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‘चुट्टामल्ले’ के मॉर्फ्ड वीडियो पर भड़के जूनियर NTR:बोले- महिलाओं को देवी मानने वाले देश में AI से अपमान करने वालों को नहीं छोड़ूंगा

साउथ एक्टर जूनियर NTR ने उनकी फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ के गाने ‘चुट्टामल्ले’ के AI से बनाए गए मॉर्फ्ड वीडियो को लेकर भड़क गए। यह गाना जान्हवी कपूर के साथ फिल्माया गया था। एक्स पर पोस्ट में उन्होंने लिखा, यह बेहद घिनौना, शर्मनाक और निंदनीय है। जिस देश में महिलाओं को मां और देवी के रूप में सम्मान दिया जाता है और ‘मातृदेवो भव’ हमारी संस्कृति का हिस्सा है, वहां कुछ लोग AI का इस्तेमाल कर एक महिला का इस तरह अपमान कर रहे हैं। मॉर्फ्ड वीडियो बनाने वालों को चेतावनी जूनियर NTR ने मॉर्फ्ड ‘चुट्टामल्ले’ वीडियो बनाने और उसे फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने लिखा कि ‘चुट्टामल्ले’ के इस मॉर्फ्ड वीडियो को बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ मैं हर संभव कानूनी कार्रवाई करूंगा। मैं उनमें से किसी को भी नहीं छोड़ूंगा। अभिनेता ने लोगों से ऐसे कंटेंट को बढ़ावा नहीं देने की अपील की। उन्होंने लिखा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि ऐसे कंटेंट को न देखें, न शेयर करें और न ही उस पर प्रतिक्रिया दें। आज यह किसी और के साथ हुआ है, कल आपकी मां, बहन, पत्नी या बेटी भी इसका शिकार हो सकती है।” उन्होंने आगे लिखा, यह बेहद गंभीर मामला है। मैं सभी राज्य सरकारों और भारत सरकार से अपील करता हूं कि AI के गलत इस्तेमाल के खिलाफ सख्त नियम बनाए जाएं और कार्रवाई की जाए।” ‘चुट्टामल्ले’ गाना और फिल्म ‘चुट्टामल्ले’ 2024 में आई एक्शन ड्रामा फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ का रोमांटिक गाना है। इसमें जूनियर NTR और जान्हवी कपूर नजर आए थे। यह गाना अपनी धुन और दोनों मुख्य कलाकारों की केमिस्ट्री के लिए लोकप्रिय हुआ था। ‘देवरा: पार्ट 1’ की कहानी कोरटाला शिवा के निर्देशन में बनी ‘देवरा: पार्ट 1’ की कहानी 1980 के दशक के एक तटीय गांव पर आधारित है। फिल्म में एक ताकतवर समुद्री योद्धा अवैध समुद्री तस्करी के खिलाफ खड़ा होता है। उसे पता चलता है कि इसकी वजह से निर्दोष लोगों को नुकसान हो रहा है। फिल्म में जूनियर NTR, जान्हवी कपूर और सैफ अली खान ने अहम भूमिकाएं निभाईं। प्रकाश राज, श्रीकांत और शाइन टॉम चाको भी फिल्म का हिस्सा थे। वर्कफ्रंट की बात करें तो जूनियर NTR अपकमिंग फिल्म ‘ड्रैगन’ पर काम कर रहे हैं। इसका निर्देशन ‘KGF’ और ‘सालार’ फेम प्रशांत नील कर रहे हैं। फिल्म 11 जून 2027 को रिलीज होने वाली है। कई सेलेब्स के AI-जनरेटेड पोस्ट बने हैं गौरतलब है कि कई सेलिब्रिटी एआई-जनरेटेड कंटेंट का शिकार हो चुके हैं, जिनमें रश्मिका मंदाना, नोरा फतेही और माधुरी दीक्षित जैसे नाम शामिल हैं। मई 2026 में फेक एआई से बने वीडियो और तस्वीरों को लेकर साउथ एक्ट्रेस रुक्मिणी वसंत भड़क गई थीं। रुक्मिणी ने एक्स अकाउंट पर एक नोट शेयर कर लिखा था, “मेरी टीम और मैंने सोशल मीडिया पर कुछ एआई से बनाई गई तस्वीरें देखी हैं, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वो मेरी हैं। मैं साफ कहना चाहती हूं कि ये तस्वीरें पूरी तरह फर्जी और बनाई गई हैं। इस तरह की एडिटेड तस्वीरें बनाना और फैलाना बहुत गैरजिम्मेदाराना है। यह किसी की प्राइवेसी का बड़ा उल्लंघन भी है।” उन्होंने आगे लिखा था, “हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। इन तस्वीरों को बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी और साइबर क्राइम कार्रवाई शुरू की जा रही है। मैं सभी लोगों से अपील करती हूं कि ऐसे कंटेंट को शेयर न करें और न ही उसे बढ़ावा दें।” मई 2026 में ही माधुरी दीक्षित का एक रिवीलिंग ब्लैक ड्रेस वाला वीडियो वायरल हुआ था, जिसे बाद में फैक्ट चेक और ट्विटर (X) के कम्युनिटी नोट द्वारा एआई-जनरेटेड और पूरी तरह नकली घोषित किया गया। नवंबर 2023 में रश्मिका का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह काले रंग के कपड़ों में एक लिफ्ट के अंदर जाती हुई दिख रही थीं। यह वीडियो पूरी तरह फेक था। मूल वीडियो ब्रिटिश-भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जारा पटेल का था। AI डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके जारा के चेहरे की जगह रश्मिका का चेहरा लगा दिया गया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार भी किया था। जनवरी 2024 में नोरा फतेही का भी एक फेक वीडियो सामने आया था जिसमें एक क्लोदिंग ब्रांड के एंडोर्समेंट के लिए उनके चेहरे और आवाज का गलत इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने खुद इंस्टाग्राम पर पोस्ट डालकर इसके फर्जी होने की पुष्टि की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 3 Oct 2026 4:29 pm

सलमान खान की मातृभूमि को सरकार से NOC:CBFC की मंजूरी बाकी, भारत-चीन रिश्तों को ध्यान में रखकर फिल्म में हुए कई बदलाव, जानिए क्यों अटकी फिल्म

सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ को सरकार से NOC मिल गई है। अब फिल्म को CBFC की मंजूरी का इंतजार है। भारत-चीन के बीच 2020 में हुए टकराव पर बनी इस फिल्म में कई बदलाव किए गए हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी देश के सम्मान को ठेस न पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (IB Ministry) को मेकर्स के दिए ‘मातृभूमि’ के नए वर्जन से कोई आपत्ति नहीं है।इसके बाद इस वॉर-ड्रामा फिल्म को NOC दे दी गई है। NOC मिलने के बाद फिल्म इस साल के आखिर में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, सलमान खान और उनकी टीम इसे 13 नवंबर को रिलीज करने पर विचार कर रही है। उनका मानना है कि दिवाली के बाद का फेस्टिव माहौल फिल्म की रिलीज के लिए सही रहेगा। फिल्म की सेंसर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। मेकर्स जल्द ही फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास जमा करेंगे। अगर CBFC से मंजूरी मिल जाती है और यह प्रक्रिया इसी महीने पूरी हो जाती है, तो सलमान और उनकी टीम फिल्म को 13 नवंबर को रिलीज कर सकती है। NOC के बाद CBFC सर्टिफिकेट जरूरी NOC और CBFC की मंजूरी अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। मंत्रालय से NOC मिलने के बाद फिल्म CBFC के पास भेजी जाती है। CBFC से सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार मानी जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 दिनों में फिल्म की स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। ओरिजिनल वर्जन में किए गए बदलाव फिल्म जिस घटना पर आधारित है, वह चीन से तनावपूर्ण रिश्तों के बीच घटी थी, हालांकि अब चीन के साथ सुधरे रिश्तों को देखते हुए सरकार ने फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई थी। सरकार ने मेकर्स को उनमें बदलाव करने का सुझाव दिया। इसके बाद ‘मातृभूमि’ को ओरिजिनल वर्जन की तुलना में काफी बदला गया है। अब फिल्म में भारत और चीन के रिश्तों को सकारात्मक नजरिए से दिखाया जाएगा। डीटेल में जानिए क्यों बार-बार टल रही मातृभूमि, क्या है पूरा विवाद? फिल्म मातृभूमि लंबे समय से विवादों में है। फिल्म 2020 में हुई गलवान झड़प पर बनी है। पहले इसका टाइटल ही बैटल ऑफ गलवान रखा गया था। ‘बैटल ऑफ गलवान’ का ट्रेलर 27 दिसंबर को सलमान खान के जन्मदिन के मौके पर रिलीज हुआ था। ट्रेलर सामने आने के बाद चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सलमान खान की ड्रेस और हेयर स्टाइल को लेकर भी आलोचना हुई थी। चीनी एक्सपर्ट्स ने कहा था कि बॉलीवुड फिल्में मनोरंजन के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन वे इतिहास को बदल नहीं सकतीं। चीनी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने मिलिट्री एक्सपर्ट सॉन्ग झोंगपिंग के हवाले से लिखा था कि भारत में फिल्मों का इस्तेमाल देशभक्ति की भावना को बढ़ाने के लिए किया जाता है। हालांकि, उनके मुताबिक कोई भी फिल्म गलवान झड़प से जुड़े तथ्यों को नहीं बदल सकती। सॉन्ग ने दावा किया था कि पहले भारतीय सैनिकों ने सीमा पार की थी और इसके जवाब में चीनी सैनिकों ने चीनी सीमा की रक्षा की थी। आलोचना के बाद मेकर्स ने फिल्म के कुछ हिस्सों को दोबारा शूट करने का फैसला किया। करीब 40 दिनों तक री-शूट किया गया, ताकि कहानी के कुछ हिस्सों में बदलाव कर उसे ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके। इसी वजह से फिल्म की तय रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई।आपत्ति उठाए जाने पर टाइटल बदलकर मातृभूमिः मे वॉर रेस्ट इन पीस कर दिया गया है। फिल्म के नाम और रिलीज में बदलाव को गलवान संघर्ष से जुड़े संवेदनशील भू-राजनीतिक मुद्दे से भी जोड़कर देखा गया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म 'मातृभूमि' को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्रोडक्शन हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि फिल्म की सीबीएफसी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुकी होने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। सर्टिफिकेट से जुड़े दावों के बीच सलमान खान फिल्म्स ने बयान जारी कर कहा कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया। इसलिए इस तरह की रिपोर्ट्स पर भरोसा न करें। सलमान खान फिल्म्स ने मीडिया और लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि की जानकारी न फैलाएं। फिल्म से जुड़े सभी आधिकारिक अपडेट केवल उनके ऑफिशियल प्लेटफॉर्म पर ही शेयर किए जाएंगे। फिल्म में सलमान खान मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके अलावा ‘मातृभूमि’ में चित्रांगदा सिंह, अंकुर भाटिया, अभिलाष चौधरी और जेन शॉ समेत कई कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। सीबीएफसी कैसे काम करता है? सीबीएफसी यानी सेंसर बोर्ड के पास फिल्म के सर्टिफिकेशन के लिए अधिकतम 68 दिनों का समय होता है। पहले फिल्म के आवेदन की जांच की जाती है। इसमें एक हफ्ते का समय लगता है। इसके बाद फिल्म को जांच समिति के पास भेजा जाता है। उनके पास फिल्म की जांच के लिए 15 दिनों का समय होता है। जांच समिति फिल्म को सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के पास भेजती है। सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष फिल्म की जांच के लिए अधिकतम 10 दिनों का समय ले सकता है। इसके बाद 36 दिनों के भीतर सेंसर बोर्ड आवेदक को जरूरी कट्स के बारे में जानकारी और सर्टिफिकेट प्रदान करता है।

दैनिक भास्कर 3 Oct 2026 2:57 pm

दृष्यम 3 से डरे 'उड़ता तीर' के मेकर्स:क्लैश से बचने के लिए दूसरी बार बदली रिलीज डेट, जानिए पोस्टपोन की 3 वजह और एक्सपर्ट की राय

आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की अपकमिंग फिल्म 'उड़ता तीर' की रिलीज दूसरी बार टल गई है। पहले फिल्म 11 सितंबर को रिलीज होने वाली थी, लेकिन बाद में रिलीज डेट 9 अक्टूबर हो गई। लेकिन अब दृष्यम 3 की बेहतरीन कमाई होते देख मेकर्स ने फिर इसकी रिलीज टाल दी है। जानते हैं फिल्म बार-बार पोस्टपोन करने की 3 बड़ी वजह और ट्रेड एक्सपर्ट की राय- उड़ता तीर पोस्टपोन होने की 3 बड़ी वजह- 1. दृष्यम 3 से क्लैश पर नुकसान का अनुमान अजय देवगन, तबू और जयदीप अहलावत स्टारर फिल्म दृष्यम 3, 2 अक्टूबर को रिलीज हुई है। इस फिल्म ने पहले ही दिन 62 करोड़ की कमाई कर रिकॉर्ड बनाया है। फिल्म का मौजूदा बज देखते हुए अनुमान लगाया जा सकता है कि फिल्म अगले हफ्ते तक सिनेमाघरों और बॉक्स ऑफिस में पकड़ बनाए रखेगी, ऐसे में अगर उड़ता तीर इसके साथ रिलीज हुई, तो फिल्म को नुकसान हो सकता है। 2. ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म का रिलीज होना मराठी फिल्म गोंधल (2025) को ऑस्कर में ऑफिशियल एंट्री मिली है। 9 अक्टूबर को इस फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज किया जा रहा है। गोंधल को सिनेमाघरों में स्क्रीन दी जाएंगी और दृष्यम 3, हनुमान अंश पहले ही सिनेमाघरों में होंगी। ऐसे में उड़ता तीर के लिए स्क्रीन काउंट कम मिलने का खतरा हो सकता था। 3. यामी गौतम की फिल्म का एक हफ्ते बाद ही रिलीज होना अगर उड़ता तीर, 9 अक्टूबर को रिलीज होती, तो दृष्यम 3, गोंधल, हनुमान अंश से क्लैश तो होता, लेकिन साथ ही एक हफ्ते बाद ही फिल्म को 16 अक्टूबर को रिलीज होने वाली यामी गौतम की नई नवेली का सामना भी करना पड़ता। नई नवेली, पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जबकि उड़ता तीर का बज कम है। ऐसे में फिल्म के लिए डिस्ट्रीब्यूशन और थिएटर मिलने में दिक्कतें हो सकती थीं। जानिए क्या है उड़ता तीर पोस्टपोन होने पर ट्रेड एक्सपर्ट की राय- फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट सुमित कड़ेल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा है- ‘दृष्यम 3 इस साल की दूसरी सबसे बड़ी ओपनर है। इस फिल्म का वर्ड ऑफ माउथ भी एक्सेप्शनल है। यानी पहले और दूसरे हफ्ते में इसका कलेक्शन बड़ा होगा। इसलिए उड़ता तीर के मेकर्स ने पोस्टपोन करने का फैसला किया, जिससे एक क्लीन और खाली विंडो मिले रिलीज और अच्छा बिजनेस करने के लिए।’ नई रिलीज डेट से भी है फिल्म को खतरा 9 अक्टूबर की बजाए अब ये फिल्म 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आएगी। अब इस फिल्म का क्लैश सोनाक्षी सिन्हा, जहीर इकबाल की फिल्म तू है मेरी किरण, गुरमीत चौधरी, ईशा मालवीय की फिल्म तुम मेरे हो और जैकी श्रॉफ की फिल्म काली खेती से होगा। अगर फिल्म इस क्लैश से बच भी जाए, तो 15 दिन बाद यानी 8 नवंबर को रणबीर कपूर की मेगा बजट फिल्म रामायणः पार्ट-1 रिलीज हो रही है। फिल्म को परफॉर्म करने के लिए महज 15 दिन ही मिलेंगी। रामायण को बड़े स्कैल पर रिलीज किया जा रहा है, जिससे उसे अधिकतम स्क्रीन्स दी जाएंगी। पाकिस्तानी जासूस की कहानी है उड़ता तीर आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की लीड रोल वाली यह फिल्म एक पाकिस्तानी जासूस की कहानी पर आधारित है। वह जासूस भारत में घुसता है और एक दुर्घटना का शिकार हो जाता है। इसके बाद उसकी याददाश्त चली जाती है। उसे यकीन हो जाता है कि वह भारतीय है। वह भारत का कट्टर देशभक्त भी बन जाता है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो चुका है। फिल्म में आयुष्मान खुराना और सारा अली खान लीड रोल में हैं। 'उड़ता तीर' को करण जौहर, आदर पूनावाला, अपूर्व मेहता, गुनीत मोंगा कपूर और अचीन जैन ने प्रोड्यूस किया है।

दैनिक भास्कर 3 Oct 2026 1:10 pm

संजय दत्त को हथकड़ी लगते देख रो पड़े पिता:एक्टर बोले- वो सदमे में थे, अधिकारी ने मजाक उड़ाकर कहा- जेल में सिगरेट नहीं मिलती, मजेदार जवाब दिया

संजय दत्त ने हाल हीमें शेखर सुमन के शो शेखर टुनाइट में जेल के दिनों को याद करते हुए बताया कि गिरफ्तारी के दौरान उनके पिता सुनील दत्त के सामने उन्हें हथकड़ी पहनाई गई थी। उस समय उनके पिता की आंखों में आंसू आ गए थे। संजय दत्त को 1993 में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हथियार रखने के आरोप में जेल की सजा हुई थी। बाद में वे आतंकवाद के आरोपों से बरी हो गए, लेकिन आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराए गए और कई बार जेल गए। शेखर सुमन के टॉक शो में संजय दत्त ने बताया कि जेल अधिकारियों ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश की थी। शेखर सुमन ने दर्शकों से कहा, ‘संजय दत्त को ‘अंडा सेल’ में रखा गया था, फिर भी उन्होंने अपना मानसिक संतुलन बनाए रखा।’ इसके बाद उन्होंने संजय से पूछा, ‘क्या कभी ऐसी स्थितियों में आपको अपनी जान देने का ख्याल आया?’ संजय दत्त ने जवाब दिया, ‘कभी नहीं।’ इसके बाद उन्होंने संजय से पूछा, ‘वह कौन-सा पल था, जब आपने खुद को सबसे कमजोर महसूस किया?’ संजय ने कहा, ‘मुझे पता था कि मेरे पिता और परिवार ने बहुत मुश्किल हालात का सामना किया है। लेकिन मैंने कभी खुद को कमजोर महसूस नहीं किया।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जब पुलिस पहली बार आई और मुझे हथकड़ी पहनाई, तो मेरे पिता सदमे में आ गए। उनकी आंखों में आंसू थे। उन्होंने कहा, “तुम मेरे बेटे के साथ क्या कर रहे हो?”’ संजय ने बताया, ‘मैंने उन्हें कसकर गले लगाया और कहा, “आप इन हथकड़ियों से परेशान क्यों हो रहे हैं? ऐसा मत कीजिए। यह बस एक प्रक्रिया है, प्लीज परेशान न हों।”, जबकि असल में, यह मुझे अंदर ही अंदर तोड़ रहा था। लेकिन मुझे उनके लिए मजबूत बने रहना था।’ संजय दत्त ने कहा कि स्टारडम और सुविधाओं के बावजूद उन्होंने खुद को कभी दूसरों से बेहतर नहीं समझा। उन्होंने कहा, ‘देखिए, इतने सालों में भी मुझमें अपने स्टारडम को लेकर कभी कोई घमंड नहीं आया। मुझमें ऐसी कोई बात नहीं है।’ सिगरेट नहीं मिली तो बीड़ी मांगी संजय दत्त के मुताबिक, जेल अधिकारियों को लगता था कि उनकी सेलिब्रिटी वाली सुख-सुविधाएं छीनने से वे टूट जाएंगे। संजय ने बताया कि अधिकारियों ने उनका मजाक उड़ाया। उनमें से एक उनके पास आया और बोला, ‘तुम्हें यहां सिगरेट नहीं मिलेगी। अब क्या करोगे?’ एक्टर ने कहा, “सर, यहां बीड़ी तो मिल जाएगी।”’ जानिए संजय दत्त केस की पूरी डीटेल- 12 मार्च 1993 को मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए। अलग-अलग जगहों पर हुए इन धमाकों में 257 लोगों की मौत और 713 लोग घायल हुए थे। जांच में हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पता चला। इसी जांच के दौरान अभिनेता संजय दत्त का नाम सामने आया। वह इस मामले में आरोपी नंबर 117 बनाए गए। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, 16 जनवरी 1993 को तीन AK-56 राइफलें, 250 राउंड गोलियां और कुछ हैंड ग्रेनेड उनके घर लाए गए थे। बाद में इनमें से दो राइफलें और कुछ गोला-बारूद वहां से ले जाए गए। जांच में संजय के घर से AK-56 राइफल, 9mm पिस्तौल बरामद की गई। 12 मार्च को हुए धमाकों के समय संजय दत्त मॉरीशस में एक फिल्म शूट कर रहे थे। करीब एक महीने बाद, 19 अप्रैल 1993 को संजय दत्त मुंबई लौटे। मुंबई क्राइम ब्रांच ने एयरपोर्ट पर उन्हें हिरासत में लिया और फिर गिरफ्तार कर लिया। उन पर अवैध रूप से रखने का आरोप था। गिरफ्तारी के बाद संजय दत्त ने पुलिस के सामने हथियार रखने की बात स्वीकार की थी। रिकॉर्ड के अनुसार 28 अप्रैल 1993 को उन्होंने पुलिस के सामने बयान दिया, जो बाद में उन्होंने वापस ले लिया। 5 मई 1993 को बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी। जुलाई 1994 में ट्रायल कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी और 4 जुलाई 1994 को उन्हें दोबारा गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्होंने करीब 16 महीने जेल में बिताए। अक्टूबर 1995 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दी। उस समय तक वह लगभग 18 महीने जेल में रह चुके थे। करीब 13 साल तक चली सुनवाई के बाद नवंबर 2006 में TADA कोर्ट ने संजय दत्त को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया। लेकिन उन्हें TADA के तहत आतंकवादी साजिश के आरोपों से बरी कर दिया गया। यानी अदालत ने यह नहीं माना कि वह 1993 के मुंबई धमाकों की साजिश का हिस्सा थे। 2007 में उन्हें 6 साल की सजा सुनाई गई। 21 मार्च 2013 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी आर्म्स एक्ट वाली सजा को बरकरार रखा, लेकिन सजा को 6 साल से घटाकर 5 साल कर दिया। चूंकि संजय दत्त पहले ही लगभग 18 महीने जेल में रह चुके थे, उन्हें बाकी अवधि जेल में बितानी थी। इसके बाद उन्होंने 16 मई 2013 को सरेंडर किया और पुणे की यरवडा जेल भेजे गए। फरवरी 2016 में अच्छे व्यवहार आदि के आधार पर उनकी सजा पूरी होने से कुछ महीने पहले रिहाई हुई।

दैनिक भास्कर 3 Oct 2026 12:30 pm

न दुकानदार, न CCTV और न ताला… मिजोरम के गांवों में भरोसे से चलती हैं ये अनोखी दुकानें

आज के समय में किसी दुकान की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, ताले और दुकानदार की मौजूदगी आम बात है।

खास खबर 3 Oct 2026 11:27 am

कमाल कर दिया पायलट जी...आपको सैल्यूट:सलमान खान ने की पायलट स्मित मच्छर की तारीफ; रणवीर सिंह, सनी देओल समेत कई सेलेब्स ने की सराहना

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर को-पायलट ने हमला कर दिया। फ्लाइट क्रैश होने की कंडीशन में थी, लेकिन अमित ने जख्मी हालत में भी सूझबूझ से सभी की जान बचाई। शुक्रवार को सलमान खान ने देर रात पायलट स्मित मच्छर की सराहना की है। सलमान खान ने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट से लिखा है, ‘कमाल कर दिया पायलट जी, हम सब आपको सैल्यूट करते हैं। आपके साथ उड़ान भरने में गर्व महसूस होगा। वेल डन ब्रो कैप्टन स्मित मच्छर।’ रणवीर सिंह ने भी सोशल मीडिया पर कैप्टन स्मित की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है- 'कैप्टन बहादुर।' अनिल कपूर ने लिखा- ये असाधारण है अनिल कपूर ने एक लंबी-चौड़ी पोस्ट शेयर कर घटना की जानकारी मिलने के बारे में बात की। उन्होंने लिखा, जब यह घटना हुई, तब जलाल ने मुझे बताया कि वह स्मित को फ्लाइंग स्कूल के दिनों से जानते हैं। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से जानते थे कि किसी मुश्किल परिस्थिति में वे स्मित को अपने साथ रखना चाहेंगे। इस बात ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि स्मित में शुरू से ही कितना साहस रहा होगा, जिसे उनके आसपास के लोगों ने इतनी कम उम्र में ही पहचान लिया था। आगे अनिल ने लिखा- ‘उस मुश्किल घड़ी में स्मित ने जो किया, वह वाकई असाधारण था। जब इंसान खुद किसी बेहद डरावनी परिस्थिति का सामना कर रहा हो, तब भी मजबूत बने रहना और दूसरों को खुद से पहले रखना, इसके लिए असाधारण हिम्मत चाहिए। स्मित को मेरा दिल से सम्मान और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना।’ सनी देओल ने लिखा- बड़ा हादसा टालने में अहम भूमिका निभाई एक्टर सनी देओल ने कैप्टन स्मित की तारीफ में लिखा है, 'कैप्टन स्मित मच्छर ने उस वक्त असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। आपने एक बड़े हादसे को टालने और कई लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। सलाम।' सुनील शेट्टी ने कैप्टन स्मित की तारीफ में लिखा, ‘बहादुरी अक्सर खामोश होती है, लेकिन उसे कभी भुलाया नहीं जाता। कैप्टन स्मित मच्छर और उस मुश्किल घड़ी में आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभालने वाले हर शख्स ने अद्भुत धैर्य, सूझबूझ और हौसले का परिचय दिया। दिल से सम्मान। यह सच्ची सलामी है।’ इन सेलेब्स ने भी की सराहना- जावेद अख्तर बोले- महावीर चक्र के हकदार हैं स्मित जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी अतुलनीय है। वे बिना किसी शक के महावीर चक्र जैसे बड़े सम्मान के हकदार हैं। जावेद अख्तर के अलावा शमिता शेट्टी और रिद्धिमा कपूर साहनी ने भी कैप्टन स्मित के जज्बे की सराहना की है। परेश रावल ने दिया 'क्रांतिवीर' फिल्म का रेफरेंस अभिनेता परेश रावल ने कैप्टन के सरनेम 'मच्छार' पर चुटकी लेते हुए 1994 में आई अपनी मशहूर फिल्म 'क्रांतिवीर' का जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें नाना पाटेकर का वह मशहूर डायलॉग याद आ रहा है- 'एक मच्छर आदमी को...!' वहीं, एक्ट्रेस रवीना टंडन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट शेयर करके कैप्टन स्मित को असली हीरो बताया। रवि किशन, आर माधवन और विजय देवरकोंडा की प्रतिक्रिया अभिनेता और सांसद रवि किशन ने लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा और अदम्य साहस की मिसाल हैं। खुद गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी दूसरों की रक्षा करना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। साउथ स्टार विजय देवरकोंडा और बॉलीवुड एक्टर आर माधवन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को शेयर किया। माधवन ने लिखा कि वे देश के इस सच्चे हीरो के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं। वहीं विजय देवरकोंडा ने लिखा कि कैप्टन ने जो किया वह अविश्वसनीय है। क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में फ्लाईदुबई का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान 174 यात्रियों को लेकर दुबई से तेल अवीव जा रहा था। जब प्लेन सऊदी अरब के ऊपर उड़ रहा था, तभी कॉकपिट में ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर दिया। बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अंदर आकर हमलावर को दबोच लिया। इसके बाद प्लेन को तबूक में सेफ लैंड कराया गया। PM मोदी ने भी की वीडियो कॉल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की और हाल-चाल जाना। पीएम ने X पर लिखा कि कैप्टन स्मित एक हीरो हैं। गंभीर खतरे और चोट के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों जिंदगियां बचीं और एक बड़ा हादसा टल गया। पूरे भारत को कैप्टन स्मित पर गर्व है। स्पाइसजेट में 11 साल पायलट रह चुके हैं कैप्टन स्मित फ्लाईदुबई से पहले स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। यहां उन्होंने 9500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कॉमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है। इजराइल और गुजरात सरकार सम्मानित करेगी कैप्टन स्मित मच्छर को इजराइल सम्मानित करेगा। भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजार ने इंडिया टुडे से बातचीत में यह जानकारी दी। वहीं, गुजरात सरकार ने भी कैप्टन स्मित को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने का ऐलान किया है। ट्रम्प और नेतन्याहू ने हीरो बताया था इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की तारीफ की और उन्हें सच्चा हीरो बताया। नेतन्याहू ने कहा कि मच्छर की बहादुरी से विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में मदद मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कैप्टन मच्छर को हीरो बताया और उनकी बहादुरी की सराहना की।

दैनिक भास्कर 3 Oct 2026 9:50 am

दृश्यम 3 ने ओपनिंग डे पर बनाए रिकॉर्ड:वर्ल्डवाइड कमाई हुई 95 करोड़, धुरंधर, पठान-एनिमल के रिकॉर्ड टूटे, अजय देवगन की सबसे बड़ी ओपनिंग

अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर 66.75 करोड़ रुपए कमाए। यह अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग है। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी यह फिल्म शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म में अजय देवगन विजय सलगांवकर के रोल में लौटे हैं। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने भारत में 15,759 शोज से 66.75 करोड़ रुपए नेट कमाए। इसका ग्रॉस कलेक्शन 80.10 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है। विदेशों में फिल्म ने 15 करोड़ रुपए कमाए। इससे इसकी कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाई 95.10 करोड़ रुपए हो गई है। इन फिल्मों को पीछे छोड़ा ‘दृश्यम 3’ इस साल किसी हिंदी फिल्म की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म बन गई है। यह सिर्फ ‘धुरंधर द रिवेंज’ से पीछे है। यह बॉलीवुड इतिहास की तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म भी बन गई है। इससे आगे सिर्फ ‘धुरंधर 2’ और ‘जवान’ हैं। फिल्म ने रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ की 30 करोड़ रुपए की ओपनिंग को पीछे छोड़ा। इसने शाहरुख खान की ‘पठान’ की 57 करोड़ रुपए और रणबीर कपूर की ‘एनिमल’ की 63 करोड़ रुपए की ओपनिंग भी पार कर ली। वर्ल्डवाइड कलेक्शन में फिल्म ने ‘कल्कि’ की 95 करोड़ रुपए और ‘सालार’ की 91 करोड़ रुपए की कमाई को पीछे छोड़ दिया है। फिल्म रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में जबरदस्त डिमांड देखी गई थी। बुकिंग शुरू होने के सात दिनों में फिल्म ने भारत में 60.17 करोड़ रुपए ग्रॉस कमाए। इसमें ब्लॉक की गई सीटों की कमाई भी शामिल है। ब्लॉक सीटों को हटाकर एडवांस ग्रॉस कलेक्शन 49.29 करोड़ रुपए रहा। फिल्म ने 51,570 शोज में करीब 18.02 लाख टिकट बेचे। अजय के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों में दृश्यम 3: द कन्क्लूजन ने नया रिकॉर्ड बनाया है। फिल्म ने पहले दिन ₹66.75 करोड़ कमाई के साथ अजय देवगन की अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग दर्ज की। इससे पहले यह रिकॉर्ड सिंघम अगेन के नाम था, जिसने पहले दिन ₹43.50 करोड़ कमाए थे। अजय देवगन की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन सकती है दृश्यम 3 शुक्रवार को ओपनिंग डे पर हुई कमाई के बाद वीकेंड में फिल्म की कमाई में उछाल आने के अनुमान हैं। ये फिल्म अजय देवगन की कई हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्मों का भी रिकॉर्ड तोड़ सकती है। फिलहाल उनकी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म तान्हाजीः द अनसंग वॉरियर है, जिने कुल 361 करोड़ कमाए थे। स्टार कास्ट और फिल्म का बैकग्राउंड फिल्म 'दृश्यम 3: द कंक्लुजन' में अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में उनके साथ तबु, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव, रजत कपूर और प्रकाश राज अपनी पुरानी भूमिकाओं में लौट रहे हैं। इस पार्ट में जयदीप अहलावत की भी एंट्री हुई है। यह फ्रेंचाइजी अपनी सस्पेंस थ्रिलर कहानी के लिए जानी जाती है, जिसके पहले दोनों पार्ट बॉक्स ऑफिस पर सफल रहे थे। आखिर वक्त पर अक्षय खन्ना ने फिल्म छोड़ी इससे पहले एक्टर अक्षय खन्ना के आखिरी वक्त पर शूटिंग छोड़ने को लेकर यह फिल्म चर्चा में रही थी। 'दृश्यम 3' के लेखक और निर्देशक अभिषेक पाठक ने बताया था कि अजय देवगन के साथ अक्षय खन्ना के सीन शूट होने से हफ्ते भर पहले उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया था। इसके बावजूद मेकर्स ने शूटिंग टालने के बजाय तीन दिन के भीतर स्क्रिप्ट दोबारा लिखी। अक्षय खन्ना के रोल को नए कैरेक्टर में बदलकर जयदीप अहलावत को कास्ट किया गया। ………………………….. फिल्म दृश्यम 3 से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- मूवी रिव्यू-‘दृश्यम 3’:2 अक्टूबर का राज सब जानते हैं, असली खेल अब 23 जुलाई का, अजय देवगन की विजय वाली बाजी इस बार कितनी भारी पड़ी? 2 अक्टूबर का सच ‘दृश्यम’ के हर फैन को पता है। पाव भाजी, सत्संग, फिल्म और फिर विजय सलगांवकर का वो खेल, जिसने पुलिस को सालों तक उलझाए रखा, लेकिन इस बार कहानी सिर्फ 2 अक्टूबर पर नहीं रुकी है। अब एक और तारीख सामने है- 23 जुलाई। आखिर उस दिन विजय कहां था? क्या हुआ था? और क्या इस तारीख के जरिए पुलिस विजय की बनाई पूरी कहानी को पलट सकती है? यहीं से फिल्म अपना असली खेल शुरू करती है। सामने हैं पुलिस अधीक्षक राजवीर सिंह तोमर, जिनके पास सवाल भी हैं और विजय को घेरने का इरादा भी। दूसरी तरफ विजय है, जिसकी सबसे बड़ी ताकत उसका दिमाग है। पूरा रिव्यू पढ़िए… …………………………….अजय देवगन की 'दृश्यम-3' की रिलीज पर रोक की मांग:कॉपीराइट विवाद पर मद्रास हाईकोर्ट ने सुनवाई टाली; एडवांस में बिके 4.77 लाख टिकट अजय देवगन स्टारर फिल्म 'दृश्यम 3: द कंक्लुजन' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। मद्रास हाईकोर्ट में मेसर्स राजकुमार थिएटर प्राइवेट लिमिटेड ने मेसर्स वाइड एंगल क्रिएशंस के खिलाफ याचिका दायर कर फिल्म की वर्ल्डवाइड रिलीज और डिस्ट्रीब्यूशन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। कंपनी का आरोप है कि उनकी मंजूरी के बिना फिल्म का हिंदी वर्जन बनाना कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन है। हालांकि मद्रास हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई टाल दी है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 3 Oct 2026 8:55 am

दृश्यम 3 ने ओपनिंग डे पर बनाए रिकॉर्ड:वर्ल्डवाइड कमाई हुई 95 करोड़, धुरंधर, पठान-एनिमल के रिकॉर्ड टूटे, अजय देवगन की सबसे बड़ी फिल्म बनी

अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर 66.75 करोड़ रुपए कमाए। यह अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग है। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी यह फिल्म शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म में अजय देवगन विजय सलगांवकर के रोल में लौटे हैं। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने भारत में 15,759 शोज से 66.75 करोड़ रुपए नेट कमाए। इसका ग्रॉस कलेक्शन 80.10 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है। विदेशों में फिल्म ने 15 करोड़ रुपए कमाए। इससे इसकी कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कमाई 95.10 करोड़ रुपए हो गई है। फिल्म रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में जबरदस्त डिमांड देखी गई थी। बुकिंग शुरू होने के सात दिनों में फिल्म ने भारत में 60.17 करोड़ रुपए ग्रॉस कमाए। इसमें ब्लॉक की गई सीटों की कमाई भी शामिल है। ब्लॉक सीटों को हटाकर एडवांस ग्रॉस कलेक्शन 49.29 करोड़ रुपए रहा। फिल्म ने 51,570 शोज में करीब 18.02 लाख टिकट बेचे। इन फिल्मों को पीछे छोड़ा ‘दृश्यम 3’ इस साल किसी हिंदी फिल्म की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म बन गई है। यह सिर्फ ‘धुरंधर द रिवेंज’ से पीछे है। यह बॉलीवुड इतिहास की तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म भी बन गई है। इससे आगे सिर्फ ‘धुरंधर 2’ और ‘जवान’ हैं। फिल्म ने रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ की 30 करोड़ रुपए की ओपनिंग को पीछे छोड़ा। इसने शाहरुख खान की ‘पठान’ की 57 करोड़ रुपए और रणबीर कपूर की ‘एनिमल’ की 63 करोड़ रुपए की ओपनिंग भी पार कर ली। वर्ल्डवाइड कलेक्शन में फिल्म ने ‘कल्कि’ की 95 करोड़ रुपए और ‘सालार’ की 91 करोड़ रुपए की कमाई को पीछे छोड़ दिया है। स्टार कास्ट और फिल्म का बैकग्राउंड फिल्म 'दृश्यम 3: द कंक्लुजन' में अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में उनके साथ तबु, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव, रजत कपूर और प्रकाश राज अपनी पुरानी भूमिकाओं में लौट रहे हैं। इस पार्ट में जयदीप अहलावत की भी एंट्री हुई है। यह फ्रेंचाइजी अपनी सस्पेंस थ्रिलर कहानी के लिए जानी जाती है, जिसके पहले दोनों पार्ट बॉक्स ऑफिस पर सफल रहे थे। आखिर वक्त पर अक्षय खन्ना ने फिल्म छोड़ी इससे पहले एक्टर अक्षय खन्ना के आखिरी वक्त पर शूटिंग छोड़ने को लेकर यह फिल्म चर्चा में रही थी। 'दृश्यम 3' के लेखक और निर्देशक अभिषेक पाठक ने बताया था कि अजय देवगन के साथ अक्षय खन्ना के सीन शूट होने से हफ्ते भर पहले उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया था। इसके बावजूद मेकर्स ने शूटिंग टालने के बजाय तीन दिन के भीतर स्क्रिप्ट दोबारा लिखी। अक्षय खन्ना के रोल को नए कैरेक्टर में बदलकर जयदीप अहलावत को कास्ट किया गया। ………………………….. फिल्म दृश्यम 3 से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- मूवी रिव्यू-‘दृश्यम 3’:2 अक्टूबर का राज सब जानते हैं, असली खेल अब 23 जुलाई का, अजय देवगन की विजय वाली बाजी इस बार कितनी भारी पड़ी? 2 अक्टूबर का सच ‘दृश्यम’ के हर फैन को पता है। पाव भाजी, सत्संग, फिल्म और फिर विजय सलगांवकर का वो खेल, जिसने पुलिस को सालों तक उलझाए रखा, लेकिन इस बार कहानी सिर्फ 2 अक्टूबर पर नहीं रुकी है। अब एक और तारीख सामने है- 23 जुलाई। आखिर उस दिन विजय कहां था? क्या हुआ था? और क्या इस तारीख के जरिए पुलिस विजय की बनाई पूरी कहानी को पलट सकती है? यहीं से फिल्म अपना असली खेल शुरू करती है। सामने हैं पुलिस अधीक्षक राजवीर सिंह तोमर, जिनके पास सवाल भी हैं और विजय को घेरने का इरादा भी। दूसरी तरफ विजय है, जिसकी सबसे बड़ी ताकत उसका दिमाग है। पूरा रिव्यू पढ़िए… …………………………….अजय देवगन की 'दृश्यम-3' की रिलीज पर रोक की मांग:कॉपीराइट विवाद पर मद्रास हाईकोर्ट ने सुनवाई टाली; एडवांस में बिके 4.77 लाख टिकट अजय देवगन स्टारर फिल्म 'दृश्यम 3: द कंक्लुजन' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। मद्रास हाईकोर्ट में मेसर्स राजकुमार थिएटर प्राइवेट लिमिटेड ने मेसर्स वाइड एंगल क्रिएशंस के खिलाफ याचिका दायर कर फिल्म की वर्ल्डवाइड रिलीज और डिस्ट्रीब्यूशन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। कंपनी का आरोप है कि उनकी मंजूरी के बिना फिल्म का हिंदी वर्जन बनाना कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन है। हालांकि मद्रास हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई टाल दी है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 3 Oct 2026 8:55 am

57वें दिन जोर से दहाड़ी Hanuman Ansh, अजय देवगन की Drishyam 3 की ललकार पड़ी फीकी; शुक्रवार को कूटे इतने करोड़

दृश्यम 3 (Drishyam 3) के आने से ऐसा लगा था कि ये हनुमान अंश (Hanuman Ansh) की कमाई पर ब्रेक लगाएगी, लेकिन अजय देवगन की मूवी के सामने शुक्रवार को डिवोशनल ड्रामा मूवी ने खूब नोट छापे।

जागरण 3 Oct 2026 8:23 am

खुद को खूबसूरत नहीं मानती थीं हरलीन सेठी:बोलीं- ‘ब्रोकन’ ने बदली जिंदगी; दर्शकों की तारीफों से आत्मविश्वास मिला, खुद से प्यार करना सीखा

रिलेटेबल चेहरा, दमदार अदाकारी और लगातार मेहनत के दम पर हरलीन सेठी ने अपने हर किरदार से अलग पहचान बनाई है। ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’, ‘कोहरा’, ‘बैड कॉप’ और ‘डॉक्टर्स’ जैसे प्रोजेक्ट्स के बाद अब वह ‘शक’ में नजर आ रही हैं। अपने किरदारों से हरलीन ने साबित किया है कि वह खुद को सिर्फ नायिका की पारंपरिक छवि तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में हरलीन ने अपने बचपन, अभिनय की शुरुआत, ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ की सफलता और रिजेक्शन के अनुभवों पर बात की। उन्होंने सह-कलाकारों और ‘शक’ में श्रेया के किरदार की तैयारी से जुड़े अनुभव भी साझा किए। सवाल: बचपन में कैसी थीं? अभिनय का ख्याल कब आया? जवाब: मैं बचपन से ही बहुत मस्तमौला थी। खेल-कूद और दूसरी गतिविधियों में काफी रुचि थी। हालांकि, अभिनय करने का कोई प्लान नहीं था। मुझे सिर्फ इतना पता था कि परफॉर्मिंग आर्ट्स में कुछ करना है। मुझे संगीत में भी बहुत रुचि थी। याद है, बचपन में ‘कल हो न हो’ की कैसेट आई थी। मैंने उसे पूरे दिन बजाया था। मेरे दादा ने मजाक में कहा था कि जब तक सारे गाने याद नहीं हो जाएंगे, तब तक हमें यही सुनाती रहोगी। फिर संगीत से डांस और डांस से धीरे-धीरे अभिनय की तरफ आ गई। सवाल: क्या आप पढ़ाई में भी आप काफी अच्छी थीं? जवाब: हां। मैंने विज्ञापन में पढ़ाई की और पूरे मुंबई में टॉप-5 में थी। उस समय टीचर और आसपास के लोग चाहते थे कि मैं पढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ूं। लेकिन मेरा मन वहां पूरी तरह नहीं था। मैंने विज्ञापन एजेंसी में काम करने के बारे में सोचा। विज्ञापनों में असिस्टेंट डायरेक्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर भी काम किया। दरअसल, मैं लगातार तलाश रही थी कि परफॉर्मिंग आर्ट्स में आखिर मुझे करना क्या है। सवाल: वह कौन सा पल था, जब लगा कि अभिनय ही करना है? जवाब: कोई एक पल तो याद नहीं, लेकिन जब मैंने अपना पहला विज्ञापन किया, तब आधे दिन के काम के लिए मुझे 17 हजार रुपए मिले थे। मैंने सोचा कि मैंने ऐसा क्या काम किया? बस मुस्कुराई और विज्ञापन किया। उस समय मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी। उसके बाद धीरे-धीरे विश्वास बढ़ता गया। मैंने कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापन किए। लेकिन असली आत्मविश्वास वेब सीरीज ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ से आया। सवाल: ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ आपके लिए कितना बड़ा मोड़ था? जवाब: यह मेरे लिए बहुत बड़ा मोड़ था। लोगों ने समीरा के किरदार से बहुत जुड़ाव महसूस किया। पहली बार मैंने लोगों को अपनी खूबसूरती और आवाज की तारीफ करते सुना। मैंने कभी खुद को उस नजर से नहीं देखा था। मुझे लगता था कि मैं खूबसूरत नहीं हूं, क्योंकि मेरी मां बहुत खूबसूरत हैं और मेरा भाई भी उन पर गया है। ‘ब्रोकन’ के बाद पहली बार मुझे लगा कि शायद मैं भी खूबसूरत हूं। यह मेरे लिए सिर्फ अभिनय की सफलता नहीं थी, बल्कि खुद को स्वीकार करने की यात्रा भी थी। सवाल: क्या आपको लगा था कि ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ इतना बड़ा बनेगा? जवाब: बिल्कुल नहीं। हमने बहुत सच्चाई और प्यार से इसे बनाया था, लेकिन यह कल्ट बन जाएगा, इसकी कल्पना नहीं की थी। आज भी रोमांटिक सीरीज की बात होती है तो ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ का जिक्र होता है। शो दोबारा ट्रेंड हुआ, लोगों ने इसके किरदारों और संगीत को फिर से पसंद किया। मुझे उन लड़कियों की तस्वीरें मिलीं, जिन्होंने समीरा वाला टैटू तक बनवाया था। कई लोगों ने लिखा कि समीरा के किरदार ने उन्हें खुद से प्यार करना सिखाया। यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। सवाल: ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ में विक्रांत मैसी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: बहुत अच्छा। जब आप करियर की शुरुआत कर रहे होते हैं, तब सामने वाला आपको छोटा महसूस न कराए, यह बहुत जरूरी होता है। विक्रांत ने कभी मुझे ऐसा महसूस नहीं कराया कि वह मुझसे ज्यादा अनुभवी हैं। उन्होंने मेरी काफी मदद की और एक बार मेरी परफॉर्मेंस देखकर कहा था कि मैं उन्हें एक अनुभवी कलाकार जैसी लगी। मेरे लिए यह बहुत बड़ा कॉम्प्लिमेंट था। सवाल: ‘ब्रोकन’ के बाद आपने ‘कोहरा’ में मुख्य भूमिका के बजाय महत्वपूर्ण किरदार क्यों चुना? जवाब: मेरे लिए अच्छी कहानी और अच्छे फिल्ममेकर्स के साथ काम करना ज्यादा जरूरी था। ‘कोहरा’ के ऑडिशन के लिए जो सीन मुझे मिले, उन्हें पढ़कर ही लगा कि यह बहुत अच्छा प्रोजेक्ट है। सुदीप शर्मा सर के साथ काम करने का मौका भी मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण था। उन्होंने मुझसे कहा था, ‘हरलीन, बस मुझ पर भरोसा रखो और इसे करो।’ मैंने उन पर भरोसा किया और ‘कोहरा’ मेरे लिए एक बड़ा मोड़ बन गया। सवाल: ‘कोहरा’ और ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ की सफलता में क्या अंतर महसूस हुआ? जवाब: ‘ब्रोकन’ को दर्शकों से बहुत प्यार मिला। ‘कोहरा’ को इंडस्ट्री के लोगों से भी बहुत सराहना मिली और दर्शकों ने भी इसे पसंद किया। इन दोनों तरह की स्वीकृति का मिलना बहुत खास होता है। बहुत कम प्रोजेक्ट्स ऐसे होते हैं जिन्हें दर्शक भी पसंद करें और इंडस्ट्री के लोग भी उतनी ही गंभीरता से लें। सवाल: ‘बैड कॉप’ में अनुराग कश्यप और गुलशन देवैया जैसे कलाकारों के साथ काम करना कैसा रहा? जवाब: बहुत मजेदार अनुभव था। गुलशन बहुत मजेदार और अलग तरह के इंसान हैं। उन्हें देखकर ही आपको मनोरंजन मिलता रहता है। अनुराग कश्यप हमेशा से मेरे पसंदीदा निर्देशकों में रहे हैं। उनके साथ एक ही प्रोजेक्ट में काम करना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। सौरभ सचदेवा, गुलशन, विक्रांत, शरद केलकर जैसे कलाकारों के बीच मैं अनुभव के मामले में सबसे जूनियर थी। इसलिए मेरी कोशिश रहती थी कि मैं मेहनत करके जाऊं और उनके सामने कम न लगूं। सवाल: अनुराग कश्यप के निर्देशन में काम करने की इच्छा भी है? जवाब: बिल्कुल। मैंने उनकी एक फिल्म के लिए ऑडिशन भी दिया था। बाद में किरदार बदल गया और उसमें एक अलग तरह के उच्चारण की जरूरत थी, इसलिए बात आगे नहीं बढ़ी। लेकिन उन्होंने मेरा ऑडिशन देखा था और खुद फोन करके मेरी तारीफ की थी। उम्मीद है, आगे उनके निर्देशन में काम करने का मौका मिले। सवाल: ‘शक’ के लिए हां कहने की सबसे बड़ी वजह क्या थी? जवाब: रेंसिल डिसिल्वा सर का फोन आया था। उन्होंने श्रेया के किरदार के बारे में बताया। मैं उस समय जुहू सर्कल के सिग्नल पर कार में थी। जैसे ही उन्होंने किरदार के बारे में बताया, मुझे लगा कि इसमें बहुत सारी परतें हैं। वह बचपन से नायिका की सबसे अच्छी दोस्त है, उसका नायिका के पति से रिश्ता है, बच्ची के गायब होने में भी उसका हाथ है और वह अपने पति से भी सच छिपा रही है। इतना जटिल किरदार सुनते ही मैंने कहा- सर, मैं यह करना चाहती हूं। सवाल: श्रेया जैसे किरदार में उतरने के लिए आपने क्या तैयारी की? जवाब: सबसे पहले मुझे अपने अंदर से उसके प्रति जजमेंट हटाना था। स्क्रिप्ट पढ़ते ही आप उसके कई फैसलों को गलत मान सकते हैं। लेकिन कलाकार के तौर पर आपको उस किरदार को समझना होता है। मैंने उसके बचपन से लेकर वर्तमान तक की पूरी जिंदगी के बारे में सोचा। अगर वह और उसकी दोस्त बचपन से साथ थीं, तो उनके रिश्ते में ऐसा क्या हुआ कि वह अपनी दोस्त के साथ ऐसा कर सकी? उसके मन में क्या था? पति के साथ उसका रिश्ता कैसे बना? इन सभी सवालों के जवाब मैंने अपनी नोटबुक में लिखे। मेरे लिए किरदार की तैयारी सिर्फ स्क्रिप्ट तक सीमित नहीं होती। मैं यह भी सोचती हूं कि कैमरे पर दिखाए जा रहे दृश्य से ठीक पहले किरदार की जिंदगी में क्या हुआ होगा। इससे किरदार को भीतर से समझने में मदद मिलती है। सवाल: इतने गंभीर किरदार के बाद क्या सेट का माहौल भी गंभीर रहता था? जवाब: नहीं। कैमरा शुरू होते ही हम किरदार बन जाते थे, लेकिन उससे पहले खूब मस्ती होती थी। 'शक’ की शूटिंग पहाड़ों में हुई। एक दिन पूरी कास्ट ने साथ में पार्टी की। खुले आसमान के नीचे संगीत था और सभी कलाकार साथ बैठे थे। शूटिंग के दौरान हम खाली समय में ट्रैकिंग और साइकिलिंग के लिए भी जाते थे। यही चीजें कलाकारों को एक-दूसरे के करीब लाती हैं और काम के दौरान केमिस्ट्री भी बेहतर होती है। सवाल: ‘शक’ के लिए मिला सबसे अच्छा कॉम्प्लिमेंट क्या रहा? जवाब: लोगों ने मेरी परफॉर्मेंस की तारीफ तो की ही, लेकिन मेरे लिए यह भी खास था कि लोगों ने कहा कि मैं स्क्रीन पर बहुत खूबसूरत लग रही हूं। मैंने आपको बताया कि मैंने कभी खुद को उस तरह नहीं देखा था, इसलिए यह बात मेरे लिए मायने रखती है। इसके अलावा मेरा और सुमित व्यास का जेल वाला एक सीन है, जिसे बहुत प्यार मिल रहा है। मेरे डीएम उस सीन की तारीफ से भरे हुए हैं। सवाल: आप किस तरह के किरदार करना चाहती हैं? जवाब: मेरी कोशिश रहती है कि ऐसे किरदार करूं, जिन्हें लोग अक्सर समझ नहीं पाते। मैं उन्हें सहानुभूति के साथ निभाना चाहती हूं। चाहे समीरा हो, ‘कोहरा’ की निमरत हो या ‘शक’ की श्रेया- इन सभी किरदारों में एक बारीक रेखा है। मुझे ऐसे किरदारों को समझना और निभाना पसंद है। सवाल: आगे क्या करने वाली हैं? जवाब: मैंने एक बहुत अच्छी सीरीज साइन की है। उसकी शूटिंग अक्टूबर-नवंबर में होगी। किरदार भी बहुत अच्छा है और कलाकार भी शानदार हैं। अभी मैं उसके बारे में ज्यादा नहीं बता सकती। इसके अलावा एक थिएट्रिकल प्रोजेक्ट पर भी बातचीत चल रही है। अगर सब कुछ तय हो गया तो जनवरी में उसकी शूटिंग शुरू हो सकती है।

दैनिक भास्कर 3 Oct 2026 5:30 am

CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह:पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन में नसीरुद्दीन शामिल हुए। पुलिस की इजाजत न मिलने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इस प्रदर्शन में अभिनेत्री शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी भी पहुंचे। शर्लिन चोपड़ा और विशाल भारद्वाज समेत कई सेलेब्स ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। इन बॉलीवुड सेलेब्स की मौजूदगी से प्रदर्शन स्थल पर भीड़ जुट गई। इन कलाकारों ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार का खुलकर समर्थन किया। नसीरुद्दीन शाह ने दीपके को गले लगाकर कहा शुक्रिया प्रदर्शन के दौरान अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस वीडियो को शेयर किया। वीडियो में नसीरुद्दीन शाह आयोजक अभिजीत को गले लगाते और धन्यवाद कहते दिख रहे हैं। अभिजीत ने बताया कि वे नसीरुद्दीन शाह के बहुत बड़े फैन हैं और उनका इस प्रदर्शन में आना किसी सपने के सच होने जैसा है। शबाना आजमी बोलीं- अधिकारों के लिए आवाज उठाना जरूरी अभिनेत्री शबाना आजमी भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं और उनका हौसला बढ़ाया। शबाना ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है। जब वोटर लिस्ट से बिना किसी कारण लोगों के नाम हटा दिए जाएं, तो जनता का विरोध करना बिल्कुल सही है। इससे पहले शबाना आजमी नीट पेपर लीक मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हो चुकी हैं। संगीतकार विशाल ददलानी ने जताया समर्थन बॉलीवुड सिंगर विशाल ददलानी ने भी शिवाजी पार्क पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके से मुलाकात की और उन्हें गले लगाया। विशाल ने कार्यक्रम से पहले भी सोशल मीडिया के जरिए इस प्रदर्शन का समर्थन किया था। सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से विशाल की मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए गए। वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर बोलीं शर्लिन चोपड़ा एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या नहीं होनी चाहिए और नागरिकों से मतदान का हक नहीं छीना जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए जिन 13 करोड़ भारतीयों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, क्या यह साबित किया जा सकता है कि वे गैर-नागरिक हैं। शर्लिन ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करती हैं और उन्हें पिता तुल्य मानती हैं, इसलिए एक बेटी के तौर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति दर्ज कराना उनका अधिकार है। उन्होंने पीएम मोदी से भारतीय नागरिकों के इस अधिकार को न छीनने की अपील की। सीजेपी की मांग और चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए किया मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया। सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट लीक के बाद दो महीने में यह उनका दूसरा बड़ा आंदोलन है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी कि सरकार चाहे तो उन्हें जेल भेज सकती है। दरअसल, यह विवाद मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स के बाद शुरू हुआ था।

दैनिक भास्कर 3 Oct 2026 4:30 am

174 लोगों को बचाने वाले पायलट को बॉलीवुड का सलाम:जावेद अख्तर बोले- स्मित को महावीर चक्र मिले; माधवन-देवरकोंडा समेत कई सेलेब्स ने की तारीफ

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट के हमले के बाद भी 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर कई बॉलीवुड सेलेब्स ने रिएक्शन दिया है। लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने मांग की है कि कैप्टन स्मित को देश का दूसरा सर्वोच्च सैन्य सम्मान 'महावीर चक्र' दिया जाना चाहिए। वहीं, परेश रावल, रवीना टंडन, रवि किशन, विजय देवरकोंडा और आर माधवन समेत कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर कैप्टन की हिम्मत और सूझबूझ की तारीफ की है। जावेद अख्तर बोले- महावीर चक्र के हकदार हैं स्मित जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी अतुलनीय है। वे बिना किसी शक के महावीर चक्र जैसे बड़े सम्मान के हकदार हैं। जावेद अख्तर के अलावा शमिता शेट्टी और रिद्धिमा कपूर साहनी ने भी कैप्टन स्मित के जज्बे की सराहना की है। परेश रावल ने दिया 'क्रांतिवीर' फिल्म का रेफरेंस अभिनेता परेश रावल ने कैप्टन के सरनेम 'मच्छार' पर चुटकी लेते हुए 1994 में आई अपनी मशहूर फिल्म 'क्रांतिवीर' का जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें नाना पाटेकर का वह मशहूर डायलॉग याद आ रहा है- 'एक मच्छर आदमी को...!' वहीं, एक्ट्रेस रवीना टंडन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट शेयर करके कैप्टन स्मित को असली हीरो बताया। रवि किशन, आर माधवन और विजय देवरकोंडा की प्रतिक्रिया अभिनेता और सांसद रवि किशन ने लिखा कि कैप्टन स्मित मच्छार कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा और अदम्य साहस की मिसाल हैं। खुद गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी दूसरों की रक्षा करना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। साउथ स्टार विजय देवरकोंडा और बॉलीवुड एक्टर आर माधवन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को शेयर किया। माधवन ने लिखा कि वे देश के इस सच्चे हीरो के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं। वहीं विजय देवरकोंडा ने लिखा कि कैप्टन ने जो किया वह अविश्वसनीय है। क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में फ्लाईदुबई का बोइंग 737 मैक्स 8 विमान 174 यात्रियों को लेकर दुबई से तेल अवीव जा रहा था। जब प्लेन सऊदी अरब के ऊपर उड़ रहा था, तभी कॉकपिट में ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर दिया। बुरी तरह घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अंदर आकर हमलावर को दबोच लिया। इसके बाद प्लेन को तबूक में सेफ लैंड कराया गया। PM मोदी ने भी की वीडियो कॉल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की और हाल-चाल जाना। पीएम ने X पर लिखा कि कैप्टन स्मित एक हीरो हैं। गंभीर खतरे और चोट के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों जिंदगियां बचीं और एक बड़ा हादसा टल गया। पूरे भारत को कैप्टन स्मित पर गर्व है। स्पाइसजेट में 11 साल पायलट रह चुके हैं कैप्टन स्मित फ्लाईदुबई से पहले स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। यहां उन्होंने 9500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था। जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कॉमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है।

दैनिक भास्कर 2 Oct 2026 6:30 pm

हनुमान अंश पर पर बोलीं तमन्ना भाटिया:लोग अपना सनातन कल्चर जानना चाहते हैं, इसलिए बॉक्स ऑफिस पर फिल्में हिट; हनुमान अंश ने कमाए 414 करोड़

एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने हनुमान अंश और सनातन संस्कृति पर बन रही फिल्मों की सफलता पर अपनी राय रखी है। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति जितनी स्पिरिचुअल है, उतनी ही साइंटिफिक भी है। आज दर्शक अपनी संस्कृति के बारे में और ज्यादा जानना चाहते हैं। डिमांड के कारण ऐसी कहानियां बनाई जा रही हैं और लोग इन्हें पसंद कर रहे हैं। इस बीच सनातन थीम पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' ने 56 दिनों में दुनियाभर में 414.06 करोड़ रुपए का बिजनेस कर लिया है। साइंस और स्पिरिचुअलिटी एक ही सिक्के के दो पहलू तमन्ना भाटिया ने कहा कि अर्बन इंडिया के लिए अपनी जड़ों और कल्चर को समझना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग हर बात का पहले सबूत मांगते हैं और फिर विश्वास करते हैं, जबकि अध्यात्म का नियम है कि आप विश्वास करें तो अनुभव खुद मिल जाएगा। अपनी फिल्म 'वन' में निभाए किरदार का हवाला देते हुए तमन्ना ने बताया कि साइंस और स्पिरिचुअलिटी अलग नहीं हैं, दोनों एक ही बात को कहने के दो अलग तरीके हैं। 'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर से हुई थी मुलाकात तमन्ना ने बताया कि कुछ समय पहले एक पब्लिक वॉशरूम में उनकी मुलाकात 'हनुमान अंश' की महिला प्रोड्यूसर से हुई थी। वहां बातचीत के दौरान तमन्ना ने उन्हें फिल्म की सफलता पर बधाई दी। तमन्ना ने कहा कि मेकर्स ने बहुत कठिनाइयों के साथ यह फिल्म बनाई है और आज इसे जो रिस्पॉन्स मिल रहा है, उससे वे काफी खुश हैं। जब कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़े आंकड़े लेकर आती है, तो उसकी सफलता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। 'सनातन फिल्मों का हिस्सा बनने में दिक्कत नहीं' आगे भी धार्मिक या पौराणिक विषयों पर काम करने के सवाल पर तमन्ना ने कहा कि अगर किसी कहानी का लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है तो वे ऐसी फिल्मों का हिस्सा जरूर बनना चाहेंगी। भारतीय पौराणिक कथाओं में कई ऐसे किरदार हैं जिन्हें पर्दे पर उतारा जा सकता है। अपने एक पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जब उन्होंने छठी मैया का गाना किया था, तब पटना के एक कॉलेज में किसी ने उनसे कहा था कि ऊपर वाले ने इस काम के लिए खुद आपको चुना है। 'हनुमान अंश' ने 56 दिनों में कमाए 414.06 करोड़ रुपए सनातन और पौराणिक बैकग्राउंड पर बनी फिल्मों की सफलता का बड़ा उदाहरण 'हनुमान अंश' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन है। फिल्म ने अपनी रिलीज के 56वें दिन 4,345 शो के जरिए 2.90 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई 317.38 करोड़ रुपए और कुल ग्रॉस कलेक्शन 374.86 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। ओवरसीज मार्केट में फिल्म ने 56वें दिन 0.10 करोड़ रुपए जोड़कर कुल 39.20 करोड़ रुपए की कमाई की है। इन आंकड़ों को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 414.06 करोड़ रुपए हो गया है।

दैनिक भास्कर 2 Oct 2026 4:15 pm

एक्टर डीनो मोरिया के गिरफ्तार होने की खबर:मुंबई की मीठी नदी सफाई घोटाले से जुड़ा मामला; ₹65 करोड़ के गबन का आरोप

एक्टर डीनो मोरिया के शुक्रवार को गिरफ्तार होने की खबर सामने आई है। सुबह वे कमिश्नर ऑफिस पहुंचे, जहां मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) के सामने उनकी पेशी हुई। उनसे पूछताछ की जा रही है। मामला मीठी नदी डीसिल्टिंग (गाद निकालना) घोटाले का है। दावा है कि राज्य में नदियों की सफाई के नाम पर हुए 65 करोड़ रुपए का गबन हुआ। इस जांच में मोरिया का नाम इसलिए आया क्योंकि उन पर उन कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े होने का आरोप है, जिन लोगों ने मुंबई में बाढ़ से बचाव और ड्रेनेज सिस्टम के रखरखाव के लिए दिए गए सरकारी फंड में हेराफेरी की थी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब डीनो, दिशा सालियन की मौत के मामले में भी जांच का सामना कर रहे हैं। पिछले साल ED ने डीनो के घर छापा मारा था 2025 में भी ED ने मुंबई और कोच्चि में 15 जगहों पर छापेमारी की, जिसमें मोरिया का घर भी शामिल था। इन छापों में उन लोगों और संगठनों को निशाना बनाया गया जो जांच के दायरे में आए कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े थे। जांच में सामने आया कि आरोपी केतन कदम और जय जोशी ने मैटप्रॉप कंपनी के अधिकारियों और बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके घोटाला किया। जब घोटाले के मुख्य आरोपी केतन कदम के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच हुई तो इसमें एक्टर डिनो मोरिया और उनके भाई का नाम सामने आया। दोनों ने कई मौकों पर केतन कदम से बात की थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि डीनो मोरिया और केतन महज दोस्त नहीं हैं, बल्कि उनके बीच पैसों का लेन-देन भी हो सकता है। यही वजह है कि डिनो को जांच के दायरे में लेकर पूछताछ की जा रही है। क्या था मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट मीठी नदी से गाद निकालने यानी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत 2005 में मुंबई में आई बाढ़ के बाद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) और दूसरी सिविक एजेंसियों ने की थी। इस प्रोजेक्ट का मकसद मलबे को हटाकर और नदी के तल का रखरखाव करके बाढ़ मैनेजमेंट को बेहतर बनाना था। बाद की जांच में डीसिल्टिंग के बताए गए काम और असल में किए गए काम के बीच अंतर मिला, जिससे प्रोजेक्ट के फंड के इस्तेमाल पर शक पैदा हुआ। मई 2025 की पहली FIR में 13 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें 3 BMC अधिकारी, ठेकेदार, बिचौलिए और निजी कंपनी के अधिकारी शामिल हैं। ………… यह खबर भी पढ़ें... एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर:इंडोनेशिया के बाली में एक्सीडेंट, एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया जा रहा, सर्जरी होगी एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, नुसरत फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। शुक्रवार को नुसरत की टीम की पब्लिसिस्ट संचिता त्रिवेदी ने बताया कि डॉक्टर आगे की जांच के बाद उनकी रीढ़ की सर्जरी करेंगे। उन्हें इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से बाली से मुंबई लाने की तैयारी की जा रही है। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी सर्जरी होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 2 Oct 2026 3:05 pm

आमेर बना ‘आश्रम’ का नया ठिकाना, सागरलेक पर बनाया सेट:बाबा निराला बने बॉबी देओल पर फिल्माया सीन, चंदन रॉय सान्याल और त्रिधा चौधरी भी हुई स्पॉट

जयपुर और आसपास के इलाकों में इन दिनों प्रकाश झा के निर्देशन में बन रही चर्चित वेबसीरीज ‘आश्रम 4’ की शूटिंग जारी है। सीरीज के लिए शहर की अलग-अलग लोकेशन को कहानी के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। अब आमेर स्थित सागर लेक के आसपास के क्षेत्र में सीरीज के लिए एक नया सेट तैयार किया गया है, जहां बाबा निराला के किरदार में नजर आ रहे बॉबी देओल पर महत्वपूर्ण सीन फिल्माए गए। सागर लेक के पास शूटिंग के लिए कथा का माहौल तैयार किया गया। यहां बाबा निराला के रूप में बॉबी देओल लोगों के बीच कथा सुनाते हुए नजर आए। शूटिंग के दौरान बड़ी संख्या में कलाकार और जूनियर आर्टिस्ट भी मौजूद रहे। पूरे सेट को इस तरह तैयार किया गया कि यह बाबा निराला के आश्रम और उसके धार्मिक आयोजनों से जुड़े माहौल का हिस्सा नजर आए। यहां देखिए शूटिंग से जुड़े फोटोज… बाबा निराला ने सुनाई कथा, भक्तों की भीड़ के बीच फिल्माए गए सीन सागर लेक के पास बनाए गए सेट पर बाबा निराला के कथा सुनाने वाले दृश्यों को फिल्माया गया। बॉबी देओल ने बाबा निराला के गेटअप में शूटिंग की। कथा सुनाते बाबा निराला के आसपास बड़ी संख्या में लोग और उनके अनुयायियों के रूप में कलाकार मौजूद रहे। सीरीज की कहानी में बाबा निराला के प्रभाव और उसके इर्द-गिर्द बने धार्मिक माहौल को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। ऐसे में आमेर की लोकेशन पर फिल्माए जा रहे ये दृश्य कहानी के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। शूटिंग के दौरान सीरीज के प्रमुख कलाकारों में शामिल चंदन रॉय सान्याल भी नजर आए। वे सीरीज में भोपा स्वामी का किरदार निभा रहे हैं। बॉबी देओल और चंदन रॉय सान्याल से जुड़े दृश्यों की शूटिंग के लिए सागर लेक के आसपास विशेष तैयारियां की गईं। त्रिधा चौधरी पर भी फिल्माए गए अहम सीन शूटिंग के दौरान अभिनेत्री त्रिधा चौधरी भी नजर आईं। सीरीज में उनके किरदार से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दृश्यों को भी आमेर की इस लोकेशन पर फिल्माया गया। शूटिंग के लिए कलाकारों के कॉस्ट्यूम और मेकअप को कहानी के अनुरूप रखा गया। आमेर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक लोकेशन को देखते हुए इसे सीरीज के कुछ दृश्यों के लिए उपयुक्त माना गया है। सागर लेक के आसपास का क्षेत्र शूटिंग के दौरान एक अलग ही दृश्यात्मक पृष्ठभूमि तैयार करता नजर आया। बॉबी देओल के बॉडी डबल का भी इस्तेमाल शूटिंग में बॉबी देओल के बॉडी डबल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे दृश्यों में, जहां कैमरा एंगल या शॉट की जरूरत के मुताबिक अभिनेता का पूरा चेहरा दिखाना आवश्यक नहीं होता, बॉडी डबल के जरिए शूटिंग पूरी की जाती है। इससे शूटिंग के दौरान समय बचाने के साथ अलग-अलग शॉट्स को तेजी से पूरा करने में मदद मिलती है। ‘आश्रम 4’ की शूटिंग में बॉबी देओल के साथ अन्य प्रमुख कलाकारों के सीन भी अलग-अलग हिस्सों में फिल्माए जा रहे हैं। जयपुर की कई लोकेशन पर चल रहा शूट ‘आश्रम 4’ की शूटिंग पिछले कई दिनों से जयपुर की अलग-अलग लोकेशन पर चल रही है। इससे पहले भी जयपुर और आसपास के क्षेत्रों को सीरीज के अलग-अलग दृश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया है। शहर की ऐतिहासिक इमारतों, ग्रामीण इलाकों और प्राकृतिक लोकेशन को कहानी के मुताबिक सेट में बदला जा रहा है। शूटिंग के लिए प्रोडक्शन टीम की ओर से कलाकारों के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सेट पर आठ से दस वैनिटी वैन की व्यवस्था की गई है, जिनका इस्तेमाल कलाकारों के मेकअप, कॉस्ट्यूम और आराम के लिए किया जा रहा है। बड़े स्तर पर चल रही शूटिंग के कारण सेट पर तकनीकी टीम, कलाकारों, जूनियर आर्टिस्ट और प्रोडक्शन स्टाफ की मौजूदगी बनी हुई है।

दैनिक भास्कर 2 Oct 2026 2:40 pm

एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर:इंडोनेशिया के बाली में एक्सीडेंट, एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया जा रहा, सर्जरी होगी

एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, नुसरत फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। शुक्रवार को नुसरत की टीम की पब्लिसिस्ट संचिता त्रिवेदी ने बताया कि डॉक्टर आगे की जांच के बाद उनकी रीढ़ की सर्जरी करेंगे। उन्हें इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से बाली से मुंबई लाने की तैयारी की जा रही है। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी सर्जरी होगी। टीम के मुताबिक, चोट और सर्जरी की वजह से नुसरत को आराम करने और ठीक होने में समय लगेगा। इसका असर आने वाले हफ्तों में उनकी काम से जुड़ी जिम्मेदारियों पर भी पड़ सकता है। टीम ने सभी से उनकी निजता का सम्मान करने और उन्हें इलाज पर ध्यान देने देने की अपील की है। बता दें कि हादसे से करीब एक हफ्ते पहले नुसरत ने सोशल मीडिया पर छुट्टियों की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। टाइगर श्रॉफ की फिल्म में एंट्री नुसरत के टाइगर श्रॉफ की अगली फिल्म की कास्ट में शामिल होने की भी खबर है। यह टाइगर और नुसरत की पहली ऑन-स्क्रीन जोड़ी होगी। एक सूत्र ने पिंकविला को बताया, “टीम को ऐसी एक्ट्रेस चाहिए थी, जो कहानी में मजबूती और भावनात्मक गहराई ला सके। नुसरत हमेशा सबसे मजबूत विकल्पों में थीं।” फिल्म में पश्मीना रोशन, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में हैं। शूटिंग के दौरान घायल हुई थीं नुसरत साल 2023 में नुसरत भरूचा के शूटिंग के दौरान घायल होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। अप्रैल 2023 में फिल्म ‘अकेली’ की शूटिंग के दौरान भी नुसरत हादसे का शिकार हुई थीं। एक सीन में उन्हें भागते हुए दिखाया जाना था। इसी दौरान वह संगमरमर के फर्श पर सिर के बल गिर गई थीं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक दर्द से रोती रहीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी। वहीं, जनवरी 2023 में फिल्म ‘छोरी 2’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। चोट इतनी थी कि उन्हें चेहरे और भौंह के पास टांके लगवाने पड़े थे। इसके बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह टांके लगवाती नजर आई थीं। अगस्त 2021 में शूटिंग के दौरान तबीयत बिगड़ी थी इससे पहले अगस्त 2021 में नुसरत की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। वह लव रंजन की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। करीब 23-24 दिनों से लगातार काम करने के कारण वह काफी थक गई थीं। घटना वाले दिन उन्हें तेज चक्कर आए और वह ठीक से खड़ी या बात नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर वर्टिगो अटैक बताया था। इसकी वजह ज्यादा तनाव और थकान बताई गई थी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 15 दिन आराम की सलाह दी थी। उनकी वजह से फिल्म की शूटिंग भी रोक दी गई थी। मौलाना रजवी ने मंदिर जाने पर आपत्ति जताई थी नुसरत भरूचा पिछले साल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं। उन्होंने महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में भी शामिल हुईं। नुसरत ने मंदिर से अपनी तस्वीर भी शेयर की थी और लिखा था, ‘जय श्री महाकाल।’ इसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके मंदिर जाने और हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे शरिया कानून के खिलाफ बताते हुए ‘गुनाह-ए-अजीम’ (बड़ा पाप) कहा था और नुसरत को तौबा (माफी) करने व कलमा पढ़ने की सलाह दी थी। नुसरत मुस्लिम बोहरा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, उन्होंने बताया था कि उनका परिवार बचपन से ही सभी धर्मों का सम्मान करता रहा है। नुसरत के मुताबिक, वह मंदिरों के अलावा गुरुद्वारे और चर्च भी जाती रही हैं। उन्होंने वैष्णो देवी और केदारनाथ के दर्शन भी किए हैं। साथ ही वह नमाज भी पढ़ती हैं। …………… नुसरत भरूचा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... नुसरत भरूचा ने बताया-शादी की बात पर माता-पिता को दिया था 'धोखा', बोलीं-वे चाहते थे अरेंज मैरिज के लिए लड़कों से मीटिंग करूं बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी एक्टिंग करियर की शुरुआत के तुरंत बाद उनकी फैमिली चाहती थी कि उनकी शादी हो जाए। साथ ही उन्होंने कहा था कि मैंने अपने पेरेंट्स को सालों से धोखा दिया है। नुसरत ने बताया था कि वो कुछ लड़कों से भी मिली थीं, इसलिए उनकी फैमिली ने उनके सिंगल होने की शिकायत नहीं की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 2 Oct 2026 12:04 pm

मूवी रिव्यू- ‘प्रेम कीटाणु’:प्यार की तलाश में निकले वीर पहाड़िया की कहानी में है हंसी, उलझन और एक मजेदार ट्विस्ट; जानिए कैसी है फिल्म

कॉलेज में किसी पर दिल आ जाए तो लगता है कहानी बस इतनी सी है, लेकिन कभी प्यार पूरा होने से पहले ही कोई नया मोड़ आ जाता है और फिर वही कहानी चार साल बाद एक बिल्कुल अलग दुनिया में लौटती है। फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ इसी प्यार, दोस्ती और जिंदगी के बदलते रंगों को हल्के फुल्के अंदाज में लेकर चलती है। फिल्म हंसाती है, रिलेट करती है और बीच बीच में जिंदगी की थोड़ी सी कड़वी सच्चाई भी दिखा देती है। फिल्म की कहानी कैसी है कहानी बनारस के इंजीनियरिंग कॉलेज से शुरू होती है। एडमिशन के दौरान विशाल ठाकुर (वीर पहाड़िया) और सुहानी (आफिया सैयद) पहली बार आमने सामने आते हैं। पहली मुलाकात नोकझोंक में बदलती है और दोनों एक दूसरे को श्राप दे बैठते हैं कि चार साल तक विशाल की कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनेगी और सुहानी का कोई बॉयफ्रेंड नहीं होगा। इसके बाद दोनों अलग अलग कॉलेज चले जाते हैं। चार साल की कॉलेज लाइफ में विशाल की जिंदगी में प्यार की दस्तक तो होती है, लेकिन बात मुकम्मल नहीं हो पाती। उधर सुहानी अपनी पढ़ाई और फिर करियर की तरफ बढ़ती है। चार साल बाद दोनों की जिंदगी कॉलेज से निकलकर नौकरी की दुनिया में पहुंच चुकी है। सुहानी को अच्छी नौकरी मिलती है, जबकि विशाल को करियर और जिंदगी की अपनी जद्दोजहद से गुजरना पड़ता है। फिर दोनों की मुलाकात होती है और यहीं से पुरानी कहानी नए हालात में दोबारा खुलती है। फिल्म सिर्फ यह नहीं पूछती कि दोनों प्यार में पड़ेंगे या नहीं, बल्कि यह भी देखती है कि वक्त के साथ बदले दो लोग एक दूसरे की जिंदगी में फिर जगह बना पाएंगे या नहीं। इसी के साथ दोस्ती, परिवार और जिम्मेदारियां कहानी को थोड़ा और बड़ा बनाती हैं। फिल्म में एक्टिंग कैसी है वीर पहाड़िया विशाल के किरदार में सहज हैं। कॉलेज के मस्तमौला लड़के से लेकर जिंदगी की परेशानियों से जूझते युवा तक वह किरदार के बदलाव को स्वाभाविक रखते हैं। आफिया सैयद की यह पहली फिल्म है और वह सुहानी के किरदार में फ्रेश लगती हैं। वीर के साथ उनकी नोकझोंक और केमिस्ट्री फिल्म के रोमांटिक हिस्सों में अच्छी लगती है। निखिल विजय फिल्म की जान हैं। मगन अरोड़ा बनकर उनकी कॉमिक टाइमिंग, पंच और वीर के साथ झगड़बंदी कई जगह जबरदस्त मजा देती है। कहानी जहां थोड़ी धीमी पड़ती है, निखिल वहां माहौल फिर से गर्म कर देते हैं। अपारशक्ति खुराना ने अपने किरदार को पूरे अंदाज में निभाया है और उसे इंटरेस्टिंग रखा है। हां, किरदार की लिखावट थोड़ी और मजबूत होती तो उनकी परफॉर्मेंस का असर और बढ़ सकता था। फिल्म का डायरेक्शन कैसा है? अपूर्व सिंह कार्की ने फिल्म को हल्का और यूथफुल रखा है। कॉलेज की मस्ती से लेकर नौकरी और जिम्मेदारियों वाली जिंदगी तक टोन बदलता है, लेकिन फिल्म जरूरत से ज्यादा भारी नहीं होती। राइटर दीपक किंगरानी, जिन्हें सिर्फ एक बंदा काफी है के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिल चुका है, ने रिश्तों, दोस्ती और कॉमेडी को सहज अंदाज में पिरोया है। स्क्रीनप्ले की अच्छी बात यह है कि कहानी सिर्फ रोमांस पर नहीं टिकी। परिवार और दोस्ती को भी जगह मिलती है। हां, बीच में रफ्तार थोड़ी ढीली पड़ती है और कुछ मोड़ पहले से भांपे जा सकते हैं। इमोशनल हिस्सों में थोड़ा और ठहराव होता तो कहानी का असर और बढ़ता। तकनीकी तौर पर फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट रंगीन और यूथफुल है। कॉलेज और बनारस का माहौल कहानी को अपनी अलग फील देता है। फिल्म का म्यूजिक कैसा है ‘कहो तो’, ‘तू मेरा रइयो’ और ‘इश्क का गुलाम’ फिल्म के रोमांटिक और यूथफुल मूड को अच्छे से सपोर्ट करते हैं। गाने कहानी से अलग नहीं लगते और फिल्म की फील को बनाए रखते हैं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट प्यार की मस्ती, दोस्ती की शरारत और जिंदगी की थोड़ी सी कड़वी मिठास, ‘प्रेम कीटाणु’ इन तीनों का अच्छा कॉम्बिनेशन है। निखिल विजय खूब हंसाते हैं, वीर और आफिया की जोड़ी जमती है। थोड़ी कसावट की कमी जरूर है, लेकिन ये फिल्म मुस्कुराने और पुराने कॉलेज वाले दिनों को याद करने का अच्छा बहाना है।

दैनिक भास्कर 2 Oct 2026 10:09 am

मूवी रिव्यू-‘दृश्यम 3’:2 अक्टूबर का राज सब जानते हैं, असली खेल अब 23 जुलाई का, अजय देवगन की विजय वाली बाजी इस बार कितनी भारी पड़ी?

2 अक्टूबर का सच ‘दृश्यम’ के हर फैन को पता है। पाव भाजी, सत्संग, फिल्म और फिर विजय सलगांवकर का वो खेल, जिसने पुलिस को सालों तक उलझाए रखा, लेकिन इस बार कहानी सिर्फ 2 अक्टूबर पर नहीं रुकी है। अब एक और तारीख सामने है- 23 जुलाई। आखिर उस दिन विजय कहां था? क्या हुआ था? और क्या इस तारीख के जरिए पुलिस विजय की बनाई पूरी कहानी को पलट सकती है? यहीं से फिल्म अपना असली खेल शुरू करती है। सामने हैं पुलिस अधीक्षक राजवीर सिंह तोमर, जिनके पास सवाल भी हैं और विजय को घेरने का इरादा भी। दूसरी तरफ विजय है, जिसकी सबसे बड़ी ताकत उसका दिमाग है। फिल्म कई बार आपको यकीन दिलाती है कि इस बार विजय फंस गया। फिर विजय चुप हो जाता है। आप सोचने लगते हैं कि उसके दिमाग में आखिर क्या चल रहा है? यही फिल्म का मजा है। हालांकि हर चाल उतनी दमदार नहीं है और कुछ जगह कहानी थोड़ी आसान लगती है। फिल्म की कहानी कैसी है सलगांवकर परिवार अपनी पुरानी जिंदगी में लौटने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सैम देशमुख की मौत का दर्द मीरा देशमुख के अंदर अब भी जिंदा है। मीरा और महेश देशमुख के लिए मामला खत्म नहीं हुआ। केस दोबारा खुलता है और पुलिस अधीक्षक राजवीर सिंह तोमर की एंट्री होती है। राजवीर पुराने सबूतों को नए नजरिए से देखता है। विजय सलगांवकर फिर पुलिस की नजर में आ जाता है। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि विजय ने 2 अक्टूबर को क्या किया था। सवाल यह भी है कि 23 जुलाई को विजय कहां था और इस तारीख का पुराने केस से क्या संबंध है? वकील इंद्रजीत शेट्टी भी इस खेल में उतरते हैं। इंस्पेक्टर गायतोंडे अपने पुराने अंदाज में केस को थोड़ा हल्का रखते हैं। इसके बाद शुरू होती है विजय और राजवीर की दिमागी टक्कर। एक तरफ कानून है। दूसरी तरफ विजय है, जो कानून की किताबें नहीं पढ़ता, लेकिन कानून को अपने हिसाब से घुमाना जानता है। फिल्म में एक्टिंग कैसी है फिल्म की सबसे बड़ी ताकत अजय देवगन और जयदीप अहलावत की टक्कर है। अजय देवगन का विजय अब सिर्फ एक किरदार नहीं रहा। चेहरे पर ज्यादा हलचल नहीं है। आवाज में भी ज्यादा बदलाव नहीं है, लेकिन उनकी आंखें बहुत कुछ कहती हैं। आप विजय को देखते हैं और सोचते हैं कि आखिर वह इतना शांत क्यों है? यही शांति कहानी का रोमांच बढ़ाती है। दूसरी तरफ जयदीप अहलावत हैं। राजवीर के रूप में उनका अंदाज शांत है। वह धीरे-धीरे विजय के करीब आते हैं। यही उनका सबसे बड़ा हथियार है। शुरुआत में दोनों की टक्कर फिल्म को बांधे रखती है। कुछ जगह फिल्म धीमी पड़ती है, लेकिन अजय और जयदीप के आमने-सामने आते ही रोमांच फिर बढ़ जाता है। प्रकाश राज भी अपने किरदार में शानदार हैं। उनके डायलॉग्स और अंदाज कोर्ट के सीन को मजबूत बनाते हैं। श्रेया सरन को इस बार पहले दोनों हिस्सों के मुकाबले कम जगह मिली है। हालांकि, उनके इमोशनल सीन असर छोड़ते हैं। तब्बू और रजत कपूर अपने बेटे को खोने का दर्द लेकर लौटे हैं। दोनों के किरदारों में बेचैनी साफ नजर आती है। फिर आते हैं गायतोंडे। सीरियस कहानी के बीच यह किरदार हंसी का मौका देता है। 2 अक्टूबर के मीम्स, पाव भाजी और अपनी पुलिसिया परेशानियों के साथ गायतोंडे फिल्म का तनाव हल्का करते हैं। फिल्म का डायरेक्शन कैसा है? अभिषेक पाठक की अच्छी बात यह है कि उन्होंने तीसरे हिस्से को पहले दो हिस्सों की नकल नहीं बनाया। कहानी में नए सवाल जोड़े गए हैं। इनमें 23 जुलाई वाली कड़ी सबसे दिलचस्प है। फिल्म जल्दी कहानी में उतर जाती है। ज्यादा समय यह बताने में नहीं लगाया गया कि कौन कौन है। दर्शक पहले से विजय की दुनिया जानता है। इसलिए फिल्म सीधे खेल शुरू करती है। लेकिन यही इसकी कमजोरी भी है। विजय और उसके परिवार के बीच का इमोशनल रिश्ता पहले दो हिस्सों में ज्यादा मजबूत था। इस बार कहानी ज्यादा इस बात पर टिकी है कि विजय अगली चाल क्या चलेगा। रोमांच बढ़ा है। परिवार वाला भाव थोड़ा कम हुआ है। फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले कैसा है स्क्रीनप्ले की सबसे बड़ी ताकत यह है कि फिल्म जवाब देने के बजाय लगातार नए सवाल खड़े करती है। 23 जुलाई क्या है? राजवीर के पास ऐसा क्या है, जिससे विजय परेशान है? विजय इतना शांत क्यों है? और सबसे बड़ा सवाल- क्या इस बार उसकी कोई चाल काम नहीं करेगी? यही सवाल आपको आगे ले जाते हैं। इंटरवल के आसपास फिल्म अच्छी पकड़ बनाती है। दूसरे हिस्से में विजय की योजना सामने आने लगती है। लेकिन कुछ मोड़ ऐसे हैं, जहां आपको लगेगा- यह इतनी आसानी से कैसे हो गया? पहले दो हिस्सों में विजय की योजनाएं बहुत मजबूत लगती थीं। इस बार कुछ जगह कहानी को आगे बढ़ाने के लिए आसान रास्ता लिया गया है। फिल्म का तकनीकी पक्ष कैसा है गोवा इस बार भी कहानी का हिस्सा लगता है। यह सिर्फ खूबसूरत जगह दिखाने के लिए नहीं है। कैमरे का काम रोमांच वाला माहौल बनाए रखता है। फिल्म की कटिंग भी ज्यादातर जगह तेज है। ढाई घंटे की फिल्म होने के बावजूद यह बेवजह लंबी नहीं लगती। हालांकि बीच के कुछ सीन और छोटे किए जा सकते थे। फिल्म का म्यूजिक कैसा है फिल्म में गानों की जरूरत कम है। अच्छी बात है कि कहानी पर गानों का बोझ नहीं डाला गया। अमर मोहिले का बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म की बड़ी ताकत है। जैसे-जैसे विजय की योजनाएं सामने आती हैं, संगीत रोमांच बढ़ाता है। कई सीन में आपको पता होता है कि कुछ होने वाला है। फिर भी संगीत बेचैनी बढ़ा देता है। ‘मुस्कुरा दो’ भावनात्मक हिस्सों को सहारा देता है। लेकिन फिल्म की असली ताकत बैकग्राउंड म्यूजिक ही है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘दृश्यम द कॉन्क्लूजन’ में कई शानदार रोमांचक पल हैं। हालांकि हर जगह पहले दोनों हिस्सों जैसा असर नहीं बन पाता। अजय देवगन और जयदीप अहलावत की टक्कर फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। गायतोंडे तनाव के बीच हंसी देते हैं। अमर मोहिले का पार्श्व संगीत माहौल बनाए रखता है। बीच में रफ्तार थोड़ी गिरती है। कुछ योजनाएं जरूरत से ज्यादा आसान लगती हैं, लेकिन 23 जुलाई का सवाल और विजय के दिमाग में चल रहा खेल इतना मजबूत है कि आखिरी मिनट तक नजर स्क्रीन से हटती नहीं।

दैनिक भास्कर 2 Oct 2026 9:17 am

प्रेम कीटाणु की स्क्रीनिंग में पहुंचे सलमान:एक्ट्रेस के लिए रेड कार्पेट पर पोज देने के लिए किया इंतजार, वीर पहाड़िया के गले मिले

फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ की स्टार-स्टडेड स्क्रीनिंग गुरुवार को मुंबई में आयोजित हुई। स्क्रीनिंग में सलमान खान पहुंचे और वह फिल्म के लीड एक्टर वीर पहाड़िया के साथ नजर आए। वहीं, इवेंट में जैकलीन फर्नांडिस, करण जौहर, सारा तेंदुलकर, जरीन खान और एल्विश यादव भी आए। स्क्रीनिंग के दौरान सलमान खान का एक वीडियो चर्चा में आया। फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान सलमान खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। स्क्रीनिंग में सलमान जब पहुंचे तो मीडिया और पैपराजी ने उन्हें रेड कार्पेट पर आकर तस्वीरें देने के लिए कहा। हालांकि, उसी समय मॉडल और एक्ट्रेस साक्षी मलिक कैमरों के सामने पोज दे रही थीं। सलमान खान ने तुरंत रेड कार्पेट पर पहुंचने के बजाय इंतजार किया। वह कुछ देर पीछे खड़े रहे और साक्षी मलिक को अपने पोज पूरे करने का मौका दिया। साक्षी मलिक के पोज देने के बाद सलमान खान रेड कार्पेट पर पहुंचे और पोज दिए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सलमान के इस व्यवहार की तारीफ हो रही है। ‘प्रेम कीटाणु’ एक हिंदी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म है, जिसमें वीर पहाड़िया, आफिया सैयद और अपारशक्ति खुराना मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का रनटाइम करीब 2 घंटे 18 मिनट है। फिल्म की कहानी रोमांस और कॉमेडी के इर्द-गिर्द बुनी गई है।

दैनिक भास्कर 2 Oct 2026 8:59 am

'छठी मैया' गाने की शूटिंग में इमोशनल हुईं तमन्ना:बोलीं- 4 साल पहले रोल मिलता तो नहीं कर पाती; थिएटर्स के बाहर जूते-चप्पल उतारकर जा रहे लोग

एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया इन दिनों अपनी नई फिल्म 'द वन' को लेकर काफी सुर्खियों में हैं। फिल्म में उनका किरदार और खासतौर पर 'छठी मैया' गाना चर्चा में है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में तमन्ना ने छठ महापर्व से अपने भावनात्मक जुड़ाव, स्पिरिचुअलिटी और सनातन पर खुलकर बात की। तमन्ना ने बताया कि सिनेमाघरों में दर्शक इस फिल्म को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि एक पर्व की तरह देख रहे हैं; लोग थिएटर में पॉपकॉर्न छोड़कर ठेकुआ बांट रहे हैं और जूते-चप्पल बाहर उतारकर हॉल में जा रहे हैं। सवाल: 'द वन' की स्क्रिप्ट जब पहली बार आपके पास आई, तो आपने इसमें काम करने के लिए 'हां' क्यों कहा?जवाब: मुझे लगा कि यह बहुत ही दिलचस्प कॉन्सेप्ट है, जो लोककथा, फैंटेसी और आस्था को एक साथ लेकर आता है। हमारे देश में ऐसी कई कथाएं हैं जो अब तक आम लोगों तक नहीं पहुंची हैं। छठ महापर्व को करीब 30 से 40 करोड़ लोग मनाते हैं। हमने होली-दिवाली तो फिल्मों में बहुत देखी है, लेकिन छठ जैसे महापर्व को पहली बार इतने बड़े पैमाने पर बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। साथ ही, इस एक्शन फिल्म के केंद्र में एक गहरा इमोशन है। मुझे बचपन से ही 'द ममी' जैसी फिल्में पसंद रही हैं, जिनमें मैजिक और फोकलोर होता है। इसलिए मुझे लगा कि यह एक ऐसी फिल्म है जिसे पूरी फैमिली साथ बैठकर देख सकती है। सवाल: फिल्म में 'छठी मैया' का गाना करते समय आप इमोशनल हो गईं थी। आपके अंदर क्या भावनात्मक और आध्यात्मिक बदलाव आए?जवाब: जब मैंने पहली बार विशाल मिश्रा की आवाज में यह गाना सुना, तो लगा कि यह हर भक्त की अंदरूनी भावना है। शूटिंग के दौरान जब मैं सूर्य देव को अर्घ्य देने का रिचुअल कर रही थी, तब मुझे एक बहुत बड़ी बात समझ में आई, जिस चीज का अस्त होता है, उसका उदय भी निश्चित है। हम जिंदगी में कई बार उतार-चढ़ाव देखकर निराश हो जाते हैं, लेकिन छठ महापर्व हमें सिखाता है कि डूबते सूरज के बाद उगता सूरज जरूर आता है। इस गाने ने मुझे ग्रेटिट्यूड का गहरा भाव महसूस कराया। सवाल: थिएटर से दर्शकों का किस तरह का रिएक्शन मिल रहा है, क्या आपने इस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद की थी?जवाब: सच कहूं तो हमने फिल्म बनाते समय ऐसा बिल्कुल नहीं सोचा था। लेकिन अब जब मैं रील्स और वीडियो देख रही हूं, तो लोग सिनेमाघर के बाहर अपने जूते-चप्पल उतारकर अंदर जा रहे हैं। लोग हॉल में पॉपकॉर्न छोड़ ठेकुआ बांट रहे हैं। बिहार, पटना और झारखंड से जिस तरह का प्यार मिल रहा है, वैसा मैंने लंबे समय से किसी फिल्म के लिए नहीं देखा। कई लोग थिएटर में भावुक होकर रो रहे हैं, क्योंकि यह उनकी आस्था से जुड़ा है। यह देखना मेरे लिए बहुत मैजिकल है। सवाल: आप खुद शिव भक्त हैं और स्पिरिचुअल हैं। क्या इस जुड़ाव ने आपको इस रोल को निभाने में मदद की?जवाब: बिल्कुल। करीब चार साल पहले जब मैं अपने गुरु से मिली, तब मेरी असल स्पिरिचुअल जर्नी शुरू हुई। मुझे लगता है कि अगर यह फिल्म मुझे 4 साल पहले ऑफर होती, तो शायद मैं इसे उस तरह नहीं कर पाती। क्योंकि भक्ति एक ऐसा भाव है जिसमें आप कोई मिलावट या झूठी एक्टिंग नहीं कर सकते। अगर आपके अंदर वह भाव सच्चा नहीं है, तो दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं। पटना में एक स्टूडेंट ने मुझसे कहा था कि आप यह गाना इसलिए कर पाईं क्योंकि ऊपर वाले ने आपको इसके लिए चुना है। सवाल: आजकल सनातन और भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्मों को दर्शकों का काफी प्यार मिल रहा है। इस दौर को आप कैसे देखती हैं?जवाब: यह बहुत जरूरी दौर है, खासकर अर्बन इंडिया के लिए। हम हर चीज को लॉजिक और सबूत से तौलने की कोशिश करते हैं। सनातन संस्कृति में जो बातें कही गई हैं, वे जितनी स्पिरिचुअल हैं, उतनी ही साइंटिफिक भी हैं। स्पिरिचुअलिटी कहती है कि आप पहले विश्वास कीजिए, अनुभव अपने आप मिल जाएगा। आज लोग अपनी संस्कृति के बारे में और जानना चाहते हैं, इसलिए जब उन्हें ऐसी सच्ची कहानियां मिलती हैं, तो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन करती हैं। सवाल: फिल्मों में सिनेमैटिक लिबर्टी और कल्चरल ऑथेंटिसिटी के बीच संतुलन बनाना कितना मुश्किल होता है?जवाब: आपका इरादा सही होना चाहिए। जब हमने छठ का पूरा सीक्वेंस शूट किया, तो सभी नियमों और प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा। हमारे डायरेक्टर दीपक यूपी-बिहार बेल्ट से हैं, इसलिए वे बहुत पर्टिकुलर थे। हम कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं बना रहे थे, बल्कि एक कहानी के जरिए छठ की आस्था और इमोशन को लोगों तक पहुंचा रहे थे। उस इमोशन को फील कराने के लिए थोड़ी सिनेमैटिक लिबर्टी लेनी पड़ती है, ताकि दर्शक उस श्रद्धा को गहराई से महसूस कर सकें। 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' ने अपनी रिलीज के छठे दिन 7,070 शो के जरिए ₹4.25 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज किया है। इस कमाई के साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन ₹49.10 करोड़ और कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹58.42 करोड़ तक पहुंच गया है। ओवरसीज मार्केट की बात करें तो फिल्म ने छठे दिन ₹0.50 करोड़ की कमाई की, जिससे इसका कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन ₹5.00 करोड़ हो गया है। इन आंकड़ों को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब ₹63.42 करोड़ हो चुका है। फिल्म 25 सितंबर को रिलीज हुई थी।

दैनिक भास्कर 2 Oct 2026 4:30 am

डॉक्टर बनने का मौका छोड़ा, ट्रेनों में गाकर पैसे कमाए:‘विक्की डोनर’ से बदली किस्मत, आयुष्मान खुराना बोले- रिस्क लेकर यहां तक पहुंचा हूं

आयुष्मान खुराना आज बॉलीवुड के उन एक्टर्स में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी अलग तरह की फिल्मों से इंडस्ट्री में पहचान बनाई। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। चंडीगढ़ से निकले आयुष्मान ने थिएटर किया, रेडियो जॉकी बने, एमटीवी पर वीजे रहे और कई ऑडिशन दिए। उन्हें इंडियन आइडल-2 में भी रिजेक्शन मिला। 2012 में ‘विक्की डोनर’ से फिल्मी करियर शुरू हुआ। पहली फिल्म हिट हुई, लेकिन इसके बाद लगातार तीन फिल्में नहीं चलीं। फिर ‘दम लगा के हईशा’ से करियर ने दोबारा रफ्तार पकड़ी। इसके बाद ‘बरेली की बर्फी’, ‘शुभ मंगल सावधान’, ‘अंधाधुन’, ‘बधाई हो’, ‘आर्टिकल 15’, ‘ड्रीम गर्ल’ और ‘बाला’ जैसी फिल्मों ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। आज की सक्सेस स्टोरी में आयुष्मान खुराना के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें... चंडीगढ़ में हुआ जन्म, पिता ज्योतिषी आयुष्मान खुराना का जन्म 14 सितंबर 1984 को चंडीगढ़ में हुआ। उनकी शुरुआती पढ़ाई चंडीगढ़ के सेंट जॉन्स हाई स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ से इंग्लिश लिटरेचर की पढ़ाई की और पंजाब यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन स्टडीज से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। उनके पिता पी. खुराना जाने-माने ज्योतिषी थे, जबकि मां पूनम खुराना ने हिंदी में एमए किया था। परिवार का माहौल पढ़ाई, साहित्य और कला से जुड़ा रहा। आयुष्मान ने कॉलेज के दिनों में थिएटर किया और दो थिएटर ग्रुप भी बनाए। डॉक्टर बनने का सपना था, डेंटिस्ट की सीट भी मिली थी एक्टिंग की दुनिया में आने से पहले आयुष्मान ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था। उन्होंने 11वीं में साइंस ली थी और कर्नाटक के एक डेंटल कॉलेज में उन्हें सीट भी मिल गई थी। लेकिन तभी उनका रुझान थिएटर की तरफ बढ़ा। उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई छोड़कर आर्ट्स और थिएटर चुना। डीएवी कॉलेज में उन्होंने थिएटर ग्रुप बनाए और स्ट्रीट प्ले किए। थिएटर में काम करते हुए आयुष्मान ने सामाजिक मुद्दों को समझा। यही अनुभव आगे चलकर उनकी फिल्मों के विषयों में भी दिखाई दिया। रोडीज जीते, लेकिन तुरंत मुंबई नहीं आए 2004 में आयुष्मान ने एमटीवी रोडीज सीजन-2 जीता। इसके बाद उन्हें पहचान मिलने लगी, लेकिन उन्होंने तुरंत मुंबई जाकर फिल्मों में किस्मत नहीं आजमाई। पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने रेडियो में काम शुरू किया। बाद में वे एमटीवी के वीजे बने और कई शो होस्ट किए। फिल्मों में आने से पहले आयुष्मान ने अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान जैसे सितारों का इंटरव्यू भी लिया था। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि इन सितारों से बातचीत ने उन्हें समझने में मदद की कि स्टार भी आम इंसानों की तरह होते हैं। पिता ने कहा- अभी मुंबई जाओ, वरना दो साल नौकरी नहीं मिलेगी आयुष्मान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह दो महीने का ब्रेक लेकर एक्टिंग की तैयारी करना चाहते थे। लेकिन उनके पिता ने उन्हें तुरंत मुंबई जाने के लिए कहा। आयुष्मान के मुताबिक, उनके पिता ने कहा था कि अगर अभी नहीं गए तो दो साल तक नौकरी नहीं मिलेगी। इसके बाद वह मुंबई आ गए। शुरुआती दिनों में उनके पास रहने की जगह भी नहीं थी। वह अपने डॉक्टर दोस्त के साथ केईएम हॉस्पिटल के हॉस्टल में रहे और ऑडिशन देते रहे। ट्रेन में गाने से कमाए पैसे फिल्म स्टार बनने से बहुत पहले आयुष्मान और उनके दोस्त ट्रेनों में परफॉर्म करते थे। उन्होंने बताया था कि कॉलेज के दौरान वे पश्चिम एक्सप्रेस में दोस्तों के साथ चढ़ते और अलग-अलग कोच में गाना-परफॉर्म करना शुरू कर देते थे। यात्रियों से मिलने वाले पैसे इकट्ठा किए जाते थे और आयुष्मान के मुताबिक, इतनी कमाई हो जाती थी कि दोस्तों ने उससे गोवा ट्रिप तक स्पॉन्सर की थी। इंडियन आइडल से भी हुए रिजेक्ट आयुष्मान का स्ट्रगल सिर्फ एक्टिंग ऑडिशन तक सीमित नहीं था। उन्होंने इंडियन आइडल-2 में भी हिस्सा लिया था, लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह मुंबई राउंड तक पहुंचे थे और वहां उन्हें रिजेक्शन मिला। उनके मुताबिक, मुंबई आने से पहले भी उन्हें कई रिजेक्शन मिल चुके थे। 2012 में ‘विक्की डोनर’ पहली ही फिल्म ने बदल दी जिंदगी 2012 में आयुष्मान ने शूजित सरकार की ‘विक्की डोनर' से बॉलीवुड डेब्यू किया। फिल्म का विषय उस दौर के लिए काफी असामान्य था और आयुष्मान ने स्पर्म डोनर का किरदार निभाया। फिल्म सफल रही और आयुष्मान को रातोंरात पहचान मिली। उन्हें फिल्म के लिए बेस्ट मेल डेब्यू के साथ प्लेबैक सिंगिंग के लिए भी अवॉर्ड मिला। लेकिन पहली फिल्म की सफलता के बाद उनका सफर उतना आसान नहीं रहा, जितना बाहर से दिखाई देता था। पहली फिल्म के बाद लगातार तीन फ्लॉप, करियर पर लगा ब्रेक ‘विक्की डोनर’ के बाद आयुष्मान की ‘नौटंकी साला!’, ‘बेवकूफियां’ और ‘हवाईजादा’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। खुद आयुष्मान ने माना कि ‘विक्की डोनर' के बाद वह काफी कन्फ्यूज थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किस तरह की फिल्में करनी चाहिए। उन्होंने बाद में बताया कि तीन लगातार फिल्मों के अच्छा प्रदर्शन नहीं करने के बाद उनका नजरिया बदला। ‘दम लगा के हईशा’ ने फिर बदली कहानी 2015 में आई ‘दम लगा के हईशा’ आयुष्मान के करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी। फिल्म में उन्होंने ऐसे लड़के का किरदार निभाया जो पढ़ाई में कमजोर है और जिसकी शादी उससे ज्यादा पढ़ी-लिखी और वजनदार लड़की से हो जाती है। फिल्म की कहानी आम बॉलीवुड रोमांस से अलग थी और आयुष्मान की परफॉर्मेंस को खूब सराहा गया। आयुष्मान बताते हैं कि ‘दम लगा के हईशा’ के आने के बाद उनके करियर की दिशा बदल गई। फिर शुरू हुआ अलग कहानियों का दौर इसके बाद आयुष्मान ने एक के बाद एक ऐसे विषय चुने, जिनसे मुख्यधारा के कई अभिनेता दूरी बनाते रहे। ‘बरेली की बर्फी’ में छोटे शहर की कहानी, ‘शुभ मंगल सावधान’ में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसा संवेदनशील विषय, 'अंधाधुन’ में ब्लाइंड पियानो प्लेयर, ‘बधाई हो’ में उम्रदराज माता-पिता की प्रेग्नेंसी, ‘आर्टिकल 15’ में जातिगत भेदभाव, ‘ड्रीम गर्ल’ में फोन पर लड़की की आवाज निकालने वाला युवक और 'बाला’ में समय से पहले बाल झड़ने की समस्या जैसे विषय सामने आए। यहीं से आयुष्मान की एक अलग तरह की फिल्मी पहचान बनने लगी। आयुष्मान कहते हैं कि उनका पूरा करियर रिस्क से बना है और वह सामान्य कमर्शियल फिल्म में खुद को आसानी से नहीं देख पाते। ‘अंधाधुन’ और ‘बधाई हो’ ने स्टारडम मजबूत किया 2018 आयुष्मान के करियर के सबसे महत्वपूर्ण सालों में रहा। ‘अंधाधुन’ ने उन्हें अभिनेता के तौर पर नई ऊंचाई दी, जबकि ‘बधाई हो’ ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की। ‘अंधाधुन’ ने भारत के अलावा चीन में भी जबरदस्त कारोबार किया। वहीं ‘बधाई हो’ ने भारत में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन किया। इसी दौर में आयुष्मान ने साबित किया कि कम बजट और असामान्य विषय वाली फिल्में भी दर्शकों तक पहुंच सकती हैं। पत्नी ताहिरा ने स्क्रिप्ट चुनने में निभाई अहम भूमिका आयुष्मान और ताहिरा कश्यप की मुलाकात किशोरावस्था में हुई थी और दोनों ने 2008 में शादी की। ताहिरा लेखक, निर्देशक और क्रिएटिव प्रोफेशनल हैं। आयुष्मान कई बार बता चुके हैं कि फिल्म साइन करने से पहले वह ताहिरा की राय लेते हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद वह ताहिरा को भी देते हैं। दोनों स्क्रिप्ट पर विस्तार से चर्चा करते हैं और मतभेद होने पर उसके फायदे-नुकसान देखते हैं। आयुष्मान ने ताहिरा को अपना ‘लाइफ कोच’ भी बताया है। सफलता के बाद भी फ्लॉप का दौर आया आयुष्मान के करियर में सिर्फ सफलता नहीं रही। ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’, ‘अनेक’, ‘डॉक्टर जी’ और ‘एन एक्शन हीरो’ जैसी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर वैसी सफलता नहीं मिली, जैसी उनके सफल दौर में मिली थी। इससे साफ हुआ कि अलग विषय चुनने का मतलब हर बार बॉक्स ऑफिस सफलता की गारंटी नहीं है। लेकिन आयुष्मान ने अपने करियर की दिशा पूरी तरह नहीं बदली। उन्होंने अलग जॉनर और नए किरदार आजमाने जारी रखे। ‘हर फिल्म रिस्क थी, इसलिए अब डर नहीं सकता’ आयुष्मान के करियर की खास बात यही है कि उन्होंने शुरुआत ही एक रिस्की विषय से की थी। उनके शब्दों में- तक पहुंचा हूं, तो मैं डर नहीं सकता हूं। मेरी हर फिल्म रिस्क थी, शायद बाकी एक्टर्स के मुकाबले। मैं रिस्क लेकर यहां तक पहुंचा हूं, तो मैं डर नहीं सकता हूं।” यही सोच उनके करियर में बार-बार दिखाई देती है। कभी स्पर्म डोनर, कभी नपुंसकता से जूझता युवक, कभी अंधा पियानो प्लेयर, कभी जातिगत भेदभाव के खिलाफ खड़ा पुलिस अफसर और कभी माता-पिता की प्रेग्नेंसी से परेशान बेटा। 40 की उम्र के बाद भी प्रयोग जारी आयुष्मान ने उम्र बढ़ने के साथ अपने करियर का दायरा भी बढ़ाया है। ‘डॉक्टर जी’ और ‘एन एक्शन हीरो’ के बाद उन्होंने अलग जॉनर आजमाए। 2025 में वह ‘थामा' में नजर आए, जो मैडॉक फिल्म्स के हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स का हिस्सा थी। फिल्म में उनके साथ रश्मिका मंदाना, परेश रावल और नवाजुद्दीन सिद्दीकी थे। 2026 में भी उनका प्रयोग जारी है। उनकी आने वाली फिल्मों में ‘ये प्रेम मोल लिया’ और ‘उड़ता तीर’ शामिल हैं। ‘उड़ता तीर’ 9 अक्टूबर को रिलीज होगी। वहीं राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनी ‘ये प्रेम मोल लिया’ में आयुष्मान शरवरी वाघ के साथ नजर आएंगे। यह फिल्म 27 नवंबर को रिलीज होगी। इसका निर्देशन सूरज बड़जात्या ने किया है। एक्टिंग के साथ सिंगिंग में भी बनाई पहचान आयुष्मान खुराना की पहचान सिर्फ एक्टर के तौर पर नहीं है। वह अच्छे सिंगर भी हैं और कॉलेज के दिनों से संगीत उनके करियर का हिस्सा रहा है। उन्होंने डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान अपने दोस्त रोचक कोहली के साथ मिलकर ‘पानी दा रंग’ गाना लिखा और कंपोज किया था। यह गाना उन्होंने 2003 में लिखा था, लेकिन इसे रिलीज होने का मौका करीब 9 साल बाद मिला। 2012 में फिल्म ‘विक्की डोनर’ से आयुष्मान ने बॉलीवुड डेब्यू किया और इसी फिल्म के गाने ‘पानी दा रंग’ को अपनी आवाज भी दी। उन्होंने गाना सिर्फ गाया नहीं, बल्कि रोचक कोहली के साथ इसे कंपोज भी किया था। गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि आयुष्मान को फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर मिला। इसके बाद आयुष्मान ने ‘नौटंकी साला’, ‘बेवकूफियां’ जैसी फिल्मों के लिए भी प्लेबैक सिंगिंग की। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह खुद को ‘एक्टर-सिंगर’ मानते हैं और म्यूजिक को अपने करियर का समानांतर हिस्सा समझते हैं। आयुष्मान की संगीत की ट्रेनिंग भी रही है। उन्होंने बताया था कि वह बचपन से गाते थे और उन्हें वोकल ट्रेनिंग मिली थी, हालांकि यह ट्रेनिंग औपचारिक तरीके से नहीं हुई थी। उनके पिता भी संगीत में रुचि रखते थे और बांसुरी बजाते थे। ____________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. पहली फिल्म बंद हुई, अंडे-शकरकंद खाकर गुजारा किया:सिद्धार्थ मल्होत्रा बोले- ढीठपन और अड़ियलपन ने बचाया, ‘शेरशाह’ ने दी नई पहचान दिल्ली के मिडिल क्लास, आर्मी-मर्चेंट नेवी बैकग्राउंड वाले परिवार से निकले सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कभी खुलकर नहीं कहा था कि उन्हें एक्टर बनना है। स्कूल-कॉलेज में एमबीए और कॉर्पोरेट नौकरी का प्लान था, लेकिन अंदर छिपा एक्टर मॉडलिंग के रास्ते सामने आया। 21 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे तो फिल्म साइन होने के बावजूद प्रोजेक्ट बंद हो गया।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 2 Oct 2026 4:30 am

56वें दिन वीकेंड से पहले Hanuman Ansh का चला जादू, जमकर हुई धनवर्षा; इतिहास रचने से सिर्फ 14 करोड़ दूर फिल्म

हनुमान अंश फिल्म ने दो महीने में बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनियाभर में कमाई के झंडे गाड़ दिए हैं। जानिए 56वें दिन का कलेक्शन।

जागरण 1 Oct 2026 9:15 pm

जयपुर एयरपोर्ट पर साथ दिखे एक्ट्रेस पलक तिवारी-एक्टर इब्राहिम:एक गाड़ी में रणथंभौर के लिए हुए रवाना; फैन से मिलिंद सोमन बोले- 20 पुशअप करो

बॉलीवुड एक्ट्रेस पलक तिवारी और एक्टर इब्राहिम अली खान पटौदी गुरुवार को जयपुर एयरपोर्ट पर नजर आए। दोनों को एयरपोर्ट पर एक साथ देखा गया। यहां से वे सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर के लिए रवाना हुए। जानकारी के मुताबिक- दोनों रणथंभौर में टाइगर सफारी देखने पहुंचे हैं। दोनों का दो दिन यहां रुकने का कार्यक्रम है। जयपुर एयरपोर्ट पर इब्राहिम अपने खास मजाकिया अंदाज में भी नजर आए। उनके हाथ में कॉफी का गिलास था। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों और पैपराजी से बातचीत के दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा- आज मेरी कॉफी नहीं गिरेगी। उनका यह कमेंट हाल ही वायरल हुए उस वीडियो से जुड़ा था, जिसमें इब्राहिम के हाथ से कॉफी गिर गई थी। इसी बीच जयपुर एयरपोर्ट पर अभिनेता, मॉडल और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन भी नजर आए। एयरपोर्ट पर एक फैन ने उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई तो मिलिंद ने मजाकिया अंदाज में कहा- फोटो से पहले 20 पुशअप लगाने पड़ेंगे। उनके इस अंदाज को देखकर वहां मौजूद लोग भी चौंक गए। सेल्फी लेते हुए गिर गई थी कॉफी दरअसल, 30 सितंबर को सामने आए एक वीडियो में इब्राहिम एक फैन के साथ सेल्फी लेते समय गलती से अपनी कॉफी कपड़ों पर गिरा बैठे थे। वीडियो में वे अचानक नीचे देखते हुए कॉफी के दाग को चेक करते नजर आए। उनके इस रिएक्शन पर लोगों ने कई तरह के कमेंट किए थे। रणथंभौर में टाइगर सफारी का प्लान पलक तिवारी और इब्राहिम अली खान की रणथंभौर में यात्रा ऐसे समय हुई, जब मानसून के तीन महीने के बाद 1 अक्टूबर से नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए फिर खुला है। पहले दिन देशी-विदेशी पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। पलक और इब्राहिम के एक साथ नजर आने की खबर भी उनके फैंस के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों इससे पहले भी कई मौकों पर साथ नजर आ चुके हैं। सैफ अली के बेटे इब्राहिम, टीवी एक्ट्रेस श्वेता की बेटी पलक इब्राहिम अली खान बॉलीवुड के चर्चित फिल्मी परिवार से आते हैं। वे अभिनेता सैफ अली खान और अभिनेत्री अमृता सिंह के बेटे हैं। उनकी बहन सारा अली खान भी बॉलीवुड अभिनेत्री हैं। वहीं दादी शर्मिला टैगोर हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं। इब्राहिम ने बतौर अभिनेता 2025 में फिल्म ‘नादानियां’ से शुरुआत की। इसमें वे खुशी कपूर के साथ नजर आए थे। इसके बाद वे ‘सरजमीन’ में काजोल और पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ दिखाई दिए। वहीं पलक तिवारी भी टीवी और बॉलीवुड के चर्चित परिवार से आती हैं। वे अभिनेत्री श्वेता तिवारी और अभिनेता राजा चौधरी की बेटी हैं। श्वेता तिवारी ने पलक की परवरिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पलक ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रूथ’ से की थी। इसके बाद वे सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ में नजर आईं। इसके अलावा वे ‘द भूतनी’, ‘रोमियो एस3’ और ‘रोजी: द सैफ्रॉन चैप्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। इस साल वे सीरीज ‘लुक्खे’ में भी नजर आईं। मॉडलिंग, एक्टिंग और फिटनेस का कॉम्बो मिलिंद सोमन लंबे समय से मॉडलिंग, अभिनय और फिटनेस के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे राष्ट्रीय स्तर के तैराक रह चुके हैं। मॉडलिंग के बाद साल 1995 में अलीशा चिनॉय के लोकप्रिय म्यूजिक वीडियो ‘मेड इन इंडिया’ से उन्हें देशभर में खास पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन पर ‘कैप्टन व्योम’ सहित कई प्रोजेक्ट्स किए और फिल्मों में भी काम किया। ‘16 दिसंबर’, ‘अग्निवर्षा’, ‘भेजा फ्राय’, ‘पैय्या’, ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘शेफ’ जैसी फिल्मों में उनके काम को देखा गया।

दैनिक भास्कर 1 Oct 2026 3:15 pm

बाली में नुसरत भरुचा का एक्सीडेंट हुआ:चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती, काम के सिलसिले में गई थीं एक्ट्रेस

एक्ट्रेस नुसरत भरुचा का बाली में एक्सीडेंट हो गया। हादसे में उन्हें चोट लगी है। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उनकी चोट कितनी गंभीर है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई। एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि नुसरत भरुचा बाली में एक काम के सिलसिले में गई थीं। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गईं। सूत्रों के मुताबिक, इलाज के चलते नुसरत को बाली में अपना स्टे बढ़ाना पड़ा है। बता दें कि हादसे से करीब एक हफ्ते पहले नुसरत ने सोशल मीडिया पर छुट्टियों की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। टाइगर श्रॉफ की फिल्म में एंट्री नुसरत भरुचा के टाइगर श्रॉफ की अगली फिल्म की कास्ट में शामिल होने की भी खबर है। यह टाइगर और नुसरत की पहली ऑन-स्क्रीन जोड़ी होगी। एक सूत्र ने पिंकविला को बताया, “टीम को ऐसी एक्ट्रेस चाहिए थी, जो कहानी में मजबूती और भावनात्मक गहराई ला सके। नुसरत हमेशा सबसे मजबूत विकल्पों में थीं।” फिल्म में पश्मीना रोशन, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में हैं। शूटिंग के दौरान घायल हुई थीं नुसरत भरुचा साल 2023 में नुसरत भरुचा के शूटिंग के दौरान घायल होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। अप्रैल 2023 में फिल्म ‘अकेली’ की शूटिंग के दौरान भी नुसरत हादसे का शिकार हुई थीं। एक सीन में उन्हें भागते हुए दिखाया जाना था। इसी दौरान वह संगमरमर के फर्श पर सिर के बल गिर गई थीं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक दर्द से रोती रहीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी। वहीं, जनवरी 2023 में फिल्म ‘छोरी 2’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। चोट इतनी थी कि उन्हें चेहरे और भौंह के पास टांके लगवाने पड़े थे। इसके बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह टांके लगवाती नजर आई थीं। इससे पहले अगस्त 2021 में नुसरत भरुचा की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। वह लव रंजन की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। करीब 23-24 दिनों से लगातार काम करने के कारण वह काफी थक गई थीं। घटना वाले दिन उन्हें तेज चक्कर आए और वह ठीक से खड़ी या बात नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर वर्टिगो अटैक बताया। इसकी वजह ज्यादा तनाव और थकान बताई गई थी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 15 दिन आराम की सलाह दी थी। उनकी वजह से फिल्म की शूटिंग भी रोक दी गई थी। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मंदिर जाने पर आपत्ति जताई नुसरत भरुचा पिछले साल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं। उन्होंने महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में भी शामिल हुईं। नुसरत ने मंदिर से अपनी तस्वीर भी शेयर की थी और लिखा था, ‘जय श्री महाकाल।’ इसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके मंदिर जाने और हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे शरिया कानून के खिलाफ बताते हुए ‘गुनाह-ए-अजीम’ (बड़ा पाप) कहा था और नुसरत को तौबा (माफी) करने व कलमा पढ़ने की सलाह दी थी। नुसरत मुस्लिम बोहरा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, उन्होंने बताया था कि उनका परिवार बचपन से ही सभी धर्मों का सम्मान करता रहा है। नुसरत के मुताबिक, वह मंदिरों के अलावा गुरुद्वारे और चर्च भी जाती रही हैं। उन्होंने वैष्णो देवी और केदारनाथ के दर्शन भी किए हैं। साथ ही वह नमाज भी पढ़ती हैं।

दैनिक भास्कर 1 Oct 2026 2:34 pm

रणबीर की फिल्म ‘रामायण’ पर मुकेश खन्ना ने सवाल उठाए:बोले- श्री राम को सलमान खान, अमिताभ बच्चन बना दिया; एक्शन सीन पर जताई आपत्ति

मुकेश खन्ना ने रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम के चित्रण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने फिल्म में ज्यादा VFX और एक्शन दिखाने पर आपत्ति जताई। मुकेश खन्ना ने कहा कि फिल्म में भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम की खूबियों के बजाय एक्शन हीरो जैसा दिखाया गया है। उन्होंने रणबीर कपूर के पेड़ पर चढ़कर तीर चलाने वाले सीन पर भी सवाल उठाया। बॉलीवुड नाउ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। मुस्कुराते थे। श्रीराम को सलमान खान, अमिताभ बच्चन बना दिया, रजनीकांत बना दिया।” भगवान राम के एक्शन सीन पर सवाल मुकेश खन्ना ने उस सीन पर खास तौर पर आपत्ति जताई, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में पेड़ पर चढ़कर तीर चलाते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामायण के जिन संस्करणों को उन्होंने पढ़ा या देखा है, उनमें भगवान राम को इस तरह नहीं दिखाया गया। उन्होंने कहा, “रामजी ऐसे फाइट नहीं करते थे।” मुकेश खन्ना ने आगे कहा कि किरदार को ‘मैन ऑफ एक्शन’ बना दिया गया है। उन्होंने भगवान राम की तुलना क्लिंट ईस्टवुड से भी की। VFX के इस्तेमाल पर भी आपत्ति मुकेश खन्ना ने ‘रामायण’ में किए गए बड़े पैमाने के विजुअल इफेक्ट्स यानी VFX पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दर्शक फिल्म को बड़े स्तर की फैंटेसी फिल्म के रूप में देख सकते हैं। वहीं, भारतीय दर्शक भगवान राम के चित्रण को धार्मिक और सांस्कृतिक नजरिए से देखेंगे। उन्होंने कहा, “लेकिन भारत में अगर आप राम दिखा रहे हो, तो आस्था से दिखाओ।” रणबीर को राम के रूप में स्वीकार नहीं कर सकता: शिव सागर इससे पहले फिल्ममेकर और 1987 की चर्चित टीवी सीरीज ‘रामायण’ बनाने वाले रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने रणबीर कपूर की कास्टिंग पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि ‘एनिमल’ में रणबीर का किरदार देखने के बाद उनके लिए उन्हें भगवान राम के रूप में स्वीकार करना मुश्किल है। शिव सागर के मुताबिक, भगवान राम जैसे किरदार के लिए किसी फ्रेश फेस को चुना जाना चाहिए था। उनका कहना है कि नए चेहरे के साथ दर्शकों की पहले से कोई इमेज नहीं जुड़ी होती। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें रणबीर कपूर की एक्टिंग से कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने रणबीर को अच्छा एक्टर बताया था। शिव सागर ने फिल्म की बाकी कास्टिंग, खासकर यश और साई पल्लवी की भी तारीफ की थी। पूरी खबर यहां पढे़ं… रणबीर ने दिया था जवाब जुलाई में फिल्म के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन शोकेस के दौरान रणबीर कपूर ने भगवान राम के किरदार के लिए अपनी कास्टिंग पर हुई आलोचना का जवाब दिया था। रणबीर ने कहा था, “रामायण देखने वाले हर व्यक्ति की भगवान राम को लेकर अपनी एक अलग छवि और व्याख्या होती है। इसका कोई एक तय चेहरा नहीं है। बहुत से लोग सोच सकते हैं कि मैं गलत कास्टिंग हूं, तो कुछ को लगेगा कि मैं सही कास्टिंग हूं। लेकिन ईमानदारी से कहूं तो राम के किरदार के लिए सही कास्टिंग वही अभिनेता होगा, जिसके पास सही नीयत, विश्वास और इस यात्रा के प्रति आस्था हो।” ……………………… रामायण से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज: भगवान राम-सीता के विवाह की झलक दिखी; श्रेया घोषाल-अरिजीत सिंह ने आवाज दी फिल्म ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के अवसर पर रिलीज हुआ था। गाने को श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है। इसके म्यूजिक को ए.आर. रहमान ने कंपोज, प्रोड्यूस और अरेंज किया है। गाने के लिरिक्स डॉ. कुमार विश्वास ने लिखे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 1 Oct 2026 1:10 pm

मुश्ताक खान की प्रेयर मीट में पहुंचे सेलेब्स:एक्टर को याद कर अंजन श्रीवास्तव भावुक हुए; प्रेयर मीट से राजपाल यादव को भगाने का दावा गलत

मुंबई में बुधवार को एक्टर मुश्ताक खान की प्रेयर मीट हुई। उनका 24 सितंबर को कैंसर से जूझने के बाद निधन हो गया था। प्रेयर मीट में पूनम ढिल्लों, राजपाल यादव, राहुल रॉय, किरण कुमार, अनिल शर्मा समेत बॉलीवुड के कई कलाकार और उनके सहयोगी पहुंचे। वहीं, प्रेयर मीट के दौरान दिग्गज अभिनेता और ‘वागले की दुनिया’ फेम अंजन श्रीवास्तव मुश्ताक खान को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने मुश्ताक खान की तारीफ करते हुए उन्हें एक ‘सुपर डुपर हिट’ लीडर बताया। मुश्ताक खान ‘वेलकम’, ‘गदर’ जैसी कई फिल्मों में नजर आए थे। मुश्ताक खान की प्रेयर मीट से राजपाल यादव का वीडियो वायरल हुआ। जिसको लेकर कुछ पैपराजी पेजेस ने दावा किया कि राजपाल यादव को प्रेयर मीट से निकाल दिया गया। वीडियो में एक महिला कहती है कि लगता है कि आपको बाहर भेजना पड़ेगा। मैंने आपको समझाया, लेकिन आप समझ नहीं रहे। हद है, यह समय है सेल्फी लेने का। हालांकि, इस वीडियो की सच्चाई है कि राजपाल यादव को प्रेयर मीट से नहीं निकाला गया। दरअसल, जब वे प्रार्थना सभा खत्म होने के बाद बाहर निकल रहे थे, तब वहां मौजूद मीडिया (पैपराजी) और कुछ फैंस उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी खिंचवाने लगे। शोक के उस माहौल में कुछ लोगों द्वारा सेल्फी लेने से वहां मौजूद मुश्ताक खान के परिवार को बिल्कुल पसंद नहीं आई। वीडियो में जो महिला बोल रही हैं, उनका गुस्सा राजपाल यादव पर नहीं, बल्कि वहां उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे फैंस और पैपराजी पर था। वहीं, बाहर फैंस द्वारा सेल्फी की वजह से हुए शोर-शराबे को देखकर राजपाल यादव ही वहां से अपनी कार की तरफ चले गए। 250 से ज्यादा फिल्मों में किया काम मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर कस्बे में जन्मे मुश्ताक खान ने अभिनय की शुरुआत थिएटर से की थी। साल 1980 में फिल्म अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 1990 के दशक में वे आशिकी, सड़क, साथी, हम हैं राही प्यार के, क्रांतिवीर, राजा, मेजर साब और मन जैसी फिल्मों में नजर आए। आशिकी में दर्जी रफू मास्टर और हम हैं राही प्यार के में भगवती प्रसाद मिश्रा का उनका किरदार काफी चर्चित हुआ। इसके बाद हेरा फेरी, मुझसे शादी करोगी, गदर: एक प्रेम कथा, जोड़ी नं. 1 और राउडी राठौर जैसी फिल्मों में उन्होंने कॉमिक और सपोर्टिंग रोल निभाए। 2007 की फिल्म वेलकम में मजनू भाई के साथी बल्लू के किरदार से उन्हें खास पहचान मिली। जिसमें उनका डायलॉग 'मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था। एक दिन उदय भाई...' काफी मशहूर हुआ। इसके बाद वेलकम बैक, स्त्री और स्त्री 2 जैसी फिल्मों में भी वे नजर आए। फिल्मों के साथ-साथ मुश्ताक खान ने टीवी पर भी काम किया। वे अदालत, चाचा चौधरी, टेढ़े-मेढ़े सपने और कुछ रंग प्यार के ऐसे भी जैसे शोज का हिस्सा रहे। हाल के वर्षों की बात करें तो साल 2025 में वे फिल्म जाट में इंस्पेक्टर मुश्ताक के किरदार में नजर आए। इसी साल उदयपुर फाइल्स में वीरेंद्र कुमार मीणा का रोल निभाया। इसके अलावा किस किसको प्यार करूं 2 में भी काम किया। साल 2026 में वे भाभीजी घर पर हैं! फन ऑन द रन, हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं और कोकिन में नजर आए। परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी मुश्ताक खान अपने पीछे पत्नी सलमा खान, दो बेटों और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उनके बड़े बेटे का नाम मोहम्मद अरशद खान, छोटे बेटे का नाम मोहसिन खान और बेटी का नाम सबा शेख है। मुश्ताक खान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पहले उन्हें किसी से प्यार हुआ था, लेकिन यह रिश्ता सफल नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने शादी से दूरी बनाने का फैसला किया था। बाद में माता-पिता की इच्छा पर उन्होंने सलमा खान से अरेंज मैरिज की। उनके बड़े बेटे मोहम्मद अरशद खान ने फिल्मी दुनिया से अलग अपना करियर बनाया है। वहीं, छोटे बेटे मोहसिन खान फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं। हालांकि, वे एक्टिंग नहीं करते। मोहसिन डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं। उन्होंने मराठी कॉमेडी फिल्म ‘डिलीवरी बॉय’ का निर्देशन किया है। मुश्ताक खान का हुआ था अपहरण नवंबर 2024 में मुश्ताक खान को अवॉर्ड फंक्शन के बहाने बुलाकर किडनैप कर लिया गया था। उन्हें मेरठ में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनाने की बात कही गई थी। भरोसा जीतने के लिए बदमाशों ने उन्हें 25 हजार रुपए एडवांस भेजे और मुंबई से दिल्ली की फ्लाइट टिकट भी बुक कराई। 20 नवंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद एक कैब उन्हें मेरठ लेकर निकली। रास्ते में उन्हें दूसरी गाड़ी में बैठाया गया। इसके बाद बंदूक दिखाकर उनका अपहरण कर लिया गया। उन्हें बिजनौर के एक घर में ले जाकर करीब 12 घंटे तक बंधक रखा गया। बदमाशों ने 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। अगली सुबह अपहरणकर्ता नशे में थे और कुछ सो रहे थे। इसी दौरान मुश्ताक खान वहां से भाग निकले। पास की मस्जिद पहुंचकर उन्होंने स्थानीय लोगों से मदद मांगी। लोगों ने उनके परिवार और पुलिस से संपर्क कराया। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने उनके बैंक खाते से करीब 2.2 लाख रुपए भी निकाल लिए थे। मामले में पुलिस ने गिरोह के कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने शक्ति कपूर और राजेश पुरी समेत दूसरे कलाकारों को भी इसी तरह फंसाने की कोशिश की थी। …………………. ये खबर भी पढ़ें… रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का निधन:बंगाली सिनेमा में प्लेबैक सिंगर थीं, शाहरुख खान अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का मंगलवार दोपहर 75 साल की उम्र में निधन हो गया। यशराज फिल्म्स (YRF) ने आधिकारिक बयान जारी करके इस बात की जानकारी दी है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 1 Oct 2026 11:49 am

झारखंडी वाद्य यंत्र मांदर को मिला जी आई टैग

झारखंडी वाद्य यंत्र मांदर को मिला जी आई टैग The post झारखंडी वाद्य यंत्र मांदर को मिला जी आई टैग appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

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