बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने संसद के पास चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन की आलोचना की है। मानसून सत्र के दौरान मीडिया से बात करते हुए कंगना ने कहा कि किसी को पद से हटाने या रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाना गलत है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मुद्दों पर बहस के लिए संसद सही जगह है, न कि आंदोलन। कंगना ने कहा की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। दरअसल दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्रों की मांगों के समर्थन में कई दिनों से प्रदर्शन कर रही है। सरकार का हाथ मरोड़ना ठीक नहीं कंगना रनोट ने सोमवार को मानसून सत्र के दौरान संसद भवन के बाहर कहा कि संसद सत्र का आयोजन सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने और सवाल उठाने के लिए होता है। कंगना के अनुसार, जनता ने एक सरकार चुनी है और सरकार चलाने का अधिकार उसी के पास है। उन्होंने कहा कि अगर कोई इतना ही मजबूत महसूस करता है, तो उसे खुद चुनाव लड़ना चाहिए। प्रदर्शन के जरिए सरकार का हाथ मरोड़ना ठीक नहीं है। कंगना ने यह भी कहा कि धीरे-धीरे हर कोई बीजेपी और सनातन संस्कृति की शरण में आएगा क्योंकि यही हमारी अपनी संस्कृति है। आंदोलन को बॉलीवुड से मिल रहा समर्थन सोनम वांगचुक के आंदोलन को फिल्म इंडस्ट्री से लगातार समर्थन भी मिल रहा है। एक्टर प्रकाश राज ने सरकार से अपील की है कि वे प्रदर्शनकारियों और छात्रों से बातचीत करें और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का सम्मान करें। एक्ट्रेस शबाना आजमी ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है। उनके पति और मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला खत लिखकर लद्दाख की चिंताओं को दूर करने और बातचीत शुरू करने की मांग की है। इनके अलावा नसीरुद्दीन शाह, विशाल ददलानी, दीया मिर्जा, ओनिर और ओमी वैद्य ने भी सोशल मीडिया पर वांगचुक के शांतिपूर्ण तरीके की तारीफ की है। शबाना आजमी ने खत्म कराया छात्रों का अनशन इससे पहले जंतर-मंतर पर पिछले तीन सप्ताह से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता नेहा, अमीन और मनीष कुमार का अनशन सोमवार को समाप्त हो गया। ये तीनों ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े हैं। एक्ट्रेस शबाना आजमी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा और एक्टर प्रकाश राज ने उन्हें पानी पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। देखने अनशन खत्म करने की तस्वीरें इससे पहले रविवार को भी शबाना आजमी और प्रकाश राज जंतर-मंतर में मौजूद थे। रविवार को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठी प्रदर्शनकारी नेहा का शबाना आजमी ने हाथ थामकर उनका हौसला बढ़ाया था। कविता कौशिक ने वीडियो शेयर किया टीवी एक्ट्रेस कविता कौशिक ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के सपोर्ट में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने दिल्ली पुलिस से अपील की कि प्रदर्शनकारियों के साथ संयम और मानवीय व्यवहार किया जाए। वीडियो में कविता ने कहा कि पुलिसकर्मियों की भी अपनी फैमिली होती है और उन्हें यह याद रखना चाहिए कि सामने खड़े लोग भी देश के नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि हर परिवार चाहता है कि मेडिकल इमरजेंसी के समय उसे एक योग्य डॉक्टर मिले और इसी वजह से कई छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कविता ने पुलिस से अनुरोध किया कि किसी भी परिस्थिति में छात्रों या आम नागरिकों पर हाथ न उठाया जाए और उनके खिलाफ बल का प्रयोग न किया जाए। गौरतलब है कि इस प्रदर्शन में एक्टिविस्ट और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके सपोर्ट में कई बॉलीवुड सेलेब्स आ चुके हैं, जिनमें सोनी राजदान, शबाना आजमी, सोनाक्षी सिन्हा, रूबीना दिलाइक, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, अनुराग कश्यप, फातिमा सना शेख और अतुल कुलकर्णी जैसे कई सेलेब्स शामिल हैं। ये सभी वांगचुक के समर्थन में पोस्ट कर चुके हैं। अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात कर अपना समर्थन जताया। वहीं, इससे पहले प्रकाश राज भी जंतर-मंतर पहुंचे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अमेरिकी सिंगर और एक्टर निक जोनास ने अपनी पत्नी प्रियंका चोपड़ा के साथ सगाई की एक अनदेखी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। निक ने इस फोटो को शेयर करते हुए बताया कि प्रियंका को उन्हें 'हां' कहे हुए 8 साल पूरे हो गए हैं। इस पोस्ट पर प्रियंका चोपड़ा ने भी रिएक्ट करते हुए निक के प्रति अपना आभार जताया है। निक जोनास ने शेयर की प्रपोजल की फोटोनिक जोनास ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक थ्रोबैक फोटो पोस्ट की । इस फोटो में निक ने प्रियंका का हाथ थाम रखा है और प्रियंका की उंगली में डायमंड रिंग साफ दिखाई दे रही है। फोटो में प्रियंका ने अपना चेहरा छिपा रखा है। निक ने इस फोटो के कैप्शन में लिखा, '8 साल पहले उन्होंने हां कहा था।' निक की इस पोस्ट को प्रियंका चोपड़ा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर रीशेयर किया है। प्रियंका ने लिखा, 'बहुत आभारी हूं कि तुमने पूछा।' हाल ही में प्रियंका ने मनाया है अपना 44वां बर्थडेइससे पहले निक जोनास ने 18 जुलाई को प्रियंका चोपड़ा के 44वें जन्मदिन पर भी एक प्यारा वीडियो शेयर किया था। उस वीडियो में प्रियंका एक बोट राइड पर फ्लाइंग किस देती हुई नजर आ रही थीं। उन्होंने सनग्लासेज और सिर पर बैंडना बांध रखा है। निक ने इस पोस्ट के कैप्शन में स्पैनिश भाषा में लिखा, 'फेलिज कमप्लेआनोस! मी अमोर' यानी 'जन्मदिन मुबारक हो, मेरा प्यार'। इस वीडियो के बैकग्राउंड में उन्होंने एक फ्लेमेंको गिटार सॉन्ग का इस्तेमाल किया है। निक ने बताया कैसे भेजा था पहला डायरेक्ट मैसेज हाल ही में प्रियंका चोपड़ा अपने पति के बैंड 'जोनास ब्रदर्स' के एक पॉडकास्ट में शामिल हुई थीं। इस दौरान निक ने याद किया कि उन्होंने प्रियंका को डेट करना कैसे शुरू किया था। निक ने बताया कि उनके भाई केविन जोनास ने उन्हें प्रियंका का शो 'क्वांटिको' देखने की सलाह दी थी। इसके बाद निक ने प्रियंका को सोशल मीडिया पर पहला मैसेज भेजा था। निक ने पॉडकास्ट में उस मैसेज का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। निक ने लिखा था, 'हेलो, मुझे कुछ लोगों से पता चला है कि हमें मिलना चाहिए। मैं भी उन लोगों की बात से सहमत हूं। क्या आप जल्द ही लॉस एंजिल्स (LA) आने वाली हैं?' प्रियंका ने कहा था- पर्सनल नंबर पर बात करोनिक के इस मैसेज का प्रियंका ने तुरंत जवाब दिया था। प्रियंका ने लिखा था, 'हे, ग्राहम ने मुझे तुम्हारे बारे में बहुत कुछ बताया है। चलो फोन पर मैसेज पर बात करते हैं, वह ज्यादा प्राइवेट रहेगा। मेरा यह अकाउंट मेरी टीम भी संभालती है।' पॉडकास्ट के दौरान जब निक के भाई जो जोनास और केविन जोनास ने इन मैसेजेस को पढ़कर सुनाया, तो प्रियंका और निक दोनों हंसने लगे और काफी शर्माते हुए नजर आए। 2018 में उदयपुर में हुई थी दोनों की शादी2016 में सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू होने के बाद दोनों लगातार संपर्क में रहे। इसके बाद साल 2017 में वैनिटी फेयर ऑस्कर आफ्टर-पार्टी में दोनों की पहली मुलाकात हुई। उसी साल दोनों ने मेट गाला के रेड कारपेट पर एक साथ वॉक किया, जिसके बाद उनके रिलेशनशिप की खबरें मीडिया में आने लगीं। साल 2018 में निक ने प्रियंका को प्रपोज किया और दिसंबर 2018 में राजस्थान के उदयपुर में एक ग्रैंड सेरेमनी में दोनों ने शादी कर ली। साल 2022 में सरोगेसी के जरिए उनके घर बेटी मालती मैरी का जन्म हुआ। फिल्म 'वाराणसी' से वापसी करेंगी प्रियंकाप्रियंका चोपड़ा लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। वे फिल्म 'वाराणसी' में नजर आएंगी। इस फिल्म में साउथ सुपरस्टार महेश बाबू 'रुद्र' और पृथ्वीराज सुकुमारन 'कुंभ' के किरदार में हैं। प्रियंका इस फिल्म में 'मंदाकिनी' का रोल प्ले कर रही हैं। उनके जन्मदिन पर फिल्म से उनका एक अनसीन स्टिल रिलीज किया गया है, जिसमें वे ब्लैक कॉर्सेट पहने काफी पावरफुल लुक में दिख रही हैं। यह फिल्म अप्रैल 2027 में रिलीज होने वाली है।
बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार रविवार को लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे वनडे मैच के दौरान नजर आए। इस दौरान उनका नया सफेद दाढ़ी वाला लुक चर्चा में रहा। उन्होंने सफेद और बेज रंग की ड्रेस के साथ काले बालों वाला नया लुक अपनाया था। स्टेडियम में अक्षय कुमार के साथ सैफ अली खान, उनके बेटे तैमूर अली खान भी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर मैच के दौरान की कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिनमें सभी मैच को एंजॉय करते दिखाई दिए। मैच के दौरान अक्षय और सैफ बातचीत करते भी नजर आए। वहीं, मैच के बाद सामने आए एक वीडियो में चलते समय अक्षय कुमार अचानक लड़खड़ा गए। हालांकि, वो गिरने से बच गए। इस पर सैफ अली खान और तैमूर हंसने लगे। अक्षय ने भी इस पल को मजाकिया अंदाज में लिया और सभी साथ में हंसते हुए आगे बढ़ गए। 18 साल बाद साथ फिल्म में नजर आएंगे अक्षय और सैफ अक्षय कुमार और सैफ अली खान जल्द ही फिल्म 'हैवान' में साथ दिखाई देंगे। यह फिल्म 11 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाली है। दोनों करीब 18 साल बाद एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। इससे पहले वे 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी', 'ये दिल्लगी', 'आरजू' और 2008 में रिलीज हुई 'टशन' में साथ काम कर चुके हैं। फिल्म में सयामी खेर भी अहम भूमिका निभा रही हैं। अर्जुन कपूर और साहिबा साथ दिखे वहीं, बॉलीवुड एक्टर अर्जुन कपूर और एक्ट्रेस साहिबा बाली रविवार को लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में एक साथ दिखे। दोनों वहां भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे वनडे मैच को देखने पहुंचे थे। स्टेडियम से दोनों की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी डेटिंग की चर्चा शुरू हो गई। अब साहिबा बाली ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अर्जुन कपूर के साथ एक फोटो शेयर करते हुए इन अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी है। साहिबा ने एक मैसेज लिखकर फैंस से ऐसी खबरों पर भरोसा न करने की बात कही है। साहिबा बाली ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर लॉर्ड्स स्टेडियम की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वे अर्जुन कपूर के साथ पोज देती नजर आ रही हैं। इस तस्वीर के साथ साहिबा ने सीधे तौर पर अफेयर की खबरों को खारिज नहीं किया, बल्कि अलग अंदाज में लिखा, 'डोंट बिलीव एवरीथिंग पार्ट 2' (हर बात पर भरोसा मत करो)। पूरी खबर यहां पढ़ें… इंग्लैंड ने तीसरे वनडे में भारत को हराया इंग्लैंड ने तीसरे वनडे में भारत को 27 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। लॉर्ड्स में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 387/3 रन बनाए। जवाब में भारतीय टीम 50 ओवर में 360 रन ही बना सकी। रोहित शर्मा ने 138 रन की पारी खेली, लेकिन जीत नहीं दिला सके। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड एक्टर अर्जुन कपूर और एक्ट्रेस साहिबा बाली रविवार को लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में एक साथ देखा गया। दोनों वहां भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे वनडे मैच को देखने पहुंचे थे। स्टेडियम से दोनों की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके डेटिंग की चर्चा शुरू हो गई। अब साहिबा बाली ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अर्जुन कपूर के साथ एक फोटो शेयर करते हुए इन अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी है। साहिबा ने एक मैसेज लिखकर फैंस से ऐसी खबरों पर भरोसा न करने की बात कही है। स्टोरी पर लिखा- 'हर बात पर भरोसा मत करो'साहिबा बाली ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर लॉर्ड्स स्टेडियम की एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वे अर्जुन कपूर के साथ पोज देती नजर आ रही हैं। इस तस्वीर के साथ साहिबा ने सीधे तौर पर अफेयर की खबरों को खारिज नहीं किया, बल्कि एक अलग अंदाज में लिखा, 'डोंट बिलीव एवरीथिंग पार्ट 2' (हर बात पर भरोसा मत करो)। साहिबा की इस पोस्ट से साफ है कि वे अपने और अर्जुन के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को गलत बता रही हैं। अनुष्का शर्मा समझ बैठे थे लोगसाहिबा ने अपनी पोस्ट में 'पार्ट 2' लिखने की वजह भी साफ की है। दरअसल, अर्जुन कपूर के साथ फोटो शेयर करने से ठीक पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया था। उस पोस्ट में किसी यूजर ने साहिबा को भूल से विराट कोहली की पत्नी और एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा समझ लिया था। इस गलती पर रिएक्शन देते हुए साहिबा ने पहले लिखा था, 'डोंट बिलीव एवरीथिंग पार्ट 1'। इसके तुरंत बाद उन्होंने अर्जुन के साथ वाली फोटो पोस्ट की और उसे पार्ट 2 नाम दिया। इम्तियाज अली की फिल्म से किया था डेब्यूसाहिबा बाली ने साल 2018 में इम्तियाज अली की रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'लैला मजनू' से बॉलीवुड में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे 'बार्ड ऑफ ब्लड', 'अमर सिंह चमकीला' और 'तनाव' जैसी चर्चित वेब सीरीज और फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। एक्टिंग के अलावा साहिबा सोशल मीडिया पर कंटेंट क्रिएशन, पॉडकास्ट और ब्रैंड एंडोर्समेंट के लिए भी जानी जाती हैं, जहां उनकी अच्छी खासी फैन फॉलोइंग है। मलाइका अरोड़ा से 2024 में अलग हुए थे अर्जुन कपूरअर्जुन कपूर के पर्सनल लाइफ की बात करें तो वे लंबे समय तक मलाइका अरोड़ा के साथ रिलेशनशिप में थे। दोनों ने साल 2018 में एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था। वे बॉलीवुड के सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले कपल्स में से एक थे। करीब 6 साल तक साथ रहने के बाद साल 2024 में दोनों के अलग होने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद से अर्जुन कपूर का नाम किसी के साथ नहीं जुड़ा था, लेकिन लंदन में साहिबा के साथ दिखने पर फिर से कयास लगाए जाने लगे। हाल ही में फिल्म 'मेरे हस्बैंड की बीवी' में आए नजरवर्कफ्रंट पर अर्जुन कपूर को आखिरी बार साल 2025 में रिलीज हुई रोमांटिक कॉमेडी फिल्म 'मेरे हस्बैंड की बीवी' में देखा गया था। मुदस्सर अजीज के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में उनके साथ भूमि पेडनेकर और रकुल प्रीत सिंह मुख्य भूमिकाओं में थीं। अर्जुन ने अभी अपने किसी नए प्रोजेक्ट की घोषणा नहीं की है।
देहरादून में 17 जुलाई को हुए पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलस के शो की कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं। इन पोस्ट में कुछ यूजर्स ने दावा किया है कि शो के दौरान जैस्मिन के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान या उसके बाद जैस्मिन सैंडलस की ओर से ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। जैस्मिन शाम करीब 8 बजे देहरादून के परेड ग्राउंड पहुंची थीं। भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम की ओर से आयोजित लोकपर्व कार्यक्रम में उन्हें प्रस्तुति के लिए बुलाया गया था। शो के दौरान जैस्मिन ने खुद कुछ लड़कियों को स्टेज के पास बुलाया था। इस दौरान कई लड़कियों ने उनसे गले मिलकर फोटो और वीडियो बनवाए। इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को अब सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावों के साथ शेयर किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान जैस्मिन ने महिलाओं की सुरक्षा और ग्राउंड में मौजूद लड़कियों की सेफ्टी का मुद्दा भी उठाया था। पूरे शो के दौरान उन्होंने और उनकी टीम ने किसी भी तरह की कोई शिकायत या आपत्ति नहीं जताई। कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के करीब डेढ़ घंटे तक चला। मौके पर पुलिस अधिकारी तैनात थे और जैस्मिन की सुरक्षा के लिए उनके निजी सुरक्षा गार्ड भी मौजूद थे। शो करने के बाद जैस्मिन वहां से रवाना हो गईं। जैस्मिन सैंडलस के शो की PHOTOS… अब पढ़िए जैस्मिन का सिंगर बनने का पूरा सफर… 1985 में पंजाब के जालंधर में जन्म: जालंधर में 1985 में जन्मी जैस्मिन को स्कूल की पढ़ाई से ज्यादा संगीत की क्लास पसंद थी। आज ग्लोबल पंजाबी पॉप स्टार बन चुकीं जैस्मिन को फैंस ने गुलाबी क्वीन का टैग दिया है। उनके जीवन की कहानी सिर्फ हिट गानों की नहीं है, बल्कि यह कहानी दूसरे देश में किए संघर्ष की है। फिल्म धुरंधर की हालिया ब्लॉकबस्टर सफलता और जैस्मिन के गीत ने फिर साबित कर दिया है कि उनका जादू बरकरार है। 6 साल की उम्र में शुरू कर दिया था गाना: जैस्मिन सैंडलस बताती हैं कि स्कूल में उन्हें मैथ या साइंस की क्लास बोरिंग लगती थी। उनका मन हमेशा म्यूजिक क्लास में रमता था। 6 साल की उम्र में उन्होंने गाना शुरू कर दिया था। उनकी मां ने हमेशा उनके इस जुनून को समझा और उन्हें प्रोत्साहित किया। 13 साल की उम्र में परिवार जालंधर से कैलिफोर्निया गया: जब जैस्मिन 13 साल की थी तब उनके जीवन में एक बड़ा मोड़ आया। उनका परिवार स्टॉकटन, कैलिफोर्निया (अमेरिका) शिफ्ट हो गया। एक नए देश में बिना किसी दोस्त और बिना किसी जान-पहचान के जैस्मिन ने अपनी पहचान बनाई। इस मुश्किल दौर में संगीत ही उनका एकमात्र सहारा बना। उन्होंने कविताएं लिखने शुरू कीं और धीरे-धीरे उन्हें धुनों में ढालने लगीं। यहीं पर उन्होंने अपनी पंजाबी जड़ों के संगीत को वेस्ट कोस्ट हिप-हॉप के साथ मिलाकर अलग स्टाइल बनाया। 20 रुपए की सीडी बेचने के लिए क्लबों के बाहर खड़ी रहीं: एक इंटरव्यू में जैस्मिन ने बताया कि सक्सेस रातों-रात नहीं मिली। इसके लिए अपने गीतों की सीडी बनाकर और उसे 20 रुपए में बेचने के लिए घर से निकलती थीं। वह अमेरिका के क्लबों के बाहर घंटों खड़ी रहती थीं। आने-जाने वाले लोगों को अपनी सीडी थमाती थीं। इस उम्मीद में कि कोई एक बार उनका संगीत सुन ले। उनके पास कोई गॉडफादर नहीं था। गुलाबी एल्बम से मिली पहचान, बॉलीवुड तक पहुंचीं जैस्मिन का 2008 में पहला गाना मुस्कान हिट हुआ। लेकिन असली पहचान उन्हें 2012 में एल्बम गुलाबी से मिली, जिसमें उन्होंने रैपर बोहेमिया के साथ काम किया। 2014 में बॉलीवुड ने उनकी आवाज को पहचाना। सलमान खान की फिल्म किक के लिए यो यो हनी सिंह के साथ गाए गाने यार ना मिले को लोगों ने खूब पसंद किया। इस एक गाने ने जैस्मिन को रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद गैरी संधू के साथ इलीगल वेपन जैसे गानों ने उन्हें घर-घर में फेमस कर दिया। सबसे मोटी फीस और करोड़ों की नेटवर्थ संघर्ष के दिनों से लेकर आज तक जैस्मिन की फीस में जमीन-आसमान का अंतर आया है। अब जैस्मिन बॉलीवुड या फिल्म के गानों के लिए 30 लाख से 35 लाख प्रति गाना चार्ज करती हैं। उनके एक लाइव कॉन्सर्ट की फीस भी लगभग 10 लाख से 25 लाख के बीच बताई जाती है। उनकी अनुमानित नेटवर्थ लगभग 60 करोड़ रुपए है। इंडिया टूर का शानदार आगाज आपको बता दें कि 'द ड्रीम गर्ल इंडिया टूर' 11 जुलाई को दिल्ली से शुरू हुआ है। इसके बाद यह कारवां 17 जुलाई को देहरादून, 18 जुलाई को मुंबई, 25 जुलाई को बेंगलुरु और 29 अगस्त को चंडीगढ़ पहुंचेगा। --------------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड कूच करने वाले निहंग की पिटाई का VIDEO:आपत्तिजनक PHOTOS हुई थी लीक; डंडे पड़े तो जसदीप बोला- हाय बाबा जी उत्तराखंड कूच के दौरान निहंगों में शामिल रहे निहंग जसदीप सिंह की एक युवक के साथ आपत्तिजनक स्थिति में कई तस्वीरें सामने आने के बाद अब उन पर कार्रवाई की गई है। पंजाब में निहंग जसदीप सिंह को धार्मिक सजा दी गई है। इसके तहत जसदीप सिंह को जंजीरों से बांधा गया और डंडों से पैरों के तलवों पर मार भी लगाई गई। (पढ़ें पूरी खबर)
दिवंगत शायर निदा फाजली के जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री 'मैं निदा' को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में 'बेस्ट आर्ट्स एंड कल्चर फिल्म' का पुरस्कार मिला है। इस डॉक्यूमेंट्री के निर्माता अतुल गंगवार पिछले करीब ढाई दशक तक निदा फाजली के बेहद करीब रहे। उन्होंने सिर्फ उनके साथ काम ही नहीं किया, बल्कि उनकी निजी जिंदगी, संघर्ष, रिश्तों और सोच को भी बहुत करीब से देखा। दैनिक भास्कर से बातचीत में अतुल गंगवार ने निदा फाजली की निजी जिंदगी, पाकिस्तान में बसे परिवार, पिता से जुड़ा दर्द, जगजीत सिंह के साथ उनकी दोस्ती और उनकी जिंदगी के कई अनसुने किस्से शेयर किए। सवाल: निदा फाजली से आपकी पहली मुलाकात कब हुई थी? जवाब: पहली मुलाकात 1998 में हुई थी। हम 'अदबी कॉकटेल' नाम का एक शो बना रहे थे और उसके लेखक निदा साहब थे। उसी दौरान उन्होंने हमारी मुलाकात तलत अजीज साहब, मुकरी साहब (मोहम्मद उमर मुकरी) और कई बड़े कलाकारों से कराई। वहीं से हमारा रिश्ता शुरू हुआ, जो सालों तक चलता रहा। सवाल: आखिर कब लगा कि निदा फाजली की जिंदगी पर डॉक्यूमेंट्री बननी चाहिए? जवाब: उनके साथ काम करते-करते एहसास हुआ कि वह सिर्फ बड़े शायर नहीं, बल्कि बहुत बड़े इंसान भी थे। उनके जरिए मैं जॉनी वॉकर, टुनटुन, हसन कमाल, जावेद सिद्दीकी, राकेश बेदी और कई दिग्गजों से मिला। उन्होंने मुझे जिंदगी को देखने का नजरिया दिया। तभी लगा कि उनकी कहानी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचनी चाहिए। सवाल: निदा फाजली के परिवार का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान चला गया था। क्या वह इस दर्द के बारे में आपसे बात करते थे? जवाब: निजी तौर पर वह इस बारे में बहुत कम बात करते थे, लेकिन जो कहना होता था, वह अपनी शायरी में कह देते थे। अपने पिता के इंतकाल के बाद, जब वह उनके जनाजे में शामिल नहीं हो पाए, तब उन्होंने मशहूर नज्म 'तुम्हारी कब्र पर मैं फातिहा पढ़ने नहीं आया' लिखी। उसमें उनका पूरा दर्द दिखाई देता है। सवाल: निदा फाजली अपनी मां और पिता को किस तरह याद करते थे? जवाब: मां के लिए उन्होंने लिखा- 'बेसन की सोंधी रोटी पे खट्टी चटनी जैसी मां।' पिता के लिए उनकी नज्म आज भी पढ़िए तो आंखें नम हो जाती हैं, लेकिन बातचीत में वह कभी अतीत में नहीं जीते थे। उनका पूरा ध्यान वर्तमान और भविष्य पर रहता था। सवाल: निदा फाजली के साथ जुड़ा कोई ऐसा किस्सा जो आज भी याद हो? जवाब: एक बार मैं उनके घर गया तो उनके हाथ में चोट लगी थी। मैंने पूछा, क्या हुआ? हंसते हुए बोले, मुशायरे में थक गया था। मंच पर पीछे टेंट समझकर टिक गया। पता चला पीछे कुछ नहीं था और सीधे नीचे गिर गया। सबसे बड़ी बात यह थी कि वह खुद पर भी खुलकर हंस सकते थे। सवाल: निदा फाजली और जगजीत सिंह से जुड़ा कोई खास किस्सा जो आपको आज भी याद हो? जवाब: एक बार मुझे किसी बच्ची के लिए रिकमेंडेशन लेटर चाहिए था। निदा साहब ने एयरपोर्ट बुलाया। वहां जगजीत सिंह और के एस चित्रा भी मौजूद थे। मेरे पास खाली कागज था। निदा साहब ने वहीं तुरंत अपने हाथ से रिकमेंडेशन लिख दिया और जगजीत सिंह से उस पर साइन करवा दिए। उनकी हाजिरजवाबी और समझ कमाल की थी। एक बार का किस्सा मुझे बहुत अच्छे से याद है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के मेरे एक प्रोफेसर थे। उनकी भतीजी के कुछ डॉक्यूमेंट्स पर साइन कराने थे। एक तरह का एप्रिसिएशन उनके लिए कि वो बच्ची बहुत अच्छा गाती है। तो मैंने निदा साहब से बात की। वो बोले, मैं दिल्ली आ रहा हूं, तो तुम एयरपोर्ट मुझसे मिलने आ जाओ। मैं वहां पहुंचा तो देखा कि साथ में जगजीत सिंह जी, चित्रा जी और निदा साहब तो थे ही। मैंने उनसे कहा, जी, वो चिट्ठी चाहिए आपसे। वो बोले, लाओ। मैं वहीं पास के एक काउंटर से कागज लेकर आया। उनके पास पहुंचा तो फिर उन्होंने जगजीत सिंह जी से कहा, चलो, इस पर साइन कर दो। कागज ब्लैंक था। चित्रा जी पीछे खड़ी थीं। जगजीत सिंह जी ने पीछे मुड़कर देखा तो चित्रा जी देख रही थीं कि भई, ये ब्लैंक पेपर पर साइन तो नहीं कर रहे। ब्लैंक पेपर पर साइन करना बड़ी बात है। निदा साहब समझ गए। उन्होंने खट से अपने हाथ से एक एप्रिसिएशन लेटर लिखा और फिर उस पर जगजीत सिंह जी के साइन करवा दिए। सवाल: निदा फाजली और जगजीत सिंह की दोस्ती कैसी थी? जवाब: दोनों का रिश्ता सिर्फ प्रोफेशनल नहीं, बहुत व्यक्तिगत भी था। जगजीत सिंह की सबसे चर्चित एल्बम 'इनसाइट' में निदा साहब की लिखी गजलें थीं। दोनों अक्सर साथ बैठते थे। हारमोनियम निकलता था और वहीं बैठकर नई गजलें तैयार होती थीं। सवाल: क्या निदा फाजली और जगजीत सिंह के बीच कभी मजेदार नोकझोंक भी होती थी? जवाब: एक बार हमारे एक परिचित को जगजीत सिंह का शो कराना था। मैंने निदा साहब से कहा कि आप बात कर देंगे तो शायद फीस कम हो जाएगी। उन्होंने हंसते हुए कहा, मेरा नाम मत लेना। अगर मेरा नाम लिया तो वो तुम्हें डिस्काउंट नहीं देगा, उल्टा मुझे किसी मुशायरे में मुफ्त में पढ़ने बुला लेगा। बाद में हुआ यह कि जगजीत सिंह ने अपनी फीस तो पूरी रखी, लेकिन पूरे शो की स्पॉन्सरशिप ही करवा दी। यानी आयोजकों पर कोई बोझ नहीं पड़ा। यही दोनों की दोस्ती थी। सवाल: डॉक्यूमेंट्री बनाने में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? जवाब: सबसे बड़ी चुनौती थी सालों की यादों और फुटेज को समेटना। दूसरी चुनौती यह थी कि लेखकों को फिल्म इंडस्ट्री उतना याद नहीं रखती, जितना अभिनेता या निर्देशक को रखती है। लेकिन जिन लोगों ने सच में निदा साहब को जाना था, उन्होंने हमारी हर संभव मदद की। सवाल: क्या किसी कलाकार ने भी इस सफर में मदद की? जवाब: जी हां। सिंगर शान ने बिना किसी हिचकिचाहट के इंटरव्यू दिया। उनके पिता मानस मुखर्जी, निदा साहब के बहुत अच्छे दोस्त थे। उन्होंने अपने पिता और निदा साहब के रिश्ते पर खुलकर बात की। इससे डॉक्यूमेंट्री और समृद्ध हुई। सवाल: पाकिस्तान में निदा फाजली की एक शायरी पर काफी विवाद हुआ था। जवाब: जी। उन्होंने पढ़ा था- 'घर से मस्जिद है बहुत दूर, चलो यूं कर लें, किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाए।' लोगों ने पूछा कि क्या बच्चा अल्लाह से बड़ा है? निदा साहब ने जवाब दिया, मस्जिद इंसान बनाता है, लेकिन बच्चे को खुद अल्लाह बनाता है। अब बड़ा कौन है, आप तय कर लीजिए। यही उनकी सोच थी। सवाल: बचपन में ग्वालियर का उनकी शायरी पर कितना असर रहा? जवाब: बहुत गहरा। उन्होंने मीरा के भजन सुनकर शायरी की शुरुआत की थी। उनकी पूरी रचनाओं में गंगा-जमुनी तहजीब और भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई देती है। इसलिए कई लोग उन्हें आधुनिक दौर का कबीर भी कहते हैं। सवाल: क्या नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद ऐसे विषयों पर और फिल्में बनने की उम्मीद बढ़ी है? जवाब: बिल्कुल। अभी तक ज्यादातर डॉक्यूमेंट्री बड़े सितारों पर बनती रही हैं। लेकिन अगर एक शायर पर बनी फिल्म को राष्ट्रीय सम्मान मिलता है तो इससे दूसरे फिल्मकारों को भी प्रेरणा मिलेगी कि साहित्य और लेखकों पर भी गंभीर काम किया जाए। सवाल: आखिर में, निदा फाजली की जिंदगी से सबसे बड़ी सीख क्या मिली? जवाब: यही कि जिंदगी को हमेशा सकारात्मक सोच के साथ जीना चाहिए। उन्होंने संघर्ष बहुत किए, लेकिन कभी हार नहीं मानी। जब भी मैं उनकी शायरी पढ़ता हूं या उनकी यादों को जीता हूं तो यही महसूस करता हूं कि मुश्किलें चाहे कितनी भी हों, इंसान को उम्मीद और मेहनत का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्रों की मांगों के समर्थन में कई दिनों से प्रदर्शन कर रही है। आज उनका प्रस्तावित संसद मार्च है। जंतर-मंतर पर पिछले तीन सप्ताह से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता नेहा, अमीन और मनीष कुमार का अनशन सोमवार को समाप्त हो गया। ये तीनों ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े हैं। एक्ट्रेस शबाना आजमी, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा और एक्टर प्रकाश राज ने उन्हें पानी पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। इससे पहले रविवार को भी शबाना आजमी और प्रकाश राज जंतर-मंतर में मौजूद थे। कविता कौशिक ने वीडियो शेयर किया टीवी एक्ट्रेस कविता कौशिक ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के सपोर्ट में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने दिल्ली पुलिस से अपील की कि प्रदर्शनकारियों के साथ संयम और मानवीय व्यवहार किया जाए। वीडियो में कविता ने कहा कि पुलिसकर्मियों की भी अपनी फैमिली होती है और उन्हें यह याद रखना चाहिए कि सामने खड़े लोग भी देश के नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि हर परिवार चाहता है कि मेडिकल इमरजेंसी के समय उसे एक योग्य डॉक्टर मिले और इसी वजह से कई छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कविता ने पुलिस से अनुरोध किया कि किसी भी परिस्थिति में छात्रों या आम नागरिकों पर हाथ न उठाया जाए और उनके खिलाफ बल का प्रयोग न किया जाए। गौरतलब है कि इस प्रदर्शन में एक्टिविस्ट और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके सपोर्ट में कई बॉलीवुड सेलेब्स आ चुके हैं, जिनमें सोनी राजदान, शबाना आजमी, सोनाक्षी सिन्हा, रूबीना दिलाइक, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, अनुराग कश्यप, फातिमा सना शेख और अतुल कुलकर्णी जैसे कई सेलेब्स शामिल हैं। ये सभी वांगचुक के समर्थन में पोस्ट कर चुके हैं। अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात कर अपना समर्थन जताया। वहीं, इससे पहले प्रकाश राज भी जंतर-मंतर पहुंचे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… …………….. यह खबर भी पढ़ें…. 3 इडियट्स के 'चतुर' बोले-नहीं चाहता फुंसुख वांगडू मर जाएं:जीनत अमान ने कहा- अपने अच्छे दिमाग को चुपचाप मरते हुए मत देखिए सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में वीडियो पोस्ट करते हुए एक्टर ओमी वैद्य ने उन्हें प्रेरणादायक बताते हुए उनकी जान बचाने की अपील की थी। वहीं, जीनत अमान ने सरकार से बातचीत शुरू करने की मांग की और कहा था कि यह देश के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। पूरी खबर यहां पढें…
मुंबई में एक इवेंट के दौरान सलमान खान का नया लुक चर्चा में आया, जहां वे पहले से काफी दुबले नजर आए। इसके बाद फैंस उनकी सेहत को लेकर चिंता जताने लगे और कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया। इसी बीच रविवार देर रात सलमान ने X पर अपनी नई ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ‘आप लोगों की तबीयत कैसी है?’ सलमान ने तस्वीरें शेयर की हैं, उनमें वह वायरल वीडियो की तुलना में काफी बेहतर और फिट नजर आ रहे हैं। वहीं, इस बीच सलमान का एक और वीडियो सामने आया। जिसमें वे अपने वायरल वीडियो की तुलना में थोड़ा बेहतर लग रहे हैं। हालांकि, उनकी आंखों के आसपास हल्की थकान दिखाई दे रही है। SRA के इवेंट में पहुंचे थे सलमान खानदरअसल, सलमान खान शुक्रवार को मुंबई के स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के दफ्तर में एक खास कार्यक्रम के सिलसिले में गए थे। वहां उन्होंने अथॉरिटी के नए डेटा कलेक्शन एंड वेरिफिकेशन सपोर्ट सेंटर (आईटी सर्वर रूम) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां भी सौंपीं। कार्यक्रम के दौरान सलमान खान के साथ उनके बॉडीगार्ड शेरा भी मौजूद थे। इस इवेंट के कई वीडियो इंटरनेट पर सामने आए, जिसके बाद उनकी फिजिकल कंडीशन को लेकर चर्चा शुरू हो गई। देखें इवेंट की तस्वीरें- सोशल मीडिया पर फैंस ने किए कमेंट सलमान के लुक और सेहत को लेकर फैंस ने चिंता जताई थी। एक यूजर ने लिखा कि वे बीमार लग रहे हैं, भगवान उन्हें ठीक रखे। एक दूसरे यूजर ने कमेंट किया कि उन्हें कोई हेल्थ इश्यू लग रहा है, क्योंकि वे ठीक से चल भी नहीं पा रहे हैं। एक अन्य फैन ने लिखा कि उनकी आंखों में थकान साफ दिख रही है। फिल्मों में अकेले 50 लोगों से लड़ने वाले भाई का औरा इस वक्त गायब लग रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने सलमान का सपोर्ट भी किया। एक यूजर ने लिखा कि बॉलीवुड के स्टार्स अपनी कमियों को छिपाने के लिए किसी भी हद तक जाते हैं, लेकिन सलमान ने बिना किसी झिझक के कैमरे के सामने अपनी असली उम्र को स्वीकार किया है। इसके लिए उनकी तारीफ होनी चाहिए। सलमान खान जल्द फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' में नजर आएंगे। पिछले दिनों अफवाह सामने आई थी कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। जिस पर सलमान खान फिल्म्स ने कहा था कि फिल्म की CBFC सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुकी होने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। बयान में कहा गया था कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया है। फिल्म 'मातृभूमि' साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प पर आधारित है। पहले इस फिल्म का नाम 'बैटल ऑफ गलवान' रखा गया था। फिल्म को पहले 17 अप्रैल को ईद के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट टल गई। इस फिल्म का प्रोडक्शन सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान ने किया है और इसके डायरेक्टर अपूर्व लाखिया हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। फिल्म 'मातृभूमि' का टीजर 27 दिसंबर 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर रिलीज किया गया था। इस फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। कर्नल संतोष बाबू ने ही गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के दौरान भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व किया था। इस झड़प में वे शहीद हो गए थे। वहीं, सलमान इन दिनों फिल्म 'SVC63' की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन में बन रही इस एक्शन फिल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस प्रोड्यूस कर रही है। फिल्म में नयनतारा पहली बार सलमान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी।
मार्कशीट में कितने नंबर आए थे, यह शायद वक्त के साथ याद नहीं रहता, लेकिन स्कूल की घंटी, रीसेस, दोस्तों के साथ की गई शरारतें, टीचर्स की डांट और क्लासरूम के किस्से जिंदगीभर साथ चलते हैं। प्राइम वीडियो की नई सीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय' भी इन्हीं यादों के सहारे आज की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में केके मेनन, नवीन कस्तूरिया, अर्चना पूरन सिंह, समीर सक्सेना और हिमांक गौर ने अपने स्कूल के दिनों की यादें ताजा कीं। बातचीत के दौरान कभी सब ठहाके लगाते नजर आए, तो कभी अच्छे टीचर्स और एजुकेशन सिस्टम को लेकर गंभीर बातें भी सामने आईं। 'रीसेस का इंतजार रहता था, सबसे बड़ा टेंशन यूनिट टेस्ट होता था'जब सभी कलाकारों से पूछा गया कि स्कूल की सबसे पहली याद क्या आती है, तो जवाब लगभग हर उस इंसान जैसा था जिसने स्कूल की जिंदगी जी है। नवीन कस्तूरिया ने मुस्कुराते हुए कहा कि सबसे पहले उन्हें रीसेस याद आती है। पूरा दिन उसी का इंतजार रहता था क्योंकि वही दोस्तों के साथ खुलकर मस्ती करने का समय होता था। उस उम्र में सबसे बड़ा टेंशन यूनिट टेस्ट का होता था। लगता था कि किसी तरह टेस्ट खत्म हो जाए, फिर कुछ दिनों के लिए जिंदगी आसान हो जाएगी। वहीं केके मेनन ने बताया कि उन्हें स्कूल के दिनों में हिस्ट्री सबसे ज्यादा पसंद थी। आज भी इतिहास पढ़ना और उससे जुड़ी चीजों को जानना उन्हें उतना ही अच्छा लगता है। किसी का सपना एयर होस्टेस, तो कोई ट्रेन ड्राइवर बनना चाहता थाबात जब बचपन के सपनों पर पहुंची तो हर किसी का जवाब अलग था। अर्चना पूरन सिंह ने हंसते हुए बताया कि बचपन में वह एयर होस्टेस बनना चाहती थीं। वजह भी दिलचस्प थी। उन्हें लगता था कि एयर होस्टेस को दुनिया घूमने का मौका मिलता है और उनके पास ढेर सारी चॉकलेट होती हैं। बाद में उनका मन टीचर बनने का होने लगा। केके मेनन ने बताया कि बचपन में वह ट्रेन ड्राइवर बनना चाहते थे। उन्हें लोकोमोटिव और बड़े-बड़े वाहनों को देखकर हमेशा हैरानी होती थी कि आखिर इन्हें चलाया कैसे जाता होगा। नवीन कस्तूरिया ने कहा कि क्लास छह तक उनका सपना एक्टर बनने का था। बाद में आईआईटी की तैयारी शुरू हो गई, लेकिन फिल्मों का आकर्षण कभी खत्म नहीं हुआ। किसी टीचर के पास डंडा था, कोई ड्रैकुला की कहानी सुनाता थास्कूल के टीचर्स का जिक्र आते ही पूरी स्टारकास्ट अपने-अपने किस्से सुनाने लगी। समीर सक्सेना ने बताया कि उनके स्कूल में एक टीचर क्लास में आते ही शोर मचाने वाले बच्चों को लाइन में खड़ा कर एक-एक करके थप्पड़ मारते थे। आज उस घटना को याद करके हंसी आती है।केके मेनन ने कहा कि उनके समय में सजा देने के भी अलग-अलग तरीके होते थे। कोई चॉक फेंकता था, कोई डस्टर, तो कोई कान पकड़कर खड़ा कर देता था। अर्चना पूरन सिंह ने अपने इंग्लिश टीचर को याद किया, जो पढ़ाई के बीच ड्रैकुला की कहानियां सुनाने लगते थे। पूरी क्लास उनकी कहानी सुनने का इंतजार करती थी। वहीं समीर सक्सेना ने बताया कि उनके पीटी टीचर खेल कराने के बजाय हॉरर फिल्मों की कहानियां सुनाते थे। चीटिंग पर भी हुई खुलकर बातबातचीत के दौरान बोर्ड एग्जाम और चीटिंग के किस्से भी सामने आए। नवीन कस्तूरिया ने हंसते हुए स्वीकार किया कि 12वीं की फिजिक्स परीक्षा में वह किसी तरह पास हुए थे। वहीं केके मेनन ने एक मजेदार किस्सा सुनाया कि एक बार पीछे बैठे छात्र ने उनकी आंसर शीट देखकर पूरा जवाब उतार लिया था और आखिर में दोनों पकड़े गए।हालांकि, अर्चना पूरन सिंह ने कहा कि उनके स्कूल में चीटिंग के बारे में सोचना भी गलत माना जाता था। 'सबसे अच्छे लोग टीचर बनेंगे, तभी देश बदलेगा'मस्ती और यादों के बीच बातचीत शिक्षा व्यवस्था के गंभीर मुद्दों तक भी पहुंची। नवीन कस्तूरिया ने कहा कि अगर देश को आगे बढ़ाना है तो टीचर की नौकरी सबसे सम्मानित होनी चाहिए। अच्छे वेतन और सम्मान से ही सबसे काबिल लोग इस पेशे में आएंगे।केके मेनन ने भी इसी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि भारत में गुरु की परंपरा रही है, लेकिन धीरे-धीरे हमने टीचर्स को वह सम्मान देना कम कर दिया। उनका मानना है कि समाज में टीचर्स की इज्जत और आर्थिक स्थिति दोनों बेहतर होनी चाहिए। अर्चना पूरन सिंह ने कहा कि बच्चों को सिर्फ अच्छे मार्क्स लाने के लिए तैयार नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें अच्छा इंसान बनाने पर भी उतना ही जोर होना चाहिए। 'लोग सिर्फ हंसेंगे नहीं, अपना बचपन भी याद करेंगे'स्टारकास्ट का मानना है कि 'आदर्श बाल विद्यालय' सिर्फ एक हल्की-फुल्की कॉमेडी नहीं है। इसके जरिए शिक्षा व्यवस्था, टीचर्स, बच्चों और पेरेंट्स के रिश्तों पर कई जरूरी सवाल भी उठाए गए हैं।हिमांक गौर ने कहा कि शो में हर किसी को अपने स्कूल का कोई न कोई किरदार जरूर दिखाई देगा। वहीं समीर सक्सेना का मानना है कि इसमें दिखाए गए हालात भले ही मजाकिया लगें, लेकिन उनके पीछे जिंदगी की सच्चाइयां छिपी हैं।केके मेनन ने बातचीत खत्म करते हुए कहा कि अच्छी कहानियां सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि दर्शकों के मन में सवाल भी छोड़ जाती हैं। यही कोशिश 'आदर्श बाल विद्यालय' की भी है।
दिग्गज अभिनेता अन्नू कपूर इन दिनों अपनी फिल्म 'उत्तर दा पुत्तर' को लेकर चर्चा में हैं। यह फिल्म एक बेहद संवेदनशील मगर व्यंग्यात्मक तरीके से इंसान के सबसे बड़े असमंजस 'कर्म बड़ा या किस्मत' पर सवाल उठाती है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अन्नू कपूर ने अपने अधूरे सपनों, बॉलीवुड के संघर्ष, सोशल मीडिया के अंधविश्वास और जिंदगी के कड़वे अनुभवों पर खुलकर बात की। अन्नू कपूर ने बताया कि कैसे एक समय उनके पास ड्राइवर को देने के पैसे नहीं थे, लेकिन एक वफादार साथी और उनकी नियति ने उन्हें आज इस मुकाम पर पहुंचाया है। सवाल: 'उत्तर दा पुत्तर' सवाल पूछती है, कर्म बड़ा या किस्मत? आप किसे बड़ा मानते हैं? जवाब: मैं तो यही मानता हूं कि आपके कर्म भी आपकी किस्मत ही तय करती है। भाग्य से बाहर कुछ भी नहीं है। जिस रास्ते पर आपको जाना है और वहां जाकर जो कर्म करने हैं, वह सब पहले से तय (Pre-determined) है। हम तो सिर्फ निमित्त हैं, कोई और है जो हमें चला रहा है। आम आदमी के मन को समझाने के लिए यह कहना अच्छा लगता है कि 'कर्म ठीक कर तो भाग्य बदल जाएगा', लेकिन सच यही है कि हमारे एक-एक पल का लेखा-जोखा पहले से एल्गोरिथम की तरह सेट है। सवाल: अगर किस्मत का पहिया अलग घूमता, तो आज अन्नू कपूर अभिनेता होते या कुछ और? जवाब: मैं तो आईएएस (IAS) बनना चाहता था। पढ़ाई में रिकॉर्ड अच्छा था, अकादमिक रूप से भी ठीक था। लेकिन घर के हालात ऐसे नहीं थे कि माता-पिता आगे पढ़ा पाते। कोई स्कॉलरशिप देने वाला गॉडफादर भी नहीं था। जब पढ़ाई छूट गई, तो मजबूरी में पिताजी के थिएटर से जुड़ना पड़ा। जैसे कोई काम न मिलने पर बेटा पिता की दुकान पर बैठ जाता है, मेरे साथ भी वही हुआ। आज लोग इसे मेरी अच्छी किस्मत कहते हैं कि मैं एक्टर बना, लेकिन मैं मानता हूं कि मैं जो बनना चाहता था, वो नहीं बन पाया। सवाल: क्या कभी इस बात को लेकर किस्मत से कोई शिकायत रही? जवाब: उस उम्र में झटका लगा था, लेकिन वक्त सब सिखा देता है। मेरे बचपन का एक दोस्त था मंटू। वह पढ़ाई में बहुत तेज था, सरस्वती का उपासक था, लेकिन उसके पिता किराने के बड़े व्यापारी थे। पिता ने उसे जबरन अनाज की दुकान पर बिठा दिया। वह जिंदगी भर रोता रहा कि उसका मन कहीं और था, लेकिन उसकी किस्मत में 50 करोड़ के बिजनेस को 400 करोड़ बनाना लिखा था। जिंदगी हमेशा वहां नहीं ले जाती जहां आप जाना चाहते हैं, बल्कि वहां ले जाती है जहां आपको होना चाहिए। सवाल: आजकल सोशल मीडिया पर किस्मत चमकाने का बड़ा बाजार है। कोई अंगूठी बेच रहा है तो कोई वास्तु। इस अंधविश्वास को आप कैसे देखते हैं? जवाब: यह सब इंसानी डर और उम्मीद का कारोबार है। कोई नीलम पहना रहा है, कोई पन्ना। अगर संयोग से कुछ ठीक हो गया, तो लोग पत्थर को चमत्कारी मान लेते हैं। हकीकत यह है कि इन पत्थरों की कोई रीसेल वैल्यू नहीं है। पुराने समय में रोमन में 'सैलरी' शब्द नमक (सलेरिआ) से आया था, क्योंकि तब नमक की कीमत थी, सोने की नहीं। कोविड के दौर ने हम सबको सिखा दिया था कि तिजोरी में बंद सोना नहीं, बल्कि मुफ्त में मिलने वाली ऑक्सीजन का एक सिलेंडर सबसे बड़ी दौलत थी। सब वक्त और जरूरत का खेल है। सवाल: आप एक्टिंग, सिंगिंग, होस्टिंग सब करते हैं। तो 'उत्तर दा पुत्तर' में एक्टिंग और डायरेक्शन एक साथ क्यों नहीं किया? राजनीति में आने के भी ऑफर मिले होंगे? जवाब: भाई, दोनों चीजें एक साथ संभालना मेरे बस की बात नहीं है। मैं इतना टैलेंटेड नहीं हूं। बिल्कुल वैसे ही, जैसे राजनीति मेरे बस की बात नहीं है। अच्छा वक्ता होना अलग बात है और देश चलाना बिल्कुल अलग। मैं गरीब हो सकता हूं, लेकिन इतना मूर्ख नहीं कि अपनी सीमाओं को न पहचानूं। फिल्म के निर्माता संदीप कपूर ने पहले मुझे डायरेक्ट करने को कहा था, लेकिन मैंने मना कर दिया। फिर उन्होंने मुझे यह विरोधाभासी किरदार दिया। फिल्म में मैं एक ऐसे फिजिक्स प्रोफेसर का रोल कर रहा हूं जो खुद मेटाफिजिक्स (अंधविश्वास/अध्यात्म) के चक्कर में ऑब्सेस्ड हो जाता है। सवाल: चार दशकों के करियर में आपने कई उतार-चढ़ाव देखे। जिंदगी का सबसे बड़ा सबक आपको कहां से मिला? जवाब: मैं किसी को ज्ञान नहीं देता, क्योंकि मैं खुद को अज्ञानी मानता हूं। हां, अनुभव जरूर साझा कर सकता हूं। साल 1985-86 की बात है, मैं जयपुर से कोटा जा रहा था। टोंक के पास एक खेत में गाड़ी रुकवाकर मैंने एक किसान से पानी मांगा। उसने बड़े सम्मान से पीतल के गिलास में ठंडा पानी पिलाया और ताजी गाजर खिलाई। मेरे मुंह से निकला 'मजा आ गया'। उस साधारण किसान ने मुझसे एक ऐसी बात कही जो बड़े-बड़े लेखक नहीं लिख सकते। उसने कहा- कंवर साहब, यो मजो भी घणी टेढ़ी चीज छे। नी आवे तो करोड़ रुपिया में नी आवे, ने आ जावे तो एक गिलास ठंडा पानी में आ जावे। उस दिन मुझे समझ आया कि असली सुख पैसों में नहीं, संतुष्टि में है। मुझे 'कबीर', 'अंताक्षरी' और 'विक्की डोनर' जैसी फिल्मों में काम करके यही आत्मिक सुकून मिला। सवाल: आपकी जिंदगी का सबसे चुनौतीपूर्ण या वो दौर कौन सा था जिसने आपको अंदर तक झकझोर दिया? जवाब: मेरी जर्नी में ऐसे कई मोड़ आए। 4 मई 1992 से एक ऐसा भयानक दौर शुरू हुआ था, जो साढ़े चार महीने तक चला। मैं एक हजार रुपये किराये के छोटे से कमरे में रहता था। जेब में न एक पैसे का कैश था, न कोई चेक, न कोई शूटिंग। मैं दिन भर खाली रहता था, रात को दोस्तों के घर ताश खेलता था और सुबह देर से सोकर उठता था ताकि सीधे लंच कर सकूं और खाना बच जाए। उस समय मेरे ड्राइवर केशव दत्त ने जो किया, मैं कभी नहीं भूल सकता। जब मैंने तंगी के कारण उससे कहा कि तू कहीं और काम कर ले, मैं तुझे एचएलएल में बड़े अफसर के यहाँ लगवा देता हूं, जहां तुझे 750 की जगह 2000 रुपये सैलरी मिलेगी। तब उस ड्राइवर ने मुझसे कहा था सर, मैं ब्राह्मण हूं। आपको आपके अच्छे समय पर छोड़ दूंगा, लेकिन बुरे वक्त में छोड़कर गया तो मुझे पाप लगेगा। कोई बात नहीं सर, अगर आप तनख्वाह नहीं दे पा रहे। ऐसे वफादार लोग किस्मत से मिलते हैं। सवाल: फिर उस बुरे दौर से आप बाहर कैसे निकले? टर्निंग पॉइंट क्या रहा? जवाब: साढ़े चार महीने बाद एक शख्स आया और दिल्ली में एक वीडियो फिल्म के लिए मुझे ₹5000 एडवांस दे गया, जिससे थोड़ा सहारा मिला। इसके बाद आया साल 1993। 3 सितंबर 1993 को शुक्रवार के दिन, मैं हमेशा की तरह अपने दोस्त के घर ताश खेल रहा था। रात के 8 बजे टीवी पर एक नया शो शुरू हुआ। मेरे दोस्त की पत्नी ने कहा 'अरे अन्नू जी, आप टीवी पर दिख रहे हो!' मैंने मुड़कर देखा, वह ज़ी टीवी पर 'अंताक्षरी' का पहला एपिसोड था, जिसे मैंने डेढ़ महीने पहले शूट किया था। मैंने पत्ते हाथ से रख दिए। पूरा शो खत्म होने के बाद मेरे दोस्त ने मुझसे कहा था पंडित की जुबान है, आज के बाद तुझे जिंदगी में कभी पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। और नियति ने सचमुच वैसा ही किया। सवाल: आखिरी सवाल, 'उत्तर दा पुत्तर' देखने के बाद दर्शक अपने साथ क्या लेकर जाएंगे? जवाब: हम कोई उपदेश देने वाली फिल्म नहीं बना रहे हैं। हम दर्शकों के लिए बस एक सवाल छोड़ रहे हैं कि आपकी जिंदगी में जो कुछ भी घट रहा है, वह सिर्फ आपका कर्म है या उसके पीछे कोई छिपी हुई किस्मत भी है? लोग हंसते-हंसते इस कड़वे सच को देखेंगे और सिनेमाघर से बाहर निकलकर थोड़ा ठहरकर सोचेंगे, तो हमारी मेहनत सफल हो जाएगी।
साल 1960 के दशक की बात है। एक दुबला-पतला लड़का था, जिसे एक्टर बनने के लिए मुंबई जाना था। एक दिन उनके एक दोस्त की गर्लफ्रेंड का पत्र आया कि मुंबई आ जाओ, मेरे पापा फिल्मों में कैरेक्टर आर्टिस्ट हैं, वो तुम्हारी मदद करेंगे। जिसके बाद वो मुंबई के निकल पड़ा। हालांकि जिस लड़की के भरोसे वो मुंबई पहुंचा, वो खुद बेहद साधारण जिंदगी जी रही थी। जिसके बाद उसने कुछ दिन रिश्तेदार के घर गुजारे, फिर वहां से भी जाना पड़ा। जेब खाली हुई तो जरी की फैक्ट्री के हॉल में रातें बिताईं। जहां वो तीस-चालीस लोगों के साथ फर्श पर वो सोया। कई बार लोकल ट्रेन में बिना टिकट सफर किया। बाद में यही लड़का आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे शानदार अभिनेताओं में से एक बना। स्पर्श, मासूम, सरफरोश, ए वेडनेसडे और इश्किया जैसी कई फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से उसने दर्शकों का दिल जीता। जी हां, हम बात कर रहे हैं नसीरुद्दीन शाह की। आज उनके 76वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ ऐसे अनसुने किस्से। 16 साल की उम्र में घर छोड़कर मुंबई चले गए थे नसीरुद्दीन शाह अपनी आत्मकथा एंड देन वन डे में लिखते हैं दसवीं की परीक्षा पास करने के बाद उनको ऐसा लगा जैसे जिंदगी का सबसे मुश्किल पड़ाव पीछे छूट चुका हो। उनके पिता चाहते थे कि वो डॉक्टर बनें, अफसर बनें या फौज में जाएं। नेशनल डिफेंस अकादमी का फॉर्म भी भरवा दिया गया। मगर नसीरुद्दीन शाह के दिल में एक ही सपना था- एक्टर बनना और वह सपना मुंबई जाकर ही पूरा हो सकता था। कॉलेज में दाखिला तो हो गया, लेकिन क्लास से ज्यादा वक्त वो सिनेमाघरों में बिताते थे। फीस के पैसे भी फिल्मों पर खर्च होने लगे। इसी दौरान उन्होंने मुंबई में रहने वाली अपने एक दोस्त की गर्लफ्रेंड को पत्र लिखा, जिसके पिता फिल्मों में कैरेक्टर आर्टिस्ट थे। उसका जवाब आया, ‘मुंबई आ जाओ, पापा तुम्हारी मदद करेंगे।’ बस, इतना सुनना था कि नसीरुद्दीन ने फीस के पैसों से ट्रेन का टिकट खरीद लिया, घड़ी और साइकिल बेचने की योजना बनाई और जेब में करीब पांच सौ रुपए लेकर मुंबई के लिए निकल पड़े। हालांकि, जिस लड़की के परिवार के भरोसे वह मुंबई आए थे, वही बेहद साधारण जिंदगी जी रही थी। इसके बाद कुछ दिन वह रिश्तेदार के घर में रहे, लेकिन जब सबको समझ आ गया कि यह लड़का वापस जाने वाला नहीं है, तो वहां से चले गए और एक जरी कढ़ाई की फैक्ट्री के बड़े-से हॉल में रहने लगे। रात में वहीं तीस-चालीस लोग फर्श पर सोते थे। इस दौरान उन्होंने वेटर बनने की कोशिश की और ताज होटल में बेलबॉय की नौकरी के लिए आवेदन दिया, लेकिन हर जगह निराशा ही हाथ लगी। फिर एक दिन एक दलाल उन्हें फिल्मों में एक्स्ट्रा कलाकार का काम दिलाने ले गया। मेहनताना था सिर्फ साढ़े सात रुपए। फिल्म थी अमन, जिसमें राजेंद्र कुमार मुख्य भूमिका निभा रहे थे। अंतिम यात्रा वाले सीन में नसीरुद्दीन भी भीड़ का हिस्सा बने। कैमरे के सामने खड़े होकर उन्हें लगा जैसे उनका सपना पूरा हो गया हो। वहीं, फिल्म आने के बाद वह हंसते हुए कहा करते थे, “दोस्तो, फिल्म में और भी सीन थे, लेकिन वह इसलिए काट दिए गए क्योंकि मेरी एक्टिंग बहुत अच्छी थी।” दिलीप कुमार ने फिल्मों से दूर रहने की सलाह दी घर से बिना बताए मुंबई आए नसीरुद्दीन शाह एक दिन पामपोश रेस्तरां के बाहर फुटपाथ पर बैठे थे। तभी एक लंबी, चमचमाती ग्रे रंग की लिमोजीन उनके सामने आकर रुकी। पीछे का दरवाजा खुला और ऊंची एड़ी की सैंडल पहने एक महिला उतरीं। उन्होंने पूछा, 'क्या तुम्हारा नाम नसीर है?' शाह ने हैरानी में सिर हिलाया। महिला ने बिना समय गंवाए उन्हें कार की आगे वाली सीट पर बैठने का इशारा किया। थोड़ी देर बाद उन्होंने उस महिला को पहचान लिया। वे थीं सईदा खान, दिलीप कुमार की सबसे छोटी बहन। तब नसीरुद्दीन शाह को समझ आया कि आखिर उन्हें ढूंढ़ कैसे लिया गया। उनके पिता अजमेर की उस सूफी दरगाह के प्रशासक रह चुके थे, जहां दिलीप कुमार की एक और बहन सकीना अक्सर आया करती थीं। दो महीने तक उनका कोई पता न मिलने के बाद आखिरकार पिता ने उन्हीं से संपर्क किया और एक पुराने परिचय के सहारे दिलीप कुमार का परिवार शाह तक पहुंचा था। कार दिलीप कुमार के बंगले में दाखिल हुई। ऊपर ले जाकर उनकी मुलाकात सकीना से कराई गई। अजमेर में वे उनसे पहले मिल चुके थे, लेकिन इस बार सकीना बेहद नाराज थीं। उनके सामने वे रो पड़े और माफी मांगने लगे। आखिरकार उन्होंने घर लौटने की हामी भर दी। बंगले के बेसमेंट में उन्हें रहने की जगह दे दी गई। कमरा साधारण था, लेकिन खाने-पीने और नहाने की पूरी व्यवस्था थी। एक दिन उनकी मुलाकात खुद दिलीप कुमार से भी हुई। शाह उनसे काम मांगना चाहते थे, लेकिन हिम्मत जुटा पाते, उससे पहले ही दिलीप कुमार ने उन्हें समझा दिया कि अच्छे परिवारों के लड़कों को फिल्म इंडस्ट्री में नहीं आना चाहिए। कुछ दिनों बाद दिलीप कुमार के परिवार ने शाह को मेरठ भेज दिया। लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में नसीरुद्दीन शाह ने बताया था कि जब दिलीप कुमार ने उनसे कहा, 'अच्छे घरों के लड़कों को फिल्मों में नहीं आना चाहिए,' तो उस वक्त वो दिलीप कुमार से पूछना चाहते थे, 'अगर ऐसा है, तो फिर आप खुद इस इंडस्ट्री में क्यों आए? आप भी तो एक अच्छे और संभ्रांत परिवार से थे।' हालांकि, उनकी ऐसा कहने की हिम्मत नहीं हुई। 34 साल की पाकिस्तानी औरत से गुपचुप शादी की थी नसीरुद्दीन शाह की पहली शादी परवीन मुराद उर्फ मनारा सीकरी से हुई थी। उनकी मुलाकात अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुई थी। परवीन पाकिस्तान की नागरिक थीं और एमबीबीएस के आखिरी साल की छात्रा थीं। उम्र में वह नसीरुद्दीन से 14-15 साल बड़ी थीं। बचपन से कराची में पली-बढ़ीं और अपनी मां के पास अलीगढ़ आई थीं। पढ़ाई के बहाने भारत में ही रुकती चली गईं। दोनों की दोस्ती बहुत जल्दी गहरे रिश्ते में बदल गई। धीरे-धीरे नसीरुद्दीन ने अपने यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से ज्यादा वक्त परवीन और उनकी मां के घर बिताना शुरू कर दिया। यह ऐसा दौर था, जब भारत-पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण थे। परवीन का स्टूडेंट वीजा खत्म होने वाला था। अगर वह भारत छोड़तीं, तो शायद दोबारा लौट नहीं पातीं। भारतीय नागरिकता पाने का सबसे आसान रास्ता शादी था। जिसके बाद 1 नवंबर 1969 को दोनों ने गुपचुप शादी कर ली। इस निकाह में गवाह सिर्फ दो महिलाएं थीं- परवीन की मां और उनके एक प्रोफेसर मित्र की पत्नी। नसीरुद्दीन के परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, लेकिन अलीगढ़ जैसे शहर में कोई राज ज्यादा दिन छिप नहीं सकता था। कुछ ही दिनों में पूरी यूनिवर्सिटी में यह खबर फैल गई। फिर यह बात मेरठ और सरधना तक पहुंच गई, जहां नसीरुद्दीन का परिवार रहता था। उनके पिता को जब बेटे की शादी का पता चला, तो उन्हें गहरा झटका लगा। उन्होंने बेटे को पत्र लिखकर भोला और मूर्ख तक कह दिया। मां ने दर्द भरे शब्दों में पूछा, 'अगर तुम हमें बता देते, तो क्या हम मना कर देते?' बेटी के जन्म पर खुश होने के बजाय निराश हुए थे 1969 का साल था। नसीरुद्दीन शाह ने अभी-अभी नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में दाखिला लिया था। तभी एक सुबह हॉस्टल में उन्हें एक तार मिला, 'परवीन को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई है।' वह बिना देर किए दिल्ली से अलीगढ़ जाने वाली पहली बस में बैठ गए। करीब दोपहर में अस्पताल पहुंचे तो बाहर परवीन की मां खड़ी थीं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, 'सुबह छह बजे बेटी हुई है।' नसीरुद्दीन शाह ने अपनी आत्मकथा में स्वीकार किया है कि उस पल वह खुश नहीं हुए। उन्हें बेटे की उम्मीद थी। उन्होंने मन ही मन एक बेटे की कल्पना कर रखी थी, जिसे वह क्रिकेट खेलना सिखाएंगे, बंदूक चलाना सिखाएंगे और अपने जैसा बनाएंगे। बेटी की खबर सुनते ही वह बुरी तरह निराश हो गए। उन्हें डर था कि दोस्त उनका मजाक उड़ाएंगे। वहीं, बेटी के जन्म के कुछ समय बाद ही नसीरुद्दीन शाह और परवीन मुराद के रिश्ते में दरार आ गई। हालात ऐसे बने कि दोनों ने अलग होने का फैसला कर लिया। अलगाव के बाद परवीन बेटी हीबा को लेकर पहले लंदन और फिर ईरान चली गईं। बाद में हीबा शाह जब लगभग 12 साल की हुईं, तब अपने पिता के पास लौट आईं। पिता की कब्र के सामने दिल की बातें कही थीं नसीरुद्दीन शाह को जब यह खबर मिली कि उनके पिता का निधन हो गया है और उन्हें आज मेरठ के सरधना में दफनाया जाएगा। उस वक्त उनके पास दिल्ली जाने तक के पैसे नहीं थे। उन्होंने रत्ना पाठक से 500 रुपए उधार लिए और एयरपोर्ट पहुंचे, लेकिन सभी फ्लाइटें फुल थीं। उन्हें सलाह दी गई थी कि पिता के निधन वाला तार दिखाने पर इमरजेंसी सीट मिल सकती है, लेकिन काउंटर पर कर्मचारी के रूड व्यवहार के कारण उन्होंने किसी से मदद नहीं मांगी और वापस लौट आए। इस तरह वह अपने पिता की आखिरी विदाई में शामिल नहीं हो सके। बाद में जब नसीरुद्दीन शाह सरधना पहुंचे, तो पिता की कब्र पर बैठकर उन्होंने अपने दिल की सारी बातें कहीं, जो वह उनके जीते-जी कभी नहीं कह पाए थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक नई फिल्म की है, जिसमें एक हिंदू पुजारी का किरदार निभाया है। अब 1857 के एक बागी की भूमिका निभाने वाले हैं। यह भी कहा कि उन्हें रत्ना से प्यार हो गया है और अब उनकी कमाई भी पहले से बेहतर है। नसीरुद्दीन शाह को लगा जैसे पिता उनका हर शब्द सुन रहे हों। मां ने पूछा था- क्या रत्ना धर्म बदलेंगी? नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक की शादी 1 अप्रैल 1982 को रत्ना की मां के घर पर एक सादे रजिस्टर्ड विवाह के रूप में हुई थी। दोनों की मुलाकात 1975 में 'संभोग से संन्यास तक' नामक नाटक की रिहर्सल के दौरान हुई थी। जब नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक ने शादी का फैसला किया, तब नसीरुद्दीन ने एक दिन हिम्मत करके अपनी मां से कहा कि अब वे रत्ना से शादी करना चाहते हैं। मां ने उनकी पूरी बात सुनी। फिर बहुत शांत स्वर में सिर्फ एक सवाल पूछा, 'क्या तुम रत्ना से इस्लाम कबूल करने के लिए कहोगे?' जिस पर नसीरुद्दीन ने बिना किसी झिझक के जवाब दिया, 'नहीं... मैं उनसे ऐसा कभी नहीं कहूंगा।' उन्होंने साफ कर दिया कि अगर शादी होगी, तो रत्ना अपनी पहचान और अपने धर्म के साथ ही इस रिश्ते में आएंगी। वे उन पर किसी तरह का दबाव नहीं डालेंगे। इसके बाद उनकी मां खुद रत्ना के घर पहुंचीं। उन्होंने रत्ना की मां और मशहूर अभिनेत्री दीना पाठक से उनकी बेटी का हाथ मांगा। दोस्त जसपाल ने पीछे से चाकू मारा नसीरुद्दीन शाह ने अपनी आत्मकथा में बताया था कि साल 1977 में फिल्म भूमिका की शूटिंग के दौरान उनके दोस्त राजेंद्र जसपाल ने उन पर चाकू से हमला कर दिया था। बताया जाता है कि जसपाल ने शाह पर उनकी सफलता और करियर में मिल रही कामयाबी से जलन के कारण हमला किया था। उस समय नसीरुद्दीन शाह और ओम पुरी एक रेस्तरां में खाना खा रहे थे। तभी जसपाल वहां पहुंचा और कुछ देर बाद पीछे से नसीरुद्दीन शाह की पीठ पर चाकू से वार कर दिया। ओम पुरी ने तुरंत बहादुरी दिखाते हुए जसपाल को दोबारा हमला करने से रोक लिया। इसके बाद रेस्तरां में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस ने जसपाल को गिरफ्तार कर लिया। शाह को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब दो दिन जेल में रहने के बाद जसपाल को जमानत मिल गई थी। बाद में एक दिन जसपाल अचानक शाह के घर पहुंचा, लेकिन उसने न माफी मांगी और न ही हमले पर अफसोस जताया। बाद में दोनों अदालत पहुंचे, जहां शाह ने उसके खिलाफ मामला आगे नहीं बढ़ाया। इसके बाद अदालत ने केस बंद कर दिया। शाहरुख खान को बोरिंग एक्टर और अनुपम खेर को जोकर कहा था नसीरुद्दीन शाह बॉलीवुड के उन गिने-चुने कलाकारों में से हैं, जो अपने बेबाक और बोल्ड बयानों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने समय-समय पर कई अभिनेताओं की आलोचना की है। उन्होंने शाहरुख खान को बोरिंग एक्टर तो राजेश खन्ना को सीमित और घटिया एक्टर बताया था। वहीं, शाह ने अनुपम खेर को जोकर भी कहा था, जिसका अनुपम खेर ने पलटवार करते हुए जवाब दिया था। दरअसल, शाह ने एक इंटरव्यू में खेर को लेकर कहा था, अनुपम खेर जैसे व्यक्ति काफी मुखर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि उन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत है। वह एक जोकर हैं। NSD और FTII में उनके कई समकालीन उनके चापलूस स्वभाव की पुष्टि कर सकते हैं। यह उनके स्वभाव में है। वह इससे खुद को अलग नहीं कर सकते। इसके जवाब में अनुपम खेर ने कहा था, मैं आपको और आपकी बातों को बिल्कुल भी गंभीरता से नहीं लेता। हालांकि मैंने कभी आपकी बुराई नहीं की और न ही आपको भला-बुरा कहा, लेकिन अब जरूर कहना चाहूंगा कि आपने अपनी पूरी जिंदगी, इतनी कामयाबी मिलने के बावजूद, फ्रस्ट्रेशन में गुजारी है। अगर आप दिलीप कुमार साहब, अमिताभ बच्चन साहब, राजेश खन्ना साहब, शाहरुख खान और विराट कोहली जैसे लोगों की भी आलोचना कर सकते हैं, तो मुझे पूरा यकीन है कि मैं भी एक बेहतरीन कंपनी में हूं। इनमें से किसी ने भी आपकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया, क्योंकि हम सब जानते हैं कि यह आप नहीं, बल्कि बरसों से जिन पदार्थों का आप सेवन करते रहे हैं, उनका असर है। शायद इसी वजह से आपको सही और गलत के बीच का फर्क समझ नहीं आता। वहीं, हाल ही में अयोध्या राम मंदिर में दान से जुड़े एक बयान को लेकर अनुपम खेर ट्रोल हो रहे थे। इसी दौरान नसीरुद्दीन शाह का बयान और उसके जवाब में अनुपम खेर की प्रतिक्रिया वाले दोनों पुराने वीडियो फिर से वायरल हो गए। इसके बाद अनुपम खेर ने बताया कि कुछ महीने पहले दोनों ने आपसी गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगा लिया था। …………….. यह खबर भी पढ़ें…. राजेश खन्ना की पुण्यतिथि:मां-बाप पाकिस्तान भागे, रिश्तेदारों ने पाला, आखिरी शब्द-पैकअप टाइम हो गया, बंगले में तोहफों के 65 सूटकेस मिले, जानिए मौत की कहानी 18 जुलाई 2012 दोपहर में खबर आई, सुपरस्टार राजेश खन्ना, 'काका बाबू' अब नहीं रहे। राजेश खन्ना पिछले कुछ दिनों से काफी बीमार थे। फैंस की भीड़ कई दिनों से उनकी सलामती के लिए कार्टर रोड स्थित आशीर्वाद बंगले के बाहर भीड़ लगाकर दुआ कर रहे थे। फिर जैसे ही हर न्यूज चैनल, फेसबुक, ट्विटर में उनकी मौत की खबर आई, जल्द ही आशीर्वाद के सामने मातम मना रहे फैंस का जन सैलाब आ गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा 18 जुलाई को 44 साल की हो गई हैं। उनके बर्थडे के एक दिन बाद पति और सिंगर निक जोनास ने सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो शेयर कर उन्हें विश किया है। इस वीडियो में प्रियंका स्पेन में एक याट पर वैकेशन मनाती हुई नजर आ रही हैं। वहीं, प्रियंका के बर्थडे पर उनकी अगली फिल्म 'वाराणसी' से उनका पहला लुक भी रिलीज किया गया है। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान निक और प्रियंका ने अपनी लव स्टोरी के बारे में बात की थी और बताया था कि साल 2016 में दोनों की बातचीत कैसे शुरू हुई थी। स्पेन में वैकेशन मना रही हैं प्रियंकानिक जोनास ने रविवार को अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक शॉर्ट वीडियो पोस्ट किया। यह वीडियो स्पेन का है, जहां दोनों छुट्टियां बिता रहे हैं। वीडियो में एक खूबसूरत याट दिखाई दे रही है, जिस पर प्रियंका चोपड़ा बिकिनी पहने कैमरे के सामने मुस्कुराते हुए पोज दे रही हैं। उन्होंने सनग्लासेज और सिर पर बैंडना बांध रखा है। वीडियो में प्रियंका निक को फ्लाइंग किस देती नजर आ रही हैं। निक ने इस पोस्ट के कैप्शन में स्पैनिश भाषा में लिखा, 'फेलिज कमप्लेआनोस! मी अमोर' यानी 'जन्मदिन मुबारक हो, मेरा प्यार'। इस वीडियो के बैकग्राउंड में उन्होंने एक फ्लेमेंको गिटार सॉन्ग का इस्तेमाल किया है। निक ने बताया कैसे भेजा था पहला डायरेक्ट मैसेज हाल ही में प्रियंका चोपड़ा अपने पति के बैंड 'जोनास ब्रदर्स' के एक पॉडकास्ट में शामिल हुई थीं। इस दौरान निक ने याद किया कि उन्होंने प्रियंका को डेट करना कैसे शुरू किया था। निक ने बताया कि उनके भाई केविन जोनास ने उन्हें प्रियंका का शो 'क्वांटिको' देखने की सलाह दी थी। इसके बाद निक ने प्रियंका को सोशल मीडिया पर पहला मैसेज भेजा था। निक ने पॉडकास्ट में उस मैसेज का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया। निक ने लिखा था, 'हेलो, मुझे कुछ लोगों से पता चला है कि हमें मिलना चाहिए। मैं भी उन लोगों की बात से सहमत हूं। क्या आप जल्द ही लॉस एंजिल्स (LA) आने वाली हैं?' प्रियंका ने कहा था- पर्सनल नंबर पर बात करोनिक के इस मैसेज का प्रियंका ने तुरंत जवाब दिया था। प्रियंका ने लिखा था, 'हे, ग्राहम ने मुझे तुम्हारे बारे में बहुत कुछ बताया है। चलो फोन पर मैसेज पर बात करते हैं, वह ज्यादा प्राइवेट रहेगा। मेरा यह अकाउंट मेरी टीम भी संभालती है।' पॉडकास्ट के दौरान जब निक के भाई जो जोनास और केविन जोनास ने इन मैसेजेस को पढ़कर सुनाया, तो प्रियंका और निक दोनों हंसने लगे और काफी शर्माते हुए नजर आए। 2018 में उदयपुर में हुई थी दोनों की शादी2016 में सोशल मीडिया पर बातचीत शुरू होने के बाद दोनों लगातार संपर्क में रहे। इसके बाद साल 2017 में वैनिटी फेयर ऑस्कर आफ्टर-पार्टी में दोनों की पहली मुलाकात हुई। उसी साल दोनों ने मेट गाला के रेड कारपेट पर एक साथ वॉक किया, जिसके बाद उनके रिलेशनशिप की खबरें मीडिया में आने लगीं। साल 2018 में निक ने प्रियंका को प्रपोज किया और दिसंबर 2018 में राजस्थान के उदयपुर में एक ग्रैंड सेरेमनी में दोनों ने शादी कर ली। साल 2022 में सरोगेसी के जरिए उनके घर बेटी मालती मैरी का जन्म हुआ। फिल्म 'वाराणसी' से वापसी करेंगी प्रियंकाप्रियंका चोपड़ा लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। वे फिल्म 'वाराणसी' में नजर आएंगी। इस फिल्म में साउथ सुपरस्टार महेश बाबू 'रुद्र' और पृथ्वीराज सुकुमारन 'कुंभ' के किरदार में हैं। प्रियंका इस फिल्म में 'मंदाकिनी' का रोल प्ले कर रही हैं। उनके जन्मदिन पर फिल्म से उनका एक अनसीन स्टिल रिलीज किया गया है, जिसमें वे ब्लैक कॉर्सेट पहने काफी पावरफुल लुक में दिख रही हैं। यह फिल्म अप्रैल 2027 में रिलीज होने वाली है।
इंटरव्यू : राजकुमार हिरानी:बेटे वीर के लिए कोई शॉर्टकट नहीं रखा, कई ऑडिशन देकर बने 'प्रीतम'
राजकुमार हिरानी ने वेब सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ से ओटीटी डेब्यू किया। इससे उनके बेटे वीर का भी डेब्यू हुआ। बॉक्स ऑफिस के बाद अब हिरानी ओटीटी पर भी इतिहास रच रहे हैं। पढ़िए खास बातचीत... इस कहानी में ऐसा क्या था कि आपने इससे जुड़ने का फैसला किया? आज तकनीक रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है, लेकिन बुजुर्गों या तकनीक से कम परिचित लोगों के लिए यह आसान नहीं है। ट्रेन की टिकट बुक करने से लेकर बैंकिंग तक हर काम ऑनलाइन हो गया है। साइबर क्राइम की कुछ कहानियां पढ़ने के बाद लगा कि अब अपराध करने के तरीके ही नहीं, उन्हें सुलझाने का तरीके भी बदल चुके हैं। यहीं से मेरे मन में एक कहानी जन्मीं, जिसमें एक ईमानदार पुलिस अधिकारी अचानक साइबर सेल में भेज दिया जाए तो वह इस नई दुनिया में कैसे खुद को ढालेगा और क्राइम की जांच कैसे करेगा। इसके बाद प्रीतम का किरदार जुड़ा, जो युवा हैकर है। दोनों की अलग सोच और अनुभव से एक अनोखी दोस्ती और रोमांचक कहानी बनती है। शूटिंग के दौरान कौन-सा पल वेब सीरीज की असली जान लगा? शो की सबसे बड़ी ताकत आखिर में आने वाला गाना है। उसके बोल हैं- ‘कभी किसी से माफी मांग लो, कभी किसी को माफ कर भी दो। जिंदगी के सफर को थोड़ा आसान कर दो।’ कहानी लिखते समय मेरे मन में यही सवाल था कि आखिर हम दर्शकों से कहना क्या चाहते हैं। मैं नहीं चाहता था कि यह सिर्फ दोस्ती, जांच-पड़ताल या साइबर क्राइम तक सीमित रह जाए। जब ‘माफी’ का यह भाव कहानी का मूल विषय बनकर सामने आया, तब लगा कि सीरीज को उसकी असली आत्मा मिल गई। सीरीज से जुड़ा कोई ऐसा किस्सा जो अभी तक साझा नहीं किया हो? क्रिकेट खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग का सीरीज में गेस्ट अपीयरेंस। शूट के दौरान उन्होंने अपना पूरा सीन एक ही टेक में परफेक्ट कर दिया था। मैं खुद हैरान था। मैंने उनसे मजाक में कहा...‘शॉट तो परफेक्ट है, लेकिन एक और टेक कर लेते हैं। ऐसा लग रहा है जैसे आज स्कूल की छुट्टी जल्दी हो गई।’ मुझे याद है कि जब उन्हें फोन पर अप्रोच किया था तो उन्हें बताया कि सीरीज में एक छोटा-सा रोल है। उन्होंने बिना एक पल गंवाए जवाब दिया कि ‘मैं फलां तारीख को दिल्ली लौट रहा हूं, उसी दिन शूट कर लेते हैं।’ सहवाग के साथ साथ काम करने का अनुभव बेहद सुखद रहा। आम लोगों की असाधारण कहानियां कहने का नजरिया कहां से आता है? एक कहावत है...‘जिंदगी तब अच्छी लगती है, जब उसमें टकराव न हो। वहीं फिल्म तब अच्छी बनती है, जब उसमें टकराव हो।’ मेरा मानना है कि कहानी का नायक भले ही एक आम इंसान हो, लेकिन उसकी जिंदगी आम नहीं होनी चाहिए। अगर कहानी में कॉन्फ्लिक्ट न हो, तो उसका रोमांच और असर दोनों कम हो जाते हैं। क्या ओटीटी ने कहानी कहने का तरीका बदला है या सिर्फ मंच? फिल्मों और ओटीटी की राइटिंग में कुछ फर्क जरूर है, पर ड्रामा और इमोशन के मूल सिद्धांत वही रहते हैं। ओटीटी पर समय-सीमा नहीं होती। इसलिए आप लंबी कहानियां कह सकते हैं, किरदारों को अधिक डेप्थ से रच सकते हैं। साथ ही, दर्शकों की रुचि बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। वहीं दर्शकों को कुछ नया और रोमांचक भी देना पड़ता है, क्योंकि बोर हुए तो उनके पास दूसरे शो भी मौजूद हैं। हमेशा अलग कहानी कैसे लाते हैं? सबसे पहली कोशिश यही होती है कि ऐसी कहानी मिले, जो दर्शकों ने पहले कभी न देखी हो। हालांकि अब यह आसान नहीं है। हर साल ढेरों फिल्में और सीरीज बन रही हैं। दर्शकों के पास दुनिया भर का सिनेमा, डबिंग और सबटाइटल्स में मौजूद है। ऐसे में एक नई कहानी ढूंढना चुनौती है। आज सबसे अहम बात दर्शकों को अंत तक बांधे रखना है। सबसे ज्यादा खुशी किसी प्रोजेक्ट की सफलता से मिलती है या लोगों से? इसका सबसे बड़ा पैमाना दर्शकों की प्रतिक्रिया ही है। ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ के बाद जितने संदेश मिले, उतने शायद किसी फिल्म के बाद भी नहीं मिले। कई लोगों ने मुझे संदेश भेजकर कहा, ‘सोचा था सिर्फ एक एपिसोड देखेंगे, लेकिन पूरी रात निकल गई। 3 बजे तक जागकर सभी छह एपिसोड देख डाले।’ एक फिल्मकार के लिए यह प्यार और सराहना ही सबसे बड़ा सुकून है। बेटे वीर के साथ काम करते वक्त सबसे ज्यादा उत्साह था या जिम्मेदारी? मैंने बहुत पहले फैसला लिया था कि मैं वीर का पहला प्रोजेक्ट डायरेक्ट नहीं करूंगा। मैंने सिर्फ कहानी लिखी और सीरीज को प्रोड्यूस किया है। इसे अविनाश अरुण ने डायरेक्ट किया है। रोचक बात है कि वीर से पहले यह रोल कोई और एक्टर कर रहे थे। फिर कुछ डेट्स इश्यू हुए तो वीर ने इच्छा जताई कि वह यह रोल करना चाहते हैं। मैंने कहा, अविनाश से बात कीजिए और ऑडिशन दीजिए। फिर वीर ने अविनाश को पहले अपना नाटक ‘लेटर्स ऑफ सुरेश’ दिखाया, जिसे फिरोज अब्बास खान ने डायरेक्ट किया है। उन्होंने सीरीज के कम से कम 15 सीन्स ऑडिशन किए। यह सिलसिला कई दिनों तक चला। फिर एक दिन अविनाश ने आकर कहा कि वीर, प्रीतम के रोल के लिए बिल्कुल परफेक्ट हैं। क्या है इस सीरीज की कहानी गोवा की पृष्ठभूमि पर बनी इस 6-एपिसोड की सीरीज में पेड्रो (अरशद वारसी) एक पुराने खयालात वाले पुलिस वाले हैं, जिन्हें साइबर सेल में ट्रांसफर कर दिया जाता है। वहां उनकी मुलाकात प्रीतम (वीर हिरानी) से होती है, जो एक जीनियस एथिकल हैकर हैं। दोनों मिलकर अपहरण और साइबर अपराध जैसे जटिल मामलों को सुलझाते हैं। इस सीरीज में विक्रांत मैसी एक सनकी नेगेटिव किरदार में दिखाई दिए हैं, जबकि बोमन ईरानी और मोना सिंह भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में शामिल हैं।
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान हाल ही में मुंबई में एक पब्लिक इवेंट के दौरान दुबले नजर आए। उनके इस नए लुक के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद फैंस उनकी सेहत को लेकर चिंता जता रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि वे काफी थके हुए और बीमार लग रहे हैं, वहीं कुछ फैंस ने उनका बचाव करते हुए कहा कि वे करीब 60 साल की उम्र में बिना किसी दिखावे के नेचुरल दिख रहे हैं। सलमान खान शुक्रवार को मुंबई में स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के ऑफिस पहुंचे थे, जहां उनके इस लुक ने सबका ध्यान खींचा। SRA के इवेंट में पहुंचे थे सलमान खानसलमान खान शुक्रवार को मुंबई के स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के दफ्तर में एक खास कार्यक्रम के सिलसिले में गए थे। वहां उन्होंने अथॉरिटी के नए डेटा कलेक्शन एंड वेरिफिकेशन सपोर्ट सेंटर (आईटी सर्वर रूम) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां भी सौंपीं। कार्यक्रम के दौरान सलमान खान के साथ उनके बॉडीगार्ड शेरा भी मौजूद थे। इस इवेंट के कई वीडियो इंटरनेट पर सामने आए, जिसके बाद उनकी शारीरिक हालत को लेकर चर्चा शुरू हो गई। देखें इवेंट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैंस ने किया कमेंटवायरल वीडियो को देखकर एक यूजर ने लिखा कि वे बीमार लग रहे हैं, भगवान उन्हें ठीक रखे। एक दूसरे यूजर ने कमेंट किया कि उन्हें कोई हेल्थ इश्यू लग रहा है, क्योंकि वे ठीक से चल भी नहीं पा रहे हैं। एक अन्य फैन ने लिखा कि उनकी आंखों में थकान साफ दिख रही है, फिल्मों में अकेले 50 लोगों से लड़ने वाले भाई का औरा इस वक्त गायब लग रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने सलमान का सपोर्ट भी किया। एक यूजर ने लिखा कि बॉलीवुड के स्टार्स अपनी कमियों को छिपाने के लिए किसी भी हद तक जाते हैं, लेकिन सलमान ने बिना किसी झिझक के कैमरे के सामने अपनी असली उम्र को स्वीकार किया है, इसके लिए उनकी तारीफ होनी चाहिए। विवादों में है सलमान खान की फिल्म मातृभूमि
16 जुलाई को अपना 43वां जन्मदिन मनाने वाली कटरीना कैफ ने पति विक्की कौशल और बेटे विहान के साथ अपने सेलिब्रेशन की झलक सोशल मीडिया पर शेयर की। पोस्ट में विक्की के साथ उनकी तस्वीरें और बेटे विहान के साथ बिताए गए कुछ खास पल नजर आए। तस्वीरों के साथ कटरीना ने एक भावुक नोट भी लिखा। उन्होंने लिखा, मैं हमेशा भगवान का शुक्रिया अदा करती हूं कि उन्होंने मुझे तुम्हारे जैसा अनमोल साथी दिया। यह मेरा सबसे खूबसूरत जन्मदिन है। और हां, तुम भी कुछ कम अच्छे नहीं हो। बता दें कि बेटे विहान के जन्म के बाद कटरीना का पहला जन्मदिन था। जन्मदिन के मौके पर कटरीना ने पीच रंग की ड्रेस पहनी थी। उन्होंने खुले बाल और कम एक्सेसरीज के साथ अपना लुक सिंपल रखा। पोस्ट में विक्की कौशल के साथ एक तस्वीर भी शामिल थी, जिसे सेलिब्रेशन के बाद की बताया गया। इसमें दोनों कैजुअल आउटफिट में साथ नजर आए। कटरीना को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए विक्की ने पोस्ट में लिखा था, जान का जन्मदिन। पिछले साल नवंबर में हुआ बेटे विहान का जन्मकटरीना और विक्की पिछले साल नवंबर में एक बेटे के माता-पिता बने हैं। दोनों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके फैंस को यह जानकारी दी थी। इसके बाद 7 जनवरी 2026 को उन्होंने अपने बेटे के नाम का खुलासा किया था। उन्होंने अपने बेटे का नाम विहान कौशल रखा है। मां बनने के बाद कटरीना का यह पहला जन्मदिन था। सलमान के सामने किया था प्रपोज विक्की और कटरीना की जोड़ी बनवाने में करण जौहर की काफी अहम भूमिका है। जब करण ने अपने टॉक शो 'कॉफी विद करण' पर कटरीना से सवाल पूछा था कि वो आगे किसके साथ काम करना पसंद करेंगी, तब उसके जवाब में कटरीना ने विक्की का नाम लिया था। ये बात करण ने जब विक्की को बताई तो वो इसे सुन कर दिल पर हाथ रखकर 'बेहोश' होने लगे। फिर विक्की ने कटरीना को साल 2019 में स्टार स्क्रीन अवॉर्ड के दौरान सरेआम शादी का प्रस्ताव दिया था। विक्की ने कहा था कि मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं, शादियों का मौसम चल रहा है आप भी एक विक्की कौशल को ढूंढकर उससे शादी क्यों नहीं कर लेतीं। उसके बाद कटरीना से विक्की ने सीधे पूछ लिया कि मुझसे शादी करोगी। इस पर एक्ट्रेस ने कहा- हिम्मत नहीं है। हैरानी की बात तो ये थी कि ये सब सलमान खान की मौजूदगी में हो रहा था, जहां उनके एक्सप्रेशन देखने लायक थे। इस वक्त तो सभी ने इसे अवॉर्ड नाइट में एक्टर और होस्ट के बीच का मस्ती-मजाक समझकर नजरंदाज कर दिया, लेकिन फिर जल्द ही दोनों कई मौकों पर साथ नजर आने लगे। साल 2019 के आईफा अवॉर्ड, जी सिने अवॉर्ड फंक्शन में भी दोनों साथ ही पहुंचे थे और साथ बैठे थे। कई बार विक्की को कटरीना के घर में भी स्पॉट किया गया। जल्द ही एक ही हुडी पहनने और एक ही बैकग्राउंड की तस्वीरें पोस्ट करते हुए दोनों के अफेयर की चर्चाएं बढ़ने लगीं। एक फोटो से खुला रिलेशनशिप का राज कटरीना ने सोशल मीडिया अकाउंट से एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें वो पीली टी-शर्ट पहने एक शख्स को गले लगाए दिखीं। तस्वीर इतनी क्रॉप थी कि सिर्फ टी-शर्ट का जेब ही दिख रहा था। कुछ समय बाद विक्की ने वही पीली टी-शर्ट पहने हुए तस्वीर पोस्ट की, लेकिन तब कटरीना ने अपनी फोटो डिलीट कर दी। तस्वीरें जल्द ही वायरल हो गईं और दोनों का रिश्ता ऑफिशियल हो गया। तभी रिपोर्ट्स आईं कि कपल ने डायरेक्टर कबीर खान के घर में रोका कर लिया है। कई अटकलों के बीच विक्की-कटरीना ने 9 दिसंबर 2021 में सवाई माधोपुर के सिक्स सेंस रिसोर्ट में डेस्टिनेशन वेडिंग की, जिसमें चंद करीबी ही शामिल हुए। देखिए शादी की तस्वीरें- शादी के 3 साल बाद 7 नवंबर 2025 में कटरीना ने बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम विहान रखा गया है। फिलहाल कटरीना और विक्की ने बेटे की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की हैं। कटरीना कैफ आखिरी बार 2024 की फिल्म मैरी क्रिसमस में विजय सेतुपति के साथ नजर आई हैं। इन दिनों कटरीना मदरहुड एन्जॉय कर रही हैं और अपने ब्यूटी ब्रांड पर फोकस कर रही हैं। छावा की सफलता के बाद 'लव एंड वॉर' में दिखेंगे विक्कीवर्क फ्रंट की बात करें तो विक्की कौशल की साल 2025 में आई ऐतिहासिक फिल्म 'छावा' बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही थी। लक्ष्मण उतेकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 807 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। अब विक्की जल्द ही संजय लीला भंसाली की फिल्म 'लव एंड वॉर' में नजर आएंगे। इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर और आलिया भट्ट भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। वहीं कटरीना कैफ आखिरी बार फिल्म 'मेरी क्रिसमस' में नजर आई थीं।
आमिर खान को तीसरी शादी करने पर मिली कथित धमकी को लेकर जांच शुरू कर दी गई। शनिवार को वॉयस क्लिप और सोशल मीडिया पोस्ट सामने आने के बाद पुलिस ने बांद्रा पश्चिम के पाली हिल स्थित आमिर खान के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी। हालांकि, आमिर खान फिलहाल देश से बाहर हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अभी तक न तो वॉयस क्लिप और न ही सोशल मीडिया पोस्ट की असलियत कन्फर्म हुई है। वहीं, मुंबई पुलिस कमिश्नर देवन भारती ने कहा, हम सोशल मीडिया पोस्ट और वॉयस क्लिप की सत्यता की जांच कर रहे हैं। बता दें कि शनिवार को आमिर खान को लॉरेंस गैंग की तरफ से कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने की खबर सामने आई थी। आमिर खान की 5 जुलाई को हुई गौरी स्प्रैट से शादी को लव जिहाद बताया गया था। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर लॉरेंस गैंग की तरफ से एक लेटर और ऑडियो नोट जारी किया गया है। लेटर में लिखा था- हमारे देश में आमिर खान जैसे लोग लव जिहाद को बढ़ावा दे रहे हैं, हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसका जवाब बहुत जल्द इसको दिया जाएगा। ये चीज हमारे सनातन धर्म में और देश के खिलाफ है। ये जो स्टारडम के नाम पर इस चीज को बढ़ावा दे रहे हैं, इनकी हम सांसें दबा लेंगे। लॉरेंस गैंग के पोस्ट में आमिर के अलावा श्रीगंगानगर की घटना का भी जिक्र लव जिहाद के आरोप पर आमिर ने सफाई दी थी तीसरी शादी करने के बाद एक्टर आमिर खान को सोशल मीडिया पर लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर कहा जा रहा है। आमिर ने रेडिफ के साथ बातचीत में इन आरोपों पर आमिर ने कहा- ‘मेरी तीनों शादियों में किसी भी पत्नी ने धर्म परिवर्तन नहीं किया, क्योंकि शादियां सिविल मैरिज थीं। तीसरी पत्नी गौरी हिंदू नहीं बल्कि ईसाई हैं।’ आमिर ने कहा- ‘मेरी बेटी इरा की शादी एक हिंदू से हुई है। मेरी दोनों बहनों निखत खान और फरहत खान के पति भी हिंदू हैं। कजिन मंसूर की शादी एक ईसाई से हुई है।’ आमिर ने 5 जुलाई को की थी तीसरी शादी एक्टर आमिर खान और उनकी पार्टनर गौरी स्प्रैट ने 5 जुलाई को शादी की। दोनों ने मुंबई के पाली हिल (बांद्रा) स्थित आमिर के घर पर शादी के कागजात पर साइन किए। यह एक प्राइवेट मैरिज सेरेमनी थी, जिसमें दोनों परिवारों के लोग और कुछ बेहद करीबी दोस्त ही शामिल हुए। शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत कोर्ट मैरिज के रूप में रजिस्टर की गई। पूरी खबर यहां पढ़ें… आमिर की शादी की तस्वीरें … नेताओं ने लव जिहाद कहा, पुतला फूंका, मुफ्ती ने शादी को नाजायज बताया आमिर खान की तीसरी शादी पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने सवाल उठाया था- क्या आमिर खान लव जिहाद के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं। महाराष्ट्र के ही मंत्री संजय शिरसाट ने कहा- यह आमिर का निजी जीवन है, लेकिन ऐसी चीजें समाज पर गलत असर डाल सकती हैं। बजरंग दल समेत कुछ संगठनों ने आमिर खान के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनका पुतला भी फूंका। उनका आरोप था कि आमिर जानबूझकर गैर-मुस्लिम महिलाओं से शादी करते हैं। वहीं, आमिर की तीसरी शादी को लेकर यूपी में फतवा जारी हुआ है। अलीगढ़ में यूपी के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने कहा कि शरीयत के मुताबिक किसी भी मुस्लिम पुरुष के लिए ऐसी गैर-मुस्लिम महिला से शादी करना पूरी तरह गलत और नाजायज है, जो अपने पुराने धर्म पर कायम हो। जिसने मुस्लिम धर्म स्वीकार न किया हो। ऐसी महिला से शादी इस्लाम के नियमों में अवैध है। ऐसा करने वाला मुस्लिम पुरुष भी धार्मिक रूप से गुनहगार है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सैलून एंटरप्रेन्योर और फैशन प्रोफेशनल हैं गौरी स्प्रैट आमिर ने साल 2025 में अपने 60वें जन्मदिन पर गौरी के साथ अपने रिलेशनशिप को पब्लिक किया था। आमिर की तरह गौरी भी शादीशुदा थीं और उनका 7 साल का एक बच्चा है। आमिर और गौरी एक-दूसरे को पिछले 25 सालों से जानते हैं। दोनों पहले काफी अच्छे दोस्त थे, जिसके बाद उन्होंने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। 2002 में हुआ था आमिर का पहला तलाक आमिर ने अपनी पहली शादी साल 1986 में रीना दत्ता से की थी। यह लव मैरिज थी जो करीब 16 सालों तक चली। दोनों के दो बच्चे, जुनैद खान और इरा खान हैं। साल 2002 में आमिर-रीना का तलाक हो गया था। किरण राव से दूसरी शादी फिर तलाक रीना दत्ता से तलाक के बाद आमिर खान की जिंदगी में डायरेक्टर किरण राव आईं। साल 2005 में दोनों की शादी हुई। इस शादी से उनका एक बेटा आजाद है, जिसका जन्म IVF से हुआ। शादी के 16 साल बाद जुलाई 2021 में आमिर और किरण का ऐलान किया था। तीसरी शादी पर भारत का कानून क्या कहता है? भारत में तीसरी शादी करना गैरकानूनी नहीं है। कानून सिर्फ यह देखता है कि शादी के समय व्यक्ति की पिछली शादी कानूनी रूप से खत्म हुई है या नहीं। अगर पहली और दूसरी शादी का कानूनी तलाक हो चुका है या जीवनसाथी का निधन हो गया है, तो तीसरी शादी पूरी तरह वैध होती है। लेकिन बिना तलाक के दोबारा शादी करना द्विविवाह माना जा सकता है और यह कानूनन अपराध है। ऐसे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 82 के तहत शादी अमान्य होगी और 7 साल की जेल हो सकती है। केवल मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत एक मुस्लिम पुरुष को एक समय में अधिकतम 4 शादियां करने की परमिशन है। अगर शादी 'स्पेशल मैरिज एक्ट' के तहत रजिस्टर्ड की जा रही हो, तो यह छूट खत्म हो जाती है और वहां भी एक विवाह का नियम लागू होता है। आमिर खान के मामले में उनकी पहली पत्नी रीना दत्ता से 2002 और दूसरी पत्नी किरण राव से 2021 में कानूनी तलाक हो चुका है। ऐसे में गौरी स्प्रैट से उनकी शादी वैध मानी जाएगी। ------------------------------------- आमिर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें आमिर खान ने 20 की उम्र में घरवालों से छिपकर पड़ोसी से पहली कोर्ट मैरिज की, जानिए 3 अहम रिश्तों की कहानी मशहूर कहावत है कि ‘दूसरा मौका सिर्फ कहानियां देती हैं, जिंदगी नहीं’, लेकिन बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने ये कहावत गलत साबित कर दी। दो नाकाम शादियों के बाद आमिर ने जिंदगी को नया मौका दिया और उन्होंने 61 की उम्र में गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी की। पूरी खबर पढ़ें….
फिल्म 'रामायण: प्रथम संकल्प' का ट्रेलर शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इवेंट में लॉन्च किया गया। इस मौके पर डायरेक्टर नितेश तिवारी, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा और फिल्म की स्टार कास्ट मौजूद रही। मेकर्स ने घोषणा की कि ट्रेलर 24 जुलाई को दुनियाभर में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगा। इवेंट में भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, सनी देओल, रवि दुबे, विवेक ओबेराय सहित अन्य कलाकार शामिल हुए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने सनी देओल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। करीब चार मिनट के ट्रेलर में फिल्म के भव्य विजुअल्स, बड़े पैमाने पर तैयार की गई दुनिया और प्रमुख किरदारों की पहली विस्तृत झलक दिखाई गई। बता दें कि रामायण: पार्ट 1 दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि रामायण: पार्ट 2 दिवाली 2027 में रिलीज की जाएगी। कार्यक्रम में बाबा रामदेव और कुमार विश्वास भी थे। इवेंट में बाबा रामदेव ने मंच पर योग भी करके दिखाया। वहीं, बाबा रामदेव ने हंसते हुए कहा कि जब उन्होंने पहली बार सुना कि इस फिल्म का बजट 4000 करोड़ रुपये है, तो यह सुनकर उनकी समाधि लग गई। इस पर मंच पर मौजूद कवि कुमार विश्वास ने चुटकी लेते हुए कहा, “स्वामी जी, आपका खुद का पतंजलि साम्राज्य तो 2 लाख करोड़ रुपए का है।” कुमार विश्वास की इस बात पर रणबीर कपूर समेत पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। वहीं, बाबा रामदेव ने अपने खास अंदाज में योग और अध्यात्म से जुड़ी बातें भी साझा कीं, जिन्हें सुनकर रणबीर कपूर मुस्कुराते नजर आए। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर और साई पल्लवी ने मंच पर जाकर बाबा रामदेव का अभिवादन किया और उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने काला चश्मा पहना हुआ था। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा, सबसे पहले मैं एक चीज कहना चाहूंगा कि ये काला चश्मा पहनने के लिए मैं आप सब से क्षमा मांगता हूं। मेरी आंखों में इन्फेक्शन हुआ है, पर आज इस शुभ अवसर पर मेरे दिल में सिर्फ अफेक्शन (प्यार) है। सनी देओल ने कहा, ‘मैं वाहेगुरु जी का शुक्रिया करता हूं कि मुझे हनुमान जी के किरदार को निभाने का मौका मिला। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि मैं सही तरह से इसे निभा सकूं, क्योंकि हनुमान जी का किरदार निभाना आसान नहीं है, लेकिन मजा बहुत आएगा, क्योंकि वो नटखट, मासूम, ताकतवर हैं, आप सबके प्यारे हैं और राम जी के भक्त हैं।’ फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें- फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में नजर आएंगे। 1987 के टीवी शो ‘रामायण’ में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल इस फिल्म में राजा दशरथ की भूमिका में दिखेंगे। फिल्म का कुल बजट लगभग 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, जो इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल करता है। फिल्म को नितेश तिवारी डायरेक्ट कर रहे हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म दंगल बनाई थी। फिल्म का म्यूजिक ऑस्कर विनर ए.आर. रहमान और हॉलीवुड कंपोजर हैंस जिमर तैयार कर रहे हैं। फिल्म को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज, DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स बना रहे हैं। फिल्म IMAX पर रिलीज होगी। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) का काम ऑस्कर विनर स्टूडियो DNEG और प्राइम फोकस संभाल रहे हैं। फिल्म को दो भाग में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज होगा।
लहर-लहर:हमारा दिमाग आधुनिक है, लेकिन सोच सदियों पुराने यकीनों पर चल रही है
इंसान ने शायद अपनी पूरी तारीख में कभी इतनी तरक्की नहीं की, जितनी पिछले सौ-दो सौ सालों में की है। उसने समंदर की गहराइयां नाप लीं, आसमान की ऊंचाइयां छू लीं, चांद पर कदम रख दिया और अरबों किलोमीटर दूर मौजूद ग्रहों तक अपने यान भेज दिए। उसने परमाणु की बनावट समझ ली, इंसानी जीनोम को पढ़ लिया और ऐसी मशीनें बना लीं जो सीख भी सकती हैं और फैसले भी कर सकती हैं। लेकिन इन सब उपलब्धियों के बीच एक सवाल अब भी हमारे सामने खड़ा है- क्या हमारी सोच भी उतनी ही आगे बढ़ी है, जितनी हमारी तकनीक? यहीं इक्कीसवीं सदी का सबसे बड़ा विरोधाभास दिखाई देता है। हमारा दिमाग आधुनिक है, लेकिन हमारी मानसिक दुनिया का एक हिस्सा अब भी सदियों पुराने यकीनों पर चलता है। ऐसा लगता है कि एक ही इंसान के भीतर दो अलग-अलग दुनिया रहती हैं। एक दुनिया प्रयोगशाला की है, जहां हर बात का आधार गणना, प्रयोग और प्रमाण है। दूसरी दुनिया परंपराओं, प्रतीकों और उन धारणाओं की है जिन्हें हमने विरासत में पाया है। जरा इस विडंबना पर गौर कीजिए। एक वैज्ञानिक वर्षों की मेहनत, गणित, भौतिकी और हजारों प्रयोगों के सहारे अंतरिक्ष यान को लाखों किलोमीटर दूर किसी ग्रह या उपग्रह पर ठीक उसी जगह पहुंचा देता है, जहां उसे पहुंचाना निर्धारित किया गया है। अगर रॉकेट की कामयाबी विज्ञान, गणना और प्राकृतिक नियमों पर निर्भर है, तो फिर किसी दूसरी अलौकिक व्यवस्था की जरूरत कहां से आ जाती है? और अगर वह अलौकिक व्यवस्था ही निर्णायक है, तो फिर विज्ञान की इतनी लंबी तैयारी और इतने कठोर परीक्षणों का अर्थ क्या रह जाता है? 21वीं सदी के पहले ऐसा कभी हुआ ही नहीं कि आपका ज्ञान और आपकी आस्था एक-दूसरे के विरोधी हैं और दोनों आप ही के अंदर हैं। शायद यही हमारे समय का सबसे बड़ा बौद्धिक अंतर्विरोध है- हमारी जानकारी एक दिशा में खड़ी है और हमारी आस्था दूसरी दिशा में। दोनों एक ही इंसान के भीतर रहती हैं, लेकिन एक-दूसरे से कभी सवाल नहीं करतीं। धर्मों को समझने के लिए इंसान को उसके ऐतिहासिक संदर्भ में देखना होगा। वो उस जमाने में जन्मा, जब इंसान के पास प्रकृति की वैज्ञानिक व्याख्या नहीं थी। बिजली क्यों चमकती है, भूकंप क्यों आते हैं, महामारी कैसे फैलती है, ग्रहण क्यों लगता है, बारिश कैसे होती है- इन सवालों के जवाब उसके पास नहीं थे। इसलिए उसने अपनी समझ, कल्पना और अनुभव के आधार पर उनके उत्तर खोजे। अपने समय के हिसाब से वे उत्तर स्वाभाविक भी थे। लेकिन ज्ञान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह ठहरा हुआ नहीं रहता। हर नई खोज हमें पुरानी धारणाओं पर फिर से सोचने के लिए मजबूर करती है। इसलिए समय के साथ हमारी समझ का बदलना भी उतना ही स्वाभाविक है। समस्या तब पैदा होती है, जब हम इक्कीसवीं सदी के विज्ञान का लाभ तो पूरी तरह उठाना चाहते हैं, लेकिन उसी विज्ञान की सबसे बुनियादी आदत- हर दावे को सवाल, तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखने-अपनाने से हिचकते हैं। तब हमारी ज़िंदगी दो हिस्सों में बंट जाती है। हमारे हाथ में आधुनिक तकनीक होती है, लेकिन हमारी सोच का एक हिस्सा अब भी मध्ययुगीन धारणाओं से चिपका रहता है। तकनीक हमें आधुनिक बना सकती है, लेकिन आधुनिक मानसिकता केवल वैज्ञानिक दृष्टि ही दे सकती है। अगर केवल धर्म ही इंसान को नेक और नैतिक बना देता, तो मध्य-पूर्व आज दुनिया का सबसे शांत इलाका होता। लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। कोई भी सभ्यता केवल इसलिए जिंदा नहीं रहती कि उसने अपने अतीत को संभालकर रखा है। वह इसलिए आगे बढ़ती है कि अपने अतीत का सम्मान करते हुए उससे सवाल पूछने का साहस भी रखती है। विरासत का मतलब उसे सिर पर उठाकर ढोना नहीं, बल्कि उसे समझना, परखना और हर दौर की नई रोशनी में देखना है। जो धारणाएं तर्क, अनुभव और प्रमाण की कसौटी पर खरी उतरती हैं, उन्हें बचाने के लिए किसी आग्रह की जरूरत नहीं होती; वे अपने दम पर जीवित रहती हैं। लेकिन किसी विचार को केवल इसलिए सच मानते रहना कि वह सदियों पुराना है, अतीत का सम्मान नहीं, उसके बोझ तले दब जाना है। सभ्यता की पहचान इस बात से नहीं होती कि वह अपने पूर्वजों की हर बात दोहराती रहे, बल्कि इस बात से होती है कि वह उनकी विरासत में अपने विवेक का भी इजाफा करे। मैं खुद नास्तिक हूं। मेरी कोई धार्मिक आस्था नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मुझे दूसरों की आस्था से आपत्ति है। आपत्ति तब होती है, जब निजी विश्वास सार्वजनिक निर्णयों की जगह लेने लगते हैं। आधुनिक समाज की असली चुनौती विज्ञान और आस्था के बीच कोई युद्ध खड़ा करना नहीं है। चुनौती यह है कि दोनों की सीमाएं साफ-साफ समझी जाएं। आस्था व्यक्ति का निजी अधिकार है, लेकिन जहां ज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा, कानून या सार्वजनिक नीति का सवाल हो, वहां फैसले विश्वास से नहीं, प्रमाण, तर्क और परीक्षण के आधार पर होने चाहिए। निजी जीवन को आस्था सहारा दे सकती है, लेकिन समाज को आगे बढ़ाने का काम विवेक और ज्ञान ही करते हैं। अध्यात्म की भी मेरी समझ कुछ ऐसी ही है। अगर अध्यात्म का मतलब अपने भीतर झांकना, अपनी जिंदगी का हिसाब करना और अपनी कमजोरियों व खूबियों को पहचानना है, तो इसमें किसी को क्या एतराज हो सकता है? और अगर अध्यात्म का अर्थ धर्म, जाति, नस्ल और पंथ की दीवारों से ऊपर उठकर पूरी इंसानियत से मोहब्बत करना है, तो मुझे उससे भी कोई आपत्ति भी नहीं। बस मैं उसे अध्यात्म नहीं, मानवता कहता हूं। आज के दौर में अध्यात्म अमीरों के लिए एक तरह का ट्रैंक्विलाइजर बन गया है। यह टिप्पणी अध्यात्म पर नहीं, उसके बाजारीकरण पर है। यही वजह है कि आज के तथाकथित गुरु और बुद्ध में फर्क साफ दिखाई देता है। गौतम बुद्ध महल छोड़कर सत्य की तलाश में जंगल गए थे। आज के अनेक गुरु जंगल से निकलकर महलों में पहुंच जाते हैं। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)
फिल्म आर्टिकल 370 को शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 की सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। वहीं, फिल्म 'श्रीकांत' को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का पुरस्कार मिला और यामी गौतम को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया गया। वहीं, 'ब्रमायुगम' के लिए ममूटी और 'चंदू चैंपियन' के लिए कार्तिक आर्यन को संयुक्त रूप से लीडिंग रोल में बेस्ट एक्टर का पुरस्कार दिया गया। घोषित विजेताओं में तमिल फिल्म 'रायन' को सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म, 'कमेटी कुर्रोल्लू' को सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म, 'लाहरी' को सर्वश्रेष्ठ ओड़िया फिल्म, 'मुक्काम पोस्ट बॉम्बिलवाड़ी' को सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म और 'सुनीता' को सर्वश्रेष्ठ मणिपुरी फिल्म का पुरस्कार मिला। 'कैप्टन मिलर' और 'मेय्याझगन' को स्पेशल मेंशन से सम्मानित किया गया। गैर-फीचर फिल्मों के विजेता गैर-फीचर फिल्मों की श्रेणी में 'भंगार (ऑब्सोलीट)' को सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म चुना गया। हिंदी फिल्म 'मैं निदा' को सर्वश्रेष्ठ कला एवं संस्कृति फिल्म का पुरस्कार मिला, जबकि 'हमसफर' को सर्वश्रेष्ठ शॉर्ट फिल्म का सम्मान दिया गया। खबर अपडेट की जा रही है…
प्रसिद्ध टीवी सीरियल तारक मेहता का उल्टा चश्मा के निर्माता असित कुमार मोदी शनिवार को त्रियुगीनारायण मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहां विशेष पूजा-अर्चना कर देश की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना की। भगवान नारायण का आशीर्वाद प्राप्त कियासुबह करीब ग्यारह बजे असित मोदी अपने बेटे और बहू के साथ शिव-पार्वती विवाह स्थल त्रियुगीनारायण पहुंचे। उन्होंने मंदिर में भगवान नारायण का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान तीर्थपुरोहितों ने उनका भव्य स्वागत किया। जानकारी के अनुसार, असित मोदी भविष्य में अपने पुत्र के विवाह के लिए इस पौराणिक स्थल को देखने आए थे। देवभूमि उत्तराखंड पहुंचना सौभाग्यअसित मोदी ने इस अवसर पर कहा कि देवभूमि उत्तराखंड पहुंचना उनका सौभाग्य है। उन्होंने प्रकृति द्वारा निर्मित इस स्थान की खूबसूरती और दिव्यता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह वह दिव्य स्थान है जहां माता पार्वती और भगवान शिव विवाह के बंधन में बंधे थे और यहां पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की दिव्य आध्यात्मिक परंपरा का अनुभव भी साझा किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य त्रियुगीनारायण अमित मैंखंडी और अन्य तीर्थपुरोहित मौजूद रहे।
क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म द ऑडेसी रिलीज हो चुकी है। इसकी सबसे खास बात रही कि उन्होंने अपनी फिल्म का पहला भारतीय प्रीमियर मुंबई में किया। यह पहली बार है जब नोलन जैसे निर्देशक ने भारत को लंदन, पेरिस और न्यूयॉर्क के बराबर अपनी आधिकारिक ग्लोबल प्रमोशन सूची में रखा। इन हस्तियों ने मुंबई के कोलाबा में स्थित 108 साल पुराने ओलंपिया कॉफी हाउस में बन मस्का का आनंद भी लिया है। दरअसल हॉलीवुड फिल्मों के लिए भारत सबसे तेजी से बढ़ता बाजार है। 2026 में हॉलीवुड फिल्मों की कमाई पहली बार भारत में 2 हजार करोड़ रु. के पार पहुंच सकती है। हॉलीवुड अपना रहा ‘इंडिया-फर्स्ट’ नीति 1. भारतीय दर्शकों ने पहले भी भरोसा जताया भारत में ओपेनहाइमर नोलन की पहली 100 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाने वाली फिल्म बनी। यह अमेरिका के बाद शीर्ष कमाई वाले बाजारों में शामिल हुई थी। 2. तीन महीने पहले शुरू हो रही फिल्मों की बुकिंग मार्वल स्टूडियोज 20 जुलाई से एवेंजर्स: डूम्सडे की एडवांस बुकिंग शुरू करने की तैयारी में है, जबकि फिल्म 18 दिसंबर को रिलीज होगी। शुरुआती बुकिंग इनफिनिटी विजन जैसे प्रीमियम बड़े स्क्रीन फॉर्मेट के लिए होगी। 3. सिर्फ हिन्दी नहीं, क्षेत्रीय भाषाओं पर भी जोर ‘अवातार: फायर एंड एंश’ में अंग्रेजी ट्रेलर से ज्यादा जोर हिंदी, तमिल, तेलुगु और दूसरी भाषाओं पर दिया गया। मार्वल की फिल्म एवेंजर्स: डूम्सडे में भी अलग-अलग भारतीय भाषाओं के बड़े कलाकारों से डबिंग कराई जा रही है। 4. सिर्फ फिल्म ही नहीं, ‘इवेंट’ बेचा जा रहा ब्रैड पिट की एफ1 सिर्फ फिल्म नहीं थी। भारत में रेसिंग सिम्युलेटर लगाए गए। गेमिंग एरीना से साझेदारी हुई। स्पोर्ट्स चैनलों के साथ प्रचार किया गया। आईमैक्स और 4DX अनुभव को मुख्य आकर्षण बनाया गया। 5. भारत में प्रीमियम स्क्रीन का क्रेज भी बढ़ रहा है भारत में अभी 70mm आईमैक्स जैसे थिएटर नहीं हैं, फिर भी नोलन ने भारत को प्राथमिकता दी। इसकी वजह यह है कि यहां आईमैक्स और अन्य प्रीमियम फॉर्मेट में फिल्में देखने वाले दर्शकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ट्रेंड; हॉलीवुड फिल्मों की 6 साल बाद सबसे ज्यादा कमाई 2019 में हॉलीवुड फिल्मों ने भारत में रिकॉर्ड 1,595 करोड़ कमाए और कुल बॉक्स ऑफिस में 15% हिस्सेदारी हासिल की। लेकिन महामारी के बाद यह रफ्तार टूट गई। यही वजह है कि अब हॉलीवुड अपनी रणनीति बदल रहा है। रिकॉर्ड; 6 महीने में हॉलीवुड करेगा 1500 करोड़ रु. कमाई जनवरी से जून के बीच अंग्रेजी फिल्मों ने 512 करोड़ रुपए का कारोबार किया है। लेकिन 2026 पहला साल हो सकता है जब भारत में हॉलीवुड फिल्मों की कमाई पहली बार ₹2,000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर जाए। स्पाइडरमैन: ब्रैंड न्यू डे 30 जुलाई जुमानजी: ओपन वर्ल्ड 11 दिसंबर एवेंजर्स: डूम्सडे 18 दिसंबर ड्यून पार्ट-3 18 दिसंबर
सीनियर एक्टर अन्नू कपूर ने हाल ही में रणबीर कपूर स्टारर फिल्म रामायण में माता सीता का किरदार साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी को देने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि फिल्ममेकर्स किसी दूसरे सब्जेक्ट पर फिल्म बना सकते थे, क्योंकि वो कुछ भी करके रामानंद सागर जैसी फिल्म नहीं बना सकेंगे। अन्नू कपूर ने हाल ही में जूम को दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत में बायोपिक नहीं बनानी चाहिए। आगे अन्नू कपूर ने नितेश तिवारी की अपकमिंग फिल्म रामायण पर कहा, ‘क्या बनाएंगे, जो बनाएंगे, वो रामानंद सागर की रामायण को टेक्नोलॉजिकली बहुत शू शां और फूं फां और शोशेबाजी कर देंगे। लेकिन उसके बाद आप ये सोचिए कि किसको आपने सीता का रोल दिया है। सीता मां हैं, इस देश का हिंदू श्री राम चंद्र को नारायण का अवतार मानते हैं और किनको लिया है माता सीता के रोल में। अब आप सोचिए।’ आगे अन्नू कपूर ने ये भी कहा है कि वो नितेश तिवारी को जानते तक नहीं हैं। वो फिल्में नहीं देखते, लेकिन जब उन्हें पता चला कि वो रामायण बना रहे हैं, तो उन्होंने नितेश तिवारी नहीं बल्कि रामायण बनाने का विरोध किया। 8 नवंबर को रिलीज होगी रामायणः पार्ट-1 बता दें कि एपिक सागा फिल्म रामायण, इंडियन सिनेमा की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में हैं। ये फिल्म 8 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान शुक्रवार को SRA (स्लब रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी) के दफ्तर पहुंचे, जहां उन्होंने कई बुजुर्गों को उनके सपनों के घर की चाबियां सौंपीं। एक्टर टाइट सिक्योरिटी के साथ पहुंचे थे, इसके बावजूद भीड़ ने उन्हें घेर लिया। सलमान खान के पर्सनल सिक्योरिटी हैड शेरा भी उनके साथ मौजूद रहे। सलमान ने वहां मौजूद बुजुर्ग महिलाओं को उनके घरों की चाबियां दीं और मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया। देखिए तस्वीरें- मातृभूमि से जुड़े सवाल पूछने से रोका ऑफिस में सलमान खान के साथ मौजूद टीम ने वहां पहुंचे लोगों से कहा कि वो चाहें तो सवाल पूछ सकते हैं। एक शख्स उनकी फिल्म से जुड़ा सवाल पूछता, उससे पहले ही सलमान ने कहा, बस एक सवाल छोड़कर बाकी कुछ भी पूछ लेना। उसका जवाब तो मेरे पास भी नहीं है। सलमान खान ने SRA के डेटा कलेक्शन एंड सेग्रिगेशन सपोर्ट सेंटर (आईटी सर्वर रूम) का उद्घाटन भी किया। यह आधुनिक आईटी सर्वर रूम डिजिटल प्रशासन को अधिक मजबूत, सुरक्षित और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही, इससे SRA की ई-गवर्नेंस पहलों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। विवादों में है सलमान खान की फिल्म मातृभूमि
बॉलीवुड एक्टर आमिर खान को लॉरेंस गैंग की तरफ से जान से मारने की धमकी मिलने की खबर है। रिपोर्ट के अनुसार गैंग ने आमिर खान की 5 जुलाई को हुई गौरी स्प्रैट से शादी को लव जिहाद बताया है। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को लॉरेंस गैंग की तरफ से एक लेटर और ऑडियो नोट जारी किया गया है। चिट्ठी आरजू बिश्नोई और टायसन बिश्नोई के नाम से दी गई है। चिट्ठी में लिखा गया है, जो हमारी देश की संस्कृति के खिलाफ, हमारे देश में लव जिहाद के नाम पर आमिर खान जैसे लोगों को बढ़ावा दे रहे हैं, हम उन्हें बर्दाश्त नहीं करेंगे। गैंग की तरफ से लिखा गया है कि जल्द ही इसका जवाब दिया जाएगा। चिट्ठी में लिखा गया है कि ये देश और संस्कृति के खिलाफ है, जो भी इसका समर्थन करेगा, उसे जल्द ही गैंग की तरफ से जवाब मिलेगा। दैनिक भास्कर इन दावों की पुष्टि नहीं करता है। खबर लिखे जाने तक मुंबई पुलिस की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आमिर की टीम की तरफ से भी कोई बयान सामने नहीं आया है। आमिर ने दी थी लव जिहाद के आरोप पर सफाई तीसरी शादी करने के बाद एक्टर आमिर खान को सोशल मीडिया पर लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर कहा जा रहा है। आमिर ने रेडिफ के साथ बातचीत में इन आरोपों पर आमिर ने कहा- ‘मेरी तीनों शादियों में किसी भी पत्नी ने धर्म परिवर्तन नहीं किया, क्योंकि शादियां सिविल मैरिज थीं। तीसरी पत्नी गौरी हिंदू नहीं बल्कि ईसाई हैं।’ आमिर ने कहा- ‘मेरी बेटी इरा की शादी एक हिंदू से हुई है। मेरी दोनों बहनों निखत खान और फरहत खान के पति भी हिंदू हैं। कजिन मंसूर की शादी एक ईसाई से हुई है।’ आमिर ने 5 जुलाई को की थी तीसरी शादी एक्टर आमिर खान और उनकी पार्टनर गौरी स्प्रैट ने 5 जुलाई को शादी की। दोनों ने मुंबई के पाली हिल (बांद्रा) स्थित आमिर के घर पर शादी के कागजात पर साइन किए। यह एक प्राइवेट मैरिज सेरेमनी थी, जिसमें दोनों परिवारों के लोग और कुछ बेहद करीबी दोस्त ही शामिल हुए। शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत कोर्ट मैरिज के रूप में रजिस्टर की गई। पूरी खबर यहां पढ़ें… आमिर की शादी की तस्वीरें … नेताओं ने लव जिहाद कहा, पुतला फूंका, मुफ्ती ने शादी को नाजायज बताया आमिर खान की तीसरी शादी पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नितेश राणे ने सवाल उठाया था- क्या आमिर खान लव जिहाद के ब्रांड एंबेसडर बन रहे हैं। महाराष्ट्र के ही मंत्री संजय शिरसाट ने कहा- यह आमिर का निजी जीवन है, लेकिन ऐसी चीजें समाज पर गलत असर डाल सकती हैं। बजरंग दल समेत कुछ संगठनों ने आमिर खान के खिलाफ प्रदर्शन किया और उनका पुतला भी फूंका। उनका आरोप था कि आमिर जानबूझकर गैर-मुस्लिम महिलाओं से शादी करते हैं। वहीं, आमिर की तीसरी शादी को लेकर यूपी में फतवा जारी हुआ है। अलीगढ़ में यूपी के शाही चीफ मुफ्ती मौलाना चौधरी इफ्राहीम हुसैन ने कहा कि शरीयत के मुताबिक किसी भी मुस्लिम पुरुष के लिए ऐसी गैर-मुस्लिम महिला से शादी करना पूरी तरह गलत और नाजायज है, जो अपने पुराने धर्म पर कायम हो। जिसने मुस्लिम धर्म स्वीकार न किया हो। ऐसी महिला से शादी इस्लाम के नियमों में अवैध है। ऐसा करने वाला मुस्लिम पुरुष भी धार्मिक रूप से गुनहगार है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सैलून एंटरप्रेन्योर और फैशन प्रोफेशनल हैं गौरी स्प्रैट आमिर ने साल 2025 में अपने 60वें जन्मदिन पर गौरी के साथ अपने रिलेशनशिप को पब्लिक किया था। आमिर की तरह गौरी भी शादीशुदा थीं और उनका 7 साल का एक बच्चा है। आमिर और गौरी एक-दूसरे को पिछले 25 सालों से जानते हैं। दोनों पहले काफी अच्छे दोस्त थे, जिसके बाद उन्होंने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। 2002 में हुआ था आमिर का पहला तलाक आमिर ने अपनी पहली शादी साल 1986 में रीना दत्ता से की थी। यह लव मैरिज थी जो करीब 16 सालों तक चली। दोनों के दो बच्चे, जुनैद खान और इरा खान हैं। साल 2002 में आमिर-रीना का तलाक हो गया था। किरण राव से दूसरी शादी फिर तलाक रीना दत्ता से तलाक के बाद आमिर खान की जिंदगी में डायरेक्टर किरण राव आईं। साल 2005 में दोनों की शादी हुई। इस शादी से उनका एक बेटा आजाद है, जिसका जन्म IVF से हुआ। शादी के 16 साल बाद जुलाई 2021 में आमिर और किरण का ऐलान किया था। तीसरी शादी पर भारत का कानून क्या कहता है? भारत में तीसरी शादी करना गैरकानूनी नहीं है। कानून सिर्फ यह देखता है कि शादी के समय व्यक्ति की पिछली शादी कानूनी रूप से खत्म हुई है या नहीं। अगर पहली और दूसरी शादी का कानूनी तलाक हो चुका है या जीवनसाथी का निधन हो गया है, तो तीसरी शादी पूरी तरह वैध होती है। लेकिन बिना तलाक के दोबारा शादी करना द्विविवाह माना जा सकता है और यह कानूनन अपराध है। ऐसे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 82 के तहत शादी अमान्य होगी और 7 साल की जेल हो सकती है। केवल मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत एक मुस्लिम पुरुष को एक समय में अधिकतम 4 शादियां करने की परमिशन है। अगर शादी 'स्पेशल मैरिज एक्ट' के तहत रजिस्टर्ड की जा रही हो, तो यह छूट खत्म हो जाती है और वहां भी एक विवाह का नियम लागू होता है। आमिर खान के मामले में उनकी पहली पत्नी रीना दत्ता से 2002 और दूसरी पत्नी किरण राव से 2021 में कानूनी तलाक हो चुका है। ऐसे में गौरी स्प्रैट से उनकी शादी वैध मानी जाएगी। ------------------------------------- आमिर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें आमिर खान ने 20 की उम्र में घरवालों से छिपकर पड़ोसी से पहली कोर्ट मैरिज की, जानिए 3 अहम रिश्तों की कहानी मशहूर कहावत है कि ‘दूसरा मौका सिर्फ कहानियां देती हैं, जिंदगी नहीं’, लेकिन बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने ये कहावत गलत साबित कर दी। दो नाकाम शादियों के बाद आमिर ने जिंदगी को नया मौका दिया और उन्होंने 61 की उम्र में गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी की। पूरी खबर पढ़ें….
एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने हाल ही में जंतर-मंतर पहुंचकर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट और सोनम वांगचुक के अनशन को समर्थन दिया है। इसी बीच एक्ट्रेस ने मौजूदा सरकार पर जमकर गुस्सा निकाला। उन्होंने ये भी कहा कि कई सेलेब्स इस डर से इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि उनके साथ भी वही होगा, जो स्वरा के साथ हुआ। जंतर-मंतर में लल्लनटॉप से बातचीत करते हुए स्वरा ने सेलेब्स के न पहुंचने पर कहा, ‘वो मेरी हालत देखकर नहीं आ रहा है। उनको पता है ज्यादा बोलने से स्वरा भास्कर के साथ जो हुआ, वो हम सबके साथ होगा। 2010-2011 की बात अलग थी। जो सरकार केंद्र में थी वो अलग सरकार थी। हां उन्होंने भी भ्रष्टाचार किया होगा। गलत चीजें की होंगी, लेकिन किस हद तक ये सरकार चली जाती है। उन्होंने इतने सालों तक बिना किसी वजह के जेल में नहीं सड़ाया था इतने लोगों को, एक्टिविस्ट को, स्टूडेंट को। बिना बेल के, बिना केस के।’ आगे स्वरा ने कहा, ‘ये ऐसी सरकार है कि 84 साल के फादर स्टेन स्वामी जेल मैं मर गए। कौन जिम्मेदार होगा। वो दौर अलग था, जैसा भी करप्शन था, सिटिजन को इतना हक था कि वो मांग रख सकें, बिना ऐसी नाजायज सजा के। ये सरकार मैं कहती हूं निर्लज है, नंगी है अपने अहंकार में, नंगी है अपनी बेशर्मी में।’ सेलिब्रिटीज की चुप्पी पर स्वरा ने कहा है, ‘मैं कोई बॉलीवुड की क्लास मॉनिटर तो हूं नहीं। लेकिन मैं एक बात कहना चाहूंगी। सेलिब्रिटीज पर इतना भरोसा मत करो। सेलिब्रिटी जरूरी नहीं है। वजह अपने आप में ही जरूरी है। ये जो सारे लोग जो मेहनत कर रहे हैं, ये अपने आप में जरूरी हैं। इन्हें सेलिब्रिटी की जरुरत नहीं है। मैं यहां सेलिब्रिटी के रूप में नहीं आई हूं। मैं यहां एक नागरिक और मां के रूप में आई हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि ये जो प्रोटेस्ट है, ये मेरी बेटी के लिए भी जरूरी है। मैं मजबूरी में गोल्डन वीजा लेकर दुबई शिफ्ट नहीं होना चाहती। मेरी बेटी इस देश में पले और बढ़े और उसे वो मौका मिले, जो मुझे मिला।’ प्रोटेस्ट में शामिल हो चुके हैं ये सेलेब्स स्वरा भास्कर के अलावा, पॉपुलर एक्टर प्रकाश राज और रोडीज होस्ट रघु भी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल हो चुके हैं। इनके अलावा कई सेलेब्स सोशल मीडिया के जरिए प्रोटेस्ट को समर्थन दे रहे हैं। सोनाक्षी सिन्हा, जीनत अमान, ओमी वैद्य, सोनी राजदान, समय रैना समेत कई सेलेब्स ने प्रोटेस्ट पर पोस्ट शेयर की है। आमिर खान बोले- उनके लिए चिंतित हूं लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म लगान की स्क्रीनिंग के दौरान आमिर खान से सोनम वांगचुक के अनशन पर बात करते हुए चिंता व्यक्त की है। किरण राव ने किया कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन आमिर खान से पहले उनकी पूर्व पत्नि किरण राव ने सोनम वांगचुक का सपोर्ट किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, 'मैं सोनम वांगचुक, अभिजीत डिपके, CJP और इस देश के उन सभी नागरिकों, युवा और बुजुर्ग, के साथ एकजुटता से खड़ा हूं, जो हमारे छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। सोनम जी, नेहा, मनीष, अमीन और उन सभी लोगों को मेरा सलाम, जिन्होंने न्याय सुनिश्चित करने के लिए भूख हड़ताल शुरू की है। हमें इस बात का एहसानमंद होना चाहिए कि आपने हमें हमारी उदासीनता से जगाया और याद दिलाया कि हर आवाज मायने रखती है।' 3 इडियट्स में चतुर बने ओमी वैद्य बोले- नहीं चाहता वो मरें सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 16वें दिन '3 इडियट्स' में चतुर रामलिंगम का किरदार निभा चुके ओमी वैद्य ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘मैं अक्सर ऐसे वीडियो नहीं बनाता, इसलिए मेरी बात ध्यान से सुनिए। क्या आपको पता है कि 3 इडियट्स में आमिर खान का किरदार फुंसुख वांगडू असल जिंदगी के लद्दाख के इंजीनियर, इनोवेटर, शिक्षक और समाज सुधारक सोनम वांगचुक से प्रेरित था? मैं उनसे मिल चुका हूं। वह बहुत ही दिलचस्प और सादगी पसंद इंसान हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी में कई बेहतरीन काम किए हैं। इसलिए मैं आपसे कहूंगा कि उनके बारे में जानिए और देखिए कि इस समय वह क्या कर रहे हैं। फिलहाल सोनम वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं। कई हफ्ते बीत चुके हैं और उनका ब्लड शुगर काफी कम हो गया है।’ ‘यह बहुत गंभीर मामला है। वह भूख हड़ताल क्यों कर रहे हैं? क्योंकि उन्हें भारत की शिक्षा व्यवस्था, लद्दाख से जुड़े कुछ मुद्दों और पर्यावरण की चिंता है। आप उनकी बात से सहमत हों या नहीं, लेकिन मैं इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैं नहीं चाहता कि यह इंसान मर जाए। मेरे लिए वह एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं और मैं चाहता हूं कि वह सुरक्षित रहें और जिंदा रहें।’ सोनाक्षी बोलीं- अब चुप रहना संभव नहीं एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि देश के युवा अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे पर संवाद शुरू नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि वह भी देश की युवा हैं और देश का भला चाहती हैं, इसलिए उन्होंने अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखने का फैसला किया। उन्होंने यह भी कहा, मैं बस यह पूछना चाहती हूं कि यह कब काफी होगा? जब ये लोग मर जाएंगे, तब क्या आप जागेंगे? और इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? जो हो रहा है, वह सही नहीं है। मैं बस यही कहना चाहती हूं। शत्रुघ्न सिन्हा ने की नरेंद्र मोदी से अपील सोनाक्षी का वीडियो सामने आने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा ने उनके खुलकर बोलने की तारीफ की और पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे पर बात करने की अपील की है। उन्होंने लिखा है, ‘पिछले कुछ दिनों में देश और विदेश के कई राजनीतिक नेताओं, राजनीतिक दलों, जानी-मानी हस्तियों, कलाकारों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है। सोनम वांगचुक की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सरकार, संबंधित अधिकारियों, हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से अपील है कि वे तुरंत हस्तक्षेप करें, उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई करें और जल्द से जल्द इस आंदोलन का समाधान निकालें। वांगचुक को बचाइए!’ आगे सोनाक्षी की तारीफ में उन्होंने लिखा, ‘मेरे परिवार का गौरव और मेरी प्यारी बेटी सोनाक्षी सिन्हा ने इस मुद्दे पर खुलकर और बेबाकी से अपनी राय रखकर आज मुझे और भी गर्व महसूस कराया है। मैं उनकी प्रतिक्रिया आप सभी के साथ भी साझा कर रहा हूं।’ एक्ट्रेस फातिमा सना शेख ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब 19 दिन हो चुके हैं और किसी की बात सुनने के लिए इतना इंतजार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति, जिन्होंने देश के लिए काफी योगदान दिया है, उन्हें अपनी बात रखने के लिए अपनी सेहत दांव पर नहीं लगानी चाहिए। फातिमा ने कहा कि राजनीतिक विचार चाहे जो भी हों, छात्रों के भविष्य की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए निकले और सोनम वांगचुक की सेहत सुरक्षित रहे। उन्होंने युवाओं के बेहतर भविष्य के समर्थन की भी अपील की। कॉमेडियन समय रैना ने भी सोनम वांगचुक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि वह उम्मीद और प्रार्थना कर रहे हैं कि वांगचुक सुरक्षित रहें और इस पूरे मामले का समाधान जल्द बातचीत के जरिए निकले। सुरेंद्र शर्मा ने सोनम वांगचुक से की अपील कवि सुरेंद्र शर्मा ने सोनम वांगचुक के नाम एक वीडियो मैसेज जारी किया। उन्होंने वांगचुक से आमरण अनशन खत्म करने की भावुक अपील की। शर्मा ने कहा कि देश को सोनम वांगचुक जैसे नेतृत्व की जरूरत है, इसलिए किसी मंत्री के इस्तीफे के लिए अपनी जान दांव पर नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश किसी एक इस्तीफे से बड़ा होता है और करोड़ों युवा आज वांगचुक को अपनी आवाज मानते हैं। शर्मा ने कहा कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो युवाओं की उम्मीद टूट जाएगी। अंत में उन्होंने वांगचुक से देशहित में अनशन खत्म कर संघर्ष जारी रखने की अपील की। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 21वां दिन सोनम वांगचुक NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में शामिल होकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वांगचुक की भूख हड़ताल का 21वां दिन है। उनकी हड़ताल को लेकर अब बॉलीवुड के कई कलाकारों ने पब्लिकली अपना समर्थन जताया।
फिल्म 'ओएमजी-2' के निर्माता अश्विन वर्दे ने अभिनेता परेश रावल के आरोपों पर चुप्पी तोड़ी है। अश्विन ने परेश के दावों को पूरी तरह गलत और निराधार बताया है। हाल ही में परेश रावल ने एक पॉडकास्ट में आरोप लगाया था कि ओह माय गॉड 2 उन्होंने लिखी थी, लेकिन उन्हें इसका क्रेडिट नहीं दिया गया। इस पर पलटवार करते हुए अश्विन ने कहा कि परेश रावल इस स्क्रिप्ट को किसी दूसरे नाम से बनाना चाहते थे और वे अक्षय कुमार को इस प्रोजेक्ट से दूर रखना चाहते थे। अश्विन ने पूरी कहानी को सबके सामने रखा है। 'फिल्म का नाम बदलकर बनाना चाहते थे परेश' अश्विन वर्दे के मुताबिक, फिल्म 'ओएमजी' के कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा (आईपी) अधिकार केवल अक्षय कुमार के पास हैं। लेखक अमित राय ने 'ओएमजी-2' की मूल स्क्रिप्ट लिखी थी। परेश रावल इस स्क्रिप्ट को किसी दूसरे नाम से बनाना चाहते थे ताकि अक्षय कुमार को इस प्रोजेक्ट से पूरी तरह दूर रखा जा सके। अश्विन ने परेश की इस कोशिश को सीधे-सीधे स्क्रिप्ट चोरी और अनैतिक काम बताया है, क्योंकि वे बिना अक्षय कुमार की मंजूरी के उनकी फिल्म के फॉर्मेट का इस्तेमाल करना चाहते थे। फिल्म इंडस्ट्री के अन्य अभिनेताओं ने भी इसमें काम करने से इसीलिए मना कर दिया था क्योंकि वे जानते थे कि यह अक्षय कुमार की फिल्म है और उनकी अनुमति के बिना इसे बनाना गलत होगा। अक्षय कुमार को दूर रखने की कोशिश की इस चोरी को रोकने और स्क्रिप्ट को सुरक्षित करने के लिए अश्विन वर्दे की कंपनी ने अमित राय से इसके अधिकार खरीद लिए। इसके बाद जब अश्विन ने परेश रावल से कहा कि नैतिकता के नाते वे यह स्क्रिप्ट सबसे पहले अक्षय कुमार को दिखाएंगे, तो परेश अड़ गए कि फिल्म 'ओएमजी' के नाम से नहीं बननी चाहिए। अक्षय कुमार और अश्विन के काफी समझाने के बाद भी परेश रावल फिल्म में काम करने को तैयार नहीं हुए और वे फिल्म से अलग हो गए। इसके बावजूद, फिल्म रिलीज होने पर परेश रावल को बिना किसी योगदान के उनकी पत्नी और बिजनेस पार्टनर के नाम पर निर्माता का क्रेडिट दिया गया और उनकी पूरी फीस भी दी गई। अश्विन ने साफ किया कि उन्होंने परेश के साथ कोई धोखा नहीं किया, बल्कि उन्हें एक अनैतिक काम करने से रोका था। फिल्म के डायरेक्टर भी परेश पर भड़के ओएमजी-2 के डायरेक्टर और लेखक अमित राय ने भी परेश रावल के दावों को पूरी तरह खारिज किया है। अमित ने साफ किया कि फिल्म की कहानी, स्क्रिप्ट, कॉन्सेप्ट और किरदारों के डिजाइन से लेकर हर एक चीज उनकी खुद की लिखी हुई है। यह पूरा काम स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन में उनके नाम पर रजिस्टर्ड है और इसके हर ड्राफ्ट पर एसोसिएशन की मुहर लगी है। उन्होंने परेश रावल के करियर पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पूरे सफर में ऐसी कोई फिल्म नहीं है जिसे उन्होंने खुद सोचकर किसी को बनाने के लिए दिया हो। अमित ने हैरानी जताते हुए कहा कि फिल्म रिलीज होने के तीन साल बाद परेश रावल गलत इरादे से ये बातें क्यों कह रहे हैं, जबकि फिल्म की शुरुआत में ही उन्हें और उनके पार्टनर को प्रोड्यूसर का क्रेडिट साफ तौर पर दिया गया है। OMG-2 मैंने लिखी, क्रेडिट तक नहीं दिया अक्षय कुमार से विवाद के बीच परेश रावल ने दावा किया है कि उन्होंने ही फिल्म ओह माय गॉड 2 की स्क्रिप्ट लिखी थी, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया और उन्हें क्रेडिट भी नहीं दिया गया। विक्की लालवानी ने इंटरव्यू में परेश रावल से ओह माय गॉड 2 फिल्म न करने की वजह पूछी, तो उन्होंने कहा- ‘मैंने अमित राय (डायरेक्टर) के साथ रोड टू संगम की थी। मैं उनका प्रशंसक हूं। तो मैंने उनसे पूछा कि क्या कुछ और करने का सोचा है। मैंने उनसे कहा कि मेरे पास एक आइडिया है मिलकर करते हैं।’ ‘आइडिया था कि एक लड़का पकड़ा गया है, मास्टरबेट करते हुए, उसका वीडियो वायरल हुआ है, मजाक बन रहा है। उसके पिता खजुराहो का टूरिस्ट गाइड हैं। लेकिन अमित ने पिता को महाकाल का पुजारी भी दिखाने का सोचा। मैंने सेक्सोलॉजिस्ट फ्रेंड से 5-5 घंटे बैठकर इस पर चर्चा किया, जिससे ये आइडिया वल्गर न दिखे।’ सलमान-अजय को करना चाहते थे कास्ट आगे परेश रावल ने कहा, ‘फिर हमने एक बाइकर या सामान बेचने वाले शख्स का ऐसा कैरेक्टर जोड़ा, जो बीच-बीच में 4-5 सीन के लिए आएगा और नॉलेज देकर चला जाएगा। मैं अजय देवगन के पास गया बाइकर के रोल के लिए, सलमान खान के पास भी गया। अगर मैं अक्षय के पास जाता तो यही लगता कि ये ओह माय गॉड 2 बन रही है। विपुल शाह के पास भी गया, मीटिंग भी हुई। बाद में मेरे पास अमित का कॉल आया कि थोड़ी गड़बड़ हो गई है। मैंने पूछा ’क्या हुआ?', तो उसने कहा, ‘वो लोग इस फिल्म में दिलचस्पी ले रहे हैं।’ जब पूछा गया कौन, तो उन्होंने कहा- ‘अक्षय को फिल्म करनी है।’ आगे परेश रावल ने कहा, ‘अमित ने अनजाने में या बेवकूफी में इस स्क्रिप्ट के ऊपर ओएमजी 2 लिख दिया था। जबकि हमें ओहएमजी जैसा आउट ऑफ द बॉक्स आइडिया करना था, ये ओएमजी 2 नहीं थी। उन लोगों ने अमित से स्क्रिप्ट ले ली। मैंने अमित से कहा कि ये फ्रैंचाइजी नहीं है। लेकिन मैं तुमसे झगड़ा नहीं कर सकता।’ अक्षय चाहते थे फिल्म करें परेश रावल परेश रावल ने बताया है कि अक्षय उनके पास आए और फिल्म करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इस पर परेश रावल ने कहा- ‘अगर ये सीक्वल होती, तो मैं फिल्म जरूर करता, दबाकर पैसे लेता, स्टोरी का क्रेडिट भी लेता। दुख की बात है कि मुझे तो स्टोरी का क्रेडिट भी नहीं मिला। मैं कहानीकार नहीं हूं, लेकिन कहानी का आइडिया परेश का था, ऐसा क्रेडिट भी नहीं दिया।’ परेश ने आगे बताया कि अक्षय कुमार जानते थे कि कहानी उन्होंने लिखी। करण जौहर को भी पता है, सोमेन मिश्रा, अश्विन वर्दे को भी पता है। सलमान खान को भी पता था। अमित राय ने ही डायरेक्ट की ओएमजी 2 परेश रावल के फिल्म से हटने के बाद उनकी स्क्रिप्ट पर बनी फिल्म को अमित राय ने ही डायरेक्ट किया। स्टोरी का क्रेडिट भी अमित राय को ही दिया गया। इसमें अक्षय कुमार, पंकज त्रिपाठी और यामी गौतम लीड रोल में रहे। ये फिल्म 2023 में रिलीज हुई और हिट रही, जिसे 2012 में आई ओएमजी की सीक्वल फिल्म है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म में कई बदलाव करवाए थे।
18 जुलाई 2012 दोपहर में खबर आई, सुपरस्टार राजेश खन्ना, 'काका बाबू' अब नहीं रहे। राजेश खन्ना पिछले कुछ दिनों से काफी बीमार थे। फैंस की भीड़ कई दिनों से उनकी सलामती के लिए कार्टर रोड स्थित आशीर्वाद बंगले के बाहर भीड़ लगाकर दुआ कर रहे थे। फिर जैसे ही हर न्यूज चैनल, फेसबुक, ट्विटर में उनकी मौत की खबर आई, जल्द ही आशीर्वाद के सामने मातम मना रहे फैंस का जन सैलाब आ गया। तेज बारिश भी फैंस को रोक नहीं सकी। 5 दशकों के फिल्मी करियर में बनाए गए उनके दोस्त-यार भी जल्द ही घर पहुंचने लगे। अमिताभ बच्चन ने राजेश खन्ना के आखिरी दर्शन किए और उनके घर में रखे सोफे पर जा बैठे, तभी राजेश खन्ना के करीबी उनके पास आकर खड़े हुए और भारी गले, लड़खड़ाती हुई आवाज में कहा- उनके आखिरी शब्द थे, ‘टाइम हो गया है, पैक अप।’ नम आखों के साथ वो शख्स वहां से चला गया। आशीर्वाद बंगले के आसपास की ट्रैफिक व्यवस्था ठप होने लगी। भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया, कई बैरिकेड्स लगाए गए, लेकिन भीड़ पर काबू पाना मुश्किल था। न्यूज चैनलों में राजेश खन्ना की फिल्म आनंद का एक सीन बार-बार चल रहा था, जिसमें उन्होंने कहा था- ‘बाबूमोशाय जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं।’ फिल्म में जब उन्हें मरते देखने में ही फैंस का कलेजा फटता था, फिर तो आज उनकी असल में मौत हो चुकी थी। अगले दिन 19 जुलाई 2012 को उनका अंतिम संस्कार हुआ। सुबह से ही तेज बारिश हो रही थी। उनके शव वाहन को सफेद फूलों से सजाया गया। भीड़ इस कदर थी कि शव वाहन निकलने की भी जगह नहीं थी। ट्रैफिक कंट्रोल के बाद सुबह 10 बजे उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई। पत्नि डिंपल कपाड़िया, बेटी डिंपल, दामाद अक्षय कुमार, नातिन आरव और छोटी बेटी रिंकी उनकी शव पेटी को हाथ लगाए खड़ी रहीं। भीड़ में चीख-पुकार मची थी, लोग फूल फेंक रहे थे, जैसे-जैसे वाहन आगे बढ़ता, वैसे-वैसे भीड़ भी बढ़ती जाती। मुंबई ने शायद इससे पहले ऐसी अंतिम यात्रा कभी नहीं देखी थी। लोकल ट्रेन के स्टेशनों, फ्लायओवर्स, खंबो तक में लोग चढ़कर, एक अंतिम दर्शन चाहते थे। दूर-दूर के शहरों से लोग पहुंचे। फैंस की संख्या करीब 9 लाख थी। कई जगह लाठीचार्ज हुआ। सड़कों पर चप्पलें बिखरी पड़ी थीं। पवनहंस श्मशान भूमि में राजेश खन्ना का अंतिम संस्कार हुआ, नातिन आरव ने पिता अक्षय की मदद से मुखाग्नि दी। राजेश खन्ना पिछले कुछ दिनों से काफी बीमार चल रहे थे। इसके बावजूद वो अभिनय करना चाहते थे। वो कैमरा और लाइट के बीच जीना चाहते थे, जबकि कैंसर के इलाज के बीच ही हेयरलाइन फ्रैक्चर के चलते वो ठीक तरह चल नहीं पाते थे। अप्रैल 2012 में जब डेट्स की बात हुई, तो सवाल उठा कि क्या वो इस बिगड़ती हेल्थ कंडीशन में बैंग्लोर में शूट कर पाएंगे। राजेश खन्ना डॉक्टर्स की सलाह के विरुद्ध शूट करने पर अड़े थे। शूटिंग से ठीक पहले उन्हें नानावटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, हैवी पेनकिलर्स लेते हुए भी वो शूटिंग की लाइनें याद करते थे। डिस्चार्ज मिलते ही वो घर जाने की बजाए वह टीम के साथ सीधे एयरपोर्ट रवाना हुए और बैंग्लोर पहुंच गए। टक्सीडो पहने राजेश खन्ना ने मेकअप करवाया और बार-बार शीशे में खुदको देखते रहे। जैसे ही डायरेक्टर आर.बाल्कि ने कहा लाइट, कैमरा, एक्शन, राजेश खन्ना ने लाइनें बोलना शुरू कीं- ‘फैंस क्या होते हैं, मुझसे पूछो, प्यार को वो तूफान, मोहब्बत की वो आंधी, वो जज्बा, वो जुनून, हवा बदल सकती है, लेकिन मेरे फैंस हमेशा मेरे रहेंगे। बाबूमोशाय, मेरे फैंस मुझसे कोई नहीं छीन सकता। (बैकग्राउंड में उनकी फिल्म कटी पतंग का गाना ये शाम मस्तानी बज रहा था)।’ शाम 7 बजे जैसे ही डायरेक्टर ने चिल्लाया- पैकअप, हर कोई खड़ा होकर राजेश खन्ना के लिए तालियां बजाने लगा। आहिस्ता चलते हुए वह व्हीलचेयर पर बैठे और टीम से वैनिटी की ओर चलने को कहा, कुछ दूर जाकर उन्होंने एक नजर मुड़कर सेट देखा और फिर मुड़ गए। कुछ दिनों बाद अचानक तबीयत बिगड़ने से उन्हें लीलावती अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वो ट्विंकल और रिंकी के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहते थे। ट्विंकल उस समय प्रेग्नेंट थीं, इसके बावजूद वो पिता के साथ ही रहतीं। इसी बीच 16 जून को खबर आई कि उनकी तबीयत नाजुक बनी हुई है। उसी दिन सोशल मीडिया पर उनके निधन की खबर चर्चा में आ गई। फैंस की भीड़ अस्पताल और आशीर्वाद बंगले के बाहर जमा होने लगी जल्द ही इन अफवाहों पर विराम लगाया गया। दूसरी तरफ अस्पताल में राजेश खन्ना, बार-बार होश खो रहे थे। परिवार पूरे समय उनके साथ था। 20 जून को उन्हें अच्छी तरह होश आया। उन्होंने परिवार को देखा और धीमी आवाज में कहा- ‘मैं घर जाना चाहता हूं, अपने कमरे में रहना है। यहां नहीं रह सकता।’ घर वापसी की तैयारी हुई और आशीर्वाद बंगले लौटते हुए कई फैंस और मीडिया के कैमरे उनके लिए रास्ते भर लगे रहे। अगले दिन 21 जून को राजेश खन्ना ने परिवार से कहा कि वो फैंस को देखना चाहते हैं। काला चश्मा, सफेद कुर्ता-पजामा और शॉल औढ़े राजेश खन्ना छत पर आए, तो झलक मिलते ही फैंस खुशी से चिल्ला पड़े। डिंपल, अक्षय और करीबी दोस्त भूूपेश रसीन साथ खड़े थे। विक्ट्री साइन के साथ राजेश खन्ना ने फैंस से मुलाकात की। अगले दिन हर अखबार में वही तस्वीर थी, लेकिन इसी दिन राजेश खन्ना की तबीयत काफी बिगड़ गई। उन्होंने खाना छोड़ दिया और अगले दिन 23 जून को उन्हें दोबारा लीलावती अस्पताल में भर्ती करवाया गया। कुछ हफ्ते अस्पताल में ही बीते। राजेश खन्ना बार-बार घर जाने की जिद करते, लेकिन परिवार इसके खिलाफ था। एक दिन राजेश खन्ना ने कहा, मैं अस्पताल में नहीं मरना चाहता। परिवार को झुकना पड़ा। 17 जुलाई को उन्हें आशीर्वाद बंगले ले जाया गया। अगले दिन 18 जुलाई को अपने कमरे में लेटे राजेश खन्ना ने कहा, टाइम हो गया है, पैक-अप। कुछ देर बाद उनकी सांसें रुक गईं। राजेश खन्ना को कुछ महीनों पहले ही मौत का आभास हो गया था। 29 दिसंबर को आने वाले उनके जन्मदिन के लिए जब 2011 में परिवार ने गोवा वेकेशन प्लान की, तो वो दोस्तों को यही कहकर बुला रहे थे कि ये मेरा आखिरी बर्थडे होने वाला है। मौत के कुछ दिनों बाद परिवार को उनका एक रिकॉर्डेड मैसेज मिला, जिसमें उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी की कहानी परिवार और चाहनेवालों के लिए रिकॉर्ड की थी। ठीक वैसे ही जैसे आनंद फिल्म में अमिताभ बच्चन के लिए की थी। चौथे के दिन परिवार ने वो मैसेज सुनाया। सुनिए राजेश खन्ना का फैंस के लिए रिकॉर्ड किया गया आखिरी मैसेज- रिकॉर्डिंग में राजेश खन्ना ने अपने सफर की पूरी कहानी सुनाई कि कैसे थिएटर से उनका जन्म हुआ। उनका कहना था कि वो आज जो कुछ भी हैं थिएटर की बदौलत हैं। आगे चाहनेवालों के लिए उन्होंने कहा- ‘फिल्मों में आ तो गया, लेकिन वो खूबसूरत कामयाबी की सीढ़ी चढ़ने का मौका, ये सेहरा तो आपके सिर है। ये आप हैं, जिन्होंने मुझे एक्टर से स्टार और स्टार से सुपरस्टार बनाया। किन अल्फाजों में आपका शुक्रिया अदा करूं समझ नहीं आता। प्यार आप मुझे भेजते रहे, लेकिन वो प्यार कभी लौटा नहीं पाया। लेकिन जो भी कहना चाहूंगा, जिन अल्फाजों में आपका शुक्रिया अदा करना चाहूंगा, वो मेरे दिल की सच्चाई, ईमानदारी और जमीर होगा। आज मेरा दिल हल्का हुआ आपसे गुल्फ्गू करके। दिल हल्का हुआ। मुझे अच्छा लगा कि इस बहाने आपसे मुलाकात हुई।’ आखिरी में उन्होंने कहा, ‘किसे अपना कहें, कोई इस काबिल नहीं मिलता। यहां पत्थर तो बहुत मिलते हैं, लेकिन दिल नहीं मिलता। 'दोस्तों आपका एक हिस्सेदार मैं भी हूं। आपने अपना कीमती वक्त निकाला। आपका ये प्यार था कि आप यहां मौजूद हुए और इतनी भारी संख्या में। मैं यही कहूंगा कि बहुत बहुत शुक्रिया, थैंक्यू और मेरा बहुत बहुत सलाम।' राजेश खन्ना के आखिरी साल उलथ-पुथल रहे। हर कोई किसी न किसी तरह उनसे रिश्ता बनाना चाहता था, लेकिन असल परिवार उनसे दूर रहा। करियर के शुरुआत में राजेश खन्ना 7 सालों तक अंजू महेंद्रू के साथ रिलेशनशिप में रहे। आगे राजेश खन्ना ने 1973 में डिंपल कपाड़िया से शादी की, जिससे उन्हें 2 बेटियां ट्विंकल और रिंकी थीं। लेकिन 1982 में दोनों अलग हो गए। दोनों ने तलाक कभी नहीं लिया और बेटियों की मिलकर परवरिश की। दोनों अलग-अलग घरों में रहते। 80 के दशक में राजेश खन्ना और टीना मुनीम रिलेशनशिप में रहे। टीना राजेश से शादी करना चाहती थीं, लेकिन राजेश खन्ना को यकीन था कि डिंपल देर से ही सही लौट आएंगी। यही वजह रही कि टीना उनसे अलग हो गईं। राजेश खन्ना ने सालों अकेले बिताए, लेकिन जब उन्हें कैंसर हुआ और तबीयत नासाज रहने लगीं तो डिंपल कपाड़िया उनके साथ आशीर्वाद बंगले में आकर रहने लगीं। राजेश खन्ना की मौत से कुछ महीनों पहले ही अनीता आडवाणी ने उनके साथ लिव-इन में रहने का दावा किया। मिड डे को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वो पिछले 8 सालों से राजेश खन्ना के साथ आशीर्वाद में रह रही थीं। दावा ये भी था कि उन्हें राजेश खन्ना के अंतिम संस्कार में आने नहीं दिया और न ही दोबारा आशीर्वाद बंगले में आने की इजाजत मिली। उन्होंने डिंपल के खिलाफ प्रॉपर्टी से जुड़े केस भी किए हैं। जब राजेश खन्ना का निधन हुआ तो पत्नी, बच्चे और एक्स गर्लफ्रेंड अंजू महेंद्रू भी मौजूद रहीं। वहीं अंजू जिनसे ब्रेकअप के बाद राजेश खन्ना ने उन्हीं के घर के नीचे से धूमधाम से अपनी बारात निकाली थीं। घर में मिले तोहफों से भरे 65 सूटकेस काका बाबू के निधन के बाद आशीर्वाद बंगले में 65 ऐसे बंद सूटकेस मिले, जिनमें सिर्फ तोहफे भरे हुए थे। वो जब भी विदेश जाते तो करीबियों के लिए बढ़-चढ़कर तोहफे खरीदते थे। कुछ तोहफे देना याद रहता तो कई बार वो भूल जाते थे। अब कहानी जतिन से सुपरस्टार राजेश खन्ना बनने की- मां-बाप ने छोड़ा तो गोद लिए पेरेंट्स ने दी आलीशान जिंदगी 29 दिसंबर 1942 में राजेश खन्ना का जन्म ब्रिटिश इंडिया के अमृतसर में लाला हीरानंद और चंद्रानी खन्ना के घर हुआ। नाम दिया गया, जतिन। जब विभाजन में लालाहीरानंद ने पाकिस्तान जाने का फैसला किया, तो उन्होंने बेटे जतिन को रिश्तेदारों चुन्निलाल और लीलावती खन्ना को गोद दे लिया, जो बॉम्बे में रहा करते थे। गोद लेने वाले पिता चुन्नीलाल रेलवे के बड़े कॉन्ट्रैक्टर थे। बचपन रईसी में गुजरा और इकलौती संतान होने पर घर में वो हर किसी के सबसे प्रिय थे। हर डिमांड बोलते ही पूरी होती, चाहे मॉडर्न साइकिल हो, रेडियो हो। राजेश मां से डिमांड करते थे कि जब वो घर लौटें तो दरवाजे पर खड़े रहकर स्वागत किया जाए। 11 की उम्र में जतिन (राजेश खन्ना) को बिल्डिंग में रहने वाली 16 साल की सुरेखा से प्यार हो गया। वो लड़की भी उन्हें चाहती थी, लेकिन 2 साल बाद सुरेखा की शादी करवा दी गई। जतिन ने पुणे के बाद बॉम्बे में कॉलेज पूरा किया। बचपन से ही थिएटर के शौकीन जतिन हीरो बनने का ख्वाब देखते थे। कई दफा वो अपनी तस्वीरें राज कपूर के पते पर भेजते थे। कॉलेज पूरा होते-होते राजेश खन्ना ज्यादातर समय कॉलेज के पास INT ड्रामा कंपनी में बिताने लगे। यहीं उनका दोस्त थिएटर करता था। खुद हीरो बनने का ख्वाब देखने वाले राजेश भी उसके साथ इस उम्मीद में रिहर्सल करते कि किसी दिन वहां आने वाले डायरेक्टर वी.के. शर्मा की उन पर नजर पड़ जाए और उन्हें ब्रेक मिल जाए। एक दिन उम्मीद रंग लाई। थिएटर का एक लड़का प्ले से ठीक 2 दिन पहले बीमार पड़ गया। वी.के.शर्मा की जतिन पर नजर पड़ी और उन्होंने पूछा, ‘तुम छोटा सा रोल करोगे?’ जतिन खुशी से झूमना चाहते थे, लेकिन तब महज जी बोलकर रुक गए। उन्हें डोरमैन का रोल दिया गया, जिसे दरवाजा खोलकर कहना था- ‘जी हुजूर, साहब घर में हैं।’ 3 मई 1961 में नागपुर में प्ले हुआ और राजेश खन्ना हजारों दर्शकों के सामने घबराने लगे। जैसे ही लाइन बोलने की बारी आई, उन्होंने कंपकंपाती जुबान से डायलॉग मिला दिए और कहा- ‘जी साहब, हुजूर घर में हैं।’ ऐसे उनका थिएटर करियर शुरू हुआ और जल्द ही वो प्रोफेशनल थिएटर आर्टिस्ट बन गए। इसी समय उन्हें अंजू महेंद्रू के साथ एक प्ले करने का मौका मिला। अंजू महेंद्रू के नाना फिल्मिस्तान स्टूडियो के मालिक थे, जबकि मामा मशहूर कंपोजर मदन मोहन। साथ काम करते हुए दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। इसी बीच 1965 में जतिन (राजेश खन्ना) ने फिल्मफेयर के ऑल इंडिया टैलेंट कॉन्टेस्ट में हिस्सा लिया। फरीदा जलाल, सुभाष घई, धीरज कुमार, विनोद मेहरा जैसे कई बड़े चेहरे भी उस कॉन्टेस्ट के पार्टिसिपेंट थे, लेकिन राजेश खन्ना ने इसे जीत लिया। इस जीत के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। कुछ स्क्रीनटेस्ट में फेल होने के बाद उन्होंने केतन आनंद की फिल्म ‘आखिरी खत’ (1969) से हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया। फिल्मों में आने के लिए उनके अंकल ने नाम जतिन से राजेश खन्ना कर दिया। औरत और बहारों के सपने जैसी फिल्मों के बाद 1969 की फिल्म अराधना से राजेश खन्ना को स्टारडम हासिल हुआ, जिसमें द ट्रेन, सच्चा झूठा, सफर, आन मिलो सजना, कटी पतंग, महबूब की मेहंदी, आनंद, अंदाज, मर्यादा और हाथी मेरे साथी जैसी फिल्मों ने इजाफा किया। उनकी 3 सालों में 17 हिट फिल्में रिलीज हुईं, जिससे वो हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहे जाने लगे। 'ऊपर आका, नीचे काका', पढ़िए फैन फॉलोविंग और स्टारडम के किस्से- लड़कियां उनकी ऐसी फैन थीं कि उनके घर में रोज हजारों खत आते, कुछ तो खून से लिखे होते, तो बड़े-बड़े तोहफे मिलना भी आम था। कार जहां भी जाती, भीड़ साथ-साथ चलती। लड़कियां कार चूमतीं तो कुछ कार के टायर के निशान चूमते। मुमताज ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब वो एक फिल्म की शूटिंग के लिए मद्रास गए तो होटल के बाहर करीब 600 लड़कियां राजेश खन्ना का इंतजार कर रही थीं। हावड़ा ब्रिज टूटने के डर से रोक दी गई शूटिंग किस्सा है फिल्म अमर प्रेम का। राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर को हावड़ा ब्रिज के नीचे से नांव से निकलता था। हालांकि एथोरिटी ने आखिरी समय पर परमिशन देने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि राजेश खन्ना को देखने के लिए जमा हुई भीड़ से हावड़ा ब्रिज टूट सकता है। नैनीताल झील को नांव से किया गया कवर, हादसे का डर था राजेश खन्ना फिल्म कटी पतंग की शूटिंग के लिए नैनीताल गए थे। शूटिंग लोकेशन नैनी झील के आस-पास का था इसलिए उस झील को 3 दिनों के लिए चारों तरफ से नाव से बांध दिया गया। वजह ये थी कि लोग उन्हें देखने के लिए बड़ी तादाद में वहां जरूर पहुंचेंगे जिस वजह से हादसा होने का भी खतरा था। थिएटर में राजेश खन्ना को देख लोग हो गए थे पागल, फाड़ दी थी उनकी शर्ट राजेश खन्ना करीबी दोस्त कमल हासन के साथ एक अमेरिकन फिल्म देखने गए। अंधेरे में लोग उन्हें नहीं पहचान सके। फिल्म खत्म हुई तो राजेश खन्ना अड़ गए कि एंड क्रेडिट देखे बिना नहीं जाएंगे। जैसे ही लाइट्स ऑन हुईं, लोगों ने राजेश खन्ना को पहचान लिया और उन्हें छूने के लिए खींचातानी होने लगी। कमल हासन ने उस भीड़ से राजेश खन्ना को बचाकर बाहर निकाला, लेकिन लोगों की खींचातानी में राजेश खन्ना की शर्ट फट गई। हालांकि इसके बावजूद वो मुस्कुरा रहे थे। फैन का फोटो कलेक्शन देखकर इंप्रेस हुए राजेश खन्ना, तोहफे में दिया फूड ट्रक राजेश खन्ना के लिए फैंस की दीवानगी कभी खत्म नहीं हुई। एक बार उनसे एक फैन की मुलाकात हुई जिसने उन्हें एक उनकी फोटो का कलेक्शन दिखाया। उसे देखकर राजेश खन्ना हैरान रह गए और खुश भी हुए। वो कलेक्शन उन्हें इतना पसंद आया कि उन्होंने उस फैन को एक फूड ट्रक गिफ्ट में दिया जो आज भी दिल्ली में चालू है। इस फूड ट्रक पर खुद राजेश खन्ना 500 बार गए थे और वहां के खानों का जायका लिया था। राजेश खन्ना हॉस्पिटलाइज हुए तो डायरेक्टर्स ने बुक करवा लिए आसपास के कमरे एक दौर में राजेश खन्ना का स्टारडम ऐसा था कि वो किसी फिल्ममेकर से मिल नहीं पाते थे। ऐसे में जब एक बार उन्हें पाइल्स के ऑपरेशन के लिए हॉस्पिटल में भर्ती होना पड़ा, तो स्क्रिप्ट सुनाने के लिए डायरेक्टर्स ने उनके रूम के आसपास के कमरे बुक करवा लिए थे। (नोट- ये स्टोरी राजेश खन्ना पर लिखी गई बुक- राजेश खन्नाः द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज फर्स्ट सुपरस्टार के कुछ हिस्सों और रिसर्च के आधार पर लिखी गई है।)
जहां कई बॉलीवुड सेलेब्स कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ एक्ट्रेस श्वेता तिवारी इस पार्टी पर भड़क गईं। उन्होंने कहा कि ये पार्टी सोनम वांगचुक का इस्तेमाल अपने एंजेंडा के लिए कर रही है। श्वेता तिवारी ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, सोनम वांगचुक एक सच्चे और बेहद महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए लड़ रहे हैं, शिक्षा और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए। उनका यह उद्देश्य ध्यान देने योग्य है और सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। आगे एक्ट्रेस ने लिखा, ‘मैं साथ ही ये भी साफ करना चाहती हूं कि मैं कॉकरोच जनता पार्टी के साथ नहीं हूं और न ही उनका समर्थन करती हूं। जिस तरह से वे इस मुद्दे को संभाल रहे हैं, उससे मैं सहमत नहीं हूं। मुझे लगता है कि वे सोनम वांगचुक के आंदोलन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। मैं इस तरीके का समर्थन नहीं करती।’ ‘मेरा समर्थन सिर्फ सोनम वांगचुक और उस उद्देश्य के लिए है, जिसके लिए वे संघर्ष कर रहे हैं। किसी भी राजनीतिक दल या संगठन के लिए नहीं, जो इससे फायदा उठाना चाहता हो।’ विवेक ऑबेरॉय सोनम के सवाल पर बोले- अभिनेता हूं, नेता नहीं हाल ही में विवेक ऑबेरॉय से सोनम वांगचुक और उनके अनशन पर सवाल किया गया, तो एक्टर ने मुद्दे पर राय रखने की बजाए कहा, ‘मैं अभिनेता हूं, नेता नहीं हूं, मैं पॉलिटिकल चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता।’ विवेक का ये बयान सामने आने के बाद कई लोग उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कई बॉलीवुड सेलेब्स बढ़-चढ़कर सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में उतरे हैं। आमिर खान बोले- उनके लिए चिंतित हूं लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म लगान की स्क्रीनिंग के दौरान आमिर खान से सोनम वांगचुक के अनशन पर बात करते हुए चिंता व्यक्त की है। किरण राव ने किया कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन आमिर खान से पहले उनकी पूर्व पत्नि किरण राव ने सोनम वांगचुक का सपोर्ट किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, 'मैं सोनम वांगचुक, अभिजीत डिपके, CJP और इस देश के उन सभी नागरिकों, युवा और बुजुर्ग, के साथ एकजुटता से खड़ा हूं, जो हमारे छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। सोनम जी, नेहा, मनीष, अमीन और उन सभी लोगों को मेरा सलाम, जिन्होंने न्याय सुनिश्चित करने के लिए भूख हड़ताल शुरू की है। हमें इस बात का एहसानमंद होना चाहिए कि आपने हमें हमारी उदासीनता से जगाया और याद दिलाया कि हर आवाज मायने रखती है।' 3 इडियट्स में चतुर बने ओमी वैद्य बोले- नहीं चाहता वो मरें सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 16वें दिन '3 इडियट्स' में चतुर रामलिंगम का किरदार निभा चुके ओमी वैद्य ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘मैं अक्सर ऐसे वीडियो नहीं बनाता, इसलिए मेरी बात ध्यान से सुनिए। क्या आपको पता है कि 3 इडियट्स में आमिर खान का किरदार फुंसुख वांगडू असल जिंदगी के लद्दाख के इंजीनियर, इनोवेटर, शिक्षक और समाज सुधारक सोनम वांगचुक से प्रेरित था? मैं उनसे मिल चुका हूं। वह बहुत ही दिलचस्प और सादगी पसंद इंसान हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी में कई बेहतरीन काम किए हैं। इसलिए मैं आपसे कहूंगा कि उनके बारे में जानिए और देखिए कि इस समय वह क्या कर रहे हैं। फिलहाल सोनम वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं। कई हफ्ते बीत चुके हैं और उनका ब्लड शुगर काफी कम हो गया है।’ ‘यह बहुत गंभीर मामला है। वह भूख हड़ताल क्यों कर रहे हैं? क्योंकि उन्हें भारत की शिक्षा व्यवस्था, लद्दाख से जुड़े कुछ मुद्दों और पर्यावरण की चिंता है। आप उनकी बात से सहमत हों या नहीं, लेकिन मैं इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैं नहीं चाहता कि यह इंसान मर जाए। मेरे लिए वह एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं और मैं चाहता हूं कि वह सुरक्षित रहें और जिंदा रहें।’ सोनाक्षी बोलीं- अब चुप रहना संभव नहीं एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि देश के युवा अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे पर संवाद शुरू नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि वह भी देश की युवा हैं और देश का भला चाहती हैं, इसलिए उन्होंने अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखने का फैसला किया। उन्होंने यह भी कहा, मैं बस यह पूछना चाहती हूं कि यह कब काफी होगा? जब ये लोग मर जाएंगे, तब क्या आप जागेंगे? और इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? जो हो रहा है, वह सही नहीं है। मैं बस यही कहना चाहती हूं। एक्ट्रेस फातिमा सना शेख ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब 19 दिन हो चुके हैं और किसी की बात सुनने के लिए इतना इंतजार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति, जिन्होंने देश के लिए काफी योगदान दिया है, उन्हें अपनी बात रखने के लिए अपनी सेहत दांव पर नहीं लगानी चाहिए। फातिमा ने कहा कि राजनीतिक विचार चाहे जो भी हों, छात्रों के भविष्य की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए निकले और सोनम वांगचुक की सेहत सुरक्षित रहे। उन्होंने युवाओं के बेहतर भविष्य के समर्थन की भी अपील की। कॉमेडियन समय रैना ने भी सोनम वांगचुक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि वह उम्मीद और प्रार्थना कर रहे हैं कि वांगचुक सुरक्षित रहें और इस पूरे मामले का समाधान जल्द बातचीत के जरिए निकले। सुरेंद्र शर्मा ने सोनम वांगचुक से की अपील कवि सुरेंद्र शर्मा ने सोनम वांगचुक के नाम एक वीडियो मैसेज जारी किया। उन्होंने वांगचुक से आमरण अनशन खत्म करने की भावुक अपील की। शर्मा ने कहा कि देश को सोनम वांगचुक जैसे नेतृत्व की जरूरत है, इसलिए किसी मंत्री के इस्तीफे के लिए अपनी जान दांव पर नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश किसी एक इस्तीफे से बड़ा होता है और करोड़ों युवा आज वांगचुक को अपनी आवाज मानते हैं। शर्मा ने कहा कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो युवाओं की उम्मीद टूट जाएगी। अंत में उन्होंने वांगचुक से देशहित में अनशन खत्म कर संघर्ष जारी रखने की अपील की। वहीं, इससे पहले सोनी राजदान, शबाना आजमी, रूबीना दिलैक, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह और अनुराग कश्यप जैसे कई सेलेब्स भी वांगचुक के समर्थन में पोस्ट कर चुके हैं। अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात कर अपना समर्थन जताया। वहीं, इससे पहले प्रकाश राज भी जंतर-मंतर पहुंचे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 20वां दिन सोनम वांगचुक NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में शामिल होकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वांगचुक की भूख हड़ताल का 20वां दिन है। उनकी हड़ताल को लेकर अब बॉलीवुड के कई कलाकारों ने पब्लिकली अपना समर्थन जताया।
एक्ट्रेस कैटरीना कैफ ने गुरुवार को मां बनने के बाद अपना पहला जन्मदिन मनाया। इस मौके पर उनके पति और अभिनेता विक्की कौशल ने सोशल मीडिया पर उनके घर के सेलिब्रेशन की एक फोटो शेयर की है। फोटो में विक्की कैटरीना को गले लगाते नजर आ रहे हैं। विक्की ने इस पोस्ट के साथ हिंदी में लिखा, जान का जन्मदिन। दोनों ने इस बार अपना जन्मदिन काफी सिंपल तरीके से घर पर ही परिवार के साथ मनाया है। व्हाइट और गोल्ड बैलून के बीच काटा केकशेयर किए गए फोटो में कैटरीना के हाथ में केक का एक टुकड़ा है और वे मुस्कुरा रही हैं। बैकग्राउंड में व्हाइट और गोल्ड कलर के बैलून लगे हैं और साथ ही 'हैप्पी बर्थडे' का बैनर भी दिख रहा है। दोनों ने इस खास दिन पर सिंपल कपड़े पहने थे। कैटरीना ने ब्लू डेनिम ड्रेस पहनी थी और विक्की ने व्हाइट शर्ट के साथ डार्क ट्राउजर पहना था। पिछले साल नवंबर में हुआ बेटे विहान का जन्मकैटरीना और विक्की पिछले साल नवंबर में एक बेटे के माता-पिता बने हैं। दोनों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके फैंस को यह जानकारी दी थी। इसके बाद 7 जनवरी 2026 को उन्होंने अपने बेटे के नाम का खुलासा किया था। उन्होंने अपने बेटे का नाम विहान कौशल रखा है। मां बनने के बाद कैटरीना का यह पहला जन्मदिन था। सलमान के सामने किया था प्रपोज विक्की और कटरीना की जोड़ी बनवाने में करण जौहर की काफी अहम भूमिका है। जब करण ने अपने टॉक शो 'कॉफी विद करण' पर कटरीना से सवाल पूछा था कि वो आगे किसके साथ काम करना पसंद करेंगी, तब उसके जवाब में कटरीना ने विक्की का नाम लिया था। ये बात करण ने जब विक्की को बताई तो वो इसे सुन कर दिल पर हाथ रखकर 'बेहोश' होने लगे। फिर विक्की ने कटरीना को साल 2019 में स्टार स्क्रीन अवॉर्ड के दौरान सरेआम शादी का प्रस्ताव दिया था। विक्की ने कहा था कि मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं, शादियों का मौसम चल रहा है आप भी एक विक्की कौशल को ढूंढकर उससे शादी क्यों नहीं कर लेतीं। उसके बाद कटरीना से विक्की ने सीधे पूछ लिया कि मुझसे शादी करोगी। इस पर एक्ट्रेस ने कहा- हिम्मत नहीं है। हैरानी की बात तो ये थी कि ये सब सलमान खान की मौजूदगी में हो रहा था, जहां उनके एक्सप्रेशन देखने लायक थे। इस वक्त तो सभी ने इसे अवॉर्ड नाइट में एक्टर और होस्ट के बीच का मस्ती-मजाक समझकर नजरंदाज कर दिया, लेकिन फिर जल्द ही दोनों कई मौकों पर साथ नजर आने लगे। साल 2019 के आईफा अवॉर्ड, जी सिने अवॉर्ड फंक्शन में भी दोनों साथ ही पहुंचे थे और साथ बैठे थे। कई बार विक्की को कटरीना के घर में भी स्पॉट किया गया। जल्द ही एक ही हुडी पहनने और एक ही बैकग्राउंड की तस्वीरें पोस्ट करते हुए दोनों के अफेयर की चर्चाएं बढ़ने लगीं। एक फोटो से खुला रिलेशनशिप का राज कटरीना ने सोशल मीडिया अकाउंट से एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें वो पीली टी-शर्ट पहने एक शख्स को गले लगाए दिखीं। तस्वीर इतनी क्रॉप थी कि सिर्फ टी-शर्ट का जेब ही दिख रहा था। कुछ समय बाद विक्की ने वही पीली टी-शर्ट पहने हुए तस्वीर पोस्ट की, लेकिन तब कटरीना ने अपनी फोटो डिलीट कर दी। तस्वीरें जल्द ही वायरल हो गईं और दोनों का रिश्ता ऑफिशियल हो गया। तभी रिपोर्ट्स आईं कि कपल ने डायरेक्टर कबीर खान के घर में रोका कर लिया है। कई अटकलों के बीच विक्की-कटरीना ने 9 दिसंबर 2021 में सवाई माधोपुर के सिक्स सेंस रिसोर्ट में डेस्टिनेशन वेडिंग की, जिसमें चंद करीबी ही शामिल हुए। देखिए शादी की तस्वीरें- शादी के 3 साल बाद 7 नवंबर 2025 में कटरीना ने बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम विहान रखा गया है। फिलहाल कटरीना और विक्की ने बेटे की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की हैं। कटरीना कैफ आखिरी बार 2024 की फिल्म मैरी क्रिसमस में विजय सेतुपति के साथ नजर आई हैं। इन दिनों कटरीना मदरहुड एन्जॉय कर रही हैं और अपने ब्यूटी ब्रांड पर फोकस कर रही हैं। छावा की सफलता के बाद 'लव एंड वॉर' में दिखेंगे विक्कीवर्क फ्रंट की बात करें तो विक्की कौशल की साल 2025 में आई ऐतिहासिक फिल्म 'छावा' बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही थी। लक्ष्मण उतेकर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 807 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। अब विक्की जल्द ही संजय लीला भंसाली की फिल्म 'लव एंड वॉर' में नजर आएंगे। इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर और आलिया भट्ट भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। वहीं कैटरीना कैफ आखिरी बार फिल्म 'मेरी क्रिसमस' में नजर आई थीं।
बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली इन दिनों तलाक और बच्चों की कस्टडी की कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने दावा किया था कि पति ने बच्चों को किसी सीक्रेट जगह छिपा दिया है, जिससे वो उनसे मिल न सकें। कुछ समय पहले एक्ट्रेस दिवंगत बेटे की कब्र पर फूट-फूटकर रोती दिखी थीं। अब उन्होंने बच्चों के साथ एक पुराना वीडियो शेयर कर लिखा है कि ट्रॉमा ने उनसे सब कुछ छीन लिया है। सेलिना जेटली ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से बच्चों के साथ मस्ती करते हुए एक पुराना वीडियो शेयर कर लिखा है, ‘लोग मुझे मजबूत कहते हैं, लेकिन सच यह है कि दर्द और सदमे (ट्रॉमा) ने मुझे कभी मजबूत नहीं बनाया। उन्होंने मुझे बार-बार तोड़ा, इतनी बार कि एक दिन मेरे पास खुद को जोड़ना सीखने के अलावा कोई रास्ता ही नहीं बचा। और जब-जब मुझे लगता है कि अब मैं संभल गई हूं, तभी कोई पुराना जख्म फिर से रिसने लगता है।' आगे उन्होंने लिखा, ‘बीते हुए पल अचानक लौट आते हैं। दिल फिर उसी दर्द से भर जाता है, जैसे वह दोबारा टूटने वाला हो। तब मैं रुक जाती हूं। शोर से थोड़ी दूर चली जाती हूं। अपने दर्द से कुछ पल के लिए दूरी बना लेती हूं, भागने के लिए नहीं,बल्कि खुद को बचाए रखने के लिए।’ ‘मैं अपने बिखरे हुए हिस्सों को फिर से समेटती हूं,एक गहरी सांस लेती हूं, और एक बार फिर खुद को ठीक करने की कोशिश शुरू कर देती हूं। अक्सर लोग कहते हैं, तुम्हारा दर्द ही तुम्हारी ताकत बन गया। मैं बस मुस्कुरा देती हूं, क्योंकि सच इससे बिल्कुल अलग है। ट्रॉमा ने मुझे मजबूत नहीं बनाया। उसने मुझे तोड़ा, मुझसे मेरा बहुत कुछ छीन लिया। ऐसे घाव दिए जो किसी को दिखाई नहीं देते। और मुझे अपने ही उन रूपों का शोक मनाना पड़ा, जो अब कभी पूरी तरह लौटकर नहीं आएंगे।’ भावुक पोस्ट के आखिर में सेलिना ने लिखा है, ‘अगर आज लोग मेरी ताकत की तारीफ करते हैं, तो वह दर्द की देन नहीं है। वह ताकत मेरी अपनी है। हर बार, हर टूटन के बाद, खुद को फिर से उठाने का फैसला मेरा था। हर उस अंधेरे के सामने खड़े होने का फैसला मेरा था, जो मुझे मिटा देना चाहता था।’ ‘शायद सबसे मजबूत लोग वे नहीं होते, जो कभी टूटते ही नहीं। सबसे मजबूत तो वे होते हैं, जो टूटते रहने के बावजूद, हर बार फिर से, खुद को जोड़ने, संभालने और जीने का फैसला करते हैं।’ जानिए क्या है सेलिना जेटली का पूरा विवाद दिवंगत बेटे की कब्र पर पहुंचीं सेलिना मई में तलाक की सुनवाई के लिए ऑस्ट्रिया गई सेलिना अपने दिवंगत बेटे शमशेर (हाग) की कब्र पर जाकर फूट-फूटकर रोईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर लिखा, ‘मेरे पास दुनिया को अपना एक मां के रूप में दर्द दिखाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा था, इसलिए मुझे यह दिल तोड़ देने वाला वीडियो शेयर करना पड़ा। मैं अपने तलाक की सुनवाई के लिए ऑस्ट्रिया में थी। ऑस्ट्रिया की अदालत में दिए गए वादे के बावजूद, मेरे बच्चों को, जिन्हें एक सीक्रेट जगह पर ले जाया गया था, वापस घर नहीं लाया गया।’ अब सेलिना ने मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रुपये की मांग की है। मुंबई पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पीटर जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसीलिए उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है ताकि उन पर नजर रखी जा सके। फिलहाल सेलिना भारत में कानूनी लड़ाई लड़कर अपने बच्चों की कस्टडी वापस पाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि पति ने उनके बच्चों को हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काया और उनसे मिलने से रोका।
करीब तीन हफ्तों से जारी सोनम वांगचुक के आमरण अनशन के बीच आमिर खान ने पहली बार इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी है। लंबे समय से सोशल मीडिया पर उनकी चुप्पी को लेकर सवाल उठ रहे थे। अब आमिर ने कहा है कि उन्हें सोनम वांगचुक की सेहत की चिंता है और वे उम्मीद करते हैं कि वह जल्द अपना अनशन खत्म करेंगे। लेकिन साथ ही आमिर ने कहा है कि फिल्म 3 इडियट्स सोनम वांगचुक पर नहीं बनी है। लंदन इंडियन फिल्म फेस्टिवल में फिल्म लगान की स्क्रीनिंग के दौरान आमिर खान से सोनम वांगचुक पर एक महिला ने पूछा, ‘हम जब बड़े हो रहे थे, तब हम पर आपका गहरा असर रहा। आप भी सोनम वांगचुक से इंस्पायर हुए हैं।’ इस पर आमिर ने टोकते हुए कहा, ‘नहीं, ये एक गलत धारणा है। जब फिल्म बन रही थी, मैं सोनम को जानता भी नहीं था। मैंने अभी चतुर (3 इडियट्स एक्टर ओमी वैद) का वीडियो देखा, लेकिन वो गलत हैं। न ही राजकुमार हिरानी, न हमारे राइटर और न मैं सोनम के बारे में जानते थे। हालांकि सोनम हर तरह से सही काम कर रहे हैं। हमें उनकी और उनके काम की इज्जत करनी चाहिए। सोनम खुद भी कह चुके हैं कि 3 इडियट्स का किरदार उन पर नहीं बना है।’ आगे आमिर ने सोनम वांगचुक के अनशन पर कहा, ‘हर कोई उनकी हेल्थ और जिंदगी के लिए चिंतित है। हमें उम्मीद है कि सब कुछ अच्छे से खत्म होगा। हम सबको यही उम्मीद है कि वो अनशन खत्म करें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।’ दरअसल, इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। वह कथित परीक्षा अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लगातार अनशन के कारण उनकी सेहत बिगड़ने की खबरें सामने आ रही हैं, जिसके बाद कई राजनीतिक नेताओं और फिल्मी हस्तियों ने भी चिंता जताई है। 3 इडियट्स में चतुर बने ओमी वैद्य बोले- नहीं चाहता वो मरें सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के 16वें दिन '3 इडियट्स' में चतुर रामलिंगम का किरदार निभा चुके ओमी वैद्य ने एक वीडियो जारी कर कहा, ‘मैं नहीं चाहता कि यह इंसान मर जाए। मेरे लिए वह एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं। मैं चाहता हूं कि वह सुरक्षित रहें और जिंदा रहें।’ वीडियो में उन्होंने कहा, मैं अक्सर ऐसे वीडियो नहीं बनाता, इसलिए मेरी बात ध्यान से सुनिए। क्या आपको पता है कि 3 इडियट्स में आमिर खान का किरदार फुंसुख वांगडू असल जिंदगी के लद्दाख के इंजीनियर, इनोवेटर, शिक्षक और समाज सुधारक सोनम वांगचुक से प्रेरित था? ओमी ने आगे कहा, मैं उनसे मिल चुका हूं। वह बहुत ही दिलचस्प और सादगी पसंद इंसान हैं। उन्होंने अपनी जिंदगी में कई बेहतरीन काम किए हैं। इसलिए मैं आपसे कहूंगा कि उनके बारे में जानिए और देखिए कि इस समय वह क्या कर रहे हैं। फिलहाल सोनम वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं। कई हफ्ते बीत चुके हैं और उनका ब्लड शुगर काफी कम हो गया है। मुझे नहीं पता कि आपने इसके बारे में सुना है या नहीं, या मीडिया इस पर कितनी खबर दिखा रहा है, लेकिन यह बहुत गंभीर मामला है। वह भूख हड़ताल क्यों कर रहे हैं? क्योंकि उन्हें भारत की शिक्षा व्यवस्था, लद्दाख से जुड़े कुछ मुद्दों और पर्यावरण की चिंता है। आप उनकी बात से सहमत हों या नहीं, लेकिन मैं इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैं नहीं चाहता कि यह इंसान मर जाए। मेरे लिए वह एक प्रेरणादायक व्यक्ति हैं और मैं चाहता हूं कि वह सुरक्षित रहें और जिंदा रहें। ये सेलेब्स भी सपोर्ट में उतरे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को सीनियर एक्टर सोनी राजदान, जीनत अमान, अतुल कुलकर्णी, सोनाक्षी सिन्हा, कॉमेडियन समय रैना समेत कई सेलेब्स का सपोर्ट मिल रहा है। सोनाक्षी बोलीं- अब चुप रहना संभव नहीं एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि उन्होंने पहले कभी इस तरह सार्वजनिक बयान नहीं दिया, लेकिन इस बार चुप रहना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक देश के लिए किए गए अपने कार्यों और उपलब्धियों के लिए जाने जाते हैं। उनके अनुसार, वांगचुक उन छात्रों के भविष्य के लिए अनशन कर रहे हैं, जिन्हें वे संकट में मानते हैं। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसे सिस्टम के खिलाफ लड़ाई है, जिसके कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं। सोनाक्षी ने कहा कि देश के युवा अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे पर संवाद शुरू नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि वह भी देश की युवा हैं और देश का भला चाहती हैं, इसलिए उन्होंने अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखने का फैसला किया। उन्होंने यह भी कहा, मैं बस यह पूछना चाहती हूं कि यह कब काफी होगा? जब ये लोग मर जाएंगे, तब क्या आप जागेंगे? और इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? जो हो रहा है, वह सही नहीं है। मैं बस यही कहना चाहती हूं। एक्ट्रेस फातिमा सना शेख ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब 19 दिन हो चुके हैं और किसी की बात सुनने के लिए इतना इंतजार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति, जिन्होंने देश के लिए काफी योगदान दिया है, उन्हें अपनी बात रखने के लिए अपनी सेहत दांव पर नहीं लगानी चाहिए। फातिमा ने कहा कि राजनीतिक विचार चाहे जो भी हों, छात्रों के भविष्य की रक्षा करना जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए निकले और सोनम वांगचुक की सेहत सुरक्षित रहे। उन्होंने युवाओं के बेहतर भविष्य के समर्थन की भी अपील की। कॉमेडियन समय रैना ने भी सोनम वांगचुक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि वह उम्मीद और प्रार्थना कर रहे हैं कि वांगचुक सुरक्षित रहें और इस पूरे मामले का समाधान जल्द बातचीत के जरिए निकले। सुरेंद्र शर्मा ने सोनम वांगचुक से की अपील कवि सुरेंद्र शर्मा ने सोनम वांगचुक के नाम एक वीडियो मैसेज जारी किया। उन्होंने वांगचुक से आमरण अनशन खत्म करने की भावुक अपील की। शर्मा ने कहा कि देश को सोनम वांगचुक जैसे नेतृत्व की जरूरत है, इसलिए किसी मंत्री के इस्तीफे के लिए अपनी जान दांव पर नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश किसी एक इस्तीफे से बड़ा होता है और करोड़ों युवा आज वांगचुक को अपनी आवाज मानते हैं। शर्मा ने कहा कि अगर उन्हें कुछ हुआ तो युवाओं की उम्मीद टूट जाएगी। अंत में उन्होंने वांगचुक से देशहित में अनशन खत्म कर संघर्ष जारी रखने की अपील की। वहीं, इससे पहले सोनी राजदान, शबाना आजमी, रूबीना दिलैक, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह और अनुराग कश्यप जैसे कई सेलेब्स भी वांगचुक के समर्थन में पोस्ट कर चुके हैं। अभिनेत्री स्वरा भास्कर जंतर-मंतर पहुंचीं और सोनम वांगचुक से मुलाकात कर अपना समर्थन जताया। वहीं, इससे पहले प्रकाश राज भी जंतर-मंतर पहुंचे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 19वां दिन सोनम वांगचुक NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में शामिल होकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। वांगचुक की भूख हड़ताल का आज यानी 16 जुलाई को 19वां दिन है। उनकी हड़ताल को लेकर अब बॉलीवुड के कई कलाकारों ने पब्लिकली अपना समर्थन जताया। …………….. यह खबर भी पढ़ें…. 3 इडियट्स के 'चतुर' बोले-नहीं चाहता फुंसुख वांगडू मर जाएं:जीनत अमान ने कहा- अपने अच्छे दिमाग को चुपचाप मरते हुए मत देखिए सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के समर्थन में वीडियो पोस्ट करते हुए एक्टर ओमी वैद्य ने उन्हें प्रेरणादायक बताते हुए उनकी जान बचाने की अपील की थी। वहीं, जीनत अमान ने सरकार से बातचीत शुरू करने की मांग की और कहा था कि यह देश के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। पूरी खबर यहां पढें…

