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मल्हार पाटेकर ने शेयर की अजित पवार की तस्वीरें:नाना पाटेकर के फार्महाउस में दिखे पूर्व उपमुख्यमंत्री

नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने गुरुवार को दिवंगत अजित पवार को याद करते हुए सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने पवार परिवार और पाटेकर परिवार के बीच पुराने रिश्ते की बात भी बताई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद पर रहे अजित पवार का बुधवार को विमान हादसे में निधन हो गया, जिसके बाद पूरे महाराष्ट्र में दुख का माहौल है। मल्हार ने जो तस्वीरें शेयर की हैं, उसमें अजित पवार, नाना पाटेकर और उनके परिवार के साथ पुणे के पास स्थित फार्महाउस में नजर आ रहे हैं। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि अजित पवार वहां प्राइवेट लंच के लिए गए थे और परिवार के साथ समय बिता रहे थे। ये तस्वीरें डोंजे इलाके में स्थित नाना पाटेकर के फार्महाउस की हैं। अजित पवार को याद करते हुए मल्हार ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अजित पवार का जाना उनके लिए निजी नुकसान है। उन्होंने कहा कि पवार उनके परिवार की तरह थे और हमेशा रहेंगे। उनके साथ बिताए गए पल कभी भुलाए नहीं जा सकते। मल्हार ने यह भी लिखा कि यह नुकसान कभी पूरा नहीं हो सकता। अजित पवार अक्सर नाना पाटेकर के फार्महाउस पर आते थे। यहां वे नाना पाटेकर के साथ बैठकर खाना खाते और बातचीत करते थे। नाना पाटेकर ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर अजित पवार की तारीफ भी की थी। उन्होंने कहा था कि पवार अपने काम को बिना दिखावे के करते थे और हमेशा जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ते थे। …………………. अजित पवार से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अजित पवार का अंतिम संस्कार, पत्नी ने गंगाजल चढ़ाया: बेटों ने मुखाग्नि दी, गन सैल्यूट दिया गया बारामती के काटेवाड़ी स्थित विद्या प्रतिष्ठान मैदान में गुरुवार को महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार का अंतिम संस्कार हो गया। उनके दोनों बेटों पार्थ और जय पवार ने मुखाग्नि दी। पत्नी सुनेत्रा पवार ने पति के पार्थिव शरीर पर गंगाजल चढ़ाकर अंतिम विदाई दी। इस मौके पर चाचा शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले, गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 3:13 pm

फिल्म रिव्यू – मर्दानी 3:गंभीर मुद्दा, रानी मुखर्जी की दमदार वापसी, लेकिन इंटरवल के बाद धीमी रफ्तार; जानिए कैसी है फिल्म

मर्दानी फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म एक बार फिर समाज के उस अंधेरे कोने में झांकती है, जहां सच्चाई डरावनी और चुभने वाली है। यह सिर्फ एक पुलिस केस नहीं, बल्कि मासूम बच्चियों की किडनैपिंग, मानव तस्करी और मेडिकल रिसर्च के नाम पर होने वाले अमानवीय शोषण पर सीधा और बेबाक हमला है। शिवानी शिवाजी रॉय इस बार भी सिस्टम, अपराध और लालच की खतरनाक जुगलबंदी से अकेले टकराती नजर आती हैं। फिल्म की कहानी कहानी की शुरुआत बुलंदशहर से होती है, जहां दो मासूम बच्चियों झिलमिल और रूहानी का अपहरण हो जाता है। रूहानी एक एम्बेसडर की बेटी है, जबकि झिलमिल उसी घर में काम करने वाले नौकर की। यह मामला सिर्फ अपहरण तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जांच के दौरान छोटी बच्चियों की तस्करी और संगठित अपराध का एक भयावह नेटवर्क धीरे धीरे सामने आने लगता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंपी जाती है और जिम्मेदारी मिलती है एसएसपी शिवानी शिवाजी रॉय को। जांच आगे बढ़ती है तो सामने आती है अम्मा, एक भिखारी माफिया की सरगना, जो मासूम बच्चियों को एक बेहद संवेदनशील और अमानवीय धंधे का हिस्सा बनाती है, जिसकी परतें जैसे जैसे खुलती हैं, कहानी और बेचैन करने वाली होती जाती है। इसी दौरान शिवानी की मुलाकात रामानुजन से होती है, जो भिखारी माफिया के खिलाफ काम करने वाला एक सामाजिक कार्यकर्ता है। बचपन में माफिया द्वारा उसकी उंगलियां काट दी गई थीं। अम्मा के ठिकानों पर छापेमारी का सिलसिला शुरू होता है, लेकिन इंटरवल से ठीक पहले अम्मा शिवानी को खुली चुनौती देती है। यहीं से कहानी शह और मात के खेल में बदल जाती है। इंटरवल के बाद कहानी कई परतें खोलती है। रामानुजन के किरदार से जुड़ा एक बड़ा रहस्य सामने आता है, जो यह संकेत देता है कि इस अपराध के पीछे सिर्फ तस्करी नहीं, बल्कि कुछ ऐसा भी है, जिसका इस्तेमाल ताकतवर लोग अपने फायदे के लिए करते हैं। सवाल यही है कि क्या शिवानी इस पूरे नेटवर्क को तोड़ पाएगी और क्या वह इस अमानवीय सच तक पहुंच सकेगी। फिल्म में एक्टिंग रानी मुखर्जी एक बार फिर साबित करती हैं कि मर्दानी फ्रेंचाइजी की असली ताकत वही हैं। उनकी बॉडी लैंग्वेज, आंखों की सख्ती और संवादों की डिलीवरी शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार को पूरी तरह असली और भरोसेमंद बना देती है। अम्मा के रोल में मल्लिका प्रसाद ने जबरदस्त खौफ पैदा किया है। कई सीन में उनका किरदार रोंगटे खड़े कर देता है और वह रानी को हर फ्रेम में कड़ी टक्कर देती नजर आती हैं। रामानुजन के किरदार में प्रजेश कश्यप फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज साबित होते हैं। फातिमा के किरदार में जानकी बोदीवाला की एक्टिंग संतुलित और प्रभावी है, वहीं जिशु सेनगुप्ता सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में कामयाब रहते हैं। फिल्म में निर्देशन और तकनीकी पक्ष अभिराज मिनावाला का डायरेक्शन फिल्म को शुरू से अंत तक गंभीर और बेचैन माहौल में बनाए रखता है। कहानी में मौजूद ट्विस्ट और टर्न कई जगह असर छोड़ते हैं, हालांकि इंटरवल के बाद कुछ सीन में फिल्म थोड़ी खिंची हुई महसूस होती है। सेकेंड हाफ में कुछ दृश्यों में लॉजिक की कमी भी साफ नजर आती है। तकनीकी तौर पर फिल्म मजबूत नजर आती है। सिनेमैटोग्राफी कहानी के मूड को बेहतरीन तरीके से सपोर्ट करती है। रंगों का चुनाव, लो-लाइट फ्रेम्स और क्लोज-अप शॉट्स क्रूरता और संवेदनशीलता दोनों भावों को उभारते हैं। एक्शन सीक्वेंस रियल लगते हैं और कहीं भी बनावटी महसूस नहीं होते। फिल्म में संगीत फिल्म में कोई गाना नहीं है और इसकी जरूरत भी महसूस नहीं होती। बैकग्राउंड स्कोर इंटेंस है और हर सीन में तनाव, डर और बेचैनी का माहौल बनाए रखता है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट मर्दानी 3 एक जरूरी और झकझोर देने वाली फिल्म है, जो छोटी बच्चियों की किडनैपिंग, ट्रैफिकिंग और मेडिकल रिसर्च के नाम पर होने वाले अमानवीय शोषण को बेबाकी से सामने लाती है। दमदार अभिनय, मजबूत बैकग्राउंड स्कोर और प्रभावशाली क्लाइमेक्स फिल्म को देखने लायक बनाते हैं। कमजोर संवाद और थोड़ी खिंची हुई पटकथा के बावजूद, यह फिल्म दर्शकों को सोचने और असहज होने पर मजबूर करती है।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 1:16 pm

विवेक ओबेरॉय की कॉन्फ्रेंस के बाद गुस्से में थे सलमान:प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने एक्टर को शांत रहने की सलाह देने की बात कही

फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि विवेक ओबेरॉय द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान पर आरोप लगाने के बाद सलमान बहुत गुस्से में थे। गौरतलब है कि फिल्म इंडस्ट्री में सलमान खान और विवेक ओबेरॉय के बीच पुराना विवाद रहा है। यह विवाद उस समय और बढ़ गया था, जब विवेक ने आरोप लगाया था कि सलमान ने उन्हें धमकी दी है। अब इस मामले को लेकर प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने कुछ बातें सामने रखी हैं। हाल ही में सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि विवेक की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वे सलमान के घर गए थे। उस वक्त एक्टर काफी नाराज थे। शैलेन्द्र ने कहा कि उन्होंने सलमान को सलाह दी थी कि जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। उन्होंने एक्टर से कहा, “जिंदगी में हमें रिएक्ट नहीं, बल्कि एक्ट करना चाहिए। जो करना है, वह बाद में भी किया जा सकता है। अभी शांति से बैठो और समय को अपना काम करने दो।” शैलेन्द्र के मुताबिक, सलमान ने उनकी बात मानी और उस समय कोई रिएक्शन नहीं दिया। सलमान ने लड़ाई चुपचाप लड़ी: शैलेन्द्र फिल्म प्रोड्यूसर ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि उसने (सलमान) वह लड़ाई चुपचाप लड़ी। मुझे लगता है कि अब विवेक बॉलीवुड में काम नहीं कर रहा है। मुझे पूरी तरह नहीं पता, लेकिन ऐसा ही लगता है। विवेक भी ऐसा कहते हैं, वह बहुत समझदारी भरा कदम था। किसी को चोट न पहुंचाना और खुद पर आरोप न आने देना, मुझे लगता है कि यह सही तरीका था। इंटरव्यू में शैलेन्द्र ने सलमान को लेकर यह भी कहा कि सलमान जंगल में पैदा हुआ टाइगर है, लेकिन अब जू में है। उनके मुताबिक सफलता मिलने के बाद सलमान डरपोक हो गए।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 12:06 pm

वेब सीरीज रिव्यू– ‘दलदल’:एसीपी के रोल में भूमि पेडनेकर की सधी हुई एक्टिंग, जानिए कैसी है सीरियल किलर की कहानी वाली यह सीरीज

जब क्राइम कहानियां सिर्फ रहस्य सुलझाने तक सीमित न रहकर इंसान के मन में झांकने लगती हैं, तब उनका असर अलग होता है। दलदल भी ऐसी ही एक वेब सीरीज है। यह समझने की कोशिश करती है कि अपराध कैसे और किन हालात में पैदा होता है। यह सीरीज डराने से ज्यादा बेचैन करती है और देखने वाले के मन में कई सवाल छोड़ जाती है। सीरीज की कहानी 7 एपिसोड की इस वेब सीरीज की कहानी मुंबई की एसीपी रीता फरेरा के इर्द-गिर्द घूमती है। वह एक सीरियल किलर से जुड़े केस की जांच कर रही हैं, लेकिन यह जांच सिर्फ क्राइम सीन तक सीमित नहीं रहती। यह उसे उसके अपने अतीत, पुराने जख्मों और अंदर के डर से भी आमने-सामने खड़ा कर देती है। बचपन का दर्द, ऑफिस में खुद को बार-बार साबित करने का दबाव और खुद पर भरोसे की कमी कहानी की रीढ़ हैं। आइडिया दमदार है, लेकिन कुछ जगह कहानी की पकड़ ढीली पड़ती है। कई सीन ऐसे हैं, जहां तर्क पूरी तरह काम नहीं करता। सीरीज में एक्टिंग भूमि पेडनेकर ने एसीपी रीता फरेरा के किरदार को पूरी गंभीरता और संतुलन के साथ निभाया है। उनके सख्त एक्सप्रेशन्स, कम डायलॉग्स और अंदर की बेचैनी को दबाकर रखने का तरीका इस किरदार पर पूरी तरह फिट बैठता है। कई सीन में उनका अभिनय असर छोड़ता है। समारा तिजोरी अपने किरदार से कहानी में गहराई जोड़ती हैं। उनके अभिनय में दर्द और कड़वाहट साफ नजर आती है, जो सीरीज को भावनात्मक मजबूती देती है। आदित्य रावल ने भी अपने किरदार को ईमानदारी से निभाया है। सहायक भूमिकाओं में गीता शर्मा का काम कहानी को बैंलेंस देता है। सीरीज में निर्देशन और तकनीकी पक्ष डायरेक्टर अमृत राज गुप्ता ने कहानी को शोरगुल से दूर, धीमी और गंभीर रफ्तार में आगे बढ़ाया है। उन्होंने अपराध दिखाने के बजाय उसके असर और किरदारों की मानसिक हालत पर फोकस रखा है। मुंबई को अंधेरी, भारी और दबाव भरी जगह के रूप में दिखाया गया है। सीमित रोशनी और रंग सीरीज के मूड को मजबूत बनाते हैं। बैकग्राउंड म्यूजिक तनाव बढ़ाता है और सीन का ट्रांजिशन सहज रहता है। सीरीज को लेकर फाइनल वर्डिक्ट दलदल एक महत्वाकांक्षी सीरीज है, जो अपराध को सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि अंदर की टूटन के रूप में देखने की कोशिश करती है। भूमि पेडनेकर का अभिनय मजबूत है, वहीं समारा तिजोरी की मौजूदगी सबसे ज्यादा असर छोड़ती है। कुछ कमियों के बावजूद यह सीरीज गंभीर और सोचने पर मजबूर करने वाला अनुभव देती है।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 10:12 am

'अक्षय कुमार मनी माइंडेड हैं':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह का दावा- फिल्म फ्लॉप होने के बाद एक्टर ने फीस लौटाने से किया था मना

फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने एक्टर अक्षय कुमार को लेकर कहा कि वह मनी माइंडेड हैं। वह पहले बिजनेसमैन हैं और बाद में एक्टर हैं। शैलेन्द्र सिंह ने यह बात हाल ही में सिद्धार्थ कन्नन को दिए एक इंटरव्यू में कही। इंटरव्यू में शैलेन्द्र ने साल 2009 की फिल्म 8 x 10 तस्वीर से जुड़ा अपना अनुभव शेयर। उन्होंने यह कहा कि इस फिल्म की असफलता के बाद उन्होंने फिल्म बनाना छोड़ दिया था। शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि उनका बयान किसी निजी नाराजगी पर आधारित नहीं है। उन्होंने बताया कि अक्षय एक अच्छे इंसान हैं और दोनों के बीच रिश्ता ठीक था। उन्होंने बताया कि वे साथ में खेल भी खेलते थे। शैलेन्द्र ने कहा कि जब उन्हें अक्षय के साथ फिल्म बनाने का मौका मिला, तो वे बहुत खुश थे। उन्होंने बताया कि फिल्म 8 x 10 तस्वीर उस समय बनी थी जब अक्षय कुमार और डायरेक्टर नागेश कुकुनूर दोनों अपने करियर के अच्छे दौर में थे। शुरुआत में यह फिल्म 30 से 35 करोड़ रुपए के बजट में बनाई जानी थी। शूटिंग के लिए मुनार की जगह तय की गई, लेकिन अक्षय के व्यस्त शेड्यूल की वजह से प्लानिंग बदलती चली गई। शैलेन्द्र ने कहा, “मुनार से हम कैलगरी गए, फिर केप टाउन गए और उसके बाद कई दूसरी जगहों पर शूटिंग हुई।” उन्होंने बताया कि बार-बार लोकेशन बदलने से फिल्म का बजट काफी बढ़ गया। यह फिल्म अक्षय की सुपरहिट फिल्म सिंह इज किंग के तुरंत बाद रिलीज हुई थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म पूरी तरह फ्लॉप रही। फिल्म के फ्लॉप होने के बाद शैलेन्द्र ने अक्षय से उनकी फीस का कुछ हिस्सा वापस करने की बात कही। उन्होंने कहा, “मैंने उनसे कहा कि भाई, आपकी फिल्म देखने कोई नहीं आया। आपको भी कुछ जिम्मेदारी लेनी होगी। आपने मुझसे बहुत पैसे लिए हैं।” शैलेन्द्र के मुताबिक, अक्षय ने पैसे लौटाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ भी पैसे वापस नहीं मिले। इसके बाद उन्होंने फिल्म बनाना बंद कर दिया। शैलेन्द्र ने आगे कहा कि अक्षय पैसे के मामले में बहुत स्ट्रेटजी से काम करते हैं। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान उनकी फीस धीरे-धीरे बढ़ती जाती है। शैलेन्द्र के अनुसार, “पहले 15 करोड़ रुपए होते हैं, फिर 21 करोड़ रुपए, फिर 27 करोड़ रुपए और बाद में अचानक 36 करोड़ रुपए हो जाते हैं। यह उनका लकी नंबर 9 है।”

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 9:21 am

'माया सभा' में अलग अंदाज में दिखेंगे जावेद जाफरी:एक्टर बोले- 40 साल के करियर में इससे ज्यादा पावरफुल स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी

जावेद जाफरी ने अपने चार दशक के करियर में हर तरह के किरदार निभाए हैं, लेकिन ‘माया सभा’ को वह अपने लिए खास फिल्म मानते हैं। उनसे इस अपकमिंग फिल्म को लेकर हुई खास बातचीत... ‘माया सभा’ की स्क्रिप्ट में ऐसा क्या था जिसने आपको तुरंत इस प्रोजेक्ट से जोड़ दिया? जब मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी, तो अपने करीब 40 साल के करियर में एक अभिनेता के तौर पर जो स्क्रिप्ट्स मुझे पढ़ने को मिली हैं, उनमें से यह सबसे पावरफुल लगी। सबसे खास बात यह थी कि यह एक कैरेक्टर-ड्रिवन स्क्रिप्ट है, न कि सिर्फ कहानी के सहारे चलने वाली फिल्म। यहां पूरा नैरेटिव मेरे किरदार के इर्द-गिर्द आगे बढ़ता है और उस किरदार में इतने इमोशनल और साइकोलॉजिकल लेयर्स हैं कि एक्टर को बहुत कम ऐसा मौका मिलता है। ईमानदारी से कहूं तो यह नो-ब्रेनर था। सोचने का मौका ही नहीं मिला, बस हां कहना था। इसके साथ-साथ एक अलग तरह का सम्मान भी महसूस हुआ कि निर्देशक ने मुझे इस रोल के लिए सोचा। आमतौर पर लोग मुझे कॉमेडी या डांस से जोड़ते हैं, ऐसे में मुझे एक अभिनेता के रूप में देखने के लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं। टाइटल में ‘माया’ और ‘सभा’ दोनों शब्दों की परतें आपके किरदार से कैसे जुड़ती हैं? ‘माया सभा’ असल में एक इल्यूजन की दुनिया है। यहां जो सिनेमा हॉल है, जो किरदार दिखाई देते हैं, वो वैसे नहीं हैं जैसे पहली नजर में लगते हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है और किरदारों की परतें खुलती हैं, आपको एहसास होता है कि जो दिख रहा था, असलियत उससे बिल्कुल अलग है। यहां ‘सभा’ एक जगह भी है, लोग भी हैं, लेकिन सब कुछ माया यानी भ्रम में लिपटा हुआ है। धीरे-धीरे दर्शक समझता है कि यहां कोई और ही खेल चल रहा है। ‘माया सभा’ आपके करियर की उन फिल्मों में से है जो दर्शक से सोचने की मांग करती हैं? देखिए, कुछ फिल्में होती हैं जो कहती हैं कि आइए, बैठिए, एंटरटेन होइए, टाइम पास कीजिए। लेकिन ‘माया सभा’ में परतें हैं। यह फिल्म रिश्तों की जटिलता दिखाती है-एक पिता और बेटे का रिश्ता, उनके बीच की दूरी, बोझ, दर्द। बाहर से आए दो किरदारों का उनके जीवन में क्या असर पड़ता है, ये सब बहुत धीरे-धीरे सामने आता है। यह जरूरी नहीं कि आपको बहुत गहराई से सोचने की जरूरत पड़े, लेकिन फिल्म का अंदाज ऐसा है कि चीजें धीरे-धीरे रिवील होती हैं। दूसरी बार देखने पर यह फिल्म और ज्यादा एंजॉय होती है। मेरे हिसाब से यह एक बेहद खूबसूरत और अलग दुनिया है, जो इस कहानी के जरिए रची गई है। इस फिल्म में आपका किरदार क्या किसी मानसिक दुविधा से भी गुजरता है? यह किरदार कई तरह के बोझ अपने भीतर लिए हुए है। उसकी जिंदगी में क्या-क्या बीत चुका है-पत्नी का छोड़कर जाना, बेटे के साथ उलझा रिश्ता, करियर में उतार-चढ़ाव, पैसों और फिल्मों को लेकर असफलताएं—ये सब धीरे-धीरे सामने आता है। दर्शक भी कन्फ्यूज रहता है कि यह इंसान आखिर है क्या—नेगेटिव है, पॉजिटिव है, पागल है, होश में है, या किसी को मैनिपुलेट कर रहा है? जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, आपको समझ आता है कि यह किरदार किस दिशा में जा रहा है और उसकी मानसिक स्थिति क्या है। क्या आपको लगता है कि आज ऐसी फिल्में मेनस्ट्रीम में कम बन रही हैं? आज मेनस्ट्रीम का मतलब ही बदल गया है। लोग उसे मेनस्ट्रीम कहते हैं जो ज्यादा पैसा कमाती है लेकिन यह जरूरी नहीं कि वही सिनेमा का असली पैमाना हो। ‘माया सभा’ में कोई पारंपरिक फॉर्मूला नहीं है—न हीरो-विलेन, न गाने-डांस। यह एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, एक रात की कहानी है, चार किरदार हैं और एक थिएटर है। इसके बावजूद आप एक सेकंड के लिए भी बोर नहीं होते। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी राइटिंग है। यही इस फिल्म का असली हीरो है। क्या यह रोल आपको एक अभिनेता के तौर पर आपको कंफर्ट जोन से बाहर ले गया? नहीं देखिए, अगर एक अभिनेता हमेशा अपने कंफर्ट जोन में ही काम करता रहे, तो वह बेहतर कैसे बनेगा? जब तक चुनौती नहीं होगी, तब तक परफॉर्मेंस भी आगे नहीं बढ़ सकती। अगर मैं वही करता रहूं, जो मैं सालों से करता आ रहा हूं, तो इसमें नया क्या रह जाएगा? एक अभिनेता के तौर पर ज़रूरी है कि आप ऐसे रोल्स चुनें जो आपको चैलेंज करें, जहां आप यह सोचें कि मैं इस किरदार को कैसे निभाऊं, उसे कैसे गढ़ूं और उसमें खुद को पूरी तरह शामिल कर सकूं। जब दर्शक यह कहें कि “ये हमने जावेद जाफरी को पहले कभी ऐसे करते नहीं देखा,” तो वही मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। मैं ऊपर वाले का शुक्रगुजार हूं कि मुझे अलग-अलग तरह के किरदार निभाने के मौके मिले। माया सभा का यह किरदार उसी तरह का था, जो मुझे मेरे कंफर्ट जोन से बाहर लेकर गया। चाहे फिल्म सलाम नमस्ते हो, ‘धमाल’ सीरीज हो, ‘ओह डार्लिंग! ये है इंडिया!’ जैसी फिल्म हो या ‘बूगी वूगी’ डांस शो हो। या फिर ‘ताकेशी कैसल' में सिर्फ आवाज़ के ज़रिए लोगों से जुड़ना, इन सभी अनुभवों ने मुझे एक कलाकार के तौर पर लगातार कुछ नया करने का मौका दिया। मेरे लिए यह ‘छाप छोड़ने’ से ज़्यादा अपनी कला का प्रदर्शन है कि एक अभिनेता के तौर पर मैं किसी किरदार को अपनी नजर से कैसे पेश कर सकता हूं। डायरेक्टर और राइटर की अपनी सोच होती है, लेकिन एक अभिनेता के रूप में मैं उस किरदार में क्या जोड़ सकता हूं, यही मेरे लिए सबसे अहम है। पिछले 40 सालों में अगर मुझे इतना कुछ करने का अवसर मिला है, तो इसके लिए मैं सच में ऊपर वाले का शुक्रगुजार हूं। डारेक्टर राही अनिल बर्वे के साथ क्या क्रिएटिव डिस्कशन होता रहा सेट पर? यह करीब 22 दिनों की बेहद इंटेंस शूटिंग थी। कई बार 18-19 घंटे, यहां तक कि 22 घंटे तक काम किया। सिनेमा हॉल के अंदर धुआं, धूल, केरोसीन—हालात मुश्किल थे, एलर्जी भी हुई, लेकिन अंत में जो सटिस्फैक्शन मिलता है, वही सब कुछ भुला देता है। दर्शक को इससे फर्क नहीं पड़ता कि आपने कितने टेक लिए या बजट कितना था। उन्हें सिर्फ एंड रिजल्ट दिखता है और अगर रिजल्ट अच्छा हो, तो एक कलाकार के तौर पर वही सबसे बड़ी खुशी है।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 5:00 am

सिक्योरिटी गार्ड ने शाहरुख का चश्मा उतरवाया:स्माइल करते नजर आए एक्टर, मुंबई एयरपोर्ट से चेकिंग का वीडियो वायरल

शाहरुख खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान एक्टर से चश्मा उतरवाया जाता है। इस दौरान एक्टर ने नियमों का पालन किया और मुस्कुराते हुए नजर आए। वहीं, अब इस वीडियो पर यूजर्स जमकर रिएक्शन भी दे रहे हैं। दरअसल, शाहरुख खान को आज सुबह मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया, जहां से वह दुबई के लिए रवाना हुए। शाहरुख खान दुबई मॉल ग्लोबल फैशन अवार्ड्स में शिरकत करेंगे, जहां उन्हें ग्लोबल स्टाइल आइकन अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। पैपराजी ताहिर जासूस द्वारा शेयर किए गए वीडियो में शाहरुख खान एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेकिंग करते नजर आए। इस दौरान एक्टर सिंपल लेकिन स्टाइलिश लुक में दिखाई दिए। उन्होंने सफेद शर्ट के ऊपर नीली हुडी पहनी हुई थी और साथ में डेनिम कार्गो पैंट कैरी किया था। सामने आए वीडियो में एंट्री गेट पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने पहले शाहरुख का पासपोर्ट चेक किया और फिर उन्हें चश्मा उतारने को कहा। शाहरुख खान ने पूरी तरह से सुरक्षा नियमों का पालन किया और बिना किसी हिचक के गाइडलाइंस फॉलो कीं। शाहरुख खान की यह सिक्योरिटी चेकिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यूजर्स जहां एक तरफ शाहरुख की सादगी और नियमों के प्रति सम्मान की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सिक्योरिटी गार्ड की भी सराहना हो रही है, जिसने स्टारडम से प्रभावित हुए बिना अपना फर्ज निभाया। बता दें कि 29 और 30 जनवरी को आयोजित होने वाले दुबई मॉल ग्लोबल फैशन अवार्ड्स में फैशन, संस्कृति और ग्लोबल आइकन का जश्न मनाया जाएगा। इस इवेंट में दुनिया भर की नामी हस्तियां शामिल होंगी। कार्यक्रम में मशहूर कॉउचर डिजाइनर रीम एकरा, लग्जरी फैशन के दिग्गज ब्रुनेलो कुसिनेली और अरमानी ग्रुप के सीनियर एग्जीक्यूटिव की मौजूदगी रहेगी। साथ ही सेरेमनी में अरमानी ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ जियोर्जियो अरमानी को विशेष श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिसे ग्यूसेप्पे मार्सोची रिप्रेजेंट करेंगे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 4:09 pm

रणवीर के बाहर होने के बाद ‘डॉन 3’ होल्ड पर:फरहान अख्तर ने अगली फिल्म पर बढ़ाया फोकस, कटरीना-प्रियंका और आलिया से बातचीत जारी

फिल्ममेकर फरहान अख्तर ने रणवीर सिंह को ‘डॉन 3’ से बाहर कर दिया है। इसके बाद फिल्म को अस्थायी रूप से होल्ड पर रख दिया गया और अब नए एक्टर की तलाश जारी है। इसी बीच फरहान अपनी दूसरी फिल्म जी ले जरा पर ध्यान दे रहे हैं। इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा, कटरीना कैफ और आलिया भट्ट नजर आएंगी। पिंकविला की रिपोर्ट के अनुसार, फरहान अख्तर के लिए ‘डॉन 3’ की कास्टिंग बेहद अहम है। वह पूरी तरह सुनिश्चित होना चाहते हैं कि इस भूमिका के लिए सही एक्टर ही चुना जाए, इसी वजह से यह प्रक्रिया लंबी चल रही है। इसी कारण फरहान फिलहाल ‘जी ले जरा’ पर फोकस कर रहे हैं। यह फिल्म उनके लिए हमेशा से खास रही है। बताया जा रहा है कि वह कटरीना कैफ, आलिया भट्ट और प्रियंका चोपड़ा जोनास से फिर से संपर्क कर रहे हैं, ताकि प्रोजेक्ट को अंतिम रूप दिया जा सके। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि फिल्म की स्क्रिप्ट पूरी हो चुकी है और उसे लॉक भी कर दिया गया है, लेकिन तीनों एक्ट्रेसेस की शूटिंग डेट्स का मेल न बैठ पाने की वजह से देरी हो रही है। जैसे ही तीनों की डेट्स फाइनल होती हैं, फिल्म की शूटिंग शुरू की जा सकती है। हालांकि, फरहान अख्तर इस चुनौती का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं और तीनों एक्ट्रेसेस के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं, ताकि शूटिंग के लिए कोई शेयर समय तय किया जा सके। बता दें, पहले खबरें थीं कि रणवीर सिंह डॉन-3 से अलग हो गए हैं। एक्टर ने ये फैसला धुरंधर की सफलता की वजह से लिया था। लेकिन फिर नई जानकारी आई थी कि रणवीर ने ये फिल्म नहीं छोड़ी बल्कि उनके अनुचित मांगों और क्रिएटिव डिफरेंस की वजह से उन्हें फिल्म से निकाला गया है। इंडिया टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर की फिल्म छोड़ने की खबर पूरी तरह अफवाह है। मेकर्स और रणवीर के बीच क्रिएटिव मतभेद थे। इसका नतीजा ये हुआ कि मेकर्स ने एक्टर को फिल्म से बाहर निकाल दिया। मेकर्स रणवीर की मांगों से सहमत नहीं थे। सोर्स ने ये भी दावा किया था कि रणवीर की पिछले तीन फिल्में लगातार फ्लॉप रहीं लेकिन उसके बाद भी फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने उन्हें मौका दिया। फिल्में फ्लॉप होने की वजह से संजय लीला भंसाली ने बैजू बावरा कैंसिल कर दी थी लेकिन फरहान-रितेश उनके साथ खड़े रहे थे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 3:49 pm

समीर वानखेड़े को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका:आर्यन खान की सीरीज के खिलाफ याचिका खारिज; शाहरुख खान से मांगा था 2 करोड़ का मुआवजा

आर्यन खान ड्रग केस के जांच अधिकारी रहे समीर वानखेड़े को गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा। अदालत ने आर्यन खान की वेब सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड के खिलाफ दायर उनकी याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई करने का उसके पास अधिकार नहीं है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि समीर वानखेड़े चाहें तो उचित अदालत में दोबारा याचिका दायर कर सकते हैं। अंतरिम याचिका पर फैसला सुनाते हुए अदालत ने दो अहम सवालों पर विचार किया। पहला- क्या यह मुकदमा दिल्ली में सुनवाई योग्य है? दूसरा- क्या सीरीज में समीर वानखेड़े का चित्रण प्रथम दृष्टया उनके लिए कानूनी रूप से नुकसानदेह है? समीर वानखेड़े की वकील जे. साई दीपक ने दलील दी थी कि यह मामला दिल्ली में सुनवाई योग्य है। उन्होंने कहा कि वानखेड़े से जुड़े विभागीय मामले दिल्ली में लंबित हैं और उनके खिलाफ खबरें प्रकाशित करने वाले मीडिया संस्थान, जैसे हिंदुस्तान टाइम्स और इंडियन एक्सप्रेस भी दिल्ली में स्थित हैं। दीपक ने यह भी कहा कि इस मामले में पहले से ही दोनों पक्षों के बीच विवाद रहा है। उनके अनुसार, जिस व्यक्ति को पहले गिरफ्तार किया गया था, वही इस सीरीज का निर्देशक है और सीरीज के एक सीन में सीधे तौर पर समीर वानखेड़े को निशाना बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि सीरीज निर्माताओं की नाराजगी और बदले की भावना का सीधा संबंध उस कथित मानहानि से है, जिसका सामना वानखेड़े को इस कंटेंट की वजह से करना पड़ा। 2 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग समीर वानखेड़े ने इस मुकदमे में 2 करोड़ रुपए का मुआवजा भी मांगा था। उनका कहना था कि वह इस राशि को टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल में कैंसर मरीजों के इलाज के लिए दान करना चाहते हैं। किस सीन पर हुआ विवाद? दरअसल, सीरीज बॉलीवुड बैकड्रॉप पर बनी है। इसके पहले एपिसोड में दिखाया गया है बॉलीवुड सेलेब्स एक सक्सेस पार्टी का हिस्सा बने हैं, जिसके बाहर एक अधिकारी को ड्रग का सेवन कर रहे लड़के को गिरफ्तार करते दिखाया गया है। इस किरदार को समीर वानखेड़े से काफी मिलता-जुलता दिखाया गया है। सीरीज जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर भी उस किरदार की तुलना समीर वानखेड़े से हुई थी। आर्यन खान के ड्रग केस में जांच अधिकारी थे समीर वानखेड़े 2 अक्टूबर 2021 में नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने गोवा जा रहे कोर्डिएला क्रूज से आर्यन खान और उनके दोस्तों को ड्रग लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। तत्कालीन जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की टीम, पैसेंजर बनकर शिप पर चढ़ी। रात 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चली छापेमारी में कोकीन और चरस सहित दूसरे ड्रग्स बड़ी मात्रा में जब्त किए गए। आर्यन खान को इस मामले में कई हफ्तों तक आर्थर रोड जेल में रखा गया था। जमानत के कागजात में देरी के कारण आर्यन 30 अक्टूबर को आर्थर रोड जेल से रिहा हुए। फिर 27 मई, 2022 को आर्यन खान और 5 अन्य को पर्याप्त सबूत के अभाव में क्लीन चिट दे दी गई। इस रेड के चलते समीर वानखेड़े भी जांच के दायरे में आ गए थे। उस समय उनकी और शाहरुख खान के बीच हुई चैट भी पेश की गई थी। चैट में शाहरुख, समीर वानखेड़े से मदद मांग रहे थे। विवादों में रही सीरीज बैड्स ऑफ बॉलीवुड इस सीरीज में कई बॉलीवुड एक्टर्स ने कैमियो किया है। सीरीज के 7वें एपिसोड में रणबीर कपूर को ई-सिगरेट पीते दिखाया गया है। जिसके बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। IANS के अनुसार, यह शिकायत विनय जोशी नामक व्यक्ति ने दर्ज कराई। उनका कहना है कि शो के सातवें एपिसोड में रणबीर कपूर ई-सिगरेट का इस्तेमाल करते दिखे, लेकिन इस दौरान किसी तरह की हेल्थ वॉर्निंग या डिस्क्लेमर नहीं दिया गया। शिकायत के बाद NHRC ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को नोटिस भेजा है। आयोग ने कहा कि मंत्रालय इस तरह के कंटेंट को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए। आयोग ने यह भी कहा कि इस तरह के सीन युवा दर्शकों पर गलत असर डाल सकते हैं।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 12:47 pm

अरिजीत सिंह ने दबाव में गाया ‘बॉर्डर 2’ का गाना?:सोशल मीडिया के दावे पर भड़के फिल्म के को-प्रोड्यूसर भूषण कुमार, कहा- ये सब बकवास

अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने के फैसले के बाद हर कोई इसके पीछे की वजह जानना चाहता है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसी बीच यह दावा भी किया जा रहा है कि फिल्म बॉर्डर 2 के आइकॉनिक गाने ‘संदेसे आते हैं’ के लिए अरिजीत सिंह पर दबाव बनाया गया था। अब इस पूरे मामले पर फिल्म के को-प्रोड्यूसर भूषण कुमार ने रिएक्शन दिया है। पहले जानिए पूरा मामला क्या है? दरअसल, मंगलवार को रेडिट पर एक पोस्ट वायरल हुई थी, जिसमें दावा किया गया कि मुंबई के म्यूजिक सर्कल्स में कहा जा रहा है कि अरिजीत सिंह का प्लेबैक सिंगिंग से सन्यास लेना कोई अचानक फैसला नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे बन रहा था। सूत्रों का कहना है कि अरिजीत बड़े म्यूजिक लेबल्स के काम करने के तरीके से काफी निराश थे, खासकर एक ताकतवर लेबल मालिक से, जो रचनात्मक फैसलों में ज्यादा दखल और बिजनेस दबाव डालते हैं। बताया जा रहा है कि अरिजीत सिंह उस समय परेशान थे क्योंकि उनके ऊपर एक देशभक्ति गाने का रीमेक गाने का दबाव बनाया गया। वे इस रीमेक से खुश या रचनात्मक रूप से सहमत नहीं थे, लेकिन फिर भी उन्हें वह गाना गाने के लिए कहा गया। उनके करीबी लोग बताते हैं कि इसी वजह से उनका फैसला आसान हो गया। हालांकि, चर्चा यह है कि अरिजीत संगीत या सिनेमा छोड़ नहीं रहे हैं। वह सिर्फ इस सिस्टम से अलग हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि वह अपनी प्रोडक्शन कंपनी शुरू करेंगे, ताकि अपनी शांत और सादगी भरी कहानी कहने की शैली वाली फिल्में बना सकें। साथ ही, वह Oriyon Music पर भी पूरा ध्यान देंगे और इसे एक ऐसा म्यूजिक लेबल बनाएंगे, जहां कलाकारों को पूरी आजादी मिले और बिना जबरदस्ती के रीमेक या फैक्टरी-स्टाइल हिट्स, सिर्फ अपनी शर्तों पर बनाई गई संगीत। हालांकि, इस पोस्ट में फिल्म का नाम नहीं लिखा गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह फिल्म बॉर्डर 2 से जुड़ा मामला है। को-प्रोड्यूसर भूषण कुमार का रिएक्शन हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान फिल्म के को-प्रोड्यूसर भूषण कुमार से जब इस मामले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा कि आप अरिजीत को फोन करके खुद पूछ लीजिए, यह सब पूरी तरह बकवास है।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 10:50 am

रणवीर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज:चावुंडी दैव परंपरा और हिंदू भावनाओं के अपमान का आरोप; कांतारा की देवी को भूत कहकर मजाक उड़ाया था

बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में बुधवार को बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह के खिलाफ हिंदू धार्मिक भावनाओं और कर्नाटक की चावुंडी दैव परंपरा का अपमान करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला 28 नवंबर 2025 को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) से जुड़ा है। रणवीर सिंह के खिलाफ यह एफआईआर बेंगलुरु के वकील प्रशांत मेथल ने दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रणवीर सिंह ने मंच पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और ऐसा अभिनय किया, जिससे दैवा परंपरा के पवित्र तत्वों का मजाक उड़ाया गया। शिकायत में कहा गया है कि रणवीर ने पंजुरली और गुलिगा दैवा से जुड़े भाव-हावभाव की नकल की और उन्हें भद्दे, हास्यास्पद और अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत किया। इसके अलावा अभिनेता पर चावुंडी दैव को ‘महिला भूत’ कहने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, चावुंडी दैवा कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में पूजनीय रक्षक देवी मानी जाती हैं और वे दिव्य स्त्री शक्ति का प्रतीक हैं। उन्हें ‘भूत’ कहना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया है। अब यह मामला बेंगलुरु की प्रथम अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (CMM) अदालत को भेज दिया गया है और 8 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई की जाएगी। बता दें, वकील प्रशांत मेथल ने 27 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु में अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष एक निजी शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद 23 जनवरी 2026 को अदालत ने बीएनएस की धारा 175, उपधारा 3 के तहत हाई ग्राउंड्स पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था। जानिए क्या है पूरा मामला? रणवीर सिंह 28 नवंबर 2025 को गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया का हिस्सा बने थे। इस दौरान मंच पर उन्होंने फिल्म कांतारा में दिखाई गईं चावुंडी (चामुंडा) देवी का मजाक बनाया था। रणवीर सिंह ने फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर ऋषभ शेट्टी से कहा, 'ऋषभ मैंने इसे (कांतारा) थिएटर में देखा था। वो एक आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस थी, खासकर जब फीमेल घोस्ट (भूत) आपके शरीर में आती है। वो परफॉर्मेंस, वो एक शॉट आउटस्टैंडिंग था।' आगे रणवीर सिंह ने कहा, 'क्या आपने कांतारा देखी है। जब वो शॉट आता है'। आगे रणवीर सिंह ने खुद उस कैरेक्टर की मिमिक्री करते हुए मजाक उड़ाया। आगे रणवीर ने कहा, 'क्या यहां कोई है, जो मुझे कांतारा 3 में देखना चाहता है, वो इस आदमी से कहे।' फिल्म फेस्टिवल से रणवीर सिंह का एक और वीडियो सामने आया था, जिसमें वो मंच से उतरने के बाद भी ऋषभ शेट्टी के सामने चावुंडी देवी की मिमिक्री करते दिखाई दिए, हालांकि ऋषभ शेट्टी लगातार इशारा कर उन्हें रोकते नजर आए थे। वहीं, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एक्टर की जमकर आलोचना भी हुई थी। पणजी में भी दर्ज हुई शिकायत, माफी मांगी थी बैंगलोर में दर्ज हुई इस शिकायत से पहले भी रणवीर सिंह के खिलाफ पणजी में शिकायत दर्ज हो चुकी है। 2 दिसंबर को हिंदू जनजागृति समिति ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में रणवीर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने कानूनी कार्यवाही के साथ माफी की भी मांग की थी, जिसके बाद एक्टर ने सार्वजनिक तौर पर माफीनामा जारी किया था। रणवीर सिंह ने माफीनामा जारी कर आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है- मेरा इरादा फिल्म (कांतारा) में ऋषभ की शानदार परफॉर्मेंस को उजागर करने का था। एक अभिनेता होने के नाते, मैं जानता हूं कि उस खास सीन को जिस तरह से उन्होंने निभाया, उसके लिए कितनी मेहनत लगती है और इसके लिए मैं उनका अत्यधिक सम्मान करता हू। मैंने हमेशा हमारे देश की हर संस्कृति, परंपरा और आस्था का गहरा सम्मान किया है। अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दिल से माफी चाहता हूं।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 9:02 am

अमिताभ से पहली मुलाकात में स्टार-स्ट्रक हुए राघव:‘तस्करी’ के डायरेक्टर बोले- हर स्टार का अलग औरा, इमरान ने फर्स्ट टेक में ही दिखाया मैजिक

नीरज पांडे की ‘तस्करी' नेटफ्लिक्स ग्लोबल टॉप 10 नॉन इंग्लिश टीवी लिस्ट में नंबर 1 स्पॉट पर पहुंचने वाली पहली भारतीय सीरीज बन चुकी है। यह सिर्फ शो के लिए बल्कि बड़े पैमाने पर भारतीय कहानी कहने के लिए भी एक अहम पल है। इस शो को नीरज पांडे के साथ राघव एम.जयराथ और बी.ए फिदा ने डायरेक्ट किया है। इस सीरीज में इमरान हाशमी के साथ जोया अफरोज, अमृता खानविलकर, शरद केलकर, नंदीश सिंह संधू और अनुराग सिन्हा लीड रोल में हैं। यह सीरीज एयरपोर्ट कस्टम और स्मगलिंग की हाईटेक दुनिया की कहानी है। हाल ही में इस सीरीज को लेकर राघव एम. जयराथ ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: हर तरफ ‘तस्करी’ की चर्चा हो रही है। दर्शकों की जिस तरह से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, वो सब आप देख रहे हैं। कैसा लग रहा है? जवाब: बहुत अच्छा लग रहा है। मैं हमेशा कहता हूं कि ये हमारा बाय-प्रोडक्ट है, जब हम कोई अच्छी चीज बना लेते हैं। अभी तो मैं, मेरी फैमिली, हमारी पूरी टीम, आर्टिस्ट्स और सब टैलेंट्स जो इसमें लगे थे। सब टॉप ऑफ द वर्ल्ड महसूस कर रहे हैं। सवाल: इमरान हाशमी ने एक वीडियो डाला है, जिसमें वो दर्शकों, फैंस और आपको सबको धन्यवाद दे रहे हैं। कह रहे हैं कि इस सीरीज को इतना प्यार मिला। इसके बारे में आप क्या कहना चाहेंगे? जवाब: मुझे लगता है इमरान ने बिल्कुल सही कहा। हमें जितना प्यार मिल रहा है, वो टीम की मेहनत का नतीजा है। कहानी पर इतनी रिसर्च की गई। कस्टम वाले लोगों की भी मेहनत कम नहीं, वो रोज फाइट करते हैं, सिस्टम के गैप्स भरते हैं। क्रिमिनल्स नई तकनीक बनाते रहते हैं, वो उन्हें रोकते हैं। हम उनसे ही इंस्पायर्ड हुए। नीरज पांडे सर के साथ को-डायरेक्ट करने का मौका मिला। हम सब खुश हैं, बहुत प्यार मिला। इसे कस्टम डिपार्टमेंट को भी डेडिकेट करना चाहूंगा। सवाल: इस कहानी का आइडिया कहां से आया? जवाब: नीरज सर बेहतर बता पाएंगे। लेकिन एयरपोर्ट पर शूटिंग के दौरान कस्टम वालों को देखते रहते हैं। बैगेज चेक करते समय सवाल पूछते हैं, वो क्यूरियस लगता है। कस्टम्स लोगों से मिले तो उनकी स्टोरीज पता चलीं। यूनिफॉर्म वालों को हमेशा रिस्पेक्ट मिलता है। मेरे पिता आर्मी में थे, चंडीगढ़ कनेक्शन है। हर जगह घूमे, लोकल कल्चर फील किया। कस्टम को दिखाने का आइडिया वहीं से आया, उन्हें सलाम। सवाल: कस्टम की ड्यूटी हीरो जैसी लगती है, लेकिन आम लोगों को इसकी असलियत नहीं पता। आपने इसे रियल रखा, न गोलियां-बम, न हीरो वाली फील। रियलिटी और सिनेमाई बैलेंस कैसे किया कि एंगेजिंग बनी? जवाब: स्क्रिप्ट में नीरज सर ने रियल रखा। रिसर्च में तय किया कि कोई गाड़ी उड़ाना, बम या गोलियां नहीं होगी। कस्टम वाले दिमाग से खेलते हैं। एयरपोर्ट पर बैग चेक से पहले पता चल जाता है। आपकी बॉडी लैंग्वेज, चाल से बता देते हैं कि एक्स्ट्रा फोन, आईपैड या बॉटल है या नहीं। ट्रैफिक पुलिस जैसा। सवाल:आप नीरज पांडे के साथ असिस्टेंट के तौर पर सालों काम कर चुके हैं। डिस्कवरी की 'सीक्रेट्स' के बाद ये इंडिपेंडेंट था। पहली बार कब पता चला कि ‘तस्करी’ पर आप लीड करोगे? जवाब: 'सीक्रेट्स ऑफ बुद्ध' डॉक्यूमेंट्री के दौरान रिसर्च चल रही थी। नीरज सर की तस्करी वाली स्क्रिप्ट लिखाई चल रही थी, मुझे इंटरेस्ट हो गया। एक दिन सर ने स्क्रिप्ट दी और बोले कि पढ़कर नोट्स बनाओ। 10 दिन बाद लौटे, विपुल जी के साथ फाइनल ड्राफ्ट देखा। 5-6वें एपिसोड की रीडिंग पर अचानक सर ने पूछा, करना चाहोगे? मैं हैरान रह गया। वो ड्रीम पूरी हो गई। नीरज सर ने मौका दिया, यहीं से तस्करी की जर्नी शुरू हुई। सवाल: स्क्रिप्ट की रीडिंग के समय कास्टिंग फाइनल हो रही थी या बाद में? जवाब: नीरज सर पहले कहानी लिखते हैं, फिर किरदार पेपर पर बनाते हैं। जिसमें पर्सनालिटी, बाउंड्रीज, डायलॉग्स तय होता है। 7वें एपिसोड के बाद डिस्कशन शुरू हुआ। ट्रिकी रोल था, किसी ने नाम नहीं सुझाया। नीरज सर ने इमरान हाशमी का नाम लिया। सभी इमरान हाशमी के नाम पर सहमत हो गए। सवाल: इमरान का नाम सुनकर आपकी क्या फीलिंग हुई? जवाब: बहुत अच्छी लगी, क्योंकि इमरान सर फैंटास्टिक एक्टर हैं। उन्होंने ‘शंघाई’ और ‘हक’ जैसी फिल्मों में डायवर्स रोल्स निभाए। एक्सपेरिमेंट करते हैं। अर्जुन मीणा के किरदार के लिए परफेक्ट लगे। एक सेकंड में फिट हो गए। रिजल्ट सामने है, ऑडियंस को उनका रोल और कहानी पसंद आ रही है। सवाल: पहले दिन का शूट कैसा रहा? और आप एक्टर्स को उनके कैरेक्टर नेम से पुकारते हैं, जैसे इमरान को अर्जुन। इसके पीछे क्या वजह है? जवाब: कोई प्लान्ड वजह नहीं। शूटिंग के दौरान उसी वर्ल्ड में ही रहना चाहता हूं। इमरान सर को अर्जुन, अमृता को मिताली बोलता था। सभी एक्टर्स को उनके कैरेक्टर के नाम से ही बुलाता था। एक दिन अमृता ने कहा कि मेरा नाम भी तो अमृता है। मैंने कहा कि शूट खत्म होने तक तुम वही किरदार हो। सवाल: इमरान हाशमी के साथ पहले दिन शूट कैसा रहा? जवाब: बहुत अच्छा एक्सपीरियंस रहा। नीरज सर गाइड करने आए। आउटडोर शूट, सब किरदार-टीम एक साथ। इमरान जी बहुत ही प्रोफेशनल और डेडिकेटेड एक्टर हैं। इतनी तैयारी के साथ आते हैं कि फर्स्ट टेक में मैजिक दिखा देते हैं। पहले 2-3 दिन सेटल होने में लगते हैं। हमारा क्रू पुराना था, लेकिन डायरेक्टर बनकर कमांड देना मेरे लिए नया था। पहला दिन थकान भरा रहा, लेकिन आखिरी दिन अब लोग अभूत ही इमोशनल हो गए थे। सवाल: इमरान से पहली मुलाकात कब हुई? जवाब: पहली मुलाकात तो ऑफिस में ही हुई थी। जब वो स्क्रिप्ट की नरेशन सुनने आए थे। सीधे नीरज सर के केबिन में गए। हमें लगा कि 2-3 घंटे के बाद केबिन से निकलेंगे, लेकिन नीरज सर ने ऐसा ब्रिलियंट नरेशन दिया कि 3-4 मिनट में ही बाहर आ गए। फिर कुछ दिनों तक ऑफिस में रीडिंग्स कीं, किरदार समझा। एक बार फ्लश आउट हुआ, फिर सीधा शूट पर मिले। सवाल: इमरान के साथ आपने इतना समय बिताया, सबसे अच्छी बातें क्या लगीं? जवाब: ब्रिलियंट इंसान हैं। सबकी मेहनत समझते हैं, सबको बराबर ट्रीट करते। बहुत ही डेडिकेटेड एक्टर हैं। डायलॉग सोच-समझकर ऐसा बोलते हैं कि फर्स्ट टेक में जादू नजर आता है। कैमरे में उनकी आंखों से इमोशन दिखता है। सेट छोड़कर कभी नहीं जाते थे। सवाल: एयरपोर्ट जैसे लाइव लोकेशन पर शूटिंग करना कितना मुश्किल रहा? जवाब: बहुत मुश्किल था। इमरान को देखने के लिए क्राउड जमा हो जाती थी। क्राउड की वजह से 2 घंटे में कई सीन शूट करने पड़े। एयरपोर्ट पर एंट्री के लिए 3-4 घंटे पहले पहुंचना पड़ता था। कैमरा, जूनियर आर्टिस्ट सब स्कैन होते हैं। कॉस्ट्यूम ले जाना हो तो कैंची तक नहीं मिलती। मेकअप सामान सीमित, हल्का ट्रिम भी मुश्किल होता था। एक बार अंदर चले गए तो पैकअप होने के बाद ही वापस आ सकते थे। सवाल: सुबह का समय एयरपोर्ट पर बहुत भीड़ भाड़ वाला होता है? जवाब: हां, यात्री फ्लाइट पकड़ने जाते, लेकिन इमरान सर को देखने के लिए फ्लाइट मिस कर देते थे। क्राउड इधर उधर भागता था। हम कहते थे कि इमरान सर उधर गए, फिर छुपाकर सीन शूट करते थे। कभी पीछे कोई दिख जाता था तो रीटेक करना पड़ता था। सवाल: सीरीज की सबसे खूबसूरत चीज क्या लगी, और सबसे इमोशनल पल कौन सा था? जवाब: लास्ट डे शूट सबसे इमोशनल था, क्योंकि टीम से बिछड़ना पड़ता है। फिर एडिटिंग, म्यूजिक, ग्राफिक्स का काम शुरू। Netflix ने पूरा साथ दिया, डेडलाइन रखी। आर्मी से डिसिप्लिन मिला, लेकिन नीरज सर का लेवल अलग ही रहा। रेकी में सबसे आगे रहते थे। सेट पर दिनभर खड़े रहते थे। सवाल: नीरज पांडे के साथ कई प्रोजेक्ट में आप काम कर चुके हैं। उससे पहले टीवी शोज (KBC, बिग बॉस, सच का सामना) में फ्लोर डायरेक्टर के तौर पर एक्सपीरियंस और लर्निंग क्या रही? जवाब: बहुत अलग लर्निंग रही। 2007 में इंडस्ट्री में आया। 'ए वेडनेसडे' फिल्म देखने के बाद नीरज सर से जुड़ने का मन था। ‘स्पेशल 26’ से पहले मुझे टीवी में मौका मिला। संदीप कौल, आनंद सर, सिद्धार्थ बासू, हुजैफा भाई, अरुण जी ने गाइड किया। नॉन-फिक्शन में रियलिज्म हाई था। सवाल: टीवी में लाइव शोज पर रिटेक नहीं ले सकते, एक्सपीरियंस कैसा रहा? क्या सीखा? जवाब: लाइव में परफेक्शन जरूरी होती है, रीटेक की हिम्मत नहीं होती है। जब नीरज सर के साथ फिल्म ‘बेबी’ में काम कर रहा था तब अक्षय सर से सीखा रीटेक कितना आसान होता है। रीटेक का मतलब अलग-अलग एंगल से शॉटलेना भी होता है। India's Got Talent पर रॉ टैलेंट देखा। छोटे शहरों से आए बच्चे, मोटिवेट होते हैं। टीआरपी से ऊपर क्रू का पैशन देखा। नीरज सर, शीतल भाटिया सर ने प्यार, डांट और क्रिएटिव फ्रीडम दी। डॉक्यू से फिक्शन तक को-डायरेक्ट का चांस दिया। सवाल: शुरुआत में जब आप नॉन-फिक्शन शोज कर रहे थे। जब अमिताभ बच्चन जैसे बड़े-बड़े स्टार्स से मिलना हुआ तो क्या कभी स्टार-स्ट्रक महसूस हुआ था? जवाब: जी हां, बिल्कुल। इतने बड़े कलाकारों का एक अलग ही औरा होता है। उनके सामने आते ही आदमी थोड़ा खो-सा जाता है। वो सिर्फ किरदार नहीं होते, एक पूरी मौजूदगी होती है। सवाल: अमिताभ बच्चन से पहली मुलाकात कैसी रही? जवाब: सच कहूं तो आवाज ही नहीं निकलती थी। पहली बार जब उन्होंने मुझसे कुछ कहा, तो मैं इतना नर्वस था कि समझ ही नहीं पाया उन्होंने क्या कहा। बाद में कंट्रोल रूम जाकर लोगों से पूछा कि उन्होंने कहा क्या था। सब लोग मेरे ऊपर हंसने लगे थे, लेकिन धीरे-धीरे आदत पड़ी, लेकिन पहली मुलाकात में तो इंसान बिल्कुल थम हो जाता है। सवाल: और बाकी स्टार्स के साथ भी ऐसा हुआ? जवाब: हां, जैसे माधुरी दीक्षित का मैं बहुत बड़ा फैन हूं। एक डांस शो में मुझे उन्हें स्क्रिप्ट समझाने वैनिटी में जाना था। उन्होंने स्माइल किया और मैं 10–15 सेकंड तक बस उन्हें देखता रह गया। फिर उन्होंने खुद मुझे बैठाया, तब जाकर मैं नॉर्मल हुआ। शाहरुख खान सर भी कई बार KBC के सेट पर आए। इतने बड़े कलाकारों के साथ काम करते हुए स्टार-स्ट्रक से ज्यादा उनके औरा से इंसान सम्मोहित हो जाता है। सवाल: नीरज पांडे के साथ काम करते हुए कोई यादगार अनुभव? जवाब: बहुत सारे। उन्हें शूट करते देखना अपने आप में एक सीख है। वो तब तक लिखना शुरू नहीं करते जब तक उन्हें पूरी क्लैरिटी न हो। कई बार हम स्क्रिप्ट पढ़कर सोचते हैं कि सीन ऐसे होगा, लेकिन शूट पर वो उसे पूरी तरह उलट देते हैं और वही जादू होता है। छोटी-छोटी चीजों से वो सीन का पूरा डायनेमिक बदल देते हैं और किरदार बहुत रियल लगने लगते हैं। सवाल: डायरेक्टर के तौर पर एक्टर के साथ उनका रिश्ता कैसा रहता है? जवाब: मेरे हिसाब से सारे एक्टर्स उनके साथ काम इसलिए पसंद करते हैं, क्योंकि उन्हें अपने किरदार की पूरी समझ होती है। हर सवाल का जवाब, हर चीज का रीजन उनके पास होता है। वो एक्टर्स को आजादी भी देते हैं, लेकिन उन्हें साफ पता होता है कि कैरेक्टर कैसे मूव करेगा, कैसे बिहेव करेगा। इसी क्लैरिटी से शानदार कोलैबोरेशन होता है। सवाल: अक्षय कुमार, सुशांत सिंह राजपूत जैसे एक्टर्स को उन्होंने जिस तरह पेश किया, उस पर आपका क्या कहना है? जवाब: कमाल है। सुशांत जी ने ‘एमएस धोनी’ के लिए बहुत मेहनत की थी। नीरज सर खुद स्पोर्ट्स-लवर हैं, बहुत एथलेटिक हैं। उन्हें खेलों की समझ है, इसलिए वो ऐसे किरदारों को बहुत सच्चाई से निकाल पाते हैं। चाहे अक्षय सर हों, केके मेनन सर, इमरान हाशमी, सारे किरदार बहुत साफ और रियल लगते हैं। सवाल: ‘तस्करी’ पर सबसे अच्छा और सबसे क्रिटिकल फीडबैक क्या मिला? जवाब: सबसे खूबसूरत फीडबैक ये है कि लोग शो को बिंज-वॉच कर रहे हैं। रात 3:30 से 5 बजे के बीच सबसे ज्यादा मैसेज आते हैं। इसका मतलब लोग पूरी रात शो देख रहे हैं। क्रिटिकल फीडबैक ज्यादातर पर्सनल ओपिनियन हैं, जैसे किसी को कोई किरदार थोड़ा अलग चाहिए था। लेकिन ये भी दिखाता है कि लोग किरदारों से जुड़े हुए हैं। सवाल: एक डायलॉग को लेकर लोगों ने कहा कि गलती हो गई? जवाब: हां, एक सीन में एक कैरेक्टर डर के मारे गलत बोल देता है। लोग बोले कि डायलॉग गलत है। लेकिन वो जानबूझकर ऐसा रखा गया था, क्योंकि कैरेक्टर शॉक में था। ये बात खुद में एक कॉम्प्लिमेंट है कि लोग इतना ध्यान से देख रहे हैं। सवाल: अब जब शो को इतनी पहचान मिल रही है, आगे की प्लानिंग क्या है? जवाब: हम कहानियां बनाना चाहते हैं जो ऑडियंस को इमोशनल जर्नी पर ले जाएं।चाहे ड्रामा हो, थ्रिलर, फैंटेसी, सुपरहीरो या वॉर, जॉनर मायने नहीं रखता, कहानी मायने रखती है। बहुत सारी स्क्रिप्ट्स लिखी हुई हैं, अब उन्हें एक साथ समेट रहे हैं। जल्द ही अगला प्रोजेक्ट अनाउंस करेंगे। सवाल: क्या शूट के दौरान इमरान हाशमी को कोई नई स्क्रिप्ट सुनाई? जवाब: नहीं। शूट के दौरान हम सिर्फ उसी प्रोजेक्ट पर फोकस रखते हैं। एक काम पूरा होने के बाद ही दूसरे पर जाते हैं, वरना कन्फ्यूजन हो जाता है। हां, किस्से और रिसर्च से जुड़ी बातें खूब हुईं। इमरान जी के साथ काम करना शानदार अनुभव रहा और सही वक्त आने पर हम फिर से उन्हें नई कहानी पिच करेंगे।

दैनिक भास्कर 29 Jan 2026 5:30 am

भारती सिंह ने दूसरे बेटे का नामकरण किया:इंस्टाग्राम पर सेरेमनी की फोटो शेयर कर फैंस को दी जानकारी, बेटों संग ट्विनिंग करते दिखे हर्ष

कॉमेडियन भारती सिंह और उनके राइटर-एंकर पति हर्ष लिम्बाचिया हाल ही में दूसरी बार पेरेंट्स बने हैं। कपल ने बुधवार को अपने दूसरे बेटे के लिए नामकरण सेरेमनी का आयोजन किया। इस खास मौके की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उन्होंने अपने लाडले का नाम भी रिवील किया। भारती और हर्ष ने इंस्टाग्राम पर नामकरण सेरेमनी की तस्वीरें करते हुए कैप्शन में यशवीर लिखा। नाम के साथ उन्होंने हार्ट इमोजी लगाया है। हालांकि कपल ने बेटे का चेहरा नहीं दिखाया। सेरेमनी के लिए हर्ष अपने दोनों बेटों लक्ष्य और यशवीर के साथ लैवेंडर और वाइट कुर्ता-पजामा में ट्विनिंग करते नजर आए। वहीं भारती रेड ट्रेडिशनल पंजाबी सलवार सूट में बेहद खूबसूरत दिखीं। एक तस्वीर में बड़े बेटे लक्ष्य अपने छोटे भाई यशवीर को गोद में लिए पोज दे रहे हैं। अब इन तस्वीरों पर फैंस और इंडस्ट्री सेलेब्स जमकर प्यार लुटा रहे हैं। रुबीना दिलैक ने कमेंट किया- “अति सुंदर।” वहीं, मलाइका अरोड़ा, सुनील शेट्टी, ईशा सिंह समेत कई सेलेब्स ने हार्ट इमोजी शेयर किए। एक फैन ने लिखा, “यशवीर… टचवुड, किसी की नजर न लगे,” तो वहीं दूसरे ने लिखा- “लक्ष्य और यशवीर, कितने प्यारे नाम हैं।” बता दें कि भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया की मुलाकात एक कॉमेडी शो के सेट पर हुई थी, जहां भारती परफॉर्मर थीं और हर्ष राइटर। दोस्ती से शुरू हुआ ये रिश्ता साल 2017 में शादी तक पहुंचा। कपल ने 2022 में अपने पहले बेटे लक्ष्य का स्वागत किया था, जबकि 2025 में उनके घर दूसरे बेटे यशवीर का जन्म हुआ। वर्कफ्रंट की बात करें तो दूसरी डिलीवरी के महज तीन हफ्ते बाद ही भारती काम पर लौट आई थीं। वह इन दिनों रियलिटी कुकिंग शो ‘लाफ्टर शेफ सीजन 3’ को होस्ट कर रही हैं।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 8:04 pm

सारा के बाद ओरी ने इब्राहिम से लिया पंगा:पॉडकास्ट में एक्टर को बताया बेशरम, मां अमृता सिंह पर भी लगाए गंभीर आरोप

सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ओरी उर्फ ओरहान अवात्रामणि ने एक बार फिर सारा अली खान और उनके परिवार को लेकर बयान दिया है। हाल ही में सारा के करियर पर तंज कसने के बाद अब ओरी ने एक्ट्रेस के भाई इब्राहिम अली खान को “बेशरम” कहा है। दरअसल, ओरी एल्विश यादव के पॉडकास्ट का हिस्सा बने। यहां पर एल्विश ने ओरी से सवाल पूछा कि इंडस्ट्री में सबसे बेशरम कौन है? इस पर ओरी ने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया, इब्राहिम अली खान। और साथ ही यह भी कहा कि उन्हें पॉडकास्ट पर बुलाया जाना चाहिए। इतना ही नहीं ओरी ने पॉडकास्ट में सारा के करियर पर तंज कसने को लेकर भी सफाई दी। ओरी ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ गलत कहा। मैंने बस एक छोटा सा मजाक किया था। पूरा इंटरनेट सारा की फिल्मों का मजाक उड़ाता है। उनकी सबसे बड़ी पहचान मीम्स बन चुकी है। लोग मुझे भी बेरोजगार कहते हैं, तो ये कोई बड़ी बात नहीं है।” इससे पहले, ओरी ने हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में सारा और इब्राहिम की मां अमृता सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। इंटरव्यू में ओरी ने दावा किया कि सारा की मां अमृता सिंह की वजह से उन्हें मेंटल ट्रॉमा झेलना पड़ा। उन्होंने कहा, “मैंने सारा को काफी पहले अनफॉलो कर दिया था और इब्राहिम को तो सालों से फॉलो नहीं करता। सारा के साथ दोस्ती निभाने का मतलब उस ट्रॉमा के साथ ठीक होने का दिखावा करना है, जो उनकी मां ने मुझे दिया। मैं अब ऐसा नहीं कर सकता।” ओरी ने आगे यह भी कहा कि अगर फ्यूचर में अमृता सिंह उनसे माफी मांगती हैं, तो शायद वह इस बात को जाने देने के बारे में सोच सकते हैं। बता दें कि विवाद तब शुरू हुआ जब हाल में ओरी ने एक रील शेयर की, जिसका टाइटल 'लड़कियों के तीन सबसे बुरे नाम' था। इसमें उन्होंने बिना सरनेम लिख सारा, अमृता और पलक नाम गिनाए थे। इसके बाद सारा और उनके भाई इब्राहिम अली खान ने इंस्टाग्राम पर ओरी को अनफॉलो कर दिया। ओरी इतने पर भी नहीं रुके। 25 जनवरी को उन्होंने एक रील शेयर की, जो कंटेंट क्रिएटर अमूल्य रत्तन के वीडियो से इंस्पायर्ड थी। वीडियो में ओरी नीले रंग का टॉप पहने नजर आए, जिस पर ब्रा का प्रिंट बना हुआ था। एक यूजर ने कमेंट किया, “जेनुइन सवाल- ये ब्रा आखिर किस चीज को संभाल रही है?” इस पर ओरी ने जवाब देते हुए लिखा- “सारा अली खान की हिट फिल्में।” हालांकि, ओरी को इस कमेंट के लिए काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। सोशल मीडिया यूजर्स ने सारा पर तंज कसने के लिए ओरी को घटिया इंसान बताया था।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 6:18 pm

UGC कानून को मनोज मुंतशिर ने कहा काला कानून:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की अपील, कहा- एक को खुश करने के लिए दूसरे को थप्पड़ मत मारो

देशभर में UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन) बिल 2026 के खिलाफ देशभर में विरोध जारी है। अब मनोज मुंतशिर ने भी इसे काला कानून कहा है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसे रद्द करने की अपील की है। मनोज मुंतशिर ने ऑफिशियल X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा, अगर किसी बाग में एक पौधा छोटा रह गया, तो इसका मतलब ये तो नहीं कि प्रोटेक्शन और समानता के नाम पर दूसरे पौधों को ऊपर से काट दिया जाए। अतीत का पन्ना बंद हो चुका है, 21वीं सदी के जिस दौर में हम जी रहे हैं, वो जातियों की विदाई का समय है। आगे मनोज मुंतशिर ने कहा, मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी से 140 करोड़ भारतवासियों की तरफ से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि हम सब के लिए आप पिता समान हैं। एक बच्चे को खुद करने के लिए दूसरे को बेवजह थप्पड़ मत मारिया। आपकी ममता और स्नेह पर हम सबका बराबर अधिकार है। यूजीसी का काला कानून वापस ले लीजिए। हमारी एकता को कमजोर होने से बचा लीजिए। अगर इस देश में जातियां जीत गईं तो भारत हार जाएगा। क्या है UGC कानून, जिस पर हुआ विवाद? UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन) ने हाल ही में एक नया बिल पास किया है, जिसके अनुसार हर सरकारी और प्राइवेट विश्वविधालय और कॉलेजों में पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए एक कमेटी बनाई जाए। ये कमेटी उस वर्ग के स्टूडेंट के साथ होने वाले जातिवाद, नस्लवाद को रोकने के लिए गठित होगी, जिसमें स्टूडेंट्स शिकायत कर सकते हैं। इससे जनरल कोटा को बाहर रखा गया है, जिससे पूरे देश में आक्रोश है। कई जनरल कोटा वाले स्टूडेंट्स इस बिल के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। जनरल कोटा में डर है कि इस कमेटी का इस्तेमाल गलत तरीके से किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 3:30 pm

‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ का मोशन पोस्टर जारी:मेकर्स का दावा- पहले से ज्यादा गंभीर मुद्दा, 27 फरवरी को थिएटर में रिलीज होगी फिल्म

विपुल अमृतलाल शाह की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ का मोशन पोस्टर रिलीज कर दिया गया है। हर फ्रेम में डर, गुस्सा और सच्चाई को समेटे यह मोशन पोस्टर दर्शकों को झकझोर देने वाला नजर आ रहा है। साथ ही मेकर्स ने फिल्म के टीजर की रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया है, जो 30 जनवरी को रिलीज होगा। ‘द केरल स्टोरी’ के जरिए कड़वी और असहज करने वाली सच्चाइयों को सामने लाने वाले विपुल अमृतलाल शाह अब इसके सीक्वल के साथ और भी आगे जाने का दावा कर रहे हैं। ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ का मोशन पोस्टर इस बात की झलक देता है कि फिल्म पहले भाग से कहीं ज्यादा गंभीर, डरावनी और बेचैन करने वाली होने वाली है। मोशन पोस्टर में महिलाओं के आंसुओं, डर और गुस्से से भरे चेहरे दिखाई देते हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि यह फिल्म धोखे, नफरत और इंसानियत से जुड़ी उन सच्चाइयों को उजागर करेगी, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। पोस्टर का हर फ्रेम दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देने वाला है और फिल्म में सामने आने वाली खौफनाक हकीकत की झलक देता है। गौरतलब है कि ‘द केरल स्टोरी’ साल 2023 में बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में शामिल रही थी, जिसने लव जिहाद और कन्वर्ज़न जैसे संवेदनशील मुद्दों को बेखौफ अंदाज में उठाया था। फिल्म ने पूरे देश में चर्चा पैदा की और बाद में इसे दो श्रेणियों में नेशनल अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया। ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ को सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले बनाया गया है। फिल्म का निर्देशन नेशनल अवॉर्ड विजेता कमाख्य नारायण सिंह ने किया है। कहानी और स्क्रीनप्ले अमरनाथ झा और विपुल अमृतलाल शाह ने लिखा है। फिल्म को आशिन ए शाह ने को-प्रोड्यूस किया है। म्यूजिक मनन शाह का है, जबकि गानों के बोल मनोज मुंतशिर ने लिखे हैं। फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 2:50 pm

प्लेन क्रैश में अजीत पवार का निधन:कंगना बोलीं- ये शॉकिंग, पवन कल्याण बोले- उनका योगदान हमेशा याद रहेगा; अजय देवगन समेत कई सेलेब्स ने दी श्रद्धांजलि

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार का आज सुबह एक विमान हादसे में निधन हो गया है। उनके असमय निधन के बाद कई बॉलीवुड सेलेब्स भावुक अंदाज में उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट को संविधान सदन से निकलते हुए मीडिया के जरिए अजीत पवार के निधन की खबर मिली। इस पर उन्होंने कहा, ये बेहद शॉकिंग है। ये बहुत शॉकिंग खबर है। मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैं इमोशन अलाइन करने के बाद थोड़ी देर में स्टेटमेंट दूंगी। अजय देवगन ने लिखा है, “माननीय उपमुख्यमंत्री अजित पवार जी के दुखद निधन से मैं स्तब्ध और बेहद दुखी हूं। इस अपार क्षति से प्रभावित सभी लोगों तथा उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। ओम शांति। सीनियर एक्टर अनुपम खेर ने ऑफिशियल X अकाउंट से लिखा है, “महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार दादा के दुखद निधन से मैं बेहद स्तब्ध और शोकाकुल हूं। जब भी मैं उनसे मिला, वे बहुत ही विनम्र और दयालु थे। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। ओम शांति। साउथ एक्टर और राजनेता पवन कल्याण ने अजीत पवार के साथ की तस्वीरें शेयर कर लिखा, “महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनडीए गठबंधन के नेता, श्री अजित दादा पवार जी के आज एक भीषण विमान दुर्घटना में निधन की दुखद खबर से मैं बेहद स्तब्ध हूं। जनसेवा के प्रति उनका समर्पण और महाराष्ट्र के लोगों के कल्याण व विकास के लिए उनके अपार योगदान को हमेशा याद किया जाएगा, और जनता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को सदैव सम्मान के साथ देखा जाएगा। आगे एक्टर ने लिखा, मैं उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और इस गहरे शोक के समय उनके परिवारजनों, प्रशंसकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति अपनी हार्दिक सहानुभूति प्रकट करता हूं।” एक्टर संजय दत्त ने अजीत पवार की एक तस्वीर के साथ श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है, “माननीय उपमुख्यमंत्री अजित पवार जी के दुखद निधन से मैं स्तब्ध और बेहद दुखी हूं। इस अपार क्षति से प्रभावित सभी लोगों तथा उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। ओम शांति।” रितेश देशमुख ने अजीत पवार की तस्वीर के साथ लिखा है, “अजीत दादा को एक दुखद हादसे में खो देने की खबर सुनकर मैं बेहद स्तब्ध और गहरे दुख में हूं। महाराष्ट्र के सबसे गतिशील नेताओं में से एक, वे काम में ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते थे और अपने आसपास के लोगों को लगातार बेहतर करने के लिए प्रेरित करते रहते थे। आगे एक्टर ने लिखा, वे कभी अपने शब्दों को तोल-मोल कर नहीं बोलते थे, उनकी बुद्धिमत्ता बेमिसाल थी और उन्हें पूरे राज्य में बेहद प्यार किया जाता था। उनका असमय निधन एक अपूरणीय क्षति और ऐसी खाली जगह छोड़ गया है जिसे भरा नहीं जा सकता। मुझे उनसे कई बार मिलने का सौभाग्य मिला और उन्होंने मुझ पर जो अपनापन दिखाया, उसे मैं हमेशा याद रखूंगा। पवार परिवार, उनके प्रियजनों और उनके लाखों समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।” सिंगर राहुल वैद्य ने अजीत पवार के साथ तस्वीर शेयर कर लिखा, बहुत ज्यादा शॉकिंग है। दादा, आपकी आत्मा को शांति मिले। ओम शांति।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 1:08 pm

मेट्रो विवाद पर वरुण धवन की टीम की सफाई:कहा- कोई जुर्माना या दंड नहीं लगाया गया, हैंडल से लटकने पर मेट्रो एथॉरिटी ने दी थी चेतावनी

बॉर्डर 2 में नजर आ रहे एक्टर वरुण धवन मुंबई मेट्रो से सामने आए एक वीडियो से विवादों में घिर गए। दरअसल, वीडियो में एक्टर मेट्रो के ओवरहेड रॉड में पुश-अप करते दिखे थे, जिसके बाद मेट्रो एथॉरिटी ने वीडियो जारी कर इसे दंडनीय अपराध कहा था। अब इस विवाद पर वरुण धवन की टीम ने सफाई देते हुए कहा है कि एक्टर पर किसी तरह का जुर्माना नहीं लगाया गया है। वरुण धवन की टीम ने आधिकारिक स्टेटमेंट में कहा, हम वरुण धवन और मुंबई मेट्रो को लेकर आई हालिया खबरों पर स्पष्टीकरण देना चाहते हैं। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि वरुण पर किसी भी तरह का कोई जुर्माना या दंड नहीं लगाया गया है। अधिकारियों द्वारा किया गया पहले का पोस्ट हटा लिया गया है और इस गलतफहमी को दूर करने में उनके सहयोग के लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं। वरुण शहर के नियमों और मेट्रो विभाग की कोशिशों का पूरा सम्मान करते हैं। क्या थी मेट्रो एथॉरिटी की पोस्ट यह वीडियो आपकी एक्शन फिल्मों में दिखने वाले डिस्क्लेमर के साथ आना चाहिए था, वरुण धवन- ‘महा मुंबई मेट्रो में इसे आजमाने की कोशिश न करें।’ हम समझते हैं, दोस्तों के साथ मेट्रो में घूमना-फिरना अच्छा लगता है, लेकिन जो पकड़ने वाले हैंडल होते हैं, वे लटकने के लिए नहीं होते। मेट्रो एथॉरिटी की पोस्ट में आगे लिखा गया था, इस तरह के काम उपद्रव फैलाने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े प्रावधानों के तहत दंडनीय हैं, जैसा कि मेट्रो रेलवे (संचालन और रखरखाव) अधिनियम, 2002 में दिया गया है और अपराध की गंभीरता के आधार पर इसमें जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है। तो दोस्तों, मेट्रो में सफर करें, लेकिन वहां लटके नहीं। महा मुंबई मेट्रो में जिम्मेदारी से यात्रा करें। वरुण धवन ने खुद शेयर किया था मुंबई मेट्रो का वीडियो शनिवार को वरुण धवन ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से मुंबई मेट्रो के हैंडल में लटकते हुए वीडियो पोस्ट कर जानकारी दी थी, कि ट्रैफिक से बचने के लिए वो मुंबई मेट्रो में सफर कर रहे हैं। वो एक थिएटर में सरप्राइज देने जा रहे थे। बता दें कि उनकी फिल्म बॉर्डर 2 इन दिनों सिनेमाघरों में है और अच्छी कमाई कर रही है।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 11:50 am

अरिजीत सिंह ने छोड़ी प्लेबैक सिंगिंग:कहा- इसे खत्म कर रहा हूं, अब इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स पर करेंगे काम, कई बार विवादों में रहे

पॉपुलर सिंगर अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास ले लिया है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए इसकी आधिकारिक तौर पर घोषणा की है। सिंगर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम से लिखा है, नमस्ते, आप सभी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं। इतने सालों से श्रोताओं के रूप में मुझे जो इतना प्यार दिया है, उसके लिए आप सबका धन्यवाद। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई भी नया काम नहीं लूंगा। मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। यह एक शानदार सफर रहा। प्लेबैक सिंगिंग छोड़कर क्या करेंगे अरिजीत सिंह अचानक नहीं लिया सिंगिंग छोड़ने का फैसला अरिजीत सिंह ने कहा कि यह फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया है। उन्होंने लंबे समय से इस पर विचार किया और अब उन्हें लगता है कि यही सही समय है। वे अपने प्रशंसकों के प्यार और समर्थन के लिए हमेशा आभारी रहेंगे और भविष्य में नए अंदाज में उनसे जुड़ते रहेंगे। कई कारणों से विवादों में रहे हैं सिंगर सलमान खान से हुआ विवाद, सुल्तान फिल्म से हटाए गए साल 2014 के गिल्ड अवॉर्ड में सिंगर अरिजीत सिंह गाने तुम ही हो के लिए अवॉर्ड लेने पहुंचे। इस समय सलमान खान और रितेश देशमुख स्टेज पर मौजूद थे, जो लगातार सिंगर से मजाक कर रहे थे। मंच पर आकर अरिजीत ने कहा, 'आप लोगों ने सुला दिया।' इस पर सलमान ने कहा था, 'इसमें हमारा कोई दोष नहीं है, ऐसे गाने (तुम ही हो) बजते रहेंगे तो ऑडियंस सोएगी ही।' अरिजीत बिना जवाब दिए स्टेज से उतर गए, लेकिन उनके बाद इसी गाने 'तुम ही हो' के लिए बेस्ट लिरिक्स का अवॉर्ड लेने पहुंचे मिथून ने अरिजीत की बेइज्जती का जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'तुम ही हो गाने ने लोगों को सुलाया नहीं, जगाया है।' इस पर सलमान ने फिर मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, 'अरे आपके सिंगर सोते-सोते आए हैं।' जवाब में मिथुन ने कहा, 'अरिजीत ने बहुत सब्र से गाया है और ये सब्र म्यूजिक इंडस्ट्री की जरुरत है।' पहले तो सलमान मिथून की पैंट पर चिपका हुआ एक कागज का टुकड़ा निकालते हैं और उनका भी मजाक बनाते हैं। इस पर मिथून ने जवाब दिया, 'आप 6 घंटे बैठाकर रखते हो, इसलिए ये होता है।' उनकी बात पर सलमान हंसते-हंसते रुक जाते हैं और फिर गुस्से में चिल्लाकर कहते हैं, 'हो गया तुम्हारा अब निकलो।' इस पर मिथून ने कहा था- 'मैं नहीं डरा।' दोनों के बीच अनबन देख हर कोई सीरियस हो गया था। अरिजीत सिंह ने सलमान खान की फिल्म सुल्तान के लिए गाना गाया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही फिल्म से उनका गाना हटा दिया गया। खबर मिलने के बाद अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सलमान से माफी मांगी और विनती की कि उनका गाना फिल्म से न हटाया जाए। हालांकि माफी का कोई असर नहीं हुआ। अब हो चुकी है सलमान-अरिजीत की सुलह बिग बॉस 19 के वीकेंड का वार एपिसोड में कॉमेडियन रवि गुप्ता बतौर होस्ट पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने सलमान से कहा कि उन्हें यहां आने में डर लग रहा था क्योंकि उनकी शक्ल अरिजीत सिंह से काफी मिलती है। इस पर सलमान हंस पड़े और कहा, अरिजीत और मैं बहुत अच्छे दोस्त हैं, वो मिसअंडरस्टैंडिग थी और वो गलतफहमी मेरी साइड से हुई थी। गेरुआ सॉन्ग पर हुआ विवाद कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान अरिजीत सिंह ने फिल्म दिलवाले का गाना गेरुआ गाया था। उस समय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थी। इसके कुछ दिनों बाद अरिजीत सिंह के कुछ कॉन्सर्ट कैंसिल कर दिए गए। भाजपा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी गेरुआ रंग से डर गईं। इसके बाद अरिजीत ने विवाद पर कहा था, 'एक रंग को लेकर इतना विवाद। गेरुआ रंग संन्यासियों का होता है। स्वामी जी (विवेकानंद) का है। अगर उन्होंने सफेद पहना होता तो क्या सफेद रंग पर भी विवाद होता?' हालांकि बाद में पार्टी की तरफ से सफाई दी गई कि कॉन्सर्ट G-20 समित के चलते कैंसिल किए गए, गाने या उसके बोल के लिए नहीं। एक नजर अरिजीत सिंह के करियर पर अरिजीत सिंह का जन्म 25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल के जीयागंज में हुआ। संगीत उन्हें विरासत में मिला। मां शास्त्रीय गायिका थीं और मौसी तबला वादक। कम उम्र में ही उन्होंने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी। साल 2005 में उन्होंने रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ में हिस्सा लिया। हालांकि वे शो जीत नहीं पाए, लेकिन इस मंच ने उन्हें इंडस्ट्री की वास्तविकता समझने और खुद को निखारने का मौका दिया। इसके बाद उन्होंने बतौर म्यूजिक प्रोग्रामर और बैकग्राउंड सिंगर काम किया, जो उनके करियर का एक अहम लेकिन कम चर्चित हिस्सा रहा। ‘आशिकी 2’ में मिला बड़ा मौका 2013 में आई फिल्म ‘आशिकी 2’ का गाना “तुम ही हो” अरिजीत सिंह के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस एक गाने ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। उनकी आवाज सीधे दिल को छू गई और वे हर म्यूजिक डायरेक्टर की पहली पसंद बन गए। इसके बाद “चाहूं मैं या ना”, “रब्ता”, “अगर तुम साथ हो”, “गेरुआ” और “ऐ दिल है मुश्किल” जैसे सुपरहिट गानों ने उनके करियर ग्राफ को तेजी से ऊपर पहुंचा दिया।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 9:50 am

डेडबॉडी के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध:लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, खून के धब्बे छिपाने के लिए पुताई करवाई

नीरज ग्रोवर हत्याकांड के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे कास्टिंग डायरेक्टर अपनी दोस्त एक्ट्रेस मारिया सुसईराज के घर गए और लापता हो गए। एक्ट्रेस मारिया ने नीरज के परिवार के साथ उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस जांच में नीरज के मोबाइल पर आए एक कॉल की मदद से मारिया पर शक हुआ, जिसके बाद वो लगातार गुमराह करने वाले बयान देने लगीं। मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, जिस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। नीरज की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि नीरज की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने नीरज का कत्ल किया, उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया, जिसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। नीरज ग्रोवर हत्याकांड के पार्ट- 2 में कहानी आगे- मारिया के शॉकिंग बयान के बाद 22 मई 2008 को मुंबई पुलिस की टीम ने जेरोम मैथ्यू को कोच्चि से हिरासत में लिया। कुछ देर तक अलग-अलग कहानियां सुनाने के बाद उन्होंने कहा कि नीरज की हत्या की मास्टरमाइंड मारिया हैं। दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। दोनों को कोर्ट में पेश कर हिरासत में लिया गया। मारिया इस बयान पर अड़ी थीं कि जेरोम ने नीरज की हत्या की और उनका रेप किया। नीरज की हत्या करने के बाद जेरोम ने उन्हें धमकी दी कि अगर किसी को कुछ कहा, तो वो उन्हें भी मार देंगे। ऐसे में मारिया को मजबूरन उनका साथ देना पड़ा और लाश के टुकड़े करने पड़े। 22 मई को मारिया पुलिस को मुंबई से करीब 90 किलोमीटर दूर मनोर के जंगल लेकर गई, जहां सुनसान झाड़ियों में उन्होंने नीरज की लाश ठिकाने लगाई थी। एक स्पॉट पर पहुंचकर मारिया ने जमीन की तरफ इशारा किया। जगह देखकर मालूम पड़ता था कि मानों किसी ने कचरा जलाया हो। पुलिस पास पहुंची तो वहां लाश के कुछ अधजले टुकड़े, कुछ हड्डियां, जले हुए फूल, कुछ बोतलें और जले हुए कपड़े थे। छानबीन की गई तो उस जगह एक मोतियों की माला थी, जिसमें भगवान गणेश का पेंडेंट था। नीरज के पिता अमरनाथ ग्रोवर और कुछ दोस्तों ने कन्फर्म किया कि वो पेंडेंट नीरज का ही था। मारिया का कन्फेशन, जिसमें बयां की गई उस रात की कहानी… “मेरा नाम मिस मारिया जोसेफ सुसईराज है। घटना के दिन मैं मलाड (वेस्ट) में रह रही थी। 6 मई 2008 को मैंने मलाड (पश्चिम) में किराए पर एक फ्लैट लिया था। मैं मार्च 2008 से नीरज ग्रोवर को जानती थी। वह मेरा दोस्त था। मार्च 2008 से मैं उनसे फोन पर संपर्क में थी। 29 अप्रैल 2008 से घटना की तारीख तक मैं उनसे रोज मिलती रही थी। 6 मई 2008 को मैं पूरे दिन सामान की खरीदारी कर रही थी। उस दिन करीब 10:30 बजे नीरज ने मुझे कॉल किया।। मैंने उससे कहा था कि मैं नहीं मिल सकती क्योंकि मैं थकी हुई थी। रात करीब 11:00 बजे, मैं अपने पड़ोसी के घर से नहाकर बाहर आई, तो मैंने देखा कि नीरज मेरे घर के दरवाजे पर खड़ा था। मैंने उसे अपनी पड़ोसी दोस्त मिस मयूरी से मिलवाया। फिर हम मेरे घर के अंदर गए। मैंने उससे पूछा कि वह क्यों आया है। उसने कहा कि वह घर जमाने में मदद करना चाहता है।” “रात लगभग 11:30 बजे मुझे मिस्टर एमिल जेरोम का फोन आया, जिनसे मैं शादी करने का इरादा रखती थी। मैंने उन्हें बताया कि नीरज मेरे घर पर है। जेरोम ने कोचीन से मुझे फोन किया था। मेरे मोबाइल की बैटरी खत्म हो गई थी। इसके बाद जेरोम ने नीरज के मोबाइल फोन पर मुझे कॉल किया। मैंने जेरोम को बताया कि नीरज उस दिन कुछ अजीब-सा व्यवहार कर रहे हैं। मैंने उनसे कहा कि डिनर के बाद नीरज चला जाएगा। यह सब लगभग रात 12:30 बजे हुआ।” “इसके बाद मैंने नीरज के साथ खाना खाया। नीरज अपने फोन कॉल में व्यस्त थे। मैं घर की सफाई कर रही थी। नीरज को उनके दोस्तों ने पार्टी में आने के लिए बुलाया था, लेकिन वह नहीं गए। मैंने भी उनके साथ जाने से मना कर दिया। नीरज को सुबह मलाड में काम था। उन्होंने मुझसे अनुरोध किया कि मैं उन्हें अपने घर में रुकने की अनुमति दे दूं ताकि वह काम पर जा सकें। वह मेरे घर पर ही रुक गए।” “7 मई 2008 को सुबह लगभग 7:30 बजे मेरे घर की डोरबेल बजी। मैंने दरवाजा खोला तो पाया कि जेरोम सामने थे। वह सीधे अंदर आ गए। नीरज भी जाग गया। मैं जेरोम के पीछे-पीछे अंदर गई। नीरज ने मुझसे पूछा कि क्या जेरोम मेरा बॉयफ्रेंड है। नीरज ने उन्हें पहचान लिया था क्योंकि उन्होंने हमारी तस्वीरें देखी थीं। नीरज को यह भी पता था कि मेरी शादी जेरोम से होने वाली है। इसके तुरंत बाद जेरोम ने नीरज को पीटना शुरू कर दिया। दोनों आपस में लड़ने लगे। मैं उन्हें रोक नहीं सकी। दोनों ने मुझे धक्का दे दिया, जिससे मैं गिर पड़ी। जब मैं उठी तो मैंने देखा कि जेरोम ने मेरी रसोई के चाकू से नीरज पर वार किया। मैंने जेरोम द्वारा नीरज को मारे जा रहे चाकू को पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान मेरी दाहिनी हथेली में भी चोट लग गई। जेरोम ने फिर मुझे धक्का दे दिया और नीरज को चाकू मारते रहे। नीरज फर्श पर गिर पड़ा और जेरोम उसे पीटते रहे।” “इस घटना से मैं चीखने लगी। जेरोम ने मेरा मुंह बंद कर दिया और मुझे जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने मुझे बिस्तर पर पटका और मेरे साथ बलात्कार किया। उन्होंने कभी चाकू नहीं छोड़ा। यह सब सुबह 8:00 बजे हुआ। उन्होंने मुझे मारा-पीटा भी और किसी को यह घटना न बताने की धमकी दी। मैंने जेरोम से कहा कि नीरज को अस्पताल ले चलें। उन्होंने मुझसे कहा कि नीरज 4 से 5 घंटे तक नहीं मरेंगे। उन्होंने मुझे बाथरूम में जाकर नहाने के लिए कहा। इसके बाद जेरोम बाथरूम में आए और फिर से मेरे साथ बलात्कार किया। सुबह 11:00 बजे के बाद जेरोम ने मुझसे कहा कि मैं नीरज के किसी दोस्त को फोन करूं और उसे यह जानकारी दूं कि नीरज रात 12:30 बजे मेरे घर से चला गया था और वह अपना मोबाइल फोन मेरे घर पर भूल गया है और दोस्त से उसका फोन ले जाने के लिए कहूं।” “मैंने नीरज के मोबाइल फोन से निशांत को कॉल किया। मैंने वही कहा जो एमिल ने कहा था। मिस्टर निशांत मेरे घर नहीं आए। इसके बाद जेरोम ने नीरज के शव को घसीटकर घर के बाथरूम वाले हिस्से में ले जाकर रख दिया। फिर जेरोम ने मुझसे मलाड के हाइपरसिटी मॉल से बैग और पर्दे खरीदने को कहा। उन्होंने यह नहीं बताया कि ये चीजें किस लिए मंगवा रहे हैं। उन्होंने मुझे एक चाकू और रूम फ्रेशनर खरीदने को भी कहा। मैंने ये चारों चीजें खरीदीं और अपने घर वापस आ गई। जब मैं ये सामान खरीदने के लिए घर से बाहर थी, तब जेरोम मोबाइल फोन पर मुझसे बात कर रहे थे। मैं घर पहुंची और उन्हें चाकू सौंप दिया। उन्होंने मुझे बाथरूम के अंदर न जाने को कहा। उन्होंने मुझसे खून से सना हुआ हॉल साफ करने को कहा। मनोर में जलाए गए नीरज की लाश के टुकड़े... मारिया ने बताया कि इसके बाद उन्होंने जेरोम के कहने पर दोस्त किरण से कार मांगी और मनोर जाकर लाश के टुकड़े फेंके और उन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी और लौट आए। मारिया की कलाई कट गई थी, तो घर आकर जेरोम ने बचा हुआ खून साफ किया। शाम को मारिया ने ब्रोकर को कॉल कर घर में पुताई करवाई। इन सबके बीच 7 मई की रात साढ़े 10 बजे निशांत लाल का कॉल आया, जिन्होंने बताया कि वो शिकायत दर्ज करवाने पुलिस स्टेशन जा रहे हैं। निशांत बिल्डिंग के नीचे आए, नीरज का मोबाइल लिया और मारिया को लेकर पुलिस स्टेशन गए। मारिया के कन्फेशन के अनुसार, वो और नीरज सिर्फ दोस्त थे, हालांकि उनके साथ कॉफी शॉप में मिलने वाले दोस्तों का कहना था कि उन्होंने एक क्लब में मारिया और नीरज को किस करते देखा था। पुलिस को शक था कि काम न मिलने से नाराज मारिया ने ये मान लिया होगा कि नीरज ने झूठा दिलासा देकर उनसे रिश्ता कायम किया। इस नाराजगी में उन्होंने बॉयफ्रेंड जेरोम के जरिए नीरज की हत्या करवाई। हालांकि जांच में साफ था कि 6 मई को मारिया ने नीरज को घर नहीं बुलाया। वो नीरज ही थे, जो मारिया के घर आने की जिद कर रहे थे और अचानक वहां पहुंचे। जांच में सामने आया कि मारिया और नीरज एक-दूसरे को पसंद करते थे। यही वजह थी कि नीरज उस रात मारिया के घर पर ही रुके। जब कॉल के जरिए जेरोम को नीरज की मौजूदगी का एहसास हुआ तो उन्होंने मारिया से गुस्से में कहा कि वो नीरज को घर से भेज दें। मारिया ने ऐसा नहीं किया। अगली सुबह जब जेरोम अचानक घर पहुंचे तो वो नीरज को मारिया के बेडरूम में देखकर आगबबूला हो गए और आक्रोश में हत्या को अंजाम दिया। कोर्ट में 3 सालों तक रहा नीरज ग्रोवर केस… क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा, 'जेरोम अपनी नेवी पर्सनैलिटी के साथ हट्टा-कट्टा कोर्ट में दाखिल होता था। बिल्कुल बन-ठन कर कोर्ट में आता था। उसके चेहरे पर कोई इमोशन ना एक्सप्रेशन होते थे, और देखकर ऐसा नहीं लगता था कि उसे इस बात का कोई भी पछतावा है। उसके साथ उसका भाई कोर्ट में आता था। और मारिया के साथ उसका भाई और पिता आते थे।' नीरज ग्रोवर की हत्या के 3 साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने जेरोम मैथ्यू को हत्या का दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई, जबकि मारिया सुसईराज को सबूत मिटाने के आरोप में महज 3 साल की सजा हुई। 3 साल बाद आए फैसले से जनता में दिखा आक्रोश… फैसला आते ही नीरज के परिवार, फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने इसका विरोध किया और मुंबई में प्रोटेस्ट किया। हालांकि कोर्ट ने फैसला बरकरार रखा। रजा मुराद, नीरज को करीब से जानते थे। उन्होंने फैसला आने के बाद इसके खिलाफ प्रोटेस्ट किया था। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा, 'मैं इस घटना से बहुत दुखी था और उससे भी ज्यादा अफसोस इस बात का था कि कोर्ट ने जेरोम मैथ्यू और मारिया को जो सजा सुनाई, वो नाकाफी थी। मारिया को केवल सबूत मिटाने के जुर्म में सजा दी गई, जबकि वो इस केस में उतनी ही जिम्मेदार थी जितना जेरोम मैथ्यू। हमने इसके विरोध में 3 जुलाई 2011 को एक मार्च निकाला।' आगे उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो उनकी मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया था। जिस तरह से उन्हें मारा गया, वैसे तो जानवरों को भी नहीं मारा जाता। यह एक क्राइम ऑफ पैशन था। उस समय नीरज इंडस्ट्री का बड़ा नाम थे, तो सभी उनकी गुड बुक्स में रहना चाहते थे। मारिया ने भी उन्हें अपने चार्म से लुभाने की कोशिश की और इसमें वो काफी हद तक कामयाब रहीं।' 'मारिया बहुत ही महत्त्वाकांक्षी लड़की थी। और ऐसी लड़कियां शॉर्टकट अपनाकर आगे बढ़ने की कोशिश करती हैं। उन्हें लगता है कि किसी से जिस्मानी ताल्लुक रखकर वो आगे बढ़ जाएंगी लेकिन ऐसा नहीं होता।' नीरज के साथ बालाजी प्रोडक्शन में काम करने वाले रविंद्र कहते हैं, 'इस पर सच कहूं तो कहने के लिए शब्द नहीं हैं। नीरज के साथ बहुत ट्रैजिक हुआ। इतना यंग, वाइब्रेंट, शांत और वेल-स्पोकन लड़का था वो। ऐसा हादसा कैसे हुआ? और कैसे कम हो सकते हैं ऐसे इंसिडेंट, जब नीरज के दोषी को मारिया सुसाइराज को सिर्फ 3 साल की सज़ा देकर छोड़ दिया गया? मुझे बहुत आहत किया इसने। मेरे लिए ये एक बड़ा शॉक था।' राम गोपाल वर्मा ने नीरज ग्रोवर हत्याकांड पर बनाई फिल्म…. नीरज ग्रोवर की मौत के कुछ सालों बाद पॉपुलर फिल्ममेकर रामगोपाल ने केस पर नॉट ए लव स्टोरी फिल्म बनाई थी। फिल्म में एक्टर अजय गेही ने नीरज का, दीपक डोबरियाल ने जेरोम का और माही गिल ने मारिया का किरदार निभाया था। फिल्म का क्लाइमैक्स सीन उसी जगह शूट किया गया, जहां नीरज की हत्या हुई थी। अजय गेही ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा, 'हम उसी बिल्डिंग, उसी रूम में क्लाइमैक्स सीन की शूटिंग कर रहे थे, जहां ये पूरा वाकया हुआ था। क्लाइमैक्स सीन में मैं नग्न था और पूरा ब्लड से सना हुआ था। हमें बस स्टोरी बताई थी कि ऐसा सीन है, लेकिन इस सीन को लेकर कोई रिहर्सल नहीं हुई। रामू सर ने कहा कि “जो करने का मन करे, करो।” ये पहली ऐसी फिल्म थी जो 5-7 D में शूट हो रही थी। हुआ यूं कि इसी सीन को शूट करते दौरान बिल्डिंग के कुछ लोग विरोध करने घुस आए और मुझे ऐसी हालत में देख हक्का-बक्का रह गए। आगे अजय ने कहा, 'सोचिए, सिनेमा में इसका क्या इम्पैक्ट पड़ा होगा लोगों पर। मैं बस उस बंदे की साइकोलॉजी को पकड़ रहा था कि वो कैसे रिएक्ट करता। जब दूसरा इंसान कमरे में घुसता है, तो उस सीन में हमारे बीच हाथापाई होती है। मैं एक-दो बार बाथरूम में गिरा और चोटें भी आईं। दिक्कतें तो आईं करने में, लेकिन रूह कांप जाती है ये सोचकर कि ये सब असलियत में हुआ था।' (नोटः ये खबर नीरज ग्रोवर हत्याकांड की चार्जशीट, क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा ,एक्टर रजा मुराद से बातचीत और दैनिक भास्कर की सीनियर रिपोर्टर वर्षा राय की रिसर्च के आधार पर लिखी गई है। ) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय ........................................................ पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए... बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस 3 में अगले मंगलवार-बुधवार पढ़िए कहानी मशहूर एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी की मौत की कहानी, जिनके परिवार ने बॉयफ्रेंड पर लगाए हत्या के आरोप। ............................................ बॉयफ्रेंड को फंदे से लटकी मिलीं प्रत्युषा बनर्जीः परिवार ने लगाए हत्या के आरोप, आखिरी कॉल रिकॉर्ड्स से बदली केस की दिशा बालिका वधु फेम एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी, राहुल राज के साथ लिव इन में थीं। दोनों गोरेगांव वेस्ट की एक बिल्डिंग की 7वीं मंजिल पर रहते थे। राहुल काम से बाहर गए थे। लौटे तो देर तक खटखटाने, बेल बजाने के बावजूद प्रत्युषा ने कोई जवाब नहीं दिया। राहुल और प्रत्युषा अक्सर चाबियां खो देते थे, तो उनके पास हमेशा चाबी बनाने वाले का नंबर होता था। राहुल ने उन्हें बुलाया। हल्ला सुनकर पड़ोसी भी आए। राहुल ने पड़ोस के नौकर से बालकनी के रास्ते अंदर जाकर दरवाजा खोलने को कहा। जैसे ही नौकर बालकनी से अंदर पहुंचा तो मंजय देख वो चीख उठा। प्रत्युषा से पंखे से लटकी हुई थी। राहुल ने फंदा काटकर उन्हें उतारा, तो उनकी सांसें चल रही थीं। हॉस्पिटल में प्रत्युषा ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार ने राहुल पर हत्या का आरोप लगाया। पूरी कहानी पढ़िए, अगले मंगलवार-बुधवार बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-3 में।

दैनिक भास्कर 28 Jan 2026 4:30 am

अरिजीत सिंह बोले- अब प्लेबैक सिंगिंग नहीं करूंगा:इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा- आगे छोटे आर्टिस्ट के तौर पर सीखते रहेंगे

बॉलीवुड सिंगर अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने का ऐलान कर दिया। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट पर यह जानकारी दी। अरिजीत ने लिखा- हैलो, सबको नया साल मुबारक, इतने सालों तक प्यार देने के लिए धन्यवाद। मैं खुशी से बताना चाहता हूं कि अब प्लेबैक वोकलिस्ट के तौर पर कोई नए असाइनमेंट्स नहीं लूंगा। इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। ये सफर शानदार रहा। भगवान ने बहुत दया की। उन्होंने साफ किया कि म्यूजिक बंद नहीं करेंगे। आगे छोटे आर्टिस्ट के तौर पर सीखते रहेंगे। कुछ पेंडिंग कमिटमेंट्स पूरे करेंगे। 2026 में कुछ रिलीज हो सकती हैं। अरिजीत ने कहा, मैं अच्छे म्यूजिक का फैन हूं। अपना काम जारी रखूंगा। अरिजीत सिंह का जन्म 25 अप्रैल 1987 को पश्चिम बंगाल के जीयागंज में हुआ। संगीत उन्हें विरासत में मिला। मां शास्त्रीय गायिका थीं और मौसी तबला वादक। कम उम्र में ही उन्होंने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी। साल 2005 में उन्होंने रियलिटी शो ‘फेम गुरुकुल’ में हिस्सा लिया। हालांकि वे शो जीत नहीं पाए, लेकिन इस मंच ने उन्हें इंडस्ट्री की वास्तविकता समझने और खुद को निखारने का मौका दिया। इसके बाद उन्होंने बतौर म्यूजिक प्रोग्रामर और बैकग्राउंड सिंगर काम किया, जो उनके करियर का एक अहम लेकिन कम चर्चित हिस्सा रहा। ‘आशिकी 2’ में मिला बड़ा मौका 2013 में आई फिल्म ‘आशिकी 2’ का गाना “तुम ही हो” अर्जित सिंह के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस एक गाने ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। उनकी भावनात्मक आवाज सीधे दिल को छू गई और वे हर म्यूजिक डायरेक्टर की पहली पसंद बन गए। इसके बाद “चाहूं मैं या ना”, “रब्ता”, “अगर तुम साथ हो”, “गेरुआ” और “ऐ दिल है मुश्किल” जैसे सुपरहिट गानों ने उनके करियर ग्राफ को तेजी से ऊपर पहुंचा दिया। 2014 से 2019 तक का समय अरिजीत सिंह के करियर का स्वर्णिम दौर माना जाता है। वे एक साल में दर्जनों हिट गाने देने लगे। हिंदी के साथ-साथ उन्होंने बंगाली, तमिल, तेलुगु, मराठी और कन्नड़ भाषाओं में भी गाने गाए।

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 9:02 pm

विक्टोरिया बेकहम के सपोर्ट में उतरीं कंगना रानोट:बताया रीयल क्वीन, पोस्ट शेयर कर लिखा- कोई सास-बहू ड्रामा मुझे विक्टोरिया से नफरत नहीं दिला सकता

हॉलीवुड सिंगर और फैशन डिजाइनर विक्टोरिया बेकहम का परिवार इस वक्त मुश्किल दौर से गुजर रहा है। इन दिनों विक्टोरिया बेकहम अपनी बहू से हुए झगड़े को लेकर चर्चा में हैं। उनके बेटे ब्रुकलिन ने फैमिली से सारे रिश्ते तोड़ दिए हैं। अब बॉलीवुड एक्ट्रेस पॉलिटिशियन कंगना रानोट, विक्टोरिया के सपोर्ट में उतरी हैं। कंगना रानोट ने विक्टोरिया बेकहम पर बेटे ब्रुकलिन और बहू निकोला के आरोपों के बाद इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर की। पोस्ट में 2007 के रियलिटी शो का वीडियो है। विक्टोरिया ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो क्लिक करवाने गईं। उन्होंने इसे फोटोशूट बना दिया। कंगना ने लिखा, कोई सास-बहू ड्रामा मुझे विक्टोरिया से नफरत नहीं दिला सकता। उन्होंने विक्टोरिया को 'रीयल क्वीन' कहा। क्या है पूरा मामला? हाल के दिनों में पूर्व फुटबॉल स्टार डेविड बेकहम और मशहूर सिंगर विक्टोरिया बेकहम को लेकर एक पारिवारिक विवाद सुर्खियों में है। उनके बेटे ब्रुकलिन बेकहम ने माता-पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ब्रुकलिन का कहना है कि डेविड और विक्टोरिया उनकी शादीशुदा जिंदगी में लगातार दखल दे रहे हैं, जिससे उनके और उनकी पत्नी के रिश्ते पर बुरा असर पड़ा है। ब्रुकलिन के मुताबिक, शादी के शुरुआती दिनों से ही उनके माता-पिता उनके वैवाहिक जीवन में परेशानियां खड़ी कर रहे हैं। इतना ही नहीं, फैमिली फंक्शन्स में भी उन्हें और उनकी पत्नी को नजरअंदाज किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि जब वह अपनी पत्नी निकोला के साथ डेविड बेकहम के 50वें जन्मदिन के मौके पर लंदन पहुंचे थे, तो वहां भी उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। ब्रुकलिन का दावा है कि इस कार्यक्रम के दौरान उनकी पत्नी निकोला पर वापस लौटने का दबाव बनाया गया, जिससे वह काफी आहत हुए। फिलहाल यह पूरा मामला मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, अब तक विक्टोरिया बेकहम की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 7:56 pm

'बैटल ऑफ गलवान' के सेट पर लौटे सलमान:एक्शन और कुछ नए सीन की शूटिंग करेंगे, फिल्म को परफेक्ट बनाने के लिए उठाया यह कदम

फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' के टीजर जारी होने के बाद अब सलमान खान एक बार फिर फिल्म के सेट पर लौटे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म के पैचवर्क पर काम किया जाएगा। इस दौरान एक्शन के साथ कुछ नए सीन की शूटिंग होनी है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार सलमान खान, डायरेक्टर अपूर्व लाखिया और पूरी टीम 'बैटल ऑफ गलवान' के लिए पैचवर्क शूटिंग में जुट गई है।​ इस दौरान वे कुछ नए सीन शूट कर रहे हैं, जिनमें धांसू एक्शन सीक्वेंस भी शामिल हैं। ये 15 दिनों का शेड्यूल पहले से तय था। टीम फिल्म को परफेक्ट बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स और सलमान को लगा कि ये नए सीन कहानी के लिए बेहद जरूरी हैं। इनसे 'बैटल ऑफ गलवान' का इंपैक्ट और मजबूत होगा।​ सलमान कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। वे चाहते हैं कि फिल्म दर्शकों को शानदार एक्सपीरियंस दे। इसलिए उन्होंने इस अतिरिक्त शूटिंग को हरी झंडी दी। सलमान खान की वॉर फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' का टीजर उनके बर्थडे पर 27 दिसंबर को लॉन्च हुआ था। उसी दौरान रिलीज डेट का ऐलान भी कर दिया गया। फिल्म की शूटिंग दिसंबर तक पूरी हो चुकी थी। अब पैचवर्क पर फोकस है ताकि कहानी और धमाकेदार बने। मेकर्स को पूरा यकीन है कि 'बैटल ऑफ गलवान' 17 अप्रैल की तय रिलीज से काफी पहले रेडी हो जाएगी। फिल्म का पहला ट्रैक 'मातृभूमि' 24 जनवरी को ही लॉन्च हो चुका है।

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 5:40 pm

‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून 2026 को रिलीज होगी:30 से ज्यादा सितारे नजर आएंगे, दिवंगत अभिनेता पंकज धीर की आखिरी फिल्म

अपनी आइकॉनिक ट्यून से ही दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाली भारत की सबसे बड़ी और सबसे बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फ्रेंचाइजी एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटने के लिए तैयार है। लंबे इंतजार के बाद ‘वेलकम’ सीरीज का अगला चैप्टर ‘वेलकम टू द जंगल’ अब आधिकारिक तौर पर 26 जून 2026 को दुनियाभर के थिएटर्स में रिलीज होने जा रहा है। इस चर्चित फ्रेंचाईजी की पहली 'वेलकम' साल 2007 में रिलीज हुई थी। फिर साल 2015 में इसका दूसरा पार्ट 'वेलकम बैक' आया। दोनों फिल्मों का निर्देशन अनीस बज्मी ने किया था, लेकिन इस बार निर्देशन की कमान बॉलीवूड के चर्चित कोरियोग्राफर से निर्देशक बने अहमद खान ने संभाली है। अहमद खान खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में 30 से ज्यादा सितारों की स्टारकास्ट देखने को मिलेगी, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी मल्टी-स्टारर कॉमेडी फिल्मों में शामिल करती है। हर कलाकार की कॉमिक टाइमिंग फिल्म की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। फिल्म की दमदार कास्ट में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, अरशद वारसी, राजपाल यादव, जॉनी लीवर, अफताब शिवदासानी, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, रवीना टंडन, लारा दत्ता, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस और उर्वशी रौतेला जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा कृष्णा अभिषेक, किकू शारदा, विंदू दारा सिंह, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, नवाब शाह, किरण कुमार, पूनीत इस्सर, अर्जुन फिरोज खान, सुदेश बेरी, हेमंत पांडे, जाकिर हुसैन, सयाजी शिंदे और दलेर मेहंदी जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म में दिवंगत अभिनेता पंकज धीर की मौजूदगी इसे और भी खास बनाती है।

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 4:19 pm

ओ रोमियो का नया गाना ‘आशिकों की कॉलोनी’ आउट:गाने में शाहिद कपूर-दिशा पाटनी की जबरदस्त केमिस्ट्री दिखी; 13 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म

विशाल भारद्वाज की मल्टी स्टारर अपकमिंग फिल्म ‘ओ रोमियो’ का ट्रेलर पहले ही दर्शकों के बीच सुर्खियां बटोर रहा है। हाल ही में फिल्म का पहला गाना रिलीज किया गया था। अब फिल्म का दूसरा गाना ‘आशिकों की कॉलोनी’ भी रिलीज हो गया है। इस हाई-एनर्जी डांस नंबर में पहली बार शाहिद कपूर और दिशा पाटनी की फ्रेश जोड़ी साथ नजर आ रही है। जहां शाहिद काउ बॉय लुक में नजर आ रहे हैं, वहीं दिशा देसी अंदाज में दिख रही हैं। गाने में दोनों की केमिस्ट्री काफी एनर्जेटिक और शानदार लग रही है। ‘आशिकों की कॉलोनी’ 90 के दशक की झलक को मॉडर्न बीट्स के साथ शानदार तरीके से पेश करता है। गाने की सबसे खास बात इसका नॉस्टैल्जिक फील है, जो आज के म्यूजिक टेस्ट के साथ पूरी तरह मेल खाता है। दमदार हुक लाइन और जोशीला म्यूजिक इसे तुरंत कनेक्ट करने वाला ट्रैक बनाता है। ‘आशिकों की कॉलोनी’ का म्यूजिक विशाल भारद्वाज ने दिया है, इसे गुलजार ने लिखा है। गाने में दिशा और शाहिद के लिए मधुबंती बागची और जावेद अली ने आवाज दी है।। यह आइकॉनिक क्रिएटिव तिकड़ी गाने में क्लासिक बॉलीवुड म्यूजिक के साथ फ्रेश और मॉडर्न अंदाज को पेश किया है। इस गाने को टी-सीरीज ने प्रेजेंट किया है। बता दें कि विशाल भारद्वाज की ‘ओ रोमियो’ को साजिद नाडियाडवाला प्रेजेंट कर रहे हैं इसे नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में शाहिद कपूर, नाना पाटकेर, अविनाश तिवारी, विक्रांत मैसी, दिशा पाटनी, तृप्ति डिमरी समेत और भी कई चर्चित नाम हैं। यह फिल्म वैलेंटाइन वीक में 13 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 3:03 pm

विजय थलपति की फिल्म 'जन नायकन' को बड़ा झटका:मद्रास हाईकोर्ट ने सिंगल जज के आदेश को रद्द किया, एक्टर की यह आखिरी फिल्म

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार विजय थलपति की मोस्ट-अवेटेड फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज पर अब फिर सस्पेंस बरकरार है। मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को सिंगल जज के उस ऑर्डर को पलट दिया, जिसमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) को फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने का डायरेक्ट आदेश दिया गया था। चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की डिविजन बेंच ने केस को वापस सिंगल जज के पास भेज दिया। कोर्ट का कहना है कि सेंसर बोर्ड को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए था। डायरेक्टर एच. विनोद की ये फिल्म मूल रूप से 9 जनवरी को रिलीज होनी थी, लेकिन सीबीएफसी ने आखिरी वक्त पर ब्रेक लगा दिया। सिंगल जस्टिस पीटी आशा ने 9 जनवरी को प्रोड्यूसर KVN प्रोडक्शंस की याचिका पर सीबीएफसी को सर्टिफिकेट जारी करने का ऑर्डर दिया था। लेकिन उसी दिन डिविजन बेंच ने स्टे लगा दिया। अब नई सुनवाई होगी, जिससे राजनीति में एंट्री से पहले विजय की ये लास्ट फिल्म और लेट हो जाएगी। सीबीएफसी के बिना कोई फिल्म थिएटर्स में नहीं चल सकती। मामला तब पेचीदा हुआ जब एग्जामिनिंग कमेटी के ही एक मेंबर ने शिकायत की। दावा है कि फिल्म में कुछ सीन धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं और सेना की इमेज खराब करते हैं। पहले कमेटी ने कुछ कट्स के बाद UA सर्टिफिकेट की सिफारिश की थी, लेकिन चेयरपर्सन ने इसे रिव्यूइंग कमेटी के पास भेज दिया। 20 जनवरी को कोर्ट ने सुनवाई के बाद ऑर्डर रिजर्व रखा था। फिलहाल 'जन नायकन' रिलीज के लिए तरस रही है। विजय TVK पार्टी के साथ फुल-टाइम पॉलिटिक्स में कूदने वाले हैं, ऐसे में ये डिले उनके फैंस के साथ-साथ करियर पर भी भारी पड़ सकता है। कोर्ट ने साफ कहा- सर्टिफिकेशन प्रोसेस में जल्दबाजी नहीं, सेंसर बोर्ड को अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए। अब इस मामले में सिंगल बेंच फिर से सुनवाई करेगी और फैसला देगी।

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 2:48 pm

हैंडसम होने के कारण नकुल मेहता हुए थे रिजेक्ट:रिजेक्शन का किस्सा शेयर कर एक्टर बोले- बड़े हिंदी डायरेक्टर ने लुक्स के कारण फिल्म से निकाला

टीवी इंडस्ट्री के जाने-माने एक्टर नकुल मेहता ने हाल ही में रिजेक्शन से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया है। इश्कबाज और प्यार का दर्द है मीठा मीठा प्यारा प्यारा जैसे हिट शो से घर-घर पहचान बनाने वाले नकुल ने बताया कि उन्हें एक बड़ी हिंदी फिल्म से सिर्फ इसलिए बाहर कर दिया गया, क्योंकि वो उस रोल के लिए “बहुत ज्यादा गुड लुकिंग” थे। न्यूज 18 को दिए एक इंटरव्यू में नकुल ने बताया कि वो एक फेमस निर्माता-निर्देशक की फिल्म के सीक्वल का हिस्सा बनने वाले थे। उन्होंने कहा, “सब कुछ तय हो चुका था। फोटोशूट हो गया था, डेट्स भी लॉक थीं। मैं एक एक्टिंग वर्कशॉप में था, तभी डायरेक्टर का फोन आया। उन्होंने कहा कि मैंने इस बारे में सोचा और मुझे लगता है कि तुम इस किरदार के लिए कुछ ज्यादा ही गुड लुकिंग हो।” नकुल ने आगे बताया कि उन्हें राजस्थान के एक राजकुमार का किरदार निभाना था। इस वजह से उन्हें यह बात और भी अजीब लगी। उन्होंने कहा, “मैं सोचता रहा कि मेरे लुक्स का उस किरदार से क्या लेना-देना है। बाद में मुझे लगा कि शायद उनके पास कोई और वजह नहीं थी, इसलिए ऐसा कह दिया।” नकुल ने यह भी खुलासा किया कि वो फिल्म कभी बन ही नहीं पाई और हाल ही में वो डायरेक्टर जेल भी जा चुका है। एक्टर के हालिया काम की बात करें तो वो हाल ही में वेब सीरीज ‘स्पेस जेन-चंद्रयान’ में नजर आए थे। TVF के बैनर तले बनी इस सीरीज को अरुणाभ कुमार ने डायरेक्ट किया है। सीरीज में नकुल के साथ श्रिया सरन अहम भूमिका में दिखीं। यह सीरीज भारत के चंद्रयान-2 मिशन की असफलता से लेकर चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता तक की कहानी को दर्शाती है। शो को समीक्षकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है और यह फिलहाल जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही ह

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 1:47 pm

बॉर्डर-2 ने ₹250 करोड़ का आंकड़ा पार किया:बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने चार दिनों में सिकंदर और रेड-2 के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ा

सनी देओल और वरुण धवन स्टारर वॉर ड्रामा फिल्म ‘बॉर्डर 2’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। रिलीज के महज चार दिनों में ही फिल्म ने दुनिया भर में 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली है। रिपब्लिक डे के मौके पर फिल्म को जबरदस्त फायदा मिला और कलेक्शन में बड़ा उछाल देखने को मिला। अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने पहले दिन 30 करोड़ रुपए नेट की दमदार ओपनिंग की थी, हालांकि कई जगहों पर मॉर्निंग शो रद्द होने के बावजूद फिल्म की कमाई पर इसका खास असर नहीं पड़ा।इसके बाद अगले तीन दिनों में फिल्म की कमाई में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। सैकनिल्क के मुताबिक, 26 जनवरी को यानी रिलीज के चौथे दिन ‘बॉर्डर 2’ ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर अकेले 59 करोड़ रुपए का बिजनेस किया। इस दिन हिंदी में फिल्म ऑक्यूपेंसी रेट 64.27% रही। इसके साथ ही फिल्म ने भारत में एक्सटेंडेड ओपनिंग वीकेंड के दौरान कुल 180 करोड़ रुपए नेट यानी 212.5 करोड़ रुपए ग्रॉस की कमाई कर ली है। वहीं इंटरनेशनल बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म का जलवा बरकरार है। विदेशी बाजारों में फिल्म ने अब तक करीब 4.3 मिलियन डॉलर का कारोबार कर लिया है। इसके साथ ही चार दिनों में फिल्म का वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 251 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वहीं, फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श के मुताबिक फिल्म ने चौथे दिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 63.59 करोड़ रुपए का बिजनेस किया है, जिसके साथ ही ऑफिशियल नेट बॉक्स ऑफिस का आँकड़ा 193.48 करोड़ रुपए हो गया है। इतना ही नहीं, बॉर्डर 2 ने सलमान खान की ‘सिकंदर’ और अजय देवगन की ‘रेड 2’ जैसी बड़ी फिल्मों के लाइफ टाइम कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया है। यह फिल्म अब 300 करोड़ क्लब में एंट्री के बेहद करीब है और उम्मीद की जा रही है कि यह आंकड़ा बुधवार तक पार कर लिया जाएगा। भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता द्वारा प्रोड्यूस की गई बॉर्डर 2 साल 2026 की बॉलीवुड की पहली बड़ी टेंट पोल रिलीज मानी जा रही है। आसान भाषा में कहें तो साल की अभी तक की सबसे चर्चित और बड़ी फिल्म बनकर उभरी है। यह फिल्म जेपी दत्ता की 1997 की आइकॉनिक ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है, जिसने अपने समय में बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड कई तोड़े थे।

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 11:48 am

प्रीति जिंटा ने ‘स्नो-गर्ल’ बनाकर ताजा की शिमला की यादें:सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट, लिखा- समय तेजी से निकल रहा

बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल की बेटी प्रीति जिंटा ने अपनी पुरानी यादों को ताजा किया। सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में प्रीति जिंटा ने बर्फ के बीच बिताए अपने खास पलों को याद किया, उनका यह पोस्ट खूब वायरल हो रहा है। पंजाब किंग्स टीम की सह -मालकिन प्रीति जिंटा ने लिखा- उन्होंने अपने जीवन में कई बार 'स्नो मैन' बनाया है, लेकिन अबकी बार बच्चों के साथ मिलकर उन्होंने कुछ अलग किया। इस बार उन्होंने बर्फ से एक ‘स्नो गर्ल’ बनाई, वो भी सुंदर सी स्नो स्कर्ट के साथ। यह छोटा-सा पल उनके लिए बेहद खास बन गया और उन्हें अपने बचपन के दिनों में वापस ले गया। प्रीति बोली- तेजी से निकल रहा समय प्रीति ने लिखा कि यह दृश्य उन्हें उस समय की याद दिलाता है, जब वे शिमला में एक छोटी बच्ची हुआ करती थीं और चारों ओर बर्फ ही बर्फ नजर आती थी। उन्होंने महसूस किया कि समय कितनी तेजी से निकल जाता है और जिंदगी कैसे एक पूरा चक्र पूरा कर लेती है। बचपन में जिन खुशियों और एहसासों को उन्होंने जिया था, वही आज फिर लौट आए हैं, बस फर्क इतना है कि अब भूमिकाएं बदल चुकी हैं। शिमला जिला से संबंध रखती है प्रीति शिमला जिले से ताल्लुक रखने वाली प्रीति जिंटा अक्सर अपनी जड़ों से जुड़ी नजर आती हैं। चाहे सोशल मीडिया हो या सार्वजनिक मंच, वे हमेशा अपने पहाड़ी बचपन, संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता को गर्व के साथ साझा करती रही हैं। उनका यह पोस्ट भी इसी जुड़ाव को दर्शाता है। बीते दिनों हिमाचल में जब प्राकृतिक आपदा आई थी, तो उस दौरान भी प्रीति ने 30 लाख रुपए का अंशदान दिया। कुल मिलाकर, प्रीति जिंटा का यह संदेश न सिर्फ बचपन की मीठी यादों को ताजा करता है, बल्कि यह भी बताता है कि चाहे जिंदगी कितनी भी आगे क्यों न बढ़ जाए, जड़ों से जुड़ी यादें हमेशा इंसान के साथ रहती हैं।

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 11:08 am

मेट्रो में वरुण धवन को पुल अप करना पड़ा भारी:मुंबई मेट्रो अथॉरिटी ने एक्टर के वीडियो पर सेफ्टी वॉर्निंग जारी किया

बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘बॉर्डर 2’ को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म को ऑडियंस का जबरदस्त रिस्पांस मिल रहा है। इसी बीच एक्टर एक अलग वजह से सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गए हैं। दरअसल, शनिवार को वरुण ने ट्रैफिक से बचने के लिए मुंबई मेट्रो से सफर किया और एक सिनेमाघर में सरप्राइज विजिट करने पहुंचे थे। वरुण ने मेट्रो से अपनी एक इंस्टाग्राम स्टोरी भी शेयर की थी, जिसमें उन्होंने फैंस से पूछा था कि वो किस थिएटर जा रहे हैं। लेकिन इसके कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल होने लगे, जिनमें वरुण मेट्रो कोच के अंदर ओवरहेड मेटल रॉड से लटककर पुल-अप करते नजर आए। वीडियो में उनके आसपास अन्य यात्री भी खड़े दिखे। वीडियो सामने आने के बाद महा मुंबई मेट्रो ऑपरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMMOCL) ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इस पर रिएक्शन दिया है। वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया, “इस वीडियो के साथ आपकी एक्शन फिल्मों की तरह डिस्क्लेमर होना चाहिए था, @Varun_dvn। महा मुंबई मेट्रो में ऐसा करने की कोशिश न करें। दोस्तों के साथ मेट्रो में ‘हैंग आउट’ करना ठीक है, लेकिन ये ग्रैब हैंडल लटकने के लिए नहीं होते। इस तरह के काम मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन और मेंटेनेंस) एक्ट, 2002 के तहत न्यूसेंस फैलाने और/या प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी धाराओं के तहत दंडनीय हैं। अपराध की गंभीरता के आधार पर जुर्माना और जेल भी हो सकती है तो दोस्तों, घूमो-फिरो, लेकिन वहां लटको मत। महा मुंबई मेट्रो में जिम्मेदारी से यात्रा करें।” अथॉरिटी की इस वीडियो की सोशल मीडिया यूजर्स तारीफ कर रहे हैं। लोगों ने अथॉरिटी की निष्पक्षता की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट में नियम सभी के लिए बराबर होने चाहिए, चाहे वह आम आदमी हो या कोई बड़ा सेलेब्रिटी। ‘बॉर्डर 2’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही फिल्म बॉर्डर 2 में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। वहीं मोना सिंह, सोनम बाजवा, अनन्या सिंह और मेधा राणा भी फिल्म का हिस्सा हैं। अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी यह फिल्म, जेपी दत्ता की 1997 की सुपरहिट वॉर फिल्म बॉर्डर का सीक्वल है और इसकी कहानी 1971 भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म अब तक वर्ल्डवाइड 250 करोड़ रुपए का बिजनेस कर चुकी है।

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 10:13 am

एसीपी रीता फरेरा की भूमिका में नजर आएंगी भूमि पेडनेकर:बोलीं- हम बचपन में जिस ट्रॉमा से गुजरे हैं, 'दलदल' वही मानसिक घुटन को दर्शाता है

भूमि पेडनेकर की नई सीरीज ‘दलदल’ एक फरवरी से अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम होने जा रही है। भूमि इस सीरीज में एसीपी रीता फरेरा की भूमिका में नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान भूमि ने बताया कि हम बचपन में जिस ट्रॉमा से गुजरे हैं, दलदल वही मानसिक घुटन को दर्शाता है। इसके साथ ही भूमि ने किरदार की तैयारी, अभिनय की चुनौती, पितृसत्ता पर व्यंग्य, ग्लैमर ठुकराकर कंटेंट चुनने के साहस पर बात कीं। पेश है कुछ खास अंश.. सवाल: दलदल नाम बहुत सिम्बॉलिक लगता है। हालांकि आपके शुरुआती करियर से ही आपकी चीजें हमेशा सिम्बॉलिक​​​​​​​ रहीं हैं, लेकिन ये नाम क्या दर्शाता है? जवाब: मुझे लगता है कि हम सब इंसान के तौर पर अपने बचपन और पास्ट के कई ट्रॉमा से अभी भी जूझ रहे होते हैं, और हमें कई बार पता भी नहीं चलता। बचपन में जो घाव लगे, वो बड़े होकर भी बोझ बनकर साथ चलते रहते हैं। दलदल वैसा ही है। जो क्लॉस्ट्रोफोबिया या घुटन हम बड़े होकर महसूस करते हैं। भले ही परिवार से प्यार मिले, अच्छे दोस्त हों, लेकिन हर किसी की जिंदगी इतनी खूबसूरत नहीं होती। कुछ लोगों का बचपन बहुत कठिन होता है। समाज के तौर पर हमारी जिम्मेदारी है कि उन गैप्स को समझें, जिनसे कोई इंसान बड़े होकर गलत फैसले ले लेता है। मेरे लिए दलदल यही दर्शाता है। सवाल: आपकी लाइफ में भी बहुत दर्द रहा है, और उनसे निकलना मुश्किल होता है। जब आप एसीपी रीता फरेरा का किरदार निभा रही थीं, तो वो दर्द चल ही रहा था? जवाब: एक आर्टिस्ट के तौर पर आप अपने पर्सनल एक्सपीरियंस को हमेशा इस्तेमाल करते हैं। वो एक बैंक की तरह होता है, जहां से आप निकालते रहते हैं। इस किरदार के लिए ये जरूरी था। जैसा आपने कहा, बचपन में कई एक्सपीरियंस होते हैं, मेरे साथ भी हुए। स्कूल में हो या एक औरत के तौर पर, आज के जमाने में एक इंडिपेंडेंट औरत को बहुत कुछ फेस करना पड़ता है। कोई टच करता है, कोई गलत नजर से देखता है। अगर आप वर्किंग वुमन हैं, तो हल्की-सी नाइंसाफी हमेशा फील होती है। ये सारे एक्सपीरियंस आप अपने काम में डालते हैं। मैंने 'दलदल' में यही किया, लेकिन ये टफ था क्योंकि बार-बार उन ट्रॉमा को दोहराना पड़ता है। सवाल: दलदल में मां बेटी का रिश्ता अहम है, लेकिन रियल लाइफ में आपने पिता के साथ वो दर्द जिया। आपके लिए ये बहुत मुश्किल रहा होगा? जवाब: मेरे पिता के साथ मेरा बहुत खूबसूरत रिश्ता था। उनका जाना मेरे लिए बहुत बड़ा सदमा था। मैं तब बहुत छोटी थी, लेकिन ये एक्सपीरियंस इतना पर्सनल है कि मैं इसे छूती तक नहीं। मैं अपनी फिल्मों में पिता की मेमोरी का शोषण नहीं करना चाहती। कैरेक्टर वर्क के लिए बहुत सी दूसरी चीजें यूज करती हूं, लेकिन इसको नहीं। सवाल: सीरीज में आपकी बॉडी लैंग्वेज कमाल की है। डायलॉग डिलीवरी से लेकर रफ इमोशंस सब निकल रहे हैं। इस किरदार के लिए आपकी तैयारी कैसी रही? जवाब: इसके लिए हमने 3-4 महीने की तैयारी की। पहले डेढ़ महीने सिर्फ किरदार को समझा। मैंने महिला पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की, मेरी मासी हरियाणा पुलिस में हाई लेवल ऑफिसर रहीं हैं। अब रिटायर्ड हैं। मैंने आपराधिक मनोविज्ञान के विशेषज्ञों से बात की। मुझे यह समझना था कि एक औरत इस सिस्टम, राजनीति और दबावों के बीच खुद को कैसे संभालती है। रीता के भीतर बहुत कुछ दबा हुआ है और वही उसे खतरनाक भी बनाता है। सवाल: स्विच ऑन-ऑफ करना और इससे निकलना कितना मुश्किल था? जवाब: बहुत मुश्किल था। एक समय आया जब मैंने फैसला किया कि इससे निकलूंगी नहीं, क्योंकि इसमें घुसना ही उतना ही कठिन था। ये थकान पैदा कर रहा था। मैं एग्जॉस्ट हो गई। रोज किरदार के ट्रॉमा और हैवीनेस में घूम रही थी। सोचा, इससे बाहर न निकलें। फैमिली-दोस्त समझ लेंगे। बेहतर है इसमें जी लूं, डिसकनेक्ट नहीं होना चाहती थी। सवाल: सेट पर सबसे चैलेंजिंग क्या था? कौन सा सीन इतना मुश्किल था? जवाब: एक सीन था शुरुआत में, जहां समारा तिजोरी का किरदार अनीता पहली बार मुझसे मिलने आती है। वहां मुझे पूरी तरह संयमित रहना था। मैं काम कर रही हूं, सवाल पूछ रही हूं। मेरा नेचुरल इंस्टिंक्ट था कि उठूं, थोड़ा ड्रामा करूं, लेकिन नहीं, बस बैठे रहना था। एक कलाकार के तौर पर कुछ करने की चाह होती है, लेकिन यहां कुछ न करना ही अभिनय था। वही सीन मेरे लिए सबसे कठिन और सबसे संतोषजनक रहा। सवाल: वह सीन बहुत अच्छा निकलकर आया भी होगा, जिसमें इग्नोरेंस, अथॉरिटी, जानबूझकर की चीजें सब साफ दिख रही होंगी, क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैं शूटिंग के दौरान बहुत अंडरकॉन्फिडेंट थी। ऐसे पीस करना मुश्किल था जहां डायलॉग कम हों। हमारी प्रैक्टिस ऐसी नहीं रही है।मुझे मोनोलॉग पसंद हैं। जैसे 'भक्षक' में 8 मिनट का था, वो ब्यूटीफुल लगता है। लेकिन यहां डायलॉग कम करने को कहा गया तो घबराहट हुई। सोचा, लोग समझ पाएंगे? ये तो न लगे कि कुछ कर ही नहीं रही, बस बैठी हूं। ये मेरे डर थे। अगर आप तक ये पहुंचा तो कॉन्फिडेंस आया। मैं पूरी तरह डायरेक्टर पर पिगीबैक करती हूं। ये उनका मैजिक है कि ये इमोशंस लोगों तक पहुंचे। सवाल: ये अंडरकॉन्फिडेंस और डर जो आप बता रही हैं, जिसका रिजल्ट इतना शानदार है, तो हर एक्टर को ऐसा डर होना चाहिए? पैट्रियार्की और मेल डोमिनेंस वाले कॉम्पिटिशन में आप अपने डिपार्टमेंट के लोगों से कैसे लड़ रही हैं? जवाब: शो मजेदार तरीके से लिखा है। थोड़ा हल्कापन है, जैसे मेरे और कमिश्नर के सीन है। मैंने शो दो बार देखा है। वो सीन बहुत ही सटायर और व्यंग्य से भरे हैं। इंटेंस शो में पैट्रियार्की और पॉलिटिक्स पर इतने लाइट तरीके से स्ट्रॉन्ग कमेंट किया गया है कि वह मेरा फेवरेट पार्ट बन गया है। पुलिस डिपार्टमेंट वाले सीन सबसे अच्छे हैं, और ज्यादातर में मैं नहीं हूं। सवाल: पैट्रियार्की की बात करें तो इंडस्ट्री में भी आपने खुद के दम पर सोलो फिल्में कीं। थैंक यू फॉर कमिंग, भक्षक, अब दलदल। अपने कंधों पर जिम्मेदारी ले रही हो। आपको नहीं लगता कि यहां भी आप उस दलदल से अपने दम पर बाहर निकल रही हो? जवाब: खुद के ट्रॉमा से डील करने का मेरी फिल्में और शोज मेरा जरिया हैं। दम लगा के हईशा, बाला, सोनचिड़िया जैसी फिल्मों से गुजरी हूं। स्कूल में बुलिंग हुई क्योंकि मेरी लुक पॉपुलर लड़कियों जैसी नहीं थी। एडल्टहुड में इन चीजों को एक्सेप्ट करना शुरू किया। सवाल: अंडरकॉन्फिडेंट लड़की परफॉर्मेंस में ट्रांसफॉर्म हो जाती थी। शुरुआती फिल्मों की जर्नी में सबसे खूबसूरत क्या लगता है? जवाब: सच बताऊं तो शुरुआत में मुझमें भरपूर कॉन्फिडेंस था,अब थोड़ा कम हो गया है। तब हिम्मत और साहस था, इसलिए असामान्य भूमिकाएं चुनीं। पिछले साल सोचा कि अपना मूल स्वभाव न खोऊं। फिल्म इंडस्ट्री में बहुत शोर है। अगर खो दिया तो फिल्में नहीं कर पाऊंगी। इसलिए कॉन्फिडेंस बढ़ाया। ‘दम लगा के हईशा’ में भी कॉन्फिडेंट लड़की दिखेगी। स्कूल में बुलिंग होती थी, लेकिन घर पर सपोर्ट मिला, कॉन्फिडेंस कभी नहीं टूटा। स्टेज पर बुलीज को देखती और सोचती थी कि एक दिन दिखा दूंगी। यही वजह है कि अभिनेत्री बनी। सवाल: दर्शकों से दलदल के लिए क्या कहना चाहेंगी? जवाब: यही कहूंगी कि अगर आपको अच्छी कहानियां पसंद हैं, आप सच्चे अभिनय और मेहनत को पहचानते हैं, तो दलदल आपको जरूर पसंद आएगा। इसमें हर विभाग की मेहनत नजर आएगी। यह शो उन दर्शकों के लिए है जो कुछ अर्थपूर्ण देखना चाहते हैं। सवाल: ऐसी हिम्मत कहां से आती है कि ग्लैमरस रोल्स छोड़कर समाज की असल चीजें फिल्मों में लाएं? जवाब: मुझे असल जिंदगी में ग्लैमर बहुत पसंद है। सजना-संवरना, फैशन का मजा लेना पसंद है। लोग पूछते हैं कि इतना फैशन क्यों? मैं अपने लिए करती हूं, फिल्मों में नहीं लाऊंगी। मेरा दिल हिंदुस्तान की कहानियों में है। जटिल किरदारों में है। अगर किरदार में सच्चाई है तो बाहरी चमक मायने नहीं रखती।

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 5:30 am

पंजाबी एक्टर घायल, दीवार से सिर टकराया:फिल्म इश्कनामा-56 की शूटिंग के वक्त हादसा, जंप सीन करते वक्त क्रेन में खराबी आई

पंजाबी एक्टर जय रंधावा फिल्म इश्कनामा 56 की शूटिंग के दौरान घायल हो गए। शूटिंग के समय एक जंप सीन करते हुए क्रेन मशीन में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे जय रंधावा छत पर सही तरीके से लैंड नहीं कर पाए और सीधे दीवार से जा टकराए। इस दौरान उनका सिर दीवार से जोर से टकरा गया। इस घटना का 8 सेकेंड का वीडियो भी सामने आया है। हादसे के तुरंत बाद क्रू मेंबर्स ने उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में जय रंधावा की MRI करवाई गई। डॉक्टरों ने किसी भी गंभीर खतरे से इनकार किया है। फिलहाल उनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। उनकी अस्पताल से एक फोटो भी सामने आई। जिसमें MRI करते हुए दिखाया गया है। डॉक्टरों के अनुसार जय रंधावा की हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें कुछ दिनों तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है। जानिए 8 सेकेंड के वीडियो में क्या दिख रहा शूटिंग के वक्त हुए हादसे का 8 सेकेंड का वीडियो सामने आया है। जिसमें क्रेन मशीन से जंप सीन करवाया जा रहा रहा, एक्टर जय रंधावा एक मकान की छत से दूसरे मकान की छत पर जंप करते हैं। लेकिन इसी दौरान क्रेन मशीन में तकनीकी खराबी आई और वे सही तरीके से लैंड नहीं कर पाए और सीधे सामने वाले दूसरे मकान की दीवार से उनका सिर टकरा गया। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तुरंत ही क्रेन ड्राइवर ने उन्हें ऊपर कर लिया और दूसरे मकान की छत पर उतार दिया। इसके बाद क्रू मेंबर्स ने उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाया। हांलाकि ये वीडियो कब और कहां का है, इसको लेकर अभी जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशंसकों ने की जल्दी ठीक होने की दुआ हादसे के बाद जय रंधावा की अस्पताल से एक फोटो भी सामने आई। जिसमें उनकी एमआरआई करते हुए दिखाया गया है। जैसे ही जय रंधावा के शूटिंग के दौरान घायल होने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो प्रशंसकों और पंजाबी सिनेमा के सितारों ने उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए दुआएं मांगनी शुरू कर दीं। इश्कनामा-56 की दिसंबर से चल रही शूटिंग जय रंधावा की नई फिल्म इश्कनामा-56 की शूटिंग दिसंबर 2025 से चल रही है। इसके लिए उन्होंने फेसबुक पेज पर पोस्ट कर अपने फैंस को बताया भी था। फेसबुक पेज पर जय ने लिखा- मैं अपनी आने वाली फिल्म के लिए फिटनेस पर दिन-रात एक कर रहा हूं। इस प्रोजेक्ट के लिए मैंने 58 किलो से 78 किलो तक का सफर तय किया है। इस पोस्ट पर फैंस ने लिखा- जय रंधावा का यह नया अवतार उनकी सुपरहिट फिल्म शूटर की याद दिलाता है। उनके एक फैंस ने भावुक होते हुए कहा, यह तो बस एक छोटा सा ट्रेलर है, असली पिक्चर अभी बाकी है। जय भाई सिर्फ हमारे हीरो नहीं, बल्कि हमारी जान और प्रेरणा हैं। वह हमें हर काम में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। बता दें कि फिल्म इश्कनामा 56 जय के नए लुक को देखने के लिए फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 5:23 am

एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर:हत्या कर 300 टुकड़े किए, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध

भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-2 में जानिए कहानी, फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर की, जिनकी एक्ट्रेस ने हत्या की और फिर लाश के सामने बॉयफ्रेंड से शारीरिक संबंध बनाए। नीरज की लाश के 300 टुकड़े किए गए थे। मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ अमरनाथ ग्रोवर ने दबाव देकर कहा, ‘नहीं, ये केस कुछ अलग है।’ अमरनाथ ने बताया कि उनके बेटे का नाम नीरज ग्रोवर है। वो एक मशहूर कास्टिंग डायरेक्टर हैं। उन्होंने शाहरुख खान के शो ‘क्या आप पांचवी पास से तेज हैं’ और ‘कहानी हमारे महाभारत की’, जैसे कई शोज में कास्टिंग की है। वो एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस बालाजी टेलीफिल्म्स में काम करते हैं। जिग्ना को इस केस में कोई दिलचस्पी नहीं हुई। उन्होंने कॉल कटते ही बात नजरअंदाज कर दी। कुछ दिनों बाद पता चला कि अमरनाथ ग्रोवर मुंबई के लोखंडवाला मार्केट में घूम-घूमकर बेटे की गुमशुदगी के पोस्टर चिपका रहे हैं। बेटे की जानकारी देने पर उन्होंने एक लाख रुपए नकद इनाम भी रखा। उन्हें उम्मीद थी कि कुछ दिनों बाद ही सही, लेकिन उनका बेटा जरूर मिलेगा। कुछ दिन बीते लेकिन नीरज की कोई खबर नहीं मिली। उन्होंने फिर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा को कॉल किया। इस बार उनकी आवाज में डर और घबराहट थोड़ी ज्यादा थी। उन्होंने स्टोरी करने का दबाव बनाया तो जिग्ना मान गईं। जिग्ना वोरा ने जिस एक्ट्रेस का जिक्र किया, उनका नाम है मारिया सुसईराज। ये वही मारिया हैं, जिन्होंने खुद 7 मई 2008 की शाम, नीरज के कजिन निशांत ग्रोवर, दोस्त निशांत लाल के साथ उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के अनुसार, नीरज हर रोज सुबह अपनी मां नीलम ग्रोवर से कॉल पर बात करते थे। 7 मई की सुबह नीरज ने कॉल नहीं किया, मां ने जब कॉल किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। कुछ देर बाद जब बार-बार कॉल करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला, तो मां ने निशांत को कॉल किया। निशांत, नीरज के कजिन थे, जो उनके साथ ही चार बंग्ला रोड के अपार्टमेंट में रहते थे। उन्होंने भी नीरज को कॉल किए, लेकिन जवाब नहीं मिला। उन्होंने अगला कॉल नीरज के सबसे करीबी दोस्त निशांत लाल को किया, जवाब उनके पास भी नहीं था। लेकिन वो जानते थे कि नीरज पिछली रात अपनी करीबी दोस्त मारिया सुसईराज से मिलने गए थे। पिछले कुछ दिनों से नीरज और मारिया अक्सर साथ समय बिताते थे। मारिया कन्नड़ एक्ट्रेस थीं। वो कुछ दिनों पहले ही हिंदी फिल्मों और टीवी शोज में काम ढूंढने के लिए मुंबई आई थीं। नीरज एकता कपूर के प्रोडक्शन हाउस बालाजी टेलीफिल्म्स में कास्टिंग का काम करते थे। एक ऑडिशन में उनकी मारिया से मुलाकात हुई और दोनों दोस्त बन गए। उस समय नीरज, मारिया को टीवी शो में काम दिलवाने में मदद कर रहे थे। नीरज हर रोज दोस्तों के साथ कॉफी कैफे डे जाते थे। 29 अप्रैल 2008 को नीरज ने वहीं मारिया से दोस्तों की मुलाकात करवाई, जिसके बाद मारिया हर रोज उनके साथ वहां आने लगी थीं। 6 मई 2008 को नीरज रोज की तरह कॉफी कैफे डे नहीं पहुंचे। दोस्तों ने कुछ देर इंतजार किया और फिर नीरज को कॉल मिलाया, जवाब मिला- ‘मारिया ने नया घर किराए पर लिया है, मैं शिफ्टिंग में उसकी मदद करवाने उसके घर आया हूं।’ दोस्तों ने आने की जिद की, लेकिन नीरज नहीं माने। उनकी निशा नाम की दोस्त ने मारिया से कहा कि वो भी नीरज के साथ आएं, लेकिन दोनों ही घर की शिफ्टिंग में व्यस्त थे। इसके बाद से ही निशांत लाल की नीरज से कोई बात नहीं हुई। दरअसल, मारिया को ऑडिशन के सिलसिले में अक्सर मुंबई आना पड़ता था। तो उन्होंने 6 मई को मुंबई के मलाड में धीरज सोलिटियर बिल्डिंग की चौथी मंजिल का फ्लैट नंबर 201 किराए पर लिया था। निशांत लाल, नीरज की खबर लेने मारिया को कॉल करते, उससे पहले ही सुबह करीब 11 बजे उनके पास नीरज के नंबर से कॉल आया। कॉल मारिया ने किया था। मारिया ने निशांत से कहा, ‘नीरज जल्दबाजी में मेरे घर पर ही अपना मोबाइल छोड़कर चला गया।’ निशांत ने पूछा वो कब निकला, तो जवाब मिला- ‘वो तो देर रात करीब डेढ़ बजे ही निकल गया। जल्दबाजी में था तो फोन भूल गया।’ निशांत ने फिर पूछा- ‘लेकिन वो गया कहां?’ मारिया ने कहा- ‘उसने कहा वो निशा के पास जा रहा है, उनकी कोई पार्टी थी।’ कॉल कटते ही निशांत लाल ने नीरज के कजिन को ये बात बताई। सुबह से शाम हो गई, लेकिन नीरज की कोई खबर नहीं मिली, न वो लौटे। घरवालों, कजिन और दोस्तों की चिंता बढ़ने लगी। रात करीब साढ़े 10 बजे निशांत लाल ने फिर मारिया को कॉल किया और कहा- ‘नीरज अब तक नहीं मिला। हम सब उनकी मिसिंग कंप्लेंट लिखवाने जा रहे हैं। उसका फोन दे दो।’ निशांत, मारिया की बिल्डिंग के नीचे पहुंचे और नीरज का फोन लिया। उनके कहने पर मारिया भी उनके साथ मलाड पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत लिखवाई। नीरज ग्रोवर की गुमशूदगी जो संदिग्ध बनी….. बेटे की गुमशूदगी से परेशान नीरज के पिता अमरनाथ ग्रोवर भी कानपुर से मुंबई आ गए। उन्होंने मलाड पुलिस स्टेशन में नीरज की किडनैपिंग की शिकायत दर्ज करवाई। दो शिकायतें दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। सभी दोस्तों से पूछताछ करने के बाद मलाड पुलिस ने नीरज के कॉल रिकॉर्डस खंगालना शुरू किए। नीरज ने 6 मई 2008 की रात करीब साढ़े 10 बजे मारिया को कॉल किया था। अगले दिन 7 मई की सुबह उनके नंबर पर कई कॉल आए, जो रिसीव नहीं हुए। साढ़े 11 बजे उनके नंबर से दोस्त निशांत लाल को कॉल गया, जो शिकायत के मुताबिक मारिया ने किया था। इसके अलावा उनके कॉल से कुछ 8 कॉल्स के जवाब दिए गए। 7 मई की शाम को नीरज के नंबर पर एक कॉल आया, जिसे चंद सेकेंड के लिए रिसीव कर कट कर दिया। उस कॉल की लोकेशन मारिया के घर की नहीं थी, जबकि मारिया के अनुसार, नीरज उनके घर पर फोन छोड़कर गए थे। पुलिस ने अब मारिया को पूछताछ के लिए बुलाया। मारिया ने बयान दिया कि 7 मई को उनका बॉयफ्रेंड जेरॉम मैथ्यू उनसे मिलने आया था, वो उनके साथ शॉपिंग पर गई थीं। जेरॉम नेवी में लेफ्टिनेंट थे। वो मारिया के शहर मैसूर के रहने वाले थे और उनकी मारिया से सगाई हुई थी। दोनों जल्द शादी करने वाले थे। 2008 में उनकी पोस्टिंग कोचीन में थी। अब जेरॉम को पूछताछ के लिए बुलाया गया। जेरॉम ने कहा कि वो 7 मई को नेवी की ट्रेनिंग के लिए मुंबई पहुंचे थे। दोनों ने मुंबई के इनॉर्बिट मॉल में मिलने का प्लान बनाया था। वो 10 बजे सीधे मॉल पहुंचे और 12 बजे मारिया से मिले। पुलिस ने जब उनसे पूछा कि क्या वो जानते हैं कि नीरज, मारिया के फ्लैट पर थे और फिर गुमशुदा हो गए। जवाब में जेरॉम ने कहा कि वो नीरज को जानते हैं, वो मारिया के दोस्त हैं। लेकिन ये भी कहा कि वो सोलिटियर बिल्डिंग गए ही नहीं। वो सीधे मॉल ही गए और वहां से लिंक रोड स्थित होटल गए, जहां उन्होंने रूम लिया था। अगले दिन वो अंकल से मिले और फिर कोचीन निकल गए। पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया, लेकिन उन्हें दोनों के बयान संदिग्ध लग रहे थे। पुलिस जांच के लिए मारिया के घर भी गई, लेकिन कुछ नहीं मिला। अब दोनों के कॉल रिकॉर्ड्स निकाले गए, जो बेहद अटपटे थे। रिकॉर्ड्स के अनुसार, दोनों के बीच 8 मई के बाद महज एक हफ्ते में एक हजार कॉल्स हुए। जबकि इससे पहले दोनों दिन भर में 3-4 बार ही बात करते थे। शक होने पर मलाड पुलिस ने धीरज सोलिटियर बिल्डिंग में पूछताछ की। बिल्डिंग में दो गार्ड्स रहते थे, एक नाइट शिफ्ट में और दूसरा, सुबह 8 से शाम के 8 बजे तक। दोपहर की शिफ्ट वाले गार्ड ने पुलिस को बताया कि 7 मई की दोपहर करीब 12 बजे मारिया बिल्डिंग से निकलीं और कुछ शॉपिंग कर लौटीं। यही मारिया ने भी बयान में कहा था, लेकिन जो आगे गार्ड ने कहा वो कुछ अलग था। गार्ड के अनुसार, शाम को करीब 4 बजे वो टी ब्रेक पर गए थे। करीब 5 मिनट बाद ही वो लौटे तो देखा, बिल्डिंग के नीचे एक ग्रे सेंट्रो कार खड़ी है। वो कार बिल्डिंग के किसी शख्स की नहीं थी। कुछ देर बार मारिया, भारी-भरकम पॉलीथिन बैग्स लेकर कार में रखने लगीं। 3-4 बैग्स रखे के बाद, वो दोबारा ऊपर गईं और इस बार वो एक बड़ा बैग लेकर आईं। उस बैग को एक तरफ से मारिया ने पकड़ रखा था और दूसरी तरफ एक नौजवान 24-25 साल का हट्टा-कट्टा लड़का बैग पकड़ा हुआ था। दोनों ने बैग आगे की सीट पर रखा। मारिया ड्राइविंग सीट पर बैठी और लड़का पीछे वाली सीट पर। दोनों निकल गए और देर रात साढ़े 9 बजे लौटे। पुलिस को लगा कि कहीं वो शख्स नीरज तो नहीं, क्योंकि उनकी उम्र भी महज 26 साल थी। लेकिन जब तस्वीर दिखाई गई तो कन्फर्म हुआ कि वो शख्स नीरज नहीं बल्कि जेरॉम मैथ्यू था। सुबह वाले गार्ड ने भी जेरॉम की बिल्डिंग में मौजूदगी कन्फर्म की। उस गार्ड ने मई 2008 में ही ड्यूटी जॉइन की थी, वो बिल्डिंग में ज्यादा किसी से परिचित नहीं था। उसने बताया कि सुबह करीब साढ़े 7 बजे एक लड़का बिल्डिंग में दाखिल हो रहा था। गार्ड ने उसे रोका और पूछा- ‘कहां जाना है?’ जवाब मिला- ‘फ्लैट नंबर 201।’ गार्ड ने फिर कहा- ‘अपना नाम, नंबर और फ्लैट नंबर रजिस्टर में लिख दें।’ इस पर लड़के ने कहा- ‘फ्लैट नंबर 201 में मेरे रिश्तेदार हैं, जल्द ही मिलकर निकल जाऊंगा।’ वो शख्स जेरॉम था। मारिया के पड़ोस में रहने वालीं मयूरी प्रजापति से भी पुलिस ने पूछताछ की। मयूरी ने पुलिस को बताया कि 6 मई 2008 को ही मारिया बिल्डिंग में रहने आई थीं। उससे पहले दिसंबर 2007 में भी वो कुछ दिनों के लिए उसी फ्लैट में रह चुकी थीं। तब उनके बॉयफ्रेंड जेरॉम भी साथ थे। 6 मई को जब मारिया बिल्डिंग में आईं, तो उनके बाथरूम में कुछ दिक्कत थी। वो नहाने के लिए मयूरी के घर गईं। जब वो घर से निकलीं तो देखा कि उनके फ्लैट के बाहर एक नौजवान लड़का खड़ा था। वो वहां मारिया का इंतजार कर रहा था। मारिया उसे देखकर कुछ हैरान लग रही थीं, जैसे वो बिना इत्तला दिए आए हों। मारिया ने मयूरी का परिचय उस शख्स से करवाया, जो नीरज ग्रोवर थे। मयूरी ने बताया कि 7 मई को काम पर निकलने से पहले वो मारिया के दरवाजे तक गईं। तब उनके साथ उनके बॉयफ्रेंड थे। पहला लड़का वहां नहीं था। उस समय उनके घर में पुताई चल रही थी, तो मयूरी बिना बात किए ही वहां से चली गईं। मारिया को फिर पूछताछ के लिए बुलाया गया। उन्होंने कहा कि जेरॉम उनसे मिलने आए थे, फिर वो शॉपिंग के लिए निकले। जब पूछा गया कि कार किसकी थी, तो मारिया ने कहा कि जेरॉम ने नेवी ऑफिसर से कार ली थी, शॉपिंग के लिए। ये बयान भी झूठ था। मारिया ने जिस शख्स का नाम लिया, उसने पुलिस पूछताछ में कहा कि उसने मारिया को कार नहीं दी, बल्कि एक रोज मारिया ने कॉल कर मदद मांगी और कहा कि अगर पुलिस पूछे तो झूठ कहना कि कार उनकी थी। मारिया के सामने सभी सबूत पेश किए गए। इस बार मारिया ने बताया कि ये कार उनके दोस्त किरण श्रेयम की थी, उन्होंने निजी कारणों से झूठ कहा। अब किरण श्रेयम से पूछताछ हुई। उनके बयान के अनुसार, 7 मई की दोपहर को मारिया ने उनसे कॉल कर कार मांगी। उन्होंने कहा था कि जेरॉम आए हैं, उन्हें अपने रिश्तेदार के घर जाना है। दोपहर करीब 3 बजे मारिया और जेरॉम कार लेने अंधेरी के चार बंग्लो पहुंचे, कार की चाबियां लीं। रात 9 बजे तक मारिया ने कार नहीं लौटाई, तो किरण ने उन्हें कॉल किया। जवाब मिला- ‘मेरा दोस्त नीरज मिल नहीं रहा है, हम उसकी शिकायत करने पुलिस स्टेशन जा रहे हैं।’ ये वही तारीख थी, जिस दिन मारिया, नीरज के दोस्तों के साथ उनकी गुमशुदगी की शिकायत लिखवाने गई थीं। अगली सुबह यानी 8 मई 2008 को मारिया उन्हें कार लौटाने आई थीं। बिल्डिंग में जेरॉम की मौजूदगी, मारिया का नीरज का मोबाइल मुंबई से कई किलोमीटर दूर ले जाना, उनके और जेरॉम के बीच 1000 कॉल्स होना और बार-बार गलत बयानों ने मारिया पर पुलिस का शक गहरा कर दिया। 20 मई को मारिया को कस्टडी में लिया गया। इस बार उनके साथ सख्ती की गई। मारिया पहले तो बार-बार अलग-अलग कहानियां सुनाने लगीं, लेकिन फिर वो टूट गईं। मारिया ने जो कहानी सुनाई वो सुनकर हर कोई हैरान रह गया। मारिया ने कहा- 'जेरॉम ने नीरज को मार दिया। उसने लाश के सामने ही मेरा रेप किया और फिर लाश के टुकड़े कर दिए।' नीरज की गुमशुदगी का मामला अब हत्या में तब्दील हो चुका था। मारिया को अब पुलिस के कई सवालों के जवाब देने थे। पहला सवाल- नीरज को क्यों और कैसे मारा? दूसरा सवाल- नीरज की लाश कहां हैं? तीसरा सवाल- क्या वाकई जेरॉम मैथ्यू ने नीरज का कत्ल किया या मारिया फिर कोई कहानी बना रही हैं? इन सभी सवालों के जवाब जानिए नीरज ग्रोवर हत्याकांड के पार्ट- 2 में, कल 28 जनवरी को, दैनिक भास्कर एप पर। ................................................................ लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा (नोटः ये खबर नीरज ग्रोवर हत्याकांड की चार्जशीट, क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा ,एक्टर रजा मुराद से बातचीत और दैनिक भास्कर की सीनियर रिपोर्टर वर्षा राय की रिसर्च के आधार पर लिखी गई है। ) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय .................................... सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स का केस-1 भी पढ़िए- पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 27 Jan 2026 4:30 am