साउथ फिल्म स्टार रामचरण अपनी आने वाली फिल्म 'पेड्डी' के म्यूजिक लॉन्च के लिए भोपाल पहुंचे थे। इस इवेंट में उनके साथ एआर रहमान और जान्हवी कपूर भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान रामचरण ने भारतीय क्रिकेटरों की तारीफ की, लेकिन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का जिक्र करते हुए उनसे एक भूल हो गई। उन्होंने क्रिकेट की जगह गलती से फुटबॉल से जोड़ दिया। इसका वीडियो सामने आने के बाद रामचरण ने तुरंत बुमराह से माफी मांगी और इसे भीड़ के बीच हुई उत्साह में हुई गलती बताया है। क्रिकेटरों को बताया लीजेंड और फायरभोपाल में हुए इस कार्यक्रम के दौरान रामचरण से भारतीय क्रिकेटरों को कुछ शब्दों में बताने के लिए कहा गया था। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के करियर को 'लंबा और महान सफर' बताया। महेंद्र सिंह धोनी को 'शांत और कूल' कहा, जबकि रोहित शर्मा को 'हर किसी का पसंदीदा इंसान' बताया। विराट कोहली का नाम सामने आने पर उन्होंने सिर्फ एक शब्द 'फायर' कहा। वहीं कार्यक्रम के दौरान एक बार उन्होंने मध्यप्रदेश को बिहार कहकर पुकारा। जब वे स्टेज से जनता को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने कहा हमारे, बिहार के लोगों को, बिहार के लोग, मेरे आप साथ हो आप? मांगी माफी, खुद को बताया भुलक्कड़वीडियो सामने आने के बाद रामचरण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर बुमराह से माफी मांगी। उन्होंने लिखा, उफ्फ... मैं कभी-कभी नामों को लेकर चीजें भूल जाता हूं। इस गड़बड़ी के लिए जसप्रीत बुमराह जी से माफी मांगता हूं। इतने उत्साह और भारी भीड़ के बीच यह सिर्फ एक इंसानी भूल थी। रामचरण ने आगे लिखा कि वे बुमराह का बहुत सम्मान करते हैं और उनके खेल की सराहना करते हैं। हालांकि रामचरण की इस गलती के बाद उनके की फैंस उनका सपोर्ट करते दिखाई दिए। एक यूजर ने लिखा कि “रामचरण ने बुमराह को फुटबॉल का लेजेंड बना दिया। लेकिन मुझे पसंद आया जिस आत्मविश्वास के साथ उन्होंने ये बात कही।” फिल्म 'पेड्डी' के बारे में जानिएफिल्म 'पेड्डी' एक बड़ी पैन-इंडिया फिल्म है, जिसकी स्टारकास्ट भोपाल में इसके संगीत को प्रमोट करने आई थी। इस फिल्म में रामचरण के साथ जान्हवी कपूर मुख्य भूमिका में हैं, जबकि संगीत ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने तैयार किया है। रामचरण की पिछली फिल्म 'आरआरआर' की सफलता के बाद से ही उत्तर भारत में भी उनकी फिल्मों को लेकर दर्शकों में काफी दिलचस्पी रहती है। यह फिल्म 4 जून को रिलीज होगी। ये खबर भी पढ़ें रैपिड फायर विद राम चरण:सलमान खान को कहा मोस्ट स्टाइलिश, जानिए विलेन बनने के हाईपोथेटिकल सवाल का क्या था मजेदार जवाब साउथ सुपरस्टार राम चरण, RRR, मगधीरा, रंगस्थल जैसी बेहतरीन फिल्मों के बाद अब जल्द ही फिल्म पेद्दी ला रहे हैं। ये फिल्म 4 जून को रिलीज होने वाली है, जिसका ट्रेलर भी जारी किया जा चुका है। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने रैपिड फायर के कई बेहतरीन सवालों का मजेदार जवाब दिया है। पूरी खबर पढ़ें… भोपाल में गूंजी AR रहमान की आवाज, झूम उठे फैंस:फिल्म ‘पेद्दी’ का प्रमोशन करने पहुंचे राम चरण और जाह्नवी कपूर, भेल दशहरा मैदान पर उमड़े फैंस भोपाल के भेल दशहरा मैदान में मशहूर संगीतकार और ऑस्कर विजेता गायक एआर रहमान लाइव कॉन्सर्ट करने पहुंचे। कॉन्सर्ट शुरू होने से पहले ही मैदान में फैंस की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दूर से पहुंचे लोग एआर रहमान की आवाज सुनने के लिए घंटों से इंतजार करते नजर आए। रहमान ने तेलुगू फिल्म पेद्दी के गाने ‘होलु लू’ गाया। पूरी खबर पढ़ें…
एक्टर रणदीप हुड्डा ने हाल ही में बताया कि उनको फिल्म ‘छावा’ में औरंगजेब का रोल ऑफर हुआ था, लेकिन उन्होंने करने से मना कर दिया था। रणदीप ने जूम को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मैं लक्ष्मण उतेकर को एक डायरेक्टर और इंसान, दोनों तौर पर बहुत पसंद करता हूं। वो मेरे पास फिल्म ‘छावा’ में औरंगजेब के रोल के लिए आए थे। उस समय मेरा वजन काफी कम हो गया था और मैंने अपना सिर भी मुंडवा लिया था। एक्टर ने आगे कहा, ‘मैंने उस समय फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ की शूटिंग खत्म की थी और उसके पोस्ट-प्रोडक्शन पर काम कर रहा था। इसी दौरान मैं एक कोर्ट केस से भी गुजर रहा था। उस वक्त हिंदू-मुस्लिम को लेकर काफी बातें हो रही थीं। इसलिए मैंने उस रास्ते पर आगे बढ़ने से मना कर दिया।’ ‘छावा’ में औरंगजेब का रोल अक्षय खन्ना ने निभाया था साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म ‘छावा’ मराठा साम्राज्य के दूसरे छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित थी। फिल्म में संभाजी महाराज का किरदार विक्की कौशल ने निभाया है, जबकि महारानी येशुबाई का रोल रश्मिका मंदाना ने प्ले किया था। औरंगजेब के रोल में अक्षय खन्ना नजर आए थे। फिल्म का डायरेक्शन लक्ष्मण उतेकर ने किया है और इसे मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले दिनेश विजान ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही और इसने दुनिया भर में ₹795 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी। लक्ष्मण उतेकर की फिल्म में नजर आएंगे रणदीप रणदीप हुड्डा के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह हाल ही में वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश 2' में नजर आए हैं, जिसका प्रीमियर 15 मई को जियोसिनेमा पर हुआ है। इसके अलावा, वह जल्द ही लक्ष्मण उतेकर की अपकमिंग फिल्म 'ईथा' में भी मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे, जिसका हिस्सा श्रद्धा कपूर भी हैं। फिल्म ईथा मशहूर लावणी डांसर और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ नारायणगांवकर की बायोपिक है।
रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ दिवाली 2026 ( 8 नवंबर) से एक हफ्ते पहले रिलीज हो सकती है। दरअसल, बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि ‘रामायण: पार्ट वन’ अब 30 अक्टूबर 2026 को रिलीज हो सकती है। पहले इसे दिवाली 2026 पर रिलीज करने की योजना थी। रिपोर्ट के अनुसार, निर्माता चाहते हैं कि फिल्म दिवाली वीक से पहले थिएटर्स में आ जाए, ताकि पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ बने और दूसरे हफ्ते में फिल्म का बिजनेस और बढ़े। दावा- डिस्ट्रीब्यूटर्स ने 450 करोड़ का ऑफर दिया सूत्र के मुताबिक, रिलीज डेट पर अंतिम फैसला जल्द लिया जाएगा। यह घोषणा डिस्ट्रीब्यूशन डील फाइनल होने के बाद की जा सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मेकर्स को टॉप डिस्ट्रीब्यूटर्स से 450 करोड़ रुपए का ऑफर मिला है। हनुमान जयंती के मौके पर फिल्म से रणबीर का भगवान राम के रूप में लुक भी सामने आया था। इस टीजर में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में दिव्य और शांत लुक में दिखे थे। देखें भगवान राम के लुक की झलक- फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
मशहूर कोरियोग्राफर और फिल्म निर्देशक रेमो डिसूजा शनिवार को अपनी पत्नी लिजेल डिसूजा के साथ आगर मालवा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नलखेड़ा पहुंचे। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में सपत्नीक हवन अनुष्ठान भी संपन्न किया। दो घंटे तक चली विशेष पूजा और अनुष्ठान रेमो और लिज़ेल डिसूजा मंदिर परिसर में लगभग दो घंटे से अधिक समय तक रहे। उन्होंने धार्मिक परंपराओं के अनुसार आयोजित हवन में श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इस दौरान मंदिर की अन्य धार्मिक गतिविधियों में भी दोनों शामिल हुए। लिज़ेल डिसूजा भारतीय फिल्म जगत में फिल्म निर्माता और कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर के रूप में सक्रिय हैं। प्रशंसकों और श्रद्धालुओं में दिखी उत्सुकता फिल्म जगत की बड़ी हस्ती के मंदिर पहुंचने की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं और प्रशंसकों में उत्सुकता देखी गई। नलखेड़ा का मां बगलामुखी मंदिर देश भर में अपनी विशेष धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, जहां समय-समय पर राजनीति और फिल्म जगत की हस्तियां दर्शन के लिए पहुंचती हैं।
फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में डायरेक्टर डेविड धवन इमोशनल हो गए। बेटे वरुण धवन के बारे में बात करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। डेविड धवन ने कहा, ‘हर किसी को वरुण जैसा बेटा मिलना चाहिए। जब मैं अस्पताल में था, तब भी वह मेरे साथ वहीं सोता था। एक एक्टर के तौर पर भी उसमें लगातार सुधार हो रहा है। आप जो चाहोगे, वह आपको देगा, लेकिन एक पिता के तौर पर मैं कहूंगा कि हर किसी को ऐसा बेटा मिलना चाहिए।’ फिल्म में वरुण धवन के साथ मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े लीड रोल में नजर आएंगी। फिल्म में राजपाल यादव, जॉनी लीवर, चंकी पांडे और मनीष पॉल भी दिखाई देंगे। डेविड धवन और वरुण धवन की यह चौथी फिल्म है। इससे पहले दोनों की जोड़ी ‘मैं तेरा हीरो’, ‘जुड़वां 2’ और ‘कुली नंबर 1’ में नजर आ चुकी है। प्रेम में असफल युवक का किरदार फिल्म की कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी प्रेम कहानी हर बार असफल हो जाती है और फिर उसे किस्मत बदलने के लिए मदद मिलती है। दिलचस्प बात यह है कि वरुण इस फिल्म में डबल रोल में नजर आएंगे। एक तरफ बॉय-नेक्स्ट-डोर लुक, तो दूसरी ओर ज्यादा मैच्योर अवतार। वर्कफ्रंट की बात करें तो इससे पहले वरुण धवन फिल्म ‘बॉर्डर 2’ में नजर आए थे। फिल्म में उन्होंने 'मेजर होशियार सिंह दहिया' का किरदार निभाया था। इस सुपरहिट फिल्म ने दुनिया भर में ₹450 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया था।
कॉमेडियन और एक्टर वीर दास ने कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट बंद किए जाने की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि इस पार्टी का आंदोलन सही है या नहीं, इसका फैसला वक्त बताएगा। हालांकि, युवाओं का समर्थन देने की भावना पूरी तरह साफ और जायज है। वीर दास ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, कॉकरोच जनता पार्टी सच में एक सही आंदोलन है या नहीं, यह अभी असली सवाल नहीं है। इसका जवाब समय देगा। लेकिन उन्हें जो समर्थन मिला, युवाओं में जो भावना दिखी और जिस तरह की बातें सामने आईं, वो सब पूरी तरह असली और जायज हैं। और अगर इतना भी काफी नहीं था, तो उनके अकाउंट बंद करने जैसी बेवकूफी भरी हरकत ने उनकी बात को और ज्यादा सही साबित कर दिया। क्या है कॉकरोच जनता पार्टी और क्यों हुआ विवाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने 15 मई को एक याचिका की सुनवाई करते हुए बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की। बयान जल्द ही वायरल हो गया, जिसके बाद अभिजीत दीपक ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम का अकाउंट बनाया। इस अकाउंट में सरकार के खिसाफ मीम, युवा मुद्दों वाले पोस्ट किए गए जो वायरल होने लगे और जल्द ही अकाउंट के फॉलोवर्स तेजी से बढ़ने लगे। 18 मई को इस अकाउंट के फॉलोवर्स की संख्या पहले 5 मिलियन और फिर 10 और फिर 13 मिलियन तक पहुंच गई, जिसके बाद इसे नेशनल कवरेज मिली। और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ट्रेंड में आ गई। महज 4 दिनों में इस अकाउंट के फॉलोवर्स की संख्या 22 मिलियन हो चुकी है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के अब तक महज 9 मिलियन फॉलोवर्स ही हैं। 21 मई को कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट सस्पेंड किया गया, जिसके बाद एक नया अकाउंट बना, जिसमें लिखा था, कॉकरोच मरते नहीं। जल्द ही इस दूसरे अकाउंट के भी फॉलोवर्स बढ़ने लगे। अब आज पेज बनाने वाले अभिजीत दीपक ने X पर दावा किया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है। वो अपना अकाउंट लॉग इन नहीं कर पा रहे हैं, हालांकि यूजर्स को अब भी अकाउंट दिख रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आवारा कुत्तों के काटने के मामले पर आदेश दिया है कि खतरनाक कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जाए। इसके बाद 22 मई से पंजाब में आवारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इसकी जानकारी दी है। अब रवीना टंडन ने उनसे इंसानियत का ध्यान रखते हुए दूसरे रास्ते चुनने की अपील की है। रवीना ने कहा है कि बेजुबानों के साथ कैसा सलूक किया जाता है, वही बताता है कि हम कैसे इंसान हैं। रवीना टंडन ने शनिवार को आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, “माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान जी, आवारा जानवरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर पूरे देश में चर्चा हो रही है। लोगों की सुरक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन उम्मीद है कि इस फैसले को लागू करते समय इंसानियत और संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा। नसबंदी, टीकाकरण, अच्छे शेल्टर और सही तरीके से पुनर्वास जैसे उपाय लोगों और जानवरों, दोनों की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं।” आगे रवीना ने लिखा है, “मुझे पूरा विश्वास है कि प्रशासन, पशु कल्याण संगठनों और विशेषज्ञों के सहयोग से पंजाब इस संवेदनशील मुद्दे को जिम्मेदारी और इंसानियत के साथ संभालने की मिसाल बन सकता है। हम बेजुबान जानवरों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, वही आखिरकार बताता है कि हम एक समाज के रूप में कैसे इंसान हैं।” क्या है पूरा मामला? देश में आवारा कुत्तों के काटने के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिसका असर सरकारी खजाने पर भी पड़ रहा है। कई बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर आवारा कुत्तों की चपेट में आते रहते हैं। इस मामले पर नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और उन्हें शेल्टर हाउस भेजे जाने का आदेश दिया था। कई एनजीओ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की। अब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक और आदेश दिया और कहा कि जानलेवा कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि खतरनाक या रेबीज से संक्रमित आवारा कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है, लोगों की जान की हिफाजत जरूरी है और गरिमा के साथ जीने में कुत्तों के खतरे से मुक्त होकर रहने का अधिकार भी शामिल है। 19 मई को दिए गए इस मामले पर आखिरी फैसले के साथ ही कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाएं खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों के पुनर्वास और नसबंदी पर नवंबर 2025 में दिए गए निर्देश ही लागू होंगे। जो अफसर इनका पालन न करें, उन पर अवमानना का केस चले। इसके बाद से सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जमकर आलोचना हो रही है। नवजोत सिंह सिद्धू, सोनम बाजवा समेत कई सेलेब्स इसके खिलाफ बयान दे रहे हैं।
बॉबी देओल ने हाल ही में बताया है कि फिल्म एनिमल में बॉबी के विलेन बनने से पिता धर्मेंद्र ज्यादा खुश नहीं थे। लेकिन बाद में सोशल मीडिया के जरिए उन्हें पता चला था कि बॉबी देओल का निभाया गया किरदार बेहद हिट हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने सलमान की मदद से कमबैक करने और आश्रम सीरीज में लीड रोल मिलने से हुई हैरानी पर भी बात की है। शेखर सुमन के शो शेखर टुनाइट में पहुंचे बॉबी देओल ने बताया है कि उनके पास लंबे समय से काम नहीं था। एक दिन अचानक उनके पास सलमान खान का कॉल आया। सलमान ने उनसे पूछा- ‘तुम फिल्म में शर्ट उतारोगे?’ बॉबी ने जवाब दिया, ‘हां, मैं सब कुछ कर लूंगा।’ इस पर सलमान ने कहा कि स्क्रिप्ट सुनने आ जाना। और इस तरह बॉबी देओल ने रेस 3 से कमबैक किया। इसके कुछ दिन बाद ही उन्हें फिल्म आश्रम सीरीज की कास्टिंग के लिए कॉल आया। वो गए उन्होंने डायरेक्टर से पूरी स्क्रिप्ट सुनी। उस समय बॉबी देओल को लगा कि उन्हें इंस्पेक्टर का साइड रोल दिया जाने वाला होगा, क्योंकि उनका करियर सेटबैक का सामना कर रहा था। लेकिन फिर डायरेक्टर ने उन्हें बताया कि उन्हें निराला बाबा का लीड रोल करना है। ये सीरीज हिट रही। एक हफ्ते बाद मां ने बॉबी को बुलाकर कहा, ‘तून कोई शो किया है आश्रम? मेरी कुछ सहेलियां कह रही थीं कि आपके बेटे ने आश्रम में बहुत अच्छा काम किया है।’ ये सुनकर बॉबी देओल खुश हो गए कि उनका रोल पसंद किया जा रहा है। इसके बाद जब उन्हें एनिमल मिली, तो उन्होंने धर्मेंद्र को ये बात बताई। इस पर वो खास खुश नहीं हुए, उन्होंने बस इतना पूछा, ‘तू एनिमल में विलेन बनेगा?’ इस पर बॉबी ने कहा- ‘हां पापा।’ उन्होंने फिर पूछा- ‘तेरा रोल कितना है।’ बॉबी ने कहा- 'अच्छा रोल है पापा।' आगे बॉबी ने कहा, ‘उनको बहुत शौक था इंस्टाग्राम का। हमारे हॉल में जैसे ही एंटर करो, वहां एक सोफा है, वहां बैठे रहते थे। एक दिन जैसे ही मैं आया काम से, तो कहते हैं, बॉब, लोग तो तेरे दीवाने हो गए हैं। वो मुझे देखकर बहुत खुश थे।' एक तस्वीर की बदौलत बॉबी को मिला था एनिमल में काम बॉबी देओल ने बातचीत में ये भी बताया है कि उन्हें CCL (सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग) की एक तस्वीर की बदौलत फिल्म एनिमल में काम मिला था। एक दिन संदीप रेड्डी वांगा ने किसी अखबार या मैगजीन में छपी बॉबी की क्रिकेट खेलते हुए एक तस्वीर देखी और उनकी कास्टिंग का फैसला किया। जब बॉबी उनसे मिलने गए, तो संदीप रेड्डी ने कहा था, मैंने तेरी एक फोटो देखी, इस फोटो में जो तुम्हारे एक्सप्रेशन हैं, वही देखकर मैंने तुम्हें चुना।
पंजाब में खूंखार लावारिस कुत्तों के खिलाफ मुहिम चलाने को लेकर की गई सीएम की एक्स पोस्ट के बाद अब पंजाबी और बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद कुत्तों को बचाने के पक्ष में आ गए हैं। सोनू सूद ने अपने इंस्टा पर वीडियो शेयर कर कहा कि कुत्तों को मारा नहीं जाना चाहिए। पंजाब के मोगा के रहने वाले सोनू सूद ने कहा कि वह प्रयास करेंगे कि कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनावा सकें। सूद ने कहा कि अगर वफादारी की बात करें तो वो डॉग्स ही होते हैं जिनसे वफादारी हमें मिलती है। बहुत सारे ऐसे स्ट्रे डॉग्स जिन्हें घर वाले लोग अडॉप्ट करते हैं, उनका ध्यान रखते हैं और वो उतने हार्मफुल नहीं होते, लेकिन बहुत सारे ऐसे इंसिडेंट्स होती भी हैं जहां पर इन स्ट्रे डॉग्स ने बच्चों पर अटैक किया। उन मोहल्लों में उन घरों के पास ये लोगों को पता होता है कि कौन से ऐसे डॉग्स हैं जो नुकसान पहुंचा सकते हैं और फिर हम उनके बारे में एक शिकायत करते हैं और उन्हें पकड़ भी लिया जाता है। सोनू सूद ने कहा कि एक बहुत वफादार कौम है जो सड़कों पर घूम रही है। हम उसे भूल जाते हैं और एक ऑर्डर पास करते हैं कि आप इन्हें पकड़ के मार दिया जाए तो मेरी यह रिक्वेस्ट है हमें इस ऑर्डर को रुकवाना है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्ट्रे डॉग्स को अडॉप्ट कराना है। उनके गले में कोई पट्टा डाल दीजिए ताकि पता चले कि आपका यह डॉग है जिसकी आप केयर करते हैं जिसे आप खाना देते हैं। सो आई थिंक अगर मिलकर यह हम आवाज उठाएंगे तो बहुत सारे बेजुबानों को जुबान मिलेगी और एक नई जिंदगी मिलेगी। भगवंत मान ने लावारिस कुत्तों को लेकर की थी पोस्ट बता दें कि सीएम 21 मई की रात भगवंत मान ने लावारिस कुत्तों को लेकर पोस्ट की थी जिसमें लिखा था कि 22 मई से पंजाब में मुहिम शुरू करने जा रहे हैं। इसे लेकर पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से लेकर नेताओं ने विरोध कर दिया। भाजपा नेता और भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेशनल जनरल सेक्रेटरी तजिंदर बग्गा ने चीफ जस्टिस को मेल लिखी, तो पंजाबी एक्टर्स सोनम बाजवा और सिंगर रुपिंदर हांडा और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने कुत्तों को न मारने के लिए आवाज बुलंद की। जानें सोनू सूद ने वीडियो में क्या कहा..वफादारी हम कुत्तों से ही सीखते हैं- मैंने आज ही सुबह एक ट्वीट देखा जिसमें हमारे ऑनरेबल सीएम पंजाब ने एक आर्डर दिया था कि जितने रोड साइड यू नो डॉग्स हैं उन्हें पकड़ कर ले जाया जाए। पता नहीं फिर उनके साथ क्या होगा। बहुत सारे वीडियोस ऐसे देखे जो बहुत सारे डिस्टर्बिंग थे। मैं यही कहना चाहता हूं कि इंसान सिर्फ किताबें लिख सकता है, लेकिन अगर वफादारी की बात करें तो वो डॉग्स ही होते हैं जिनसे वफादारी सीखने को मिलती है। बहुत सारे ऐसे स्ट्रे डॉग्स हैं जिन्हें लोग अडॉप्ट करते हैं, उनका ध्यान रखते हैं वो उतने हार्मफुल नहीं होते। बहुत सारे ऐसे इंसिडेंट्स होते भी हैं जहां पर इन स्ट्रे डॉग्स ने बच्चों पर अटैक किया और उन मोहल्लों में उन घरों के पास ये लोगों को पता होता है कि कौन से ऐसे डॉग्स हैं जो नुकसान पहुंचा सकते हैं और फिर हम उनके बारे में एक शिकायत करते हैं और उन्हें पकड़ भी लिया जाता है। पता नहीं इस आर्डर से इन कुत्तों के साथ क्या होगा: आप सोचिए कि कोर्ट से एक ऐसा आर्डर पास होता है जिसमें आप कहते हैं कि हर गली-मोहल्ले में जो डॉग बैठा हुआ है उसे पकड़ कर मार दिया जाए, ले जाया जाए और पता नहीं क्या कुछ उनके साथ होगा? तो मैं आप सब से यह रिक्वेस्ट करूंगा कि आप इस मैसेज को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं ताकि हम इसे रोक सकें। मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा हूं कि इन स्ट्रे एनिमल्स को या डॉग्स को उनके घर मिल सकें। मुझे लगता है कि सरकार को ऐसे बहुत सारे घर बनाने चाहिए जहां पे इन बेजुबानों को भी घर मिल सके। सबको मिलकर आवाज उठानी होगी: ये जो वफादार कौम सड़कों पर घूम रही है, हम उसे भूल जाते हैं और एक ऑर्डर पास करते हैं कि इन्हें पकड़ के मार दिया जाए। मेरी यह रिक्वेस्ट है हमें इस ऑर्डर को रुकवाना है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्ट्रे डॉग्स को अडॉप्ट करना है। उनके गले में कोई पट्टा डाल दीजिए ताकि पता चले कि आपका यह डॉग है जिसकी आप केयर करते हैं जिसे आप खाना देते हैं। सो आई थिंक अगर हम मिलकर यह आवाज उठाएंगे तो बहुत सारे बेजुबानों को जुबान मिलेगी और एक नई जिंदगी मिलेगी।
साउथ और बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर प्रकाश राज ने खुद को कॉकरोच कहा है। ये बयान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए दिया है। प्रकाश राज अक्सर भाजपा और नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देते रहते हैं। दरअसल, एक्टर अक्षय कुमार को दिए पुराने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वो आम खाते हैं और उन्हें आम खाना काफी पसंद है, लेकिन वो बचपन में गरीब थे, तो आम खरीदना उनके लिए मामूली बात नहीं थी। उनके इसी बयान को हाईलाइट करते हुए प्रकाश राज ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट से आम को अनोखे अंदाज में खाते हुए वीडियो पोस्ट किया है। प्रकाश राज ने आम की गुठली निकाली और उसमें आइसक्रीम मिलाकर चम्मच से खाया। इसके साथ उन्होंने कहा है, ‘ये क्या है मोदी जी, आम को न ऐसे कट करके इमाम पसंद है। इसमें आइसक्रीम डालकर कॉकरोच ऐसे खाते हैं।’ इस वीडियो के साथ प्रकाश राज ने लिखा है, ‘कॉकरोच ईटिंग मैंगो। हैशटैग कॉकरोच जनता पार्टी।’ प्रकाश राज, लगातार भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देते रहे हैं। अब वो खुलेआम, कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए एक्टर प्रकाश राज के हालिया बयान-
कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय बच्चन के ग्लैमरस लुक लगातार सामने आ रहे हैं। ऐश्वर्या ने कांस रेड कार्पेट पर गौरव गुप्ता का डिजाइनर सफायर गाउन पहना। उनके साथ बेटी आराध्या भी कांस पहुंची हैं, जिन्होंने अनऑफिशियली कांस में ग्लैमरस लुक में डेब्यू किया है। देखिए कांस से ऐश्वर्या की तस्वीरें- बीते साल चर्चा में रहा कांस से ऐश्वर्या का लुक ऐश्वर्या राय ने साल 2002 में कांस में डेब्यू किया था। इसके बाद से ही वो लगातार कांस में मौजूद रहती हैं। बीते साल ऐश्वर्या ने मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन की गई सफेद-गोल्डन साड़ी पहनी थी। रेड डायमंड जूलरी और सिंदूर के साथ ऐश्वर्या बेहद खूबसूरत दिखीं। उनका ट्रेडिशनल लुक काफी चर्चा में रहा था। कांस के दूसरे लुक में ऐश्वर्या राय ने गौरव गुप्ता के कलेक्शन की ब्लैक सिक्वल गाउन के साथ ट्रेल कैरी की थी। खुले बालों और मिनिमल जूलरी में एक्ट्रेस बेहद ग्लैमरस लगी थीं। कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय के ये लुक भी देखिए- कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। आलिया भट्ट का कांस लुक भी चर्चा में रहा तीसरे लुक में आलिया डिजाइनर तरुण तहिलियानी की आइवरी साड़ी में दिखाई दीं। वे फ्रेंच रिवेरा में भारत पैवेलियन पहुंचीं, जहां उन्होंने फिल्म मेकर आशुतोष गोवारिकर के साथ 57वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) का पोस्टर और क्रिएटिव विजन लॉन्च किया।
रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली, लेकिन उनकी आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में एक बार फिर अधूरे प्यार, बिछड़ने और लौटकर आने की कसक देखने को मिलेगी। दिलजीत दोसांझ, शरवरी, वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह स्टारर यह फिल्म सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि यादों, माइग्रेशन और इमोशनल टूटन की कहानी है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इम्तियाज अली ने बताया कि वह ‘रॉकस्टार’ का सीक्वल क्यों नहीं बनाना चाहते। वहीं उन्होंने दिलजीत दोसांझ, ए.आर. रहमान और अपनी फिल्मों में बार-बार दिखने वाले दर्द व बिछड़ने के एहसास पर भी खुलकर बात की। शरवरी और वेदांग ने भी फिल्म से अपने भावनात्मक जुड़ाव और किरदारों की तैयारी के अनुभव साझा किए। सवाल: आपकी फिल्मों में इश्क मिलने से ज्यादा बिछड़ने में दिखता है। क्या ये आपकी निजी सोच से आता है? जवाब/इम्तियाज अली: जब मैं फिल्म बनाता हूं, तब अपने बारे में नहीं सोच रहा होता। शायद मैं कहानियां बनाकर खुद से भागने की कोशिश करता हूं। लेकिन ये सच है कि जब आप किसी शहर को छोड़ रहे होते हैं, तभी उसकी सबसे ज्यादा याद आती है। मुझे याद है, जब मैं दिल्ली और जमशेदपुर के बीच ट्रेन से सफर करता था, तो अपना शहर सबसे खूबसूरत तब लगता था जब उसे छोड़ रहा होता था। कहते हैं, “A city looks most beautiful from the light of the burning bridge.” यानी जब वापसी का रास्ता खत्म हो जाता है, तब उस जगह के लिए प्यार और बढ़ जाता है। सवाल: वेदांग, ‘मैं वापस आऊंगा’ आपके लिए क्या मायने रखती है? जवाब/वेदांग रैना: शुरुआत में मेरे लिए सबसे बड़ी बात सिर्फ इम्तियाज सर के साथ काम करना था। लेकिन जब स्क्रिप्ट आगे बढ़ी, तब महसूस हुआ कि यह कहानी मुझसे बहुत जुड़ी हुई है, क्योंकि मैं भी कश्मीरी पंडित हूं। मेरी फैमिली ने माइग्रेशन देखा है। इसलिए इस फिल्म से मेरा भावनात्मक जुड़ाव हो गया। ये सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। सवाल: शरवरी, आपके लिए इस फिल्म का मतलब क्या है? जवाब/शरवरी: ये एक सिंपल लव स्टोरी है। प्यार सिर्फ किसी इंसान से नहीं, अपनी मिट्टी और अपनेपन से भी हो सकता है। इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत उसका प्यार है। एक एक्टर के तौर पर भी ये मेरे लिए नया अनुभव था। इस किरदार को निभाते हुए मैंने खुद को भी थोड़ा और समझा। सवाल: इम्तियाज, आपके लिए इश्क क्या है? क्या आप ‘लव एट फर्स्ट साइट’ में भरोसा करते हैं? जवाब/इम्तियाज अली: जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा हूं, प्यार को लेकर और कन्फ्यूज होता जा रहा हूं। शायद फिल्मों के जरिए ही उसे समझने की कोशिश करता हूं। मुझे लगता है प्यार कुछ भी हो सकता है। पहली नजर में भी हो सकता है, बार-बार भी हो सकता है और सिर्फ एक बार भी हो सकता है। जैसे भगवान को हर इंसान अपने तरीके से समझता है, वैसे ही प्यार भी है। सवाल: आपकी फिल्मों में टूटना, बिछड़ना और फिर लौटकर आना बार-बार क्यों दिखता है? जवाब/इम्तियाज अली: ये सब बचपन की यादों और लोगों की कहानियों से आता है। पंजाब में शूटिंग के दौरान कई बुजुर्गों ने मुझे पार्टिशन के किस्से सुनाए। किसी ने बताया कि उनके बुजुर्ग वाघा बॉर्डर तक पहुंच गए थे और कह रहे थे, “मुझे लाहौर जाना है,” क्योंकि उन्हें याद नहीं था कि पार्टिशन हो चुका है। किसी ने वीडियो कॉल पर अपने बचपन की जगह का रास्ता समझाया, जहां वो खुद नहीं जा सकते थे। ऐसी कई छोटी-छोटी बातें मेरे दिमाग में जमा होती गईं और फिर इस फिल्म की कहानी बन गई। सवाल: वेदांग, आपके लिए इश्क क्या है? जवाब/वेदांग रैना: अगर प्यार को सिर्फ रोमांटिक तरीके से ना देखें, तो कोई चीज आपको बहुत गहराई से छू जाए, वो भी प्यार हो सकता है। मुझे नहीं पता कि मुझे ‘लव एट फर्स्ट साइट’ हुआ है या नहीं, लेकिन किसी चीज से गहराई से प्रभावित होना शायद प्यार ही है। सवाल: क्या आपका दिल टूटा है? जवाब/वेदांग रैना: हां, जरूर टूटा है। शायद उस वक्त लगा था कि दिल टूट गया है, लेकिन अब मैच्योर नजरिए से देखूं तो शायद वो कुछ और था। लेकिन वो एहसास मैंने महसूस किया है। सवाल: दिल टूटने ने आपको कितना बदला? जवाब/वेदांग रैना: हर अनुभव इंसान को बदलता है और दिल टूटना जिंदगी का बड़ा मोड़ होता है। उसके बाद लोगों, रिश्तों और दुनिया को देखने का नजरिया बदल जाता है। शायद वही चीज इंसान को और समझदार बनाती है। सवाल: शरवरी, आपके लिए प्यार क्या है? जवाब/शरवरी: हम सब जिंदगी भर प्यार को समझते रहते हैं। बचपन से लेकर परिवार और रिश्तों तक, हर जगह प्यार मौजूद होता है। मेरे लिए प्यार का मतलब एक वादा है, एक सच्चाई है। हमारी फिल्म भी इसी भावना पर बनी है, एक ऐसा प्यार जो बहुत प्योर है। सवाल: क्या कभी दिल टूटा? और उससे कैसे बाहर निकलीं? जवाब/शरवरी: जब मैं इम्तियाज सर की फिल्में देखती हूं, तो उनमें दर्द के साथ एक खूबसूरती भी दिखती है। मैं मानती हूं कि कोई रिश्ता कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता। शायद उनकी फिल्मों ने मुझे यही सिखाया है। सवाल: इम्तियाज अली के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ शरवरी: हमने शूटिंग से पहले उनके साथ रेकी की थी। वहीं हमें समझ आया कि फिल्म क्या है और किरदार कैसे सोचते हैं। पंजाब में शूटिंग के दौरान वहां के लोगों और खाने से भी बहुत प्यार मिला। सवाल: रेकी के दौरान की क्या खास यादें है? जवाब/वेदांग रैना: हम लोग लोकेशन पर सिर्फ साथ घूम रहे थे और समझ रहे थे कि फिल्म कैसे बनती है। तभी एहसास हुआ कि असली मेहनत डायरेक्टर और उनकी टीम करती है। सवाल: पंजाब शूट के दौरान सबसे मजेदार चीज क्या रही? जवाब/शरवरी: हमने रेकी के दौरान खूब स्टफ्ड कुलचे खाए। मुझे अभी भी पनीर-छोले याद हैं। वहां का खाना और लोग दोनों बेहद प्यारे थे। उसी दौरान हमने फिल्म और किरदारों को बेहतर तरीके से समझा। सवाल: आपकी फिल्मों में ट्रेन का सफर हमेशा खास क्यों होता है? जवाब/इम्तियाज अली: मुझे ट्रेन में शूटिंग और सफर करना हमेशा अच्छा लगता है। इस फिल्म के लिए हमने रेवाड़ी से पुराना स्टीम इंजन मंगवाया था, जो पार्टिशन के दौर जैसा दिखता था। एक सीन में जब वेदांग का किरदार चिल्लाता है, “मैं वापस आऊंगा,” तभी मुझे लगा कि यही फिल्म का सही टाइटल है। सवाल: क्या इस फिल्म के किरदारों से बाहर निकलना मुश्किल था? जवाब/ वेदांग रैना: हां, कई बार मुश्किल लगा। मैंने खुद पर बहुत जिम्मेदारी ले ली थी कि इस दौर और दर्द को सही तरीके से दिखा सकूं। इम्तियाज सर शूट से पहले पार्टिशन की असली कहानियां सुनाते थे। वो बातें आज भी मेरे दिमाग में हैं। सवाल: इम्तियाज अली एक्टर्स से इतने रॉ और रियल इमोशन्स कैसे निकलवाते हैं? जवाब/ वेदांग रैना: एक सीन में मुझे सिर्फ लेटकर छत की तरफ देखना था। लेकिन उससे पहले इम्तियाज सर ने 10-15 मिनट तक पार्टिशन की असली घटनाएं सुनाईं। उन्होंने जो बातें बताईं, उनके विजुअल आज भी मेरे दिमाग में हैं। उसी वजह से वो सीन इतना इमोशनल बन पाया। सवाल: शरवरी, आपके किरदार जिया के बारे में क्या कहेंगी? जवाब/शरवरी: जिया एक रहस्यमयी लड़की है। पूरी फिल्म में लोग उसे समझने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन उसके दिल में सिर्फ सच्चा प्यार है। यही बात उसे खास बनाती है। सवाल: इम्तियाज जी, आप जिया के किरदार को कैसे देखते हैं? जवाब/ इम्तियाज अली: जिया उस फूल की तरह है जिसके चारों तरफ पूरी फिल्म घूमती है। हर किरदार उसे समझने की कोशिश करता है, लेकिन वो आखिर तक एक रहस्य बनी रहती है। सवाल: फिल्म के संगीत पर कितना रिसर्च किया गया? जवाब/ इम्तियाज अली: रिसर्च के दौरान पता चला कि उस दौर के युवा काफी वेस्टर्न म्यूजिक सुनते थे। इसलिए हमने उसी तरह का संगीत और गायकी रखने की कोशिश की। ‘मस्कारा’ गाने में भी वही वेस्टर्न स्टाइल दिखाई देता है। सवाल: ए.आर. रहमान के साथ फिर काम करना कैसा रहा? जवाब/ इम्तियाज अली: रहमान साहब के साथ काम हमेशा अलग अनुभव होता है। हमने हर गाने और इंस्ट्रूमेंट को उस दौर के हिसाब से डिजाइन किया। कई गानों में उस समय का स्विंग और डांस स्टाइल भी देखने को मिलेगा। सवाल: दिलजीत दोसांझ अब ग्लोबल स्टार बन चुके हैं। उनके बारे में क्या कहना चाहेंगे? जवाब/ इम्तियाज अली: दिलजीत बहुत प्यारे इंसान हैं। हर कोई उनसे प्यार करता है। उनके साथ पहली और दूसरी बार काम करके भी मुझे बहुत अच्छा लगा। वो बेहद सच्चे और प्योर इंसान हैं, उनमें कोई मिलावट नहीं है। उनके साथ काम करना हमेशा खुशी देता है और उम्मीद है आगे भी साथ काम होगा। सवाल: वेदांग और शरवरी आप दोनों बताएं, दिलजीत और नसीरुद्दीन शाह जैसे कलाकारों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ इम्तियाज अली: वेदांग का नसीर साहब के साथ कोई सीन नहीं था, क्योंकि वो उनके यंग वर्जन का किरदार निभा रहे हैं। शरवरी ने उनके साथ काम किया और उनका पहला सीन ही नसीर साहब के साथ था। सवाल: शरवरी, नसीरुद्दीन शाह के साथ पहला सीन कैसा रहा? जवाब/ शरवरी: मैं बहुत नर्वस थी। लेकिन कैमरा ऑन होते ही उनकी आंखों में एक अलग दुनिया दिखने लगती है। उनके साथ काम करना मेरे लिए बहुत प्रेरणादायक अनुभव रहा। सवाल: क्या ‘रॉकस्टार 2’ बनने की संभावना है? जवाब/ इम्तियाज अली: मैं लोगों से कहूंगा कि “रॉकस्टार” को भूलकर आगे बढ़ो। जावेद साहब ने भी कहा था, “मैं शोले बना चुका हूं, अब आप बनाओ।” तो जिसे “रॉकस्टार” पसंद है, वो खुद अपनी “रॉकस्टार” बनाए।
एक्टर अंजुम शर्मा इन दिनों वेब सीरीज ‘कप्तान’ में अपने किरदार ‘मुन्ना’ को लेकर चर्चा में हैं। ‘मिर्जापुर’ के शरद शुक्ला के बाद अंजुम ने इस बार एक बिल्कुल अलग और मस्तमौला किरदार निभाया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अंजुम शर्मा ने इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने के संघर्ष, स्टार्स की इनसिक्योरिटी, ओटीटी के बदलते दौर पर बात की। सवाल: क्या ओटीटी ने बॉलीवुड और मेनस्ट्रीम सिनेमा की कहानी कहने का तरीका बदल दिया है? जवाब: बिल्कुल। ओटीटी मेनस्ट्रीम सिनेमा का ही एक्सटेंशन है। वही फिल्ममेकर आए, जिन्होंने फिल्मों का अनुभव लेकर ‘मिर्जापुर’, ‘सेक्रेड गेम्स’ जैसी सीरीज बनाई। फर्क सिर्फ इतना था कि यहां लॉन्ग फॉर्मेट मिला, इसलिए कहानियों को ज्यादा गहराई और खुलकर दिखाया जा सका। सवाल: इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने की वजह से कभी इनसिक्योरिटी या पॉलिटिक्स फेस करनी पड़ी? जवाब:कभी-कभी ऐसा भी होता है कि किसी फिल्म या किरदार में कास्टिंग का पूरा मामला कॉम्बिनेशन पर निर्भर करता है। मैं इसमें किसी को दोष नहीं देता। कई बार मेकर्स ये देखते हैं कि दो कलाकार स्क्रीन पर साथ कैसे दिखेंगे, चाहे सामने बड़ा स्टार हो या कोई और एक्टर। ऐसे में अगर किसी एक कलाकार की प्रेजेंस या परफॉर्मेंस ज्यादा डोमिनेटिंग लगती है, तो हो सकता है कि वो उस किरदार या कहानी के लिए सही फिट न हो। कई बार कहानी को ऐसे एक्टर की जरूरत होती है, जो दूसरे किरदार पर हावी न पड़े और स्क्रीन पर बैलेंस बना रहे। मेरे साथ भी शुरुआत में एक-दो बार ऐसा हुआ, लेकिन मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि जिन लोगों के साथ काम किया, उन्होंने हमेशा बहुत सुरक्षित और सहयोग वाला माहौल दिया। चाहे ‘मिर्जापुर’ में अली फजल हों, पंकज त्रिपाठी जी हों या विजय वर्मा। मैं उस वक्त काफी नया था, जबकि वो लोग काफी अनुभवी थे, लेकिन उन्हें देखकर मुझे लगा कि जितना सहज हो सकते हो, उतना सहज हो जाओ। क्योंकि सामने वाला कलाकार पूरी तरह सिक्योर होकर काम कर रहा है, आपको सपोर्ट कर रहा है और एप्रिशिएट भी कर रहा है। मुझे हमेशा ऐसा महसूस हुआ कि वो लोग आपको नीचे नहीं दिखाना चाहते, बल्कि अपने साथ लेकर आगे बढ़ाना चाहते हैं। सवाल: लेकिन इंडस्ट्री में ऐसा भी सुनने को मिलता है कि अच्छे सीन्स काट दिए जाते हैं या अच्छे एक्टर्स को रिप्लेस कर दिया जाता है? जवाब: बहुत पहले की बात है। एक फिल्म में एक ऐसे एक्टर को कास्ट किया गया था, जो पहले से फिल्मों में काम कर रहे थे और इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे, लेकिन जिस लहजे और जिस जोन के किरदार के लिए उन्हें चुना गया था, उससे वो पूरी तरह वाकिफ नहीं थे। मुझे बिना ज्यादा कुछ बताए बुलाया गया और कहा गया कि उनकी आवाज डब करनी है। मैंने बिना यह पूछे कि क्यों, कैसे या कितने पैसे मिलेंगे, तुरंत हां कर दी। मैंने सोचा कि बुलाया है, तो जरूर कोई वजह होगी। मैंने डबिंग की और बाद में जब फिल्म रिलीज हुई, तो मैंने देखा कि फाइनल डबिंग काफी हद तक वैसी ही थी जैसी मैंने की थी। तब लगा कि शायद मेरी डबिंग को रेफरेंस की तरह इस्तेमाल किया गया होगा। ऐसे अनुभव बहुत कुछ सिखाते हैं। खासकर अगर आप इंडस्ट्री में बाहर से आए हैं, तो आपको समझ आ जाता है कि यहां मौके खुद आपके पास नहीं आते, आपको खुद उन्हें बनाना पड़ता है। सवाल: धुरंधर 2 में ऐसी कौन-सी चीज थी, जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब: धुरंधर 2 देखकर मुझे बहुत समय बाद ऐसा लगा कि इतनी लंबी, करीब साढ़े तीन घंटे की फिल्म को मैं दोबारा देखना चाहूंगा। खासकर रणवीर सिंह का गांव वाला शुरुआती सीक्वेंस आपको पूरी तरह बांध लेता है। फिल्म में वो सारी चीजें हैं, जो अच्छे सिनेमा को यादगार बनाती हैं। सवाल: ‘एनिमल’ और ‘धुरंधर’ जैसे मेकर्स के साथ काम करने की इच्छा है? जवाब: बिल्कुल। संदीप रेड्डी वांगा, विशाल भारद्वाज, आदित्य धर जैसे मेकर्स के साथ काम करने का बहुत मन है। मुझे लगता है कि मेरे अंदर अभी बहुत कुछ एक्सप्लोर होना बाकी है। सही डायरेक्टर और सही कहानी आपकी एनर्जी को सही दिशा देते हैं। सवाल: ‘धुरंधर’ में कोई ऐसा किरदार लगा, जिसे आप करना चाहते? जवाब: नहीं, मतलब यह तो मैं नहीं कह सकता कि मैं अलग फ्लेवर डाल सकता था। मुझे धुरंधर के पार्ट वन में रहमान डकैत एक ऐसा कैरेक्टर था, जिसको देख कर लगा कि मतलब बखूबी उन्होंने निभाया है। अक्षय खन्ना ने बहुत अच्छे से किया है। उनको देख कर आपको लगता है कि अरे, यह आप करते तो इसमें दो-चार चीजें आप और एड कर सकते थे। रणवीर सिंह ने तो कमाल किया है। सबसे बड़ी बात ये है कि वो बहुत सिक्योर एक्टर हैं। वो कहानी और बाकी किरदारों के साथ पूरी तरह घुल-मिल जाते हैं। सवाल: क्या आज इंडस्ट्री में टैलेंट से ज्यादा पीआर और सोशल मीडिया को अहमियत मिलती है? जवाब: देखिए, मैं ये नहीं कहूंगा कि इंडस्ट्री पूरी तरह ऐसी है, लेकिन हां, आज एक गैप जरूर आ गया है। एक तरफ आपका टैलेंट, क्राफ्ट और काम है और दूसरी तरफ ये बात कही जाती है कि आपकी पीआर बहुत स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए, आपको खुद को मार्केट करना आना चाहिए। मेरा मानना है कि एक्टर या किसी भी क्रिएटिव इंसान का असली काम अपना काम ईमानदारी और मेहनत से करना है। अगर आपने तमाम मुश्किलों के बावजूद अच्छा काम किया है, तो वही सिलसिला आगे बढ़ना चाहिए। आपकी पहचान आपके टैलेंट, क्रेडिबिलिटी और क्राफ्ट के आधार पर बननी चाहिए।
फिल्म ‘सितंबर 21’ सिर्फ अल्जाइमर पर बनी कहानी नहीं, बल्कि उन केयरगिवर्स की भावनात्मक यात्रा है जो अपनों की देखभाल करते-करते अंदर से टूटने लगते हैं। डायरेक्टर करेन क्षिति सुवर्णा और को-प्रोड्यूसर प्रीति अली ने इस संवेदनशील विषय को असली जिंदगी के अनुभवों से जोड़कर पर्दे पर उतारा है। दैनिक भास्कर से बातचीत में प्रवीण एस. सिसोदिया, प्रियंका उपेंद्र और अमित बहल ने बताया कि फिल्म मरीजों के साथ उनके परिवार के दर्द को भी सामने लाती है। इंटरव्यू में ‘धुरंधर’ की कास्टिंग और ‘मुगल-ए-आजम’ जैसे क्लासिक सिनेमा पर भी चर्चा हुई। सवाल: पहली ही फिल्म में अल्जाइमर जैसा संवेदनशील विषय… आखिर इस कहानी ने आपको इतना अंदर तक कैसे छू लिया? जवाब/करेन क्षिति सुवर्णा: जब मैं अपनी पहली फीचर फिल्म बनाना चाहती थी, तब मैंने तय किया था कि सिर्फ मनोरंजन के लिए फिल्म नहीं बनाऊंगी। मैं ऐसी कहानी कहना चाहती थी जो समाज को कुछ दे। हमारे लेखक राज शेखर की यह उनकी असली जिंदगी की कहानी है। वह अपने भाई के केयरगिवर थे, जिन्हें अल्जाइमर था। हमारे प्रोड्यूसर्स की मां भी इस बीमारी से जूझ चुकी थीं। जब मैं अल्जाइमर केयर सेंटर गई, तब मुझे एहसास हुआ कि लोग मरीजों की बात तो करते हैं, लेकिन केयरगिवर्स की तकलीफ कोई नहीं समझता। वहीं से यह फिल्म शुरू हुई। सवाल: यानी यह सिर्फ मरीज की नहीं, उन लोगों की भी कहानी है जो चुपचाप टूटते रहते हैं? जवाब/करेन क्षिति सुवर्णा: बिल्कुल। अल्जाइमर का अभी तक कोई इलाज नहीं है। सिर्फ देखभाल की जा सकती है। लेकिन किसी ने यह नहीं दिखाया कि केयरगिवर्स पर क्या बीतती है। वे मानसिक और भावनात्मक रूप से टूट जाते हैं। हमारी फिल्म उसी दर्द और संघर्ष को दिखाती है। सवाल: प्रवीण, जब आपने पहली बार कहानी सुनी तो क्या तुरंत लगा कि यह फिल्म करनी ही है? जवाब/प्रवीण एस. सिसोदिया: हां। ऐसी फिल्में हर बार नहीं मिलतीं। एक कलाकार हमेशा कुछ नया करना चाहता है। जब करेन क्षिति ने कहानी सुनाई, तो मुझे लगा कि यह सिर्फ एक्टिंग नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। मैंने तुरंत हां कह दी। सवाल: प्रियंका, एक केयरगिवर का दर्द निभाना कितना मुश्किल था? जवाब/प्रियंका उपेंद्र: बहुत मुश्किल था। क्योंकि सिर्फ लुक बदलना काफी नहीं था। मुझे उसकी भावनाएं समझनी थीं। अल्जाइमर के बारे में सुनना अलग बात है, लेकिन यह सोचना कि उस इंसान और उसके family पर क्या गुजरती होगी… वह बहुत भारी था। मेरे किरदार के अंदर बहुत दर्द था, लेकिन बाहर से उसे मजबूत दिखना था। यही सबसे बड़ी चुनौती थी। सवाल: फिल्म का नाम ‘सितंबर 21’ क्यों रखा गया? क्या इसका कनेक्शन कोविड से भी है? जवाब/प्रीति अली: हां, कोविड का दौर फिल्म का हिस्सा है। लेकिन ‘सितंबर 21’ सिर्फ एक तारीख नहीं है, यह कहानी की भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ हिस्सा है। मैं अभी ज्यादा नहीं बताऊंगी, क्योंकि दर्शकों को यह फिल्म में महसूस करना चाहिए। सवाल: अमित, आपको इस फिल्म की कहानी ने निजी तौर पर छुआ? जवाब/अमित बहल: बहुत ज्यादा। मेरे पिता मेरे शिक्षक थे और मैंने करीब ढाई साल तक उनकी देखभाल की थी।जब मैंने फिल्म देखी, तो मुझे एहसास हुआ कि यह सिर्फ मरीज की कहानी नहीं है, बल्कि उन लोगों की भी कहानी है जो उनके साथ जीते हैं। फिल्म यह भी दिखाती है कि हर केयरगिवर एक जैसा नहीं होता। हर इंसान की अपनी सीमाएं और संघर्ष होते हैं। सवाल: फिल्म में अल्जाइमर के मेडिकल पहलुओं पर भी काफी रिसर्च की गई है। यह कितना जरूरी था? जवाब/अमित बहल: बहुत जरूरी था। लोग अक्सर अल्जाइमर को सिर्फ बुढ़ापे में भूलने की आदत समझ लेते हैं। लेकिन यह एक गंभीर बीमारी है। फिल्म में दिखाया गया है कि यह बीमारी किस तरह बढ़ती है और मरीज के व्यवहार में क्या बदलाव आते हैं। यह सिर्फ इमोशनल फिल्म नहीं, बल्कि काफी शैक्षिक भी है। सवाल: फिल्म हिंदी और कन्नड़ दोनों भाषाओं में बनी है। पहली ही फिल्म में यह रिस्क लेना कितना मुश्किल था? जवाब/प्रीति अली: बहुत मुश्किल था। लेकिन जब हमने फिल्म को सपोर्ट करने का फैसला किया, तभी तय कर लिया था कि इसे दोनों भाषाओं में बनाएंगे। पूरी टीम ने इसे बहुत मेहनत से संभाला। सवाल: हाल ही में ‘धुरंधर’ की काफी चर्चा रही। उसकी सफलता और कास्टिंग को आप कैसे देखते हैं? जवाब/अमित बहल: ‘धुरंधर’ सच में कमाल की फिल्म है। उसकी सफलता पूरी तरह डिजर्व करती है। और सच कहूं तो थोड़ी-सी ईर्ष्या भी होती है, लेकिन वह बहुत स्वाभाविक है। उसकी कास्टिंग इतनी परफेक्ट थी कि कई किरदारों को पहचानना मुश्किल हो गया था। हर कलाकार अपने रोल में पूरी तरह फिट था। सवाल: प्रवीण, आपको ‘धुरंधर’ में कोई ऐसा किरदार लगा जिसे आप निभाना चाहते? जवाब/ प्रवीण एस. सिसोदिया: देखिए, अभिनेता के मन में हमेशा आता है कि “यह रोल मैं भी कर सकता था।” लेकिन सच यह है कि उस फिल्म की कास्टिंग शानदार थी। हर कलाकार बिल्कुल सही जगह पर था। मुझे तो ऐसा लगा जैसे पुरानी क्लासिक फिल्मों की तरह हर किरदार अपनी जगह पर पूरी ईमानदारी से खड़ा है। जैसे लोग ‘मुगल-ए-आजम’ के किरदारों को आज तक याद रखते हैं, वैसे ही जब कोई फिल्म सही कास्टिंग और सच्चे अभिनय के साथ बनती है, तो उसका असर लंबे समय तक रहता है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस गुल पनाग ने सोशल मीडिया पर यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक पोस्ट की आलोचना की है। ध्रुव राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने पीएम को विदेशी धरती पर शर्मिंदा करने की बात कही थी। इस पर जवाब देते हुए गुल पनाग ने कहा कि सरकार से असहमत होना और विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विदेश में देश के प्रधानमंत्री और उनके पद का मजाक बनाना ठीक नहीं है। एक्ट्रेस के मुताबिक, ऐसा करने से देश की संस्थाएं और खुद भारतीय कमजोर होते हैं। ध्रुव राठी ने लिखा- मोदी को शर्मिंदा करें यूट्यूबर ध्रुव राठी ने 19 मई को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 12 साल में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। ध्रुव राठी ने आगे लिखा कि वे दूसरे देशों के विदेशी पत्रकारों से भी कहेंगे कि वे पीएम मोदी से जहां भी मिलें, उनसे सवाल जरूर पूछें। उन्हें लोगों के सामने जवाब देने के लिए मजबूर करें। ध्रुव राठी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी। पत्रकार के वीडियो के बाद शुरू हुआ विवादयह पूरा विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के बाद शुरू हुआ। ओस्लो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग ने प्रधानमंत्री से भारत में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की थी। इस दौरान पीएम मोदी बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था, जिसके बाद ध्रुव राठी ने पत्रकार के समर्थन में यह पोस्ट लिखा था। विरोध करना अलग, लेकिन यह तरीका सही नहींध्रुव राठी के इस पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए गुल पनाग ने लिखा कि आप किसी प्रधानमंत्री को नापसंद कर सकते हैं, सरकार से असहमत हो सकते हैं, डिबेट कर सकते हैं और अलग तरह से वोट कर सकते हैं। यही लोकतंत्र है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के ऑफिस और विदेश में वे जिसे रिप्रेजेंट करते हैं, उसका विदेशी धरती पर मजाक बनाना सही नहीं है। यह विरोध का सही तरीका नहीं है, बल्कि इससे हमारा ही नुकसान होता है। राजनीति में भी सक्रिय रह चुकी हैं एक्ट्रेसगुल पनाग एक्टिंग के साथ-साथ राजनीति और सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रही हैं। साल 2014 के आम चुनाव में उन्होंने चंडीगढ़ लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां वे तीसरे स्थान पर रही थीं। बाद में उन्होंने खुद को राजनीतिक गतिविधियों से अलग कर लिया और जून 2021 में आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वे एक एनजीओ भी चलाती हैं जो शिक्षा और लैंगिक समानता के लिए काम करता है।
एक्ट्रेस, वीजे और सिंगर अनुषा दांडेकर ने हाल ही में अपनी उस पोस्ट पर सफाई दी है, जो उन्होंने एक्स बॉयफ्रेंड करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की सगाई की खबरों के बीच की थी। उन्होंने साफ किया है कि उनकी क्रिप्टिक पोस्ट का करण-तेजस्वी की सगाई से कोई लेना-देना नहीं था। अनुषा दांडेकर ने आधिकारिक सोशल मीडिया से इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है, “हे भगवान, साफ है कि आपको कुछ पता ही नहीं है, खासकर आर्टिकल्स के बारे में। जब मैं किसी खास चीज के बारे में बात करती हूं, तो मैं साफ कहती हूं। अगर मैं अपनी वजहों से भगवान का शुक्रिया अदा कर रही हूं, तो भी आप उसे उसी बात से जोड़ देते हैं और फिर अपनी ही धारणाओं के आधार पर मुझ पर सवाल उठाते हैं। आगे अनुशा ने लिखा है, कमाल है। और जितने भी प्यारे डीएम आए, मैंने सब देखे और मैं सहमत हूं। अब सब लोग मान सकते हैं कि आपने मुझे क्या लिखा था। लव यू ऑल।” अनुषा ने किस पोस्ट पर दी सफाई दरअसल, एक समय में अनुषा दांडेकर और करण कुंद्रा रिलेशनशिप में थे। दोनों ने एमटीवी लव स्कूल भी साथ होस्ट किया था, हालांकि कुछ समय बाद दोनों अलग हो गए। इस दौरान खबरें रहीं कि करण कुंद्रा, अनुषा से कमिटेड नहीं थे। इसके बाद बिग बॉस 15 में करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की नजदीकियां बढ़ीं और दोनों रिलेशनशिप में आ गए। दोनों पिछले 5 सालों से रिलेशनशिप में हैं। हाल ही में करण कुंद्रा और तेजस्वी की कुछ तस्वीरें वायरल हुई हैं, जिसमें करण, तेजस्वी को शादी के लिए प्रपोज करते दिखे हैं। तस्वीरें वायरल होने के बीच ही अनुषा ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर कर लिखा, ‘भगवान का शुक्र है। iykyk (अगर आप जानते हैं, तो जान जाएंगे)।’ अनुषा की इस पोस्ट को करण-तेजस्वी की सगाई से जोड़कर देखा जाने लगा। एक वजह ये भी रही कि करण से ब्रेकअप के बाद अनुषा ने उनके खिलाफ कई बयान दिए थे।
एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट का हाल ही में एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में कंगना मांग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र और हाथों में हरी चूड़ियां पहने नजर आ रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद फैंस के बीच कंगना के गुपचुप शादी करने की अफवाहें चल रही हैं। हालांकि, यह उनके किसी असल शादी का लुक नहीं है। अब कंगना ने खुद इस अफवाह पर सफाई दी है। कंगना का यह पारंपरिक लुक उनकी आने वाली फिल्म 'क्वीन 2' की शूटिंग का हिस्सा है, जिसकी शूटिंग शुरू हो चुकी है। कंगना ने कहा है की वे गुपचुप शादी नहीं करेंगी। कंगना बोलीं- मुझे बहुत सारे फोन कॉल्स आ रहे कंगना ने इन अफवाहों पर स्पष्टीकरण देते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा मैं हर दिन शहर में और उसके आसपास शूटिंग कर रही हूं, किसी ने कैरेक्टर मेकअप के साथ यह रैंडम तस्वीर क्लिक कर ली और अब मुझे इतने सारे फोन कॉल्स आ रहे हैं , लेकिन शादीशुदा महिला के लुक में ऐसी क्या बड़ी बात है? एक्टर्स हर तरह के रोल निभाते हैं, मैं गुपचुप शादी नहीं करूंगी, मैं वादा करती हूं सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कई इंस्टाग्राम पेजेस ने कंगना रनोट का यह वीडियो शेयर किया था। इसमें कंगना पिंक कलर के पारंपरिक सूट में एक शादीशुदा महिला के रूप में दिखाई दे रही हैं। वीडियो के साथ कोई कैप्शन या जानकारी नहीं दी गई थी। इसके बाद इंस्टाग्राम और एक्स पर यूजर्स ने कमेंट करना शुरू कर दिया कि कंगना ने गुपचुप शादी कर ली है। कंगना या उनकी टीम की तरफ से तुरंत कोई सफाई नहीं आने से यह चर्चा इंटरनेट पर और बढ़ गई। डायरेक्टर विकास बहल ने की 'क्वीन 2' की पुष्टिफिल्म 'क्वीन' के डायरेक्टर विकास बहल ने भी इसके सीक्वल पर काम चलने की बात कही है। हाल ही दिए इंटरव्यू में विकास बहल ने बताया था कि हम पिछले कुछ समय से 'क्वीन 2' पर काम कर रहे थे और अब हमारे पास एक ठोस कहानी तैयार है। इस फिल्म की शूटिंग अब शुरू हो चुकी है, जिसके सेट से कंगना का यह लुक सामने आया है। कुछ जगहों पर फिल्म का नाम 'क्वीन फॉरएवर' भी बताया जा रहा है। बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रही थी क्वीनसाल 2014 में रिलीज हुई फिल्म 'क्वीन' बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रही थी। विकास बहल के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में कंगना रनोट ने 'रानी मेहरा' का किरदार निभाया था। फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की की थी, जिसकी शादी टूट जाती है और वह अकेले ही पेरिस और एम्स्टर्डम में अपने हनीमून पर चली जाती है। इस फिल्म में राजकुमार राव और लीजा हेडन ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं। इस फिल्म के लिए कंगना को काफी तारीफ मिली थी। --------------------- ये खबर भी पढ़ें भोपाल सुसाइड केस के बाद कंगना रनोट की सलाह:बोलीं- लड़कियां शादी से पहले करियर को जरूरी समझें, पहले आत्मनिर्भर बनें एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने देश में सामने आ रहे दहेज उत्पीड़न और सुसाइड के मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भोपाल में एक 33 साल की महिला की संदिग्ध मौत के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के लिए एक लंबा पोस्ट लिखा। कंगना ने युवा महिलाओं को सलाह दी है कि वे शादी से पहले अपने करियर और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दें। पूरी खबर पढ़ें
रणबीर कपूर और साई पल्लवी की मल्टीस्टारर फिल्म रामायण कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने की कगार में है। फिल्म पहले ही 700 करोड़ रुपए की ओटीटी डील ठुकरा चुकी है, जिसके बाद अब रिपोर्ट्स हैं कि इस पैन इंडिया फिल्म के सिर्फ हिंदी डिस्ट्रीब्यूशन के राइट्स की डील 450 करोड़ में की जा रही है। वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि अनिल थडाणी और जयंतीलाल गडा जैसे कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स का मानना है कि 450 करोड़ एक फिल्म के सिर्फ हिंदी डिस्ट्रीब्यूशन के लेना एक बड़ी कीमत है। उन्होंने निर्माताओं को इसमें कटौती करने पर विचार करने की सलाह दी है। हालांकि फिल्म के मेकर्स को फिल्म की सक्सेस पर पूरा भरासो है और वो इस रकम पर अड़े हुए हैं। फिलहाल मेकर्स की करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन, AA फिल्म्स और पेन स्टूडियो से प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा की इस डील पर बात चल रही है। ट्रेड एक्सपर्स्ट्स के अनुसार, फिल्म रामायण सिर्फ भारत में 1000 से 1500 करोड़ तक का कलेक्शन कर इतिहास रच सकती है। वहीं वर्ल्डवाइड इसके 2500 करोड़ तक कमाई करने के अनुमान हैं। फिल्म को बड़े स्केल में तैयार किया गया है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें- देखिए फिल्म रामायण की खास झलक-
रेटिंग: 3/5 स्टारअवधि: 2 घंटे 26 मिनट कास्ट- अनन्या पांडे, लक्ष्य ललवानी डायरेक्टर- विवेक सोनी बॉलीवुड में प्रेम कहानियां हमेशा से बनती रही हैं, लेकिन ज्यादातर फिल्मों में प्यार का सफर वहीं खत्म हो जाता है जहां हीरो-हीरोइन एक हो जाते हैं। शादी के बाद क्या होता है, जिम्मेदारियां रिश्ते को कैसे बदल देती हैं और प्यार कब थकने लगता है, इन सवालों से हिंदी सिनेमा अक्सर बचता रहा है। ‘चांद मेरा दिल’ इसी मुश्किल हिस्से को पकड़ने की कोशिश करती है।डायरेक्टर विवेक सोनी की यह फिल्म प्यार को सिर्फ खूबसूरत एहसास की तरह नहीं दिखाती, बल्कि उसके साथ आने वाली उलझनों, गुस्से, टूटन और दोबारा जुड़ने की कोशिशों को भी सामने लाती है। फिल्म कई जगह आपको अपने आसपास के रिश्तों की याद दिलाती है। हालांकि इसकी रफ्तार कुछ हिस्सों में धीमी पड़ती है, लेकिन इमोशनल पकड़ बनी रहती है। कहानी: कॉलेज के प्यार से शादी तक और फिर रिश्ते की असली परीक्षाहैदराबाद के बैकड्रॉप में बनी यह कहानी इंजीनियरिंग स्टूडेंट चांदनी (अनन्या पांडे) और आरव (लक्ष्य) के इर्द-गिर्द घूमती है। आरव पहली नजर में चांदनी पर दिल हार बैठता है। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदलती है और दोनों एक-दूसरे की दुनिया बन जाते हैं।कॉलेज रोमांस, लंबी बाइक राइड्स, देर रात की बातें और भविष्य के सपनों के बीच दोनों शादी का फैसला कर लेते हैं। लेकिन असली कहानी शादी के बाद शुरू होती है। करियर का दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां, परिवार का हस्तक्षेप और रिश्ते में बढ़ती गलतफहमियां दोनों को बदलने लगती हैं।एक ऐसा पल आता है जब आरव का गुस्सा रिश्ते में ऐसी दरार पैदा कर देता है, जहां प्यार से ज्यादा आत्मसम्मान बड़ा सवाल बन जाता है। रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। क्या दोनों अपने रिश्ते को दूसरा मौका देंगे या प्यार जिम्मेदारियों के बोझ तले दब जाएगा, यही फिल्म का मूल संघर्ष है।एक्टिंग: अनन्या पांडे ने किया सरप्राइज, लक्ष्य ने दिखाया नया रंगअगर इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत किसी चीज को कहा जाए, तो वह इसकी एक्टिंग है। अनन्या पांडे ने अपने करियर की अब तक की सबसे संतुलित परफॉर्मेंस दी है। उन्होंने चांदनी के किरदार को सिर्फ एक रोमांटिक लड़की बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि उसकी उलझन, दर्द, असुरक्षा और मजबूती को अच्छे से दिखाया है। कई इमोशनल सीन्स में वह काफी प्रभाव छोड़ती हैं। वहीं लक्ष्य इस फिल्म का बड़ा सरप्राइज हैं। ‘किल’ जैसी एक्शन फिल्म के बाद यहां उनका बेहद संवेदनशील और टूटा हुआ रूप देखने को मिलता है। गुस्से, पछतावे और प्यार के बीच फंसे एक लड़के की बेचैनी उन्होंने अच्छे ढंग से निभाई है। कई जगह उनकी बॉडी लैंग्वेज और इमोशनल सीन आपको बांधे रखते हैं।दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर सामने आती है। कम स्क्रीन टाइम में परेश पाहुजा भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं।डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष: रिश्तों की बारीकियों को समझती फिल्मडायरेक्टर विवेक सोनी ने कहानी को जरूरत से ज्यादा फिल्मी बनाने की बजाय उसे जमीन से जोड़े रखने की कोशिश की है। अच्छी बात यह है कि यहां गुस्से को हीरोइज्म की तरह नहीं दिखाया गया। रिश्तों में छोटी गलतियां किस तरह बड़ी दूरी में बदल जाती हैं, फिल्म इसे संवेदनशील तरीके से दिखाती है।कैमरा वर्क खासकर इमोशनल सीक्वेंस में अच्छा लगता है। कुछ सीन की फ्रेमिंग और लाइटिंग कहानी की बेचैनी को और असरदार बनाती है। एडिटिंग पहले हाफ में अच्छी है, लेकिन दूसरे हिस्से में फिल्म थोड़ी लंबी महसूस होने लगती है।फिल्म की कमियां: दूसरे हाफ में ढीली पड़ती रफ्तारफिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा इसकी लंबाई है। 2 घंटे 26 मिनट का रनटाइम कुछ जगह भारी महसूस होता है। सेकेंड हाफ में कुछ सीन जरूरत से ज्यादा खिंचे लगते हैं और कहानी थोड़ी दोहराव वाली महसूस होती है। हालांकि ये बातें फिल्म के इमोशनल असर को पूरी तरह कमजोर नहीं करतीं। म्यूजिकः फिल्म का टाइटल ट्रैक असरदारसचिन-जिगर का संगीत फिल्म की जान है। गाने कहानी पर बोझ नहीं लगते, बल्कि उसे आगे बढ़ाने का काम करते हैं। टाइटल ट्रैक लंबे समय तक याद रहता है। बैकग्राउंड स्कोर कई इमोशनल पलों को और मजबूत बनाता है और रिश्ते की बेचैनी को महसूस कराता है।फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं?‘चांद मेरा दिल’ ऐसी प्रेम कहानी है जो सिर्फ प्यार में पड़ने की नहीं, प्यार को बचाने की जद्दोजहद दिखाती है। फिल्म पूरी तरह परफेक्ट नहीं है और दूसरे हाफ में थोड़ा खिंचती भी है, लेकिन इसकी ईमानदार कहानी, मजबूत एक्टिंग और रिश्तों की सच्चाई इसे देखने लायक बनाती है। अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो प्यार की चमक के साथ उसकी थकान भी दिखाएं, तो यह फिल्म एक बार जरूर देखी जा सकती है।
राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर ने हाल ही में पिता और स्मिता पाटिल के अफेयर पर बात की है। उनका कहना है कि दोनों के अफेयर से उन्हें काफी दिक्कत हुई थी। वहीं आर्य बब्बर का ये भी कहना है कि वो स्मिता पाटिल को स्मिता मां कहते हैं, लेकिन प्रतीक बब्बर अपने पिता को ही पिता नहीं मानते। उन्होंने ये भी कहा कि उनके और प्रतीक के बीच सुलह नहीं हो सकती। राज बब्बर ने नादिरा जहीर से शादी की थी, जिससे उन्हें दो बच्चे आर्य बब्बर और जूही हुए। आर्य महज 3 साल के थे, जब राज बब्बर ने स्मिता पाटिल से शादी कर पहली पत्नी और बच्चों को छोड़ दिया। हालांकि 3 साल में जब स्मिता ने बेटे प्रतीक को जन्म दिया, तो डिलीवरी कॉम्प्लिकेशन से उनका निधन हो गया। इसके बाद राज बब्बर, पहली पत्नी के साथ रहने लगे। इन सभी चीजों से पारिवारिक रिश्तों में तनाव रहा। हाल ही में प्रतीक बब्बर ने शादी में पिता को नहीं बुलाया और फिर अपने नाम से पिता का सरनेम हटाकर मां स्मिता का नाम जोड़ लिया। तब भी ये रिश्ते विवादों में रहे। अब हाल ही में विक्की ललवानी को दिए इंटरव्यू में आर्य बब्बर ने स्मिता-राज के रिश्ते पर कहा, मैं आज 44 साल का हूं, ये तब हुआ जब मैं 4-5 साल का था। मेरे पिता ने जिंदगी में बहुत कुछ किया उसके बाद। लेकिन सबसे जरूरी चीज जो हम सबकी रह गई है वो ये कि हमारे पापा का एक अफेयर हुआ था। एक रिश्ते को उन्होंने इज्जत दी, साथ दिया था। वो हम सबकी जिंदगी का इशू बन गया। जो शायद नहीं होना चाहिए, क्योंकि हम सब आगे बढ़ गए हैं। आगे जब पूछा गया कि क्या इससे पिता से रिश्ते बिगड़ गए, तो आर्य कहते हैं, किस बच्चे को अच्छा लगेगा कि उसके पापा का बाहर अफेयर हो। अगर आपको पता चलता कि आपके पापा का अफेयर है, आपको अच्छा लगता। हर कोई मूव ऑन कर गया। पापा ने मूव ऑन कर लिया, उनका दूसरा अफेयर भी हो गया। आर्य ने बातचीत में ये भी बताया कि स्मिता पाटिल के लिए राज बब्बर ने घर खरीदा था और वो परिवार को छोड़कर उनके साथ जाकर रहने लगे थे। उस घर में फिलहाल प्रतीक बब्बर अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। आगे आर्य ने कहा, मैं स्मिता मां को प्यार और इज्जत देता हूं, क्योंकि उन्हें वो प्यार और इज्जत मेरे पिता ने दी। हमारी मां ने हमें समझाया है कि चाहे कुछ भी हो, प्रतीक के साथ हमारा स्वाभाव गलत नहीं होना चाहिए। हमारी मां ने हमें सिखाया, पिता ने नहीं। यही वजह है कि हम उसके साथ अच्छे से रहते हैं। जब मैंने देखा कि प्रतीक मेरी मां को मां कह रहा है, तो मैं भी स्मिता को स्मिता मां कहने लगा। आखिर में आर्य ने कहा, जिस स्मिता मां के लिए पापा ने हमें छोड़ा, आज उन्हीं का बच्चा पापा को पापा नहीं मान रहा है। उन्होंने ये भी साफ किया कि अब उनके प्रतीक से रिश्ते कभी सुधर नहीं सकेंगे।
बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय हर साल की तरह इस साल भी कांस फिल्म फेस्टिवल का हिस्सा बन रही हैं। वो हर साल लोरियल की तरफ से पहुंचती थीं, लेकिन ओपनिंग सेरेमनी में आलिया के आने से हर किसी का मानना था कि ऐश्वर्या इस साल कांस से नदारद रहेंगी। हालांकि ऐश्वर्या कांस के लिए रवाना हो चुकी हैं। कांस फिल्म फेस्टिवल 12 मई से शुरू हुआ है, जो 23 मई को खत्म होगा। मुंबई एयरपोर्ट से ऐश्वर्या राय का वीडियो सामने आया है। वो बेटी के साथ कांस के लिए निकलीं। उन्होंने ऑल ब्लैक आउटफिट पहना हुआ था। वहीं आराध्या ने भी मां से ट्विनिंग की थी। एयरपोर्ट में ऐश्वर्या एंटर कर ही रही थीं, जब एक यंग फैन ने उन्हें फोटो के लिए रोक लिया। वो लड़का पीछे की तरफ देख रहा था, तो ऐश्वर्या ने खुद उसे आगे देखने के लिए कहा, लेकिन इसके बाद उल्टा फैन ने ही ऐश्वर्या को टोककर कहा कि उसका कैमरा पीछे ही है। इसके बाद ऐश्वर्या राय ने पीछे की तरफ ही पोज कर फैन के साथ तस्वीर क्लिक करवाई। इस दौरान एक्ट्रेस की सिक्योरिटी टीम उस लड़के को पीछे करती दिखी। बीते साल चर्चा में रहा कांस से ऐश्वर्या का लुक ऐश्वर्या राय ने साल 2002 में कांस में डेब्यू किया था। इसके बाद से ही वो लगातार कांस में मौजूद रहती हैं। बीते साल ऐश्वर्या ने मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन की गई सफेद-गोल्डन साड़ी पहनी थी। रेड डायमंड जूलरी और सिंदूर के साथ ऐश्वर्या बेहद खूबसूरत दिखीं। उनका ट्रेडिशनल लुक काफी चर्चा में रहा था। कांस के दूसरे लुक में ऐश्वर्या राय ने गौरव गुप्ता के कलेक्शन की ब्लैक सिक्वल गाउन के साथ ट्रेल कैरी की थी। खुले बालों और मिनिमल जूलरी में एक्ट्रेस बेहद ग्लैमरस लगी थीं। कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय के ये लुक भी देखिए- कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। आलिया भट्ट का कांस लुक भी चर्चा में रहा तीसरे लुक में आलिया डिजाइनर तरुण तहिलियानी की आइवरी साड़ी में दिखाई दीं। वे फ्रेंच रिवेरा में भारत पैवेलियन पहुंचीं, जहां उन्होंने फिल्म मेकर आशुतोष गोवारिकर के साथ 57वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) का पोस्टर और क्रिएटिव विजन लॉन्च किया।
साउथ सुपरस्टार राम चरण, RRR, मगधीरा, रंगस्थल जैसी बेहतरीन फिल्मों के बाद अब जल्द ही फिल्म पेद्दी ला रहे हैं। ये फिल्म 4 जून को रिलीज होने वाली है, जिसका ट्रेलर भी जारी किया जा चुका है। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने रैपिड फायर के कई बेहतरीन सवालों का मजेदार जवाब दिया है। ऊपर दिए गए वीडियो में क्लिक कर देखिए राम चरण के रैपिड फायर राउंड के जवाब। …………………………………….. राम चरण के भास्कर को दिए गए ये एक्सक्लूवि इंटरव्यू भी पढ़िए- राम चरण बोले- पेद्दी के लिए आमिर-सलमान से कॉन्फिडेंस मिला:डायरेक्टर मना करते हैं, लेकिन अपने स्टंट खुद करता हूं; सेट पर लगीं कई चोटें, पार्ट-1 सवाल- आपका डेडिकेशन दिख रहा है, हाथ पर चोटें भी हैं? राम चरण- बहुत सारे गिफ्ट्स (चोटें) मिले हैं मुझे इस डेडिकेशन के लिए। (हंसते हुए) जब पहली बार ये सुना था, तब मुझे मालूम हुआ। इससे पहले सलमान खान और आमिर खान की फिल्म भी चली थीं दंगल और सुल्तान। हम बहुत कॉन्फिडेंट थे कि इस तरह की फिल्में चलती हैं। उनका शुक्रिया। जहां तक कुश्ती का सवाल है… पूरी खबर पढ़िए……………………………….. भास्कर इंटरव्यू राम चरण बोले- कभी राजनीति में नहीं आऊंगा: दो नांव पर सवार होना मुश्किल, सबसे बड़ा एंटरटेनर बनना है; हनुमान भक्त हैं, कहा- मेरा नाम ही हनुमान, पार्ट–2 सवाल- हनुमान जी के भक्त हैं, आप? राम चरण- मेरे नाम ही हनुमान है, हनुमान मेरे लिए भाई, दोस्त, फादर, मेरे लिए सब कुछ हैं।सवाल- पिता की लीगेसी आगे बढ़ाने के लिए प्रेशर फील करते हैं? राम चरण- फ्रैंकली कभी नहीं। हम लोग एंटरटेनमेंट फैमिली में पैदा हुए हैं। तो हमारे लिए ये कोई नई चीज नहीं थी। हम सिर्फ अच्छे काम के लिए तड़पते हैं, स्टारडम हमें.. पूरी खबर पढ़िए…
ग्लोबल स्टार राम चरण 4 जून को रिलीज होने वाली फिल्म पेद्दी में नजर आने वाले हैं। फिल्म रिलीज से पहले राम चरण ने दैनिक भास्कर से बातचीत में स्प्रिचुएलिटी, अनुशासन और राजनीति पर बात की है। जब राम चरण से पूछा गया कि क्या उन्हें कभी पिता की लीगेसी आगे बढ़ाने का प्रेशर महसूस होता है, तो उन्होंने कहा कि वो एक फिल्मी परिवार से आते हैं और उनके लिए ये आम बात है। सवाल- आप 41 दिनों तक अयप्पा दीक्षा लेते हैं, नंगे पांव चलना, काले कपड़े पहनना। ग्लोबल स्टार के तौर पर इस कनेक्शन को बढ़ाने के लिए क्या करते हैं? राम चरण- मैं खुश हूं कि सबको ये पसंद आ रहा है। मैं सलाह दूंगा कि सबको अयप्पा दीक्षा जरूर लेनी चाहिए। ये किसी धर्म या गॉड के बारे में नहीं है, ये हमारे जीने का तरीका है। ये सबसे अनुशासित तरीका है जिंदगी का। इसलिए हर साल 2 बार करता हूं, जिससे साल भर एनर्जी रहती है। ये पूरी तरह बैलेंस करता है। सवाल- हनुमान जी के भक्त हैं, आप? राम चरण- मेरे नाम ही हनुमान है, हनुमान मेरे लिए भाई, दोस्त, फादर, मेरे लिए सब कुछ हैं। सवाल- उपासना जो आपका सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम हैं, वो कहती हैं कि आप बहुत अनुशासित हैं, कभी ऐसा नहीं लगता कि ये डेडिकेशन छोड़कर आम दिन रहे? राम चरण- इतना भी डिसिप्लिन नहीं हूं। हर दिन लगता है कि लेट उठूं, लेट सोऊं फिल्म देखकर। रोज छोले भटूरे खाने का मन होता है, बिरयानी खाने का मन होता है। लेकिन क्या करूं, प्रोड्यूसर ऐसा करने नहीं देते। चिरंजीवी सर, डैड घर में रहते हैं, तो सोने नहीं देते, पूछते हैं जिम क्यों नहीं आया। तो अगर हमें कोई पुश करने वाला होता है तो रिलेक्स करने का कोई टाइम नहीं होता। सवाल- चिरंजीवी क्या आपको फिल्म से जुड़ी टिप्स देते हैं? राम चरण- बहुत कम टिप्स देते हैं। वो मानते हैं कि हर एक्टर की अपनी जर्नी होती है। जब उन्हें कुछ बहुत पसंद आता है, तब ही वो बात करते हैं, वर्ना उनका मानना है कि मैं खुद अपनी राह चुनुंगा। हर एक्टर के लिए डिसिप्लिन जरूरी है। दुनिया के हर सक्सेसफुल इंसान और एक्टर के लिए डिसिप्लिन जरूरी है। अगर डिसिप्लिन नहीं है तो कामयाबी जल्दी धुंधली हो जाती है। सवाल- आमतौर पर पिता हमेशा सामने तारीफ करने से कतराते हैं, लेकिन दूसरों के सामने करते हैं, क्या आपके साथ भी ऐसा ही है? राम चरण- मेरे पिता थोड़े अलग हैं। जो बच्चों को हमेशा बोलते रहते हैं कि अच्छा काम किया। बुरा काम किया तो कम बोलते हैं। वो तारीफ हमेशा करते हैं। सवाल- पिता का कोई ऐसा कॉम्प्लिमेंट, जो हमेशा याद रहेगा? राम चरण- ये कुश्ती की जो बॉडी बनी है, वो फिल्म के लिए ही मत रखना, हमेशा ऐसे ही रहना। वो वाकई बहुत तारीफ करते हैं, जो मैंने 14 महीने की मेहनत की है उसकी। ये वो चीज है, जिसकी पिता सराहना करते हैं। सवाल- पिता की लीगेसी आगे बढ़ाने के लिए प्रेशर फील करते हैं? राम चरण- फ्रैंकली कभी नहीं। हम लोग एंटरटेनमेंट फैमिली में पैदा हुए हैं। तो हमारे लिए ये कोई नई चीज नहीं थी। हम सिर्फ अच्छे काम के लिए तड़पते हैं, स्टारडम हमें पुश नहीं करता। सवाल- आपके लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट क्या है? राम चरण- मगधीरा और रंगस्थलम, इन दो फिल्मों ने मुझे एक्टर के तौर पर बनाया। सवाल- आपका परिवार राजनीति में भी बड़ा नाम है, विजय को भी देखें, आपके अंकल (पवन कल्याण) भी आंध्रप्रदेश सरकार में रहे, फैंस को उम्मीद है आप भी राजनीति में आएं? राम चरण- नहीं नहीं। बिल्कुल नहीं। मैं बस एंटरटेनमेंट फील्ड में बेस्ट बनना चाहता हूं। जाहिर तौर पर मेरे डैड और अंकल ने पॉलिटिक्स में कदम रखा, लेकिन मैं ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहता। मेरे लिए दो नांव में सवार होना बहुत मुश्किल है। फिल्म पेद्दी के बारे में- फिल्म पेद्दी 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। ये एक पैन इंडिया फिल्म है। बुच्ची बाबू के निर्देशन में बनी इस फिल्म को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया है। ये जान्हवी कपूर की दूसरी तेलुगु फिल्म है। उन्होंने 2024 में फिल्म देवरा से तेलुगु सिनेमा में डेब्यू किया था। इससे पहले रविवार को मुंबई के बीकेसी में फिल्म का ट्रेलर लॉन्च इवेंट आयोजित किया गया था, जहां फिल्म की पूरी स्टारकास्ट मौजूद रही।
साउथ सुपरस्टार थलापति विजय की कहानी फिल्मों की सफलता के साथ संघर्ष, आलोचना, पारिवारिक विवाद और राजनीति तक पहुंचने की भी रही है। करियर की शुरुआत में उनके लुक्स, आवाज और एक्टिंग का मजाक उड़ाया गया। लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद वह एक्टिंग छोड़ने का सोचने लगे थे। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को लवर बॉय इमेज से निकालकर फैमिली स्टार और फिर तमिल सिनेमा के बड़े मास सुपरस्टार के रूप में स्थापित किया। घिल्ली, थुप्पाक्की और सरकार जैसी फिल्मों में राजनीतिक और सामाजिक संदेशों ने उनकी अलग पहचान बनाई। इसी दौरान पिता एस.ए. चंद्रशेखर से राजनीतिक संगठन को लेकर विवाद भी चर्चा में रहा। बाद में विजय ने तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) लॉन्च की और अब वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं थलापति विजय के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। थलापति विजय का बचपन और पारिवारिक पृष्ठभूमि साउथ सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाने वाले थलापति विजय का पूरा नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। उनका जन्म 22 जून 1974 को चेन्नई में हुआ था। वह ऐसे परिवार से आते हैं, जिसका फिल्म इंडस्ट्री से गहरा संबंध रहा है। उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर तमिल फिल्मों के जाने-माने निर्देशक रहे हैं, जबकि मां शोभा चंद्रशेखर सिंगर, राइटर और प्रोड्यूसर रही हैं। घर में फिल्मी माहौल होने की वजह से विजय बचपन से कैमरा और सिनेमा की दुनिया के करीब रहे। हालांकि उनका बचपन पूरी तरह ग्लैमर से भरा नहीं था। छोटी बहन विद्या का कम उम्र में निधन हो गया था। कई इंटरव्यूज और तमिल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना के बाद विजय काफी शांत और अंतर्मुखी हो गए थे। फैंस मानते हैं कि उन्होंने बहन की याद में कई निजी प्रोजेक्ट्स में विद्या नाम का इस्तेमाल किया। पढ़ाई बीच में छोड़ी, एक्टिंग को चुना विजय ने शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के फातिमा मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल और बाललोक मैट्रिकुलेशन स्कूल से की थी। इसके बाद उन्होंने लोयोला कॉलेज में विजुअल कम्युनिकेशन कोर्स में एडमिशन लिया। लेकिन उसी दौरान फिल्मों में उनकी व्यस्तता बढ़ने लगी। उन्होंने महसूस किया कि उनका पूरा फोकस एक्टिंग पर जा रहा है। इसी वजह से उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ दी। विजय के पास कोई बड़ी प्रोफेशनल डिग्री नहीं है, लेकिन बाद के वर्षों में कई संस्थानों ने उन्हें मानद सम्मान दिए। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि पढ़ाई अधूरी छोड़ने वाला यह लड़का आगे चलकर करोड़ों लोगों का सुपरस्टार बनेगा। पिता की फिल्म से डेब्यू, लेकिन शुरुआत रही मुश्किल विजय ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट वेट्री, कुटुम्बम, नान सिगप्पु मनिथन, वसंत रागम, सत्तम ओरु विलयाट्टु और इधु एंगाल नीती जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें से अधिकांश फिल्मों का निर्देशन उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने किया था। इसके बाद विजय ने 1992 में फिल्म 'नालैया थीरपु' से लीड एक्टर के रूप में करियर शुरू किया था। लुक्स और आवाज का मजाक उड़ाया गया हालांकि शुरुआत उनके लिए बेहद कठिन रही। शुरुआती फिल्मों के फ्लॉप होने के साथ विजय को उनके लुक्स, आवाज और एक्टिंग के लिए आलोचना सहनी पड़ी। उस दौर की कई मैगजीन्स में लिखा गया कि वह हीरो मटेरियल नहीं हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय ने बाद में कहा था कि लोग उनके लुक्स और आवाज का मजाक उड़ाते थे। एक्टिंग छोड़ने तक का मन बना लिया था। विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि इंडस्ट्री के कई लोगों ने उन्हें लॉन्च करने के फैसले पर सवाल उठाए थे। लगातार आलोचना से विजय इतने परेशान हो गए थे कि उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया था। लेकिन परिवार, खासकर उनके पिता ने उन्हें हिम्मत दी और मेहनत जारी रखने की सलाह दी। बहन की मौत ने बदल दिया स्वभाव विजय की जिंदगी में बहन विद्या की मौत सबसे बड़ा भावनात्मक झटका मानी जाती है। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, पहले विजय काफी शरारती थे, लेकिन बहन के निधन के बाद उनमें गंभीरता आ गई। इसी दौर में उनका फिल्मों और किताबों की तरफ झुकाव बढ़ा। कई फिल्म समीक्षकों का मानना है कि उनकी फिल्मों में दिखाई देने वाली इमोशनल डेप्थ उनके निजी संघर्षों से जुड़ी रही। इंडस्ट्री में शुरुआती रिजेक्शन और आलोचना के बावजूद विजय टूटे नहीं। उन्होंने डांस, स्क्रीन प्रेजेंस, बॉडी लैंग्वेज और डायलॉग डिलीवरी पर लगातार मेहनत की। यही मेहनत आगे चलकर उनकी पहचान बनी। ‘लवर बॉय’ से बने फैमिली स्टार 1996 में रिलीज हुई 'पूवे उनाक्कागा' विजय के करियर का पहला बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। यह उनके करियर की पहली बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म थी। इस रोमांटिक-ड्रामा फिल्म ने विजय को तमिल सिनेमा का बड़ा स्टार बना दिया और उनकी छवि स्थापित रोमांटिक हीरो की बन गई। वह फैमिली ऑडियंस और युवाओं के बीच लोकप्रिय हो गए। इसके बाद उन्होंने कई रोमांटिक और फैमिली फिल्में कीं। धीरे-धीरे उनकी इमेज लवर बॉय स्टार के रूप में बनने लगी। उस दौर में विजय की सबसे बड़ी ताकत उनकी सरलता और साफ छवि मानी जाती थी। वह बाकी स्टार्स की तरह ज्यादा विवादों में नहीं रहते थे और मीडिया से सीमित बातचीत करते थे। बिहाइंडवुड्स के एक पुराने इंटरव्यू में विजय ने कहा था- ‘मैं ज्यादा बोलने वाला इंसान नहीं हूं।’ यही रिजर्व्ड पर्सनैलिटी आगे चलकर उनकी पब्लिक इमेज का अहम हिस्सा बनी। घिल्ली और थुप्पाक्की ने बनाया ‘मास सुपरस्टार’ 2003 की थिरुमलाई और 2004 की ब्लॉकबस्टर घिल्ली ने विजय की इमेज पूरी तरह बदल दी। अब वह सिर्फ रोमांटिक हीरो नहीं रहे, बल्कि मास एक्शन स्टार बन गए। उनकी एंट्री, डांस स्टेप्स और पंच डायलॉग्स युवाओं के बीच लोकप्रिय होने लगे। इसके बाद थुप्पाक्की, मर्सल, मास्टर और लियो जैसी फिल्मों ने उनके स्टारडम को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। खास बात यह रही कि विजय ने आलोचनाओं का जवाब विवादों से नहीं दिया। उन्होंने अपने काम से लोगों की सोच बदली। विजय अब तक 68 फिल्मों में एक्टिंग कर चुके हैं। उनकी 69वीं फिल्म 'जन नायकन' है। इस फिल्म के बाद उन्होंने एक्टिंग से सन्यास ले लिया। यह फिल्म 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर और अन्य विवादों की वजह से टल गई। कुछ रिपोर्ट्स में विजय के बर्थडे 22 जून 2026 को संभावित रिलीज डेट बताया गया है, लेकिन आधिकारिक फाइनल डेट अनाउंस नहीं हुई है। फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वह भारत के दूसरे सबसे महंगे पेड एक्टर हैं। एक फिल्म के लिए वह 130-275 करोड़ रुपए तक फीस लेते हैं। फिल्मों में राजनीतिक संदेश और बढ़ती लोकप्रियता विजय की कई फिल्मों में सिस्टम, भ्रष्टाचार और राजनीति से जुड़े मुद्दे दिखाई दिए। मर्सल में GST और मेडिकल सिस्टम पर टिप्पणी चर्चा में रही, जबकि सरकार में वोटिंग और राजनीतिक भ्रष्टाचार पर फोकस किया गया। बीबीसी न्यूज की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन फिल्मों के डायलॉग्स और सीन राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गए थे। इससे विजय की पॉलिटिकली अवेयर स्टार वाली इमेज मजबूत हुई। इसी दौरान उनका फैन नेटवर्क ‘विजय मक्कल इयक्कम’ तेजी से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय होने लगा। ब्लड डोनेशन कैंप, गरीबों को खाना बांटना और एजुकेशन सपोर्ट जैसे कार्यक्रमों ने विजय को सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि सामाजिक चेहरा बना दिया। पिता से विवाद ने मचाई हलचल 2020 में विजय और उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर के रिश्ते सार्वजनिक विवाद की वजह से सुर्खियों में आ गए। दरअसल, एस.ए. चंद्रशेखर ने ‘ऑल इंडिया थलापति विजय मक्कल इयक्कम’ नाम से राजनीतिक संगठन रजिस्टर कराया था। इसके बाद विजय ने बयान जारी कर कहा कि उनका उस संगठन से कोई संबंध नहीं है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय नहीं चाहते थे कि उनकी राजनीतिक पहचान किसी और के फैसले से तय हो। इसी घटना के बाद पिता-पुत्र के रिश्तों में तनाव की खबरें आने लगीं। हालांकि बाद में एस.ए. चंद्रशेखर ने माना कि रिश्तों में उतार-चढ़ाव रहे, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच सुलह हुई। 2023 में दोनों फिर साथ दिखे। मां शोभा चंद्रशेखर बनीं सबसे बड़ा सहारा इन पारिवारिक तनावों के बीच विजय की मां शोभा चंद्रशेखर हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पिता और बेटे के बीच सुलह कराने में अहम भूमिका निभाई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विजय अपनी मां के बेहद करीब हैं। उनके लिए चेन्नई में साईं बाबा मंदिर बनवाने की खबर काफी चर्चित रही। राजनीति में एंट्री: लॉन्च की TVK फरवरी 2024 में विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी TVK लॉन्च की। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी लॉन्च करते समय विजय ने कहा था कि राजनीति उनके लिए जन-केंद्रित सेवा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, जाति आधारित राजनीति और डिविसिव पॉलिटिक्स के खिलाफ काम करना उनका लक्ष्य होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, विजय लंबे समय से अपनी राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे थे। उनका फैन नेटवर्क पहले से जमीनी स्तर पर सक्रिय था और 2021 के लोकल बॉडी चुनावों में समर्थित उम्मीदवारों की जीत ने इसकी ताकत दिखा दी थी। कहा- पैसों के लिए वोट मत बेचिए 2023 में छात्रों और बोर्ड टॉपर्स को सम्मानित करने वाले कार्यक्रम में विजय का एक बयान वायरल हुआ था। द हिंदू की रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने युवाओं से कहा था- ‘पैसों के लिए अपना वोट मत बेचिए।’ इस बयान को उनकी राजनीतिक एंट्री का बड़ा संकेत माना गया। विजय युवाओं से फर्स्ट टाइम वोटर्स और क्लीन पॉलिटिक्स की बात करते थे। विश्लेषकों का मानना है कि वह खुद को सिर्फ स्टार नहीं, बल्कि 'यूथ-सेंट्रिक लीडर' के रूप में पेश करना चाहते थे। सीएम कैसे बने विजय? विजय की राजनीति में एंट्री के बाद TVK ने तेजी से अपना जनाधार बढ़ाया। युवाओं, फर्स्ट टाइम वोटर्स और उनके मजबूत फैन नेटवर्क ने पार्टी को जमीनी स्तर पर फायदा पहुंचाया। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने भ्रष्टाचार, शिक्षा, बेरोजगारी और क्लीन पॉलिटिक्स को मुख्य मुद्दा बनाया। चुनाव में TVK को बड़ी सफलता मिली और पार्टी तमिलनाडु की सत्ता तक पहुंच गई। इसके बाद TVK विधायक दल की बैठक में विजय को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। फिर उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने कहा कि उनकी राजनीति का मकसद जनता के लिए काम करना है और वह युवाओं व आम लोगों के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। तमिलनाडु की राजनीति में फिल्म स्टार्स का लंबा इतिहास रहा है। एम. जी. रामचंद्रन, जे. जयललिता और एन. टी. रामा राव जैसे सितारे सत्ता तक पहुंच चुके हैं। शादी, परिवार और तलाक की चर्चाएं विजय ने 25 अगस्त 1999 को संगीता सोरनलिंगम से शादी की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संगीता यूके बेस्ड श्रीलंकाई तमिल परिवार से थीं और पहले विजय की बड़ी फैन थीं। दोनों के दो बच्चे हैं- जेसन संजय (बेटा) और दिव्या शाशा (बेटी)। उनके बेटे जेसन संजय फिल्ममेकिंग और निर्देशन में रुचि रखते हैं। लंबे समय तक विजय की इमेज फैमिली मैन स्टार की रही, लेकिन 2026 में उनके रिश्ते को लेकर तलाक की खबरों ने जोर पकड़ लिया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि संगीता ने फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दायर की है। कुछ रिपोर्ट्स में एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर और लंबे समय से अलग रहने जैसी बातें सामने आईं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई और विजय की तरफ से सीमित सार्वजनिक प्रतिक्रिया आई। सोशल मीडिया और Reddit पर इस मुद्दे को लेकर बहस हुई। कुछ लोगों ने इसे उनकी राजनीतिक छवि से जोड़कर देखा, जबकि कई फैंस ने उनका समर्थन किया। पत्नी से तलाक की खबरों के अलावा भी विजय का नाम कुछ और विवादों से जुड़ा है। __________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... रितेश को लोगों ने एक्टर नहीं, सीएम का बेटा माना:फिल्में फ्लॉप हुईं तो एक्टिंग छोड़ना चाहते थे; कॉमेडी से पहचान मिली, विलेन बनकर चौंकाया कॉमेडी फिल्मों से पहचान बनाने वाले रितेश देशमुख आज ‘राजा शिवाजी’ में छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि एक दौर ऐसा भी था, जब लगातार फ्लॉप फिल्मों और ट्रोलिंग से परेशान होकर उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया था।पूरी खबर पढ़ें..
पंजाबी सिंगर जैस्मीन सैंडलस के देहरादून लाइव कॉन्सर्ट में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। 20 मई को हुए इस कॉन्सर्ट के दौरान दर्शकों के एरिया के पास लगा एक बैरिकेड अचानक टूट कर गिर गया। इससे आगे खड़े कई लोग अपना संतुलन खोकर गिर पड़े। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि जैस्मीन सैंडलास स्टेज पर परफॉर्म कर रही थीं। तभी अचानक दर्शकों के बिल्कुल सामने वाले हिस्से का बैरिकेड टूट गया। घटना के बाद सिंगर ने तुरंत अपना परफॉर्मेंस रोक दिया और अपनी पर्सनल टीम को सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने को कहा। सिंगर ने सुरक्षाकर्मियों को बताया आक्रामकजैस्मीन ने स्टेज से माइक पर कहा, मुझे बहुत दुख है कि ऐसा हो रहा है। क्या मेरी इंटरनल टीम इसे संभाल सकती है? मैं चाहती हूं कि मेरी पूरी टीम तुरंत आकर इस मामले को सुलझाए। यहां के सुरक्षाकर्मी काफी आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं। इसके बाद सिंगर स्टेज पर 'वाहेगुरु' का नाम लेती हुई भी सुनाई दीं। जैस्मीन की टीम ने तुरंत दखल देकर स्थिति को नियंत्रित किया, जिसके बाद हालात सामान्य हुए। 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी के गानों से मिली कामयाबीजैस्मीन सैंडलास इन दिनों 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी के गानों की सफलता को लेकर चर्चा में हैं। इस फ्रेंचाइजी में उनके गाए गाने 'शरारत', 'मैं और तू' और 'जाइए सजना' को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। इन गानों की कामयाबी के बाद वे एक बार फिर बॉलीवुड और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गई हैं। अमेरिका में बेहद तंगहाली में बीता बचपनजैस्मीन ने हाल ही में रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में अपने शुरुआती दिनों के संघर्षों के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि जब उनका परिवार अमेरिका के न्यूयॉर्क पहुंचा, तो उन्हें अंग्रेजी नहीं आती थी। उनके पिता ने स्थानीय स्कूल में उनका एडमिशन कराया। वे लोग एक बेडरूम के एक छोटे से अपार्टमेंट में रहते थे, जो कम आय वाले परिवारों के लिए था। उस घर में कुल 6 लोग रहते थे और उनका गुजारा फूड स्टैम्प पर होता था। भारत में टीचर रहीं उनकी मां वहां फैक्ट्री में काम करती थीं और चेरी तोड़ती थीं, जबकि उनके पिता गैस स्टेशन पर काम करते थे। बाद में कैलिफोर्निया जाने पर उनके पिता को कोर्ट में इंटरप्रेटर का काम मिला, तब जाकर जिंदगी थोड़ी बेहतर हुई। गुरुद्वारे में शबद गाकर सीखी गायकीजैस्मीन ने बताया कि बचपन में उनके पास म्यूजिक सीखने का कोई साधन नहीं था। वे सिर्फ गुरुद्वारे में जाकर शबद गाया करती थीं। उनके माता-पिता को उनके सिंगर बनने के सपने पर भरोसा नहीं था। मां इसे सिर्फ एक हॉबी मानती थीं और पिता का मानना था कि म्यूजिक में कोई करियर नहीं है। जैस्मीन ने अपने पिता से 6 महीने का समय मांगा था और कहा था कि अगर कामयाबी नहीं मिली तो वे गाना छोड़ देंगी। हालांकि 6 महीने में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। साल 2014 में सलमान खान की फिल्म 'किक' के गाने 'यार ना मिले' ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई।
बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा और उनके पति जहीर इकबाल सोशल मीडिया पर चल रहे 'मेलोडी' ट्रेंड में शामिल हो गए हैं। दोनों ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक मजेदार वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में जहीर मेलोडी टॉफी की मशहूर टैगलाइन बोलते नजर आ रहे हैं। दरअसल, यह पूरा ट्रेंड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी देने के बाद शुरू हुआ है। जॉइंट इंस्टाग्राम पोस्ट में शेयर किए गए इस वीडियो में सोनाक्षी अपने पति जहीर से पूछती हैं, तुम क्या पूछना चाहते हो? इस पर जहीर जवाब देते हैं, तुम अच्छी तरह जानती हो कि मैं तुमसे कितना प्यार करता हूं। जब सोनाक्षी चिढ़ाते हुए कहती हैं नहीं, तो जहीर तुरंत अपनी जेब से मेलोडी टॉफी निकालते हैं और कहते हैं, मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ। पीएम मोदी और मेलोनी के वीडियो से शुरू हुआ ट्रेंडइस मेलोडी ट्रेंड का बैकग्राउंड काफी दिलचस्प है। हाल ही में इंस्टाग्राम पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में दोनों नेताओं के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत हो रही थी। जी-7 समिट या द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान भारत की तरफ से इटली को मेलोडी टॉफी का एक पैकेट गिफ्ट किया गया था। इसके बाद से ही यह मामला चर्चा में आया। 'मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ' की कहानीवीडियो में इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी कहती हैं, प्रधानमंत्री मोदी हमारे लिए एक गिफ्ट लेकर आए हैं, यह बहुत अच्छी टॉफी है। इस पर पीएम मोदी हंसते हुए कहते हैं, मेलोडी। इसके बाद दोनों नेता हंसने लगते हैं। दोनों देशों के बड़े नेताओं के बीच हुई इस बातचीत के बाद से ही सोशल मीडिया पर मेलोडी को लेकर अलग-अलग रील्स और वीडियो बनाने का ट्रेंड शुरू हो गया, जिसमें अब बॉलीवुड के ये सेलिब्रिटीज भी शामिल हो रहे हैं। स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत की थी शादी बता दें कि सोनाक्षी और जहीर ने साल 2024 में 'स्पेशल मैरिज एक्ट' के तहत शादी की थी। यह कानून अलग-अलग धर्मों के लोगों को बिना धर्म बदले शादी करने की अनुमति देता है। चूंकि यह एक अंतरधार्मिक विवाह था, इसलिए सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी चर्चा और बहस हुई थी। सलमान खान की पार्टी में हुई थी पहली मुलाकात सोनाक्षी और जहीर की लव स्टोरी करीब 10 साल पुरानी है। दोनों की पहली मुलाकात साल 2016 में सलमान खान की एक पार्टी में हुई थी। यहीं से उनकी दोस्ती शुरू हुई, जो समय के साथ और मजबूत होती गई। साल 2017 से दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया।
रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ का अनकट वर्जन 'धुरंधर रॉ एंड अनदेखा' कल यानी 22 मई से ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स और जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होने जा रहा है। नेटफ्लिक्स और जियोहॉटस्टार ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी। 'धुरंधर रॉ एंड अनदेखा' वर्जन हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में उपलब्ध होगा। यह फिल्म पिछले साल 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और इसके बाद 30 जनवरी को इसे नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया गया था। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म के दूसरे पार्ट में सेना की गोपनीय जानकारियां दिखाने के आरोपों पर केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड से जांच करने को कहा है। 'धुरंधर 2' की स्ट्रीमिंग डेट भी तयमेकर्स ने फिल्म के दूसरे पार्ट 'धुरंधर: द रिवेंज रॉ एंड अनदेखा' की रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया है। इस पार्ट का प्रीमियर 4 जून को शाम 7 बजे होगा। इसके बाद 5 जून से दर्शक इसे सिर्फ जियोहॉटस्टार पर देख सकेंगे। फिल्म के दोनों ही पार्ट ने बॉक्स ऑफिस पर बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं और दोनों फिल्मों की कहानी को दर्शकों ने काफी पसंद किया है। दूसरे पार्ट पर चल रहा है कानूनी विवादफिल्म का नया वर्जन ऐसे समय में आ रहा है जब इसके दूसरे पार्ट को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में कानूनी विवाद चल रहा है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के हेड कांस्टेबल दीपक कुमार ने कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में सेना के ऑपरेशन्स से जुड़ी गुप्त जानकारियां दिखाई गई हैं, जिससे देश की सुरक्षा और अखंडता को खतरा हो सकता है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और सेंसर बोर्ड को दिए निर्देशइस मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि फिल्म भले ही काल्पनिक हो, लेकिन एक सुरक्षाकर्मी की ओर से उठाए गए मुद्दों को छोड़ नहीं सकते। कोर्ट ने केंद्र सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से इन आरोपों की जांच करने को कहा है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस बात की जांच की जाए कि क्या फिल्म से ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का उल्लंघन हुआ है। दोनों पार्ट ने वर्ल्डवाइड ₹3000 करोड़ कमाए रणवीर सिंह स्टारर फिल्म धुरंधर और धुरंधर 2 ने मिलकर दुनियाभर में 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है। इसके बाद यह 3,000 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म फ्रेंचाइजी बन गई है। धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। फिल्म ने अब तक भारत में करीब ₹1145 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1797 करोड़ ग्रॉस कमाई कर ली है। वहीं 5 दिसंबर 2025 में रिलीज हुई धुरंधर ने दुनियाभर में करीब ₹1,307.35 करोड़ का कलेक्शन किया था। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें‘धुरंधर 2’ की OTT रिलीज डेट आउट:5 जून से जियो-हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी, भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली दूसरी फिल्म रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 'धुरंधर 2' बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड ब्रेकिंग परफॉरमेंस के बाद अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज के लिए तैयार है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म 5 जून से जियो-हॉटस्टार पर स्ट्रीम होगी। पूरी खबर पढ़े…
लगातार राजनैतिनक मुद्दों पर राय रखने वालीं कुनिका सदानंद तब भड़क गईं, जब कुछ लोगों ने उनके पुराने बोल्ड सीन पर उन पर आपत्तिजनक कमेंट करना शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ गई कि कुनिका ने ये तक कह दिया कि भारत में औरतों को जलील करना और मार डालना पाप है। वायरल किए जा रहे वीडियो में कुनिका सदानंद एक फिल्मी सीन में अमरीश पुरी के साथ पूल में रोमांस करती दिखी थीं। इसे शेयर कर एक यूजर ने लिखा, ये कुनिका हैं, जो आदर्ष के झंडे उठाती हैं और मोदी जी को हर रोज गालियां देती हैं। इस ट्वीट के जवाब में कुनिका ने पहले तो सफाई देकर लिखा, ‘ये रोल है बेवकूफ। इसे एक्टिंग कहते हैं।’ इसके बावजूद भी उस वीडियो पर कई आपत्तिजनक और अभद्र भाषा वाले कमेंट आते रहे। इस पर भड़ककर कुनिका ने लिखा, ‘इस देश में औरत होना पाप हो गया है। औरतों को मारो, जला दो, कत्ल कर दो, रेप कर दो, उनको गाली दो, लांछन लगाओ, भ्रूण हत्या करो, तौहीन करो, उनका हक और उनसे मौका छीनों। ये सब जायज है हमारे नए भारत में।’ विवाद के बीच कई लोग ऐसे भी रहे जो कुनिका का बचाव करते दिखे। एक महिला ने कुनिका के बचाव में लिखा, ‘किसी एक्ट्रेस के पुराने सीन को लेकर उसे सार्वजनिक रूप से सेक्शुअलाइज करना, मजाक उड़ाना और गंदी बातें करना सनातन संस्कृति नहीं, बल्कि साफ तौर पर औरतों के प्रति घटिया सोच और मिसोजिनी है।’‘जो लोग हर समय संस्कार और परंपरा की बातें करते हैं, वही ऑनलाइन महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई करके शिकारी जैसी हरकतें कर रहे हैं। हिंदू धर्म महिलाओं का सम्मान सिखाता है, उनका अपमान, पीछा करना या उन्हें नीचा दिखाना नहीं। ऐसी सोच को बढ़ावा देने वाले हर आदमी को शर्म आनी चाहिए।’ तृषा-विजय का बचाव कर ट्रोलिंग का शिकार हुईं कुनिका दरअसल, कुनिका सदानंद ने हाल ही में थलापति विजय और तृषा कृष्णन का बचाव करते हुए कहा था कि नरेंद्र मोदी भी पत्नी को छोड़ चुके हैं। इसके बाद से ही उन्हें बीजेपी सपोर्टर्स की तरफ से आलोचना झेलनी पड़ रही है। 62 साल की कुनिका सदानंद 90 के दशक की जानी-मानी एक्ट्रेस रही हैं। वो हम साथ-साथ हैं, बेटा, प्यार किया तो डरना क्या, खिलाड़ी, गुमराह, कोयला जैसी दर्जनों फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। कुनिका सदानंद बिग बॉस 19 का हिस्सा रही थीं। इस समय उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा में रही। शो में उन्होंने बताया कि उन्होंने घरवालों के खिलाफ जाकर लव मैरिज की थी। बेटे के जन्म के ठीक बाद उनके ससुराल वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया और बेटे को भी छीन लिया। बेटे की कस्टडी हासिल करने के लिए उन्होंने फिल्मों में छोटे-मोटे रोल कर कोर्ट की फीस भरी थी। एक समय वो कुमार सानू के साथ भी रिलेशनशिप में रही थीं।
8 मार्च 2026 में परिवार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर सुसाइड की कोशिश करने वाले राइडर अनुराग डोभाल ने फिर एक बार परिवार पर संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि परिवार उनके खिलाफ साजिश रच रहा है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ था, उस दिन भी पिता ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। अनुराग डोभाल ने अपने यूट्यूब चैनल पर नया व्लॉग शेयर किया है। इसमें उन्होंने कहा कि जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ, उस दिन उन्हें उम्मीद थी कि उनके परिवार वाले भी पहुंचेगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब हाल ही में काम के सिलसिले में देहरादून गए अनुराग को पता चला है कि 8 मार्च को जिस दिन उनका एक्सीडेंट हुआ, उसी समय उनके पिता ने उनके खिलाफ 50 पन्नों की शिकायत दर्ज करवाई। अनुराग के खिलाफ जांच भी होती रही और अब जाकर उन्हें इसकी जानकारी मिली। अनुराग ने कहा कि एक्सीडेंट के बाद रिकवरी का एक महीना बेहद दर्दनाक था। उन्हें डायपर यूज करने पड़े, लेकिन उनके परिवार से कोई आगे नहीं आया। उल्टा उनके खिलाफ शिकायत कर दी। उनका कहना है कि कोई भी मां-बाप अपने सगे बच्चे के साथ कभी ऐसा नहीं कर सकते। शिकायत में मां ने लिखा, अनुराग के दोस्तों से डर लगता है अनुराग डोभाल ने बताया है कि उनके खिलाफ दर्ज हुई शिकायत में ये भी लिखा गया है कि मां को उनके घर आने वाले दोस्तों से डर लगता था। जबकि राइडर ने दावा किया है कि जब भी उनके दोस्त घर आए, उनकी मां खुद उन्हें खाना खिलाती थीं। शिकायत में ये भी आरोप- राइडर के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत के अनुसार, अनुराग ने घर आकर मां-बाप को धमकी दी और जबरदस्ती पेरेंट्स से पेपर में साइन करवाए। बता दें कि दोनों पक्षों में प्रॉपर्टी को लेकर भी विवाद है। अनुराग का कहना है कि उनके दादा जी, जिनका निधन 2022 में हुआ है, उनकी प्रॉपर्टी में उनका भी हिस्सा है। लेकिन उनके पेरेंट्स ने नोटिस जारी कर उन्हें घर और प्रॉपर्टी से बेदखल कर दिया है। अनुराग का कहना है कि पेरेंट्स अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल करने का हक रखते हैं, लेकिन दादाजी की नहीं। आखिर में अनुराग ने कहा- मेरे खिलाफ क्या क्या साजिशें हो रही हैं, अगर मैं आपको बताऊं तो आपको यकीन नहीं होगा। लेकिन में समय पर सब बताऊंगा, क्योंकि मैं गलत नहीं हूं। क्या है अनुराग डोभाल और पेरेंट्स का विवाद विवाद मार्च के पहले हफ्ते में शुरू हुआ था जब अनुराग ने अपने माता-पिता और भाई कलम इंक (अतुल डोभाल) पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। अनुराग डोभाल (UK07) ने यूट्यूबर पर दो घंटे का एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने बताया कि इंटरकास्ट मैरिज के चलते उनके परिवार वाले उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। उनकी पत्नी भी छोड़कर चली गई है। रोते हुए वो बार-बार आत्महत्या की बातें कर रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद से ही अनुराग को जमकर ट्रोल किया जा रहा था। इसके बाद शनिवार को अनुराग इंस्टाग्राम पर लाइव आए, उन्होंने कार ड्राइव करते हुए लाइव स्ट्रीमिंग में कहा- “मम्मी अगले जन्म आऊं तो प्यार दे देना बस… बहुत जरूरत थी प्यार की। लोग ही नहीं बचे, किसको फोन करूं।” इसके बाद उन्होंने कहा, “लेट्स गो फॉर द फाइनल ड्राइव।” लाइव में दिखाई देता है कि अनुराग कार में एक अंग्रेजी गाना लगाते हैं और तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने लगते हैं। कुछ ही देर में स्पीड करीब 144 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। इसी दौरान वह अचानक स्टीयरिंग घुमाते नजर आते हैं, जैसे गाड़ी को डिवाइडर से टकराने की कोशिश की हो। हालांकि उसी समय इंस्टाग्राम लाइव अचानक बंद हो जाता है। हादसे में उनकी गर्दन और पीछे के हिस्से में गहरी चोटें आई हैं। घटना के बाद उन्हें मेरठ के शुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दूसरी तरफ, उनके भाई कलम इंक ने इन आरोपों को गलत बताया और दावा किया कि अनुराग के दावों की वजह से उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
मंगलवार को सलमान खान हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे, जहां से निकलते हुए पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए। उन्होंने पैपराजी को जमकर खरी-खोटी सुनाई और फिर बाद में सीरीज में पोस्ट शेयर कर सभी को चेतावनी दी थी। हालांकि अब ये विवाद खत्म हो चुका है। हाल ही में सलमान खान, फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे थे, जहां सभी पैपराजी ने उनसे माफी मांगी है। सलमान जैसे ही पार्टी में पहुंचे, वैसे ही सभी पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और माफी मांगने लगे। सभी एक साथ, सॉरी भाईजान, जोर से बोलो सॉरी, कहते दिखे। इसके बाद सलमान ने भी उनकी माफी कबूल कर ली। क्यों हुआ था विवाद? सलमान खान मंगलवार को अपनी सिक्योरिटी टीम के साथ हिंदुजा हॉस्पिटल से निकल रहे थे। उन्हें देखते ही पैपराजी ने उनकी अपकमिंग फिल्म मातृभूमि चिल्लाना शुरू कर दिया। सलमान करीब आए और सभी को सुनाने लगे। कुछ देर बाद उन्होंने आधिकारिक X अकाउंट से एक-एक कर 4 पोस्ट कीं। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा, “अगर मैं किसी प्रेस वाले को अस्पताल में मेरी पीड़ा का मजा लेते देखूं। उस प्रेस वाले के लिए मैंने खड़ा होकर बात की है, उनका ध्यान रखा है ताकि वो भी अपनी रोजी-रोटी कमा सकें।” दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “लेकिन अगर वो मेरे नुकसान से पैसा कमाना चाहते हैं, तो करते रहें। भाई भाई मातृभूमि पिक्चर की मां की आंख, पिक्चर इंपोर्टेंट है या लाइफ।” तीसरी पोस्ट में सलमान लिखते हैं, “ऐसे मैं सौ जला दूंगा। भाई का एक भाई के दुख पर अगली बार कोशिश कर लेना मेरे साथ। बस कोशिश कर लेना, जब भी तुम्हारा कोई अस्पताल में होगा, क्या मैं ऐसा रिएक्ट करूंगा?” आखिर में सलमान खान ने लिखा, “साठ साल का हो गया हूं लेकिन लड़ना नहीं भूला, ये याद रख लेना, जेल में डालोगे हाहा हाहा।” वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सलमान की नाराजगी के बाद पैपराजी उनसे माफी मांगते दिखे हैं। इस दौरान सलमान ने कुछ अपशब्द भी कहे। बता दें कि ये हाल-फिलहाल का इकलौता मामला नहीं है। इससे पहले गोविंदा के बॉडीगार्ड्स की भी पैपराजी से बहस हो चुकी है। दरअसल, गोविंदा सोमवार को एक इवेंट में पहुंचे थे। वहां से निकलते हुए उन्हें पैपराजी ने घेर लिया। जब उनके गार्ड्स ने निकलने की जगह बनाने के लिए लोगों को पीछे किया, तो पैपराजी ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया। विवाद बढ़ने पर गोविंदा को खुद बीच-बचाव करना पड़ा।

