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पैसे बचाने पैदल चलती थीं हुमा कुरैशी:चार लड़कियों संग पीजी में रहीं; पहली फिल्म के मिले 65 हजार, हिट के बाद भी करना पड़ा स्ट्रगल

दिल्ली की हुमा कुरैशी ने एक्टिंग को करियर बनाने के लिए परिवार को मनाने में महीनों लगाए। मुंबई पहुंचीं तो न गॉडफादर था, न फिल्मी लॉन्च। छोटे से पीजी में चार लड़कियों के साथ रहकर ऑडिशन देने वाली हुमा ने विज्ञापनों से शुरुआत की। शाहरुख खान और आमिर खान जैसे सितारों के साथ विज्ञापन किए। फिर एक मोबाइल ऐड के सेट पर हुई मुलाकात ने उनकी जिंदगी बदल दी। अनुराग कश्यप ने उन्हें गैंग्स ऑफ वासेपुर में मौका दिया। फिल्म हिट हुई, लेकिन हुमा का संघर्ष खत्म नहीं हुआ। बॉडी शेमिंग, रिजेक्शन, ट्रोलिंग और लिंकअप की अफवाहों के बीच उन्होंने अलग-अलग किरदारों से पहचान बनाई। आज की सक्सेस स्टोरी में हुमा कुरैशी के जीवन और करियर से जुड़ी खास बातें पढ़ाई में तेज थीं, एक्टिंग का शौक बाद में करियर बना हुमा कुरैशी का जन्म 28 जुलाई 1986 को दिल्ली में हुआ। उनके पिता सलीम कुरैशी रेस्टोरेंट बिजनेस से जुड़े हैं। हुमा ने दिल्ली के गार्गी कॉलेज से हिस्ट्री ऑनर्स किया। कॉलेज के दिनों में वह पढ़ाई के साथ ड्रामा, डिबेट और थिएटर में सक्रिय रहीं। वह ड्रामा सोसायटी की प्रेसिडेंट भी बनीं। थिएटर के दौरान एनके शर्मा उनके मेंटर बने। द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में हुमा ने बताया था कि एनके शर्मा ने ही उनमें एक्टर बनने की क्षमता सबसे पहले पहचानी। उन्होंने ‘द अमेरिकन पायलट’ जैसे नाटकों में काम किया। हुमा के मुताबिक, एक्टिंग का असली जुनून उन्हें थिएटर के दौरान ही महसूस हुआ। डॉक्टर बनने की पढ़ाई से मुंबई तक का सफर हुमा के परिवार को लगता था कि वह पढ़ाई में अच्छी हैं और आगे अकादमिक करियर बनाएंगी। हुमा ने बताया था कि उनके पिता एक्टिंग के फैसले को लेकर शुरुआत में आश्वस्त नहीं थे। उन्हें अपने माता-पिता को मनाने में करीब छह से आठ महीने लगे। मुंबई आने से पहले उन्हें एक फिल्म का ऑडिशन मिला था। फिल्म में उनका चयन हुआ, लेकिन प्रोजेक्ट कभी बन नहीं सका। इस अनुभव से हुमा को समझ आया कि उन्हें फिल्मों में काम करना है। इसके बाद उन्होंने मुंबई जाने का फैसला किया। मुंबई में चार लड़कियों के साथ छोटे से पीजी में रहती थीं मुंबई पहुंचने के बाद हुमा ने कोई आलीशान जिंदगी नहीं जी। वह जुहू में चार दूसरी लड़कियों के साथ छोटे से पीजी में रहती थीं। हर लड़की के पास अपना बेड और एक कैबिनेट था। बाथरूम इस्तेमाल करने को लेकर भी रोजाना झगड़े होते थे। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में हुमा ने बताया था कि ऑडिशन के लिए वह एक बैग लेकर निकलती थीं। उसमें एक सलवार-कमीज, सफेद शर्ट, काली ड्रेस और टिफिन रहता था। कई बार उन्हें बिना ठीक से बातचीत किए ही रिजेक्ट कर दिया जाता था। शुरुआती दौर में वह दादर-जुहू के बीच टैक्सी और ऑटो रिक्शे से सफर करती थीं। पैसे बचाने के लिए कई बार पैदल भी चलती थीं। पहला विज्ञापन मिला तो सिर्फ 5 हजार रुपए फिल्म का सपना पूरा होने में वक्त लग रहा था, इसलिए हुमा ने विज्ञापनों से शुरुआत की। उनका पहला विज्ञापन एक मोबाइल कंपनी के लिए था। इसमें वह अबिषेक बच्चन का इंटरव्यू करती पत्रकार बनी थीं। इसके लिए उन्हें सिर्फ 5 हजार रुपए मिले थे। इसके बाद हुमा ने आमिर खान, शाहरुख खान समेत कई बड़े सितारों के साथ विज्ञापन किए। यही विज्ञापन आगे उनके फिल्मी करियर का रास्ता खोलने वाला था। आमिर खान के ऐड में अनुराग कश्यप से मुलाकात हुमा ने एक मोबाइल विज्ञापन में आमिर खान के साथ काम किया था। इसकी शूटिंग पंचगनी में चार दिन चली। उस विज्ञापन के डायरेक्टर अनुराग कश्यप थे। हुमा ने इस मुलाकात का मजेदार किस्सा सुनाया था। उन्होंने बताया कि तब वह करीब दस विज्ञापन कर चुकी थीं और खुद को इस मामले में ‘वेटरन’ समझने लगी थीं। सेट पर उन्होंने काफी मेकअप किया हुआ था। अनुराग ने पूछा, ‘ये क्या है?’ तो हुमा ने बेझिझक कहा कि यह उनका पहला ऐड है, जबकि वह दस ऐड कर चुकी हैं। अगले ही दिन अनुराग ने उनसे कहा कि वह अपनी फिल्म में उन्हें कास्ट करेंगे। हुमा को भरोसा नहीं हुआ, लेकिन अनुराग ने अपना वादा निभाया। गैंग्स ऑफ वासेपुर मिली, लेकिन सिर्फ 65 हजार रुपए मिले थे 2012 में हुमा ने गैंग्स ऑफ वासेपुर से बॉलीवुड डेब्यू किया। फिल्म में उन्होंने नवाजुद्दीन सिद्दीकी के किरदार की पत्नी मोहसिना का रोल निभाया। शूटिंग के वक्त उन्हें अंदाजा नहीं था कि उनकी भूमिका इतनी अहम होने वाली है। एक इंटरव्यू में हुमा ने बताया था कि फिल्म के लिए उन्हें सिर्फ 65 हजार रुपए मिले थे। उन्होंने कहा कि शूटिंग किसी बड़े स्टार वाली फिल्म जैसी नहीं थी-न फाइव स्टार होटल, न वैनिटी वैन का तामझाम। टीम वाराणसी गई, महीनों शूटिंग की और वापस आ गई। फिल्म रिलीज हुई तो हुमा ने देखा कि उनका चेहरा होर्डिंग पर था। फिल्म हिट हुई, लेकिन इसके बाद आया असली स्ट्रगल गैंग्स ऑफ वासेपुर ने हुमा को पहचान दिला दी। लेकिन सफलता के बाद वह लगातार बड़े स्टार्स वाली फिल्मों की हीरोइन नहीं बन गईं। बर्खा दत्त के इंटरव्यू में हुमा ने कहा था कि पहली कुछ फिल्मों के बाद वह खुद को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगी थीं। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किस दिशा में आगे बढ़ना है। ‘बिल्ला 2’ पहले मिली थी, लेकिन फिल्मी सफर अटक गया गैंग्स ऑफ वासेपुर से पहले हुमा को तमिल फिल्म बिल्ला 2 में अजित कुमार के साथ काम करने का मौका मिला था। उन्होंने करीब 700 उम्मीदवारों के ऑडिशन के बाद यह रोल हासिल किया था। लेकिन फिल्म में देरी हुई और दूसरे कमिटमेंट्स की वजह से हुमा ने यह प्रोजेक्ट छोड़ दिया। ‘बॉडी शेमिंग’ ने आत्मविश्वास तक हिला दिया हुमा के करियर की सबसे मुश्किल लड़ाइयों में से एक वजन और लुक्स को लेकर होने वाली आलोचना रही। हुमा ने बताया कि एक रिव्यू में लिखा गया था कि वह अच्छी एक्ट्रेस हैं, लेकिन मेनस्ट्रीम एक्ट्रेस बनने के लिए पांच किलो ज्यादा वजन है। बाद में फिल्म ‘डबल एक्सएल’ के लिए उन्होंने करीब 20 किलो वजन बढ़ाया। हुमा ने कहा कि यह फिल्म उनके लिए थेरेपी जैसी थी। 2026 में डबल डेट शो पर भी उन्होंने शुरुआती करियर की ट्रोलिंग का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लगातार नेगेटिव कमेंट्स का उनके आत्मविश्वास पर असर पड़ा। वह कुछ समय के लिए काफी रिजर्व हो गई थीं। अनुराग कश्यप से लिंकअप की अफवाहें भी झेलनी पड़ीं गैंग्स ऑफ वासेपुर के बाद हुमा और अनुराग कश्यप की दोस्ती को लेकर अफवाहें शुरू हो गईं। दोनों के रिश्ते को लेकर मीडिया में लगातार खबरें आईं। हुमा ने 2013 में इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में इन खबरों को खारिज करते हुए कहा था कि वह अफवाहों को अपने काम और उन लोगों के साथ रिश्तों पर असर नहीं डालने देंगी, जिन्होंने उन पर भरोसा किया। एक साल बाद अनुराग कश्यप ने भी कहा था कि इन अफवाहों में हुमा को निशाना बनाया जा रहा है और इसका असर उनकी इमेज पर पड़ रहा है। एक और अफवाह- ‘डेढ़ इश्किया’ के डायरेक्टर से सगाई 2014 में हुमा के बारे में सोशल मीडिया पर अफवाह चली कि उन्होंने ‘डेढ़ इश्किया’ के डायरेक्टर अभिषेक चौबे से सगाई कर ली है। हुमा ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि ऐसी अफवाहें एक आउटसाइडर की मेहनत को कमजोर करती हैं। डेढ़ इश्किया’ से ‘बदलापुर तक, अलग रोल्स चुनती गईं हुमा ने खुद को पारंपरिक ग्लैमरस हीरोइन की छवि तक सीमित नहीं रखा। डेढ़ इश्किया’ से ‘बदलापुर ,जॉली एलएलबी 2 और मोनिका, ओ माई डार्लिंग जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाए। यही उनकी करियर रणनीति बनी-हर फिल्म में खुद को दोहराने के बजाय नया किरदार चुनना। हुम कहती हैं कि उनके लिए हर फिल्म दोबारा शुरुआत करने जैसी है। वह एक ही तरह के रोल दोहराना पसंद नहीं करतीं। ओटीटी ने दिया करियर को नया मोड़ फिल्मों के साथ हुमा ने ओटीटी का रुख किया। 2019 में वेब सीरीज लैला में उनका किरदार चर्चा में रहा, लेकिन 2021 की ‘महारानी’ ने उनके करियर को नया मोड़ दिया। रानी भारती का किरदार हुमा के अब तक के सबसे चर्चित किरदारों में शामिल हो गया। सत्ता की राजनीति में एक साधारण महिला का धीरे-धीरे मजबूत होना हुमा ने बेहद प्रभावी तरीके से निभाया। यही दौर था जब उन्हें सिर्फ फिल्मों की अभिनेत्री के बजाय ऐसी कलाकार के तौर पर देखा जाने लगा, जो अलग माध्यमों में भी मजबूत किरदार निभा सकती है। ‘महारानी’ की रानी भारती बनीं जिंदगी बदलने वाला किरदार हुमा ने रानी भारती को अपने करियर का वह रोल बताया जिसने उनकी जिंदगी बदल दी। इस किरदार में उन्होंने ऐसी महिला को निभाया, जो राजनीति, सत्ता और निजी जिंदगी के संघर्षों के बीच धीरे-धीरे खुद को मजबूत करती है। इसके बाद ‘मिथ्या’ और ‘आर्मी ऑफ द डेड’ जैसे प्रोजेक्ट्स से उन्होंने ओटीटी और इंटरनेशनल स्क्रीन पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। ट्रोलिंग पर बोलीं- काम करते रहना जरूरी है हुमा ने हालिया इंटरव्यू में ट्रोलिंग को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अब वह सोशल मीडिया की नकारात्मकता को अपने ऊपर हावी नहीं होने देतीं। लखनऊ टाइम्स से बातचीत में उन्होंने अपने लुक्स और ट्रोलिंग पर अपने आत्मविश्वास को लेकर जवाब दिया। अब एक्टर के साथ प्रोड्यूसर भी हुमा अब सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं हैं। Baby Do Die Do में उन्होंने एक्टिंग के साथ प्रोडक्शन की जिम्मेदारी संभाली। फिल्म 3 जुलाई 2026 को रिलीज हुई थी। जिस लड़की ने कभी एक फिल्म मिलने को ही सबसे बड़ी उपलब्धि माना था, वह अब अपनी पसंद की कहानियां बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ा चुकी है। 'टॉक्सिक: में दिखा करियर का नया दौर हुमा की हालिया रिलीज फिल्मों में 'टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' भी शामिल है। यश स्टारर यह फिल्म 26 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। इसमें यश के साथ नयनतारा, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी भी अहम भूमिकाओं में हैं। _____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. दिशा पाटनी 500 रुपए लेकर मुंबई आई थीं:‘हीरोपंती’ के ऑडिशन में फेल हुईं; इंजीनियरिंग छोड़ी, फिर ‘एमएस धोनी’ से बनीं स्टार दिशा पाटनी की बॉलीवुड तक पहुंचने की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बरेली से निकलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बीच मॉडलिंग शुरू करने वाली दिशा 500 रुपए लेकर मुंबई पहुंची थीं। यहां उन्हें लगातार ऑडिशन देने पड़े और ‘हीरोपंती’ का ऑडिशन फेल हो गया। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इंजीनियरिंग छोड़कर एक्टिंग को करियर बना लिया।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 5:23 am

अमिताभ बच्चन ने परीक्षा में की थी चीटिंग:अक्षय कुमार के सवाल पर बोले- थोड़ी चीटिंग की थी, एक्टर ने जोड़ लिए हाथ

टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के अपकमिंग एपिसोड में अक्षय कुमार और सैफ अली खान हॉटसीट पर नजर आएंगे। एपिसोड में अक्षय ने होस्ट अमिताभ बच्चन से पूछा कि क्या उन्होंने कभी परीक्षा में चीटिंग की है। जिसके बाद अमिताभ ने जवाब दिया कि उन्होंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है। दरअसल, शो के सामने आए प्रोमो में अक्षय कुमार अमिताभ बच्चन से मजेदार सवाल करते दिखाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान परीक्षा में पास होने की बात छिड़ती है। अमिताभ ने अक्षय से पूछा कि इतनी बदमाशी करने के बावजूद वह इम्तिहान कैसे पास करते थे। इस पर अक्षय ने स्वीकार किया कि वह चीटिंग करके पास होते थे। इसके बाद अक्षय ने अमिताभ से भी पूछ लिया कि क्या उन्होंने कभी चीटिंग की है। अमिताभ ने जवाब दिया, “सच बात तो यह है कि मैंने भी थोड़ी-बहुत चीटिंग की है।” बिग बी का यह जवाब सुनकर अक्षय ने हाथ जोड़ लिए और दर्शकों से कहा कि यह गलत बात है, इसलिए ऐसे जवाब पर ताली न बजाएं। B.Sc के पेपर में अमिताभ बच्चन फेल हो गए थे इससे पहले साल 2023 में KBC पर ही अमिताभ बच्चन ने बताया था कि B.Sc के पेपर में वो फेल हो गए थे। बिग बी ने कहा था कि ग्रेजुएशन में उन्होंने गलत सब्जेक्ट का चुनाव कर लिया था, जिस कारण उन्हें ये दिक्कत हुई। अमिताभ बच्चन ने कहा था कि उन्होंने B.Sc में एडमिशन लिया था। बाद में ये सब्जेक्ट लेने पर उन्हें बहुत पछतावा हुआ। ये उनके लिए बिल्कुल आसान नहीं था। 3 साल तक इस सब्जेक्ट को उन्होंने एक बोझ की तरह झेला। खासतौर पर फिजिक्स उन्हें बिल्कुल भी समझ नहीं आती थी। जिस कारण उनके मन में डर सा बैठ गया था। जब पेपर होने को 2 महीने बचे थे, तब उन्होंने किसी तरह सब कुछ बस रट लिया था। हालांकि, उनका ये रटा काम नहीं आया और फिजिक्स में फेल हो गए। इस कारण उन्हें दोबारा से एग्जाम देना पड़ा, पर इस बार वो सारे सब्जेक्ट में पास हो गए थे। अमिताभ ने पूछा, करीना उन्हें रिश्ते में क्या कहेंगी? इस एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने सैफ अली खान से उनके पारिवारिक रिश्ते को लेकर बात की। अमिताभ ने सैफ से कहा, “बहुत से लोगों को नहीं पता कि ये हमारे रिश्ते में हैं।” यह सुनकर सैफ हैरान हुए और उन्होंने पूछा, “मैं?” अमिताभ ने इसके बाद कपूर और नंदा परिवार के जरिए दोनों परिवारों के जुड़ाव की जानकारी दी। शो पर अमिताभ ने यह कनेक्शन समझाते हुए कहा, “राज कपूर की बेटी रितु का बेटा निखिल मेरी बेटी श्वेता से शादीशुदा है।” इसके बाद अमिताभ ने मजाकिया अंदाज में सैफ से पूछा कि करीना उन्हें क्या कहेंगी? इस पर सैफ ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि यह सवाल शो में नहीं है। कपूर-नंदा परिवार से जुड़ा रिश्ता अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन की शादी निखिल नंदा से हुई है। निखिल की मां रितु नंदा, फिल्ममेकर राज कपूर की बेटी हैं। राज कपूर, करीना कपूर के दादा थे। करीना राज कपूर के बड़े बेटे रणधीर कपूर की बेटी हैं। इस वजह से निखिल नंदा और करीना कपूर कजिन हैं। सैफ अली खान की शादी करीना से हुई है, इसलिए बच्चन परिवार से उनका सीधा रिश्ता (जैसे चाचा-भतीजी, मामा-भांजी आदि) नहीं है, बल्कि शादी के जरिए जुड़ा है। सैफ अली खान और अक्षय कुमार की अपकमिंग फिल्म ‘हैवान’ की बात करें तो यह फिल्म प्रियदर्शन की 2016 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का रीमेक है, जिसमें मोहनलाल मुख्य भूमिका में थे। फिल्म में बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, राजपाल यादव, शारिब हाशमी, राजेश शर्मा और मनोज जोशी भी अहम भूमिकाओं में हैं। …………….. यह खबर भी पढ़ें… दाऊद इब्राहिम ने ऋषि कपूर को चाय पर बुलाया था: रोल्स रॉयस भेजी थी, फिल्म ‘तवायफ’ में दाऊद नाम रखने की भी तारीफ की थी दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की आज 74वीं बर्थ एनिवर्सरी है। ऋषि कपूर ने अपनी किताब ‘खुल्लम खुल्ला’ में जिंदगी से जुड़े कई किस्से साझा किए थे। किताब में उन्होंने दाऊद इब्राहिम से दुबई में 2 बार हुई मुलाकात का जिक्र भी किया था। इंडिया टुडे टीवी को दिए इंटरव्यू में भी ऋषि कपूर ने दाऊद से हुई पहली मुलाकात को लेकर कई बातें शेयर की थीं। उन्होंने बताया था कि 1988 में वह आर.डी. बर्मन, आशा भोसले और बिट्टू आनंद के साथ शो के लिए दुबई पहुंचे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 5:00 am

दाऊद इब्राहिम ने ऋषि कपूर को चाय पर बुलाया था:रोल्स रॉयस भेजी थी, फिल्म ‘तवायफ’ में दाऊद नाम रखने की तारीफ भी की थी

दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर की आज 74वीं बर्थ एनिवर्सरी है। ऋषि कपूर ने अपनी किताब ‘खुल्लम खुल्ला’ में जिंदगी से जुड़े कई किस्से साझा किए थे। किताब में उन्होंने दाऊद इब्राहिम से दुबई में हुई 2 बार मुलाकात का जिक्र भी किया था। इंडिया टीवी को दिए इंटरव्यू में भी ऋषि कपूर ने दाऊद से हुई पहली मुलाकात को लेकर कई बातें शेयर की थीं। उन्होंने बताया था कि 1988 में वह आर.डी. बर्मन, आशा भोसले और बिट्टू आनंद के साथ शो के लिए दुबई पहुंचे थे। ऋषि के मुताबिक, वहां एक व्यक्ति उनके पास फोन लेकर आया और कहा, “भाई बात करेंगे।” इसके बाद दाऊद ने उन्हें चाय पर घर बुलाया। ऋषि ने कहा था कि उन्हें लगा कि इसमें कुछ गलत नहीं है, क्योंकि उस समय दाऊद सिर्फ एक भगोड़ा था और उस समय उस पर बाद में होने वाले गंभीर अपराधों के आरोप नहीं थे। यह मुलाकात 1993 के मुंबई धमाकों से पहले हुई थी। ऋषि ने बताया था कि दाऊद के साथ उनकी करीब चार घंटे की मुलाकात हुई, जिसमें उन्होंने दो कप चाय पी। ऋषि के मुताबिक, दाऊद ने उन्हें अपने घर बुलाने के लिए रोल्स रॉयस गाड़ी भेजी थी। ‘तवायफ’ फिल्म में ऋषि का नाम था दाऊद ऋषि कपूर ने बताया था कि फिल्म ‘तवायफ’ में उनके किरदार का नाम दाऊद था। यह बात दाऊद इब्राहिम को काफी पसंद आई थी। ऋषि के मुताबिक, दाऊद ने कहा था कि उन्होंने उसका नाम अच्छे तरीके से दिखाया है। ऋषि ने यह भी कहा था कि दाऊद ने उनसे कभी कोई तोहफा नहीं लिया। हालांकि, उसने पूछा था, “क्या मैं आपको कुछ दिला सकता हूं?” इस पर ऋषि ने जवाब दिया था, “नहीं, आप मुझे कुछ क्यों दिलाएंगे? मैं अपनी जरूरत की चीजें खरीद सकता हूं।” राज कपूर के निधन के एक दिन बाद जून 1988 में दाऊद ने मुंबई स्थित ऋषि के घर पर शोक जताने के लिए अपना एक आदमी भी भेजा था। ऋषि के मुताबिक, दाऊद उनके पिता राज कपूर का बड़ा फैन था। दूसरी मुलाकात साल 1989 में हुई थी वहीं, ऋषि कपूर की दाऊद से दूसरी मुलाकात साल 1989 में हुई थी। यह एक अचानक हुई मुलाकात थी। ऋषि पत्नी नीतू के साथ दुबई के एक जूते के स्टोर में खरीदारी कर रहे थे, जहां दाऊद अपने कुछ बॉडीगार्ड्स के साथ आया और उसने ऋषि को पहचानकर उनसे बातचीत की। दाऊद ने कुछ खरीदकर देने का ऑफर दिया, लेकिन ऋषि ने मना कर दिया था। ऋषि ने कहा था कि उन्हें दाऊद से मिलने में बिल्कुल कुछ गलत नहीं लगा और कभी-कभी फिल्मों के लिए ऐसे लोगों से भी प्रेरणा ली जा सकती है। उन्होंने बताया था कि फिल्म ‘डी-डे’ में दाऊद से प्रेरित किरदार निभाने के लिए उन्होंने उससे जुड़ी चीजों को समझने की कोशिश की थी। एक नजर ऋषि कपूर के करियर पर ऋषि कपूर ने 1970 में फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट बॉलीवुड में कदम रखा था। इस फिल्म में उन्होंने अपने पिता राज कपूर के बचपन का किरदार निभाया था। 1973 में फिल्म ‘बॉबी’ से ऋषि कपूर ने बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। फिल्म में उनके साथ डिंपल कपाड़िया नजर आई थीं। यह फिल्म बड़ी हिट रही और ऋषि रातोंरात स्टार बन गए। ऋषि कपूर ने अपने करियर में कई रोमांटिक फिल्मों में काम किया। ‘कर्ज’, ‘चांदनी’, ‘नगीना’, ‘प्रेम रोग’ और ‘सागर’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। उन्होंने सिर्फ हीरो ही नहीं, बल्कि अलग-अलग तरह के किरदार भी निभाए। ‘अग्निपथ’, ‘दो दूनी चार’, ‘मुल्क’ और ‘102 नॉट आउट’ में उनके अभिनय को खूब पसंद किया गया। उनकी आखिरी फिल्म ‘शर्माजी नमकीन’ थी। यह फिल्म उनके निधन के बाद 2022 में रिलीज हुई थी। ……………. यह खबर भी पढ़ें… शक्ति कपूर ने भागकर की थी शादी: लता मंगेशकर के परिवार से थीं पत्नी, शादी के बाद अखबार में छपा- 3 महीने में तलाक हो जाएगा तकरीबन 700 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शक्ति कपूर का एक्टिंग करियर बेहद सफल रहा। उनकी पर्सनल लाइफ की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। शक्ति ने शिवांगी कोल्हापुरे से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 4:30 am

Hanuman Ansh पर हुई बजरंग बली की कृपा, मात्र 2 करोड़ की फिल्म ने हिला डाला बॉक्स ऑफिस; जमकर बरसे नोट

विशाल चतुर्वेदी की फिल्म हनुमान अंश ने 28 दिनों में बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया है। नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित यह फिल्म अब विदेशों में भी रिलीज होने की तैयारी में है।

जागरण 3 Sep 2026 9:08 pm

बिग बॉस 20 का घर बना ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’:गार्डन में शार्क से लेकर बेडरूम में बिच्छू तक, हर कोना सुनाएगा नई कहानी

‘बिग बॉस 20’ का घर इस बार सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक अलग ही दुनिया नजर आ रहा है। शो की थीम ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ को ध्यान में रखते हुए घर के हर हिस्से को अलग अंदाज में डिजाइन किया गया है। गार्डन में जानवरों और पक्षियों की आकृतियां, दीवारों पर कई आंखें, तालाब में शार्क, पेड़ पर सांप और एक अलग जिम एरिया नजर आता है। ड्राइंग रूम से लेकर किचन, डाइनिंग एरिया और बेडरूम तक हर जगह कोई न कोई कहानी छिपी है। इस बार घर को डिजाइन किया है वर्षा जैन ने। इसे तैयार करने में करीब डेढ़ महीने तक रोजाना 100 से ज्यादा लोग दिन-रात काम करते रहे। गार्डन में कदम रखते ही दिखेगा ‘अलग संसार’ बिग बॉस के घर में प्रवेश करते ही सबसे पहले गार्डन एरिया नजर आता है। यहां दीवारों पर अलग-अलग जानवरों और पक्षियों की बड़ी-बड़ी आकृतियां बनाई गई हैं। एक तरफ गोरिल्ला नजर आता है तो दूसरी ओर ईगल की आकृति खास ध्यान खींचती है। बिग बॉस के हाथ पर बना ईगल भी इस डिजाइन का हिस्सा है। इसका शो की कहानी से क्या कनेक्शन है, यह आने वाले एपिसोड में सामने आएगा। गार्डन के एक हिस्से में पेड़ पर खतरनाक सांप की आकृति बनाई गई है। वहीं एक विचित्र प्राणी को कैंप लगाए हुए दिखाया गया है। यानी घर के बाहर का हिस्सा भी सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि शो की थीम का हिस्सा है। स्विमिंग पूल में इस बार दिखेगी शार्क गार्डन का स्विमिंग पूल भी इस बार पहले जैसा सामान्य नहीं है। पानी के बीच शार्क की आकृति इसे बिल्कुल अलग लुक देती है। साफ पानी के बीच नजर आती शार्क घर के ‘इल्यूजन’ वाले कॉन्सेप्ट को और मजबूत करती है। गार्डन में कंटेस्टेंट्स के लिए छोटा जिम गार्डन एरिया में ही कंटेस्टेंट्स के लिए जिम बनाया गया है। यहां वे एक्सरसाइज और फिटनेस पर ध्यान दे सकेंगे। यानी घर के अंदर होने वाले तनाव और गेम के बीच फिटनेस के लिए भी अलग जगह रखी गई है। ड्राइंग रूम में हर चीज बताएगी अपनी कहानी गार्डन से आगे बढ़ते ही घर का ड्राइंग और लिविंग एरिया आता है। घर का हर हिस्सा अलग नजर आता है, लेकिन सभी हिस्से एक ही थीम से जुड़े हुए हैं। बेडरूम, किचन, लिविंग एरिया और टेरेस के रंग और कॉन्सेप्ट अलग रखे गए हैं, लेकिन ओवरऑल थीम एक ही है। यही वजह है कि एक कमरे से दूसरे कमरे में जाते ही दर्शकों को अलग दुनिया का एहसास होगा। दीवारों पर बनी आंखें देंगी ‘हर चीज देखे जाने’ का एहसास घर की कुछ दीवारों पर बड़ी संख्या में आंखों की आकृतियां बनाई गई हैं। इनका मतलब भी सीधा है- घर के अंदर कुछ भी छिपा नहीं है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। यह डिजाइन बिग बॉस के उस मूल कॉन्सेप्ट को भी दर्शाता है, जिसमें कंटेस्टेंट्स लगातार कैमरों की निगरानी में रहते हैं। किचन में खाना कम, गॉसिप और झगड़े ज्यादा! अब पहुंचते हैं बिग बॉस के सबसे चर्चित हिस्सों में से एक- किचन एरिया में। यहां खाना बनाने के साथ-साथ गॉसिप, बहस और लड़ाई-झगड़े भी खूब होते हैं। इस बार किचन का लुक भी थीम के मुताबिक रखा गया है। फिलहाल यहां नजर आने वाली कुछ चीजें असली नहीं, बल्कि सेट का हिस्सा हैं। किचन से आगे बढ़ते ही डाइनिंग एरिया आता है। डाइनिंग टेबल पर खाने से ज्यादा होंगी बातें बिग बॉस के घर की डाइनिंग टेबल सिर्फ खाना खाने की जगह नहीं होती। यहां कंटेस्टेंट्स बैठकर एक-दूसरे से बातें करते हैं, रणनीतियां बनाते हैं और कई बार छोटी-सी बात बड़े विवाद में बदल जाती है। यही वजह है कि इस घर में डाइनिंग एरिया भी कहानी का अहम हिस्सा नजर आता है। बेडरूम में मधुमक्खी, बिच्छू और रंग-बिरंगी तितलियां घर का बेडरूम इस बार सबसे ज्यादा रहस्यमयी हिस्सों में से एक है। यहां दीवारों और आसपास के डिजाइन में मधुमक्खी, बिच्छू, छिपकली और रंग-बिरंगी तितलियों की आकृतियां नजर आती हैं। डिजाइन को इस तरह तैयार किया गया है कि रात में सोने वाला कंटेस्टेंट भी इस अजीबोगरीब दुनिया के बीच खुद को महसूस करे। बिच्छू और सांप जैसी आकृतियां जहां खतरे का संकेत देती हैं, वहीं तितलियां सपनों और कल्पना की दुनिया का एहसास कराती हैं। समुद्र में डूबती कश्ती भी डिजाइन का हिस्सा बेडरूम के एक हिस्से में पेड़ के पीछे समुद्र और डूबती हुई कश्ती का दृश्य दिखाई देता है। ऐसा लगता है जैसे समुद्र में कोई नाव डूब रही हो और उसमें मौजूद लोग मुश्किल में हों। यह पूरा सेटअप ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ की थीम को आगे बढ़ाता है, जहां वास्तविक और काल्पनिक दुनिया के बीच की सीमा धुंधली नजर आती है। ऑक्टोपस चेस खेलेगा, जानवर भी देंगे संकेत घर में कई ऐसी चीजें रखी गई हैं, जो सामान्य दुनिया में संभव नहीं लगतीं। उदाहरण के तौर पर एक ऑक्टोपस को चेस खेलते हुए दिखाया गया है। इस तरह की ‘लार्जर दैन लाइफ’ आकृतियां दर्शकों को लगातार यह एहसास कराती हैं कि वे एक सामान्य घर नहीं, बल्कि एक काल्पनिक दुनिया में प्रवेश कर चुके हैं। ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ है पूरे डिजाइन की थीम इस बार पूरे घर का कॉन्सेप्ट ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ और ‘ड्युअलिटी’ पर आधारित है। गेम शो की थीम को ध्यान में रखते हुए घर के हर हिस्से को अलग बनाया गया है। यानी एक तरफ घर खूबसूरत और आकर्षक दिखाई देता है, तो दूसरी तरफ उसमें छिपे सांप, बिच्छू, आंखें और दूसरी आकृतियां एक रहस्यमयी और चुनौतीपूर्ण दुनिया का एहसास कराती हैं। डेढ़ महीने में तैयार हुआ इतना बड़ा सेट इतने बड़े सेट को तैयार करना आसान नहीं था। डिजाइनर वर्षा जैन को फिजिकल कंस्ट्रक्शन में करीब डेढ़ महीने का समय लगा। हालांकि, उससे पहले डिजाइन को अंतिम रूप देने में काफी समय लगा। बारिश के मौसम में भी करीब 100 से ज्यादा मजदूर रोजाना दिन-रात काम करते रहे, ताकि तय समय में इतना बड़ा सेट तैयार किया जा सके। इस बार घर सिर्फ घर नहीं, कहानी का हिस्सा है बिग बॉस 20 के घर को देखकर साफ नजर आता है कि इस बार डिजाइन को सिर्फ खूबसूरत बनाने पर ध्यान नहीं दिया गया है। हर कमरे, हर दीवार और हर आकृति को शो की थीम से जोड़ने की कोशिश की गई है। गार्डन में शार्क और सांप से लेकर दीवारों पर आंखें, ऑक्टोपस, जानवरों और पक्षियों की आकृतियां और बेडरूम में बिच्छू-तितलियां- ये सभी मिलकर घर को एक ऐसी दुनिया में बदल देते हैं, जहां हर कदम पर कुछ नया देखने को मिलता है। अब कंटेस्टेंट्स इस ‘हाउस ऑफ इल्यूजन’ में पहुंचेंगे और इन डिजाइन के पीछे छिपे संकेतों के बीच अपना गेम खेलेंगे। घर की दीवारें भले ही खामोश हों, लेकिन इस बार उनमें छिपी हर आकृति अपने आप में एक कहानी कहती नजर आएगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 7:15 pm

एडवांस बुकिंग में दिखा Mirzapur The Movie का भौकाल टाइट, डबल डिजिट में कलेक्शन करने के लिए तैयार फिल्म

मिर्जापुर: द मूवी की एडवांस बुकिंग में शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है, फिल्म ने रिलीज से पहले ही शानदार कलेक्शन कर लिया है।

जागरण 3 Sep 2026 5:54 pm

'करीना मुझे क्या कहकर बुलाएंगी':सैफ से अमिताभ बच्चन बोले- ये हमारे रिश्ते में हैं, सुनकर एक्टर हैरान हो गए

बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन ने हाल ही में सैफ अली खान से अपने पारिवारिक रिश्ते को लेकर बात की। दरअसल, सैफ शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में अपनी अपकमिंग फिल्म ‘हैवान’ के को-स्टार अक्षय कुमार के साथ पहुंचे थे। शो के प्रोमो में अमिताभ ने सैफ से कहा, “बहुत से लोगों को नहीं पता कि ये हमारे रिश्ते में हैं।” यह सुनकर सैफ हैरान हुए और उन्होंने पूछा, “मैं?” अमिताभ ने इसके बाद कपूर और नंदा परिवार के जरिए दोनों परिवारों के जुड़ाव की जानकारी दी। शो पर अमिताभ ने यह कनेक्शन समझाते हुए कहा, “राज कपूर की बेटी रितु का बेटा निखिल मेरी बेटी श्वेता से शादीशुदा है।” इसके बाद अमिताभ ने मजाकिया अंदाज में सैफ से पूछा कि करीना उन्हें क्या कहेंगी? इस पर सैफ ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि यह सवाल शो में नहीं है। कपूर-नंदा परिवार से जुड़ा रिश्ता अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन की शादी निखिल नंदा से हुई है। निखिल की मां रितु नंदा, फिल्ममेकर राज कपूर की बेटी हैं। राज कपूर, करीना कपूर के दादा थे। करीना राज कपूर के बड़े बेटे रणधीर कपूर की बेटी हैं। इस वजह से निखिल नंदा और करीना कपूर कजिन हैं। सैफ अली खान की शादी करीना से हुई है, इसलिए बच्चन परिवार से उनका सीधा रिश्ता (जैसे चाचा-भतीजी, मामा-भांजी आदि) नहीं है, बल्कि शादी के जरिए जुड़ा है। अमिताभ बच्चन और करीना साथ कर चुके हैं काम अमिताभ बच्चन और करीना कपूर ने ‘कभी खुशी कभी गम’ (2001), ‘देव’ (2004) और ‘सत्याग्रह’ (2013) जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। वहीं, अमिताभ ने सैफ अली खान के साथ ‘एकलव्य: द रॉयल गार्ड’ (2007) और ‘आरक्षण’ (2011) में भी स्क्रीन शेयर की है। सैफ अली खान के वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी ‘हैवान’ में नजर आएंगे। जिसमें सैफ के अलावा अक्षय कुमार, बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, राजपाल यादव, शारिब हाशमी, राजेश शर्मा, और मनोज जोशी अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म प्रियदर्शन की 2016 में रिलीज हुई मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का रीमेक है, जिसमें मोहनलाल मुख्य भूमिका में थे। करीना के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो आखिरी बार फिल्म सिंघम अगेन (2024) में नजर आई थीं। वहीं वो जल्द मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित फिल्म दायरा में दिखाई देंगी। दायरा में करीना एक पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आएंगी। दायरा 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। …………….. यह खबर भी पढ़ें… करीना कपूर ने 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी थी:बोलीं- शिक्षा पूरी न करने का आज भी अफसोस; जानिए कपूर फैमिली में कौन कितना पढ़ा-लिखा एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने 11वीं क्लास के बाद पढ़ाई छोड़कर फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। हनुमान दास के यूट्यूब चैनल में बातचीत में करीना ने कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की, जिसका अफसोस उन्हें सफलता मिलने के बाद भी रहा। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की और यह बात मेरे साथ बनी रही। मुझे मौका मिला था, लेकिन फिल्मों में आ गई और क्लास 11 के बाद आगे पढ़ाई नहीं की।” पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 2:40 pm

प्रीति जिंटा बोलीं- मैंने रोज 18 घंटे काम किया:दीपिका पादुकोण ने 8 घंटे शिफ्ट के लिए छोड़ी थी फिल्म; मेल एक्टर्स पर सवाल उठाया था

फिल्म इंडस्ट्री में काम के लंबे घंटों और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। लगभग एक दशक के अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहीं एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने इस मुद्दे पर अपना रुख साफ किया है। मुंबई में अपनी आने वाली एक्शन-कॉमेडी फिल्म 'वाइब' के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में प्रीति जिंटा ने खुलासा किया कि उन्होंने इस फिल्म की शूटिंग के दौरान रोजाना 18 घंटे तक काम किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर किसी की अपनी प्राथमिकताएं होती हैं और उन्होंने भारत में अपने कम समय के टूर और अमेरिका में बच्चों के पास जल्दी लौटने के लिए खुद यह लंबा शेड्यूल चुना था। ‘बच्चों के पास लौटने के लिए 18 घंटे काम किया’ ट्रेलर लॉन्च के दौरान जब मीडिया ने प्रीति जिंटा से सेट पर लंबे वर्किंग आवर्स के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने बताया कि लंबे समय तक शूटिंग करना मुश्किल जरूर था, लेकिन यह उनका अपना व्यक्तिगत फैसला था। 50 साल की प्रीति जिंटा ने कहा, सबकी अपनी पसंद और जरूरतें होती हैं। बेशक, मैंने 18 घंटे तक काम किया क्योंकि मैं अपना काम जितनी जल्दी हो सके खत्म करके अमेरिका वापस अपने बच्चों के पास जाना चाहती थी। मेरा फोकस सिर्फ यही था कि मैं भारत आऊंगी, अपना काम तेजी से पूरा करूंगी और तुरंत लौट जाऊंगी। मैं यहां 30 से 40 दिनों के समय के लिए आई थी। इसलिए मुझे इतनी लंबी शिफ्ट में काम करने में कोई आपत्ति नहीं थी। प्रीति ने यह भी बताया कि इस फिल्म में उन्होंने कई कठिन एक्शन सीन खुद किए हैं, जिसके लिए लगातार लंबे शोज और शारीरिक मेहनत की जरूरत थी। दीपिका पादुकोण की थी 8 घंटे की शिफ्ट की मांग फिल्म इंडस्ट्री में वर्किंग आवर्स का यह विवाद असल में तब शुरू हुआ था, जब एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण के संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म 'स्पिरिट' (प्रभास स्टारर) और 'कल्कि 2898 एडी' के सीक्वल से अलग होने की खबरें सामने आई थीं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि मां बनने के बाद दीपिका ने अपनी पर्सनल लाइफ और प्रोफेशनल लाइफ में बैलेंस बनाए रखने के लिए रोजाना 8 घंटे की वर्क शिफ्ट की मांग रखी थी। मेकर्स के साथ काम के घंटों और फीस को लेकर सहमति न बन पाने के कारण दीपिका इन प्रोजेक्ट्स से हट गईं। इसके बाद सोशल मीडिया और इंडस्ट्री में इस बात को लेकर बहस छिड़ गई कि क्या भारतीय सिनेमा में तय वर्किंग टाइम लागू होना चाहिए या नहीं। मेल सुपरस्टार्स् पर दीपिका का बयान जब दीपिका पादुकोण की 8 घंटे की वर्किंग डिमांड पर विवाद बढ़ा, तो उन्होंने एक इंटरव्यू में भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के दोहराव वाले रवैये पर खुलकर बात की। दीपिका ने CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कहा था, यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में कई मेल सुपरस्टार्स् सालों से सिर्फ 8 घंटे ही काम करते आ रहे हैं। वे सोमवार से शुक्रवार तक 8 घंटे काम करते हैं और वीकेंड्स पर काम नहीं करते। लेकिन जब कोई महिला अपने लिए 8 घंटे की शिफ्ट मांगती है, तो इसे हेडलाइन बना दिया जाता है। अक्षय कुमार करते हैं 8 घंटे काम इसी दौरान एक्टर अभिषेक बच्चन का एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे 'द कपिल शर्मा शो' में अक्षय कुमार के वर्किंग स्टाइल के बारे में बता रहे थे। अभिषेक ने कहा था, पैकअप का ऐलान होते ही सबसे ज्यादा खुश अक्षय कुमार होते हैं। वे 8 घंटे से ज्यादा काम नहीं करते। सुबह 7 बजे सेट पर आते हैं और तुरंत अपना काम शुरू कर देते हैं। सुनील शेट्टी ने कहा 18 घंटे काम प्रोडक्टिव नहीं वर्किंग आवर्स की इस बहस में एक्टर सुनील शेट्टी ने भी अपनी बात रखी थी। उन्होने कहा कि सेट पर 12 से 18 घंटे तक काम करना न तो प्रैक्टिकल है और न ही इससे बेहतर आउटपुट मिलता है। सुनील शेट्टी ने कहा था कि किसी भी कलाकार या क्रू मेंबर के लिए 12 से 18 घंटे तक लगातार काम करना संभव नहीं है। उन्होंने वर्क-लाइफ बैलेंस, सही ब्रेक और प्रॉपर रेस्ट को काम की क्वालिटी के लिए जरूरी बताया था। सुनील शेट्टी के मुताबिक, थकान में काम करने से रचनात्मकता पर बुरा असर पड़ता है, इसलिए सेट पर प्रोफेशनल और अनुशासित माहौल होना चाहिए। 70 घंटे के वर्क वीक की बहस सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं यह बहस सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं है। इंफोसिस के सह-संस्थापक एन.आर. नारायण मूर्ति द्वारा देश के युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने की सलाह देने के बाद से ही पूरे देश में ओवरवर्किंग और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर चर्चा शुरू हुई थी। फिल्म निर्माता रोनी स्क्रूवाला ने नारायण मूर्ति के इस विचार का विरोध करते हुए कहा था कि केवल काम के घंटे बढ़ाने से उत्पादकता (प्रोडक्टिविटी) नहीं बढ़ती, बल्कि क्वालिटी वर्क, स्किल और बेहतर वर्क एनवायरनमेंट ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 12:35 pm

विवेक ओबेरॉय ने कभी रिहर्सल रूम साफ किया था:डांसर्स के लिए चाय भी लाते थे, 'कंपनी' से डेब्यू किया, अब ‘रामायण’ में नजर आएंगे

अपने करियर में हीरो से लेकर विलेन तक कई तरह के किरदार निभाने वाले एक्टर विवेक ओबेरॉय आज 50 साल के हो गए हैं। हालांकि, उनका फिल्मी सफर शुरुआत से आसान नहीं था। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने संघर्ष किया था। यहां तक कि उन्होंने फिल्ममेकर फराह खान को असिस्ट भी किया। इस दौरान वह रिहर्सल रूम साफ करते थे और डांसर्स के लिए चाय भी लाते थे। मैशबल इंडिया से बातचीत में विवेक ने बताया था कि वह ट्रेनिंग के लिए लंबे समय तक फराह खान को असिस्ट करते रहे। उन्होंने कहा था, “मैंने रिहर्सल रूम साफ करने और सभी डांसर्स के लिए चाय लाने से शुरुआत की और फिर आगे बढ़ता गया।” विवेक ने यह भी बताया था कि उन्होंने कभी किसी को नहीं बताया कि उनके पिता कौन हैं। दरअसल, विवेक दिग्गज अभिनेता सुरेश ओबेरॉय के बेटे हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपने पिता की पहचान का सहारा लेकर काम पाने की कोशिश नहीं की। 2002 में ‘कंपनी’ से मिला बड़ा ब्रेक विवेक ओबेरॉय को साल 2002 में राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘कंपनी’ से बॉलीवुड डेब्यू का मौका मिला था। फिल्म मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर आधारित थी। इसमें विवेक ने चंदू का किरदार निभाया था। ‘कंपनी’ में विवेक के अभिनय को काफी पसंद किया गया। फिल्म की सफलता के साथ ही वह इंडस्ट्री में तेजी से पहचाने जाने लगे। अपने डेब्यू के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड मिला था। इसके बाद साल 2002 में ही वह ‘रोड’ और ‘साथिया’ में नजर आए। खासतौर पर ‘साथिया’ में रानी मुखर्जी के साथ उनकी जोड़ी पसंद की गई। फिल्म सफल रही और विवेक को बेस्ट एक्टर के फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन मिला। विवेक ने अपने करियर में सिर्फ हीरो वाले रोल नहीं किए। उन्होंने नेगेटिव किरदारों में भी अपनी छाप छोड़ी। साल 2006 में विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओमकारा’ में उन्होंने केशु का रोल किया था। इसके बाद 2007 में आई ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ में उन्होंने गैंगस्टर माया डोलस का किरदार निभाया। इस रोल में विवेक के लुक और एक्टिंग की काफी चर्चा हुई। उन्हें इस किरदार के लिए फिल्मफेयर बेस्ट विलेन अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन भी मिला। ‘रक्त चरित्र’ में निभाया दमदार रोल 2010 में विवेक ने राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘रक्त चरित्र’ में परिताला रवि का किरदार निभाया। यह एक गंभीर और चुनौतीपूर्ण रोल था। फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली। इसके बाद 2013 में विवेक ‘कृष 3’ में नजर आए। उन्होंने फिल्म में सुपरविलेन काल का किरदार निभाया। ऋतिक रोशन और कंगना रनोट स्टारर इस फिल्म में विवेक की परफॉर्मेंस भी चर्चा में रही। उन्हें फिल्म के लिए फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के अवॉर्ड के लिए नॉमिनेशन मिला। साउथ की फिल्मों में भी बनाई पहचान विवेक ने हिंदी फिल्मों के अलावा साउथ की फिल्मों में भी काम किया। 2017 में उन्होंने तमिल फिल्म ‘विवेगम’ से डेब्यू किया। इसके बाद 2019 में वह मलयालम फिल्म ‘लूसिफर’ में नजर आए। इस फिल्म में उन्होंने विलेन बॉबी का रोल निभाया। मोहनलाल स्टारर फिल्म में उनके किरदार को दर्शकों ने पसंद किया। विवेक ने तेलुगु फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने ‘विनय विधेया रामा’ में अहम भूमिका निभाई। 2022 में वह मलयालम फिल्म ‘कडुवा’ में भी नजर आए। एक्टिंग के साथ प्रोडक्शन में भी कदम रखा विवेक ने एक्टिंग के अलावा फिल्म प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया। साल 2011 में उन्होंने फिल्म ‘देख इंडियन सर्कस’ प्रोड्यूस की। इस फिल्म को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी सराहना मिली। फिल्म ने 2011 में बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ऑडियंस चॉइस अवॉर्ड जीता था। विवेक ने टीवी पर भी काम किया। वह रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज’ में जज की भूमिका में नजर आए। इसके अलावा उन्होंने फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का किरदार निभाया। अब विवेक ओबेरॉय जल्द नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण पार्ट 1’ में नजर आएंगे। फिल्म भारत में 8 नवंबर 2026 (दिवाली) को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में वह रावण की बहन शूर्पणखा के पति विद्युत्जिह्व का किरदार निभा रहे हैं। शुरुआत में उनके विभीषण बनने की चर्चा थी। हालांकि, ट्रेलर के बाद उनका किरदार साफ हो गया। फिल्म में विवेक और रावण के बीच युद्ध का सीन भी देखने को मिलेगा। खास बात यह है कि विवेक ने फिल्म से मिलने वाली अपनी पूरी फीस कैंसर से जूझ रहे बच्चों के इलाज के लिए दान करने का फैसला किया है। ………….. यह खबर भी पढ़ें… शक्ति कपूर ने भागकर की थी शादी: लता मंगेशकर के परिवार से थीं पत्नी, शादी के बाद अखबार में छपा- 3 महीने में तलाक हो जाएगा कई सुपरहिट फिल्मों में विलेन और कॉमेडियन का रोल प्ले करने वाले शक्ति कपूर आज 74 साल के हो गए। तकरीबन 700 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शक्ति का एक्टिंग करियर बेहद सफल रहा। उनकी पर्सनल लाइफ की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। शक्ति ने शिवांगी कोल्हापुरे से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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खास खबर 3 Sep 2026 11:41 am

आतिफ असलम बोले- भारत से बेहतर है पाकिस्तान कोक स्टूडियो:पाकिस्तान के गानों में दिखता है जादू; भारतीय संगीत में कमर्शियलाइजेशन ज्यादा

पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम ने भारत और पाकिस्तान के लोकप्रिय संगीत प्लेटफॉर्म 'कोक स्टूडियो' के बीच तुलना करते हुए पाकिस्तान कोक स्टुडियो को बेहतर बताया है। एक इंटरव्यू में आतिफ ने कहा कि कोक स्टूडियो पाकिस्तान की सफलता के पीछे उसका 'रॉ और ओरिजनल' संगीत है, जबकि कोक स्टूडियो इंडिया में 'कमर्शियलाइजेशन' (व्यावसायीकरण) ज्यादा हावी दिखता है। ‘भारतीय संगीत में कमर्शियलाइजेशन हावी’दुबई के रेडियो स्टेशन मिर्ची यूएई को दिए इंटरव्यू में आतिफ असलम ने दोनों देशों के कोक स्टूडियो के काम करने के तरीके पर बात की। आतिफ ने कहा, दोनों ही तरफ संगीत की कंपोजिशन बेहतरीन बनाई जाती है, लेकिन भारतीय संगीत में वह रॉ-नेस गायब है जो हमारे गानों में होती है। इंडियन कोक स्टूडियो कमर्शियलाइजेशन पर बहुत ज्यादा भरोसा करता है और गानों को बाजार के हिसाब से ढालता है। इसके उलट, पाकिस्तानी कोक स्टूडियो पूरी तरह से ओरिजनल कंपोजिशन पर जोर देता है। वहां संगीतकारों के पास अपनी कला दिखाने की आजादी होती है और एक तरह से यह उनके लिए करो या मरो की स्थिति होती है, जहां वे अपनी अलग पहचान जोड़ सकते हैं। 2008 में शुरू हुआ कोक स्टूडियो पाकिस्तानकोक स्टूडियो पाकिस्तान की शुरुआत साल 2008 में हुई थी। इसके फाउंडर और प्रोड्यूसर रोहेल हयात थे। इस शो ने पारंपरिक सूफी, कव्वाली, गजल और लोक संगीत को आधुनिक वेस्टर्न इंस्ट्रूमेंट्स के साथ मिलाकर फ्यूजन म्यूजिक को एक नया मुकाम दिया। कोक स्टूडियो भारत: 2011 में हुई थी शुरुआतभारत में कोक स्टूडियो की शुरुआत साल 2011 में 'एमटीवी कोक स्टूडियो इंडिया' के नाम से हुई थी। शुरुआती सीजन्स में ए.आर. रहमान, अमित त्रिवेदी और क्लिंटन सेरेजो जैसे संगीतकारों ने कई बेहतरीन ओरिजनल ट्रैक्स बनाए, लेकिन बाद के सालों में यह प्लेटफॉर्म भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और बॉलीवुड कंपोजर्स के प्रभाव में ज्यादा आ गया। भारत में बैन हुए, बोले- लोग VPN से गाने सुनते हैंइससे पहले आतिफ असलम ने भारत में लगे बैन पर बात करते हुए कहा कि लोग वीपीएन के जरिए उनका संगीत सुनते हैं और वो अपने फैंस को मिस करते हैं। यह बात उन्होंने रेडियो प्रेजेंटर क्रिस फेड के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में कही। बातचीत में आतिफ असलम ने कहा, “मुझे भारत में बैन हुए लगभग 10 साल हो गए हैं। यह भारतीय सरकार का फैसला था। उन्होंने पाकिस्तान के कलाकारों को बैन करने का फैसला किया। भारतीय कलाकार भी पाकिस्तान में बैन हैं। पिछले 10 साल से। मैंने वहां कोई गाना रिलीज नहीं किया है।” उन्होंने भारतीय फैंस के लगातार अपने संगीत को सुनने का जिक्र करते हुए कहा कि लोग वीपीएन के जरिए उनका संगीत सुनते हैं और सीडी बनाकर दूसरों को देते हैं। उन्होंने कहा कि वह पाइरेसी को बढ़ावा नहीं देते, लेकिन संगीत जहां पहुंचना होता है, वहां पहुंच जाता है। मेरे पहले सिंगल के साथ भी ऐसा ही हुआ था। आतिफ ने भारतीय फैंस को उदास नहीं होने कहा भारतीय फैंस के लिए आतिफ ने कहा, “हां, इसे लेकर बुरा मत महसूस करो। उदास मत हो। मैं हमेशा से आप लोगों से कहना चाहता था कि मुझे आप लोगों की याद आती है। मुझे वहां काम करने की याद नहीं आती, लेकिन आप लोगों की याद आती है।” आतिफ ने आगे कहा कि मैंने प्लेबैक सिंगिंग से बहुत कुछ सीखा है। अगर यह बैन नहीं हुआ होता, तो शायद मैं अपना खुद का म्यूजिक नहीं बना पाता। इसलिए इसके लिए भी मैं आप लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं। पाकिस्तानी कलाकारों पर क्यों लगा था बैन सितंबर 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। इसी दौरान इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) ने अपने निर्माता सदस्यों को भारत-पाकिस्तान के रिश्ते सामान्य होने तक पाकिस्तानी कलाकारों और तकनीशियनों को काम न देने का निर्देश दिया था। हालांकि, 2016 के बाद भी कई बॉलीवुड फिल्मों में आतिफ असलम के गाने आए। 2017 में फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ का ‘दिल दियां गल्लां’, ‘राब्ता’ का ‘दरअसल’, ‘ट्यूबलाइट’ का ‘मैं अगर’ और ‘करीब करीब सिंगल’ का ‘जाने दे’ रिलीज हुआ। वहीं, 2018 में ‘बागी 2’ का ‘ओ साथी’, ‘सत्यमेव जयते’ का ‘पानियों सा’, ‘लवयात्री’ का ‘तेरा हुआ’ और ‘जीनियस’ का ‘दिल मेरी ना सुने’ गाना रिलीज हुआ। वहीं, मार्च 2019 के बाद से उनका कोई गाना बॉलीवुड फिल्मों में रिलीज नहीं हुआ। गौरतलब है कि फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने भी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तानी एक्टर्स और कलाकारों पर पूरी तरह बैन की घोषणा की थी। इस हमले में 40 CRPF जवानों की जान गई थी। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा। इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी फिल्मों, वेब सीरीज, गानों और पॉडकास्ट पर रोक लगा दी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने IT रूल्स 2021 के तहत OTT और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स से पाकिस्तानी कंटेंट हटाने का आदेश दिया। इसके अलावा कई पाकिस्तानी कलाकारों के सोशल मीडिया अकाउंट्स भी भारत में अस्थायी रूप से ब्लॉक किए गए। इनमें माहिरा खान और हानिया आमिर जैसे कलाकार शामिल थे।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 10:28 am

हर्षिता गौर का दिल टूटा, दो साल बाद संभलीं:बोलीं- उस रिश्ते ने खुद से प्यार करना सिखाया, पेरेंट्स अब शादी के लिए दबाव नहीं डालते

हर्षिता गौर ने एक्टिंग की शुरुआत टीवी से की और ‘मिर्जापुर’ से उन्हें अलग पहचान मिली। इंटरव्यू में उन्होंने पहली कमाई, माता-पिता के सपोर्ट और आने वाले प्रोजेक्ट्स समेत कई बातें साझा कीं। उनकी मां डॉक्टर होने के साथ 9 साल तक थिएटर भी कर चुकी हैं। बचपन में हर्षिता ने एक्टर बनने का सपना देखा था, लेकिन माता-पिता को उम्मीद थी कि यह सपना कुछ समय बाद खत्म हो जाएगा। उन्होंने मुंबई में अपने 12 साल पुराने घर को खरीदने की कोशिश का भी जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने सपनों के राजकुमार, दिल टूटने और खुद को प्यार करना सीखने पर भी बात की। बचपन में एक्टिंग करने का ख्याल कैसे आया? मैं करीब 7-8 साल की रही होंगी, जब मैंने मां से कहा था कि मुझे टीवी पर आना है। बचपन में ज्यादा फिल्में नहीं देखती थी, लेकिन 4 साल की उम्र से कथक सीख रही थी और स्टेज पर परफॉर्म करती थी। जब लोग मेरी तारीफ करते थे और मिलने आते थे, तो शायद वहीं से एक्टर बनने का ख्याल आया। आपकी मां भी थिएटर करती थीं? हां, मेरी मां डॉक्टर हैं, लेकिन उन्होंने पंजाब में करीब 9 साल तक थिएटर भी किया था। बचपन में मुझे पता नहीं था कि वह थिएटर एक्टर रही हैं। जब मैं थोड़ी बड़ी हुई, तब उन्होंने बताया। मुझे लगता है कि एक्टिंग का कीड़ा शायद उन्हीं से आया है। जब आपने माता-पिता को बताया कि एक्टर बनना है, तो उनकी क्या प्रतिक्रिया थी? शुरुआत में उन्हें लगा कि मैं कुछ समय बाद भूल जाऊंगी। लेकिन यह सपना कभी खत्म नहीं हुआ। 10वीं के बाद मेडिकल या नॉन-मेडिकल चुनना था, तब मैंने पापा से कहा कि मुझसे डॉक्टर नहीं बना जाएगा, मुझे एक्टर बनना है। उन्होंने फिर भी कहा कि नॉन-मेडिकल या इंजीनियरिंग कर लो। फिर इंजीनियरिंग करने का फैसला कैसे हुआ? मुझे एक्टिंग ही करनी थी। उस समय NSD और FTII में ग्रेजुएशन के कोर्स नहीं थे, इसलिए ग्रेजुएशन करनी ही थी। मैंने सोचा कि जब करनी ही है तो कुछ भी कर लेते हैं, इसलिए इंजीनियरिंग कर ली। मैं मजाक में कहती हूं कि मैं इंजीनियरिंग से एक्टिंग में नहीं आई, बल्कि इंजीनियरिंग एक्टिंग के रास्ते में आई थी। आपके पापा ने एक्टिंग के लिए मुंबई आने से नहीं रोका? मेरे पापा ने कभी मुझे कोशिश करने से नहीं रोका। वह खुद गांव से आकर डॉक्टर बने थे, इसलिए शायद समझते थे कि अपने रास्ते पर कोशिश करना जरूरी है। कॉलेज के दौरान मैं दिल्ली में छोटे-मोटे शूट करती थी। एक बार सिर्फ ऑडिशन देने के लिए चार दिन की छुट्टी में मुंबई आई थी। पापा ने कहा था कि पहले जाकर खुद को टेस्ट करो, क्या पता वहां तुम्हें रिजेक्ट कर दें। आपकी पहली कमाई कितनी थी और उससे क्या किया था? मेरी पहली कमाई ₹1000 थी। एक ऐड के लिए करीब 12 घंटे शूट किया था और मुझे ₹1000 मिले थे। मुझे नहीं लगता कि मैंने उससे कुछ खास किया था। बस घर जाकर बताया था कि ये तो शुरुआत है। टीवी शो के बाद कमाई कितनी बढ़ी? शुरुआत में ज्यादा पैसे नहीं मिलते थे, क्योंकि आप नए होते हैं। लेकिन जैसे-जैसे शो चलता गया और हिट हुआ, कमाई धीरे-धीरे बढ़ती गई। मैंने तीन साल शो किया और बाद में मेरी फीस भी बढ़ी। हालांकि, टीवी में लोग जितना कमाते हैं, उसके मुकाबले मैंने बहुत ज्यादा नहीं कमाया। मुंबई आए आपको काफी साल हो गए, क्या आप अभी भी उसी घर में रहती हैं? हां, जब से मुंबई आई हूं, तब से इसी घर में रह रही हूं। करीब 12 साल हो गए हैं। लोगों को यह बड़ी बात लगती है कि मुंबई जैसे शहर में कोई इतने साल एक ही घर में रह रहा है। क्या कभी अपना घर खरीदने का सोचा? बिल्कुल सोचा है। मैंने इसी घर को खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन मेरे लैंडलॉर्ड अंकल-आंटी इसे बेचना नहीं चाहते थे। मुंबई में घर खरीदना आसान नहीं है। अगर आपके पास कम से कम 70-80 प्रतिशत डाउन पेमेंट नहीं है, तो लोन लेकर घर खरीदना महंगा पड़ सकता है। रेंट में कम से कम फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहती है। माता-पिता अब शादी को लेकर सवाल करते हैं? अब तो उन्होंने बोलना ही छोड़ दिया है। शुरुआत में उन्होंने काफी कोशिश की थी, क्योंकि हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा सेटल हो जाए। लेकिन अब उन्हें लगता है कि किसी को फोर्स करके शादी नहीं कराई जा सकती। इसलिए उनकी दुआएं और प्रार्थनाएं चलती रहती हैं कि मुझे अच्छा पार्टनर मिल जाए। आपके सपनों का राजकुमार कैसा होना चाहिए? मेरे लिए सबसे जरूरी है कि वह इमोशनली अवेयर हो। उसे अपने पैटर्न, गलतियां और स्ट्रेंथ समझ में आती हो। कम्युनिकेशन अच्छा होना चाहिए, ताकि वह अपनी फीलिंग्स खुलकर बता सके। उसके आसपास रहने वाला हर इंसान खुद को रिस्पेक्टेड महसूस करे, यह मेरे लिए बहुत जरूरी है। क्या आपको अब तक अपना सपनों का राजकुमार मिला? रिश्ते रहे हैं, लेकिन उस समय हम दोनों शायद साथ में सही नहीं थे। हर इंसान अपनी जर्नी पर होता है और उसी हिसाब से सीखता है। मेरे पुराने रिश्तों में रहे लोग व्यक्तिगत तौर पर बहुत अच्छे हैं और आज भी मेरे दोस्त हैं। कभी आपका दिल भी टूटा? हां, बिल्कुल। मैंने भी शायद किसी का दिल दुखाया है, लेकिन मेरा भी टूटा है। इससे बाहर आने में मुझे करीब डेढ़ से दो साल लग गए। जब मैं उससे बाहर निकली, तो लगा कि शायद वह रिश्ता मेरी जिंदगी में इसलिए आया था, ताकि मैं खुद से प्यार करना सीख सकूं। उस रिश्ते से सबसे बड़ी सीख क्या मिली? उस रिश्ते ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। मेरी भी गलतियां रही होंगी और सामने वाले इंसान में कोई बुराई नहीं थी। लेकिन उस अनुभव के बाद मैं अलग इंसान बनी। आज पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि अच्छा हुआ वह दौर मेरी जिंदगी में आया, क्योंकि उससे मैंने खुद को समझना और प्यार करना सीखा। अभी आपके कौन-कौन से प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं? मिर्जापुर’ फिल्म के अलावा दो और प्रोजेक्ट हैं। एक हॉरर प्रोजेक्ट है, जिसे निखिल आडवाणी की कंपनी ने बनाया है। इसमें परमब्रता चक्रवर्ती, गुलशन देवैया, प्रीति पानिग्राही और सुमेध जैसे कलाकार हैं। यह अमेजन के लिए है। इसके अलावा दिव्येंदु, भुवन अरोड़ा और विजय मौर्या के साथ एक शो किया है। सवाल: दूसरे शो के बारे में कुछ बताइए? इसे समीर विद्वांस ने डायरेक्ट किया है, जिन्होंने ‘सत्यप्रेम की कथा’ और ‘आनंदी गोपाल’ जैसी फिल्में बनाई हैं। वह नेशनल अवॉर्ड विनर हैं। यह शो भी अमेजन के लिए है। दोनों शो अनाउंस हो चुके हैं। रिलीज होने पर दर्शक देख पाएंगे।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

शक्ति कपूर ने भागकर की थी शादी:लता मंगेशकर के परिवार से थीं पत्नी, शादी के बाद अखबार में छपा- 3 महीने में तलाक हो जाएगा

कई सुपरहिट फिल्मों में विलेन और कॉमेडियन का रोल प्ले करने वाले शक्ति कपूर आज 74 साल के हो गए। तकरीबन 700 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शक्ति का एक्टिंग करियर बेहद सफल रहा। उनकी पर्सनल लाइफ की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। शक्ति ने शिवांगी कोल्हापुरे से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान हुई थी। कपिल शर्मा के शो में शक्ति कपूर ने बताया था कि शिवांगी को देखकर उन्हें वह पहली नजर में ही बेहद खूबसूरत लगी थीं। उन्होंने शिवांगी से हल्की-सी लाइन भी मारी और मन ही मन तय कर लिया था कि शादी करेंगे तो इसी मराठिन से करेंगे। फिर दोनों की मुलाकात के बाद दोनों में दोस्ती हुई और फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई। परिवार रिश्ते के खिलाफ था जब दोनों की मुलाकात हुई थी, तब शक्ति कपूर करीब 30 वर्ष के थे और शिवांगी महज 18 साल की थीं। इसके अलावा, शक्ति कपूर फिल्मों में अक्सर विलेन के रोल निभाते थे। इसी वजह से शिवांगी के माता-पिता इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। जब दोनों ने शादी की बात की, तो शिवांगी के परिवार ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया था। परिवार को मनाने के सारे रास्ते बंद होने के बाद शिवांगी ने घर से भागकर शक्ति कपूर के साथ शादी करने का फैसला किया। 1982 में की कोर्ट मैरिज साल 1982 में दोनों ने भागकर कोर्ट मैरिज कर ली। शुरुआत में शक्ति कपूर का परिवार भी थोड़ा हिचकिचा रहा था, लेकिन जब उन्हें पता चला कि शिवांगी मशहूर गायिका लता मंगेशकर के परिवार से ताल्लुक रखती हैं, तो वे मान गए। शादी के बाद शिवांगी के माता-पिता कई सालों तक उनसे नाराज रहे। हालांकि, बड़े बेटे सिद्धांत कपूर और बाद में बेटी श्रद्धा कपूर के जन्म के बाद दोनों परिवारों के बीच की कड़वाहट खत्म हो गई। शिवांगी के माता-पिता ने भी इस रिश्ते को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया। अखबार में लिखा गया- 3 महीने में तलाक हो जाएगा कपिल शर्मा के शो में शक्ति कपूर ने बताया था कि उनकी शादी के बाद अखबार में आया था कि 3 महीने में उनका तलाक हो जाएगा। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ। वहीं, शक्ति के ससुर ने उनसे आकर बोला कि तुम्हारे जैसा जमाई मैंने कहीं नहीं देखा, मुझे तुम पर बहुत गर्व है। शक्ति कपूर की पत्नी शिवांगी कोल्हापुरे (अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे की बड़ी बहन) दिग्गज गायिका लता मंगेशकर की रिश्तेदार (भतीजी) हैं। बता दें कि शिवांगी कोल्हापुरे के पिता पंडित पंधारीनाथ कोल्हापुरे की मां, लता मंगेशकर के पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की सौतेली बहन थीं। इस नाते शिवांगी के पिता पंधारीनाथ जी, लता मंगेशकर और आशा भोसले के चचेरे भाई लगते थे। एक नजर शक्ति कपूर के करियर पर शक्ति कपूर ने 1977 में फिल्म ‘खेल खिलाड़ी का’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। शुरुआती दौर में उन्हें कई छोटी भूमिकाएं मिलीं, लेकिन ‘कुर्बानी’ और ‘रॉकी’ में विलेन के किरदारों ने उन्हें पहचान दिलाई। इसके बाद ‘हिम्मतवाला’ और ‘हीरो’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने नेगेटिव रोल निभाया। 1990 के दशक में शक्ति कपूर ने अपनी एक्टिंग का दायरा बढ़ाया और कॉमेडी में भी खास पहचान बनाई। ‘राजा बाबू’ में नंदू का किरदार उनके सबसे यादगार रोल्स में शामिल है। इस भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड मिला। ‘अंदाज अपना अपना’ में क्राइम मास्टर गोगो, ‘चालबाज’, ‘इंसाफ’, ‘बाप नंबरी बेटा दस नंबरी’ और ‘बोल राधा बोल’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार भी खूब चर्चित रहे। बाद में उन्होंने ‘हंगामा’, ‘हलचल’, ‘चुप चुप के’ और ‘मालामाल वीकली’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। ………….. यह खबर भी पढ़ें…एक्ट्रेस साधना ने 1 रुपए से शुरू की थीं फिल्में:‘साधना कट’ से देशभर में छाईं, आखिरी दिनों में आर्थिक तंगी से जूझीं हिंदी सिनेमा के 60 और 70 के दशक में एक ऐसी अभिनेत्री आईं, जिन्होंने अपनी खूबसूरती, अभिनय और स्टाइल से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। नाम था साधना शिवदासानी। कभी उनकी फिल्में हिट होती थीं और उनका हेयरस्टाइल पूरे देश में ट्रेंड करता था, लेकिन जिंदगी के आखिरी दौर में उन्हें बीमारी, आर्थिक तंगी और अकेलेपन का सामना करना पड़ा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 4:30 am

‘विक्टिम कार्ड खेलना है तो वो इसके लिए स्वतंत्र हैं’:पत्नी अपरा मेहता को बदसूरत कहने के आरोप पर दर्शन जरीवाला ने दी सफाई

सीनियर एक्टर दर्शन जरीवाला ने अलग रह रहीं पत्नी और एक्ट्रेस अपरा मेहता के उन्हें बदसूरत कहने के आरोपों पर सफाई दी। दरअसल, कुछ समय पहले अपरा मेहता ने दर्शन जरीवाला से सेपरेशन पर बात की थी। हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि दर्शन घर छोड़कर चले गए थे और उन्हें अब तक की सबसे बदसूरत महिला कहा था। अपरा ने यह भी कहा था कि दर्शन ने उनसे कहा था कि उनका प्यार खत्म हो गया है। अब दर्शन ने अपनी अलग रह रहीं पत्नी के इन आरोपों पर जवाब दिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सिद्धार्थ कनन से बातचीत में दर्शन ने अपरा की बताई घटनाओं को गलत बताया। दर्शन ने कहा, “एक न्यूरोलॉजिकल घटना होती है, जिसमें समय के साथ किसी घटना की याद बदलती रहती है। मैं बहुत उदारता से कह सकता हूं कि यह गलत याददाश्त का मामला है। जिस तरह से इसे बताया गया है, वैसा कुछ हुआ ही नहीं था।” दर्शन ने रूप-रंग पर टिप्पणी से इनकार किया अभिनेता ने इस बात से भी इनकार किया कि उन्होंने अपरा के रूप-रंग पर कोई टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें उनके स्वभाव से मेल नहीं खातीं। दर्शन ने कहा, “मैं ऐसा आदमी नहीं हूं, जो किसी साधारण दिखने वाली महिला से भी कहे कि वह बदसूरत है। ऐसा कहना बिल्कुल गैरजरूरी होता। अगर मैं खुद को अच्छी तरह जानता हूं, तो मैं व्यक्ति के अंदर की बात करता, उसके बाहरी रूप की नहीं।” दर्शन ने कहा कि अपरा विक्टिम कार्ड खेलने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह अपने अतीत से आगे बढ़ चुके हैं और आज अपनी जिंदगी में बहुत खुश हैं। दर्शन बोले-इतने साल बाद अब ये बातें क्यों? दर्शन ने सवाल उठाया कि सेपरेशन के कई दशक बाद ये आरोप अब क्यों सामने आए। उन्होंने कहा, “मैं समझ ही नहीं सकता कि अलग होने के 23 साल बाद वह इन बातों पर क्यों बोलना चाहती हैं। इससे पहले कभी नहीं। अगर यही इतिहास है और उन्हें इसे मीडिया तक ले जाने का मौका मिला था, तो अब क्यों?” उन्होंने आगे कहा, “हम उनके दिमाग में बैठकर उनकी नीयत का फैसला नहीं कर सकते। मैं अपना सच जानता हूं। मेरा सच मेरा सच है। झूठ की कोई सीमा नहीं होती। मैं उनकी मंशा का अंदाजा भी नहीं लगा सकता।” दर्शन ने कहा, “जो लोग मुझे सच में जानते हैं, वे पूरी कहानी अच्छी तरह जानते हैं, क्योंकि मेरी बात कभी नहीं बदलती। सच के कई वर्जन नहीं होते।” दर्शन के मुताबिक, 1982 में शादी के बाद धीरे-धीरे दोनों की प्राथमिकताएं और सोच अलग होती गईं। उन्होंने कहा कि निजी हालात, करियर और आर्थिक स्थिति में बदलाव ने भी रिश्ते में दरार की वजह बनाई। एक्टर ने कहा, “दो लोग समय के साथ अलग तरह से बढ़ते हैं। अगर आप दो पौधे साथ लगाते हैं, तो वे अलग-अलग तरह से बढ़ेंगे। उनकी प्राथमिकताएं अलग थीं और मेरी अलग।” उन्होंने कहा, “मेरे हालात बदल गए थे, क्योंकि मैं एक फेल बिजनेस प्लान में शामिल था। हम अपने करियर को किस तरह आगे ले जाना चाहते थे, इस पर भी हमारी सोच अलग थी।” दर्शन ने कहा कि दोनों अपनी बेटी को अच्छा बचपन देने को लेकर साफ थे। उन्होंने कहा, “रिश्ता कभी-कभी बदलावों से गुजरता है।” तलाक के लिए कागज दिए, जज ने आवेदन खारिज किया दर्शन ने यह भी बताया कि उनकी शादी कानूनी रूप से खत्म क्यों नहीं हुई। उनके मुताबिक, उन्होंने तलाक की अर्जी दी थी, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने कहा, “मैंने तलाक के कागज दिए थे, लेकिन जज ने आवेदन खारिज कर दिया। उन्होंने अपनी सहमति नहीं दी।” दर्शन ने दावा किया, “वह तलाक के लिए राजी हो गई थीं, लेकिन जज के सामने आखिरी समय पर उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। शायद वह खुद को एक अच्छी और पीड़ित महिला के रूप में पेश कर रही हैं।” दर्शन ने सांताक्रूज वेस्ट स्थित घर छोड़ने की बात भी बताई। उन्होंने कहा कि वह घर से चले गए और अपरा व अपनी बेटी को वहीं रहने दिया। उन्होंने कहा, “मैं बस अपना घर छोड़कर चला गया था। मेरे पास उन्हें देने के लिए जितना था, मैंने दे दिया। अगर किसी को गुजारा भत्ता मांगना चाहिए था, तो वह मैं होता, क्योंकि उस समय मेरे हालात ऐसे थे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।” दर्शन ने कहा कि उनके पास दूसरा घर नहीं था और घर छोड़ने के तुरंत बाद किराए का मकान लेने के लिए पर्याप्त पैसे भी नहीं थे। इसलिए वह कुछ समय तक दोस्तों के साथ रहे और बाद में एक छोटा-सा घर किराए पर ले सके। उन्होंने कहा, “हालात ऐसे थे कि मुझे यह सब दर्द झेलना पड़ा।” बेटी के साथ अपने रिश्ते को दर्शन ने करीबी बताया इंटरव्यू में दर्शन ने अपनी बेटी के साथ रिश्ते पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों लगातार संपर्क में रहते हैं और उनके बीच करीबी रिश्ता है। दर्शन ने कहा, “मैं एक अच्छा पिता हूं। मैं उसके संपर्क में रहता हूं। उसकी जिंदगी में होने वाली सभी बातों की मुझे अच्छी जानकारी रहती है। मेरे साथ उसका बातचीत का रास्ता खुला हुआ है। उसके पास मेरा दिया हुआ डेबिट कार्ड भी है।” दर्शन ने अपरा के इस दावे को भी खारिज किया कि उन्होंने अपनी बेटी की परवरिश अकेले की। उन्होंने कहा कि लोग कई बार अपने भावनात्मक अनुभवों के आधार पर अतीत को अलग तरह से देखते हैं। उन्होंने कहा, “कभी-कभी हम अपनी जिंदगी के खालीपन को भरने की कोशिश करते हैं। जहां कुछ नहीं होता, वहां जानबूझकर या अनजाने में अजीब चीजें रख देते हैं।”

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 7:24 pm

'हनुमान अंश' ने 26वें दिन कमाए 8.50 करोड़:2 करोड़ में बनी फिल्म ने 500-1000 करोड़ की टॉक्सिक को किया पीछे; जानिए क्या है वजह

नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी छोटे बजट की फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच रही है। महज 2 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने यश की बहुचर्चित और 500 करोड़ के बजट की फिल्म ‘टॉक्सिक’ को 7वें दिन की कमाई में पछाड़ दिया। सैक्निल्क के आंकड़ों के मुताबिक भारत में रिलीज के 26वें दिन जहां 'हनुमान अंश' ने 8.50 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया, वहीं 'टॉक्सिक' अपने रिलीज के 7वें दिन केवल 7.85 करोड़ रुपए ही जुटा सकी। शुरुआती हफ्तों में धीमी शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने वर्ड-ऑफ-माउथ और दर्शकों के पॉजिटिव रिस्पॉन्स के दम पर 26 दिनों में 54.13 करोड़ रुपए का भारत में नेट कलेक्शन कर लिया है। सिर्फ 10 लाख की ओपनिंग से 54 करोड़ तक का सफरविशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। रिलीज के पहले दिन फिल्म ने महज 10 लाख रुपए का कलेक्शन किया था और पहले दो हफ्तों में यह केवल 1.48 करोड़ रुपए ही कमा सकी थी। हालांकि, 17वें दिन फिल्म की किस्मत बदली और इसने एक ही दिन में 2.20 करोड़ रुपए का बिजनेस किया। तीसरे हफ्ते से फिल्म की कमाई में ऐसा उछाल आया कि केवल तीसरे हफ्ते में ही इसने 10.40 करोड़ रुपए बटोर लिए। सैक्निल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का कुल भारत में ग्रॉस कलेक्शन 63.82 करोड़ रुपए हो चुका है। 6ठे दिन के हिन्दी कलेक्शन पर 'हनुमान अंश' का 25वां दिन भारीबॉक्स ऑफिस पर असली उलटफेर तब देखने को मिला जब रिलीज के 25वें दिन 'हनुमान अंश' ने हिन्दी बेल्ट में 5.50 करोड़ रुपए कमाए, जबकि उसी दिन यश स्टारर बड़े बजट की फिल्म 'टॉक्सिक' अपने रिलीज के छठे दिन (सोमवार) हिन्दी बेल्ट में सिर्फ 4.40 करोड़ रुपए ही जुटा सकी। गीथू मोहनदास के निर्देशन में बनी 'टॉक्सिक' ने भले ही पहले दिन दुनियाभर में 101.10 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड ओपनिंग की थी और शुरुआती वीकेंड में 214.10 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया था, लेकिन इसके बाद फिल्म के कलेक्शन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कम शोज के बावजूद बढ़ा 'हनुमान अंश' का ग्राफस्क्रीन काउंट के मामले में भी दोनों फिल्मों के बीच जमीन-आसमान का अंतर था। 'टॉक्सिक' भारत भर में 24,579 शोज के विशाल पैमाने पर रिलीज हुई थी, लेकिन कमजोर माउथ पब्लिसिटी के कारण छठे दिन तक इसके शोज घटकर 13,400 रह गए, यानी शोज में लगभग 45.4 फीसदी की कटौती हुई। इसके विपरीत 'हनुमान अंश' महज 300 शोज से शुरू हुई थी, लेकिन दर्शकों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसके शोज लगातार बढ़ाए गए। 26वें दिन 'हनुमान अंश' देशभर में 7,008 शोज पर चल रही थी और 'टॉक्सिक' के मुकाबले आधे शोज होने के बाद भी इसने ज्यादा कमाई दर्ज की। अब समझिए कम बजट की इस फिल्म कैसे कमाए 50 करोड़ ट्रेड एक्सपर्ट तरण आदर्श ने फिल्म की कमाई पर कहा- ‘अगर आप कलेक्शन देखेंगे तो पहले दिन से लेकर अब तक, खासकर थर्ड वीक और चौथे वीकेंड में वो ऐतिहासिक है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।’ 'कंटेंट तो है ही, लेकिन 'वर्ड ऑफ माउथ' से फिल्म को फायदा मिला। अगर नेगेटिव पब्लिसिटी होती है, तो दूसरे-तीसरे दिन फिल्म पर असर दिखता है, लेकिन अगर रिव्यू पॉजिटिव हैं, तो फिल्म चल जाती है। यही हनुमान अंश के साथ हुआ। दूसरे वीक में ये फिल्म उतरने वाली थी। सिर्फ 40 लाख का कलेक्शन था। पहले हफ्ते भी कुछ खास कलेक्शन नहीं था।' बड़ी फिल्मों से क्लैश के बावजूद हनुमान अंश को स्क्रीन्स कैसे मिलीं? 7 अगस्त को जब फिल्म हनुमान अंश रिलीज हुई, तो इसे चुनिंदा स्क्रीन्स मिलीं। 14 अगस्त को आवारावन 2 और बंटवारा 1947 आने से फिल्म की स्क्रीन्स और कम हो गईं। फिल्म की कमाई भी खास नहीं हो रही थी, तो इसे सिनेमाघरों से हटाया जाने लगा। लेकिन फिल्म अब भी कई सिनेमाघरों में है। इसकी वजह क्या थी, सवाल पूछे जाने पर तरण आदर्श कहते हैं, ‘फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने डिस्ट्रीब्यूटर्स से रिक्वेस्ट की कि कैसे भी हमारी फिल्म थर्ड वीक में चलाओ। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा कि टॉक्सिक आ रही है, फिल्म वैसे भी उतार दी जाएगी। लेकिन प्रोड्यूसर्स ने कहा- प्लीज इसे कैसे भी चलाइए।’ फिल्म के तीन बड़े चेहरों के बारे में- डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया है। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में लीड रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शोज में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे दर्जनों शोज कर चुके हैं। ये खबर भी पढ़ें क्या नेगेटिव रेटिंग-रिव्यू से डरे टॉक्सिक मेकर्स:बुक माय शो से 5.5 रेटिंग गायब, जानिए क्यों अच्छी कमाई के बावजूद फिल्म पर है फ्लॉप का खतरा केजीएफ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक को लगातार दर्शकों के नेगेटिव रिव्यू मिल रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य वेबसाइट्स में फिल्म को काफी निराशाजनक रेटिंग मिली है। इसी बीच अब फिल्म के मेकर्स पर बुक माय शो से फिल्म की रेटिंग हटवाने के आरोप लग रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 4:20 pm

फिल्म ‘हनुमान अंश’ में दिखी जयपुर के चित्रकार की पेंटिंग:की-बोर्ड की कुंजियों से बनाई, तीन महीने में तैयार हुई नीम करोली बाबा की कलाकृति

जयपुर के कंटेम्परेरी कलाकार मुकेश शर्मा इन दिनों अपनी एक अनोखी कलाकृति को लेकर चर्चा में हैं। नीम करोली बाबा पर बनी उनकी यह पेंटिंग फिल्म ‘हनुमान अंश’ में दिखाई गई है। खास बात यह है कि फिल्म में मुकेश शर्मा के काम और इस पेंटिंग के निर्माण की प्रक्रिया को भी जगह दी गई है और फिल्म के अंत में उन्हें विशेष क्रेडिट दिया गया है। खास बात यह है कि इस पेंटिंग का सफर किसी सामान्य फिल्मी असाइनमेंट की तरह शुरू नहीं हुआ, बल्कि तकनीक और आध्यात्मिकता के बीच संबंध तलाशते हुए फिल्म के निर्माताओं की नजर मुकेश शर्मा की कला पर पड़ी। जयपुर के रहने वाले मुकेश शर्मा इन दिनों दिल्ली में रहकर अपनी कला साधना कर रहे हैं। वेनिस में देखे काम से शुरू हुआ फिल्म से जुड़ाव मुकेश शर्मा ने बताया कि फिल्म के निर्माता तकनीक के साथ काम करने वाले ऐसे कलाकारों की तलाश कर रहे थे, जिनकी कला में टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, चेतना और समकालीन जीवन से जुड़े सवाल दिखाई देते हों। इसी शोध के दौरान उनकी नजर मेरे काम पर पड़ी। निर्माताओं ने उनका विशाल स्कल्प्चरल इंस्टॉलेशन ‘नागराज’ वेनिस, इटली में देखा था। यहां देखें पेंटिंग के फोटोज… कुछ समय बाद फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने उन से संपर्क किया। प्रोड्यूसर्स ने मुकेश शर्मा को बताया कि वह नीम करोली बाब पर फिल्म बना रहे हैं। और बाबा की आध्यात्मिक विचारधारा और तकनीक के बीच संबंध को भी फिल्म में तलाशना चाहते हैं। नीम करोली बाबा का प्रभाव भारत के साथ-साथ दुनिया भर के कई लोगों पर रहा है। तकनीक और समकालीन संस्कृति से जुड़े चर्चित नामों में स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग का उल्लेख भी अक्सर उनके संदर्भ में किया जाता है। निर्माताओं की दिलचस्पी इसी बिंदु में थी कि आध्यात्मिकता, तकनीक, ऊर्जा और मानवीय चेतना किस तरह एक-दूसरे से जोड़ती है। पोस्टर को अपनी कला भाषा में रीक्रिएट किया फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने मुकेश शर्मा के साथ बातचीत के दौरान फिल्म का आधिकारिक पोस्टर शेयर किया, जिसे डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने तैयार किया था। मुकेश शर्मा ने इसी पोस्टर की छवि को अपनी विशिष्ट कला-भाषा में देखने और रीक्रिएट करने का प्रयास किया। कलाकार ने बताया कि उन्होंने इसके लिए डिस्कार्डेड कंप्यूटर और लैपटॉप की कुंजियों का इस्तेमाल किया। इन कुंजियों को काटा, घिसा और फिर एक-एक टुकड़े को बेहद बारीकी से जोड़ते हुए महाराज जी के चेहरे, कंबल और पूरी आकृति को आकार दिया गया। छोटे-छोटे हिस्सों को इस तरह संयोजित किया गया कि दूर से देखने पर एक संपूर्ण आकृति उभरती है, जबकि करीब से देखने पर उसमें इस्तेमाल की गई हजारों तकनीकी कुंजियां दिखाई देती हैं। यह पेंटिंग लगभग तीन महीने में बनकर तैयार हुई। ई-वेस्ट को दिया आध्यात्मिक अर्थ मुकेश शर्मा के लिए यह पेंटिंग केवल नीम करोली बाबा की तस्वीर नहीं है। यह तकनीक और आध्यात्मिकता के बीच एक समकालीन संवाद है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर और लैपटॉप की कुंजियां महज ई-कचरा नहीं हैं। वे हमारे समय, हमारी भाषा, हमारी स्मृतियों और तकनीकी जीवन के दस्तावेज भी हैं। जब इन्हीं अलग-अलग हिस्सों को एक साथ जोड़कर एक नई आकृति दी जाती है, तो डिस्कार्डेड तकनीक भी एक नई अर्थपूर्ण और आध्यात्मिक उपस्थिति हासिल कर लेती है। आश्रम की यात्रा ने बदला अनुभव इस कलाकृति के निर्माण के दौरान मुकेश शर्मा ने खुद नीम करोली बाबा के आश्रम की यात्रा भी की। इसी दौरान यह पूरा काम उनके लिए सिर्फ एक पेशेवर कमीशन नहीं रहा। मुकेश शर्मा कहते हैं कि उन्हें महसूस हुआ कि यह सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि किसी तरह का भीतर से आया एक आह्वान था। उन्हें लगा कि शायद यह आध्यात्मिक जुड़ाव सही समय पर उनके सामने आया है और इसी वजह से उन्होंने इस कमीशन को स्वीकार किया।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 3:49 pm

Once More Movie Review | अर्जुन दास और अदिति शंकर की केमिस्ट्री एक उतार-चढ़ाव वाली रोमांटिक कहानी में जान डालती है

अगर आप किस्मत में यकीन रखते हैं, तो ज़िंदगी का सीधा सा मतलब है—'दूसरा मौका'। इसी सोच और उम्मीद पर टिकी है निर्देशक विग्नेश श्रीकांत की रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'वन्स मोर' (Once More)। यह कहानी एक ऐसे इंसान के इर्द-गिर्द घूमती है जो डिप्रेशन के अंधियारे में खुशियों का मतलब भूल चुका है। रघुवरन की बेरंग जिंदगी में जब खुशियों से लबरेज अंजलि की एंट्री होती है, तो कहानी एक नया मोड़ लेती है। क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म का मुख्य किरदार रघुवरन (अर्जुन दास) पिछले आठ सालों से एक दुखद अतीत के साए में जी रहा है। एक पुरानी त्रासदी ने प्यार और जीवन के प्रति उसके नजरिए को पूरी तरह बदल दिया है। वह खुद में सिमटा रहता है, तभी उसकी कॉलेज जूनियर अंजलि (अदिति शंकर) अचानक उसकी दुनिया में वापस आती है। अंजलि का उत्साही और चुलबुला स्वभाव रघुवरन के शांत और अकेले रहने की आदत के बिल्कुल उलट है। रघुवरन उसे खुद से दूर करने की हरसंभव कोशिश करता है, लेकिन अंजलि का निश्छल प्यार धीरे-धीरे उसकी खामोशी की दीवार को तोड़ने लगता है। क्या रघुवरन अपने अतीत को भुलाकर अंजलि के साथ जिंदगी को 'एक और मौका' दे पाएगा? फिल्म इन्हीं संवेदनशील सवालों के जवाब तलाशती है। संवेदनशील मुद्दों पर परिपक्व दृष्टिकोण 'वन्स मोर' की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह डिप्रेशन, आत्महत्या, सेम-सेक्स रिलेशनशिप (समलैंगिक संबंध) और इंटिमेसी जैसे संवेदनशील विषयों को बहुत ही सहजता और परिपक्वता से पर्दे पर उतारती है। बिना किसी जजमेंट के चित्रण: फिल्म इन गंभीर विषयों को सिर्फ ड्रामे या सनसनी के लिए इस्तेमाल नहीं करती, बल्कि ये किरदारों की जिंदगी का एक स्वाभाविक हिस्सा लगते हैं। नैतिक सीख से दूरी: कहानी किरदारों को अपनी भावनाएं व्यक्त करने, गलतियां करने और मदद मांगने की पूरी आजादी देती है, बिना उन पर कोई मोरल पुलिसिंग थोपे। अभिनय और किरदारों की केमिस्ट्री अर्जुन दास और अदिति शंकर: अपनी गंभीर छवि के लिए जाने जाने वाले अर्जुन दास ने एक टूटे हुए इंसान से लेकर फिर से मुस्कुराना सीखने वाले प्रेमी के किरदार को बेहद शिद्दत से निभाया है। वहीं, अदिति शंकर अपनी ऊर्जावान और स्क्रीन प्रेजेंस से अंजलि के किरदार को जीवंत बना देती हैं। शुरुआत में उनका तरीका भले ही थोड़ा जोर-जबरदस्ती वाला लगे, लेकिन धीरे-धीरे दर्शक उनकी मासूमियत से जुड़ जाते हैं। इंद्रा और सहायक कलाकार: सोना ओलिकल (इंद्रा के रूप में) रोमांटिक और ड्रामेटिक दोनों दृश्यों में अपना प्रभाव छोड़ती हैं। हालांकि, रघुवरन और इंद्रा के रिश्ते के अचानक खत्म होने की वजह बहुत ठोस नहीं लगती, जो फिल्म को थोड़ा कमजोर बनाती है। देवदर्शिनी, द्रविड़ सेल्वम और अनुषा प्रभु जैसे सहायक कलाकारों ने कहानी को जरूरी हास्य और अपनापन दिया है। तकनीकी पक्ष: संगीत और सिनेमैटोग्राफी फिल्म को संभालने में इसके तकनीकी पहलुओं का बड़ा योगदान रहा है: हेशम अब्दुल वहाब का संगीत: फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और ट्रैक—खासकर 'वा कन्नाम्मा' और 'इधयम' बेहद कर्णप्रिय हैं, जो थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी आपके दिल में बसे रहते हैं। अरविंद विश्वनाथन की सिनेमैटोग्राफी: कैमरे का काम कहानी के मूड और इमोशंस को बहुत खूबसूरती से फ्रेम करता है। अंतिम फैसला 'वन्स मोर' निर्देशक विग्नेश श्रीकांत की एक अच्छी शुरुआत है। फिल्म में संवेदनशीलता, अपनापन और बेहतरीन परफॉर्मेंस का सुंदर मेल है। हालांकि, कहीं-कहीं फिल्म जानी-पहचानी और घिसी-पिटी रोमांटिक-ड्रामा की लीक पर चलने लगती है, जिससे यह पूरी तरह से अपनी क्षमता को नहीं छू पाती। इसके बावजूद, अर्जुन दास और अदिति शंकर की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री के लिए इसे एक बार जरूर देखा जा सकता है।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 3:48 pm

Hanuman Ansh के बाद एक और लो बजट फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर हुई फतेह, 2000 करोड़ की कमाई के साथ लहराया परचम

हनुमान अंश ही नहीं, बल्कि एक और फिल्म ने 2026 में बॉक्स ऑफिस पर बाजी मारी है। कौन सी है यह फिल्म जिसकी कहानी ने छुआ सबका दिल, नीचे पढ़ें कहानी।

जागरण 2 Sep 2026 12:55 pm

Spider-Man Brand New Day बनी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म, ऐतिहासिक कमाई से टाइटैनिक-स्टार वार्स को छोड़ा पीछे

टॉम हॉलैंड स्टारर फिल्म स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे ने कमाई के मामले में सिनेमा जगत में इतिहास रच दिया है।

जागरण 2 Sep 2026 11:57 am

स्वरा भास्कर बोलीं- रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा:पद्मावत के जौहर सीन विवाद पर दी सफाई; सांसद प्रियंका चतुर्वेदी से भी हुई बहस

एक्ट्रेस स्वरा भास्कर 2018 की फिल्म 'पद्मावत' के जौहर सीन पर दिए गए बयान के बाद विवादों में आ गई हैं। दिल्ली में एक इवेंट के दौरान उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म के जौहर सीन पर सवाल उठाए थे। बयान के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि स्वरा ने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं को कायर कहा है। भारी ट्रोलिंग के बाद मंगलवार को स्वरा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर सफाई दी। स्वरा ने कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा, बल्कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। दिल्ली के इवेंट में दिए बयान पर शुरू हुआ विवादयह पूरा विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' टॉक के दौरान शुरू हुआ था। इवेंट में स्वरा ने फिल्म के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा 'क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?' एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही 'छी' कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था। इंस्टाग्राम वीडियो शेयर कर दी सफाईमंगलवार को स्वरा भास्कर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है। मुझसे पूछा गया था कि पद्मावत देखने के बाद मैंने ओपन लेटर क्यों लिखा था। मैं साफ करना चाहती हूं कि मैंने रानी पद्मावती या महल की बाकी महिलाओं को कायर नहीं कहा। अगर गाली देनी है तो सही बात पर दीजिए। मैंने कहा था कि अगर मैं रेप पीड़िता होती, तो क्लाइमेक्स देखकर मुझे लगता कि रेप के बाद जिंदा बचकर मैंने कायरता दिखाई है। 'क्या महिला की पवित्रता उसकी जान से ज्यादा कीमती है?'स्वरा ने कहा कि देश में आज भी रेप एक महामारी जैसा बन चुका है। हाल ही में दिल्ली में चलती बस में हुए गैंगरेप का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो संदेश दें कि महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है? उन्होंने निर्भया केस का उदाहरण देते हुए कहा कि निर्भया ने आखिरी सांस तक अपनी जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ी थी। किसी भी महिला की जीने की इच्छा को कम नहीं आंकना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी से सोशल मीडिया पर हुई बहसस्वरा के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका ने लिखा कि जब चुनाव मौत और हराम में गुलाम बनने के बीच हो, तो महिलाओं ने मौत को चुना, जो उनका एक फैसला था। इस पर जवाब देते हुए स्वरा ने लिखा, प्रियंका जी, आप असल बात नहीं समझ रही हैं। बात जौहर करने वाली महिलाओं की पसंद की नहीं, बल्कि इस बात की है कि हम किस चीज को महिमामंडित कर रहे हैं। क्या रेप के बाद किसी सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है? क्या है पद्मावत का जौहर सीन फिल्म में जौहर का सीन क्लाइमैक्स के पास आता है। अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है और चित्तौड़ के किले में घुस जाती है। दीपिका पादुकोण का किरदार 'रानी पद्मावती' किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं। फिल्म में इसे पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को आग के हवाले करने की घटना के तौर पर दिखाया गया है।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 11:52 am

सुशांत की मैनेजर दिशा सालियान मौत की जांच CBI करेगी:हाईकोर्ट का आदेश; 2020 में एक्टर की मौत से 6 दिन पहले 14वीं मंजिल से गिरी थीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने FIR दर्ज करने और जांच अपने हाथ में लेने का भी निर्देश दिया है। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। वह 28 साल की थीं। दिशा की मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। दिशा की मौत मामले की शुरुआती जांच करीब तीन महीने में बंद कर दी गई थी, लेकिन सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आने के बाद 2023 में इसे दोबारा खोला गया और SIT बनाई गई। हालांकि, दिशा के पिता सतीश सालियान ने जांच में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नए सिरे से जांच की मांग की थी। उनका आरोप है कि दिशा के साथ गैंगरेप और हत्या हुई और मामले को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR की मांग भी की थी। CBI को जांच सौंपेगा पुलिस रिकॉर्ड हाईकोर्ट ने CBI के एक वरिष्ठ अधिकारी को मामले की जांच की जिम्मेदारी देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सतीश सालियान का बयान दर्ज करने और उसके आधार पर FIR दर्ज करने को कहा है। मालवणी पुलिस को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड CBI को सौंपने होंगे। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि सिर्फ FIR में नाम होने से कोई व्यक्ति आरोपी नहीं माना जाएगा। जब तक जांच में उसके खिलाफ पर्याप्त सामग्री या सबूत नहीं मिलते, तब तक उसे आरोपी नहीं बनाया जाएगा। अगर जांच में कुछ नहीं मिलता है तो CBI को सारांश रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। पिता बोले- 6 साल से इसका इंतजार था हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिशा के पिता सतीश सालियान भावुक नजर आए। उन्होंने कहा- मैं 6 साल से इसका इंतजार कर रहा था। खुश होने की कोई वजह नहीं है, मैंने अपनी बेटी को खोया है। आज मुझे राहत महसूस हो रही है। मैंने हाथ जोड़कर जज के प्रति आभार जताया। वकील बोले- आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली समेत कई बड़े नाम FIR में होंगे सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी देते हुए कहा कि CBI पहले सतीश सालियान का बयान दर्ज करेगी और फिर FIR दर्ज कर जांच शुरू करेगी। ओझा ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ जांच में सबूत मिलेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ सबूत नहीं मिलता है तो उसे आरोपी नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर CBI की रिपोर्ट नकारात्मक आती है, तो परिवार को उस पर आपत्ति जताने और प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने का अधिकार रहेगा। ओझा के मुताबिक, FIR में आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रिया चक्रवर्ती, परमबीर सिंह, उद्धव ठाकरे, सचिन वाजे और पिछली SIT के उन सदस्यों के नाम भी आरोपी के तौर पर दिए गए हैं, जिन पर मामले को दबाने का आरोप है। कोर्ट ने पुलिस की जांच पर उठाए सवाल दिशा की मौत की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान, पंचनामा और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट समेत जांच के कई पहलुओं पर सवाल उठाए। कोर्ट ने पूछा कि परिवार के संदेह जताने के बावजूद FIR क्यों दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने पहले ADR दर्ज की थी और बाद में मौत को आत्महत्या बताया। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि ADR की जांच इतनी लंबी क्यों चली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर, हाथ और छाती पर चोटों का जिक्र था कोर्ट को बताया गया कि दिशा का पोस्टमॉर्टम एक डॉक्टर ने किया था, जबकि दिशा-निर्देशों के मुताबिक दो डॉक्टर होने चाहिए थे। रिपोर्ट में सिर, हाथ, पैर और छाती पर चोटों का जिक्र था। वहीं, पुलिस ने कहा कि रेप या यौन हमले के सबूत नहीं मिले और गवाहों व फॉरेंसिक जांच के आधार पर दिशा के खुद इमारत से छलांग लगाने की बात सामने आई थी। 2025 के हलफनामे में भी पुलिस ने इसे आत्महत्या बताते हुए साजिश से इनकार किया था। पुलिस का पुराना दावा- आत्महत्या हुई थी मुंबई पुलिस ने अक्टूबर 2020 में दिशा की मौत को आत्महत्या मानकर जांच बंद कर दी थी। बाद में 2025 में हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में भी पुलिस ने कहा कि जांच में किसी तरह की साजिश नहीं मिली। पुलिस के मुताबिक, दिशा तनाव में थीं, घटना से पहले शराब के नशे में थीं और उनके मंगेतर ने भी किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था। 2023 में बनाई गई SIT के निष्कर्ष भी शुरुआती जांच से मेल खाते बताए गए थे। भाजपा नेता नितेश राणे ने भी CBI जांच की मांग की थी दिशा सालियान केस में महायुति के नेता लगातार आदित्य ठाकरे पर सवाल उठाते रहे हैं। भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे ने दिशा के साथ गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाया था और मामले की CBI जांच की मांग भी की थी। वहीं, भाजपा सांसद नारायण राणे ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उनसे दिशा सालियान केस में उनके बेटे आदित्य ठाकरे का नाम नहीं लेने को कहा था। उन्होंने मामले को दबाने की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया था। दिशा की मौत के बाद अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे सुशांत दिशा सालियान की मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। उस समय सुशांत की उम्र 34 साल थी। मुंबई पुलिस ने शुरुआती जांच में उनकी मौत को आत्महत्या बताया था। बाद में सुशांत की मौत की जांच CBI, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) तक पहुंची। दिशा और सुशांत की मौत के बीच सिर्फ छह दिन का अंतर होने के कारण दोनों मामले चर्चा में जुड़े रहे। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी आपराधिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई थी। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… ममता बनर्जी की भतीजी फंदे से लटकी मिलीं:शिक्षक भर्ती घोटाले में चली गई थी नौकरी, 2 साल से डिप्रेशन में थीं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी ब्रिष्टी मुखर्जी मंगलवार को बीरभूम जिले के कुसुंबा गांव के घर में फंदे से लटकी मिलीं। ब्रिष्टि, ममता के चचेरे भाई और तृणमूल नेता निहार मुखर्जी की बेटी थीं। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 11:22 am

बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए नेपाल पहुंचे सोनू सूद:भारत से लाए कंबल और राशन; बोले- अगले कई महीनों तक मदद जारी रखेंगे

बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद नेपाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए काठमांडू पहुंचे हैं। उनकी संस्था 'सूद चैरिटी फाउंडेशन' की टीम भारत से कंबल, राशन और अन्य जरूरी सामान लेकर नेपाल पहुंची है। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में सोनू सूद ने कहा कि उनकी टीम प्रभावित परिवारों को फिर से स्थापित करने के लिए आने वाले कई महीनों तक लगातार राहत सामग्री भेजती रहेगी। नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 900 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। भारत से भेजा राहत सामान सोनू सूद ने बताया कि उनकी टीम जमीनी स्तर पर बाढ़ पीड़ितों की जरूरतों का जायजा ले रही है। सोनू ने कहा, हम यहां बाढ़ पीड़ितों से मिलने आए हैं। भारत से बहुत सारा सामान, राशन और कंबल लाए हैं। संकट के इस दौर में जरूरतमंदों के साथ खड़े होना हम सभी का फर्ज है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत से नेपाल तक राहत सामग्री पहुंचाना थोड़ा मुश्किल काम है, लेकिन उनकी फाउंडेशन यह सुनिश्चित करेगी कि आने वाले महीनों में भी पीड़ितों तक मदद पहुंचती रहे। नेपाल में बाढ़ से 900 से ज्यादा लोगों की मौतनेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 939 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 3,925 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। रसुवा और नुवाकोट समेत कई जिलों में सेना और स्थानीय प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं नेपाल में स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के शवों की पहचान के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। कोविड लॉकडाउन में बने थे मजदूरों के मददगारसोनू सूद का आपदाओं और संकट में लोगों की मदद करने का सिलसिला साल 2020 में कोरोना महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन के समय शुरू हुआ था। उस समय मुंबई में फंसे हजारों प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड आदि) भेजने के लिए सोनू ने बसों, ट्रेनों और विशेष फ्लाइट्स का इंतजाम किया था। उन्होंने प्रवासियों के खाने-पीने से लेकर रास्ते के पूरे खर्च की जिम्मेदारी उठाई थी। इसके बाद से ही वे लगातार सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। यूक्रेन संकट तक पहुंचाई सहायताकोरोना की दूसरी लहर के दौरान सोनू सूद ने देशभर में ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर और अस्पताल में आईसीयू बेड्स उपलब्ध कराने के लिए दिन-रात काम किया था। इसके बाद साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के समय उन्होंने यूक्रेन में फंसे कई भारतीय छात्रों को रोमानिया और पोलैंड की सीमाओं के रास्ते सुरक्षित भारत लाने में मदद की थी। सोनू अपनी फाउंडेशन के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई, मुफ्त मेडिकल सर्जरी और हादसों के शिकार लोगों की आर्थिक मदद लगातार करते आ रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें नेपाल बाढ़ में फंसी एक्ट्रेस मानसी भारत लौटीं:एयरपोर्ट पर बेटी को गले लगाकर भावुक हुईं; लैंडस्लाइड के बाद पैदल बॉर्डर पार किया नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बीच फंसने के बाद सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर वे अपने पति और बेटी को गले लगाकर भावुक दिखाई दीं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 9:27 am

हर्षिता गौर बोलीं- ‘मिर्जापुर’ ने पहचान दी:एक साल काम नहीं मिला तो डिप्रेशन में गईं; अल्लू अर्जुन की तारीफ ने बढ़ाया हौसला

‘मिर्जापुर’ की डिंपी यानी हर्षिता गौर लंबे समय से दर्शकों के बीच पहचान बना चुकी हैं। ‘साड्डा हक’ के बाद उन्हें करीब एक साल तक काम नहीं मिला। इस दौर में उन्हें खुद भी पता नहीं था कि वह डिप्रेशन से गुजर रही हैं। एक्टिंग वर्कशॉप ने उन्हें इससे बाहर निकलने में मदद की। ‘मिर्जापुर’ ने उनके करियर को नई पहचान दी और अब वह फिल्म के जरिए बड़े पर्दे पर नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में हर्षिता ने करियर के उतार-चढ़ाव, लॉकडाउन, खुद को पहचानने की सीख और 2022 में अल्लू अर्जुन से हुई खास मुलाकात का किस्सा साझा किया। सवाल: ‘साड्डा हक’ के बाद आपके करियर में सबसे मुश्किल दौर कौन सा रहा? जवाब: ‘साड्डा हक’ खत्म होने के बाद करीब एक साल तक मेरे पास काम नहीं था। शो तीन साल चला था और मुझे लगा था कि अब फिल्मों में काम करूंगी। लेकिन काम मिलना आसान नहीं था। शुरुआत के एक-दो महीने घूमने-फिरने में निकल गए। उसके बाद मुंबई में बिना काम के रहना एक एक्टर के लिए काफी मुश्किल होता है। उस समय मैं डिप्रेशन में चली गई थी। सवाल: उस समय आपको पता था कि आप डिप्रेशन में जा रही हैं? जवाब: नहीं, उस समय मुझे बिल्कुल एहसास नहीं था। बाद में डिप्रेशन के लक्षणों के बारे में पता चला तो पीछे मुड़कर समझ आया कि मेरे साथ भी ऐसा ही हो रहा था। मैं मुंबई वाले घर में ही रहती थी। एक दिन पड़ोस वाली आंटी आईं और उन्होंने कहा कि काफी दिनों से दिखाई नहीं दीं। तब भी मैं किसी को ठीक से नहीं बता पा रही थी कि मेरे साथ क्या हो रहा है। सवाल: फिर इस दौर से बाहर कैसे निकलीं? जवाब: मैंने अतुल मंगिया के सजेस्ट करने पर एक एक्टिंग वर्कशॉप की। मैं आज भी उन्हें अपना गुरु मानती हूं। उन्होंने मुझे एक एक्टर के तौर पर बेहतर किया और मुझे लगता है कि उन्होंने मुझे बचाया भी। वह अनुभव मेरे लिए थेरेप्यूटिक रहा। उसके बाद समझ आया कि ऐसा महसूस होने पर थेरेपिस्ट से भी बात की जा सकती है। उस समय मुझे मेंटल हेल्थ या डिप्रेशन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। सवाल: ‘मिर्जापुर’ आपके करियर में कब आया? जवाब: ‘मिर्जापुर’ मैंने अक्टूबर 2017 से करना शुरू किया था। उससे पहले मेरी एक्टिंग वर्कशॉप हो चुकी थी। यह मेरे लिए बहुत बड़ा मोड़ साबित हुआ। शो ने मुझे लोगों तक पहुंचाया और डिंपी के किरदार से मुझे अलग पहचान मिली। सवाल: ‘मिर्जापुर’ की वजह से आपको आगे कितना फायदा मिला? जवाब: बहुत फायदा हुआ। ‘जहानाबाद’ का काम भी कहीं न कहीं ‘मिर्जापुर’ की वजह से मिला। साउथ की फिल्म ‘फलकनुमा दास’ भी मिली। जब लोग आपको किसी काम में देख चुके होते हैं तो उनका भरोसा बढ़ जाता है। ‘मिर्जापुर’ ने मेरे करियर में यह भरोसा बनाने में बहुत मदद की। सवाल: साउथ की फिल्म के बाद वहां आगे काम क्यों नहीं कर पाईं? जवाब: ‘फलकनुमा दास’ 2019 में रिलीज हुई थी। उसके बाद मैं वहां और काम करना चाहती थी, लेकिन लगातार दो लॉकडाउन आ गए। मैं वापस वहां जा ही नहीं पाई। वरना मेरी साउथ में और काम करने की इच्छा थी। सवाल: लॉकडाउन का समय आपके लिए कैसा रहा? जवाब: पहला लॉकडाउन मैंने मुंबई में अपने पड़ोसी अंकल-आंटी के साथ बिताया। उनके दो घर हैं और उनका परिवार जैसा माहौल मेरे लिए हमेशा अच्छा रहा है। हम साथ रहते थे, खाते थे और समय बिताते थे। इसलिए मुझे अकेलापन महसूस नहीं हुआ। सवाल: 2022 में फिर ऐसा समय आया जब आपको लगा कि एक्टिंग सही फैसला था या नहीं? जवाब: हां, 2022 में मैं पर्सनली और प्रोफेशनली दोनों स्तर पर मुश्किल दौर से गुजर रही थी। लगता था कि अब तक मुझे यह कर लेना चाहिए था, लेकिन चीजें वैसी नहीं हो रही थीं। मन में आया कि क्या मुझे कुछ और करना चाहिए? क्या एक्टिंग में पर्याप्त मौके मिल रहे हैं या मिलेंगे? क्या मुझे खुद में बदलाव करना चाहिए? उस समय मैं थोड़ा डगमगाई थी। सवाल: फिर ऐसा क्या हुआ जिससे आपका भरोसा वापस आया? जवाब: मेरे लिए वह अल्लू अर्जुन से हुई मुलाकात थी। मैं गोवा में थी और वह अपनी फैमिली के साथ थे। उन्होंने मुझे देखा और खुद पास आकर बात की। उन्होंने ‘मिर्जापुर’ और मेरे किरदार के बारे में बात की और मेरी स्क्रीन प्रेजेंस की भी तारीफ की। मुझे बहुत अच्छा लगा, क्योंकि मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानती भी नहीं थी। सवाल: क्या इसके बाद उनसे दोबारा मुलाकात हुई? जवाब: हां, कुछ दिन बाद 31 दिसंबर को मैं उनसे फिर टकरा गई। वह अपनी फैमिली के साथ थे और मैं दोस्तों के साथ। नया साल शुरू होने वाला था, तब हमने एक-दूसरे को विश किया। उन्होंने फिर मेरे किरदार और शो की बात की और मुझसे कहा कि तुम्हें और काम करना है, तुम्हारे लिए अभी बहुत लंबा रास्ता है। सवाल: उनकी इस बात का आप पर कितना असर हुआ? जवाब: उन्हें बिल्कुल नहीं पता कि उनकी उस छोटी सी बात ने एक डिमोटिवेटेड इंसान को कितनी मोटिवेशन दी। अगले दिन यानी 1 जनवरी को मुझे लगा कि यह यूनिवर्स का सिग्नल था। वह मुझे जानते नहीं थे, मेरा उनसे कोई कॉमन लिंक नहीं था और मैंने उनकी किसी फिल्म में काम भी नहीं किया था। फिर भी उन्होंने मेरे काम की तारीफ की और आगे बढ़ने के लिए कहा। यह बात आज तक मेरे साथ है। सवाल: कभी लगा कि उनसे नंबर एक्सचेंज कर लेना चाहिए था? जवाब: अब जो हो गया, वो हो गया। मेरे पास उनके साथ एक फोटो भी नहीं है। लेकिन मानती हूं कि अगर यूनिवर्स ने उस समय उनसे मिलवाया था तो शायद दोबारा भी मिलवा देगा। मैं आज भी चाहती हूं कि उनसे मिलूं और उन्हें बताऊं कि उनकी उस एक बात का मुझ पर कितना असर हुआ था। सवाल: इस पूरी जर्नी में आपकी सबसे बड़ी सफलता क्या रही? जवाब: खुद को पहचानना। मेरे लिए पर्सनल ग्रोथ सबसे बड़ी सफलता है। इस फील्ड में रहते हुए समझ आया कि मैं कौन हूं, मेरी स्ट्रेंथ, कमजोरियां और पैटर्न क्या हैं और मैं अपने काम में क्या लेकर आती हूं। सवाल: इतने सालों में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? जवाब: अपनी उम्मीदों और वास्तविकता के बीच संतुलन बनाना। हम ए से शुरू करते हैं और जेड तक पहुंचना चाहते हैं। बी, सी या डी तक पहुंचने पर लगता है कि अभी जेड तक नहीं पहुंचे। हम भूल जाते हैं कि शुरुआत ए से की थी। अपनी प्रगति को पहचानना और उसकी अहमियत समझना मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती रही। सवाल: करियर के उतार-चढ़ाव से आपने सबसे बड़ी सीख क्या ली? जवाब: अब मुझे लगता है कि मेहनत करना हमारे हाथ में है, लेकिन उसका फल कब और कितना मिलेगा, यह हमारे हाथ में नहीं है। इसलिए जो हमारे हाथ में नहीं है, उसकी चिंता क्यों करनी। अपना रास्ता चुनिए, मेहनत करते रहिए और आगे बढ़ते रहिए। अब मुझे हर चीज में मजा आने लगा है। _____________________ हर्षिता गौर का यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे ‘मिर्जापुर’ में डिंपी पंडित का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वालीं हर्षिता गौर अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में नजर आएंगी। दिलचस्प बात यह है कि जिस सीरीज ने उन्हें पहचान दी, उसे उन्होंने शुरुआत में करने से मना कर दिया था। उस वक्त ओटीटी का दौर नया था और हर्षिता टीवी पर मुख्य किरदार निभा चुकी थीं। उन्हें लगा था कि किसी की बहन का किरदार क्यों निभाएं।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 5:30 am

अभिषेक के लिए ऐश्वर्या राय ने ठुकराई थी फिल्म:शाहरुख की ‘हैप्पी न्यू ईयर’ से कमबैक करने वाली थीं, पत्नी के तौर पर फैसला लिया था

एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन को 2014 में रिलीज हुई फिल्म ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के लिए डायरेक्टर फराह खान की पहली पसंद बताया जाता है। हालांकि, बेटी आराध्या को जन्म देने के बाद फिल्मों में वापसी कर रहीं ऐश्वर्या ने इस फिल्म को ठुकरा दिया था। फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी जोड़ी बननी थी, जबकि उनके पति अभिषेक बच्चन भी फिल्म का हिस्सा थे। शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण और अभिषेक बच्चन स्टारर ‘हैप्पी न्यू ईयर’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। ऐश्वर्या ने फिल्म इसलिए नहीं की क्योंकि उन्हें लगा कि फिल्म में वह और अभिषेक एक-दूसरे के साथ कास्ट नहीं होंगे और अलग-अलग कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी बनने से स्क्रीन पर अजीब स्थिति पैदा हो सकती है। एक पुराने इंटरव्यू में ऐश्वर्या ने बताया था कि उन्हें यह फिल्म फिल्मों से ब्रेक के बाद वापसी के लिए बिल्कुल सही लगी थी। 2018 में पत्रकार राजीव मसंद से बातचीत में उन्होंने कहा था कि बड़े ब्लॉकबस्टर और तय बॉक्स ऑफिस वाली ऐसी फिल्म उनके लिए बेहतरीन वापसी हो सकती थी। हालांकि, फिल्म में अभिषेक के पहले से होने की वजह से ऐश्वर्या को इसकी कास्टिंग का डायनेमिक सही नहीं लगा। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें व्यक्तिगत तौर पर फिल्म ऑफर की जाती तो वह जरूर करतीं, लेकिन अभिषेक के साथ फिल्म में अलग-अलग कलाकारों के साथ जोड़ी बनाना ठीक नहीं लगता। ऐश्वर्या ने माना था कि एक प्रोफेशनल और एक्टर के तौर पर ऐसी फिल्म छोड़ना आसान नहीं था, लेकिन पत्नी के तौर पर उन्होंने यह फैसला लिया। एक अन्य बातचीत में NDTV से ऐश्वर्या ने कहा था कि उन्हें फिल्म काफी मजेदार लगी थी और उन्हें पता था कि इसकी शूटिंग का अनुभव अच्छा रहेगा, लेकिन फिल्म में उनके और अभिषेक के एक-दूसरे के साथ जोड़ी न बनने की वजह से उन्होंने इसे ठुकरा दिया। ऐश्वर्या ने और कौन-सी फिल्में ठुकराईं ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के अलावा ऐश्वर्या को कई सफल फिल्मों के ऑफर मिलने की रिपोर्ट्स सामने आती रही हैं। इनमें ‘ट्रॉय’, ‘मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.’, ‘भूल भुलैया’, ‘कृष’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ शामिल हैं। हालांकि, इन फिल्मों को ठुकराने की वजहों से जुड़ी बातें ऐश्वर्या ने खुद कंफर्म नहीं की हैं। अभिषेक-ऐश्वर्या के तलाक की अफवाहें सामने आई थीं अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन के तलाक की अफवाहें साल 2024 में काफी चर्चा में रही थीं। इन अफवाहों को तब हवा मिली, जब जुलाई 2024 में अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी में अभिषेक पूरे बच्चन परिवार के साथ पहुंचे थे। वहीं, ऐश्वर्या अपनी बेटी आराध्या के साथ अलग नजर आई थीं। इसके बाद ऐश्वर्या को पेरिस फैशन वीक और दूसरे इवेंट्स में भी सिर्फ आराध्या के साथ देखा गया। सोशल मीडिया पर अभिषेक का एक डीपफेक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वह तलाक का ऐलान करते दिख रहे थे। इससे अफवाहों को और बढ़ावा मिला। हालांकि, लंबे समय तक चुप रहने के बाद अभिषेक ने इन खबरों पर नाराजगी जताई थी। दिसंबर 2025 में पीपिंग मून से बातचीत में अभिषेक ने कहा था, “अगर आप एक पब्लिक फिगर हैं, तो लोग आपकी हर छोटी बात पर अपनी राय बनाएंगे। हमारे बारे में जो भी गलत बातें लिखी गई हैं, वे पूरी तरह झूठी हैं। उनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। ये बातें गलत हैं और जानबूझकर दुख पहुंचाने वाली हैं।” उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें उनकी शादी के बाद शुरू नहीं हुई थीं, बल्कि शादी से पहले से ही चल रही थीं। अभिषेक ने कहा, “शादी से पहले लोग हमारी शादी की तारीखें बताने लगे थे। शादी के बाद लोग यह तय करने लगे कि हम कब अलग होंगे। ये सब बकवास है। वह मेरी सच्चाई जानती हैं और मैं उनकी सच्चाई जानता हूं। हम अपने परिवार के साथ प्यार और खुशी से रहते हैं, और हमारे लिए यही सबसे ज्यादा मायने रखता है।” पिछले महीने अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन और उनकी बेटी आराध्या बच्चन को एक साथ मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया था। वे अमेरिका (न्यूयॉर्क) से अपनी पारिवारिक छुट्टियां बिताकर वापस लौटे थे।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 5:00 am

एक्ट्रेस साधना ने 1 रुपए से शुरू की थीं फिल्में:‘साधना कट’ से देशभर में छाईं, आखिरी दिनों में आर्थिक तंगी से जूझीं

हिंदी सिनेमा के 60 और 70 के दशक में एक ऐसी अभिनेत्री आईं, जिन्होंने अपनी खूबसूरती, अभिनय और स्टाइल से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। नाम था साधना शिवदासानी। कभी उनकी फिल्में हिट होती थीं और उनका हेयरस्टाइल पूरे देश में ट्रेंड करता था, लेकिन जिंदगी के आखिरी दौर में उन्हें बीमारी, आर्थिक तंगी और अकेलेपन का सामना करना पड़ा। साधना का जन्म 2 सितंबर 1941 को ब्रिटिश इंडिया के कराची में एक सिंधी परिवार में हुआ था। 1947 के बंटवारे के बाद उनका परिवार भारत आकर मुंबई में बस गया। बचपन से ही साधना अभिनेत्री बनना चाहती थीं। करीब 14 साल की उम्र में उन्हें राज कपूर की फिल्म 'श्री 420' में काम करने का मौका मिला, जहां वह गाने 'मुड़ मुड़ के' में बैकग्राउंड डांसर के तौर पर नजर आई थीं। 1 रुपए की फीस से फिल्मी सफर शुरू हुआ साधना का एक्टिंग करियर फिल्म 'अबाना' से शुरू हुआ। जो भारत की पहली सिंधी फिल्म थी। यह फिल्म 1958 में रिलीज हुई थी। बताया जाता है कि इस फिल्म के लिए उन्हें सिर्फ 1 रुपए की फीस मिली थी। यही छोटी सी फीस आगे चलकर उनके बड़े फिल्मी सफर की शुरुआत बनी। 'लव इन शिमला' ने बदली किस्मत साधना को खास पहचान 1960 में आई फिल्म 'लव इन शिमला' से मिली थी। आर.के. नय्यर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वह जॉय मुखर्जी के साथ लीड रोल में थीं। फिल्म सफल रही और साधना रातोंरात स्टार बन गईं। फिल्म में उनका फ्रिंज हेयरस्टाइल इतना लोकप्रिय हुआ कि आगे चलकर इसे 'साधना कट' के नाम से जाना गया। ऑड्री हेपबर्न से प्रेरित इस लुक को आम महिलाओं ने भी खूब अपनाया। चूड़ीदार सलवार सूट के चलन को लोकप्रिय बनाने का श्रेय भी साधना को दिया जाता है। इसके बाद साधना ने 'परख', 'हम दोनों', 'मन-मौजी', 'एक मुसाफिर एक हसीना', 'मेरे महबूब' और 'इंतकाम' जैसी फिल्मों में काम किया। 1960 के दशक में उनकी 19 फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें 11 फिल्में हिट थीं और इस तरह वह हिंदी सिनेमा की बड़ी स्टार बन गईं। निर्देशक से हुआ प्यार, 1966 में शादी 'लव इन शिमला' के सेट पर साधना को डायरेक्टर आर.के. नय्यर से प्यार हो गया। दोनों ने 1966 में शादी कर ली। शादी के बाद भी साधना ने फिल्मों में काम जारी रखा। हालांकि बाद के वर्षों में उनकी जिंदगी मुश्किलों से घिरने लगी। 1960 के दशक के आखिर में साधना हाइपरथायरॉइडिज्म की समस्या से जूझने लगीं। इलाज के कारण उन्हें फिल्मों से दूरी बनानी पड़ी और कई बड़े प्रोजेक्ट उनके हाथ से निकल गए। बाद में उन्होंने 'इंतकाम' और 'एक फूल दो माली' जैसी फिल्मों से वापसी की, लेकिन 1970 के दशक में उनके फिल्मी ऑफर कम होते गए। उन्होंने 1974 में 'गीता मेरा नाम' से निर्देशन में भी हाथ आजमाया। धीरे-धीरे वह फिल्मों और सार्वजनिक जीवन से दूर हो गईं। पति की मौत के बाद बढ़ा अकेलापन 1995 में आर.के. नय्यर का निधन हो गया। दोनों की कोई संतान नहीं थी। पति के जाने के बाद साधना काफी अकेली पड़ गईं। उनकी सेहत भी लगातार खराब होती रही। आंखों की समस्या और थायरॉयड जैसी परेशानियों के कारण उनका घर से बाहर निकलना कम हो गया। हालांकि, उनके आखिरी साल कानूनी विवादों से भी घिरे रहे। साधना से जुड़े तीन मामले सामने आए। इनमें एक मामला उनके सांता क्रूज स्थित बिल्डिंग के मकान मालिक यूसुफ लकड़ावाला ने किया था। एक मामला साधना ने उन्हीं के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए दर्ज कराया था। इसके बाद विवाद से जुड़ा मानहानि का मामला भी सामने आया। उस समय साधना आर्थिक और शारीरिक परेशानियों से जूझ रही थीं। उनके लिए इलाज और कानूनी खर्च उठाना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने मदद की अपील भी की, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहारा नहीं मिला। बाद के समय में वहीदा रहमान, नंदा, आशा पारेख और हेलन जैसी उनकी समकालीन अभिनेत्रियां उनके करीब रहीं और उन्हें इमोशनली सहारा देती थीं। इसके बावजूद साधना का आखिरी दौर काफी अकेलेपन में बीता। 25 दिसंबर 2015 को मुंबई के एक अस्पताल में बीमारी के बाद साधना का निधन हो गया। ………….. यह खबर भी पढ़ें… सायरा बानो@82; शम्मी कपूर ने डांटा तो रोने लगीं:अखबार में पढ़ी पति दिलीप कुमार की दूसरी शादी की खबर, शाहरुख को बेटा माना साल 1955 तमिलनाडु के कोयंबटूर में फिल्म 'आजाद' की शूटिंग चल रही थी। इसी दौरान फिल्म प्रोड्यूसर एसएस. वासन ने दिलीप कुमार की मुलाकात एक मशहूर ज्योतिषी से कराई। ज्योतिषी ने दिलीप कुमार का चेहरा देखा, हाथ की रेखाएं पढ़ीं और फिर उनकी कुंडली बनाई। इसके बाद उन्होंने ऐसी भविष्यवाणी की, जिसे सुनकर खुद दिलीप कुमार भी हैरान रह गए। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 4:30 am

मौनी रॉय ने बताया पहला रोल मिलने का किस्सा:सड़क पर चलते हुए ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में मिला था मौका

एक्ट्रेस मौनी रॉय ने हाल ही में बताया कि उन्हें पहले टीवी शो में रोल सड़क पर चलते हुए मिला था। मौनी ने फराह खान के व्लॉग के लिए हुई बातचीत में बताया कि उन्होंने टीवी शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में कृष्णा तुलसी का किरदार निभाकर डेब्यू किया था। यूनिवर्सिटी के बाहर एकता कपूर की टीम ने देखा हाल ही में फराह खान मौनी के मुंबई स्थित घर पहुंची थीं, जहां एक्ट्रेस ने अपने पहले एक्टिंग मौके से जुड़ी बातें शेयर कीं। मौनी ने बताया कि वह अपनी यूनिवर्सिटी के बाहर पैदल चल रही थीं, तभी प्रोड्यूसर एकता कपूर की टीम के किसी व्यक्ति ने उन्हें देखा। फराह यह सुनकर हैरान रह गईं। उन्होंने कहा, “सच में ऐसा हुआ था? क्या बात कर रही है? हम तो ऐसी कहानियां ही सुनते हैं कि कोई कैफे में बैठा था और किसी ने उसे देख लिया।” मौनी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, “लेकिन यह सच में हुआ था। बिल्कुल इसी तरह यह मौका मिला था। यह शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ था।” कृष्णा तुलसी का किरदार और कहानी मौनी ने यह भी बताया कि शो में कृष्णा तुलसी की कहानी दिलचस्प थी और उनके आने से तुलसी की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया था। कृष्णा तुलसी के किरदार को एक अनाथ बच्ची के रूप में दिखाया गया था। शो में तुलसी का किरदार स्मृति ईरानी ने निभाया था। जब तुलसी अपनी जान कुर्बान करने के लिए खुद को गंगा नदी में समर्पित करने का फैसला करती है, तब उसे गंगा में तैरती हुई यह बच्ची मिलती है। इसके बाद इस किरदार का नाम तुलसी के नाम पर कृष्णा तुलसी रखा गया था। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में मौनी रॉय की जोड़ी पहले पुलकित सम्राट के साथ बनाई गई थी। बाद में शो में उनकी जोड़ी आकाशदीप सहगल के साथ भी दिखाई गई। इस शो के बाद मौनी ने कई लोकप्रिय टीवी शो में काम किया। उनके प्रमुख प्रोजेक्ट्स में ‘देवों के देव महादेव’ शामिल है, जिसमें उन्होंने सती का किरदार निभाया था। मौनी ने ‘नागिन’ के दो सीजन में भी काम किया। इसमें उन्होंने रूप बदलने वाली नागिनों शिवन्या और शिवांगी के किरदार निभाए थे। एकता कपूर ने कई कलाकारों को मौका दिया गौरतलब है कि एकता कपूर ने टीवी इंडस्ट्री में कई ऐसे कलाकारों को मौका दिया है, जिन्होंने आगे चलकर बड़ा नाम बनाया। उन्होंने जैसा मौका सड़क पर चलते हुए मौनी रॉय को दिया था, वैसा ही कुछ करण कुंद्रा के साथ फेसबुक के जरिए किया था। एकता कपूर ने खुद बताया था कि उन्होंने करण कुंद्रा को कैसे डिस्कवर किया था। करण कुंद्रा एक्टिंग में नहीं आना चाहते थे और जालंधर में अपना पारिवारिक बिजनेस संभाल रहे थे। उन्होंने फेसबुक पर अपनी कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं। एकता कपूर की नजर उनकी फेसबुक प्रोफाइल पर पड़ी। उन्हें करण का लुक और एटीट्यूड इतना पसंद आया कि उन्होंने उन्हें मुंबई बुला लिया। इसके बाद एकता ने उन्हें साल 2009 में अपने बड़े शो ‘कितनी मोहब्बत है’ में ‘अर्जुन पुंज’ का मुख्य किरदार देकर लॉन्च किया। सुशांत को एकता ने नाटक के दौरान देखा था वहीं, एक्टर सुशांत सिंह राजपूत को एकता कपूर ने बालाजी के एक नाटक के दौरान बैकग्राउंड में देखा था। चैनल वाले सुशांत को ‘पवित्र रिश्ता’ में ‘मानव’ के लीड रोल के लिए रिजेक्ट कर रहे थे क्योंकि उनका लुक हीरो जैसा नहीं लग रहा था, लेकिन एकता अपनी जिद पर अड़ गईं और कहा, “इस लड़के की मुस्कान करोड़ों दिलों को जीतेगी।” और वैसा ही हुआ। स्मृति ईरानी को ‘मिस इंडिया’ प्रतियोगिता में रिजेक्ट कर दिया गया था। जब वह बालाजी के दफ्तर में किसी और रोल के लिए आई थीं, तो एकता कपूर ने उन्हें सिर्फ चलते हुए देखा और अपनी टीम से कहा, “यह लड़की हमारी अगली बड़ी स्टार ‘तुलसी’ बनेगी।” टीम के मना करने के बावजूद एकता ने उन्हें कास्ट किया।

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 6:27 pm

Viral News : धरती का ‘सर्वाइवल एक्सपर्ट’ है बिच्छू! महीनों बिना खाना और कई दिनों तक पानी में रह सकता है जिंदा

धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।

खास खबर 1 Sep 2026 2:51 pm

दिल्ली में नाबालिग से गैंगरेप पर भड़कीं भूमि पेडनेकर:बोलीं- शर्मनाक, बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं?; स्टूडेंट प्रोटेस्ट में नाबालिग का बचाव कर चुकीं

दिल्ली-एनसीआर में चलती स्लीपर बस के अंदर 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ हुए गैंगरेप के मामले पर एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर देश में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। भूमि ने लिखा कि बार-बार ऐसी घटनाएं कैसे हो सकती हैं, यह बेहद शर्मनाक है। गलत बस में बिठाकर नाबालिग के साथ किया दुष्कर्मदिल्ली पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 11वीं की छात्रा अपने घर से नोएडा जाने के लिए निकली थी। ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर बारिश और अंधेरा होने की वजह से वह फंस गई। इसी दौरान आई एक प्राइवेट स्लीपर बस के कंडक्टर ने उसे झांसा देकर बस में बिठा लिया। बस में कोई अन्य सवारी नहीं थी। रास्ता शुरू होते ही बस ड्राइवर और कंडक्टर ने नाबालिग के साथ दरिंदगी की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना 4 अगस्त की है, पुलिस ने 31 अगस्त को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बस को तिमारपुर से जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। महिला सुरक्षा और स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर पहले भी बोल चुकी हैं भूमियह पहला मौका नहीं है जब भूमि पेडनेकर ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों और सुरक्षा के मुद्दे पर बात की है। इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान भी वे काफी मुखर रही थीं। उस समय प्रदर्शन में प्रधानमंत्री मोदी को अपशब्द कहने वाली एक नाबालिग छात्रा को जब सोशल मीडिया पर दुष्कर्म और जान से मारने की धमकियां मिलने लगी थीं, तब भूमि ने खुलकर उसका समर्थन किया था। भूमि ने तब कहा था कि देश में महिलाओं या किसी भी लड़की को अपनी आवाज उठाने पर ऐसी धमकियों का सामना नहीं करना चाहिए। PM पर बयान देकर आलोचना का शिकार हुई थीं इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ जारी CJP प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर भूमि ने सवाल उठाए थे। तब उन्होंने एक वीडियो पोस्ट कर कहा था कि विरोध करने का हक सबको है, लेकिन देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के लिए ऐसी भाषा बोलना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया था। दिल्ली गैंगरेप घटना को सिलसिलेवार तरीके से समझिए 1. पीड़ित घर से झगड़कर निकली पुलिस के मुताबिक, पीड़ित यूपी के मैनपुरी की रहने वाली है। परिवार में झगड़ा होने पर बिना बताए नोएडा में कजिन के घर के लिए बस से निकली। मैनपुरी से नोएडा की दूरी 300 किमी से ज्यादा है। 2. ग्रेटर नोएडा पर उतर गई थी भारी बारिश और अंधेरे के कारण छात्रा गलती से परी चौक पर उतर गई थी। फिर यहां से नोएडा जाने के लिए वाहन का इंतजार करने लगी। इसी बीच वहां से एक खाली स्लीपर बस गुजरी। छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया। 3. ड्राइवर-कंडक्टर ने बस में बैठाया ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को बस में बैठा लिया। उन्होंने बताया कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है। पुलिस के मुताबिक, बस चलने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की। 4. फिर गैंगरेप किया और धमकी दी छात्रा ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ रेप किया। विरोध करने पर दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। 5. कश्मीरी गेट के पास छोड़कर फरार आरोप है कि दोनों ने देर रात छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया। इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए। छात्रा ने रात में ही कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। 6. दोनों आरोपी गिरफ्तार पीड़ित की शिकायत के अनुसार, जांचकर्ताओं ने कोतवाली एसीपी शंकर बनर्जी के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने बस की पहचान और उसके रूट को ट्रैक करने के लिए रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की। पुलिस ने ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी जब्त किया गया। बस की फोरेंसिक जांच की जा रही है। बस के अंदर और बाहर की 3 तस्वीरें… NHRC ने लिया संज्ञान, पुलिस पर भी उठा सवाल इस मामले के सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने भी संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। वहीं, इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच क्षेत्राधिकार (जुरिस्डिक्शन) को लेकर भी सवाल उठे हैं। यूपी पुलिस का आरोप है कि घटना गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट क्षेत्र में शुरू हुई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने समय पर उन्हें इसकी पूरी जानकारी साझा नहीं की। ये खबर भी पढ़ें संघर्ष, ट्रॉमा-रिजेक्शन से उठकर स्ट्रॉन्ग एक्ट्रेस बनीं भूमि पेडनेकर:बोलीं- स्कूल में बुलिंग होती थी, तभी सोचा कि एक दिन सबको कुछ बनकर दिखाऊंगी संघर्ष, ट्रॉमा, रिजेक्शन और सामाजिक तानों के बीच खुद को साबित करने वाली अभिनेत्री का नाम है भूमि पेडनेकर। मुंबई की चमकदार फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाना आसान नहीं होता, खासकर तब जब शुरुआत आत्म-संदेह, असुरक्षा और निजी आघातों से भरी हो। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 1:28 pm

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जागरण 1 Sep 2026 12:13 pm

ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर Toxic ने काटी चांदी, Yash की फिल्म ने दुनियाभर में छापे करारे नोट

सुपरस्टार यश स्टारर टॉक्सिक (Toxic) दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। यहां देखें फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन-

जागरण 1 Sep 2026 11:54 am

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खास खबर 22 Aug 2026 12:28 pm

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नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।

खास खबर 12 Aug 2026 2:30 pm

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm