लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी लगान में उनके साथ काम करने वाले अभिनेता यशपाल शर्मा ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए शेयर की। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने उनके निधन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे और बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत में अश्वत्थामा की भूमिका से की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में उन्होंने लगान, सरफरोश, गजनी, बैजू बावरा, आवारापन और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। वहीं, तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म 'चाइना टाउन', बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। यह खबर हम लगातार अपडेट कर रहे हैं…
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर प्रसारित हो रहे रियलिटी शो 'अलायंस' के नए एपिसोड में नजर आए। सलमान अपने भाई सोहेल खान का सपोर्ट करने शो के सेट पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने रैपर बाली के साथ बातचीत करते हुए सिंगर और रैपर बादशाह पर मजाकिया अंदाज में तंज कसा। बादशाह पर कसा तंज, बोले- क्या उन्हें खुद समझ आया शो के दौरान रैपर बाली ने सलमान खान के सामने अपना एक रैप सॉन्ग परफॉर्म किया। इस पर सलमान ने कहा कि रैप करते समय उनकी आवाज नॉर्मल बातचीत से काफी अलग लग रही है। जवाब में बाली ने बताया कि उन्हें वॉयस मॉड्यूलेशन सिंगर और रैपर बादशाह ने सिखाया है। बादशाह ने ही उन्हें कमर्शियल गाना गाने की सलाह दी थी। इस पर सलमान ने चुटकी लेते हुए कहा, क्या बादशाह को समझ आया कि उन्होंने क्या समझाया? जब बाली ने बादशाह का बचाव किया तो सलमान ने हंसते हुए दोहराया, लेकिन उसको भी तो समझ आना चाहिए कि वह क्या समझा रहा है। सोहेल की पूर्व पत्नी पर उठाए सवाल शो से जुड़ा एक नया प्रोमो भी सामने आया है, जिसमें सलमान सोहेल से पूछ रहे हैं कि क्या तुम अभी भी सीमा की बात सुनते हो। इसके बाद उन्होंने कहा- पता नहीं कहना चाहिए या नहीं। लेकिन मेरे महान भाई ने सारा कसूर अपने ऊपर ले लिया, लेकिन एक भाई के रूप में मैं जानता हूं कि इसने कितनी कोशिश की। मैं जानता हूं कि हमने क्या देखा है। पूरे समय ये अपने ऊपर चीजें लेता गया। बता दें कि सोहेल खान की पूर्व पत्नी सीमा सचदेह भी शो में बतौर वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट पहुंची थीं। जब शो में सीमा की एंट्री हुई, तब सोहेल ने उनकी तारीफ की थी। होस्ट कुणाल खेमू ने सोहेल से पूछा था कि सीमा को शो में देखकर उन्हें कैसा लग रहा है। इस पर सोहेल खान ने कहा था कि उन्होंने सीमा के साथ अपनी जिंदगी के 25 साल बिताए हैं। उन्होंने सीमा को एक खूबसूरत और अच्छे दिल वाली महिला बताया। सोहेल ने यह भी कहा था कि अगर उनके रिश्ते में कभी कोई गलती हुई होगी, तो वह उनकी तरफ से हुई होगी। जेल के दिनों को याद कर भावुक हुए सलमान इस दौरान सलमान खान ने अपने जेल के अनुभव पर भी बात की। उन्होंने सोहेल और दूसरे इनमेट्स से कहा, सालं पहले, जब मैं जेल गया था तो सामने सलाखें थीं। वहां एक साथ 50-60-60 के लिए एक बाथरूम था। इंडियन स्टाइल कमोड था, जहां छिपकली थी। वहां पूरे समय ऊपर तक गंदगी भरी होती थी। शो में सलमान ने सोहेल के वजन घटने पर सवाल किया। जब दूसरे कंटेस्टेंट्स ने बताया कि सोहेल ने 12 किलो वजन कम किया है, तो सलमान ने बताया कि उन्होंने भी 16 किलो वजन घटाया है। शो अलायंस के बारे में-
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की दोस्तऔर एक्ट्रेस तृषा कृष्णन पर अमर्यादित टिप्पणी करने के बाद डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन विवादों में घिर गए हैं। गायक चिन्मयी श्रीपदा और एक्ट्रेस खुशबू सुंदर ने इस टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे महिलाओं का अपमान बताया है। बढ़ते विवाद के बीच चेन्नई पुलिस ने मंगलवार को उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में ले लिया। हालांकि, अपनी सफाई में उदयनिधि ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के अलावा किसी का नाम नहीं लिया था। चिन्मयी बोलीं- राजनीति में महिलाओं को घसीटना बंद करेंगायक चिन्मयी श्रीपदा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर नेताओं की सोच पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि अगर राजनीति में शामिल पुरुष अपनी योजनाओं में उन महिलाओं को घसीटना बंद कर दें जिनका इनसे कोई लेना-देना नहीं है, तो यह बहुत बेहतर होगा। चिन्मयी ने आगे कहा कि शुरुआत में वे उदयनिधि की बात का मतलब नहीं समझ पाई थीं। बाद में जब किसी ने इसका अर्थ समझाया तो पता चला कि यह महिलाओं को निशाना बनाने वाली अभद्र भाषा थी। उन्होंने कहा कि युवा नेताओं से बेहतर व्यवहार की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने निराश किया। खुशबू सुंदर ने कहा- यह घटिया राजनीतिअभिनेत्री और बीजेपी नेता खुशबू सुंदर ने भी उदयनिधि स्टालिन के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस टिप्पणी को बेहद घटिया और शर्मनाक करार दिया। खुशबू ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के नाम पर महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की भाषा को सामान्य बनाना गलत है। उन्होंने मांग की कि उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा से सार्वजनिक तौर पर बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। भीड़ के नारे पर उदयनिधि ने की थी टिप्पणीयह पूरा विवाद तंजौर में आयोजित डीएमके के एक प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ। कावेरी जल विवाद पर मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय पर निशाना साधते हुए जब उदयनिधि भाषण दे रहे थे, तभी भीड़ में से कुछ लोगों ने 'तृषा-तृषा' के नारे लगाना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस पर उदयनिधि ने कहा, पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, वहां जरूर पहुंचना चाहिए। बाद में सफाई दी कि उनका इशारा कावेरी के पानी की ओर था। विवाद बढ़ने पर जब पुलिस ने उन्हें चेन्नई में हिरासत में लिया, तो उन्होंने इसे सरकार की 'बदले की कार्रवाई' बताया। सफाई में कहा- मैंने किसी का नाम नहीं लियापुलिस कस्टडी में लिए जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने खुद का बचाव किया। उन्होंने कहा, आप खुद तय कीजिए, आपने मेरा भाषण सुना है। क्या मैंने कुछ गलत कहा? क्या मैंने मुख्यमंत्री के अलावा किसी अन्य व्यक्ति का नाम लिया था? हालांकि, आलोचकों और विपक्षी नेताओं का कहना है कि उनकी टिप्पणी स्पष्ट रूप से अभिनेत्री तृषा और मुख्यमंत्री विजय से जुड़े सोशल मीडिया कयासों की तरफ इशारा कर रही थी।
रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' का पहला प्रोमो मेकर्स ने जारी कर दिया है। इसमें सलमान खान बतौर होस्ट वापसी करते नजर आ रहे हैं। प्रोमो में सलमान ने 'करण-अर्जुन' का जिक्र कर एक नया सस्पेंस खड़ा कर दिया है। यह नया सीजन 6 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। इसका प्रसारण हर दिन रात 9 बजे जियोहॉटस्टार पर और रात 10:30 बजे कलर्स टीवी पर किया जाएगा। इस बार फेस्टिव सीजन में बिग बॉस के सभी 6 भाषाओं वाले वर्जन एक साथ रिलीज किए जा रहे हैं। 'करण-अर्जुन' का जिक्र, शाहरुख के आने की अटकलेंजारी किए गए प्रोमो में सलमान खान एक घोड़े के साथ चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के अंत में वे कहते हैं, जो करण-अर्जुन में हुआ था, वह अब बिग बॉस में दोबारा होगा... तथास्टू! सलमान के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि ग्रैंड प्रीमियर पर शाहरुख खान भी सलमान के साथ नजर आ सकते हैं। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया जा रहा है कि इस सीजन में प्रतिभागी जोड़ियों में खेलेंगे या फिर शो में दो विजेता हो सकते हैं। 6 सितंबर से शुरू, सलमान बोले- प्रोमो में ही छिपा है हिंटशो के रिलीज शेड्यूल की पुष्टि करते हुए मेकर्स ने बताया कि यह 6 सितंबर से ऑन-एयर होगा। एक आधिकारिक बयान में सलमान खान ने कहा, बिग बॉस का हर सीजन एक नया गेम और अप्रत्याशित ट्विस्ट लेकर आता है। लेकिन इस सीजन के केंद्र में एक ऐसा रहस्य है, जो इसे पहले के सभी सीजनों से अलग बनाता है। इसका पहला हिंट प्रोमो में ही मौजूद है, जिसे आपको ध्यान से देखना होगा। सलमान की फीस घटने की चर्चाइस सीजन को लेकर यह खबरें भी सामने आ रही हैं कि सलमान खान शायद पूरा सीजन होस्ट न करें। बीते हफ्ते आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अभिनेता ने इस सीजन के लिए अपनी फीस 120 करोड़ रुपए से घटाकर 70 करोड़ रुपए कर दी है। हालांकि, मेकर्स या सलमान खान की टीम की तरफ से फीस में कटौती या होस्टिंग शेड्यूल को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इन बड़े चेहरों को किया गया अप्रोच'बिग बॉस 20' के लिए कई चर्चित सेलिब्रिटीज के नामों की चर्चा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्ट्रेस माही विज, गीता बसरा, जन्नत जुबैर, कॉमेडियन सुनील पाल, शोविक चक्रवर्ती, अर्जुन बिजलानी, राम कपूर, श्रेया कालरा और मिस्टर फैजू जैसे सितारों को अप्रोच किया गया है। फाइनल कंटेस्टेंट्स की लिस्ट शो के प्रीमियर से ठीक पहले जारी की जाएगी। इस बार मेकर्स ने हिंदी के साथ-साथ अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के सभी 6 सीजनों को एक साथ लाने की योजना बनाई है।
फिल्म 'बंटवारा 1947' की रिलीज से पहले सनी देओल अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए। पटना में फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को मौसी बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल किया। दरअसल सनी से सवाल किया गया कि यह मूवी, जो पाकिस्तान में शूट की गई है, तो आप पाकिस्तान को एक देश या माहौल के तौर पर कैसे देखते हैं? क्या आप कुछ बताना चाहेंगे? इस पर सनी ने बताया कि फिल्म की शूटिंग पाकिस्तान में नहीं हुई, बल्कि फिल्म हिंदुस्तान में ही शूट हुई है। उन्होंने आगे कहा, “हम कोई ऐसी बातें नहीं करते, क्योंकि पूरा देश एक ही था। जैसे पापा ने कहा था कि मेरी मां (भारत) तो वो मेरी मौसी (पाकिस्तान) है, जो आप लोग अच्छी तरह से समझते हैं। हम सब एक तरह से हैं, तो कहीं न कहीं से जुड़े हुए हैं।” सनी देओल के इस बयान पर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने उनके बयान की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, सनी देओल हर नए वीडियो से अपनी छवि को और नुकसान पहुंचा रहे हैं। दूसरे ने कहा, मुझे यह व्यक्ति बिल्कुल पसंद नहीं है। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “पूरे परिवार को बर्बाद करने वाली मौसी वाली बात सही है।” 'बंटवारा 1947' विभाजन की कहानी पर आधारित है बता दें कि सनी देओल की अपकमिंग फिल्म 'बंटवारा 1947' भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की कहानी हिंसा, विस्थापन और पारिवारिक संघर्ष से जूझ रहे एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में सनी देओल के साथ शबाना आजमी, प्रीति जिंटा, अली फजल और अभिमन्यु सिंह भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म की रिलीज से पहले सनी देओल रविवार देर शाम पटना में स्थित तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मस्थान पर मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों ने सनी देओल का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्हें सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया और गुरु घर की परंपराओं से अवगत कराया गया। इसके बाद उन्होंने फिल्म के प्रमोशन में हिस्सा लिया। देखें तस्वीरें… गुरु इतिहास की जानकारी के साथ पूरा गुरुद्वारा घूमा सनी देओल लगभग 20 मिनट तक गुरुद्वारा परिसर में रहे। इस दौरान उन्होंने तख्त श्री हरमंदिर साहिब के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया, गुरु इतिहास की जानकारी ली और श्रद्धालुओं के साथ समय बिताया। उन्होंने गुरु का पावन प्रसाद भी ग्रहण किया। दर्शन के बाद सनी देओल ने कहा कि गुरु के दरबार में आकर उन्हें अद्भुत शांति और आत्मिक सुकून का अनुभव हुआ। उन्होंने बताया, “मेरा हमेशा से मन था कि जब भी बिहार आऊं, सबसे पहले तख्त श्री हरिमंदिर साहिब में मत्था टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद जरूर लूं। आज मेरा यह सपना पूरा हो गया।” …………………. सनी देओल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पिता धर्मेन्द्र को याद कर रो पड़े सनी देओल:'बंटवारा 1947' के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में छलके आंसू; करण देओल, शबाना आजमी-जावेद अख्तर भी नजर आए फिल्म 'बंटवारा 1947' का ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सनी देओल रो पड़े। इवेंट के दौरान डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने दिवंगत अभिनेता धर्मेन्द्र पर बात की जिसे सुनकर सनी देओल की आंखों में आंसू आ गए। संतोषी ने कहा की धर्मेन्द्र जी ने आखिरी फिल्म भी बटवारा देखी थी। उन्होंने कहा था ये फिल्म हिट होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर पर उनकी पूर्व एक्टिंग टीचर श्रुति देसाई ने टीचरों के साथ बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए NEET विरोध प्रदर्शन में कुछ लोगों ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इसकी भूमि ने आलोचना की थी और कुछ लोगों ने उन्हें इसके लिए ट्रोल किया था। अब भूमि की कथित पूर्व एक्टिंग टीचर श्रुति देसाई की एक सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में है। श्रुति देसाई ने अपनी पोस्ट में लिखा, “भूमि पेडनेकर, मुझे याद है कि मैं मुंबई के एक फिल्म स्कूल में कुछ समय के लिए आपकी टीचर थी। बदकिस्मती से, मुझे यह भी याद है कि आप अपने टीचरों के प्रति काफी असम्मानजनक, लगभग तिरस्कारपूर्ण व्यवहार करती थीं। क्या आप बता सकती हैं कि सम्मान और जिम्मेदारी को लेकर आपका नजरिया अब कैसे बदल गया?” अभद्र भाषा की आलोचना की थी भूमि पेडनेकर ने 2 अगस्त को अपने वीडियो मैसेज में कहा था कि शिक्षा और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने का हक सभी को है, लेकिन अपनी बात रखने का तरीका सही होना चाहिए। उन्होंने कहा था, “सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हमारे देश के युवा कर रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। हम अपने देश के सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में बात कर रहे हैं। क्या हम अपने घर के बड़ों से कभी इस तरह बात करते हैं?” पूरी खबरे पढ़ें भूमि के इस बयान को कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने 'एकतरफा' बताया था। आलोचकों का कहना था कि भूमि ने 20 जुलाई को हुए 'संसद मार्च' के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, पुलिस कार्रवाई और उनकी मांगों पर कोई बात नहीं की, बल्कि सिर्फ नारेबाजी पर ध्यान दिया। वहीं, 3 अगस्त को शेयर किए गए दूसरे वीडियो में भूमि पेडनेकर ने कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही एक युवा छात्रा का इंटरव्यू वायरल होने के बाद उसे सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है। उसे डरावनी धमकियां और भद्दे मैसेज भेजे जा रहे हैं। भूमि ने कहा था कि इस तरह का ऑनलाइन उत्पीड़न किसी भी इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। उन्होंने कहा कि लोगों को आपसी बातचीत में संवेदनशीलता, सम्मान और सहानुभूति रखनी चाहिए, न कि किसी की जान के पीछे पड़ जाना चाहिए।
प्रियंका चोपड़ा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में वह अपनी बेटी मालती मैरी को गोद में लेकर दुर्गा सप्तशती के मंत्र सिखाती नजर आ रही हैं। प्रियंका के साथ मालती मंत्र भी बोल रही हैं। वीडियो के साथ प्रियंका ने लिखा कि उनकी दो पर्सनैलिटी हैं- 'मामा' और 'मामासीटा'। वीडियो के पहले हिस्से में वह मालती के साथ समय बिताती दिखीं, जबकि दूसरे हिस्से में वह एक ड्रेस पहनकर डांस करती नजर आईं। बता दें कि प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस ने 2018 में राजस्थान के जोधपुर स्थित उमैद भवन पैलेस में शादी की थी। सरोगेसी के जरिए बेटी मालती मैरी का जन्म 2022 में हुआ था। दोनों अक्सर सोशल मीडिया पर बेटी के साथ बिताए खास पलों की झलक शेयर करते रहते हैं। मालती नानी के साथ पूल किनारे दिखी थीं जुलाई में प्रियंका ने एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें मालती अपनी नानी मधु चोपड़ा के साथ पूल के किनारे टहलती नजर आई थीं। फोटो के कैप्शन में उन्होंने लिखा था, ‘रियूनाइटेड…’ इसके अलावा प्रियंका ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें मालती टीवी पर फिल्म 'गुंडे' का गाना 'तूने मारी एंट्रीयां' देखती नजर आ रही थीं। पोस्ट के साथ प्रियंका ने लिखा, ‘किसने सोचा होगा?’ और निक जोनस को टैग किया था। मालती का जन्म 27 हफ्ते में हुआ था फरवरी में जय शेट्टी को दिए इंटरव्यू में प्रियंका चोपड़ा ने बताया था कि बेटी मालती के जन्म का समय उनके लिए निजी तौर पर बेहद मुश्किल और ट्रॉमेटिक था। उसी समय उन्हें एक मैसेज मिला कि मीडिया में बच्ची के जन्म की खबर आने वाली है। प्रियंका ने बताया कि वे सही समय पर खुद यह खबर शेयर करना चाहते थे, लेकिन लीक के कारण उन्हें जल्दबाजी में पब्लिक अनाउंसमेंट करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उस वक्त वे तैयार नहीं थे, क्योंकि बच्ची की सेहत को लेकर स्थिति साफ नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 27 हफ्ते में पैदा हुई थी और 100 दिनों से अधिक समय तक एनआईसीयू यानी नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में रही। उस कठिन समय के दौरान मेंटल सपोर्ट के लिए उन्होंने बच्ची के पास धीमी आवाज में महामृत्युंजय मंत्र जैसे मंत्र चलाए थे। प्रियंका ने बताया कि जन्म के वक्त बच्ची की हालत नाजुक थी। एक्ट्रेस ने कहा, 'वह पर्पल (रंग) दिख रही थी।' पूरी खबर यहां पढ़ें…
इंडिया में Spider-Man की हुई चांदी, मंडे टेस्ट में 'बमफाड़' कमाई से टॉपर निकली सुपर हीरो फिल्म
सुपर हीरो फिल्म स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई का सिलसिला जारी रखे हुए है।
बॉक्स ऑफिस के 'महाराजा' बने Vijay, सोमवार को भी कमाई में अव्वल निकली पॉलिटिकल थ्रिलर
साउथ फिल्म अभिनेता विजय थलापति की लेटेस्ट फिल्म जन नायकन कमाई के मामले में भारतीय बॉक्स ऑफिस पर भी अपना दबदबा बनाए हुए है।
हिंदी सिनेमा के सबसे बहुमुखी कलाकारों में किशोर कुमार का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। उन्होंने अभिनय, संगीत, निर्देशन और फिल्म निर्माण किया, लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान उनकी आवाज बनी। चार दशक तक उन्होंने मोहम्मद रफी, मुकेश और मन्ना डे जैसे दिग्गजों के बीच अपनी अलग जगह बनाई। जितने शानदार वे गायक थे, उतनी ही रहस्यमयी उनकी निजी जिंदगी थी। कोई उन्हें सनकी कहता था, कोई जीनियस, तो कोई उनकी संवेदनशीलता का कायल था। उनके व्यक्तित्व के कई रंग थे, जिन्हें सिर्फ करीबी लोग ही समझ पाए। 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में जन्मे किशोर कुमार की 97वीं बर्थ एनिवर्सरी पर पढ़िए उनकी जिंदगी के कुछ दिलचस्प किस्से, जो बताते हैं कि पर्दे पर लोगों को हंसाने वाला यह कलाकार असल जिंदगी में कितना अलग था। बचपन की एक चोट और उससे जुड़ा उनकी आवाज का सबसे चर्चित किस्सा किशोर कुमार की आवाज दुनिया की सबसे अलग आवाजों में गिनी जाती है। उनके सुरों के खुरदरेपन, लचक और सहजता से जुड़ा एक पारिवारिक संस्मरण चर्चित है। बड़े भाई अशोक कुमार ने कई इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में किशोर के पैर में गहरी चोट लगी थी। दर्द इतना था कि वे घंटों रोते रहे। परिवार का मानना था कि लंबे समय तक रोने से उनकी आवाज का टेक्सचर बदल गया और वही आगे चलकर उनकी पहचान बना। कॉलेज की कैंटीन का उधार, जिसने 'पांच रुपैया बारह आना' को जन्म दिया इंदौर के क्रिश्चियन कॉलेज में पढ़ाई के दौरान किशोर कुमार की शरारतें मशहूर थीं। वे अक्सर कैंटीन में उधार पर पोहा और जलेबी खाते थे। धीरे-धीरे उधार पांच रुपया बारह आना हो गया। कैंटीन मालिक पैसे मांगता, तो किशोर कुमार गाकर उसे टालने की कोशिश करते। वर्षों बाद फिल्म चलती का नाम गाड़ी के 'पांच रुपैया बारह आना' गीत ने धूम मचाई। माना जाता है कि इस गाने की प्रेरणा उसी उधार से मिली थी। मुंबई आए तो अभिनेता नहीं, सिर्फ गायक बनने का सपना था किशोर कुमार अभिनेता नहीं, गायक बनना चाहते थे। वे मुंबई अपने आदर्श के.एल. सहगल की तरह गायक बनने आए थे। बड़े भाई अशोक कुमार के स्टार होने के कारण उन्हें अभिनय के प्रस्ताव मिलने लगे। शुरुआती दिनों में उन्होंने परिवार और निर्माताओं की इच्छा पर कई फिल्में कीं। बाद में उनकी कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें सफल अभिनेता बनाया, लेकिन उन्होंने माना कि उनका पहला प्यार हमेशा गायकी ही रही। 'आनंद' पहले किशोर कुमार को ऑफर हुई थी, लेकिन एक गलतफहमी ने बदल दिया हिंदी सिनेमा का इतिहास 1971 में रिलीज हुई ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म आनंद भारतीय सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाती है। टाइटल रोल के लिए राजेश खन्ना पहली पसंद नहीं थे। गीतकार-लेखक गुलजार ने अपनी संस्मरण पुस्तक Actually... I Met Them में लिखा है कि ऋषिकेश मुखर्जी इस फिल्म में किशोर कुमार को लेना चाहते थे। अमित कुमार ने भी एक इंटरव्यू में कहा कि उनके पिता को सबसे पहले इस फिल्म का प्रस्ताव मिला था। इस किस्से का सबसे चर्चित हिस्सा एक गलतफहमी से जुड़ा है। बताया जाता है कि एक बंगाली आयोजक से भुगतान विवाद के बाद किशोर कुमार ने दरबान से कह रखा था कि वह व्यक्ति दोबारा आए तो उसे अंदर न आने दिया जाए। संयोग से ऋषिकेश मुखर्जी कहानी सुनाने पहुंचे, तो दरबान ने उन्हें भी वही व्यक्ति समझकर लौटा दिया। इससे ऋषिकेश मुखर्जी आहत हो गए और उन्होंने किशोर कुमार के साथ फिल्म बनाने का विचार छोड़ दिया। बाद में आनंद का रोल राजेश खन्ना को मिला, जो उनके करियर की सबसे यादगार फिल्मों में शामिल हुई। हालांकि, इस कहानी का दूसरा पक्ष भी है। गुलजार ने अपनी किताब में लिखा है कि फिल्म शुरू होने से कुछ दिन पहले किशोर कुमार सिर मुंडवाकर ऋषिकेश मुखर्जी के सामने पहुंचे और मजाक में गाने लगे, अब क्या करोगे, ऋषि? इसके बाद फिल्म के लिए नए अभिनेता की तलाश शुरू हुई। इसलिए फिल्म छूटने की असली वजह को लेकर आज भी अलग-अलग दावे किए जाते हैं। मुंबई में भी मजाक नहीं छोड़ा, बना लिया अपना रेट कार्ड संगीत के प्रति जितना जुनून था, हास्यबोध भी उतना ही गजब का था। फिल्म पत्रकारों और संस्मरणों के मुताबिक, शुरुआती दिनों में दोस्तों की महफिल में किशोर कुमार मजाक में अपना रेट कार्ड बताते थे। कहते थे- अगर अशोक कुमार का गाना सुनना है तो 25 पैसे, किसी और का 50 पैसे और के.एल. सहगल का गीत सुनना है तो एक रुपया देना पड़ेगा। के.एल. सहगल उनके सबसे बड़े आदर्श थे और वे उन्हें अपना गुरु मानते थे। इसलिए एचएमवी ने जब सहगल के गीतों का एल्बम रिकॉर्ड करने का प्रस्ताव दिया, तो उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि लोग यह न कहें कि उन्होंने अपने गुरु से बेहतर गाया। शास्त्रीय संगीत नहीं सीखा, फिर भी बने भारतीय सिनेमा की सबसे अलग आवाज किशोर कुमार ने कभी शास्त्रीय संगीत की औपचारिक शिक्षा नहीं ली। इसके बावजूद उन्होंने सुरों पर ऐसी पकड़ बनाई, जो आज भी संगीत विशेषज्ञों के लिए अध्ययन का विषय है। सचिन देव बर्मन ने उनकी प्राकृतिक प्रतिभा पहचानी और मौलिक शैली बनाए रखने की सलाह दी। बाद में आर.डी. बर्मन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, कल्याणजी-आनंदजी और बप्पी लाहिड़ी समेत लगभग हर बड़े संगीतकार ने उनकी नैसर्गिक गायकी का भरपूर इस्तेमाल किया। चार राष्ट्रीय और आठ फिल्मफेयर पुरस्कार जीतने वाले किशोर कुमार बिना औपचारिक प्रशिक्षण के भी गायकी की परिभाषा बदलने वाले गायक माने जाते हैं। सचिन देव बर्मन ने पहचानी आवाज, फिर शुरू हुआ सुनहरे दौर का सफर गायक बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे किशोर कुमार को शुरुआती दौर में पहचान बनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। उस समय फिल्म इंडस्ट्री पर मोहम्मद रफी, तलत महमूद और मुकेश का दबदबा था। इसी बीच एस.डी. बर्मन ने उनकी नैसर्गिक गायकी पहचानी। आर.डी. बर्मन और फिल्म इतिहासकारों के मुताबिक, एस.डी. बर्मन उन्हें किसी की नकल न करने और मौलिक शैली में गाने की सलाह देते थे। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी। बाद में मुनिमजी, पेइंग गेस्ट, नौ दो ग्यारह, गाइड, आराधना समेत कई फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा का सबसे लोकप्रिय पार्श्व गायक बना दिया। लता मंगेशकर के साथ बनाई सबसे सफल जोड़ी, सम्मान ऐसा कि अपनी फीस भी कम कर ली किशोर कुमार और लता मंगेशकर की जोड़ी ने हिंदी फिल्म संगीत को सैकड़ों यादगार गीत दिए। दोनों के बीच गहरा पेशेवर सम्मान था। फिल्म पत्रकारों और संगीत जगत में प्रचलित एक किस्से के मुताबिक, रिकॉर्डिंग से पहले किशोर कुमार कई बार निर्माताओं से पूछते थे कि लता मंगेशकर को कितना पारिश्रमिक दिया जा रहा है। अगर उनकी फीस ज्यादा होती, तो वे मजाक में कहते थे, मुझे लता जी से एक रुपया कम दे दीजिए। जब पता चला कि रफी से ज्यादा फीस मिली है, तो निर्माता से बोले- पहले उनका भुगतान बढ़ाइए मोहम्मद रफी और किशोर कुमार को अक्सर प्रतिद्वंद्वी माना गया, लेकिन निजी जीवन में दोनों के बीच गहरा सम्मान था। फिल्म पत्रकार राजू भारतन समेत कई लेखकों के संस्मरणों के मुताबिक, एक डुएट गीत की रिकॉर्डिंग के दौरान किशोर कुमार को पता चला कि उन्हें रफी साहब से ज्यादा भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने निर्माता से कहा कि रफी जैसे महान गायक को उनसे कम फीस नहीं मिलनी चाहिए। बताया जाता है कि बाद में निर्माता ने रफी का पारिश्रमिक बढ़ाया। 'हाफ टिकट' में लता नहीं पहुंचीं, तो खुद ही गा दी पुरुष और महिला की आवाजें 1962 में रिलीज हुई फिल्म हाफ टिकट का गीत 'आके सीधी लगी दिल पे' भारतीय फिल्म संगीत के सबसे अनोखे प्रयोगों में गिना जाता है। शुरुआत में यह गीत लता मंगेशकर और किशोर कुमार की आवाज में रिकॉर्ड होना था, लेकिन रिकॉर्डिंग के समय लता उपलब्ध नहीं हो सकीं। ऐसे में किशोर कुमार ने पुरुष और महिला दोनों हिस्से खुद गाए। आज भी दोनों आवाजों में फर्क करना आसान नहीं होता। संगीत समीक्षक इसे उनकी वोकल रेंज और अभिनय क्षमता का दुर्लभ उदाहरण मानते हैं। यह उनके करियर की सबसे अनोखी प्रस्तुतियों में गिनी जाती है। आर.डी. बर्मन से पहली मुलाकात भी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी राहुल देव बर्मन (पंचम दा) और किशोर कुमार की जोड़ी ने हिंदी फिल्म संगीत को अनगिनत सुपरहिट गीत दिए। उनकी पहली मुलाकात भी दिलचस्प थी। आर.डी. बर्मन ने बताया था कि पहली बार मिलने पर उन्होंने किशोर कुमार को साधु जैसे वेश में बैठे देखा। किशोर कुमार ने पहले मजाक किया, फिर अलग-अलग लोगों की मिमिक्री सुनाई और आखिर में हंसते हुए अपना परिचय दिया। पंचम दा कहते थे कि पहली मुलाकात में ही उन्हें एहसास हो गया था कि किशोर कुमार अलग ही दुनिया के इंसान हैं। यही रिश्ता आगे चलकर हिंदी फिल्म संगीत की सबसे सफल संगीतकार-गायक जोड़ियों में बदल गया। बिना रियाज के नहीं, अपने तरीके से तैयारी करते थे किशोर कुमार कहते थे कि वे शास्त्रीय रियाज नहीं करते, लेकिन बिना तैयारी के भी नहीं गाते थे। रिकॉर्डिंग से पहले वे घंटों अकेले बैठकर धुन, शब्द और मूड समझते थे। कई संगीतकारों के मुताबिक, वे गाने के भाव को पकड़ने में सबसे ज्यादा समय लगाते थे। जब तक उन्हें लगता कि गाना भीतर से महसूस नहीं हुआ, तब तक रिकॉर्डिंग शुरू नहीं करते थे। पेड़ों से बातें करते थे, इसलिए लोग उन्हें सनकी कहने लगे किशोर कुमार के बारे में सबसे मशहूर बातों में एक यह रही कि वे अपने बंगले के पेड़ों से बातें करते थे। वर्षों तक इस किस्से को उनकी 'सनक' का प्रतीक बनाकर पेश किया गया। हालांकि, बेटे अमित कुमार और करीबियों के इंटरव्यू एक अलग तस्वीर पेश करते हैं। अमित कुमार ने कई बातचीत में कहा कि उनके पिता प्रकृति के बेहद करीब थे। उन्हें पेड़ों के बीच समय बिताना अच्छा लगता था। वे हर पेड़ को पहचानते थे और कभी-कभी मजाकिया अंदाज में उनसे बातें कर लेते थे। फिल्म इंडस्ट्री की भागदौड़ और लगातार काम के बीच यही उनका सुकून पाने का तरीका था। बाद में कई फिल्म इतिहासकारों ने भी लिखा कि इस आदत को बढ़ा-चढ़ाकर उनकी सनक के तौर पर पेश किया गया। इंटरव्यू से बचने के लिए ड्रॉइंग रूम में लगवा दी थीं खोपड़ियां और लाल रोशनी किशोर कुमार मीडिया से दूरी बनाकर रखते थे। कई वरिष्ठ फिल्म पत्रकारों के संस्मरणों के मुताबिक, उनके घर के ड्रॉइंग रूम में नकली खोपड़ियां, हड्डियां और लाल रंग की लाइटें लगी रहती थीं। बताया जाता है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पहली बार आने वाला व्यक्ति थोड़ा असहज महसूस करे। इसके बाद किशोर कुमार अपने अंदाज में बातचीत शुरू करते थे। कुछ पत्रकारों के मुताबिक, इंटरव्यू से पहले वे मजाकिया शर्तें रखते थे- 'मेरे घर का खाना मत मांगना, पैसे उधार मत मांगना और मेरी हॉरर फिल्मों का कलेक्शन मत मांगना।' यही वजह थी कि उनके इंटरव्यू दूसरे कलाकारों से अलग अनुभव बन जाते थे। कार गार्डन में दफनाकर कई दिनों तक शोक मनाया था किशोर कुमार से जुड़ा सबसे चर्चित किस्सा उनकी पहली कार का है। फिल्म पत्रकार राजू भारतन और कई बायोग्राफी के मुताबिक, जब उनकी पहली कार पूरी तरह खराब हो गई, तो उन्होंने उसे कबाड़ में बेचने से इनकार कर दिया। उन्होंने कार को बंगले के परिसर में दफन करवा दिया और कई दिनों तक उसके लिए शोक मनाया। स्टेज पर गाने से डरते थे किशोर कुमार, सुनील दत्त ने 'एक चतुर नार' वाला दांव खेलकर दूर किया डर किशोर कुमार जितने बेहतरीन गायक थे, उतना ही उन्हें लाइव स्टेज पर गाने से डर लगता था। सुनील दत्त करीब एक साल तक उन्हें भारतीय सैनिकों के लिए आयोजित कार्यक्रम में परफॉर्म करने के लिए मनाते रहे। आखिरकार किशोर तैयार हुए, लेकिन बोले- आप माइक के सामने खड़े रहेंगे, मैं पीछे से गाऊंगा, बिल्कुल फिल्म पड़ोसन के गाने 'एक चतुर नार' की तरह। जैसे ही किशोर कुमार ने आंखें बंद कर गाना शुरू किया, सुनील दत्त चुपचाप मंच से हट गए। तालियों की गूंज सुनकर जब किशोर ने आंखें खोलीं, तो वे अकेले मंच पर थे। इसके बाद उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कई गाने सुनाए और उनका स्टेज फियर हमेशा के लिए खत्म हो गया। मुंबई में रहते थे, लेकिन दिल हमेशा खंडवा में बसता था करोड़ों लोगों की आवाज बनने के बावजूद किशोर कुमार मुंबई की चमक-दमक में पूरी तरह नहीं रम पाए। उन्होंने कई इंटरव्यू में अपने पैतृक शहर खंडवा का जिक्र किया। वे अक्सर कहते थे कि एक दिन सब कुछ छोड़कर खंडवा लौट जाएंगे। वहां की गलियां, बचपन की यादें और सादा जीवन उन्हें हमेशा अपनी ओर खींचता था। उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी। 13 अक्टूबर 1987 को उनका निधन मुंबई में हुआ, लेकिन अंतिम इच्छा के अनुसार उनका पार्थिव शरीर खंडवा ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। यही वजह है कि आज भी खंडवा सिर्फ उनका जन्मस्थान नहीं, बल्कि उनकी सबसे बड़ी भावनात्मक पहचान माना जाता है। ______________________________ यह खबर भी पढ़ें.. बंटवारे में मां की चीखें सुनीं, भाई को मरते देखा:नकल उतारने पर शाहरुख पर केस किया, सरकार ने बैन कीं मनोज कुमार की फिल्में सिनेमा में कई हीरो आए, कई सुपरस्टार बने, लेकिन एक अभिनेता ऐसा भी था जिसने पर्दे पर उपकार, पूरब और पश्चिम, रोटी कपड़ा और मकान जैसी फिल्मों के जरिए देशभक्ति को जिया। उनका नाम था मनोज कुमार। देशप्रम ही वो वजह था कि लोग उनका असली नाम भूलने लगे और उन्हें सिर्फ एक नाम से पुकारने लगे 'भारत कुमार'।पूरी खबर पढ़ें..
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेज प्रताप यादव रियलिटी शो 'भोजपुरी बवाल' में शामिल हो रहे हैं। शो के सेट से उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे यूनिवर्सिटी में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो में तेज प्रताप एक यूनिवर्सिटी के क्लासरूम और लाइब्रेरी में छात्रों के बीच मौजूद हैं। वे छात्रों से यूनिवर्सिटी की बदहाली और सुविधाओं की कमी पर बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान तेज प्रताप ने कहा कि एग्जाम होते ही पेपर लीक हो जाता है और करोड़ों का फंड गायब हो जाता है। बिना किताब की लाइब्रेरी देख हैरान हुए वीडियो में तेज प्रताप यादव क्लासरूम में छात्रों के पास जाकर उनसे पढ़ाई और यूनिवर्सिटी के माहौल के बारे में पूछते हैं। तेज प्रताप वहां मौजूद खाली रैक्स को देखकर कहते हैं कि बिना किताब वाली लाइब्रेरी वे पहली बार देख रहे हैं। इसके बाद वे यूनिवर्सिटी के फंड और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सवाल उठाते हुए पूछते हैं कि सरकार से आने वाला करोड़ों का फंड आखिर कहां चला जाता है। पेपर लीक पर जताई चिंतातेज प्रताप ने आगे कहा कि जब भी यूनिवर्सिटी या किसी परीक्षा का आयोजन होता है, तो पेपर लीक हो जाता है। उन्होंने यूनिवर्सिटी की जर्जर इमारतों और सुविधाओं की कमी पर चिंता जाहिर की। बातचीत के दौरान उन्होंने छात्रों से पूछा कि क्या ऐसे भ्रष्टाचारियों को भगाना चाहिए या नहीं, जिस पर क्लास में मौजूद सभी छात्रों ने हाथ उठाकर और तालियां बजाकर उनका समर्थन किया। क्या है 'भोजपुरी बवाल' शो, जहां पहुंचे तेज प्रताप यादवयह पूरा वाकया एक नए शो 'भोजपुरी बवाल' का हिस्सा है, जो जियोहॉटस्टार और कलर्स टीवी पर प्रसारित हो रहा है। इस शो में भोजपुरी क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों, राजनेताओं और कलाकारों से जुड़ी अनफिल्टर्ड बातचीत को दिखाया जाता है। शो के इसी एपिसोड में तेज प्रताप यादव छात्रों के बीच पहुंचकर शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के मुद्दों पर बात करते दिखे हैं। पवन सिंह, निरहुआ और तेज प्रताप यादव एक साथ आएंगे नजर इस शो में भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह, अभिनेता दिनेश लाल यादव (निरहुआ), आम्रपाली दुबे, काजल राघवानी और पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक साथ नजर आने वाले हैं। शो का प्रसारण 2 अगस्त को जियो हॉटस्टार पर शुरू हो चुका है। वहीं इस शो की मेजबानी मनीषा रानी और कृष्णा अभिषेक करेंगे। ये खबर भी पढ़ें भोजपुरी एक्ट्रेसेज ने उड़ाया बॉलीवुड अभिनेत्रियों की सर्जरी का मजाक:कहा- हमारा सब कुछ नैचुरल, बॉलीवुड में होते तो बतख जैसे होंठ कराने पड़ते भोजपुरी एक्ट्रेसेज आम्रपाली दुबे और रानी चटर्जी ने बॉलीवुड अभिनेत्रियों के सर्जरी कराने का मजाक उड़ाया है। वे रियलिटी शो 'भोजपुरी बवाल' के सेट पर ये बातें करती नजर आईं। दैनिक भास्कर के पास इस बात बातचीत का अनकट वीडियो पहुंचा है। इसमें रानी चटर्जी, आम्रपाली दुबे और उनकी साथी एक्ट्रेस मेकअप रूम में बैठी नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें
CJP प्रदर्शन और उसमें इस्तेमाल भाषा पर अपने बयान को लेकर चर्चा में आईं अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने सोशल मीडिया पर एक और नया वीडियो शेयर किया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने इंटरनेट पर एक वीडियो देखा, जिसमें एक युवा लड़की, जो प्रदर्शन का हिस्सा थी, इंटरव्यू दे रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद से उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने लोगों से ऑनलाइन उत्पीड़न बंद करने, मानसिक सेहत का ध्यान रखने और नफरत के बजाय एकजुट होकर अपनी बात रखने की अपील की है। दरअसल एक नाबालिग छात्रा ने पीएम नरेंद्र मोदी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद से उसे लगातार धमकियां दी जा रही हैं। वायरल इंटरव्यू के बाद छात्रा को मिल रही धमकियांभूमि पेडनेकर ने अपने वीडियो में बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही एक युवा छात्रा का इंटरव्यू वायरल होने के बाद उसे सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है। उसे डरावनी धमकियां और भद्दे मैसेज भेजे जा रहे हैं। भूमि ने कहा कि इस तरह का ऑनलाइन उत्पीड़न किसी भी इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। उन्होंने कहा कि लोगों को आपसी बातचीत में संवेदनशीलता, सम्मान और सहानुभूति रखनी चाहिए, न कि किसी की जान के पीछे पड़ जाना चाहिए। ‘एकजुट होकर बात रखेंगे, तभी बदलाव दिखेगा’वीडियो के आखिर में भूमि ने नफरत खत्म कर सही तरीके से अपनी बात रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, हम सब सिर्फ एक ही चीज चाहते हैं कि देश की प्रोग्रेस हो और देश का भला हो। अगर हम सब एकजुट होकर, एकता के साथ अपनी बात सही तरीके से रखेंगे, तभी हम सच में पॉजिटिव बदलाव देख पाएंगे। भूमि के इस बयान के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी, विरोध के तरीके और ऑनलाइन बर्ताव को लेकर बहस तेज हो गई है। PM पर बयान देकर आलोचना का शिकार हुई थींइससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ जारी CJP प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर भूमि ने सवाल उठाए थे। तब उन्होंने एक वीडियो पोस्ट कर कहा था कि विरोध करने का हक सबको है, लेकिन देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के लिए ऐसी भाषा बोलना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया था। आंदोलन पर चुप रहने का लगा था आरोपभूमि के पिछले बयान को कई सोशल मीडिया यूजर्स ने 'एकतरफा' बताया था। आलोचकों का आरोप था कि भूमि ने 20 जुलाई को हुए 'संसद मार्च' के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, पुलिस कार्रवाई और उनकी मांगों पर कोई बात नहीं की, बल्कि सिर्फ नारेबाजी पर ध्यान दिया। ये खबर भी पढ़ें PM मोदी को गाली देने पर नाराज हुईं भूमि पेडनेकर:बोलीं- यह हमारी संस्कृति नहीं; प्रदर्शनकारियों को मुकेश खन्ना ने कहा 'कॉकरोच' कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने कड़ा एतराज जताया है। पूरी खबरे पढ़ें
टीवी एक्ट्रेस जैनिफर विंगेट ने अपनी हल्दी सेरेमनी की अनसीन तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। ब्रिटेन के बिजनेसमैन विलियम इशमेल संग शादी रचाने के कुछ हफ्तों बाद उन्होंने अपनी प्री-वेडिंग रस्मों की यादें साझा की हैं। फ्रेंडशिप डे के मौके पर पोस्ट की गई इन तस्वीरों में जैनिफर के करीबी दोस्त और टीवी एक्टर्स करन वाही, हरलीन सेठी और सहबान अजीम नजर आ रहे हैं। सेरेमनी में जैनिफर हरे रंग के लहंगे में दिखीं, जबकि विलियम ने सफेद रंग की शेरवानी पहनी थी। लिखा- मेरी हल्दी प्यार से भरी थीजैनिफर विंगेट ने इंस्टाग्राम पर हल्दी सेरेमनी की कई कैंडिड तस्वीरें पोस्ट की हैं। उन्होंने अपने दोस्तों का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा कि उनकी हल्दी सिर्फ एक फंक्शन नहीं थी, बल्कि प्यार से भरा हुआ एक कमरा थी। जब भी वे इन तस्वीरों को देखती हैं, उन्हें कोई न कोई खूबसूरत लम्हा याद आ जाता है। उन्होंने आगे लिखा कि वे बहुत खुशकिस्मत हैं कि उन्हें इतने अच्छे दोस्त मिले। एक्ट्रेस हरलीन सेठी ने भी इस सेरेमनी की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा- 'यारी दोस्ती हल्दी'। देखें हल्दी की तस्वीरें यूके में क्रिश्चियन रीति-रिवाज से हुई थी प्राइवेट वेडिंगजैनिफर और विलियम ने हाल ही में यूके के वेस्ट वेल्स में एक निजी समारोह में शादी की थी। शादी की जानकारी दोनों ने सोशल मीडिया पर एक जॉइंट पोस्ट के जरिए दी थी। अपनी वेडिंग में जैनिफर ने व्हाइट स्ट्रैपलेस गाउन और वेल पहना था। वहीं उनके पति विलियम ने नेवी ब्लू सूट के साथ क्रीम कलर का वेस्टकोट पहना था। दोनों ने अपने परिवार और बेहद करीबी दोस्तों की मौजूदगी में एक-दूसरे को रिंग पहनाकर शादी की। देखें शादी की तस्वीरें … कौन हैं जैनिफर के पति विलियम इशमेल?जैनिफर विंगेट के पति विलियम इशमेल सिंगापुर में रहने वाले एक बिजनेसमैन हैं। वे 'एमएचसी डिजिटल ग्रुप' में बिजनेस डेवलपमेंट और ट्रेडिंग के डायरेक्टर पद पर कार्यरत हैं। विलियम ने यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क से इकोनॉमिक्स और फाइनेंस की पढ़ाई की है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत यूबीएस इन्वेस्टमेंट बैंक से की थी। उनके पास फाइनेंस, फॉरेन एक्सचेंज, ट्रेडिंग और बिजनेस डेवलपमेंट के क्षेत्र का लंबा अनुभव है। करन सिंह ग्रोवर से हुई थी पहली शादीयह जैनिफर विंगेट की दूसरी शादी है। इससे पहले उन्होंने अप्रैल 2012 में टीवी एक्टर करन सिंह ग्रोवर से शादी की थी। दोनों की मुलाकात मशहूर टीवी शो 'दिल मिल गए' के सेट पर हुई थी। हालांकि, यह शादी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी और साल 2014 में दोनों अलग हो गए। इसके बाद करन सिंह ग्रोवर ने साल 2016 में बॉलीवुड एक्ट्रेस बिपाशा बासु से शादी कर ली थी।
बेंगलुरु में स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने अपने शो रद्द कर दिए हैं। व्हाइटफील्ड इलाके में होने वाले इन शो का हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया था। पुलिस ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, कुणाल कामरा ने रविवार को खुद व्हाइटफील्ड पुलिस स्टेशन जाकर अधिकारियों को सूचित किया कि वे अपने निर्धारित शो आगे नहीं बढ़ाएंगे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कामरा ने हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते व्हाइटफील्ड में होने वाला इवेंट रद्द करने का फैसला लिया है। कोरमंगला में शिफ्ट किए गए शो कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि सोमवार, मंगलवार, बुधवार और गुरुवार के शो अब कोरमंगला के एक वेन्यू में शिफ्ट कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि व्हाइटफील्ड शो के लिए खरीदे गए टिकटों का रिफंड बुकमायशो (BookMyShow) प्लेटफॉर्म द्वारा प्रोसेस किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने दर्शकों से कोरमंगला वेन्यू के लिए टिकट बुक करने का आग्रह किया है, जहां सीटों की संख्या सीमित है। इससे पहले कुणाल कामरा ने उनके शोज की आलोचना करने वाले एक ट्रोलर को सोशल मीडिया चेतावनी भी दी थी। साथ ही उन्होंने बताया था कि वो 2 अगस्त को पुलिस स्टेशन जाएंगे। हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने के थे आरोप यह घटनाक्रम तब हुआ जब हाल ही में हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने बेंगलुरु पुलिस को एक याचिका सौंपी थी। इसमें 3 अगस्त को यूआरयू (URU) व्हाइटफील्ड में होने वाले कामरा के स्टैंड-अप शो को रद्द करने की मांग की गई थी। समिति ने तर्क दिया था कि कामरा के शो से कानून-व्यवस्था और धार्मिक सद्भाव बिगड़ने का खतरा है। उनका आरोप था कि कामरा ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है। CJP प्रोटेस्ट के बयान से भी लगे थे धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप 15 जुलाई को कुणाल कामरा जंतर-मंतर में हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंच पर भगवान राम और माता सीता पर बयान दिया। बयान सामने आने के बाद कुणाल कामरा के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में शिकायत दर्ज हुई थी। हाईकोर्ट के वकील विभु वीरभद्र सैनी ने याचिका में कहा कि 15 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कुणाल कामरा ने भगवान राम और माता सीता को लेकर कथित विवादित टिप्पणी की, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील विभु वीरभद्र सैनी ने 24 जुलाई को कुणाल कामरा के खिलाफ याचिका दायर की। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया गया कि जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान कॉमेडियन कुणाल कामरा ने भगवान राम व माता सीता के प्रति अभद्र टिप्पणी की। याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वकील की याचिका पर चंडीगढ़ पुलिस से रिपोर्ट तलब कर ली है। कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि आरोपों में प्रथम दृष्टया कोई आधार बनता है या नहीं और एफआईआर दर्ज करने की जरूरत है या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। कुणाल कामरा के ये विवाद भी पढ़िए- 2025- एकनाथ शिंदे पर 'गद्दार' टिप्पणी: अपने स्टैंड-अप शो नया भारत में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर व्यंग्य किया और उन्हें कथित तौर पर गद्दार कहकर संबोधित किया। वीडियो वायरल होने के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं ने मुंबई के द हैबिटेट कॉमेडी क्लब में तोड़फोड़ की। कामरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। 2025- सलमान खान पर जोक: एक शो में सलमान खान के 1998 के काला हिरण शिकार और 2002 के हिट-एंड-रन मामले पर चुटकुले सुनाए। विवाद के बावजूद कुणाल कामरा ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। 2022- गुरुग्राम शो रद्द: विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के विरोध के बाद उनका 2022 में होने वाला गुरुग्राम शो रद्द कर दिया गया। इसके बाद कामरा ने सार्वजनिक रूप से VHP को नाथूराम गोडसे की निंदा करने की चुनौती दी, जिससे विवाद और बढ़ गया। 2022- पीएम मोदी के लिए गाना गाने वाले बच्चे का एडिटेड वीडियो: जर्मनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गाना गाने वाले एक बच्चे के वीडियो को एडिट कर सोशल मीडिया पर शेयर किया। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने वीडियो हटाने को कहा। बाद में कामरा ने वीडियो हटा दिया और कहा कि उनका उद्देश्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर व्यंग्य करना था, बच्चे पर नहीं। 2020- सुप्रीम कोर्ट पर 'ब्राह्मण-बनिया' टिप्पणी: एक स्टैंड-अप शो में सुप्रीम कोर्ट को लेकर ब्राह्मण-बनिया संबंधी टिप्पणी की। इस पर भी अदालत की अवमानना की याचिकाएं दायर हुईं। 2020- इंडिगो फ्लाइट में अर्नब गोस्वामी से बहस: मुंबई-लखनऊ इंडिगो फ्लाइट में पत्रकार अर्नब गोस्वामी से सवाल-जवाब करते हुए उनका वीडियो रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर साझा किया। इंडिगो ने पहले 6 महीने का फ्लाइट बैन लगाया, जिसे बाद में घटाकर 3 महीने किया गया। एयर इंडिया, स्पाइसजेट और गोएयर ने भी कुछ समय के लिए उड़ान प्रतिबंध लगाए थे।
अक्षय कुमार की कॉमेडी फिल्म से आगे निकल गई Dhamaal 4, तोड़ दिया कमाई का रिकॉर्ड
अभिनेता अजय देवगन की कॉमेडी फिल्म धमाल 4 ने कमाई के मामले में अक्षय कुमार की फिल्म को पीछे छोड़ दिया है।
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने हाल ही में पहली बार रियलिटी शो होस्ट कर रहे एक्टर रितेश देशमुख का मजाक उड़ाया है। छोटे भाई सोहेल को सपोर्ट करने पहुंचे सलमान ने उनकी पूर्व पत्नी पर भी तंज कसा है। उनका कहना है कि सोहेल ने तलाक का इल्जाम खुद पर लिया, लेकिन उन्होंने सारी चीजें देखी थीं। सोहेल खान अमेजन प्राइम के रियलिटी शो अलायंस का हिस्सा बने हैं। सलमान खान, हाल ही में सोहेल खान से मिलने शो में पहुंचे। शो में वो कई दिनों बाद भाई से मिलकर भावुक हो गए। आते साथ उन्होंने कहा- 'परेशान मत हो, मैं यहां होस्ट नहीं हूं। इस दौरान उन्होंने शो की तारीफ करते हुए रितेश का मजाक उड़ाकर कहा- ‘मुझे रितेश देशमुख की नौकरी खतरे में लग रही है।’ सलमान का तंज, नेटफ्लिक्स के शो लॉकअप 2 पर था, जिसे रितेश होस्ट कर रहे हैं। सोहेल की पूर्व पत्नी पर उठाए सवाल शो से जुड़ा एक नया प्रोमो भी सामने आया है, जिसमें सलमान सोहेल से पूछ रहे हैं कि क्या तुम अभी भी सीमा की बात सुनते हो। इसके बाद उन्होंने कहा- पता नहीं कहना चाहिए या नहीं। लेकिन मेरे महान भाई ने सारा कसूर अपने ऊपर ले लिया, लेकिन एक भाई के रूप में मैं जानता हूं कि इसने कितनी कोशिश की। मैं जानता हूं कि हमने क्या देखा है। पूरे समय ये अपने ऊपर चीजें लेता गया। बता दें कि सोहेल खान की पूर्व पत्नी सीमा सचदेह भी शो में बतौर वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट पहुंची थीं। जब शो में सीमा की एंट्री हुई, तब सोहेल ने उनकी तारीफ की थी। होस्ट कुणाल खेमू ने सोहेल से पूछा था कि सीमा को शो में देखकर उन्हें कैसा लग रहा है। इस पर सोहेल खान ने कहा था कि उन्होंने सीमा के साथ अपनी जिंदगी के 25 साल बिताए हैं। उन्होंने सीमा को एक खूबसूरत और अच्छे दिल वाली महिला बताया। सोहेल ने यह भी कहा था कि अगर उनके रिश्ते में कभी कोई गलती हुई होगी, तो वह उनकी तरफ से हुई होगी। जेल के दिनों को याद कर भावुक हुए सलमान इस दौरान सलमान खान ने अपने जेल के अनुभव पर भी बात की। उन्होंने सोहेल और दूसरे इनमेट्स से कहा, सालं पहले, जब मैं जेल गया था तो सामने सलाखें थीं। वहां एक साथ 50-60-60 के लिए एक बाथरूम था। इंडियन स्टाइल कमोड था, जहां छिपकली थी। वहां पूरे समय ऊपर तक गंदगी भरी होती थी। शो में सलमान ने सोहेल के वजन घटने पर सवाल किया। जब दूसरे कंटेस्टेंट्स ने बताया कि सोहेल ने 12 किलो वजन कम किया है, तो सलमान ने बताया कि उन्होंने भी 16 किलो वजन घटाया है। शो अलायंस के बारे में-
आज की तेज़-तर्रार दुनिया में, जहाँ ज़िंदगी महज 'स्क्रॉलिंग' और 'ट्रोलिंग' के बीच सिमट कर रह गई है, ऐसे में नेटफ्लिक्स की नई वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफ़े' एक ताज़ा हवा के झोंके की तरह आती है। रुचिर अरुण द्वारा निर्देशित और 8 एपिसोड्स में बंटी यह श्रृंखला दिव्या प्रकाश दुबे के मशहूर हिंदी उपन्यास पर आधारित है। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि जिंदगी में कभी-कभी रुकना, ठहराव लेना और पलों को जीना कितना ज़रूरी है। कहानी: प्यार, सपने और अधूरे अहसास कहानी की शुरुआत भोपाल में अरेंज्ड मैरिज के लिए मिले चंदर (विक्रांत मैसी) और सुधा (वेदिका पिंटो) से होती है। पहली मुलाकात में एक-दूसरे को रिजेक्ट करने के बाद भी किस्मत उन्हें बार-बार आमने-सामने लाती है। दोनों में गहरा और सच्चा प्यार हो जाता है, लेकिन सुधा अपने लॉ फर्म के सपनों को पूरा करने के लिए शादी से इनकार कर देती है। सालों बाद, चंदर अपनी नौकरी छोड़कर पहाड़ों में एक कैफ़े खोलने का सपना पूरा करता है और उसकी ज़िंदगी में प्रीति (महिमा मकवाना) की एंट्री होती है। प्रीति एक आत्मनिर्भर, प्रैक्टिकल और समझदार महिला है जो चंदर के साथ एक खूबसूरत रिश्ता बनाती है। हालांकि, चंदर के दिल के किसी कोने में सुधा की यादें अब भी बाकी हैं। यह कहानी किसी एक को सही या गलत ठहराने के बजाय प्यार, महत्वाकांक्षा और गलत समय के ताने-बाने को बहुत ही खूबसूरती से पेश करती है। मुसाफिर कैफ़े: परफॉर्मेंस 'मुसाफिर कैफ़े' की आत्मा क्या है, यह किसी एक चीज़ के बारे में कहना मुश्किल है। चाहे परफॉर्मेंस हो, कहानी हो या सेटिंग, सब कुछ मिलकर एक ऐसा फ़्लेवर बनाते हैं जो बिल्कुल अनोखा है। चंदर के रोल में विक्रांत मैसी ने ऐसे आदमी का किरदार निभाया है जैसा हर औरत चाहती है। वे मिलनसार, सब्र रखने वाले और इमोशनली साथ देने वाले इंसान हैं; वे एक 'सेफ़ स्पेस' (सुरक्षित जगह) की मिसाल हैं। कई बार विक्रांत और चंदर के बीच फ़र्क करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि यह किरदार उन पर बहुत स्वाभाविक लगता है। वे अपनी एक्टिंग को बहुत आसान और सहज बना देते हैं। आप यह सोचना छोड़ देते हैं कि वे एक्टिंग कर रहे हैं या नहीं, क्योंकि वे पूरी तरह से उस किरदार में ढल जाते हैं। सुधा के रोल में वेदिका पिंटो भी उतनी ही प्रभावशाली हैं। वे एक जोश से भरी युवा महिला के रोल में आसानी से ढल जाती हैं, जो प्यार और अपने सपनों के करियर के बीच फंसी हुई है। उनकी परफॉर्मेंस स्वाभाविक लगती है और विक्रांत के साथ उनकी केमिस्ट्री फ़िल्म की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है। दोनों के बीच का हर पल सच्चा और असल लगता है। महिमा मकवाना का 'प्रीति' वाला किरदार शायद फ़िल्म का एक सुखद सरप्राइज़ है। वह कॉन्फिडेंट है, इमोशनली मज़बूत है और उसे पता है कि उसे ज़िंदगी से क्या चाहिए। वह सफलतापूर्वक एक बिज़नेस चलाती है, राइटर बनने का सपना भी पूरा करती है और रिश्ते (या अपने बिज़नेस) में खुद को खोए बिना प्यार के लिए भी जगह बनाती है। खासकर एक सीन बहुत यादगार है, जिसमें वह मानती है कि चंदर और सुधा का रिश्ता बहुत गहरा था और वह उसकी ज़िंदगी के उस हिस्से में दखल न देने का फैसला करती है। अतीत से मुकाबला करने के बजाय, वह अपनी बनाई ज़िंदगी और रिश्ते में सुकून पाती है। ठीक उसी पल प्रीति आपका दिल जीत लेती है। कास्ट के अलावा, कैफ़े और पहाड़ भी बराबर क्रेडिट के हकदार हैं। वे लगभग खामोश किरदारों की तरह हैं, जो बिना कुछ कहे माहौल बनाते हैं। चाहे भोपाल की जानी-पहचानी गलियां हों या पहाड़ों के बीच बसा आरामदायक कैफ़े, हर लोकेशन कहानी में गर्माहट और एक अलग पहचान जोड़ती है। एक्टिंग, सेटिंग और राइटिंग मिलकर कुछ सुकून देने वाला अनुभव बनाते हैं, जैसे एक बेहतरीन कप कॉफ़ी। मुसाफिर कैफ़े: म्यूज़िक और डायलॉग्स 'मुसाफिर कैफ़े' डायलॉग्स के बजाय राइटिंग और स्क्रीनप्ले पर ज़्यादा निर्भर करती है। यह बातचीत का एक सिलसिला है - ऐसी बातचीत जो लंबे समय तक याद रहती है और आपको सोचने पर मजबूर करती है। हालांकि, 'मुसाफिर कैफ़े' में म्यूज़िक अहम भूमिका निभाता है। यह बहुत ही सुकून देने वाला है और सही पलों पर इस्तेमाल किया गया है। 'तेरा हुआ साहिबा', 'काफ़ी है ना', 'दरमियां', 'रोज़ाना', 'टूटा रहूंगा' और 'रोज़ाना रिप्राइज़' जैसे गाने कहानी को आगे बढ़ाने और खास पलों को और बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। मुसाफिर कैफे: निर्देशन रुचिर अरुण द्वारा निर्देशित, 8 एपिसोड की यह श्रृंखला लगभग पूरी तरह से तैयार केक की तरह लगती है। सरल कहानी को अनावश्यक रूप से जटिल नहीं बनाया गया है, और यही बात फिल्म की सफलता का कारण है। वे नाटकीय मोड़ों पर निर्भर रहने के बजाय संवादों और मौन को भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर देते हैं। कभी-कभी गति धीमी लग सकती है, लेकिन यह जीवन के एक पहलू को दर्शाती है और ध्यान भटकाने के बजाय उसे और निखारती है। तीनों मुख्य पात्रों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार के लिए अरुण प्रशंसा के पात्र हैं। किसी को भी नायक या खलनायक के रूप में चित्रित नहीं किया गया है। यह श्रृंखला इस बारे में नहीं है कि किसे सबसे अधिक स्क्रीन टाइम मिलता है। इसके बजाय, वे उन्हें त्रुटिपूर्ण लेकिन फिर भी प्रासंगिक लोगों के रूप में प्रस्तुत करते हैं। मुसाफिर कैफ़े: क्या अच्छा है और क्या नहीं अगर ज़िंदगी आपसे थोड़ा रुककर ऐसा शो देखने के लिए कह रही है जो आपकी आत्मा को सुकून दे, तो 'मुसाफिर कैफ़े' बिल्कुल वैसा ही शो है। इसमें कोई सस्पेंस या अगले एपिसोड में किसी धमाकेदार कहानी का वादा नहीं है। फिर भी, आप तीनों मुख्य किरदारों की कहानी में दिलचस्पी लेंगे क्योंकि आप उन तीनों में कहीं न कहीं खुद की झलक पाएंगे। इसमें पहाड़ हैं; बढ़िया कॉफ़ी और अच्छी चाय का ज़िक्र है, किताबें हैं और प्यार भी है - तो भला क्या पसंद नहीं आएगा! 'मुसाफिर कैफ़े' की कुछ कमियों में से एक यह हो सकती है कि यह कहानी बहुत ज़्यादा सुरक्षित रास्ते पर चलती है। जब कहानी में इमोशनल उलझनें आती भी हैं, तो वे शायद ही कभी ऐसे पलों में बदलती हैं जो शो खत्म होने के बाद भी आपके ज़हन में बने रहें। उलझनों को उसी नरमी से सुलझाया जाता है जो इस फ़िल्म की पहचान है; यह इसके मूड के हिसाब से तो ठीक है, लेकिन इससे उनका असर भी कम हो जाता है। मुसाफिर कैफ़े: आखिरी राय 'मुसाफिर कैफ़े' देखना शनिवार की धीमी दोपहर या रविवार की शांत सुबह जैसा लगता है - ऐसा सुकून भरा पल जिसकी चाहत हमें भागदौड़ भरे हफ़्ते के बाद होती है। अगर आप कोई सुकून देने वाली, दिल को छू लेने वाली कहानी देखना चाहते हैं, तो इसे अपनी वॉचलिस्ट में ज़रूर शामिल करें। वैसे भी, 'मुसाफिर कैफ़े' आपका समय देने लायक है। सिर्फ़ इसलिए नहीं कि इसमें बेहतरीन कलाकार और दिल को छू लेने वाली कहानी है, बल्कि इसलिए भी क्योंकि यह आपको धीरे चलने, सोच-समझकर ब्रेक लेने और ज़िंदगी में कुछ छूट जाने की चिंता न करने की याद दिलाता है। रेटिंग: 3.5 / 5 स्टार
टीवी शो अपोलीना- सपनों की उड़ान एक्ट्रेस अदिति शर्मा ने हाल ही में पति और ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। गोरेगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में एक्ट्रेस ने पति पर मारपीट, घरेलू हिंसा, चरित्र पर सवाल उठाने जैसे कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने शिकायत पति अभिनीत विद्यानंद कौशिक, सास उर्मिला कौशिक और नंद कीर्ति कौशिक का नाम भी शिकायत में लिखवाया है। मुंबई के गोरेगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, अदिति शर्मा जून 2021 में एक ऑनलाइन एक्टिंग क्लास में अभिनीत से मिली थीं। दोनों की दोस्ती हुई और कुछ समय बाद दोनों रिलेशनशिप में आ गए। 3 सालों तक डेट करने के बाद उन्होंने 12 नवंबर 2024 में परिवार की रजामंदी से अभिनीत से शादी की। शादी से पहले ही दोनों सितंबर 2024 से गोरेगांव के एक फ्लैट में साथ रह रहे थे। अदिति के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही अभिनीत का व्यवहार बदल गया। पति उनके कपड़ों और छोटी-छोटी बातों पर उनसे झगड़ने लगे। एक्ट्रेस ने दावा किया है कि वो खुद घर का पूरा खर्च उठाती थीं, इसके बावजूद पति बार-बार उनसे पैसे मांगते थे। 1 जनवरी 2025 में कॉफी पर दोनों का झगड़ा हुआ, जिस समय अभिनीत ने एक्ट्रेस को गालियां देना शुरू कर दिया और उनके कैरेक्टर पर सवाल उठाने लगे। अदिति ने आरोप लगाया है कि पति उन पर बार-बार दूसरे पुरुषों से संबंध होने का आरोप लगाते थे और उनका मोबाइल चेक करते थे। झगड़े इतने बढ़ने लगे कि दोनों अलग-अलग सोने लगे। एक्ट्रेस ने शिकायत में ये भी दावा किया है शादी के बाद उनके सारे गहने सास ने रख लिए, जिसमें सोने की चेन, सोने और हीरे की कई अंगूठियां, मंगलसूत्र, चूड़ियां भी शामिल हैं। बार-बार मांगने के बावजूद सास ने गहने नहीं लौटाए। पुलिस जांच जारी, कोई गिरफ्तारी नहीं एक्ट्रेस की शिकायत के बाद गोरेगांव पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल करीबियों से पूछताछ जारी है। इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पति ने लगाए थे को-स्टार से अफेयर के आरोप अदिति द्वारा शिकायत दर्ज करवाए जाने से पहले उनके पति अभिनीत ने को-स्टार सामर्थ से अफेयर के आरोप लगाए थे। 2025 में अभिनीत कौशिक ने भी इंडिया फोरम से बातचीत में कहा था, अदिति के सभी करीबी हमारे बारे में जानते थे। मैं उसके मैनेजर की तरह रहता था, लेकिन मैं अब वाकई उसका सारा काम संभालता हूं। वो शादी के लिए डेढ़ साल से मेरे पीछे पड़ी थी। मैं उससे कहता था कि मैं इसके लिए तैयार नहीं हूं। शुरुआत में मैं शादी के लिए एक्साइटेड था, लेकिन समय के साथ चीजें बदल गई थीं। डेढ़ साल बाद वो दबाव बनाने लगी और हमने नवंबर 2024 में शादी कर ली। आगे अभिजीत ने कहा, उसने शर्त रखी थी कि करियर की खातिर हमें इस शादी को राज रखना है। मैंने अपने पार्टनर के लिए सारी बातें मान लीं। हमने घर में उसके और मेरे भाई-बहनों, पेरेंट्स, पंडित जी के सामने सारे रीति-रिवाजों से शादी की। मेरे पास इस शादी के 1000 फोटोज हैं। वो उस समय वो अपोलीना शो की शूटिंग शुरू कर रही थी। उस शो की प्रोड्यूसर करिश्मा को इस बारे में पता चल गया था। आरोप- अदिति को एक्टर के साथ रंगे हाथों पकड़ा बातचीत में अभिनीत के लीगल एडवाइजर राकेश शेट्टी ने बताया है कि एक बार अभिनीत ने अदिति को सामर्थ गुप्ता (अपोलीना को-स्टार) के साथ घर में रंगे हाथ पकड़ा था। एक बार अभिनीत पुणे गए थे, तब अदिति ने समर्थ को घर बुलाया था। बिल्डिंग में म्यूचल फ्रैंड्स ने जब इसकी जानकारी दी, तब अभिनीत लौटा। इसके बाद पुलिस बुलाई गई थी। जब बाद में अदिति के पेरेंट्स को बुलाया गया तो अदिति ने कहा कि उनकी शादी मान्य नहीं है। ये एक मॉक ट्रायल था।
Box Office Report: स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे रिलीज के बाद से ही भारतीय बॉक्स ऑफिस पर जमकर नोट छाप रही है। संडे को इसने धमाल 4 और जन नायकन के साथ कितना कमाया, जानिए...
ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर Jana Nayagan का कब्जा, संडे को आया कमाई का बवंडर
साउथ फिल्म अभिनेता विजय थलापति की फिल्म जन नायकन कमाई के मामले में दुनियाभर में धमाल मचा रही है।
'खतरों के खिलाड़ी 15' में नजर आ रहीं एक्ट्रेस फरहाना भट्ट ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें शो में हिस्सा लेने से मना किया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने शो के मुश्किल स्टंट्स, अपनी बीमारी, फैंस की उम्मीदों, रुबीना दिलैक के साथ दोस्ती और होस्ट रोहित शेट्टी से मिले हौसले पर खुलकर बात की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश… सवाल: 'खतरों के खिलाड़ी' का अनुभव कैसा रहा? जवाब: यह मेरी जिंदगी का 'वन्स इन अ लाइफटाइम' अनुभव रहा। शायद मैं दोबारा लाख कोशिश करूं, तब भी ऐसा अनुभव नहीं मिल पाएगा। इस सीजन के स्टंट बेहद मुश्किल और पहले से अलग हैं। पुराने स्टंट्स को भी नए ट्विस्ट के साथ पेश किया गया है। कई बार ऐसा लगा कि अब शरीर और दिमाग दोनों जवाब दे देंगे, लेकिन खुद को एक कदम और आगे बढ़ाने की हिम्मत ही सबसे बड़ी जीत थी। शो से लौटने के बाद जिंदगी काफी व्यस्त हो गई है, लेकिन यह सफर पूरी तरह यादगार रहा। सवाल: आपकी पहचान एक निडर इंसान की है। क्या कोई ऐसा डर था, जिसे आपने इस शो में हराया? जवाब: स्टंट करते समय हर किसी को डर लगता है, चाहे वह ऊंचाई हो, पानी हो, कीड़े हों या मगरमच्छ। लेकिन मेरा सबसे बड़ा डर यह था कि मेरे फैंस मुझसे निराश न हों। मैं नहीं चाहती थी कि उन्हें कभी लगे कि यह स्टंट मैं कर सकती थी, लेकिन मैंने कोशिश ही नहीं की। मेरे लिए जीत-हार से ज्यादा जरूरी हर स्टंट में अपना 100 प्रतिशत देना था। अगर मैं पूरी कोशिश करती हूं तो वही मेरे लिए सबसे बड़ी जीत है। सवाल: फैंस की उम्मीदों का दबाव कितना महसूस हुआ? जवाब: मुझे इस बात की चिंता नहीं थी कि मैं कमजोर दिखूंगी। मैं चाहती थी कि लोग यह देखें कि मैंने पूरी ईमानदारी से कोशिश की। स्टंट करते समय डर चेहरे पर दिखना स्वाभाविक है, लेकिन पीछे हटना मुझे मंजूर नहीं था। मेरे फैंस को हमेशा लगे कि फरहाना ने अपनी पूरी ताकत लगा दी। सवाल: शो में सबसे अच्छी दोस्ती किसके साथ हुई? जवाब: रुबीना दिलैक, ऑरी, करण, रित्विक, अविनाश और रुहानिका सभी के साथ अच्छा रिश्ता बना। रुहानिका उम्र में छोटी हैं, लेकिन बेहद मजबूत और फोकस्ड हैं। कई बार उनके स्टंट देखकर मुझे भी चिंता होती थी कि कहीं वह डर न जाएं। इस शो में सभी एक-दूसरे की तकलीफ समझते हैं, इसलिए रिश्ते अपने आप बन जाते हैं। सवाल: रुबीना दिलैक ने आपका खास ख्याल रखा। उसके बारे में बताइए? जवाब: शो से पहले ही मुझे पेट से जुड़ी गंभीर समस्या थी। डॉक्टर ने साफ कहा था कि इस साल शो मत करो, लेकिन मैंने दवाइयों के भरोसे जाने का फैसला किया। केपटाउन में शूटिंग इतनी व्यस्त थी कि मैं समय पर दवा भी नहीं ले पाई। भारत लौटने के बाद हालत बिगड़ गई और मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। जैसे ही रुबीना को पता चला, वह अस्पताल मिलने पहुंच गईं। सेट पर भी वह हमेशा पूछती थीं कि मैंने खाना खाया या नहीं, दवा ली या नहीं। वह जबरदस्ती घी खिलाती थीं ताकि मेरी सेहत ठीक रहे। उनका यह अपनापन मैं कभी नहीं भूलूंगी। सवाल: डॉक्टर ने मना किया था, फिर भी आपने शो क्यों किया? जवाब: सच कहूं तो आज भी नहीं पता कि मैं इस शो को लेकर इतनी उत्साहित क्यों थी। मुझे पता था कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है। मैं जिम भी नहीं जाती और न ही खुद को बहुत फिट मानती हूं। एक स्टंट के बाद मेरी पूरी बॉडी टूट गई थी। तब वहां के एक स्टंटमैन ने मुझसे कहा, 'तुम जितना सोचती हो, उससे कहीं ज्यादा मजबूत हो।' शायद मेरी सबसे बड़ी ताकत मेरा दिमाग था। कई बार शरीर जवाब दे देता था, लेकिन मेरा मन हार मानने को तैयार नहीं होता था। मुझे लगता था कि अब मुझसे नहीं होगा, लेकिन फिर भी मैं खुद को आगे बढ़ाती रही। सवाल: क्या कभी ऐसा लगा कि अब यह स्टंट नहीं हो पाएगा? जवाब: हां, कई बार ऐसा लगा कि अब बस यहीं रुक जाऊंगी। कुछ स्टंट इतने मुश्किल थे कि डर अपने चरम पर था। लेकिन मैंने खुद से कहा कि बस एक कदम और बढ़ाना है। मुझे हमेशा भरोसा था कि शो की मेडिकल टीम हमारे साथ है और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसी भरोसे ने मुझे हर बार हिम्मत दी। सवाल: होस्ट रोहित शेट्टी से क्या सीखने को मिला? जवाब: रोहित सर की तारीफ सुनना अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है। जब वह किसी स्टंट के बाद कहते हैं, 'आई एम प्राउड ऑफ यू', तो लगता है जैसे सारी मेहनत सफल हो गई। कई बार मैं सिर्फ इसलिए और बेहतर करने की कोशिश करती थी ताकि उनके मुंह से ये शब्द सुन सकूं। अगर कभी लगता था कि मैं और अच्छा कर सकती थी, तो सबसे ज्यादा अफसोस इसी बात का होता था। रोहित सर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह बिना कोई खास टिप दिए भी आपका आत्मविश्वास बढ़ा देते हैं। अगर कोई डर रहा हो तो वह इस तरह हौसला बढ़ाते हैं कि मुश्किल स्टंट भी आसान लगने लगता है। सवाल: क्या रोहित शेट्टी के साथ फिर काम करने की इच्छा है? जवाब: बिल्कुल। मैं पहले भी उनके साथ काम कर चुकी हूं। अगर भविष्य में उनकी किसी फिल्म में मेरे लिए जगह बनती है तो वह मेरे करियर का सबसे बड़ा मौका होगा। मैं उम्मीद करती हूं कि दोबारा उनके साथ काम करने का अवसर जरूर मिलेगा। सवाल: आपके हिसाब से इस सीजन के मजबूत फाइनलिस्ट कौन हो सकते हैं? जवाब: इस शो में कई मजबूत खिलाड़ी हैं। रुबीना, अविनाश, ऑरी, करण, रित्विक और मैं खुद भी फाइनल तक पहुंच सकते हैं। सभी की पर्सनैलिटी अलग है, लेकिन एक चीज सबमें समान थी-हर कोई जीतने के इरादे से आया था। यही इस सीजन की सबसे बड़ी खासियत है। सवाल: 'खतरों के खिलाड़ी' ने आपको क्या सिखाया? जवाब: मैंने सीखा कि जिंदगी में कितनी भी मुश्किल स्थिति आ जाए, सबसे पहले खुद को शांत रखना चाहिए। कोई भी परिस्थिति उतनी कठिन नहीं होती, जितना हम उसे अपने दिमाग में बना लेते हैं। अगर आप अपने मन को समझा लें कि यह मुश्किल नहीं है, तो आधी लड़ाई वहीं जीत जाते हैं। इंसान अगर अपने दिमाग पर काबू पा ले, तो वह किसी भी डर का सामना कर सकता है। सवाल: आगे किस तरह के प्रोजेक्ट्स में नजर आएंगी? जवाब: मेरा पूरा फोकस अब एक्टिंग पर है। मैं अच्छे एक्टिंग प्रोजेक्ट्स करना चाहती हूं। रियलिटी शो से मुझे बहुत कुछ मिला है, लेकिन बतौर कंटेस्टेंट यह मेरा आखिरी रियलिटी शो होगा। अब मैं अपनी एक्टिंग, हेल्थ और दूसरी जरूरी स्किल्स पर काम करना चाहती हूं। मेरा मानना है कि चाहे इंसान कितना भी सफल हो जाए, उसे अपने हुनर को लगातार निखारते रहना चाहिए। सवाल: शगुन ने कुछ कंटेस्टेंट्स पर उनका मजाक उड़ाने का आरोप लगाया था। इस पर आपकी क्या राय है? जवाब: कुछ मौके ऐसे आए, जब मुझे भी लगा कि कुछ बातें जरूरत से ज्यादा कही गईं। हो सकता है सामने वाले का इरादा मजाक का रहा हो, लेकिन शब्दों का चुनाव बहुत मायने रखता है। मुझे लगा कि शगुन उन बातों से असहज थीं। अच्छी बात यह रही कि उन्होंने खुद अपने लिए आवाज उठाई। उन्होंने किसी और से अपने लिए लड़ने की उम्मीद नहीं की। मैं खुद इन चीजों से थोड़ा दूर रहती थी क्योंकि मेरा पूरा ध्यान सिर्फ स्टंट्स पर था। हालांकि शगुन ने मुझसे भी कहा था कि कुछ बातें मेरे बारे में भी कही जा रही हैं, लेकिन मैंने उन्हें नजरअंदाज किया और अपना फोकस सिर्फ खेल पर रखा। हर इंसान का स्वभाव अलग होता है। अगर शगुन ने यह बात कही है, तो जरूर उन्होंने कुछ महसूस किया होगा। किसी एक व्यक्ति को बार-बार निशाना बनाना या ऐसे शब्द इस्तेमाल करना, जिससे सामने वाला असहज हो, सही नहीं है।
Spider-Man Brand New Day ने चौथे दिन मारी डबल सेंचुरी, करारे नोटों से भरी मेकर्स की झोली
टॉम हॉलैंड और जेंडया स्टारर 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर चार दिनों से धमाल मचा रखा है। जानिए कितनी रही चौथे दिन की कमाई।
'भाबीजी घर पर हैं' टीवी शो में अंगूरी भाभी का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने अपनी जिंदगी के डरावने वाकयों का खुलासा किया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में शुभांगी ने बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में टीवी शो 'कस्तूरी' के सेट पर उनकी रैगिंग हुई थी और प्रोडक्शन टीम के लोग उनसे गलत बर्ताव करते थे। इसके अलावा इंदौर में स्कूल की पढ़ाई के दौरान एक स्टॉकर उनका पीछा करता था और पूरे मोहल्ले की दीवारों पर अपना और शुभांगी का नाम लिख देता था। 2-3 दिन वैनिटी वैन में बीतते थे, खाना खाते वक्त चिल्लाते थे लोगशुभांगी अत्रे ने इंटरव्यू में बताया कि उनके करियर की शुरुआत एकता कपूर के शो 'कस्तूरी' से हुई थी। इसे वे अपने करियर का टर्निंग प्वाइंट मानती हैं। इस शो की शूटिंग के दौरान उनका शेड्यूल काफी बिजी रहता था। कई बार उन्हें दो से तीन दिन लगातार अपनी वैनिटी वैन में ही रुकना पड़ता था। शुभांगी ने बताया कि उस दौर में सेट पर कुछ प्रोडक्शन वाले बहुत रूड बर्ताव करते थे। जब वे खाना खा रही होती थीं, तो जोर-जोर से चिल्लाकर कहते थे कि शॉट तैयार है और वे कैसे खाना खा सकती हैं। शुरुआत में चुप रहीं, फिर प्रोडक्शन टीम को दिया जवाबसेट के माहौल पर बात करते हुए शुभांगी ने कहा कि उस समय महिलाओं के साथ ऐसा बर्ताव आम बात थी। वे एक साधारण बैकग्राउंड से आई थीं, इसलिए शुरुआत में उन्होंने यह सब चुपचाप सहा। हालांकि, बाद में उन्होंने चुप रहने के बजाय गलत बात का जवाब देना शुरू कर दिया। शुभांगी के मुताबिक, अपनी इज्जत बनाए रखने के लिए बिना गाली-गलौज किए भी कड़ा रुख अपनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में स्थिति काफी बदल चुकी है और महिलाएं अपने हक के लिए तुरंत आवाज उठाती हैं। इंदौर में 10वीं क्लास के दौरान स्टॉकर ने परेशान किया शुभांगी ने अपनी जिंदगी के दूसरे सबसे डरावने वाकये का जिक्र किया, जो इंदौर में उनके स्कूल के दिनों का है। जब वे 10वीं-11वीं क्लास में पढ़ती थीं, तब एक बाइक सवार शख्स उनका पीछा करता था। वह शख्स घर के सामने वाली दीवार, कॉलोनी की सड़कों, बिल्डिंगों और कॉलेज की दीवारों पर शुभांगी और अपना नाम लिख देता था। जब भी घर का दरवाजा खुलता, सामने दीवारों पर वही नाम लिखा दिखता था। इस वाकये से उनका पूरा परिवार डर गया था। स्टॉकर की हरकतों से परेशान होकर शुभांगी की बहन ने उस शख्स से बात की थी। बहन ने उससे कहा था कि दीवारों पर नाम लिखने से कुछ हासिल नहीं होने वाला। अगर कुछ बात करनी है तो पहले लाइफ में कुछ बनकर और हासिल करके आओ। शुभांगी अत्रे का एक्टिंग करियर शुभांगी अत्रे ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत एकता कपूर के लोकप्रिय धारावाहिक 'कसौटी जिंदगी की' से की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान साल 2007 में आए टीवी शो 'कस्तूरी' में लीड रोल निभाकर मिली। इसके बाद उन्होंने 'दो हंसों का जोड़ा', 'चिड़िया घर' और 'हमारी अधूरी कहानी' जैसे कई चर्चित टीवी शोज में अपनी अलग-अलग भूमिकाओं से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। हालांकि, उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट सुपरहिट कॉमेडी शो 'भाबीजी घर पर हैं' साबित हुआ। इसमें 'अंगूरी भाभी' का किरदार निभाकर और उनका डायलॉग सही पकड़े हैं बोलकर शुभांगी देश के हर घर में मशहूर हो गईं।
बॉक्स ऑफिस पर ‘वेलकम टू द जंगल’ की सफलता के बाद अक्षय कुमार और निर्देशक अहमद खान की जोड़ी एक बार फिर बड़े परदे पर लौट सकती है। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक ‘दोनों नई फिल्म को लेकर शुरुआती स्तर पर चर्चा कर रहे हैं। अभी तक किसी एक कहानी या जॉनर पर अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन कई अलग-अलग विषयों पर विचार-विमर्श जारी है। यदि सब कुछ योजना के अनुरूप रहा तो आधिकारिक घोषणा तारीखों और स्क्रिप्ट के अंतिम रूप लेने के बाद की जा सकती है।’ शेड्यूल और स्क्रिप्ट सबसे बड़ी चुनौती अक्षय और अहमद के नए प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही कहानी और शूटिंग शेड्यूल तय करना है। अक्षय पहले से कई फिल्मों की शूटिंग और रिलीज की तैयारियों में बिजी हैं। वहीं, अहमद भी अपने दूसरे प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। ऐसे में नई फिल्म की घोषणा से पहले दोनों अपनी उपलब्ध तारीखों और प्रोडक्शन टाइमलाइन पर काम कर रहे हैं। पिछले कुछ समय से ऐसी चर्चाएं भी थीं कि अहमद खान अपनी अगली फिल्म टाइगर श्रॉफ और शनाया कपूर के साथ एक ज़ॉम्बी कॉमेडी के रूप में शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा ‘वेलकम’ फ्रेंचाइज की अगली फिल्म को लेकर भी अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। एक्शन फिल्मों में हिट रही है जोड़ी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि अहमद की निर्देशन शैली और अक्षय की स्क्रीन प्रेजेंस एक्शन फिल्मों में अच्छा तालमेल बनाती है। दोनों पहले भी साथ काम कर चुके हैं और एक-दूसरे की कार्यशैली से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में अगर नया प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है, तो उसमें बड़े स्तर के एक्शन देखने की संभावना जताई जा रही है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में दर्शकों की पसंद में काफी बदलाव आया है। अब सिर्फ एक्शन या सिर्फ कॉमेडी के बजाय ऐसी फिल्मों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है, जिनमें एक्शन, कॉमेडी, ड्रामा और मनोरंजन के दूसरे तत्वों का संतुलित मेल हो। यही वजह है कि अक्षय और अहमद की संभावित नई फिल्म को भी एक बड़े कमर्शियल एंटरटेनर के रूप में तैयार किए जाने की चर्चा है। निर्माता को लेकर भी जारी हैं चर्चाएं सूत्रों के मुताबिक...‘अक्षय और अहमद की संभावित नई फिल्म के निर्माता को लेकर भी इंडस्ट्री में कई तरह की चर्चाएं हैं। दोनों लंबे समय से कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करते रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट किसी बड़े बैनर के तहत बन सकता है। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने किसी निर्माता के नाम की घोषणा नहीं की है।’ नए प्रोजेक्ट के लिए कई जॉनर पर विचार कर रहे हैं दोनों ‘वेलकम टू द जंगल’ की सफलता ने निर्माता-निर्देशकों का भरोसा अक्षय और अहमद की जोड़ी पर और मजबूत किया है। यही वजह है कि दोनों अब एक नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। शुरुआती चर्चाओं में एक्शन कॉमेडी, रोमांटिक एक्शन ड्रामा और पूरी तरह एक्शन आधारित फिल्म जैसे कई जॉनर पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार ‘अक्षय के पास भी एक ऐसी कहानी है, जिस पर दोनों के बीच शुरुआती स्तर पर चर्चा हो चुकी है। हालांकि अभी तक किसी प्रोजेक्ट की घोषणा नहीं की गई है। पिछले कुछ वर्षों में हिंदी सिनेमा में सफल अभिनेता-निर्देशक जोड़ियों का दोबारा साथ आना एक आम ट्रेंड बन गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने कड़ा एतराज जताया है। भूमि ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल बिल्कुल गलत है। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी इस प्रदर्शन में नारेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भूमि पेडनेकर, अभिनेता मुकेश खन्ना और सांसद कंगना रनोट समेत कई बड़ी हस्तियों की प्रतिक्रिया सामने आई है। यह हमारी संस्कृति नहीं, युवाओं को संयम बरतने की जरूरत भूमि पेडनेकर ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि शिक्षा और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने का हक सभी को है, लेकिन अपनी बात रखने का तरीका सही होना चाहिए। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हमारे देश के युवा कर रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। हम अपने देश के सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में बात कर रहे हैं। क्या हम अपने घर के बड़ों से कभी इस तरह बात करते हैं? भूमि ने जेन-जी (Gen Z) से देश की संस्कृति और संवाद की परंपरा का सम्मान करने की अपील की। मुकेश खन्ना ने प्रदर्शनकारियों को बताया ‘कॉकरोच’ अभिनेता मुकेश खन्ना ने भी इस मुद्दे पर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदर्शन का समर्थन करने वालों को 'कॉकरोच' बताते हुए देश से बाहर फेंकने की बात कही। मुकेश खन्ना ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन असली छात्रों का नहीं है, बल्कि सरकार को अस्थिर करने के अजेंडे के तहत छात्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से भविष्य में नौकरी और वीजा मिलने में परेशानी हो सकती है, इसलिए वे समय रहते इससे दूर हो जाएं। NEET पेपर लीक से शुरू हुआ विवाद पूरा मामला NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने की घटना के बाद शुरू हुआ। इसके विरोध में छात्रों और राजनीतिक संगठनों ने प्रदर्शन शुरू किए थे। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों और राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा के बाद यह मामला देश भर में चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक तरफ छात्र निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन के तरीकों पर बॉलीवुड हस्तियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। ये खबर भी पढ़ें काला चश्मा पहनकर पूजा करने पर ट्रोल हुईं भूमि पेडनेकर:सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुंची; गॉगल्स ना उतारने पर नाराज हुए लोग अभिनेत्री भूमि पेडनेकर अपने एक मंदिर दौरे के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल्स के निशाने पर आ गई हैं। सावन महीने की शुरुआत पर भूमि एक शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने और शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुंची थीं। इस दौरान उनके काले चश्मे (सनग्लासेज) पहनने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए हैं। पूरी खबर पढ़ें
लहर-लहर:खदानें, इमारतें, कारखाने नहीं... मुल्क की सबसे बड़ी दौलत नौजवान होते हैं
जब मैंने काम शुरू किया, तब मैं अपने से बड़ों के बीच था। मैंने सिप्पी फिल्म्स जॉइन की थी। रमेश सिप्पी साहब की ‘अंदाज’ बन रही थी। उस वक्त मेरी उम्र पच्चीस साल थी और रमेश जी छब्बीस के थे। लेकिन हमारे आसपास लगभग सभी हमसे उम्र में बड़े थे। उनसे हमने सीखा, उन्हें देखा, उनकी बातें सुनीं। फिर वक्त बदला। धीरे-धीरे हमारी उम्र के लोग इंडस्ट्री में आए। उसके बाद हमसे कम उम्र के लोग आने लगे। और आज जिन लोगों के साथ मैं काम करता हूं, उनमें से कई तो मेरे पोती-पोतों की उम्र के हैं। लोग अक्सर पूछते हैं कि इतने साल बाद भी आप अपने आपको प्रासंगिक कैसे बनाए हुए हैं। इसका कोई फॉर्मूला नहीं है, कोई जादू नहीं है। बस एक बात है- अगर आपके भीतर यह विनम्रता बची हुई है कि आप नई पीढ़ी की बात सुन सकें, उनसे सीख सकें और यह मान सकें कि दुनिया बदल रही है, तभी आप समय के साथ चल सकते हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि आदमी यह मान बैठे कि ‘मुझे सब पता है।’ जिस दिन आपको यह यकीन हो जाए कि ‘मैं ही सबसे ज्यादा जानता हूं’, उसी दिन आपकी सीखने की उम्र खत्म हो जाती है। अगर आप यह समझने लगें कि आपसे छोटों को दुनिया की कोई समझ नहीं है और बड़े भी आपसे ज्यादा नहीं जानते थे, तो आप अपने चारों तरफ दीवार खड़ी कर लेते हैं। आप तभी प्रासंगिक बने रह सकते हैं जब आपके भीतर इतनी विनम्रता हो कि यह स्वीकार कर सकें कि दुनिया बदल रही है। अगर आप नौजवानों की बात सुन सकते हैं, उनसे सीखने के लिए तैयार हैं और उन्हें समझने की कोशिश करते हैं, तो आप कभी अप्रासंगिक नहीं होंगे। किसी भी मुल्क की सबसे बड़ी दौलत उसकी खदानें, इमारतें या कारखाने नहीं होते; उसके नौजवान होते हैं। अगर नौजवानों के पास खुला दिमाग है, नई बातें सीखने की बेचैनी है और दुनिया को बेहतर बनाने का जज्बा है, तो उस देश का भविष्य सुरक्षित है। हमें नई पीढ़ी का सम्मान करना होगा। सच तो यह है कि हम इस दुनिया में ठहरने की अपनी बारी से कुछ ज्यादा ही ‘ठहर गए’ हैं; यह दुनिया असल में नई जेनरेशन की है। हां, यह भी सच है कि कुछ बातें अनुभव ने हमें सिखाई हैं, जो उन्हें अभी नहीं मालूम हैं, लेकिन उतना ही बड़ा सच यह भी है कि आज की दुनिया के बारे में बहुत-सी बातें वे जानते हैं, जिनकी हमें पूरी खबर नहीं। अगर दोनों पीढ़ियां एक-दूसरे से सीखने के लिए तैयार हों, तभी दोनों आगे बढ़ेंगे। हर नई पीढ़ी अपने साथ कुछ नया लेकर आती है। वह अपने बड़ों से कुछ सीखती है, लेकिन उनकी गलतियों को दोहराने के लिए पैदा नहीं होती। उसका काम है उनसे आगे जाना। अगर हर पीढ़ी पिछली पीढ़ी से ज्यादा समझदार, संवेदनशील और आजाद न बने, तो तरक्की का मतलब ही क्या रह जाएगा? एक बड़ी दिक्कत ये भी है कि लोग सुनते नहीं हैं, यानी जब आप बात कर रहे हैं तो मैं सुन नहीं रहा हूं, मैं ‘वेट’ कर रहा हूं कि जब ये चुप हों तो मैं अपनी बात कहूं। तो हम ‘वेटिंग टु टॉक’ हैं, ‘वेटिंग टु लिसनिंग’ नहीं। लेकिन वो एक बात है न कि- हमीं हम हैं तो क्या हम हैं, तुम्हीं तुम हो तो क्या तुम हो। तो दूसरे के भी ‘पॉइंट ऑफ व्यू’ को देखो। इतना सेल्फ सेंटर्ड एट्टिट्यूड और सेल्फिशनेस होगी तो दुनिया गड़बड़ हो जाएगी। मैं नौजवानों से हमेशा यही कहता हूं- दुनिया को अपनी आंखों से देखिए और उन लोगों की बात भी सुनिए जो आपसे अलग सोचते हैं। किसी बात को सिर्फ इसलिए सच मत मान लीजिए कि उसे बहुत लोग मानते हैं और किसी नए खयाल को सिर्फ इसलिए खारिज मत कर दीजिए कि वह नया है। मैं यह नहीं कहता कि हर पुरानी बात गलत है। मेरा सिर्फ इतना कहना है कि हर विचार- चाहे वह कितना ही पुराना क्यों न हो- तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखा जाना चाहिए। जो बात सही होगी, वह और मजबूत होकर सामने आएगी; जो गलत होगी, उसे बदल देना चाहिए। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)
बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने शनिवार को असम के शिवसागर में ग्लोबल सिख्स द्वारा आयोजित बाढ़ राहत वितरण कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को राशन और अन्य जरूरी सामान वितरित किया। रणदीप हुड्डा ने शिवसागर में गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेका और बाढ़ प्रभावित असम के लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना की। उन्होंने एनजीओ के साथ राहत कार्य में भी भाग लिया। लंगर सेवा के दौरान रणदीप हुड्डा ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि शिवसागर रेलवे स्टेशन पर आसपास के इलाकों से प्रभावित परिवार पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सात दिनों से हर दिन भोजन तैयार कर लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से ग्लोबल सिख्स के साथ जुड़े हैं। रणदीप हुड्डा ने लोगों से अपील की कि वे सीधे राहत कार्यों में भाग लेकर, प्रार्थना करके या राहत संगठनों को आर्थिक सहायता देकर जरूरतमंदों की मदद करें। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक बाढ़ के कारण 82 लोगों की मौत हो चुकी है। कई बॉलीवुड सेलेब्स मदद के लिए आगे आए रणदीप हुड्डा के अलावा असम में आई विनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों की सहायता के लिए कार्तिक आर्यन और सलमान खान जैसे बॉलीवुड सेलेब्स भी मदद के लिए आगे आए हैं। सलमान खान ने अपनी चैरिटेबल संस्था 'बीइंग ह्यूमन' के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में बहु-स्तरीय राहत अभियान शुरू किया है। मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान की संस्था 'बीइंग ह्यूमन' ने असम में जमीनी स्तर पर काम करने के लिए अपने स्थानीय फैन क्लब के साथ हाथ मिलाया है। अभियान के पहले चरण में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैयार भोजन के पैकेट और अन्य जरूरी सामान बांटे जा रहे हैं। कार्तिक आर्यन ने असम के मुख्यमंत्री राहत कोष (CM Relief Fund) में 1 करोड़ रुपए की राशि दी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर इस समय की गई इस बड़ी मदद के लिए उनका आभार व्यक्त किया था। असम में आई भीषण बाढ़ पर अभिनेत्री आलिया भट्ट ने दुख जताया है। आलिया ने कहा कि हर साल यह त्रासदी आती है, फिर भी लोग तैयार नहीं होते। उन्होंने जल्द राहत संगठनों की जानकारी साझा करने का वादा किया था। वहीं, आयुष्मान खुराना और ताहिरा कश्यप ने असम मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक मदद दी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
टीवी और रियलिटी शोज में अपनी अलग पहचान बना चुके अविनाश मिश्रा अब 'खतरों के खिलाड़ी' में नजर आने वाले हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने शो के मुश्किल स्टंट्स, अपने डर, रोहित शेट्टी से मिली सीख और शो के दौरान हुए भावनात्मक बदलावों पर खुलकर बात की। सवाल: 'खतरों के खिलाड़ी' को लेकर लोगों का जबरदस्त एक्साइटमेंट है। हर कोई आपको मजबूत खिलाड़ी और फाइनलिस्ट बता रहा है। कैसा लग रहा है? जवाब: बहुत अच्छा लग रहा है। सबसे पहले आपका शुक्रिया। 'खतरों के खिलाड़ी' वाकई शानदार शो है। मेरे लिए यह भारत का सबसे बेहतरीन रियलिटी शो है। मैं जब भी किसी शो में जाता हूं, चाहता हूं कि लोग मुझे एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में देखें। खुशी है कि लोगों के बीच मेरी वही छवि बन रही है। हर शो में मैं अपना असर छोड़ना चाहता हूं और इस बार भी लोगों को वह महसूस हो रहा है। सवाल: बिग बॉस हो या 'खतरों के खिलाड़ी', हर बार आप मजबूत खिलाड़ी बनकर सामने आते हैं। इसका राज क्या है? जवाब: यह पूरी तरह माइंडसेट पर निर्भर करता है। 'खतरों के खिलाड़ी' सिर्फ आपकी शारीरिक ताकत नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, इच्छाशक्ति और जुनून की भी परीक्षा लेता है। अगर आपकी मानसिक ताकत मजबूत है, तो आप बड़े से बड़ा डर भी जीत सकते हैं। यही इस शो की सबसे बड़ी चुनौती है। सवाल: शो में जाने से पहले किसी खास चीज से डर लगता था? जवाब: असल डर तब महसूस होता है, जब आप स्टंट करने के लिए उस जगह पर खड़े होते हैं। चाहे ऊंचाई हो या गहरा पानी, उस वक्त लगता है कि यह कैसे होगा। लेकिन जब आप स्टंट पूरा कर लेते हैं, तब एहसास होता है कि आपने अपने डर पर जीत हासिल कर ली। सवाल: कीड़े-मकोड़ों और दूसरे जीवों वाले स्टंट्स कितने मुश्किल थे? जवाब:शुरुआत के दो-तीन सेकंड काफी मुश्किल होते हैं। मन में कई तरह के डर आते हैं कि कहीं काट न लें या कुछ हो न जाए। लेकिन कुछ मिनट बाद सब सामान्य लगने लगता है। यह भी पूरी तरह माइंडसेट का खेल है। सवाल: रोहित शेट्टी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब:बहुत शानदार। वह बेहद प्रेरित करने वाले इंसान हैं। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा। उनका अनुशासन और मेहनत देखकर मैं प्रभावित हुआ। लगातार 45 दिन बिना किसी छुट्टी के शूटिंग हुई। हर दिन सुबह जल्दी सेट पर पहुंचना और देर शाम तक काम करना आसान नहीं था। रोहित सर भी पूरे समय हमारे साथ मौजूद रहते थे। उनका जुनून ही इस शो को इतना खास बनाता है। सवाल: शो में आपकी तुलना विराट कोहली से भी की गई। इस पर क्या कहेंगे? जवाब:यह बात विशाल ने वहां कही थी। विराट कोहली हम सभी के पसंदीदा खिलाड़ी हैं और मैं भी उनका बहुत बड़ा फैन हूं। अगर किसी ने मेरी तुलना उनसे की है, तो यह मेरे लिए खुशी की बात है। सवाल: क्या आपको लगता है कि आपने शो में अपना सौ फीसदी दिया? जवाब: बिल्कुल। मैंने अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ी। इस शो में कुछ ऐसे पल आए, जब मैंने कैमरे पर अपने बारे में ऐसी बातें शेयर कीं, जो शायद पहले कभी नहीं की थीं। स्टंट पूरा करने के बाद कई भावनाएं बाहर आती हैं। मैं आमतौर पर अपनी फीलिंग्स जाहिर नहीं करता, लेकिन इस शो ने मुझे ऐसा करने पर मजबूर किया। मुझे उम्मीद है कि दर्शक मुझे पहले से बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। सवाल: क्या शो में कुछ अच्छे दोस्त भी बने? जवाब:हां, मेरी करण और ऋत्विक जैसे दोस्तों के साथ अच्छी बॉन्डिंग बनी। ओरी भी इस शो का सबसे बड़ा सरप्राइज पैकेज है। लोग उन्हें देखकर काफी हैरान होंगे। वह इस सीजन के हिडन जेम हैं। सवाल: आपके ओटीटी प्रोजेक्ट को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इस पर क्या कहना चाहेंगे? जवाब:दर्शकों ने हमेशा मुझे बहुत प्यार दिया है। मेरे ओटीटी प्रोजेक्ट को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। मैं सभी का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। सवाल: परिवार का क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरे माता-पिता बहुत उत्साहित थे। उन्हें शो का इंतजार है। खासकर वे यह देखना चाहते हैं कि मैंने किस तरह खतरनाक स्टंट किए और उन मुश्किल हालात का सामना कैसे किया। सवाल: आखिर में अपने फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे? जवाब:बस इतना कहना चाहूंगा कि आपने हमेशा मुझे प्यार दिया है। उम्मीद है, इस बार भी 'खतरों के खिलाड़ी' में मेरा सफर आपको पसंद आएगा। आगे भी मैं आपको इसी तरह एंटरटेन करता रहूंगा।
धुरंधर और पठान की टांय-टांय फिस्स, Spider-Man Brand New Day ने तोड़ डाला कमाई का रिकॉर्ड
हॉलीवुड मूवी स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे भारत में कमाई के मामले में अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
कंगना रनोट ने ऋतिक रोशन से उनके नाम का इस्तेमाल कर उन्हें ट्रोल करने वालों की आलोचना करने की अपील की और कहा कि आग में घी डालने और अपनी पार्टनर को शर्मिंदा करने से बचना चाहिए। हाल ही में सोशल मीडिया पर ‘द वर्ल्ड ओज एन अपोलॉजी टू ऋतिक रोशन’ ट्रेंड सामने आया। यह ट्रेंड उस बयान के बाद चर्चा में आया, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने बरखा दत्त के साथ बातचीत में कहा था, मेरे दोस्त भी मुझे मैसेज कर रहे थे कि अब वो तुम्हारे पीछे क्यों पड़ी है? उनमें से एक ने कहा कि मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं। पूरी खबर यहां पढ़ें… इस ट्रेंड के बीच कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कंगना रनोट को ट्रोल करते हुए यही हैशटैग इस्तेमाल किया। इस पर ऋतिक रोशन ने प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी कहा था मेरे दोस्त, सिर्फ इसलिए किसी 'A' का पक्ष लेना क्योंकि अब आप 'B' को पसंद नहीं करते, हमारे समाज को नुकसान पहुंचाने वाली एक बड़ी प्रणालीगत समस्या का एक छोटा सा हिस्सा है। मैं तब तक इंतजार करूंगा, जब तक इसके पीछे का संदर्भ सही न हो और वह तथ्यों से प्रेरित न हो। वह सही होगा, लेकिन फिर से, अब किसे परवाह है, है ना? ऋतिक के इस रिएक्शन के बाद कंगना रनोट ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, प्रिय ऋतिक, मुझे खुशी है कि आपको अपना परफेक्ट पार्टनर मिल गया है। सबा आजाद के साथ आपकी जोड़ी बहुत अच्छी लगती है और आप दोनों एक गंभीर रिश्ते में हैं। कंगना ने आगे कहा कि ऐसे में किसी महिला को इस तरह चिढ़ाना या उसका मजाक उड़ाना आपको शोभा नहीं देता। इसके बजाय, आपको उन लोगों की निंदा करनी चाहिए, जो आपके नाम का इस्तेमाल करके मुझे परेशान कर रहे हैं और बुली कर रहे हैं। अपनी पोस्ट के अंत में कंगना ने लिखा, कृपया आग में घी डालने जैसा व्यवहार बंद करें और अपने पार्टनर को भी इस तरह शर्मिंदा न करें। उम्मीद है कि आप समझदारी से काम लेंगे और इस तरह की अनुचित टिप्पणियां करना बंद करेंगे। गौरतलब है कि कंगना और ऋतिक के बीच विवाद कई वर्षों से चर्चा में रहा है। कंगना ने ऋतिक को पिंकविला को दिए इंटरव्यू में अपना सिली एक्स कहा था। वहीं, ऋतिक ने सार्वजनिक रूप से किसी भी रिलेशनशिप से इनकार किया और अभिनेत्री को लीगल नोटिस भेजा था। एक्टर का दावा था कि उनके नाम से एक फर्जी ईमेल आईडी बनाकर कंगना से बातचीत की गई थी, जबकि कंगना का कहना था कि वह ईमेल आईडी स्वयं ऋतिक ने उन्हें उपलब्ध कराई थी। कंगना से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... 'फिल्मों के किरदार से मुझे जज मत करो':Gen Z विवाद पर कंगना रनोट का पलटवार, बोलीं- रील और रियल लाइफ में फर्क समझिए Gen Z को लेकर दिए गए बयान पर घिरीं कंगना रनोट ने अब ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों के किरदारों की क्लिप्स शेयर कर उन्हें निशाने पर लेने वालों पर कंगना ने पलटवार करते हुए कहा कि फिल्मों में निभाए गए किरदार और असल जिंदगी के विचारों की तुलना करना गलत है। उन्होंने लोगों से रील और रियल लाइफ का फर्क समझने की अपील की। पूरी खबर यहां पढ़ें… 'अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा है':संजय सिंह ने कंगना रनोट पर साधा निशाना, बोले- जेपी नड्डा जी अपनी सांसद को समझाइए संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनोट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। संजय सिंह ने सदन में कहा, इनकी एक सांसद हैं। उन्होंने किसान आंदोलन में किसानों को गालियां दीं। नौजवानों के आंदोलन में नौजवानों के लिए इतनी भद्दी टिप्पणी की, मान्यवर, इस सदन के अंदर मैं कह नहीं सकता। पूरी खबर यहां पढ़ें…
23वें दिन अचानक हुआ Dhamaal 4 का कमबैक, वीकेंड में बंपर कमाई से किया सबको सरप्राइज
हिंदी सिनेमा की फिल्म धमाल 4 ने रिलीज के 23वें दिन अचानक से बॉक्स ऑफिस पर कमबैक करके दिखाया है।
विजय थलापति की फिल्म जन नायकन कमाई के मामले में स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे की रिलीज के बाद भी हार नहीं मान रही है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

