने किरदार के लिए महीनों तक तैयारी करते हैं। वे स्क्रिप्ट पढ़ने से लेकर किरदार की मानसिकता समझने तक हर चीज पर गहराई से काम करते हैं। NDTV से बातचीत के दौरान आमिर खान ने कहा था, “मैं खुद को परफेक्शनिस्ट नहीं मानता। मुझे बस अपने काम से प्यार है और मैं उसे ईमानदारी से करना चाहता हूं।” आमिर का कहना है कि किसी भी फिल्म को बेहतर बनाने के लिए पूरी टीम की मेहनत जरूरी होती है। एक सीन के लिए कई बार रिहर्सल आमिर खान एक सीन को परफेक्ट बनाने के लिए कई बार रिहर्सल करते हैं। अगर उन्हें लगता है कि सीन सही नहीं हुआ है तो वे बिना हिचकिचाहट के दोबारा शॉट देने के लिए तैयार रहते हैं। उनके साथ काम कर चुके कई कलाकार बताते हैं कि आमिर सेट पर बेहद फोकस्ड रहते हैं। उनका मानना है कि छोटी-छोटी चीजें ही किसी सीन को खास बनाती हैं। यही वजह है कि उनकी फिल्मों में अभिनय की गहराई अलग नजर आती है। शूटिंग के दौरान घड़ी नहीं देखते आमिर खान शूटिंग के दौरान समय से ज्यादा काम की गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं। वे सीन पूरा होने तक लगातार काम करते रहते हैं और घड़ी नहीं देखते। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “फिल्म बनाना टीमवर्क है। अगर हम सब मिलकर ईमानदारी से काम करें तो परिणाम भी बेहतर आता है।” मोबाइल के दौर में भी पेजर इस्तेमाल जब मोबाइल फोन तेजी से लोकप्रिय हो रहे थे, तब भी आमिर खान लंबे समय तक पेजर इस्तेमाल करते रहे। वे नई तकनीक अपनाने में जल्दबाजी नहीं करते थे। उनका मानना था कि तकनीक से ज्यादा जरूरी काम पर ध्यान देना है। यही कारण है कि वे सोशल मीडिया और नई तकनीक का इस्तेमाल भी बहुत सोच-समझकर करते हैं। सड़क किनारे पानी-पूरी खाने का किस्सा आमिर खान की सादगी के कई किस्से मशहूर हैं। एक बार वे सड़क किनारे पानी-पूरी खाने के लिए रुक गए और आम लोगों के साथ खड़े होकर चाट खाते नजर आए। वहां मौजूद लोगों को यह देखकर काफी हैरानी हुई। इतने बड़े स्टार का इस तरह आम लोगों के बीच बिना किसी दिखावे के खाना उनके स्वभाव की सादगी को दिखाता है। ‘लगान’ के लिए गांव में रहकर तैयारी फिल्म ‘लगान’ की शूटिंग के दौरान आमिर खान और पूरी टीम लंबे समय तक गांव में रही। इसका मकसद फिल्म के माहौल को असली बनाना था। कलाकारों ने क्रिकेट की खास ट्रेनिंग भी ली। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में आमिर खान ने बताया था, “हम चाहते थे कि फिल्म पूरी तरह असली लगे, इसलिए हम सबने उस माहौल में रहकर काम किया।” उनके मुताबिक यही कारण है कि फिल्म के कई दृश्य इतने वास्तविक लगे। ‘गजनी’ के लिए बनाया 8-पैक बॉडी फिल्म ‘गजनी’ के लिए आमिर खान ने अपने शरीर को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कड़ी ट्रेनिंग और सख्त डाइट के जरिए 8-पैक एब्स बनाए। उस समय बॉलीवुड में ऐसा ट्रांसफॉर्मेशन बहुत कम देखने को मिलता था। आमिर का यह लुक काफी चर्चा में रहा और फिटनेस के मामले में एक नया ट्रेंड भी बना। ‘दंगल’ के लिए वजन बढ़ाया और घटाया फिल्म ‘दंगल’ के लिए आमिर खान ने पहले लगभग 95 किलो तक वजन बढ़ाया ताकि वे उम्रदराज पहलवान पिता के किरदार में असली लगें। इसके बाद उन्होंने कुछ ही महीनों में वजन घटाकर एथलेटिक लुक हासिल किया। यह ट्रांसफॉर्मेशन दर्शकों के बीच काफी चर्चा में रहा। इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “अगर आप किरदार में सच दिखाना चाहते हैं तो आपको उसके लिए पूरी तरह समर्पित होना पड़ता है।” स्क्रिप्ट मीटिंग्स घंटों चलती हैं आमिर खान किसी भी फिल्म की स्क्रिप्ट को लेकर बेहद गंभीर रहते हैं। वे कहानी और किरदार पर गहराई से चर्चा करते हैं और कई बार स्क्रिप्ट मीटिंग्स कई-कई घंटों तक चलती हैं। उनका मानना है कि फिल्म की असली ताकत उसकी कहानी होती है। इसलिए वे स्क्रिप्ट को मजबूत बनाने में खास दिलचस्पी लेते हैं। नए डायरेक्टरों को मौका देने वाले स्टार आमिर खान ने अपने करियर में कई नए निर्देशकों के साथ काम किया है। उनका मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए नए विचार और नई प्रतिभा जरूरी है। इसी वजह से उनकी कई फिल्मों ने नए फिल्मकारों को बड़ी पहचान दिलाई। जॉन मैथ्यू मथान ने सरफरोश से निर्देशन की शुरुआत की और फिल्म बड़ी हिट रही। किरण राव की धोबी घाट और अद्वैत चंदन की सीक्रेट सुपरस्टार भी डेब्यू फिल्में थीं। वहीं आशुतोष गोवारिकर की लगान, नितेश तिवारी की दंगल, रीमा कागती की तलाश, कुणाल कोहली की फना और अभिनय देव की दिल्ली बेली, राजकुमार हिरानी की 3 इडियट्स,जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई। इन फिल्मों की सफलता के बाद ये निर्देशक इंडस्ट्री के बड़े नाम बन गए। तारे जमीन पर की कहानी अमोल गुप्ते लेकर आए थे। बाद में आमिर ने निर्देशन संभाला, लेकिन उन्होंने गुप्ते की कहानी और विजन को आगे बढ़ाया। डिस्लेक्सिया जैसे विषय पर बनी यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे संवेदनशील फिल्मों में गिनी जाती है और इसने अमोल गुप्ते को भी बड़ी पहचान दिलाई। ‘3 इडियट्स’ के लिए अलग अंदाज में प्रमोशन फिल्म ‘3 इडियट्स’ के प्रमोशन के दौरान आमिर खान ने एक अनोखा प्रयोग किया। वे अलग-अलग भेष में भारत के कई शहरों में घूमे और आम लोगों से मिले। इस दौरान लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि वे बॉलीवुड के बड़े स्टार से मिल रहे हैं। यह प्रमोशन उस समय काफी चर्चा में रहा। किरदार समझने के लिए असली लोकेशन पर जाते हैं आमिर खान अक्सर अपने किरदार को बेहतर तरीके से समझने के लिए असली लोकेशन पर जाकर समय बिताते हैं। वे वहां के लोगों से बात करते हैं और उनकी जिंदगी को समझने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि इससे अभिनय ज्यादा वास्तविक बनता है। हर फिल्म के बाद लंबा ब्रेक आमिर खान एक फिल्म खत्म होने के बाद अक्सर लंबा ब्रेक लेते हैं। वे इस दौरान अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं और नई फिल्मों की स्क्रिप्ट पढ़ते हैं। उनका मानना है कि लगातार काम करने से रचनात्मकता कम हो सकती है, इसलिए ब्रेक लेना जरूरी है। खुद को आज भी सीखने वाला कलाकार मानते हैं इतने लंबे करियर और सफलता के बावजूद आमिर खान खुद को आज भी सीखने वाला कलाकार मानते हैं। आउटलुक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “मैं परफेक्शन में विश्वास नहीं करता, मुझे लगता है खूबसूरती अपूर्णता में भी होती है।” उनका मानना है कि एक कलाकार को हमेशा सीखते रहना चाहिए, तभी वह अपने काम में नया कर सकता है। शायद यही वजह है कि अपने चार दशक लंबे करियर में भी आमिर लगातार नए प्रयोग करते रहे हैं। यही सोच उन्हें अलग बनाती है, और इसी दौरान उन्होंने अपने करियर में 11 रीमेक फिल्मों में भी काम किया है। __________________________________ बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.... अनुपम खेर@71; चेहरे पर लकवा मारा, फिर भी शूटिंग की:प्रोजेक्ट्स फ्लॉप हुए तो सिर्फ 400 रुपए बचे थे, रिकॉर्ड फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते एक लड़का, जिसने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय की तालीम हासिल की और बड़े ख्वाबों के साथ मुंबई पहुंचा। उसे एक फिल्म में शानदार किरदार मिला और उसने छह महीने तक पूरी लगन और मेहनत से उसकी तैयारी की। तभी अचानक खबर आई कि उसका रोल किसी और को दिया जा सकता है। मायूस होकर उसने मुंबई छोड़ने का फैसला कर लिया और आखिरी दफा फिल्म के डायरेक्टर महेश भट्ट से मिलने गया।पूरी खबर पढ़ें..

