मलयालम एक्टर मोहनलाल ने केरल वन विभाग के सामने 10 हाथी के दांत और हाथी दांत से बनी 13 मूर्तियां घोषित की हैं। यह घोषणा एक्टर ने सरकार की एमनेस्टी (माफी) योजना के तहत की है। मोहनलाल पर हाथी दांत गैर-कानूनी तरीके से रखने का 15 साल पुराना मामला चल रहा है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी मूर्तियों का कुल वजन करीब 46 किलोग्राम है, जिनमें भगवान कृष्ण, राम और तिरुपति बालाजी की मूर्तियां शामिल हैं। एक्टर ने कहा कि यह चीजें उन्हें विरासत या तोहफे में मिली थीं। वन अधिकारियों के अनुसार, मोहनलाल ने पहले केवल चार हाथी के दांत होने की जानकारी दी थी। अब उन्होंने छह और हाथी दांत के साथ 13 मूर्तियों की घोषणा की है। वन विभाग इन चीजों की जांच के लिए डीएनए टेस्ट भी करा सकता है। 2011 में रेड के दौरान मिली थीं यह पूरा मामला साल 2011 का है। तब इनकम टैक्स के अधिकारियों ने कोच्चि के थेवारा इलाके में स्थित मोहनलाल के घर पर रेड की थी। टीम वहां वित्तीय दस्तावेज और कैश तलाशने गई थी, लेकिन उन्हें घर में हाथी दांत और उससे बनी कलाकृतियां सजी हुई मिलीं। सरकार की मंजूरी के बिना हाथी दांत रखना वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के तहत गैर-कानूनी है। इसके बाद वन विभाग ने इन चीजों को जब्त कर पेरुम्बावूर कोर्ट में मामला दर्ज कराया था। एक्टर ने कहा था- कानून की जानकारी नहीं थीडाउन टू अर्थ की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहनलाल ने तब दावा किया था कि यह हाथी दांत एक ऐसे पालतू हाथी के हैं, जिसकी मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी। उन्होंने इसे केवल याद के तौर पर अपने पास रखा था। एक्टर का कहना था कि उन्हें इसे रखने के गैर-कानूनी होने की जानकारी नहीं थी। इसके बाद साल 2015 में सरकार ने उन्हें इन हाथी दांतों की घोषणा करने की अनुमति दे दी और साल 2016 में उन्हें ओनरशिप सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया। कोर्ट के फैसले के बाद रद्द हुआ सर्टिफिकेटमोहनलाल ने पेरुम्बावूर कोर्ट के आदेश को केरल हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जहां से उन्हें साल 2025 तक अंतरिम रोक मिल गई थी। एक्टर ने साल 2016 और 2019 में सरकार से केस वापस लेने की अपील भी की थी, जिसे साल 2023 में खारिज कर दिया गया। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में हाई कोर्ट ने रिटायर्ड फॉरेस्ट अफसरों और वन्यजीव संरक्षकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए मोहनलाल के ओनरशिप सर्टिफिकेट को अवैध घोषित कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने एक्टर पर मुकदमा चलाने का आदेश नहीं दिया। अब वन विभाग इन हाथी दांतों और मूर्तियों की असलियत का पता लगाने के लिए इनका डीएनए टेस्ट करा सकता है।
नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो ‘लॉकअप 2’ में बिजनेसमैन अशनीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर के एक बयान पर विवाद हो गया है। शो में एलिमिनेशन से बचने के लिए माधुरी ने अपनी पर्सनल जिंदगी से जुड़ा एक सीक्रेट शेयर किया। इस दौरान उन्होंने अमीर और गरीब लोगों के बच्चे पैदा करने को लेकर एक विवादित टिप्पणी कर दी। माधुरी का यह सीक्रेट उन्हें शो से बाहर होने से तो बचा गया, लेकिन उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोग उन्हें लगातार ट्रोल कर रहे हैं। तीसरा बच्चा चाहते थे अशनीर ग्रोवर माधुरी जैन ग्रोवर ने शो के दौरान अपने परिवार से जुड़ा एक सच सामने रखा। उन्होंने बताया कि वे और अशनीर ग्रोवर एक तीसरा बच्चा चाहते थे। शुरुआत में उनका परिवार इस विचार के खिलाफ था, जिसके कारण उन्होंने अपना फैसला टाल दिया। बाद में जब दोनों ने दोबारा तीसरे बच्चे के लिए मन बनाया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। माधुरी ने कहा कि तीसरा बच्चा आपको जवान रखता है। शाहरुख खान समेत जितने भी अमीर लोग हैं, उनके तीन बच्चे हैं। 'हम दो हमारे दो' का यह कॉन्सेप्ट हर किसी पर लागू नहीं होता है। अमीर और गरीब बच्चों पर टिप्पणी से बढ़ा विवादअपने सीक्रेट को बताते हुए माधुरी ने आगे कहा कि जितने अमीर लोग बच्चे पैदा करेंगे तो अमीरी बढ़ेगी और गरीब पैदा करेंगे तो गरीबी बढ़ेगी। माधुरी के इसी बयान को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। यूजर्स का कहना है कि यह सोच पूरी तरह से भेदभाव से भरी है। एक यूजर ने लिखा कि यह बयान दिखाता है कि अमीरों का घमंड किस स्तर पर है। इसमें इंसान की गरिमा को उसके बैंक बैलेंस से तौला गया है, जैसे बच्चे पैदा करने का अधिकार सिर्फ अमीर लोगों को ही हो। होस्ट फराह खान और रितेश देशमुख पर भी उठे सवालसोशल मीडिया पर माधुरी जैन ग्रोवर की आलोचना करने के साथ ही यूजर्स शो के होस्ट पर भी निशाना साध रहे हैं। इस सीजन को फराह खान और रितेश देशमुख होस्ट कर रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया कि माधुरी के इतना बड़ा बयान देने के बाद भी शो के होस्ट कुछ नहीं बोल पाए और पूरी तरह चुप रहे। लोगों का कहना है कि भले ही होस्ट इस बात से असहमत रहे हों, लेकिन उन्हें इस तरह के कमेंट पर टोकना चाहिए था। नेटफ्लिक्स के शो से जुड़े ये विवाद भी पढ़िए- राम कपूर ने चीटिंग को किया जस्टिफाई- राम कपूर ने हाल ही में शो में कहा है कि अगर पति-पत्नी के बीच सच्चा प्यार हो तो धोखा देने के बाद भी रिश्ता खत्म नहीं होता। ये बयान उन्होंने को-कंटेस्टेंट श्रेया कालरा के उस सवाल पर दिया, जिसमें उन्होंने पूछा कि ‘अगर आपका पार्टनर चीट करे, तो क्या आप रिश्ता खत्म करेंगे’? इस पर राम ने कहा- आप कनेक्शन फिर ढूंढिए। अगर आप प्यार करते हैं तो रिश्ता खत्म नहीं होता। शादी मुश्किल सफर है। हमें शादी पर रोज काम करना होता है। 20-25 साल की शादी में आपको उतार-चढ़ाव देखने पड़ते हैं। बुरे समय में अगर गलती से किसी एक से कुछ हो जाए, अगर आप उनके बगैर नहीं जी सकते और अपने बच्चों के बगैर नहीं जी सकते, तो समय के साथ चीजें सुधर जाती हैं। कभी-कभी ये गलती से हो जाता है। आकांक्षा चमोला ने बायसेक्शुअल होने की बात कबूली- ये शो 27 जून से नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जा रहा है। शो शुरुआत से ही कॉन्सेप्ट कम और विवादों से सुर्खियों में है। शो के प्रीमियर में ही आकांक्षा चमोला ने गौरव खन्ना से तलाक अनाउंस कर दिया, जिसे कई यूजर्स ने फेक कहा। अब हाल ही में आकांक्षा ने शो में बायसेक्शुअल होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा है कि शादी से पहले उनके लड़कियों से भी रिश्ते रहे हैं और वो लड़कियों की तरफ आकर्षित होती हैं। सवालों में नेटफ्लिक्स की स्ट्रेटजी आमतौर पर ऐसे रियलिटी शोज में खाने और टास्क पर झगड़े होते हैं, लेकिन इससे इतर नेटफ्लिक्स के नए रियलिटी शो में लगातार विवादों और झगड़ों को ही हाईलाइट किया जा रहा है। शो में भाषा, गाली-गलौज और आपत्तिजनक शब्दों पर भी कोई सेंसर नहीं है। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि दुनिया भर की बड़ी फिल्में और सीरीज स्ट्रीम करने वाले नेटफ्लिक्स को भारत में सर्वाइव करने और व्यूज बटोरने के लिए विवादों की जरुरत क्यों पड़ रही है। ये खबर भी पढ़ें नेटफ्लिक्स के शो लॉकअप-2 में फूट-फूटकर रोईं सुनीता:कहा- सूप कौए के पेशाब जैसा; डायबिटीज है फिर भी भूखी रहीं; शो से निकलने की मांग की नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर हो रहे रियलिटी शो लॉक-अप 2 में कंटेस्टेंट्स ने दिए जा रहे खाने की क्वालिटी पर संगीन आरोप लगाए हैं। गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा, खराब खाना मिलने से रो पड़ीं और दावा किया कि शो में दिया जा रहा सूप, कौए की पेशाब जैसा है। इसके अलावा राम कपूर समेत शो के अन्य कंटेस्टेंट्स भी विरोध में उतर गए और एक रात बिना खाए सोए। पूरी खबर पढ़ें
सतलुज:डायरेक्टर हनी त्रेहान बोले- पंजाब की राजनीति में वर्षों से दबे दर्द की कहानी है ये फिल्म
दिलजीत दोसांझ स्टारर ‘सतलुज’ साढ़े तीन साल के इंतजार के बाद फाइनली जी5 पर आ रही है। इसके निर्देशक हनी त्रेहान ने खास बातचीत में फिल्म के रिलीज तक के संघर्ष और जसवंत सिंह खालड़ा की कहानी को परदे तक लाने के सफर पर बात की... हनी त्रेहान कहते हैं कि ‘सतलुज’ की सबसे बड़ी चुनौती फिल्म बनाना नहीं, बल्कि उसे दर्शकों तक पहुंचाना रही। शूटिंग से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक किसी तरह की बाधा नहीं आई। पंजाब में जहां-जहां शूटिंग हुई, वहां प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया, लेकिन फिल्म पूरी होने के बाद थिएट्रिकल रिलीज के लिए सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला और यहीं से संघर्ष शुरू हो गया। करीब साढ़े तीन साल तक फिल्म रिलीज का इंतजार करती रही।’ सिर्फ एक मैसेज किया, 45 सेकेंड में आया जवाब, फिल्म करने को राजी हुए दिलजीत हनी बताते हैं कि ‘कोविड के दौरान मैंने सिर्फ इतना मैसेज किया था कि दिलजीत आप भारत में हैं या अमेरिका? उसी रात उनकी कैलिफोर्निया की फ्लाइट थी, इसलिए मुझे उम्मीद नहीं थी कि मुलाकात हो पाएगी। कुछ ही सेकेंड में जवाब आया कि समय निकला तो जरूर मिलेंगे। एयरपोर्ट जाते वक्त दिलजीत सीधे मुझसे मिलने पहुंचे। दिलजीत ने एक बार भी पारिश्रमिक या बिजनेस मॉडल के बारे में सवाल नहीं किया। उनकी दिलचस्पी सिर्फ इस बात में थी कि कहानी क्यों कही जा रही है और कितनी ईमानदारी से परदे पर उतारी जाएगी।’ यह उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने सच और इंसाफ के लिए जान दांव पर लगा दी हनी कहते हैं कि ‘सतलुज’ का उद्देश्य किसी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन या विरोध करना नहीं है। मेरे लिए यह उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने सच और इंसाफ के लिए जान तक दांव पर लगा दी। मैं चाहता हूं कि दर्शक फिल्म को खुले मन से देखें और इसके जरिए पंजाब के उस दौर, जसवंत सिंह के संघर्ष और न्याय की अहमियत पर नए सिरे से सोचें। किसी फिल्म की सबसे बड़ी सफलता बॉक्स ऑफिस नहीं, बल्कि दर्शकों के मन में उठने वाले सवाल भी होते हैं।’ पंजाब में शूटिंग के दौरान कहीं विरोध का सामना नहीं करना पड़ा बकौल हनी...‘सतलुज’ सिर्फ एक क्राइम ड्रामा नहीं, बल्कि पंजाब के उस दर्द की कहानी है, जो लंबे समय तक इतिहास और राजनीति की परतों में दबा रहा। इतनी संवेदनशील कहानी होने के बावजूद पंजाब में शूटिंग के दौरान कहीं विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। पुलिस स्टेशन, सरकारी इमारतों और सार्वजनिक स्थानों पर सभी जरूरी अनुमति के साथ काम हुआ और प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया। फिल्म देखने के बाद पंजाब के लोगों ने भी कहा कि पहली बार इस दौर को सनसनी की तरह नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया है। जसवंत सिंह खालड़ा कौन थे? जन्म : 2 नवंबर 1952, मृत्यु : 6 सितंबर 1995 घर: तरनतारन, पंजाब अमृतसर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में डायरेक्टर थे। समाजसेवी और मानवाधिकार कार्यकर्ता भी थे। शिरोमणि अकाली दल के मानवाधिकार विंग से जुड़े थे। जसवंत ने 16 जनवरी 1995 को पंजाब पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर के आरोप लगाए थे। सितंबर 1995 को जसवंत घर के बाहर से गायब हुए। पुलिस पर अपहरण का आरोप लगा। 1995 में ही जसवंत की हत्या भी कर दी गई थी। 2005 में कोर्ट ने जसवंत सिंह केस में पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह समेत 6 पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई थी।
सेंसरशिप विवाद से रुकी हुई फिल्म सतलज (पहले पंजाब 95) को ओटीटी रिलीज के 3 दिन बाद ही जी 5 से भी हटा दिया गया है। बिना कोई पुख्ता कारण दिए, अचानक फिल्म हटाए जाने पर कई सेलेब्स ने नाराजगी जाहिर की है। इसी बीच फिल्म के एक्टर दिलजीत दोसांझ ने फैंस से बढ़-चढ़कर पायरेसी करने और फिल्म को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की है। ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद फिल्म को यूट्यूब पर प्राइवेट चैनल पर रिलीज किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में फैंस फिल्म देख रहे हैं। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने भी ये फिल्म देखी और जमकर तारीफ की है। इसी बीच कई सेलेब्स फिल्म हटाए जाने का विरोध कर रहे हैं। एक्टर रणवीर शोरे ने फिल्म हटाए जाने पर लिखा है, 'सतलज' को हटाए जाने की खबर सुनकर बेहद निराशा हूं। मैं लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहा था। जिस देश की प्राचीन परंपरा और विरासत कहानियों से सीखने की रही हो, वहां यह समझ से परे है कि हम बार-बार कहानियों को दबाने और छिपाने की संस्कृति को ही बढ़ावा क्यों दे रहे हैं। इन सेलेब्स ने भी किया विरोध रणवीर शोरे के अलावा सोनी राजदान और फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी फिल्म हटाए जाने पर निराशा जाहिर की है। क्रिकेटर हरभजन सिंह ने फिल्म देखकर की तारीफ हरभजन सिंह ने फिल्म देखने के बाद इसकी तारीफ में लिखा है- जलियांवाला बाग इतिहास के सबसे भयावह नरसंहारों में से एक है। इसे एक औपनिवेशिक शासन ने अंजाम दिया था। लेकिन जसवंत सिंह खालड़ा देखने के बाद मेरे मन में जो सवाल सबसे ज्यादा गूंजता है, वह कुछ और है। बाहरी शासक के अत्याचार से भी ज्यादा पीड़ादायक क्या होता है? जब अपने ही लोगों की रक्षा करने की जिम्मेदारी निभाने वाले लोग, उन्हीं के लिए सबसे बड़े डर की वजह बनने के आरोपों में घिर जाएं।एक पुलिस अधिकारी का कर्तव्य निर्दोष लोगों की रक्षा करना होता है, न कि अपनी शक्ति का दुरुपयोग करना। खालड़ा ने कथित अवैध गुमशुदगियों और गुप्त अंतिम संस्कारों के सबूत सामने लाने का साहस दिखाया। उनकी कहानी याद दिलाती है कि राज्य की शक्ति का दुरुपयोग ऐसी चोटें दे सकता है, जिनके निशान पीढ़ियों तक बने रहते हैं।पंजाब की कई माताएं आज भी जवाब का इंतजार कर रही हैं। अनेक परिवार अब भी न्याय की राह देख रहे हैं। सच को हमेशा के लिए दफन नहीं किया जा सकता। इस कहानी को दुनिया के सामने लाने के लिए हनी त्रेहान और दिलजीत दोसांझ ने बेहतरीन काम किया है। जसवंत सिंह खालड़ा का साहस हमेशा याद रखा जाना चाहिए। दिलजीत दोसांझ बोले- फिल्म डाउनलोड कर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें फिल्म हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ इंस्टाग्राम पर लाइव आए और कहा कि उन्हें कोई फिक्र नहीं हैं। उन्हें लगा था कि फिल्म 3 दिन से पहले ही हटा दी जाएगी। इसके अलावा उन्होंने फैंस से अपील की है कि इसे ज्यादा से ज्यादा डाउनलोड कर शेयर किया जाए और सबको दिखाया जाए। दिलजीत दोसांझ ने ये भी कहा- एक इंसानियत होती है, वह इंसानियत मर गई। मुझे इस बात का दुख नहीं है कि फिल्म इंटरनेट से हटा दी गई, क्योंकि फिल्म लोगों तक पहुंच चुकी है। एक बार जो चीज इंटरनेट पर आ गई, उसे हटाना आसान नहीं है। इनके सलाहकार ठीक नहीं हैं। इस फिल्म के साथ वही हुआ, जो खालड़ा जी के साथ हुआ था। फिल्म हटाने पर पंजाबी कलाकारों ने गुस्सा जताया है। दिलजीत का बयान सामने आने के बाद जी 5 ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है, ‘हमे आशा है और हम इसके लिए सब कुछ कर रहे हैं। प्लीज पायरेसी को सपोर्ट न करें। हम सतलज फिल्म को वापस लाने की हर कोशिश कर रहे हैं।’ क्यों विवादों में है फिल्म सतलज केंद्र सरकार से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग किए जाने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक, चिंता है कि फिल्म के कुछ दृश्य और सामग्री का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थक आंदोलन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा सकता है, खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा हो सकता है। सरकार का मानना है कि ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर होते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है।
बोनी कपूर की बेटी अंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की शादी के प्री-वेडिंग फंक्शंस की इनसाइड तस्वीरें भाई अर्जुन कपूर ने शेयर की हैं। चूड़ा और कलीरा सेरेमनी के दौरान अंशुला अपने भाई अर्जुन कपूर को गले लगाकर भावुक हो गईं और रो पड़ीं। वहीं, एक अन्य पारंपरिक रस्म के दौरान जब अंशुला ने कलीरा पीछे की तरफ फेंका, तो वह सीधे अर्जुन कपूर के सिर पर जा गिरा। कलीरा गिरते ही अर्जुन कपूर मुस्कुराने लगे, जिसके बाद वहां मौजूद परिवार के लोगों ने उन्हें चिढ़ाना शुरू कर दिया। इस शादी समारोह में पूरा कपूर परिवार शामिल हुआ है। देखें मेहंदी की इनसाइड तस्वीरें.. कलीरा गिरते ही अर्जुन के चेहरे पर आई मुस्कानअंशुला कपूर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कलीरा सेरेमनी का एक वीडियो शेयर किया है। पंजाबी शादियों की परंपरा के मुताबिक, दुल्हन अपनी सहेलियों और बहनों के सिर पर कलीरा गिराने की रस्म निभाती है। अंशुला ने जब कलीरा पीछे की तरफ उछाला, तो वह किसी लड़की के बजाय सीधे उनके भाई अर्जुन कपूर पर जाकर गिरा। कलीरा गिरते ही वहां मौजूद जान्हवी कपूर, खुशी कपूर और बाकी रिश्तेदार हंसने लगे। अर्जुन कपूर भी कलीरा गिरने के बाद अपनी मुस्कान नहीं रोक पाए। उनके इस रिएक्शन का वीडियो इंटरनेट पर काफी देखा जा रहा है। अंशुला ने लिखा- इस कलीरे पर स्माइल लिखा थाइस वीडियो को पोस्ट करते हुए अंशुला ने भाई अर्जुन कपूर की खिंचाई भी की। उन्होंने लिखा कि उन्होंने आज तक किसी को कलीरा से चुने जाने के लिए इतना एक्साइटेड नहीं देखा है। अंशुला ने यह भी बताया कि अर्जुन पर जो कलीरा गिरा, उस पर अंग्रेजी में 'स्माइल' लिखा हुआ था और कलीरा गिरते ही अर्जुन पूरे समय मुस्कुराते रहे। पंजाबी रस्मों में माना जाता है कि दुल्हन का कलीरा जिस अविवाहित व्यक्ति पर गिरता है, अगली शादी उसी की होती है। इस वजह से सोशल मीडिया पर लोग अर्जुन को बधाई दे रहे हैं। भाई को गले लगाकर भावुक हो गईं अंशुलामजाक और मस्ती के बीच चूड़ा सेरेमनी के दौरान एक बेहद भावुक पल भी देखने को मिला। अंशुला कपूर अपनी रस्मों के दौरान भाई अर्जुन कपूर को गले लगाकर रो पड़ीं। मां मोना शौरी के निधन के बाद अर्जुन कपूर ने ही अपनी बहन अंशुला की देखभाल की है, इसलिए दोनों के बीच बेहद मजबूत बॉन्डिंग है। भाई-बहन की इस इमोशनल तस्वीर को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है। फैंस दोनों के इस जुड़ाव की तारीफ कर रहे हैं। बोनी, जान्हवी और ओरी समेत पूरा कपूर परिवार पहुंचाअंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की इस शादी में पूरा कपूर परिवार एक साथ नजर आया। मुंबई में हुए इस फंक्शन में पिता बोनी कपूर, बहन जान्हवी कपूर, खुशी कपूर, शनाया कपूर और संजय कपूर शामिल हुए। इनके अलावा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरी (ओरहान अवत्रामणि) भी इस सेलिब्रेशन का हिस्सा बने। ओरी ने भी कपूर बहनों के साथ इंस्टाग्राम पर कई इनसाइड तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें पूरा परिवार डांस और म्यूजिक का आनंद लेता दिख रहा है।
मावधिकार कार्यकर्ता पर बनी दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलज विवादों से घिर गई है। सेंसर विवाद के चलते इसे 2 जुलाई को OTT प्लेटफॉर्म जी 5 पर रिलीज किया गया था, हालांकि रिलीज के महज 3 दिन बाद ही इसे अचानक ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। इसी बीच फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान ने दैनिक भास्कर से फिल्म और विवाद पर बात की। उनका कहना है कि दिलजीत ने कहानी सुनते ही महज 45 सेकेंड में फिल्म करने के लिए हामी भर दी थी। पढ़िए, 'सतलज' के निर्देशक हनी त्रेहान से हुई दैनिक भास्कर की एक्सक्लूसिव बातचीत- 'फिल्म बनाना मुश्किल नहीं था, लेकिन उसका रिलीज होना सबसे बड़ा संघर्ष बन गया'- हनी त्रेहान फिल्म सतलज का पहले नाम पंजाब 95 रखा गया था, हालांकि सेंसर बोर्ड ने इस नाम पर आपत्ति जताई। 2023 में ही फिल्म बन चुकी थी, लेकिन सेंसर बोर्ड ने कई कट्स का सुझाव देने के बावजूद इसे पास नहीं किया। इस पर डायरेक्टर हनी त्रेहान ने कहा, 'मेरे लिए 'सतलज' (पहले पंजाब 95) बनाना बड़ी चुनौती नहीं था। असली संघर्ष तब शुरू हुआ, जब इसे दर्शकों तक पहुंचाने की बारी आई। शूटिंग से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक ऐसा कोई मौका नहीं आया, जब मुझे लगा हो कि इस कहानी को बनाने से कोई रोक रहा है। हमने पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत पूरी की। जहां-जहां शूटिंग हुई, वहां स्थानीय प्रशासन का पूरा सहयोग मिला। लेकिन फिल्म पूरी होने के बाद थिएटर रिलीज के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का सर्टिफिकेट नहीं मिल पाया और यही इंतजार धीरे-धीरे सबसे बड़ा संघर्ष बन गया।' ‘करीब साढ़े तीन साल तक यह फिल्म रिलीज का इंतजार करती रही। इतने लंबे समय में कई बार लोगों ने मुझसे पूछा कि आखिर दिक्कत क्या है। सच कहूं तो आज भी मेरे पास उसका कोई निश्चित जवाब नहीं है। मैं इसे कभी व्यक्तिगत या वैचारिक विरोध के तौर पर नहीं देखता। मुझे हमेशा लगा कि शायद उनकी अपनी कुछ प्रक्रियाएं या मजबूरियां रही होंगी। लेकिन एक फिल्मकार के तौर पर इतना जरूर महसूस हुआ कि जब कोई कहानी इतने लंबे समय तक दर्शकों से दूर रह जाती है, तो उसके साथ जुड़े सभी लोगों की परीक्षा होती है।’ 'दिलजीत दोसांझ ने 45 सेकेंड में मिलने के लिए हामी भर दी'- हनी त्रेहान फिल्म में दिलजीत को कास्ट करने पर हनी कहते हैं, ‘कोविड का दौर था। मैंने दिलजीत दोसांझ को सिर्फ एक छोटा-सा संदेश भेजा कि वह भारत में हैं या अमेरिका। पता चला कि उसी रात उनकी कैलिफोर्निया की फ्लाइट थी। मैंने सोचा था कि शायद मुलाकात नहीं हो पाएगी, लेकिन कुछ ही सेकेंड में उनका जवाब आया कि अगर समय निकला तो जरूर मिलेंगे। शाम को वह एयरपोर्ट जाते हुए सीधे मेरे पास पहुंचे। उनके पास बहुत कम समय था, लेकिन उन्होंने बिना किसी जल्दबाजी के पूरी बात सुनी। उस मुलाकात में मुझे एक बड़े सितारे से ज्यादा एक संवेदनशील इंसान दिखाई दिया, जो कहानी को समझना चाहता था।’ ‘मैंने सबसे पहले यही स्पष्ट किया कि यह फिल्म 1984 की घटनाओं पर नहीं है। मैंने उनसे कहा कि दुनिया अक्सर पंजाब को सिर्फ उसी एक घटना के संदर्भ में याद करती है, जबकि उसके बाद भी वहां बहुत कुछ हुआ, जिसके बारे में बहुत कम बात हुई और सिनेमा ने तो लगभग चुप्पी ही साध ली।’ ‘मैं चाहता था कि वह समझें कि यह फिल्म किसी राजनीतिक बहस का हिस्सा नहीं है। यह उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने सच और इंसाफ की कीमत अपनी जिंदगी देकर चुकाई। यहीं से मैंने जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष के बारे में विस्तार से बात करनी शुरू की।’ 'दिलजीत की पहली प्रतिक्रिया मैं कभी नहीं भूल सकता'- हनी आगे हनी त्रेहान ने कहा, ‘मेरे पास रिसर्च की एक फाइल थी, जिसके कवर पर जसवंत सिंह खालड़ा की तस्वीर लगी थी। दिलजीत ने जैसे ही वह तस्वीर देखी, उन्होंने फाइल उठाई, उसे अपने माथे से लगाया, हाथ जोड़कर प्रणाम किया और कुछ पल बिल्कुल शांत रहे।’ ‘उसके बाद उन्होंने मेरी तरफ देखा और सिर्फ इतना कहा- पाजी, कब आना है? कहां आना है? उस एक वाक्य ने मुझे यकीन दिला दिया कि उन्होंने इस फिल्म को सिर्फ एक अभिनय परियोजना की तरह नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी की तरह स्वीकार किया है। एक निर्देशक के तौर पर इससे बड़ा भरोसा शायद किसी कलाकार से नहीं मिल सकता।’ 'दिलजीत ने इस किरदार के लिए कभी पैसों की बात नहीं की' हनी ने बताया है कि दिलजीत का फोकस फीस पर नहीं सिर्फ फिल्म पर था, उन्होंने कहा, ‘आज के समय में फिल्मों की पहली बातचीत अक्सर फीस, तारीखों और अनुबंध से शुरू होती है। लेकिन इस फिल्म में ऐसा कुछ नहीं हुआ। हमारी पूरी चर्चा सिर्फ कहानी, किरदार और उसके उद्देश्य पर केंद्रित रही। दिलजीत ने एक बार भी यह नहीं पूछा कि उन्हें कितना पारिश्रमिक मिलेगा या फिल्म का व्यावसायिक पक्ष क्या होगा।’ ‘उन्होंने सिर्फ यह जानना चाहा कि हम यह कहानी क्यों कह रहे हैं और इसे किस ईमानदारी से पर्दे पर उतारना चाहते हैं। मेरे लिए यह एक कलाकार की सबसे बड़ी खूबी है। जब कोई अभिनेता कहानी को अपने आर्थिक हितों से ऊपर रखता है, तो निर्देशक का विश्वास भी कई गुना बढ़ जाता है।’ 'सतलज का उद्देश्य बहस नहीं, संवाद शुरू करना है'- हनी हनी आगे कहते हैं, 'मैं हमेशा मानता हूं कि सिनेमा का काम सिर्फ मनोरंजन करना नहीं है। कई बार वह समाज से ऐसे सवाल भी पूछता है, जिन पर लंबे समय से चुप्पी रही हो। 'सतलज' भी मेरे लिए वैसी ही फिल्म है। इसका उद्देश्य किसी पक्ष या विचारधारा के समर्थन में खड़ा होना नहीं, बल्कि इंसाफ, मानवाधिकार और मानवीय संवेदना पर संवाद शुरू करना है।' ‘मेरी सबसे बड़ी इच्छा यही है कि दर्शक इस फिल्म को खुले मन से देखें। अगर फिल्म खत्म होने के बाद लोग पंजाब के उस दौर, जसवंत सिंह खालड़ा के संघर्ष और न्याय की अहमियत पर नए सिरे से सोचें, तो मुझे लगेगा कि हमारी मेहनत सफल हुई। मेरे लिए किसी भी फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धि पुरस्कार या कमाई नहीं, बल्कि दर्शकों के भीतर पैदा हुआ वह सवाल है, जो उन्हें थिएटर या स्क्रीन बंद होने के बाद भी लंबे समय तक सोचने पर मजबूर करे।’ 'पंजाब में शूटिंग के दौरान हर स्तर पर सहयोग मिला'- हनी ‘कई लोगों को लगता है कि इतनी संवेदनशील कहानी की शूटिंग के दौरान हमें विरोध का सामना करना पड़ा होगा, लेकिन मेरा अनुभव बिल्कुल उलटा रहा। हमने पंजाब की वास्तविक लोकेशनों पर शूटिंग की। पुलिस स्टेशन, सरकारी इमारतें और कई सार्वजनिक स्थानों पर काम किया। हर दिन जरूरी अनुमति ली गई और प्रशासन ने पूरा सहयोग दिया।’ ‘कभी ऐसा नहीं लगा कि कोई हमारी कहानी सुनने से पहले ही उसे रोकना चाहता है। इसी वजह से जब बाद में प्रमाणन की प्रक्रिया लंबी होती चली गई, तो मेरे लिए वह और भी हैरानी की बात थी। क्योंकि जिस माहौल में फिल्म बनी, वहां हमें कभी असहज स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा।’ 'यह पंजाब के जख्म कुरेदने वाली नहीं, उन पर मरहम रखने वाली फिल्म है' ‘शुरुआत से मेरी कोशिश रही कि यह फिल्म किसी पुराने घाव को फिर से हरा करने का माध्यम न बने। मैं चाहता था कि लोग इसे एक मानवीय कहानी की तरह देखें। जब पंजाब में लोगों ने फिल्म देखी, तो उनकी प्रतिक्रिया ने मेरा भरोसा और मजबूत किया।’ ‘कई लोगों ने कहा कि पहली बार किसी ने इस दौर को सनसनी की तरह नहीं, बल्कि संवेदनशीलता के साथ दिखाने की कोशिश की है। मेरे लिए यही सबसे बड़ी उपलब्धि है। अगर कोई फिल्म लोगों को अपने इतिहास पर शांत मन से सोचने का अवसर देती है, तो वह अपना उद्देश्य पूरा कर चुकी होती है।’ जानिए क्यों है फिल्म पर विवाद- मानवाधिकार कार्यकर्ता पर आधारित, 2022 में बननी शुरू हुई: मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के नाम पर 2022 में फिल्म बनाने की घोषणा की। फिल्म का शुरुआती नाम 'घल्लूघारा' रखा गया था, जिसका अर्थ 'नरसंहार' होता है। फिल्म की शूटिंग पंजाब के विभिन्न हिस्सों, खासकर अमृतसर में पूरी हुई। अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाने के लिए अपने लुक और शारीरिक बनावट में बदलाव किया। सेंसर बोर्ड ने नाम बदलवाया: साल 2023 में फिल्म बनकर तैयार हो गई। इसके बाद इसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, तो बोर्ड ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई और कई बदलाव तथा कट्स सुझाए। इसके बाद फिल्म का नाम बदलकर 'पंजाब 95' रखा गया। 127 कट लगाने को भी कहा: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CBFC ने फिल्म में 127 कट्स और कई बदलाव सुझाए। इनमें कुछ ऐतिहासिक संदर्भों, स्थानों और पात्रों के नामों में बदलाव की मांग भी शामिल थी। हालांकि, CBFC ने सार्वजनिक रूप से इन सभी प्रस्तावित बदलावों का विस्तृत आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया। भारत में सेंसर बोर्ड की मंजूरी नहीं मिलने के कारण फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी। विदेशों में रिलीज नहीं हो सकी: इसके बाद 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। इसके बाद साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। सिर्फ OTT पर रिलीज करने की छूट मिली: इसके बाद इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की छूट मिली। उसमें किसी तरह के कट नहीं लगाए गए थे। 2 दिन के भीतर पंजाब में इस फिल्म को खूब देखा गया। जिसके बाद अचानक OTT प्लेटफॉर्म से फिल्म हट गई। इसके बारे में सिर्फ इतना कहा गया कि अगले आदेश तक फिल्म हटा दी गई है। अब पढ़िए, फिल्म हटाने पर दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा- इंसानियत होती है, जो मर गई: फिल्म को हटाए जाने पर दिलजीत ने कहा कि मैं लोगों के मुंह की तरफ देखता हूं। एक इंसानियत होती है, लेकिन वह इंसानियत मर गई। कमाल है। फिल्म इंटरनेट से हट गई, इसलिए मैं उदास नहीं हूं। फिल्म तो लोगों तक पहुंच ही गई। अब वह कहीं नहीं जाने वाली। एक प्यार, इत्तेफाक और इंसानियत होती है, लेकिन लोगों का रवैया कमाल का है। बस इसी बात का थोड़ा दुख है। मुझे पहले पता था ऐसा होना है: दिलजीत ने कहा- मुझे पहले से ही पता था कि ऐसा होना है। मैंने सोचा था कि अगर फिल्म दो-तीन दिन भी चल जाए तो हमारा काम हो जाएगा। इंटरनेट पर एक बार कोई चीज आ जाए, तो उसे पूरी तरह हटाना आसान नहीं होता। इनके सलाहकार ठीक नहीं हैं। प्रोजेक्ट आया था, जो बैन हो गया, यूरोप टूर पर जाएंगे: एक प्रशंसक ने जब दिलजीत से उनके अपकमिंग प्रोजेक्ट के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया- एक प्रोजेक्ट आया था, जो अब बैन हो गया है। इसके बाद अब हम यूरोप टूर पर जाएंगे। पहला शो बर्लिन में होगा। फिल्म हटाए जाने पर कई सेलेब्स ने जाहिर की नाराजगी-
बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 5 जुलाई को गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर ली है। ये शादी आमिर के घर में हुई, जिसमें महज परिवार के सदस्य और कुछ करीबी दोस्त शामिल हुए। खास बात ये रही कि आमिर की पिछली 2 शादी के बच्चे ईरा, जुनैद और आजाद शादी में पहुंचे, हालांकि हर खास इवेंट में साथ रहने वालीं पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण राव, शादी से नदारत दिखीं। अब लगातार आमिर-गौरी की शादी की तस्वीरें सामने आ रही हैं। एक नजर शादी की इनाइइड तस्वीरों पर- इरफान पठान ने किस किया एडिट पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान, पत्नी के साथ आमिर-गौरी की शादी में पहुंचे थे। उन्होंने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से आमिर-गौरी की रजिस्टर्ड मैरिज से जुड़ा एक वीडियो शेयर किया है। शादी के पेपर्स साइन करने के बाद आमिर ने गौरी स्प्रैट को किस किया था, हालांकि इरफान पठान ने उस किस को एडिट कर पोस्ट किए गए वीडियो से हटा दिया है। पायल पहने दिखे आमिर खान आमिर खान ने शादी के लिए ऑफ व्हाइट ट्रेडिशन कुर्ता और धोती पहनी थी। मेहमानों को बाहर तक छोड़ने आए आमिर को पायल पहने देखा गया है। आमिर-गौरी के बच्चों ने निभाई रस्म शादी से एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें आमिर खान के बेटे आजाद राव खान और गौरी के पिछली शादी से हुए बेटे क्विन, न्यूलीवेड कपल के लिए रिंग पकड़े दिखे हैं। शादी के वचन लेने के बाद कपल ने एक-दूसरे को रिंग पहनाई।
अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हो रहा रियलिटी शो अलायंस चर्चा में हैं। शो में टीवी एक्ट्रेस नीति टेलर भी बतौर कंटेस्टेंट शामिल हुई हैं। शो के हाल ही में स्ट्रीम हुए एक एपिसोड में एक्ट्रेस ने खुलासा किया है कि उनके बॉयफ्रेंड ने उनकी जांघों को सिगरेट से जलाया था, जिसके निशान आज भी मौजूद हैं। नीति ने को-कंटेस्टेंट्स को वो दाग भी दिखाए। साथ ही नीति ने कहा है कि उनके साथ रिलेशनशिप में मारपीट भी हुई थी। अलायंस के हालिया एपिसोड में नीति टेलर ने को-कंटेस्टेंट रूही दोसांझ, मिनी माथुर और डेजी शाह से बातचीत करते हुए अपनी जांघों पर बने निशान दिखाकर कहा, एक्स बॉयफ्रेंड ने मुझे जला दिया था। ये सुनकर मिनी शॉक हो गईं और उन्होंने कहा, ये क्या बकवास है। जब सबने पूछा कि क्या ये गलती से जला था। तो नीति ने कहा, नहीं, वो बहुत वायलेंट और साइकोटिक था। नीति ने आगे बताया है कि ये घटना उनके एक्स बॉयफ्रेंड के बर्थडे के दिन हुई थी। एक्स ने एक नहीं बल्कि कई जगह सिगरेट से जलाकर निशान बनाए थे। उसी दिन उन्हें थप्पड़ भी मारा गया था, जिसके बाद उन्होंने रिश्ता खत्म कर लिया था। बातचीत के दौरान नीति ने जांघों पर 5 निशान गिनवाए, जो कथित तौर पर सिगरेट से बनाए गए थे। कौन हैं नीति टेलर? नीति टेलर एक टेलीविजन एक्ट्रेस हैं। नीति इश्कबाज, कैसी ये यारियां और गुलाम जैसे शोज का हिस्सा रही हैं। 8 नवंबर 1994 को जन्मीं नीति 31 साल की हैं। नीति ने 15 साल की उम्र में एक्टिंग डेब्यू किया था। नीति टेलर ने 2019 में बॉयफ्रेंड परिक्षित बावा से सगाई की थी, जिसके अगले साल दोनों शादी के बंधन में बंधे हैं। टीवी शोज के अलावा नीति 3 तेलुगु फिल्मों और कई म्यूजिक वीडियोज का हिस्सा रही हैं। शो अलायंस के बारे में- ये एक सेलिब्रिटी रियलिटी शो है, जिसमें अलायंस बनाने पर फोकस किया जाता है। शो 26 जून से अमेजन प्राइम पर शुरू हुआ है। शो की शुरुआत 8 जोड़ियों के साथ हुई थी। इनमें रवि किशन, बेटी रीवा के साथ पहुंचे थे। हालांकि रवि किशन 3-4 दिन बाद ही शो से बाहर हो गए। उनके अलावा निखिल चिनप्पा, कुशल टंडन, अर्सलान गोनी, रूही दोसांझ, डॉली जावेद, पायल, मिनी माथुर जैसे कई लोग शामिल हैं। पहले हफ्ते शो से वंशज को एलिमिनेट किया गया है। अब शो में अगू, वृद्धि पटवा और सोहेल खान बतौर वाइल्ड कार्ड शामिल हुए हैं। शो को एक्टर कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं।
पंजाब 95 नाम बदलकर ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज की गई दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को दो दिन बाद प्लेटफॉर्म से अचानक हटा दिया गया। इस पर दिलजीत का कहना है कि जो फिल्म के साथ हुआ है, वही खालड़ा साहब के साथ हुआ था। वहीं, ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, अगले आदेश तक 'सतलुज' उपलब्ध नहीं रहेगा। हम कानूनी प्रक्रिया के तहत हर उचित विकल्प तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि जल्द से जल्द इस फिल्म को फिर से दर्शकों के लिए उपलब्ध कराया जा सके। इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है। तीन दिन पहले हुई रिलीज दरअसल, तीन साल के लंबे संघर्ष के बाद पंजाब 95 फिल्म को सतलुज नाम से रिलीज किया गया था। फिल्म चली, इस बीच अचानक इसे हटा दिया गया। कंपनी की तरफ से कहा गया, सतलुज को दर्शकों से बहुत प्यार और अच्छा रिस्पॉन्स मिला। फिल्म देखने और समर्थन करने वाले सभी लोगों का हम दिल से धन्यवाद करते हैं। आपका प्यार और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। ZEE5 को सतलुज और इसे बनाने वाली टीम पर पूरा भरोसा है। हमारा मानना है कि अच्छी कहानियां लोगों पर गहरा असर छोड़ती हैं। इसलिए हम आगे भी ऐसी बेहतरीन कहानियां लाते रहेंगे। फिलहाल कुछ परिस्थितियों के कारण सतलुज ZEE5 पर उपलब्ध नहीं होगी। हम इसे दोबारा जल्द से जल्द वापस लाने के लिए सभी जरूरी कानूनी और अन्य प्रयास कर रहे हैं। हम अच्छी और सच्ची कहानियों के साथ हमेशा मजबूती से खड़े रहेंगे। फिल्म को इस तरह चुप नहीं करवाया जा सकता शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि भारत में ZEE5 से सतलुज को अचानक हटाए जाने की खबर से मैं स्तब्ध और दुखी हूं। पंजाब के दर्दनाक इतिहास को सामने लाने और सरदार जसवंत सिंह जी खालड़ा के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि देने वाली इस दमदार फिल्म को इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह सिर्फ सेंसरशिप नहीं है, बल्कि हमारी सामूहिक यादों, सच और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। मैं इस फैसले की कड़ी निंदा करता हूं। पंजाब को अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का अधिकार है, उसे दबाया नहीं जाना चाहिए। अब तक फिल्म के सफर को चार प्वाइंट में जानिए 1. अधिकतर शूटिंग पंजाब में हुई 2022 फिल्म बनाने की घोषणा की। फिल्म का शुरुआती नाम 'घल्लूघारा' रखा गया था, जिसका अर्थ 'नरसंहार' होता है। फिल्म की शूटिंग पंजाब के विभिन्न हिस्सों, खासकर अमृतसर में पूरी हुई। अभिनेता दिलजीत ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाने के लिए अपने लुक और शारीरिक बनावट में बदलाव किया। 2. मंजूरी मिलने से पहले नाम बदलने का सुझाब साल 2023 में फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, तो बोर्ड ने फिल्म के शीर्षक पर आपत्ति जताई और कई बदलाव तथा कट्स सुझाए। इसके बाद फिल्म का नाम बदलकर 'पंजाब 95' रखा गया। 3.फिल्म फेस्टिवल में काफी सराहना हुई साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। 4. 127 कट लगाने को कहा मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CBFC ने फिल्म में 127 कट्स और कई बदलाव सुझाए। इनमें कुछ ऐतिहासिक संदर्भों, स्थानों और पात्रों के नामों में बदलाव की मांग भी शामिल थी। हालांकि, CBFC ने सार्वजनिक रूप से इन सभी प्रस्तावित बदलावों का विस्तृत आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया। भारत में सेंसर की मंजूरी नहीं मिलने के कारण फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी। इसके बाद 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। श्मशान घाटों का दौरा कर जुटाई जानकारियां खालड़ा ने पंजाब पुलिस और प्रशासन द्वारा की जा रही इन गुमशुदगियों और हत्याओं को उजागर किया था। उन्होंने उस समय अमृतसर के श्मशान घाटों का दौरा कर यह जानकारी जुटाई कि वहां 6,000 से अधिक शवों का गुप्त रूप से अंतिम संस्कार किया गया था। यह जानकारी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी साझा की, जिससे भारत के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर सवाल खड़े हुए। 1995 में हुई थी हत्या खालड़ा को सिखों के हकों के लिए लड़ने का खामियाजा अपनी जान देकर चुकाना पड़ा था। परिवार का आरोप है कि 6 सितंबर, 1995 को पुलिस ने खालड़ा का उनके घर से अपहरण कर लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर भी दर्ज नहीं की, जिसके बाद जसवंत की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद कोर्ट ने सीबीआई को जांच का आदेश दिया था।
मसूरी में वीकेंड पर बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर नजर आए। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और प्रशंसकों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। शाहिद कपूर अपनी बेटी का दाखिला कराने के लिए वुडस्टॉक स्कूल पहुंचे थे। वुडस्टॉक स्कूल में इस साल का दूसरा समर प्रोग्राम चल रहा है। इसमें देश-विदेश के 151 बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। करीब 12 दिन तक चलने वाले कार्यक्रम में बच्चों के लिए शैक्षणिक, रचनात्मक, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। स्कूल परिसर पहुंचने पर शाहिद कपूर ने मुख्य विद्यालय भवन का भ्रमण किया। उन्होंने कैफेटेरिया, छात्रावास समेत अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा। इस दौरान उन्होंने मसूरी और स्कूल परिसर की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया।
फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर की बेटी और एक्टर अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर कल यानी 6 जुलाई को शादी कर रही हैं। वे अपने लॉन्ग टर्म बॉयफ्रेंड रोहन ठक्कर के साथ शादी करेंगी। शादी से पहले उनके घर पर प्री-वेडिंग रस्में शुरू हो गई हैं। माता की चौकी के बाद अंशुला की मेहंदी सेरेमनी रखी गई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। अपनी मेहंदी के लिए अंशुला ने पारंपरिक पीले या हरे रंग के बजाय टिल ब्लू कलर का डिजाइनर लहंगा चुना। इस फंक्शन में पूरा कपूर परिवार शामिल हुआ। देखें मेहंदी रस्म की तस्वीरें.… फंक्शन में शामिल हुआ पूरा कपूर परिवारअंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की मेहंदी सेरेमनी के दौरान पूरा कपूर परिवार एक साथ नजर आया। इस पारिवारिक मिलन में दूल्हा-दुल्हन के करीबी दोस्त और रिश्तेदार शामिल हुए। फंक्शन में अंशुला के पिता बोनी कपूर और भाई अर्जुन कपूर मेहमानों का स्वागत करते दिखे। उनके अलावा सोनम कपूर, खुशी कपूर, महीप कपूर और बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन भी इस जश्न का हिस्सा बने। कार्यक्रम में काफी संगीत और डांस भी हुआ। मेहंदी के लिए चुना खास गुजराती पटोला लहंगाअंशुला कपूर ने अपनी मेहंदी सेरेमनी के लिए फैशन डिजाइनर अर्पिता मेहता का डिजाइन किया हुआ टिल ब्लू कलर का कस्टमाइज्ड लहंगा पहना। इस लहंगे का डिजाइन गुजरात के पारंपरिक पटोला प्रिंट से प्रेरित है। स्कर्ट पर बारीक पटोला मोटिफ्स के साथ मिरर वर्क किया गया है। लहंगे के बॉर्डर पर एंटीक गोल्ड एम्ब्रॉयडरी है। इसके साथ उन्होंने मैचिंग दुपट्टा लिया, जिस पर ज्योमेट्रिक पैटर्न, मिरर वर्क और टैसल्स लगे हुए हैं। ब्लाउज पर व्हाइट पोल्का-डॉट डिटेलिंग और गले पर हैवी कढ़ाई की गई है। पारंपरिक पोल्की छोड़कर पहनी फिरोजी ज्वेलरीअपने ब्राइडल लुक को अलग बनाने के लिए अंशुला ने पारंपरिक पोल्की ज्वेलरी को छोड़कर 'आम्रपाली ज्वेल्स' की फिरोजी (टर्कोइज) ज्वेलरी चुनी। उन्होंने मोतियों वाले हैवी फिरोजी नेकलेस के साथ मैचिंग ड्रॉप ईयररिंग्स और अंगूठियां पहनीं। उनका मेकअप बिल्कुल नेचुरल और फ्रेश रखा गया था, जिसमें न्यूड पिंक लिपस्टिक शामिल थी। बालों को सॉफ्ट वेव्स लुक देकर आधा खुला छोड़ा गया था, जिसमें पीछे की तरफ गहरे गुलाबी रंग का फ्लोरल गजरा लगाया गया था। यह गजरा उनके नीले लहंगे के साथ अलग ही दिख रहा था। माता की चौकी से हुई थी फंक्शन की शुरुआतमेहंदी सेरेमनी से पहले अंशुला के घर पर पारंपरिक माता की चौकी का आयोजन किया गया था। इस फंक्शन में अंशुला ने पंजाबी कारीगरी को दिखाते हुए चमकीले फुल्कारी दुपट्टे के साथ बेज-गोल्ड कलर का हैवी लहंगा पहना था। इसके साथ उन्होंने क्लासिक कुंदन ज्वेलरी कैरी की थी, जिसमें गले का हार, झुमके और मांग टीका शामिल थे। माता की चौकी के लिए उन्होंने बालों का जूड़ा बनाया था और सैटिन फिनिश मेकअप चुना था।
नई बायोपिक:15 साल बाद बड़े परदे पर लौटेंगी सेलिना, निभाएंगी ‘सिस्टर निवेदिता’ का किरदार
सेलीना जेटली करीब 15 साल बाद बड़े परदे पर वापसी करने जा रही हैं। वह निर्देशक राम कमल मुखर्जी की अगली बायोपिक में सिस्टर निवेदिता (मार्गरेट नोबल) का किरदार निभाएंगी। अपने एक इंटरव्यू में सेलिना ने कहा कि यह फिल्म उनके करियर के सबसे खास अनुभवों में से एक है। उन्होंने बताया कि राम कमल मुखर्जी के साथ काम करना उनके लिए अलग अनुभव रहा और इस किरदार को निभाना उनके लिए सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी जैसा है। सेलिना कहती है...‘सिस्टर निवेदिता मुझे सबसे ज्यादा इसलिए प्रभावित करती हैं, क्योंकि उनका जन्म भारत में नहीं हुआ था, फिर भी उन्होंने अपना जीवन भारत, इसकी संस्कृति, आध्यात्मिक विचारधारा और लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया।’ कौन हैं सिस्टर निवेदिता सिस्टर निवेदिता स्वामी विवेकानंद की आयरिश शिष्या थीं, जिन्होंने अपना जीवन भारत की शिक्षा, समाजसेवा और राष्ट्रजागरण को समर्पित कर दिया। महिला शिक्षा और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान को आज भी प्रेरणास्रोत माना जाता है।
भारतीय सभ्यता की सबसे बड़ी ताकत हमेशा यह रही है कि उसने सवाल पूछने से कभी डरना नहीं सीखा। उपनिषदों में शिष्य गुरु से बेझिझक प्रश्न करता है। बुद्ध सदियों से चली आ रही मान्यताओं को चुनौती देते हैं। चार्वाक ईश्वर और वेदों तक पर सवाल उठाते हैं। कबीर धर्म और समाज में फैले पाखंड पर खुलकर चोट करते हैं। भारतीय दर्शन की लगभग हर परंपरा का आधार संवाद, तर्क और वाद-विवाद की समृद्ध परंपरा रही है। इंसान की सबसे बड़ी कुव्वत उसका दिमाग है और दिमाग का सबसे असरदार औजार है- एक अच्छा सवाल। इंसान और बाकी तमाम जीव-जंतुओं के बीच सबसे बड़ा फर्क सिर्फ यह नहीं है कि इंसान दो पैरों पर चलता है, औजार बनाता है या आसमान छूती इमारतें खड़ी कर लेता है। असली फर्क यह है कि इंसान सवाल पूछता है। वह सिर्फ यह नहीं देखता कि सूरज हर सुबह निकलता है; वह जानना चाहता है कि सूरज उगता हुआ दिखाई क्यों देता है। वह किसी बात को महज इसलिए सच नहीं मान लेता कि सब उसे सच मानते हैं; वह पूछता है आखिर यह सच क्यों है, और यही जिज्ञासा, यही सवाल करने की बेचैनी इंसान को इंसान बनाती है। किसी छोटे बच्चे को देखिए। दुनिया में आने के कुछ ही सालों में वह सवालों की चलती-फिरती मशीन बन जाता है। यह क्या है? वह कौन है? ऐसा क्यों है? वैसा क्यों नहीं है? अगर हम गौर से देखें, तो समझ आएगा कि जिज्ञासा इंसान की सबसे स्वाभाविक फितरत है। इतिहास गवाह है कि जिस समाज ने सवालों को दबाया, वह ठहर गया; और जिसने सवालों का इस्तकबाल किया, वह आगे बढ़ता गया। जरा सोचिए, विज्ञान की पूरी इमारत किस बुनियाद पर खड़ी है? किसी दिन न्यूटन के दिमाग में यह सवाल कौंधा कि पेड़ से गिरता हुआ सेब हमेशा नीचे ही क्यों आता है, ऊपर क्यों नहीं चला जाता। अगर कुछ सवाल कभी न पूछे गए होते तो शायद हम आज भी अंधविश्वासों और गलत धारणाओं के जंगल में भटक रहे होते। विज्ञान जवाबों नहीं, सवालों से जन्म लेता है। सवाल सिर्फ विज्ञान के दायरे तक ही नहीं रहते हैं। अदब, फन और फलसफा भी सवालों की कोख से ही जन्म लेते हैं। एक शायर जब पूछता है कि इंसान दु:खी क्यों है, मोहब्बत क्या है, तन्हाई क्यों है, इंसाफ किसे कहते हैं, तब शायरी पैदा होती है। एक लेखक जब अपने समाज से सवाल करता है, एक फिल्मकार जब अपने दौर की उलझनों, नाइंसाफियों और विसंगतियों पर उंगली रखता है, तब मायने रखने वाला सिनेमा बनता है। कला का काम तैयार जवाब बांटना नहीं, ऐसे सवाल पैदा करना है जो हमें अपने बारे में कुछ नया सोचने पर मजबूर कर दें। मुझे तब फिक्र होती है, जब लोग किसी फिल्म, किताब या खयाल से असहमत होने के बजाय उसे चुप करा देना चाहते हैं। किसी सवाल को सिर्फ इसलिए दबा देना कि वह असुविधाजनक है, किसी आत्मविश्वास से भरे समाज की निशानी नहीं हो सकती। अगर कोई बच्चा पूछ ले कि यह नियम क्यों है, तो उसे चुप करा दिया जाता है। अगर कोई नौजवान जानना चाहे कि यह परंपरा किस बुनियाद पर बनी है, तो उससे कहा जाता है, बहुत सवाल मत करो। अगर कोई नागरिक सरकार से पूछ ले कि यह फैसला क्यों लिया गया, तो उसे विरोधी मान लिया जाता है। जबकि सच यह है कि सवाल पूछना विरोध नहीं, बल्कि समाज में अपनी हिस्सेदारी निभाने का तरीका है। जो शख्स सवाल पूछ रहा है, वह बता रहा है कि उसे समाज की फिक्र है। धर्म और आस्था के मामले में भी यही बात लागू होती है। आस्था का सम्मान करने का यह हरगिज मतलब नहीं कि इंसान अपनी सोचने-समझने की ताकत पर ताला लगा दे। पर सवाल पूछना और हर बात का विरोध करना एक ही चीज नहीं हैं। कुछ लोग समझते हैं हर बात में नुक्स निकालना ही अक्लमंदी की निशानी है। ऐसा नहीं है। सवाल पूछने का मकसद सच तक पहुंचना होना चाहिए। अगर आपका इरादा सामने वाले को नीचा दिखाना भर है, तो वह जिज्ञासा नहीं, अहंकार है, लेकिन अगर आपकी कोशिश समझने की है, सीखने की है, सच के थोड़ा और करीब जाने की है, तो आपका सवाल पूछना एक रचनात्मक सरोकार बन जाता है। बौद्धिक ईमानदारी की पहली शर्त यही है कि इंसान जो सवाल दूसरों से पूछता है, उसे अपने आप से भी पूछे। हम अक्सर दूसरों के खयालों को कसौटी पर कसते हैं, लेकिन अपने यकीनों की जांच नहीं करते। हमें खुद से भी यह पूछने का हौसला होना चाहिए कि मैं जो मानता हूं, उसे मानने की बुनियाद क्या है। कहीं ऐसा तो नहीं कि मैंने कोई राय सिर्फ इसलिए अपना ली क्योंकि मेरे आसपास के ज्यादातर लोग उसे सही मानते हैं? अपने ही विश्वासों से सवाल करना आसान नहीं होता, लेकिन यही मानसिक परिपक्वता की सबसे बड़ी निशानी है। आज के दौर में, जब जानकारी पहले से कहीं ज्यादा और कहीं तेजी से हमारे सामने आती है, तब सवाल पूछने की जरूरत और भी बढ़ जाती है। इंटरनेट पर हर रोज लाखों दावे किए जाते हैं। हर विचार के हक में भी दलीलें मिल जाती हैं और उसके खिलाफ भी। ऐसे में आंख मूंदकर किसी बात को सच मान लेना खतरनाक हो सकता है। हमें पूछना होगा- इसका स्रोत क्या है? इसका सबूत क्या है? इसकी दलील क्या है? यही आलोचनात्मक सोच हमें भ्रम, अफवाह और प्रचार के जाल से बचाती है।सवाल पूछना सिर्फ हमारा अधिकार नहीं, हमारी जिम्मेदारी भी है। जो समाज सवाल पूछना छोड़ देता है, वह धीरे-धीरे सोचने की अपनी ताकत खो देता है, और जो इंसान सवाल पूछना छोड़ देता है, वह सीखना भी छोड़ देता है। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)
बॉलीवुड एक्टर आमिर खान आज गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी करने वाले हैं। मुंबई के पाली हिल (बांद्रा) स्थित आमिर खान के आवास पर यह प्राइवेट शादी होगी। भारी मानसूनी बारिश के बीच शादी में शामिल होने के लिए उद्योगपति मुकेश अंबानी और उनका परिवार भी आमिर खान के घर पहुंचा। आज आमिर खान की तीसरी शादी होगी। इसमें सिर्फ दोनों परिवारों के लोग और कुछ करीबी दोस्त शामिल होंगे। शादी में शामिल होने पहुंचे सेलेब्स; देखें तस्वीरें बता दें कि आमिर ने पहली शादी साल 1986 में फिल्म प्रोड्यूसर रीना दत्ता से की थी। साल 2002 में रीना से अलग होने के बाद आमिर ने साल 2005 में डायरेक्टर किरण राव से दूसरी शादी की। साल 2021 में किरण और आमिर का तलाक हो गया। सैलून एंटरप्रेन्योर और फैशन प्रोफेशनल हैं गौरी स्प्रैट आमिर ने साल 2025 में अपने 60वें जन्मदिन पर गौरी के साथ अपने रिलेशनशिप को पब्लिक किया था। गौरी बेंगलुरु की रहने वाली एक सैलून एंटरप्रेन्योर और फैशन प्रोफेशनल हैं। उनके पिता तमिल-ब्रिटिश मूल के और मां पंजाबी-आयरिश मूल की हैं। गौरी 1920 के दशक में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े ब्रिटिश कम्युनिस्ट फिलिप स्प्रैट की पोती हैं। आमिर की तरह गौरी भी पहले शादीशुदा रही हैं और उनका एक 7 साल का बच्चा है। गौरी और उनका बच्चा पिछले दो साल से मुंबई में साथ रह रहे हैं। आमिर और गौरी एक-दूसरे को पिछले 25 सालों से जानते हैं। दोनों पहले काफी अच्छे दोस्त थे, जिसके बाद उन्होंने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। जब से आमिर और गौरी ने अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया है, तब से गौरी को अक्सर आमिर के साथ अलग-अलग इवेंट्स और मौकों पर साथ देखा जाता है। गौरी के आने से खुद को पूरा मानते हैं आमिरमई 2026 में NBT को दिए इंटरव्यू में आमिर ने गौरी के साथ अपने रिश्ते को लेकर कहा था, ‘मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे गौरी मिलीं और हमारा रिश्ता शुरू हुआ। वह बेहतरीन हैं और उनके साथ मुझे बहुत शांति मिलती है। हालांकि रीना दत्ता और किरण राव के साथ भी मेरा रिश्ता बहुत गहरा था, लेकिन चीजें आगे नहीं बढ़ पाईं। मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि गौरी मेरी जिंदगी में आईं। मुझे लगता है, अब जाकर मैं मुकम्मल हुआ हूं।’ 2002 में हुआ था पहला तलाक आमिर ने अपनी पहली शादी साल 1986 में रीना दत्ता से की थी। यह एक लव मैरिज थी जो करीब 16 सालों तक चली। दोनों के दो बच्चे, जुनैद खान और इरा खान हैं। साल 2002 में दोनों कानूनी तौर पर अलग हो गए। किरण राव से दूसरा रिश्ता फिर सहमति से अलग हुए रीना दत्ता से तलाक के बाद आमिर खान की जिंदगी में डायरेक्टर किरण राव आईं। साल 2005 में दोनों की शादी हुई। इस शादी से उनका एक बेटा आजाद है, जिसका जन्म IVF से हुआ। शादी के 15 साल बाद, जुलाई 2021 में आमिर और किरण ने तलाक की घोषणा की थी। अपने साझा बयान में उन्होंने इसे एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत लिया गया फैसला बताया था। आमिर के मुताबिक, समय के साथ पति-पत्नी के रूप में उनके रिश्ते का तालमेल बदल गया था। हालांकि, तलाक के बाद भी दोनों के बीच सम्मान और दोस्ती बरकरार है। वे आज भी अपने बेटे की मिलकर परवरिश कर रहे हैं और पानी फाउंडेशन समेत कई फिल्मी प्रोजेक्ट्स पर साथ काम करते हैं। ------------------------------------- आमिर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें आमिर खान ने 20 की उम्र में घरवालों से छिपकर पड़ोसी से पहली कोर्ट मैरिज की, जानिए 3 अहम रिश्तों की कहानी मशहूर कहावत है कि ‘दूसरा मौका सिर्फ कहानियां देती हैं, जिंदगी नहीं’, लेकिन बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने ये कहावत गलत साबित कर दी। दो नाकाम शादियों के बाद आमिर ने जिंदगी को नया मौका दिया है और आज वो 61 की उम्र में गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें
पंजाबी एक्टर व कॉमेडियन बीनू ढिल्लों ने एअर इंडिया की फ्लाइट के साथ अपना ताजा एक्सपीरिएंस शेयर किया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर लाइव आकर अपने फैंस से कहा है कि एअर इंडिया की फ्लाइट में कभी सफर मत करना, चाहे पैदल ही कनाडा जाने पड़े। फ्लाइट में चढ़े बीनू ढिल्लों ने कहा- बिजनेस क्लास की सभी सीटें बेकार पड़ी हैं। इनमें कई सीटों की सुविधाएं चल ही नहीं रहीं। जब कंप्लेन की गई तो स्टाफ का कहना है कि आपको 35% रिफंड मिल जाएगा। यात्रा नहीं करनी है तो फ्लाइट से उतर भी सकते हैं। बीनू ढिल्लों के साथ मौजूद अन्य पैसेंजर्स ने भी इसे अपना सबसे खराब अनुभव बताया। हालांकि, इस मामले में अभी एअर इंडिया एयरलाइंस की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। जानिए, वीडियो में क्या-क्या बोले बीनू ढिल्लों कैरी ऑन जट्टा 4 के प्रमोशन को जा रहे थे आखिर में ढिल्लों कहते हैं कि बाबा सब पर मेहर करें। कैरी ऑन जट्टा किसने देख ली? चलो मिलते हैं। बताया जा रहा है कि बीनू ढिल्लों ने यह वीडियो कैरी ऑन जट्टा-4 फिल्म के प्रमोशन के लिए कनाडा जाते वक्त बनाई है। हालांकि, अभी तक एअर इंडिया की ओर से इस पर कोई सफाई नहीं दी गई। किष्टू के बोलीं- सही कहा आपने बीनू ढिल्लों की ओर से एअर इंडिया की वजह से हुई परेशानी के खिलाफ उठाई गई आवाज का सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर किष्टू के (कनिष्ठा कौशिक) ने समर्थन किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, बिल्कुल सही कहा जी। किष्टू के पंजाबी बोलियों के चलते कोरोना काल में फेमस हुई थीं। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… ट्रोलिंग पर पंजाबी एक्टर गुरप्रीत घुग्गी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- बड़ी कंपनी छवि खराब करवा रही, एक्ट्रेस को प्रेग्नेंट कर ₹5 करोड़ देने का दावा पंजाबी एक्टर गुरप्रीत घुग्गी ने सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग को लेकर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि उनके साथ 30-35 वर्षों से काम करने वाले कई कलाकार अब रंजिश निकाल रहे हैं। एक बड़ी कंपनी पैसे देकर सोशल मीडिया पर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रचार करवा रही है। पढ़ें पूरी खबर…
एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। लॉक अप सीजन 2 के एक एपिसोड के दौरान आकांक्षा ने बायसेक्सुअल होने की बात कही है। आकांक्षा ने कहा, मैं शादी से पहले बायसेक्सुअल थी। मेरे कुछ लड़कियों के साथ रिलेशन रहे हैं। बहुत ज्यादा इंटिमेट रिलेशन नहीं रहे हैं, लेकिन मैं कुछ लड़कियों के साथ रिलेशनशिप में रही हूं और बस वही है। मतलब मुझे लड़कियां पसंद हैं। मैं उन्हें एडमायर करती हूं, मैं उनकी तरफ अट्रैक्ट होती हूं और मुझे लगता है कि यही मेरा सेफ स्पेस है। वहीं, आकांक्षा के बायसेक्सुअल होने वाले बयान के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे सिर्फ पब्लिसिटी पाने का तरीका बताया। एक यूजर ने लिखा, यह सब सिर्फ पब्लिसिटी के लिए बोला गया है। दूसरे यूजर ने कहा, रियलिटी शोज का एक ही फॉर्मूला है, लोगों को चौंकाओ, ट्रेंड में आओ और फिर वही दोहराओ। वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, ये सब शो चलाने के लिए किया गया ड्रामा है। सब पहले से स्क्रिप्टेड होता है। बच्चे न चाहने की वजह से अलग हो रहे हाल ही में लॉक अप शो के दौरान आकांक्षा ने अपने पति गौरव खन्ना से अलग होने का एलान किया था। अपने को-कंटेस्टेंट्स श्रेया कालरा और सूफी मोतीवाला से बातचीत में उन्होंने इसकी वजह का खुलासा किया था। आकांक्षा ने बताया था कि शादी के बाद भी उनमें कभी बच्चों को लेकर 'मैटरनल इंस्टिंक्ट' (मां बनने की इच्छा) नहीं जागी। उन्होंने शुरुआत में इसे समझने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्हें अहसास हुआ कि वे इसके लिए नहीं बनी हैं। आकांक्षा के मुताबिक, गौरव पहले इस बात से सहमत थे, लेकिन समय के साथ उनकी सोच बदल गई और अब उन्हें बच्चे चाहिए, जबकि आकांक्षा बच्चे नहीं चाहती हैं। एक साल से अलग रह रहे हैं दोनों आकांक्षा ने यह भी कहा था कि वे और गौरव पिछले एक साल से एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं। उन्होंने गौरव से बातचीत में कहा था कि अगर वे इस वजह से अलग होना चाहते हैं, तो यह फैसला बिल्कुल सही है। सोशल मीडिया पर इस एलान के बाद से ही काफी चर्चा हुई। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे शो के लिए पीआर स्टंट भी बताया था। वहीं, आकांक्षा के तलाक के ऐलान के बाद 30 जून को मीडिया से बात करते हुए गौरव ने कहा था, प्यार आज भी उतना ही है और सपोर्ट भी उतना ही है। मैं हमेशा आकांक्षा को सपोर्ट करूंगा। वो मेरी बीवी है। प्यार किया तो पीछे क्यों हटूं। गौरव ने आगे कहा था कि वे हमेशा आकांक्षा के साथ खड़े हैं और चाहते हैं कि वो शो में अच्छा खेलें और जीतकर आएं। नवंबर 2016 में हुई थी गौरव-आकांक्षा की शादीगौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला के रिश्ते की शुरुआत टीवी इंडस्ट्री में काम करने के दौरान हुई थी। दोनों की पहली मुलाकात एक ऑडिशन के सिलसिले में हुई थी, जिसके बाद वे दोस्त बन गए। लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद, दोनों ने 24 नवंबर 2016 को गौरव के होमटाउन कानपुर में शादी कर ली थी। गौरव खन्ना ने जहां 'अनुपमा' और 'बिग बॉस 19' जैसे शो में काम किया है, वहीं आकांक्षा चमोला भी 'स्वरागिनी', 'संतोषी मां', 'ये है आशिकी' और 'क्राइम पेट्रोल' जैसे शोज में नजर आ चुकी हैं।
वेब सीरीज 'राख' में रज्जो के किरदार से चर्चा बटोर रहे अभिनेता रमनदीप यादव का यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। कभी उनका सपना भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलना था, लेकिन किस्मत उन्हें थिएटर और फिर एक्टिंग में ले आई। उन्होंने मुंबई में चार साल तक ऑडिशन दिए, आर्थिक तंगी झेली और कई बार शहर छोड़ने का मन भी बनाया, लेकिन हार नहीं मानी। आखिरकार 'राख' ने उन्हें वह पहचान दिलाई, जिसका वह लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने संघर्ष, रिजेक्शन, थिएटर, 'राख' और रज्जो की तैयारी पर बात करते हुए बताया कि कई लोग कहते हैं कि अगर हमारे आस पास होते तो पक्का मार देते। सवाल: आपने क्रिकेट भी खेला है। फिर अचानक एक्टिंग की तरफ कैसे रुख हुआ? जवाब: सच कहूं तो आज भी मैं पूरी तरह नहीं समझ पाया कि ऐसा क्यों हुआ। मेरा सपना भारत के लिए क्रिकेट खेलना था। कभी नहीं सोचा था कि मैं एक्टिंग करूंगा। ऐसा कोई एक दिन या घटना नहीं हुई, जिसके बाद मैंने क्रिकेट छोड़ने का फैसला लिया हो। धीरे-धीरे लगा कि चीजें वैसी नहीं हो रही थीं जैसी मैं चाहता था। मेहनत के बावजूद मन नहीं लग रहा था। शायद भगवान ने मेरे लिए कुछ और सोच रखा था। कॉलेज के आखिरी साल में एक दोस्त ने कहा कि यूथ फेस्टिवल के लिए ऑडिशन हो रहे हैं, चलो ट्राई करते हैं। मैंने बिना ज्यादा सोचे ऑडिशन दिया और पहली बार में ही चयन हो गया। पहली बार स्टेज पर परफॉर्म किया और वहीं एहसास हुआ कि मुझे इसमें बहुत मजा आ रहा है। उस अनुभव ने मेरी जिंदगी की दिशा बदल दी। सवाल: थिएटर तक पहुंचने का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: यूथ फेस्टिवल में मेरी परफॉर्मेंस देखकर थिएटर टीचर ने कहा कि मुझे उनके थिएटर ग्रुप से जुड़ जाना चाहिए। मैंने कहा कि फीस देने की मेरी हैसियत नहीं है। उस समय 1500-2000 रुपए फीस थी और मैं घरवालों से थिएटर सीखने के लिए पैसे नहीं मांग सकता था। उन्होंने कहा कि तुम आ जाओ, फीस की चिंता मत करो। शुरुआत में मैंने नुक्कड़ नाटक किए। जागरूकता अभियान के तहत कई स्ट्रीट प्ले किए। मुझे पता नहीं था कि इसके पैसे मिलेंगे। पहला चेक 2500 रुपए का मिला। उसी पैसे से थिएटर की फीस भरी और 500 रुपए बच गए। तब लगा कि एक्टिंग से कमाई भी हो सकती है। सवाल: क्या उस समय तय कर लिया था कि अब एक्टिंग ही करनी है? जवाब: नहीं, बिल्कुल नहीं। उस समय मैं सुबह क्रिकेट की प्रैक्टिस करता था और शाम को थिएटर करता था। दोनों साथ लेकर चलना चाहता था, लेकिन धीरे-धीरे समझ आया कि थिएटर भी उतनी ही मेहनत और समर्पण मांगता है जितना क्रिकेट। क्रिकेट में अनुशासन तय होता है, लेकिन एक्टिंग में खुद अपना अनुशासन बनाना पड़ता है। किताबें पढ़नी होती हैं, लोगों को ऑब्जर्व करना होता है, कविताएं पढ़नी होती हैं, संगीत सुनना होता है, पेंटिंग देखनी होती है और इंसानी व्यवहार को समझना पड़ता है। करीब डेढ़-दो साल बाद मुझे यकीन हुआ कि अब एक्टिंग में ही आगे बढ़ना है। सवाल: क्या आपने किसी एक्टिंग स्कूल में जाने की भी कोशिश की? जवाब: हां। मैंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) का ऑडिशन दिया, लेकिन चयन नहीं हुआ। इसके बाद दूसरे ड्रामा स्कूलों में भी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। हालांकि मैंने हार नहीं मानी। थिएटर करता रहा और साथ-साथ ऑडिशन भी देता रहा। सवाल: पहला ब्रेक कैसे मिला? जवाब: मेरा पहला प्रोजेक्ट अनुराग कश्यप सर की फिल्म ‘मनमर्जियां’ थी। इसके बाद एमएक्स प्लेयर की सीरीज 'कैंपस डायरीज' मिली, जिसमें मैंने पृथ्वीराज का किरदार निभाया। इस सीरीज के बाद इंडस्ट्री में लोग मुझे पहचानने लगे और ऑडिशन मिलने शुरू हो गए। सवाल: नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘कैट’आपको कैसे मिली? जवाब: उस समय मैं 'कैंपस डायरीज' की शूटिंग कर रहा था। तभी मुझे 'कैट' का ऑडिशन मिला। इसमें मुझे सरदार का किरदार निभाना था, लेकिन पगड़ी बांधनी तक नहीं आती थी। मैं शूट खत्म करके सीधे दोस्त के घर गया। उसने रातभर मेरी मदद की, पगड़ी बांधी और हमने ऑडिशन रिकॉर्ड किया। बाद में मुझे डायरेक्टर से मिलने के लिए अमृतसर बुलाया गया। मैं पहली बार पगड़ी बांधकर ट्रेन से गया। पूरी यात्रा में गर्दन तक नहीं हिलाई, क्योंकि डर था कि पगड़ी खराब न हो जाए। आज सोचता हूं कि पगड़ी पहनकर जाना सही फैसला था। शायद उसी वजह से डायरेक्टर को मेरे लुक पर दोबारा सोचने की जरूरत नहीं पड़ी। सवाल: 'कैट' के बाद आपने चंडीगढ़ से मुंबई आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: 'कैट' में काम करने के बाद मुझे थोड़ा आर्थिक सहारा मिला। तब लगा कि अब मुंबई जाकर किस्मत आजमानी चाहिए। मैं कास्टिंग डायरेक्टर्स से मिलकर उन्हें बताना चाहता था कि मैंने 'CAT' में काम किया है। मैं शो रिलीज होने से करीब तीन महीने पहले ही मुंबई आ गया था। 'कैट' रिलीज होने के बाद लोगों ने मेरा काम पसंद किया। जिन कास्टिंग डायरेक्टर्स से मैं पहले मिल चुका था, उन्हें मेरा चेहरा याद आ गया। इसके बाद ऑडिशन मिलने लगे। पहले मुझे खुद जाकर बताना पड़ता था कि मैं एक्टर हूं, लेकिन अब लोग मेरे काम से परिचित थे। हालांकि ऑडिशन मिल रहे थे, लेकिन कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं मिल रहा था। कई बार मैं आखिरी दौर तक पहुंचा, लेकिन रोल किसी और को मिल गया। देखते-देखते चार साल निकल गए। सवाल: इन चार सालों का संघर्ष कितना मुश्किल था? जवाब: बहुत मुश्किल था। जो पैसे लेकर मुंबई आया था, वे करीब छह महीने में खत्म हो गए। इसके बाद मैंने थिएटर किया, वर्कशॉप्स लीं और जितना काम मिला, करता रहा। कमाई नहीं होती थी, तो खर्च कम कर दिए। मैंने सादा जीवन जीना शुरू कर दिया। कोशिश यही थी कि किसी तरह मुंबई में टिके रहूं। मैं वर्सोवा में रहता था। कई बार लगा कि यह शहर छोड़ना पड़े। एक्टिंग छोड़ने का कभी मन नहीं हुआ, लेकिन लगा कि कुछ समय के लिए चंडीगढ़ जाकर पैसे जुटा लूं और फिर लौटूं। सवाल: फिर 'राख' कैसे मिली? जवाब: मैं कुछ दिनों के लिए चंडीगढ़ गया था। तभी 'राख' के ऑडिशन का कॉल आया। खास बात यह थी कि ऑडिशन उसी कास्टिंग टीम ने भेजा था, जिसने मुझे चार साल पहले 'CAT' के लिए चुना था। मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की हुई कि इतने साल बाद भी उन्हें मैं याद था और उन्होंने लीड किरदार के लिए मेरा टेस्ट किया। उस वक्त लगा कि शायद भगवान मुझे एक और मौका दे रहे हैं। मैंने खुद से कहा कि अब बीच का रास्ता नहीं अपनाना है। इस मौके के लिए पूरी ताकत लगा दूंगा। पूरी ईमानदारी से तैयारी की और आखिरकार यह रोल मिल गया। सवाल: 'रज्जो' जैसा खतरनाक किरदार निभाने की तैयारी कैसे की? जवाब: जब मैंने पहली बार स्क्रिप्ट पढ़ी, तो मैं भावुक हो गया। कहानी इतनी गहरी और क्रूर थी कि पढ़ते-पढ़ते ही उसका असर महसूस होने लगा। इसके बाद मैंने रमनदीप को अलग रख दिया और सिर्फ रज्जो के बारे में सोचना शुरू किया। मैं चाहता था कि रज्जो की चाल, आवाज, सोच, आदतें और व्यवहार अलग हो। थिएटर की वजह से मुझे किरदार तैयार करने की आदत है। मैं सिर्फ डायलॉग याद नहीं करता, बल्कि यह भी सोचता हूं कि वह क्या खाता होगा, कैसे चलता होगा, किस तरह बात करता होगा और दुनिया को किस नजर से देखता होगा। खुशकिस्मती से इस शो के लिए 12 दिन की एक्टिंग वर्कशॉप मिली। उससे किरदार को समझने में काफी मदद मिली। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे मुश्किल सीन कौन-सा था? जवाब: दो सीन मेरे लिए सबसे मुश्किल थे। पहला वह, जिसमें रज्जो साहिल को पहली बार मारता है। उस दिन मैं पूरी तरह किरदार में डूब चुका था। कई टेक देने के बाद सच में ऐसा लग रहा था जैसे मैंने किसी को मार दिया हो। आधे दिन तक सेट पर होकर भी खुद में नहीं था। दूसरा सीन वह था, जब रज्जो साहिल की बॉडी ठिकाने लगाने जाता है। वहां भी मैं पूरी तरह किरदार की मानसिक स्थिति में था। मेरी कोशिश थी कि रज्जो सिर्फ खलनायक न लगे। मैं चाहता था कि दर्शक उसके अंदर का इंसान भी देखें। वह गलत इंसान है, लेकिन उसके फैसलों के पीछे भी एक मानसिकता है। मैंने उसी सोच के साथ यह किरदार निभाया। सवाल: 'राख' रिलीज होने के बाद दर्शकों से किस तरह का रिस्पॉन्स मिल रहा है? जवाब: दर्शकों का रिस्पॉन्स उम्मीद से बेहतर मिला है। लोग कहते हैं कि मैंने किरदार बहुत अच्छी तरह निभाया है। कई लोग यह भी कहते हैं कि अगर हमारे आस पास होते तो पक्का मार देते। मेरे लिए यह सबसे बड़ा कॉम्प्लीमेंट है, क्योंकि इसका मतलब है कि लोग मेरे किरदार से नफरत कर रहे हैं। यानी मैंने अपना काम ईमानदारी से किया है।
मशहूर कहावत है कि ‘दूसरा मौका सिर्फ कहानियां देती हैं, जिंदगी नहीं’, लेकिन बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने ये कहावत गलत साबित कर दी। दो नाकाम शादियों के बाद आमिर ने जिंदगी को नया मौका दिया है और आज वो 61 की उम्र में गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर रहे हैं। दोनों आमिर के घर में रजिस्टर्ड मैरिज करेंगे, जिसमें परिवार के लोगों के अलावा चुनिंदा करीबी दोस्त शामिल होंगे। आमिर की पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण भी इस शादी में पहुंच सकती हैं। आमिर की पिछली दो शादियां भले ही नाकाम रहीं, लेकिन वो आज भी दोनों को जिंदगी के अहम किरदार मानते हैं। आमिर महज 20 साल के थे, जब उन्हें पड़ोस में रहने वालीं रीना से प्यार हो गया। तब वो फिल्मों में नहीं आए थे। घरवालों से चोरी-छिपे मुलाकात होना और घरवालों का गुस्सा, आमिर के खाते में आया। उन्होंने हार नहीं मानी और फिल्मी हीरो की तरह दुनिया की नजरों से छिपकर कोर्ट में शादी कर ली, जिसमें 10 रुपए खर्चा आया। दोनों कानूनी तौर पर पति-पत्नी बने, लेकिन दुनिया की नजरों में अपनी-अपनी जिंदगी जीते थे। संघर्ष लंबा रहा, लेकिन फिर दुनिया उनके प्यार के आगे झुकी और उनके रिश्ते को स्वीकार कर लिया। दोनों के 2 बच्चे आयरा और जुनैद हुए। शादी के 15 साल बाद ये रिश्ता टूट गया। आमिर के लिए ये असहनीय था। उन्होंने शराब का सहारा लिया और खुद को दुनिया से छिपा लिया, लेकिन कभी पहली पत्नी रीना और परिवार पर आंच नहीं आने दी। कुछ समय बाद आमिर की जिंदगी में एक रोज किरण राव की एंट्री हुई, जो उन्हीं की फिल्म की असिस्टेंट डायरेक्टर थीं। न कोई प्यार-मोहब्बत की बातें हुईं, न इजहार, न फैंसी डेट और न कोई प्लानिंग। कहानी महज एक आधे घंटे के कॉल से शुरू हुई। और फिर क्या था चट मंगनी और पट ब्याह। इस शादी से एक बेटा आजाद हुआ, लेकिन 2021 में दोनों ने अपनी-अपनी जिंदगियों को अहमियत देते हुए शादी तोड़ दी। लेकिन दोस्ती और एहसास बरकरार रहा। अब आमिर 61 की उम्र में गौरी स्प्रैट से शादी कर रहे हैं। गौरी तलाकशुदा हैं, जिनकी पिछली शादी से एक बेटा है। आज आमिर की तीसरी शादी के खास मौके पर, जानिए उनकी जिंदगी के इन 3 सबसे अहम चैप्टर्स की कहानी- आमिर महज 20 साल के थे। वो बॉम्बे की जिस बिल्डिंग के चौथे माले पर रहते थे, उसके ठीक सामने एयर इंडिया की बिल्डिंग थी। दोनों का फासला महज 100 मीटर था। एक दिन खिड़की पर खड़े आमिर की नजर सामने की बिल्डिंग की खिड़की पर पड़ी। सामने उन्हें गोरी-खूबसूरत लड़की दिखी। पहली नजर में ही आमिर को वो लड़की इस कदर पसंद आई कि उनका ज्यादातर समय खिड़की पर ही कटने लगा। कुछ दिनों बाद आमिर ने गौर किया कि वो लड़की भी देर तक खिड़की पर ही दिखती है, कहीं उसे भी वो पसंद तो नहीं करती। आमिर की शिल्पा नाम की दोस्त भी उसी बिल्डिंग में रहती थी। आमिर ने नाम पता किया, जो था रीना दत्ता। आमिर ने एक दिन शिल्पा से कहा- मुझे वो लड़की बहुत पसंद है, लेकिन वो हमेशा भीड़ में रहती है। वो तुम्हारी दोस्त है, उसे दुकान से सामान लेने के बहाने साथ लेकर निकलो और बुक्स लेने के बहाने मेरे घर ले आना। ठीक ऐसा ही हुआ, शिल्पा, रीना को आमिर के घर ले आईं। तीनों बेडरूम में बैठे और फिर शिल्पा, विक्की नाम के दोस्त से अर्जेंट काम के बहाने 2 मिनट का समय मांगकर वहां से निकल गईं। आमिर ने रीना को सच बता दिया कि इस कमरे में होना कोई संयोग नहीं बल्कि प्लान है। जवाब मिला- मैं समझ गई थी। आमिर ने झट से कहा- रीना, मैं आपको बहुत पसंद करता हूं। जवाब मिला- मुझे कोई इंट्रेस्ट नहीं। आमिर ने दबाव देकर पूछा, तब भी रीना ने यही कहा- मुझे दोस्ती नहीं करनी, कभी आगे फैसला बदला तो जरूर बताऊंगी। आमिर उदास हो गए और बस इतना ही कहा- चलो अब हम भी विक्की के घर ही चलते हैं। कुछ दिन बाद आमिर ने दोस्त के जरिए फिर रीना को मैसेज भेजा कि वो उनसे बस एक बार मिलना चाहते हैं। बात बन गई। आमिर ने रीना को कॉलेज से पिक किया और कैफे ले गए। आमिर ने सीधे पूछा- मुझे यकीन नहीं होता कि आप मुझे पसंद नहीं करतीं। अगर ऐसा है, तो आप घंटों मुझे देखते हुए खिड़की पर क्यों खड़ी रहती थीं। रीना का जवाब शॉकिंग था, उन्होंने कहा- बस ऐसे ही फन के लिए। आमिर का दिल टूट गया, उन्हों खिड़की पर जाना ही बंद कर दिया। एक महीने बाद बस स्टॉप के पास उनका रीना से सामना हुआ। आमिर हाय-हैलो कर आगे बढ़ गए कि पीछे से आवाज आई- आमिर। वो पलटे तो रीना घबराई हुई पास आईं और कहा- मुझे तुमसे जरूरी बात करनी है। उन्होंने कहा- बताओ। रीना ने कहा- यहां नहीं, कल घर आऊंगी। 7 सितंबर 1985 को घर आते ही रीना ने कहा- मैं भी तुम्हें पसंद करती हूं। मैं उस दिन डर गई थी। पेरेंट्स स्ट्रिक्ट हैं, इसलिए न कहा था। रिश्ता शुरू हुआ। दोनों खिड़कियों से इशारों में बात करते और मौका पाते ही टेलीफोन पर बातें करते। 1986 की 1 जनवरी को रीना और आमिर ने आधे घंटे कॉल पर बात की और रीना की मम्मी ने एक्सेंटशन फोन से पूरी बात सुन ली। आमिर को घर बुलाया गया। रीना की मां ने आमिर को डांटकर भगा दिया और कहा कि 2 दिन बाद रीना के पिता बात करेंगे। जब तक आमिर घर पहुंचे, सारी खिड़कियां बंद कर दी गईं। रीना को घर में बंद कर दिया गया। 4-5 दिन बाद एक रोज आमिर ने एक आधी खुली खिड़की से रीना को रोते देखा और आग बबूला हो गए। उन्होंने कॉल कर रीना की मां से मिन्नतें कीं, लेकिन बात नहीं बनी। कुछ दिन बाद रीना के छोटे भाई-बहन आमिर को समझाने पहुंचे कि रीना से दूर रहो। उल्टा गुस्से में आमिर रीना के घर पहुंच गए। रीना के मां-बाप ने धमकी दी कि मेरी बेटी से दूर रहो वर्ना टांगे तुड़वा दी जाएंगी। आमिर घर लौटे। कुछ दिनों बाद रीना को कॉलेज जाने की परमिशन मिली। खबर मिलते ही आमिर कॉलेज पहुंचे और रीना से पूछा कि क्या वो साथ रहना चाहती हैं। रीना की हामी मिलते ही आमिर को तसल्ली हुई। घरवालों से छिपकर बात करने के लिए दोनों सड़क पर रोज एक सीक्रेट स्पॉट पर लेटर छोड़ने लगे। कुछ दिनों आमिर ने खत में घरवालों से छिपकर शादी करने का प्रस्ताव दिया। शादी सिर्फ इसलिए, जिससे रीना के घरवाले उनकी कहीं और शादी न करवा सकें। रीना ने एक दिन का समय मांगा और हां कर दिया। आमिर ने दोस्त सत्या के घर जाकर स्पेशल मैरिज एक्ट पढ़ा। अब दिक्कत ये थी कि फरवरी 1986 में आमिर महज 20 के थे, जबकि शादी की लीगल उम्र 21 साल थी। 14 मार्च 1986 को आमिर 21 के हुए और अगले दिन जाकर उन्होंने शादी के लिए एप्लीकेशन दे दी। एक महीने बाद 15 अप्रैल को एप्लीकेशन वैलिड हुई, लेकिन 16-17 को वीकेंड होने की वजह से 18 अप्रैल को दोनों चोरी-छिपे मैरिज रजिस्टार के दफ्तर पहुंचे और शादी की। आमिर का भाई फैसल, दोस्त विक्की, सत्या और स्वाति गवाह बने। शादी के बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए। 8 महीने तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन फिर एक दिन भावनाओं में बहकर रीना ने छोटी बहन अन्नू को शादी की बात बता दी। उस दिन रीना के पेरेंट्स चेन्नई गए हुए थे। छोटी बहन ने तुरंत कॉल कर उन्हें सारी बात बता दी। पेरेंट्स अगले दिन लौटने वाले थे। आमिर बहुत डर गए। वो रीना को घर ले आए और अपने घरवालों को इकट्ठा किया। सबको लगा कि आमिर अपनी गर्लफ्रेंड से मिलवाएंगे, लेकिन रोते-बिलखते आमिर ने कहा- मैंने शादी कर ली है। सन्नाटा पसर गया। औरतें रोने लगीं। आमिर भी खूब रो रहे थे। तभी पिता पास आए और गले लगाकर कहा- अब तो शादी हो गई, अब क्यों रो रहे हो। आमिर ने कहा- रीना के घरवाले आज बॉम्बे आ रहे हैं, उन्हें भी अभी पता चला है। उनका क्या करेंगे। पिता ने कहा, वो रीना के पेरेंट्स से बात करेंगे। रीना ने घर पर कॉल किया, तो जवाब मिला- घर आने और मिलने की जरुरत नहीं है। रीना फिर घर नहीं गईं। 4 महीने बाद रीना के पिता की तबीयत बिगड़ी तो रीना आमिर के साथ हॉस्पिटल पहुंचीं। पिता ने बात नहीं की, लेकिन आमिर ने पैर छुआ तो उन्होंने चेहरा हिलाकर आशीर्वाद दिया। कुछ दिनों बाद जब वो डिस्चार्ज हुए, तो आमिर घर जाने लगे। एक दिन खाना खाते हुए उन्होंने आमिर से कहा- मुझे पहले ही तुम से मिल लेना था। रीना के लिए तुमसे अच्छा लड़का मुझे कभी नहीं मिलता। शादी के कुछ समय बाद ही आमिर खान की फिल्म कयामत से कयामत तक रिलीज हुई, जिससे वो स्टार बन गए। आमिर ने स्टारडम पर असर न पड़े, इसलिए शुरुआती कुछ सालों तक उन्होंने शादी राज रखी। इस शादी से उन्हें दो बच्चे आयरा और जुनैद हुए। हालांकि, बढ़ते स्टारडम के साथ आमिर का परिवार को समय देना मुश्किल होता चला गया। यही वजह रही कि रीना ने 2001 में आमिर का घर छोड़कर चली गईं। इसी साल आमिर की लगान रिलीज हुई, जो ब्लॉकबस्टर रही। रीना इसकी को-प्रोड्यूसर थीं। आमिर ने अपना ड्राइवर और कुक रीना और बच्चों के साथ भेजा और अकेले रहने लगे। तलाक से आमिर इस कदर टूट गए कि कभी शराब को हाथ न लगाने वाले आमिर शराबी बन गए। करीब डेढ़ साल तक आमिर रोज इतनी शराब पीते थे, जिससे उन्हें नींद आ जाए। उन्होंने काम करना भी लगभग बंद कर दिया। जूही चावला, अनिल कपूर जैसे कई दोस्त उन्हें सहारा देने घर भी पहुंचते थे। एक साल अलग रहने के बाद 2002 में दोनों का आधिकारिक तौर पर तलाक हुआ और बच्चों की कस्टडी रीना को मिल, लेकिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को बच्चे 2 से 6 बजे तक आमिर से मिलने आते थे। सिर्फ यही वो समय था, जब आमिर शराब छूते तक नहीं थे। आमिर खान की किरण राव से पहली मुलाकात फिल्म लगान के सेट पर हुई। किरण राव मिडिल क्लास परिवार से ताल्लुक रखती थीं, जो लगान के डायरेक्टर आशूतोष गोवारिकर की असिस्टेंट डायरेक्टर थीं। तब दोनों ने एक-दूसरे को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। कुछ समय बाद आमिर ने कोकाकोला एड में काम किया, जिसे आशूतोष ने डायरेक्टर और किरण ने असिस्टेंट डायरेक्ट किया था। 2003 में काम के सिलसिले में आमिर-किरण की बातचीत होने लगी। फिर आया साल 2004, आमिर खान महाराष्ट्र के मेनावली में केतन मेहता के निर्देशन की फिल्म मंगल पांडे की शूटिंग कर रहे थे, ठीक इसी जगह शाहरुख की फिल्म स्वदेश की भी शूटिंग चल रही थी, जिसे आशूतोष गोवारिकर बना रहे थे। मेनावली गांव में शूटिंग के दौरान अक्सर किरण और आमिर की बातें होने लगीं। वो कभी-कभी साथ ड्राइव पर जाते थे। एक रोज किरण ने आमिर को काम के सिलसिले में कॉल किया। आधे घंटे की बातचीत के बाद आमिर ने खुशी महसूस की और उन्होंने किरण के साथ रहने का फैसला कर लिया। जल्द ही दोनों रिलेशनशिप में आ गए और एक-दूसरे को समझने के लिए लिव-इन में रहने लगे। किरण राव के परिवार को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने इस रिश्ते का विरोध किया। आमिर, किरण से 8 साल बड़े थे, तलाकशुदा थे और दो बच्चों के पिता थे। किरण ने परिवार के खिलाफ जाकर 28 दिसंबर 2005 में आमिर से सिविल मैरिज की। मुंबई के पंचगनी में 2 दिनों का सेलिब्रेशन रखा गया और महेरबाई हाउस नाम के पारसी बंगले में उनका रिसेप्शन हुआ। किरण ने 2011 में फिल्म धोबी घाट से डायरेक्टोरियल डेब्यू किया, जिसमें आमिर खान लीड रोल में थे। इसी साल किरण सरोगेसी की मदद मां बनीं। उनके बेटे का नाम आजाद राव खान रखा गया। किरण, आमिर खान प्रोडक्शन से जुड़ी रहीं। साल 2021 में आमिर और किरण ने मिलकर खुशी-खुशी एक वीडियो के जरिए तलाक की अनाउंसमेंट की। दोनों ने कहा कि वो हमेशा दोस्त रहेंगे और मिलकर बेटे आजाद की परवरिश करेंगे। तलाक के बाद भी दोनों पूर्व पत्नियों को देते हैं अहमियत आमिर खान, तलाक के बाद भी रीना दत्ता और किरण राव को पूरा सम्मान देते हैं। 2024 में हुई बेटी आयरा की शादी में आमिर खान ने रीना के साथ मिलकर पूरी जिम्मेदारियां उठाईं और किरण राव भी बेटे आजाद के साथ हर फंक्शन में बराबर की भागीदार रहीं। देखिए, पूर्व पत्नियों के साथ आमिर की तस्वीरें- किरण राव से अलग होने के बाद आमिर खान ने थैरेपी लेनी शुरू की और फिल्म लाल सिंह चड्ढा से कमबैक किया। फिल्म खास नहीं चली और आमिर ने एक्टिंग से ब्रेक लेने की अनाउंसमेंट कर दी। 2025 में आमिर खान ने 60वें जन्मदिन के मौके पर मीडिया और पैपराजी को इनवाइट किया और बताया कि वो एक बड़ी अनाउंसमेंट करने वाले हैं। हर कोई इस उम्मीद में पहुंचा कि आमिर नई फिल्म पर बात करेंगे, लेकिन बात कुछ और ही थी। आमिर ने केक काटने के बाद सबसे गौरी स्प्रैट का परिचय करवाया, आमिर की गर्लफ्रेंड। शुरुआत में गौरी की तस्वीरें क्लिक करने से रोका गया, लेकिन जल्द ही दोनों पब्लिकली साथ स्पॉट होने लगे। आमिर खान ने बताया कि वो गौरी को पिछले 25 सालों से जानते थे, लेकिन 2024 में दोनों की कॉमन लोगों की मदद से फिर बातचीत शुरू हुई और फिर दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। गौरी स्प्रैट बैंग्लोर की रहने वालीं हैं, जिनका पिछली शादी से एक 8 साल का बेटा है। आमिर ने कहा- अब जाकर मुकम्मल हुआ आमिर खान ने गौरी से रिश्ते पर बात करते हुए कहा था, मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे गौरी मिलीं और हमारा रिश्ता शुरू हुआ। वह बेहतरीन हैं और उनके साथ मुझे बहुत शांति मिलती है। हालांकि रीना दत्ता और किरण राव के साथ भी मेरा रिश्ता बहुत गहरा था, लेकिन चीजें आगे नहीं बढ़ पाईं। मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि गौरी मेरी जिंदगी में आईं। मुझे लगता है, अब जाकर मैं मुकम्मल हुआ हूं।
एक लड़का, जो बचपन से ही फिल्मों का दीवाना था और जब उसने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा, तो उसे शुरुआत में कई रिजेक्शन झेलने पड़े। कास्टिंग काउच जैसे कड़वे अनुभवों का भी सामना करना पड़ा। यहां तक कि एक दिन जब वह काम की तलाश में अपना पोर्टफोलियो लेकर एक प्रोड्यूसर के घर पहुंचा, तो प्रोड्यूसर ने उसके पीछे कुत्ता छोड़ दिया। वही लड़का आज बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक है। उसने अपने करियर में 'धुरंधर', 'धुरंधर 2', 'पद्मावत' और 'बाजीराव मस्तानी' जैसी कई सुपरहिट फिल्में दीं। जी हां, हम बात कर रहे हैं रणवीर सिंह की। उनके बर्थडे के खास मौके पर आइए, उनकी जिंदगी को करीब से जानते हैं किस्सा-1 क्रिकेटर बनना चाहते थे; अमरनाथ ने कर दिया था रिजेक्ट सातवीं क्लास में रणवीर ने एक स्कूल मैच में सिर्फ 46 गेंदों पर 71 रन बना दिए। इस शानदार पारी के बाद उन्होंने क्रिकेटर बनने का फैसला किया। अपने दोस्तों के साथ उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहिंदर अमरनाथ की क्रिकेट अकादमी में ट्रायल देने का मन बनाया। रणवीर ने साल 2017 में फिल्म '83' के एक इवेंट में यह किस्सा सुनाया था। उन्होंने कहा, ‘मेरे दोस्त क्रिकेट को लेकर काफी सीरियस थे और समय पर पहुंच गए, लेकिन मैं देर से पहुंचा। अमरनाथ सर पिच के पास खड़े थे। उन्होंने मुझे देर से आने और मेरा खेल देखने के बाद रिजेक्ट कर दिया। उस दिन उन्होंने मुझे रिजेक्ट करके बिल्कुल सही फैसला किया, वरना आज मैं यहां एक एक्टर के रूप में नहीं बैठा होता।’ दादी ने एक्टर बनने का सपना दिखाया था रणवीर सिंह की दादी चांद बर्क 1950 और 1960 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस थीं। उन्होंने राज कपूर की फिल्म 'बूट पॉलिश' से हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाई और नरगिस, राज कपूर समेत कई बड़े सितारों के साथ काम किया। इसके अलावा वह 'बसंत बहार', 'सोहनी महिवाल', 'लाजवंती', 'अदालत' और 'दुश्मन' जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। सिमी ग्रेवाल को दिए एक इंटरव्यू में रणवीर सिंह ने बताया था कि सबसे पहले उनकी दादी ने ही उनके भीतर एक्टर बनने का सपना जगाया था। उन्होंने कहा था कि उनके अंदर एक्टर बनने का कीड़ा सबसे पहले उनकी दादी ने ही डाला था। शाहरुख की फिल्म के गाने की वजह से सस्पेंड हुए थे रणवीर साल 1998 में फिल्म 'दिल से' रिलीज हुई थी और उसका सुपरहिट गाना 'छैंया-छैंया' हर किसी की जुबान पर था। उस समय रणवीर सिंह करीब 13 साल के थे और स्कूल में पढ़ते थे। शाहरुख के जबरदस्त फैन रहे रणवीर पर इस गाने का ऐसा जादू चला कि वह खुद को इसे सुनने से रोक नहीं पाए। एक दिन रणवीर क्लासरूम में चुपके से वॉकमैन पर 'छैंया-छैंया' सुन रहे थे और पूरी तरह गाने में खोए हुए थे। लेकिन उनकी यह शरारत ज्यादा देर तक छिप नहीं सकी। तभी उनकी टीचर ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। क्लास में पढ़ाई के दौरान गाना सुनना स्कूल के नियमों के खिलाफ था। अनुशासन तोड़ने पर स्कूल प्रशासन ने सख्त कदम उठाया और रणवीर सिंह को कुछ दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया। रणवीर सिंह और धर्मेंद्र की बेटी अहाना देओल एक समय रिलेशनशिप में थे। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे, जहां उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों करीब 4 से 5 साल तक रिश्ते में रहे। रणवीर ने 'कॉफी विद करण' में बिना नाम लिए खुलासा किया था कि उनकी कॉलेज गर्लफ्रेंड ने अभिनेता आदित्य रॉय कपूर के लिए उनसे ब्रेकअप कर लिया था। प्रोड्यूसर ने रणवीर का पालतू कुत्ता पीछे छोड़ दिया आज रणवीर सिंह सुपरस्टार हैं, लेकिन संघर्ष के दिनों में उन्हें कई कड़वे अनुभवों से भी गुजरना पड़ा। 19वें माराकेश फिल्म फेस्टिवल के 'इन कन्वर्सेशन विद…' सेशन में उन्होंने एक ऐसा किस्सा शेयर किया था। रणवीर ने बताया था कि एक बार वह काम की तलाश में अपना पोर्टफोलियो लेकर एक प्रोड्यूसर से मिलने उनके घर पहुंचे थे। वह बरामदे में बैठकर घंटों इस उम्मीद में इंतजार करते रहे कि शायद उनसे मिलने का मौका मिल जाए, लेकिन अंदर वह अपने दोस्तों के साथ बीयर पी रहे थे और मौज-मस्ती कर रहे थे। रणवीर के मुताबिक, उस व्यक्ति ने मजा करने के लिए अपने पालतू कुत्ते को उनके पीछे छोड़ दिया। अचानक बड़ा सा कुत्ता उनकी तरफ दौड़ पड़ा और वह डर के मारे पूरे बरामदे में भागने लगे। रणवीर ने कहा, मैं बुरी तरह डर गया था। सोचिए, एक संघर्ष कर रहे कलाकार के साथ ऐसा मजाक किया गया। हालांकि, उन्होंने उस प्रोड्यूसर का नाम नहीं बताया था। सगाई को तीन साल तक सीक्रेट रखा साल 2015 में रणवीर सिंह ने दीपिका पादुकोण को शादी के लिए प्रपोज किया था। उस वक्त दोनों ने अपनी सगाई की बात दुनिया से छिपाकर रखी और करीब तीन साल तक यह राज सिर्फ परिवार के कुछ लोगों तक ही सीमित रहा। करण जौहर के शो में रणवीर ने बताया था कि उस समय उन्होंने अपनी मां और बहन की मदद से एक खूबसूरत डायमंड रिंग खरीदी थी। वह रिंग उनकी हैसियत से कहीं ज्यादा महंगी थी, लेकिन उनके लिए दीपिका की खुशी सबसे बढ़कर थी। हॉलिडे के दौरान रणवीर ने तय किया कि प्रपोज करने का यही सही मौका होगा। मालदीव में समुद्र के बीचों-बीच एक छोटी-सी रेतीली जगह थी। चारों तरफ सिर्फ नीला पानी था और दूर-दूर तक कोई नहीं था। नाव उन्हें वहां छोड़कर चली गई। रणवीर को लगा कि इससे बेहतर पल शायद कभी नहीं मिलेगा। उन्होंने बाद में मजाक में यह भी स्वीकार किया था कि उन्होंने जानबूझकर इतना परफेक्ट माहौल चुना था, ताकि दीपिका के लिए उन्हें 'न' कहना लगभग नामुमकिन हो जाए। रणवीर घुटनों के बल बैठे, दीपिका को अंगूठी पहनाई और अपने दिल की बात कह दी। दीपिका इस सरप्राइज के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थीं। उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने मुस्कुराते हुए 'हां' कह दिया। उस एक जवाब ने रणवीर को ऐसा एहसास कराया, मानो उन्होंने पूरी दुनिया जीत ली हो। तीन साल बाद, नवंबर 2018 में इटली के लेक कोमो में दोनों ने शादी की। सितंबर 2024 में उनकी बेटी दुआ का जन्म हुआ। रणवीर सिंह साल 2014 में ड्यूरेक्स के ब्रांड एम्बेसडर बने थे। इस दौरान उन्होंने सेक्स एजुकेशन को लेकर भी खुलकर बात की थी। जीक्यू इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में रणवीर ने बताया था कि ड्यूरेक्स के विज्ञापन का कॉन्सेप्ट उन्होंने खुद तैयार किया था। रणवीर ने कहा था, “मैंने ड्यूरेक्स को खुद फोन किया और कहा कि मैं उनके साथ काम करना चाहता हूं। कोई बड़ा सेलिब्रिटी कंडोम ब्रांड का प्रचार नहीं करता, लेकिन मैंने सोचा, क्यों न मैं यह करूं?” इंटरव्यू के दौरान रणवीर ने यह भी कहा था कि वह 12 साल की उम्र से ही ड्यूरेक्स का इस्तेमाल कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि 12 साल की उम्र में ऐसा कौन करता है, तो रणवीर ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, 14 साल की लड़की! 'बेफिक्रे' में रणवीर ने वाणी को 23 बार किस किया था फिल्म 'बेफिक्रे' में रणवीर सिंह और वाणी कपूर के बीच कुल 23 किसिंग सीन फिल्माए गए थे। नवंबर 2016 में जब दोनों अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए 'द कपिल शर्मा शो' (एपिसोड 63) में पहुंचे, तब इन 23 किसिंग सीन्स को लेकर शो में खूब हंसी-मजाक हुआ। बातचीत के दौरान रणवीर ने शूटिंग का एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा था, “शूटिंग के दौरान मैं तो थक गया था यार, वाणी को किस करते-करते।” रणवीर ने बताया कि लगातार इतने किसिंग सीन शूट करते-करते यह सब उनके लिए रोजमर्रा का हिस्सा बन गया था। कभी दाईं तरफ से शॉट देना होता, कभी बाईं तरफ से, फिर रीटेक... देखते-देखते पूरा प्रोसेस एक रूटीन जैसा हो गया था। वहीं, वाणी ने कहा था कि एक समय ऐसा आ गया था जब उन्हें इन सीन्स से कोई फर्क ही नहीं पड़ता था। दोनों इतने सहज हो गए थे कि कई बार खाना खाने के तुरंत बाद भी बिना किसी खास तैयारी के शूटिंग शुरू कर देते थे। 'पद्मावत' के एक सीन के लिए रजा मुराद ने रणवीर को 24 थप्पड़ मारे थे फिल्म 'पद्मावत' की शूटिंग के दौरान एक सीन में रजा मुराद को रणवीर सिंह को थप्पड़ मारना था। आमतौर पर ऐसे सीन एक-दो टेक में पूरे हो जाते हैं, लेकिन निर्देशक संजय लीला भंसाली अपनी बारीकी और परफेक्शन के लिए जाने जाते हैं। इसलिए इस सीन को बेहतरीन ढंग से फिल्माने के लिए उन्होंने कई रीटेक करवाए। हर रीटेक में रजा मुराद को रणवीर को थप्पड़ मारना पड़ा। नतीजा यह हुआ कि रणवीर ने इस एक सीन के लिए 24 थप्पड़ खाए। आखिरकार सीन तो ओके हो गया, लेकिन रणवीर के गालों की लाली लंबे समय तक नहीं गई। 'धुरंधर 2' में 48 डिग्री की गर्मी में लेदर जैकेट और विग पहन की थी शूटिंग रणवीर की ब्लॉकबस्टर फिल्में 'धुरंधर' और 'धुरंधर 2' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया। दोनों फिल्मों ने दुनिया भर में ₹3000 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर नया रिकॉर्ड बनाया। लेकिन पर्दे पर दिखने वाले इन दमदार दृश्यों के पीछे रणवीर की कड़ी मेहनत और समर्पण छिपा था। 'धुरंधर 2' के क्लाइमेक्स की शूटिंग किसी चुनौती से कम नहीं थी। 47–48 डिग्री की झुलसाती गर्मी, चारों ओर तपते मेटल कंटेनर, भारी पठानी सूट, लेदर जैकेट और सिर पर विग पहनकर रणवीर ने लगातार शूटिंग की। मेकअप और प्रोस्थेटिक आर्टिस्ट करनदीप सिंह ने बताया था कि सिर्फ इस क्लाइमेक्स सीन की तैयारी में, रिहर्सल समेत, 15 से 20 दिन लगे। लुधियाना के बाहरी इलाके में फिल्माए गए इस एक्शन सीक्वेंस में रणवीर को जलते कंटेनरों पर छलांग भी लगानी पड़ी। हालात इतने मुश्किल थे कि पूरी टीम के लिए खाना खाना तक आसान नहीं था। इसके बावजूद रणवीर ने बिना किसी शिकायत के हर सीन पूरे डेडिकेशन और भरपूर एनर्जी के साथ पूरा किया। ________________________ बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.... धर्मेंद्र ने कॉलर पकड़ी तो राजकुमार ने छोड़ी फिल्म:बप्पी लाहिड़ी के गहने देखकर बोले- मंगलसूत्र भी पहन लो, अमिताभ के सूट को पर्दा कहा ये कौन हैं? सलमान खान का सवाल सुनते ही जवाब आया- जानी…, अपने अब्बा से जाकर पूछना, हम कौन हैं। यही थे राजकुमार। वो अभिनेता, जो फ्लॉप फिल्म के बाद भी अपनी फीस बढ़ा देते थे। कहते थे- ‘मेरी पिक्चर चले न चले, मैं फेल नहीं हुआ। कभी बप्पी लाहिड़ी के गहने पहनने का सरेआम मजाक बना देते थे, तो कभी गोविंदा जैसे कलाकारों की शर्ट काटकर रूमाल बना लेते थे। पूरी खबर पढ़ें....
सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी एक्ट्रेस इकरा अजीज के नाम से एक पोस्ट वायरल है। इसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने आलिया भट्ट और शरवरी स्टारर फिल्म अल्फा देखने की अपील की और लिखा कि 'अल्फा, धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब है।' साथ ही YRF का शुक्रिया भी अदा किया। हालांकि, पड़ताल में यह दावा गलत निकला। क्या है वायरल दावा? सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म्स पर इकरा अजीज के नाम और तस्वीर के साथ पोस्ट शेयर किया जा रहा है। दावा है कि उन्होंने लिखा, Alpha जरूर देखिए। यह धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब है। शुक्रिया YRF। इसी पोस्ट के आधार पर कई यूजर्स इकरा अजीज को ट्रोल कर रहे हैं और इसे सच मानकर शेयर भी कर रहे हैं। फैक्ट चेक में क्या सामने आया? दैनिक भास्कर की पड़ताल में इस दावे की पुष्टि नहीं हुई। इकरा अजीज के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अल्फा या YRF को लेकर ऐसा कोई पोस्ट नहीं मिला। YRF से जुड़े सूत्रों ने भी इस पोस्ट को फर्जी बताया। उनके मुताबिक, इसे ट्रोलिंग और गलत जानकारी फैलाने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसका YRF या फिल्म अल्फा के प्रमोशन से कोई संबंध नहीं है। एडिटेड स्क्रीनशॉट होने की आशंका वायरल तस्वीर का फॉर्मेट ऐसा है, जिसे आसानी से एडिट किया जा सकता है। फिलहाल ऐसा कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला कि यह पोस्ट इकरा अजीज के आधिकारिक अकाउंट से किया गया था। इसलिए इसे प्रमाणिक नहीं माना जा सकता। निष्कर्ष दावा: इकरा अजीज ने 'Alpha' देखने की अपील की और इसे 'धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब' बताते हुए YRF का धन्यवाद किया। सच्चाई: पड़ताल में दावा फर्जी निकला। इकरा अजीज के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसा कोई पोस्ट नहीं मिला। YRF सूत्रों ने भी पोस्ट को फेक बताते हुए कहा कि इसे ट्रोलिंग और गलत जानकारी फैलाने के उद्देश्य से वायरल किया जा रहा है। बता दें कि YRF की स्पाई थ्रिलर ‘अल्फा’ 3 जुलाई 2026 को रिलीज हुई। यह स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड फिल्म है, जिसमें दो महिला जासूस मुख्य भूमिका में हैं। YRF स्पाई यूनिवर्स में पहले एक था टाइगर, टाइगर जिंदा है, वॉर, पठान और टाइगर 3 जैसी फिल्में आ चुकी हैं। ‘अल्फा’ इस फ्रेंचाइजी की पहली फीमेल-लीड फिल्म है। ‘अल्फा’ एक स्पाई एक्शन थ्रिलर है, जिसमें एक लड़की बचपन से खतरनाक मिशनों के लिए तैयार की जाती है और आगे चलकर देश के जोखिम भरे ऑपरेशन्स का हिस्सा बनती है। फिल्म में आलिया भट्ट, शरवरी, बॉबी देओल, अनिल कपूर और आर. माधवन प्रमुख भूमिकाओं में हैं। कुछ सरप्राइज कैमियो भी शामिल हैं। फिल्म का निर्देशन शिव रवैल ने किया है, जबकि निर्माण आदित्य चोपड़ा और YRF ने किया है।
सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी एक्ट्रेस इकरा अजीज के नाम से एक पोस्ट वायरल है। इसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने आलिया भट्ट और शरवरी स्टारर फिल्म अल्फा देखने की अपील की और लिखा कि 'अल्फा, धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब है।' साथ ही YRF का शुक्रिया भी अदा किया। हालांकि, पड़ताल में यह दावा गलत निकला। क्या है वायरल दावा? सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म्स पर इकरा अजीज के नाम और तस्वीर के साथ पोस्ट शेयर किया जा रहा है। दावा है कि उन्होंने लिखा, Alpha जरूर देखिए। यह धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब है। शुक्रिया YRF। इसी पोस्ट के आधार पर कई यूजर्स इकरा अजीज को ट्रोल कर रहे हैं और इसे सच मानकर शेयर भी कर रहे हैं। फैक्ट चेक में क्या सामने आया? दैनिक भास्कर की पड़ताल में इस दावे की पुष्टि नहीं हुई। इकरा अजीज के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अल्फा या YRF को लेकर ऐसा कोई पोस्ट नहीं मिला। YRF से जुड़े सूत्रों ने भी इस पोस्ट को फर्जी बताया। उनके मुताबिक, इसे ट्रोलिंग और गलत जानकारी फैलाने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसका YRF या फिल्म अल्फा के प्रमोशन से कोई संबंध नहीं है। एडिटेड स्क्रीनशॉट होने की आशंका वायरल तस्वीर का फॉर्मेट ऐसा है, जिसे आसानी से एडिट किया जा सकता है। फिलहाल ऐसा कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला कि यह पोस्ट इकरा अजीज के आधिकारिक अकाउंट से किया गया था। इसलिए इसे प्रमाणिक नहीं माना जा सकता। निष्कर्ष दावा: इकरा अजीज ने 'Alpha' देखने की अपील की और इसे 'धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब' बताते हुए YRF का धन्यवाद किया। सच्चाई: पड़ताल में दावा फर्जी निकला। इकरा अजीज के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसा कोई पोस्ट नहीं मिला। YRF सूत्रों ने भी पोस्ट को फेक बताते हुए कहा कि इसे ट्रोलिंग और गलत जानकारी फैलाने के उद्देश्य से वायरल किया जा रहा है। बता दें कि YRF की स्पाई थ्रिलर ‘अल्फा’ 3 जुलाई 2026 को रिलीज हुई। यह स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड फिल्म है, जिसमें दो महिला जासूस मुख्य भूमिका में हैं। YRF स्पाई यूनिवर्स में पहले एक था टाइगर, टाइगर जिंदा है, वॉर, पठान और टाइगर 3 जैसी फिल्में आ चुकी हैं। ‘अल्फा’ इस फ्रेंचाइजी की पहली फीमेल-लीड फिल्म है। ‘अल्फा’ एक स्पाई एक्शन थ्रिलर है, जिसमें एक लड़की बचपन से खतरनाक मिशनों के लिए तैयार की जाती है और आगे चलकर देश के जोखिम भरे ऑपरेशन्स का हिस्सा बनती है। फिल्म में आलिया भट्ट, शरवरी, बॉबी देओल, अनिल कपूर और आर. माधवन प्रमुख भूमिकाओं में हैं। कुछ सरप्राइज कैमियो भी शामिल हैं। फिल्म का निर्देशन शिव रवैल ने किया है, जबकि निर्माण आदित्य चोपड़ा और YRF ने किया है।
‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी और ‘द पिरामिड स्कीम’ में अभिनय से चर्चा में आए इंद्रेश मलिक ने दैनिक भास्कर से बातचीत में करियर, संघर्ष और निजी जिंदगी से जुड़े किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले वह मल्टी लेवल मार्केटिंग फ्रॉड का शिकार हुए थे। उन्होंने संजय लीला भंसाली के साथ काम, थिएटर, इंडस्ट्री के अनुभव, ऑडिशन और परिवार से जुड़ी बातें साझा कीं। साथ ही आने वाले प्रोजेक्ट्स और लेखन के शौक पर भी बात की। सवाल: ‘द पिरामिड स्कीम’ में आपका किरदार प्रभावशाली है। क्या असल जिंदगी में भी ऐसी स्कीम या मल्टी-लेवल मार्केटिंग का सामना किया है? जवाब: बिल्कुल। ऑडिशन के बाद क्रिएटिव टीम और डायरेक्टर्स से मुलाकात में मैंने बताया था कि करीब 15-20 साल पहले मैं भी ऐसी स्कीम का शिकार हो चुका हूं। उस समय मल्टी-लेवल मार्केटिंग का कॉन्सेप्ट नया था और जागरूकता कम थी। आधी-अधूरी जानकारी देकर लोगों को जोड़ा जाता था। मैं भी इसका नुकसान झेल चुका हूं। सवाल: इस सीरीज का ऑफर मिलने पर पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मैं अपने पिछले किरदारों की इमेज से बाहर निकलकर कुछ अलग करना चाहता था। यह किरदार मुझे दिलचस्प लगा। पूरी यूनिट शानदार थी और पहली बार Amazon Prime के साथ काम करने का मौका मिला। डायरेक्टर्स और क्रिएटिव टीम के साथ अच्छी ट्यूनिंग बनी। शूटिंग का माहौल सकारात्मक था। सवाल: क्या पिछली इमेज से आपका मतलब ‘हीरामंडी’ के उस्ताद जी के किरदार से है? जवाब: जी हां। ‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी का किरदार निभाना शानदार अनुभव था। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के बाद फिर से संजय लीला भंसाली के साथ काम करने का मौका मिला। सवाल: उस्ताद जी के किरदार से जुड़ाव कैसे बना था? जवाब: जब पहली बार इस किरदार के बारे में बताया गया, तभी लगा कि यह रोल मैं कर सकता हूं। मेरे परिवार की जड़ें विभाजन से पहले के पंजाब और आज के पाकिस्तान के शहरों से जुड़ी हैं। मैंने बुजुर्गों से उस दौर की भाषा, लहजा और संस्कृति सीखी थी। वही अनुभव किरदार में काम आया। सवाल: आपने बताया कि ‘हीरामंडी’ के लिए विभाजन से पहले के पंजाब की संस्कृति पर काम किया था। आपके परिवार का संबंध कहां से है? जवाब: मेरे ननिहाल का संबंध झंग से है। दादा-दादी का परिवार सरगोधा, रावलपिंडी और लाहौर क्षेत्र से था। विभाजन के बाद परिवार भारत आया और दिल्ली में बस गया। मेरी पैदाइश लुधियाना में हुई, क्योंकि उस समय पहला बच्चा ननिहाल में होने की परंपरा थी। इसके बाद मेरी पढ़ाई और परवरिश दिल्ली में हुई। सवाल: कहा जाता है कि ‘हीरामंडी’ की शूटिंग लंबी चली और कलाकार दूसरे प्रोजेक्ट नहीं कर पा रहे थे। क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ? जवाब: नहीं, मेरे साथ ऐसी बड़ी समस्या नहीं हुई। किसी भी पेशे में एक काम उम्मीद से ज्यादा लंबा चल सकता है। लेकिन जब अंतिम परिणाम खूबसूरत हो, तो बाकी परेशानियां छोटी लगती हैं। सवाल: संजय लीला भंसाली के साथ दोबारा काम करने का अनुभव कैसा था? जवाब: मैं उनका बड़ा प्रशंसक हूं। वह परफेक्शनिस्ट से भी आगे हैं। उनके साथ काम करना हमेशा सपना रहा है। सेट पर उनसे और टीम से प्यार और सम्मान मिला। सवाल: ‘हीरामंडी 2’ को लेकर कोई अपडेट है? जवाब: फिलहाल मुझे जानकारी नहीं है। जब भी कुछ होगा, सबको पता चल जाएगा। सवाल: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ से जुड़ी कोई खास याद? जवाब: उस समय कोविड का दौर था और ज्यादातर शूटिंग रात में फिल्म सिटी में होती थी। मेरा किरदार लंबा नहीं था, लेकिन छोटे रोल में भी लोगों ने मुझे नोटिस किया। यह शानदार अनुभव था। सवाल: आलिया भट्ट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: आलिया विनम्र और जमीन से जुड़ी इंसान हैं। उनमें स्टार वाला अहंकार नहीं दिखा। वह सहयोगी हैं। मैंने उनके साथ कम समय काम किया, लेकिन अनुभव अच्छा रहा। उन्होंने ‘गंगूबाई’ के किरदार के लिए जबरदस्त मेहनत की थी और वह बेहतरीन अभिनेत्री हैं। सवाल: ‘फन्ने खां’ में आपका किरदार फिल्म में नजर क्यों नहीं आया? जवाब: मैंने फिल्म की शूटिंग की थी, लेकिन रिलीज के समय मेरा हिस्सा नहीं था। एडिटिंग के दौरान क्या फैसला लिया गया, मुझे नहीं पता। लेकिन इसका अफसोस नहीं है। फिल्म निर्माता का अपना विजन होता है। मेरा काम किरदार ईमानदारी से निभाना है। सवाल: आपको कब महसूस हुआ कि अभिनेता ही बनना है? जवाब: मुझे बचपन से अभिनेता बनना था। मैं प्रसिद्ध होना चाहता था और अभिनय मेरा जुनून था। मैं अपने शौक और पैशन के लिए पैदा हुआ हूं और उसी के लिए जीना चाहता हूं। सवाल: क्या आपके बच्चे भी इसी फील्ड में हैं? जवाब: मेरा बड़ा बेटा डायरेक्शन, कास्टिंग और एडिटिंग में काम कर रहा है। उसे इन क्षेत्रों की अच्छी समझ है। छोटा बेटा अभी तय कर रहा है कि उसे किस दिशा में जाना है। मुझे भरोसा है कि वह अपना रास्ता खुद बना लेगा। सवाल: आपके करियर का सबसे बड़ा संघर्ष क्या रहा? जवाब: इस इंडस्ट्री को समझना सबसे बड़ी चुनौती थी। कई बार लोगों की बातों पर भरोसा कर लेता था। वादे किए जाते थे, लेकिन पूरे नहीं होते थे। धीरे-धीरे समझ आया कि इस प्रोफेशन में समझदारी से काम करना और फैसले लेना जरूरी है। काम नहीं होता, तब मुश्किलें ज्यादा महसूस होती हैं। लेकिन जुनून हो तो हर परेशानी पार कर सकते हैं। सवाल: आपकी नजर में सबसे बड़ी सफलता क्या है? जवाब: लोगों का भरोसा और प्यार सबसे बड़ी सफलता है। अगर दर्शक पसंद करते हैं, तो काम भी मिलता है। किसी किरदार की तारीफ सबसे ज्यादा खुशी देती है। सवाल: सफलता मिलने के बाद आपके अंदर कितना बदलाव आया? जवाब: मेरे अंदर बिल्कुल बदलाव नहीं आया। मैं आज भी वही दिल्ली वाला लड़का हूं। पुराने दोस्त भी कहते हैं कि मैं नहीं बदला। यह सुनकर अच्छा लगता है। रिश्ते निभाना मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है। सवाल: एक्टिंग के अलावा खाली समय में क्या करना पसंद करते हैं? जवाब: मैं दूसरे बिजनेस भी देखता हूं। शेर-ओ-शायरी और छोटी कहानियां लिखता हूं, खाना बनाता हूं, कपड़े, बैग और जूते डिजाइन करता हूं। मुझे कुछ नया करना पसंद है। मन नहीं होता तो आराम कर लेता हूं। सवाल: खाना बनाने का भी शौक है? जवाब: जी, बहुत। मुझे नई रेसिपी पर प्रयोग करना अच्छा लगता है। दादी-नानी के समय की कई पारंपरिक रेसिपी धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं। मैं उन्हें सीखने और संभालने की कोशिश करता हूं। मसाले अलग-अलग जगहों से लाकर खुद तैयार करता हूं। खाना बनाना मेरे लिए थेरेपी है। सवाल: कभी रेस्टोरेंट खोलने का विचार आया? जवाब: नहीं। मैं सिर्फ शौक के लिए खाना बनाता हूं। परिवार और खास दोस्तों के लिए बनाता हूं। फिलहाल इसे बिजनेस बनाने का इरादा नहीं है। सवाल: जो कहानियां और शायरी लिखते हैं, क्या उन्हें पर्दे पर लाने का इरादा है? जवाब: बिल्कुल। मैं लिखता हूं ताकि एक दिन उन्हें पर्दे पर ला सकूं। यह मेरी मंजिल है और भरोसा है कि सही समय पर ऐसा जरूर होगा। सवाल: किस तरह की शायरी लिखते हैं? जवाब: मुझे उर्दू और हिंदी के शब्दों से खेलना पसंद है। मैं शेर-ओ-शायरी लिखता हूं। कविता के नियमों का बड़ा जानकार नहीं हूं, लेकिन दिल से लिखता हूं। सवाल: हाल ही में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ कैसी लगी? जवाब: मुझे पसंद आई। खासकर बेदी साहब का किरदार शानदार लगा। रणवीर सिंह सहित टीम ने बेहतरीन काम किया है। फिल्म का हर छोटा-बड़ा किरदार अच्छे से लिखा और निभाया गया है। सवाल: अगर ‘धुरंधर’ में काम करने का मौका मिलता, तो कौन-सा किरदार करना पसंद करते? जवाब: मैं किसी नए किरदार में खुद को देखना पसंद करता। निर्देशक जैसा कहते, उसी हिसाब से मेहनत करता। अगर दूसरा हिस्सा बनता है और मौका मिलता है, तो खुशी होगी। सवाल: आपके आने वाले प्रोजेक्ट्स कौन-कौन से हैं? जवाब: अभी ज्यादा खुलकर नहीं बता सकता। दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने की कोशिश कर रहा हूं। ऐसे किरदार तलाशता हूं, जिनमें कुछ नया करने का मौका मिले। सवाल: क्या आज भी ऑडिशन देते हैं? जवाब: बिल्कुल। ऑडिशन देने में कोई बुराई नहीं है। इससे किरदार समझने का मौका मिलता है। बस शिकायत है कि कई बार ऑडिशन लेने वाले खुद किरदार को ठीक से नहीं समझा पाते।
सलमान खान फिल्म्स ने अपनी अपकमिंग फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर चल रही खबरों पर सफाई दी है। प्रोडक्शन हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि फिल्म की सीबीएफसी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुकी होने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। बयान में कहा गया कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया है। इसलिए इस तरह की रिपोर्ट्स पर भरोसा न करें। सलमान खान फिल्म्स ने मीडिया और लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि की जानकारी न फैलाएं। फिल्म से जुड़े सभी आधिकारिक अपडेट केवल उनके ऑफिशियल प्लेटफॉर्म पर ही शेयर किए जाएंगे। दरअसल, हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म 'मातृभूमि' को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। फिल्म 'मातृभूमि' साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प पर आधारित है। पहले इस फिल्म का नाम 'बैटल ऑफ गलवान' रखा गया था। फिल्म को पहले 17 अप्रैल को ईद के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट टाल दी गई। इस फिल्म का प्रोडक्शन सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान ने किया है और इसके डायरेक्टर अपूर्व लाखिया हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। फिल्म 'मातृभूमि' का टीजर 27 दिसंबर 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर रिलीज किया गया था। इस फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। कर्नल संतोष बाबू ने ही गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के दौरान भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व किया था। इस झड़प में वे शहीद हो गए थे। वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान इन दिनों फिल्म 'SVC63' की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन में बन रही इस एक्शन फिल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस प्रोड्यूस कर रही है। फिल्म में नयनतारा पहली बार सलमान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी और इसकी शूटिंग अगस्त या सितंबर 2026 तक पूरी हो सकती है।
सलमान खान फिल्म्स ने अपनी अपकमिंग फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर चल रही खबरों पर सफाई दी है। प्रोडक्शन हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि फिल्म की सीबीएफसी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुकी होने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। बयान में कहा गया कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया है। इसलिए इस तरह की रिपोर्ट्स पर भरोसा न करें। सलमान खान फिल्म्स ने मीडिया और लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि की जानकारी न फैलाएं। फिल्म से जुड़े सभी आधिकारिक अपडेट केवल उनके ऑफिशियल प्लेटफॉर्म पर ही शेयर किए जाएंगे। दरअसल, हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म 'मातृभूमि' को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। फिल्म 'मातृभूमि' साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प पर आधारित है। पहले इस फिल्म का नाम 'बैटल ऑफ गलवान' रखा गया था। फिल्म को पहले 17 अप्रैल को ईद के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट टाल दी गई। इस फिल्म का प्रोडक्शन सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान ने किया है और इसके डायरेक्टर अपूर्व लाखिया हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। फिल्म 'मातृभूमि' का टीजर 27 दिसंबर 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर रिलीज किया गया था। इस फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। कर्नल संतोष बाबू ने ही गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के दौरान भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व किया था। इस झड़प में वे शहीद हो गए थे।
एक्ट्रेस और बिग बॉस फेम ईशा मालवीय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में वह एक पल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमशक्ल को पीएम मोदी समझ बैठीं। जिसके बाद वहां मौजूद पैपराजी और दूसरे लोग हंसने लगे। दरअसल, ईशा ब्राइट एंटरटेनमेंट अवॉर्ड्स 2026 के रेड कार्पेट पर पहुंची थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात पीएम मोदी के हमशक्ल से हुई। उन्हें देखते ही ईशा चौंक गईं और मुस्कुराते हुए कहा, ओह, मोदी जी! हालांकि, बाद में उन्हें रियलाइज हुआ कि वे पीएम मोदी के हमशक्ल हैं। इसके बाद उन्होंने हमशक्ल से हाथ मिलाया और कैमरे की ओर देखकर कहा, गाइज, हमारे साथ मोदी जी हैं। विकास महांते कौन हैं? ईशा ने पीएम मोदी के जिन हमशक्ल से मुलाकात की, वह विकास महांते हैं। विकास महांते मुंबई के जाने-माने बिजनेसमैन, एक्टर और समाजसेवी हैं। उनकी शक्ल, दाढ़ी और बोलने का अंदाज पीएम मोदी से काफी मिलता-जुलता है, जिसकी वजह से लोग उन्हें देखते ही भ्रमित हो जाते हैं। विकास कई चुनावों के दौरान बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के प्रचार कार्यक्रमों में भी नजर आ चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब समेत कई राज्यों में चुनावी रैलियों में हिस्सा लिया है। एक्टिंग की दुनिया में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई है। वह फिल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' में कैमियो रोल कर चुके हैं। इसके अलावा 'मोदी काका का गांव', 'द साबरमती रिपोर्ट' और 'एक नया सवेरा' जैसी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स में भी काम कर चुके हैं। वहीं, ईशा मालवीय के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्होंने 13 साल की उम्र में मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। साल 2017 में वह मिस मध्य प्रदेश बनीं, जबकि 2019 में मिस टीन इंडिया वर्ल्डवाइड प्रतियोगिता में सेकेंड रनर-अप रहीं। ईशा ने 2021 में टीवी शो 'उड़ारियां' से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। इस शो में जैस्मिन कौर संधू का उनका किरदार काफी लोकप्रिय हुआ। इसके बाद वह बिग बॉस 17 में नजर आईं, जहां उनकी लोकप्रियता पूरे देश में बढ़ी। ईशा कई हिंदी और पंजाबी म्यूजिक वीडियो में भी काम कर चुकी हैं। सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं और वह कई बड़े फैशन व ब्यूटी ब्रांड्स के साथ जुड़ी हुई हैं।
एक्ट्रेस तृषा कृष्णन ने अपैरल ब्रांड ZARA की होम डिलीवरी सर्विस पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर दावा किया कि लगातार तीसरी बार उन्हें ऐसे कपड़े मिले, जिनसे शरीर की बदबू आ रही थी। तृषा ने अपनी पोस्ट में लिखा, प्रिय @zara @zaracare, एक छोटी-सी रिक्वेस्ट है। अगली बार होम डिलीवरी भेजने से पहले कृपया यह सुनिश्चित करें कि कपड़ों से शरीर की बदबू न आ रही हो। लगातार तीसरी बार ऐसा हुआ है। यह बहुत बुरा एक्सपीरियंस है। पैक करने से पहले कम से कम कपड़ों को सूंघकर देख लें। तृषा 'करुप्पु' में नजर आई थीं वर्कफ्रंट की बात करें तो तृषा कृष्णन हाल ही में फिल्म 'करुप्पु' में नजर आईं, जिसमें उनके साथ सूर्या ने अभिनय किया है। फिल्म 'करुप्पु' बॉक्स ऑफिस पर हिट रही। फिल्म ने दुनिया भर में करीब 309 करोड़ रुपए की कमाई की। फिल्म में आरजे बालाजी ने विलेन की भूमिका निभाई, जबकि इंद्रंस, अनाघा माया रवि, नैट्टी सुब्रमण्यम, शिवादा, स्वासिका और सुप्रीत रेड्डी भी अहम भूमिकाओं में नजर आए। वहीं, अफेयर की खबरों के बीच एक्ट्रेस तृषा ने मुख्यमंत्री विजय के 52वें जन्मदिन के एक दिन बाद सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी थी। उन्होंने केक के साथ दोनों की तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा था, उस इंसान को जन्मदिन मुबारक, जो हर चीज को मायने देता है। बता दें कि पिछले साल भी तृषा ने विजय के साथ तस्वीर शेयर कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं। गौरतलब है कि विजय के तलाक की खबर सामने आने के बाद एक्ट्रेस तृषा का नाम विजय के साथ जुड़ा। हालांकि, विजय और तृषा ने अब तक रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया। 10 मई को तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुई थीं। वहीं, 4 मई को तमिलनाडु चुनाव रिजल्ट के दिन तृषा विजय के घर भी पहुंची थीं। विजय और तृषा ने 'गिल्ली', 'तिरुपाची', 'आथी' और 'कुरुवी' जैसी फिल्मों में साथ काम किया। ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री के कारण पहली बार उनके अफेयर की अफवाहें उड़ीं। हालांकि, 2008 में रिलीज हुई 'कुरुवी' के बाद दोनों 15 साल तक किसी फिल्म में साथ दिखाई नहीं दिए। 2023 में दोनों 15 साल बाद फिल्म 'लियो' में साथ नजर आए थे। ……………… ये खबर भी पढ़ें… विजय का नाम सुन शरमाईं तृषा कृष्णन:फैन ने कहा- थलापति से कहना कि मैंने उनका हालचाल पूछा है; एक्ट्रेस ने किया रिएक्ट चेन्नई में शुक्रवार को थिएटर से बाहर निकलते समय एक फैन ने तृषा कृष्णन से विजय का जिक्र किया तो एक्ट्रेस ब्लश कर गईं। शुक्रवार को तृषा चेन्नई में अपनी नई रिलीज फिल्म ‘करुप्पु’ की स्क्रीनिंग में पहुंचीं। इस दौरान डायरेक्टर आरजे बालाजी और एक्टर कार्थी भी मौजूद थे। पूरी खबर पढ़ें
मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच टीवी एक्ट्रेस उर्वशी ढोलकिया के बेटे और एक्टर क्षितिज ढोलकिया हाल ही में एक हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। भारी बारिश के दौरान उनकी पार्किंग में खड़ी कार पर अचानक एक बड़ा पेड़ गिर पड़ा, जिससे कार को काफी नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय क्षितिज कार के अंदर मौजूद नहीं थे और किसी को चोट नहीं आई। घटना के बाद क्षितिज ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो शेयर किए, जिनमें उनकी कार पेड़ के नीचे दबी हुई दिखाई दे रही है। वीडियो में फायर ब्रिगेड और अन्य अधिकारी पेड़ हटाने की कोशिश करते नजर आए। क्षितिज ने बताया कि उनकी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने मुंबई पुलिस और फायर ब्रिगेड का आभार जताते हुए लिखा कि यह घटना याद दिलाती है कि जिंदगी कितनी अनप्रेडिक्टेबल हो सकती है। उन्होंने कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं क्योंकि हादसे के समय वह कार में नहीं थे। वर्कफ्रंट की बात करें तो क्षितिज ढोलकिया ने एकता कपूर के शो 'नागिन 7' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। एक्टिंग से पहले वह फिल्म इंडस्ट्री में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर चुके हैं और 'हमशकल्स' और 'ड्रीम गर्ल' जैसी फिल्मों की टीम का हिस्सा रह चुके हैं। वहीं, उर्वशी ढोलकिया की बात करें तो वह शो 'कसौटी जिंदगी की' में 'कोमोलिका' के किरदार के लिए पहचानी जाती हैं। इसके अलावा वह कलर्स टीवी के रियलिटी शो 'बिग बॉस 6' (2012) की विनर भी रह चुकी हैं। शहर के कई इलाकों में जलभराव पिछले कुछ दिनों से मुंबई में लगातार भारी बारिश हो रही है। तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है और इसका असर बॉलीवुड और टीवी सितारों पर भी दिखा। हाल ही में बिग बॉस 19 फेम अश्नूर कौर के लग्जरी घर में बारिश का पानी घुस गया, जिससे घर के सामान को काफी नुकसान हुआ। अश्नूर ने वीडियो शेयर कर हालात दिखाए। वहीं, ट्रैफिक से बचने के लिए एक्टर रणदीप हुड्डा ने आम लोगों की तरह मास्क लगाकर मेट्रो से सफर किया था। दूसरी ओर, तमन्ना भाटिया बारिश में भीगती नजर आईं और ठंड लगने की बात कही थी।

