डिजिटल समाचार स्रोत

...

सुष्मिता मुखर्जी बोलीं- मजबूरी में आत्मा बेची, बुरा लगता है:सी-ग्रेड फिल्में करने पर अफसोस जताकर कहा- तब कर्ज लेने वाले घर आकर गालियां देते थे

कोलकाता में जन्मीं एक्ट्रेस सुष्मिता मुखर्जी ने अपने करियर के उस दौर को याद किया है, जब उन्हें मजबूरी में सी-ग्रेड फिल्मों में काम करना पड़ा था। फिलहाल 'जगन्नाथ और पूर्वी की दोस्ती अनोखी' सीरियल में नजर आ रहीं सुष्मिता ने एक इमोशनल वीडियो में अपने संघर्षों पर खुलकर बात की है। मजबूरी में लिए थे गलत फैसले सुष्मिता ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा कि उन फिल्मों में काम करना उनके लिए बेहद परेशान करने वाला था, जो महिलाओं का अपमान करती थीं। उन्होंने कहा, 'भगवान का शुक्र है कि मैंने सिर्फ खराब फिल्में चुनी थीं, पोर्नोग्राफी नहीं की। क्या मैंने अपनी आत्मा बेच दी? हां, मैंने अपनी आत्मा बेच दी। मुझे तब भी अच्छा नहीं लगा था और अब भी नहीं लगता, लेकिन यह मेरी मजबूरी थी।' 2002 में दिवालिया हो गई थी प्रोडक्शन कंपनी एक्ट्रेस ने बताया कि 1983 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पासआउट होने के बाद उनके जीवन में एक ऐसा दौर आया जब उन्हें ये फैसले लेने पड़े। साल 2002 में सुष्मिता और उनके पति की मीडिया कंपनी 'प्रयास प्रोडक्शन' पर एक करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था। उस समय टेक्नोलॉजी के नए दौर और एंजेल इन्वेस्टमेंट की जानकारी न होने के कारण उनकी कंपनी के साथ-साथ ट्रैक सिनेमा और अनिल चौधरी प्रोडक्शन भी दिवालिया हो गए थे। रिकवरी वाले घर आकर देते थे गालियां सुष्मिता ने बताया कि वह समय बहुत बुरा था। कर्ज देने वाले और रिकवरी एजेंट उनके घर आते थे और गालियां देते थे। उस वक्त उनके बच्चे बहुत छोटे थे, इसलिए उन्हें कर्ज चुकाने के लिए हर तरह का काम करना पड़ा। उन्होंने और उनके पति ने तीन-चार साल तक कड़ी मेहनत की ताकि वे एक करोड़ का कर्ज चुका सकें। बेटी की पढ़ाई के लिए भी थी पैसों की जरूरत आर्थिक दबाव का एक बड़ा कारण उनकी बेटी की पढ़ाई भी थी। सुष्मिता ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में अच्छी थी, इसलिए उन्होंने उसे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भेजने का फैसला किया। हालांकि उनके पति इसके पक्ष में नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को विदेश भेजा। उसकी पढ़ाई काफी महंगी थी, जिसके लिए उन्हें लगातार पैसे कमाने थे। फैसलों पर नहीं है कोई पछतावा सुष्मिता ने 1978 में फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा से शादी की थी, जिससे बाद में उनका तलाक हो गया। इसके बाद 1993 में उन्होंने एक्टर और राजनेता राजा बुंदेला से दूसरी शादी की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने फैसलों पर कोई पछतावा नहीं है क्योंकि उन्होंने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी और वे आज अपने पैरों पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब वह वही काम करती हैं जो उनके दिल को छूता है। उन्हें अब सम्मान भी मिलता है और वह अपनी कमाई से खुश हैं।

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 4:02 pm

असम में नाबालिग से रेप, आरोपियों पर भड़कीं देवोलीना:कहा- ऐसे दरिंदों को फांसी दो, CM हिमंत सरमा से मांग की

असम के हैलाकांदी जिले में 16 साल की लड़की से रेप और हत्या के मामले में टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए देवोलीना ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से सभी आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी देने की अपील की है। पीड़िता के परिवार ने भी आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर फांसी की सजा देने की गुहार लगाई है। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता के प्रेमी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। CM को टैग कर कहा- अपराधियों को बख्शा न जाएअभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर इस घटना को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को टैग करते हुए लिखा कि इन अपराधियों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाए जो समाज में एक कड़ा उदाहरण बने। उन्होंने मांग की कि आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए ताकि राज्य में कोई भी अपराधी बचकर न निकल सके। देवोलीना ने अपराधियों को इंसानियत के नाम पर कलंक बताया। घर में खून से लथपथ मिली नाबालिग घटना 1 अगस्त की रात की है। पीड़िता का परिवार पास ही एक रिश्तेदार के कार्यक्रम में गया हुआ था। कार्यक्रम के दौरान चचेरे भाई से कहासुनी होने के बाद लड़की रात करीब 10:30 बजे अकेले घर लौट आई। परिजन यह सोचकर रुक गए कि खाना खाकर उसके लिए भी भोजन ले जाएंगे। जब वे घर पहुंचे, तो बेटी खून से लथपथ हालत में मिली। गंभीर चोटों के कारण उसकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। प्रेमी ने दो साथियों के साथ रची साजिशपुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी का पीड़िता के साथ प्रेम प्रसंग था। उसे शक था कि लड़की का किसी अन्य व्यक्ति से भी रिश्ता है। इसी बात का बदला लेने और सबक सिखाने के लिए उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस अपराध की योजना बनाई। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की उम्र 17 से 19 साल के बीच है। ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें महिलाओं पर आतंकी हमले से भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी:नाइजीरिया में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं की हत्या की, एक्ट्रेस बोलीं- इन राक्षसों के लिए नरक में जगह साथ निभाना साथिया' में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने नाइजीरिया में महिलाओं पर हुए आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के साथ काफी क्रूरता की, जिसे देखकर एक्ट्रेस ने इन हमलावरों को 'राक्षस' और 'शैतान' करार दिया है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 2:53 pm

Aryabhatt Ka Zero Movie Review | उम्मीद, संघर्ष और आत्मसम्मान की इमोशनल कहानी, हिमांश कोहली और नीरज सूद का दमदार अभिनय

भारतीय सिनेमा में असफलता के बाद फिर से उठ खड़े होने और अपनी पहचान तलाशने की कहानियों की हमेशा से एक खास जगह रही है। कमल चंद्रा के निर्देशन में बनी फिल्म 'आर्यभट्ट का ज़ीरो' एक ऐसे ही मध्यमवर्गीय युवा के बिखरने और खुद को फिर से संवारने की कहानी है। हिमांश कोहली और सोनाली सहगल स्टारर यह फिल्म केवल UPSC की तैयारी या दिल टूटने का ड्रामा नहीं है, बल्कि यह एक बेटे की अपने पिता का सम्मान पाने और समाज द्वारा थपेड़े गए 'ज़ीरो' के टैग को मिटाने की इमोशनल जद्दोजहद है। कहानी और प्लॉट फिल्म की कहानी उत्तराखंड के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव यानी 'बग्गू' (हिमांश कोहली) के इर्द-गिर्द घूमती है। बग्गू के पिता आर्यभट्ट श्रीवास्तव (नीरज सूद) एक सरकारी दफ्तर में ग्रुप-D कर्मचारी हैं, जिनकी अपने बेटे से बहुत बड़ी उम्मीदें हैं। बग्गू की जिंदगी में असली भूचाल तब आता है जब उसकी गर्लफ्रेंड रिंकू (सोनाली सहगल) उसकी नाकामी से तंग आकर एक SDM से शादी कर लेती है। दिल टूटने के बाद बग्गू दिल्ली के मुखर्जी नगर पहुँचता है और उस SDM से भी बड़ा अफसर बनने का संकल्प लेकर UPSC की तैयारी में जुट जाता है। हालांकि, बार-बार की नाकामी और रिश्तेदार-समाज का 'आर्यभट्ट का ज़ीरो' कहकर तंज कसना बग्गू का आत्मविश्वास तोड़ देता है। फिल्म इसी यात्रा को दर्शाती है कि क्या बग्गू समाज के तय मानकों से परे जाकर अपनी असली अहमियत को पहचान पाता है या नहीं। आर्यभट्ट का ज़ीरो: निर्देशन और तारिक़ मोहम्मद की लेखन शैली निर्देशक कमल चंद्र ने फ़िल्म को ज़्यादा ड्रामेबाज़ी और बनावटी दिखावे से दूर रखा है और असलियत के करीब रहने की कोशिश की है। उन्होंने एक छोटे शहर के नौजवान की सोच और मध्यम-वर्गीय परिवार के संघर्षों को सादगी और ईमानदारी से दिखाया है। हालाँकि लेखक तारिक़ मोहम्मद की कहानी शायद बहुत नई न लगे, लेकिन उनके संवाद और हालात स्वाभाविक और विश्वसनीय लगते हैं। पिता और बेटे के बीच की बातचीत खास तौर पर दिल को छू लेने वाली है, जो कई आम भारतीय परिवारों की सच्चाई को दर्शाती है। निर्देशक ने कॉमेडी और ड्रामा के बीच संतुलन बनाए रखने की भी कोशिश की है, जिससे कहानी दिलचस्प बनी रहती है। हालाँकि, कुछ हिस्सों में उनकी पकड़ कमज़ोर पड़ जाती है, खासकर तब जब फ़िल्म अपने मुख्य विषय से भटककर गैर-ज़रूरी उप-कहानियों में उलझ जाती है। आर्यभट्ट का ज़ीरो: तकनीकी पहलू और प्रोडक्शन वैल्यू तकनीकी नज़रिए से फ़िल्म का काम संतोषजनक है। सिनेमैटोग्राफ़ी ने उत्तराखंड के शांत नज़ारों और दिल्ली के मुखर्जी नगर की भीड़-भाड़ वाली गलियों के बीच के अंतर को खूबसूरती से दिखाया है। कैमरा वर्क सादगी भरा है और कहानी के मिज़ाज के अनुकूल है। बैकग्राउंड स्कोर भावनात्मक पलों को असरदार बनाता है और दर्शकों को किरदारों के संघर्ष से जुड़ने में मदद करता है। हालाँकि, एडिटिंग फ़िल्म के कमज़ोर पहलुओं में से एक है। अगर दूसरे हाफ़ में कुछ गैर-ज़रूरी दृश्यों को काट दिया जाता, तो फ़िल्म की गति और बेहतर होती। संगीत ठीक-ठाक है, कुछ गाने कहानी में स्वाभाविक रूप से घुल-मिल जाते हैं, लेकिन फ़िल्म खत्म होने के बाद कोई भी गाना लंबे समय तक याद नहीं रहता। इसे भी पढ़ें: Lock Upp 2 की विजेता बनीं Shreya Kalra! ट्रॉफी के साथ जीती 1 करोड़ रुपये की इनामी राशि, Netflix पर व्यूअरशिप ने तोड़े रिकॉर्ड्स आर्यभट्ट का ज़ीरो: परफॉर्मेंस परफॉर्मेंस की बात करें तो हिमांश कोहली ने ज़बरदस्त छाप छोड़ी है। 'बग्गू' के रोल में, उन्होंने एक परेशान, टूटे हुए लेकिन दिल से मासूम नौजवान के जज़्बातों को बहुत अच्छे से दिखाया है। हल्के-फुल्के पलों में उनकी कॉमिक टाइमिंग कमाल की है, जबकि उनकी आँखों में दिखने वाली बेबसी इमोशनल सीन को और भी असरदार बनाती है। नीरज सूद, बग्गू के पिता के रोल में फिल्म की इमोशनल जान हैं। उन्होंने एक मिडिल-क्लास पिता की बेबसी, गुस्से और बिना कहे प्यार को अपनी दिल को छू लेने वाली एक्टिंग से जीवंत कर दिया है। इसे भी पढ़ें: Bigg Boss OTT 2 फेम Jiya Shankar ने की सगाई, US के बिजनेसमैन कारन धनक को बनाया हमसफर, फ्लॉन्ट की डायमंड रिंग रवि किशन जब भी स्क्रीन पर आते हैं, अपने खास देसी अंदाज़ से दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान ले आते हैं। उनका किरदार कहानी में हल्का-फुल्का मनोरंजन जोड़ता है। सोनाली सहगल ने प्रैक्टिकल और समझदार गर्लफ्रेंड 'रिंकू' के रोल के साथ पूरा न्याय किया है। हालाँकि दर्शना बनिक का रोल छोटा है, फिर भी वह अपनी एक्टिंग से छाप छोड़ने में कामयाब रही हैं। इसके अलावा, अलका अमीन, राजेश शर्मा और शिल्पा शिंदे जैसे अनुभवी सपोर्टिंग एक्टर्स ने भी फिल्म को और मज़बूत बनाया है। आर्यभट्ट का ज़ीरो: फिल्म कहाँ कमज़ोर पड़ जाती है कई अच्छी बातों के बावजूद, 'आर्यभट्ट का ज़ीरो' में कुछ कमियाँ हैं जो इसे एक बेहतरीन फिल्म बनने से रोकती हैं। पहली बात, कहानी में नयापन नहीं है। '12th फेल' और 'शादी में ज़रूर आना' जैसी फिल्मों के बाद, दिल टूटे प्रेमी का UPSC परीक्षा पास करने की कोशिश वाला प्लॉट अब थोड़ा जाना-पहचाना और पहले से अंदाज़ा लगाने लायक लगता है। दर्शक पहले ही अंदाज़ा लगा सकते हैं कि आगे क्या होने वाला है, जिससे सरप्राइज़ का एलिमेंट कम हो जाता है। फिल्म का दूसरा हाफ भी काफी धीमा हो जाता है। बग्गू के संघर्ष को दिखाने की कोशिश में, कई सीन दोहराव वाले लगने लगते हैं, जिससे फिल्म दर्शकों को थोड़ी उबाऊ लग सकती है। कुछ किरदारों का विकास और अचानक आए प्लॉट ट्विस्ट भी थोड़े बनावटी लगते हैं और उन्हें और बेहतर तरीके से लिखा जा सकता था। इसके अलावा, फिल्म का अंत वैसा असर नहीं छोड़ता जैसा होना चाहिए था और थोड़ा जल्दबाजी में किया हुआ लगता है। आर्यभट्ट का ज़ीरो: आखिरी फैसला 'आर्यभट्ट का ज़ीरो' एक साफ-सुथरी और सरल फिल्म है जो एक पॉज़िटिव मैसेज देती है और दर्शकों को याद दिलाती है कि किसी व्यक्ति की असफलता उसकी पहचान तय नहीं करती। हिमांश कोहली और नीरज सूद की शानदार एक्टिंग, पिता-बेटे का इमोशनल रिश्ता और हल्का-फुल्का ह्यूमर इस फिल्म को देखने लायक बनाते हैं। हालांकि, इसकी जानी-पहचानी कहानी और कमज़ोर दूसरा हाफ इसे उस मुकाम तक पहुँचने से रोकते हैं, जिसकी यह उम्मीद करती है। अगर आप बिना बहुत ज़्यादा उम्मीदें रखे परिवार के साथ देखने के लिए कोई हल्की-फुल्की, इमोशनल और प्रेरणादायक फ़िल्म ढूंढ रहे हैं, तो यह एक ऐसी फ़िल्म है जिसे आप कम से कम एक बार ज़रूर देख सकते हैं।

प्रभासाक्षी 6 Aug 2026 2:30 pm

रियलिटी शोज पर भड़के महाभारत एक्टर सौरभ राज:कहा- TRP बटोरने के लिए जिस हद तक गिर रहे हैं वो शर्मनाक, ये मनोरंजन नहीं घिनौना प्रदर्शन है

मशहूर टीवी शो महाभारत में भगवान कृष्ण का किरदार निभाने वाले एक्टर सौरभ राज ने रियलिटी शोज पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि मेकर्स टीआरपी बटोरने के लिए जिस हद तक गिर रहे हैं वो शर्मनाक है। उनका ये बयान तब सामने आया है, जब ओटीटी प्लेटफॉर्म में लॉकअप 2, अलायंस और भोजपुरी बवाल जैसे शोज चर्चा में हैं। सौरभ राज ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से रियलिटी शोज पर निशाना साधते हुए लिखा है, ‘मुझे कहा गया था कि इस मुद्दे पर चुप रहूं, क्योंकि प्रोफेशनली इसका मुझसे कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन इंसानियत के नाते अब बोलना जरूरी है। रियलिटी शोज को अब खुद अपनी हकीकत का सामना करने की जरूरत है। सिर्फ टीआरपी बटोरने के लिए ये जिस हद तक गिर चुके हैं, वह बेहद शर्मनाक है। यह मनोरंजन बिल्कुल नहीं है। यह बीमार मानसिकता, अमानवीयता, मानसिक उत्पीड़न, क्रूरता और विकृत सोच का घिनौना प्रदर्शन है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘हैरानी होती है कि इतने बड़े और मशहूर होस्ट ऐसे शो में यह सब होते हुए कैसे चुपचाप देखते रहते हैं और इसे होने देते हैं। यह बेहद दुखद और चिंताजनक है। उम्मीद है कि इंडस्ट्री में अब भी कुछ समझदारी बाकी है और समय रहते इस पर लगाम लगेगी। आखिर हम समाज के लिए किस तरह का मानदंड तय कर रहे हैं?’ क्या लॉकअप 2 पर एक्टर ने साधा निशाना इन दिनों 3 रियलिटी शोज चर्चा में हैं। पहला है नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुआ लॉक अप-2, जिसकी विजेता श्रेया कालरा बनी हैं। दूसरा शो है अमेजन प्राइम का अलायंस और तीसरा है जियो हॉटस्टार का भोजपुरी बवाल। जहां अलायंस स्ट्रेटजी का साफ सुथरा रियलिटी शो है, वहीं नेटफ्लिक्स का लॉक अप 2, गाली गलौज और झगड़ों के चलते विवादों में रहा। शो में सेक्शुएलिटी का मजाक बनाया गया और अभद्र भाषा भी इस्तेमाल हुई। इसके अलावा 2 अगस्त से जियो हॉटस्टार में स्ट्रीम हो रहा रियलिटी शो भोजपुरी बवाल भी सुर्खियों में है, जिसमें भोजपुरी एक्ट्रेस, बॉलीवुड एक्ट्रेस का मजाक उड़ाती दिखी हैं। 2 रियलिटी शोज का हिस्सा रहे एक्टर सौरभ राज रियलिटी शोज पर सवाल खड़े करने वाले सौरभ राज खुद भी 2 रियलिटी शोज खतरों के खिलाड़ी 11 और नच बलिए में नजर आ चुके हैं। बता दें कि सौरभ राज कई माइथोलॉजिकल शोज देवों के देव महादेव, महाकालीः अंत ही आरंभ है, महाभारत में नजर आए हैं। उन्हें असल पहचान महाभारत में भगवान कृष्ण के किरदार से मिली थी। इनके अलावा वो कसम से, परिचय, मीत मिला दे रब्बा और पटियाला बेब्स में नजर आए हैं।

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 2:20 pm

चाहती हूं मैं भी मां बनूं:पवन सिंह से तलाक केस विवाद के बीच पत्नी IVF सेंटर पहुंचीं, भोजपुरी स्टार चाहते हैं तलाक

भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह का रिश्ता इन दिनों चर्चा में है। दोनों का तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है। ज्योति अपनी शादीशुदा जिंदगी को बचाना चाहती हैं, लेकिन पवन सिंह उनसे अलग होना चाहते हैं। इस बीच ज्योति सिंह ने मां बनने की इच्छा जाहिर की है। हाल ही में ज्योति सिंह एक IVF सेंटर पहुंचीं। वहां उन्होंने कहा कि मैं भी एक महिला हूं और मेरा भी मन होता है कि मेरा एक बच्चा हो। मैं भी मां बनूं। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में अगर ऐसा कुछ होता है, तो वह इसी सेंटर में आएंगी। यह कहते हुए ज्योति सिंह हंसने लगीं। IVF से मां बनने पर क्या बोलीं ज्योति? जब ज्योति से पूछा गया कि क्या वह भी IVF के जरिए बच्चा करेंगी, तो उन्होंने कहा कि बिल्कुल, क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि अगर मैं लोगों को जागरूक कर रही हूं, तो भविष्य में मुझे ऐसा लगा तो मैं जरूर IVF से मां बनूंगी। ज्योति की बातों से साफ है कि वह मां बनना चाहती हैं, लेकिन मौजूदा हालातों के कारण वह ऐसा नहीं कर पा रही हैं। घरेलू हिंसा का लगा चुकी हैं आरोप पवन सिंह ने पहली पत्नी के निधन के बाद 2018 में ज्योति सिंह से शादी की थी। शादी के कुछ साल बाद ही दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई। ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर घरेलू हिंसा के आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया था कि पवन सिंह ने जबरदस्ती उनका अबॉर्शन कराया था। हालांकि, पवन सिंह इन सभी आरोपों को हमेशा से नकारते आए हैं। अब जानिए भोजपुरी स्टार पवन सिंह और ज्योति सिंह के तलाक का पूरा मामला क्या है? ज्योति, पवन सिंह की दूसरी पत्नी हैं। अप्रैल 2022 में ज्योति सिंह ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल की। पवन सिंह ने भी आरा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई। 25 मार्च को सुलह की कोशिश के लिए कोर्ट में दोनों को हाजिर होना था। पवन सिंह आए लेकिन ज्योति नहीं आई। पवन सिंह आरा फैमिली कोर्ट पहुंचे थे, उन्होंने कोर्ट में जज से कहा, “न्यायालय जो भी फैसला देगा, मुझे मंजूर होगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे वन-टाइम सेटलमेंट के लिए तैयार हैं, ताकि यह मामला जल्द से जल्द समाप्त हो सके। उन्होंने कहा कि ज्योति सिंह की वजह से मेरा करियर भी प्रभावित हो रहा है, मैं अपना काम भी नहीं कर पा रहा हूं। इसी वजह से मैं अब इस रिश्ते से बाहर निकलकर नई जिंदगी शुरू करना चाहता हूं। मैं ज्योति सिंह से तलाक चाहता हूं। आगे उन्होंने कहा, “शादी के बाद से ही मुझे लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। ज्योति ने न सिर्फ मुझे परेशान किया, बल्कि मेरे परिवार को भी क्रूर तरीके से तोड़ने की कोशिश की है। इस रिश्ते का असर मेरे करियर पर भी पड़ रहा है। मैं ठीक से अपना काम भी नहीं कर पा रहा हूं। अब साथ रहने का कोई चांस नहीं है।” पहली पत्नी ने 2015 में किया था सुसाइड बता दें कि पवन सिंह की पहली पत्नी नीलम सिंह ने साल 2015 में आत्महत्या कर लिया था। उसके बाद भोजपुरी सुपर स्टार पवन सिंह के अफेयर की चर्चा जाने-माने भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह के साथ होने लगी । लेकिन पवन सिंह ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रहने वाले रामबाबू सिंह की बेटी ज्योति सिंह के साथ 7 मार्च 2018 को शादी की। इन्होंने बलिया के एक शंकर होटल से बड़े ही धूमधाम से शादी कर अपने फैंस को हैरत में डाल दिया था । लेकिन पवन की दूसरी शादी भी लंबे समय तक नहीं चल पाई। रियलिटी शो का हिस्सा बने पवन सिंह पवन सिंह इन दिनों रियलिटी शो भोजपुरी बवाल में नजर आ रहे हैं। ये शो 2 अगस्त से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम किया जा रहा है। इसमें दर्शकों को भोजपुरी इंडस्ट्री के सितारों के काम और निजी जिंदगी से जुड़े कई मजेदार पल देखने मिल रहे हैं।

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 12:16 pm

प्रदीप रावत के निधन पर बेटे का खुलासा:ICU में दिया गया CPR, एक महीने पहले ब्लड कैंसर का पता चला, पहले समझा गया इन्फेक्शन

मुंबई में मंगलवार शाम दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। सरफरोश, लगान और गजनी जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय करने वाले रावत के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने हिंदी, क्षेत्रीय सिनेमा और टेलीविजन में काम किया। बुधवार दोपहर मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर समेत फिल्म जगत के कई लोग शामिल हुए। दो महीने पहले रिपोर्ट थी सामान्य अभिनेता के बेटे विक्रमादित्य रावत ने अंतिम संस्कार के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि परिवार को पहले लगा था कि उन्हें पेट का मामूली संक्रमण है। हालांकि, बाद में डॉक्टरों ने उन्हें ब्लड कैंसर होने की पुष्टि की। विक्रमादित्य ने बताया कि दो महीने पहले ही उनके पिता की मेडिकल रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य थी। आईसीयू में दी गई सीपीआर विक्रमादित्य ने पिता के अंतिम पलों को याद करते हुए कहा कि 4 अगस्त को उनकी प्लेटलेट्स गिरकर 3 हजार रह गई थी, जबकि यह 3 लाख से ऊपर होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे आईसीयू के बाहर इंतजार कर रहे थे और अंदर डॉक्टर उन्हें सीपीआर दे रहे थे। यह देखकर उन्हें स्थिति का अंदाजा हो गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन है कि उनके पिता अब बेहतर जगह पर हैं और इतने लोगों को वहां देखकर वे खुश होंगे। शुरुआत में पेट का संक्रमण समझा था बेटे ने बताया कि जब वे डॉक्टर के पास गए तो उन्होंने इसे पेट का संक्रमण बताया और दवाएं दीं, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। मां के कहने पर जब ब्लड टेस्ट कराया गया तो व्हाइट ब्लड सेल काउंट बहुत ज्यादा था। इसके बाद उन्हें कोकिलाबेन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 99 फीसदी ब्लड कैंसर होने की आशंका जताई थी। अगले दिन इसकी पुष्टि हो गई। सलमान खान ने दी श्रद्धांजलि प्रदीप रावत के निधन पर फिल्म जगत के कई सितारों ने उन्हें याद किया। सलमान खान ने सोशल मीडिया पर उनके साथ एक फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा कि उनके साथ कई अच्छे पल बिताए हैं और वे उनकी आत्मा की शांति की कामना करते हैं। एक्टर प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार 5 अगस्त को मुंबई की बेस्ट कॉलोनी के पास गोरेगांव (पश्चिम) में किया गया। उनके बेटे विक्रमदित्य अपने पिता का शव देखकर भावुक हो गए। लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में मंगलवार शाम निधन हो गया। इसी बीच आमिर खान और रजा मुराद समेत कई सेलेब्स प्रदीप रावत के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे। सलमान खान ने प्रदीप के साथ पुरानी फोटो शेयर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। देखें तस्वीरें- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया था कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे। उन्हें यह बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बीआर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत से की थी। वे अश्वत्थामा के रोल में नजर आए थे। प्रदीप ने इसके बाद हिंदी, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में वे लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म चाइना टाउन, बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। आमिर खान को बहन ने डांट दिया थाफिल्म लगान में देवा का किरदार पहले एक्टर मुकेश ऋषि को ऑफर हुआ था, लेकिन साउथ की कई फिल्मों में व्यस्त होने के कारण उन्होंने यह फिल्म नहीं की। इसके बाद यह रोल प्रदीप रावत को मिला था। दरअसल, फिल्म सरफरोश में प्रदीप रावत का काम देखकर आमिर खान काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने आधी रात करीब 12 बजे प्रदीप के घर के लैंडलाइन पर फोन किया। उस समय प्रदीप घर पर नहीं थे। उनकी बहन ने फोन उठाया। ‘मैं आमिर खान बोल रहा हूं’ सुनकर उन्होंने इसे प्रैंक कॉल समझा। उन्होंने डांटते हुए कहा, ‘क्यों बदमाशी कर रहे हो?’ बाद में आमिर ने लेखक उमाशंकर पाठक से बात कराई, जिन्हें परिवार पहचानता था। तब सबको यकीन हुआ कि फोन सच में आमिर खान का है। आमिर ने प्रदीप को अगले दिन ऑफिस बुलाकर फिल्म का कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया और साइनिंग अमाउंट का चेक दिया। फिर इस तरह उन्हें फिल्म लगान में काम मिला था। प्रदीप रावत के कारण सलमान को नहीं मिली गजनी 27 मार्च 2025 को मुंबई में फिल्म सिकंदर की प्रेस मीट के दौरान सलमान से पूछा गया था कि क्या वाकई आमिर से पहले आपको गजनी मिली थी। इस पर एक्टर ने कहा था, 'मैंने भी सुना है। मैंने ये प्रदीप से सुना है। हम उसे गजनी बुलाते हैं। वो मेरे दोस्त हैं। हमने 4-5 फिल्में साथ की हैं। उसने एक बार कहा था, मुरुगदास (गजनी के डायरेक्टर) बहुत अनुशासित हैं, इतने सिंसियर हैं, सलमान कैसे काम कर लेगा उनके साथ, सलमान को गुस्सा बहुत आता है।' सलमान ने आगे कहा, 'मतलब वो मेरे साथ 5 पिक्चरें कर चुका है, उसके बाद वो ये बोलता है। उसके बाद मैं बेचारे से मिला ही नहीं। मिलेगा तो उससे पूछूंगा कि मैं कब गुस्सा हुआ तेरे से।' सोनू सूद ने प्रदीप रावत को दी श्रद्धांजलि एक्टर सोनू सूद ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रदीप रावत की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर कर लिखा, ‘प्रदीप रावत भाई, आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आप हमेशा याद आएंगे।’ प्रदीप रावत की 2 शादियां हुई थींप्रदीप रावत की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनकी दो शादियां हुईं। NBT की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी पहली शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और करीब साढ़े पांच महीने में दोनों का तलाक हो गया। प्रदीप रावत ने बताया था कि पहली पत्नी ने उन पर और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए थे, हालांकि बाद में मामला खत्म हो गया। इसके बाद उनकी मुलाकात साउथ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कल्याणी रावत से हुई। दोनों ने कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट किया और साल 2006 में शादी कर ली। इस शादी से उनका एक बेटा है, जिसका नाम विक्रमादित्य रावत है। यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 11:21 am

मूवी रिव्यू-आर्यभट्ट का जीरो:हिमांश कोहली की दमदार परफॉर्मेंस, कहानी में सादगी; लेकिन जानिए कहां हुई चूक?

हर इंसान की जिंदगी में एक वक्त ऐसा आता है, जब लोग उससे पहले हार मान लेते हैं और फिर वह खुद भी अपने आप पर भरोसा खोने लगता है। 'आर्यभट्ट का जीरो' ऐसे ही एक आम लड़के की कहानी है, जिसे दुनिया बार बार नाकाम साबित करती है। निर्देशक कमल चंद्र ने आत्मविश्वास और उम्मीद जैसे मजबूत विषय को हल्के फुल्के अंदाज में पेश करने की कोशिश की है। फिल्म दिल से बनाई गई है और उसका संदेश भी साफ है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले इसकी उड़ान को पूरी ऊंचाई तक नहीं पहुंचने देता। इसकी लेंथ 1 घंटा 54 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की कहानी ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव उर्फ बग्गू (हिमांश कोहली) के इर्द गिर्द घूमती है। मध्यम वर्गीय परिवार का यह युवक जिंदगी में अपनी पहचान बनाना चाहता है, लेकिन लगातार मिल रही असफलताएं उसे अंदर से तोड़ देती हैं। परिवार की उम्मीदें, समाज के ताने और खुद पर से उठता भरोसा उसके संघर्ष को और मुश्किल बना देते हैं। हालात जैसे जैसे बदलते हैं, बग्गू भी खुद को बदलने की कोशिश करता है। आखिर कैसे एक ऐसा लड़का, जिसे हर कोई 'जीरो' समझता है, अपनी सबसे बड़ी ताकत खुद बनता है, यही फिल्म की कहानी है। अच्छी बात यह है कि फिल्म अपना संदेश बिना भाषण दिए सहज तरीके से कहती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? पूरी फिल्म हिमांश कोहली के कंधों पर टिकी है और वह इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाते हैं। रोमांटिक भूमिकाओं से अलग इस बार उन्होंने छोटे शहर के एक ऐसे युवक का किरदार निभाया है, जो बार बार टूटता है, लेकिन हार नहीं मानता। उनके चेहरे के भाव और भावनात्मक दृश्यों में ईमानदारी साफ दिखाई देती है। यह उनके करियर की बेहतर परफॉर्मेंस में से एक कही जा सकती है। बग्गू के पिता के किरदार में नीरज सूद शानदार हैं। उनका अभिनय बेहद सहज है और पिता बेटे के कई दृश्य दिल को छू जाते हैं। रवि किशन अपने चिर परिचित अंदाज में मनोरंजन का तड़का लगाते हैं और जहां भी आते हैं, ध्यान खींचते हैं। सोनाली सहगल और दर्शना बनिक अपने किरदारों के साथ न्याय करती हैं। हालांकि राजेश शर्मा, अलका अमीन और शिल्पा शिंदे जैसे अनुभवी कलाकारों को फिल्म में और बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता था। उनके किरदारों में और गहराई और स्क्रीन स्पेस की गुंजाइश साफ महसूस होती है। डायरेक्शन, तकनीकी पक्ष और कमियां निर्देशक कमल चंद्रा ने एक अच्छा विषय चुना है और कई जगह उनकी संवेदनशीलता भी नजर आती है। फिल्म छोटे शहर की दुनिया को विश्वसनीय तरीके से पेश करती है और वास्तविक लोकेशंस इसकी खूबसूरती बढ़ाती हैं। सिनेमेटोग्राफी भी कहानी के मूड के साथ अच्छी तरह चलती है। लेकिन सबसे बड़ी कमी स्क्रीनप्ले में दिखाई देती है। कहानी कई जगह भटकती है और कुछ दृश्य ऐसे लगते हैं जिन्हें आसानी से हटाया जा सकता था। उनसे न कहानी आगे बढ़ती है और न ही किरदारों में कोई खास बदलाव आता है। एडिटिंग में थोड़ी और कसावट होती तो फिल्म ज्यादा प्रभावशाली बन सकती थी। अच्छे विषय के बावजूद प्रस्तुति कई बार उतनी मजबूत नहीं लगती, जितनी हो सकती थी। म्यूजिक कैसा है? फिल्म का संगीत कहानी के साथ चलता है। गाने जब आते हैं तो अलग से बोझ नहीं लगते और कहानी का हिस्सा बनकर सामने आते हैं। हालांकि थिएटर से बाहर निकलने के बाद ऐसा कोई गीत याद नहीं रह जाता जिसे बार बार सुना जाए। बैकग्राउंड स्कोर कई भावनात्मक दृश्यों का असर जरूर बढ़ाता है। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? 'आर्यभट्ट का जीरो' एक ईमानदार कोशिश है, जो खुद पर भरोसा रखने का संदेश देती है। हिमांश कोहली का बदला हुआ अंदाज और उनका अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। नीरज सूद और रवि किशन भी अच्छा साथ देते हैं। हालांकि ढीला स्क्रीनप्ले, कुछ अनावश्यक दृश्य और कई जगह धीमी पड़ती रफ्तार फिल्म को एक बेहतर अनुभव बनने से रोक देती है। अगर आपको छोटे शहरों की जमीन से जुड़ी, हल्की फुल्की और प्रेरणादायक कहानियां पसंद हैं, तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है।

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 10:57 am

मूवी रिव्यू: आर्यभट्ट का जीरो:जब पूरी दुनिया 'जीरो' कहे, तब क्या सिर्फ भरोसा जिंदगी बदल सकता है?

हर इंसान की जिंदगी में एक वक्त ऐसा आता है, जब लोग उससे पहले हार मान लेते हैं और फिर वह खुद भी अपने आप पर भरोसा खोने लगता है। 'आर्यभट्ट का जीरो' ऐसे ही एक आम लड़के की कहानी है, जिसे दुनिया बार बार नाकाम साबित करती है। निर्देशक कमल चंद्र ने आत्मविश्वास और उम्मीद जैसे मजबूत विषय को हल्के फुल्के अंदाज में पेश करने की कोशिश की है। फिल्म दिल से बनाई गई है और उसका संदेश भी साफ है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले इसकी उड़ान को पूरी ऊंचाई तक नहीं पहुंचने देता। इसकी लेंथ 1 घंटा 54 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की कहानी ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव उर्फ बग्गू (हिमांश कोहली) के इर्द गिर्द घूमती है। मध्यम वर्गीय परिवार का यह युवक जिंदगी में अपनी पहचान बनाना चाहता है, लेकिन लगातार मिल रही असफलताएं उसे अंदर से तोड़ देती हैं। परिवार की उम्मीदें, समाज के ताने और खुद पर से उठता भरोसा उसके संघर्ष को और मुश्किल बना देते हैं। हालात जैसे जैसे बदलते हैं, बग्गू भी खुद को बदलने की कोशिश करता है। आखिर कैसे एक ऐसा लड़का, जिसे हर कोई 'जीरो' समझता है, अपनी सबसे बड़ी ताकत खुद बनता है, यही फिल्म की कहानी है। अच्छी बात यह है कि फिल्म अपना संदेश बिना भाषण दिए सहज तरीके से कहती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? पूरी फिल्म हिमांश कोहली के कंधों पर टिकी है और वह इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाते हैं। रोमांटिक भूमिकाओं से अलग इस बार उन्होंने छोटे शहर के एक ऐसे युवक का किरदार निभाया है, जो बार बार टूटता है, लेकिन हार नहीं मानता। उनके चेहरे के भाव और भावनात्मक दृश्यों में ईमानदारी साफ दिखाई देती है। यह उनके करियर की बेहतर परफॉर्मेंस में से एक कही जा सकती है। बग्गू के पिता के किरदार में नीरज सूद शानदार हैं। उनका अभिनय बेहद सहज है और पिता बेटे के कई दृश्य दिल को छू जाते हैं। रवि किशन अपने चिर परिचित अंदाज में मनोरंजन का तड़का लगाते हैं और जहां भी आते हैं, ध्यान खींचते हैं। सोनाली सहगल और दर्शना बनिक अपने किरदारों के साथ न्याय करती हैं। हालांकि राजेश शर्मा, अलका अमीन और शिल्पा शिंदे जैसे अनुभवी कलाकारों को फिल्म में और बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता था। उनके किरदारों में और गहराई और स्क्रीन स्पेस की गुंजाइश साफ महसूस होती है। डायरेक्शन, तकनीकी पक्ष और कमियां निर्देशक कमल चंद्रा ने एक अच्छा विषय चुना है और कई जगह उनकी संवेदनशीलता भी नजर आती है। फिल्म छोटे शहर की दुनिया को विश्वसनीय तरीके से पेश करती है और वास्तविक लोकेशंस इसकी खूबसूरती बढ़ाती हैं। सिनेमेटोग्राफी भी कहानी के मूड के साथ अच्छी तरह चलती है। लेकिन सबसे बड़ी कमी स्क्रीनप्ले में दिखाई देती है। कहानी कई जगह भटकती है और कुछ दृश्य ऐसे लगते हैं जिन्हें आसानी से हटाया जा सकता था। उनसे न कहानी आगे बढ़ती है और न ही किरदारों में कोई खास बदलाव आता है। एडिटिंग में थोड़ी और कसावट होती तो फिल्म ज्यादा प्रभावशाली बन सकती थी। अच्छे विषय के बावजूद प्रस्तुति कई बार उतनी मजबूत नहीं लगती, जितनी हो सकती थी। म्यूजिक कैसा है? फिल्म का संगीत कहानी के साथ चलता है। गाने जब आते हैं तो अलग से बोझ नहीं लगते और कहानी का हिस्सा बनकर सामने आते हैं। हालांकि थिएटर से बाहर निकलने के बाद ऐसा कोई गीत याद नहीं रह जाता जिसे बार बार सुना जाए। बैकग्राउंड स्कोर कई भावनात्मक दृश्यों का असर जरूर बढ़ाता है। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? 'आर्यभट्ट का जीरो' एक ईमानदार कोशिश है, जो खुद पर भरोसा रखने का संदेश देती है। हिमांश कोहली का बदला हुआ अंदाज और उनका अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। नीरज सूद और रवि किशन भी अच्छा साथ देते हैं। हालांकि ढीला स्क्रीनप्ले, कुछ अनावश्यक दृश्य और कई जगह धीमी पड़ती रफ्तार फिल्म को एक बेहतर अनुभव बनने से रोक देती है। अगर आपको छोटे शहरों की जमीन से जुड़ी, हल्की फुल्की और प्रेरणादायक कहानियां पसंद हैं, तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है।

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 10:57 am

'गौरव खन्ना को TRP के लिए तलाक नहीं दिया':आकांक्षा बोलीं- पेपर्स तैयार हैं, सिर्फ साइन करना बाकी; रियलटी शो में अलग होने का ऐलान किया था

एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला ने पति और एक्टर गौरव खन्ना से अपने तलाक को लेकर खुलकर बात की है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने उन खबरों को खारिज किया जिनमें दावा किया जा रहा था कि उन्होंने लॉक-अप शो में टीआरपी या पब्लिसिटी पाने के लिए अलग होने का ऐलान किया था। आकांक्षा ने साफ किया कि तलाक की कानूनी प्रक्रिया शो में जाने से पहले ही शुरू हो चुकी थी। अब दोनों पक्षों के वकील मामला लगभग तय कर चुके हैं और सिर्फ आखिरी पेपर्स पर साइन होना बाकी है। 'कोई लड़की अपने तलाक का नाटक नहीं करेगी'प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब आकांक्षा से पूछा गया कि क्या तलाक की घोषणा किसी तरह की स्ट्रेटजी थी, तो उन्होंने कहा कि कोई भी लड़की इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर जाकर पब्लिसिटी के लिए अपने पति से अलग होने की बात नहीं कहेगी। उन्होंने कहा कि लोग अगर ऐसा सोच रहे हैं तो वे उनकी लीगल टीम से बात कर सकते हैं। जब दो एक्टर्स शादी करते हैं या अलग होते हैं, तो लोग हर बात को पब्लिसिटी मान लेते हैं, जो गलत है। सोच अलग होने के कारण लिया फैसलाआकांक्षा ने खुलासा किया कि वे गौरव खन्ना पिछले 18 महीनों से एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं। दोनों के बीच कोई कड़वाहट या नफरत नहीं है और वे अब भी आपस में बातचीत करते हैं। हालांकि, दोनों की जिंदगी को लेकर सोच और प्राथमिकताएं काफी अलग हो चुकी हैं। इसी वजह से दोनों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे से अलग होने और अपनी जिंदगी अलग रास्ते पर जीने का फैसला किया है। शो के दौरान किया तलाक का खुलासा हाल ही में लॉक अप शो के दौरान आकांक्षा ने अपने पति गौरव खन्ना से अलग होने का एलान किया था। अपने को-कंटेस्टेंट्स श्रेया कालरा और सूफी मोतीवाला से बातचीत में उन्होंने इसकी वजह का खुलासा किया था। शो में जब गौरव खन्ना पहुंचे थे, तब दोनों के बीच काफी बातचीत हुई थी। गौरव ने कहा था कि दोनों अलग जरूर रह रहे हैं, लेकिन कागजी तौर पर अभी भी शादीशुदा हैं। गौरव ने इंटरनेट पर चल रही अफवाहों पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि कई लोग उनके रिश्ते के बारे में गलत कहानियां बना रहे हैं। गौरव ने यह भी साफ किया था कि वे कानूनी तौर पर अपनी पत्नी के खिलाफ किसी भी तरह की ट्रोलिंग या गलत बात बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऑडिशन के दौरान हुई थी पहली मुलाकातगौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की पहली मुलाकात एक ऑडिशन के दौरान हुई थी। कुछ समय तक एक-दूसरे को जानने के बाद दोनों ने 24 नवंबर 2016 को कानपुर में शादी की थी। गौरव खन्ना टीवी इंडस्ट्री के मशहूर एक्टर हैं, जो 'अनुपमा', 'सीआईडी' और 'ये प्यार ना होगा कम' जैसे शोज में नजर आ चुके हैं। हाल ही में उन्होंने 'बिग बॉस 19' का खिताब भी जीता था। वहीं आकांक्षा चमोला 'स्वरागिनी' और 'भूतू' जैसे टीवी सीरियल्स से अपनी पहचान बना चुकी हैं।

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 10:11 am

एक्ट्रेस जिया शंकर ने की बॉयफ्रेंड से सगाई:करण के साथ रोमांटिक तस्वीरें शेयर की; बोलीं- अचानक मिला मेरा सच्चा प्यार

एक्ट्रेस और 'बिग बॉस OTT 2' की पूर्व कंटेस्टेंट जिया शंकर ने अपने बॉयफ्रेंड करण के साथ सगाई कर ली है। जिया ने सोशल मीडिया पर सगाई की तस्वीरें शेयर करके अपने रिश्ते का आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है। सनसेट के दौरान आउटडोर लोकेशन पर हुए इस प्रपोजल की झलकियों के साथ जिया ने अपने मंगेतर के लिए एक इमोशनल नोट भी लिखा है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैन्स और दोस्त कपल को बधाइयां दे रहे हैं। सनसेट के बीच मिला सरप्राइज प्रपोजलशेयर की गई तस्वीरों में जिया और करण एक-दूसरे के साथ बेहद खुश नजर आ रहे हैं। करण ने जिया को डूबते सूरज की रोशनी में एक आउटडोर लोकेशन पर अंगूठी पहनाकर प्रपोज किया। एक फोटो में जिया सरप्राइज होकर अपनी डायमंड एंगेजमेंट रिंग दिखाती नजर आ रही हैं। इस खास मौके पर जिया ने पेस्टल येलो कलर का सैटिन गाउन पहना था, जबकि करण बेज शर्ट और व्हाइट ट्राउजर में नजर आए। बोलीं- हजारों मील दूर रहकर भी घर जैसा अहसास हुआजिया ने सोशल मीडिया पर करण के नाम एक भावुक नोट शेयर किया। उन्होंने लिखा, हो सकता है कि यह सच हो, आपको प्यार तब मिलता है जब आप इसकी सबसे कम उम्मीद करते हैं। भले ही तुम मुझसे हजारों मील दूर थे, लेकिन तुमसे हुई हर बातचीत ने घर जैसा अहसास कराया। जिया ने आगे लिखा कि यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हर दिन एक-दूसरे को चुना। उन्होंने करण को अपना बेस्ट फ्रेंड बताते हुए उनके साथ अपनी आगे की जिंदगी बिताने की बात कही। बिजनेसमैन हैं करण धनकजिया शंकर एक जानी-मानी भारतीय अभिनेत्री हैं, जिन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2013 में रीजनल फिल्मों से की थी और बाद में 'मेरी हानिकारक बीवी', 'काटेलाल एंड संस' और 'पिशाचिनी' जैसे लोकप्रिय टीवी सीरियल्स से घर-घर में अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा उन्होंने सुपरहिट मराठी फिल्म 'वेड' और रियलिटी शो 'बिग बॉस OTT 2' के जरिए काफी लोकप्रियता हासिल की। वहीं उनके मंगेतर करण धनक एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से दूर हैं और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे अमेरिका (US) में स्थित एक बिजनेसमैन (एंट्रेप्रेन्योर) और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल हैं। ये खबर भी पढ़ें जैनिफर विंगेट ने शेयर की हल्दी सेरेमनी की अनसीन फोटोज:पति विलियम संग हरे लहंगे में नजर आईं; करन वाही और हरलीन सेठी भी शामिल हुए टीवी एक्ट्रेस जैनिफर विंगेट ने अपनी हल्दी सेरेमनी की अनसीन तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। ब्रिटेन के बिजनेसमैन विलियम इशमेल संग शादी रचाने के कुछ हफ्तों बाद उन्होंने अपनी प्री-वेडिंग रस्मों की यादें साझा की हैं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 9:15 am

चंडीगढ़ का वह केस, जिसमें सलमान ख़ान तलब:5 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होना होगा; गलत भरोसा देकर ज्वेलरी शोरूम खुलवाने का आरोप

चंडीगढ़ में बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी शोरूम से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में चंडीगढ़ की जिला अदालत ने बॉलीवुड एक्टर सलमान खान, उनकी बहन अलवीरा खान और संबधित कंपनी स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक समेत अन्य को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के मुताबिक, सभी को 5 अक्टूबर को अदालत में पेश होना होगा। कोर्ट ने सभी आरोपियों को समन जारी करते हुए उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर जवाब दाखिल करने के लिए भी कहा है। यह मामला चंडीगढ़ के मनीमाजरा में रहने वाले व्यापारी अरुण गोयल की ओर से दायर शिकायत पर दर्ज हुआ है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीइंग ह्यूमन ब्रांड के नाम पर ज्वेलरी शोरूम खुलवाने के दौरान उनके साथ धोखाधड़ी की गई, जिससे उन्हें करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ। 3 करोड़ लागत से खोला शोरूम शिकायतकर्ता अरुण गोयल के अनुसार, उन्होंने मनीमाजरा के एनएसी क्षेत्र में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी का शोरूम खोला था। इसके लिए उन्होंने स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के साथ एग्रीमेंट किया था। उनका कहना है कि कंपनी की सभी शर्तों का पालन किया गया और शोरूम तैयार करने पर ही करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा बीइंग ह्यूमन ब्रांड की ज्वेलरी भी स्टोर में रखी गई। गलत भरोसा देकर शोरूम खुलवाया शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी से जुड़े 6 लोगों ने उन्हें गलत भरोसा देकर शोरूम खुलवाया। शोरूम शुरू होने के बाद कंपनी की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जिस स्टोर से उन्हें बीइंग ह्यूमन ब्रांड की ज्वेलरी की सप्लाई होनी थी, वह फरवरी 2020 से बंद पड़ा है। इसके कारण उन्हें नया सामान नहीं मिल सका और कारोबार प्रभावित हो गया। कंपनी पहले दे चुकी सफाई इस मामले में आरोप सामने आने के बाद स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड ने पहले सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा था कि इस मामले में सलमान खान की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। कंपनी का कहना था कि वर्ष 2018 में मनीमाजरा के व्यापारी के साथ हुए समझौते से सलमान खान का कोई संबंध नहीं था। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया था कि वर्ष 2015 में सलमान खान फाउंडेशन ने उसे बीइंग ह्यूमन ब्रांड के तहत ज्वेलरी उत्पाद बेचने का लाइसेंस दिया था। ब्रांड के संचालन, बिक्री और कारोबार की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की थी। 5 अक्टूबर को अदालत अगली सुनवाई इस मामले में अदालत ने सलमान खान, अलवीरा खान और अन्य आरोपियों को 5 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। अदालत ने सभी से शिकायत में लगाए गए आरोपों पर जवाब भी मांगा है। अगर कोई आरोपी बिना अनुमति के अदालत में पेश नहीं होता, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। मामले में कब-क्या हुआ, जानिए ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… सलमान खान@60; बड़ी अम्मी ने कुएं में धक्का दिया था:रेखा का पीछा करते थे, ₹10 लाख कमाना था सपना, आज ₹2900 करोड़ के मालिक उसकी डायलॉग डिलीवरी में ठहराव, स्टाइल में दबंग अंदाज और स्क्रीन पर रौबदार मौजूदगी, जो दिल तक उतर जाती है। हाथों में उसका सिल्वर ब्रेसलेट अक्सर चमकता दिखता है और उसकी चाल में अलग स्वैग होता है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 5:57 am

सलमान से खास कनेक्शन भी काम नहीं आया:कियारा आडवाणी बोलीं: कई बार रिजेक्ट हुई, लोग समझते हैं कि ‘कबीर सिंह’ मेरी पहली फिल्म है

आज कियारा आडवाणी बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। बड़े बैनर, करोड़ों की फिल्में और देशभर में करोड़ों प्रशंसक उनके नाम हैं। हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री में सलमान खान से खास कनेक्शन होने के बावजूद उनके लिए सफलता की राह आसान नहीं रही। पहली ही फिल्म फ्लॉप हो गई, महीनों तक काम नहीं मिला, 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' जैसी सुपरहिट फिल्म के बाद भी उन्हें ऑडिशन देने पड़े और कई बार रिजेक्शन झेलना पड़ा। यही वजह है कि आज भी कई लोग 'कबीर सिंह' को उनकी पहली फिल्म समझते हैं। फैशन इंडस्ट्री में भी उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। आज की सक्सेस स्टोरी में जानिए कियारा आडवाणी की निजी जिंदगी और करियर से जुड़ी कुछ खास बातें। पापा बिजनेसमैन थे, मां टीचर; लेकिन बचपन से सपना था- एक्ट्रेस बनना 31 जुलाई 1992 को मुंबई में जन्मीं कियारा आडवाणी का असली नाम आलिया आडवाणी है। उनके पिता जगदीप आडवाणी बिजनेसमैन हैं, जबकि मां जेनेवीव जाफरी टीचर रह चुकी हैं। जेनेवीव जाफरी अभिनेता सईद जाफरी के भाई हमीद जाफरी और उनकी पहली पत्नी वैलेरी की बेटी हैं। बाद में हमीद जाफरी ने अशोक कुमार की बेटी भारती गांगुली से शादी की थी। कियारा का परिवार फिल्मी दुनिया से सीधे तौर पर जुड़ा नहीं था, लेकिन बॉलीवुड से परिचय बचपन से था। कियारा ने बताया है कि वह बचपन में आईने के सामने फिल्मों के सीन दोहराती थीं और स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेती थीं। तभी उन्होंने फिल्मों में काम करने का सपना देखा। उन्होंने कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल से पढ़ाई और जय हिंद कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। 10वीं बोर्ड परीक्षा में उनके 92% अंक आए थे। फिल्मों में आने से पहले बच्चों को पढ़ाती थीं फिल्मों में आने से पहले कियारा अपनी मां के प्री-स्कूल में छोटे बच्चों को पढ़ाती थीं। Film Companion को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्हें बच्चों के साथ समय बिताना पसंद था। कुछ समय यह काम करने के बाद उन्होंने फिल्मों में आने के लिए ऑडिशन देना शुरू कर दिया। आलिया से कियारा बनने के पीछे की कहानी कियारा का असली नाम आलिया था। बॉलीवुड में कदम रखने की तैयारी के दौरान आलिया भट्ट पहले से स्थापित थीं, इसलिए सलमान खान ने उन्हें नाम बदलने की सलाह दी। कियारा ने ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ में बताया था कि फिल्म 'अंजाना अंजानी' में प्रियंका चोपड़ा के किरदार 'कियारा' से प्रेरित होकर उन्होंने नया नाम चुना। सलमान खान से खास कनेक्शन ने नहीं दिलाया काम अक्सर माना जाता है कि सलमान खान के परिवार से रिश्तों की वजह से कियारा को फिल्मों में आसानी से एंट्री मिली, लेकिन असलियत अलग है। दोनों परिवारों के पुराने संबंध हैं, जिसे सलमान और कियारा स्वीकार कर चुके हैं। कियारा ने राज शमानी के पॉडकास्ट में कहा था कि उन्हें कभी सिर्फ पहचान की वजह से काम नहीं मिला। हर फिल्म के लिए ऑडिशन देना पड़ा। दरअसल, कियारा की मां जेनेवीव जाफरी और सलमान खान बचपन के दोस्त रहे हैं। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध हैं। कियारा की मौसी शाहीन जाफरी भी एक समय सलमान खान की करीबी दोस्त और कथित गर्लफ्रेंड रह चुकी हैं। यही वजह है कि सलमान, कियारा को बचपन से जानते हैं। पहली फिल्म आई और सपना टूटता हुआ नजर आया 2014 में कबीर सदानंद की फिल्म 'फगली' से कियारा ने बॉलीवुड में डेब्यू किया। फिल्म में मोहित मारवाह, विजय राज और जिमी शेरगिल भी थे। रिलीज से पहले फिल्म से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह बुरी तरह फ्लॉप रही। पहली फिल्म की असफलता का सबसे बड़ा असर कियारा के करियर पर पड़ा। जहां कई नए कलाकारों को पहली फिल्म के बाद ऑफर मिलने लगते हैं, वहीं कियारा का फोन बजना बंद हो गया। महीनों तक नहीं मिला कोई काम, खुद पर होने लगा था शक 'फगली' फ्लॉप होने के बाद कियारा का सबसे कठिन दौर शुरू हुआ। उन्होंने Film Companion को दिए इंटरव्यू में बताया कि कई महीनों तक उनके पास कोई नई फिल्म नहीं थी। वह रोज मैनेजर से पूछती थीं कि कोई कॉल आया या नहीं। हर दिन उम्मीद रहती थी कि शायद कोई डायरेक्टर या प्रोड्यूसर फोन करेगा, लेकिन जवाब 'नहीं' होता था। धीरे-धीरे उन्हें खुद पर शक होने लगा। क्या उन्होंने गलत करियर चुन लिया? क्या पहली फिल्म ही आखिरी फिल्म बन जाएगी? क्या अब कोई उन्हें मौका देगा? ये सवाल लगातार मन में चलते रहते थे। लेकिन उन्होंने ऑडिशन देना नहीं छोड़ा। एक ऑडिशन ने बदल दी जिंदगी करीब दो साल के संघर्ष के बाद कियारा को नीरज पांडे की फिल्म 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' के लिए ऑडिशन का मौका मिला। इसमें उन्हें साक्षी धोनी का किरदार निभाना था। कियारा कहती हैं कि इस रोल के लिए भी कई राउंड के ऑडिशन और लुक टेस्ट देने पड़े। आखिरी समय तक उन्हें भरोसा नहीं था कि फिल्म मिलेगी या नहीं। रोल मिलने पर उन्हें लगा कि अब उनकी जिंदगी बदल जाएगी। 'एमएस धोनी' ब्लॉकबस्टर हुई, लेकिन कियारा के लिए कुछ नहीं बदला 30 सितंबर 2016 को रिलीज हुई 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत ने महेंद्र सिंह धोनी और कियारा आडवाणी ने साक्षी धोनी का किरदार निभाया। फिल्म की सफलता के बाद लोगों को लगा कि उनका संघर्ष खत्म हो गया, लेकिन ऐसा नहीं था। कियारा ने बताया कि फिल्म हिट होने के बावजूद उन्हें पहले की तरह ऑडिशन देने पड़ते थे और कई बार स्क्रीन टेस्ट के बाद भी रोल नहीं मिलता था। उन्होंने कहा था, लोगों को सिर्फ आपकी रिलीज हुई फिल्में दिखती हैं, लेकिन उनके पीछे कितने ऑडिशन और कितने रिजेक्शन होते हैं, यह कोई नहीं देखता। कई फिल्मों के लिए दिया ऑडिशन, लेकिन हर बार नहीं मिली मंजिल कियारा कहती हैं कि उस दौर में वह लगभग हर बड़े प्रोडक्शन हाउस के लिए ऑडिशन दे रही थीं। कई बार आखिरी राउंड, लुक टेस्ट और कॉस्ट्यूम ट्रायल तक पहुंचने के बाद भी रोल किसी और अभिनेत्री को मिल जाता। हर रिजेक्शन के बाद वह सोचती थीं कि कमी कहां रह गई। हालांकि उन्होंने तय कर लिया था कि रिजेक्शन को अपनी पहचान नहीं बनने देंगी। जब बड़े फैशन डिजाइनर्स ने कहा- अभी आप स्टार नहीं हैं आज कियारा बड़े फैशन ब्रांड्स का चेहरा हैं, लेकिन शुरुआती दिनों में उन्हें रेड कार्पेट के लिए कपड़े तक नहीं मिलते थे। Lilly Singh के पॉडकास्ट में उन्होंने बताया था कि कई बड़े डिजाइनर्स आउटफिट देने से मना कर देते थे, क्योंकि वह बड़ी स्टार नहीं थीं। कई इवेंट्स में उन्हें छोटे डिजाइनर्स के कपड़े पहनने पड़ते थे। उन्होंने कहा कि यह बात चुभती थी, लेकिन इसे कमजोरी नहीं बनने दिया। उनके मुताबिक, अगर आपका काम अच्छा होगा तो एक दिन वही लोग आपके साथ काम करना चाहेंगे। आज देश के लगभग सभी बड़े फैशन डिजाइनर्स और लग्जरी ब्रांड्स उनके साथ काम करते हैं। आलोचनाएं भी मिलीं और एक्टिंग पर भी उठे सवाल शुरुआती फिल्मों के बाद कुछ समीक्षकों का मानना था कि कियारा की स्क्रीन प्रेजेंस अच्छी है, लेकिन अभिनय में सुधार की जरूरत है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें कई बार ट्रोल किया गया। उन्होंने आलोचनाओं से भागने के बजाय हर फिल्म के बाद अपना काम देखा और सुधार किया। उन्होंने एक्टिंग वर्कशॉप्स कीं तथा डायलॉग डिलीवरी और इमोशनल सीन पर खास मेहनत की। यही मेहनत बाद की फिल्मों में साफ नजर आई। 'लस्ट स्टोरीज' ने बदल दी लोगों की सोच 2018 में नेटफ्लिक्स की एंथोलॉजी फिल्म 'लस्ट स्टोरीज' रिलीज हुई। करण जौहर के निर्देशन वाली इस कहानी में कियारा का किरदार छोटा, लेकिन चुनौतीपूर्ण था। फिल्म रिलीज होते ही उनके अभिनय की खूब चर्चा हुई। पहली बार समीक्षकों ने उन्हें सिर्फ खूबसूरत चेहरा नहीं, बल्कि अच्छी अभिनेत्री भी माना। कई फिल्म समीक्षकों के अनुसार, इसी फिल्म ने कियारा को लेकर इंडस्ट्री का नजरिया बदल दिया। फिर आई 'कबीर सिंह' और रातोंरात बदल गई जिंदगी 2019 में शाहिद कपूर के साथ रिलीज हुई 'कबीर सिंह' कियारा के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 370 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार किया और साल की सबसे बड़ी हिंदी फिल्मों में शामिल रही। प्रीति के शांत और संवेदनशील किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उनके पास फिल्मों की भरमार हो गई और निर्माता-निर्देशक खुद ऑफर देने लगे। एक के बाद एक हिट फिल्मों ने बना दिया बॉक्स ऑफिस क्वीन 'कबीर सिंह' के बाद कियारा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 'गुड न्यूज', 'शेरशाह', 'भूल भुलैया 2' और 'सत्यप्रेम की कथा' में अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता साबित की। खासकर 'शेरशाह' में डिंपल चीमा के किरदार को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। यहीं से वह सिर्फ स्टार नहीं, बल्कि सशक्त अभिनेत्री के रूप में स्थापित हो गईं। शादी के बाद भी करियर नहीं रुका, बल्कि और मजबूत हुआ 7 फरवरी 2023 को कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा ने जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में शादी की। शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं और यह साल की चर्चित सेलिब्रिटी शादियों में शामिल रही। शादी के बाद भी उन्होंने बड़े बैनर्स की फिल्मों में काम जारी रखा। 'सत्यप्रेम की कथा' में उनके अभिनय की काफी तारीफ हुई। कई समीक्षकों ने इसे उनके करियर की सबसे परिपक्व परफॉर्मेंस में से एक माना। मां बनने के बाद अब सबसे बड़ी वापसी की तैयारी 2025 में कियारा और सिद्धार्थ ने अपने पहले बच्चे का स्वागत किया। इसके बाद कियारा ने कुछ समय के लिए काम से ब्रेक लिया। अब वह बड़े पर्दे पर वापसी के लिए तैयार हैं। उनकी चर्चित आगामी फिल्म 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' है, जिसमें वह सुपरस्टार यश के साथ नजर आएंगी। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि यह उनके करियर की सबसे बड़ी पैन-इंडिया रिलीज में से एक हो सकती है। टॉक्सिक' के गाने 'तबाही' पर ट्रोल हुईं हालांकि फिल्म के गाने 'तबाही' में यश और कियारा आडवाणी के इंटीमेट सीन्स को लेकर सोशल मीडिया पर कियारा को ट्रोल किया जा रहा है। कई यूजर्स ने शादी और मां बनने के बाद उनके बोल्ड सीन करने पर सवाल उठाए। वहीं कई लोगों ने इसे महिला कलाकारों के प्रति डबल स्टैंडर्ड बताया, क्योंकि यश भी शादीशुदा हैं और दो बच्चों के पिता हैं। कियारा बोलीं- लोग ईमानदारी से किए गए काम से जुड़ेंगे ट्रोलिंग के बीच कियारा आडवाणी ने सीधे विवाद पर प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन फिल्म और अपने किरदार का बचाव किया। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि लोग ईमानदारी से किए गए काम से जुड़ते हैं। 'टॉक्सिक' में मेरा किरदार मेरे करियर के सबसे रचनात्मक और संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा है। जब दर्शक पूरी फिल्म देखेंगे, तब उन्हें इस किरदार और कहानी का संदर्भ बेहतर तरीके से समझ आएगा। कियारा के समर्थन में उनकी को-स्टार हुमा कुरैशी भी सामने आईं। उन्होंने ट्रोलिंग को ‘सिक’ और ‘डिस्गस्टिंग’ बताते हुए कहा कि किसी अभिनेत्री को सिर्फ इसलिए निशाना बनाना गलत है क्योंकि वह अपने प्रोफेशन का हिस्सा निभा रही है। हुमा ने कहा कि कलाकारों को निजी जीवन नहीं, बल्कि उनके काम के आधार पर आंका जाना चाहिए। फिल्म में काम कर रहे ब्रिटिश अभिनेता बेनेडिक्ट गैरेट ने भी कियारा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कलाकार सिर्फ अपना किरदार निभा रहे हैं और उन्हें निजी जिंदगी के आधार पर जज करना उचित नहीं है। इससे पहले फिल्म के टीजर और प्रमोशनल कंटेंट को लेकर भी सोशल मीडिया पर आलोचना हुई थी। कुछ लोगों ने महिला किरदारों की प्रस्तुति पर सवाल उठाए थे, जबकि मेकर्स का कहना है कि फिल्म का पूरा संदर्भ रिलीज के बाद ही समझ में आएगा। ___________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... भूख से बचने के लिए दोपहर तक सोता था:अन्नू कपूर बोले- जेब खाली थी, ड्राइवर ने बुरे वक्त में नहीं छोड़ा, कहा- पाप लगेगा भोपाल से मुंबई तक अन्नू कपूर का सफर संघर्षों से भरा रहा। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। परिवार चलाने के लिए उन्होंने चाय बेची, चाट का ठेला लगाया, लॉटरी टिकट बेचे और ऑटो रिक्शा चलाया। गरीबी ने उनका आईएएस बनने का सपना छीन लिया, लेकिन अभिनय ने नई पहचान दिलाई।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 4:30 am

Spider-Man: Brand New Day ने वीकडे पर बॉक्स ऑफिस पर मचाया कोहराम, फिल्म पर जमकर हुई धनवर्षा

'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। जानिए कितना रहा सातवें दिन का कलेक्शन?

जागरण 5 Aug 2026 9:58 pm

चंडीगढ़ कोर्ट का सलमान खान को नोटिस:बीइंग ह्यूमन के नाम पर ज्वेलरी शोरूम खुलवाने में धोखाधड़ी का आरोप; 5 अक्टूबर को पेश होना होगा

चंडीगढ़ में बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी शोरूम से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में चंडीगढ़ की जिला अदालत ने बॉलीवुड एक्टर सलमान खान, उनकी बहन अलवीरा खान और संबधित कंपनी स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक समेत अन्य को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के मुताबिक, सभी को 5 अक्टूबर को अदालत में पेश होना होगा। कोर्ट ने सभी आरोपियों को समन जारी करते हुए उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर जवाब दाखिल करने के लिए भी कहा है। यह मामला चंडीगढ़ के मनीमाजरा में रहने वाले व्यापारी अरुण गोयल की ओर से दायर शिकायत पर दर्ज हुआ है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बीइंग ह्यूमन ब्रांड के नाम पर ज्वेलरी शोरूम खुलवाने के दौरान उनके साथ धोखाधड़ी की गई, जिससे उन्हें करोड़ों रुपयों का नुकसान हुआ। 3 करोड़ लागत से खोला शोरूम शिकायतकर्ता अरुण गोयल के अनुसार, उन्होंने मनीमाजरा के एनएसी क्षेत्र में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी का शोरूम खोला था। इसके लिए उन्होंने स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड के साथ एग्रीमेंट किया था। उनका कहना है कि कंपनी की सभी शर्तों का पालन किया गया और शोरूम तैयार करने पर ही करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा बीइंग ह्यूमन ब्रांड की ज्वेलरी भी स्टोर में रखी गई। गलत भरोसा देकर शोरूम खुलवाया शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी से जुड़े 6 लोगों ने उन्हें गलत भरोसा देकर शोरूम खुलवाया। शोरूम शुरू होने के बाद कंपनी की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जिस स्टोर से उन्हें बीइंग ह्यूमन ब्रांड की ज्वेलरी की सप्लाई होनी थी, वह फरवरी 2020 से बंद पड़ा है। इसके कारण उन्हें नया सामान नहीं मिल सका और कारोबार प्रभावित हो गया। कंपनी पहले दे चुकी सफाई इस मामले में आरोप सामने आने के बाद स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड ने पहले सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा था कि इस मामले में सलमान खान की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। कंपनी का कहना था कि वर्ष 2018 में मनीमाजरा के व्यापारी के साथ हुए समझौते से सलमान खान का कोई संबंध नहीं था। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया था कि वर्ष 2015 में सलमान खान फाउंडेशन ने उसे बीइंग ह्यूमन ब्रांड के तहत ज्वेलरी उत्पाद बेचने का लाइसेंस दिया था। ब्रांड के संचालन, बिक्री और कारोबार की पूरी जिम्मेदारी कंपनी की थी। 5 अक्टूबर को अदालत अगली सुनवाई इस मामले में अदालत ने सलमान खान, अलवीरा खान और अन्य आरोपियों को 5 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। अदालत ने सभी से शिकायत में लगाए गए आरोपों पर जवाब भी मांगा है। अगर कोई आरोपी बिना अनुमति के अदालत में पेश नहीं होता, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। मामले में कब-क्या हुआ, जानिए ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… सलमान खान@60; बड़ी अम्मी ने कुएं में धक्का दिया था:रेखा का पीछा करते थे, ₹10 लाख कमाना था सपना, आज ₹2900 करोड़ के मालिक उसकी डायलॉग डिलीवरी में ठहराव, स्टाइल में दबंग अंदाज और स्क्रीन पर रौबदार मौजूदगी, जो दिल तक उतर जाती है। हाथों में उसका सिल्वर ब्रेसलेट अक्सर चमकता दिखता है और उसकी चाल में अलग स्वैग होता है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 5 Aug 2026 9:34 pm

'शहनाज गिल मासूम बनने का दिखावा करती हैं':आंचल खुराना का तंज, बोलीं- शहनाज असल में चालाक और बदतमीज है

टीवी एक्ट्रेस और 'रोडीज 8' की विनर आंचल खुराना ने पंजाब की मशहूर एक्ट्रेस शहनाज गिल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। टेली मसाला को दिए इंटरव्यू में आंचल ने दावा किया है कि शहनाज असल में वैसी नहीं हैं जैसी सोशल मीडिया पर दिखाई देती हैं। वे केवल 'क्यूट' और भोली-भाली बनने का दिखावा करती हैं, जबकि असल में वे काफी चालाक और बदतमीज हैं। आंचल के मुताबिक, शहनाज और उनके भाई की अच्छी पब्लिक इमेज सिर्फ वीडियोज की चालाकी से की गई एडिटिंग की वजह से बनी हुई है। वीडियो एडिट करके बनाई गई अच्छी इमेजइंटरव्यू में 35 साल की आंचल खुराना ने कहा कि शहनाज खुद में ही खोई रहने वाली और कम IQ वाली इंसान हैं। उनके वीडियोज को इस तरह से एडिट किया जाता है कि वे बेहद प्यारी और मजाकिया लगें। आंचल ने दावा किया कि वे खुद 8 महीने पंजाब में रही हैं और वहां शहनाज के बैकग्राउंड को लेकर कोई अच्छी बात नहीं बोली जाती। 'बिग बॉस 13' और 'मुझसे शादी करोगे' जैसे शोज में उन्हें ऐसा दिखाया गया जैसे वे बहुत अच्छी हैं, जबकि सच्चाई इससे अलग है। भाई शहबाज को बताया बदतमीजशहनाज के भाई शहबाज बदेशा पर बात करते हुए आंचल ने कहा कि शहबाज बेहद बदतमीज इंसान हैं। आंचल ने बताया कि उन्होंने एक बार शहबाज को 'फुद्दू' यानी बेवकूफ कह दिया था, जिस पर शहबाज ने काफी बखेड़ा खड़ा कर दिया था। शहबाज ने आंचल से कहा था कि 'रोडीज' की क्या औकात है, इसे कौन देखता है और तुम कौन हो। आंचल ने कहा कि उन्हें इस इंटरव्यू के बाद शहबाज की तरफ से आने वाले किसी भी रिएक्शन से कोई डर नहीं लगता। 'बिग बॉस' से मिली दोनों भाई-बहन को पहचानशहनाज गिल को पहचान रियलिटी शो 'बिग बॉस 13' से मिली थी, जिसके बाद उन्होंने बॉलीवुड और पंजाबी फिल्मों में काम किया। वहीं उनके भाई शहबाज बदेशा को 'बिग बॉस 19' से पॉपुलैरिटी मिली थी। दूसरी तरफ, 6 अगस्त 1990 को दिल्ली में जन्मी आंचल खुराना 'रोडीज सीजन 8' की विनर रह चुकी हैं। उन्होंने 'सपने सुहाने लड़कपन के' सीरियल से पहचान बनाई और इसके अलावा 'सीआईडी', 'आहट', 'सावधान इंडिया' और 'अर्जुन' जैसे टीवी सीरियल्स में काम किया है। ये खबर भी पढ़ें शहनाज गिल को भीड़ से बचाने पर राघव जुयाल बोले:मरते दम तक प्रोटेक्ट करूंगा; कार में सरेआम शहनाज को गोद में बैठाया था एक्टर और डांसर राघव जुयाल ने अपनी बर्थडे पार्टी के उस वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें वे एक्ट्रेस शहनाज गिल को पैपराजी और फैंस की भीड़ से बचाते नजर आए थे। उन्होंने अपनी बर्थडे पार्टी के बाद शहनाज को लोगों से बचाते हुए कार के अंदर गोद में बैठा लिया था। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 5 Aug 2026 2:41 pm

ब्रेट ली ने प्रीति संग अफेयर की अफवाहें खारिज कीं:बोले- हम अच्छे दोस्त थे और हैं, कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने हाल ही में मुंबई दौरे के दौरान एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस प्रीति जिंटा के साथ अपने अफेयर की अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में जब ब्रेट ली से उनका नाम बॉलीवुड अभिनेत्रियों के साथ जुड़ने की अफवाहों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'ये रही आपकी खबर... मैंने कभी किसी बॉलीवुड एक्ट्रेस को डेट नहीं किया।' उन्होंने आगे कहा, ‘प्रीति जिंटा और मैं पहले भी बहुत अच्छे दोस्त थे और आज भी हैं। उस समय वह पंजाब टीम की मालकिन थीं। वह बेहद समझदार महिला हैं और मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। ऐसी खबरों ने मुझे कभी परेशान नहीं किया, क्योंकि मुझे हमेशा सच पता था। लोग जितनी चाहें अटकलें लगा सकते हैं, लेकिन मैंने कभी उन्हें अपने ऊपर असर नहीं करने दिया।’ मुंबई से पुराना नाता ब्रेट ली ने इंटरव्यू में बताया कि उनका भारत से कनेक्शन 1994 में शुरू हुआ था, जब वे पहली बार ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के साथ मुंबई आए थे। ली ने कहा कि मुंबई उनके दिल के बहुत करीब है और यह शहर उन्हें अपने दूसरे घर जैसा लगता है। उन्होंने मुंबई की बारिश और यहां की एनर्जी की तारीफ की। ली के अनुसार, मुंबई की बारिश शहर के मिजाज का एक अहम हिस्सा है, जो इसे और खास बनाती है। ऑटो रिक्शा और 'मुकाबला' गाना मुंबई में शूटिंग के दौरान ऑटो रिक्शा में बैठकर ली को अपने शुरुआती ट्रेनिंग के दिन याद आ गए। उन्होंने बताया कि 1994 में वे अपनी क्रिकेट किट लेकर ऑटो में ही ट्रेनिंग के लिए जाते थे। ली ने बताया कि भारत में सुना गया उनका पहला गाना 'मुकाबला' था, जो उन्होंने ऑटो रिक्शा में सुना था। तब उन्हें हिंदी समझ नहीं आती थी, लेकिन संगीत पसंद आया था। बाद में उन्होंने इस गाने का मतलब समझा और अब जब भी भारत आते हैं, तो यह गाना जरूर सुनते हैं। एआर रहमान का इंटरव्यू लेना उनके लिए एक शानदार अनुभव था। भारतीय फैंस का प्यार आज भी मिलता है अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए एक दशक से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन ली आज भी भारतीय फैंस से मिलने वाले प्यार से अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि जब वे ऑस्ट्रेलिया या दुबई में होते हैं, तो अक्सर भूल जाते हैं कि उन्होंने क्रिकेट खेला है, लेकिन मुंबई आते ही लोग उन्हें अपने प्यार से याद दिलाते हैं। ली ने कहा कि भारत में उन्हें एक राजा की तरह सम्मान मिलता है।

दैनिक भास्कर 5 Aug 2026 2:18 pm

पैपराजी को देख आराध्या ने हाथ जोड़कर किया नमस्ते:बेटी के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए अभिषेक-ऐश्वर्या; सनी देओल और प्रीति जिंटा भी नजर आए

हाल ही में छुट्टियां बिताकर लौटे अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन और उनकी बेटी आराध्या बच्चन मंगलवार को एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए। इस दौरान ऐश्वर्या और आराध्या ब्लैक आउटफिट में ट्विनिंग करती नजर आईं। आराध्या ने लेदर जैकेट पहनी थी, जबकि ऐश्वर्या ब्लैक वेलवेट ओवरकोट और जींस में दिखीं। अभिषेक बैगी डेनिम और जैकेट में नजर आए। एयरपोर्ट पर परिवार के बर्ताव ने भी लोगों का ध्यान खींचा। अभिषेक ने उन्हें लेने आए सिक्योरिटी कर्मियों का अभिवादन किया, जबकि आराध्या ने फोटोग्राफरों को नमस्ते कहा। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके इस व्यवहार की तारीफ की। इससे पहले अभिषेक और ऐश्वर्या न्यूयॉर्क में भी साथ नजर आए थे। दोनों ने सड़क पर फैंस के साथ सेल्फी खिंचवाई थी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। उस समय अभिषेक कैजुअल टी-शर्ट और कैप में दिखे, जबकि ऐश्वर्या ऑल-ब्लैक लुक में नजर आई थीं। वर्क फ्रंट की बात करें तो अभिषेक बच्चन फिल्म 'किंग' में शाहरुख खान के साथ नजर आने वाले थे। फिल्म में दीपिका पादुकोण, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, रानी मुखर्जी, जयदीप अहलावत, अरशद वारसी और राघव जुयाल भी शामिल थे। फिल्म की सिनेमाघरों में रिलीज 24 दिसंबर को निर्धारित थी। वहीं, मंगलवार देर शाम एक्टर सनी देओल अपने बेटे करण देओल के साथ मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए। दोनों सिंपल और कैजुअल लुक में नजर आए। वहीं, एक्ट्रेस प्रीति जिंटा भी मुंबई एयरपोर्ट पर दिखाई दीं। प्रीति ब्लैक और व्हाइट कैजुअल आउटफिट में नजर आईं। बता दें कि सनी देओल, करण देओल और प्रीति जिंटा जल्द अपकमिंग फिल्म 'बंटवारा 1947' में नजर आएंगे। फिल्म में शबाना आजमी, अली फजल और अभिमन्यु सिंह भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की कहानी हिंसा, विस्थापन और पारिवारिक संघर्ष से जूझ रहे एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। 'बंटवारा 1947' 14 अगस्त 2026 को रिलीज होगी।

दैनिक भास्कर 5 Aug 2026 12:05 pm

वर्किंग डे में भी नहीं थमी Jana Nayagan की कमाई की रफ्तार, मंगलवार को हुई नोटों की बारिश

साउथ सिनेमा की फिल्म जन नायकन कमाई के मामले में वर्किंग डे में भी कमाल कर रही है।

जागरण 5 Aug 2026 11:43 am

प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार आज दोपहर 2 बजे होगा:कल कैंसर से निधन हुआ; लगान, गजनी जैसी कई फिल्मों में दिखे थे

एक्टर प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार आज यानी बुधवार दोपहर 2 बजे मुंबई की बेस्ट कॉलोनी के पास गोरेगांव (पश्चिम) में होगा। यह जानकारी प्रदीप रावत के करीबी दोस्त और अभिनेता यशपाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर दी। बता दें कि लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में मंगलवार शाम को निधन हो गया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया था कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे और बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत में अश्वत्थामा की भूमिका से की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में उन्होंने लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। वहीं, तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म चाइना टाउन, बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। सलमान को प्रदीप रावत के कारण गजनी नहीं मिली थी 27 मार्च 2025 को मुंबई में फिल्म सिकंदर की प्रेस मीट के दौरान सलमान से पूछा गया था कि क्या वाकई आमिर से पहले आपको गजनी मिली थी। इस पर एक्टर ने कहा था, 'मैंने भी सुना है। मैंने ये प्रदीप से सुना है, हम उसे गजनी बुलाते हैं। वो मेरे दोस्त हैं, हमने 4-5 फिल्में साथ की हैं। उसने एक बार कहा था, मुरुगदास (गजनी के डायरेक्टर) बहुत अनुशासित हैं, इतने सिंसियर हैं, सलमान कैसे काम कर लेगा उनके साथ, सलमान को गुस्सा बहुत आता है।' आगे सलमान ने कहा था, 'मतलब वो मेरे साथ 5 पिक्चरें कर चुका है, उसके बाद वो ये बोलता है। उसके बाद मैं बेचारे से मिला ही नहीं। मिलेगा तो मैं उससे पूछूंगा कि मैं कब गुस्सा हुआ तेरे से।' सोनू सूद ने प्रदीप रावत को दी श्रद्धांजलि एक्टर सोनू सूद ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रदीप रावत की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर कर लिखा, ‘प्रदीप रावत भाई, आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आप हमेशा याद आएंगे।’ यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 5 Aug 2026 10:27 am

सलमान खान ने सोहेल को दी आगे बढ़ने की सलाह:बोले- किसी को डेट करना शुरू करो; बेटे से कराई वीडियो कॉल में बात

एक्टर सलमान खान ने हाल ही में अपने छोटे भाई सोहेल खान को उनके तलाक के बाद आगे बढ़ने और किसी को डेट करने की सलाह दी। हाल ही में सलमान खान शो अलायंस के नए एपिसोड में पहुंचे थे, जिसमें सोहेल बतौर कंटेस्टेंट भाग ले रहे हैं। बातचीत के दौरान सलमान ने सोहेल और सीमा सजदेह की शादी का जिक्र करते हुए कहा कि हर रिश्ते में मुश्किल दौर और झगड़े आते हैं। उन्होंने कहा, ‘तुम खुद पर कुछ दोष ले रहे हो। मैं समझता हूं कि तुम यह नहीं कहोगे कि यह आपसी फैसला था। मैंने सीमा के कुछ इंटरव्यू देखे, जिनमें उन्होंने कहा कि रिश्ता टॉक्सिक था और झगड़े होते थे।' उन्होंने आगे कहा, 'हर कपल के बीच झगड़े होते हैं। यह आपके ऊपर है कि रिश्ते में बने रहना है या अलग होना है। एक भाई होने के नाते मैं जानता हूं कि तुमने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की और उसने भी की, लेकिन उस समय हालात तुम्हारे पक्ष में नहीं थे।’ सलमान बोले- अब किसी को डेट करो और आगे बढ़ो सलमान ने सोहेल को नई शुरुआत करने की सलाह देते हुए कहा, ‘किसी को डेट करना शुरू करो। आगे बढ़ो। तुम जानते हो न कि हमारा दिमाग हमारे साथ कैसे खेल खेलता है? दिमाग की यही आदत है। चाहे जिंदगी की बाकी सारी चीजें कितनी भी अच्छी चल रही हों, लेकिन अगर एक भी ऐसी बात हो जो तुम्हें परेशान कर रही हो, तो तुम बाकी की 99.9% अच्छी चीजों को भूल जाते हो।’ उन्होंने आगे कहा कि फिर पूरा ध्यान उसी एक नेगेटिव बात पर टिक जाता है। तुम सोचते रहते हो, 'यार, ये चीज मेरे हित में नहीं है… ये नेगेटिव है… ये मुझे परेशान कर रही है और फिर तुम्हारा दिमाग बार-बार उसी एक बात पर जाता है, उसी के बारे में सोचता रहता है। पिछले कुछ हफ्तों से परिवार को मिस कर रहे सोहेल की सलमान ने अपने फोन से बेटे निर्वाण से वीडियो कॉल पर बात कराई। बेटे से बात कर सोहेल इमोशनल और खुश हो गए। सोहेल और सीमा ने भागकर शादी की थी सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए।

दैनिक भास्कर 5 Aug 2026 9:46 am

इ्ंडियन बॉक्स ऑफिस का किंग बना Spider-Man, मंगल को धुरंधर स्टाइल में खेला कमाई का दंगल

कमाई के मामले में हॉलीवुड फिल्म स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे का शानदार प्रदर्शन वीक डे में भी जारी है।

जागरण 5 Aug 2026 9:24 am

काजोल@52, पिता चाहते थे नाम हो मर्सिडीज:हीरोइन बनने से पहले अक्षय पर था क्रश, पहली मुलाकात में शाहरुख ने की बेइज्जती, गिरने से याददाश्त गई

एक लड़की, जिनकी शरारतों से मां इतनी परेशान थीं कि गुस्से में कह देती थीं, हाय... काश, तुझे भी एक बेटी हो, बिल्कुल तेरे जैसी। पिता उनका ऑफिशियल नाम 'मर्सिडीज' रखना चाहते थे, लेकिन मां ने साफ मना कर दिया। इनकी दोस्ती की भी मिसाल दी जाती है। 15 साल की उम्र में उसने करण जौहर का ऐसा मजाक उड़ाया कि वो पार्टी छोड़कर ही निकल गए। वहीं उन्हें पहली फिल्म भी एक सहेली की मदद से ही मिली। लेकिन शूटिंग के पहले ही दिन सेट पर गिर पड़ीं। ये गिरने-पड़ने में भी पीछे नहीं थीं। जिस फिल्म का हिस्सा बनतीं, वहां गिरना तय था। बेस्ट फ्रेंड शाहरुख और करण का मानना था कि ये जिस भी फिल्म के सेट पर गिरती हैं, वो हिट हो जाती हैं। ऐसे ही एक बार कुछ कुछ होता है की शूटिंग में ये साइकिल से ऐसी गिरीं कि याददाश्त ही चली गई। दोस्तों ने पुरानी शरारत का बदला लिया और ये साबित कर दिया कि वो फिल्म की हीरोइन नहीं बल्कि बैकग्राउंड डांसर थीं। शरारत, बेबाकी, हाजिरजवाबी और दमदार एक्टिंग, इन चार शब्दों में अगर किसी एक एक्ट्रेस को बयां किया जा सकता है, तो वो हैं काजोल। बॉलीवुड की इस चुलबुली सुपरस्टार ने अपनी हंसी, अपने अंदाज और अपनी फिल्मों से तीन दशकों से दर्शकों का दिल जीता है। आज, उनके 52वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे मजेदार किस्से, जो उनकी शख्सियत का सार हैं- किस्सा- 1 पिता चाहते थे नाम हो मर्सिडीज, 11 की उम्र में बोर्डिंग स्कूल से भागीं, रास्ते में पकड़ी गईं 5 अगस्त 1974 में काजोल का जन्म मुंबई के समृद्ध बंगाली परिवार में हुआ। मां तनुजा, जानी-मानी एक्ट्रेस थीं और पिता शोमू मुखर्जी फिल्ममेकर। उनके पिता मर्सिडीज कार के शौकीन थे। उन्हें पता चला कि ये कार बनाने वाले शख्स की बेटी का असल नाम मर्सिडीज था। बात में उसने बेटी के नाम पर मर्सिडीज कार बनाई। शोमू चाहते थे कि उनकी बेटी का नाम भी मर्सिडीज हो। वो अड़ गए, लेकिन तनुजा ने साफ कहा- मैं ऐसा नहीं होने दूंगी। उन्होंने बेटी का नाम काजल रखा, लेकिन बंगाली परिवार में इसे ही धीरे-धीरे काजोल कर दिया गया। काजोल बचपन में इतनी शरारती थीं कि मां उनकी अक्सर पिटाई करती थीं। कभी बैडमिंटन रैकेट से मारतीं तो कभी जो हाथ आया उससे। काजोल कम उम्र की थीं, जब पेरेंट्स का तलाक हो गया। मां तनुजा फिल्मों में व्यस्त रहती थीं, तो काजोल कई सालों तक नानी शोभना समर्थ के साथ रहीं। शोभना भी अपने दौर की मशहूर एक्ट्रेस थीं। कुछ समय बाद उनका दाखिला पंचगनी के सेंट जोसेफ बोर्डिंग स्कूल में करवा दिया गया। एक दिन बोर्डिंग स्कूल में उन्हें पता चला कि उनकी नानी की मां काफी बीमार हैं। काजोल ने जिद पकड़ ली कि वो उनसे मिलने जाएंगी। मां ने इनकार कर दिया कि सीधे क्रिसमस की छुट्टियों में ही आना। काजोल ने अपनी एक दोस्त के साथ बोर्डिंग स्कूल से भागने का प्लान बनाया। वो लोगों की नजरों से बचते हुए गेट से बाहर निकलीं और अपने लोकल गार्डियन के घर पहुंच गईं। उन्होंने कहा- मामा जी, मां ने मुझे घर बुलाया है, आप मुझे बस में बैठा दीजिए। मामा कुछ समझ नहीं सके और बस में बैठा दिया। काजोल बस चलने का इंतजार कर रही थीं कि तभी स्कूल की नन ने उन्हें पकड़ लिया। काजोल को डांट के बाद दोबारा बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया। देखिए काजोल के बचपन की चुनिंदा तस्वीरें- किस्सा-2 15 की उम्र में करण जौहर को देखकर उड़ाया मजाक, पार्टी छोड़कर निकले काजोल महज 15 साल की थीं, जब वो मां एक्ट्रेस तनुजा के साथ एक फिल्मी पार्टी में गईं। डिस्को थीम वाली पार्टी में फिल्म इंडस्ट्री के कई और सेलेब्स भी आए थे। काजोल मस्ती कर रही थीं कि तभी पार्टी में फिल्ममेकर यश जौहर अपने 17 साल के बेटे करण जौहर के साथ आए। ये करण और काजोल की पहली मुलाकात थी। जैसे ही पेरेंट्स ने दोनों का परिचय करवाया, थ्री-पीस सूट, टाई लगाए हुए टीनएज करण को ऊपर से नीचे देखकर काजोल जोर-जोर से हंस पड़ीं। करण मजाक उड़ता देख उदास हो गए, तभी काजोल की मां ने फिर कहा- तुम दोनों बच्चे जाकर साथ डांस क्यों नहीं करते। दोनों डांस फ्लोर पर गए तो करण हिचकते हुए डांस करने लगे, लेकिन काजोल हंसी नहीं रोक पाईं और करीब आधे घंटे तक हंसती रहीं। करण का दिल टूट गया और वो पार्टी छोड़कर चले गए। लेकिन समय के साथ दोनों की दोस्ती ऐसी होती गई कि जब करण ने 21 की उम्र में दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे बनाईं तो काजोल को ही कास्ट किया। आगे वो करण के साथ कभी खुशी कभी गम, कल हो न हो (कैमियो), माय नेम इज खान जैसी फिल्मों में नजर आईं। किस्सा- 3 अक्षय कुमार पर था क्रश, देखने के लिए दोस्त करण को किया परेशान काजोल को फिल्मों में आने से पहले अक्षय कुमार पर क्रश था। अक्षय कुमार 1987 में फिल्मों में आए थे और कई हिट फिल्में दे रहे थे। तब काजोल महज 16-17 साल की थीं। एक बार काजोल मां के साथ फिल्म हिना के प्रीमियर में पहुंची। तब तक उनकी करण जौहर से दोस्ती हो चुकी थी। प्रीमियर में जैसे ही काजोल को पता चला कि अक्षय कुमार भी आए हैं, तो वो करण का हाथ पकड़कर पूरे प्रीमियर में अक्षय को ढूंढती रहीं। ये किस्सा करण जौहर ने कपिल शर्मा के शो में सुनाया था। किस्सा- 4 दोस्त का फोटोशूट करवाने पहुंचीं, मिल गई पहली फिल्म, छुट्टियों के टाइमपास के लिए हामी भरी काजोल की तीन पीढ़ियां फिल्मों में काम कर चुकी हैं। ऐसे में तनुजा चाहती थीं कि वह भी फिल्मों में आएं, लेकिन काजोल इसके खिलाफ थीं। उन्हें लगता था कि हीरोइन बनने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। तनुजा ने उनकी मर्जी के खिलाफ उनके लिए फिल्म बनाना भी शुरू किया, लेकिन किसी कारण वो बंद पड़ गई। काजोल की एक करीबी दोस्त हीरोइन बनना चाहती थीं। एक दिन वो पोर्टफोलियो बनवाने के लिए गौतम राजाध्यक्ष के पास गईं। साथ देने के लिए वो काजोल को भी साथ ले गईं। दोस्त का फोटोशूट चल ही रहा था कि थोड़ी ही देर में तनुजा भी वहां पहुंच गईं। तनुजा के कहने पर मेकअप आर्टिस्ट ने काजोल का भी मेकअप कर दिया और उनकी भी तस्वीरें क्लिक की गईं। उनका फोटोशूट गौतम राजाध्यक्ष ने किया था, जो उस समय फिल्म बेखुदी के स्क्रीनप्ले पर काम कर रहे थे। उन्हें काजोल का चेहरा इतना पसंद आया कि वो उनकी तस्वीरें लेकर फिल्म बेखुदी के डायरेक्टर राहुल रवैल के पास गए। उन्हें भी काजोल पसंद आ गईं और वो सीधे उनके लिए तनुजा के घर पहुंच गए। जैसे ही काजोल को फिल्म के ऑफर के बारे में पता चला, वो नाराज हो गईं और मना कर दिया, लेकिन स्कूल की छुट्टियों की बोरियत दूर करने के लिए बाद में मान गईं। उन्होंने सैफ अली खान के घर में स्क्रीनटेस्ट दिया। पहले सैफ फिल्म के हीरो थे, हालांकि बाद में उन्हें निकालकर कमल सदाना को कास्ट कर लिया गया। काजोल ने द अनुपम खेर शो में बताया था कि फिल्म के सेट पर उनका पहला दिन आसान नहीं था। उस दिन मुहूर्त शॉट होना था, जिसमें 90 के दशक की कई बड़ी फिल्मी हस्तियां मौजूद थीं। जैसे ही काजोल स्टेज पर चढ़ीं, उनके पेट में अजीब सा महसूस होने लगा। मुहूर्त शॉट के दौरान वो पहले ही टेक में गिर गईं। उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई, लेकिन डायरेक्टर ने हंसते हुए कहा पहले दिन गिरना शुभ होता है। किस्सा- 5 शाहरुख ने पहली मुलाकात में कहा- तुम कभी चुप नहीं होतीं काजोल ने फिल्म बेखुदी से करियर की शुरुआत की और आगे उन्हें फिल्म बाजीगर में न्यूकमर शाहरुख के साथ काम करने का मौका मिला। फिल्म की शूटिंग नए साल में 1 जनवरी को हुई। एक दिन पहले सभी ने नए साल का जश्न मनाया था और सभी थके हुए थे। काजोल ने पहली बार शाहरुख को देखा, तो वो बड़ा सा काला चश्मा लगाए एक किनारे बैठे हुए थे और किसी से बात नहीं कर रहे थे। तभी काजोल ने मराठी में शाहरुख के मेकअप आर्टिस्ट से कहा- ये कैसा हीरो है, खड़ूस लग रहाहै। बात नहीं करता है, कहां से लेकर आए हो इसे, कितना अजीब है। दूसरी तरफ पार्टी के अगले दिन थके हुए शाहरुख, कान में हाथ रखकर काजोल की आवाज रोकने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने पास खड़े लड़के से कहा, ये हीरोइन कितना बोलती है, कोई इसे चुप करवाओ। काजोल काफी देर तक शाहरुख की बुराई करती रहीं और फिर थोड़ी देर बाद उनके पास जाकर कहा- हाय, मेरा नाम काजोल है। शाहरुख ने सबसे पहला शब्द कहा- क्या तुम कभी चुप नहीं रहतीं। काजोल ने फिर कहा- नहीं, मैं चुप नहीं रह सकती, ये कभी नहीं होगा। एक तल्खी से शुरू हुई ये दोस्ती चल निकली और आज दोनों की दोस्ती एक मिसाल है। दोनों ने बाजीगर के अलावा दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, कभी खुशी कभी गम, माय नेम इज खान जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। किस्सा- 6 बाजीगर में शिल्पा की मौत के सीन में हंसती रहीं, डायरेक्टर ने लगाई फटकार बाजीगर के सेट पर एक दिन शिल्पा शेट्टी का डेथ सीन फिल्माया जाना था। सीन के अनुसार, काजोल को बहन शिल्पा की मौत के बाद खूब रोना था। लेकिन जैसे ही सीन की तैयारी हुई, काजोल, शिल्पा के पैरों पर लगी नेल पॉलिश देखकर जोर-जोर से हंसने लगीं। वो बार-बार कह रही थीं कि मरते हुए इतनी नेल पॉलिश कौन लगाता है। काजोल के लगातार हंसने से शूटिंग पर असर पड़ने लगा। डायरेक्टर अब्बास मस्तान उनके पास आए और कहा ये बेहद संजीदा शॉट है, तुम ऐसे हसोगी तो कैरेक्टर में नहीं रह पाओगी। लेकिन काजोल थीं कि चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थीं। उनकी हंसी से डायरेक्टर झुंझला गए और चिल्लाकर कहा- अगर तुम्हारी असली बहन की मौत हो जाती, तब भी क्या तुम ऐसे ही हंसतीं। ये सुनकर काजोल एक दम शांत हो गईं। कुछ ही देर बाद उन्होंने वो शॉट दिया, जिसे देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि वो कुछ देर पहले हंस रही थीं। किस्सा- 7 कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी गम, माय नेम इस खान, हर सेट पर गिरीं, जानिए किस्से गिरने के- कुछ कुछ होता है के सेट पर गिरने से गई याद्दाश्त काजोल, शाहरुख खान के साथ फिल्म कुछ कुछ होता है कि शूटिंग कर रही थीं। सीन के अनुसार, उन्हें शाहरुख के साथ साइकिल चलाते हुए उन्हें ताली मारनी थी। जैसे ही एक्शन कहा गया, काजोल की साइकिल का बैलेंस बिगड़ा और वो मुंह के बल सीधे नीचे गिर गईं। कुछ देर बाद जब उन्हें होश आया तो याद्दाश्त जा चुकी थी। इस समय बेस्ट फ्रेंड शाहरुख और करण उन्हें ये साबित करने में लगे थे कि वो हीरोइन नहीं बल्कि फिल्म की बैकग्राउंड डांसर हैं। याद्दाश्त जाने के बाद भी काजोल को उस समय उनके बॉयफ्रेंड अजय देवगन याद रहे। वो बार-बार कह रही थीं कोई प्लीज अजय को कॉल करो। उनके कहने पर अजय देवगन को कॉल किया गया। अजय ने कॉल पर उनसे लंबी बात की और उन्हें अच्छे से समझाया। कुछ देर बाद उन्हें सब याद आ गया। दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के सेट पर शाहरुख ने गिराया फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के एक सीन में शाहरुख खान को काजोल को गोद में उठाकर छोड़ना था। फराह खान चाहती थीं कि एक्सप्रेशन नेचुरल लगें, इसलिए उन्होंने काजोल को इस बारे में नहीं बताया। शाहरुख ने काजोल में उठाया और अचानक बिना बताए छोड़ दिया, जिससे काजोल असल में गिर गईं। सीन में दिखाए गए उनके एक्सप्रेशन नेचुरल थे, जिसके बाद उन्होंने शाहरुख की क्लास ली थी। इसी फिल्म के सेकेंड हाफ की शूटिंग ऊटी में हुई। एक सीन के अनुसार, काजोल को बारिश में भागना था, लेकिन भागते हुए वो जोर से गिरीं। क्रू मेंबर्स ने उन्हें तुरंत कंबल में लपेट दिया, क्योंकि ठंड काफी ज्यादा थी। टीम ने देखा की कंबल के अंदर काजोल सिसक रही हैं। सब फुसफुसा रहे थे कि काजोल बहुत तेज गिरी हैं, अब शूटिंग कैसे होगी। हालांकि काजोल ने कंबल के अंदर अपने गिरने पर हंस रही थीं। कभी खुशी कभी गम शूट करते हुए गिरीं फिल्म कभी खुशी कभी गम के गाने सूरज हुआ मद्धम की शूटिंग के समय भी काजोल सेट पर गिर गई थीं। इस गाने की शूटिंग इजिप्ट में हुई। काजोल को बड़ी चट्टानों पर साड़ी लहराते हुए डांस करना था, लेकिन एक शॉट में बैलेंस बिगड़ने से वो गिर पड़ीं। फिल्म की शूटिंग के दौरान काजोल प्रेग्नेंट थीं, हालांकि रिलीज के बाद उनका मिसकैरेज हो गया था। वो कई दिन अस्पताल में रहीं और ट्रॉमा में काम से ब्रेक ले लिया। किस्सा- 8 माय नेम इज खान के सेट पर नहीं गिरीं, तो चिंता में पड़ गए शाहरुख-करण काजोल, करण जौहर और शाहरुख की जिस भी फिल्म में गिरीं, वो हिट हो गई। जब वो माय नेम इज खान की शूटिंग कर रही थीं तो कई दिनों तक नहीं गिरीं। देखकर शाहरुख और करण चिंतित हो गए। वो हर रोज काजोल के गिरने का इंतजार करते। हालांकि शूटिंग पूरी होते-होते काजोल गिर पड़ीं और नतीजतन फिल्म भी हिट ही रही। किस्सा- 9 अजय देवगन के कॉल को समझ लिया प्रैंक, हड़का कर काटा फोन काजोल ने करियर की शुरुआत में अजय देवगन के साथ 1995 में पहली फिल्म हलचल की। अजय देवगन को पहली बार देखकर काजोल ने उन्हें बेहद एरोगेंट समझा। दरअसल, पहले दिन अजय सेट में एक किनारे चुपचाप बैठे थे। काजोल ने सेट पर आते ही पूछा कि हीरो कौन है। जवाब मिला- वो जो कौने में बैठा है वही हीरो है। इस पर काजोल ने कहा, कोई और हीरो नहीं मिला क्या। कुछ दिनों तक दोनों ने साथ शूटिंग की लेकिन दोस्ती नहीं हो पाई। एक दिन काजोल के टेलीफोन में कॉल आया। सामने से शख्स ने कहा- हैलो, मैं अजय देवगन बोल रहा हूं। काजोल ने कॉल का रूडली जवाब देते हुए कहा- और मैं श्रीदेवी। शख्स ने फिर कहा- मैं सच में अजय देवगन बोल रहा हूं। काजोल ने फिर कहा- हां तो मैं भी श्रीदेवी हूं। ये कहते ही काजोल ने कॉल कट कर दिया। कुछ देर बाद अजय ने काजोल की मां तनुजा के नंबर पर कॉल किया और कहा- आंटी मैं अजय देवगन बोल रहा हूं। मैंने काजोल को कॉल किया, लेकिन वो मान ही नहीं रही कि मैं अजय हूं। बार-बार फोन रख रही है। मैंने आप सभी को बहन की शादी में इनवाइट करने के लिए कॉल किया था। कुछ दिनों बाद साथ काम करते हुए काजोल और अजय की दोस्ती हो गई। फिल्म हलचल के एक सीन में काजोल को अजय को थप्पड़ मारना था और अजय को उनका हाथ पकड़कर रोकना था। जैसे ही शूटिंग में अजय ने काजोल का हाथ थामा, काजोल को एहसास हो गया कि यही वो शख्स हैं, जिनके साथ उन्हें जिंदगी बितानी है। 1994 में फिल्म गुंडाराज की शूटिंग के समय दोनों नजदीक आए और 3 सालों की डेटिंग के बाद 24 फरवरी 1999 में शादी कर ली। देखिए अजय-काजोल की शादी की तस्वीरें- ये शादी अजय देवगन के घर में हुई। दोनों नहीं चाहते थे कि शादी में मीडिया की मौजूदगी रहे, इसलिए दोनों ने शादी की गलत लोकेशन की झूठी जानकारी फैला दी। शादी से पहले काजोल ने शर्त रखी थी कि वो 2 महीने के लिए हनीमून पर जाएंगी और वर्ल्ड टूर करेंगी। लेकिन ऑस्ट्रेलिया, LA होते हुए जब वो 40वें दिन ग्रीस पहुंचे, तो अजय की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें लौटना पड़ा। इस शादी से कपल को दो बच्चे नीसा और युग हैं। किस्सा- 10 मणिरत्नम ने दिल से ऑफर करने के लिए कॉल किया, डांट लगाकर रखा काटा कॉल काजोल हमेशा से मणिरत्नम के साथ काम करना चाहती थीं। शाहरुख खान अक्सर काजोल के साथ कॉल कर प्रैंक किया करते थे। काजोल फिल्म दुश्मन की शूटिंग कर रही थीं कि तभी एक दिन सेट पर उनके नंबर पर मणिरत्नम का कॉल आया। कॉल में कहा गया- हैलो मैं मणिरत्नम बोल रहा हूं। काजोल को लगा शाहरुख मजे ले रहे हैं। काजोल ने जवाब दिया- और मैं टॉम क्रूज बोल रही हूं। शाहरुख मुझे पता है तुम ही हो, इस बार मैं बेवकूफ नहीं बनूंगी। मणिरत्नम ने फिर कहा- नहीं, मैं मणिरत्नम ही बोल रहा हूं। काजोल ने फिर कहा- नहीं मुझे पता है तुम शाहरुख हो। मैं शूटिंग कर रही हूं, अभी बात नहीं कर सकती बाय। काजोल ने कॉल कट कर दिया। इसके बाद मणिरत्नम ने सीधे शाहरुख को कॉल कर पूरी बात बताई, क्योंकि शाहरुख की दिल से में कास्टिंग हो चुकी थी। शाहरुख ने तुरंत काजोल को कॉल कर डांट लगाई और कहा- बेवकूफ, वो असल में मणिरत्नम थे। बता दें कि बाद में काजोल ने कॉल पर बात कर सफाई दी। उन्हें फिल्म ऑफर हुई थी, लेकिन कुछ कुछ होता है की शूटिंग में व्यस्त होने की वजह से उन्होंने फिल्म ठुकरा दी। वो करण को पहले ही डेट्स दे चुकी थीं। करण जानते थे कि काजोल हमेशा से मणिरत्नम की फिल्म करना चाहती थीं। जब उन्हें ऑफर का पता चला को उन्होंने काजोल से कहा कि अगर वो चाहें तो पहले दिल से कर सकती हैं वो कुछ कुछ होता है कि डेट्स बढ़ा देंगे। लेकिन कमिटमेंट की पक्की काजोल ने फिल्म ठुकरा दी।

दैनिक भास्कर 5 Aug 2026 4:30 am

काजोल@52, पिता चाहते थे नाम हो मर्सिडीज:हीरोइन बनने से पहले अक्षय पर था क्रश, पहली मुलाकात में शाहरुख ने की बेइज्जती, गिरने से याद्दाश्त गई

एक लड़की, जिनकी शरारतों से मां इतनी परेशान थीं कि गुस्से में कह देती थीं, हाय... काश, तुझे भी एक बेटी हो, बिल्कुल तेरे जैसी। पिता उनका ऑफिशियल नाम 'मर्सिडीज' रखना चाहते थे, लेकिन मां ने साफ मना कर दिया। इनकी दोस्ती की भी मिसाल दी जाती है। 15 साल की उम्र में उसने करण जौहर का ऐसा मजाक उड़ाया कि वो पार्टी छोड़कर ही निकल गए। वहीं उन्हें पहली फिल्म भी एक सहेली की मदद से ही मिली। लेकिन शूटिंग के पहले ही दिन सेट पर गिर पड़ीं। ये गिरने-पड़ने में भी पीछे नहीं थीं। जिस फिल्म का हिस्सा बनतीं, वहां गिरना तय था। बेस्ट फ्रेंड शाहरुख और करण का मानना था कि ये जिस भी फिल्म के सेट पर गिरती हैं, वो हिट हो जाती हैं। ऐसे ही एक बार कुछ कुछ होता है की शूटिंग में ये साइकिल से ऐसी गिरीं कि याद्दाश्त ही चली गई। दोस्तों ने पुरानी शरारत का बदला लिया और ये साबित कर दिया कि वो फिल्म की हीरोइ नहीं बल्कि बैकग्राउंड डांसर थीं। शरारत, बेबाकी, हाजिरजवाबी और दमदार एक्टिंग, इन चार शब्दों में अगर किसी एक एक्ट्रेस को बयां किया जा सकता है, तो वो हैं काजोल। बॉलीवुड की इस चुलबुली सुपरस्टार ने अपनी हंसी, अपने अंदाज और अपनी फिल्मों से तीन दशकों से दर्शकों का दिल जीता है। आज, उनके 52वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे मजेदार किस्से, जो उनकी शख्सियत का सार हैं- किस्सा- 1 पिता चाहते थे नाम हो मर्सिडीज, 11 की उम्र में बोर्डिंग स्कूल से भागीं, रास्ते में पकड़ी गईं 5 अगस्त 1974 में काजोल का जन्म मुंबई के समृद्ध बंगाली परिवार में हुआ। मां तनुजा, जानी-मानी एक्ट्रेस थीं और पिता शोमू मुखर्जी फिल्ममेकर। उनके पिता मर्सिडीज कार के शौकीन थे। उन्हें पता चला कि ये कार बनाने वाले शख्स की बेटी का असल नाम मर्सिडीज था। बात में उसने बेटी के नाम पर मर्सिडीज कार बनाई। शोमू चाहते थे कि उनकी बेटी का नाम भी मर्सिडीज हो। वो अड़ गए, लेकिन तनुजा ने साफ कहा- मैं ऐसा नहीं होने दूंगी। उन्होंने बेटी का नाम काजल रखा, लेकिन बंगाली परिवार में इसे ही धीरे-धीरे काजोल कर दिया गया। काजोल बचपन में इतनी शरारती थीं कि मां उनकी अक्सर पिटाई करती थीं। कभी बैडमिंटन रैकेट से मारतीं तो कभी जो हाथ आया उससे। काजोल कम उम्र की थीं, जब पेरेंट्स का तलाक हो गया। मां तनुजा फिल्मों में व्यस्त रहती थीं, तो काजोल कई सालों तक नानी शोभना समर्थ के साथ रहीं। शोभना भी अपने दौर की मशहूर एक्ट्रेस थीं। कुछ समय बाद उनका दाखिला पंचगनी के सेंट जोसेफ बोर्डिंग स्कूल में करवा दिया गया। एक दिन बोर्डिंग स्कूल में उन्हें पता चला कि उनकी नानी की मां काफी बीमार हैं। काजोल ने जिद पकड़ ली कि वो उनसे मिलने जाएंगी। मां ने इनकार कर दिया कि सीधे क्रिसमस की छुट्टियों में ही आना। काजोल ने अपनी एक दोस्त के साथ बोर्डिंग स्कूल से भागने का प्लान बनाया। वो लोगों की नजरों से बचते हुए गेट से बाहर निकलीं और अपने लोकल गार्डियन के घर पहुंच गईं। उन्होंने कहा- मामा जी, मां ने मुझे घर बुलाया है, आप मुझे बस में बैठा दीजिए। मामा कुछ समझ नहीं सके और बस में बैठा दिया। काजोल बस चलने का इंतजार कर रही थीं कि तभी स्कूल की नन ने उन्हें पकड़ लिया। काजोल को डांट के बाद दोबारा बोर्डिंग स्कूल भेज दिया गया। देखिए काजोल के बचपन की चुनिंदा तस्वीरें- किस्सा-2 15 की उम्र में करण जौहर को देखकर उड़ाया मजाक, पार्टी छोड़कर निकले काजोल महज 15 साल की थीं, जब वो मां एक्ट्रेस तनुजा के साथ एक फिल्मी पार्टी में गईं। डिस्को थीम वाली पार्टी में फिल्म इंडस्ट्री के कई और सेलेब्स भी आए थे। काजोल मस्ती कर रही थीं कि तभी पार्टी में फिल्ममेकर यश जौहर अपने 17 साल के बेटे करण जौहर के साथ आए। ये करण और काजोल की पहली मुलाकात थी। जैसे ही पेरेंट्स ने दोनों का परिचय करवाया, थ्री-पीस सूट, टाई लगाए हुए टीनएज करण को ऊपर से नीचे देखकर काजोल जोर-जोर से हंस पड़ीं। करण मजाक उड़ता देख उदास हो गए, तभी काजोल की मां ने फिर कहा- तुम दोनों बच्चे जाकर साथ डांस क्यों नहीं करते। दोनों डांस फ्लोर पर गए तो करण हिचकते हुए डांस करने लगे, लेकिन काजोल हंसी नहीं रोक पाईं और करीब आधे घंटे तक हंसती रहीं। करण का दिल टूट गया और वो पार्टी छोड़कर चले गए। लेकिन समय के साथ दोनों की दोस्ती ऐसी होती गई कि जब करण ने 21 की उम्र में दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे बनाईं तो काजोल को ही कास्ट किया। आगे वो करण के साथ कभी खुशी कभी गम, कल हो न हो (कैमियो), माय नेम इज खान जैसी फिल्मों में नजर आईं। किस्सा- 3 अक्षय कुमार पर था क्रश, देखने के लिए दोस्त करण को किया परेशान काजोल को फिल्मों में आने से पहले अक्षय कुमार पर क्रश था। अक्षय कुमार 1987 में फिल्मों में आए थे और कई हिट फिल्में दे रहे थे। तब काजोल महज 16-17 साल की थीं। एक बार काजोल मां के साथ फिल्म हिना के प्रीमियर में पहुंची। तब तक उनकी करण जौहर से दोस्ती हो चुकी थी। प्रीमियर में जैसे ही काजोल को पता चला कि अक्षय कुमार भी आए हैं, तो वो करण का हाथ पकड़कर पूरे प्रीमियर में अक्षय को ढूंढती रहीं। ये किस्सा करण जौहर ने कपिल शर्मा के शो में सुनाया था। किस्सा- 4 दोस्त का फोटोशूट करवाने पहुंचीं, मिल गई पहली फिल्म, छुट्टियों के टाइमपास के लिए हामी भरी काजोल की तीन पीढ़ियां फिल्मों में काम कर चुकी हैं। ऐसे में तनुजा चाहती थीं कि वह भी फिल्मों में आएं, लेकिन काजोल इसके खिलाफ थीं। उन्हें लगता था कि हीरोइन बनने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। तनुजा ने उनकी मर्जी के खिलाफ उनके लिए फिल्म बनाना भी शुरू किया, लेकिन किसी कारण वो बंद पड़ गई। काजोल की एक करीबी दोस्त हीरोइन बनना चाहती थीं। एक दिन वो पोर्टफोलियो बनवाने के लिए गौतम राजाध्यक्ष के पास गईं। साथ देने के लिए वो काजोल को भी साथ ले गईं। दोस्त का फोटोशूट चल ही रहा था कि थोड़ी ही देर में तनुजा भी वहां पहुंच गईं। तनुजा के कहने पर मेकअप आर्टिस्ट ने काजोल का भी मेकअप कर दिया और उनकी भी तस्वीरें क्लिक की गईं। उनका फोटोशूट गौतम राजाध्यक्ष ने किया था, जो उस समय फिल्म बेखुदी के स्क्रीनप्ले पर काम कर रहे थे। उन्हें काजोल का चेहरा इतना पसंद आया कि वो उनकी तस्वीरें लेकर फिल्म बेखुदी के डायरेक्टर राहुल रवैल के पास गए। उन्हें भी काजोल पसंद आ गईं और वो सीधे उनके लिए तनुजा के घर पहुंच गए। जैसे ही काजोल को फिल्म के ऑफर के बारे में पता चला, वो नाराज हो गईं और मना कर दिया, लेकिन स्कूल की छुट्टियों की बोरियत दूर करने के लिए बाद में मान गईं। उन्होंने सैफ अली खान के घर में स्क्रीनटेस्ट दिया। पहले सैफ फिल्म के हीरो थे, हालांकि बाद में उन्हें निकालकर कमल सदाना को कास्ट कर लिया गया। काजोल ने द अनुपम खेर शो में बताया था कि फिल्म के सेट पर उनका पहला दिन आसान नहीं था। उस दिन मुहूर्त शॉट होना था, जिसमें 90 के दशक की कई बड़ी फिल्मी हस्तियां मौजूद थीं। जैसे ही काजोल स्टेज पर चढ़ीं, उनके पेट में अजीब सा महसूस होने लगा। मुहूर्त शॉट के दौरान वो पहले ही टेक में गिर गईं। उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई, लेकिन डायरेक्टर ने हंसते हुए कहा पहले दिन गिरना शुभ होता है। किस्सा- 5 शाहरुख ने पहली मुलाकात में कहा- तुम कभी चुप नहीं होतीं काजोल ने फिल्म बेखुदी से करियर की शुरुआत की और आगे उन्हें फिल्म बाजीगर में न्यूकमर शाहरुख के साथ काम करने का मौका मिला। फिल्म की शूटिंग नए साल में 1 जनवरी को हुई। एक दिन पहले सभी ने नए साल का जश्न मनाया था और सभी थके हुए थे। काजोल ने पहली बार शाहरुख को देखा, तो वो बड़ा सा काला चश्मा लगाए एक किनारे बैठे हुए थे और किसी से बात नहीं कर रहे थे। तभी काजोल ने मराठी में शाहरुख के मेकअप आर्टिस्ट से कहा- ये कैसा हीरो है, खड़ूस लग रहाहै। बात नहीं करता है, कहां से लेकर आए हो इसे, कितना अजीब है। दूसरी तरफ पार्टी के अगले दिन थके हुए शाहरुख, कान में हाथ रखकर काजोल की आवाज रोकने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने पास खड़े लड़के से कहा, ये हीरोइन कितना बोलती है, कोई इसे चुप करवाओ। काजोल काफी देर तक शाहरुख की बुराई करती रहीं और फिर थोड़ी देर बाद उनके पास जाकर कहा- हाय, मेरा नाम काजोल है। शाहरुख ने सबसे पहला शब्द कहा- क्या तुम कभी चुप नहीं रहतीं। काजोल ने फिर कहा- नहीं, मैं चुप नहीं रह सकती, ये कभी नहीं होगा। एक तल्खी से शुरू हुई ये दोस्ती चल निकली और आज दोनों की दोस्ती एक मिसाल है। दोनों ने बाजीगर के अलावा दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, कभी खुशी कभी गम, माय नेम इज खान जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। किस्सा- 6 बाजीगर में शिल्पा की मौत के सीन में हंसती रहीं, डायरेक्टर ने लगाई फटकार बाजीगर के सेट पर एक दिन शिल्पा शेट्टी का डेथ सीन फिल्माया जाना था। सीन के अनुसार, काजोल को बहन शिल्पा की मौत के बाद खूब रोना था। लेकिन जैसे ही सीन की तैयारी हुई, काजोल, शिल्पा के पैरों पर लगी नेल पॉलिश देखकर जोर-जोर से हंसने लगीं। वो बार-बार कह रही थीं कि मरते हुए इतनी नेल पॉलिश कौन लगाता है। काजोल के लगातार हंसने से शूटिंग पर असर पड़ने लगा। डायरेक्टर अब्बास मस्तान उनके पास आए और कहा ये बेहद संजीदा शॉट है, तुम ऐसे हसोगी तो कैरेक्टर में नहीं रह पाओगी। लेकिन काजोल थीं कि चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थीं। उनकी हंसी से डायरेक्टर झुंझला गए और चिल्लाकर कहा- अगर तुम्हारी असली बहन की मौत हो जाती, तब भी क्या तुम ऐसे ही हंसतीं। ये सुनकर काजोल एक दम शांत हो गईं। कुछ ही देर बाद उन्होंने वो शॉट दिया, जिसे देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता कि वो कुछ देर पहले हंस रही थीं। किस्सा- 7 कुछ कुछ होता है, कभी खुशी कभी गम, माय नेम इस खान, हर सेट पर गिरीं, जानिए किस्से गिरने के- कुछ कुछ होता है के सेट पर गिरने से गई याद्दाश्त काजोल, शाहरुख खान के साथ फिल्म कुछ कुछ होता है कि शूटिंग कर रही थीं। सीन के अनुसार, उन्हें शाहरुख के साथ साइकिल चलाते हुए उन्हें ताली मारनी थी। जैसे ही एक्शन कहा गया, काजोल की साइकिल का बैलेंस बिगड़ा और वो मुंह के बल सीधे नीचे गिर गईं। कुछ देर बाद जब उन्हें होश आया तो याद्दाश्त जा चुकी थी। इस समय बेस्ट फ्रेंड शाहरुख और करण उन्हें ये साबित करने में लगे थे कि वो हीरोइन नहीं बल्कि फिल्म की बैकग्राउंड डांसर हैं। याद्दाश्त जाने के बाद भी काजोल को उस समय उनके बॉयफ्रेंड अजय देवगन याद रहे। वो बार-बार कह रही थीं कोई प्लीज अजय को कॉल करो। उनके कहने पर अजय देवगन को कॉल किया गया। अजय ने कॉल पर उनसे लंबी बात की और उन्हें अच्छे से समझाया। कुछ देर बाद उन्हें सब याद आ गया। दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के सेट पर शाहरुख ने गिराया फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के एक सीन में शाहरुख खान को काजोल को गोद में उठाकर छोड़ना था। फराह खान चाहती थीं कि एक्सप्रेशन नेचुरल लगें, इसलिए उन्होंने काजोल को इस बारे में नहीं बताया। शाहरुख ने काजोल में उठाया और अचानक बिना बताए छोड़ दिया, जिससे काजोल असल में गिर गईं। सीन में दिखाए गए उनके एक्सप्रेशन नेचुरल थे, जिसके बाद उन्होंने शाहरुख की क्लास ली थी। इसी फिल्म के सेकेंड हाफ की शूटिंग ऊटी में हुई। एक सीन के अनुसार, काजोल को बारिश में भागना था, लेकिन भागते हुए वो जोर से गिरीं। क्रू मेंबर्स ने उन्हें तुरंत कंबल में लपेट दिया, क्योंकि ठंड काफी ज्यादा थी। टीम ने देखा की कंबल के अंदर काजोल सिसक रही हैं। सब फुसफुसा रहे थे कि काजोल बहुत तेज गिरी हैं, अब शूटिंग कैसे होगी। हालांकि काजोल ने कंबल के अंदर अपने गिरने पर हंस रही थीं। कभी खुशी कभी गम शूट करते हुए गिरीं फिल्म कभी खुशी कभी गम के गाने सूरज हुआ मद्धम की शूटिंग के समय भी काजोल सेट पर गिर गई थीं। इस गाने की शूटिंग इजिप्ट में हुई। काजोल को बड़ी चट्टानों पर साड़ी लहराते हुए डांस करना था, लेकिन एक शॉट में बैलेंस बिगड़ने से वो गिर पड़ीं। फिल्म की शूटिंग के दौरान काजोल प्रेग्नेंट थीं, हालांकि रिलीज के बाद उनका मिसकैरेज हो गया था। वो कई दिन अस्पताल में रहीं और ट्रॉमा में काम से ब्रेक ले लिया। किस्सा- 8 माय नेम इज खान के सेट पर नहीं गिरीं, तो चिंता में पड़ गए शाहरुख-करण काजोल, करण जौहर और शाहरुख की जिस भी फिल्म में गिरीं, वो हिट हो गई। जब वो माय नेम इज खान की शूटिंग कर रही थीं तो कई दिनों तक नहीं गिरीं। देखकर शाहरुख और करण चिंतित हो गए। वो हर रोज काजोल के गिरने का इंतजार करते। हालांकि शूटिंग पूरी होते-होते काजोल गिर पड़ीं और नतीजतन फिल्म भी हिट ही रही। किस्सा- 9 अजय देवगन के कॉल को समझ लिया प्रैंक, हड़का कर काटा फोन काजोल ने करियर की शुरुआत में अजय देवगन के साथ 1995 में पहली फिल्म हलचल की। अजय देवगन को पहली बार देखकर काजोल ने उन्हें बेहद एरोगेंट समझा। दरअसल, पहले दिन अजय सेट में एक किनारे चुपचाप बैठे थे। काजोल ने सेट पर आते ही पूछा कि हीरो कौन है। जवाब मिला- वो जो कौने में बैठा है वही हीरो है। इस पर काजोल ने कहा, कोई और हीरो नहीं मिला क्या। कुछ दिनों तक दोनों ने साथ शूटिंग की लेकिन दोस्ती नहीं हो पाई। एक दिन काजोल के टेलीफोन में कॉल आया। सामने से शख्स ने कहा- हैलो, मैं अजय देवगन बोल रहा हूं। काजोल ने कॉल का रूडली जवाब देते हुए कहा- और मैं श्रीदेवी। शख्स ने फिर कहा- मैं सच में अजय देवगन बोल रहा हूं। काजोल ने फिर कहा- हां तो मैं भी श्रीदेवी हूं। ये कहते ही काजोल ने कॉल कट कर दिया। कुछ देर बाद अजय ने काजोल की मां तनुजा के नंबर पर कॉल किया और कहा- आंटी मैं अजय देवगन बोल रहा हूं। मैंने काजोल को कॉल किया, लेकिन वो मान ही नहीं रही कि मैं अजय हूं। बार-बार फोन रख रही है। मैंने आप सभी को बहन की शादी में इनवाइट करने के लिए कॉल किया था। कुछ दिनों बाद साथ काम करते हुए काजोल और अजय की दोस्ती हो गई। फिल्म हलचल के एक सीन में काजोल को अजय को थप्पड़ मारना था और अजय को उनका हाथ पकड़कर रोकना था। जैसे ही शूटिंग में अजय ने काजोल का हाथ थामा, काजोल को एहसास हो गया कि यही वो शख्स हैं, जिनके साथ उन्हें जिंदगी बितानी है। 1994 में फिल्म गुंडाराज की शूटिंग के समय दोनों नजदीक आए और 3 सालों की डेटिंग के बाद 24 फरवरी 1999 में शादी कर ली। देखिए अजय-काजोल की शादी की तस्वीरें- ये शादी अजय देवगन के घर में हुई। दोनों नहीं चाहते थे कि शादी में मीडिया की मौजूदगी रहे, इसलिए दोनों ने शादी की गलत लोकेशन की झूठी जानकारी फैला दी। शादी से पहले काजोल ने शर्त रखी थी कि वो 2 महीने के लिए हनीमून पर जाएंगी और वर्ल्ड टूर करेंगी। लेकिन ऑस्ट्रेलिया, LA होते हुए जब वो 40वें दिन ग्रीस पहुंचे, तो अजय की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें लौटना पड़ा। इस शादी से कपल को दो बच्चे नीसा और युग हैं। किस्सा- 10 मणिरत्नम ने दिल से ऑफर करने के लिए कॉल किया, डांट लगाकर रखा काटा कॉल काजोल हमेशा से मणिरत्नम के साथ काम करना चाहती थीं। शाहरुख खान अक्सर काजोल के साथ कॉल कर प्रैंक किया करते थे। काजोल फिल्म दुश्मन की शूटिंग कर रही थीं कि तभी एक दिन सेट पर उनके नंबर पर मणिरत्नम का कॉल आया। कॉल में कहा गया- हैलो मैं मणिरत्नम बोल रहा हूं। काजोल को लगा शाहरुख मजे ले रहे हैं। काजोल ने जवाब दिया- और मैं टॉम क्रूज बोल रही हूं। शाहरुख मुझे पता है तुम ही हो, इस बार मैं बेवकूफ नहीं बनूंगी। मणिरत्नम ने फिर कहा- नहीं, मैं मणिरत्नम ही बोल रहा हूं। काजोल ने फिर कहा- नहीं मुझे पता है तुम शाहरुख हो। मैं शूटिंग कर रही हूं, अभी बात नहीं कर सकती बाय। काजोल ने कॉल कट कर दिया। इसके बाद मणिरत्नम ने सीधे शाहरुख को कॉल कर पूरी बात बताई, क्योंकि शाहरुख की दिल से में कास्टिंग हो चुकी थी। शाहरुख ने तुरंत काजोल को कॉल कर डांट लगाई और कहा- बेवकूफ, वो असल में मणिरत्नम थे। बता दें कि बाद में काजोल ने कॉल पर बात कर सफाई दी। उन्हें फिल्म ऑफर हुई थी, लेकिन कुछ कुछ होता है की शूटिंग में व्यस्त होने की वजह से उन्होंने फिल्म ठुकरा दी। वो करण को पहले ही डेट्स दे चुकी थीं। करण जानते थे कि काजोल हमेशा से मणिरत्नम की फिल्म करना चाहती थीं। जब उन्हें ऑफर का पता चला को उन्होंने काजोल से कहा कि अगर वो चाहें तो पहले दिल से कर सकती हैं वो कुछ कुछ होता है कि डेट्स बढ़ा देंगे। लेकिन कमिटमेंट की पक्की काजोल ने फिल्म ठुकरा दी।

दैनिक भास्कर 5 Aug 2026 4:30 am

लगान-गजनी फेम एक्टर प्रदीप रावत का निधन:74 साल के थे, दोबारा कैंसर हुआ था; महाभारत में अश्वत्थामा बने थे

लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी लगान में उनके साथ काम करने वाले अभिनेता यशपाल शर्मा ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए शेयर की। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने उनके निधन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे और बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत में अश्वत्थामा की भूमिका से की थी। इसके बाद उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में उन्होंने लगान, सरफरोश, गजनी, बैजू बावरा, आवारापन और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। वहीं, तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म 'चाइना टाउन', बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। यह खबर हम लगातार अपडेट कर रहे हैं…

दैनिक भास्कर 4 Aug 2026 9:39 pm

सलमान खान ने रैपर बादशाह का मजाक उड़ाया:बाली से बोले- क्या बादशाह को खुद समझ आता है; रियलिटी शो 'अलायंस' में पहुंचे थे

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर प्रसारित हो रहे रियलिटी शो 'अलायंस' के नए एपिसोड में नजर आए। सलमान अपने भाई सोहेल खान का सपोर्ट करने शो के सेट पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने रैपर बाली के साथ बातचीत करते हुए सिंगर और रैपर बादशाह पर मजाकिया अंदाज में तंज कसा। बादशाह पर कसा तंज, बोले- क्या उन्हें खुद समझ आया शो के दौरान रैपर बाली ने सलमान खान के सामने अपना एक रैप सॉन्ग परफॉर्म किया। इस पर सलमान ने कहा कि रैप करते समय उनकी आवाज नॉर्मल बातचीत से काफी अलग लग रही है। जवाब में बाली ने बताया कि उन्हें वॉयस मॉड्यूलेशन सिंगर और रैपर बादशाह ने सिखाया है। बादशाह ने ही उन्हें कमर्शियल गाना गाने की सलाह दी थी। इस पर सलमान ने चुटकी लेते हुए कहा, क्या बादशाह को समझ आया कि उन्होंने क्या समझाया? जब बाली ने बादशाह का बचाव किया तो सलमान ने हंसते हुए दोहराया, लेकिन उसको भी तो समझ आना चाहिए कि वह क्या समझा रहा है। सोहेल की पूर्व पत्नी पर उठाए सवाल शो से जुड़ा एक नया प्रोमो भी सामने आया है, जिसमें सलमान सोहेल से पूछ रहे हैं कि क्या तुम अभी भी सीमा की बात सुनते हो। इसके बाद उन्होंने कहा- पता नहीं कहना चाहिए या नहीं। लेकिन मेरे महान भाई ने सारा कसूर अपने ऊपर ले लिया, लेकिन एक भाई के रूप में मैं जानता हूं कि इसने कितनी कोशिश की। मैं जानता हूं कि हमने क्या देखा है। पूरे समय ये अपने ऊपर चीजें लेता गया। बता दें कि सोहेल खान की पूर्व पत्नी सीमा सचदेह भी शो में बतौर वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट पहुंची थीं। जब शो में सीमा की एंट्री हुई, तब सोहेल ने उनकी तारीफ की थी। होस्ट कुणाल खेमू ने सोहेल से पूछा था कि सीमा को शो में देखकर उन्हें कैसा लग रहा है। इस पर सोहेल खान ने कहा था कि उन्होंने सीमा के साथ अपनी जिंदगी के 25 साल बिताए हैं। उन्होंने सीमा को एक खूबसूरत और अच्छे दिल वाली महिला बताया। सोहेल ने यह भी कहा था कि अगर उनके रिश्ते में कभी कोई गलती हुई होगी, तो वह उनकी तरफ से हुई होगी। जेल के दिनों को याद कर भावुक हुए सलमान इस दौरान सलमान खान ने अपने जेल के अनुभव पर भी बात की। उन्होंने सोहेल और दूसरे इनमेट्स से कहा, सालं पहले, जब मैं जेल गया था तो सामने सलाखें थीं। वहां एक साथ 50-60-60 के लिए एक बाथरूम था। इंडियन स्टाइल कमोड था, जहां छिपकली थी। वहां पूरे समय ऊपर तक गंदगी भरी होती थी। शो में सलमान ने सोहेल के वजन घटने पर सवाल किया। जब दूसरे कंटेस्टेंट्स ने बताया कि सोहेल ने 12 किलो वजन कम किया है, तो सलमान ने बताया कि उन्होंने भी 16 किलो वजन घटाया है। शो अलायंस के बारे में-

दैनिक भास्कर 4 Aug 2026 7:07 pm

तृषा पर अमर्यादित टिप्पणी, उदयनिधि पर भड़कीं चिन्मयी और खुशबू:चिन्मयी बोलीं- महिलाओं को घसीटना बंद करें; खुशबू सुंदर ने कहा- यह घटिया राजनीति

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की दोस्तऔर एक्ट्रेस तृषा कृष्णन पर अमर्यादित टिप्पणी करने के बाद डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन विवादों में घिर गए हैं। गायक चिन्मयी श्रीपदा और एक्ट्रेस खुशबू सुंदर ने इस टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे महिलाओं का अपमान बताया है। बढ़ते विवाद के बीच चेन्नई पुलिस ने मंगलवार को उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में ले लिया। हालांकि, अपनी सफाई में उदयनिधि ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के अलावा किसी का नाम नहीं लिया था। चिन्मयी बोलीं- राजनीति में महिलाओं को घसीटना बंद करेंगायक चिन्मयी श्रीपदा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर नेताओं की सोच पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि अगर राजनीति में शामिल पुरुष अपनी योजनाओं में उन महिलाओं को घसीटना बंद कर दें जिनका इनसे कोई लेना-देना नहीं है, तो यह बहुत बेहतर होगा। चिन्मयी ने आगे कहा कि शुरुआत में वे उदयनिधि की बात का मतलब नहीं समझ पाई थीं। बाद में जब किसी ने इसका अर्थ समझाया तो पता चला कि यह महिलाओं को निशाना बनाने वाली अभद्र भाषा थी। उन्होंने कहा कि युवा नेताओं से बेहतर व्यवहार की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने निराश किया। खुशबू सुंदर ने कहा- यह घटिया राजनीतिअभिनेत्री और बीजेपी नेता खुशबू सुंदर ने भी उदयनिधि स्टालिन के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस टिप्पणी को बेहद घटिया और शर्मनाक करार दिया। खुशबू ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों के नाम पर महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की भाषा को सामान्य बनाना गलत है। उन्होंने मांग की कि उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा से सार्वजनिक तौर पर बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। भीड़ के नारे पर उदयनिधि ने की थी टिप्पणीयह पूरा विवाद तंजौर में आयोजित डीएमके के एक प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ। कावेरी जल विवाद पर मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय पर निशाना साधते हुए जब उदयनिधि भाषण दे रहे थे, तभी भीड़ में से कुछ लोगों ने 'तृषा-तृषा' के नारे लगाना शुरू कर दिया। आरोप है कि इस पर उदयनिधि ने कहा, पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, वहां जरूर पहुंचना चाहिए। बाद में सफाई दी कि उनका इशारा कावेरी के पानी की ओर था। विवाद बढ़ने पर जब पुलिस ने उन्हें चेन्नई में हिरासत में लिया, तो उन्होंने इसे सरकार की 'बदले की कार्रवाई' बताया। सफाई में कहा- मैंने किसी का नाम नहीं लियापुलिस कस्टडी में लिए जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने खुद का बचाव किया। उन्होंने कहा, आप खुद तय कीजिए, आपने मेरा भाषण सुना है। क्या मैंने कुछ गलत कहा? क्या मैंने मुख्यमंत्री के अलावा किसी अन्य व्यक्ति का नाम लिया था? हालांकि, आलोचकों और विपक्षी नेताओं का कहना है कि उनकी टिप्पणी स्पष्ट रूप से अभिनेत्री तृषा और मुख्यमंत्री विजय से जुड़े सोशल मीडिया कयासों की तरफ इशारा कर रही थी।

दैनिक भास्कर 4 Aug 2026 4:57 pm

बिग बॉस में क्या सलमान के साथ नजर आएंगे शाहरुख:सलमान बोले- जो करण-अर्जुन में हुआ था वही दोबारा होगा; 6 सितंबर से शुरू होगा शो

रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' का पहला प्रोमो मेकर्स ने जारी कर दिया है। इसमें सलमान खान बतौर होस्ट वापसी करते नजर आ रहे हैं। प्रोमो में सलमान ने 'करण-अर्जुन' का जिक्र कर एक नया सस्पेंस खड़ा कर दिया है। यह नया सीजन 6 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। इसका प्रसारण हर दिन रात 9 बजे जियोहॉटस्टार पर और रात 10:30 बजे कलर्स टीवी पर किया जाएगा। इस बार फेस्टिव सीजन में बिग बॉस के सभी 6 भाषाओं वाले वर्जन एक साथ रिलीज किए जा रहे हैं। 'करण-अर्जुन' का जिक्र, शाहरुख के आने की अटकलेंजारी किए गए प्रोमो में सलमान खान एक घोड़े के साथ चलते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के अंत में वे कहते हैं, जो करण-अर्जुन में हुआ था, वह अब बिग बॉस में दोबारा होगा... तथास्टू! सलमान के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि ग्रैंड प्रीमियर पर शाहरुख खान भी सलमान के साथ नजर आ सकते हैं। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया जा रहा है कि इस सीजन में प्रतिभागी जोड़ियों में खेलेंगे या फिर शो में दो विजेता हो सकते हैं। 6 सितंबर से शुरू, सलमान बोले- प्रोमो में ही छिपा है हिंटशो के रिलीज शेड्यूल की पुष्टि करते हुए मेकर्स ने बताया कि यह 6 सितंबर से ऑन-एयर होगा। एक आधिकारिक बयान में सलमान खान ने कहा, बिग बॉस का हर सीजन एक नया गेम और अप्रत्याशित ट्विस्ट लेकर आता है। लेकिन इस सीजन के केंद्र में एक ऐसा रहस्य है, जो इसे पहले के सभी सीजनों से अलग बनाता है। इसका पहला हिंट प्रोमो में ही मौजूद है, जिसे आपको ध्यान से देखना होगा। सलमान की फीस घटने की चर्चाइस सीजन को लेकर यह खबरें भी सामने आ रही हैं कि सलमान खान शायद पूरा सीजन होस्ट न करें। बीते हफ्ते आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अभिनेता ने इस सीजन के लिए अपनी फीस 120 करोड़ रुपए से घटाकर 70 करोड़ रुपए कर दी है। हालांकि, मेकर्स या सलमान खान की टीम की तरफ से फीस में कटौती या होस्टिंग शेड्यूल को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इन बड़े चेहरों को किया गया अप्रोच'बिग बॉस 20' के लिए कई चर्चित सेलिब्रिटीज के नामों की चर्चा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्ट्रेस माही विज, गीता बसरा, जन्नत जुबैर, कॉमेडियन सुनील पाल, शोविक चक्रवर्ती, अर्जुन बिजलानी, राम कपूर, श्रेया कालरा और मिस्टर फैजू जैसे सितारों को अप्रोच किया गया है। फाइनल कंटेस्टेंट्स की लिस्ट शो के प्रीमियर से ठीक पहले जारी की जाएगी। इस बार मेकर्स ने हिंदी के साथ-साथ अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के सभी 6 सीजनों को एक साथ लाने की योजना बनाई है।

दैनिक भास्कर 4 Aug 2026 2:55 pm

सन्नी देओल बोले- 'भारत मेरी मां तो पाकिस्तान मौसी है':फिल्म 'बंटवारा 1947' के प्रमोशन के दौरान दिया बयान, सोशल मीडिया पर हुई ट्रोलिंग

फिल्म 'बंटवारा 1947' की रिलीज से पहले सनी देओल अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए। पटना में फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को मौसी बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल किया। दरअसल सनी से सवाल किया गया कि यह मूवी, जो पाकिस्तान में शूट की गई है, तो आप पाकिस्तान को एक देश या माहौल के तौर पर कैसे देखते हैं? क्या आप कुछ बताना चाहेंगे? इस पर सनी ने बताया कि फिल्म की शूटिंग पाकिस्तान में नहीं हुई, बल्कि फिल्म हिंदुस्तान में ही शूट हुई है। उन्होंने आगे कहा, “हम कोई ऐसी बातें नहीं करते, क्योंकि पूरा देश एक ही था। जैसे पापा ने कहा था कि मेरी मां (भारत) तो वो मेरी मौसी (पाकिस्तान) है, जो आप लोग अच्छी तरह से समझते हैं। हम सब एक तरह से हैं, तो कहीं न कहीं से जुड़े हुए हैं।” सनी देओल के इस बयान पर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने उनके बयान की आलोचना की। एक यूजर ने लिखा, सनी देओल हर नए वीडियो से अपनी छवि को और नुकसान पहुंचा रहे हैं। दूसरे ने कहा, मुझे यह व्यक्ति बिल्कुल पसंद नहीं है। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “पूरे परिवार को बर्बाद करने वाली मौसी वाली बात सही है।” 'बंटवारा 1947' विभाजन की कहानी पर आधारित है बता दें कि सनी देओल की अपकमिंग फिल्म 'बंटवारा 1947' भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की कहानी हिंसा, विस्थापन और पारिवारिक संघर्ष से जूझ रहे एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में सनी देओल के साथ शबाना आजमी, प्रीति जिंटा, अली फजल और अभिमन्यु सिंह भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म की रिलीज से पहले सनी देओल रविवार देर शाम पटना में स्थित तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मस्थान पर मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों ने सनी देओल का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्हें सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया और गुरु घर की परंपराओं से अवगत कराया गया। इसके बाद उन्होंने फिल्म के प्रमोशन में हिस्सा लिया। देखें तस्वीरें… गुरु इतिहास की जानकारी के साथ पूरा गुरुद्वारा घूमा सनी देओल लगभग 20 मिनट तक गुरुद्वारा परिसर में रहे। इस दौरान उन्होंने तख्त श्री हरमंदिर साहिब के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया, गुरु इतिहास की जानकारी ली और श्रद्धालुओं के साथ समय बिताया। उन्होंने गुरु का पावन प्रसाद भी ग्रहण किया। दर्शन के बाद सनी देओल ने कहा कि गुरु के दरबार में आकर उन्हें अद्भुत शांति और आत्मिक सुकून का अनुभव हुआ। उन्होंने बताया, “मेरा हमेशा से मन था कि जब भी बिहार आऊं, सबसे पहले तख्त श्री हरिमंदिर साहिब में मत्था टेककर गुरु महाराज का आशीर्वाद जरूर लूं। आज मेरा यह सपना पूरा हो गया।” …………………. सनी देओल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पिता धर्मेन्द्र को याद कर रो पड़े सनी देओल:'बंटवारा 1947' के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में छलके आंसू; करण देओल, शबाना आजमी-जावेद अख्तर भी नजर आए फिल्म 'बंटवारा 1947' का ट्रेलर लॉन्च इवेंट में सनी देओल रो पड़े। इवेंट के दौरान डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने दिवंगत अभिनेता धर्मेन्द्र पर बात की जिसे सुनकर सनी देओल की आंखों में आंसू आ गए। संतोषी ने कहा की धर्मेन्द्र जी ने आखिरी फिल्म भी बटवारा देखी थी। उन्होंने कहा था ये फिल्म हिट होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 4 Aug 2026 2:55 pm

भूमि पेडनेकर पर पूर्व एक्टिंग टीचर का आरोप:श्रुति देसाई बोलीं- फिल्म स्कूल में टीचरों के साथ करती थीं असम्मानजनक व्यवहार

एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर पर उनकी पूर्व एक्टिंग टीचर श्रुति देसाई ने टीचरों के साथ बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए NEET विरोध प्रदर्शन में कुछ लोगों ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इसकी भूमि ने आलोचना की थी और कुछ लोगों ने उन्हें इसके लिए ट्रोल किया था। अब भूमि की कथित पूर्व एक्टिंग टीचर श्रुति देसाई की एक सोशल मीडिया पोस्ट भी चर्चा में है। श्रुति देसाई ने अपनी पोस्ट में लिखा, “भूमि पेडनेकर, मुझे याद है कि मैं मुंबई के एक फिल्म स्कूल में कुछ समय के लिए आपकी टीचर थी। बदकिस्मती से, मुझे यह भी याद है कि आप अपने टीचरों के प्रति काफी असम्मानजनक, लगभग तिरस्कारपूर्ण व्यवहार करती थीं। क्या आप बता सकती हैं कि सम्मान और जिम्मेदारी को लेकर आपका नजरिया अब कैसे बदल गया?” अभद्र भाषा की आलोचना की थी भूमि पेडनेकर ने 2 अगस्त को अपने वीडियो मैसेज में कहा था कि शिक्षा और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने का हक सभी को है, लेकिन अपनी बात रखने का तरीका सही होना चाहिए। उन्होंने कहा था, “सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हमारे देश के युवा कर रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। हम अपने देश के सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में बात कर रहे हैं। क्या हम अपने घर के बड़ों से कभी इस तरह बात करते हैं?” पूरी खबरे पढ़ें भूमि के इस बयान को कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने 'एकतरफा' बताया था। आलोचकों का कहना था कि भूमि ने 20 जुलाई को हुए 'संसद मार्च' के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, पुलिस कार्रवाई और उनकी मांगों पर कोई बात नहीं की, बल्कि सिर्फ नारेबाजी पर ध्यान दिया। वहीं, 3 अगस्त को शेयर किए गए दूसरे वीडियो में भूमि पेडनेकर ने कहा था कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही एक युवा छात्रा का इंटरव्यू वायरल होने के बाद उसे सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है। उसे डरावनी धमकियां और भद्दे मैसेज भेजे जा रहे हैं। भूमि ने कहा था कि इस तरह का ऑनलाइन उत्पीड़न किसी भी इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। उन्होंने कहा कि लोगों को आपसी बातचीत में संवेदनशीलता, सम्मान और सहानुभूति रखनी चाहिए, न कि किसी की जान के पीछे पड़ जाना चाहिए।

दैनिक भास्कर 4 Aug 2026 12:43 pm

'उर्फी जावेद ने लिए थे ₹1 लाख':CJP प्रोटेस्ट को लेकर इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी का दावा, हमले को लेकर अभिजीत दीपके के खिलाफ शिकायत की

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया कि दीपके से जुड़े लोगों ने उन पर हमला किया था। वहीं, उन्होंने उर्फी जावेद पर 1 लाख रुपए और पूनम पांडे पर 20 हजार रुपए लेने का भी आरोप लगाया। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में फैजान अंसारी ने कहा, ‘अभिजीत दीपके के अगेंस्ट आज मैंने दिल्ली डीसीपी को लिखित शिकायत दर्ज कराई है, क्योंकि मेरे ऊपर अभिजीत दीपके के लोगों ने हमला किया था। पुणे में मेरे ऊपर अटैक हुआ, औरंगाबाद में मेरे ऊपर अटैक हुआ। पहले से ही दो केस उसके खिलाफ फाइल हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं चाहता हूं कि दिल्ली पुलिस तुरंत अभिजीत दीपके को गिरफ्तार करे, ताकि आगे कोई भी दंगा-फसाद या कोई भी समस्या न हो सके।’ वहीं, शिकायत में फैजान अंसारी ने लिखा, 'मैं आज मुंबई से दिल्ली डीसीपी के पास कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की लिखित शिकायत करने आया हूं। अभिजीत दीपके एक पाकिस्तानी एजेंट है। उमर खालिद का समर्थक है, जिसने कहा था, 'भारत तेरे टुकड़े होंगे।' बॉलीवुड से भी सेलिब्रिटीज को अभिजीत दीपके ने पैसे देकर जंतर-मंतर बुलाया था।' उसमें आगे लिखा, ‘उर्फी जावेद ने 1 लाख रुपए लिए थे और पूनम पांडे ने 20 हजार रुपए लिए थे। मैं यह चाहता हूं कि उमर खालिद की तरह अभिजीत दीपके को भी जेल होनी चाहिए। आप प्लीज तुरंत एफआईआर करके इसे जेल भेजो। अभिजीत दीपके देश का माहौल बिगाड़ रहा है और अगर इसे नहीं रोका गया, तो यह भारत में दंगे-फसाद भी करवा देगा।’ फैजान ने तान्या के खिलाफ भी शिकायत की थी फैजान अंसारी एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 1.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं। वो अपने बयानों और पुलिस शिकायतों के कारण चर्चा में रहते हैं। अक्टूबर 2025 में फैजान ने बिग बॉस फेम तान्या मित्तल के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने तान्या पर लोगों को पैसों के लिए धोखा देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि तान्या ने 'बिग बॉस' शो में अपने परिवार और व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़े सैकड़ों झूठ बोले हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… खुशी मुखर्जी को ₹100 करोड़ का नोटिस भेजा था साथ ही उन्होंने क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव के समर्थन में एक्ट्रेस खुशी मुखर्जी के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का मानहानि का नोटिस भेजा था। फैजान ने आरोप लगाया था कि खुशी ने सूर्यकुमार को लेकर जानबूझकर ऐसे बयान दिए, जिससे एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी की छवि को नुकसान पहुंच सकता है। उनका कहना था कि ये बयान बिना किसी सबूत के और गलत नीयत से दिए गए हैं। दरअसल, खुशी मुखर्जी ने दिसंबर 2025 में कहा था कि भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव उन्हें पहले अक्सर मैसेज किया करते थे। हालांकि, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनके और सूर्यकुमार के बीच कभी कोई रोमांटिक रिश्ता नहीं रहा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 4 Aug 2026 11:07 am

इंडिया में Spider-Man की हुई चांदी, मंडे टेस्ट में 'बमफाड़' कमाई से टॉपर निकली सुपर हीरो फिल्म

सुपर हीरो फिल्म स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई का सिलसिला जारी रखे हुए है।

जागरण 4 Aug 2026 9:08 am

Musafir Cafe Review | भागदौड़ भरी जिंदगी में ठहराव और सुकून का अहसास देती है विक्रांत मैसी की यह नई सीरीज

आज की तेज़-तर्रार दुनिया में, जहाँ ज़िंदगी महज 'स्क्रॉलिंग' और 'ट्रोलिंग' के बीच सिमट कर रह गई है, ऐसे में नेटफ्लिक्स की नई वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफ़े' एक ताज़ा हवा के झोंके की तरह आती है। रुचिर अरुण द्वारा निर्देशित और 8 एपिसोड्स में बंटी यह श्रृंखला दिव्या प्रकाश दुबे के मशहूर हिंदी उपन्यास पर आधारित है। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि जिंदगी में कभी-कभी रुकना, ठहराव लेना और पलों को जीना कितना ज़रूरी है। कहानी: प्यार, सपने और अधूरे अहसास कहानी की शुरुआत भोपाल में अरेंज्ड मैरिज के लिए मिले चंदर (विक्रांत मैसी) और सुधा (वेदिका पिंटो) से होती है। पहली मुलाकात में एक-दूसरे को रिजेक्ट करने के बाद भी किस्मत उन्हें बार-बार आमने-सामने लाती है। दोनों में गहरा और सच्चा प्यार हो जाता है, लेकिन सुधा अपने लॉ फर्म के सपनों को पूरा करने के लिए शादी से इनकार कर देती है। सालों बाद, चंदर अपनी नौकरी छोड़कर पहाड़ों में एक कैफ़े खोलने का सपना पूरा करता है और उसकी ज़िंदगी में प्रीति (महिमा मकवाना) की एंट्री होती है। प्रीति एक आत्मनिर्भर, प्रैक्टिकल और समझदार महिला है जो चंदर के साथ एक खूबसूरत रिश्ता बनाती है। हालांकि, चंदर के दिल के किसी कोने में सुधा की यादें अब भी बाकी हैं। यह कहानी किसी एक को सही या गलत ठहराने के बजाय प्यार, महत्वाकांक्षा और गलत समय के ताने-बाने को बहुत ही खूबसूरती से पेश करती है। मुसाफिर कैफ़े: परफॉर्मेंस 'मुसाफिर कैफ़े' की आत्मा क्या है, यह किसी एक चीज़ के बारे में कहना मुश्किल है। चाहे परफॉर्मेंस हो, कहानी हो या सेटिंग, सब कुछ मिलकर एक ऐसा फ़्लेवर बनाते हैं जो बिल्कुल अनोखा है। चंदर के रोल में विक्रांत मैसी ने ऐसे आदमी का किरदार निभाया है जैसा हर औरत चाहती है। वे मिलनसार, सब्र रखने वाले और इमोशनली साथ देने वाले इंसान हैं; वे एक 'सेफ़ स्पेस' (सुरक्षित जगह) की मिसाल हैं। कई बार विक्रांत और चंदर के बीच फ़र्क करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि यह किरदार उन पर बहुत स्वाभाविक लगता है। वे अपनी एक्टिंग को बहुत आसान और सहज बना देते हैं। आप यह सोचना छोड़ देते हैं कि वे एक्टिंग कर रहे हैं या नहीं, क्योंकि वे पूरी तरह से उस किरदार में ढल जाते हैं। सुधा के रोल में वेदिका पिंटो भी उतनी ही प्रभावशाली हैं। वे एक जोश से भरी युवा महिला के रोल में आसानी से ढल जाती हैं, जो प्यार और अपने सपनों के करियर के बीच फंसी हुई है। उनकी परफॉर्मेंस स्वाभाविक लगती है और विक्रांत के साथ उनकी केमिस्ट्री फ़िल्म की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है। दोनों के बीच का हर पल सच्चा और असल लगता है। महिमा मकवाना का 'प्रीति' वाला किरदार शायद फ़िल्म का एक सुखद सरप्राइज़ है। वह कॉन्फिडेंट है, इमोशनली मज़बूत है और उसे पता है कि उसे ज़िंदगी से क्या चाहिए। वह सफलतापूर्वक एक बिज़नेस चलाती है, राइटर बनने का सपना भी पूरा करती है और रिश्ते (या अपने बिज़नेस) में खुद को खोए बिना प्यार के लिए भी जगह बनाती है। खासकर एक सीन बहुत यादगार है, जिसमें वह मानती है कि चंदर और सुधा का रिश्ता बहुत गहरा था और वह उसकी ज़िंदगी के उस हिस्से में दखल न देने का फैसला करती है। अतीत से मुकाबला करने के बजाय, वह अपनी बनाई ज़िंदगी और रिश्ते में सुकून पाती है। ठीक उसी पल प्रीति आपका दिल जीत लेती है। कास्ट के अलावा, कैफ़े और पहाड़ भी बराबर क्रेडिट के हकदार हैं। वे लगभग खामोश किरदारों की तरह हैं, जो बिना कुछ कहे माहौल बनाते हैं। चाहे भोपाल की जानी-पहचानी गलियां हों या पहाड़ों के बीच बसा आरामदायक कैफ़े, हर लोकेशन कहानी में गर्माहट और एक अलग पहचान जोड़ती है। एक्टिंग, सेटिंग और राइटिंग मिलकर कुछ सुकून देने वाला अनुभव बनाते हैं, जैसे एक बेहतरीन कप कॉफ़ी। मुसाफिर कैफ़े: म्यूज़िक और डायलॉग्स 'मुसाफिर कैफ़े' डायलॉग्स के बजाय राइटिंग और स्क्रीनप्ले पर ज़्यादा निर्भर करती है। यह बातचीत का एक सिलसिला है - ऐसी बातचीत जो लंबे समय तक याद रहती है और आपको सोचने पर मजबूर करती है। हालांकि, 'मुसाफिर कैफ़े' में म्यूज़िक अहम भूमिका निभाता है। यह बहुत ही सुकून देने वाला है और सही पलों पर इस्तेमाल किया गया है। 'तेरा हुआ साहिबा', 'काफ़ी है ना', 'दरमियां', 'रोज़ाना', 'टूटा रहूंगा' और 'रोज़ाना रिप्राइज़' जैसे गाने कहानी को आगे बढ़ाने और खास पलों को और बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। मुसाफिर कैफे: निर्देशन रुचिर अरुण द्वारा निर्देशित, 8 एपिसोड की यह श्रृंखला लगभग पूरी तरह से तैयार केक की तरह लगती है। सरल कहानी को अनावश्यक रूप से जटिल नहीं बनाया गया है, और यही बात फिल्म की सफलता का कारण है। वे नाटकीय मोड़ों पर निर्भर रहने के बजाय संवादों और मौन को भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर देते हैं। कभी-कभी गति धीमी लग सकती है, लेकिन यह जीवन के एक पहलू को दर्शाती है और ध्यान भटकाने के बजाय उसे और निखारती है। तीनों मुख्य पात्रों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार के लिए अरुण प्रशंसा के पात्र हैं। किसी को भी नायक या खलनायक के रूप में चित्रित नहीं किया गया है। यह श्रृंखला इस बारे में नहीं है कि किसे सबसे अधिक स्क्रीन टाइम मिलता है। इसके बजाय, वे उन्हें त्रुटिपूर्ण लेकिन फिर भी प्रासंगिक लोगों के रूप में प्रस्तुत करते हैं। मुसाफिर कैफ़े: क्या अच्छा है और क्या नहीं अगर ज़िंदगी आपसे थोड़ा रुककर ऐसा शो देखने के लिए कह रही है जो आपकी आत्मा को सुकून दे, तो 'मुसाफिर कैफ़े' बिल्कुल वैसा ही शो है। इसमें कोई सस्पेंस या अगले एपिसोड में किसी धमाकेदार कहानी का वादा नहीं है। फिर भी, आप तीनों मुख्य किरदारों की कहानी में दिलचस्पी लेंगे क्योंकि आप उन तीनों में कहीं न कहीं खुद की झलक पाएंगे। इसमें पहाड़ हैं; बढ़िया कॉफ़ी और अच्छी चाय का ज़िक्र है, किताबें हैं और प्यार भी है - तो भला क्या पसंद नहीं आएगा! 'मुसाफिर कैफ़े' की कुछ कमियों में से एक यह हो सकती है कि यह कहानी बहुत ज़्यादा सुरक्षित रास्ते पर चलती है। जब कहानी में इमोशनल उलझनें आती भी हैं, तो वे शायद ही कभी ऐसे पलों में बदलती हैं जो शो खत्म होने के बाद भी आपके ज़हन में बने रहें। उलझनों को उसी नरमी से सुलझाया जाता है जो इस फ़िल्म की पहचान है; यह इसके मूड के हिसाब से तो ठीक है, लेकिन इससे उनका असर भी कम हो जाता है। मुसाफिर कैफ़े: आखिरी राय 'मुसाफिर कैफ़े' देखना शनिवार की धीमी दोपहर या रविवार की शांत सुबह जैसा लगता है - ऐसा सुकून भरा पल जिसकी चाहत हमें भागदौड़ भरे हफ़्ते के बाद होती है। अगर आप कोई सुकून देने वाली, दिल को छू लेने वाली कहानी देखना चाहते हैं, तो इसे अपनी वॉचलिस्ट में ज़रूर शामिल करें। वैसे भी, 'मुसाफिर कैफ़े' आपका समय देने लायक है। सिर्फ़ इसलिए नहीं कि इसमें बेहतरीन कलाकार और दिल को छू लेने वाली कहानी है, बल्कि इसलिए भी क्योंकि यह आपको धीरे चलने, सोच-समझकर ब्रेक लेने और ज़िंदगी में कुछ छूट जाने की चिंता न करने की याद दिलाता है। रेटिंग: 3.5 / 5 स्टार

प्रभासाक्षी 3 Aug 2026 12:58 pm

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm