नेहा कक्कड़ ने सिंगिंग रियलिटी शोज के स्क्रिप्टेड और ‘फेक’ होने की बात को खारिज किया है। हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान नेहा कक्कड़ से रियलिटी शोज के स्क्रिप्टेड होने और TRP गिरने को लेकर सवाल पूछा गया। उनसे सुनिधि चौहान जैसे कई जजों के बयानों पर भी प्रतिक्रिया मांगी गई। इस पर नेहा कक्कड़ ने कहा, “वो इसलिए गिर गई क्योंकि मैंने करना छोड़ दिया! जब तक मैं कर रही थी, टीआरपी हाईएस्ट थी। लेकिन मैं ये कहना चाहूँगी, ‘अंगूर ना मिले तो खट्टे हैं’, लोग ऐसा बोलते हैं। तो वैसा ही है। अंगूर जिसको नहीं मिलते, उसको खट्टे ही लगते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “ये शो बिल्कुल स्क्रिप्टेड नहीं है। लोगों की लाइफ बिल्कुल स्क्रिप्टेड नहीं होती। ऑफ कोर्स, हम इंडियंस मोस्टली हम सब हम्बल बैकग्राउंड से ही आते हैं। मैं खुद हम्बल बैकग्राउंड से आई हूँ और अगर मुझे किसी की स्टोरी सुन के इमोशनल फील होता है, मैं इमोशंस फील करती हूँ, तो ऑफ कोर्स ये लाजमी है इमोशंस फील करना।” उन्होंने कहा, “हम सब बहुत ही पता नहीं कौन-कौन से छोटे-छोटे शहरों से आते हैं, और कितनी-कितनी हर्डल्स वो क्रॉस कर कर आते हैं। तो ऑफ कोर्स वो सारे कंटेस्टेंट्स एकदम से कोई नई स्टोरी बना के तो नहीं आ जाएंगे। जो सच है, वही सच है, एंड वही हमें विटनेस करने को मिला।” सुनिधि चौहान ने रियलिटी शोज पर सवाल उठाए थेसिंगर सुनिधि चौहान ने राज शमानी के पॉडकास्ट में सिंगिंग रियलिटी शोज के बदलते फॉर्मेट पर खुलकर बात की थी। सुनिधि ने कहा था कि उन्हें ‘इंडियन आइडल’ के शुरुआती दो साल काफी पसंद थे। उस समय शो में चीजें अच्छी तरह चल रही थीं। उनके मुताबिक, तब रियलिटी शोज का फॉर्मेट आज से काफी अलग था। पहले कंटेस्टेंट्स की असली परफॉर्मेंस और उनका नेचर ज्यादा दिखाया जाता था। उन्होंने कहा कि शुरुआती सीजन में कंटेस्टेंट की कोई लंबी-चौड़ी कहानी नहीं बनाई जाती थी। अगर कोई कंटेस्टेंट खराब गाता था, तो जज उस पर हंसते थे। उसे मजाक में अगले साल फिर आने के लिए कहते थे। सुनिधि के मुताबिक, ये सब शो का हिस्सा जरूर था, लेकिन जो परफॉर्मेंस दर्शकों को सुनाई जाती थी, वह असली होती थी। अब कई चीजें ‘डॉक्टर्ड’ और ‘करेक्टेड’ होती हैं- सुनिधि सुनिधि ने दावा किया कि अब टीवी पर दिखाई जाने वाली कई चीजें ‘डॉक्टर्ड’ और ‘करेक्टेड’ होती हैं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि मेकर्स नहीं चाहते कि उनके शो में कोई खराब सिंगर दिखाई दे। इसलिए कई बार कंटेस्टेंट की परफॉर्मेंस को इस तरह पेश किया जाता है कि वह टीवी पर बेहतर लगे। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार जज किसी कंटेस्टेंट की जमकर तारीफ करते हैं। वे उसके लिए खड़े होते हैं और कहते हैं कि उन्होंने इससे बेहतर परफॉर्मेंस कभी नहीं सुनी। इसके बावजूद अगले ही एपिसोड में वही कंटेस्टेंट बाहर हो जाता है। सुनिधि के मुताबिक, इससे दर्शक भी हैरान होते हैं। उन्हें समझ नहीं आता कि जिस कंटेस्टेंट के लिए जजों ने इतनी तारीफ की, उसे बाहर क्यों कर दिया गया। सुनिधि ने कहा कि ऐसी चीजें उन्हें परेशान करने लगी थीं। इसलिए उन्होंने धीरे-धीरे रियलिटी शोज का हिस्सा बनना छोड़ दिया। बाद में उन्होंने ‘द वॉइस’ के इंडियन वर्जन में काम किया। उन्होंने बताया कि इस शो के साथ कुछ शर्तें पहले से तय थीं और मेकर्स ने उन्हें मान लिया था। सुनिधि के मुताबिक, उन्हें इस बात की खुशी थी कि ‘द वॉइस’ में जज और दर्शक वही सुनते थे, जो वास्तव में कंटेस्टेंट ने गाया था। उन्होंने कहा कि उन्हें दर्शकों के साथ इस तरह की ‘चीटिंग’ पसंद नहीं है। पॉडकास्ट में सुनिधि से यह भी पूछा गया कि रियलिटी शोज में उन्हें सबसे ज्यादा चौंकाने वाली चीज क्या लगी। इस पर उन्होंने बताया था कि सबसे ज्यादा परेशानी तब हुई, जब शो में उनसे किसी खास कंटेस्टेंट को आगे बढ़ाने के लिए अच्छी बातें कहने को कहा गया। सुनिधि ने कहा कि वह ऐसा नहीं कर सकती थीं। उनके मुताबिक, कुछ कंटेस्टेंट्स को आगे बढ़ाने के पीछे सिर्फ उनकी परफॉर्मेंस नहीं, बल्कि दूसरे फायदे भी देखे जाते हैं। उन्होंने बताया कि शो जीतने वाले कंटेस्टेंट के साथ बाद में शो या दूसरे प्रोजेक्ट किए जा सकते हैं क्योंकि उसे जीतते हुए देखने वाली ऑडियंस उसके साथ जुड़ी होती है। ऐसे में मेकर्स को लगता है कि वह कंटेस्टेंट आगे भी दर्शक खींच सकता है। सुनिधि ने कहा कि इसी वजह से कई बार रियलिटी शो खत्म होने के बाद मिलने वाले फायदे भी कंटेस्टेंट चुनने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
कन्नड़ स्टार शिवराजकुमार ने हिंदी को ‘राष्ट्रीय भाषा’ कहने वाले अपने पुराने बयान पर माफी मांगी है। सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद उन्होंने सफाई दी कि वह भारतीय भाषाओं को लेकर उलझ गए थे। शिवराजकुमार ने कहा कि उनका मतलब हिंदी को ‘राष्ट्रीय भाषाओं में से एक’ कहना था, लेकिन उन्होंने गलत शब्द का इस्तेमाल कर दिया। उन्होंने यह बात अपनी आने वाली फिल्म ‘ओरिजिनल मॉन्स्टर’ के प्रमोशन के दौरान कही थी। मीडिया से बातचीत में शिवराजकुमार ने कहा, “मैंने हिंदी को राष्ट्रीय भाषा कहा। यह भाषाओं में से एक है। हमारे लिए हमारी भाषा यानी कन्नड़ हमेशा महत्वपूर्ण है। पता नहीं, मैं भारतीय भाषाओं में से एक को लेकर उलझ गया था। मैं माफी मांगता हूं, मुझे नहीं पता था।” उन्होंने आगे कहा, “उनकी भाषा हिंदी है और हमारी भाषा कन्नड़ है। उनकी भाषा उनके लिए महत्वपूर्ण है। इसी तरह हमारी भाषा हमारे लिए महत्वपूर्ण है।” कैसे शुरू हुआ विवाद? विवाद शिवराजकुमार के उस पुराने बयान के बाद शुरू हुआ, जब उनसे पैन-इंडिया प्रोजेक्ट के लिए हिंदी डायलॉग बोलने को लेकर सवाल पूछा गया था। तब उन्होंने कहा था, “क्यों? हिंदी मेरी दूसरी भाषा है। मैं हिंदी बोल सकता हूं। आपको क्या लगा? यह आसान भाषा है, राष्ट्रीय भाषा है। हमें यह कैसे नहीं पता होगा? हमें पता है।” उनके इस बयान पर इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने हिंदी को ‘राष्ट्रीय भाषा’ कहने पर उनकी आलोचना की। वहीं, कुछ फैन्स ने उनका बचाव भी किया। शिवाराजकुमार का बयान इसलिए भी विवादों में आ गया, क्योंकि लंबे समय से साउथ में भाषा पर विवाद और बहस जारी है। कर्नाटक में बड़ी संख्या में लोग हिंदी और अंग्रेजी के बढ़ते चलन का विरोध कर रहे हैं। वह मानते हैं कि कन्नड़ कर्नाटक की प्राथमिक सार्वजनिक भाषा होनी चाहिए, जबकि हिंदी और अंग्रेजी का बढ़ता इस्तेमाल स्थानीय भाषा के लिए जगह कम कर सकता है। कर्नाटक में ये विवाद तब सबसे बड़ा हुआ, जब लोकल संगठनों ने साइन बोर्ड में कन्नड़ लिखना अनिवार्य कर दिया और हिंदी, अंग्रेजी के साइनबोर्ड तोड़े। संजय दत्त भी मराठी बोलने से इनकार कर विवादों में महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने मराठी में बोलने से इनकार कर दिया। रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मैं 6 साल तक येरवडा जेल में रहा, तब भी मराठी भाषा नहीं सीख पाया।” संजय दत्त के बयान पर अब विवाद हो गया है। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर मंत्री ने उन्हें मराठी में बोलने के लिए कहा, लेकिन 67 साल के एक्टर ने ऐसा करने से मना कर दिया। इस पर भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर निशाना साधते हुए कहा कि ऑटो ड्राइवरों पर तो मराठी बोलने का दबाव बनाया जाता है। बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।”
सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।
अजय देवगन स्टारर ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ (दृश्यम 3) का ऑफिशियल ट्रेलर बुधवार को रिलीज हो गया। फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। कहानी में 2 अक्टूबर की तारीख एक बार फिर अहम है। दृश्यम 3 को ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी का आखिरी चैप्टर बताया गया है। इसमें अजय देवगन का किरदार विजय सालगांवकर एक बार फिर अपने परिवार के डार्क सीक्रेट को कानून से बचाने की कोशिश करते नजर आएंगे। ट्रेलर 2 मिनट 52 सेकंड लंबा है। फिल्म में अजय देवगन विजय, तब्बू IG मीरा देशमुख और श्रिया सरन नंदिनी के किरदार में लौट रही हैं। इस बार जयदीप अहलावत और प्रकाश राज की एंट्री हुई है, जो विजय के खिलाफ जांच को और मजबूत करते हैं। विजय के सामने नई चुनौती ट्रेलर में दिखाया गया है कि मामला अब सिर्फ दिमागी खेल नहीं रहा, बल्कि विजय और पुलिस के बीच अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है। ट्रेलर में अजय देवगन कहते हैं, “उनके बहुत ही मजबूत सबूत हैं। जयदीप अहलावत फिल्म में क्राइम ब्रांच के SP की भूमिका में हैं। वह विजय को कमतर आंकने के बजाय उसकी समझ और चालाकी को पहचानते हैं। इसी बदलाव के बीच विजय का सामना पहले से ज्यादा खतरनाक चुनौती से होता है। ट्रेलर में प्रकाश राज का किरदार विजय के लिए कहता है, “अनपढ़ है, बेवकूफ नहीं। इसे मैं हल्के में लेने की कोशिश नहीं करूंगा।” वहीं एक अन्य डायलॉग में विजय को “गोवा का सबसे बड़ा हार्ड-वर्किंग क्रिमिनल” कहा गया है। कहानी में दिमागी खेल से आगे बढ़कर किस्मत की भूमिका भी सामने आती है। ट्रेलर में कहा गया है, “अब ये खेल दिमाग का नहीं नसीब का बन चुका है।” विजय का परिवार उसके फैसलों की सबसे बड़ी वजह बना हुआ है। विजय कहता है, “फैमिली के लिए आदमी खुद को हर कदम पर तोड़ता है।” ट्रेलर का अंत इस चुनौती के साथ होता है, “तुम सोच भी नहीं सकते कि वो साधारण आदमी क्या से क्या बन सकता है।” फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है और इसे स्टार स्टूडियोज और पैनोरमा स्टूडियोज ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। ‘दृश्यम’ की कहानी अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ 31 जुलाई 2015 को रिलीज हुई थी। निशिकांत कामत के निर्देशन में बनी यह फिल्म मलयालम फिल्म ‘दृश्यम’ की हिंदी रीमेक थी। फिल्म में अजय देवगन के साथ तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। कहानी गोवा में रहने वाले विजय सालगांवकर के परिवार की है। विजय चौथी कक्षा तक पढ़ा है और केबल ऑपरेटर का काम करता है। उसे फिल्में देखने का बहुत शौक है। वह फिल्मों से कई चीजें सीखता भी है। विजय की जिंदगी तब बदल जाती है, जब उसकी बड़ी बेटी अंजू के साथ एक गंभीर घटना होती है। पुलिस अधिकारी मीरा देशमुख का बेटा सैम अंजू को परेशान और ब्लैकमेल करता है। इसी दौरान एक हादसे में अंजू के हाथों सैम की मौत हो जाती है। अपने परिवार को जेल जाने से बचाने के लिए विजय एक बड़ी योजना बनाता है। वह परिवार के साथ मिलकर ऐसी कहानी तैयार करता है, जिससे पुलिस को लगे कि वे 2 और 3 अक्टूबर को गोवा से बाहर थे। विजय होटल की बुकिंग, फिल्म देखने के टिकट और दूसरे सबूतों के जरिए अपनी कहानी को मजबूत करता है। मीरा देशमुख को पूरा शक विजय के परिवार पर होता है। पुलिस बार-बार पूछताछ करती है और परिवार पर दबाव बनाती है। लेकिन विजय हर सवाल का जवाब अपनी बनाई कहानी के हिसाब से देता है। फिल्म का सबसे बड़ा सस्पेंस यही है कि क्या पुलिस विजय के परिवार तक पहुंच पाएगी? आखिर में विजय अपने परिवार को बचाने में कामयाब होता है। ‘दृश्यम 2’ की कहानी अजय देवगन की ‘दृश्यम 2’ साल 2015 में आई मलयालम फिल्म ‘दृश्यम’ का सीक्वल थी। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया था। फिल्म 18 नवंबर 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। कहानी पहली फिल्म की घटनाओं के 7 साल बाद शुरू होती है। विजय सालगांवकर अब पहले से ज्यादा अमीर हो चुका है। उसका अपना सिनेमाघर है और वह फिल्म बनाने का सपना देख रहा है। हालांकि, उसके परिवार के लिए सैम की मौत का राज अभी भी डर बना हुआ है। कहानी में बड़ा मोड़ तब आता है, जब पुलिस को एक नया गवाह मिलता है। वह दावा करता है कि उसने घटना वाली रात विजय को पुलिस स्टेशन के पास देखा था। इसके बाद सैम की मौत का केस दोबारा खुल जाता है। इस बार जांच की जिम्मेदारी आईजी तरुण अहलावत के पास आती है। अक्षय खन्ना का किरदार निभा रहे तरुण बेहद चालाक पुलिस अफसर हैं। वह विजय और उसके परिवार को फंसाने के लिए एक पक्का प्लान बनाता है। पुलिस विजय के घर के आंगन से सैम का कंकाल भी बरामद कर लेती है। फॉरेंसिक रिपोर्ट भी परिवार के खिलाफ जाती है। विजय को गिरफ्तार कर लिया जाता है और ऐसा लगता है कि अब उसका बचना मुश्किल है। लेकिन विजय एक बार फिर अपनी समझदारी और फिल्मों से सीखे ज्ञान का इस्तेमाल करता है। वह कोर्ट में ऐसा सबूत पेश करता है, जिससे पुलिस को मिला कंकाल सैम का नहीं, बल्कि किसी और का साबित होता है। आखिर में विजय एक बार फिर अपने परिवार को बचा लेता है। करीब ₹50 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ने दुनियाभर में करीब ₹345 करोड़ कमाए और बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई।
हनुमान अंश ने रिलीज के 33वें दिन मंगलवार को ₹11.00 करोड़ का कलेक्शन किया है। फिल्म की कमाई सोमवार के ₹10.00 करोड़ के मुकाबले 10% बढ़ी। इसके साथ महज 2 करोड़ में बनी हनुमान अंश 33वें दिन में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बन चुकी है। इसने आमिर-शाहरुख की फिल्मों को भी पछाड़ दिया है। फिल्म ने 33वें दिन 7,778 शो से कमाई की। भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन ₹169.20 करोड़ और नेट कलेक्शन ₹143.13 करोड़ हो गया है। फिल्म अब ₹200 करोड़ ग्रॉस के आंकड़े से ₹30.80 करोड़ दूर है। पिछले कुछ दिनों की रफ्तार के आधार पर इसके अगले 3-4 दिनों में यह आंकड़ा पार करने का अनुमान है। रिलीज के 33वें दिन यानी मंगलवार को फिल्म ने सोमवार की ₹10.00 करोड़ नेट कमाई के मुकाबले ₹11.00 करोड़ नेट कमाए। आमतौर पर रिलीज के 33 दिन बाद फिल्मों की कमाई और शो दोनों कम होते हैं, लेकिन हनुमान अंश ने इस दिन कमाई बढ़ाई और शो की संख्या भी बढ़ी। जबकि 22 दिनों तक फिल्म की कमाई निराशाजनक थी। भारत में फिल्म ने अब तक कुल 81,608 शो से ₹143.13 करोड़ नेट और ₹169.20 करोड़ ग्रॉस कमाए हैं। ओवरसीज रिलीज शुरू होने में अभी कुछ दिन बाकी हैं। हनुमान अंश ने तोड़ा 3 इडियट्स, पठान का रिकॉर्ड 33वें दिन की कमाई के मामले में फिल्म हनुमान अंश ने धुरंधर, स्त्री 2, 3 इडियट्स और पठान जैसी फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ये 33वें दिन हाईएस्ट कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बन चुकी है। मौजूदा कमाई देखते हुए फिल्म के आने वाले दिनों के भी रिकॉर्ड तोड़ने के अनुमान हैं। 33वें दिन के ऑल-टाइम चार्ट में हनुमान अंश सबसे ऊपर है। इसकी कमाई इस सूची में दूसरे नंबर पर मौजूद फिल्म से दोगुने से भी ज्यादा है। फिल्म ने 33वें दिन की कमाई में 3 इडियट्स और पठान जैसी फिल्मों को पीछे छोड़ा है। इन दोनों फिल्मों का पैमाना और स्टार पावर अलग था। हनुमान अंश का यह प्रदर्शन इसकी देर से बढ़ी कमाई की असामान्य रफ्तार दिखाता है। ₹200 करोड़ की ओर बढ़ी फिल्म हनुमान अंश ने 30वें दिन ₹100 करोड़ ग्रॉस और 32वें दिन सिर्फ दो दिन बाद ₹150 करोड़ ग्रॉस का आंकड़ा पार किया था। अब इसका भारत में ग्रॉस कलेक्शन ₹169.20 करोड़ है और ₹200 करोड़ तक पहुंचने के लिए ₹30.80 करोड़ बाकी हैं। फिल्म के तीन बड़े चेहरों के बारे में- डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया है। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में लीड रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शोज में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे दर्जनों शोज कर चुके हैं। क्यों पसंद की जा रही है हनुमान अंश? फिल्म की कामयाबी में सोशल मीडिया का अहम रोल: फिल्म से जुड़े वीडियोज लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फिल्म के कई सीन, नीम करोली बाबा के असल वीडियोज से हुबहू मेल खाते हैं, इसके वीडियोज लगातार सामने आ रहे हैं। सिनेमाघरों से फैंस के वीडियो भी चर्चा में हैं, जिसमें वह भावुक होते और स्क्रीन के सामने हाथ जोड़े नजर आ रहे हैं। हाउसफुल शोज दिखाए जाने से भी दर्शकों के मन में फिल्म को लेकर उत्सुकता है। फिल्म एक ऐसे सब्जेक्ट पर बनी, जिसमें लोगों की रुचि, लेकिन जानकारी सीमित: ये फिल्म नीम करोली बाबा की जिंदगी पर बनी है। उनके भक्त दुनियाभर में हैं। उनके कैंची धाम आश्रम में सालाना हजारों लोग पहुंचते हैं। उनकी जिंदगी पर अब तक कई बुक लिखी गई हैं और डॉक्यूमेंट्री बनी हैं, हालांकि ज्यादातर इंग्लिश में हैं, जिसे आम जनता कम ही जानती है। फिल्म की सादगी और फैक्ट्स: फिल्म हनुमान अंश को बेहद सादगी से फैक्चुअल बनाया गया है। फिल्म को पसंद किए जाने का एक कारण ये भी है कि इसे कमर्शियली नहीं बनाया गया है। डायरेक्टर ने खुद एक इंटरव्यू में दावा किया है कि इस फिल्म को जानकारी मात्र के लिए बनाया गया है, न कि मुनाफे के लिए। एक वजह यह भी है कि फिल्म को भक्तों और दर्शकों का प्यार मिल रहा है। फिल्म का धार्मिक जुड़ाव, एक्टर ने संत की तरह जिए कई महीने जिस समय ये फिल्म बननी शुरू हुई थी, तब फिल्ममेकर्स प्रेमानंद महाराज के पास गए थे। उन्होंने प्रेमानंद महाराज से फिल्म पर सुझाव मांगा था। जिस पर उन्हें सलाह दी गई कि एक्टर्स को संतों की तरह जीना चाहिए। सावधानी से जीवन यापन करना चाहिए और शाकाहारी खाना चाहिए। फिल्म के लीड एक्टर्स ने इसका पालन किया। नीम करौली बाबा से जुड़े चर्चित किस्से- ट्रेन से उतरे तो आगे नहीं बढ़ी ट्रेनः कहा जाता है कि वे एक बार ट्रेन में बिना टिकट बैठ गए। उन्हें नीचे उतार दिया गया तो ट्रेन आगे नहीं बढ़ी। बाद में उन्हें वापस बुलाया गया और ट्रेन चल पड़ी। यह एक भक्तिपरक कथा है, जिसका स्वतंत्र ऐतिहासिक प्रमाण स्पष्ट नहीं है। नीम करोली बाबा से मिलने पहुंचे थे स्टीव जॉब्सः 1974 में 19 साल के स्टीव जॉब्स भारत आए थे। उनका मकसद पर्यटन नहीं बल्कि आध्यात्मिक खोज था। वे अपने दोस्त डैन कोटके के साथ भारत आए और नीम करौली बाबा से मिलने के लिए कैंची धाम पहुंचे। लेकिन यहां उन्हें पता चला कि बाबा का सितंबर 1973 में निधन हो चुका था। जॉब्स फिर भी भारत में करीब सात महीने रहे। उन्होंने भारत की आध्यात्मिक परंपराओं को करीब से समझने की कोशिश की। बाद में उन्होंने इस यात्रा को अपने जीवन पर गहरा असर डालने वाला अनुभव माना। मार्क जुकरबर्ग भी मिलने पहुंचे थेः 2015 में फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग भारत आए और कैंची धाम गए। उन्होंने बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया था कि जब फेसबुक मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब स्टीव जॉब्स ने उन्हें भारत जाकर उस मंदिर/आश्रम को देखने की सलाह दी थी, जहां वे स्वयं कभी गए थे। हॉलीवुड एक्ट्रेस थीं नीम करोली बाबा से प्रेरितः हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स ने भी नीम करौली बाबा से प्रभावित होने की बात कही है। उनके अनुसार, उन्होंने बाबा की एक तस्वीर देखी और उन्हें उनके प्रति एक गहरा आकर्षण महसूस हुआ। अमेरिकी मनोवैज्ञानिक रिचर्ड अल्पर्ट ने लिखी बुकः अमेरिकी मनोवैज्ञानिक रिचर्ड अल्पर्ट भारत आए और नीम करौली बाबा के शिष्य बने। बाबा ने उन्हें राम दास नाम दिया। इसके बाद राम दास अमेरिका लौटे और उन्होंने पश्चिमी दुनिया में बाबा की शिक्षाओं और भारतीय आध्यात्मिक विचारों को लोकप्रिय बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनकी प्रसिद्ध किताब ‘बी हेयर नाऊ’ ने लाखों लोगों को ध्यान, योग और भारतीय आध्यात्मिक विचारों से परिचित कराया।
‘मिर्जापुर: द मूवी’ में ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल को लेकर विवाद हो गया है। इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट रैपरिया बालम ने आरोप लगाया है कि फिल्म में यह गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। उन्होंने एक्सेल एंटरटेनमेंट को लीगल नोटिस भेजा है। रैपरिया बालम का कहना है कि वह ‘शूरवीर’ गाने के कॉपीराइट मालिक हैं। यह गाना महाराणा प्रताप को समर्पित है। उनका दावा है कि फिल्म में इसे मुन्ना भैया के हिंसा, गाली-गलौज और ड्रग्स वाले किरदार के साथ इस्तेमाल किया गया है। रैपरिया बालम ने गाना हटाने, माफी मांगने और महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनाने की मांग की है। लीगल नोटिस में ये तीनों मांगें शामिल हैं। लीगल नोटिस में तीन मांगें गाना कंपोज करने और इसे आवाज देने वाले रैपरिया बालम ने लीगल नोटिस भेजकर तीन मांग की हैं। पहली मांग- मेकर्स को फिल्म से ये गाना हटाना होगा। दूसरी मांग- मेकर्स को हिंसक सीन में महाराणा प्रताप पर बना गाना रखने पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी होगी। तीसरी मांग- गांव में महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनवाना होगा। जानिए क्या है पूरा विवाद? फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को रिलीज हुई, जिसके एक हिंसक सीन में शूरवीर गाना दिखाया गया। फिल्म रिलीज के बाद राजस्थान के मशहूर सिंगर रैपरिया बालम ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि ये गाना बिना उनकी इजाजत के फिल्म में इस्तेमाल हुआ है। ये गाना महाराणा प्रताप की वीरता पर बनाया गया है, लेकिन मिर्जापुर के मेकर्स ने इसका इस्तेमाल विलेन का महिमामंडन करने के लिए किया। गाना रिलीज करने वाली म्यूजिक कंपनी ने मिर्जापुर टीम को दिया कॉपीराइट सिंगर रैपरिया बालम का दावा है कि गाने के कॉपी राइट्स उनके पास हैं, हालांकि ये गाना रिलीज करने वाले ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने इस दावे का खंडन किया। इतना ही नहीं कंपनी ने विवाद के बीच मिर्जापुर के मेकर्स को इस गाने के राइट्स भी दे दिए हैं। कॉपीराइट को लेकर रैपरिया बालम का दावा रैपरिया बालम के भाई ने स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में बताया है, ‘गाना ट्रूपर रिकॉर्ड्स के चैनल पर है, लेकिन कॉपीराइट हमारे पास है। अगर इसे फिल्म में इस्तेमाल करना है, तो हमसे अनुमति लेनी होगी। वे इसे लाइसेंस नहीं कर सकते। यह गैरकानूनी है। रैपरिया बालम और ट्रूपर रिकॉर्ड्स पहले साथ काम करते थे। दस्तावेजों में रैपरिया बालम पार्टनर नहीं थे, लेकिन वह उनके साथ काम कर रहे थे। समझौते के मुताबिक, कुछ साल बाद वह रिकॉर्ड्स में कानूनी तौर पर 50% पार्टनर बनने वाले थे।' उन्होंने बताया कि पार्टनरशिप होने से पहले यह गाना रिलीज हो गया था। उनके मुताबिक, रैपरिया बालम को उस चैनल के लिए बनाए गए किसी भी गाने का भुगतान नहीं मिला। बाद में जब पार्टनरशिप को लेकर बात शुरू हुई, तो ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने मामला टालना शुरू कर दिया। इन गानों को लेकर कभी NOC भी साइन नहीं हुआ। रैपरिया बालम के भाई ने कहा कि बाद में उन्होंने अपना चैनल शुरू किया और गानों के कॉपीराइट अपने असली नाम अशोक मंडा से हासिल किए। उन्होंने कहा, “‘शूरवीर’ से जुड़े सभी कॉपीराइट दस्तावेज रैपरिया बालम के असली नाम अशोक मंडा पर हैं। उन्होंने इस गाने का कॉपीराइट अपने नाम कराया था। बाद में हमने ‘शूरवीर’ सीरीज में 9-10 और गाने बनाए। इन सभी के कॉपीराइट सर्टिफिकेट हमारे पास हैं। लेखक की ओर से NOC भी हमारे पास है।” जिन सीन पर गाना रखा, उससे आपत्ति रैपरिया बालम का कहना है कि मामला केवल कॉपीराइट का नहीं है। उनके मुताबिक, ‘शूरवीर’ सीरीज का मकसद बच्चों को भारतीय इतिहास और ऐतिहासिक शख्सियतों की कहानियां संगीत के जरिए समझाना था। ऐसे में शूरवीर की कहानी को किसी फिल्म के हिंसक और गोली चलाने वाले सीन में इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत है। उनके भाई ने कहा, “ये गाने कमर्शियल नहीं हैं। हमारा मकसद था कि अगली पीढ़ी हमारे इतिहास से जुड़े। हम चाहते थे कि बच्चे रैप म्यूजिक के जरिए इतिहास सीखें और अपने नेताओं की कहानियां जानें।” उन्होंने कहा कि हर कलाकार का सपना होता है कि उसका गाना किसी अच्छी फिल्म में आए और यह उनका भी सपना था। लेकिन इस सीरीज के साथ उनकी कुछ विचारधाराएं जुड़ी हैं। उन्होंने कहा, “मिर्जापुर में मुन्ना भैया गाली दे रहे हैं और ड्रग्स ले रहे हैं। उसके किरदार को दिखाने के लिए बैकग्राउंड म्यूजिक में यह गाना लगाया गया है। यह हमारी राजस्थानी संस्कृति और महाराणा प्रताप का अपमान है। अगर कोई बच्चा यह देखेगा, तो वह मुन्ना भैया जैसे किरदार को महाराणा प्रताप से जोड़ सकता है। इससे गलत धारणा बनेगी।” उन्होंने कहा कि इस मामले में ‘मिर्जापुर’ के मेकर्स भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि लाइसेंस लेने से पहले उन्हें सही दस्तावेज जांचने चाहिए थे। उनके मुताबिक, एक्सेल एंटरटेनमेंट की गलती यह है कि उसने महाराणा प्रताप को समर्पित गाने को एक गुंडे के किरदार को दिखाने के लिए चुना। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क रैपरिया बालम और उनके परिवार ने ‘मिर्जापुर’ के प्रोड्यूसर्स फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क करने की कोशिश की। परिवार के मुताबिक, फरहान अख्तर ने जवाब नहीं दिया। रितेश सिधवानी की टीम ने कहा कि वह उनसे संपर्क करेगी। परिवार का कहना है कि वह टीम से नहीं, बल्कि फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से सीधे बात करना चाहता है। उन्होंने कहा, “हम समझना चाहते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। हम चाहते हैं कि गाना ‘मिर्जापुर’ से हटा दिया जाए। यह इस फिल्म के लिए नहीं बना है। इसे गलत तरीके से दिखाने से हमारी भावनाओं और विचारधारा को ठेस पहुंच रही है।” परिवार ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर इस गाने को फिल्म में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। उसने ट्रूपर रिकॉर्ड्स से भी बात करने से इनकार किया है।
बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार आज 59 साल के हो गए हैं। अक्षय ने करीब तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और सोशल ड्रामा जैसी कई तरह की फिल्मों में काम किया है। फिल्मों में अपने अलग-अलग किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अक्षय अपने को-स्टार्स के साथ मजाक-मस्ती और प्रैंक करने के लिए भी मशहूर हैं। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने अक्षय के साथ काम करने के दौरान सुनाया था। अक्षय कुमार और हुमा कुरैशी ने 2017 में आई फिल्म ‘जॉली एलएलबी 2’ में साथ काम किया था। फिल्म के प्रमोशन के दौरान दोनों ‘द कपिल शर्मा शो’ में पहुंचे थे। इसी दौरान हुमा ने अक्षय की एक शरारत का खुलासा किया था। हुमा ने बताया था कि अक्षय ने एक बार उनका फोन चुरा लिया था। इसके बाद उन्होंने फोन का इस्तेमाल करते हुए बॉलीवुड के 2-3 अभिनेताओं को ‘मैं तुमसे शादी करना चाहती हूं, आई लव यू’ जैसे मैसेज भेज दिए थे। रितेश के फोन से विद्या को भेजा था ‘आई लव यू’ अक्षय की ऐसी ही एक और शरारत का किस्सा रितेश देशमुख ने ‘द कपिल शर्मा शो’ में सुनाया था। यह घटना फिल्म ‘हे बेबी’ की शूटिंग के दौरान की है। रितेश के मुताबिक, अक्षय ने उनका फोन अपने पास रख लिया था। इसके बाद उन्होंने रितेश के फोन से विद्या बालन को ‘आई लव यू’ मैसेज भेज दिया। रितेश को जब इस मैसेज के बारे में पता चला तो वह हैरान रह गए। मजेदार बात यह थी कि विद्या बालन ने भी उस मैसेज का जवाब दिया और किस वाला स्माइली भेजा। बाद में रितेश को पता चला कि यह पूरा मामला अक्षय कुमार की शरारत थी। उस वक्त विद्या का फोन भी अक्षय के पास था और उन्होंने ही रितेश के फोन से मैसेज भेजकर यह प्रैंक किया था। एक नजर अक्षय कुमार के करियर पर अक्षय कुमार ने 1991 में फिल्म ‘सौगंध’ से बतौर लीड एक्टर बॉलीवुड में डेब्यू किया था। 1992 में आई फिल्म ‘खिलाड़ी’ ने उन्हें एक्शन स्टार के तौर पर पहचान दिलाई और यहीं से उन्हें ‘खिलाड़ी कुमार’ के नाम से जाना जाने लगा। इसके बाद अक्षय ने ‘मोहरा’, ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘हेरा फेरी’, ‘धड़कन’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘भूल भुलैया’, ‘सिंह इज किंग’, ‘हाउसफुल’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी फिल्मों में काम किया। एक्शन और कॉमेडी के साथ उन्होंने सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों में भी काम किया। ‘बेबी’, ‘एयरलिफ्ट’, ‘रुस्तम’, ‘पैडमैन’, ‘केसरी’, ‘मिशन मंगल’ और ‘ओएमजी 2’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार देखने को मिले। अक्षय कुमार को 2009 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। उन्हें ‘रुस्तम’ के लिए 2017 में नेशनल फिल्म अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्टर भी मिला। 2026 में उनकी दो फिल्में ‘भूत बंगला’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ रिलीज हो चुकी हैं। वहीं 11 सितंबर को उनकी फिल्म ‘हैवान’ सिनेमाघरों में आने वाली है। फिल्म में अक्षय कुमार और सैफ अली खान लीड रोल में हैं और इसका निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है। ………………. यह खबर भी पढ़ें… पंकज त्रिपाठी 7 दिन जेल में रहे थे:कभी होटल में काम करते थे, मनोज बाजपेयी की चप्पल अपने पास रख ली थी पंकज त्रिपाठी उन कलाकारों में गिने जाते हैं जिन्होंने बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के अपनी अलग पहचान बनाई। बिहार के गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव से निकलकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा तक पहुंचे पंकज ने फिल्मों में छोटे-छोटे किरदारों से शुरुआत की और वर्तमान समय के हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित अभिनेताओं में से एक हैं। पंकज की जिंदगी से जुड़ा एक इमोशनल किस्सा अभिनेता मनोज बाजपेयी से भी जुड़ा है। जब पंकज ने मनोज की चप्पल अपने पास रख ली थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक्टर राजपाल यादव को निर्देश दिया कि चेक बाउंस मामले में सरेंडर से छूट पाने की शर्त के तौर पर वे बुधवार तक कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपए जमा करें। यह मामला फिल्म प्रोड्यूसर-फाइनेंसर मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है। कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के 10 जुलाई के फैसले को चुनौती देने वाली यादव की याचिका पर सशर्त नोटिस जारी किया। हाईकोर्ट ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत सात मामलों में उनकी दोषसिद्धि और तीन महीने की सजा बरकरार रखी थी। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी। चीफ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यादव की याचिका पर मौखिक रूप से सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें सजा काटने के लिए सरेंडर करने का निर्देश दिया था, जिसकी अंतिम तारीख 10 सितंबर थी। यह मामला मुरली प्रोजेक्ट्स की ओर से यादव, उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव और उनकी फिल्म प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ दायर सात शिकायतों से जुड़ा है। ये शिकायतें फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए जारी सात चेक बाउंस होने के बाद दर्ज की गई थीं। मामले के रिकॉर्ड के मुताबिक, मुरली प्रोजेक्ट्स ने 2010 में फिल्म पूरी करने के लिए 5 करोड़ रुपए दिए थे। फिल्म की रिलीज में देरी के बाद पक्षों के बीच कई समझौते हुए और अलग-अलग चरणों में रकम की वापसी की राशि में बदलाव किया गया। यादव की याचिका में कहा गया है कि मूल लेन-देन फिल्म में निवेश था, कर्ज नहीं, और चेक सिक्योरिटी के तौर पर दिए गए थे। अगस्त 2012 के तीसरे सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट के तहत आठ पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए गए थे और भुगतान की जिम्मेदारी फिल्म की रिलीज से जोड़ी गई थी। 2012 में मुरली प्रोजेक्ट्स ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था विवाद बढ़ने के बाद मुरली प्रोजेक्ट्स ने 2012 में फिल्म को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को फिल्म के अधिकारों में तीसरे पक्ष का हित बनाने से रोक दिया था। इसके बाद सात चेक बाउंस होने पर एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत सात शिकायतें दर्ज की गईं। यादव की ओर से बाद में हुए 21 अप्रैल 2013 के सहमति समझौते पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत दोनों पक्षों ने 10.40 करोड़ रुपए के पूर्ण और अंतिम समझौते पर सहमति जताई थी, जिसमें 40 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए पहले ही दिए जा चुके थे। समझौते की सुरक्षा के लिए चार नए पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए गए थे। यादव की याचिका के मुताबिक, इस समझौते के तहत पहले जारी किए गए आठ सिक्योरिटी चेक वापस किए जाने थे, लेकिन मुरली प्रोजेक्ट्स ने बाउंस हुए चेक के मामलों को आगे बढ़ाया। सुप्रीम कोर्ट में यादव ने कहा कि बाद के समझौते के बाद मूल शिकायतें जारी नहीं रह सकतीं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ‘जिम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड बनाम मनोज गोयल’ फैसले का हवाला देते हुए कहा कि समझौता होने के बाद पुराने चेक के बाउंस से जुड़ी शिकायत खत्म हो जाती है और नए समझौते के तहत जारी चेक बाउंस होने पर ही नया मामला बन सकता है। 2018 में ट्रायल कोर्ट ने राजपाल को दोषी ठहराया था ट्रायल कोर्ट ने अप्रैल 2018 में सातों मामलों में यादव और अन्य आरोपियों को दोषी ठहराया था। शुरुआत में यादव को हर मामले में छह महीने की जेल और 1.60 करोड़ रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। बाद में सजा कम की गई। 22 मई 2019 को उन्हें सातों मामलों में तीन महीने की साधारण कैद और प्रत्येक मामले में 1.35 करोड़ रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलने का आदेश दिया गया। सेशंस कोर्ट ने 2024 में दोषसिद्धि बरकरार रखते हुए तीन महीने की सजा और प्रत्येक मामले में 1.35 करोड़ रुपए का जुर्माना कायम रखा। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई 2026 के फैसले में सजा में दखल देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने प्रोबेशन की मांग खारिज की थी हाईकोर्ट ने यादव की प्रोबेशन की मांग भी खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक चली कार्यवाही के दौरान उनके आचरण और विवाद सुलझाने के लिए दिए गए कई मौकों को देखते हुए उन्हें प्रोबेशन का लाभ नहीं दिया जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा था कि यादव ने शिकायतकर्ता को भुगतान करने के लिए कई बार आश्वासन दिए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। कार्यवाही के दौरान करीब 2.25 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था, लेकिन बाद में यादव ने और भुगतान करने से इनकार कर दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि पहले जमा कर मुरली प्रोजेक्ट्स को दी गई 2.25 करोड़ रुपए की राशि को जुर्माने के तौर पर देय रकम में समायोजित किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार के आदेश से राजपाल यादव को फिलहाल सरेंडर से अंतरिम राहत मिली है। यह राहत 9 सितंबर तक रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपए जमा करने की शर्त पर है। …………… यह खबर भी पढ़ें... राजपाल यादव बोले- जिनका पैसा बकाया है, घर पहुंचा दूंगा:कहा- 13 साल में 250 करोड़ का नुकसान हुआ; घर नीलाम कर रहा बैंक बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने चेक बाउंस और कर्ज विवाद के बीच दावा किया था कि पिछले 13 साल में उन्हें 200 से 250 करोड़ रुपए का निजी नुकसान हुआ है। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में 55 साल के एक्टर ने कहा था कि वे एक जिम्मेदार इंसान हैं और जिन लोगों का पैसा बकाया है, वे उसे चुका देंगे या उनके घर तक पहुंचा देंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
विशाल चतुर्वेदी की फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी-बड़ी फिल्मों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जानिए कितना रहा 33वें दिन का कलेक्शन?
मंगलवार को Mirzapur The Movie का भौकाल, बॉक्स ऑफिस पर छाप डाला मोटा पैसा; 5 दिन में बजट वसूल!
Mirzapur The Movie Box Office Collection Day5: मंगलवार को भी मिर्जापुर द मूवी ने बॉक्स ऑफिस पर शासन किया है। फिल्म का कलेक्शन हैरान करने वाला है।
एक्टर और BJP सांसद कंगना रनोट ने तमिल एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का समर्थन करते हुए कहा कि रिश्ते दोनों पक्षों के बीच हों, फिर भी गाली और चरित्र पर सवाल हमेशा महिला पर उठाए जाते हैं। हालांकि, कंगना ने तृषा का नाम नहीं लिया। कंगना ने यह बात तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से जुड़ी लिंक-अप अफवाहों और तृषा पर की गई टिप्पणियों के विवाद के बीच कही। कल ही विजय ने महिलाओं पर डबल मीनिंग वाले कमेंट्स करने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। कंगना ने कुल्लू में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “आपने तमिलनाडु में जो हुआ, वह देखा है। वहां एक बहुत सम्मानित कलाकार और एक्ट्रेस और जो भी उनके संबंध हैं, जिस तरह भी वो दोनों ही पक्ष के होते हैं, लेकिन गाली-गलौज के लिए और चरित्र हनन के लिए हमेशा महिला को ही टारगेट किया जाता है। महिलाओं की कैरेक्टर लिंचिंग कब रुकेगी? उन्होंने आगे कहा कि कामकाजी और सफल महिलाओं को बदनाम करने का यह तरीका सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। कंगना के मुताबिक, दुनियाभर में कामकाजी महिलाओं, सफल महिलाओं, एक्ट्रेस, राजनेताओं और सत्ता व अधिकार वाले पदों पर बैठी महिलाओं के चरित्र को निशाना बनाकर उन्हें नीचे गिराने की कोशिश की जाती है। उदयनिधि स्टालिन के बयान से भी जुड़ा विवाद कंगना का यह बयान उस विवाद के कुछ हफ्ते बाद आया है, जिसमें उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों को लेकर मामला गरमाया था। उन्होंने तंजावुर में एक राजनीतिक सभा के दौरान यह टिप्पणी की थी। दरअसल, उदयनिधि स्टालिन ने यह कथित डबल-मीनिंग टिप्पणी 3 अगस्त को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान की थी। इसी दौरान भीड़ में तृषा, तृषा के नारे लगे। आरोप है कि इस पर उदयनिधि ने कहा था, पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, वहां जरूर पहुंचना चाहिए। बाद में सफाई दी कि उनका इशारा कावेरी के पानी की ओर था। इसके बाद 4 अगस्त को उदयनिधि से पुलिस ने 8 घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बाहर आकर उन्होंने कहा कि विजय की पुलिस ने मेरे साथ आतंकवादी जैसा सुलूक किया। मैंने किसी महिला का अपमान करने की कोशिश नहीं की। वहीं, तमिलनाडु के सीएम विजय ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विजय का यह बयान नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की एक्ट्रेस तृषा को लेकर की गई डबल मीनिंग टिप्पणी के विवाद के बीच आया है। पुलिस ने 4 अगस्त को उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें उसी दिन रिहा कर दिया गया था। विजय ने कहा- कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी विजय ने कहा कि विकास के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। पुलिस का काम सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि राज्य के विकास की नींव मजबूत करना भी है। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग कानून का पालन करते हैं, उनके लिए पुलिस दोस्त है और जो कानून नहीं मानते, उनके लिए पुलिस दुश्मन है। राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों को पुलिस के काम में दखल नहीं देना चाहिए। विजय और तृषा ने साथ-साथ 5 फिल्में कीं 4 मई को तमिलनाडु विधानसभा के रिजल्ट आए थे। TVK ने 234 में से 108 सीटें जीती थीं। उस दिन तृषा का बर्थडे था। रिजल्ट आने से पहले वो तिरुमाला मंदिर पहुंचीं, दर्शन किए और फिर विजय के घर पहुंचीं। विजय और तृषा की केमिस्ट्री काफी चर्चा में रही है। दोनों करीब 5 फिल्मों में साथ नजर आए हैं, जिनमें से 2023 में रिलीज सुपरहिट फिल्म लियो भी शामिल है। यह वही वक्त था जब विजय की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम तलाक के लिए कोर्ट में लड़ाई लड़ रही थीं। हालांकि, उन्होंने केस वापस ले लिया है।
एक्टर राजेश शर्मा ने अस्पताल में भर्ती होने की वजह को लेकर चल रही अफवाहों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर उन्हें किसी कीड़े ने नहीं काटा था। उनकी तबीयत दाएं पैर के इंफेक्शन और हाई ब्लड शुगर की वजह से बिगड़ी। राजेश शर्मा ने NDTV के साथ बातचीत में कहा कि उनकी मेडिकल इमरजेंसी के लिए न तो प्रभास जिम्मेदार हैं और न ही फिल्म की टीम। उन्होंने बताया कि हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ था। तबीयत कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद ज्यादा बिगड़ी। उन्होंने कहा कि इलाज पूरा हो चुका है और अब रिकवरी चल रही है। राजेश के मुताबिक, वह एक हफ्ते में फिर से काम शुरू कर सकते हैं। एक्टर ने बताया कि उनके दाएं पैर की स्किन पर काफी समय से परेशानी थी। इसी वजह से पैर में इंफेक्शन हो गया। इस दौरान उनका डायबिटीज लेवल भी बहुत बढ़ गया, जिससे हालत सीरियस हो गई थी। पैर की स्किन पर लंबे समय से परेशानी थी राजेश शर्मा ने कहा, “यह झूठी खबर है। प्रभास की फिल्म के सेट पर कुछ नहीं हुआ। प्रभास और यूनिट किसी भी तरह जिम्मेदार नहीं हैं। वे अच्छे लोग हैं। हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ।” उन्होंने कहा, “हैदराबाद से कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद हालत गंभीर हो गई। मेरी डायबिटीज बहुत बढ़ गई थी और शुरुआत में मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।” इंफेक्शन की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, “मेरे दाएं पैर की त्वचा पर लंबे समय से परेशानी थी। वहीं से इंफेक्शन हो गया।” राजेश शर्मा ने कहा, “मेरा इलाज पूरा हो गया है। रिकवरी चल रही है। उम्मीद है कि मैं एक हफ्ते में काम शुरू कर दूंगा।” कीड़े के काटने की खबर कैसे फैली राजेश शर्मा की तबीयत को लेकर अटकलें तब शुरू हुईं, जब उनकी दोस्त सुदीपा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें दावा किया गया था कि प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान रामोजी फिल्म सिटी में राजेश को किसी कीड़े ने काट लिया था। बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी गई। राजेश शर्मा ने कहा कि सुदीपा ने चिंता की वजह से पोस्ट की थी, लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा, “वह अच्छी दोस्त हैं। चिंता की वजह से उन्होंने पोस्ट की। लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी।” सुदीपा के अब डिलीट हो चुके इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, “एक्टर राजेश शर्मा को कथित तौर पर रामोजी फिल्म सिटी में मशहूर एक्टर प्रभास के साथ फिल्म की शूटिंग के दौरान किसी कीड़े ने काट लिया। यह कीड़ा कोई बग या जहरीली मकड़ी हो सकती है। पैक-अप के बाद राजेश घने पेड़-पौधों वाले इलाके में स्थानीय तकनीशियनों से बात कर रहे थे, तभी उन्हें कीड़े के काटने का अहसास हुआ। उस समय यह गंभीर नहीं लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत इलाज नहीं कराया।” पोस्ट में आगे दावा किया गया था, “हालत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने कोलकाता की फ्लाइट ली। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आया, बेचैनी बढ़ती गई और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। अगले दिन उन्हें पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती हुए एक दिन से ज्यादा समय बीत चुका था, लेकिन उन्हें तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी और दाएं पैर में बढ़ता हुआ इंफेक्शन था।” राजेश शर्मा को पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनकी हालत गंभीर बताई गई थी और उन्हें निगरानी में रखा गया था। उनके परिवार ने भी तबीयत को लेकर अपडेट जारी किया था। परिवार के मुताबिक, राजेश को तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी के साथ दाएं पैर में तेजी से फैलता इंफेक्शन था। कहा गया था कि इंफेक्शन पैर की उंगलियों से घुटने की ओर बढ़ गया था और प्रभावित हिस्से पर बड़े छाले हो गए थे। फिल्म 'फौजी' की टीम ने खबरों पर दी सफाई थी साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, राजेश शर्मा की हेल्थ को लेकर 'फौजी' की टीम ने कहा था कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम ने कहा था कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। अक्षय ने की जल्द ठीक होने की दुआ की थी वहीं, राजेश शर्मा की सेहत को लेकर यह खबर सामने आई कि उन्हें कीड़े ने काट लिया है। तब इस पर एक्टर अक्षय कुमार ने चिंता जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान उन्हें किसी कीड़े ने काट लिया था। भगवान महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। यार, जल्दी ठीक हो जाओ। अभी साथ बैठकर बहुत हंसना-बोलना बाकी है।’ बता दें कि राजेश शर्मा ने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म 'माचिस' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने 'परिणीता', 'खोसला का घोसला', 'इश्किया', 'स्पेशल 26', 'बजरंगी भाईजान', 'एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी', 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' और 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया।
हनुमान अंश ही नहीं, 5 धार्मिक फिल्मों के साथ भी हुआ था चमत्कार, कमाई में निकली थीं धुरंधर
हनुमान अंश फिल्म की तरह सिनेमा जगत में पांच धार्मिक फिल्में ऐसी भी रही हैं, जो बॉक्स ऑफिस पर सरप्राइज हिट साबित हुई थीं।
निर्देशक और अभिनेता तिग्मांशु धूलिया ने मौजूदा हिंदी सिनेमा में कहानी कहने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट कल्चर और एक जैसे फिल्मी टेम्पलेट के कारण फिल्मों में मौलिक कहानियां कम होती जा रही हैं। धूलिया ने यह टिप्पणी हाल ही में हुएद एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (EGI) की ओर से आयोजित राजेंद्र माथुर मेमोरियल लेक्चर के दौरान की। कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित हुआ था। धूलिया ने कमर्शियल मेनस्ट्रीम सिनेमा का उदाहरण देते हुए ‘पुष्पा’, ‘केजीएफ’ और ‘धुरंधर’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हर फिल्म एक फिक्शनल बायोपिक है।” ‘धुरंधर’ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी से फिल्म की कहानी पूछी जाए तो शायद वह उसे ठीक से बता नहीं पाएगा। उन्होंने कहा, “मैंने वह फिल्म देखी है। मुझे फिल्म का पहला पार्ट काफी पसंद आया। बहुत अच्छी तरह प्रेजेंट किया गया है, काफी एंगेजिंग है और म्यूजिक भी अच्छा है। लेकिन आप उसकी कहानी पूछिएगा तो आप कहानी बता नहीं पाएंगे।” धूलिया ने फिल्म की कहानी को अपने अंदाज में समझाते हुए कहा, “एक आदमी है, अंडरकवर स्पाई है, पाकिस्तान जाता है और वहां तबाही मचा देता है। ये कोई कहानी हुई?” उन्होंने आगे कहा कि फिल्मों में कहानी कहने वाले लोग कम हो गए हैं और जो लोग अलग तरह की कहानी कहना चाहते हैं, उन्हें बनाने का मौका नहीं मिलता। उनके मुताबिक मेकर्स को डर रहता है कि ऐसी फिल्में चलेंगी नहीं। धूलिया बोले- फिल्मों में एक जैसा टेंपलेट दिखाई दे रहा है धूलिया ने कहा कि “एक ही जैसा टेंपलेट” हर जगह दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे एक्सट्रीम कैपिटलिज्म से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह शहरों, फैशन, गाड़ियों और दुकानों में एकरूपता बढ़ रही है, उसी तरह फिल्मों में भी इंडिविजुअलिटी कम होती जा रही है। उन्होंने पुराने हिंदी सिनेमा का जिक्र करते हुए कहा कि विमल रॉय, शक्ति सामंत, मनमोहन देसाई, प्रकाश मेहरा और सुभाष घई जैसे फिल्मकारों से लेकर 2017 तक हिंदी सिनेमा में स्थिति ठीक थी। इसके बाद अचानक बदलाव आया और “हम कहानी कहना ही भूल चुके हैं।” तिग्मांशु धूलिया के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी अपकमिंग फिल्म ‘घमासान’ 11 सितंबर 2026 को ZEE5 पर रिलीज होने वाली है। फिल्म में प्रतीक गांधी और अरशद वारसी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म बुंदेलखंड के डकैत संसार से प्रेरित कहानी पर आधारित है। ऋतिक ने ‘धुरंधर’ की पॉलिटिक्स से असहमति जताई थी बता दें कि पिछले साल एक्टर ऋतिक रोशन फिल्म ‘धुरंधर’ से जुड़ी एक पोस्ट करने पर ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए थे। फिल्म रिलीज के बाद ऋतिक ने इसकी तारीफ में एक पोस्ट की, लेकिन साथ ही कहा कि वो फिल्म में दिखाई गई पॉलिटिक्स से सहमत नहीं हैं। बयान पर उनकी खिंचाई हुई, जिसके बाद अब एक्टर ने फिर धुरंधर की तारीफ में एक और पोस्ट शेयर की थी। ऋतिक ने पहले ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म को लेकर लिखा था, मुझे सिनेमा से बहुत प्यार है। मुझे वे लोग पसंद हैं जो कहानी में पूरी तरह डूब जाते हैं, कहानी उन्हें घुमाती है, हिलाती है, और फिर जो कहना होता है वह सब परदे पर उतार देते हैं। धुरंधर ऐसी ही एक फिल्म है। इसकी कहानी मुझे बहुत पसंद आई। यही सिनेमा है। आगे उन्होंने लिखा था, हो सकता है कि मैं इसकी राजनीति से सहमत न होऊं और इस बात पर भी चर्चा हो सकती है कि एक नागरिक होने के नाते फिल्ममेकर की क्या जिम्मेदारियां होती हैं। फिर भी, इसे देखकर मैं बहुत कुछ सीखता हूं, जैसा कि मैंने हमेशा सिनेमा के स्टूडेंट के तौर पर सीखा है। वहीं, इसके बाद अगले दिन ऋतिक रोशन ने धुरंधर की तारीफ में ऑफिशियल X अकाउंट से लिखा था, अब भी धुरंधर मेरे दिमाग से नहीं निकल रही है। आदित्य धर आप कमाल के फिल्ममेकर हैं। रणवीर सिंह, एकदम शांत से लेकर बेहद तीखे किरदार तक, क्या सफर रहा है। और इसमें आपकी लगातार बेहतरीन परफॉर्मेंस शानदार है। अक्षय खन्ना हमेशा से मेरे फेवरेट रहे हैं, और यह फिल्म साबित करती है कि क्यों। आर माधवन, क्या जबरदस्त शालीनता, दम और गरिमा दिखाई है आपने। और राकेश बेदी आपने जो किया, वह कमाल से भी ऊपर था। क्या एक्टिंग थी, शानदार। मेकअप और प्रोस्थेटिक्स टीम को भी बहुत बड़ी वाहवाही। अब तो पार्ट 2 का इंतजार नहीं हो रहा। राम्या ने ‘धुरंधर 2’ की आलोचना की बता दें कि पूर्व लोकसभा सांसद और कन्नड़ एक्ट्रेस राम्या ने फिल्म ‘धुरंधर’ के दूसरे पार्ट की आलोचना की थी। फिल्म को देखने के बाद राम्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक लंबा पोस्ट शेयर किया था। उन्होंने दर्शकों को सलाह दी है कि वे सिनेमाघरों में जाकर अपना समय और पैसा बर्बाद न करें, बल्कि इसके ओटीटी (OTT) पर आने का इंतजार करें। राम्या ने यह भी लिखा कि लोग कह रहे हैं कि रणवीर ने फिल्म को अपने कंधों पर उठाया है, लेकिन मुझे तो सिर्फ उनके बाल दिखाई दिए। राम्या ने फिल्म में दिखाई गई हिंसा की भी आलोचना की थी। उन्होंने फिल्म को 'हथियारों का विजुअल हैंडबुक' बताया, जिसमें सिरिंज और स्पैनर जैसी साधारण चीजों को भी हथियार के रूप में इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने फिल्म के लॉजिक पर सवाल उठाते हुए कहा था, “दोनों पैर कटने और शरीर पर केरोसिन डालने के बाद भी किरदार ऐसे डायलॉग बोल रहा है जैसे वह किसी 'टेड टॉक' में हो। इसके लिए ऑस्कर नहीं बल्कि नोबेल प्राइज मिलना चाहिए। मेडिकल साइंस की जय हो।”
मुंबई के बांद्रा स्थित आइकॉनिक गैटी गैलेक्सी थिएटर को पुलिस ने सोमवार को बंद करा दिया। थिएटर में हनुमान अंश लगी थी, लेकिन शो के पहले ही केबल वायर जलने से दर्शकों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी थिएटर में लगे मिर्जापुर के पोस्टर भी फाड़े गए। पुलिस के पहुंचने के बाद दस्तावेजों की जांच में लाइसेंस से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई। सोमवार को हनुमान अंश दिखाई जा रही थी। कुछ राजनीतिक कार्यकर्ता ये फिल्म देखने पहुंचे थे, लेकिन केबल जलने से शो शुरू नहीं हो सका। वहां पहुंचे लोगों ने फिल्म शुरू न होने पर विरोध में जमकर हंगामा किया। वहां मौजूद स्टाफ से बहस बढ़ने के बाद उन्होंने कथित तौर पर मिर्जापुर: द मूवी के पोस्टर फाड़ दिए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि थिएटर का लाइसेंस 2021-22 में ही खत्म हो चुका है। तब से लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाया गया है। इसके बाद नियमों का पालन नहीं होने के कारण थिएटर मैनेजमेंट को परिसर बंद करने और शो रोकने का निर्देश दिया गया। बांद्रा पुलिस ने थिएटर के मालिक, मैनेजर और सिनेमा चलाने वाली कंपनी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत केस दर्ज किया है। थिएटर के बाहर 12 नोटिस चिपकाए गए थिएटर की दीवारों के बाहर 12 नोटिस चिपकाए गए हैं। इनमें शो बंद होने की जानकारी दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मिड-डे से कहा, “थिएटर के पास वैध लाइसेंस नहीं था। इसलिए हमने मैनेजमेंट को इसे तुरंत बंद करने का आदेश दिया।” एक अन्य अधिकारी ने बताया, “हर थिएटर को चलाने के लिए एंटरटेनमेंट लाइसेंस जरूरी है। यह लाइसेंस फोर्ट में क्रॉफर्ड मार्केट के पास स्थित मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर से जारी होता है। गैटी-गैलेक्सी का लाइसेंस 2021-22 से रिन्यू नहीं हुआ था।” थिएटर मालिक मनोज देसाई बोले- लाइसेंस से जुड़ी खबरें फर्जी थिएटर के मालिक और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मनोज देसाई ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में लाइसेंस रिन्यू न करवाने के दावों का खंडन किया है। उन्होंने टेक्निकल सुधार के चलते थिएटर बंद होने की बात कही है। उनके अनुसार, थिएटर के अंदर कुछ केबल जल गई थीं। इन्हें बदलने के लिए दक्षिण मुंबई के लोहार चॉल से नई केबल मंगाई गई है। मैनेजमेंट का कहना है कि समस्या ठीक होते ही शोज दोबारा शुरू कर दिए जाएंगे। 1972 में शुरू हुआ था गैटी-गैलेक्सी मुंबई के सबसे पहचान वाले सिनेमाघरों में शामिल गैटी-गैलेक्सी की शुरुआत 1972 में हुई थी। शुरुआत में यहां तीन स्क्रीन थीं, गैटी, गैलेक्सी और जेमिनी। बाद में चार और स्क्रीन,ग्लैमर, जेम, गॉसिप और ग्रेस जोड़ी गईं। इन सातों स्क्रीन को मिलाकर यह कॉम्प्लेक्स G7 के नाम से मशहूर हुआ। मुंबई के सिंगल स्क्रीन और मास ऑडियंस वाले सिनेमाघरों में गैटी-गैलेक्सी की खास पहचान रही है। 7 स्क्रीन से रोज 17-18 लाख रुपए तक के नुकसान का अनुमान ट्रेड एनालिस्ट गिरीश वानखेड़े ने थिएटर के संभावित नुकसान का आकलन किया। उन्होंने बताया कि गैटी-गैलेक्सी में करीब 7 स्क्रीन हैं। एक स्क्रीन से एक शो में औसतन 1 से 1.5 लाख रुपए की कमाई हो सकती है। इसमें थिएटर का हिस्सा करीब 50 हजार रुपए होता है। वानखेड़े के मुताबिक, एक दिन में हर स्क्रीन पर करीब 2.5 लाख रुपए का नुकसान हो सकता है। 7 स्क्रीन के हिसाब से यह नुकसान रोज करीब 17 से 18 लाख रुपए तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि अगर थिएटर 7 दिन बंद रहता है, तो नुकसान 1 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकता है। उनके मुताबिक, यह बंदी हफ्ते के ऐसे समय में हुई है, जब टॉक्सिक और मिर्जापुर: द मूवी जैसी मास-ओरिएंटेड फिल्में चल रही हैं। गिरीश वानखेड़े ने कहा कि गैटी ऐसे थिएटरों में शामिल है, जहां ओवर-द-टॉप पॉटबॉयलर और मास फिल्मों को अच्छी भीड़ मिलती है। इसलिए थिएटर मालिक एक अहम कारोबारी दौर का नुकसान उठा रहे हैं। पहली फिल्म थी ‘सीता और गीता’ गैटी-गैलेक्सी में पहली फिल्म रमेश सिप्पी की ‘सीता और गीता’ रिलीज हुई थी। 24 नवंबर 1972 को इसकी शुरुआत हुई थी। उस दौर में सिंगल स्क्रीन थिएटर ही फिल्मों की लोकप्रियता का सबसे बड़ा पैमाना हुआ करते थे और गैटी-गैलेक्सी ने जल्द ही मुंबई में अपनी अलग पहचान बना ली। यहां ब्लैक में बिके थे शोले के टिकट प्रकाश मेहरा ने फ्लॉप कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन को लेकर फिल्म जंजीर बनाई थी। हर किसी का कहना था कि ये फिल्म फ्लॉप हो जाएगी। आखिरकार फिल्म 11 मई 1973 को रिलीज हुई। फिल्म मुंबई में कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी। अमिताभ ये जानकर इस कदर नाराज हुए कि उन्हें तेज बुखार आ गया। उन्होंने एक्टिंग छोड़कर इलाहाबाद (अब प्रयागराज) लौटने का फैसला कर लिया। इसके 4 दिन बाद डायरेक्टर प्रकाश मेहरा किसी काम से निकले। उनकी कार जैसे ही मुंबई के आइकॉनिक गैटी गैलेक्सी के बाहर से निकली, तो उन्होंने देखा कि लोगों की भीड़ के बीच टिकट की मारा-मारी हो रही है। पास गए तो पता चला कि यहां उनकी फिल्म जंजीर लगी है। सारे शोज हाउसफुल हैं और लोग 5 रुपए की टिकट ब्लैक में 100 रुपए में खरीद रहे हैं। उन्होंने तुरंत अमिताभ बच्चन को कॉल कर इसकी जानकारी दी। ये सुनकर उनकी तबीयत और बिगड़ गई थी।
गुरमीत सिंह के निर्देशन में बनी ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने पहले सोमवार को देश में ₹16 करोड़ की नेट कमाई की। इसके साथ फिल्म का 4 दिन में भारत में नेट कलेक्शन ₹109.75 करोड़ और वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹154.05 करोड़ हो गया है। महज 4 दिनों में ही ये फिल्म इस साल की 8वीं हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म बन चुकी है। इसने अल्फा और कॉकटेल 2 जैसी फिल्मों को पीछे कर दिया। फिल्म ने पहले सोमवार की कमाई में सलमान खान की ‘सुल्तान’, ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट 1 शिवा’ और ‘द कश्मीर फाइल्स’ को पीछे छोड़ दिया है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ चार दिन में 100 करोड़ क्लब में शामिल हो गई है। मिर्जापुर ने बनाया रिकॉर्ड फिल्म महज 4 दिनों में 2026 की 8वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। इसने अल्फा और कॉकटेल-2 जैसी फिल्मों से ज्यादा कमाई कर ली है। मौजूदा कमाई देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि ये जल्द ही अक्षय कुमार की वेलकम टू द जंगल और आवारापन 2 से भी ज्यादा कमाई कर सकती है। सोमवार को 10,570 शोज में 38.8% ऑक्यूपेंसी सोमवार को ‘मिर्जापुर’ के 10,570 शोज में 38.8% सीटों पर दर्शक नजर आए। वहीं, भक्ति ड्रामा ‘हनुमान अंश’ के 7,343 शोज में 36.0% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। ‘हनुमान अंश’ ने सोमवार को अपने 32वें दिन ₹10 करोड़ कमाए। पहले सोमवार को ₹16 करोड़ की नेट कमाई सैकनिल्क के मुताबिक, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने अपने पहले सोमवार यानी रिलीज के चौथे दिन देश में ₹16 करोड़ की नेट कमाई की। ओपनिंग डे की तुलना में यह 37.86% की गिरावट है। हालांकि वीकडे के लिहाज से कमाई बेहतरीन हुई है। आमतौर पर पहले दिन की तुलना में पहले कामकाजी सोमवार को कमाई 40% तक गिरती है। पहले सोमवार की कमाई में कई फिल्मों को पीछे छोड़ा देश में अब तक पहले सोमवार को सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 39वें नंबर पर है। हालांकि, इसने रणबीर कपूर की ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की ₹15.65 करोड़ की कमाई को पीछे छोड़ा है। फिल्म ने सलमान खान की ‘सुल्तान’ की ₹15.54 करोड़, ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट 1 शिवा’ की ₹15.10 करोड़ और विवेक अग्निहोत्री की ‘द कश्मीर फाइल्स’ की ₹15.05 करोड़ की पहले सोमवार की कमाई को भी पछाड़ दिया है। विदेशी बाजार से 4 दिन में ₹22.50 करोड़ इस गैंगस्टर-एक्शन-ड्रामा को विदेशों में भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म ने चौथे दिन ओवरसीज मार्केट में ₹2.50 करोड़ की ग्रॉस कमाई की। विदेशी बाजार से 4 दिन में कुल ₹22.50 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन हुआ है। भारत और विदेशों की कमाई मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹154.05 करोड़ तक पहुंच गया है। गाने के चलते विवादों में है फिल्म राजस्थानी रैपर और कलाकार रैपरिया बालम के गाने ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने पर विवाद हो गया था। रैपरिया बालम ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि फिल्म में गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। विवाद के बीच गाने के म्यूजिक लेबल ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने बयान जारी कर कहा है कि उसने ‘शूरवीर’ को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक लाइसेंस दिया था। ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने अपने बयान में लिखा, “ट्रूपर रिकॉर्ड्स यह साझा करते हुए खुश है कि ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक तौर पर लाइसेंस दिया गया था। एक्सेल एंटरटेनमेंट और पूरी मिर्जापुर टीम को रिलीज पर बधाई।” लेबल ने इसी बयान में गाने के क्रेडिट भी साझा किए। इसमें रैपरिया बालम को ‘शूरवीर’ का गायक और कंपोजर बताया गया है। क्या था गाने पर विवाद? मिर्जापुरः द फिल्म 4 सितंबर को रिलीज हुई। फिल्म में शूरवीर गाना दिखाया गया। इसके बाद राजस्थानी सिंगर रैपरिया बालम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि ये गाना उनका है, जिसे बिना इजाजत इस्तेमाल किया गया। रैपर के मुताबिक, फिल्म में गाना मारधाड़ और गोलियां चलाने वाले सीन में इस्तेमाल हुआ, जिससे उनके राज्य की छवि खराब हुई। जबकि ये गाना उन्होंने महाराणा प्रताप पर बनाया था। वीडियो में उन्होंने कहा, “आप में से कुछ लोग पूछ सकते हैं कि मेरा दिल क्यों टूटा है। आप कह सकते हैं कि मुझे खुश होना चाहिए, क्योंकि मेरा गाना मिर्जापुर में है। लेकिन मिर्जापुर की टीम ने मेरा गाना इस्तेमाल करने के लिए मेरी अनुमति नहीं ली। उन्हें अनुमति किसने दी? मैंने तो नहीं दी।” उन्होंने आगे कहा, “यह गाना महाराणा प्रताप जी को समर्पित है। हम इस गाने का इस्तेमाल फिल्म के विलेन का महिमामंडन करने के लिए कर रहे हैं। क्या यह सही है? अगर मिर्जापुर की टीम मेरे पास आती और कहती कि ‘रैपरिया भाई, हम आपका गाना इस्तेमाल करना चाहते हैं’, तो हम उन्हें 10 आइडिया देते। लेकिन बिना अनुमति गाना लेना सही नहीं है।” रैपर ने ‘शूरवीर’ के कॉपीराइट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि ये अधिकार आपको किसने दिए या आपने किससे लिए। जिसने भी आपको अधिकार दिए हैं, उससे पूछिए कि क्या उसके पास कोई कॉपीराइट है?” एक्सेल एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी फिल्म बनी मिर्जापुर मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। 'मिर्जापुर' सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। ये एक्सेल एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ा ओपनिंग कलेक्शन करने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म ने डॉन 2, गली बॉय, रईस और गोल्ड जैसी फिल्मों को पीछे कर दिया है। 'मिर्जापुर' का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आ रहे हैं।
रामानंद सागर के पोते और प्रोड्यूसर-डायरेक्टर शिव सागर ने नितेश तिवारी की आने वाली फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर को भगवान राम के रोल में लेने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ‘एनिमल’ के बाद वह रणबीर को राम के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। शिव सागर ने न्यूज एजेंसी ANI से नितेश तिवारी की रामायण पर कहा, “एक कास्टिंग को छोड़कर मुझे बाकी पूरी कास्टिंग बहुत पसंद है। पर्सनली मैं ‘एनिमल’ के बाद मैं रणबीर कपूर को राम के रूप में स्वीकार नहीं कर सकता। जब मैं रामजी को देखता हूं, तो मुझे लगता है कि किसी नए चेहरे को लिया जाना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा, “आप एक बहुत मजबूत सपोर्टिंग कास्ट ले सकते हैं। यश बहुत अच्छे लग रहे हैं और साई पल्लवी भी बहुत अच्छी लग रही हैं। उन दोनों के साथ पिछली भूमिकाओं का इतना बोझ नहीं है। रणबीर के साथ बहुत बोझ है। इसलिए हम आमतौर पर अपने सीरियल्स में नए चेहरे लेते हैं, ताकि उनकी कोई पिछली छवि या इतिहास न हो।” उन्होंने शिव सागर ने कहा, “हो सकता है कि अगर रणबीर को नहीं लिया जाता, तो फिल्म की मार्केटिंग इतनी अच्छी तरह नहीं हो पाती। इस बारे में भी सोचना चाहिए। लेकिन मेरा निजी मानना है कि ऐसे किरदारों के लिए नया चेहरा लेना बेहतर होता है। क्योंकि ‘रामायण’ के बाद क्या लोग उन्हें फिर ‘एनिमल’ जैसी फिल्म में स्वीकार कर पाएंगे? खासकर जब बात रामजी और रामायण की आती है, तो लोग ज्यादा संवेदनशील और भावुक होते हैं।” शिव सागर ने कहा, “पश्चिमी देशों में इसे माइथोलॉजी कहा जाता है। भारत में भी इसे माइथोलॉजी कहा जाता है, लेकिन यह हमारा इतिहास है। लोग हर दिन उनकी पूजा करते हैं। राम हमारे इतिहास का हिस्सा हैं।” कास्टिंग के अलावा कॉस्ट्यूम पर भी जताई नाराजगी शिव सागर ने कुछ कॉस्ट्यूम और कास्टिंग फैसलों पर भी असहमति जताई। उन्होंने कहा, “असल में जनता ही राजा है। जनता जो कहेगी, वही अंतिम फैसला होगा। मुझे कुछ हिस्सों की कास्टिंग और कॉस्ट्यूम पसंद नहीं आए। उन्हें बेहतर किया जा सकता था।” शिव सागर की राय इसलिए भी अहम है, क्योंकि उनके दादा रमनंद सागर ने बेहद लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘रामायण’ बनाया था। शिव सागर ने साई पल्लवी और यश की कास्टिंग की सराहना की और कहा कि आपत्तियों के बावजूद फिल्म की कास्टिंग और क्रिएटिव फैसलों पर दर्शकों की प्रतिक्रिया ही सबसे अहम होगी। ‘रामायण: पार्ट 1’ नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही दो हिस्सों वाली फिल्म है। इसका दुनियाभर में सिनेमाघरों में रिलीज शेड्यूल 6 नवंबर 2026 है। लगातार हो रही है रामायण की आलोचना कास्टिंग पर विवादः बीफ विवाद में रहे रणबीर कपूर को रामायण में भगवान श्री राम का किरदार दिए जाने की लंबे समय से आलोचना हो रही है। इसके अलावा ठीक से हिंदी नहीं बोलने वालीं साई पल्लवी के सीता बनने पर भी विवाद है। रकुलप्रीत सिंह के शूर्पणखा वाले 'ग्लैमरस लुक' पर मीम बन रहे। ट्रेलर में स्टारकास्ट के पहनावे पर सवालः फिल्म का ट्रेलर आने के बाद कैकेयी का किरदार निभा रहीं लारा दत्ता के पहनावे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। फैंस का मानना है कि लारा दत्ता फिल्म में किसी मॉडर्न डेली सोप की बहु के गेटअप में लग रही हैं। फिल्म के VFX, बजट की भी आलोचनाः ट्रेलर लॉन्च होने के बाद फिल्म के ग्राफिक्स की आलोचना की जा रही थी। इस पर रणबीर कपूर ने सफाई में कहा कि स्मार्टफोन और खराब इंटरनेट कनेक्शन पर लोग ट्रेलर देखकर विजुअल इफेक्ट्स को जज कर रहे हैं। मेकर्स ने दर्शकों से फिल्म को IMAX 3D में देखने का आग्रह किया है। रामलीला महासंघ ने उठाए सवालः श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म के डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोडक्शन कंपनी को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है। महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने मांग की है कि इस दिवाली पर देश-विदेश में रिलीज होने से पहले यह फिल्म उनके प्रतिनिधिमंडल को दिखाई जाए। महासंघ का कहना है कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक फिल्म में ऐसे कई सीन हो सकते हैं, जो हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। अगर विवादित सीन नहीं हटाए गए तो सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ ने अपने पत्र में साल 2023 में आई फिल्म 'आदिपुरुष' का उदाहरण दिया है। अर्जुन कुमार ने याद दिलाया कि भूषण कुमार के प्रोडक्शन और प्रभास-सैफ अली खान स्टारर इस फिल्म के कई दृश्यों पर सनातन समाज और रामलीला से जुड़े लोगों ने कड़ा विरोध जताया था। उस फिल्म में सोने की लंका को काला दिखाया गया था और महाज्ञानी रावण व उसकी सेना का चित्रण मंगोल लुटेरों की तरह किया गया था। इस भारी विरोध के कारण करोड़ों के बजट में बनी वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी।
एक एविएशन कंपनी ने बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही के खिलाफ ₹3 करोड़ का मानहानि का मुकदमा दायर किया है। कंपनी ने उनके ‘अपमानजनक और गैर-जिम्मेदाराना’ कमेंट्स से साख को नुकसान पहुंचने का दावा किया है। ड्यून्स एविएशन ने यह केस गांधीनगर कोर्ट में दायर किया है। कंपनी के मुताबिक, नोरा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर चार्टर्ड प्लेन का वीडियो शेयर कर उसे ‘छोटा’, ‘टॉय’ और ‘लेगो एयरप्लेन’ कहा था। कंपनी ने नोरा से सार्वजनिक सफाई मांगने के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से विमान से जुड़े सभी बयान और कंटेंट हटाने की मांग भी की है। सीनियर सिविल जज आर. अग्रवाल की अदालत इस मामले की सुनवाई 25 सितंबर को करेगी। मुंबई-जयपुर उड़ान का वीडियो शेयर किया था ड्यून्स एविएशन की ओर से दायर मुकदमे के अनुसार, नोरा ने पिछले साल दिसंबर में मुंबई-जयपुर उड़ान के दौरान सेसना साइटेशन CJ2 विमान के अंदर वीडियो रिकॉर्ड किए थे। इन वीडियो में उन्होंने विमान को ‘छोटा’, ‘टॉय’ और ‘लेगो हवाई जहाज’ बताया था। कंपनी ने कमेंट्स को लापरवाही भरा बताया कंपनी का आरोप है कि 4.6 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स वाली नोरा के लापरवाही भरे बयानों से बुकिंग रद्द हुईं। इससे कंपनी के कमर्शियल कामकाज पर भी बुरा असर पड़ा। बुकिंग में 15-20% गिरावट का दावा कंपनी ने दावा किया कि उसकी बुकिंग में 15-20% की गिरावट आई और कैंसिलेशन बढ़े। कंपनी के अनुसार, जिस विमान से नोरा ने यात्रा की थी, वह स्टैंडर्ड और सही साइज का था। ड्यून्स एविएशन ने कहा कि विमान पूरी तरह से DGCA-सर्टिफाइड और उड़ान भरने के लायक था। यह विमान एक वैध NSOP के तहत कानूनी रूप से संचालित किया जा रहा था। ₹3 करोड़ हर्जाने के साथ सार्वजनिक सफाई की मांग मुकदमे में कंपनी ने कोर्ट से ₹3 करोड़ का हर्जाना दिलाने की मांग की है। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से विमान के बारे में बयान या जिक्र वाले सभी कंटेंट तुरंत हटाने का निर्देश देने की मांग की गई है। कंपनी ने यह भी मांग की है कि नोरा फतेही की ओर से इस मामले में सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया जाए। मामले में नोरा की ओर से कोई सफाई सामने आई है या नहीं, यह अभी पता नहीं है। नोरा फतेही से जुड़े ये विवाद भी पढ़िए- 2026- ‘सरके चुनर’ गाने पर विवाद: गाने के बोलों को अश्लील बताते हुए विरोध हुआ। नोरा ने कहा कि हिंदी वर्जन के आपत्तिजनक बोलों की जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने मेकर्स पर गाना गलत तरह पेश करने के आरोप लगाए। विवाद पर नोरा को महिला आयोग ने समन किया था। 2022- सुकेश चंद्रशेखर केस: 200 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने नोरा से पूछताछ की। उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। हाल ही में सुकेश ने बताया है कि नोरा उनके साथ रिश्ता कायम रखने के लिए बार-बार कॉल करती थीं। 2022- जैकलीन फर्नांडिस से मानहानि विवाद: सुकेश केस में अपना नाम घसीटे जाने का आरोप लगाते हुए नोरा ने जैकलीन के खिलाफ मानहानि का केस किया। 2022- FIFA वर्ल्ड कप में तिरंगा विवाद: कतर में परफॉर्मेंस के दौरान तिरंगा उल्टा पकड़े जाने पर सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। 2020- टेरेंस लुईस वीडियो विवाद: डांस रिहर्सल का वीडियो वायरल होने के बाद टेरेंस पर नोरा को गलत तरीके से छूने के आरोप लगे। बाद में वीडियो के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आई।
NEET स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन के सामने खड़े होकर वायरल हुईं रिया अहीर अब बिग बॉस-20 में एंट्री न मिलने के बाद चर्चा में हैं। रिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ‘डू योर जॉब’ कहकर सवाल उठाया था। हालांकि, दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने मोदी के काम की तारीफ की और कहा कि उनमें काफी पोटेंशियल है। रिया खुद NEET की उम्मीदवार नहीं थीं, फिर भी बच्चों के भविष्य को अपना मुद्दा मानकर प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने राहुल गांधी, सुप्रिया सुले और राज ठाकरे समेत कई नेताओं से मुलाकात का जिक्र किया, लेकिन किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ने से इनकार किया। वहीं, बिग बॉस-20 में जनता ने उन्हें लव गिल के मुकाबले नहीं चुना और रिया करीब 2 मिनट बाद ही शो से बाहर हो गईं। NEET की उम्मीदवार नहीं थीं, फिर भी पुलिस वैन के सामने खड़ी हुईं रिया अहीर को पहचान NEET स्टूडेंट्स के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान मिली। पुलिस वैन के सामने करीब 40 मिनट तक खड़े रहने का उनका वीडियो वायरल हुआ और वह सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गईं। जब उनसे पूछा गया कि वह खुद NEET की उम्मीदवार नहीं हैं, फिर बच्चों के लिए इतना बड़ा रिस्क क्यों लिया, तो रिया ने कहा कि उनकी परवरिश ऐसी हुई है कि कोई मुद्दा उन्हें व्यक्तिगत तौर पर प्रभावित न भी करे, लेकिन एक नागरिक के तौर पर वह उसे महत्वपूर्ण मानती हैं तो आवाज उठाती हैं। उनका कहना था कि ये बच्चे देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी अब तक काफी प्रिविलेज्ड रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह दूसरों का दर्द नहीं समझ सकतीं। ‘कैमरा नहीं होता, तब भी पुलिस वैन के सामने खड़ी रहती’ रिया से पूछा गया कि अगर उस दिन कैमरा या मीडिया मौजूद नहीं होती, तो क्या वह पुलिस वैन के सामने करीब 40 मिनट तक खड़ी रहतीं? उन्होंने जवाब दिया कि वह 21 तारीख को भी प्रदर्शन में गई थीं, जब वहां कोई कैमरा या रिपोर्टर मौजूद नहीं था। उनके मुताबिक उस दिन शिवाजी पार्क में पुलिस वैन खड़ी थी, जिसमें बच्चे और प्रदर्शनकारी मौजूद थे। रिया ने कहा कि उन्होंने पहले ही वकीलों के नंबर निकालकर रखे थे, क्योंकि उन्हें पुलिस कार्रवाई की आशंका थी। उनके मुताबिक 21 तारीख को वहां सिर्फ वह और उनका फोन था। CJP मूवमेंट से कनेक्शन पर रिया ने क्या कहा? प्रदर्शन के बाद रिया को CJP मूवमेंट से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि, उन्होंने इंटरव्यू में साफ कहा कि उनका CJP से कोई व्यक्तिगत कनेक्शन नहीं है। रिया के मुताबिक वह 21 और 22 तारीख को स्वतंत्र तौर पर प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। उन्होंने दावा किया कि ये किसी राजनीतिक पार्टी की ओर से आयोजित प्रदर्शन नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनका किसी राजनीतिक संगठन से निजी संबंध नहीं है और उन्होंने CJP से जुड़े लोगों के साथ इस तरह की कोई व्यक्तिगत बातचीत भी नहीं की। राहुल गांधी, सुप्रिया सुले और राज ठाकरे से हुई मुलाकात प्रदर्शन के दौरान रिया की मुलाकात कई राजनीतिक नेताओं से हुई। उन्होंने राहुल गांधी, सुप्रिया सुले, राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे, डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव समेत कई नेताओं का जिक्र किया। जब उनसे पूछा गया कि इन नेताओं में उन्हें सबसे जेन्युइन कौन लगा और किसमें उन्हें सबसे ज्यादा पॉलिटिशियन नजर आया, तो रिया ने कहा कि उनके अनुभव में कोई भी उन्हें पॉलिटिशियन जैसा नहीं लगा। रिया के मुताबिक इन मुलाकातों के दौरान किसी ने भी उनसे अपनी पार्टी का नाम लेकर बात नहीं की। उन्होंने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया और कहा कि वहां बच्चों और युवाओं की बात हुई, पार्टी की नहीं। PM मोदी से कहा था- ‘डू योर जॉब’ रिया का सबसे चर्चित बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर था। उन्होंने मोदी से ‘जस्ट डू योर जॉब’ कहकर सवाल किया था। इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि अगर मोदी उनके सामने बैठकर पूछें कि उन्होंने अपना जॉब कहां फेल किया, तो वह क्या जवाब देंगी, रिया ने मोदी की आलोचना के बजाय उनके काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश की भागदौड़ संभालना आसान काम नहीं है। रिया ने मोदी को अनुभवी बताया और कहा कि उनमें काफी पोटेंशियल है। उन्होंने कहा कि मोदी ऐसा व्यक्तित्व हैं, जिनसे लोग प्रभावित होते हैं। उन्होंने देश में हुए अच्छे कामों और स्टार्टअप्स का जिक्र करते हुए कहा कि जहां क्रेडिट देना चाहिए, वहां वह क्रेडिट देंगी। महिलाओं पर बर्बरता हुई तो उस पर भी बात होनी चाहिए’ मोदी की तारीफ के तुरंत बाद रिया ने प्रदर्शन के बाद के हालात पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के बाद महिलाओं को गालियां दी गईं और अगर बर्बरता हुई है तो उस पर भी बात होनी चाहिए। रिया ने एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी के काम का क्रेडिट देने की बात कही, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन के बाद महिलाओं के साथ हुए व्यवहार को लेकर सवाल भी उठाया। ‘राहुल गांधी PM होते, तब भी उनके खिलाफ खड़ी होती’ रिया से पूछा गया कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री होते और उनके कार्यकाल में भी पेपर लीक या पुलिस एक्शन जैसी स्थिति बनती, तो क्या वह उनके खिलाफ भी उसी तरह आवाज उठातीं? रिया ने जवाब दिया- ‘एब्सोल्यूटली, 100 परसेंट।’ उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़कर अपनी पहचान नहीं बनाना चाहतीं। उनके मुताबिक एक नागरिक को अपने देश के लिए आवाज उठाने के लिए किसी पार्टी का हिस्सा होना जरूरी नहीं है। रिया ने कहा कि वह खुद को लेफ्टिस्ट या राइटिस्ट की पहचान में बांधना नहीं चाहतीं और उनका मुद्दा किसी पार्टी से ज्यादा देश और उसके नागरिकों से जुड़ा है। दूसरी सरकारों के खिलाफ भी आवाज उठाने का दावा जब रिया से पूछा गया कि पेपर लीक के मामले सिर्फ बीजेपी शासित राज्यों तक सीमित नहीं हैं और कर्नाटक, तेलंगाना जैसे राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, तो क्या उन्होंने वहां की सरकारों के खिलाफ भी इसी तरह आवाज उठाई? उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दूसरी सरकारों और दूसरे राजनीतिक दलों से जुड़े मामलों पर भी अपनी आवाज उठाई है। Gen-Z की आवाज बनीं, लेकिन Bigg Boss में जनता ने नहीं चुना NEET प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर पहचान बनाने वाली रिया को Gen-Z की आवाज के तौर पर भी देखा गया। इसके बाद उनके बिग बॉस-20 में जाने की चर्चा शुरू हुई। हालांकि, शो में एंट्री के लिए रिया और लव गिल के बीच वोटिंग कराई गई। नतीजे में जनता ने लव गिल को चुना और रिया को बिग बॉस के घर में एंट्री नहीं मिली। रिया सलमान खान के सामने मंच पर करीब 2 मिनट नजर आईं और इसके बाद शो से बाहर हो गईं। जिस रिया अहीर ने NEET छात्रों के मुद्दे पर सड़क पर खड़े होकर पहचान बनाई, प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया, राहुल गांधी से लेकर राज ठाकरे और सुप्रिया सुले तक से मुलाकात की और खुद को किसी पार्टी से अलग बताया, उसी रिया को इस बार बिग बॉस की जनता ने घर में जगह नहीं दी।
32वें दिन भी Hanuman Ansh पर बरसी 'नीम करोली बाबा' की कृपा, मंडे को बॉक्स ऑफिस पर ला दिया तूफान
Hanuman Ansh Box Office Collection: नीम करोली बाबा पर आधारित हनुमान अंश ने 32वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर शॉकिंग कमाई की है।
Mirzapur: The Movie Box Office Collection: मिर्जापुर द मूवी ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए चार दिनों में ही नया इतिहास रच दिया है। जानिए कितना रहा चौथे दिन का कलेक्शन?
रणवीर सिंह की अगली फिल्म ‘प्रलय’ को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ गई है। मुंबई में चल रही शूटिंग से रणवीर का पहला लुक सामने आया है। लंबे बालों में नजर आ रहे रणवीर की पीठ पर एक बच्चा भी दिखाई दे रहा है। लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे ‘धुरंधर’ के उनके किरदार जसकीरत से जोड़ना शुरू कर दिया। फिल्म में रणवीर के साथ कल्याणी प्रियदर्शन भी नजर आएंगी। लंबे बाल और पीठ पर बच्चा, रणवीर का नया अंदाज ‘प्रलय’ के सेट से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में रणवीर सिंह लंबे बालों वाले लुक में दिखाई दे रहे हैं। उनकी पीठ पर एक बच्चा नजर आ रहा है। हालांकि, फिल्म में उनके किरदार और बच्चे के बीच संबंध को लेकर मेकर्स की ओर से अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। सामने आई झलक ने फिल्म की कहानी को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। फैंस को याद आया ‘धुरंधर’ का जसकीरत रणवीर का लुक सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने उनकी तुलना ‘धुरंधर’ के किरदार जसकीरत से करनी शुरू कर दी। कई यूजर्स ने कमेंट कर कहा कि ‘जसकीरत लौट आया’। लंबे बालों वाला रणवीर का लुक देखकर फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कल्याणी प्रियदर्शन भी शूटिंग करती दिखीं सामने आए वीडियो में रणवीर सिंह के साथ अभिनेत्री कल्याणी प्रियदर्शन भी नजर आ रही हैं। दोनों फिल्म के एक सीन की शूटिंग करते दिखाई दिए। कल्याणी इस फिल्म में अहम भूमिका निभा रही हैं और उनकी मौजूदगी ने दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाई है। मुंबई में अगस्त से चल रही फिल्म की शूटिंग ‘प्रलय’ की शूटिंग मुंबई में अगस्त से शुरू हो चुकी है। फिल्म को सर्वाइवल और पोस्ट-एपोकैलिप्टिक थ्रिलर बताया गया है, जबकि हालिया रिपोर्टों में इसे जॉम्बी एक्शन थ्रिलर भी कहा गया है। फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। ‘धुरंधर’ के बाद रणवीर की नई चुनौती रणवीर सिंह हाल ही में ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ की सफलता के बाद अब ‘प्रलय’ में अलग अंदाज में नजर आने वाले हैं। सेट से सामने आया लुक संकेत दे रहा है कि फिल्म में उनका किरदार काफी अलग और गंभीर हो सकता है। हालांकि, किरदार से जुड़ी पूरी जानकारी अभी सामने आना बाकी है। दूसरी बार पिता बनने की खबरों के बीच शूटिंग रणवीर सिंह की निजी जिंदगी भी इन दिनों चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर और दीपिका पादुकोण दूसरी बार माता-पिता बनने वाले हैं। इसी बीच रणवीर ‘प्रलय’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। _________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. रणवीर सिंह की नई फिल्म 'प्रलय' की शूटिंग शुरू:कल्याणी प्रियदर्शन संग नजर आएंगे एक्टर; धुरंधर' की सफलता के बाद रणवीर का बड़ा प्रोजेक्ट अभिनेता रणवीर सिंह ने अपनी अगली फिल्म 'प्रलय' की शूटिंग रविवार को मुंबई में शुरू कर दी है। मेकर्स की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह एक एंड-ऑफ-द-वर्ल्ड (दुनिया के अंत) के संकट पर आधारित एक्शन थ्रिलर फिल्म है।पूरी खबर पढ़ें..
पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के इतिहास में इस बार बदलाव होने जा रहा है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह पहली बार नई दिल्ली से बाहर होगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसके लिए गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) को चुना गया है। यहां दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 23 सितंबर के गुजरात दौरे के दौरान पुरस्कार प्रदान करने की संभावना है। नई दिल्ली की जगह गुजरात में होगा समारोह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आम तौर पर नई दिल्ली में होता रहा है। पिछले साल 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह 23 सितंबर 2025 को दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए थे। अब 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए परंपरा में बदलाव किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार समारोह दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित करने की तैयारी है। इसे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का पहला दिल्ली के बाहर आयोजन बताया जा रहा है। राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों पुरस्कार मिलने की संभावना डियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 23 सितंबर को गुजरात दौरा प्रस्तावित है। वह महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी और इसके बाद पदरा में ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इसी दौरे में उनके एकता नगर जाने की भी संभावना है, जहां वह 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान कर सकती हैं। एकता नगर क्यों चुना गया? एकता नगर गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित है और यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रमुख आकर्षण है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को यहां आयोजित करने से इसे गुजरात के प्रमुख पर्यटन और राष्ट्रीय एकता से जुड़े स्थल के साथ जोड़ने का संदेश जाता है। हाल ही में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में आनंद एल राय की डॉक्यूमेंट्री ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक’ को भी सम्मान मिला है। यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और केवड़िया के विकास की कहानी पर आधारित है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा पहले ही हो चुकी है 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की जा चुकी है। इनमें ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। फिल्म की अभिनेत्री यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला, जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार कार्तिक आर्यन (‘चंदू चैंपियन’) और ममूटी (‘ब्रह्मयुगम’) को संयुक्त रूप से दिया गया। ‘श्रीकांत’ बनी सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में राजकुमार राव की फिल्म ‘श्रीकांत’ को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म चुना गया। ________________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. आर्टिकल 370 को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड:कार्तिक आर्यन बेस्ट एक्टर, यामी गौतम बेस्ट एक्ट्रेस, 72वें नेशनल अवॉर्ड का एलान फिल्म आर्टिकल 370 को शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 की बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। वहीं, फिल्म 'श्रीकांत' को बेस्ट हिंदी फिल्म का पुरस्कार मिला और यामी गौतम को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया गयाफिल्म आर्टिकल 370 को शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 की बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला।पूरी खबर पढ़ें..
राजस्थानी रैपर और कलाकार रैपरिया बालम के गाने ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने पर विवाद हो गया था। रैपरिया बालम ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि फिल्म में गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। हालांकि अब ये विवाद खत्म हो चुका है। अब गाने के म्यूजिक लेबल ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने बयान जारी कर कहा है कि उसने ‘शूरवीर’ को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक लाइसेंस दिया था। ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने अपने बयान में लिखा, “ट्रूपर रिकॉर्ड्स यह साझा करते हुए खुश है कि ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक तौर पर लाइसेंस दिया गया था। एक्सेल एंटरटेनमेंट और पूरी मिर्जापुर टीम को रिलीज पर बधाई।” लेबल ने इसी बयान में गाने के क्रेडिट भी साझा किए। इसमें रैपरिया बालम को ‘शूरवीर’ का गायक और कंपोजर बताया गया है। ट्रूपर रिकॉर्ड्स के इस बयान के बाद विवाद फिलहाल शांत होता दिख रहा है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि गाने के कलाकार रैपरिया बालम और लेबल के बीच अनुमति और अधिकारों को लेकर क्या सहमति थी। क्या था गाने पर विवाद? मिर्जापुरः द फिल्म 4 सितंबर को रिलीज हुई। फिल्म में शूरवीर गाना दिखाया गया। इसके बाद राजस्थानी सिंगर रैपरिया बालम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि ये गाना उनका है, जिसे बिना इजाजत इस्तेमाल किया गया। रैपर के मुताबिक, फिल्म में गाना मारधाड़ और गोलियां चलाने वाले सीन में इस्तेमाल हुआ, जिससे उनके राज्य की छवि खराब हुई। जबकि ये गाना उन्होंने महाराणा प्रताप पर बनाया था। वीडियो में उन्होंने कहा, “आप में से कुछ लोग पूछ सकते हैं कि मेरा दिल क्यों टूटा है। आप कह सकते हैं कि मुझे खुश होना चाहिए, क्योंकि मेरा गाना मिर्जापुर में है। लेकिन मिर्जापुर की टीम ने मेरा गाना इस्तेमाल करने के लिए मेरी अनुमति नहीं ली। उन्हें अनुमति किसने दी? मैंने तो नहीं दी।” उन्होंने आगे कहा, “यह गाना महाराणा प्रताप जी को समर्पित है। हम इस गाने का इस्तेमाल फिल्म के विलेन का महिमामंडन करने के लिए कर रहे हैं। क्या यह सही है? अगर मिर्जापुर की टीम मेरे पास आती और कहती कि ‘रैपरिया भाई, हम आपका गाना इस्तेमाल करना चाहते हैं’, तो हम उन्हें 10 आइडिया देते। लेकिन बिना अनुमति गाना लेना सही नहीं है।” रैपर ने ‘शूरवीर’ के कॉपीराइट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि ये अधिकार आपको किसने दिए या आपने किससे लिए। जिसने भी आपको अधिकार दिए हैं, उससे पूछिए कि क्या उसके पास कोई कॉपीराइट है?” फिल्म ने 3 दिनों में कमाए 93 करोड़ फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर 25.74 करोड़ का कलेक्श किया और साल की चौथी बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई। इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस क्लैश टॉक्सिक और हनुमान अंश है। मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। 'मिर्जापुर' सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। ये एक्सेल एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ा ओपनिंग कलेक्शन करने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म ने डॉन 2, गली बॉय, रईस और गोल्ड जैसी फिल्मों को पीछे कर दिया है। 'मिर्जापुर' का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आ रहे हैं।
टीवीएफ की चर्चित वेब सीरीज ‘पंचायत’ के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा अब बड़े पर्दे पर ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ लेकर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी भारतीय लोककथाओं, आस्था और संस्कृति से जुड़ी है। इसका आइडिया बिहार के करीब 400 साल पुराने वन देवी मंदिर की कहानी से आया। अरुणाभ कुमार ने एकता कपूर के साथ इसे प्रोड्यूस किया है और आनंदेश्वर द्विवेदी के साथ कहानी लिखी है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा, तमन्ना भाटिया, मनीष पॉल और सुनील ग्रोवर नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में अरुणाभ और दीपक ने फिल्म के आइडिया, 35-40 रातों तक चली शूटिंग, कलाकारों की मेहनत और कहानी से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया। अरुणाभ ने बताया कि कहानी लिखते समय एक बार उनकी जीभ कट गई, जिसके बाद उन्होंने फिल्म पर काम करते हुए नॉन-वेज खाना छोड़ दिया। सवाल: सबसे पहले फिल्म के आइडिया के बारे में बताइए। क्या यह किसी लोककथा या सच्ची घटना से प्रेरित है? जवाब/अरुणाभ कुमार: इस कहानी के मूल स्रोत दो हैं। पहला श्रेय मैं एकता कपूर को देना चाहूंगा। हम अक्सर साथ में मंदिर जाते हैं। एक जनवरी को नए साल के मौके पर हम सिद्धिविनायक मंदिर जाते हैं। महाशिवरात्रि पर मुक्तेश्वर मंदिर भी गए हैं। इन यात्राओं के दौरान मंदिरों से जुड़ी कहानियों पर हमारी बातचीत होने लगी। एकता ने मुझे महालक्ष्मी मंदिर और मुक्तेश्वर मंदिर से जुड़ी कुछ अद्भुत कहानियां सुनाईं। इसके बाद मैंने उन्हें बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी ऐसे कई मंदिर हैं, जिनके पीछे बहुत दिलचस्प कहानियां हैं। तब हमें एहसास हुआ कि भारतीय संस्कृति में लगभग हर मंदिर के पीछे कोई न कोई अद्भुत कहानी है। सवाल : इस कहानी से आपका व्यक्तिगत जुड़ाव कैसे हुआ और फिल्म बनाने का फैसला कैसे हुआ? जवाब/अरुणाभ कुमार: दूसरा स्रोत मेरी मां हैं। वह मुझे दुर्गा पूजा के दौरान देवी और शक्ति के अलग-अलग मंदिरों में ले जाया करती थीं। हम वहां पूजा करते थे, साड़ी चढ़ाते थे और कई दिनों तक मंदिर जाते थे। इसी दौरान वह मुझे पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर बिहटा स्थित वन देवी मंदिर लेकर गई थीं। यह करीब 400 साल पुराना मंदिर है। मान्यता है कि 16वीं सदी में वैद्यनाथ मिश्रा नाम के व्यक्ति ने इसे स्थापित किया था। उस समय वहां के लोग जंगल से जुड़े रहस्यमय तत्वों से परेशान थे। उनसे बचने के लिए उन्होंने दुर्गा के दस रूपों की प्रार्थना की और उन्हीं में से एक रूप वन देवी के रूप में वहां स्थापित हुआ। मैं इस कहानी से बहुत प्रभावित हुआ। मैंने यह कहानी दीपक और फिर एकता को सुनाई। उन्हें भी यह कहानी बहुत पसंद आई। एकता ने कहा कि इतनी बड़ी और अद्भुत कहानी को बड़े पर्दे पर लाना चाहिए। उन्हें लगा कि यह कहानी बड़े कैनवास की मांग करती है। यहीं से फिल्म की शुरुआत हुई। सवाल: दीपक जी, जब आपने पहली बार यह कहानी सुनी तो आपकी क्या प्रतिक्रिया थी? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: मैं बहुत उत्साहित था। हिंदी सिनेमा में इस तरह की लोककथा बड़े पर्दे पर पहले नहीं दिखाई गई है। मुझे यह बात बहुत नई लगी। हालांकि कहानी लोककथा है, लेकिन इसकी कहानी आज के समाज से जुड़ी है। जब हम किसी ऐसे मंदिर में जाते हैं तो हमारे मन में कई सवाल आते हैं- क्या यह सच है? ऐसा क्यों हुआ? ऐसी मान्यताएं कैसे बनीं? यही जिज्ञासा मुझे इस कहानी की तरफ खींच लाई। सवाल: जब आप सेट पर पहुंचे तो आपके दिमाग में फिल्म की पहली तस्वीर क्या थी? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: हमने कहानी के उस हिस्से से शुरुआत की थी, जहां कहानी मुंबई से शुरू होती है। मेरी पहली कोशिश यही थी कि शुरुआत में यह कहानी बिल्कुल सामान्य इंसान की कहानी लगे। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़े, उसकी असली दुनिया धीरे-धीरे खुलती जाए और उसमें अलग-अलग आयाम जुड़ते जाएं। जब मैं मुंबई में शूट कर रहा था तो मेरे दिमाग में फिल्म की तस्वीर अलग थी। जब गांव और जंगल वाले हिस्से में पहुंचा तो वह तस्वीर पूरी तरह बदल गई। हर लोकेशन और हर दिन अपने साथ एक नई चुनौती लेकर आया। हमारी कोशिश थी कि कहानी को उसकी जरूरत के मुताबिक पूरी तरह जस्टिस दिया जाए। सवाल: इस फिल्म से जुड़ा कोई ऐसा अनुभव रहा, जब आप लोग कहानी में पूरी तरह डूब गए? जवाब/अरुणाभ कुमार: हां, एक बहुत मजेदार किस्सा है। मैंने पहली बार गोवा में दीपक को यह कहानी सुनाई थी। कहानी लिखने के दौरान एक बार मैंने नॉन-वेज खाया और उसी समय मेरी जीभ कट गई। इसके बाद मैंने मन में तय कर लिया कि जब तक इस कहानी पर काम करूंगा, नॉन-वेज नहीं खाऊंगा। धीरे-धीरे बात इतनी आगे बढ़ गई कि मैं वेजिटेरियन ही बन गया। सुनने में यह बात आपको अजीब लग सकती है, लेकिन जब आप किसी कहानी में पूरी तरह डूब जाते हैं तो ऐसी चीजें होने लगती हैं। कई बार ऐसा होता है कि लव स्टोरी लिखते समय आपको अपना पुराना प्यार याद आने लगता है। माता-पिता पर कहानी लिखते हैं तो अपने पेरेंट्स की याद आती है। इसी तरह हम भी इस कहानी में धीरे-धीरे पूरी तरह घुसते चले गए। सवाल: दीपक जी, इस फिल्म की शूटिंग के दौरान आपके साथ ऐसा क्या हुआ जो हमेशा याद रहेगा? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: हमने करीब 35-40 रातों तक लगातार शूटिंग की। पूरी टीम ऐसी हो गई थी कि शूट खत्म होने के बाद भी रात में नींद आना मुश्किल हो गया था। इस कहानी में रात अपने आप में एक कैरेक्टर है। हमने रात में लगातार एक्शन और एक्टिंग सीन्स शूट किए। सुबह 6 बजे तक शूटिंग के बाद भी कलाकार पूरी ऊर्जा के साथ काम करते थे। सबसे अच्छी बात यह थी कि पूरी टीम कहानी में इतनी डूब गई थी कि किसी को महसूस ही नहीं होता था कि हम इतनी रातों से लगातार जाग रहे हैं। सवाल: कलाकारों ने फिल्म के लिए कितनी मेहनत की? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: : सभी कलाकारों ने बहुत मेहनत की। सिद्धार्थ और तमन्ना अपने सीन्स को लेकर काफी सीरियस थे। वे बार-बार पूछते थे कि इसे और बेहतर कैसे किया जा सकता है। कल्चरल ऑथेंटिसिटी को लेकर भी वे बहुत सजग थे। तमन्ना कई बार कहती थीं कि अगर कहानी की दुनिया इतनी ऑथेंटिक है तो उसे उसी तरह दिखाना चाहिए। सिद्धार्थ ने एक्शन पर भी काफी मेहनत की है। मनीष पॉल और सुनील ग्रोवर के किरदार भी दर्शकों के लिए अलग अनुभव होंगे। सवाल: सिद्धार्थ और तमन्ना की कास्टिंग कैसे हुई? जवाब/अरुणाभ कुमार: हमें ऐसा अभिनेता चाहिए था जो शुरुआत में शहर का लगे और बाद में गांव की दुनिया में फिट हो जाए। सिद्धार्थ की पर्सनैलिटी हमें इसके लिए सही लगी। हम करीब एक घंटे के लिए मिलने वाले थे, लेकिन तीन-चार घंटे तक कहानी और किरदार को लेकर बातचीत होती रही। उन्हें कहानी काफी रिलेटेबल लगी। दीपक ने उनके साथ जिस तरह काम किया है, मुझे लगता है कि यह सिद्धार्थ की बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक होगी। तमन्ना ने भी इस तरह का किरदार पहले नहीं निभाया है। हमें उम्मीद है कि दोनों की जोड़ी दर्शकों को पसंद आएगी। सवाल: टीवीएफ की पहली थिएट्रिकल फिल्म होने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/अरुणाभ कुमार: यह फिल्म हमने किसी प्लान के तहत शुरू नहीं की थी। पहले कहानियां सुनाते-सुनाते यह आइडिया आया। एकता को कहानी पसंद आई, फिर हमने इसे लिखना शुरू किया और धीरे-धीरे फिल्म बनती चली गई। टीवीएफ की कहानियों में जो रिलेटेबलनेस है, वह इस फिल्म में भी रहेगी। साथ ही दर्शकों को बड़े पर्दे का सिनेमैटिक अनुभव मिलेगा। छठ पर्व, लोककथाएं, जंगल और एनीमेशन जैसे कई तत्व फिल्म को अलग बनाते हैं। सवाल: आपकी कौन-सी वेब सीरीज है, जिस पर आपको लगता है कि बेहतर फिल्म बनाई जा सकती है? जवाब/अरुणाभ कुमार: मुझे लगता है कि ‘ट्रिपलिंग’ पर फिल्म बन सकती है। ‘सपने वर्सेस एवरीवन’ पर भी फिल्म बनाई जा सकती है। ‘पंचायत’ पर भी अगर फिल्म बनानी हो तो बनाई जा सकती है। बनाने को तो हमारी कई कहानियों पर फिल्म बन सकती है, लेकिन आपने पूछा तो फिलहाल ये दो नाम मेरे दिमाग में आए। सवाल: ‘पंचायत’ के सीजन 5 को लेकर कोई अपडेट देना चाहेंगे? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: सीजन 5 आने वाला है। मैं भी उसका इंतजार कर रहा हूं। मैं भी उसे देखने के लिए उत्साहित हूं।
फिल्म हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में पांचवें वीकेंड पर ऐतिहासिक कारनामा करके दिखाया है।
महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने मराठी में बोलने से इनकार कर दिया। रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मैं 6 साल तक येरवडा जेल में रहा, तब भी मराठी भाषा नहीं सीख पाया।” संजय दत्त के बयान पर अब विवाद हो गया है। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर मंत्री ने उन्हें मराठी में बोलने के लिए कहा, लेकिन 67 साल के एक्टर ने मजाकिया अंदाज में ऐसा करने से मना कर दिया। संजय दत्त और प्रताप सरनाईक मंच पर खड़े थे तभी मंत्री ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” रैली में संजय दत्त को शख्स ने दिया धक्का, एक्टर ने हाथ पकड़कर खींचा मंच पर कुछ समय रहने के बाद संजय दत्त अपनी टीम के साथ रवाना होने लगे। वह उतर रहे थे, तभी एक शख्स तेजी से उन्हें धक्का देते हुए पास से गुजरा। संजय दत्त ने इसे नजरअंदाज नहीं किया और उस शख्स का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया। जैसे ही शख्स ने देखा कि वह संजय दत्त हैं, उसने तुरंत माफी मांग ली। मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया 'एरोगेंट' संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने 'एरोगेंट' कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: 'धुरंधर' के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म 'धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।
बिग बॉस 20, 6 सितंबर से शुरू हो गया है। हर साल की तरह इस बार भी शो में कई ऐसे कंटेस्टेंट्स आए हैं, जिसकी जिंदगी किसी न किसी तरह विवादों में रही है। सवाल फिर उठता है कि बिग बॉस के घर में कंटेस्टेंट्स चुने जाते हैं या विवाद? पिछले कई सीजन्स को देखें तो एक पैटर्न साफ नजर आता है। मेकर्स ऐसे चेहरों का लाते हैं, जिनमें कुछ बेहद लोकप्रिय हों, कुछ सोशल मीडिया पर पहले से चर्चा में हों और कुछ ऐसे हों जिनकी पर्सनैलिटी, रिश्ते या पुराना विवाद घर के अंदर टकराव की जमीन तैयार कर सके। या कुछ ऐसे जिन्हें करियर रिवाइव करने या पहचान बनाने की जरुरत हो। बिग बॉस 20 में भी यही फॉर्मूला दिखाई दे रहा है। 15 कंटेस्टेंट्स ने घर में एंट्री ली, जिनमें माही विज, ईशा रिखी, आम्रपाली दुबे, मैरी कॉम, कनिका मान, गुल्लू, स्काउट, अर्शिफा खान और मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी जैसे नाम शामिल हैं। बिग बॉस 20 की शुरुआत के साथ जानिए क्या है विवादित कंटेस्टेंट्स चुनने पर मेकर्स की स्ट्रेटेजी- बिग बॉस 20 के सबसे विवादित कंटेस्टेंट्स ईशा रिखी- बादशाह से अलगावईशा रिखी ने फरवरी में सिंगर और रैपर बादशाह से सीक्रेट शादी की थी। कुछ हफ्तों बाद ईशा और उनके परिवार ने शादी की तस्वीरें पोस्ट कर शादी की कन्फर्मेशन दी, जबकि बादशाह ने इसका कन्फर्मेशन नहीं किया था। जल्द ही ईशा क्रिप्टिक पोस्ट भी शेयर करने लगीं, जिससे अनबन की खबरें रहीं। विवादों के चलते इसी हफ्ते बादशाह ने ईशा रिखी से तलाक की अनाउंसमेंट की है। उनका कहना है कि तलाक आपसी सहमति से हुआ है। तलाक अनाउंस करने के महज चंद दिनों बाद ही ईशा शो में पहुंच गई हैं। माही विज- जय भानुशाली से अलगावमाही और जय भानुशाली टीवी इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल थे, हालांकि 2026 में दोनों ने तलाक ले लिया है। माही कई बार व्लॉग के जरिए शादी और पर्सनल विवाद पर सफाई दे चुकी हैं। दोनों इस साल काफी चर्चा और विवादों में रहे हैं। आम्रपाली- निरहुआ से रिश्ते की अफवाह आम्रपाली का नाम लंबे समय से निरहुआ (दिनेश लाल यादव) के साथ रिश्ते की अफवाहों से जोड़ा जाता रहा है। इसके अलावा उनके हिजाब वाले वीडियो को लेकर उनके धर्म परिवर्तन की अफवाह भी चली थी, जिसे फिल्म से जुड़ा बताया गया। मैरी कॉम- निजी जिंदगी का विवाद ओलंपिक मेडलिस्ट और छह बार की वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम की निजी जिंदगी पिछले कुछ समय से सुर्खियों में है। मैरी कॉम और उनके पति करुंग ओनलर कोम ने दिसंबर 2023 में आपसी सहमति से तलाक लिया था। शुरुआत में दोनों ने तलाक की वजह नहीं बताई, हालांकि जनवरी 2026 में PTI को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि उन्हें अपने पति की तरफ से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि ओनलर ने उनके नाम पर लोन लिए, उनकी संपत्तियों को अपने नाम ट्रांसफर किया और उनकी कमाई से जुड़े पैसों का गलत इस्तेमाल किया। अर्शिफा खान- दानिश जेहन डेथ पर विवाद दिसंबर 2018 में 21 वर्षीय दानिश जेहन की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह MTV ऐस ऑफ स्पेस का हिस्सा थे। उनकी मौत के बाद अर्शिफा ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक पोस्ट शेयर किया और खुद को उनका करीबी दोस्त बताया। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि वह उनकी गर्लफ्रेंड थीं। हालांकि अर्शिफा की मां ने इस दावे को खारिज कर दिया। विवाद तब और बढ़ गया, जब दानिश के भाई गुफरान ने अर्शिफा पर उनके भाई की मौत को लेकर पब्लिसिटी हासिल करने का आरोप लगाया। अर्शिफा ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए गुफरान पर उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने और उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया। अर्शिफा विवादित और बोल्ड बयानों से भी चर्चा में रहती हैं, जिससे बिग बॉस 20 को भी फायदा मिल सकता है। गुल्लू- स्प्लिट्सविला विवादरोडीज डबल क्रॉस और स्प्लिट्सविला 16 जीतने के बाद गुल्लू पहले से जाना-पहचाना चेहरा हैं। स्प्लिट्सविला में प्रीत सिंह के साथ उनके पुराने लगाव ने काफी चर्चा बटोरी थी। वह इन शोज में झगड़ों से भी सुर्खियों में रहे हैं। बिग बॉस 20 की टीआरपी के लिए बड़ा बदलाव पिछले सभी सीजन में देखा गया है कि शो में वोट आउट होने के डर से कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे की गुड बुक्स में रहते हैं और झगड़े मोल नहीं लेते। लेकिन इस साल इस रीत को बदलने के लिए फॉर्मेट में बड़ा बदलाव किया गया है। इस साल शो की थीम तथास्तु रखी गई है, यानी हर कंटेस्टेंट को 2 लाइफ मिलेंगी। शो के प्रीमियर के साथ ही सभी कंटेस्टेंट्स से कहा गया है कि अगर एलिमिनेट होने का खतरा कम है, तो वो फ्रंट फुट पर खेलें यानी जमकर पर्सनैलिटी दिखाएं और झगड़े करें। रिया अहीर को शो से जोड़ना पब्लिसिटी स्टंट कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में वैन रोककर चर्चा में आईं रिया अहीर को भी शो में लाने की खबरें थीं। इससे शो के प्रमोशन में फायदा मिला। रिया को शो से जोड़ने के लिए वोटिंग भी करवाई गई। प्रीमियर में रिया मंच तक तो पहुंचीं, लेकिन जनता का फैसला सुनाते हुए कहा कि कम वोट्स के चलते वो शो में नहीं जाएंगी। पिछले सीजन यानी बिग बॉस 19 में क्या हुआ था? बिग बॉस 19 में भी विवाद शो की सबसे बड़ी USP में से एक रहे। मेकर्स ने अलग-अलग तरह की पर्सनैलिटी को एक साथ रखा और देखते ही देखते घर में रिश्ते, झगड़े, आरोप और सोशल मीडिया बहसें शुरू हो गईं। तान्या मित्तल इसका सबसे बड़ा उदाहरण रहीं। शो में वह खुद को 'Ma'am' या 'बॉस' कहकर बुलाने की बात करती थीं और अपनी लाइफस्टाइल व कथित 150 बॉडीगार्ड्स को लेकर किए गए दावों की वजह से लगातार चर्चा में रहीं। मीडिया ने उन्हें सीजन के सबसे ज्यादा बात किए जाने वाले चेहरों में गिना। दूसरी तरफ फरहाना भट्ट अपनी बेबाक और कई बार तीखी टिप्पणियों के कारण चर्चा में रहीं। टीवी के पॉपुलर एक्टर गौरव खन्ना के साथ उनके टकराव ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। बिग बॉस 18 में भी यही फॉर्मूला चला बिग बॉस 18 में रजत दलाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले चेहरों में रहे। उनकी सोशल मीडिया फैन फॉलोइंग बड़ी थी। घर के अंदर उनका अग्रेसिव व्यवहार भी लगातार चर्चा का विषय बना। करणवीर मेहरा का गेम इससे बिल्कुल अलग था। वह सीधे तौर पर सबसे विवादित कंटेस्टेंट नहीं थे, लेकिन उनकी बहस, झगड़े, रिश्ते और कई मुद्दों पर स्टैंड लेने की वजह से वह लगातार स्क्रीन पर बने रहे। यानी मेकर्स को हमेशा सिर्फ 'गाली-गलौज करने वाला' कंटेस्टेंट नहीं चाहिए। उन्हें ऐसे चेहरे चाहिए जो किसी न किसी वजह से कहानी पैदा करें और अग्रेसिव कंटेस्टेंट से भिड़ जाएं। आखिर मेकर्स विवादित कंटेस्टेंट्स क्यों चुनते हैं? 1. विवाद, चर्चा, फ्री पब्लिसिटी बिग बॉस के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज सिर्फ TRP नहीं, बल्कि चर्चा में बना रहना है। कंटेस्टेंट के किसी बयान पर सोशल मीडिया पर बहस होती है, तो शो के क्लिप वायरल होते हैं। मीडिया उस पर खबर बनाता है।यूट्यूब पर वीडियो बनते हैं। X और इंस्टाग्राम पर रिएक्शन आने लगते हैं। यानी एक कंटेस्टेंट का झगड़ा कई प्लेटफॉर्म पर शो की मुफ्त पब्लिसिटी बन जाता है। 2. हर सीजन को 'विलेन' चाहिए रियलिटी शो की कहानी में अक्सर एक ऐसा किरदार जरूरी होता है जिससे दर्शक नाराज हों। बिग बॉस 19 में तान्या मित्तल और फरहाना भट्ट जैसे चेहरों ने यह भूमिका निभाई। उनके व्यवहार से दर्शक सहमत हों या नहीं, लेकिन वे चर्चा का विषय जरूर बनीं। दर्शक जिस कंटेस्टेंट से सबसे ज्यादा नाराज होता है, कई बार वही कंटेस्टेंट सबसे ज्यादा स्क्रीन टाइम हासिल कर लेता है। 3. 'गुड वर्सेस बेड' की कहानी बनाना मेकर्स को सिर्फ अच्छे लोगों का समूह नहीं चाहिए। उन्हें पर्सनालिसिटी क्लैश चाहिए। शो में अक्सर शांत लोगों और अग्रेसिव लोगों के बीच क्लैश देखने मिलता है। जैसे हिना खान वर्सेस शिल्पा शिंदे, गौहर खान वर्सेस तनिषा मुखर्जी, करिश्मा तन्ना वर्सेस गौतम गुलाटी, मुनव्वर फारूकी वर्सेस अभिषेक। हैरानी की बात ये है कि ऐसी जोड़ियां अक्सर टॉप-2 तक जगह भी बनाती हैं। 4. सोशल मीडिया फैन बेस भी अब बड़ी ताकत आज बिग बॉस सिर्फ टीवी ऑडियंस का शो नहीं है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और दूसरे सोशल प्लेटफॉर्म पर कंटेस्टेंट की फैन फॉलोविंग भी महत्वपूर्ण हो गई है। जैसे, एल्विश यादव, जो भले ही वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट रहे, लेकिन फैन फॉलोविंग का फायदा उठाते हुए, उन्होंने ट्रॉफी हासिल की। मुनव्वर फारूकी, अभिषेक मल्हान उर्फ फुकरा इंसान, अंकिता लोखंडे, आएशा खान, विवियन डिसेना, ईशा मालवीय जैसे कंटेस्टेंट्स भी अपने फैंस को शो से जोड़ने में सफल रहे। इसका फायदा यह है कि कंटेस्टेंट घर में कुछ करता है तो उसके समर्थक और विरोधी दोनों सोशल मीडिया पर सक्रिय हो जाते हैं। असल में मेकर्स 'विवादित' नहीं, 'कंटेंट देने वाले' लोग चुनते हैं यह अंतर समझना जरूरी है। हर विवादित इंसान अच्छा बिग बॉस कंटेस्टेंट नहीं होता और हर शांत इंसान खराब कंटेस्टेंट नहीं होता। मेकर्स को असल में चाहिए होती है, स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी, कॉन्फ्लिक्ट, फैन बेस, इमोशनल लगाव और एक इंस्पायरिंग कहानी। इसीलिए बिग बॉस में एक तरफ स्वामी ओम जैसे बेहद कंट्रोवर्शियल चेहरे आए, तो दूसरी तरफ सिद्धार्थ शुक्ला, आसिम रियाज, मुनव्वर फारुकी, करणवीर मेहरा जैसे अलग-अलग लोग भी लोकप्रिय हुए। बिग बॉस के इतिहास के सबसे विवादित कंटेस्टेंट अगर पूरे बिग बॉस इतिहास की बात करें तो कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने विवाद को शो की पहचान का हिस्सा बना दिया। राखी सावंत- विवाद को एंटरटेनमेंट में बदलने वाली कंटेस्टेंट राखी सावंत बिग बॉस के पहले सीजन में ही यह दिखा चुकी थीं कि छोटी-सी बात भी कैसे बड़े टीवी मोमेंट में बदली जा सकती है। कॉफी मग से शुरू हुआ विवाद हो या कश्मीरा शाह के साथ टकराव, राखी ने कैमरे के सामने अपनी मौजूदगी लगातार महसूस कराई। बाद के सीजन्स में भी वह बिग बॉस की सबसे चर्चित और बार-बार लौटने वाली पर्सनैलिटी बनीं। स्वामी ओम- जब विवाद कंट्रोल से बाहर हो गया बिग बॉस 10 के स्वामी ओम को शो के इतिहास के सबसे विवादित कंटेस्टेंट्स में गिना जाता है। उनके बयानों और व्यवहार ने कई बार घर का माहौल बिगाड़ा। शो में उन्होंने एक टास्क के बीच बानी जे पर यूरीन फेंका। उनका विवाद इतना बढ़ा कि शो से बाहर निकलने के बाद भी वह लगातार बिग बॉस और सलमान खान को लेकर बयान देते रहे। जुबैर खान- सलमान खान से टकराव बिग बॉस 11 में जुबैर खान का सफर बेहद विवादित रहा। उनकी भाषा और घर में व्यवहार को लेकर सलमान खान ने उन्हें फटकार लगाई। इसके बाद जुबैर और सलमान के बीच भी विवाद बढ़ गया और शो से बाहर आने के बाद उन्होंने सलमान के खिलाफ शिकायत तक की। अरमान कोहली- आक्रामकता का चेहरा अरमान कोहली का नाम बिग बॉस के पुराने विवादित चेहरों में लिया जाता है। उनके सीजन में गुस्सा, झगड़े और आक्रामक व्यवहार लगातार चर्चा का हिस्सा रहे। उनके और सोफिया हयात के बीच विवाद ने भी शो के बाहर काफी सुर्खियां बटोरी थीं। प्रियंका जग्गा- वीकेंड का वार का बड़ा विवाद बिग बॉस 10 की प्रियंका जग्गा भी अपनी बेबाक और कई बार बेहद विवादित टिप्पणियों के लिए जानी गईं। सलमान खान के साथ उनका टकराव इतना बढ़ गया कि उन्होंने उन्हें शो से बाहर जाने के बाद दोबारा काम न देने तक की बात कह दी थी।
धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने रानी पद्मावती के जौहर को कायरता कहा था। स्वरा बयान पर सफाई दे चुके हैं, लेकिन विवाद जारी है। अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के जौहर को ‘कायरता’ कहने वाले बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जौहर कायरता नहीं, बल्कि बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। यह बयान पश्चिम बंगाल के लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में चल रही ‘हनुमत कथा’ के दूसरे दिन दिया गया। कार्यक्रम में दिए बयान के मुताबिक, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनसे इस मुद्दे पर बिना बात किए रहा नहीं जा रहा था। धीरेंद्र शास्त्री- आप संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘एक तथाकथित महिला ने रानी पद्मावती के बारे में बयान दिया। उस महिला ने जौहर को कायरता कहा। ऐ नाककटु, चंडालन, जौहर कायरता नहीं है, यह बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। आप जौहर की संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं?’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो लोग आस्था का विरोध करते हैं, वे जौहर को समझ ही नहीं सकते। कुछ लोग तो भईया को सईयां बना देते हैं, वे जौहर के बारे में क्या जानेंगे? अगर मेरी बातों से किसी को बुरा लगे या उनकी भावनाएं आहत हों, तो भी मैं सच ही कहूंगा।’ क्या था स्वरा भास्कर का पूरा बयान, क्यों हुआ विवाद? 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' टॉक में स्वरा ने फिल्म पद्मावत के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा 'क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?' एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही 'छी' कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था। स्वरा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था। विवाद बढ़ने पर स्वरा ने दी सफाईस्वरा के बयान पर विवाद हो गया। कुछ समय बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है। मुझसे पूछा गया था कि पद्मावत देखने के बाद मैंने ओपन लेटर क्यों लिखा था। मैं साफ करना चाहती हूं कि मैंने रानी पद्मावती या महल की बाकी महिलाओं को कायर नहीं कहा। अगर गाली देनी है तो सही बात पर दीजिए। मैंने कहा था कि अगर मैं रेप पीड़िता होती, तो क्लाइमेक्स देखकर मुझे लगता कि रेप के बाद जिंदा बचकर मैंने कायरता दिखाई है। 'क्या महिला की पवित्रता उसकी जान से ज्यादा कीमती है?'स्वरा ने कहा कि देश में आज भी रेप एक महामारी जैसा बन चुका है। हाल ही में दिल्ली में चलती बस में हुए गैंगरेप का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो संदेश दें कि महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है? उन्होंने निर्भया केस का उदाहरण देते हुए कहा कि निर्भया ने आखिरी सांस तक अपनी जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ी थी। किसी भी महिला की जीने की इच्छा को कम नहीं आंकना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी से सोशल मीडिया पर हुई बहसस्वरा के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका ने लिखा- ‘अगर विकल्प विजेताओं की गुलाम बनने और उनके हरम में रखी जाने वाली सेक्स स्लेव बनने के बीच हो, तो कई महिलाएं पहला विकल्प चुनेंगी। कुछ महिलाएं दूसरा विकल्प चुन सकती हैं। हालांकि, आप अपनी पसंद के अनुसार इनमें से किसी एक को चुन सकते हैं। आपकी इस पसंद से कोई सहमत हो या असहमत, इस पर बहस की जा सकती है, लेकिन यह एक चॉइस थी।’ इस पर जवाब देते हुए स्वरा ने लिखा, प्रियंका जी, आप असल बात नहीं समझ रही हैं। बात जौहर करने वाली महिलाओं की पसंद की नहीं, बल्कि इस बात की है कि हम किस चीज को महिमामंडित कर रहे हैं। क्या रेप के बाद किसी सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है? क्या है पद्मावत का जौहर सीन फिल्म में जौहर का सीन क्लाइमैक्स के पास आता है। अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है और चित्तौड़ के किले में घुस जाती है। दीपिका पादुकोण का किरदार 'रानी पद्मावती' किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं। फिल्म में इसे पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को आग के हवाले करने की घटना के तौर पर दिखाया गया है।
Mirzapur Box Office Collection : मिर्जापुर द मूवी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म मात्र तीन दिनों सेंचुरी के बेहद करीब पहुंच गई है।
Hanuman Ansh Box Office Collection: नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश ने 31वें दिन फिर बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की है।
पंजाबी सिंगर व एक्टर परमीश वर्मा ने आखिरकार अपनी शादी और तलाक को लेकर चल रही चर्चाओं पर चुप्पी तोड़ दी है। परमीश ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए कन्फर्म किया कि वह अपनी पत्नी गीत ग्रेवाल से तलाक ले चुके हैं। एक्स-वाइफ और जिंदगी की महिला का सम्मान करना ही मर्दानगी है। परमीश की पत्नी गीत ग्रेवाल एक कनाडाई राजनीतिज्ञ और वकील हैं। उन्होंने कनाडा में चुनाव भी लड़ा था। दोनों 21 अक्टूबर 2021 को कनाडा में शादी की थी। जिसके बाद उन्होंने भारत में भी एक ग्रैंड रिसेप्शन पार्टी रखी थी। उनकी एक बेटी भी है। लेकिन पिछले एक साल से दोनों के अलग होने की खबरे आ रही थी। जनवरी 2026 में दोनों के अलग होने का कथित दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस समय परमीश और गीत ने इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया था। अब परमीश के बयान के बाद तलाक की पुष्टि हो गई है। परमीश वर्मा ने ये पोस्ट शेयर की.. पंजाबी सिंगर ने पोस्ट में ये बातें लिखी. ट्रोलिंग के बीच परमीश ने दिया जवाब तलाक के बाद परमीश वर्मा की निजी जिंदगी भी चर्चा में है। पिछले कुछ समय से उनका नाम एक्ट्रेस और मॉडल हरमन बराड़ के साथ जोड़ा जा रहा है। दोनों के वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद फैंस उनके रिश्ते को लेकर सवाल कर रहे हैं। हरमन के बर्थडे पर परमीश की ‘Happy Birthday Love’ पोस्ट के बाद ये चर्चाएं और बढ़ गईं। ट्रोलिंग के बीच परमीश ने कहा कि रिश्ता टूटने पर पुरुष को आसानी से विलेन बना दिया जाता है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि असली मर्दानगी अपनी पूर्व पत्नी और आज जिंदगी में मौजूद महिला, दोनों का सम्मान करने में है। उन्होंने कहा कि मुश्किल दौर उन्होंने खुद झेला और अपने फैसलों की जिम्मेदारी भी ली। हरमन से रिश्ते पर सस्पेंस परमीश ने अपनी पोस्ट में जिंदगी में मौजूद महिला का नाम नहीं बताया। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स इसे हरमन बराड़ से जोड़ रहे हैं। दोनों के रिश्ते की चर्चा लगातार हो रही है, लेकिन परमीश और हरमन ने आधिकारिक तौर पर डेटिंग की पुष्टि नहीं की है। इसलिए फिलहाल इसे सिर्फ कयास माना जा रहा है। यानी परमीश वर्मा ने तलाक की पुष्टि कर दी है और अपनी जिंदगी में किसी महिला के होने की बात भी कही है, लेकिन उन्होंने उस महिला का नाम नहीं बताया। ************ ये खबर भी पढ़ें: बादशाह का दूसरी पत्नी से तलाक: चंडीगढ़ की पंजाबी मॉडल से 5 महीने पहले की थी शादी; रैपर भी PEC में पढ़ाई कर चुके रैपर बादशाह और पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी ने शादी के 5 महीने बाद ही एक-दूसरे से अलग होने का ऐलान कर दिया है। दोनों ने सोमवार रात अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक जैसी पोस्ट शेयर कर तलाक की बात कही। जिसमें दोनों ने लिखा- यह फैसला दोनों की आपसी सहमति से लिया गया है। उन्होंने फैंस और मीडिया से इस समय में उनकी प्राइवेसी का सम्मान करने और किसी भी तरह का अंदाजा न लगाने का अनुरोध किया है। (पढ़ें पूरी खबर)
अक्षय कुमार की फिल्म के सामने 'बाहुबली' बनी Hanuman Ansh, कमाई में तोड़ दिया रिकॉर्ड
फिल्म हनुमान अंश ने कमाई के मामले में सुपरस्टार अक्षय कुमार की एक लोकप्रिय फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने जन्माष्टमी पर मनाली स्थित अपने घर में भोग तैयार करने का एक वीडियो शेयर किया था। जिसके बाद उनके वीडियो को शेयर करते हुए एक X यूजर ने सवाल उठाया था कि खाना बनाते समय उन्होंने गैस चलाई भी थी या नहीं। यूजर ने कहा कि कंगना जिस बर्तन का इस्तेमाल कर रही थीं, वह पहले से काला था। जिसके बाद कंगना ने इस टिप्पणी का जवाब दिया। कंगना ने लिखा, “यह हलवा नहीं, भोग है। इस डिश की कई चीजें अलग-अलग तैयार की जाती हैं। इसके बाद इस स्टेज पर सभी चीजों को मिलाया जाता है। फिर इसे जमने के लिए रखा जाता है और टुकड़ों में काटा जाता है।” इसके बाद कंगना ने कहा, “उन लोगों से खाना बनाने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जो अपने माता-पिता और इस धरती पर बोझ हैं। तुम सिर्फ खाने पर ध्यान दो, खाना बनाने की चिंता मत करो।” बता दें कि कंगना अक्सर त्योहारों और खास मौकों पर अपने घर की जिंदगी की झलक शेयर करती हैं। जन्माष्टमी पर उन्होंने अपने फॉलोअर्स को मनाली स्थित घर में हुए जश्न और भोग तैयार करने की झलक दिखाई थी। कंगना ने अधिकारियों को डांट लगाई कल कंगना रनोट का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को डांट लगाई थी। हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना ने जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद निधि का इस्तेमाल नहीं होने पर कहा था कि यह एक मजाक बनकर रह गया है। उन्होंने बैठक में सभी BDO को खड़ा कर कहा कि मैं नेशनल मीडिया में इस बारे में कुछ बोल नहीं पा रही हूं। लोग रील बना रहे हैं। मुझे निठल्ला कह रहे हैं। उन्होंने कहा- सांसद का काम फंड देना है, उसे खर्च करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। अधिकारी केवल खानापूर्ति के लिए बैठकों में न आएं, बल्कि पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर भी काम करें। उन्होंने सवाल किया कि पिछली बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई थी, उन पर अब तक काम क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि केवल सुझाव और योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा। इन्हें लागू करना जरूरी है। 11 करोड़ रुपए में से अभी आधी राशि का इस्तेमाल भी नहीं हुआ। आप लोग यहां केवल सैलरी उठाने आ जाते हैं। पढ़िए बैठक में और क्या बोलीं कंगना… हमने अब तक क्या किया, टाइम वेस्ट क्योंकंगना ने कहा, 'मीटिंग में जो भी बातें होती हैं, उन पर हमने अब तक क्या किया है। उसकी प्रोग्रेस भी होनी चाहिए। क्यों टाइम वेस्ट किया जा रहा है? कोई फॉर्मेलिटी है क्या ये? पिछली बार जो कहा था, इस बार भी वही कह रहे हैं। मैं ये पैटर्न हर चीज में, हर डिपार्टमेंट में देख रही हूं। पिछली बार मैंने कहा था आप लोगों से कि जो हम बात करते हैं, वो आगे बढ़नी चाहिए। हम वहीं रुककर नहीं रह सकते।' इसे लागू कर रहे या सिर्फ सजेशन दे रहेकंगना ने कहा- ऐसा लगता है कि हम संकट की ओर जा रहे हैं। आप लोगों को किसी भी विषय पर मेरा सजेशन चाहिए? आपको इसे लागू करना होगा, ताकि हम अगले चरण पर जा सकें और यह देख सकें कि इसे लागू करने के बाद हमारे सामने क्या-क्या चुनौतियां आती हैं। क्या हम सिर्फ सजेशन दे रहे हैं, जिनमें केवल आइडिया हैं और कोई प्रैक्टिकेलिटी और ग्राउंड नहीं है? हम ये कैसे एक्सेप्ट करेंगे? हम ये कैसे पता लगाएंगे, जब तक हम अगले चरण पर नहीं बढ़ते। पूरे देश की नजर मंडी पर, सभी BDO खड़े हो जाएंकंगना ने कहा- पूरे देश की नजर मंडी पार्लियामेंट की परफॉर्मेंस पर है। हमें इतनी मीडिया रिपोर्ट आती हैं। ये सारे डिपार्टमेंट में जो घोटाला चलता है, एक के बाद एक…यह स्वीकार्य नहीं है। पूरे देश में हम मजाक बनकर रह गए हैं। बीडीओ कौन-कौन है? सभी खड़े हो जाएं। जो भी एमपी लैड की पुअर परफॉर्मेंस के लिए जिम्मेदार है, सभी खड़े हो। मुझे निठल्ली कह रहे, क्या जवाब दूंकंगना ने कहा- सारे देश में ये खबर चल रही है कि कंगना ने 11 करोड़ दिए हैं और काम एक भी नहीं हुआ। इतनी निठल्ली है, इतनी निकृष्ट है। क्या बोलूं मैं वहां मीडिया के सामने कि यहां पर ये सिर्फ तनख्वाह खाने के लिए आते हैं? हमारे प्रदेश के लोगों के बारे में क्या बोलूं मैं? कंगना और रामदेव का विवाद चर्चा में रहा पिछले महीने कंगना रनोट और गुरु बाबा रामदेव के बीच का विवाद भी चर्चा में रहा। दोनों के बीच बयानबाजी हुई थी और दोनों ने एक-दूसरे पर निजी टिप्पणियां भी कीं। हालांकि, रक्षाबंधन के मौके पर दोनों के बीच सुलह हो गई। विवाद की शुरुआत कंगना के एक बयान से हुई थी। दरअसल, नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान युवाओं की भाषा और जीवनशैली को लेकर कंगना ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी यानी Gen Z को ‘गटर जेनरेशन’ कहा था। कंगना के इस बयान पर बाबा रामदेव से न्यूज चैनल टीवी 9 भारतवर्ष को दिए इंटरव्यू में सवाल किया गया। जिस पर रामदेव ने कंगना के बयान की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटर’ कहना गलत है। उन्होंने इसे बिगड़े दिमाग की निशानी बताया। इसके साथ ही रामदेव ने कंगना के बचपन और जवानी का भी जिक्र किया। उनके इस बयान से विवाद और बढ़ गया। बाबा रामदेव की टिप्पणी पर कंगना ने सोशल मीडिया पर तीखा जवाब दिया। कंगना ने लिखा कि उन्हें उनकी जवानी और बेडरूम के बारे में दिन में सपने नहीं देखने चाहिए। कंगना ने इस दौरान पतंजलि से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर से पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों और दवाओं से जुड़े दावों पर हुई कार्रवाई का हवाला दिया था। हालांकि, रक्षाबंधन के मौके पर बाबा रामदेव की ओर से कंगना के लिए मिठाई और उपहार भेजे गए। कंगना ने भी इसे सकारात्मक तरीके से लिया। उन्होंने कहा कि त्योहार का दिन पुरानी भूल-चूक माफ करने का होता है। उन्होंने बाबा रामदेव की बात को स्वीकार किया कि विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए। इस तरह दोनों के बीच का विवाद खत्म हुआ। पूरी खबर यहां पढ़ें…
‘किंग’ का फाइनल कट लॉक नहीं:शूटिंग खत्म, लेकिन म्यूजिक-वीएफएक्स में काम अभी बाकी
शाहरुख खान स्टारर फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन फिल्म का फाइनल कट अभी लॉक नहीं हुआ है। फिल्म से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एडिटिंग के साथ म्यूजिक, बैकग्राउंड स्कोर, साउंड डिजाइन और वीएफएक्स का काम अभी जारी है। बड़े स्तर की एक्शन फिल्म में शूटिंग खत्म होने के बाद एडिटिंग टेबल पर कई अहम फैसले लिए जाते हैं। इसमें तय होता है कि कौन-सा सीन कितना लंबा रहेगा, किस शॉट पर कट होगा और एक्शन सीक्वेंस की रफ्तार कैसी रखी जाएगी। ‘किंग’ के कुछ प्रमुख सीक्वेंस की फाइनल लेंथ पर अभी काम चल रहा है। म्यूजिक लॉक नहीं, नए गानों की शूटिंग बाकी फिल्म के म्यूजिक पर भी अभी काम चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग धुनों और ट्रैक पर काम किया जा रहा है और फिल्म के सभी गाने अभी फाइनल नहीं हुए हैं। अब तक फिल्म की घोषणा के दौरान इस्तेमाल की गई थीम ट्यून ही सार्वजनिक तौर पर सामने आई है। नए गानों की शूटिंग अभी शुरू नहीं हुई है। पहली नजर में यह प्रोडक्शन में देरी लग सकती है, लेकिन बड़े बजट की फिल्मों में ऐसा क्रिएटिव वजहों से भी किया जाता है। गाना शूट करने से पहले कहानी पर फोकस बॉलीवुड में बड़े गानों की शूटिंग कई बार फिल्म की मुख्य कहानी के हिस्सों के बाद की जाती है। इसके बाद एडिटिंग टेबल पर फिल्म की असली रफ्तार और मूड सामने आता है। इससे यह तय करना आसान होता है कि गाना कहानी में कहां फिट होगा और उसका ट्रीटमेंट कैसा रखा जाए। अगर किसी हिस्से में इमोशनल असर बढ़ाने की जरूरत है तो गाने का म्यूजिक और विजुअल उसी हिसाब से तैयार किया जा सकता है। विजुअल्स पर काम अभी बाकी ‘किंग’ जैसी एक्शन-हैवी और इंटरनेशनल लोकेशन वाली फिल्म में वीएफएक्स का काम सिर्फ पोस्ट-प्रोडक्शन के आखिरी चरण में नहीं होता। शूटिंग के दौरान ही यह तय किया जाता है कि स्क्रीन पर क्या वास्तविक दिखेगा और किस हिस्से को डिजिटल तरीके से तैयार या बदला जाएगा। सेट का विस्तार, बैकग्राउंड बदलना, माहौल को बेहतर दिखाना, भीड़ बढ़ाना, गाड़ियों में डिजिटल बदलाव करना और दूसरे विजुअल सुधार जैसे काम वीएफएक्स का हिस्सा हो सकते हैं। एक्शन का फाइनल असर एडिटिंग और साउंड से बनेगा ‘किंग’ का फाइनल टोन और रफ्तार काफी हद तक एडिटिंग टेबल पर तय होगी। शाहरुख खान के एक्शन सीक्वेंस, अभिषेक बच्चन से जुड़े अहम नैरेटिव मोमेंट्स और दीपिका पादुकोण से जुड़े फ्लैशबैक को किस क्रम में रखा जाएगा, इसका सीधा असर फिल्म के सस्पेंस, इमोशनल इम्पैक्ट और पेसिंग पर पड़ेगा। यही वजह है कि सिर्फ शूट किए गए फुटेज के आधार पर किसी कलाकार के स्क्रीन टाइम का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।
बॉलीवुड और रंगमंच के दिग्गज अभिनेता मनोज जोशी रविवार को एयर इंडिया की उड़ान से जयपुर पहुंचे हैं। जयपुर एयरपोर्ट पर बेटी प्रीमियर लीग के आयोजकों की ओर से उनका स्वागत किया गया। जोशी जयपुर में आयोजित होने वाली महिला क्रिकेट लीग के प्रचार-प्रसार के सिलसिले में पहुंचे हैं। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने जयपुर से अपने पुराने जुड़ाव को याद किया और महिलाओं के खेलों से जुड़ने को महत्वपूर्ण बताया। मनोज जोशी ने कहा कि जयपुर आना हमेशा उनके लिए खास रहा है। इससे पहले भी वह शूटिंग और रंगमंच की प्रस्तुतियों के सिलसिले में जयपुर आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का खेलों से जुड़ना बेहद खास है और इसी पहल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वह जयपुर पहुंचे हैं। आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम है खेल उन्होंने महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के अवसर देने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी माध्यम है। रंगमंच से शुरू हुआ अभिनय का सफर मनोज जोशी का अभिनय सफर रंगमंच से शुरू हुआ। उन्होंने मराठी रंगमंच के साथ-साथ गुजराती और हिंदी रंगमंच पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन और फिल्मों की दुनिया में कदम रखा। उनकी शुरुआती चर्चित टेलीविजन भूमिकाओं में ‘चाणक्य’, ‘एक महल हो सपनों का’ और मराठी धारावाहिक ‘राऊ’ शामिल रहे। फिल्मों में उन्होंने ‘सरफरोश’ से अपनी पहचान बनानी शुरू की। इसके बाद ‘हंगामा’, ‘हलचल’, ‘धूम’, ‘फिर हेरा फेरी’, ‘चुप चुप के’, ‘भागम भाग’, ‘भूल भुलैया’ और ‘बिल्लू’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदारों ने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। ‘कचरा सेठ’ से मिली अलग पहचान मनोज जोशी को हास्य और चरित्र भूमिकाओं के लिए खास तौर पर जाना जाता है। ‘फिर हेरा फेरी’ में निभाया गया ‘कचरा सेठ’ का किरदार उनके सबसे लोकप्रिय किरदारों में शामिल है। इसके अलावा ‘हंगामा’, ‘भूल भुलैया’ और ‘ढोल’ जैसी फिल्मों में भी उनके अभिनय और हास्य अंदाज को दर्शकों ने पसंद किया। उन्होंने केवल हास्य भूमिकाओं तक खुद को सीमित नहीं रखा। गंभीर और ऐतिहासिक किरदारों में भी उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता दिखाई। टेलीविजन धारावाहिक ‘चक्रवर्ती सम्राट अशोक’ में उन्होंने चाणक्य की भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें भारतीय टेलीविजन अकादमी पुरस्कार में सहायक अभिनेता का सम्मान मिला। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित मनोज जोशी को मराठी फिल्म ‘दशक्रिया’ में अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा उन्हें टेलीविजन और गुजराती सिनेमा के लिए भी पुरस्कार मिले हैं। वर्ष 2018 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। अभिनय के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान और रंगमंच, टेलीविजन और फिल्मों में उनकी सक्रियता ने उन्हें भारतीय मनोरंजन जगत में एक अलग पहचान दिलाई है। मनोज जोशी ने अभिनय के अलावा टेलीविजन पर एंकर के रूप में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। ‘स्वराज : भारत के स्वतंत्रता संग्राम की समग्र गाथा’ कार्यक्रम में उन्होंने एंकर की भूमिका निभाई और इसके लिए वर्ष 2023 में भारतीय टेली पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ एंकर का सम्मान प्राप्त किया।
बाबा नीब करौरी के जीवन पर बनी फिल्म हनुमान अंश के पार्ट-2 की तैयारी शुरू हो गई है। फिल्म के डायरेक्टर डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने इसकी घोषणा की है। पार्ट-2 में कैंची धाम की कहानी भी दिखाई जाएगी। बाबा 1960 के दशक की शुरुआत में कैंची पहुंचे थे और 15 जून 1964 को यहां हनुमान मंदिर व आश्रम की स्थापना हुई। जीवन के अंतिम वर्षों में कैंची उनका प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र रहा। डॉ. विशाल चतुर्वेदी 2006 के आसपास अपनी पोस्टिंग के दौरान कई बार कैंची धाम गए थे। यहीं उनका पहली बार नीम करोली बाबा की शिक्षाओं से परिचय हुआ। इस अनुभव का उन पर गहरा असर पड़ा और करीब दो दशकों बाद यही जुड़ाव 'हनुमान अंश' की कहानी की प्रेरणा बना। नैनीताल में भवाली के पास शिप्रा नदी के किनारे स्थित कैंची धाम बाबा से जुड़े प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में शामिल है। नैनीताल में उनसे जुड़े चार प्रमुख धाम बताए जाते हैं- कैंची धाम, काकड़ीघाट, हनुमानगढ़ी और भूमियाधार। 2 करोड़ के बजट में बनी, 107 करोड़ के पार पहुंची कमाई ‘हनुमान अंश’ की सफलता ने फिल्म इंडस्ट्री को भी चौंका दिया। करीब 2 करोड़ रुपए के बजट में बनी यह फिल्म शुरुआत में सीमित स्क्रीन पर रिलीज हुई थी। पहले सप्ताह में इसके शो और स्क्रीन घटकर करीब 25 रह गए थे। इसके बाद दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और वर्ड ऑफ माउथ ने फिल्म की किस्मत बदल दी। चौथे सप्ताह तक फिल्म करीब 1,200 स्क्रीन तक पहुंच गई। अलग-अलग उद्योग स्रोतों में कमाई के आंकड़ों में अंतर है, लेकिन 4 सितंबर तक फिल्म करीब 107 करोड़ रुपए का कारोबार कर चुकी थी। यानी फिल्म ने अपनी लागत से 50 गुना से ज्यादा कमाई की। इस तरह ‘हनुमान अंश’ बेहद कम बजट में बड़ी कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है। फिल्म के अहम चेहरों के बारे में जानिए… डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2013 की फिल्म वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में डॉ. राम नंदन भोसले का अहम रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शो में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे कई शो कर चुके हैं। सिंगर-सुनील लोधी फिल्म 'हनुमान अंश' के चर्चित वायरल गाने 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' को सिंगर सुनील लोधी ने गाया है। 25 वर्षीय सुनील नेत्रहीन (दिव्यांग) हैं और वे मध्य प्रदेश के सागर जिले के छोटे से गांव 'अगरा' के रहने वाले हैं। वर्षों तक सुनील ने अपने गांव, स्थानीय मेलों और यहां तक कि ट्रेनों में भी भजन व बुंदेली लोकगीत गाए हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल हुए, जिसके बाद उन्हें फिल्म 'हनुमान अंश' में गाने का मौका मिला। स्टीव जॉब्स से विराट कोहली तक बाबा नीम करोली के भक्त स्टीव जॉब्स: 1974 में बाबा से मिलने की चाह लेकर एप्पल कंपनी के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स भारत आए। तब तक बाबा के निधन को एक साल हो चुका था। जॉब्स कुछ दिन कैंची धाम में रहे। फिर वापस लौटकर 1976 में एप्पल की शुरुआत की। मार्क जकरबर्ग: 2015 में फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने भारत यात्रा के दौरान बताया था कि स्टीव जॉब्स ने फेसबुक के शुरुआती दिनों में उन्हें भारत के एक मंदिर जाने की सलाह दी थी। यह नीम करौली बाबा का कैंची धाम ही था। जूलिया रॉबर्ट्स: हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स हिंदू धर्म मानती हैं। उन्होंने 2010 में एक इंटरव्यू में बताया था कि नीम करौली बाबा की एक तस्वीर देखकर उनकी हिंदू धर्म में रुचि जागी थी। अनुष्का शर्मा और विराट कोहली: एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा नीम करौली बाबा को अपना गुरु बता चुकी हैं। 2022 में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा बेटी के साथ कैंची धाम गए थे। मनोज बाजपाई: एक्टर मनोज बाजपाई ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वेब सीरीज 'द फैमिली मैन' से पहले करीब एक साल तक उनके पास कोई काम नहीं था। इसी समय वे फिल्म डायरेक्टर राम रेड्डी के साथ जुगनुमा फिल्म की रिसर्च के लिए कैंची धाम गए थे। यहां ध्यान करके उन्हें शांति और नई राह मिली। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… बाबा नीब करौरी के थप्पड़ ने बदल दी जिंदगी:हाथ जलने पर कंबल में दबाया, पलभर में गायब हुआ दर्द; बस हादसे में बची पूरी बारात कैंची धाम और बाबा नीब करौरी (आम बोलचाल में बाबा नीम करौली के नाम से भी जाने जाते हैं) से जुड़ी उनके भक्तों के जीवन में ऐसी अनेक घटनाएं दर्ज हैं, जिन्हें वे गुरु कृपा का प्रत्यक्ष अनुभव मानते हैं। ऐसी ही एक कहानी दिल्ली निवासी रवींद्र जोशी उर्फ ‘रब्बू दादा’ की है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन महाराजजी की सेवा में समर्पित कर दिया। (पढ़ें पूरी खबर)
लहर-लहर:हम अलग भी हैं और आपस में जुड़े हुए भी, जनरेशन गैप कोई समस्या नहीं
पीढ़ियों के बीच में आपसी इज्जत बहुत जरूरी है। हम ये न सोचें कि जो हमसे बाद में पैदा हुआ है, उसमें हमसे ज्यादा अक्ल कैसे हो सकती है। इसी तरह युवा पीढ़ी ये न सोचे कि जो कल पैदा हुए थे, उनमें आज की अक्ल कहां से आ सकती है। दोनों गलत बातें हैं। चलिए, हम दो समझदार लोगों को लेते हैं- एक बुजुर्ग और एक युवा। समझदार बुजुर्ग आदमी ने ज़िंदगी गुजारी है, सर्द-गर्म देखा है, कई तरह के मौसम देखे हैं, अजीब-अजीब दौर देखे हैं। उसकी भी कुछ अंडरस्टैंडिंग है; वो भी कुछ जानता है। लेकिन ये दुनिया अब नई हो गई है। इस दुनिया में जो युवा इंसान है- औरत हो या मर्द- उसको पता है कि अब यहां नया क्या हो रहा है। लेकिन ये जो पुराना आदमी था, वो थोड़ा किनारे लग गया है। इस बूढ़े आदमी को हर बात की खबर नहीं है। दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि आपकी एक नजर किसी मंजर पर पड़े कि दूसरा आ जाता है। दूसरे को ठीक से देखें तब तक तीसरा आ जाता है। और वक्त के साथ बदलने की स्पीड बढ़ रही है। जो आज दुनिया में हो रहा है, वो हम नहीं जानते-समझते, वो यंग लोग समझते हैं। जब दुनिया बदलती है, तो सबकुछ बदलता है। तब हमें यंग लोगों की बातों पर ध्यान देना चाहिए। कल तक जो एक औरत घर में चौका-चूल्हा करती रहती थी, उसकी हिम्मत भी जागी है, उसके भी सपने जागे हैं। और हो सकता है, पुराने लोग जरा ठीक से न समझ पाए हों कि वो औरत क्या चाहती है। तो उनको अपने दिमाग के दरवाजे खुले रखना चाहिए। यह भी चाहिए कि वो यंग लोगों से इज्जत से बात करें और उनकी बातें ध्यान से सुनें। हालांकि मैं ये नहीं कहता कि उनकी सारी बातें मान जाओ, या मैं यंग लोगों से भी नहीं कह रहा कि जो बड़े हैं, वे जो कहें वो सब मान जाओ। मगर सुनो कि वे पुराने लोग क्या कह रहे हैं। सारी बातें मानना भी संभव नहीं है क्योंकि सच वक्त के साथ बदल रहा है। अगर हम एक-दूसरे की जो हमारी दौलत है- कुछ उनके पास है; कुछ हमारे पास है- उन दोनों को इकट्ठा कर सकें तो अच्छी बात है। पच्चीस-तीस साल बाद यही समस्या यंग जनरेशन को भी होने वाली है। जब उनसे नए लोग आ जाएंगे तो ये पुराने युवा लोग हमारी जगह आ जाएंगे। जब वो आएंगे तब इन्हें ये मालूम होगा कि नहीं, ये बात तो सही है। तो दोनों तरफ से जनरेशनों को यकीन और भरोसा होना चाहिए, ताकि वो एक-दूसरे से सीख सकें। ये सोचना- कि मैं बड़ा हूं और मैं पहले पैदा हुआ था इसलिए मैं ही सिखा सकता हूं, मुझे कुछ सीखना नहीं है- गलत है। ये सोचना भी- कि ये तो आउटडेटेड हो गए हैं, इन्हें क्या मालूम है, दुनिया तो कुछ और है- गलत है। एयरपोर्ट पर आपने कन्वेयर बेल्ट देखा होगा, जिस पर आपके सामान बेल्ट के साथ चलते रहते हैं। वो कन्वेयर बेल्ट चल रही है; चीजें नई-नई आती जा रही हैं। ये थोड़ी है कि आगे वाली बेल्ट अलग थी और पीछे वाली बेल्ट अलग थी। बेल्ट एक ही चल रही है, मगर उसमें सामान बदलता जा रहा है। ऐसे ही कुछ चीजें लगातार चल रही हैं। कुछ चीजें बदल रही हैं। ज़िंदगी एक कन्वेयर बेल्ट है, उस पर नए-नए विचार, जीने के नए-नए तरीके, नई अंडरस्टैंडिंग, नई साइंस, नॉलेज चल रही होती हैं। हम इन सब बातों को समझें तो मैं नहीं समझता कि जिसे हम जनरेशन गैप कहते हैं, वह कोई समस्या है। हम अलग भी हैं और जुड़े हुए भी हैं। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)
सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' का प्रीमियर आज रात होगा। इससे पहले शो का एक प्रोमो सामने आया। जिसमें भोजपुरी एक्टर और बीजेपी नेता मनोज तिवारी नजर आए। हालांकि, इस बार वह कंटेस्टेंट बनकर नहीं, बल्कि अपनी बेटी रीति तिवारी को शो में छोड़ने पहुंचे। प्रोमो की शुरुआत मनोज तिवारी के गाना गाते हुए स्टेज पर आने से होती है। सलमान उन्हें दोबारा शो में आने को लेकर चिढ़ाते हैं। इस पर मनोज बताते हैं कि वह खुद हिस्सा लेने नहीं, बल्कि अपनी बेटी को शो में छोड़ने आए हैं। इसके बाद रीति स्टेज पर आती हैं और परफॉर्म करती हैं। सलमान उन्हें घर के अंदर होने वाले झगड़ों को लेकर सलाह देते हुए कहते हैं कि अंडों को लेकर मत लड़ना। इसके बाद सलमान कहते हैं, ऐ बाप पे मत जाना। मनोज और डॉली के बीच अंडों को लेकर विवाद हुआ था रीति की बिग बॉस एंट्री के साथ मनोज तिवारी की करीब 16 साल पुरानी बिग बॉस जर्नी भी चर्चा में आ गई। मनोज तिवारी ने 2010 में ‘बिग बॉस सीजन 4’ में हिस्सा लिया था। उस सीजन में श्वेता तिवारी, खली, डॉली बिंद्रा और मनोज तिवारी जैसे चर्चित चेहरे घर में मौजूद थे। उस सीजन की विनर श्वेता तिवारी बनी थीं। मनोज तिवारी के इस सीजन को याद करने की सबसे बड़ी वजह उनका डॉली बिंद्रा के साथ हुआ विवाद है। दरअसल, मनोज और डॉली के बीच अंडों को लेकर विवाद हुआ था। मनोज नाश्ते में ऑमलेट बनाना चाहते थे, जबकि डॉली चाहती थीं कि पहले बचा हुआ खाना खत्म किया जाए। इसी बहस के दौरान मनोज तिवारी ने कहा था, किचन किसी के बाप का नहीं है। इसके जवाब में डॉली बिंद्रा ने कहा था, बाप पे बोलना नहीं। दोनों के बीच हुई यह बहस बाद में काफी चर्चित हुई और इसका डायलॉग मीम्स का हिस्सा भी बना। निरहुआ भी बिग बॉस 20 के प्रोमो में नजर आए वहीं शो का एक और प्रोमो सामने आया, जिसमें भोजपुरी एक्टर और सिंगर दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ नजर आए। निरहुआ रिक्शे पर सवार होकर शो के सेट पर पहुंचे। बैकग्राउंड में उनका फेमस गाना 'निरहुआ रिक्शावाला' बजता सुनाई दिया। सलमान ने उनका स्वागत करते हुए कहा, स्वागत है, आवा आवा निरहुआ। प्रोमो में सलमान निरहुआ से मजाक करते हुए कहते हैं, आपने सिर्फ दो फेर लिए हैं, इस वजह से लगता है कि आप साथ ले के जाओगे यहां से। इसके बाद निरहुआ सलमान को दोबारा बिग बॉस के घर में मौका देने के लिए धन्यवाद देते हैं। हालांकि, सलमान उन्हें रोकते हुए कहते हैं, शुक्रिया सर, लेकिन वो थोड़ी सी गलतफहमी हो गई है, आप सिर्फ यहीं तक हैं। इस पर निरहुआ हैरानी जताते हुए कहते हैं, सर, ये लोग तो बोले थे तथा-टू हैं। उनकी बात सुनकर सलमान हंस पड़ते हैं। प्रोमो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर आम्रपाली दुबे की शो में एंट्री की चर्चा तेज हो गई। यह कहा जाने लगा कि निरहुआ आम्रपाली दुबे को एंट्री करवाने आए हैं। बिग बॉस 20 में कौन-कौन आ रहा है? ‘बिग बॉस 20’ में कौन-कौन कंटेस्टेंट्स आ रहे हैं, यह आज रात पता चलेगा। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स में जो नाम सामने आए हैं, उनमें माही विज, कुशाल तंवर उर्फ गुल्लू, अरिश्फा खान, कनिका मान, ईशा रिखी और काजी तौकीर शामिल हैं। इसके अलावा मैरी कॉम, आम्रपाली दुबे, अमन गांधी, आसिफ खान, रोहेद खान, फैसल खान, युंग डीएसए और स्काउट जैसे नाम भी चर्चा में हैं। वहीं रिह्या अहीर और लव गिल में से सिर्फ एक को ही जनता के वोटों के आधार पर बिग बॉस के मुख्य घर में एंट्री मिलेगी। …………….. यह खबर भी पढ़ें… बिग बॉस 20 का घर बना ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’:गार्डन में शार्क से लेकर बेडरूम में बिच्छू तक, हर कोना सुनाएगा नई कहानी ‘बिग बॉस 20’ का घर इस बार सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक अलग ही दुनिया नजर आ रहा है। शो की थीम ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ को ध्यान में रखते हुए घर के हर हिस्से को अलग अंदाज में डिजाइन किया गया है। गार्डन में जानवरों और पक्षियों की आकृतियां, दीवारों पर कई आंखें, तालाब में शार्क, पेड़ पर सांप और एक अलग जिम एरिया नजर आता है। पूरी खबर यहां पढें….
ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी
धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

