...

Awarapan 2 ने बॉक्स ऑफिस पर की बंपर ओपनिंग, Sunny Deol की 'बंटवारा 1947' को किया ओवरटेक

इमरान हाशमी की फिल्म 'आवारापन 2' ने बॉक्स ऑफिस पर बंपर ओपनिंग करते हुए सभी को हैरान कर दिया। इसने सनी देओल की 'बंटवारा 1947' को पीछे छोड़ दिया है।

जागरण 14 Aug 2026 8:00 pm

ऑस्ट्रेलिया में सम्मान मिला, भावुक हुईं रानी मुखर्जी:प्रतिष्ठित लॉ यूनिवर्सिटी से सर्वोच्च सम्मान मिला; शाहरुख के बाद सम्मान पाने वालीं दूसरी भारतीय एक्टर

बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी को ऑस्ट्रेलिया की लॉ ट्रोब यूनिवर्सिटी ने 'डॉक्टर ऑफ लेटर्स' (D.Litt.) की मानद डॉक्टरेट उपाधि से सम्मानित किया है। स्टेज पर यह सम्मान लेते व्यक्त रानी मुखर्जी भावुक दिखाई दीं। मेलबर्न के फेडरेशन स्क्वेयर में इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) 2026 के दौरान 14 अगस्त को आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान दिया गया। उन्हें तीन दशक के करियर और सामाजिक मुद्दों पर बनी फिल्मों में योगदान के लिए रानी को यह सर्वोच्च उपाधि मिली है। वे शाहरुख खान के बाद ला ट्रोब यूनिवर्सिटी से यह सम्मान पाने वाली दूसरी भारतीय कलाकार बन गई हैं। शाहरुख के बाद सम्मान पाने वाली दूसरी भारतीय कलाकारला ट्रोब यूनिवर्सिटी ने इससे पहले साल 2019 में शाहरुख खान को सिनेमा और सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट दी थी और उनके नाम पर पीएचडी स्कॉलरशिप की घोषणा की थी। यूनिवर्सिटी के चांसलर जॉन ब्रम्बी एओ ने कहा कि रानी मुखर्जी के काम ने सिर्फ मनोरंजन तक सीमित न रहकर सामाजिक न्याय, समानता और समावेश जैसे विषयों पर चर्चा शुरू की है। यूनिवर्सिटी ने महिलाओं, बच्चों और वंचित समुदायों के लिए उनके निरंतर काम की सराहना की। शुरुआत से ही जोखिम भरे रोल चुने: रानी मुखर्जीसमारोह में सम्मान स्वीकार करते हुए रानी मुखर्जी ने कहा कि यह उनके जीवन के सबसे विनम्र और भावुक पलों में से एक है। बचपन में वे अपने माता-पिता और देश को गौरवान्वित करना चाहती थीं और सिनेमा उस सपने को पूरा करने का माध्यम बन गया। रानी ने बताया कि उन्होंने करियर की शुरुआत से ही जोखिम भरे रोल चुने हैं। वे हमेशा ऐसी कहानियों का हिस्सा बनीं, जिन्होंने सबसे पहले उनके दिल को छुआ और लोगों को प्रेरित किया। एक्टिंग में एक्सीलेंस के लिए भी विशेष सम्मान आईएफएफएम 2026 में रानी मुखर्जी को उनकी बेहतरीन एक्टिंग और वैश्विक पहचान के लिए एक विशेष प्रशस्ति पत्र भी दिया गया। फेस्टिवल डायरेक्टर मितु भौमिक लांगे ने कहा कि यह सम्मान रानी की कला और सिनेमा की उस ताकत का जश्न है जो दो देशों को जोड़ती है। 13 से 23 अगस्त तक चलने वाले इस फेस्टिवल में भारतीय फिल्मों और कहानियों के प्रभाव को दिखाया जा रहा है। तीन दशक का करियर और सामाजिक मुद्दों पर फिल्मेंरानी मुखर्जी ने 1990 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने 'गुलाम', 'कुछ कुछ होता है', 'साथिया', 'हम तुम', 'बंटी और बबली' और 'युवा' जैसी हिट फिल्मों में काम किया। इसके बाद उन्होंने 'ब्लैक', 'मर्दानी' फ्रेंचाइजी, 'नो वन किल्ड जेसिका', 'हिचकी' और 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' जैसी फिल्मों के जरिए लैंगिक न्याय, महिलाओं के अधिकार, दिव्यांगों के समावेश और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों को बड़े पर्दे पर मजबूती से रखा।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 6:49 pm

'बेटी की उम्र की लड़की के साथ घूम रहा है':गोविंदा पर भड़कीं पत्नी सुनीता आहूजा; बोलीं- शर्म आनी चाहिए, शुगर डैडी बन गया

अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने अपने पति पर तीखा हमला बोला है। सुनीता ने गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल रॉय के साथ एयरपोर्ट पर दिखने पर कड़ी नाराजगी जताई। सुनीता ने कहा कि गोविंदा को बेटी की उम्र की लड़की के साथ इस तरह घूमने पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कोमल के कपड़ों पर भी तंज कसा। सुनीता ने कहा कि बिना फिल्म बने कोई प्रमोशन नहीं होता, यह सब घटिया सोच को दिखाता है। 'बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहा है' सुनीता से गोविंदा के कोमल रॉय के साथ दोबारा नजर आने पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कड़े शब्दों में जवाब दिया। सुनीता ने कहा कि फिल्म बनने के बाद ही उसका प्रमोशन किया जाता है, बिना किसी फिल्म के यह सब करने का क्या मतलब है। इसके बाद उन्होंने आगे कहा कि गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। तुम्हारा शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कपड़े ढंग के पहनोसुनीता आहूजा ने केवल गोविंदा ही नहीं, बल्कि उनके साथ दिख रही कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। को-एक्ट्रेस के साथ गोविंदा स्पॉट हुए थेगोविंदा हाल ही में एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर दूसरी बार स्पॉट हुए थे। बता दें कि सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ 7 अगस्त को एयरपोर्ट पर एक साथ स्पॉट किया गया था। सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। करियर के चलते गोविंदा ने सुनीता से शादी को लगभग दो साल तक दुनिया से छिपाकर रखा था। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमलगोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। गोविंदा ने हाल ही में सुनीता के उन आरोपों पर जवाब दिया, जिनमें उन्होंने उनके अफेयर्स की बात कही थी। सुनीता के लगाए हुए अफेयर के आरोपों पर ANI से बातचीत में गोविंदा ने कहा, वह मुझे बहुत प्यार से गाली देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि जो लोग जहां हैं और भगवान ने उन्हें जो भी भूमिका दी है, अगर वो वहां नहीं होते हम कामयाब नहीं हो सकते थे। गोविंदा बोले- दूरी बनाने के लिए आरोप लगाना जरूरी नहीं गोविंदा ने इशारा किया कि उनके बारे में खुलकर बोलने के बाद सुनीता को स्टारडम मिला। उन्होंने कहा, बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जो बयां नहीं की जातीं। क्या दूरी बनाने के लिए आरोप लगाने की जरूरत है क्या? लेकिन लोग मानते हैं कि ये निकलने का आसान रास्ता है। उन्होंने सवाल किया कि कामयाबी के लिए अपने ही लोगों की बुराई जरूरी है क्या? यह थोड़ा आसान है। सुनीता तारीफ करती है फिर एक बुराई करती है। मुझे इसमें ज्यादा प्यार दिखाई देता है। सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 4:09 pm

बच्चन परिवार की लीगेसी पर कोर्ट में सवाल:ऐश्वर्या-अभिषेक की बेटी आराध्या ने मौत की खबरों के खिलाफ किया था केस, जानिए क्या है मामला

बॉलीवुड के दिग्गज बच्चन परिवार का नाम दशकों से हिंदी सिनेमा की पहचान और विरासत से जुड़ा रहा है। अब इसी नाम और उसकी प्रतिष्ठा से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बेहद अहम सवाल उठाए हैं। आराध्या बच्चन की सेहत को लेकर फैलाई गई झूठी खबरों पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को एक लीगेसी माना जा सकता है? अगर हां, तो क्या यह लीगेसी अगली पीढ़ियों तक कानूनी सुरक्षा के साथ आगे बढ़ सकती है? आराध्या बच्चन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को लेकर अहम सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम से जुड़ी प्रतिष्ठा को लीगेसी की तरह अगली पीढ़ियों तक कानूनी सुरक्षा मिल सकती है? अगर मिल सकती है, तो यह सुरक्षा कितनी पीढ़ियों तक जारी रहेगी? जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि किसी ट्रेडमार्क की पहचान उसके प्रोडक्ट या सर्विस की वजह से बनती है। लेकिन किसी व्यक्ति या परिवार के नाम की पहचान उसकी उपलब्धियों, काम और समाज में उसकी प्रतिष्ठा से बनती है। ऐसे में सवाल है कि क्या यह प्रतिष्ठा भी परिवार की लीगेसी की तरह आगे बढ़ सकती है। कोर्ट ने तीन बड़े सवाल उठाए- पहला सवाल- क्या परिवार की प्रतिष्ठा अगली पीढ़ियों तक जा सकती है?कोर्ट यह देखेगा कि अगर किसी परिवार के नाम की प्रतिष्ठा ट्रेडमार्क जैसी मानी जाए, तो क्या यह प्रतिष्ठा अगली पीढ़ियों तक बनी रह सकती है? अगर हां, तो इसकी कानूनी सीमा क्या होगी? दूसरा सवाल- क्या फेक न्यूज भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन है?कोर्ट यह भी देखेगा कि अगर किसी सेलिब्रिटी या उसके परिवार को लेकर बेहद आपत्तिजनक और झूठी खबरें फैलाई जाती हैं, तो क्या इसे इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन माना जा सकता है? तीसरा सवाल- क्या मानहानि को भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जोड़ा जा सकता है?कोर्ट यह समझने की कोशिश करेगा कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली मानहानि को क्या इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के तहत लाया जा सकता है। कोर्ट ने साफ किया कि ये सवाल अंतिम नहीं हैं और मामले में आगे और मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। बच्चन परिवार की लीगेसी का भी मुद्दा आराध्या की तरफ से पेश वकील प्रवीण आनंद ने कहा कि मामला सिर्फ आराध्या की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि पूरे बच्चन परिवार की प्रतिष्ठा का है। उन्होंने कोर्ट के सामने कहा कि बच्चन परिवार की तस्वीरों और ‘बच्चन’ नाम का इस्तेमाल कर ऐसे वीडियो बनाए गए, जिनमें आराध्या की मौत या कैंसर जैसी झूठी बातें कही गईं। इससे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। यही वजह है कि अब कोर्ट के सामने एक बड़ा सवाल है कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को एक लीगेसी माना जा सकता है और क्या उस लीगेसी को कानूनी सुरक्षा दी जा सकती है? 15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को करेगा। इस दौरान परिवार की प्रतिष्ठा, फेक न्यूज, मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े सवालों पर आगे चर्चा होगी। इस मामले का फैसला सिर्फ बच्चन परिवार के लिए नहीं, बल्कि दूसरे सेलिब्रिटी परिवारों के लिए भी अहम हो सकता है। इससे यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किसी परिवार के नाम, पहचान, तस्वीर और प्रतिष्ठा को ऑनलाइन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कानून किस तरह सुरक्षा देता है।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 3:10 pm

समय रैना समेत 5 कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज केस रद्द:लेटेंट शो में दिव्यांगों का मजाक उड़ाया था; सुप्रीम कोर्ट बोला- ये प्रतिभाशाली युवा

इंजियाज गॉट लेटेंट विवाद में यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना समेत पांच कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज केस को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। इन पर शो में दिव्यांग बच्चे पर गलत कमेंट करने का आरोप था। समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर को भी राहत मिली है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। कोर्ट ने इन पांचों की ओर से दिव्यांग लोगों के लिए जागरूकता और फंड जुटाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। कोर्ट ने कहा कि ये सभी युवा और प्रतिभाशाली हैं और अगर उन्होंने अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाई है, तो इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। हालांकि, दिव्यांग लोगों से जुड़े मुद्दे पर सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि ऑनलाइन और मनोरंजन से जुड़े कंटेंट में दिव्यांग लोगों के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए किस तरह के नियम या दिशा-निर्देश बनाए जा सकते हैं। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी जैसी गंभीर बीमारी का मजाक बनाया था यह विवाद इंडियाज गॉट लेटेंट के एक एपिसोड से जुड़ा है। शो में दिव्यांग लोगों और SMA (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) जैसी गंभीर बीमारी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे। क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ऐसे मजाक और टिप्पणियां दिव्यांग लोगों की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। साथ ही ऑनलाइन कंटेंट को लेकर बेहतर नियम बनाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने दिव्यांगों के लिए फंड जुटाने का आदेश दिया था नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और चार अन्य कॉमेडियन को दिव्यांग लोगों के लिए काम करने और SMA से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए फंड जुटाने के लिए महीने में कम से कम दो कार्यक्रम करने का निर्देश दिया था। उन्हें अपने कार्यक्रमों में दिव्यांग लोगों को शामिल करने और उनकी उपलब्धियों को सामने लाने के लिए भी कहा गया था। बाद में कोर्ट को बताया गया कि इन कॉमेडियन ने कई कार्यक्रम आयोजित किए और दिव्यांग लोगों को उनमें शामिल किया। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए SMA से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता फैलाने और फंड जुटाने की कोशिश की गई। हालांकि, जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और बाकी चार कॉमेडियन पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने माना था कि पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था। स्टिल अलाइव से समय रैना ने किया कमबैक, लेटेंट 2 भी शुरू विवाद के बाद समय रैना ने 17 अप्रैल 2026 को स्टैंड-अप कॉमेडी शो स्टिल अलाइव से कमबैक किया। शो में उन्होंने विवाद और केस पर बात की। शो के बीच में समय भावुक भी हो गए। इस वीडियो को उनके यूट्यूब चैनल पर 71 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। जून 2026 में नेटफ्लिक्स ने इंडियाज गॉट लेटेंट 2 की घोषणा की। 20 जून 2026 में नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर एक साथ लेटेंट 2 का पहला एपिसोड स्ट्रीम किया गया, जिसमें आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर पैनल गेस्ट पहुंचीं। पहले ही एपिसोड को सिर्फ यूट्यूब में 65 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले। आगे शो में करण औजला, कीकू शारदा, चंदन प्रभाकर, राघव जुयाल, बादशाह जैसे कई सेलेब्स पहुंच रहे हैं। ये शो लगातार ट्रेंड में है।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 2:55 pm

समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत:लेटेंट विवाद मामले में आपराधिक केस रद्द, दिव्यांग का मजाक उड़ाने का था मामला

इंजियाज गॉट लेटेंट विवाद में यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने शुक्रवार को समय रैना समेत पांच कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को रद्द कर दिया। ये मामले दिव्यांग बच्चे को लेकर की गई कथित असंवेदनशील टिप्पणियों से जुड़े थे। समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर को भी राहत मिली है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। कोर्ट ने कहा- ये युवा प्रतिभाशाली हैं सुप्रीम कोर्ट ने इन पांचों की ओर से दिव्यांग लोगों के लिए जागरूकता और फंड जुटाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। कोर्ट ने कहा कि ये सभी युवा और प्रतिभाशाली हैं और अगर उन्होंने अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाई है, तो इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। कोर्ट ने कहा कि पांचों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म की जाती है। हालांकि, दिव्यांग लोगों से जुड़े बड़े मुद्दे पर सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि ऑनलाइन और मनोरंजन से जुड़े कंटेंट में दिव्यांग लोगों के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए किस तरह के नियम या दिशा-निर्देश बनाए जा सकते हैं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद इंडियाज गॉट लेटेंट के एक एपिसोड से जुड़ा है। शो में दिव्यांग लोगों और SMA (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) जैसी गंभीर बीमारी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर समेत कई लोगों के खिलाफ शिकायतें और आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ऐसे मजाक और टिप्पणियां दिव्यांग लोगों की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। साथ ही ऑनलाइन कंटेंट को लेकर बेहतर नियम बनाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने पहले क्या आदेश दिया था? नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और चार अन्य कॉमेडियन को दिव्यांग लोगों के लिए काम करने और SMA से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए फंड जुटाने के लिए महीने में कम से कम दो कार्यक्रम करने का निर्देश दिया था। उन्हें अपने कार्यक्रमों में दिव्यांग लोगों को शामिल करने और उनकी उपलब्धियों को सामने लाने के लिए भी कहा गया था। बाद में कोर्ट को बताया गया कि इन कॉमेडियन ने कई कार्यक्रम आयोजित किए और दिव्यांग लोगों को उनमें शामिल किया। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए SMA से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता फैलाने और फंड जुटाने की कोशिश की गई। हालांकि, जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और बाकी चार कॉमेडियन पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने माना था कि पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 2:55 pm

टॉक्सिक का ट्रेलर देख भड़कीं एक्ट्रेस:बोल्ड सीन और महिलाओं के आपत्तिजनक सीन पर यश पर निशाना साधा, कहा- कर्नाटक से बाहर निकाल देंगे

कन्नड़ एक्ट्रेस रिशिका सिंह ने यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर में महिलाओं के चित्रण और बोल्ड सीन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेलर में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से नहीं दिखाया गया। उन्होंने फिल्म के लीड एक्टर यश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो उन्हें कर्नाटक से निकाल दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में रिशिका ने टॉक्सिक के ट्रेलर में दिखाए गए सीन पर निराशा जताई। उन्होंने यश पर बात करते हुए पूछा कि उन्होंने ऐसे दृश्यों का हिस्सा बनने का फैसला क्यों किया, जिनमें महिलाओं को सम्मान के साथ नहीं दिखाया गया। रिशिका ने यह भी कहा कि यश पति और पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि कन्नड़ सिनेमा आगे बढ़े और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म कन्नड़ में बन रही है और इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस भी काम कर रही हैं। लेकिन ट्रेलर में महिलाओं को जिस तरह दिखाया गया, वह मुझे पसंद नहीं आया।” उन्होंने सवाल किया कि क्या फिल्म में पुरुषों के अहंकार को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि महिला किरदारों को उतनी ही अहमियत नहीं मिली। कियारा समेत पांच एक्ट्रेसेस के किरदारों पर सवाल रिशिका ने कहा कि टॉक्सिक में कई प्रमुख महिला कलाकार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ट्रेलर में इन महिलाओं को अच्छे या सम्मानजनक तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने पूछा, “फिल्म में पांच महिला कलाकार हैं। क्या इनमें से एक को भी खूबसूरत या तारीफ के लायक तरीके से दिखाया गया है?” कियारा को बॉलीवुड से लाकर ऐसा क्यों दिखाया गया- रिशिका रिशिका ने ट्रेलर के उस डायलॉग का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला से उसका “रेट” पूछा जाती है। उन्होंने फिल्म में इस लाइन को शामिल करने पर सवाल उठाया और खास तौर पर फिल्म में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी का नाम लिया। उन्होंने पूछा, “कियारा आडवाणी को बॉलीवुड से लाकर इस तरह क्यों दिखाया गया?” रिशिका ने यश के फैंस से यह भी सोचने को कहा कि अगर किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहीं उनकी पत्नियों के बारे में ऐसा ही बयान दिया जाता, तो वे कैसी प्रतिक्रिया देते। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना निर्देशक गीतू मोहनदास के खिलाफ नहीं है। रिशिका के मुताबिक, गीतू की अपनी रचनात्मक सोच है और हो सकता है कि वह “हमारी” संस्कृति को उसी तरह नहीं समझती हों। हालांकि, रिशिका ने सवाल किया कि कर्नाटक से होने के बावजूद यश ने इस तरह के चित्रण को मंजूरी क्यों दी। उन्होंने यश से सीधे कहा कि पुरुषों में गरिमा होनी चाहिए और महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। रिशिका बोलीं- महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो कर्नाटक खाली करवाएंगे वीडियो के आखिर में रिशिका ने कहा कि महिलाओं का सम्मान नहीं करने पर लोगों को कर्नाटक छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो हम आपको कर्नाटक से खाली करवा देंगे।” कियारा ने कहा- फिल्म में हर महिला किरदार अलग टॉक्सिक में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी पहले ही उन दावों को खारिज कर चुकी हैं, जिनमें कहा गया था कि फिल्म में महिला किरदारों को पीछे रखा गया है। कियारा के मुताबिक, फिल्म में हर महिला किरदार की अपनी अलग भूमिका और व्यक्तित्व है। उन्होंने फेमिना को दिए इंटरव्यू में कहा, “हर महिला अपने साथ अपनी ऊर्जा और अलग पहचान लेकर आई है। मुझे लगता है कि दर्शक एक ही सिनेमाई दुनिया में ऐसे अलग-अलग महिला किरदारों को देखकर आनंद लेंगे।” कौन हैं रिशिका सिंह रिशिका सिंह दिग्गज कन्नड़ फिल्म निर्माता राजेंद्र सिंह बाबू की बेटी हैं। वह ‘कल्ला मल्ला सुल्ला’, ‘बेंकी बिरुगाली’, ‘कंठीरवा’ और ‘थुंतारू’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। रिशिका ‘बिग बॉस कन्नड़’ के पहले सीजन में कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 12:50 pm

मूवी रिव्यू; आवारापन 2:इमरान हाशमी की दमदार वापसी, दर्द और अधूरे इश्क की कहानी जो पुराने जख्म फिर ताजा कर दे

रेटिंग: 3.5ड्यूरेशन: 2 घंटे 25 मिनटकास्टः इमरान हाशमी, दिशा पाटनीडायरेक्टर: नितिन कक्कड़ 2007 की आवारापन अपने दर्द, मोहब्बत और संगीत की वजह से आज भी याद की जाती है। आवारापन 2 उसी भावनात्मक विरासत को आगे बढ़ाती है। इस बार शिवम की लड़ाई सिर्फ उसके अतीत से नहीं, बल्कि बच्चों की तस्करी के एक बड़े गिरोह से भी है। फिल्म में एक्शन और रोमांस है, लेकिन इसकी असली ताकत दर्द, रिश्तों और संगीत में है। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी पुराने आवारापन के फ्लैशबैक से शुरू होती है और फिर शिवम पंडित (इमरान हाशमी) की जिंदगी में लौटती है। शिवम एक अनाथालय चलाता है, जहां आलिया नाम की एक बच्ची रहती है। गोद लेने के बहाने कुछ लोग आलिया को अपने साथ ले जाते हैं और बाद में पता चलता है कि वह मानव तस्करी के गिरोह के हाथों पहुंच गई है। इसी बीच इंटरपोल का एक अधिकारी शिवम से संपर्क करता है और उसे बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह तक पहुंचने का मिशन देता है। शिवम बैंकॉक पहुंचता है, जहां उसका सामना पूरन गब्बी से होता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात गैंगस्टर की बेटी दिशा (दिशा पाटनी) से होती है, जो आगे चलकर उसका साथ देती है। मिशन के साथ शिवम अपने पुराने दर्द और रिश्तों का भी सामना करता है। कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? इमरान हाशमी पूरी फिल्म को अपने कंधों पर लेकर चलते हैं। शिवम के दर्द, गुस्से और अकेलेपन में वही पुरानी आवारापन वाली इंटेंसिटी दिखाई देती है। उनका बदला हुआ लुक और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन भी किरदार पर खूब जंचता है। शबाना आजमी नफीसा के किरदार में बड़ा सरप्राइज हैं और अपने चेहरे और आवाज से खौफ पैदा करती हैं। दिशा पाटनी की स्क्रीन मौजूदगी अच्छी है, हालांकि उनके भाव कई जगह एक जैसे लगते हैं। पूरन गब्बी ठीक हैं, लेकिन इमरान हाशमी की इंटेंस मौजूदगी के सामने थोड़ा हल्का महसूस होते हैं। किरदार में थोड़ा और खौफ और वजन होता तो असर बढ़ सकता था। वहीं सुविंदर विक्की अपनी मौजूदगी से प्रभावित करते हैं। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? नितिन कक्कड़ ने पुराने आवारापन की भावनात्मक दुनिया को नए एक्शन और अपराध की कहानी के साथ जोड़ने की कोशिश की है। शिवम के दर्द और उसके मिशन के बीच संतुलन अच्छा है। फिल्म का भावनात्मक पक्ष कई जगह असर करता है, हालांकि कुछ दृश्य लंबे लगते हैं और कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती है। थोड़ी और कसावट इसे ज्यादा प्रभावी बना सकती थी। कैसे हैं फिल्म के टेक्निकल पहलु? विष्णु राव की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के डार्क और गंभीर माहौल को अच्छी तरह पकड़ती है। बैंकॉक की लोकेशन, एक्शन और भावनात्मक सीन में विजुअल्स प्रभाव छोड़ते हैं। हालांकि कुछ जगह एक्शन और प्रोडक्शन के स्तर पर और बेहतर काम की गुंजाइश महसूस होती है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का संगीत इसकी बड़ी ताकत है। आवारापन की पुरानी यादों को बनाए रखते हुए नए गानों में भी दर्द, मोहब्बत और नॉस्टेल्जिया का रंग है। ‘वे जुनून’, ‘ये आवारापन’, ‘तेरा मेरा रिश्ता कंटीन्यूज’ और ‘तेरे लिए’ फिल्म के भावनात्मक हिस्से को मजबूत करते हैं। पुराने गानों वाली वही गहराई हर जगह नहीं मिलती, लेकिन संगीत फिल्म के मूड को जरूर पकड़ता है। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? आवारापन 2 कहानी में बहुत नया नहीं देती, लेकिन इमरान हाशमी का दर्द, शबाना आजमी की दमदार मौजूदगी और संगीत इसे देखने लायक बनाते हैं। अगर पहली आवारापन का दर्द और संगीत आज भी याद है, तो यह फिल्म उस एहसास के करीब जरूर ले जाएगी। दर्द वही है, इश्क वही है, बस शिवम की लड़ाई इस बार बड़ी है।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 10:59 am

मूवी रिव्यूः बंटवारा 1947:सनी देओल की दमदार परफॉर्मेंस, भारत-पाक बंटवारे की दर्दनाक, इंसानियत भरी कहानी जो दिल दहला दे

रेटिंग- 4 स्टार्सड्यूरेशन: 2 घंटे 25 मिनटकास्ट- सनी देओल, प्रीति जिंटा, शबाना आजमीडायरेक्टर- राजकुमार संतोषी राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी जब साथ आती है तो उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। घायल, दामिनी और घातक के बाद बटवारा 1947 में यह जोड़ी 1947 के बंटवारे की पृष्ठभूमि में फिर से नजर आती है। इस बार कहानी में गुस्सा और बदला कम और इंसानियत और रिश्तों की बात ज्यादा है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका इमोशनल असर है, खासकर सनी देओल और शबाना आजमी के बीच बनने वाला रिश्ता। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी बंटवारे के समय लाहौर पहुंचे सिकंदर मिर्जा (सनी देओल) और उनके परिवार के आसपास घूमती है। उन्हें एक घर मिलता है जहां पहले से एक बुजुर्ग हिंदू महिला माई (शबाना आजमी) रह रही होती हैं और वह घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। एक तरफ नया देश, बदलते हालात और परिवार की मुश्किलें हैं, दूसरी तरफ माई का अपने घर से गहरा लगाव है। इन हालात में सिकंदर और माई के बीच रिश्ता धीरे-धीरे बदलता है। जो शुरुआत में एक दूसरे के लिए परेशानी होते हैं, वही आगे चलकर एक परिवार जैसा जुड़ाव बना लेते हैं। यही बदलाव फिल्म का सबसे मजबूत और दिल को छूने वाला हिस्सा है। सिकंदर की पत्नी हमीदा (प्रीति जिंटा) और बाकी किरदार भी अपनी सोच और डर के साथ कहानी में आते हैं, लेकिन फिल्म के दूसरे हिस्से में सबके नजरिए में बदलाव दिखता है। कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? सनी देओल इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। सिकंदर के किरदार में उनका गुस्सा और दमदार डायलॉग तो है ही, लेकिन इस बार उनके चेहरे पर डर, दर्द और बेबसी भी साफ दिखती है। शबाना आजमी माई के रोल में बहुत ही सहज और सच्ची लगती हैं। दोनों के बीच की केमिस्ट्री फिल्म की जान बन जाती है। प्रीति जिंटा लंबे समय बाद एक गंभीर रोल में अच्छी लगती हैं और अपना असर छोड़ती हैं। करण देओल भी अपने पिता के सामने कई सीन में ठीक ठाक परफॉर्म करते हैं, कुछ जगह अच्छे लगते हैं और कुछ जगह और बेहतर हो सकते थे। अभिमन्यु सिंह और बाकी सपोर्टिंग कलाकार अपने हिस्से में ठीक काम करते हैं। कैसा है फिल्म का डायरेक्शन? राजकुमार संतोषी अपनी पुरानी स्टाइल से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते। फिल्म में अच्छे डायलॉग, इमोशनल सीन और ड्रामा है, लेकिन इस बार उनका फोकस बदले से ज्यादा भावनाओं और रिश्तों पर है। सिकंदर और माई के रिश्ते को धीरे धीरे दिखाना अच्छा लगता है और इसमें जबरदस्ती का फील नहीं आता। लेकिन कुछ जगह फिल्म की रफ्तार धीमी हो जाती है और कुछ सीन थोड़े लंबे लगते हैं जिन्हें छोटा किया जा सकता था। कैसे हैं फिल्म के टेक्निकल एस्पेक्ट्स? फिल्म का सेटअप अच्छा है। लाहौर की गलियां, घर और भीड़ का माहौल उस समय को दिखाने की कोशिश करता है। कैमरा वर्क ठीक है, कुछ जगह और बेहतर हो सकता था। प्रोडक्शन डिजाइन में मेहनत दिखती है लेकिन 1947 के समय को और ज्यादा बारीकी से दिखाया जा सकता था ताकि फिल्म और असली लगे। कुछ सीन में इमोशन थोड़ा ज्यादा ड्रामेटिक हो जाता है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक कहानी के साथ ठीक चलता है और ज्यादा हावी नहीं होता। बैकग्राउंड म्यूजिक इमोशनल सीन को सपोर्ट करता है खासकर जब कहानी रिश्तों और बिछड़ने की बात करती है। लेकिन कोई भी गाना ऐसा नहीं है जो लंबे समय तक याद रह जाए। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? Batwara 1947 एक इमोशनल फिल्म है जो बंटवारे को नफरत की जगह इंसानियत की नजर से दिखाती है। सिकंदर और माई का रिश्ता इसकी सबसे बड़ी ताकत है।कुल मिलाकर यह एक ऐसी फिल्म है जिसमें अच्छी परफॉर्मेंस और दिल को छूने वाली कहानी है जिसे देखा जा सकता है।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 10:35 am

संजय दत्त के क्लब में बजने वाले गानों पर विवाद:बिना इजाजत बज रहे कॉपीराइट वाले गाने, शिकायत मिलने पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने लगाई रोक

पुणे में एक्टर संजय दत्त के नाइटक्लब Ballr पर कॉपीराइट विवाद खड़ा हो गया है। क्लब में बिना इजाजत कॉपीराइट वाले गाने बजाए जा रहे थे। फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (PPL) इंडिया ने बॉम्बे हाई कोर्ट में शिकायत की कि क्लब में बिना लाइसेंस कॉपीराइट म्यूजिक का इस्तेमाल हो रहा है। कोर्ट ने PPL को अंतरिम राहत देते हुए Ballr को जरूरी लाइसेंस के बिना अपने कलेक्शन की साउंड रिकॉर्डिंग सार्वजनिक रूप से बजाने से रोक दिया। PPL के एक प्रतिनिधि ने 24 जून को Ballr का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने क्लब में PPL के कलेक्शन के कई कॉपीराइट वाले गाने बजते हुए पाए। Ballr के मालिक एक्टर संजय दत्त और हेरंब शेलके हैं। इन गानों में ‘बदतमीज दिल’, ‘मौजा ही मौजा’, ‘दर्द-ए-डिस्को’, ‘ओ साकी साकी’ और ‘दस बहाने’ शामिल हैं। लिस्ट में जस्टिन बीबर और दुआ लिपा के गाने भी क्लब में बजाए जा रहे गानों की लिस्ट में इंटरनेशनल सॉन्ग भी शामिल थे। इनमें जस्टिन बीबर का ‘व्हाट डू यू मीन’ और दुआ लिपा का ‘लेविटेटिंग’ शामिल है। PPL का दावा है कि इन सभी साउंड रिकॉर्डिंग का कॉपीराइट उसी संस्था के पास है। 7 अगस्त के आदेश में बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाइटक्लब के मालिकों को जरूरी नॉन-एक्सक्लूसिव पब्लिक परफॉर्मेंस लाइसेंस के बिना PPL के कलेक्शन की साउंड रिकॉर्डिंग बजाने या इस्तेमाल करने से रोक दिया। पहले लिया था लाइसेंस, एक्सपायर होने के बाद रिन्यू नहीं कराया सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि Ballr ने पहले PPL इंडिया से उसके कलेक्शन का म्यूजिक इस्तेमाल करने के लिए कॉपीराइट लाइसेंस लिया था। PPL इंडिया कॉपीराइट वाली साउंड रिकॉर्डिंग के लाइसेंस का काम देखती है। हालांकि, यह लाइसेंस एक्सपायर हो गया था और इसे रिन्यू नहीं कराया गया। इस बात को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने PPL को अंतरिम राहत दी और Ballr में बिना जरूरी इजाजत कॉपीराइट वाली रिकॉर्डिंग इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया। PPL का कहना है कि मनोरंजन के लिए कॉपीराइट म्यूजिक बजाने वाले कमर्शियल संस्थानों को जरूरी लाइसेंस लेना होगा। संस्था उन जगहों पर भी नजर रख रही है, जहां बिना इजाजत उसकी रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल हो सकता है। PPL के वकील बोले- बिना मंजूरी इस्तेमाल पर कानूनी नतीजे हो सकते हैं आदेश के बाद PPL के वकील हितेन वासन ने कहा कि संस्था उन मामलों की पहचान करना जारी रखेगी, जहां बिना जरूरी मंजूरी कॉपीराइट वाले संगीत का इस्तेमाल किया जा रहा है। वासन ने कहा, “बॉम्बे हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश साफ मैसेज देता है कि कॉपीराइट वाले संगीत का बिना मंजूरी लगातार इस्तेमाल करने पर गंभीर कानूनी नतीजे हो सकते हैं।” यह अंतरिम आदेश है, अंतिम फैसला नहीं कोर्ट का आदेश इस मामले में अंतरिम कदम है। यह विवाद से जुड़े सभी मुद्दों पर अंतिम फैसला नहीं है। फिलहाल, Ballr को जरूरी लाइसेंस लिए बिना PPL के कलेक्शन की रिकॉर्डिंग इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है। PPL की शिकायत के बाद कमर्शियल जगहों पर म्यूजिक लाइसेंस के मुद्दे पर फिर ध्यान गया है। कमर्शियल जगहों को अपने मेहमानों के लिए कॉपीराइट वाले गाने बजाने से पहले जरूरी मंजूरी लेनी होती है।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 8:45 am

गश्मीर महाजनी बोले-गर्लफ्रेंड दूसरी आ जाएगी, एक्टिंग नहीं छोड़ सकता:एरिका फर्नांडिस बोलीं- मैंने हमेशा करियर चुना; '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' घायल जवानों की कहानी

आर्मी हॉस्पिटल की जिंदगी पर आधारित शो ‘108 बेस हॉस्पिटल: उरी’ 15 अगस्त से टीवी और ओटीटी पर प्रसारित होने जा रहा है। 30 एपिसोड का यह फाइनाइट शो हर शनिवार और रविवार को दिखाया जाएगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो के मुख्य कलाकार गश्मीर महाजनी और एरिका फर्नांडिस ने अपने किरदारों, करियर बनाम पर्सनल लाइफ, डेली सोप के खिंचते फॉर्मेट और कश्मीर बॉर्डर पर शूटिंग के अपने अनुभवों पर खुलकर बात की। पढ़िए इस बातचीत के प्रमुख अंश.… सवाल: 15 अगस्त से शुरू हो रहे शो '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' में आप दोनों किस तरह के किरदार निभा रहे हैं?गश्मीर महाजनी: मैं आर्मी डॉक्टर अनिरुद्ध जैसवाल का किरदार निभा रहा हूं। अनिरुद्ध की गर्लफ्रेंड आर्मी में जाना चाहती थी, इसलिए उसने 10 साल पहले उससे रिश्ता तोड़ लिया था। लेकिन 10 साल बाद किस्मत उसे खुद इंडियन आर्मी में ले आती है। जब दोनों आमने-सामने आते हैं, तो उनके बीच का टकराव शुरू होता है। आर्मी डॉक्टर किन परिस्थितियों में दुश्मनों से लड़ते हैं और अपनों को बचाते हैं, यही इस शो में दिखाया गया है। पहली बार आर्मी डॉक्टर का रोल कर रहा हूं, जो मैं हमेशा से करना चाहता था। एरिका फर्नांडिस: मैं नैना निहारिका का रोल प्ले कर रही हूं। अनिरुद्ध ने 10 साल पहले नैना को छोड़ दिया था, लेकिन जब वह वापस आता है तो चीजे बदल जाती हैं। हालांकि, नैना अपने फर्ज और ड्यूटी को सबसे आगे रखती है और बाकी चीजों को पीछे। सवाल: अगर कभी रियल लाइफ में पार्टनर और करियर में से किसी एक को चुनना पड़े, तो किसे चुनेंगे?गश्मीर महाजनी: मुझसे अभी तक ऐसा किसी ने पूछा नहीं है। लेकिन अगर कोई गर्लफ्रेंड ऐसी कंडीशन रख दे, तो मैं करियर ही चुनूंगा। एक्टिंग के अलावा मुझे कुछ आता भी नहीं है। गर्लफ्रेंड तो दूसरी भी आ सकती है, लेकिन एक्टिंग तो एक्टिंग है... उसे कैसे छोड़ सकता हूं! एरिका फर्नांडिस: मैंने तो हमेशा अपने करियर को ही प्राथमिकता दी है। एक बार मुझसे भी ऐसा ही सवाल पूछा गया था और मेरा जवाब यही था कि मैं सिर्फ एक्टिंग ही चुनूंगी। सवाल: आर्मी डॉक्टर का रोल निभाने के लिए किस तरह की ट्रेनिंग और तैयारी करनी पड़ी?एरिका फर्नांडिस: हमने सर्जरी से पहले की तैयारियों का काफी रिहर्सल किया था। ओटी (ऑपरेशन थिएटर) और सर्जरी वाले सीन्स के लिए सेट पर रियल आर्मी डॉक्टर्स मौजूद रहते थे, जो हमें हर स्टेप पर गाइड करते थे। गश्मीर महाजनी: मेडिकल टर्म्स और तैयारियों में एरिका ने मेरी काफी मदद की। बाकी जहां तक आर्मी ऑफिसर की बात है, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज अलग होती है। वे बात करते समय कमर पर हाथ रखकर खड़े नहीं होते, क्योंकि उनकी ट्रेनिंग वैसी होती है। बतौर एक्टर हमें खड़े होने, चलने और बैठने के इन्हीं छोटे-छोटे तौर-तरीकों का ध्यान रखना पड़ा। सवाल: यह सिर्फ 30 एपिसोड का लिमिटेड शो है। क्या टीवी इंडस्ट्री में ऐसे फाइनाइट शोज से बड़ा बदलाव आएगा?एरिका फर्नांडिस: ऐसे शोज बिल्कुल आने चाहिए। आज के दौर में शॉर्ट फॉर्मेट कंटेंट काफी पसंद किया जा रहा है, इसलिए टीवी को भी इस बदलाव की जरूरत है। गश्मीर महाजनी: कई बड़े एक्टर्स टीवी सिर्फ इसलिए नहीं करते क्योंकि वे सालों तक किसी एक प्रोजेक्ट में अटकना नहीं चाहते। 30 एपिसोड के शो की एक शुरुआत और अंत निश्चित होता है। डेली सोप में 50 एपिसोड के बाद कहानी खत्म हो जाती है, फिर सिर्फ स्पॉन्सर और बिजनेस के लिए उसे 200-500 एपिसोड तक खींचा जाता है। उसमें ऑडियंस को सेटिस्फेक्शन नहीं मिलता। लेकिन 30 एपिसोड का शो दर्शक और एक्टर दोनों को संतुष्टि देता है। सवाल: 'उरी' नाम से सुपरहिट फिल्म आ चुकी है। क्या इस शो को लेकर किसी तरह का प्रेशर महसूस हुआ?एरिका फर्नांडिस: आर्मी पर बनी ज्यादातर फिल्में बैटलफील्ड (युद्ध के मैदान) पर केंद्रित होती हैं। लेकिन '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' उन घायल जवानों की कहानी है, जो जंग के बाद अस्पताल आते हैं और डॉक्टर्स कैसे उनकी जान बचाते हैं। यह कॉन्सेप्ट काफी अलग है। गश्मीर महाजनी: हम कोई प्रेशर नहीं लेते। प्रेशर लेकर करेंगे भी क्या! हमने काम कर दिया और हमें उसके पैसे मिल गए। प्रेशर लेना प्रोड्यूसर और चैनल का काम है, हमारा नहीं। सवाल: कश्मीर के संवेदनशील बॉर्डर एरिया में शूटिंग करने का अनुभव कैसा रहा?गश्मीर महाजनी: हम कश्मीर के काफी संवेदनशील बॉर्डर इलाकों में शूट कर रहे थे। वहां देखा कि किन मुश्किल परिस्थितियों में हमारे जवान 18-20 घंटे तैनात रहते हैं। हम तो नकली बंदूकें और नकली गोलियां चला रहे थे, फिर भी हमारे लिए शूट करना मुश्किल हो रहा था। सोचिए, जहां असली गोलियां चलती हैं, वहां जवान कैसे रहते होंगे। यह सब देखकर आर्मी के लिए दिल में इज्जत सौ गुना बढ़ गई। एरिका फर्नांडिस: डॉक्टर्स को भगवान के करीब माना जाता है क्योंकि वे जान बचाते हैं। आर्मी बेस में रहकर और उनकी लाइफस्टाइल को करीब से देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 4:59 am

गटर छाप जनरेशन वाले बयान पर कंगना रनोट की सफाई:मैंने पूरी पीढ़ी को गटर छाप नहीं कहा; वहां शबाना आजमी टाइप लोग पहुंचे थे

अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने 'जेन जी' (Gen Z) युवाओं पर अपने विवादित बयान पर सफाई दी है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में पूरे देश के युवा शामिल नहीं थे। वहां जुटी 10 हजार की भीड़ में आधे युवा थे, जबकि बाकी शबाना आजमी की उम्र के लोग थे। कंगना ने कहा कि उनका इरादा पूरी पीढ़ी को 'गटर छाप' कहने का नहीं था और उन पर युवा-विरोधी होने का झूठा एजेंडा चलाया जा रहा है। जंतर-मंतर पर 2 हजार युवा थे, शबाना आजमी का नाम घसीटाकंगना रनोट ने वीडियो में कहा कि देश में जेन जी की आबादी लगभग 30 से 35 करोड़ है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में केवल 10 हजार के करीब लोग मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल पर हर उम्र के लोग घूम रहे थे और आधे से ज्यादा भीड़ शबाना आजमी की उम्र की थी। कंगना ने चुनौती देते हुए कहा कि कोई उनका ऐसा बयान दिखाए जिसमें उन्होंने पूरी युवा पीढ़ी को निशाना बनाया हो। उन्होंने कहा किया कि वे खुद युवा हैं, राहुल गांधी की तरह 50 साल की युवा नहीं। 'जेनरेशन गटर' कहने पर हुआ था विवादइससे पहले कंगना ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने प्रदर्शन के वीडियो को देखकर उल्टी आने की बात कही थी और वहां मौजूद लोगों की भाषा पर सवाल उठाए थे। कंगना ने ऐसे प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कहा था। उन्होंने बयान दिया था कि इन युवाओं के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ नहीं है और वे पढ़ाई-लिखाई में भी अच्छे नहीं हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनकी जमकर आलोचना हुई थी। अब कहा- खुद को कॉकरोच कहोगे तो गटर ही घर होगाअपने बयान पर मचे बवाल के बाद कंगना ने ANI से बातचीत में तर्क दिया था कि प्रदर्शनकारी खुद को कॉकरोच बता रहे थे। उन्होंने कहा था कि कॉकरोच का घर गटर ही होता है। अगर कोई खुद को कॉकरोच कहेगा तो वह गटर में ही रहेगा। कंगना ने कहा था कि वे खुद को कॉकरोच या गटर में रहने वाला नहीं मानती हैं। उनका कहना था कि वे पूरे देश के युवाओं की नहीं, बल्कि सिर्फ उस खास प्रदर्शन में शामिल लोगों की बात कर रही थीं। प्रदर्शन में शामिल हुए थे शबाना आजमी और प्रकाश राजमामले के बैकग्राउंड की बात करें तो 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान 75 साल की वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी और एक्टर प्रकाश राज प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने पहुंचे थे। दोनों कलाकार संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ ट्रक में सवार नजर आए थे। इसी प्रदर्शन के दौरान भीड़ और भाषा को लेकर कंगना ने विवादित टिप्पणी की थी। ये खबर भी पढ़ें नसीरुद्दीन शाह को लोमड़ी कहने पर कंगना की सफाई:बोलीं- जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में मरे रहते हैं; यह लव स्टोरी खत्म कब होगी? कंगना रनोट ने सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री का यह रवैया नया नहीं है। कंगना के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पर कई लोगों ने ‘घड़ियाली आंसू’ बहाए थे, लेकिन अब झारखंड में बच्चों के साथ कथित ज्यादती पर वही लोग चुप हैं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 4:32 am

अस्थियां डल झील में विसर्जित की गई थीं:शम्मी कपूर को Yahoo का मालिक समझते थे लोग, रणधीर ने पूछा था- अंकल, कंपनी कब खोली

शम्मी कपूर को ‘याहू’ की गूंज, बेफिक्र अंदाज और खुलकर नाचने वाले हीरो के तौर पर पूरी पीढ़ी ने याद किया। लेकिन उनके जीवन के कई किस्से स्टारडम से भी ज्यादा दिलचस्प हैं। एक दौर में उनकी ‘Yahoo’ पहचान इतनी मशहूर हो गई थी कि लोग उन्हें याहू कंपनी का मालिक समझने लगे थे। परिवार में भी कन्फ्यूजन था। रणधीर कपूर ने उनसे पूछ लिया था- “अंकल, आपने कंपनी खोली और बताया भी नहीं?” शम्मी कपूर की 15वीं डेथ एनिवर्सरी पर रजा मुराद और अरुण बख्शी ने उनसे जुड़ी यादें साझा कीं। जिस स्टार की फिल्म देखने के लिए घंटों लाइन लगती थी शम्मी कपूर के स्टारडम को समझने के लिए रजा मुराद की कहानी काफी है। जिस अभिनेता के साथ बाद में उन्होंने स्क्रीन शेयर की, कभी उसी की फिल्म देखने के लिए उन्हें घंटों एडवांस बुकिंग की लाइन में खड़ा होना पड़ता था। रजा मुराद बताते हैं कि शम्मी कपूर उनके पसंदीदा सितारों में थे। ‘जंगली’, ‘जानवर’, ‘ब्लफ मास्टर’, ‘राजकुमार’ और ‘सच्चाई’ जैसी फिल्मों के लिए दर्शकों में जबरदस्त क्रेज रहता था। करंट बुकिंग में टिकट मिलना मुश्किल होता था। इसलिए एडवांस बुकिंग के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती थी। नकल नहीं की, अपना अंदाज बनाया शम्मी कपूर की खासियत सिर्फ उनकी लोकप्रियता नहीं थी। उन्होंने किसी दूसरे अभिनेता की नकल करके अपना स्टाइल नहीं बनाया। उनकी अपनी बॉडी लैंग्वेज, ऊर्जा और आत्मविश्वास था। यही वजह थी कि भीड़ में भी वह तुरंत अलग नजर आते थे। फैन से को-स्टार तक का सफर वक्त बदला और वही रजा मुराद फिल्म ‘प्रेम रोग’ के सेट पर शम्मी कपूर के साथ खड़े थे, जिनकी फिल्में देखने के लिए वह कभी लाइन में लगा करते थे। रजा के लिए यह सपने के सच होने जैसा था। लेकिन शम्मी कपूर ने उन्हें कभी छोटा महसूस नहीं कराया। जूनियर कलाकार होने के बावजूद वह उनसे सहजता और बराबरी के भाव से पेश आते थे। रजा मुराद कहते हैं- सेट पर वह प्रैंक और मजाक करते रहते थे। कई बार किसी से आधी बात कहकर अचानक चुप हो जाते। सामने वाला सोचता रह जाता कि आखिर बात क्या है। फिर कुछ देर बाद शम्मी कपूर हंसते हुए बताते कि वह मजाक कर रहे थे। कैमरे का एंगल तक याद रहता था उनके भीतर का बच्चा उम्र के साथ बड़ा नहीं हुआ था। कैमरे के सामने भी वह सजग रहते थे। उन्हें पता रहता था कि कैमरा किस एंगल से उन्हें देख रहा है और फ्रेम में उनका चेहरा किस तरह नजर आएगा। अच्छा खाना उन्हें पसंद था और दोस्तों को खिलाना भी। घर पर दोस्तों के लिए दावतें करना उनके स्वभाव का हिस्सा था। स्टारडम के बावजूद जिंदगी को भरपूर जीने का यह अंदाज आखिरी दौर तक बना रहा। कश्मीर से था खास रिश्ता शम्मी कपूर और कश्मीर का रिश्ता हिंदी सिनेमा की यादों में खास जगह रखता है। ‘जंगली’, ‘कश्मीर की कली’ और ‘जानवर’ जैसी फिल्मों ने कश्मीर की खूबसूरती देशभर के दर्शकों तक पहुंचाई। ‘ये चांद सा रोशन चेहरा’, ‘कश्मीर की कली हूं मैं’ और ‘मेरे यार शब्बा खैर’ जैसे गीतों में नजर आईं वादियां और शम्मी कपूर का मस्तमौला अंदाज दर्शकों के दिल में बस गया। कश्मीर के पर्यटन में भी योगदान रजा मुराद मानते हैं कि कश्मीर के पर्यटन को लोकप्रिय बनाने में शम्मी कपूर की फिल्मों का बड़ा योगदान था। उनका कहना था कि शम्मी कपूर के नाम पर वहां कोई सड़क, बगीचा या मोहल्ला होना चाहिए। वह चाहते थे कि कश्मीर एयरपोर्ट का नाम भी शम्मी कपूर के नाम पर रखा जाता तो यह उनके योगदान का शानदार सम्मान होता। रजा के लिए शम्मी कपूर का पूरा व्यक्तित्व एक ही बात में समाया था- या तो सबसे अच्छे बनो या सबसे अलग। शम्मी कपूर निश्चित रूप से सबसे अलग थे। गीता बाली से मुलाकात और चार महीने का प्यार शम्मी कपूर की निजी जिंदगी का खूबसूरत अध्याय अभिनेत्री गीता बाली से जुड़ा था। दोनों की मुलाकात फिल्मी माहौल में हुई। ‘रंगीली रातें’ की शूटिंग के दौरान दोनों करीब आए। शम्मी कपूर ने गीता बाली के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन उन्होंने तुरंत हां नहीं की। करीब चार महीने तक दोनों इस बारे में बातचीत करते रहे। फिर एक रात गीता बाली ने कहा कि अगर शादी करनी है तो अभी करनी है। आधी रात मंदिर पहुंचे, पुजारी ने कहा- भगवान सो चुके हैं दोनों अपने दोस्त जॉनी वॉकर और निर्माता हरि वालिया की मदद से बाणगंगा मंदिर पहुंचे। रात काफी हो चुकी थी। पुजारी ने उनसे कहा कि भगवान सो चुके हैं, सुबह करीब चार बजे आइए। दोनों लौटे और सुबह फिर मंदिर पहुंचे। इसके बाद शादी हुई। लिपस्टिक से भरी मांग इस शादी की सादगी भी शम्मी-गीता के रिश्ते जैसी थी। गीता बाली के पास सिंदूर नहीं था। उन्होंने पर्स से लिपस्टिक निकाली और शम्मी कपूर से कहा कि उसी से उनकी मांग भर दें। 1955 में हुई इस शादी से दोनों के दो बच्चे हुए। करीब दस साल बाद गीता बाली की असमय मौत ने इस रिश्ते को हमेशा के लिए तोड़ दिया। गीता के जाने के बाद टूट गए थे शम्मी 1965 में गीता बाली के निधन के बाद शम्मी कपूर की जिंदगी का मुश्किल दौर शुरू हुआ। नीला देवी ने विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह इस सदमे से लंबे समय तक बाहर नहीं निकल पाए। करीब छह महीने तक वह राज कपूर के घर रहे। कृष्णा कपूर ने उनके बच्चों की देखभाल में मदद की। दर्द में शराब और सिगरेट का सहारा नीला देवी के मुताबिक, इस दौर में शम्मी कपूर ने शराब और सिगरेट का सहारा लिया। एक समय वह दिन में करीब 100 सिगरेट तक पीते थे और काफी शराब लेते थे। गीता बाली की याद उनके जीवन से कभी अलग नहीं हुई। 21 दिन गीता की याद में शराब से दूरी नीला देवी ने बताया कि हर साल 1 जनवरी से 21 जनवरी तक शम्मी कपूर शराब को हाथ नहीं लगाते थे। 21 जनवरी गीता बाली की पुण्यतिथि थी। इन 21 दिनों का संयम उनके लिए गीता को याद करने का तरीका था। धीरे-धीरे उन्होंने शराब कम की और बाद में लगभग छोड़ दी। आधी रात फोन और चार घंटे की बातचीत गीता बाली के निधन के बाद शम्मी कपूर की जिंदगी में नीला देवी आईं। इस रिश्ते की शुरुआत भी शम्मी कपूर वाले अंदाज में हुई। एक रात शम्मी कपूर ने नीला देवी को फोन किया। पहले उनकी बहन ने फोन उठाया और आवाज पहचानकर फोन रख दिया। शम्मी कपूर ने कहा कि उन्हें अभी नीला से बात करनी है। इसके बाद करीब चार-पांच घंटे दोनों की बातचीत हुई। एक रात में सुनाई पूरी जिंदगी की कहानी शम्मी कपूर ने नीला देवी को अपने जीवन की कहानी सुनाई- बचपन, परिवार, रिश्ते, गीता बाली, बच्चे और गीता के निधन के बाद की जिंदगी तक। उन्होंने अपनी जिंदगी की अच्छी और बुरी बातें बिना छिपाए बताईं। फिर साफ कहा कि वह उनसे शादी करना चाहते हैं और अगले दिन आकर उन्हें बाणगंगा ले जाएंगे। नीला देवी ने कहा कि शादी परिवार की मौजूदगी में ही होगी। शम्मी कपूर इसके लिए तैयार हो गए। कृष्णा कपूर पहले से नीला देवी को पसंद करती थीं और उन्होंने शम्मी कपूर को उनसे शादी करने की सलाह दी थी। 27 जनवरी 1969 को अचानक हुई शादी 27 जनवरी 1969 को शम्मी कपूर और नीला देवी की शादी हो गई। तैयारी इतनी अचानक हुई कि नीला देवी के कपड़े बाद में मंगवाए गए। शुरुआत में कृष्णा कपूर को लगा कि शम्मी मजाक कर रहे हैं। लेकिन जब उन्होंने साफ कर दिया कि वह सचमुच शादी करने जा रहे हैं, तो परिवार तैयार हुआ। कपूर परिवार में नया रिश्ता शादी के कुछ ही दिन बाद रितु नंदा की बड़ी शादी थी। इसलिए कपूर परिवार में शम्मी और नीला की शादी भी चर्चा में रही। नीला देवी के लिए कपूर परिवार में प्रवेश करना आसान नहीं था। जो लोग कल तक उन्हें दोस्त या दूसरे रिश्ते से जानते थे, अब कोई भाभीजी, कोई मामीजी और कोई चाचीजी कह रहा था। लेकिन सबसे अहम था शम्मी कपूर के बच्चों का उन्हें स्वीकार करना। गीता की अंगूठी ने बढ़ाया अपनापन शादी के तीसरे दिन शम्मी कपूर ने गीता बाली की अंगूठी नीला देवी को दी। उस पर हीरे के साथ ‘S’ लिखा था। नीला देवी ने इसे गीता बाली का प्रसाद मानकर स्वीकार किया। इस घटना से कंचन के मन में भी नीला देवी के लिए अपनापन बढ़ा। रिश्ता दो महीने भी नहीं चलेगा, लोगों ने कहा था शम्मी कपूर और नीला देवी की शादी को लेकर शुरुआत में कई लोगों को भरोसा नहीं था। पत्रकारों और आसपास के लोगों में चर्चा थी कि यह रिश्ता दो महीने भी नहीं टिकेगा। लेकिन शम्मी कपूर और नीला देवी ने यह धारणा गलत साबित कर दी। उनका साथ चार दशक से ज्यादा चला। पर्दे पर मस्त, असल जिंदगी में गुस्सैल नीला देवी बताती हैं कि पर्दे पर हमेशा मस्ती करते नजर आने वाले शम्मी कपूर असल जिंदगी में शर्मीले भी थे। उनका गुस्सा तेज था, हालांकि ज्यादा देर नहीं रहता था। शराब पीने के बाद कभी-कभी उनका गुस्सा बढ़ जाता। अगले दिन पूरी घटना याद नहीं रहती तो वह नीला देवी से पूछते कि पिछली रात क्या हुआ था। सब सुनने के बाद उन्हें अपने व्यवहार पर अफसोस होता और वह माफी मांगते। ‘याहू’ से ऐसा रिश्ता कि लोग मालिक समझ बैठे शम्मी कपूर के नाम के साथ ‘याहू’ इतना गहराई से जुड़ गया था कि एक दौर में लोग सचमुच उन्हें ‘याहू’ कंपनी का मालिक समझने लगे थे। शम्मी कपूर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके भतीजे रणधीर कपूर ने भी उनसे पूछ लिया था कि उन्होंने कभी क्यों नहीं बताया कि ‘याहू’ उनकी कंपनी है। शम्मी ने मजाक में जवाब दिया था कि अगर ‘याहू’ उनकी कंपनी होती तो वह भारत में नहीं बैठे होते, अमेरिका में होते। रणधीर कपूर भी हो गए थे कन्फ्यूज यह किस्सा बताता है कि शम्मी कपूर की ‘याहू’ पहचान कितनी मजबूत हो चुकी थी। उनकी फिल्म ‘जंगली’ का ‘याहू’ गीत और उनका उछलता-कूदता अंदाज इतना लोकप्रिय हुआ कि लोग इस शब्द को उनकी पहचान मानने लगे। याहू के भारत लॉन्च के समय कंपनी के सह-संस्थापक जेरी यांग भारत आए थे। शम्मी कपूर को भी कार्यक्रम में बुलाया गया। वहां उनके पहुंचते ही मशहूर ‘याहू’ गीत बजाया गया। डांस में स्टेप नहीं, बस संगीत का साथ शम्मी कपूर का डांस देखकर लगता था कि वह कोरियोग्राफी नहीं कर रहे, बल्कि संगीत को जी रहे हैं। उनका डांस काफी हद तक एक्सटेम्पोर होता था। तय स्टेप्स को हूबहू दोहराने के बजाय वह संगीत के साथ शरीर को स्वाभाविक रूप से चलने देते थे। उस दौर में हीरो का इस तरह खुलकर नाचना आम नहीं था। शम्मी कपूर ने यह सोच बदल दी। डांस को अभिनय का हिस्सा बनाया उनके लिए डांस सिर्फ गाने के बीच का हिस्सा नहीं था। वह अभिनय का हिस्सा था। उनकी खासियत यह भी थी कि वह किसी दूसरे अभिनेता को फॉलो नहीं करते थे। यही वजह थी कि उनके डांस को देखकर दर्शक तुरंत पहचान जाते थे कि यह शम्मी कपूर का अंदाज है। ‘बंटवारा’ के सेट पर जूनियर से मांगी माफी अरुण बक्शी ने फिल्म ‘बंटवारा’ की शूटिंग का किस्सा सुनाया, जो शम्मी कपूर की विनम्रता दिखाता है। शूटिंग के दौरान डायरेक्टर जेपी दत्ता शम्मी कपूर के साथ अरुण बक्शी का लंबा सीन फिल्मा रहे थे। शम्मी कपूर से लगातार रीटेक हो रहे थे। नए कलाकार को लग रहा था गलती उसकी है अरुण बक्शी उस समय नए कलाकार थे। उन्हें डर था कि उनकी वजह से शम्मी कपूर को परेशानी हो रही होगी। हर रीटेक के बाद वह दूर जाकर अपनी लाइनें दोहराने लगते। आखिरकार शॉट ओके हुआ। इसके बाद शम्मी कपूर खुद उनके पास पहुंचे और कहा- “अरुण, सॉरी यार।” इतने बड़े स्टार की माफी भूल नहीं पाए अरुण इतने बड़े स्टार का एक नए कलाकार से माफी मांगना अरुण बक्शी के लिए याद रहने वाला पल बन गया। यह किस्सा बताता है कि स्टारडम कितना भी बड़ा हो, शम्मी कपूर के लिए सामने वाले कलाकार की इज्जत उससे बड़ी थी। सेट से विमान तक जारी रहती थी महफिल ‘बंटवारा’ की शूटिंग के दौरान शम्मी कपूर, धर्मेंद्र और दूसरे कलाकारों के साथ बैडमिंटन खेलने का आनंद लेते थे। शूटिंग खत्म होने के बाद वापसी की फ्लाइट में भी उनकी मस्ती खत्म नहीं हुई। उस दौर में विमान में शराब की अनुमति थी। कलाकार अपने-अपने ब्रांड लेकर बैठे थे। फ्लाइट में जम गई गानों की महफिल विनोद खन्ना ने गाना शुरू किया और शम्मी कपूर भी साथ गाने लगे। अरुण बक्शी ने भी आलाप लगाया। देखते ही देखते विमान में महफिल जम गई। कुछ विदेशी यात्री भी इस माहौल का आनंद लेने लगे। यह किस्सा बताता है कि शम्मी कपूर के लिए शूटिंग के बाद भी जिंदगी एक उत्सव थी। फिल्म स्टार से इंटरनेट के शुरुआती दीवानों तक शम्मी कपूर की जिंदगी का एक पहलू उन्हें अपने दौर के बाकी सितारों से अलग बनाता है- टेक्नोलॉजी के प्रति उनका जुनून। जब भारत में इंटरनेट नया था और ज्यादातर लोग कंप्यूटर से परिचित भी नहीं थे, तब शम्मी कपूर कंप्यूटर सीख रहे थे। मैकिंटोश से बदली जिंदगी उन्होंने शुरुआती दौर में मैकिंटोश कंप्यूटर लिया। तकनीक को वह सिर्फ इस्तेमाल नहीं करना चाहते थे, बल्कि समझने की कोशिश करते थे। नीला देवी के मुताबिक, कंप्यूटर ने उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव किया। इसी दौर में उन्होंने सिगरेट भी छोड़ दी। एक तरफ वह पुरानी पीढ़ी के लोकप्रिय फिल्म स्टार थे, दूसरी तरफ नई डिजिटल दुनिया को अपनाने वाले शुरुआती लोगों में शामिल थे। बीमारी ने शरीर कमजोर किया, हौसला नहीं साल 2003 में शम्मी कपूर के फेफड़ों की हालत गंभीर हो गई। नीला देवी के मुताबिक, वह करीब एक महीने तक ब्रीच कैंडी अस्पताल में वेंटिलेटर पर रहे। इलाज के दौरान स्टेरॉयड और एंटीबायोटिक्स के असर से उनकी किडनी भी प्रभावित हुई और डायलिसिस शुरू हुआ। डायलिसिस के बावजूद घूमना नहीं छोड़ा रजा मुराद ने बताया कि दोनों किडनियों की समस्या के बावजूद शम्मी कपूर के चेहरे से मुस्कान गायब नहीं हुई थी। उनका रवैया था- इलाज करवाना है तो करवाना है और जिंदगी जीनी है तो जीनी है। डायलिसिस के बावजूद उन्होंने दुनिया घूमना नहीं छोड़ा। नीला देवी के साथ उन्होंने स्विट्जरलैंड, लंदन और न्यूयॉर्क तक यात्राएं कीं। अस्पताल के अलावा जिंदगी भी जरूरी थी बाद में जब डायलिसिस सप्ताह में तीन बार होने लगा तो कमजोरी बढ़ गई और यात्राएं मुश्किल हो गईं। लेकिन अस्पताल के अलावा बाकी दिनों में बाहर खाना उनके जीवन का हिस्सा बना रहा। कई वर्षों तक वह नीला देवी को सुबह तैयार होने के बाद किसी अच्छे होटल या रेस्टोरेंट में खाना खिलाने ले जाते थे। ड्राइविंग थी आजादी का अहसास शम्मी कपूर को ड्राइविंग का जबरदस्त शौक था। एक दिन उन्होंने नीला देवी से कहा कि वह सिर्फ कॉफी पीने जा रहे हैं और जल्दी लौट आएंगे। लेकिन वह काफी देर तक नहीं लौटे। फोन करने पर पता चला कि वह खुद गाड़ी चलाकर खंडाला पहुंच गए हैं। ‘ड्राइव नहीं कर सकता तो जीने का क्या फायदा’ उनके लिए ड्राइविंग सिर्फ शौक नहीं, बल्कि आजादी का अहसास थी। जब बीमारी के कारण वह खुद गाड़ी चलाने की स्थिति में नहीं रहे तो उन्होंने नीला देवी से कहा- “जब मैं ड्राइव नहीं कर सकता तो जीने का क्या फायदा?” नीला देवी ने उन्हें समझाया। यह वाक्य उनके जीवन के उस पहलू को सामने लाता है, जिसमें स्वतंत्रता और सक्रिय रहना उनके लिए जरूरी था। व्हीलचेयर आई, लेकिन जिंदगी नहीं रुकी व्हीलचेयर पर आने के बाद भी उन्होंने खुद को घर में कैद नहीं किया। लोगों से मिलते, बाहर जाते और अस्पताल में दूसरे मरीजों से मिलने की कोशिश करते। बीमारी उनके शरीर को रोक रही थी, लेकिन जिंदगी जीने की उनकी इच्छा को नहीं। बीमारी के बीच आध्यात्मिक बदलाव शम्मी कपूर शुरू में गुरु और आध्यात्मिकता को लेकर बहुत गंभीर नहीं थे। नीला देवी की मां ने उन्हें महावतार बाबाजी की तस्वीर दी थी और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने को कहा था। वह इसे सम्मान के तौर पर करते थे। करीब दो साल बाद उनकी मुलाकात गुरुजी से हुई। नीला देवी के मुताबिक, इस मुलाकात के बाद उनके जीवन में आध्यात्मिक बदलाव आया। भजन में हारमोनियम बजाते थे शम्मी परिवार गुरुजी के साथ बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, द्वारका और सोमनाथ जैसी यात्राओं पर गया। भजन-कीर्तन में शम्मी कपूर हारमोनियम बजाकर गाते थे। गुरुजी ने उन्हें फिल्मों या शराब से दूर रहने का आदेश नहीं दिया। नीला देवी के अनुसार, उन्होंने सिर्फ प्यार और आध्यात्मिक मार्ग दिखाया। यही बात शम्मी कपूर को सबसे ज्यादा प्रभावित कर गई। हीरो से कैरेक्टर एक्टर बनने में नहीं झिझके उम्र बढ़ने के साथ जब शम्मी कपूर को चरित्र भूमिकाएं मिलने लगीं तो कुछ लोगों ने कहा कि इतने बड़े स्टार को ऐसे रोल नहीं करने चाहिए। शम्मी कपूर ने नीला देवी से सलाह ली। उनका जवाब था- “आप अभिनेता हैं, अभिनेता कोई भी किरदार कर सकता है।” शम्मी कपूर को यह बात पसंद आई। स्टारडम से बड़ा था अभिनय उन्होंने चरित्र भूमिकाएं स्वीकार करना जारी रखा। उनका मानना था कि घर बैठकर सिर्फ शराब पीना और खाना उनकी जिंदगी नहीं हो सकती। अगर काम मिल रहा है तो काम करना चाहिए। यही वजह थी कि उम्र और बीमारी के बावजूद उन्होंने खुद को काम से अलग नहीं किया। अस्पताल जाते हुए भी गाना नहीं छोड़ा नीला देवी के मुताबिक, एक बार क्रिसमस के दौरान पुणे में शम्मी कपूर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और अगले दिन एंबुलेंस से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने और ICU की ओर जाते समय भी वह गाना गाने लगे। बीमारी शरीर तक पहुंची, कलाकार तक नहीं यह वही शम्मी कपूर थे, जिन्होंने पूरी जिंदगी दर्शकों को हंसाया, नचाया और अपनी ऊर्जा से भर दिया था। बीमारी ने उनके शरीर को कमजोर जरूर किया, लेकिन उनके भीतर के कलाकार को खत्म नहीं कर पाई। उनकी जिंदगी का यही सबसे बड़ा सबक था- हालात कितने भी मुश्किल हों, जिंदगी को जीना नहीं छोड़ना चाहिए। कश्मीर में हुई अंतिम इच्छा पूरी कश्मीर शम्मी कपूर के दिल के करीब था। उनकी इच्छा थी कि निधन के बाद उनकी अस्थियां डल झील में विसर्जित की जाएं। उनकी यह इच्छा पूरी की गई। जिस कलाकार ने ‘जंगली’ से कश्मीर की वादियों में अपना अलग रंग बिखेरा और ‘कश्मीर की कली’ के जरिए घाटी की खूबसूरती को देशभर के दर्शकों की कल्पना का हिस्सा बनाया, उसकी अंतिम विदाई भी उसी कश्मीर की झील से जुड़ी। ____________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. किशोर कुमार ने कार दफनाकर कई दिन शोक मनाया:'आनंद' में उन्हें हीरो लेना चाहते थे ऋषिकेश मुखर्जी, सिर मुंडवाकर बोले थे- अब क्या करोगे हिंदी सिनेमा के सबसे बहुमुखी कलाकारों में किशोर कुमार का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। उन्होंने अभिनय, संगीत, निर्देशन और फिल्म निर्माण किया, लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान उनकी आवाज बनी। चार दशक तक उन्होंने मोहम्मद रफी, मुकेश और मन्ना डे जैसे दिग्गजों के बीच अपनी अलग जगह बनाई।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 4:30 am

छात्र आंदोलन के सवाल टालने पर सोनू निगम की सफाई:कहा- जिस मुद्दे की जानकारी नहीं उस पर नहीं बोलूंगा, लाउडस्पीकर विवाद में अकेला लड़ा था

सिंगर सोनू निगम ने दिल्ली में NEET पेपर लीक विवाद और परीक्षाओं में धांधली को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर बयान देने से बचने की वजह साफ की है। बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में सोनू निगम ने कहा कि जिस समय उनसे ये सवाल पूछा गया तब वे अपने गुरु पंकज उदास को श्रद्धांजलि देने के इवेंट में पहुंचे थे। उन्होंने कहा वहां किसी दूसरे विषय या राजनीति पर बात करना असंवेदनशील होता। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने पिता को वादा किया है कि जिस मुद्दे की उन्हें अधूरी जानकारी हो, उस पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। दरअसल कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर सोनू निगम का एक वीडियो वायरल हो गया था जिसमें वे नीट परीक्षा पर मीडिया के सवालों से बचते नजर आए थे। श्रद्धांजलि देने गए थे, राजनीति पर बोलना अपमान होतासोनू निगम ने कहा कि मुंबई में 3 दशक से ज्यादा समय बिताने के दौरान उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा एक नियम सीखा है। नियम यह है कि जिस कार्यक्रम के लिए प्रेस बुलाई गई हो, बातचीत उसी एजेंडे तक सीमित रहनी चाहिए। सोनू ने कहा कि जब वे अपने गुरु पंकज उदास को श्रद्धांजलि देने आए थे, तब वहां राजनीति पर बोलना उनका अपमान होता। उन्होंने मीडिया से भी इस तरह के कार्यक्रमों में गरिमा बनाए रखने की उम्मीद जताई। पिता से किया वादा, बिना जानकारी नहीं दूंगा बयानसोनू निगम ने बताया कि वे अपने फोन में सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करते हैं और उनकी जिंदगी संगीत और भक्ति के इर्द-गिर्द ही घूमती है। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता से वादा कर चुके हैं कि जिस मामले की पूरी जानकारी नहीं होगी, उस पर कोई बयान नहीं देंगे। सोनू ने याद दिलाया कि वे पहले भी अजान के लाउडस्पीकर विवाद से लेकर सिंगर्स के लिए रॉयल्टी राइट्स जैसे बड़े मुद्दों पर अकेले खड़े होकर लड़ाई लड़ चुके हैं और व्यवस्था में बदलाव लाए हैं। सिस्टम में बदलाव के लिए दूसरों को आगे आने की जरूरतअपने पुराने स्टैंड का जिक्र करते हुए सोनू ने कहा कि अब नए मुद्दों पर दूसरों को आगे आकर लड़ाई लड़नी चाहिए। लोगों को यह देखना चाहिए कि वे अपनी प्रतिबद्धता से समाज में क्या बदलाव ला सकते हैं। सोनू ने चुटकी लेते हुए कहा कि लोगों को सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय असली योद्धा बनना चाहिए। नेक की सर्जरी के दौरान गाना गाया सिंगर सोनू निगम ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो हॉस्पिटल में सर्जरी के दौरान मेडिकल स्टाफ के लिए गाना गाते नजर आ रहे हैं। सोनू निगम ने वीडियो शेयर कर लिखा- “मेरी सर्जरी के दौरान प्यारे डॉक्टर नीलेश सतभाई और उनकी पूरी टीम के लिए अचानक एक छोटा सा परफॉर्मेंस दिया। दर्द में भी गाया… क्योंकि संगीत की खुशी सबसे अलग है!” सोनू निगम ने बताया था- उनकी नसें दब गई थीं सोनू निगम की सर्जरी क्यों हुई है, अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, जून में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सेहत के बारे में जानकारी शेयर की थी। सोनू ने बताया था कि वो नसों से जुड़ी एक दर्दनाक बीमारी से जूझ रहे हैं और इसका इलाज करवा रहे हैं। जून में सोनू ने बताया था कि उनकी नसें दब गई हैं और उन्होंने MRI और CT स्कैन करवाए थे। सोनू ने कहा था कि मेरी कई MRI और CT स्कैन हो चुके हैं। मैं पिछले कई दिनों से दवाइयां ले रहा हूं। उन्होंने अपनी गर्दन के पास लगा एक पैच भी दिखाया था।

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 6:38 pm

सिनेमाघरों में मना था आजादी का 'असली' जश्न, 15 अगस्त को बॉक्स ऑफिस पर आई थी कमाई की सुनामी, अटूट है रिकॉर्ड

15 अगस्त के दिन बॉक्स ऑफिस पर सबसे अधिक कमाई हिंदी सिनेमा की इस शानदार मूवी ने की है।

जागरण 13 Aug 2026 2:27 pm

'मौत के बाद मुझसे मिलने आया सुशांत':बहन बोलीं- मुझे गले लगाया; सुशांत के निधन के बाद धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने हाल ही में बताया कि सुशांत की मौत के बाद उन्होंने अपने भाई की उपस्थिति, उनकी सांस और खुशबू को महसूस किया था। यूट्यूब चैनल ‘सुपरटॉक्स बाय द मूविंगशिप’ के साथ बातचीत में श्वेता ने कहा कि सुशांत के जाने के बाद उन्होंने उन्हें ड्रीम स्टेट और मेडिटेशन में महसूस किया है। उनके मुताबिक, पटना में जब सुशांत की अस्थियां विसर्जन के लिए रखी गई थीं, तब जिस कमरे में वह लेटी थीं, वहां उन्हें भाई के आने का अनुभव हुआ। श्वेता ने बताया, ‘उस दिन वह रात में मेरे से बात करने के लिए आया। उसने जूट का कुछ पहना हुआ था। कुर्ता टाइप की ड्रेस में आकर मुझे गले लगा लिया, मेरे से घंटों बात की। मेरे उससे बहुत सारे सवाल थे- भाई, ऐसा क्यों, बहुत कुछ पूछा। उसने मुझे सब कुछ समझा दिया और मुझे वो अंदर से वो जो खुलना होता है, नॉट्स, ग्रंथि, वो सब खुले और अंत में मुझे उसने गले लगाया, किस किया, तो उसकी जो स्मेल थी, उसकी जो सांस थी, सब कुछ मैंने फील किया।’ श्वेता ने बताया कि सुशांत की मौत की खबर मिलने के समय वह कैलिफोर्निया में थीं। उन्होंने कहा कि खबर सुनते ही उनका शरीर सुन्न हो गया था और बाद में वह जोर-जोर से रोने लगी थीं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण वह भारत नहीं आ सकीं और भाई को आखिरी गुडबाय भी नहीं कह पाईं। धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया सुशांत सिंह राजपूत ने महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक फिल्म ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ में धोनी का किरदार निभाया था। फिल्म ने सुशांत के करियर में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं, श्वेता ने पॉडकास्ट में कहा कि सुशांत की मौत के बाद धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया। उन्होंने बताया कि कंगना रनोट और कुछ अन्य सेलेब्स ने परिवार से संपर्क किया था। सुशांत की मौत 14 जून 2020 को हुई थी सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर उठते सवालों और सुशांत के परिवार द्वारा पटना में दर्ज कराई गई FIR के बाद हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने, दोनों तरह के दावे और आरोप सामने आए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और बिहार सरकार की सिफारिश के बाद अगस्त 2020 में इस मामले की आधिकारिक जांच CBI को सौंप दी गई थी। CBI ने अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा था कि सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने या उनकी मौत में किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश या हत्या का कोई सबूत नहीं मिला। …………. सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... 'मुझे नहीं लगता कि वो सुसाइड था':एक्टर शिशिर शर्मा बोले- सुशांत सिंह राजपूत ऐसे इंसान नहीं थे जो आत्महत्या जैसा कदम उठाएं फिल्म ‘छिछोरे’ में सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम कर चुके एक्टर शिशिर शर्मा ने उनकी मौत को लेकर कहा कि उन्हें लगता है कि सुशांत ने सुसाइड किया है। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शिशिर शर्मा ने बताया कि उनकी और सुशांत की पहचान टीवी के दिनों से थी। जब वह ‘यहां मैं घर घर खेली’ में काम कर रहे थे और सुशांत ‘पवित्र रिश्ता’ में थे, तब दोनों पास में शूटिंग करते थे और लंच ब्रेक में साथ खाना खाते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 1:01 pm

चिरंजीवी को देख इन्फ्लुएंसर पोटी मामा हुए भावुक:पैरों में झुककर रोने लगे; चोट के बावजूद भतीजे वरुण ने चिरंजीवी के पैर छुए

फिल्म कोरियन कनकराजू के एक इवेंट में फिल्म के एक्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पोटी मामा स्टेज पर भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने बताया कि वह कई सालों से अपने आइडल चिरंजीवी से मिलने का सपना देख रहे थे। भावुक होकर वह ऑडियंस में बैठे चिरंजीवी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर गिर पड़े। चिरंजीवी ने उन्हें तुरंत उठाया और गले लगा लिया। इसके बाद उन्होंने पोटी मामा को अपने पास फ्रंट रो में बैठाया और उनके साथ समय बिताया। चिरंजीवी ने उन्हें एक तस्वीर भी गिफ्ट की। बता दें कि 11 अगस्त को हैदराबाद में फिल्म की ग्रैंड ‘मेगा ब्लॉकबस्टर सक्सेस सेलिब्रेशंस’ आयोजित हुई थी। इसमें मेगास्टार चिरंजीवी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। वरुण तेज ने भी चिरंजीवी के पैर छुए इसी इवेंट से फिल्म के लीड एक्टर और चिरंजीवी के भतीजे वरुण तेज का वीडियो भी सामने आया। इसमें वरुण स्टेज पर अपने चाचा के पैर छूते नजर आए। खास बात यह है कि पैर में चोट के बावजूद वह झुककर चिरंजीवी का आशीर्वाद लेने पहुंचे। वीडियो में चिरंजीवी उन्हें संभालते हुए भी नजर आ रहे हैं। वरुण तेज की यह सादगी और परिवार के प्रति सम्मान सोशल मीडिया पर चर्चा में है। बता दें कि वरुण तेज को हाल ही में उनकी अपकमिंग फिल्म 'भारी' के लिए वॉलीबॉल की प्रैक्टिस करते समय घुटने में चोट लग गई थी। जानिए कैसी है फिल्म की कहानी वरुण तेज मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘कोरियन कनकराजू’ एक तेलुगु हॉरर-कॉमेडी है। फिल्म का निर्देशन मेरलपाका गांधी ने किया है। इसमें रितिका नायक और सत्या भी अहम किरदारों में हैं। फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। कहानी पेनुकोंडा के रहने वाले कनकराजू की है। वह गुस्सैल और सीधा-सादा युवक है। उसकी जिंदगी तब बदल जाती है, जब एक रहस्यमयी चीज के जरिए उसके शरीर में एक कोरियाई गैंगस्टर की आत्मा आ जाती है। इसके बाद कनकराजू का व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है। वह कोरियाई भाषा बोलने लगता है और उसके अंदर कुछ अजीब शक्तियां भी आ जाती हैं। …………. यह खबर भी पढ़ें... साउथ एक्टर वरुण तेज बने पिता:पत्नी लावण्या ने बेटे को जन्म दिया, अल्लू अर्जुन-राम चरण ने दी शुभकामनाएं तेलुगु एक्टर वरुण तेज और उनकी पत्नी और एक्ट्रेस लावण्या त्रिपाठी के पहले बच्चे का जन्म पिछले साल 10 सितंबर को हुआ था। कपल ने बच्चे के जन्म की जानकारी इंस्टाग्राम पर दी थी। वरुण तेज ने ब्लैक एंड व्हाइट फोटो पोस्ट की थी, जिसमें वे, लावण्या और उनका नवजात बच्चा नजर आ रहे हैं। फोटो के कैप्शन में लिखा था, “हमारा नन्हा राजकुमार। 10.09.2025।” पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 11:28 am

नसीरुद्दीन शाह को लोमड़ी कहने पर कंगना की सफाई:बोलीं- जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में मरे रहते हैं; यह लव स्टोरी खत्म कब होगी?

कंगना रनोट ने सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री का यह रवैया नया नहीं है। कंगना के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पर कई लोगों ने ‘घड़ियाली आंसू’ बहाए थे, लेकिन अब झारखंड में बच्चों के साथ कथित ज्यादती पर वही लोग चुप हैं। कंगना ने कहा, ‘जब संसद पर अटैक हो रहा था, मेरे कई सांसद दोस्तों की गाड़ियों पर लोग चढ़ गए थे और उनके शीशे तोड़ दिए गए थे। मेरे घर के बाहर भी करीब 2,500 लोग जमा थे। इतनी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी कि रात को हम सो नहीं पाए। उस समय ये लोग घड़ियाली आंसू रो रहे थे, लेकिन अब जब झारखंड में बच्चों पर जुल्म हो रहे हैं, तो क्या वो Gen Z नहीं हैं?’ उन्होंने आगे कहा कि देश और प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वालों को ही Gen Z मानना गलत है। कंगना बोलीं कि वह खुद युवा हैं, कामकाजी महिला हैं और करियर बनाने वाली महिला हैं। इसलिए उन्हें युवा-विरोधी बताना सही नहीं है। कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जंतर-मंतर के मुद्दे पर आंसू बहाने वालों को झारखंड में बच्चों के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। नसीरुद्दीन शाह के वीडियो का जिक्र करते हुए कंगना ने कहा कि उन्होंने वीडियो में ऐसी बातें और धमकियां दी थीं, जिन्हें वह बेहद आपत्तिजनक मानती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के निर्वाचित नेता हैं और लोकतंत्र की गरिमा के तहत उनके पद का सम्मान किया जाना चाहिए। कंगना ने कहा, इतनी गंदी-गंदी, इतनी भद्दी-भद्दी बातें और धमकाना, 'देश से निकल जाओ', 'तुम्हें जला देंगे', 'तुम्हें मार देंगे', यह क्या, कोई आपको लगता है, क्या यह सभ्य बातें हैं? पाकिस्तान प्रेम पर कंगना ने सवाल उठाया कंगना ने कहा, ‘और जब देखो, जो चाहे उनकी फिल्में हों, चाहे उनकी बातें हों, चाहे उनके इंटरव्यूज हों, यह पाकिस्तान की प्रेम कथा कब खत्म होगी? जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में यह मरे रहते हैं। मैं जानना चाहती हूं कि अब बंटवारे को इतने साल बीत चुके हैं, फिर यह प्रेम कहानी खत्म क्यों नहीं हो रही है?’ उन्होंंने आगे कहा, ;जब इतने ज्यादा, चाहे वो पहलगाम अटैक हो, चाहे वो हमने ऑपरेशन सिंदूर किया हो, देश कहीं और जा रहा है, सेनाएं कहीं और जा रही हैं, नागरिकों का कहीं कुछ और संघर्ष हैं पड़ोसी देशों को लेकर, यह बॉलीवुड की लव स्टोरी पाकिस्तान के साथ खत्म कब होगी?' नसीरुद्दीन शाह को लेकर कंगना ने क्या कहा था? दरअसल, नसीरुद्दीन शाह पर पीयूष मिश्रा के बयान पर रिएक्शन देते हुए कंगना रनोट ने मंगलवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था, सच तो यह है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन मुझे इस बात का गर्व है कि मैं जिस घर (देश) की रोटी खाती हूं, उसकी रखवाली करती हूं और उसके लिए लड़ती हूं। नसीर साहब खाते तो इस देश का हैं, लेकिन लड़ते पड़ोसी देश के लिए हैं। आज के समय में इंसानों के लिए कुत्ता कहलाना भी एक तारीफ है, क्योंकि वफादारी और क्यूटनेस अब बहुत दुर्लभ हो गई है। नसीरुद्दीन जैसे लोमड़ी बनने से तो कुत्ता बनना ही बेहतर है। क्या था नसीरुद्दीन शाह का बयान? दरअसल, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर शुरुआत में सेलेब्स की चुप्पी पर बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने द वायर से बात करते हुए कहा था, ‘सेलेब्स तब बोलेंगे, जब उनका जमीर उनसे ऐसा करने को बोलेगा। एक कहावत है कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वो भौंक नहीं सकता। जैसे ही हड्डी उसके मुंह से गिरेगी या दांत टूटेंगे, तब वो भौंकेगा।’ …………. कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... 'गटर जेनरेशन' टिप्पणी मामले में अभिनेत्री कंगना की बढ़ी मुश्किल:आगरा कार्ट में परिवाद दर्ज, 21 अगस्त को होगी अगली सुनवाई जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को लेकर कंगना रनोट की टिप्पणी अब आगरा कोर्ट पहुंच गई है। प्रदर्शनकारियों को ‘गटर जेनरेशन’ बताने और उनकी परवरिश पर सवाल उठाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में आगरा की स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में परिवाद दाखिल किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 9:25 am

बॉक्स ऑफिस पर 'गदर' मचाने को तैयार हैं Sunny Deol, एडवांस बुकिंग में छाई Batwara 1947

अभिनेता सनी देओल की अपकमिंग फिल्म बंटवारा 1947 की एडवांस बुकिंग शानदार तरीके से चल रही है।

जागरण 13 Aug 2026 8:43 am

एडवांस बुकिंग में Awarapan 2 का खुमार, बॉक्स ऑफिस पर करेगी धांसू कमाई; 'बंटवारा 1947' को देगी कड़ी टक्कर

Awarapan 2 Advance Booking Collection: इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 ने एडवांस बुकिंग में धड़ाधड़ नोट छापे हैं। जानिए एडवांस कलेक्शन...

जागरण 13 Aug 2026 8:38 am

दाऊद की पार्टी में गाने पर बोले कुमार सानू:अनु मलिक लेकर गए, अखबार में फोटो छपी तब डर लगा; अबू सलेम के शो में भी गाया

प्लेबैक सिंगर कुमार सानू ने 90 के दशक में अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपने अनुभवों का खुलासा किया है। लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में कुमार सानू ने बताया कि म्यूजिक डायरेक्टर नदीम और अनु मलिक उन्हें दुबई में एक बर्थडे पार्टी में गाने के लिए ले गए थे, जहां अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भी मौजूद था। बाद में जब अखबारों में तस्वीरें छपीं, तब उन्हें मामले की गंभीरता समझ आई। इसके अलावा उन्होंने गैंगस्टर अबू सलेम के शो में भी गाना गाया था। पुलिस की चेतावनी और गिरफ्तारी की धमकी के बावजूद वे अपनी मजबूरी का हवाला देकर गाने गए थे। दुबई में दाऊद के सामने गाया गानाकुमार सानू ने बताया कि म्यूजिक डायरेक्टर नदीम उन्हें दुबई ले गए थे। उन्हें सिर्फ इतना बताया गया था कि किसी की बर्थडे पार्टी में गाना है। वहां दाऊद इब्राहिम अपने परिवार के साथ सामने बैठा था। उस इवेंट में अनु मलिक भी मौजूद थे। सानू ने बताया कि दाऊद ने उनके स्टेज पर गाए जाने वाले पसंदीदा गानों की रिक्वेस्ट की थी। उस वक्त उन्हें अंदाजा नहीं था कि वे किसके शो में आए हैं। जब भारत लौटने के बाद अखबारों में उनकी फोटो छपी, तब उन्हें डर लगा कि उन्होंने क्या कर दिया है। उस मुलाकात के बाद वे कभी दाऊद से नहीं मिले। अबू सलेम के शो पर पुलिस की चेतावनी, फिर भी गाने गएगैंगस्टर अबू सलेम से जुड़ा एक वाकया शेयर करते हुए सानू ने बताया कि उनसे कुछ लोगों ने पैसों की मांग की थी। सानू ने पैसे देने से मना कर दिया और कहा कि अगर कोई काम या शो हो तो वे गाना गा सकते हैं। इसके बाद वे अबू सलेम के एक शो में गाने के लिए दुबई गए। जाने से पहले पुलिस स्टेशन से फोन आया था और वहां न जाने की सलाह दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि अगर वे गए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पर सानू ने कहा कि वे सिंगर हैं और गाना उनकी मजबूरी है, इसलिए पुलिस उन्हें सुरक्षा दे। सुरक्षा न मिलने पर भी वे गए, परफॉर्म किया और सुरक्षित वापस लौट आए। बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड की फंडिंग पर बोले सानू90 के दशक में बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के कनेक्शन पर कुमार सानू ने कहा कि उस दौर में फिल्मों की ज्यादातर फंडिंग अंडरवर्ल्ड से आती थी। जो पैसा लगाता था, वही इंडस्ट्री पर राज करता था। सानू ने कहा कि उन्होंने कभी इन चीजों की ज्यादा गहराई में जाने की कोशिश नहीं की और हमेशा खुद को ऐसे मामलों से दूर रखा। वे सिर्फ अपने काम पर ध्यान देते थे, इसी वजह से वे सुरक्षित रहे और किसी का ध्यान उन पर नहीं गया। सानू ने गाए 20 हजार गाने कुमार सानू ने करियर की शुरुआत में बांग्लादेशी फिल्म 'तीन कन्या' से की थी। वैसे, सानू को हिंदी फिल्मों में लाने का क्रेडिट जगजीत सिंह को जाता है। उन्होंने कुमार सानू को फिल्म 'आंधियां' में गाना गाने का ऑफर दिया था। जगजीत सिंह ने उनकी मुलाकात कल्याणजी आनंद से कराई और उन्हीं के कहने के बाद उन्होंने अपना नाम केदारनाथ भट्टाचार्य से कुमार सानू कर लिया था। सानू ने करीब 20 हजार गाने गाए हैं। उन्होंने 'दिल का आलम...' (फिल्म 'आशिकी', 1990), 'दिल का रिश्ता..' (फिल्म 'दिल का रिश्ता', 2003), 'राजा को रानी से...' (फिल्म 'अकेले हम अकेले तुम', 1995), 'परदेसी परदेसी...' (फिल्म 'राजा हिंदुस्तानी', 1996) जैसे कई बेहतरीन गाने गाए हैं। सानू ने म्यूजिक डायरेक्टर जोड़ी नदीम-श्रवण के लिए करीब 75 फिल्मों में गाने गाए हैं। इसके अलावा उन्होंने अनु मलिक के लिए 60 फिल्मों, जतिन-ललित के लिए 30 फिल्मों और राजेश रोशन के लिए 25 फिल्मों में गाने गाए हैं।

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 4:59 am

कंगना की फिल्म में जूनियर आर्टिस्ट थीं साई पल्लवी:डांस रियलिटी शो से एलिमिनेट किया गया, आज भारत की सबसे बड़ी फिल्म रामायण में सीता बनीं

2017 में भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म रामायण की घोषणा हुई। देशभर के नामी लोग इस प्रोजेक्ट से जुड़े और 2021 में फिल्म की को-प्रोड्यूसर मधु मंटेना ने घोषणा की कि इस फिल्म में भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी स्टार कास्ट होगी। रणबीर कपूर और यश, भगवान राम और रावण के रोल के लिए चुने गए। हर किसी को इंतजार था कि आखिर माता सीता के रोल के लिए किस एक्ट्रेस का चुनाव होगा। आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण जैसे कई नाम की चर्चाएं हुईं। मेकर्स को एक ऐसे चेहरे की तलाश थी, जो सादगी और खूबसूरती से भरपूर हो और उस नाम के साथ कोई स्कैंडल या विवाद न हो। और फिर अगस्त 2023 में इस रोल के लिए साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी के नाम की घोषणा हुई। साई पल्लवी, एक ऐसी एक्ट्रेस, जो कुछ सालों पहले तक एक जूनियर आर्टिस्ट हुआ करती थीं। फिल्म में उन्हें छोटे-मोटे रोल दिए जाते थे, जिनके डायलॉग भी कम ही हुआ करते थे। वहीं फिल्मों में आने से पहले साई पल्लवी एक मेडिकल स्टूडेंट थीं और साउथ के एक डांस रियलिटी शो की कंटेस्टेंट थीं। वो शो की फाइनलिस्ट रहीं, लेकिन जीत नहीं सकीं, लेकिन कुछ सालों बाद इन्हीं साई पल्लवी के गाने राउडी बेबी ने 1 बिलियन व्यूज हासिल कर इतिहास रच दिया। आज सक्सेस स्टोरी के 3 चैप्टर्स में जानिए कभी जूनियर आर्टिस्ट रहीं साई पल्लवी की भारत की टॉप एक्ट्रेस बनने की प्रेरणादायक कहानी- 9 मई 1992 तमिलनाडू के कोयम्बटूर में एक्साइज ऑफिसर के घर साई पल्लवी का जन्म हुआ। उनका परिवार तमिलनाडु के कोटागिरी से ताल्लुक रखता है। शुरुआती पढ़ाई अविला कॉन्वेंट स्कूल से हुई। वो बैडमिंटन की भी बेहतरीन प्लेयर रहीं। लव लेटर लिखने पर घर में हुई पिटाई साई पल्लवी स्कूल के दिनों में बेहद शरारती थीं और स्कूल में पॉपुलर थीं। वह दूसरे बच्चों का जमकर मजाक उड़ाती थीं। देखने में बेहद खूबसूरत साई को कई लड़के अप्रोच करते थे। एक बार 7वीं क्लास में एक लड़के ने उनके बैग में लव लेटर रख दिया था। शाम को जब उनके पिता ने उनका बैग चेक किया तो उसमें लेटर निकला। ये देखकर उन्हें पिता की खूब मार पड़ी थी। साई ने खुद नेटफ्लिक्स के शो माय विलेज में ये किस्सा बताया था। कंगना की फिल्म में बनीं जूनियर आर्टिस्ट उनका फिल्म इंडस्ट्री से दूर-दूर तक कोई ताल्लुक नहीं था, इसके बावजूद घर में टीवी देखते हुए उनका झुकाव डांस और एक्टिंग की तरफ था। उन्होंने टीवी शो देखकर डांस सीखा। पहली बार उनका फिल्मी दुनिया से परिचय 2005 की फिल्म कस्तूरी मान से हुआ। वो फिल्म से हीरो-हीरोइन के पीछे डांस करने वालीं बैकग्राउंड डांसर के तौर पर जुड़ीं, लेकिन फिर फिल्म में उन्हें चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर काम करने का मौका मिला। कुछ लोगों से जान-पहचान की मदद से वो टीनएज में फिल्म धाम धूम (2008) में जूनियर आर्टिस्ट रहीं। वह छठी क्लास में थीं। इस फिल्म से बॉलीवुड में नई-नई आईं कंगना रनोट ने तमिल सिनेमा में डेब्यू किया था। साई पल्लवी को फिल्म में कंगना रनोट के पीछे खड़े हुए देखा जा सकता है। इन फिल्मों में छोटे रोल करने के बाद साई पल्लवी ने पढ़ाई पर फोकस किया, हालांकि स्कूल में उन्होंने कल्चरल इवेंट में हिस्सा लेना जारी रखा। वो लोकल डांस कॉम्पिटिशन में भी हिस्सा लिया करती थीं। डांस स्कूल के कुछ साथियों की मदद से साई पल्लवी ने 2008 में साउथ के तमिल डांस रियलिटी शो उंगलिल यार अदुथा प्रभु देवा (कौन बनेगा अगला प्रभु देवा) में हिस्सा लिया। शो का फाइनलिस्ट बनने पर कंटेस्टेंट को प्रभु देवा से मिलने का मौका दिया जाने वाला था। साई इसके लिए बेहद एक्साइटेड थीं, लेकिन फिनाले से ठीक पहले उनका एलिमिनेशन हो गया। दुर्भाग्य से जिस दिन वो एलिमिनेट हुईं, उस दिन उनका बर्थडे था। साई का मानना था कि अगर बर्थडे के दिन रोए, तो पूरे साल रोना पड़ेगा। एलिमिनेशन की घोषणा के बाद साई भावुक हो गईं, लेकिन आंसू रोककर रखे। घर लौटकर साई ने बर्थडे नहीं मनाया और सीधे बिस्तर पर लेट गईं। मां उनकी उदासी समझ गईं और कहा- ‘बेटा जिंदगी में जो होता है, अच्छे के लिए होता है। तुम अभी रोना चाहो, तो रो लो, आज के बाद कभी रोना नहीं पड़ेगा।’ पहले डांस शो से निकलने के बाद साई ने 2009 में धी अल्टीमेट डांस शो (D4) में हिस्सा लिया और फाइनलिस्ट रहीं। शो के एक एपिसोड में डांट पड़ने से साई पल्लवी मंच पर खड़ीं भावुक हो गईं। कैमरा उन्हें रोते हुए कैप्चर न करें, इसलिए वो पलट गईं और देर तक पीछे मुड़कर रोती रहीं। फ्राइज एंज पोटैटो को दिए इंटरव्यू में साई ने कहा था, ‘एक मास्टर ने मुझे डांटा तो मैं पीछे मुड़कर रोने लगी। शो की एंकर राम्या मुझे धीरे से कह रही थीं कि तुम्हें पलटना होगा। लेकिन मैंने कहा, नहीं, मैं नहीं चाहती कि लोग मुझे रोते हुए देखें। मैं दुखी लड़की की तरह नहीं लगना चाहती थी।’ शो न जीतने के बावजूद उनकी बेहतरीन हाई-एनर्जी डांस परफॉर्मेंस की वीडियो क्लिप अक्सर फेसबुक पर वायरल होती थीं। एक एपिसोड में सामंथा बतौर गेस्ट पहुंचीं और साई की जमकर तारीफ की थी। बेहतरीन कैमरा अपीयरेंस के चलते उन्हें कुछ टीवी एड और शॉर्ट फिल्म ‘काची पिजाई’ में काम मिला। शो के बाद साई पल्लवी की मां ने उन्हें मेडिकल स्टडीज के लिए जॉर्जिया भेजने का मन बना लिया। साई जाना नहीं चाहती थीं, लेकिन मां ने कहा कि उनकी कजिन भी बाहर जाकर पढ़ाई कर रही हैं, उन्हें शादी के लिए अच्छे लड़के मिलेंगे, अगर साई नहीं गईं, तो वो कजिन से पीछे रह जाएंगी। मां की बात मानकर साई ने जॉर्जिया जाने का फैसला किया। डांस रियलिटी शो की बदौलत कई फिल्में ऑफर हुईं, हर रोल ठुकराया साउथ फिल्ममेकर शेखर काम्मुला ने साई के डांस रियलिटी शो की एक क्लिप देखकर उन्हें फिल्म हैप्पी डेज ऑफर की। हालांकि साई ने पढ़ाई के लिए फिल्म ठुकरा दी। कुछ दिनों बाद उन्हें फिल्म मद्रास (2014) में लीड रोल ऑफर हुआ, लेकिन साई ने एकेडमिक्स के लिए ये ऑफर भी ठुकरा दिया। साई पल्लवी ने फ्राइज एंड पटेटो को दिए इंटरव्यू में कहा था, ‘जॉर्जिया जाने से पहले मेरे भाई बहन ने मुझे एक लेटर दिया था। बाद में जब मैंने वो पढ़ा था, तो उसमें लिखा था, अच्छे मार्क के साथ लौटना। लेटर में मार्क का इशारा एग्जाम रिजल्ट नहीं, बल्कि लड़के की ओर था। मैं बालों में तेल लगाकर कॉलेज जाती थी। लड़के मुझे देखते भी नहीं थे। सारे लड़के जॉर्जिया की सुंदर लड़कियों को देखते थे। मुझे बिल्कुल भी अटेंशन नहीं मिलता था।’ मेडिकल स्टडीज के फाइनल ईयर में साई छुट्टियां मनाने भारत आई थीं। इस समय उन्हें फेसबुक के जरिए फिल्मों के ऑफर मिलते थे। एक दिन अल्फोंस नाम के एक शख्स ने उन्हें मैसेज कर फिल्म में काम करने का ऑफर दिया। साई को लगा कोई मजाक कर रहा है, तो उन्होंने मैसेज इग्नोर कर दिया। कुछ दिनों बाद साई के घर में कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स ने कहा कि वो अल्फोंस हैं। फिल्में बनाते हैं और साई को अपनी फिल्म में कास्ट करना चाहते हैं। साई को लगा कि ये किसी स्कैमर का कॉल है। उनकी मां पास ही खड़ी थीं। साई की मां ने जैसे ही उनके हाथ से फोन लिया, साई ने फुसफुसाते हुए कहा- ‘मां ये एक स्कैमर है, बातों पर ध्यान मत देना।’ उनकी बात कॉलर ने सुन ली और मां से कहा, ‘मैं फिल्ममेकर हूं, आप गूगल में मेरे बारे में पता कर सकती हैं। आप चाहें तो मैं अपनी फोटो भेजने के लिए भी तैयार हूं।' कॉल करने वाले शख्स वाकई में साउथ के जाने-माने फिल्ममेकर अल्फोंस थे। गलतफहमी दूर होने के बाद साई ने उनसे बात की। उन्होंने बताया कि 6 साल पहले साई के डांस रियलिटी शो की क्लिप देखने के बाद उनसे संपर्क किया था, लेकिन तब साई ने पढ़ाई का हवाला देकर इनकार कर दिया था। साई ने इस बार ऑफर में दिलचस्पी दिखाई तो अल्फोंस की टीम खासतौर पर साई का ऑडिशन लेने कोयम्बटूर पहुंची। स्क्रीनटेस्ट सफल रहा और इस तरह साई को पहली फिल्म ‘प्रेमम’ मिली। साई की ये पहली फिल्म थी, इसके बावजूद उन्होंने अपनी 3 खास शर्तें रखीं। पहली शर्त- जब तक कॉलेज की छुट्टी है, तब तक ही फिल्म की शूटिंग करूंगी। दूसरी शर्त- छोटे कपड़े नहीं पहनूंगी, जो कपड़े सहज लगे, वही पहनाएं जाएं। तीसरी शर्त- मेकअप नहीं करूंगी। तब करीब 22 साल की साई पल्लवी के चेहरे पर कई मुंहासे थे। कोई भी लड़की इन्हें फिल्म में छिपाना चाहती, लेकिन साई ने मेकअप न करने का फैसला किया। छुट्टियों में ही साई ने पूरी फिल्म शूट की और फिर जॉर्जिया जाकर एग्जाम दिए। साई पल्लवी फिल्म ‘प्रेमम’ का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने के लिए जॉर्जिया से भारत आईं। जैसे ही थिएटर में फिल्म खत्म हुई, पूरा थिएटर तालियों से गूंज उठा। इसे क्रिटिक्स और दर्शकों का खूब प्यार मिला। इस फिल्म के लिए न्यूकमर साई पल्लवी को 1-2 नहीं बल्कि पूरे 6 अवॉर्ड मिले थे। उनके बिना मेकअप काम करने की भी काफी चर्चा रही। पहली फिल्म प्रेमम की बदौलत साई पल्लवी को कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे, लेकिन मां ने कहा कि उन्हें पढ़ाई पूरी करनी होगी। अगले एक साल तक साई जॉर्जिया में ही रहीं। वहां साउथ के कई और स्टूडेंट थे, जिन्होंने प्रेमम देखी थी। ऐसे में जब साई आम कपड़े पहनकर कॉलेज जातीं, तो लोग उनके पहनावे पर सवाल उठाते थे। भारत आकर 2016 में साई ने दुलकर सलमान के साथ मलयाली फिल्म ‘काली’ की। ये फिल्म भी हिट रही और साई पल्लवी को बेस्ट एक्ट्रेस का नॉमिनेशन मिला। मलयाली फिल्मों में स्टारडम हासिल करने के बाद साई ने 2017 में तेलुगु फिल्म ‘फिदा’ की, जो ब्लॉकबस्टर रही। इस फिल्म में साई पल्लवी की परफॉर्मेंस को 100 ग्रेटेस्ट परफॉर्मेंस ऑफ द डीकेड्स में शामिल किया है। आगे उन्होंने ‘मिडिल क्लास अब्बाई’, ‘मारी 2’, ‘एथिरन’, ‘लव स्टोरी’ जैसी बेहतरीन फिल्में करते हुए खुद को साउथ की टॉप एक्ट्रेसेस में शामिल किया। साई पल्लवी बैक-टु-बैक कई फिल्में शूट करती हैं, जिसके लिए उन्हें कई बार नाइट शिफ्ट में काम करना पड़ता है। देर रात काम करने से नींद न आए, इसलिए साई हमेशा अपने पास एक ड्राइंग बुक और क्रेयॉन्स रखती हैं। वो सेट पर फ्री समय में नींद से बचने के लिए ड्राइंग बनाती हैं। किसिंग सीन, तो कभी गहराई न होने पर ठुकराईं कई फिल्में आमिर ने कहा था- साई पल्लवी भारत की बेस्ट एक्ट्रेस साई पल्लवी ने 2026 में आमिर खान प्रोडक्शन की फिल्म ‘एक दिन’ से बॉलीवुड डेब्यू किया है। फिल्म में आमिर के बेटे जुनैद को साई के अपोजिट कास्ट किया गया था। फिल्म के एक प्रमोशनल इवेंट में आमिर खान ने कहा था- अगर मैं आज अपने दिल पर हाथ रखकर कहूं तो मेरे लिए साई इस देश की बेस्ट एक्ट्रेस हैं। रामायण में सीता बनी हैं साई पल्लवी साई पल्लवी, नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म रामायण में माता सीता का किरदार निभा रही हैं। फिल्म में रणबीर कपूर, भगवान राम, केजीएफ स्टार यश, रावण और सनी देओल हनुमान के रोल में हैं। ये माइथोलॉजिकल फिल्म भारत की सबसे बड़ी फिल्म है, जिसे 2,000-4,000 करोड़ से बड़े बजट में बनाया गया है। ये भारत की सबसे बड़े बजट की फिल्म है। फिल्म को दिवाली के मौके पर 6 नवंबर को इसी साल रिलीज किया जाएगा। देखिए रामायण से साई पल्लवी के लुक-

दैनिक भास्कर 13 Aug 2026 4:30 am

'मुझे प्यार, वफादारी जैसी चीजें पसंद हैं':पूर्व पति मोहसिन अख्तर की दूसरी शादी के रिसेप्शन की तस्वीरों के बाद उर्मिला मातोंडकर की क्रिप्टिक पोस्ट

बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर ने सोशल मीडिया पर प्यार और वफादारी को लेकर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की। यह पोस्ट उनके पूर्व पति मोहसिन अख्तर द्वारा हाल ही में अपनी दूसरी शादी के रिसेप्शन की तस्वीरें शेयर करने के बाद सामने आई। हालांकि, उर्मिला ने इसे मोहसिन से जोड़कर कोई बयान नहीं दिया। दरअसल, मोहसिन अख्तर ने मंगलवार को दूसरी पत्नी निधा भट्ट के साथ रिसेप्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। मोहसिन ने पोस्ट के साथ निधा के लिए इमोशनल मैसेज भी लिखा था। उन्होंने उन्हें अपनी पत्नी के साथ-साथ अपना घर, सुकून और हर दिन का पसंदीदा हिस्सा बताया। उन्होंने साथ मिलकर खूबसूरत जिंदगी बनाने की बात भी कही। वहीं, मोहसिन की पोस्ट के बाद उर्मिला ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, ‘मुझे प्यार, वफादारी और समय जैसी कीमती चीजें पसंद हैं।’ जून में दूसरी शादी की जानकारी दी थी मोहसिन ने जून में अपनी दूसरी शादी की जानकारी शेयर की थी। शादी की झलकियां शेयर करते हुए मोहसिन ने एक इमोशनल पोस्ट लिखी थी। उन्होंने कहा था कि सच्चे इरादों, ईमानदार प्यार और धैर्य के साथ उन्हें जीवन में फिर से प्रेम मिला है। उन्होंने अपनी पत्नी निधा भट्ट का आभार जताते हुए लिखा कि उन्होंने उनके जीवन में रोशनी लाई है। मोहसिन ने अपनी पोस्ट में दिवंगत प्रियजनों को भी याद किया और कहा था कि उनकी दुआओं और आशीर्वाद की वजह से उन्हें जीवन में यह नया साथ मिला है। उन्होंने दोनों के लिए दुआ करने की अपील भी की थी। उर्मिला मातोंडकर से हुई थी पहली शादी कश्मीरी बिजनेसमैन और मॉडल मोहसिन अख्तर मीर की पहली मुलाकात उर्मिला से 2014 में फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की भतीजी की शादी में हुई थी। इसके बाद दोनों ने 4 फरवरी 2016 को एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। उस समय उनकी शादी इंटररिलिजियस मैरिज और दोनों के बीच 10 साल के एज डिफरेंस की वजह से खबरों में थी। साल 2024 में दोनों के रिश्ते में तनाव की खबरें सामने आई थीं। सितंबर 2024 में कहा गया था कि उर्मिला ने मुंबई की एक अदालत में तलाक की अर्जी दायर की थी। उर्मिला के करियर की बात करें तो वो कलयुग और मासूम जैसी फिल्मों में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर नजर आईं। उन्होंने 1991 में नरसिम्हा से लीड एक्ट्रेस के तौर पर डेब्यू किया। उन्होंने रंगीला, जुदाई, सत्या, कौन, प्यार तूने क्या किया, भूत और एक हसीना थी जैसी कई फिल्मों में काम किया। बड़े पर्दे पर उर्मिला आखिरी बार साल 2018 में इरफान खान की फिल्म ब्लैकमेल में एक स्पेशल डांस नंबर ('बेवफा ब्यूटी') में नजर आई थीं। वहीं, वह 2022 में 'डांस इंडिया डांस सुपर मॉम्स' में जज के तौर पर नजर आई थीं।

दैनिक भास्कर 12 Aug 2026 3:02 pm

रिया चक्रवर्ती बोलीं- 18 की उम्र में चेहरा सही कराया:तब 3 लाख सैलरी मिलती थी, कमाई से ब्यूटी ट्रीटमेंट कराया

अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। कॉमेडियन तन्मय भट्ट के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में रिया ने बताया कि 17-18 साल की उम्र में एमटीवी वीजे के तौर पर उन्हें 3 लाख रुपए सैलरी मिलती थी। रिया के मुताबिक वे खुद को बहुत अमीर मानती थीं और उन्होंने यह सारा पैसा अपने चेहरे का ब्यूटी ट्रीटमेंट कराने में खर्च कर दिया था। इसके साथ ही रिया ने बताया कि उनके करियर का पहला सेलिब्रिटी इंटरव्यू सलमान खान का था, जिनसे उस वक्त सब डरते थे। चेहरे की सर्जरी पर खर्च की सैलरीरिया ने अपनी सैलरी का जिक्र करते हुए कहा कि 17-18 साल की उम्र में 3 लाख रुपए महीना मिलना उनके लिए बहुत बड़ी बात थी। जब तन्मय ने उनसे पूछा कि उन्होंने इस पैसे का क्या किया, तो रिया ने बेबाकी से जवाब दिया कि उन्होंने यह पैसा अपने चेहरे को ठीक कराने यानी ब्यूटी ट्रीटमेंट पर खर्च किया। तन्मय के पूछने पर कि क्या उन्हें भी ऐसा कराना चाहिए, रिया ने सलाह दी कि हर किसी को यह कराना चाहिए क्योंकि अब टेक्नोलॉजी काफी एडवांस हो गई है। सब सलमान से डरते थे, इसलिए मुझे इंटरव्यू करने दियाबातचीत में रिया ने बताया कि एमटीवी वीजे के रूप में काम करते समय उन्होंने सबसे पहले सलमान खान का इंटरव्यू लिया था। रिया ने कहा कि बाकी टीम मेंबर्स ने उन्हें आसानी से सलमान का इंटरव्यू करने दिया, क्योंकि बाकी लोग सलमान से डरते थे। रिया ने हंसते हुए कहा कि उस दौर में केवल अच्छे दिखने वाले लोगों को ही बोलने की इजाजत होती थी। सुशांत केस में सीबीआई ने दी क्लीन चिटरिया चक्रवर्ती के पर्सनल लाइफ की बात करें तो जून 2020 में एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद वे विवादों में आ गई थीं। इस मामले में रिया को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ड्रग्स से जुड़े केस में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। साल 2025 में सीबीआई ने इस केस में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। सीबीआई ने साफ किया कि सुशांत की हत्या या रिया द्वारा उन्हें खुदकुशी के लिए उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। मुंबई की अदालत ने सीबीआई की इस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था। 'रोडीज' से की वापसी, नए शो में नजर आएंगीविवादों के बाद रिया को इंडस्ट्री में काम मिलना बंद हो गया था। इसके बाद उन्होंने साल 2023 में 'रोडीज: कर्म या कांड' शो में गैंग लीडर बनकर वापसी की। इसके अलावा 2024 में रिया ने अपना क्लॉथिंग ब्रांड 'चैप्टर 2' भी लॉन्च किया। अब रिया जल्द ही करण जौहर के रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स 2' में नजर आने वाली हैं। यह शो 13 अगस्त को प्राइम वीडियो पर रिलीज होगा। इसमें मल्लिका शेरावत, मुनव्वर फारुकी और श्वेता तिवारी समेत 21 सेलिब्रिटीज हिस्सा ले रहे हैं।

दैनिक भास्कर 12 Aug 2026 2:46 pm

नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी

नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।

खास खबर 12 Aug 2026 2:30 pm

'मुझे वहां काम करने की याद नहीं आती':भारत में बैन होने को लेकर पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम बोले- लोग VPN से गाने सुनते हैं

पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम ने भारत में लगे बैन पर बात करते हुए कहा कि लोग वीपीएन के जरिए उनका संगीत सुनते हैं और वो अपने फैंस को मिस करते हैं। यह बात उन्होंने रेडियो प्रेजेंटर क्रिस फेड के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में कही। बातचीत में आतिफ असलम ने कहा, “मुझे भारत में बैन हुए लगभग 10 साल हो गए हैं। यह भारतीय सरकार का फैसला था। उन्होंने पाकिस्तान के कलाकारों को बैन करने का फैसला किया। भारतीय कलाकार भी पाकिस्तान में बैन हैं। पिछले 10 साल से। मैंने वहां कोई गाना रिलीज नहीं किया है।” उन्होंने भारतीय फैंस के लगातार अपने संगीत को सुनने का जिक्र करते हुए कहा कि लोग वीपीएन के जरिए उनका संगीत सुनते हैं और सीडी बनाकर दूसरों को देते हैं। उन्होंने कहा कि वह पाइरेसी को बढ़ावा नहीं देते, लेकिन संगीत जहां पहुंचना होता है, वहां पहुंच जाता है। मेरे पहले सिंगल के साथ भी ऐसा ही हुआ था। आतिफ ने भारतीय फैंस को उदास नहीं होने कहा भारतीय फैंस के लिए आतिफ ने कहा, “हां, इसे लेकर बुरा मत महसूस करो। उदास मत हो। मैं हमेशा से आप लोगों से कहना चाहता था कि मुझे आप लोगों की याद आती है। मुझे वहां काम करने की याद नहीं आती, लेकिन आप लोगों की याद आती है।” आतिफ ने आगे कहा कि मैंने प्लेबैक सिंगिंग से बहुत कुछ सीखा है। अगर यह बैन नहीं हुआ होता, तो शायद मैं अपना खुद का म्यूजिक नहीं बना पाता। इसलिए इसके लिए भी मैं आप लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं। पाकिस्तानी कलाकारों पर क्यों लगा था बैन सितंबर 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। इसी दौरान IMPPA ने अपने निर्माता सदस्यों को भारत-पाकिस्तान के रिश्ते सामान्य होने तक पाकिस्तानी कलाकारों और तकनीशियनों को काम न देने का निर्देश दिया था। फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने भी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तानी एक्टर्स और कलाकारों पर पूरी तरह बैन की घोषणा की थी। इस हमले में 40 CRPF जवानों की जान गई थी। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा। इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी फिल्मों, वेब सीरीज, गानों और पॉडकास्ट पर रोक लगा दी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने IT एक्ट 2021 के तहत OTT और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स से पाकिस्तानी कंटेंट हटाने का आदेश दिया। इसके अलावा कई पाकिस्तानी कलाकारों के सोशल मीडिया अकाउंट्स भी भारत में अस्थायी रूप से ब्लॉक किए गए। इनमें माहिरा खान और हानिया आमिर जैसे कलाकार शामिल थे। भारत में आतिफ असलम के लोकप्रिय गाने आतिफ असलम भारत में म्यूजिक लिसनर्स के बीच लोकप्रिय रहे हैं। उन्हें भारत में पहचान गाने ‘आदत’ से मिली, जो 2005 की फिल्म ‘कलयुग’ में शामिल था। इसके बाद ‘जहर’ के ‘वो लम्हे’ समेत उनके कई गाने फेमस हुए। आतिफ ने कई चर्चित हिंदी फिल्मी गानों को अपनी आवाज दी है। इनमें ‘तेरे बिन’, ‘पहली नजर में’, ‘तेरा होने लगा हूं’, ‘तू जाने ना’, ‘जीने लगा हूं’, ‘बी इंतहां’, ‘जीना जीना’ और ‘तेरे संग यारा’ शामिल हैं। -------------------- आतिफ असलम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... आतिफ असलम को रोकना पड़ा लाइव कॉन्सर्ट:महिला फैन सेल्फी लेने स्टेज पर चढ़ी; जाने से किया मना, सिक्योरिटी को देना पड़ा दखल मई के महीने में आतिफ असलम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वो कराची के डीएचए स्पोर्ट्स क्लब (मोइन खान एकेडमी) में परफॉर्म करने पहुंचे थे। कॉन्सर्ट के दौरान एक फैन उनके साथ सेल्फी लेने के लिए स्टेज पर चढ़ गई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 12 Aug 2026 1:48 pm

सलमान ने ‘जीने के हैं चार दिन’ पर किया डांस:एनर्जेटिक अंदाज और डांस स्टेप्स देख लोगों ने बजाईं सीटियां,देखें वीडियो

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वो अपनी फिल्म मुझसे शादी करोगी के आइकॉनिक गाने ‘जीने के हैं चार दिन’ पर डांस करते नजर आ रहे हैं। उनके आसपास मौजूद लोग उनके एनर्जेटिक परफॉर्मेंस के दौरान चीयर और सीटियां बजाते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, अभी तक वीडियो को लेकर जानकारी सामने नहीं आई है कि यह कहां और कब का है। वीडियो में सलमान नीले रंग की टी-शर्ट के साथ डेनिम जींस पहने नजर आ रहे हैं। उन्होंने ब्राउन जैकेट और फ्रेंच स्टाइल की हैट से अपना लुक पूरा किया है। सोहेल की पार्टी में सलमान पहुंचे थे शनिवार को रियलिटी शो 'अलायंस' के खत्म होने के बाद अभिनेता सोहेल खान ने मुंबई में एक सक्सेस पार्टी रखी। इस पार्टी में सलमान ऑल ब्लैक लुक और सिर पर हैट पहनकर स्वैग वाले अंदाज में पहुंचे थे। पार्टी में एंट्री के दौरान जब बाहर खड़े पैपराजी जोर-जोर से चिल्लाने लगे, तो सलमान ने उंगली उठाकर उन्हें शांत रहने का इशारा किया। सलमान ने पैपराजी से इशारे में कहा कि रात काफी हो चुकी है, इसलिए शोर कम मचाएं। पूरी खबर यहां पढें… सलमान खान ने हाल ही में बताया था कि इंटरनेशनल एक्शन थ्रिलर फिल्म '7 डॉग्स' 21 अगस्त को भारतीय थिएटर्स में लगेगी। इसमें सलमान और संजय दत्त कैमियो रोल में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन बिलाल फल्लाह और आदिल एल अरबी ने किया है। इस फिल्म में मिस्र के स्टार्स करीम अब्दुल-अजीज और अहमद एज मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म इस साल की शुरुआत में मिडिल ईस्ट के देशों में रिलीज हो चुकी है। सलमान ‘बिग बॉस 20’ को होस्ट करते नजर आएंगे वहीं, टीवी पर सलमान खान बिग बॉस 20 के होस्ट के रूप में वापसी करने वाले हैं। शो का प्रीमियर 6 सितंबर, 2026 को कलर्स टीवी पर होगा और यह जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम किया जाएगा। नए सीजन का प्रोमो भी आ चुका है। वहीं, सलमान की फिल्म 'मातृभूमि: मे रेस्ट इन पीस' में दिखाई देंगे। फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन और बदलावों के कारण इसकी रिलीज में देरी हो रही है। पहले इसे 2026 में रिलीज किया जाना था, लेकिन अब यह 2027 तक टल सकती है। …………. सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 12 Aug 2026 12:27 pm

बॉक्स ऑफिस पर तबाही मचाने को तैयार है 'शिवम', एडवांस बुकिंग में धड़ल्ले से बिके Awarapan 2 के टिकट

अभिनेता इमरान हाशमी की अपकमिंग फिल्म आवारापन 2 की एडवांस बुकिंग शानदार तरीके से चल रही है।

जागरण 12 Aug 2026 10:55 am

रोहित शर्मा होस्ट के तौर पर टीवी पर डेब्यू करेंगे:गेम शो का फॉर्मेट, अक्टूबर में आ सकता है; हर एपिसोड में दो परिवार आएंगे

इंटरनेशनल T20 और टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद, क्रिकेटर रोहित शर्मा जल्द ही एक टीवी शो होस्ट करते हुए नजर आएंगे। ‘द रोहित शर्मा शो’ नाम का यह शो सोनी लिव पर भी स्ट्रीम होगा। हाल ही में शो का एक टीजर आया है। सोनी ने अभी तक शो के फॉर्मेट के बारे में ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की है। हालांकि, सोनी के प्रीव्यू पेज पर इसे रियलिटी शो के तौर पर लिस्ट किया गया है। वहीं SportsYaari के मुताबिक यह शो अमेरिका के फेमस शो ‘फैमिली फ्यूड’ का भारतीय रूपांतरण होगा, जिसे स्टीव हार्वे होस्ट करते हैं। शो की शूटिंग सितंबर में शुरू हो सकती है यह क्विज शो नहीं, बल्कि गेम शो होगा, जिसमें दो परिवार हिस्सा लेंगे। इसकी शूटिंग सितंबर में शुरू हो सकती है, जबकि शो अक्टूबर में ऑन एयर हो सकता है। रोहित इस प्रोजेक्ट पर करीब छह महीने काम करेंगे। इस दौरान हर हफ्ते एक एपिसोड प्रसारित किया जाएगा और शो फरवरी 2027 तक चल सकता है। यह शो मशहूर अमेरिकन शो ‘फैमिली फ्यूड’ जैसा होगा, जिसे स्टीव हार्वे होस्ट करते हैं। यह कोई क्विज शो नहीं होगा, बल्कि दो परिवारों वाला एक गेम शो होगा। शूटिंग सितंबर में शुरू होने की उम्मीद है, और शो अक्टूबर में एयर होगा। रोहित इस प्रोजेक्ट पर लगभग छह महीने काम करेंगे। हर हफ्ते एक एपिसोड एयर होगा, और यह शो फरवरी 2027 तक चल सकता है। इससे पहले मई में शो से जुड़ा एक प्रोमो भी सामने आया था, जिसमें रोहित शर्मा अपने समर्थकों के साथ बातचीत करते नजर आते हैं। इस दौरान फैंस उनसे उनका मशहूर संवाद, 'कोई भी गार्डन में नहीं घूमेगा,' दोहराने की मांग करते हैं। फैंस की बार-बार की इस मांग से रोहित थोड़े असहज नजर आते हैं और वहां से चले जाते हैं। शो की यह झलक संकेत देती है कि दर्शकों को मैदान से बाहर रोहित का एक अलग अंदाज देखने को मिलेगा। कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में दिख चुके हैं गौरतलब है कि भले ही रोहित टीवी शो में पहली बार काम करेंगे, लेकिन कैमरे के सामने वो कई सालों से आ रहे हैं। वे एडिडास, जियो, CEAT, थम्स अप, ओरल-बी, बॉर्नविटा, मैक्स लाइफ इंश्योरेंस और भारतपे जैसे बड़े ब्रांड्स के कमर्शियल्स में दिख चुके हैं। इसके अलावा, वो ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में 2 बार नजर आ चुके हैं, जिसमें उन्होंने अपने मजाकिया अंदाज से दर्शकों का मनोरंजन किया और क्रिकेट से जुड़े कई किस्से शेयर किए थे। रोहित शर्मा का क्रिकेट करियरगौरतलब है कि रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों और कप्तानों में शामिल हैं। रोहित ने 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। उन्होंने वनडे में तीन दोहरे शतक लगाए, जिसमें 264 रन की पारी विश्व रिकॉर्ड है। 2019 वनडे वर्ल्ड कप में उन्होंने पांच शतक लगाए। वनडे क्रिकेट में रोहित अब तक 11,895 रन बना चुके हैं। कप्तान के तौर पर उन्होंने भारत को 2024 T20 वर्ल्ड कप जिताया। इसके बाद 29 जून 2024 को T20 इंटरनेशनल से संन्यास लिया था।7 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया। टेस्ट करियर में उन्होंने 67 मैचों में 4,301 रन बनाए। हालांकि, रोहित वनडे क्रिकेट में सक्रिय हैं। 19 जुलाई 2026 को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 110 गेंदों पर 138 रन बनाकर इतिहास रचा और लॉर्ड्स में वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय पुरुष बल्लेबाज बने। ……….. रोहित शर्मा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... रोहित बोले- बाहर शोर नहीं होगा तो मजा कैसे आएगा:रिटायरमेंट की रिपोर्ट्स को किया खारिज; गिल बोले- टीम में ऐसी कोई चर्चा नहीं मेरा काम बल्ले से प्रदर्शन करना और देश का प्रतिनिधित्व करना है। डेब्यू के बाद से मुझे यही सिखाया गया है और मैं यही करता रहूंगा। जब मैंने डेब्यू किया था, तब से बाहर शोर है और जब तक खेलूंगा, तब तक रहेगा। अगर बाहर शोर नहीं होगा तो मजा कैसे आएगा? यह बातें टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने BCCI TV से बातचीत में कहते हुए अपने रिटायर्डमेंट की खबरों को खारिज कर दिया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 12 Aug 2026 9:38 am

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm