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ट्रेलर रिव्यू: टॉक्सिक:बंदूकें खूब चलीं, लेकिन कहानी एक कदम भी नहीं; 4 मिनट 38 सेकेंड के ट्रेलर में यश का स्टारडम भी फीका

यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का ट्रेलर आज 8 अगस्त को रिलीज हो गया। लंबे इंतजार के बाद आए ट्रेलर में यश बेहद खतरनाक गैंगस्टर अवतार में दिखाई देते हैं। फिल्म में कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है और यह 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर की सबसे बड़ी ताकत इसका स्केल, सिनेमैटोग्राफी और एक्शन है। यश का लुक और स्क्रीन प्रेजेंस भी प्रभावशाली है। लेकिन करीब 4 मिनट 38 सेकेंड के ट्रेलर के बाद भी सबसे बड़ा सवाल यही रह जाता है- आखिर फिल्म की कहानी क्या है? ट्रेलर कई किरदारों, हिंसक एक्शन, स्टाइलिश विजुअल्स और तेज कट्स से दर्शकों को प्रभावित करने की कोशिश करता है, लेकिन कहानी का इमोशनल कनेक्शन उतनी मजबूती से सामने नहीं आता। ऐसे में यह आशंका बनी रहती है कि कहीं फिल्म अपने विजुअल्स और यश के स्टारडम के पीछे कहानी की कमजोरी तो नहीं छिपा रही। यश का अंदाज दमदार, लेकिन किरदार में नयापन कितना है? यश को एक बार फिर ऐसे किरदार में देखा जा रहा है जो खतरनाक, हिंसक और बेहद स्टाइलिश है। ‘KGF’ के बाद उनका ऐसा अवतार दर्शकों के लिए नया नहीं है। यही वजह है कि ट्रेलर देखने के बाद एक सवाल उठता है- क्या ‘टॉक्सिक’ यश को ‘KGF’ के रॉकी भाई वाले जोन से बाहर निकाल पाएगी? उनका लुक और एक्शन निश्चित तौर पर बड़े पर्दे के लिए बनाए गए हैं, लेकिन सिर्फ स्वैग और हिंसा के दम पर फिल्म को अलग पहचान दिलाना आसान नहीं होगा। कहानी से ज्यादा दिख रहा है स्टाइल ‘टॉक्सिक’ को पीरियड गैंगस्टर एक्शन ड्रामा बताया गया है। फिल्म की कहानी गोवा की पृष्ठभूमि में एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द है जो अपराध की दुनिया में अपना साम्राज्य खड़ा करता है। लेकिन ट्रेलर में कहानी के बजाय एक्शन, हथियार, हिंसा, ग्लैमर और बड़े सेट पीसेज ज्यादा हावी नजर आते हैं। यही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी बन सकती है। अगर कहानी मजबूत नहीं निकली तो इतना बड़ा स्केल भी दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। कियारा-नयनतारा समेत फीमेल स्टारकास्ट पर नजर फिल्म में पांच प्रमुख महिला कलाकार हैं, लेकिन ट्रेलर देखने के बाद भी उनके किरदारों को लेकर बहुत ज्यादा स्पष्टता नहीं मिलती। कियारा आडवाणी का किरदार नादिया पहले से ही ‘तबाही’ गाने के कारण चर्चा में है। ‘तबाही’ में यश और कियारा की केमिस्ट्री और इंटीमेट सीन्स को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद भी हुआ था। इस विवाद के बीच ट्रेलर से उम्मीद थी कि कियारा के किरदार की कहानी में अहमियत साफ होगी, लेकिन फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती। ट्रेलर से पहले भी विवादों में रही फिल्म ‘टॉक्सिक’ का टीजर रिलीज होने के बाद महिलाओं के चित्रण को लेकर आपत्तियां उठी थीं। आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने शिकायत की थी, जबकि एक ईसाई संगठन ने टीजर में आर्कएंजल माइकल की प्रतिमा दिखाए जाने को लेकर धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप लगाया था। ट्रेलर लॉन्च से ठीक पहले कमाल आर खान ने भी यश पर पेड रिव्यूज की व्यवस्था करने का आरोप लगाया था। हालांकि यह आरोप उनका दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विजुअल्स शानदार, लेकिन कहानी की परीक्षा बाकी है ‘टॉक्सिक’ का ट्रेलर तकनीकी रूप से बड़ा और भव्य दिखाई देता है। यश का स्क्रीन प्रेजेंस भी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। लेकिन कहानी को लेकर ट्रेलर अभी भी दर्शकों को पूरी तरह आश्वस्त नहीं करता। फिल्म की असली परीक्षा यही होगी कि क्या गीतू मोहनदास इस बड़े स्टार और विशाल बजट के साथ सिर्फ एक स्टाइलिश गैंगस्टर फिल्म बनाती हैं या इसके पीछे कोई मजबूत और भावनात्मक कहानी भी है। फिलहाल ट्रेलर का सबसे बड़ा सवाल यही है- ‘टॉक्सिक’ यश की अगली बड़ी फिल्म बनेगी या सिर्फ यश के स्टारडम पर टिकी एक और बड़ी एक्शन फिल्म साबित होगी?

दैनिक भास्कर 8 Aug 2026 7:22 pm

सोनाक्षी सिन्हा पर बीजेपी-सनातन विरोधी एजेंडा चलाने का दावा:पोस्ट में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का जिक्र; जानें वायरल दावे की सच्चाई

सोनाक्षी सिन्हा को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि एक्ट्रेस बीजेपी और सनातन धर्म को बदनाम करने का एजेंडा चला रही हैं। पोस्ट में सीजेपी के छात्र प्रदर्शन को समर्थन देने, विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को कथित तौर पर धार्मिक वजह से अनफॉलो करने और फिल्ममेकर आदित्य धर के उनके बर्गर वाले पोस्ट पर हंसने वाले रिएक्शन का जिक्र है। साथ ही दावा है कि सोनाक्षी झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप हैं। हालांकि, फैक्ट-चेक में सामने आया कि इन घटनाओं में कुछ बातें सही हैं, लेकिन इन्हें जोड़कर सोनाक्षी के किसी बीजेपी या सनातन विरोधी एजेंडे का ठोस सबूत नहीं मिलता। पहले जानिए क्या है वायरल पोस्ट में दावा वायरल पोस्ट में सोनाक्षी सिन्हा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पोस्ट के मुताबिक, सोनाक्षी ने सीजेपी के छात्र प्रदर्शन का समर्थन इसलिए किया क्योंकि मामला कथित तौर पर बीजेपी के खिलाफ था। वहीं, झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर उनकी चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाया गया है। पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि सोनाक्षी ने विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को सिर्फ इसलिए अनफॉलो किया, क्योंकि दोनों अपनी धार्मिक आस्था को फॉलो करते हैं। इसके अलावा फिल्ममेकर आदित्य धर के सोनाक्षी के बर्गर खाने वाले पोस्ट पर लाफिंग रिएक्शन को भी उनके खिलाफ जोड़कर पेश किया गया है। लेकिन क्या वायरल पोस्ट में किए गए ये सभी दावे सच हैं? सीजेपी के प्रदर्शन में सोनाक्षी ने किया था छात्रों का समर्थन फैक्ट-चेक में सामने आया कि सोनाक्षी सिन्हा ने सीजेपी यानी सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस से जुड़े छात्र प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी थी। जुलाई 2026 में दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की तस्वीरें सामने आई थीं। इसके बाद सोनाक्षी ने प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई पर चिंता जताई थी। इससे यह बात सही साबित होती है कि सोनाक्षी ने उस प्रदर्शन को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी प्रतिक्रिया दी थी। हालांकि, इस पोस्ट का मकसद बीजेपी या सनातन धर्म को बदनाम करना था, इसका कोई प्रमाण नहीं मिला। क्या सोनाक्षी झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप हैं? वायरल पोस्ट में दूसरा बड़ा दावा यही है कि सोनाक्षी ने सीजेपी के छात्रों के लिए आवाज उठाई, लेकिन झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। झारखंड में छात्रों का आंदोलन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और JPSC-JSSC से जुड़े विवादों को लेकर चल रहा है। सीजेपी से जुड़े लोगों की ओर से इस आंदोलन को समर्थन दिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, सोनाक्षी सिन्हा ने इस मुद्दे पर कोई पोस्ट किया या नहीं, इसकी विश्वसनीय पुष्टि नहीं मिलती। इसलिए यह कहना कि सोनाक्षी ने जानबूझकर झारखंड के छात्रों का समर्थन नहीं किया या राजनीतिक वजह से चुप रहीं, फिलहाल साबित नहीं होता। विराट-अनुष्का को अनफॉलो करने का दावा कितना सही? वायरल पोस्ट में सोनाक्षी सिन्हा के अनुष्का शर्मा को अनफॉलो करने का दावा किया गया है। आजतक की 5 अगस्त 2026 की रिपोर्ट में भी सोनाक्षी और अनुष्का के बीच फॉलो-अनफॉलो को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोनाक्षी लंबे समय से अनुष्का को फॉलो करती रही हैं और दोनों के बीच सोशल मीडिया पर इंटरैक्शन भी रहा है। अनुष्का की डॉग-वेलफेयर से जुड़ी पोस्ट पर सोनाक्षी ने स्टोरी भी शेयर की थी। अब सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया है कि सोनाक्षी ने अनुष्का को दोबारा अनफॉलो किया है। कुछ यूजर्स इसे विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के सनातन धर्म और आध्यात्म से जुड़े पोस्ट से जोड़ रहे हैं। खास तौर पर विराट-अनुष्का के वृंदावन जाने और स्वामी प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के बाद इस थ्योरी ने जोर पकड़ा है। हालांकि, सोनाक्षी ने खुद यह नहीं बताया है कि उन्होंने अनुष्का को क्यों अनफॉलो किया। इसलिए यह कहना कि उन्होंने विराट-अनुष्का की सनातन आस्था की वजह से ऐसा किया, अभी सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही एक थ्योरी है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दिलचस्प बात यह है कि सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि अनुष्का शर्मा अब भी सोनाक्षी को फॉलो कर रही हैं। वहीं, 2021 में सोनाक्षी ने विराट कोहली के मोहम्मद शमी के समर्थन में लिए गए स्टैंड की तारीफ भी की थी। इसलिए पुराने सोशल मीडिया इंटरैक्शन को देखते हुए सोनाक्षी के मौजूदा अनफॉलो की वजह को लेकर कोई निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। आदित्य धर के लाफिंग रिएक्शन का सच वायरल पोस्ट में फिल्ममेकर आदित्य धर का भी जिक्र है। दावा है कि उन्होंने सोनाक्षी के बर्गर खाने वाले पोस्ट पर लाफिंग रिएक्शन दिया। सोशल मीडिया पर इस रिएक्शन का दावा मौजूद है। लेकिन सिर्फ किसी पोस्ट पर लाफिंग रिएक्शन देने से यह साबित नहीं होता कि आदित्य धर सोनाक्षी के किसी राजनीतिक या धार्मिक एजेंडे को ‘एक्सपोज’ कर रहे हैं। ऐसा कोई विश्वसनीय बयान भी सामने नहीं आया है जिसमें आदित्य धर ने सोनाक्षी पर BJP या सनातन धर्म को बदनाम करने का आरोप लगाया हो। कंगना ने भी सोनाक्षी पर साधा था निशाना? सोनाक्षी सिन्हा और उनके पति जहीर इकबाल की शादी को लेकर पहले भी सोशल मीडिया पर विवाद हुआ है। कंगना रनोट के कुछ बयानों को सोशल मीडिया यूजर्स ने सोनाक्षी की शादी से जोड़कर देखा है। हालांकि, कंगना ने जिस बयान में हिंदू लड़कियों और अंतरधार्मिक शादी को लेकर टिप्पणी की, उसमें सोनाक्षी का नाम सीधे नहीं लिया था। इसलिए इसे सोनाक्षी के खिलाफ कंगना का सीधा ‘एक्सपोज’ कहना भी सही नहीं होगा। सोनाक्षी की शादी को भी राजनीतिक रंग देने की कोशिश सोनाक्षी ने जहीर इकबाल से 2024 में शादी की थी। दोनों ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी की थी। शादी के बाद सोनाक्षी ने कई बार कहा है कि दोनों एक-दूसरे के धर्म और परिवार का सम्मान करते हैं। ऐसे में उनकी शादी को उनके राजनीतिक विचारों से जोड़कर देखना भी अपने आप में किसी राजनीतिक एजेंडे का सबूत नहीं है। फैक्ट-चेक में क्या निकला? वायरल पोस्ट में बताई गई घटनाओं को अलग-अलग देखें तो कुछ बातें वास्तविक घटनाओं पर आधारित हैं। सोनाक्षी ने सीजेपी से जुड़े छात्र प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी थी। आदित्य धर के सोशल मीडिया रिएक्शन का दावा भी सामने आया है। लेकिन इन घटनाओं से यह साबित नहीं होता कि सोनाक्षी सिन्हा बीजेपी या सनातन धर्म को बदनाम करने का कोई एजेंडा चला रही हैं। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा को कथित तौर पर अनफॉलो करने की वजह भी प्रमाणित नहीं है। वहीं झारखंड के छात्रों के मुद्दे पर उनकी कथित चुप्पी से भी राजनीतिक एजेंडे का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। नतीजा वायरल पोस्ट में कुछ वास्तविक घटनाओं को जोड़कर एक राजनीतिक नैरेटिव बनाया गया है। सोनाक्षी सिन्हा के बीजेपी या सनातन विरोधी एजेंडे का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। इसलिए इस दावे को फिलहाल ‘भ्रामक’ माना जा सकता है।

दैनिक भास्कर 8 Aug 2026 5:07 pm

अफेयर रूमर्स के बीच एक्ट्रेस कोमल संग दिखे गोविंदा:कभी पत्नी सुनीता ने अफेयर का हिंट देकर कहा था- मुझे कोमल नाम से नफरत है

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा, इन दिनों एक्ट्रेस से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। पत्नी सुनीता कई मौकों पर उन पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर और धोखा देने के आरोप लगा चुकी हैं। अफेयर रूमर्स के बीच गोविंदा एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट किए गए हैं, जिनका नाम उनकी पत्नी सुनीता भी ले चुकी हैं। सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। शुक्रवार को गोविंदा को झारखंड एयरपोर्ट पर कोमल के साथ स्पॉट किया गया। ब्लैक जैकेट और काला चश्मा लगाए गोविंदा कार से उतरे और पैपराजी को पोज दिए। कुछ देर बार एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकर भी उनके साथ ही एयरपोर्ट में जाती दिखीं। गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। सुनीता ने धोखा देने के आरोप लगाकर कहा था, मुझे कोमल नाम से नफरत है कुछ समय पहले ही सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। जब इंटरव्यूअर ने बताया कि उनका नाम कोमल है, तो सुनीता ने कहा, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ सुनीता ने कहा- नई लड़कियों को शुगर डैडी चाहिए होता है, शक्ल होती नहीं इसी इंटरव्यू में सुनीता ने कहा था, ‘आजकल की जो लड़कियां आती है ना स्ट्रगल करने के लिए दे नीड अ शुगर डैडी जिसका जो उनका खर्चा चलाए। शकल दो कौड़ी की होती है, लेकिन हीरोइन बनना होता है। फिर क्या करती हैं फंसा लेती हैं, ब्लैकमेल करती हैं। ऐसी लड़कियां बहुत आती हैं, लेकिन तुम (गोविंदा) थोड़ी बेवकूफ हो, 63 के हो, सुंदर बीवी है, बच्चे हैं। तुम इस उम्र में ये सब नहीं कर सकते। जवानी में सब गलती करते हैं, लेकिन इस उम्र में नहीं।’

दैनिक भास्कर 8 Aug 2026 4:14 pm

विवाद के बाद कंगना के जेन-जी पर बदले बोल:कहा- ये सरकार की ताकत, इन पर गर्व, कुछ इनका नाम खराब कर रहे हैं; पहले कहा था गटरछाप

प्रोटेस्ट के बाद स्टूडेंट और जेन-जी पर निशाना साथ रहीं एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट के बोल बदल चुके हैं। एक्ट्रेस ने नए बयान में इस जनरेशन की सराहना की और कहा कि ये भी सरकार का ही हिस्सा हैं। हाल ही में संसद के बाहर कंगना से पूछा गया था कि राहुल गांधी कह रहे हैं कि सरकार को जेन-जी की बात सुननी चाहिए। इस पर उन्होंने कहा, जेन-जी सरकार का हिस्सा हैं। उन्हीं का तो योगदान है, जो हमारी सरकार इतने सालों से सत्ता में है। जेन-जी का ही जनादेश है। ऐसा जरूरी नहीं है कि प्रोटेस्ट में 10-15 गाली देने वाले ही जेन-जी हैं। हमें जेन-जी पर गर्व है- कंगना रनोट आगे कंगना ने कहा, ‘आज जो झारखंड में बच्चे बैठे हैं और जो इतने अच्छे से प्रोटेस्ट कर रहे हैं और जो युवा मेडल लेकर आए, जिन्होंने मेडल प्रधानमंत्री जी को समर्पित किए हैं। ये कुछ मुट्ठीभर लोग हैं, जो जेन-जी का नाम खराब कर रहे हैं। जेन-जी जो हैं, वो हमारी सबसे बड़ी ताकत है, हमें गर्व है अपने जेन-जी पर।' पहले नई जनरेशन को कहा था गटरछाप अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन पर कहा था कि जेन-जी की रील्स देखकर उन्हें उल्टी आने जैसा महसूस होता है। कंगना ने प्रदर्शनकारियों की भाषा और व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उन्हें 'कॉकरोच' के प्रतीक का इस्तेमाल करने पर भी खरी-खोटी सुनाई है। कंगना रनोट ने इंस्टाग्राम पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि प्रदर्शनकारियों के बोलने का तरीका और भाषा बेहद खराब है। उन्होंने लिखा, मैंने अपनी जिंदगी में एक साथ किसी फ्रेम में इतना भद्दा कंटेंट नहीं देखा है। इन्हें कौन पैदा कर रहा है और कैसी परवरिश दे रहा है? इसके अलावा कंगना ने नई जनरेशन की महिलाओं पर भी निशाना साधा और उन्हें गटरछाप कहा। कंगना ने सोशल मीडिया से लिखा था, 'सबसे शर्मनाक बात उन युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभाना चाहतीं। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।' 'आज तथाकथित वेस्टर्न सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है। मैं इन्हें 'गटर जेनरेशन' कहती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन इतनी बदसूरत सोच और भ्रष्ट मानसिकता रखती हैं कि अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं।' 'इसके बावजूद वे अपनी तथाकथित आजादी का दिखावा करती हैं, नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं और लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी याद दिला दूं, आजाद जीवन कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, 'गटर छाप'।' कंगना के इन बयानों पर विवाद हो गया। सोनू सूद समेत कई सेलेब्स ने भी उनके बयान की निंदा की। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर कंगना के पुराने पार्टी वीडियोज और बोल्ड मूवी क्लिप वायरल हो गए। इन पर रिएक्शन देते हुए कंगना ने कहा कि फिल्मों में निभाए गए किरदार और असल जिंदगी के विचारों की तुलना करना गलत है। उन्होंने लोगों से रील और रियल लाइफ का फर्क समझने की अपील की।

दैनिक भास्कर 8 Aug 2026 12:21 pm

बिलखकर रो पड़े प्रदीप रावत के बेटे:कहा- हाथ-पैर कांप रहे हैं, सलमान से मिलने की इच्छा जताई, कहा- पापा उनके किस्से सुनाते थे

मुंबई में शुक्रवार को दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत की प्रार्थना सभा हुई। इसमें परिवार के साथ फिल्म जगत के दोस्त और साथी कलाकार शामिल हुए। प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में ब्लड कैंसर से निधन हुआ था। प्रार्थना सभा में उनके बेटे विक्रमादित्य रावत ने पिता को याद करते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाएंगे और उनका नाम रोशन करेंगे। इस दौरान पिता को याद कर विक्रमादित्य बिलख कर रो पड़े और कहा, ‘आपका यहां आने के लिए शुक्रिया, मैं बात करने की स्थिति में नहीं हूं। बहुत सारी यादें हैं। मेरे हाथ-पैर कांप रहे हैं।’ बेटे ने कहा- पिता सम्मान और इज्जत वाले इंसान थे प्रार्थना सभा के दौरान एएनआई से बात करते हुए विक्रमादित्य रावत अपने पिता को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं कहना चाहता हूं कि मैं अपने पिता के बारे में जितने भी शब्द बोलूं, वे हमेशा कम पड़ेंगे। वे सम्मान और इज्जत वाले इंसान थे।” उन्होंने आगे कहा, “मैं कितनी भी बार भगवान से प्रार्थना करूं या भगवान मुझसे पूछें कि मुझे कैसा पिता चाहिए था, तो मैं हमेशा उनका नाम लूंगा।” सलमान से मिलने की इच्छा जताई, कहा- पापा उनके किस्से सुनाते थे मैं एक्चुअली एक चीज कहता था, अब अगर यह बात पहुंच जाए उन तक तो बहुत अच्छी रहेगी। मैं पापा को बोलता था कि पापा मुझे सलमान सर से मिलना है, क्योंकि मैं बहुत बड़ा फैन हूं, सलमान भाई का। सिर्फ एक्टिंग के लिए नहीं, वो इंसान बहुत अच्छे हैं। पापा मुझे उनकी कहानियां बताते थे कि कैसे एक घर में रहते थे, सलीम साहब, उनसे कितने करीब थे। आगे विक्रमादित्य ने कहा, काफी खुशी हुई कि सलमान भाईजान ने पापा को एक ट्रिब्यूट दिया इतने सालों बाद जब उनकी बात नहीं हुई है, मुलाकात नहीं हुई है। बहुत खुशी हुई। दो महीने पहले शुरू हुई थी हिचकी, दवाओं का असर नहीं हुआ विक्रमादित्य ने प्रदीप रावत की आखिरी बीमारी के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में यह मामूली स्वास्थ्य समस्या जैसी लगी थी, लेकिन जल्द ही जानलेवा स्थिति में बदल गई। उन्होंने बताया, “दो महीने पहले उन्हें हिचकी आनी शुरू हुई। वे घर आए और हमें लगा कि शायद कोई मामूली संक्रमण होगा। लेकिन जब हिचकी बढ़ती गई, तो हमने डॉक्टर को घर बुलाया।” विक्रमादित्य ने कहा, “डॉक्टर के आने पर उन्होंने बताया कि गंभीर संक्रमण हो सकता है। डॉक्टर ने कई दवाएं लिखीं, लेकिन दुर्भाग्य से उनमें से किसी का असर नहीं हुआ।” प्रदीप रावत का ब्लड कैंसर दोबारा लौट आया था। 5 अगस्त 2026 को उनका निधन हुआ। उनके परिवार में पत्नी कल्याणी रावत और बेटा विक्रमादित्य रावत हैं। विक्रमादित्य बोले- पिता की विरासत को और बड़ा करूंगा विक्रमादित्य ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का वादा किया। उन्होंने कहा, “उन्हें विश्वास था और मुझे भी विश्वास है कि एक दिन मैं उनका नाम रोशन करूंगा।” उन्होंने कहा, “मैं उनकी विरासत को आगे बढ़ाऊंगा। मैं उनकी विरासत को अपनाना चाहता हूं और इसे और बड़ा बनाना चाहता हूं।” प्रेयर मीट की तस्वीरें- 74 साल की उम्र में मंगलवार को प्रदीप रावत का निधन हो गया था। बुधवार को मुंबई के गोरेगांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया था। आमिर खान और रजा मुराद समेत कई सेलेब्स प्रदीप रावत के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। अंतिम संस्कार की तस्वीरें- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया था कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे। उन्हें यह बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बीआर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत से की थी। वे अश्वत्थामा के रोल में नजर आए थे। प्रदीप ने इसके बाद हिंदी, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में वे लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म चाइना टाउन, बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। आमिर खान को बहन ने डांट दिया थाफिल्म लगान में देवा का किरदार पहले एक्टर मुकेश ऋषि को ऑफर हुआ था, लेकिन साउथ की कई फिल्मों में व्यस्त होने के कारण उन्होंने यह फिल्म नहीं की। इसके बाद यह रोल प्रदीप रावत को मिला था। दरअसल, फिल्म सरफरोश में प्रदीप रावत का काम देखकर आमिर खान काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने आधी रात करीब 12 बजे प्रदीप के घर के लैंडलाइन पर फोन किया। उस समय प्रदीप घर पर नहीं थे। उनकी बहन ने फोन उठाया। ‘मैं आमिर खान बोल रहा हूं’ सुनकर उन्होंने इसे प्रैंक कॉल समझा। उन्होंने डांटते हुए कहा, ‘क्यों बदमाशी कर रहे हो?’ बाद में आमिर ने लेखक उमाशंकर पाठक से बात कराई, जिन्हें परिवार पहचानता था। तब सबको यकीन हुआ कि फोन सच में आमिर खान का है। आमिर ने प्रदीप को अगले दिन ऑफिस बुलाकर फिल्म का कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया और साइनिंग अमाउंट का चेक दिया। फिर इस तरह उन्हें फिल्म लगान में काम मिला था। प्रदीप रावत के कारण सलमान को नहीं मिली गजनी 27 मार्च 2025 को मुंबई में फिल्म सिकंदर की प्रेस मीट के दौरान सलमान से पूछा गया था कि क्या वाकई आमिर से पहले आपको गजनी मिली थी। इस पर एक्टर ने कहा था, ‘मैंने भी सुना है। मैंने ये प्रदीप से सुना है। हम उसे गजनी बुलाते हैं। वो मेरे दोस्त हैं। हमने 4-5 फिल्में साथ की हैं। उसने एक बार कहा था, मुरुगदास (गजनी के डायरेक्टर) बहुत अनुशासित हैं, इतने सिंसियर हैं, सलमान कैसे काम कर लेगा उनके साथ, सलमान को गुस्सा बहुत आता है।’ सलमान ने आगे कहा, 'मतलब वो मेरे साथ 5 पिक्चरें कर चुका है, उसके बाद वो ये बोलता है। उसके बाद मैं बेचारे से मिला ही नहीं। मिलेगा तो उससे पूछूंगा कि मैं कब गुस्सा हुआ तेरे से।' प्रदीप रावत की 2 शादियां हुई थींप्रदीप रावत की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनकी दो शादियां हुईं। NBT की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी पहली शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और करीब साढ़े पांच महीने में दोनों का तलाक हो गया। प्रदीप रावत ने बताया था कि पहली पत्नी ने उन पर और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए थे, हालांकि बाद में मामला खत्म हो गया। इसके बाद उनकी मुलाकात साउथ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कल्याणी रावत से हुई। दोनों ने कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट किया और साल 2006 में शादी कर ली। इस शादी से उनका एक बेटा है, जिसका नाम विक्रमादित्य रावत है। यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 8 Aug 2026 11:12 am

लड़की को गाली दी, अब माफी से किया इनकार:रणवीर शोरे बोले- लड़की गाली दे, तो सुनने के लिए भी तैयार रहे, 16 करोड़ व्यूज वाली रील पर विवाद

160 मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल करने वाली रणवीर शोरे, अनुपम खेर और खोसला का घोसला 2 स्टारकास्ट की रील पर विवाद हो गया। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने रील देखने के बाद रणवीर शोरे पर आपत्तिजनक कमेंट करने शुरू कर दिए, जिसके जवाब में एक्टर ने भी मजेदार जवाब दिए। हालांकि एक लड़की को जवाब देते हुए रणवीर शोरे ने गाली दी, जिस पर विवाद हो गया। लड़की को गाली देने पर रणवीर शोरे की कड़ी शब्दों में आलोचना होने लगी। जब एक सोशल मीडिया यूजर ने कहा कि वो लड़की को गाली कैसे दे सकते हैं, तो जवाब में एक्टर ने लिखा, तुम्हें उसकी उम्र और जेंडर कैंसे पता है। ये इंटरनेट है। यहां जैसे को तैसा मिलता है। अपना लेक्चर अपने पास रखो। दूसरी पोस्ट में रणवीर शोरे ने लिखा, गालियां देने को genZ की भाषा बताते हैं, और जब वही भाषा में हम जवाब देते हैं तो वो गालियां हो जाती हैं। कई लोग लगातार रणवीर से माफी मांगने की बात कह रहे हैं। इस विवाद पर रणवीर शोरे ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा है, “मैं ट्रोल्स को उसी भाषा में जवाब देता हूं, जिस भाषा में वे मुझसे बात करते हैं और इसके लिए मुझे बिल्कुल भी माफी मांगने की जरूरत नहीं है। जिस यूजर की आप बात कर रहे हैं, वह एक जाना-पहचाना जहरीला और बदतमीज अकाउंट है। मुझे नहीं पता कि उस अकाउंट के पीछे असल में कौन है, उसकी उम्र या जेंडर क्या है। आगे एक्टर ने कहा, मेरे लिए यह ज्यादा मायने रखता है कि वह किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करता है, न कि उसकी प्रोफाइल फोटो में लड़की है या लड़का। अगर कोई लड़की भी गंदी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती है, तो उसे भी उसी तरह के जवाब सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए।” रील को मिले 162 मिलियन व्यूज अनुपम खेर ने हाल ही में ऑफिशियल इंस्टाग्राम से एक रील पोस्ट की थी, जिसमें वो टिकटॉक के दौर के ट्रेंडिंग ऑडियो पर बोमन ईरानी, रणवीर शोरे और प्रवीण के साथ लिपसिंक करते दिखे। कुछ ही समय में रील वायरल हो गई और महज 5 दिनों में इसे 162 मिलियन यानी 16 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिल गए। यह अनुपम खेर के प्रोफाइल पर सबसे ज्यादा देखे गए वीडियो में शामिल हो गई है। ये वीडियो खोसला का घोसला 2 के सेट पर लंच ब्रेक में बनाया गया था। अनुपम खेर ने फैन्स का आभार जताया अनुपम खेर ने बीटीएस वीडियो शेयर करते हुए बताया कि टीम को रील पर इतनी शानदार प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने लिखा, “15 करोड़ व्यूज और गिनती अभी जारी है। जब हमने यह रील शूट की थी, तब हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि इसे सिर्फ इंस्टाग्राम पर 15 करोड़ व्यूज मिलेंगे।” उन्होंने आगे लिखा, “हमने इसे इतनी गंभीरता और मासूमियत से बनाया, जैसे अपनी जिंदगी की सबसे जरूरी फिल्म का क्लाइमैक्स शूट कर रहे हों।” एक्टर ने बताया कि रील के सबसे मजेदार पल अचानक रिकॉर्ड हुए थे। बोमन ईरानी की मेकअप आर्टिस्ट अमृता ने कलाकारों की रिहर्सल और रील से जुड़ी हर बात पर चर्चा करते हुए चुपचाप वीडियो रिकॉर्ड किया था। फिल्म में पुरानी कास्ट के साथ रवि किशन भी ‘खोसला का घोसला 2’, 2006 में आई कॉमेडी फिल्म ‘खोसला का घोसला’ का सीक्वल है। इस फिल्म को प्रशांत भागिया ने डायरेक्ट किया है। सीक्वल में अनुपम खेर, बोमन ईरानी, रणवीर शौरी, परविन डबास और किरण जूनजा पुरानी कास्ट के तौर पर लौट रहे हैं। रवि किशन भी अहम भूमिका में कलाकारों की टीम में शामिल हुए हैं। फिल्म को टी-सीरीज के साथ सविता राज हिरेमठ और राज हिरेमठ ने प्रोड्यूस किया है। यह सीक्वल मूल फिल्म के करीब दो दशक बाद मिडिल क्लास परिवार की जिंदगी पर आधारित एक बड़ी कॉमिक कहानी पेश करेगा।

दैनिक भास्कर 8 Aug 2026 10:27 am

सैफ अली खान बहन के पर्स से पैसे निकालते थे:सबा पटौदी ने बताया- रक्षा बंधन पर वही रकम गिफ्ट में दे देते थे

सैफ अली खान की बहन सबा पटौदी ने हाल ही में बताया कि सैफ कई बार उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में दे देते थे। यह बात उन्होंने नेहा धूपिया और अंगद बेदी के यूट्यूब शो में बताई। सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा पटौदी ने अपने बचपन का बड़ा हिस्सा पटौदी परिवार के महल में बिताया। हालांकि, सोहा ने बताया कि घर में उन्हें कभी शाही जिंदगी जैसा एहसास नहीं कराया गया। उनके पिता पूर्व क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी बच्चों को खर्चों की अहमियत समझाते थे। सोहा ने कहा कि उनके पिता घर में बिजली बचाने पर जोर देते थे और पीले रंग के पोस्ट-इट नोट्स पर लाइट बंद करने की याद दिलाते थे। उन्होंने यह भी बताया कि बचपन में दोस्तों के घर जाने की अनुमति कई बार इसलिए नहीं मिलती थी क्योंकि उनके पिता का मानना था कि पेट्रोल पर फालतू का खर्च नहीं होना चाहिए। 100 रुपए पॉकेट मनी मिलती थी बातचीत के दौरान सबा पटौदी ने पॉकेट मनी का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें और सोहा को 100 रुपए मिलते थे। वहीं, उस समय सैफ अली खान इंग्लैंड में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान सोहा ने हंसते हुए कहा कि सैफ पैसे चुरा लेते थे। इस पर सबा ने मजाकिया अंदाज में बताया कि जब वे इंग्लैंड जाती थीं, तो उन्हें 5 पाउंड मिलते थे, जिन्हें सैफ अक्सर उधार ले लेते थे। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सैफ उनके पर्स से पैसे निकाल लेते थे और बाद में वही रकम रक्षा बंधन पर गिफ्ट के रूप में वापस दे देते थे। सैफ की पहली शादी में नहीं पहुंचीं बहनें इसी इंटरव्यू में सोहा और सबा ने बताया कि वे भाई सैफ अली खान की पहली शादी में नहीं पहुंची थीं। सबा पटौदी ने बताया कि जब सैफ और अमृता की शादी हुई, तब वह और सोहा दोनों ही स्कूल में थीं। सोहा ने भी बताया कि शादी बहुत जल्दबाजी में हुई थी, इसलिए दोनों बहनें इसका हिस्सा नहीं बन सकीं। प्रिंसिपल ऑफिस से आया था फोन सबा ने आगे बताया कि शादी की अचानक आई मीडिया खबरों के कारण स्कूल प्रशासन को दखल देना पड़ा था। सबा के मुताबिक, प्रिंसिपल के ऑफिस से उन्हें फोन आया था। उनसे कहा गया था कि जब तक पुष्टि न हो जाए, वे इस बारे में किसी से कोई बात न करें। सबा ने याद करते हुए कहा कि उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे किसी को कुछ न बताएं, क्योंकि यह खबर मीडिया में आ चुकी थी और उन्हें इसकी सच्चाई नहीं पता थी।

दैनिक भास्कर 8 Aug 2026 5:30 am

मूवी रिव्यू: डीसी:अभिनेता बने लोकेश कनगराज ने किया कमाल या फिल्म सिर्फ स्टाइल और एक्शन तक सिमटी? आइए जानते हैं।

हर खूबसूरत दिखने वाली फिल्म अच्छी हो, यह जरूरी नहीं। कुछ फिल्में अपने शानदार कैमरा वर्क, दमदार एक्शन और शानदार संगीत से शुरुआत में प्रभावित तो करती हैं, लेकिन जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है, उनका जादू उतरने लगता है। डीसी भी ऐसी ही फिल्म है। यहां स्टाइल भरपूर है, हिंसा भरपूर है, लेकिन दिल को छू लेने वाली कहानी और किरदारों का भावनात्मक सफर कहीं पीछे छूट जाता है। इस फिल्म की लेंथ 2 घंटा 22 मिनट है। दैनिक भास्कर ने इस फिल्म को 5 में से 2 स्टार की रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? कहानी देवदास (लोकेश कनगराज) की है, जो अपराध की दुनिया का बड़ा नाम है और पुलिस से बचता फिर रहा है। एक हादसा उसकी जिंदगी बदल देता है और इसी दौरान उसकी मुलाकात चंद्रा (वामिका गब्बी) से होती है। चंद्रा बचपन से ही शोषण और हिंसा का शिकार रही है और अब उसकी जिंदगी में बचा ही क्या है, इसका जवाब वह खुद भी नहीं जानती। दो टूटे हुए लोग एक दूसरे का सहारा बनते हैं और फिर शुरू होती है खून, बदले और गोलियों से भरी लड़ाई। बीच में पार्वती (संजना कृष्णमूर्ति) की एंट्री होती है। शुरुआत में लगता है कि उनका किरदार कहानी की दिशा बदल देगा, लेकिन कुछ ही देर बाद वह सिर्फ एक अधूरी संभावना बनकर रह जाता है। पहला हिस्सा रहस्य और माहौल बनाने में सफल रहता है, लेकिन दूसरे हिस्से में फिल्म एक ही तरह के एक्शन और हिंसा को बार बार दोहराती रहती है। गोलियां चलती रहती हैं, लोग मरते रहते हैं, लेकिन कहानी वहीं की वहीं खड़ी नजर आती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? मुख्य अभिनेता के तौर पर लोकेश कनगराज उम्मीद से बेहतर साबित होते हैं। अभिनय में अनुभव की कमी कहीं कहीं दिखती है, लेकिन किरदार को निभाने की उनकी ईमानदार कोशिश साफ नजर आती है। कम संवादों में भी वह चेहरे के भाव से असर छोड़ने की कोशिश करते हैं। वामिका गब्बी फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी हैं। दर्द, गुस्सा और बेबसी को उन्होंने बेहद सहज तरीके से पर्दे पर उतारा है। उनका किरदार सबसे ज्यादा याद रह जाता है। संजना कृष्णमूर्ति को जितनी अहमियत के साथ पेश किया जाता है, पटकथा उन्हें उतना ही जल्दी भूल जाती है। बाकी कलाकार अपने हिस्से का काम ठीक करते हैं, लेकिन किसी को भी यादगार बनने का मौका नहीं मिलता। निर्देशन और तकनीकी पक्ष अरुण मथेश्वरन की सबसे बड़ी ताकत हमेशा उनका विजुअल ट्रीटमेंट रहा है और यहां भी वही नजर आता है। हर फ्रेम बेहद खूबसूरती से रचा गया है। लाल और नीले रंग का इस्तेमाल सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि किरदारों की मानसिक स्थिति दिखाने के लिए किया गया है। लेकिन निर्देशन वहीं कमजोर पड़ जाता है जहां कहानी को भावनाओं की जरूरत होती है। फिल्म लगातार यह बताती रहती है कि किरदार टूटे हुए हैं, लेकिन दर्शक कभी उनके दर्द से जुड़ नहीं पाता। दूसरे हिस्से में एक्शन इतना ज्यादा हो जाता है कि कुछ देर बाद उसका असर ही खत्म होने लगता है। कैमरा वर्क बेहतरीन है। कई दृश्य किसी पेंटिंग जैसे लगते हैं। प्रोडक्शन डिजाइन और लोकेशन फिल्म को अलग पहचान देते हैं। संपादन भी तेज है, लेकिन मजबूत पटकथा के बिना तकनीकी चमक ज्यादा देर तक काम नहीं आती। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। कई साधारण दृश्य भी उनके पृष्ठभूमि संगीत की वजह से बड़े और प्रभावशाली लगते हैं। एक्शन दृश्यों में उनका संगीत अलग ही रोमांच पैदा करता है। अफसोस, पटकथा उस स्तर का साथ नहीं दे पाती। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? डीसी ऐसी फिल्म है जो आंखों को प्रभावित करती है, कानों को रोमांचित करती है, लेकिन दिल तक नहीं पहुंच पाती। लोकेश कनगराज अभिनय में अच्छी शुरुआत करते हैं, वामिका गब्बी शानदार काम करती हैं और अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत फिल्म को कई बार संभाल लेता है। लेकिन कमजोर पटकथा, दोहराव से भरा दूसरा हिस्सा और किरदारों से भावनात्मक दूरी इसे औसत अनुभव बनाकर छोड़ देती है। अगर आप सिर्फ स्टाइलिश एक्शन और शानदार विजुअल्स के लिए फिल्म देखना चाहते हैं तो शायद निराश नहीं होंगे। लेकिन मजबूत कहानी और यादगार भावनाओं की उम्मीद लेकर जाएंगे तो यह फिल्म अधूरी सी लगेगी।

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 6:56 pm

एक्टर प्रदीप रावत की प्रेयर मीट:अखिलेंद्र मिश्रा, मुकेश ऋषि और सुनील पाल समेत कई सेलेब्स पहुंचे

'गजनी' और 'लगान' फेम एक्टर प्रदीप रावत की शुक्रवार शाम मुंबई में प्रेयर मीट आयोजित की गई, जिसमें एक्टर अखिलेंद्र मिश्रा, मुकेश ऋषि और कॉमेडियन सुनील पाल समेत फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग पहुंचे। सभी ने दिवंगत अभिनेता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार को सांत्वना दी। 74 साल की उम्र में मंगलवार को प्रदीप रावत का निधन हो गया था। बुधवार को मुंबई के गोरेगांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया था। आमिर खान और रजा मुराद समेत कई सेलेब्स प्रदीप रावत के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। अंतिम संस्कार देखें तस्वीरें- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया था कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे। उन्हें यह बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बीआर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत से की थी। वे अश्वत्थामा के रोल में नजर आए थे। प्रदीप ने इसके बाद हिंदी, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में वे लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म चाइना टाउन, बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। आमिर खान को बहन ने डांट दिया थाफिल्म लगान में देवा का किरदार पहले एक्टर मुकेश ऋषि को ऑफर हुआ था, लेकिन साउथ की कई फिल्मों में व्यस्त होने के कारण उन्होंने यह फिल्म नहीं की। इसके बाद यह रोल प्रदीप रावत को मिला था। दरअसल, फिल्म सरफरोश में प्रदीप रावत का काम देखकर आमिर खान काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने आधी रात करीब 12 बजे प्रदीप के घर के लैंडलाइन पर फोन किया। उस समय प्रदीप घर पर नहीं थे। उनकी बहन ने फोन उठाया। ‘मैं आमिर खान बोल रहा हूं’ सुनकर उन्होंने इसे प्रैंक कॉल समझा। उन्होंने डांटते हुए कहा, ‘क्यों बदमाशी कर रहे हो?’ बाद में आमिर ने लेखक उमाशंकर पाठक से बात कराई, जिन्हें परिवार पहचानता था। तब सबको यकीन हुआ कि फोन सच में आमिर खान का है। आमिर ने प्रदीप को अगले दिन ऑफिस बुलाकर फिल्म का कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया और साइनिंग अमाउंट का चेक दिया। फिर इस तरह उन्हें फिल्म लगान में काम मिला था। प्रदीप रावत के कारण सलमान को नहीं मिली गजनी 27 मार्च 2025 को मुंबई में फिल्म सिकंदर की प्रेस मीट के दौरान सलमान से पूछा गया था कि क्या वाकई आमिर से पहले आपको गजनी मिली थी। इस पर एक्टर ने कहा था, 'मैंने भी सुना है। मैंने ये प्रदीप से सुना है। हम उसे गजनी बुलाते हैं। वो मेरे दोस्त हैं। हमने 4-5 फिल्में साथ की हैं। उसने एक बार कहा था, मुरुगदास (गजनी के डायरेक्टर) बहुत अनुशासित हैं, इतने सिंसियर हैं, सलमान कैसे काम कर लेगा उनके साथ, सलमान को गुस्सा बहुत आता है।' सलमान ने आगे कहा, 'मतलब वो मेरे साथ 5 पिक्चरें कर चुका है, उसके बाद वो ये बोलता है। उसके बाद मैं बेचारे से मिला ही नहीं। मिलेगा तो उससे पूछूंगा कि मैं कब गुस्सा हुआ तेरे से।' प्रदीप रावत की 2 शादियां हुई थींप्रदीप रावत की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनकी दो शादियां हुईं। NBT की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी पहली शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और करीब साढ़े पांच महीने में दोनों का तलाक हो गया। प्रदीप रावत ने बताया था कि पहली पत्नी ने उन पर और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए थे, हालांकि बाद में मामला खत्म हो गया। इसके बाद उनकी मुलाकात साउथ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कल्याणी रावत से हुई। दोनों ने कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट किया और साल 2006 में शादी कर ली। इस शादी से उनका एक बेटा है, जिसका नाम विक्रमादित्य रावत है। यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 6:21 pm

CM विजय की पत्नी ने तलाक की अर्जी वापस ली:बेवफाई का आरोप लगाकर फरवरी में केस किया था, श्रीलंका मूल की हैं संगीता

तमिलनाडु के CM सी जोसेफ विजय की पत्नी संगीता ने उनके खिलाफ दायर तलाक की अर्जी वापस ले ली है। इसके साथ ही चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में में मामला खत्म हो गया है। संगीता ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुई। उन्होंने जज सुजाता को अपनी अर्जी वापस लेने की जानकारी दी। जज ने करीब 15 मिनट तक उनसे पूछताछ की और फिर अर्जी स्वीकार करते हुए तलाक का मामला बंद कर दिया। फरवरी 2026 में दायर की थी अर्जी संगीता ने फरवरी 2026 में यह तलाक की अर्जी दायर की थी। अपनी याचिका में उन्होंने विजय पर बेवफाई का आरोप लगाया था। संगीता ने दावा किया था कि विजय का एक अभिनेत्री के साथ विवाहेतर संबंध है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस रिश्ते के बारे में अप्रैल 2021 में पता चला, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा हुई। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि विजय का उस अभिनेत्री के साथ संबंध जारी रहने से उन्हें भावनात्मक कष्ट हुआ और बच्चों को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। संगीता ने दावा किया कि 2021 से विजय उनसे भावनात्मक रूप से दूर हो गए थे और उन्हें मौखिक रूप अपमान झेलना पड़ा। साथ ही विजय पति की जिम्मेदारियों से भी पीछे हट गए। 1999 में हुई थी शादी विजय और संगीता की पहली मुलाकात 1996 में हुई थी। संगीता मूल रूप से श्रीलंकाई हैं और उनकी परवरिश ब्रिटेन में हुई थी। दंपती ने 1998 में यूके में अपनी शादी का पंजीकरण कराया था। इसके बाद 25 अगस्त 1999 को चेन्नई में हिंदू रीति-रिवाजों से उनका विवाह हुआ था। उनके दो बच्चे बेटा जेसन और बेटी दिव्या हैं। चुनाव के दौरान चर्चा में रहा था मामला इस मामले की कानूनी कार्यवाही 26 फरवरी को शुरू हुई थी। बाद में इसे 20 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया था, जो तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से तीन दिन पहले का समय था। चुनाव प्रचार के दौरान यह तलाक का मामला काफी चर्चा में रहा था। मद्रास हाईकोर्ट में भी उठी थी जांच की मांग यह घटनाक्रम मद्रास हाईकोर्ट में विजय के चुनावी हलफनामे की जांच की मांग वाली याचिका के बीच हुआ है। विजय ने हलफनामे में बताया था कि उन्होंने संगीता को 12.60 करोड़ रुपए उधार दिए थे। पेरंबूर निर्वाचन क्षेत्र के वोटर वेंकटेश ने इस घोषणा पर सवाल उठाए थे। याचिकाकर्ता ने एक निजी शैक्षणिक ट्रस्ट को दिए गए 20 करोड़ रुपए के खुलासे पर भी सवाल खड़े किए थे। हालांकि, मद्रास हाईकोर्ट ने अप्रैल के अंत में इस याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि इसी तरह की राहत मांगने वाली एक याचिका पहले ही खारिज की जा चुकी है।

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 4:47 pm

'रामायण को ऑस्कर नहीं मिला तो मुझे निराशा होगी':सीएम फडणवीस बोले- यह एक डिकेड की नहीं, बल्कि पूरे मिलेनियम की फिल्म

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि फिल्म रामायण को ऑस्कर नहीं मिलता है, तो उन्हें निराशा होगी। उन्होंने यह बात गुरुवार को फिल्म रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियो के उद्घाटन के दौरान कही। सीएम फडणवीस ने कहा, ‘रामायण सिर्फ एक डिकेड (10 साल) की नहीं, बल्कि पूरे मिलेनियम (1000 साल) की फिल्म है। अगर इसे ऑस्कर नहीं मिला, तो मुझे अकादमी की ज्यूरी से निराशा होगी।’ उन्होंने मेकर्स से कहा, 'मैं आप सभी को बधाई देना चाहूंगा जिन्होंने रामायण के निर्माण में अपना प्रयास किया और अब हम रामायण की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं और साथ ही हम प्राइम फोकस' के फेज 2 के उद्घाटन का भी इंतजार कर रहे हैं। फडणवीस ने इससे पहले मुंबई में WAVES समिट 2025 के दौरान फिल्म की क्वालिटी और टेक्नोलॉजी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि भारत में कहानी कहने का एक पुराना रिवाज है और इन कहानियों को नई टेक्नोलॉजी की मदद से अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए। 30 जुलाई को ट्रेलर आया था फिल्म रामायण के पहले पार्ट का ट्रेलर 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनियाभर में लॉन्च किया गया था। 'रामायण' के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया। देखें ट्रेलर की झलक- एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिकफिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही फिल्म'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 4:44 pm

इंटरनेशनल माफिया वर्ल्ड पर है अक्षय-अनीस की नई फिल्म:मुंबई शूट में बदला फिल्म का विजुअल स्केल, तैयार हुआ जेल का विशाल सेट

अक्षय कुमार और निर्देशक अनीस बज्मी की अनटाइटल्ड एक्शन-कॉमेडी अब अपनी मेकिंग के आखिरी शेड्यूल में पहुंच चुकी है। इसके प्रोडक्शन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, फिल्म की लगभग पूरी शूटिंग पूरी हो चुकी है। अब केवल सीमित पैचवर्क तथा कुछ कनेक्टिंग शॉट्स बाकी हैं। इसी के साथ-साथ एडिटिंग, बैकग्राउंड स्कोर और पोस्ट-प्रोडक्शन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। यदि कोई एक्स्ट्रा शूटिंग तय नहीं होती, तो प्रोजेक्ट जल्द ही पूरी तरह पोस्ट-प्रोडक्शन मोड में चला जाएगा। केरल से हुई शुरुआत, मुन्नार, मारायूर और कुट्टिक्कानम जैसी लोकेशन पर हुआ शूट फिल्म का पहला बड़ा शूटिंग शेड्यूल केरल में रखा गया, जहां यूनिट ने करीब एक महीने तक काम किया। शुरुआती 12 दिनों में अक्षय और विद्या बालन के साथ अहम सीन फिल्माए गए। इसके बाद मुन्नार, मरायूर, कुट्टिक्कानम और पीरमेड जैसी प्राकृतिक लोकेशनों पर शूटिंग जारी रही। केरल की लोकेशनों का इस्तेमाल सिर्फ सीन की सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि कहानी के माहौल और किरदारों की यात्रा को प्रभावी बनाने के लिए किया गया है। सिनेमैटोग्राफी टीम ने शूट के दौरान नैचुरल लाइट और रियल लोकेशन का अधिकतम उपयोग किया है। केरल शेड्यूल के बाद पूरी यूनिट मुंबई पहुंची, जहां फिल्म का दूसरा और तकनीकी रूप से अधिक मुश्किल फेज शुरू हुआ। यहां विशाल जेल सेट, भीड़भाड़ वाले मार्केट सीक्वेंस और कई नियंत्रित अर्बन लोकेशनों पर शूटिंग की गई। सूत्रों के अनुसार यही हिस्सा फिल्म के एक्शन और कॉमिक टकराव का केंद्र है। पारंपरिक गैंगस्टर ड्रामा जैसी नहीं कहानी का बैकग्राउंड इंटरनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम वर्ल्ड से जुड़ा है, लेकिन इसका प्रस्तुतिकरण पारंपरिक गैंगस्टर ड्रामा जैसा नहीं होगा। क्राइम वर्ल्ड यहां कहानी का ढांचा तैयार करता है, जबकि फिल्म का मूल स्वर एक्शन और कॉमिक स्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखता है। अक्षय ने शूट किए हाई-स्पीड बाइक स्टंट, मुंबई की बारिश भी बनी चुनौती अक्षय के हिस्से में मार्केट चेज, हाई-स्पीड बाइक मूवमेंट और बड़े आउटडोर एक्शन सीक्वेंस हैं। हालिया शूट में वह काले पठानी लुक में नजर आए। सीन्स को अधिक रियल बनाने के लिए हैंडहेल्ड कैमरा और लंबे ट्रैक शॉट्स का इस्तेमाल किया गया। वहीं मुंबई शेड्यूल के दौरान लगातार बारिश के कारण जेल सीक्वेंस की शूटिंग एक दिन बढ़ानी पड़ी और सुरक्षा व तकनीकी जरूरतों के अनुसार कैमरा, लाइटिंग और स्टंट प्लान में बदलाव किए गए। जेल सेट पर शूट हुए सीक्वेंस में दिखेगी विजय राज की भी अहम भूमिका फिल्म के मुंबई में हुए शूट का सबसे बड़ा आकर्षण विशाल जेल का सेट रहा। यहां कई कॉमिक फाइट सीक्वेंस फिल्माए गए, जिनमें विजय राज की भूमिका बेहद अहम है। उनका किरदार किसी कॉप का नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े एक अनुभवी व्यक्ति का है। उनके आसपास तैयार किए गए कॉमिक सीन फिल्म के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होंगे।

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 4:41 pm

विंक गर्ल प्रिया प्रकाश वॉरियल की भगवा ड्रेस पर सवाल:पूछा गया- ये रंग क्यों पहना, फैंस हुए नाराज, एक्ट्रेस के जवाब को मिलीं सराहना

फिल्म 'ओरु अदार लव' में अपनी मशहूर विंक से चर्चा में आईं एक्ट्रेस प्रिया प्रकाश वारियर हाल ही में एक प्रमोशनल इवेंट में शामिल हुईं। प्रिया को हाल ही में क्यूटीकुरा का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। इस इवेंट के दौरान एक यूट्यूबर ने उनके कपड़ों के रंग को लेकर सवाल किया, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। इवेंट में प्रिया ने नारंगी यानी केसरिया रंग की ड्रेस पहनी थी। मीडिया से बातचीत के दौरान एक यूट्यूबर ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने किसी खास वजह से केसरिया रंग की ड्रेस चुनी है। इस पर प्रिया ने शांति से जवाब देते हुए पूछा, “ड्रेस में समस्या क्या है?” यूट्यूबर ने यह भी पूछा कि क्या केरल में जारी 'ऑरेंज अलर्ट' का असर उनके कपड़ों के चुनाव पर पड़ा है। प्रिया ने साफ किया कि उन्होंने यह रंग सिर्फ इसलिए चुना क्योंकि यह उस ब्रांड से मेल खाता था जिसका वह प्रचार कर रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके इस फैशन चुनाव के पीछे कोई राजनीतिक या धार्मिक संदेश नहीं था। सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कई लोगों ने ड्रेस के रंग पर पूछे गए इस सवाल को अनावश्यक और अनुचित बताया है। यूजर्स का कहना है कि किसी के कपड़ों के रंग को राजनीतिक या वैचारिक जुड़ाव से नहीं जोड़ना चाहिए। एक यूजर ने लिखा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी पसंद के कपड़े पहनने की आजादी है। सवाल काम, विचारों या बयानों पर होने चाहिए, न कि कपड़ों के रंग पर। वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा कि प्रिया ने शांत और सभ्य तरीके से जवाब देकर अच्छा उदाहरण पेश किया है।

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 1:50 pm

मिथुन चक्रवर्ती की सर्जरी हुई:हाथ में लगी प्लेट निकाली गई, सीएम शुभेंदु ने अस्पताल जाकर हालचाल लिया

सीनियर एक्टर और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती का शुक्रवार को ऑपरेशन हुआ। इसके बाद पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी शुक्रवार सुबह कोलकाता के एक निजी अस्पताल में मिथुन चक्रवर्ती से मिलने पहुंचे। न्यूज एजेंसी PTI के सूत्रों के अनुसार, मिथुन चक्रवर्ती की गुरुवार को एक सर्जरी हुई, जिसमें उनके शरीर में पहले लगाई गई धातु (मेटल) की प्लेट को निकाला गया। यह प्लेट एक पुराने हादसे के बाद लगाई गई थी। डॉक्टरों ने बताया कि सर्जरी सफल रही और फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'प्रख्यात फिल्म अभिनेता और भाजपा की केंद्रीय समिति के सदस्य मिथुन चक्रवर्ती स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। आज मैं उनसे मिलने अस्पताल गया। मैंने उनसे बातचीत की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।' 2024 में भी अस्पताल में भर्ती हुए थे इससे पहले फरवरी 2024 में मिथुन चक्रवर्ती को ब्रेन स्ट्रोक और सीने में दर्द की शिकायत के बाद कोलकाता के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। उस समय भी शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचकर मिथुन चक्रवर्ती से मिले थे और उनका हालचाल जाना था। मिथुन चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए व्यापक प्रचार किया था, जिसमें भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को हराकर राज्य में सरकार बनाई थी। एक नजर मिथुन चक्रवर्ती के फिल्मी करियर परमिथुन चक्रवर्ती ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत साल 1976 में निर्देशक मृणाल सेन की फिल्म 'मृगया' से की थी। पहली ही फिल्म में उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था। इसके बाद उन्होंने हिंदी और बंगाली सिनेमा में कई यादगार फिल्में कीं। 'डिस्को डांसर' उनके करियर की सबसे बड़ी हिट साबित हुई। अपने लंबे करियर में मिथुन ने सुरक्षा, प्यार झुकता नहीं, गुलामी, डांस डांस, प्यार का मंदिर, गुरु, गोलमाल 3, हाउसफुल 2, ओएमजी, किक, द ताशकंद फाइल्स और द कश्मीर फाइल्स जैसी कई फिल्मों में काम किया। मिथुन चक्रवर्ती को अब तक तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, फिल्मफेयर पुरस्कार और साल 2024 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है। ……… मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… मिथुन चक्रवर्ती@76, कभी बिल्डिंग की टंकी-फुटपाथ पर सोए: झूठ से खतरे में डाली ऋषि कपूर की जान, राजकुमार देखकर बोले- किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए कोई शक…, तेरे नाम का कुत्ता पालूं… ये डायलॉग डिस्को डांसर मिथुन चक्रवर्ती के हैं। मिथुन आज यानी 16 जून को 76 साल के हो चुके हैं। पिछले साल दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले मिथुन चक्रवर्ती कभी नक्सली थे, लेकिन करंट लगने से भाई की मौत के बाद वो परिवार के पास लौट आए और फिर पुणे के फिल्म्स एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से एक्टिंग सीखी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 1:45 pm

स्क्रीनिंग में कुत्ते ने किया रवीना टंडन पर हमला:बाल-बाल बचीं, कपड़े भी खींचे, बाद में कहा- उसने मुझ पर हमला नहीं किया

मुंबई में हुई फिल्म 'ओह माय डॉग' की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान एक्ट्रेस रवीना टंडन पर एक कुत्ता झपट पड़ा। एक्ट्रेस ने सही समय पर हाथ हटा लिया, जिससे उनका कपड़ा कुत्ते के मुंह में फंस गया। इस दौरान एक्ट्रेस के रिएक्शन की जमकर सराहना हो रही है। रवीना ने काफी संयम दिखाया और घबराई नहीं। रेड कार्पेट पर कुत्ते के साथ कर रही थीं बातचीत रवीना टंडन फिल्म को सपोर्ट करने के लिए रेड कार्पेट पर पहुंची थीं। वहां मौजूद कुत्तों के साथ वह काफी गर्मजोशी से बातचीत करती नजर आईं। एक्ट्रेस नीचे बैठकर कुत्ते को दुलार रही थीं और पैपराजी के लिए पोज भी दे रही थीं। कपड़े के धागे को देखकर कुत्ता हुआ उत्साहित जब रवीना पैपराजी के कहने पर सोलो फोटो खिंचवाने के लिए खड़ी हुईं, तो कुत्ता उनके पीले रंग के आउटफिट की आस्तीन और लटकते धागे की ओर आकर्षित हो गया। कुत्ता अचानक जोर-जोर से भौंकते हुए उनके हाथ पर झपट पड़ा। रवीना ने नहीं खोया आपा कुत्ते के झपटने और आस्तीन के धागे को खींचे जाने के बावजूद रवीना ने न तो घबराहट दिखाई और न ही झटके से खुद को दूर किया। वह शांत बनी रहीं और हैंडलर्स को कुत्ते पर काबू पाने का मौका दिया। स्थिति सामान्य होने के बाद रवीना ने फिर से कुत्ते को प्यार से थपथपाया। रवीना बोलीं- हमला नहीं किया था बाद में पैपराजी से बात करते हुए रवीना ने साफ किया कि कुत्ते ने उन पर हमला नहीं किया था। एक्ट्रेस के अनुसार, रेड कार्पेट पर एक और कुत्ते को आते देख वह कुत्ता उत्साहित हो गया था और उसी स्थिति पर प्रतिक्रिया दे रहा था, न कि उन्हें नुकसान पहुंचा रहा था। मलाइका अरोड़ा ने कुत्ते को हटाने पर की थी खेसारी लाल यादव की आलोचना कुछ दिनों पहले ही खेसारी लाल यादव का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें रेड कार्पेट पर पोज देने पहुंचे एक्टर का सामना एक कुत्ते से हुआ। तस्वीरें क्लिक करने के लिए रेड कार्पेट से कुत्ते को खींचकर हटाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद मलाइका भड़क गईं। उन्होंने वीडियो शेयर कर लिखा था, ‘ये लोग हैं कौन और ये आदमी कौन है, जो खड़ा होकर पोज दे रहा है। वाहियात।’

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 11:23 am

सैफ-अमृता की शादी में नहीं पहुंचीं सोहा-सबा:स्कूल प्रिंसिपल ने दी खबर, सबा ने बताया 19 की उम्र में रिश्ता टूटने के बाद क्यों सिंगल रहीं

सोहा अली खान और सबा अली खान ने हाल ही में बताया है कि वह भाई सैफ अली खान की पहली शादी में नहीं पहुंची थीं। दोनों तब स्कूल में थीं और शादी इतनी हड़बड़ी में हुई कि उन्हें खबर तक नहीं दी गई। उनकी स्कूल की प्रिंसिपल ने मीडिया रिपोर्ट्स देखने के बाद उन्हें सैफ की शादी की जानकारी दी थी। इसके अलावा सबा अली खान ने बताया है कि क्यों 19 की उम्र में कोलकाता के शख्स से शादी टूटने के बाद वो आज भी सिंगल हैं। शादी के समय स्कूल में थीं सोहा और सबा नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो 'डबल डेट' के लेटेस्ट एपिसोड में सोहा और सबा पहुंची थीं। बातचीत में सबा अली खान ने बताया कि जब सैफ और अमृता की शादी हुई, तब वह और सोहा दोनों ही स्कूल में थीं। सोहा ने भी बताया कि शादी बहुत जल्दबाजी में हुई थी, इसलिए दोनों बहनें इसका हिस्सा नहीं बन सकीं। प्रिंसिपल ऑफिस से आया था फोन सबा ने आगे बताया कि शादी की अचानक आई मीडिया खबरों के कारण स्कूल प्रशासन को दखल देना पड़ा था। सबा के मुताबिक, प्रिंसिपल के ऑफिस से उन्हें फोन आया था। उनसे कहा गया था कि जब तक पुष्टि न हो जाए, वे इस बारे में किसी से कोई बात न करें। सबा ने याद करते हुए कहा कि उन्हें निर्देश दिया गया था कि वे किसी को कुछ न बताएं, क्योंकि यह खबर मीडिया में आ चुकी थी और उन्हें इसकी सच्चाई नहीं पता थी। सबा अली खान ने बताया क्यों नहीं की शादी सबा अली खान ने अपनी शादी न होने के कारणों का खुलासा किया है। सबा ने बताया कि 18-19 साल की उम्र से ही उनके पास शादी के कई प्रस्ताव आने लगे थे, लेकिन उन्होंने किसी से शादी नहीं की। बातचीत के दौरान सबा ने कहा कि उनका कभी कोई बॉयफ्रेंड नहीं रहा। 19 साल की उम्र में वह कोलकाता के एक व्यक्ति से लगभग शादी करने ही वाली थीं, जिनसे उन्हें मिलवाया गया था। हालांकि, उस समय वह शादी के लिए तैयार नहीं थीं, इसलिए बात आगे नहीं बढ़ सकी। पिता जैसे शख्स की तलाश में थीं सबा सबा ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ वह शादी के विचार के लिए तैयार थीं, लेकिन फिर उन्हें कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिला जो उनके साथ पूरी तरह मेल खाता हो। उन्होंने अपने दिवंगत पिता और पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मंसूर अली खान पटौदी का जिक्र करते हुए कहा कि वह एक असाधारण व्यक्ति थे। सबा ने कहा कि वो चाहती थीं कि उनकी शादी पिता जैसे शख्स से हो, लेकिन ऐसा कोई नहीं मिला। सबा ने ये भी कहा है कि कई बार लोग उनसे पूछते हैं कि क्या वो वाकई सोहा और सैफ की बहन हैं। क्यों सैफ और अमृता ने की हड़बड़ी में शादी 1990 में सैफ अली खान, फिल्ममेकर राहुल रवैल की फिल्म बेखुदी से डेब्यू कर रहे थे। सैफ को लॉन्च करने से पहले राहुल रवैल ने कई बड़े एक्टर्स को सैफ के साथ फोटोशूट करने बुलाया। उनमें अमृता सिंह भी शामिल थीं, जो तब स्टार कही जाती थीं। वहीं सब सैफ को मंसूर अली खान पटौदी और शर्मिला टैगोर के बेटे के रूप में जानते थे। पहली बार तो अमृता ने सैफ को नजरअंदाज कर दिया, लेकिन फिर जब फोटोशूट के लिए सैफ ने उनके कंधे पर हाथ रखा तो अमृता ने उन्हें गुस्से में देखा। अमृता सैफ से 12 साल बड़ी थीं। पहली मुलाकात के बाद ही एक दिन सैफ ने अमृता के घर कॉल मिलाया। सैफ ने पूछा कि क्या अमृता उनके साथ डिनर पर जाएंगी। अमृता ने ये कहकर इनकार कर दिया कि वो डिनर पर बाहर नहीं जातीं। सैफ ने जब लंच का पूछा तब भी इनकार ही मिला। हालांकि अमृता ने ये जरूर कहा कि वो चाहें तो घर आकर साथ डिनर कर सकते हैं। सैफ उसी दिन अमृता के घर पहुंच गए। दोनों बात करने लगे और बातों-ही-बातों में दोनों के बीच अच्छी ट्विनिंग बैठ गई। दोनों ने एक दूसरे को किस किया और इसी के साथ सैफ ने अमृता से अपने प्यार का इजहार भी कर दिया। अमृता ने भी उनके प्रपोजल को कबूल कर लिया। इसके बाद दो दिनों तक सैफ अमृता के घर पर ही रहे। ये किस्सा खुद सैफ और अमृता ने सिमी गरेवाल के चैट शो में सुनाया था। दो दिनों बाद जब डेब्यू फिल्म बेखुदी के प्रोड्यूसर्स के लगातार कॉल आने लगे तो सैफ को मन मारकर शूटिंग के लिए निकलना पड़ा। सैफ के पास पैसे नहीं थे तो उन्होंने सेट तक पहुंचने के लिए अमृता से 100 रुपए उधार मांगे। अमृता ने उन्हें कहा कि वो उनकी कार इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन सैफ ने इनकार कर दिया और 100 रुपए लेकर निकल गए। बार-बार सेट पर देर से पहुंचने पर सैफ को फिल्म बेखुदी से निकाल दिया गया। धर्म बदलकर की थी नवाब खानदान में शादी, अमृता छोड़नी पड़ी इंडस्ट्री 1991 में सैफ अली खान और अमृता ने एक दिन शादी करने का फैसला किया और 2 दिनों बाद ही शादी कर ली। नवाब खानदान में शादी करने के लिए अमृता ने धर्म बदल लिया। शादी के तुरंत बाद अमृता सिंह ने इंडस्ट्री से दूरी बना ली, जबकि उनके पास कई बड़ी फिल्मों का ऑफर था और वो करियर के टॉप पर थीं। शादी के 4 साल बाद अमृता ने बेटी सारा अली खान को जन्म दिया फिर उन्हें एक बेटा इब्राहिम अली खान हुआ। बच्चे होने के चंद सालों बाद ही सैफ और अमृता के बीच झगड़े शुरू हो गए और दोनों ने 2004 में तलाक ले लिया।

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 10:02 am

असम बाढ़ पीड़ितों की मदद कर रहे हैं सलमान खान:500 लोगों के लिए सेमी पर्मानेंट घर बनवाएंगे, एक्टर रणदीप हुड्डा भी राहत कार्य में लगे

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए NGO ग्लोबल सिख्स के साथ हाथ मिलाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान ने बाढ़ से बेघर हुए लोगों के लिए 500 सेमी-पर्मानेंट घर बनवाने का फैसला लिया है। सलमान की संस्था बीइंग ह्यूमन इससे पहले भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरतमंदों तक भोजन और राहत सामग्री पहुंचाने में सहयोग कर चुकी है। अब राहत अभियान के दूसरे चरण में प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास पर फोकस किया जा रहा है। अब तक 220 सेमी-पर्मानेंट घर तैयार मिड-डे की रिपोर्ट के अनुसार, असम के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल शिवसागर जिले के नेपाली खुटी गांव में अब तक करीब 220 सेमी-पर्मानेंट घर बनाए जा चुके हैं। ये घर बांस और टिन की छत से तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुनर्वास की योजना पहले से ही NGO के राहत अभियान का हिस्सा थी। हालांकि, जब सलमान खान ने अभिनेता रणदीप हुड्डा को मौके पर राहत कार्य करते देखा, तो उन्होंने इस अभियान से जुड़ने का फैसला किया। एक घर की लागत 35 से 40 हजार रुपए रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि रणदीप हुड्डा ने सलमान को ग्लोबल सिख्स के राहत अभियान की जानकारी दी, जिसमें करीब 70 स्वयंसेवक काम कर रहे हैं। इसके बाद संस्था के संस्थापक अमरप्रीत सिंह ने सलमान को बताया कि प्रत्येक सेमी-पर्मानेंट घर बनाने में 35 हजार से 40 हजार रुपए का खर्च आता है। इसके बाद सलमान खान ने संस्था के साथ मिलकर 500 घरों के निर्माण का फैसला लिया। अमरप्रीत सिंह बोले- सलमान ने कहा, 'आप लोग चिंता मत करो' राहत अभियान को लेकर अमरप्रीत सिंह ने मिड-डे से बातचीत में कहा,सलमान खान ने कुछ दिन पहले हमसे बात की थी और कहा- आप लोग चिंता मत करो। 220 घर तैयार हो चुके हैं और इन्हें प्रभावित परिवारों को सौंपा जा रहा है। हमारी टीम एक दिन में आठ से दस घर बना सकती है। रणदीप हुड्डा बोले- मानवता सबसे ऊपर वहीं, अभिनेता रणदीप हुड्डा भी लगातार राहत कार्यों में सक्रिय हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि शिवसागर रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में बाढ़ प्रभावित परिवार शरण लिए हुए हैं। रणदीप ने कहा, “हम पिछले सात दिनों से लगातार प्रभावित लोगों के लिए खाना तैयार कर रहे हैं और उन्हें पहुंचा रहे हैं। मानवता सबसे ऊपर है। मैं कई सालों से ग्लोबल सिख्स के साथ काम कर रहा हूं और उन्होंने जमीनी स्तर पर शानदार काम किया है। मैं सभी लोगों से अपील करूंगा कि वे अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करें। जहां भी कोई संकट हो, वहां लोगों की सहायता करना हमारा कर्तव्य है।”बॉलीवुड सेलेब्स ने की मदद की अपील बॉलीवुड सेलेब्स एक बार फिर 2026 में असम में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। एक्ट्रेस आलिया भट्ट, भूमि पेडनेकर, सिंगर गुरु रंधावा और एक्ट्रेस राशि खन्ना ने लोगों से बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने की अपील की है। आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया से लिखा था, इस समय हमारे देश के कई हिस्से भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें असम सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक है, जो बेहद कठिन दौर से गुजर रहा है। 60 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। यह हर साल होता है, फिर भी हर बार हम इसके लिए तैयार नहीं होते। असम को इस समय तुरंत मदद की जरूरत है और आने वाले लंबे समय तक पुनर्वास के लिए भी लगातार सहयोग की आवश्यकता होगी। अगर आप सोच रहे हैं कि आप किस तरह मदद कर सकते हैं, तो अगले कुछ दिनों में मैं उन तरीकों को साझा करूंगी जिनके जरिए हम जमीनी स्तर पर काम कर रहे संगठनों के माध्यम से राहत कार्यों में सहयोग कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 9:11 am

पेपर लीक की जड़ तक पहुंचना होगा:हिमांश कोहली बोले- सोनम वांगचुक का सम्मान करता हूं, युवाओं की आवाज सुनी जाए, तभी बदलेगी शिक्षा व्यवस्था

फिल्म 'आर्यभट्ट का जीरो' के प्रमोशन के दौरान अभिनेता हिमांश कोहली, अभिनेत्री सोनाली सहगल और निर्देशक कमल चंद्रा ने सोनम वांगचुक के समर्थन, NEET-UG समेत विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर अपनी राय रखी। हिमांश ने कहा कि देश और आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाने वालों को सुना जाना चाहिए। सोनाली ने मुद्दे को राजनीति से ऊपर बताते हुए सकारात्मक नतीजे की उम्मीद जताई। कमल चंद्रा ने कहा कि सिर्फ सरकार को दोष देने से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि सिस्टम की जड़ तक पहुंचना जरूरी है। सवाल: आपने सोनम वांगचुक के समर्थन में पोस्ट किया था और उनके स्वास्थ्य के लिए भी प्रार्थना की थी। इसे आप कैसे देखते हैं? युवाओं से आपका यह जुड़ाव कैसा है? जवाब (हिमांश कोहली): मेरे करियर में युवाओं का हमेशा बड़ा योगदान रहा है। मेरे टीवी शो से लेकर फिल्म 'आर्यभट्ट का जीरो' तक, मेरा काम युवाओं को प्रेरित करने की कोशिश करता है। बेहतर शिक्षा और देश के भविष्य के लिए आवाज उठाने वाले युवाओं को सुना जाना चाहिए। मैं सोनम वांगचुक का बहुत सम्मान करता हूं। उन्होंने देश, खासकर भारतीय सेना और नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी सोच और काम ने मुझे भी प्रेरित किया है। आज की Gen-Z अपनी बात हिम्मत से रखती है। हमारी पीढ़ी में लोग इतनी खुलकर अपनी बात नहीं कह पाते थे। युवा सिर्फ बहादुर ही नहीं, बल्कि रचनात्मक भी हैं। अगर उनकी मांग देश के बेहतर भविष्य और अच्छी शिक्षा के लिए है तो मैं उनके साथ खड़ा हूं। मेरी कामना है कि सभी पक्ष बातचीत के जरिए समाधान तक पहुंचें। सवाल: बॉलीवुड के कलाकारों से लोग उम्मीद करते हैं कि वे ऐसे मुद्दों पर खुलकर बोलें। आपने सबसे पहले समर्थन किया था। क्या कहना चाहेंगे? जवाब (हिमांश कोहली): मुझे याद है कि उस समय शायद सबसे पहले मैंने ही पोस्ट किया था और इसके लिए मुझे ट्रोल भी किया गया। लेकिन अगर बात सच्चाई और आने वाली पीढ़ी के भविष्य की हो, तो चुप नहीं रहना चाहिए। हम सभी चाहते हैं कि बच्चों को अच्छी शिक्षा और बेहतर अवसर मिलें। इसके लिए आवाज उठाना जरूरी है। यह आवाज शांतिपूर्ण होनी चाहिए और सुनी भी जानी चाहिए। सवाल: आपको लगता है कि यह आवाज सरकार तक पहुंची? जवाब (हिमांश कोहली): जी, मुझे लगता है कि बात सरकार तक पहुंची है। उम्मीद है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा और आने वाली पीढ़ी को अपनी पसंद का करियर चुनने के बेहतर अवसर मिलेंगे। सोनाली सहगल: मुझे भी लगता है कि इस मुद्दे का सकारात्मक परिणाम निकलना चाहिए। इसे राजनीतिक बहस बनाने के बजाय समाधान पर ध्यान देना चाहिए। जब कोई आंदोलन होता है तो उसका सार्थक निष्कर्ष भी निकलना चाहिए। प्रधानमंत्री भी इस मुद्दे पर बोल चुके हैं। हमें उम्मीद है कि आगे बेहतर बदलाव देखने को मिलेगा। सवाल: दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात हो रही है। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब (हिमांश कोहली): यह अच्छी बात है। हर इंसान की तीन बुनियादी जरूरतें हैं- अच्छी शिक्षा, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं और भोजन। अच्छी शिक्षा हर व्यक्ति का अधिकार है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। कमल चंद्रा: हर बात को राजनीतिक बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पेपर लीक की जड़ तक पहुंचना होगा। कोई मंत्री खुद पेपर लीक नहीं करता, बीच में कुछ भ्रष्ट लोग होते हैं। असली जरूरत सिस्टम की खामियों को दूर करने की है। मैंने एक छात्र की कहानी देखी थी जिसने तीन-चार साल तक 16-17 घंटे पढ़ाई की। उसे 550 अंक मिले और वह खुश था कि उसकी मेहनत रंग लाई। लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद वह मानसिक रूप से टूट गया और आखिरकार उसने आत्महत्या कर ली। यह बेहद दुखद है। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार बेहद जरूरी है। सिर्फ आरोप लगाने से नहीं, बल्कि सिस्टम की कमियों को दूर करने से बदलाव आएगा। सरकार को इस दिशा में सख्त कदम उठाने चाहिए, क्योंकि यह लाखों छात्रों के भविष्य का सवाल है। _________________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. फिल्म फ्लॉप हुई तो रोती हुई घर गईं सोनाली सहगल:हिमांश कोहली ने कहा- ‘यारियां’ के बाद लगा, अब सब खत्म हो गया फिल्म 'आर्य भट्ट का जीरो' खुद पर भरोसा और सपनों के लिए संघर्ष की कहानी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनाली सहगल, हिमांश कोहली और डायरेक्टर कमल चंद्रा ने ऐसे अनुभव साझा किए, जब लोगों ने उन पर भरोसा नहीं किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सोनाली ने बताया कि एक फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह कार में रोते हुए घर गई थीं। हिमांश ने कहा कि 'यारियां' के बाद लगातार फिल्में नहीं चलीं तो लगा कि करियर खत्म हो गया।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..

दैनिक भास्कर 7 Aug 2026 5:30 am

सुष्मिता मुखर्जी बोलीं- मजबूरी में आत्मा बेची, बुरा लगता है:सी-ग्रेड फिल्में करने पर अफसोस जताकर कहा- तब कर्ज लेने वाले घर आकर गालियां देते थे

कोलकाता में जन्मीं एक्ट्रेस सुष्मिता मुखर्जी ने अपने करियर के उस दौर को याद किया है, जब उन्हें मजबूरी में सी-ग्रेड फिल्मों में काम करना पड़ा था। फिलहाल 'जगन्नाथ और पूर्वी की दोस्ती अनोखी' सीरियल में नजर आ रहीं सुष्मिता ने एक इमोशनल वीडियो में अपने संघर्षों पर खुलकर बात की है। मजबूरी में लिए थे गलत फैसले सुष्मिता ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा कि उन फिल्मों में काम करना उनके लिए बेहद परेशान करने वाला था, जो महिलाओं का अपमान करती थीं। उन्होंने कहा, 'भगवान का शुक्र है कि मैंने सिर्फ खराब फिल्में चुनी थीं, पोर्नोग्राफी नहीं की। क्या मैंने अपनी आत्मा बेच दी? हां, मैंने अपनी आत्मा बेच दी। मुझे तब भी अच्छा नहीं लगा था और अब भी नहीं लगता, लेकिन यह मेरी मजबूरी थी।' 2002 में दिवालिया हो गई थी प्रोडक्शन कंपनी एक्ट्रेस ने बताया कि 1983 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पासआउट होने के बाद उनके जीवन में एक ऐसा दौर आया जब उन्हें ये फैसले लेने पड़े। साल 2002 में सुष्मिता और उनके पति की मीडिया कंपनी 'प्रयास प्रोडक्शन' पर एक करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था। उस समय टेक्नोलॉजी के नए दौर और एंजेल इन्वेस्टमेंट की जानकारी न होने के कारण उनकी कंपनी के साथ-साथ ट्रैक सिनेमा और अनिल चौधरी प्रोडक्शन भी दिवालिया हो गए थे। रिकवरी वाले घर आकर देते थे गालियां सुष्मिता ने बताया कि वह समय बहुत बुरा था। कर्ज देने वाले और रिकवरी एजेंट उनके घर आते थे और गालियां देते थे। उस वक्त उनके बच्चे बहुत छोटे थे, इसलिए उन्हें कर्ज चुकाने के लिए हर तरह का काम करना पड़ा। उन्होंने और उनके पति ने तीन-चार साल तक कड़ी मेहनत की ताकि वे एक करोड़ का कर्ज चुका सकें। बेटी की पढ़ाई के लिए भी थी पैसों की जरूरत आर्थिक दबाव का एक बड़ा कारण उनकी बेटी की पढ़ाई भी थी। सुष्मिता ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में अच्छी थी, इसलिए उन्होंने उसे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भेजने का फैसला किया। हालांकि उनके पति इसके पक्ष में नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को विदेश भेजा। उसकी पढ़ाई काफी महंगी थी, जिसके लिए उन्हें लगातार पैसे कमाने थे। फैसलों पर नहीं है कोई पछतावा सुष्मिता ने 1978 में फिल्ममेकर सुधीर मिश्रा से शादी की थी, जिससे बाद में उनका तलाक हो गया। इसके बाद 1993 में उन्होंने एक्टर और राजनेता राजा बुंदेला से दूसरी शादी की। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने फैसलों पर कोई पछतावा नहीं है क्योंकि उन्होंने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दी और वे आज अपने पैरों पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि अब वह वही काम करती हैं जो उनके दिल को छूता है। उन्हें अब सम्मान भी मिलता है और वह अपनी कमाई से खुश हैं।

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 4:02 pm

असम में नाबालिग से रेप, आरोपियों पर भड़कीं देवोलीना:कहा- ऐसे दरिंदों को फांसी दो, CM हिमंत सरमा से मांग की

असम के हैलाकांदी जिले में 16 साल की लड़की से रेप और हत्या के मामले में टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर करते हुए देवोलीना ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से सभी आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी देने की अपील की है। पीड़िता के परिवार ने भी आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर फांसी की सजा देने की गुहार लगाई है। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता के प्रेमी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। CM को टैग कर कहा- अपराधियों को बख्शा न जाएअभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर इस घटना को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को टैग करते हुए लिखा कि इन अपराधियों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाए जो समाज में एक कड़ा उदाहरण बने। उन्होंने मांग की कि आरोपियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए ताकि राज्य में कोई भी अपराधी बचकर न निकल सके। देवोलीना ने अपराधियों को इंसानियत के नाम पर कलंक बताया। घर में खून से लथपथ मिली नाबालिग घटना 1 अगस्त की रात की है। पीड़िता का परिवार पास ही एक रिश्तेदार के कार्यक्रम में गया हुआ था। कार्यक्रम के दौरान चचेरे भाई से कहासुनी होने के बाद लड़की रात करीब 10:30 बजे अकेले घर लौट आई। परिजन यह सोचकर रुक गए कि खाना खाकर उसके लिए भी भोजन ले जाएंगे। जब वे घर पहुंचे, तो बेटी खून से लथपथ हालत में मिली। गंभीर चोटों के कारण उसकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। प्रेमी ने दो साथियों के साथ रची साजिशपुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी का पीड़िता के साथ प्रेम प्रसंग था। उसे शक था कि लड़की का किसी अन्य व्यक्ति से भी रिश्ता है। इसी बात का बदला लेने और सबक सिखाने के लिए उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस अपराध की योजना बनाई। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की उम्र 17 से 19 साल के बीच है। ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें महिलाओं पर आतंकी हमले से भड़कीं देवोलीना भट्टाचार्जी:नाइजीरिया में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं की हत्या की, एक्ट्रेस बोलीं- इन राक्षसों के लिए नरक में जगह साथ निभाना साथिया' में गोपी बहु के नाम से फेमस देवोलीना भट्टाचार्जी ने नाइजीरिया में महिलाओं पर हुए आतंकी हमले पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। इस घटना में आतंकियों ने प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के साथ काफी क्रूरता की, जिसे देखकर एक्ट्रेस ने इन हमलावरों को 'राक्षस' और 'शैतान' करार दिया है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 2:53 pm

Aryabhatt Ka Zero Movie Review | उम्मीद, संघर्ष और आत्मसम्मान की इमोशनल कहानी, हिमांश कोहली और नीरज सूद का दमदार अभिनय

भारतीय सिनेमा में असफलता के बाद फिर से उठ खड़े होने और अपनी पहचान तलाशने की कहानियों की हमेशा से एक खास जगह रही है। कमल चंद्रा के निर्देशन में बनी फिल्म 'आर्यभट्ट का ज़ीरो' एक ऐसे ही मध्यमवर्गीय युवा के बिखरने और खुद को फिर से संवारने की कहानी है। हिमांश कोहली और सोनाली सहगल स्टारर यह फिल्म केवल UPSC की तैयारी या दिल टूटने का ड्रामा नहीं है, बल्कि यह एक बेटे की अपने पिता का सम्मान पाने और समाज द्वारा थपेड़े गए 'ज़ीरो' के टैग को मिटाने की इमोशनल जद्दोजहद है। कहानी और प्लॉट फिल्म की कहानी उत्तराखंड के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव यानी 'बग्गू' (हिमांश कोहली) के इर्द-गिर्द घूमती है। बग्गू के पिता आर्यभट्ट श्रीवास्तव (नीरज सूद) एक सरकारी दफ्तर में ग्रुप-D कर्मचारी हैं, जिनकी अपने बेटे से बहुत बड़ी उम्मीदें हैं। बग्गू की जिंदगी में असली भूचाल तब आता है जब उसकी गर्लफ्रेंड रिंकू (सोनाली सहगल) उसकी नाकामी से तंग आकर एक SDM से शादी कर लेती है। दिल टूटने के बाद बग्गू दिल्ली के मुखर्जी नगर पहुँचता है और उस SDM से भी बड़ा अफसर बनने का संकल्प लेकर UPSC की तैयारी में जुट जाता है। हालांकि, बार-बार की नाकामी और रिश्तेदार-समाज का 'आर्यभट्ट का ज़ीरो' कहकर तंज कसना बग्गू का आत्मविश्वास तोड़ देता है। फिल्म इसी यात्रा को दर्शाती है कि क्या बग्गू समाज के तय मानकों से परे जाकर अपनी असली अहमियत को पहचान पाता है या नहीं। आर्यभट्ट का ज़ीरो: निर्देशन और तारिक़ मोहम्मद की लेखन शैली निर्देशक कमल चंद्र ने फ़िल्म को ज़्यादा ड्रामेबाज़ी और बनावटी दिखावे से दूर रखा है और असलियत के करीब रहने की कोशिश की है। उन्होंने एक छोटे शहर के नौजवान की सोच और मध्यम-वर्गीय परिवार के संघर्षों को सादगी और ईमानदारी से दिखाया है। हालाँकि लेखक तारिक़ मोहम्मद की कहानी शायद बहुत नई न लगे, लेकिन उनके संवाद और हालात स्वाभाविक और विश्वसनीय लगते हैं। पिता और बेटे के बीच की बातचीत खास तौर पर दिल को छू लेने वाली है, जो कई आम भारतीय परिवारों की सच्चाई को दर्शाती है। निर्देशक ने कॉमेडी और ड्रामा के बीच संतुलन बनाए रखने की भी कोशिश की है, जिससे कहानी दिलचस्प बनी रहती है। हालाँकि, कुछ हिस्सों में उनकी पकड़ कमज़ोर पड़ जाती है, खासकर तब जब फ़िल्म अपने मुख्य विषय से भटककर गैर-ज़रूरी उप-कहानियों में उलझ जाती है। आर्यभट्ट का ज़ीरो: तकनीकी पहलू और प्रोडक्शन वैल्यू तकनीकी नज़रिए से फ़िल्म का काम संतोषजनक है। सिनेमैटोग्राफ़ी ने उत्तराखंड के शांत नज़ारों और दिल्ली के मुखर्जी नगर की भीड़-भाड़ वाली गलियों के बीच के अंतर को खूबसूरती से दिखाया है। कैमरा वर्क सादगी भरा है और कहानी के मिज़ाज के अनुकूल है। बैकग्राउंड स्कोर भावनात्मक पलों को असरदार बनाता है और दर्शकों को किरदारों के संघर्ष से जुड़ने में मदद करता है। हालाँकि, एडिटिंग फ़िल्म के कमज़ोर पहलुओं में से एक है। अगर दूसरे हाफ़ में कुछ गैर-ज़रूरी दृश्यों को काट दिया जाता, तो फ़िल्म की गति और बेहतर होती। संगीत ठीक-ठाक है, कुछ गाने कहानी में स्वाभाविक रूप से घुल-मिल जाते हैं, लेकिन फ़िल्म खत्म होने के बाद कोई भी गाना लंबे समय तक याद नहीं रहता। इसे भी पढ़ें: Lock Upp 2 की विजेता बनीं Shreya Kalra! ट्रॉफी के साथ जीती 1 करोड़ रुपये की इनामी राशि, Netflix पर व्यूअरशिप ने तोड़े रिकॉर्ड्स आर्यभट्ट का ज़ीरो: परफॉर्मेंस परफॉर्मेंस की बात करें तो हिमांश कोहली ने ज़बरदस्त छाप छोड़ी है। 'बग्गू' के रोल में, उन्होंने एक परेशान, टूटे हुए लेकिन दिल से मासूम नौजवान के जज़्बातों को बहुत अच्छे से दिखाया है। हल्के-फुल्के पलों में उनकी कॉमिक टाइमिंग कमाल की है, जबकि उनकी आँखों में दिखने वाली बेबसी इमोशनल सीन को और भी असरदार बनाती है। नीरज सूद, बग्गू के पिता के रोल में फिल्म की इमोशनल जान हैं। उन्होंने एक मिडिल-क्लास पिता की बेबसी, गुस्से और बिना कहे प्यार को अपनी दिल को छू लेने वाली एक्टिंग से जीवंत कर दिया है। इसे भी पढ़ें: Bigg Boss OTT 2 फेम Jiya Shankar ने की सगाई, US के बिजनेसमैन कारन धनक को बनाया हमसफर, फ्लॉन्ट की डायमंड रिंग रवि किशन जब भी स्क्रीन पर आते हैं, अपने खास देसी अंदाज़ से दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान ले आते हैं। उनका किरदार कहानी में हल्का-फुल्का मनोरंजन जोड़ता है। सोनाली सहगल ने प्रैक्टिकल और समझदार गर्लफ्रेंड 'रिंकू' के रोल के साथ पूरा न्याय किया है। हालाँकि दर्शना बनिक का रोल छोटा है, फिर भी वह अपनी एक्टिंग से छाप छोड़ने में कामयाब रही हैं। इसके अलावा, अलका अमीन, राजेश शर्मा और शिल्पा शिंदे जैसे अनुभवी सपोर्टिंग एक्टर्स ने भी फिल्म को और मज़बूत बनाया है। आर्यभट्ट का ज़ीरो: फिल्म कहाँ कमज़ोर पड़ जाती है कई अच्छी बातों के बावजूद, 'आर्यभट्ट का ज़ीरो' में कुछ कमियाँ हैं जो इसे एक बेहतरीन फिल्म बनने से रोकती हैं। पहली बात, कहानी में नयापन नहीं है। '12th फेल' और 'शादी में ज़रूर आना' जैसी फिल्मों के बाद, दिल टूटे प्रेमी का UPSC परीक्षा पास करने की कोशिश वाला प्लॉट अब थोड़ा जाना-पहचाना और पहले से अंदाज़ा लगाने लायक लगता है। दर्शक पहले ही अंदाज़ा लगा सकते हैं कि आगे क्या होने वाला है, जिससे सरप्राइज़ का एलिमेंट कम हो जाता है। फिल्म का दूसरा हाफ भी काफी धीमा हो जाता है। बग्गू के संघर्ष को दिखाने की कोशिश में, कई सीन दोहराव वाले लगने लगते हैं, जिससे फिल्म दर्शकों को थोड़ी उबाऊ लग सकती है। कुछ किरदारों का विकास और अचानक आए प्लॉट ट्विस्ट भी थोड़े बनावटी लगते हैं और उन्हें और बेहतर तरीके से लिखा जा सकता था। इसके अलावा, फिल्म का अंत वैसा असर नहीं छोड़ता जैसा होना चाहिए था और थोड़ा जल्दबाजी में किया हुआ लगता है। आर्यभट्ट का ज़ीरो: आखिरी फैसला 'आर्यभट्ट का ज़ीरो' एक साफ-सुथरी और सरल फिल्म है जो एक पॉज़िटिव मैसेज देती है और दर्शकों को याद दिलाती है कि किसी व्यक्ति की असफलता उसकी पहचान तय नहीं करती। हिमांश कोहली और नीरज सूद की शानदार एक्टिंग, पिता-बेटे का इमोशनल रिश्ता और हल्का-फुल्का ह्यूमर इस फिल्म को देखने लायक बनाते हैं। हालांकि, इसकी जानी-पहचानी कहानी और कमज़ोर दूसरा हाफ इसे उस मुकाम तक पहुँचने से रोकते हैं, जिसकी यह उम्मीद करती है। अगर आप बिना बहुत ज़्यादा उम्मीदें रखे परिवार के साथ देखने के लिए कोई हल्की-फुल्की, इमोशनल और प्रेरणादायक फ़िल्म ढूंढ रहे हैं, तो यह एक ऐसी फ़िल्म है जिसे आप कम से कम एक बार ज़रूर देख सकते हैं।

प्रभासाक्षी 6 Aug 2026 2:30 pm

रियलिटी शोज पर भड़के महाभारत एक्टर सौरभ राज:कहा- TRP बटोरने के लिए जिस हद तक गिर रहे हैं वो शर्मनाक, ये मनोरंजन नहीं घिनौना प्रदर्शन है

मशहूर टीवी शो महाभारत में भगवान कृष्ण का किरदार निभाने वाले एक्टर सौरभ राज ने रियलिटी शोज पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि मेकर्स टीआरपी बटोरने के लिए जिस हद तक गिर रहे हैं वो शर्मनाक है। उनका ये बयान तब सामने आया है, जब ओटीटी प्लेटफॉर्म में लॉकअप 2, अलायंस और भोजपुरी बवाल जैसे शोज चर्चा में हैं। सौरभ राज ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से रियलिटी शोज पर निशाना साधते हुए लिखा है, ‘मुझे कहा गया था कि इस मुद्दे पर चुप रहूं, क्योंकि प्रोफेशनली इसका मुझसे कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन इंसानियत के नाते अब बोलना जरूरी है। रियलिटी शोज को अब खुद अपनी हकीकत का सामना करने की जरूरत है। सिर्फ टीआरपी बटोरने के लिए ये जिस हद तक गिर चुके हैं, वह बेहद शर्मनाक है। यह मनोरंजन बिल्कुल नहीं है। यह बीमार मानसिकता, अमानवीयता, मानसिक उत्पीड़न, क्रूरता और विकृत सोच का घिनौना प्रदर्शन है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘हैरानी होती है कि इतने बड़े और मशहूर होस्ट ऐसे शो में यह सब होते हुए कैसे चुपचाप देखते रहते हैं और इसे होने देते हैं। यह बेहद दुखद और चिंताजनक है। उम्मीद है कि इंडस्ट्री में अब भी कुछ समझदारी बाकी है और समय रहते इस पर लगाम लगेगी। आखिर हम समाज के लिए किस तरह का मानदंड तय कर रहे हैं?’ क्या लॉकअप 2 पर एक्टर ने साधा निशाना इन दिनों 3 रियलिटी शोज चर्चा में हैं। पहला है नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुआ लॉक अप-2, जिसकी विजेता श्रेया कालरा बनी हैं। दूसरा शो है अमेजन प्राइम का अलायंस और तीसरा है जियो हॉटस्टार का भोजपुरी बवाल। जहां अलायंस स्ट्रेटजी का साफ सुथरा रियलिटी शो है, वहीं नेटफ्लिक्स का लॉक अप 2, गाली गलौज और झगड़ों के चलते विवादों में रहा। शो में सेक्शुएलिटी का मजाक बनाया गया और अभद्र भाषा भी इस्तेमाल हुई। इसके अलावा 2 अगस्त से जियो हॉटस्टार में स्ट्रीम हो रहा रियलिटी शो भोजपुरी बवाल भी सुर्खियों में है, जिसमें भोजपुरी एक्ट्रेस, बॉलीवुड एक्ट्रेस का मजाक उड़ाती दिखी हैं। 2 रियलिटी शोज का हिस्सा रहे एक्टर सौरभ राज रियलिटी शोज पर सवाल खड़े करने वाले सौरभ राज खुद भी 2 रियलिटी शोज खतरों के खिलाड़ी 11 और नच बलिए में नजर आ चुके हैं। बता दें कि सौरभ राज कई माइथोलॉजिकल शोज देवों के देव महादेव, महाकालीः अंत ही आरंभ है, महाभारत में नजर आए हैं। उन्हें असल पहचान महाभारत में भगवान कृष्ण के किरदार से मिली थी। इनके अलावा वो कसम से, परिचय, मीत मिला दे रब्बा और पटियाला बेब्स में नजर आए हैं।

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 2:20 pm

प्रदीप रावत के निधन पर बेटे का खुलासा:ICU में दिया गया CPR, एक महीने पहले ब्लड कैंसर का पता चला, पहले समझा गया इन्फेक्शन

मुंबई में मंगलवार शाम दिग्गज अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में निधन हो गया। सरफरोश, लगान और गजनी जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय करने वाले रावत के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने हिंदी, क्षेत्रीय सिनेमा और टेलीविजन में काम किया। बुधवार दोपहर मुंबई में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर समेत फिल्म जगत के कई लोग शामिल हुए। दो महीने पहले रिपोर्ट थी सामान्य अभिनेता के बेटे विक्रमादित्य रावत ने अंतिम संस्कार के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि परिवार को पहले लगा था कि उन्हें पेट का मामूली संक्रमण है। हालांकि, बाद में डॉक्टरों ने उन्हें ब्लड कैंसर होने की पुष्टि की। विक्रमादित्य ने बताया कि दो महीने पहले ही उनके पिता की मेडिकल रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य थी। आईसीयू में दी गई सीपीआर विक्रमादित्य ने पिता के अंतिम पलों को याद करते हुए कहा कि 4 अगस्त को उनकी प्लेटलेट्स गिरकर 3 हजार रह गई थी, जबकि यह 3 लाख से ऊपर होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे आईसीयू के बाहर इंतजार कर रहे थे और अंदर डॉक्टर उन्हें सीपीआर दे रहे थे। यह देखकर उन्हें स्थिति का अंदाजा हो गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन है कि उनके पिता अब बेहतर जगह पर हैं और इतने लोगों को वहां देखकर वे खुश होंगे। शुरुआत में पेट का संक्रमण समझा था बेटे ने बताया कि जब वे डॉक्टर के पास गए तो उन्होंने इसे पेट का संक्रमण बताया और दवाएं दीं, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। मां के कहने पर जब ब्लड टेस्ट कराया गया तो व्हाइट ब्लड सेल काउंट बहुत ज्यादा था। इसके बाद उन्हें कोकिलाबेन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 99 फीसदी ब्लड कैंसर होने की आशंका जताई थी। अगले दिन इसकी पुष्टि हो गई। सलमान खान ने दी श्रद्धांजलि प्रदीप रावत के निधन पर फिल्म जगत के कई सितारों ने उन्हें याद किया। सलमान खान ने सोशल मीडिया पर उनके साथ एक फोटो शेयर की। उन्होंने लिखा कि उनके साथ कई अच्छे पल बिताए हैं और वे उनकी आत्मा की शांति की कामना करते हैं। एक्टर प्रदीप रावत का अंतिम संस्कार 5 अगस्त को मुंबई की बेस्ट कॉलोनी के पास गोरेगांव (पश्चिम) में किया गया। उनके बेटे विक्रमदित्य अपने पिता का शव देखकर भावुक हो गए। लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में मंगलवार शाम निधन हो गया। इसी बीच आमिर खान और रजा मुराद समेत कई सेलेब्स प्रदीप रावत के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे। सलमान खान ने प्रदीप के साथ पुरानी फोटो शेयर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। देखें तस्वीरें- हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदीप रावत के मैनेजर सिद्धार्थ तिवारी ने बताया था कि एक्टर कैंसर से पीड़ित थे। उन्हें यह बीमारी दोबारा लौट आई थी। पिछले एक महीने से उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। महाभारत में अश्वत्थामा का रोल निभाया था प्रदीप रावत ने एक्टिंग करियर की शुरुआत बीआर. चोपड़ा के टीवी शो महाभारत से की थी। वे अश्वत्थामा के रोल में नजर आए थे। प्रदीप ने इसके बाद हिंदी, तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में वे लगान, सरफरोश, गजनी और ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों में दिखाई दिए। तेलुगु फिल्म सई (Sye) से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम रखा और कई यादगार विलेन के किरदार निभाए। तमिल फिल्म गजनी (2005) में उनके डबल रोल को काफी पसंद किया गया। बाद में उन्होंने इसी भूमिका को हिंदी रीमेक गजनी में भी निभाया। इसके अलावा उन्होंने कन्नड़ फिल्म पैरोडी, मलयालम फिल्म चाइना टाउन, बंगाली फिल्म हीरो 420 और भोजपुरी फिल्म क्रैक फाइटर में भी एक्टिंग की थी। आमिर खान को बहन ने डांट दिया थाफिल्म लगान में देवा का किरदार पहले एक्टर मुकेश ऋषि को ऑफर हुआ था, लेकिन साउथ की कई फिल्मों में व्यस्त होने के कारण उन्होंने यह फिल्म नहीं की। इसके बाद यह रोल प्रदीप रावत को मिला था। दरअसल, फिल्म सरफरोश में प्रदीप रावत का काम देखकर आमिर खान काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने आधी रात करीब 12 बजे प्रदीप के घर के लैंडलाइन पर फोन किया। उस समय प्रदीप घर पर नहीं थे। उनकी बहन ने फोन उठाया। ‘मैं आमिर खान बोल रहा हूं’ सुनकर उन्होंने इसे प्रैंक कॉल समझा। उन्होंने डांटते हुए कहा, ‘क्यों बदमाशी कर रहे हो?’ बाद में आमिर ने लेखक उमाशंकर पाठक से बात कराई, जिन्हें परिवार पहचानता था। तब सबको यकीन हुआ कि फोन सच में आमिर खान का है। आमिर ने प्रदीप को अगले दिन ऑफिस बुलाकर फिल्म का कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया और साइनिंग अमाउंट का चेक दिया। फिर इस तरह उन्हें फिल्म लगान में काम मिला था। प्रदीप रावत के कारण सलमान को नहीं मिली गजनी 27 मार्च 2025 को मुंबई में फिल्म सिकंदर की प्रेस मीट के दौरान सलमान से पूछा गया था कि क्या वाकई आमिर से पहले आपको गजनी मिली थी। इस पर एक्टर ने कहा था, 'मैंने भी सुना है। मैंने ये प्रदीप से सुना है। हम उसे गजनी बुलाते हैं। वो मेरे दोस्त हैं। हमने 4-5 फिल्में साथ की हैं। उसने एक बार कहा था, मुरुगदास (गजनी के डायरेक्टर) बहुत अनुशासित हैं, इतने सिंसियर हैं, सलमान कैसे काम कर लेगा उनके साथ, सलमान को गुस्सा बहुत आता है।' सलमान ने आगे कहा, 'मतलब वो मेरे साथ 5 पिक्चरें कर चुका है, उसके बाद वो ये बोलता है। उसके बाद मैं बेचारे से मिला ही नहीं। मिलेगा तो उससे पूछूंगा कि मैं कब गुस्सा हुआ तेरे से।' सोनू सूद ने प्रदीप रावत को दी श्रद्धांजलि एक्टर सोनू सूद ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रदीप रावत की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर शेयर कर लिखा, ‘प्रदीप रावत भाई, आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आप हमेशा याद आएंगे।’ प्रदीप रावत की 2 शादियां हुई थींप्रदीप रावत की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनकी दो शादियां हुईं। NBT की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी पहली शादी ज्यादा समय तक नहीं चली और करीब साढ़े पांच महीने में दोनों का तलाक हो गया। प्रदीप रावत ने बताया था कि पहली पत्नी ने उन पर और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए थे, हालांकि बाद में मामला खत्म हो गया। इसके बाद उनकी मुलाकात साउथ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कल्याणी रावत से हुई। दोनों ने कुछ समय तक एक-दूसरे को डेट किया और साल 2006 में शादी कर ली। इस शादी से उनका एक बेटा है, जिसका नाम विक्रमादित्य रावत है। यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर भारतीराजा का 84 साल की उम्र में निधन: राजेश खन्ना की फिल्म समेत 40 से ज्यादा फिल्में बनाई थीं; 6 नेशनल अवार्ड मिले फिल्ममेकर भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। भारतीराजा को छह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार साउथ फिल्मफेयर पुरस्कार, छह तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 11:21 am

लाफ्टर चैलेंज से रिजेक्ट हो गए थे कपिल शर्मा:चंदन प्रभाकर बोले- मेकर्स को हाथ जोड़ एंट्री दिलाई, उन्होंने मुझे ही शो से निकाल दिया

अमृतसर के रहने कपिल शर्मा को कॉमेडी की दुनिया में पहचान दिलाने में उनके बचपन के दोस्त चंदन प्रभाकर की बड़ी भूमिका रही। चंदन ने अपना करियर दांव पर लगाकर कपिल की ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ में एंट्री करवाई थी। हाल ही में एक इंटरव्यू में चंदन ने बताया कि वह और कपिल मुंबई में शो के ऑडिशन के लिए गए थे। वहां कपिल रिजेक्ट हो गए, जबकि उनका सिलेक्शन हो गया था। इसके बाद कपिल ने दिल्ली में भी ऑडिशन दिया, लेकिन वहां भी उन्हें रिजेक्शन मिला। चंदन ने कपिल को शो में शामिल करने के लिए मेकर्स से काफी आग्रह किया। मेकर्स ने शर्त रखी कि कपिल को जगह देने के लिए किसी एक कंटेस्टेंट को शो छोड़ना होगा। चंदन ने बिना देर किए शो छोड़ दिया और कपिल की एंट्री करवा दी। यहीं से कपिल के करियर को बड़ी उड़ान मिली। हालांकि, कुछ महीने बाद मेकर्स ने चंदन को दोबारा शो में बुला लिया। चंदन प्रभाकर को ‘द कपिल शर्मा शो’ में चंदू चायवाला के किरदार से भी खूब पहचान मिली। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कपिल शर्मा के साथ अपनी दोस्ती और करियर से जुड़े कई किस्से साझा किए। जानिए कैसे दोस्त बने कपिल और चंदन... चंदन प्रभाकर ने ये बड़ी बातें कही… 2013 में ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ शुरूचंदन ने इससे पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि साल 2013 में जब कपिल शर्मा ने अपना खुद का शो 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिल' शुरू किया, तो उन्होंने अपने सबसे पुराने साथी यानी उन्हें अपने साथ जोड़ा। चंदन को इस शो में 'चंदू चायवाला' का आइकॉनिक रोल दिया गया। चंदन के लिए यह किरदार निभाना बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि शो में हर वक्त उनका चेहरा, कपड़े और गरीबी का मजाक उड़ाया जाता था। कपिल अक्सर शो में ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन मजाकिया अंदाज में कहा करते थे, अगर मैं इसे अमृतसर से पकड़कर मुंबई नहीं लाता, तो यह आज भी वहीं भटक रहा होता। हालांकि चंदन इस बात को दोस्त का प्यार और शो की स्क्रिप्ट का हिस्सा मानकर मुस्कुराते हुए सह लेते थे। ऑस्ट्रेलिया टूर, एयर इंडिया फ्लाइट विवादचंदन बताते हैं कि मार्च 2017 में कपिल शर्मा और चंदन प्रभाकर के बरसों पुराने रिश्ते में उस वक्त भारी दरार आ गई, जब एक अंतरराष्ट्रीय दौरे के दौरान बड़ा विवाद हो गया। ऑस्ट्रेलिया के शो के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई। चंदन ने साफ शब्दों में कपिल से कहा कि तू मुझसे इस तरह बात नहीं कर सकता। चंदन ने वहां आगे काम करने से इनकार कर दिया। वापस भारत लौटते समय एयर इंडिया की फ्लाइट में कपिल शर्मा, सुनील ग्रोवर और चंदन के बीच विवाद और बढ़ गया। मुंबई पहुंचते ही चंदन प्रभाकर, सुनील ग्रोवर व कुछ अन्य सदस्यों ने कपिल के शो 'द कपिल शर्मा शो' से अपना नाता तोड़ लिया। बेटी का जन्म, कपिल का पछतावाविवाद के ठीक बाद चंदन की जिंदगी में एक नया मोड़ आया और 31 मार्च में चंदन प्रभाकर के घर एक नन्हीं बेटी ने जन्म लिया। चंदन प्रभाकर ने बताया कि बेटी होने के बाद कपिल शर्मा उनके घर आए और बेटी को शगुन दिया। उसके बाद कपिल शर्मा भावुक हो गए और उन्होंने अपनी पुरानी दोस्ती का वास्ता देकर उन्हें शाे में वापस बुला दिया। उन्होंने बताया कि जून 2017 में वो वापस 'द कपिल शर्मा शो' में लौट आए। साल 2018 में जब कपिल शर्मा डिप्रेशन, हेल्थ इश्यूज और मीडिया विवादों के कारण अपने जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे थे, तब चंदन प्रभाकर किसी ढाल की तरह उनके साथ खड़े रहे। हालांकि जब कपिल शर्मा का शो नेट फिलिक्स पर आया तो चंदन प्रभाकर ने उनका शो फिर से छोड़ दिया। *********** ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़ में ₹3 करोड़ इन्वेस्ट, फिर बंद हुआ शोरूम: 'बीइंग ह्यूमन ज्वेलरी' का पूरा केस, जिसमें कोर्ट ने सलमान खान को तलब किया चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान, उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री और स्टाइल एंड क्यूंटेंट ज्वेलरी प्राइवेट लिमिटेड समेत अन्य को समन जारी किया है। कोर्ट ने इन सभी को 5 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। कोर्ट में याचिका दायर करने वाले कारोबारी का दावा है कि सलमान खान उसे बिग बॉस के सेट पर मिले थे।(पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 11:20 am

मूवी रिव्यू-आर्यभट्ट का जीरो:हिमांश कोहली की दमदार परफॉर्मेंस, कहानी में सादगी; लेकिन जानिए कहां हुई चूक?

हर इंसान की जिंदगी में एक वक्त ऐसा आता है, जब लोग उससे पहले हार मान लेते हैं और फिर वह खुद भी अपने आप पर भरोसा खोने लगता है। 'आर्यभट्ट का जीरो' ऐसे ही एक आम लड़के की कहानी है, जिसे दुनिया बार बार नाकाम साबित करती है। निर्देशक कमल चंद्र ने आत्मविश्वास और उम्मीद जैसे मजबूत विषय को हल्के फुल्के अंदाज में पेश करने की कोशिश की है। फिल्म दिल से बनाई गई है और उसका संदेश भी साफ है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले इसकी उड़ान को पूरी ऊंचाई तक नहीं पहुंचने देता। इसकी लेंथ 1 घंटा 54 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की कहानी ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव उर्फ बग्गू (हिमांश कोहली) के इर्द गिर्द घूमती है। मध्यम वर्गीय परिवार का यह युवक जिंदगी में अपनी पहचान बनाना चाहता है, लेकिन लगातार मिल रही असफलताएं उसे अंदर से तोड़ देती हैं। परिवार की उम्मीदें, समाज के ताने और खुद पर से उठता भरोसा उसके संघर्ष को और मुश्किल बना देते हैं। हालात जैसे जैसे बदलते हैं, बग्गू भी खुद को बदलने की कोशिश करता है। आखिर कैसे एक ऐसा लड़का, जिसे हर कोई 'जीरो' समझता है, अपनी सबसे बड़ी ताकत खुद बनता है, यही फिल्म की कहानी है। अच्छी बात यह है कि फिल्म अपना संदेश बिना भाषण दिए सहज तरीके से कहती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? पूरी फिल्म हिमांश कोहली के कंधों पर टिकी है और वह इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाते हैं। रोमांटिक भूमिकाओं से अलग इस बार उन्होंने छोटे शहर के एक ऐसे युवक का किरदार निभाया है, जो बार बार टूटता है, लेकिन हार नहीं मानता। उनके चेहरे के भाव और भावनात्मक दृश्यों में ईमानदारी साफ दिखाई देती है। यह उनके करियर की बेहतर परफॉर्मेंस में से एक कही जा सकती है। बग्गू के पिता के किरदार में नीरज सूद शानदार हैं। उनका अभिनय बेहद सहज है और पिता बेटे के कई दृश्य दिल को छू जाते हैं। रवि किशन अपने चिर परिचित अंदाज में मनोरंजन का तड़का लगाते हैं और जहां भी आते हैं, ध्यान खींचते हैं। सोनाली सहगल और दर्शना बनिक अपने किरदारों के साथ न्याय करती हैं। हालांकि राजेश शर्मा, अलका अमीन और शिल्पा शिंदे जैसे अनुभवी कलाकारों को फिल्म में और बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता था। उनके किरदारों में और गहराई और स्क्रीन स्पेस की गुंजाइश साफ महसूस होती है। डायरेक्शन, तकनीकी पक्ष और कमियां निर्देशक कमल चंद्रा ने एक अच्छा विषय चुना है और कई जगह उनकी संवेदनशीलता भी नजर आती है। फिल्म छोटे शहर की दुनिया को विश्वसनीय तरीके से पेश करती है और वास्तविक लोकेशंस इसकी खूबसूरती बढ़ाती हैं। सिनेमेटोग्राफी भी कहानी के मूड के साथ अच्छी तरह चलती है। लेकिन सबसे बड़ी कमी स्क्रीनप्ले में दिखाई देती है। कहानी कई जगह भटकती है और कुछ दृश्य ऐसे लगते हैं जिन्हें आसानी से हटाया जा सकता था। उनसे न कहानी आगे बढ़ती है और न ही किरदारों में कोई खास बदलाव आता है। एडिटिंग में थोड़ी और कसावट होती तो फिल्म ज्यादा प्रभावशाली बन सकती थी। अच्छे विषय के बावजूद प्रस्तुति कई बार उतनी मजबूत नहीं लगती, जितनी हो सकती थी। म्यूजिक कैसा है? फिल्म का संगीत कहानी के साथ चलता है। गाने जब आते हैं तो अलग से बोझ नहीं लगते और कहानी का हिस्सा बनकर सामने आते हैं। हालांकि थिएटर से बाहर निकलने के बाद ऐसा कोई गीत याद नहीं रह जाता जिसे बार बार सुना जाए। बैकग्राउंड स्कोर कई भावनात्मक दृश्यों का असर जरूर बढ़ाता है। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? 'आर्यभट्ट का जीरो' एक ईमानदार कोशिश है, जो खुद पर भरोसा रखने का संदेश देती है। हिमांश कोहली का बदला हुआ अंदाज और उनका अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। नीरज सूद और रवि किशन भी अच्छा साथ देते हैं। हालांकि ढीला स्क्रीनप्ले, कुछ अनावश्यक दृश्य और कई जगह धीमी पड़ती रफ्तार फिल्म को एक बेहतर अनुभव बनने से रोक देती है। अगर आपको छोटे शहरों की जमीन से जुड़ी, हल्की फुल्की और प्रेरणादायक कहानियां पसंद हैं, तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है।

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 10:57 am

मूवी रिव्यू: आर्यभट्ट का जीरो:जब पूरी दुनिया 'जीरो' कहे, तब क्या सिर्फ भरोसा जिंदगी बदल सकता है?

हर इंसान की जिंदगी में एक वक्त ऐसा आता है, जब लोग उससे पहले हार मान लेते हैं और फिर वह खुद भी अपने आप पर भरोसा खोने लगता है। 'आर्यभट्ट का जीरो' ऐसे ही एक आम लड़के की कहानी है, जिसे दुनिया बार बार नाकाम साबित करती है। निर्देशक कमल चंद्र ने आत्मविश्वास और उम्मीद जैसे मजबूत विषय को हल्के फुल्के अंदाज में पेश करने की कोशिश की है। फिल्म दिल से बनाई गई है और उसका संदेश भी साफ है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले इसकी उड़ान को पूरी ऊंचाई तक नहीं पहुंचने देता। इसकी लेंथ 1 घंटा 54 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की कहानी ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव उर्फ बग्गू (हिमांश कोहली) के इर्द गिर्द घूमती है। मध्यम वर्गीय परिवार का यह युवक जिंदगी में अपनी पहचान बनाना चाहता है, लेकिन लगातार मिल रही असफलताएं उसे अंदर से तोड़ देती हैं। परिवार की उम्मीदें, समाज के ताने और खुद पर से उठता भरोसा उसके संघर्ष को और मुश्किल बना देते हैं। हालात जैसे जैसे बदलते हैं, बग्गू भी खुद को बदलने की कोशिश करता है। आखिर कैसे एक ऐसा लड़का, जिसे हर कोई 'जीरो' समझता है, अपनी सबसे बड़ी ताकत खुद बनता है, यही फिल्म की कहानी है। अच्छी बात यह है कि फिल्म अपना संदेश बिना भाषण दिए सहज तरीके से कहती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? पूरी फिल्म हिमांश कोहली के कंधों पर टिकी है और वह इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभाते हैं। रोमांटिक भूमिकाओं से अलग इस बार उन्होंने छोटे शहर के एक ऐसे युवक का किरदार निभाया है, जो बार बार टूटता है, लेकिन हार नहीं मानता। उनके चेहरे के भाव और भावनात्मक दृश्यों में ईमानदारी साफ दिखाई देती है। यह उनके करियर की बेहतर परफॉर्मेंस में से एक कही जा सकती है। बग्गू के पिता के किरदार में नीरज सूद शानदार हैं। उनका अभिनय बेहद सहज है और पिता बेटे के कई दृश्य दिल को छू जाते हैं। रवि किशन अपने चिर परिचित अंदाज में मनोरंजन का तड़का लगाते हैं और जहां भी आते हैं, ध्यान खींचते हैं। सोनाली सहगल और दर्शना बनिक अपने किरदारों के साथ न्याय करती हैं। हालांकि राजेश शर्मा, अलका अमीन और शिल्पा शिंदे जैसे अनुभवी कलाकारों को फिल्म में और बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता था। उनके किरदारों में और गहराई और स्क्रीन स्पेस की गुंजाइश साफ महसूस होती है। डायरेक्शन, तकनीकी पक्ष और कमियां निर्देशक कमल चंद्रा ने एक अच्छा विषय चुना है और कई जगह उनकी संवेदनशीलता भी नजर आती है। फिल्म छोटे शहर की दुनिया को विश्वसनीय तरीके से पेश करती है और वास्तविक लोकेशंस इसकी खूबसूरती बढ़ाती हैं। सिनेमेटोग्राफी भी कहानी के मूड के साथ अच्छी तरह चलती है। लेकिन सबसे बड़ी कमी स्क्रीनप्ले में दिखाई देती है। कहानी कई जगह भटकती है और कुछ दृश्य ऐसे लगते हैं जिन्हें आसानी से हटाया जा सकता था। उनसे न कहानी आगे बढ़ती है और न ही किरदारों में कोई खास बदलाव आता है। एडिटिंग में थोड़ी और कसावट होती तो फिल्म ज्यादा प्रभावशाली बन सकती थी। अच्छे विषय के बावजूद प्रस्तुति कई बार उतनी मजबूत नहीं लगती, जितनी हो सकती थी। म्यूजिक कैसा है? फिल्म का संगीत कहानी के साथ चलता है। गाने जब आते हैं तो अलग से बोझ नहीं लगते और कहानी का हिस्सा बनकर सामने आते हैं। हालांकि थिएटर से बाहर निकलने के बाद ऐसा कोई गीत याद नहीं रह जाता जिसे बार बार सुना जाए। बैकग्राउंड स्कोर कई भावनात्मक दृश्यों का असर जरूर बढ़ाता है। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? 'आर्यभट्ट का जीरो' एक ईमानदार कोशिश है, जो खुद पर भरोसा रखने का संदेश देती है। हिमांश कोहली का बदला हुआ अंदाज और उनका अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। नीरज सूद और रवि किशन भी अच्छा साथ देते हैं। हालांकि ढीला स्क्रीनप्ले, कुछ अनावश्यक दृश्य और कई जगह धीमी पड़ती रफ्तार फिल्म को एक बेहतर अनुभव बनने से रोक देती है। अगर आपको छोटे शहरों की जमीन से जुड़ी, हल्की फुल्की और प्रेरणादायक कहानियां पसंद हैं, तो यह फिल्म एक बार देखी जा सकती है।

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 10:57 am

'गौरव खन्ना को TRP के लिए तलाक नहीं दिया':आकांक्षा बोलीं- पेपर्स तैयार हैं, सिर्फ साइन करना बाकी; रियलटी शो में अलग होने का ऐलान किया था

एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला ने पति और एक्टर गौरव खन्ना से अपने तलाक को लेकर खुलकर बात की है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने उन खबरों को खारिज किया जिनमें दावा किया जा रहा था कि उन्होंने लॉक-अप शो में टीआरपी या पब्लिसिटी पाने के लिए अलग होने का ऐलान किया था। आकांक्षा ने साफ किया कि तलाक की कानूनी प्रक्रिया शो में जाने से पहले ही शुरू हो चुकी थी। अब दोनों पक्षों के वकील मामला लगभग तय कर चुके हैं और सिर्फ आखिरी पेपर्स पर साइन होना बाकी है। 'कोई लड़की अपने तलाक का नाटक नहीं करेगी'प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब आकांक्षा से पूछा गया कि क्या तलाक की घोषणा किसी तरह की स्ट्रेटजी थी, तो उन्होंने कहा कि कोई भी लड़की इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर जाकर पब्लिसिटी के लिए अपने पति से अलग होने की बात नहीं कहेगी। उन्होंने कहा कि लोग अगर ऐसा सोच रहे हैं तो वे उनकी लीगल टीम से बात कर सकते हैं। जब दो एक्टर्स शादी करते हैं या अलग होते हैं, तो लोग हर बात को पब्लिसिटी मान लेते हैं, जो गलत है। सोच अलग होने के कारण लिया फैसलाआकांक्षा ने खुलासा किया कि वे गौरव खन्ना पिछले 18 महीनों से एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं। दोनों के बीच कोई कड़वाहट या नफरत नहीं है और वे अब भी आपस में बातचीत करते हैं। हालांकि, दोनों की जिंदगी को लेकर सोच और प्राथमिकताएं काफी अलग हो चुकी हैं। इसी वजह से दोनों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे से अलग होने और अपनी जिंदगी अलग रास्ते पर जीने का फैसला किया है। शो के दौरान किया तलाक का खुलासा हाल ही में लॉक अप शो के दौरान आकांक्षा ने अपने पति गौरव खन्ना से अलग होने का एलान किया था। अपने को-कंटेस्टेंट्स श्रेया कालरा और सूफी मोतीवाला से बातचीत में उन्होंने इसकी वजह का खुलासा किया था। शो में जब गौरव खन्ना पहुंचे थे, तब दोनों के बीच काफी बातचीत हुई थी। गौरव ने कहा था कि दोनों अलग जरूर रह रहे हैं, लेकिन कागजी तौर पर अभी भी शादीशुदा हैं। गौरव ने इंटरनेट पर चल रही अफवाहों पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि कई लोग उनके रिश्ते के बारे में गलत कहानियां बना रहे हैं। गौरव ने यह भी साफ किया था कि वे कानूनी तौर पर अपनी पत्नी के खिलाफ किसी भी तरह की ट्रोलिंग या गलत बात बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऑडिशन के दौरान हुई थी पहली मुलाकातगौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की पहली मुलाकात एक ऑडिशन के दौरान हुई थी। कुछ समय तक एक-दूसरे को जानने के बाद दोनों ने 24 नवंबर 2016 को कानपुर में शादी की थी। गौरव खन्ना टीवी इंडस्ट्री के मशहूर एक्टर हैं, जो 'अनुपमा', 'सीआईडी' और 'ये प्यार ना होगा कम' जैसे शोज में नजर आ चुके हैं। हाल ही में उन्होंने 'बिग बॉस 19' का खिताब भी जीता था। वहीं आकांक्षा चमोला 'स्वरागिनी' और 'भूतू' जैसे टीवी सीरियल्स से अपनी पहचान बना चुकी हैं।

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 10:11 am

एक्ट्रेस जिया शंकर ने की बॉयफ्रेंड से सगाई:करण के साथ रोमांटिक तस्वीरें शेयर की; बोलीं- अचानक मिला मेरा सच्चा प्यार

एक्ट्रेस और 'बिग बॉस OTT 2' की पूर्व कंटेस्टेंट जिया शंकर ने अपने बॉयफ्रेंड करण के साथ सगाई कर ली है। जिया ने सोशल मीडिया पर सगाई की तस्वीरें शेयर करके अपने रिश्ते का आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है। सनसेट के दौरान आउटडोर लोकेशन पर हुए इस प्रपोजल की झलकियों के साथ जिया ने अपने मंगेतर के लिए एक इमोशनल नोट भी लिखा है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैन्स और दोस्त कपल को बधाइयां दे रहे हैं। सनसेट के बीच मिला सरप्राइज प्रपोजलशेयर की गई तस्वीरों में जिया और करण एक-दूसरे के साथ बेहद खुश नजर आ रहे हैं। करण ने जिया को डूबते सूरज की रोशनी में एक आउटडोर लोकेशन पर अंगूठी पहनाकर प्रपोज किया। एक फोटो में जिया सरप्राइज होकर अपनी डायमंड एंगेजमेंट रिंग दिखाती नजर आ रही हैं। इस खास मौके पर जिया ने पेस्टल येलो कलर का सैटिन गाउन पहना था, जबकि करण बेज शर्ट और व्हाइट ट्राउजर में नजर आए। बोलीं- हजारों मील दूर रहकर भी घर जैसा अहसास हुआजिया ने सोशल मीडिया पर करण के नाम एक भावुक नोट शेयर किया। उन्होंने लिखा, हो सकता है कि यह सच हो, आपको प्यार तब मिलता है जब आप इसकी सबसे कम उम्मीद करते हैं। भले ही तुम मुझसे हजारों मील दूर थे, लेकिन तुमसे हुई हर बातचीत ने घर जैसा अहसास कराया। जिया ने आगे लिखा कि यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने हर दिन एक-दूसरे को चुना। उन्होंने करण को अपना बेस्ट फ्रेंड बताते हुए उनके साथ अपनी आगे की जिंदगी बिताने की बात कही। बिजनेसमैन हैं करण धनकजिया शंकर एक जानी-मानी भारतीय अभिनेत्री हैं, जिन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2013 में रीजनल फिल्मों से की थी और बाद में 'मेरी हानिकारक बीवी', 'काटेलाल एंड संस' और 'पिशाचिनी' जैसे लोकप्रिय टीवी सीरियल्स से घर-घर में अपनी पहचान बनाई। इसके अलावा उन्होंने सुपरहिट मराठी फिल्म 'वेड' और रियलिटी शो 'बिग बॉस OTT 2' के जरिए काफी लोकप्रियता हासिल की। वहीं उनके मंगेतर करण धनक एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से दूर हैं और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे अमेरिका (US) में स्थित एक बिजनेसमैन (एंट्रेप्रेन्योर) और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल हैं। ये खबर भी पढ़ें जैनिफर विंगेट ने शेयर की हल्दी सेरेमनी की अनसीन फोटोज:पति विलियम संग हरे लहंगे में नजर आईं; करन वाही और हरलीन सेठी भी शामिल हुए टीवी एक्ट्रेस जैनिफर विंगेट ने अपनी हल्दी सेरेमनी की अनसीन तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। ब्रिटेन के बिजनेसमैन विलियम इशमेल संग शादी रचाने के कुछ हफ्तों बाद उन्होंने अपनी प्री-वेडिंग रस्मों की यादें साझा की हैं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 6 Aug 2026 9:15 am

Musafir Cafe Review | भागदौड़ भरी जिंदगी में ठहराव और सुकून का अहसास देती है विक्रांत मैसी की यह नई सीरीज

आज की तेज़-तर्रार दुनिया में, जहाँ ज़िंदगी महज 'स्क्रॉलिंग' और 'ट्रोलिंग' के बीच सिमट कर रह गई है, ऐसे में नेटफ्लिक्स की नई वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफ़े' एक ताज़ा हवा के झोंके की तरह आती है। रुचिर अरुण द्वारा निर्देशित और 8 एपिसोड्स में बंटी यह श्रृंखला दिव्या प्रकाश दुबे के मशहूर हिंदी उपन्यास पर आधारित है। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि जिंदगी में कभी-कभी रुकना, ठहराव लेना और पलों को जीना कितना ज़रूरी है। कहानी: प्यार, सपने और अधूरे अहसास कहानी की शुरुआत भोपाल में अरेंज्ड मैरिज के लिए मिले चंदर (विक्रांत मैसी) और सुधा (वेदिका पिंटो) से होती है। पहली मुलाकात में एक-दूसरे को रिजेक्ट करने के बाद भी किस्मत उन्हें बार-बार आमने-सामने लाती है। दोनों में गहरा और सच्चा प्यार हो जाता है, लेकिन सुधा अपने लॉ फर्म के सपनों को पूरा करने के लिए शादी से इनकार कर देती है। सालों बाद, चंदर अपनी नौकरी छोड़कर पहाड़ों में एक कैफ़े खोलने का सपना पूरा करता है और उसकी ज़िंदगी में प्रीति (महिमा मकवाना) की एंट्री होती है। प्रीति एक आत्मनिर्भर, प्रैक्टिकल और समझदार महिला है जो चंदर के साथ एक खूबसूरत रिश्ता बनाती है। हालांकि, चंदर के दिल के किसी कोने में सुधा की यादें अब भी बाकी हैं। यह कहानी किसी एक को सही या गलत ठहराने के बजाय प्यार, महत्वाकांक्षा और गलत समय के ताने-बाने को बहुत ही खूबसूरती से पेश करती है। मुसाफिर कैफ़े: परफॉर्मेंस 'मुसाफिर कैफ़े' की आत्मा क्या है, यह किसी एक चीज़ के बारे में कहना मुश्किल है। चाहे परफॉर्मेंस हो, कहानी हो या सेटिंग, सब कुछ मिलकर एक ऐसा फ़्लेवर बनाते हैं जो बिल्कुल अनोखा है। चंदर के रोल में विक्रांत मैसी ने ऐसे आदमी का किरदार निभाया है जैसा हर औरत चाहती है। वे मिलनसार, सब्र रखने वाले और इमोशनली साथ देने वाले इंसान हैं; वे एक 'सेफ़ स्पेस' (सुरक्षित जगह) की मिसाल हैं। कई बार विक्रांत और चंदर के बीच फ़र्क करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि यह किरदार उन पर बहुत स्वाभाविक लगता है। वे अपनी एक्टिंग को बहुत आसान और सहज बना देते हैं। आप यह सोचना छोड़ देते हैं कि वे एक्टिंग कर रहे हैं या नहीं, क्योंकि वे पूरी तरह से उस किरदार में ढल जाते हैं। सुधा के रोल में वेदिका पिंटो भी उतनी ही प्रभावशाली हैं। वे एक जोश से भरी युवा महिला के रोल में आसानी से ढल जाती हैं, जो प्यार और अपने सपनों के करियर के बीच फंसी हुई है। उनकी परफॉर्मेंस स्वाभाविक लगती है और विक्रांत के साथ उनकी केमिस्ट्री फ़िल्म की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है। दोनों के बीच का हर पल सच्चा और असल लगता है। महिमा मकवाना का 'प्रीति' वाला किरदार शायद फ़िल्म का एक सुखद सरप्राइज़ है। वह कॉन्फिडेंट है, इमोशनली मज़बूत है और उसे पता है कि उसे ज़िंदगी से क्या चाहिए। वह सफलतापूर्वक एक बिज़नेस चलाती है, राइटर बनने का सपना भी पूरा करती है और रिश्ते (या अपने बिज़नेस) में खुद को खोए बिना प्यार के लिए भी जगह बनाती है। खासकर एक सीन बहुत यादगार है, जिसमें वह मानती है कि चंदर और सुधा का रिश्ता बहुत गहरा था और वह उसकी ज़िंदगी के उस हिस्से में दखल न देने का फैसला करती है। अतीत से मुकाबला करने के बजाय, वह अपनी बनाई ज़िंदगी और रिश्ते में सुकून पाती है। ठीक उसी पल प्रीति आपका दिल जीत लेती है। कास्ट के अलावा, कैफ़े और पहाड़ भी बराबर क्रेडिट के हकदार हैं। वे लगभग खामोश किरदारों की तरह हैं, जो बिना कुछ कहे माहौल बनाते हैं। चाहे भोपाल की जानी-पहचानी गलियां हों या पहाड़ों के बीच बसा आरामदायक कैफ़े, हर लोकेशन कहानी में गर्माहट और एक अलग पहचान जोड़ती है। एक्टिंग, सेटिंग और राइटिंग मिलकर कुछ सुकून देने वाला अनुभव बनाते हैं, जैसे एक बेहतरीन कप कॉफ़ी। मुसाफिर कैफ़े: म्यूज़िक और डायलॉग्स 'मुसाफिर कैफ़े' डायलॉग्स के बजाय राइटिंग और स्क्रीनप्ले पर ज़्यादा निर्भर करती है। यह बातचीत का एक सिलसिला है - ऐसी बातचीत जो लंबे समय तक याद रहती है और आपको सोचने पर मजबूर करती है। हालांकि, 'मुसाफिर कैफ़े' में म्यूज़िक अहम भूमिका निभाता है। यह बहुत ही सुकून देने वाला है और सही पलों पर इस्तेमाल किया गया है। 'तेरा हुआ साहिबा', 'काफ़ी है ना', 'दरमियां', 'रोज़ाना', 'टूटा रहूंगा' और 'रोज़ाना रिप्राइज़' जैसे गाने कहानी को आगे बढ़ाने और खास पलों को और बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। मुसाफिर कैफे: निर्देशन रुचिर अरुण द्वारा निर्देशित, 8 एपिसोड की यह श्रृंखला लगभग पूरी तरह से तैयार केक की तरह लगती है। सरल कहानी को अनावश्यक रूप से जटिल नहीं बनाया गया है, और यही बात फिल्म की सफलता का कारण है। वे नाटकीय मोड़ों पर निर्भर रहने के बजाय संवादों और मौन को भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर देते हैं। कभी-कभी गति धीमी लग सकती है, लेकिन यह जीवन के एक पहलू को दर्शाती है और ध्यान भटकाने के बजाय उसे और निखारती है। तीनों मुख्य पात्रों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार के लिए अरुण प्रशंसा के पात्र हैं। किसी को भी नायक या खलनायक के रूप में चित्रित नहीं किया गया है। यह श्रृंखला इस बारे में नहीं है कि किसे सबसे अधिक स्क्रीन टाइम मिलता है। इसके बजाय, वे उन्हें त्रुटिपूर्ण लेकिन फिर भी प्रासंगिक लोगों के रूप में प्रस्तुत करते हैं। मुसाफिर कैफ़े: क्या अच्छा है और क्या नहीं अगर ज़िंदगी आपसे थोड़ा रुककर ऐसा शो देखने के लिए कह रही है जो आपकी आत्मा को सुकून दे, तो 'मुसाफिर कैफ़े' बिल्कुल वैसा ही शो है। इसमें कोई सस्पेंस या अगले एपिसोड में किसी धमाकेदार कहानी का वादा नहीं है। फिर भी, आप तीनों मुख्य किरदारों की कहानी में दिलचस्पी लेंगे क्योंकि आप उन तीनों में कहीं न कहीं खुद की झलक पाएंगे। इसमें पहाड़ हैं; बढ़िया कॉफ़ी और अच्छी चाय का ज़िक्र है, किताबें हैं और प्यार भी है - तो भला क्या पसंद नहीं आएगा! 'मुसाफिर कैफ़े' की कुछ कमियों में से एक यह हो सकती है कि यह कहानी बहुत ज़्यादा सुरक्षित रास्ते पर चलती है। जब कहानी में इमोशनल उलझनें आती भी हैं, तो वे शायद ही कभी ऐसे पलों में बदलती हैं जो शो खत्म होने के बाद भी आपके ज़हन में बने रहें। उलझनों को उसी नरमी से सुलझाया जाता है जो इस फ़िल्म की पहचान है; यह इसके मूड के हिसाब से तो ठीक है, लेकिन इससे उनका असर भी कम हो जाता है। मुसाफिर कैफ़े: आखिरी राय 'मुसाफिर कैफ़े' देखना शनिवार की धीमी दोपहर या रविवार की शांत सुबह जैसा लगता है - ऐसा सुकून भरा पल जिसकी चाहत हमें भागदौड़ भरे हफ़्ते के बाद होती है। अगर आप कोई सुकून देने वाली, दिल को छू लेने वाली कहानी देखना चाहते हैं, तो इसे अपनी वॉचलिस्ट में ज़रूर शामिल करें। वैसे भी, 'मुसाफिर कैफ़े' आपका समय देने लायक है। सिर्फ़ इसलिए नहीं कि इसमें बेहतरीन कलाकार और दिल को छू लेने वाली कहानी है, बल्कि इसलिए भी क्योंकि यह आपको धीरे चलने, सोच-समझकर ब्रेक लेने और ज़िंदगी में कुछ छूट जाने की चिंता न करने की याद दिलाता है। रेटिंग: 3.5 / 5 स्टार

प्रभासाक्षी 3 Aug 2026 12:58 pm

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm