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संजय गुप्ता का ओटीटी प्रोजेक्ट रह गया अधूरा:‘स्कैंडल’ में अनिल कपूर, अक्षय खन्ना और नसीरुद्दीन शाह, सीक्वल में आर्यन खान की कहानी की थी तैयारी

बॉलीवुड फिल्ममेकर संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर को निधन हो गया। वे इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट संजय सिंह की किताब 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' पर आधारित महत्वाकांक्षी वेब सीरीज बनाने की तैयारी कर रहे थे। इस प्रोजेक्ट से वे ओटीटी पर डेब्यू करने वाले थे। सीरीज में अक्षय खन्ना, अनिल कपूर, नसीरुद्दीन शाह, दिया मिर्जा, रोनित रॉय और महेश मांजरेकर जैसे कलाकारों के नाम तय किए गए थे। हालांकि, प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कई मुश्किलें आ रही थीं। संजय सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में संजय गुप्ता के साथ पहली मुलाकात, ड्रीम प्रोजेक्ट की तैयारी, फिल्म इंडस्ट्री और ओटीटी पर दबाव और अधूरी रह गई योजनाओं के बारे में बताया। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश... सवाल: संजय गुप्ता से आपकी पहली मुलाकात कैसे हुई? 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' पर वेब सीरीज बनाने की शुरुआत कैसे हुई? जवाब: 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' यानी सीआईयू किताब मैंने लिखी थी। किताब काफी लोकप्रिय हुई थी और इसे साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिला था। हम भी सोच रहे थे कि इस पर ओटीटी सीरीज बननी चाहिए। इसी बीच संजय गुप्ता की नजर किताब पर पड़ गई। वे एक दिन अपने बेटे के साथ साउथ मुंबई के मशहूर बुक स्टोर 'किताबखाना' गए थे। वहां उन्होंने किताब देखी, कुछ पन्ने पढ़े और खरीद ली। घर जाकर पूरी किताब पढ़ी। अगली सुबह उन्होंने अपनी टीम से दोनों लेखकों को ढूंढकर संपर्क करने के लिए कहा। उनकी टीम में पीआर का काम देखने वाले अमित अंशु ने हमसे संपर्क किया। हम उनसे मिलने पहुंचे और महज 24 घंटे के भीतर संजय गुप्ता ने पूरी डील फाइनल कर दी। किताब की कहानी उन्हें बहुत पसंद आई थी। इसमें देश के सबसे अमीर उद्योगपति के घर के बाहर विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी मिलती है। बाद में उस गाड़ी से जुड़े इकलौते शख्स की हत्या हो जाती है। जांच में पता चलता है कि इस मामले के पीछे पुलिस के ही कुछ लोग शामिल थे। संजय गुप्ता ऐसी ही कहानी की तलाश में थे। सवाल: संजय गुप्ता के साथ काम करने का आपका अनुभव कैसा रहा? जवाब: संजय गुप्ता को अंडरवर्ल्ड और अपराध की दुनिया की बहुत गहरी जानकारी थी। वे मुंबई ही नहीं, दुनिया भर में हुए अपराधों और अंडरवर्ल्ड से जुड़ी किताबें पढ़ते थे। क्राइम की इतनी जानकारी रखने वाले फिल्ममेकर बहुत कम मिलेंगे। हम पत्रकारों को अक्सर लगता है कि फिल्म इंडस्ट्री के लोग किसी विषय को सतही तौर पर समझते हैं, लेकिन संजय गुप्ता के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं था। उनसे बातचीत में मुझे भी काफी कुछ सीखने को मिला। वे छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देते थे। पहली मुलाकात में उन्होंने मेरी किताब में ओल्ड मोंक के बारे में लिखा एक पैराग्राफ पढ़ा था। मैं अपनी हर किताब में ओल्ड मोंक के लिए एक पैराग्राफ जरूर लिखता हूं। उन्होंने पहले से ओल्ड मोंक मंगाकर रखी थी। मीटिंग खत्म होने पर बताया कि आपकी किताब में पढ़ा था कि आप इसके बारे में लिखते हैं, इसलिए मंगाकर रखी है। इससे उनकी बारीकियों पर ध्यान देने की आदत का पता चलता है। सवाल: इस वेब सीरीज के लिए संजय गुप्ता की क्या योजना थी? इसकी स्टारकास्ट भी काफी बड़ी थी। जवाब: संजय गुप्ता ओटीटी पर अपना डेब्यू बड़े स्तर पर करना चाहते थे। उन्होंने किताब के आधार पर एक पिच डेक तैयार किया था, जिसमें सीरीज के एपिसोड और कलाकारों की जानकारी थी। इसे देखकर मैं और मेरे सह-लेखक राकेश द्विवेदी हैरान रह गए। सीरीज में मुख्य किरदार अक्षय खन्ना निभाने वाले थे। नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर की भूमिका नसीरुद्दीन शाह और पुलिस कमिश्नर महावीर का किरदार अनिल कपूर निभाने वाले थे। दिया मिर्जा, रोनित रॉय, महेश मांजरेकर और अतुल कुलकर्णी भी इसका हिस्सा बनने वाले थे। संजय गुप्ता चाहते थे कि भारतीय ओटीटी दर्शकों ने इतनी बड़ी स्टारकास्ट पहले किसी सीरीज में न देखी हो। उनका कहना था कि हर एपिसोड को एक फिल्म की तरह शूट किया जाएगा। उन्होंने शुरुआती दो एपिसोड की स्क्रिप्ट भी लिख ली थी और मुझे ईमेल की थी। वे इसे जल्दबाजी में नहीं बनाना चाहते थे। उनका कहना था कि यह उनकी जिंदगी का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट होगा, जिसे पूरा समय लेकर बड़े स्तर पर तैयार किया जाएगा। सवाल: क्या यह सीरीज 'स्कैंडल' नाम की किसी फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनने वाली थी? जवाब: हां, संजय गुप्ता की योजना 'स्कैंडल' नाम से एक फ्रेंचाइजी शुरू करने की थी। इसके तहत अलग-अलग घटनाओं और सच्ची कहानियों पर आधारित सीजन बनाए जाने थे। पहले सीजन के लिए उन्होंने हमारी किताब 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' चुनी थी। ओटीटी प्लेटफॉर्म अक्सर पूछते हैं कि पहला सीजन सफल होने पर अगला सीजन किस कहानी पर बनेगा। इसी सिलसिले में संजय गुप्ता हमसे सीआईयू का दूसरा पार्ट लिखने के लिए कहते थे। सवाल: सीआईयू के दूसरे सीजन के लिए वे किस घटना पर काम करना चाहते थे? जवाब: वे शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े ड्रग्स केस पर दूसरा सीजन बनाना चाहते थे। उस समय आर्यन खान की गिरफ्तारी और उससे जुड़ी घटनाएं काफी चर्चा में थीं। संजय गुप्ता का मानना था कि इस मामले में कई दिलचस्प पहलू हैं। वे चाहते थे कि हम सीआईयू पार्ट-2 लिखें और पहले इसके राइट्स उन्हें दे दें, किताब बाद में लिखें। हमने उस किताब पर लिखना शुरू तक नहीं किया था, इसलिए यह बात हैरान करने वाली थी। वे कहते थे कि इस मामले पर शाहरुख खान से भी बात करेंगे और अपनी पूरी स्क्रीनप्ले उनके साथ साझा करेंगे, ताकि कहानी के दोनों पक्ष सही तरीके से सामने आ सकें। सवाल: क्या संजय गुप्ता ने आपकी दूसरी किताबों के भी राइट्स लिए थे? जवाब: हां, उन्होंने हमारी एक और किताब 'रंगा-बिल्ला' के राइट्स भी लिए थे। यह किताब हाल ही में हार्पर कॉलिंस से 'रंगा-बिल्ला: नेशन एम्बुश' नाम से प्रकाशित हुई है। इसे लिखने में मेरे सह-लेखक राजीव संथानम की अहम भूमिका रही है। वे वरिष्ठ पत्रकार हैं और 1978 में रंगा-बिल्ला की घटना के समय रिपोर्टिंग कर रहे थे। उन्होंने 1974 में अंडरवर्ल्ड डॉन हाजी मस्तान का इंटरव्यू भी किया था। रंगा-बिल्ला मामले में उनकी रिपोर्टिंग बेहद अहम थी। उन्होंने रंगा-बिल्ला की तस्वीर खोजकर प्रकाशित की थी, जिससे उनकी पहचान सामने आई और उन्हें पकड़ने में मदद मिली। संजय गुप्ता का मानना था कि लोगों को रंगा-बिल्ला की घटना तो पता है, लेकिन उसके पीछे की पूरी कहानी और मुंबई के अंडरवर्ल्ड से उसके संबंधों के बारे में बहुत कम जानकारी है। सवाल: क्या आपकी किताब 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी गाड़ी मिलने की घटना से प्रेरित थी? जवाब: कोई पत्रकार और लेखक अपने आसपास हो रही घटनाओं से खुद को अलग नहीं रख सकता। हम पत्रकारिता करते हैं, इसलिए वास्तविक घटनाओं से ही हमारी कहानियों को प्रेरणा मिलती है। हालांकि, किताब में हमने स्पष्ट डिस्क्लेमर दिया था कि इसके किरदार वास्तविक लोगों पर आधारित नहीं हैं। हमने एक बुकमार्क भी रखा था, जिसमें किरदारों और वास्तविक पुलिस अधिकारियों के बीच अंतर बताया गया था। किताब का पुलिस कमिश्नर महावीर तोमर परमबीर सिंह नहीं हैं। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दिलीप वर्मा प्रदीप शर्मा नहीं हैं। नित्या शेट्टी दया नायक नहीं हैं और यतीन साठे सचिन वाजे नहीं हैं। कहानी को वास्तविक घटनाओं से प्रेरणा जरूर मिली थी, लेकिन किरदार काल्पनिक थे। सवाल: 30 अक्टूबर को जब आपको संजय गुप्ता के निधन की खबर मिली तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: सबसे पहले तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ। हमारे एक मित्र फिल्म प्रोडक्शन से जुड़े हैं। उनकी कंपनी का नाम भी ओल्ड मोंक है। उन्होंने सबसे पहले मुझे मैसेज करके यह खबर दी। मैंने उनसे कहा कि एक बार पुष्टि कर लेते हैं। इसके बाद मैंने अपने सह-लेखक राकेश द्विवेदी को फोन किया। उन्होंने भी अलग-अलग जगहों से जानकारी जुटाई। जब खबर की पुष्टि हुई तो बहुत दुख हुआ। यह उनके जाने की उम्र नहीं थी। उनसे बातचीत होती रहती थी और उनकी सेहत को लेकर ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ था कि वे इतनी जल्दी चले जाएंगे। उनके साथ बिताया गया समय हमेशा याद रहेगा। सवाल: क्या इस प्रोजेक्ट पर काम करते हुए संजय गुप्ता को किसी तरह का दबाव महसूस होता था? जवाब: हां, उन्होंने एक से ज्यादा बार इस बारे में बात की थी। हम पत्रकार किताब लिखते हैं तो थोड़े अधीर रहते हैं। उनसे मिलकर पूछते थे कि प्रोजेक्ट कितना आगे बढ़ा, कब शुरू होगा और कब रिलीज होगा। इस पर वे कहते थे कि तुम फिल्म इंडस्ट्री के डायनामिक्स को नहीं समझते। इस प्रोजेक्ट पर बहुत दबाव है। एक बार उन्होंने कहा था कि देश का सबसे अमीर आदमी, ताकतवर पुलिस अधिकारी और प्रभावशाली राजनेता, सभी किसी न किसी तरह इस कहानी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि दबाव सिर्फ उन पर नहीं, बल्कि ओटीटी प्लेटफॉर्म और कलाकारों पर भी है। सवाल: क्या आपको लगता है कि इस दबाव का उनकी सेहत पर भी असर पड़ा होगा? जवाब: किसी व्यक्ति की सेहत पर दबाव का कितना असर पड़ा, इसे मेडिकल तौर पर समझना अलग बात है। लेकिन मानसिक स्तर पर इसका असर जरूर पड़ता है। सोचिए, कोई फिल्ममेकर अपनी जिंदगी का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बना रहा हो। उसने बड़ी स्टारकास्ट की योजना बनाई हो और काफी मेहनत की हो, लेकिन इसके बावजूद प्रोजेक्ट आगे न बढ़ पा रहा हो। ऐसी स्थिति में निराशा, गुस्सा और हताशा होना स्वाभाविक है। संजय गुप्ता के साथ भी ऐसा था। वे अपने मन की बात खुलकर कहते थे। उनसे मिलने पर थोड़ी देर बाद ही इन मुद्दों पर बात करने लगते थे। सवाल: क्या उन्होंने बताया था कि वे इस सीरीज को किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करना चाहते थे? जवाब: उन्होंने खास तौर पर दो प्लेटफॉर्म का जिक्र किया था- सोनी लिव और नेटफ्लिक्स। हालांकि, वे दूसरे प्लेटफॉर्म से भी बातचीत कर रहे थे। वे बड़े बजट की सीरीज बनाना चाहते थे। छोटे बजट में कामचलाऊ तरीके से कोई प्रोजेक्ट नहीं बनाना चाहते थे। उनके एक्शन सीक्वेंस भी बड़े स्तर के होते थे। ओटीटी प्लेटफॉर्म को बजट और दूसरे पहलुओं पर विचार करना पड़ता है, इसलिए प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में समय लग रहा था। सवाल: क्या इस तरह के संवेदनशील विषयों पर ओटीटी प्लेटफॉर्म भी दबाव महसूस करते हैं? जवाब: बिल्कुल। आपको याद होगा कि 'तांडव' वेब सीरीज को लेकर काफी विवाद हुआ था। उसके बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म राजनीतिक विषयों पर आधारित कंटेंट को लेकर सतर्क हो गए थे। जब किसी एक सीरीज को लेकर विवाद होता है तो दूसरे प्लेटफॉर्म भी सतर्क हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि कहीं उनके साथ भी ऐसा न हो जाए। इस तरह के विषयों पर फिल्म बनाने में कई चुनौतियां होती हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म, कलाकार, फिल्म इंडस्ट्री और फिल्ममेकर, सभी पर अलग-अलग तरह का दबाव आता है। संजय गुप्ता जानते थे कि यह विषय संवेदनशील है, इसके बावजूद वे इस पर काम करना चाहते थे। इसके लिए हिम्मत चाहिए। सवाल: संजय गुप्ता के निधन के बाद क्या इस प्रोजेक्ट के भविष्य को लेकर उनकी टीम या परिवार से कोई बातचीत हुई है? जवाब: नहीं, अभी इस बारे में बात करना ठीक नहीं होगा। यह घटना हाल ही में हुई है। किसी परिवार में इस तरह का नुकसान होता है तो उस समय फिल्म, ओटीटी और वेब सीरीज जैसी चीजें मायने नहीं रखतीं। थोड़ा वक्त बीतने के बाद ही इस बारे में सोचा जा सकता है कि आगे क्या करना है। फिलहाल परिवार के दुख को समझना और उनका सम्मान करना ज्यादा जरूरी है। सवाल: संजय गुप्ता की कौन-सी बात आपको सबसे ज्यादा याद रहेगी? जवाब: संजय गुप्ता अपने आप में क्राइम की एक इनसाइक्लोपीडिया थे। उनके पास अपराध और अंडरवर्ल्ड से जुड़ी इतनी कहानियां और जानकारियां थीं कि आप उनके साथ बैठकर घंटों बातें कर सकते थे। एक बार मैंने उनसे नारकोटिक्स पर बात की थी। उन्हें अलग-अलग ड्रग्स और उनके प्रभावों के बारे में भी गहरी जानकारी थी। वे अपने आप में कहानियों और जानकारियों का खजाना थे। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अंडरवर्ल्ड और एक्शन को इतनी गहराई से समझने वाले लोग बहुत कम हैं। उनके साथ काम करने वाले कलाकार बार-बार उनके साथ काम करना चाहते थे। वे लोगों से आसानी से घुल-मिल जाते थे। उनसे मिलकर कभी ऐसा नहीं लगा कि हम किसी फिल्मी दुनिया के बड़े आदमी से बात कर रहे हैं। वे सामान्य तरीके से बातचीत करते थे। सवाल: आपने संजय गुप्ता, संजय दत्त और महेश मांजरेकर से जुड़ा एक पुराना ऑडियो टेप भी सामने लाया था। इस बारे में कुछ बताइए। जवाब: यह करीब 2003-04 की बात है। उस समय संजय दत्त, महेश मांजरेकर, संजय गुप्ता और एक अन्य व्यक्ति के बीच फोन पर हुई बातचीत का एक ऑडियो टेप काफी चर्चा में आया था। उस समय मैं एनडीटीवी में काम करता था। मैंने ही उस ऑडियो टेप को खोजकर सबसे पहले टीवी पर दिखाया था। करीब 20 साल बाद, जब मैं 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' के सिलसिले में संजय गुप्ता से पहली बार मिला, तो मैंने उन्हें खुद बता दिया कि वह ऑडियो टेप मैंने ही सामने लाया था। मुझे लगा था कि शायद उन्हें यह बात बुरी लगेगी। लेकिन संजय गुप्ता ने इसे सामान्य तरीके से लिया। उन्होंने कहा कि उस बातचीत में उनकी कोई खास भूमिका नहीं थी। वहां उन्हें जबरदस्ती फोन पकड़ा दिया गया था और वे सिर्फ हां-हूं करके बातचीत खत्म कर रहे थे। इतना पुराना मामला जानने के बावजूद उन्होंने मेरे साथ अपने रिश्ते पर उसका असर नहीं पड़ने दिया। यह बात मुझे हमेशा याद रहेगी। सवाल: संजय दत्त से भी आपकी मुलाकात हुई थी? जवाब: हां, लेकिन वह मुलाकात संजय गुप्ता के किसी प्रोजेक्ट के सिलसिले में नहीं थी। मैं क्राइम रिपोर्टर रहा हूं। 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद संजय दत्त आर्थर रोड जेल में थे। उस दौरान कोर्ट की कार्यवाही कवर करने के लिए हमें वहां जाना पड़ता था। संजय दत्त भी उस मामले में आरोपी थे, इसलिए उनकी पेशी और कोर्ट से जुड़ी गतिविधियों के दौरान कई बार मुलाकात हुई थी। सवाल: संजय गुप्ता से आपकी आखिरी बातचीत कब हुई थी? जवाब: उनसे मेरी आखिरी बातचीत कुछ महीने पहले हुई थी। उस समय 'राख' नाम की एक वेब सीरीज आई थी, जो अंडरवर्ल्ड से जुड़ी कहानी पर आधारित थी। चूंकि संजय गुप्ता के पास हमारी किताब के राइट्स पहले से थे, इसलिए इस बात पर चर्चा हुई कि आगे क्या किया जाए। उनका मानना था कि 'राख' में दिखाई गई कई बातें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं थीं। वे इस मामले की वास्तविकता को अच्छी तरह जानते थे और हमारी किताब की कहानी पर पूरा भरोसा था। वे चाहते थे कि रंगा-बिल्ला की घटना के पीछे की पूरी कहानी लोगों तक पहुंचे। उन्होंने मुझसे कहा था कि किताब प्रकाशित होने पर उन्हें एक कॉपी जरूर देना। अब किताब प्रकाशित हो चुकी है, लेकिन संजय गुप्ता हमारे बीच नहीं हैं। यह बात हमेशा खलेगी। सवाल: 'क्रिमिनल्स इन यूनिफॉर्म' को लेकर आखिरी बार उनसे कब और क्या बातचीत हुई थी? जवाब: इस प्रोजेक्ट को लेकर बातचीत होती रही थी, लेकिन दबाव की वजह से उन्हें इसे आगे बढ़ाने का रास्ता नहीं मिल पा रहा था। वे इसे बनाने के लिए बहुत उत्साहित थे और काफी मेहनत कर रहे थे। वे बेहद जुनूनी फिल्ममेकर थे। उन्हें कहानी पर पूरा भरोसा था, लेकिन कई बाहरी परिस्थितियां शायद प्रोजेक्ट को आगे बढ़ने नहीं दे रही थीं। यह अफसोस की बात है कि जिस प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने इतनी बड़ी योजना बनाई थी, उसे पूरा होते हुए हम नहीं देख पाए।

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 5:29 am

हिमेश को सलमान से ज्यादा मिली थीं तालियां:आहत हुआ था भाईजान का ईगो; ‘नाक से गाता है’ कहकर उड़ाया था मजाक, सालों बाद सुधरे रिश्ते

कभी उनके गाने चार्टबस्टर होते थे, तो कभी उनकी आवाज का मजाक उड़ता था। किसी ने उन्हें नाक से गाने वाला सिंगर कहा, तो किसी ने एक्टिंग पर सवाल उठाए। फिल्मों में असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। हिमेश रेशमिया ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने की जिद नहीं छोड़ी। सलमान खान की फिल्मों से संगीतकार के तौर पर शुरुआत करने वाले हिमेश ने 'तेरे नाम', 'आशिक बनाया आपने' और 'झलक दिखला जा' जैसे गानों से देशभर में धूम मचाई। इसके बाद वह सिंगर बने, स्टेज शोज में लोकप्रिय हुए और फिल्मों में हीरो भी बने। इस दौरान सलमान खान से अनबन की खबरें आईं, लेकिन बाद में रिश्ते सुधरे और दोनों ने फिर साथ काम किया। आलोचनाओं और उतार-चढ़ाव के बीच उनका संगीत का सफर जारी है। आज की सक्सेस स्टोरी में हिमेश रेशमिया के करियर के कुछ खास पड़ावों और उपलब्धियों पर एक नजर.. 16 साल की उम्र में काम शुरू किया हिमेश रेशमिया रातोंरात स्टार नहीं बने। उनका जन्म 23 जुलाई 1973 को मुंबई में हुआ। उनके पिता विपिन रेशमिया भी संगीतकार थे। घर में संगीत का माहौल था, लेकिन हिमेश ने कम उम्र से ही काम शुरू कर दिया था। रेडिफ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि 16 साल की उम्र में अपना पहला टेलीविजन सीरियल प्रोड्यूस किया था। उनका लक्ष्य शुरू से संगीतकार बनना था। टेलीविजन के लिए काम करते हुए उन्होंने संगीत की बारीकियां सीखीं। सीरियल 'अंदाज' के टाइटल ट्रैक से संगीतकार के तौर पर पहचान बनानी शुरू की। बॉलीवुड में जगह बनाना आसान नहीं था। उस दौर में अनु मलिक, जतिन-ललित और शंकर-एहसान-लॉय जैसे संगीतकारों का दबदबा था। हिमेश छोटे प्रोजेक्ट्स करते रहे और बड़े मौके का इंतजार करते रहे। सलमान खान की फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री, 'तेरे नाम' ने दिलाई पहचान हिमेश के करियर में सलमान खान की अहम भूमिका रही। 1998 में फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' से उन्हें बॉलीवुड में संगीतकार के तौर पर बड़ा मौका मिला। इसके बाद उन्होंने 'बंधन', 'हैलो ब्रदर' और 'दुल्हन हम ले जाएंगे' जैसी फिल्मों में काम किया। असली पहचान 2003 में आई सलमान खान की फिल्म 'तेरे नाम' से मिली। फिल्म के गाने युवाओं के बीच लोकप्रिय हुए। खासकर 'क्यों किसी को', 'तुमसे मिलना' और 'लगन लगी' ने उन्हें इंडस्ट्री के चर्चित संगीतकारों में शामिल कर दिया। इसके बाद उन्होंने 'हमराज', 'ऐतराज', 'मैंने प्यार क्यों किया', 'दिल मांगे मोर', 'आशिक बनाया आपने' और 'शादी से पहले' में संगीत दिया। रेडिफ को 2006 में दिए इंटरव्यू में हिमेश ने बताया था कि छह महीने में उनके 27 गाने चार्टबस्टर हुए थे। वहीं, 2009 के इंटरव्यू में उनके लगातार 36 हिट गानों का जिक्र किया गया था। इससे उनकी लोकप्रियता का अंदाजा मिलता है। संगीतकार ने खुद गायक बनने का फैसला किया संगीतकार के तौर पर सफलता के बाद हिमेश ने अपनी धुनों को आवाज देने का फैसला किया। 2005 में फिल्म 'आशिक बनाया आपने' के टाइटल ट्रैक से गायक के तौर पर पहचान बनाई। रिलीज होते ही यह गाना युवाओं के बीच लोकप्रिय हो गया। इमरान हाशमी और तनुश्री दत्ता पर फिल्माए गए इस गाने ने हिमेश को लोकप्रिय सिंगर बना दिया। इसके बाद 'झलक दिखला जा', 'आशिकी में तेरी', 'तेरा सुरूर', 'जरा झूम झूम', 'शकलाका बूम बूम', 'हुक्का बार', 'तंदूरी नाइट्स' और 'नाम है तेरा' जैसे गानों से उनकी लोकप्रियता और बढ़ी। एक इंटरव्यू में हिमेश ने कहा था कि वह खुद को सबसे पहले संगीतकार मानते हैं। उनके मुताबिक, जब वह अपनी बनाई छह धुनों में से एक गाना खुद गाते हैं, तो इसमें परेशानी की क्या बात है? 'नाक से गाता है' कहकर उड़ाया मजाक, आरडी बर्मन से तुलना भी पड़ी भारी सिंगर बनने के बाद हिमेश को लोकप्रियता के साथ आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। उनकी आवाज पर सबसे ज्यादा टिप्पणियां हुईं। आलोचक कहते थे कि वह नाक से गाते हैं। सोशल मीडिया के दौर से पहले ही उनकी आवाज का खूब मजाक उड़ाया जाता था। 2020 में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में हिमेश ने स्वीकार किया था कि शुरुआती दौर में इस आलोचना से उन्हें गुस्सा आता था। उन्होंने बताया कि 2006 में उन्हें नाक से गाने वाला कहा गया, तब वह काफी प्रभावित हुए थे। उस समय उनके लगभग हर गाने को सफलता मिल रही थी, फिर भी उनकी आवाज पर सवाल उठाए जा रहे थे। आवाज का बचाव करते हुए उन्होंने दिग्गज संगीतकार और गायक आरडी बर्मन का उदाहरण दिया था। इस पर गायिका आशा भोसले ने उनकी टिप्पणी पर नाराजगी जताई थी। बाद में हिमेश ने गलती स्वीकार कर माफी भी मांगी। आलोचनाओं का असर उनके गानों की लोकप्रियता पर नहीं पड़ा। 'आशिक बनाया आपने' के लिए उन्हें 2006 में फिल्मफेयर का बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर अवॉर्ड मिला। वह संगीतकार रहते हुए यह पुरस्कार जीतने वाले पहले व्यक्ति बने थे। सलमान से दोस्ती, फिर नागपुर कॉन्सर्ट में अनबन: हिमेश को मिलीं ज्यादा तालियां तो आहत हुआ सलमान का ईगो हिमेश की सफलता में सलमान खान का अहम योगदान रहा। सलमान ने शुरुआती दौर में हिमेश को मौके दिए और अपनी फिल्मों में संगीत तैयार करने का अवसर दिया। एक वक्त ऐसा भी आया, जब दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। इसकी वजह नागपुर का एक कॉन्सर्ट बताया जाता है। 2009 में मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम में सलमान और हिमेश दोनों ने परफॉर्म किया था। दर्शकों ने सलमान के मुकाबले हिमेश का ज्यादा उत्साह से स्वागत किया। उनके लिए ज्यादा तालियां बजीं और दर्शक अधिक उत्साहित नजर आए। रिपोर्ट में दावा किया गया कि इस घटना से सलमान का ईगो आहत हुआ। इसके बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ीं और बातचीत बंद हो गई। रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान कई मौकों पर हिमेश की नाक से गाने वाली आवाज का मजाक उड़ाते थे। जुलाई 2007 में टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में हिमेश ने नागपुर कॉन्सर्ट को लेकर दोनों के बीच मतभेद की बात स्वीकार की थी। उन्होंने विवाद की असली वजह विस्तार से नहीं बताई। यह भी कहा था कि मामला सुलझ चुका है और दोनों अपने-अपने काम में व्यस्त हैं। 'आशिक बनाया आपने' के बाद हिमेश सिंगर के तौर पर भी स्टार बन चुके थे। वह फिल्मों में अभिनेता के रूप में नई पारी शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान सलमान और हिमेश के रिश्तों को लेकर कई तरह की खबरें सामने आती रहीं। 2007 में रेडिफ को दिए इंटरव्यू में सलमान ने हिमेश से नाराजगी की खबरों को खारिज किया था। वहीं, करण जौहर के शो 'कॉफी विद करण' में हिमेश ने सलमान को अपना मेंटर बताया था और उनके प्रति सम्मान और प्यार जाहिर किया था। 2009 में 'दस का दम' के सेट पर गले मिले दोनों दोनों के रिश्तों में सुधार की खबर सितंबर 2009 में आई। टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान और हिमेश की मुलाकात आरके स्टूडियो में 'दस का दम' के सेट पर हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया और पुराने दोस्तों की तरह मिले। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मुलाकात से दोनों के बीच की दूरियां खत्म होती नजर आईं। 'बॉडीगार्ड' से फिर साथ आए सलमान और हिमेश इसके बाद दोनों ने साथ काम करना शुरू किया। 2011 में रिलीज सलमान खान की फिल्म 'बॉडीगार्ड' का संगीत हिमेश ने तैयार किया। फिल्म का गाना 'तेरी मेरी' खास तौर पर लोकप्रिय हुआ। हिमेश ने एक इंटरव्यू में बताया था कि सलमान ने धुन बेहतर बनाने के लिए रचनात्मक सुझाव भी दिए थे। 2014 में 'किक' और 2015 में 'प्रेम रतन धन पायो' के संगीत से भी हिमेश सलमान के साथ जुड़े। फरवरी 2025 में पिंकविला को दिए इंटरव्यू में उन्होंने सलमान के योगदान को याद किया। बताया कि सलमान ने उन्हें करियर का पहला बड़ा मौका दिया था। उनकी वजह से वह टेलीविजन सीरियल प्रोड्यूस करने से आगे बढ़कर बॉलीवुड में संगीतकार के तौर पर पहचान बना सके। स्टेज शोज में दिखा स्टारडम, विदेशों तक पहुंची लोकप्रियता हिमेश की लोकप्रियता फिल्मों तक सीमित नहीं रही। उनके गाने डांस पार्टियों, क्लबों और लाइव कॉन्सर्ट में खूब बजने लगे। खासकर 'आशिक बनाया आपने' और 'झलक दिखला जा' ने युवाओं के बीच उन्हें खास पहचान दिलाई। 2006 में वह अमेरिका और कनाडा के एक महीने लंबे कॉन्सर्ट टूर पर गए थे। रेडिफ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि भारत और खाड़ी देशों के कई शहरों में पहले भी लाइव परफॉर्म कर चुके थे, लेकिन विदेशों में इतने बड़े स्तर पर परफॉर्म करना उनके लिए नई चुनौती थी। हिमेश ने कहा था कि लाइव ऑडियंस के सामने सिर्फ गाना काफी नहीं होता, अच्छा परफॉर्मर बनना भी जरूरी है। इसलिए उन्होंने स्टेज परफॉर्मेंस को गंभीरता से लिया। संगीतकार और सिंगर के बाद हीरो बनने की कोशिश, 2007 में किया डेब्यू संगीत और गायकी में सफलता के बाद हिमेश ने 2007 में एक और जोखिम लिया। उन्होंने फिल्म 'आपका सुरूर: द रियल लव स्टोरी' से अभिनेता के तौर पर शुरुआत की। फिल्म में उन्होंने अपना काल्पनिक रूप पर्दे पर पेश किया। फिल्म का निर्देशन उनके बचपन के दोस्त प्रशांत चड्ढा ने किया था। इसे बॉक्स ऑफिस पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली। इसके बाद हिमेश को लगा कि दर्शक उन्हें अभिनेता के रूप में स्वीकार कर सकते हैं। उनकी अगली फिल्म 'कर्ज्ज्ज' बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। यह ऋषि कपूर की 1980 में आई सुपरहिट फिल्म 'कर्ज' का रीमेक थी। 'रेडियो', 'कजरारे' और 'दमादम' से भी उन्हें उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली। एक इंटरव्यू में हिमेश ने स्वीकार किया था कि फिल्मों में अभिनय के दौरान वह उतनी मेहनत और समर्पण नहीं दे पाए, जितना संगीत के लिए देते थे। उन्होंने माना कि शुरुआत में एक साथ कई फिल्में कीं और कुछ प्रोजेक्ट्स में पैसे के लिए काम किया। बाद में उन्हें गलती का अहसास हुआ। 'द एक्सपोज' से मिली पहचान, लेकिन एक्टर के तौर पर मजबूत मुकाम नहीं बना पाए अभिनेता के तौर पर हिमेश की चर्चित फिल्मों में 'खिलाड़ी 786', 'द एक्सपोज' और 'तेरा सुरूर' शामिल हैं। 2014 में रिलीज हुई 'द एक्सपोज' में उनके अभिनय की चर्चा हुई और उन्हें पहचान मिली, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। 2012 में आई 'खिलाड़ी 786' में उन्होंने अक्षय कुमार के साथ काम किया था। हिमेश ने फिल्म में अभिनय के साथ संगीत भी दिया। बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन औसत रहा। 'आपका सुरूर' उनके अभिनय करियर की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। बॉलीवुड हंगामा के बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के मुताबिक, यह सेमी-हिट रही। इसके बाद उनकी ज्यादातर सोलो फिल्में सफल नहीं हुईं। 2020 की फिल्म 'हैप्पी हार्डी एंड हीर' में वह पहली बार डबल रोल में नजर आए। उन्होंने हार्डी और हैरी, दोनों किरदार निभाए थे। प्रमोशन के दौरान उन्होंने कहा था कि अभिनय में उन्हें ऐसी बड़ी सफलता की तलाश है, जो दर्शकों के बीच उनकी अलग पहचान बना सके। हिमेश का अभिनय करियर संगीत और गायकी जितना सफल नहीं रहा। उन्होंने अभिनय छोड़ने के बजाय खुद को नए अंदाज में पेश करने की कोशिश जारी रखी। संगीत की दुनिया में वापसी, अब बड़े प्रोजेक्ट्स पर दांव एक दौर में हिमेश का ज्यादा ध्यान अभिनय पर चला गया। 2009 में रेडिफ को दिए इंटरव्यू के मुताबिक, वह तब तक करीब 100 फिल्मों में संगीत दे चुके थे और उनके 500 गाने रिकॉर्ड हो चुके थे। उनके प्रशंसक चाहते थे कि वह दोबारा संगीतकार के तौर पर सक्रिय हों। बाद के वर्षों में उन्होंने संगीत को प्राथमिकता दी। 'प्रेम रतन धन पायो' के संगीत से अपनी धुनों की ताकत दिखाई। फिल्म के गाने 'प्रेम रतन धन पायो', 'जलते दिए' और 'आज उनसे मिलना है' पसंद किए गए। 2025 में रिलीज हुई 'बैडएस रविकुमार' में उन्होंने अभिनय, संगीत और गायकी की जिम्मेदारी संभाली। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन इसके गानों और हिमेश के पुराने अंदाज की चर्चा हुई। 2026 में हिमेश रेशमिया के पास कई बड़े संगीत प्रोजेक्ट हैं। इनमें तीन फिल्में चर्चा में हैं, जिनसे फिल्मी संगीत में उनकी वापसी के संकेत मिल रहे हैं। सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘ये प्रेम मोल लिया’ में आयुष्मान खुराना और शरवरी वाघ मुख्य भूमिकाओं में हैं। हिमेश ने इसका संगीत तैयार किया है। फिल्म 27 नवंबर 2026 को रिलीज होगी। इमरान हाशमी, जेनेलिया देशमुख और अपारशक्ति खुराना अभिनीत ‘गनमास्टर जी9’ का संगीत भी हिमेश ने दिया है। यह फिल्म भी 27 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म ‘1920: कोल्ड विंटर’ के लिए भी हिमेश संगीत तैयार कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट से वह करीब 13 साल बाद विक्रम भट्ट के साथ काम करेंगे। अनिल शर्मा की फिल्म ‘अर्जुन नागा’ का भी संगीत हिमेश दे रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स से साफ है कि हिमेश रेशमिया फिल्मी संगीत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी में हैं। ____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. यामी गौतम एक्टिंग छोड़कर खेती करने वाली थीं:‘उरी’ नहीं चलती तो हिमाचल लौट जातीं; ‘आर्टिकल 370’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला टीवी से करियर शुरू करने वाली यामी गौतम ने 2012 में ‘विक्की डोनर’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। पहली फिल्म हिट रही, लेकिन आगे का सफर आसान नहीं रहा। ‘टोटल सियापा’, ‘एक्शन जैक्सन’, ‘सनम रे’, ‘जुनूनियत’, ‘सरकार 3’ और ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ के बॉक्स ऑफिस पर निराशाजनक प्रदर्शन के बीच उन्होंने एक्टिंग छोड़कर हिमाचल प्रदेश में खेती करने का मन बना लिया था।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 6 Nov 2026 4:30 am

पहले दिन Ramayana की बॉक्स ऑफिस पर जय-जयकार, प्री-दीवाली रिलीज का पुराना रिकॉर्ड तोड़ बनाया नया बेंचमार्क

Ramayana Box Office Collection Day 1: रणबीर कपूर की रामायणम् ने पहले दिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर कितना कारोबार किया है? जानिए यहां...

जागरण 5 Nov 2026 9:14 pm

'रामायण' के सेट पर बेटी रहा संग दिखे रणबीर:एक्शन सीन की शूटिंग के बीच मस्ती करते नजर आए; आलिया बोलीं- मुझे तुम पर गर्व है

रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'रामायण पार्ट-1 ' गुरुवार को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म की ग्रैंड रिलीज के मौके पर अभिनेत्री आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया पर सेट की कुछ अनदेखी झलकियां शेयर की हैं। इन तस्वीरों और में फिल्म में भगवान राम का किरदार निभा रहे रणबीर कपूर एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान अपनी बेटी राहा के साथ समय बिताते और पिता की जिम्मेदारी निभाते नजर आ रहे हैं। ‘तुमने अपना सब कुछ इस फिल्म को दिया’ आलिया भट्ट ने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए अपने पति रणबीर कपूर और फिल्म की पूरी टीम की सराहना की। आलिया ने लिखा कि रणबीर ने इस प्रोजेक्ट में अपना सब कुछ लगा दिया, फिर भी राहा के लिए उनके पास उतना ही प्यार बचा रहा। उन्होंने रणबीर और इस सिनेमाई अनुभव को साकार करने वाले हर व्यक्ति पर गर्व जताया। आलिया ने आगे लिखा कि कुछ कहानियां हम सबसे बड़ी होती हैं और 'रामायण' उन्हीं में से एक है। फिल्म की स्क्रीनिंग में भी पति को सपोर्ट करने पहुंची थीं आलिया फिल्म 'रामायण' का मुंबई में स्पेशल स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। थिएटर्स में फिल्म की रिलीज से पहले आयोजित इस इवेंट में बॉलीवुड के कई सेलेब्स शामिल हुए। इस दौरान आलिया भट्ट अपने पति रणबीर की फिल्म को सपोर्ट करने पहुंचीं थीं। 4,000 करोड़ के बजट में बनी है फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'रामायण' भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे बड़ा और महंगा प्रोजेक्ट है। फिल्म का कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जिसमें इसके दोनों भाग शामिल हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में, साई पल्लवी माता सीता के किरदार में, रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में और केजीएफ फेम यश रावण की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यू-'रामायण पार्ट 1':रणबीर की मर्यादा और यश का रौद्र रूप छाया; VFX में दिखी भव्यता, संगीत और डायलॉग थोड़े फीके, जानिए कैसी है फिल्म एक तरफ अयोध्या के राजकुमार राम, जिनके लिए मर्यादा सबसे बड़ा धर्म है। दूसरी तरफ लंका का राजा रावण, जिसके पास ज्ञान भी है, शक्ति भी और तीनों लोकों पर राज करने का अहंकार भी। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 6:30 pm

सनी देओल पिता धर्मेंद्र के फार्महाउस पर पहुंचे:बेटे करण के साथ खेत में भावुक दिखे; लिखा- पापा आपको मिस कर रहा हूं

बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल अपने बेटे करण देओल के साथ दिवंगत पिता धर्मेंद्र के महाराष्ट्र स्थित 100 एकड़ के फार्महाउस पहुंचे। मुंबई की भागदौड़ से दूर लोनावला की पहाड़ियों में स्थित इस फार्महाउस में पहुंचकर सनी देओल अपने पिता को याद कर भावुक नजर आए। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस दौरे का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे खेतों के बीच खड़े होकर धान की कटाई और सफाई का काम देख रहे हैं। पोस्ट के कैप्शन में सनी ने 'मिसिंग यू पापा' लिखा। बैकग्राउंड में लगाया 'अपने' गाना सनी देओल की ओर से शेयर किए गए वीडियो में वे अपने बेटे करण देओल के साथ फार्महाउस के खेतों में खड़े नजर आ रहे हैं। वहां स्थानीय मजदूर धान की सफाई के काम में जुटे हुए हैं। वीडियो के दौरान सनी अपने बेटे से कहते हैं- ये मेरे पापा का खेत है, तुम्हारे लिए वे बड़े पापा थे, जिस पर करण हां में सिर हिलाते हैं। सनी ने इस वीडियो के बैकग्राउंड में अपनी मशहूर फिल्म 'अपने' का टाइटल ट्रैक लगाया है और रेड हार्ट इमोजी के साथ अपनी भावनाएं जाहिर की हैं। 1985 में खरीदा था फार्महाउस, खेती का था शौक यह फार्महाउस महाराष्ट्र के लोनावला और खंडाला की पहाड़ियों के बीच करीब 100 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसे धर्मेंद्र ने साल 1985 में खरीदा था। धर्मेंद्र इस संपत्ति को अपना सबसे सुकून भरा ठिकाना मानते थे। लकड़ी और पत्थरों से बने इस फार्महाउस में वे अपने हाथों से फल और सब्जियां उगाया करते थे। धर्मेंद्र अक्सर सोशल मीडिया पर यहां ट्रैक्टर चलाते या खेती करते हुए अपने वीडियो प्रशंसकों के साथ साझा करते रहते थे। जुहू का घर छोड़कर फार्महाउस में ही रहने लगे थे धर्मेंद्र करोड़ों की संपत्ति के मालिक होने के बावजूद धर्मेंद्र को मुंबई की चकाचौंध से ज्यादा इस फार्महाउस की सादगी पसंद थी। अपने जीवन के अंतिम वर्षों में वे मुंबई के जुहू स्थित घर को छोड़कर इसी फार्महाउस पर स्थायी रूप से रहने लगे थे। वे वहां प्रकृति के करीब रहकर स्थानीय लोगों के साथ समय बिताते थे। 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था। ये खबर भी पढ़ें ऑटो रोकने के लिए सड़क पर चिल्लाई थीं करीना:सैफ को खून से लथपथ देखकर दौड़ी; तैमूर ने पूछा था- क्या अब्बा मरने वाले हैं करीना कपूर ने बताया कि जनवरी 2025 में जब सैफ अली खान पर चाकू से हमला हुआ था, तब वह उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए रात में सड़क पर दौड़ी थीं।

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 5:11 pm

Ramayana ने कमाई से 'धुरंधर' को चटाई धूल, रणवीर पर भारी पड़ गए रणबीर; चंद घंटों में कमा डाले करोड़ों

Ramayana vs Dhurandhar: रिलीज के चंद घंटों में ही रणबीर कपूर की फिल्म रामायणम् ने बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई कर ली है।

जागरण 5 Nov 2026 3:59 pm

सलमान खान की 'मातृभूमि' का ट्रेलर कल होगा रिलीज:थिएटर में 'रामायण' के साथ किया जा सकता है अटैच, लॉन्च इवेंट भी होगा

सलमान खान की अपकमिंग वॉर ड्रामा फिल्म मातृभूमि (पूर्व में 'बैटल ऑफ गलवान') का ट्रेलर 6 नवंबर यानी कल मुंबई में लॉन्च होगा। ट्रेलर रणबीर कपूर की फिल्म रामायण पार्ट 1 के साथ अटैच भी किया जा सकता है। गौरतलब है कि मातृभूमि की घोषणा जुलाई 2025 में बैटल ऑफ गलवान नाम से की गई थी। बताया गया था कि फिल्म का प्री-प्रोडक्शन 2024 में शुरू हो गया था। मार्च 2026 में मेकर्स ने फिल्म का नाम बदलकर मातृभूमि कर दिया। फिल्म की कहानी 15 जून 2020 को गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई सैन्य झड़प से प्रेरित है। सलमान खान फिल्म में भारतीय सेना के एक अधिकारी का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लखिया ने किया है। इसमें सलमान खान और चित्रांगदा सिंह प्रमुख भूमिकाओं में हैं। दिवंगत एक्टर प्रशांत तमांग भी फिल्म की कास्ट का हिस्सा हैं। सलमान ने गाने 'तेरी सेक्सी ब्यूटी' को आवाज दी फिल्म के गाने तेरी सेक्सी ब्यूटी को सलमान ने अपनी आवाज दी है। यह गाना 4 नवंबर को रिलीज हुआ। इसमें सलमान के साथ चित्रांगदा सिंह भी नजर आ रही हैं। गाने में चित्रांगदा लाल साड़ी पहनकर गिटार बजाती दिखती हैं। इसे साजिद खान ने लिखा और कंपोज किया है। वहीं, मुस्कान ने फीमेल वोकल्स दिए हैं। सलमान खान ने करीब 11 साल बाद प्लेबैक सिंगिंग में वापसी की है। इससे पहले सलमान ने 2014 में फिल्म 'किक' के गाने 'हैंगओवर' और 2015 में 'हीरो' के गाने 'मैं हूं हीरो तेरा' में अपनी आवाज दी थी। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। 'मातृभूमि' की रिलीज डेट अभी तय नहीं 'मातृभूमि' की रिलीज डेट को लेकर मेकर्स ने अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की है। मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, फिल्म को नवंबर या दिसंबर 2026 में रिलीज किया जा सकता है। इसके लिए 13 नवंबर, 20 नवंबर और 11 दिसंबर जैसी तारीखों के नाम सामने आ रहे हैं। वहीं, सलमान की एक और फिल्म वामशी पैडिपल्ली के साथ आने वाली है। इस फिल्म का नाम कथित तौर पर 'मॉन्स्टर' बताया जा रहा है। इसमें नयनतारा भी नजर आएंगी। यह फिल्म अगले साल ईद के मौके पर रिलीज होने वाली है। …………….. यह खबर भी पढ़ें... रमेश तौरानी की दिवाली पार्टी में पहुंचे सलमान: पैपराजी के नाम पुकारने पर दिखाया थम्ब्स अप फिल्म प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने मंगलवार को मुंबई में दिवाली पार्टी होस्ट की थी। इसमें सलमान खान, बॉबी देओल, रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी, आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर समेत कई सेलिब्रिटीज शामिल हुए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 1:53 pm

ऑटो रोकने के लिए सड़क पर चिल्लाई थीं करीना:सैफ को खून से लथपथ देखकर दौड़ी; तैमूर ने पूछा था- क्या अब्बा मरने वाले हैं

करीना कपूर ने बताया कि जनवरी 2025 में जब सैफ अली खान पर चाकू से हमला हुआ था, तब वह उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए रात में सड़क पर दौड़ी थीं। करीना ने कहा कि वह नाइट टी-शर्ट में ऑटो रोकने के लिए चिल्ला रही थीं। उस समय सैफ खून से लथपथ खड़े थे। सैफ और करीना ने ‘कॉफी विद करण’ के नए एपिसोड में हमले, बच्चों की प्रतिक्रिया और परिवार पर पड़े असर के बारे में बताया। सैफ ने कहा कि उन्होंने छोटे बेटे जेह को बचाने के लिए हमलावर का सामना किया। करीना ने बताया कि वह करीब छह महीने तक ठीक से सो नहीं पाईं। करीना ने बताया, “मैं अपनी नाइट टी-शर्ट में थी। अच्छा हुआ कि किसी ने इसका वीडियो नहीं बनाया, करण। मैं सड़क पर चिल्ला रही थी- रुको, रुको।” करीना ने कहा, “यह किसी फिल्म के सीन जैसा था। मेरे पास पायजामा पहनने का समय नहीं था। मैं सड़क पर दौड़ गई। यह बात किसी को पता नहीं है। मैं पहली बार बता रही हूं।” उन्होंने बताया कि ऑटो रोकने की कोशिश के दौरान उनकी टी-शर्ट बहुत छोटी थी। वह सैफ के खून बहने के बीच पागलों की तरह रिक्शा तलाश रही थीं। सैफ ने मजाक में कहा कि करीना की टी-शर्ट बेहद छोटी थी। उन्होंने कहा कि उस सीन का वीडियो बनता तो काफी अलग होता। हालांकि, परिवार के लिए वह रात बेहद डरावनी थी। जेह को बचाने के लिए हमलावर से भिड़े सैफ सैफ ने बताया कि वह जेह को बचाने के लिए हमलावर से भिड़े थे। उन्होंने कहा, “जब मैं इस व्यक्ति से लड़ रहा था, तब उसने मुझे करीब 10 बार चाकू मारा।” सैफ ने कहा कि हिंदी फिल्मों में एक्शन सीन देखने और करने के अनुभव से उन्हें तुरंत पलटकर लड़ने का ख्याल आया। उन्होंने कहा कि सब कुछ बहुत तेजी से हुआ और सोचने का समय नहीं मिला। सैफ ने कहा कि उन्हें अफसोस है कि उन्होंने परिवार को बचाने के लिए कोई हथियार उठाने के बारे में नहीं सोचा। डाइनिंग टेबल के ऊपर एक सजावटी तलवार लटकी थी, लेकिन संघर्ष के दौरान उनका ध्यान उस पर नहीं गया। सैफ ने जेह की प्रतिक्रिया भी बताई। उन्होंने कहा, “उसने मुझे अपनी प्लास्टिक की तलवार दी और कहा- अगली बार वह चोर आए, तो इसका इस्तेमाल करना।” सैफ ने कहा, “जेह ने पूरी घटना देखी थी। इसलिए उसे लगता है कि मैं बहुत अच्छा रक्षक हूं।” सैफ के गले और पीठ पर गंभीर चोटें आई थीं करीना ने बताया कि उन्होंने लिफ्ट में सैफ को बुरी तरह घायल देखा था। उनके बेटे तैमूर भी उस समय वहां थे और उन्होंने पूछा था कि क्या उनके पिता की मौत हो जाएगी। करीना ने कहा, “जब मैंने लिफ्ट में सैफ को देखा, तो कहा- सैफ, ऐसा मत करो। तभी टिम ने उन्हें देखकर पूछा- अब्बा, क्या आप मरने वाले हैं?” उन्होंने बताया कि सैफ ने उन्हें अस्पताल ले जाने का इशारा किया था। सैफ ने कहा कि चोटें गंभीर होने के बावजूद उन्हें भरोसा था कि वह ठीक हो जाएंगे। सैफ के गले पर गहरे और टेढ़े कट लगे थे। टूटे हुए चाकू का एक हिस्सा उनकी पीठ में फंस गया था। सैफ ने कहा, “ये कट काफी गहरे और लंबे थे। यहां चारों ओर टेढ़े कट लगे थे।” चाकू टूटने के बारे में उन्होंने कहा, “यह चाकू की दुनिया का सबसे खराब चाकू था। अगर यह थोड़ा भी अच्छा होता, तो मैं मर चुका होता। वह इतना खराब था कि टूट गया।” करीना ने कहा कि चाकू एक मिलीमीटर भी ज्यादा अंदर चला जाता, तो चोट जानलेवा हो सकती थी। सैफ ने बताया कि चोट का असर रीढ़ पर पड़ा और उनके पैर में कुछ संवेदना कम हो गई। इब्राहिम सर्जरी के बाद रो रहे थे करण जौहर ने बताया कि वह हमले के बाद परिवार से संपर्क करने वाले शुरुआती लोगों में शामिल थे। उन्होंने सैफ के बच्चों इब्राहिम अली खान और सारा अली खान से बात की थी। सैफ ने बताया कि ऑपरेशन के बाद जब उन्हें होश आया, तब परिवार उनके पास मौजूद था। सैफ ने कहा, “इब्राहिम बहुत परेशान था। मैंने उसे आमतौर पर इस तरह भावनाएं जाहिर करते नहीं देखा। उसकी आंखों में आंसू थे और वह गुस्से में था।” घर पर उस रात ड्राइवर क्यों नहीं था सैफ और करीना ने यह भी बताया कि हमले वाली रात घर पर ड्राइवर क्यों नहीं था। सैफ ने कहा, “क्योंकि वह शाम को अपने परिवार के पास घर चला जाता है। इसलिए कोई ड्राइवर नहीं था।” करीना ने साफ किया कि सैफ के बेटे ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया था। करण ने कहा, “आपका नौ साल का बेटा, खून से लथपथ पिता को लेकर गया। मुझे नहीं पता कैसे।” इसके बाद सैफ को ऑटोरिक्शा से लीलावती अस्पताल ले जाया गया। शो के दौरान एक मजेदार पल भी देखने को मिला। गेम राउंड के दौरान करीना ने अपनी बहन करिश्मा कपूर को फोन किया। उन्होंने करिश्मा से पूछा कि क्या हो रहा है। फोन उठाते ही करिश्मा ने कहा, मैं बस तुम्हें और मीरा को देख रही हूं। हर जगह हर कोई यही कह रहा है कि ये क्या चल रहा है? इस पर करीना ने बताया कि मीरा उनके टॉक शो 'व्हाट विमेन वांट' में आई थीं। करिश्मा ने इस पर कहा, प्यारा, बहुत बढ़िया। तभी करण जौहर ने उन्हें याद दिलाया कि वह 'कॉफी विद करण' पर हैं और अब कुछ न बोलें। यह सुनकर करिश्मा ने कहा, “तुम मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकतीं!”

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 12:30 pm

मूवी रिव्यू-'रामायण पार्ट 1':रणबीर की मर्यादा और यश का रौद्र रूप छाया; VFX में दिखी भव्यता, संगीत और डायलॉग थोड़े फीके, जानिए कैसी है फिल्म

फिल्म: 'रामायण पार्ट 1' रेटिंग:3.5 / 5 ड्यूरेशन: 3 घंटे 15 मिनट एक तरफ अयोध्या के राजकुमार राम, जिनके लिए मर्यादा सबसे बड़ा धर्म है। दूसरी तरफ लंका का राजा रावण, जिसके पास ज्ञान भी है, शक्ति भी और तीनों लोकों पर राज करने का अहंकार भी। इन दोनों के आमने-सामने आने से पहले की कहानी को करीब 4000 करोड़ रुपए के विशाल सिनेमाई कैनवास पर उतारना आसान काम नहीं है। खासकर तब, जब कहानी सिर्फ मनोरंजन नहीं, करोड़ों लोगों की आस्था से भी जुड़ी हो। नितेश तिवारी की 'रामायण पार्ट वन' इसी जिम्मेदारी के साथ पर्दे पर आती है। रणबीर कपूर राम के रूप में गंभीर और गरिमामय नजर आते हैं, तो यश का रावण अवतार अपने रौब से अलग पहचान बनाता है। फिल्म में अयोध्या की भव्यता है, लंका का वैभव है और एक ऐसे युद्ध की तैयारी है, जिसका इंतजार हर दर्शक को है। लेकिन इस महागाथा का पहला अध्याय आखिर कितना असर छोड़ता है? इसकी कहानी में आगे बढ़ते हैं। कहानी: रावण के दस सिरों से शुरू होती है सत्ता और अहंकार की दास्तान दिलचस्प बात यह है कि फिल्म की शुरुआत राम से नहीं, बल्कि रावण से होती है। कहानी पहले लंका के उस राजा की दुनिया में ले जाती है, जिसके पास अपार शक्ति है, ज्ञान है और अपनी तपस्या से हासिल किए गए वरदानों का घमंड भी। रावण (यश) कठोर तपस्या करके भगवान ब्रह्मा को प्रसन्न करता है और वरदान हासिल करता है। इसके बाद उसकी महत्वाकांक्षा बढ़ती जाती है। वह इंद्र को पराजित करता है और अपने सौतेले भाई कुबेर से लंका का अधिकार हासिल कर लेता है। फिल्म रावण के उदय के साथ उसके व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को सामने लाती है। रावण को दशानन क्यों कहा जाता है और उसके दस सिरों की पौराणिक पहचान क्या है, इस पहलू को भी कहानी में जगह मिलती है। यहां रावण सिर्फ एक शक्तिशाली राजा नहीं, बल्कि ज्ञान, तपस्या और अहंकार का ऐसा संगम है, जिसकी महत्वाकांक्षा की कोई सीमा नहीं। इसके बाद कहानी अयोध्या की ओर मुड़ती है। भगवान विष्णु के अवतार राम (रणबीर कपूर) का जन्म राजा दशरथ के घर होता है। उनका बचपन, ऋषि विश्वामित्र के साथ यात्रा, मिथिला में सीता (साई पल्लवी) के स्वयंवर में शिव धनुष तोड़ना और विवाह जैसे प्रसंग दिखाए जाते हैं। सब कुछ ठीक चल रहा होता है, लेकिन राजमहल की राजनीति कहानी की दिशा बदल देती है। कैकेयी (लारा दत्ता) अपने दो वरदान मांगती हैं और राम को चौदह वर्षों का वनवास मिलता है। राम के साथ सीता और लक्ष्मण (रवि दुबे) भी वन की ओर निकल पड़ते हैं। वनवास के दौरान शूर्पणखा (रकुल प्रीत सिंह) का प्रसंग आता है। इसके बाद मारीच का स्वर्ण मृग वाला मायाजाल कहानी को उस मोड़ पर ले जाता है, जहां राम और लक्ष्मण आश्रम से दूर चले जाते हैं। साधु के वेश में पहुंचा रावण सीता का हरण कर लेता है। सीता को बचाने के लिए जटायु रावण से युद्ध करता है। घायल जटायु राम को सीता के अपहरण की जानकारी देता है और अंतिम सांस लेता है। यहीं फिल्म का पहला भाग एक बड़े भावनात्मक मोड़ पर पहुंचता है। फिल्म का पोस्ट क्रेडिट सीन भी खास है। इसमें हनुमान जी (सनी देओल) की झलक दिखाई जाती है। उन्हें पीछे और साइड से उड़ते हुए दिखाया गया है। इस दौरान 'जय श्री राम' का उद्घोष सुनाई देता है, लेकिन उनका चेहरा नहीं दिखाया जाता। यह छोटा सा सीन आगे आने वाली कहानी की एक झलक देता है। पहले भाग में रावण का उदय, राम का वनवास और सीता हरण तक की कहानी दिखाई गई है। अब हनुमान जी की लंका यात्रा, अशोक वाटिका, रामसेतु और लंका युद्ध जैसे बड़े प्रसंगों के लिए दूसरे भाग का इंतजार करना होगा। एक्टिंग: रणबीर की गंभीरता और यश का रौद्र अवतार भगवान राम का किरदार निभाना किसी भी अभिनेता के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। रणबीर कपूर इस भूमिका में संयम और गंभीरता लेकर आते हैं। उनके चेहरे पर शालीनता और व्यवहार में मर्यादा दिखाई देती है। वह राम को जरूरत से ज्यादा नाटकीय बनाने के बजाय सहज और गरिमामय रखने की कोशिश करते हैं। साई पल्लवी (सीता) अपनी स्वाभाविक अदाकारी और भावपूर्ण अभिव्यक्ति से किरदार में सहजता लाती हैं। रवि दुबे (लक्ष्मण) के अभिनय में भाई के प्रति समर्पण और रक्षक का भाव दिखाई देता है। यश (रावण) की बात करें तो उनका अंदाज अलग ही है। रौबदार व्यक्तित्व, दमदार आवाज, आंखों में अहंकार और पर्दे पर उनकी मौजूदगी रावण के किरदार को प्रभावशाली बनाती है। उनकी एंट्री और बड़े दृश्यों में उनका अंदाज खास ध्यान खींचता है। वह रावण के राजसी ठाठ, शक्ति और क्रोध को अपने अभिनय से सामने लाते हैं। अरुण गोविल (दशरथ), लारा दत्ता (कैकेयी), शिबा चड्ढा (मंथरा) और रकुल प्रीत सिंह (शूर्पणखा) भी अपनी भूमिकाओं में नजर आते हैं। वहीं सनी देओल की हनुमान के रूप में झलक अगले भाग को लेकर उत्सुकता बढ़ाती है। डायरेक्शन: नितेश तिवारी का सबसे बड़ा सिनेमाई इम्तिहान 'दंगल' और 'छिछोरे' जैसी फिल्मों से अपनी पहचान बनाने वाले नितेश तिवारी के लिए 'रामायण' बिल्कुल अलग तरह की चुनौती है। यहां कहानी के साथ करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है और दर्शकों की अपेक्षाएं भी बेहद बड़ी हैं। फिल्म को रावण के उदय से शुरू करना निर्देशक का दिलचस्प फैसला है। इससे राम और रावण के संसार को अलग-अलग स्थापित करने का मौका मिलता है। अयोध्या से लेकर लंका तक का विस्तार और पौराणिक संसार को पर्दे पर रचने की कोशिश उनके बड़े विजन को दिखाती है। हालांकि, कुछ जगहों पर कहानी की भावनाओं को और ठहराव दिया जा सकता था। कई संवाद ऐसे हैं, जहां किरदारों की विशालता के हिसाब से शब्दों में वैसा वजन महसूस नहीं होता। रामायण के किरदारों से निकलने वाले संवाद सिर्फ जानकारी नहीं देते, बल्कि याद भी रह जाते हैं। इस मामले में फिल्म कुछ और दमदार हो सकती थी। स्क्रीनप्ले: पहला अध्याय, बड़ी कहानी की भूमिका रामायण की घटनाएं दर्शकों को पहले से मालूम हैं, लेकिन उन्हें किस क्रम में और किस अंदाज में पेश किया जाता है, यही स्क्रीनप्ले की असली चुनौती है। फिल्म रावण की पृष्ठभूमि से शुरुआत करके राम के जन्म, विवाह, वनवास और सीता हरण तक पहुंचती है। इस दौरान दोनों संसारों को जोड़ने की कोशिश की गई है। कहानी का दायरा पहले भाग में सीमित रखा गया है, ताकि आगे होने वाले संघर्ष के लिए जमीन तैयार हो सके। 3 घंटे 15 मिनट की लंबाई के बावजूद कुछ हिस्सों में कहानी की रफ्तार धीमी पड़ती है। कुछ घटनाओं को और कसावट के साथ पेश किया जा सकता था। फिल्म का अंत भी किसी पारंपरिक विजयी क्लाइमैक्स की तरह नहीं, बल्कि आगे की बड़ी लड़ाई की शुरुआत के संकेत के साथ होता है। VFX और टेक्निकल पहलू: लंका की भव्यता से लेकर युद्ध के संसार तक यहां फिल्म अपने सबसे मजबूत पक्ष पर नजर आती है। अयोध्या का राजसी वैभव, लंका का विशाल साम्राज्य, महल, प्राकृतिक दृश्य और पौराणिक संसार को जिस पैमाने पर तैयार किया गया है, वह प्रभावित करता है। VFX का इस्तेमाल कई दृश्यों में शानदार है। फिल्म का विजुअल स्केल भारतीय सिनेमा की तकनीकी महत्वाकांक्षा को दिखाता है। प्रोडक्शन डिजाइन, कॉस्ट्यूम, सिनेमैटोग्राफी और एक्शन कोरियोग्राफी भी इस विशाल संसार को विश्वसनीय बनाने में योगदान देते हैं। हालांकि, कुछ राक्षसों और मायावी प्राणियों को दिखाने वाले दृश्यों में VFX थोड़ा कमजोर पड़ता है। उनके लुक और मूवमेंट में कहीं-कहीं कृत्रिमता महसूस होती है। लेकिन यह कुछ हिस्सों तक सीमित है। ओवरऑल फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट शानदार है और बड़े पर्दे पर इसका अनुभव खास बनता है। म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर: रहमान और जिमर से कुछ ऐसी धुन की उम्मीद थी जो याद रह जाए ए.आर. रहमान और हंस जिमर जैसे दिग्गज संगीतकारों का एक साथ आना अपने आप में बड़ी खबर थी। ऐसे में उम्मीद थी कि रामायण को ऐसा संगीत मिलेगा, जो सिर्फ दृश्यों का साथ नहीं देगा, बल्कि खुद कहानी का हिस्सा बन जाएगा। राम की एंट्री पर कोई ऐसी धुन सुनाई दे, जो उनके किरदार की गरिमा और दिव्यता का एहसास कराए। रावण के आते ही बैकग्राउंड में ऐसा संगीत बजे, जो उसके रौद्र व्यक्तित्व को और विशाल बना दे, लेकिन फिल्म में कोई ऐसा यादगार थीम म्यूजिक सुनाई नहीं देता, जो थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी जेहन में बना रहे। कुछ दृश्यों में बैकग्राउंड स्कोर अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है, लेकिन कुल मिलाकर संगीत वह जादू नहीं पैदा कर पाता जिसकी इस महागाथा से उम्मीद थी। इतने बड़े नामों के साथ यह उम्मीद करना गलत भी नहीं था कि फिल्म का संगीत भी इसके VFX जितना ही भव्य और यादगार होगा। इस मोर्चे पर थोड़ी निराशा हाथ लगती है। फाइनल वर्डिक्ट: भव्यता का नया पैमाना, लेकिन हर जगह नहीं जगा पाई जादू 'रामायण पार्ट वन' भारतीय सिनेमा की एक बड़ी महत्वाकांक्षी कोशिश है। रणबीर कपूर राम के रूप में गंभीरता और मर्यादा लेकर आते हैं, जबकि यश अपने रावण अवतार से खास छाप छोड़ते हैं। शानदार VFX, विशाल प्रोडक्शन डिजाइन और पौराणिक संसार की भव्यता फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। कुछ हिस्सों में कहानी की धीमी रफ्तार, संवादों का अपेक्षित प्रभाव न छोड़ पाना और यादगार थीम म्यूजिक की कमी इसके अनुभव को थोड़ा कम जरूर करते हैं। राक्षसों के VFX में भी कुछ जगह सुधार की गुंजाइश है। फिर भी फिल्म में बड़े पर्दे पर देखने लायक बहुत कुछ है। खासकर यश का रावण और फिल्म का विशाल विजुअल संसार। पहला अध्याय खत्म होते-होते दर्शकों के सामने सबसे बड़ा सवाल छोड़ जाता है कि अब राम और रावण के बीच होने वाला महायुद्ध पर्दे पर कितना विराट होगा।

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 11:01 am

दिवाली पार्टियों में पहुंचे सेलेब्स:अक्षय कुमार के बेटे आरव के लुक ने खींचा ध्यान; अजय देवगन बेटे युग के साथ आए नजर, मृणाल-मौनी भी पहुंचीं

मुंबई में दिवाली के मौके पर कई पार्टियों का आयोजन हो रहा है। बुधवार को कई सेलेब्स फैशन ब्रांड माइकल कॉर्स की ग्रैंड दिवाली पार्टी में शामिल हुए। वहीं, फिल्म 'दृश्यम' की सफलता के जश्न के साथ आयोजित दिवाली सेलिब्रेशन और समर्थ जुरेल की दिवाली पार्टी में भी सेलेब्स पहुंचे। माइकल कॉर्स की ग्रैंड दिवाली पार्टी में पहुंचे सितारे माइकल कॉर्स की ग्रैंड दिवाली पार्टी में हुमा कुरैशी, अलिजेह अग्निहोत्री, मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी समेत कई सेलेब्स नजर आए। पार्टी में अक्षय कुमार के बेटे आरव भाटिया भी नजर आए। आरव को देखकर पैपराजी और सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी तुलना पिता अक्षय कुमार से की। कई लोगों ने कहा कि आरव बिल्कुल अपने पिता के छोटे रूप जैसे लग रहे हैं। बता दें कि आरव लंदन में फैशन डिजाइन और आर्ट की पढ़ाई कर रहे हैं। 'दृश्यम 3' की सफलता और दिवाली पार्टी में पहुंचे अजय देवगन 'दृश्यम 3' की सफलता के जश्न के साथ आयोजित दिवाली पार्टी में भी फिल्म के कलाकार पहुंचे। इस सेलिब्रेशन में अजय देवगन अपने बेटे युग देवगन के साथ पहुंचे। इनके अलावा श्रिया सरन, जयदीप अहलावत, इशिता दत्ता और वत्सल सेठ भी नजर आए। बता दें कि फिल्म 'दृश्यम 3: द कन्क्लूजन' बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई है। फिल्म की भारत में कुल नेट कमाई 379.20 करोड़ रुपए हो गई है। वहीं, दुनियाभर में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 587.30 करोड़ रुपए पहुंच गया है। समर्थ जुरेल की दिवाली पार्टी में पहुंचे टीवी सितारे वहीं, एक्टर समर्थ जुरेल की दिवाली पार्टी में टीवी और मनोरंजन जगत के कई कलाकार शामिल हुए। यहां अभिषेक बजाज, एल्विश यादव, अंकिता लोखंडे समेत कई सितारे नजर आए।

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 9:00 am

हनुमान अंश फेम सिंगर की आंखों का इलाज शुरू:लिखा- प्रार्थना करें मेरे जीवन में भी रोशनी लौट आए; बचपन से दृष्टिबाधित हैं सुनील लोधी

'हनुमान अंश' फिल्म के गीत 'मैंने तेरे ही भरोसे' से लोकप्रिय हुए दृष्टिबाधित सिंगर सुनील लोधी की आंखों का इलाज शुरू हो गया है। 4 नवंबर को सुनील लोधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और वीडियो शेयर कर इलाज की जानकारी दी। उन्होंने अपने फैंस से दुआएं मांगने की अपील की है, ताकि उनकी आंखों की रोशनी वापस आ सके। लिखा- मेरे लिए प्रार्थना करें सुनील लोधी ने अस्पताल से अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि भगवान की कृपा से उनकी आंखों के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, फैंस की प्रार्थनाओं से एक नई उम्मीद जागी है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि मेरी जिंदगी में रोशनी वापस लौट आए और मैं इस सुंदर दुनिया को अपनी आंखों से देख सकूं। उन्होंने अपने माता-पिता के वर्षों पुराने इंतजार के पूरा होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि लोगों का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ट्रेनों में तंबूरा बजाकर की थी करियर की शुरुआत मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले सुनील लोधी का शुरुआती जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि महज 10-11 साल की उम्र से ही उन्होंने लोकल ट्रेनों और गांवों में तंबूरा बजाकर बुंदेली लोकगीत और भजन गाना शुरू कर दिया था। अपनी शारीरिक सीमाओं को उन्होंने कभी संगीत के आड़े नहीं आने दिया और बिना किसी प्लेटफॉर्म के अपनी पहचान बनाई। 'मोरे संकट के कटैया' से मिली पहचान सुनील के करियर को पहला बड़ा मोड़ तब मिला जब उनके बुंदेली भजन 'मोरे संकट के कटैया' को यूट्यूब और इंस्टाग्राम पेज 'बुंदेली दुनिया' पर 2.9 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले। इसके बाद फिल्ममेकर और म्यूजिक प्रोड्यूसर पंकज की नजर सुनील की आवाज पर पड़ी। पंकज ने उन्हें अपनी फिल्म 'हनुमान अंश' के गाने 'मैंने तेरे ही भरोसे' के लिए चुना, जिसके बाद सुनील रातों-रात पूरे देश में पहचाने जाने लगे। हनुमान अंश प्रोड्यूसर और एमपी सीएम ने की मदद इससे पहले हनुमान अंश फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर और एमपी सीएम ने सुनील के इलाज में मदद करने की पहल की थी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अनुप्रिया ने बताया था कि वे सुनील के इलाज में मदद करेंगी।

दैनिक भास्कर 5 Nov 2026 5:30 am

Ramayana ने एडवांस बुकिंग में बॉक्स ऑफिस पर ला दी सुनामी, रिलीज से पहले 100 करोड़ पार पहुंचा कलेक्शन

नितेश तिवारी की 'रामायण' ने रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में 100 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन कर लिया है।

जागरण 4 Nov 2026 4:30 pm

आलिया भट्ट की मां बोलीं- दिवाली पर पटाखा फोड़ना देशविरोधी:कहा- प्रदूषण से बच्चों की सेहत बिगड़ रही; दिया मिर्जा का वीडियो हटाया गया था

एक्ट्रेस आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने दिवाली पर पटाखा फोड़ने को देशविरोधी बताया है। मंगलवार देर रात इंस्टाग्राम पोस्ट शेयर कर उन्होंने इसे सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ बताया। उन्होंने लिखा कि प्रदूषण के कारण छोटे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। विवाद की आशंका को देखते हुए सोनी राजदान ने अपनी इस पोस्ट पर कमेंट सेक्शन को बंद कर दिया है। उनका यह बयान बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को दीया मिर्जा का प्रदूषण मुक्त दिवाली वीडियो री-अपलोड करने के आदेश के बाद आया है। 'एक भी पटाखा फोड़ना एंटी-नेशनल और एंटी-लाइफ' सोनी राजदान ने लिखा कि छोटे बच्चों के माता-पिता ही जानते हैं कि वायु प्रदूषण के कारण उनके बच्चे कितना परेशान होते हैं और बीमारी की वजह से उनके स्कूल के कितने दिन छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थितियों में अगर कोई यह कहता है कि दिवाली पर एक भी पटाखा फोड़ना सही है, तो यह बात लाइफ के खिलाफ, सेहत के खिलाफ और देश के खिलाफ (एंटी-नेशनल) लगती है। उन्होंने लोगों से अपनी और बच्चों की सेहत के लिए सही विकल्प चुनने की अपील की। दीया मिर्जा का वीडियो हटाने पर शुरू हुआ था विवाद यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब बीएमसी ने भारतीय जनता पार्टी की आपत्ति के बाद दीया मिर्जा का प्रदूषण मुक्त दिवाली संदेश वाला वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल से डिलीट कर दिया था। हालांकि बीएमसी ने माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे के वीडियो बरकरार रखे थे। दीया मिर्जा ने कोर्ट के निर्देश पर यह वीडियो बनाया था। वीडियो हटाए जाने पर दीया मिर्जा ने कहा था कि यह वीडियो सार्वजनिक जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य के लिए बनाया गया था, क्योंकि वायु प्रदूषण जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को लगाई थी फटकार इसके बाद अदालत ने बीएमसी को दीया मिर्जा का वीडियो दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने बीएमसी प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा था कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और पर्यावरण का मुद्दा हर नागरिक से जुड़ा है, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो। अदालत ने कहा कि नागरिक निकाय के आयुक्त ने जागरूकता फैलाने के लिए कलाकारों का सही चुनाव किया था और इस तरह के वीडियो को हटाना अनुचित था। बच्चों की सेहत और स्कूल छूटने की जताई चिंता सोनी राजदान ने अपनी पोस्ट में मुख्य रूप से बढ़ते प्रदूषण का बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर असर पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि दिवाली का त्योहार रोशनी, ज्ञान और उम्मीद की विजय का प्रतीक है, लेकिन पटाखों के धुएं से होने वाला नुकसान बच्चों के जीवन को खतरे में डालता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साफ हवा में सांस लेना हर बच्चे का अधिकार है और नागरिकों को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कामों से बचना चाहिए।

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 3:01 pm

आयुष्मान खुराना को लॉरेंस गैंग के नाम पर धमकी:ऑडियो मैसेज भेजकर मांगे गए करोड़ों रुपए, पुलिस कर रही जांच

बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना को धमकी भरा ऑडियो मैसेज मिला है। मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, मैसेज भेजने वाले शख्स ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताया है। उसने एक्टर से करोड़ों रुपए की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि, अब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस को मिले ऑडियो क्लिप की आवाज का मिलान एक ऐसे आरोपी की आवाज से किया जा रहा है, जिसका नाम पहले से पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद है। बताया जा रहा है कि इस आरोपी का संबंध मैसेज भेजने वाले शख्स की बताई गई पहचान से हो सकता है। बता दें कि आयुष्मान खुराना हाल ही में सारा अली खान के साथ फिल्म ‘उड़ता तीर’ में नजर आए थे। इस स्पाई-कॉमेडी फिल्म में उन्होंने बिलाल नाम के पाकिस्तानी एजेंट का किरदार निभाया है। गौरतलब है कि हाल ही में एक्टर तुषार कपूर को भी इसी तरह का धमकी भरा ऑडियो मैसेज मिला था। मैसेज भेजने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर बताया था। फोन करने वाले ने 5 करोड़ रुपए मांगे थे। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, तुषार कपूर ने इसकी जानकारी मुंबई पुलिस को दी थी। इसके बाद जांच एंटी-एक्सटॉर्शन सेल और क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। क्राइम ब्रांच की टेक्निकल टीम ने धमकी भरे कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच की। इसके बाद आवाज का मिलान हैरी बॉक्सर के आधिकारिक ऑडियो सैंपल से किया गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आवाजें आपस में मेल नहीं खातीं। इससे पुलिस को शक है कि यह फर्जी कॉल था। किसी ने गैंग का नाम लेकर डर पैदा करने की कोशिश की। हैरी बॉक्सर पर रणवीर को धमकी देने का आरोप गौरतलब है कि लॉरेंस गैंग के गुर्गे हैरी बॉक्सर पर बॉलीवुड और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों को धमकी देने के आरोप हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम एक्टर रणवीर सिंह का है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, हैरी ने रणवीर के मैनेजर को वॉइस नोट भेजकर 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। रकम नहीं देने पर रणवीर और उनके स्टाफ को जान से मारने की धमकी दी गई थी। फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना के पीछे भी हैरी बॉक्सर और लॉरेंस गैंग का हाथ बताया गया था। इसकी जिम्मेदारी उन्होंने एक वॉइस नोट के जरिए ली थी। मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा को भी हैरी बॉक्सर ने धमकी दी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित ऑडियो के अनुसार, सलमान खान से नजदीकियों के कारण गुरु रंधावा के दिल्ली स्थित एक जिम पर फायरिंग करवाई गई थी। उन्हें आगे के लिए चेतावनी भी दी गई थी। इसके अलावा कॉमेडियन कपिल शर्मा भी गैंग के निशाने पर रहे हैं। कनाडा में उनके कैफे पर फायरिंग हो चुकी है। …………….. यह खबर भी पढ़ें… अमिताभ बच्चन की सुरक्षा को लेकर PM मोदी को पत्र: बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिलने के बाद फिल्म संगठन AICWA ने जताई चिंता अमिताभ बच्चन 1 नवंबर को मुंबई स्थित अपने घर जलसा के बाहर बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिले थे। इसके बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फिल्मी हस्तियों और उनके परिवारों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 1:02 pm

अमिताभ बच्चन की सुरक्षा को लेकर PM मोदी को पत्र:बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिलने के बाद फिल्म संगठन AICWA ने जताई चिंता

अमिताभ बच्चन रविवार यानी 1 नवंबर को मुंबई स्थित अपने घर जलसा के बाहर बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिले। जिसके बाद अमिताभ बच्चन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अभिनेता, फिल्ममेकर्स और उनके परिवारों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की। AICWA ने अमिताभ बच्चन की लंबे समय से चली आ रही रविवार को फैंस से मिलने की परंपरा का भी जिक्र किया। इस दिन फैंस उन्हें देखने के लिए एक्टर के घर जलसा के बाहर जुटते हैं। एसोसिएशन ने पत्र में लिखा, “चार दशक से ज्यादा समय से वह हर रविवार वहां फैंस से मिलते हैं। उन्हें देखने के लिए भारत और विदेशों से लोग आते हैं। 84 साल की उम्र में उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें अपने ही शहर में इस तरह खुद को बचाना पड़ेगा। उनके बेटे अभिषेक बच्चन, जो बहुत कम बाहर आते हैं, अपने पिता की सुरक्षा के लिए उनके साथ खड़े रहे।” AICWA ने पत्र में लिखा, “लोगों ने बुलेटप्रूफ कारों के बारे में सुना है। इससे पहले किसी सुपरस्टार को अपने घर से बाहर बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे उन लोगों से मिलने के लिए निकलते नहीं देखा गया, जो उनसे प्यार करते हैं। यह तस्वीर भारतीय सिनेमा के इतिहास में याद रखी जाएगी और इससे पूरी इंडस्ट्री हिल गई।” फिल्मी हस्तियों पर हमलों का जिक्र प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में AICWA ने कई प्रमुख हस्तियों से जुड़े मामलों का जिक्र किया। इनमें बांद्रा में बाबा सिद्दीकी की हत्या, सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी और सैफ अली खान पर घर में हुआ चाकू से हमला शामिल है। संगठन ने फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर हुई गोलीबारी का भी हवाला दिया। पत्र में कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे को निशाना बनाकर हुई गोलीबारी की कई घटनाओं का भी जिक्र है। इसमें हाल ही में जुहू में टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना भी शामिल है। AICWA ने टाइगर श्रॉफ से जुड़ी घटना पर चिंता जताई। संगठन ने कहा कि यह घटना एक व्यस्त इलाके में हुई, जहां कई लोग मौजूद थे। पत्र में लिखा गया, “टाइगर श्रॉफ पर जुहू में बड़ी भीड़ की मौजूदगी में गोली चलाई गई। यह मुंबई के सबसे प्रमुख VIP इलाकों में से एक है। दो लोगों को गोलियां लगीं। टाइगर श्रॉफ का कोई विवाद या किसी से दुश्मनी सामने नहीं आई है।” AICWA ने यह भी कहा कि इन घटनाओं के पीछे रंगदारी एक आम वजह हो सकती है। संगठन के मुताबिक, अपराधी गिरोह बॉलीवुड की लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय पहचान के कारण फिल्मी हस्तियों को निशाना बना रहे हैं। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि मशहूर अभिनेताओं और फिल्ममेकर्स पर हमले डर फैलाने, पहचान बनाने और बड़ी रकम वसूलने के लिए किए जा रहे हैं। पत्र में तुषार कपूर से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपए की मांग करने के लिए धमकियां मिलने की खबरों का भी जिक्र है। AICWA ने अपनी स्थिति बताते हुए लिखा, “इन सभी हमलों का मकसद रंगदारी वसूलना लगता है। गैंगस्टर जानते हैं कि बॉलीवुड सबसे आसान निशाना है और पूरी दुनिया में जाना जाता है। मशहूर फिल्मी हस्तियों पर हमला करके वे अपना नाम बनाना और बड़े स्तर पर पैसे वसूलना चाहते हैं।” मुंबई की कानून-व्यवस्था पर सवाल AICWA ने फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा के साथ मुंबई की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। संगठन ने कहा कि अगर बड़े नामों पर ऐसे हमले हो सकते हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा भी चिंता का विषय है। एसोसिएशन ने सिर्फ भरोसा दिलाने के बजाय ठोस सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की। पत्र में कहा गया, “आज मुंबई में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है। अगर टाइगर श्रॉफ शहर के बीचोंबीच सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मुंबईकर भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकता। 2026 में अंडरवर्ल्ड का वह खौफ, जिसे खत्म माना जा रहा था, मुंबई की सड़कों पर लौट आया है। सिर्फ बातें काफी नहीं हैं। बॉलीवुड को असली और साफ दिखाई देने वाली सुरक्षा चाहिए।” ____________________ यह खबर भी पढ़ें… धमकी के बाद बुलेटप्रूफ केबिन में दिखे अमिताभ बच्चन:संडे दर्शन में जलसा के बाहर सुरक्षा बढ़ी; बम से उड़ाने की धमकी मिली थी बम से उड़ाने की धमकी और घर की रेकी के बाद अमिताभ बच्चन की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। बिग बी फैंस से मिलने के लिए बुलेटप्रूफ कांच के केबिन में पहुंचे थे। दरअसल, हाल ही में अमिताभ के बंगले को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। वहीं, टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस की जांच में पता चला कि हमलावरों ने अमिताभ के दोनों घरों जलसा और प्रतीक्षा की रेकी भी की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 11:56 am

रमेश तौरानी की दिवाली पार्टी में पहुंचे सलमान:पैपराजी के नाम पुकारने पर दिखाया थम्ब्स अप; कार्यक्रम में रवीना-शिल्पा भी नजर आईं

फिल्म प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने मंगववार को मुंबई में दिवाली पार्टी होस्ट की। इस पार्टी में सलमान खान, बॉबी देओल, रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी, आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर समेत कई सेलिब्रिटीज शामिल हुए। पार्टी में सलमान खान के पहुंचते ही पैपराजी ने उन्हें पोज देने के लिए कहा और उनका नाम लेकर आवाज लगाने लगे। इस दौरान पैपराजी लगातार 'हैप्पी दिवाली' और 'लव यू भाईजान' कहते सुनाई दिए। इस पर सलमान ने अपने खास अंदाज में प्रतिक्रिया दी। सलमान पार्टी में नए फिट और शार्प लुक में नजर आए। उन्होंने ब्लैक शर्ट और जींस पहनी थी। देखें दिवाली पार्टी की तस्वीरें- फिल्म प्रोड्यूसर रमेश तौरानी हर साल दिवाली पार्टी का आयोजन करते हैं। रमेश अपने भाई कुमार एस. तौरानी के साथ मिलकर टिप्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड चलाते हैं। दोनों भाइयों ने साल 1975 में टिप्स की शुरुआत म्यूजिक कंपनी के रूप में की थी। 80 और 90 के दशक में टिप्स बॉलीवुड की बड़ी म्यूजिक कंपनियों में शामिल हो गई। संगीत के क्षेत्र में सफलता मिलने के बाद रमेश तौरानी ने फिल्म निर्माण में कदम रखा। उन्होंने 'सोल्जर', 'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह', 'राज', 'इश्क विश्क', 'अजब प्रेम की गजब कहानी' और 'रेस' जैसी कई चर्चित फिल्मों का निर्माण किया। उनकी फिल्म 'इश्क विश्क' से शाहिद कपूर को बतौर लीड एक्टर बॉलीवुड में लॉन्च किया गया था।

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 10:20 am

यशपाल बोले- अल्फ्रेड हिचकॉक की 'द बर्ड्स' ने काफी डराया:सुम्बुल ने सुनाया डरावना किस्सा, हर्ष बोले- भूत मिला तो उससे करूंगा बात

आस्था और अंधविश्वास के बीच बारीक अंतर को फिल्म 'झाड़ फूंक' में दिखाया गया है। फिल्म में यशपाल शर्मा, सुम्बुल तौकीर खान और हर्ष राजपूत अहम भूमिकाओं में हैं। इसके डायरेक्टर राजन रामगोपाल वर्मा हैं। 30 अक्टूबर 2026 से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही फिल्म के कलाकारों और डायरेक्टर राजन रामगोपाल वर्मा ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। उन्होंने फिल्म की कहानी, किरदारों, झाड़-फूंक के अनुभवों, बचपन के डर और फिल्म इंडस्ट्री में सोशल मीडिया फॉलोअर्स के बढ़ते महत्व पर बात की। सवाल: फिल्म का नाम 'झाड़ फूंक' कैसे तय हुआ? जवाब/राजन रामगोपाल वर्मा: फिल्म शुरू करते समय इसका नाम तय नहीं था। हम ऐसा टाइटल चाहते थे, जो कहानी से तुरंत जुड़ जाए। हर इंसान की जिंदगी में विश्वास के साथ अंधविश्वास भी होता है। कहानी पूरी होने पर लगा कि यह झाड़-फूंक पर आधारित है। इस तरह कहानी ने ही फिल्म का नाम दे दिया। सवाल: कलाकारों की कास्टिंग कैसे की? जवाब/राजन: मोहन ठाकुर के किरदार के लिए मुझे गहराई और प्रभाव वाले व्यक्तित्व के अभिनेता की जरूरत थी। यशपाल जी की फिल्में मैंने बचपन से देखी हैं। वे इस भूमिका के लिए बिल्कुल सही लगे। उन्होंने मेरी उम्मीद से भी बेहतर काम किया है। आस्था के किरदार के लिए ऐसी अभिनेत्री चाहिए थी, जो भावनाओं को समझती हो और जिसकी बातों पर दर्शक भरोसा कर सकें। सुम्बुल से बेहतर कोई नहीं लगी। कहानी सुनते ही उन्होंने फिल्म के लिए हां कर दी। राजवीर के लिए मुझे स्मार्ट और समझदार अभिनेता चाहिए था, जो आंखों से भी भावनाएं जाहिर कर सके। हर्ष ने किरदार शानदार तरीके से निभाया है। सवाल: यशपाल जी, इस फिल्म में आपका किरदार कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब/यशपाल शर्मा: फिल्म में मेरा करीब 80 फीसदी किरदार सामान्य इंसान जैसा है। उसकी बातचीत और व्यवहार आम लोगों जैसा है। हालांकि, किरदार बदलने पर अलग और प्रभावशाली अंदाज अपनाना पड़ा। सुपरनैचुरल विषय पर काम करते समय कुछ बदलाव जरूरी होते हैं। इसके लिए मैंने थोड़ी ट्रेनिंग भी ली। सवाल: सुम्बुल, आस्था के किरदार में क्या खास लगा कि आपने तुरंत हां कर दी? जवाब/सुम्बुल: आस्था मासूम और सॉफ्ट हार्टेड लड़की है। मैं हमेशा ऐसे किरदार निभाना चाहती हूं, जो पहले नहीं किए हों। असल जिंदगी में मैं इतनी धीमी आवाज में बात नहीं करती, जबकि आस्था नरम अंदाज में बोलती है। यह मेरे लिए चुनौती थी। मैंने पहले ऐसा किरदार नहीं निभाया था। सवाल: हर्ष, राजवीर के किरदार से कैसे जुड़ाव हुआ? जवाब/हर्ष राजपूत: राजवीर साइकोलॉजी का प्रोफेसर है और मैंने भी साइकोलॉजी पढ़ी है, इसलिए किरदार से तुरंत जुड़ाव हो गया। खास बात यह थी कि उसके पास कोई सुपरपावर नहीं है। कहानी की शुरुआत और उसका निष्कर्ष काफी दिलचस्प है। दर्शक कई बातों पर विश्वास करने लगते हैं, लेकिन अंत में उन्हें संदेश भी मिलता है। सवाल: क्या आप लोगों ने बचपन में झाड़-फूंक के अनुभव देखे हैं? जवाब/यशपाल: मैं तो कई बार झाड़-फूंक से ठीक हुआ हूं। बचपन में घर के बड़े-बुजुर्ग हमें अलग-अलग जगह ले जाते थे। उस समय लोगों के पास आज जैसी जानकारी नहीं थी। झाड़-फूंक करने वालों के यहां काफी भीड़ रहती थी। मुझे याद है, एक बार सर्दियों में हमें 15-20 लोगों के साथ ट्रक में बैठाकर एक गांव ले जाया गया था। वहां मंदिर में खुले बालों वाली एक महिला बैठी थी। वह लोगों से कह रही थी, 'पूछो, हम जानते हैं।' लोग लाइन लगाकर उससे सवाल पूछ रहे थे। मैं छोटा था, इसलिए ज्यादा याद नहीं, लेकिन वह दृश्य आज भी दिमाग में है। सवाल: क्या आप लोग नजर और दूसरी मान्यताओं में विश्वास करते हैं? जवाब/सुम्बुल: मेरे पापा झाड़-फूंक में विश्वास नहीं करते, लेकिन मेरी किसी प्रोजेक्ट की शूटिंग के दौरान हर दूसरे-तीसरे दिन नजर उतारते हैं। मुझे लगता है कि इन चीजों से ज्यादा असर दुआओं का होता है। हर्ष: मेरे दिमाग में यह बात बैठी है कि उल्टी चप्पल पड़े होने से घर में झगड़ा होता है। इसलिए किसी के घर में उल्टी चप्पल देखता हूं, तो उसे सीधा कर देता हूं। हालांकि, ऐसी मान्यताएं कहां से आती हैं, मुझे भी नहीं पता। सवाल: कभी रात में किसी अनजान आवाज के पीछे जाने का अनुभव हुआ है? जवाब/सुम्बुल: 17 साल की उम्र में हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग के दौरान मैं एक होटल में अकेली रुकी थी। रात में टीवी पर हॉरर फिल्म 'द ग्रज' चल रही थी। तभी कमरे के बाहर आवाजें आने लगीं। डर लगा, लेकिन जिज्ञासा में दरवाजा खोलकर देखा। वहां कोई नहीं था। अचानक तेज आवाज हुई और खिड़की खुल गई। पर्दा हवा में उड़ने लगा। मैं डरकर कमरे से बाहर निकल आई और रोने लगी। बाद में पता चला कि उस रात तूफान आया था और खिड़की ठीक से लॉक नहीं थी। सवाल: सचमुच कोई भूत मिल जाए, तो उससे क्या पूछेंगे? जवाब/हर्ष: मैं सबसे पहले पूछूंगा कि भाई, रहते कहां हो? इतने लोकप्रिय हो, सबके दिमाग में हो, लेकिन दिखाई नहीं देते। मौका मिला तो उसकी कहानी भी जानना चाहूंगा। सुम्बुल: मैं उससे पूछना चाहूंगी कि उसकी मौत कैसे हुई, वह कितने समय से भटक रहा है और कौन सा काम अधूरा रह गया है। यशपाल: मुझे लगता है कि भूत दिखाई ही नहीं देते। अंधेरे में सामान्य चीजें भी डरावनी लगती हैं। एक बार रात में दोस्त के साथ लौटते समय पौधों के बीच कुछ सफेद दिखाई दिया। हम दोनों डरकर भाग गए। अगले दिन पता चला कि वहां सफेदी का घड़ा रखा था। सवाल: हॉरर फिल्म देखते हुए कभी ज्यादा डर लगा? यशपाल: मैंने बहुत हॉरर फिल्में देखी हैं, लेकिन अल्फ्रेड हिचकॉक की 'द बर्ड्स' ने काफी डराया था। उसे देखने के बाद कई दिनों तक पक्षियों से डर लगता था। लगता था कि कहीं खिड़की पर चिड़िया न बैठी हो। सवाल: आजकल कास्टिंग में सोशल मीडिया फॉलोअर्स भी देखे जाते हैं। क्या यह सही है? जवाब/राजन: सोशल मीडिया फॉलोअर्स फिल्म के प्रमोशन में फायदेमंद होते हैं। मैंने ऐसी कास्टिंग देखी है, जहां ज्यादा फॉलोअर्स वाले कलाकार को प्राथमिकता दी जाती है। लेकिन यह कास्टिंग का एकमात्र आधार नहीं होना चाहिए। कलाकार का काम और अभिनय ज्यादा जरूरी है। हर्ष: सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स होने का मतलब यह नहीं कि सभी आपकी फिल्म देखने आएंगे। फॉलोअर्स की संख्या और दर्शकों का फिल्म तक पहुंचना अलग बातें हैं। इसलिए सिर्फ लोकप्रियता के आधार पर कास्टिंग सही नहीं है। सुम्बुल: आज मेरे करीब 10 लाख फॉलोअर्स हैं, लेकिन शुरुआत में ऐसा नहीं था। काम के मौके मिलने से मेरी पहचान बढ़ी। मेरा मानना है कि पहले कलाकार का काम देखना चाहिए। मैं इंस्टाग्राम पर चर्चा में बने रहने के लिए पोस्ट नहीं करती। कोई काम होने पर ही उसे साझा करती हूं। सवाल: टीवी कलाकारों को फिल्मों में काम करने के लिए टीवी छोड़ने की सलाह दी जाती है। क्या आपने भी ऐसा अनुभव किया है? जवाब/सुम्बुल: हां, मुझसे कहा गया था कि फिल्मों में काम करने के लिए टीवी से ब्रेक लेना होगा। दो साल का ब्रेक लेने की सलाह भी दी गई। लेकिन कलाकार की पहचान उसके काम से होनी चाहिए। टीवी कलाकार भी मेहनत करते हैं और दर्शकों के बीच उनकी पहुंच काफी गहरी होती है। सवाल: कलाकारों की कास्टिंग में आपकी प्राथमिकता क्या होती है? जवाब/यशपाल: किसी कलाकार को देखते समय मैं सबसे पहले उसका अभिनय देखना चाहता हूं। कोई उसके इतने मिलियन फॉलोअर्स बताए, तो मैं कहता हूं कि पहले परफॉर्मेंस दिखाओ। फिल्म में कलाकार को किरदार निभाना है, इंस्टाग्राम रील्स नहीं बनानी हैं। कलाकार टीवी, थिएटर या फिल्मों से आए, उसकी पहचान काम से होनी चाहिए। सवाल: शाहरुख खान और सुशांत सिंह राजपूत जैसे कई कलाकार भी टीवी से निकलकर फिल्मों में आए। क्या आपके हिसाब से कलाकार की पहचान उसके काम से होनी चाहिए? जवाब/यशपाल शर्मा: बिल्कुल। कलाकार कहीं से भी आया हो, वह कलाकार ही होता है। उसके लिए यह मायने नहीं रखना चाहिए कि उसने टीवी किया है, थिएटर किया है या फिल्में की हैं। आखिरकार उसकी पहचान उसका अभिनय और काम ही है। सवाल: राजन जी, आपका नाम राजन रामगोपाल वर्मा है। क्या आपका फिल्ममेकर रामगोपाल वर्मा से कोई रिश्ता है? जवाब/राजन: नहीं, उनसे मेरा कोई रिश्ता नहीं है। मेरे पिता का नाम भी रामगोपाल वर्मा है, लेकिन वे फिल्म इंडस्ट्री से नहीं हैं। हमारा परिवार ज्वेलरी कारोबार से जुड़ा है। वर्मा हमारा पारिवारिक सरनेम है और बचपन से मेरे नाम के साथ जुड़ा है। सवाल: सुम्बुल, क्या आप इस बार बिग बॉस देख रही हैं? इस सीजन में आपके पिता तौकीर खान को लेकर भी चर्चा हो रही है? जवाब/सुम्बुल: मुझे पता है कि इस बार बिग बॉस में काजी तौकीर आए हुए हैं। करीब 14-15 साल की उम्र में मैं एक शो में काम कर रही थी। उसमें मैंने हीरो की बहन का किरदार निभाया था। बाद में गूगल पर शो की कास्ट देखी, तो वहां मेरे नाम की जगह काजी तौकीर की फोटो और नाम दिखाई दे रहा था। शायद तौकीर नाम को लेकर कन्फ्यूजन हुआ था और मेरी जगह उनका नाम डाल दिया गया था। बिग बॉस देखने की बात करें, तो मैंने पहले भी यह शो नहीं देखा और इस बार भी नहीं देख रही हूं। अपना सीजन तक नहीं देखा, तो दूसरों का क्या देखूंगी? सवाल: हर्ष, आपको कई बार बिग बॉस का ऑफर मिला है। आपने अब तक शो में जाने का फैसला क्यों नहीं किया? जवाब/हर्ष राजपूत: हां, मुझे कई बार ऑफर मिला है। लेकिन सच कहूं, तो अभी तक समझ नहीं आया कि मुझे बिग बॉस में क्यों जाना चाहिए। मेरे लिए एक्टिंग जिंदगीभर का काम है। बिग बॉस में जाने के बाद आपकी पूरी पर्सनैलिटी लोगों के सामने आ जाती है। अगर वहां जाने के बाद मैं कोई फिक्शनल किरदार निभाऊंगा, तो दर्शक मुझे पहले से जान चुके होंगे। ऐसे में वे उस किरदार को कैसे स्वीकार करेंगे, यह मेरे लिए सवाल है। इसलिए कोशिश है कि मुझे कभी ऐसा मौका न मिले। सुम्बुल: मुझे लगता है कि बिग बॉस में किसी इंसान की पूरी पर्सनैलिटी सामने नहीं आती। उसके व्यक्तित्व के कुछ हिस्से ही दिखते हैं। असल जिंदगी में हर इंसान डिप्लोमैटिक होता है। कोई हर किसी के मुंह पर बुरा नहीं बोलता और न ही हर समय लड़ता रहता है। लेकिन बिग बॉस में कई बार लोगों को ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाता है। वहां किसी इंसान का एक खास तरह से दिखना जरूरी नहीं कि उसकी असल जिंदगी की छवि भी हो। शो के दौरान कई चीजें प्लान की जाती हैं। बाहर आने के बाद लोग मिलते हैं और दोस्त बन जाते हैं। शो की लड़ाइयां और नाराजगी भी खत्म हो जाती हैं।

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 6:30 am

रणवीर सिंह का फोन चेक करना चाहेंगी एलनाज नोरौजी:लियाम नीसन से गॉसिप और शाहरुख खान के साथ डांस करना चाहती हैं

एलनाज नोरौजी ने भारतीय मनोरंजन जगत में काम करते हुए कई बड़े सितारों के साथ वक्त बिताया है। हर कलाकार की अपनी खासियत होती है और एलनाज़ के मुताबिक, उन्होंने भी अपने सह कलाकारों से कुछ न कुछ सीखा है। शाहरुख खान का क्रू के प्रति सम्मान, सलमान खान की मेहनत और नवाजुद्दीन सिद्दीकी का काम पर फोकस उन्हें खास तौर पर प्रभावित करता है। दैनिक भास्कर से बातचीत में एलनाज ने इन अनुभवों के साथ मजेदार रैपिड फायर में भी हिस्सा लिया। सवाल: शाहरुख खान से आपने क्या सीखा? जवाब: शाहरुख खान जिस तरह अपनी टीम और क्रू के लोगों को सम्मान देते हैं, वह बहुत खास है। वह हर किसी के साथ इज्जत से पेश आते हैं। यह बात मैंने उनसे सीखी। सवाल: सलमान खान से क्या सीखने को मिला? जवाब: सलमान खान से मैंने मेहनत और लगातार काम करते रहने की सीख ली है। उनका अपने काम के प्रति समर्पण प्रेरित करता है। सवाल: नवाजुद्दीन सिद्दीकी, सैफ अली खान और हॉलीवुड के कलाकारों से क्या सीखा? जवाब: नवाजुद्दीन सिद्दीकी सेट पर अपने काम पर बहुत फोकस करते हैं और फोन से दूर रहते हैं। सैफ अली खान रिहर्सल को अहमियत देते हैं। जैक क्वैड काफी स्पष्टवादी हैं, लियाम नीसन बहुत सहज हैं और जेरार्ड बटलर का सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का है। हर कलाकार से कुछ अलग सीखने को मिलता है। सवाल: लियाम नीसन या शाहरुख खान, किसके साथ गॉसिप करना चाहेंगी? जवाब: लियाम नीसन के साथ। सवाल: और डांस किसके साथ करना चाहेंगी? जवाब: शाहरुख खान के साथ। सवाल: बॉलीवुड के किस स्टार का फोन चेक करने का मौका मिले तो किसका करेंगी? जवाब: रणवीर सिंह का। सवाल: खुद को तीन शब्दों में कैसे बताएंगी? जवाब: ‘द रिलेंटलेस’। मैं आसानी से हार नहीं मानती। सवाल: किसी इंसान की कौन सी बात आपको सबसे ज्यादा आकर्षित करती है? जवाब: जब कोई इंसान समझदार हो, दुनिया और राजनीति की समझ रखता हो, दूसरों के प्रति दयालु हो और एक जेंटलमैन की तरह पेश आए। थोड़ी मर्दाना ऊर्जा भी मुझे आकर्षित करती है। सवाल: आगे कौन से प्रोजेक्ट में नजर आएंगी? जवाब: मेरी एक नई फिल्म अगले साल आएगी। फिलहाल मैं उसके बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकती। ___________ एलनाज नोरौजी से जुड़ा यह इंटरव्यू भी पढ़ें ‘द फिक्स’ में लियाम नीसन के साथ नजर आएंगी एलनाज:बोलीं- हॉलीवुड के सितारे सहज, भारत में बदल सकता है फिल्ममेकिंग का तरीका हॉलीवुड फिल्म ‘द फिक्स’ में लियाम नीसन और जैक क्वैड जैसे कलाकारों के साथ काम कर रहीं एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी इन दिनों अपने करियर के एक नए पड़ाव पर हैं। ईरान में जन्मीं, जर्मनी में पली बढ़ीं और भारत में अपनी पहचान बनाने के बाद अब लॉस एंजिलिस में मौके तलाश रहीं एलनाज का सफर आसान नहीं रहा। पूरा इंटरव्यू पढ़ें..

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 5:00 am

आसिफ खान ने खोले ‘बिग बॉस’ के घर के राज:काजी को बताया ड्रामेबाज, आम्रपाली को सबसे फेक; सलमान को लेकर भी की बात

वेब सीरीज ‘पंचायत’ में ‘दामाद जी’ के किरदार से पहचान बनाने वाले एक्टर आसिफ खान रिएलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ से बाहर हो गए हैं। शो में उनका सफर करीब 8 हफ्ते का रहा। घर से बाहर आने के बाद आसिफ ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। उन्होंने शो में अपने झगड़ों, सलमान खान से मिले फीडबैक और दूसरे कंटेस्टेंट्स के साथ रिश्तों पर बात की। सवाल: टीवी शो बिग बॉस में भाग लेना का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मुझे एक नया अनुभव मिला और बहुत कुछ सीखा। मैं इसे अपनी जर्नी का अंत नहीं मानता। मुझे लगता है कि मैंने अच्छा टेकऑफ लिया है और अभी हवा में ही हूं। बस अब मेरा एयरपोर्ट बदल जाएगा, लेकिन सफर आगे जारी रहेगा। सवाल: सलमान खान से मिले फीडबैक के बाद क्या आप थोड़े मायूस नजर आए। क्या आपको लगा कि आपके खिलाफ पक्षपात हो रहा है? जवाब: नहीं, ऐसा नहीं था। जब भी कोई फीडबैक मिलता है, तो इंसान उसे समझने और उस पर सोचने की कोशिश करता है। घर में कई ऐसे लोग थे, जिन्हें टीवी और रियलिटी शो का अनुभव था। मैं उनमें सबसे कम जानकार था। मेरे लिए 24 घंटे कैमरों के सामने रहना और अनजान लोगों के साथ रहना नया अनुभव था। सलमान सर जब भी कुछ कहते थे, मैं उसे फीडबैक की तरह लेता था। उनका मकसद मुझे बेहतर बनाना था। दूसरे हफ्ते में उन्होंने कहा था कि मैं बहुत झगड़े कर रहा हूं। इसके बाद मैंने खुद पर काम किया। मेरा अगला बड़ा झगड़ा करीब छठे हफ्ते में हुआ। अगर मैं उनकी बात नहीं मानता, तो इतना लंबा अंतर नहीं आता। सवाल: घर में कई बार आपको लगा कि आपकी लड़ाई को गलत और दूसरे कंटेस्टेंट्स की लड़ाई को सही दिखाया जा रहा है? जवाब: कई बार ऐसा महसूस हुआ। एक बार लव के साथ मेरा झगड़ा हुआ था। मैंने उनसे तीन बार कहा कि चिल्लाकर बात मत कीजिए। जब वह नहीं मानीं, तो मैं भी जोर से चिल्लाया। उस दौरान मेरा गला तक बैठ गया था। घर में जब किसी का झगड़ा होता है, तो कई लोग बीच में आ जाते हैं। इससे टीवी पर ऐसा लगता है कि कोई किसी पर हमला करने जा रहा है। जबकि असल में कई बार ऐसा नहीं होता। वहां एक साथ 20 लोग बोल रहे होते हैं। टीवी पर सिर्फ एक या दो लोगों की आवाज सुनाई देती है। इसलिए दर्शकों को पूरी स्थिति समझ नहीं आती। बाद में रोहित सर ने मुझे बताया कि उस मामले में मेरी गलती थी। मैंने उनकी बात सुनी। जब घर के बाकी सदस्यों ने भी मेरे खिलाफ हाथ उठाया, तो मैंने माना कि शायद गलती मेरी ही थी। मैंने लव से माफी भी मांगी। सवाल: काजी के साथ हुई लड़ाई में आपको वीकेंड का वार का फीडबैक गलत लगा था? जवाब: हां, उस दिन मुझे लगा कि फीडबैक का तरीका सही नहीं था। काजी भाई ने बीमारी को लेकर मजाक किया था। मुझे लगा कि उन्हें इस बात पर ज्यादा समझाया जाना चाहिए था। मुझे भी फीडबैक दिया गया, लेकिन मेरे हिसाब से उस दिन बात उलटी होनी चाहिए थी। मैं हर हफ्ते मिलने वाले फीडबैक को स्वीकार करता था और उस पर काम भी करता था। लेकिन उस दिन मुझे अपनी गलती नहीं लगी। इसलिए मैंने सम्मान के साथ कहा कि मैं इस बात से सहमत नहीं हूं। सवाल: क्या ज्यादा इमोशनल होना आपके गेम के खिलाफ गया? जवाब: मैंने कभी यह सोचकर गेम नहीं खेला कि किस तरह का व्यवहार मेरे लिए फायदेमंद होगा। मेरी जिंदगी और एक्टिंग, दोनों में सच्चाई बहुत जरूरी है। मैं कैमरे के सामने कुछ और और अंदर से कुछ और नहीं बनना चाहता था। अगर मुझे गुस्सा आता था, तो मैं गुस्सा दिखाता था। अगर दुख होता था, तो वह भी सामने आता था। मैं किसी को बेवकूफ बनाने के लिए अपनी भावनाओं को छिपाना नहीं चाहता था। घर में मुझे 14 के 14 लोगों ने अपनी निजी बातें बताई थीं। मुझे कई लोगों की कमजोरियां भी पता थीं, लेकिन मैंने कभी उनकी निजी बातों को झगड़े में इस्तेमाल नहीं किया। सवाल: आप बार-बार खुद को एक्टर बताते थे। क्या आपको लगता है कि लोगों को यह बात पसंद नहीं आई? जवाब: मुझे यह बात समझ नहीं आती। अगर कोई गेमर अपनी गेमिंग के बारे में बात कर सकता है, कोई रैपर अपनी रैपिंग के बारे में बात कर सकता है और कोई बॉक्सर अपनी बॉक्सिंग के बारे में बात कर सकता है, तो एक्टर अपनी एक्टिंग के बारे में क्यों नहीं बोल सकता? मैं 16 दिन में एक्टर नहीं बना हूं। मुझे यहां तक पहुंचने में 16 साल लगे हैं। मैंने बहुत मेहनत की है। इसे घमंड नहीं समझना चाहिए। दुनिया में आपकी बुराई करने वाले बहुत लोग मिल जाएंगे। अगर आप खुद को आगे नहीं बढ़ाएंगे, तो कोई दूसरा ऐसा नहीं करेगा। मैं अपनी तारीफ खुद करूंगा। किसी को नहीं सुनना है, तो वह मुझे न देखे। सवाल: आपका कॉमिक अंदाज और बीबी न्यूज दर्शकों को पसंद आया। क्या इसे ज्यादा दिखाते तो सफर लंबा हो सकता था? जवाब: मेरे लिए किसी शो या फिल्म में किरदार की लंबाई मायने नहीं रखती। ‘पंचायत’ में भी मेरा किरदार बहुत लंबा नहीं था, लेकिन लोगों ने उसे पसंद किया। मैं दो सीन में भी अपनी छाप छोड़ सकता हूं। यहां भी यही बात है। अगर मैं 15 हफ्ते घर में रहता और कुछ खास नहीं करता, तो उससे अच्छा है कि 8 हफ्तों में मैंने दर्शकों को खूब एंटरटेन किया। मेरे बाहर आने पर घर के कई सदस्य रोए। यहां तक कि मेरे विरोधी भी भावुक हुए। मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात है। यही मेरी ट्रॉफी है। सवाल: घर से बाहर आने के बाद स्काउट और लव से जुड़े वायरल वीडियो देखकर कैसा लगा? जवाब: मेरी पत्नी ने मुझे कुछ वीडियो दिखाए। मुझे अंदाजा नहीं था कि उन वीडियो को इस तरह दिखाया जा रहा है। उस समय मैं बहुत भावुक था। मैंने घर का राशन तक छोड़ दिया था, क्योंकि मैं मैरी जी और लव को बचाना चाहता था। मैं लोगों से हाथ जोड़कर कहना चाहता हूं कि किसी भी लड़की के वीडियो को गलत संदर्भ में पेश न करें। वह किसी की बहन, बेटी या मां भी हो सकती है। सिर्फ व्यूज के लिए किसी की छवि खराब करना ठीक नहीं है। लोगों को ऐसा कंटेंट बनाने से बचना चाहिए। सवाल: रोहित शेट्टी और सलमान खान के नजरिए में आपको क्या फर्क लगा? जवाब: दोनों की अपनी राय है। रोहित सर ने एक मुद्दे पर अपनी बात रखी और बाद में सलमान सर ने भी उस पर बात की। जब सलमान सर ने वही मुद्दा उठाया, तो घर के दूसरे लोगों को भी लगा कि वे अपनी राय रख सकते हैं। मुझे लगता है कि अगर किसी बात से आप सहमत नहीं हैं, तो आपको अपनी बात कहनी चाहिए। सामने कोई भी हो, अपनी राय रखने का हक सभी को है। सवाल: रोहित शेट्टी और राजकुमार राव जैसे कलाकारों से तारीफ मिलने पर कैसा लगा? जवाब: यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। मुझे लगता था कि इतने बड़े कलाकार शायद दूसरों का काम नहीं देखते होंगे, क्योंकि वे अपने काम में व्यस्त रहते हैं। लेकिन राजकुमार राव सर, रोहित सर और अजय देवगन सर जैसे लोगों ने मेरा काम देखा था। राजकुमार राव सर और रोहित सर ने कहा कि उन्हें मेरा काम पसंद है। रोहित सर ने तो मेरे साथ काम करने की बात भी कही। मैंने उनसे कहा कि मुझे आपके साथ काम करना है। उन्होंने कहा कि जरूर साथ काम करेंगे। मेरे लिए इससे बड़ी खुशी क्या होगी! सवाल: आखिर में रैपिड फायर। घर का सबसे बड़ा गेम प्लेयर कौन है? जवाब: आसिफ खान। सवाल: सबसे बड़ा ड्रामेबाज? जवाब: काजी भाई और आसिफ खान। सवाल: सबसे बड़ा फेक कौन लगा? जवाब: आम्रपाली जी और थोड़ा-थोड़ा माही जी। सवाल: सबसे ज्यादा गॉसिप कौन करता है? जवाब: आम्रपाली जी। वह तो सोते-सोते भी गॉसिप कर सकती हैं। सवाल: घर का सबसे अच्छा इंसान कौन लगा? जवाब: स्काउट। सवाल: किसे बिग बॉस की ट्रॉफी मिलनी चाहिए? जवाब: मेरे हिसाब से स्काउट, यंग और आरिश्फा तीनों इसके हकदार हैं। …………….. यह खबर भी पढ़ें... सैफ-करीना की शादी में धोए बर्तन, चॉल में भी रहे: लोग बोले- तुम हीरो मटेरियल नहीं; 'पंचायत' के दामाद जी बनकर फेमस हुए आसिफ एक्टर आसिफ खान ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में अपने संघर्ष की कहानी साझा की थी। राजस्थान के निम्बाहेड़ा में जन्मे आसिफ ने एक्टिंग में करियर बनाने के लिए कई मुश्किलों का सामना किया। उन्होंने होटल में वेटर का काम किया। सैफ अली खान और करीना कपूर की शादी में भी मेहमानों को खाना परोसा था। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष के बारे में बताया था। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 5:00 am

'रामायण' की स्पेशल स्क्रीनिंग में पहुंचे बॉलीवुड सेलेब्स:आलिया भट्ट, सनी देओल, विवेक ओबेरॉय समेत कई स्टार्स हुए शामिल; कल रिलीज होगी फिल्म

रणबीर कपूर और यश स्टारर फिल्म 'रामायण' का मुंबई में स्पेशल स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। थिएटर्स में फिल्म की रिलीज से पहले आयोजित इस इवेंट में बॉलीवुड के कई सेलेब्स शामिल हुए। इस खास स्क्रीनिंग में अभिनेत्री आलिया भट्ट, सनी देओल, जैकी भगनानी, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय, रवि दुबे, सरगुन मेहता, काजल अग्रवाल, लारा दत्ता ग्रैस, आशीष चंचलानी के साथ-साथ फिल्म के निर्देशक नीतेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा शामिल हुए। देखें इवेंट की तस्वीरें कल दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी फिल्म इस फिल्म में भारतीय सिनेमा के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आने वाले हैं। फिल्म में साई पल्लवी माता सीता और साउथ स्टार यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इनके अलावा सनी देओल, अरुण गोविल, लारा दत्ता, इंदिरा कृष्णन, रवि दुबे, शीबा चड्ढा, कुणाल कपूर, काजल अग्रवाल, रकुल प्रीत सिंह, अजिंक्य देव, चेतन हंसराज, फैजल मलिक, विवेक ओबेरॉय और आदिनाथ कोठारे जैसे कई कलाकार अहम किरदारों में दिखेंगे। यह फिल्म का यानी 5 नवंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 5:00 am

दलेर मेहंदी को अपमानित करने वाले मंत्री बोले:इस्तीफा दे दूंगा लेकिन माफी नहीं मांगूंगा; मीका की टीम के माफी मांगने वाले दावे को नकारा

उत्तराखंड में गायक दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस के दौरान हुए विवाद में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा की वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे, लेकिन गायक से माफी नहीं मांगेंगे। फ्री प्रेस जरनल की रिपोर्ट के मुताबिक सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी से माफी मांगने वाले दावे को भी खारिज कर दिया। इससे पहले मीका सिंह की टीम ने कहा था की विवाद में मंत्री ने दलेर मेहंदी से माफी मांग ली है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उत्तराखंड में एक म्यूजिकल इवेंट के दौरान मंच पर उनियाल ने दलेर मेहंदी पर शराब पीकर गाना गाने का आरोप लगाया। 'पार्टी आलाकमान कहेगा तो भी इस्तीफा दे दूंगा' देहरादून में बोलते हुए मंत्री सुबोध उनियाल से पूछा गया कि अगर भारतीय जनता पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व उन्हें दलेर मेहंदी से माफी मांगने का निर्देश देता है तो वे क्या करेंगे, तो उनियाल ने कहा कि वे माफी मांगने के बजाय अपने पद से इस्तीफा चुनेंगे। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी भी पद या चीज से ज्यादा महत्वपूर्ण आत्मसम्मान होता है और वे इससे कोई समझौता नहीं करेंगे। मंच पर चढ़कर मंत्री ने लगाए थे गंभीर आरोप यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर को टिहरी के 'सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले' के दौरान शुरू हुआ था। सिंगर रुक-रुक कर परफॉर्म कर रहे थे, तभी उत्तराखंड के हेल्थ मिनिस्टर सुबोध उनियाल मंच पर आए और फटकारते हुए कहा- आप शराब पीकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, गाना भी नहीं गा रहे। आपको मालूम है ना कि एक सिंगर पिट कर गया था यहां से। इतना पिटा था कि उसका बाप भी अब नहीं आ सकता यहां पर। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि दलेर मेहंदी शराब पीकर आए हैं और लाइव गाने के बजाय केवल लिप-सिंकिंग कर रहे हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद काफी आलोचना हुई थी। मीका सिंह ने बताया था दलेर की सर्जरी का मामला घटना के बाद दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह ने सोशल मीडिया पर मंत्री के व्यवहार पर कड़ा एतराज जताया था और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी। मीका ने बताया कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी, इसके बावजूद उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक परफॉर्म किया। मीका ने ये भी दावा किया कि दलेर ने जीवन में कभी शराब पी ही नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर माफी नहीं मांगी गई, तो कलाकार उत्तराखंड आना छोड़ देंगे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री दलेर के सपोर्ट में उतर गई। शिल्पा शेट्टी, राजपाल यादव, अनुपम खेर, बादशाह, शान, कपिल शर्मा समेत कई सेलेब्स ने मंत्री के रवैये पर कड़ी निंदा की। फोन पर माफी मांगने के दावे को किया खारिज मंत्री सुबोध उनियाल का यह बयान मीका सिंह की टीम के उस हालिया दावे के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि उनियाल ने दलेर मेहंदी को फोन करके घटना के लिए माफी मांग ली है। हालांकि, देहरादून में मीडिया के सामने आए उनियाल के नए बयान ने मीका सिंह की टीम के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। ये खबर भी पढ़ें तुषार कपूर से धमकाकर मांगे ₹5 करोड़:लॉरेंस गैंग के हैरी बॉक्सर के नाम से आया फोन, जांच में आवाज फर्जी निकली बॉलीवुड एक्टर तुषार कपूर को कथित तौर पर लॉरेंस गैंग के सदस्य हैरी बॉक्सर के नाम से फोन आया। फोन करने वाले ने 5 करोड़ रुपए मांगे हैं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 4:59 am

तब्बू @55, पिता ने छोड़ा साथ, प्यार भी अधूरा रहा:दिल टूटने के बाद चुनी अकेली जिंदगी, बोलीं- गलत पार्टनर से बेहतर है सिंगल रहना

बॉलीवुड में आंखों से भावनाएं बयां करने और हर किरदार में जान डालने वाली तब्बू आज 55 साल की हो गईं। करीब चार दशक के करियर में उन्होंने शोहरत, सम्मान और कई बड़े पुरस्कार हासिल किए, लेकिन निजी जिंदगी आसान नहीं रही। तीन साल की उम्र में माता-पिता का तलाक हो गया और पिता से रिश्ता नहीं बन पाया। जवानी में संजय कपूर के साथ रिश्ता शुरू हुआ, लेकिन फिल्म की शूटिंग खत्म होने से पहले दोनों की बातचीत बंद हो गई। साजिद नाडियाडवाला के साथ रिश्ते की चर्चा शादी तक पहुंची, जबकि नागार्जुन के साथ उनका नाम करीब एक दशक तक जुड़ा रहा। काले हिरण शिकार मामले में नाम आने के बाद उन्हें लंबे समय तक कानूनी विवाद का सामना करना पड़ा। जन्मदिन पर जानते हैं तब्बू की जिंदगी के पांच मुश्किल और चर्चित पहलुओं के बारे में। तीन साल की उम्र में माता-पिता का तलाक, पिता को देखने की इच्छा तक नहीं हुई तब्बू की जिंदगी का पहला बड़ा भावनात्मक मोड़ बचपन में आया। उनका जन्म 4 नवंबर 1971 को हैदराबाद में हुआ था। तीन साल की उम्र में उनके माता-पिता का तलाक हो गया। इसके बाद पिता जमाल हाशमी से उनका खास संपर्क नहीं रहा। उनकी परवरिश मां रिजवाना और नाना-नानी के घर हुई। परिवार के बिखराव ने बचपन में उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। हालांकि, तब्बू ने बचपन को केवल दुख और अभाव के रूप में याद नहीं किया। उन्होंने बताया था कि हैदराबाद में नाना-नानी के साथ उनका बचपन अच्छा बीता। मां टीचर थीं और काम के कारण तब्बू का काफी समय नानी के साथ गुजरता था। तब्बू ने ये बातें सिमी ग्रेवाल के चैट शो 'Rendezvous with Simi Garewal' में साझा की थीं। उन्होंने बताया कि उनकी नानी पूजा-पाठ करती थीं और किताबें पढ़ती थीं। तब्बू उनके आसपास रहकर बड़ी हुईं। उन्होंने स्वीकार किया था कि बचपन में वह बहुत संकोची थीं। अभिनेत्री बनने के बाद भी उनमें खुलकर बात कहने का आत्मविश्वास नहीं था। बातचीत का सबसे भावुक हिस्सा तब आया, जब उनसे पिता के बारे में पूछा गया। तब्बू ने बताया कि उन्होंने पिता को कभी नहीं देखा। उनकी बड़ी बहन फराह कभी-कभी पिता से मिलने जाती थीं, लेकिन तब्बू को उनसे मिलने की इच्छा नहीं हुई। उन्होंने पिता का सरनेम 'हाशमी' न लगाने की वजह भी बताई। तब्बू के मुताबिक, उन्होंने नहीं सोचा कि पिता का सरनेम लगाना जरूरी है। स्कूल में उनका सरनेम फातिमा था और वह इसी पहचान के साथ बड़ी हुईं। उन्होंने कहा था, 'मेरे पास उनकी कोई याद नहीं है। मैं उनसे मिलने के लिए कभी उत्सुक नहीं रही। मैं उनके बारे में जानने को उत्सुक नहीं हूं। मैं जैसी हूं और जिस तरह बड़ी हुई हूं, उससे खुश हूं।' बयान में पिता के प्रति दूरी के साथ परिवार और बचपन को लेकर संतुष्टि भी नजर आती है। किसी बच्चे के लिए पिता की मौजूदगी सिर्फ रिश्ते तक सीमित नहीं, बल्कि बचपन की यादों, सुरक्षा और भावनात्मक जुड़ाव से भी जुड़ी होती है। हालांकि, तब्बू ने इस कमी को अपनी पहचान पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने मां और नाना-नानी के साथ बिताए समय को जिंदगी का अहम हिस्सा बनाया। संजय कपूर से पहला प्यार, फिल्म की शूटिंग खत्म होते-होते बातचीत बंद तब्बू के शुरुआती फिल्मी करियर के दौरान निजी जिंदगी में भी नया रिश्ता शुरू हुआ था। यह अभिनेता संजय कपूर के साथ था। दोनों की मुलाकात फिल्म 'प्रेम' की शूटिंग के दौरान हुई थी। संजय कपूर की यह डेब्यू फिल्म 1995 में रिलीज हुई। फिल्म में दोनों की जोड़ी पर्दे पर नजर आई। इसी दौरान वे करीब आए और डेट करने लगे। दोनों करियर की शुरुआत कर रहे थे। संजय कपूर की यह पहली फिल्म थी, जबकि तब्बू इंडस्ट्री में जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं। इस रिश्ते की पुष्टि किसी गॉसिप रिपोर्ट ने नहीं, बल्कि संजय कपूर ने खुद इंटरव्यू में की थी। संजय कपूर ने ETimes को दिए पुराने इंटरव्यू में तब्बू के साथ रिश्ते पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि फिल्म 'प्रेम' की शूटिंग के शुरुआती दौर में वह तब्बू को डेट कर रहे थे। संजय ने कहा था, 'मैं उस समय शुरुआत में तब्बू को डेट कर रहा था, लेकिन फिल्म खत्म होते-होते हम एक-दूसरे से बात भी नहीं कर रहे थे।' संजय का बयान खास है, क्योंकि उन्होंने पहली बार तब्बू के साथ रिश्ते को लेकर अटकलों पर खुद बात की थी। फिल्म 'प्रेम' की शूटिंग आसान नहीं रही थी। इसे बनने में करीब छह साल लगे थे। शुरुआत में शेखर कपूर निर्देशक थे, लेकिन बाद में सतीश कौशिक ने निर्देशन किया। लंबे समय तक शूटिंग चली और इसी दौरान संजय-तब्बू के रिश्ते में भी बदलाव आया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में रिश्ते के टूटने की वजह संजय कपूर और महीप कपूर की नजदीकियों को बताया गया। हालांकि, तब्बू ने इसकी सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है। साजिद नाडियाडवाला से शादी की चर्चा हुई, लेकिन रिश्ता दोस्ती तक सिमटा संजय कपूर से रिश्ता खत्म होने के बाद तब्बू का नाम फिल्म निर्माता साजिद नाडियाडवाला से जुड़ा। उस दौर में दोनों के रिश्ते की काफी चर्चा हुई। तब्बू ने इस बारे में पुराने इंटरव्यू में खुद बात की थी। 4 अप्रैल 1997 को रेडिफ को दिए इंटरव्यू में तब्बू से निजी रिश्तों और शादी के बारे में पूछा गया था। साजिद नाडियाडवाला को डेट करने के सवाल पर उन्होंने साफ कहा था कि उस समय दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। शादी की संभावना पर उन्होंने कहा था कि फिलहाल कोई योजना नहीं है और कम से कम अगले कुछ साल तक शादी उनके एजेंडे में नहीं है। यह इंटरव्यू अहम है, क्योंकि तब्बू ने खुद स्वीकार किया था कि वह साजिद के साथ रिश्ते में थीं। साजिद नाडियाडवाला की निजी जिंदगी भी उस समय मुश्किल दौर से गुजरी थी। उनकी पहली पत्नी, अभिनेत्री दिव्या भारती का 1993 में निधन हो गया था। उनकी असमय मौत के बाद साजिद के जीवन में काफी बदलाव आए। उस दौर में तब्बू और दिव्या की दोस्ती की भी चर्चा होती रही। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तब्बू और साजिद करीब आए और कुछ समय तक साथ रहे। हालांकि, रिश्ता शादी तक नहीं पहुंच सका। 2011 में 'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' ने तब्बू और साजिद की दोस्ती पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया कि कपल वाला रिश्ता खत्म हो चुका था, लेकिन दोनों दोस्त बने रहे। रिपोर्ट में साजिद ने कहा था कि वह और तब्बू आज भी दोस्त हैं। उन्होंने बताया था कि तब्बू को पद्मश्री मिलने के बाद दोनों ने काफी देर तक बात की। साजिद ने कहा था कि तब्बू के साथ समय बीतने का एहसास ही नहीं होता। तब्बू ने निजी जिंदगी को लेकर ज्यादा खुलासा नहीं किया। उन्होंने रिश्ता स्वीकार किया, लेकिन उसके खत्म होने की वजहों पर सार्वजनिक रूप से विस्तार से बात नहीं की। शादी न होने के पीछे कोई एक निश्चित वजह थी, यह कहना सही नहीं होगा। हालांकि, 1997 के इंटरव्यू से पता चलता है कि उस समय साजिद उनकी जिंदगी में खास जगह रखते थे और दोनों के बीच शादी को लेकर सवाल उठ चुके थे। नागार्जुन से करीब एक दशक तक जुड़ा नाम, रिश्ते को नहीं दिया कोई नाम तब्बू का सबसे चर्चित रिश्ता साउथ के सुपरस्टार नागार्जुन से जोड़ा जाता है। दोनों की नजदीकियों की खबरें कई साल तक मीडिया में आती रहीं। रिपोर्ट्स में दावा था कि दोनों करीब दस साल तक करीब रहे। नागार्जुन पहले से शादीशुदा थे और उनकी पत्नी अमला अक्किनेनी हैं। तब्बू और नागार्जुन के रिश्ते पर लगातार सवाल उठते रहे। कहानी का दिलचस्प हिस्सा 2007 में सामने आया, जब तब्बू फिल्ममेकर करण जौहर के शो 'कॉफी विद करण' में पहुंची थीं। शो में करण जौहर ने उनसे दक्षिण भारत के उस अभिनेता के बारे में पूछा, जिनके साथ उनका नाम लंबे समय से जुड़ा था। तब्बू ने पहले सवाल टालने की कोशिश की, लेकिन फिर नागार्जुन का नाम ले लिया। उन्होंने कहा था कि यह अफवाह उनकी जिंदगी में बनी हुई है। तब्बू ने कहा कि मीडिया हर कुछ साल में इस रिश्ते पर सवाल पूछता रहता है। नागार्जुन के बारे में उनका अगला बयान इस रिश्ते को समझने के लिहाज से अहम है। तब्बू ने कहा था कि नागार्जुन उनकी जिंदगी के सबसे करीबी लोगों में से एक हैं और रिश्ता बेहद खास है। उन्होंने कहा कि वह इस रिश्ते को कोई नाम नहीं दे सकतीं। करण जौहर ने इसे दोस्ती कहने का सुझाव दिया, तो तब्बू ने कहा कि दोस्ती शब्द का कई बार गलत इस्तेमाल होता है। बातचीत से साफ हुआ कि तब्बू नागार्जुन को जिंदगी में बेहद अहम मानती थीं, लेकिन रिश्ते को किसी तय नाम में बांधना नहीं चाहती थीं। 2017 में नागार्जुन ने 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' को दिए इंटरव्यू में तब्बू को अपनी बहुत अच्छी दोस्त बताया था। उन्होंने कहा था कि उनकी दोस्ती कई साल पुरानी है। नागार्जुन के मुताबिक, तब्बू का नाम सुनते ही उनका चेहरा खिल उठता है। इस रिश्ते पर चर्चा की वजह नागार्जुन का शादीशुदा होना और परिवार के साथ रहना भी था। मीडिया में खबरें आईं कि तब्बू रिश्ते में स्थिरता चाहती थीं, लेकिन नागार्जुन पारिवारिक जिंदगी से अलग नहीं होना चाहते थे। तब्बू और नागार्जुन ने इन दावों की पुष्टि नहीं की। इसलिए रिश्ता किस वजह से खत्म हुआ या शादी की उम्मीद थी, यह पूरी तरह प्रमाणित नहीं है। तब्बू ने नागार्जुन के लिए जिस खास जुड़ाव का जिक्र किया था, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह उनके जीवन में महत्वपूर्ण व्यक्ति रहे हैं। काले हिरण केस में नाम आने से सालों विवादों में रहीं, अदालत के चक्कर लगाने पड़े तब्बू की जिंदगी का पांचवां मुश्किल दौर 1998 में शुरू हुआ। फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान जोधपुर में काले हिरण के शिकार का मामला सामने आया। इस मामले में सलमान खान के साथ तब्बू, सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे और नीलम भी सह-आरोपी के तौर पर सामने आए थे। शूटिंग के दौरान हुई इस घटना ने पूरे बॉलीवुड को विवादों में ला दिया। मामला अदालत पहुंचा और सुनवाई सालों तक चली। यह विवाद तब्बू के लिए मुश्किल रहा, क्योंकि उनका नाम लगातार मीडिया की सुर्खियों में रहने लगा। वह फिल्मों में अभिनय के लिए पहचान बना रही थीं, वहीं अदालत में चल रहे मामले पर सार्वजनिक सवालों का सामना भी कर रही थीं। करीब दो दशक चले मामले में 5 अप्रैल 2018 को जोधपुर की अदालत ने फैसला सुनाया। सलमान खान दोषी ठहराए गए, जबकि तब्बू, सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे और नीलम संदेह का लाभ देकर बरी कर दिए गए। मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। मई 2025 में राजस्थान सरकार ने तब्बू और अन्य सह-आरोपियों की बरी होने के फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी। अपील पर सुनवाई की तारीख तय की गई थी। तब्बू बोलीं- सिंगल होना बुरा नहीं, गलत पार्टनर से बेहतर है अकेले रहना तब्बू की निजी जिंदगी में कई रिश्ते अधूरे रहे, लेकिन वह इसे नाकामी नहीं मानतीं। अकेले रहने को भी वह अभिशाप नहीं समझतीं। 23 मार्च 2019 को हिंदुस्तान टाइम्स ब्रंच को दिए इंटरव्यू में उन्होंने निजी जिंदगी और रिश्तों पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था, मुझे नहीं लगता कि सिंगल होना कोई बुरी बात है। पहले अकेले रहने को लेकर समाज में एक तरह का कलंक था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। आपकी खुशी कई ऐसी चीजों से आती है, जिनका आपके रिलेशनशिप स्टेटस से कोई लेना-देना नहीं होता। आप अकेले रहकर अपने अकेलेपन से निपट सकते हैं, लेकिन गलत पार्टनर के साथ रहने पर उससे भी ज्यादा तकलीफदेह स्थिति पैदा हो सकती है। तब्बू ने बताया था कि करियर में आगे बढ़ते हुए वह काम करना और अकेले दुनिया देखना चाहती थीं। उनके मुताबिक, रिश्ते के लिए सपनों और क्षमताओं को छोड़ना खुद के साथ नाइंसाफी होती। उन्होंने कहा था कि आदर्श रिश्ता वह है, जिसमें दो लोग एक-दूसरे की जिंदगी का हिस्सा बनकर आगे बढ़ें। रिश्ते आजादी देने वाले होने चाहिए, बांधने वाले नहीं। निजी जिंदगी में मुश्किलों के बावजूद करियर में बनाया अलग मुकाम तब्बू ने 1980 के दशक में बाल कलाकार के तौर पर काम शुरू किया था। फिल्म 'प्रेम' से उन्हें अभिनेत्री के तौर पर पहचान मिली। 1996 में आई 'माचिस' ने करियर को नई दिशा दी। इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 'विरासत', 'अस्तित्व', 'चांदनी बार' और 'मकबूल' जैसी फिल्मों ने उन्हें गंभीर अभिनेत्री के तौर पर स्थापित किया। 'चांदनी बार' के लिए दूसरा नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। उन्होंने हिंदी के अलावा तेलुगु, तमिल, मलयालम और अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया। हॉलीवुड फिल्म 'लाइफ ऑफ पाई' में भी नजर आईं। 2011 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 'हैदर', 'दृश्यम', 'अंधाधुन' और 'भूल भुलैया 2' जैसी फिल्मों से साबित हुआ कि उम्र के साथ उनकी अदाकारी और परिपक्व हुई है। ____________________________ यह खबर भी पढ़ें.. ऐश्वर्या @53: मिस वर्ल्ड का ताज जीतकर बनीं ग्लोबल स्टार:विल स्मिथ ने दिया था फिल्मों का ऑफर, फिर भी छोड़ीं कई बड़ी फिल्में ऐश्वर्या राय बच्चन आज अपना 53वां जन्मदिन मना रही हैं। मिस वर्ल्ड 1994 का खिताब जीतने से पहले ही उन्हें फिल्मों के ऑफर मिले थे, लेकिन उन्होंने पढ़ाई और मिस इंडिया प्रतियोगिता को प्राथमिकता दी। पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 4:33 am

अमित शाह से मिले चिरंजीवी और राम चरण:बोले- AI और डीपफेक तकनीक से कलाकारों को खतरा; जान्हवी कपूर का डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था

तेलुगु सुपरस्टार चिरंजीवी और उनके बेटे राम चरण ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों कलाकारों ने फिल्म इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक के बढ़ते गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई। चिरंजीवी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मुलाकात की जानकारी दी। गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए सरकार की ओर से सख्त नियम और कड़े दंड का प्रावधान करने का आश्वासन दिया। साथ ही, मामले में औपचारिक लिखित आवेदन जमा करने की सलाह दी। ‘डीपफेक कलाकारों के लिए खतरा’ चिरंजीवी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि गृह मंत्री अमित शाह से मिलना उनके लिए सम्मान की बात थी। उन्होंने गृह मंत्री को बताया कि डीपफेक और एआई का गलत इस्तेमाल कलाकारों के अधिकारों, आत्मसम्मान और क्रिएटिव कंटेंट के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। चिरंजीवी के मुताबिक, अमित शाह ने पूरे मामले को ध्यान से सुना और आश्वस्त किया कि सरकार इस पर जल्द से जल्द कड़े कदम उठाएगी। गृह मंत्री ने केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी को फिल्म उद्योग और सरकार के बीच इस मुद्दे पर तालमेल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। राम चरण बोले- गृह मंत्री ने भरोसा दिलाया मुलाकात के बाद राम चरण ने भी सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए खुशी जताई। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री का सकारात्मक रुख और समस्या की गंभीरता को समझना पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए राहत देने वाला कदम है। राम चरण के अनुसार, गृह मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि फर्जी कंटेंट बनाने वालों और इसका गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द कलाकारों की सुरक्षा के लिए ठोस गाइडलाइन्स लागू की जाएंगी। हाल ही में जान्हवी कपूर का डीपफेक वीडियो वायरल हुआ हाल ही में फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ के गाने ‘चुट्टामल्ले’ का AI से बनाया गया मॉर्फ्ड (डीपफेक) वीडियो वायरल हुआ था। यह गाना जान्हवी कपूर पर फिल्माया गया था। कई एक्टर्स ने इसे बेहद घिनौना और शर्मनाक बताया था। चिरंजीवी ने भी वीडियो पर जताई थी नाराजगी साउथ सुपरस्टार चिरंजीवी ने भी गाने ‘चुट्टामल्ले’ के मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक AI वीडियो के वायरल होने पर कड़ी नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने ऐसे कंटेंट को क्रूर, शर्मनाक और पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ किसी एक महिला या फिल्म से जुड़ा मामला नहीं है। आज किसी और के साथ हुआ है, कल यह आपके, मेरे या किसी जानने वाले के साथ भी हो सकता है। चिरंजीवी ने कहा कि ऐसे वीडियो बनाने और जानबूझकर उन्हें फैलाने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इसे मजाक या मनोरंजन मानने से भी इनकार किया। उन्होंने तेलुगु फिल्म चैंबर, प्रोड्यूसर्स काउंसिल और इंडस्ट्री संस्थाओं के साथ मिलकर एक कमेटी और सपोर्ट सेल बनाने की बात कही। यह टीम साइबर क्राइम अधिकारियों के साथ काम करेगी। उन्होंने लोगों से वीडियो को देखने, डाउनलोड करने या शेयर करने के बजाय संबंधित प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम अधिकारियों को रिपोर्ट करने की अपील की। रश्मिका मंदाना का वीडियो वायरल होने पर मचा था बवाल इससे पहले 2023 में अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का एक डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद पूरे देश में एआई के गलत इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई थी। रश्मिका ने इस घटना का खुलकर विरोध किया था। इसके बाद जनवरी 2024 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर से बीटेक ग्रेजुएट 24 वर्षीय ईमानी नवीन को गिरफ्तार किया था, जिसने रश्मिका का वीडियो बनाकर अपलोड किया था। ये खबर भी पढ़ें दीया मिर्जा का दिवाली वीडियो हटाने पर विवाद:भाजपा के ऐतराज के बाद BMC ने हटाया; एक्ट्रेस बोलीं- भलाई का जमाना नहीं रहा बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने अपने पेज से दीया मिर्जा का दिवाली पर पटाखे न फोड़ने की अपील वाला वीडियो हटा दिया है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 3 Nov 2026 3:00 pm

‘बिग बॉस’ फेम आसिफ खान हुए भावुक:घर के अंदर थे, तब दोस्त की हार्ट अटैक से हुई मौत; बोले- पिता को भी ऐसे खोया था

वेब सीरीज ‘पंचायत’ में अपने अभिनय से पहचान बनाने वाले एक्टर आसिफ खान ‘बिग बॉस 20’ से बाहर हो गए हैं। शो में उनका सफर करीब 8 हफ्ते का रहा। घर से बाहर आने के बाद आसिफ ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने शो के अनुभव और घर के कुछ सदस्यों के व्यवहार पर बात की। इंटरव्यू में वह अपने बचपन के दोस्त जैद को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि जब वह शो के अंदर थे, तभी उनके दोस्त की हार्ट अटैक से मौत हो गई। आसिफ को जुलाई 2025 में हार्ट अटैक आया था। जिसके बाद शुरुआत में उन्होंने इसे एसिड रिफ्लक्स की समस्या बताया था। वहीं, शो के दौरान को-कंटेस्टेंट काजी तौकीर ने आसिफ की बीमारी को लेकर टिप्पणी की थी। इस पर दोनों के बीच बहस हुई थी। इसके बाद आसिफ की पत्नी जेबा खान ने मेडिकल रिपोर्ट शेयर कर बताया था कि आसिफ की कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज हुआ था। इलाज के दौरान उनके दिल में स्टेंट भी लगाया गया था। आसिफ ने हार्ट अटैक की बात छिपाई थी, क्योंकि उन्हें डर था कि इससे फिल्म इंडस्ट्री में उनकी छवि प्रभावित होगी और उन्हें काम मिलना बंद हो सकता है। बीमारी का मजाक बनाने पर जताई नाराजगी शो के शुरुआती हफ्तों में कंटेस्टेंट काजी तौकीर ने मनोरंजन और अटेंशन के लिए मेडिकल रूम में जाने और बीमार होने का झूठा नाटक रचा था। इंटरव्यू के दौरान आसिफ ने कहा कि किसी गंभीर बीमारी को लेकर इस तरह का मजाक करना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, समाज में आज भी कई लोग ऐसी बीमारियों से जूझ रहे हैं, लेकिन वे खुलकर अपनी परेशानी के बारे में बात नहीं कर पाते। ऐसे में अगर कोई इस बीमारी को मनोरंजन का हिस्सा बना देता है, तो इससे उन लोगों पर भी असर पड़ सकता है। आसिफ ने कहा कि इस तरह की बातों से लोगों के मन में शक पैदा हो सकता है। मान लीजिए, भविष्य में कोई व्यक्ति अपनी बीमारी के बारे में किसी को बताता है, तो सामने वाला उसकी बात पर भरोसा करने से पहले सोच सकता है। उसे लग सकता है कि शायद वह भी मजाक कर रहा है। आसिफ ने कहा कि घर में इस मुद्दे पर बातचीत के दौरान वह कई बार भावुक हुए और रोए भी। इसके बावजूद उन्हें लगा कि उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश नहीं की गई। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाला उनकी बात से असहज था, तो वह वहां से उठकर जा सकता था या कुछ देर बाद वापस आकर बातचीत कर सकता था। कम से कम इससे उन्हें यह महसूस होता कि उनकी भावनाओं और आंसुओं की कद्र की जा रही है। आसिफ ने कहा कि किसी की परेशानी को समझने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं होती। कई बार सिर्फ इंसानियत दिखाना ही काफी होता है। दोस्त की मौत की खबर सुनकर लगा, शो में नहीं आना चाहिए था इंटरव्यू के दौरान आसिफ ने अपने बचपन के दोस्त जैद की मौत का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब वह शो के पांचवें हफ्ते में कैप्टन बने थे, उसी दिन उनके दोस्त को घर पर हार्ट अटैक आया था। जैद की घर पर ही मौत हो गई। आसिफ ने बताया कि जैद उनके बचपन का दोस्त था। दोनों की दोस्ती एलकेजी-यूकेजी के समय से थी। शो से बाहर आने के बाद जब वह अपनी पत्नी और परिवार से मिले, तो करीब डेढ़ घंटे तक सभी ने बैठकर बातचीत की। इसी दौरान उन्होंने परिवार से पूछा कि उनके शो में रहने के दौरान बाहर क्या-क्या हुआ। आसिफ के मुताबिक, उनकी पत्नी जेबा ने बातचीत में अचानक जैद का नाम लिया। दोस्त की मौत के बारे में जानकर वह अंदर से टूट गए। उन्होंने कहा कि उस वक्त उन्हें लगा कि शायद उन्हें शो में नहीं आना चाहिए था। अगर वह बाहर होते, तो कम से कम अपने दोस्त से आखिरी बार मिल पाते और उसका चेहरा देख सकते थे। आसिफ के पिता का निधन भी हार्ट अटैक से हुआ था दोस्त की मौत का जिक्र करते हुए आसिफ इंटरव्यू में भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके लिए बहुत निजी है। वह पहले ही अपने पिता को हार्ट अटैक की वजह से खो चुके हैं। इसलिए जब भी इस तरह की घटना या बात सामने आती है, तो वह भावनात्मक रूप से प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई ऐसी बात करता है, जिससे वह व्यक्तिगत रूप से जुड़े हुए हैं, तो उन्हें बुरा लगता है। अगर कोई उनके साथ असंवेदनशील व्यवहार करेगा, तो वह अपनी प्रतिक्रिया नहीं रोकते। बाद में जरूरत पड़ने पर माफी मांग सकते हैं, लेकिन उस वक्त उनका रिएक्शन स्वाभाविक होता है। …………….. यह खबर भी पढ़ें... सैफ-करीना की शादी में धोए बर्तन, चॉल में भी रहे: लोग बोले- तुम हीरो मटेरियल नहीं; 'पंचायत' के दामाद जी बनकर फेमस हुए आसिफ एक्टर आसिफ खान ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में अपने संघर्ष की कहानी साझा की थी। राजस्थान के निम्बाहेड़ा में जन्मे आसिफ ने एक्टिंग में करियर बनाने के लिए कई मुश्किलों का सामना किया। उन्होंने होटल में वेटर का काम किया। सैफ अली खान और करीना कपूर की शादी में भी मेहमानों को खाना परोसा था। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष के बारे में बताया था। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 3 Nov 2026 1:07 pm

बहू सरपंच बनी तो सास ने गांव के नाम कर दी जमीन, पंचायत भवन के लिए दान की सवा बीघा भूमि

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में सास-बहू की एक अनूठी पहल ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया है।

खास खबर 31 Oct 2026 11:44 am

विश्व सफेद छड़ी दिवस - सिर्फ एक सहारा नहीं, नेत्रहीन लोगों की सुरक्षा और स्वतंत्रता का भी प्रतीक

हर साल 15 अक्टूबर को विश्व सफेद छड़ी दिवस मनाया जाता है। यह दिन खासतौर पर नेत्रहीन और दृष्टिबाधित लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

खास खबर 14 Oct 2026 6:00 pm

दिवाली पर फ्री गिफ्ट मांगना पड़ा भारी, मदुरै के इन्फ्लुएंसर के घर पहुंच गए लाखों के COD पार्सल

दिवाली पर फॉलोअर्स से मिठाइयां और गिफ्ट मिलने की उम्मीद तमिलनाडु के मदुरै में रहने वाले इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वीरमणि के लिए बड़ी मुसीबत बन गई।

खास खबर 14 Oct 2026 11:49 am

बेटे को गेम खेलने से रोकती थीं, अब उसी से सीखी गेमिंग और बनीं स्टार स्ट्रीमर; 60 की उम्र में ‘आंटी जुआन’ का जलवा

आमतौर पर मां-बाप अपने बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल या वीडियो गेम खेलने से रोकते हैं, लेकिन चीन की 60 वर्षीय झोंग जुआनजुआन की कहानी कुछ अलग है। कभी वह अपने बेटे को गेम खेलने से रोकने के लिए इंटरनेट कैफे तक पहुंच जाती थीं, लेकिन आज वही गेमिंग उनकी पहचान बन चुकी है। इंटरनेट की दुनिया में वह ‘आंटी जुआन’ के नाम से मशहूर हैं और हजारों लोग उन्हें लाइव गेम खेलते हुए देखना पसंद करते हैं।

खास खबर 7 Oct 2026 12:16 pm

न दुकानदार, न CCTV और न ताला… मिजोरम के गांवों में भरोसे से चलती हैं ये अनोखी दुकानें

आज के समय में किसी दुकान की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, ताले और दुकानदार की मौजूदगी आम बात है।

खास खबर 3 Oct 2026 11:27 am

प्रसाद समझकर 3 तोले की सोने की चेन निगल गया बैल, 15 दिन बाद सर्जरी से निकली

महाराष्ट्र के मालेगांव तालुका के वनपत गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।

खास खबर 30 Sep 2026 12:19 pm

मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग

तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं

खास खबर 15 Sep 2026 1:28 pm

सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती

आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।

खास खबर 9 Sep 2026 3:16 pm

ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी

खास खबर 3 Sep 2026 11:41 am

Viral News : धरती का ‘सर्वाइवल एक्सपर्ट’ है बिच्छू! महीनों बिना खाना और कई दिनों तक पानी में रह सकता है जिंदा

धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।

खास खबर 1 Sep 2026 2:51 pm

'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।

खास खबर 22 Aug 2026 12:28 pm

नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी

नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।

खास खबर 12 Aug 2026 2:30 pm

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm