बॉलीवुड डायरेक्टर रोहित शेट्टी ने अपनी सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी गोलमाल के 20 साल पूरे होने पर फैंस को बड़ा सरप्राइज दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए आधिकारिक तौर पर ‘गोलमाल 5’ की शूटिंग शुरू होने का ऐलान कर दिया है। रोहित शेट्टी ने अपने पोस्ट में लिखा, “20 साल पहले ‘गोलमाल’ रिलीज हुई थी, एक ऐसी फिल्म जिसने मेरी जिंदगी बदल दी। इसका पूरा क्रेडिट आप सभी दर्शकों को जाता है। पिछले 20 सालों में हमने आपको खूब एंटरटेन किया और कभी-कभी निराश भी किया, लेकिन हमने हमेशा अपने काम के प्रति ईमानदारी बनाए रखी।” उन्होंने आगे लिखा कि अब उनकी शानदार टीम एक बार फिर नए सफर पर निकलने के लिए तैयार है। डायरेक्टर ने बताया कि ‘गोलमाल 5’ की शूटिंग शुरू हो चुकी है और इस बार भी उनका मकसद दर्शकों को भरपूर एंटरटेन करना है। पोस्ट के आखिर में उन्होंने लिखा, “आपका प्यार और सपोर्ट हमेशा मिला है। अब हमें सिर्फ आपके आशीर्वाद की जरूरत है। सिनेमाघरों में मुलाकात होगी।” दरअसल, ‘गोलमाल’ फ्रेंचाइजी बॉलीवुड की सबसे सफल कॉमेडी सीरीज में से एक मानी जाती है। इसकी शुरुआत 2006 में रिलीज हुई पहली फिल्म गोलमाल: फन अनलिमिटेड से हुई थी। इसके बाद गोलमाल रिटर्न्स (2008), गोलमाल 3 (2010) और गोलमाल अगेन (2017) ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। फ्रेंचाइजी की खास बात इसकी कॉमिक टाइमिंग, मजेदार कहानी और स्टारकास्ट रही है। इस सीरीज में आमतौर पर अजय देवगन, अरशद वारसी, तुषार कपूर, श्रेयस तलपड़े और कुणाल खेमू जैसे कलाकार नजर आते रहे हैं। हालांकि ‘गोलमाल 5’ में फाइनल कास्ट क्या होगी, इस बारे में अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। रोहित शेट्टी की इस घोषणा के बाद फैंस काफी एक्साइटेड हो गए हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कमेंट कर कहा कि वे एक बार फिर गोलमाल गैंग की मस्ती देखने का इंतजार कर रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि 20 साल पुरानी इस सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइजी का पांचवां पार्ट दर्शकों को कितना हंसाने में कामयाब होता है।
बॉलीवुड के मशहूर सिंगर-रैपर बादशाह को लॉरेंस गैंग ने जान से मारने की धमकी दी है। सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लिखा- पिछली बार चंडीगढ़ में क्लब पर फायरिंग की, इस बार सीधे माथे पर गोली मारेंगे। इसके साथ टटीरी सॉन्ग का भी जिक्र किया। करीब एक साल पहले सेक्टर-26 में 2 क्लबों के बाहर धमाके हुए थे। सेविले बार एंड लाउंज और डि'ओरा क्लब के बाहर हुए धमाके में क्लब के बाहर के शीशे टूट गए थे। सेविले बार एंड लाउंज क्लब के बादशाह भी पार्टनर हैं। लॉरेंस गैंग की पोस्ट… हम खबर को अपडेट कर रहे हैं…
रणवीर सिंह स्टारर स्पाई-एक्शन फिल्म ‘धुरंधर 2’ की एडवांस बुकिंग आज देशभर के सिनेमाघरों में शुरू हो गई है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर इस साल की सबसे बड़ी ओपनिंग में से एक साबित हो सकती है। बड़े पैमाने पर बनाई गई यह फिल्म हाई-ऑक्टेन एक्शन, जासूसी और रिवेंज ड्रामा के दम पर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने की तैयारी में है। फिल्म को Jio Studios और B62 Studios मिलकर प्रेजेंट कर रहे हैं। मेकर्स ने इसे भव्य पैमाने पर तैयार किया है, जिसमें बड़े एक्शन सीक्वेंस, दमदार कहानी और इंटरनेशनल लेवल की प्रोडक्शन वैल्यू देखने को मिलेगी। रणवीर निभा रहे हैं दमदार किरदार फिल्म में रणवीर सिंह एक खतरनाक मिशन पर निकले स्पाई के किरदार में नजर आएंगे। कहानी बदले की भावना और गुप्त मिशनों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें देश की सुरक्षा के लिए अंडरकवर ऑपरेशन्स दिखाए जाएंगे। रणवीर के किरदार को फिल्म का सबसे बड़ा हाईलाइट माना जा रहा है, जिसमें उनका एक्शन और इंटेंस लुक देखने को मिलेगा। दमदार स्टारकास्ट से बढ़ी फिल्म की ताकत फिल्म में कई बड़े कलाकार भी अहम किरदार निभा रहे हैं।आर. माधवन रणनीतिक मास्टरमाइंड अजय सन्याल के रोल में नजर आएंगे, जबकि अर्जुन रामपाल आईएसआई मेजर इकबाल के रूप में दिखाई देंगे। वहीं संजय दत्त एसपी चौधरी असलम के ताकतवर किरदार में नजर आएंगे। इन सभी किरदारों की वजह से फिल्म की कहानी और भी ज्यादा इंटेंस और दिलचस्प बनने वाली है। पांच भाषाओं में रिलीज होगी फिल्म फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। वहीं इसे ज्योति देशपांडे और लोकेश धर ने प्रोड्यूस किया है। ‘धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में भी रिलीज किया जाएगा, जिससे यह पैन-इंडिया ऑडियंस तक पहुंचेगी। खास बात यह है कि फिल्म की रिलीज गुड़ी पड़वा और उगादी के मौके पर रखी गई है, जबकि इसके तुरंत बाद Eid al‑Fitr का त्योहार भी है। ऐसे में ट्रेड को उम्मीद है कि त्योहारों की छुट्टियों का फायदा फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को मिल सकता है। फिलहाल एडवांस बुकिंग खुलते ही कई शहरों में दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि रणवीर सिंह की यह स्पाई-एक्शन फिल्म रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर कितना बड़ा रिकॉर्ड बनाती है।
साउथ सिनेमा के दिग्गज निर्देशक एस. शंकर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वेलपरी’ को लेकर नया अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मेगा बजट फिल्म में अब रणवीर सिंह की जगह विक्की कौशल नजर आ सकते हैं। फिल्म में साउथ सुपरस्टार धनुष पहले से ही अहम भूमिका में बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘वेलपरी’ में दूसरे लीड रोल के लिए पहले रणवीर सिंह का नाम चर्चा में था। हालांकि अब वलाई पेचु की एक रिपोर्ट के अनुसार मेकर्स इस किरदार के लिए विक्की कौशल से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें कास्ट करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि फिल्म की स्टारकास्ट को लेकर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी प्रसिद्ध तमिल उपन्यास ‘वीर युग नायकन वेल परी’ पर आधारित है, जिसे लेखक सु. वेंकटेशन ने लिखा है। यह कहानी प्राचीन तमिलनाडु के प्रसिद्ध और उदार शासक वेलपरी के जीवन पर आधारित मानी जाती है। फिल्म को बड़े स्तर पर ऐतिहासिक ड्रामा के रूप में बनाने की तैयारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक शंकर इस प्रोजेक्ट को लंबे समय से बनाना चाहते थे और इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट मानते हैं। खबर यह भी है कि फिल्म के लिए धनुष से लंबी डेट्स मांगी गई हैं क्योंकि इसे बड़े पैमाने पर शूट करने की योजना है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार होता है, तो दर्शकों को पहली बार बड़े पर्दे पर धनुष और विक्की कौशल की नई जोड़ी देखने को मिल सकती है। वहीं रणवीर सिंह का नाम फिलहाल इस प्रोजेक्ट से बाहर बताया जा रहा है। वर्कफ्रंट की बात करें तो धनुष आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। वहीं विक्की कौशल भी कई फिल्मों में व्यस्त हैं और उनकी परफॉर्मेंस को लेकर इंडस्ट्री में काफी चर्चा रहती है। फिलहाल ‘वेलपरी’ को लेकर मेकर्स की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। अगर विक्की कौशल इस फिल्म में शामिल होते हैं तो यह बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बीच एक और बड़ी कोलैबोरेशन मानी जाएगी।
टीवी और फिल्म इंडस्ट्री को कई बड़े सितारे देने वाली प्रोड्यूसर एकता कपूर अब टैलेंट मैनेजमेंट की दुनिया में भी कदम रख रही हैं। उनके नेतृत्व वाली कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स ने नए टैलेंट मैनेजमेंट वेंचर ‘हुनर’ लॉन्च करने की घोषणा की है। यह नई कंपनी खास तौर पर कलाकारों को निखारने और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कहानी कहने और परफॉर्मेंस के कल्चर को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई है। ‘हुनर’ का मकसद बॉलीवुड और भारतीय टेलीविजन के स्थापित कलाकारों के साथ-साथ नए क्रिएटर्स और एक्टर्स को भी एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना है, जहां उन्हें सही दिशा और मौके मिल सकें। कंपनी के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म टैलेंट को सिर्फ रिप्रेजेंट करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कलाकारों की आर्टिस्टिक ग्रोथ पर भी काम करेगा। यहां कलाकारों को सही गाइडेंस, बेहतर अवसर और एक क्रिएटिव माहौल दिया जाएगा, जिससे वे अपने हुनर को निखार सकें और यादगार कहानियों का हिस्सा बन सकें। नए वेंचर के बारे में बात करते हुए एकता कपूर ने कहा कि बालाजी टेलीफिल्म्स में हमेशा से यह विश्वास रहा है कि टैलेंट तभी चमकता है, जब उसे सही माहौल और प्रोत्साहन मिले। उनके मुताबिक, ‘हुनर’ के जरिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाने की कोशिश है, जहां कलाकारों को सिर्फ मैनेज नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें समझा भी जाएगा। उन्होंने कहा कि कंपनी का मकसद कलाकारों को सोच-समझकर गाइडेंस देना, उनकी खूबियों के हिसाब से मौके तलाशने में मदद करना और उनके लंबे समय तक विकास में साथ देना है। एकता के अनुसार, यह पहल कलाकारों को एक्सपेरिमेंट करने और अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने का मौका देगी। इस नए वेंचर के लॉन्च को सेलिब्रेट करने के लिए मुंबई के प्रतिष्ठित फेयरमोंट मुंबई में एक एक्सक्लूसिव ‘हुनर लॉन्च पार्टी’ का आयोजन किया जाएगा। इस खास शाम में बॉलीवुड और टेलीविजन इंडस्ट्री के कई दिग्गज सितारे, क्रिएटर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और मीडिया से जुड़े लोग शामिल होंगे। एकता कपूर लंबे समय से नए टैलेंट को मौका देने के लिए जानी जाती हैं। उनके प्रोडक्शन हाउस ने इंडस्ट्री को कई बड़े कलाकार दिए हैं। ऐसे में ‘हुनर’ के जरिए वह अपने इसी विजन को और आगे बढ़ा रही हैं। इस पहल के साथ बालाजी टेलीफिल्म्स न सिर्फ कहानी कहने की अपनी विरासत को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कलाकारों के लिए एक ऐसा मंच भी तैयार कर रहा है, जहां वे सीख सकें, बढ़ सकें और अपनी पहचान बना सकें।
टीवी एक्टर विक्रम सिंह चौहन इन दिनों कलर्स के नए शो ‘दो दुनिया एक दिल’ में ‘शिवाय’ का किरदार निभाते नजर आ रहे हैं। हाल ही में दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान विक्रम ने डिजिटल दुनिया, ऑनलाइन फ्रॉड और दर्शकों की बदलती पसंद पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने फिल्मों में बढ़ रहे एंटी-हीरो और ग्रे किरदारों के ट्रेंड पर भी प्रतिक्रिया दी। विक्रम ने कहा कि धुरंधर और टॉक्सिक जैसी फिल्में भी एक आर्ट फॉर्म हैं और हर क्रिएटर को अपनी कहानी लोगों तक पहुंचाने का अधिकार है। उनके मुताबिक, अगर किसी को ऐसा कंटेंट सही नहीं लगता तो वह उसे न देखने का चुनाव भी कर सकता है। पेश है विक्रम सिंह चौहन से हुई बातचीत के कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: ‘दो दुनिया एक दिल’ में आपका किरदार दो अलग-अलग दुनिया के बीच कनेक्शन बनाता है। क्या आपको लगता है कि आज की टेक्नोलॉजी लोगों को जोड़ने से ज्यादा अलग कर रही है? जवाब: मुझे लगता है कि बैलेंस मेंटेन करना बहुत जरूरी है। अगर आप पूरी तरह डिजिटल दुनिया से दूर रहेंगे तो पीछे छूट जाएंगे, क्योंकि आजकल ज्यादातर काम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ही होता है। लेकिन अगर आप इसमें बहुत ज्यादा डूब जाते हैं, तो आपकी पर्सनल ग्रोथ और प्रोडक्टिविटी भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि हम दोनों दुनिया के बीच संतुलन बनाए रखें। सवाल: आज के समय में डिजिटल फ्रॉड और फेक आइडेंटिटी बड़ा मुद्दा बन चुका है। अगर आपको कभी ऑनलाइन फ्रॉड का सामना करना पड़े तो आप कैसे हैंडल करेंगे? जवाब:हमारे शो में भी बताया गया है कि अगर किसी के साथ ऑनलाइन फ्रॉड होता है, तो वह cyber.gov.in पर जाकर इसकी शिकायत कर सकता है। इसके अलावा कई हेल्पलाइन नंबर भी हैं, जहां कॉल करके रिपोर्ट की जा सकती है और पुलिस की मदद ली जा सकती है। मेरे साथ व्यक्तिगत रूप से ऐसा कभी नहीं हुआ, लेकिन इस शो के जरिए मुझे भी यह जागरूकता मिली है कि ऐसी स्थिति में कहां संपर्क करना चाहिए। सवाल: OTT और सोशल मीडिया के दौर में दर्शकों की पसंद काफी बदल गई है। क्या अब दर्शक ज्यादा रियल और अनफिल्टर्ड कहानियां देखना चाहते हैं? जवाब:मुझे लगता है कि दर्शक हमेशा से ही रियल और अनफिल्टर्ड कहानियां देखना चाहते थे। हर कोई कुछ नया, कुछ रॉ और असली महसूस कराने वाली कहानियां पसंद करता है। जिन कहानियों में ह्यूमन कनेक्शन और इमोशन होते हैं, वही दर्शकों को सबसे ज्यादा छूती हैं। सवाल: आजकल धुरंधर और टॉक्सिक जैसी फिल्मों में एंटी-हीरो या ग्रे किरदारों का ट्रेंड बढ़ रहा है। क्या टीवी पर भी इसका असर दिख रहा है? जवाब: मुझे लगता है कि यह एक आर्ट फॉर्म है और हर किसी को अपनी कला लोगों तक पहुंचाने का अधिकार है। अगर किसी को लगता है कि ऐसा कंटेंट उसके परिवार या समाज के लिए सही नहीं है, तो वह उसे न देखने का चुनाव कर सकता है। डिजिटल दुनिया में कई तरह का कंटेंट मौजूद है, जिनमें से कुछ चीजें इन फिल्मों से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि दर्शक समझदारी से अपनी पसंद का चुनाव करें।
बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले आमिर खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने सिर्फ हिट फिल्में ही नहीं दीं, बल्कि अभिनय और कहानी कहने के तरीके को भी नई दिशा दी है। 8 साल की उम्र में फिल्म ‘यादों की बारात’ से चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर कैमरे के सामने आने वाले आमिर ने आगे चलकर ‘लगान’, ‘गजनी’, ‘3 इडियट्स’ और ‘दंगल’ जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई। किरदार के लिए महीनों तैयारी करना, स्क्रिप्ट पर गहराई से काम करना और हर फिल्म में कुछ नया करने की कोशिश उनकी खास पहचान बन चुकी है। इतना ही नहीं शूटिंग के दौरान आमिर घड़ी नहीं देखते है, मोबाइल के जमाने में लंबे समय तक पेजर यूज किया। उनका मानना था कि तकनीक से ज्यादा जरूरी काम पर ध्यान देना है। यही वजह है कि उन्हें इंडस्ट्री में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है। आज आमिर खान 61वें जन्मदिन पर जानिए उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से, जो बताते हैं कि वे सिर्फ बड़े स्टार ही नहीं बल्कि अपने काम को लेकर बेहद समर्पित कलाकार भी हैं। 8 साल की उम्र में पहली बार कैमरे के सामने आमिर खान का फिल्मों से रिश्ता बचपन से ही जुड़ गया था। वे सिर्फ 8 साल की उम्र में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्म ‘यादों की बारात’ में नजर आए थे। यह फिल्म उनके चाचा नासिर हुसैन ने बनाई थी। उस समय आमिर को फिल्मों की दुनिया का ज्यादा अंदाजा नहीं था, लेकिन कैमरे के सामने आने का अनुभव उन्हें हमेशा याद रहा। बाद में उन्होंने अभिनय को ही अपना करियर बनाया और बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद अभिनेताओं में शामिल हो गए। उनका मानना है कि शुरुआती अनुभव ही किसी कलाकार के भीतर आत्मविश्वास पैदा करते हैं। फिल्म सेट ही बन गया एक्टिंग स्कूल बचपन में आमिर अक्सर अपने पिता और परिवार के साथ फिल्म के सेट पर जाया करते थे। वे घंटों बैठकर शूटिंग देखते और कलाकारों को अभिनय करते हुए देखते थे। यही उनका पहला एक्टिंग स्कूल बन गया। NDTV को दिए एक इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “मैं प्रशिक्षित अभिनेता नहीं हूं। मैंने अभिनय किसी संस्थान से नहीं सीखा, बल्कि सेट पर देखकर सीखा।” आमिर के मुताबिक हर फिल्म और हर किरदार उन्हें कुछ नया सिखाता है। यही वजह है कि वे हर रोल को बिल्कुल नए नजरिए से समझने की कोशिश करते हैं। स्कूल के दिनों में स्टेट लेवल टेनिस खिलाड़ी फिल्मों से पहले आमिर खान की जिंदगी में खेल का भी बड़ा स्थान था। स्कूल के दिनों में उन्हें टेनिस खेलने का बहुत शौक था और वे स्टेट लेवल टेनिस खिलाड़ी भी रह चुके हैं। खेल ने उन्हें अनुशासन और धैर्य सिखाया। यही गुण बाद में उनके अभिनय करियर में भी काम आए। आमिर अक्सर कहते हैं कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए लगातार अभ्यास और फोकस जरूरी होता है। खेल से मिली यह सीख उनके काम करने के तरीके में भी साफ नजर आती है। क्यों कहा जाता है ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान को बॉलीवुड में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है क्योंकि वे अपने किरदार के लिए महीनों तक तैयारी करते हैं। वे स्क्रिप्ट पढ़ने से लेकर किरदार की मानसिकता समझने तक हर चीज पर गहराई से काम करते हैं। NDTV से बातचीत के दौरान आमिर खान ने कहा था, “मैं खुद को परफेक्शनिस्ट नहीं मानता। मुझे बस अपने काम से प्यार है और मैं उसे ईमानदारी से करना चाहता हूं।” आमिर का कहना है कि किसी भी फिल्म को बेहतर बनाने के लिए पूरी टीम की मेहनत जरूरी होती है। एक सीन के लिए कई बार रिहर्सल आमिर खान एक सीन को परफेक्ट बनाने के लिए कई बार रिहर्सल करते हैं। अगर उन्हें लगता है कि सीन सही नहीं हुआ है तो वे बिना हिचकिचाहट के दोबारा शॉट देने के लिए तैयार रहते हैं। उनके साथ काम कर चुके कई कलाकार बताते हैं कि आमिर सेट पर बेहद फोकस्ड रहते हैं। उनका मानना है कि छोटी-छोटी चीजें ही किसी सीन को खास बनाती हैं। यही वजह है कि उनकी फिल्मों में अभिनय की गहराई अलग नजर आती है। शूटिंग के दौरान घड़ी नहीं देखते आमिर खान शूटिंग के दौरान समय से ज्यादा काम की गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं। वे सीन पूरा होने तक लगातार काम करते रहते हैं और घड़ी नहीं देखते। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “फिल्म बनाना टीमवर्क है। अगर हम सब मिलकर ईमानदारी से काम करें तो परिणाम भी बेहतर आता है।” मोबाइल के दौर में भी पेजर इस्तेमाल जब मोबाइल फोन तेजी से लोकप्रिय हो रहे थे, तब भी आमिर खान लंबे समय तक पेजर इस्तेमाल करते रहे। वे नई तकनीक अपनाने में जल्दबाजी नहीं करते थे। उनका मानना था कि तकनीक से ज्यादा जरूरी काम पर ध्यान देना है। यही कारण है कि वे सोशल मीडिया और नई तकनीक का इस्तेमाल भी बहुत सोच-समझकर करते हैं। सड़क किनारे पानी-पूरी खाने का किस्सा आमिर खान की सादगी के कई किस्से मशहूर हैं। एक बार वे सड़क किनारे पानी-पूरी खाने के लिए रुक गए और आम लोगों के साथ खड़े होकर चाट खाते नजर आए। वहां मौजूद लोगों को यह देखकर काफी हैरानी हुई। इतने बड़े स्टार का इस तरह आम लोगों के बीच बिना किसी दिखावे के खाना उनके स्वभाव की सादगी को दिखाता है। ‘लगान’ के लिए गांव में रहकर तैयारी फिल्म ‘लगान’ की शूटिंग के दौरान आमिर खान और पूरी टीम लंबे समय तक गांव में रही। इसका मकसद फिल्म के माहौल को असली बनाना था। कलाकारों ने क्रिकेट की खास ट्रेनिंग भी ली। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में आमिर खान ने बताया था, “हम चाहते थे कि फिल्म पूरी तरह असली लगे, इसलिए हम सबने उस माहौल में रहकर काम किया।” उनके मुताबिक यही कारण है कि फिल्म के कई दृश्य इतने वास्तविक लगे। ‘गजनी’ के लिए बनाया 8-पैक बॉडी फिल्म ‘गजनी’ के लिए आमिर खान ने अपने शरीर को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कड़ी ट्रेनिंग और सख्त डाइट के जरिए 8-पैक एब्स बनाए। उस समय बॉलीवुड में ऐसा ट्रांसफॉर्मेशन बहुत कम देखने को मिलता था। आमिर का यह लुक काफी चर्चा में रहा और फिटनेस के मामले में एक नया ट्रेंड भी बना। ‘दंगल’ के लिए वजन बढ़ाया और घटाया फिल्म ‘दंगल’ के लिए आमिर खान ने पहले लगभग 95 किलो तक वजन बढ़ाया ताकि वे उम्रदराज पहलवान पिता के किरदार में असली लगें। इसके बाद उन्होंने कुछ ही महीनों में वजन घटाकर एथलेटिक लुक हासिल किया। यह ट्रांसफॉर्मेशन दर्शकों के बीच काफी चर्चा में रहा। इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “अगर आप किरदार में सच दिखाना चाहते हैं तो आपको उसके लिए पूरी तरह समर्पित होना पड़ता है।” स्क्रिप्ट मीटिंग्स घंटों चलती हैं आमिर खान किसी भी फिल्म की स्क्रिप्ट को लेकर बेहद गंभीर रहते हैं। वे कहानी और किरदार पर गहराई से चर्चा करते हैं और कई बार स्क्रिप्ट मीटिंग्स कई-कई घंटों तक चलती हैं। उनका मानना है कि फिल्म की असली ताकत उसकी कहानी होती है। इसलिए वे स्क्रिप्ट को मजबूत बनाने में खास दिलचस्पी लेते हैं। नए डायरेक्टरों को मौका देने वाले स्टार आमिर खान ने अपने करियर में कई नए निर्देशकों के साथ काम किया है। उनका मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए नए विचार और नई प्रतिभा जरूरी है। इसी वजह से उनकी कई फिल्मों ने नए फिल्मकारों को बड़ी पहचान दिलाई। जॉन मैथ्यू मथान ने सरफरोश से निर्देशन की शुरुआत की और फिल्म बड़ी हिट रही। किरण राव की धोबी घाट और अद्वैत चंदन की सीक्रेट सुपरस्टार भी डेब्यू फिल्में थीं। वहीं आशुतोष गोवारिकर की लगान, नितेश तिवारी की दंगल, रीमा कागती की तलाश, कुणाल कोहली की फना और अभिनय देव की दिल्ली बेली, राजकुमार हिरानी की 3 इडियट्स,जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई। इन फिल्मों की सफलता के बाद ये निर्देशक इंडस्ट्री के बड़े नाम बन गए। तारे जमीन पर की कहानी अमोल गुप्ते लेकर आए थे। बाद में आमिर ने निर्देशन संभाला, लेकिन उन्होंने गुप्ते की कहानी और विजन को आगे बढ़ाया। डिस्लेक्सिया जैसे विषय पर बनी यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे संवेदनशील फिल्मों में गिनी जाती है और इसने अमोल गुप्ते को भी बड़ी पहचान दिलाई। ‘3 इडियट्स’ के लिए अलग अंदाज में प्रमोशन फिल्म ‘3 इडियट्स’ के प्रमोशन के दौरान आमिर खान ने एक अनोखा प्रयोग किया। वे अलग-अलग भेष में भारत के कई शहरों में घूमे और आम लोगों से मिले। इस दौरान लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि वे बॉलीवुड के बड़े स्टार से मिल रहे हैं। यह प्रमोशन उस समय काफी चर्चा में रहा। किरदार समझने के लिए असली लोकेशन पर जाते हैं आमिर खान अक्सर अपने किरदार को बेहतर तरीके से समझने के लिए असली लोकेशन पर जाकर समय बिताते हैं। वे वहां के लोगों से बात करते हैं और उनकी जिंदगी को समझने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि इससे अभिनय ज्यादा वास्तविक बनता है। हर फिल्म के बाद लंबा ब्रेक आमिर खान एक फिल्म खत्म होने के बाद अक्सर लंबा ब्रेक लेते हैं। वे इस दौरान अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं और नई फिल्मों की स्क्रिप्ट पढ़ते हैं। उनका मानना है कि लगातार काम करने से रचनात्मकता कम हो सकती है, इसलिए ब्रेक लेना जरूरी है। खुद को आज भी सीखने वाला कलाकार मानते हैं इतने लंबे करियर और सफलता के बावजूद आमिर खान खुद को आज भी सीखने वाला कलाकार मानते हैं। आउटलुक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “मैं परफेक्शन में विश्वास नहीं करता, मुझे लगता है खूबसूरती अपूर्णता में भी होती है।” उनका मानना है कि एक कलाकार को हमेशा सीखते रहना चाहिए, तभी वह अपने काम में नया कर सकता है। शायद यही वजह है कि अपने चार दशक लंबे करियर में भी आमिर लगातार नए प्रयोग करते रहे हैं। यही सोच उन्हें अलग बनाती है, और इसी दौरान उन्होंने अपने करियर में 11 रीमेक फिल्मों में भी काम किया है। __________________________________ बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.... अनुपम खेर@71; चेहरे पर लकवा मारा, फिर भी शूटिंग की:प्रोजेक्ट्स फ्लॉप हुए तो सिर्फ 400 रुपए बचे थे, रिकॉर्ड फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते एक लड़का, जिसने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय की तालीम हासिल की और बड़े ख्वाबों के साथ मुंबई पहुंचा। उसे एक फिल्म में शानदार किरदार मिला और उसने छह महीने तक पूरी लगन और मेहनत से उसकी तैयारी की। तभी अचानक खबर आई कि उसका रोल किसी और को दिया जा सकता है। मायूस होकर उसने मुंबई छोड़ने का फैसला कर लिया और आखिरी दफा फिल्म के डायरेक्टर महेश भट्ट से मिलने गया।पूरी खबर पढ़ें..
हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत और लोकप्रिय अदाकाराओं में गिनी जाने वाली मधुबाला की जिंदगी पर बनने वाली बायोपिक एक बार फिर चर्चा में आ गई है। फिल्म की कास्टिंग को लेकर लगातार नए-नए नाम सामने आ रहे हैं। पहले खबर थी कि इस फिल्म में लीड रोल के लिए कियारा आडवाणी को चुना गया है, लेकिन यह खबर झूठी साबित हुई। Filmfare की रिपोर्ट के मुताबिक के मुताबिक, फिल्म के लिए साउथ इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्री साई पल्लवी का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह इस भूमिका के लिए फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली की शुरुआती पसंदों में शामिल रही हैं। हालांकि कास्टिंग को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। दरअसल, इस बायोपिक को लेकर पिछले कुछ महीनों से कई तरह की खबरें सामने आती रही हैं। कभी कियारा आडवाणी के नाम की चर्चा हुई, तो कभी ‘सैयारा’ फेम अभिनेत्री अनीत पड्डा को मधुबाला का किरदार निभाने की खबरें आईं। लेकिन बाद में कुछ रिपोर्ट्स में इन दावों को अफवाह भी बताया गया। सूत्रों के मुताबिक, फिल्म के निर्माता एक ऐसे चेहरे की तलाश में हैं जो मधुबाला की खूबसूरती और अभिनय दोनों को पर्दे पर जीवंत कर सके। इसी वजह से कास्टिंग को लेकर काफी सावधानी बरती जा रही है और कई नामों पर विचार किया जा रहा है। गौरतलब है कि मधुबाला भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में से एक रही हैं। उनकी फिल्में और उनकी निजी जिंदगी दोनों ही लंबे समय तक चर्चा में रही हैं। ऐसे में उनकी जिंदगी पर बनने वाली बायोपिक को लेकर दर्शकों में भी काफी उत्सुकता है। फिलहाल फिल्म की कास्टिंग और शूटिंग को लेकर मेकर्स की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट से जुड़े और बड़े अपडेट सामने आ सकते हैं।
वेटरन फिल्ममेकर प्रियदर्शन ने अभिनेता कार्तिक आर्यन के साथ काम करने को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि एक समय उन्होंने अपनी फिल्म हंगामा-2 के लिए कार्तिक आर्यन को अप्रोच किया था, लेकिन एक्टर ने फिल्म करने से मना कर दिया था। इस पर प्रियदर्शन ने कहा कि उन्हें किसी भी अभिनेता से काम के लिए भीख मांगना पसंद नहीं है। पिंकविला को दिए इंटरव्यू में प्रियदर्शन ने कहा कि कई बार अभिनेता सीधे मना नहीं करते, बल्कि सम्मानपूर्वक बात करके प्रोजेक्ट से दूरी बना लेते हैं। उनके मुताबिक, अगर किसी कलाकार को निर्देशक या स्क्रिप्ट पर भरोसा नहीं है तो वह जबरदस्ती उसे मनाने में विश्वास नहीं रखते। उन्होंने साफ कहा, “मैं किसी भी अभिनेता से फिल्म करने के लिए भीख नहीं मांगता। जो मेरे काम पर भरोसा करता है, मैं उसी के साथ काम करता हूं।” कार्तिक समेत इन स्टार्स ने ठुकराई थी फिल्म प्रियदर्शन ने खुलासा किया कि हंगामा-2 का कॉन्सेप्ट सिर्फ कार्तिक आर्यन को ही नहीं, बल्कि आयुष्मान खुराना और सिद्धार्थ मल्होत्रा को भी सुनाया गया था। हालांकि तीनों कलाकारों ने यह फिल्म करने से मना कर दिया। इसके बाद प्रियदर्शन ने फिल्म में मिजान जाफरी को लीड रोल में लेकर प्रोजेक्ट पूरा किया। निर्देशक का मानना है कि कई बार कलाकार स्क्रिप्ट या निर्देशक पर भरोसा नहीं कर पाते, इसलिए प्रोजेक्ट से दूर हो जाते हैं। लेकिन वह इस बात को व्यक्तिगत रूप से नहीं लेते और नए कलाकारों के साथ काम करने को तैयार रहते हैं। स्क्रिप्ट के बाद तय करते हैं कास्ट प्रियदर्शन ने कहा कि वह कभी भी किसी खास अभिनेता को ध्यान में रखकर फिल्म नहीं लिखते। पहले पूरी कहानी और किरदार तैयार करते हैं, उसके बाद तय करते हैं कि कौन-सा कलाकार उस रोल के लिए सबसे फिट रहेगा। उनके मुताबिक, अगर कोई स्टार फिल्म करने से मना कर देता है तो यह इंडस्ट्री का सामान्य हिस्सा है। निर्देशक के तौर पर उनका काम अच्छी कहानी बनाना है, न कि कलाकारों के पीछे भागना। जल्द रिलीज होगी ‘भूत बंगला’ वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियदर्शन इन दिनों अपनी नई हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में अक्षय कुमार लीड रोल में नजर आएंगे और यह फिल्म 10 अप्रैल 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। करीब 14 साल बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी एक साथ लौट रही है। फिल्म में कॉमेडी के साथ हॉरर का तड़का देखने को मिलेगा और दर्शकों को इससे काफी उम्मीदें हैं। प्रियदर्शन हिंदी सिनेमा के सबसे सफल कॉमेडी डायरेक्टर्स में गिने जाते हैं। उन्होंने हेरा फेरी, हंगामा, चुप चुप के और भूल भुलैया जैसी कई लोकप्रिय फिल्में बनाई हैं।
फिल्म मेकर इम्तियाज अली की अगली फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' का टीजर शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे रिलीज कर दिया गया है। फिल्म में दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शरवरी वाघ मुख्य भूमिकाओं में हैं। टीजर से अंदाजा लग रहा है कि यह फिल्म भारत-पाकिस्तान विभाजन की थीम पर आधारित एक इमोशनल लव स्टोरी है। यह फिल्म इसी साल जून में सिनेमाघरों में रिलीज होगी। सोशल मीडिया से पुराने प्यार को मिलाएंगे दिलजीत टीजर में एक्टर्स को इंट्रोड्यूस कराया गया है। इसमें दिलजीत दोसांझ एक यूट्यूबर के रोल में नजर आ रहे हैं। कहानी में दिलजीत इंटरनेट और सोशल मीडिया की मदद से नसीरुद्दीन शाह को उनके दशकों पुराने प्यार से मिलाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। हालांकि, इन कयासों पर पूरी मुहर फिल्म का ट्रेलर आने के बाद ही लगेगी। फिल्म के टाइटल ट्रैक 'मैं वापस आऊंगा' को टीजर में यूज किया गया है। इसे खुद दिलजीत दोसांझ ने गाया है। वेदांग बनेंगे युवा नसीरुद्दीन शाह फिल्म के वीडियो को देखकर लग रहा है कि वेदांग रैना इसमें नसीरुद्दीन शाह के युवा अवतार की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, शरवरी वाघ फिल्म में उनकी प्रेमिका के किरदार में नजर आ रही हैं। यह फिल्म एक लड़के और एक लड़की की प्रेम कहानी से शुरू होकर पूरे देश के इमोशन्स को छूती हुई आगे बढ़ती है। इम्तियाज और दिलजीत की दूसरी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' के जरिए दिलजीत दोसांझ और इम्तियाज अली दूसरी बार साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले इस जोड़ी ने 'अमर सिंह चमकीला' में साथ काम किया था, जिसे एमी अवॉर्ड्स में नॉमिनेशन मिला था। खास बात यह है कि इस फिल्म में इम्तियाज अली, संगीतकार ए.आर. रहमान और गीतकार इरशाद कामिल की मशहूर तिकड़ी फिर से लौट रही है। इम्तियाज बोले- माइग्रेशन हमारे दौर की सबसे बड़ी कहानी फिल्म के बारे में बात करते हुए निर्देशक इम्तियाज अली ने कहा, क्या प्यार कभी खो सकता है? हमारे दौर की सबसे बड़ी कहानी माइग्रेशन की है। यह कहानी विभाजन के समय लोगों की यादों और अनुभवों से प्रेरित है। मुझे यह कहानी बड़े पर्दे पर कहने का मौका मिला, यह मेरा सौभाग्य है।
न्यूली मैरिड कपल कृतिका कामरा और गौरव कपूर ने अपनी शादी के बाद 12 मार्च की रात मुंबई में आफ्टर-पार्टी दी। इस जश्न में बॉलीवुड से लेकर खेल जगत के कई बड़े सेलेब्स ने शिरकत की। सचिन तेंदुलकर, विद्या बालन और मलाइका अरोड़ा जैसे स्टार्स इस कपल को बधाई देने पहुंचे। इस रिसेप्शन का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गौरव कपूर 'मुझसे शादी करोगी' गाने पर कृतिका कामरा के लिए डांस करते दिखाई दे रहे हैं। पार्टी में कृतिका ब्लू बॉडी हगिंग गाउन और डायमंड नेकलेस में पहुंची, वहीं गौरव भी ब्लू फॉर्मल सूट में दिखाई दिए। पार्टी में शामिल हुए क्रिकेट और बॉलीवुड सेलेब्स पार्टी में क्रिकेट की दुनिया सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह और जहीर खान इस कपल को बधाई देने पहुंचे। वहीं फिल्म इंडस्ट्री से विद्या बालन अपने पति सिद्धार्थ रॉय कपूर के साथ शामिल हुईं। पार्टी में मलाइका अरोड़ा अपने रूमर्ड बॉयफ्रेंड हर्ष मेहता के साथ दिखीं, तो फरहान अख्तर और शिबानी दांडेकर ने भी शिरकत की। इनके अलावा नेहा धूपिया, अंगद बेदी, सोहा अली खान, नकुल मेहता अपनी पत्नी जानकी पारेख के साथ और एक्ट्रेस पूजा गौर भी इस मौके पर मौजूद रहीं। कपल ने घर पर की थी रजिस्टर्ड मैरिज कृतिका कामरा और गौरव कपूर शादी ने 11 मार्च की शाम मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर पर दोनों ने एक निजी समारोह में रजिस्टर्ड मैरिज की थी। कृतिका और गौरव ने किसी बड़े ताम-झाम और पारंपरिक शादी की बजाय घर पर ही शादी करने का फैसला किया। समारोह में केवल परिवार के सदस्य और कुछ करीबी दोस्त ही शामिल हुए थे।
मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव के बीच दुबई में फंसीं एक्ट्रेस लारा दत्ता और उनकी 14 साल की बेटी सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। लारा ने बताया कि दुबई के जेबेल अली पोर्ट के पास बमबारी के कारण स्थिति चिंताजनक थी। साथ ही एक्ट्रेस ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो इसलिए पोस्ट किया, क्योंकि उन्हें लगा कि यह उनका आखिरी मैसेज भी हो सकता था। बता दें कि लारा दत्ता ने 4 मार्च को इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल वीडियो पोस्ट कर दुबई में अपनी बेटी सायरा के साथ फंसे होने का अनुभव शेयर किया था। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में लारा दत्ता ने हाल ही में बताया कि उनका घर जेबेल अली पोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर दूर है, जहां लगातार बमबारी हो रही थी। उन्होंने कहा कि परिवार के पास लौटने के लिए उन्होंने जोखिम उठाने का फैसला किया। लारा ने बताया कि वे दो घंटे की यात्रा करके फुजैराह पहुंचीं। इससे एक दिन पहले ही फुजैराह पोर्ट और ऑयल रिफाइनरी पर भी हमला हुआ था। उन्होंने कहा कि यह सफर काफी डराने वाला था। एयरपोर्ट पर भी सुनाई दे रहे थे धमाके: लारा लारा दत्ता ने बताया कि एयरपोर्ट पर भी धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं और सभी को उम्मीद थी कि कोई हमला न हो। उन्होंने एयरलाइंस की भी सराहना की और कहा कि इस अनुभव का असर उनकी बेटी पर पड़ सकता है। लारा ने बताया कि मजाक में उन्होंने फिल्म वेलकम टू द जंगल में अपने को-स्टार अक्षय कुमार से कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा था, जैसे वह फिल्म एयरलिफ्ट 2 का हिस्सा हों। एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो एक निजी कारण से शेयर किया था। उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी के साथ अकेले एक जोखिम भरी यात्रा पर निकलने वाली थीं और उस समय स्थिति को लेकर काफी अनिश्चितता थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके मन में यह भी ख्याल आया कि शायद यह वीडियो आखिरी मैसेज हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने इसे पोस्ट करने का फैसला किया। लारा दत्ता पिछले तीन साल से दुबई में रह रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी वहां एक फेमस टेनिस कोच के साथ ट्रेनिंग कर रही है। उस समय उनके पति महेश भूपति काम के सिलसिले में लंदन में थे। वर्कफ्रंट की बात करें तो लारा दत्ता जल्द ही अहमद खान की फिल्म वेलकम टू द जंगल में नजर आएंगी, जिसमें अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में हैं।
थलापति विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायकन' की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेंसर बोर्ड के साथ चल रहे विवाद और रिलीज में हो रही देरी के कारण ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो ने फिल्म के साथ अपनी डील कैंसिल कर दी है। अमेजन प्राइम वीडियो ने 'जन नायकन' के डिजिटल राइट्स के लिए करीब 120 करोड़ रुपए की डील की थी। फैंस पिछले दो महीने से इस फिल्म के थिएटर्स में आने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक इसकी रिलीज डेट फाइनल नहीं हो सकी है। 120 करोड़ की डील से स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पीछे हटा अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट कब मिलेगा और यह सिनेमाघरों में कब लगेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार इसीलिए ही अमेजन प्राइम वीडियो ने यह डील कैंसिल की है। आमतौर पर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स थिएटर रिलीज की तारीख के आधार पर ही एग्रीमेंट करते हैं। 9 जनवरी को होनी थी रिलीज, कोर्ट तक पहुंचा मामला 'जन नायकन' को शुरुआत में 9 जनवरी को रिलीज करने का प्लान था। मगर सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म के कुछ सीन्स पर आपत्ति जताते हुए उन्हें हटाने का निर्देश दिया। बोर्ड का मानना था कि कुछ सीन्स काफी संवेदनशील हैं। इसके बाद मेकर्स और सेंसर बोर्ड के बीच विवाद बढ़ा और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। दो महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी फिल्म अधर में लटकी हुई है। 9 मार्च की स्क्रीनिंग भी हुई कैंसिल विवाद सुलझाने के लिए मेकर्स ने कोर्ट से केस वापस लिया और रिवाइजिंग कमेटी के पास पहुंचे। 9 मार्च को फिल्म की स्क्रीनिंग रखी गई थी, लेकिन ऐन मौके पर कमेटी के एक सदस्य के बीमार होने के कारण इसे रद्द करना पड़ा। स्क्रीनिंग कैंसिल होने से रिव्यू प्रोसेस में और देरी हो गई है। थलापति विजय की यह आखिरी फिल्म विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही है। विजय तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) पार्टी के प्रमुख हैं। उनकी पार्टी ने मार्च-अप्रैल में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। हाल ही में विजय ने अपने एक्टिंग करियर से संन्यास लेने का ऐलान किया था। उन्होंने 33 साल के लंबे फिल्मी करियर के बाद फिल्मों को अलविदा कहने का फैसला किया। उन्होंने यह घोषणा मलेशिया में फिल्म के ऑडियो लॉन्च के दौरान की थी। अब वे राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होंगे।
UK07 राइडर नाम से फेमस यूट्यूबर अनुराग डोभाल की हालत में सुधार है। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर हुए कार एक्सीडेंट के बाद अब उन्हें ICU से बाहर शिफ्ट कर दिया गया है। अनुराग के मैनेजर और उनकी पत्नी ने सोशल मीडिया पर हेल्थ अपडेट शेयर किया है। बिग बॉस 17 के कंटेस्टेंट रह चुके राइडर अनुराग डोभाल ने इंस्टाग्राम पर लाइव आकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी। एक्सीडेंट से ठीक पहले अनुराग ने अपने ही परिवार पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। मैनेजर बोले- हम चौबीसों घंटे साथ हैं अनुराग के मैनेजर रोहित पांडे ने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर फैंस को जानकारी दी कि यूट्यूबर की हालत अब पहले से बेहतर है। उन्होंने अस्पताल से एक फोटो शेयर करते हुए लिखा, 'अनुराग भाई अब आईसीयू से बाहर आ गए हैं। हम चौबीसों घंटे उनके साथ हैं और उनके जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। परिवार पर लगाया था टॉर्चर का आरोप इस विवाद की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई थी जब अनुराग ने इंस्टाग्राम पर कई इमोशनल पोस्ट किए थे। 3 मार्च को उन्होंने लिखा था कि उन्हें मेंटली टॉर्चर किया जा रहा है। अनुराग ने वीडियो में दावा किया था, मुझसे मेरा परिवार, पैसा और रिश्ते सब छीन लिए गए हैं। अगर मुझे कुछ होता है, तो इसके जिम्मेदार मेरे मम्मी, पापा और भाई होंगे। पत्नी बोलीं- सोशल मीडिया पर सब सच नहीं होता अनुराग की पत्नी रितिका चौहान ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट शेयर की है। उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए लिखा, 'सोशल मीडिया पर जो दिखता है, वह हमेशा सच नहीं होता। यहां लोग बस कुछ दिन चर्चा करते हैं और फिर आगे बढ़ जाते हैं। असल मायने में यह जरूरी है कि आप सोशल मीडिया के बाहर अपनी जिंदगी कैसे जीते हैं और लोगों के साथ आपका व्यवहार कैसा है।' इंटर-कास्ट मैरिज बनी विवाद का कारण अनुराग ने अपने आखिरी व्लॉग में बताया था कि रितिका के साथ उनकी इंटर-कास्ट मैरिज को लेकर परिवार खुश नहीं था। उन्होंने काफी कोशिश की, लेकिन घरवाले शादी में शामिल नहीं हुए। अनुराग का कहना था कि उन्हें न तो माता-पिता का प्यार मिला और न ही भाई का।
फिल्ममेकर सूरज बड़जात्या ने गुरुवार शाम को मुंबई में अपनी बेटी ईशा बड़जात्या और उनके पति अभिषेक की शादी का रिसेप्शन होस्ट किया। यह इवेंट जुहू के JW मैरियट मुंबई में हुआ और इसमें सलमान खान, आमिर खान समेत कई बड़े बॉलीवुड स्टार्स शामिल हुए। रिसेप्शन में विक्की कौशल, अनिल कपूर, अनुपम खेर, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, नीना गुप्ता और बोमन ईरानी जैसे कलाकार पहुंचे। सलमान खान रॉयल ब्लू शर्ट और सूट में कड़ी सुरक्षा के बीच पहुंचे। आमिर खान अपने बेटे जुनैद खान के साथ आए। आमिर ने नेवी ब्लू सूट पहना था, जबकि जुनैद ब्लैक बंधगला में नजर आए। रानी मुखर्जी गोल्डन-व्हाइट कढ़ाई वाली कुर्ती और पेस्टल ग्रीन दुपट्टे में नजर आईं। ईशा बड़जात्या ने शिमरी सिल्वर साड़ी पहनी थी, जबकि दूल्हे अभिषेक ने नेवी ब्लू थ्री-पीस सूट पहना था। कौन हैं सूरज बड़जात्या? बता दें कि सूरज बड़जात्या मशहूर डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और स्क्रीनराइटर हैं। वे राजश्री प्रोडक्शंस के चेयरमैन हैं, जिसे उनके दादा ताराचंद बड़जात्या ने शुरू किया था। सूरज ने 1989 में 24 साल की उम्र में फिल्म 'मैंने प्यार किया' से डायरेक्शन में डेब्यू किया था, जो बहुत बड़ी हिट साबित हुई थी। उन्होंने 'हम आपके हैं कौन...!', 'हम साथ साथ हैं', 'विवाह', 'प्रेम रतन धन पायो' और 'ऊंचाई' जैसी फिल्में बनाईं। उनकी फिल्मों में पारिवारिक रिश्ते, भारतीय परंपराएं और मूल्य खास तौर पर दिखाए जाते हैं। उन्हें फिल्म 'ऊंचाई' के लिए 70वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला था।
मोनालिसा- उसे नहीं पता उसकी जिंदगी में तूफान आने वाला है। कुंभ गर्ल के नाम से मशहूर हुई मोनालिसा पर ही ये डायलॉग फिल्माया गया है।’ द डायरी ऑफ मणिपुर’ फिल्म के इस टीजर डायलॉग की तरह ही मोनालिसा की जिंदगी में अब तूफान आ गया है। ये तूफान उसी की मर्जी से आया है। दरअसल, मोनालिसा ने फरमान खान नाम के युवक से केरलम प्रदेश में दो दिन पहले शादी कर ली है। इससे न सिर्फ महेश्वर निवासी उनके पिता जय सिंह भोंसले नाराज हैं, बल्कि द डायरी ऑफ मणिपुर फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा तो यहां तक कह रहे कि अब उनकी हालत राजपाल यादव जैसी हो जाएगी, क्योंकि फिल्म के लिए उन्होंने बाजार से 10 करोड़ का लोन लिया है। मिश्रा के मुताबिक, फिल्म धर्मांतरण के खिलाफ थी और मोनालिसा ने मुस्लिम युवक से शादी कर खुद धर्मांतरण जैसा ही कर लिया है। भास्कर से बातचीत में सनोज ने कहा कि अब समझ में नहीं आ रहा कि फिल्म कैसे रिलीज करूं। भास्कर से सनोज की एक्सक्लूसिव बातचीत… आपको पहली बार कब पता चला कि उन्होंने शादी कर ली है? सनोज: कल दोपहर किसी ने मुझे एक खबर भेजकर पूछा कि क्या यह सच है। पहले मुझे लगा कि वह फिल्म की शूटिंग के लिए गई है, इसलिए शायद यह कोई मीडिया स्टंट होगा। जब माहौल बिगड़ने लगा तो मैंने उसके पिता से बात की। उस समय वह केरलम के एक पुलिस स्टेशन के बाहर खड़े थे और मोनालिसा अंदर थी। मैंने कहा कि मेरी बात करा दीजिए, ताकि मैं उसे समझा सकूं, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। बाद में पता चला कि पुलिस उसे पीछे के दरवाजे से कहीं और ले गई, तभी मुझे लगा कि मामला गंभीर है। क्या आपको उनके केरलम जाने के बारे में पहले से पता था? सनोज: करीब एक हफ्ते पहले उसने बताया था कि उसे केरलम जाना है। पूछने पर कहा कि वहां एक फिल्म साइन की है, जिसमें वह कैप्टन का रोल करेगी। उसके पिता को भी फिल्म में पिता का रोल देने का लालच दिया गया था। 10 दिन की ट्रेनिंग और फिर शूटिंग का झांसा देकर उसे वहां बुलाया गया। मैंने समझाया भी था कि जब तुम्हें हिंदी ठीक से नहीं आती तो मलयालम या तमिल कैसे बोलोगी। वहां हमारा कोई सर्कल भी नहीं है। उसके पिता को भी किसी साजिश का अंदेशा नहीं था। मोनालिसा का कहना है कि उनके पिता उनकी शादी बुआ के लड़के से कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया? सनोज: मुझसे कभी ऐसी कोई बात नहीं हुई। दो महीने पहले तक हम शूटिंग कर रहे थे। मैं उसके लिए परिवार जैसा था, अगर ऐसी कोई बात होती तो जरूर बताती। मान भी लें कि ऐसी स्थिति थी तो भी इस तरह का कदम उठाने की क्या जरूरत थी? इससे मेरा बहुत नुकसान हुआ है। दो साल की मेहनत, 10 करोड़ का कर्ज और दो महीने जो जेल में रहा- वो सब दांव पर लग गया। अब इस माहौल में मेरी फिल्म कौन देखेगा? मेरी फिल्म धर्मांतरण के खिलाफ थी। अब हीरोइन ने ही धर्मांतरण कर लिया। किस मुंह से फिल्म रिलीज करूंगा? क्या आप उस लड़के को जानते हैं? क्या वह कभी शूटिंग पर आया था? सनोज: मैं उससे कभी नहीं मिला। किसी ने उसे शूटिंग पर नहीं देखा। मुझे लगता है कि यह सब एक सोची-समझी प्रक्रिया के तहत हुआ है, जिसमें लड़की को ब्रेनवॉश कर अपने ही घरवालों को गलत साबित कर दिया जाता है। आपकी फिल्म तो लगभग तैयार है। अब फिल्म को लेकर क्या योजना है? सनोज: अभी कुछ कहना मुश्किल है। कल तक मुझे गर्व था कि मैंने एक गरीब लड़की को मौका दिया, लेकिन अब वह भावना खत्म हो गई है। 10 करोड़ का कर्ज है और बदनामी अलग हो गई है। मोनालिसा का कहना है कि उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से शादी की है, धर्म परिवर्तन नहीं किया, आप क्या कहेंगे इस बारे में? सनोज: मुझे यह बात समझ नहीं आती, अगर किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति से शादी की है तो आगे क्या होगा? फिलहाल, जो बातें सामने आ रही हैं, उससे विवाद और बढ़ गया है।बॉलीवुड में हिंदू-मुस्लिम कपल होना आम बात है। क्या आप इसे उसी नजरिए से नहीं देखते? सनोज: वह बॉलीवुड का हिस्सा नहीं थी। वह गांव के माहौल से आई थी। कभी मुंबई भी नहीं गई। इसलिए बॉलीवुड की जीवन शैली या माहौल की तुलना यहां लागू नहीं होती। आपके सामने आगे की सबसे बड़ी चुनौती क्या है? सनोज: सबसे बड़ी समस्या 10 करोड़ का कर्ज है। मैंने यह पैसा आठ महीने के लिए लिया था, जिसमें से अब सिर्फ तीन महीने बचे हैं, अगर समय पर पैसा नहीं चुका पाया तो कानूनी कार्रवाई हो सकती है। दोनों कह रहे हैं कि वे शूटिंग के दौरान मिले थे, क्या यह सच है? सनोज: मेरी जानकारी में शूटिंग के दौरान ऐसा कुछ नहीं हुआ, जो बातें कही जा रही हैं, वह मुझे सही नहीं लगतीं। आपने एक्टिंग सिखाने में कितनी मेहनत की? सनोज: जितनी मेहनत मुझे अपने 35 साल के करियर में कभी नहीं करना पड़ी, उतनी मेहनत इस फिल्म में लगी। उसे अभिनय सिखाने के लिए मुझे खुद कई चीजें करके दिखाना पड़ती थीं। मुझे उम्मीद नहीं थी कि हालात इस तरह बदल जाएंगे। मैंने उसकी ट्रेनिंग में सवा साल में 42 लाख रुपए लगाए हैं। उसे घर से दूर न रहना पड़े, इसलिए पूरे परिवार सहित उज्जैन में ठहराया। मुंबई से ट्रेनर बुलाए थे। अगर वह वापस आए तो क्या आप उसे स्वीकार करेंगे? सनोज: अब चीजें बहुत आगे निकल चुकी हैं। मेरे लिए सबसे बड़ी चिंता फिलहाल कर्ज और भविष्य की है, जिस लड़की को मैं घर से बेटी की तरह लेकर लाया, उसे फर्श से अर्श तक पहुंचाने के लिए अपनी पूरी जमा पूंजी दांव पर लगा दी, उसी ने मेरा भरोसा और भविष्य दोनों मटियामेट कर दिया। मोनालिसा के पिता ने मीडिया को बताया केरलम में क्या हुआ… फिल्म के लिए बुलाया, बाद में प्रोजेक्ट रद्द मोनालिसा के पिता जय सिंह ने बताया कि वे पहले फरमान से मिले थे। उस समय फरमान ने मोनालिसा के साथ फिल्म बनाने की बात कहकर उन्हें बुलाया था। फिल्म साइन करने की चर्चा भी हुई, लेकिन बाद में वह प्रोजेक्ट रद्द हो गया। इसके बाद काफी समय तक कोई संपर्क नहीं रहा। 20-25 दिनों से फोन पर बातचीत हो रही थी। फरमान कहता था कि मोनालिसा को कोई ठीक से सिखाता नहीं है, उसे और ट्रेनिंग की जरूरत है। पुलिस स्टेशन के बाहर घंटों बैठाया पिता के मुताबिक, जब वे केरलम पहुंचे तो उन्हें पुलिस स्टेशन के अंदर नहीं जाने दिया गया। करीब ढाई-तीन घंटे तक वे सड़क पर ही बैठे रहे। बाद में जब थोड़ी देर के लिए मोनालिसा से बात हुई तो उसने कहा कि वह डांस और एक्टिंग सीखना चाहती है। गांव वापस नहीं जाना चाहती। शादी की बात से किया इनकार मोनालिसा और फरमान ने आरोप लगाया है कि पिता मोनालिसा की शादी बुआ के लड़के से करना चाहते थे। इस सवाल पर जय सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी बेटी की शादी की बात नहीं की, क्योंकि उसकी उम्र भी अभी कम है। उनका आरोप है कि चार दिन में प्यार होना संभव नहीं है, उन्हें लगता है कि मोनालिसा को किसी तरह फंसाया गया है। मीडिया से बेटी के लिए अपील मीडिया के माध्यम से उन्होंने बेटी से घर लौटने की अपील की। उनका कहना है कि अगर किसी के बहकावे में आकर कोई गलती हुई है तो समाज से माफी मांग ले। वे सिर्फ अपनी बेटी को सुरक्षित वापस देखना चाहते हैं। सरकार भी इसमें मदद करेगी। …………… यह खबर भी पढ़ें महाकुंभ वायरल गर्ल बोली- शादी न होती तो सुसाइड कर लेती महाकुंभ 2025 में रुद्राक्ष बेचते हुए रातोरात सोशल मीडिया स्टार बनीं महेश्वर (मप्र) की मोनालिसा भोंसले ने केरल में अपने बॉयफ्रेंड फरमान खान के साथ मंदिर में शादी रचा ली है। इस अंतरधार्मिक विवाह ने उत्तर से दक्षिण भारत तक हलचल मचा दी है। जहां एक ओर फिल्म डायरेक्टर ने इसे बड़ी साजिश बताया है तो वहीं गुरुवार को कपल ने तिरुवनंतपुरम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी जान को खतरा बताया है। पढ़ें पूरी खबर
रियलिटी शो ‘द 50’ से हाल ही में बाहर हुईं एक्ट्रेस और रियलिटी स्टार दिव्या अग्रवाल एक बार फिर चर्चा में हैं। शो के दौरान उनके गेम, रिश्तों और कुछ कंटेस्टेंट्स के साथ हुई तकरार को लेकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा रही। खासकर कंटेस्टेंट भव्या सिंह के साथ उनकी बहस और भव्या द्वारा उन्हें ‘गोल्ड डिगर’ कहे जाने को लेकर भी मामला सुर्खियों में रहा। शो से बाहर आने के बाद दिव्या ने अपने अनुभव, कंटेस्टेंट्स की रणनीति और आगे के करियर प्लान पर खुलकर बात की। दैनिक भास्कर से बातचीत में दिव्या अग्रवाल ने भव्या के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी और अपने तलाक को लेकर चल रही अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। ‘द 50’ से बाहर होने के बाद आपके फैंस थोड़े निराश नजर आए, क्या आपको भी इस शो से जल्दी बाहर होने का कोई अफसोस या रिग्रेट है?अफसोस जैसा कुछ नहीं है। मुझे लगता है कि हर चीज का एक्सपीरियंस जरूरी होता है। फ्रेंडशिप, स्ट्रेटेजी और इस सोशल मीडिया की पावरफुल दुनिया में रहकर बहुत कुछ सीखने को मिलता है। लेकिन सच कहूं तो इस फॉर्मेट में मुझे उतना मजा नहीं आ रहा था। मेरा मन नहीं लग रहा था। हम न खुलकर झगड़ पा रहे थे, न खुलकर बातें कर पा रहे थे। शो में एक तरह का ‘परिवार वाला’ माहौल चल रहा था और शायद मैं उस स्पेस में फिट नहीं हो पा रही थी। आपने पहले भी बड़े रियलिटी शोज जीते हैं, ऐसे में क्या इस बार भी ट्रॉफी जीतने की उम्मीद या प्रेशर महसूस कर रही थीं? सच कहूं तो मैंने इस शो में उतनी मेहनत ही नहीं की। जब आपका दिल ही नहीं लग रहा होता तो आप ट्रॉफी के हकदार भी नहीं होते। मैंने अपनी जिंदगी में जितनी भी ट्रॉफियां जीती हैं, वो दिल से और बहुत नैचुरली जीती हैं। यहां वो फीलिंग ही नहीं आ रही थी, इसलिए मुझे नहीं लगता कि मुझे इसकी जरूरत थी। शो में लगातार अलायंस बनते और टूटते दिखाई दे रहे हैं, ऐसे में आपको क्या लगता है कि आखिर में कौन सा कंटेस्टेंट ट्रॉफी तक पहुंच सकता है?अब तो इतना ज्यादा अलायंस बन चुका है कि शायद पूरा अलायंस ही एक फैनडम की तरह काम करेगा। इसलिए किसी एक को चुनना बहुत मुश्किल है। इस शो में कभी भी कुछ भी हो सकता है। कोई भी जीत सकता है, कोई भी आगे जा सकता है और कोई भी अचानक बाहर हो सकता है। मेरे से पहले भी बहुत अच्छे खिलाड़ी बाहर हो चुके हैं, इसलिए यह गेम काफी अनप्रेडिक्टेबल है। शो में प्रिंस को लेकर यह भी आरोप लगाए गए कि कुछ कंटेस्टेंट्स ने पहले से मिलकर एक कॉन्फ्रेंस की थी और अलायंस बनाकर शो में एंट्री ली थी, क्या आपने भी ऐसा कुछ सुना था? हां, मैंने भी ऐसी बातें सुनी थीं। मुझे भी उस कॉन्फ्रेंस का ऑफर आया था, लेकिन मैं उसमें शामिल नहीं हुई। अगर कुछ लोगों ने पहले से प्लानिंग की थी तो वह उनकी अपनी गलती है। इसमें शो या चैनल की कोई गलती नहीं है। इस शो के दौरान क्या आपको कुछ नए रिश्ते मिले या कुछ पुराने रिश्तों में दूरी भी आई? कुछ रिश्ते बने और कुछ बने हुए रिश्ते बिगड़ गए। लेकिन कई बार ऐसा भी लगता है कि जो रिश्ते टूटे, शायद वो पहले से ही असली नहीं थे। इंडस्ट्री में अक्सर लोग सिर्फ हेलो-हाय तक ही सीमित रहते हैं। भव्या के साथ आपका विवाद काफी चर्चा में रहा, क्या आगे चलकर उनसे बात करने या रिश्ते सुधारने की कोई संभावना है? मैंने पहले कभी उसके बारे में कुछ नहीं कहा था और अभी भी बहुत ज्यादा बोलना नहीं चाहती। लेकिन अगर किसी को मुझसे इतनी परेशानी है तो फिर मेरे पॉडकास्ट को अपने चैनल पर क्यों रखा है? मैं चाहती तो उसे कह सकती थी कि उसे हटा दे, लेकिन अगर उससे उसका घर चलता है तो ठीक है। लाइफ सबको सिखा देती है। शो के दौरान आपके और आपके पति के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें भी फैलती रहीं, उस पर आप क्या कहना चाहेंगी? यही सबसे गलत चीज है कि लोगों को भरोसा दिलाने के लिए हमें अपनी निजी जिंदगी को सोशल मीडिया पर दिखाना पड़ता है। मेरी जिंदगी सोशल मीडिया से डिफाइन नहीं होती। हमारी पीआर टीम ने मेरे पति से कहा था कि एक फोटो पोस्ट कर दो ताकि डिवोर्स की अफवाहें बंद हो जाएं। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि अगर दिव्या कहेगी तभी मैं पोस्ट करूंगा। हमें किसी को कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है। अर्चना गौतम के साथ शो में आपका रिश्ता कभी दोस्ती तो कभी तकरार वाला नजर आया, आप इसे कैसे देखती हैं?अर्चना बहुत फनी हैं और हमारा लव-हेट रिलेशन रहा है। लेकिन अगर सच में देखा जाए तो शो में उन्होंने सबसे ज्यादा एंटरटेन किया है। उन्होंने झगड़े भी किए, मस्ती भी की और पूरे दिल से शो को एंजॉय किया। सपना चौधरी के साथ आपकी दोस्ती भी शो के दौरान काफी चर्चा में रही, उनके बारे में क्या कहना चाहेंगी? सपना बहुत स्वीट हैं। शो से निकलने के बाद मैंने उनसे उनका नंबर मांगा और उन्होंने दे भी दिया। हम फोन पर बात भी कर चुके हैं। वह कमाल की डांसर हैं और अगर कभी उनके साथ स्टेज शेयर करने का मौका मिला तो मुझे बहुत खुशी होगी। अब आगे के करियर प्लान क्या हैं और क्या आप भविष्य में फिर से किसी रियलिटी शो का हिस्सा बनना चाहेंगी?मुझे लगता है कि अब रियलिटी शोज का चैप्टर खत्म हो चुका है। अगर कुछ करना हुआ तो शायद होस्टिंग करना पसंद करूंगी, लेकिन फिलहाल मेरा पूरा फोकस एक्टिंग पर है। अब मेरा समय मेरे क्राफ्ट, फैमिली और अपनी लाइफ को बेहतर बनाने में लगेगा।
छोटे से कस्बे बुधाना से निकलकर बॉलीवुड तक का सफर तय करने वाले नवाजुद्दीन सिद्दीकी की कहानी संघर्ष, धैर्य और जुनून की मिसाल है। किसान परिवार में जन्मे नवाज ने बचपन सादगी और सीमित संसाधनों के बीच बिताया। केमिस्ट की नौकरी से लेकर दिल्ली में थिएटर और फिर मुंबई में छोटे-छोटे रोल करने तक, उनका सफर आसान नहीं रहा। कई फिल्मों में 1-2 मिनट की झलक से शुरुआत करने वाले नवाज ने कभी हार नहीं मानी। धीरे-धीरे उनके अभिनय की सच्चाई ने दर्शकों और फिल्ममेकरों का ध्यान खींचा। ब्लैक फ्राइडे, पीपली लाइव और न्यूयॉर्क जैसी फिल्मों ने उनके टैलेंट की झलक दी, लेकिन असली पहचान गैंग्स ऑफ वासेपुर से मिली। इसके बाद कहानी, द लंचबॉक्स और मांझी: द माउंटेन मैन जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय ने उन्हें इंडस्ट्री के सबसे भरोसेमंद अभिनेताओं में शामिल कर दिया। आज की सक्सेस स्टोरी में आइए जानते हैं नवाजुद्दीन सिद्दीकी के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ और बातें.. बुधाना के किसान परिवार में जन्म और बचपन की सादगी भरी जिंदगी नवाजुद्दीन सिद्दीकी का जन्म 19 मई 1974 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के छोटे से कस्बे बुधाना में एक किसान परिवार में हुआ था। गांव का माहौल बेहद साधारण था और वहां मनोरंजन के साधन भी बहुत कम थे। बचपन में वे स्थानीय रामलीला और छोटे-मोटे मंचीय कार्यक्रमों को देखकर अभिनय से प्रभावित होते थे। गांव की सादगी और जमीन से जुड़ा जीवन उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा बना। यही वजह है कि आगे चलकर उनके अभिनय में आम आदमी की सच्चाई झलकती है। छोटे कस्बे में पले-बढ़े नवाज ने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह बॉलीवुड के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में गिने जाएंगे। नौ भाई-बहनों के बीच पले-बढ़े, छोटे कस्बे से बड़े सपनों की शुरुआत नवाजुद्दीन सिद्दीकी नौ भाई-बहनों वाले बड़े परिवार में पले-बढ़े। इतने बड़े परिवार में जिम्मेदारियां भी जल्दी आ जाती हैं। घर में अनुशासन और मेहनत का माहौल था, जिसने उनके स्वभाव को मजबूत बनाया। छोटे कस्बे से होने के बावजूद नवाज के अंदर कुछ अलग करने की चाह थी। परिवार की साधारण जिंदगी और सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने बड़े सपने देखे। यही सपना बाद में उन्हें गांव से बाहर निकलकर अभिनय की दुनिया की ओर ले गया। उनके लिए यह सफर आसान नहीं था, लेकिन बचपन की परिस्थितियों ने उन्हें संघर्ष के लिए तैयार कर दिया। केमिस्ट की नौकरी करते हुए एक्टिंग का सपना जागा कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन करने के बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने वडोदरा में केमिस्ट की नौकरी की। यही वह समय था जब पहली बार उन्होंने थिएटर का नाटक देखा और अभिनय का सपना उनके भीतर जन्मा। एक नाटक देखने के बाद उन्हें लगा कि यही वह दुनिया है जिसमें वह खुद को देखना चाहते हैं। उस रात उन्होंने तय किया कि जीवन में कुछ भी हो जाए, लेकिन अभिनय जरूर करेंगे। यह फैसला उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ और उन्होंने स्थिर नौकरी छोड़कर अभिनय के अनिश्चित रास्ते पर चलने का जोखिम उठाया। दिल्ली आकर थिएटर जॉइन करने का फैसला नौकरी छोड़ने के बाद नवाजुद्दीन दिल्ली पहुंचे और थिएटर से जुड़ने का फैसला किया। यह कदम बेहद जोखिम भरा था क्योंकि उनके पास स्थायी आय का कोई साधन नहीं था। लेकिन अभिनय के प्रति जुनून इतना मजबूत था कि उन्होंने हर मुश्किल को स्वीकार किया। दिल्ली के थिएटर ग्रुप्स में काम करते हुए उन्होंने मंच की बारीकियां सीखीं और अभिनय की समझ विकसित की। थिएटर ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और यही अनुभव आगे चलकर फिल्मों में उनके अभिनय की मजबूत नींव बना। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला और अभिनय की असली ट्रेनिंग थिएटर में रुचि बढ़ने के बाद नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने दिल्ली के प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में दाखिला लिया। यहां उन्हें अभिनय की पेशेवर ट्रेनिंग मिली और अभिनय के तकनीकी पहलुओं को समझने का मौका मिला। NSD के दिनों में उन्होंने कई नाटकों में काम किया और अपने हुनर को निखारा। यह संस्थान उनके लिए जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ क्योंकि यहीं से उन्हें अभिनय में आत्मविश्वास मिला और उन्होंने बड़े सपने देखने शुरू किए।नवाज कहते हैं- NSD ने मुझे वह आत्मविश्वास दिया जो बॉलीवुड के कई लोगों के पास नहीं होता। थिएटर के दिनों में पैसों की तंगी और दोस्तों के सहारे गुजारा दिल्ली में थिएटर करते समय नवाजुद्दीन को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई बार उनके पास किराया देने या रोजमर्रा के खर्च के लिए भी पैसे नहीं होते थे। ऐसे समय में दोस्तों और साथी कलाकारों ने उनका साथ दिया। वे कई-कई लोगों के साथ कमरों में रहते थे और बेहद साधारण जीवन बिताते थे। संघर्ष के ये साल उनके लिए सीखने और खुद को मजबूत बनाने का समय थे। इन्हीं अनुभवों ने उन्हें जमीन से जुड़े किरदार निभाने की क्षमता दी। मुंबई पहुंचकर वाचमैन की नौकरी और ऑडिशन का लंबा संघर्ष NSD से पढ़ाई पूरी करने के बाद नवाजुद्दीन मुंबई पहुंचे। यहां शुरुआत बेहद कठिन रही। फिल्मों में काम मिलने से पहले उन्होंने गुजारा चलाने के लिए वाचमैन की नौकरी भी की। दिन में ऑडिशन और रात में नौकरी, यही उनकी दिनचर्या बन गई थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे। यह संघर्ष उनके करियर का अहम हिस्सा रहा जिसने उन्हें मजबूत बनाया। फिल्मों में 1-2 मिनट के छोटे रोल, लेकिन हार नहीं मानी मुंबई में शुरुआती दौर में नवाजुद्दीन को फिल्मों में बहुत छोटे-छोटे रोल मिले। कई बार उनका स्क्रीन टाइम सिर्फ एक-दो मिनट का होता था। बावजूद इसके उन्होंने हर किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया। उन्हें विश्वास था कि एक दिन उनका अभिनय जरूर पहचाना जाएगा। छोटे रोल करते हुए भी उन्होंने अभिनय का अभ्यास जारी रखा और खुद को बेहतर बनाते रहे। यही जिद आगे चलकर उनके करियर की सबसे बड़ी ताकत बनी। नवाज कहते हैं- मैंने हर छोटा-बड़ा रोल किया, जो भी मिला उसे स्वीकार किया। ‘सरफरोश’ और अन्य फिल्मों में छोटी झलक से शुरुआत नवाजुद्दीन सिद्दीकी को शुरुआती पहचान फिल्म ‘सरफरोश में छोटे से रोल से मिली। इस फिल्म में उन्होंने छोटे क्रिमिनल/इन्फॉर्मर टाइप किरदार निभाया था। इसके बाद ‘शूल’ में रेस्टोरेंट का वेटर, जंगल में डकैत गैंग के एक सदस्य की छोटी भूमिका, मुन्ना भाई एमबीबीएस में पॉकेटमार और आजा नचले में लोकल व्यक्ति का छोटा सा किरदार निभाया था। भले ही ये भूमिकाएं बड़ी नहीं थीं, लेकिन हर किरदार में उन्होंने अपनी अलग छाप छोड़ी। धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री के लोग उनके अभिनय को नोटिस करने लगे। यह दौर उनके करियर की नींव रखने वाला समय था। ‘ब्लैक फ्राइडे’ से पहली बार एक्टिंग की चर्चा शुरू अनुराग कश्यप की फिल्म ‘ब्लैक फ्राइडे’ नवाजुद्दीन सिद्दीकी के करियर का अहम मोड़ बनी। इस फिल्म में उनका किरदार छोटा था, लेकिन उनके अभिनय ने दर्शकों और फिल्म समीक्षकों का ध्यान खींचा। इस फिल्म के बाद इंडस्ट्री में उनके काम की चर्चा शुरू हुई और उन्हें बेहतर भूमिकाएं मिलने लगीं। यहीं से उनकी पहचान एक गंभीर अभिनेता के रूप में बनने लगी। फिल्म ‘न्यूयॉर्क’ और छोटे किरदार से भी असर छोड़ने की कला न्यूयॉर्क फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने जिलगई नाम के किरदार को निभाया। यह भूमिका 9/11 हमलों के बाद गलत तरीके से FBI हिरासत में लिए गए एक भारतीय की थी। जिलगई पूछताछ, टॉर्चर और मानसिक प्रताड़ना झेलता है। 5-8 मिनट के इस छोटे रोल में नवाजुद्दीन ने आंखों से पीड़ा व्यक्त कर दर्शकों को झकझोर दिया। कबीर खान के निर्देशन में उनके टॉर्चर सीन ने खूब वाहवाही लूटी। इस किरदार ने नवाजुद्दीन की यथार्थवादी अभिनय क्षमता को साबित किया। ‘पीपली लाइव’ से इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींचा आमिर खान के प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘पीपली लाइव’ नवाजुद्दीन सिद्दीकी के करियर के लिए बड़ा मौका साबित हुई। इस फिल्म में नवाज ने छोटे शहर के फ्रस्ट्रेटेड रिपोर्टर का किरदार निभाया था। इस फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली और इंडस्ट्री का ध्यान उनकी ओर गया। इसके बाद उन्हें कई महत्वपूर्ण फिल्मों के ऑफर मिलने लगे और उनका करियर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ गया। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में फैजल बनकर रातोंरात पहचान नवाज को असली पहचान 2012 में आई अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ से मिली। फिल्म में उन्होंने फैजल खान का किरदार निभाया, जो धीरे-धीरे एक कमजोर लड़के से गैंगस्टर बनता है। उनके शांत लेकिन खतरनाक अंदाज ने दर्शकों को चौंका दिया। फिल्म रिलीज होते ही नवाजुद्दीन रातोंरात चर्चा में आ गए और इंडस्ट्री को एक नया टैलेंट मिला। इस किरदार ने उन्हें मुख्यधारा सिनेमा में मजबूत पहचान दिलाई और कई बड़े निर्देशकों का ध्यान भी खींचा। नवाज कहते हैं- फैजल का किरदार मेरे लिए टर्निंग पॉइंट था। लोगों ने पहली बार मुझे नोटिस किया। “बाप का, दादा का…” डायलॉग से पॉप-कल्चर आइकन बन गए ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ का मशहूर डायलॉग “बाप का, दादा का…” आज भी पॉप-कल्चर का हिस्सा है। इस डायलॉग को नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने जिस सहज अंदाज में कहा, वह दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया। सोशल मीडिया से लेकर युवाओं की बातचीत तक, यह लाइन लंबे समय तक ट्रेंड करती रही। इससे नवाजुद्दीन की पहचान सिर्फ एक अच्छे एक्टर की नहीं, बल्कि यादगार स्क्रीन प्रेजेंस वाले कलाकार की बन गई। नवाज कहते हैं- कई बार डायलॉग की ताकत अभिनेता से भी ज्यादा बड़ी हो जाती है। ‘कहानी’ में इंटेलिजेंस ऑफिसर का दमदार किरदार 2012 की फिल्म ‘कहानी’ में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने इंटेलिजेंस ऑफिसर खान का रोल निभाया। फिल्म में उनकी मौजूदगी कम समय की थी, लेकिन अभिनय इतना असरदार था कि दर्शकों को वह लंबे समय तक याद रहा। उनकी आंखों और बॉडी लैंग्वेज से झलकता रहस्य फिल्म की कहानी को और रोचक बना देता है। इस भूमिका ने साबित किया कि नवाजुद्दीन छोटे रोल में भी मजबूत छाप छोड़ सकते हैं। नवाज कहते हैं- मैं किरदार का आकार नहीं देखता, बस उसकी सच्चाई ढूंढता हूं। ‘द लंचबॉक्स’ के जरिए इंटरनेशनल फेस्टिवल्स में सराहना फिल्म ‘द लंचबॉक्स’ ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचा दिया। फिल्म में उन्होंने इरफान खान के सहयोगी शेख का किरदार निभाया, जो हल्के-फुल्के हास्य और मासूमियत से कहानी को संतुलित करता है। फिल्म कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई गई और खूब सराही गई। इस प्रोजेक्ट ने नवाजुद्दीन को ग्लोबल स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। नवाज बताते हैं कि इंटरनेशनल फेस्टिवल्स में जब लोग मेरे काम की तारीफ करते थे, तो विश्वास बढ़ जाता था। ‘मांझी: द माउंटेन मैन’ के लिए जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन फिल्म ‘मांझी: द माउंटेन मैन’ में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने दशरथ मांझी की भूमिका निभाई। इस किरदार के लिए उन्होंने अपनी बॉडी लैंग्वेज, लुक और बोलने के अंदाज पर खास मेहनत की। फिल्म में एक गरीब मजदूर की जिद और संघर्ष को उन्होंने बेहद भावुक तरीके से निभाया। यह रोल उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक माना जाता है। नवाज कहते हैं कि मांझी की कहानी ने मुझे अंदर से हिला दिया था। हर फिल्म में अलग अंदाज, विलेन, कॉमिक और इमोशनल रोल का संतुलन नवाजुद्दीन सिद्दीकी की सबसे बड़ी खासियत उनकी बहुमुखी प्रतिभा है। उन्होंने गैंगस्टर, पुलिस ऑफिसर, कॉमिक किरदार और भावनात्मक रोल, हर तरह की भूमिकाएं निभाई हैं। यही वजह है कि वह किसी एक इमेज में बंधकर नहीं रह गए। अलग-अलग फिल्मों में उनका नया अंदाज देखने को मिलता है, जो उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है। नवाज खुद कहते हैं कि अगर एक ही तरह के रोल करूं तो मैं खुद बोर हो जाऊंगा। सेक्रेड गेम्स से ओटीटी का ग्लोबल फेस बने 2018 में आई वेब सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’ ने नवाजुद्दीन सिद्दीकी को ओटीटी की दुनिया में नया मुकाम दिया। इसमें उन्होंने गणेश गायतोंडे का किरदार निभाया, जो क्राइम और सत्ता के खेल में उलझा एक जटिल गैंगस्टर है। सीरीज दुनियाभर में लोकप्रिय हुई और नवाजुद्दीन की एक्टिंग को जबरदस्त सराहना मिली। नवाज कहते हैं- गायतोंडे का किरदार बहुत परतों वाला था, इसलिए उसे निभाना चुनौतीपूर्ण भी था। कभी लीड हीरो जैसा लुक नहीं माना गया, फिर भी बने दमदार स्टार बॉलीवुड में लंबे समय तक यह माना जाता रहा कि हीरो बनने के लिए खास तरह का लुक जरूरी है। लेकिन नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने इस सोच को चुनौती दी। साधारण चेहरे और मजबूत अभिनय के दम पर उन्होंने साबित किया कि असली स्टारडम प्रतिभा से आता है। धीरे-धीरे दर्शकों ने भी उन्हें अलग तरह के हीरो के रूप में स्वीकार किया। आत्मकथा एन ऑर्डिनरी लाइफ और उससे जुड़े विवाद 2017 में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी आत्मकथा ‘एन ऑर्डिनरी लाइफ’ लिखी। किताब में उन्होंने अपने संघर्ष, रिश्तों और निजी अनुभवों के बारे में खुलकर लिखा। हालांकि कुछ व्यक्तिगत खुलासों को लेकर विवाद भी हुआ, जिसके बाद उन्होंने किताब को वापस लेने का फैसला किया। इस घटना ने खूब सुर्खियां बटोरीं और उनकी निजी जिंदगी चर्चा में आ गई। नवाज ने कहा था कि अगर मेरी किताब से किसी को ठेस पहुंची है तो मुझे अफसोस है। निजी जिंदगी में रिश्तों और विवादों से भी सुर्खियों में रहे नवाजुद्दीन सिद्दीकी का निजी जीवन भी कई बार चर्चा में रहा है। परिवार और रिश्तों से जुड़े विवाद मीडिया की सुर्खियां बने। हालांकि उन्होंने कई बार कहा कि वह अपने काम पर ध्यान देना चाहते हैं और निजी मुद्दों को सुलझाने की कोशिश करते रहते हैं। वह कहते हैं- मेरे लिए सबसे जरूरी मेरा काम और मेरे बच्चे हैं। एक्टर नहीं, ‘परफॉर्मर’ बनने का उनका अलग नजरिया नवाजुद्दीन सिद्दीकी खुद को सिर्फ ‘एक्टर’ नहीं बल्कि ‘परफॉर्मर’ मानते हैं। उनका कहना है कि अभिनय सिर्फ डायलॉग बोलना नहीं, बल्कि किरदार की आत्मा को समझना है। थिएटर के अनुभव ने उन्हें यह समझ दी कि अभिनय पूरी तरह सच्चाई और ईमानदारी से जुड़ा काम है। यही सोच उन्हें हर किरदार में नई ऊर्जा के साथ काम करने के लिए प्रेरित करती है। ________________________________________________पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... भाषा और पहनावे पर उड़ा मजाक, ऑडिशन में हुई बेइज्जती:सिद्धांत बोले- टाइम इंतजार से नहीं आता, मेहनत और धैर्य से खुद बनाना पड़ता है हिंदी सिनेमा की दुनिया हर साल नए चेहरों से रोशन होती है, लेकिन चमकते सितारों की भीड़ में अपनी अलग पहचान बना पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। इस चमक-दमक के पीछे अनगिनत संघर्ष, असफलताएं और आत्मविश्वास की लंबी परीक्षा छिपी होती है। पूरी खबर पढ़ें..
मुंबई में आगामी फिल्म ‘कैलेंडर’ की टीम ने रिलीज से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर फिल्म के कॉन्सेप्ट और कहानी के बारे में मीडिया को जानकारी दी। रनिंग हॉर्स क्रिएशन्स के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता और लीड एक्टर आदर्श गुंडूराज हैं। खास बात यह है कि ‘कैलेंडर’ मूल रूप से कन्नड़ फिल्म है, जिसे अब हिंदी में भी रिलीज किया जा रहा है ताकि यह देशभर के दर्शकों तक पहुंच सके। चार्टर्ड अकाउंटेंट से फिल्ममेकर बने आदर्श गुंडूराज ने प्रेस मीट में कहा कि इस फिल्म की कहानी महिलाओं के जीवन से जुड़े भावनात्मक पहलुओं को सामने लाने की कोशिश करती है। उन्होंने बताया कि फिल्म सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत शुरू करने का भी प्रयास है। फिल्म की कहानी महिलाओं के जीवन में आने वाले भावनात्मक उतार-चढ़ाव, रिश्तों पर उनके असर और रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाली चुनौतियों को दर्शाती है। मेकर्स का कहना है कि ‘कैलेंडर’ एक मजबूत कहानी के साथ दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगी। फिल्म में आदर्श गुंडूराज के अलावा रमेश इंदिरा, प्रकाश थुमिनाडु, गुरुनंदन, मालाश्री, सुचेंद्रप्रसाद, चंद्रप्रभा, शिव प्रदीप, सुष्मिता नायक, निविश्का पाटिल और अमृथा जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन नवीन शक्ति ने किया है, जबकि संगीत सुनाद गौतम ने तैयार किया है। सिनेमैटोग्राफी रमेश कोइरा और एडिटिंग सुरेश अरुमुगम ने संभाली है। वहीं एक्शन सीक्वेंस को राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता और ‘KGF’ व ‘कांतारा’ फेम एक्शन डायरेक्टर विक्रम मोर ने डिजाइन किया है। फिल्म की कहानी और निर्माण आदर्श गुंडूराज ने किया है, जबकि शिव प्रदीप सह-निर्माता और महंताश आर सह-निर्देशक हैं। ‘कैलेंडर’ 3 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जिसका वितरण वीके फिल्म्स (विजय किरागंदूर फिल्म्स) द्वारा किया जा रहा है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण को हाल ही में एक बड़ा झटका लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री तक पहुंच गया है। इसी कारण दीपिका को पेरिस में होने वाले एक खास इंटरनेशनल इवेंट में शामिल होने का प्लान कैंसिल करना पड़ा। दरअसल, दीपिका पादुकोण को फ्रांस की राजधानी पेरिस में होने वाले एक बड़े फैशन शो में हिस्सा लेना था। वह इस इवेंट के लिए पहले से तैयारियां भी कर चुकी थीं और उनकी टीम लगातार इसकी प्लानिंग कर रही थी। लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सुरक्षा कारणों से कई फ्लाइट्स प्रभावित हो गईं, जिसकी वजह से उनका पेरिस जाना संभव नहीं हो पाया। मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक दीपिका को 9 मार्च के आसपास पेरिस के लिए रवाना होना था। लेकिन अचानक कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रद्द होने और ट्रैवल अनिश्चितता के कारण उनकी टीम को आखिरी वक्त में यह फैसला लेना पड़ा कि वह इस बार इवेंट में शामिल नहीं होंगी। बताया जा रहा है कि दीपिका इस इवेंट के लिए अपने आउटफिट और स्टाइलिंग की तैयारियां भी कर चुकी थीं। वह एक ग्लोबल लग्जरी ब्रांड की एंबेसडर होने के नाते इस शो में शामिल होने वाली थीं। ऐसे में उनका इस इवेंट से पीछे हटना फैशन और एंटरटेनमेंट जगत में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि फिलहाल दीपिका की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक मौजूदा हालात को देखते हुए उनकी टीम ने सुरक्षा और यात्रा संबंधी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया। ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर सिर्फ राजनीति या अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब इसका असर अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स और मनोरंजन जगत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दीपिका का यह इवेंट मिस करना इसी का एक उदाहरण माना जा रहा है।
रश्मिका मंदाना का एक पुराना ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब एक्ट्रेस ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। रश्मिका ने इसे अपनी प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कंटेंट फैलाने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर 24 घंटे के भीतर इस ऑडियो को हटाया नहीं गया, तो वे कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगी। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर करते हुए बताया कि जो ऑडियो क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो रहा है, वह करीब आठ साल पुरानी एक निजी बातचीत का हिस्सा लगता है। रश्मिका के मुताबिक, यह बातचीत शायद इसमें शामिल लोगों की जानकारी या सहमति के बिना रिकॉर्ड की गई थी और अब इसे गलत संदर्भ में फैलाया जा रहा है। अपने बयान में रश्मिका ने यह भी कहा कि पिछले कई सालों से वे मीडिया के एक हिस्से और सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही गलत जानकारी, ट्रोलिंग और टारगेटेड हमलों का सामना कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि कई बार उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जबकि कुछ बयान ऐसे भी उनके नाम से फैलाए गए जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं थे। रश्मिका ने बताया कि अब तक उन्होंने इन सब बातों को नजरअंदाज करना ही बेहतर समझा था और चुप रहना चुना था, लेकिन पिछले 24 घंटों में जो हुआ उसने उनकी सहनशीलता की सीमा पार कर दी। उन्होंने कहा कि इस विवाद की वजह से उनके परिवार और करीबी लोगों को भी अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है, जबकि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है। एक्ट्रेस ने वायरल ऑडियो को भ्रामक और मानहानिकारक बताते हुए मीडिया प्लेटफॉर्म्स, इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि वे इस कंटेंट को तुरंत हटा दें और आगे शेयर न करें। उन्होंने साफ कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर ऐसा नहीं किया गया तो वे इस मामले में कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी। अपने नोट के आखिर में रश्मिका ने अपने फैंस और सपोर्टर्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा कि जिन लोगों ने मुश्किल वक्त में उन्हें समझ, प्यार और समर्थन दिया है, उनके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगी। रश्मिका ने यह भी कहा कि अपनी गरिमा, प्राइवेसी और मानसिक शांति की रक्षा के लिए आवाज उठाना अब जरूरी हो गया था।
19 मार्च को रिलीज होने वाली फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 से पहले 2025 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ को एकबार फिर वर्ल्ड वाइड रिलीज किया जा रहा है। जियो स्टूडियोज और B62 स्टूडियोज मिलकर इसे भारत सहित विदेशों में भी बड़े स्तर पर रिलीज कर रहे हैं। फिल्म का पहला भाग आज यानी 12 मार्च से भारत की 250 स्क्रीन्स पर दोबारा दिखाया जा रहा है। वहीं, 13 मार्च से इसे विदेशों में 250 स्क्रीन्स पर रिलीज किया जाएगा। यानी कुल 500 स्क्रीन्स पर दर्शक एक बार फिर धुरंधर का रोमांच महसूस कर सकेंगे। यह फैसला इसलिए किया गया है ताकि 19 मार्च को सीक्वल देखने से पहले फैंस पुरानी कहानी को बड़े पर्दे पर देख सकें। सीक्वल की हाइप बनाने के लिए री-रिलीज फिल्म को धुरंधर 2 की हाइप बनाने के लिए दोबारा रिलीज की जा रहा है। इस स्ट्रैटेजी का मकसद नए पार्ट के लिए एडवांस बुकिंग में उछाल लाना होता है। भारत में कई फिल्में सीक्वल आने से पहले री-रिलीज की जा चुकी हैं। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था गौरतलब है कि फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनिया भर में करीब ₹1,303 करोड़ की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन ₹1,005.85 करोड़ रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग ₹836.95 करोड़ हुआ। इसके साथ ही यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी सिंगल-लैंग्वेज फिल्म बन गई है। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब ₹299.5 करोड़ का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने ₹193.06 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई है। 5 भाषाओं में रिलीज होगी धुरंधर 2 ‘धुरंधर: द रिवेंज’ 19 मार्च 2026 को दुनिया भर में रिलीज होने के लिए तैयार है। मेकर्स इसे हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में भी रिलीज कर रहे हैं। रिलीज का समय काफी खास है, क्योंकि इसी दौरान गुड़ी पड़वा, उगादि और ईद जैसे बड़े त्यौहार आ रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि लंबी छुट्टियों का फायदा फिल्म के कलेक्शन को मिलेगा।
एक्ट्रेस कृतिका कामरा और मशहूर होस्ट गौरव कपूर शादी के बंधन में बंध गए हैं। 11 मार्च की शाम मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर पर दोनों ने एक निजी समारोह में रजिस्टर्ड मैरिज की। कृतिका और गौरव ने किसी बड़े ताम-झाम और पारंपरिक शादी की बजाय घर पर ही शादी करने का फैसला किया। समारोह में केवल परिवार के सदस्य और कुछ करीबी दोस्त ही शामिल हुए। मां की गिफ्ट की हुई लाल चंदेरी साड़ी पहनी शादी के मौके पर कृतिका कामरा लाल रंग की चंदेरी साड़ी में बेहद खूबसूरत नजर आईं। खास बात यह है कि यह साड़ी उन्हें उनकी मां ने गिफ्ट की थी। इसे कृतिका के अपने ब्रांड 'सिन्नाबार' ने तैयार किया है, जो पारंपरिक चंदेरी कला को बचाने और महिला कारीगरों को बढ़ावा देने का काम करता है। वहीं, गौरव कपूर ने डिजाइनर राघवेंद्र राठौड़ का आइवरी और गोल्ड रंग का ट्रेडिशनल आउटफिट पहना, जो शाम के माहौल से मेल खा रहा था। क्रिकेट और बॉलीवुड शामिल हुए शादी के बाद घर की छत (टेरेस) पर एक आफ्टर-पार्टी रखी गई। इसमें क्रिकेट जगत से वीरेंद्र सहवाग, जहीर खान और युवराज सिंह पहुंचे। वहीं बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री से नेहा धूपिया, अंगद बेदी, सोहा अली खान, मलाइका अरोड़ा और पूजा गौर जैसे सितारे शामिल हुए। अपनों के बीच नया चैप्टर शुरू करना खुशी की बात अपनी शादी को लेकर गौरव और कृतिका ने कहा, 'हम हमेशा से मानते रहे हैं कि जिंदगी के सबसे खास पल वही होते हैं, जो आप अपने प्रिय लोगों के साथ साझा करते हैं। हमें बहुत खुशी है कि हम अपनी जिंदगी का यह नया अध्याय मुंबई में अपने घर पर, अपने परिवार और सबसे करीबी दोस्तों के बीच शुरू कर पा रहे हैं।'

