यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ से बॉक्स ऑफिस पर बड़ी उम्मीदें थीं। शानदार ओपनिंग के बावजूद फिल्म की कमाई लगातार गिरती गई। ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने इसकी सबसे बड़ी वजह कमजोर कंटेंट और कहानी की पकड़ को बताया है। फिल्म के कमजोर प्रदर्शन के बाद ‘हनुमान अंश’ और ‘मिर्जापुर: द मूवी’ जैसी फिल्मों को ज्यादा स्क्रीन मिलने से इसका थिएट्रिकल रन भी प्रभावित हुआ। पहले दिन यश ने दिलाई बड़ी ओपनिंग, फिर तेजी से गिरा कलेक्शन ‘टॉक्सिक’ ने रिलीज के पहले दिन शानदार शुरुआत की थी। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म ने दुनियाभर में करीब 140 करोड़ रुपए की ओपनिंग की थी, जबकि भारत में पहले दिन नेट कलेक्शन करीब 101 करोड़ रुपए रहा। लेकिन दूसरे ही दिन कमाई करीब 37 करोड़ रुपए पर आ गई। इसके बाद फिल्म की रफ्तार लगातार कमजोर होती चली गई। 15वें दिन तक फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन करीब 339.32 करोड़ रुपए बताया गया। यानी फिल्म की सबसे बड़ी समस्या उसकी ओपनिंग नहीं, बल्कि इसके बाद दर्शकों को सिनेमाघरों तक बनाए रखना रहा। तरण आदर्श बोले- फिल्म का कंटेंट बहुत कमजोर था फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर जब ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श से बात की गई तो उन्होंने इसकी असफलता की सबसे बड़ी वजह कंटेंट को बताया। तरण आदर्श के मुताबिक, फिल्म में सबसे जरूरी चीज यानी कहानी की पकड़ ही कमजोर थी। कहानी अलग-अलग जगहों पर जाती हुई महसूस होती है और दर्शक उससे लगातार जुड़ नहीं पाता। उनके मुताबिक फिल्म का अंत भी ऐसा था, जिसे दर्शकों ने पसंद नहीं किया होगा। तरण आदर्श ने साफ कहा कि व्यक्तिगत राय में उन्हें फिल्म का कंटेंट बहुत कमजोर लगा और यही इसकी बॉक्स ऑफिस असफलता का मुख्य कारण बना। रिलीज के समय की अपनी समीक्षा में भी उन्होंने फिल्म को दो स्टार देते हुए इसे निराशाजनक बताया था। उन्होंने यश के अभिनय, एक्शन और फिल्म के कुछ हिस्सों की तारीफ की थी, लेकिन दूसरे हाफ की कमजोर लेखन और कहानी को बड़ी समस्या माना था। यश की स्टार पावर ने पहले दिन बचाई फिल्म तरण आदर्श के मुताबिक, ‘टॉक्सिक’ को अच्छी ओपनिंग मिलने में सबसे बड़ा योगदान यश की स्टार पावर का था। ‘KGF: Chapter 2’ के बाद यश सिर्फ साउथ ही नहीं, बल्कि नॉर्थ इंडिया में भी बड़े स्टार बन चुके हैं। ऐसे में चार साल बाद बड़े पर्दे पर उनकी वापसी को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्सुकता थी। यही वजह रही कि फिल्म की एडवांस बुकिंग शानदार रही और पहले दिन सिनेमाघरों में दर्शक पहुंचे। लेकिन तरण आदर्श के मुताबिक दूसरे दिन के बाद कलेक्शन में जिस तरह गिरावट आई, उससे साफ हो गया कि सिर्फ स्टार पावर फिल्म को लंबे समय तक नहीं चला सकी। 300 करोड़ के नुकसान की चर्चा, लेकिन पक्की रकम बताना मुश्किल ‘टॉक्सिक’ के करीब 300-350 करोड़ रुपए के नुकसान की चर्चा हो रही है। आजतक की रिपोर्ट में फिल्म का प्रोडक्शन बजट करीब 450 करोड़ रुपए और दूसरे खर्च जोड़ने पर कुल निवेश 500 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा होने की बात कही गई है। हालांकि नुकसान का वास्तविक आंकड़ा तय करना आसान नहीं है। तरण आदर्श ने भी इस पर सावधानी बरतते हुए कहा कि असली नुकसान कितना हुआ, इसका जवाब सिर्फ प्रोड्यूसर ही दे सकते हैं। फिल्म का वास्तविक बजट कितना था, कितने में डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स बिके और डिजिटल, सैटेलाइट व म्यूजिक राइट्स से कितनी कमाई हुई- इन सबको जोड़कर ही सही तस्वीर सामने आ सकती है। इसलिए 300 करोड़ रुपए के नुकसान को फिलहाल रिपोर्ट्स और अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। ‘हनुमान अंश’ और ‘मिर्जापुर’ ने भी छीने स्क्रीन ‘टॉक्सिक’ के कमजोर प्रदर्शन के बीच बॉक्स ऑफिस पर दो फिल्मों ने मजबूत पकड़ बना ली- ‘हनुमान अंश’ और ‘मिर्जापुर: द मूवी’। तरण आदर्श के मुताबिक, ‘टॉक्सिक’ के पहले हफ्ते के बाद कई सिनेमाघरों में इसके स्क्रीन कम कर दिए गए और उनकी जगह बेहतर बिजनेस कर रही फिल्मों को दी गई। हालांकि उनका कहना है कि यह सिर्फ यश की फिल्म के साथ हुआ असामान्य मामला नहीं है। फिल्म इंडस्ट्री में आमतौर पर जब कोई फिल्म अच्छा प्रदर्शन नहीं करती और दूसरी फिल्म दर्शकों को खींच रही होती है, तो थिएटर संचालक ज्यादा स्क्रीन उसी फिल्म को दे देते हैं जो बेहतर बिजनेस कर रही होती है। हालिया बॉक्स ऑफिस ट्रेंड भी यही दिखाता है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ और ‘हनुमान अंश’ दोनों ने ‘टॉक्सिक’ के मुकाबले मजबूत पकड़ बनाई है। असली झटका: बड़ी ओपनिंग के बाद दर्शक नहीं लौटे ‘टॉक्सिक’ की पूरी कहानी देखें तो फिल्म की सबसे बड़ी विफलता कमजोर शुरुआत नहीं, बल्कि बड़ी शुरुआत के बाद टिक नहीं पाना रही। यश की लोकप्रियता ने फिल्म को पहले दिन बड़ी संख्या में दर्शक दिए। लेकिन कमजोर कहानी और दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया के चलते दूसरे दिन से कमाई में तेज गिरावट आई। इसके बाद ‘हनुमान अंश’ और ‘मिर्जापुर: द मूवी’ जैसी फिल्मों ने दर्शकों का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। यही वजह है कि करोड़ों रुपए के बड़े बजट और सुपरस्टार यश की मौजूदगी के बावजूद ‘टॉक्सिक’ अपनी शुरुआती रफ्तार बरकरार नहीं रख सकी। आजतक के मुताबिक फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 15वें दिन तक करीब 339.32 करोड़ रुपए था, जबकि भारी बजट के मुकाबले यह आंकड़ा काफी कम माना जा रहा है।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने शुक्रवार को ‘हैवान’ और ‘मिर्जापुर द मूवी’ से ज्यादा कमाई की। साथ ही ‘हनुमान अंश’ फिल्म भारत में 200 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर चुकी है। जिसके बाद महज 2 करोड़ रुपए के बजट में बनकर फिल्म ने अपने बजट से 100 गुना से ज्यादा मुनाफा कमा लिया है। सैकनिल्क के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने 36वें दिन भारत में 10.50 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन 173.63 करोड़ और ग्रॉस कलेक्शन 205.15 करोड़ रुपए हो गया है। दूसरी ओर, ‘हैवान’ की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर धीमी रही है। 7 हजार से ज्यादा स्क्रीन पर रिलीज हुई फिल्म ने पहले दिन भारत में 3 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन 3.60 करोड़ रुपए रहा, जबकि विदेशों में फिल्म ने 1 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया। इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 4.60 करोड़ रुपए रहा। वहीं, ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने 8वें दिन 6,763 शो के साथ 9.50 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 188.19 करोड़ रुपए हो गया है। विदेशों से फिल्म ने 38 करोड़ रुपए कमाए हैं। इसके साथ ‘मिर्जापुर द मूवी’ का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 226.19 करोड़ रुपए पहुंच गया है। मौजूदा आंकड़ों में ‘हनुमान अंश’ ने 36वें दिन की कमाई के मामले में ‘मिर्जापुर द मूवी’ के 8वें दिन और ‘हैवान’ के पहले दिन के कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। ‘हनुमान अंश’ ने पहले दिन महज 10 लाख कमाए थे ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर बेहद धीमी शुरुआत की थी। सिर्फ 2 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने 7 अगस्त 2026 को रिलीज के पहले दिन महज 10 लाख रुपए कमाए थे। शुरुआत में फिल्म को देशभर में सिर्फ 25 स्क्रीन्स मिली थीं। शुरुआती दो हफ्तों तक फिल्म की कमाई धीमी रही। हालांकि, सोशल मीडिया पर दर्शकों की तारीफ और मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के चलते फिल्म की कमाई में तेजी आई। इसके बाद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। 36 दिनों में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 200 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया और इस फिल्म ने अब अपने बजट से 100 गुना से ज्यादा कमाई कर ली है। फिल्म के अहम चेहरों के बारे में जानिए डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2013 की फिल्म वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में डॉ. राम नंदन भोसले का अहम रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शो में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे कई शो कर चुके हैं। सिंगर-सुनील लोधी फिल्म 'हनुमान अंश' के चर्चित वायरल गाने 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' को सिंगर सुनील लोधी ने गाया है। 25 वर्षीय सुनील नेत्रहीन (दिव्यांग) हैं और वे मध्य प्रदेश के सागर जिले के छोटे से गांव 'अगरा' के रहने वाले हैं। वर्षों तक सुनील ने अपने गांव, स्थानीय मेलों और यहां तक कि ट्रेनों में भी भजन व बुंदेली लोकगीत गाए हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल हुए, जिसके बाद उन्हें फिल्म 'हनुमान अंश' में गाने का मौका मिला।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने शुक्रवार को ‘हैवान’ और ‘मिर्जापुर द मूवी’ से ज्यादा कमाई की। साथ ही ‘हनुमान अंश’ फिल्म भारत में 200 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर चुकी है। जिसके बाद महज 2 करोड़ रुपए के बजट में बनकर फिल्म ने अपने बजट से 100 गुना से ज्यादा मुनाफा कमा लिया है। सैकनिल्क के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने 36वें दिन भारत में 10.50 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन 173.63 करोड़ और ग्रॉस कलेक्शन 205.15 करोड़ रुपए हो गया है। दूसरी ओर, ‘हैवान’ की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर धीमी रही है। 7 हजार से ज्यादा स्क्रीन पर रिलीज हुई फिल्म ने पहले दिन भारत में 3 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन 3.60 करोड़ रुपए रहा, जबकि विदेशों में फिल्म ने 1 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया। इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 4.60 करोड़ रुपए रहा। वहीं, ‘मिर्जापुर द मूवी’ ने 8वें दिन 6,763 शो के साथ 9.50 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 188.19 करोड़ रुपए हो गया है। विदेशों से फिल्म ने 38 करोड़ रुपए कमाए हैं। इसके साथ ‘मिर्जापुर द मूवी’ का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 226.19 करोड़ रुपए पहुंच गया है। मौजूदा आंकड़ों में ‘हनुमान अंश’ ने 36वें दिन की कमाई के मामले में ‘मिर्जापुर द मूवी’ के 8वें दिन और ‘हैवान’ के पहले दिन के कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। ‘हनुमान अंश’ ने पहले दिन महज 10 लाख कमाए थे ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर बेहद धीमी शुरुआत की थी। सिर्फ 2 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने 7 अगस्त 2026 को रिलीज के पहले दिन महज 10 लाख रुपए कमाए थे। शुरुआत में फिल्म को देशभर में सिर्फ 25 स्क्रीन्स मिली थीं। शुरुआती दो हफ्तों तक फिल्म की कमाई धीमी रही। हालांकि, सोशल मीडिया पर दर्शकों की तारीफ और मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के चलते फिल्म की कमाई में तेजी आई। इसके बाद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। 36 दिनों में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 200 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया और इस फिल्म ने अब अपने बजट से 100 गुना से ज्यादा कमाई कर ली है। फिल्म के अहम चेहरों के बारे में जानिए डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2013 की फिल्म वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में डॉ. राम नंदन भोसले का अहम रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शो में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे कई शो कर चुके हैं। सिंगर-सुनील लोधी फिल्म 'हनुमान अंश' के चर्चित वायरल गाने 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' को सिंगर सुनील लोधी ने गाया है। 25 वर्षीय सुनील नेत्रहीन (दिव्यांग) हैं और वे मध्य प्रदेश के सागर जिले के छोटे से गांव 'अगरा' के रहने वाले हैं। वर्षों तक सुनील ने अपने गांव, स्थानीय मेलों और यहां तक कि ट्रेनों में भी भजन व बुंदेली लोकगीत गाए हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल हुए, जिसके बाद उन्हें फिल्म 'हनुमान अंश' में गाने का मौका मिला।
हॉलीवुड की मशहूर सिंगर और एक्ट्रेस लेडी गागा पहली बार मां बन गई हैं। 40 वर्षीय गागा ने अपने मंगेतर माइकल पोलान्स्की के साथ पहले बच्चे का स्वागत किया है। खास बात यह है कि दोनों ने अब तक शादी नहीं की है और फिलहाल मंगेतर हैं। Page Six ने इसकी पुष्टि की है। हाल ही में दोनों को उत्तरी कैलिफोर्निया में अपने नवजात बच्चे के साथ देखा गया। तस्वीरों में गागा बच्चे को सीने से लगाए हुए नजर आईं। हालांकि, बच्चे का नाम, जेंडर और जन्म की तारीख अभी सामने नहीं आई है। उत्तरी कैलिफोर्निया में पहली बार बच्चे संग दिखीं Page Six की एक्सक्लूसिव तस्वीरों में लेडी गागा और माइकल पोलान्स्की अपने नवजात बच्चे के साथ नजर आए। गागा ने बच्चे को बेबी कैरियर में अपने सीने से लगा रखा था, जबकि माइकल उनके साथ चलते दिखाई दिए। दोनों ने कैजुअल लुक रखा था और परिवार के इस खास पल को काफी निजी रखा। बच्चे से जुड़ी जानकारी अभी सीक्रेट रिपोर्ट के मुताबिक, कपल ने अभी तक बच्चे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। बच्चे का नाम, जेंडर और जन्म की सटीक तारीख सामने नहीं आई है। गागा और माइकल ने पिछले कुछ महीनों से अपनी निजी जिंदगी को मीडिया से दूर रखा हुआ था। कई महीनों से लाइमलाइट से दूर थीं गागा मां बनने की खबर सामने आने से पहले लेडी गागा कुछ समय से सार्वजनिक तौर पर कम नजर आ रही थीं। उन्होंने अप्रैल 2026 में अपना 'द मेहेम बॉल' टूर खत्म किया था। करीब नौ महीने चले इस टूर में उन्होंने दुनिया भर में 86 शो किए थे। इसके बाद वह अपनी निजी जिंदगी पर ज्यादा ध्यान देती नजर आईं। मां बनने की इच्छा पहले भी जाहिर कर चुकी थीं लेडी गागा पहले भी कई मौकों पर मां बनने की इच्छा जाहिर कर चुकी हैं। 2025 में द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह मां बनने को लेकर उत्साहित हैं। वहीं अक्टूबर 2025 में द लेट शो विद स्टीफन कोलबर्ट में उन्होंने मातृत्व को अपनी 'अगली बड़ी भूमिका' बताया था। 2024 में हुई थी दोनों की सगाई लेडी गागा और माइकल पोलान्स्की की सगाई अप्रैल 2024 में हुई थी। दोनों ने अपनी सगाई को कुछ समय तक निजी रखा। बाद में 2024 के पेरिस ओलंपिक के दौरान गागा ने माइकल को सार्वजनिक तौर पर अपना मंगेतर बताया था। करीब 6 साल से साथ हैं दोनों गागा और माइकल की रिलेशनशिप 2019-20 के आसपास शुरू हुई थी। दोनों ने शुरुआत से ही अपने रिश्ते को काफी निजी रखा। कोरोना महामारी के दौरान साथ समय बिताने से उनका रिश्ता और मजबूत हुआ। इसके बाद दोनों कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ नजर आए, लेकिन निजी जिंदगी को लेकर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की। कौन हैं लेडी गागा और माइकल पोलान्स्की? लेडी गागा का असली नाम स्टेफनी जोआन एंजेलिना जर्मनोटा है। वह दुनिया की मशहूर पॉप सिंगर्स में शामिल हैं। ‘पोकर फेस’, ‘बैड रोमांस’, ‘बॉर्न दिस वे’ और ‘शैलो’ जैसे गानों से उन्होंने दुनियाभर में पहचान बनाई। वह सिंगिंग के साथ एक्टिंग में भी सफल रही हैं और ‘अ स्टार इज बॉर्न’ के लिए उन्हें ऑस्कर समेत कई बड़े सम्मान मिले हैं। वहीं माइकल पोलान्स्की अमेरिकी बिजनेसमैन और टेक इन्वेस्टर हैं। वह हार्वर्ड से पढ़ाई कर चुके हैं और टेक्नोलॉजी व निवेश से जुड़े काम करते हैं। वह गागा के म्यूजिक और क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स में भी उनके साथ काम कर चुके हैं। दोनों ने अपने रिश्ते को काफी हद तक निजी रखा है। शादी नहीं हुई, अब तीन लोगों का परिवार गागा और माइकल की सगाई को दो साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन अब तक दोनों की शादी नहीं हुई है। हालिया रिपोर्ट्स में भी उन्हें लगातार मंगेतर के तौर पर ही बताया गया है। ऐसे में शादी से पहले अपने पहले बच्चे का स्वागत करने के बाद दोनों अब तीन लोगों का परिवार बन चुके हैं।
बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल के परिवार से जुड़ा चोरी का मामला सामने आया है। मुंबई के चर्चगेट स्थित उनके माता-पिता के घर से करीब ₹5 लाख की सोने और हीरे की ज्वेलरी चोरी होने की शिकायत दर्ज हुई। मामले में मरीन ड्राइव पुलिस ने 40 वर्षीय घरेलू सहायिका सीमा विनोद घाटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को विरार से पकड़ा है और चोरी हुई ज्वेलरी की बरामदगी के लिए जांच जारी है। चर्चगेट स्थित घर से चोरी हुई ज्वेलरी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अमीषा पटेल और उनके भाई अश्मित पटेल के माता-पिता का घर मुंबई के चर्चगेट इलाके में है। यहीं से सोने और हीरे की ज्वेलरी चोरी होने की शिकायत सामने आई। चोरी की कीमत करीब ₹5 लाख बताई गई है। मामले की शिकायत अमीषा की मां आशा पटेल ने पुलिस में दर्ज कराई। घरेलू सहायिका पर लगा चोरी का आरोप पुलिस ने इस मामले में सीमा विनोद घाटे नाम की 40 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। वह अमीषा पटेल के माता-पिता के घर में घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती थी। पुलिस के मुताबिक, वह करीब डेढ़ साल से वहां काम कर रही थी। कई महीनों पहले चोरी होने का दावा पुलिस जांच के अनुसार, जिस ज्वेलरी के चोरी होने की शिकायत की गई है, वह कथित तौर पर जनवरी 2026 में चोरी हुई थी। अमीषा की मां को घरेलू सहायिका पर शक था। उन्होंने कथित तौर पर पिछले करीब 5-6 महीनों से उससे चोरी की बात स्वीकार करने और ज्वेलरी लौटाने के लिए कहा था। शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच जब ज्वेलरी वापस नहीं मिली तो आशा पटेल ने मरीन ड्राइव पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती तौर पर मामला एक अज्ञात महिला के खिलाफ दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस की क्राइम डिटेक्शन टीम ने जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने विरार से आरोपी को पकड़ा जांच के दौरान पुलिस ने घरेलू सहायिका सीमा घाटे को ट्रेस किया। उसे विरार से पकड़ा गया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 15 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। चोरी की ज्वेलरी अभी बरामद नहीं पुलिस के मुताबिक, चोरी हुई ज्वेलरी की बरामदगी अभी बाकी है। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर चोरी की गई ज्वेलरी कहां है। साथ ही आरोपी के किसी पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। अमीषा पटेल के परिवार से जुड़ा मामला अमीषा पटेल के माता-पिता के घर हुई इस चोरी के मामले ने उनके परिवार को चर्चा में ला दिया है। फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य फोकस चोरी की गई ज्वेलरी बरामद करने और पूरे मामले की परिस्थितियों को स्पष्ट करने पर है। अमीषा पटेल का बॉलीवुड करियर बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने साल 2000 में ऋतिक रोशन के साथ फिल्म ‘कहो ना... प्यार है’ से एक्टिंग की शुरुआत की थी। यह रोमांटिक थ्रिलर फिल्म बड़ी हिट रही और अमीषा रातों-रात स्टार बन गईं। इसके बाद उन्होंने कई हिट और सुपरहिट फिल्मों में काम किया। इनमें ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘हमराज’, ‘हनीमून ट्रैवल्स प्राइवेट लिमिटेड’, ‘भूल भुलैया’ और ‘रेस 2’ जैसी फिल्में शामिल हैं। अमीषा पटेल ने साल 2023 में फिल्म ‘गदर 2’ से बड़े पर्दे पर वापसी की।
म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक ने फिल्म ‘हीरो’ की 11वीं सालगिरह पर सलमान खान फिल्म्स की सोशल मीडिया पोस्ट पर नाराजगी जताई। उन्होंने पोस्ट में संगीतकार और गीतकार को क्रेडिट नहीं देने पर प्रोडक्शन हाउस को घेरा। दरअसल, सलमान खान फिल्म्स ने 2015 में रिलीज हुई ‘हीरो’ की सालगिरह मनाई थी। इस फिल्म से सूरज पंचोली और अथिया शेट्टी ने बॉलीवुड डेब्यू किया था। अमाल ने सलमान खान फिल्म्स के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट @skfilmsofficial के कमेंट सेक्शन में लिखा, “जिसने भी यह पेज या सोशल मीडिया संभाला है, मुझे उस ऑडेसिटी से प्यार है, जो आपने गाने के संगीतकार और गीतकार को छोड़कर दिखाई है।” उन्होंने आगे लिखा, “यह अच्छी बात नहीं लगती कि किसी संगीतकार और उसके गीतकार की मेहनत, खून, पसीने और आंसुओं से बने गाने का जश्न मनाया जाए, लेकिन उसके रचनाकारों का सम्मान या जिक्र तक न हो।” अमाल ने टीम को बुनियादी बातें सीखने की सलाह दी। उन्होंने लिखा, “बेसिक चीजें करना सीखिए, वरना यह पेज डिलीट कर दीजिए।” अमाल ने टीम से उनका कमेंट नहीं हटाने की अपील भी की। उन्होंने लिखा, “मेरा कमेंट डिलीट मत करना। सलमान सर को भी इसे देखने दो, ताकि उन्हें पता चले कि आप लोगों ने गलती की है।” फिल्म ‘हीरो’ के साउंडट्रैक को अमाल मलिक, मीट ब्रदर्स अंजन, सचिन-जिगर और जस्सी कट्याल ने कंपोज किया था। हालांकि, अमाल मलिक के कमेट के बाद सलमान खान फिल्म्स की टीम ने अपनी गलती सुधारी। उन्होंने पोस्ट को 'एडिट' (Edit) करके अमाल मलिक के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट को टैग किया और उन्हें व गीतकार कुमार को उनका जायज क्रेडिट दिया। सलमान ने अमाल मलिक को ब्रेक दिया था अमाल मलिक के करियर में सलमान खान का योगदान रहा है। सलमान ने साल 2014 में अपनी फिल्म ‘जय हो’ से अमाल को बॉलीवुड में बतौर म्यूजिक कंपोजर ब्रेक दिया था। इसके बाद साल 2015 में सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस की फिल्म ‘हीरो’ के लिए अमाल मलिक ने ही संगीत तैयार किया था। इस फिल्म का गाना मैं हूं हीरो तेरा ब्लॉकबस्टर रहा, जिसे ओरिजिनली अमाल के भाई अरमान मलिक ने गाया था और बाद में खुद सलमान खान ने भी अपनी आवाज में इसका एक स्पेशल वर्जन रिकॉर्ड किया था। अमाल ने खुद को SRK का बड़ा फैन बताया था वहीं, साल 2020 में एक फैन चैट के दौरान अमाल ने खुद को शाहरुख खान का बड़ा फैन बताते हुए ‘SRKian’ कहा था। इसके बाद सलमान खान के कुछ फैंस ने उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया। फैंस ने उन्हें अनफॉलो करने और करियर खत्म होने तक की धमकी दी। अमाल ने इसका जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि सलमान का सम्मान करने का मतलब यह नहीं कि वह गाली-गलौज या अंधभक्ति सहेंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि सलमान ने उन्हें लॉन्च किया है और वह उनका हमेशा सम्मान करेंगे। करीब पांच साल बाद अमाल और सलमान फिर आमने-सामने आए। 24 अगस्त 2025 को अमाल ने ‘बिग बॉस 19’ में बतौर कंटेस्टेंट एंट्री ली। इस शो को सलमान खान ने होस्ट किया था। फिल्मी संगीत से ब्रेक का ऐलान इससे पहले पिछले महीने अमाल ने फिल्मी संगीत कंपोज करने से ब्रेक लेने का ऐलान किया था। उन्होंने साफ किया था कि यह ब्रेक नए फिल्मी संगीत पर लागू होगा। उन्होंने यह भी बताया था कि उनके कुछ पुराने रिलीज नहीं हुए गाने दर्शकों तक पहुंच सकते हैं। ऐसा तब होगा, जब उन फिल्मों को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। अमाल ने एक्स पर लिखा था, “मैं बिल्कुल ठीक हूं। इस बार मैं पूरी तरह वही करूंगा, जो मेरे लिए और मेरे दिल के लिए जरूरी है। यह मेरे स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है।” उन्होंने आगे लिखा था, “मुझे अपने दिमाग, शरीर, आत्मा और पूरी तरह ठीक होने के लिए ब्रेक चाहिए। मुझे जल्द संभलकर लौटना है। मैं आप सभी, अपने प्यारे फैंस, के लिए ढेरों धुनों के साथ वापस आना चाहता हूं। #Amaalians”
फिल्म निर्माता संदीप रेड्डी वांगा के भाई और निर्माता प्रणय रेड्डी वांगा ने उनकी फिल्म ‘रोमांचकम’ की समीक्षा करने वाले समीक्षकों को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि समीक्षक फिल्म ‘स्पिरिट’ को भी उसी नजरिए से परखें। ‘स्पिरिट’ में प्रभास और तृप्ति डिमरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। वहीं, फिल्म का डायरेक्शन संदीप रेड्डी वांगा कर रहे हैं। भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, प्रणय रेड्डी वांगा और प्रभाकर रेड्डी वांगा फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। प्रणय ने यह बात यूट्यूब चैनल टैग तेलुगु से बातचीत में कही। ‘रोमांचकम’ 3 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसे मिली-जुली से औसत प्रतिक्रियाएं मिली थीं। प्रणय ने कहा कि फिल्मों की समीक्षा करना आसान काम लग सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली कई फिल्में सफल नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि फिल्म बनाने की मुश्किलें तभी समझ आती हैं, जब कोई खुद प्रोडक्शन प्रक्रिया का हिस्सा बनता है। “अगर आप प्रोडक्शन में आते हैं, तो समझते हैं कि लिखी गई चीज को पर्दे पर उतारने के लिए निर्देशक कितनी मेहनत करता है। प्रोडक्शन में किस तरह की परेशानियां आती हैं, यह भी समझ आता है।” प्रणय ने यह भी कहा कि समीक्षाएं किसी फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन का फैसला जरूरी नहीं करतीं। उनके मुताबिक, खराब समीक्षाओं के बावजूद कुछ फिल्में अच्छा प्रदर्शन करती हैं। वहीं, कुछ फिल्मों को काफी अच्छी समीक्षाएं मिलती हैं, लेकिन वे दर्शकों से जुड़ नहीं पातीं। प्रणय का मानना है कि आखिरकार अंतिम फैसला दर्शक ही देते हैं। ‘रोमांचकम’ की समीक्षा पर सीधा तंज प्रणय ने ‘रोमांचकम’ के समीक्षकों पर सीधा तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि फिल्म छोटी प्रोडक्शन होने के कारण उसे ज्यादा जांच-परख का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस आलोचना की तुलना “मुर्गी के अंडे से पंख नोचने” से की। इसके बाद उन्होंने समीक्षकों को ‘स्पिरिट’ के साथ भी ऐसा ही रवैया अपनाने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, “यह छोटी फिल्म है, इसलिए इसके साथ ऐसा किया जा रहा है, जैसे मुर्गी के अंडे से पंख नोचे जा रहे हों। अगर वे सच में ऐसा कर सकते हैं, तो ‘स्पिरिट’ आ रही है। देखते हैं। ‘स्पिरिट’ के साथ देखते हैं।” जब होस्ट ने प्रणय से पूछा कि क्या वह समीक्षकों को चुनौती दे रहे हैं, तो उन्होंने सहमति जताई। उन्होंने ‘स्पिरिट’ को लेकर भरोसा भी जताया। इससे पहले प्रणय रेड्डी वांगा ने फिल्म ‘स्पिरिट’ से दीपिका पादुकोण के बाहर होने को लेकर बड़ा दावा किया था। NTV को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि दीपिका ने फिल्म के लिए भारी फीस के साथ 10% प्रॉफिट शेयर मांगा था। मेकर्स उनकी मांग से सहमत नहीं हुए थे। इसके बाद उन्होंने दूसरे कलाकारों पर विचार शुरू किया था। प्रणय के मुताबिक, इसी दौरान फिल्म की कहानी और किरदार से जुड़ी जानकारी लीक हो गई थी। उन्होंने कहा था कि इससे निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा नाराज हुए थे। प्रणय ने बिना नाम लिए दीपिका पर सवाल भी उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि मेकर्स की मेहनत वाली कहानी लीक करना कौन सा फेमिनिज्म है। दीपिका के फिल्म से बाहर होने के बाद प्रभास के साथ तृप्ति डिमरी को कास्ट किया गया था। ‘स्पिरिट’ में प्रभास पुलिस अफसर के रोल में संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बन रही ‘स्पिरिट’ एक आगामी कॉप एक्शन ड्रामा है। इसमें प्रभास मुख्य भूमिका में हैं। मेकर्स ने 2026 के न्यू ईयर के दिन प्रभास का फिल्म से पहला लुक जारी किया था। पोस्टर में वह घायल पीठ के साथ गंभीर अंदाज में नजर आए थे। पोस्टर में फीमेल लीड तृप्ति डिमरी प्रभास के किरदार को सिगरेट जलाते हुए दिखी थीं। फिल्म में विवेक ओबेरॉय भी हैं। ऐश्वर्या देसाई इस फिल्म से डेब्यू कर रही हैं। ‘स्पिरिट’ 5 मार्च 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
आलिया भट्ट शुक्रवार को मुंबई में अपनी अपकमिंग फिल्म डोंट बी शाय के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में पहुंची थीं। इवेंट के बाद बाहर निकलते समय भीड़ के बीच एक फैन उनकी तरफ सेल्फी लेने के लिए बढ़ने लगा और एक्ट्रेस के करीब आने की कोशिश की। इसके बाद उनके बॉडीगार्ड ने फैन को तेजी से साइड कर दिया। हालांकि इस दौरान आलिया का ध्यान फैन की साइड नहीं था और वो दूसरे फैन्स के साथ तस्वीरें खिंचवा रही थीं। डोंट बी शाय आलिया भट्ट के प्रोडक्शन की फिल्म है। फिल्म में प्यार और जिंदगी के फैसलों के बीच की कहानी दिखाई गई है। जो 25 सितंबर को प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। आलिया भट्ट ने बॉडीगार्ड को फैन से बदसलूकी करने से रोका था 2024 में आलिया भट्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में एक फैन एयरपोर्ट पर आलिया के साथ सेल्फी लेने की कोशिश करता नजर आया। इसी दौरान उनके बॉडीगार्ड ने फैन की शर्ट पकड़कर उसे पीछे खींच दिया। यह देखकर आलिया नाराज हो गईं और बॉडीगार्ड को ऐसा करने से रोकते हुए कहा कि किसी को टच न करें। इसके बाद आलिया ने खुद उस फैन को अपने पास बुलाया और उसके साथ फोटो क्लिक कराई। आलिया ने बताया, शाहीन कैसे करती थीं रेजबेट डोंट बी शाय के ट्रेलर लॉन्च पर आलिया ने बहन शाहीन का बचपन का किस्सा सुनाया। कार्यक्रम के होस्ट ने आलिया, शाहीन और डायरेक्टर सृति मुखर्जी से ‘ऑरा फार्मिंग’, ‘ब्रेडक्रम्बिंग’, ‘साइड क्वेस्ट’, ‘ब्रेनरॉट’ और ‘रेजबेट’ जैसे जेन जी टर्म्स के मतलब पूछे। आलिया ने ‘रेजबेट’ का मतलब बताते हुए कहा, “जब मैं बच्ची थी, तब शाहीन मेरे साथ यही करती थीं। वह मुझसे कहती थीं कि मैं पार्ले-जी के साथ फ्री आई हूं।” उन्होंने कहा, “वह कहती थीं कि मैं असल में अपनी मां और पापा की बच्ची नहीं हूं। मैं चार साल की थी, जब शाहीन मुझे रेजबेट करती थीं।” फिल्म डोंट बी शाय में चार नए एक्टर्स और एक डेब्यूटेंट डायरेक्टर हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में आलिया ने कहा, “14 साल पहले मैंने एक एक्टर के तौर पर डेब्यू किया था। आज 14 साल बाद मैं चार नए एक्टर्स और एक डेब्यूटेंट डायरेक्टर को पेश कर रही हूं।” उन्होंने आगे कहा, “इस समय मैं उनसे कहीं ज्यादा नर्वस हूं। मेरे पेट में तितलियां उड़ रही हैं।” प्रोड्यूसर बनने पर बोलीं आलिया आलिया से पूछा गया कि क्या वह इस फिल्म में एक्ट्रेस के तौर पर भी काम करना चाहती थीं। उन्होंने कहा, “नहीं, मुझे नहीं लगता कि मैंने कभी ऐसा महसूस किया।” उन्होंने कहा, “मुझे एक्ट्रेस बनना और कैमरे के सामने रहना पसंद है, लेकिन प्रोड्यूसर बनने से एक अलग तरह की संतुष्टि मिलती है। इससे मुझे खुशी का एक और लेवल मिलता है।” आलिया ने बताया कि फिल्म की दुनिया और कहानी को शुरू से तैयार करने में टीम शामिल रही। सृति उनके पास एक आइडिया लेकर आई थीं और फिल्म बनाने की इच्छा जताई थी। आलिया ने कहा, “हमने कहा कि हां, इसे साथ में करते हैं। इसे तैयार करने में दो साल लगे। इसके बाद हम इसे अमेजन के अपने प्यारे पार्टनर्स के पास लेकर गए।” उन्होंने आगे बताया, “शुक्रवार को हमने उन्हें मटेरियल भेजा था। शनिवार सुबह निखिल ने मैसेज किया- आलिया, बात करते हैं।”
फिल्म ‘हनुमान अंश’ में गोपाल का किरदार निभाकर अभिनेता भगवान दास पटेल इन दिनों दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं। मध्य प्रदेश के जबलपुर से मुंबई तक का उनका सफर आसान नहीं रहा। थिएटर में छह साल बिताने के बाद उन्होंने टीवी और फिल्मों में छोटे-बड़े किरदार निभाए। मुझसे फ्रेंडशिप करोगे, प्रेम रतन धन पायो, थार, रंगबाज और फोटोग्राफ जैसी फिल्मों और सीरीज का हिस्सा रहे भगवान दास ने दैनिक भास्कर से बातचीत में फिल्म की शूटिंग के दिलचस्प किस्सों, करियर के संघर्ष और सफलता के बाद मिल रही लोगों की दुआओं पर बात की। सवाल: ‘हनुमान अंश’ में गोपाल का किरदार आपको कैसे मिला? जवाब: मुझे एक जानने वाले ने फिल्म के बारे में बताया था। उन्होंने कहा कि फिल्म नीम करौली बाबा पर बन रही है और गोपाल का किरदार है। पैसे ज्यादा नहीं थे, लेकिन किरदार अच्छा था। मैं निर्देशक विशाल सर से मिलने गया। वहां हनुमान जी की एक तस्वीर लगी थी, जिसमें नीम करौली बाबा ध्यान में बैठे थे। उस तस्वीर ने मेरा ध्यान खींचा। इसके बाद उन्होंने कहानी सुनाई और मैंने एक-दो दिन बाद ऑडिशन दिया। मेरा एक ही ऑडिशन हुआ और मेरा चयन हो गया। सवाल: फिल्म की शूटिंग के दौरान ऐसा क्या हुआ, जिसे आप आज भी याद करते हैं? जवाब: शूटिंग के दौरान हम लोग हर दिन हनुमान चालीसा पढ़ते थे और गणेश जी की पूजा करते थे। कई मुश्किलें आती थीं, लेकिन किसी न किसी तरह सब ठीक हो जाता था। एक बार का किस्सा बहुत खास है। जब हम बजरंगबली की मूर्ति स्थापित करने वाला सीन शूट कर रहे थे, तभी एक काले मुंह वाला बंदर बरगद के पेड़ पर आकर बैठ गया। वह काफी देर तक देखता रहा कि मूर्ति कैसे स्थापित हो रही है। हमने उसे केले दिए, वह केले भी खाता रहा और शूटिंग भी देखता रहा। बाद में जब झोपड़ी बनाई जा रही थी, तब भी वह वहीं था। हमें लगा जैसे वह पूरी शूटिंग की निगरानी कर रहा हो। गांव वालों ने भी कहा कि उन्होंने करीब 13-14 साल बाद वहां ऐसा बंदर देखा है। सवाल: फिल्म में कौन-सा सीन आपको सबसे ज्यादा भावुक करता है? जवाब: ट्रेन वाला सीन मेरे दिल के बहुत करीब है। फिल्म में महाराज जी ट्रेन रोक देते हैं। अंग्रेज अधिकारी आते हैं और कहते हैं कि इनके पास टिकट नहीं है। फिर किसी तरह टिकट सामने आ जाती है। महाराज जी कहते हैं कि किसी साधु-संत को ट्रेन में बैठने से कभी मत रोको। इस पूरे सीन में गोपाल का महाराज जी के प्रति जुड़ाव बहुत गहरा है। उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि वह भगवान का ही स्वरूप हैं। उस सीन को करते हुए मैं अंदर से बहुत भावुक हो गया था। सवाल: महाराज जी का किरदार निभाने वाले अभिनेता पहले से तय थे? जवाब : नहीं। पहले किसी दूसरे अभिनेता के साथ एक दिन शूट हो चुका था, लेकिन अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद नए अभिनेता की तलाश शुरू हुई। उसी दौरान शोभिनव, जो निर्देशन टीम में थे, उनके साथ मेरी रीडिंग हुई। मैंने उन्हें पहली बार ठीक से तब देखा। उनका चेहरा बाबा के किरदार के लिए बिल्कुल सही लगा। हमने कई सीन की रिहर्सल की और उन्होंने बहुत जल्दी किरदार पकड़ लिया। बाद में पता चला कि वह लखनऊ में थिएटर कर चुके हैं। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई भी की है। मुझे लगा कि शायद यह किरदार उन्हीं के लिए था। सवाल: शूटिंग के दौरान कभी लगा कि फिल्म पूरी नहीं हो पाएगी? जवाब: कई बार मुश्किलें आईं। कलाकारों के आने-जाने में दिक्कत हुई, जनरेटर और दूसरी व्यवस्थाओं की परेशानी हुई, बारिश की वजह से शूटिंग रुकी। करीब 24-25 दिन हम चित्रकूट में रहे। लेकिन विशाल सर (विशाल चतुर्वेदी-डायरेक्टर) बहुत स्पष्ट और आत्मविश्वासी थे। उन्हें पता था कि फिल्म पूरी करनी है। इसलिए किसी न किसी तरह शूट आगे बढ़ता रहा। सवाल: फिल्म की सफलता के बाद आपकी जिंदगी कितनी बदली है? जवाब: बहुत ज्यादा। ऐसा जीवन मैंने पहले कभी नहीं देखा था। पिछले कुछ दिनों से लगातार फोन और संदेश आ रहे हैं। लोग इतनी अच्छी दुआएं और शुभकामनाएं दे रहे हैं कि कई बार मैं भावुक हो जाता हूं। सबसे अच्छी बात यह है कि बहुत से लोग मुझे जानते तक नहीं, फिर भी मेरे लिए दुआ कर रहे हैं। मैं कोशिश करता हूं कि जितने लोगों को जवाब दे सकता हूं, उन्हें धन्यवाद दूं। सवाल: आपके करियर की शुरुआत कैसे हुई? जवाब: बचपन से ही अभिनय में रुचि थी। उस समय मोबाइल नहीं था, रेडियो सुनता था। कलाकारों के इंटरव्यू आते थे, मैं उनकी बातें डायरी में लिखता था। मुंबई के कई स्कूलों के पते भी जुटाता था और कलाकारों को चिट्ठियां लिखता था कि मुझे मौका दें। किसी का जवाब नहीं आया, लेकिन सपना बना रहा। 12वीं के बाद मैंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) के बारे में पता किया। उसके लिए थिएटर के अनुभव की जरूरत थी। मेरे गुरु अरुण पांडे जी ने मुझे रंगमंडल से जोड़ा। इसके बाद करीब छह साल थिएटर किया। दो बार NSD की कोशिश की, लेकिन चयन नहीं हुआ। बाद में लखनऊ के भारतेंदु नाट्य अकादमी में प्रवेश मिल गया। सवाल: मुंबई आने के बाद पहला काम कैसे मिला? जवाब: मुंबई आने के करीब डेढ़ महीने बाद मुझे टीवी सीरियल ‘देवी’ में बुंदेली भाषा के संवाद और बोली पर काम मिला। मेरे सीनियर राम मेहर झांगड़ा ने मुझे मिलवाया था। मैं कलाकारों को बुंदेली के शब्द और बोलने का तरीका बताता था। बाद में उसी सीरियल में छोटा-सा किरदार भी किया। सवाल: इसके बाद किन फिल्मों में काम किया? जवाब: मुझसे फ्रेंडशिप करोगे में ऑटो ड्राइवर का किरदार किया। फिर प्रेम रतन धन पायो में रामलीला के सीन में कैकेयी का किरदार निभाया। इसके बाद शादिस्तान और थार जैसी फिल्मों में काम किया। रंगबाज में गज्जू का किरदार किया। फोटोग्राफ में कुल्फी वाले का छोटा-सा किरदार था। उस किरदार की तैयारी के लिए मैं करीब 10-15 दिन जुहू में कुल्फी बेचने वालों के साथ घूमता था और देखता था कि वे किस तरह कुल्फी बेचते हैं। सवाल: कभी लगा कि अभिनय छोड़कर घर लौट जाना चाहिए? जवाब: हिम्मत कई बार टूटी, लेकिन कभी यह विचार नहीं आया कि अभिनय छोड़ दूं। मुझे इसके अलावा कुछ आता भी नहीं है। मैंने ड्रामा पढ़ाने की कोशिश की, दूसरे काम किए, नुक्कड़ नाटक भी किए, लेकिन अभिनय से जुड़ा रहा। मेरा मानना है कि इंसान को वही काम करना चाहिए, जिसमें उसे खुशी मिलती है। सफल हों या असफल, अपने मन का काम करने में एक अलग संतोष है। सवाल: ‘हनुमान अंश’ के बाद अब आगे क्या? जवाब: अभी कुछ प्रोजेक्ट्स पर बातचीत चल रही है। जबलपुर में शूट की गई एक फिल्म आने वाली है। एक शॉर्ट फिल्म है, जो फिल्म समारोहों में जा रही है। मेट्रो सिटी नाम का डॉक्यू-ड्रामा भी है। अभी मैं बस अच्छे काम का इंतजार कर रहा हूं। हनुमान अंश के बाद लोगों का प्यार मिला है, इसलिए उम्मीद है कि आगे भी अच्छा काम मिलेगा। _______________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. हनुमान अंश का कलेक्शन होगा 200 करोड़ पार:33वें दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बनी, धुरंधर, 3 इडियट्स, पठान से आगे; जानिए रिकॉर्ड्स हनुमान अंश ने रिलीज के 33वें दिन मंगलवार को ₹11.00 करोड़ का कलेक्शन किया है। फिल्म की कमाई सोमवार के ₹10.00 करोड़ के मुकाबले 10% बढ़ी। इसके साथ महज 2 करोड़ में बनी हनुमान अंश 33वें दिन में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बन चुकी है। इसने आमिर-शाहरुख की फिल्मों को भी पछाड़ दिया है।पूरी खबर पढ़ें..
नीना गुप्ता ने हाल ही में बॉडी शेमिंग और शादी को लेकर किए जाने वाले सवालों पर मजेदार अंदाज में जवाब दिया। CNN-न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में पूछा गया कि जब लोग पूछते थे कि उनकी शादी क्यों नहीं हुई, तो वह इस पर क्या जवाब देती थीं। इस पर नीना ने कहा, “मैं तुम्हारे बाप का तो नहीं खा रही ना, अपने बाप का खा रही हूं। तुम्हें क्या प्रॉब्लम है, शादी करी कि नहीं?” एक अन्य सवाल में जब पूछा गया कि कोई यह कहे कि आप पिछली बार से ज्यादा मोटी हो गई हैं, तो वह क्या जवाब देंगी। इस पर नीना ने कहा, “प्रेग्नेंट हूं।” नीना ने बताया कि वह वजन को लेकर होने वाली टिप्पणियों से काफी परेशान हो जाती थीं। उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने थोड़ी मोटी साड़ी पहनी थी। साड़ी की वजह से शरीर के एक हिस्से पर थोड़ा बल्क नजर आ गया। इसके बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि नीना गुप्ता 60 की उम्र में प्रेग्नेंट हैं। नीना ने बताया कि मैंने कहा, अब कोई पूछे तो कह देना, “मैं प्रेग्नेंट हूं।” जब उन्हें बताया गया कि हाल ही में 74 साल की एक महिला के जुड़वां बच्चे हुए हैं, जिस पर नीना ने हंसते हुए कहा, “मेरा चांस है अभी।” नीना गुप्ता को लुक को लेकर ट्रोल किया गया था नीना गुप्ता को पिछले साल एयरपोर्ट पर शॉर्ट्स पहनने और अपना वीडियो शेयर करने के बाद सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, जिसका उन्होंने बेहद करारा जवाब दिया था। दरअसल, वीडियो में नीना ब्लैक आउटफिट और शॉर्ट्स में नजर आई थीं। उन्होंने कैमरे पर बताया था कि लंबे इंतजार के दौरान वह घर का बना खाना साथ रखती हैं। इसके लिए वह रोटी रोल और टिफिन में आलू, मिर्च, पनीर और प्याज जैसी चीजें पैक कर लेती हैं। जिसके बाद वीडियो पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा था, “बहुत अच्छा ...लेकिन एक रिक्वेस्ट है, अपने पैर मत दिखाइए। ये अच्छे टोन में नहीं हैं। हमने कभी दादी-मम्मी को इस तरह पैर दिखाते नहीं देखा। उम्र के साथ ग्रेसफुल रहना ही सही है।” वहीं, यूजर के कमेंट पर रिप्लाई करते हए एक दूसरी यूजर ने लिखा था, “ये कितना शर्मनाक कमेंट है। खासकर किसी औरत की तरफ से। आप खुद बॉडी शेमिंग करके औरतों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।” जिसके बाद इस कमेंट पर नीना गुप्ता ने जवाब देते कहा था, “चिंता मत करो। जो लोग ऐसी बातें करते हैं, असल में वो जलते हैं कि उनके पास इतनी अच्छी बॉडी नहीं है। इसलिए इन्हें नजरअंदाज करो।” नीना गुप्ता की निजी जिंदगी में भी कई उतार-चढ़ाव रहे हैं। उन्होंने कॉलेज के दिनों में IIT दिल्ली में पढ़ाई कर रहे अमलान घोष से शादी की थी। हालांकि, यह शादी एक साल के भीतर ही दोनों की आपसी सहमति से खत्म हो गई। इसके बाद नीना गुप्ता की सगाई पंडित जसराज के बेटे शारंगदेव पंडित से भी हुई थी। हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चला। 1980 के दशक के आखिर में नीना गुप्ता वेस्ट इंडीज के पूर्व क्रिकेटर विव रिचर्ड्स के साथ रिलेशनशिप में थीं। दोनों ने शादी नहीं की, लेकिन 1989 में उनकी बेटी मसाबा गुप्ता का जन्म हुआ। विव रिचर्ड्स पहले से शादीशुदा थे, इसलिए नीना ने मसाबा की परवरिश सिंगल मदर के तौर पर करने का फैसला लिया। 2008 में उन्होंने अमेरिका में एक निजी समारोह में नई दिल्ली के चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक मेहरा से शादी की। सीरीज ‘चुंबक’ में दिखीं नीना गुप्ता नीना गुप्ता की कॉमेडी-ड्रामा सीरीज 'चुंबक' कल रिलीज हो गई है। सीरीज की कहानी एक शहरी भारतीय मोहल्ले में रहने वाले पांच परिवारों के इर्द-गिर्द घूमती है। सीरीज में देवेन भोजानी, अर्जुन बिजलानी, हेली शाह, सुमीत व्यास, मानसी पारेख, सुमीत राघवन, संदीपा धर, डेलनाज ईरानी, अनंत वी. जोशी और अमायरा दस्तूर नजर आ रहे हैं। ‘चुंबक’ को हैट्स ऑफ प्रोडक्शंस ने प्रोड्यूस किया है। यही प्रोडक्शन हाउस 'साराभाई वर्सेज साराभाई' और 'खिचड़ी' जैसे लोकप्रिय शोज बना चुका है। सीरीज की कहानी और निर्देशन आतिश कपाड़िया ने किया है। इसे जमनादास (JD) मजीठिया और आतिश कपाड़िया ने प्रोड्यूस किया है।
36वें दिन भी Hanuman Ansh की चांदी, नीम करोली बाबा की फिल्म के आगे नहीं टिक पाई अक्षय की Haiwaan
Hanuman Ansh Collection Day 36: नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म हनुमान अंश ने 36वें दिन मिर्जापुर द मूवी और हैवान को पछाड़कर शॉकिंग कलेक्शन कर लिया है।
नई दिल्ली में BMW इंडिया ने शुक्रवार को अपनी नई BMW 7 सीरीज रेंज लॉन्च की। इस खास मौके पर बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह को BMW इंडिया का नया ब्रांड एंबेसडर के तौर पर पेश किया गया। लॉन्च इवेंट में नई BMW 7 सीरीज रेंज से पर्दा रणवीर सिंह ने उठाया। इस मौके पर BMW की फ्लैगशिप 7 सीरीज और रणवीर सिंह की मौजूदगी एक साथ देखने को मिली। रणवीर सिंह ने ब्रांड एंबेसडर के तौर पर इस लॉन्च में हिस्सा लिया। BMW के मुताबिक, यह साझेदारी एक्सीलेंस, एम्बिशन और कुछ असाधारण करने की चाह को दर्शाती है। BMW की फ्लैगशिप सेडान पेट्रोल और पूरी तरह इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ उपलब्ध होगी। पूरी तरह इलेक्ट्रिक परफॉर्मेंस मॉडल BMW i7 M70 भी भारत में ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा। BMW i7 M70 अब तक की सबसे पावरफुल BMW 7 सीरीज होगी। इन कारों की डिलीवरी अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। रणवीर इससे पहले स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड फेस थे रणवीर इससे पहले स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड फेस थे। फरवरी 2025 में स्कोडा ने उन्हें अपना पहला ‘ब्रांड सुपरस्टार’ घोषित किया था। कंपनी ने रणवीर को अपनी नई ब्रांड स्ट्रेटेजी और कायलाक SUV के प्रमोशनल कैंपेन में शामिल किया था। हालांकि रणवीर का कार कंपनियों से जुड़ाव सिर्फ स्कोडा तक सीमित नहीं रहा है। वह पहले मारुति सुजुकी नेक्सा के भी ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं। 2014 में उन्हें नेक्सा रेंज का चेहरा बनाया गया था। खास बात यह है कि रणवीर खुद भी महंगी और लग्जरी कारों के शौकीन हैं। उनके कार कलेक्शन में फेरारी 296 जीटीबी, जीएमसी हमर ईवी 3एक्स, रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी और मर्सिडीज-मेबैक जीएलएस 600 जैसी गाड़ियां शामिल हैं। रणवीर कई बड़े ब्रांड्स के ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं रणवीर सिंह ने ऑटोमोबाइल के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, खाने-पीने की चीजों, पर्सनल केयर और फैशन समेत कई क्षेत्रों के बड़े ब्रांड्स के लिए टीवी विज्ञापन किए हैं। टेक्नोलॉजी और मनोरंजन की बात करें तो रणवीर डिश टीवी और फास्ट्रैक स्मार्ट के विज्ञापनों में नजर आ चुके हैं। खाने-पीने के ब्रांड्स में रणवीर ने चिंग्स सीक्रेट, बिंगो! और थम्स अप के लिए विज्ञापन किए हैं। पर्सनल केयर और लाइफस्टाइल में वह ड्यूरेक्स, कोलगेट मैक्सफ्रेश, फ्लाइट और मान्यवर के विज्ञापनों में नजर आए हैं। इसके अलावा रणवीर वीवो, मिंत्रा और मेकमायट्रिप जैसे बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों का भी हिस्सा रहे हैं। यह बॉलीवुड सितारे भी कार कंपनियों के ब्रांड एंबेसडर रहे हैं शाहरुख खान: शाहरुख खान लंबे समय से हुंडई मोटर इंडिया का चेहरा हैं। हुंडई के साथ उनकी साझेदारी 1998 में सैंट्रो के विज्ञापन से शुरू हुई थी। इसके बाद वह कंपनी के कई प्रचार अभियानों में नजर आए हैं। विक्की कौशल: बॉलीवुड स्टार विक्की कौशल टाटा मोटर्स के पैसेंजर और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट के आधिकारिक ब्रांड एंबेसडर हैं। वह टाटा कर्व के प्रचार अभियान में भी नजर आ चुके हैं। कार्तिक आर्यन: कार्तिक आर्यन को मारुति सुजुकी की ब्रेजा के प्रचार अभियान से जोड़ा गया है। वह कंपनी के ‘मोर पावर टू योर प्ले’ अभियान का हिस्सा रहे हैं। रणबीर कपूर: रणबीर कपूर लंबे समय से रेनॉल्ट इंडिया से जुड़े रहे हैं। वह कंपनी की कई कारों के प्रचार अभियानों में नजर आ चुके हैं। आयुष्मान खुराना- आयुष्मान खुराना को टोयोटा इंडिया के साथ ब्रांड पार्टनर के तौर पर जोड़ा गया है। वह कंपनी के प्रचार अभियानों का हिस्सा रहे हैं।
सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) के भीतर चल रही कानूनी लड़ाई और कोर्ट के आदेश पर होने वाले चुनाव के बीच एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने आरोप लगाया कि ऑफिस के कुछ दस्तावेज पूनम ढिल्लों की कार में रखे जा रहे थे और उन्हें इसका वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश की गई। एक वीडियो में कुनिका सदानंद ने मामले को लेकर कहा, मैं CINTAA की आज की स्थिति देखकर बहुत दुखी हूं। मैंने पिछले 40 साल में किसी कमेटी का ऐसा व्यवहार नहीं देखा। कुनिका ने बताया कि उन्हें CINTAA ऑफिस से दस्तावेज हटाए जाने की जानकारी मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचीं। उनके मुताबिक, मनीष चतुर्वेदी और प्रीति ने फोन कर बताया कि पिछली कमेटी के लोग जल्दबाजी में कागजात ले जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मामला पुलिस तक पहुंचा, लेकिन पुलिस ने कहा कि दस्तावेजों को रोकने के लिए चैरिटी कमिश्नर का आदेश जरूरी है। कुनिका के अनुसार, दस्तावेजों को टेंपो से कार्तिक कॉम्प्लेक्स स्थित ऑफिस ले जाया जा रहा था। कुनिका ने कहा कि फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) से जुड़े लोगों ने टेंपो को रोक दिया और दस्तावेजों को CINTAA के ऑफिस में रखकर वहां ताला लगा दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग दस्तावेजों को पूनम ढिल्लों की कार में रख रहे थे। कुनिका के मुताबिक, इसका वीडियो बनाया गया और पुलिस से प्रक्रिया रोकने के लिए कहा गया। कुनिका ने बताया कि पुलिस ने कुछ दस्तावेज दिखाए, जिनमें कुछ कोर्ट के कागजात थे। उन्होंने कहा कि अगली सुनवाई 16 तारीख को है, इसलिए दस्तावेजों को लॉक करके रखने का सुझाव दिया गया था। उन्होंने पद्मिनी कोल्हापुरे के कथित बयान का भी जिक्र किया। कुनिका के अनुसार, पद्मिनी ने कहा कि वह कागजात सुरक्षित रखने के लिए ले जा रही थीं। कुनिका ने सवाल उठाया कि उन्हें दस्तावेज किससे सुरक्षित रखने थे। कुनिका ने आरोप लगाया कि पूनम ने एक व्यक्ति का फोन छीनकर तोड़ने की कोशिश की और उन्हें वीडियो बनाने से रोकने का प्रयास किया। कुनिका ने कहा कि पुलिस ने कागजात के एक कार्टन पर ताला लगाने की अनुमति दी और बाद में उस लॉकिंग सिस्टम पर टेप लगाया गया। उन्होंने कहा कि CINTAA के संस्थापकों ने कभी नहीं सोचा होगा कि संगठन में ऐसी स्थिति आएगी। पूनम ढिल्लों और उपासना सिंह गुट में बहस हुई गुरुवार को CINTAA के मुंबई कार्यालय में दोनों गुटों पूनम ढिल्लों खेमा और उपासना सिंह-FWICE खेमा के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कानूनी दस्तावेजों को कथित तौर पर कार्यालय से बाहर ले जाने और चुनाव से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए। पिछले महीने CINTAA के दोनों गुटों में मतभेद हुए अगस्त की शुरुआत में पूनम ढिल्लों और उपासना सिंह के नेतृत्व वाले गुटों के बीच मतभेद के बाद CINTAA (सिने और टीवी कलाकार संघ) की कार्यकारी समिति के 11 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। जिनमें से 8 निर्वाचित सदस्य थे। इसके बाद FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) ने 12 सितंबर को CINTAA के नए चुनाव कराने की घोषणा की। पूनम ढिल्लों के नेतृत्व वाले गुट ने 25 अगस्त को दिंडोशी सत्र न्यायालय में चुनाव की वैधता को चुनौती दी थी। 8 सितंबर को अदालत ने चुनाव कराने की अनुमति दे दी। अदालत ने कहा कि चुनाव घोषित होने के बाद वह इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि चुनाव होने पर उसके परिणाम मामले के अंतिम फैसले के अनुरूप होंगे। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उपासना सिंह ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलने का पूरा विश्वास था। उन्होंने बताया कि CINTAA के इतिहास में पहली बार 51 लोगों ने नामांकन दाखिल किए हैं। उनका कहना है कि कार्यकारी समिति के भंग होने के बाद कार्यकारी आम बैठक में लिए गए फैसले अमान्य हैं। FWICE अध्यक्ष बीएन तिवारी ने कहा कि अदालत ने 12 सितंबर को चुनाव कराने की अनुमति दी है और चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव परिणाम घोषित होने तक CINTAA के सोशल मीडिया खातों को निलंबित करने का अनुरोध किया गया है। इस मामले में वर्सोवा और अंबोली पुलिस स्टेशनों को भी पत्र लिखा गया है। CINTAA के बैंक खाते भी चुनाव परिणाम आने तक फ्रीज किए गए हैं।
‘पांड्या स्टोर’ और सैराब जैसे पॉपुलर शोज फेम एक्टर रोहित चंदेल को POCSO केस में जमानत मिल गई है। उन पर 16 साल की लड़की का पीछा करने, बार-बार फोन करने, परेशान करने और मारपीट करने का आरोप है। मुंबई पुलिस ने उन्हें जुलाई में गिरफ्तार किया था। रोहित चंदेल पर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज एक्ट यानी POCSO के तहत केस दर्ज है। वह करीब दो महीने से जेल में थे। चार्जशीट में पेशे और धर्म की जानकारी गलत रोहित चंदेल को पहले जमानत मिलने में मुश्किल हुई थी। केस के कागजात में कुछ गड़बड़ियां सामने आई थीं। खबरों के मुताबिक, दस्तावेजों में उनके पेशे को एक्टर की जगह गलत तरीके से बिजनेसमैन बताया गया था। चार्जशीट में उनका धर्म भी गलत दर्ज किया गया था। उनके मेडिकल रिकॉर्ड में भी गलती थी। उसमें उनकी वैवाहिक स्थिति मैरिड लिखी गई थी, जबकि रोहित चंदेल ने खुद को अविवाहित बताया है। 22 जुलाई को दूसरी जमानत अर्जी खारिज हुई थी एक्टर के वकील ने कहा था कि सरकारी कागजात में हुई गलतियों का केस पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। हालांकि, 22 जुलाई को रोहित चंदेल की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी। इसके बाद 16 साल की शिकायतकर्ता ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। 10 जुलाई को घर से हुई थी गिरफ्तारी रोहित के खिलाफ 10 जुलाई को पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) के तहत शिकायत दर्ज हुई थी। 10 जुलाई को ही उन्हें दहिसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया। फिलहाल एक्टर कस्टडी में हैं। शुक्रवार को मुंबई के पूर्वी उपनगर की रहने वाली नाबालिग की शिकायत मिलने पर पंत नगर पुलिस स्टेशन ने एक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 (पीछा करना) और 115(2) (चोट पहुंचाने का इरादा) भी लगाई हैं। एक्टर पर आरोप हैं कि वह नाबालिग लड़की को अपने नंबर से कॉल कर बार-बार परेशान कर रहे थे। नाबालिग ने उनका फोन उठाना बंद किया, तो एक्टर दूसरे नंबर से बार-बार कॉल कर परेशान करने लगे। शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई को रोहित ने लड़की को उसके घर के पास जबरदस्ती रोकने की कोशिश की और बाद में उसका पीछा भी किया। जब नाबालिग ने विरोध किया, तो एक्टर ने बहस करते हुए उसे गालियां दीं और मारपीट की। को-स्टार ने गिरफ्तारी पर जताई हैरानी ‘सैराब’ एक्ट्रेस किशोरी शहाणे ने को-स्टार रोहित की गिरफ्तारी पर रिएक्शन दिया। टेलीचक्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने यह खबर पढ़ी, तो पहले लगा कि यह शो के प्रमोशन का हिस्सा है, क्योंकि सीरियल में भी ऐसा ही ट्रैक चल रहा है। लेकिन बाद में पता चला कि मामला सच है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शो की शूटिंग नॉर्मल तरीके से चल रही है और उन्हें इस मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है। रोहित चंदेल का जन्म महाराष्ट्र के शहादा में हुआ था। करीब 90 ऑडिशन में रिजेक्ट होने के बाद उन्हें पहला कमर्शियल एड मिला। इसके बाद उन्होंने 2014 में शो 'हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल' से टीवी डेब्यू किया। आगे चलकर वे 'चंद्रगुप्त मौर्य', 'तमन्ना' और 'ये उन दिनों की बात है' जैसे कई धारावाहिकों में नजर आए। साल 2022 में उन्होंने डिज्नी+ हॉटस्टार की वेब सीरीज 'स्काइप लाइव' में राजकुमार का किरदार निभाया। 'काशीबाई बाजीराव बल्लाल' और 'पांड्या स्टोर' ने उन्हें घर-घर में फेमस बनाया। वर्तमान में वे टीवी शो 'सैराब' में नजर आ रहे हैं।
रणवीर सिंह शुक्रवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे। उनकी अपकमिंग फिल्म ‘प्रलय’ के लिए अपनाया गया नया रफ लुक चर्चा में रहा। एक्टर ने ढीली टी-शर्ट, बैगी पैंट, बीनी, स्टेटमेंट सनग्लासेस और फेस मास्क से अपना लुक काफी हद तक छिपा रखा था। कार से उतरते ही पैपराजी ने उनकी तस्वीरें लेना शुरू कर दिया। अंदर जाने से पहले रणवीर ने सिक्योरिटी स्टाफ का अभिवादन किया और वहां मौजूद गार्ड्स से हाथ मिलाया। उन्होंने एंट्री पर तैनात पुलिसकर्मी से भी हाथ मिलाया। इसके बाद रणवीर पैपराजी के पास रुके। पैपराजी के ‘प्रलय’ के नारे लगाने पर उन्होंने भी उत्साह के साथ प्रतिक्रिया दी। ‘प्रलय’ के सेट से रणवीर का पहला लुक सामने आया था बता दें कि हाल ही में मुंबई में चल रही शूटिंग से फिल्म प्रलय से रणवीर का पहला लुक सामने आया था। लंबे बालों में नजर आ रहे रणवीर की पीठ पर एक बच्चा भी दिखाई दे रहा था। फिल्म में रणवीर के साथ कल्याणी प्रियदर्शन भी नजर आएंगी। सामने आए वीडियो में रणवीर सिंह के साथ अभिनेत्री कल्याणी प्रियदर्शन भी नजर आ रही थीं। लंबे बाल और पीठ पर बच्चा, रणवीर का नया अंदाज ‘प्रलय’ के सेट से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में रणवीर सिंह लंबे बालों वाले लुक में दिखाई दे रहे थे। उनकी पीठ पर एक बच्चा नजर आया था। हालांकि, फिल्म में उनके किरदार और बच्चे के बीच संबंध को लेकर मेकर्स की ओर से अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई थी। मुंबई में अगस्त से चल रही फिल्म की शूटिंग ‘प्रलय’ की शूटिंग मुंबई में अगस्त से शुरू हो चुकी है। फिल्म को सर्वाइवल और पोस्ट-एपोकैलिप्टिक थ्रिलर बताया गया है, जबकि हालिया रिपोर्टों में इसे जॉम्बी एक्शन थ्रिलर भी कहा गया है। फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। जल्द दूसरी बार पिता बनेंगे रणवीर रणवीर सिंह की निजी जिंदगी भी इन दिनों चर्चा में है। रणवीर और दीपिका पादुकोण दूसरी बार माता-पिता बनने वाले हैं। वहीं, मंगलवार को कपल ने फैमिली फोटोशूट की कुछ खूबसूरत तस्वीरें शेयर की थीं। दीपिका-रणवीर के फोटोशूट में उनकी बेटी दुआ भी नजर आई थीं। तस्वीरों में दीपिका और रणवीर के साथ दुआ ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। तस्वीरों के साथ रणवीर सिंह ने कैप्शन में लिखा है, “बेबी दुआ और हमारे दिल बड़े हो रहे हैं! आपकी दुआओं के लिए धन्यवाद।” देखिए रणवीर सिंह- दीपिका की खूबसूरत फैमिली फोटोज- सोशल मीडिया यूजर्स ने दुआ की नई तस्वीर की तुलना दीपिका और रणवीर की पुरानी तस्वीरों से की। ज्यादातर लोगों का कहना था कि दुआ बिल्कुल रणवीर जैसी दिखती हैं। जल्द हो सकती है दीपिका की डिलीवरी दीपिका पादुकोण का तस्वीरों में बड़ा बेबी बंप नजर आया है। इससे पहले पिछली प्रेग्नेंसी में भी मेटरनिटी फोटोशूट की तस्वीरें पोस्ट करने के महज एक हफ्ते बाद ही दीपिका ने बेटी को जन्म दिया था। इस बार भी यही हो सकता है। दीपिका ने अप्रैल में प्रेग्नेंसी अनाउंस की थी। 19 अप्रैल को की थी दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने 19 अप्रैल को दूसरी बार पेरेंट्स बनने की गुड न्यूज दी थी। तब भी कपल ने बेटी दुआ की प्रेग्नेंसी किट पकड़े हुए तस्वीर शेयर की थी। सितंबर 2024 में हुआ था दुआ का जन्म दीपिका पादुकोण ने साल 2024 की शुरुआत में प्रेग्नेंसी अनाउंस की, जिसके बाद 8 सितंबर 2024 को उनके घर बेटी का जन्म हुआ था। नवंबर 2024 में कपल ने बेटी का नाम दुआ रखा। शुरुआत में दीपिका-रणवीर ने बेटी की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की थीं। दीवाली के मौके पर दीपिका रणवीर ने फैमिलो फोटोज शेयर कर दुआ का चेहरा रिवील किया था। _________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. रणवीर सिंह की नई फिल्म 'प्रलय' की शूटिंग शुरू:कल्याणी प्रियदर्शन संग नजर आएंगे एक्टर; धुरंधर' की सफलता के बाद रणवीर का बड़ा प्रोजेक्ट अभिनेता रणवीर सिंह ने अपनी अगली फिल्म 'प्रलय' की शूटिंग रविवार को मुंबई में शुरू कर दी है। मेकर्स की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह एक एंड-ऑफ-द-वर्ल्ड (दुनिया के अंत) के संकट पर आधारित एक्शन थ्रिलर फिल्म है।पूरी खबर पढ़ें..
महाराष्ट्र के नेताओं राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने 72 साल के इतिहास में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को दिल्ली से गुजरात शिफ्ट किए जाने के फैसले की आलोचना की है। वहीं, शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कलाकारों से इस समारोह का बहिष्कार करने की अपील की है। लोकेशन बदले जाने पर राज ठाकरे ने आपत्ति जताते हुए लिखा, 'आखिर इसकी जरूरत क्यों पड़ी? देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का महत्व कम करने की कोशिश के बाद अब क्या देश की राजधानी दिल्ली की अहमियत भी धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश हो रही है?' आगे उन्होंने लिखा, 'सवाल सीधा है, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन गुजरात में ही क्यों? अगर जगह बदलनी ही थी तो मुंबई क्यों नहीं? दादासाहेब फाल्के ने भारतीय सिनेमा की नींव महाराष्ट्र में रखी थी। फिर पुरस्कार समारोह महाराष्ट्र में क्यों नहीं हुआ? तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर फिल्में बनती हैं। दक्षिण भारत में सिनेमा ने राजनीति तक को प्रभावित किया है। फिर गुजरात को ही क्यों चुना गया?' आगे उन्होंने लिखा, 'ऐसा लगता है कि खुद कुछ बड़ा करने में नाकाम लोग अब नाम और जगह बदलकर एक नया इतिहास बनाने की कोशिश कर रहे हैं। शायद उन्हें डर है कि कल को उनका राजनीतिक प्रभाव सिर्फ गुजरात तक सीमित रह जाए, इसलिए आज से ही गुजरात को हर चीज का केंद्र बनाने की कोशिश की जा रही है।' गुजरात को आगे क्यों किया जा रहा- राज ठाकरे राज ठाकरे ने सिर्फ नेशनल फिल्म अवॉर्ड ही नहीं बल्कि कॉमनवेल्थ, 2023 क्रिकेट वर्ल्ड कप की लोकेशन भी गुजरात रखने पर सवाल किया। उन्होंने पूछा है कि इससे अमित शाह देश को क्या बताना चाहते हैं। उन्होंने लिखा, 'मुद्दा यह नहीं है कि समारोह केवड़िया में हो रहा है या मुंबई में। असली सवाल यह है कि 72 साल से चली आ रही एक शानदार परंपरा को आखिर क्यों तोड़ा जा रहा है? राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देश की राजधानी दिल्ली में दिए जाते रहे हैं। अब अचानक इस परंपरा को बदलने की जरूरत क्यों पड़ी? अमेरिका में ऑस्कर हमेशा लॉस एंजिलिस में होता है। वहां ट्रंप आए, बुश आए या ओबामा, किसी ने यह कोशिश नहीं की कि पुरस्कार समारोह अपने गृह राज्य में ले जाएं।' 'हम इस मुद्दे पर आवाज जरूर उठाएंगे, लेकिन देशभर के कलाकारों को भी सामने आना होगा। कलाकारों को पूछना होगा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की गौरवशाली परंपरा को क्यों तोड़ा जा रहा है।' संजय राउत ने सेलेब्स से सेरेमनी बॉयकॉट करने की अपील की शिवसेना नेता संजय राउत ने भी गुजरात में सेरेमनी रखे जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि ये गुजरात से जुड़ा कोई प्रोग्राम नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय फिल्म पुरुस्कार है, तो इसकी लोकेशन गुजरात क्यों रखी गई। इसे राजधानी में ही रखना था, जैसा पिछले कई सालों से चला आ रहा है। उन्होंने अन्य सेलेब्स से इस इवेंट में न जाने और इसे बॉयकॉट करने की अपील की है। नई दिल्ली की जगह गुजरात में होगा समारोह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आम तौर पर नई दिल्ली में होता रहा है। पिछले साल 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह 23 सितंबर 2025 को दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए थे। अब 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए परंपरा में बदलाव किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार समारोह दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित करने की तैयारी है। इसे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का पहला दिल्ली के बाहर आयोजन बताया जा रहा है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की जा चुकी है। इनमें ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। फिल्म की अभिनेत्री यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला, जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार कार्तिक आर्यन (‘चंदू चैंपियन’) और ममूटी (‘ब्रह्मयुगम’) को संयुक्त रूप से दिया गया। देखिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के विजेताओं की लिस्ट- राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों पुरस्कार मिलने की संभावना डियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 22 सितंबर को गुजरात दौरा प्रस्तावित है। वह महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी और इसके बाद पदरा में ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इसी दौरे में उनके एकता नगर जाने की भी संभावना है, जहां वह 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान कर सकती हैं। एकता नगर क्यों चुना गया? एकता नगर गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित है और यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रमुख आकर्षण है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को यहां आयोजित करने से इसे गुजरात के प्रमुख पर्यटन और राष्ट्रीय एकता से जुड़े स्थल के साथ जोड़ने का संदेश जाता है। हाल ही में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में आनंद एल राय की डॉक्यूमेंट्री ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक’ को भी सम्मान मिला है। यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और केवड़िया के विकास की कहानी पर आधारित है। ________________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. आर्टिकल 370 को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड:कार्तिक आर्यन बेस्ट एक्टर, यामी गौतम बेस्ट एक्ट्रेस, 72वें नेशनल अवॉर्ड का एलान फिल्म आर्टिकल 370 को शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 की बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। वहीं, फिल्म 'श्रीकांत' को बेस्ट हिंदी फिल्म का पुरस्कार मिला और यामी गौतम को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया गयाफिल्म आर्टिकल 370 को शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 की बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला।पूरी खबर पढ़ें..
कास्ट- अक्षय कुमार, सैफ अली खान डायरेक्टर- प्रियदर्शन ड्यूरेशन- 2 घंटे 44 मिनट रेटिंग- 3/5प्रियदर्शन, अक्षय कुमार और सैफ अली खान, नाम सुनकर ही लगता है कि मामला कुछ बड़ा होने वाला है। ऊपर से कहानी में एक ऐसा नेत्रहीन किरदार है, जिसकी आंखें भले दुनिया नहीं देख पातीं, लेकिन उसके कान, नाक और दिमाग कमाल का काम करते हैं। सामने है अक्षय कुमार का खूंखार परशुराम का किरदार, जो बदले की आग में जल रहा है। यानी एक तरफ ऐसा आदमी जिसे दिखाई नहीं देता और दूसरी तरफ ऐसा आदमी जिसे रोकना आसान नहीं। ‘हैवान’ का यह मुकाबला कागज पर काफी दिलचस्प है और फिल्म कई जगह इस दिलचस्पी को पर्दे पर भी उतारती है। बस दिक्कत यह है कि फिल्म अपने असली खेल तक पहुंचने में थोड़ा ज्यादा वक्त लेती है। कैसी है फिल्म की कहानी? श्याम राणे जन्म से नेत्रहीन है। परिवार की जिम्मेदारियां उठाते हुए वह मुंबई की एक बड़ी बिल्डिंग में काम करता है। आंखों की रोशनी नहीं है, लेकिन आवाज, खुशबू और स्पर्श से आसपास की दुनिया को समझने की उसकी क्षमता असाधारण है। दूसरी तरफ है परशुराम गोखले। जेल से बाहर आने के बाद उसके पास गुस्सा है, पुराना हिसाब है और बदला लेने की पूरी तैयारी। श्याम की जिंदगी में एक बच्ची से जुड़ा ऐसा राज आता है, जो उसे सीधे परशुराम के निशाने पर ला खड़ा करता है। इसके बाद शुरू होता है असली बिल्ली-चूहे का खेल, जहां श्याम को उस दुश्मन से बचना है जिसे वह देख नहीं सकता, और परशुराम को उस आदमी से निपटना है जो उसकी हर आहट सुन सकता है। कहानी का आइडिया मजेदार है और खासकर श्याम के सेंसेस को जिस तरह इस्तेमाल किया गया है, उसमें काफी गुंजाइश है। लेकिन फिल्म को वहां तक पहुंचने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है। कहानी में दम है, बस रफ्तार थोड़ी और तेज होती तो मजा दोगुना हो जाता। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? सैफ अली खान श्याम के किरदार में काफी सहज नजर आते हैं। उन्होंने नेत्रहीन किरदार को बेचारा बनाने की गलती नहीं की। श्याम शांत है, जिम्मेदार है और जरूरत पड़ने पर खतरनाक भी हो सकता है। सैफ की अंडरप्ले की गई एक्टिंग इस किरदार को विश्वसनीय बनाती है। अक्षय कुमार के लिए यह रोल अलग है। परशुराम में हीरो वाली चमक नहीं, बल्कि एक अजीब बेचैनी और गुस्सा है। अक्षय ने किरदार को पूरी एनर्जी के साथ निभाया है। हालांकि कुछ जगह उनका गुस्सा इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि डर पैदा होने के बजाय सीन थोड़ा ओवर-द-टॉप लगने लगता है। जिस ‘हैवान’ से खौफ पैदा होना चाहिए, वह हर बार उतना डरावना नहीं बन पाता। शारिब हाशमी पुलिस वाले के रोल में फिल्म के तनाव के बीच हंसी की खिड़की खोलते हैं और कई जगह खूब मजा देते हैं। बोमन ईरानी भरोसेमंद हैं। असरानी की मौजूदगी फिल्म में गर्माहट लाती है। सैयामी खेर और श्रिया पिलगांवकर को अच्छे कलाकार होने के बावजूद सीमित जगह मिली है। और मोहनलाल की झलक ‘ओप्पम’ देखने वालों के लिए खास तोहफा है। कैसा है डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष? कॉमेडी के लिए मशहूर प्रियदर्शन यहां एक डार्क थ्रिलर लेकर आए हैं। उनका यह नया रंग देखने में अच्छा लगता है। फिल्म में माहौल बनाने की कोशिश साफ दिखाई देती है। स्क्रीनप्ले की सबसे बड़ी कमी इसकी रफ्तार है। कुछ हिस्से कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय उसे रोकते हुए लगते हैं। गाने और कुछ लंबे भावनात्मक हिस्से थ्रिलर की गति को तोड़ते हैं। जब फिल्म श्याम और परशुराम के बीच आमने-सामने का खेल शुरू करती है, तब इसका असर बेहतर होता है। श्याम की सुनने और सूंघने की क्षमता को कहानी में इस्तेमाल करना भी दिलचस्प है। सिनेमैटोग्राफी फिल्म के मूड के साथ जाती है। मुंबई की ऊंची इमारतें, बंद गलियां और रात के दृश्य कहानी को जरूरी अंधेरा देते हैं। खासकर तनाव वाले सीन्स में कैमरा और साउंड मिलकर माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म के मजबूत हिस्सों में है। कई जगह संगीत से ज्यादा आवाजें और खामोशी तनाव पैदा करती हैं, जो श्याम के किरदार को देखते हुए फिल्म की कहानी के लिए बिल्कुल सही चुनाव है। बस एडिटिंग टेबल पर थोड़ी और सख्ती होती तो फिल्म ज्यादा चुस्त हो सकती थी। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? प्रीतम का म्यूजिक फिल्म के मूड को सपोर्ट करता है, लेकिन कोई गाना ऐसा नहीं है जो फिल्म खत्म होने के बाद भी कानों में घूमता रहे। ‘मेरे हीरो हैं’ भावनात्मक हिस्सों में ठीक बैठता है और ‘रंगियारा’ थोड़ा हल्कापन देता है। लेकिन इस फिल्म में असली काम गानों से ज्यादा बैकग्राउंड स्कोर करता है। ‘ओप्पम’ का असर: पुरानी कहानी, नया तड़का ‘हैवान’ प्रियदर्शन की ही मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का हिंदी रूपांतरण है। मूल फिल्म में मोहनलाल ने नेत्रहीन श्याम जैसे किरदार को निभाया था। यहां सैफ अपनी अलग छाप छोड़ने की कोशिश करते हैं और काफी हद तक सफल भी होते हैं। हिंदी संस्करण में एक्शन, इमोशन, कॉमेडी और स्टारडम का मसाला थोड़ा ज्यादा है। यही इसे ‘ओप्पम’ से अलग बनाता है, लेकिन कभी-कभी यही मसाला थ्रिलर की कसावट कम भी करता है। फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं? ‘हैवान’ में आइडिया है, बड़े सितारे हैं और प्रियदर्शन का अलग अंदाज भी। सैफ का शांत श्याम और अक्षय का बेचैन परशुराम आमने-सामने आते हैं तो फिल्म में असली मजा शुरू होता है। समस्या सिर्फ इतनी है कि जिस थ्रिल के लिए दर्शक टिकट खरीदता है, फिल्म उसे थोड़ा इंतजार करवाकर देती है। अगर आपको डार्क थ्रिलर में थोड़ा मसाला, इमोशन और कॉमेडी पसंद है तो ‘हैवान’ आपको निराश नहीं करेगी। लेकिन अगर उम्मीद है कि फिल्म शुरू से आखिर तक सीट की पकड़ मजबूत रखेगी, तो मामला थोड़ा ढीला पड़ता है। कुल मिलाकर, ‘हैवान’ में काटने वाले दांत जरूर हैं, बस हमला थोड़ा देर से होता है।
एक्ट्रेस बिपाशा बसु को प्रोटीन पाउडर के नए खुले जार में छोटे-छोटे कीड़े मिले हैं। उन्होंने इसका वीडियो इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किया। बिपाशा ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के कमिश्नर तुकाराम मुंढे को टैग किया और मामले में दखल देने की अपील की। बिपाशा ने लिखा ड्रिंक के वीडियो के साथ लिखा है, ‘तुकाराम मुंढे आप ही हमारी एकमात्र उम्मीद हैं। ताकि हम जो भी चीजें खरीदें, उनमें खराब या मिलावटी सामान न मिले।’ वीडियो में बिपाशा ने अपनी उंगली पर एक छोटा सा कीड़ा दिखाया। उन्होंने कहा, ‘इस आइसोप्योर में छोटे-छोटे कीड़े भरे हुए हैं। बहुत ही छोटे कीड़े। यह नया डिब्बा है, जिसे हमने अभी खोला है।’ इसके बाद उन्होंने उंगली पर कीड़ा दिखाते हुए कहा, ‘ये रहे कीड़े, इसमें ऐसे ही कीड़े भरे हुए हैं।’ महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर लोगों का ध्यान बढ़ रहा है। तुकाराम मुंढे राज्यभर में फूड बिजनेस के खिलाफ कई तरह की जांच और कार्रवाई कर रहे हैं। श्वेता तिवारी ने डिलीवरी में कॉकरोच आने पर मांगी थी तुकाराम मुंढे से मदद श्वेता तिवारी ने हाल ही में ऑनलाइन एनर्जी ड्रिंक ऑर्डर की थी। जब ऑर्डर खोला गया, तो उसमें कॉकरोच मिलने से एक्ट्रेस घबरा गईं। एक्ट्रेस ने वीडियो जारी कर महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी कार्रवाई से चर्चा में बने हुए FDA ऑफिसर तुकाराम मुंढे से सवाल किया है। ऑफिशियल इंस्टाग्राम से शेयर किए गए वीडियो में श्वेता तिवारी ने कहा, ‘हमने इंस्टामार्ट से रेडबुल मंगवाया। लेकिन इंस्टामार्ट से हमारे घर में ये (कॉकरोच) भी आया। कॉकरोच पूरे घर में भाग रहा है।’ दूसरे वीडियो में श्वेता ने कॉकरोच दिखाया और कहा, ‘क्या हमें तुकाराम मुंढे जी को टैग करना चाहिए। मुंढे जी ये हमारे घर में इंस्टामार्ट से कॉकरोच आ रहे हैं। आप कहां हैं, ध्यान दीजिए।’ प्रीति जिंटा और ट्विंकल खन्ना ने भी बात रखी हाल ही में मुंबई में एक्ट्रेस प्रीति जिंटा को काली टी-शर्ट पहने देखा गया। इस टी-शर्ट पर ‘टीम तुकाराम मुंढे’ लिखा था। उनके इस कपड़े को अधिकारी के फूड सेफ्टी अभियान के समर्थन के तौर पर देखा गया। मुंढे की इंस्पेक्शन पर हो रही चर्चा को लेकर ट्विंकल खन्ना ने भी अपनी बात रखी थी। एक पोस्ट में एक्ट्रेस से लेखिका बनीं ट्विंकल ने लिखा, ‘क्या किसी सरकारी अधिकारी को बस अपना काम करते हुए देखना इतनी अनोखी बात है कि यह खबर बन गई है?’ सलमान खान ने भी दोस्त की तुकाराम मुंढे के नाम से फिरकी ली सलमान खान ने अपनी दोस्त सृष्टि साहनी के मुंबई के बांद्रा में खुले नए कैफे 'द टक शॉप एट सेवियोज' का वीडियो शेयर किया। साथ ही सलमान ने दोस्त को कैफे की हाइजीन बनाए रखने की मजाकिया अंदाज में चेतावनी दी। सलमान ने लिखा, “सृष्टि मेरी कॉफी रिफिल करना प्लीज। कीमत मत बढ़ाना, क्वालिटी मेंटेन करना। हाइजीन मेंटेन रखना, वरना मैं HIM को भेज दूंगा और काम हो जाएगा, बहन।” सलमान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन “HIM” का इशारा महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे की ओर माना जा रहा है। यह बात ऐसे समय में आई है, जब महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर कार्रवाई तेज है।
बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत को छह साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन यह मामला आज भी लगातार चर्चा में बना हुआ है। करणी सेना मुंबई के अध्यक्ष सुरजीत सिंह राठौड़ जयपुर आए। निकाय चुनाव में मतदान के लिए जयपुर पहुंचे राठौड़ ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े अपने दावों, कूपर अस्पताल की मॉर्च्युरी में उनके पार्थिव शरीर को देखने के दौरान सामने आई बातों, दिशा सालियान से जुड़े कथित कनेक्शन और मामले की जांच को लेकर अपनी मांगों पर बात की। राठौड़ का दावा है कि सुशांत के पार्थिव शरीर को देखने के दौरान मैंने शरीर पर कुछ ऐसी चीजें देखीं, जिन्हें लेकर मेरे मन में सवाल पैदा हुए। उनका कहना है कि मैंने उस समय पुलिस और संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी दी, लेकिन मेरा बयान दर्ज नहीं किया गया। मैं अब महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग से दोबारा जांच की मांग करूंगा। राठौड़ ने कहा- सुशांत के पार्थिव शरीर को देखकर उस समय रिया के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला- ‘सॉरी बाबू।’ सवाल: आखिर छह साल बाद सुशांत सिंह राजपूत केस को आप क्यों उठा रहे हैं? सुरजीत सिंह राठौड़: मेरे लिए यह सिर्फ एक मामला नहीं है। जब किसी परिवार को लगता है कि उसे न्याय नहीं मिला है तो उसकी आवाज उठाना जरूरी है। मैं 15 जून 2020 को कूपर अस्पताल पहुंचा था। वहां मैंने जो कुछ देखा, उसके बाद मेरे मन में कई सवाल पैदा हुए। मैंने उस समय भी अपनी बात रखी और आज भी उसी बात पर कायम हूं। मेरा कहना है कि अगर किसी व्यक्ति ने कोई गंभीर बात सामने रखी है तो कम से कम उसका बयान तो दर्ज होना चाहिए। मेरा बयान ही दर्ज नहीं किया गया। आज भी मैं चाहता हूं कि मेरी बात सुनी जाए और तथ्यों की दोबारा जांच हो। 15 जून 2020 को मैं कूपर अस्पताल पहुंचा था। वहां धोनी एंटरटेनमेंट के निर्माता संदीप सिंह भी आए थे। इसी दौरान रिया चक्रवर्ती वहां आईं और उन्होंने सुशांत के अंतिम दर्शन की इच्छा जताई। मॉर्च्युरी के स्टाफ से अनुमति लेने के बाद मैं और रिया अंदर गए। सुशांत का पार्थिव शरीर डीप फ्रीजर से बाहर निकाला गया। मैंने उनके चेहरे से कपड़ा हटाया। उस समय रिया के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला- ‘सॉरी बाबू।’ मैं उस समय हैरान हुआ कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। मेरे मन में सवाल आया कि आखिर वह किस बात के लिए माफी मांग रही थीं? हालांकि यह उनकी व्यक्तिगत भावना हो सकती है और इसका अर्थ मैं निश्चित तौर पर नहीं बता सकता। उस वक्त मेरे मन में यह बात जरूर आई थी। जब हम मॉर्च्युरी से बाहर आए तो रिया की मां, पिता और भाई अंदर जाना चाहते थे, लेकिन मॉर्च्युरी स्टाफ ने उन्हें अनुमति नहीं दी। इसके बाद वे वहां से चले गए। बाद में एक चैनल के माध्यम से रिया की ओर से यह कहा गया कि उन्होंने मॉर्च्युरी के अंदर सुशांत को नहीं देखा था। मेरा कहना है कि मैं उनके साथ अंदर गया था, इसलिए इस बात को लेकर मेरे मन में सवाल है। सवाल: महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग को लेकर भी आपने सवाल उठाए हैं। अब आपने दोबारा पत्र क्यों लिखा? सुरजीत सिंह राठौड़: मैंने वर्तमान महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को पत्र और ई-मेल भेजकर दोबारा अपनी बात रखी है। मेरी मांग है कि मेरे बयान को दर्ज किया जाए और यह देखा जाए कि उस समय कूपर अस्पताल और रिया चक्रवर्ती को किस आधार पर क्लीन चिट दी गई थी। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि अगर मैं उस घटना का प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा कर रहा था तो मेरा बयान क्यों नहीं लिया गया? कम से कम मुझे बुलाकर पूछा तो जाता कि आपने क्या देखा था। सवाल: आप सुशांत और दिशा सालियान की मौत के बीच कनेक्शन की बात भी करते हैं। आपका आधार क्या है? सुरजीत सिंह राठौड़: मेरा मानना है कि दोनों घटनाओं की कड़ियों को भी जांच के दायरे में देखा जाना चाहिए। सुशांत और दिशा दोनों दोस्त थे। सुशांत को दिशा से जुड़ी कुछ बातें पता थीं और वे इसको लेकर नाराज थे। इसमें आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली और डीनो मोरिया से दिशा परेशान थी। इस पर सुशांत भी इन सभी से नाराज थे। मेरा दावा है कि सुशांत ने कुछ लोगों के सामने इस मामले को उठाने की बात कही थी। मुझे लगता है कि इन दोनों मामलों के बीच जो भी तथ्यात्मक कड़ियां हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मैं चाहता हूं कि जांच एजेंसी सभी तथ्यों को सामने रखे और जो सच है, वह देश के सामने आए। मैंने पहले भी कुछ लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसी को ही निकालना चाहिए। अगर कोई साजिश थी तो उसका पता लगाया जाना चाहिए और अगर नहीं थी तो यह भी स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए कि सुशांत की मौत से जुड़े हर सवाल का जवाब क्या है। सवाल: आपकी सुशांत से व्यक्तिगत मुलाकात कितनी थी? सुरजीत सिंह राठौड़: मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरी सुशांत से कोई गहरी व्यक्तिगत दोस्ती नहीं थी। मुंबई में फिल्म प्रीमियर और दूसरे कार्यक्रमों में एक-दो बार मुलाकात हुई थी। एक प्रोजेक्ट को लेकर फोन पर भी बातचीत हुई थी। जब फिल्म पद्मावत को लेकर राजस्थान में आंदोलन चल रहा था। उस समय सुशांत ने राजपूत समाज को लेकर कुछ बयान दिए थे। बाद में उन्होंने अपने नाम से सरनेम भी हटाया था। तब मैंने उन्हें फोन करके कहा था कि आप अपना काम कीजिए। इस मामले में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने मुझसे कहा था कि वे फिल्म इंडस्ट्री में हैं और कई बार इंडस्ट्री में रहकर कुछ बातें समझनी पड़ती हैं। सवाल: अब आप सुशांत सिंह राजपूत पर फिल्म बनाने की तैयारी भी कर रहे हैं। इसकी वजह क्या है? सुरजीत सिंह राठौड़: हां, हम सुशांत पर फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं। अभी इसकी स्टोरी पर काम चल रहा है। इस फिल्म का मेरा उद्देश्य पैसा कमाना नहीं है। मैं चाहता हूं कि इस पूरे मामले में जो सवाल उठे, जो घटनाएं सामने आईं और मैंने जो कुछ देखा या जाना, उसे सिनेमा के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाए। हम जल्दबाजी नहीं करना चाहते। अगर हम वास्तविक घटनाओं पर फिल्म बना रहे हैं तो हर तथ्य को जिम्मेदारी से दिखाना जरूरी है, इसलिए पटकथा पर काफी काम किया जा रहा है। मैं दिखाना चाहता हूं कि सुशांत की जिंदगी में कौन-कौन लोग आए, उनके आसपास क्या घटनाएं हुईं और उनकी मौत के बाद किस तरह का घटनाक्रम सामने आया।
बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त मराठी बोलने से इनकार करने पर विवादों में हैं। वह कुछ समय पहले दही हांडी प्रोग्राम में पहुंचे थे, जहां शिवसेना नेता (शिंदे गुट) और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने उनसे मराठी में बात करने कहा था। संजय ने इनकार कर दिया और कहा कि वो 6 साल तक जेल में रहकर भी मराठी नहीं सीख सके। संजय के बयान पर विवाद हो गया, जिसके बाद अब उन्होंने मंत्री प्रताप सरनाईक को कॉल कर माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अच्छी मराठी आती है। गलत संदेश गया, तो माफी मांगता हूं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रताप सरनाईक एक बैठक में थे, तभी संजय दत्त का फोन आया। एक्टर ने बातचीत की शुरुआत मराठी में “प्रताप भाई, जय महाराष्ट्र” कहकर की। संजय दत्त ने सफाई देते हुए कहा कि ठाणे में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने यह बात मजाकिया अंदाज में कही थी। उन्होंने सरनाईक से कहा, “अगर मेरी बात से किसी की भावना आहत हुई हो या कोई गलत संदेश गया हो तो मैं माफी चाहता हूं। मेरा परिवार मुंबईकर है। मैं इसी मिट्टी में पला-बढ़ा हूं और महाराष्ट्र ने मुझे बहुत कुछ दिया है।” बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया फोन पर बातचीत के दौरान संजय दत्त ने शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कठिन दौर में बालासाहेब ठाकरे मजबूती से उनके साथ खड़े रहे थे। संजय दत्त ने कहा कि वह बालासाहेब ठाकरे के प्रति हमेशा सम्मान रखते हैं। जानिए क्या है पूरा विवाद? संजय दत्त रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में पहुंचे थे। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर प्रताप सरनाईक ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया 'एरोगेंट' संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने 'एरोगेंट' कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: 'धुरंधर' के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म 'धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।
पंजाबी सिंगर जस मानक और उनकी मंगेतर फैशन डिजाइनर कोमल तंवर की इंगेजमेंट का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में जस मानक अपनी मंगेतर पर नोट उड़ाते हुए दिख रहे हैं। जस मानक के इस स्टाइल की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। जस मानक और कोमल तंवर करीब 7 साल से दोस्त हैं। उनकी दोस्ती के बारे में किसी को पता नहीं था, लेकिन जून में पहली बार दोनों की फोटोज सामने आईं और जुलाई में इंगेजमेंट हुई। इंगेजमेंट के प्रोग्राम को भी प्राइवेट रखा गया। अब इंगेजमेंट की फोटो जस मानक ने इंस्टाग्राम पर शेयर की थी, लेकिन उस फंक्शन के वीडियो अब सामने आ रहे हैं। अब उनके फेंस ने 10 सितंबर को वीडियो पोस्ट की हैं। जानिए VIDEO में क्या दिख रहा… कोमल डांस कर रही, नोट उड़ाते दिखे जस मानक इंगेजमेंट पार्टी के वीडियो में कोमल तंवर नारंगी-भूरे रंग का लहंगा पहनकर डांस करती नजर आ रही हैं। उनके पीछे जस मानक हाथ में ड्रिंक लिए खड़े दिखाई देते हैं। इसके बाद वे नोटों की गड्डी खोलकर कोमल तंवर पर नोट उड़ाते हैं। अपने ही ‘लहंगा’ सॉन्ग पर डांस पार्टी में जस मानक का ही ‘लहंगा’ सॉन्ग बज रहा था। इसी गाने पर जस मानक नोट उड़ाने के बाद कोमल के साथ डांस करते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में पार्टी में गिने-चुने मेहमान ही नजर आ रहे हैं। जस मानक ने कब और कैसे रिलेशन ओपन किया, जानिए...
एक मिट्टी के घर से निकला लड़का, परिवार पर जिम्मेदारियों का बोझ, खेत गिरवी और पेट भरने के लिए 12 लोगों के बीच एक खिचड़ी। फिर मुंबई का सफर, जहां वड़ा पाव और चाय के सहारे दिन गुजरे और 15 साल तक काम के बदले सम्मानजनक पैसे नहीं मिले। यही रवि किशन की उस जिंदगी की तस्वीर है, जिसे वे आज भी भूल नहीं पाए हैं। कभी काम पाने के लिए संघर्ष करने वाले रवि किशन ने भोजपुरी सिनेमा में स्टारडम हासिल किया, हिंदी फिल्मों और OTT में पहचान बनाई और अब राजनीति में भी सक्रिय हैं। 750 से ज्यादा फिल्मों का सफर तय कर चुके रवि किशन आज गोरखपुर से दूसरी बार लोकसभा सांसद हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में रवि किशन के जीवन और करियर से जुड़ी कुछ और खास बातें। मिट्टी के घर से शुरू हुई कहानी रवि किशन का जन्म 17 जुलाई 1969 को मुंबई (तब बॉम्बे) में हुआ, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण उनका बचपन उत्तर प्रदेश के जौनपुर में बीता। परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था। खेत गिरवी था और घर की जिम्मेदारियां बढ़ती जा रही थीं। बाद में अभिनय को अपना सपना बनाकर उन्होंने मुंबई का रुख किया। रवि किशन ने अपने संघर्ष को याद करते हुए बताया है कि उनका परिवार बेहद गरीबी में रहा। एक समय ऐसा था जब 12 लोगों के लिए एक ही खिचड़ी बनती थी और उसमें पेट भरने के लिए पानी मिला दिया जाता था। शुभांकर मिश्रा से बातचीत में रवि किशन ने कहा था- घनघोर गरीबी देखी। हम लोग घनघोर गरीबी वाले। एक ही खिचड़ी बन रही है, उसमें 12 लोग खा रहे हैं, पानी भर के।” उनके मुताबिक गरीबी सिर्फ आर्थिक स्थिति नहीं थी, बल्कि वह अनुभव उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बन गया। 17 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे रवि किशन को बचपन से एक्टिंग का शौक था। गांव में रामलीला में वो मां सीता का रोल निभाते थे और इसके लिए मां की साड़ी पहनते थे। जब उनके पुजारी पिता ने उन्हें सीता के रोल में देखा तो बेल्ट से बहुत मारा, जिससे उनकी चमड़ी छिल गई। इसके बाद मां ने डरकर 500 रुपए दिए और कहा कि बेटा भाग जा, नहीं तो आज मारा जाएगा। अपनी जान बचाने के लिए वो घर से भागे और ट्रेन पकड़कर मुंबई पहुंच गए। उस समय रवि 17 साल के थे। ‘लोग चलकर आते हैं, मैं रेंग कर आया हूं’ मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री की चमक के पीछे का संघर्ष उन्होंने करीब से देखा। यहां न कोई बड़ा फिल्मी बैकग्राउंड था, न मजबूत आर्थिक सहारा और न ही इंडस्ट्री में पहचान। रवि किशन कहते हैं- लोग चलकर आते हैं, मैं रेंगकर आया हूं। जब मैं मुंबई आया था, तब ये बंबई हुआ करता था। पापा मेरे ऐक्टिंग करियर के खिलाफ थे। वे कहते थे- 'नचनिया बनबे का रे'। वे चाहते थे कि मैं खेती करूं, सरकारी नौकरी करूं या दूध बेचूं। लेकिन मुझे इन चीजों में दिल नहीं लगता था। मुझे बस डांस में मजा आता था। ये मेरा गॉड गिफ्ट था। मैं इसी राह पर चलता गया। इसमें बहुत वक्त लगा। हिंदी सिनेमा में काम मिला, लेकिन पहचान नहीं रवि किशन ने 1990 के दशक में हिंदी फिल्मों से अभिनय करियर की शुरुआत की। ‘पीतांबर’ आग का तूफान', 'रानी और महारानी', 'जख्मी दिल', 'उधार की जिंदगी,' आतंक, कोई किसी से कम नहीं, अग्नि मोर्चा जैसी फिल्में कीं। लेकिन इन फिल्मों से न तो खास पहचान मिली, न सम्मानजनक मेहनताना। रवि किशन के मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री में करीब 15 साल तक उन्हें काम के बदले वह पैसा नहीं मिला, जिसे वे सम्मानजनक मेहनताना मानते थे। फिल्म 'तेरे नाम' से रवि किशन को मिली पहचान हिंदी फिल्मों में रवि किशन ने दर्शकों का ध्यान तब खींचा, जब वो फिल्म ‘तेरे नाम’ में पंडित रमेश्वर के रोल में नजर आए थे। रवि किशन ने बताया था कि यह फिल्म उन्हें कैसे मिली। एक बार वे नितिन मनमोहन के ऑफिस में डायरेक्टर सतीश कौशिक से मिले। सतीश कौशिक ने कहा था कि उन्हें ऐसा लड़का चाहिए जो पंडित का किरदार निभाए और भूमिका चावला का मंगेतर बने। रवि किशन ने बिना देर किए हामी भर दी। उन्होंने बताया था कि सतीश कौशिक ने बाल कटवाने को कहा तो भी वे तुरंत तैयार हो गए। ‘तेरे नाम’ के लिए रवि किशन को नेशनल अवॉर्ड का नॉमिनेशन मिला था। बार-बार अपमानित होना पड़ता था लेकिन लगातार काम मिलने के बावजूद रवि किशन को वह पहचान नहीं मिल रही थी, जिसकी उन्हें तलाश थी। यही वह दौर था जब एक अभिनेता के तौर पर खुद को साबित करने के साथ-साथ उन्हें समझना पड़ा कि इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए सिर्फ प्रतिभा काफी नहीं होती। भाषा, बैकग्राउंड, पहचान और मौके भी मायने रखते हैं। रवि किशन ने अपने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हजारों बार अपमान झेला है। रवि किशन कहते हैं- “लोग एक-दो बार ह्यूमिलिएट होते हैं, मैं हजारों बार हुआ हूं। ये सब अद्भुत है जीवन का रंग। भोजपुरी सिनेमा ने बदल दी जिंदगी हिंदी फिल्मों में लंबे संघर्ष के बाद रवि किशन को भोजपुरी सिनेमा में बड़ा मौका मिला। 2003 में उन्होंने मोहनजी प्रसाद की फिल्म 'सैयां हमार’ से भोजपुरी सिनेमा में कदम रखा। हालांकि, शुरुआत में वे इस इंडस्ट्री को लेकर आश्वस्त नहीं थे, लेकिन परिवार के प्रोत्साहन ने उन्हें भोजपुरी फिल्मों की ओर जाने के लिए तैयार किया। यही फैसला उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना। भोजपुरी सिनेमा में उन्हें ऐसा दर्शक मिला, जिसने उन्हें स्टार बना दिया। वे लगातार फिल्मों में नजर आने लगे और उनकी लोकप्रियता उत्तर भारत के बड़े हिस्से तक पहुंच गई। खुद रवि किशन के मुताबिक, एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगातार फिल्मों के ऑफर मिलने लगे और वे एक दिन में कई फिल्मों की शूटिंग तक करते थे। जिस अभिनेता को हिंदी सिनेमा में लंबे समय तक पहचान के लिए इंतजार करना पड़ा था, वही भोजपुरी सिनेमा में बड़ा नाम बन गया। यहीं से उनके करियर का दूसरा अध्याय शुरू हुआ। भोजपुरी स्टार से मल्टी-लैंग्वेज अभिनेता भोजपुरी में स्टार बनने के बाद रवि किशन ने खुद को सिर्फ एक भाषा की फिल्मों तक सीमित नहीं रखा। हिंदी के साथ उन्होंने तेलुगु, तमिल और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया। ‘फिर हेरा फेरी’, ‘वेलकम टू सज्जनपुर’, ‘रावण’, ‘तनु वेड्स मनु’, ‘बुलेट राजा’, ‘मुक्केबाज’, ‘बटला हाउस’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार नजर आए। हिंदी फिल्मों के अलावा रवि ने ‘रेस गुर्रम’, ‘ओक्का अम्मई तप्पा’, ‘साक्ष्यम’, ‘हेब्बुली’, ‘स्केच’ जैसी कई साउथ की फिल्मों में काम किया। रवि के करियर की खासियत यही रही कि उन्होंने सिर्फ हीरो बनने पर जोर नहीं दिया। उन्होंने सपोर्टिंग रोल, विलेन और कैरेक्टर रोल भी स्वीकार किए। यही वजह है कि समय के साथ उनकी पहचान सिर्फ भोजपुरी स्टार की नहीं रही, बल्कि ऐसे अभिनेता की बनी जो किसी भी किरदार में अपनी छाप छोड़ सकता है। टीवी और OTT ने दिखाई अभिनय की नई रेंज फिल्मों के साथ रवि किशन ने टीवी और ओटीटी पर भी काम किया। रंगबाज़, हसमुख, मत्स्य कांड, द व्हिसलब्लोअर, खाकी: द बिहार चैप्टर और मामला लीगल है जैसे प्रोजेक्ट्स ने उनके अभिनय के अलग-अलग रंग दिखाए। खासकर मामला लीगल है में वीडी त्यागी के किरदार ने उन्हें डिजिटल दर्शकों के बीच मजबूत पहचान दी। इसके बाद लापता लेडीज में पुलिस अधिकारी श्याम मनोहर के किरदार ने उनके अभिनय की नई रेंज सामने रखी। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से सराहना मिली और रवि किशन के प्रदर्शन की खूब चर्चा हुई। जिस अभिनेता का करियर कभी सिर्फ भोजपुरी स्टार के तौर पर देखा जाता था, उसने धीरे-धीरे खुद को हिंदी सिनेमा और ओटीटी के मजबूत कैरेक्टर आर्टिस्ट के तौर पर स्थापित किया। 750 से ज्यादा फिल्मों का सफर रवि किशन के करियर का सबसे बड़ा आंकड़ा उनकी फिल्मों की संख्या है। वे कई भाषाओं में 750 से ज्यादा फिल्मों में काम करने का दावा करते हैं और उनकी फिल्मोग्राफी में हिंदी, भोजपुरी के अलावा तेलुगु, तमिल और कन्नड़ सिनेमा भी शामिल है। लेकिन उनके लिए सफलता सिर्फ फिल्मों की संख्या नहीं है। उनकी कहानी का सबसे अहम हिस्सा यह है कि उन्होंने असफलता, रिजेक्शन और आर्थिक संघर्ष के बावजूद काम करना नहीं छोड़ा। जिस दौर में काम के बावजूद उनके पास पर्याप्त पैसा नहीं था और जिस दौर में एक फिल्म के किरदार के लिए उनकी तारीफ हुई, इन दोनों के बीच उन्होंने खुद को लगातार बदला। गरीबी आज भी रवि किशन के साथ है रवि किशन की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि करोड़ों की संपत्ति, स्टारडम और सांसद बनने के बाद भी उनके अंदर का संघर्षरत लड़का पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। वे बताते हैं कि आज भी सेवन स्टार होटल में जाने पर महंगा खाना ऑर्डर करने में उन्हें संकोच होता है। वे खिचड़ी खाना पसंद करते हैं। यहां तक कि कपड़े लॉन्ड्री में देने में भी उन्हें हिचक होती है। रवि किशन कहते हैं- “अभी भी सेवन स्टार होटल में जाता हूं, तो मैं अच्छा भोजन ऑर्डर नहीं करता, अभी भी खिचड़ी ऑर्डर करता हूं।” वे बताते हैं कि खुद पर खर्च करने की तुलना में परिवार पर खर्च करने में उन्हें ज्यादा खुशी मिलती है। पत्नी और बच्चे उनके लिए फोन, कपड़े और जूते जैसी चीजें खरीदते हैं, जबकि वे परिवार की जरूरतों और इच्छाओं पर खुलकर खर्च करते हैं। उनके शब्दों में, गरीबी से वे बाहर निकल गए, लेकिन गरीबी की मानसिकता आज भी उनके भीतर कहीं मौजूद है। अपमान को कमजोरी नहीं, ताकत बनाया रवि किशन की सफलता में एक और चीज अहम रही- उन्होंने अपने संघर्ष को लेकर कड़वाहट नहीं रखी। वे मानते हैं कि जिंदगी में मिले अपमान और रिजेक्शन ने उन्हें मजबूत बनाया। उनके मुताबिक, छोटी उम्र में संघर्ष इंसान को जल्दी परिपक्व करता है। वे कहते हैं- “कच्ची उम्र में बेइज्जती भी सही होती है। बड़ा मजबूत बना देती है, परिपक्व कर देती है। जो संघर्ष नहीं देखता, वो बाद में कहीं न कहीं पैनिक कर जाता है।” यही सोच उनके करियर में दिखाई देती है। उन्होंने अपने खिलाफ जाने वाली परिस्थितियों को अपनी पहचान बनने नहीं दिया। हिंदी में सीमित मौके मिले तो भोजपुरी में गए, वहां स्टार बने तो वापस हिंदी और दूसरी भाषाओं की फिल्मों में अपनी जगह बनाई। OTT आया तो वहां भी नए किरदार स्वीकार किए। राजनीति में एंट्री, पहली हार और फिर वापसी फिल्मों में सफलता के बाद रवि किशन ने राजनीति में कदम रखा। 2014 में कांग्रेस के टिकट पर जौनपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सिर्फ करीब 4.25% वोट मिले और हार का सामना करना पड़ा। फरवरी 2017 में बीजेपी में शामिल होने के बाद 2019 में गोरखपुर से चुनाव लड़ा और बड़ी जीत के साथ पहली बार लोकसभा पहुंचे। 2024 में उन्होंने सपा की काजल निषाद को हराकर लगातार दूसरी बार गोरखपुर सीट जीती। आज भी किरदारों की तलाश जारी रवि किशन की कहानी गरीबी, रिजेक्शन और संघर्ष से निकलकर भोजपुरी सिनेमा, बॉलीवुड, OTT और संसद तक पहुंचने की है। आज वे ‘लापता लेडीज’ के श्याम मनोहर, ‘मामला लीगल है’ के वीडी त्यागी और ‘मिर्जापुर- द मूवी’ के बाब्बन बाबुआ जैसे अलग-अलग किरदारों से दर्शकों के बीच मौजूद हैं। जिस अभिनेता ने कभी वड़ा पाव और चाय पर दिन गुजारे, उसने अपने संघर्ष और अपमान को कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया। _____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. पैसे बचाने के लिए पैदल चलती थीं हुमा कुरैशी:पीजी में रहीं; 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में ₹65,000 मिले, हिट के बाद भी स्ट्रगल करना पड़ा दिल्ली की हुमा कुरैशी ने एक्टिंग को करियर बनाने के लिए परिवार को मनाने में महीनों लगाए। मुंबई पहुंचीं तो न गॉडफादर था, न फिल्मी लॉन्च। छोटे से पीजी में चार लड़कियों के साथ रहकर ऑडिशन देने वाली हुमा ने विज्ञापनों से शुरुआत की। शाहरुख खान और आमिर खान जैसे सितारों के साथ विज्ञापन किए। पूरी खबर पढ़ें..
Hanuman Ansh Collection: विशाल चतुर्वेदी की फिल्म हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने अपनी 35वें दिन की कमाई से कई बड़ी फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है।
कॉमेडियन समय रैना का नाम पिछले कुछ दिनों से कॉमेडियन शेरोन वर्मा से जुड़ रहा है। इंडियाज गॉट लेटेंट के पहले सीजन में बतौर कंटेस्टेंट पहुंचीं शेरोन लेटेंट सीजन 2 के हालिया रिलीज एपिसोड में पेनलिस्ट बनकर आईं। तभी दावा किया गया कि एपिसोड की शूटिंग खत्म होने के बाद भी समय रैना वहीं बैठे घंटों शेरोन से बात करते रहे। इसके बाद से ही दोनों के लिंक-अप की खबरें तेज हो गईं। अब समय ने खुद इस पर रिएक्शन दिया है। समय रैना ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन रखा। इसमें एक यूजर ने पूछा- क्या आप शेरोन वर्मा को डेट कर रहे हैं। जवाब में समय ने लिंक-अप की खबरों को खारिज करते हुए कहा, “नहीं भाई, बस इंटरनेट अपना काम कर रहा है।” शेरोन से जुड़ी अफवाह कैसे शुरू हुई? हाल ही के एक एपिसोड में शेरोन, ओरी और अर्चना पूरन सिंह के साथ पैनलिस्ट के तौर पर नजर आईं। शो में समय, शेरोन से मस्ती मजाक करते दिखे। दोनों की मजेदार बातचीत और नजरें मिलने के बाद फैंस ने इंस्टाग्राम पर रोमांटिक एडिट बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों के डेटिंग करने की अफवाहें फैल गईं। एक्ट्रेस मेधा शंकर से भी जुड़ा नाम शेरोन वर्मा से पहले समय का नाम पहले ‘12th फेल’ की एक्ट्रेस मेधा शंकर से भी जोड़ा जा चुका है। शो में मेधा को अपनी सबसे अच्छी दोस्त बताने और उनके साथ नरम व्यवहार करने पर डेटिंग की अटकलें शुरू हुई थीं। ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का पहला सीजन विवादों में रहा पिछले साल फरवरी में समय रैना का शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ का पहला सीजन विवादों में घिर गया था। शो में रणवीर इलाहाबादिया ने माता-पिता को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। जिसके बाद समय रैना समेत शो से जुड़े तमाम लोगों के खिलाफ देशभर में कई शिकायतें दर्ज हुईं। मामला कोर्ट तक पहुंचा और समय रैना को शो के सभी एपिसोड हटाने पड़े। समय ने लंबे समय तक कोई कंटेंट पोस्ट नहीं किया। 15 अगस्त को दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट के केस में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना समेत पांच के खिलाफ दर्ज केस रद्द कर दिए।सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांगों के जागरूकता लाने की कोशिशों पर इन कॉमेडियंस की तारीफ की। अदालत ने दिव्यांगों और स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA) जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए चेस टूर्नामेंट कराने पर कहा कि ये प्रतिभाशाली युवा हैं। स्टिल अलाइव से समय रैना ने किया कमबैक, लेटेंट 2 भी शुरू विवाद के बाद समय रैना ने 17 अप्रैल 2026 को स्टैंड-अप कॉमेडी शो स्टिल अलाइव से कमबैक किया। शो में उन्होंने विवाद और केस पर बात की। शो के बीच में समय भावुक भी हो गए। इस वीडियो को उनके यूट्यूब चैनल पर 71 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। जून 2026 में नेटफ्लिक्स ने इंडियाज गॉट लेटेंट 2 की घोषणा की। 20 जून 2026 में नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर एक साथ लेटेंट 2 का पहला एपिसोड स्ट्रीम किया गया, जिसमें आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर पैनल गेस्ट पहुंचीं। पहले ही एपिसोड को सिर्फ यूट्यूब में 65 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले। आगे शो में करण औजला, कीकू शारदा, चंदन प्रभाकर, राघव जुयाल, बादशाह, अर्चना पूरन सिंह, ओरी, राखी सावंत, अश्नीर ग्रोवर जैसे कई सेलेब्स पहुंच रहे हैं। ये शो लगातार ट्रेंड में है।
एक्ट्रेस मन्नारा चोपड़ा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स एक्ट्रेस पर जमकर चिल्लाता नजर आया था। शख्स ने मन्नारा को धमकी दी कि अगर उन्होंने कार ठीक तरह पार्क नहीं की, तो वो उसे पंचर कर देगा। इस विवाद पर अब एक्ट्रेस ने सफाई दी है। यह घटना मुंबई की एक कमर्शियल बिल्डिंग की पार्किंग में हुई। वायरल वीडियो में देखा गया कि मन्नारा चोपड़ा अपनी टीम के साथ एक ऑफिस में एंटर कर रही थीं, तभी एक शख्स उनके पीछे आकर चिल्लाने लगा। एक्ट्रेस उस शख्स को नजरअंदाज करती रहीं, लेकिन वो चिल्लाते हुए उन्हें धमकी देने लगा। पैपराजी की भीड़ के बीच मन्नारा काफी असहज दिखी थीं। वीडियो वायरल होने के बाद मन्नारा को जमकर ट्रोल भी किया गया। अब एक्ट्रेस ने विवाद पर सफाई देते हुए एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने बताया है कि वह एक ब्रांड के ऑफिस में शूट के लिए गई थीं और बिल्डिंग के गार्ड के कहने पर उन्होंने अपनी कार पार्क की थी। वो अंदर जा रही थीं, तभी एक अंकल ने उन पर चिल्लाना शुरू कर दिया। मन्नारा ने कहा, “मैंने देखा कि एक रैंडम अंकल चिल्ला रहे थे। जब भी कोई मुझ पर चिल्लाता है, तो मेरी हार्टबीट अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। मैं डर गई। एक तो वहां पैपराजी थे।” गंदी तरह बात कर रहे थे- मन्नारा मन्नारा ने आगे कहा, वो अंकल बहुत गंदी तरह बात कर रहे थे, गार्ड से और सब से। मुझे नहीं पता ऐसे लोगों को उनके घरवाले कैसे झेलते होंगे। उन्होंने वहां पैप्स को देखा और फुटेज लेने के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। ये बहुत दुखद और अपमानजनक था। अंकल प्लीज तमीज से रहिए। जिस तरह आप बोलते हैं, हम नहीं बोल सकते। इस तरह अगर आप घर पर भी बात करते हैं, अगर आपकी बेटी है बेटा है, तो वो घर छोड़कर भाग जाएंगे। आपको पता होना चाहिए कि कैसे बिहेव करना है, खासकर तब जब 50 लोग वहां खड़े हैं। वीडियो के चलते ट्रोल हुईं मन्नारा पार्किंग विवाद का वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने मन्नारा के बिहेव की आलोचना की। एक कमेंट में लिखा था, ‘अगर आपने अपनी कार गलत जगह पर खड़ी की है, तो अंकल का कहना सही है।’ कमेंट में आगे लिखा था, ‘चाहे आप सेलिब्रिटी हों या आम इंसान, नियम सभी के लिए एक जैसे होने चाहिए।’ एक अन्य कमेंट में लिखा था, ‘ये सेलिब्रिटीज हद से ज्यादा करते हैं। वे आम लोगों का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखते।’
साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म सैयारा से स्टार बनीं अनीत पड्डा अब सीरीज हुंकार में नजर आने वाली हैं। आज इस सीरीज का ट्रेलर रिलीज किया गया है। ट्रेलर लॉन्च इवेंट मुंबई में हुआ, जहां सीरीज की पूरी स्टारकास्ट मौजूद रही, हालांकि इस दौरान अन्य सेलेब्स की मौजूदगी से ज्यादा अनीत पड्डा की एक स्पीच ने हर किसी का ध्यान खींच लिया। इवेंट में शोर के बीच अनीत पड्डा ने सीरीज और उसकी कहानी से जुड़ी एक इंटेंस स्पीच दी। जैसे ही अनीत ने बोलना शुरू किया, वैसे ही इवेंट का शोर सन्नाटे में तब्दील हो गया। स्पीच सुनने के लिए कवर पर क्लिक कर वीडियो देखिए- अनीत पड्डा ट्रेलर लॉन्च पर मिनी ड्रेस पहने पहुंची। वहीं फातिमा सना शेख फॉर्मल लुक में नजर आईं। मंच पर दोनों की खास बॉन्डिंग दिखी। उनकी अपकमिंग सीरीज 25 सितंबर को जियो हॉटस्टार पर रिलीज होगी। हुंकार सीरीज के ट्रेलर के बारे में- सीरीज हुंकार में अनीत पड्डा के साथ फातिमा सना शेख और मोहम्मद जीशान अय्यूब नजर आएंगे। सीरीज 17 साल की मीनू रावत की कहानी है, जो प्रभावशाली धर्मगुरु ‘बापजी’ पर यौन शोषण का आरोप लगाती है। एक बड़े शख्स पर आरोप लगाने के बाद मीनू को किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, सीरीज की कहानी इसी के इर्द-गिर्द घूमेगी। देखिए ट्रेलर से अनीत पड्डा और स्टारकास्ट का लुक- जियोहॉटस्टार ने ट्रेलर साझा करते हुए X पर लिखा, “जब एक लड़की की आवाज टकराएगी समाज की भक्ति से, तो जीत किसकी होगी? सीरीज का निर्देशन करण डी कपाड़िया, नित्या मेहरा और हीराज मारफतिया ने किया है। इसमें रघुबीर यादव और राम कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं। ये अनीत पड्डा के करियर की तीसरी सीरीज अनीत पड्डा ने एड फिल्म्स से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद 2022 की फिल्म सलाम वेंकी से उन्होंने बॉलीवुड डेब्यू किया। आगे वह ओटीटी सीरीज बिग गर्ल डोन्ट क्राय और युवा सपनों का शहर जैसी सीरीज का हिस्सा रहीं। इन फिल्मों और सीरीज से अनीत को पहचान नहीं मिली। अनीत पड्डा 2025 में मोहित सुरी के निर्देशन की फिल्म सैयारा में अहान पांडे के साथ नजर आईं। माउथ पब्लिसिटी से फिल्म सुपरहिट साबित हुई। फिल्म के गाने जबरदस्त हिट रहे और अनीत को देश भर में पहचान मिल गई। ओटीटी सीरीज हुंकार के बाद अनीत पड्डा इसी साल रिलीज होने वाली मेडॉक हॉरर कॉमेडी फ्रैंचाइजी की फिल्म शक्ति शालिनी में नजर आने वाली हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ पर रोक लगाने की सलमान खान की याचिका पर प्रोड्यूसर से जवाब मांगा है। जस्टिस ज्योति सिंह ने प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील को दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। सलमान खान ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। यह फिल्म कथित तौर पर 1998 के काले हिरण शिकार मामले से प्रेरित है। 10 सितंबर को हुई सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्ममेकर्स की तरफ से आए वकील से पूछा कि ये फिल्म कब रिलीज होगी, हालांकि इसके जवाब में वकील ने कहा है कि फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं है। इसके कंटेंट को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलना बाकी है। सलमान की ओर से पेश सीनियर वकील रवि प्रकाश ने इस पर कहा, “वे खुद कह रहे हैं कि यह सितंबर में रिलीज होने वाली है।” इस पर कोर्ट ने कहा कि वह 2 हफ्तों के अंदर फिल्म रिलीज की डेट बताएं। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। सलमान के वकील ने OTT रिलीज पर भी आपत्ति जताई सुनवाई के दौरान सलमान खान के वकील ने कहा कि फिल्म को OTT पर रिलीज करने के लिए मेकर्स को किसी सर्टिफिकेशन की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने इस बात को भी रिकॉर्ड पर लिया। सलमान के वकील ने कहा, “मान लीजिए कि फिल्म रिलीज हो जाती है, तो इससे बहुत नुकसान होगा।” सलमान ने पहले भी दायर किया था केस सलमान खान ने पहले कई अनजान लोगों यानी जॉन डो के खिलाफ ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ का केस दायर किया था। याचिका में उन्होंने कहा कि फिल्म काला हिरण में दिखाए गए शख्स का हुलिया उनसे प्रेरित रखा गया है, जो उनके पर्सनालिटी राइट्स के विरुद्ध है। उन्होंने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। पिछले साल हाईकोर्ट ने सलमान के ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ केस की सुनवाई की थी। कोर्ट ने उनकी तस्वीर और शक्ल का इस्तेमाल करके बिना अनुमति बनाए गए सामान यानी मर्चेंडाइज पर रोक लगा दी थी। जुलाई में हाईकोर्ट ने मेकर्स को फिल्म के टीजर से जुड़े कई लिंक हटाने का आदेश दिया था। जानिए क्या है फिल्म से जुड़ा पूरा विवाद? 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए गए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट पहुंचे फिल्म काला हिरण के मेकर्स फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।
वेटरन एक्टर शरत सक्सेना की मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल में लम्बर स्पाइन (रीढ़ की हड्डी का निचला हिस्सा) की सीरियस सर्जरी होने वाली है। एक्टर ने बुधवार को बॉम्बे हॉस्पिटल से अपनी हेल्थ अपडेट शेयर की। शरत ने हॉस्पिटल में स्टैंडिंग MRI कराया। उन्होंने MRI मशीन के सामने की चार तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कीं। इनमें वह मशीन के सामने सीधे खड़े होकर बंधे नजर आए। सर्जरी से पहले की इस प्रक्रिया के बावजूद शरत कैमरे के सामने पॉजिटिव नजर आए। उन्होंने पोस्ट के साथ लिखा, “बॉम्बे हॉस्पिटल में लम्बर स्पाइन सर्जरी से पहले स्टैंडिंग MRI।” शरत सक्सेना की हेल्थ पर सेलेब्स ने दुआ की फैंस ने शरत की सेहत को लेकर चिंता जताई और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। वहीं, एक्टर की हेल्थ को लेकर कई सेलेब्स ने भी उनके जल्द ठीक होने की दुआ की। एक्टर सुधांशु पांडे ने लिखा, “महाकाल आपको आशीर्वाद दें।” डायरेक्टर राजीव राय ने शरत को शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “गुड लक और जल्द ठीक हों।” एक्ट्रेस टिस्का चोपड़ा ने लिखा, “ढेर सारा प्यार और दुआएं, शरत सर।” एक्टर अनूप सोनी ने भी कमेंट कर लिखा, “सर, जल्द ठीक हों।” कॉमेडियन अली असगर ने लिखा, “आपके जल्दी ठीक होने की कामना करता हूं।” शरत ने कमेंट सेक्शन में सभी का धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, “मुझे शुभकामनाएं देने वाले आप सभी लोगों का धन्यवाद। उम्मीद है कि मैं फिर ठीक से चल पाऊंगा और काम कर सकूंगा। आप सभी का धन्यवाद। शरत सक्सेना।” 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया शरत सक्सेना का हिंदी सिनेमा में कई दशकों का करियर रहा है। वह 250 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं। उन्होंने सहायक, चरित्र और विलेन के कई तरह के किरदार निभाए हैं। अलग-अलग दौर की कई लोकप्रिय फिल्मों में वह नजर आए उनकी फिल्मों में ‘मिस्टर इंडिया’, ‘त्रिदेव’, ‘घायल’, ‘खिलाड़ी’, ‘गुलाम’, ‘गुप्त: द हिडन ट्रुथ’, ‘डुप्लीकेट’, ‘सोल्जर’, ‘बागबान’, ‘फना’, ‘कृष’, और ‘बजरंगी भाईजान’ शामिल हैं। हाल ही में शरत सक्सेना अजय देवगन की फिल्म ‘सन ऑफ सरदार 2’ में नजर आए थे। 76 साल की आयु में भी शरत सक्सेना अपनी बेहतरीन फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग के लिए जाने जाते हैं। वो सोशल मीडिया पर अक्सर जिम में कसरत करते हुए अपने वीडियो शेयर करते रहते हैं। सुपरस्टार सलमान खान भी बहुत बड़े फैन हैं। पिछले साल कपिल शर्मा के शो में सलमान खान से पूछा गया था कि कोई ऐसा भी है जिसको देखकर आपको लगा कि जिम शुरू करना है? जिस पर सलमान खान ने कहा था, बहुत सारे ऐसे लोग हैं। जैसे कि धरम जी (धर्मेंद्र), दारा सिंह जी हैं, शरत सक्सेना... ये जो ओल्डर जनरेशन की बात करूं। रंजीत सर। डैनी। वे सभी बहुत, बहुत फिट हैं। लम्बर स्पाइन सर्जरी क्या होती है स्पाइन-हेल्थ और क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, लम्बर स्पाइन कमर के निचले हिस्से में मौजूद पांच वर्टिब्रा को कहा जाता है। ये वर्टिब्रा शरीर का वजन संभालने, चलने-फिरने में मदद करने और रीढ़ की जरूरी संरचनाओं की सुरक्षा करने का काम करते हैं। लम्बर स्पाइन सर्जरी में कमर के निचले हिस्से की संरचनाओं को ठीक करना, निकालना या उनमें बदलाव करना शामिल हो सकता है। यह सर्जरी किसी खास रीढ़ की समस्या के इलाज के लिए की जा सकती है। समस्या के आधार पर इससे नसों पर दबाव के कारण होने वाले दर्द, कमजोरी या सुन्नपन को कम करने में मदद मिल सकती है।
वेटरन स्क्रीनराइटर और लिरिसिस्ट सलीम खान को हिंदी सिनेमा में योगदान के लिए 62वें महाराष्ट्र स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स 2026 समारोह में सम्मानित किया गया। बुधवार को सेरेमनी का आयोजन हुआ, हालांकि सलीम खान खुद इसमें नहीं पहुंचे। उनकी ओर से हेलेन अवॉर्ड लेने पहुंचीं। तबीयत खराब होने के कयास पर हेलेन ने कहा है कि वो बिल्कुल ठीक हैं। वहीं रानी मुखर्जी को भी समारोह में अवॉर्ड मिला है। समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में हेलेन ने सलीम खान की सेहत का अपडेट दिया। हेलेन ने कहा, “मैं सलीम साहब के लिए यह अवॉर्ड पाकर आभारी हूं। उनकी सभी फिल्में मेरी पसंदीदा हैं। उनकी सेहत बहुत अच्छी है। वे बहुत मजबूत इंसान हैं। वह आप सभी, पूरे महाराष्ट्र और भारत के लोगों को शुभकामनाएं भेजते हैं।” सलीम खान की दूसरी पत्नी हैं हेलेन हेलेन और सलीम खान का प्रोफेशनल रिश्ता कई दशक पुराना है। दोनों ने 1963 की फिल्म ‘कबली खान’ में पहली बार साथ काम किया था। इस फिल्म में हेलेन ने फीमेल लीड रोल निभाया था। सलीम खान फिल्म में विलेन के किरदार में नजर आए थे। ‘डॉन’ के दौरान बढ़ी नजदीकियां दोनों 1978 में फिल्म ‘डॉन’ के दौरान फिर साथ आए। अमिताभ बच्चन स्टारर इस फिल्म की कहानी सलीम-जावेद की जोड़ी ने लिखी थी। फिल्म में हेलेन ने कामिनी का किरदार निभाया था। वह लोकप्रिय गाने ‘ये मेरा दिल यार का दीवाना’ में भी नजर आई थीं। ‘डॉन’ की शूटिंग के दौरान ही हेलेन और सलीम खान एक-दूसरे के करीब आए। दोनों ने 1981 में शादी कर ली। उस समय सलीम खान पहले से सलमा खान से शादीशुदा थे और उनके चार बच्चे थे। शुरुआत में इस रिश्ते को परिवार के विरोध का सामना करना पड़ा। हालांकि, समय के साथ हेलेन खान परिवार का अहम हिस्सा बन गईं। रानी मुखर्जी भी अवॉर्ड पाकर हुईं भावुक रानी मुखर्जी को 62वें महाराष्ट्र स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स 2026 समारोह में राज कपूर स्पेशल कंट्रीब्यूशन अवॉर्ड दिया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रानी मुखर्जी को यह पुरस्कार दिया। इस मौके पर सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार और फिल्म जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे। रानी ने महाराष्ट्र को बताया अपनी जन्मभूमि सम्मान स्वीकार करते हुए रानी ने महाराष्ट्र से अपने जुड़ाव के बारे में बात की। उन्होंने राज्य को अपने निजी और पेशेवर सफर का अहम हिस्सा बताया। रानी ने कहा, “मेरे लिए महाराष्ट्र सिर्फ एक राज्य नहीं है। महाराष्ट्र मेरी जन्मभूमि है। यह वह जगह है, जहां मैंने अपना करियर बनाया। यह मेरी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा है।” आगे उन्होंने कहा, मुंबई ने मुझे मेरी पहचान दी। इसने मुझे दर्शक दिए। इसने मुझे करियर दिया। मुंबई मेरा घर, मेरी सुरक्षित जगह और मेरी पूरी दुनिया रही है। इसलिए यह पुरस्कार मेरे दिल में खास जगह रखेगा। जब भी मैं इसे देखूंगी, मुझे सिर्फ एक पुरस्कार नजर नहीं आएगा। मुझे अपनी मुंबई और अपना महाराष्ट्र नजर आएगा।” एक नजर सलीम खान के करियर पर- 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान 90 साल के हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। । वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर में गिने जाते हैं। सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग उनकी वास्तविक ताकत नहीं है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और संवाद लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। सलीम खान ने दो शादियां कीं पर्सनल लाइफ की बात करें तो सलीम खान ने दो शादियां कीं। उनकी पहली शादी 18 नवंबर 1964 को सलमा खान (पूर्व नाम सुषिला चरक) से हुई। इस शादी से उनके चार बच्चे सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान हुए। बाद में 1981 में सलीम खान ने एक्ट्रेस हेलन रिचर्डसन से शादी की। कुछ सालों बाद सलीम खान और हेलेन ने अर्पिता को गोद लिया। उनके बड़े बेटे सलमान खान हिंदी सिनेमा के सबसे टॉप एक्टर्स में गिने जाते हैं, जबकि अरबाज और सोहेल भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उनकी बेटी अलवीरा की शादी एक्टर-डायरेक्टर अतुल अग्निहोत्री से हुई, वहीं अर्पिता की शादी एक्टर आयुष शर्मा से हुई है।
एक्ट्रेस तृप्ति डिमरी और सिंगर एपी ढिल्लों बुधवार को अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित क्यूपर्टिनो पहुंचे। दोनों ने यहां आयोजित एपल के आईफोन 18 लॉन्च इवेंट में हिस्सा लिया। इस खास कार्यक्रम में तृप्ति और एपी ढिल्लों को नए आईफोन 18 प्रो मॉडल देखने का मौका मिला। इस दौरान एप्पल के सीईओ जॉन टर्नस ने दोनों से मुलाकात की। उन्होंने सेलेब्स को नए आईफोन के फीचर्स भी दिखाए। इवेंट में तृप्ति डिमरी रेड कोट और डेनिम में नजर आईं। वहीं एपी ढिल्लों ग्रे जैकेट में दिखाई दिए। तृप्ति डिमरी लाइव स्ट्रीमर आईशोस्पीड की लाइवस्ट्रीम में भी कुछ देर नजर आईं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में जॉन टर्नस को दोनों भारतीय कलाकारों से बातचीत करते देखा जा सकता है। इस दौरान उन्होंने नए आईफोन के बारे में भी जानकारी दी। एपल ने बुधवार रात लॉन्च इवेंट 'सरप्राइज एंड शाइन' में अपने पहले फोल्डेबल फोन आईफोन डुओ के साथ 6 डिवाइस लॉन्च किए। आईफोन डुओ में 5.4-इंच का कवर डिस्प्ले और अंदर 7.6-इंच की मेन स्क्रीन है, जो अब तक के किसी भी आईफोन का सबसे बड़ा डिस्प्ले है। आईफोन डुओ में पहली बार डुअल-बैटरी सिस्टम दिया गया है। इसमें फिजिकल सिम कार्ड नहीं लगेगा, यानी यह केवल ई-सिम पर चलेगा। डुओ एपल का अब तक का सबसे महंगा आईफोन है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 3 लाख रुपए है, जबकि टॉप मॉडल की कीमत 4.50 लाख रुपए तक जाती है। भारत में इसकी बुकिंग 16 अक्टूबर से और बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होगी। साथ ही एपल ने इस बार आईफोन 18 सीरीज में सिर्फ प्रीमियम मॉडल 18 प्रो और 18 प्रो मैक्स लॉन्च किए हैं। इनमें सबसे खास मेन कैमरा है, जिसमें प्रोफेशनल DSLR कैमरे वाली टेक्नॉलॉजी दी गई है। आईफोन 18 प्रो की शुरुआती कीमत 1,64,900 लाख रुपए और आईफोन 18 प्रो मैक्स की 1,79,900 रुपए है। इनकी बुकिंग 12 सितंबर से और बिक्री 18 सितंबर से शुरू होगी। इनके अलावा, इवेंट में एयरपॉड्स 5, एपल वॉच सीरीज 12 और वॉच अल्ट्रा 4 भी आए हैं। नए आईफोन्स के स्पेसिफिकेशंस और फीचर्स ग्राफिक्स में देखें... अब 3 तस्वीरों में देखें डुओ का लुक आईफोन 18 सीरीज के प्रीमियम फोन्स एपल Siri AI में 6 बड़े अपडेट्स एपल के नए वियरेबल डिवाइसेस ------------------- ये खबर भी पढ़ें… आईफोन में पहली बार DSLR कैमरा वाली तकनीक मिलेगी: एंड्रॉएड फोन से बेहतर इमेज क्वालिटी, जानें क्यों आईफोन के कैमरे पॉपुलर हैं एपल आज एनुअल इवेंट में अपने पहले फोल्डेबल फोन के साथ आईफोन 18 सीरीज के प्रीमियम मॉडल 18 प्रो और 18 प्रो मैक्स लॉन्च करने जा रही है। हर बार की तरह इस बार भी नए आईफोन पहले से ज्यादा एडवांस प्रोसेसर के साथ आएंगे, लेकिन इस बार कैमरे की बात ज्यादा की जा रही है। क्योंकि, आईफोन में पहली बार DSLR कैमरे में इस्तेमाल की जाने वाली वैरिएबल अपर्चर तकनीक देखने को मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…
कन्नड़ एक्टर किरण राज पर शेर ने नहीं किया हमला:वायरल वीडियो अपकमिंग प्रोजेक्ट की ट्रेनिंग का है
कन्नड़ एक्टर किरण राज ने बताया कि वायरल वीडियो में शेर ने उन पर हमला नहीं किया था। वह घायल भी नहीं हुए हैं। किरण ने बताया कि वायरल वीडियो एक अपकमिंग प्रोजेक्ट के लिए चल रहे नियंत्रित ट्रेनिंग सेशन का है और इस दौरान सभी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। किरण ने वीडियो मैसेज में कहा कि वीडियो के कैप्शन और बैकग्राउंड म्यूजिक से लोगों में डर और गलत जानकारी फैली। उन्होंने कहा, “मैं साफ करना चाहता हूं कि कैप्शन और बैकग्राउंड म्यूजिक से घबराहट और गलत जानकारी फैल रही है।” किरण ने बताया कि वह प्रोजेक्ट के लिए रॉकी नाम के शेर के साथ ट्रेनिंग ले रहे हैं। इसका मकसद शेर के आसपास सहज होना और उसके साथ काम करने की आदत डालना है। उन्होंने कहा, “फैक्ट यह है कि मैं प्रोजेक्ट के लिए रॉकी के साथ ट्रेनिंग कर रहा हूं। यहां माहौल बहुत सेफ है।” एक्टर के मुताबिक, ट्रेनिंग सेशन सुरक्षित माहौल में और जरूरी सावधानियों के साथ हो रहे हैं। इस दौरान रॉकी के साथ उनका रिश्ता भी बन गया है। किरण ने बताया कि रॉकी के साथ बने इस जुड़ाव से उन्हें शेर के करीब काम करते समय ज्यादा सहज महसूस करने में मदद मिली। पहले दिन रिकॉर्ड हुआ था वीडियो वायरल वीडियो किरण के ट्रेनिंग प्रोग्राम के पहले दिन रिकॉर्ड किया गया था। उस दिन वह रोजर और रॉकी नाम के शेरों के साथ बातचीत करना सीख रहे थे। किरण ने इंस्टाग्राम पर इस अनुभव की जानकारी शेयर की थी। उन्होंने बताया था कि उन्हें शेरों के आसपास व्यवहार करने और उनकी हरकतों व प्रतिक्रियाओं को समझने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। मूल वीडियो में किरण एक शेर के बहुत करीब खड़े दिखाई दे रहे थे। शेर उनकी ओर झपटता हुआ नजर आया, इसलिए सोशल मीडिया पर कई लोगों को लगा कि उन पर हमला हुआ और वह घायल हो गए। कौन हैं किरण राज? किरण राज ज्यादातर कन्नड़ टेलीविजन के साथ-साथ कन्नड़ फिल्मों में भी काम करते हैं। 5 जुलाई 1993 को जन्मे किरण राज ने अपने करियर की शुरुआत एक बैकग्राउंड डांसर के तौर पर की थी। वह 2010 से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। छोटे रोल से शुरुआत करके उन्होंने टेलीविजन पर अपनी जगह बनाई। किरण राज को सबसे ज्यादा लोकप्रियता कन्नड़ टेलीविजन शो ‘कन्नड़ती’ से मिली। 2020 से 2023 तक प्रसारित इस धारावाहिक में उन्होंने हर्ष कुमार का किरदार निभाया। उनकी एक्टिंग और पर्दे पर उनकी मौजूदगी को दर्शकों ने काफी पसंद किया। इस धारावाहिक ने उन्हें कन्नड़ टेलीविजन के चर्चित कलाकारों में शामिल कर दिया। टेलीविजन के साथ किरण ने फिल्मों में भी लगातार काम किया। उन्होंने ‘मार्च 22’, ‘असतोमा सद्गमय’, ‘जीवनाने नाटका सामी’, ‘बडीज’, ‘भरजरी गंडू’ और ‘मेघा’ जैसी फिल्मों में काम किया। साल 2024 में आई ‘रॉनी: द रूलर’ में उनके प्रदर्शन ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा में और ज्यादा चर्चा दिलाई। फिल्म में उन्होंने राघव और रॉनी की भूमिका निभाई। साल 2025 में किरण राज ने ‘कर्ण’ धारावाहिक में मुख्य भूमिका निभानी शुरू की। इस धारावाहिक में वह एक स्त्री रोग विशेषज्ञ का किरदार निभा रहे हैं। धारावाहिक को कन्नड़ टेलीविजन पर अच्छी दर्शक प्रतिक्रिया मिली और शुरुआती दौर में इसकी दर्शक संख्या भी मजबूत रही। वहीं, वह जल्द फिल्म ‘जॉकी 42’ में भी नजर आएंगे। साल 2025 में आयोजित जी कुुटुंब पुरस्कार समारोह में उन्हें ‘कर्ण’ के लिए लोकप्रिय अभिनेता और लोकप्रिय जोड़ी के पुरस्कार मिले। किरण राज सड़क हादसे में घायल हुए थे किरण राज आज से ठीक 2 साल पहले यानी 10 सितंबर 2024 को बेंगलुरु के केंगेरी के पास एक भीषण सड़क हादसे में घायल हो गए थे। यह दुर्घटना उस समय हुई, जब वह एक अनाथालय से लौट रहे थे। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कुछ समय के लिए आईसीयू में रखा गया था। जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय कार किरण राज की फिल्म ‘रॉनी: द रूलर’ के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर चला रहे थे और किरण पीछे की सीट पर बैठे थे। रास्ते में अचानक सांप आ जाने पर चालक ने कार को दाईं ओर मोड़ दिया। इससे मर्सिडीज कार असंतुलित होकर डिवाइडर से टकरा गई। घटना में किरण राज को छाती में चोट लगी और कुछ समय के लिए वह बेहोश हो गए थे। अस्पताल में उनकी एमआरआई समेत जरूरी जांच की गई थी। बाद में किरण राज ने सोशल मीडिया पर वीडियो मैसेज जारी कर फैंस को बताया था कि वह ठीक हैं और उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है।
सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।
ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी
धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

