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कमल हासन@72, नाथूराम गोडसे को कहा पहला हिंदू आतंकवादी:कभी कहा- सनातन की बेड़ियां तोड़ने का हथियार शिक्षा, जानिए बड़े बयान और विवादों की कहानी

भारतीय सिनेमा के सबसे मंझे हुए एक्टर माने जाने वाले कमल हासन आज 72 साल के हो चुके हैं। फिल्मों में सबसे ज्यादा एक्सपैरिमेंट करने वाले कमल हासन से कई फिल्ममेकर इस बात पर झगड़ चुके हैं कि उनकी परफेक्शन की ललक से कई बार फिल्म का बजट दोगुना हो जाता है। लेकिन यही परफेक्शन कारण है कि वो इकलौते एक्टर हैं, जिनकी 7 फिल्में ऑस्कर गईं। इन्हें 19 बार बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला, वहीं पद्मश्री, पद्मभूषण जैसे बड़े सम्मान भी उनके हिस्से आए। लेकिन यही कामल हासन कई मौकों पर अपने बेबाक बयानों और निजी रिश्तों के चलते बड़े विवादों में फंस चुके हैं। कभी नाथूराम गोडसे को देश का पहला हिंदू आतंकवादी कहने पर उनकी आलोचना हुई, तो कभी सत्ता, धर्म और व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। हर बार बयान पर कायम रहे और कोर्ट से चेतावनी मिलने के बावजूद उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया। आज उनके बर्थडे के खास मौके पर जानिए कमल हासन की निजी जिंदगी और समाजिक मुद्दों पर हुए बड़े विवादों की कहानी- 2025 में फिल्म 'ठग लाइफ' के ऑडियो लॉन्च इवेंट में कमल हासन ने कहा, 'उइरे उरावे तमीज', यानी तमिल उनके जीवन और रिश्तों का हिस्सा है। इवेंट में कन्नड़ सुपरस्टार शिवराजकुमार को संबोधित करते हुए कमल हासन ने कहा कि शिवराजकुमार भी उनके परिवार का हिस्सा हैं, क्योंकि उनकी भाषा कन्नड़, तमिल से पैदा हुई है। टिप्पणी ने कर्नाटक में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए। बीजेपी नेताओं और कन्नड़ समर्थक संगठनों ने सार्वजनिक माफी की मांग की। कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने इसे कन्नड़ भाषा और करोड़ों कन्नड़ भाषियों का अपमान बताया। कुछ संगठनों ने फिल्म बैन की मांग कर 'ठग लाइफ' के पोस्टर फाड़े गए। कमल हासन के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज हुईं। कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी उनकी फिल्म ठग लाइफ की रिलीज का विरोध किया। 3 जून 2025 को सुनवाई के दौरान कर्नाटक हाईकोर्ट ने कमल हासन को माफी मांगकर विवाद खत्म करने की सलाह दी। लेकिन कमल हासन ने इनकार कर दिया। कोर्ट ने तब कड़े शब्दों में कमल की निंदा की। 5 जून 2025 को फिल्म रिलीज हुई, लेकिन इसे कर्नाटक में बैन कर दिया गया। कमल सुप्रीम कोर्ट गए, जहां उन्हें राहत दी गई, लेकिन विवाद के बीच कर्नाटक के डिस्ट्रीब्यूटर्स ने फिल्म रिलीज से इनकार कर दिया। गोडसे को आतंकवादी कहने पर विवाद कहा- 'आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू था। उसका नाम नाथूराम गोडसे था।' 2019 में कमल हासन ने मक्कल नीधि मय्यम नाम से पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा। तमिलनाडु की अरवाकुरिची विधानसभा सीट पर उपचुनाव के प्रचार में कमल हासन ने कहा, 'आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू था। उसका नाम नाथूराम गोडसे था।' हिंदू संगठनों से जुड़े कई लोगों ने उनके बयान पर आपत्ति जताई। आरोप लगाया गया कि वह चुनाव के दौरान धर्म के आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उनके खिलाफ शिकायतें भी दर्ज कराई गईं। कमल हासन ने सफाई में कहा कि उन्होंने तमिल में 'थीविरावादी' शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसका अर्थ अतिवादी या उग्रवादी होता है। लेकिन हिंदी और अंग्रेजी की कई मीडिया रिपोर्ट्स में इसका अनुवाद 'आतंकवादी' किया गया। फिल्म 'विश्वरूपम' विवाद कहा- एमएफ हुसैन जैसे मेरे सामने भी देश छोड़ने की स्थिति पैदा की गई, धर्मनिरपेक्ष देश में बसूंगा 2013 की फिल्म 'विश्वरूपम' को कमल हासन ने खुद लिखा, लीड रोल निभाया, निर्देशित और प्रोड्यूस किया था। फिल्म के कुछ दृश्यों और मुस्लिम किरदारों के चित्रण पर कई मुस्लिम संगठनों का आरोप था कि फिल्म में मुस्लिम समुदाय को आतंकवाद से जोड़कर दिखाया गया है और इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। फिल्म को सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन विवाद के बाद तमिलनाडु सरकार ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका का हवाला देते हुए 23 जनवरी 2013 को इसकी रिलीज पर दो हफ्ते का प्रतिबंध लगा दिया। कमल हासन ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी। शुरुआत में उन्हें राहत मिली, लेकिन बाद में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने प्रतिबंध बरकरार रखा। रिलीज लगातार टलती रही और कमल हासन पर आर्थिक दबाव बढ़ता गया। कमल हासन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने फिल्म के लिए घर गिरवी रखा है। अगर फिल्म रिलीज नहीं हुई तो वह दिवालिया हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि मशहूर पेंटर एमएफ हुसैन को जैसे देश छोड़ना पड़ा, वैसी ही स्थिति अब उनके सामने है। उन्होंने कहा कि वो तमिलनाडु छोड़ धर्मनिरपेक्ष राज्य ढूंढेंगे, अगर नहीं मिला तो धर्मनिरपेक्ष दूसरे देश में बसेंगे। विवाद के बीच उन्होंने मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधियों को फिल्म दिखाने की पहल भी की। आखिरकार राज्य सरकार की मध्यस्थता में कमल हासन और मुस्लिम संगठनों के बीच छह घंटे चली बैठक के बाद समझौता हुआ। कमल हासन फिल्म के 7 विवादित सीन म्यूट किए। तब जाकर 7 फरवरी 2013 को फिल्म सिनेमाघरों में पहुंची। विवादों के बावजूद 'विश्वरूपम' को दर्शकों ने पसंद किया। फिल्म को 2 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिले। एलन मस्क से विवाद कहा 'भारत किसी का गुलाम नहीं, अरबपति किसी देश की नीतियां तय नहीं कर सकता' अक्टूबर 2026 में एलन मस्क ने भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की लॉन्चिंग में हो रही देरी पर दावा किया था कि कंपनी 165 से ज्यादा देशों में लाइसेंस हासिल कर चुकी है और भारत में भी करीब पांच साल से सरकारी प्रक्रियाएं पूरी करने की कोशिश कर रही है। मस्क ने सोशल मीडिया पर मुकेश अंबानी की ओर इशारा करते हुए पूछा, 'क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?' जवाब में कमल हासन ने जवाब देते हुए कहा कि कोई भी अरबपति किसी देश की नीतियां तय नहीं कर सकता, चाहे वह भारतीय हो या अमेरिकी। साथ ही उन्होंने लिखा, 'भारत एक आजाद लोकतंत्र है, किसी का गुलाम नहीं। भारत का भविष्य भारत की जनता तय करेगी, न कि पश्चिम के स्वार्थी तत्व, उनके दोहरे मापदंड या कोई अरबपति।' तब कंगना रनोट ने भी कमल के बयान का समर्थन किया था। सनातन पर बयान से विवाद “तानाशाही और सनातन की बेड़ियां तोड़ने का हथियार शिक्षा है” अगस्त 2025 में कमल राज्यसभा सांसद बने। चेन्नई में एक्टर सूर्या की संस्था अग्रम फाउंडेशन के इवेंट में उन्होंने शिक्षा की जरूरत पर कहा कि शिक्षा ही वह हथियार है, जिससे तानाशाही और सनातन की बेड़ियों को तोड़ा जा सकता है। बीजेपी की तमिलनाडु की उपाध्यक्ष खुशबू सुंदर ने कहा कि शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताने वाली बात से सहमति हो सकती है, लेकिन उसके साथ सनातन धर्म को जोड़ना अनावश्यक था। दूसरे बीजेपी नेताओं ने भी कमल हासन के बयान की आलोचना की। धर्म पर विवाद “बेटियों के एडमिशन फॉर्म में धर्म-जाति का कॉलम खाली छोड़ा, नई पीढ़ी को जाति की पहचान से ऊपर उठना चाहिए” 2018 में कमल ने सोशल मीडिया पर बताया था कि उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के स्कूल एडमिशन फॉर्म में जाति और धर्म का कॉलम खाली छोड़ दिया था। उनका मानना था कि नई पीढ़ी को जाति की पहचान से ऊपर उठना चाहिए। इस बयान के बाद उनकी बेटी श्रुति हासन का एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने खुद को अयंगर समुदाय से जुड़ा बताया था। इस पर कमल हासन की जमकर आलोचना हुई। तमिलनाडु सरकार से बाढ़ पर विवाद कहा- बाढ़ राहत के लिए चंदा क्यों मांगा, सरकार के पास पर्याप्त संसाधन होने चाहिए दिसंबर 2015 में चेन्नई और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। हजारों लोग प्रभावित हुए और राज्य सरकार की तैयारियों पर सवाल उठने लगे थे। कमल हासन ने राहत कार्यों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सरकारी व्यवस्था को नाकाम बताते हुए सवाल उठाया कि राहत के लिए लोगों से चंदा क्यों मांगा जा रहा है, जबकि सरकार के पास पर्याप्त संसाधन होने चाहिए। उनकी इस टिप्पणी पर तत्कालीन मुख्यमंत्री जयललिता की सरकार के वित्त मंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम भड़क गए। उन्होंने कमल हासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अभिनेता को जमीनी हालात की जानकारी नहीं है। उन्होंने कमल को 'कन्फ्यूज्ड' बताते हुए कहा कि वह बिना पूरी जानकारी के बेतुकी बातें कर रहे हैं। कमल हासन ने इसके बाद सफाई दी और माफी मांगी। 7. नायकन डायरेक्टर्स से विवाद कहा- “प्रोड्यूसर पुराने तरीके से सोचते थे और फिल्मों को कला के बजाय कारोबार की तरह देखते थे” कमल हासन को भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में गिना जाता है जो अपनी फिल्मों की कहानी, तकनीक, मेकअप और दूसरे क्रिएटिव पहलुओं में गहरी दिलचस्पी लेते हैं। लेकिन उनकी यही दखलंदाजी कई बार दूसरे फिल्ममेकर्स के साथ मतभेद की वजह भी बनी। मणिरत्नम के निर्देशन में बनी यह फिल्म नायकन 1987 में रिलीज हुई थी और इसे भारतीय सिनेमा की यादगार फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म की रिलीज के 25 साल पूरे होने पर कमल हासन ने अखबार 'द हिंदू' में इसकी मेकिंग पर एक लेख लिखा। इसमें उन्होंने फिल्म के प्रोड्यूसर मुक्ता श्रीनिवासन के काम करने के तरीके पर लिखा था कि प्रोड्यूसर पुराने तरीके से सोचते थे और फिल्मों को कला के बजाय कारोबार की तरह देखते थे। यह बात मुक्ता श्रीनिवासन को पसंद नहीं आई। उन्होंने कमल हासन को लीगल नोटिस भेज दिया। उनका आरोप था कि कमल ने लेख में उनके योगदान को कम करके दिखाया और फिल्म की सफलता का श्रेय खुद लेने की कोशिश की। ऐसे ही मतभेद दूसरे निर्देशकों के साथ भी सामने आए। फिल्म 'गुना' के निर्देशन की जिम्मेदारी शुरुआत में मलयालम फिल्ममेकर सिबी मलयिल को दी जानी थी। लेकिन बाद में दोनों के बीच तालमेल नहीं बैठा और सिबी इस प्रोजेक्ट से अलग हो गए। फिल्म 'थेवर मगन' की शूटिंग के दौरान भी निर्देशक भरतन के साथ कमल के मतभेदों की चर्चा रही। इसके अलावा मलयालम फिल्ममेकर बालचंद्र मेनन ने भी एक फिल्म इसलिए अधूरी छोड़ दी, क्योंकि कमल फिल्ममेकिंग में हस्तक्षेप कर रहे थे। निजी जिंदगी से जुड़े ये विवाद भी पढ़िए 16 साल की एक्ट्रेस को बिना सहमति किस किया साल 1986 में रिलीज हुई फिल्म 'पुन्नगई मन्नन' के एक सीन में कमल हासन और एक्ट्रेस रेखा हैरिस के बीच किसिंग सीन था। उस समय रेखा की उम्र करीब 16 साल थी। रेखा हैरिस ने 2020 में एक इंटरव्यू में आरोप लगाया कि उन्हें इस सीन के बारे में पहले से जानकारी नहीं दी गई थी। उनके मुताबिक, शूटिंग के दौरान अचानक यह सीन फिल्माया गया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पहले से पता होता कि ऐसा सीन शूट किया जाएगा तो वह इसके लिए सहमति नहीं देतीं। रेखा ने यह भी दावा किया कि उन्होंने बाद में निर्देशक के. बालाचंदर से इस बारे में बात की थी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए उन्हें कभी माफी भी नहीं मिली। एक्स गर्लफ्रेंड का आरोप, प्रोडक्शन में काम करवाया, पैसे नहीं दिए कमल हासन की पूर्व पार्टनर और एक्ट्रेस गौतमी ने भी उन पर फीस रोकने के आरोप लगाए। दोनों करीब 13 साल तक साथ रहे और अक्टूबर 2016 में अलग हो गए। फरवरी 2018 में गौतमी ने अपने ब्लॉग में लिखा कि कमल हासन और उनकी प्रोडक्शन कंपनी राजकमल फिल्म्स इंटरनेशनल पर उनके कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग के काम का भुगतान बकाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि 'दशावतारम' और 'विश्वरूपम' जैसी फिल्मों में काम करने के बावजूद अक्टूबर 2016 तक उनकी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा नहीं मिला था। गौतमी ने ये भी आरोप लगाया कि कमल ने उन्हें दूसरे फिल्ममेकर्स के साथ काम करने से रोका, जिससे उन्हें फिल्मों में काम मिलना भी बंद हो गया। एक्ट्रेस श्रीविद्या से किया शादी का वादा, फिर क्लासिकल डांसर से हुआ अफेयर करियर की शुरुआत में कमल हासन को उस दौर की बेहतरीन एक्ट्रेस श्रीविद्या के साथ के.बालाचंदर की फिल्म अपूर्वा रंगागल में कास्ट किया गया। ये रजनीकांत की पहली फिल्म थी, जिसमें उनका साइड रोल था। साथ काम करते हुए कमल हासन और श्रीविद्या एक-दूसरे को पसंद करने लगे। फिल्म हिट रही और इससे दोनों को स्टारडम मिला। जल्द ही दोनों की नजदीकियों की खबरें भी फैलीं। दोनों परिवारों को भी इससे आपत्ति नहीं थी, लेकिन फिर अचानक श्रीविद्या को पता चला कि कमल हासन उनके साथ-साथ एक्ट्रेस और क्लासिकल डांसर वाणी गणपति को भी डेट कर रहे हैं। कमल वाणी के साथ कुछ फिल्मों में काम कर चुके थे। अफेयर की खबर आने पर श्रीविद्या ने परिवार के दबाव पर कमल से दूरी बना ली। श्रीविद्या से अलग होने के बाद कमल ने 24 की उम्र में 1978 में 4 साल बड़ीं वाणी से शादी की। एक्ट्रेस सारिका से लिव-इन में रहे, श्रुति हासन के जन्म के बाद की शादी कमल और वाणी की शादी 10 साल बाद टूट गई। इसी बीच कमल, एक्ट्रेस सारिका के साथ लिव-इन में रहने लगे। इस रिश्ते से उन्हें 1986 में एक बेटी हुईं, श्रुति हासन, जो अब जानी-मानी एक्ट्रेस हैं। श्रुति के जन्म के बाद कमल ने 1988 में सारिका से शादी की। 1991 में सारिका ने दूसरी बेटी अक्षरा को जन्म दिया। 2002 में कमल-सारिका अलग हुए और 2004 में उनका आधिकारिक तौर पर तलाक हुआ। 2005 में कमल की जिंदगी में एक्ट्रेस गौतमी आईं, जिनके साथ वो 13 सालों तक लिव-इन में रहे। 2018 में गौतमी ने कमल पर पेमेंट न देने का आरोप लगाया।

दैनिक भास्कर 7 Nov 2026 4:30 am

सलमान बोले- फिल्म बायोपिक नहीं, सिर्फ एक्शन की कहानी:ऐसा नहीं कि हमने फिल्म बनाई तो चीन भारत पर हमला कर देगा

सलमान खान की अपकमिंग फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बढ़ रही है। टीजर और पोस्टर के बाद फिल्म के ट्रेलर की पहली झलक मुंबई मीडिया को दिखाई गई। इस दौरान सलमान ने फिल्म को लेकर कई बातें साझा कीं। उन्होंने साफ किया कि 'मातृभूमि' किसी की बायोपिक नहीं, बल्कि वास्तविक घटनाओं और परिस्थितियों से प्रेरित कहानी है। सलमान बोले- यह बायोपिक नहीं; सिर्फ इंसान की इंसान से भिड़ंत दिखाने की कोशिश है इस दौरान सलमान ने फिल्म में भारत और चीन के बीच दिखाई गई परिस्थितियों पर बात की। उन्होंने कहा कि फिल्म में दोनों देशों का जिक्र है, लेकिन युद्ध या टकराव दिखाने का मतलब उनके रिश्ते खराब करना नहीं है। सलमान ने कहा- यह फिल्म बिल्कुल भी बायोपिक नहीं है। यह सिर्फ एक बात से प्रेरित है। मेरे पिता ने मुझसे एक बार कहा था कि जब युद्ध में कोई गोली अपने निशाने तक पहुंचती है, तो उसका दर्द एक मां के दिल तक पहुंचता है। मैं फिल्म में ऐसा कुछ नहीं दिखाना चाहता था। मैं सिर्फ ऐसी फिल्म बनाना चाहता था, जिसमें दो लोगों के बीच सीधी हाथापाई हो। बस, इतना ही। फिल्म में एक तरफ चीन है और दूसरी तरफ हम हैं। इसलिए मुझे लगा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों पर थोड़ा असर पड़ सकता है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि चीन में कोई यह कहेगा कि सलमान खान ने एक फिल्म बनाई है, जिसमें चीन के खिलाफ युद्ध दिखाया गया है, इसलिए भारत पर हमला कर दो। इसी तरह, अगर जैकी चैन ऐसी कोई फिल्म बनाते हैं, तो क्या हमारी सेना यह कहेगी कि जैकी चैन ने चीन के समर्थन में फिल्म बनाई है, इसलिए चलो चीन पर हमला कर देते हैं? ऐसा बिल्कुल नहीं होता। समझ रहे हैं आप? सलमान का इशारा साफ था कि सिनेमा में युद्ध और देशों के बीच टकराव को वास्तविक दुनिया के रिश्तों से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। फिल्म का उद्देश्य किसी देश के खिलाफ माहौल बनाना नहीं, बल्कि युद्ध के दौरान इंसानी भावनाओं, बलिदान और उसकी कीमत को सामने लाना है। 250 मीडिया प्रतिनिधियों ने देखा ट्रेलर प्रीव्यू मुंबई में आयोजित इस एक्सक्लूसिव मीडिया इवेंट में करीब 250 मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए। सलमान ने चुनिंदा मीडिया के सामने ट्रेलर का स्पेशल प्रीव्यू पेश किया। फिल्म का पूरा ट्रेलर अभी आम दर्शकों के लिए रिलीज नहीं हुआ है। मेकर्स इसे जल्द रिलीज करने की तैयारी में हैं। प्रीव्यू के बाद मीडिया से फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिला। आर्मी यूनिफॉर्म में सलमान खान का दमदार अंदाज लोगों को पसंद आया। सलमान और चित्रांगदा सिंह की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री की भी तारीफ हुई। ट्रेलर के बैकग्राउंड म्यूजिक और गानों की छोटी-छोटी झलकियों ने भी ध्यान खींचा। युद्ध के साथ इंसानी भावनाओं की कहानी है फिल्म अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया गया है। सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह अहम भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म की कहानी देशभक्ति, सैनिकों के बलिदान और युद्ध के दौरान इंसानों को चुकानी पड़ने वाली कीमत पर आधारित है। टीजर और पोस्टर ने फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ाई है। मीडिया के सामने ट्रेलर की पहली झलक दिखाए जाने के बाद दर्शकों को इसके आधिकारिक रिलीज का इंतजार है।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 8:17 pm

सलमान बोले- मेरी जिंदगी पर फिल्म बनी तो नहीं चलेगी:लेकिन ट्रू बायोपिक बनी तो बहुत लोग डूब जाएंगे; रामायण पर भी दिया जवाब

सलमान खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ का ट्रेलर शुक्रवार, 6 नवंबर को मुंबई में लॉन्च हुआ। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सलमान खान बेबाक अंदाज में नजर आए। उनसे रामायण देखने और अपनी जिंदगी पर बायोपिक को लेकर सवाल पूछे गए। उन्होंने बताया कि रामानंद सागर की रामायण देखी है। बायोपिक के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी पर फिल्म तो चल सकती है, लेकिन सच्ची बायोपिक बनी तो बहुत लोग डूब जाएंगे। रामानंद सागर की रामायण देख चुके हैं सलमान ट्रेलर लॉन्च के दौरान सलमान खान से पूछा गया कि क्या उन्होंने रामायण देखी है? उन्होंने कहा कि हां, उन्होंने रामानंद सागर की रामायण देखी है। सलमान के जवाब से साफ हुआ कि वह टेलीविजन पर प्रसारित रामानंद सागर की रामायण से परिचित हैं। यह भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय धारावाहिकों में गिनी जाती है। इसके किरदार और संवाद आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। अपनी बायोपिक को लेकर सलमान ने दिया मजेदार जवाब सलमान खान से पूछा गया कि उनकी जिंदगी पर बायोपिक बनाई जाए तो वह कैसी होगी? उन्होंने बेबाक अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी पर फिल्म बने तो वह चल सकती है, लेकिन कई ऐसी बातें भी हैं, जिन्हें सही तरीके से पर्दे पर दिखाया गया तो बहुत लोग डूब जाएंगे। सलमान के बयान ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। जवाब मजाकिया था, लेकिन उन्होंने इसके जरिए जिंदगी के उन अनकहे पहलुओं की ओर भी इशारा किया, जिन पर वह अक्सर खुलकर बात नहीं करते। 'ट्रू बायोपिक' बनी तो कई लोगों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें सलमान खान ने ट्रू बायोपिक को लेकर साफ संकेत दिया कि उनकी जिंदगी पर फिल्म बनाना और उसकी हर सच्चाई पर्दे पर उतारना दो अलग-अलग बातें हैं। उनके मुताबिक, जिंदगी पर पूरी सच्चाई के साथ बायोपिक बनी तो कई लोग मुश्किल में पड़ सकते हैं। इस बयान से उनके निजी और प्रोफेशनल जीवन के अनकहे किस्सों को लेकर उत्सुकता बढ़ी है। फिलहाल सलमान खान ने अपनी बायोपिक बनाने या उसमें खुद काम करने की कोई घोषणा नहीं की है। ट्रेलर लॉन्च में दिया गया उनका जवाब चर्चा का विषय बन गया।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 6:57 pm

सलमान खान बोले- जिंदगी का प्रेशर दूसरों पर डालता हूं:खुद नहीं लेता; ‘मातृभूमि’ की स्क्रिप्ट में बदलाव के लिए सरकार का दबाव नहीं था

सलमान खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ का ट्रेलर शुक्रवार, 6 नवंबर को मुंबई में लॉन्च हुआ। इस मौके पर सलमान ने फिल्म की कहानी, स्क्रिप्ट में बदलाव और सेंसर बोर्ड से जुड़े सवालों के जवाब दिए। सरकार के दबाव की चर्चाओं पर उन्होंने साफ कहा कि स्क्रिप्ट में बदलाव के लिए सरकार की तरफ से कोई दबाव नहीं था। वहीं, जिंदगी और काम के दबाव पर सलमान ने मजाकिया अंदाज में कहा कि लाइफ का प्रेशर दूसरों को लेता हूं, खुद नहीं लेता हूं। फिल्म 20 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। स्क्रिप्ट में बदलाव पर बोले- सरकार का दबाव नहीं था सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ पिछले कई महीनों से कहानी और स्क्रिप्ट में बदलाव को लेकर चर्चा में है। शुरुआत में इसका नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। यह फिल्म 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प पर आधारित है। फिल्म का नाम बदलने और कहानी में कथित फेरबदल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। चर्चा थी कि भारत और चीन के बीच मौजूदा कूटनीतिक परिस्थितियों के कारण स्क्रिप्ट में बदलाव किए गए। सेंसर बोर्ड की मंजूरी में देरी को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा था। ट्रेलर लॉन्च पर सलमान ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि स्क्रिप्ट में बदलाव के लिए सरकार की तरफ से कोई दबाव नहीं था। मेकर्स ने कहानी को एक अलग नजरिए से विकसित किया है। फिल्म में सैनिकों के संघर्ष और युद्ध के साथ दोनों तरफ के सैनिकों और उनके परिवारों की भावनाओं को भी दिखाने की कोशिश की गई है। सैनिकों के साथ उनके परिवारों की कहानी भी दिखेगी सलमान खान के मुताबिक, ‘मातृभूमि’ सिर्फ दो देशों के बीच हुए संघर्ष या युद्ध की कहानी नहीं है। इसमें कई परिवारों की भावनाएं, सैनिकों का बलिदान और अपनों से दूर रहने का दर्द भी शामिल है। फिल्म में भारतीय सैनिकों के साथ दूसरी तरफ के सैनिकों और उनके परिवारों को भी जगह दी गई है। इसका मकसद युद्ध का मानवीय पहलू दिखाना है। युद्ध में लड़ने वाले सैनिकों के साथ उन परिवारों की जिंदगी भी प्रभावित होती है, जो अपने किसी सदस्य के सुरक्षित लौटने का इंतजार करते हैं। फिल्म का नया नाम ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ भी इसी सोच को दर्शाता है। मेकर्स इसे पारंपरिक वॉर फिल्म से आगे बढ़ाकर इंसानियत, त्याग और युद्ध के असर की कहानी के रूप में पेश करना चाहते हैं। जिंदगी के प्रेशर पर सलमान का मजेदार जवाब ट्रेलर लॉन्च पर सलमान खान से जिंदगी के दबाव और उसे संभालने को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने अपने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह जिंदगी का प्रेशर दूसरों को लेते हैं, खुद नहीं लेते। सलमान का यह जवाब उनके हल्के-फुल्के अंदाज के कारण चर्चा में रहा। लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे सलमान पर फिल्मों, बॉक्स ऑफिस और दर्शकों की उम्मीदों का दबाव रहता है। इसके बावजूद वह अक्सर बेबाक और मजाकिया अंदाज में सवालों के जवाब देते हैं। पहले फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ था सलमान खान की फिल्म की घोषणा ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से हुई थी। इसकी कहानी जून 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प से प्रेरित है। इस संघर्ष में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे। फिल्म में सलमान खान भारतीय सेना के अधिकारी कर्नल बी. संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं। वह 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे और गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों का नेतृत्व कर रहे थे। अदम्य साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। सलमान के साथ चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में हैं। मुकेश ऋषि, अंकुर भाटिया, जेन शॉ और अभिलाष चौधरी भी फिल्म में हैं। कई बार टली रिलीज, अब 20 नवंबर को होगी रिलीज ‘मातृभूमि’ की रिलीज को लेकर काफी समय से अनिश्चितता थी। फिल्म पहले अप्रैल 2026 में रिलीज होने वाली थी, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया। कुछ हिस्सों की दोबारा शूटिंग और सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया के चलते भी रिलीज में देरी हुई। इस बीच फिल्म का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ से बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया। फिल्म के कंटेंट और भारत-चीन से जुड़े संदर्भों पर भी चर्चाएं होती रहीं। अब ट्रेलर लॉन्च के मौके पर फिल्म की रिलीज डेट 20 नवंबर 2026 घोषित की गई है।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 5:26 pm

अमिताभ बच्चन का बंगला उड़ाने की धमकी:15 दिन में दूसरा ईमेल, स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे हाईकोर्ट में भी ब्लास्ट की बात लिखी

अमिताभ बच्चन के बंगले 'जलसा' को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिला है। इसके बाद मुंबई में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है। ईमेल में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), वर्ली रेसकोर्स और बॉम्बे हाईकोर्ट को भी उड़ाने की धमकी दी गई है। ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। इससे पहले 23 अक्टूबर को मुंबई की मेयर रितु तावड़े को एक धमकी भरा ई-मेल आया था। इसमें भी बच्चन के बंगले को बम से उड़ाने की बात लिखी गई थी। 23 अक्टूबर को धमकी- ऑपरेशन ब्लू स्टार का बदला लेंगे 23 अक्टूबर को मुंबई मेयर को भेजे ईमेल में अमिताभ बच्चन और सिंगर दिलजीत दोसांझ जान से मारने की धमकी दी गई थी। कहा गया था- 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच कभी भी बंगले को निशाना बनाया जा सकता है। हमला 1984 के 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' का बदला होगा। इस मेल में खालिस्तान समर्थक नारे भी लिखे थे। ‘दिलजीत ने अमिताभ के पैर छुए, इसलिए उसे भी मारेंगे’ 23 अक्टूबर को किए ईमेल में 1984 के सिख-विरोधी दंगों का भी जिक्र है। इसमें कहा गया था- ‘दिलजीत ने अमिताभ बच्चन के पैर छुए थे, इसलिए उस पर हमला किया जाएगा। 27 नवंबर को दिलजीत को महालक्ष्मी रेस कोर्स में आत्मघाती हमले में मारना है।’ धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस, पुलिस की डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमें बीएमसी मुख्यालय पहुंचीं। मेयर और डिप्टी मेयर कार्यालय सहित विभिन्न चैंबर्स की भी तलाशी ली। 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग हुई थी मुंबई में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए थे। इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें… टाइगर श्रॉफ फायरिंग-आरोपियों ने अमिताभ-सलमान, आमिर-अक्षय की रेकी की थी:सिक्योरिटी ज्यादा थी तो प्लान बदला एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार की रेकी की थी, लेकिन सिक्योरिटी ज्यादा होने के कारण प्लान बदल दिया था। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 3:57 pm

प्रकाश राज ने SIR के खिलाफ खोला मोर्चा:छोटी दिवाली पर कोच्चि में प्रदर्शन का ऐलान; BJP नेता बोले- UAPA के तहत कार्रवाई हो

फिल्मों में दमदार अदाकारी के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर राजनीतिक बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के खिलाफ मोर्चा खोला है। प्रकाश राज ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर 7 नवंबर को केरल के कोच्चि में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने को कहा। वहीं, BJP प्रवक्ता KVS Haridas ने उनकी अपील पर पलटवार किया। उन्होंने प्रकाश राज को केरल में प्रवेश नहीं देने और UAPA के तहत कार्रवाई की मांग की। SIR के खिलाफ प्रकाश राज ने प्रदर्शन का आह्वान किया प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो संदेश साझा किया। इसमें उन्होंने 7 नवंबर को कोच्चि में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोच्चि के जंतर-मंतर पर SIR के खिलाफ प्रदर्शन होगा। इसमें छात्र, युवा, सिविल सोसाइटी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि जुटेंगे। प्रकाश राज ने लोगों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और चुनाव आयोग को बताना होगा कि लोकतंत्र की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। BJP प्रवक्ता KVS Haridas ने केरल में प्रवेश रोकने की मांग की प्रकाश राज की अपील के बाद BJP प्रवक्ता KVS Haridas ने निशाना साधा। उन्होंने कोच्चि में होने वाले CJP प्रदर्शन पर सवाल उठाए। हरिदास ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में CJP नेताओं की फंडिंग की जानकारी सामने रखी थी। उनके मुताबिक, एक नेता को अमेरिका की भारत-विरोधी ताकतों से फंडिंग मिली, जबकि दूसरे को पाकिस्तान के नेताओं से कथित तौर पर पैसा मिला। BJP नेता ने सवाल उठाया कि क्या केरल सरकार को ऐसे लोगों का समर्थन करना चाहिए और राज्य की पुलिस को उन्हें अशांति फैलाने की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने केरल सरकार और पुलिस से प्रकाश राज को राज्य में प्रवेश नहीं देने की अपील की। साथ ही, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत कार्रवाई की मांग की। क्या है SIR प्रक्रिया, जिसका विरोध हो रहा है? SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, चुनाव आयोग की मतदाता सूची की विशेष गहन जांच और संशोधन प्रक्रिया है। इसके तहत सूची में दर्ज नामों का सत्यापन किया जाता है, ताकि इसे अपडेट किया जा सके। इस प्रक्रिया पर विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इससे पात्र मतदाताओं के नाम भी सूची से हट सकते हैं। इसी वजह से मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारी SIR प्रक्रिया रद्द करने और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। CJP पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन की कोशिश कर चुका है कोच्चि का प्रदर्शन ऐसे समय हो रहा है, जब CJP नेताओं ने इससे पहले दिल्ली में SIR के खिलाफ प्रदर्शन की कोशिश की थी। CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाई थी। प्रदर्शन की अनुमति और जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान पार्टी के कुछ नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय ध्वज लहराने के मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार किया गया था। दोनों करीब एक सप्ताह न्यायिक हिरासत में रहे और 21 अक्टूबर को रिहा हुए। अब CJP ने केरल के कोच्चि में प्रदर्शन आयोजित करने का फैसला किया है।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 3:56 pm

रणवीर की ‘प्रलय’ की शूटिंग से आजाद मैदान में बवाल:अंडर-14 और अंडर-16 मैच टले; MCA ने मैदान के व्यावसायिक इस्तेमाल पर जताई नाराजगी

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह की अपकमिंग फिल्म ‘प्रलय’ रिलीज से पहले ही विवादों में आ गई है। मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान में फिल्म की शूटिंग के लिए मिली अनुमति ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) को नाराज कर दिया है। शूटिंग के चलते मैदान पर होने वाले अंडर-14 और अंडर-16 इंटरस्कूल क्रिकेट मैच टालने पड़े। MCA ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए खेल मैदान के व्यावसायिक इस्तेमाल का विरोध किया है। एसोसिएशन का कहना है कि जिस मैदान पर युवा क्रिकेटर अपना भविष्य संवारते हैं, वहां व्यावसायिक फिल्म शूटिंग को प्राथमिकता देना खेल संस्कृति के लिए ठीक नहीं है। आजाद मैदान में पहली बार हुई फिल्म की शूटिंग मुंबई का आजाद मैदान लंबे समय से क्रिकेट गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी क्रिकेट की प्रैक्टिस करते हैं। इसके अलावा मैदान पर स्थानीय और इंटरस्कूल क्रिकेट टूर्नामेंट भी आयोजित किए जाते हैं। मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार के खेल विभाग ने रणवीर सिंह की फिल्म 'प्रलय' के मेकर्स को आजाद मैदान में छह घंटे तक शूटिंग करने की अनुमति दी थी। बताया जा रहा है कि इस मैदान पर पहली बार किसी फिल्म की शूटिंग के लिए इस तरह की अनुमति दी गई। इस फैसले के बाद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि शूटिंग के लिए मैदान का इस्तेमाल होने से वहां पहले से निर्धारित क्रिकेट गतिविधियां प्रभावित हुईं। शूटिंग के लिए लगाया गया बड़ा सेट, बिछाई गई आर्टिफिशियल घास फिल्म की शूटिंग के लिए आजाद मैदान में बड़े-बड़े सेट तैयार किए गए थे। इसके अलावा शूटिंग की जरूरत के मुताबिक आर्टिफिशियल घास भी बिछाई गई थी। मैदान पर इस तरह की तैयारियों के चलते क्रिकेट मैचों के आयोजन में परेशानी हुई। खासतौर पर अंडर-14 और अंडर-16 के इंटरस्कूल क्रिकेट मैच प्रभावित हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, इन मुकाबलों को आगे के लिए टालना पड़ा। MCA का कहना है कि मैदान का इस्तेमाल युवा खिलाड़ियों को क्रिकेट की ट्रेनिंग देने और प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए होता है। ऐसे में किसी कमर्शियल फिल्म की शूटिंग के लिए मैदान की बुकिंग करना खेल गतिविधियों के हित में नहीं है। MCA सदस्य बोले- क्रिकेट मैदान को कमर्शियल शूटिंग के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकते इस मामले पर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की एपेक्स काउंसिल के सदस्य नदीम मेमन ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। मुंबई मिरर से बातचीत में उन्होंने कहा कि आजाद मैदान में पहली बार किसी फिल्म की शूटिंग हुई है। इसके लिए बड़े सेट लगाए गए और आर्टिफिशियल घास बिछाई गई। उन्होंने कहा, यह फिल्म शूटिंग की जगह नहीं है, बल्कि क्रिकेट का मैदान है। यहां खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए अपनी प्रतिभा को निखारते हैं। नदीम मेमन के मुताबिक, शूटिंग की वजह से एसोसिएशन के चल रहे टूर्नामेंट प्रभावित हुए। ऐसे में सवाल उठता है कि इससे होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने यह भी कहा कि किसी कमर्शियल फिल्म की शूटिंग की अनुमति देकर क्रिकेट मैदान का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। खेल विभाग पर भी उठाए सवाल नदीम मेमन ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार के खेल विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि खेल विभाग का काम खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। लेकिन आजाद मैदान में कमर्शियल शूटिंग की अनुमति देना इसके उलट है। उन्होंने आरोप लगाया कि खेल विभाग की वजह से आजाद मैदान की खेल संस्कृति प्रभावित हो रही है। MCA युवा क्रिकेटरों को तैयार करने के साथ कई अंतरराज्यीय टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए काम करता है। ऐसे में शूटिंग के कारण मैच टालने पड़ना खिलाड़ियों और एसोसिएशन दोनों के लिए नुकसानदायक है। नदीम ने सवाल उठाया कि जब मैदान का मुख्य उद्देश्य खेल गतिविधियां हैं, तो वहां व्यावसायिक बुकिंग की अनुमति कैसे दी जा सकती है? शूटिंग की अनुमति के लिए मेकर्स ने चुकाए 40 हजार रुपए रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार के खेल विभाग ने फिल्म की प्रोडक्शन कंपनी लाइट रेज (Light Rays) को आजाद मैदान की 5 हजार वर्ग गज सरकारी जमीन पर शूटिंग की अनुमति दी थी। इसके लिए मेकर्स से छह घंटे का 40 हजार रुपए किराया लिया गया। इसके अलावा 40 हजार रुपए की रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट भी जमा कराई गई थी। हालांकि, शूटिंग की अनुमति के साथ कुछ शर्तें भी रखी गई थीं। प्रोडक्शन टीम को क्रिकेट पिच पर गाड़ियां ले जाने, खाना बनाने, जमीन खोदने या मैदान को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं थी। इसके अलावा मेकर्स को पुलिस, ट्रैफिक विभाग और BMC से जरूरी अनुमति लेने के साथ MCA से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) हासिल करने के लिए भी कहा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अनुमति पर खेल विभाग के अंडर सेक्रेटरी अशोक दमैयावार ने 30 अक्टूबर को हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद 2 नवंबर को इसे मुंबई के डिप्टी डायरेक्टर ऑफ स्पोर्ट्स एंड यूथ सर्विसेज के पास भेजा गया था। क्या है रणवीर सिंह की फिल्म 'प्रलय' की कहानी? 'प्रलय' रणवीर सिंह की आने वाली पोस्ट-अपोकैलिप्टिक सर्वाइवल थ्रिलर फिल्म है। फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं, जो फिल्ममेकर हंसल मेहता के बेटे हैं। फिल्म की कहानी एक ऐसी दुनिया पर आधारित है, जहां भीषण तबाही के बाद इंसानों के सामने जिंदा रहने की चुनौती खड़ी हो जाती है। इसमें सर्वाइवल, संघर्ष और मुश्किल हालात में इंसानी जज्बे की कहानी दिखाई जाएगी। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ मलयालम एक्ट्रेस कल्याणी प्रियदर्शन भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म की शूटिंग मुंबई की वास्तविक लोकेशंस पर की जा रही है। हंसल मेहता और साहिल सैगल की ट्रू स्टोरी फिल्म्स के साथ रणवीर सिंह की प्रोडक्शन कंपनी भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ी है। फिल्म को बड़े स्तर पर तैयार किया जा रहा है। शूटिंग की अनुमति पर अब MCA ने उठाई जवाबदेही की मांग आजाद मैदान में फिल्म की शूटिंग को लेकर उठा विवाद अब सिर्फ मैच टलने तक सीमित नहीं रह गया है। MCA ने इस फैसले पर अपनी नाराजगी जताते हुए डिप्टी डायरेक्टर ऑफ स्पोर्ट्स को पत्र भी लिखा है। एसोसिएशन का मुख्य सवाल यह है कि जब आजाद मैदान का इस्तेमाल वर्षों से क्रिकेट और अन्य खेल गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, तो वहां व्यावसायिक फिल्म शूटिंग की अनुमति किस आधार पर दी गई? फिलहाल इस पूरे मामले ने खेल सुविधाओं और व्यावसायिक गतिविधियों के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है। एक तरफ फिल्म निर्माता वास्तविक लोकेशंस पर शूटिंग करना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ MCA का तर्क है कि इससे युवा खिलाड़ियों और खेल प्रतियोगिताओं का नुकसान नहीं होना चाहिए।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 2:10 pm

'रामायण' में माता सीता के एक्शन सीन पर विवाद:दर्शकों ने बताया शास्त्रों से छेड़छाड़; मेकर्स बोले- सीता को योद्धा राजकुमारी के रूप में दर्शाया

फिल्म 'रामायण: पार्ट-1' की रिलीज के बाद इसमें माता सीता के एक्शन सीन को लेकर विवाद हो गया है। फिल्म के एक दृश्य में अभिनेत्री साई पल्लवी (सीता) को भगवान राम (रणबीर कपूर) के साथ खर और दूषण की 14,000 राक्षसों की सेना से लड़ते हुए दिखाया गया है। दर्शकों ने इसे वाल्मीकि रामायण के तथ्यों से छेड़छाड़ बताते हुए इसकी आलोचना की है। वहीं, मेकर्स और निर्देशक ने लॉस एंजिल्स में आयोजित प्रीमियर के दौरान बताया कि यह दृश्य 'अद्भुत रामायण' से प्रेरित है। खर-दूषण युद्ध के सीन पर दर्शकों की आपत्ति सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने फिल्म के इस दृश्य पर कड़ा एतराज जताया है। दर्शकों का कहना है कि पौराणिक ग्रंथों और वाल्मीकि रामायण के अनुसार, भगवान राम ने पंचवटी में खर और दूषण की 14 हजार राक्षसों की सेना से अकेले ही युद्ध किया था। युद्ध शुरू होने से पहले श्री राम ने माता सीता की सुरक्षा के लिए उन्हें लक्ष्मण के साथ सुरक्षित स्थान पर भेज दिया था। दर्शकों ने फिल्म में माता सीता को हथियार उठाकर युद्ध लड़ते दिखाने पर सवाल उठाए हैं। 'शास्त्रों से छेड़छाड़' का आरोप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स इस सीन को शास्त्रों को तोड़-मरोड़कर पेश करना बता रहे हैं। आलोचकों का तर्क है कि 14 साल के वनवास के दौरान माता सीता ने किसी भी युद्ध में हिस्सा नहीं लिया था। सूर्पणखा की नाक काटने की घटना के बाद राम और लक्ष्मण ने ही राक्षसों का मुकाबला किया था। कई यूजर्स ने मेकर्स पर सिनेमाई लिबर्टी के नाम पर मूल कथा को बदलने का आरोप लगाया है। सीता को योद्धा राजकुमारी के रूप में दर्शाया विवाद पर लॉस एंजिल्स में अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बातचीत करते हुए निर्देशक नीतेश तिवारी ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि टीम इस बात को लेकर पूरी तरह सतर्क थी कि किन चरित्रों के साथ बदलाव नहीं किया जा सकता। नीतेश तिवारी ने बताया कि भगवान राम के दिव्य स्वरूप को बिल्कुल भी नहीं छेड़ा गया है। वहीं, माता सीता को योद्धा के रूप में दिखाने के लिए 'अद्भुत रामायण' ग्रंथ से प्रेरणा ली गई है, जिसमें उन्हें योद्धा राजकुमारी के रूप में दर्शाया गया है। रणबीर और यश की एक्टिंग की हो रही तारीफ फिल्म 'रामायण: राइज ऑफ ए लेजेंड' को अपनी भव्यता, विजुअल इफेक्ट्स और विजुअल स्केल के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल रही है। फिल्म में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर और रावण के किरदार में साउथ स्टार यश के अभिनय को दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 2:07 pm

मां के प्यार में बेटे ने जीते-जी बनवा ली अपनी कब्र, 27 साल बाद भी नहीं भूला मां का साथ

मां और बच्चे का रिश्ता दुनिया के सबसे अनमोल रिश्तों में से एक माना जाता है।

खास खबर 6 Nov 2026 1:58 pm

सीएम विजय और तृषा रिसेप्शन में साथ पहुंचे:मंच पर नए कपल के साथ तस्वीरें खिंचवाई; गौतम अडाणी और पूर्व सीएम जगन रेड्डी से मिले

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री व अभिनेता विजय और एक्ट्रेस तृषा कृष्णन गुरुवार को चेन्नई में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल शादी के रिसेप्शन में एक साथ पहुंचे। दोनों कलाकार आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के चचेरे भाई वाईएस अनिल रेड्डी की बेटी की शादी में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान विजय की मां शोभा चंद्रशेखर भी उनके साथ मौजूद रहीं। विजय और तृषा ने नए कपल को मंच पर एक साथ जाकर शुभकामनाएं दी। गुलाबी साड़ी में नजर आईं एक्ट्रेस समारोह में अभिनेता विजय ब्राउन रंग के सूट में पहुंचे, वहीं तृषा कृष्णन गुलाबी रंग की साड़ी पहने नजर आईं। इस रिसेप्शन के दौरान विजय की मुलाकात वाईएस जगन मोहन रेड्डी और बिजनेसमेन गौतम अडाणी से भी हुई, जहां तीनों ने एक साथ तस्वीरें खिंचवाईं। मार्च में भी शादी के रिसेप्शन में साथ दिखे थे दोनों यह पहला मौका नहीं है जब विजय और तृषा किसी शादी समारोह में एक साथ दिखाई दिए हैं। इससे पहले मार्च में दोनों चेन्नई में फिल्म निर्माता कलपति एस. सुरेश के बेटे के रिसेप्शन में साथ पहुंचे थे। वह वाकया विजय की पत्नी संगीता की ओर से तलाक की अर्जी दाखिल करने के तुरंत बाद का था। हालांकि, बाद में संगीता ने तलाक की अर्जी वापस ले ली थी, लेकिन विजय और तृषा का सार्वजनिक रूप से साथ दिखना जारी रहा। यूके में रेसिंग इवेंट और राजनीतिक कार्यक्रमों में मौजूदगी सितंबर महीने में विजय और तृषा ब्रिटेन के सिल्वरस्टोन सर्किट में भी एक साथ देखे गए थे, जहां अभिनेता अजित कुमार ने मिशेलिन ले मैंस कप रेस में हिस्सा लिया था। विजय उस इवेंट में चीफ गेस्ट के रूप में शामिल हुए थे और रेस की शुरुआत के लिए हरी झंडी दिखाई थी। वहीं, तृषा अपनी शूटिंग के सिलसिले में यूके में थीं और विजय के साथ अजित को सपोर्ट करने पहुंची थीं। इसके अलावा तृषा, विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह और उनके पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी मौजूद रही थीं। दोनों के बीच दोस्ताना संबंध तृषा कृष्णन ने कई मौकों पर अभिनेता विजय को अपना बेहद करीबी दोस्त बताया है। दोनों ने तमिल सिनेमा में कई सुपरहिट फिल्मों में एक साथ काम किया है। हाल के दिनों में राजनीतिक और व्यक्तिगत व्यस्तताओं के बावजूद दोनों सार्वजनिक कार्यक्रमों और पारिवारिक आयोजनों में एक साथ नजर आ रहे हैं, जिससे दोनों के बीच अफेयर की चर्चा बनी हुई है। ये खबर भी पढ़ें ऐश्वर्या-अभिषेक हाथों में हाथ थामे दिवाली पार्टी में पहुंचे:रूमर्ड बॉयफ्रेंड संग पहुंचीं मलाइका, अर्जुन कपूर भी रहे मौजूद; बैकलेस लुक में दिखीं करीना, देखें तस्वीरें मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने गुरुवार रात मुंबई में अपनी सालाना दिवाली पार्टी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बॉलीवुड की तमाम हस्तियों ने शिरकत की। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 12:50 pm

ऐश्वर्या-अभिषेक हाथों में हाथ थामे दिवाली पार्टी में पहुंचे:रूमर्ड बॉयफ्रेंड संग पहुंचीं मलाइका, अर्जुन कपूर भी रहे मौजूद; बैकलेस लुक में दिखीं करीना, देखें तस्वीरें

मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने गुरुवार रात मुंबई में अपनी सालाना दिवाली पार्टी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बॉलीवुड की तमाम हस्तियों ने शिरकत की। पार्टी में ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन की रोमांटिक केमिस्ट्री ने सभी का ध्यान खींचा। वहीं, मलाइका अरोड़ा अपने कथित बॉयफ्रेंड और बिजनेसमैन हर्ष मेहता के साथ नजर आईं। इस जश्न में नीता अंबानी, करीना कपूर खान, सैफ अली खान, अक्षय कुमार, कृति सेनन, दिशा पाटनी और करण जौहर जैसी हस्तियां भी शामिल हुईं। इस पार्टी में माधुरी दीक्षित अपने परिवार के साथ शामिल हुईं। इस दौरान उनके बेटे पहली बार अपनी गर्लफ्रेंड के साथ पहुंचे। मनीष मल्होत्रा की दिवाली पार्टी की तस्वीरें देखें- रूमर्ड बॉयफ्रेंड संग पहुंचीं मलाइका, एक्स-पार्टनर अर्जुन भी रहे मौजूद पार्टी में अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा अपने रूमर्ड बॉयफ्रेंड व बिजनेसमैन हर्ष मेहता के साथ पहुंचीं। मलाइका ने पिंक और व्हाइट कॉम्बिनेशन वाला शिमरी लहंगा पहना था, जिसे उन्होंने डायमंड नेकलेस के साथ स्टाइल किया था। वहीं, हर्ष भारतीय परिधान में नजर आए और दोनों एक साथ पार्टी में पहुंचे व बाहर निकले। दिलचस्प बात यह रही कि इसी दिवाली पार्टी में मलाइका के पूर्व पार्टनर और अभिनेता अर्जुन कपूर भी मौजूद थे। हाथों में हाथ डाले नजर आए ऐश्वर्या और अभिषेक इवेंट में ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन ने एक साथ एंट्री ली। ऐश्वर्या रेड कलर के ट्रिडीशनल लुक में नजर आईं, जबकि अभिषेक ब्लैक आउटफिट में दिखे। दोनों ने पैपराजी के सामने हाथों में हाथ थामकर पोज दिए। तस्वीरों के लिए पोज देते समय दोनों एक-दूसरे की तरफ देखकर मुस्कुराते और ब्लश करते दिखाई दिए। गोल्डन साड़ी में करीना, सैफ संग दिए पोज अभिनेत्री करीना कपूर खान अपने पति सैफ अली खान और बहन करिश्मा कपूर के साथ मनीष मल्होत्रा के घर पहुंचीं। करीना ने गोल्डन सीक्वेंस साड़ी के साथ मैचिंग बैकलेस ब्लाउज पहना था, जिसने उनकी फिल्म 'कभी खुशी कभी गम' के 'पू' किरदार की याद दिला दी। स्मोकी आई मेकअप के साथ उन्होंने अपना लुक पूरा किया।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 10:14 am

रामायण ने ओपनिंग डे पर कमाए ₹65 करोड़:2026 की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग; प्रभास की आदिपुरुष से पीछे रही

रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'रामायण' ने पहले दिन 64.85 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। सैकनिल्क के आंकड़ों के अनुसार, यह 2026 की दूसरी सबसे बड़ी हिंदी ओपनिंग बन गई है। फिल्म ने सभी भाषाओं को मिलाकर ₹77.50 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन हासिल किया है। हालांकि यह फिल्म प्रभास की आदिपुरुष से पीछे रह गई। आदिपुरुष ने पहले दिन ₹86.75 करोड़ रुपए कमाए थे। हिंदी बेल्ट में सबसे ज्यादा कमाई, 25,200 शो में हुई स्क्रीन फिल्म 'रामायण' को देशभर में 25,200 शो में रिलीज किया गया था, जिसमें से सबसे बड़ा योगदान हिंदी भाषा का रहा। हिंदी वर्जन ने 20,678 शो के जरिए 47.50 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। इसके अलावा कन्नड़ भाषा में फिल्म ने 7.25 करोड़ रुपए, तेलुगु में 6 करोड़ रुपए, तमिल में 2.60 करोड़ रुपए और मलयालम वर्जन में 1.50 करोड़ रुपए की कमाई दर्ज की। ओवरसीज मार्केट से 20 से 40 करोड़ रुपए की कमाई की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 100 करोड़ रुपए के पार पहुंच जाएगा। ‘पठान’-'एनिमल' का रिकॉर्ड तोड़ा, 'आदिपुरुष' से रही पीछे ओपनिंग डे के आंकड़ों के मामले में 'रामायण' ने शाहरुख खान की 'पठान' और रणबीर कपूर की अपनी पिछली फिल्म 'एनिमल' के पहले दिन के कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, यह साल 2026 की सबसे बड़ी ओपनर 'धुरंधर: द रिवेंज' (₹102.55 करोड़ नेट) से पीछे रही। इसके अलावा साल 2023 में रिलीज हुई प्रभास स्टारर 'आदिपुरुष' का ऑल-लैंग्वेज ओपनिंग डे रिकॉर्ड (₹86.75 करोड़) भी इस फिल्म से आगे बना हुआ है। त्योहार पर कामकाज और महंगे टिकट बने वजह ट्रेड एक्सपर्ट्स और दर्शकों के अनुसार, गुरुवार को रिलीज होने और दिवाली से पहले ट्रैवल व तैयारियों के चलते कई परिवार पहले दिन सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच सके। इसके अलावा प्रीमियम टिकटों की ऊंची कीमतें, ऑन-ग्राउंड प्रमोशन की कमी और अतीत में 'आदिपुरुष' से मिली निराशा के चलते कुछ दर्शक शुरुआत में सतर्क नजर आए। इन तमाम वजहों का असर फिल्म के पहले दिन के संभावित कलेक्शन पर देखा गया। वीएफएक्स और रणबीर-यश की एक्टिंग की तारीफ ओपनिंग डे के बाद दर्शकों और समीक्षकों की ओर से फिल्म को अलग-अलग प्रतिक्रियाएं मिली हैं। दर्शकों ने फिल्म में इस्तेमाल किए गए विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की सराहना की है। इसके अलावा भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर और रावण के किरदार में साउथ स्टार यश के अभिनय को काफी पसंद किया जा रहा है। 4,000 करोड़ के बजट में बनी है फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'रामायण' भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे बड़ा और महंगा प्रोजेक्ट है। फिल्म का कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जिसमें इसके दोनों भाग शामिल हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में, साई पल्लवी माता सीता के किरदार में, रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में और केजीएफ फेम यश रावण की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यू-'रामायण पार्ट 1':रणबीर की मर्यादा और यश का रौद्र रूप छाया; VFX में दिखी भव्यता, संगीत और डायलॉग थोड़े फीके, जानिए कैसी है फिल्म एक तरफ अयोध्या के राजकुमार राम, जिनके लिए मर्यादा सबसे बड़ा धर्म है। दूसरी तरफ लंका का राजा रावण, जिसके पास ज्ञान भी है, शक्ति भी और तीनों लोकों पर राज करने का अहंकार भी। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 8:51 am

Ramayana की पहले दिन दुनियाभर में गूंजी जय-जयकार, विदेशी बॉक्स ऑफिस पर बनी घातक; गुरुवार को जमकर हुई धनवर्षा

रामायणम् पार्ट 1 का घरेलू बॉक्स ऑफिस के बाद पहले दिन का वर्ल्डवाइड कलेक्शन का आकंड़ा भी सामने आ चुका है। विदेशों में रणबीर कपूर की फिल्म पहले दिन जय-जयकार करवाने में सफल रही।

जागरण 6 Nov 2026 8:48 am

संजय गुप्ता का ओटीटी प्रोजेक्ट रह गया अधूरा:‘स्कैंडल’ में अनिल कपूर, अक्षय खन्ना और नसीरुद्दीन शाह, सीक्वल में आर्यन खान की कहानी की थी तैयारी

बॉलीवुड फिल्ममेकर संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर को निधन हो गया। वे इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट संजय सिंह की किताब 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' पर आधारित महत्वाकांक्षी वेब सीरीज बनाने की तैयारी कर रहे थे। इस प्रोजेक्ट से वे ओटीटी पर डेब्यू करने वाले थे। सीरीज में अक्षय खन्ना, अनिल कपूर, नसीरुद्दीन शाह, दिया मिर्जा, रोनित रॉय और महेश मांजरेकर जैसे कलाकारों के नाम तय किए गए थे। हालांकि, प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कई मुश्किलें आ रही थीं। संजय सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में संजय गुप्ता के साथ पहली मुलाकात, ड्रीम प्रोजेक्ट की तैयारी, फिल्म इंडस्ट्री और ओटीटी पर दबाव और अधूरी रह गई योजनाओं के बारे में बताया। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश... सवाल: संजय गुप्ता से आपकी पहली मुलाकात कैसे हुई? 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' पर वेब सीरीज बनाने की शुरुआत कैसे हुई? जवाब: 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' यानी सीआईयू किताब मैंने लिखी थी। किताब काफी लोकप्रिय हुई थी और इसे साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिला था। हम भी सोच रहे थे कि इस पर ओटीटी सीरीज बननी चाहिए। इसी बीच संजय गुप्ता की नजर किताब पर पड़ गई। वे एक दिन अपने बेटे के साथ साउथ मुंबई के मशहूर बुक स्टोर 'किताबखाना' गए थे। वहां उन्होंने किताब देखी, कुछ पन्ने पढ़े और खरीद ली। घर जाकर पूरी किताब पढ़ी। अगली सुबह उन्होंने अपनी टीम से दोनों लेखकों को ढूंढकर संपर्क करने के लिए कहा। उनकी टीम में पीआर का काम देखने वाले अमित अंशु ने हमसे संपर्क किया। हम उनसे मिलने पहुंचे और महज 24 घंटे के भीतर संजय गुप्ता ने पूरी डील फाइनल कर दी। किताब की कहानी उन्हें बहुत पसंद आई थी। इसमें देश के सबसे अमीर उद्योगपति के घर के बाहर विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी मिलती है। बाद में उस गाड़ी से जुड़े इकलौते शख्स की हत्या हो जाती है। जांच में पता चलता है कि इस मामले के पीछे पुलिस के ही कुछ लोग शामिल थे। संजय गुप्ता ऐसी ही कहानी की तलाश में थे। सवाल: संजय गुप्ता के साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा रहा? जवाब: संजय गुप्ता को अंडरवर्ल्ड और अपराध की दुनिया की बहुत गहरी जानकारी थी। वे मुंबई ही नहीं, दुनिया भर में हुए अपराधों और अंडरवर्ल्ड से जुड़ी किताबें पढ़ते थे। क्राइम की इतनी जानकारी रखने वाले फिल्ममेकर बहुत कम मिलेंगे। हम पत्रकारों को अक्सर लगता है कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग किसी विषय को सतही तौर पर समझते हैं, लेकिन संजय गुप्ता के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं था। उनसे बातचीत में मुझे भी काफी कुछ सीखने को मिला। वे छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते थे। पहली मुलाकात में उन्होंने मेरी किताब में ओल्ड मोंक के बारे में लिखा एक पैराग्राफ पढ़ा था। मैं अपनी हर किताब में ओल्ड मोंक के लिए एक पैराग्राफ जरूर लिखता हूं। उन्होंने पहले से ओल्ड मोंक मंगाकर रखी थी। मीटिंग खत्म होने पर बताया कि आपकी किताब में पढ़ा था कि आप इसके बारे में लिखते हैं, इसलिए मंगाकर रखी है। इससे उनकी बारीकियों पर ध्यान देने की आदत का पता चलता है। सवाल: इस वेब सीरीज के लिए संजय गुप्ता की क्या योजना थी? इसकी स्टारकास्ट भी काफी बड़ी थी। जवाब: संजय गुप्ता ओटीटी पर अपना डेब्यू बड़े स्तर पर करना चाहते थे। उन्होंने किताब के आधार पर एक पिच डेक तैयार किया था, जिसमें सीरीज के एपिसोड और कलाकारों की जानकारी थी। इसे देखकर मैं और मेरे सह-लेखक राकेश द्विवेदी हैरान रह गए। सीरीज में मुख्य किरदार अक्षय खन्ना निभाने वाले थे। नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर की भूमिका नसीरुद्दीन शाह और पुलिस कमिश्नर महावीर का किरदार अनिल कपूर निभाने वाले थे। दिया मिर्जा, रोनित रॉय, महेश मांजरेकर और अतुल कुलकर्णी भी इसका हिस्सा बनने वाले थे। संजय गुप्ता चाहते थे कि भारतीय ओटीटी दर्शकों ने इतनी बड़ी स्टारकास्ट पहले किसी सीरीज में न देखी हो। उनका कहना था कि हर एपिसोड को एक फिल्म की तरह शूट किया जाएगा। उन्होंने शुरुआती दो एपिसोड की स्क्रिप्ट भी लिख ली थी और मुझे ईमेल की थी। वे इसे जल्दबाजी में नहीं बनाना चाहते थे। उनका कहना था कि यह उनकी जिंदगी का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट होगा, जिसे पूरा समय लेकर बड़े स्तर पर तैयार किया जाएगा। सवाल: क्या यह सीरीज 'स्कैंडल' नाम की किसी फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनने वाली थी? जवाब: हां, संजय गुप्ता की योजना 'स्कैंडल' नाम से एक फ्रेंचाइजी शुरू करने की थी। इसके तहत अलग-अलग घटनाओं और सच्ची कहानियों पर आधारित सीजन बनाए जाने थे। पहले सीजन के लिए उन्होंने हमारी किताब 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' चुनी थी। ओटीटी प्लेटफॉर्म अक्सर पूछते हैं कि पहला सीजन सफल होने पर अगला सीजन किस कहानी पर बनेगा। इसी सिलसिले में संजय गुप्ता हमसे सीआईयू का दूसरा पार्ट लिखने के लिए कहते थे। सवाल: सीआईयू के दूसरे सीजन के लिए वे किस घटना पर काम करना चाहते थे? जवाब: वे शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े ड्रग्स केस पर दूसरा सीजन बनाना चाहते थे। उस समय आर्यन खान की गिरफ्तारी और उससे जुड़ी घटनाएं काफी चर्चा में थीं। संजय गुप्ता का मानना था कि इस मामले में कई दिलचस्प पहलू हैं। वे चाहते थे कि हम सीआईयू पार्ट-2 लिखें और पहले इसके राइट्स उन्हें दे दें, किताब बाद में लिखें। हमने उस किताब पर लिखना शुरू तक नहीं किया था, इसलिए यह बात हैरान करने वाली थी। वे कहते थे कि इस मामले पर शाहरुख खान से भी बात करेंगे और अपनी पूरी स्क्रीनप्ले उनके साथ साझा करेंगे, ताकि कहानी के दोनों पक्ष सही तरीके से सामने आ सकें। सवाल: क्या संजय गुप्ता ने आपकी दूसरी किताबों के भी राइट्स लिए थे? जवाब: हां, उन्होंने हमारी एक और किताब 'रंगा-बिल्ला' के राइट्स भी लिए थे। यह किताब हाल ही में हार्पर कॉलिंस से 'रंगा-बिल्ला: नेशन एम्बुश' नाम से प्रकाशित हुई है। इसे लिखने में मेरे सह-लेखक राजीव संथानम की अहम भूमिका रही है। वे वरिष्ठ पत्रकार हैं और 1978 में रंगा-बिल्ला की घटना के समय रिपोर्टिंग कर रहे थे। उन्होंने 1974 में अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान का इंटरव्यू भी किया था। रंगा-बिल्ला मामले में उनकी रिपोर्टिंग बेहद अहम थी। उन्होंने रंगा-बिल्ला की तस्वीर खोजकर प्रकाशित की थी, जिससे उनकी पहचान सामने आई और उन्हें पकड़ने में मदद मिली। संजय गुप्ता का मानना था कि लोगों को रंगा-बिल्ला की घटना तो पता है, लेकिन उसके पीछे की पूरी कहानी और मुंबई के अंडरवर्ल्ड से उसके संबंधों के बारे में बहुत कम जानकारी है। सवाल: क्या आपकी किताब 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी गाड़ी मिलने की घटना से प्रेरित थी? जवाब: कोई पत्रकार और लेखक अपने आसपास हो रही घटनाओं से खुद को अलग नहीं रख सकता। हम पत्रकारिता करते हैं, इसलिए वास्तविक घटनाओं से ही हमारी कहानियों को प्रेरणा मिलती है। हालांकि, किताब में हमने स्पष्ट डिस्क्लेमर दिया था कि इसके किरदार वास्तविक लोगों पर आधारित नहीं हैं। हमने एक बुकमार्क भी रखा था, जिसमें किरदारों और वास्तविक पुलिस अधिकारियों के बीच अंतर बताया गया था। किताब का पुलिस कमिश्नर महावीर तोमर परमबीर सिंह नहीं हैं। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दिलीप वर्मा प्रदीप शर्मा नहीं हैं। नित्या शेट्टी दया नायक नहीं हैं और यतीन साठे सचिन वाजे नहीं हैं। कहानी को वास्तविक घटनाओं से प्रेरणा जरूर मिली थी, लेकिन किरदार काल्पनिक थे। सवाल: 30 अक्टूबर को जब आपको संजय गुप्ता के निधन की खबर मिली तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: सबसे पहले तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ। हमारे एक मित्र फिल्म प्रोडक्शन से जुड़े हैं। उनकी कंपनी का नाम भी ओल्ड मोंक है। उन्होंने सबसे पहले मुझे मैसेज करके यह खबर दी। मैंने उनसे कहा कि एक बार पुष्टि कर लेते हैं। इसके बाद मैंने अपने सह-लेखक राकेश द्विवेदी को फोन किया। उन्होंने भी अलग-अलग जगहों से जानकारी जुटाई। जब खबर की पुष्टि हुई तो बहुत दुख हुआ। यह उनके जाने की उम्र नहीं थी। उनसे बातचीत होती रहती थी और उनकी सेहत को लेकर ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ था कि वे इतनी जल्दी चले जाएंगे। उनके साथ बिताया गया समय हमेशा याद रहेगा। सवाल: क्या इस प्रोजेक्ट पर काम करते हुए संजय गुप्ता को किसी तरह का दबाव महसूस होता था? जवाब: हां, उन्होंने एक से ज्यादा बार इस बारे में बात की थी। हम पत्रकार किताब लिखते हैं तो थोड़े अधीर रहते हैं। उनसे मिलकर पूछते थे कि प्रोजेक्ट कितना आगे बढ़ा, कब शुरू होगा और कब रिलीज होगा। इस पर वे कहते थे कि तुम फिल्म इंडस्ट्री के डायनामिक्स को नहीं समझते। इस प्रोजेक्ट पर बहुत दबाव है। एक बार उन्होंने कहा था कि देश का सबसे अमीर आदमी, ताकतवर पुलिस अधिकारी और प्रभावशाली राजनेता, सभी किसी न किसी तरह इस कहानी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि दबाव सिर्फ उन पर नहीं, बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म और कलाकारों पर भी है। सवाल: क्या आपको लगता है कि इस दबाव का उनकी सेहत पर भी असर पड़ा होगा? जवाब: किसी व्यक्ति की सेहत पर दबाव का कितना असर पड़ा, इसे मेडिकल तौर पर समझना अलग बात है। लेकिन मानसिक स्तर पर इसका असर जरूर पड़ता है। सोचिए, कोई फिल्ममेकर अपनी जिंदगी का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बना रहा हो। उसने बड़ी स्टारकास्ट की योजना बनाई हो और काफी मेहनत की हो, लेकिन इसके बावजूद प्रोजेक्ट आगे न बढ़ पा रहा हो। ऐसी स्थिति में निराशा, गुस्सा और हताशा होना स्वाभाविक है। संजय गुप्ता के साथ भी ऐसा था। वे अपने मन की बात खुलकर कहते थे। उनसे मिलने पर थोड़ी देर बाद ही इन मुद्दों पर बात करने लगते थे। सवाल: क्या उन्होंने बताया था कि वे इस सीरीज को किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करना चाहते थे? जवाब: उन्होंने खास तौर पर दो प्लेटफॉर्म का जिक्र किया था- सोनी लिव और नेटफ्लिक्स। हालांकि, वे दूसरे प्लेटफॉर्म से भी बातचीत कर रहे थे। वे बड़े बजट की सीरीज बनाना चाहते थे। छोटे बजट में कामचलाऊ तरीके से कोई प्रोजेक्ट नहीं बनाना चाहते थे। उनके एक्शन सीक्वेंस भी बड़े स्तर के होते थे। ओटीटी प्लेटफॉर्म को बजट और दूसरे पहलुओं पर विचार करना पड़ता है, इसलिए प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में समय लग रहा था। सवाल: क्या इस तरह के संवेदनशील विषयों पर ओटीटी प्लेटफॉर्म भी दबाव महसूस करते हैं? जवाब: बिल्कुल। आपको याद होगा कि 'तांडव' वेब सीरीज को लेकर काफी विवाद हुआ था। उसके बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म राजनीतिक विषयों पर आधारित कंटेंट को लेकर सतर्क हो गए थे। जब किसी एक सीरीज को लेकर विवाद होता है तो दूसरे प्लेटफॉर्म भी सतर्क हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि कहीं उनके साथ भी ऐसा न हो जाए। इस तरह के विषयों पर फिल्म बनाने में कई चुनौतियां होती हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म, कलाकार, फिल्म इंडस्ट्री और फिल्ममेकर, सभी पर अलग-अलग तरह का दबाव आता है। संजय गुप्ता जानते थे कि यह विषय संवेदनशील है, इसके बावजूद वे इस पर काम करना चाहते थे। इसके लिए हिम्मत चाहिए। सवाल: संजय गुप्ता के निधन के बाद क्या इस प्रोजेक्ट के भविष्य को लेकर उनकी टीम या परिवार से कोई बातचीत हुई है? जवाब: नहीं, अभी इस बारे में बात करना ठीक नहीं होगा। यह घटना हाल ही में हुई है। किसी परिवार में इस तरह का नुकसान होता है तो उस समय फिल्म, ओटीटी और वेब सीरीज जैसी चीजें मायने नहीं रखतीं। थोड़ा वक्त बीतने के बाद ही इस बारे में सोचा जा सकता है कि आगे क्या करना है। फिलहाल परिवार के दुख को समझना और उनका सम्मान करना ज्यादा जरूरी है। सवाल: संजय गुप्ता की कौन-सी बात आपको सबसे ज्यादा याद रहेगी? जवाब: संजय गुप्ता अपने आप में क्राइम की एक इनसाइक्लोपीडिया थे। उनके पास अपराध और अंडरवर्ल्ड से जुड़ी इतनी कहानियां और जानकारियां थीं कि आप उनके साथ बैठकर घंटों बातें कर सकते थे। एक बार मैंने उनसे नारकोटिक्स पर बात की थी। उन्हें अलग-अलग ड्रग्स और उनके प्रभावों के बारे में भी गहरी जानकारी थी। वे अपने आप में कहानियों और जानकारियों का खजाना थे। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अंडरवर्ल्ड और एक्शन को इतनी गहराई से समझने वाले लोग बहुत कम हैं। उनके साथ काम करने वाले कलाकार बार-बार उनके साथ काम करना चाहते थे। वे लोगों से आसानी से घुल-मिल जाते थे। उनसे मिलकर कभी ऐसा नहीं लगा कि हम किसी फिल्मी दुनिया के बड़े आदमी से बात कर रहे हैं। वे सामान्य तरीके से बातचीत करते थे। सवाल: आपने संजय गुप्ता, संजय दत्त और महेश मांजरेकर से जुड़ा एक पुराना ऑडियो टेप भी सामने लाया था। इस बारे में कुछ बताइए। जवाब: यह करीब 2003-04 की बात है। उस समय संजय दत्त, महेश मांजरेकर, संजय गुप्ता और एक अन्य व्यक्ति के बीच फोन पर हुई बातचीत का एक ऑडियो टेप काफी चर्चा में आया था। उस समय मैं एनडीटीवी में काम करता था। मैंने ही उस ऑडियो टेप को खोजकर सबसे पहले टीवी पर दिखाया था। करीब 20 साल बाद, जब मैं 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' के सिलसिले में संजय गुप्ता से पहली बार मिला, तो मैंने उन्हें खुद बता दिया कि वह ऑडियो टेप मैंने ही सामने लाया था। मुझे लगा था कि शायद उन्हें यह बात बुरी लगेगी। लेकिन संजय गुप्ता ने इसे सामान्य तरीके से लिया। उन्होंने कहा कि उस बातचीत में उनकी कोई खास भूमिका नहीं थी। वहां उन्हें जबरदस्ती फोन पकड़ा दिया गया था और वे सिर्फ हां-हूं करके बातचीत खत्म कर रहे थे। इतना पुराना मामला जानने के बावजूद उन्होंने मेरे साथ अपने रिश्ते पर उसका असर नहीं पड़ने दिया। यह बात मुझे हमेशा याद रहेगी। सवाल: संजय दत्त से भी आपकी मुलाकात हुई थी? जवाब: हां, लेकिन वह मुलाकात संजय गुप्ता के किसी प्रोजेक्ट के सिलसिले में नहीं थी। मैं क्राइम रिपोर्टर रहा हूं। 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद संजय दत्त आर्थर रोड जेल में थे। उस दौरान कोर्ट की कार्यवाही कवर करने के लिए हमें वहां जाना पड़ता था। संजय दत्त भी उस मामले में आरोपी थे, इसलिए उनकी पेशी और कोर्ट से जुड़ी गतिविधियों के दौरान कई बार मुलाकात हुई थी। सवाल: संजय गुप्ता से आपकी आखिरी बातचीत कब हुई थी? जवाब: उनसे मेरी आखिरी बातचीत कुछ महीने पहले हुई थी। उस समय 'राख' नाम की एक वेब सीरीज आई थी, जो अंडरवर्ल्ड से जुड़ी कहानी पर आधारित थी। चूंकि संजय गुप्ता के पास हमारी किताब के राइट्स पहले से थे, इसलिए इस बात पर चर्चा हुई कि आगे क्या किया जाए। उनका मानना था कि 'राख' में दिखाई गई कई बातें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं थीं। वे इस मामले की वास्तविकता को अच्छी तरह जानते थे और हमारी किताब की कहानी पर पूरा भरोसा था। वे चाहते थे कि रंगा-बिल्ला की घटना के पीछे की पूरी कहानी लोगों तक पहुंचे। उन्होंने मुझसे कहा था कि किताब प्रकाशित होने पर उन्हें एक कॉपी जरूर देना। अब किताब प्रकाशित हो चुकी है, लेकिन संजय गुप्ता हमारे बीच नहीं हैं। यह बात हमेशा खलेगी। सवाल: 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' को लेकर आखिरी बार उनसे कब और क्या बातचीत हुई थी? जवाब: इस प्रोजेक्ट को लेकर बातचीत होती रही थी, लेकिन दबाव की वजह से उन्हें इसे आगे बढ़ाने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था। वे इसे बनाने के लिए बहुत उत्साहित थे और काफी मेहनत कर रहे थे। वे बेहद जुनूनी फिल्ममेकर थे। उन्हें कहानी पर पूरा भरोसा था, लेकिन कई बाहरी परिस्थितियां शायद प्रोजेक्ट को आगे बढ़ने नहीं दे रही थीं। यह अफसोस की बात है कि जिस प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने इतनी बड़ी योजना बनाई थी, उसे पूरा होते हुए हम नहीं देख पाए।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 5:29 am

पहले दिन Ramayana की बॉक्स ऑफिस पर जय-जयकार, प्री-दीवाली रिलीज का पुराना रिकॉर्ड तोड़ बनाया नया बेंचमार्क

Ramayana Box Office Collection Day 1: रणबीर कपूर की रामायणम् ने पहले दिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर कितना कारोबार किया है? जानिए यहां...

जागरण 5 Nov 2026 9:14 pm

'रामायण' के सेट पर बेटी रहा संग दिखे रणबीर:एक्शन सीन की शूटिंग के बीच मस्ती करते नजर आए; आलिया बोलीं- मुझे तुम पर गर्व है

रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'रामायण पार्ट-1 ' गुरुवार को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म की ग्रैंड रिलीज के मौके पर अभिनेत्री आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया पर सेट की कुछ अनदेखी झलकियां शेयर की हैं। इन तस्वीरों और में फिल्म में भगवान राम का किरदार निभा रहे रणबीर कपूर एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान अपनी बेटी राहा के साथ समय बिताते और पिता की जिम्मेदारी निभाते नजर आ रहे हैं। ‘तुमने अपना सब कुछ इस फिल्म को दिया’ आलिया भट्ट ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए अपने पति रणबीर कपूर और फिल्म की पूरी टीम की सराहना की। आलिया ने लिखा कि रणबीर ने इस प्रोजेक्ट में अपना सब कुछ लगा दिया, फिर भी राहा के लिए उनके पास उतना ही प्यार बचा रहा। उन्होंने रणबीर और इस सिनेमाई अनुभव को साकार करने वाले हर व्यक्ति पर गर्व जताया। आलिया ने आगे लिखा कि कुछ कहानियां हम सबसे बड़ी होती हैं और 'रामायण' उन्हीं में से एक है। फिल्म की स्क्रीनिंग में भी पति को सपोर्ट करने पहुंची थीं आलिया फिल्म 'रामायण' का मुंबई में स्पेशल स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। थिएटर्स में फिल्म की रिलीज से पहले आयोजित इस इवेंट में बॉलीवुड के कई सेलेब्स शामिल हुए। इस दौरान आलिया भट्ट अपने पति रणबीर की फिल्म को सपोर्ट करने पहुंचीं थीं। 4,000 करोड़ के बजट में बनी है फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'रामायण' भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे बड़ा और महंगा प्रोजेक्ट है। फिल्म का कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जिसमें इसके दोनों भाग शामिल हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में, साई पल्लवी माता सीता के किरदार में, रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में और केजीएफ फेम यश रावण की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यू-'रामायण पार्ट 1':रणबीर की मर्यादा और यश का रौद्र रूप छाया; VFX में दिखी भव्यता, संगीत और डायलॉग थोड़े फीके, जानिए कैसी है फिल्म एक तरफ अयोध्या के राजकुमार राम, जिनके लिए मर्यादा सबसे बड़ा धर्म है। दूसरी तरफ लंका का राजा रावण, जिसके पास ज्ञान भी है, शक्ति भी और तीनों लोकों पर राज करने का अहंकार भी। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 6:30 pm

सनी देओल पिता धर्मेंद्र के फार्महाउस पर पहुंचे:बेटे करण के साथ खेत में भावुक दिखे; लिखा- पापा आपको मिस कर रहा हूं

बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल अपने बेटे करण देओल के साथ दिवंगत पिता धर्मेंद्र के महाराष्ट्र स्थित 100 एकड़ के फार्महाउस पहुंचे। मुंबई की भागदौड़ से दूर लोनावला की पहाड़ियों में स्थित इस फार्महाउस में पहुंचकर सनी देओल अपने पिता को याद कर भावुक नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस दौरे का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे खेतों के बीच खड़े होकर धान की कटाई और सफाई का काम देख रहे हैं। पोस्ट के कैप्शन में सनी ने 'मिसिंग यू पापा' लिखा। बैकग्राउंड में लगाया 'अपने' गाना सनी देओल की ओर से शेयर किए गए वीडियो में वे अपने बेटे करण देओल के साथ फार्महाउस के खेतों में खड़े नजर आ रहे हैं। वहां स्थानीय मजदूर धान की सफाई के काम में जुटे हुए हैं। वीडियो के दौरान सनी अपने बेटे से कहते हैं- ये मेरे पापा का खेत है, तुम्हारे लिए वे बड़े पापा थे, जिस पर करण हां में सिर हिलाते हैं। सनी ने इस वीडियो के बैकग्राउंड में अपनी मशहूर फिल्म 'अपने' का टाइटल ट्रैक लगाया है और रेड हार्ट इमोजी के साथ अपनी भावनाएं जाहिर की हैं। 1985 में खरीदा था फार्महाउस, खेती का था शौक यह फार्महाउस महाराष्ट्र के लोनावला और खंडाला की पहाड़ियों के बीच करीब 100 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसे धर्मेंद्र ने साल 1985 में खरीदा था। धर्मेंद्र इस संपत्ति को अपना सबसे सुकून भरा ठिकाना मानते थे। लकड़ी और पत्थरों से बने इस फार्महाउस में वे अपने हाथों से फल और सब्जियां उगाया करते थे। धर्मेंद्र अक्सर सोशल मीडिया पर यहां ट्रैक्टर चलाते या खेती करते हुए अपने वीडियो प्रशंसकों के साथ साझा करते रहते थे। जुहू का घर छोड़कर फार्महाउस में ही रहने लगे थे धर्मेंद्र करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद धर्मेंद्र को मुंबई की चकाचौंध से ज्यादा इस फार्महाउस की सादगी पसंद थी। अपने जीवन के अंतिम वर्षों में वे मुंबई के जुहू स्थित घर को छोड़कर इसी फार्महाउस पर स्थायी रूप से रहने लगे थे। वे वहां प्रकृति के करीब रहकर स्थानीय लोगों के साथ समय बिताते थे। 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था। ये खबर भी पढ़ें ऑटो रोकने के लिए सड़क पर चिल्लाई थीं करीना:सैफ को खून से लथपथ देखकर दौड़ी; तैमूर ने पूछा था- क्या अब्बा मरने वाले हैं करीना कपूर ने बताया कि जनवरी 2025 में जब सैफ अली खान पर चाकू से हमला हुआ था, तब वह उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए रात में सड़क पर दौड़ी थीं।

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 5:11 pm

Ramayana ने कमाई से 'धुरंधर' को चटाई धूल, रणवीर पर भारी पड़ गए रणबीर; चंद घंटों में कमा डाले करोड़ों

Ramayana vs Dhurandhar: रिलीज के चंद घंटों में ही रणबीर कपूर की फिल्म रामायणम् ने बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई कर ली है।

जागरण 5 Nov 2026 3:59 pm

धनतेरस पर 'धनवान' बनी थी Shah Rukh Khan की पुरानी फिल्म, 31 साल पहले आई थी सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर

सुपरस्टार शाह रुख खान की एक कल्ट मूवी 35 साल पहले धनतेरस के खास मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।

जागरण 5 Nov 2026 3:22 pm

सलमान खान की 'मातृभूमि' का ट्रेलर कल होगा रिलीज:थिएटर में 'रामायण' के साथ किया जा सकता है अटैच, लॉन्च इवेंट भी होगा

सलमान खान की अपकमिंग वॉर ड्रामा फिल्म मातृभूमि (पूर्व में 'बैटल ऑफ गलवान') का ट्रेलर 6 नवंबर यानी कल मुंबई में लॉन्च होगा। ट्रेलर रणबीर कपूर की फिल्म रामायण पार्ट 1 के साथ अटैच भी किया जा सकता है। गौरतलब है कि मातृभूमि की घोषणा जुलाई 2025 में बैटल ऑफ गलवान नाम से की गई थी। बताया गया था कि फिल्म का प्री-प्रोडक्शन 2024 में शुरू हो गया था। मार्च 2026 में मेकर्स ने फिल्म का नाम बदलकर मातृभूमि कर दिया। फिल्म की कहानी 15 जून 2020 को गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई सैन्य झड़प से प्रेरित है। सलमान खान फिल्म में भारतीय सेना के एक अधिकारी का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लखिया ने किया है। इसमें सलमान खान और चित्रांगदा सिंह प्रमुख भूमिकाओं में हैं। दिवंगत एक्टर प्रशांत तमांग भी फिल्म की कास्ट का हिस्सा हैं। सलमान ने गाने 'तेरी सेक्सी ब्यूटी' को आवाज दी फिल्म के गाने तेरी सेक्सी ब्यूटी को सलमान ने अपनी आवाज दी है। यह गाना 4 नवंबर को रिलीज हुआ। इसमें सलमान के साथ चित्रांगदा सिंह भी नजर आ रही हैं। गाने में चित्रांगदा लाल साड़ी पहनकर गिटार बजाती दिखती हैं। इसे साजिद खान ने लिखा और कंपोज किया है। वहीं, मुस्कान ने फीमेल वोकल्स दिए हैं। सलमान खान ने करीब 11 साल बाद प्लेबैक सिंगिंग में वापसी की है। इससे पहले सलमान ने 2014 में फिल्म 'किक' के गाने 'हैंगओवर' और 2015 में 'हीरो' के गाने 'मैं हूं हीरो तेरा' में अपनी आवाज दी थी। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। 'मातृभूमि' की रिलीज डेट अभी तय नहीं 'मातृभूमि' की रिलीज डेट को लेकर मेकर्स ने अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, फिल्म को नवंबर या दिसंबर 2026 में रिलीज किया जा सकता है। इसके लिए 13 नवंबर, 20 नवंबर और 11 दिसंबर जैसी तारीखों के नाम सामने आ रहे हैं। वहीं, सलमान की एक और फिल्म वामशी पैडिपल्ली के साथ आने वाली है। इस फिल्म का नाम कथित तौर पर 'मॉन्स्टर' बताया जा रहा है। इसमें नयनतारा भी नजर आएंगी। यह फिल्म अगले साल ईद के मौके पर रिलीज होने वाली है। …………….. यह खबर भी पढ़ें... रमेश तौरानी की दिवाली पार्टी में पहुंचे सलमान: पैपराजी के नाम पुकारने पर दिखाया थम्ब्स अप फिल्म प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने मंगलवार को मुंबई में दिवाली पार्टी होस्ट की थी। इसमें सलमान खान, बॉबी देओल, रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी, आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर समेत कई सेलिब्रिटीज शामिल हुए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 1:53 pm

ऑटो रोकने के लिए सड़क पर चिल्लाई थीं करीना:सैफ को खून से लथपथ देखकर दौड़ी; तैमूर ने पूछा था- क्या अब्बा मरने वाले हैं

करीना कपूर ने बताया कि जनवरी 2025 में जब सैफ अली खान पर चाकू से हमला हुआ था, तब वह उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए रात में सड़क पर दौड़ी थीं। करीना ने कहा कि वह नाइट टी-शर्ट में ऑटो रोकने के लिए चिल्ला रही थीं। उस समय सैफ खून से लथपथ खड़े थे। सैफ और करीना ने ‘कॉफी विद करण’ के नए एपिसोड में हमले, बच्चों की प्रतिक्रिया और परिवार पर पड़े असर के बारे में बताया। सैफ ने कहा कि उन्होंने छोटे बेटे जेह को बचाने के लिए हमलावर का सामना किया। करीना ने बताया कि वह करीब छह महीने तक ठीक से सो नहीं पाईं। करीना ने बताया, “मैं अपनी नाइट टी-शर्ट में थी। अच्छा हुआ कि किसी ने इसका वीडियो नहीं बनाया, करण। मैं सड़क पर चिल्ला रही थी- रुको, रुको।” करीना ने कहा, “यह किसी फिल्म के सीन जैसा था। मेरे पास पायजामा पहनने का समय नहीं था। मैं सड़क पर दौड़ गई। यह बात किसी को पता नहीं है। मैं पहली बार बता रही हूं।” उन्होंने बताया कि ऑटो रोकने की कोशिश के दौरान उनकी टी-शर्ट बहुत छोटी थी। वह सैफ के खून बहने के बीच पागलों की तरह रिक्शा तलाश रही थीं। सैफ ने मजाक में कहा कि करीना की टी-शर्ट बेहद छोटी थी। उन्होंने कहा कि उस सीन का वीडियो बनता तो काफी अलग होता। हालांकि, परिवार के लिए वह रात बेहद डरावनी थी। जेह को बचाने के लिए हमलावर से भिड़े सैफ सैफ ने बताया कि वह जेह को बचाने के लिए हमलावर से भिड़े थे। उन्होंने कहा, “जब मैं इस व्यक्ति से लड़ रहा था, तब उसने मुझे करीब 10 बार चाकू मारा।” सैफ ने कहा कि हिंदी फिल्मों में एक्शन सीन देखने और करने के अनुभव से उन्हें तुरंत पलटकर लड़ने का ख्याल आया। उन्होंने कहा कि सब कुछ बहुत तेजी से हुआ और सोचने का समय नहीं मिला। सैफ ने कहा कि उन्हें अफसोस है कि उन्होंने परिवार को बचाने के लिए कोई हथियार उठाने के बारे में नहीं सोचा। डाइनिंग टेबल के ऊपर एक सजावटी तलवार लटकी थी, लेकिन संघर्ष के दौरान उनका ध्यान उस पर नहीं गया। सैफ ने जेह की प्रतिक्रिया भी बताई। उन्होंने कहा, “उसने मुझे अपनी प्लास्टिक की तलवार दी और कहा- अगली बार वह चोर आए, तो इसका इस्तेमाल करना।” सैफ ने कहा, “जेह ने पूरी घटना देखी थी। इसलिए उसे लगता है कि मैं बहुत अच्छा रक्षक हूं।” सैफ के गले और पीठ पर गंभीर चोटें आई थीं करीना ने बताया कि उन्होंने लिफ्ट में सैफ को बुरी तरह घायल देखा था। उनके बेटे तैमूर भी उस समय वहां थे और उन्होंने पूछा था कि क्या उनके पिता की मौत हो जाएगी। करीना ने कहा, “जब मैंने लिफ्ट में सैफ को देखा, तो कहा- सैफ, ऐसा मत करो। तभी टिम ने उन्हें देखकर पूछा- अब्बा, क्या आप मरने वाले हैं?” उन्होंने बताया कि सैफ ने उन्हें अस्पताल ले जाने का इशारा किया था। सैफ ने कहा कि चोटें गंभीर होने के बावजूद उन्हें भरोसा था कि वह ठीक हो जाएंगे। सैफ के गले पर गहरे और टेढ़े कट लगे थे। टूटे हुए चाकू का एक हिस्सा उनकी पीठ में फंस गया था। सैफ ने कहा, “ये कट काफी गहरे और लंबे थे। यहां चारों ओर टेढ़े कट लगे थे।” चाकू टूटने के बारे में उन्होंने कहा, “यह चाकू की दुनिया का सबसे खराब चाकू था। अगर यह थोड़ा भी अच्छा होता, तो मैं मर चुका होता। वह इतना खराब था कि टूट गया।” करीना ने कहा कि चाकू एक मिलीमीटर भी ज्यादा अंदर चला जाता, तो चोट जानलेवा हो सकती थी। सैफ ने बताया कि चोट का असर रीढ़ पर पड़ा और उनके पैर में कुछ संवेदना कम हो गई। इब्राहिम सर्जरी के बाद रो रहे थे करण जौहर ने बताया कि वह हमले के बाद परिवार से संपर्क करने वाले शुरुआती लोगों में शामिल थे। उन्होंने सैफ के बच्चों इब्राहिम अली खान और सारा अली खान से बात की थी। सैफ ने बताया कि ऑपरेशन के बाद जब उन्हें होश आया, तब परिवार उनके पास मौजूद था। सैफ ने कहा, “इब्राहिम बहुत परेशान था। मैंने उसे आमतौर पर इस तरह भावनाएं जाहिर करते नहीं देखा। उसकी आंखों में आंसू थे और वह गुस्से में था।” घर पर उस रात ड्राइवर क्यों नहीं था सैफ और करीना ने यह भी बताया कि हमले वाली रात घर पर ड्राइवर क्यों नहीं था। सैफ ने कहा, “क्योंकि वह शाम को अपने परिवार के पास घर चला जाता है। इसलिए कोई ड्राइवर नहीं था।” करीना ने साफ किया कि सैफ के बेटे ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया था। करण ने कहा, “आपका नौ साल का बेटा, खून से लथपथ पिता को लेकर गया। मुझे नहीं पता कैसे।” इसके बाद सैफ को ऑटोरिक्शा से लीलावती अस्पताल ले जाया गया। शो के दौरान एक मजेदार पल भी देखने को मिला। गेम राउंड के दौरान करीना ने अपनी बहन करिश्मा कपूर को फोन किया। उन्होंने करिश्मा से पूछा कि क्या हो रहा है। फोन उठाते ही करिश्मा ने कहा, मैं बस तुम्हें और मीरा को देख रही हूं। हर जगह हर कोई यही कह रहा है कि ये क्या चल रहा है? इस पर करीना ने बताया कि मीरा उनके टॉक शो 'व्हाट विमेन वांट' में आई थीं। करिश्मा ने इस पर कहा, प्यारा, बहुत बढ़िया। तभी करण जौहर ने उन्हें याद दिलाया कि वह 'कॉफी विद करण' पर हैं और अब कुछ न बोलें। यह सुनकर करिश्मा ने कहा, “तुम मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकतीं!”

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 12:30 pm

मूवी रिव्यू-'रामायण पार्ट 1':रणबीर की मर्यादा और यश का रौद्र रूप छाया; VFX में दिखी भव्यता, संगीत और डायलॉग थोड़े फीके, जानिए कैसी है फिल्म

फिल्म: 'रामायण पार्ट 1' रेटिंग:3.5 / 5 ड्यूरेशन: 3 घंटे 15 मिनट एक तरफ अयोध्या के राजकुमार राम, जिनके लिए मर्यादा सबसे बड़ा धर्म है। दूसरी तरफ लंका का राजा रावण, जिसके पास ज्ञान भी है, शक्ति भी और तीनों लोकों पर राज करने का अहंकार भी। इन दोनों के आमने-सामने आने से पहले की कहानी को करीब 4000 करोड़ रुपए के विशाल सिनेमाई कैनवास पर उतारना आसान काम नहीं है। खासकर तब, जब कहानी सिर्फ मनोरंजन नहीं, करोड़ों लोगों की आस्था से भी जुड़ी हो। नितेश तिवारी की 'रामायण पार्ट वन' इसी जिम्मेदारी के साथ पर्दे पर आती है। रणबीर कपूर राम के रूप में गंभीर और गरिमामय नजर आते हैं, तो यश का रावण अवतार अपने रौब से अलग पहचान बनाता है। फिल्म में अयोध्या की भव्यता है, लंका का वैभव है और एक ऐसे युद्ध की तैयारी है, जिसका इंतजार हर दर्शक को है। लेकिन इस महागाथा का पहला अध्याय आखिर कितना असर छोड़ता है? इसकी कहानी में आगे बढ़ते हैं। कहानी: रावण के दस सिरों से शुरू होती है सत्ता और अहंकार की दास्तान दिलचस्प बात यह है कि फिल्म की शुरुआत राम से नहीं, बल्कि रावण से होती है। कहानी पहले लंका के उस राजा की दुनिया में ले जाती है, जिसके पास अपार शक्ति है, ज्ञान है और अपनी तपस्या से हासिल किए गए वरदानों का घमंड भी। रावण (यश) कठोर तपस्या करके भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न करता है और वरदान हासिल करता है। इसके बाद उसकी महत्वाकांक्षा बढ़ती जाती है। वह इंद्र को पराजित करता है और अपने सौतेले भाई कुबेर से लंका का अधिकार हासिल कर लेता है। फिल्म रावण के उदय के साथ उसके व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को सामने लाती है। रावण को दशानन क्यों कहा जाता है और उसके दस सिरों की पौराणिक पहचान क्या है, इस पहलू को भी कहानी में जगह मिलती है। यहां रावण सिर्फ एक शक्तिशाली राजा नहीं, बल्कि ज्ञान, तपस्या और अहंकार का ऐसा संगम है, जिसकी महत्वाकांक्षा की कोई सीमा नहीं। इसके बाद कहानी अयोध्या की ओर मुड़ती है। भगवान विष्णु के अवतार राम (रणबीर कपूर) का जन्म राजा दशरथ के घर होता है। उनका बचपन, ऋषि विश्वामित्र के साथ यात्रा, मिथिला में सीता (साई पल्लवी) के स्वयंवर में शिव धनुष तोड़ना और विवाह जैसे प्रसंग दिखाए जाते हैं। सब कुछ ठीक चल रहा होता है, लेकिन राजमहल की राजनीति कहानी की दिशा बदल देती है। कैकेयी (लारा दत्ता) अपने दो वरदान मांगती हैं और राम को चौदह वर्षों का वनवास मिलता है। राम के साथ सीता और लक्ष्मण (रवि दुबे) भी वन की ओर निकल पड़ते हैं। वनवास के दौरान शूर्पणखा (रकुल प्रीत सिंह) का प्रसंग आता है। इसके बाद मारीच का स्वर्ण मृग वाला मायाजाल कहानी को उस मोड़ पर ले जाता है, जहां राम और लक्ष्मण आश्रम से दूर चले जाते हैं। साधु के वेश में पहुंचा रावण सीता का हरण कर लेता है। सीता को बचाने के लिए जटायु रावण से युद्ध करता है। घायल जटायु राम को सीता के अपहरण की जानकारी देता है और अंतिम सांस लेता है। यहीं फिल्म का पहला भाग एक बड़े भावनात्मक मोड़ पर पहुंचता है। फिल्म का पोस्ट क्रेडिट सीन भी खास है। इसमें हनुमान जी (सनी देओल) की झलक दिखाई जाती है। उन्हें पीछे और साइड से उड़ते हुए दिखाया गया है। इस दौरान 'जय श्री राम' का उद्घोष सुनाई देता है, लेकिन उनका चेहरा नहीं दिखाया जाता। यह छोटा सा सीन आगे आने वाली कहानी की एक झलक देता है। पहले भाग में रावण का उदय, राम का वनवास और सीता हरण तक की कहानी दिखाई गई है। अब हनुमान जी की लंका यात्रा, अशोक वाटिका, रामसेतु और लंका युद्ध जैसे बड़े प्रसंगों के लिए दूसरे भाग का इंतजार करना होगा। एक्टिंग: रणबीर की गंभीरता और यश का रौद्र अवतार भगवान राम का किरदार निभाना किसी भी अभिनेता के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। रणबीर कपूर इस भूमिका में संयम और गंभीरता लेकर आते हैं। उनके चेहरे पर शालीनता और व्यवहार में मर्यादा दिखाई देती है। वह राम को जरूरत से ज्यादा नाटकीय बनाने के बजाय सहज और गरिमामय रखने की कोशिश करते हैं। साई पल्लवी (सीता) अपनी स्वाभाविक अदाकारी और भावपूर्ण अभिव्यक्ति से किरदार में सहजता लाती हैं। रवि दुबे (लक्ष्मण) के अभिनय में भाई के प्रति समर्पण और रक्षक का भाव दिखाई देता है। यश (रावण) की बात करें तो उनका अंदाज अलग ही है। रौबदार व्यक्तित्व, दमदार आवाज, आंखों में अहंकार और पर्दे पर उनकी मौजूदगी रावण के किरदार को प्रभावशाली बनाती है। उनकी एंट्री और बड़े दृश्यों में उनका अंदाज खास ध्यान खींचता है। वह रावण के राजसी ठाठ, शक्ति और क्रोध को अपने अभिनय से सामने लाते हैं। अरुण गोविल (दशरथ), लारा दत्ता (कैकेयी), शिबा चड्ढा (मंथरा) और रकुल प्रीत सिंह (शूर्पणखा) भी अपनी भूमिकाओं में नजर आते हैं। वहीं सनी देओल की हनुमान के रूप में झलक अगले भाग को लेकर उत्सुकता बढ़ाती है। डायरेक्शन: नितेश तिवारी का सबसे बड़ा सिनेमाई इम्तिहान 'दंगल' और 'छिछोरे' जैसी फिल्मों से अपनी पहचान बनाने वाले नितेश तिवारी के लिए 'रामायण' बिल्कुल अलग तरह की चुनौती है। यहां कहानी के साथ करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है और दर्शकों की अपेक्षाएं भी बेहद बड़ी हैं। फिल्म को रावण के उदय से शुरू करना निर्देशक का दिलचस्प फैसला है। इससे राम और रावण के संसार को अलग-अलग स्थापित करने का मौका मिलता है। अयोध्या से लेकर लंका तक का विस्तार और पौराणिक संसार को पर्दे पर रचने की कोशिश उनके बड़े विजन को दिखाती है। हालांकि, कुछ जगहों पर कहानी की भावनाओं को और ठहराव दिया जा सकता था। कई संवाद ऐसे हैं, जहां किरदारों की विशालता के हिसाब से शब्दों में वैसा वजन महसूस नहीं होता। रामायण के किरदारों से निकलने वाले संवाद सिर्फ जानकारी नहीं देते, बल्कि याद भी रह जाते हैं। इस मामले में फिल्म कुछ और दमदार हो सकती थी। स्क्रीनप्ले: पहला अध्याय, बड़ी कहानी की भूमिका रामायण की घटनाएं दर्शकों को पहले से मालूम हैं, लेकिन उन्हें किस क्रम में और किस अंदाज में पेश किया जाता है, यही स्क्रीनप्ले की असली चुनौती है। फिल्म रावण की पृष्ठभूमि से शुरुआत करके राम के जन्म, विवाह, वनवास और सीता हरण तक पहुंचती है। इस दौरान दोनों संसारों को जोड़ने की कोशिश की गई है। कहानी का दायरा पहले भाग में सीमित रखा गया है, ताकि आगे होने वाले संघर्ष के लिए जमीन तैयार हो सके। 3 घंटे 15 मिनट की लंबाई के बावजूद कुछ हिस्सों में कहानी की रफ्तार धीमी पड़ती है। कुछ घटनाओं को और कसावट के साथ पेश किया जा सकता था। फिल्म का अंत भी किसी पारंपरिक विजयी क्लाइमैक्स की तरह नहीं, बल्कि आगे की बड़ी लड़ाई की शुरुआत के संकेत के साथ होता है। VFX और टेक्निकल पहलू: लंका की भव्यता से लेकर युद्ध के संसार तक यहां फिल्म अपने सबसे मजबूत पक्ष पर नजर आती है। अयोध्या का राजसी वैभव, लंका का विशाल साम्राज्य, महल, प्राकृतिक दृश्य और पौराणिक संसार को जिस पैमाने पर तैयार किया गया है, वह प्रभावित करता है। VFX का इस्तेमाल कई दृश्यों में शानदार है। फिल्म का विजुअल स्केल भारतीय सिनेमा की तकनीकी महत्वाकांक्षा को दिखाता है। प्रोडक्शन डिजाइन, कॉस्ट्यूम, सिनेमैटोग्राफी और एक्शन कोरियोग्राफी भी इस विशाल संसार को विश्वसनीय बनाने में योगदान देते हैं। हालांकि, कुछ राक्षसों और मायावी प्राणियों को दिखाने वाले दृश्यों में VFX थोड़ा कमजोर पड़ता है। उनके लुक और मूवमेंट में कहीं-कहीं कृत्रिमता महसूस होती है। लेकिन यह कुछ हिस्सों तक सीमित है। ओवरऑल फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट शानदार है और बड़े पर्दे पर इसका अनुभव खास बनता है। म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर: रहमान और जिमर से कुछ ऐसी धुन की उम्मीद थी जो याद रह जाए ए.आर. रहमान और हंस जिमर जैसे दिग्गज संगीतकारों का एक साथ आना अपने आप में बड़ी खबर थी। ऐसे में उम्मीद थी कि रामायण को ऐसा संगीत मिलेगा, जो सिर्फ दृश्यों का साथ नहीं देगा, बल्कि खुद कहानी का हिस्सा बन जाएगा। राम की एंट्री पर कोई ऐसी धुन सुनाई दे, जो उनके किरदार की गरिमा और दिव्यता का एहसास कराए। रावण के आते ही बैकग्राउंड में ऐसा संगीत बजे, जो उसके रौद्र व्यक्तित्व को और विशाल बना दे, लेकिन फिल्म में कोई ऐसा यादगार थीम म्यूजिक सुनाई नहीं देता, जो थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी जेहन में बना रहे। कुछ दृश्यों में बैकग्राउंड स्कोर अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है, लेकिन कुल मिलाकर संगीत वह जादू नहीं पैदा कर पाता जिसकी इस महागाथा से उम्मीद थी। इतने बड़े नामों के साथ यह उम्मीद करना गलत भी नहीं था कि फिल्म का संगीत भी इसके VFX जितना ही भव्य और यादगार होगा। इस मोर्चे पर थोड़ी निराशा हाथ लगती है। फाइनल वर्डिक्ट: भव्यता का नया पैमाना, लेकिन हर जगह नहीं जगा पाई जादू 'रामायण पार्ट वन' भारतीय सिनेमा की एक बड़ी महत्वाकांक्षी कोशिश है। रणबीर कपूर राम के रूप में गंभीरता और मर्यादा लेकर आते हैं, जबकि यश अपने रावण अवतार से खास छाप छोड़ते हैं। शानदार VFX, विशाल प्रोडक्शन डिजाइन और पौराणिक संसार की भव्यता फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। कुछ हिस्सों में कहानी की धीमी रफ्तार, संवादों का अपेक्षित प्रभाव न छोड़ पाना और यादगार थीम म्यूजिक की कमी इसके अनुभव को थोड़ा कम जरूर करते हैं। राक्षसों के VFX में भी कुछ जगह सुधार की गुंजाइश है। फिर भी फिल्म में बड़े पर्दे पर देखने लायक बहुत कुछ है। खासकर यश का रावण और फिल्म का विशाल विजुअल संसार। पहला अध्याय खत्म होते-होते दर्शकों के सामने सबसे बड़ा सवाल छोड़ जाता है कि अब राम और रावण के बीच होने वाला महायुद्ध पर्दे पर कितना विराट होगा।

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 11:01 am

हनुमान अंश फेम सिंगर की आंखों का इलाज शुरू:लिखा- प्रार्थना करें मेरे जीवन में भी रोशनी लौट आए; बचपन से दृष्टिबाधित हैं सुनील लोधी

'हनुमान अंश' फिल्म के गीत 'मैंने तेरे ही भरोसे' से लोकप्रिय हुए दृष्टिबाधित सिंगर सुनील लोधी की आंखों का इलाज शुरू हो गया है। 4 नवंबर को सुनील लोधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और वीडियो शेयर कर इलाज की जानकारी दी। उन्होंने अपने फैंस से दुआएं मांगने की अपील की है, ताकि उनकी आंखों की रोशनी वापस आ सके। लिखा- मेरे लिए प्रार्थना करें सुनील लोधी ने अस्पताल से अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि भगवान की कृपा से उनकी आंखों के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, फैंस की प्रार्थनाओं से एक नई उम्मीद जागी है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि मेरी जिंदगी में रोशनी वापस लौट आए और मैं इस सुंदर दुनिया को अपनी आंखों से देख सकूं। उन्होंने अपने माता-पिता के वर्षों पुराने इंतजार के पूरा होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि लोगों का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ट्रेनों में तंबूरा बजाकर की थी करियर की शुरुआत मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले सुनील लोधी का शुरुआती जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि महज 10-11 साल की उम्र से ही उन्होंने लोकल ट्रेनों और गांवों में तंबूरा बजाकर बुंदेली लोकगीत और भजन गाना शुरू कर दिया था। अपनी शारीरिक सीमाओं को उन्होंने कभी संगीत के आड़े नहीं आने दिया और बिना किसी प्लेटफॉर्म के अपनी पहचान बनाई। 'मोरे संकट के कटैया' से मिली पहचान सुनील के करियर को पहला बड़ा मोड़ तब मिला जब उनके बुंदेली भजन 'मोरे संकट के कटैया' को यूट्यूब और इंस्टाग्राम पेज 'बुंदेली दुनिया' पर 2.9 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले। इसके बाद फिल्ममेकर और म्यूजिक प्रोड्यूसर पंकज की नजर सुनील की आवाज पर पड़ी। पंकज ने उन्हें अपनी फिल्म 'हनुमान अंश' के गाने 'मैंने तेरे ही भरोसे' के लिए चुना, जिसके बाद सुनील रातों-रात पूरे देश में पहचाने जाने लगे। हनुमान अंश प्रोड्यूसर और एमपी सीएम ने की मदद इससे पहले हनुमान अंश फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर और एमपी सीएम ने सुनील के इलाज में मदद करने की पहल की थी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अनुप्रिया ने बताया था कि वे सुनील के इलाज में मदद करेंगी।

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 5:30 am

Ramayana ने एडवांस बुकिंग में बॉक्स ऑफिस पर ला दी सुनामी, रिलीज से पहले 100 करोड़ पार पहुंचा कलेक्शन

नितेश तिवारी की 'रामायण' ने रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में 100 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन कर लिया है।

जागरण 4 Nov 2026 4:30 pm

आलिया भट्ट की मां बोलीं- दिवाली पर पटाखा फोड़ना देशविरोधी:कहा- प्रदूषण से बच्चों की सेहत बिगड़ रही; दिया मिर्जा का वीडियो हटाया गया था

एक्ट्रेस आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने दिवाली पर पटाखा फोड़ने को देशविरोधी बताया है। मंगलवार देर रात इंस्टाग्राम पोस्ट शेयर कर उन्होंने इसे सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ बताया। उन्होंने लिखा कि प्रदूषण के कारण छोटे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। विवाद की आशंका को देखते हुए सोनी राजदान ने अपनी इस पोस्ट पर कमेंट सेक्शन को बंद कर दिया है। उनका यह बयान बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को दीया मिर्जा का प्रदूषण मुक्त दिवाली वीडियो री-अपलोड करने के आदेश के बाद आया है। 'एक भी पटाखा फोड़ना एंटी-नेशनल और एंटी-लाइफ' सोनी राजदान ने लिखा कि छोटे बच्चों के माता-पिता ही जानते हैं कि वायु प्रदूषण के कारण उनके बच्चे कितना परेशान होते हैं और बीमारी की वजह से उनके स्कूल के कितने दिन छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थितियों में अगर कोई यह कहता है कि दिवाली पर एक भी पटाखा फोड़ना सही है, तो यह बात लाइफ के खिलाफ, सेहत के खिलाफ और देश के खिलाफ (एंटी-नेशनल) लगती है। उन्होंने लोगों से अपनी और बच्चों की सेहत के लिए सही विकल्प चुनने की अपील की। दीया मिर्जा का वीडियो हटाने पर शुरू हुआ था विवाद यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब बीएमसी ने भारतीय जनता पार्टी की आपत्ति के बाद दीया मिर्जा का प्रदूषण मुक्त दिवाली संदेश वाला वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल से डिलीट कर दिया था। हालांकि बीएमसी ने माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे के वीडियो बरकरार रखे थे। दीया मिर्जा ने कोर्ट के निर्देश पर यह वीडियो बनाया था। वीडियो हटाए जाने पर दीया मिर्जा ने कहा था कि यह वीडियो सार्वजनिक जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य के लिए बनाया गया था, क्योंकि वायु प्रदूषण जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को लगाई थी फटकार इसके बाद अदालत ने बीएमसी को दीया मिर्जा का वीडियो दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने बीएमसी प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा था कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और पर्यावरण का मुद्दा हर नागरिक से जुड़ा है, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो। अदालत ने कहा कि नागरिक निकाय के आयुक्त ने जागरूकता फैलाने के लिए कलाकारों का सही चुनाव किया था और इस तरह के वीडियो को हटाना अनुचित था। बच्चों की सेहत और स्कूल छूटने की जताई चिंता सोनी राजदान ने अपनी पोस्ट में मुख्य रूप से बढ़ते प्रदूषण का बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर असर पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि दिवाली का त्योहार रोशनी, ज्ञान और उम्मीद की विजय का प्रतीक है, लेकिन पटाखों के धुएं से होने वाला नुकसान बच्चों के जीवन को खतरे में डालता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साफ हवा में सांस लेना हर बच्चे का अधिकार है और नागरिकों को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कामों से बचना चाहिए।

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 3:01 pm

आयुष्मान खुराना को लॉरेंस गैंग के नाम पर धमकी:ऑडियो मैसेज भेजकर मांगे गए करोड़ों रुपए, पुलिस कर रही जांच

बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना को धमकी भरा ऑडियो मैसेज मिला है। मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, मैसेज भेजने वाले शख्स ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताया है। उसने एक्टर से करोड़ों रुपए की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि, अब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस को मिले ऑडियो क्लिप की आवाज का मिलान एक ऐसे आरोपी की आवाज से किया जा रहा है, जिसका नाम पहले से पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद है। बताया जा रहा है कि इस आरोपी का संबंध मैसेज भेजने वाले शख्स की बताई गई पहचान से हो सकता है। बता दें कि आयुष्मान खुराना हाल ही में सारा अली खान के साथ फिल्म ‘उड़ता तीर’ में नजर आए थे। इस स्पाई-कॉमेडी फिल्म में उन्होंने बिलाल नाम के पाकिस्तानी एजेंट का किरदार निभाया है। गौरतलब है कि हाल ही में एक्टर तुषार कपूर को भी इसी तरह का धमकी भरा ऑडियो मैसेज मिला था। मैसेज भेजने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर बताया था। फोन करने वाले ने 5 करोड़ रुपए मांगे थे। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, तुषार कपूर ने इसकी जानकारी मुंबई पुलिस को दी थी। इसके बाद जांच एंटी-एक्सटॉर्शन सेल और क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। क्राइम ब्रांच की टेक्निकल टीम ने धमकी भरे कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच की। इसके बाद आवाज का मिलान हैरी बॉक्सर के आधिकारिक ऑडियो सैंपल से किया गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आवाजें आपस में मेल नहीं खातीं। इससे पुलिस को शक है कि यह फर्जी कॉल था। किसी ने गैंग का नाम लेकर डर पैदा करने की कोशिश की। हैरी बॉक्सर पर रणवीर को धमकी देने का आरोप गौरतलब है कि लॉरेंस गैंग के गुर्गे हैरी बॉक्सर पर बॉलीवुड और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों को धमकी देने के आरोप हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम एक्टर रणवीर सिंह का है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, हैरी ने रणवीर के मैनेजर को वॉइस नोट भेजकर 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। रकम नहीं देने पर रणवीर और उनके स्टाफ को जान से मारने की धमकी दी गई थी। फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना के पीछे भी हैरी बॉक्सर और लॉरेंस गैंग का हाथ बताया गया था। इसकी जिम्मेदारी उन्होंने एक वॉइस नोट के जरिए ली थी। मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा को भी हैरी बॉक्सर ने धमकी दी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित ऑडियो के अनुसार, सलमान खान से नजदीकियों के कारण गुरु रंधावा के दिल्ली स्थित एक जिम पर फायरिंग करवाई गई थी। उन्हें आगे के लिए चेतावनी भी दी गई थी। इसके अलावा कॉमेडियन कपिल शर्मा भी गैंग के निशाने पर रहे हैं। कनाडा में उनके कैफे पर फायरिंग हो चुकी है। …………….. यह खबर भी पढ़ें… अमिताभ बच्चन की सुरक्षा को लेकर PM मोदी को पत्र: बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिलने के बाद फिल्म संगठन AICWA ने जताई चिंता अमिताभ बच्चन 1 नवंबर को मुंबई स्थित अपने घर जलसा के बाहर बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिले थे। इसके बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फिल्मी हस्तियों और उनके परिवारों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 1:02 pm

बेबी डॉल सिंगर कनिका कपूर की दूसरी शादी टूटी:2022 में हुई थी शादी, 2012 में पहला तलाक हुआ था; बोलीं- जिंदगी में कोई दूसरा नहीं है

बेबी डॉल जैसे कई फेमस गाने गाने वाली सिंगर कनिका कपूर ने पति गौतम हाथीरमानी से अलग होने का ऐलान किया है। दोनों की शादी चार साल पहले हुई थी। कनिका ने मंगलवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने लोगों से इस समय उनकी प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील की। सिंगर ने लिखा, “प्रिय दोस्तों और परिवार, काफी सोच-विचार करने के बाद मैंने और मेरे पति ने अलग-अलग रहने का फैसला किया है। हमने साथ में जो समय बिताया, उसके लिए मैं आभारी हूं। मैं उनके आने वाले जीवन के लिए शुभकामनाएं देती हूं। उन्होंने आगे लिखा, “मैं आप सभी से अनुरोध करती हूं कि इस मुश्किल समय में हमारी निजी जिंदगी का सम्मान करें और हमें समझने की कोशिश करें।” तीसरे व्यक्ति की अफवाहों से इनकार कनिका ने रिश्ते में किसी तीसरे व्यक्ति के शामिल होने की अफवाहों को खारिज किया। कनिका कपूर ने 'मुंबई मिरर' के साथ बातचीत में कहा, मेरी जिंदगी में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं है और जहां तक मुझे पता है, गौतम की जिंदगी में भी कोई और नहीं है। यह मेरा दूसरी बार तलाक है। इसलिए इस बार भी मुझे दुख और निराशा हो रही है। यह कहना गलत है कि मैं लागोस (नाइजीरिया का शहर) में नहीं रहना चाहती थी। शादी टूटने पर सबसे पहले महिला को दोष देना आम बात है, जो गलत है। शादी में क्या हुआ, यह सिर्फ पति-पत्नी ही जानते हैं। मैं फिलहाल मुंबई में हूं और तीन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हूं। मेरे तीन बच्चे हैं, जिनकी देखभाल भी मुझे करनी है। मैं चाहती हूं कि आगे गौतम के साथ मेरे रिश्ते अच्छे बने रहें। मैं झगड़ा करने वाली इंसान नहीं हूं। मुझे उम्मीद है कि वह भी ऐसा ही चाहेंगे। पहले पति से 2012 में हुआ था तलाक कनिका की पहली शादी लंदन में रहने वाले जनरल प्रैक्टिशनर डॉ. जसप्रीत सिंह चंडोक से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। कनिका और चंडोक का 2012 में तलाक हो गया था। कनिका कपूर का सिंगिंग करियर कनिका कपूर ने बचपन से ही संगीत सीखना शुरू कर दिया था। 12 साल की उम्र में उन्होंने शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग ली। उन्होंने लखनऊ के भातखंडे संगीत संस्थान से म्यूजिक में ग्रेजुएशन और मास्टर्स किया। कनिका की शादी बेहद कम उम्र (18 वर्ष) में बिजनेसमैन राज चंडोक से हो गई, जिसके बाद वह लंदन शिफ्ट हो गईं। उन्होंने अपने तीन बच्चों की परवरिश के लिए करीब 14-15 सालों तक संगीत से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। साल 2012 में तलाक होने के बाद सिंगिंग में करियर बनाने के लिए मुंबई आ गईं। इसी साल उनका म्यूजिक वीडियो 'जुगनी जी' रिलीज हुआ। साल 2014 में उन्होंने फिल्म 'रागिनी MMS 2' के गाने 'बेबी डॉल' से बॉलीवुड में बतौर प्लेबैक सिंगर शुरुआत की। यह गाना सुपरहिट हुआ और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इसके बाद उन्होंने 'हैप्पी न्यू ईयर' का 'लवली', 'रॉय' का 'चिट्टियां कलाइयां', 'एक पहेली लीला' का 'देसी लुक' और 'हेट स्टोरी 3' का 'नींदें खुल जाती हैं' जैसे कई हिट गाने गाए। साल 2019 में वह सिंगिंग रियलिटी शो 'द वॉयस' के तीसरे सीजन में जज बनीं। 2025 में वह 'साउंड्स ऑफ कुंभ' एल्बम के गानों में भी नजर आईं। उनके गाने 'दुर्गा ट्रांस' और 'द लीजेंड ऑफ कुंभा' को भी पहचान मिली। पति गौतम हाथीरमानी से अलग होने का ऐलान करने के बाद कनिका कपूर को गूगल पर सर्च किया जा रहा है सोर्स- गूगल ट्रेंड्स

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 12:38 pm

अमिताभ बच्चन की सुरक्षा को लेकर PM मोदी को पत्र:बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिलने के बाद फिल्म संगठन AICWA ने जताई चिंता

अमिताभ बच्चन रविवार यानी 1 नवंबर को मुंबई स्थित अपने घर जलसा के बाहर बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिले। जिसके बाद अमिताभ बच्चन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अभिनेता, फिल्ममेकर्स और उनके परिवारों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की। AICWA ने अमिताभ बच्चन की लंबे समय से चली आ रही रविवार को फैंस से मिलने की परंपरा का भी जिक्र किया। इस दिन फैंस उन्हें देखने के लिए एक्टर के घर जलसा के बाहर जुटते हैं। एसोसिएशन ने पत्र में लिखा, “चार दशक से ज्यादा समय से वह हर रविवार वहां फैंस से मिलते हैं। उन्हें देखने के लिए भारत और विदेशों से लोग आते हैं। 84 साल की उम्र में उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें अपने ही शहर में इस तरह खुद को बचाना पड़ेगा। उनके बेटे अभिषेक बच्चन, जो बहुत कम बाहर आते हैं, अपने पिता की सुरक्षा के लिए उनके साथ खड़े रहे।” AICWA ने पत्र में लिखा, “लोगों ने बुलेटप्रूफ कारों के बारे में सुना है। इससे पहले किसी सुपरस्टार को अपने घर से बाहर बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे उन लोगों से मिलने के लिए निकलते नहीं देखा गया, जो उनसे प्यार करते हैं। यह तस्वीर भारतीय सिनेमा के इतिहास में याद रखी जाएगी और इससे पूरी इंडस्ट्री हिल गई।” फिल्मी हस्तियों पर हमलों का जिक्र प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में AICWA ने कई प्रमुख हस्तियों से जुड़े मामलों का जिक्र किया। इनमें बांद्रा में बाबा सिद्दीकी की हत्या, सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी और सैफ अली खान पर घर में हुआ चाकू से हमला शामिल है। संगठन ने फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर हुई गोलीबारी का भी हवाला दिया। पत्र में कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे को निशाना बनाकर हुई गोलीबारी की कई घटनाओं का भी जिक्र है। इसमें हाल ही में जुहू में टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना भी शामिल है। AICWA ने टाइगर श्रॉफ से जुड़ी घटना पर चिंता जताई। संगठन ने कहा कि यह घटना एक व्यस्त इलाके में हुई, जहां कई लोग मौजूद थे। पत्र में लिखा गया, “टाइगर श्रॉफ पर जुहू में बड़ी भीड़ की मौजूदगी में गोली चलाई गई। यह मुंबई के सबसे प्रमुख VIP इलाकों में से एक है। दो लोगों को गोलियां लगीं। टाइगर श्रॉफ का कोई विवाद या किसी से दुश्मनी सामने नहीं आई है।” AICWA ने यह भी कहा कि इन घटनाओं के पीछे रंगदारी एक आम वजह हो सकती है। संगठन के मुताबिक, अपराधी गिरोह बॉलीवुड की लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय पहचान के कारण फिल्मी हस्तियों को निशाना बना रहे हैं। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि मशहूर अभिनेताओं और फिल्ममेकर्स पर हमले डर फैलाने, पहचान बनाने और बड़ी रकम वसूलने के लिए किए जा रहे हैं। पत्र में तुषार कपूर से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपए की मांग करने के लिए धमकियां मिलने की खबरों का भी जिक्र है। AICWA ने अपनी स्थिति बताते हुए लिखा, “इन सभी हमलों का मकसद रंगदारी वसूलना लगता है। गैंगस्टर जानते हैं कि बॉलीवुड सबसे आसान निशाना है और पूरी दुनिया में जाना जाता है। मशहूर फिल्मी हस्तियों पर हमला करके वे अपना नाम बनाना और बड़े स्तर पर पैसे वसूलना चाहते हैं।” मुंबई की कानून-व्यवस्था पर सवाल AICWA ने फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा के साथ मुंबई की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। संगठन ने कहा कि अगर बड़े नामों पर ऐसे हमले हो सकते हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा भी चिंता का विषय है। एसोसिएशन ने सिर्फ भरोसा दिलाने के बजाय ठोस सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की। पत्र में कहा गया, “आज मुंबई में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है। अगर टाइगर श्रॉफ शहर के बीचोंबीच सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मुंबईकर भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकता। 2026 में अंडरवर्ल्ड का वह खौफ, जिसे खत्म माना जा रहा था, मुंबई की सड़कों पर लौट आया है। सिर्फ बातें काफी नहीं हैं। बॉलीवुड को असली और साफ दिखाई देने वाली सुरक्षा चाहिए।” ____________________ यह खबर भी पढ़ें… धमकी के बाद बुलेटप्रूफ केबिन में दिखे अमिताभ बच्चन:संडे दर्शन में जलसा के बाहर सुरक्षा बढ़ी; बम से उड़ाने की धमकी मिली थी बम से उड़ाने की धमकी और घर की रेकी के बाद अमिताभ बच्चन की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। बिग बी फैंस से मिलने के लिए बुलेटप्रूफ कांच के केबिन में पहुंचे थे। दरअसल, हाल ही में अमिताभ के बंगले को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। वहीं, टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस की जांच में पता चला कि हमलावरों ने अमिताभ के दोनों घरों जलसा और प्रतीक्षा की रेकी भी की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 11:56 am

बहू सरपंच बनी तो सास ने गांव के नाम कर दी जमीन, पंचायत भवन के लिए दान की सवा बीघा भूमि

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में सास-बहू की एक अनूठी पहल ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया है।

खास खबर 31 Oct 2026 11:44 am

विश्व सफेद छड़ी दिवस - सिर्फ एक सहारा नहीं, नेत्रहीन लोगों की सुरक्षा और स्वतंत्रता का भी प्रतीक

हर साल 15 अक्टूबर को विश्व सफेद छड़ी दिवस मनाया जाता है। यह दिन खासतौर पर नेत्रहीन और दृष्टिबाधित लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

खास खबर 14 Oct 2026 6:00 pm

बेटे को गेम खेलने से रोकती थीं, अब उसी से सीखी गेमिंग और बनीं स्टार स्ट्रीमर; 60 की उम्र में ‘आंटी जुआन’ का जलवा

आमतौर पर मां-बाप अपने बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल या वीडियो गेम खेलने से रोकते हैं, लेकिन चीन की 60 वर्षीय झोंग जुआनजुआन की कहानी कुछ अलग है। कभी वह अपने बेटे को गेम खेलने से रोकने के लिए इंटरनेट कैफे तक पहुंच जाती थीं, लेकिन आज वही गेमिंग उनकी पहचान बन चुकी है। इंटरनेट की दुनिया में वह ‘आंटी जुआन’ के नाम से मशहूर हैं और हजारों लोग उन्हें लाइव गेम खेलते हुए देखना पसंद करते हैं।

खास खबर 7 Oct 2026 12:16 pm

न दुकानदार, न CCTV और न ताला… मिजोरम के गांवों में भरोसे से चलती हैं ये अनोखी दुकानें

आज के समय में किसी दुकान की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, ताले और दुकानदार की मौजूदगी आम बात है।

खास खबर 3 Oct 2026 11:27 am

प्रसाद समझकर 3 तोले की सोने की चेन निगल गया बैल, 15 दिन बाद सर्जरी से निकली

महाराष्ट्र के मालेगांव तालुका के वनपत गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।

खास खबर 30 Sep 2026 12:19 pm

कभी घर-घर पहुंचाता था पिज्जा, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत से बदली इस भारतीय की जिंदगी

कहते हैं कि अगर इंसान में मेहनत करने और आगे बढ़ने का जुनून हो, तो मुश्किल हालात भी उसके रास्ते को ज्यादा लंबे समय तक नहीं रोक सकते।

खास खबर 23 Sep 2026 4:14 pm

मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग

तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं

खास खबर 15 Sep 2026 1:28 pm

सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती

आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।

खास खबर 9 Sep 2026 3:16 pm

ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी

खास खबर 3 Sep 2026 11:41 am

Viral News : धरती का ‘सर्वाइवल एक्सपर्ट’ है बिच्छू! महीनों बिना खाना और कई दिनों तक पानी में रह सकता है जिंदा

धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।

खास खबर 1 Sep 2026 2:51 pm

नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी

नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।

खास खबर 12 Aug 2026 2:30 pm

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm