रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 'धुरंधर 2' बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड ब्रेकिंग परफॉरमेंस के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज के लिए तैयार है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म 5 जून से जियो-हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। फिल्म का डिजिटल प्रीमियर 4 जून को शाम 7 बजे रखा गया है। वर्ल्डवाइड 3000 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन कर यह फ्रेंचाइजी भारत की सबसे सफल फिल्म सीरीज बन चुकी है। सोशल मीडिया पर हुई स्ट्रीमिंग की घोषणाफिल्म की ओटीटी रिलीज की जानकारी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर दी है। पोस्ट में लिखा गया, आंधी बनके जो आ रहा है उसे धुरंधर कहते हैं। देखिए धुरंधर: द रिवेंज, रॉ और अनदेखा। ग्रैंड डिजिटल प्रीमियर 4 जून शाम 7 बजे, स्ट्रीमिंग शुरू 5 जून से सिर्फ जियो-हॉटस्टार पर। भारत की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म धुरंधर: द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड बना रही है। फिल्म ने अब तक भारत में करीब ₹1144 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1795 करोड़ ग्रॉस कमाई कर ली है। फिल्म ने पेड प्रीव्यू से ₹75 करोड़ कमाकर नया रिकॉर्ड बनाया था और बाद में वर्ल्डवाइड कलेक्शन में बाहुबली 2: द कंक्लूजन को भी पीछे छोड़ दिया। यह भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है। धुरंधर और धुरंधर 2 ने मिलकर दुनियाभर में 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली। इसके बाद यह 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। जब किसी एक फिल्म की सफलता के बाद उसके एक से ज्यादा पार्ट बनाए जाते हैं तो वह एक फ्रेंचाइजी का रूप ले लेती है। फिल्म में लंबी स्टारकास्ट इस सीक्वल में रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में हैं। उनके अलावा फिल्म में संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, सारा अर्जुन, गौरव गेरा, राकेश बेदी और ब्रजेंद्र काला जैसे कलाकार नजर आएंगे। बता दें कि इस फ्रेंचाइजी के पहले हिस्से में अक्षय खन्ना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म को ज्योति देशपांडे और आदित्य धर ने मिलकर जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। अर्जुन बोले- ऐसी फिल्म से इतिहास बनता हैफिल्म में मेजर इकबाल का किरदार निभाने वाले एक्टर अर्जुन रामपाल ने इस सफलता पर खुशी जताई है। हाल ही में उन्होंने ANI से बातचीत में कहा, इतनी बड़ी फिल्म का हिस्सा बनना हर किसी का सपना होता है। करियर में ऐसी फिल्म मिलना बहुत जरूरी है, क्योंकि आप एक तरह से इतिहास का हिस्सा बन जाते हैं। जब आप ऐसी फिल्म से जुड़ते हैं, तो इसका फायदा पूरी टीम को मिलता है। आदित्य धर ने अलग सोच के साथ किया कास्टमेजर इकबाल के रोल में अपनी कास्टिंग को याद करते हुए अर्जुन ने बताया कि उन्होंने डायरेक्टर आदित्य धर से पूछा था कि वे उन्हें इस रोल में कैसे देखते हैं। इस पर आदित्य ने कहा था, मैंने आपकी सभी फिल्में देखी हैं। मुझे पता है कि आप इस किरदार में जो भी नयापन लाएंगे, वो बिल्कुल अलग होगा। अर्जुन के मुताबिक, यहीं से उनका सफर शुरू हुआ और फिल्म ने कामयाबी की नई दास्तान लिख दी।
एक्ट्रेस आलिया भट्ट कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने लुक्स को लेकर चर्चा में रहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा। कुछ वीडियो वायरल होने के बाद दावा किया गया कि इंटरनेशनल पैपराजी ने उन्हें इग्नोर किया। अब एक्टर सोनू सूद आलिया के समर्थन में उतरे हैं। सोनू ने लोगों से अपील की है कि वे इंटरनेशनल स्टेज पर भारतीय कलाकारों का हौसला बढ़ाएं, न कि उनकी कमियां ढूंढें। सोनू सूद बोले- कांस में खड़ा होना ही बड़ी उपलब्धिसोनू सूद ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज शेयर किया है। हालांकि उन्होंने पोस्ट में सीधे तौर पर आलिया का नाम नहीं लिया, लेकिन फैंस इसे आलिया के सपोर्ट में देख रहे हैं। सोनू ने लिखा, जब हमारा कोई इंटरनेशनल स्टेज पर जाता है, तो यह गर्व का पल होना चाहिए, कमियां निकालने का नहीं। हर उपलब्धि को कैमरों, हेडलाइंस या अजनबियों की वाहवाही की जरूरत नहीं होती। वहां खड़े होकर ग्रेस के साथ अपने क्राफ्ट का प्रतिनिधित्व करना ही बड़ी उपलब्धि है। दूसरों को नीचे गिराने वालों के पास सपने नहीं होतेसोनू ने ट्रोलिंग कल्चर पर तंज कसते हुए आगे लिखा, आज की दुनिया को ट्रोल करने की लत लग गई है, लेकिन आप दूसरों का हौसला बढ़ाना चुनें। जो लोग अपने सपने पूरे करने में बिजी होते हैं, उनके पास दूसरों को नीचे गिराने का वक्त नहीं होता। चमकते रहो मेरे दोस्त, जिन्हें तुम्हारी रोशनी देखनी थी उन्होंने देख ली। आलिया ने भी ट्रोल को दिया मजेदार जवाबइससे पहले आलिया ने भी अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक ट्रोल को जवाब दिया था। एक यूजर ने आलिया की आइवरी साड़ी वाली फोटो पर कमेंट किया था- कितने दुख की बात है, वहां किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया। इस पर आलिया ने शांति और शालीनता से जवाब दिया, दुख कैसा प्यार? आपने तो मुझे नोटिस किया । अली गोनी और राहुल वैद्य ने भी उठाई आवाजआलिया के सपोर्ट में केवल सोनू सूद ही नहीं, बल्कि टीवी एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैद्य भी सामने आए। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि यह देखना दुखद है कि जब कोई भारत को ग्लोबल लेवल पर रिप्रजेंट कर रहा है, तो हमारे अपने ही लोग उसका मजाक उड़ा रहे हैं। राहुल वैद्य ने भी लोगों से भारतीय कलाकारों के प्रति दयालु रहने की अपील की। लगातार दूसरी बार कांस पहुंचीं आलियाआलिया भट्ट ने इस साल लगातार दूसरी बार कांस फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 2025 में यहां अपना डेब्यू किया था। इस साल आलिया ने भारत पैवेलियन के लिए आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन और फिल्म स्क्रीनिंग के लिए सिंड्रेला स्टाइल का ब्लू गाउन चुना था।
एक्ट्रेस आलिया भट्ट कांस फिल्म फेस्टिवल 2026 में अपने लुक्स को लेकर चर्चा में रहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा। कुछ वीडियो वायरल होने के बाद दावा किया गया कि इंटरनेशनल पैपराजी ने उन्हें इग्नोर किया। अब एक्टर सोनू सूद आलिया के समर्थन में उतरे हैं। सोनू ने लोगों से अपील की है कि वे इंटरनेशनल स्टेज पर भारतीय कलाकारों का हौसला बढ़ाएं, न कि उनकी कमियां ढूंढें। सोनू सूद बोले- कांस में खड़ा होना ही बड़ी उपलब्धिसोनू सूद ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज शेयर किया है। हालांकि उन्होंने पोस्ट में सीधे तौर पर आलिया का नाम नहीं लिया, लेकिन फैंस इसे आलिया के सपोर्ट में देख रहे हैं। सोनू ने लिखा, जब हमारा कोई इंटरनेशनल स्टेज पर जाता है, तो यह गर्व का पल होना चाहिए, कमियां निकालने का नहीं। हर उपलब्धि को कैमरों, हेडलाइंस या अजनबियों की वाहवाही की जरूरत नहीं होती। वहां खड़े होकर ग्रेस के साथ अपने क्राफ्ट का प्रतिनिधित्व करना ही बड़ी उपलब्धि है। दूसरों को नीचे गिराने वालों के पास सपने नहीं होतेसोनू ने ट्रोलिंग कल्चर पर तंज कसते हुए आगे लिखा, आज की दुनिया को ट्रोल करने की लत लग गई है, लेकिन आप दूसरों का हौसला बढ़ाना चुनें। जो लोग अपने सपने पूरे करने में बिजी होते हैं, उनके पास दूसरों को नीचे गिराने का वक्त नहीं होता। चमकते रहो मेरे दोस्त, जिन्हें तुम्हारी रोशनी देखनी थी उन्होंने देख ली। आलिया ने भी ट्रोल को दिया मजेदार जवाबइससे पहले आलिया ने भी अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर एक ट्रोल को जवाब दिया था। एक यूजर ने आलिया की आइवरी साड़ी वाली फोटो पर कमेंट किया था- कितने दुख की बात है, वहां किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया। इस पर आलिया ने शांति और शालीनता से जवाब दिया, दुख कैसा प्यार? आपने तो मुझे नोटिस किया । अली गोनी और राहुल वैद्य ने भी उठाई आवाजआलिया के सपोर्ट में केवल सोनू सूद ही नहीं, बल्कि टीवी एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैद्य भी सामने आए। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि यह देखना दुखद है कि जब कोई भारत को ग्लोबल लेवल पर रिप्रजेंट कर रहा है, तो हमारे अपने ही लोग उसका मजाक उड़ा रहे हैं। राहुल वैद्य ने भी लोगों से भारतीय कलाकारों के प्रति दयालु रहने की अपील की। लगातार दूसरी बार कांस पहुंचीं आलियाआलिया भट्ट ने इस साल लगातार दूसरी बार कांस फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने 2025 में यहां अपना डेब्यू किया था। इस साल आलिया ने भारत पैवेलियन के लिए आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन और फिल्म स्क्रीनिंग के लिए सिंड्रेला स्टाइल का ब्लू गाउन चुना था।
बॉलीवुड में स्पोर्ट्स ड्रामा की विश्वसनीयता हमेशा एक बड़ी कसौटी रही है और इसी कसौटी पर खरे उतरने के लिए पुलकित सम्राट ने अपनी अपकमिंग नेटफ्लिक्स सीरीज़ ‘ग्लोरी’ में खुद को पूरी तरह ढाल दिया है। हाल ही में रिलीज हुई इस सीरीज में वह एक प्रोफेशनल बॉक्सर के रोल में नजर आ रहे हैं। ट्रेलर लॉन्च के दौरान उन्होंने पेशेवर बॉक्सर नीरज गोयत के साथ लाइव रिंग में उतरकर सभी को चौंका दिया था। एक्टर से फाइटर जैसा बनने की जर्नी काफी चैलेंजिंग रही पुलकित के ट्रेनर ड्रयू नील के मुताबिक उनका मकसद केवल उन्हें बॉक्सिंग सिखाना नहीं था, बल्कि उन्हें एक असली बॉक्सर में बदलना था। ड्रयू ने इस प्रक्रिया को एक इंस्पायरिंग जर्नी बताया, जिसमें पुलकित को सिर्फ रिंग में सही दिखना ही नहीं, बल्कि एक फाइटर की तरह सोचना और महसूस करना भी सिखाया गया। ड्रयू के अनुसार उन्होंने शूटिंग से करीब 9 महीने पहले ट्रेनिंग शुरू की, जो बेहद कम समय माना जाता है। तैयारी में सिर्फ फिटनेस नहीं, फंक्शनल स्ट्रेंथ पर रहा फोकसबॉक्सर बनने की तैयारी में सबसे बड़ा बदलाव पुलकित की फिटनेस अप्रोच में आया। जहां आमतौर पर एक्टर्स स्क्रीन पर अच्छे दिखने के लिए मसल्स पर काम करते हैं, वहीं ड्रयू ने उनके शरीर को फंक्शनल बनाने पर जोर दिया। पुलकित पहले से ही फिट और रिप्ड थे, लेकिन उन्हें रिंग के हिसाब से मजबूत बनाने के लिए उनका वजन संतुलित किया गया ताकि वह मुकाबले के दौरान लंबे समय तक टिक सकें और प्रभावी प्रदर्शन कर सकें। हजारों रियल पंच मारे, पूरी ट्रेनिंग शरीर की असली परीक्षा भी हुई ट्रेनिंग का सबसे कठिन हिस्सा था स्टैमिना और रिपिटेशन। ड्रयू के मुताबिक पुलकित को रोजाना हजारों जैब्स और क्रॉसेस मारने पड़ते थे, जिससे उनके कंधों पर जबरदस्त दबाव पड़ा। यह उनके लिए नया अनुभव था, क्योंकि पहले उन्होंने इस तरह की लगातार पंचिंग ट्रेनिंग नहीं की थी। शरीर को लंबे समय तक लगातार एक्टिव रखने और उसी तीव्रता से प्रदर्शन करने के लिए उन्हें कड़े मैराथन सेशन्स से गुजरना पड़ा। पुलकित के इस सफर की गवाह उनकी पत्नी और कृति खरबंदा भी रहीं, जिन्होंने उनकी मेहनत की सराहना की और एक इमोशनल नोट भी शेयर किया।
फिल्ममेकर मीरा नायर ने हाल ही में मशहूर चित्रकार अमृता शेरगिल के जीवन से प्रेरित अपनी नई फिल्म ‘अमरी’ का ऐलान किया। इसके बाद से इंडस्ट्री में एक बार फिर अमृता प्रीतम की भी बायोपिक को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। खबरें सामने आते ही बॉलीवुड में उस दूसरी ‘अमृता’ यानि अमृता प्रीतम की अधूरी कहानी फिर याद की जाने लगी, जिस पर सालों से फिल्म बनाने की कोशिशें होती रही हैं। भंसाली का ड्रीम प्रोजेक्ट बनकर रह गई ‘गुस्ताखियां’ अमृता प्रीतम की जिंदगी को बड़े परदे पर उतारने की सबसे बड़ी कोशिश संजय लीला भंसाली ने की थी। ‘गुस्ताखियां’ नाम के प्रोजेक्ट पर वह लंबे समय तक काम करते रहे हैं। शाहरुख- प्रियंका के नाम ने भी बटोरी थीं सुर्खियां भंसाली की फिल्म के लिए पहले ऐश्वर्या राय बच्चन का नाम सामने आया था। बाद में करीना कपूर खान भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ीं। हालांकि, मेल लीड और डेट्स की समस्याओं के चलते फिल्म आगे नहीं बढ़ पाई। भंसाली के अलावा डायरेक्टर जसमीत के. रीन ने भी अमृता प्रीतम और साहिर की कहानी पर काम शुरू किया था। शाहरुख खान, रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के जरिए इसे प्रोड्यूस कर करने वाले थे और संभवतः खुद साहिर का किरदार भी प्ले करते। वहीं, अमृता प्रीतम के रोल के लिए सबसे ज्यादा चर्चा प्रियंका चोपड़ा जोनास के नाम की थी। ‘अमरी’ का रिस्पॉन्स मेकर्स को देगा एक नई हिम्मत माना जा रहा है कि अगर ‘अमरी’ दर्शकों और क्रिटिक्स के बीच चर्चा का विषय बनती है, तो फिल्ममेकर्स फिर से अमृता प्रीतम की कहानी को बड़े परदे पर लाने का रिस्क ले सकते हैं। फिलहाल, हिंदी सिनेमा की यह सबसे चर्चित अधूरी बायोपिक्स में से एक बनी हुई है, जिसका इंतजार दर्शकों को सालों से है। जानकारों के मुताबिक, अमृता प्रीतम की कहानी में प्रेम, दर्द, विद्रोह और साहित्य का ऐसा मेल है, जो बड़े परदे के लिए परफेक्ट माना जाता है। साहिर लुधियानवी के लिए उनका प्रेम, उनकी कविताएं और बाद में इमरोज के साथ उनका रिश्ता हमेशा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। यही वजह है कि हर दौर के बड़े फिल्ममेकर्स उनकी जिंदगी को बेहद सिनेमैटिक मानते रहे हैं।
मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी से हुई 16.24 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में बीएमसी (BMC) के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। आरोपियों ने टैक्स सेटलमेंट और इन्वेस्टमेंट के नाम पर जाफरी परिवार को अपनी साजिश में फंसाया। बीएमसी नोटिस से हुई ठगी की शुरुआत ठगी की शुरुआत अप्रैल 2024 में हुई। हबीबा जाफरी को उनके अंधेरी स्थित बंगले का प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए बीएमसी से एक नोटिस मिला। इसी दौरान एक परिचित के जरिए उनकी मुलाकात बीएमसी जी-साउथ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल से हुई। पाटिल ने पहले टैक्स सेटलमेंट का भरोसा दिया और फिर उन्हें बांद्रा (पश्चिम) के 'न्यू कमलकुंज' कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश करने का लालच दिया। भरोसा जीतने के लिए दिखाईं फर्जी रिपोर्ट्स असिस्टेंट कमिश्नर ने हबीबा की मुलाकात कारोबारी निशित पटेल से कराई। निशित ने खुद को बड़े बिल्डरों का पार्टनर बताया और दावा किया कि इस प्रोजेक्ट में पहले से 150 करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। जाफरी परिवार का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने घर जाकर नक्शे, फर्जी लेटरहेड और विदेशी बैंकों के साथ प्री-लीज एग्रीमेंट के कागजात दिखाए। उन्होंने वादा किया कि दिसंबर 2025 तक उन्हें कमर्शियल स्पेस का कब्जा मिल जाएगा। घर पर की फर्जी रजिस्ट्री साजिश को असली दिखाने के लिए आरोपी रूपेश, देवेंद्र पडवल और उनके साथी सरकारी मशीनों जैसी डिवाइस लेकर जाफरी परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने घर पर ही हबीबा के फोटो, फिंगरप्रिंट और हस्ताक्षर लिए और दावा किया कि सरकारी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो गई है। बाद में उन्हें दस्तावेजों की फोटोकॉपी थमा दी गई। जब असली कागजात मांगे गए, तो बिल्डर के पास होने का बहाना बनाया गया। फ्लैट और बंगला बेचकर जुटाए 16.24 करोड़ आरोपियों के झांसे में आकर जावेद जाफरी, उनकी पत्नी हबीबा और भाई नावेद जाफरी ने अपनी संपत्तियां बेचकर पैसा जुटाया। पुलिस के मुताबिक, यह रकम पूजन टेक्नोलॉजीज, उदित ट्रेडर्स और एशियन फूड जैसी शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई। कुल 16.24 करोड़ की ठगी में कैश के अलावा विदेशी करेंसी और एक लग्जरी घड़ी भी शामिल है। निशित 19 मई तक पुलिस रिमांड पर धोखाधड़ी का अहसास होने पर हबीबा जाफरी ने खार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने निशित पटेल को पकड़ लिया। निशित ने पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात कबूल ली है। कोर्ट ने उसे 19 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब फरार चल रहे असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
ओटीटी के दौर में ऐसी फिल्मों की कमी नहीं है जो समाज के कड़वे सच को सामने लाने का दावा करती हैं। कर्तव्य भी उसी रास्ते पर चलती नजर आती है। फिल्म जातिवाद, ऑनर किलिंग, पाखंडी बाबाओं का नेटवर्क, सिस्टम की सड़ांध और इंसानियत जैसे कई गंभीर मुद्दों को एक साथ छूने की कोशिश करती है। ऊपर से सैफ अली खान, रसिका दुग्गल और संजय मिश्रा जैसे मजबूत कलाकार भी हैं। सुनने में सब कुछ दमदार लगता है, लेकिन दिक्कत यह है कि फिल्म अपने इरादों जितनी मजबूत बन नहीं पाती। कहना बहुत कुछ चाहती है, मगर असर उतना नहीं छोड़ पाती। इस फिल्म की लेंथ एक घंटा 49 मिनट है। इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 2 स्टार की रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी क्या है? कहानी हरियाणा के काल्पनिक कस्बे झामली में सेट है, जहां ईमानदार पुलिस अफसर पवन (सैफ अली खान) अपनी नौकरी को सिर्फ वर्दी नहीं, जिम्मेदारी मानता है। मामला तब उलझता है जब एक पत्रकार, जो इलाके के प्रभावशाली बाबा आनंद श्री के काले राज खोलने में जुटी होती है, झामली पहुंचती है। लेकिन सच सामने आने से पहले ही उसकी हत्या हो जाती है। यहीं से कहानी एक ऐसे जाल में उतरती है, जहां गायब हो रहे बच्चे, ऑनर किलिंग, जातिगत दबाव और सत्ता का डरावना खेल एक एक कर सामने आने लगता है। दूसरी तरफ पवन के घर में भी उथल पुथल मच जाती है, जब उसका छोटा भाई समाज की तय सीमाओं के खिलाफ जाकर दूसरी जाति में शादी कर लेता है। फिल्म कई जगह यह सवाल पूछती है कि इंसान का असली कर्तव्य क्या है। परिवार के प्रति जिम्मेदारी, नौकरी का फर्ज या सच के साथ खड़े रहने की हिम्मत? मुद्दे मजबूत हैं, लेकिन कहानी कई बार खुद अपनी धार खो देती है। जहां जोरदार टकराव चाहिए होता है, वहां फिल्म खुद को थोड़ा संभाल लेती है। कई ट्विस्ट पहले से समझ आने लगते हैं और थ्रिलर वाला रोमांच लगातार नहीं बन पाता। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? सैफ अली खान इस फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी हैं। लंबे समय बाद पुलिस अफसर के किरदार में वह जमे हुए लगते हैं। उनके चेहरे पर जिम्मेदारी का बोझ, भीतर का गुस्सा और सिस्टम से लड़ने की बेचैनी साफ दिखती है। अच्छी बात यह है कि उनका किरदार सिर्फ एक ‘हीरो पुलिसवाला’ बनकर नहीं रह जाता, बल्कि इंसानी कमजोरी भी दिखाता है। संजय मिश्रा अपनी मौजूदगी महसूस कराते हैं, लेकिन उनका किरदार जितना असर छोड़ सकता था, उतना मौका उसे मिला नहीं। रसिका दुग्गल कम स्क्रीन टाइम में भी अपनी छाप छोड़ती हैं, लेकिन उनके हिस्से में ज्यादा कुछ आता नहीं। फिल्म में सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं युधवीर अहलावत। दबाव, डर और मजबूरी के बीच पिसते एक लड़के के किरदार में वह कई जगह बेहद सच्चे लगते हैं और भावनात्मक असर छोड़ते हैं। हालांकि, फिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा उसका विलेन साबित होता है। सौरभ द्विवेदी, बाबा आनंद श्री के रोल में, उतना डर या रहस्य पैदा नहीं कर पाते जिसकी कहानी को जरूरत थी। उनका किरदार कई जगह खतरनाक कम और सतही ज्यादा लगता है, जिससे फिल्म का बड़ा संघर्ष कमजोर पड़ जाता है। फिल्म का डायरेक्शन और तकनीकी पहलू कैसा है? डायरेक्टर पुलकित की मंशा अच्छी नजर आती है। फिल्म अपनी गति बनाए रखती है और लगातार कुछ न कुछ होता रहता है, इसलिए बोरियत महसूस नहीं होती। लेकिन सिर्फ तेज रफ्तार से कहानी असरदार नहीं बनती, उसके लिए गहराई भी चाहिए और वही यहां थोड़ी कम महसूस होती है। सबसे ज्यादा खटकती है फिल्म की विजुअल ट्रीटमेंट। कहानी जिस कच्चे, धूल भरे और बेचैन माहौल की मांग करती है, स्क्रीन पर वह पूरी तरह नजर नहीं आता। हरियाणा की कठोर दुनिया जरूरत से ज्यादा साफ और चमकदार दिखती है। नतीजा यह होता है कि कहानी की गंदगी और डर दर्शक तक पूरी ताकत से पहुंच ही नहीं पाता। डायलॉग्स कुछ जगह अच्छे हैं और हरियाणवी टोन भी पकड़ते हैं। बैकग्राउंड स्कोर कहानी पर हावी नहीं होता, जो अच्छी बात है। लेकिन थ्रिलर वाला तनाव और सस्पेंस कई जगह फीका पड़ जाता है। फिल्म की कमियां फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी राइटिंग है। कर्तव्य बहुत सारे मुद्दों को छूती जरूर है, लेकिन किसी एक पर पूरी ताकत से चोट नहीं कर पाती। ऑनर किलिंग का दर्द हो, जातिगत राजनीति का डर या सिस्टम की सड़ांध, सब कुछ थोड़ा थोड़ा दिखता है लेकिन पूरी गहराई से नहीं। कई किरदार आधे अधूरे लगते हैं और कहानी कई बार पहले से देखी हुई सी महसूस होती है। फिल्म हर मुश्किल मोड़ पर रिस्क लेने के बजाय सुरक्षित रास्ता चुनती दिखती है, और यही इसकी धार को कमजोर कर देता है। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? कर्तव्य बुरी फिल्म बिल्कुल नहीं है। इसके पास जरूरी मुद्दे हैं, अच्छे कलाकार हैं और कुछ असरदार पल भी हैं। लेकिन यह हर बार उस मुकाम पर पहुंचकर रुक जाती है, जहां इसे और ज्यादा तीखा, गुस्से वाला और बेखौफ होना चाहिए था। सैफ अली खान की ईमानदार परफॉर्मेंस फिल्म को संभालने की पूरी कोशिश करती है, लेकिन कमजोर लेखन और सुरक्षित कहानी इसे ऊपर उठने नहीं देती। यह फिल्म कई जरूरी सवाल उठाती है, लेकिन जवाब देने से पहले ही धीरे से पीछे हट जाती है।
सुपरस्टार रजनीकांत की आने वाली तमिल फिल्म 'जेलर 2' के सेट पर करंट लगने से एक कर्मचारी की मौत हो गई है। यह हादसा चेन्नई के ईस्ट कोस्ट रोड (ECR) पर पनैयूर स्थित आदित्यराम फिल्म सिटी के एक सेट पर हुआ। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक की पहचान 28 साल के कार्तिकेयन के तौर पर हुई है। यह हादसा पनैयूर में शूटिंग की जगह पर हुआ। मिली जानकारी के मुताबिक, कार्तिकेयन फिल्म की शूटिंग के लिए घर जैसा सेट तैयार करने का काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें जोरदार करंट लगा, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, कार्तिकेयन आर्ट डायरेक्शन से जुड़े काम में लगे हुए थे। कनाथुर पुलिस ने बताया कि मामले में अभी FIR दर्ज नहीं हुई है। पुलिस फिलहाल उस परिस्थिति की जांच कर रही है, जिसकी वजह से बिजली का लीकेज हुआ। जेलर 2 की शूटिंग पूरी हो चुकी यह घटना उस घोषणा के कुछ दिनों बाद हुई है, जब फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी सन पिक्चर्स ने बताया था कि जेलर 2 की शूटिंग पूरी हो चुकी है। 21 अप्रैल को मेकर्स ने सोशल मीडिया पर रैप-अप पार्टी की तस्वीरें शेयर की थीं, जिनमें रजनीकांत और डायरेक्टर नेल्सन कलाकारों और क्रू के साथ केक काटते नजर आए थे। फिल्म की रिलीज डेट बदल सकती है रजनीकांत ने पहले मीडिया को बताया था कि फिल्म 12 जून को रिलीज हो सकती है। वहीं, हाल ही में पिंकविला की रिपोर्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि फिल्म की रिलीज डेट में बदलाव हो सकता है। अब फिल्म को 4 सितंबर 2026 को रिलीज किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह तारीख कृष्ण जयंती के मौके पर पड़ रही है। फिल्म 2023 की ब्लॉकबस्टर जेलर का सीक्वल है। इसमें राम्या कृष्णन, योगी बाबू और मिर्ना अपने पुराने किरदारों में लौटेंगे। पहली फिल्म में मोहनलाल, शिवराजकुमार और जैकी श्रॉफ ने कैमियो किया था। विनायकन, वसंत रवि, तमन्ना भाटिया और सुनील भी अहम रोल में दिखे थे। सैकनिल्क के मुताबिक, लगभग ₹200 करोड़ के बजट में बनी जेलर ने दुनिया भर में ₹604.5 करोड़ की कमाई की थी। साउथ फिल्मों के सेट पर पहले भी हादसे हुए गौरतलब है कि इससे पहले भी साउथ फिल्मों के सेट पर हादसे हुए हैं। फिल्म ‘सरदार 2’ के सेट पर 54 वर्षीय स्टंटमैन एस. एलुमलाई की मौत स्टंट रिहर्सल के दौरान 20 फीट ऊंचाई से गिरने के कारण हुई थी। वहीं, कमल हासन की फिल्म ‘इंडियन 2’ के सेट पर 19 फरवरी 2020 को बड़ा हादसा हुआ था। यह हादसा चेन्नई के EVP फिल्म सिटी में रात के शूट के दौरान हुआ। शूटिंग के समय एक बड़ी क्रेन पर भारी लाइटिंग सेट लगाया गया था। अचानक क्रेन गिर गई और वहां मौजूद कई लोग उसकी चपेट में आ गए। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में असिस्टेंट डायरेक्टर कृष्णा, आर्ट असिस्टेंट चंद्रन और प्रोडक्शन असिस्टेंट मधु शामिल थे। कई अन्य लोग घायल भी हुए थे। हादसे के बाद पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज किया था।
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को त्रिमूर्ति फिल्म्स और फिल्म 'धुरंधर 2' के प्रोड्यूसर्स के बीच कॉपीराइट विवाद में त्रिमूर्ति फिल्म्स को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। मामला गाने ‘तिरछी टोपीवाले (ओए ओए)’ से जुड़ा है। त्रिमूर्ति फिल्म्स ने 'धुरंधर 2' की OTT रिलीज रोकने की मांग की थी। जिसको कोर्ट ने रोकने से इनकार कर दिया। हालांकि, जस्टिस तुषार राव गेडेला ने सुपर कैसेट्स को चार हफ्ते के अंदर कोर्ट में 50 लाख रुपए जमा करने का निर्देश दिया। मामले में शिकायतकर्ता त्रिमूर्ति फिल्म्स (राजीव राय) हैं और प्रतिवादियों में सुपर कैसेट्स (टी-सीरीज) तथा B62 स्टूडियोज शामिल हैं। बता दें कि सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को दुनिया भर में टी-सीरीज के नाम से जाना जाता है। कोर्ट ने कहा कि इस समय वादी की मांग के अनुसार अंतरिम आदेश देना संभव नहीं है, लेकिन त्रिमूर्ति फिल्म्स के दावे को सुरक्षित करने के लिए जमा राशि की मांग करना सही होगा। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह रकम रजिस्ट्रार जनरल के नाम पर जमा की जाए और ऑटो-रिन्यूअल में रखी जाए। ट्रायल के अंत में सफल पक्ष को इसका लाभ मिलेगा। आदेश की विस्तृत कॉपी अभी जारी नहीं हुई है। क्या है पूरा मामला? प्रोडक्शन कंपनी त्रिमूर्ति फिल्म्स ने फिल्ममेकर आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस B62 स्टूडियोज के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन का केस दायर किया था। कंपनी का आरोप था कि फिल्म 'धुरंधर 2' के गाने 'रंग दे लाल (ओए ओए)' में 1989 की फिल्म 'त्रिदेव' के फेमस गाने 'तिरछी टोपीवाले (ओए ओए)' और उससे मिलती-जुलती धुन का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया। त्रिमूर्ति फिल्म्स का दावा था कि गाने के अधिकार उसके पास हैं और बिना लाइसेंस इसके इस्तेमाल से कॉपीराइट का उल्लंघन हुआ। कंपनी ने फिल्म की थिएटर रिलीज, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और प्रमोशनल कंटेंट में गाने के व्यावसायिक उपयोग पर भी आपत्ति जताई। 'तिरछी टोपीवाले' मुख्य रूप से नसीरुद्दीन शाह और सोनम पर फिल्माया गया था। गाने का संगीत कल्याणजी-आनंदजी ने तैयार किया था। इसे अमित कुमार और सपना मुखर्जी ने गाया था और इसके बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे। वहीं, नए वर्जन 'रंग दे लाल (ओए ओए)' को जैस्मिन सैंडलस, अफसाना खान, अमित कुमार और रेबल ने आवाज दी है। इसका संगीत शाश्वत सचदेव ने तैयार किया है और गाने में कल्याणजी-आनंदजी को भी क्रेडिट दिया गया है। गाने ‘तिरछी टोपीवाले’ से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 की OTT रिलीज मध्य मई तक नहीं होगी:गाने रंग दे लाल को लेकर कॉपीराइट केस में मेकर्स ने कोर्ट को दिया आश्वासन आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस B62 स्टूडियोज प्राइवेट लिमिटेड ने 9 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट को यह आश्वासन दिया था कि वह फिल्म धुरंधर: द रिवेंज को मई 2026 के मध्य तक किसी भी OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं करेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…
एक्टर रणबीर कपूर ने अयोध्या के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ‘द सरयू’ में जमीन खरीदी है। यह प्रोजेक्ट द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा (HoABL) का प्रीमियम प्लॉटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट है। न्यूज एजेंसी ANI ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कंपनी की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह डील 3.31 करोड़ रुपए में हुई है। खरीदी गई जमीन का कुल क्षेत्रफल 2,134 वर्ग फीट है। अमिताभ बच्चन के बाद 'द सरयू' में निवेश करने वाले रणबीर कपूर दूसरे बड़े एक्टर बने हैं। ‘द सरयू’ 75 एकड़ में फैला प्रोजेक्ट है, जो सरयू नदी के किनारे स्थित है। इस प्रोजेक्ट में ग्रैंड क्लब हाउस, 35 से ज्यादा लाइफस्टाइल सुविधाएं और द लीला होटल्स का पांच एकड़ में बनने वाला शुद्ध शाकाहारी लग्जरी होटल शामिल है। रणबीर बोले- अयोध्या ने मुझे चुना रणबीर ने बयान में कहा कि उन्हें लगता है कि अयोध्या ने उन्हें चुना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या भारत के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है और ‘द सरयू’ में यह जमीन उनके परिवार की विरासत का हिस्सा बनेगी। HoABL के चेयरमैन अभिनंदन लोढ़ा ने कहा कि अयोध्या सांस्कृतिक और आर्थिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, टूरिज्म और दुनिया भर का ध्यान खींचने की वजह से शहर में लंबे समय तक विकास की संभावना है। उन्होंने कहा कि रणबीर कपूर का इन्वेस्टमेंट दिखाता है कि खरीदार अयोध्या को न केवल इमोशनली बल्कि भविष्य के नजरिए से भी एक महत्वपूर्ण इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में देख रहे हैं। ‘रामायण’ में भगवान राम बनेंगे रणबीर गौरतलब है कि यह इन्वेस्टमेंट ऐसे समय में सामने आया है, जब रणबीर डायरेक्टर नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। हनुमान जयंती के मौके पर फिल्म से रणबीर का भगवान राम के रूप में लुक भी सामने आया था। देखें भगवान राम के लुक की झलक- फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित और राजकुमार जैसे बड़े सितारों के साथ काम कर चुके दिग्गज फिल्ममेकर केसी बोकड़िया इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘तीसरी बेगम’ को लेकर चर्चा में हैं। लव जिहाद, ट्रिपल तलाक और धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बनी इस फिल्म को लेकर उन्होंने दैनिक भास्कर से खुलकर बातचीत की। बोकाड़िया ने बताया कि फिल्म एक सच्ची घटना से प्रेरित है और इसका मकसद किसी धर्म को निशाना बनाना नहीं, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर सवाल रखना है। उन्होंने सेंसर बोर्ड से विवाद, कोर्ट तक पहुंची लड़ाई और अपनी कन्विक्शन पर भी बेबाक राय रखी। सवाल: ‘तीसरी बेगम’ बनाने की प्रेरणा कहां से मिली? जवाब: एक असली घटना से। मैं एक परिचित के घर गया था, जहां उसने गर्व से बताया कि उसकी तीन पत्नियां हैं- मुस्लिम, राजपूत और ब्राह्मण। वहीं से मेरे मन में सवाल आया कि अलग संस्कार और खान-पान वाली लड़कियां ऐसे माहौल में कैसे एडजस्ट करती होंगी। उसी सोच से फिल्म की कहानी बनी। सवाल: फिल्म में लव जिहाद, ट्रिपल तलाक और हलाला जैसे मुद्दे दिख रहे हैं। इतने विवादित विषय पर फिल्म बनाने में डर नहीं लगा? जवाब: नहीं। मैंने जो देखा और महसूस किया, वही फिल्म में दिखाया। मेरा मकसद किसी धर्म को गलत बताना नहीं, बल्कि उन लड़कियों की मानसिक स्थिति दिखाना है जो अलग माहौल में जाकर संघर्ष करती हैं। मैंने इसे संतुलित तरीके से पेश किया है। सवाल: फिल्म में क्या दिखाया गया है? जवाब: फिल्म में एक ब्राह्मण लड़की शादी के बाद मुस्लिम परिवार में जाती है। वहां उसे नाम बदलने, तौर-तरीके अपनाने और नई जिंदगी में ढलने का दबाव झेलना पड़ता है। कहानी में उसकी परेशानी, संघर्ष और बाहर निकलने की कोशिश दिखाई गई है। सवाल: क्या फिल्म में धर्म परिवर्तन और जबरदस्ती जैसे मुद्दे भी हैं? जवाब: हमने दिखाया है कि कई बार लड़कियों को बड़े-बड़े सपने दिखाकर शादी की जाती है। बाद में उन्हें सच्चाई पता चलती है। फिल्म सिर्फ समस्या नहीं दिखाती, यह भी बताती है कि फैसले सोच-समझकर लेने चाहिए। सवाल: क्या फिल्म में यह दिखाया गया है कि ऐसे मामलों के पीछे कोई नेटवर्क या पैसों का खेल होता है? जवाब: मैंने ऐसी बातें सुनी हैं, लेकिन फिल्म में उसे नहीं दिखाया। मैंने सिर्फ वही रखा जो कहानी और भावनाओं के हिसाब से जरूरी था। सवाल: सेंसर बोर्ड के साथ आपकी लंबी लड़ाई क्यों हुई? जवाब: सेंसर बोर्ड को कुछ डायलॉग्स और खासकर ‘जय सियाराम’ वाले सीन पर आपत्ति थी। मैंने साफ कहा कि इसे हटाऊंगा नहीं। बाद में मामला कोर्ट तक गया। कोर्ट ने फिल्म देखी और सिर्फ 24 सेकंड काटने के बाद रिलीज की अनुमति मिली। सवाल: क्या यह आपकी कन्विक्शन की जीत भी है? जवाब: बिल्कुल। अगर फिल्ममेकर को अपने विषय और कहानी पर भरोसा नहीं होगा तो वह फिल्म कैसे बनाएगा? मैंने वही दिखाया जो मुझे सही लगा। ‘जय सियाराम’ वाला सीन हटाने के लिए कहा गया, लेकिन मैं अपने स्टैंड पर कायम रहा। आखिरकार कोर्ट ने भी हमारी बात समझी। सवाल: ‘जय सियाराम’ वाले सीन पर इतनी बहस क्यों हुई? जवाब: फिल्म में एक लड़की से पूछा जाता है कि उसका भगवान कौन है, तो वह ‘जय सियाराम’ बोलती है। सेंसर को इस पर आपत्ति थी, लेकिन मैंने कहा कि यह किरदार की सच्चाई है। बाद में कोर्ट ने ज्यादातर सीन रहने दिए। सवाल: आपने फिल्म को खुद रिलीज करने का फैसला क्यों लिया? जवाब: आज सिस्टम काफी बदल गया है। कई लोग पहले ओटीटी के बारे में सोचते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अगर कंटेंट अच्छा हो तो फिल्म थिएटर में जरूर चलती है। इसलिए मैंने खुद थिएटर मालिकों से बात की और अपनी तरह से फिल्म रिलीज करने का फैसला लिया। सवाल: क्या आज फिल्म रिलीज करना मुश्किल हो गया है? जवाब: बहुत मुश्किल है। टिकट, थिएटर और पूरा सिस्टम बदल गया है। अच्छे कंटेंट वाली फिल्मों को भी मौका कम मिलता है। लेकिन मुझे आज भी विश्वास है कि अच्छी फिल्म चलेगी। सवाल: इतने लंबे करियर और अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान जैसे बड़े स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी आपको आज संघर्ष करना पड़ रहा है? जवाब: संघर्ष हर दौर में होता है। मैंने अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, रेखा, माधुरी दीक्षित जैसे बड़े सितारों के साथ काम किया है। उस दौर में रिश्तों और भरोसे पर काम होता था। आज सिस्टम बदल गया है, लेकिन मेरा काम करने का तरीका नहीं बदला। सवाल: क्या आज के स्टार्स और पुराने दौर के स्टार्स में फर्क महसूस होता है? जवाब: पहले कलाकारों में बहुत भरोसा था। अमिताभ बच्चन ने ‘आज का अर्जुन’ की कहानी तक नहीं सुनी थी। राजकुमार जैसे कलाकार फोन पर हां कह देते थे। आज चीजें ज्यादा कॉरपोरेट और सिस्टम बेस्ड हो गई हैं। सवाल: इतने बड़े स्टार्स के साथ काम करने के बाद भी आपने ‘तीसरी बेगम’ में नए चेहरों को क्यों चुना? जवाब: इस कहानी में मासूमियत और वास्तविकता जरूरी थी। अगर बड़े स्टार्स होते तो दर्शकों का ध्यान किरदार से ज्यादा स्टार इमेज पर जाता। मुझे कहानी का असर ज्यादा जरूरी लगा। सवाल: क्या आपको लगता है कि फिल्म पर प्रोपेगेंडा फैलाने के आरोप लगेंगे? जवाब: हो सकता है, लेकिन मैं तैयार हूं। मेरा मकसद किसी समुदाय के खिलाफ बोलना नहीं है। मैंने हमेशा सामाजिक और पारिवारिक फिल्में बनाई हैं। यह भी उसी तरह की फिल्म है। सवाल: मुस्लिम समुदाय के लिए आपका क्या संदेश है? जवाब: हम सब एक हैं। अगर किसी समुदाय में गलत चीजें हो रही हैं, तो उन्हें रोकना चाहिए। किसी भी चीज को प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। इंसानियत सबसे ऊपर है। सवाल: 78 साल की उम्र में भी इतनी ऊर्जा कहां से आती है? जवाब: भगवान की कृपा और लोगों का प्यार। मैंने हमेशा फिल्म इंडस्ट्री को पूजा की तरह माना है। अनुशासन में रहता हूं और काम को ईमानदारी से करता हूं। सवाल: फिल्म इंडस्ट्री जैसी प्रतिस्पर्धी जगह में इतना सरल और ईमानदार रहना कितना मुश्किल है? जवाब: अगर इंसान साफ नीयत से काम करे तो मजा आता है। मैंने हमेशा रिश्तों और सम्मान को महत्व दिया है। यही वजह है कि इतने साल बाद भी लोग प्यार देते हैं। सवाल: दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब: ‘तीसरी बेगम’ परिवार के साथ देखने वाली फिल्म है। इसमें सिर्फ विवाद नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश और समाधान भी है। मैं चाहता हूं कि लोग इसे खुले मन से देखें।
टीवी एक्टर ऋत्विक धनजानी एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखाई देने वाले हैं। ऋत्विक इससे पहले भी इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं और तीसरी बार वो शो में दिखेंगे। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग साउथ अफ्रीका के केपटाउन में होगी। शो में इस बार कई पुराने कंटेस्टेंट्स के साथ नए चेहरे भी नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ऋत्विक ने अपने डर, ब्रेकअप, एंगर इश्यू, जिंदगी के संघर्ष और दोस्ती पर बात की। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने का फैसला कैसे लिया? डर नहीं लगा? जवाब: कोई गेम प्लान नहीं, कोई स्ट्रैटजी नहीं। बस कूद पड़ा। सच कहूं तो मुझे रिस्क लेने में मजा आता है। पहली बार जब मैंने ‘पेन इन स्पेन’ किया था, तब मैं बहुत डरा हुआ था, लेकिन जितना डर लगा, उतना ही मजा आया। जब वापस लौटा, तो दिल बहुत भरा हुआ था। ऐसा लगा कि इतने डर फेस करने के बाद अब समझ नहीं आ रहा कि आखिर डर किस चीज का था। सवाल: इस शो में ऐसा क्या खास है कि आप तीसरी बार लौट आए? जवाब: यह शो अपने आप में एक कार्निवल है। ‘कार्निवल ऑफ डेंजर्स’। मुझे ये सारी पागल चीजें करना बहुत पसंद है। हेलिकॉप्टर से कूदना, बाइक स्टंट करना, बड़े-बड़े स्टंट करना और ऊपर से उसके पैसे भी मिलना... इससे बड़ी ब्लेसिंग क्या होगी? इसलिए मुझे यह शो बहुत पसंद है। सवाल: लोग आपको हमेशा हंसते और पॉजिटिव देखते हैं, लेकिन अंदर का ऋत्विक कितना अलग है? जवाब: हर इंसान का एक वल्नरेबल साइड होता है। ऐसा नहीं है कि मैं हमेशा खुश रहता हूं। मेरी जिंदगी में भी बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। पहले मैं बहुत पछताता था, भविष्य को लेकर बहुत सोचता था। मैं इस पल में बहुत कम जीता था, लेकिन अब मैंने यह समझ लिया है कि जिंदगी सिर्फ यही पल है। ना पास्ट बदल सकते हैं और ना फ्यूचर जानते हैं। इसलिए अब मैं हर पल को पूरी इंटेंसिटी के साथ जीता हूं। सवाल: क्या हार और संघर्ष इंसान को और मजबूत बनाते हैं? जवाब: बिल्कुल। जब जिंदगी में कुछ गलत होता है, तो लगता है कि हम पीछे रह गए हैं, लेकिन मैं हमेशा एक चीज सोचता हूं- रामजी का तीर आगे जाने से पहले तीन कदम पीछे जाता है। वही तीन कदम उसकी सबसे बड़ी ताकत बनते हैं। इसलिए अगर जिंदगी में कभी लगे कि पीछे रह गए हो, तो समझ लेना कि अब आगे बहुत दूर जाना है। सवाल: लोग हमेशा आपका स्माइलिंग फेस देखते हैं। क्या कभी लगा कि दुनिया को आपकी असली स्ट्रगल भी दिखनी चाहिए? जवाब: हां, क्योंकि मेरे साथ भी वही होता है जो हर इंसान के साथ होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हमारी जिंदगी पब्लिक होती है। लोग जानते हैं कि हमारे जीवन में क्या चल रहा है, लेकिन मैं अपनी स्ट्रगल को ग्लोरिफाई नहीं करना चाहता। मैं बस यह दिखाना चाहता हूं कि चाहे जिंदगी में कितना भी बड़ा सेटबैक आए, आप उससे बाहर निकल सकते हो। सवाल: करण वाही के साथ आपकी दोस्ती काफी चर्चित है। इस बार भी दोनों साथ नजर आएंगे? जवाब: बिल्कुल। हमने इस शो को लेकर बहुत बातें कीं। हम एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि करना चाहिए या नहीं, लेकिन आखिर में यही लगा कि यार, मजा आएगा। सच कहूं तो शायद अगर करण नहीं होता, तो मैं यह शो नहीं करता। जिंदगी में दोस्ती बहुत जरूरी होती है। अगर दोस्त साथ हो, तो फिर यह पूरा सफर एक वेकेशन जैसा लगता है। सवाल: इस बार भी किस चीज का सबसे ज्यादा डर है? जवाब: मुझे हमेशा से फ्री फॉल का बहुत डर रहा है। इसलिए मैंने आज तक स्काइडाइविंग नहीं की। अब मुझे ऐसा लगता है कि पहले दो सीजन्स के मुकाबले यह डर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अभी भी ऐसा हो सकता है कि अगर मुझे किसी ऊंची चट्टान पर खड़ा कर दो, तो मैं ‘राम-राम-राम’ करता मिलूं, ऐसा भी हो सकता है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मुझे अपने गुस्से से बहुत डर लगता था। लोग यकीन नहीं करते, लेकिन मेरा गुस्सा बहुत खतरनाक था। कई सालों की मेहनत और जिंदगी में आए कुछ खूबसूरत लोगों की वजह से मैं खुद को बदल पाया। उन्होंने मुझे समझाया कि गुस्सा इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। मैं आज भी कोशिश करता हूं कि गुस्से से जितना दूर रह सकूं, रहूं क्योंकि गुस्सा सबसे बड़ा शैतान है। अगर इंसान अपने गुस्से और ईगो पर जीत हासिल कर ले, तो समझो उसने जिंदगी की आधी लड़ाई जीत ली।
59 साल की हो चुकीं माधुरी दीक्षित सिर्फ अपनी फिल्मों और डांस ही नहीं, बल्कि करियर से जुड़े दिलचस्प किस्सों की वजह से भी चर्चा में रही हैं। करियर के शुरुआती दौर में सुभाष घई ने उन्हें फिल्म कर्मा में छोटा रोल दिया था, लेकिन बाद में यह कहकर उनका सीन हटा दिया कि इतनी टैलेंटेड लड़की को छोटा रोल देना सही नहीं होगा। आगे चलकर उन्होंने माधुरी को अपनी फिल्मों में बड़े रोल दिए। फिल्म खलनायक के दौरान उनसे ‘नो प्रेग्नेंसी’ क्लॉज भी साइन करवाया गया था, ताकि शूटिंग प्रभावित न हो। वहीं, हम आपके हैं कौन..! के लिए माधुरी को सलमान खान से ज्यादा फीस मिली थी। आज माधुरी दीक्षित के जन्मदिन पर उनके करियर और निजी जीवन से जुड़े कुछ खास किस्से जानते हैं। माधुरी का नाम सुनते ही फिल्म के लिए हां कर दी थी सहिला चड्ढा के लिए माधुरी दीक्षित सिर्फ सुपरस्टार नहीं, बल्कि परिवार जैसी हैं। माधुरी के जन्मदिन पर दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने ‘हम आपके हैं कौन’ के सेट से लेकर बचपन तक की कई यादें साझा कीं। साहिला चड्डा कहती हैं- जब मुझे हम आपके हैं कौन..! ऑफर हुई थी, तब मैं सोलो हीरोइन वाली फिल्में कर रही थी। मैंने पहले फिल्म के लिए मना कर दिया था, क्योंकि मैं सेकंड रोल नहीं करना चाहती थी। लेकिन जब मुझे बताया गया कि माधुरी फिल्म में होंगी, तब मैंने तुरंत हां कर दी। माधुरी मेरे लिए कोई अजनबी स्टार नहीं थीं। मैं उन्हें बचपन से जानती हूं। उनकी चाची मेरी मासी हैं, इसलिए फैमिली फंक्शंस में मुलाकात होती रहती थी। उनके साथ हमेशा कम्फर्ट महसूस हुआ। बचपन से ही स्टार बनने का सपना देखती थीं माधुरी माधुरी बचपन से बहुत फोकस्ड थीं। उन्हें डांस का बहुत शौक था और वह छोटी उम्र से ट्रेनिंग ले रही थीं। अपने लुक्स, स्माइल, टीथ हर चीज का ध्यान रखती थीं। उन्हें शुरू से पता था कि उन्हें एक्ट्रेस बनना है। उनका पूरा फोकस अपने पैशन पर था। सेट पर कभी स्टार वाला एटीट्यूड नहीं दिखाया हम दोनों के बीच कभी इनसिक्योरिटी नहीं थी। न उन्हें मुझसे कोई असुरक्षा थी, न मुझे उनसे। हम सच में बहनों की तरह थे। माधुरी हर किसी से जल्दी घुलती-मिलती नहीं थीं, लेकिन जिनसे जुड़ती थीं, उनके साथ बहुत जेन्युइन रिश्ता बनाती थीं। घर से खाना आता था, तो मुझे जरूर बुलाती थीं अगर माधुरी के घर से कुछ अच्छा खाना आता था, तो वह मुझे जरूर बुलाती थीं। कई बार किसी को भेजकर बुलवाती थीं कि आओ, साथ में खाते हैं। उनके घर से अक्सर मच्छी आती थी, जबकि सलमान खान के घर से पूरी यूनिट के लिए बिरयानी आती थी। नॉन-वेज खाने के लिए हम लोग चुपचाप कमरे में चले जाते थे राजश्री प्रोडक्शंस के सेट पर बिना प्याज-लहसुन का खाना बनता था, लेकिन इतना स्वादिष्ट था कि आज तक उसका स्वाद याद है। मैं कुक से बार-बार पूछती थी कि पक्का इसमें प्याज-लहसुन नहीं डाला? उनका राजमा और बाकी सब्जियां कमाल की होती थीं। हालांकि नॉन-वेज खाने के लिए हम लोग चुपचाप कमरे में चले जाते थे। पिंपल होने पर माधुरी ने दिया अपना खास साबुन एक बार माधुरी के चेहरे पर पिंपल हो गया था। तब उन्होंने मुझे बताया कि वह कौन-सा साबुन इस्तेमाल करती हैं। बाद में जब मेरे चेहरे पर पिंपल आया, तो उन्होंने वही साबुन मुझे देते हुए कहा- ‘अब ये तुम्हारे काम आएगा।’ उस छोटी-सी बात में भी उनका अपनापन दिखता था। हर शॉट में चाहती थीं परफेक्शन माधुरी अपने काम को लेकर बहुत गंभीर रहती थीं। अगर उन्हें लगता था कि शॉट परफेक्ट नहीं हुआ है, तो वह रीटेक लेने से पीछे नहीं हटती थीं। उनके अंदर परफेक्शन को लेकर अलग पैशन था। कई बार मेरा शॉट एक टेक में ओके हो जाता था और माधुरी रीटेक करती थीं। तब मैं मजाक में कहती थी- ‘मेरे साथ सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है?’” मेकअप में घंटों लगाती थीं माधुरी अपने लुक और मेकअप को लेकर बहुत सजग रहती थीं। वह मेकअप में काफी समय लेती थीं। मैं आधे घंटे में तैयार होकर सेट पर पहुंच जाती थी, लेकिन वह हर चीज डिटेल में करती थीं। इस वजह से कैमरामैन को हमारी अलग-अलग लाइटिंग करनी पड़ती थी। वह ज्यादा मेकअप करती थीं और मैं बहुत कम। अच्छे आइडिया को कभी रिजेक्ट नहीं करती थीं फिल्म के कई मजेदार मोमेंट्स शूटिंग के दौरान वहीं इम्प्रोवाइज हुए थे। ‘दीदी तेरा देवर दीवाना’ में कद्दू वाला सीन मेरा आइडिया था। माधुरी की प्रेग्नेंसी वाले हिस्से में चाय का कप रखने वाला आइडिया भी हमने वहीं मिलकर किया था। माधुरी की सबसे अच्छी बात यह थी कि वह किसी अच्छे आइडिया को कभी रिजेक्ट नहीं करती थीं। शूटिंग के बाद भी परिवार जैसा माहौल रहता था शूटिंग खत्म होने के बाद भी पूरा यूनिट साथ वक्त बिताता था। कभी टीटी खेलते थे, कभी शॉपिंग पर चले जाते थे, तो कभी साथ में फिल्म देखने निकल जाते थे। ऊटी में हम सबने साथ बैठकर फिल्म ‘रोजा’ भी देखी थी। पूरा माहौल फैमिली पिकनिक जैसा लगता था। माधुरी की सबसे बड़ी ताकत उनका पैशन है डांस हो, रोमांटिक सीन हो या इमोशनल मोमेंट, माधुरी हर चीज में अपना सौ प्रतिशत देती थीं। सरोज खान ने उनके एक्सप्रेशंस और स्क्रीन प्रेजेंस को खूबसूरती से निखारा था। आज भी मिलते हैं, तो बहनों वाली फीलिंग आ जाती है। माधुरी को कभी एक्टिंग नहीं छोड़नी चाहिए मुझे लगता है कि माधुरी को कभी एक्टिंग नहीं छोड़नी चाहिए। जरूरी नहीं कि वह 16 साल की हीरोइन वाले रोल करें, लेकिन अपनी स्क्रीन एज के हिसाब से दमदार किरदार निभाते रहना चाहिए। अगर माधुरी एक्टिंग छोड़ देंगी, तो मुझे बहुत दुख होगा। दूरदर्शन के लिए किया पहला शो, लेकिन कभी टेलीकास्ट नहीं हुआ करियर के शुरुआती दिनों में माधुरी दीक्षित ने कई टीवी प्रोजेक्ट्स और पायलट एपिसोड्स में काम किया था, लेकिन उनमें से कुछ ऑन एयर नहीं हो पाए। उस समय वह इंडस्ट्री में नई थीं और लगातार ऑडिशन दे रही थीं। माधुरी ने दूरदर्शन के लिए ‘बॉम्बे मेरी है’ नाम के टीवी शो की शूटिंग भी की थी, लेकिन प्रभावशाली स्टारकास्ट नहीं होने की वजह से यह शो टेलीकास्ट नहीं हो सका। ‘पेइंग गेस्ट’ बना पहला टेलीकास्ट शो माधुरी दीक्षित ने राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म ‘अबोध’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। वह राजश्री प्रोडक्शंस के टीवी शो ‘पेइंग गेस्ट’ में भी नजर आई थीं। यह शो 1985 में दूरदर्शन पर टेलीकास्ट हुआ था। ‘पेइंग गेस्ट’ के पहले एपिसोड में माधुरी ने ‘नीना’ नाम की लड़की का किरदार निभाया था। पेइंग गेस्ट’ के सेट पर माधुरी को देखकर प्रभावित हुए थे रिक्कू राकेश नाथ माधुरी दीक्षित के लंबे समय तक मैनेजर रहे रिक्कू राकेश नाथ ने Rediff.com को दिए इंटरव्यू में उनसे जुड़ा दिलचस्प किस्सा शेयर किया था। रिक्कू ने बताया, “मैं चांदिवली स्टूडियो में टीवी सीरियल ‘पेइंग गेस्ट’ के सेट पर माधुरी से मिला था। मेरी मुलाकात उनकी हेयरड्रेसर खातून के जरिए हुई थी। खातून ने मुझसे कहा था कि माधुरी बहुत टैलेंटेड हैं और उनका चेहरा बेहद अच्छा है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं एक कोने में खड़ा होकर माधुरी की परफॉर्मेंस देखता रहा। उनमें गजब का कॉन्फिडेंस था और मैं प्रभावित हुआ।” सुभाष घई ने ‘कर्मा’ से हटाया रोल, फिर लीड हीरोइन बनाया रिक्कू राकेश नाथ के मुताबिक, खातून ने ही माधुरी की मुलाकात सुभाष घई से करवाई थी। माधुरी को फिल्म कर्मा में छोटे डांस सीक्वेंस के लिए लिया गया था, लेकिन बाद में वह हिस्सा फिल्म से हटा दिया गया। सुभाष घई माधुरी के टैलेंट से इतने प्रभावित हुए कि उन्हें लगा कि इतना छोटा रोल उनकी क्षमता के साथ न्याय नहीं करेगा। इसी वजह से उन्होंने उनका कैमियो हटाने का फैसला किया, ताकि आगे चलकर उन्हें अपनी फिल्मों में लीड रोल दे सकें। बाद में सुभाष घई ने माधुरी को फिल्म ‘उत्तर दक्षिण’ में साइन किया। फिल्म को सुभाष घई ने प्रोड्यूस किया था और इसके डायरेक्टर प्रभात खन्ना थे। फिल्म में माधुरी को रजनीकांत और जैकी श्रॉफ जैसे बड़े सितारों के साथ काम करने का मौका मिला। इसके बाद माधुरी ने सुभाष घई के साथ राम लखन और खलनायक जैसी फिल्मों में भी काम किया। ‘खलनायक’ के दौरान साइन करवाया गया था ‘नो प्रेग्नेंसी’ क्लॉज फिल्म ‘खलनायक’ की शूटिंग के दौरान माधुरी दीक्षित और संजय दत्त के अफेयर्स की खबरें सुर्खियों में थीं। इसी दौरान सुभाष घई को डर था कि अगर फिल्म की शूटिंग के बीच माधुरी ने शादी कर ली या वह प्रेग्नेंट हो गईं, तो फिल्म बीच में रुक सकती है। इसी वजह से सुभाष घई ने माधुरी से ‘नो प्रेग्नेंसी’ क्लॉज साइन करवाया था। इसके मुताबिक, शूटिंग के दौरान अगर माधुरी प्रेग्नेंट होतीं, तो उन्हें भारी जुर्माना भरना पड़ता। बताया जाता है कि किसी अभिनेत्री से ऐसा कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाने वाले सुभाष घई पहले डायरेक्टर थे। ‘साजन’ से शुरू हुई थीं संजय दत्त और माधुरी के अफेयर की चर्चाएं माधुरी दीक्षित और संजय दत्त के रिश्ते की चर्चाएं 1991 में आई फिल्म साजन के दौरान शुरू हुई थीं। दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को पसंद आई थी और फिल्म मैगजीनों में उनके रिलेशनशिप की खबरें छपने लगी थीं। बाद में ‘खलनायक’ के दौरान भी ये अफवाहें तेज हो गईं। हालांकि दोनों ने कभी सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते को स्वीकार नहीं किया। 1993 में मुंबई ब्लास्ट केस में संजय दत्त की गिरफ्तारी के बाद खबरें आईं कि माधुरी ने उनसे दूरी बना ली थी। माधुरी दीक्षित को सलमान से ज्यादा फीस मिली थी तेजाब, दिल, बेटा और साजन जैसी कई सुपरहिट फिल्में दे चुकीं माधुरी दीक्षित उस समय इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस थीं। उनका स्टारडम इतना बड़ा था कि निर्माता-निर्देशक उन्हें अपनी फिल्मों की सबसे बड़ी यूएसपी मानते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘हम आपके हैं कौन’ के लिए माधुरी दीक्षित को करीब 2.7 करोड़ रुपए फीस दी गई थी, जबकि सलमान खान को लगभग 25 लाख रुपए मिले थे। उस समय किसी अभिनेत्री को इतनी बड़ी रकम मिलना बड़ी बात मानी जाती थी। कहा जाता है कि इस फिल्म के बाद माधुरी बॉलीवुड की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्री बन गई थीं। सहिला चड्ढा ने भी फीस को लेकर कही यह बात साहिला चड्डा ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि सलमान और माधुरी ने फिल्म के लिए कितनी फीस ली थी, क्योंकि दोनों पहले से ही राजश्री प्रोडक्शंस से जुड़े हुए थे। माधुरी ने राजश्री की फिल्म से ही करियर की शुरुआत की थी। सलमान खान भले ही पहले ‘बीवी हो तो ऐसी’ में काम कर चुके थे, लेकिन स्टार राजश्री की फिल्म से ही बने। उन्हें नहीं लगता कि सलमान और माधुरी ने बहुत ज्यादा पैसे डिमांड किए थे, क्योंकि दोनों का करियर कहीं न कहीं राजश्री से जुड़ा था। ________________________________________________ फिल्मी सितारों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- विजय का लेडी लक, जिसके बर्थडे पर चुनाव जीते:तमिलनाडु का रिजल्ट आते ही विजय के घर पहुंचीं तृषा, एक्टर का हो चुका तलाक TVK की जीत में विजय के 'लेडी लक' को अहम माना जा रहा है। आज उसी 'लेडी लक' एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का जन्मदिन है, जिनका नाम विजय से जुड़ता रहा है। तृषा तमिलनाडु चुनाव का रिजल्ट आने से पहले तिरुमाला मंदिर पहुंचीं, दर्शन किए और फिर विजय के घर पहुंचीं।पूरी खबर पढ़ें..
बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट हाल ही में कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर नजर आईं। यहां उनके लुक्स की काफी चर्चा हुई, लेकिन साथ ही उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने दावा किया कि इंटरनेशनल पैपराजी ने आलिया को इग्नोर किया। अब आलिया ने खुद एक ट्रोल को बहुत ही शालीनता से जवाब दिया है। बुधवार को आलिया ने इंस्टाग्राम पर एक रील शेयर की थी। इसमें वे आइवरी सिल्क साड़ी-गाउन में रॉयल लुक में नजर आ रही थीं। इस पोस्ट पर एक यूजर ने तंज कसते हुए कमेंट किया, कितने दुख की बात है, किसी ने आपको नोटिस ही नहीं किया। आलिया ने इस कमेंट को नजरअंदाज करने के बजाय जवाब देना बेहतर समझा। उन्होंने लिखा, “दुख कैसा प्यारे? आपने तो मुझे नोटिस किया”। आलिया के समर्थन में टीवी एक्टर अली गोनी और सिंगर राहुल वैध भी आगे आए। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर लिखा, यह देखकर दुख होता है कि जब कोई हमारे देश का नाम ग्लोबल लेवल पर रोशन करने के लिए इतनी मेहनत करता है, तो हमारे अपने ही लोग उसे नीचे खींचने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आगे कहा आलिया ने वहां पहुंचकर वो मुकाम हासिल किया है जिसका सपना कई लोग देखते हैं। हमें मजाक उड़ाने के बजाय उन लोगों का साथ देना चाहिए जो विदेशों में भारत का मान बढ़ा रहे हैं। वहीं राहुल वैध ने लिखा आलिया को किसी के अटेंशन की जरूरत नहीं है।
तमिल एक्ट्रेस तृषा कृष्णन थलापति विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद से लगातार चर्चा में हैं। पहले वे विजय के साथ अपने रिश्ते को लेकर सुर्खियों में रहीं। वहीं अब एक मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उन्हें विजय के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी उदयनिधि स्टालिन ने 12 करोड़ रुपए का ऑफर दिया है। एनडीटीवी के मुताबिक, डीएमके के प्रमुख नेता और एक्टर उदयनिधि स्टालिन ने अपनी अगली बड़ी फिल्म के लिए तृषा को अप्रोच किया है। इस फिल्म में उन्हें लीड रोल देने की तैयारी है। उदयनिधि और विजय की पार्टियों के बीच तमिलनाडु की राजनीति में सीधा मुकाबला है। पोन्नियिन सेल्वन के बाद बढ़ी पावरतृषा कृष्णन साउथ सिनेमा की सबसे डिमांडिंग एक्ट्रेसेज में से एक हैं। 'पोन्नियिन सेल्वन', 'घिल्ली' और 'वरशम' जैसी फिल्मों के जरिए उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। हाल के दिनों में उनकी पॉपुलैरिटी और फीस दोनों में बड़ा उछाल आया है। रिपोर्ट्स की मानें तो वे अब प्रति फिल्म 10 से 12 करोड़ रुपए चार्ज कर रही हैं। उदयनिधि के प्रोजेक्ट को उनकी इसी बढ़ती स्टार पावर से जोड़कर देखा जा रहा है। विजय के शपथ ग्रहण समारोह में हुई थीं भावुककुछ समय पहले थलापति विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके शपथ ग्रहण समारोह में तृषा भी पहुंची थीं। वहां विजय को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देख उनकी भावुक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे। पर्दे पर भी विजय और तृषा की जोड़ी हमेशा हिट रही है। विजय ने तृषा के लिए बदले नियमतमिलनाडू के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद थलापति विजय ने तृषा के लिए फिल्म इंडस्ट्री के एक बड़े नियम में बदलाव किया है। विजय ने तृषा कृष्णन की फिल्म करप्पू के लिए सुबह 9 बजे की स्क्रीनिंग रखने की स्पेशल परमिशन दी है, जबकि अब तक साउथ में इस पर प्रतिबंध था।
साथ निभाना साथिया' में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने नाइजीरिया में महिलाओं पर हुए आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के साथ काफी क्रूरता की, जिसे देखकर एक्ट्रेस ने इन हमलावरों को 'राक्षस' और 'शैतान' करार दिया है। देवोलीना ने कहा- नरक में मिलेगी खास जगहदेवोलीना ने इस बर्बर घटना पर नाराजगी जताते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, ‘एकदम राक्षस और शैतान वाली प्रवृत्ति। इन राक्षसों के लिए नरक में खास जगह है, जिसे वे स्वर्ग समझते हैं।’ एक्ट्रेस उस वीडियो पर भड़क गईं जिसमें आतंकियों ने निर्दोष परिवारों और गर्भवती महिलाओं को अपना निशाना बनाया। प्रेग्नेंट महिलाओं के साथ की गई क्रूरतामीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाइजीरिया के एक ईसाई गांव पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया। जो परिवार वहां से भाग नहीं पाए, उन पर आतंकियों ने कुल्हाड़ियों से हमला किया। वीडियो में दावा किया गया है कि इन आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं को पकड़ लिया और उनके पेट पर वार किए। इतना ही नहीं, उन महिलाओं को अपने अजन्मे बच्चों को आंखों के सामने मरते हुए देखने के लिए मजबूर किया गया। 11 ईसाइयों की हत्यासीबीएन (CBN) न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला 8 मई की रात को हुआ था। हथियारबंद फुलानी आतंकवादियों ने इस ईसाई समुदाय पर हमला किया, जिसमें बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित कम से कम 11 लोगों की हत्या कर दी गई। हमले में बंदूकों और चाकुओं का इस्तेमाल हुआ था। बंगाल चुनाव में भी रही थीं चर्चा मेंदेवोलीना भट्टाचार्जी हाल ही में तब भी चर्चा में रही थीं, जब उन्होंने मई 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बीजेपी की जीत का समर्थन किया था और ममता बनर्जी को बंगाल के लिए 'बुरा सपना' बताया था।
भारतीय पंजाबी सिंगर तलविंदर हाल ही में टोरंटो में पाकिस्तानी सिंगर हसन रहीम के लाइव कॉन्सर्ट में शामिल हुए और उनके साथ मंच शेयर किया। दरअसल, मंगलवार को तलविंदर ने इंस्टाग्राम पर कॉन्सर्ट की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। उन्होंने पोस्ट पर कैप्शन लिखा, 'टोरंटो में हसन रहीम के साथ विशेज पूरी हुईं।' वीडियो में दोनों स्टेज पर एक साथ गाते, गले मिलते और डांस करते दिखे। हसन ने तलविंदर की इंस्टाग्राम पोस्ट पर 'भाई' लिखकर रिएक्ट किया। इस पोस्ट के बाद कुछ यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में अपनी नाराजगी जाहिर की। कुछ ने लिखा कि हाल के भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच ऐसी मौजूदगी गलत थी। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, 'मैंने नहीं सोचा था भाई कि ये लोग हमारे देश की सेना का मजाक उड़ाने वालों के साथ स्टेज शो करेंगे।' गौरतलब है कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। इसके बाद 'फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज' (FWICE) जैसे संगठन ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर पाकिस्तानी कलाकारों, गायकों और तकनीशियनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। तलविंदर को गाने ‘पल पल’ से मिली थी बड़ी पहचानतलविंदर का असली नाम तलविंदर सिंह सिद्धू है। उन्हें उनके गाने पल पल से पहचान मिली। कुछ महीने पहले उनका नाम एक्ट्रेस दिशा पाटनी से जुड़ा था। दोनों को कई मौकों पर एक साथ देखा गया था। वहीं, तलविंदर ने दिशा पाटनी के साथ कथित रिलेशनशिप को लेकर हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, हमारी मुलाकात शादी (नूपुर सेनन की शादी) से ठीक पहले हुई थी और अचानक मिली इतनी सारी चर्चा ने हमें हैरान कर दिया। हम न तो किसी दबाव में आना चाहते हैं और न ही अफवाहों पर ध्यान देना चाहते हैं। हम अभी खुद को समझने और एक-दूसरे को जानने की प्रोसेस में हैं। मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि अगर लोग अफवाहें फैलाने की कोशिश करेंगे तो मैं उन्हें अफवाह ही रहने दूंगा। जब तलविंदर से पूछा गया था कि क्या वह प्यार और रिश्तों के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, मैं हर दिन प्यार में पड़ जाता हूं। मैं अभी भी प्यार में पड़ रहा हूं।
‘भक्षक’ के बाद निर्देशक पुलकित अब नेटफ्लिक्स फिल्म ‘कर्तव्य’ लेकर आ रहे हैं, जिसमें सैफ अली खान कॉप बने हैं। पुलकित ने फिल्म के बैकड्रॉप, सैफ की कास्टिंग आदि पर बातचीत की... पुलकित कहते हैं, ‘कर्तव्य’ किसी एक सच्ची घटना पर आधारित नहीं है। यह विचार मेरे दिमाग में बहुत सालों से चल रहा था। हम अक्सर अपने अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन अपने कर्तव्यों पर चर्चा कम ही होती है। बतौर इंसान हमारी क्या जिम्मेदारी है? एक पिता का काम सिर्फ बच्चा पैदा करना नहीं है, बल्कि उस बच्चे की जिंदगी में क्या सही है और क्या गलत, यह सिखाना भी उसकी ड्यूटी है। मैं कहानी के जरिए उसी कर्तव्य की परिभाषा को ढूंढ रहा था। मैं एक ऐसी दुनिया बुनना चाहता था जहां कर्तव्य और इंसानियत के बीच का संघर्ष दिखे। बहुत सालों तक यह विचार मेरे अंदर बंद था, जिसे अब मैंने इस फिल्म के रूप में बाहर निकाला है। फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर किसी और एक्टर के पास गया ही नहीं पुलकित बताते हैं, ‘भक्षक’ के बाद रेड चिलीज और नेटफ्लिक्स के साथ रिश्ता और मजबूत हुआ। जब ‘कर्तव्य’ लिखी तो सबसे पहले उन्हें सुनाई और वे तुरंत तैयार हो गए। सैफ ही मेरी पहली पसंद थे। मैं यह स्क्रिप्ट लेकर किसी और एक्टर के पास गया ही नहीं।’ फिल्म के लिए ‘झामली’ नाम की एक काल्पनिक जगह बनाई है फिल्म की दुनिया पर पुलकित कहते हैं...‘हमने ‘झामली’ नाम की एक काल्पनिक जगह बनाई है, जिसकी टोन पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा बॉर्डर जैसी रखी गई। ‘ओमकारा’ में सैफ का ‘लंगड़ा त्यागी’ वाला किरदार मेरे दिमाग में हमेशा रहा। मुझे मजा आता है जब आप बांद्रा में रहने वाले, इंग्लिश बोलने वाले एक्टर को छोटे शहर की धूल-मिट्टी में डाल देते हैं।’ ‘ओमकारा’ के बाद कम निर्देशकों ने सैफ के देसी और रॉ अंदाज में लिया पुलकित मानते हैं, ‘ओमकारा के बाद बहुत कम निर्देशकों ने सैफ के उस देसी और रॉ अंदाज को इस्तेमाल किया। ‘आरक्षण’ और ‘तांडव’ में कोशिश जरूर हुई, लेकिन मुझे वो वाला सैफ नहीं मिला जो ‘लंगड़ा त्यागी’ में दिखा था। मेरे जेहन में वही इमेज थी, इसलिए मैं उन्हें फिर से उसी दुनिया में वापस लेकर गया।’ ‘99% हिंदुस्तान छोटे शहरों में बसता है’ अपने सिनेमा की जड़ों पर बात करते हुए पुलकित कहते हैं, ‘मैं खुद छोटे शहर से आता हूं, इसलिए मुझे ऐसी कहानियों में मजा आता है। 99% हिंदुस्तान छोटे शहरों और कस्बों में बसता है। जब आप ग्रासरूट लेवल की कहानी लिखते हैं, तो एक्टर्स को भी उसमें कुछ नया नजर आता है। यही वजह है कि मैंने सैफ, रसिका दुग्गल, संजय मिश्रा और मनीष चौधरी जैसे दमदार एक्टर्स को चुना। हम स्टारडम नहीं, परफॉर्मेंस पर दांव लगा रहे हैं।’
आमिर खान के बेटे जुनैद खान ने बॉलीवुड में नेपोटिज्म और स्टार किड्स को मिलने वाले फायदों पर खुलकर बात की है। जुनैद की शुरुआती फिल्म 'एक दिन' बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाईं, लेकिन इसके बावजूद उनके पास काम की कमी नहीं है। जुनैद ने स्वीकार किया कि उन्हें आमिर खान का बेटा होने की वजह से इंडस्ट्री में आसानी से मौके मिल रहे हैं। 'नेपोटिज्म शब्द से मुझे चिढ़ नहीं होती'विक्की लालवानी को दिए एक इंटरव्यू में जुनैद ने अपनी प्रिविलेज को माना। उन्होंने कहा, नेपोटिज्म शब्द मुझे परेशान नहीं करता क्योंकि यह सच है। मुझे आमिर खान का बेटा होने की वजह से बहुत काम मिलता है। जुनैद का मानना है कि स्टार किड्स दर्शकों के लिए पहले से ही पहचाने हुए चेहरे होते हैं, जिससे प्रोड्यूसर्स के लिए फिल्म को मार्केट करना और बेचना आसान हो जाता है। प्रोड्यूसर्स को माल बेचना है, टैलेंट बाद में आता हैकास्टिंग के मुद्दे पर बात करते हुए जुनैद ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में टैलेंट से ज्यादा मार्केटबिलिटी (बिकने की क्षमता) को अहमियत दी जाती है। उन्होंने बताया, प्रोड्यूसर्स को अपनी फिल्में बेचनी होती हैं, इसलिए वे ऐसे किसी व्यक्ति को काम पर रखेंगे जिसे वे आसानी से बेच सकें। उनके मुताबिक, कई बार मेकर्स यह नहीं देखते कि रोल के लिए बेस्ट एक्टर कौन है, बल्कि यह देखते हैं कि किसका चेहरा फिल्म को कमर्शियल फायदा पहुंचा सकता है। 2 फ्लॉप के बाद बोले- 'सर काम करने दीजिए'अपनी फिल्मों की असफलता पर जुनैद ने मजाकिया अंदाज में कहा, सर, अभी 2 फ्लॉप के बाद भी काम मिल रहा है, तो प्लीज मुझे काम करने दीजिए। फिल्म 'एक दिन' के प्रदर्शन पर बात करते हुए उन्होंने माना कि पूरी टीम को इस फिल्म से बेहतर उम्मीदें थीं। फिल्म में उनके साथ साई पल्लवी थीं और इसे आमिर खान के बैनर तले ही बनाया गया था। जुनैद ने कहा कि उन्हें पर्सनली फिल्म पसंद आई थी, लेकिन वह बड़े दर्शकों से नहीं जुड़ सकी। असफलता पर आमिर का रिएक्शनजुनैद ने यह भी बताया कि उनके पिता आमिर खान फिल्मों की असफलता को कैसे देखते हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में दशकों बिताने के बाद भी फ्लॉप फिल्में आमिर को भावनात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। हालांकि, आमिर खुद को काम में व्यस्त रखकर आगे बढ़ना पसंद करते हैं और नई ऊर्जा के साथ अगले प्रोजेक्ट पर ध्यान देते हैं। तमन्ना भाटिया के साथ आएंगे नजरजुनैद खान के भविष्य के प्रोजेक्ट्स की बात करें तो वे जल्द ही 'रागिनी एमएमएस 3' में दिखाई देंगे। इस फिल्म में उनके साथ तमन्ना भाटिया लीड रोल में हैं। हालांकि फिल्म की कहानी और रिलीज डेट को लेकर अभी ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है।
पाकिस्तानी फिल्म मेरा ल्यारी 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। यह फिल्म पाकिस्तान के ल्यारी इलाके पर आधारित थी। गौरतलब है कि ल्यारी का जिक्र भारतीय फिल्म धुरंधर में भी हुआ है, जो सुपरहिट साबित हुई थी। हालांकि, मेरा ल्यारी को बॉक्स ऑफिस पर कमजोर रिस्पॉन्स मिला। फेसबुक पेज ऑल पाकिस्तान शोबिज स्टार्स ने दावा किया कि पाकिस्तान की फिल्म मेरा ल्यारी को खराब शुरुआत के बाद फैसलाबाद के ताज महल सिनेमा से हटा दिया गया है। फिल्म पहले दिन सिर्फ 22 टिकट ही बेच पाई। कम दर्शक आने की वजह से अगले शो भी रद्द कर दिए गए। बता दें कि यह फिल्म धुरंधर और दूसरी फिल्मों को जवाब देने के लिए बनाई गई। फिल्म को कराची के ल्यारी इलाके की कहानी के तौर पर प्रमोट किया गया था। जहां फिल्मों में अक्सर इस इलाके को अपराध और गैंग हिंसा से जोड़कर दिखाया जाता है, वहीं मेरा ल्यारी में समुदाय, खेल और युवाओं की जिंदगी पर फोकस किया गया। महिला फुटबॉल पर आधारित है फिल्म की कहानी यह फिल्म महिला फुटबॉल पर आधारित है। अबू अलीहा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में आयशा उमर, दनानीर मोबीन, सामिया मुमताज और ट्रिनेट लुकास हैं। फिल्म की कहानी महिला फुटबॉल, कम्युनिटी की एकता और ल्यारी में युवा खिलाड़ियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर केंद्रित है। मेकर्स ने फिल्म के जरिए इलाके की एक अच्छी इमेज दिखाने की कोशिश की है। डायरेक्टर अबू अलीहा ने पहले कहा था कि फिल्म की 80 प्रतिशत कास्ट लोकल है, जिसमें फुटबॉल टीमों के सदस्य भी शामिल हैं। फिल्म को सिंध के सूचना मंत्री शरजील इनाम मेमन का भी सपोर्ट मिला।
एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए इंजेक्शन संबंधी दावों पर उनके पति पराग त्यागी ने प्रतिक्रिया देते हुए इन अफवाहों को खारिज किया और लोगों से गलत जानकारी फैलाना बंद करने की अपील की। ‘कांटा लगा गर्ल’ के नाम से मशहूर एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का मुंबई में 27 जून 2025 को निधन हुआ था।उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौत को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे थे। इनमें कहा गया था कि किसी इंजेक्शन की वजह से उनकी मौत हुई। हम लोग बिल्कुल नॉर्मल खाना खाते थे: पराग फिल्मीज्ञान से बातचीत में पराग ने कहा, ‘हम लोग बिल्कुल नॉर्मल खाना खाते थे। नूडल्स से लेकर आइसक्रीम तक सब कुछ खाते थे। शेफाली भी हफ्ते में एक-दो बार आइसक्रीम खाती थीं। घर में दाल, सब्जी, रोटी और कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें सब बनती थीं। बस प्रोटीन थोड़ा ज्यादा रहता था।’ पराग ने कहा, ‘वो अपनी पूरी लाइफ में इस पॉइंट पर सबसे ज्यादा फिट थीं।’ उन्होंने इंजेक्शन संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मुझे नहीं पता कौन हमारे घर में आकर देख के गया है या किसने ये सब बता दिया।’ शेफाली नेचुरल ब्यूटी थीं: पराग त्यागी गोरा होने वाले इंजेक्शन की अफवाहों पर पराग ने कहा, ‘उनको ( शेफाली) और गोरे होने की क्या जरूरत थी? वो नेचुरल ब्यूटी थीं।’ वहीं, यंग दिखने वाले इंजेक्शन की बात पर उन्होंने कहा, ‘अगर यंग होने के इंजेक्शन आते हैं तो मुझे भी बता दो। आप भी ले लेना, अपने पैरेंट्स को भी लगवा देना।’ उन्होंने आगे कहा, 'अगर ऐसा कोई इंजेक्शन होता जो इंसान को हमेशा जवान रखता, तो शायद रतन टाटा जी आज जिंदा होते।' अफवाहों पर नाराजगी जताते हुए पराग ने कहा, 'दोस्तों प्लीज दिखावे पर मत जाओ, अपनी अकल लगाओ। आज व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी और सोशल मीडिया पर लोग कुछ भी पढ़ लेते हैं, लेकिन उसके बारे में रिसर्च नहीं करते। नेगेटिव चीजें लोगों को बहुत जल्दी बिकती हैं।' उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, 'बस मैं सबसे रिक्वेस्ट करना चाहूंगा, ऐसा मत करो।'
आलिया भट्ट बुधवार शाम को कांस फिल्म फेस्टिवल में आइस ब्लू गाउन में रेड कार्पेट पर नजर आईं। फिल्म 'ए वूमेन्स लाइफ' (La Vie D'Une Femme) के प्रीमियर के दौरान उनका सिंड्रेला अवतार देखने को मिला। रेड कार्पेट पर आने से कुछ घंटे पहले, आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लॉरियल पेरिस को टैग करते हुए लिखा, लगभग टाइम हो गया। वीडियो में, उन्होंने पर्दे हटाकर अपने गाउन की एक झलक दिखाई। दुनियाभर का सबसे प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कल्चरल इवेंट कांस 12 मई से शुरू हो चुका है। फेस्टिवल 23 मई तक फ्रांस के फ्रेंच रिवेरा में जारी रहेगा। लोरियल पेरिस की तरफ से कांस पहुंचीं आलिया भट्ट के अब तक 4 लुक सामने आ चुके हैं। देखें आलिया का चौथा लुक देखें आलिया का तीसरा लुक देखें आलिया का दूसरा लुक देखें आलिया का पहला लुक एक्ट्रेस यूलिया वंतूर बुधवार को अपनी शॉर्ट फिल्म इकोज ऑफ अस को प्रमोट करने के लिए कांस के रेड कार्पेट पर वॉक किया। उन्होंने डिजाइनर तमारा राल्फ का डिजाइन किया हुआ आइस-ब्लू टरकॉइज गाउन पहना था। रेड कार्पेट पर उन्होंने फोटोग्राफर्स के लिए पोज दिए, फैंस को फ्लाइंग किस भेजी और हाथों से हार्ट जेस्चर भी बनाया। यूलिया ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो रील शेयर करते हुए इस अनुभव को मैजिक इवनिंग बताया। इस मौके पर उनके साथ एक्टर दीपक तिजोरी और डायरेक्टर जो राजन भी मौजूद थे। फिल्म का दूसरा टीजर कांस में मार्चे डू फिल्म और बाद में फ्रेंच रिवेरा फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। आलिया भट्ट और यूलिया वंतूर के अलावा भारत से उर्वशी रौतेला, ऐश्वर्या राय, मौनी रॉय, अदिति राव हैदरी और एहसास चन्ना कांस के रेड कार्पेट में पहुंचेंगी। एक्ट्रेस तारा सुतारिया भी कांस रेड कार्पेट पर डेब्यू करने वाली हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का दौरे पर पड़ा असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जनता से कम-से-कम ट्रेवल करने और कम तेल-ईंधन इस्तेमाल करने की अपील की है। यही वजह रही कि महाराष्ट्र का सांस्कृतिक विभाग अब कांस फिल्म फेस्टिवल में हिस्सा नहीं ले रहा है। महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने बताया कि पीएम मोदी की अपील के बाद विभाग का प्रतिनिधिमंडल अब कांस नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग में वाहनों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और जरूरी बैठकों को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया जाएगा। कांस 2026 में छाएगा भारत का रीजनल सिनेमा कांस में इंडो-अमेरिकन फिल्म बॉम्बे स्टोरीज की स्क्रीनिंग भी कांस में होगी। ये फिल्म मंटों के उपन्यास पर बनी है, जो 1930 के दशक की बॉम्बे में रहनेवालीं सेक्स वर्कर्स की कहानी दिखाती है। फिल्म को राहत शाह काजमी ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस में मौजूद रहेंगी। इसके क्लासिकल सेगमेंट में 40 साल पुरानी मलयाली फिल्म अम्मा अरियन की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। रीजनल सिनेमा की ये फिल्में भी कांस पहुंचीं- पंजाबी सिनेमा- पॉपुलर सिंगर और एक्टर एमी विर्क की फिल्म चारदीकला की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। इसकी स्क्रीनिंग के लिए एमी विर्क कांस में डेब्यू करेंगे। उनके साथ को-स्टार रूपी गिल भी कांस में पहुंचेंगी। मलयाली सिनेमा- मलयाली फिल्ममेकर चिदंबरम की फिल्म बालनः द बॉय की स्क्रीनिंग कांस में होनी है। गुजराती सिनेमा- एक्ट्रेस मानसी पारेख इस साल प्रोड्यूसर पार्थिव गोहिल के साथ कांस में शामिल होने वाली हैं। गुजराती फिल्म लालोः कृष्णा सदा सहायते की भी कांस में स्क्रीनिंग होगी। मराठी सिनेमा- मराठी फिल्म इंडस्ट्री से एक्टर अशोक सराफ, निवेदिता सरफा, एक्ट्रेस प्राजक्ता माली और प्रोड्यूसर केदार जोशी कांस का हिस्सा बनेंगे। पायल कपाड़िया ज्यूरी बनीं, आशुतोष गोवारिकर ऑफिशियल डेलिगेट्स लगान बना चुके आशुतोष गोवारिकल इस साल भारत के ऑफिशियल डेलिगेट बनकर कांस का हिस्सा बनेंगे। 2021 और 2024 में कांस के दो अवॉर्ड ग्रैंड प्री और गोल्डन आई अवॉर्ड जीत चुकीं पायल कपाड़िया इस साल ज्यूरी बनकर कांस में शामिल हो रही हैं। वो क्रिटिक्स वीक कैटेगरी की ज्यूरी रहेंगी। कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सेरेमनी के आखिरी दिन मिलेगा पाम डि'ओर पाम डिओर, कांस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित अवॉर्ड है। यह पुरस्कार फेस्टिवल की मुख्य प्रतियोगिता में चुनी गई सर्वश्रेष्ठ फिल्म को दिया जाता है। इसे कांस का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस साल 12-23 मई तक चलने वाले इस फेस्टिवल में 23 मई को पाम डि'ओर अवॉर्ड दिया जाएगा। कांस के इतिहास में भारत की उपलब्धियां- 80 साल पहले भारत को मिला पहला पाम डि'ओर, आज भी रिकॉर्ड कायम कांस फिल्म फेस्टिवल में जाने वाली पहली भारतीय फिल्म नीचा नगर थी। चेतन आनंद के निर्देशन में बनी ये फिल्म संयोग से कभी भारत में रिलीज ही नहीं हुई। इसका प्रसारण सिर्फ दूरदर्शन में ही किया गया था। अमीर-गरीब की जिंदगी दर्शाने वाली इस फिल्म को कांस फिल्म फेस्टिवल का सर्वश्रेष्ठ पाम डि'ओर अवॉर्ड मिला था। नीचा नगर ये अवॉर्ड जीतने वाली भारत की इकलौती फिल्म है। इसके अलावा दो बीघा जमीन (1954), बूट पॉलिश, पाथेर पांचाली, सलाम बॉम्बे, लंच बॉक्स जैसी करीब 21 फिल्मों को कांस फिल्म फेस्टिवल में अलग-अलग कैटेगरी में अवॉर्ड मिले हैं। जबकि अब तक भारत को कुल 38 नॉमिनेशन मिल चुके हैं। नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्मों में राज कपूर की ब्लॉकबस्टर फिल्म आवारा भी शामिल है। जब कांस के रेड कार्पेट पर ट्रेडिशनल अवतार में पहुंचे सेलेब्स कांस रेड कार्पेट पर सेलेब्स के इन लुक्स का उड़ा मजाक एक नजर कांस के बेहतरीन इतिहास पर- हिटलर की तानाशाही के खिलाफ शुरू हुआ कांस 1938 में वेनिस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत की गई थी, लेकिन उस समय जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर और इटली के तानाशाह मुसोलिनी अपने पसंदीदा लोगों को अवॉर्ड बांट देते थे। इनकी तानाशाही से परेशान होकर कई ज्यूरी मेंबर ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल छोड़ दिया और एक फ्री फेस्टिवल शुरू करने का फैसला किया, जिसकी लोकेशन कांस, पेरिस तय हुई। फ्रेंच सरकार ने उसके दस्तावेजों पर साइन कर उसे ऑफिशियल कांस फिल्म फेस्टिवल घोषित कर दिया। पहला फिल्म फेस्टिवल 1-20 सितंबर 1939 को होना था। एक दिन पहले गाला नाइट रखी गई, लेकिन 1 सितंबर को फेस्टिवल शुरू हुआ तो हिटलर द्वारा पौलेंड पर हमला करने से सेरेमनी में हंगामा मच गया और सेरेमनी 10 दिनों के लिए टालनी पड़ी। माहौल सुधरने के बदले और बिगड़ गए जब फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम के बीच युद्ध का ऐलान हुआ। दूसरे विश्व युद्ध से कांस फिल्म फेस्टिवल 6 सालों तक टला था। वर्ल्ड वॉर 2 से 6 साल के इंतजार के बाद पहली सेरेमनी 20 सितंबर- 5 अक्टूबर 1946 को हुई, जिसमें 20 देशों ने हिस्सा लिया। 1947 में मैनेजमेंट खराब होने पर महज 16 देशों ने हिस्सा लिया। अगले साल 1948 में बजट की कमी के कारण सेरेमनी हुई ही नहीं। 1949 में फिर इवेंट मैनेजमेंट से लोग निराश हुए। 1950 में खर्च न उठा पाने पर फिर फिल्म फेस्टिवल हुआ ही नहीं। 1951 से लेकर अब तक सिर्फ कोरोना महामारी के चलते 2020 में सेरेमनी रद्द की गई थी। 18 कैरेट गोल्ड से बना अवॉर्ड, कीमत करीब 18 लाख रुपए 1955 में फेस्टिवल कमेटी ने पाम डिओर (Palm D’or) अवॉर्ड लॉन्च किया, जो इस सेरेमनी का हाईएस्ट अवॉर्ड है। 1964 में पाम डिओर को ग्रैंड प्रिक्स से रिप्लेस किया गया था, हालांकि 1975 से फिर पाम डिओर अवॉर्ड दिया जाने लगा। इसे स्विस ज्वेलरी फर्म चोपार्ड द्वारा तैयार किया गया है। इसे 18 कैरेट यलो गोल्ड और एमराल्ड कट डायमंड से तैयार किया गया है। इस एक अवॉर्ड की कीमत 27 हजार डॉलर यानी 18 लाख रुपए है। डिनर में खर्च किए जाते हैं 2.8 करोड़ रुपए कांस फिल्म फेस्टिवल के समय कांस शहर का होटल बेरियर ले मैजेस्टिक (Hotel Barrire Le Majestic) मेहमानों के लिए ओपनिंग और क्लोजिंग इवेंट के लिए खाने की जिम्मेदारी उठाता है। मेहमानों के डिनर के लिए ही 3 लाख 47 हजार डॉलर यानी 2.8 करोड रुपए खर्च किए जाते हैं। 2000 कैकड़ों से बनता है स्पेशल डिनर वेबसाइट बिजनेस इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक होटल डिनर के लिए 770 पाउंड यानी 340 किलोग्राम फोए ग्रास नाम की डिश तैयार करता है, जो बतख के लिवर से बनने वाली एक स्पेशल फ्रेंच डिश है। इसके अलावा यहां 110 पाउंड्स यानी 49 किलो केवियर बनता है, जो दुनिया की सबसे महंगी डिशेज में से एक है। इस डिश में करीब 1,32,000 डॉलर यानी 1 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। इस डिनर के लिए हर साल 2000 किलो कैकड़े (लॉबस्टर) इस्तेमाल किए जाते हैं, जिनमें 39 लाख रुपए लगते हैं। 18500 बोतल वाइन-शैंपेन पी जाते हैं गेस्ट्स सेलेब्स के लिए रखे गए डिनर में वाइन और शैंपेन भी सर्व होती है। पूरे कांस फेस्टिवल के दौरान करीब 18,500 बोतल वाइन और शैंपेन परोसी जाती है। वेबसाइट द हॉलीवुड रिपोर्टर के अनुसार सेरेमनी में ज्यादातर 1990 शैटो पेट्रस (1990 Chateau Petrus) वाइन सर्व की जाती है। जिसकी एक बोतल की कीमत 9390 डॉलर है, ये दुनिया की छठी सबसे महंगी वाइन है। हॉलीवुड रिपोर्टर के अनुसार, डिनर के अलावा दूसरे मौकों पर लगने वाली ड्रिंक्स, खाने, लेजर लाइट, फोटोग्राफ और म्यूजिक में भी 1,50,000 डॉलर यानी 1 करोड़ 23 लाख खर्च किए जाते हैं। कांस शहर सिर्फ याच को रेंट पर देकर कमाता है 3 हजार करोड़ रुपए कांस शहर याच पार्टी के लिए भी फेमस है। फेस्टिवल में पहुंचने वाले दुनियाभर के कई सेलेब्स फेस्टिवल के दौरान याच पार्टी का भी हिस्सा बनते हैं। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार याच पार्टी से सालाना कांस शहर की 3 हजार करोड़ रुपए कमाई होती है, जो सेलेब्स खुद खर्च करते हैं। हील्स की जगह फ्लैट चप्पल पहनी तो रेड कार्पेट पर एंट्री बैन रेड कार्पेट के नियमों के अनुसार, सेरेमनी में पहुंचने वाली फीमेल सेलिब्रिटीज का हील्स पहनना जरूरी है। ये नियम 2015 में बनाया गया है। अगर कोई सेलेब्स बिना हील्स के यहां पहुंचता है तो उसे सेरेमनी में नहीं आने दिया जाता। 2015 में ऐसा ही एक मामला विवादों से घिर गया, जहां कुछ फीमेल सेलेब्स को हील्स न पहनने पर अंदर नहीं जाने दिया। एक्ट्रेस क्रिस्टेन स्टीवर्ट और जूलिया रॉबर्ट्स भी इस नियम का विरोध करते हुए रेड कार्पेट पर अपनी हील्स रिमूव कर चुकी हैं। हैंडबैग और सेल्फी पर पाबंदी रेड कार्पेट के लिए कोई निर्धारित ड्रेस कोड नहीं है, हालांकि यहां आने वाले हर सेलेब को ग्लैमरस लगना अनिवार्य है। हैरानी की बात ये है कि रेड कार्पेट पर हैंडबैग ले जाना सख्त मना है। यहां आने वाले सेलेब्स क्लच या हाथ में दूसरा कोई भी बैग नहीं पकड़ सकते। रेड कार्पेट की रूल बुक पर लिखा हुआ है कि कृपया अपने हैंडबैग अपने होटल में ही छोड़कर आएं। रेड कार्पेट पर फोटो या सेल्फी लेने की भी सख्त मनाही है, कोई भी सेलेब रेड कार्पेट पर सिर्फ और सिर्फ पैपराजी से ही तस्वीर क्लिक करवा सकता है। 2 किलोमीटर की रेडकार्पेट को दिन में 3 बार बदला जाता है सबसे ज्यादा कांस फिल्म फेस्टिवल में रेड कार्पेट पर आए सेलेब्स चर्चा में रहते हैं।1989 में पहली बार रेड कार्पेट रखी गई थी, जिस पर चलकर तमाम हस्तियां फेस्टिवल का हिस्सा बनी थीं। महंगी ड्रेस और ज्वेलरी पहनकर सेलेब्स इस रेड कार्पेट पर दिन भर वॉक करते हैं, जिसके तीन तरफ पैपराजी और मीडिया की भीड़ रहती है। ये रेड कार्पेट 2 किलोमीटर लंबा होता है, साफ दिखाने के लिए इसे दिन में 3 बार बदला जाता है। पैपराजी की 5-पीस सूट के बिना एंट्री बैन रेड कार्पेट पर आने वाले सेलेब्स को क्लिक करने पहुंचे पैपराजी के लिए भी कांस फिल्म फेस्टिवल में ड्रेस कोड है। पैपराजी सिर्फ ब्लैक टक्सीडो सूट, टाई/बो और फॉर्मल शूज पहनकर ही आ सकते हैं। अगर ड्रेस कोड में लापरवाही की जाती है, तो उन्हें वहां फोटो क्लिक करने से रोक दिया जाता है। हालांकि, फीमेल पैपराजी को इस ड्रेस कोड में छूट मिली हुई है। कांस फिल्म फेस्टिवल से जुड़ी कुछ जरूरी बातें-
बिगबॉस फेम और 'नेवर गिव अप' एटीट्यूड के लिए मशहूर अविनाश मिश्रा अब खतरों के खिलाड़ी' में अपना दमखम दिखाने के लिए तैयार हैं। हाल ही में 'बिग बॉस ओटीटी' में अपने बेबाक अंदाज से सुर्खियां बटोरने वाले अविनाश का मानना है कि असल जिंदगी के संघर्षों ने उन्हें इस शो के लिए सालों पहले ही तैयार कर दिया था। दैनिक भास्कर से बातचीत में अविनाश ने अपने करियर के शुरुआती संघर्षों, मुंबई आने के उस सबसे बड़े 'खतरे' और शो के होस्ट रोहित शेट्टी के साथ अपनी केमिस्ट्री पर विस्तार से बात की। उन्होंने साझा किया कि कैसे बिना किसी गॉडफादर के इंडस्ट्री में जगह बनाना उनके लिए 'मेक इट या ब्रेक इट' जैसी स्थिति थी। सवाल: अविनाश, आप अपनी चॉकलेटी इमेज और स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी के लिए जाने जाते हैं। अब आप 'खतरों' से खेलने जा रहे हैं, कितनी तैयारी है? जवाब: देखिए, मैं स्वभाव से ही हर चीज के लिए खुद को तैयार रखने वाला इंसान हूं। लेकिन 'खतरों के खिलाड़ी' एक ऐसा शो है जहां आप चाहे जितनी भी तैयारी कर लें, वहां जाकर सब कुछ नया ही लगता है। फिर भी, जो मेरे हाथ में है यानी अपनी फिजिकल और मेंटल स्ट्रेंथ, उस पर मैंने पूरा काम किया है। मैं 100% तैयार हूं, अब देखते हैं शो के अंदर क्या होता है। सवाल: जब आप पहली बार मुंबई आए थे, तब आपके पास कोई गॉडफादर नहीं था। क्या वह आपके जीवन का सबसे बड़ा खतरा था? जवाब: बिल्कुल वह एक ऐसा दौर था जब मुझ पर एक अलग ही जुनून सवार था। जब आप बिना किसी सपोर्ट के अपने दम पर कुछ करने निकलते हैं, तो खौफ तो होता ही है। मुझे याद है, उस वक्त सिर्फ एक ही डर सताता था कि 'अगर नहीं हुआ तो क्या?' तब सीधा अपना सामान बांधकर वापस जाना पड़ता। वह 'मेक इट या ब्रेक इट' वाली स्थिति थी। मैंने उस जुनून को आज भी अपने अंदर जिंदा रखा है, जो मुझे आज भी काम आता है। सवाल: क्या वह 'वापस घर जाने का डर' ही आपकी ताकत बना? जवाब: हां, क्योंकि जब आपके पास खोने के लिए कुछ नहीं होता, तो पाने के लिए पूरा आसमान होता है। मैंने खुद से कहा था कि मर जाएंगे लेकिन करके दिखाएंगे। वही मंत्र आज भी मेरे साथ है। जब मैंने लाइफ का इतना बड़ा रिस्क ले लिया था, तो अब ये स्टंट्स तो मैं कर ही लूंगा। सवाल: इस सीजन को 'डर का नया दौर' कहा जा रहा है। पानी, ऊंचाई या रेंगने वाले कीड़े... आपको किससे सबसे ज्यादा डर लगता है? जवाब: सच कहूं तो शुरुआत में जब मुझसे पूछा गया, तो मैंने कहा कि मुझे किसी चीज से डर नहीं लगता। लेकिन जैसे-जैसे शो के दिन नजदीक आ रहे हैं, अब हर चीज डरावनी लग रही है (हंसते हुए)। पर एक विजन भी स्टार्ट हो गया है कि अगर मुझे यह स्टंट मिला, तो मैं इसे कैसे ओवरकम करूंगा। डर को मात देने का मजा ही अलग है। सवाल: इस बार 'ओल्ड वर्सेज न्यू' का कॉन्सेप्ट है, पुराने खिलाड़ी भी आपके सामने होंगे। इसे कैसे देखते हैं? जवाब: यह बहुत दिलचस्प होने वाला है। जो पुराने खिलाड़ी हैं, उनके पास अनुभव है, वो शो का फ्लो जानते हैं। लेकिन हम जो नए हैं, हमारे पास एक अलग अप्रोच और फ्रेश एनर्जी होगी। वहां यह मायने रखेगा कि स्टंट के वक्त किसका दिमाग सही क्लिक कर गया। सवाल: क्या 'बिग बॉस' जैसे शो ने आपको मेंटली इस शो के लिए तैयार किया है? जवाब: बहुत ज्यादा! बिग बॉस में अगर आप इतने दिन सर्वाइव कर गए, तो आपको मेंटल ट्रेनिंग अपने आप मिल जाती है। वहां आप मानसिक तौर पर बहुत सी चीजों को झेलना सीख जाते हैं। खतरों के खिलाड़ी सिर्फ बॉडी बिल्डिंग का खेल नहीं है, यह विल पावर और मुश्किल हालात में खुद को शांत रखने का खेल है। सवाल: जब आपको इस शो का ऑफर मिला, तो घर पर मम्मी-पापा का क्या रिएक्शन था? जवाब: उन्हें पता था कि अगर मुझे ऑफर आया, तो मैं 'हां' ही कहूंगा। मैं इस शो के लिए हमेशा एक्साइटेड रहता था। मम्मी-पापा को बस इस बात की फिक्र रहती है कि मैं वहां जाकर स्टंट के अलावा और कुछ खुराफात न करूं। उन्होंने बस यही कहा- जा रहा है तो बस जीत के आना। सवाल: रोहित शेट्टी के साथ काम करने को लेकर कितने एक्साइटेड हैं? जवाब: रोहित सर अपनी फिल्मों की तरह ही हैं फुल ऑफ एक्शन और कॉमेडी। वो बहुत स्पोंटेनियस हैं। कई बार वो प्रैंक्स करके माहौल को हल्का कर देते हैं, तो कई बार इतने मोटिवेट करते हैं कि आप नामुमकिन स्टंट भी कर जाते हैं। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
डायरेक्टर और प्रोडूसर करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी रोमांटिक ड्रामा फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। इस फिल्म में लक्ष्य लालवानी और अनन्या पांडे मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। दोनों कलाकार पहली बार साथ काम कर रहे हैं। फिल्म में अनन्या पांडे ‘चांदनी’ का किरदार निभा रही हैं, जबकि लक्ष्य ‘आरव’ के रोल में हैं। फिल्म का निर्देशन विवेक सोनी ने किया है। ट्रेलर की शुरुआत एक ‘सॉरी’ से होती है, जहां आरव से ऐसी गलती हो जाती है जिसे चांदनी माफ नहीं कर पाती। इसके बाद आरव उसे दूसरा मौका देने के लिए बार-बार कोशिश करता है, लेकिन चांदनी अपने प्यार से ज्यादा अपनी इज्जत को चुनती है। कहानी दोस्ती, प्यार और हार्टब्रेक के इर्द-गिर्द घूमती है। दो इंजीनियरिंग छात्रों की यह लव स्टोरी धीरे-धीरे इमोशनल और दर्दभरी मोड़ ले लेती है। ट्रेलर में एक डायलॉग ‘इज्जत प्यार से बड़ी होती है’ खास तौर पर दर्शकों को प्रभावित कर रहा है। फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर भी अच्छी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। फिल्म 22 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह अपने करियर के एक और बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक...‘उन्होंने अपने प्रोडक्शन बैनर ‘मां कसम फिल्म’ के तहत अमिश त्रिपाठी की लोकप्रिय किताब ‘द इमॉर्टल्स ऑफ मेलुहा’ के फिल्मी राइट्स हासिल कर लिए हैं। इस कहानी को एक भव्य ट्रिलॉजी के रूप में बड़े स्तर पर बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए रणवीर ने बिड़ला स्टूडियोज के साथ साझेदारी भी की है। फिलहाल फिल्म का लेखन कार्य शुरुआती चरण में है और स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है। मेकर्स पहले कहानी और विजन को पूरी तरह तैयार करने के बाद डायरेक्टर और बाकी टीम को फाइनल करेंगे।’ सबसे खास बात यह है कि खबरों के अनुसार...‘रणवीर इस ट्रिलॉजी में भगवान शिव का किरदार निभाते नजर आ सकते हैं। हालांकि बाकी प्रमुख किरदारों के लिए कास्टिंग अभी तय नहीं हुई है। इस प्रोजेक्ट के राइट्स हासिल करने के लिए रणवीर ने बड़ी रकम खर्च की है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है।’ ‘धुरंधर’ की सफलता के बाद यह प्रोजेक्ट रणवीर के करियर का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके अलावा रणवीर सिंह के पास और भी फिल्में हैं। वह मार्च 2027 में आदित्य धर की अगली फिल्म की शूटिंग शुरू कर सकते हैं।
'बिग बॉस 9' और 'लॉकअप' फेम एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने आखिरकार भारत छोड़ दिया है। 16 साल तक हिंदुस्तान में रहने के बाद उन्होंने एक इमोशनल वीडियो शेयर कर देश को अलविदा कहा। मंदाना ने भारत को अपना 'दूसरा घर' बताया था, लेकिन पिछले कुछ समय से वे अपनी सुरक्षा और बेबाक बयानी की वजह से लगातार विवादों और सुर्खियों में बनी हुई थीं। एयरपोर्ट से शेयर किया इमोशनल वीडियोमंदाना ने इंस्टाग्राम पर 'आस्क मी एनीथिंग' सेशन के दौरान फैंस को यह खबर दी। एक फैन ने उनसे पूछा था कि क्या उन्होंने मुंबई हमेशा के लिए छोड़ दिया है? इसके जवाब में मंदाना ने एयरपोर्ट से एक वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा, मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं ऐसा कह पाऊंगी, लेकिन अलविदा भारत। यह मुश्किल होने वाला है। लगभग 16 साल यहां बिताने के बाद मैं अपने दूसरे घर को पीछे छोड़ रही हूं। अब एक नई शुरुआत की ओर बढ़ रही हूं, नया देश, नया घर, सब कुछ नया। पहले कहा था भारत ने मुझे धोखा दिया एक्ट्रेस ने भारत छोड़ने की मुख्य वजह अपनी सुरक्षा को बताया है। इससे पहले बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में मंदाना ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा, पिछले दो महीनों में मुझे मुंबई में बहुत अकेलापन महसूस हुआ। ईरान के हक में बोलने और विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने की वजह से मैंने अपने कई पुराने दोस्त खो दिए। मुझे महसूस हो रहा है कि भारत ने एक तरह से मुझे धोखा दिया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वे ईरान भी वापस नहीं जा सकतीं, क्योंकि वहां उन पर 10 साल पहले ही बैन लगा दिया गया था। खामेनेई की मौत पर जश्न और विवादमंदाना करीमी पिछले दिनों तब चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर खुशी जताई थी। उन्होंने दावा किया था कि खामेनेई ने ईरान के लोगों पर बहुत अत्याचार किए हैं। मंदाना ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें अपने एक्टिविज्म के लिए भारत में किसी का सपोर्ट नहीं मिला। मॉडलिंग से शुरू हुआ था मंदाना का करियर मंदाना करीमी का जन्म तेहरान में हुआ था। वह 2010 में पहली बार मॉडलिंग के लिए भारत आई थीं और 2013 से मुंबई में ही बस गईं। उन्होंने 'क्या कूल हैं हम 3', 'मैं और चार्ल्स' और 'भाग जॉनी' जैसी फिल्मों में काम किया। इसके अलावा 'बिग बॉस' और 'लॉकअप' जैसे रियलिटी शोज से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद मंदाना ने साल 2017 में भारतीय बिजनेसमैन गौरव गुप्ता से शादी की, लेकिन यह रिश्ता लंबा नहीं चला। 2021 में उनका तलाक हो गया। मंदाना ने अपने पति और ससुराल वालों पर घरेलू हिंसा और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए थे।
एक्ट्रेस मौनी रॉय और उनके पति सूरज नांबियार के तलाक की खबरों के बीच अब मोनी ने चुप्पी तोड़ी है। मोनी ने सोशल मीडिया पर लोगों से उनकी प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील की है। मौनी रॉय ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक नोट शेयर करते हुए लिखा सभी मीडिया हाउस से विनम्र निवेदन है कि वे गलत खबरें न फैलाएं। हमें स्पेस और प्राइवेसी दें, प्लीज। अनफॉलो करने और फोटो डिलीट करने से शुरू हुआ विवाद तलाक की ये खबरें तब शुरू हुईं जब फैंस ने गौर किया कि मौनी और सूरज ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है। बात सिर्फ अनफॉलो करने तक ही सीमित नहीं रही, सूरज ने अपनी प्रोफाइल से शादी की कई पुरानी तस्वीरें भी डिलीट कर दी हैं। हालांकि, मौनी की प्रोफाइल पर अब भी कुछ तस्वीरें मौजूद हैं। 2022 में गोवा में हुई थी शादी मौनी रॉय और सूरज नांबियार ने 27 जनवरी 2022 को गोवा में एक ग्रैंड सेरेमनी में शादी की थी। उनकी शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। इस शादी में मलयाली और बंगाली दोनों परंपराओं का पालन किया गया था। सूरज दुबई बेस्ड बिजनेसमैन हैं और दोनों लंबे समय तक डेट करने के बाद शादी के बंधन में बंधे थे। मौनी रॉय के पास हैं कई फिल्में साल 2025 में मौनी रॉय फिल्म भूतनी में नजर आई थीं। जल्द ही वो तमिल फिल्म विश्वंभरा में कैमियो करती दिखेंगी। इसके अलावा वो है जवानी तो इश्क होना है और द वाइव्स जैसी फिल्मों में नजर आने वाली हैं।
धुरंधर 2 की स्क्रिप्ट चोरी का विवाद अब खत्म हो गया है। मानहानि का केस करने के बाद आदित्य धर पर स्क्रिप्ट चुराने का आरोप लगाने वाले संतोष कुमार अब माफी मांग ली है। जबकि अप्रैल में उन्होंने दावा किया था कि आदित्य धर ने उनकी लिखी स्क्रिप्ट चुराकर फिल्म बनाई। 30 मार्च को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संतोष कुमार ने आदित्य धर को चोर कहा और स्क्रिप्ट चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद आदित्य धर ने बॉम्बे हाईकोर्ट में संतोष कुमार के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज की। हाल ही में हुई सुनवाई में आदित्य धर का केस लड़ रहे सीनियर एडवोकेट डॉ. बिरेंद्र सराफ ने कोर्ट में कहा कि अगर संतोष कुमार ये आश्वासन देते हैं कि वो भविष्य में इस तरह की कोई मानहानिकारक टिप्पणी नहीं करेंगे, तो वो ये मामला सुलझाने के लिए तैयार हैं। इस पर संतोष कुमार के वकील ने बिना शर्त माफी पेश की और आश्वासन दिया कि अब आदित्य धर के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया जाएगा। माफी मांगे जाने के बाद आदित्य धर ने मानहानि और हर्जाने की मांग आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। अदालत ने संतोष कुमार की माफी स्वीकार कर मामला खारिज कर दिया है। क्या था संतोष कुमार का पिछला दावा संतोष कुमार ने मार्च में रखी प्रेस कॉन्प्रेंस में दावा किया कि धुरंधर की स्क्रिप्ट उन्होंने लिखी थी, लेकिन बाद में आदित्य दर ने उस कहानी पर धुरंधर 2 बना दी। उन्होंने कहा, ‘आप सबने देखा होगा कि फिल्म बहुत अच्छी चल रही है। ये मूवी देखने के बाद मुझे पता चला कि ये मेरी स्क्रिप्ट है। मेरी कहानी है। मैंने इसे बहुत मेहनत से किया था। 2023 में मैंने यहां आकर बहुत सारी कंपनियों को स्टोरी नरेट की थी। मुझे कहा गया था कि अगर आपको बड़ा एक्टर चाहिए, तो बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी लेकर आओ। मैं सोनी के पास गया, जी के पास गया, टी-सीरीज के पास गया, धर्मा प्रोडक्शन के पास गया।’ आगे उन्होंने कहा, ‘मुझे इस फिल्म की स्क्रिप्ट के लिए आदित्य रॉय कपूर चाहिए था। मैंने बहुत कोशिश की। मैंने बहुत डायरेक्टर्स को स्क्रिप्ट भेजी। मैं स्क्रीनराइटर एसोसिएशन का हिस्सा था, मैंने वहां भी स्क्रिप्ट रजिस्टर करवाई है, नवंबर 2023 में। मेरे पास सारे सबूत हैं। मेरे पास तस्वीरें हैं, स्क्रिप्ट हैं, स्केच हैं। मैं इस फिल्म के खिलाफ केस कर रहा हूं। फिल्म अच्छी है, लेकिन उन लोगों ने मेरे काम का दुरुपयोग किया है। फिल्म सिनेमा एंटरटेनमेंट थी, लेकिन उन्होंने इसे पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा बना दिया।’
साउथ के पॉपुलर एक्टर दिलीप राज का मंगलवार सुबह निधन हो गया है। 47 साल के एक्टर के निधन का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, एक्टर को बेंगलुरु स्थित घर में सुबह सीने में तेज दर्द उठा था। परिवार द्वारा उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिनों पहले ही दिलीप राज गोवा ट्रिप पर गए थे। ट्रिप में बार-बार एक्टर के सीने में दर्द उठा था। तब उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वो घर लौटकर टेस्ट करवाने वाले थे। लेकिन इससे पहले ही एक्टर का निध हो गया। एक्टर के निधन की खबर मिलने के बाद उनके साथ फिल्म मॉकटेल 3 में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस श्वेता प्रसाद ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लिखा, “दिलीप राज के निधन की चौंकाने वाली खबर सुनकर नींद खुली। अब भी यकीन करना बहुत मुश्किल है। हमारी हर बातचीत उनकी पत्नी और दोनों के एक-दूसरे के लिए प्यार के बारे में ही होती थी।” बता दें कि दिलीप राज की दो बेटियां भी हैं। 2 सितंबर 1978 में दिलीप राज का जन्म बेंगलुरु में हुआ था। डांस में रुचि होने के चलते वो कॉलेज के दिनों में ही डांस ग्रुप का हिस्सा बन गए। आगे उन्होंने बतौर सपोर्टिंग एक्टर कन्नड़ सिनेमा में काम करना शुरू किया और फिर टीवी इंडस्ट्री से जुड़े। टीवी में सफलता हासिल करने के बाद दिलीप ने 2005 की फिल्म भाई फ्रेंड से फिल्मों में डेब्यू किया। उन्होंने करीब 24 फिल्मों में काम किया है, जिनमें मिलाना, यू टर्न, ट्रेडमिल शामिल हैं।
तमिलनाडू के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद थलापति विजय ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड तृषा के लिए फिल्म इंडस्ट्री के एक बड़े नियम में बदलाव किया है। विजय ने तृषा कृष्णन की फिल्म करप्पू के लिए सुबह 9 बजे की स्क्रीनिंग रखने की स्पेशल परमिशन दी है, जबकि अब तक साउथ में इस पर प्रतिबंध था। फिल्म करप्पू के प्रोडक्शन हाउस ड्रीम वॉरियर पिक्चर ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इसकी जानकारी देते हुए थलापति विजय का शुक्रिया अदा किया है। पोस्ट में लिखा गया है, स्पेशल थैंक्स हमारे आदरणीय मुख्यमंत्री थिरु जोसेफ विजय, करप्पू को सुबह 9 बजे की स्पेशल परमिशन देने के लिए। फिल्म करप्पू 14 मई को रिलीज हो रही है। पहले दिन से ही इसके सुबह 9 बजे के शो शुरू हो जाएंगे। फिल्म में तृषा कृष्ण और सूर्या लीड रोल में हैं। 2023 से तमिलनाडू में था मॉर्निंग शो पर प्रतिबंध साल 2023 में फिल्म थुनिवू रिलीज हुई थी। इस फिल्म के सुबह साढ़े 4 बजे के मॉर्निंग शो में भगदड़ मच गई थी, जिसमें एक फैन का निधन हो गया था। इसके बाद से ही एहतियातन तमिलनाडू सरकार ने सुरक्षा कारणों से सुबह के शोज पर प्रतिबंध लगा दिया था। बता दें कि थलापति विजय का ये फैसला देना इसलिए भी सबका ध्यान खींच रहा है क्योंकि उनका नाम लंबे समय से तृषा कृष्णन से जुड़ रहा है। दोनों ने रिश्ते पर आधिकारिक तौर पर मुहर नहीं लगाई है, लेकिन तलाक की प्रोसेस के साथ लगातार तृषा के साथ स्पॉट होकर दोनों ने रिश्ते पर हिंट दे दिया है।
शादीशुदा जिंदगी में अगर दोस्ती, शक और पुराने रिश्तों की एंट्री हो जाए, तो जिंदगी कितनी उलझ सकती है, यही दिखाने की कोशिश करती है फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’। फिल्म की कहानी क्या है?फिल्म की कहानी प्रयागराज में रहने वाले फॉरेस्ट ऑफिसर प्रजापति पांडे के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने काम में माहिर हैं और विभाग में उनकी अच्छी साख है। उनकी पत्नी अपर्णा एक स्थानीय टीवी रिपोर्टर है, जबकि उनकी सहकर्मी और दोस्त नीलोफर उनके साथ वन विभाग में काम करती हैं। कहानी में मोड़ तब आता है, जब उनकी कॉलेज की पुरानी दोस्त चंचल अचानक उनकी जिंदगी में वापस लौटती है। चंचल अपने प्रेमी से शादी करना चाहती है और उसकी मदद करते-करते प्रजापति की अपनी शादीशुदा जिंदगी में उथल-पुथल मच जाती है। गलतफहमियों का ऐसा जाल बुनता है कि अपर्णा को प्रजापति और नीलोफर के बीच अफेयर का शक होने लगता है, वहीं चंचल के प्रेमी को लगता है कि प्रजापति और चंचल के बीच कुछ चल रहा है। इन रिश्तों के उलझे धागों के बीच कॉमेडी और कन्फ्यूजन का तड़का फिल्म को आगे बढ़ाता है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है?अभिनय की बात करें, तो आयुष्मान खुराना ने प्रजापति पांडे के किरदार को बेहद सहज तरीके से निभाया है और उनका प्रदर्शन कहानी को मजबूती देता है। वामिका गब्बी अपने किरदार में ठीक लगती हैं, जबकि सारा अली खान का काम औसत कहा जा सकता है। हालांकि, रकुल प्रीत सिंह सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं; उन्होंने अपने अभिनय और कॉमिक टाइमिंग से फिल्म में जान डालने का काम किया है। वहीं आयशा रजा, तिग्मांशु धूलिया और विजय राज ने अपनी शानदार कॉमिक मौजूदगी और स्थानीय बोली पर अपनी पकड़ से कई दृश्यों को बेहद मजेदार बना दिया है। फिल्म का डायरेक्शन कैसा है?निर्देशक मुदस्सर अजीज ने एक सामान्य सी कहानी को 'कॉमेडी ऑफ एरर्स' के अंदाज में पेश करने की कोशिश की है। फिल्म में कई जगह अनीस बज्मी और प्रियदर्शन की फिल्मों जैसी हलचल और भ्रम वाली कॉमेडी की झलक मिलती है। कहानी में बहुत कुछ नया या खास नहीं है, लेकिन कुछ अच्छे मोड़, कलाकारों का सधा हुआ अभिनय और रिश्तों का उलझा खेल दर्शकों को बांधे रखता है। हालांकि, कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं और कई कॉमेडी पंच उतना असर नहीं छोड़ पाते, जितनी उनसे उम्मीद की गई थी। फिल्म का म्यूजिक कैसा है?संगीत की बात करें, तो फिल्म में पंजाबी रंग थोड़ा ज्यादा महसूस होता है, जो उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि वाली कहानी में थोड़ा खटकता है। हालांकि, फिल्म ‘तेरे नाम’ का गाना 'क्यों किसी को वफा के बदले' और फिल्म 'तेजाब' के 'कह दो कि तुम' जैसे गानों का इस्तेमाल कहानी की परिस्थितियों के हिसाब से बेहतर तरीके से किया गया है। लेकिन कई जगह गानों की अधिक लंबाई फिल्म की रफ्तार को धीमा कर देती है। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं?कुल मिलाकर ‘पति पत्नी और वो 2’ ऐसी फिल्म है, जो दिमाग पर ज्यादा जोर नहीं डालती, लेकिन रिश्तों की गलतफहमी और हल्के-फुल्के हास्य के सहारे मनोरंजन करने में काफी हद तक सफल रहती है। अगर आपको उलझनों वाली पारिवारिक कॉमेडी फिल्में पसंद हैं, तो यह फिल्म एक बार जरूर देखी जा सकती है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस ने मंगलवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से अपनी वह अर्जी वापस ले ली है, जिसमें उन्होंने 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग केस में सरकारी गवाह बनने की मांग की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनकी इस अर्जी का कड़ा विरोध किया था। जांच एजेंसी का कहना है कि जैकलीन इस मामले में कोई पीड़ित नहीं बल्कि इस अपराध की मुख्य लाभार्थी रही हैं। ईडी ने क्यों किया जैकलीन की अर्जी का विरोध?सोमवार को ईडी ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया था। जांच एजेंसी ने कहा कि जैकलीन की भूमिका इस केस में बहुत छोटी नहीं है। उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए जुटाए गए पैसों से फायदा उठाया है। ईडी ने दलील दी कि जैकलीन को सरकारी गवाह बनाना न्याय के साथ खिलवाड़ होगा, क्योंकि उन्होंने गंभीर अपराध किए हैं। एजेंसी ने उनकी अर्जी को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया। सुकेश का जानते हुए भी लेती रहीं करोड़ों के गिफ्ट्सईडी ने अपने जवाब में खुलासा किया कि सुकेश चंद्रशेखर के क्रिमिनल बैकग्राउंड के बारे में पता होने के बावजूद जैकलीन उसके संपर्क में रहीं। सुकेश ने अपराध की कमाई से जैकलीन और उनके परिवार के लिए महंगे गिफ्ट्स और सुख-सुविधाओं का इंतजाम किया था। एजेंसी का कहना है कि दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी और जैकलीन को फायदा पहुंचाया जाता था, जिससे साबित होता है कि वह इस साजिश का हिस्सा थीं। जांच के दौरान सही जानकारी न देने का आरोपएजेंसी ने आरोप लगाया कि जैकलीन ने जांच में सहयोग नहीं किया। उनके बयान अक्सर बदलते रहे और उन्होंने पूरी सच्चाई नहीं बताई। ईडी के मुताबिक, जैकलीन ने शुरुआत में कैश ट्रांजेक्शन, महंगे तोहफों और बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर किए गए फंड्स के बारे में तथ्यों को छिपाया था। उनके बयानों को अधूरा और विरोधाभासी बताया गया है, जिसके लिए बार-बार सबूतों के साथ उनका सामना कराना पड़ा। 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला बता दें कि यह पूरा मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपए ठगे थे। जैकलीन को इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी बनाया गया था। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके खिलाफ मामले को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी।
सिंगर सोनू निगम कोल्हापुर में एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान अचानक एक फैन स्टेज पर चढ़ गया। वह स्टेज पर सिंगर के पैर छूने की कोशिश करने लगा। इस घटना से सोनू निगम काफी असहज नजर आए। उन्होंने अब सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए दर्शकों को सख्त चेतावनी दी है। कोल्हापुर में बीच शो में सुरक्षा चूक सोनू निगम पिछले हफ्ते कोल्हापुर में परफॉर्म कर रहे थे। वे अपने एक हिट गाने में मगन थे, तभी सफेद टी-शर्ट पहने एक युवक अचानक सिक्योरिटी घेरा तोड़कर स्टेज पर पहुंच गया। सोनू ने जैसे ही उसे अपनी तरफ आते देखा, वे गाना छोड़कर पीछे हट गए। फैन ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेने की कोशिश की। इस वजह से शो को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। गुस्सा करने के बजाय फैन को थमाया माइकजब सिक्योरिटी टीम उस युवक को स्टेज से हटाने के लिए आई, तो सोनू ने उसे डांटने के बजाय शांत तरीके से हैंडल किया। उन्होंने उस फैन को अपना माइक थमा दिया और उसे गाने का मौका दिया। फैन ने 'दबंग' फिल्म का गाना 'चोरी किया रे जिया' की कुछ लाइनें गाईं। गाना खत्म करने के बाद उसने कहा, कोल्हापुर लव्स यू। हालांकि, सोनू निगम इस पूरी स्थिति से काफी परेशान और असहज दिखे। सोशल मीडिया पर दर्शकों को दी चेतावनीकंसर्ट के एक दिन बाद सोनू निगम ने इस घटना का वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। उन्होंने कैप्शन में लिखा, क्यों पिटने वाले काम करते हो ऑडियंस? इस बार तो बचा लिया, हर बार नहीं बचा पाऊंगा। उन्होंने तंज कसते हुए वीडियो में फैन की हरकत पर वाह, शाबाश! भी कहा। लाइव शो में बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएंकलाकारों के साथ लाइव शो के दौरान बदतमीजी या सुरक्षा में चूक की घटनाएं पिछले कुछ महीनों में बढ़ी हैं। हाल ही में दिल्ली में 'धुरंधर' सिंगर जैस्मीन सैंडलस के साथ भी एक फैन ने स्टेज पर गलत व्यवहार किया था। इसके अलावा आतिफ असलम और सुनंदा शर्मा जैसे मशहूर सिंगर्स को भी कंसर्ट के दौरान ऐसी ही स्थितियों का सामना करना पड़ा है।
बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया और ब्लॉग के जरिए अक्सर अपने फैंस से निजी बातें और जीवन के अनुभव शेयर करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने ब्लॉग पर देर रात के विचारों और अपनी नींद की समस्या को लेकर खुलकर बात की। बिग बी ने बताया कि काम के दबाव की वजह से वह अक्सर रात भर जगे रहते हैं, जबकि डॉक्टर्स सेहत के लिए कम से कम 7 घंटे की नींद की सलाह देते हैं। उन्होंने इस बेचैनी से निपटने के लिए अपना एक खास आदत भी फैंस के साथ शेयर की है। रात 4 बजे लिखा ब्लॉगअमिताभ ने मंगलवार सुबह करीब 4:14 बजे अपना ब्लॉग अपडेट किया। उन्होंने लिखा कि काम के प्रति अपनी जिम्मेदारी की वजह से वह पिछली रात से जगे हुए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके लिए काम नींद से ज्यादा जरूरी है, भले ही मेडिकल साइंस इसे गलत मानता हो। बिग बी ने लिखा, काम नींद से ज्यादा महत्वपूर्ण है... मेडिकल कहता है कि यह सही नहीं है और कम से कम 7 घंटे की नींद लेनी चाहिए क्योंकि शरीर नींद के घंटों में ही विकसित होता है और रिपेयर होता है। तो ऐसे में कोई क्या करे? क्लासिकल म्यूजिक को बताया इलाजनींद न आने और काम के बीच वह शांति कैसे तलाशते हैं, इसका जवाब देते हुए अमिताभ ने बताया कि वह म्यूजिक का सहारा लेते हैं। उन्होंने लिखा, रात की खामोशी में स्लाइड गिटार और सितार पर बजने वाला धीमा क्लासिकल म्यूजिक बहुत सुकून देता है। आत्मा के लिए इससे बेहतर कोई इलाज नहीं है। उन्होंने संगीत को एक ऐसा अदृश्य धागा बताया जो इंसान की आत्मा को ईश्वर से जोड़ता है। उनके मुताबिक, संगीत के सात सुर पूरी दुनिया को आपस में जोड़ते हैं। पाइपलाइन में हैं ये बड़े प्रोजेक्ट्स'कल्कि 2' के अलावा अमिताभ के पास रिभु दासगुप्ता की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म 'सेक्शन 84' भी है। इस फिल्म में उनके साथ डायना पेंटी, निम्रत कौर और अभिषेक बनर्जी नजर आएंगे। फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन मेकर्स ने अभी तक इसकी रिलीज डेट का ऐलान नहीं किया है। इसके साथ ही बिग बी टीवी पर अपने मशहूर रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के जरिए भी दर्शकों का मनोरंजन करते रहते हैं।
साउथ एक्ट्रेस सीरत कपूर हाल ही में उन पर भद्दा कमेंट करने वाले एक शख्स पर भड़क गईं और फटकार लगा दी। दरअसल, 8 मार्च को साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन ने 44वां जन्मदिन मनाया है। इस मौके पर सीरत ने उनके साथ एक्टर के ही प्राइवेट जेट में बैठे हुए एक तस्वीर शेयर कर कैप्शन में उन्हें बर्थडे विश किया। सीरत ने अल्लू को टैग भी किया था। प्राइवेट जेट की वो तस्वीरें सुर्खियों में रहीं थीं। अब हाल ही में सीरत ने अपनी सिंगल तस्वीर शेयर की, जिसमें वो बोल्ड लुक में दिखी हैं। जहां कई सोशल मीडिया यूजर्स तस्वीर की तारीफ कर रहे थे, वहीं एक शख्स ने लिखा, अल्लू अर्जुन की प्रॉपर्टी। इस भद्दे कमेंट के साथ उस शक्स ने एक इमोजी भी कमेंट किया, जिसमें आंखों में दिल बना हुआ था। आमतौर पर सेलेब्स इस तरह के कमेंट नजरअंदाज करते हैं, लेकिन सीरत ने कमेंट पर भड़ककर जवाब देते हुए लिखा, सिर्फ कोई इमोजी जोड़ देने से बात सम्मानजनक नहीं हो जाती सर। कोई भी महिला किसी की प्रॉपर्टी नहीं होती। उसकी अपनी पहचान, अपने सपने और अपनी आवाज होती है। तारीफ कीजिए, लेकिन मालिकाना हक जताकर नहीं। भगवान आपका भला करे।” बता दें कि साउथ एक्ट्रेस सीरत कपूर अक्सर अन्य सेलेब्स के साथ तस्वीरें पोस्ट करती रहती हैं। बर्थडे के अलावा भी उन्होंने अल्लू अर्जुन के साथ कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं। कौन हैं सीरत कपूर सीरत कपूर एक इंडियन एक्ट्रेस, कोरियोग्राफर और मॉडल हैं। उन्होंने 2014 की तेलुगु फिल्म रन राजा रन से एक्टिंग डेब्यू किया था। जिसेक बाद वो बॉलीवुड फिल्म जिद में नजर आई थीं। सीरत को 2023 की सीरीज सेव द टाइगर्स और 2024 की फिल्म भामाकल्पम 2 में देखा जा चुका है।
करिश्मा कपूर के पूर्व पति और इंडस्ट्रियलिस्ट संजय कपूर का प्रॉपर्टी विवाद कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। जून 2025 में हुए संजय कपूर के निधन के बाद करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा ने सौतेली मां प्रिया कपूर पर फर्जी वसीयत बनवाने के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई थी। कोर्ट ने सुनावई के दौरान वसीयत पर शक होने पर प्रिया द्वारा संजय कपूर की प्रॉपर्टी बेचने पर रोक लगा दी थी। अब संजय कपूर की मां सीमा कपूर ने नई याचिका दायर कर कंपनी की बोर्ड मीटिंग रोके जाने की मांग की है। संजय की मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल कर मांग की है कि प्रिया कपूर और कुछ अन्य लोग आरके फैमिली ट्रस्ट के कामकाज में दखल न दें। याचिका के अनुसार, 18 मई को एक बोर्ड मीटिंग रखी गई है, जो 8 मई को जारी कोर्ट के नोटिस के बाद बुलाई गई थी। इस बोर्ड मीटिंग का लक्ष्य कंपनी का नया डायरेक्टर नियुक्त करना है। रानी कपूर ने याचिका में 18 मई के लिए शेड्यूल इस बोर्ड मीटिंग पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा है कि जब तक मध्यस्त्था की प्रोसेस पूरी नहीं होती, तब तक कोई ट्रस्ट के काम में दखल न दे। रानी कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश जे.बी.पर्दीवाला ने कहा, ‘अब हम एक ऐसे विवाद में आ चुके हैं, जिसके सामने महाभारत भी अब छोटी लगेगी। हम इस मामले को देखेंगे।’ रानी कपूर के केस को लिस्ट कर लिया गया है। केस की सुनवाई 14 मई गुरुवार को होगी। कोर्ट ने करिश्मा के बच्चों को दी राहत हाल ही में हुई मामले की सुनवाई में कोर्ट ने संजय कपूर की संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए प्रिया कपूर पर इन्हें बेचने की रोक लगा दी है। करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा ने कोर्ट में दावा किया है कि प्रिया सचदेवा ने उनके पिता की एक फर्जी वसीयत तैयार की है। बच्चों का आरोप है कि प्रिया ने कोर्ट में संपत्तियों की जो लिस्ट पेश की है, वह अधूरी है। उनके मुताबिक, इस लिस्ट में संजय की कई महंगी रोलेक्स घड़ियां, पोलो खेलने वाले कीमती घोड़े और करोड़ों की पेंटिंग्स का जिक्र नहीं किया गया है। बच्चों का कहना है कि संजय कपूर की कई अचल संपत्तियां भी इस सूची से बाहर रखी गई हैं। याचिका में बच्चों ने कहा था कि उनके पिता उन्हें वसीयत से अलग नहीं कर सकते थे, क्योंकि वो उनसे बेहद क्लोज थे। उनके निधन के बाद प्रिया कपूर ने उन्हें एक वसीयत दिखाई, जिसमें उनका नाम नहीं था। सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि संजय कपूर की संपत्ति को सुरक्षित रखा जाना जरूरी है ताकि उसे नष्ट न किया जा सके। कोर्ट ने प्रिया सचदेवा को किसी भी संपत्ति को बेचने से रोक दिया है और संजय के बैंक खातों के संचालन पर भी फिलहाल पाबंदी लगा दी है। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब यह साबित करने की जिम्मेदारी प्रिया की है कि वसीयत असली है। अगर अभी कार्रवाई नहीं की गई और बाद में वसीयत फर्जी निकली, तो यह बच्चों के साथ बड़ा अन्याय होगा। लंदन में पोलो खेलते समय हुई थी मौत जून 2025 में 53 साल के संजय कपूर की इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई थी। रानी कपूर का कहना है कि बेटे की मौत के बाद उनकी तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने पूरी ग्रुप कंपनियों पर नियंत्रण कर लिया और उन्हें संपत्ति में कोई हिस्सा नहीं दिया।
थलापति विजय से नाम जुड़ने से सुर्खियों में बनीं हुईं तृषा कृष्णन पर साउथ सिंगर ने निशाना साधा है। उन्होंने तृषा की विजय की सीएम पथ के शपथ ग्रहण समारोह में मौजूदगी की कड़ी आलोचना की और सिंगर सुचित्रा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से तृषा कृष्णन की निंदा करते हुए कई पोस्ट शेयर की हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में तृषा को पैरासाइट तक कहा है। शपथ ग्रहण समारोह से तृषा की तस्वीर शेयर कर सुचित्रा ने कहा, ये इस समय की सबसे निराशाजनक सेलिब्रिटी है। इसके बाद सुचित्रा ने एक और वीडियो री-पोस्ट की, जिसमें विजय की मां शोबा, तृषा को गले लगा रही हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा, शोभा, तृषा को गले लगा रही है ये कैसा परिवार है। अगली स्टोरी में उन्होंने लिखा, “बिना सही तरीके से तलाक लिए वह तृषा के साथ घूम रहे हैं। संगीता ने केस दर्ज किया है और उन पर एक अभिनेत्री के साथ अफेयर होने का आरोप है। वह अपने फॉलोअर्स के सामने गलत उदाहरण पेश कर रहे हैं। उनकी महिला फैंस भी आंख बंद करके उनकी हरकतों का समर्थन कर रही हैं और अप्रत्यक्ष रूप से एक गलत रिश्ते को बढ़ावा दे रही हैं। जरा सोचिए, इस समय उनकी पत्नी और बच्चों की मानसिक हालत कैसी होगी।” इसके अलावा फर्स्टपोस्ट को दिए इंटरव्यू में सुचित्रा ने कहा है, “मुझे तृषा बिल्कुल पसंद नहीं है। मैं यह बात बिना किसी पक्षपात के कह रही हूं। मुझे विजय बहुत पसंद हैं और मैं ईमानदारी से अपनी राय दे रही हूं।” “जब कोई इंसान बहुत सफल हो जाता है और अकेला पड़ जाता है, तो पैरासाइट उनकी जिंदगी में आ जाते हैं। विजय ने अपने माता-पिता और पत्नी से दूरी बना ली है, इसलिए वह अकेले हो गए हैं। उन्होंने अभी तक खुद के बारे में गंभीरता से नहीं सोचा। इसी बीच वह राजनीति में भी आ गए। मेरे हिसाब से राजनीति में आगे बढ़ने के लिए उन्हें अपने पिता चंद्रशेखर की सलाह और साथ की जरूरत है। उनके बिना राजनीति में सफलता पाना मुश्किल होगा।” बता दें कि थलापति विजय ने 10 मई को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। इस समारोह में विजय के माता-पिता समेत उनकी कथित गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन भी मौजूद रहीं। समारोह से तृषा की तस्वीरें और वीडियोज काफी चर्चा में रहीं। पत्नी ने अफेयर का आरोप लगाकर मांगा तलाक थलापति विजय की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम ने फरवरी 2026 में तलाक की याचिका दायर कर दावा किया है कि विजय का 2021 से एक एक्ट्रेस से अफेयर है। बारा-बार रिश्ता खत्म करने का आश्वासन देने के बावजूद विजय ने रिश्ता जारी रखा, जिसके बाद संगीता ने तलाक की मांग की। तलाक की खबरों के बीच ही विजय तृषा कृष्णन के साथ एक हाई प्रोफाइल वेडिंग में पहुंचे और रिश्ते पर मुहर लगा दी। इसके बाद 4 मई को तृषा के जन्मदिन के दिन ही तमिलनाडु चुनाव के नतीजे आए, जिसमें विजय की पार्टी ने कई सीटें जीतीं। नतीजे आने के दिन तृषा पहले तिरुपति मंदिर पहुंचीं और फिर सीधे विजय के घर आई थीं। इसके बाद जब विजय ने सीएम पद की शपथ ली तो तृषा सबसे आगे की सीट पर बैठी थीं। उन्होंने तब विजय की मां से गले भी मिला था।
बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय तलाक की अफवाहों से चर्चा में हैं। इसी बीच मौनी रॉय ने सोशल मीडिया से पति को अनफॉलो कर तलाक की खबरों को और तेज कर दिया है। मौनी रॉय के तलाक की खबरें सोशल मीडिया से शुरू हुईं। सामने आया कि कपल को लंबे समय से एक-दूसरे के साथ पब्लिकली स्पॉट नहीं किया गया है। इसी बीच मौनी रॉय की सोशल मीडिया फॉलोविंग और फॉलोवर्स लिस्ट देखने से सामने आया कि वो पति सूरज नांबियार को फॉलो ही नहीं कर रही हैं। ठीक इसी तरह उनके पति भी उन्हें फॉलो नहीं करते। हालांकि ये साफ नहीं है कि ये सिलसिला पहले से चला आ रहा है या कपल ने हाल ही में एक-दूसरे को अनफॉलो किया है। इसके अलावा मौनी का इंस्टाग्राम अकाउंट खंगालने से सामने आया है कि उन्होंने पति के साथ पोस्ट की हुईं सभी तस्वीरें हटा दी हैं। साल 2024 तक उनके अकाउंट में पति की कोई तस्वीर ही नहीं है। सूरज नांबियार का इंस्टाग्राम खंगालने पर सामने आया कि वो सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव नहीं हैं। उन्होंने मौनी के साथ आखिरी पोस्ट 2024 में पोस्ट की थी, जिसके बाद उनके अकाउंट की आखिरी पोस्ट अप्रैल 2025 की है। 2022 में हुई थी मौनी-सूरज की शादी मौनी रॉय ने 22 जनवरी 2022 में बिजनेसमैन सूरज नांबियार से गोवा में शादी की थी। ये शादी मलयाली रीति-रिवाजों से हुई। इसके बाद मौनी ने सोशल मीडिया पर पति के साथ वेकेशन की कई खूबूसरत तस्वीरें भी शेयर की थीं। मौनी रॉय के पास हैं कई फिल्में साल 2025 में मौनी रॉय फिल्म भूतनी में नजर आई थीं। जल्द ही वो तमिल फिल्म विश्वंभरा में कैमियो करती दिखेंगी। इसके अलावा वो है जवानी तो इश्क होना है और द वाइव्स जैसी फिल्मों में नजर आने वाली हैं।
स्टैंड-अप कॉमेडियन हर्ष गुजराल जल्द टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में हर्ष ने बताया कि असली डर उन्हें ऊंचाई या पानी से नहीं, बल्कि नौकरी छोड़कर फुल-टाइम कॉमेडी में आने से लगा था। उन्होंने कहा कि एक मिडिल क्लास लड़के के लिए पैशन फॉलो करना आसान नहीं होता। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ को लेकर कितना एक्साइटमेंट है?जवाब: एक्साइटमेंट तो बहुत है, लेकिन अभी हमें खुद नहीं पता कि वहां किस तरह के खतरे आने वाले हैं। पानी, आग और हाइट वाले स्टंट तो होंगे ही, लेकिन इस बार थीम ही ‘डर का नया दौर’ है। इसका मतलब है कि कुछ नया जरूर होने वाला है। अब उन नए खतरों से कैसे निपटना है, यह तो वहां जाकर ही पता चलेगा। सवाल: रुबीना दिलाइक जैसी स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी वाले कंटेस्टेंट्स के बीच खुद को कैसे संभालेंगे?जवाब: ऐसे कंटेस्टेंट्स, जब कुछ बोल रहे हों, तो साइड से निकल जाओ (हंसते हुए)। स्कूल में जब टीचर हमें डांटती थीं, तो हम सुनते रहते थे। मुझे लगता है कि उनका भी अपना सेंस ऑफ ह्यूमर है। सोचने का अपना तरीका है। उनका नेचर ऐसा ही है। हम ऐसे ही हंसते-हंसते शो में जाएंगे और खुशी-खुशी सब निकाल लेंगे, तो मुझे लगता है मजा आने वाला है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था?जवाब: सच बताऊं तो मुझे सबसे ज्यादा डर करियर को लेकर लगा था। जब 2018 के आसपास मैंने नौकरी छोड़कर फुल-टाइम कॉमेडी शुरू की, तब बहुत डर था। एक मिडिल क्लास लड़के के लिए पैशन फॉलो करना आसान नहीं होता। हर सुबह उठकर यही लगता था कि ‘भाई, सब ठीक चल रहा है ना?’ घर वाले भी कहते थे कि नौकरी चली जाएगी, सैलरी नहीं आएगी, कॉमेडी में कुछ नहीं होगा, सब सड़क पर आ जाएंगे, ये हो जाएगा, वो हो जाएगा, लेकिन जब से मैं फेमस हुआ हूं, कोई सड़क पर निकला नहीं है (हंसते हुए)। सवाल: परिवार का क्या रिएक्शन था जब उन्हें पता चला कि आप ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने जा रहे हैं? जवाब: मां ने मेरा हाथ पकड़कर कहा, रहने दो। मैंने कहा, क्यों रहने दूं? देखते हैं वहां क्या होता है। जब मैं अपने शो के लिए जाता हूं, तो मेरी मां कहती हैं, टाइम पर आ जाना। इसमें मम्मी कह रही हैं, बेटा आ जाना (हंसते हुए)। मां पहले से ‘खतरों के खिलाड़ी’ देखती रही हैं। इसलिए उन्हें पता है कि कौन सा स्टंट कितना खतरनाक होता है। कहां पानी है, कहां आग है और क्या-क्या हो सकता है। सवाल: क्या कॉमेडी ने आपको मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाया है? जवाब: बिल्कुल। कॉमेडी ने हमें बहुत स्ट्रॉन्ग बनाया है। मेंटली भी और फिजिकली भी। आखिर में जिंदगी भी एक तरह का स्टंट ही है। अगर आप मेंटली स्ट्रॉन्ग हैं, तो मुश्किल चीजें भी आसान लगने लगती हैं। सवाल: शो को लेकर आपकी कॉमेडी फ्रेटरनिटी का क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरी फ्रेटरनिटी में सिर्फ अनुभव सिंह बस्सी ही मुझसे बात करते हैं। बाकी सबको अच्छा भी नहीं लग रहा होगा (हंसते हुए)। बस्सी भाई ने पूछा था कि ‘कर पाएगा?’ मैंने कहा- ‘हां भाई, कर लेंगे।’ उसी के कहने पर मैंने थोड़ी ज्यादा बॉडी भी बनाई है।
फिल्म ‘पति पत्नी और वो 2’ को लेकर आयुष्मान खुराना और डायरेक्टर मुदस्सर अजीज ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। दोनों ने शादीशुदा रिश्तों में भरोसे, शक, रेड फ्लैग-ग्रीन फ्लैग और आज के रिलेशनशिप्स की उलझनों पर अपनी राय रखी। आयुष्मान ने निजी जिंदगी के अनुभव साझा किए, वहीं मुदस्सर ने फैमिली एंटरटेनर फिल्मों के प्रति अपने आकर्षण पर बात की। पढ़िए बातचीत के खास अंश... सवाल: ‘पति पत्नी और वो 2’ की कहानी इस बार कितनी अलग है? जवाब/ आयुष्मान खुराना: यह कोई भारी-भरकम सोशल मैसेज वाली फिल्म नहीं है। कहानी कन्फ्यूजन और गलतफहमियों के इर्द-गिर्द घूमती है। मेरा किरदार प्रजापति पांडे सीधा इंसान है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में पत्नी को उस पर शक होने लगता है। वहीं से फिल्म में मजेदार ट्विस्ट शुरू होते हैं। सवाल: रिश्तों और भरोसे को लेकर फिल्म क्या कहना चाहती है? जवाब/ मुदस्सर अजीज: मैंने बचपन से घर में एक बात सुनी है कि शक का इलाज लुकमान हकीम के पास भी नहीं था। कई बार जो दिखता है, जरूरी नहीं वही सच हो। रिश्तों में भरोसा सबसे अहम चीज है और यही फिल्म की मूल भावना है। सवाल: अगर रिश्ते में गलतफहमी या शक आ जाए तो क्या करना चाहिए? जवाब/ आयुष्मान खुराना: सबसे जरूरी है यह समझना कि दोनों लोग एक-दूसरे के खिलाफ नहीं, बल्कि एक ही टीम में हैं। अगर दोनों रिश्ते को संभालना चाहें तो हर परेशानी का हल निकल सकता है। लेकिन ईगो बीच में आ जाए तो मुश्किलें बढ़ने लगती हैं। सवाल: शादी और रिश्तों पर फिल्में बनाने में आपकी खास दिलचस्पी क्यों रहती है? जवाब/ मुदस्सर अजीज: वैवाहिक जीवन अपने आप में दिलचस्प होता है। दो अलग सोच वाले लोग साथ जिंदगी बिताने की कोशिश करते हैं, इसलिए छोटी-छोटी नोकझोंक स्वाभाविक है। वहीं से कहानियां और कॉमेडी निकलती हैं। सवाल: क्या कॉलेज के दिनों में कभी लव ट्रायंगल जैसी स्थिति का सामना किया? जवाब/ आयुष्मान खुराना: नहीं, मेरे साथ ऐसा कुछ खास नहीं हुआ। मैं ऑल बॉयज स्कूल और कॉलेज में पढ़ा हूं। बाद में मास कम्युनिकेशन में लड़कियां ज्यादा थीं और वहीं मेरी पत्नी से मुलाकात हुई। सवाल: रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग जैसी बातें कब समझ में आने लगीं? जवाब/ आयुष्मान खुराना: हर इंसान समय के साथ सीखता है। शुरुआत में लोग खुद पर ज्यादा फोकस करते हैं और रिश्तों को पूरी तरह नहीं समझ पाते। अनुभव के साथ इंसान मैच्योर होता जाता है। कोई भी शुरू से परफेक्ट नहीं होता। सवाल: किसी को-स्टार में सबसे बड़ा ग्रीन फ्लैग क्या मानते हैं? जवाब/ आयुष्मान खुराना: मेरे लिए टैलेंट से ज्यादा इंसानियत मायने रखती है। कोई कितना भी अच्छा कलाकार हो, अगर उसका व्यवहार अच्छा नहीं है तो बात अधूरी लगती है। सवाल: क्या डायरेक्टर के तौर पर एक्टर्स में कोई रेड फ्लैग नजर आता है? जवाब/ मुदस्सर अजीज: मैं रेड फ्लैग ढूंढने में विश्वास नहीं करता। मेरा काम कलाकार की कमियां निकालना नहीं, बल्कि उसका सबसे अच्छा रूप स्क्रीन पर लाना है। सवाल: फिल्म में वामिका गब्बी, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह जैसी तीन अभिनेत्रियों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ मुदस्सर अजीज: बहुत आसान और मजेदार रहा। सभी कलाकार प्रोफेशनल थे। सेट पर माहौल पॉजिटिव रहा और सबके बीच अच्छी दोस्ती बन गई। सवाल: रिश्तों में सबसे बड़ा बहाना कौन-सा लगता है- “मैं रास्ते में हूं” या “वो सिर्फ दोस्त हैं”? जवाब/ आयुष्मान खुराना: दोनों बातें सच भी हो सकती हैं और झूठ भी। मेरे मामले में “मैं रास्ते में हूं” ज्यादा इस्तेमाल होता है, क्योंकि शूटिंग के चलते अक्सर लेट हो जाता हूं। सवाल: पार्टनर की कौन-सी आदत सबसे ज्यादा परेशान करती है? जवाब/ आयुष्मान खुराना: जब सामने वाला पूछे कि “क्या सोच रहे हो?” और सच में दिमाग खाली हो। मुझे लगता है ज्यादातर लड़के इस स्थिति से गुजरते हैं। सवाल: रिश्ते को संभालने और बिगाड़ने वाली सबसे अहम चीज क्या है? जवाब/ आयुष्मान खुराना: स्पेस देना जरूरी है। इंसान को उसकी आजादी मिलनी चाहिए, लेकिन जरूरत से ज्यादा दूरी रिश्ते में गैप ला सकती है। बैलेंस जरूरी है। सवाल: अगर इंडस्ट्री में किसी से रिलेशनशिप सलाह लेनी हो तो किससे लेंगे? जवाब/ आयुष्मान खुराना: हर रिश्ता अलग होता है, इसलिए कोई एक फॉर्मूला सब पर लागू नहीं हो सकता। दोस्त सलाह दे सकते हैं, लेकिन रिश्ते की असली समस्याएं कपल्स को खुद सुलझानी पड़ती हैं। सवाल: खुद को शांत रखने के लिए क्या करते हैं? जवाब/ आयुष्मान खुराना: म्यूजिक मुझे सबसे ज्यादा रिलैक्स करता है। नए गाने और कलाकारों को सुनना पसंद है। इसके अलावा कविताएं पढ़ना अच्छा लगता है। सवाल: मुदस्सर जी आप तनाव कैसे कम करते हैं? जवाब/ मुदस्सर अजीज: मैं लिखता हूं। जरूरी नहीं कि हर चीज लोगों तक पहुंचे, लेकिन अपने विचार कागज पर उतारने से सुकून मिलता है। सवाल: एक्शन फिल्मों के बीच फैमिली कॉमेडी की कितनी अहमियत है? जवाब/ आयुष्मान खुराना: अच्छी कॉमेडी और अच्छी लव स्टोरी कभी पुरानी नहीं पड़ती। जब पूरा परिवार साथ बैठकर हंसता है, वही सिनेमा का सबसे खूबसूरत एहसास होता है। सवाल: इस तरह की फैमिली एंटरटेनर फिल्मों की प्रेरणा कहां से मिली? जवाब/ मुदस्सर अजीज: मैं बचपन से ‘अंगूर’, ‘चुपके-चुपके’, ‘आंखें’, ‘वेलकम’ और ‘नो एंट्री’ जैसी फिल्में देखता आया हूं। ये ऐसी फिल्में हैं जिन्हें लोग बार-बार देखकर भी एन्जॉय करते हैं। उसी तरह का मनोरंजन ‘पति पत्नी और वो 2’ में देने की कोशिश की है।

