शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ के ओवरसीज थिएट्रिकल राइट्स 175 करोड़ रुपए में बिके हैं। पिंकविला की रिपोर्ट के मुताबिक, फार्स फिल्म्स ने ये राइट्स खरीदे हैं। इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी ओवरसीज राइट्स डील बताया जा रहा है। फिल्म को विदेशों में रिलीज करने के लिए यह बड़ी डील है। ब्रेक ईवन के लिए ‘किंग’ को इंटरनेशनल बॉक्स ऑफिस पर करीब 350-375 करोड़ रुपए कमाने पड़ेंगे। ब्रेक ईवन का मतलब होता है कि कारोबार में न फायदा हो, न नुकसान। यानी जितना पैसा लगाया, उतना वापस मिल जाए। बता दें कि अब तक शाहरुख की फिल्मों के ओवरसीज राइट्स यशराज फिल्म्स के पास रहे हैं। यशराज फिल्म्स ने 2023 में ‘पठान’ और ‘जवान’ को विदेशों में रिलीज किया था। फार्स फिल्म्स को ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूशन का अनुभव है। कंपनी ने यशराज फिल्म्स की कई फिल्मों के साथ पार्टनरशिप की है। फार्स फिल्म्स ने प्रभास की ‘साहो’ को अकेले विदेशों में डिस्ट्रीब्यूट किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने ‘किंग’ के राइट्स के लिए 175 करोड़ रुपए की मिनिमम गारंटी (MG) दी है। अब तक किसी भारतीय फिल्म के ओवरसीज राइट्स 100 करोड़ रुपए तक नहीं पहुंचे थे। ऐसे में यह डील एक नया रिकॉर्ड है। आमतौर पर बॉलीवुड फिल्मों के विदेशों में डिस्ट्रीब्यूशन के लिए कमीशन मॉडल अपनाया जाता है। इसमें डिस्ट्रीब्यूटर फिल्म के राइट्स खरीदने के बजाय कमीशन लेता है। यशराज फिल्म्स ने ‘जवान’ और ‘डंकी’ को विदेशों में इसी मॉडल पर रिलीज किया था। ‘किंग’ के लिए भी पहले यही योजना थी, लेकिन फार्स फिल्म्स ने इतनी बड़ी रकम ऑफर की कि डील बदल गई। किंग के लिए बड़ी कमाई की चुनौती किसी फिल्म के लिए दी गई मिनिमम गारंटी डिस्ट्रीब्यूटर के भरोसे को दिखाती है। विदेशों में डिस्ट्रीब्यूटर्स को आमतौर पर बॉक्स ऑफिस ग्रॉस का 50% हिस्सा मिलता है। इस हिसाब से ‘किंग’ को सिर्फ ब्रेक ईवन के लिए 37-40 मिलियन डॉलर कमाने होंगे। यह रकम भारतीय मुद्रा में करीब 350-375 करोड़ रुपए के बराबर है। शाहरुख की सबसे सफल फिल्मों में शामिल ‘पठान’ और ‘जवान’ ने विदेशों में करीब 400-400 करोड़ रुपए कमाए थे। ‘किंग’ को मुनाफे में आने के लिए कम से कम इतनी कमाई करनी होगी। ‘किंग’ की ओवरसीज कमाई को सफल होने के लिए ‘धुरंधर 2’ के 460 करोड़ रुपए या ‘RRR’ के 430 करोड़ रुपए के करीब पहुंचना होगा। ‘धुरंधर 2’ और ‘RRR’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ओवरसीज सफल फिल्मों में शामिल हैं। ‘किंग’ का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। फिल्म को रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और मार्फ्लिक्स पिक्चर्स ने मिलकर बनाया है। फिल्म में शाहरुख एक नए एक्शन अवतार में नजर आएंगे। फिल्म में शाहरुख के अलावा दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, सुहाना खान, अनिल कपूर, अभय वर्मा और अरशद वारसी भी नजर आएंगे। किंग की कहानी एक मेंटर और शिष्य के सफर पर आधारित है, जो कठिन परिस्थितियों में अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते हैं। क्रिसमस 2026 में होगी बड़ी टक्कर किंग क्रिसमस 2026 के दौरान रिलीज होगी, जब जुमांजी, एवेंजर्स: डूम्सडे और ड्यून 3 जैसी हॉलीवुड फिल्में भी रिलीज होंगी। इस कॉम्पिटिशन को देखते हुए, फिल्म के लिए बड़े थिएटर रिलीज की प्लानिंग की जा रही है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट में सामने आया था कि फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पेन मरुधर ने किंग के ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स 250 करोड़ रुपए में खरीद लिए। बता दें कि पेन मरुधर का शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस के साथ पुराना संबंध रहा है। कंपनी पहले जवान, डंकी, जीरो, बदला और इत्तेफाक जैसी फिल्मों को रिलीज कर चुकी है। ए.ए. फिल्म्स, जियो स्टूडियोज, पीवीआर आईनॉक्स पिक्चर्स, यशराज फिल्म्स और धर्मा प्रोडक्शंस जैसी कंपनियों ने भी फिल्म के डोमेस्टिक राइट्स के लिए बोली लगाई थी। फिल्म ‘किंग’ से जुड़ी खास बातें-
वरुण धवन ने सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी के साथ शुक्रवार को एक तस्वीर शेयर की। तस्वीर में वरुण सेल्फी ले रहे हैं और कियारा दोनों एक्टर्स के बीच खड़ी दिख रही हैं। वरुण ने तस्वीर के साथ लिखा, “हीटेड, हां, लेकिन अपने भाई के साथ कभी राइवलरी नहीं रही। हॉस्पिटैलिटी के लिए शुक्रिया, भाभी जी।” सिद्धार्थ ने भी पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “भाई, तुम हमेशा मेरी पहली पसंद रहोगे।” वरुण और सिद्धार्थ ने 2012 में करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ में साथ काम किया था। तस्वीर को लेकर करण जौहर का रिएक्शन भी सामने आया। उन्होंने अपनी स्टोरी में लिखा, “रोहन और अभिमन्यु! कैसी टक्कर है! लेकिन दोस्ती जिंदगी भर की है।” फैन्स ने वरुण की पोस्ट पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। एक फैन ने लिखा, “सिड और रोहन का रीयूनियन 2012 जैसा ही लग रहा है।” एक अन्य कमेंट में लिखा गया, “कोई राइवलरी नहीं, सिर्फ भाईचारा।” कुछ फैन्स ने दोनों एक्टर्स को फिर बड़े पर्दे पर साथ देखने की इच्छा जताई। एक फैन ने लिखा, “हमें ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर रिटर्न्स’ चाहिए।” ‘कॉफी विद करण’ में वरुण ने सिद्धार्थ को लेकर क्या कहा था? ‘कॉफी विद करण’ सीजन 9 में वरुण धवन ने हाल ही में सिद्धार्थ मल्होत्रा को फेमस टेलीविजन सीरीज ‘हीटेड राइवलरी’ के भारतीय रूपांतरण के लिए चुना था। शो में करण जौहर ने वरुण से पूछा था कि वह इस सीरीज के भारतीय रूपांतरण में किस पुरुष एक्टर को लेंगे। वरुण ने तुरंत सिद्धार्थ मल्होत्रा का नाम लिया। वरुण ने मजाक में कहा कि वो दोनों यह भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इसकी वजह ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ में दोनों की केमिस्ट्री को बताया। वरुण ने कहा, “मुझे लगता है कि ‘SOTY’ में भी दोनों के बीच सेक्सुअल टेंशन थी।” ‘हीटेड राइवलरी’ के बारे में जानिए ‘हीटेड राइवलरी’ कनाडा की रोमांटिक स्पोर्ट्स ड्रामा सीरीज है। यह रेचल रीड की ‘गेम चेंजर्स’ बुक सीरीज पर आधारित है। जैकब टियरनी की बनाई यह छह एपिसोड की सीरीज है। इसमें शेन हॉलैंडर और इल्या रोजानोव नाम के दो स्टार हॉकी खिलाड़ियों की कहानी दिखाई गई है। दोनों खिलाड़ी मैदान पर एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं। उनकी यह राइवलरी आगे चलकर एक गुप्त रोमांस में बदल जाती है। ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ में साथ दिखे थे वरुण-सिद्धार्थ करण जौहर के निर्देशन में बनी ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ 2012 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म से वरुण धवन, सिद्धार्थ मल्होत्रा और आलिया भट्ट ने एक्टिंग डेब्यू किया था। फिल्म में वरुण ने रोहन नंदा और सिद्धार्थ ने अभिमन्यु सिंह का किरदार निभाया था। दोनों किरदार सेंट टेरेसा कॉलेज में ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ की ट्रॉफी जीतने के लिए मुकाबला करते हैं। वरुण को डर था कि लोग सिद्धार्थ को ज्यादा देखेंगेशुभंकर मिश्रा के साथ पॉडकास्ट में वरुण धवन से सवाल पूछा गया था कि सिद्धार्थ मल्होत्रा से आप क्यों जलते थे? इस पर एक्टर ने कहा था, “लंबे थे, चौड़े थे, गुड लुकिंग थे। दो लोगों की फिल्म है, फिल्म में दो हीरो हैं तो उस वक्त मुझे लगा था कि यार, यह इतना बेहतरीन है, कितना अच्छा दिखता है, तो ये सब लोग उसे ही देखेंगे, मुझे नोटिस भी करेंगे या नहीं? मेरा ड्रीम जो है, ड्रीम रह जाएगा और थोड़ी-बहुत नेगेटिविटी भी शुरू हो गई थी, नेपोटिज्म को लेकर।”
शुक्रवार रात को प्रोड्यूसर आनंद पंडित ने प्री-दिवाली पार्टी होस्ट की, जिसमें फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई हैं। टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद जैकी श्रॉफ ने पहली बार कोई पार्टी अटेंड की है। इनके अलावा मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह भी जैकी भगनानी के साथ पहुंचीं। अजय देवगन भी ट्रेडिशन लुक में पार्टी का हिस्सा बने, वहीं राजपाल यादव ने रेड कार्पेट पर मस्ती की। देखिए आनंद पंडित की दिवाली पार्टी से सेलेब्स के लुक-
बहू सरपंच बनी तो सास ने गांव के नाम कर दी जमीन, पंचायत भवन के लिए दान की सवा बीघा भूमि
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में सास-बहू की एक अनूठी पहल ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया है।
कांटें, काबिल, शूटआउट एट लोखंडवाला, मुंबई सागा जैसी बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट कर चुके संजय गुप्ता का आज सुबह निधन हो गया है। एक्टर ने 23 अक्टूबर को 57वां जन्मदिन मनाया था। रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर 30 अक्टूबर को मुंबई स्थित घर के बाथरूम में गिरे थे, हालांकि इसकी जानकारी आज सुबह मिली।फिलहाल डायरेक्टर की मौत की असल वजह सामने नहीं आई है। संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में क्राइम, गैंगस्टर ड्रामा, एक्शन और अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त स्टारर कांटे, ऋतिक रोशन की काबिल, संजय दत्त की जिंदा और जॉन अब्राहम की शूटआउट एट वडाला शामिल हैं। कांटे की रिलीज के बाद 5 हफ्ते आईसीयू में रहे संजय गुप्ता ने अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, कुमार गौरव, मलाइका अरोड़ा और लकी अली स्टारर फिल्म कांटे डायरेक्ट की थी। फिल्म के कुछ हिस्से लॉस एंजिलिस में शूट हुए थे, लेकिन तभी 9/11 हमले के चलते शूटिंग में काफी अड़चन हुई और शेड्यूल बदलना पड़ा। फिल्म 20 दिसंबर 2002 को रिलीज हुई और हिट साबित हुई। फिल्म रिलीज के एक हफ्ते बाद 27 दिसंबर 2002 को संजय गुप्ता का खंडाला से लौटते वक्त कार एक्सीडेंट हुआ। जब उन्हें एडमिट करवाया गया तो डॉक्टर्स ने साफ कहा कि उनके अगले 72 घंटे बेहद क्रिटिकल हैं। तब वह महज 35 साल के थे। डायरेक्टर को 5 हफ्तों तक अस्पताल में भर्ती रखा गया था। संजय गुप्ता सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थे। इसी साल जून में एक पोस्ट कर उन्होंने कांटें की रिलीज के समय हुए एक्सीडेंट का भी जिक्र किया था। संजय गुप्ता को मिली थीं अंडरवर्ल्ड की धमकियां, संजय दत्त ने की मदद कुछ हफ्तों पहले ही संजय गुप्ता ने हुसैन जैदी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें 1992-93 के बीच अंडरवर्ल्ड की धमकियां मिली थीं। इस समय वह बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म आतिश बना रहे थे, जिसमें संजय दत्त, करिश्मा कपूर और रवीना टंडन लीड रोल में थे। उन्होंने बताया कि एक सुबह उनके घर पर फोन आया। दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को ‘नाना’ बताया। संजय को समझ नहीं आया कि कौन नाना है? बाद में उन्हें पता चला कि फोन छोटा राजन का था। फोन पर उन्हें गालियां दी गईं। उन्होंने तुरंत संजय दत्त को फोन किया और कहा कि उन्हें घर से बाहर निकालने में मदद करें। इसके बाद संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की सरकारी गाड़ी उनके घर भेजी। संजय गुप्ता पीछे के रास्ते से उस गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए।
शुक्रवार को दिल्ली में हुए ऑरा टूर 2026 की परफॉर्मेंस के बीच दिलजीत दोसांझ ने कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके के उस बयान पर जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कलाकारों को सरकार के खिलाफ उन्हें समर्थन देना चाहिए, वर्ना उनकी फिल्में (सतलज) बैन हो जाती हैं। अब दिलजीत ने इसके जवाब में कहा है कि पंजाबियों को न सिखाया जाए कि लड़ाई कैसे करना है। अब सामने आया है कि कुछ समय पहले अभिजीत दीपके, दिलजीत के शिकागो कॉन्सर्ट में शामिल हुए थे। उन्होंने एक पोस्ट जारी कर माफी भी मांगी है। दिलजीत ने दिल्ली कॉन्सर्ट के मंच पर कहा, “मैं आप सभी से प्यार करता हूं, क्योंकि मैं एक आर्टिस्ट हूं। मैं चुप हूं, तो मुझे चुप ही रहने दो। मैं आप सभी का समर्थन करता हूं, लेकिन पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ।” अभिजीत दीपके ने की सुलह की पहल, माफी मांगी अभिजीत ने दिलजीत की आलोचना को लेकर अपनी सफाई में लिखा, ‘दिलजीत पाजी के नाम, पाजी, जून में जब हम विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब आपके कमेंट से मुझे थोड़ा दुख हुआ था। ऐसा इसलिए नहीं था कि मुझे आपसे व्यक्तिगत तौर पर कोई शिकायत थी, बल्कि इसलिए क्योंकि मैंने हमेशा आपको ऐसे इंसान के रूप में देखा है, जो खुद भी कहते हैं कि गलत के खिलाफ आवाज उठाते हैं।’ आगे उन्होंने लिखा, 'सच कहूं तो मैं हमेशा से आपका फैन रहा हूं और आज भी हूं। मैं आज भी आपके गाने सुनता हूं। इसी साल मई में, भारत लौटने से ठीक पहले, मैं शिकागो में आपका कॉन्सर्ट देखने भी आया था। आपका साहस, आपका असली और बेबाक अंदाज और अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भारत को दुनिया भर में पहचान दिलाना, ये ऐसी बातें हैं जिनका मैं हमेशा से फैन रहा हूं। शायद यही वजह है कि आपका वो कमेंट मुझे थोड़ा ज्यादा चुभ गया, क्योंकि मेरी नजर में आपकी हमेशा से बहुत इज्जत रही है।' दीपके बोले- छोटा भाई समझकर माफ कर देना आखिर में अभिजीत दीपके ने माफी मांगते हुए लिखा, एक बार की असहमति या गलतफहमी से आपके लिए मेरा सम्मान और प्यार कम नहीं हो जाता। बाकी पाजी, छोटा भाई समझकर माफ कर देना। और आखिर में बस इतना कहना चाहूंगा, गबरू ता वैरी नू वी मिठा बोलदा, नी तू ता फेर जट्ट दा प्यार गोरिये। जानिए क्यों हुआ दिलजीत-दीपके के बीच विवाद जून में कॉकरोच जनता पार्टी ने नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। जुलाई की शुरुआत में दिलजीत ने इंस्टाग्राम लाइव किया था। इस दौरान एक फैन ने उनसे पूछा कि क्या वे जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होंगे? इस पर दिलजीत ने कहा था, जंतर मंतर कहां है प्रदर्शन के लिए? भाई, मुझे प्रदर्शन जैसी चीजों से दूर ही रखो। मैं एक कलाकार हूं, मैं कोई नेता नहीं हूं। जीवन में सब कुछ कभी ठीक नहीं हो सकता है। इस दुनिया में सब कुछ सही होना मुमकिन नहीं है। इसके बाद उन्होंने विवाद पर सीधे बोलने से बचते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, “जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें भी बधाई और जिनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है, उन्हें भी बधाई। मुझे इस बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है।” अभिजीत दिपके ने दिलजीत पर कसा था तंज दिलजीत के इस बयान से CJP के कुछ सदस्य नाराज हो गए। अभिजीत दिपके ने भी उन पर तंज कसा। 12 जुलाई को जब पंजाबी सिंगर काका जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे, तब अभिजीत ने उनकी तरफ इशारा करते हुए कहा था- ये भी एक आर्टिस्ट हैं, भाई। अगर आर्टिस्ट सपोर्ट नहीं करते तो उनकी फिल्में बैन होती हैं। अभिजीत दीपके के इस बयान को दिलजीत से जोड़ा गया क्योंकि तब उनकी फिल्म सतलज को रिलीज से रोक दिया गया था और ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था।
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान… पर्दे पर कभी मोहब्बत के लिए दुनिया से लड़ते दिखे, तो कभी दुश्मनों के छक्के छुड़ाते। लेकिन असल जिंदगी में भी शाहरुख का एक ऐसा अंदाज रहा है, जिसने कई बार सुर्खियां बटोरीं। जब बात परिवार की हो, आत्मसम्मान की या फिर अपने काम और इज्जत की, तो शाहरुख ने कैमरे के सामने ही नहीं, कैमरे के पीछे भी कई बार एक्शन किया है। एक बार तो शाहरुख को-एक्ट्रेस से शारीरिक संबंध बनाने की बात छापने वाले पत्रकार को मारने तलवार लेकर उसके घर पहुंच गए थे। वहीं एक बार यूनिट की लड़कियों को छेड़ने वालों की लाठी से पिटाई की थी। आज शाहरुख खान के बर्थडे के खास मौके पर पढ़िए उनके ऑफ कैमरा झगड़ों की कहानी- किस्सा- 1 हीरोइन से अफेयर की खबर छापने वाले से कहा- काट डालूंगा, जिंदा गाड़ दूंगा शाहरुख नए-नए फिल्मों में आए थे और उनकी शादी भी नई-नई थी। इसी समय उन्हें दीपा सेन के साथ फिल्म मामा मेमसाब (1993) में कास्ट किया गया। फिल्म की शूटिंग चल रही थी, तभी एक मैगजीन ने कवर पेज पर शाहरुख की बड़ी सी तस्वीर के साथ लिखा कि शूटिंग में हीरोइन के साथ सहज महसूस करने के लिए उन्होंने उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए हैं। मैगजीन घर पहुंची, तो शाहरुख की पत्नी गौरी खान डर गईं। शाहरुख ने पढ़ते ही सीधे मैगजीन की एडिटर को कॉल मिलाया और कहा- ‘ये क्या छापा है?’ जवाब मिला- ‘शाहरुख, ये मजाक है।’ शाहरुख ने गालियों की बौछार कर दी और कॉल पर ही धमकी दे डाली। उसी शाम शाहरुख, शादी में आर्मी ऑफिसर ससुर से घुड़चड़ाई के समय मिली तलवार लेकर मैगजीन के रिपोर्टर के घर पहुंच गए। पहुंचते ही उन्होंने उस रिपोर्टर की टांगों के बीच में तलवार अड़ा दी। गाली-गलौज हुई और शाहरुख ने उसके पेरेंट्स से कहा- ‘मैं इसे काट डालूंगा।’ उस रोज रिपोर्टर के घर में एक पार्टी थी, जिसमें कई लोग आए हुए थे, लेकिन शाहरुख ने आव देखा न ताव सीधे बखेड़ा खड़ा कर, जमकर मारपीट की और गालियां बरसाईं। उन्होंने धमकी दी कि दोबारा ऐसा हुआ, तो वो सबको जिंदा गाड़ देंगे। शाहरुख तमतमाते घर लौट आए। अगले दिन उनका गुस्सा शांत हो चुका था। शाम को वो दूसरी फिल्म कभी हां कभी ना की शूटिंग करने चले गए। सेट पर पुलिस आईं, शाहरुख को लगा फैन हैं। कुछ तस्वीरें क्लिक करने के बाद पुलिस ने कहा- आपको स्टेशन बुलाया गया है। शाहरुख को लगा कोई अफसर उनसे मिलना चाहता है। वो स्टाइल में पुलिस स्टेशन गए। जैसे ही वो कुर्सी पर बैठने को हुए, अफसर ने तेज आवाज में कहा- बैठने की जरुरत नहीं है। तुम्हारे खिलाफ शिकायत मिली है। शाम के 6 बजकर निकल गए थे, तो बेल की भी उम्मीद नहीं थी। पुलिस ने उन्हें एक कॉल करने की इजाजत दी। लेकिन शाहरुख ने परिवार, वकील या दोस्तों की जगह सीधे शिकायत करने वाले रिपोर्टर को कॉल लगाया और कहा- ‘अब तो मैं जेल आ गया हूं, निकलकर तुझे छोड़ूंगा नहीं।’ शाहरुख को फॉर्मेलिटी के बाद जेल में डाला गया, तब नाना पाटेकर ने उन्हें बेल दिलवाई थी। ये किस्सा खुद शाहरुख ने 2012 के थिंक फेस्ट में सुनाया था। किस्सा- 2 लड़कियों को छेड़ने वाले लड़कों की कर दी पिटाई शाहरुख खान और सलमान खान राजस्थान में फिल्म करण अर्जुन की शूटिंग कर रहे थे। इस दौरान कई लोग उनकी शूटिंग देखने इकट्ठा होते थे। एक दिन शाहरुख के गाने की शूटिंग हुई, जिसमें कोरियोग्राफर चिन्नी प्रकाश की टीम की कई लड़कियां भी शामिल हुईं। शूटिंग के बीच कुछ लड़के आकर, उन लड़कियों पर कमेंट कर बदतमीजी करने लगे। पहले तो टीम ने लड़कों को समझाकर भगाने की कोशिश की, लेकिन जब वो तब भी लगातार बदतमीजी करते रहे, तो शाहरुख और सलमान ने लाठी से उन लड़कों की पिटाई कर दी। सेट के लोग डर गए कि कहीं वो लड़के हंगामा न खड़ा कर दें, इस वजह से उन लड़कियों को हड़बड़ी में सेट से होटल तक सुरक्षित पहुंचाया गया था। किस्सा- 3 अंडरवर्ल्ड की धमकी मिली, तो जवाब में कहा- पठान हूं 90 के दशक में बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड का हस्तक्षेप बढ़ने लगा। कई प्रोड्यूसर्स से प्रोटेक्शन मनी के नाम पर लाखों वसूले जाते, तो कई हीरो-हीरोइन पर कुछ प्रोड्यूसर की फिल्में करने का दबाव बनाया जा रहा था। बात न मानने वालों को जान से मारने की धमकी दी जाती। ऐसे ही प्रोड्यूसर गुलशन कुमार की हत्या कर दी गई और राजीव राय को धमकाया गया। राकेश रोशन पर भी हमला हुआ। एक दिन सलमान खान फिल्म दिल तो पागल है की शूटिंग कर रहे थे, तभी उनके पास अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गे अबू सलेम का कॉल आया। उन पर एक प्रोड्यूसर की फिल्म करने का दबाव बनाया गया। शाहरुख ने पहले बड़ी विनम्रता से कहा कि वह पहले ही कई फिल्मों में बिजी हैं, ऐसे में कोई नई फिल्म नहीं कर पाएंगे। लेकिन कॉल पर उन्हें धमकियां दी जाने लगीं। कहा गया- ‘मैं तुम्हारे पास एक आदमी भेज रहा हूं, तुम्हें अपनी जान की परवाह है तो फिल्म कर लेना।’ शाहरुख ने जवाब दिया- ‘मैं पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो। डरता नहीं हूं।’ कुछ दिन बीत गए। शाहरुख फिल्म डुप्लीकेट की शूटिंग कर रहे थे, तभी उनके पास छोटा शकील का कॉल आया। शाहरुख ने फिर इनकार कर दिया। लेकिन इसके बाद उन्होंने अपने आसपास की सिक्योरिटी बढ़ा ली और बुलेटप्रूफ कार भी खरीदी। शाहरुख को 2013 में भी अंडरवर्ल्ड की धमकी मिल चुकी है। किस्सा- 4 मन्नत पर पत्थर फेंके जाने पर बेटी सुहाना रोई, तो दे डाली धमकी साल 2007 में शाहरुख खान ने सैफ अली खान के साथ आईफा अवॉर्ड होस्ट किया था। होस्टिंग के बीच शाहरुख ने समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह का मजाक बनाते हुए कहा था कि उनकी आंखों में दरिंदगी दिखती है। उस समय तो सभी जोर-जोर से हंस पड़े, लेकिन शो टेलीकास्ट होने के बाद सपा नेता के सपोर्टर्स शाहरुख को धमकियां देने लगे। सपोर्टर्स ने 5 मार्च 2007 को शाहरुख खान के घर मन्नत के बाहर हंगामा किया। शाहरुख खान, शूटिंग पर थे और पत्नी गौरी खान किसी काम से घर से बाहर गई हुई थीं, लेकिन बच्चे घर में ही थे। जल्द ही गुस्साई भीड़ ने नारेबाजी करते हुए घर में पत्थर मारने शुरू कर दिए। ये देखकर शाहरुख की बेटी सुहाना खान जोर-जोर से रोने लगीं, जो 6 साल की थीं। बड़े बेटे आर्यन भी रो रहे थे और शाहरुख की बहन की तबीयत खराब थी। घर से कॉल आते ही शाहरुख ने शूटिंग कैंसिल की और पुलिस को खबर थी। जल्द ही पुलिस ने भीड़ पर काबू पा लिया। शाहरुख भी तुरंत बच्चों के पास पहुंचे। शाहरुख इस इंसिडेंट से काफी नाराज हुए। कुछ दिनों बाद मिड-डे को दिए इंटरव्यू में शाहरुख ने कहा, मुझे अपना शूट कैंसिल कर घर भागना पड़ा था, क्योंकि मेरी 6 साल की बेटी सुहाना रो रही थी। मेरे घर के बाहर लोग हल्ला कर रहे थे, चिल्ला रहे थे। मेरा बेटा आर्यन डरा हुआ था कि कहीं कोई पत्थर न फेंक दे। अगर आप ये कहकर मुझे डराना चाहते हो कि मुझे नुकसान पहुंचाओगे, तो मैं डर जाऊंगा, क्योंकि मेरे न रहने के बाद मेरे बच्चों को कौन देखेगा। अगर मुझे नुकसान पहुंचाओगे, तो मैं अपने बारे में नहीं सोचूंगा। आगे शाहरुख ने कहा, मैं एक पठान हूं और अपने परिवार को लेकर बहुत प्रोटेक्टिव हूं। अगर मैं पुलिस के आने से पहले आ जाता, तो मैंने अपनी बेटी को रुलाने वाले उन सभी लोगों को रुला दिया होता। ये एक पठान का वादा है, मैंने उन्हें बख्शा नहीं होता। किस्सा- 5 काम का मजाक उड़ाया तो सलमान से हुई हाथापाई, संजय दत्त ने किया बीच-बचाव शाहरुख सलमान 90 के दशक में अच्छे दोस्त थे। दोनों साथ फिल्में भी करते थे। फिर जब शाहरुख ने ऐश्वर्या के साथ फिल्म चलते-चलते की शूटिंग शुरू की, तो इस दोस्ती में दरार आ गई। दरअसल, सलमान बार-बार सेट पर आकर ऐश्वर्या की वजह से हंगामा करते थे। शाहरुख ने ऐश्वर्या को फिल्म से हटाकर रानी को ले लिया। सलमान-शाहरुख में अनबन तो हुई, लेकिन फराह खान ने अपनी शादी में दोनों की फिर सुलह करवा दी। दोस्ती फिर चर्चा में आ गई। फिर साल 2008 में शाहरुख पत्नी के साथ सलमान की गर्लफ्रेंड कटरीना की बर्थडे पार्टी में पहुंचे। मजाक-मजाक में सलमान ने शाहरुख के टीवी शो क्या आप पांचवी पास से तेज हैं का मजाक उड़ा दिया। शाहरुख काम का मजाक बनता देख चिढ़ गए और दोनों की वहीं बहस शुरू हो गई। बहस के बीच हाथापाई की नौबत भी आ गई। संजय दत्त ने बीच-बचाव करवाया और शाहरुख तुरंत वाइफ गौरी खान के साथ पार्टी छोड़कर निकल गए। झगड़े के बाद दोनों ने सालों तक एक-दूसरे से बात नहीं की, हालांकि अब दोनों फिर दोस्त बन चुके हैं। किस्सा- 6 फिल्म का मजाक उड़ाने पर दोस्त फराह के पति को मारा थप्पड़ संजय दत्त की फिल्म अग्निपथ हिट रही थी, जिसके बाद उन्होंने अपने घर में एक सक्सेस पार्टी रखी। इस पार्टी में संजय के करीबी दोस्त शाहरुख खान भी पहुंचे। इनके अलावा शाहरुख की दोस्त फराह खान भी पति शिरीष कुंदर के साथ पहुंचीं। उसी समय शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस की मेगा बजट फिल्म रा.वन फ्लॉप हुई थी। पार्टी में बातचीत के बीच शिरीष कुंदर ने शाहरुख की रा.वन के फ्लॉप होने का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। शाहरुख ने सुना तो वो गुस्सा काबू नहीं कर सके और सीधे शिरीष को थप्पड़ जड़ दिया। फराह तुरंत पार्टी छोड़कर निकल गईं। डब्बू रत्नानी, अमीषा पटेल, जैसे कई लोगों ने माना की गलती शिरीष की थी। झगड़ा खबरों में रहा, फिर अगले ही दिन गलती का एहसास होने पर शिरीष कुंदर ने शाहरुख से माफी मांगकर मामला शांत कर दिया। किस्सा- 7 आमिर ने शाहरुख के नाम का कुत्ता पाला, जो जवाब में आमिर खान को छिछोरा कहा मई 2008 की बात है। पंचगनी के एक फार्महाउस से आमिर खान ने ब्लॉग लिखा- शाहरुख मेरे पैरों को चाट रहा है और मैं बीच-बीच में उसे बिस्किट खिला रहा हूं। इससे ज्यादा और क्या मांग सकता हूं? आमिर का बयान आते ही साफ हो गया कि उनके और शाहरुख के बीच सालों से चला आ रही कॉल्ड वॉर, अब पब्लिक होने वाली है। कुछ महीने बीते, 25 दिसंबर 2009 को आमिर की फिल्म 3 इडियट्स रिलीज होनी थी और कुछ दिनों बाद 12 फरवरी 2010 में शाहरुख की फिल्म माय नेम इज खान आनी थी। दोनों रिलीज में चंद दिनों की दूरी थी। आमिर फिल्म के प्रमोशन के लिए भेष बदलकर पब्लिक प्लेस में जा रहे थे। वहीं शाहरुख भी प्रमोशन में व्यस्त थे। एक इवेंट में शाहरुख से आमिर के गेटअप बदलकर प्रमोशन करने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा- ये शब्द इस्तेमाल करने के लिए माफी, लेकिन ये छिछोरापन है। मुझे नहीं लगता कि एक लेवल पर आकर फिल्ममेकर्स या हम फिल्म की पब्लिसिटी के लिए ये छिछोरापन करेंगे। किस्सा- 8 बेटी से बदतमीजी की तो स्टेडियम में लड़ पड़े शाहरुख, बच्चे नाराज हुए तो दी सफाई 17 मई 2012 में शाहरुख, पत्नी गौरी खान, बच्चों आर्यन और सुहाना समेत करीब 40 बच्चों को मैच दिखाने ले गए थे। उस दिन शाहरुख की IPL टीम किंग नाइट राइडर का मैच चेन्नई सुपर किंग से था। सुहाना और आर्यन दूसरे बच्चों के साथ एक तरफ खड़े थे, तभी सिक्योरिटी गार्ड ने आकर उनसे बदसलूकी करना शुरू कर दी। वो बच्चों को वहां से भद्दी भाषा में हटा रहा था। उस समय तो शाहरुख वहां मौजूद नहीं थे। लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि गार्ड ने उनके बच्चों के साथ बुरा सलूक किया, वो आपा खोते हुए उस गार्ड को मारने पहुंच गए। जमकर हंगामा और मारपीट हुई। नतीजतन मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने शाहरुख की वानखेड़े स्टेडियम में एंट्री पर 5 साल का बैन लगा दिया। उस दिन मारपीट कर जब शाहरुख घर लौटे, तो गौरी और बच्चे उनके रवैये पर नाराज थे। बेटे आर्यन ने साफ कहा कि उन्हें मारपीट नहीं करनी चाहिए थी। जब शाहरुख ने कहा कि वो बच्चों को गाली दे रहा था, तो सुहाना ने भी कहा- ये इतनी बड़ी बात नहीं थी कि आप इतना गुस्सा हो जाओ। आप एक बड़े स्टार हो। आपको तमीज से पेश आना चाहिए। शाहरुख ने आप की अदालत में इस मुद्दे पर बात की और अपने रवैये पर देश की जनता से भी माफी मांगी। अब पढ़िए, कैसे हीरो बने शाहरुख खान- शाहरुख के पिता मीर ताज मोहम्मद का जन्म अफगानिस्तान में ही हुआ था। 1946 में वो दिल्ली यूनिवर्सिटी से वकालत करने भारत आए थे, हालांकि इसके बाद भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से शुरू हुए दंगों के बाद वो अफगानिस्तान नहीं लौट सके। शाहरुख के पिता ने वकालत पूरी करने के बाद फर्नीचर बिजनेस किया। ये सफल नहीं रहा तो उन्होंने ट्रांसपोर्टेशन और केरोसीन डीलिंग जैसे काम किए। बाद में उन्होंने दिल्ली के विलिंगन हॉस्पिटल के पीछे चाय की दुकान खोल ली। 1956 में मीर ताज मोहम्मद, लतीफ फातिमा से शादी कर दिल्ली के राजेंद्र नगर इलाके में किराए के घर में रहने लगे। एक बेटी के बाद 2 नवंबर 1965 को उनके घर बेटे शाहरुख का जन्म हुआ। शाहरुख ने 5 साल मैंगलोर में अपने नाना-नानी के साथ गुजारे। देखिए शाहरुख खान के बचपन की तस्वीरें- उनके नाना इफ्तिखार अहमद, पोर्ट में चीफ इंजीनियर थे। शाहरुख की मां लतीफ फातिमा भी पढ़ी-लिखी थीं। इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वालीं लतीफ फातिमा फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट थीं। वो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की करीबी थीं और उनके साथ सोशल वर्क किया करती थीं। स्पोर्ट्समैन बनना चाहते थे, कंधे में लगी चोट से टूटा सपना शाहरुख खान ने पढ़ाई सेंट कोलंबस स्कूल से की। वो पढ़ाई के साथ हॉकी और फुटबॉल में भी माहिर थे। खेलकूद में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें स्कूल का सबसे बड़ा सोर्ड ऑफ ऑनर अवॉर्ड मिला था। वो स्पोर्ट्समैन बनना चाहते थे, लेकिन एक दिन खेलते हुए उनके कंधे पर इतनी गहरी चोट लगी, जिससे डॉक्टर्स ने उन्हें खेल से दूर रहने की सलाह दी। स्पोर्ट्स छोड़ने के बाद उन्होंने हंसराज कॉलेज में इकोनॉमिक्स की पढ़ाई के साथ प्ले में हिस्सा लेना शुरू किया। दिल्ली के थिएटर एक्शन ग्रुप से जुड़कर उन्हें बैरी जॉन से एक्टिंग सीखने का मौका मिला। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने दिल्ली के ही जामिया मिलिया इस्लामिया कॉलेज से मास कम्यूनिकेशन के मास्टर्स में दाखिला लिया। फिर एक्टर बनने के लिए पढ़ाई अधूरी छोड़ दी और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला ले लिया। खुद को हीरो बनने लायक नहीं समझते थे शाहरुख नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एक्टिंग सीखते हुए शाहरुख की मुलाकात फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों से हुई। सबसे पहले उन्हें लेख टंडन के टीवी शो दिल दरिया में काम मिला था, जिसकी शूटिंग 1988 में शुरू हुई थी। हालांकि ये शो बनने में देरी हो गई और उन्होंने राजकुमार कपूर के निर्देशन में बने 1989 के शो फौजी से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। वो अजीज मिर्जा के शो सर्कस (1989-1990), मणि कौल के शो इडियट (1992) और उम्मीद (1989) का भी हिस्सा रहे। शाहरुख के दमदार अभिनय की तुलना दिलीप कुमार से की जाती थी। कई लोग उनसे कहते थे कि उन्हें टीवी सीरियल में नहीं बल्कि फिल्मों में काम करना चाहिए, हालांकि वो खुद को फिल्म में हीरो बनने लायक नहीं समझते थे। एक दिन शाहरुख खान के पास हेमा मालिनी की भतीजी का कॉल आया था। उन्होंने कहा था कि एक फिल्म के सिलसिले में हेमा आपसे बात करना चाहती हैं। शाहरुख को लगा कि कोई मजाक कर रहा है, हालांकि कुछ ही समय में हेमा मालिनी कॉल पर थीं। उन्होंने शाहरुख को मिलने बुलाया, लेकिन उन्हें फिल्में नहीं करनी थीं, तो वो गए ही नहीं। कुछ समय बाद मां का निधन हो गया और शाहरुख बुरी तरह टूट गए। सदमे से उबरने के लिए वो दिल्ली छोड़कर मुंबई चले आए। तब भी हेमा मालिनी अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म दिल आशना है के लिए एक हीरो की तलाश में थीं, तो शाहरुख खान उनसे मिलने चले गए। हेमा मालिनी ने बोलने का स्टाइल देखकर कर दिया था रिजेक्ट हेमा मालिनी की ऑटोबायोग्राफी बियॉण्ड द ड्रीम गर्ल के मुताबिक, हेमा को शाहरुख के बाल और उनके जल्दी-जल्दी बोलने का तरीका पसंद नहीं आया, जिसके चलते उन्होंने शाहरुख को रिजेक्ट कर दिया। कुछ समय बाद जब हेमा मालिनी को उनकी फिल्म दिल आशना है के लिए कोई हीरो नहीं मिला, तो उन्होंने शाहरुख खान को ही कास्ट कर लिया। सालों पहले गुरु मां ने की थी भविष्यवाणी- ये लड़का एक दिन इंडस्ट्री का चेहरा बदल देगा शूटिंग शुरू होने के बाद हेमा मालिनी अपनी गुरु मां इंदिरा के पास शाहरुख खान की तस्वीर लेकर पहुंची थीं। तब उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि एक दिन ये लड़का इंडस्ट्री का चेहरा बदल देगा। सालों बाद गुरु मां की कही बात सच साबित हुई। 1991 में शाहरुख खान की एक साथ 4 फिल्में दिल आशना है, दीवाना, राजू बन गया जेंटलमैन और चमत्कार रिलीज हुईं और सारी हिट रहीं। इन फिल्मों की बदौलत शाहरुख खान को 1992 की फिल्म बाजीगर मिली। फिल्म बाजीगर और डर में नेगेटिव रोल निभाकर शाहरुख खान स्टार बन गए। 1991 से लेकर अब तक शाहरुख खान 80 फिल्मों में बतौर हीरो काम कर चुके हैं। पिछले साल उन्हें फिल्म पठान के लिए पहला बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला है। शाहरुख अब जल्द ही किंग में नजर आने वाले हैं, जो 2027 में रिलीज होगी। शाहरुख के बारे में ये फैक्ट्स भी पढ़िए-
ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए के ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नोरा फतेही को समन जारी किया गया है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोरा फतेही को 2 नवंबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उन्हें इस मामले में सरकारी गवाह के रूप में अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दाखिल तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है। दरअसल सुकेश पर आरोप है कि उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपए की ठगी की थी। नोरा पर इन्हीं ठगी के पैसों से महंगे गिफ्ट्स लेने का आरोप है। ठगी के पैसे से मिले महंगे गिफ्ट्स से जुड़ा विवाद इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मामले में नोरा फतेही से कई बार पूछताछ की थी। नोरा पर आरोप है कि उन्होंने सुकेश या उसके सहयोगियों से लग्जरी गाड़ियां, महंगे बैग और ज्वेलरी जैसे सामान मिले थे। नोरा और सुकेश को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की की जा चुकी है। इस दौरान नोरा ने खुद 1 करोड़ से ज्यादा कीमत की लग्जरी गाड़ी गिफ्ट में लेने की बात कबूल की थी। ये कार नोरा को 2020 में हुए एक ईवेंट के दौरान चेन्नई में गिफ्ट की गई थी। हालांकि, नोरा फतेही ने हमेशा किसी भी गलत काम में शामिल होने से इनकार किया है। उन्होंने जांच एजेंसियों को दिए बयानों में कहा था कि वे खुद इस मामले में पीड़ित (विक्टिम) रही हैं। तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट के आधार पर भेजा गया समन मामले की सुनवाई कर रही दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोरा फतेही को 2 नवंबर को अदालत के सामने उपस्थित होने को कहा है। जांच एजेंसियों ने सुकेश चंद्रशेखर और उसके नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में नोरा के बयान को केस की पैरवी मजबूत करने के लिए जरूरी माना गया है। जैकलीन भी इस मामले में आरोपी वहीं एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। ED की जांच में सामने आया था कि सुकेश ने ठगी के इन पैसों से जैकलीन फर्नांडिस को करोड़ों रुपए के कीमती गिफ्ट्स दिए थे। इसमें लग्जरी बैग, हीरे की ज्वेलरी, महंगे घोड़े और बिल्लियां शामिल थीं। इस वजह से ED ने जैकलीन को भी इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाया था। जैकलीन ने लिए थे कई महंगे गिफ्ट ED के मुताबिक, जैकलीन से दोस्ती हो जाने के बाद सुकेश ने उनके ऊपर 7 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए थे। सुकेश ने जैकलीन को ये चीजें गिफ्ट की थीं... रोहिणी जेल से 200 करोड़ रुपए की रंगदारी का आरोप यह पूरा मामला साल 2020-21 के दौरान दिल्ली की रोहिणी जेल से चलाए गए रंगदारी नेटवर्क से जुड़ा है। आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने जेल में बंद रहते हुए खुद को केंद्र सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताया था। उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने का झांसा देकर लगभग 200 करोड़ रुपए ठगे थे। ये खबर भी पढ़ें काम दिलाने की आड़ में ठगे गए 20 लाख रुपए:नोरा फतेही बोलीं- मेरा मजाक उड़ाया गया, ‘दिलबर’ जैसे कई गाने फ्री में करने पड़े मुंबई की चमक-दमक के पीछे ठगी, ताने और संघर्ष की लंबी कहानी भी छुपी है। नोरा फतेही की जिंदगी भी ऐसी ही रही, जहां काम दिलाने का वादा कर 20 लाख रुपए ठग लिए गए और कई बार उन्हें बिना फीस के गाने करने पड़े। पूरी खबर पढ़ें
बॉलीवुड एक्टर कुणाल कपूर शुक्रवार को जयपुर पहुंचे। वे मुंबई से एयर इंडिया की फ्लाइट से गुलाबी नगरी आए हैं। अभिनेता यहां एक नए प्रोजेक्ट की शूटिंग के सिलसिले में पहुंचे हैं। जयपुर एयरपोर्ट पर उनके पहुंचने की जानकारी मिलते ही फैंस उनके आसपास जुट गए। कुणाल भी प्रशंसकों से मिलकर काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन किया और फैंस के साथ तस्वीरें भी क्लिक करवाईं। एक्टर कुणाल कपूर का जयपुर से पुराना जुड़ाव कुणाल कपूर का जयपुर से पुराना जुड़ाव रहा है। वे इससे पहले आमिर खान के साथ चर्चित फिल्म ‘रंग दे बसंती’ की शूटिंग के सिलसिले में भी शहर आ चुके हैं। वर्ष 2006 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने असलम खान का किरदार निभाया था। फिल्म में आमिर खान, सिद्धार्थ, आर. माधवन, शरमन जोशी और सोहा अली खान जैसे कलाकार भी नजर आए थे। फिल्म को दर्शकों का खूब प्यार मिला और यह कुणाल के करियर की अहम फिल्मों में शामिल हुई। करीब दो दशक बाद एक बार फिर शूटिंग के सिलसिले में जयपुर पहुंचना उनके लिए पुराने अनुभवों को ताजा करने वाला मौका है। ‘रंग दे बसंती’ से मिली खास पहचान कुणाल कपूर ने हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय करियर की शुरुआत वर्ष 2004 में एम.एफ. हुसैन की फिल्म ‘मीनाक्षी : ए टेल ऑफ थ्री सिटीज’ से की थी। हालांकि, उन्हें व्यापक पहचान राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म ‘रंग दे बसंती’ से मिली। ‘रंग दे बसंती’ की सफलता के बाद कुणाल ने अलग-अलग तरह के किरदारों में अपनी अभिनय क्षमता दिखाई। ‘हैट्रिक’, ‘आजा नचले’, ‘लागा चुनरी में दाग’ और ‘बचना ऐ हसीनों’ जैसी फिल्मों में वे नजर आए। इसके बाद शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘डॉन 2’ में समीर अली के किरदार ने भी उन्हें दर्शकों के बीच पहचान दिलाई। कुणाल कपूर ने रोमांटिक, कॉमेडी, ऐतिहासिक और एक्शन फिल्मों में काम किया है। वर्ष 2012 में आई फिल्म ‘लव शव ते चिकन खुराना’ में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई। इस फिल्म में उनके अभिनय को सराहना मिली। इसके बाद ‘कौन कितने पानी में’, ‘डियर जिंदगी’, ‘वीरम’, ‘राग देश’ और ‘गोल्ड’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं। हाल के वर्षों में कुणाल ने फिल्मों के साथ ओटीटी और दूसरे रचनात्मक माध्यमों में भी काम किया है। वर्ष 2025 में रिलीज हुई फिल्म ‘ज्वेल थीफ : द हीस्ट बिगिन्स’ में वे विक्रम पटेल के किरदार में नजर आए। इस फिल्म में सैफ अली खान और जयदीप अहलावत भी अहम भूमिकाओं में थे। अभिनय के साथ उद्यमिता में भी बनाई पहचान कुणाल कपूर की पहचान केवल अभिनेता के तौर पर ही नहीं है। वे उद्यमिता और सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म ‘केट्टो’ की सह-स्थापना की, जिसके जरिए जरूरतमंद लोगों और सामाजिक कार्यों के लिए आर्थिक सहयोग जुटाने का मंच उपलब्ध कराया जाता है। अभिनय और उद्यमिता के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।
रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर पाकिस्तान में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान के कराची में एक मंदिर में फिल्म ‘रामायण’ का पोस्टर लगाया गया है। यूट्यूब पर सामने आए एक वीडियो में यहां हिंदू समुदाय के कुछ लोग ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते नजर आए। वीडियो में कराची के एक मंदिर में फिल्म का पोस्टर दिखाई दे रहा है। पोस्टर में रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश नजर आ रहे हैं। ये फिल्म में भगवान राम, सीता और रावण की भूमिकाएं निभा रहे हैं। वीडियो में लोग फिल्म की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते दिख रहे हैं। कुछ लोगों ने इसके ऑस्कर जीतने की उम्मीद भी जताई। पाकिस्तान में क्या फिल्म रामायण रिलीज होगी? रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भले ही पाकिस्तान में भी चर्चा हो रही है, लेकिन वहां फिल्म की थिएटर रिलीज को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। द फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और सैन्य तनाव के चलते वहां भारतीय फिल्मों की रिलीज पर पाबंदियां हैं। वहीं, अगस्त 2026 में प्रकाशित पाकिस्तान शोबिज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारतीय फिल्मों के लिए NOC जारी करना बंद कर दिया था। फिल्म के मेकर्स ने इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन के लिए सोनी पिक्चर्स के साथ साझेदारी की है। हालांकि, दुनियाभर में रिलीज की योजना होने का मतलब यह नहीं है कि फिल्म को हर देश में रिलीज करने की अनुमति मिल गई है। रकुल का शूर्पणखा के रोल में पहला लुक जारी शुक्रवार को फिल्म के मेकर्स ने रकुल प्रीत सिंह के किरदार का पहला पोस्टर जारी किया। इसमें वह जनस्थान की राजकुमारी शूर्पणखा के शाही अंदाज में नजर आ रही हैं। उन्होंने खास परिधान, सोने के गहने और सिर पर आकर्षक हेडपीस पहना हुआ है। पोस्टर के साथ मेकर्स ने लिखा, ‘जनस्थान की राजकुमारी, शूर्पणखा। शूर्पणखा के रूप में रकुल प्रीत सिंह।’ फिल्म में अपने किरदार को लेकर रकुल ने कहा कि शूर्पणखा की भूमिका निभाना उनके लिए खास अनुभव है। उन्होंने इस किरदार की दुनिया को समझने और पर्दे पर उतारने के सफर को शानदार बताया। रकुल ने कहा कि वह दर्शकों के सामने अपना लुक और परफॉर्मेंस लाने के लिए उत्साहित हैं। ………………… यह खबर भी पढ़ें... ‘रामायण’ के ट्रेलर की पाकिस्तान में हुई तारीफ: कंटेंट क्रिएटर्स ने VFX और मेकिंग को बताया शानदार, रणबीर कपूर की भी सराहना की पाकिस्तान के कंटेंट क्रिएटर्स और फिल्म क्रिटिक्स ने रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ के ट्रेलर की तारीफ की थी। उन्होंने फिल्म के VFX, स्टार कास्ट और मेकिंग को शानदार बताया था। क्रिएटर्स ने रणबीर कपूर और यश की एक्टिंग की भी सराहना की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
महाभारत में युधिष्ठिर का रोल निभाने वाले गजेंद्र चौहान एक्टर नसीरुद्दीन शाह के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर भड़क गए हैं। गजेंद्र चौहान ने शाह को सीधे चुनाव लड़ने की चुनौती दी और कहा कि वे उनके खिलाफ मैदान में उतरकर उन्हें चुनाव हराएंगे। वहीं फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने शाह के आचरण पर सवाल उठाते हुए उनके व्यवहार को बेकाबू बताया और कहा कि उन्हें मेडिकल मदद की जरूरत है। 'अगर सरकार का विरोध पसंद है तो चुनाव लड़कर दिखाएं' गजेंद्र चौहान ने नसीरुद्दीन शाह को सीधे चुनावी मैदान में उतरने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि देश ने एक कलाकार के तौर पर नसीरुद्दीन शाह को बहुत सम्मान और प्यार दिया, लेकिन अपने बयानों से उन्होंने इस सम्मान को नुकसान पहुंचाया है। गजेंद्र चौहान ने कहा, अगर आपको सरकार का विरोध करने का इतना ही शौक है, तो चुनाव लड़कर दिखाइए। आप जहां से भी चुनाव लड़ेंगे, मैं भाजपा कार्यकर्ता के नाते अपनी पार्टी से आपके खिलाफ टिकट मांगूंगा और आपको चुनाव में हराकर दिखाऊंगा। अशोक पंडित बोले- हताशा में मर्यादा भूल चुके हैं नसीरुद्दीन फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने भी नसीरुद्दीन शाह के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। IANS से बातचीत में अशोक पंडित ने कहा कि पिछले एक साल से शाह की भाषा और बर्ताव में लगातार गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि शाह का व्यवहार किसी गुंडे जैसा हो गया है और वे अपनी मर्यादाएं खो चुके हैं। पंडित ने कहा कि पढ़े-लिखे इंसान होने का दावा करने वाले व्यक्ति की ऐसी भाषा उनकी हताशा और अनकंट्रोल्ड व्यवहार को दर्शाती है। नसीरुद्दीन शाह ने क्या कहा था? नसीरुद्दीन शाह ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे कहते हैं- मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब (उपनाम) दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या। उन्होंने आगे कहा, टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे? उन्होंने यह भी कहा कि पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), फिर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों पर जो जुल्म किया जा रहा है, वो याद रखा जाएगा। सब याद रखा जाएगा। नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में मीडिया और बीजेपी आईटी सेल के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश के युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा, शिक्षा संस्थान बर्बाद नहीं होंगे और लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ेगा। वीडियो के आखिर में उन्होंने देश के युवाओं को सलाम किया और कहा कि उनकी दुआएं उनके साथ हैं। बीजेपी के लिए अपशब्द कहे थे; झूठी पार्टी बताया था इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया था। अभिनेता ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। शाह ने वीडियो में कहा था कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
श्रद्धा कपूर की अपकमिंग फिल्म ‘ईठा’ का ट्रेलर आज दोपहर रिलीज हुआ। फिल्म में श्रद्धा मशहूर लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर का किरदार निभा रही हैं। लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी यह फिल्म 4 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में रणदीप हुड्डा, मोहम्मद जीशान अय्यूब और नाना पाटेकर भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म ‘ईठा’ का ट्रेलर महाराष्ट्र की लोककला तमाशा और लावणी की दुनिया दिखाता है। ट्रेलर में कला, संघर्ष और अपने सम्मान के लिए लड़ाई नजर आती है। श्रद्धा विठाबाई के किरदार में दमदार लग रही हैं। उनके डायलॉग भी असर छोड़ते हैं। एक जगह वह कहती हैं, “देखते हैं क्या टूटता है, मेरा भरोसा या मेरा घमंड। मेरा भरोसा ही मेरा घमंड था रे। जब वो टूट गया ना, सब टूट गया।” मोहम्मद जीशान अय्यूब के डायलॉग्स भी ध्यान खींचते हैं मोहम्मद जीशान अय्यूब का अंदाज भी ध्यान खींचता है। उनके डायलॉग्स भी शानदार हैं। ट्रेलर में वह श्रद्धा कपूर के किरदार ईठा से कहते हैं, “तुझसे तो नाच के मुकाबले में तकदीर भी नहीं जीत सकती, ईठा। बिना नाचे जाएगी क्या? देख, आसमान का मंडप है, चांद की लाइट है, हवाओं के स्पीकर हैं। कोई हो न हो, तेरा रिवाज तो है। तू ही कहती थी न कि पड़े-पड़े मरी तो बेचारी कहलाऊंगी।” इसके बाद ईठा कहती है, “पर नाचते हुए मरी तो मिसाल बन जाऊंगी।” ट्रेलर की जान इसका संगीत है। अजय-अतुल का म्यूजिक कहानी के माहौल को और मजबूत बनाता है। नववारी साड़ी को लेकर श्रद्धा का डायलॉग भी खास है, वो कहती हैं, “ये सिर्फ कपड़ा नहीं, अभिमान है। जिसे पहनने मिले, वो भाग्यवान है।” फिल्म में अन्ना सावंत मर्चेंट का किरदार निभाएंगे फिल्म ‘ईठा’ से कल रणदीप हुड्डा का फर्स्ट लुक भी जारी हुआ था। पोस्टर में रणदीप अपने किरदार अन्ना सावंत मर्चेंट के रूप में नजर आ रहे हैं। रणदीप हुड्डा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह पोस्टर शेयर किया। पोस्टर में वह बड़ी मूंछों और भारी-भरकम शरीर के साथ दिख रहे हैं। ‘ईठा’ से 28 अक्टूबर को श्रद्धा कपूर का नया पोस्टर जारी किया गया था। पोस्टर में श्रद्धा पारंपरिक लावणी डांसर के रूप में नजर आ रही हैं। वह हाथों में घुंघरू थामे गंभीर और प्रभावशाली अंदाज में दिख रही हैं। लीजेंड्री कलाकार विठाबाई के बारे में जानिए- फिल्म ‘ईठा’ गूगल पर ट्रेंड कर रही है सोर्स- गूगल ट्रेंड्स
फिल्म- झाड़ फूंक कलाकार: यशपाल शर्मा, पद्मिनी कोल्हापुरे, सुम्बुल तौकीर खान, हर्ष राजपूत, अप्रतिम सिंह निर्देशक: राजन रामगोपाल वर्मा निर्माता: शैलेश परिहार ड्यूरेशन: 1 घंटा 53 मिनट रेटिंग: 3/5 कभी कभी डर किसी अंधेरे कमरे में नहीं, बल्कि उन सवालों में छिपा होता है, जिनके जवाब हमारे पास नहीं होते। जब जिंदगी, रिश्ते और अनजाना खौफ एक ही मोड़ पर आकर खड़े हो जाएं, तो सच तक पहुंचना आसान नहीं होता। फिल्म ‘झाड़ फूंक’ की कहानी भी ऐसे ही रहस्यों के बीच आगे बढ़ती है, जहां हर नया सवाल अपने साथ एक अनजाना डर लेकर आता है। फिल्म की कहानी आस्था (सुम्बुल तौकीर खान) प्रेग्नेंट है और राजवीर (हर्ष राजपूत) के साथ उत्तराखंड से दिल्ली की ओर सफर कर रही है। आस्था चाहती है कि राजवीर उससे शादी कर ले, लेकिन रास्ते में हुए एक हादसे के बाद राजवीर अचानक गायब हो जाता है। इसके बाद आस्था ऐसी परिस्थितियों में पहुंच जाती है, जहां उसकी मुलाकात मोहन ठाकुर (यशपाल शर्मा) और कामिनी ठाकुर (पद्मिनी कोल्हापुरे) से होती है। एक खंडहरनुमा तहखाना, वहां का रहस्यमयी माहौल और मंजरी से जुड़ी घटनाएं उसके डर को बढ़ाने लगती हैं। धीरे धीरे इस जगह से जुड़े राज सामने आते हैं और आस्था ऐसे अनुभवों से गुजरती है, जो उसके लिए सब कुछ बदल देते हैं। इन घटनाओं के पीछे क्या है, यही फिल्म के सस्पेंस का अहम हिस्सा है। फिल्म का डायरेक्शन, स्टोरी और स्क्रीनप्ले निर्देशक राजन रामगोपाल वर्मा की फिल्म का कॉन्सेप्ट दिलचस्प है। एक गर्भवती महिला, अचानक गायब हुआ प्रेमी और रहस्यमयी तहखाने का माहौल कहानी को रोमांचक बना सकता था। फिल्म के प्रीक्लाइमैक्स में सस्पेंस पैदा होता है और कुछ देर के लिए कहानी दर्शकों को बांधने में सफल रहती है। हालांकि, फिल्म की रफ्तार कई जगह धीमी पड़ जाती है। कुछ सीन जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं, जबकि कई घटनाओं के बीच जुड़ाव साफ नजर नहीं आता। कहानी जिस सवाल के साथ शुरू होती है, वह बीच में अपनी अहमियत खोने लगता है। इससे मुख्य कहानी का प्रभाव कम होता है और दर्शकों की उत्सुकता भी कमजोर पड़ सकती है। हॉरर के साथ आस्था और अंधविश्वास का पहलू जोड़ा गया है, लेकिन डर पैदा करने वाले सीन हर बार असर नहीं छोड़ते। कई जगह माहौल बनाने की कोशिश दिखती है, मगर वह प्रभावशाली डर में नहीं बदल पाती। स्क्रीनप्ले ज्यादा कसा हुआ होता और गैरजरूरी दृश्यों को छोटा किया जाता, तो फिल्म का असर बेहतर हो सकता था। कहानी में मौजूद संभावनाओं को पूरी तरह पर्दे पर उतारने के लिए निर्देशन और तकनीकी प्रस्तुति में और कसावट की जरूरत महसूस होती है। फिल्म में एक्टिंग यशपाल शर्मा अपने अनुभव के साथ किरदार में गंभीरता लाते हैं। पद्मिनी कोल्हापुरे भी रहस्यमयी माहौल के अनुरूप अभिनय करती हैं। सुम्बुल तौकीर खान आस्था के डर और परेशानी को पर्दे पर उतारने की कोशिश करती हैं, जबकि हर्ष राजपूत की भूमिका कहानी की शुरुआती कड़ी में अहम है। हालांकि, कमजोर लेखन के कारण कलाकारों को अपने किरदारों के जरिए पूरी छाप छोड़ने का मौका नहीं मिल पाता। फिल्म में म्यूजिक फिल्म में सिर्फ एक गाना बेतहाशा है, जो सुनने में अच्छा लगता है और कहानी के माहौल के साथ मेल खाता है। बैकग्राउंड म्यूजिक थोड़ा और इम्पैक्टफुल हो सकता था फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘झाड़ फूंक’ के पास एक दिलचस्प कॉन्सेप्ट और रहस्य रचने की गुंजाइश है। प्रीक्लाइमैक्स में कहानी रोमांच पैदा करती है, लेकिन धीमी रफ्तार, लंबे सीन और कमजोर स्क्रीनप्ले इसके असर को सीमित कर देते हैं। फिल्म कुछ सवाल खड़े करती है, मगर उनके जरिए लगातार रोमांच बनाए रखने में पूरी तरह सफल नहीं होती। हॉरर पसंद करने वाले दर्शक इसे एक बार देख सकते हैं।
हॉलीवुड एक्टर सर पैट्रिक स्टीवर्ट का बुधवार को लॉस एंजिल्स में 86 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 'एक्स-मेन ' और 'स्टार ट्रेक' फ्रेंचाइजी में काम किया था। एक्टर के सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने घर पर आखिरी सांस ली। वह अल्जाइमर रोग और लेवी बॉडी डिमेंशिया से जूझ रहे थे। उस समय उनकी पत्नी सनी उनके साथ थीं। उनके निधन के बाद ह्यू जैकमैन, विलियम शैटनर, मार्वल स्टूडियोज और कई सह-कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए दुख जताया। पैट्रिक स्टीवर्ट ने 60 साल से ज्यादा समय तक थिएटर, टीवी और फिल्मों में काम किया। उन्होंने 1966 में रॉयल शेक्सपियर कंपनी से जुड़कर थिएटर में अपनी पहचान बनाई। उन्हें साइंस-फिक्शन सीरीज 'स्टार ट्रेक: द नेक्स्ट जेनरेशन' में कैप्टन जीन-ल्यूक पिकार्ड के किरदार से दुनियाभर में पहचान मिली। इसके अलावा, उन्होंने 'एक्स-मेन ' फिल्मों में प्रोफेसर चार्ल्स जेवियर यानी प्रोफेसर एक्स का किरदार निभाया। वह 'ड्यून', 'एक्सकैलिबर' और 'ग्रीन रूम' जैसी फिल्मों में भी नजर आए। पैट्रिक स्टीवर्ट ने अपनी जिंदगी में तीन शादियां की थीं। उनकी पहली शादी 1966 में शीला फाल्कनर से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। बेटे का नाम डैनियल स्टीवर्ट और बेटी का नाम सोफी एलेक्जेंड्रा स्टीवर्ट है। 1990 में दोनों का तलाक हो गया था। इसके बाद पैट्रिक ने 2000 में टीवी प्रोड्यूसर वेंडी न्युस से शादी की, लेकिन 2003 में दोनों अलग हो गए। सितंबर 2013 में उन्होंने अमेरिकी सिंगर और सॉन्गराइटर सनी ओजेल से तीसरी शादी की। पैट्रिक के चार पोते-पोतियां भी हैं। पैट्रिक स्टीवर्ट को मिला था नाइटहुड सम्मानपैट्रिक स्टीवर्ट को उनके शानदार अभिनय के लिए कई सम्मान मिले थे। इनमें ब्रिटेन का प्रतिष्ठित नाइटहुड सम्मान भी शामिल था। थिएटर में उनके बेहतरीन काम के लिए उन्हें दो प्रतिष्ठित लॉरेंस ओलिवियर अवॉर्ड मिले। वहीं, उन्होंने बेस्ट स्पोकन वर्ड एल्बम की कैटेगरी में एक ग्रैमी अवॉर्ड भी जीता। इसके अलावा, वह अपने करियर में चार एमी अवॉर्ड, तीन गोल्डन ग्लोब और एक टोनी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हुए।पैट्रिक स्टीवर्ट का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज पैट्रिक स्टीवर्ट के नाम लाइव-एक्शन मार्वल किरदार निभाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने 2000 में आई फिल्म 'एक्स-मेन' में पहली बार प्रोफेसर चार्ल्स जेवियर यानी प्रोफेसर एक्स का किरदार निभाया था। इसके बाद उन्होंने 2022 में आई फिल्म 'डॉक्टर स्ट्रेंज इन द मल्टीवर्स ऑफ मैडनेस' में भी यह भूमिका निभाई। इस तरह उन्होंने 21 साल और 296 दिनों तक एक ही मार्वल किरदार निभाया। इसी लंबे सफर के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में उनका नाम दर्ज किया गया। ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ होगी आखिरी फिल्मपैट्रिक स्टीवर्ट फिल्म 'एवेंजर्स: डूम्सडे' में नजर आएंगे। यह पर्दे पर उनकी आखिरी फिल्म होगी। मार्वल स्टूडियोज ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “मार्वल स्टूडियोज में हम सभी सर पैट्रिक स्टीवर्ट के निधन से बेहद दुखी हैं।” स्टूडियोज ने कहा, “सर पैट्रिक ने प्रोफेसर चार्ल्स जेवियर को असाधारण गरिमा, समझदारी और इंसानियत के साथ जीवंत किया। ‘एक्स-मेन’ से 'लोगान' और 'एवेंजर्स: डूम्सडे' तक, उन्होंने इस किरदार को कई पीढ़ियों के प्रशंसकों के लिए यादगार बना दिया।” ह्यू जैकमैन ने कहा- मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा ‘एक्स-मेन’ फ्रेंचाइजी में ह्यू जैकमैन ने पैट्रिक स्टीवर्ट के साथ काम किया था। ह्यू ने पैट्रिक के साथ अपनी तस्वीरें शेयर कर लिखा, “आज हमने स्टेज और स्क्रीन के महान कलाकारों में से एक को खो दिया। मेरी नजर में वे एक शानदार दोस्त और इंसान भी थे। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। पैट्रिक स्टीवर्ट, मैं आपको जिंदगीभर याद करूंगा।” विलियम शैटनर ने कहा- दिल टूट गया पैट्रिक स्टीवर्ट ने 1994 की फिल्म 'स्टार ट्रेक: द नेक्स्ट जेनरेशन' में विलियम शैटनर के साथ काम किया था। विलियम ने इमोशनल पोस्ट में कहा कि उनका दिल टूट गया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर पैट्रिक के साथ तस्वीर शेयर की। विलियम ने लिखा, यह हफ्ता कितना दुखद रहा है। सर पैट्रिक स्टीवर्ट मेरे दोस्त, सहकर्मी और शानदार अभिनेता थे। स्टेज से लेकर एंटरप्राइज के ब्रिज तक, उन्होंने अपने हर काम में समझदारी, गरिमा और इंसानियत दिखाई। कैप्टन पिकार्ड हम सभी के बेहतर रूप का प्रतीक थे। उन्हें निभाने वाले इंसान भी ऐसे ही थे। मैं उनके और उनके काम के लिए स्नेह और सम्मान से भरा था। मेरी संवेदनाएं सनी और उनके परिवार के साथ हैं। उनकी बहुत कमी खलेगी। डैफने कीन ने पैट्रिक को दिग्गज बतायाफिल्म 'लोगान' में पैट्रिक और ह्यू जैकमैन के साथ काम कर चुकीं डैफने कीन ने भी एक लंबा नोट लिखा। फिल्म में उन्होंने लॉरा यानी X-23 का किरदार निभाया था। डैफने ने लिखा, “मुझे आज पैट्रिक के निधन की खबर मिली। यह अजीब संयोग है, क्योंकि पिछली रात मैं उन्हें एक ईमेल लिख रही थी। मैंने काफी समय से उन्हें ईमेल नहीं किया था।” उन्होंने लिखा, “वे दयालु, सच्चे, मजाकिया, अलग, परवाह करने वाले और आकर्षक इंसान थे। मुझे उनके अंतहीन मजाक, दूसरों का ख्याल रखने की आदत और रंग-बिरंगे पढ़ने वाले चश्मे याद हैं।” ……………. यह खबर भी पढ़ें... ‘ब्रेकिंग बैड’ एक्टर आरजे मिट्टे ने सुसाइड किया: 34 साल उम्र थी, अमेरिकी सीरीज में वॉल्टर व्हाइट जूनियर का किरदार निभाया था अमेरिकी टीवी सीरीज ‘ब्रेकिंग बैड’ में वॉल्टर व्हाइट के बेटे का किरदार निभाने वाले एक्टर आरजे मिट्टे का 34 साल की उम्र में निधन हो गया था। अमेरिकी वेबसाइट TMZ के मुताबिक, एक्टर के प्रतिनिधि ने बताया था कि उन्होंने टेक्सास में आत्महत्या की थी। उन्होंने ‘द ओक रूम’, ‘ट्रायम्फ’ और ‘द गार्डियंस ऑफ जस्टिस’ जैसी फिल्मों और सीरीज में भी काम किया था। वह दिव्यांग कलाकारों के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर के मुंबई स्थित आवास पर करवा चौथ का त्योहार रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। हर साल की तरह इस बार भी अनिल कपूर के घर कई बॉलीवुड सेलेब्स पहुंचे। इस सेलिब्रेशन में शिल्पा शेट्टी, मीरा राजपूत, रीदिमा कपूर साहनी, महीप कपूर, भावना पांडे, नीलम कोठारी और नताशा दलाल समेत कई जाने-माने सितारे पूजा की थाली और छन्नी लेकर पहुंचे। सालों से चली आ रही है कपूर परिवार की यह परंपरा सुनीता और अनिल कपूर का मुंबई स्थित घर पिछले कई वर्षों से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में करवा चौथ सेलिब्रेशन का ठिकाना रहा है। सुनीता कपूर हर साल अपने घर पर बॉलीवुड से जुड़े परिवारों और अभिनेत्रियों के लिए इस पूजा का आयोजन करती हैं। यहां हर साल तमाम हस्तियां कथा सुनती हैं और व्रत खोलने की रस्मों को पूरा करती हैं। ये खबर भी पढ़ें तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर दिया रिएक्शन:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के 'दूधिया बदन' वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। पूरी खबर पढ़ें
फिल्म निर्माता रामगोपाल वर्मा को 29.67 करोड़ रुपए का बकाया न चुकाने पर लीगल नोटिस जारी किया है। फिल्म प्रोडक्शन कंपनी 'एकलातांत फिल्म्स' ने यह रकम ना चुकाने का आरोप लगाया है। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन की मैगजीन कंप्लीट सिनेमा के 24 और 31 अक्टूबर 2026 के अंक में प्रकाशित सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, कंपनी ने रामगोपाल वर्मा को 30 अक्टूबर 2026 तक पूरी रकम का भुगतान करने को कहा है। ऐसा न करने पर कंपनी ने उनके प्रोजेक्ट्स के अधिकार रोकने और कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। 2010 के समझौते से जुड़ा है देनदारी का विवाद नोटिस के मुताबिक, यह पूरा विवाद 10 अप्रैल 2010 को हुए एक समझौते से जुड़ा हुआ है। इसमें 17 अप्रैल 2013 को बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से दिए गए एक आदेश का भी हवाला दिया गया है। कंपनी का दावा है कि रामगोपाल वर्मा पर मूल बकाया के अलावा 11.38 करोड़ रुपए का ब्याज भी जमा हो चुका है। ब्याज मिलाकर कुल देनदारी 29.67 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है। कंपनी ने 15 अक्टूबर 2026 को रामगोपाल वर्मा को कानूनी नोटिस भेजा था। बिना लिखित NOC के काम करने पर रोक का दावा एकलातांत फिल्म्स का कहना है कि समझौते की शर्तों के अनुसार, जब तक रामगोपाल वर्मा बकाया रकम का पूरा भुगतान नहीं कर देते, तब तक वे किसी तीसरे पक्ष के साथ काम नहीं कर सकते। उन्हें फिल्म निर्माण, सह-निर्माण, निर्देशन या लेखन से जुड़ी किसी भी काम के लिए कंपनी से लिखित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना जरूरी है। बिना अनुमति के वे किसी भी नए प्रोजेक्ट से नहीं जुड़ सकते। 30 अक्टूबर तक भुगतान न करने पर प्रोजेक्ट्स रुकेंगे कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि 30 अक्टूबर 2026 तक बकाए का निपटारा नहीं हुआ, तो वह समझौते के तहत आने वाली फिल्मों और प्रोजेक्ट्स में रामगोपाल वर्मा के हिस्से, अधिकारों, राजस्व और कमाई पर अपना लीगल अधिकार (लागू कर देगी। इससे उनकी फिल्मों की रिलीज, प्रसारण या अन्य जरिया से मिलने वाला राजस्व रोका जा सकता है। तीसरी पार्टियों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी दी चेतावनी सार्वजनिक नोटिस में उन लोगों और कंपनियों को भी आगाह किया गया है जो रामगोपाल वर्मा के प्रोजेक्ट्स के अधिकार खरीदने, लाइसेंस लेने, डिस्ट्रीब्यूशन करने या ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर स्ट्रीम करने की योजना बना रहे हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बिना NOC के ऐसा कोई भी सौदा करने वाली पार्टियां अपने जोखिम पर काम करेंगी। कंपनी उनके खिलाफ स्टे ऑर्डर (इंजंक्शन), रिकवरी याचिका और कानूनी सुरक्षा अधिकारों के तहत कड़ी कार्रवाई करेगी। ये खबर भी पढ़ें टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने शूटर्स की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मानने पर सवाल उठाए हैं। पूरी खबर पढ़ें
टीवी से करियर शुरू करने वाली यामी गौतम ने 2012 में ‘विक्की डोनर’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। पहली फिल्म हिट रही, लेकिन आगे का सफर आसान नहीं रहा। ‘टोटल सियापा’, ‘एक्शन जैक्सन’, ‘सनम रे’, ‘जुनूनियत’, ‘सरकार 3’ और ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ के बॉक्स ऑफिस पर निराशाजनक प्रदर्शन के बीच उन्होंने एक्टिंग छोड़कर हिमाचल प्रदेश में खेती करने का मन बना लिया था। यामी ने बताया कि उन्होंने वहां जमीन खरीदी थी। ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ नहीं चलती तो वह बैग पैक करके घर लौट जातीं। हालांकि, ‘उरी’ और ‘बाला’ की सफलता ने उनके करियर को नई दिशा दी। बाद में ‘ओएमजी 2’ और ‘आर्टिकल 370’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अभिनय क्षमता साबित की। ‘आर्टिकल 370’ में ज़ूनी हक्सर के किरदार के लिए उन्हें 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला। आज की सक्सेस स्टोरी में यामी गौतम के करियर से जुड़ी कुछ खास बातें। टीवी से बॉलीवुड तक का सफर, पहली फिल्म से मिली पहचान यामी गौतम ने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे। बॉलीवुड में कदम रखने से पहले उन्होंने टेलीविजन पर काम किया। ‘चांद के पार चलो’ और ‘ये प्यार न होगा कम’ जैसे शोज से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया। यामी ने 2012 में रिलीज हुई ‘विक्की डोनर’ से हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया। शूजित सरकार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उनके साथ आयुष्मान खुराना थे। स्पर्म डोनेशन जैसे संवेदनशील विषय पर बनी कॉमेडी-ड्रामा को दर्शकों ने पसंद किया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और यामी को पहचान मिली। पहली फिल्म की सफलता के बाद यामी के करियर से तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद थी। हालांकि, बॉलीवुड में एक हिट फिल्म से लंबी पारी तय नहीं होती। कलाकार को लगातार अच्छी भूमिकाओं और सफल फिल्मों की जरूरत होती है। यामी के साथ भी यही हुआ। डेब्यू के बाद उन्हें कई फिल्मों में काम मिला, लेकिन सभी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल नहीं रहीं। ‘विक्की डोनर’ के बाद फिल्मों का ऐसा रहा रिपोर्ट कार्ड यामी गौतम की ‘विक्की डोनर’ अप्रैल 2012 में रिलीज हुई थी, जबकि ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ जनवरी 2019 में रिलीज हुई। दोनों फिल्मों के बीच लगभग सात साल का अंतर था। इस दौरान यामी ने कई फिल्मों में काम किया। कुछ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि कुछ उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। 2014: ‘टोटल सियापा’ और ‘एक्शन जैक्सन’ रहीं असफल ‘विक्की डोनर’ के बाद यामी की अगली प्रमुख हिंदी फिल्म ‘टोटल सियापा’ थी। 2014 में आई इस रोमांटिक कॉमेडी में उनके साथ अली जफर थे। फिल्म को दर्शकों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे डिजास्टर की श्रेणी में रखा। इसी साल यामी अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा के साथ ‘एक्शन जैक्सन’ में नजर आईं। प्रभुदेवा के निर्देशन में बनी इस एक्शन फिल्म से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन निराशाजनक रहा। बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, फिल्म फ्लॉप रही। इन फिल्मों से स्पष्ट हुआ कि ‘विक्की डोनर’ की सफलता दोहराना यामी के लिए आसान नहीं था। हालांकि, उन्होंने काम जारी रखा और अलग-अलग तरह की भूमिकाएं स्वीकार कीं। 2015: ‘बदलापुर’ से मिली राहत 2015 में यामी गौतम वरुण धवन अभिनीत ‘बदलापुर’ में नजर आईं। श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी इस क्राइम थ्रिलर में उन्होंने मिशा का किरदार निभाया था। नवाजुद्दीन सिद्दीकी और हुमा कुरैशी भी अहम भूमिकाओं में थे। ‘बदलापुर’ में यामी की भूमिका उनकी दूसरी फिल्मों से अलग थी। फिल्म की गंभीर कहानी बदले, अपराध और मानवीय भावनाओं के इर्द-गिर्द घूमती थी। इसे अच्छा प्रतिसाद मिला और बॉक्स ऑफिस इंडिया ने हिट बताया। इस सफलता से यामी को राहत मिली। इससे पता चला कि वह रोमांटिक कॉमेडी के अलावा गंभीर और गहरे विषयों वाली कहानियों में भी काम कर सकती हैं। 2016: ‘सनम रे’ और ‘जुनूनियत’ से नहीं मिला अपेक्षित फायदा 2016 यामी के लिए फिर चुनौतीपूर्ण रहा। वह दिव्या खोसला कुमार की निर्देशित ‘सनम रे’ में पुलकित सम्राट के साथ नजर आईं। फिल्म रोमांटिक कहानी पर आधारित थी और इसके संगीत की भी चर्चा हुई। इसके बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे फ्लॉप बताया। इसी साल पुलकित सम्राट के साथ उनकी एक और रोमांटिक फिल्म ‘जुनूनियत’ रिलीज हुई। यह भी बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे डिजास्टर की श्रेणी में रखा। लगातार दो फिल्मों की असफलता से यामी के करियर में संघर्ष का दौर लंबा हुआ। हालांकि, फिल्में न चलने का मतलब यह नहीं था कि उनके पास काम नहीं था। वह लगातार फिल्मों में नजर आ रही थीं, लेकिन हर फिल्म उनके करियर को नई ऊंचाई नहीं दे पा रही थी। 2017: ‘काबिल’ और ‘सरकार 3’ के मिले अलग-अलग नतीजे 2017 में यामी ऋतिक रोशन के साथ ‘काबिल’ में नजर आईं। संजय गुप्ता के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने सुप्रिया भटनागर की भूमिका निभाई थी। फिल्म ऐसे दंपती की कहानी थी, जिनकी जिंदगी एक अपराध के बाद बदल जाती है। ‘काबिल’ ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन किया, लेकिन इसकी सफलता पर ट्रेड वेबसाइटों की राय अलग-अलग रही। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे ‘बिलो एवरेज’ बताया, जबकि कुछ अन्य ट्रेड ट्रैकर्स का आकलन अलग था। इसी साल यामी राम गोपाल वर्मा की ‘सरकार 3’ में भी नजर आईं। अमिताभ बच्चन अभिनीत इस राजनीतिक क्राइम ड्रामा में उन्होंने अनु करकरे का किरदार निभाया। फिल्म दर्शकों पर खास प्रभाव नहीं छोड़ पाई। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे डिजास्टर बताया। 2017 में यामी की एक फिल्म ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि दूसरी असफल रही। 2018: ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ भी नहीं बचा पाई करियर 2018 में यामी शाहिद कपूर और श्रद्धा कपूर के साथ ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ में नजर आईं। फिल्म बिजली की बढ़ती कीमतों और वितरण व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर आधारित थी। यामी ने इसमें वकील गुलनार रिजवी की भूमिका निभाई। सामाजिक मुद्दे पर आधारित होने के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे फ्लॉप घोषित किया। इस फिल्म के बाद यामी के सामने फिर सवाल था कि आगे का रास्ता क्या होगा। ‘विक्की डोनर’ जैसी सफल शुरुआत के बावजूद उनकी कई फिल्में असफल रही थीं। ‘बदलापुर’ और ‘काबिल’ से कुछ राहत मिली थी, लेकिन वह लगातार सफल फिल्में नहीं दे पाई थीं। इसी दौर में यामी ने एक्टिंग छोड़कर हिमाचल प्रदेश लौटने के बारे में गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया था। जब एक्टिंग छोड़ हिमाचल में खेती करना चाहती थीं यामी गौतम ने द इंडियन एक्सपेस से बातचीत में बताया था कि एक समय वह मुंबई में करियर छोड़कर हिमाचल प्रदेश लौटने के लिए तैयार थीं। उन्होंने वहां जमीन खरीदी थी। उन्होंने सोचा था कि अगली फिल्म सफल नहीं हुई तो बैग पैक करके घर चली जाएंगी और खेती-बाड़ी करेंगी। यामी के बयान से उनके करियर के संघर्ष का दूसरा पहलू सामने आता है। बाहर से किसी अभिनेत्री का लगातार फिल्में करना सामान्य लग सकता है, लेकिन अनिश्चितता के बीच सफलता का इंतजार करना आसान नहीं होता। यामी ने टीवी से शुरुआत कर बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई। पहली फिल्म सफल रही, लेकिन आगे उन्हें लगातार वैसी सफलता नहीं मिली। उन्होंने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं, पर बॉक्स ऑफिस के नतीजे हमेशा उनके पक्ष में नहीं रहे। ऐसे में हिमाचल लौटकर नई जिंदगी शुरू करना उनके लिए विकल्प बन गया था। खेती सिर्फ शौक नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में आगे बढ़ना मुश्किल लगने पर अपनाया जा सकने वाला वैकल्पिक रास्ता था। हालांकि, यामी ने तब अभिनय छोड़ने का अंतिम फैसला नहीं किया। उनकी अगली फिल्म ने करियर की दिशा बदल दी। ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ ने बदल दी किस्मत 11 जनवरी 2019 को रिलीज हुई ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ यामी गौतम के करियर की अहम फिल्मों में शामिल हो गई। आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म में विक्की कौशल मुख्य भूमिका में थे। इसकी कहानी 2016 के उरी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई पर आधारित थी। यामी ने फिल्म में पल्लवी शर्मा का किरदार निभाया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और यामी के करियर को भी नई गति मिली। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने ‘उरी’ को सुपर ब्लॉकबस्टर बताया। यह सफलता यामी के लिए खास थी, क्योंकि इससे पहले उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थीं। हिमाचल लौटकर खेती करने के बारे में सोचते समय मिली इस सफलता ने उनके लिए नए अवसर खोले। उनका अभिनय करियर जारी रहा और बाद की फिल्मों ने उनकी पहचान मजबूत की। ‘बाला’ ने सफलता पर लगाई मुहर ‘उरी’ के बाद यामी गौतम ने उसी साल ‘बाला’ में काम किया। आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर अभिनीत इस कॉमेडी-ड्रामा में उन्होंने परी मिश्रा का किरदार निभाया। फिल्म ने खूबसूरती, सामाजिक धारणाओं और लोगों के नजरिए जैसे विषयों को मनोरंजक अंदाज में पेश किया। ‘बाला’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे सुपर हिट बताया। ‘उरी’ और ‘बाला’ की लगातार सफलताओं से यामी का करियर मजबूत हुआ। इसके बाद उन्हें अलग-अलग तरह की कहानियों में काम करने के अवसर मिले। उन्होंने ऐसे किरदारों को प्राथमिकता दी, जिनमें अभिनय दिखाने की गुंजाइश थी। ‘ओएमजी 2’ और ‘आर्टिकल 370’ से साबित की अभिनय क्षमता 2024 में रिलीज हुई ‘आर्टिकल 370’ भी उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल हुई। आदित्य सुहास जांभले के निर्देशन में बनी इस फिल्म में यामी ने एनआईए अधिकारी ज़ूनी हक्सर की भूमिका निभाई। यह किरदार उनके पहले के कई किरदारों से अलग था। इसमें अधिकारी की पेशेवर जिम्मेदारी, कठिन परिस्थितियों में फैसले लेने की क्षमता और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की चुनौतियां दिखाई गईं। यामी के अभिनय को सराहना मिली और फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन किया। 2026 में घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान भी मिला। यह उनके करियर का बड़ा पड़ाव है। ‘धूम धाम’, ‘हक’ और ‘नई नवेली’ में दिखाए अलग-अलग रंग 2025 में यामी ‘धूम धाम’ और ‘हक’ में नजर आईं। ‘धूम धाम’ में उन्होंने कॉमेडी और एक्शन के मेल वाली कहानी में काम किया, जबकि ‘हक’ में शाज़िया बानो का गंभीर किरदार निभाया। ‘हक’ में उनके किरदार का संघर्ष और न्याय से जुड़ा पक्ष कहानी का अहम हिस्सा था। दोनों फिल्मों ने दिखाया कि यामी अपनी भूमिकाओं को एक ही शैली तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। 2026 में यामी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में कैमियो करती नजर आईं। उन्होंने शाज़िया बानो के किरदार से दर्शकों को सरप्राइज दिया। वहीं, 16 अक्टूबर को रिलीज हुई ‘नई नवेली’ में वह बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आईं। ____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. वामिका गब्बी से कहा गया- ‘तुम्हें कोई हीरोइन नहीं लेगा’:फिर ‘जुबली’ से मिली पहचान, दो बड़े प्रोजेक्ट बंद हुए और एक्टिंग छोड़ने का मन बनाया एक वक्त वामिका गब्बी को लगता था कि शायद वे एक्टिंग के लिए नहीं बनी हैं। लगातार रिजेक्शन मिल रहे थे और अच्छे रोल नहीं मिल रहे थे। मुंबई में करीब 6-7 साल बिताने के बाद भी करियर उस मुकाम पर नहीं पहुंचा था, जिसका उन्होंने सपना देखा था।पूरी खबर पढ़ें..
एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर हाल ही में टॉक शो 'कॉफी विद करण सीजन 9' में वरुण धवन के साथ शामिल हुईं। शो के दौरान करण जोहर के रैपिड-फायर राउंड में जाह्नवी ने वीर पहाड़ीया को डेटिंग से जुड़ी एक सलाह दी। करण ने जब पूछा कि वे वीर को क्या सलाह देना चाहेंगी, तो जाह्नवी ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टनर को कभी किसी कॉन्सर्ट में नहीं ले जाना चाहिए। जाह्नवी के इस बयान को तारा सुतारिया और वीर पहाड़ीया के ब्रेकअप से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, तारा और वीर की डेटिंग की शुरुआत साल 2025 की शुरुआत में हुई थी। दोनों को कई बार निजी जगहों पर साथ देखा गया था। फिर पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट के दौरान स्टेज पर हुए वाकये के बाद दोनों के ब्रेकप की खबरें सामने आईं थीं। कॉन्सर्ट विवाद और एपी ढिल्लों का किस्सा दिसंबर 2025 में मुंबई में हुए पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट के दौरान एक वाकया सामने आया था। कॉन्सर्ट में तारा सुतारिया स्टेज पर पहुंची थीं और सिंगर ने उन्हें गले लगाकर गाल पर किस किया था। इसी कॉन्सर्ट में दर्शकों में मौजूद वीर के रिएक्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें कथित तौर पर असहज दिखाया गया था। हालांकि, इस वीडियो को लेकर तारा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर कहा था कि झूठी बातें और पेड पीआर से सच नहीं बदलता। वीर ने भी इन दावों को खारिज करते हुए साफ किया था कि वायरल वीडियो में उनका जो रिएक्शन दिखाया गया है, वह उस गाने (थोड़ी सी दारू) के समय का नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका रिएक्शन किसी और गाने के दौरान का था, जिसे गलत तरीके से एडिट कर वायरल किया गया। बाद में ओरी द्वारा शेयर किए गए एक अनएडिटेड वीडियो में वीर को खुशी-खुशी तारा और एपी के लिए चीयर करते हुए देखा गया। जनवरी 2026 में आई थीं ब्रेकअप की खबरें मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तारा सुतारिया और वीर पहाड़ीया ने साल 2025 की शुरुआत में एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था। जुलाई 2025 में दोनों ने अपना रिश्ता पब्लिक किया था। इसके बाद जनवरी 2026 में दोनों के अलग होने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि दोनों में से किसी ने भी ब्रेकअप को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जाह्नवी कपूर की इस टिप्पणी के बाद एक बार फिर दोनों के रिश्ते और कॉन्सर्ट विवाद की चर्चा शुरू हो गई है। 'कॉफी विद करण' में वरुण धवन के साथ पहुंची थीं जाह्नवी जाह्नवी कपूर हाल के दिनों में अपनी फिल्मों के साथ-साथ बयानों के लिए भी चर्चा में रहती हैं। 'कॉफी विद करण' में वरुण धवन के साथ पहुंचीं जाह्नवी ने शो में कई अन्य मुद्दों पर भी बात की। जाह्नवी और वीर पहाड़ीया के परिवारों के बीच पुरानी दोस्ती बताई जाती है, इसी वजह से रैपिड-फायर राउंड में करण जोहर ने वीर से जुड़ा सवाल पूछा था।
सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट्रेस अनीता आडवाणी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को शादी के रूप में कानूनी मान्यता देने की मांग की थी। जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए इसे 'लक्जरी लिटिगेशन' (शौकिया या फिजूल मुकदमेबाजी) करार दिया। इसके साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अनीता आडवाणी के लिए कानूनी रास्ते बंद हो गए हैं। अनीता लंबे समय से राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को कानूनी पहचान दिलाने के प्रयास में थीं। दरअसल अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह 10 साल से ज्यादा समय तक राजेश खन्ना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उन्होंने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत मामला भी दर्ज कराया था। 'सम्मान के लिए लड़ी कानूनी लड़ाई', वकील की दलील सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस याचिका में आगे सुनवाई का कोई ठोस आधार नहीं है। वहीं अनीता आडवाणी के वकील ने अदालत में तर्क दिया की यह याचिका किसी आर्थिक लालच के लिए नहीं, बल्कि अपने आत्मसम्मान और गरिमा के लिए है। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने 1 अप्रैल को अनीता की अपील खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने मुंबई की डिंडोशी सत्र अदालत के 2017 के उस आदेश को सही ठहराया था, जिसमें राजेश खन्ना के निधन के बाद दाखिल किए गए उनके सिविल सूट को खारिज कर दिया गया था। 2012 में बंगला छोड़ने से शुरू हुआ विवाद अनीता आडवाणी का दावा है कि वे राजेश खन्ना के साथ उनके जीवन के अंतिम वर्षों में कई सालों तक लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। जुलाई 2012 में 69 वर्ष की उम्र में राजेश खन्ना के निधन के बाद विवाद शुरू हुआ। अनीता का आरोप था कि राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार ने उन्हें बांद्रा स्थित बंगले 'आशीर्वाद' से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद 2013 में अनीता ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून (DVA) के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने बांद्रा में 3-बीएचके फ्लैट और हर महीने मेंटेनेंस की मांग की थी। 2015 में हाईकोर्ट ने खारिज की थी घरेलू हिंसा की शिकायत 2015 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार की अर्जी पर सुनवाई करते हुए अनीता आडवाणी की शिकायत को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अनीता का राजेश खन्ना के साथ रिश्ता शादी जैसा नहीं था, इसलिए वे घरेलू हिंसा कानून के तहत राहत पाने की हकदार नहीं हैं। इसके अलावा अदालत ने यह भी माना था कि राजेश खन्ना के परिवार के सदस्यों को इस मामले में घसीटना सही नहीं है क्योंकि अनीता उनके साथ कभी नहीं रहीं। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में दोबारा अपील की। अप्रैल 2026 में कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। 'शालिमार' से किया था डेब्यू, बिग बॉस में भी दिखीं 60 के दशक की उम्र में पहुंच चुकीं अनीता आडवाणी ने 1978 में धर्मेंद्र और ज़ीनत अमान की फिल्म 'शालिमार' में एक डांसर के रोल से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'साजिश' और 'दासी' जैसी फिल्मों में काम किया। साल 2013 में वे सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस' में भी नजर आई थीं। दो साल पहले उन्होंने राजेश खन्ना की जयंती पर 'द एंडियरिंगली विकेड वेज ऑफ राजेश खन्ना' नाम से अपनी किताब भी लॉन्च की थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उनके रिश्ते के बारे में उनके और राजेश खन्ना के दोस्तों को सब पता था और उन्होंने इसे कभी छुपाया नहीं।ये खबर भी पढ़ें तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर दिया रिएक्शन:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के 'दूधिया बदन' वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। पूरी खबर पढ़ें
अजमेर दरगाह में गुरुवार को पंजाब से आए 50 जायरीनों ने चादर चढ़ा कर अमिताभ बच्चन की सेहत के लिए दुआ मांगी, साथ ही देश में अमन-चैन और शांति के लिए भी अरदास की। जायरीनों ने बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन की अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए विशेष दुआ की। इस दौरान जायरीनों ने ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की मजार पर मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश कर जियारत की। जायरीन पंजाब के होशियारपुर से अजमेर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने गरीब नवाज के दरबार में सभी लोगों की सलामती और देश में शांति बने रहने के लिए भी अरदास की है। बॉलीवुड खादिम ने करवाई जियारत, दस्तारबंदी कर भेंट किया तबर्रुक पंजाब से आए जायरीनों को बॉलीवुड खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सखी ने दरगाह में जियारत करवाई। इस दौरान जायरीनों ने मजार पर चादर और फूल पेश कर अपनी अकीदत जाहिर की। जियारत के बाद खादिम ने जायरीनों की दस्तारबंदी की और उन्हें तबर्रुक भेंट किया। जायरीन बोलीं- अमिताभ बच्चन जल्द स्वस्थ हों, सब सलामत रहें पंजाब के होशियारपुर से आईं जायरीन बेबी ने बताया कि वे ख्वाजा गरीब नवाज के दरबार में सभी की सलामती और खुशहाली की दुआ मांगने पहुंची हैं। उन्होंने अमिताभ बच्चन की अच्छी सेहत के लिए विशेष रूप से दुआ की, ताकि वे जल्द स्वस्थ और तंदुरुस्त हों। इसके साथ ही देश में शांति और भाईचारा कायम रहने की भी अरदास की। (फोटो वीडियो सहयोग- नजीर कादरी)
बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान के केदारनाथ धाम में दर्शन और पूजा-अर्चना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके खिलाफ फतवा जारी करने की बात कही है। मौलाना का कहना है कि इस्लाम और शरीयत के मुताबिक किसी मुस्लिम का मंदिर में पूजा-पाठ करना नाजायज और हराम है। मुस्लिम युवाओं के सवालों के बाद दिया बयान मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से देशभर के मुस्लिम युवा उनसे सवाल कर रहे थे कि सारा अली खान का केदारनाथ मंदिर जाकर पूजा करना शरीयत के मुताबिक सही है या नहीं। इसी के जवाब में उन्होंने अपना धार्मिक मत सामने रखा। उन्होंने कहा कि शरीयत-ए-इस्लामिया अपने मानने वालों को शिर्क यानी अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराने की अनुमति नहीं देती। मंदिर में पूजा को बताया शरीयत के खिलाफ मौलाना के मुताबिक, मुस्लिम पुरुष हो या महिला, दूसरे धर्म के धार्मिक स्थलों पर जाकर पूजा करना इस्लामी मान्यताओं के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि सारा अली खान ने केदारनाथ मंदिर में दर्शन के साथ पूजा-पाठ भी किया, जिसे वह शरीयत के नियमों के विरुद्ध मानते हैं। सारा अली खान से तौबा करने की अपील मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सारा अली खान को अपने इस कृत्य पर पछतावा करने और अल्लाह से माफी मांगने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि किसी भी मुस्लिम को धार्मिक सीमाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए, भले ही वह सेलिब्रिटी ही क्यों न हो। यह मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का धार्मिक मत और बयान है। इसे सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं या इस्लामी समुदाय की एकमत राय नहीं माना जाना चाहिए। खबर अपडेट की जा रही है…
रणबीर कपूर ने टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में आलिया भट्ट को प्रपोज करने का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2022 में केन्या के मासाई मारा में आलिया को प्रपोज किया था। शो में रणबीर ने बताया कि वह अंगूठी घर से लेकर गए थे। वह चाहते थे कि आलिया को प्रपोज करते समय तस्वीरें भी खींची जाएं। रणबीर ने कहा, “मैंने हमारे गाइड और ड्राइवर को पहले ही पैसे दे दिए थे। उनसे कहा था कि जंगल के बीच कहीं गाड़ी रोक दें।” उन्होंने बताया, “मैं अंगूठी लेकर गया था। चाहता था कि घुटनों पर बैठूं और वे दूर से तस्वीरें लें। लड़कियों को तस्वीरें पसंद होती हैं, ताकि वे उन्हें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर सकें। इसलिए मैंने सोचा कि आलिया के लिए यह बहुत जरूरी है।” प्रपोजल के वक्त पास थे तीन शेर रणबीर ने बताया कि यह पल उनकी उम्मीद से ज्यादा रोमांचक हो गया था। जब वह आलिया के सामने घुटनों पर बैठे, तब तीन शेर करीब 100 फीट दूर थे। रणबीर की बात पर अमिताभ बच्चन ने मजाक में कहा, “लेकिन सर, इसका कोई सबूत भी होना चाहिए।” इस पर रणबीर ने कहा, “सबूत होना चाहिए। अंगूठी तो थी, मैं उसे घर से लेकर गया था, लेकिन माहौल ऐसा था कि एक तरफ करीब 100 फीट दूर तीन बब्बर शेर थे।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी शेरनी मेरे सामने खड़ी थी। मैं चूहा बनकर घुटनों पर बैठा था और कह रहा था- बेबी, क्या तुम मुझसे शादी करोगी?” रणबीर और आलिया का रिश्ता रणबीर और आलिया ने 14 अप्रैल 2022 को शादी की। यह शादी मुंबई स्थित रणबीर और आलिया के घर पर हुई थी। इसमें परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों 6 नवंबर 2022 को बेटी राहा के माता-पिता बने। प्रपोजल को लेकर विजय को ट्रोल किया गया गौरतलब है कि हाल ही में विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना 'कॉफी विद करण' में पहुंचे थे, जहां प्रपोजल की कहानी सामने आने के बाद विजय को ट्रोल किया गया था। दरअसल, शो में रश्मिका ने बताया था कि शादी के लिए उन्होंने विजय से करीब एक साल तक बात की। विजय ने उनसे इस बारे में 100 बार पूछने की बात कही थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर विजय को ‘रेड फ्लैग’ कहकर ट्रोल किया जाने लगा। बाद में रश्मिका ने सफाई देते हुए कहा कि लोगों ने उनकी बातों का गलत मतलब निकाला। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में विजय ने उनका साथ दिया था। वह अपने पति के साथ खुश हैं। वहीं, विजय ने रश्मिका को अपनी बेस्ट फ्रेंड और पत्नी बताते हुए उनका समर्थन किया। कथित फर्जी पोस्ट, एडिटेड स्क्रीनशॉट और भ्रामक कंटेंट फैलाने को लेकर रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने हैदराबाद साइबर क्राइम अधिकारियों से शिकायत की थी।
बॉलीवुड एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म ‘बधाई हो’ ने मेरी जिंदगी बदल दी और मुझे दर्शकों का अपार स्नेह मिला। ‘बधाई हो’ मेरे लिए मील का पत्थर है। मैं इसे अपने लिए फिल्म ‘शोले’ की तरह मानता हूं। हाल ही दैनिक भास्कर के जयपुर कार्यालय आए एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म की शूटिंग के दौरान उस सफर का आनंद लेना चाहता हूं। नए दोस्त बनाना चाहता हूं। जिंदगी में नए अनुभव हासिल करना चाहता हूं। एक्टर गजराज राव ने राजस्थान से जुड़ी यादों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा- डूंगरपुर में मेरा जन्म हुआ है। जयपुर में रिश्तेदार हैं और जोधपुर में मेरा ससुराल है, इसलिए यहां आने पर हमेशा अपनापन महसूस होता है। गजराव ने कहा- जोधपुर का खाना बहुत अच्छा है। वहीं जयपुर में कचौड़ियों और मिठाइयों की इतनी वैरायटी है कि उसकी कोई सीमा ही नहीं है। वहीं जयपुर में शूटिंग के दौरान हाल ही ट्रैवलिंग के अनुभवों पर लिखे व्यंग्यात्मक पोस्ट पर उन्होंने कहा कि मेरा मकसद किसी शहर या व्यक्ति का मजाक उड़ाना नहीं था। यह एक वास्तविक समस्या को हल्के-फुल्के अंदाज में सामने लाना था। पढे़ं एक्टर गजराज राव से बातचीत के अंश… सवाल: आप राजस्थान से हैं। अब मुंबई में सक्रिय हैं। राजस्थान से जुड़ी कोई खास याद? गजराज राव: यहां यादें ही यादें हैं। बचपन में मेरे पिताजी मुझे दिल्ली ले गए थे। उन्हें लगा कि गांव में रहकर मैं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाऊंगा। उस समय मैं चार-पांच साल का था। मुझे बताया जाता है कि जब मुझे स्कूल में दाखिला दिलाया गया तो मैं पट्टी और चॉक लेकर घर की तरफ भाग जाता था। पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगता था। इसके बाद हर साल गर्मियों की छुट्टियों में राजस्थान आना होता था। जोधपुर मेरा ससुराल है और जयपुर में मेरे बहुत सारे रिश्तेदार रहते हैं, इसलिए यहां जब भी आता हूं तो अपनापन महसूस होता है। गट्टे की सब्जी हो या केर-सांगरी इनमें अपनेपन का स्वाद मिलता है। सवाल: आपकी फिल्म ‘बधाई हो’ को आप किस तरह याद करते हैं? गजराज राव: कई बार किसी कलाकार के जीवन में एक ऐसा प्रोजेक्ट आता है, जो उसके करियर की दिशा बदल देता है। मेरे लिए ‘बधाई हो’ वही फिल्म है। इसने मुझे एक अलग पहचान दी और दर्शकों के बीच मेरे काम को लेकर जो प्यार बना, वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सबसे बड़ी बात यही है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी यह फिल्म पुरानी नहीं हुई है। आज भी जब लोग मिलते हैं तो ‘बधाई हो’ की बात करते हैं। नीना गुप्ता और आयुष्मान खुराना के बारे में बातचीत करते हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म लोगों के लिए अपने परिवार के विस्तार जैसी बन गई है। सवाल: आपके प्रोजेक्ट्स को देखें तो सलेक्टिव काम करना पसंद करते हैं। प्रोजेक्ट चुनना कितना चुनौतीपूर्ण है? गजराज राव: जब लोग आपके काम को पसंद करने लगते हैं तो आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। आपको लगता है कि दर्शकों ने आपसे कुछ उम्मीदें लगा रखी हैं। अब आपका काम है कि आप उन उम्मीदों पर खरे उतरें। साथ ही यह भी जरूरी है कि आपको खुद उस काम में आनंद आए। रिहर्सल का अनुभव, शूटिंग के दौरान का माहौल और लोगों के साथ काम करने का तरीका मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: हाल ही आपने जयपुर से जुड़े अपने ट्रेवल एक्सपीरियंस को इंस्टाग्राम पर शेयर किया। उस अनुभव के बारे में बताइए। गजराज राव: दरअसल इन दिनों जयपुर में कई जगह शूटिंग चल रही है। इसके अलावा यहां कॉरपोरेट इवेंट्स भी बहुत होते हैं। शादियों का सीजन भी रहता है। ऐसे में ट्रैवल कंपनियां व्यस्त हो जाती हैं। प्रोडक्शन हाउस को जो गाड़ियां और ड्राइवर उपलब्ध होते हैं, वे उन्हें किराए पर ले लेते हैं। कई बार प्राथमिकता इस बात की होती है कि कोई ड्राइवर मिल जाए, जो सुबह 5 बजे कलाकार को लेने आए और एक घंटे दूर स्थित लोकेशन पर समय से पहुंचा दे। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। पहले दिन जो गाड़ी आई, उसकी पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं थी। मैंने ड्राइवर साहब से पूछा कि इसमें सीट बेल्ट क्यों नहीं है? उन्होंने बहुत सहजता से कहा कि कोई बात नहीं, यहां कोई सीट बेल्ट नहीं लगाता। मुझे यह बात अजीब लगी। अगले दिन भी ऐसा ही हुआ। मैंने शिकायत की तो दूसरी गाड़ी आई, लेकिन उसमें भी यही स्थिति थी। उस गाड़ी के ड्राइवर ने तो यहां तक कह दिया कि अगर सीट बेल्ट लगाते हैं तो ट्रैफिक पुलिस चालान कर देती है। मैंने उनसे कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि सीट बेल्ट लगाने पर चालान हो जाए? उनका जवाब यही था कि यहां ऐसा ही होता है। मैंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिख दी। वह पोस्ट वायरल हो गई। मेरा मानना है कि जब आप किसी अनुभव को बहुत कड़वाहट के साथ लिखते हैं तो उससे कड़वाहट ही पैदा होती है। मैंने उस अनुभव को हास्य के अंदाज में लिखा था, इसलिए लोगों ने भी उसे उसी तरह लिया। पोस्ट पर आने वाली ज्यादातर प्रतिक्रियाएं मजेदार थीं और लोग उस पर चर्चा कर रहे थे। मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाना या जयपुर जैसे शहर का मखौल उड़ाना बिल्कुल नहीं था। मैं खुद राजस्थान का हूं, तो अपने ही प्रदेश का मजाक उड़ाने का सवाल ही नहीं है। दूसरी बात ड्राइवरों की भी अपनी मजबूरियां होती हैं। वे लगातार काम कर रहे होते हैं और उन पर भी दबाव रहता है। सवाल: अगर कोई अच्छा व्यंग्य लिखना चाहते हैं। उन्हें किन लेखकों को पढ़ना चाहिए? गजराज राव: मेरे जीवन में कई लेखकों का बड़ा योगदान रहा है। मनोहर श्याम जोशी, शरद जोशी, श्रीलाल शुक्ल और डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी जैसे लेखकों को जरूर पढ़ना चाहिए। इन सभी को पढ़ने में बहुत आनंद आता है और इनकी रचनाओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मुझे लगता है कि इन लेखकों को पढ़ना चाहिए और उनकी रचनाओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जीवन में किसी से कोई शिकायत है, तो उसे हमेशा नाराजगी या कड़वाहट के साथ व्यक्त करना जरूरी नहीं है। सवाल: आप एडमेकर और एक्टर दोनों हैं। कैसे सामंजस्य बिठाते हैं? गजराज राव: सामंजस्य तो बिठाना पड़ता है, क्योंकि निर्देशन का काम मुझे बहुत पसंद है। विज्ञापन फिल्मों का निर्देशन करना मुझे आज भी अच्छा लगता है। जब मेरी किसी फिल्म या दूसरे प्रोजेक्ट की शूटिंग की तारीखें तय होती हैं तो मैं अपने पार्टनर को पहले ही बता देता हूं कि अगले 15 दिन या डेढ़ महीने तक मैं उपलब्ध नहीं रहूंगा। विज्ञापन फिल्मों के लिए मेरे कुछ नियमित क्लाइंट हिंदुस्तान यूनिलीवर, रेड लेबल चाय और ब्रू कॉफी हैं। इसलिए मैं अभिनय और निर्देशन दोनों के लिए समय निकालने की कोशिश करता हूं। मेरे लिए निर्देशन पेशा नहीं है, बल्कि ऐसा काम है, जिसे करते हुए मुझे आनंद मिलता है। इसलिए मैं इसे छोड़ना नहीं चाहता। अभिनय और निर्देशन दोनों की अपनी अलग चुनौतियां और अनुभव हैं। मैं दोनों से जुड़ा रहना चाहता हूं।
सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह के सरकार विरोधी बयान के बाद एक्टर पुनीत इस्सर उन पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सरकार पसंद नहीं है, तो चुनाव लड़कर उसे हराएं। मंगलवार को शाह ने फेसबुक पर खुद को गर्व से ‘दिमागी नक्सल’ बताया था। उन्होंने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और युवाओं का हौसला तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। बुधवार को IANS से बातचीत में इस्सर ने कहा, पहली बात तो यह है कि नसीरुद्दीन शाह जी हमारे सीनियर हैं, हमारे टीचर रह चुके हैं, आदरणीय हैं और बहुत ही बेहतरीन कलाकार हैं। लेकिन मेरा सिर्फ यह कहना है कि जब आप कोई बात करते हैं, तो सिलेक्टिव बात नहीं करनी चाहिए। आप दुनिया और हिंदुस्तान के कितने मुद्दों पर मूकदर्शक बने रहते हैं। आप गूंगे बनकर बैठ जाते हैं, तब तो आप बात नहीं करते। आप हर चीज का जवाब एकतरफा देते हैं। आप लेफ्टिस्ट सोच और नक्सली विचारधारा वाले वामपंथियों की सोच के हिसाब से जवाब देते हैं। इस्सर ने शाह पर चुनिंदा मुद्दों पर बोलने का आरोप लगाया इस्सर ने ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग और JNU से जुड़े लोगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इन ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग और JNU के लोगों को देखिए। जब हमारे देश में दोषी ठहराए गए अपराधियों और इस समय जेल में बंद आतंकियों की बात आती है, तो वे उनकी रिहाई की मांग करते हैं और उनके पक्ष में बोलते हैं। अगर आप ऐसे लोगों का समर्थन करते हैं, तो इसका मतलब भारतीय होने से क्या है?” ‘सरकार पसंद नहीं, तो चुनाव लड़ें’ हालांकि, इस्सर ने कहा कि शाह को अपनी राय रखने और सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, “लेकिन अगर आपको सत्ता में आई सरकार पसंद नहीं है, तो राजनीतिक मैदान में उतरिए। चुनाव लड़िए, जीतिए और इस सरकार को हराइए। यह सरकार मनमाने तरीके से सत्ता में नहीं आई है। देश की जनता ने इसे चुना और निर्वाचित किया है।” नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी को लेकर परेश रावल ने कहा, “नसीर भाई की अपनी राय है। मैं उसके बारे में कुछ नहीं बोल सकता। सबको हक है कि जो फील करते हैं, वो बोलें।” जामिया और SRFTI के छात्रों के समर्थन में बोले थे शाह नसीरुद्दीन शाह ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो कहते हैं, मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब (उपनाम) दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या। उन्होंने आगे कहा, टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे? उन्होंने यह भी कहा कि पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), फिर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों पर जो जुल्म किया जा रहा है, वो याद रखा जाएगा। सब याद रखा जाएगा। शाह बोले- युवाओं का हौसला कभी नहीं टूटेगा नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में मीडिया और बीजेपी आईटी सेल के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश के युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा, शिक्षा संस्थान बर्बाद नहीं होंगे और लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ेगा। वीडियो के आखिर में उन्होंने देश के युवाओं को सलाम किया और कहा कि उनकी दुआएं उनके साथ हैं। बीजेपी के लिए अपशब्द कहे थे; झूठी पार्टी बताया था इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया था। अभिनेता ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। शाह ने वीडियो में कहा था कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
विश्व सफेद छड़ी दिवस - सिर्फ एक सहारा नहीं, नेत्रहीन लोगों की सुरक्षा और स्वतंत्रता का भी प्रतीक
हर साल 15 अक्टूबर को विश्व सफेद छड़ी दिवस मनाया जाता है। यह दिन खासतौर पर नेत्रहीन और दृष्टिबाधित लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
दिवाली पर फ्री गिफ्ट मांगना पड़ा भारी, मदुरै के इन्फ्लुएंसर के घर पहुंच गए लाखों के COD पार्सल
दिवाली पर फॉलोअर्स से मिठाइयां और गिफ्ट मिलने की उम्मीद तमिलनाडु के मदुरै में रहने वाले इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वीरमणि के लिए बड़ी मुसीबत बन गई।
आमतौर पर मां-बाप अपने बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल या वीडियो गेम खेलने से रोकते हैं, लेकिन चीन की 60 वर्षीय झोंग जुआनजुआन की कहानी कुछ अलग है। कभी वह अपने बेटे को गेम खेलने से रोकने के लिए इंटरनेट कैफे तक पहुंच जाती थीं, लेकिन आज वही गेमिंग उनकी पहचान बन चुकी है। इंटरनेट की दुनिया में वह ‘आंटी जुआन’ के नाम से मशहूर हैं और हजारों लोग उन्हें लाइव गेम खेलते हुए देखना पसंद करते हैं।
न दुकानदार, न CCTV और न ताला… मिजोरम के गांवों में भरोसे से चलती हैं ये अनोखी दुकानें
आज के समय में किसी दुकान की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, ताले और दुकानदार की मौजूदगी आम बात है।
प्रसाद समझकर 3 तोले की सोने की चेन निगल गया बैल, 15 दिन बाद सर्जरी से निकली
महाराष्ट्र के मालेगांव तालुका के वनपत गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
कभी घर-घर पहुंचाता था पिज्जा, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत से बदली इस भारतीय की जिंदगी
कहते हैं कि अगर इंसान में मेहनत करने और आगे बढ़ने का जुनून हो, तो मुश्किल हालात भी उसके रास्ते को ज्यादा लंबे समय तक नहीं रोक सकते।
सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।
ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी
धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

