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'वह इसमें विश्वास नहीं करती':अनुराग कश्यप ने 20 साल छोटी गर्लफ्रेंड से शादी के सवाल पर दिया रिएक्शन; एज गैप पर भी बात की

फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने हाल ही में कहा कि उनकी गर्लफ्रेंड शुभ्रा शेट्टी शादी में विश्वास नहीं करती हैं। दरअसल, जेनिस सेक्वेरा को दिए इंटरव्यू में उनसे तीसरी बार शादी करने को लेकर सवाल पूछा गया था। वहीं, इंटरव्यू में यह पूछे जाने पर कि क्या वह खुद दोबारा शादी करना चाहते हैं, अनुराग ने कहा कि उनकी प्रायरिटी साथ में मौजूद रिश्ते को बनाए रखना है। उन्होंने कहा, “मैं उनके साथ बहुत खुश हूं। मैं उसके साथ रहना चाहता हूं। इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं करूंगा।” अनुराग ने बताया कि उम्र और अनुभव के साथ उनकी प्राथमिकताएं बदल गई हैं। उन्होंने कहा, “जिंदगी में बहुत कुछ है। एक बूढ़े आदमी की असुरक्षा क्या होती है? मैं इतना हेल्दी रहना चाहता हूं कि उन लोगों से ज्यादा जी सकूं, जिन्हें मैं प्यार करता हूं। क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता, तो उसके बाद क्या हो सकता है? दुनिया के तौर-तरीके। इसलिए मैं इस बारे में बहुत सोचता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन मेरी बात यह है कि जब तक हमने अब जो पाया है, वह हमारे पास है, मैं किसी भी चीज से खुश हूं। मैं इसे खोना नहीं चाहता।” उम्र के अंतर को लेकर ज्यादा सजग हुए अनुराग कपल ने बताया कि उनके उम्र के अंतर का उनके रिश्ते पर असर पड़ा है। अनुराग ने कहा, “हमारे हिस्से में भी परेशानियां आई हैं। हमारे बीच भी ऐसे पल रहे हैं। हम खुद को लेकर सजग रहे हैं।” शुभ्रा ने तुरंत उन्हें सुधारते हुए कहा, “आप ज्यादा सजग रहे हैं।” अनुराग ने उनकी बात मानते हुए बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उनका नजरिया बदला। उन्होंने कहा, “मैं ज्यादा सजग रहा हूं। मैं पहले भी ज्यादा सजग था। सिर्फ इतना ही नहीं, एक समय मैं इसे दूर रखने की बहुत कोशिश कर रहा था।” उन्होंने कहा, “एक समय ऐसा था, क्योंकि उसके चेहरे से उसकी उम्र का पता नहीं चलता। वह अब भी वैसी ही दिखती है। वह अपनी उम्र की नहीं दिखती। इसलिए जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ती गई और वह वैसी ही दिखती रहीं, तब मैं थोड़ा ज्यादा सजग हो गया।” शुभ्रा ने बताया कि अनुराग ने हमेशा उन्हें स्वतंत्र रूप से जीने और खुद को समझने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अनुराग नहीं चाहते थे कि उनका रिश्ता ही उनकी पहचान बन जाए। शुभ्रा के मुताबिक, “वह जिंदगी को लेकर आश्वस्त हो सकते हैं, क्योंकि वह सब कुछ झेल चुके हैं। उन्हें पता है कि प्यार क्या नहीं होता और इसलिए वह समझ सकते हैं कि यह प्यार है। लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकती थी, क्योंकि मैं 20s में थी और उस समय आप खुद को समझ रहे होते हैं।” उन्होंने कहा, “इसलिए वह इस बात पर अड़े रहते थे कि मैं बाहर जाऊं और अगर मुझे उनके पास वापस आने का रास्ता खुद खोजना है, तो मैं ऐसा करूं।” अनुराग कश्यप की पिछली शादियां बता दें कि अनुराग कश्यप की 2 शादियां हो चुकी हैं। साल 1997 में फिल्म एडिटर आरती बजाज से उनकी पहली शादी हुई थी। इस शादी से उनकी एक बेटी आलिया है। साल 2009 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद अनुराग ने 2011 में एक्ट्रेस कल्कि कोचलिन से शादी की। अनुराग ने कल्कि के साथ फिल्म ‘देव डी’ में काम किया था। इस फिल्म से कल्कि ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था। हालांकि, शादी के कुछ सालों बाद दोनों अलग हो गए। 19 मई 2015 को इस कपल ने मुंबई के एक फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दी।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 1:35 pm

'वह इसमें विश्वास नहीं करती':अनुराग कश्यप ने 20 साल छोटी गर्लफ्रेंड से शादी के सवाल पर दिया रिएक्शन : एज गैप पर भी की बात

फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने हाल ही में कहा कि उनकी गर्लफ्रेंड शुभ्रा शेट्टी शादी में विश्वास नहीं करती हैं। दरअसल, जेनिस सेक्वेरा को दिए इंटरव्यू में उनसे तीसरी बार शादी करने को लेकर सवाल पूछा गया था। वहीं, इंटरव्यू में यह पूछे जाने पर कि क्या वह खुद दोबारा शादी करना चाहते हैं, अनुराग ने कहा कि उनकी प्रायरिटी साथ में मौजूद रिश्ते को बनाए रखना है। उन्होंने कहा, “मैं उनके साथ बहुत खुश हूं। मैं उसके साथ रहना चाहता हूं। इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं करूंगा।” अनुराग ने बताया कि उम्र और अनुभव के साथ उनकी प्राथमिकताएं बदल गई हैं। उन्होंने कहा, “जिंदगी में बहुत कुछ है। एक बूढ़े आदमी की असुरक्षा क्या होती है? मैं इतना हेल्दी रहना चाहता हूं कि उन लोगों से ज्यादा जी सकूं, जिन्हें मैं प्यार करता हूं। क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता, तो उसके बाद क्या हो सकता है? दुनिया के तौर-तरीके। इसलिए मैं इस बारे में बहुत सोचता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन मेरी बात यह है कि जब तक हमने अब जो पाया है, वह हमारे पास है, मैं किसी भी चीज से खुश हूं। मैं इसे खोना नहीं चाहता।” उम्र के अंतर को लेकर ज्यादा सजग हुए अनुराग कपल ने बताया कि उनके उम्र के अंतर का उनके रिश्ते पर असर पड़ा है। अनुराग ने कहा, “हमारे हिस्से में भी परेशानियां आई हैं। हमारे बीच भी ऐसे पल रहे हैं। हम खुद को लेकर सजग रहे हैं।” शुभ्रा ने तुरंत उन्हें सुधारते हुए कहा, “आप ज्यादा सजग रहे हैं।” अनुराग ने उनकी बात मानते हुए बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उनका नजरिया बदला। उन्होंने कहा, “मैं ज्यादा सजग रहा हूं। मैं पहले भी ज्यादा सजग था। सिर्फ इतना ही नहीं, एक समय मैं इसे दूर रखने की बहुत कोशिश कर रहा था।” उन्होंने कहा, “एक समय ऐसा था, क्योंकि उसके चेहरे से उसकी उम्र का पता नहीं चलता। वह अब भी वैसी ही दिखती है। वह अपनी उम्र की नहीं दिखती। इसलिए जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ती गई और वह वैसी ही दिखती रहीं, तब मैं थोड़ा ज्यादा सजग हो गया।” शुभ्रा ने बताया कि अनुराग ने हमेशा उन्हें स्वतंत्र रूप से जीने और खुद को समझने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अनुराग नहीं चाहते थे कि उनका रिश्ता ही उनकी पहचान बन जाए। शुभ्रा के मुताबिक, “वह जिंदगी को लेकर आश्वस्त हो सकते हैं, क्योंकि वह सब कुछ झेल चुके हैं। उन्हें पता है कि प्यार क्या नहीं होता और इसलिए वह समझ सकते हैं कि यह प्यार है। लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकती थी, क्योंकि मैं 20 की उम्र में थी और उस समय आप खुद को समझ रहे होते हैं।” उन्होंने कहा, “इसलिए वह इस बात पर अड़े रहते थे कि मैं बाहर जाऊं और अगर मुझे उनके पास वापस आने का रास्ता खुद खोजना है, तो मैं ऐसा करूं।” अनुराग की पिछली शादियां शुभ्रा के साथ रिश्ते से पहले अनुराग की शादी एडिटर आरती बजाज से हुई थी। दोनों छह साल तक शादीशुदा रहे और 2009 में अलग हो गए। उनकी एक बेटी है, जिसका नाम आलिया कश्यप है। इसके बाद अनुराग ने 2011 में एक्टर कल्कि कोचलिन से शादी की। अनुराग ने कल्कि के साथ फिल्म ‘देव डी’ में काम किया था। यह फिल्म कल्कि के बॉलीवुड डेब्यू के तौर पर जानी जाती है। दोनों शादी के चार साल बाद अलग हो गए और बाद में उनका तलाक हो गया।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 1:35 pm

शर्मिला टैगोर ने शादी के बाद इस्लाम अपनाया था:बेटी सबा बोलीं- हमारे घर में मंदिर नहीं था; मां ने हमें इस्लाम के बारे में बताया

एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की बेटी सबा अली पटौदी ने हाल ही में अपने माता-पिता की अंतरधार्मिक शादी और धार्मिक परवरिश पर बात की है। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उनकी मां ने इस्लाम अपनाया था और बच्चों को भी इसके बारे में सिखाया। सबा ने यह बात यूट्यूब चैनल ‘बिग बॉलीवुड बफ्स’ से बातचीत में कही। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने उन्हें, सैफ अली खान और सोहा अली खान को कोई धर्म मानने के लिए मजबूर नहीं किया। जब इंटरव्यू में उनसे सवाल पूछा गया, “क्या आप धार्मिक हैं?” इस पर सबा ने जवाब दिया, “मैं बहुत धार्मिक हूं, लेकिन मुझे लगता है कि धर्म से ज्यादा मैं आध्यात्मिक हूं। हालांकि, आध्यात्मिक होने के लिए मेरा जुड़ाव इस्लाम से है। इसलिए मेरे लिए दोनों लगभग एक ही हैं। मैं कहूंगी कि मेरा धर्म इस्लाम है और मेरा इससे जुड़ाव है। अगर मुझे भगवान के बारे में सोचना हो, तो मैं उन्हें अल्लाह कहूंगी।” सबा ने आगे कहा, “इसका मतलब यह नहीं है कि मैं दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करती। बिल्कुल नहीं। मुझे लगता है कि बौद्ध धर्म भी काफी हद तक मेरी सोच से जुड़ता है और सभी धर्मों की बात करें, तो एक ही शक्ति का स्रोत है। मैं इसमें भी विश्वास करती हूं। आप उसे अल्लाह कह सकते हैं, राम कह सकते हैं या अपनी सुविधा के हिसाब से कोई भी नाम दे सकते हैं। मैं शायद उन्हें अल्लाह कहूंगी, लेकिन वास्तव में वह एक ही एनर्जी का सोर्स है, जिससे हम सभी जुड़े हुए हैं। इसलिए यह वास्तव में अलग नहीं है।” शादी के बाद शर्मिला टैगोर ने इस्लाम अपनाया था सबा ने अपने मां शर्मिला टैगोर को लेकर बताया, “जब अम्मा और अब्बा की शादी हुई, तो मेरी मां ने वास्तव में इस्लाम धर्म अपना लिया था। उन्होंने हमें भी इस्लाम के बारे में बताया, ताकि हम कन्फ्यूज न हों और हमें किसी तरह की एक समझ मिल सके। इसलिए हमारे घर में मंदिर नहीं था। हमने हिंदू धर्म का पालन नहीं किया। वास्तव में, उन्होंने मुझे मेरे धर्म के बारे में सिखाया और इस्लाम, रमजान और उससे जुड़ी चीजों को समझाया।” उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद यह हमारी पसंद थी कि हम क्या अपनाना चाहते हैं। हम तीन भाई-बहनों में से मैं अपनी आस्था से सबसे ज्यादा जुड़ी हुई थी। इसलिए मैं इसे मानती हूं। यह कुछ ऐसा है, जिसे मैं करती हूं।” सबा ने यह भी साफ किया, “लेकिन ऐसा नहीं है कि मेरे पिता, मेरी मां या किसी और ने हममें से किसी पर कुछ थोपा हो।” ………….. यह खबर भी पढ़ें… सैफ अली खान बहन के पर्स से पैसे निकालते थे:सबा पटौदी ने बताया- रक्षा बंधन पर वही रकम गिफ्ट में दे देते थे सैफ अली खान की बहन सबा पटौदी ने हाल ही में बताया था कि सैफ कई बार उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में दे देते थे। यह बात उन्होंने नेहा धूपिया और अंगद बेदी के यूट्यूब शो में बताई। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 12:03 pm

प्रेग्नेंट दीपिका को एयरपोर्ट छोड़ने पहुंचे पति रणवीर:ओवरसाइज्ड ब्लू शर्ट और वाइड-लेग जींस में दिखा एक्ट्रेस का स्टाइलिश लुक, देखें तस्वीरें

दीपिका पादुकोण शनिवार रात मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुईं। इस दौरान वह ब्लू आउटफिट में नजर आईं। दीपिका को एयरपोर्ट छोड़ने रणवीर भी पहुंचे थे। इस दौरान रणवीर कार में बैठे नजर आए। प्रेग्नेंट दीपिका ने ओवरसाइज्ड लाइट ब्लू शर्ट के साथ ढीली और वाइड-लेग ब्लू जींस पहनी थी। दोनों आउटफिट का टोन एक जैसा था, जिससे उनका लुक कोऑर्डिनेटेड नजर आया। शर्ट में क्लासिक कॉलर, बटन-डाउन फ्रंट और फुल स्लीव्स थीं। उन्होंने ढीली शर्ट के साथ फिटेड बॉटम पहनने के बजाय वाइड-लेग डेनिम चुनी, जो पैरों पर ढीली थी। दीपिका ने लुक को व्हाइट स्नीकर्स के साथ पूरा किया। उन्होंने डार्क लेदर शोल्डर बैग और ब्राउन-टिंटेड सनग्लासेस पहने थे। मेकअप सिंपल रखा और बालों को स्लीक बन में बांधा। उनके ग्रीन मैनीक्योर ने लुक में रंग का टच जोड़ा। अप्रैल में की थी प्रेग्नेंसी अनाउंसमेंट दीपिका और रणवीर सिंह दूसरी बार माता-पिता बनने वाले हैं। कपल ने 19 अप्रैल को दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी। दीपिका और रणवीर के इंस्टाग्राम हैंडल पर उनकी बेटी दुआ की एक तस्वीर शेयर की गई थी, जिसमें बेटी ने एक प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़ी हुई है, जो पॉजिटिव रिजल्ट दिखा रहा है। तस्वीर में रणवीर बेटी को गोद में लिए हुए हैं, हालांकि उनका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। वहीं, तस्वीर में दुआ का आधा चेहरा नजर आ रहा था। 2024 में बेटी दुआ का जन्म हुआ था बता दें कि दीपिका और रणवीर ने 8 सितंबर 2024 को अपनी बेटी दुआ के जन्म की जानकारी दी थी। उस समय उन्होंने लिखा था, ‘वेलकम बेबी गर्ल। 8-9-2024। दीपिका और रणवीर।’ इससे पहले फरवरी 2024 में दीपिका ने प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी। दोनों की लव स्टोरी 2013 में फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' के सेट से शुरू हुई थी। कई सालों तक रिश्ते में रहने के बाद दोनों ने 2018 में इटली में शादी की थी। कपल के वर्कफ्रंट की बात करें तो दीपिका फिल्म ‘किंग’ में शाहरुख खान के साथ नजर आएंगी। फिल्म 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। वहीं, रणवीर की लास्ट 2 फिल्में ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ हैं। दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुईं। 'धुरंधर' के पहले पार्ट ने दुनियाभर में 1307 करोड़ रुपए का कारोबार किया था, जबकि इसके सीक्वल को भी दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला। धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने भारत में करीब ₹1149 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1813 करोड़ ग्रॉस कमाई की। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 11:04 am

शाहरुख, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस:विमल इलायची विज्ञापन को पान मसाला का एडवरटाइजिंग माना, ₹10 लाख का जुर्माना संभव

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का आरोप है कि 'विमल इलायची' का विज्ञापन असल में राज्य में प्रतिबंधित 'विमल पान मसाला' का इनडायरेक्ट रूप से प्रचार करता है। यह नोटिस इसी हफ्ते एक्टर्स के पते पर भेजे गए हैं। शाहरुख खान को 'मन्नत' (बांद्रा), अजय देवगन को जुहू स्थित आवास और टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी 'टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस एलएलपी' के जरिए नोटिस दिया गया है। FDA ने सभी से उनके रोल पर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में क्या कहा गया? एफडीए के नोटिस के मुताबिक, विज्ञापन का प्रेजेंटेशन, डायलॉग्स, प्रोडक्ट का नाम और मार्केट कॉन्टेक्स्ट यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या यह किसी प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रमोशन है। नोटिस में कहा गया, प्रथम दृष्टया यह विज्ञापन 'विमल' ब्रांड का प्रचार करता है, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है। महाराष्ट्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा कानून (FSS Act 2006) की धारा 30(2)(a) के तहत 13 जुलाई 2026 से एक साल के लिए पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है। तंबाकू और गुटखा नेटवर्क पर मकोका (MCOCA) की तैयारी महाराष्ट्र में साल 2012 से तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा व पान मसाला पर बैन है, जिसे हर साल रिन्यू किया जाता है। हाल ही में 13 जुलाई 2026 को इस बैन की अवधि फिर बढ़ाई गई है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने 12 जून को अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि संगठित गुटखा और तंबाकू नेटवर्क के मामलों में पुलिस के साथ मिलकर 'मकोका' (MCOCA - महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। 2 महीने में ₹15 करोड़ का माल जब्त, 701 लोग गिरफ्तार महाराष्ट्र में प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाला के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। 25 मई से 31 जुलाई के बीच FDA के आंकड़े: पहले भी विवादों में रहा है विमल इलायची का कैंपेन विमल इलायची के विज्ञापन पर पहले भी कानूनी और रेगुलेटरी सवाल उठ चुके हैं: 2018 में नोटिस: स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA, 2003) के तहत विमल इलायची का प्रचार करने वाली कंपनी 'विष्णु पाउच पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड' को नोटिस भेजा था। कंपनी का तर्क: कंपनी ने कोर्ट में कहा कि वह घरेलू बाजार में 'विमल' ब्रांड नाम से तंबाकू उत्पाद नहीं बनाती है। जनवरी 2024 में हाईकोर्ट का फैसला: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कंपनी को बिना तंबाकू वाले उत्पादों का विज्ञापन करने की इजाजत दी गई थी। कोर्ट ने कहा था कि जब तक किसी उत्पाद पर संवैधानिक या कानूनी प्रतिबंध नहीं है, तब तक तंबाकू-रहित पान मसाला का व्यापार करना कंपनी का मौलिक अधिकार है।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 10:17 am

‘आवारापन 2’ ने दूसरे दिन ₹33.75 करोड़ कमाए:कुल कमाई ₹72.90 करोड़ हुई, ‘बंटवारा 1947’ के कलेक्शन में भी उछाल, दूसरे दिन ₹13.50 करोड़ कमाए

सनी देओल स्टारर फिल्म ‘बंटवारा 1947’ को बॉक्स ऑफिस पर 14 अगस्त को रिलीज हुई ‘आवारापन 2’ से कड़ी टक्कर मिल रही है। सैकनिल्क के मुताबिक, ‘आवारापन 2’ ने रिलीज के दूसरे दिन ₹33.75 करोड़ नेट का कलेक्शन किया। इसके साथ भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई ₹55.75 करोड़ और वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹72.90 करोड़ पहुंच गया है। वहीं, ‘बंटवारा 1947’ ने दूसरे दिन ₹13.50 करोड़ नेट कमाए। फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन ₹19.25 करोड़ और वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹26.41 करोड़ हो गया है। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी ‘बंटवारा 1947’ में सनी देओल के साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल, करण देओल और अभिमन्यु सिंह अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है और इसे आमिर खान ने प्रोड्यूस किया है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फिल्म की कमाई में दूसरे दिन उछाल देखने को मिला। सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने दूसरे दिन 8,071 शोज के दौरान ₹13.50 करोड़ नेट कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन ₹22.91 करोड़ और ओवरसीज ग्रॉस ₹3.50 करोड़ है। मुंबई में हुई स्पेशल स्क्रीनिंग इसी बीच शनिवार, 15 अगस्त को मुंबई में ‘बंटवारा 1947’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। फिल्म की स्क्रीनिंग में शरद शुक्ला, अभिमन्यु सिंह, मकरंद देशपांडे और परितोष त्रिपाठी समेत कई बॉलीवुड सेलेब्स नजर आए। ‘आवारापन 2’ में इमरान का पुराना किरदार नितिन कक्कड़ के निर्देशन और विशेष भट्ट के प्रोडक्शन में बनी ‘आवारापन 2’ में इमरान हाशमी ‘शिवम पंडित’ के अपने मशहूर किरदार में लौटे हैं। फिल्म में शबाना आजमी, दिशा पाटनी और सुविंदर विक्की भी अहम भूमिकाओं में हैं। ‘आवारापन 3’ को लेकर इमरान हाशमी ने हिंट दिया वहीं, फिल्म के शानदार प्रदर्शन के बीच इमरान हाशमी ने ‘आवारापन 3’ के तीसरे पार्ट को लेकर हिंट दिया। शुक्रवार को इमरान एक थिएटर में पहुंचे और उन्होंने लोगों से कहा कि ये फिल्म आप लोगों की वजह से संभव हुई है। 19 साल में शिवम और ‘आवारापन’ को जो प्यार मिला है, यह फिल्म मेकर्स से ज्यादा फैन्स की है। उन्होंने आगे कहा कि इसलिए हम वापस आए भी और इस जर्नी को हमने और रोमांचक बनाया है। इसमें और एक्शन और इमोशंस जोड़े हैं। उम्मीद यही है कि आपको पूरी फिल्म पसंद आएगी और हां, उम्मीद है कि ‘आवारापन 3’ भी बहुत जल्द आएगी। धन्यवाद। ………….. यह खबर भी पढ़ें… मूवी रिव्यू; आवारापन 2:इमरान हाशमी की दमदार वापसी, दर्द और अधूरे इश्क की कहानी जो पुराने जख्म फिर ताजा कर दे 2007 की आवारापन अपने दर्द, मोहब्बत और संगीत की वजह से आज भी याद की जाती है। आवारापन 2 उसी भावनात्मक विरासत को आगे बढ़ाती है। इस बार शिवम की लड़ाई सिर्फ उसके अतीत से नहीं, बल्कि बच्चों की तस्करी के एक बड़े गिरोह से भी है। फिल्म में एक्शन और रोमांस है, लेकिन इसकी असली ताकत दर्द, रिश्तों और संगीत में है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 9:45 am

ग्लोबल बॉक्स ऑफिस का बादशाह बना 'शिवम पंडित', दो दिन में वर्ल्डवाइड कर डाली धुआंधार कमाई

अभिनेता इमरान हाशमी स्टारर फिल्म आवारापन 2 कमाई के मामले में ग्लोबली धमाल मचा रही है।

जागरण 16 Aug 2026 8:03 am

हाथ फ्रैक्चर था, अगले दिन विराट कोहली के साथ शूट:मिहिर आहूजा बोले- शाहरुख की तारीफ से लगा, मेहनत सही दिशा में जा रही है

जमशेदपुर से मुंबई आए मिहिर आहूजा ने एक्टिंग के लिए करीब चार साल तक ऑडिशन दिए। सुपर 30 से फिल्मी सफर शुरू हुआ, द आर्चीज से पहचान मिली और अब ऑपरेशन सफेद सागर में एयरफोर्स ऑफिसर के किरदार में नजर आ रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में मिहिर ने संघर्ष, रिजेक्शन, शाहरुख खान से मुलाकात और प्यार पैसा प्राफिट को लेकर हुई चर्चा पर बात की। सवाल: जमशेदपुर में रहते हुए एक्टिंग की तरफ आपका झुकाव कैसे हुआ? जवाब: मुझे याद नहीं कि मैंने कभी एक्टिंग के अलावा कुछ और करने के बारे में सोचा हो। सातवीं-आठवीं क्लास में ही तय कर लिया था कि मुझे एक्टर बनना है। घर के फंक्शन में मैं रिश्तेदारों की मिमिक्री करता था। लोग खुश होते थे और मुझे भी परफॉर्म करने में मजा आता था। वहीं से लगा कि मुझे यही करना है। सवाल: स्कूल के दिनों में जब आप एक्टिंग को लेकर इतने सीरियस थे, तो क्या लोगों ने आपका मजाक भी उड़ाया? जवाब: जमशेदपुर में मैंने एक छोटी-सी शॉर्ट फिल्म की थी। उसके बाद स्कूल में चर्चा होने लगी कि मैं फिल्म शूट करके आया हूं। उसी दौरान 10वीं में एक दिन मैं नोटबुक नहीं लेकर आया। टीचर ने मेरी नोटबुक डस्टबिन में फेंकते हुए कहा, ‘तुम खुद को सुपरस्टार समझते हो? तुम सुपरस्टार नहीं हो और कभी बन भी नहीं पाओगे।’ मैंने उसी दिन उनकी ये बात लिखकर रख ली थी। आज भी वो कागज मेरे पास है। उस दिन उन्होंने जो पत्थर मुझ पर फेंका था, मैंने उसी से अपनी इमारत बनाना सीख लिया। मैंने इंडिया गॉट टैलेंट में भी कोशिश की थी, लेकिन वहां से रिजेक्ट हो गया। उस समय दुख हुआ, लेकिन बाद में समझ आया कि रिजेक्शन इस फील्ड का हिस्सा है। सवाल: फिर मुंबई आने का फैसला कब किया? जवाब: 2017 में मैं मुंबई आया। हालांकि उससे पहले 10वीं के बाद छुट्टियों में भी मुंबई आया था। परिवार के साथ आकर देखा कि ऑडिशन कहां होते हैं। मैंने कई जगह अपना परिचय दिया। जमशेदपुर लौटने के बाद भी एड्स के लिए ऑडिशन आने लगे। इससे भरोसा बढ़ा कि अगर कोशिश करता रहूंगा तो कुछ न कुछ जरूर होगा। सवाल: मुंबई आने के बाद आपने पढ़ाई और ऑडिशन दोनों कैसे संभाले? जवाब: मैं कॉलेज के लिए मुंबई आया था, इसलिए रूटीन बन गया था- सुबह कॉलेज और शाम को ऑडिशन। यही मेरे लिए अच्छा रहा। अगर मैं सिर्फ एक्टिंग के लिए आता और काम नहीं मिलता तो शायद बहुत मुश्किल होती। मैंने ऑडिशन देने के अपने तरीके भी निकाल लिए थे। कई बार दोस्तों या आसपास के लोगों को नहीं बताता था कि एक्टर बनने आया हूं। ऑडिशन के कपड़े बैग में रखता और कह देता था कि ट्यूशन के लिए जा रहा हूं। सवाल: इतने साल ऑडिशन देने के बाद पहला बड़ा मौका कैसे मिला? जवाब: करीब चार साल तक ऑडिशन देने के बाद मुझे विराट कोहली के साथ कोलगेट का एड मिला। लेकिन शूट से एक दिन पहले मेरा एक्सीडेंट हो गया। बाइक ने मुझे टक्कर मार दी और मेरा हाथ फ्रैक्चर हो गया। अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने आराम करने को कहा। लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही था कि अगले दिन मेरा पहला बड़ा शूट है, वह भी विराट कोहली के साथ। मैंने डॉक्टर से कहा कि प्लास्टर मत कीजिए, मुझे शूट करना है। पेनकिलर लेकर अगले दिन शूट पर चला गया। सवाल: उसके बाद फिल्म में पहला मौका कब मिला? जवाब: सुपर 30 से मेरा फिल्मी सफर शुरू हुआ। ऋतिक रोशन के साथ काम करने का मौका मिला। हालांकि फिल्म में मेरा रोल छोटा रह गया और मेरे हिस्से का काफी काम एडिट हो गया। लेकिन मेरे लिए वह बड़ा अनुभव था। सवाल: सुपर 30 के बाद भी आपको पहचान मिलने में समय लगा? जवाब: हां, मैंने उसके बाद भी काम किया। मेड इन हेवन, फील्स लाइक इश्क और दूसरे प्रोजेक्ट किए। लेकिन द आर्चीज के बाद चीजें बदलीं। फिल्म में मुझे जुगहेड जोन्स का किरदार मिला और लोगों ने मुझे नोटिस किया। सवाल: द आर्चीज के दौरान शाहरुख खान से मुलाकात का मौका भी मिला? जवाब: हां, वह मेरे लिए खास अनुभव था। शाहरुख सर से मिलना अपने आप में बड़ी बात थी। मैं उन्हें देखकर बड़ा हुआ हूं। द आर्चीज के प्रीमियर में उनसे मिलने और बात करने का मौका मिला। उन्होंने मेरे काम को लेकर जो बातें कहीं, वह मेरे लिए बहुत मायने रखती हैं। उन्होंने कहा था- बेटा, बस अच्छा काम करते रहो, यही मैंने भी किया है।ऐसे पलों से आपको लगता है कि आपकी मेहनत सही दिशा में जा रही है। सवाल: इसके बाद प्यार पैसा प्राफिट में महवश के साथ काम किया। इस शो को लेकर काफी बातें हुईं, खासकर इंटिमेट सीन को लेकर, क्या कहना चाहोगे? जवाब: वह बात काफी बढ़ा-चढ़ाकर कही गई। शो में ऐसा कोई इंटिमेट सीन नहीं था, जैसा सोशल मीडिया के कुछ थंबनेल में दिखाया गया। एक किसिंग सीन भी था, जिसे हमने चीट करके शूट किया था। असल में कहानी अच्छी थी और मुझे अपना किरदार पसंद आया, इसलिए मैंने शो किया। कुछ लोगों ने सिर्फ व्यूज के लिए चीजों को अलग तरह से पेश किया। सवाल: इसी शो के दौरान आपको ऑपरेशन सफेद सागर का ऑफर मिला? जवाब: हां। जब प्यार पैसा प्राफिट की शूटिंग चल रही थी, उसी दौरान मुझे ऑपरेशन सफेद सागर के ऑडिशन का फोन आया। पहले मुझसे मूंछों में तस्वीरें मांगी गईं। मैंने मूंछ रखकर फोटो भेजी और सोचा कि पता नहीं कैसा किरदार होगा। बाद में पता चला कि एयरफोर्स ऑफिसर का रोल है। स्क्रिप्ट पढ़ी तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए। यह कारगिल युद्ध और एयरफोर्स की एक सच्ची कहानी से जुड़ी है। मुझे लगा कि ऐसा किरदार करने का मौका छोड़ना नहीं चाहिए। सवाल: एयरफोर्स ऑफिसर बनने के लिए सबसे अलग अनुभव क्या रहा? जवाब: असली एयरफोर्स स्टेशन पर शूट करना। फाइटर जेट के सामने खड़े होना और कॉकपिट में बैठना मेरे लिए अविश्वसनीय था। कॉकपिट में इतने कंट्रोल थे कि मैं सोच रहा था कि पायलट इन्हें याद कैसे रखते हैं। जिस मिग में मैं बैठा, वह कारगिल युद्ध के समय इस्तेमाल हुआ था। उसे देखकर एहसास होता था कि इन विमानों ने कितना इतिहास देखा है। सवाल: असली ऑफिसर से मुलाकात हुई तो उन्होंने आपका काम देखकर क्या कहा? जवाब: उनसे शूट के दौरान फोन पर बात हुई थी। उन्होंने सीरीज देखने के बाद मुझे मैसेज किया कि मैंने उनका किरदार बहुत अच्छे से निभाया है। उन्होंने अपने फोन में मेरा नाम भी मेरे किरदार के नाम से सेव किया है। मेरे लिए यह बड़ी तारीफ है। सवाल: चार साल के संघर्ष से लेकर आज तक के सफर को आप कैसे देखते हैं? जवाब: मैं मानता हूं कि आपको लगे कि कुछ नहीं हो रहा, तब भी कोशिश बंद नहीं करनी चाहिए। मेरे चार साल ऑडिशन में निकल गए। सुपर 30 में छोटा रोल मिला, फिर कई सीरीज कीं और द आर्चीज से पहचान मिली। आज ऑपरेशन सफेद सागर जैसा किरदार मिला है। मेरे लिए एक्टिंग की खूबसूरती यही है कि हर किरदार में आपको नई जिंदगी जीने का मौका मिलता है। मैंने इंडो-ऑस्ट्रेलियन को-प्रोडक्शन की फिल्म 'हिंदी विंदी' की है। यह म्यूजिकल ड्रामा फिल्म है, जो सिडनी में फिल्माई गई है।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 4:30 am

सैफ अली खान@56:नवाब खानदान से होकर भी सरकारी बसों में सफर किया, डायरेक्टर को न्यूड होने को कहा, बीच सड़क शख्स को दांतों से काटा

90 का दशक था। मुंबई की सड़क पर दो गाड़ियां अचानक आमने-सामने आ गईं। एक कार में एक युवा एक्टर अपनी पार्टनर और दोस्त के साथ बैठा था। तभी दूसरी कार के ड्राइवर ने अचानक गलत मोड़ ले लिया। एक्टर ने उसे गुस्से में इशारा किया। बात इतनी बढ़ी कि दोनों गाड़ियों के लोग सड़क पर उतर आए। कुछ ही देर में सड़क पर हाथापाई शुरू हो गई। लड़ाई के दौरान दोनों ने गुस्से में एक-दूसरे को दांतों से काट लिया, लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। कुछ देर पहले तक एक-दूसरे से भिड़ रहे दोनों लोग अचानक हंसने लगे और फिर एक-दूसरे को गले लगा लिया। यह युवा एक्टर कोई और नहीं, बल्कि सैफ अली खान थे। आज उनके 56वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ ऐसे अनसुने किस्से… मां शूटिंग में व्यस्त थीं, पड़ोसन बनीं ‘दूसरी मां’ सैफ अली खान का बचपन किसी आम स्टारकिड जैसा नहीं था। पिता मंसूर अली खान पटौदी भारतीय क्रिकेट के बड़े नाम थे और मां शर्मिला टैगोर हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री, लेकिन सैफ के बचपन का एक ऐसा दौर भी रहा, जब उनकी मां चाहकर भी उनके साथ उतना वक्त नहीं बिता पाती थीं, जितना एक मां अपने बच्चे के साथ बिताना चाहती है। सैफ के जन्म के बाद के कुछ सालों में शर्मिला अपने करियर के बेहद व्यस्त दौर में थीं। वह दिन में दो-दो शिफ्ट में काम करती थीं। एक शिफ्ट सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक और दूसरी दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक चलती थी। लेकिन शर्मिला यह भी मानती हैं कि सैफ की परवरिश में वह अकेली नहीं थीं। उनके पति मंसूर अली खान पटौदी और आसपास के लोगों ने इस दौरान उनका साथ दिया। इसी दौरान सैफ की जिंदगी में एक ऐसी महिला आईं, जिन्होंने मां की गैरमौजूदगी को काफी हद तक पूरा किया। उनका नाम था सुनीता गोस्वामी। सुनीता सिर्फ सैफ की पड़ोसी ही नहीं थीं, बल्कि वह उनके स्कूल में पढ़ाती भी थीं। शर्मिला ने DNA को दिए इंटरव्यू में बताया था कि सुनीता उस समय सैफ के स्कूल ‘सैफी महल’ में टीचर थीं। सुनीता अपने पति जतिन गोस्वामी के साथ सैफ का खूब ख्याल रखती थीं। शर्मिला ने बताया था कि वह सैफ की जिंदगी के जरूरी पड़ावों पर मौजूद रहती थीं, लेकिन बच्चे की रोजमर्रा की जरूरतों और छोटी-छोटी चीजों के लिए वह सुनीता और उनके परिवार की मदद पर काफी निर्भर थीं। इसी वजह से शर्मिला ने सुनीता को सिर्फ पड़ोसी या स्कूल टीचर नहीं माना, बल्कि सैफ की ‘दूसरी मां’ तक कहा। नवाब खानदान के सैफ DTC बस पकड़कर ऑफिस जाते थे सैफ अली खान का जन्म भले ही पटौदी के नवाब खानदान में हुआ था, लेकिन फिल्मों में आने से पहले उनकी जिंदगी किसी शाही राजकुमार जैसी नहीं थी। स्कूल खत्म करने के बाद सैफ ने दिल्ली की एक विज्ञापन एजेंसी में करीब दो महीने काम किया। दिलचस्प बात यह थी कि उस वक्त सैफ के पिता मंसूर अली खान पटौदी उन्हें शाही ठाठ-बाट में ऑफिस भेजने के बजाय DTC बस से काम पर जाने देते थे। इंडिया टुडे की पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, सैफ के पिता उन्हें बस से ऑफिस भेजते थे और खर्च के लिए सिर्फ 200 रुपए हफ्ते की पॉकेट मनी देते थे। सैफ अली खान जब दिल्ली में विज्ञापन एजेंसी में काम कर रहे थे। इसी दौरान एक फैमिली फ्रेंड ने उन्हें ‘ग्वालियर सूटिंग्स’ के एक टीवी विज्ञापन में काम करने का सुझाव दिया। सैफ ने विज्ञापन किया। विज्ञापन में सैफ के लुक और व्यक्तित्व ने निर्देशक आनंद महेंद्रू का ध्यान खींचा। उन्होंने सैफ को अपनी फिल्म में मुख्य भूमिका देने का फैसला किया। फिल्म में काम करने का मौका मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली छोड़कर मुंबई जाने का फैसला कर लिया। उन्हें लगा कि अब शायद फिल्मों में अपना करियर शुरू करने का रास्ता मिल गया है। लेकिन मुंबई पहुंचने के बाद कहानी ने अचानक करवट ले ली। जिस फिल्म के लिए सैफ को साइन किया गया था, वह बन ही नहीं पाई और प्रोजेक्ट बंद हो गया। फिल्म ‘बेखुदी’ से सैफ को निकाला गया था आनंद महेंद्रू की फिल्म बंद होने के बाद सैफ अली खान को राहुल रवैल की फिल्म ‘बेखुदी’ से लॉन्च किया जाना था। फिल्म में उनके साथ काजोल थीं, लेकिन फिल्म पूरी होने से पहले ही सैफ को प्रोजेक्ट से हटा दिया गया था। सैफ ने कई इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें अपनी पर्सनल लाइफ और फिल्म के बीच चुनना था। इस घटना के बाद लंबे समय तक यह चर्चा रही कि सैफ को उनकी गर्लफ्रेंड अमृता सिंह की वजह से फिल्म से निकाला गया था। हालांकि, 2026 में डायरेक्टर राहुल रवैल ने इस बात को गलत बताया। उनके मुताबिक, सैफ को फिल्म से अमृता सिंह की वजह से नहीं, बल्कि शूटिंग के प्रति उनके डिसिप्लिन और सीरियसनेस की कमी की वजह से हटाया गया था। रवैल ने कहा कि सैफ शूटिंग के लिए टाइम पर नहीं आते थे और उनके कमिटमेंट में दिक्कतें थीं। ‘ओमकारा’ में न्यूड होकर सीन करने को कहा गया था सैफ अली खान के करियर में ‘ओमकारा’ बहुत खास फिल्म थी। एक एक्टर के तौर पर उनकी एक्टिंग की तारीफ भी हुई। सैफ ने इस किरदार के लिए मेहनत भी की थी, क्योंकि इस रोल के लिए उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बोली सीखनी थी। शूटिंग से पहले उन्होंने भाषा पर मेहनत की। यहां तक कि उस समय जब वह छुट्टी मनाने मालदीव गए थे, तब छुट्टी के दौरान भी उनके हाथ में ‘ओमकारा’ की स्क्रिप्ट थी। लोग समुद्र किनारे छुट्टी मना रहे थे और सैफ छाते के नीचे बैठकर डायलॉग याद कर रहे थे। सैफ ने खुद बताया था कि वह मालदीव में छाते के नीचे बैठकर स्क्रिप्ट पढ़ते और लगातार प्रैक्टिस करते थे। हॉलीवुड रिपोर्टर को दिए इंटरव्यू में सैफ ने यह भी बताया था कि फिल्म ओमकारा में बिल्कुल अलग इंसान का किरदार निभाने का मौका मिला। इस बदलाव के लिए सैफ ने अपना मशहूर लुक तक छोड़ दिया और किरदार के मुताबिक बाल कटवाए और मेकअप कराया। सैफ के लिए यह आसान फैसला नहीं था। उनकी मां शर्मिला टैगोर ने भी उन्हें सावधान किया था। उन्होंने सैफ से पूछा था कि उम्मीद है निर्देशक समझदार और अच्छा फिल्ममेकर होगा, क्योंकि कुछ निर्देशक सिर्फ अलग दिखाने के लिए कलाकार का लुक बदल देते हैं। फिल्म की शूटिंग के दौरान एक और दिलचस्प वाकया हुआ। एक सीन में उन्हें आईने के सामने लंबा डायलॉग बोलना था। तभी डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने उनसे पूछा- क्या तुम यह सीन न्यूड होकर करोगे? विशाल का आइडिया था कि सैफ को पीछे से सिल्हूट (परछाईं दिखाई दे) में दिखाया जाए, जिससे सीन ज्यादा रहस्यमय और डरावना लगे। सैफ ने बताया था कि सेट पर काफी लोग मौजूद थे, इसलिए वह थोड़ा झिझक गए। उन्होंने मजाक में विशाल से कहा- “देखिए, अगर आप मुझे न्यूड होकर डायरेक्ट करेंगे, तो मैं यह कर लूंगा।” विशाल ने तुरंत मना कर दिया और दोनों के बीच यह बात मजाक में खत्म हो गई। सैफ ने बाद में कहा कि अब पीछे मुड़कर देखते हैं तो उन्हें लगता है कि शायद वह सीन कर लेना चाहिए था, क्योंकि सिल्हूट में वह और भी डरावना दिख सकता था। अमृता सिंह से शादी से पहले मां ने कहा था- मत करना सैफ अली खान की पहली शादी अमृता सिंह से हुई थी। शादी के समय सैफ की उम्र करीब 21 साल थी और अमृता की उम्र 33 साल थी। दोनों की आयु में 12 साल का अंतर था। सैफ और अमृता की लव स्टोरी की बात करें तो दोनों की पहली मुलाकात उस वक्त हुई, जब एक फोटोशूट के लिए कई कलाकारों को बुलाया गया था। अमृता उस समय इंडस्ट्री की बड़ी स्टार थीं, जबकि सैफ अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे। फोटोशूट के दौरान सैफ ने सहज अंदाज में अमृता के कंधे पर हाथ रख दिया। अमृता को उनका यह अंदाज कुछ ऐसा लगा कि उन्होंने उन्हें गौर से देखा। हालांकि उस वक्त दोनों के मन में प्यार जैसा कुछ नहीं था। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत और नजदीकी बढ़ी। एक दिन सैफ अमृता के घर पर थे और उनको शूटिंग पर जाना था, लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे। उन्होंने अमृता से 100 रुपए मांगे। अमृता ने अपनी कार उन्हें दे दी। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि कार देने की एक वजह यह भी थी कि सैफ कार लौटाने के बहाने दोबारा उनके पास आएं। इसके बाद दोनों का रिश्ता सीरियस होता गया। करीब तीन महीने की डेटिंग के बाद दोनों ने शादी का फैसला कर लिया। दिलचस्प बात यह थी कि उन्होंने शादी से सिर्फ दो दिन पहले यह निर्णय लिया। वहीं सैफ ने बताया था कि शादी से एक दिन पहले उनकी मां शर्मिला टैगोर ने उनसे कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि वह अपने रिश्ते में खुश हैं, लेकिन सब ठीक है, और मुझे उम्मीद है कि तुम अपने रिश्ते में खुश हो, बस शादी मत करना।” हालांकि, इसके बावजूद सैफ ने अपने दिल की सुनी और अमृता से शादी कर ली। वहीं, लगभग 13 साल तक साथ रहने के बाद सैफ और अमृता का रिश्ता साल 2004 में तलाक के साथ खत्म हो गया। वहीं सैफ अली खान ने साल 2012 में अभिनेत्री करीना कपूर से दूसरी शादी की। किडनैप होने पर सैफ से सबसे आखिरी में मदद लेंगी प्रीति 26 दिसंबर 2004 को हिंद महासागर में आई विनाशकारी सुनामी ने कई देशों में तबाही मचा दी थी। उस वक्त बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा भी थाईलैंड के फुकेट में मौजूद थीं। साल 2018 में इंडिया टुडे को इस घटना को लेकर प्रीति ने बताया था कि इस हादसे में प्रीति ने अपने कई करीबी दोस्तों को खो दिया। उन्होंने बाद में कहा था कि उनके ग्रुप में वह अकेली थीं जो जिंदा बचीं। वहीं, शो 'कॉफी विद करण' (सीजन 2) में जब करण जौहर ने प्रीति से पूछा कि यदि आपका किडनैप हो जाए, तो फिल्म इंडस्ट्री का वह आखिरी इंसान कौन होगा जिसे आप मदद के लिए फोन करेंगी? इसके जवाब में प्रीति जिंटा ने सैफ का नाम लिया था। वजह बताते हुए प्रीति ने कहा था कि जब वह सुनामी की भयावह स्थिति से गुजर रही थीं, तब सैफ ने उन्हें मैसेज भेजकर पूछा था- हे पीजे, पानी के अंदर हो क्या? असफलता के डर से नहीं लगाया पटौदी सरनेमपटौदी रियासत से होने के बाद सैफ अली खान ने फिल्मों में आने के बाद अपने नाम के साथ ‘पटौदी’ नाम नहीं लगाया। जूम को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि जब वह अपनी पहली फिल्म कर रहे थे, तब उनसे पूछा गया कि वह अपना स्क्रीन नेम क्या रखना चाहते हैं? तब सैफ ने अपने नाम पर पटौदी नहीं लगाया। उनके दिमाग में एक बात थी कि अगर फिल्मी करियर में वह नाकाम रहे, तो इसका असर उनके परिवार के नाम पर नहीं पड़ना चाहिए। सैफ ने इसी सोच के साथ अपना नाम सैफ अली खान रखने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने इंडस्ट्री में गड़बड़ कर दी या असफल हो गए, तो वह अपने परिवार के नाम पर कीचड़ नहीं उछालना चाहते थे। बीच सड़क सैफ ने शख्स का दांत काटा था सैफ अली खान की जिंदगी से जुड़ा एक किस्सा उनके दोस्त और एक्टर कमल सदाना ने सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में बताया था। कमल सदाना के मुताबिक, सैफ और अमृता सिंह के साथ वह कहीं से लौट रहे थे। गाड़ी चल रही थी। तभी एक दूसरी कार ने अचानक गलत मोड़ ले लिया। सैफ को गुस्सा आया और उन्होंने ड्राइवर को इशारा कर दिया। इसके बाद दोनों गाड़ियों से बाहर निकले और सड़क पर भिड़ गए। कमल और अमृता कार के बोनट पर बैठकर ये पूरी घटना देख रहे थे। लड़ाई के दौरान दोनों ने गुस्से में एक-दूसरे को दांतों से काट लिया, लेकिन किस्सा यहीं खत्म नहीं हुआ। कुछ देर बाद दोनों अचानक हंसने लगे और एक-दूसरे को गले लगा लिया। इसके बाद सैफ सीधे अस्पताल पहुंचे और टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया। ………….. यह खबर भी पढ़ें… सुनील शेट्टी@65- धमकी मिलने पर अंडरवर्ल्ड डॉन को गालियां दीं:को-एक्ट्रेस से मिलाने के लिए जूनियर आर्टिस्ट को नकली मुख्यमंत्री बनाया; अजय देवगन ‘दूधवाला’ कहते हैं 90 का दशक। मुंबई में अंडरवर्ल्ड का खौफ ऐसा था कि बड़े-बड़े कारोबारी और फिल्म स्टार भी धमकी भरे फोन से घबरा जाते थे। इसी दौर में एक बॉलीवुड एक्टर को भी लगातार धमकी वाले फोन आ रहे थे। करीब डेढ़ साल तक धमकियों का सिलसिला चलता रहा, लेकिन एक दिन बात हद से आगे बढ़ गई। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 4:30 am

Batwara 1947 पर शनिवार को बरसी कृपा, स्वतंत्रता दिवस पर Awarapan 2 के सामने छापे कड़क नोट; कमाई में तगड़ा उछाल

अवारापन 2 के साथ बॉक्स ऑफिस पर टक्कर लेने वाली बंटवारा 1947 की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर भले ही धीमी थी, लेकिन शनिवार को मूवी ने रफ्तार पकड़ ली और कमाई में उछाई देखने को मिला।

जागरण 15 Aug 2026 9:58 pm

वीकेंड पर इमरान हाशमी की Awarapan 2 को हुआ जबरदस्त फायदा, दो दिनों में ही निकाला आधा बजट

इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की है। फिल्म ने मात्र दो दिनों में ही अपने कुल बजट का आधा कलेक्शन निकाल लिया है।

जागरण 15 Aug 2026 8:21 pm

हिप इंजरी के बाद छलका रश्मिका मंदाना का दर्द:बोलीं- शरीर के साथ इंसानों जैसा बर्ताव करें, यह मशीन नहीं है

साउथ और बॉलीवुड की पॉपुलर एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना इन दिनों हिप इंजरी से रिकवर कर रही हैं। फिल्म ‘मायसा’ की शूटिंग के दौरान डांस सीक्वेंस करते वक्त उन्हें चोट लगी थी। अब एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर अपनी हेल्थ का अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि वह पहले से बेहतर हैं और इस ब्रेक में परिवार के साथ वक्त बिता रही हैं। रश्मिका ने पहले बताया था कि उनके दाहिने हिप को पैर से जोड़ने वाला एक टेंडन अलग हो गया था। इसे दोबारा जुड़ने के लिए रिकवरी और आराम की जरूरत है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘मायसा’ के डांस सीक्वेंस के दौरान वह फिसल गई थीं। यह उनके करियर की सबसे ज्यादा एग्रेसिव और फिजिकल फिल्मों में से एक बताई जा रही है। लगातार तीसरी चोट, अब शरीर को दिया ब्रेक रश्मिका ने कहा था कि यह लगातार तीसरी इंजरी है। उन्होंने महसूस किया कि उन्हें अपने शरीर को मशीन की तरह नहीं, बल्कि इंसानी शरीर की तरह ट्रीट करना चाहिए। चोट के बाद वह वर्कआउट और रनिंग से दूर हैं। रिकवरी के दौरान वह पजल्स जैसी चीजों में खुद को व्यस्त रख रही हैं। हालिया हेल्थ अपडेट में रश्मिका ने बताया कि लगातार भागदौड़ वाली जिंदगी के बीच अचानक रुकना शुरुआत में उन्हें डरावना लगा। लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि जिंदगी में कभी-कभी धीमा होना जरूरी है। उन्होंने फैंस की दुआओं और पॉजिटिविटी के लिए आभार जताया। एक्ट्रेस नीना गुप्ता ने भी उनकी पोस्ट पर कमेंट कर तबीयत पूछी, जिसके जवाब में रश्मिका ने कहा कि अब वह बेहतर हैं। रणाबाली’ की रिलीज पर भी असर रश्मिका की चोट का असर उनकी सेहत के साथ दूसरे प्रोजेक्ट्स के शेड्यूल पर भी पड़ा है। विजय देवरकोंडा के साथ उनकी फिल्म ‘रणाबाली’ पहले सितंबर 2026 में रिलीज होने वाली थी। चोट के बाद इसकी रिलीज अक्टूबर तक खिसकने की संभावना है। हालांकि मेकर्स की ओर से अंतिम रिलीज डेट को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। यह फिल्म इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें रश्मिका और विजय देवरकोंडा की जोड़ी लंबे समय बाद साथ नजर आएगी। फिल्म की रिलीज डेट में बदलाव का सीधा असर इसके प्रमोशनल प्लान और आगे के शेड्यूल पर पड़ सकता है। अल्लू अर्जुन की ‘राका’ की शूटिंग भी टली रश्मिका की इंजरी से सबसे बड़ा असर अल्लू अर्जुन और डायरेक्टर एटली की फिल्म ‘राका’ पर बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म की शूटिंग करीब 45 दिनों तक आगे खिसक गई है। रश्मिका के कुछ अहम और फिजिकल सीन्स शूट होने बाकी हैं, इसलिए एटली ने उनकी रिकवरी को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रश्मिका के बिना फिल्म के कुछ हिस्सों की शूटिंग जारी रखी जा सकती है, लेकिन उनके सीन के लिए टीम को पूरी तरह फिट होने का इंतजार करना होगा। इससे फिल्म के प्रोडक्शन शेड्यूल पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। फिलहाल रश्मिका का पूरा फोकस रिकवरी पर है। ‘मायसा’ की शूटिंग के दौरान लगी यह चोट अब ‘रणाबाली’ और ‘राका’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के शेड्यूल को भी प्रभावित कर चुकी है। फैंस को अब उनकी जल्द और पूरी तरह फिट होकर सेट पर वापसी का इंतजार है। वहीं, पर्सनल लाइफ की बात करें तो 26 फरवरी 2026 को रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी राजस्थान के उदयपुर स्थित ITC मेमेंटोस होटल में हुई थी। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 7:30 pm

हिमांशी खुराना बोलीं- दबाव में इस्लाम कबूल करने वाली थी:कहा- आसिम ने पूजा-पाठ पर रोक लगाई, चार धाम यात्रा करना चाहती थीं

‘बिग बॉस 13’ फेम हिमांशी खुराना ने अपने एक्स-बॉयफ्रेंड आसिम रियाज के साथ रिश्ते को लेकर सालों बाद बड़ा खुलासा किया है। पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में हिमांशी ने दावा किया कि एक समय वह आसिम के दबाव में इस्लाम कबूल करने के बेहद करीब पहुंच गई थीं। उन्होंने बताया कि रिश्ते के दौरान उनके पूजा-पाठ और धार्मिक मान्यताओं को लेकर आपत्ति जताई जाती थी। हिमांशी के मुताबिक, मानसिक दबाव इतना बढ़ गया था कि एक रात उन्हें लगा कि उनकी जिंदगी का शायद आखिरी दिन है। उन्होंने धर्म बदलने से पहले चार धाम यात्रा करने की इच्छा भी जताई थी। बिग बॉस 13 में शुरू हुई थी हिमांशी और आसिम की कहानी हिमांशी खुराना और आसिम रियाज की मुलाकात ‘बिग बॉस 13’ के दौरान हुई थी। शो में दोनों की नजदीकियां लगातार चर्चा में रहीं और कुछ समय बाद दोनों ने अपने रिश्ते को आगे बढ़ाया। शो से बाहर आने के बाद भी दोनों लंबे समय तक रिलेशनशिप में रहे। फैंस ने इस जोड़ी को ‘आसिमांशी’ नाम दिया था। हालांकि, बाद में दोनों का रिश्ता टूट गया। दिसंबर 2023 में ब्रेकअप की घोषणा करते हुए दोनों ने अलग-अलग धर्म और धार्मिक मान्यताओं को भी वजह बताया था। उस समय हिमांशी ने सोशल मीडिया पर आसिम के साथ हुई निजी चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे, जिनमें धर्म को लेकर बातचीत का जिक्र था। हिमांशी ने बताया- एक समय धर्म बदलने को तैयार थी अब पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में हिमांशी ने रिश्ते के दौरान आए मुश्किल दौर का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय उनके पार्टनर की तरफ से उनके पूजा-पाठ को लेकर आपत्ति जताई जाती थी। हिमांशी के मुताबिक, उनसे कहा गया था कि पूजा-पाठ अब नहीं चलेगा। उन्होंने दावा किया कि सामने वाले परिवार और उनकी धार्मिक सोच का दबाव भी उन पर बनाया जा रहा था। धीरे-धीरे यह दबाव इतना बढ़ गया कि वह इस्लाम कबूल करने के बेहद करीब पहुंच गई थीं। ‘मुझे लगा, शायद उनसे दोबारा नहीं मिल पाऊंगी’ हिमांशी ने बातचीत के दौरान उस रात का भी जिक्र किया, जिसे उन्होंने अपनी जिंदगी का बेहद मुश्किल दौर बताया। उनके अनुसार, वह प्यार में इतनी आगे बढ़ चुकी थीं कि धर्म बदलने के फैसले के लिए भी तैयार हो गई थीं। उन्होंने बताया कि धर्म बदलने से पहले वह चार धाम की यात्रा करना चाहती थीं। उन्हें ऐसा लग रहा था कि धर्म बदलने के बाद शायद वह अपने पुराने धार्मिक विश्वासों और उनसे जुड़े लोगों से दोबारा नहीं मिल पाएंगी। इसी वजह से वह चार धाम यात्रा को आखिरी बार करने की इच्छा रखती थीं। 2023 में भी धर्म को लेकर सामने आई थी बात हिमांशी और आसिम के ब्रेकअप के समय भी धर्म का मुद्दा सामने आया था। हिमांशी ने उस वक्त सोशल मीडिया पर दोनों के बीच हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट शेयर किए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चैट में आसिम ने रिश्ते के खत्म होने की वजह अलग-अलग धर्म और धार्मिक मान्यताओं को बताया था। हिमांशी ने यह भी कहा था कि उन्होंने पोस्ट में धर्म वाली बात लिखी थी, लेकिन बाद में उसे हटा दिया क्योंकि उन्हें लगा कि इससे आसिम को निशाना बनाया जा सकता है। हिमांशी बोलीं- किसी पर धर्म बदलने का दबाव सही नहीं अब अपने हालिया बयान में हिमांशी ने कहा कि किसी भी रिश्ते में धर्म बदलने के लिए दबाव बनाना सही नहीं है। उनके मुताबिक, हर व्यक्ति को अपनी धार्मिक पहचान और मान्यताओं के साथ जीने की आजादी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उस दौर में वह भावनात्मक रूप से काफी दबाव में थीं और बाद में उन्हें महसूस हुआ कि धर्म बदलने का फैसला सही नहीं होगा। हिमांशी और आसिम ने 2023 में अपने रिश्ते के खत्म होने की जानकारी सार्वजनिक की थी। हालांकि, अब हिमांशी के नए दावों के बाद दोनों के पुराने रिश्ते और उसके टूटने की वजह एक बार फिर चर्चा में आ गई है। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं, उपलब्ध ताजा रिपोर्ट में आसिम रियाज की ओर से इन नए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 6:21 pm

अमिताभ बच्चन ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी:हाथ में तिरंगा पकड़कर जोर से वंदे मातरम कहा

बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान वह हाथ में तिरंगा पकड़े हुए नजर आए और उन्होंने जोर से वंदे मातरम कहा।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 4:23 pm

सुनीता ने कहा- बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे:भड़ककर गोविंदा बोले- हद में रहो, बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रहीं, जानिए पूरा बयान

पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए हैं। सुनीता ने गोविंदा के को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर के साथ स्पॉट होने पर कहा था कि गोविंदा बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए। इतना ही नहीं सुनीता ने गोविंदा को एक्ट्रेस का शुगर डैडी तक कहा था। अब सुनीता के इन बयानों पर गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा है कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। हाल ही में गोविंदा ने सुनीता पर कहा- ‘जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो।’ गोविंदा ने इस दौरान को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा, ‘कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता।’ गोविंदा बोले- हद में रहिए सुनीता बार-बार बयान दे रही हैं कि गोविंदा इस उम्र में बेटी की उम्र की लड़की घुमा रहे हैं और शुगर डैडी बने हैं। इस पर गोविंदा ने कहा है, ‘ये जो उम्र का आपने सिलसिला चलाया है, तो आपको बता दूं कि देश के हर बड़े सुपरस्टार ने कम उम्र की नई लड़कियों के साथ काम किया है, उन्हें बड़ी फिल्में मिलीं। युवाओं के साथ काम करने पर वो युवा नजर आए। आप चाह नहीं रहीं कि मैं युवा कैसे लग सकता हूं। आप छोटी सी अपेक्षा के चलते एक बड़े बिजनेस में घात करने पर लगी हैं। आपके पीछे जो गैंग है, उससे हर कोई वाकिफ है। वो जल्द ही सामने आएगा, लेकिन आपके लिए ये शोभा नहीं देगा। मुझे लगता है कि आगे भी आपको कहीं न कहीं जरूरत पड़ेगी। कृपया ऐसे बयान देकर, जो आप ये पॉडकास्ट चला रही हैं, थोड़ा हद में रहिए, ऐसी आपसे प्रार्थना है।’ बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ये बयान देकर निकल ही रहे थे कि कुछ सेकेंड बाद वो पलटकर आए और कहा, ‘मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है।’ जानिए सुनीता के किस बयान पर भड़के गोविंदा हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस के साथ स्पॉट किया गया। इस पर सुनीता ने कहा, गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। तुम्हारा शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कपड़े ढंग के पहनो- सुनीतासुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। को-एक्ट्रेस के साथ गोविंदा स्पॉट हुए थेगोविंदा हाल ही में एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर दूसरी बार स्पॉट हुए थे। बता दें कि सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ 7 अगस्त को एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था। सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। करियर के चलते गोविंदा ने सुनीता से शादी को लगभग दो साल तक दुनिया से छिपाकर रखा था। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमलगोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। गोविंदा ने हाल ही में सुनीता के उन आरोपों पर जवाब दिया, जिनमें उन्होंने उनके अफेयर्स की बात कही थी। सुनीता के लगाए हुए अफेयर के आरोपों पर ANI से बातचीत में गोविंदा ने कहा, वह मुझे बहुत प्यार से गाली देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि जो लोग जहां हैं और भगवान ने उन्हें जो भी भूमिका दी है, अगर वो वहां नहीं होते हम कामयाब नहीं हो सकते थे। गोविंदा बोले- दूरी बनाने के लिए आरोप लगाना जरूरी नहीं गोविंदा ने इशारा किया कि उनके बारे में खुलकर बोलने के बाद सुनीता को स्टारडम मिला। उन्होंने कहा, बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जो बयां नहीं की जातीं। क्या दूरी बनाने के लिए आरोप लगाने की जरूरत है क्या? लेकिन लोग मानते हैं कि ये निकलने का आसान रास्ता है। उन्होंने सवाल किया कि कामयाबी के लिए अपने ही लोगों की बुराई जरूरी है क्या? यह थोड़ा आसान है। सुनीता तारीफ करती है फिर एक बुराई करती है। मुझे इसमें ज्यादा प्यार दिखाई देता है। सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 3:19 pm

थलापति विजय ने फहराया तिरंगा:उनके पेरेंट्स के साथ बैठीं तृषा कृष्णन; रेखा ने विदेश में किया ध्वजारोपण; देखिए सेलेब्स का सेलिब्रेशन

80वें स्वतंत्रता दिवस के खास मौके पर एक्ट्रेस रेखा ने इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न में तिरंगा फहराया। इस दौरान उनके साथ पंकज त्रिपाठी भी मौजूद रहे। वहीं दूसरी तरफ स्वतंत्रता दिवस के एक कार्यक्रम में साउथ एक्ट्रेस तृषा कृष्णन रूमर्ड बॉयफ्रेंड थलापति विजय के पेरेंट्स के साथ बैठी नजर आई हैं। जबकि कुछ समय पहले ही विजय की पत्नी ने तलाक का केस वापस लिया है। अजय देवगन, अक्षय कुमार, यश, प्रियंका चोपड़ा जोनस और अन्य कलाकारों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फैंस को शुभकामनाएं दी हैं। CM विजय ने किया ध्वजारोपण, आगे बैठीं तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने आज सुबह तिरंगा फहराया। इस दौरान उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन, विजय के पेरेंट्स के साथ आगे की लाइन में बैठी दिखीं। रेखा ने मंच पर पंकज त्रिपाठी को सिखाई अंग्रेजी एक्ट्रेस रेखा, हाल ही में इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न का हिस्सा बनीं और ध्वजारोपण किया। एक्टर पंकज त्रिपाठी भी मौजूद थे। लोगों को संबोधित करने के बाद रेखा ने मंच पर अनाउंस किया कि अब पंकज त्रिपाठी हिंदी में कुछ कहेंगे। पंकज मंच पर आए और हिंदी में कुछ शब्द कहे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के बाहर भी मैं एक हिंदुस्तान देख रहा हूं। देख की सभ्यता को आगे बढ़ाने का शुक्रिया। तभी रेखा ने कहा कि अब जो मैं कहूंगी, पंकज उसे अंग्रेजी में कहेंगे। इस समय पंकज त्रिपाठी ने कहा, मैम, मैं हिंदी मीडियम का छात्र हूं। अजय देवगन, अक्षय कुमार और प्रियंका चोपड़ा जोनस ने दी शुभकामनाएं रवीना ने फहराया तिरंगा, शिल्पा ने बांटी मिठाइयां रवीना टंडन ने स्कूल में बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया और तिरंगा फहराया। एक्ट्रेस बच्चों से गले मिलीं और हाथ मिलाकर बधाई दी।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 2:32 pm

बिग बॉस 20 शुरू होने से पहले ही विवादों में:ललित मोदी शो से जुड़ने की फर्जी खबरों पर भड़के, लीगल एक्शन लिया

आईपीएल के संस्थापक और बिजनेसमैन ललित मोदी, बिग बॉस 20 में शामिल होने की खबरों पर भड़क गए हैं। उन्होंने इन खबरों को फर्जी बताते हुए, इस तरह की खबरें फैलाने वालों को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने साफ कहा है कि वो न इस शो का हिस्सा बन रहे हैं और न ही बनेंगे। ललित मोदी ने शनिवार सुबह ऑफिशियल X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर इन खबरों का खंडन किया। उन्होंने लिखा, “फेक न्यूज। बस बात खत्म। मुझसे बिग बॉस 20 के लिए कोई संपर्क नहीं किया गया है। मैं बिग बॉस 20 में हिस्सा नहीं ले रहा हूं और न ही ऐसा करने का मेरा कोई इरादा है। आगे उन्होंने लिखा, यह वाकई हैरान करने वाली बात है कि बिना संबंधित व्यक्ति से पूछे, पूरी तरह मनगढ़ंत खबर भी “न्यूज” बन जाती है। मेरे वकीलों ने इस मामले में संलग्न कानूनी नोटिस जारी किया है। शायद अगली बार खबर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर लेना चाहिए।” मोदी ने अपने वकीलों की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस को भी शेयर किया। उनके वकील हिरानी एंड एसोसिएट्स ने उन प्रकाशनों और सोशल मीडिया अकाउंट्स को चेतावनी दी, जिन्होंने उनके बिग बॉस 20 में शामिल होने की खबरें चलाई थीं। नोटिस में खबरों को बताया झूठा और आधारहीन कानूनी नोटिस में कहा गया है कि ललित मोदी को बिग बॉस 20 का प्रतियोगी बनाए जाने की खबरें झूठी हैं। नोटिस में कहा गया, “हमारे मुवक्किल स्पष्ट करते हैं कि उक्त खबरें झूठी, आधारहीन और शरारतपूर्ण हैं। हमारे मुवक्किल से कार्यक्रम के निर्माताओं, प्रसारकों, चैनल या किसी प्रतिनिधि ने संपर्क नहीं किया है।” इसमें आगे कहा गया कि मोदी की ओर से किसी व्यक्ति को उनका प्रतिनिधित्व करने या उनकी तरफ से इस कार्यक्रम के बारे में बयान देने की अनुमति नहीं दी गई है। नोटिस के अनुसार, खबरें बिना जांच और अनुमति के प्रकाशित की गईं। इसमें बिग बॉस 20 से संबंध दिखाने के लिए मोदी के नाम, तस्वीर, फोटो, रूप, आवाज और उनकी पहचान से जुड़ी दूसरी चीजों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई गई। 6 सितंबर को प्रीमियर होगा बिग बॉस 20 इस बीच, बिग बॉस के 20वें सीजन को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बनी हुई है। सलमान खान इस सीजन में भी शो के होस्ट के तौर पर लौट रहे हैं। बिग बॉस 20 का प्रीमियर 6 सितंबर को जियो हॉटस्टार और कलर्स पर होगा। शो के पहले ट्रेलर में नए फॉर्मेट की झलक दी गई है।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 11:40 am

छोटा आर्टिस्ट हूं इसलिए नहीं बुलाते:कोलकाता फिल्म फेस्टिवल का न्योता न मिलने से नाराज मिथुन चक्रवर्ती, मोस्को से इनवाइट मिला; कुछ दिन पहले हुए थे भर्ती

मिथुन चक्रवर्ती ने कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (KIFF) में न्योता नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने गुरुवार, 13 अगस्त को कोलकाता में इससे जुड़ी बैठक के बाद इस मामले पर मीडिया से बात की। एक्टर ने बंगाल और भारतीय सिनेमा से अपने लंबे जुड़ाव का जिक्र करते हुए पूछा कि उन्हें फेस्टिवल में शामिल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि वे मॉस्को जा रहे हैं, जहां उन्हें एक फिल्म फेस्टिवल में बुलाया गया है। मॉस्को से बुलावा आया और बंगाल में न्योता तक नहीं एएनआई के मुताबिक, मिथुन ने कहा, “मुझे निकाल दिया गया। मुझे फिल्म फेस्टिवल में नहीं बुलाया गया। मैं अब मॉस्को जा रहा हूं, मुझे वहां सम्मान देने के लिए बुलाया गया है, लेकिन यहां बंगाल में मुझे न्योता नहीं दिया गया। मैं बहुत छोटा आर्टिस्ट हूं, शायद वो इसलिए नहीं बुलाते। वे बाहर के बड़े-बड़े लोगों को बुलाते हैं, जिनका बंगाल से बिल्कुल कोई लेना-देना नहीं है। बोलिए, हम कोई डरते नहीं हैं।” बठक में बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग मौजूद थे। इनमें प्रसेनजीत चटर्जी, रुद्रनील घोष, अरिंदम सिल, शांतिलाल मुखर्जी, कंचन मल्लिक, श्रीजीत मुखर्जी और शंकर चक्रवर्ती शामिल थे। कोलकाता फिल्म फेस्टिवल 8 से 13 सितंबर तक होंगे। मिथुन चक्रवर्ती ने गुरुवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से भी मुलाकात की थी। कुछ दिन पहले अस्पताल में थे भर्ती, सर्जरी हुई सीनियर एक्टर और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती की हाल ही में सर्जरी हुई। इसके बाद पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी भी कोलकाता के एक निजी अस्पताल में मिथुन चक्रवर्ती से मिलने पहुंचे थे। न्यूज एजेंसी PTI के सूत्रों के अनुसार, मिथुन चक्रवर्ती के शरीर में पहले लगाई गई धातु (मेटल) की प्लेट को निकाला गया। यह प्लेट एक पुराने हादसे के बाद लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, फेमस फिल्म एक्टर और भाजपा की केंद्रीय समिति के सदस्य मिथुन चक्रवर्ती स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। आज मैं उनसे मिलने अस्पताल गया। मैंने उनसे बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। 2024 में भी अस्पताल में भर्ती हुए थे इससे पहले फरवरी 2024 में मिथुन चक्रवर्ती को ब्रेन स्ट्रोक और सीने में दर्द की शिकायत के बाद कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय भी शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचकर मिथुन चक्रवर्ती से मिले थे और उनका हालचाल जाना था। मिथुन चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार किया था, जिसमें भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को हराकर राज्य में सरकार बनाई। एक नजर मिथुन चक्रवर्ती के फिल्मी करियर परमिथुन चक्रवर्ती ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1976 में निर्देशक मृणाल सेन की फिल्म मृगया से की थी। पहली ही फिल्म में उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इसके बाद उन्होंने हिंदी और बंगाली सिनेमा में कई यादगार फिल्में कीं। डिस्को डांसर उनके करियर की सबसे बड़ी हिट साबित हुई। अपने लंबे करियर में मिथुन ने सुरक्षा, प्यार झुकता नहीं, गुलामी, डांस डांस, प्यार का मंदिर, गुरु, गोलमाल 3, हाउसफुल 2, ओएमजी, किक, द ताशकंद फाइल्स और द कश्मीर फाइल्स जैसी कई फिल्मों में काम किया। मिथुन चक्रवर्ती को अब तक तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 2 फिल्मफेयर पुरस्कार और साल 2024 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। ……… मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए: झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 10:39 am

आवारापन-2 से आधी कमाई भी नहीं कर सकी बंटवारा 1947:क्लैश के बावजूद इमरान हाशमी के करियर की हाईएस्ट ओपनिंग फिल्म बनी, जानिए कैसी हुई कमाई

इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ और सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ 14 अगस्त को एक ही दिन रिलीज हुईं। इस बॉक्स ऑफिस क्लैश में इमरान हाशमी की फिल्म ने सनी देओल की बंटवारा 1947 को पछाड़ते हुए ज्यादा कमाई की है। आवारापन ने 27.20 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया है, वहीं बंटवारा 1947 इसकी आधी कमाई भी नहीं कर सकी। इमरान हाशमी के करियर की हाईएस्ट ओपनिंग वाली फिल्म बनी इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइड Sacnilk के मुताबिक, ‘आवारापन 2’ ने रिलीज के पहले दिन 21 करोड़ रुपए से ज्यादा नेट कलेक्शन किया। यह इमरान हाशमी के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म बन गई है। ‘आवारापन 2’ ने पहले दिन खत्म होने से पहले ही 2007 में रिलीज हुई पहली फिल्म ‘आवारापन’ की पूरी लाइफटाइम कमाई को पार कर लिया। यह फिल्म 2026 में बॉलीवुड की सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्मों में शामिल होने की ओर बढ़ रही है। ‘आवारापन 2’ का ग्रॉस कलेक्शन 25.20 करोड़ रुपए पहुंच गया है। विदेशों में फिल्म ने 2 करोड़ रुपए कमाए हैं। इस तरह इसकी कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाई 27.20 करोड़ रुपए हो गई है। 2007 में रिलीज हुई पहली ‘आवारापन’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। उसने अपनी पूरी लाइफटाइम कमाई में सिर्फ 7.76 करोड़ रुपए जुटाए थे। ‘आवारापन 2’ ने इस आंकड़े तक पहुंचने में सिर्फ 8 घंटे लिए। इमरान की दो फिल्मों की ओपनिंग का रिकॉर्ड टूटा ‘आवारापन 2’ के टिकट शुक्रवार को बुक माय शो पर हर घंटे 20 हजार से ज्यादा बिके। फिल्म की मौजूदा रफ्तार के आधार पर इसके जल्द ही 50 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार करने की बात कही जा रही है। वीकेंड में फिल्म की कमाई में उछाल देखने मिल सकता है। अब तक इमरान हाशमी की सिर्फ दो फिल्मों ने डबल डिजिट ओपनिंग की थी। 2012 में ‘राज 2’ ने पहले दिन 10.35 करोड़ रुपए कमाए थे। 2017 में ‘बादशाहो’ ने रिलीज के दिन 12.60 करोड़ रुपए कमाकर यह रिकॉर्ड तोड़ा था। 'आवारापन 2’ अपनी ओपनिंग रफ्तार के साथ इन दोनों फिल्मों से आगे निकल गई है। ‘आवारापन 2’ में इमरान का पुराना किरदार नितिन कक्कड़ के निर्देशन और विशेष भट्ट के प्रोडक्शन में बनी ‘आवारापन 2’ में इमरान हाशमी ‘शिवम पंडित’ के अपने मशहूर किरदार में लौटे हैं। फिल्म में शबाना आजमी, दिशा पाटनी और सुविंदर विक्की भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को मिले-जुले से लेकर अच्छे रिव्यू मिले हैं। इमरान हाशमी की एक्टिंग और फिल्म के माहौल की खास तौर पर तारीफ हुई है। ‘बंटवारा 1947’ का पहले दिन का कलेक्शन दूसरी तरफ, सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ ने भारत में ओपनिंग डे पर अब तक 5.75 करोड़ रुपए नेट कमाए हैं। ट्रेड ट्रैकर Sacnilk के अनुसार, भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन 6.84 करोड़ रुपए है। विदेशों में फिल्म ने 1.50 करोड़ रुपए कमाए हैं। इससे इसकी कुल वर्ल्डवाइड कमाई 8.34 करोड़ रुपए हो गई है। फिल्म देशभर में 8,721 शो में चल रही है। ‘बंटवारा 1947’ की पहले दिन ऑक्यूपेंसी ‘बंटवारा 1947’ के हिंदी 2D वर्जन ने ओपनिंग डे पर कुल 10.73% ऑक्यूपेंसी दर्ज की। सुबह के शो में ऑक्यूपेंसी 7.54% रही। दोपहर के शो में यह बढ़कर 12.31% हो गई। शाम और रात के शो में इससे थोड़ी ज्यादा ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट राजकुमार संतोषी की ‘बंटवारा 1947’ भारत के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म में सनी देओल ने सिकंदर मिर्जा का रोल निभाया है। फिल्म में प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल, अली फजल, अभिमन्यु सिंह, मिथुन चक्रवर्ती, रुखसार रहमान और दीया मिर्जा भी हैं। आमिर खान प्रोडक्शंस के तहत आमिर खान और अपर्णा पुरोहित ने फिल्म को प्रोड्यूस किया है। फिल्म का संगीत एआर रहमान ने दिया है और गानों के बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 9:07 am

पंजाबी फिल्मों पर बयान देकर घिरीं वामिका गब्बी:बोलीं-'सिर्फ पैसों के लिए कीं फिल्में, दिल से काम करने का नहीं मन; अब हो रहीं ट्रोल

पंजाबी सिनेमा से अपने अभिनय करियर की शुरुआत कर आज बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री तक अपनी पहचान बना चुकी मोहाली की बेटी और मशहूर अभिनेत्री वामिका गब्बी अपने एक विवादित बयान को लेकर चौतरफा घिर गई हैं। पंजाबी फिल्मों को लेकर दिए गए उनके एक बयान ने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में जब वामिका से उन प्रोजेक्ट्स के बारे में पूछा गया जो उन्होंने सिर्फ पैसों के लिए किए थे, तो उन्होंने बेबाकी से कुबूल किया कि उन्होंने कई पंजाबी फिल्में केवल पैसों और इंडस्ट्री में बने रहने (Survival) के लिए की थीं, क्योंकि उस समय उनके पास कोई और विकल्प नहीं था और न ही उन किरदारों को करने में उनका दिल या कोई खास दिलचस्पी थी। वामिका के इस बयान के सामने आते ही पंजाबी सिनेमा प्रेमियों और फिल्म समीक्षकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जिस पंजाबी इंडस्ट्री ने बाल कलाकार से सीधे बतौर मुख्य अभिनेत्री ब्रेक देकर वामिका को बॉलीवुड तक का रास्ता दिखाया, आज वही अदाकारा इतनी जल्दी अपने पांव पीछे खींचकर उसी सिनेमा का अनादर कर रही है। हालांकि ये इंटरव्यू 2 साल पुराना है। लेकिन, ट्रोलरों ने इसे अब फिर से वायरल कर वामिका के बयान को गलत बताया है। ट्रोलर कह रहे हैं कि वामिका को हनी सिंह, अमरिंदर गिल जैसे कलाकारों का आभारी होना चाहिए, जिनके कारण उन्हें ये मुकाम मिला। लेकिन, इसके उलट वामिका ने शोहरत हासिल करने के लिए पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री को ही कटघरे में ला खड़ा किया। 'सर्वाइव करना था, इसलिए बिना दिल के कीं पंजाबी फिल्में'- वामिका का विवादित बयान इंटरव्यू के दौरान पूछे गए सवाल पर वामिका गब्बी ने बिना किसी झिझक के कहा: अ फ्यू पंजाबी फिल्म्स आई हैव डन एंड आल्सो बिकॉज़ आई डिडन्ट हैव एनी अदर फिल्म्स। एंड इट्स नॉट लाइक जस्ट फॉर मनी, बट कुछ और था ही नहीं। तो सर्वाइव तो करना ही है ना, तो वो कर लिया जिसमें इतना दिल नहीं था। इतना मजे कैरेक्टर में इतना कुछ था नहीं बस है, तो कर लिया। लेकिन अब नहीं करना। ट्रोलर्स का कहना है कि वामिका के इस कुबूलनामे से साफ झलकता है कि जिन पंजाबी फिल्मों के दम पर उन्होंने स्टारडम हासिल किया, उनके प्रति उनका रुझान महज एक मजबूरी और आर्थिक जरूरत तक ही सीमित था। 'तू मेरा 22 मैं तेरा 22' से मिली थी बतौर एक्ट्रेस बनाई पहचान वामिका गब्बी ने 'जब वी मेट' जैसी कई बड़ी हिंदी फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम जरूर किया था, लेकिन बतौर मुख्य अभिनेत्री उन्हें पहला बड़ा ब्रेक पंजाबी सिनेमा से ही मिला था। डेब्यू फिल्म: साल 2013 में आई सुपरहिट पंजाबी फिल्म 'तू मेरा 22 मैं तेरा 22' से उन्होंने लीड एक्ट्रेस के रूप में कदम रखा था, जिसमें उनके साथ पंजाबी सिंगर-एक्टर अमरिंदर गिल और यो यो हनी सिंह मुख्य भूमिका में थे। प्रमुख पंजाबी फिल्में: इसके बाद वामिका ने 'इश्क बरांडी', 'निक्का जैलदार 2', 'निक्का जैलदार 3', 'प्रौणा', 'नाडू खान', 'दिल दीयां गल्लां', 'दूरबीन' और 'गल वक्कड़ी' जैसी एक से बढ़कर एक कई कमर्शियल सुपरहिट फिल्मों में काम किया। पंजाबी सिनेमा से पैन इंडिया स्टार बनने तक का सफरपंजाबी इंडस्ट्री में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने के बाद वामिका ने साउथ इंडियन सिनेमा और फिर हिंदी वेब सीरीज व फिल्मों में अपने पैर पसारे। प्रमुख पैन इंडिया प्रोजेक्ट्स: 'ग्रहण', '83', 'खुफिया', 'जवान' (कैमियो) और 'बचक माफ' जैसी बड़ी फिल्मों व वेब सीरीज के जरिए वामिका की पहचान पैन इंडिया लेवल पर बेहद मजबूत हुई। ईमानदार कुबूलनामा या एहसानफरामोशी? सोशल मीडिया पर बंटी राय वामिका गब्बी के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है: एक वर्ग का कहना: कई फैंस और समीक्षकों का मानना है कि वामिका जिस पंजाबी सिनेमा की बदौलत आज इस मुकाम पर पहुंची हैं, आज उसी को 'सिर्फ पैसों के लिए किया काम' बताकर वह एहसान फरामोश साबित हो रही हैं और अपने शुरुआती दौर को भूल चुकी हैं। दूसरा वर्ग: वहीं कुछ लोगों का मानना है कि वामिका ने किसी बनावटीपन के बिना एक कलाकार के तौर पर अपनी जिंदगी के स्ट्रगल फेज को लेकर एक बेहद ईमानदार कुबूलियत की है, जिसे सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए। फिलहाल, वामिका गब्बी का यह बयान पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है और अब देखना यह होगा कि पंजाबी सिनेमा के दिग्गज कलाकार और निर्माता इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 6:00 am

ऋतिक रोशन का सबा आजाद से क्या ब्रेकअप हुआ:डेटिंग ऐप पर ऋतिक की प्रोफाइल वायरल; उर्वशी रौतेला ने भी दावा किया था

बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन और उनकी गर्लफ्रेंड सबा आजाद के ब्रेकअप की अफवाहें एक बार फिर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर ऋतिक के डेटिंग ऐप 'राया' पर प्रोफाइल के स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद यह मामला गरमा गया है। वायरल स्क्रीनशॉट में उनके प्रोफाइल बायो में 'एक्टर/प्रोड्यूसर/एंटरप्रेन्योर' लिखा दिख रहा है। इस पूरे मामले पर ऋतिक या सबा की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उर्वशी रौतेला के बयान से बढ़ी अफवाहें हाल ही में अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने भी एक इंटरव्यू में दावा किया था कि उन्होंने सेलिब्रिटी डेटिंग ऐप 'राया' पर ऋतिक रोशन और आदित्य रॉय कपूर के प्रोफाइल देखे थे। हालांकि उर्वशी का यह बयान सीधे तौर पर ऋतिक के रिलेशनशिप स्टेटस से जुड़ा नहीं था, लेकिन फैंस इसे ऋतिक और सबा के ब्रेकअप के संकेत के तौर पर देख रहे हैं। इसके बाद से सोशल मीडिया पर दोनों के अलग होने की चर्चा तेज हो गई है। ऋतिक और सबा ने ब्रेकअप की खबरों पर साधी चुप्पीतमाम अटकलों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बावजूद ऋतिक रोशन और सबा आजाद में से किसी ने भी इस मुद्दे पर कोई बयान जारी नहीं किया है। ऋतिक अपनी पर्सनल लाइफ को प्राइवेट रखना पसंद करते हैं और अक्सर निजी मामलों पर बोलने से बचते हैं। इस बार भी दोनों कलाकारों की तरफ से इन खबरों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। ऋतिक से 17 साल छोटी हैं सबाऋतिक और सबा की डेटिंग की अफवाहें फरवरी 2022 में शुरू हुईं थीं। जब एक्टर को उनके साथ डिनर डेट पर देखा गया। बाद में सबा को कई बार ऋतिक की फैमिली के साथ देखा गया। दोनों करण जौहर के 50वें बर्थडे में भी एक साथ शामिल हुए थे। ऋतिक और सबा के बीच पूरे 17 साल का अंतर है। ऋतिक 48 साल के हैं, जबकि सबा महज 31 साल की हैं। सुजैन खान से तलाक ले चुके हैं ऋतिक ऋतिक की पहली शादी सुजैन खान से हुई थी। दोनों ने 2014 में एक दूसरे से तलाक ले लिया था। रेहान और रिदान​​​​​ दोनों सुजैन और ऋतिक के बेटे हैं। तलाक के कुछ साल बाद, सुजैन ने अर्सलान गोनी को डेट करना शुरू कर दिया था। ये खबर भी पढ़ें ऋतिक रोशन पर भड़की कंगना रनोट:बोलीं- आग में घी डालने जैसा व्यवहार बंद करें और अपनी पार्टनर को शर्मिंदा न करें कंगना रनोट ने ऋतिक रोशन से उनके नाम का इस्तेमाल कर उन्हें ट्रोल करने वालों की आलोचना करने की अपील की और कहा कि आग में घी डालने से बचना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 4:30 am

Awarapan 2 ने बॉक्स ऑफिस पर की बंपर ओपनिंग, Sunny Deol की 'बंटवारा 1947' को किया ओवरटेक

इमरान हाशमी की फिल्म 'आवारापन 2' ने बॉक्स ऑफिस पर बंपर ओपनिंग करते हुए सभी को हैरान कर दिया। इसने सनी देओल की 'बंटवारा 1947' को पीछे छोड़ दिया है।

जागरण 14 Aug 2026 8:00 pm

'बेटी की उम्र की लड़की के साथ घूम रहा है':गोविंदा पर भड़कीं पत्नी सुनीता आहूजा; बोलीं- शर्म आनी चाहिए, शुगर डैडी बन गया

अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने अपने पति पर तीखा हमला बोला है। सुनीता ने गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल रॉय के साथ एयरपोर्ट पर दिखने पर कड़ी नाराजगी जताई। सुनीता ने कहा कि गोविंदा को बेटी की उम्र की लड़की के साथ इस तरह घूमने पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कोमल के कपड़ों पर भी तंज कसा। सुनीता ने कहा कि बिना फिल्म बने कोई प्रमोशन नहीं होता, यह सब घटिया सोच को दिखाता है। 'बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहा है' सुनीता से गोविंदा के कोमल रॉय के साथ दोबारा नजर आने पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कड़े शब्दों में जवाब दिया। सुनीता ने कहा कि फिल्म बनने के बाद ही उसका प्रमोशन किया जाता है, बिना किसी फिल्म के यह सब करने का क्या मतलब है। इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। तुम्हारा शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कपड़े ढंग के पहनोसुनीता आहूजा ने केवल गोविंदा ही नहीं, बल्कि उनके साथ दिख रही कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। को-एक्ट्रेस के साथ गोविंदा स्पॉट हुए थेगोविंदा हाल ही में एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर दूसरी बार स्पॉट हुए थे। बता दें कि सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ 7 अगस्त को एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था। सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। करियर के चलते गोविंदा ने सुनीता से शादी को लगभग दो साल तक दुनिया से छिपाकर रखा था। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमलगोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। गोविंदा ने हाल ही में सुनीता के उन आरोपों पर जवाब दिया, जिनमें उन्होंने उनके अफेयर्स की बात कही थी। सुनीता के लगाए हुए अफेयर के आरोपों पर ANI से बातचीत में गोविंदा ने कहा, वह मुझे बहुत प्यार से गाली देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि जो लोग जहां हैं और भगवान ने उन्हें जो भी भूमिका दी है, अगर वो वहां नहीं होते हम कामयाब नहीं हो सकते थे। गोविंदा बोले- दूरी बनाने के लिए आरोप लगाना जरूरी नहीं गोविंदा ने इशारा किया कि उनके बारे में खुलकर बोलने के बाद सुनीता को स्टारडम मिला। उन्होंने कहा, बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जो बयां नहीं की जातीं। क्या दूरी बनाने के लिए आरोप लगाने की जरूरत है क्या? लेकिन लोग मानते हैं कि ये निकलने का आसान रास्ता है। उन्होंने सवाल किया कि कामयाबी के लिए अपने ही लोगों की बुराई जरूरी है क्या? यह थोड़ा आसान है। सुनीता तारीफ करती है फिर एक बुराई करती है। मुझे इसमें ज्यादा प्यार दिखाई देता है। सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 4:09 pm

बच्चन परिवार की लीगेसी पर कोर्ट में सवाल:ऐश्वर्या-अभिषेक की बेटी आराध्या ने मौत की खबरों के खिलाफ किया था केस, जानिए क्या है मामला

बॉलीवुड के दिग्गज बच्चन परिवार का नाम दशकों से हिंदी सिनेमा की पहचान और विरासत से जुड़ा रहा है। अब इसी नाम और उसकी प्रतिष्ठा से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बेहद अहम सवाल उठाए हैं। आराध्या बच्चन की सेहत को लेकर फैलाई गई झूठी खबरों पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को एक लीगेसी माना जा सकता है? अगर हां, तो क्या यह लीगेसी अगली पीढ़ियों तक कानूनी सुरक्षा के साथ आगे बढ़ सकती है? आराध्या बच्चन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को लेकर अहम सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम से जुड़ी प्रतिष्ठा को लीगेसी की तरह अगली पीढ़ियों तक कानूनी सुरक्षा मिल सकती है? अगर मिल सकती है, तो यह सुरक्षा कितनी पीढ़ियों तक जारी रहेगी? जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि किसी ट्रेडमार्क की पहचान उसके प्रोडक्ट या सर्विस की वजह से बनती है। लेकिन किसी व्यक्ति या परिवार के नाम की पहचान उसकी उपलब्धियों, काम और समाज में उसकी प्रतिष्ठा से बनती है। ऐसे में सवाल है कि क्या यह प्रतिष्ठा भी परिवार की लीगेसी की तरह आगे बढ़ सकती है। कोर्ट ने तीन बड़े सवाल उठाए- पहला सवाल- क्या परिवार की प्रतिष्ठा अगली पीढ़ियों तक जा सकती है?कोर्ट यह देखेगा कि अगर किसी परिवार के नाम की प्रतिष्ठा ट्रेडमार्क जैसी मानी जाए, तो क्या यह प्रतिष्ठा अगली पीढ़ियों तक बनी रह सकती है? अगर हां, तो इसकी कानूनी सीमा क्या होगी? दूसरा सवाल- क्या फेक न्यूज भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन है?कोर्ट यह भी देखेगा कि अगर किसी सेलिब्रिटी या उसके परिवार को लेकर बेहद आपत्तिजनक और झूठी खबरें फैलाई जाती हैं, तो क्या इसे इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन माना जा सकता है? तीसरा सवाल- क्या मानहानि को भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जोड़ा जा सकता है?कोर्ट यह समझने की कोशिश करेगा कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली मानहानि को क्या इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के तहत लाया जा सकता है। कोर्ट ने साफ किया कि ये सवाल अंतिम नहीं हैं और मामले में आगे और मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। बच्चन परिवार की लीगेसी का भी मुद्दा आराध्या की तरफ से पेश वकील प्रवीण आनंद ने कहा कि मामला सिर्फ आराध्या की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि पूरे बच्चन परिवार की प्रतिष्ठा का है। उन्होंने कोर्ट के सामने कहा कि बच्चन परिवार की तस्वीरों और ‘बच्चन’ नाम का इस्तेमाल कर ऐसे वीडियो बनाए गए, जिनमें आराध्या की मौत या कैंसर जैसी झूठी बातें कही गईं। इससे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। यही वजह है कि अब कोर्ट के सामने एक बड़ा सवाल है कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को एक लीगेसी माना जा सकता है और क्या उस लीगेसी को कानूनी सुरक्षा दी जा सकती है? 15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को करेगा। इस दौरान परिवार की प्रतिष्ठा, फेक न्यूज, मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े सवालों पर आगे चर्चा होगी। इस मामले का फैसला सिर्फ बच्चन परिवार के लिए नहीं, बल्कि दूसरे सेलिब्रिटी परिवारों के लिए भी अहम हो सकता है। इससे यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किसी परिवार के नाम, पहचान, तस्वीर और प्रतिष्ठा को ऑनलाइन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कानून किस तरह सुरक्षा देता है।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 3:10 pm

समय रैना समेत 5 कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज केस रद्द:लेटेंट शो में दिव्यांगों का मजाक उड़ाया था; सुप्रीम कोर्ट बोला- ये प्रतिभाशाली युवा

इंजियाज गॉट लेटेंट विवाद में यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना समेत पांच कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज केस को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। इन पर शो में दिव्यांग बच्चे पर गलत कमेंट करने का आरोप था। समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर को भी राहत मिली है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। कोर्ट ने इन पांचों की ओर से दिव्यांग लोगों के लिए जागरूकता और फंड जुटाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। कोर्ट ने कहा कि ये सभी युवा और प्रतिभाशाली हैं और अगर उन्होंने अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाई है, तो इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। हालांकि, दिव्यांग लोगों से जुड़े मुद्दे पर सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि ऑनलाइन और मनोरंजन से जुड़े कंटेंट में दिव्यांग लोगों के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए किस तरह के नियम या दिशा-निर्देश बनाए जा सकते हैं। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी जैसी गंभीर बीमारी का मजाक बनाया था यह विवाद इंडियाज गॉट लेटेंट के एक एपिसोड से जुड़ा है। शो में दिव्यांग लोगों और SMA (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) जैसी गंभीर बीमारी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे। क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ऐसे मजाक और टिप्पणियां दिव्यांग लोगों की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। साथ ही ऑनलाइन कंटेंट को लेकर बेहतर नियम बनाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने दिव्यांगों के लिए फंड जुटाने का आदेश दिया था नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और चार अन्य कॉमेडियन को दिव्यांग लोगों के लिए काम करने और SMA से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए फंड जुटाने के लिए महीने में कम से कम दो कार्यक्रम करने का निर्देश दिया था। उन्हें अपने कार्यक्रमों में दिव्यांग लोगों को शामिल करने और उनकी उपलब्धियों को सामने लाने के लिए भी कहा गया था। बाद में कोर्ट को बताया गया कि इन कॉमेडियन ने कई कार्यक्रम आयोजित किए और दिव्यांग लोगों को उनमें शामिल किया। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए SMA से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता फैलाने और फंड जुटाने की कोशिश की गई। हालांकि, जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और बाकी चार कॉमेडियन पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने माना था कि पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था। स्टिल अलाइव से समय रैना ने किया कमबैक, लेटेंट 2 भी शुरू विवाद के बाद समय रैना ने 17 अप्रैल 2026 को स्टैंड-अप कॉमेडी शो स्टिल अलाइव से कमबैक किया। शो में उन्होंने विवाद और केस पर बात की। शो के बीच में समय भावुक भी हो गए। इस वीडियो को उनके यूट्यूब चैनल पर 71 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। जून 2026 में नेटफ्लिक्स ने इंडियाज गॉट लेटेंट 2 की घोषणा की। 20 जून 2026 में नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर एक साथ लेटेंट 2 का पहला एपिसोड स्ट्रीम किया गया, जिसमें आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर पैनल गेस्ट पहुंचीं। पहले ही एपिसोड को सिर्फ यूट्यूब में 65 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले। आगे शो में करण औजला, कीकू शारदा, चंदन प्रभाकर, राघव जुयाल, बादशाह जैसे कई सेलेब्स पहुंच रहे हैं। ये शो लगातार ट्रेंड में है।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 2:55 pm

समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत:लेटेंट विवाद मामले में आपराधिक केस रद्द, दिव्यांग का मजाक उड़ाने का था मामला

इंजियाज गॉट लेटेंट विवाद में यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने शुक्रवार को समय रैना समेत पांच कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को रद्द कर दिया। ये मामले दिव्यांग बच्चे को लेकर की गई कथित असंवेदनशील टिप्पणियों से जुड़े थे। समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर को भी राहत मिली है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। कोर्ट ने कहा- ये युवा प्रतिभाशाली हैं सुप्रीम कोर्ट ने इन पांचों की ओर से दिव्यांग लोगों के लिए जागरूकता और फंड जुटाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। कोर्ट ने कहा कि ये सभी युवा और प्रतिभाशाली हैं और अगर उन्होंने अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाई है, तो इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। कोर्ट ने कहा कि पांचों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म की जाती है। हालांकि, दिव्यांग लोगों से जुड़े बड़े मुद्दे पर सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि ऑनलाइन और मनोरंजन से जुड़े कंटेंट में दिव्यांग लोगों के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए किस तरह के नियम या दिशा-निर्देश बनाए जा सकते हैं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद इंडियाज गॉट लेटेंट के एक एपिसोड से जुड़ा है। शो में दिव्यांग लोगों और SMA (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) जैसी गंभीर बीमारी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर समेत कई लोगों के खिलाफ शिकायतें और आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ऐसे मजाक और टिप्पणियां दिव्यांग लोगों की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। साथ ही ऑनलाइन कंटेंट को लेकर बेहतर नियम बनाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने पहले क्या आदेश दिया था? नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और चार अन्य कॉमेडियन को दिव्यांग लोगों के लिए काम करने और SMA से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए फंड जुटाने के लिए महीने में कम से कम दो कार्यक्रम करने का निर्देश दिया था। उन्हें अपने कार्यक्रमों में दिव्यांग लोगों को शामिल करने और उनकी उपलब्धियों को सामने लाने के लिए भी कहा गया था। बाद में कोर्ट को बताया गया कि इन कॉमेडियन ने कई कार्यक्रम आयोजित किए और दिव्यांग लोगों को उनमें शामिल किया। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए SMA से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता फैलाने और फंड जुटाने की कोशिश की गई। हालांकि, जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और बाकी चार कॉमेडियन पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने माना था कि पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 2:55 pm

सनी देओल बोले- 'मैं दुनिया का पापा हूं':'ऑगी एंड द कॉकरोचेज' कार्टून का डायलॉग सुनाया; बंटवारा 1947 के प्रमोशन में पहुंचे थे

अभिनेता सनी देओल अपनी नई फिल्म 'बंटवारा 1947' के प्रमोशन के सिलसिले में कोलकाता पहुंचे थे। फिल्म की स्टारकास्ट और डायरेक्टर राजकुमार संतोषी के साथ आयोजित एक कार्यक्रम में सनी ने फैंस से सीधी बातचीत की। इस दौरान एक फैन के कहने पर उन्होंने मशहूर एनिमेटेड शो 'ऑगी एंड द कॉकरोचेज' का एक डायलॉग अपनी आवाज में बोलकर सुनाया। हिंदी में डब हुए इस कार्टून शो में जैक नाम के किरदार की आवाज सनी देओल की मिमिक्री स्टाइल में रखी गई है। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बिना शो देखे बोले 'मैं पापा हूं, दुनिया का पापा'कोलकाता के ऑडिटोरियम में हुए इस कार्यक्रम के दौरान एक फैन ने सनी देओल से कार्टून शो से जुड़ा एक डायलॉग बोलने का निवेदन किया। फैन ने एक्टर को बताया कि 'ऑगी एंड द कॉकरोचेज' शो में उनकी आवाज जैसी डबिंग में एक लाइन है, 'ओये मैं पापा हूं, दुनिया का पापा'। सनी देओल ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्होंने यह शो कभी नहीं देखा है, लेकिन वे कोशिश करते हैं। इसके बाद सनी ने अपने सिग्नेचर पंजाबी और हिंदी अंदाज में जोर से यह डायलॉग बोला, जिसे सुनकर पूरे हॉल में मौजूद फैंस ने जमकर तालियां बजाईं। भारत में 'ऑगी एंड द कॉकरोचेज' की डबिंग का कनेक्शन'ऑगी एंड द कॉकरोचेज' मूल रूप से कनाडा का एक लोकप्रिय एनिमेटेड शो है, जिसे जीन-इवेस रायमबॉड ने बनाया था। 1998 से 2019 के बीच इसके 7 सीजन प्रसारित हुए थे। भारत में यह शो साल 2009 में निकलोडियन चैनल पर पहली बार दिखाया गया था। इसके बाद 2012 में जब यह कार्टून नेटवर्क पर आया, तो इसके किरदारों को बॉलीवुड स्टार्स की मिमिक्री आवाज में डब किया गया। इसमें जैक नाम की हरी बिल्ली के किरदार की आवाज सनी देओल की स्टाइल में रखी गई थी, जो भारत के बच्चों और युवाओं के बीच काफी मशहूर हुई थी। सिनेमाघरों में रिलीज हुई 'बंटवारा 1947'सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा 1947' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। राजकुमार संतोषी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में सनी देओल एक मुस्लिम व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं, जो देश के विभाजन के समय पाकिस्तान चला जाता है। वहां उसे अपने नए घर में एक हिंदू महिला मिलती है, जिसका किरदार शबाना आजमी ने निभाया है। फिल्म की कहानी में सनी उस महिला और अपने परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाते नजर आते हैं। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म में प्रीति जिंटा, करण देओल, अली फजल, अभिमन्यु सिंह और कनिष्का कपूर ने भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यूः बंटवारा 1947:सनी देओल की दमदार परफॉर्मेंस, भारत-पाक बंटवारे की दर्दनाक, इंसानियत भरी कहानी जो दिल दहला दे राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी जब साथ आती है तो उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। घायल, दामिनी और घातक के बाद बटवारा 1947 में यह जोड़ी 1947 के बंटवारे की पृष्ठभूमि में फिर से नजर आती है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 2:42 pm

टॉक्सिक का ट्रेलर देख भड़कीं एक्ट्रेस:बोल्ड सीन और महिलाओं के आपत्तिजनक सीन पर यश पर निशाना साधा, कहा- कर्नाटक से बाहर निकाल देंगे

कन्नड़ एक्ट्रेस रिशिका सिंह ने यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर में महिलाओं के चित्रण और बोल्ड सीन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेलर में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से नहीं दिखाया गया। उन्होंने फिल्म के लीड एक्टर यश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो उन्हें कर्नाटक से निकाल दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में रिशिका ने टॉक्सिक के ट्रेलर में दिखाए गए सीन पर निराशा जताई। उन्होंने यश पर बात करते हुए पूछा कि उन्होंने ऐसे दृश्यों का हिस्सा बनने का फैसला क्यों किया, जिनमें महिलाओं को सम्मान के साथ नहीं दिखाया गया। रिशिका ने यह भी कहा कि यश पति और पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि कन्नड़ सिनेमा आगे बढ़े और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म कन्नड़ में बन रही है और इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस भी काम कर रही हैं। लेकिन ट्रेलर में महिलाओं को जिस तरह दिखाया गया, वह मुझे पसंद नहीं आया।” उन्होंने सवाल किया कि क्या फिल्म में पुरुषों के अहंकार को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि महिला किरदारों को उतनी ही अहमियत नहीं मिली। कियारा समेत पांच एक्ट्रेसेस के किरदारों पर सवाल रिशिका ने कहा कि टॉक्सिक में कई प्रमुख महिला कलाकार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ट्रेलर में इन महिलाओं को अच्छे या सम्मानजनक तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने पूछा, “फिल्म में पांच महिला कलाकार हैं। क्या इनमें से एक को भी खूबसूरत या तारीफ के लायक तरीके से दिखाया गया है?” कियारा को बॉलीवुड से लाकर ऐसा क्यों दिखाया गया- रिशिका रिशिका ने ट्रेलर के उस डायलॉग का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला से उसका “रेट” पूछा जाती है। उन्होंने फिल्म में इस लाइन को शामिल करने पर सवाल उठाया और खास तौर पर फिल्म में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी का नाम लिया। उन्होंने पूछा, “कियारा आडवाणी को बॉलीवुड से लाकर इस तरह क्यों दिखाया गया?” रिशिका ने यश के फैंस से यह भी सोचने को कहा कि अगर किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहीं उनकी पत्नियों के बारे में ऐसा ही बयान दिया जाता, तो वे कैसी प्रतिक्रिया देते। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना निर्देशक गीतू मोहनदास के खिलाफ नहीं है। रिशिका के मुताबिक, गीतू की अपनी रचनात्मक सोच है और हो सकता है कि वह “हमारी” संस्कृति को उसी तरह नहीं समझती हों। हालांकि, रिशिका ने सवाल किया कि कर्नाटक से होने के बावजूद यश ने इस तरह के चित्रण को मंजूरी क्यों दी। उन्होंने यश से सीधे कहा कि पुरुषों में गरिमा होनी चाहिए और महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। रिशिका बोलीं- महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो कर्नाटक खाली करवाएंगे वीडियो के आखिर में रिशिका ने कहा कि महिलाओं का सम्मान नहीं करने पर लोगों को कर्नाटक छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो हम आपको कर्नाटक से खाली करवा देंगे।” कियारा ने कहा- फिल्म में हर महिला किरदार अलग टॉक्सिक में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी पहले ही उन दावों को खारिज कर चुकी हैं, जिनमें कहा गया था कि फिल्म में महिला किरदारों को पीछे रखा गया है। कियारा के मुताबिक, फिल्म में हर महिला किरदार की अपनी अलग भूमिका और व्यक्तित्व है। उन्होंने फेमिना को दिए इंटरव्यू में कहा, “हर महिला अपने साथ अपनी ऊर्जा और अलग पहचान लेकर आई है। मुझे लगता है कि दर्शक एक ही सिनेमाई दुनिया में ऐसे अलग-अलग महिला किरदारों को देखकर आनंद लेंगे।” कौन हैं रिशिका सिंह रिशिका सिंह दिग्गज कन्नड़ फिल्म निर्माता राजेंद्र सिंह बाबू की बेटी हैं। वह ‘कल्ला मल्ला सुल्ला’, ‘बेंकी बिरुगाली’, ‘कंठीरवा’ और ‘थुंतारू’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। रिशिका ‘बिग बॉस कन्नड़’ के पहले सीजन में कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 12:50 pm

मूवी रिव्यू; आवारापन 2:इमरान हाशमी की दमदार वापसी, दर्द और अधूरे इश्क की कहानी जो पुराने जख्म फिर ताजा कर दे

रेटिंग: 3.5ड्यूरेशन: 2 घंटे 25 मिनटकास्टः इमरान हाशमी, दिशा पाटनीडायरेक्टर: नितिन कक्कड़ 2007 की आवारापन अपने दर्द, मोहब्बत और संगीत की वजह से आज भी याद की जाती है। आवारापन 2 उसी भावनात्मक विरासत को आगे बढ़ाती है। इस बार शिवम की लड़ाई सिर्फ उसके अतीत से नहीं, बल्कि बच्चों की तस्करी के एक बड़े गिरोह से भी है। फिल्म में एक्शन और रोमांस है, लेकिन इसकी असली ताकत दर्द, रिश्तों और संगीत में है। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी पुराने आवारापन के फ्लैशबैक से शुरू होती है और फिर शिवम पंडित (इमरान हाशमी) की जिंदगी में लौटती है। शिवम एक अनाथालय चलाता है, जहां आलिया नाम की एक बच्ची रहती है। गोद लेने के बहाने कुछ लोग आलिया को अपने साथ ले जाते हैं और बाद में पता चलता है कि वह मानव तस्करी के गिरोह के हाथों पहुंच गई है। इसी बीच इंटरपोल का एक अधिकारी शिवम से संपर्क करता है और उसे बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह तक पहुंचने का मिशन देता है। शिवम बैंकॉक पहुंचता है, जहां उसका सामना पूरन गब्बी से होता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात गैंगस्टर की बेटी दिशा (दिशा पाटनी) से होती है, जो आगे चलकर उसका साथ देती है। मिशन के साथ शिवम अपने पुराने दर्द और रिश्तों का भी सामना करता है। कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? इमरान हाशमी पूरी फिल्म को अपने कंधों पर लेकर चलते हैं। शिवम के दर्द, गुस्से और अकेलेपन में वही पुरानी आवारापन वाली इंटेंसिटी दिखाई देती है। उनका बदला हुआ लुक और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन भी किरदार पर खूब जंचता है। शबाना आजमी नफीसा के किरदार में बड़ा सरप्राइज हैं और अपने चेहरे और आवाज से खौफ पैदा करती हैं। दिशा पाटनी की स्क्रीन मौजूदगी अच्छी है, हालांकि उनके भाव कई जगह एक जैसे लगते हैं। पूरन गब्बी ठीक हैं, लेकिन इमरान हाशमी की इंटेंस मौजूदगी के सामने थोड़ा हल्का महसूस होते हैं। किरदार में थोड़ा और खौफ और वजन होता तो असर बढ़ सकता था। वहीं सुविंदर विक्की अपनी मौजूदगी से प्रभावित करते हैं। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? नितिन कक्कड़ ने पुराने आवारापन की भावनात्मक दुनिया को नए एक्शन और अपराध की कहानी के साथ जोड़ने की कोशिश की है। शिवम के दर्द और उसके मिशन के बीच संतुलन अच्छा है। फिल्म का भावनात्मक पक्ष कई जगह असर करता है, हालांकि कुछ दृश्य लंबे लगते हैं और कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती है। थोड़ी और कसावट इसे ज्यादा प्रभावी बना सकती थी। कैसे हैं फिल्म के टेक्निकल पहलु? विष्णु राव की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के डार्क और गंभीर माहौल को अच्छी तरह पकड़ती है। बैंकॉक की लोकेशन, एक्शन और भावनात्मक सीन में विजुअल्स प्रभाव छोड़ते हैं। हालांकि कुछ जगह एक्शन और प्रोडक्शन के स्तर पर और बेहतर काम की गुंजाइश महसूस होती है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का संगीत इसकी बड़ी ताकत है। आवारापन की पुरानी यादों को बनाए रखते हुए नए गानों में भी दर्द, मोहब्बत और नॉस्टेल्जिया का रंग है। ‘वे जुनून’, ‘ये आवारापन’, ‘तेरा मेरा रिश्ता कंटीन्यूज’ और ‘तेरे लिए’ फिल्म के भावनात्मक हिस्से को मजबूत करते हैं। पुराने गानों वाली वही गहराई हर जगह नहीं मिलती, लेकिन संगीत फिल्म के मूड को जरूर पकड़ता है। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? आवारापन 2 कहानी में बहुत नया नहीं देती, लेकिन इमरान हाशमी का दर्द, शबाना आजमी की दमदार मौजूदगी और संगीत इसे देखने लायक बनाते हैं। अगर पहली आवारापन का दर्द और संगीत आज भी याद है, तो यह फिल्म उस एहसास के करीब जरूर ले जाएगी। दर्द वही है, इश्क वही है, बस शिवम की लड़ाई इस बार बड़ी है।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 10:59 am

मूवी रिव्यूः बंटवारा 1947:सनी देओल की दमदार परफॉर्मेंस, भारत-पाक बंटवारे की दर्दनाक, इंसानियत भरी कहानी जो दिल दहला दे

रेटिंग- 4 स्टार्सड्यूरेशन: 2 घंटे 25 मिनटकास्ट- सनी देओल, प्रीति जिंटा, शबाना आजमीडायरेक्टर- राजकुमार संतोषी राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी जब साथ आती है तो उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। घायल, दामिनी और घातक के बाद बटवारा 1947 में यह जोड़ी 1947 के बंटवारे की पृष्ठभूमि में फिर से नजर आती है। इस बार कहानी में गुस्सा और बदला कम और इंसानियत और रिश्तों की बात ज्यादा है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका इमोशनल असर है, खासकर सनी देओल और शबाना आजमी के बीच बनने वाला रिश्ता। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी बंटवारे के समय लाहौर पहुंचे सिकंदर मिर्जा (सनी देओल) और उनके परिवार के आसपास घूमती है। उन्हें एक घर मिलता है जहां पहले से एक बुजुर्ग हिंदू महिला माई (शबाना आजमी) रह रही होती हैं और वह घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। एक तरफ नया देश, बदलते हालात और परिवार की मुश्किलें हैं, दूसरी तरफ माई का अपने घर से गहरा लगाव है। इन हालात में सिकंदर और माई के बीच रिश्ता धीरे-धीरे बदलता है। जो शुरुआत में एक दूसरे के लिए परेशानी होते हैं, वही आगे चलकर एक परिवार जैसा जुड़ाव बना लेते हैं। यही बदलाव फिल्म का सबसे मजबूत और दिल को छूने वाला हिस्सा है। सिकंदर की पत्नी हमीदा (प्रीति जिंटा) और बाकी किरदार भी अपनी सोच और डर के साथ कहानी में आते हैं, लेकिन फिल्म के दूसरे हिस्से में सबके नजरिए में बदलाव दिखता है। कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? सनी देओल इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। सिकंदर के किरदार में उनका गुस्सा और दमदार डायलॉग तो है ही, लेकिन इस बार उनके चेहरे पर डर, दर्द और बेबसी भी साफ दिखती है। शबाना आजमी माई के रोल में बहुत ही सहज और सच्ची लगती हैं। दोनों के बीच की केमिस्ट्री फिल्म की जान बन जाती है। प्रीति जिंटा लंबे समय बाद एक गंभीर रोल में अच्छी लगती हैं और अपना असर छोड़ती हैं। करण देओल भी अपने पिता के सामने कई सीन में ठीक ठाक परफॉर्म करते हैं, कुछ जगह अच्छे लगते हैं और कुछ जगह और बेहतर हो सकते थे। अभिमन्यु सिंह और बाकी सपोर्टिंग कलाकार अपने हिस्से में ठीक काम करते हैं। कैसा है फिल्म का डायरेक्शन? राजकुमार संतोषी अपनी पुरानी स्टाइल से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते। फिल्म में अच्छे डायलॉग, इमोशनल सीन और ड्रामा है, लेकिन इस बार उनका फोकस बदले से ज्यादा भावनाओं और रिश्तों पर है। सिकंदर और माई के रिश्ते को धीरे धीरे दिखाना अच्छा लगता है और इसमें जबरदस्ती का फील नहीं आता। लेकिन कुछ जगह फिल्म की रफ्तार धीमी हो जाती है और कुछ सीन थोड़े लंबे लगते हैं जिन्हें छोटा किया जा सकता था। कैसे हैं फिल्म के टेक्निकल एस्पेक्ट्स? फिल्म का सेटअप अच्छा है। लाहौर की गलियां, घर और भीड़ का माहौल उस समय को दिखाने की कोशिश करता है। कैमरा वर्क ठीक है, कुछ जगह और बेहतर हो सकता था। प्रोडक्शन डिजाइन में मेहनत दिखती है लेकिन 1947 के समय को और ज्यादा बारीकी से दिखाया जा सकता था ताकि फिल्म और असली लगे। कुछ सीन में इमोशन थोड़ा ज्यादा ड्रामेटिक हो जाता है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक कहानी के साथ ठीक चलता है और ज्यादा हावी नहीं होता। बैकग्राउंड म्यूजिक इमोशनल सीन को सपोर्ट करता है खासकर जब कहानी रिश्तों और बिछड़ने की बात करती है। लेकिन कोई भी गाना ऐसा नहीं है जो लंबे समय तक याद रह जाए। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? Batwara 1947 एक इमोशनल फिल्म है जो बंटवारे को नफरत की जगह इंसानियत की नजर से दिखाती है। सिकंदर और माई का रिश्ता इसकी सबसे बड़ी ताकत है।कुल मिलाकर यह एक ऐसी फिल्म है जिसमें अच्छी परफॉर्मेंस और दिल को छूने वाली कहानी है जिसे देखा जा सकता है।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 10:35 am

गश्मीर महाजनी बोले-गर्लफ्रेंड दूसरी आ जाएगी, एक्टिंग नहीं छोड़ सकता:एरिका फर्नांडिस बोलीं- मैंने हमेशा करियर चुना; '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' घायल जवानों की कहानी

आर्मी हॉस्पिटल की जिंदगी पर आधारित शो ‘108 बेस हॉस्पिटल: उरी’ 15 अगस्त से टीवी और ओटीटी पर प्रसारित होने जा रहा है। 30 एपिसोड का यह फाइनाइट शो हर शनिवार और रविवार को दिखाया जाएगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो के मुख्य कलाकार गश्मीर महाजनी और एरिका फर्नांडिस ने अपने किरदारों, करियर बनाम पर्सनल लाइफ, डेली सोप के खिंचते फॉर्मेट और कश्मीर बॉर्डर पर शूटिंग के अपने अनुभवों पर खुलकर बात की। पढ़िए इस बातचीत के प्रमुख अंश.… सवाल: 15 अगस्त से शुरू हो रहे शो '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' में आप दोनों किस तरह के किरदार निभा रहे हैं?गश्मीर महाजनी: मैं आर्मी डॉक्टर अनिरुद्ध जैसवाल का किरदार निभा रहा हूं। अनिरुद्ध की गर्लफ्रेंड आर्मी में जाना चाहती थी, इसलिए उसने 10 साल पहले उससे रिश्ता तोड़ लिया था। लेकिन 10 साल बाद किस्मत उसे खुद इंडियन आर्मी में ले आती है। जब दोनों आमने-सामने आते हैं, तो उनके बीच का टकराव शुरू होता है। आर्मी डॉक्टर किन परिस्थितियों में दुश्मनों से लड़ते हैं और अपनों को बचाते हैं, यही इस शो में दिखाया गया है। पहली बार आर्मी डॉक्टर का रोल कर रहा हूं, जो मैं हमेशा से करना चाहता था। एरिका फर्नांडिस: मैं नैना निहारिका का रोल प्ले कर रही हूं। अनिरुद्ध ने 10 साल पहले नैना को छोड़ दिया था, लेकिन जब वह वापस आता है तो चीजे बदल जाती हैं। हालांकि, नैना अपने फर्ज और ड्यूटी को सबसे आगे रखती है और बाकी चीजों को पीछे। सवाल: अगर कभी रियल लाइफ में पार्टनर और करियर में से किसी एक को चुनना पड़े, तो किसे चुनेंगे?गश्मीर महाजनी: मुझसे अभी तक ऐसा किसी ने पूछा नहीं है। लेकिन अगर कोई गर्लफ्रेंड ऐसी कंडीशन रख दे, तो मैं करियर ही चुनूंगा। एक्टिंग के अलावा मुझे कुछ आता भी नहीं है। गर्लफ्रेंड तो दूसरी भी आ सकती है, लेकिन एक्टिंग तो एक्टिंग है... उसे कैसे छोड़ सकता हूं! एरिका फर्नांडिस: मैंने तो हमेशा अपने करियर को ही प्राथमिकता दी है। एक बार मुझसे भी ऐसा ही सवाल पूछा गया था और मेरा जवाब यही था कि मैं सिर्फ एक्टिंग ही चुनूंगी। सवाल: आर्मी डॉक्टर का रोल निभाने के लिए किस तरह की ट्रेनिंग और तैयारी करनी पड़ी?एरिका फर्नांडिस: हमने सर्जरी से पहले की तैयारियों का काफी रिहर्सल किया था। ओटी (ऑपरेशन थिएटर) और सर्जरी वाले सीन्स के लिए सेट पर रियल आर्मी डॉक्टर्स मौजूद रहते थे, जो हमें हर स्टेप पर गाइड करते थे। गश्मीर महाजनी: मेडिकल टर्म्स और तैयारियों में एरिका ने मेरी काफी मदद की। बाकी जहां तक आर्मी ऑफिसर की बात है, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज अलग होती है। वे बात करते समय कमर पर हाथ रखकर खड़े नहीं होते, क्योंकि उनकी ट्रेनिंग वैसी होती है। बतौर एक्टर हमें खड़े होने, चलने और बैठने के इन्हीं छोटे-छोटे तौर-तरीकों का ध्यान रखना पड़ा। सवाल: यह सिर्फ 30 एपिसोड का लिमिटेड शो है। क्या टीवी इंडस्ट्री में ऐसे फाइनाइट शोज से बड़ा बदलाव आएगा?एरिका फर्नांडिस: ऐसे शोज बिल्कुल आने चाहिए। आज के दौर में शॉर्ट फॉर्मेट कंटेंट काफी पसंद किया जा रहा है, इसलिए टीवी को भी इस बदलाव की जरूरत है। गश्मीर महाजनी: कई बड़े एक्टर्स टीवी सिर्फ इसलिए नहीं करते क्योंकि वे सालों तक किसी एक प्रोजेक्ट में अटकना नहीं चाहते। 30 एपिसोड के शो की एक शुरुआत और अंत निश्चित होता है। डेली सोप में 50 एपिसोड के बाद कहानी खत्म हो जाती है, फिर सिर्फ स्पॉन्सर और बिजनेस के लिए उसे 200-500 एपिसोड तक खींचा जाता है। उसमें ऑडियंस को सेटिस्फेक्शन नहीं मिलता। लेकिन 30 एपिसोड का शो दर्शक और एक्टर दोनों को संतुष्टि देता है। सवाल: 'उरी' नाम से सुपरहिट फिल्म आ चुकी है। क्या इस शो को लेकर किसी तरह का प्रेशर महसूस हुआ?एरिका फर्नांडिस: आर्मी पर बनी ज्यादातर फिल्में बैटलफील्ड (युद्ध के मैदान) पर केंद्रित होती हैं। लेकिन '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' उन घायल जवानों की कहानी है, जो जंग के बाद अस्पताल आते हैं और डॉक्टर्स कैसे उनकी जान बचाते हैं। यह कॉन्सेप्ट काफी अलग है। गश्मीर महाजनी: हम कोई प्रेशर नहीं लेते। प्रेशर लेकर करेंगे भी क्या! हमने काम कर दिया और हमें उसके पैसे मिल गए। प्रेशर लेना प्रोड्यूसर और चैनल का काम है, हमारा नहीं। सवाल: कश्मीर के संवेदनशील बॉर्डर एरिया में शूटिंग करने का अनुभव कैसा रहा?गश्मीर महाजनी: हम कश्मीर के काफी संवेदनशील बॉर्डर इलाकों में शूट कर रहे थे। वहां देखा कि किन मुश्किल परिस्थितियों में हमारे जवान 18-20 घंटे तैनात रहते हैं। हम तो नकली बंदूकें और नकली गोलियां चला रहे थे, फिर भी हमारे लिए शूट करना मुश्किल हो रहा था। सोचिए, जहां असली गोलियां चलती हैं, वहां जवान कैसे रहते होंगे। यह सब देखकर आर्मी के लिए दिल में इज्जत सौ गुना बढ़ गई। एरिका फर्नांडिस: डॉक्टर्स को भगवान के करीब माना जाता है क्योंकि वे जान बचाते हैं। आर्मी बेस में रहकर और उनकी लाइफस्टाइल को करीब से देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 4:59 am

गटर छाप जनरेशन वाले बयान पर कंगना रनोट की सफाई:मैंने पूरी पीढ़ी को गटर छाप नहीं कहा; वहां शबाना आजमी टाइप लोग पहुंचे थे

अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने 'जेन जी' (Gen Z) युवाओं पर अपने विवादित बयान पर सफाई दी है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में पूरे देश के युवा शामिल नहीं थे। वहां जुटी 10 हजार की भीड़ में आधे युवा थे, जबकि बाकी शबाना आजमी की उम्र के लोग थे। कंगना ने कहा कि उनका इरादा पूरी पीढ़ी को 'गटर छाप' कहने का नहीं था और उन पर युवा-विरोधी होने का झूठा एजेंडा चलाया जा रहा है। जंतर-मंतर पर 2 हजार युवा थे, शबाना आजमी का नाम घसीटाकंगना रनोट ने वीडियो में कहा कि देश में जेन जी की आबादी लगभग 30 से 35 करोड़ है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में केवल 10 हजार के करीब लोग मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल पर हर उम्र के लोग घूम रहे थे और आधे से ज्यादा भीड़ शबाना आजमी की उम्र की थी। कंगना ने चुनौती देते हुए कहा कि कोई उनका ऐसा बयान दिखाए जिसमें उन्होंने पूरी युवा पीढ़ी को निशाना बनाया हो। उन्होंने कहा किया कि वे खुद युवा हैं, राहुल गांधी की तरह 50 साल की युवा नहीं। 'जेनरेशन गटर' कहने पर हुआ था विवादइससे पहले कंगना ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने प्रदर्शन के वीडियो को देखकर उल्टी आने की बात कही थी और वहां मौजूद लोगों की भाषा पर सवाल उठाए थे। कंगना ने ऐसे प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कहा था। उन्होंने बयान दिया था कि इन युवाओं के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ नहीं है और वे पढ़ाई-लिखाई में भी अच्छे नहीं हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनकी जमकर आलोचना हुई थी। अब कहा- खुद को कॉकरोच कहोगे तो गटर ही घर होगाअपने बयान पर मचे बवाल के बाद कंगना ने ANI से बातचीत में तर्क दिया था कि प्रदर्शनकारी खुद को कॉकरोच बता रहे थे। उन्होंने कहा था कि कॉकरोच का घर गटर ही होता है। अगर कोई खुद को कॉकरोच कहेगा तो वह गटर में ही रहेगा। कंगना ने कहा था कि वे खुद को कॉकरोच या गटर में रहने वाला नहीं मानती हैं। उनका कहना था कि वे पूरे देश के युवाओं की नहीं, बल्कि सिर्फ उस खास प्रदर्शन में शामिल लोगों की बात कर रही थीं। प्रदर्शन में शामिल हुए थे शबाना आजमी और प्रकाश राजमामले के बैकग्राउंड की बात करें तो 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान 75 साल की वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी और एक्टर प्रकाश राज प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने पहुंचे थे। दोनों कलाकार संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ ट्रक में सवार नजर आए थे। इसी प्रदर्शन के दौरान भीड़ और भाषा को लेकर कंगना ने विवादित टिप्पणी की थी। ये खबर भी पढ़ें नसीरुद्दीन शाह को लोमड़ी कहने पर कंगना की सफाई:बोलीं- जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में मरे रहते हैं; यह लव स्टोरी खत्म कब होगी? कंगना रनोट ने सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री का यह रवैया नया नहीं है। कंगना के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पर कई लोगों ने ‘घड़ियाली आंसू’ बहाए थे, लेकिन अब झारखंड में बच्चों के साथ कथित ज्यादती पर वही लोग चुप हैं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 4:32 am

अस्थियां डल झील में विसर्जित की गई थीं:शम्मी कपूर को Yahoo का मालिक समझते थे लोग, रणधीर ने पूछा था- अंकल, कंपनी कब खोली

शम्मी कपूर को ‘याहू’ की गूंज, बेफिक्र अंदाज और खुलकर नाचने वाले हीरो के तौर पर पूरी पीढ़ी ने याद किया। लेकिन उनके जीवन के कई किस्से स्टारडम से भी ज्यादा दिलचस्प हैं। एक दौर में उनकी ‘Yahoo’ पहचान इतनी मशहूर हो गई थी कि लोग उन्हें याहू कंपनी का मालिक समझने लगे थे। परिवार में भी कन्फ्यूजन था। रणधीर कपूर ने उनसे पूछ लिया था- “अंकल, आपने कंपनी खोली और बताया भी नहीं?” शम्मी कपूर की 15वीं डेथ एनिवर्सरी पर रजा मुराद और अरुण बख्शी ने उनसे जुड़ी यादें साझा कीं। जिस स्टार की फिल्म देखने के लिए घंटों लाइन लगती थी शम्मी कपूर के स्टारडम को समझने के लिए रजा मुराद की कहानी काफी है। जिस अभिनेता के साथ बाद में उन्होंने स्क्रीन शेयर की, कभी उसी की फिल्म देखने के लिए उन्हें घंटों एडवांस बुकिंग की लाइन में खड़ा होना पड़ता था। रजा मुराद बताते हैं कि शम्मी कपूर उनके पसंदीदा सितारों में थे। ‘जंगली’, ‘जानवर’, ‘ब्लफ मास्टर’, ‘राजकुमार’ और ‘सच्चाई’ जैसी फिल्मों के लिए दर्शकों में जबरदस्त क्रेज रहता था। करंट बुकिंग में टिकट मिलना मुश्किल होता था। इसलिए एडवांस बुकिंग के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती थी। नकल नहीं की, अपना अंदाज बनाया शम्मी कपूर की खासियत सिर्फ उनकी लोकप्रियता नहीं थी। उन्होंने किसी दूसरे अभिनेता की नकल करके अपना स्टाइल नहीं बनाया। उनकी अपनी बॉडी लैंग्वेज, ऊर्जा और आत्मविश्वास था। यही वजह थी कि भीड़ में भी वह तुरंत अलग नजर आते थे। फैन से को-स्टार तक का सफर वक्त बदला और वही रजा मुराद फिल्म ‘प्रेम रोग’ के सेट पर शम्मी कपूर के साथ खड़े थे, जिनकी फिल्में देखने के लिए वह कभी लाइन में लगा करते थे। रजा के लिए यह सपने के सच होने जैसा था। लेकिन शम्मी कपूर ने उन्हें कभी छोटा महसूस नहीं कराया। जूनियर कलाकार होने के बावजूद वह उनसे सहजता और बराबरी के भाव से पेश आते थे। रजा मुराद कहते हैं- सेट पर वह प्रैंक और मजाक करते रहते थे। कई बार किसी से आधी बात कहकर अचानक चुप हो जाते। सामने वाला सोचता रह जाता कि आखिर बात क्या है। फिर कुछ देर बाद शम्मी कपूर हंसते हुए बताते कि वह मजाक कर रहे थे। कैमरे का एंगल तक याद रहता था उनके भीतर का बच्चा उम्र के साथ बड़ा नहीं हुआ था। कैमरे के सामने भी वह सजग रहते थे। उन्हें पता रहता था कि कैमरा किस एंगल से उन्हें देख रहा है और फ्रेम में उनका चेहरा किस तरह नजर आएगा। अच्छा खाना उन्हें पसंद था और दोस्तों को खिलाना भी। घर पर दोस्तों के लिए दावतें करना उनके स्वभाव का हिस्सा था। स्टारडम के बावजूद जिंदगी को भरपूर जीने का यह अंदाज आखिरी दौर तक बना रहा। कश्मीर से था खास रिश्ता शम्मी कपूर और कश्मीर का रिश्ता हिंदी सिनेमा की यादों में खास जगह रखता है। ‘जंगली’, ‘कश्मीर की कली’ और ‘जानवर’ जैसी फिल्मों ने कश्मीर की खूबसूरती देशभर के दर्शकों तक पहुंचाई। ‘ये चांद सा रोशन चेहरा’, ‘कश्मीर की कली हूं मैं’ और ‘मेरे यार शब्बा खैर’ जैसे गीतों में नजर आईं वादियां और शम्मी कपूर का मस्तमौला अंदाज दर्शकों के दिल में बस गया। कश्मीर के पर्यटन में भी योगदान रजा मुराद मानते हैं कि कश्मीर के पर्यटन को लोकप्रिय बनाने में शम्मी कपूर की फिल्मों का बड़ा योगदान था। उनका कहना था कि शम्मी कपूर के नाम पर वहां कोई सड़क, बगीचा या मोहल्ला होना चाहिए। वह चाहते थे कि कश्मीर एयरपोर्ट का नाम भी शम्मी कपूर के नाम पर रखा जाता तो यह उनके योगदान का शानदार सम्मान होता। रजा के लिए शम्मी कपूर का पूरा व्यक्तित्व एक ही बात में समाया था- या तो सबसे अच्छे बनो या सबसे अलग। शम्मी कपूर निश्चित रूप से सबसे अलग थे। गीता बाली से मुलाकात और चार महीने का प्यार शम्मी कपूर की निजी जिंदगी का खूबसूरत अध्याय अभिनेत्री गीता बाली से जुड़ा था। दोनों की मुलाकात फिल्मी माहौल में हुई। ‘रंगीली रातें’ की शूटिंग के दौरान दोनों करीब आए। शम्मी कपूर ने गीता बाली के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन उन्होंने तुरंत हां नहीं की। करीब चार महीने तक दोनों इस बारे में बातचीत करते रहे। फिर एक रात गीता बाली ने कहा कि अगर शादी करनी है तो अभी करनी है। आधी रात मंदिर पहुंचे, पुजारी ने कहा- भगवान सो चुके हैं दोनों अपने दोस्त जॉनी वॉकर और निर्माता हरि वालिया की मदद से बाणगंगा मंदिर पहुंचे। रात काफी हो चुकी थी। पुजारी ने उनसे कहा कि भगवान सो चुके हैं, सुबह करीब चार बजे आइए। दोनों लौटे और सुबह फिर मंदिर पहुंचे। इसके बाद शादी हुई। लिपस्टिक से भरी मांग इस शादी की सादगी भी शम्मी-गीता के रिश्ते जैसी थी। गीता बाली के पास सिंदूर नहीं था। उन्होंने पर्स से लिपस्टिक निकाली और शम्मी कपूर से कहा कि उसी से उनकी मांग भर दें। 1955 में हुई इस शादी से दोनों के दो बच्चे हुए। करीब दस साल बाद गीता बाली की असमय मौत ने इस रिश्ते को हमेशा के लिए तोड़ दिया। गीता के जाने के बाद टूट गए थे शम्मी 1965 में गीता बाली के निधन के बाद शम्मी कपूर की जिंदगी का मुश्किल दौर शुरू हुआ। नीला देवी ने विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह इस सदमे से लंबे समय तक बाहर नहीं निकल पाए। करीब छह महीने तक वह राज कपूर के घर रहे। कृष्णा कपूर ने उनके बच्चों की देखभाल में मदद की। दर्द में शराब और सिगरेट का सहारा नीला देवी के मुताबिक, इस दौर में शम्मी कपूर ने शराब और सिगरेट का सहारा लिया। एक समय वह दिन में करीब 100 सिगरेट तक पीते थे और काफी शराब लेते थे। गीता बाली की याद उनके जीवन से कभी अलग नहीं हुई। 21 दिन गीता की याद में शराब से दूरी नीला देवी ने बताया कि हर साल 1 जनवरी से 21 जनवरी तक शम्मी कपूर शराब को हाथ नहीं लगाते थे। 21 जनवरी गीता बाली की पुण्यतिथि थी। इन 21 दिनों का संयम उनके लिए गीता को याद करने का तरीका था। धीरे-धीरे उन्होंने शराब कम की और बाद में लगभग छोड़ दी। आधी रात फोन और चार घंटे की बातचीत गीता बाली के निधन के बाद शम्मी कपूर की जिंदगी में नीला देवी आईं। इस रिश्ते की शुरुआत भी शम्मी कपूर वाले अंदाज में हुई। एक रात शम्मी कपूर ने नीला देवी को फोन किया। पहले उनकी बहन ने फोन उठाया और आवाज पहचानकर फोन रख दिया। शम्मी कपूर ने कहा कि उन्हें अभी नीला से बात करनी है। इसके बाद करीब चार-पांच घंटे दोनों की बातचीत हुई। एक रात में सुनाई पूरी जिंदगी की कहानी शम्मी कपूर ने नीला देवी को अपने जीवन की कहानी सुनाई- बचपन, परिवार, रिश्ते, गीता बाली, बच्चे और गीता के निधन के बाद की जिंदगी तक। उन्होंने अपनी जिंदगी की अच्छी और बुरी बातें बिना छिपाए बताईं। फिर साफ कहा कि वह उनसे शादी करना चाहते हैं और अगले दिन आकर उन्हें बाणगंगा ले जाएंगे। नीला देवी ने कहा कि शादी परिवार की मौजूदगी में ही होगी। शम्मी कपूर इसके लिए तैयार हो गए। कृष्णा कपूर पहले से नीला देवी को पसंद करती थीं और उन्होंने शम्मी कपूर को उनसे शादी करने की सलाह दी थी। 27 जनवरी 1969 को अचानक हुई शादी 27 जनवरी 1969 को शम्मी कपूर और नीला देवी की शादी हो गई। तैयारी इतनी अचानक हुई कि नीला देवी के कपड़े बाद में मंगवाए गए। शुरुआत में कृष्णा कपूर को लगा कि शम्मी मजाक कर रहे हैं। लेकिन जब उन्होंने साफ कर दिया कि वह सचमुच शादी करने जा रहे हैं, तो परिवार तैयार हुआ। कपूर परिवार में नया रिश्ता शादी के कुछ ही दिन बाद रितु नंदा की बड़ी शादी थी। इसलिए कपूर परिवार में शम्मी और नीला की शादी भी चर्चा में रही। नीला देवी के लिए कपूर परिवार में प्रवेश करना आसान नहीं था। जो लोग कल तक उन्हें दोस्त या दूसरे रिश्ते से जानते थे, अब कोई भाभीजी, कोई मामीजी और कोई चाचीजी कह रहा था। लेकिन सबसे अहम था शम्मी कपूर के बच्चों का उन्हें स्वीकार करना। गीता की अंगूठी ने बढ़ाया अपनापन शादी के तीसरे दिन शम्मी कपूर ने गीता बाली की अंगूठी नीला देवी को दी। उस पर हीरे के साथ ‘S’ लिखा था। नीला देवी ने इसे गीता बाली का प्रसाद मानकर स्वीकार किया। इस घटना से कंचन के मन में भी नीला देवी के लिए अपनापन बढ़ा। रिश्ता दो महीने भी नहीं चलेगा, लोगों ने कहा था शम्मी कपूर और नीला देवी की शादी को लेकर शुरुआत में कई लोगों को भरोसा नहीं था। पत्रकारों और आसपास के लोगों में चर्चा थी कि यह रिश्ता दो महीने भी नहीं टिकेगा। लेकिन शम्मी कपूर और नीला देवी ने यह धारणा गलत साबित कर दी। उनका साथ चार दशक से ज्यादा चला। पर्दे पर मस्त, असल जिंदगी में गुस्सैल नीला देवी बताती हैं कि पर्दे पर हमेशा मस्ती करते नजर आने वाले शम्मी कपूर असल जिंदगी में शर्मीले भी थे। उनका गुस्सा तेज था, हालांकि ज्यादा देर नहीं रहता था। शराब पीने के बाद कभी-कभी उनका गुस्सा बढ़ जाता। अगले दिन पूरी घटना याद नहीं रहती तो वह नीला देवी से पूछते कि पिछली रात क्या हुआ था। सब सुनने के बाद उन्हें अपने व्यवहार पर अफसोस होता और वह माफी मांगते। ‘याहू’ से ऐसा रिश्ता कि लोग मालिक समझ बैठे शम्मी कपूर के नाम के साथ ‘याहू’ इतना गहराई से जुड़ गया था कि एक दौर में लोग सचमुच उन्हें ‘याहू’ कंपनी का मालिक समझने लगे थे। शम्मी कपूर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके भतीजे रणधीर कपूर ने भी उनसे पूछ लिया था कि उन्होंने कभी क्यों नहीं बताया कि ‘याहू’ उनकी कंपनी है। शम्मी ने मजाक में जवाब दिया था कि अगर ‘याहू’ उनकी कंपनी होती तो वह भारत में नहीं बैठे होते, अमेरिका में होते। रणधीर कपूर भी हो गए थे कन्फ्यूज यह किस्सा बताता है कि शम्मी कपूर की ‘याहू’ पहचान कितनी मजबूत हो चुकी थी। उनकी फिल्म ‘जंगली’ का ‘याहू’ गीत और उनका उछलता-कूदता अंदाज इतना लोकप्रिय हुआ कि लोग इस शब्द को उनकी पहचान मानने लगे। याहू के भारत लॉन्च के समय कंपनी के सह-संस्थापक जेरी यांग भारत आए थे। शम्मी कपूर को भी कार्यक्रम में बुलाया गया। वहां उनके पहुंचते ही मशहूर ‘याहू’ गीत बजाया गया। डांस में स्टेप नहीं, बस संगीत का साथ शम्मी कपूर का डांस देखकर लगता था कि वह कोरियोग्राफी नहीं कर रहे, बल्कि संगीत को जी रहे हैं। उनका डांस काफी हद तक एक्सटेम्पोर होता था। तय स्टेप्स को हूबहू दोहराने के बजाय वह संगीत के साथ शरीर को स्वाभाविक रूप से चलने देते थे। उस दौर में हीरो का इस तरह खुलकर नाचना आम नहीं था। शम्मी कपूर ने यह सोच बदल दी। डांस को अभिनय का हिस्सा बनाया उनके लिए डांस सिर्फ गाने के बीच का हिस्सा नहीं था। वह अभिनय का हिस्सा था। उनकी खासियत यह भी थी कि वह किसी दूसरे अभिनेता को फॉलो नहीं करते थे। यही वजह थी कि उनके डांस को देखकर दर्शक तुरंत पहचान जाते थे कि यह शम्मी कपूर का अंदाज है। ‘बंटवारा’ के सेट पर जूनियर से मांगी माफी अरुण बक्शी ने फिल्म ‘बंटवारा’ की शूटिंग का किस्सा सुनाया, जो शम्मी कपूर की विनम्रता दिखाता है। शूटिंग के दौरान डायरेक्टर जेपी दत्ता शम्मी कपूर के साथ अरुण बक्शी का लंबा सीन फिल्मा रहे थे। शम्मी कपूर से लगातार रीटेक हो रहे थे। नए कलाकार को लग रहा था गलती उसकी है अरुण बक्शी उस समय नए कलाकार थे। उन्हें डर था कि उनकी वजह से शम्मी कपूर को परेशानी हो रही होगी। हर रीटेक के बाद वह दूर जाकर अपनी लाइनें दोहराने लगते। आखिरकार शॉट ओके हुआ। इसके बाद शम्मी कपूर खुद उनके पास पहुंचे और कहा- “अरुण, सॉरी यार।” इतने बड़े स्टार की माफी भूल नहीं पाए अरुण इतने बड़े स्टार का एक नए कलाकार से माफी मांगना अरुण बक्शी के लिए याद रहने वाला पल बन गया। यह किस्सा बताता है कि स्टारडम कितना भी बड़ा हो, शम्मी कपूर के लिए सामने वाले कलाकार की इज्जत उससे बड़ी थी। सेट से विमान तक जारी रहती थी महफिल ‘बंटवारा’ की शूटिंग के दौरान शम्मी कपूर, धर्मेंद्र और दूसरे कलाकारों के साथ बैडमिंटन खेलने का आनंद लेते थे। शूटिंग खत्म होने के बाद वापसी की फ्लाइट में भी उनकी मस्ती खत्म नहीं हुई। उस दौर में विमान में शराब की अनुमति थी। कलाकार अपने-अपने ब्रांड लेकर बैठे थे। फ्लाइट में जम गई गानों की महफिल विनोद खन्ना ने गाना शुरू किया और शम्मी कपूर भी साथ गाने लगे। अरुण बक्शी ने भी आलाप लगाया। देखते ही देखते विमान में महफिल जम गई। कुछ विदेशी यात्री भी इस माहौल का आनंद लेने लगे। यह किस्सा बताता है कि शम्मी कपूर के लिए शूटिंग के बाद भी जिंदगी एक उत्सव थी। फिल्म स्टार से इंटरनेट के शुरुआती दीवानों तक शम्मी कपूर की जिंदगी का एक पहलू उन्हें अपने दौर के बाकी सितारों से अलग बनाता है- टेक्नोलॉजी के प्रति उनका जुनून। जब भारत में इंटरनेट नया था और ज्यादातर लोग कंप्यूटर से परिचित भी नहीं थे, तब शम्मी कपूर कंप्यूटर सीख रहे थे। मैकिंटोश से बदली जिंदगी उन्होंने शुरुआती दौर में मैकिंटोश कंप्यूटर लिया। तकनीक को वह सिर्फ इस्तेमाल नहीं करना चाहते थे, बल्कि समझने की कोशिश करते थे। नीला देवी के मुताबिक, कंप्यूटर ने उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव किया। इसी दौर में उन्होंने सिगरेट भी छोड़ दी। एक तरफ वह पुरानी पीढ़ी के लोकप्रिय फिल्म स्टार थे, दूसरी तरफ नई डिजिटल दुनिया को अपनाने वाले शुरुआती लोगों में शामिल थे। बीमारी ने शरीर कमजोर किया, हौसला नहीं साल 2003 में शम्मी कपूर के फेफड़ों की हालत गंभीर हो गई। नीला देवी के मुताबिक, वह करीब एक महीने तक ब्रीच कैंडी अस्पताल में वेंटिलेटर पर रहे। इलाज के दौरान स्टेरॉयड और एंटीबायोटिक्स के असर से उनकी किडनी भी प्रभावित हुई और डायलिसिस शुरू हुआ। डायलिसिस के बावजूद घूमना नहीं छोड़ा रजा मुराद ने बताया कि दोनों किडनियों की समस्या के बावजूद शम्मी कपूर के चेहरे से मुस्कान गायब नहीं हुई थी। उनका रवैया था- इलाज करवाना है तो करवाना है और जिंदगी जीनी है तो जीनी है। डायलिसिस के बावजूद उन्होंने दुनिया घूमना नहीं छोड़ा। नीला देवी के साथ उन्होंने स्विट्जरलैंड, लंदन और न्यूयॉर्क तक यात्राएं कीं। अस्पताल के अलावा जिंदगी भी जरूरी थी बाद में जब डायलिसिस सप्ताह में तीन बार होने लगा तो कमजोरी बढ़ गई और यात्राएं मुश्किल हो गईं। लेकिन अस्पताल के अलावा बाकी दिनों में बाहर खाना उनके जीवन का हिस्सा बना रहा। कई वर्षों तक वह नीला देवी को सुबह तैयार होने के बाद किसी अच्छे होटल या रेस्टोरेंट में खाना खिलाने ले जाते थे। ड्राइविंग थी आजादी का अहसास शम्मी कपूर को ड्राइविंग का जबरदस्त शौक था। एक दिन उन्होंने नीला देवी से कहा कि वह सिर्फ कॉफी पीने जा रहे हैं और जल्दी लौट आएंगे। लेकिन वह काफी देर तक नहीं लौटे। फोन करने पर पता चला कि वह खुद गाड़ी चलाकर खंडाला पहुंच गए हैं। ‘ड्राइव नहीं कर सकता तो जीने का क्या फायदा’ उनके लिए ड्राइविंग सिर्फ शौक नहीं, बल्कि आजादी का अहसास थी। जब बीमारी के कारण वह खुद गाड़ी चलाने की स्थिति में नहीं रहे तो उन्होंने नीला देवी से कहा- “जब मैं ड्राइव नहीं कर सकता तो जीने का क्या फायदा?” नीला देवी ने उन्हें समझाया। यह वाक्य उनके जीवन के उस पहलू को सामने लाता है, जिसमें स्वतंत्रता और सक्रिय रहना उनके लिए जरूरी था। व्हीलचेयर आई, लेकिन जिंदगी नहीं रुकी व्हीलचेयर पर आने के बाद भी उन्होंने खुद को घर में कैद नहीं किया। लोगों से मिलते, बाहर जाते और अस्पताल में दूसरे मरीजों से मिलने की कोशिश करते। बीमारी उनके शरीर को रोक रही थी, लेकिन जिंदगी जीने की उनकी इच्छा को नहीं। बीमारी के बीच आध्यात्मिक बदलाव शम्मी कपूर शुरू में गुरु और आध्यात्मिकता को लेकर बहुत गंभीर नहीं थे। नीला देवी की मां ने उन्हें महावतार बाबाजी की तस्वीर दी थी और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने को कहा था। वह इसे सम्मान के तौर पर करते थे। करीब दो साल बाद उनकी मुलाकात गुरुजी से हुई। नीला देवी के मुताबिक, इस मुलाकात के बाद उनके जीवन में आध्यात्मिक बदलाव आया। भजन में हारमोनियम बजाते थे शम्मी परिवार गुरुजी के साथ बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, द्वारका और सोमनाथ जैसी यात्राओं पर गया। भजन-कीर्तन में शम्मी कपूर हारमोनियम बजाकर गाते थे। गुरुजी ने उन्हें फिल्मों या शराब से दूर रहने का आदेश नहीं दिया। नीला देवी के अनुसार, उन्होंने सिर्फ प्यार और आध्यात्मिक मार्ग दिखाया। यही बात शम्मी कपूर को सबसे ज्यादा प्रभावित कर गई। हीरो से कैरेक्टर एक्टर बनने में नहीं झिझके उम्र बढ़ने के साथ जब शम्मी कपूर को चरित्र भूमिकाएं मिलने लगीं तो कुछ लोगों ने कहा कि इतने बड़े स्टार को ऐसे रोल नहीं करने चाहिए। शम्मी कपूर ने नीला देवी से सलाह ली। उनका जवाब था- “आप अभिनेता हैं, अभिनेता कोई भी किरदार कर सकता है।” शम्मी कपूर को यह बात पसंद आई। स्टारडम से बड़ा था अभिनय उन्होंने चरित्र भूमिकाएं स्वीकार करना जारी रखा। उनका मानना था कि घर बैठकर सिर्फ शराब पीना और खाना उनकी जिंदगी नहीं हो सकती। अगर काम मिल रहा है तो काम करना चाहिए। यही वजह थी कि उम्र और बीमारी के बावजूद उन्होंने खुद को काम से अलग नहीं किया। अस्पताल जाते हुए भी गाना नहीं छोड़ा नीला देवी के मुताबिक, एक बार क्रिसमस के दौरान पुणे में शम्मी कपूर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और अगले दिन एंबुलेंस से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने और ICU की ओर जाते समय भी वह गाना गाने लगे। बीमारी शरीर तक पहुंची, कलाकार तक नहीं यह वही शम्मी कपूर थे, जिन्होंने पूरी जिंदगी दर्शकों को हंसाया, नचाया और अपनी ऊर्जा से भर दिया था। बीमारी ने उनके शरीर को कमजोर जरूर किया, लेकिन उनके भीतर के कलाकार को खत्म नहीं कर पाई। उनकी जिंदगी का यही सबसे बड़ा सबक था- हालात कितने भी मुश्किल हों, जिंदगी को जीना नहीं छोड़ना चाहिए। कश्मीर में हुई अंतिम इच्छा पूरी कश्मीर शम्मी कपूर के दिल के करीब था। उनकी इच्छा थी कि निधन के बाद उनकी अस्थियां डल झील में विसर्जित की जाएं। उनकी यह इच्छा पूरी की गई। जिस कलाकार ने ‘जंगली’ से कश्मीर की वादियों में अपना अलग रंग बिखेरा और ‘कश्मीर की कली’ के जरिए घाटी की खूबसूरती को देशभर के दर्शकों की कल्पना का हिस्सा बनाया, उसकी अंतिम विदाई भी उसी कश्मीर की झील से जुड़ी। ____________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. किशोर कुमार ने कार दफनाकर कई दिन शोक मनाया:'आनंद' में उन्हें हीरो लेना चाहते थे ऋषिकेश मुखर्जी, सिर मुंडवाकर बोले थे- अब क्या करोगे हिंदी सिनेमा के सबसे बहुमुखी कलाकारों में किशोर कुमार का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। उन्होंने अभिनय, संगीत, निर्देशन और फिल्म निर्माण किया, लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान उनकी आवाज बनी। चार दशक तक उन्होंने मोहम्मद रफी, मुकेश और मन्ना डे जैसे दिग्गजों के बीच अपनी अलग जगह बनाई।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 4:30 am

छात्र आंदोलन के सवाल टालने पर सोनू निगम की सफाई:कहा- जिस मुद्दे की जानकारी नहीं उस पर नहीं बोलूंगा, लाउडस्पीकर विवाद में अकेला लड़ा था

सिंगर सोनू निगम ने दिल्ली में NEET पेपर लीक विवाद और परीक्षाओं में धांधली को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर बयान देने से बचने की वजह साफ की है। बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में सोनू निगम ने कहा कि जिस समय उनसे ये सवाल पूछा गया तब वे अपने गुरु पंकज उदास को श्रद्धांजलि देने के इवेंट में पहुंचे थे। उन्होंने कहा वहां किसी दूसरे विषय या राजनीति पर बात करना असंवेदनशील होता। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने पिता को वादा किया है कि जिस मुद्दे की उन्हें अधूरी जानकारी हो, उस पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। दरअसल कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर सोनू निगम का एक वीडियो वायरल हो गया था जिसमें वे नीट परीक्षा पर मीडिया के सवालों से बचते नजर आए थे। श्रद्धांजलि देने गए थे, राजनीति पर बोलना अपमान होतासोनू निगम ने कहा कि मुंबई में 3 दशक से ज्यादा समय बिताने के दौरान उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा एक नियम सीखा है। नियम यह है कि जिस कार्यक्रम के लिए प्रेस बुलाई गई हो, बातचीत उसी एजेंडे तक सीमित रहनी चाहिए। सोनू ने कहा कि जब वे अपने गुरु पंकज उदास को श्रद्धांजलि देने आए थे, तब वहां राजनीति पर बोलना उनका अपमान होता। उन्होंने मीडिया से भी इस तरह के कार्यक्रमों में गरिमा बनाए रखने की उम्मीद जताई। पिता से किया वादा, बिना जानकारी नहीं दूंगा बयानसोनू निगम ने बताया कि वे अपने फोन में सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करते हैं और उनकी जिंदगी संगीत और भक्ति के इर्द-गिर्द ही घूमती है। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता से वादा कर चुके हैं कि जिस मामले की पूरी जानकारी नहीं होगी, उस पर कोई बयान नहीं देंगे। सोनू ने याद दिलाया कि वे पहले भी अजान के लाउडस्पीकर विवाद से लेकर सिंगर्स के लिए रॉयल्टी राइट्स जैसे बड़े मुद्दों पर अकेले खड़े होकर लड़ाई लड़ चुके हैं और व्यवस्था में बदलाव लाए हैं। सिस्टम में बदलाव के लिए दूसरों को आगे आने की जरूरतअपने पुराने स्टैंड का जिक्र करते हुए सोनू ने कहा कि अब नए मुद्दों पर दूसरों को आगे आकर लड़ाई लड़नी चाहिए। लोगों को यह देखना चाहिए कि वे अपनी प्रतिबद्धता से समाज में क्या बदलाव ला सकते हैं। सोनू ने चुटकी लेते हुए कहा कि लोगों को सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय असली योद्धा बनना चाहिए। नेक की सर्जरी के दौरान गाना गाया सिंगर सोनू निगम ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो हॉस्पिटल में सर्जरी के दौरान मेडिकल स्टाफ के लिए गाना गाते नजर आ रहे हैं। सोनू निगम ने वीडियो शेयर कर लिखा- “मेरी सर्जरी के दौरान प्यारे डॉक्टर नीलेश सतभाई और उनकी पूरी टीम के लिए अचानक एक छोटा सा परफॉर्मेंस दिया। दर्द में भी गाया… क्योंकि संगीत की खुशी सबसे अलग है!” सोनू निगम ने बताया था- उनकी नसें दब गई थीं सोनू निगम की सर्जरी क्यों हुई है, अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, जून में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सेहत के बारे में जानकारी शेयर की थी। सोनू ने बताया था कि वो नसों से जुड़ी एक दर्दनाक बीमारी से जूझ रहे हैं और इसका इलाज करवा रहे हैं। जून में सोनू ने बताया था कि उनकी नसें दब गई हैं और उन्होंने MRI और CT स्कैन करवाए थे। सोनू ने कहा था कि मेरी कई MRI और CT स्कैन हो चुके हैं। मैं पिछले कई दिनों से दवाइयां ले रहा हूं। उन्होंने अपनी गर्दन के पास लगा एक पैच भी दिखाया था।

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 6:38 pm

डायरेक्टर ने सूर्या को बातों में उलझाकर छू लिए पैर:स्टेज पर एक्टर हो गए हैरान, यूजर्स को फिल्म ‘सूर्यवंशम’ की याद आई

फिल्म ‘विश्वनाथ एंड संस’ के प्रमोशनल इवेंट में डायरेक्टर वेंकी अटलूरी ने एक्टर सूर्या को बातों में उलझाकर अचानक उनके पैर छू लिए। यह घटना 11 अगस्त को हैदराबाद में फिल्म से जुड़े एक इवेंट में हुई। दरअसल, जब सूर्या स्टेज पर बात कर रहे थे, तभी वेंकी ने ऊपर की ओर इशारा करते हुए कहा, सर, ऊपर कुछ है। सूर्या के ऊपर देखने के बाद वेंकी तुरंत झुककर उनके पैर छूने लगे। यह देखकर हैरान हो गए और मुस्कुराने लगे। इवेंट के दौरान सूर्या ने वेंकी की एनर्जी और डायरेक्शन की तारीफ भी की। लोगों को ‘सूर्यवंशम’ का आइकॉनिक सीन याद आया वेंकी का यह वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स को फिल्म ‘सूर्यवंशम’ का आइकॉनिक सीन याद आ गया। फिल्म में एक्ट्रेस सौंदर्या ने भानुप्रताप की बहू और कलेक्टर का किरदार निभाया था। परिवार में मनमुटाव के चलते भानुप्रताप उनसे नाराज रहते हैं। इसलिए सीधे उनके पैर छूने के बजाय वो पेपरवेट जानबूझकर भानुप्रताप के पैरों के पास गिरा देती है। पेपरवेट उठाने के बहाने वह नीचे झुकती है और इसी दौरान उनके पैर छूकर आशीर्वाद ले लेती है। अब वेंकी ने भी सूर्या को बहाने से ऊपर देखने को कहा और मौका मिलते ही उनके पैर छू लिए। यही वजह है कि लोगों को ‘सूर्यवंशम’ वाला सीन याद आ गया। बता दें कि सूर्या की अपकमिंग फिल्म ‘विश्वनाथ एंड संस’ में ममिता बैजू, राधिका सरथकुमार और रवीना टंडन नजर आएंगी। विश्वनाथ एंड संस एक इमोशनल फैमिली ड्रामा फिल्म है। फिल्म में सूर्या संजय विश्वनाथ नाम के 40 साल के इंटरनेशनल पिस्टल शूटर का किरदार निभा रहे हैं। वो ममिता बैजू के अपोजिट नजर आएंगे। कहानी में दोनों के बीच उम्र के फासले वाली लव स्टोरी दिखाई जाएगी। फिल्म का निर्देशन वेंकी अटलूरी ने किया है। इसका म्यूजिक जी.वी. प्रकाश कुमार ने दिया है। …………. यह खबर भी पढ़ें... चिरंजीवी को देख इन्फ्लुएंसर पोटी मामा हुए भावुक:पैरों में झुककर रोने लगे; चोट के बावजूद भतीजे वरुण ने चिरंजीवी के पैर छुए फिल्म कोरियन कनकराजू के एक इवेंट में फिल्म के एक्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पोटी मामा स्टेज पर भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने बताया कि वह कई सालों से अपने आइडल चिरंजीवी से मिलने का सपना देख रहे थे। भावुक होकर वह ऑडियंस में बैठे चिरंजीवी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर गिर पड़े। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 4:23 pm

सिनेमाघरों में मना था आजादी का 'असली' जश्न, 15 अगस्त को बॉक्स ऑफिस पर आई थी कमाई की सुनामी, अटूट है रिकॉर्ड

15 अगस्त के दिन बॉक्स ऑफिस पर सबसे अधिक कमाई हिंदी सिनेमा की इस शानदार मूवी ने की है।

जागरण 13 Aug 2026 2:27 pm

'मौत के बाद मुझसे मिलने आया सुशांत':बहन बोलीं- मुझे गले लगाया; सुशांत के निधन के बाद धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने हाल ही में बताया कि सुशांत की मौत के बाद उन्होंने अपने भाई की उपस्थिति, उनकी सांस और खुशबू को महसूस किया था। यूट्यूब चैनल ‘सुपरटॉक्स बाय द मूविंगशिप’ के साथ बातचीत में श्वेता ने कहा कि सुशांत के जाने के बाद उन्होंने उन्हें ड्रीम स्टेट और मेडिटेशन में महसूस किया है। उनके मुताबिक, पटना में जब सुशांत की अस्थियां विसर्जन के लिए रखी गई थीं, तब जिस कमरे में वह लेटी थीं, वहां उन्हें भाई के आने का अनुभव हुआ। श्वेता ने बताया, ‘उस दिन वह रात में मेरे से बात करने के लिए आया। उसने जूट का कुछ पहना हुआ था। कुर्ता टाइप की ड्रेस में आकर मुझे गले लगा लिया, मेरे से घंटों बात की। मेरे उससे बहुत सारे सवाल थे- भाई, ऐसा क्यों, बहुत कुछ पूछा। उसने मुझे सब कुछ समझा दिया और मुझे वो अंदर से वो जो खुलना होता है, नॉट्स, ग्रंथि, वो सब खुले और अंत में मुझे उसने गले लगाया, किस किया, तो उसकी जो स्मेल थी, उसकी जो सांस थी, सब कुछ मैंने फील किया।’ श्वेता ने बताया कि सुशांत की मौत की खबर मिलने के समय वह कैलिफोर्निया में थीं। उन्होंने कहा कि खबर सुनते ही उनका शरीर सुन्न हो गया था और बाद में वह जोर-जोर से रोने लगी थीं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण वह भारत नहीं आ सकीं और भाई को आखिरी गुडबाय भी नहीं कह पाईं। धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया सुशांत सिंह राजपूत ने महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक फिल्म ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ में धोनी का किरदार निभाया था। फिल्म ने सुशांत के करियर में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं, श्वेता ने पॉडकास्ट में कहा कि सुशांत की मौत के बाद धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया। उन्होंने बताया कि कंगना रनोट और कुछ अन्य सेलेब्स ने परिवार से संपर्क किया था। सुशांत की मौत 14 जून 2020 को हुई थी सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर उठते सवालों और सुशांत के परिवार द्वारा पटना में दर्ज कराई गई FIR के बाद हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने, दोनों तरह के दावे और आरोप सामने आए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और बिहार सरकार की सिफारिश के बाद अगस्त 2020 में इस मामले की आधिकारिक जांच CBI को सौंप दी गई थी। CBI ने अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा था कि सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने या उनकी मौत में किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश या हत्या का कोई सबूत नहीं मिला। …………. सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... 'मुझे नहीं लगता कि वो सुसाइड था':एक्टर शिशिर शर्मा बोले- सुशांत सिंह राजपूत ऐसे इंसान नहीं थे जो आत्महत्या जैसा कदम उठाएं फिल्म ‘छिछोरे’ में सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम कर चुके एक्टर शिशिर शर्मा ने उनकी मौत को लेकर कहा कि उन्हें लगता है कि सुशांत ने सुसाइड किया है। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शिशिर शर्मा ने बताया कि उनकी और सुशांत की पहचान टीवी के दिनों से थी। जब वह ‘यहां मैं घर घर खेली’ में काम कर रहे थे और सुशांत ‘पवित्र रिश्ता’ में थे, तब दोनों पास में शूटिंग करते थे और लंच ब्रेक में साथ खाना खाते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 1:01 pm

चिरंजीवी को देख इन्फ्लुएंसर पोटी मामा हुए भावुक:पैरों में झुककर रोने लगे; चोट के बावजूद भतीजे वरुण ने चिरंजीवी के पैर छुए

फिल्म कोरियन कनकराजू के एक इवेंट में फिल्म के एक्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पोटी मामा स्टेज पर भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने बताया कि वह कई सालों से अपने आइडल चिरंजीवी से मिलने का सपना देख रहे थे। भावुक होकर वह ऑडियंस में बैठे चिरंजीवी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर गिर पड़े। चिरंजीवी ने उन्हें तुरंत उठाया और गले लगा लिया। इसके बाद उन्होंने पोटी मामा को अपने पास फ्रंट रो में बैठाया और उनके साथ समय बिताया। चिरंजीवी ने उन्हें एक तस्वीर भी गिफ्ट की। बता दें कि 11 अगस्त को हैदराबाद में फिल्म की ग्रैंड ‘मेगा ब्लॉकबस्टर सक्सेस सेलिब्रेशंस’ आयोजित हुई थी। इसमें मेगास्टार चिरंजीवी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। वरुण तेज ने भी चिरंजीवी के पैर छुए इसी इवेंट से फिल्म के लीड एक्टर और चिरंजीवी के भतीजे वरुण तेज का वीडियो भी सामने आया। इसमें वरुण स्टेज पर अपने चाचा के पैर छूते नजर आए। खास बात यह है कि पैर में चोट के बावजूद वह झुककर चिरंजीवी का आशीर्वाद लेने पहुंचे। वीडियो में चिरंजीवी उन्हें संभालते हुए भी नजर आ रहे हैं। वरुण तेज की यह सादगी और परिवार के प्रति सम्मान सोशल मीडिया पर चर्चा में है। बता दें कि वरुण तेज को हाल ही में उनकी अपकमिंग फिल्म 'भारी' के लिए वॉलीबॉल की प्रैक्टिस करते समय घुटने में चोट लग गई थी। जानिए कैसी है फिल्म की कहानी वरुण तेज मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘कोरियन कनकराजू’ एक तेलुगु हॉरर-कॉमेडी है। फिल्म का निर्देशन मेरलपाका गांधी ने किया है। इसमें रितिका नायक और सत्या भी अहम किरदारों में हैं। फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। कहानी पेनुकोंडा के रहने वाले कनकराजू की है। वह गुस्सैल और सीधा-सादा युवक है। उसकी जिंदगी तब बदल जाती है, जब एक रहस्यमयी चीज के जरिए उसके शरीर में एक कोरियाई गैंगस्टर की आत्मा आ जाती है। इसके बाद कनकराजू का व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है। वह कोरियाई भाषा बोलने लगता है और उसके अंदर कुछ अजीब शक्तियां भी आ जाती हैं। …………. यह खबर भी पढ़ें... साउथ एक्टर वरुण तेज बने पिता:पत्नी लावण्या ने बेटे को जन्म दिया, अल्लू अर्जुन-राम चरण ने दी शुभकामनाएं तेलुगु एक्टर वरुण तेज और उनकी पत्नी और एक्ट्रेस लावण्या त्रिपाठी के पहले बच्चे का जन्म पिछले साल 10 सितंबर को हुआ था। कपल ने बच्चे के जन्म की जानकारी इंस्टाग्राम पर दी थी। वरुण तेज ने ब्लैक एंड व्हाइट फोटो पोस्ट की थी, जिसमें वे, लावण्या और उनका नवजात बच्चा नजर आ रहे हैं। फोटो के कैप्शन में लिखा था, “हमारा नन्हा राजकुमार। 10.09.2025।” पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 11:28 am

बॉक्स ऑफिस पर 'गदर' मचाने को तैयार हैं Sunny Deol, एडवांस बुकिंग में छाई Batwara 1947

अभिनेता सनी देओल की अपकमिंग फिल्म बंटवारा 1947 की एडवांस बुकिंग शानदार तरीके से चल रही है।

जागरण 13 Aug 2026 8:43 am

एडवांस बुकिंग में Awarapan 2 का खुमार, बॉक्स ऑफिस पर करेगी धांसू कमाई; 'बंटवारा 1947' को देगी कड़ी टक्कर

Awarapan 2 Advance Booking Collection: इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 ने एडवांस बुकिंग में धड़ाधड़ नोट छापे हैं। जानिए एडवांस कलेक्शन...

जागरण 13 Aug 2026 8:38 am

नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी

नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।

खास खबर 12 Aug 2026 2:30 pm

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm