भारत की सबसे बड़े बजट में बनी फिल्म रामायण से भगवान राम का किरदार निभाने वाले रणबीर कपूर का नया पोस्टर जारी किया गया है। रणबीर के अलावा राजा दशरथ बने अरुण गोविल का भी पोस्टर शेयर किया गया है। ये पोस्टर ऐसे समय पर रिलीज हो रहे हैं, जब फिल्म के प्री-पोन होने की खबरें सुर्खियों में हैं। पहले फिल्म रामायण के ये नए पोस्टर देखिए- रणबीर कपूर और अरुण गोविल से पहले शुक्रवार को फिल्म में कैकेयी बनीं लारा दत्ता और मंथरा बनीं शीबा चड्ढा के पोस्टर भी जारी किए गए हैं। सवालों में है फिल्म की रिलीज डेट इस फिल्म को दिवाली के मौके पर 6 नवंबर को रिलीज करने की घोषणा हुई थी, हालांकि नई रिपोर्ट्स के अनुसार, अब फिल्म एक दिन पहले यानी 5 नवंबर को रिलीज की जाएगी। इससे पहले 4 नवंबर से फिल्म के पेड प्रिव्यू शो शुरू किए जाएंगे। फिल्म के इस प्लान का मतलब है कि ‘रामायण’ दिवाली से पहले रिलीज हो जाएगी। प्रमोशनल इवेंट में हुआ था विवाद हाल ही में रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर ‘रामायण’ के प्रमोशन के लिए मुंबई के फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो पहुंचे थे। कार्यक्रम का समय दोपहर 12 बजे बताया गया था, जिसे बाद में दोपहर 1 बजे कर दिया गया। तय समय के अनुसार मीडिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया, लेकिन बातचीत शुरू होने में करीब साढ़े चार घंटे की देरी हुई। इस पर कई मीडियाकर्मी इवेंट छोड़कर निकल गए, वहीं कई ने नाराजगी जाहिर की। इस दौरान रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी समेत फिल्म की टीम मौजूद थी। देरी की वजह मिस्टर बीस्ट के कार्यक्रम में देर से पहुंचने को बताया गया। जन्माष्ठमी पर रावण का पोस्टर जारी करने पर हुआ था विवाद रामायण से जुड़े आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर जन्माष्ठमी के मौके पर रावण का पोस्टर शेयर किया गया था, जिससे विवाद हुआ। कई यूजर्स ने मेकर्स पर सवाल उठाए। वहीं कुछ का कहना था कि मेकर्स नेगेटिव पब्लिसिटी के लिए जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं। कास्टिंग पर विवाद बीफ विवाद में रहे रणबीर कपूर को रामायण में भगवान श्री राम का किरदार दिए जाने की लंबे समय से आलोचना हो रही है। इसके अलावा ठीक से हिंदी नहीं बोलने वालीं साई पल्लवी के सीता बनने पर भी विवाद है। रकुलप्रीत सिंह के शूर्पणखा वाले 'ग्लैमरस लुक' पर मीम बन रहे। ट्रेलर में स्टारकास्ट के पहनावे पर सवाल फिल्म का ट्रेलर आने के बाद कैकेयी का किरदार निभा रहीं लारा दत्ता के पहनावे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। फैंस का मानना है कि लारा दत्ता फिल्म में किसी मॉडर्न डेली सोप की बहु के गेटअप में लग रही हैं। फिल्म के VFX, बजट की भी आलोचना ट्रेलर लॉन्च होने के बाद फिल्म के ग्राफिक्स की आलोचना की जा रही थी। इस पर रणबीर कपूर ने सफाई में कहा कि स्मार्टफोन और खराब इंटरनेट कनेक्शन पर लोग ट्रेलर देखकर विजुअल इफेक्ट्स को जज कर रहे हैं। मेकर्स ने दर्शकों से फिल्म को IMAX 3D में देखने का आग्रह किया है। रामलीला महासंघ ने उठाए सवाल श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म के डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोडक्शन कंपनी को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है। महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने मांग की है कि इस दिवाली पर देश-विदेश में रिलीज होने से पहले यह फिल्म उनके प्रतिनिधिमंडल को दिखाई जाए। महासंघ का कहना है कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक फिल्म में ऐसे कई सीन हो सकते हैं, जो हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। अगर विवादित सीन नहीं हटाए गए तो सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ ने अपने पत्र में साल 2023 में आई फिल्म 'आदिपुरुष' का उदाहरण दिया है। अर्जुन कुमार ने याद दिलाया कि भूषण कुमार के प्रोडक्शन और प्रभास-सैफ अली खान स्टारर इस फिल्म के कई दृश्यों पर सनातन समाज और रामलीला से जुड़े लोगों ने कड़ा विरोध जताया था। उस फिल्म में सोने की लंका को काला दिखाया गया था और महाज्ञानी रावण व उसकी सेना का चित्रण मंगोल लुटेरों की तरह किया गया था। इस भारी विरोध के कारण करोड़ों के बजट में बनी वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी।
2 अक्टूबर को रिलीज हुई अजय देवगन की फिल्म दृश्यमः द कॉन्क्लूजन यानी दृश्यम 3 ने महज 8 दिनों में वर्ल्डवाइड 400 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया है। ये अजय देवगन के 35 साल के करियर की सबसे बड़ी हिट बन चुकी है। अब तक ये रिकॉर्ड 2024 में आई फिल्म सिंघम अगेन के पास था, जिसने ऑलटाइम 389 करोड़ रुपए का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था। अजय देवगन के करियर की इस बड़ी उपलब्धि के साथ जानिए कैसा रहा उनका करियर ग्राफ और क्या रहे करियर के बड़े रिकॉर्ड- पहले दृश्यम 3 का कलेक्शन जानिए- फिल्म दृश्यम 3, 2 अक्टूबर को रिलीज हुई। भारत में 15,759 शोज से ओपनिंग करने वाली इस फिल्म ने पहले ही दिन 66.75 करोड़ की नेट कमाई की। वहीं 8वें दिन यानी शुक्रवार को इसने 24.86 करोड़ का कलेक्शन किया, जिससे अब इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 409.43 करोड़ हो चुका है। वीकेंड में फिल्म की कमाई में उछाल के अनुमान हैं। महज 8 दिनों में ये फिल्म इस साल की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। वीकेंड के बाद ये तीसरे नंबर पर बनी हुई हनुमान अंश को भी पीछे कर सकती है, जिसने 430 करोड़ का कलेक्शन किया है। अजय देवगन के 35 साल के करियर की सबसे बड़ी फिल्म दृश्यम 3, रिलीज के पहले हफ्ते में ही ब्लॉकबस्टर साबित हो रही है। इसी के साथ ये अजय के 35 साल के करियर की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म बन चुकी है। अब तक ये रिकॉर्ड 2024 में आई सिंघम अगेन के पास था, जिसने 389 करोड़ कलेक्शन किया था। इसके अलावा तान्हाजीः द अनसंग वॉरियर और दृश्यम 2 भी अजय के करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हैं। दृश्यम 3 भले ही अजय देवगन के करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है, हालांकि हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्मों के मामले में वह अब भी कई ए-लिस्टर्स से पीछे हैं। बॉलीवुड के ए-लिस्टर्स में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली सबसे ज्यादा फिल्में रणवीर सिंह के पास हैं। वहीं रणबीर कपूर, आमिर खान, शाहरुख भी इस मामले में अजय देवगन से आगे हैं। देखिए किन स्टार्स से टॉप ग्रॉसिंग फिल्मों के मामले में पीछे हैं अजय-
जंतर मंतर में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट को कई बॉलीवुड सेलेब्स का समर्थन मिला है। अनुराग कश्यप, सिंगर विशाल ददलानी ने सरकार पर नाराजगी जाहिर की है, वहीं रामायण एक्टर सुनील लहरी ने बिना पक्ष बताए, लोगों को सावधानी बरतने की नसीहत दी है। फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने प्रोटेस्ट के समर्थन में ऑफिशियल इंस्टाग्राम से लिखा है, 2 डरपोक, 40 गुलाम और लाखों बहादुर। सिंगर विशाल ददलानी ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा, ‘इस वक्त पूरा देश देख रहा है कि एक शख्स को बचाने के लिए एक देश की सरकार किस हद तक, किस लेवल तक जा सकती है। वो भी अपने ही लोगों के खिलाफ। भारतीय कानून के प्रोटेस्ट के अधिकार के खिलाफ सरकार ने 23 बटालियन लगाई है। बल को जम्मू कश्मीर जैसे सेंसिटिव एरिया से बुलाकर दिल्ली के जंतर-मंतर में तैनात करवाया गया है। पूरी दिल्ली के रास्ते रोक रखे हैं, बैरिकेड्स लगा रखे हैं। मेट्रो, ट्रेन बंद कर दिए हैं। सिर्फ एक इंसान के बचाव में। किस तरह सिस्टम को तोड़ा-मरोड़ा गया है। ताकि इस इंसान को इस स्तर पर बचाने की मेहनत की जा रही है।’ रामायण एक्टर सुनील लहरी ने एक वीडियो पोस्ट कर बिना किसी पक्ष का नाम लिए लिखा है- समय को देखते हुए हम सबको बहुत ही सोच समझकर हर कदम उठाना चाहिए एक गलत कदम बहुत भारी नुकसान दायक हो सकता है। कॉकरोच जनता पार्टी के बैंग्लोर प्रोटेस्ट का हिस्सा बने प्रकाश राज ने भी जंतर-मंतर में जारी प्रोटेस्ट के बीच एक ग्राफिक्स शेयर किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कैच के साथ इसमें लिखा है- ‘आप अपने डर के कैदी हैं।’ नेशनल अवॉर्ड विनर गीतकार मनोज मुंतशिर ने वोट चोरी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे युवाओं को लेकर एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने अभिजीत दीपके पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया और यूट्यूबर ध्रुव राठी की भी आलोचना की। मनोज मुंतशिर ने अपने करीब 8 मिनट 42 सेकेंड के वीडियो में कहा कि युवा बिना तथ्यों को समझे वोट चोरी के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, युवाओं को यह जानना चाहिए कि उन्हें कौन नेतृत्व दे रहा है और उनके आंदोलन का उद्देश्य क्या है। अभिजीत दीपके पर लगाए आरोप मनोज ने अभिजीत दीपके पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अरविंद केजरीवाल की टीम से जुड़े हैं। मनोज के मुताबिक, आम आदमी पार्टी की चुनावी हार के बाद सत्ता में वापसी के लिए युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के स्कूलों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन करने वाले लोग उन राज्यों की समस्याओं पर बात नहीं करते, जहां कांग्रेस या आम आदमी पार्टी की सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा अपने समर्थकों और फंडर्स को नाराज नहीं करने के लिए किया जाता है। ध्रुव राठी पर भी साधा निशाना मनोज ने यूट्यूबर ध्रुव राठी की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राठी भारत की उपलब्धियों और सफलताओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देते। मनोज ने कहा कि मंगलयान से लेकर सैन्य उपलब्धियों तक, देश की तारीफ के मौकों पर उनकी टाइमलाइन पर उत्साह नहीं दिखता। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) फाउंडर अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट से हिरासत में ले लिया गया। यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत 1000 समर्थकों को भी पकड़ा जा चुका है। वाहनों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगाई गई हैं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड भी तोड़े। उधर, CJP ने दीपके का पहले से रिकॉर्ड किया वीडियो जारी किया है। इसमें वे कहते हैं कि उनकी हिरासत के बाद आंदोलन को अजिंक्य शिंदे लीड करेंगे। बता दें कि CJP वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के आरोप पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और SIR रोकने की मांग कर रही है। …………………………………………. यह खबर भी पढ़ें- CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशन बंद, नई दिल्ली-हजरत निजामुद्दीन आने वाली ट्रेनें रद्द सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले मेट्रो स्टेशन बंद करने और ट्रेनों को रद्द करने पर चिंता जताई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि रोकथाम के लिए उतनी ही कार्रवाई होनी चाहिए, जितनी जरूरी हो। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में परिवार के साथ शामिल होने की बात कही। पूरी खबर यहां पढ़ें…
एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर ने ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना कर रहीं कटरीना कैफ और कृति सैनन का सपोर्ट किया है। उन्होंने कहा कि लोगों को एक्ट्रेस की पसंद का सम्मान करना चाहिए। मृणाल ने कहा कि कटरीना और कृति ने फिल्म इंडस्ट्री और बिजनेस में बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों को भी जज किए जाने की बात कही। अपनी नई फिल्म ‘पूजा मेरी जान’ का प्रमोशन कर रहीं मृणाल ने यह बात महिला कलाकारों के कपड़ों और लुक पर होने वाली सार्वजनिक टिप्पणियों से जुड़े सवाल पर PTI से बातचीत में कही। मृणाल ने कहा, “यह उनकी जिंदगी है, उनकी पसंद है। हर किसी को अपनी जिंदगी के दौर का आनंद लेने का अधिकार है।” उन्होंने कहा, “जो लोग इन आइकॉनिक महिलाओं को जज कर रहे हैं, क्या हम भूल जाते हैं कि उन्होंने कितना शानदार काम किया है?” मृणाल ने कहा कि कटरीना और कृति ने फिल्म इंडस्ट्री और बिजनेस, दोनों में योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों भारत के साथ-साथ UK और अन्य जगहों पर भी बिजनेस चला रही हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि लोगों को किसी और के बारे में टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। लोग पागल हैं, और क्या कहूं।” मृणाल ने आगे कहा कि महिलाओं को हमेशा जज किया जाता रहा है। हालांकि, अब पुरुषों को भी इसी तरह की जांच और टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “महिलाओं को हमेशा जज किया जाता है। उन्हें कब जज नहीं किया जाता? लेकिन सिर्फ महिलाएं ही नहीं, पुरुषों को भी जज किया जाता है।” मृणाल ठाकुर की फिल्म ‘पूजा मेरी जान’ ZEE5 पर स्ट्रीम हो रही है। यह क्राइम थ्रिलर पूजा नाम की एक बेबाक लड़की की कहानी है। पूजा का लंबे समय से दोस्त अनिकेत अचानक उसे शादी का प्रस्ताव देता है। पूजा इस प्रस्ताव को ठुकरा देती है। इसके बाद अनिकेत आत्महत्या कर लेता है। वह एक ईमेल छोड़ता है, जिसमें अपनी मौत के लिए पूजा को जिम्मेदार ठहराता है। फिल्म का निर्देशन नवजोत गुलाटी ने किया है। इसे दिनेश विजान की मैडॉक फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया है। कटरीना को बॉडीशेमिंग का सामना करना पड़ा पिछले महीने कटरीना को अंबानी के गणपति उत्सव में पहुंचने के बाद बड़े पैमाने पर ट्रोल किया गया था। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके बेटे विहान के जन्म के बाद बढ़े वजन को लेकर आलोचना की थी। कटरीना ने हाल ही में लंदन में अपने ब्रांड के एक कार्यक्रम में इस ट्रोलिंग पर बात की। उन्होंने कहा कि वह सोशल मीडिया की कहानी को खुद को ‘पैरालाइज’ नहीं करने देना चाहतीं। कटरीना ने कहा कि सोशल मीडिया पर हर किसी की अपनी राय होती है। ऐसे में ऑनलाइन चल रही बातों को अपने आत्मसम्मान पर हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आप हर इंसान की राय के हिसाब से चलने लगेंगे, तो अपने लिए फैसले लेने की क्षमता खो देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार दुनिया आपका जश्न मनाती है और कई बार आपको खुद ही अपना सबसे बड़ा सपोर्टर बनना पड़ता है। पूरी खबर यहां पढ़ें… कृति के विज्ञापन पर भी हुआ विवाद इससे पहले रक्षाबंधन के दौरान ज्वेलरी ब्रांड GIVA के विज्ञापन में कृति के कपड़ों को लेकर काफी आलोचना हुई थी। आलोचना के बाद में यह विज्ञापन हटा लिया गया था। GIVA ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि उसका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। ब्रांड ने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के प्रति सम्मान जताया। उसने कहा कि वह हमेशा परिवार के साथ त्योहार मनाने की खुशी को बढ़ावा देना चाहता है। इस बार विज्ञापन के जरिए पालतू जानवरों को भी इस खुशी में शामिल करने की कोशिश की गई थी। वहीं, आलोचना के बाद कृति ने इंस्टाग्राम पर लिखा था कि यह त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। वे और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा भाई से कम नहीं करती हैं। यही प्यार पेट डॉग्स के लिए भी है, क्योंकि वे भी उनके परिवार का ही हिस्सा हैं।
अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट ने इलॉन मस्क और भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने में हो रही देरी को लेकर चल रही बहस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन के बयान का समर्थन किया। कंगना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर हासन की टिप्पणी की तारीफ की। कंगना ने कमल हासन की पोस्ट पर लिखा, “ओह!! यह तो चुभ गया होगा।” इसके बाद उन्होंने इलॉन मस्क को संबोधित करते हुए लिखा, “किसी भी अरबपति को किसी देश की नीतियां तय नहीं करनी चाहिए, चाहे वह भारत हो या अमेरिका। बहुत अच्छी बात कही और इसे अच्छी तरह समझाया। तीखा, सटीक और व्यंग्यात्मक।” कमल हासन ने इलॉन मस्क को दिया था जवाब दरअसल, इलॉन मस्क ने भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं मिलने पर सवाल उठाए हैं। मस्क ने गुरुवार को X पर लिखा कि स्टारलिंक को दुनिया के 165 से ज्यादा देशों में सेवा देने की मंजूरी मिल चुकी है। कंपनी पिछले पांच साल से भारत सरकार के हर कानून और जरूरी शर्त का पालन कर रही है। इसके बावजूद उसे भारत में लाइसेंस क्यों नहीं मिला है? क्या अंबानी देश के रियल बॉस हैं? मस्क के सवाल पर कमल हासन ने जवाब देते हुए X पर लिखा, मिस्टर मस्क, यह बात तय है कि कोई भी अरबपति किसी देश की नीति तय नहीं कर सकता चाहे वह भारतीय हो या अमेरिकी। हम एक लोकतांत्रिक देश हैं। भारत के लोग अपनी ताकतों और कमियों पर आपस में बहस करेंगे, सवाल उठाएंगे और उन्हें खुद सुधारेंगे। भारत एक आजाद लोकतंत्र है, किसी का गुलाम (कॉलोनी) नहीं। हम दुनिया के हर निवेशक और तकनीक का स्वागत करते हैं, लेकिन भारत का भविष्य केवल और केवल भारत की जनता तय करेगी। न कि पश्चिमी स्वार्थी तत्व, उनके दोहरे मापदंड या कोई भी अरबपति। राहुल बोले- दूसरे शख्स के मिलने तक इंतजार कीजिए इससे पहले मस्क के सवाल पर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए X पर लिखा था, भारत में आपका स्वागत है, इलॉन। दूसरे शख्स के मिलने तक इंतजार कीजिए। राहुल गांधी के जवाब पर इलॉन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा- धन्यवाद, राहुल। यह वाकई परेशान करने वाला है। राहुल गांधी का 'द अदर गाय' से इशारा उद्योगपति गौतम अडाणी की तरफ माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि वे अक्सर नरेंद्र मोदी सरकार, अडाणी और अंबानी पर सांठगांठ का आरोप लगाते रहते हैं। मस्क इससे पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि भारत में कुछ बड़े कारोबारी स्टारलिंक की एंट्री रोककर बाजार पर अपना दबदबा बनाए रखना चाहते हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। 7 अक्टूबर: मस्क का उद्योगपतियों पर आरोप इलॉन मस्क ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारत के कुछ बड़े बिजनेसमैन नहीं चाहते कि स्टारलिंक का सैटेलाइट इंटरनेट भारत आए, ताकि उनका एकछत्र राज बना रहे। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं…'। यह भारत के लोगों के खिलाफ एक अपराध है। 8 अक्टूबर: सरकार ने आरोप खारिज किए भारत सरकार ने मस्क के आरोपों को खारिज कर दिया है। सरकार ने गुरुवार को कहा कि देश में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विसेज के लिए तय नियम सभी के लिए एक जैसे हैं। यह कहना बिल्कुल गलत है कि नियमों को किसी के साथ भेदभाव करने के लिए लागू किया जा रहा है। सरकार ने कहा कि फिलहाल इन तीनों के लिए सुरक्षा समीक्षा की प्रोसेस चल रही है। जैसे ही किसी कंपनी की सुरक्षा जांच पूरी हो जाएगी, वह अगली स्टेप यानी स्पेक्ट्रम आवंटन की मांग करने के लिए आगे बढ़ सकती है। देशभर में 20 स्टेशन और सैकड़ों एंटीना तैनात स्टारलिंक ने देशभर में 20 गेटवे साइट्स बनाई हैं। ये गेटवे जमीन पर बने स्टेशन हैं, जो अंतरिक्ष में मौजूद स्टारलिंक के सैटेलाइट्स को जमीन के मुख्य इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ते हैं। इन जगहों पर सैकड़ों एंटीना लगाए गए हैं ताकि इंटरनेट सिग्नल बिना किसी रुकावट के ट्रांसफर हो सकें। जियो-एयरटेल से डील, 3 राज्यों के साथ लेटर ऑफ इंटेंट साइन स्टारलिंक भारत में बड़े पैमाने पर नेटवर्क पहुंचाने के लिए रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के साथ शुरुआती सहमति पत्र यानी MoU साइन कर चुकी है। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर सेवाएं देने के लिए कंपनी ने महाराष्ट्र, गुजरात और मेघालय सरकार के साथ लेटर ऑफ इंटेंट साइन किए हैं। 5 सवाल-जवाब में स्टारलिंक से जुड़ी जरूरी बातें... सवाल 1: स्टारलिंक क्या है और ये खास क्यों है? जवाब: स्टारलिंक, स्पेसएक्स का प्रोजेक्ट है, जो सैटेलाइट्स के जरिए हाई-स्पीड इंटरनेट देता है। इसके सैटेलाइट्स पृथ्वी के करीब घूमते हैं, जिससे इंटरनेट तेज और स्मूथ चलता है। ये खासकर उन इलाकों के लिए फायदेमंद है, जैसे गांव या पहाड़, जहां आम इंटरनेट नहीं पहुंचता। सवाल 2: स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने में इतना वक्त क्यों लग रहा है? जवाब: स्टारलिंक 2022 से कोशिश कर रही थी, लेकिन सिक्योरिटी चिंताओं की वजह से देरी हुई। भारत सरकार ने डेटा सिक्योरिटी और कॉल इंटरसेप्शन जैसी शर्तें रखी थीं। स्टारलिंक ने इन शर्तों को माना। अब सर्विसेज शुरू होने वाली है। सवाल 3: आम लोगों को क्या फायदा होगा? जवाब: स्टारलिंक से गांवों और दूर-दराज के इलाकों में इंटरनेट पहुंचेगा, जिससे ऑनलाइन एजुकेशन, टेलीमेडिसिन, और बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, टेलीकॉम मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सस्ते और बेहतर प्लान्स मिल सकते हैं। सवाल 4: भारत मस्क के लिए क्यों जरूरी है? जवाब: भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट मार्केट है। मस्क के लिए ये लाइसेंस बड़ी कामयाबी है, खासकर जब अमेरिका में उनकी डोनाल्ड ट्रम्प के साथ तनातनी चल रही है। इससे स्पेसएक्स के कॉन्ट्रैक्ट्स खतरे में हैं। सवाल 5: सैटेलाइट्स से आप तक कैसे पहुंचेगा इंटरनेट? जवाब: सैटेलाइट धरती के किसी भी हिस्से से बीम इंटरनेट कवरेज को संभव बनाती है। सैटेलाइट के नेटवर्क से यूजर्स को हाई-स्पीड, लो-लेटेंसी इंटरनेट कवरेज मिलता है। लेटेंसी का मतलब उस समय से होता है जो डेटा को एक पॉइंट से दूसरे तक पहुंचाने में लगता है। स्टारलिंक किट में स्टारलिंक डिश, एक वाई-फाई राउटर, पॉवर सप्लाई केबल्स और माउंटिंग ट्राइपॉड होता है। हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए डिश को खुले आसमान के नीचे रखना होगा। iOS और एंड्रॉइड पर स्टारलिंक का ऐप मौजूद है, जो सेटअप से लेकर मॉनिटरिंग करता है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा है कि अमिताभ बच्चन को अपना पर्सनैलिटी राइट्स केस जारी रखने के लिए खुद अदालत में पेश होना होगा। जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव ने यह निर्देश दिया। कोर्ट ने कुछ प्रतिवादियों के साथ हुए समझौते की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए बच्चन को समय दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर एक या अधिक प्रतिवादियों के साथ समझौता नहीं होता और बच्चन केस आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो अगली सुनवाई में उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी होगी। अमिताभ बच्चन ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए स्थायी रोक लगाने की मांग करते हुए यह केस दायर किया था। समझौते की औपचारिकताएं पूरी नहीं हुईं कोर्ट को बताया गया कि कुछ प्रतिवादियों के साथ समझौता हो चुका है। हालांकि, अभिनेता की ओर से कुछ लॉजिस्टिक्स संबंधी दिक्कतों के कारण समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर नहीं हो सके। 9 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान भी कोर्ट को बताया गया कि कुछ प्रतिवादियों के साथ समझौता हो गया है। हालांकि, औपचारिक समझौता अभी किया जाना बाकी है। कोर्ट ने आदेश दिया, “अगर समझौता नहीं होता या समझौता अधूरा रहता है और वादी किसी दावे या मुद्दे पर केस जारी रखना चाहता है, तो अगली सुनवाई में उसकी व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी होगी।” कोर्ट ने कहा कि इससे वह सिविल प्रोसीजर कोड, 1908 के Order X Rule 2 और Order V Rule 3 के साथ भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 की धारा 168 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेगी। क्या है पूरा मामला? अमिताभ बच्चन ने साल 2022 में अपनी आवाज, नाम, चेहरे (इमेज) और पर्सनैलिटी के अन्य गुणों का बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कई लोग उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। कई फर्जी केबीसी (KBC) लॉटरी स्कैम, व्हाट्सएप मैसेज और मोबाइल ऐप्स में उनकी पहचान का गलत फायदा उठाया जा रहा था। इसके बाद नवंबर 2022 में कोर्ट ने उनके पक्ष में एक अंतरिम आदेश जारी किया था, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज या फोटो का व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं कर सकता। कोर्ट ने संबंधित सरकारी विभागों और टेलीकॉम कंपनियों को भी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसमें शिकायत में बताए गए कुछ लिंक और वेबसाइट हटाने के साथ, ऐसे मैसेज फैलाने वाले फोन नंबरों को ब्लॉक करने की कार्रवाई शामिल थी। बच्चन के परिवार के दूसरे सदस्य भी कोर्ट पहुंचे थे अमिताभ बच्चन के परिवार के दूसरे सदस्य भी अपनी पहचान के गलत इस्तेमाल के खिलाफ अदालत का रुख कर चुके हैं। अप्रैल 2023 में अभिषेक बच्चन की बेटी आराध्या बच्चन के स्वास्थ्य को लेकर यूट्यूब पर चल रहे भ्रामक वीडियो का मामला भी दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा था। अदालत ने ऐसे वीडियो हटाने के निर्देश दिए थे। ऐश्वर्या राय बच्चन ने 9 सितंबर 2025 को याचिका दायर कर अपने नाम, तस्वीरों और आवाज के कथित गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की थी। आरोप था कि कई वेबसाइट्स और यूट्यूब चैनल उनकी पहचान का इस्तेमाल करके AI से बने वीडियो और अन्य कंटेंट प्रसारित कर रहे थे। इसके अगले दिन, 10 सितंबर 2025 को अभिषेक बच्चन के मामले में भी अदालत ने राहत दी। उनकी तस्वीरों, नाम, आवाज और पहचान का इस्तेमाल कथित तौर पर टी-शर्ट, कप और अन्य सामान बेचने के साथ AI से भ्रामक वीडियो बनाने में किया जा रहा था। नवंबर 2025 में जया बच्चन ने भी अपनी तस्वीरों के साथ छेड़छाड़, फर्जी वीडियो और बिना अनुमति मर्चेंडाइज बेचने के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने उनकी पहचान की सुरक्षा के लिए निर्देश दिए, लेकिन फिल्म ‘अभिमान’ के वैध प्रचार पोस्टरों को हटाने से इनकार किया। .........….........… यह खबर भी पढ़ें… गाने ‘चुट्टामल्ले’ के डीपफेक वीडियो पर भड़के जूनियर NTR: बोले- ऐसा करने वालों को नहीं छोड़ूंगा, विजय देवरकोंडा और चिरंजीवी ने भी जताई नाराजगी फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ के गाने ‘चुट्टामल्ले’ के AI से बनाए गए डीपफेक वीडियो को लेकर जूनियर NTR ने नाराजगी जताई थी। वीडियो में उनकी को-स्टार जान्हवी कपूर को आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया था। अभिनेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर वीडियो बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। उन्होंने लोगों से ऐसे वीडियो को न देखने, शेयर करने और बढ़ावा नहीं देने की अपील भी की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अमिताभ बच्चन ने शुक्रवार को दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर को याद किया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर नाना के पांच पुराने वीडियो शेयर किए। इन वीडियो में दोनों की मुलाकातों, फिल्मों और बातचीत की झलक देखने को मिली। नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके घर पर कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया था। पहले वीडियो में नाना एक इंटरव्यू के दौरान ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में अमिताभ बच्चन के साथ शूटिंग का अनुभव बताते नजर आए। उन्होंने अमिताभ की तारीफ करते हुए कहा कि उनके आने से फिल्मों का अंदाज बदल गया था। वह हीरो के साथ कॉमेडियन भी बनते थे और डांस भी करते थे। कभी-कभी महिला का किरदार भी निभाते थे। नाना ने मजाक में कहा कि इससे कई लोगों का काम कम हो गया। दूसरे वीडियो में अमिताभ और नाना की फिल्म ‘कोहराम’ के मुहूर्त की झलक दिखाई गई। तीसरे वीडियो में दोनों के बीच मजेदार बातचीत सुनाई दी। नाना ने कहा, ‘भगवान का दिया हुआ सब कुछ है, बंगला है, गाड़ी है, तुम्हारे पास क्या है?’ इस पर अमिताभ ने जवाब दिया, ‘आज तो मेरे पास नाना पाटेकर है।’ इसके बाद नाना ने मजाक में कहा कि अमिताभ अगले 25 साल तक केबीसी संभाल लें, फिर वह शो की जिम्मेदारी संभालेंगे। चौथे वीडियो में नाना ने अमिताभ के लिखे एक खत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फिल्म 'दि अटैक्स ऑफ 26/11' देखने के बाद अमिताभ ने उन्हें पत्र लिखकर उनके काम की तारीफ की थी। नाना ने कहा कि वह खत आज भी उनके पास संभालकर रखा है। पांचवें वीडियो में नाना पाटेकर फिल्म ‘हम दोनों’ के मशहूर गाने ‘मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया’ की पंक्तियां गाते नजर आए। उन्होंने इस गाने को अपनी जिंदगी का सार बताया। अमिताभ ने उनकी तारीफ की और उनसे अपने अंदाज में गाना सुनाने की गुजारिश की। अमिताभ बच्चन ने KBC के मंच से भी नाना को याद किया ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के मंच से भी अमिताभ ने नाना पाटेकर को याद किया। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि नाना पाटेकर का अचानक निधन हो गया। उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री और उन्हें जानने वाले लोग दुखी हैं। अमिताभ ने नाना को एक शानदार कलाकार, अच्छा दोस्त और समाज सेवा करने वाला इंसान बताया। उन्होंने कहा कि नाना अपनी बेबाकी, सादगी और सच बोलने के अंदाज के लिए जाने जाते थे। एक्टर ने आगे कहा कि कुछ लोग दुनिया से चले जाते हैं, लेकिन उनकी बातें और सीख हमेशा हमारे साथ रहती हैं। नाना भी ऐसे ही लोगों में से एक थे। उन्होंने नाना की कला को सलाम करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नाना के समाज सेवा के कामों को भी याद किया। उन्होंने बताया कि नाना एक बार KBC के खास कार्यक्रम में मेहमान बनकर आए थे। उस दौरान उन्होंने जीती हुई रकम समाज सेवा के लिए दे दी थी। नाना ने महाराष्ट्र के उन गांवों के किसानों की मदद की थी, जहां बारिश की कमी के कारण परेशानी थी। अमिताभ को नाना के साथ काम करने में झिझक थी अमिताभ बच्चन और नाना पाटेकर ने केवल एक ही फिल्म ‘कोहराम’ में साथ काम किया। नाना पाटेकर के निधन के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में ‘कोहराम’ के डायरेक्टर मेहुल कुमार ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन को शुरुआत में नाना के साथ काम करने में थोड़ा संकोच था, लेकिन बाद में दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई। ………… यह खबर भी पढ़ें… रेपिस्ट के रोल पर नाना ने डायरेक्टर को गालियां दीं:'परिंदा' के क्लाईमैक्स में आग से झुलसे, आर्मी जॉइन करने के लिए रक्षामंत्री को फोन किया नाना पाटेकर ने अपने करीब पांच दशक के करियर में कई यादगार किरदार निभाए थे। नाना अपने बेबाक और गुस्सैल अंदाज के लिए भी जाने जाते थे। एक बार डायरेक्टर रवि चोपड़ा ने उन्हें फिल्म में रेपिस्ट का रोल ऑफर किया तो नाना भड़क गए और उन्हें गालियां तक दे दीं। बाद में स्मिता पाटिल के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और नाना को फिल्म में अहम विलेन का किरदार मिला। (परिंदा) की शूटिंग के दौरान भी उनका डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा से विवाद हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
रेखा की जिंदगी जितनी ग्लैमरस दिखती है, उसके पीछे उतने ही दर्दनाक अध्याय छिपे हैं। बचपन में पिता जेमिनी गणेशन की बेरुखी मिली, तो परिवार की आर्थिक मजबूरियों ने किशोर उम्र में ही फिल्मों में काम करने पर मजबूर कर दिया। बड़े पर्दे पर सफलता मिली, लेकिन निजी जिंदगी लगातार सवालों के घेरे में रही। विनोद मेहरा से कथित शादी, अमिताभ बच्चन से रिश्ते की चर्चाएं और 1990 में पति मुकेश अग्रवाल की आत्महत्या के बाद लगे गंभीर आरोपों ने उन्हें भीतर तक झकझोरा। इन मुश्किलों के बावजूद रेखा ने खुद को संभाला और हिंदी सिनेमा में ऐसी पहचान बनाई, जो आज भी कायम है। जन्मदिन पर पढ़िए रेखा की जिंदगी के 5 ऐसे अध्याय, जिन्होंने उनकी शख्सियत को प्रभावित किया। पिता ने बेटी को कभी अपना नहीं समझा, स्कूल में देखते रहे लेकिन पहचान तक नहीं मिली रेखा का जन्म 10 अक्टूबर 1954 को तमिल सिनेमा के मशहूर अभिनेता जेमिनी गणेशन और अभिनेत्री पुष्पवल्ली के घर हुआ था। लेकिन पिता की मौजूदगी उनके बचपन का हिस्सा नहीं बन सकी। सिमी गरेवाल के शो ‘रेंडेजवू विद सिमी गरेवाल’ में रेखा ने अपने बचपन और पिता के बारे में बात की थी। उन्होंने बताया था कि जब वह बहुत छोटी थीं, तभी उनके पिता उनकी जिंदगी से चले गए थे। उन्हें याद नहीं था कि उनके पिता कभी घर में रहे हों। रेखा ने अपने माता-पिता के रिश्ते को रोमांटिक बताया था और कहा था कि उनकी मां अपने पिता के प्यार में बेहद डूबी हुई थीं। रेखा के लिए पिता की पहली याद भी किसी पिता-पुत्री के रिश्ते जैसी नहीं थी। उनके कई सौतेले भाई-बहन एक ही स्कूल में पढ़ते थे। जेमिनी गणेशन कभी-कभी अपने दूसरे बच्चों को स्कूल छोड़ने आते थे। रेखा ने बताया कि उन्हें दूर से देखकर उनके मन में आया था- ‘ओह, ये अप्पा हैं।’ लेकिन रेखा के मुताबिक, उनके पिता ने उन्हें नोटिस तक नहीं किया। उन्होंने बताया कि उन्हें उनसे मिलने का मौका कभी नहीं मिला और उन्हें नहीं लगता कि उनके पिता ने उस वक्त उन्हें देखा भी था। बचपन में रेखा ने इस कमी को किस तरह महसूस किया, इसका अंदाजा उनकी एक मार्मिक बात से लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा था कि शायद उन्होंने इस दर्द को अपने अंदर ही दबा दिया था। उस उम्र में उनका ध्यान होमवर्क और दूसरी छोटी-छोटी चीजों पर ज्यादा था। उन्हें अपनी बहन के ज्यादा सुंदर होने की भी चिंता रहती थी। बड़ी होने के बाद रेखा को एहसास हुआ कि शायद उन्हें पिता की कमी महसूस हुई थी। उन्होंने कहा था कि जब आपने किसी चीज का स्वाद ही नहीं चखा हो, तो आपको नहीं पता होता कि वह चीज कैसी होती है। उनके लिए पिता शब्द का मतलब ही साफ नहीं था। रेखा ने बताया था कि उनके बचपन का बड़ा हिस्सा नानी और मौसी के साथ बीता, क्योंकि उनकी मां शूटिंग के सिलसिले में अक्सर बाहर रहती थीं। उनके पास कोई स्थायी पुरुष रोल मॉडल भी नहीं था। बाद में उन्होंने फिल्ममेकर मोहन सहगल को अपनी जिंदगी का पहला फादर फिगर बताया। बचपन खत्म होने से पहले ही फिल्मों में धकेली गईं, मां ने कहा- परिवार के लिए काम करना होगा रेखा के लिए फिल्मों में आना किसी सपने के पूरा होने की कहानी नहीं थी। वह अभिनेत्री बनना ही नहीं चाहती थीं। उस उम्र में उनके सपने किसी आम लड़की जैसे थे- प्यार करने वाला जीवनसाथी, शादी और ढेर सारे बच्चे। परिवार की आर्थिक स्थिति ने उनके इन सपनों को पीछे धकेल दिया। रेखा ने बताया था कि घर में कई बच्चों की पढ़ाई और दूसरे खर्चों की जिम्मेदारी थी। उनकी मां ने उनसे साफ कहा कि उन्हें काम करना होगा। फिल्मों में काम करने की इच्छा नहीं होने के बावजूद रेखा ने इसे स्वीकार किया और कहा कि वह सिर्फ एक फिल्म करेंगी- ‘अंजाना सफर’। इसके बाद जो हुआ, उसने उनकी जिंदगी बदल दी। स्कूल छूट गया और महज किशोर उम्र में वह फिल्म स्टूडियो के चक्कर लगाने लगीं। एक तरफ घर की आर्थिक जरूरत थी, दूसरी तरफ फिल्म इंडस्ट्री उनके लिए अनजान दुनिया थी। रेखा ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया था कि वह उस माहौल के लिए तैयार नहीं थीं। उन्हें काम करना पसंद नहीं था और कई बार सेट पर जाने का मन नहीं करता था। बाद में उन्होंने अपने शुरुआती फिल्मी दौर को मुश्किल समय के तौर पर याद किया। मुंबई और फिल्म इंडस्ट्री उनके लिए सुरक्षित जगह जैसी नहीं थी। एक कम उम्र की लड़की, जिसे हिंदी भाषा तक ठीक से नहीं आती थी, अचानक ऐसे माहौल में पहुंच गई थी जहां उसे अपने लिए रास्ता बनाना था। बाद के वर्षों में रेखा ने बताया कि शुरुआती दौर में उन्हें रूप-रंग और भाषा को लेकर भी काफी आलोचना झेलनी पड़ी। इस मजबूरी से शुरू हुआ सफर धीरे-धीरे उनकी पहचान बन गया। जिस लड़की ने शुरुआत में सिर्फ परिवार की आर्थिक मदद के लिए कैमरे का सामना किया था, वही आगे चलकर हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में शामिल हुई। रेखा ने पीछे मुड़कर इस सफर को सिर्फ शिकायत की नजर से नहीं देखा। उन्होंने कहा था कि वह अपनी जिंदगी में हुई हर घटना के लिए आभारी हैं, क्योंकि अगर उनकी जिंदगी का ‘स्क्रीनप्ले’ उसी क्रम में नहीं लिखा गया होता, तो शायद वह आज जैसी इंसान हैं, वैसी नहीं बन पातीं। विनोद मेहरा से शादी की खबर, ससुराल में कथित अपमान की कहानी रेखा का नाम अभिनेता विनोद मेहरा के साथ जुड़ा तो उनकी निजी जिंदगी फिर चर्चा में आ गई। दोनों ने साथ में फिल्में कीं और उनकी नजदीकियों की खबरें सामने आती रहीं। इसी दौरान यह दावा भी किया गया कि दोनों ने गुपचुप शादी कर ली थी। कई सालों तक रेखा और विनोद मेहरा की कथित शादी की कहानी फिल्मी गलियारों में सुनाई जाती रही। यह भी कहा गया कि शादी के बाद जब विनोद मेहरा रेखा को अपने घर लेकर गए तो उनकी मां ने उन्हें बहू के रूप में स्वीकार नहीं किया। कुछ रिपोर्ट्स में ससुराल में रेखा के साथ बुरे व्यवहार की बात भी कही गई। लेकिन इस कहानी का एक अहम पहलू खुद रेखा का बयान है। 2004 में ‘रेंडेजवू विद सिमी गरेवाल’ में रेखा ने विनोद मेहरा से शादी की बात को साफ तौर पर खारिज किया था। उन्होंने शादी की खबर पर हैरानी जताई और कहा कि उनके बारे में ऐसी कई बातें कही जाती रही हैं। यहां तक कि उनके फारूक अब्दुल्ला से शादी करने की खबर भी सामने आ चुकी थी। रेखा ने इस मामले को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। उनके लिए विनोद मेहरा बेहद खास थे, लेकिन उन्होंने उन्हें पति के तौर पर स्वीकार नहीं किया। रेखा ने विनोद मेहरा को अपना करीबी और शुभचिंतक बताया था। उनके मुताबिक, विनोद उनकी जिंदगी में ऐसे शख्स थे, जो उनके बेहद करीब रहे। रेखा के अपने बयान के मुताबिक, विनोद मेहरा के साथ उनका रिश्ता खास और गहरा था, लेकिन शादी की बात वह स्वीकार नहीं करती थीं। हालांकि, विनोद मेहरा की मां और रेखा के रिश्ते को लेकर भी कई सालों तक अलग-अलग दावे सामने आते रहे। यासिर उस्मान की किताब ‘रेखा: द अनटोल्ड स्टोरी’ और इसके आधार पर प्रकाशित रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि विनोद मेहरा की मां ने रेखा को बहू के रूप में स्वीकार नहीं किया। यहां तक बताया गया कि जब रेखा ने उनके पैर छूने की कोशिश की तो उन्हें धक्का देकर रोक दिया गया। रेखा की जिंदगी में विनोद मेहरा का रिश्ता चाहे जिस रूप में रहा हो, इस रिश्ते से जुड़ी शादी की खबरों और ससुराल के कथित व्यवहार ने उनकी निजी जिंदगी को लंबे समय तक सुर्खियों में रखा। अमिताभ के लिए प्यार कबूल किया, लेकिन निजी रिश्ता होने से साफ इनकार अमिताभ बच्चन के साथ रेखा की जोड़ी पर्दे पर जितनी पसंद की गई, उनकी निजी जिंदगी को लेकर उतनी ही चर्चाएं हुईं। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और इसी दौरान उनके रिश्ते को लेकर तरह-तरह की खबरें सामने आईं। 2004 में सिमी गरेवाल के शो में रेखा ने पहली बार इतने खुले अंदाज में अमिताभ के लिए अपनी भावनाओं पर बात की थी। उन्होंने अमिताभ को ऐसा शख्स बताया, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। रेखा के मुताबिक, अमिताभ में इतनी खूबियां थीं कि उन्हें देखकर प्रभावित हुए बिना रहना मुश्किल था। रेखा ने अमिताभ के लिए अपने प्यार को छिपाया नहीं। उन्होंने साफ कहा था कि वह उनसे प्यार करती हैं। उनका कहना था कि अमिताभ जैसे इंसान के प्यार में पड़ना उनके लिए असामान्य बात नहीं थी। उन्होंने यहां तक कहा कि दुनिया में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो, जो अमिताभ की शख्सियत से प्रभावित न हो। इसके तुरंत बाद रेखा ने इस रिश्ते को लेकर सबसे अहम बात कही। उन्होंने अमिताभ के साथ किसी भी निजी रिश्ते या अफेयर से साफ इनकार किया। रेखा के मुताबिक, उनके बीच कभी कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं था और उनके रिश्ते को लेकर जो विवाद और अटकलें लगाई गईं, उनमें सच्चाई नहीं थी। रेखा ने यह भी कहा था कि अमिताभ को शायद अंदाजा तक नहीं था कि वह उनके बारे में क्या महसूस करती हैं। उनके बयान में एक तरफ अमिताभ के लिए गहरा आकर्षण और प्यार था, लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों के बीच वैसा निजी रिश्ता नहीं था, जैसा मीडिया में बताया जाता रहा। जया बच्चन के लिए भी रेखा के मन में सम्मान था इस इंटरव्यू में रेखा ने जया बच्चन के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने जया को ‘दीदीभाई’ कहकर संबोधित किया और उनके व्यक्तित्व, गरिमा और मजबूती की तारीफ की। रेखा के मुताबिक, अमिताभ से जुड़ी अफवाहों की वजह से उनके और जया के बीच कोई दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने बताया कि अफवाहों और मीडिया की अटकलों से पहले से उनका जया के साथ रिश्ता था और वह रिश्ता उनके लिए आज भी मायने रखता है। ‘सिलसिला’ के बाद दोनों फिर साथ नहीं आए अमिताभ और रेखा की आखिरी फिल्मों में से एक ‘सिलसिला’ (1981) रही, जिसमें अमिताभ, रेखा और जया बच्चन एक ही कहानी का हिस्सा थे। फिल्म की कहानी और उस समय दोनों के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं ने पर्दे और निजी जिंदगी के बीच की सीमा को धुंधला कर दिया। इसके बाद अमिताभ और रेखा किसी फिल्म में साथ नजर नहीं आए। रेखा ने सिमी गरेवाल को बताया था कि अब दोनों की मुलाकात सिर्फ सार्वजनिक कार्यक्रमों या अवॉर्ड फंक्शंस में होती है। उन्होंने अमिताभ के लिए सम्मानजनक शब्दों में कहा था कि वह उन्हें देखकर नमस्ते करती हैं और उनके बीच इतना ही संपर्क है। पति मुकेश अग्रवाल ने आत्महत्या की, इसके बाद रेखा पर लगा सबसे बड़ा आरोप रेखा की जिंदगी की दर्दनाक घटनाओं में 1990 में हुई उनके पति मुकेश अग्रवाल की मौत शामिल है। रेखा ने 4 मार्च 1990 को दिल्ली के बिजनेसमैन मुकेश अग्रवाल से शादी की थी। शादी के कुछ ही समय बाद दोनों के रिश्ते में परेशानियां आने लगीं। बाद में दोनों ने अलग होने और तलाक लेने का फैसला किया। रेखा के अनुसार, दोनों को अपने स्वभाव और सोच में काफी अंतर महसूस हुआ था। तलाक की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही 2 अक्टूबर 1990 को मुकेश अग्रवाल ने आत्महत्या कर ली। उस समय रेखा विदेश में थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुकेश ने एक नोट भी छोड़ा था, जिसमें किसी को उनकी मौत के लिए जिम्मेदार न ठहराने की बात कही गई थी। इस घटना के बाद सबसे ज्यादा निशाना रेखा को बनाया गया। मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री के एक हिस्से ने उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्हें अपमानजनक नामों से पुकारा गया और उनकी फिल्मों के पोस्टरों पर कालिख पोते जाने की खबरें सामने आईं। रेखा ने बाद में इस दौर के बारे में बात करते हुए बताया कि उन्होंने सदमे, इनकार, गुस्से, आत्मग्लानि और आखिरकार स्वीकार करने तक कई भावनात्मक पड़ाव झेले। उन्होंने यह भी कहा था कि वह मुकेश की मौत के लिए खुद को जिम्मेदार नहीं मानती थीं। इन पांच दर्दनाक अध्यायों के बाद भी रेखा बनी रहीं ‘सदाबहार’ रेखा की जिंदगी की इन घटनाओं को देखें तो उनकी कहानी सिर्फ एक फिल्म स्टार के ग्लैमर की कहानी नहीं है। पिता की उपेक्षा से लेकर कम उम्र में काम करने, रिश्तों को लेकर विवाद और पति की मौत के बाद सार्वजनिक आरोपों तक, उनकी निजी जिंदगी लगातार चर्चा और मुश्किलों से घिरी रही। हर बार रेखा ने अपनी जिंदगी को नए सिरे से खड़ा किया। शुरुआती दौर की आलोचना से निकलकर उन्होंने ‘उमराव जान’, ‘खूबसूरत’, ‘इजाजत’, ‘सिलसिला’ और कई दूसरी फिल्मों में यादगार अभिनय किया और अपनी अलग पहचान बनाई। आज 72 साल की उम्र में भी रेखा की जिंदगी का विरोधाभास यही है- जिस महिला की निजी जिंदगी को दुनिया ने बार-बार सवालों के कटघरे में खड़ा किया, वही पर्दे पर हिंदी सिनेमा की सबसे रहस्यमयी और प्रभावशाली शख्सियतों में से एक बन गईं। ____________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. पहली फिल्म फ्लॉप, सेट पर ‘हीरोइन बदल दो’ सुनना पड़ा:फिर ‘बाहुबली’ से बनीं पैन-इंडिया स्टार; तमन्ना भाटिया बोलीं- सबसे मुश्किल चीज थी टिके रहना मुंबई की एक स्कूल गर्ल ने 13-14 साल की उम्र में फिल्म साइन की थी। शायद उन्हें भी नहीं पता था कि कैमरे के सामने खड़े होने का यह फैसला उन्हें भारतीय सिनेमा की लंबे समय तक टिकने वाली अभिनेत्रियों में शामिल कर देगा। शुरुआत आसान नहीं थी। पहली फिल्म नहीं चली, साउथ में नई भाषा और माहौल से जूझना पड़ा। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें एक सीन करने में असहजता जताने पर फिल्म से रिप्लेस कर दिया गया। सेट पर उनके सामने कहा गया- ‘हीरोइन बदल दो।’पूरी खबर पढ़ें..
जगजीत सिंह : चिट्ठी ना कोई संदेश,कहां तुम चले गए…
जगजीत सिंह की पुण्यतिथि 10 अक्टूबर The post जगजीत सिंह : चिट्ठी ना कोई संदेश,कहां तुम चले गए… appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
जयपुर में शुक्रवार शाम को फिल्मी सितारों की हलचल देखने को मिली। साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन और पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा जयपुर पहुंचे। दोनों सितारे ब्लैक मास्क लगाए और कड़ी सुरक्षा के बीच एयरपोर्ट से बाहर निकले। इस दौरान अभिनेता सौरभ शुक्ला भी नजर आए। सितारों की मौजूदगी ने एयरपोर्ट पर लोगों का ध्यान खींचा। सुरक्षा के लिए बाहरी राज्य से बाउंसर्स बुलाए जाने की जानकारी सामने आई है। इन बाउंसर्स ने एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों को दोनों कलाकारों के फोटो और वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश की। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही दोनों अपनी-अपनी गाड़ियों से रवाना हो गए। जानकारी के मुताबिक, अल्लू अर्जुन और गुरु रंधावा जयपुर में ब्रिटिश बहुराष्ट्रीय हीरा कंपनी डी बीयर्स ग्रुप के एक खास कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। यह हाई-प्रोफाइल आयोजन ऐतिहासिक सिटी पैलेस में रखा गया है, जहां शाही विरासत और आधुनिक लग्जरी का संगम देखने को मिलेगा। यहां देखिए कुछ फोटोज… सिटी पैलेस में डी बीयर्स का खास आयोजन इस आयोजन की खास बात जयपुर के महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह का डी बीयर्स के नए चेहरे के रूप में परिचय कराया जाना है। ऐतिहासिक सिटी पैलेस में आयोजित इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय लग्जरी ब्रांड और जयपुर की शाही विरासत एक मंच पर नजर आएंगे। अल्लू अर्जुन के जयपुर पहुंचने की खबर सामने आने के बाद एयरपोर्ट पर उनकी एक झलक पाने की उम्मीद में लोगों की नजरें उन पर टिकी रहीं। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त रखी गई थी। ब्लैक मास्क में चेहरा ढके अल्लू अर्जुन सीधे अपनी कार तक पहुंचे और वहां से होटल के लिए रवाना हो गए। गुरु रंधावा के लिए भी इसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उन्हें भी एयरपोर्ट से सीधे कार्यक्रम स्थल की ओर ले जाया गया। एयरपोर्ट पर सौरभ शुक्ला ने प्रशंसकों के साथ खिंचवाई तस्वीरें जयपुर एयरपोर्ट पर शुक्रवार को दिग्गज अभिनेता सौरभ शुक्ला भी नजर आए। अल्लू अर्जुन और गुरु रंधावा के विपरीत सौरभ शुक्ला प्रशंसकों के साथ सहज अंदाज में मिले और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। सौरभ शुक्ला जयपुर में नाटक ‘बर्फ’ की प्रस्तुतियों के लिए पहुंचे हैं। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में 10 और 11 अक्टूबर को ‘बर्फ’ नाटक का मंचन किया जाएगा। ऐसे में इस सप्ताहांत जयपुर में फिल्म और संगीत जगत के सितारों के साथ रंगमंच के दर्शकों के लिए भी खास आकर्षण रहेगा।
सलमान खान ने शुक्रवार को अपना ऑफिशियल यूट्यूब चैनल लॉन्च किया। उन्होंने फैंस से पर्सनल, प्रोफेशनल और बिहाइंड-द-सीन्स कंटेंट साझा करने का वादा किया। सलमान ने चैनल के लॉन्च का ऐलान एक मजेदार टीजर के साथ किया। इसमें वह अंग्रेजी अल्फाबेट बोलते नजर आए। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “शुरू से शुरू करते हैं... मेरा ऑफिशियल यूट्यूब चैनल। A से Z तक सब यहां मिलेगा।” खबर लिखे जाने तक इसके सब्सक्राइबर्स की संख्या 16 हजार पार हो गई थी। सलमान के ऑफिशियल चैनल के बायो में लिखा है, “फिल्म एक्टर। आर्टिस्ट। पेंटर। ह्यूमैनिटेरियन। यह मेरा ऑफिशियल चैनल है।” फिलहाल चैनल पर कई शॉर्ट्स मौजूद हैं। यूट्यूब के जरिए सलमान लंबे वीडियो शेयर कर सकते हैं। इससे फैंस को उनके काम, रोजमर्रा की जिंदगी और सिनेमा से बाहर की पसंद के बारे में करीब से जानने का मौका मिलेगा। बिग बॉस 20 होस्ट कर रहे सलमान वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान फिलहाल ‘बिग बॉस 20’ होस्ट कर रहे हैं। रियलिटी शो के साथ यह उनका लंबे समय से चला आ रहा जुड़ाव है। सलमान की कई फिल्में भी पाइपलाइन में हैं। वह अगली बार ‘मातृभूमि’ में नजर आएंगे। इस फिल्म का नाम पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। इसमें चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में हैं। फिल्म की बदली हुई रिलीज डेट का ऐलान अभी नहीं हुआ है। सलमान साउथ के फिल्ममेकर वामशी पैदिपल्ली के साथ SVC63 में भी काम करेंगे। इस फिल्म का नाम कथित तौर पर ‘मॉन्स्टर’ रखा गया है। फिल्म में नयनतारा भी हैं। यह फिल्म फिलहाल ईद 2027 पर सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इन बड़े बॉलीवुड सितारों के भी हैं अपने यूट्यूब चैनल सलमान खान के अलावा बॉलीवुड के कई बड़े सितारों के भी अपने यूट्यूब चैनल हैं। इन चैनलों के जरिए कलाकार अपने फैंस से सीधे जुड़ते हैं। कोई अपनी निजी जिंदगी के वीडियो शेयर करता है, तो कोई फिटनेस, खाना बनाने और फिल्मों की शूटिंग से जुड़े वीडियो दिखाता है। हालांकि, ज्यादातर सितारे अपने चैनल पर लगातार वीडियो नहीं डालते। फराह खान: फिल्म निर्देशक और कोरियोग्राफर फराह खान का यूट्यूब चैनल इन दिनों काफी चर्चा में रहता है। उनके चैनल @farahkhank पर वह बॉलीवुड सितारों के घर जाती हैं, उनके साथ खाना बनाती हैं और कई मजेदार सवाल पूछती हैं। इन वीडियो में सितारों के घर, उनकी जिंदगी और फिल्मों से जुड़े दिलचस्प किस्से देखने को मिलते हैं। उनके कुक दिलीप के साथ मजेदार बातचीत भी दर्शकों को पसंद आती है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उनके चैनल पर 32 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स थे। अक्षय कुमार: एक्टर का अपना यूट्यूब चैनल @akshaykumar है। इस चैनल पर करीब 12.4 लाख सब्सक्राइबर्स और 77 वीडियो हैं। यहां फिल्मों के प्रचार, ब्रांड से जुड़े वीडियो और उनके होस्टिंग शो के क्लिप देखने को मिलते हैं। हालांकि, पिछले तीन साल से इस चैनल पर कोई नया वीडियो अपलोड नहीं किया गया है। आलिया भट्ट: 26 जून 2019 को आलिया भट्ट ने अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। इसके जरिए वह फैंस को अपनी जिंदगी की झलक दिखाना चाहती थीं। उनके वीडियो में फिल्मों की शूटिंग, मेकअप, परिवार और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े पल देखने को मिलते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उनके चैनल पर करीब 26 लाख सब्सक्राइबर हैं। कृति सेनन: एक्ट्रेस का यूट्यूब चैनल @kritisanon नवंबर 2021 में शुरू हुआ था। इस चैनल पर वह अपनी दिनचर्या, फिटनेस, स्किन की देखभाल और शूटिंग से जुड़े अनुभव शेयर करती हैं। इन वीडियो के जरिए फैंस को उनकी निजी और प्रोफेशनल जिंदगी के बारे में जानने का मौका मिलता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उनके चैनल पर करीब 13.4 लाख सब्सक्राइबर्स हैं। परिणीति चोपड़ा: एक्ट्रेस ने 25 जुलाई 2024 को अपना यूट्यूब चैनल @officialparineetichopra शुरू किया था। उनके चैनल पर करीब 2.79 लाख सब्सक्राइबर और 41 वीडियो हैं।
नाना पाटेकर की मौत के बाद एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने शुक्रवार को कहा कि #MeToo आंदोलन के बाद उनकी जिंदगी नर्क बन गई। नाना पाटेकर का गुरुवार को गोवा में कार्डियक अटैक से निधन हुआ। दत्ता ने 2008 की फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ की शूटिंग के दौरान पाटेकर पर गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया था। पाटेकर ने इन आरोपों से इनकार किया था। दत्ता ने #MeToo आंदोलन के दौरान अक्टूबर 2018 में फिर ये आरोप लगाए थे। इंस्टाग्राम पर शेयर किए वीडियो में दत्ता ने कहा कि #MeToo आंदोलन के बाद उन्हें जान का खतरा रहा। उन्होंने कहा कि गुंडे हर जगह उनका पीछा करते थे। दत्ता ने कहा, “लोग नहीं जानते कि #MeToo आंदोलन के बाद मैं किस हालत में रही हूं। मैं हफ्ते में पांच दिन वर्कआउट करती थी और बिना डर दुनिया घूमती थी।” उन्होंने कहा, “मुझे कभी सुरक्षा की चिंता नहीं रही। कहीं भी आने-जाने में परेशानी नहीं होती थी।” दत्ता ने बताया, “#MeToo के बाद मेरे साथ ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्हें मैं इंस्टाग्राम पर भी नहीं बता सकती। आपका चेहरा शर्म से झुक जाएगा।” उन्होंने कहा, “लोग नहीं जानते कि मेरे साथ क्या-क्या हुआ है। 2024 में किसी ने मेरी कार के ब्रेक काट दिए थे। #MeToo आंदोलन के बाद गुंडे हर जगह मेरा पीछा करते थे।” नाना के निधन पर बाद में प्रतिक्रिया देने की बात कही थी नाना पाटेकर के निधन के बाद गुरुवार को दत्ता ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर वीडियो पोस्ट किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें खबर मिल गई है। दत्ता ने कहा था कि वह प्रतिक्रिया देंगी, लेकिन पहले यह समझना चाहती हैं कि उन्हें किस तरह प्रतिक्रिया देनी चाहिए। दत्ता ने कहा था, “अब मुझे चिंता है कि शाम को मीडिया की दिलचस्पी सिर्फ ‘ईविल डेड’ (‘बुरी आत्मा’) में होगी।” तनुश्री बोलीं- मौत से अपराध खत्म नहीं हो जाते नए वीडियो में दत्ता ने उन्हें नेगेटिव मैसेज भेजने वालों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की मौत उसके अपराधों को खत्म नहीं करती। दत्ता ने कहा, “मैं सोच भी नहीं सकती कि लोग इतने मूर्ख कैसे हो सकते हैं। किसी व्यक्ति के साथ दुनिया के अलग-अलग लोगों का अनुभव अलग हो सकता है।” उन्होंने कहा, “लेकिन उस व्यक्ति के साथ मेरा अनुभव मुझे पता है। मैं मुर्दे उखाड़ना भी नहीं चाहती थी, इसलिए मैंने अपनी प्रतिक्रिया रोककर रखी।” दत्ता ने कहा कि वह कुछ दिनों बाद अपनी प्रतिक्रिया देना चाहती थीं। उन्होंने पूछा, “किसी की मौत हो गई, इसका मतलब यह नहीं कि उसके जीवन के सभी अपराध मिट जाएंगे।” उन्होंने कहा, “जिन लोगों को उसने परेशान किया और शिकार बनाया, क्या उनका हिसाब भी बंद हो जाता है?” तनुश्री बोलीं- पाटेकर ने कभी माफी नहीं मांगी दत्ता ने बताया कि कुछ लोग उनसे पाटेकर को माफ करने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाटेकर ने उनसे कभी माफी नहीं मांगी। दत्ता ने कहा, “भगवान भी बिना माफी मांगे किसी को माफ नहीं करते।” उन्होंने कहा, “पहले आपको माफी मांगनी होगी। आपको अपना अपराध स्वीकार करना होगा कि मैंने यह अपराध किया है।” दत्ता ने कहा, “आपको मानना होगा कि मैंने किसी की जिंदगी बर्बाद की है। मैंने लोगों के साथ मिलकर किसी के साथ बहुत गलत किया और उसकी जिंदगी मुश्किल बना दी।” उन्होंने कहा, “इसलिए जब मैं कहती हूं कि बुराई मर चुकी है, तो मेरा मतलब यही होता है। मेरे लिए यही सच्चाई थी।” दत्ता ने कहा, “इस व्यक्ति ने मौत के बाद भी मुझे परेशान किया।” सोशल मीडिया यूजर्स से खुद को उनकी जगह रखने को कहा दत्ता ने उन “बेकार यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया लोगों” को भी जवाब दिया, जो व्यूज और लाइक्स बढ़ाने के लिए उनके बारे में कमेंट कर रहे हैं। उन्होंने उनसे खुद को उनकी जगह रखकर देखने को कहा। दत्ता ने कहा, “आप चार दिन भी नहीं झेल पाएंगे।” उन्होंने कहा, “2018 के बाद मेरे लिए हालात बहुत खराब थे। मेरी जान पर हमले हुए। इंटरव्यू में मैंने अपने साथ हुई घटनाओं का सिर्फ एक हिस्सा बताया है।” दत्ता ने कहा, “2018 से मेरी जिंदगी का हर दिन संघर्ष और तकलीफ में बीता है। खासकर 2020 के बाद हर दिन मैंने इस व्यक्ति की वजह से संघर्ष किया और परेशानी झेली।” उन्होंने कहा, “उसने सिर्फ मुझे परेशान नहीं किया। उसके साथ एक बड़ा समूह भी था। नाना पाटेकर... आज शैतान मर गया है।” दत्ता ने कहा, “वह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा राक्षस था। उसने मेरी जिंदगी नर्क बना दी।” तनुश्री दत्ता ने राखी सावंत पर भी लगाए आरोप अपने वीडियो में तनुश्री दत्ता ने राखी सावंत पर आरोप लगाया है कि 2018 में #MeToo आंदोलन के दौरान उन्होंने नाना पाटेकर के पक्ष में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने और उनके खिलाफ बयान देने के लिए पैसे लिए थे। तनुश्री ने दावा किया कि राखी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से दो दिन पहले नाना पाटेकर के मुंबई स्थित घर से 2 से 2.5 लाख रुपए नकद लिए थे। तनुश्री के मुताबिक, राखी की तत्कालीन करीबी दोस्त राजश्री मोरे ने उन्हें यह जानकारी दी थी। उन्होंने दावा किया कि राजश्री उस समय कार में मौजूद थीं और उन्होंने राखी को पैसे लेते देखा था। AICWA ने तनुश्री की टिप्पणियों की आलोचना की ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर अभिनेत्री तनुश्री दत्ता की टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की। तनुश्री की भाषा पर आपत्ति जताते हुए एसोसिएशन ने उनके बयान को असंवेदनशील और अनुचित बताया। संगठन के एक प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि फिल्म जगत में दुख के माहौल के बीच इस तरह की टिप्पणी करना सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश है। एसोसिएशन ने कहा कि पुराने कानूनी या व्यक्तिगत विवाद किसी दिवंगत व्यक्ति के प्रति बुनियादी सम्मान की मर्यादा तोड़ने का औचित्य नहीं हो सकते। क्या था पूरा मामला? तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर का विवाद साल 2008 में फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ की शूटिंग के दौरान शुरू हुआ था। मार्च 2008 में मुंबई के फिल्मिस्तान स्टूडियो में फिल्म के एक गाने की शूटिंग चल रही थी। तनुश्री दत्ता का आरोप था कि गाने की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने डांस स्टेप सिखाने के बहाने उनके करीब आने और गलत तरीके से छूने की कोशिश की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गाने की कोरियोग्राफी में ऐसे अंतरंग स्टेप्स जोड़े गए, जिनसे वह असहज हो गई थीं। विरोध करते हुए तनुश्री ने शूटिंग बीच में छोड़ दी। उनके मुताबिक, इसके बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने स्टूडियो के बाहर उनकी कार पर हमला किया। उन्होंने पुलिस और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) से भी शिकायत की थी। सितंबर 2018 में तनुश्री ने एक टीवी इंटरव्यू में इस घटना का दोबारा जिक्र किया। इसके बाद यह मामला नेशनल लेवल पर चर्चा में आ गया। तनुश्री ने मुंबई पुलिस में नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, निर्देशक राकेश सारंग और निर्माता समी सिद्दीकी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। वहीं, साल 2019 में मुंबई पुलिस ने पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात कहते हुए अदालत में बी-समरी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। इसके बाद 2025 में मुंबई की अंधेरी मजिस्ट्रेट अदालत ने भी सबूतों की कमी और शिकायत में हुई देरी के आधार पर नाना पाटेकर के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खारिज कर दी। नाना पाटेकर ने आरोपों पर बात की थी साल 2024 में लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में नाना पाटेकर से पूछा गया था कि तनुश्री दत्ता द्वारा उन पर गंभीर आरोप लगाए जाने पर उन्हें गुस्सा आया था। इस पर नाना ने कहा था, “मुझे मालूम था कि वो ऐसी नहीं है। झूठ है, तो गुस्सा किस बात का? अब जो बातें हो गई थीं, उसके बारे में क्या बोलें। मुझे गुस्सा नहीं आया।” एफआईआर के सवाल पर नाना ने कहा था, “वो तो ठीक है, वो बाकी का कुछ भी होता है, उसके लिए मुझे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अभी इतने सामने अगर कोई एक बच्चा-बच्ची बोले कि हमने... इसने हमसे ज्यादती की, अब सभी मालूम है न सबको क्या हुआ है। कुछ नहीं मालूम, ही नहीं कुछ हुआ ही नहीं था, तो हमें क्या मालूम हुआ होता? हुआ होता तो कुछ हम बयान करते थे, बताते। कोई कहता है कि आपने ऐसे किया, हम क्या कहेंगे? हमने नहीं किया, इसके अलावा क्या कह सकते हैं।”
अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी फिल्म 'दृश्यम 3' भारतीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए अभिनेता अजय देवगन के करियर की दूसरी सबसे बड़ी हिट फिल्म बन गई है। रिलीज के महज 7 दिनों में फिल्म ने भारत में 245.50 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन कर लिया है। इसके साथ ही 'दृश्यम 3' ने अजय देवगन की 'गोलमाल अगेन' (205.69 करोड़) और 'दृश्यम 2' (239.67 करोड़) के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। अब घरेलू नेट कलेक्शन के मामले में यह केवल साल 2020 की फिल्म 'तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर' (279.59 करोड़) से पीछे है। दुनिया भर में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 383.60 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। 7 दिनों में 383 करोड़ पार हुआ वर्ल्डवाइड कलेक्शन ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, देश फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 294.60 करोड़ रुपए रहा, जबकि ओवरसीज मार्केट से फिल्म ने 89 करोड़ रुपए जुटाए हैं। गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले दिन 62 करोड़ रुपए की ओपनिंग ली थी। इसके बाद शनिवार को 53.50 करोड़ और रविवार को 61 करोड़ रुपए की कमाई हुई। हालांकि, वर्किंग डेज शुरू होने पर सोमवार को कलेक्शन घटकर 21 करोड़ रुपए पर आ गया, लेकिन फिल्म की पकड़ बनी हुई है। 'दृश्यम 2' को पछाड़ा, फ्रैंचाइजी की सबसे सफल फिल्म 245.50 करोड़ रुपए नेट कलेक्शन के साथ 'दृश्यम 3' अब इस फ्रैंचाइजी की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। इससे पहले साल 2022 में आई 'दृश्यम 2' ने 239.67 करोड़ रुपए का लाइफटाइम बिजनेस किया था। वहीं, साल 2015 में रिलीज हुई इस सीरीज की पहली फिल्म 'दृश्यम' ने महज 67 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। 7वें दिन गुरुवार को फिल्म ने भारत में 13 करोड़ रुपए और ओवरसीज में 4 करोड़ रुपए अपने खाते में जोड़े हैं। अजय देवगन की टॉप फिल्मों में दूसरे नंबर पर पहुंची लीड एक्टर के तौर पर अजय देवगन के करियर में घरेलू बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म 'तान्हाजी' (279.59 करोड़) है। 'दृश्यम 3' अब 245.50 करोड़ रुपए के साथ दूसरे स्थान पर आ गई है। फिल्म ने 'गोलमाल अगेन' (205.69 करोड़), 'टोटल धमाल' (155.67 करोड़), 'शैतान' (145.64 करोड़) और 'सिंघम रिटर्न्स' (140.60 करोड़) को पछाड़ दिया है। हालांकि, फिल्म 'आरआरआर' ने 782.20 करोड़ रुपए कमाए थे, लेकिन उसमें अजय देवगन का एक्सटेंडेड रोल था। 'तान्हाजी' का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए 'दृश्यम 3' को करीब 34 करोड़ रुपए की और जरूरत है। सोलो रिलीज का मिलेगा फायदा, 'उडता तीर' की टली रिलीज 'दृश्यम 3' के लिए दूसरा हफ्ता भी कमाई के लिहाज से काफी मजबूत रहने की उम्मीद है, क्योंकि सिनेमाघरों में इसके सामने कोई नई हिंदी फिल्म नहीं है। आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की एक्शन कॉमेडी फिल्म 'उडता तीर' 9 अक्टूबर को रिलीज होने वाली थी, लेकिन 'दृश्यम 3' के कलेक्शन को देखते हुए मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट बढ़ाकर 23 अक्टूबर कर दी है। इससे 'दृश्यम 3' को सोलो रन का पूरा फायदा मिलेगा। फिल्म दृश्यम 3 से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- मूवी रिव्यू-‘दृश्यम 3’:2 अक्टूबर का राज सब जानते हैं, असली खेल अब 23 जुलाई का, अजय देवगन की विजय वाली बाजी इस बार कितनी भारी पड़ी? 2 अक्टूबर का सच ‘दृश्यम’ के हर फैन को पता है। पाव भाजी, सत्संग, फिल्म और फिर विजय सलगांवकर का वो खेल, जिसने पुलिस को सालों तक उलझाए रखा, लेकिन इस बार कहानी सिर्फ 2 अक्टूबर पर नहीं रुकी है। अब एक और तारीख सामने है- 23 जुलाई। आखिर उस दिन विजय कहां था? क्या हुआ था? और क्या इस तारीख के जरिए पुलिस विजय की बनाई पूरी कहानी को पलट सकती है? पूरा रिव्यू पढ़िए…
नेशनल अवॉर्ड विनर गीतकार मनोज मुंतशिर ने वोट चोरी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे युवाओं को लेकर एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने अभिजीत दीपके पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया और यूट्यूबर ध्रुव राठी की भी आलोचना की। मनोज मुंतशिर ने अपने करीब 8 मिनट 42 सेकेंड के वीडियो की शुरुआत युवाओं को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि युवा बिना तथ्यों को समझे वोट चोरी के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, युवाओं को यह जानना चाहिए कि उन्हें कौन नेतृत्व दे रहा है और उनके आंदोलन का उद्देश्य क्या है। अभिजीत दीपके पर लगाए आरोप मनोज ने अभिजीत दीपके पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अरविंद केजरीवाल की टीम से जुड़े हैं। मनोज के मुताबिक, आम आदमी पार्टी की चुनावी हार के बाद सत्ता में वापसी के लिए युवाओं की ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने पंजाब और हिमाचल प्रदेश के स्कूलों की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन करने वाले लोग उन राज्यों की समस्याओं पर बात नहीं करते, जहां कांग्रेस या आम आदमी पार्टी की सरकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा अपने समर्थकों और फंडर्स को नाराज नहीं करने के लिए किया जाता है। ध्रुव राठी पर भी साधा निशाना मनोज ने यूट्यूबर ध्रुव राठी की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राठी भारत की उपलब्धियों और सफलताओं पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देते। मनोज ने कहा कि मंगलयान से लेकर सैन्य उपलब्धियों तक, देश की तारीफ के मौकों पर उनकी टाइमलाइन पर उत्साह नहीं दिखता। युवाओं से बोले- अपनी समझ से फैसला लें मनोज मुंतशिर ने युवाओं से कहा कि वह इस बात की परवाह नहीं करते कि कोई व्यक्ति किस पार्टी को वोट देता है या किस नेता का समर्थन करता है। उन्होंने युवाओं की सोच और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि मुझे बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि आपके इस विद्रोह का नेतृत्व जयप्रकाश नारायण या अन्ना हजारे जैसे लोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि कुछ बेहद बेहद झूठे, चालबाज और अवसरवादी लोग कर रहे हैं। यह तुम्हारे दम पर इस देश को अगला नेपाल, पाकिस्तान या बांग्लादेश बनाना चाहते हैं। क्या आप भी ऐसा ही बनना चाहते हैं? क्या आप उनके जैसे बनना चाहते हैं? उन्होंने यह भी साफ किया कि वह बीजेपी के सदस्य नहीं हैं और न ही सरकार से उनका कोई संबंध है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सत्य, सेना और सनातन में विश्वास के कारण उनकी विचारधारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और बीजेपी से मेल खाती है। चुनाव आयोग और वोट चोरी के आरोपों पर सवाल वीडियो में मनोज मुंतशिर ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि अगर चुनाव आयोग पूरी तरह बीजेपी के प्रभाव में काम करता है, तो फिर कई राज्यों में बीजेपी सत्ता से बाहर क्यों है? उन्होंने तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन जगहों पर बीजेपी सत्ता में नहीं है। उनका तर्क था कि अगर चुनाव आयोग पूरी तरह बीजेपी के पक्ष में होता, तो बीजेपी इन सभी राज्यों में चुनाव जीतती। उन्होंने उत्तर प्रदेश के 2024 लोकसभा चुनाव का उदाहरण भी दिया। मनोज के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में बीजेपी और उसके सहयोगियों को 80 में से 36 सीटें मिलीं, जबकि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने मिलकर 43 सीटें जीतीं। उन्होंने सवाल किया कि अगर चुनाव आयोग बीजेपी के पक्ष में काम कर रहा था, तो उत्तर प्रदेश में बीजेपी और उसके सहयोगियों को नुकसान कैसे हुआ। बंगाल का उदाहरण देकर कही अपनी बात मनोज मुंतशिर ने पश्चिम बंगाल के चुनावी आंकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने 2016 में राज्य में केवल तीन विधानसभा सीटें जीती थीं और इसके बाद पार्टी का प्रदर्शन लगातार बढ़ा। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उदाहरण बताते हुए कहा कि किसी राजनीतिक दल को चुनाव जीतने के लिए जनता के बीच जाना पड़ता है, लोगों से संपर्क करना पड़ता है और उन्हें अपनी नीतियों के बारे में समझाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता कभी किसी पार्टी को सत्ता देती है और कभी उससे सत्ता छीन लेती है। उनके मुताबिक, इसे लोकतंत्र की सामान्य प्रक्रिया के रूप में देखना चाहिए। वीडियो के अंत में देशभक्ति का संदेश वीडियो के अंत में मनोज मुंतशिर ने युवाओं से देशहित को ध्यान में रखकर फैसला लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को किसी भी व्यक्ति या विचार को आंख बंद करके स्वीकार नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह युवाओं को देशविरोधी नहीं मानते, बल्कि उन्हें देश के प्रति सकारात्मक सोच रखने वाला मानते हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी ऊर्जा और विरोध का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। मुंतशिर ने जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों को देशद्रोही बताया था इससे पहले मनोज मुंतशिर ने जुलाई 2026 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को 'देशद्रोही' करार देते हुए कहा था कि वे वहां नहीं जाएंगे। इसके साथ ही, उन्होंने व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए पीड़ित छात्रों और युवाओं का समर्थन भी किया था। पूरी खबर यहां पढ़ें… .............. यह खबर भी पढ़ें... CJP प्रदर्शन से पहले दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशन बंद, नई दिल्ली-हजरत निजामुद्दीन आने वाली ट्रेनें रद्द सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में CJP के प्रदर्शन से पहले मेट्रो स्टेशन बंद करने और ट्रेनों को रद्द करने पर चिंता जताई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि रोकथाम के लिए उतनी ही कार्रवाई होनी चाहिए, जितनी जरूरी हो। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में परिवार के साथ शामिल होने की बात कही। पूरी खबर यहां पढ़ें…
एक्ट्रेस कटरीना कैफ ने डिलीवरी के बाद लुक को लेकर हुईं ट्रोलिंग पर जवाब दिया है। उन्होंने ट्रोलिंग से अपनी सेल्फ-वर्थ को बचाकर रखने की सलाह दी है। यूके में अपने कॉस्मेटिक ब्रांड की सालगिरह के कार्यक्रम के दौरान कटरीना ने कहा कि दूसरों की बातों पर ध्यान देने से खुद के फैसले लेने की क्षमता प्रभावित होती है। 43 साल की कटरीना ने कहा कि जिंदगी के हर दौर में खुद को स्वीकार करना जरूरी है। दूसरों की सुनते रहेंगे तो जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पाएंगे। कटरीना कैफ का यह बयान उनके पोस्टपार्टम लुक को लेकर सोशल मीडिया पर हुई ट्रोलिंग के एक महीने बाद आया है। हाल ही में मां बनीं कटरीना को अंबानी परिवार के गणेश चतुर्थी उत्सव में उनके बढ़े हुए वजन के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था। 'ऑनलाइन चल रही बातों को हावी ना होने दें' कटरीना कैफ ने कहा कि सोशल मीडिया पर हर किसी की अपनी राय होती है। ऐसे में ऑनलाइन चल रही बातों को अपने आत्मसम्मान पर हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर आप हर इंसान की राय के हिसाब से चलने लगेंगे, तो अपने लिए फैसले लेने की क्षमता खो देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार दुनिया आपका जश्न मनाती है और कई बार आपको खुद ही अपना सबसे बड़ा सपोर्टर बनना पड़ता है। 'दूसरों की सुनने से आगे बढ़ना मुश्किल होगा' कटरीना ने आगे बताया कि लगातार दूसरों की बातों पर प्रतिक्रिया देने से इंसान खुद को आगे बढ़ाने में असमर्थ महसूस कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर वे हर आलोचना या टिप्पणी को अपने फैसलों पर हावी होने देतीं, तो जिंदगी में आगे नहीं बढ़ पातीं। उनके मुताबिक, आत्मविश्वास और खुद को देखने का जरिया हमेशा एक जैसा नहीं रहता। कुछ दिन बहुत अच्छे होते हैं और कुछ दिनों में खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। जिंदगी के हर पड़ाव को स्वीकारना जरूरी कटरीना कैफ ने इस बात पर जोर दिया कि इंसान को मौजूदा वक्त में अपनी असल पहचान के साथ रहना चाहिए। व्यक्तिगत सुधार और बदलाव एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने सलाह दी कि खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव बनाने की बजाय जिंदगी के उतार-चढ़ाव को सामान्य तरीके से स्वीकार करना चाहिए। अपनी भावनाओं और हालातों में आने वाले बदलावों को समझना ही खुद के साथ सहज होना सिखाता है। कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के सलमान टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ के दूसरे ‘वीकेंड का वार’ में शनिवार को ट्रोलर्स पर जमकर भड़के थे। सलमान खान ने बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा कि कटरीना को ट्रोल किया गया। उन्हें भी ‘बूढ़ा हो गया’ कहा गया है। इसके बाद सलमान ने बीच शो में अपनी टी-शर्ट उतारकर एब्स दिखाए। नवंबर 2025 में दिया बेटे को जन्म कटरीना कैफ ने 7 नवंबर 2025 को बेटे को जन्म दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए लिखा था, ‘हमारी खुशियों का पिटारा आ गया है। बहुत सारे प्यार आभार के साथ हम अपने बेटे का स्वागत करते हैं। 7 नवंबर 2025। कटरीना और विक्की।’ अब तक कपल ने बेटे की तस्वीर सार्वजनिक नहीं की है। दो सालों से फिल्मों से दूर हैं कटरीना कैफ कटरीना कैफ को आखिरी बार साल 2024 की फिल्म मैरी क्रिसमस में देखा गया है। फिल्म में उनके साथ विजय सेतुपति लीड रोल में थे। इसके बाद से ही एक्ट्रेस किसी फिल्म में नजर नहीं आई हैं। इस साल भी उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं होगी। शादी के 4 साल बाद बनीं मां कटरीना कैफ ने 9 दिसंबर 2021 में एक्टर विक्की कौशल से शादी की थी। दोनों की पहली मुलाकात एक अवॉर्ड शो में हुई थी, जिसके बाद दोनों चंद मुलाकातों के बाद रिलेशनशिप में आ गए थे। कपल ने हिंदू रीति-रिवाजों से राजस्थान के सवई माधौपुर के सिक्स सेंस रिसोर्ट में शादी की है।ये खबर भी पढ़ें मां बनने के बाद पहले जैसी बॉडी की उम्मीद क्यों?:सिर्फ कटरीना कैफ नहीं, ऐश्वर्या राय, करीना कपूर समेत कई अभिनेत्रियों की हुई ट्रोलिंग साल 2026 में भी महिलाओं के शरीर को लेकर बनी पुरानी सोच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खासकर फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस से मां बनने के बाद भी पहले जैसी बॉडी और ग्लैमरस लुक की उम्मीद की जाती है। पूरी खबर पढ़ें
गोवा पुलिस ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के मामले में मेडिको-लीगल 'अप्राकृतिक मौत' (UD) का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक उन्हें मृत अवस्था में लाया गया था, जिसके चलते पुलिस केस दर्ज करना जरूरी था। वहीं, पुणे के फार्महाउस में देर रात हुए अंतिम संस्कार को लेकर बेटे मल्हार पाटेकर ने स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि गोवा से पार्थिव शरीर लाने में देरी होने और सुबह ही निधन हो जाने के कारण परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। गोवा पुलिस ने दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का केस समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, गोवा पुलिस ने BNS की धारा 194 के तहत केस दर्ज किया है और पीएसआई नितिन नाइक इसकी जांच कर रहे हैं। पणजी में दर्ज केस की रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर को डोना पाउला स्थित ओशन पार्क से मणिपाल अस्पताल, बांबोलिम लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के बयानों की जांच करेगी। अस्पताल ने कहा- मृत लाया गया था, कार्डियक अरेस्ट की आशंका मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर शेखर सालकर ने बताया कि नाना पाटेकर को अस्पताल में मृत अवस्था में ही लाया गया था। इसी वजह से नियमानुसार पुलिस केस दर्ज कराना पड़ा और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज के मुर्दाघर भेजा गया। डॉक्टर के मुताबिक प्राथमिक तौर पर यह कार्डियक अरेस्ट का मामला लगता है। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर पहले से दिल की बीमारी के मरीज थे और उनका इलाज चल रहा था। बेटे मल्हार ने बताई देर रात अंतिम संस्कार की वजह समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बेटे मल्हार पाटेकर ने देर रात अंतिम संस्कार करने की वजह बताई। आमतौर पर सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता, लेकिन मल्हार ने कहा कि परिवार गोवा में था और पार्थिव शरीर को पुणे स्थित गांव के फार्महाउस लाने में समय लग गया। चूंकि निधन सुबह जल्दी हो गया था और काफी समय बीत चुका था, इसलिए परिवार ने गुरुवार को ही इसे संपन्न करने का निर्णय लिया। पिता का विजन और 'नाम फाउंडेशन' का काम रहेगा जारी मल्हार पाटेकर ने कहा कि नाना साहब जैसे इंसान अपनी उपलब्धियों के जरिए हमेशा अमर रहते हैं। उन्होंने बताया कि मराठवाड़ा में 'नाम फाउंडेशन' के जरिए चल रहे सामाजिक काम बंद नहीं होंगे। इस संबंध में उनकी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से बात हुई है और यह काम सीईओ गणेश थोरात की देखरेख में तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। पुणे के फार्महाउस में 3-गन सैल्यूट के साथ दी गई अंतिम विदाई गुरुवार रात पुणे के डोंजे गांव स्थित फार्महाउस पर नाना पाटेकर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस बल ने उन्हें 3-गन सैल्यूट दिया। इस दौरान अभिनेता जैकी श्रॉफ, निर्देशक अनिल शर्मा, अनीस बज्मी और निर्माता फिरोज नाडियाडवाला समेत कई फिल्मी हस्तियां और राजनेता शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने और श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
एक तरफ ‘स्ट्रीट फाइटर’ की दुनिया, दूसरी तरफ हॉलीवुड के बड़े-बड़े नाम और इनके बीच भारत का एक ऐसा एक्टर, जिसने अपनी पहचान किसी फिल्मी खानदान या स्टारडम से नहीं, बल्कि अपनी बॉडी, ब्रीदिंग और मार्शल आर्ट्स से बनाई। विद्युत जामवाल अब धलसिम बनकर ग्लोबल स्क्रीन पर उतर रहे हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि विद्युत इस किरदार को कोई बहुत बड़ा चैलेंज मानते ही नहीं। उनके लिए ढालसिम का मिलना कुछ ऐसा था, जैसे किस्मत ने दरवाजा खटखटाया और उन्होंने बस दरवाजा खोल दिया। लास वेगास में गायत्री मंत्र से लेकर जेसन मोमोआ, 50 सेंट, रोमन रेंस और कोडी रोड्स के साथ बिताए 45 दिनों तक, धलसिम के गंजे लुक से लेकर टाइगर श्रॉफ के साथ आने वाली फिल्म तक- विद्युत ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कई ऐसी बातें कहीं, जिनमें उनका एक्शन स्टार वाला अंदाज भी है और जिंदगी को देखने का बिल्कुल अलग नजरिया भी। सवाल: जब ‘स्ट्रीट फाइटर’ के धलसिम का ऑफर आया तो क्या लगा- ‘ये किरदार तो मेरे लिए ही बना है’ या फिर सामने एक बड़ा चैलेंज दिखा? जवाब: चैलेंज तो बिल्कुल नहीं लगा। डायरेक्टर ने मुझे फोन किया तो उन्होंने मेरे बारे में पूरी रिसर्च की हुई थी। उन्हें पता था कि मैं कौन हूं और मैं इस किरदार के साथ क्या कर सकता हूं। वो कॉल ही बहुत बेहतरीन था। मुझे लगा कि किस्मत बहुत अच्छी चीज है। आप बस थम जाइए, चीजें अपने आप आपके पास पहुंचती रहेंगी। मेरे लिए शायद यही फॉर्मूला काम कर गया। उन्हें दुनिया के 11 बेस्ट फाइटर्स की तलाश थी और उन्होंने मुझे तलाश लिया। योग और कलरीपायट्टु का जो मिश्रण इस किरदार में है, वो मेरे लिए कमाल था। सवाल: धलसिम और विद्युत में सबसे बड़ा फर्क क्या है और सबसे बड़ा कनेक्शन क्या है? जवाब: फर्क ये है कि धलसिम बाल-बच्चों वाला आदमी है। उसकी पत्नी है, बच्चे हैं। लेकिन हम दोनों में एक खूबी बहुत मिलती है- वो दूसरों के लिए लड़ता है, अपने लिए नहीं। मेरे लिए भी लड़ाई के पीछे कोई मकसद होना चाहिए। कोई कारण नहीं है तो लड़ने की जरूरत ही क्या है? सवाल: धलसिम के किरदार में आपका योग, मेडिटेशन, ब्रीदिंग और कंट्रोल भी दिखाई देता है। क्या आपको लगता है कि आज के युवाओं को भी इन चीजों की जरूरत है? जवाब: यूथ को जो करना है, वो करना चाहिए। उन्हें जो फॉलो करना है, वो करें। वो होशियार हैं, समझदार हैं। सवाल: लेकिन आज की जनरेशन के आसपास इतना शोर है कि खुद पर कंट्रोल रखना मुश्किल है। ऐसे में वो दुनिया में भारत का नाम कैसे रोशन करेंगे? जवाब: शायद ये चीजें उनमें नहीं होंगी, तभी तो वो दुनिया में भारत का नाम रोशन करेंगे। हमसे पुरानी पीढ़ियां इन्हीं चीजों को पाने के चक्कर में काफी समय लगा चुकी हैं। आज की जनरेशन बहुत उम्दा है। इनके दिमाग अलग हैं, इनकी सोच अलग है। हमारा सिर्फ एक काम है- इनकी सोच को मत रोको। इन्हें उड़ने दो। अगर आपके बच्चे हैं तो उनसे कहिए- ‘तुम जो करना चाहते हो करो, मैं संभाल लूंगा।’ बस इतना याद रखना कि कुछ चीजें दायरे में की जाती हैं। और वो दायरा ये बच्चे जानते हैं। सवाल: आप योग, कलरीपायट्टु, ब्रीदिंग और खुद को जानने की बात करते हैं। असल में यूथ को इनमें से क्या सीखना चाहिए? जवाब: हमने इन सबको अलग-अलग नाम दे दिए हैं- डिसिप्लिन, योग वगैरह। असल में ये सिर्फ खुद को जानने की कोशिश है। आप योग से खुद को जानें, मार्शल आर्ट्स से जानें, आर्ट से जानें या कुकिंग से। बस खुद को जानने की कोशिश रुकनी नहीं चाहिए। आप खुद को जितना जान जाएंगे, किसी को कुछ समझाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। योग इसलिए अच्छा माध्यम है क्योंकि वो आपको बेसिक्स सिखाता है- आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार। कैसे सांस लेनी है, कैसे बैठना है, कैसे चलना है। जिसे सही चलना और बैठना आ गया, वो सही सोचना भी सीख सकता है। सवाल: लास वेगास में ट्रेलर लॉन्च के दौरान आपने गायत्री मंत्र, सूर्य और चंद्र का पाठ किया। वहां मौजूद हॉलीवुड सितारे आपको देखते रह गए। उस वक्त आपके दिमाग में क्या चल रहा था? जवाब: दरअसल, मैं पहला आदमी था जिसे माइक दे दिया गया था। मुझे लगा कि जब डर लगे तो गायत्री मंत्र का जाप कर लेना चाहिए। गायत्री मंत्र हो गया तो लगा कि अब सूर्य चालीसा भी पढ़ लो और फिर चंद्र भी कर ही लो! लेकिन जिस तरह वहां पूरा माहौल शांत हो गया, वो बहुत अच्छा था। कई चीजों को भाषा की जरूरत नहीं होती। वो सिर्फ एक एहसास होता है। इन मंत्रों में वो शक्ति है जो आपको शांत कर देती है। वहां बैठे हर आदमी के अंदर एक शांति आ गई थी। बहुत अच्छी फीलिंग थी। सवाल: जेसन मोमोआ, 50 सेंट, रोमन रेंस और कोडी रोड्स जैसे बड़े नाम एक ही सेट पर हों तो क्या वहां स्टारडम का माहौल रहता था? जवाब: फनी या सीरियस जैसा कुछ नहीं था। सब दिग्गज हैं। 50 सेंट, रोमन रेंस, जेसन मोमोआ, कोडी रोड्स- इनके साथ बैठना और नॉर्मल बातें करना बहुत सहज था। आपने जिंदगी में क्या किया है, वो अलग बात है और आप असल में क्या हैं, वो अलग चीज है। आप जैसे हैं वैसे रहें तो सब सही रहता है। कभी मजाक हुआ तो सब हंसे। सब कुछ बहुत नॉर्मल था। सवाल: इंडिया को लेकर भी इन सितारों से बातचीत हुई? जवाब: ये लोग इंडिया कई बार आ चुके हैं और इंडियंस को जानते हैं। रोमन रेंस को इंडिया बहुत पसंद है। उसके मुताबिक डब्ल्यूडब्ल्यूई की असली ऑडियंस इंडिया ही है। उसने यहां का पागलपन देखा है। कोडी की इंडिया आने की दिली तमन्ना है। 50 सेंट ने इंडिया में कई शोज किए हैं। लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ी बात ये थी कि मैं एक ऐसे मार्शल आर्टिस्ट को रिप्रेजेंट कर रहा था जिसने इस पारंपरिक कला में काम किया है। उनके साथ 45 दिन बिताने के बाद इंसान की असलियत दिख जाती है। मैं गर्व से कह सकता हूं कि दुनिया में हर इंडियन मार्शल आर्टिस्ट की कद्र होगी। सवाल: धलसिम के गंजे लुक पर घरवालों और दोस्तों का क्या रिएक्शन था? जवाब: मैं तो हैरान हूं कि सबको गंजे आदमी पसंद आ रहे हैं! मैं अपने सभी गंजे दोस्तों से कह रहा हूं- ‘तुम लोग बाल क्यों उगा रहे हो?’ जो गेमर्स हैं, वो जानते हैं कि ढालसिम के बाल नहीं हो सकते क्योंकि वो योगी है। जो गेमर्स नहीं हैं, उन्हें सिर्फ एंटरटेनमेंट दिख रहा है। किसी ने बहुत प्यारा कमेंट किया- ‘क्यूट लग रहे हो।’ मुझे समझ नहीं आया कि गंजा आदमी क्यूट कैसे लग सकता है, लेकिन लोगों ने कहा तो ठीक है! सवाल: हर फिल्म के साथ फैंस की उम्मीदें बढ़ती हैं। क्या इसका दबाव महसूस होता है? जवाब: कोई जिम्मेदारी नहीं है। जिम्मेदारी आपकी खुद की तरफ होती है कि आप सही काम करें, खुश रहें और खुद को निखारते रहें। शूटिंग के दौरान भी मैं यही सोचता था कि मैं अपनी मार्शल आर्ट्स की वजह से यहां तक पहुंचा हूं। अब ये इम्तिहान का वक्त है और मुझे अपना बेस्ट देना है। बस यही जिम्मेदारी थी। सवाल: टाइगर श्रॉफ के साथ आपकी अगली फिल्म को लेकर काफी एक्साइटमेंट है। दोनों साथ आए तो स्क्रीन पर क्या होने वाला है? जवाब: टाइगर और मैं अभी एक फिल्म पर काम कर रहे हैं। उसे जानने के बाद पता चला कि हम दोनों में जो क्षमता है, जब वो फिल्म आएगी तो सच में कमाल होगा। आज तक हमें कोई ऐसा डायरेक्टर नहीं मिला जो हम दोनों को हमारी काबिलियत से भी आगे ले जा सके। इसलिए मैं इस जोड़ी को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं।
मुंबई की एक स्कूल गर्ल ने 13-14 साल की उम्र में फिल्म साइन की थी। शायद उन्हें भी नहीं पता था कि कैमरे के सामने खड़े होने का यह फैसला उन्हें भारतीय सिनेमा की लंबे समय तक टिकने वाली अभिनेत्रियों में शामिल कर देगा। शुरुआत आसान नहीं थी। पहली फिल्म नहीं चली, साउथ में नई भाषा और माहौल से जूझना पड़ा। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें एक सीन करने में असहजता जताने पर फिल्म से रिप्लेस कर दिया गया। सेट पर उनके सामने कहा गया- ‘हीरोइन बदल दो।’ लेकिन तमन्ना पीछे नहीं हटीं। उन्होंने अपनी सीमा से समझौता नहीं किया और उस घटना को आत्मविश्वास पर हावी नहीं होने दिया। हैप्पी डेज और कल्लूरी से पहचान मिली, अयान और ‘100 प्रतिशत लव’ ने उन्हें मजबूत अभिनेत्री के तौर पर स्थापित किया। 2015 की बाहुबली: द बिगिनिंग ने उन्हें देशभर के दर्शकों तक पहुंचा दिया। दो दशक से ज्यादा के करियर के बाद तमन्ना सफलता को अवॉर्ड या किसी एक ब्लॉकबस्टर से नहीं, बल्कि लगातार काम और नए किरदार निभाने के मौकों से जोड़ती हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में तमन्ना भाटिया के करियर से जुड़ी कुछ और खास बातें 13 साल की उम्र में साइन की पहली फिल्म तमन्ना भाटिया का जन्म 21 दिसंबर 1989 को मुंबई में सिंधी मूल के पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता संतोष भाटिया डायमंड मर्चेंट हैं। उनकी परवरिश और पढ़ाई-लिखाई मुंबई में हुई। तमन्ना 13 साल की उम्र से पृथ्वी थिएटर से जुड़ गई थीं और स्टेज परफॉर्म किया करती थीं। एक्टिंग के हुनर से उन्होंने कम उम्र में पहचान बना ली थी। 2005 में उन्होंने हिंदी फिल्म ‘चांद सा रोशन चेहरा’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। फिल्म साइन करते वक्त उनकी उम्र करीब 13.5 साल थी। प्रमोशन के दौरान वह 15 साल की थीं और दसवीं की परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी। इसके बाद तमन्ना के लिए काम पाना मुश्किल हो रहा था। करियर में बड़े बदलाव के लिए उन्होंने साउथ सिनेमा का रुख किया। डायरेक्टर-प्रोड्यूसर का कहना था- तुम लड़कों जैसे चलती हो। करियर के शुरुआती दिनों के बारे में तमन्ना ने कहा था कि उन्हें इंडस्ट्री में आए ज्यादा समय नहीं हुआ था। तब एक डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ने उनसे कहा था- तुम एक्ट या डांस लड़कों से जैसे करती हो। अपने एक्ट में लड़कियों जैसी लचक लाओ। तमन्ना ने आगे कहा था- मैं तब भी लड़कियों जैसी ही चलती थी, लेकिन उनके कहने के बाद मैंने और मेहनत की। हिंदी फिल्म नहीं चली तो साउथ में शुरू हुआ असली संघर्ष 2005 में तमन्ना ने तेलुगु फिल्म श्री से साउथ सिनेमा में एंट्री की और 2006 में तमिल फिल्म केडी में नजर आईं। उस समय वह ऐसी इंडस्ट्री में काम कर रही थीं, जिसकी भाषा और संस्कृति उनके लिए नई थी। तमन्ना ने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्हें साउथ इंडियन सिनेमा के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्हें बस एक्टिंग करनी थी। उन्होंने कहा था कि उस समय सफलता की गणना के बजाय उनका ध्यान काम करते रहने और सीखने पर था। यहां उनका संघर्ष सिर्फ फिल्मों के ऑडिशन या रिजेक्शन तक सीमित नहीं था। उन्हें नई भाषाएं सीखनी थीं, नए निर्देशकों के साथ काम करना था और ऐसे माहौल में खुद को साबित करना था, जहां वह बाहर से आई कलाकार थीं। तमन्ना के मुताबिक, साउथ सिनेमा में काम करने से उन्हें फिल्मों में मौके ही नहीं मिले, बल्कि अलग संस्कृति और भाषाओं को समझने का अनुभव भी मिला। बाद में वह तमिल और तेलुगु दोनों भाषाओं में काम करने लगीं। सेट पर मिला सबसे बड़ा झटका- ‘हीरोइन बदल दो’ तमन्ना के शुरुआती करियर का सबसे चौंकाने वाला किस्सा वह है, जब कम उम्र में उन्हें एक फिल्म के सेट पर अपनी बात रखने की कीमत चुकानी पड़ी। तमन्ना ने द लल्लनटॉप के ‘न्यूजरूम’ में बताया था कि वह साउथ के एक बड़े स्टार के साथ फिल्म कर रही थीं। एक सीन को लेकर वह सहज नहीं थीं। उन्होंने साफ कहा कि वह सीन नहीं करना चाहतीं। तमन्ना के मुताबिक, सीन इंटीमेट नहीं था, लेकिन उसमें कुछ ऐसा था जिसे करने में वह सहज महसूस नहीं कर रही थीं। उन्होंने अपनी बात रखी तो सामने से जवाब मिला- ‘हीरोइन बदल दो।’ एक नई और कम उम्र की अभिनेत्री के लिए यह बड़ा झटका हो सकता था। उस समय डर हो सकता था कि अगर एक फिल्म हाथ से निकल गई तो आगे क्या होगा। लेकिन तमन्ना ने इस घटना को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। तमन्ना ने बाद में कहा कि उन्हें उस समय के रिएक्शन पर गर्व है। उन्होंने न अपना आपा खोया और न यह सोचकर टूट गईं कि रिप्लेस किए जाने के बाद उनका करियर खत्म हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में वही लोग उनका सम्मान करते हैं, क्योंकि उन्होंने दबाव में समझौता नहीं किया। तमन्ना ने सीखा- अपनी बात रखने के लिए शोर मचाना जरूरी नहीं इस घटना से तमन्ना ने एक महत्वपूर्ण बात सीखी। उनके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति आपके साथ गलत व्यवहार करता है तो जरूरी नहीं कि आप भी उसी तरह प्रतिक्रिया दें। उन्होंने कहा कि बिना चिल्लाए, बिना लड़ाई किए और बिना व्यवहार खराब किए भी अपनी बात पर कायम रहा जा सकता है। उनके शब्दों में, कई बार आक्रामकता से ज्यादा ताकत शांति में होती है। ‘हैप्पी डेज’ ने बदली तस्वीर, ‘कल्लूरी’ ने तमिल सिनेमा में पहचान दिलाई 2007 तमन्ना के करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। इसी साल तेलुगु में हैप्पी डेज और तमिल में कल्लूरी रिलीज हुईं। दोनों फिल्मों में उन्होंने कॉलेज स्टूडेंट के किरदार निभाए और युवा दर्शकों के बीच पहचान बनाई। हैप्पी डेज की सफलता ने तेलुगु सिनेमा में उनकी स्थिति मजबूत की, जबकि कल्लूरी ने तमिल दर्शकों के बीच पहचान दी। तमन्ना ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें आज भी कल्लूरी और हैप्पी डेज जैसे शुरुआती कामों को याद किया जाना वैलिडेटिंग लगता है। उनके लिए सिर्फ बॉक्स ऑफिस सफलता महत्वपूर्ण नहीं रही, बल्कि ज्यादा मायने रखता है कि दर्शक वर्षों बाद भी उनके किरदारों को याद करते हैं। ‘अयान’ और ‘100 प्रतिशत लव’ ने बनाई मजबूत पहचान 2009 में तमन्ना को तमिल सिनेमा की अयान जैसी सफल फिल्म मिली। इसके बाद ‘100 प्रतिशत लव’ ने उनके करियर को और मजबूती दी। ‘100 प्रतिशत लव’ के बाद तमन्ना ने माना था कि वह फिल्म इंडस्ट्री को ज्यादा गंभीरता से देखने लगी थीं। इससे पहले वह लगातार काम कर रही थीं, लेकिन इस दौर में उन्हें करियर को लेकर चुनाव करने की जरूरत महसूस होने लगी। यहीं से तमन्ना के करियर में बदलाव आया। उन्होंने एक ही तरह के किरदारों को दोहराने के बजाय अलग-अलग भूमिकाएं चुनने पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा था कि इस इंडस्ट्री में करियर को पूरी तरह प्लान नहीं किया जा सकता, क्योंकि यहां अनिश्चितता बहुत है। इसलिए रणनीति भी बदलती रहनी चाहिए और कोशिश होनी चाहिए कि वह खुद को दोहराएं नहीं। असफल फिल्मों के दौर में भी तमन्ना ने जारी रखा कामयाबी का सिलसिला तमन्ना की कहानी को सिर्फ हिट फिल्मों की कहानी कहना अधूरा होगा। उनके करियर में कई ऐसी फिल्में भी आईं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। अनंद तांडवम, एंडुकांटे प्रेमंता, हिम्मतवाला, हमशकल्स और आगाडु जैसी फिल्मों को वह सफलता नहीं मिली, जिसकी उम्मीद थी। खासकर हिंदी सिनेमा में हिम्मतवाला और हमशकल्स के बाद सवाल था कि क्या वह बॉलीवुड में अपनी जगह स्थायी तौर पर बना पाएंगी। लेकिन तमन्ना का जवाब किसी बयान से नहीं, बल्कि लगातार काम करने से आया। वह साउथ में काम करती रहीं, हिंदी फिल्मों में लौटती रहीं और धीरे-धीरे ऐसा करियर तैयार करती गईं, जिसमें एक इंडस्ट्री की सफलता दूसरी इंडस्ट्री के अवसरों का रास्ता खोलती रही। 2015- ‘बाहुबली’ बनी करियर की सबसे बड़ी टर्निंग पॉइंट फिर आया 2015 एसएस राजामौली की बाहुबली: द बिगिनिंग में तमन्ना ने अवंतिका का किरदार निभाया। फिल्म सिर्फ बड़ी हिट नहीं बनी, बल्कि भारतीय सिनेमा की चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई। इस फिल्म ने तमन्ना को उन दर्शकों तक पहुंचाया, जो शायद उनके पहले के तमिल और तेलुगु काम से परिचित नहीं थे। तमन्ना बाहुबली को अपने करियर का गेम चेंजर मानती हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि बाहुबली ने उनके नजरिए को व्यापक किया और इसके बाद उनके करियर का बड़ा हिस्सा खुद को लगातार रीइन्वेंट करने की कोशिश रहा। बाहुबली के बाद 2017 में बाहुबली 2: द कन्क्लूजन ने उस पहचान को और बड़ा कर दिया। अब तमन्ना सिर्फ साउथ की अभिनेत्री नहीं थीं, बल्कि देशभर में पहचाना जाने वाला नाम बन चुकी थीं। ‘सफलता’ की तमन्ना की परिभाषा अलग है आज जब तमन्ना अपने करियर को पीछे मुड़कर देखती हैं तो सफलता का पैमाना सिर्फ अवॉर्ड, बॉक्स ऑफिस या किसी एक सुपरहिट फिल्म को नहीं मानतीं। उनके लिए सबसे बड़ी सफलता है कि एक कलाकार को दोबारा मौका मिले। तमन्ना का मानना है कि आज के दौर में अगर दर्शक किसी कलाकार को अलग-अलग किरदारों में बार-बार देखना चाहते हैं, तो यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। यही वजह है कि वह खुद को किसी एक बॉक्स में बंद नहीं मानतीं। उन्होंने कहा, “मैं आज खुद को किसी तरह के बॉक्स में बंधा हुआ महसूस नहीं करती। मुझे लगता है कि मैं किसी भी तरह का किरदार कर सकती हूं।” यह बात उनके करियर पर भी फिट बैठती है। कॉलेज गर्ल से लेकर कमर्शियल फिल्मों की हीरोइन, गंभीर किरदारों से लेकर डांस नंबर और ओटीटी प्रोजेक्ट्स तक- तमन्ना ने खुद को एक ही छवि में कैद नहीं होने दिया। ‘अभी पहली बार खुद को सबसे ज्यादा फ्री महसूस कर रही हूं’ तमन्ना के करियर के मौजूदा दौर की खासियत यही है कि अब उन्हें किसी एक तरह की भूमिका के साथ नहीं जोड़ा जाता। एक समय था जब किसी अभिनेत्री की खास इमेज बन जाती थी और उससे बाहर निकलना मुश्किल होता था। तमन्ना ने इस दबाव को धीरे-धीरे तोड़ा। उन्होंने कहा कि आज वह अपने करियर में पहली बार खुद को ज्यादा फ्री महसूस कर रही हैं। अब उन पर किसी खास तरह के रोल करने की बाध्यता नहीं है। दर्शकों ने उन्हें अलग-अलग तरह के काम में स्वीकार किया है। यही स्वीकार्यता उन्हें नए किरदारों और प्रयोगों की आजादी देती है। ‘करियर की सबसे मुश्किल चीज थी- टिके रहना’ दो दशक से ज्यादा लंबे करियर के बारे में जब तमन्ना से पूछा गया कि सबसे मुश्किल क्या रहा, तो उनका जवाब सीधा था- ‘स्टेइंग पुट’ यानी टिके रहना। किसी फिल्म का चलना मुश्किल नहीं, बल्कि हर उतार-चढ़ाव के बाद अगली सुबह फिर सेट पर पहुंचना मुश्किल होता है। किसी अभिनेता को एक हिट मिल सकती है, लेकिन उसके बाद लगातार काम मिलना, खुद को दोहराने से बचना, असफलताओं से निकलना और दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाए रखना कहीं ज्यादा कठिन है। तमन्ना के करियर में यही लगातार बने रहने की क्षमता सबसे बड़ा फैक्टर रही है। उन्होंने यह भी माना कि हर दिन अच्छा नहीं होता। लेकिन अगर किसी कलाकार को लंबे समय तक इस इंडस्ट्री में रहना है तो उसे टिके रहना सीखना होगा। तमन्ना के लिए यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि उन्हें अपने काम से प्यार है। एक्टिंग और परफॉर्म करने का जुनून उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा। ‘आज की रात’ से फिर दिखा डांस का जलवा तमन्ना की पैन-इंडिया लोकप्रियता का एक और बड़ा अध्याय स्त्री 2 के गाने आज की रात से जुड़ा है। यह गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया। तमन्ना के डांस और स्क्रीन प्रेजेंस की खूब चर्चा हुई। इस गाने के पीछे उनकी मेहनत भी कम नहीं थी। तमन्ना ने बताया कि उन्होंने लगभग 15 से 20 दिन इसकी रिहर्सल की थी। कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने उनके शरीर और क्षमता के हिसाब से स्टेप्स तैयार किए थे, ताकि मूवमेंट उनके लिए नैचुरल और प्रभावी लगे। खास बात यह है कि तमन्ना खुद मानती हैं कि वह पारंपरिक अर्थों में ट्रेंड डांसर नहीं हैं। इसलिए कोरियोग्राफर का कलाकार की क्षमता समझकर काम करना महत्वपूर्ण था। गाने की शूटिंग भी आसान नहीं थी। आज की रात की शूटिंग लगभग 5 डिग्री तापमान में हुई थी और तमन्ना ने इसे अपने जन्मदिन पर शूट किया था। उन्होंने इसे खास अनुभव बताया और कहा था कि किसी कलाकार के लिए काम करते हुए जन्मदिन मनाना बड़ी खुशी की बात है। विजय गांगुली को नेशनल अवॉर्ड मिलने पर तमन्ना ने जताई खुशी 2026 में आज की रात के कोरियोग्राफर विजय गांगुली को इस गाने के लिए बेस्ट कोरियोग्राफी का नेशनल अवॉर्ड मिला। गांगुली ने अवॉर्ड के बाद तमन्ना की तारीफ करते हुए कहा कि अगर उन्होंने इतनी शानदार परफॉर्मेंस नहीं दी होती तो कोरियोग्राफी वैसी नहीं दिखती। उन्होंने इसे पूरी टीम की मेहनत बताया। तमन्ना ने भी गांगुली के काम की तारीफ की है। उनका मानना है कि क्रिएटिव काम में ईगो को अलग रखना जरूरी है। असली बात यह है कि कलाकार अपने काम के सामने कितना सरेंडर और कितनी ईमानदारी से अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकता है। यह सोच तमन्ना के करियर पर भी लागू होती है। उन्होंने हर दौर में खुद को बदलने की कोशिश की है। ‘अभी मेरा सफर खत्म नहीं हुआ’ 20 साल से ज्यादा समय तक फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के बाद भी तमन्ना को लगता है कि उनके सफर को कुछ मिनटों में सेलिब्रेट करके खत्म नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, अभी बहुत काम बाकी है। तमन्ना की फिल्म 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' हाल में रिलीज हुई है। तमन्ना ने बताया कि सिनेमाघरों में दर्शक इस फिल्म को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि एक पर्व की तरह देख रहे हैं। लोग थिएटर में पॉपकॉर्न छोड़कर ठेकुआ बांट रहे हैं और जूते-चप्पल बाहर उतारकर हॉल में जा रहे हैं। ____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. डॉक्टर बनने का मौका छोड़ा, ट्रेनों में गाकर पैसे कमाए:‘विक्की डोनर’ से बदली किस्मत, आयुष्मान खुराना बोले- रिस्क लेकर यहां तक पहुंचा हूं आयुष्मान खुराना आज बॉलीवुड के उन एक्टर्स में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी अलग तरह की फिल्मों से इंडस्ट्री में पहचान बनाई। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। चंडीगढ़ से निकले आयुष्मान ने थिएटर किया, रेडियो जॉकी बने, एमटीवी पर वीजे रहे और कई ऑडिशन दिए। उन्हें इंडियन आइडल-2 में भी रिजेक्शन मिला।पूरी खबर पढ़ें..
रामनगर में कॉर्बेट प्रशासन की ओर से आयोजित लिटरेचर फेस्टिवल के आखिरी दिन मशहूर गायक जुबिन नौटियाल पहुंचे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रकृति, वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने का बेहतर माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति को बचाने की जिम्मेदारी केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की है। डॉ. साकेत बडोला के कहने पर फेस्टिवल में पहुंचे जुबिन नौटियाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने उन्हें लिटरेचर फेस्टिवल के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि आयोजन में अच्छे फोटोग्राफर और स्टोरीटेलर शामिल हो रहे थे। इस पहल से प्रभावित होकर उन्होंने तुरंत कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला किया। कॉर्बेट को बताया उत्तराखंड और देश की पहचान जुबिन नौटियाल ने कॉर्बेट नेशनल पार्क को उत्तराखंड के साथ ही पूरे देश की पहचान बताया। उन्होंने डॉ. साकेत बडोला और उनकी टीम की ओर से वन्यजीव और प्रकृति संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट से पूरे देश को सीखने की जरूरत है। बोले- बेवजह के मुद्दों पर नहीं, प्रकृति पर ध्यान दें जुबिन नौटियाल ने कहा कि कई बार समाज ऐसे मुद्दों पर आपस में लड़ता है, जो उतने महत्वपूर्ण नहीं होते। असली मुद्दा प्रकृति और पर्यावरण है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को सुरक्षित रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए समाज के हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल को इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया। नाना पाटेकर के निधन पर जताई संवेदना फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर जुबिन नौटियाल ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नाना जी ने उन्हें हमेशा बहुत प्यार और अपनापन दिया। जुबिन ने कहा कि छोटे शहरों से मुंबई पहुंचने वाले कलाकारों के लिए जब बड़े कलाकार प्यार और गर्मजोशी से बात करते हैं तो उन्हें लगता है कि वे भी इस दुनिया का हिस्सा हैं। जुबिन नौटियाल ने नाना पाटेकर के परिवार, उनके प्रशंसकों और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति है।
बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी गुरुवार को उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पहुंचीं। सबसे पहले उन्होंने केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्राद्ध पक्ष के अवसर पर उन्होंने अपने पूर्वजों की स्मृति में विशेष पूजा भी कराई और बाबा केदार का आशीर्वाद लिया। केदारपुरी की आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता से हुईं अभिभूत तीर्थ पुरोहित हिमांशु तिवारी ने रानी मुखर्जी को विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान अभिनेत्री ने केदारनाथ धाम में काफी समय बिताया और तीर्थ पुरोहितों से बातचीत की। उन्होंने केदारपुरी की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण की भी तारीफ की। रानी मुखर्जी ने कहा कि बाबा केदार की नगरी स्वर्ग के समान है और यहां पहुंचकर मन को शांति का अनुभव होता है। पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रा व्यवस्थाओं की ली जानकारी पूजा के दौरान रानी मुखर्जी ने केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रा व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली। तीर्थ पुरोहित के मुताबिक, अभिनेत्री धाम के आध्यात्मिक वातावरण और हिमालयी सुंदरता को देखकर काफी प्रसन्न नजर आईं। केदारनाथ पहुंचने की खबर के बाद उनके प्रशंसकों और स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता देखने को मिली। बदरीविशाल के दरबार में पहुंचकर की पूजा-अर्चना केदारनाथ के बाद रानी मुखर्जी बदरीनाथ धाम पहुंचीं। यहां उन्होंने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से अभिनेत्री का स्वागत किया गया। समिति पदाधिकारियों ने उन्हें बदरीविशाल और बाबा केदार का प्रसाद भेंट किया। दोनों धामों की आध्यात्मिक अनुभूति को बताया अद्भुत रानी मुखर्जी ने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की आध्यात्मिक अनुभूति और प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार की ओर से केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी तारीफ की। बद्रीनाथ में प्रभारी अधिकारी राजन नैथानी, प्रोटोकॉल अधिकारी राकेश सेमवाल, मंदिर अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ समेत योगंबर नेगी, राहुल नेगी, वैभव उनियाल, राकेश झिंक्वाण और विकास सनवाल मौजूद रहे।
नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट आया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 45 मिनट तक CPR दी गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। नाना अपने पीछे फिल्मों के साथ कई ऐसे किस्से छोड़ गए, जिनसे उनकी जिंदगी के संघर्ष और रिश्तों की झलक मिलती है। दिसंबर 2024 में दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपने पिता के साथ रिश्ते को लेकर बात की थी। नाना ने बचपन में वह खुद को दूसरों से कमतर समझते थे। उन्हें लगता था कि वह दिखने में अपने दोनों भाइयों से कम अच्छे हैं। इसी वजह से उनके मन में यह बात भी बैठ गई थी कि उनके पिता बाकी भाइयों को उनसे ज्यादा प्यार करते हैं। बचपन में नाना गांव और आसपास होने वाले नाटकों में हिस्सा लेते थे। एक बार उन्होंने (वाल्मीकि) नाटक में काम किया। खास बात यह थी कि उनका अभिनय देखने के लिए उनके पिता मुंबई से गांव आए थे। नाना के लिए यह पल बेहद खास था। उन्हें महसूस हुआ कि उनके पिता को भी उनकी कला पर गर्व है। इसी अनुभव ने उनके मन में पिता को लेकर बनी गलतफहमी को काफी हद तक दूर कर दिया। आखिरी दिनों में नाना से गहरी दोस्ती हो गई थी नाना ने बताया था कि पिता के आखिरी दिनों में दोनों के बीच रिश्ता बहुत गहरा हो गया था। उनके पिता कभी उनका हाथ पकड़कर कहते थे कि उन्हें हमेशा लगता रहा कि नाना के मन में यह बात होगी कि भाइयों से उन्हें ज्यादा प्यार मिला। नाना ने कहा था कि उन्हें पिता से कोई शिकायत नहीं थी। हालांकि, उन्हें जिंदगी भर इस बात का दुख रहा कि जब पिता का निधन हुआ, तब वह उनके लिए कुछ कर नहीं पाए। उनके पिता का निधन कॉरपोरेशन के अस्पताल में हुआ था और इलाज के लिए दवाइयों के पैसे की जरूरत थी। उस वक्त नाना के दोस्तों ने उनकी आर्थिक मदद की थी। ...........… यह खबर भी पढ़ें… रेपिस्ट के रोल पर नाना ने डायरेक्टर को गालियां दीं:'परिंदा' के क्लाईमैक्स में आग से झुलसे, आर्मी जॉइन करने के लिए रक्षामंत्री को फोन किया नाना पाटेकर ने अपने करीब पांच दशक के करियर में कई यादगार किरदार निभाए थे। नाना अपने बेबाक और गुस्सैल अंदाज के लिए भी जाने जाते थे। एक बार डायरेक्टर रवि चोपड़ा ने उन्हें फिल्म में रेपिस्ट का रोल ऑफर किया तो नाना भड़क गए और उन्हें गालियां तक दे दीं। बाद में स्मिता पाटिल के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और नाना को फिल्म में अहम विलेन का किरदार मिला। (परिंदा) की शूटिंग के दौरान भी उनका डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा से विवाद हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड के सुपरस्टार नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित घर में कार्डियक अरेस्ट हुआ। मणिपाल अस्पताल के डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक नाना पाटेकर का सुबह 5:20 बजे निधन हुआ। घटना के वक्त नाना के साथ घर पर परिवार का कोई सदस्य नहीं था। उनके दोस्त और केयरटेकर मौजूद थे। अब शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। नाना पाटेकर पंजाबियों को बहुत पसंद करते थे। 17 साल पहले वह पंजाब में शूटिंग कर रहे थे तो उन्होंने पंजाबी सीखी। उन्होंने कहा था कि पंजाबी उन्हें बहुत पसंद हैं। चंडीगढ़ में वेलकम की शूटिंग के दौरान उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर के किसान पिता की बाइपास सर्जरी के लिए तुरंत 3 लाख रुपए दे दिए थे। इसके अलावा नाना पाटेकर जनवरी 2018 में पत्नी नीलकांति पाटेकर के साथ अमृतसर आए थे। यहां उन्होंने गोल्डन टेंपल में माथा टेका। यह गोल्डन टेंपल के दर्शन के बाद नाना ने कहा था- रब का शुक्र है कि जीते जी मुझे गोल्डन टेंपल में माथा टेकने का मौका मिला इस दौरान उन्होंने गोल्डन टेंपल की पूरी परिक्रमा की और फिर लंगर हॉल में जूठे बर्तन भी मांजे थे। इसके बाद जब वे फिर अमृतसर आए तो वाघा बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी में भी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने BSF की नशा विरोधी दौड़ में भी हिस्सा लिया था। नाना ने कहा था- ऐसी शांति कहीं नहीं मिलीनाना पाटेकर ने गोल्डन टेंपल के दर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मुझे यहां आकर बहुत शांति मिली है, ऐसी शांति मैंने कभी कहीं और महसूस नहीं की। यहां के लोगों की सेवा और श्रद्धा देखकर मैं बहुत हैरान हूं। मैं सोच रहा हूं कि मैं पहले कभी यहां क्यों नहीं आया। यहां कोई छोटा-बड़ा या किसी तरह का भेदभाव नहीं है। अगर पूरा देश इस बात को समझ ले और अपनी जिंदगी में अपना ले तो हमारा देश सोने जैसा बन जाएगा। नाना पाटेकर ने पंजाब में शूटिंग के दौरान पंजाबी सीखी थीसाल 2009 में एक: द पॉवर ऑफ वन की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर चंडीगढ़ और पंजाब में शूटिंग कर रहे थे। फिल्म में उन्हें CBI अधिकारी का किरदार निभाना था और उनके कई सीन पंजाब में लोगों से बातचीत करते हुए थे। अपने मराठी लहजे के बावजूद संवादों को पंजाबी अंदाज में बोलने के लिए उन्होंने बाकायदा स्थानीय पंजाबी महिलाओं से पंजाबी एक्सेंट सीखने की कोशिश की थी। उस दौरान एक रिपोर्ट में नाना ने कहा था कि मुझे पंजाबी पसंद हैं। मेरे पिता भी फर्राटेदार पंजाबी बोलते थे, क्योंकि टेक्सटाइल प्रिंटिंग के कारोबार में उनका रोजाना पंजाबियों से संपर्क रहता था। नाना पाटेकर को खेती-किसानी भी खूब पसंद थी। उन्होंने चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मैं प्रकृति के करीब रहना पसंद करता हूं और “दिल से किसान” हूं। चंडीगढ़ में असिस्टेंट डायरेक्टर के पिता को तुरंत मदद दीसाल 2007 में फिल्म ‘वेलकम’ की शूटिंग के दौरान नाना को पता चला कि यूनिट के एक असिस्टेंट डायरेक्टर बिट्टू चंडोक के चाचा अवतार सिंह चंडीगढ़ में रहते हैं और किसान हैं। वह गंभीर रूप से बीमार थे और बाईपास सर्जरी के लिए करीब 3 लाख रुपये की जरूरत थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नाना ने तुरंत 3 लाख रुपये का चेक दे दिया था। नाना ने इस मदद को ‘दान’ मानने से भी इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि अवतार सिंह उनके पिता की उम्र के हैं, इसलिए यह ऐसा था जैसे वह अपने पिता के लिए कुछ कर रहे हों। उन्होंने यह भी कहा था कि एक समय उनके पास कुछ नहीं था और जो कुछ उनके पास है, वह लोगों की वजह से है।
आमतौर पर मां-बाप अपने बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल या वीडियो गेम खेलने से रोकते हैं, लेकिन चीन की 60 वर्षीय झोंग जुआनजुआन की कहानी कुछ अलग है। कभी वह अपने बेटे को गेम खेलने से रोकने के लिए इंटरनेट कैफे तक पहुंच जाती थीं, लेकिन आज वही गेमिंग उनकी पहचान बन चुकी है। इंटरनेट की दुनिया में वह ‘आंटी जुआन’ के नाम से मशहूर हैं और हजारों लोग उन्हें लाइव गेम खेलते हुए देखना पसंद करते हैं।
न दुकानदार, न CCTV और न ताला… मिजोरम के गांवों में भरोसे से चलती हैं ये अनोखी दुकानें
आज के समय में किसी दुकान की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, ताले और दुकानदार की मौजूदगी आम बात है।
प्रसाद समझकर 3 तोले की सोने की चेन निगल गया बैल, 15 दिन बाद सर्जरी से निकली
महाराष्ट्र के मालेगांव तालुका के वनपत गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
कभी घर-घर पहुंचाता था पिज्जा, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत से बदली इस भारतीय की जिंदगी
कहते हैं कि अगर इंसान में मेहनत करने और आगे बढ़ने का जुनून हो, तो मुश्किल हालात भी उसके रास्ते को ज्यादा लंबे समय तक नहीं रोक सकते।
मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग
तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं
सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।
ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी
धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

