अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद फैंस पर सवाल उठाकर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना कर रहे अभिनेता विद्युत जामवाल ने एक वीडियो साझा किया है। इस पुराने वीडियो में विद्युत रियल लाइफ में एक व्यक्ति की जान बचाते हुए नजर आ रहे हैं। यह वीडियो उनकी फिल्म 'बुलेट राजा' की शूटिंग के दौरान का है, जहां एक व्यक्ति गहरी और कांटेदार ढलान से फिसलकर नीचे गिर गया था और विद्युत ने अपनी जान की परवाह किए बिना नीचे कूदकर उसे बचाया था। इससे पहले विद्युत ने फैंस से कहा था ‘कोई तो टाइगर के हमलावरों को पकड़ लेता, गोलियां चलती रहीं लोग तमाशा देखते रहे’। इस बयान के बाद विद्युत को भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। टाइगर पर हमले के बाद फैंस से पूछे थे सवाल यह पूरा मामला 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू में हुई घटना से जुड़ा है, जहां अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग की थी। इस घटना के बाद विद्युत जामवाल ने एक वीडियो संदेश जारी कर टाइगर को निडर बताया था, लेकिन साथ ही मौके पर मौजूद प्रशंसकों पर सवाल खड़े किए थे। विद्युत ने कहा था कि वहां कई फैंस मौजूद थे जो खुद को सबसे बड़ा फैन बताते हैं, लेकिन गोलियां चलने के दौरान उनमें से किसी ने भी भागकर हमलावरों को पकड़ने या रोकने की कोशिश नहीं की। विद्युत के इस बयान के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें आड़े हाथों लिया और जमकर ट्रोल किया। 'बुलेट राजा' के सेट पर बचाई थी व्यक्ति की जान शेयर किया गया वीडियो उनकी फिल्म 'बुलेट राजा' की शूटिंग का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि शूटिंग के दौरान एक व्यक्ति गहरी और कांटेदार ढलान पर अनियंत्रित होकर गिर जाता है। उसे गिरता देख विद्युत तुरंत ढलान की ओर दौड़ते हैं और नीचे कूदकर उस व्यक्ति को सुरक्षित पकड़ लेते हैं। अगर विद्युत सही समय पर वहां नहीं पहुंचते, तो उस व्यक्ति को गंभीर चोट लग सकती थी। डायरेक्टर तिग्मांशु धूलिया ने की थी विद्युत की तारीफ वीडियो क्लिप में फिल्म के निर्देशक तिग्मांशु धूलिया भी विद्युत जामवाल की तारीफ करते दिख रहे हैं। तिग्मांशु धूलिया ने बताया था कि वह जगह काफी गहरी, संकरी और कांटों से भरी थी, जहां जरा सा पैर फिसलने पर गंभीर चोट आ सकती थी। इसके बावजूद विद्युत तुरंत उस व्यक्ति को बचाने के लिए नीचे कूद गए। निर्देशक ने कहा कि दूसरों की मदद करना विद्युत के स्वभाव में शामिल है। ये खबर भी पढ़ें टाइगर श्रॉफ के समर्थन में आए विद्युत जामवाल:बोले- तुम सबसे निडर हो, मुंबई पुलिस सुनिश्चित करे कि ऐसी घटना दोबारा न हो टाइगर श्रॉफ पर हमले की घटना के बाद एक्टर विद्युत जामवाल ने उनका हौसला बढ़ाया है। विद्युत ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर टाइगर को सबसे निडर इंसान बताया। पूरी खबर पढ़ें
मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग मामले में उनकी टीम का स्पष्टीकरण सामने आया है। टाइगर श्रॉफ के प्रवक्ता ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि अभिनेता ने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सदमे में होने का बयान दिया है। प्रवक्ता ने कहा कि टाइगर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। वहीं, मामले की जांच कर रही पुलिस ने राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है। क्राइम ब्रांच को बयान देने की खबरों का खंडन एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि टाइगर श्रॉफ ने क्राइम ब्रांच से बातचीत में कहा था कि वे गहरे सदमे में हैं और उनके ऊपर ऐसा जानलेवा हमला कौन और क्यों करना चाहेगा। हालांकि, संपर्क करने पर टाइगर श्रॉफ के प्रवक्ता ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया। प्रवक्ता ने कहा कि यह खबर पूरी तरह से झूठ है। टाइगर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न ही इस तरह की कोई बात हुई है। फर्जी AI वीडियो और अफवाहों से बचने की अपील इससे पहले टीम ने सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी दावों, AI से बने वीडियो और मनगढ़ंत कहानियों से बचने की अपील की। उसने लोगों से सिर्फ टाइगर और उनकी आधिकारिक टीम की जानकारी पर भरोसा करने को कहा। टीम ने कहा कि फर्जी खबरें और AI से बना कंटेंट फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टीम ने कहा, “हम ऐसे कंटेंट का समर्थन नहीं करते और न ही इससे हमारा कोई संबंध है। मीडिया संस्थानों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पेजों को जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। “किसी भी जानकारी को पब्लिश करने से पहले उसकी पुष्टि करनी चाहिए। एंगेजमेंट या आर्थिक फायदे के लिए गलत जानकारी बनाने या फैलाने से बचना चाहिए।” 18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फुटबॉल ग्राउंड के बाहर निकलते हुए फायरिंग हो गई। दो हमलावरों ने 5-7 राउंड फायरिंग की। टाइगर जख्मी हुए, जबकि उनके ड्राइवर को गोली लगी। ड्राइवर के जख्मी होने पर टाइगर श्रॉफ ड्राइविंग सीट पर आए और सीधे अस्पताल पहुंचे। राजस्थान, यूपी और हरियाणा से पकड़े गए 10 संदिग्ध मामले की जांच में जुटी मुंबई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से अब तक 10 संदिग्धों को पकड़ा है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर मामले की आगे की कड़ी जोड़ रही है। ये खबर भी पढ़ें टाइगर फायरिंग- हैंडलर ने टीवी देखकर शूटर्स को मैसेज किया:तुम्हारे चेहरे दिखे, निकलो; दावा- सलमान की तारीफ से लॉरेंस गैंग टाइगर से नाराज मुंबई में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग करने वाले शूटर्स को वारदात के बाद भी बाहर से मदद मिल रही थी। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एक व्यक्ति टीवी न्यूज देखकर उन्हें पुलिस की जांच के अपडेट दे रहा था। पूरी खबर पढ़ें
‘टिप टिप बरसा पानी…’, ‘तू चीज बड़ी है मस्त मस्त…’ और ‘अंखियों से गोली मारे…’। 90 के दशक में इन गानों ने रवीना टंडन को लाखों दिलों की धड़कन बना दिया था। पर्दे पर उनकी अदाओं के दीवाने थे, उनकी खूबसूरती के चर्चे थे और उनकी एक झलक पाने के लिए फैंस घंटों इंतजार करते थे। लेकिन जिस रवीना पर एक दौर में पूरा जमाना फिदा था, उनकी अपनी मोहब्बत की कहानी इतनी आसान नहीं थी। बचपन में कभी जिस लड़के को पसंद किया, उसने चोटी खींचकर मोटा कह दिया। बचपन का क्रश ऋषि कपूर किसी और के हो गए, तो रवीना उनकी शादी में मुंह फुलाए घूमती रहीं। बड़े होकर अजय देवगन के साथ रिश्ते को लेकर ऐसी बयानबाजी हुई कि मामला सार्वजनिक विवाद बन गया। फिर अक्षय कुमार से सगाई हुई, शादी की तैयारियां भी शुरू हो गईं, लेकिन रिश्ता मंजिल तक नहीं पहुंचा। दिलचस्प बात यह है कि रवीना की जिंदगी में जब अनिल थडानी आए, तब भी कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी। वैलेंटाइन्स डे की एक पार्टी में पहली बार उन्हें देखकर दिलचस्पी जगी, लेकिन उस वक्त अनिल किसी और को डेट कर रहे थे। आखिरकार, तमाम उतार-चढ़ाव के बाद रवीना को वह साथी मिला, जिसके साथ उन्होंने जिंदगी बिताने का फैसला किया। आज उनके 54वें जन्मदिन के मौके पर पढ़िए उनकी जिंदगी के पांच ऐसे किस्से, जिनमें बचपन की मासूम मोहब्बत से लेकर टूटे रिश्तों और शादी तक का सफर दर्ज है। लव स्टोरी-1 ऋषि कपूर थे क्रश, शादी में नाराज घूमती रहीं, मनाने के लिए लाए गए तोहफे रवीना टंडन का जन्म 26 अक्टूबर 1972 को बॉम्बे (अब मुंबई) में हुआ था। उनके पिता रवि टंडन फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने निर्देशक थे। घर में फिल्मी हस्तियों का आना-जाना लगा रहता था। इसी माहौल में रवीना का बचपन बीता और इसी दौरान उन्हें एक ऐसे सितारे से लगाव हो गया, जो उनसे उम्र में करीब 20 साल बड़े थे। वह सितारा थे ऋषि कपूर। रवीना के पिता ने ऋषि कपूर और नीतू सिंह के साथ फिल्म ‘खेल खेल में’ बनाई थी। इसी फिल्मी मेलजोल के बीच रवीना को ऋषि कपूर एकतरफा पसंद आ गए। रवीना ने लहरें को दिए एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि ऋषि कपूर जब भी विदेश जाते, उनके लिए कोई न कोई गुड़िया लेकर आते थे। इन तोहफों ने उनके मन में ऋषि के लिए खास जगह बना दी थी। लेकिन फिर आया 1980, जब ऋषि कपूर ने नीतू सिंह से शादी कर ली। रवीना के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं थी। उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि ऋषि की शादी से वह इतनी नाराज थीं कि पूरी शादी के दौरान मुंह फुलाए घूमती रहीं। रवीना के मुताबिक, ऋषि कपूर की शादी में उनकी नाराजगी दूर करने के लिए उन्हें लंदन से बोलने वाली गुड़िया लाकर दी गई थी। जिस सितारे को कभी वह अपना क्रश मानती थीं, बाद में उसी के साथ फिल्म ‘साजन की बाहों में’ में रोमांस करने का मौका भी मिला। रवीना के मुताबिक, तब ऋषि कपूर हंसते थे कि अब उन्हें ‘चिंटू अंकल’ की जगह ‘चिंटू जी’ कहना पड़ेगा। लव स्टोरी-2 14 साल की उम्र में भाई के दोस्त से हुआ प्यार, चोटी खींचकर बोला- ‘मोटी’ रवीना की जिंदगी में अगला किस्सा किसी फिल्मी सेट पर नहीं, बल्कि घर की चारदीवारी में शुरू हुआ था। वह महज 14 साल की थीं, जब उन्हें घर के पास रहने वाले अपने बड़े भाई राजीव के एक दोस्त से एकतरफा प्यार हो गया। वह लड़का उम्र में उनसे बड़ा था और कॉलेज जाता था। रवीना को उसकी एक झलक पाने का इंतजार रहता था। वह छत पर बैठकर उसके कॉलेज से लौटने का इंतजार करतीं और उस दौरान पंकज उधास के गाने सुना करती थीं। जब वह लड़का उनके भाई से मिलने घर आता, तो रवीना की नजरें उसी पर टिकी रहतीं। आखिरकार एक दिन उन्होंने उससे बात करने की हिम्मत जुटाई और भाई के कमरे में पहुंच गईं। लेकिन वहां उनका इंतजार किसी रोमांटिक जवाब ने नहीं, बल्कि एक ऐसे तंज ने किया, जिसे वह लंबे समय तक याद रखने वाली थीं। रवीना के कमरे में आते ही लड़के ने उनकी चोटी पकड़कर मजाक उड़ाया और कहा, ‘मोटी, कैसी हो?’ रवीना ने सिमी गरेवाल के चैट शो में यह किस्सा सुनाते हुए बताया था कि उस प्रतिक्रिया से उन्हें बहुत बुरा लगा। उन्होंने वजन कम करने की ठान ली। दो साल में रवीना ने खुद को बदल लिया। 16 साल की उम्र तक वह पहले से काफी फिट हो चुकी थीं। फिर एक दिन वही लड़का उनके पास आया और डेट पर चलने के लिए कहा। लेकिन अब कहानी का किरदार बदल चुका था। इस बार जवाब देने की बारी रवीना की थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वजन तो उन्होंने कम कर लिया, लेकिन वह अपनी हाइट का क्या करेगा? रवीना के मुताबिक, तब तक वह उस लड़के से करीब तीन इंच लंबी हो चुकी थीं। लव स्टोरी-3 अजय देवगन से जुड़ा रिश्ता बना विवाद, लव लेटर के आरोप पर अभिनेता ने कहा- ‘पागलों के डॉक्टर की जरूरत’ रवीना टंडन ने सलमान खान के साथ फिल्म पत्थर के फूल से 1991 में बॉलीवुड डेब्यू किया। आगे उन्होंने जीना मरना तेरे लिए, परम्परा जैसी कई फिल्में कीं। फिर साल 1994 की फिल्म दिलवाले में उन्हें अजय देवगन के साथ कास्ट किया गया। दरअसल, रवीना और अजय दोनों ही फिल्मी बैकग्राउंड से थे और एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। अजय रवीना के सीनियर थे और कॉलेज के दिनों में दोनों कार एक्सचेंज भी करते थे। फिर जब दोनों को फिल्म दिलवाले में साथ कास्ट किया गया, तो ये दोस्ती और पक्की हो गई। साथ काम करते हुए दोनों की नजदीकियों की चर्चाएं भी शुरू हो गईं। इसी बीच अजय देवगन फिल्म ‘जिगर’ में करिश्मा कपूर के साथ काम कर रहे थे। मीडिया में अजय और करिश्मा की नजदीकियों की खबरें भी आने लगीं। रवीना ने उस समय फिल्मफेयर मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में आरोप लगाया था कि अजय ने उन्हें लव लेटर लिखे थे और करिश्मा के आने से अब वह उनसे दूरी बना रहे हैं। अजय ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। इंटरव्यू में अजय ने रवीना के दावों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें ‘पागलों के डॉक्टर’ की जरूरत है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि रवीना ने उनके नाम से खुद को ही पत्र लिखे थे। अजय ने उनके साथ प्रेम-संबंध होने की बात से इनकार किया था। रवीना ने भी अजय के रवैये पर नाराजगी जाहिर की थी। इस विवाद के दौरान अजय ने एक अन्य इंटरव्यू में चेतावनी दी थी कि अगर रवीना ने उन पर आरोप लगाने बंद नहीं किए, तो वह उनके कई राज खोल देंगे। कई मैगजीन में रवीना की मानसिक स्थिति और कथित आत्महत्या की कोशिश को लेकर भी दावे किए गए थे। तब अजय ने कहा था कि ये सिर्फ रवीना का पब्लिसिटी स्टंट है। लव स्टोरी-4 अक्षय कुमार ने शादी का प्रस्ताव रखा, फार्महाउस में हुई थी सगाई 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘मोहरा’ ने रवीना टंडन और अक्षय कुमार की जोड़ी को खूब लोकप्रियता दिलाई। साथ काम करते-करते दोनों करीब आए और उनके रिश्ते की खबरें फिल्मी गलियारों में चर्चा का विषय बन गईं। रवीना ने सिमी गरेवाल के चैट शो में बताया था कि एक दिन अक्षय ने उनसे डेट पर चलने के लिए कहा। रवीना ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह किसी अफेयर या डेटिंग के लिए तैयार नहीं हैं। इस पर अक्षय ने उनसे कहा था कि वह उन्हें सिर्फ डेट करने के लिए नहीं, बल्कि शादी के नजरिए से देखते हैं। रवीना के मुताबिक, अक्षय ने उनसे कहा था कि वह ऐसी लड़की हैं, जिससे वह शादी करना चाहेंगे। रवीना ने जब उनसे पूछा कि क्या वह समझते हैं कि क्या कह रहे हैं, तो अक्षय ने जवाब दिया कि वह उनके पिता से बात करेंगे। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई और शादी की तैयारियां शुरू हो गईं। रवीना शादी करके घर बसाना चाहती थीं। उन्होंने अपने करियर से ब्रेक लेने का फैसला भी किया। सिमी गरेवाल से बातचीत में उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपनी मर्जी से फिल्मों से दूरी बनाई थी, क्योंकि उन्हें लगा था कि शादी के बाद वह सामान्य पारिवारिक जिंदगी जीना चाहेंगी। 19 अप्रैल 1995 को दोनों की सगाई होने की खबरें सामने आईं। यह समारोह रवीना के फार्महाउस पर हुआ था। दोनों परिवार मौजूद थे, पंडित ने पूजा-पाठ कराया और रवीना के सिर पर लाल चुनरी रखी गई। समारोह इतना पारंपरिक था कि कई लोगों को लगा कि दोनों की शादी हो चुकी है। फिर रिश्ते में दरार आने लगी। उस समय अक्षय और शिल्पा शेट्टी के कथित रिश्ते को लेकर भी खबरें सामने आईं और रवीना की सगाई टूट गई। रिश्ता टूटने के बाद रवीना ने फिल्मों में वापसी की और ‘जिद्दी’, ‘दूल्हे राजा’ तथा ‘आंटी नंबर 1’ जैसी फिल्मों में काम किया। लव स्टोरी-5 पार्टी में अनिल थडानी को देखा, दो साल बाद शुरू हुई बातचीत, दो महीने में की सगाई रवीना टंडन की जिंदगी में आखिरकार वह शख्स आया, जिसके साथ उनकी कहानी शादी तक पहुंची। नाम था अनिल थडानी। वह फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर थे और फिल्म इंडस्ट्री से ही जुड़े थे। इस मुलाकात का किस्सा रवीना ने लहरें रेट्रो को दिए इंटरव्यू में सुनाया था। उन्होंने बताया कि साल 2001 में वह अपने कुछ सिंगल दोस्तों के साथ वैलेंटाइन्स डे मनाने निकली थीं। एक क्लब में उनकी नजर एक ऐसे शख्स पर पड़ी, जो अपने दोस्तों के साथ आया था। रवीना ने अपने पास बैठे फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा से पूछा कि वह कौन है। मनीष ने हैरानी से कहा कि वह उसे नहीं जानतीं, जबकि वे एक ही इंडस्ट्री से जुड़े हैं। तब रवीना को पता चला कि वह शख्स अनिल थडानी हैं और उन्होंने ही उनकी पहली फिल्म ‘पत्थर के फूल’ डिस्ट्रीब्यूट की थी। यानी जिस शख्स पर उस रात उनकी नजर ठहरी, वह उनके करियर की शुरुआत से ही किसी न किसी रूप में जुड़ा हुआ था। हालांकि, उस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच कोई रिश्ता शुरू नहीं हुआ। रवीना को यह भी पता चला कि अनिल पहले तलाक ले चुके थे और उस समय लंदन की एक लड़की को डेट कर रहे थे। कहानी में अगला मोड़ करीब दो साल बाद आया। रवीना अपनी फिल्म ‘स्टंप्ड’ प्रोड्यूस कर रही थीं और अनिल उसके डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े थे। रवीना के मुताबिक, 4 अगस्त 2003 को दोनों की मुलाकात हुई और इसी दौरान उनकी बातचीत आगे बढ़ी। इसके बाद चीजें तेजी से बदलीं। रवीना ने बताया था कि दोनों ने करीब दो महीने डेटिंग करने के बाद सगाई कर ली। नवंबर 2003 में उनकी सगाई हुई और 22 फरवरी 2004 को दोनों शादी के बंधन में बंध गए। लेकिन रवीना की जिंदगी में शादी सिर्फ दो लोगों का साथ आना नहीं थी। वह पहले ही छाया और पूजा नाम की दो बेटियों को गोद ले चुकी थीं। ऐसे में अनिल के साथ रिश्ता आगे बढ़ाते हुए उनके लिए यह जरूरी था कि वह उनकी बेटियों को भी अपने परिवार का हिस्सा मानें। रवीना ने अनिल के सामने अपनी बेटियों और अपने परिवार को स्वीकार करने की बात रखी। अनिल ने इस रिश्ते को अपनाया और समय के साथ बेटियों के जीवन में पिता जैसी भूमिका निभाई। शादी के बाद रवीना और अनिल के दो बच्चे हुए, बेटी राशा और बेटा रणबीरवर्धन।
ऋषिकेश और चंबा के बीच ताछिला-बेमर के पास रविवार को ‘आश्रम 4’ की शूटिंग टीम को लेकर जा रही टूरिस्ट बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए। बस जयपुर, राजस्थान की थी और इसमें शूटिंग दल के करीब 20 सदस्य सवार थे। ढलान पर ब्रेक फेल होने से बस में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक शाहिद अली की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। नाली में उतारकर बस को रोका ब्रेक फेल होने के बाद चालक ने घबराने के बजाय बस को नियंत्रित किया। उन्होंने बस को सड़क किनारे बनी नाली में उतार दिया और धीरे-धीरे सुरक्षित रोक लिया। चालक के इस फैसले से बस पलटने या किसी दूसरी गाड़ी से टकराने की स्थिति नहीं बनी। सभी लोग सुरक्षित निकले बस रुकने के बाद उसमें सवार सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात रही कि हादसे में किसी भी सदस्य को चोट नहीं आई। बाद में शूटिंग टीम के सदस्यों को अन्य वाहनों से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। शूटिंग दल ने चालक शाहिद अली की सूझबूझ और समय पर लिए गए फैसले की सराहना की। पहाड़ी सड़कों पर हादसे रोकना चुनौती उत्तराखंड में पहाड़ी सड़कों पर सड़क हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। हादसों को रोकने के लिए परिवहन और पुलिस विभाग की ओर से प्रवर्तन अभियान चलाए जाते हैं। वहीं, निर्माण एजेंसियां सड़कों की स्थिति सुधारने और ब्लैक स्पॉट को ठीक करने पर काम कर रही हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से भी जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं में अपेक्षित कमी नहीं आ पाई है। पहाड़ी क्षेत्रों में ब्लैक स्पॉट के साथ वाहन की तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति और ढलान जैसे कारण भी दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाते हैं।
दिवाली के त्योहार से पहले बॉलीवुड सेलेब्स पारंपरिक और मॉडर्न एथनिक आउटफिट्स में नजर आ रहे हैं। 24 अक्टूबर को दिल्ली में डिजाइनर अभिनव मिश्रा के फैशन शो में अभिनेत्री कृति सेनन शोस्टॉपर के रूप में रैंप पर उतरीं। कृति ने ग्रे और सिल्वर कलर का हैवी मिरर-वर्क वाला लहंगा पहना। इस लुक की मुख्य खासियत पारंपरिक दुपट्टे की जगह शीर फैब्रिक का केप स्टाइल दुपट्टा रहा। वहीं, मुंबई में आयोजित दिवाली पार्टी में शिल्पा शेट्टी, मृणाल ठाकुर, श्रिया सरन और उर्मिला मातोंडकर एथनिक लुक्स में पहुंचीं। दिवाली पार्टी: शिल्पा, मृणाल और श्रिया का पारंपरिक लुक इधर मुंबई में आयोजित दिवाली पार्टी में भी कई अभिनेत्रियां एथनिक लुक्स में शामिल हुईं। अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी व्हाइट कलर के एम्बेलिश्ड एथनिक आउटफिट में पहुंचीं, जिसके साथ उन्होंने मैचिंग पोटली बैग और हेयर बन बनाया था। मृणाल ठाकुर नेवी ब्लू कलर के आउटफिट में नजर आईं, जबकि श्रिया सरन ने शिमरी सिल्वर साड़ी के साथ हैवी एम्बेलिश्ड ब्लाउज पहना था। श्रिया ने अपने लुक को स्टेटमेंट चोकर और मैचिंग इयररिंग्स से पूरा किया। पार्टी में उर्मिला मातोंडकर भी पारंपरिक लुक में पहुंचीं। देखें पार्टी में एक्ट्रेस का लुक... ये खबर भी पढ़ें शिल्पा राव की परफॉर्मेंस बीच में रोकी गई:माइक बंद हुआ, स्टेज की लाइटें बुझीं; सिंगर बोलीं- यह बहुत दुख देता है, आयोजकों ने माफी मांगी बॉलीवुड म्यूजिक प्रोजेक्ट के 10वें एडिशन में शनिवार को मुंबई के जियो वर्ल्ड गार्डन्स में नेशनल अवॉर्ड विनर सिंगर शिल्पा राव की परफॉर्मेंस अचानक रोक दी गई। शिल्पा का माइक दो बार बंद किया गया। परफॉर्मेंस के दौरान मेन स्टेज की लाइट बंद कर दी गई और उसी समय दूसरे स्टेज पर सिंगर कुटले खान का शो शुरू हो गया। पूरी खबर पढ़ें
सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर गजेंद्र चौहान ने कड़ी आपत्ति जताई है। दरअसल नसीरुद्दीन शाह ने बीजेपी को अपशब्द कहे थे, इस पर गजेंद्र चौहान ने कहा की नसीरुद्दीन शाह को ऐसा बोलते हुए शर्म आनी चाहिए। गजेंद्र चौहान ने नसीरुद्दीन को सलाह दी कि वे सरकार की आलोचना करने के बजाय छात्रों को सही सलाह दें। उन्होंने कहा कि नसीरुद्दीन महान कलाकार हैं, लेकिन राजनीतिक मुद्दों पर हमेशा एकतरफा बात करते हैं। 140 करोड़ लोगों ने चुना, अपशब्द कहना दुखद गजेंद्र चौहान ने कहा कि जिस पार्टी को देश के 140 करोड़ लोगों ने चुनकर सत्ता में बिठाया है, उसे अपशब्द कहना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि नसीरुद्दीन शाह को ऐसे शब्दों के इस्तेमाल पर शर्म आनी चाहिए। गजेंद्र चौहान ने कहा कि अभिनय की दुनिया में नसीरुद्दीन शाह का कद बड़ा है और वे एक अच्छे इंसान हैं, लेकिन सोशल मीडिया वीडियोज और पोस्ट्स के जरिए वे अक्सर किसी मुद्दे का केवल एक ही पक्ष सामने रखते हैं। छात्र आंदोलन पर बोले- बातचीत से ही निकलेगा समाधान SRFTI में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन पर बात करते हुए गजेंद्र चौहान ने कहा कि संस्थान का प्रशासन छात्रों की समस्याओं को हल करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि विरोध करना छात्रों का अधिकार है, लेकिन जब तक दोनों पक्ष आमने-सामने बैठकर बात नहीं करेंगे, तब तक अनिश्चितकालीन आंदोलन से कोई हल नहीं निकलेगा। चौहान ने कहा कि नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत से जनता का विश्वास हासिल किया है, इसलिए सरकार पर हमला करने के बजाय छात्रों को बातचीत का रास्ता अपनाने की सलाह देनी चाहिए। नसीरुद्दीन शाह ने बीजेपी के लिए अपशब्द कहे नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया। अभिनेता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। शाह ने वीडियो में कहा कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। वीसी के इस्तीफे की मांग को लेकर SRFTI में धरना क्या है पूरा मामला? दरअसल, कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्र 25 दिनों से धरना दे रहे हैं। वे कैंपस में हुई कथित हिंसा, सुरक्षा में कमी और प्रशासन की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। छात्रों ने क्लास का भी बहिष्कार किया है। यह विरोध 27 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान हुई कथित झड़प के बाद शुरू हुआ था। छात्र कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने, हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और अपने खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वे संस्थान के कुलपति संतोष अजमेरा का इस्तीफा भी चाहते हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें जरूरी सुविधाएं न देना गलत है। वहीं, संस्थान ने 16 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक पढ़ाई रोक दी थी। साथ ही छात्रों को 24 घंटे में हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया था। छात्रों ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, प्रशासन का आरोप है कि कुछ छात्र कोर्स पूरा होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे थे और जूनियर छात्रों को क्लास में जाने से रोक रहे थे। प्रशासन ने 15 अक्टूबर को छह छात्रों को निलंबित भी किया था। इन पर शिक्षकों और सुरक्षा कर्मचारियों से मारपीट समेत अनुशासन तोड़ने के आरोप हैं।
बिग बॉस 20 के लेटेस्ट ‘वीकेंड का वार’ एपिसोड में रोहित शेट्टी ने अपने घर पर हुई फायरिंग का जिक्र किया। उन्होंने यंग DSA से बात करते हुए कहा, “हमारे घरों पर गोलियां चल रही हैं।” सलमान खान पहले से तय कामों के कारण एपिसोड में मौजूद नहीं थे। उनकी जगह रोहित शेट्टी ने शो होस्ट किया और आसिफ खान, स्काउट OP और यंग DSA को रियलिटी चेक दिया। शो के दौरान जब कंटेस्टेंट्स यंग DSA, स्काउट OP और आसिफ खान एक ग्रुप बनाकर काजी तौकीर को बुली कर रहे थे और आक्रामक व्यवहार दिखा रहे थे, इसको लेकर रोहित शेट्टी ने तीनों को फटकार लगाई। आसिफ खान के व्यवहार पर रोहित ने लगाई फटकार रोहित ने आसिफ खान को उनके आक्रामक व्यवहार के लिए फटकार लगाई। उन्होंने स्काउट OP को अरिश्फा खान का पैर पकड़कर घसीटने के लिए भी डांटा। रोहित ने आसिफ से कहा, “अगर शो में काजी नहीं है, तो चर्चा के लिए कोई मुद्दा नहीं रहेगा। मैं शो देख रहा हूं और यहां आया हूं।” उन्होंने कहा, “नॉमिनेशन टास्क के दौरान आपकी और काजी की बहस हुई थी। काजी ने तुरंत माफी मांग ली थी।” रोहित के मुताबिक, ऐसा लगा कि आसिफ और उनके साथी काजी को उकसा रहे थे। वे चाहते थे कि काजी हाथ उठाएं और शो से बाहर हो जाएं। उन्होंने आसिफ से कहा, “आप बहुत आक्रामक हो जाते हैं। आपको देखना डरावना लगता है। आपने काजी को लगभग हेडबट कर दिया था।” यंग DSA से बोले- गैंगस्टर जैसे मत घूमो यंग DSA को फीडबैक देते हुए रोहित ने कहा कि उनका अकेले खेलना अच्छी बात है। उन्होंने यंग से अपनी क्षमता दिखाने और अकेले खेलने की सलाह दी। रोहित ने कहा, “यह शो आपको बहुत कुछ देता है। इसलिए यंग, अकेले खेलना शुरू करो। आपमें क्षमता है।” उन्होंने कहा, “मैंने कई बार देखा है कि आप लोग गैंगस्टर की तरह घूमते हैं, लेकिन आप किसी गैंग में नहीं रहते।” डायरेक्टर ने कहा कि हमारे शो के होस्ट (सलमान) 60 के हैं। कुछ हफ्ते पहले टी-शर्ट उतारकर पूरे इंटरनेट को हिला दिया। तुम्हारे सामने जो खड़ा है, वो 52 का है। रोहित ने यंग DSA, स्काउट OP और आसिफ खान से कहा, “आप खुद को गैंगस्टर समझते हैं, लेकिन दसवीं कक्षा के छात्रों जैसे दिखते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “यहां हमारे घरों पर गोलियां चल रही हैं। आप लोग किस वजह से गैंगस्टर की तरह घूम रहे हैं?” रोहित ने कहा, “लोग सोचते हैं कि अगर उन्होंने आपको कुछ कहा, तो उन्हें ट्रोल किया जाएगा। लेकिन जिंदगी में हमारे साथ जो हो रहा है, क्या उससे हम ट्रोलिंग से डर जाएंगे?” फरवरी में रोहित के घर पर चली थीं पांच गोलियां इस साल फरवरी में मुंबई के जुहू स्थित रोहित शेट्टी के घर पर पांच राउंड फायरिंग हुई थी। इस मामले में फायरिंग लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों ने की थी, ऐसा आरोप है। मुंबई पुलिस ने इस घटना के मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इससे पहले अप्रैल 2024 में सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर भी बंदूकधारियों ने फायरिंग की थी। टाइगर श्रॉफ की कार पर भी हुई थी फायरिंग हाल ही में 18 अक्टूबर को जुहू में एक फुटबॉल ग्राउंड से निकलते समय टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की गई थी। टाइगर को गोली नहीं लगी। हालांकि, उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे। इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने टाइगर, सलमान खान, आमिर खान और रोहित शेट्टी समेत कई बॉलीवुड हस्तियों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी। जनवरी में रिलीज होगी ‘गोलमाल 5’ काम की बात करें तो रोहित शेट्टी की अगली फिल्म ‘गोलमाल 5’ अगले साल जनवरी में रिलीज होने वाली है।
बॉलीवुड म्यूजिक प्रोजेक्ट के 10वें एडिशन में शनिवार को मुंबई के जियो वर्ल्ड गार्डन्स में शिल्पा राव की परफॉर्मेंस अचानक रोक दी गई। शिल्पा का माइक दो बार बंद किया गया। वह करीब 8:30 बजे स्टेज पर पहुंची थीं, जबकि उनका शो शाम 7:45 से 8:15 बजे तक होना था। परफॉर्मेंस के दौरान मेन स्टेज की लाइट बंद कर दी गई और उसी समय दूसरे स्टेज पर सिंगर कुटले खान का शो शुरू हो गया। शिल्पा ने कहा, “वो नहीं गाने दे रहे।” फैंस ने नाराज होकर शिल्पा-शिल्पा के नारे लगाए और आयोजकों को हूट किया। बाद में शिल्पा ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि इस तरह की घटना से दुख होता है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, बॉलीवुड म्यूजिक प्रोजेक्ट में दो स्टेज बनाए गए थे। मेन स्टेज के बाईं ओर एक छोटा दूसरा स्टेज था। कार्यक्रम का फॉर्मेट तय था। पहले मेन स्टेज पर कलाकार परफॉर्म करता था। इसके बाद दूसरे स्टेज के आर्टिस्ट परफॉर्म करते थे। उनका शो खत्म होने पर अगला आर्टिस्ट मेन स्टेज पर आता था। हालांकि, कार्यक्रम तय समय से पीछे चल रहा था। शिल्पा राव की परफॉर्मेंस शाम 7:45 से 8:15 बजे तक होनी थी। वह करीब 8:30 बजे स्टेज पर पहुंचीं। उन्होंने फिल्म ‘अनवर’ (2007) का गाना ‘तोसे नैना लागे’ गाकर शो शुरू किया। शुरुआत में परफॉर्मेंस शानदार रही। गाना खत्म होने से पहले ही शिल्पा का माइक अचानक बंद हो गया। उन्होंने बैकस्टेज टीम को इशारा किया। इसके बाद एक क्रू मेंबर तुरंत उनके लिए दूसरा माइक लेकर पहुंचा। शिल्पा ने दर्शकों से कहा, “मुझे माइक की जरूरत नहीं है। आप लोग मेरी आवाज हैं।” इस पर दर्शकों ने जोरदार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि उनकी मां भी कार्यक्रम में मौजूद हैं और उनका जन्मदिन है। इसके बाद दर्शकों ने ‘हैप्पी बर्थडे टू यू’ गाना गाया। शिल्पा ने इसके बाद ‘तेरे हवाले’ गाया। उन्होंने ‘कलंक’ (2019) का टाइटल ट्रैक, ‘खुदा जाने’ और ‘वो अजनबी’ भी परफॉर्म किया। ‘खुदा जाने’ फिल्म ‘बचना ऐ हसीनो’ (2008) का गाना है। ‘वो अजनबी’ फिल्म ‘द ट्रेन’ (2007) का गाना है। ‘सैयारा’ (2025) के गाने ‘बर्बाद’ के लिए द रिश भी शिल्पा के साथ स्टेज पर पहुंचे। इसके बाद शिल्पा ने फिल्म ‘देवरा’ (2024) का गाना ‘छुट्टमल्ले’ गाया। कुटले खान का शो शुरू होते ही मेन स्टेज बंद ‘छुट्टमल्ले’ खत्म करने के बाद शिल्पा अगले गाने की तैयारी कर रही थीं। तभी मेन स्टेज की लाइट बंद हो गई। इसी समय शिल्पा का माइक भी बंद कर दिया गया। ठीक उसी वक्त दूसरे स्टेज की लाइट जल उठी और कुटले खान ने परफॉर्म करना शुरू कर दिया। दर्शकों को कुछ सेकंड बाद समझ आया कि क्या हुआ है। शिल्पा की परफॉर्मेंस अचानक खत्म कर दी गई थी। मेन स्टेज अंधेरे में था। फिर भी साफ दिख रहा था कि शिल्पा इस घटना से हैरान, नाराज और परेशान थीं। दर्शकों ने जोर-जोर से “शिल्पा-शिल्पा” के नारे लगाने शुरू कर दिए। वे मांग कर रहे थे कि शिल्पा को परफॉर्मेंस पूरी करने दी जाए। हंगामे के बीच शिल्पा का माइक फिर चालू किया गया। वह आगे आईं और उन पर स्पॉटलाइट डाली गई। इस दौरान कुटले खान बगल वाले स्टेज पर गाते रहे। शिल्पा ने कुटले खान से कहा, “कुटले जी, मैं एक लाइन बोलकर निकल जाऊंगी, ठीक है? आप बहुत अच्छा गा रहे हो। आप बहुत सही गा रहे हो।” ‘मैं बाय कहे बिना नहीं जा सकती’ दर्शकों के लगातार नारे लगाने के बीच शिल्पा ने कहा, “मैं सिर्फ बाय कहना चाहती थी। मैं बाय कहे बिना नहीं जा सकती। वो नहीं गाने दे रहे।” उनकी बात सुनकर दर्शकों ने जोरदार हूटिंग की। शिल्पा ने आगे कहा, “लेकिन मैं एक बात कहूंगी। आप लोगों ने मेरी परफॉर्मेंस के 15-20 मिनट शानदार बना दिए।” उन्होंने कहा, “लंबे समय बाद मैंने मुंबई में परफॉर्म किया है।” हालांकि, वह अपनी बात पूरी कर पातीं, इससे पहले उनका माइक फिर बंद कर दिया गया। उस समय दूसरे स्टेज पर कुटले खान की परफॉर्मेंस जारी थी। शिल्पा असहाय नजर आईं और कुछ नहीं कर सकीं। स्टेज से चली गईं। इंस्टाग्राम पर लिखा- हमारा किस्सा अधूरा रह गया कॉन्सर्ट के बाद शिल्पा राव ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “मुंबई, आज रात मेरे दिल का एक छोटा-सा हिस्सा टूट गया। हमसे इतनी खूबसूरत चीज इस तरह छीन ली गई, यह बहुत दुख देता है।” शिल्पा ने आगे लिखा, “लेकिन जब म्यूजिक रुक गया, तब भी आप नहीं रुके। जिस तरह आप मेरा नाम पुकारते रहे, आपकी आवाज में जो प्यार था, मैं उसे महसूस कर सकती थी।” उन्होंने लिखा, “आज रात हमारा किस्सा अधूरा रह गया। मैं वादा करती हूं, मैं वापस आऊंगी। आई लव यू, मुंबई। हमेशा और हमेशा।” इस कार्यक्रम में नीरज श्रीधर, रूप कुमार राठौड़, अनु मलिक, यूफोरिया, हरिहरन, हिमेश रेशमिया और कई अन्य कलाकारों ने भी परफॉर्म किया।
80वें दिन Hanuman Ansh पर फिर बरसी 'नीम करोली बाबा' की कृपा, शनिवार को फिल्म पर जमकर हुई धनवर्षा
विशाल चतुर्वेदी की फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर 80 दिन पूरे कर लिए हैं और इसकी कमाई लगातार जारी है। इसका बजट सिर्फ 2 करोड़ रुपये था।
एक्टर गोविंदा ने पत्नी सुनीता आहूजा की तलाक की अर्जी वापस लेने से जुड़े सवाल पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हम हिंदू आदमी हैं और हमारे यहां तलाक शब्द नहीं है। गौरतलब है कि गोविंदा पिछले कई दिनों से अपनी निजी जिंदगी और पत्नी सुनीता आहूजा के साथ रिश्तों को लेकर चर्चा में हैं। ABP न्यूज के साथ बातचीत में गोविंदा ने अपने रिश्ते और पत्नी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों को लेकर रिएक्शन दिया। हालांकि, उन्होंने कई सवालों पर सीधे जवाब देने के बजाय इशारों में अपनी बात कही। गोविंदा ने साफ किया कि वह किसी को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा नहीं करना चाहते। उनका कहना है कि जिंदगी में कई बार ऐसे हालात बनते हैं, जब इंसान को अपने रिश्तों और परिस्थितियों को समझते हुए धैर्य रखना पड़ता है। इंटरव्यू के दौरान गोविंदा से पूछा गया कि सुनीता आहूजा पहले कहती थीं कि अगर उनके पति के चार-पांच अफेयर्स और होते तो अच्छा होता, लेकिन अब वही उन पर गंभीर आरोप क्यों लगा रही हैं? इस सवाल पर गोविंदा ने कहा कि वह इस मामले में कुछ बातें गुप्त रूप से कहना चाहते हैं, लेकिन पूरी तरह खुलासा नहीं करेंगे। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका स्वभाव ऐसा है कि वह जिंदगी के मंच का पर्दा उस हद तक नहीं उठाते, जहां किसी व्यक्ति को शर्मिंदगी का सामना करना पड़े या समाज के सामने उसके लिए मुश्किलें खड़ी हो जाएं। तलाक के सवाल पर क्या कहा? बातचीत के दौरान गोविंदा और सुनीता के रिश्ते की कानूनी स्थिति को लेकर भी सवाल पूछा गया। इंटरव्यू में सुनीता की ओर से तलाक की अर्जी वापस लिए जाने का उल्लेख हुआ और गोविंदा से पूछा गया कि क्या ऐसा किसी दबाव के कारण हुआ या आपसी सहमति से। इस सवाल पर गोविंदा ने सीधे तौर पर पूरी घटना का विवरण नहीं दिया। उन्होंने कहा, नहीं-नहीं, हम हिंदू आदमी हैं और हमारे यहां तलाक शब्द नहीं है। सभी व्यवस्थाएं हमारे अंदर हैं। गोविंदा ने कहा, हीरोइनों से बस हेलो-हाय हुई इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि सुनीता जी कहती हैं कि गोविंदा किसी के रूप-सौंदर्य में इतने खो गए हैं कि उन्हें अपना घर-परिवार भी नजर नहीं आ रहा, तो गोविंदा ने हंसते हुए अपने अंदाज में जवाब दिया। गोविंदा ने कहा कि वह उस तरह के इंसान नहीं हैं, जैसा उनके बारे में समझा जा रहा है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनके सामने चार-चार मिस यूनिवर्स जैसी हीरोइनें आईं, लेकिन वह उनसे कभी ठीक से मिल भी नहीं पाए। अभिनेता ने कहा कि इन अभिनेत्रियों के साथ उनकी बातचीत हेलो-हाय तक ही सीमित रही। बातचीत के दौरान जब कहा गया कि उन्होंने कभी पार्टियां करने जैसी चीजें नहीं कीं और अब उन्हें इसका पछतावा होता है, तो गोविंदा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें इस बात का बहुत ज्यादा पछतावा हो रहा है। उन्होंने हंसते हुए कहा, “भयंकर रूप से हो रहा है पछतावा। मैं अभी मौका मिले तो मैं दांव लगा दूं उनके साथ। सॉरी, मजाक कर रहा हूं।” गोविंदा ने बातचीत में कहा कि उनका नाम और बदनामी लंबे समय से एक साथ चलते आए हैं। उनके मुताबिक, जब किसी व्यक्ति को नाम और प्रसिद्धि मिलती है, तो उसके साथ शक और आलोचनाएं भी जुड़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं हुआ कि उन्हें बदनामी का सामना न करना पड़ा हो। अभिनेता ने एक पुरानी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि करीब आठ-नौ साल पहले उन्होंने किसी से कहा था कि आने वाले समय में कुछ ऐसी परिस्थितियां बनेंगी, जिनका प्रभाव उनके जीवन पर पड़ेगा। गोविंदा के मुताबिक, उस समय उन्होंने जिस दौर की आशंका जताई थी, आज उन्हें लगता है कि परिस्थितियां उसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किस व्यक्ति या घटना की ओर था। उन्होंने कहा कि वह हर बात को सार्वजनिक नहीं करना चाहते, क्योंकि उनके लिए किसी की प्रतिष्ठा और सम्मान भी महत्वपूर्ण है। 'कड़वाहट से कभी मिठास नहीं आएगी' इंटरव्यू में गोविंदा से पूछा गया कि जब उनके बारे में लगातार नकारात्मक बातें कही जाती हैं, तो वह खुलकर जवाब क्यों नहीं देते। इस पर एक्टर ने कहा कि वह पलटकर किसी को अपमानित करने में विश्वास नहीं रखते। गोविंदा ने कहा, कड़वाहट से कभी मिठास नहीं आएगी। उन्होंने समझाया कि समय के साथ लोगों को खुद समझ में आ जाता है कि किसने किस परिस्थिति में कैसा व्यवहार किया था। पत्नी को भी दिया अपनी सफलता का श्रेय सुनीता आहूजा के साथ रिश्तों पर सवालों के बीच गोविंदा ने अपनी पत्नी को लेकर सकारात्मक बातें भी कहीं। उन्होंने कहा कि जब से सुनीता उनके घर आई हैं, तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। अभिनेता ने अपनी सफलता और जीवन में मिली उपलब्धियों के लिए अपनी मां के आशीर्वाद का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी भी उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं।
रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 11 दिनों में कमाल कर दिखाया है।
अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर और पृथ्वीराज कपूर जैसे दिग्गजों की यादों से जुड़ा मुंबई का ऐतिहासिक रॉयल ओपेरा हाउस एक बार फिर चर्चा में है। 23 अक्टूबर को दोबारा खुलने के 10 साल पूरे होने पर यहां विशेष संगीत और इमर्सिव प्रोजेक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर गोंडल के महाराजा हिमांशु सिंह और ओपेरा हाउस प्रबंधन से जुड़े आशीष दोषी ने इसकी विरासत, पुनरुद्धार और सांस्कृतिक सफर के बारे में बताया। बदहाली के कारण बंद पड़ा यह थिएटर अब मुंबई में कला और संगीत का प्रमुख केंद्र बन चुका है। 1908 में बनी योजना, 1911 में हुआ उद्घाटन रॉयल ओपेरा हाउस की कहानी 1908 में शुरू हुई। मनोरंजन जगत से जुड़े मौरिस बैंडमैन और पारसी कारोबारी जहांगीर फ्रामजी कराका ने मुंबई में भव्य ओपेरा हाउस बनाने की योजना बनाई। इसकी आधारशिला 1909 में रखी गई। ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम ने 1911 में भारत यात्रा के दौरान इसका उद्घाटन किया। इमारत का निर्माण 1916 में पूरा हुआ। यूरोपीय और भारतीय स्थापत्य शैली के मेल से बनी यह इमारत मुंबई की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा बन गई। पृथ्वीराज कपूर करते थे नाटक, ऋषि कपूर ने सुनाई बचपन की याद ओपेरा हाउस का रिश्ता भारतीय सिनेमा और रंगमंच के कई दिग्गजों से रहा है। पृथ्वीराज कपूर यहां नाटक प्रस्तुत करते थे। लता मंगेशकर ने यहां पहला सार्वजनिक मंचीय प्रदर्शन किया था। अमिताभ बच्चन ने 2016 में दोबारा उद्घाटन के दौरान बताया था कि मुंबई आने के बाद उन्होंने पहली बार फिल्म यहीं देखी थी। उनकी कई फिल्में यहां लंबे समय तक चली थीं। फिल्म ‘102 नॉट आउट’ के मीडिया आयोजन में ऋषि कपूर ने बताया था कि बाल कलाकार के रूप में उनका पहला मंचीय प्रदर्शन इसी ओपेरा हाउस में हुआ था। यह इमारत भारतीय सिनेमा और रंगमंच के इतिहास की गवाह भी है। 1952 में गोंडल राजपरिवार ने खरीदा, 1993 में बंद हुआ 1952 में गोंडल के महाराजा विक्रमसिंहजी ने रॉयल ओपेरा हाउस खरीदा। समय के साथ सिनेमा देखने का तरीका बदला और आधुनिक वातानुकूलित सिनेमाघर लोकप्रिय हुए। रखरखाव की चुनौतियों और दर्शकों की बदलती पसंद के चलते यह थिएटर 1993 में बंद हो गया। करीब दो दशक तक इसके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रही। पिता ने लिया पुनरुद्धार का फैसला, 2016 में फिर खुला महाराजा हिमांशु सिंह के मुताबिक, उनके पिता महाराजा ज्योतेंद्रसिंहजी जडेजा ने इस धरोहर को बचाने का फैसला किया। संरक्षण वास्तुकार आभा नारायण लांबा के मार्गदर्शन में इमारत को मूल स्वरूप के करीब लाया गया। पुराने डिजाइन और स्थापत्य विशेषताओं को सहेजते हुए इसमें आधुनिक सुविधाएं, नई सीटें, एयर कंडीशनिंग और बेहतर साउंड सिस्टम जोड़े गए। 2016 में इसे जनता के लिए दोबारा खोल दिया गया। हिमांशु सिंह ने कहा कि इस पहल का मकसद सिर्फ कमाई नहीं, बल्कि मुंबई के लोगों को उनकी ऐतिहासिक धरोहर लौटाना है। उन्होंने पुनरुद्धार में आभा नारायण लांबा के योगदान की सराहना भी की। 10 साल में नाटक से संगीत तक हजारों रंग ओपेरा हाउस प्रबंधन से जुड़े आशीष दोषी ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में यहां नाटक, संगीत, स्टोरीटेलिंग, बच्चों के कार्यक्रम और कॉर्पोरेट आयोजन हुए। वर्षगांठ पर ‘तबला एंड सन्स’ की प्रस्तुति के साथ पूरे थिएटर पर प्रोजेक्शन के जरिए इमर्सिव शो दिखाया गया। दोषी ने गोंडल राजपरिवार के योगदान को मुंबई के लिए उपहार बताया। उन्होंने कहा कि यह मंच विभिन्न विधाओं के कलाकारों के लिए खुला है। 2017 में रॉयल ओपेरा हाउस को सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के लिए यूनेस्को के एशिया-पैसिफिक अवॉर्ड ऑफ मेरिट से सम्मानित किया गया था।
18 अक्टूबर को सिंगर दलेह मेहंदी उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में हुए एक मेले में परफॉर्म करने पहुंचे थे। सिंगर रुक-रुक कर परफॉर्म कर रहे थे, तभी उत्तराखंड के हेल्थ मिनिस्टर सुबोध उनियाल मंच पर आए और फटकारते हुए कहा- आप शराब पीकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, गाना भी नहीं गा रहे। आपको मालूम है ना कि एक सिंगर पिट कर गया था यहां से। इतना पिटा था कि उसका बाप भी अब नहीं आ सकता यहां पर। इस सरेआम बेइज्जती पर दलेर मेहंदी कुछ कह नहीं सके और तुरंत गाना शुरू कर दिया। सामने आए वीडियो में दलेर मेहंदी काफी असमंजस में दिखे। तब तो कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ, लेकिन इस बेइज्जती से उनके छोटे भाई मीका सिंह ने कहा, दलेर जी की जो इमेज उन्होंने खराब की, वह बहुत गलत है। मैं उनको (मंत्री) कभी माफ नहीं करूंगा। मीका ने बताया कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी, इसके बावजूद उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक परफॉर्म किया। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर माफी नहीं मांगी गई, तो कलाकार उत्तराखंड आना छोड़ देंगे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री दलेर के सपोर्ट में उतर गई। शिल्पा शेट्टी, राजपाल यादव, अनुपम खेर, बादशाह, शान, कपिल शर्मा समेत कई सेलेब्स ने मंत्री के रवैये पर कड़ी निंदा की। उनके भाई मीका ने तो ये भी दावा किया कि दलेर ने जीवन में कभी शराब पी ही नहीं। वहीं, विवाद बढ़ने के बाद मंत्री ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि सिंगर की तबीयत खराब है। इस मामले में 22 अक्टूबर को सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मीका सिंह से कॉल पर बात कर खेद जताया और बीच-बचाव किया। फिर बयान में धामी ने कहा था- “उस समय मंत्री पर जनता का दबाव रहा होगा, उत्तराखंड कलाकारों की धरती है और यहां सभी का सम्मान होता है।” ये इस तरह का इकलौता मामला नहीं है। इससे पहले भी कई इंडियन और इंटरनेशनल सेलेब्स के साथ मंच पर बुरा सलूक हुआ है। एक्ट्रेस गौहर खान को मंच पर थप्पड़ मारा गया, वहीं सिंगर के चेहरे पर एक सिरफिरा फैन हमला कर चुका है। एक नजर ऐसे ही कुछ मामलों पर- 1. कपड़ों पर आपत्ति होने पर गौहर खान को मंच पर थप्पड़ मारा गया 2014 में गौहर खान शो इंडियाज रॉ स्टार होस्ट कर रही थीं, तभी एक शख्स दौड़ते हुए मंच पर आया और उन्हें जोरदार थप्पड़ मार दिया। टीम ने तुरंत उस आदमी को पकड़ लिया और पुलिस को खबर दी गई। शख्स ने पुलिस बयान में कहा कि गौहर ने छोटे कपड़े पहन रखे थे, इसलिए उसने उन्हें थप्पड़ मारा। उस शख्स के खिलाफ धारा 354, 323 और 506 के तहत शिकायत दर्ज हुई थी। 2. सुनील पाल को मंच से बेइज्जत कर भगाया गया 17 जनवरी 2026 को सुनील पाल इस्कॉन जुहू के एक मुशायरे का हिस्सा बने थे। उन्हें पहले गुलदस्ता देने के लिए मंच पर बुलाया गया, लेकिन जैसे ही वो मंच पर कुछ बोलने के लिए रुके, उन्हें बार-बार नीचे जाने को कहा गया और उनके हाथों से माइक छीन लिया गया। जब सुनील ने विनती कर कहा कि शुक्रिया तो बोलने दीजिए, तो पास खड़े शख्स ने सख्त लहजे में कहा- आप बैठिए जाकर, और माइक छीनकर उन्हें जबरदस्ती मंच से उतार दिया। 3. सिंगर करण औजला पर फेंका गया जूता सिंगर करण औजला लंदन में परफॉर्म कर रहे थे, तभी भीड़ में से एक शख्स ने उन्हें जूता फेंककर मार दिया। करण बेहद नाराज हुए और मंच से ही गालियां देनी शुरू कर दीं। 4. गुरू रंधावा ने फैन को रोका तो पड़ा मुक्का गुरु रंधावा 2019 में वैंकूर के मंच पर परफॉर्म कर रहे थे, तभी एक शख्स बार-बार मंच पर चढ़ने की कोशिश करने लगा। सिक्योरिटी ने उस शख्स को रोक दिया, लेकिन जैसे ही सिंगर कॉन्सर्ट खत्म कर मंच से उतरे, तो उस शख्स ने उनके चेहरे पर मुक्का मारा, जिससे वो जख्मी हो गए। 6. सिंगर के साथ मंच पर शख्स ने की बदसलूकी दिसंबर 2025 में बंगाली सिंगर लग्नजिता चक्रवर्ती ने पश्चिम बंगाल के स्कूल कार्यक्रम में परफॉर्मेंस दी। वो देवी पर आधारित गाना गा रही थीं, तभी एक शख्स अचानक मंच पर चढ़ आया और बदसलूकी करने लगा। सिंगर इस इंसिडेंट से काफी डर गईं। विवाद इतना बढ़ा कि सिंगर ने शिकायत दर्ज करवाई। जॉन अब्राहम को फीमेल फैन ने पहुंचाई चोट, एक्टर ने दिया धक्का 12 फरवरी 2012 को जॉन अब्राहम मंगलुरु (तब मैंगलोर) में एक ज्वेलरी शोरूम का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उन्हें देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। इसी दौरान सेल्फी लेने आई एक महिला फैन ने उनका हाथ पकड़कर काट लिया। जॉन डर गए और धक्का देकर उस महिला को पीछे किया। परफॉर्मेंस के बीच सेलेब्स के साथ हुईं ये घटनाएं भी पढ़िए- कनिका कपूर का पकड़ा गया पैर दिसंबर 2025 में मे'गॉन्ग फेस्टिवल में गाते समय एक व्यक्ति अचानक मंच पर पहुंचा और कनिका कपूर के पैर पकड़ लिए। एक्ट्रेस डर गईं, जिसके बाद सिक्योरिटी टीम ने उस शख्स को हटाया। अरिजीत सिंह का हांथ खींचा 2023 में औरंगाबाद के लाइव कॉन्सर्ट के दौरान एक फैन ने हाथ मिलाने के लिए अरिजीत सिंह का हाथ जोर से खींच लिया। इससे उनके हाथ में चोट आई। अरिजीत ने मंच से ही फैन को समझाया कि कलाकारों के साथ इस तरह पेश नहीं आना चाहिए। कैलाश खेर पर फेंकी गई बोतल कर्नाटक में 2023 में परफॉर्मेंस के बीच कैलाश खेर पर बोतल फेंकी गई। पुलिस ने कार्रवाई की और आरोपी को पकड़ा गया। अवा मैक्स को मारा गया मंच पर थप्पड़ अमेरिकन सिंगर अवा मैक्स जून 2023 में लॉस एंजिलिस में परफॉर्मेंस दे रही थीं, तभी एक शख्स अचानक मंच पर आ गया। सिंगर समझ पातीं, उससे पहले ही शख्स ने उन्हें जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। इससे सिंगर की आंख में गहरी चोट आई थी। लिल नैस एक्स पर मंच पर फेंका गया सेक्स टॉय अमेरिकन सिंगर लिल नैस एक्स स्वीडन में एक कॉन्सर्ट के लिए पहुंचे थे, तभी दर्शकों में से एक शख्स ने उन पर सेक्स टॉय फेंका था। सिंगर पिंक पर फेंकी गई अस्थियां अमेरिकन सिंगर पिंक 2023 में लंदन में एक कॉन्सर्ट में परफॉर्म कर रही थीं, तभी उन पर एक थैली फेंकी गई। जब उन्होंने मंच पर ही वो थैली खोली, तो उसमें अस्थियां थीं। डैव चैपल पर परफॉर्मेंस के बीच हुआ हमला स्टैंड-अप कॉमेडी शो के दौरान एक व्यक्ति मंच पर दौड़कर आया और डेव चैपल को जमीन पर गिरा दिया। हमलावर के पास बंदूक जैसी दिखने वाली चीज थी, जिसमें चाकू का ब्लेड लगा था। सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़ लिया। बेबे रेक्सा के चेहरे पर फेंका गया मोबाइल जून 2023 में न्यूयॉर्क के कॉन्सर्ट के दौरान दर्शकों में से किसी ने बेबे रेक्सा के चेहरे पर मोबाइल फोन फेंक दिया। उन्हें आंख के ऊपर चोट लगी और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।
पंजाबी संगीत की दुनिया में ‘गुलाबी क्वीन’ के नाम से मशहूर सिंगर जैस्मीन सैंडलास ने जयपुर में अपनी लाइव परफॉर्मेंस से समां बांध दिया। सिंगर ने फिल्म ‘किक’ का सॉन्ग ‘यार ना मिले’, ‘इश्क दा सूटा’, ‘रात जश्न दी’, ‘बंब जट्ट’, ‘मीठी मीठी’, ‘तरस’, ‘धुरंधर’ टाइटल ट्रैक और ‘शरारत’ जैसे सॉन्ग सुनाए। वहीं कॉन्सर्ट के दौरान ऑडियंस में मौजूद जैस्मीन की मां बेटी को मंच पर परफॉर्म करते देख खुद को थिरकने से रोक नहीं सकीं। जयपुर में प्रस्तुति के दौरान जैस्मीन ने राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ाव दिखाया। उन्होंने पारंपरिक राजस्थानी लोकगीत ‘केसरिया बालम’ को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया। वहीं पारंपरिक अंदाज वाले बंधेज ड्रेस में सजी जैस्मीन ने अपने लुक और स्टेज प्रेजेंस से भी ध्यान खींचा। सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित कॉन्सर्ट में जैस्मीन ने शनिवार को अपने सुपरहिट गानों के साथ एल्बम के गीत भी पेश किए। उनकी गाने और डांस से दर्शक शुरू से लेकर आखिरी पलों तक झूमते रहे। जैसे-जैसे उनके लोकप्रिय गानों की धुनें गूंजती गईं। ऑडियंस भी तालियों, हूटिंग और डांस के साथ उनका उत्साह बढ़ाती नजर आईं। इवेंट के फोटोज यहां देखिए… बंधेज परिधान में मंच पर दिखा पंजाबी अंदाज जैस्मीन की परफॉर्मेंस में उनके पहनावे और मंच पर मौजूदगी का भी खास आकर्षण रहा। बंधेज परिधान में नजर आईं सिंगर ने अपने लुक को पंजाबी संगीत की ऊर्जा और अंदाज के साथ पेश किया। गानों के दौरान उनका लगातार डांस करना और दर्शकों को अपने साथ झूमने के लिए प्रेरित करना कॉन्सर्ट की खासियत रहा। जैस्मीन ने अपने लोकप्रिय गीतों को पूरे उत्साह के साथ प्रस्तुत किया। फैन ने भेंट किया लाइव स्केच, जैस्मीन ने लगाया गले कॉन्सर्ट के दौरान जैस्मीन के एक फैन ने उन्हें खास तोहफा दिया। एक फैन ने उनका लाइव स्केच तैयार कर उन्हें भेंट किया। इस कलाकृति को देखकर जैस्मीन ने जिस तरह प्रतिक्रिया दी। वह कार्यक्रम के यादगार पलों में शामिल हो गया। उन्होंने स्केच को गले लगाया और उसमें गाड़ी चलाते हुए नजर आ रहे व्यक्ति को ‘चौधरी जी’ कहकर संबोधित किया। कॉन्सर्ट के दौरान दर्शकों की पसंद भी साफ तौर पर सामने आई। ऑडियंस की ओर से ‘धुरंधर’ के गाने की सबसे ज्यादा डिमांड की गई।
सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ की रिलीज पर संकट बना हुआ है। अक्टूबर की शुरुआत में रक्षा मंत्रालय के लिए फिल्म की दूसरी स्क्रीनिंग हुई थी, लेकिन अब तक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) नहीं मिला है। इसके बिना मेकर्स सेंसर बोर्ड से प्रमाणन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा सकते। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर भी असमंजस बना हुआ है। फिल्म पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से बनाई जा रही थी। इसकी कहानी 2020 में गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए संघर्ष पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के सुझावों के बाद फिल्म के कुछ हिस्से दोबारा शूट किए गए और संशोधित संस्करण की स्क्रीनिंग कराई गई। इसके बावजूद अंतिम मंजूरी का इंतजार है। दूसरी स्क्रीनिंग के बाद भी नहीं मिली मंजूरी मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली स्क्रीनिंग में रक्षा मंत्रालय ने कुछ बदलाव सुझाए थे। इसके बाद फिल्म की टीम ने सुझावों के आधार पर कुछ दृश्य दोबारा शूट किए और कहानी की प्रस्तुति में भी बदलाव किए। अक्टूबर की शुरुआत में फिल्म का संशोधित संस्करण मंत्रालय के सामने पेश किया गया। इस स्क्रीनिंग में सलमान खान, निर्देशक अपूर्व लाखिया और उनकी टीम शामिल थी। हालांकि, दूसरी स्क्रीनिंग के बाद भी मेकर्स को मंत्रालय की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। इस घटनाक्रम से फिल्म की रिलीज योजना प्रभावित हो सकती है। मेकर्स के लिए फिलहाल जरूरी है कि रक्षा मंत्रालय से NOC मिल जाए, ताकि आगे की औपचारिकताएं पूरी हो सकें। पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ था फिल्म का नाम सलमान खान की इस फिल्म की घोषणा ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से हुई थी। फिल्म की कहानी 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुए संघर्ष से प्रेरित है। इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। फिल्म में सलमान खान भारतीय सेना के एक अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को लेकर शुरुआत से ही उत्सुकता रही है, क्योंकि सलमान लंबे समय बाद भारतीय सेना और सीमा पर हुए संघर्ष से जुड़ी कहानी में नजर आने वाले हैं। बाद में फिल्म का नाम बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया। इसके बाद फिल्म की कहानी और प्रस्तुति को लेकर भी चर्चाएं हुईं। हालांकि, नाम बदलने की पूरी वजह और फिल्म में किए गए बदलावों पर मेकर्स की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मंत्रालय के सुझावों के बाद किए गए बदलाव रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के सुझावों के बाद फिल्म के कुछ हिस्से दोबारा शूट किए गए। इसके बाद संशोधित फिल्म की दूसरी स्क्रीनिंग हुई। हालांकि, रिपोर्ट में मंत्रालय के सभी सुझावों का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। सेना और वास्तविक सैन्य घटनाओं पर आधारित फिल्मों में तथ्यों और उनके चित्रण को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती है। ‘मातृभूमि’ के लिए भी मंत्रालय की मंजूरी आगे की प्रक्रिया में अहम है। फिलहाल स्पष्ट नहीं है कि मंत्रालय फिल्म में और बदलाव करने को कहेगा या मौजूदा संस्करण को मंजूरी देगा। आधिकारिक जानकारी आने तक मंजूरी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होगी। सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया भी मंजूरी पर निर्भर रिलीज से पहले मेकर्स को सेंसर बोर्ड से प्रमाणन लेना होगा। रक्षा मंत्रालय से NOC नहीं मिलने के कारण वे प्रमाणन के लिए आवेदन नहीं कर सकते। फिल्म की रिलीज से पहले एक अहम प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद ही सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया और रिलीज से जुड़ी योजनाओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिल्म की रिलीज को लेकर पहले भी मीडिया रिपोर्ट्स में संभावित तारीखों की चर्चा हुई थी। हालांकि, फिलहाल किसी तारीख को अंतिम मानना सही नहीं होगा। मेकर्स की आधिकारिक रिलीज डेट की घोषणा का इंतजार है।
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने शूटर्स की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मानने पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अंडरवर्ल्ड में गोली चलाने वाले सिर्फ मोहरे होते हैं, जबकि हमले की साजिश रचने वाले असली लोग पर्दे के पीछे रहते हैं। उन्होंने चेताया कि शूटर्स के पकड़े जाने के बावजूद बॉलीवुड में डर का माहौल खत्म होना जरूरी नहीं है। शूटर्स की गिरफ्तारी से खत्म नहीं होगा डर राम गोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि शूटर्स की गिरफ्तारी का जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड के काम करने के तरीके को समझना जरूरी है। उनके मुताबिक, किसी वारदात को अंजाम देने वाला शख्स आपराधिक नेटवर्क का सबसे आसानी से बदला जा सकने वाला हिस्सा होता है। उसका काम सीमित होता है और वारदात के बाद उसकी भूमिका खत्म हो जाती है। इसलिए केवल हमलावरों को पकड़ लेने से पूरे नेटवर्क को खत्म मान लेना सही नहीं होगा। राम गोपाल वर्मा का मानना है कि असली चुनौती उन लोगों तक पहुंचना है, जो हमले की योजना बनाते हैं और दूसरों के जरिए उसे अंजाम दिलाते हैं। 'शूटर मजदूर, मास्टरमाइंड मालिक की तरह' फिल्ममेकर ने अंडरवर्ल्ड की कार्यप्रणाली समझाने के लिए बिल्डिंग बनाने का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह निर्माण में लगे मजदूर इमारत का डिजाइन तैयार नहीं करते और न ही उसके मालिक होते हैं, उसी तरह शूटर्स भी पूरे नेटवर्क को चलाने वाले लोग नहीं होते। उनके अनुसार, शूटर्स सिर्फ तय किए गए काम को अंजाम देते हैं, जबकि असली फैसले लेने वाले लोग दूर रहकर पूरे ऑपरेशन को नियंत्रित करते हैं। कौन-सा काम करना है और किसे निशाना बनाना है, इसका फैसला करने वाले लोग ही नेटवर्क की असली ताकत होते हैं। राम गोपाल वर्मा ने इसी वजह से शूटर्स की गिरफ्तारी को पूरे आपराधिक तंत्र के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई मानने से इनकार किया। हालांकि, यह उनकी सोशल मीडिया पोस्ट में व्यक्त की गई राय है; इससे मामले की जांच की वास्तविक स्थिति अपने आप साबित नहीं होती। सेना के उदाहरण से समझाया सत्ता का खेल राम गोपाल वर्मा ने अपनी बात समझाने के लिए सेना की व्यवस्था का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध में राजा या सेनापति खुद मैदान में लड़ने नहीं उतरते, बल्कि सैनिकों को आदेश देते हैं। जोखिम उठाने वाले सैनिक होते हैं, जबकि फैसले लेने वाले लोग अक्सर सुरक्षित दूरी पर रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सेना और अंडरवर्ल्ड को एक जैसा बताना नहीं है, बल्कि यह समझाना है कि ताकतवर व्यवस्था में फैसले लेने वाले और उन्हें जमीन पर लागू करने वाले अलग-अलग लोग हो सकते हैं। उनके मुताबिक, यही दूरी आपराधिक नेटवर्क के बड़े चेहरों को बचाए रखने में मदद करती है। यदि हर वारदात में सरगना खुद शामिल हो, तो उसके पकड़े जाने या मारे जाने का जोखिम बढ़ जाएगा। इसलिए ऐसे नेटवर्क दूसरे लोगों का इस्तेमाल करते हैं। टाइगर श्रॉफ केस के बाद बॉलीवुड की सुरक्षा पर सवाल राम गोपाल वर्मा ने अपनी पोस्ट के आखिर में कहा कि शूटर्स की गिरफ्तारी को न तो पुलिस की अंतिम जीत माना जा सकता है और न ही इससे अंडरवर्ल्ड को निर्णायक नुकसान पहुंचना तय है। उनके मुताबिक, जब तक पर्दे के पीछे से काम करने वाले लोगों तक नहीं पहुंचा जाता, तब तक डर बना रह सकता है। उनकी टिप्पणी ने टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले के बाद बॉलीवुड की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद बीजेपी पर निशाना साधा। अभिनेता ने आरोप लगाया कि चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। नसीरुद्दीन शाह ने वीडियो में कहा कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। क्या है पूरा मामला? कोलकाता के सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्र 25 दिनों से धरना दे रहे हैं। वे कैंपस में हुई हिंसा, सुरक्षा में कमी और प्रशासन की कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। छात्रों ने क्लास का भी बहिष्कार किया है। यह विरोध 27 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान हुई झड़प के बाद शुरू हुआ था। छात्र कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने, हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और अपने खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वे संस्थान के कुलपति संतोष अजमेरा का इस्तीफा भी चाहते हैं। छात्रों का कहना है कि उन्हें जरूरी सुविधाएं न देना गलत है। वहीं, संस्थान ने 16 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक पढ़ाई रोक दी थी। साथ ही छात्रों को 24 घंटे में हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया था। छात्रों ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, प्रशासन का आरोप है कि कुछ छात्र कोर्स पूरा होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे थे और जूनियर छात्रों को क्लास में जाने से रोक रहे थे। प्रशासन ने 15 अक्टूबर को छह छात्रों को निलंबित भी किया था। इन पर शिक्षकों और सुरक्षा कर्मचारियों से मारपीट समेत अनुशासन तोड़ने के आरोप हैं। छात्र संघ ने इन आरोपों को खारिज किया है और प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। गौरतलब है कि नसीरुद्दीन शाह ने इससे पहले जुलाई के महीने में उन्होंने जंतर-मंतर पर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के छात्र आंदोलन का समर्थन किया था। जुलाई 2026 में नीट (NEET) पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर सीजेपी के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया गया था। प्रोटेस्ट के बीच बच्चों के साथ हुई मारपीट के बाद उन्होंने कड़े शब्दों में सरकार की निंदा की थी। शाह ने एक वीडियो में कहा था, आदाब, नमस्कार। मैं नसीरुद्दीन शाह दो बातें अर्ज करना चाहता हूं आप सब से। पहली बात तो यह है कि अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाम और बेरहम बने। अभिनय के दो अलग-अलग कोर्स राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और पूना फिल्म इंस्टीट्यूट में पूरे करने के बावजूद मैंने अभिनय के बारे में सबसे ज्यादा जो सीखा है, वह उन बच्चों से, उन तालिब-ए-इल्म से जिन्हें सिखाने की कोशिश मैंने की है। आगे नसीरुद्दीन शाह ने कहा था, मेरी पूरी हमदर्दी उनके साथ है। मैं उन्हें हजार-हजार, हर सांस के साथ दुआएं देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं। इस वक्त मेरा दिल भी भरा हुआ है और मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं। यह देखकर कि हमारे इन बच्चों के साथ किस तरह जुल्म का बर्ताव किया जा रहा है उन गुंडों के हाथों, जो मुझे अमरीका के ICE एजेंट्स की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए। आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने कहा था कि कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और यह भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें। बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है, बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ते रहें। मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम सब आपके साथ हैं। और इस मुल्क की हुकूमत को मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं, सब याद रखा जाएगा।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में तीनों संदिग्ध शूटर 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में हैं। क्राइम ब्रांच को जांच में पता चला है कि उन्होंने वारदात से पहले आरे के जंगल में शूटिंग प्रैक्टिस की थी। पुलिस के मुताबिक, ऋतिक, रेहान अंसारी और फूल सिंह ने 3 से 4 दिन तक रोजाना दो से ढाई घंटे अभ्यास किया। इसके बाद उन्होंने रविवार शाम टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की। इस मामले में तीनों संदिग्ध शूटर्स समेत अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मुंबई की आरे कॉलोनी के घने जंगल में फायरिंग की प्रैक्टिस की थी। रेहान को छोड़कर फूल सिंह और ऋतिक को पिस्टल चलाने का अनुभव नहीं था। पुलिस आरे कॉलोनी के जंगल में जाने वाले छह रास्तों के CCTV फुटेज खंगाल रही है। प्रैक्टिस के दौरान पहले तीनों एयरगन से फायरिंग करते थे। बाद में एक ने असली पिस्टल से दो राउंड और दूसरे ने एक राउंड फायर किया। फायरिंग में इस्तेमाल किया जाने वाला असली हथियार उन्हें 17 अक्टूबर को होटल में मिला था। उसी शाम तीनों आरे कॉलोनी के जंगल में सुनसान जगह पहुंचे और फायरिंग का अभ्यास किया। हथियार अमृतसर से मुंबई लाए गए जांच में सामने आया है कि हथियार ‘डेड लेटर बॉक्स’ तरीके से अमृतसर से लाए गए थे। गिरफ्तार आरोपी राधा और बबीता के जरिए इन्हें ट्रेन से मुंबई पहुंचाया गया। यह काम लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित के कहने पर जतिन ने किया था। जतिन, समीर और अंकित के साथ अमृतसर भी गया था। फिल्मों के सेट पर सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी एडवाइजरी जारी मुंबई में टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले के बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने प्रोड्यूसर्स और प्रोडक्शन हाउस से शूटिंग सेट पर सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने की अपील की है। FWICE ने प्रोडक्शन हाउस से ऐसे लोगों को काम पर रखने में सावधानी बरतने को कहा है, जिनकी पहचान और पेशेवर रिकॉर्ड की पुष्टि नहीं हुई है। फेडरेशन ने क्रू मेंबर्स का सही रिकॉर्ड रखने और जरूरत पड़ने पर उनकी अलग से बैकग्राउंड जांच कराने की सलाह भी दी है। फेडरेशन के मुताबिक, इंडस्ट्री से जुड़ी एसोसिएशन अपने सदस्यों का रिकॉर्ड रखती हैं। उनके जरिए लोगों के दस्तावेज और पेशेवर योग्यता की जानकारी जुटाई जा सकती है। हालांकि, किसी एसोसिएशन का सदस्य होना पूरी बैकग्राउंड जांच का विकल्प नहीं है। जरूरत पड़ने पर प्रोडक्शन हाउस को अलग से जांच करनी होगी। FWICE ने यह भी कहा है कि शूटिंग के दौरान किसी संदिग्ध गतिविधि या संभावित खतरे की जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया जाए। एक्टर्स के साथ टेक्नीशियंस और वर्कर्स की सुरक्षा पर भी जोर FWICE ने कहा है कि शूटिंग सेट की सुरक्षा केवल एक्टर्स या चर्चित हस्तियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, टेक्नीशियंस, आर्टिस्ट और दूसरे वर्कर्स की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। फेडरेशन ने प्रोड्यूसर्स, फिल्ममेकर्स और इंडस्ट्री की अलग-अलग एसोसिएशनों से मिलकर काम करने की अपील की है। इसके तहत लोगों की भर्ती से लेकर शूटिंग लोकेशन पर एंट्री और सुरक्षा व्यवस्था तक हर स्तर पर सावधानी बरतने को कहा गया है। 18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फुटबॉल ग्राउंड के बाहर निकलते हुए फायरिंग हो गई। दो हमलावरों ने 5-7 राउंड फायरिंग की। टाइगर जख्मी हुए, जबकि उनके ड्राइवर को गोली लगी। ड्राइवर के जख्मी होने पर टाइगर श्रॉफ ड्राइविंग सीट पर आए और सीधे अस्पताल पहुंचे। हमले के 24 घंटे के अंदर ही सभी आरोपी गिरफ्तार हुए। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली। जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने सलमान खान, अमिताभ बच्चन की भी रेकी की थी। इस घटना के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे पहले फरवरी में फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर भी फायरिंग की खबर आई थी। वहीं, अप्रैल 2024 में सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर गोलीबारी हुई थी। सलमान खान को इससे पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी हैं।
सैफ अली खान ने बजाया गिटार:एक्टर ने ड्रमर्स के साथ किया फ्यूजन, इम्प्रेस होकर करीना ने पूछा सवाल
सैफ अली खान ने हाल ही में बालकनी में इलेक्ट्रिक गिटार बजाते हुए वीडियो शेयर किया। वह कुछ म्यूजिशियन के साथ फ्यूजन करते नजर आए। सैफ ने एक पीला इलेक्ट्रिक गिटार पकड़ा हुआ था, जिसके चारों ओर एम्पलीफायर और दूसरे म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स थे। वीडियो पर करीना कपूर खान ने रोमांटिक कमेंट किया। उन्होंने लिखा, “दुनिया का सबसे कूल पति कौन है? क्या मैं कह सकती हूं, मेरा?” वीडियो शेयर करने के साथ सैफ ने अपनी पोस्ट में मजाकिया अंदाज में लिखा, “ग्रूव मिल गया, टेम्पो खो गया, फिर भी बहुत मजा आया।” सैफ का म्यूजिक से जुड़ाव सैफ पहले भी कई मौकों पर म्यूजिक में अपनी दिलचस्पी दिखा चुके हैं। उन्होंने गिटार बजाने का हुनर भी दिखाया था। सैफ रॉक बैंड्स के साथ परफॉर्म कर चुके हैं। इनमें परिक्रमा भी शामिल है। मई 2025 में करीना ने सैफ और अपने बड़े बेटे तैमूर अली खान की घर पर जामिंग करते तस्वीरें शेयर की थीं। करीना गन्स एन रोजेज के कॉन्सर्ट में नहीं जा सकी थीं। इसके बाद उन्होंने घर पर ही अपने म्यूजिशियन ढूंढ लिए। उन्होंने पिता-पुत्र की तस्वीरों के साथ लिखा था, “शायद मैं गन्स एन रोजेज मिस कर गई, लेकिन मेरे पास अपने बैंड के लोग हैं।” सैफ ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर डेब्यू किया था। सैफ की पहली पोस्ट पटौदी लाइब्रेरी को समर्पित थी। पोस्ट में वह लाइब्रेरी के अंदर पोज देते और पढ़ते नजर आए थे। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में जीता था घी सैफ हाल ही में अमिताभ बच्चन के टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में नजर आए थे। वह अक्षय कुमार के साथ अपनी फिल्म ‘हाइवॉन’ को प्रमोट करने पहुंचे थे। सैफ ने शो में अमिताभ बच्चन के सामने 10वें सवाल का सही जवाब देकर दो साल तक मुफ्त गोवर्धन घी की सप्लाई जीतने का इनाम हासिल किया था। इनाम के बारे में जानकर उनकी खुशी का वीडियो वायरल हुआ। इसके बाद फैन्स ने उन्हें प्यार से “घी लीजेंड” कहना शुरू कर दिया। हाल ही में सैफ और करीना ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ में भी साथ नजर आए। वहां सैफ ने मजाक में बताया था कि उन्हें अब तक दो साल की घी सप्लाई नहीं मिली है। .............. यह खबर भी पढ़ें... सैफ अली खान@56; डायरेक्टर को न्यूड होने को कहा: बीच सड़क शख्स को दांतों से काटा, नवाब खानदान से होकर भी सरकारी बसों में सफर किया 90 का दशक था। मुंबई की सड़क पर दो गाड़ियां अचानक आमने-सामने आ गईं। एक कार में एक युवा एक्टर अपनी पार्टनर और दोस्त के साथ बैठा था। तभी दूसरी कार के ड्राइवर ने अचानक गलत मोड़ ले लिया। एक्टर ने उसे गुस्से में इशारा किया। बात इतनी बढ़ी कि दोनों गाड़ियों के लोग सड़क पर उतर आए। पूरी खबर यहां पढ़ें…
एक्ट्रेस स्मिता जयकर ने हाल ही में बताया कि सुशांत सिंह राजपूत का मुंबई के हिंदुजा हॉस्पिटल में डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। वह उनसे मिलने अस्पताल गई थीं। स्मिता के मुताबिक, रिया चक्रवर्ती ने उनसे आध्यात्मिक उपचार के लिए संपर्क किया था। दरअसल, स्मिता ने सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में कहा, “सुशांत जब हिंदुजा अस्पताल में भर्ती थे, तब मैं उन्हें हीलिंग देने भी गई थी। उनका डिप्रेशन का इलाज चल रहा था।” उन्होंने बताया, “रिया ने मुझे फोन किया था। मैंने उसके साथ ‘सोनाली केबल’ में काम किया था। हमने पहले इन चीजों पर बात की थी। मैंने रिया से कहा था कि मैं सुशांत से मिलने आऊंगी।” आश्रम आने की योजना नहीं हो सकी स्मिता ने बताया कि वह सुशांत को अपने आश्रम ले जाने की योजना बना रही थीं। सुशांत भी वहां एक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार थे। उन्होंने कहा, “उस समय वह शायद दवाइयां ले रहे थे। उन्होंने मुझसे बहुत अच्छे से बात की और खुश नजर आए।” स्मिता ने आगे कहा, “मैं उन्हें आश्रम लाने वाली थी। वह भी वहां की एक प्रक्रिया में शामिल होने के लिए तैयार थे।” उन्होंने बताया, “उस रात रिया ने मुझे मैसेज किया- ‘स्मिता, वह फिर कमजोर पड़ रहे हैं।’ इसके बाद यह मुलाकात नहीं हो सकी। मुझे अफसोस है कि वह नहीं आ पाए।” स्मिता ने यह भी बताया कि मुलाकात के दौरान उन्होंने सुशांत को गले लगाया था। उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें कसकर गले लगाया था। एक्टर के तौर पर मैं उन्हें हमेशा पसंद करती थी।” सुशांत की मौत के बाद खुद से किए सवाल स्मिता ने कहा कि सुशांत की मौत की खबर सुनकर उन्हें लगा कि वह उनकी मदद कर सकती थीं। उन्होंने कहा, “जब मुझे उनकी मौत के बारे में पता चला, तो मैंने सोचा- वह मेरे पास क्यों नहीं आए? उन्होंने दोबारा मुझसे संपर्क क्यों नहीं किया? मैं उनकी मदद कर सकती थी।” रिया के समर्थन में बोलीं स्मिता इंटरव्यू में स्मिता ने सुशांत की मौत के बाद रिया चक्रवर्ती पर हुई जांच और आलोचना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “उस समय रिया ही सुशांत के साथ थी और उनकी मदद करना चाहती थी। इस बेचारी लड़की को इन सब मामलों में घसीट लिया गया।” स्मिता ने कहा, “जब मैंने रिया के साथ काम किया था, तब वह बहुत प्यारी लड़की थी।” सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को अपने मुंबई वाले घर में मृत पाए गए थे। उस समय उनकी उम्र 34 साल थी। उनकी मौत के बाद, रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार पर कई आरोप लगे। मामले में कई जांचें भी हुईं। इसके बाद, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने क्लोजर रिपोर्ट फाइल की। रिपोर्ट में कहा गया कि रिया और उनके परिवार की तरफ से साजिश या क्रिमिनल इन्वॉल्वमेंट का कोई सबूत नहीं मिला। स्मिता जयकर आध्यात्म और हीलिंग से जुड़ी हैं एक्टिंग के अलावा अभिनेत्री स्मिता जयकर पिछले 35 साल से ज्यादा समय से आध्यात्म और हीलिंग से जुड़ी हुई हैं। अभिनय में आने से पहले ही उनकी रुचि इन विषयों में थी। वह चक्र हीलिंग, रेकी और प्राणिक हीलिंग जैसी 36 से ज्यादा उपचार विधियों में सर्टिफाइड हैं। स्मिता अब तक कॉर्पोरेट कर्मचारियों, छात्रों और दूसरे लोगों के लिए 5,000 से ज्यादा वर्कशॉप और सेमिनार कर चुकी हैं। इसके अलावा, उन्होंने आध्यात्मिक विषयों पर दो किताबें लिखी हैं और TEDx पर भी अपनी बात रख चुकी हैं।
हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में कुमाऊं द्वार महोत्सव (सीजन-4) के पहले दिन व्लॉगर सौरव जोशी और अवंतिका भट्ट पर मंच का अपमान करने का आरोप लगा है। सौरव जोशी और उनकी पत्नी को इस महोत्सव में गेस्ट के रूप में बुलाया गया था। देर रात उन्हें सम्मानित करने के लिए मंच पर बुलाया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा और जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण ने मंच का सम्मान करते हुए अपने जूते उतार दिए, लेकिन सौरव जोशी और अवंतिका भट्ट ने जूते नहीं उतारे। इस घटना के बाद से उत्तराखंड में सोशल मीडिया पर सौरव जोशी ट्रोल हो रहे हैं। लोग लगातार स्क्रीनशॉट लेकर पोस्ट कर सौरव जोशी पर सवाल उठा रहे हैं। कल इस महोत्सव में मैथिली ठाकुर परफॉर्म करेंगी। तस्वीरें देखिए- 5 पॉइंट में पूरी खबर… 1. सौरव जोशी पर मंच का अपमान करने का आरोप- हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में कुमाऊं द्वार महोत्सव (सीजन-4) के पहले दिन व्लॉगर सौरव जोशी और उनकी पत्नी अवंतिका भट्ट को अतिथि के रूप में बुलाया गया था। देर रात जब उन्हें सम्मानित करने के लिए मंच पर बुलाया गया, तो कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा और जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने मंच पर जाने से पहले अपने जूते उतार दिए, जबकि सौरव जोशी और अवंतिका भट्ट जूते पहने हुए मंच पर पहुंचे। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर सौरव जोशी को ट्रोल किया जा रहा है। लोग कार्यक्रम के स्क्रीनशॉट साझा कर सवाल उठा रहे हैं। 2. लोकगीतों और जागर से सजी पहली शाम- कुमाऊं द्वार महोत्सव का उद्घाटन 23 अक्टूबर को कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा और हल्द्वानी नगर निगम के मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने दीप प्रज्वलित कर किया। पांच दिवसीय महोत्सव का आयोजन कलाकारों को मंच देने और उत्तराखंड की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत नई दिशाएं संस्था ने दल नायक किशन लाल के नेतृत्व में वंदना प्रस्तुत कर की। इसके बाद संगीता सोनल ने 'ओ भाना तेरी छुड़क्याली दाथुली' गीत प्रस्तुत किया। गायक अमित बाबू गोस्वामी और किरन चोपड़ा ने भी प्रस्तुतियां दीं। वहीं, 'खिड़की मां भैरोली' गीत से चर्चित सोरघाटी के गायक कैलाश कुमार ने दर्शकों का मनोरंजन किया। 3. प्रीतम भरतवाण के जागर पर झूमे दर्शक- महोत्सव की पहली शाम का मुख्य आकर्षण पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण रहे। उन्होंने अपने लोकगीतों और जागर से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुतियों में 'सरुली मेरो जिया लगी रे', 'तेरी रौंथ्याली मुखुड़ी मां' और 'बिंदुली' जैसे गीत शामिल रहे। उनके गीतों पर दर्शक झूमते नजर आए। कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने महोत्सव के आयोजन को उत्तराखंड की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में गोविंद दिगारी और खुशी जोशी दिगारी ने भी महोत्सव के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। 4. आज लोकगीत और उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिताएं- महोत्सव के दूसरे दिन 24 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से लोकगायन और उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम में कुमाऊं की प्रसिद्ध लोक प्रस्तुति सोरघाटी की हलजात्रा भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके अलावा लोकगायक सुरेश राजन, न्योली गायिका आशा नेगी, अनिल रावत, बेबी प्रियंका, विक्की आर्या, रामदाई का होटल फेम गायक सत्येंद्र गंगोला, भगवती दनपुरिया और बाल कलाकार रितु लोहिया व नैतिक कुमार प्रस्तुतियां देंगे। जानकी रावत की डांस परफॉर्मेंस भी कार्यक्रम का हिस्सा होगी। 5. 25 अक्टूबर को मैथिली ठाकुर देंगी प्रस्तुति- महोत्सव के अगले प्रमुख आकर्षण 25 अक्टूबर को देखने को मिलेंगे। इस दिन प्रसिद्ध लोक एवं शास्त्रीय गायिका मैथिली ठाकुर कार्यक्रम में प्रस्तुति देंगी। आयोजकों के अनुसार, सीएम पुष्कर सिंह धामी भी इस दिन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। ----------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… टिहरी में हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग:देहरादून से केदारनाथ जा रहे थे मुंबई के श्रद्धालु; तकनीकी खराबी के बाद स्टेडियम में उतारा देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरने वाले एक निजी हेलिकॉप्टर की शनिवार सुबह नई टिहरी के बौराड़ी स्टेडियम में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हेलिकॉप्टर में पायलट समेत मुंबई के 6 श्रद्धालु सवार थे। (पढ़ें पूरी खबर)
सोशल मीडिया से ब्रेक लेने की बात कहने के एक दिन बाद अमिताभ बच्चन फिर लौट आए हैं। उन्होंने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को ब्लॉग पोस्ट लिखी। अमिताभ ने ब्लॉग पर लिखा, “अभी और आराम चाहिए... खुद को ढाल रहा हूं... सोच रहा हूं और हैरान हूं... इंसानी शरीर और इसकी अनोखी प्रकृति।” वहीं, उन्होंने एक्स पर भी लिखा, “चलो।” अमिताभ ने इससे एक दिन पहले सोशल मीडिया से दूर रहने की वजह बताई थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें कुछ दिन आराम करने और स्वस्थ होने के लिए समय लेने की सलाह दी गई है। अमिताभ हाल ही में 84 साल के हुए हैं। इस महीने की शुरुआत में उन्होंने बताया था कि कौन बनेगा करोड़पति की शूटिंग के दौरान उनके बाएं घुटने में चोट लग गई थी। अमिताभ ने एक्स पर चार दिन की चुप्पी के बाद माफी मांगी थी। उन्होंने लिखा था, “माफी चाहता हूं। मैं आपसे माफी मांगता हूं। मुझे कुछ दिनों के लिए आराम करने और स्वस्थ होने का समय लेने की सलाह दी गई है। इसलिए मैं कुछ नहीं लिख पा रहा हूं।” कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर क्या हुआ कौन बनेगा करोड़पति के एक एपिसोड के दौरान अमिताभ ने बताया था कि शो की शूटिंग के समय उनका पैर फिसल गया था। गिरने से उनके बाएं घुटने में चोट लगी और उन्हें खड़े होने में परेशानी हुई। इसके बाद उन्होंने सेट के बीच खड़े होकर बोलने के बजाय बैठकर अपना शुरुआती मोनोलॉग दिया। हालांकि, उन्होंने दर्शकों को भरोसा दिलाया था कि चोट सीरियस नहीं थी। काम जारी रखे हुए हैं अमिताभ 84 साल की उम्र में अमिताभ बच्चन काम कर रहे हैं। वह टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति को होस्ट कर रहे हैं, सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं और आने वाली फिल्मों पर काम कर रहे हैं। उनकी अपकमिंग फिल्मों में नाग अश्विन की ‘कल्कि 2898 AD पार्ट 2’ शामिल है। इसमें वह अमर अश्वत्थामा की भूमिका दोबारा निभाएंगे। .............. यह खबर भी पढ़ें... अमिताभ बच्चन का बंगला उड़ाने की धमकी: दिलजीत दोसांझ को जान से मारने का मेल; 5 दिन पहले टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग मुंबई में अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को जान से मारने की धमकी मिली थी। मुंबई की मेयर रितु तावड़े को धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था। इसमें अमिताभ के बंगले ‘जलसा’ को बम से उड़ाने और दिलजीत पर आत्मघाती हमले की बात कही गई थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण अपनी दूसरी बेटी के जन्म के महज 36 दिन बाद काम पर लौटने की तैयारी में हैं। मीडिया रिपोर्ट वैरायटी के अनुसार, दीपिका 26 अक्टूबर से शाहरुख खान की बहुचर्चित फिल्म 'किंग' के गाने की शूटिंग शुरू करेंगी। 19 सितंबर 2026 को अपनी दूसरी बेटी के स्वागत के बाद यह दीपिका का पहला शूटिंग शेड्यूल होगा। दीपिका और रणवीर ने अपनी दूसरी बेटी का नाम देवी पादुकोण सिंह रखा है। मुंबई में गाने से होगी कमबैक की शुरुआत रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपिका पादुकोण और शाहरुख खान मुंबई में फिल्म 'किंग' के लिए एक बड़े पैमाने पर बनने वाले गाने की शूटिंग करेंगे। इस गाने में फिल्म की पूरी स्टारकास्ट नजर आ सकती है। वैभवी मर्चेंट इस गाने को कोरियोग्राफ कर रही हैं, हालांकि गाने के टाइटल और संगीतकार के बारे में अभी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। शाहरुख और दीपिका की ऑन-स्क्रीन छठी फिल्म 'किंग' के साथ शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की ऑन-स्क्रीन जोड़ी एक बार फिर दर्शकों के सामने होगी। दोनों ने पहली बार साल 2007 में फराह खान की फिल्म 'ओम शांति ओम' में साथ काम किया था। इसके बाद दोनों 'चेन्नई एक्सप्रेस', 'हैप्पी न्यू ईयर', 'पठान' और 'जवान' जैसी हिट फिल्मों में साथ नजर आ चुके हैं। 'किंग' दोनों की साथ में छठी फिल्म होगी। 19 सितंबर को हुआ था दूसरी बेटी का जन्म दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह 19 सितंबर 2026 को दूसरी बार माता-पिता बने हैं। इससे पहले सितंबर 2024 में उनकी पहली बेटी दुआ का जन्म हुआ था। दोनों ने नवंबर 2018 में इटली के लेक कोमो में शादी की थी। दोनों ने अपनी दूसरी बेटी का नाम देवी पादुकोण सिंह रखा है। 450 करोड़ का बजट, 24 दिसंबर को रिलीज की तैयारी फिल्म 'किंग' का निर्माण बड़े पैमाने पर किया जा रहा है और इसका अनुमानित बजट करीब 450 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म में शाहरुख और दीपिका के अलावा सुहाना खान, अभिषेक बच्चन, रानी मुखर्जी, अभय वर्मा और अरशद वारसी अहम भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा करीना कपूर खान के भी डांस नंबर में नजर आने की चर्चा है। फिल्म 24 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ये खबर भी पढ़ें दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह दूसरी बार माता-पिता बने:एक्ट्रेस ने बेटी को दिया जन्म, दो साल पहले भी बेटी हुई थी दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह शनिवार को दूसरी बार माता-पिता बन गए हैं। दीपिका ने दूसरी बार बेटी को जन्म दिया है। कपल ने इंस्टाग्राम पोस्ट में न्यूबॉर्न बेबी गर्ल के फुट प्रिंट शेयर किए हैं। पूरी खबर पढ़ें
एक वक्त वामिका गब्बी को लगता था कि शायद वे एक्टिंग के लिए नहीं बनी हैं। लगातार रिजेक्शन मिल रहे थे और अच्छे रोल नहीं मिल रहे थे। मुंबई में करीब 6-7 साल बिताने के बाद भी करियर उस मुकाम पर नहीं पहुंचा था, जिसका उन्होंने सपना देखा था। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनसे कहा गया कि अपने हुनर पर काम करो, क्योंकि तुम्हें कोई हीरोइन नहीं लेगा। इसी बीच नेटफ्लिक्स की दो सीरीज- ‘बाहुबली: बिफोर द बिगिनिंग’ और ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ से जुड़ने का मौका मिला, लेकिन दोनों प्रोजेक्ट पर्दे तक नहीं पहुंच पाए। हालांकि, एक अधूरी सीरीज ने उनके करियर की दिशा बदल दी। विशाल भारद्वाज की वर्कशॉप ने उन्हें एक्टिंग का नया नजरिया दिया, जबकि विक्रमादित्य मोटवानी की ‘जुबली’ से उन्हें हिंदी दर्शकों के बीच पहचान मिली। आज वामिका बड़े सितारों के साथ फिल्मों और ओटीटी प्रोजेक्ट्स में नजर आ रही हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में वामिका गब्बी के करियर और निजी जिंदगी से जुड़ी खास बातें। बचपन में कैमरे के सामने आईं, ‘जब वी मेट’ से शुरू हुआ सफर वामिका गब्बी का जन्म 29 सितंबर 1993 को चंडीगढ़ में हुआ। उनके पिता गोवर्धन गब्बी पंजाबी लेखक हैं। साहित्य और कला के माहौल में पली-बढ़ीं वामिका को बचपन से अभिनय में दिलचस्पी थी। उनके पिता मजाक में उन्हें ड्रामेबाज कहते थे। 2007 में रिलीज इम्तियाज अली की फिल्म ‘जब वी मेट’ वामिका के करियर की शुरुआती फिल्मों में शामिल थी। फिल्म में शाहिद कपूर और करीना कपूर लीड रोल में थे। वामिका ने करीना के किरदार गीत की कजिन का छोटा-सा रोल निभाया था। सिनेमा एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में वामिका ने बताया था कि ‘जब वी मेट’ की शूटिंग के दौरान वे आठवीं क्लास में थीं। फिल्म के निर्देशक इम्तियाज अली आज भी उन्हें ‘छोटी वाली’ कहकर बुलाते हैं। उन्होंने बताया कि इम्तियाज ने ‘जुबली’ देखकर उनके अभिनय की तारीफ की, तो यह उनके लिए बेहद खास पल था। पहली फिल्म में छोटा रोल मिलने के बाद वामिका ने अभिनय जारी रखा। वे ‘लव आज कल’ (2009), ‘मौसम’ (2011) और ‘बिट्टू बॉस’ (2012) में नजर आईं। हालांकि, इन फिल्मों से उन्हें करियर को नई ऊंचाई देने वाली पहचान नहीं मिली। ‘तुम्हें कोई हीरोइन नहीं लेगा’, कम उम्र में सुननी पड़ी यह बात वामिका के शुरुआती करियर का एक किस्सा उनके संघर्ष को दिखाता है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि शुरुआती फिल्मों में से एक की शूटिंग के दौरान उनकी उम्र करीब 16-17 साल थी। पूरी टीम डिनर के लिए बैठी थी। तभी एक शख्स उनके पास आया और कहा- अपने क्राफ्ट पर काम करो, अच्छी एक्टर बनना, क्योंकि तुम्हें कोई हीरोइन तो लेगा नहीं। कम उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाले किसी भी कलाकार के लिए भविष्य को लेकर ऐसी टिप्पणी सुनना आसान नहीं होता। वामिका की कहानी ऐसे बयानों तक सीमित नहीं है। करियर में कई बार उन्हें अपने काम पर दोबारा विचार करना पड़ा। कभी सही रोल नहीं मिले, तो कभी अच्छे प्रोजेक्ट्स बनने से पहले ही बंद हो गए। कई बार उन्हें लगा कि शायद वे सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रही हैं। इसके बावजूद उन्होंने अभिनय जारी रखा। छोटे रोल से शुरुआत कर अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम किया और फिर हिंदी सिनेमा में लीड रोल हासिल किया। पंजाबी फिल्मों से पहचान मिली, साउथ सिनेमा में भी आजमाया हुनर हिंदी फिल्मों में शुरुआती काम के बाद वामिका ने पंजाबी सिनेमा में जगह बनाने की कोशिश की। 2013 में रिलीज पंजाबी फिल्म ‘तू मेरा 22 मैं तेरा 22’ में वे नजर आईं। फिल्म में उनके साथ अमरिंदर गिल और यो यो हनी सिंह थे। इसके बाद उन्होंने पंजाबी फिल्मों में लगातार काम किया। वामिका ने ‘इश्क ब्रांडी’, ‘निका जैलदार 2’ और अन्य पंजाबी फिल्मों से दर्शकों के बीच पहचान मजबूत की। उन्होंने तमिल, तेलुगु और मलयालम सिनेमा में भी काम किया। तमिल फिल्म ‘मलाई नेरथु मयक्कम’ और मलयालम फिल्म ‘गोधा’ उनके क्षेत्रीय सिनेमा के सफर की अहम फिल्में हैं। अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम करने से वामिका को कई तरह के किरदार निभाने का अनुभव मिला। हालांकि, कई साल काम करने के बाद भी हिंदी सिनेमा में उन्हें मनचाही पहचान नहीं मिली। द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में वामिका ने बताया था कि 2019 तक वे मुंबई में करीब सात साल बिता चुकी थीं। फिर भी उन्हें मनचाहा काम नहीं मिल रहा था। वे अपने अभिनय से संतुष्ट नहीं थीं और उन्हें लगने लगा था कि शायद कुछ और करना चाहिए। 2019 में एक्टिंग छोड़ने का मन बनाया, फिर मिला विशाल भारद्वाज का प्रोजेक्ट वामिका के करियर का अहम मोड़ 2019 में आया। उस साल उनकी पांच पंजाबी फिल्में रिलीज हुई थीं, जिनमें से तीन सफल रही थीं। इसके बावजूद वे अपने काम से खुश नहीं थीं। फिल्मफेयर को नवंबर 2023 में दिए इंटरव्यू में वामिका ने बताया कि उस दौर में वे करियर को लेकर उलझन में थीं। उनके पिता हमेशा कहते थे कि वही काम करना चाहिए, जिसमें खुशी मिले। वामिका ने सोचा था कि कुछ और फिल्में करके पैसे कमाएंगी और फिर दुनिया घूमने निकल जाएंगी। इसी दौर में उन्हें फिल्ममेकर विशाल भारद्वाज के प्रोजेक्ट ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ के लिए ऑडिशन देने का मौका मिला। यह प्रोजेक्ट लेखक सलमान रुश्दी के चर्चित उपन्यास पर आधारित था। वामिका के मुताबिक, उन्होंने शुरुआत में ऑडिशन को गंभीरता से नहीं लिया था, क्योंकि लगातार रिजेक्शन के बाद उन्हें इस बार भी चयन की उम्मीद नहीं थी। लेकिन किरदार के लिए सीन करते हुए उन्हें मजा आया। वे सहज महसूस कर रही थीं और यह अनुभव उन्हें पिछले ऑडिशन से अलग लगा। इसके बाद उन्हें बताया गया कि चुने गए कलाकारों को एक्टिंग कोच अतुल मोंगिया के साथ तीन दिन की वर्कशॉप करनी होगी। वामिका उसमें शामिल हुईं। उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह अनुभव अभिनय और करियर को लेकर उनका नजरिया बदल देगा। तीन दिन की वर्कशॉप से सीखा- बेहतर एक्टर बनने के लिए खुद को समझना जरूरी वामिका के लिए ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ का ऑडिशन बड़े प्रोजेक्ट में काम पाने के साथ-साथ अभिनय को नए सिरे से समझने का मौका भी था। उन्होंने बताया था कि वर्कशॉप के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि एक्टिंग का मतलब खुद को छिपाना या किसी दूसरे की नकल करना नहीं है। अभिनय बेहतर बनाने के लिए पहले खुद को समझना जरूरी है। जब इंसान खुद के प्रति संवेदनशील, स्वीकार करने वाला और कम जजमेंटल होता है, तो वह अपने किरदार को भी बेहतर समझ पाता है। इस अनुभव से वामिका का अभिनय के प्रति उत्साह लौटा। जिस काम को छोड़ने के बारे में वे सोच रही थीं, उसी में उन्हें नई खुशी मिलने लगी। विशाल भारद्वाज ने भी उनके टैलेंट पर भरोसा जताया। फिल्मफेयर से बातचीत में वामिका ने बताया था कि प्लेटफॉर्म लोकप्रिय चेहरे की तलाश में था, लेकिन विशाल भारद्वाज उन्हें चुनना चाहते थे। वामिका के मुताबिक, उन्होंने उनके टैलेंट पर भरोसा जताते हुए कहा था कि इस लड़की में कुछ खास है। किसी अनुभवी फिल्ममेकर का भरोसा एक युवा कलाकार के लिए बड़ी बात होती है। वामिका के लिए यह सिर्फ रोल मिलने की खबर नहीं, बल्कि अपने अभिनय के दम पर आगे बढ़ने का भरोसा भी था। ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ बंद हुई, लेकिन वामिका के लिए नए रास्ते खुले ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ में वामिका को पार्वती के किरदार के लिए चुना गया था। वे प्रोजेक्ट की तैयारी कर रही थीं, लेकिन शूटिंग शुरू होने से करीब एक महीने पहले इसे रोक दिया गया। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वामिका मार्च 2019 में ऑडिशन के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए शॉर्टलिस्ट हुई थीं। सीरीज नहीं बन पाई, लेकिन ऑडिशन और वर्कशॉप ने उनके करियर को नई दिशा दी। वामिका ने कई इंटरव्यू में बताया कि इस प्रोजेक्ट के जरिए उनका परिचय विशाल भारद्वाज से हुआ और इंडस्ट्री में उनके काम की चर्चा शुरू हुई। बाद में उन्हें विशाल भारद्वाज की फिल्मों और सीरीज में अहम भूमिकाएं मिलीं। जिस प्रोजेक्ट के बंद होने से उन्हें निराशा हो सकती थी, वही भविष्य के अवसरों की शुरुआत बना। उनके करियर के इस मोड़ पर फिल्म या सीरीज के रिलीज होने से ज्यादा अहम उससे मिला अनुभव और इंडस्ट्री में बने संपर्क साबित हुए। ‘बाहुबली: बिफोर द बिगिनिंग’ में युवा शिवगामी बनने की तैयारी थी वामिका के करियर का एक और अधूरा प्रोजेक्ट नेटफ्लिक्स की ‘बाहुबली: बिफोर द बिगिनिंग’ था। यह एस.एस. राजामौली की ‘बाहुबली’ फिल्मों से पहले की कहानी पर आधारित प्रस्तावित सीरीज थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वामिका को इसमें युवा शिवगामी की भूमिका के लिए चुना गया था। ‘बाहुबली’ की कहानी में शिवगामी का किरदार अहम है। फिल्मों में यह भूमिका राम्या कृष्णन ने निभाई थी। इस भूमिका के लिए वामिका ने तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली थी। दिसंबर 2023 में प्रकाशित इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि निर्देशक बदलते रहे, लेकिन वे तलवारबाजी का अभ्यास करती रहीं। उन्हें उम्मीद थी कि प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा, लेकिन आखिरकार इसे बंद कर दिया गया। प्रोजेक्ट बंद होने की वजहों पर अलग-अलग रिपोर्टें आईं, लेकिन किसी एक कारण की निर्णायक पुष्टि नहीं हुई। वामिका इसकी तैयारी कर रही थीं, लेकिन दर्शक उन्हें इस भूमिका में नहीं देख सके। यह उनके लिए एक और ऐसा अवसर था, जिसमें काफी तैयारी के बावजूद अंतिम नतीजा उनके हाथ में नहीं था। फिर भी उन्होंने अभिनय और नए किरदारों की तलाश जारी रखी। ‘जुबली’ में नीलोफर बनकर बदली किस्मत, पहले इस रोल के लिए हुई थीं रिजेक्ट वामिका को हिंदी दर्शकों के बीच पहचान 2023 में आई विक्रमादित्य मोटवानी की वेब सीरीज ‘जुबली’ से मिली। इस पीरियड ड्रामा में उन्होंने नीलोफर कुरैशी का किरदार निभाया, जो अभिनेत्री बनने और फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए संघर्ष करती है। वामिका को शुरुआत में इस भूमिका के लिए रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बताया था कि ऑडिशन अच्छा गया था, लेकिन निर्देशक विक्रमादित्य मोटवानी उनके चयन को लेकर आश्वस्त नहीं थे। बाद में वामिका के इंस्टाग्राम वीडियो और अन्य कंटेंट देखकर उन्हें लगा कि उसमें नीलोफर के किरदार के लिए जरूरी चंचलता और अलग अंदाज है। इस तरह सोशल मीडिया पर वामिका का व्यक्तित्व भी भूमिका दिलाने में मददगार बना। नीलोफर महत्वाकांक्षी है। वह फिल्मी दुनिया में आगे बढ़ना चाहती है, लेकिन उसका सफर आसान नहीं है। वह ऑडिशन देती है, मौके तलाशती है और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने की कोशिश करती है। वामिका ने इस किरदार को सिर्फ महत्वाकांक्षी महिला के रूप में नहीं देखा, बल्कि उसकी परिस्थितियों और भावनाओं को समझने की कोशिश की। उनकी परफॉर्मेंस को दर्शकों और समीक्षकों ने सराहा। द टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में वामिका ने बताया था कि ‘जुबली’ के बाद अपने नाम और अभिनय की तारीफ सुनना उनके लिए अविश्वसनीय अनुभव था। सालों के काम के बाद आखिरकार उन्हें उस पहचान मिलने लगी, जिसका इंतजार था। ‘खुफिया’, ‘चार्ली चोपड़ा’ और ‘मॉडर्न लव’ में दिखाए अभिनय के अलग-अलग रंग ‘जुबली’ की सफलता के बाद वामिका को कई नए अवसर मिले। विशाल भारद्वाज की नेटफ्लिक्स फिल्म ‘खुफिया’ में उन्होंने चारु का किरदार निभाया। फिल्म में उनके साथ तब्बू और अली फजल भी थे। ‘खुफिया’ में उनका किरदार ‘जुबली’ की नीलोफर से अलग था। विशाल भारद्वाज की सीरीज ‘चार्ली चोपड़ा एंड द मिस्ट्री ऑफ सोलांग वैली’ में वे जासूस की भूमिका में नजर आईं। यह अगाथा क्रिस्टी के उपन्यास ‘द सिट्टाफोर्ड मिस्ट्री’ से प्रेरित थी। इससे पहले वे ‘मॉडर्न लव मुंबई’ और ‘मॉडर्न लव चेन्नई’ जैसे एंथोलॉजी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही थीं। इनसे उन्हें अलग-अलग कहानियों और किरदारों में काम करने का अवसर मिला। वामिका ने विशाल भारद्वाज के साथ काम करने के अनुभव को खास बताया था। उन्होंने कहा था कि इससे उन्हें जीवन और रिश्तों को समझने का नया नजरिया मिला। दोनों ओशो के विचारों पर भी बातचीत करते थे। वामिका का विशाल भारद्वाज के साथ जुड़ाव सिर्फ काम तक सीमित नहीं रहा। ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ से शुरू हुआ यह रिश्ता आगे कई प्रोजेक्ट्स तक पहुंचा और उनके करियर का अहम हिस्सा बना। कम इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के कारण भी झेलना पड़ा रिजेक्शन वामिका का संघर्ष सिर्फ अच्छे किरदार न मिलने तक सीमित नहीं था। उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों की लोकप्रियता मापने के तरीकों का भी सामना करना पड़ा। एक इंटरव्यू में वामिका ने बताया था कि कुछ फिल्ममेकर्स ने उन्हें इसलिए रिजेक्ट किया, क्योंकि वे ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स वाली अभिनेत्री चाहते थे। यह अनुभव दिखाता है कि कास्टिंग में कलाकार की प्रतिभा के साथ सोशल मीडिया लोकप्रियता को भी महत्व दिया जाता है। वामिका के मामले में दिलचस्प यह है कि बाद में सोशल मीडिया वीडियो ने उन्हें ‘जुबली’ में नीलोफर का किरदार दिलाने में मदद की। यानी जिस माध्यम के कारण उन्हें कभी रिजेक्शन मिला, उसी के कंटेंट ने अहम अवसर भी दिलाया। यह विरोधाभास उनके करियर को दिलचस्प बनाता है। सोशल मीडिया न तो उनके लिए सफलता की गारंटी रहा और न ही सिर्फ रिजेक्शन की वजह। आखिरकार निर्देशक को उनके व्यक्तित्व और अभिनय में अपने किरदार की झलक दिखाई दी। ‘बेबी जॉन’ से ‘भूत बंगला’ तक, बड़े सितारों के साथ बढ़ा दायरा ‘जुबली’ के बाद वामिका ने हिंदी फिल्मों में काम जारी रखा। वे वरुण धवन के साथ ‘बेबी जॉन’ में नजर आईं, जो दिसंबर 2024 में रिलीज हुई थी। इसके बाद मई 2025 में राजकुमार राव के साथ उनकी फिल्म ‘भूल चूक माफ’ रिलीज हुई। ‘भूल चूक माफ’ रोमांटिक कॉमेडी थी, जिसमें वामिका और राजकुमार राव की जोड़ी नजर आई। इस फिल्म से उन्होंने हल्के-फुल्के मनोरंजन वाले सिनेमा में भी काम किया। अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ में वे अलग किरदार में दिखीं। ‘प्रहार’ में राजकुमार राव के साथ नजर आईं वामिका की फिल्म ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। इसमें राजकुमार राव ने वरिष्ठ सरकारी वकील उज्ज्वल निकम और वामिका ने उनकी पत्नी ज्योति निकम की मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म का निर्देशन अविनाश अरुण धवारे ने किया है। यह उज्ज्वल निकम के पेशेवर जीवन और उन कानूनी मामलों पर आधारित है, जिन्होंने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। एक साल में नहीं बदली किस्मत, दस साल की मेहनत के बाद मिला मुकाम वामिका गब्बी के करियर में बदलाव किसी एक फिल्म की रिलीज से अचानक नहीं आया। ‘जब वी मेट’ में छोटा रोल मिलने से लेकर ‘जुबली’ में मुख्य किरदार निभाने तक उन्होंने करीब डेढ़ दशक का सफर तय किया। द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में वामिका ने कहा था कि कभी-कभी जिंदगी में ऐसे साल का इंतजार करना पड़ता है, जो पिछले दस साल की मेहनत को नई दिशा दे। उनके लिए 2023 ऐसा ही साल रहा, जब ‘जुबली’, ‘खुफिया’, ‘चार्ली चोपड़ा’ और ‘मॉडर्न लव चेन्नई’ जैसे प्रोजेक्ट्स दर्शकों तक पहुंचे। इस दौर में उन्हें नए किरदारों के साथ प्रतिभा दिखाने के ज्यादा अवसर मिले। इससे पहले वे एक्टिंग छोड़ने के बारे में सोच रही थीं, लेकिन अब अपने काम से ज्यादा संतुष्ट महसूस करने लगीं। ____________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. दृश्यम एक्ट्रेस श्रिया सरन ने ऑडिशन के लिए शादी छोड़ी:साउथ में सुपरस्टार बनीं, बॉलीवुड में स्ट्रगल किया, बोलीं- नॉमिनेशन मिला, अवॉर्ड शो में नहीं बुलाया माता-पिता चाहते थे कि श्रिया सरन पढ़ाई पूरी करने के बाद एक्टिंग में आएं, लेकिन एक म्यूजिक वीडियो ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। तेलुगु फिल्म ‘इष्टम’ से करियर शुरू करने वाली श्रिया ने साउथ की फिल्मों में पहचान बनाई, लेकिन बॉलीवुड में संघर्ष करना पड़ा। ‘तुझे मेरी कसम’, ‘शुक्रिया’ और ‘मिशन इस्तांबुल’ से उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली।पूरी खबर पढ़ें...
बहराइच में शुक्रवार को अभिनेत्री अदा शर्मा ने फीता काटकर एक ज्वेलरी शोरूम का शुभारंभ किया। नए शोरूम में ग्राहकों के लिए सोने, हीरे और चांदी के आभूषणों की विस्तृत रेंज उपलब्ध कराई गई है। यहां पारंपरिक और ब्राइडल ज्वेलरी के साथ आधुनिक डिजाइन के आभूषण भी मिलेंगे। इसके अलावा, लाइफस्टाइल ज्वेलरी ब्रांड ‘ज्वेल स्टोरी’ के लिए विशेष स्टोर-इन-स्टोर व्यवस्था की गई है। यहां किशोरों, युवाओं और करीब 40 साल तक के ग्राहकों के लिए 9 से 22 कैरेट तक की शुद्धता वाले हल्के और आधुनिक आभूषण उपलब्ध होंगे। इन आभूषणों को रोजमर्रा में भी पहना जा सकेगा। आभूषण परंपरा और स्टाइल का संगम: अदा शर्मा अभिनेत्री अदा शर्मा ने कहा- आभूषण भारतीय परंपरा और व्यक्तिगत स्टाइल का खूबसूरत संगम हैं। विरासत वाले ब्रांड ऐश्प्रा से जुड़ना उनके लिए खास अनुभव है। उन्होंने कहा कि बहराइच का नया शोरूम ग्राहकों को पारंपरिक खूबसूरती के साथ आधुनिक डिजाइन के आभूषणों के विकल्प देगा। ग्राहकों को बेहतर विकल्प देना प्राथमिकता ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स के डायरेक्टर वैभव सराफ, फ्रैंचाइजी ओनर सुमित्रा देवी तुलस्यान, समीर तुलस्यान और रूपाली तुलस्यान समेत अन्य लोग समारोह में मौजूद रहे। समीर तुलस्यान ने कहा कि बहराइच में इस ब्रांड से जुड़ना उनके लिए गर्व का अवसर है। स्थानीय ग्राहकों को बेहतर विकल्प और भरोसेमंद खरीदारी का अनुभव देना उनकी प्राथमिकता रहेगी। मेकिंग चार्ज और हीरे के मूल्य पर 30% तक छूट शोरूम के शुभारंभ पर ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर भी पेश किए गए हैं। लागू नियम और शर्तों के अनुसार, सोने के आभूषणों के मेकिंग चार्ज और हीरे के मूल्य पर 30 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।
सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट को पुलिस ने मंजूरी दे दी है। एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर अनुमति देने से इनकार कर दिया था। यह शो 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) स्टेडियम में होगा। NDTV के मुताबिक, टिकटिंग पार्टनर 'बुक माई शो' और आयोजकों ने पुलिस की ओर से तय की गई सुरक्षा, क्राउड मैनेजमेंट और ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़ी सभी शर्तों को मानने पर सहमति जता दी है। आयोजकों के साथ बैठक के बाद हुआ फैसला दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और आयोजकों के बीच हुई कई दौर की बैठकों के बाद कॉन्सर्ट को मंजूरी दी गई है। आयोजकों ने पुलिस के सामने सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर एक विस्तृत एक्शन प्लान पेश किया। अधिकारियों ने इस योजना की समीक्षा की और संतुष्ट होने के बाद अनुमति पत्र जारी किया। 'बुक माई शो' ने बयान जारी कर साफ किया कि दिल्ली में 30 अक्टूबर का यह शो अपने तय शेड्यूल के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। निजी सुरक्षा गार्ड्स और भीड़ प्रबंधन की रखीं शर्तें दिल्ली पुलिस ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कई सख्त दिशा-निर्देश तय किए हैं। इसमें पर्याप्त संख्या में प्राइवेट सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती, एंट्री और एग्जिट गेट पर मेटल डिटेक्टर, आपातकालीन निकासी योजना और ट्रैफिक प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी आयोजकों को दी गई है। इसके अलावा स्टेडियम के भीतर और बाहर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। आयोजकों की ओर से इन सभी शर्तों को पूरा करने का लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही अप्रूवल जारी किया गया। एक दिन पहले सुरक्षा कारणों से खारिज हुई थी अर्जी इससे पहले 22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथ डिस्ट्रिक्ट) कार्यालय ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कॉन्सर्ट की अर्जी खारिज कर दी थी। पुलिस ने तब कहा था कि खुफिया एजेंसियों से मिले विशिष्ट सुरक्षा इनपुट और चालू त्योहारों के सीजन में कानून-व्यवस्था की व्यस्तता के कारण इस बड़े आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि, आयोजकों के साथ नए सुरक्षा खाके पर चर्चा के बाद पुलिस ने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया। त्योहारों के सीजन और सुरक्षा इनपुट का दिया था हवाला दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ने 'बुक माई शो' को आधिकारिक पत्र में लिखा कि 30 अक्टूबर को जेएलएन स्टेडियम में 'दिलजीत दोसांझ ओरा इंडिया टूर दिल्ली' के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिस ने कॉन्सर्ट को मंजूरी न देने के पीछे दो मुख्य वजहें बताई हैं। पुलिस पत्र के अनुसार, एजेंसी को विशिष्ट सुरक्षा खतरों से जुड़े इनपुट मिले हैं। इसके साथ ही चालू त्योहारों के सीजन की वजह से पुलिस व्यवस्था पर पहले से ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने का भारी दबाव है। इन दोनों स्थितियों को देखते हुए इतनी बड़ी भीड़ वाले कार्यक्रम की अनुमति देना संभव नहीं है। ओरा इंडिया टूर' का दिल्ली से होगा आगाज ग्लोबल पंजाबी स्टार दिलजीत दोसांझ का यह शो उनके 'ओरा इंडिया टूर' की शुरुआत है। पहले यह कॉन्सर्ट 1 नवंबर को होना था, लेकिन 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी को ध्यान में रखते हुए इसे 30 अक्टूबर को री-शेड्यूल किया गया था। दिल्ली के बाद यह टूर इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में पहुंचेगा। पुलिस की मंजूरी मिलने के बाद आयोजकों ने स्टेडियम में शो की तैयारियां तेज कर दी हैं। फर्जी वॉलंटियर स्कैम को लेकर दिलजीत ने दी थी चेतावनी शो से पहले सोशल मीडिया पर फर्जी वॉलंटियर भर्ती को लेकर भी विवाद सामने आया था। दिलजीत दोसांझ ने खुद इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर फैंस को ऐसे फर्जी पेजों से दूर रहने के लिए कहा था। उन्होंने साफ किया था कि उनकी टीम किसी भी वॉलंटियर को भर्ती नहीं कर रही है और लोग अपना पर्सनल डेटा किसी भी अनजान पेज पर शेयर न करें। ये खबर भी पढ़ें: दिलजीत दोसांझ का घर समझ लिखे खालिस्तानी नारे: पड़ोसी बोला- मुंह बांधकर आए 4-5 लोग, सिंगर का भी नाम लिखा, मैंने डांटा तो भाग गए पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के ऑरा इंडिया टूर से पहले उनके गांव दोसांझ कलां में कुछ लोगों ने घर की दीवार पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लिख दिए। बाद में पता चला कि जिस घर की दीवार पर नारे लिखे गए, वह दिलजीत दोसांझ का नहीं, बल्कि उनके पड़ोसी का है। (पढ़ें पूरी खबर)
अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी ई-मेल के जरिए दी गई। यह ई-मेल मुंबई की मेयर रितु तावड़े को शुक्रवार को भेजा गया। ईमेल में अमिताभ बच्चन के बंगले 'जलसा' को भी बम से उड़ाने की बात लिखी गई। कहा गया कि 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच कभी भी बंगले को निशाना बनाया जा सकता है। ईमेल में लिखा कि हमला 1984 के 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' का बदला होगा। इसी मेल में गायक दिलजीत दोसांझ को भी आत्मघाती हमले में मारने की धमकी दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह मेल तब आया है, जब 5 दिन पहले रविवार को एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में फायरिंग की गई। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी। मुंबई मेयर को भेजा गया धमकी भरा ई-मेल मुंबई मेयर को भेजे गए मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए हैं। इसमें 1984 के सिख-विरोधी दंगों का भी जिक्र है। मेल में कहा गया कि दिलजीत ने अमिताभ बच्चन के पैर छूए थे इसलिए उस पर हमला किया जाएगा। मेल में लिखा है कि 27 नवंबर को दिलजीत को महालक्ष्मी रेस कोर्स में आत्मघाती हमले में मारना है। बीएमसी दफ्तर की छानबीन की गई धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस, पुलिस की डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमें बीएमसी मुख्यालय पहुंचीं। मेयर और डिप्टी मेयर कार्यालय सहित विभिन्न चैंबर्स की भी तलाशी ली। मुंबई पुलिस और साइबर सेल ईमेल की जांच में जुटे हैं। रविवार को टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग मुंबई में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे। इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें हरियाणा के 7 आरोपी, उत्तर प्रदेश की दो महिलाएं और बिहार का एक युवक शामिल है। मुंबई के कई स्कूलों को भी मिले धमकी भरे मेल इसके साथ ही मुंबई के दादर स्थित कई प्रमुख स्कूलों को भी धमकी भरे ईमेल मिले हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह दादर के करीब 4 स्कूलों को ये ईमेल मिले। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस ने तुरंत स्कूलों की तलाशी ली। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, इन धमकी भरे ईमेल के कारण कुछ समय के लिए स्कूल परिसर में तनाव का माहौल रहा। पुलिस फिलहाल ईमेल भेजने वालों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है। -------------- ये खबरें भी पढ़ें... टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के 5 VIDEO:शूटर्स ने फायरिंग की, ड्राइवर घायल हुआ; एक्टर खुद गाड़ी चलाकर हॉस्पिटल पहुंचे एक्टर टाइगर श्रॉफ पर रविवार शाम को मुंबई में फायरिंग हुई। इस घटना में उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। टाइगर अपने ड्राइवर को लेकर अस्पताल पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, टाइगर सुरक्षित हैं। पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है। पूरी खबर पढ़ें… सलमान को धमकी मामले में फर्जी साजिश का खुलासा:आरोपी ने फेक वॉट्सऐप चैट बनाकर गैंगस्टर गैंग का हिस्सा बताया मुंबई पुलिस ने एक्टर सलमान खान को दी गई रंगदारी की धमकी मामले में फर्जी साजिश का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने किसी गैंगस्टर गैंग के नाम पर झूठी वॉट्सऐप चैट और फर्जी पहचान बनाई थी ताकि सलमान खान से पैसे ऐंठे जा सकें। पूरी खबर पढ़ें…
मुंबई की मेयर को शुक्रवार को एक धमकी भरा ईमेल मिला है। ईमेल में मेयर के कार्यालय को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा, बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के मुंबई में होने वाले इंडिया टूर कार्यक्रम और को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मुंबई मेयर रितु तावड़े को भेजे गए धमकी भरे ईमेल में अमिताभ बच्चन के 'जलसा' बंगले पर बम हमले की धमकी दी गई है। भेजने वाले का दावा है कि यह हमला 1984 के 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' का बदला होगा। धमकी में कहा गया है कि 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच कभी भी बंगले को निशाना बनाया जा सकता है। इसी मेल में गायक दिलजीत दोसांझ को भी धमकी दी गई है। मेल में सिख विरोधी दंगे का जिक्र मेल भेजने वाले ने खालिस्तान-समर्थक नारों का इस्तेमाल किया और 1984 के सिख-विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि ये हमले उन लोगों के खिलाफ बदला लेने के लिए किए जा रहे हैं, जिन पर सिख समुदाय को निशाना बनाने का आरोप है। ईमेल भेजने वाले की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मुंबई पुलिस ने मामले में कहा कि BMC कार्यालय को एक धमकी भरा ईमेल मिला था। जांच की गई है, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। आगे की जांच जारी है। अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर दिलजीत को धमकी वहीं, मेल में दिलजीत को निशाना बनाने की वजह उनके द्वारा अमिताभ बच्चन के पैर छूना बताया गया है। मेल में लिखा है कि 27 नवंबर को दिलजीत को महालक्ष्मी रेस कोर्स में बम और आत्मघाती हमले में मारना है। जिसने सिखों की नस्लकुशी करने वाले बच्चन के पैर छुए थे। बीएमसी ने दर्ज कराई शिकायत धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस, पुलिस की डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमें बीएमसी मुख्यालय पहुंचीं। जांच टीमों ने अलग-अलग कमरों में जाकर जांच की। मेयर और डिप्टी मेयर कार्यालय सहित विभिन्न चैंबरों की भी तलाशी ली। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। बीएमसी की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मुंबई पुलिस और साइबर सेल ईमेल की जांच में जुटे हैं। मुंबई के कई स्कूलों को भी मिले धमकी भरे मेल इसके साथ ही मुंबई के दादर स्थित कई प्रमुख स्कूलों को भी धमकी भरे ईमेल मिले हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह दादर के करीब 4 स्कूलों को ये ईमेल मिले। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस ने तुरंत स्कूलों की तलाशी ली। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, इन धमकी भरे ईमेल के कारण कुछ समय के लिए स्कूल परिसर में तनाव का माहौल रहा। पुलिस फिलहाल ईमेल भेजने वालों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है। -------------- ये खबर भी पढ़ें... सलमान को धमकी मामले में फर्जी साजिश का खुलासा:आरोपी ने फेक वॉट्सऐप चैट बनाकर गैंगस्टर गैंग का हिस्सा बताया मुंबई पुलिस ने एक्टर सलमान खान को दी गई रंगदारी की धमकी मामले में फर्जी साजिश का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने किसी गैंगस्टर गैंग के नाम पर झूठी वॉट्सऐप चैट और फर्जी पहचान बनाई थी ताकि सलमान खान से पैसे ऐंठे जा सकें। पूरी खबर पढ़ें…
उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल के साथ हुए विवाद के बीच गायक दलेर मेहंदी के बेटे गुरदीप मेहंदी की प्रतिक्रिया सामने आई है। न्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में गुरदीप ने अपने पिता के स्वास्थ्य को लेकर जताई जा रही चिंताओं का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता की सेहत एकदम फर्स्ट क्लास है। हालांकि, उन्होंने टिहरी गढ़वाल मेले में हुए विवाद पर सीधे तौर पर कुछ भी बोलने से परहेज किया। इस बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गायक मीका सिंह से फोन पर बात कर इस मामले को आपसी बातचीत से समाप्त करने की अपील की है। पिता की सेहत पर बोले बेटे गुरदीप मेहंदी गुरुवार को एक संगीत पुरस्कार समारोह में पहुंचे दलेर मेहंदी के बेटे गुरदीप मेहंदी से उनके पिता की अस्वस्थता को लेकर सवाल पूछा गया। गुरदीप ने कहा कि उनके पिता की तबीयत बिल्कुल ठीक है और वे 'फर्स्ट क्लास, शानदार और सुपरहिट' हैं। उत्तराखंड में मंत्री के साथ हुए विवाद के बारे में पूछे जाने पर गुरदीप ने कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने आगे बताया कि काफी समय बाद किसी पंजाबी संगीत पुरस्कार समारोह का हिस्सा बनकर वे काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं। CM धामी ने मीका से फोन पर की बात विवाद बढ़ता देख उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले को शांत कराने की पहल की है। ANI के मुताबिक, CM धामी ने गायक मीका सिंह से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री सुबोध उनियाल का मकसद किसी भी कलाकार को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्हें दलेर मेहंदी की खराब तबीयत के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी। CM ने कहा कि मंत्री द्वारा स्थिति स्पष्ट करने के बाद अब सभी को इस मामले को यही समाप्त मान लेना चाहिए। मीका सिंह ने जताई थी नाराजगी, कलाकार के सम्मान की मांग की इससे पहले दलेर मेहंदी के छोटे भाई और गायक मीका सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर उत्तराखंड सरकार का ध्यान इस ओर खींचा था। मीका ने लिखा था कि मंच पर बुलाकर किसी सीनियर कलाकार के साथ इस तरह का बर्ताव सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दलेर मेहंदी बीमार होने के बावजूद अपना वादा पूरा करने आए थे और उन्होंने पूरे 1 घंटे 30 मिनट तक लाइव परफॉर्मेंस दी थी। मीका ने कहा कि शिकायत होने पर सम्मानजनक तरीके से बात की जानी चाहिए थी। 18 अक्टूबर को टिहरी के मेले में शुरू हुआ था विवाद यह पूरा मामला 18 अक्टूबर की शाम टिहरी गढ़वाल के 'सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले' का है। कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे दलेर मेहंदी को उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर ही रोक दिया था। मंत्री ने उन पर शराब के नशे में होने, ठीक से न गाने और लिप-सिंक करने के आरोप लगाए थे। घटना के बाद अभिनेता राजपाल यादव, अनुपम खेर और बादशाह समेत कई कलाकारों ने दलेर मेहंदी का समर्थन किया था और बताया था कि वे शराब नहीं पीते हैं।
उत्तराखंड में पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद में अब मीका सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपील की है। मीका ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री धामी से कहा कि वे मंत्री सुबोध उनियाल से एक वीडियो जारी कर दलेर मेहंदी से माफी मांगने को कहें। मीका ने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री के फोन करने और मामले पर बात करने के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि धामी विनम्र और जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं और उन्हें मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा है। मीका ने एक दूसरी पोस्ट में मंत्री सुबोध उनियाल के मंच पर बोलने के तरीके को बेहद अभद्र और अपमानजनक भी बताया। उन्होंने उस टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें सुबोध उनियाल ने दलेर से कहा था- आपको मालूम है ना कि मनिंदर बुट्टर यहां से पिट कर गया था। इतना पिटा था कि उसका बाप भी अब नहीं आ सकता यहां पर। मीका ने सवाल उठाया कि क्या किसी मंत्री को कलाकारों के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए? अब हुबहू पढ़िए, मीका ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा… उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी के प्रति मेरे मन में बहुत सम्मान है। उन्होंने दलेर भाई से जुड़े मामले को लेकर मुझे व्यक्तिगत रूप से फोन किया। मैं उनकी इस पहल की दिल से सराहना करता हूं। मैं धामी साहब को बहुत अच्छी तरह जानता हूं। वे विनम्र और जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति हैं और मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है। उनसे मेरी बस एक विनम्र अपील है कि वे सुबोध उनियाल जी से एक साधारण-सा वीडियो जारी करने को कहें, जिसमें वे अपने बयान को स्पष्ट करें और परफॉर्मेंस के दौरान दलेर भाई के शराब पीने की बात कहने के लिए उनसे माफी मांगें। मेरा मानना है कि गलतफहमियां हो सकती हैं, लेकिन उन्हें शालीनता के साथ दूर भी किया जा सकता है। मुझे उम्मीद है कि इस छोटे-से कदम से यह मामला समाप्त करने में मदद मिलेगी और दलेर भाई की गरिमा और प्रतिष्ठा का सम्मान बना रहेगा। मीका सिंह ने अपनी दूसरी पोस्ट में ये बातें भी कहीं- मंत्री ने कहा था- ड्रंक होकर बेवकूफ बना रहे हो पूरे विवाद की शुरुआत 18 अक्टूबर की रात उत्तराखंड के टिहरी-गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर में कुंजापुरी मेले से हुई थी। यहां पर दलेर मेहंदी परफॉर्मेंस दे रहे थे। तभी यहां पर चीफ गेस्ट के तौर पर बैठे स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा था कि- हमने दलेर मेहंदी को बुलाया है, उनकी टीम को नहीं। आप शराब पीकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, गाना भी नहीं गा रहे। शो से पहले आपके नखरे इतने थे की हमें ये चाहिए वो चाहिए। गाना एक भी नही गा रहे हैं। एक लाइन बोलके बैठ जा रहे हैं, बेवकूफ बना रहे हैं आप। आपको मालूम है ना कि एक सिंगर पिट कर गया था यहां से। इतना पिटा था कि उसका बाप भी अब नहीं आ सकता यहां पर। विवाद बढ़ा तो मंत्री बोले- दलेर की तबीयत खराब थी, पता नहीं था दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री दलेर के सपोर्ट में उतर गई। उनके भाई मीका ने तो ये भी दावा किया कि दलेर ने जीवन में कभी शराब पी ही नहीं। वहीं, विवाद बढ़ने के बाद मंत्री ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि सिंगर की तबीयत खराब है। वहीं, इस मामले में 22 अक्टूबर यानी बीते कल ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मामले में बीच-बचाव किया था। धामी ने कहा था- उस समय मंत्री पर जनता का दबाव रहा होगा, उत्तराखंड कलाकारों की धरती है और यहां सभी का सम्मान होता है। इसके साथ ही सीएम ने मीका सिंह और दलेर मेहंदी से बात करने की बात कहते हुए अपील की थी कि इस मामले को यहीं समाप्त कर देना चाहिए। बाद में धामी ने मीका सिंह से फोन पर बात की और कहा कि गलतफहमियों को आपसी संवाद और सौहार्द से दूर किया जाना चाहिए। धामी से बात होने के एक दिन बाद अब मीका सिंह ने धामी से अपील की है कि वो मंत्री से एक माफी का वीडियो बनवाएं।
बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख शुक्रवार को अपनी पत्नी जेनेलिया देशमुख और बच्चों सहित विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पहुंचे। यहां उन्होंने ख्वाजा साहब की मजार पर जियारत कर दुआ मांगी। रितेश देशमुख के दरगाह पहुंचने की खबर मिलते ही प्रशंसकों की भीड़ जुट गई। लोग अपने पसंदीदा अभिनेता के साथ सेल्फी लेने के लिए उत्साहित नजर आए। रितेश देशमुख और उनके परिवार ने पुलिस सुरक्षा के बीच दरगाह में जियारत की। इस दौरान खादिमों की ओर से उन्हें जियारत करवाई गई। जियारत के बाद उनकी दस्तारबंदी की गई और तबर्रुक भेंट किया गया। इसके बाद अभिनेता परिवार के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच दरगाह से रवाना हो गए। फिल्मों की कामयाबी और देश में अमन-चैन की मांगी दुआ दरगाह में रितेश देशमुख और उनकी पत्नी ने बॉलीवुड में कामयाबी, अपने आगामी प्रोजेक्ट्स की सफलता और परिवार की खुशहाली के लिए दुआ मांगी। साथ ही देश में अमन-चैन, शांति और भाईचारा कायम रहने की कामना की। ख्वाजा साहब की दरगाह में देश-विदेश से जायरीन के पहुंचने का सिलसिला जारी रहता है। बॉलीवुड की जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी भी यहां प्रशंसकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनती है। प्रशंसकों में दिखा उत्साह रितेश देशमुख को अपने बीच देखकर प्रशंसक उत्साहित हो गए। कई लोग उनके साथ तस्वीर लेने और सेल्फी खिंचवाने की कोशिश करते नजर आए। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के चलते अभिनेता और उनके परिवार की आवाजाही नियंत्रित रखी गई। (फोटो वीडियो सहयोग-नजीर कादरी)
विश्व सफेद छड़ी दिवस - सिर्फ एक सहारा नहीं, नेत्रहीन लोगों की सुरक्षा और स्वतंत्रता का भी प्रतीक
हर साल 15 अक्टूबर को विश्व सफेद छड़ी दिवस मनाया जाता है। यह दिन खासतौर पर नेत्रहीन और दृष्टिबाधित लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
दिवाली पर फ्री गिफ्ट मांगना पड़ा भारी, मदुरै के इन्फ्लुएंसर के घर पहुंच गए लाखों के COD पार्सल
दिवाली पर फॉलोअर्स से मिठाइयां और गिफ्ट मिलने की उम्मीद तमिलनाडु के मदुरै में रहने वाले इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वीरमणि के लिए बड़ी मुसीबत बन गई।
आमतौर पर मां-बाप अपने बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल या वीडियो गेम खेलने से रोकते हैं, लेकिन चीन की 60 वर्षीय झोंग जुआनजुआन की कहानी कुछ अलग है। कभी वह अपने बेटे को गेम खेलने से रोकने के लिए इंटरनेट कैफे तक पहुंच जाती थीं, लेकिन आज वही गेमिंग उनकी पहचान बन चुकी है। इंटरनेट की दुनिया में वह ‘आंटी जुआन’ के नाम से मशहूर हैं और हजारों लोग उन्हें लाइव गेम खेलते हुए देखना पसंद करते हैं।
न दुकानदार, न CCTV और न ताला… मिजोरम के गांवों में भरोसे से चलती हैं ये अनोखी दुकानें
आज के समय में किसी दुकान की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, ताले और दुकानदार की मौजूदगी आम बात है।
प्रसाद समझकर 3 तोले की सोने की चेन निगल गया बैल, 15 दिन बाद सर्जरी से निकली
महाराष्ट्र के मालेगांव तालुका के वनपत गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
कभी घर-घर पहुंचाता था पिज्जा, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत से बदली इस भारतीय की जिंदगी
कहते हैं कि अगर इंसान में मेहनत करने और आगे बढ़ने का जुनून हो, तो मुश्किल हालात भी उसके रास्ते को ज्यादा लंबे समय तक नहीं रोक सकते।
मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग
तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं
ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी
धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

