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Spider-Man Brand New Day के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में दूसरे दिन आया उछाल, धमाल 4 और जन नायकन की हो गई छुट्टी

टॉम हॉलैंड और जेंडया की 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने पहले दिन ही 'एवेंजर्स: एंडगेम' का रिकॉर्ड तोड़कर कमाल कर दिया। वहीं वीकेंड पर ये कमाई और भी ऊपर जा सकती है।

जागरण 31 Jul 2026 8:23 pm

किडनी-लिवर की रिपोर्ट को लेकर डरे पवन सिंह:खुद डॉक्टर बन इंटरनेट पर मेडिकल टर्म्स सर्च किए, मेडिकल रिपोर्ट टेबल पर फेंकी

भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह अपनी सेहत और मेडिकल रिपोर्ट को लेकर काफी हैं। आगामी शो 'भोजपुरी बवाल' के सेट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पवन सिंह अपनी किडनी और लिवर की टेस्ट रिपोर्ट को लेकर चिंता जताते दिख रहे हैं। अपनी ज्यादा सोचने (ओवरथिंकिंग) की आदत की वजह से पवन सिंह डॉक्टर की सलाह का इंतजार करने के बजाय खुद ही इंटरनेट और एलेक्सा पर मेडिकल टर्म्स सर्च करने लगे। यह शो 2 अगस्त से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होने जा रहा है। रिपोर्ट सही आएगी ना? टीम से पूछते दिखे पवन सिंहवीडियो में पवन सिंह अपने साथियों के साथ सोफे पर बैठे नजर आ रहे हैं। वे परेशान होकर पूछते हैं, रिपोर्टवा सही आई ना रे? इस पर उनकी टीम के सदस्य उन्हें दिलासा देते हैं कि लाखों लोगों का आशीर्वाद उनके साथ है, उन्हें कुछ नहीं होगा। हालांकि, पवन सिंह अपनी ओवरथिंकिंग की आदत को स्वीकार करते हुए कहते हैं कि उन्हें जरूरत से ज्यादा सोचने की बीमारी है। जैसे ही टीम का एक सदस्य हाथ में रिपोर्ट की फाइल लेकर आता है, पवन सिंह तुरंत पूछते हैं कि इसमें कोई डराने वाली बात तो नहीं है। एलेक्सा से पूछा TLC और हीमोग्लोबिन का मतलबरिपोर्ट खुद समझने की कोशिश में पवन सिंह की टीम फोन पर एलेक्सा से मेडिकल शब्दों के मतलब पूछने लगती है। जब टीम ने 'TLC' का मतलब पूछा, तो एलेक्सा ने इसका जवाब ‘टेंडर लविंग केयर’ दिया। यह सुनकर पवन सिंह और उनकी पूरी टीम सोच में पड़ गई। इसके बाद पवन सिंह ने किडनी और लिवर की रिपोर्ट देखते हुए हीमोग्लोबिन के बारे में पूछा। रिपोर्ट देखकर भड़के, टेबल पर पटक दी फाइलफाइल देखते समय पवन सिंह खुद ही डॉक्टर की तरह रिपोर्ट का विश्लेषण करने लगे। उन्होंने रिपोर्ट में 10,700 का आंकड़ा देखकर कहा कि जब नॉर्मल रेंज 6,000 से 15,000 के बीच होती है, तो यह रिपोर्ट ठीक होनी चाहिए। फिर उन्होंने सवाल उठाया कि इसे काला (हाईलाइट) क्यों किया गया है। रिपोर्ट में लिखे मेडिकल शब्दों को समझ न पाने और असमंजस की स्थिति बनने पर पवन सिंह इतने चिढ़ गए कि उन्होंने फाइल टेबल पर पटक दी। डॉक्टर के सवाल पर बोले- पता नहीं एलेक्सा मौसी है या भौजीमाहौल में हंसी-मजाक तब बढ़ गया जब डॉक्टर का फोन आया। पवन सिंह ने फोन पर डॉक्टर से कहा कि रिपोर्ट उन्होंने खुद देख ली है और एलेक्सा ने भी सब बता दिया है। इस पर जब डॉक्टर ने पूछा कि मुझे बताओ यह एलेक्सा कौन है?, तो पवन सिंह ने हंसते हुए जवाब दिया, अब हमको क्या पता सर कि एलेक्सा मौसी हैं, चाची हैं या भौजी हैं! यह सुनते ही कमरे में मौजूद सभी लोग जोर-जोर से हंस पड़े। 2 अगस्त से जियोहॉटस्टार पर शुरू होगा 'भोजपुरी बवाल'पवन सिंह का यह पूरा वाकया उनके नए शो 'भोजपुरी बवाल' के दौरान का है। यह शो 2 अगस्त से विशेष रूप से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम किया जाएगा। इसमें दर्शकों को भोजपुरी इंडस्ट्री के सितारों के काम और निजी जिंदगी से जुड़े कई मजेदार पल देखने को मिलेंगे।

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 6:32 pm

'रामायण' ट्रेलर के बाद सीता बनकर कंगना का तंज:स्कूल के दिनों में बनी थीं सीता, तस्वीर शेयर कर लिखा- सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद

नितेश तिवारी की बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होने के बाद अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने अपना एक पुराना फोटो शेयर किया है। कंगना ने अपनी स्कूल के दिनों की एक थ्रोबैक फोटो इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट की है, जिसमें वे माता सीता के रूप में तैयार नजर आ रही हैं। फोटो के साथ कंगना ने तंज कसते हुए लिखा कि सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद। वहीं रामायण में एक्ट्रेस साई पल्लवी का सीता का रूप में लुक भी चर्चा में बना हुआ है। लाल साड़ी पहने सीता बनीं कंगनाकंगना रनोट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर स्कूल के दिनों के नाटक की फोटो शेयर की। पहली फोटो में कंगना लाल रंग की साड़ी पहने नजर आ रही हैं। उनके पास भगवान राम के रूप में तैयार एक लड़की खड़ी है, जबकि एक बच्चा हनुमान का रूप धरकर उनके चरणों के पास बैठा हुआ है। कंगना ने कैप्शन में इस नाटक में हिस्सा लेने वाले अपने सभी दोस्तों के नाम लिखे। 'सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद', दूसरी फोटो में कसा तंजकंगना ने इसके बाद एक और क्लोज-अप फोटो शेयर की। इस फोटो में उनके बाल खुले हैं और वे अपने दाएं हाथ से आशीर्वाद देने की मुद्रा में खड़ी हैं। इस फोटो के कैप्शन में कंगना ने हंसने वाला इमोजी बनाकर लिखा, सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद। कंगना की इस पोस्ट 'रामायण' के ट्रेलर में साई पल्लवी के सीता वाले लुक से जोड़कर देखा जा रहा है। साई पल्लवी के लुक पर भी हो रही चर्चाफिल्म 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी के लुक और उनके हिंदी उच्चारण को लेकर काफी चर्चा देखने को मिल रही है। कुछ लोग उनके लुक और हिंदी बोलने के अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं। इसी चर्चा के बीच कंगना रनोट की यह थ्रोबैक पोस्ट सामने आई है। जेन-जी को गटर जनरेशन बताकर विवाद में फंसी कंगना दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। वहीं, कंगना के 'जनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर सोनू सूद ने कहा कि अगर कंगना ने ऐसा कहा है, तो यह बहुत शर्मनाक है। मीडिया से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सोनू ने कहा, ये युवा ही हैं जो कलाकारों को बनाते हैं और आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं। जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप आगे बढ़ते रहेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 5:33 pm

काला चश्मा पहनकर पूजा करने पर ट्रोल हुईं भूमि पेडनेकर:सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुंची; गॉगल्स ना उतारने पर नाराज हुए लोग

अभिनेत्री भूमि पेडनेकर अपने एक मंदिर दौरे के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल्स के निशाने पर आ गई हैं। सावन महीने की शुरुआत पर भूमि एक शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने और शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुंची थीं। इस दौरान उनके काले चश्मे (सनग्लासेज) पहनने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए हैं। भूमि ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मंदिर की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट की थीं, जिसके बाद कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने पूजा में सनग्लासेज पहनने को गलत बताया। टॉप और जींस में मंदिर पहुंची थीं भूमि पेडनेकरभूमि पेडनेकर ने गुरुवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर मंदिर यात्रा का वीडियो और फोटो शेयर किए थे। इसमें वे ब्लैक टॉप और ब्लू डेनिम जींस में नजर आ रही हैं। उन्होंने आंखों पर काला चश्मा लगा रखा है और शिवलिंग पर जल अर्पित कर रही हैं। पोस्ट के कैप्शन में भूमि ने लिखा, सावन की शुरुआत के साथ, मैं आसान जीवन की नहीं, बल्कि इसे सम्मान के साथ जीने की ताकत मांगती हूं। हर हर महादेव। 'कम से कम पूजा करते वक्त चश्मा तो उतार लेतीं'भूमि के इस वीडियो पर कई लोगों ने उनकी भक्ति की तारीफ की, तो वहीं ज्यादातर यूजर्स ने चश्मा पहनकर जलाभिषेक करने पर आपत्ति जताई। एक यूजर ने लिखा, सनग्लासेज उतारकर पूजा कर सकती थीं?? दूसरे यूजर ने कमेंट किया, कम से कम चश्मा तो उतार लेतीं। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, कभी किसी को चश्मा पहनकर पूजा करते नहीं देखा। एक यूजर ने सलाह देते हुए लिखा, “कम से कम भगवान को चश्मे से मत देखो, थोड़ा सम्मान दिखाओ।” ऐतिहासिक फिल्म 'द प्राइड ऑफ भारत' में आएंगी नजरवर्कफ्रंट की बात करें तो भूमि पेडनेकर जल्द ही ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित दो भागों की फिल्म 'द प्राइड ऑफ भारत: छत्रपति शिवाजी महाराज' में नजर आएंगी। इस फिल्म में वे बेलावाड़ी की वीरांगना रानी बेलावाड़ी मल्लम्मा का किरदार निभा रही हैं। फिल्म का निर्देशन संदीप सिंह कर रहे हैं। इस फिल्म में 'कांतारा' फेम ऋषभ शेट्टी मुख्य भूमिका में हैं, जबकि अर्जुन रामपाल और विवेक ओबेरॉय भी अहम किरदारों में दिखाई देंगे। इससे पहले भूमि वेब सीरीज 'दलदल' को लेकर चर्चा में रही थीं। ये खबर भी पढ़ें शॉर्ट्स और बनियान में मंदिर पहुंचे वरुण धवन:पहनावे पर उठे सवाल; फैंस बोले- भगवान के घर तो ढंग के कपड़े पहनते बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन मुंबई के एक मंदिर में शॉर्ट्स और सैंडो बनियान पहने नजर आए। वरुण अपनी आने वाली फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' की रिलीज से पहले मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। लेकिन अब वे अपने इस पहनावे की वजह से शल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 2:58 pm

‘रामायण’ के ट्रेलर की पाकिस्तान में हुई तारीफ:कंटेंट क्रिएटर्स ने VFX और मेकिंग को बताया शानदार, रणबीर कपूर की भी सराहना की

रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज होने के बाद भारत के साथ पाकिस्तान में भी इसकी चर्चा हो रही है। पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर और फिल्म क्रिटिक्स ने ट्रेलर पर प्रतिक्रिया देते हुए इसके VFX, स्टार कास्ट और मेकिंग की तारीफ की। पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर ‘काम वाली बात’ के नाम से पहचाने जाने वाले माविया उमर फारूकी ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर की समीक्षा करते हुए कहा कि फिल्म का बड़ा बजट उसके विजुअल्स में साफ नजर आता है। फारूकी ने हॉलीवुड स्टूडियोज के साथ VFX पर किए गए काम की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘एक पाकिस्तानी के तौर पर मैं बोलूंगा कि भाई, मैं ट्रेलर देखकर तो एक्साइटेड हो गया हूं कि फिल्म के अंदर क्या है, फिल्म के अंदर क्या देखने को मिलेगा।’ साथ ही उन्होंने रणबीर कपूर और यश की परफॉर्मेंस की भी तारीफ की। वहीं, पाकिस्तानी यूट्यूबर और फिल्म क्रिटिक हस्नात खान ने भी अपने यूट्यूब रिव्यू में ट्रेलर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि फिल्म को लेकर जो हाइप बनी थी, ट्रेलर उसे पूरी तरह सही साबित करता है। उनके मुताबिक, ट्रेलर का हर सीन शानदार है और मेकर्स ने विजुअल्स, CGI, लाइटिंग, एनिमेशन और स्टंट्स पर बेहतरीन काम किया है। उन्हें कहीं भी लो क्वालिटी या कमजोर VFX नहीं दिखे। हस्नात खान ने यश की एक्टिंग और उनके एक्शन सीन्स की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रेलर की शुरुआत ही यश के दमदार अंदाज से होती है। नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के पहले पार्ट का ट्रेलर कल रिलीज हो गया। मेकर्स ने इसे 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। 'रामायण' के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया। देखें ट्रेलर की झलक- ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिकफिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 2:42 pm

'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी

सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। शैलेन्द्र ने आगे बताया, अचानक एक शख्स कमरे में आया। उसने दस्ताने पहने, एक सिरिंज निकाली और सलमान की स्कैल्प में इंजेक्शन लगाने लगा। उस समय सलमान आराम से बिरयानी खा रहे थे। हम दोनों अब भी शीशे के जरिए बात कर रहे थे और मैं यह सब देखकर हैरान था। मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर हो क्या रहा है। मैंने पूछा, 'भाई, यह क्या चल रहा है?' इस पर सलमान ने कहा, 'स्टार बनने की एक कीमत चुकानी पड़ती है, भाई' और वह खाना खाते हुए सामान्य तरीके से बातचीत करते रहे। बाद में उन्हें पता चला कि यह PRP (प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा) थेरेपी थी, जिसका इस्तेमाल बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें इस ट्रीटमेंट की जानकारी नहीं थी। उस समय यह प्रोसेस इललीगल थी। उनके मुताबिक, अब कई लोग PRP थेरेपी करवाते हैं और उम्र बढ़ने के साथ बाल पतले होने पर इसका इस्तेमाल किया जाता है। क्या होता है PRP हेयर ट्रीटमेंट? यह एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है, जिसे प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (PRP) थेरेपी कहा जाता है। इसमें व्यक्ति का थोड़ा-सा खून (ब्लड) निकालकर मशीन में प्रोसेस किया जाता है। इसके बाद खून से प्लेटलेट्स से भरपूर प्लाज्मा अलग किया जाता है और उसे इंजेक्शन की मदद से सिर के उन हिस्सों में लगाया जाता है, जहाँ बाल पतले हो रहे हों या झड़ रहे हों। इसका उद्देश्य बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देना और हेयर फॉल कम करने में मदद करना होता है। …………… शैलेन्द्र सिंह से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… विवेक ओबेरॉय की कॉन्फ्रेंस के बाद गुस्से में थे सलमान:प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने एक्टर को शांत रहने की सलाह दी थी फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने बताया था कि विवेक ओबेरॉय द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान पर आरोप लगाने के बाद सलमान बहुत गुस्से में थे। शैलेन्द्र ने कहा था कि उन्होंने सलमान को सलाह दी थी कि जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। उन्होंने एक्टर से कहा, “जिंदगी में हमें रिएक्ट नहीं, बल्कि एक्ट करना चाहिए। जो करना है, वह बाद में भी किया जा सकता है। अभी शांति से बैठो और समय को अपना काम करने दो।” शैलेन्द्र के मुताबिक, सलमान ने उनकी बात मानी और उस समय कोई रिएक्शन नहीं दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 12:43 pm

'अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा है':संजय सिंह ने कंगना रनोट पर साधा निशाना, बोले- जेपी नड्डा जी अपनी सांसद को समझाइए

संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनोट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। संजय सिंह ने सदन में कहा, इनकी एक सांसद हैं। उन्होंने किसान आंदोलन में किसानों को गालियां दीं। नौजवानों के आंदोलन में नौजवानों के लिए इतनी भद्दी टिप्पणी की, मान्यवर, इस सदन के अंदर मैं कह नहीं सकता। उन्होंने आगे कहा, हमारी बच्चियों के चरित्र के ऊपर सवाल उठाया गया। इसके बाद संजय सिंह ने कहा, मैं जेपी नड्डा जी से निवेदन करना चाहता हूं, समझाइए अपने उस सांसद को। अपने भाषण के दौरान संजय सिंह ने कहा, अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा। सिर्फ पांच उंगलियों के निशान पड़े थे। ऐसी बात करोगे... तो तुम्हारी सरकार को इस देश का नौजवान... पकड़ के गटर में डालने का काम करेगा। कंगना ने क्या कहा था दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। वहीं, कंगना के 'जनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर सोनू सूद ने कहा कि अगर कंगना ने ऐसा कहा है, तो यह बहुत शर्मनाक है। मीडिया से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सोनू ने कहा, ये युवा ही हैं जो कलाकारों को बनाते हैं और आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं। जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप आगे बढ़ते रहेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 9:06 am

सोनू सूद ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन:केक काटकर बांटी खुशियां, ऑफिस के बाहर उमड़े फैंस; तस्वीरें खिंचवाईं

बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने अपना जन्मदिन सादगी के साथ मनाया। मुंबई स्थित उनके कार्यालय के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रशंसक उन्हें बधाई देने पहुंचे। सोनू सूद ने अपने चाहने वालों से मुलाकात कर उनके प्यार और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। जन्मदिन का सबसे खास पल तब रहा, जब उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। सोनू सूद के जन्मदिन पर उनके कार्यालय के बाहर उत्सव जैसा माहौल नजर आया। अभिनेता ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया, उनसे बातचीत की और कई लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। फैंस का उत्साह दिखाता है कि सोनू सूद केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि लोगों के बीच अपनी अलग पहचान रखने वाले शख्स भी हैं। बच्चों के साथ बांटी खुशियां इस जन्मदिन की सबसे भावुक तस्वीरें उस समय सामने आईं, जब सोनू सूद ने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें अपने खास दिन का हिस्सा बनाया। यह पहल उनके सामाजिक सरोकारों और लोगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। समाजसेवा से बनाई अलग पहचान 30 जुलाई 1973 को पंजाब के मोगा में जन्मे सोनू सूद ने फिल्मों के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद कर उन्होंने लाखों लोगों का भरोसा जीता। आज भी वे शिक्षा, इलाज और रोजगार जैसी जरूरतों में लोगों की सहायता के लिए सक्रिय रहते हैं।

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 7:32 am

'खतरों के खिलाड़ी' की स्टारकास्ट ने किए बड़े खुलासे:शगुन ने बताया सबसे फियरलेस कंटेस्टेंट का नाम; जैस्मीन बोलीं- हेल्थ खराब हुई तो सबसे दूर हो जाऊंगी

स्टंट आधारित रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी' के नए सीजन को लेकर दर्शकों में जबरदस्त बज बना हुआ है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो के पॉपुलर कंटेस्टेंट्स जैस्मीन भसीन, करण वाही और शगुन शर्मा ने अपने इस एडवेंचरस सफर, डर और पर्सनल लाइफ पर खुलकर बात की। बातचीत के दौरान जैस्मीन भसीन ने अपने हालिया हेल्थ इश्यू के बाद आए मानसिक बदलाव पर कहा कि वे अब खुद को प्राथमिकता देती हैं ताकि किसी पर बोझ न बनें। वहीं, करण वाही ने एक्टिंग, होस्टिंग और रियलिटी शो के प्रेशर के अंतर को समझाया, जबकि शगुन शर्मा ने बताया कि डेली सोप की स्क्रिप्टेड दुनिया से अलग रियलिटी शो में काम करना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। सबसे पहले पढ़िए जैस्मीन भसीन से बातचीत के प्रमुख अंश…. सवाल: इस बार 'खतरों के खिलाड़ी' में आपका कमबैक हुआ है। क्या यह सिर्फ एक कम्पटीशन था या खुद को कुछ साबित करने का मौका?जैस्मीन भसीन: मेरे लिए यह शो हमेशा खुद को कुछ साबित करने और खुद को यह याद दिलाने का जरिया रहा है कि जिंदगी आसान नहीं होने वाली है। आपको लगातार चुनौतियों से गुजरना होगा और अपने डर का सामना करना सीखना होगा। मेरे लिए हमेशा से यही सोच रही है और इस बार भी यही था। सवाल: हाल ही में आपने अपनी हेल्थ प्रॉब्लम का सामना किया। उस अनुभव के बाद जिंदगी को देखने का नजरिया कितना बदला है?जैस्मीन भसीन: मेरा नजरिया अब इस मामले में बदल गया है कि मेरे लिए मेरी सेहत ही मेरी पहली प्राथमिकता (First Priority) होनी चाहिए। मुझे कभी भी खुद को, अपनी सेहत को और अपनी जरूरतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर कल को मेरी सेहत खराब होती है, तो मैं दूसरों पर बोझ बन जाऊंगी। जिन लोगों के लिए या जिस प्रोफेशन के लिए मैं अपनी सेहत को नजरअंदाज करती हूं, अगर सेहत ही ठीक नहीं रही तो न मैं काम कर पाऊंगी और न उन लोगों के साथ रह पाऊंगी जो मेरे लिए मायने रखते हैं। इसलिए इस साल मैंने तय किया है कि सबसे पहले अपना ख्याल रखूंगी। सवाल: इस सफर में अली गोनी ने आपको क्या ऐसी सलाह दी जो आज भी याद है?जैस्मीन भसीन: अली ने मुझसे बस इतना ही कहा था कि स्ट्रेस (तनाव) मत लेना। जो स्टंट तुमसे हो पाए वो कर लेना, और जो न हो पाए, उसके लिए बिल्कुल परेशान मत होना। सवाल: अगर आपको इस शो का कोई एक स्टंट दोबारा करने का मौका मिले, तो कौन सा चुनेंगी?जैस्मीन भसीन: अगर मुझे कोई एक स्टंट दोबारा करने का मौका मिले, तो वो एयरप्लेन वाला स्टंट होगा, जिसे आप सभी ने प्रोमो में भी देखा है। अब पढ़िए करण वाही से हुई खास बातचीत.… सवाल: इतने सालों बाद इस शो में वापसी की है। क्या इस बार आपने अपने एक्सपीरियंस के दम पर खेल खेला या रिस्क लेने की क्षमता बढ़ गई थी?करण वाही: मुझे लगता है कि 'खतरों के खिलाड़ी' जैसे शो में एक्सपीरियंस एक हद तक ही काम आता है। आखिरकार आपको रिस्क तो लेना ही पड़ता है। वक्त के साथ आपकी रिस्क लेने की क्षमता बढ़ती है या घटती है, यह आपकी पर्सनैलिटी पर निर्भर करता है। तो हां, कई जगहों पर मैंने ज्यादा रिस्क लिया और कई जगहों पर संभालकर खेला। सवाल: आप होस्टिंग, एक्टिंग और रियलिटी शो तीनों कर चुके हैं। सबसे ज्यादा प्रेशर किसमें महसूस होता है?करण वाही: सबसे ज्यादा प्रेशर रियलिटी शो में ही महसूस होता है। एक्टिंग और होस्टिंग में वैसा प्रेशर नहीं होता। जहां भी आपको किसी से मुकाबला करना पड़ता है, दबाव वहीं बनता है। एक्टिंग और होस्टिंग में आप अपना काम कर रहे होते हैं, वहां कोई डायरेक्ट कम्पटीशन नहीं होता। सवाल: इस सीजन में किस कंटेस्टेंट ने आपको सबसे ज्यादा इम्प्रेस किया और किसने सरप्राइज किया?करण वाही: मुझे सबसे ज्यादा सरप्राइज ओरी (Orry) ने किया और सबसे ज्यादा इम्प्रेस फराना ने किया। सवाल: रोहित शेट्टी की कौन सी एडवाइस या बात हमेशा आपके साथ रहेगी?करण वाही: रोहित सर का पूरा औरा और उनका तरीका ही अपने आप में कमाल का है। वे हमेशा सही वक्त पर सही बात कहते हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। वे शो की बैकबोन (रीढ़ की हड्डी) हैं। ऐसा कोई एक पर्टिकुलर वाक्य नहीं है, लेकिन उनका जो भरोसा मुझ पर रहा, वही मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। सवाल: अगर बॉलीवुड के किसी एक्टर के साथ पार्टनर स्टंट करना हो, तो किसे चुनेंगे?करण वाही: बॉलीवुड एक्टर में... मैं रवि दुबे को चुनूंगा! अब तो वह हमारा दोस्त बॉलीवुड एक्टर बन चुका है, उसकी 'रामायण' आ रही है। शो पर शगुन शर्मा के खुलासे… सवाल: शो से पहले लोग आपको टीवी एक्ट्रेस के तौर पर जानते थे। क्या इस शो के बाद आपकी इमेज पूरी तरह बदल जाएगी?शगुन शर्मा: पूरी तरह से तो नहीं बदलेगी, लेकिन लोगों को यह जरूर समझ आ जाएगा कि जो किरदार मैं टीवी पर निभाती हूं और रियल लाइफ में शगुन जैसी है, वे दोनों बहुत अलग हैं। दर्शकों को मेरी असली पर्सनैलिटी की झलक मिल जाएगी। सवाल: रियलिटी शो और डेली सोप (सीरियल्स) में सबसे बड़ा डिफरेंस कहां महसूस हुआ?शगुन शर्मा: सबसे बड़ा अंतर यही है कि रियलिटी शो में कैमरे आपके रॉ और असली इमोशंस को कैप्चर करते हैं। सीरियल्स में आपके पास एक लिखी हुई स्क्रिप्ट होती है। सीरियल्स में काम करते हुए आप खुद को उतना नहीं जान पाते, जबकि रियलिटी शो में आप अपने उन इमोशंस और ताकतों से रूबरू होते हैं, जिनके बारे में आपको खुद भी पता नहीं होता। सवाल: सबसे मुश्किल स्टंट कौन सा था, जिसे देखकर लगा कि 'बस अब नहीं होगा'?शगुन शर्मा: चूंकि अभी शो का टेलीकास्ट शुरू नहीं हुआ है, इसलिए मैं किसी खास स्टंट का नाम नहीं ले सकती। लेकिन इतना जरूर कहूंगी कि सभी स्टंट्स बहुत ज्यादा मुश्किल थे। सवाल: अगर आपको इस सीजन का 'मोस्ट फियरलेस कंटेस्टेंट' चुनना हो, तो किसका नाम लेंगी?शगुन शर्मा: मैं नए बैच में से अविनाश का नाम लूंगी। उसे किसी भी चीज से डर नहीं लगता था और वह हर स्टंट के लिए हमेशा एक्साइटेड और तैयार रहता था।

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 4:30 am

मुमताज@79, अमिताभ के लिए छोड़ी मर्सिडीज:शम्मी कपूर का प्रपोजल ठुकराया लेकिन सालों बाद उनकी पत्नी के कहने पर आखिरी बार मिलने पहुंची, जानिए किस्से

70-80 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस मुमताज आज 79 साल की हो चुकी हैं। उस दौर में मुमताज की वो पॉपुलैरिटी थी कि उनके फिल्मों में पहने गए कपड़े ट्रेंड बन जाते थे। खूबसूरती ऐसी थी कि यश चोपड़ा, शम्मी कपूर जैसे लोग भी उन्हें शादी का प्रस्ताव देने से कतराते नहीं थे। लेकिन काम और करियर के लिए जुनूनी मुमताज हर प्रस्ताव ठुकरा देती थीं। हालांकि एक समय ऐसा भी था जब कुछ बी-ग्रेड फिल्मों में काम करने की वजह से शशि कपूर, जीतेंद्र जैसे बड़े एक्टर्स उनके साथ फिल्में करने से इनकार कर दिया करते थे। आज मुमताज के बर्थडे के खास मौके पर पढ़िए, उनके करियर और जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से- किस्सा-1 लता मंगेशकर की गोद में बैठकर देखीं फिल्में, कहती थीं- आंटी अगली बार भी बुलाना 31 जुलाई 1947 में मुमताज का जन्म हैदराबाद के ड्रायफ्रूट वेंडर अब्दुल समाज अख्सरी के घर हुआ। परिवार ईरान से ताल्लुक रखता था। पिता ईमामों के खानदान से थे। मुमताज महज एक साल की थीं, जब माता-पिता अलग हो गए। मां ने ही फिल्मों में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम कर मुमताज और बड़ी बहन मलका की अकेले परवरिश की। कुछ समय बाद मां बॉम्बे आकर बसीं। मुमताज भी अक्सर उनके साथ सेट पर जातीं। सेट पर हंसती खेलतीं मुमताज को महज 5 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार फिल्म संसार में काम करने मिला। आगे वो चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर यास्मीन (1955), सोने की चिड़िया (1958), लाजवंती (1958), तलाक (1958) जैसी कई फिल्मों में नजर आईं। फिल्मों में काम मिलने से घर की आर्थिक स्थिति सुधरी और मुमताज मां के साथ वाल्केश्वर स्थित बिल्डिंग में आकर रहने लगीं। उनके ठीक ऊपर लता मंगेशकर का घर था, जहां 16MM पर फिल्में दिखाई जाती थीं। एक ही इंडस्ट्री से होने के चलते लता नन्हीं मुमताज को काफी लाड़ देती थीं। जब भी घर में फिल्म शुरू करतीं तो मुमताज को भी घर बुला लेतीं। लता उन्हें गोद में बैठाकर फिल्म दिखातीं और वो जल्द ही सो जाती थीं। लेकिन जाते हुए हर बार कहतीं- आंटी जब भी फिल्म देखो, मुझे भी बुला लेना। कई बार तो लता मंगेशकर के भाई उन्हें सोती हुई हालत में घर छोड़ने जाते थे। किस्सा-2 सेट पर मिली मां की मौत की खबर, डायरेक्टर से पूछा- क्या मैं जा सकती हूं दिन भर फिल्मों के सेट पर बिताते हुए जल्द ही उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी उठानी शुरू कर दी। 12 की उम्र में उन्हें जमीन के तारे (1960) में कैरेक्टर रोल मिल गया। इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस देखने के बाद मशहूर डायरेक्टर वी.शांताराम ने उन्हें फिल्म स्त्री में अच्छा रोल दिया। एक दिन मुमताज फिल्म स्त्री के सेट पर पहुंचीं। मुमताज डांस का शॉट दे ही रही थीं कि घर से खबर आई- ‘मां नहीं रहीं।’ 13 साल की मुमताज चुप खड़ी हो गईं और थोड़ी देर बाद डायरेक्टर वी.शांताराम से कहा- 'क्या करूं अन्ना?' वी.शांताराम हड़बड़ाए और कहा- ‘तुम्हें जरूर जाना चाहिए।’ मुमताज तुरंत हैदराबाद के लिए रवाना हुईं। जनाजे में शामिल हुईं और अगले दिन ही फिर सेट पर आ गईं। इस पर मुमताज ने रेडियो नशा को दिए इंटरव्यू में कहा था, उस जमाने में कोई मर भी जाए और अगर प्रोड्यूसर का सेट लगा है, तो आपको जाना ही पड़ेगा। आप प्रोड्यूसर को कंगाल नहीं कर सकते, क्योंकि उनके बाद दूसरे प्रोड्यूसर का सेट लगना है। किस्सा- 3 महमूद ने खूबसूरती देख फिल्म ऑफर की, शशि कपूर ने बी-ग्रेड एक्ट्रेस कहकर ठुकराया 14 साल की उम्र में मुमताज ने फिल्म गहरा दाग में काम किया था। फिल्म में उन्होंने हीरो राजेंद्र कुमार की बहन का रोल किया था। इसी समय उन्हें 1963 की फिल्म फौलाद में रेसलर दारा सिंह के साथ पहला लीड रोल मिला। दारा सिंह का कद देखकर कोई हीरोइन काम करने के लिए तैयार नहीं थीं, ऐसे में मुमताज को ये रोल दिया गया। जोड़ी हिट रही और फिर मुमताज को दारा सिंह के साथ एक के बाद एक कुल 16 फिल्में मिलीं। इन फिल्मों के अलावा मुमताज ने कई बी-ग्रेड फिल्मों में भी काम किया, हालांकि उन्हें खास पहचान नहीं मिली। मुमताज की बड़ी बहन मलका भी फिल्मों में आईं और कॉमेडियन-एक्टर महमूद के साथ कई फिल्में कीं। एक दिन महमूद काम के सिलसिले में मलका से मिलने पहुंचे, तो उनकी नजर मुमताज पर पड़ी। देखने में बेहद खूबसूरत मुमताज को वो एक टक देखते रहे। जब महमूद को फिल्म प्यार किए जा में शशि कपूर, किशोर कुमार के साथ कास्ट किया गया, तो उन्होंने अपने अपोजिट मुमताज को ही कास्ट किया। हालांकि फिल्म में उनका रोल छोटा था। एक दिन फिल्म की शूटिंग के दौरान महमूद ने शशि कपूर से कहा कि वो अपनी आने वाली फिल्मों में मुमताज को कास्ट करें। शशि कपूर ने तल्ख अंदाज में जवाब दिया, नहीं, मैं उस एक्ट्रेस को कभी अपनी हीरोइन नहीं बनाऊंगा, जिसने दारा सिंह के साथ बी-ग्रेड फिल्म की। किसे पता था कि ये बी-ग्रेड फिल्मों की वो एक्ट्रेस जल्द ही टॉप और हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस बन जाएगी। किस्सा- 4 महमूद की जिद पर दिलीप कुमार की हीरोइन बनीं मुमताज प्यार किए जा फिल्म में साथ काम करने के बाद महमूद अपनी हर फिल्म में मुमताज को अपोजिट रोल देने लगे। वो भांप चुके थे कि मुमताज में टॉप एक्ट्रेस बनने का हुनर और जज्बा है। वो दूसरे हीरो को भी मुमताज के साथ काम करने की सलाह देते थे। जब महमूद को पता चला कि दिलीप कुमार फिल्म राम और श्याम कर रहे हैं, जिसमें उनका डबल रोल है, तो वो सीधे मुमताज की सिफारिश करने पहुंच गए। तब दिलीप कुमार आरके स्टूडियो में शूट कर रहे थे। महमूद उनके पास गए और कहा- एक नई लड़की है, बहुत टैलेंटेड है, उसके साथ काम कर लीजिए। दिलीप कुमार ने जवाब दिया- ‘अभी मैं व्यस्त हूं, लंच ब्रेक में लड़की की फोटो लेकर आना।’ महमूद हड़बड़ाहट में एक स्टूडियो गए और मुमताज के गाने की पूरी रील उठा लाए। लंच ब्रेक में उन्होंने दिलीप कुमार को मुमताज की रील दिखाई तो उन्होंने कहा- ‘यार महमूद, लड़की तो बहुत अच्छी दिखती है, खूबसूरत है, डांस भी करती है, बड़ी प्यारी लड़की है। मैं करूंगा। डबल रोल है, एक वहीदा है, दूसरी मुमताज होगी।’ फिल्म राम और श्याम हिट रही और मुमताज को देशभर में पहचान मिल गई। किस्सा- 5 जीतेंद्र ने साथ काम करने से किया इनकार, डायरेक्टर बोले- ऐतराज है तो हीरो बदलूंगा, हीरोइन नहीं फिल्म राम और श्याम रिलीज होने से पहले मुमताज को फिल्म बंद जो बन गए मोती (1967) में काम मिला, जीतेंद्र और डायरेक्टर वी.शांताराम की बेटी राजश्री लीड रोल में थीं और मुमताज को साइड रोल मिला था। फिल्म की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले राजश्री की शादी तय हो गई और उन्होंने फिल्म छोड़ दी। ऐसे में वी.शांताराम ने मुमताज को ही फिल्म में लीड रोल दिया। जैसे ही ये खबर जीतेंद्र को मिली, तो उन्होंने तुरंत डायरेक्टर को कॉल कर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा- ‘उसको हीरोइन क्यों बनाया, कोई और हीरोइन ढूंढिए।’ जवाब मिला- ‘हीरोइन तो मुमताज ही होगी, आपको दिक्कत है, तो आप फिल्म छोड़ दो।’ वो वी.शांताराम ही थे, जिन्होंने जीतेंद्र को हीरो बनाया था, तो जीतेंद्र को मजबूरन फिल्म करनी ही पड़ी। इसी तरह साल 1969 की फिल्म दो रास्ते में शशि कपूर को कास्ट किया गया। बाद में जब मुमताज की कास्टिंग हुई तो शशि कपूर ने फिल्म छोड़ दी। इस फिल्म में बाद में राजेश खन्ना को साइन किया गया। फिल्म का गाना बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी काफी हिट हुआ था। किस्सा-6 अमिताभ के लिए छोड़ दी अपनी मर्सिडीज अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री में नए थे, जब उन्हें मुमताज के साथ फिल्म बंधे हाथ में काम मिला। मुमताज तब काफी पॉपुलर हो चुकी थीं। उनकी कामयाबी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब अमिताभ बच्चन साधारण कार से आते थे, तब मुमताज मर्सिडीज से सेट पर आती थीं। अमिताभ को उनकी कार बहुत पसंद थी। एक दिन उन्होंने साथ काम करने वालों से कहा- मुझे ये कार पसंद है, देखना एक दिन मैं भी मर्सिडीज चलाऊंगा। किसी तरह ये बाद मुमताज के कानों तक पहुंची। उस दिन जब वो शूटिंग पूरी कर निकलीं, तो अमिताभ की कार ले गईं और अपनी वहीं सेट पर छोड़ दी। अमिताभ बाहर आए, तो उन्हें अपनी कार नहीं मिली। आसपास पूछा, तो गार्ड ने बताया कि मुमताज अपनी कार आपके लिए छोड़ गई हैं, जिससे आप इसे चला लें। अमिताभ उनकी कार घर ले गए और इस तरह मुमताज ने अमिताभ की इच्छा पूरी कर दी। किस्सा- 7 शम्मी कपूर ने प्रपोज किया, तो राज कपूर ने मेरा नाम जोकर से निकाला हिट फिल्में देते हुए मुमताज बड़ी एक्ट्रेस बन गईं। इसी समय 1968 में उन्हें शम्मी कपूर के साथ फिल्म ब्रह्मचारी में कास्ट किया गया। साथ काम करते हुए दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे।। रिलीज के बाद फिल्म सुपरहिट हुई और इसके गाने आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे, चक्के में चक्का, चक्के पे गाड़ी काफी हिट हुए। फिल्म रिलीज के कुछ समय बाद शम्मी कपूर और मुमताज रिलेशनशिप में आ गए। कुछ समय बाद शम्मी कपूर ने उन्हें शादी का प्रस्ताव दिया। मुमताज भी शादी करना चाहती थीं, लेकिन राज कपूर ने शर्त रखी कि अगर शादी करनी है, तो मुमताज को फिल्मों में काम करना बंद करना पड़ेगा, हमारे घर की बहुएं काम नहीं करेंगी। मुमताज उस समय करियर के पीक पर थीं और घर की जिम्मेदारी होने के चलते वो काम नहीं छोड़ना चाहती थीं। शम्मी कपूर ने उनके परिवार को आर्थिक मदद देने का वादा भी किया, लेकिन मुमताज ने करियर के लिए प्यार की कुर्बानी दे दी। जिस समय मुमताज और शम्मी कपूर की शादी की बात चल रही थी, तभी राज कपूर ने उन्हें फिल्म मेरा नाम जोकर में फिरंगी महिला के रोल में कास्ट किया था। जैसे ही उन्हें पता चला कि शम्मी उनसे शादी करना चाहते हैं, राज कपूर ने मुमताज को फिल्म से निकाल दिया। राज कपूर ने मुमताज से कहा था- मैं तुम्हें नहीं ले सकता। घर के लोगों को ऐसा खुला रोल नहीं दूंगा। मुमताज की जगह बाद में रशियन एक्ट्रेस सेनिया को कास्ट किया गया था। किस्सा- 8 फिल्म में देव आनंद की बहन बनने से किया इनकार मुमताज ने 1971 की फिल्म तेरे मेरे सपने में देव आनंद के साथ काम किया। कुछ साल बाद उन्हें फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा मिली, लेकिन कहा गया कि उन्हें देव साहब की बहन का किरदार निभाना है। मुमताज ने तुरंत मना कर दिया। कहा- मैं इतने रोमांटिक हीरो की बहन का रोल हरगिज नहीं करूंगी। उनकी ये बात सुनकर देव आनंद खूब हंसे और कहा- फिल्म में काम तो तुम करोगी, लेकिन मेरी हीरोइन बन कर। बाद में जीनत अमान को बहन का रोल दिया गया और मुमताज ने देव आनंद के साथ लीड रोल किया। ये फिल्म जबरदस्त हिट रही थी। किस्सा- 9 दूसरे हीरो के साथ काम करने पर नाराज हो जाते थे राजेश खन्ना राजेश खन्ना और मुमताज की दोस्ती बहुत गहरी थी। जब कभी मुमताज किसी दूसरे एक्टर के साथ फिल्म साइन कर लेतीं तो राजेश खन्ना इस बात से नाराज हो जाते थे। इस पर मुमताज उनसे कहतीं- आप भी तो दूसरी एक्ट्रेस के साथ फिल्में साइन कर लेते हैं, मैं तो नाराज नहीं होती। अपनी इसी आदत से वो राजेश खन्ना को मना लेती थीं। किस्सा-10 24 की उम्र में शादी कर छोड़ी फिल्में, ससुराल ने काम करने से रोका मुमताज करियर के पीक पर थीं, जब घरवालों ने उनका रिश्ता युगांडा के रईस बिजनेसमैन मयूर माधवानी से तय कर दिया। रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार में जल्दी शादी करवाने का रिवाज था। घरवालों ने दबाव दिया, तो मुमताज न नहीं कह सकीं। उन्होंने ज्यादातर फिल्मों का साइनिंग अमाउंट लौटा दिया और जो अधूरी फिल्में थीं, उनकी शूटिंग पूरी की। 1974 में उनकी मयूर से शादी हुई और वो युगांडा जाकर बस गईं। शादी से पहले ही उनके पति के भाई ने साफ कह दिया कि मुमताज को फिल्मों में काम करना छोड़ना होगा। शादी के बाद उनका 3-4 बार मिसकैरेज हुआ था। उनकी दो बेटियां हैं, जिनका नाम नताशा और तान्या है। उनकी बड़ी बेटी नताशा की शादी एक्टर फरदीन खान से हुई है। फरदीन के पिता फिरोज खान और मुमताज करीबी दोस्त हैं। किस्सा- 11 मौत से पहले शम्मी कपूर ने रखी मुमताज से मिलने की इच्छा, मिलीं तो रो पड़ीं साल 2010 में मुमताज भारत में थीं, जब उनके पास शम्मी कपूर की पत्नी नीला देवी का कॉल आया। नीला ने उन्हें कहा कि शम्मी कपूर की इच्छा है कि आप उनकी बर्थडे पार्टी में आएं। मुमताज ने जवाब दिया- मैं जरूर आऊंगी। जैसे ही वो पार्टी में पहुंची, तो देखा शम्मी कपूर शराब पी रहे हैं। इस बात की जानकारी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हर शख्स को थी कि शम्मी कपूर की तबीयत कई महीनों से बिगड़ी हुई है। मुमताज पास पहुंचीं और कहा- ‘अगर आपकी तबीयत ठीक नहीं है तो आप शराब क्यों पी रहे हैं।’ शम्मी कपूर ने जवाब में कहा- ‘मैं ज्यादा दिनों तक नहीं जीने वाला।’ मुमताज को उस दिन ही पता चला कि शम्मी कपूर चंद महीनों के ही मेहमान हैं। वो भावुक हो गईं और कहा- ‘आप पी सकते हैं। एंजॉय योरसेल्फ। ’ कुछ देर बाद मुमताज वहां से चली गईं। जाते हुए बस कहा- ‘अपना ख्याल रखना।’

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 4:30 am

लंदन में मिस्ट्री गर्ल के साथ दिखे आर्यन खान:फिर डेटिंग की चर्चा शुरू; ब्राजीलियन मॉडल के साथ भी जुड़ा था नाम

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में आ गए हैं। लंदन में आर्यन को एक मिस्ट्री गर्ल के साथ देखा गया, जिनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। यूजर्स ने इस मिस्ट्री गर्ल की पहचान आर्टिस्ट विनी तकायर के रूप में की है। दोनों को लंदन के एक कसीनो से बाहर निकलते हुए देखा गया, जिसके बाद से दोनों के डेटिंग की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, इस पर दोनों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लंदन कसीनो के बाहर साथ दिखे आर्यन और विनीतस्वीरों में आर्यन खान कैजुअल लुक में नजर आ रहे हैं। वे लंदन के एक कसीनो से बाहर निकलते दिख रहे हैं। उनके ठीक पास में विनी तकायर खड़ी हैं, जिन्होंने ऑल-ब्लैक आउटफिट पहना हुआ है। दोनों के एक साथ कसीनो से बाहर निकलने के बाद ही फैंस के बीच उनके रिश्ते को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। विनी ने शेयर की तस्वीरें, लिखा- 'लंदन, आई एल वाई'तस्वीरें वायरल होने के तुरंत बाद विनी तकायर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लंदन ट्रिप की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। उन्होंने इन तस्वीरों के साथ कैप्शन लिखा, लंदन, आई एल वाई (London, ily)। विनी के इस पोस्ट के बाद दोनों के अफेयर की चर्चा और तेज हो गई। आर्यन और विनी इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फॉलो भी करते हैं। फिलहाल दोनों में से किसी ने भी इन खबरों पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है। पहले मॉडल लरिसा बोनेसी के साथ जुड़ा था नामयह पहली बार नहीं है जब आर्यन खान अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। इससे पहले उनका नाम ब्राजीलियन मॉडल और एक्ट्रेस लरिसा बोनेसी के साथ जोड़ा जा चुका है। लरिसा, आर्यन के लक्जरी कपड़ों के ब्रांड 'डी'यावोल एक्स' (D'YAVOL X) के कई विज्ञापनों में नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा वे आर्यन की बतौर डायरेक्टर पहली सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' के प्रीमियर पर भी दिखाई दी थीं। डायरेक्शन और बिजनेस में करियर बना रहे हैं आर्यनशाहरुख खान के बड़े बेटे आर्यन खान एक्टिंग की जगह डायरेक्शन और बिजनेस में अपना करियर बना रहे हैं। उन्होंने अपने लक्जरी स्ट्रीटवियर ब्रांड के साथ बिजनेस की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने वेब सीरीज 'द बास्टर्ड्स ऑफ बॉलीवुड' से बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया है। आर्यन मीडिया और लाइमलाइट से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं, लेकिन उनके सोशल मीडिया आउटिंग्स अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं।

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 5:03 pm

कंगना के 'गटर जनरेशन' वाले बयान पर भड़के सोनू सूद:बोले- यह बहुत शर्मनाक, सोच-समझकर बोलना चाहिए; युवाओं से ही हम सितारे बनते हैं

अभिनेता सोनू सूद ने देश छात्र प्रदर्शनों में शामिल युवाओं पर कंगना रनोट की टिप्पणी की आलोचना की है। हाल ही में कंगना ने प्रदर्शनकारी जेन-जी (Gen-Z) छात्रों को 'जनरेशन गटर' कहा था। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनू सूद ने कहा कि अगर कंगना ने ऐसा कहा है तो यह बहुत शर्मनाक है। सोनू ने कहा कि यही युवा कलाकारों को स्टार बनाते हैं और ऊंचाई तक पहुंचाते हैं। उन्होंने मशहूर हस्तियों को सोच-समझकर बोलने की सलाह दी और जनता को भगवान का रूप बताया। कहा- सोच समझकर कर बोलना चाहिएमीडिया से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सोनू ने कहा, ये युवा ही हैं जो कलाकारों को बनाते हैं और आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं। जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप आगे बढ़ते रहेंगे। अगर वे साथ नहीं हैं तो काम मुश्किल हो जाता है। इसलिए हर किसी को साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक कहावत है 'तोल-मोल के बोल', यानी बोलने से पहले अच्छे से सोच लेना चाहिए क्योंकि जनता भगवान का दूसरा रूप होती है। कंगना ने युवाओं को बताया था 'जनरेशन गटर'यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट शेयर किए। इनमें उन्होंने सीजेपी (CJP) विरोध प्रदर्शनों में शामिल युवाओं पर निशाना साधा था। कंगना ने प्रदर्शनकारी युवाओं को 'जनरेशन गटर' कहते हुए आरोप लगाया था कि ये लोग शराब और नशे का महिमामंडन करते हैं और पैसों के लिए अपने माता-पिता पर निर्भर रहते हैं। कंगना ने कहा था कि असली आजादी मेहनत से मिलती है, बिना कुछ कमाए आजादी की मांग करना गलत है। कंगना ने मीडिया पर लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। उन्होंने आगे लिखा था, इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं और उनकी सोच इतनी बदसूरत तथा मानसिकता इतनी भ्रष्ट है कि वे अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं। फिर भी वे नशा करने, शराब पीने या कई लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाने की अपनी तथाकथित आजादी का खुलेआम प्रदर्शन करती हैं। वे बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर निर्भर रहती हैं और वास्तव में आत्मनिर्भर हुए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की मांग करती रहती हैं। एक विनम्र याद दिलाना: स्वतंत्र जीवन कमाना पड़ता है। अगर आप जिम्मेदारी उठाए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की कोशिश करते हैं, तो आप सिर्फ एक विकृत व्यक्तित्व हैं - 'गटर छाप'। इसके अलावा कंगना ने एक और इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, प्रदर्शनकारियों को आम लोग उनकी गंदी और अपमानजनक रीलों की वजह से सड़कों पर पीट रहे हैं और गालियां दे रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा। अगर तुम सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हो, तो वही जनता भी तुम्हें नुकसान पहुंचाएगी। अगर तुम्हें देश और नेतृत्व से समस्या है और तुमने सार्वजनिक रूप से खूब गंदी-गंदी गालियां दी हैं, तो अब उनकी भी सुनो जो इस देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की ताकत से लेकर आए हैं। क्योंकि बोलने का हक उन्हें भी है। अब रोने वाली कोई बात नहीं है।

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 3:01 pm

सुदेश बेरी ने पीएम मोदी को बताया विष्णु का अवतार:'बॉर्डर' एक्टर बोले- मुझे प्रधानमंत्री के पैर धोकर उनका पानी पीना है

एक्टर सुदेश बेरी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने उन्हें भगवान विष्णु का अवतार बताया और कहा कि अगर मौका मिला, तो वह उनके पैर धोकर उनका पानी पीना चाहेंगे। वहीं, उन्होंने CJP पार्टी पर भी निशाना साधा। सुदेश बेरी ने कहा कि जंतर-मंतर पर बैठी CJP देश को आगे नहीं, बल्कि पीछे खींच रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पार्टी का नाम तक ठीक से नहीं पता। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता एजीपी, सीजीपी... मैं तो इन लोगों को पहचानता भी नहीं हूं। मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि ये देश को पीछे खींच रहे हैं।' CJP पर निशाना साधते हुए सुदेश बेरी ने कहा, 'ये सब बेकार लोग हैं। इनके पास देश के लिए कोई काम नहीं है। अगर सच में समाज की सेवा करनी है, तो बच्चों के लिए गार्डन बनाएं, बुजुर्गों के लिए ओल्ड एज होम बनाएं और लोगों का इलाज कराएं। सिर्फ जंतर-मंतर पर बैठकर विरोध करने से कुछ नहीं होगा।' उन्होंने पार्टी के नाम पर भी तंज कसा। सुदेश बेरी ने कहा, 'कुछ अजीब से जानवर का नाम लेकर पार्टी बना दी। लकड़बग्घा पार्टी क्यों नहीं बनाते?' सुदेश बेरी ने मोदी की जमकर तारीफ की इंटरव्यू में सुदेश बेरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'नरेन्द्र मोदी ने बेचारे ने क्या बिगाड़ा है? उनको चाय बेचने दो। वो पूरी दुनिया में चाय बेचकर आए हैं।' बातचीत के दौरान इंटरव्यूअर ने सुदेश बेरी को याद दिलाया कि उन्होंने पहले अपनी मां के चरण धोकर उनका जल पिया था। इस पर उन्होंने कहा, 'अब मुझे मोदी जी के पैर धोकर पीना है। अगर आप मुझे मोदी जी से मिला दें। मैं तो उनसे मिला नहीं, मैं उनको जानता नहीं हूं। जैसे हमने ईश्वर को देखा नहीं है, फिर भी उनकी पूजा करते हैं, तो मैं भी उतनी ही इज्जत मोदी जी की करता हूं। तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है। कोई बुरी बात तो नहीं है? करता हूं तो करता हूं। पार्टियों से परे, राजनीति से परे, एक इंसान के तौर पर।' रामराज्य आने का भी दावा किया सुदेश बेरी ने यह भी कहा कि उनके मुताबिक देश में 'रामराज्य आ चुका है।' जब उनसे पूछा गया कि ऐसा कैसे, तो उन्होंने जवाब दिया, 'रामराज्य आ चुका है। जो मैं देख सकता हूं, वो आप नहीं देख पा रहे हैं। शब्दों में नहीं बता सकते, ये महसूस करने वाली बात है।' इंटरव्यू में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये लोग देश के लिए काम कर रहे हैं और इनके खिलाफ बिना वजह बोलना ठीक नहीं है।

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 1:00 pm

मूवी रिव्यू- 'भाई तेरा स्टार है':कहानी में दम नहीं, कॉमेडी में हंसी नहीं, राघव जुयाल की पहली सोलो लीड ने किया सिरदर्द

कॉमेडी फिल्म की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है दर्शकों को हंसाना। फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' इसी सबसे जरूरी काम में बुरी तरह नाकाम रहती है। फिल्म शुरुआत से आखिर तक यह भरोसा दिलाती रहती है कि अब कुछ मजेदार होने वाला है, लेकिन हर अगले सीन के साथ निराशा ही हाथ लगती है। शोर है, भागदौड़ है, गलतफहमियां हैं, लेकिन हंसी कहीं दिखाई नहीं देती। राघव जुयाल की पहली सोलो लीड फिल्म से जिस धमाके की उम्मीद थी, वह शुरुआत में ही हवा हो जाती है। फिल्म की कहानीकहानी लंदन में रहने वाले स्ट्रगलिंग एक्टर अजय सिंह (राघव जुयाल) की है। क्रिकेट की एक शर्त हारने के बाद उस पर क्लब मालिक फैटी (संजय कपूर) का दस हजार पाउंड का कर्ज चढ़ जाता है। पैसे लौटाने के लिए उसके पास सिर्फ एक रात है, लेकिन सच बोलने की बजाय अजय एक के बाद एक झूठ बोलता चला जाता है। उसकी गर्लफ्रेंड रोशनी (निहारिका एन एम), बहन नताशा (पार्वती ओमनाकुट्टन) और रोशनी का भाई सिड (विवान भटेना) भी इस झूठ के जाल में फंसते चले जाते हैं। कहानी का आइडिया सुनने में दिलचस्प लगता है। एक रात, ढेर सारी गलतफहमियां और भागदौड़ वाली कॉमेडी, लेकिन स्क्रीन पर सब कुछ इतना बिखरा हुआ है कि कुछ देर बाद यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कहानी आखिर जाना कहां चाहती है। कई सीन सिर्फ समय भरने के लिए जोड़े गए लगते हैं और क्लाइमैक्स तक पहुंचते पहुंचते फिल्म पूरी तरह थका देती है। फिल्म में एक्टिंगराघव जुयाल ने किल जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से प्रभावित किया था, लेकिन यहां वह पूरी तरह लड़खड़ा जाते हैं। यह उनकी पहली सोलो लीड फिल्म है, लेकिन पूरी फिल्म में वह लीड हीरो से ज्यादा किसी साइड किरदार जैसे महसूस होते हैं। उनके चेहरे के हावभाव जरूरत से ज्यादा बनावटी लगते हैं और कई जगह ओवरएक्टिंग कॉमेडी को पूरी तरह खत्म कर देती है। कॉमिक टाइमिंग भी बार बार चूकती है, जिससे उनका किरदार दर्शकों से जुड़ ही नहीं पाता। संजय कपूर अपने अनुभव से कुछ दृश्यों को संभालने की कोशिश करते हैं, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट उनके हाथ भी बांध देती है। विवान भटेना अपने सीमित स्क्रीन टाइम में असर छोड़ते हैं और कई जगह राघव से ज्यादा सहज नजर आते हैं। पार्वती ओमनाकुट्टन ने फिल्म में सबसे बैलेंस्ड परफॉर्मेंस दी है। निहारिका एन एम ईमानदार कोशिश करती हैं, लेकिन कमजोर राइटिंग उन्हें भी ज्यादा मौका नहीं देता। चन्दन रॉय सान्याल और निकी वालिया जैसे शानदार एक्टर्स के टैलेंट का फिल्म में बहुत कम इस्तेमाल हुआ है। फिल्म में डायरेक्शननिर्देशक विवेक बी अग्रवाल की सबसे बड़ी गलती यह है कि उन्होंने शोर को कॉमेडी समझ लिया। पूरी फिल्म में किरदार लगातार भागते हैं, चिल्लाते हैं और एक दूसरे के पीछे दौड़ते रहते हैं, लेकिन कोई भी सिचुएशन ऐसी नहीं बनती जिस पर खुलकर हंसी आए। स्क्रीनप्ले जरूरत से ज्यादा उलझा हुआ है। नए किरदार आते रहते हैं, लेकिन कहानी को मजबूत करने के बजाय उसे और बिखेर देते हैं। कई पंचलाइन बिना असर छोड़े निकल जाती हैं। गलतफहमियों पर टिकी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसकी राइटिंग होती है, लेकिन यहां वही सबसे कमजोर कड़ी साबित होती है। क्लाइमैक्स तक पहुंचते पहुंचते फिल्म पूरी तरह अपनी पकड़ खो देती है। फिल्म का तकनीकी पहलूलंदन की लोकेशन अच्छी लगती है और सिनेमैटोग्राफी भी ठीक ठाक है। एडिटिंग अगर थोड़ी और कसी हुई होती तो फिल्म का असर कुछ बेहतर हो सकता था, लेकिन कमजोर कहानी और ढीले स्क्रीनप्ले के सामने तकनीकी पक्ष भी बेबस नजर आता है। फिल्म में म्यूजिकअमित त्रिवेदी का म्यूजिक फिल्म की कुछ गिनी चुनी अच्छी बातों में शामिल है। हालांकि गाने कहानी की रफ्तार को रोकते हैं। सबसे अजीब फैसला आखिर में लगातार गाने रखने का है, जिससे फिल्म खत्म होने के बाद भी खत्म होती हुई महसूस नहीं होती। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट'भाई तेरा स्टार है' एक ऐसी कॉमेडी फिल्म है, जिसमें सबसे ज्यादा कमी हंसी की है। कमजोर कहानी, बिखरा हुआ स्क्रीनप्ले, फीका निर्देशन और राघव जुयाल की निराशाजनक लीड परफॉर्मेंस मिलकर इस फिल्म को बेहद थका देने वाला अनुभव बना देते हैं। जिस फिल्म से राघव को बतौर सोलो हीरो नई पहचान मिलनी थी, वही फिल्म उनके करियर के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। अगर अच्छी कॉमेडी देखने की उम्मीद लेकर थिएटर जा रहे हैं, तो यह फिल्म आपकी उम्मीद और आपका धैर्य दोनों तोड़ देगी।

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 11:59 am

रेणुका शहाणे को मिली थी खून से लिखी चिट्ठी:बोलीं- मैं डर गई, यह प्यार नहीं बल्कि डराने वाली दीवानगी थी

90 के दशक में टीवी शो 'सुरभि' ने रेणुका शहाणे को घर-घर तक पहुंचा दिया था। उस दौर में सोशल मीडिया नहीं था, लेकिन लाखों चिट्ठियां कलाकारों तक पहुंचती थीं। दैनिक भास्कर से बातचीत में रेणुका शहाणे ने 'सुरभि' के दिनों की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि फैंस के खत उनके लिए खास होते थे। एक दिन उन्हें खून से लिखा पत्र मिला, जिसने उन्हें बुरी तरह डरा दिया था। उन्होंने 'हम आपके हैं कौन' के बाद फिल्मों के बजाय टीवी चुनने की वजह भी बताई। सवाल: आप करीब 10 साल तक 'सुरभि' जैसे ऐतिहासिक शो का हिस्सा रहीं। आज जब हर चीज सोशल मीडिया पर आ गई है, तो क्या आपको चिट्ठियों वाला दौर याद आता है? जवाब: बहुत याद आता है। वह बेहद खूबसूरत एहसास था, जिसे आज हम मिस करते हैं। उस समय फैंस लंबे खत लिखा करते थे। उन चिट्ठियों में सिर्फ हमारे लिए प्यार नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी की बातें भी होती थीं। ऐसा लगता था कि हमारा उनसे व्यक्तिगत रिश्ता बन गया है। आज लोगों से संपर्क करना आसान हो गया है, लेकिन उस इंतजार की मिठास खो गई है। किसी जवाब का इंतजार करना भी अपने आप में खुशी होती थी। पुराने पोस्ट ऑफिस बॉक्स देखती हूं तो लगता है कि एक पूरा दौर वहीं छूट गया। सवाल: उस दौर में फैंस के खतों से जुड़ा कोई ऐसा किस्सा जो आज भी याद हो? जवाब: बहुत सारे हैं। सबसे ज्यादा मुझे स्कूल के बच्चों की चिट्ठियां याद आती हैं। 'सुरभि' उस समय बच्चों का भी पसंदीदा कार्यक्रम था। कई बच्चे नौवीं-दसवीं से मुझे खत लिखना शुरू करते थे और कॉलेज तक लिखते रहे। उनकी पढ़ाई, दोस्त और सपने, सब उन चिट्ठियों में होते थे। ऐसा रिश्ता आज शायद सोशल मीडिया पर बन पाना मुश्किल है। एक घटना मैं कभी नहीं भूल सकती। बचपन में सुनते थे कि राजेश खन्ना जी को खून से लिखे खत आते थे। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे साथ भी ऐसा होगा। एक दिन मेरे घर पर खून से लिखा खत आया। उसे देखकर मैं सचमुच डर गई थी। मुझे लगा कि अगर कोई इंसान इस हद तक जा सकता है, तो ये प्यार नहीं बल्कि डराने वाली दीवानगी है। उस खत ने मुझे बहुत असहज कर दिया था। सवाल: इतना प्यार, इतनी लोकप्रियता, फिर भी क्या कभी लगा कि अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है? जवाब: नहीं। सच कहूं तो मुझे जितना मिला, उसकी मैंने कभी कल्पना नहीं की थी। मैंने कभी आईने के सामने खड़े होकर अवॉर्ड लेने की स्पीच की प्रैक्टिस नहीं की। मैं इस क्षेत्र में इसलिए आई थी क्योंकि मुझे थिएटर से प्यार था। कब थिएटर मेरा पेशा बन गया और कब मुझे ऐसे मौके मिले जिन्होंने इतिहास रच दिया, यह मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। इसलिए मुझे कभी नहीं लगा कि कुछ छूट गया। सवाल: 'हम आपके हैं कौन' के बाद भी आपने कई फिल्में ठुकरा दीं। ऐसा फैसला लेना आसान नहीं रहा होगा? जवाब: उस समय फिल्मों में लगभग एक जैसे किरदार मिल रहे थे। एक भूमिका पसंद आने के बाद उसी तरह के रोल बार-बार मिलने लगते थे। मुझे लगा कि टेलीविजन पर महिलाओं के लिए ज्यादा मजबूत और अर्थपूर्ण किरदार लिखे जा रहे हैं। वहां हर बार कुछ नया करने का मौका मिलता था। इसलिए मैंने फिल्मों की बजाय टीवी को प्राथमिकता दी। सवाल: लेकिन उस दौर में फिल्मों को मना करना बहुत बड़ी बात मानी जाती थी? जवाब: शायद इसलिए कि मेरी महत्वाकांक्षा अलग थी। मेरा लक्ष्य सिर्फ लोकप्रिय होना नहीं था। मैं अच्छा काम करना चाहती थी। थिएटर ने मुझे सिखाया कि दर्शक पांच हों या पांच हजार, काम पूरी ईमानदारी से करना है। सफलता का मतलब सिर्फ स्टार बनना नहीं, बल्कि हर काम से कुछ नया सीखना भी है। मैंने हमेशा उसी सोच के साथ काम किया। सवाल: यानी आपके लिए लोकप्रियता से ज्यादा काम की गुणवत्ता मायने रखती थी? जवाब: बिल्कुल। मैं प्रशिक्षित अभिनेत्री नहीं थी। मैंने हर काम करते हुए सीखा। हर नए प्रोजेक्ट ने मुझे कुछ नया सिखाया। लोकप्रियता अपने आप मिलती चली गई। इसलिए मैंने कभी नहीं सोचा कि मुझे क्या हासिल करना है। मेरे लिए अच्छा काम करना ही सबसे बड़ी उपलब्धि रही। __________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. शाहरुख फिल्मों के बारे में नहीं सोचते थे:रेणुका शहाणे बोलीं- टीवी के बड़े स्टार थे, उन्हें देखने हजारों की भीड़ जुटती थी थिएटर से अभिनय की शुरुआत, पीएचडी छोड़कर एक्टिंग को करियर बनाना, शाहरुख खान के साथ 'सर्कस' में काम करने का अनुभव, निर्देशन की नई पारी और सोशल मीडिया पर बेबाक राय। दैनिक भास्कर से बातचीत में रेणुका शहाणे ने करियर के कई किस्से साझा किए, जिनसे पता चलता है कि उन्होंने लोकप्रियता से ज्यादा अच्छे काम को महत्व दिया।पूरा इंटरव्यू पढ़ें.. सास मां बन जाए तो रिश्ते खूबसूरत बनते हैं:रेणुका शहाणे बोलीं- नहीं तो बेटा और पति सास-बहू के झगड़ों में पिसेंगे मराठी वेब सीरीज 'अगं आई अहो आई' में रेणुका शहाणे ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं, जो रिश्तों को जोड़ने में विश्वास रखती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि 'अगं आई' और 'अहो आई' का मतलब क्या है, सास-बहू के रिश्तों को लेकर धारणाएं कैसे बदल सकती हैं, परिवार क्यों टूट रहे हैं और बेटी की शादी के बाद मां किन भावनाओं से गुजरती है।पूरा इंटरव्यू पढ़ें...

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 11:07 am

सलमान खान की शो 'अलायंस' में एंट्री होगी:भाई सोहेल का सपोर्ट करने पहुंचेंगे, काउबॉय हैट और ऑल-डेनिम लुक में दिखे

सलमान खान बुधवार को रियलिटी शो 'अलायंस' के सेट पर पहुंचे। यहां वह अपने भाई सोहेल खान को सपोर्ट करने आए थे। सोहेल खान की पूर्व पत्नी सीमा सजदेह वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर शो में शामिल हुई थीं। हालांकि, हाल ही में वह शो से बाहर हो गईं। सीमा के एलिमिनेट होने के बाद सोहेल भावुक नजर आए थे। अब सलमान शो में गेस्ट के रूप में दिखाई देंगे। सेट पर जाने से पहले सलमान ने पैपराजी के लिए भी पोज दिए। इस दौरान उनका ऑल-डेनिम लुक और काउबॉय हैट लोगों का ध्यान खींचता नजर आया। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म 'मातृभूमि: मे रेस्ट इन पीस' में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। सोहेल ने सीमा की तारीफ की थी बता दें कि रियलिटी गेम शो 'अलायंस' में जब सीमा की एंट्री हुई, तब सोहेल ने उनकी तारीफ की थी। उस दौरान होस्ट कुणाल खेमू ने सोहेल से सीमा को लेकर सवाल किया था, जिस पर उन्होंने अपनी शादी और रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। कुणाल खेमू ने पूछा था कि सीमा को शो में देखकर उन्हें कैसा लग रहा है। इस पर सोहेल खान ने कहा था कि उन्होंने सीमा के साथ अपनी जिंदगी के 25 साल बिताए हैं। उन्होंने सीमा को एक खूबसूरत और अच्छे दिल वाली महिला बताया। सोहेल ने यह भी कहा था कि अगर उनके रिश्ते में कभी कोई गलती हुई होगी, तो वह उनकी तरफ से हुई होगी। शो में सोहेल खान और सीमा के बीच बातचीत और बॉन्डिंग देखकर अन्य प्रतियोगियों ने तालियां बजाकर दोनों का हौसला बढ़ाया था। सोहेल और सीमा ने भागकर शादी की थी सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए। रियलिटी गेम शो 'अलायंस' को कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं। शो में रिश्तों और दोस्ती के समीकरण हर दिन बदलते रहते हैं। यह शो प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है, जिसमें फिल्म और टीवी कलाकारों के साथ कई इंफ्लुएंसर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सोहेल खान, मिनी माथुर, कुशल टंडन, नीति टेलर और पायल गेमिंग शामिल हैं।

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 9:00 am

फिल्म रामायण का ट्रेलर रिलीज:ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:15 बजे दुनिया भर में लॉन्च

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर आज रिलीज हो गया है। मेकर्स ने इसे भारतीय समयानुसार 30 जुलाई सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। 'रामायण' के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया है। देखें ट्रेलर की झलक- रामायण के ट्रेलर ने जीता दर्शकों का दिल'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया। भव्य दृश्य, भगवान राम के किरदार और रावण बने यश के दमदार अंदाज की जमकर तारीफ हो रही है। एक यूजर ने लिखा, यह सिर्फ ट्रेलर नहीं, पीढ़ियों से जुड़ी एक भावना है। वहीं दूसरे ने कहा, कुछ फिल्में देखी जाती हैं, रामायण महसूस की जाती है। एक यूजर ने लिखा, रावण के किरदार में यश की कास्टिंग बेहतरीन है। जबकि साई पल्लवी के सीता रूप को देखकर लोगों ने कहा, मां सीता के रूप में साई पल्लवी दिव्य लग रही हैं। कई दर्शकों ने यह भी लिखा कि ट्रेलर देखने के उत्साह में वे पूरी रात सो नहीं पाए। इससे पहले फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर रिलीज की जानकारी दी थी कि हिंदू परंपरा में सुबह 4 से 5 बजे के बीच का समय ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है, जिसे किसी भी नए और शुभ कार्य की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसी मान्यता को ध्यान में रखते हुए मेकर्स ने ट्रेलर रिलीज का समय चुना। रणबीर कपूर बने हैं भगवान राम, यश निभा रहे रावण का रोलफिल्म 'रामायण' में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बड़े कलाकार एक साथ नजर आने वाले हैं। रणबीर कपूर फिल्म में भगवान राम की भूमिका में हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। साउथ सुपरस्टार यश इस फिल्म में रावण के रोल में दिखेंगे। इसके अलावा सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं, जबकि रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में शामिल हैं। ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिकफिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म के पहले पार्ट की शूटिंग पूरी हो चुकी है और इस समय इसके पोस्ट-प्रोडक्शन का काम तेजी से चल रहा है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 5:10 am

हॉलीवुड तक पहुंचा हरियाणवी सॉन्ग 'बरसात':स्पाइडर मैन की नई मूवी का हिस्सा बना, एक्टर पीटर की लव स्टोरी दिखाई; बैरण सिंगर्स ने गाया

हरियाणवी सॉन्ग बैरण से बिलबोर्ड तक पहुंच बनाने वाले सुमित-अनुज का नया सॉन्ग 'बरसात' अब हॉलीवुड तक पहुंच गया है। रिलीज होने के 20 दिनों के भीतर ही इसे हॉलीवुड फ्रेंचाइजी स्पाइडर मैन के लिए सिलेक्ट कर लिया गया। इस सीरिज की नई फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' के लिए बरसात को इंडिया कैंपेन के लिए चुना गया है। 28 जुलाई को इस सॉन्ग की प्रमोशनल वीडियो भी रिलीज की गई। सॉन्ग में अभिनेता पीटर पार्कर की इमोशनल लव स्टोरी भी दिखाई गई। सिंगर्स का दावा है कि किसी हॉलीवुड स्टूडियो की फिल्म में चुने जाने वाला ये पहला हरियाणवी सॉन्ग है। दो दिन पहले रिलीज हुए इस सॉन्ग को 35 लाख से भी अधिक बार देखा जा चुका है। फिल्म में कैसे चुना गया ‘बरसात’ सॉन्ग फिल्म से कैसे जुड़ा सॉन्ग 'बरसात' 9 जुलाई को सोनी म्यूजिक इंडिया के साथ रिलीज हुआ था। रिलीज के साथ ही सॉन्ग तेजी से लोकप्रिय हुआ। इसके इमोशनल लिरिक्स और म्यूजिक को दर्शकों ने खूब पसंद किया। बाद में इसी सॉन्ग का स्पेशल मेल प्रमोशनल वर्जन तैयार किया गया, जिसे स्पाइडर-मैन के इंडियन प्रमोशन कैंपेन के लिए चुना गया। इसके बाद फिल्म के प्रमोशन के लिए बरसात का वीडियो 28 जुलाई को रिलीज किया गया। इसमें पीटर पार्कर और एमजे के रिश्ते की इमोशनल स्टोरी दिखाई गई है। इस प्रमोशनल सॉन्ग को बंजारे ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी शेयर किया। हॉलीवुड फिल्म में पहला हरियाणवी सॉन्ग मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बरसात को पहला हरियाणवी सॉन्ग माना जा रहा है, जो हॉलीवुड स्टूडियो की फिल्म के इंडियन प्रमोशन कैंपेन में शामिल किया गया है। इसे सिर्फ बंजारे की सफलता नहीं, बल्कि हरियाणवी म्यूजिक और लैंग्वेज की ग्लोबल पहचान के रूप में भी देखा जा रहा है। रीजनल आर्टिस्ट्स के लिए खुलेगा नया रास्ता सिंगर सुमित और अजय ने दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए बताया कि ये सॉन्ग सिर्फ एक लव एंगल नहीं है। जब इसे फिल्म के प्रमोशन के रूप में चुना गया तो सबसे पहले अपने गांव, परिवार और हरियाणा की याद आई। उन्होंने कहा- एक ऐसा म्यूजिक बनाना है, जो लोगों के दिलों तक पहुंचे। हमारा सॉन्ग हरियाणवी लैंग्वेज को दुनिया के सबसे बड़े फिल्म प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने का जरिया बना है तो इससे बड़ी उपलब्धि कोई नहीं। सुमित और अनुज के बारे में जानिए…. सुमित के पिता PTI, भाई असिस्टेंट प्रोफेसर सुमित का जन्म 20 अप्रैल 1998 में हुआ। उनके पिता सत्यवान PTI टीचर हैं। उन्होंने अंबाला पॉलिटेक्निक से मैकेनिकल ट्रेड में कोर्स किया। उसके बाद हिसार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर में बीटेक की। सुमित भी गाने के साथ म्यूजिक कंपोज करते हैं। उनका छोटा भाई असिस्टेंट प्रोफसर है। अनुज के पिता JBT टीचर अनुज का जन्म 30 अगस्त 2002 को हुआ। इनके पिता राजेंद्र सिंह JBT टीचर हैं। अनुज की एक बड़ी बहन भी है। उन्होंने JRF क्वालीफाई किया हुआ है। अनुज जब तीसरी क्लास में थे तो उन्होंने स्टेज पर ‘यशोमती मैया से बोले नंदलाला’ भजन गया था। इसके बाद स्कूल टाइम में वह अलग-अलग प्रोग्रामों में हिस्सा लेने लगे। अनुज ने आठवीं क्लास में म्यूजिक में करियर बनाने की ठान ली। सरकारी नौकरी की कोशिश की अनुज बताते हैं कि उन्हें सिंगर बनना था। तब परिवार ने कहा कि पढ़ाई बेहद जरूरी है। इसलिए वे उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में MA की। इसके बाद नेट का एग्जाम भी क्रैक किया। सरकारी नौकरी की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद म्यूजिक में ही अपना करियर बनाने की ठान ली। पहले गाने के 40 हजार दिए, पसंद नहीं आया सुमित ने बताया कि उन्होंने 2019 में एक गाना लिखा था। वे अपने पहले गाने को कंपोज कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अपने परिवार से 40 हजार रुपए मांगे। उन्होंने हिसार में एक म्यूजिक प्रोड्यूसर से गाना तैयार करवाया, लेकिन उन्हें म्यूजिक पसंद नहीं आया। वे चाहते थे कि उनके लिरिक्स हर दिल तक पहुंचें। वे अपनी भावना को म्यूजिक प्रोड्यूसर तक ठीक से नहीं पहुंचा पाए, जिसकी वजह से मिस कम्युनिकेशन हुआ और गाना बेहतरीन नहीं बन पाया। इसके बाद 5 और गाने रिलीज किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। 28 नवंबर 2024 को पहला गाना रिलीज किया सुमित ने बताया कि 2024 में उन्होंने यूट्यूब पर बंजारा के नाम से चैनल बनाया। इसी ऑफिशल चैनल से अपने गाने रिलीज करने शुरू कर दिए। 28 नवंबर 2024 में 'सूट्स विद मी' पहला गाना रिलीज किया। उसके बाद उन्होंने दूसरा गाना 'डिफरेंट टॉक', आशिक आवारा, मौज, हाय रै और छठा गाना बैरण रिलीज किया। बैरण गाना लिखने से लेकर एनिमेटेड वीडियो रिलीज करने में डेढ़ साल का समय लगा। उन्होंने बार-बार इसके लिरिक्स बदले। --------------- यह खबर भी पढ़ें… बिलबोर्ड पर छाए हरियाणवी सिंगर भाइयों की कहानी:बैरण सॉन्ग में एनिमेटेड लव स्टोरी दिखाई; कोरोना में गाना शुरू किया, अब मुंबई से ऑफर हरियाणा में भिवानी जिले का गांव संडवा। इस गांव के रहने वाले दो चचेरे भाई सुमित और अनुज पूरे भारत में छाए हुए हैं। वजह- इनका नया हरियाणवी गाना बैरण। इस गाने में अनुज ने अपनी आवाज दी है, जबकि सुमित ने म्यूजिक कंपोज किया। (पूरी खबर पढ़ें)

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 5:00 am

भूख से बचने के लिए दोपहर तक सोता था:अन्नू कपूर बोले- जेब खाली थी, ड्राइवर ने बुरे वक्त में नहीं छोड़ा, कहा- पाप लगेगा

भोपाल से मुंबई तक अन्नू कपूर का सफर संघर्षों से भरा रहा। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। परिवार चलाने के लिए उन्होंने चाय बेची, चाट का ठेला लगाया, लॉटरी टिकट बेचे और ऑटो रिक्शा चलाया। गरीबी ने उनका आईएएस बनने का सपना छीन लिया, लेकिन अभिनय ने नई पहचान दिलाई। जेब में सिर्फ 419 रुपए 25 पैसे लेकर मुंबई पहुंचे अन्नू कपूर को चेहरे की वजह से रिजेक्ट किया गया, लेकिन अपनी प्रतिभा के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर साबित किया कि असली हीरो चेहरा नहीं, हुनर होता है। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं अन्नू कपूर के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें… गरीबी ने छीन लिया आईएएस बनने का सपना 20 फरवरी 1956 को भोपाल के एक साधारण परिवार में जन्मे अन्नू कपूर का बचपन आर्थिक परेशानियों में बीता। उनके पिता मदनलाल कपूर पारसी थिएटर चलाते थे, जबकि मां कमल शबनम क्लासिकल गायिका और शिक्षिका थीं। घर में कला का माहौल था, लेकिन आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो जाता था। अन्नू कपूर पढ़ाई में अच्छे थे और उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का था, लेकिन परिवार की हालत ने उन्हें यह सपना छोड़ने पर मजबूर कर दिया। परिवार चलाने के लिए किया हर छोटा-बड़ा काम जब घर की जिम्मेदारी आई तो उन्होंने कोई काम छोटा नहीं समझा। एक इंटरव्यू में अन्नू कपूर ने कहा था, मैंने अपनी जिंदगी चलाने के लिए चाय बेची, फ्राइड फूड का स्टॉल लगाया। कठिनाइयां मेरे जीवन में नई नहीं थीं। समस्याओं को तो मैंने बचपन से जिया है। चाय बेचने के अलावा उन्होंने चाट का ठेला लगाया, लॉटरी टिकट बेचे और ऑटो रिक्शा चलाया। उस समय उनके लिए सबसे जरूरी था कि किसी तरह परिवार का खर्च चलता रहे। लेकिन मुश्किलों के बीच अभिनय का सपना कभी खत्म नहीं हुआ। थिएटर बना जिंदगी बदलने का रास्ता बचपन से घर में थिएटर का माहौल था। पिता मंच पर अभिनय करते थे, इसलिए अन्नू कपूर का झुकाव रंगमंच की ओर बढ़ा। उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) में दाखिला लिया। यहीं से उनकी अभिनय यात्रा को दिशा मिली। हालांकि यहां भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा। एक बार मशहूर थिएटर निर्देशक बैरी जॉन एक नाटक के लिए कलाकार चुन रहे थे। ऑडिशन में अन्नू कपूर सबसे ज्यादा अंक लेकर पहले स्थान पर रहे, लेकिन चेहरे को किरदार के लिए उपयुक्त नहीं मानने के कारण उन्हें रोल नहीं मिला। इस घटना ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया। बाद में अन्नू कपूर ने इस घटना को याद करते हुए कहा था, मैं सबसे ज्यादा अंक लेकर आया था, लेकिन मुझे कहा गया कि तुम्हारे पास उस किरदार वाला चेहरा नहीं है। उस दिन मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान हुआ था।'' यही वह पल था, जब उन्होंने तय किया कि अब उन्हें चेहरे से नहीं, अभिनय से पहचान बनानी है। 70 साल के बूढ़े का किरदार बना टर्निंग पॉइंट एनएसडी के दिनों में अन्नू कपूर ने नाटक 'एक रुका हुआ फैसला' में 70 साल के बुजुर्ग का किरदार निभाया। तब उनकी उम्र करीब 25 साल थी, लेकिन अभिनय इतना प्रभावशाली था कि दर्शक उनकी असली उम्र का अंदाजा नहीं लगा पाए। संयोग से नाटक देखने निर्देशक श्याम बेनेगल भी पहुंचे थे। श्याम बेनेगल अन्नू कपूर की अदाकारी से प्रभावित हुए और उन्होंने उन्हें फिल्म 'मंडी' (1983) के लिए चुन लिया। यहीं से संघर्षरत थिएटर कलाकार के फिल्मी सफर की शुरुआत हुई। एनएसडी में अभिनय की बारीकियां सीखने के बाद अन्नू कपूर के सामने सवाल था- अब आगे क्या? थिएटर पहचान दे रहा था, लेकिन रोजी-रोटी नहीं। ऐसे में उन्होंने मुंबई का रुख किया, जहां लाखों लोग सपनों के साथ आते हैं और हजारों सपने टूट जाते हैं। जेब में सिर्फ 419 रुपए 25 पैसे लेकर पहुंचे मुंबई मुंबई आने का फैसला आसान नहीं था। जेब में महज 419 रुपए 25 पैसे थे। रहने का ठिकाना पक्का नहीं था और फिल्मों में काम मिलने की गारंटी भी नहीं थी। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में अन्नू कपूर ने बताया था कि मुंबई आने के समय उनके पास सिर्फ 419.25 रुपए थे। उन्हें भरोसा था कि ईमानदारी से अभिनय करेंगे तो एक दिन पहचान जरूर मिलेगी। चेहरे की वजह से बार-बार हुए रिजेक्ट मुंबई पहुंचते ही उन्हें एहसास हुआ कि यहां सिर्फ अभिनय नहीं, चेहरा भी मायने रखता है। उस दौर में हिंदी फिल्मों में लंबे, गोरे और पारंपरिक हीरो जैसे दिखने वाले कलाकारों को प्राथमिकता मिलती थी। अन्नू कपूर इन मानकों पर फिट नहीं बैठते थे। रिजेक्शन लगातार मिल रहे थे, लेकिन उन्होंने तय कर लिया था कि अगर हीरो नहीं बन सकते, तो ऐसा अभिनेता बनेंगे जिसे लोग कभी भूल न सकें। श्याम बेनेगल ने बदली किस्मत एनएसडी के दौरान नाटक में उनका अभिनय देखकर निर्देशक श्याम बेनेगल पहले ही प्रभावित हो चुके थे। उन्होंने अन्नू कपूर को 1983 में फिल्म 'मंडी' में मौका दिया। रोल छोटा था, लेकिन इंडस्ट्री के बड़े निर्देशकों की नजर उन पर पड़ गई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। धीरे-धीरे उन्होंने 'उत्सव', 'चमेली की शादी', 'मिस्टर इंडिया', 'तेजाब', 'राम लखन' जैसी फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभाए। स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी भले कुछ मिनटों की होती, लेकिन दर्शक उन्हें नजरअंदाज नहीं कर पाते थे। हर किरदार में अलग पहचान बनाई अन्नू कपूर ने खुद को किसी एक तरह के रोल तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कॉमिक, गंभीर, खलनायक और भावनात्मक सभी तरह के किरदार निभाए। उनकी खासियत रही कि वह अपने किरदार को अभिनय नहीं, जीते थे। फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर कहा जाता है कि कोई रोल छोटा नहीं होता। अन्नू कपूर ने इसे अपने करियर से सच साबित किया। टीवी ने बना दिया घर-घर का चेहरा फिल्मों में काम मिल रहा था, लेकिन असली लोकप्रियता टीवी से मिली। 1993 में उन्होंने संगीत आधारित शो 'अंताक्षरी' होस्ट करना शुरू किया। उनका अंदाज अलग था। बेहतरीन हिंदी-उर्दू, हाजिरजवाबी, कविता, शायरी और संगीत ज्ञान ने उन्हें बाकी एंकरों से अलग बना दिया। धीरे-धीरे लोग शो से ज्यादा अन्नू कपूर को देखने लगे। रविवार की शाम 'अंताक्षरी' के समय परिवार टीवी के सामने बैठ जाता था। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक उनकी एंकरिंग के प्रशंसक बन गए। आज भी भारतीय टेलीविजन के लोकप्रिय होस्ट्स में अन्नू कपूर का नाम लिया जाता है। लेकिन इस शो से पहले साढ़े चार महीने तक अन्नू कपूर बेरोजगार रहे। जेब खाली थी और एक वक्त का खाना बचाने के लिए देर तक सोते थे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने उस दौर का जिक्र किया। साढ़े चार महीने ऐसा वक्त देखा, जब जेब में एक रुपया नहीं था अन्नू कपूर कहते हैं- मेरी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन 4 मई 1992 से शुरू हुआ साढ़े चार महीने का दौर मैं कभी नहीं भूल सकता। वो मेरी जिंदगी का सबसे मुश्किल समय था। मैं एक छोटे कमरे में रहता था, जिसका किराया सिर्फ एक हजार रुपए था। हालत ऐसी थी कि जेब में एक रुपए भी नहीं था। न कोई चेक था, न शूटिंग और न ही काम। पूरा दिन खाली गुजरता था। रात को दोस्तों के घर जाकर ताश खेलता था ताकि मन हल्का हो जाए। सुबह जानबूझकर देर से उठता था, क्योंकि देर से उठने पर सीधे लंच कर लेता था और एक वक्त का खाना बच जाता था। उस दौर ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया था। ड्राइवर ने कहा- बुरे वक्त में छोड़कर गया तो पाप लगेगा उसी मुश्किल दौर में मेरे ड्राइवर केशव दत्त ने जो साथ दिया, उसे मैं कभी नहीं भूल सकता। मैंने उससे कहा था कि तू कहीं और नौकरी कर ले। मैं तुझे एचएलएल में एक बड़े अफसर के यहां लगवा देता हूं। वहां तुझे 750 रुपए की जगह 2000 रुपए तनख्वाह मिलेगी। उसने मेरी बात सुनकर कहा, सर, मैं ब्राह्मण हूं। अच्छे वक्त में आपको छोड़ दूं तो कोई बात नहीं, लेकिन बुरे वक्त में छोड़कर गया तो मुझे पाप लगेगा। अगर अभी आप तनख्वाह नहीं दे पा रहे हैं, तो भी मैं आपके साथ हूं। ऐसे वफादार लोग किस्मत वालों को ही मिलते हैं। 'अंताक्षरी' का पहला एपिसोड देखा और जिंदगी बदल गई करीब साढ़े चार महीने बाद दिल्ली में बनने वाली एक वीडियो फिल्म के लिए एक शख्स मुझे 5000 रुपए एडवांस देकर गया। इससे थोड़ी राहत मिली। लेकिन असली टर्निंग पॉइंट 3 सितंबर 1993 को आया। उस दिन मैं हमेशा की तरह दोस्त के घर ताश खेल रहा था। रात करीब आठ बजे दोस्त की पत्नी ने कहा, अरे अन्नू जी, आप टीवी पर दिख रहे हो। मैंने पलटकर देखा तो जी टीवी पर 'अंताक्षरी' का पहला एपिसोड चल रहा था, जिसे मैंने करीब डेढ़ महीने पहले शूट किया था। मैंने ताश के पत्ते नीचे रख दिए और पूरा शो देखा। शो खत्म होने के बाद दोस्त ने मुझसे कहा, पंडित की जुबान है, आज के बाद तुझे जिंदगी में कभी पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनकी बात सच साबित हुई। 'अंताक्षरी' ने मेरी जिंदगी बदल दी और उसके बाद मुझे फिर कभी वैसा संघर्ष नहीं करना पड़ा। स्टार नहीं, एक्टर कहलाना पसंद था जब कई कलाकार हीरो बनने की दौड़ में थे, तब अन्नू कपूर का नजरिया अलग था। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, मैं स्टार बनने नहीं आया था, मैं अभिनेता बनना चाहता था। स्टारडम कुछ समय का होता है, अभिनय हमेशा रहता है। यही सोच उनके पूरे करियर में दिखाई दी। उन्होंने कभी बड़े बैनर या बड़े रोल का इंतजार नहीं किया। जो किरदार मिला, उसे पूरी ईमानदारी से निभाया। 'विक्की डोनर' ने बदल दी करियर की तस्वीर करीब तीन दशक तक फिल्मों और टेलीविजन में काम करने के बाद 2012 में अन्नू कपूर के करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट आया। निर्देशक शुजीत सरकार की फिल्म 'विक्की डोनर' में उन्होंने डॉ. बलदेव चड्ढा का किरदार निभाया। फिल्म का विषय अलग था और अन्नू कपूर का अभिनय इसकी बड़ी ताकतों में से एक माना गया। उनकी कॉमिक टाइमिंग, पंजाबी लहजा और किरदार की ऊर्जा ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों का दिल जीत लिया। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। यह सम्मान उनके करीब तीन दशक के संघर्ष और मेहनत की पहचान बन गया। हर दौर में खुद को बदलते रहे अन्नू कपूर ने खुद को दोहराने के बजाय नए किरदार चुने। '7 खून माफ', 'ऐतराज', 'जॉली एलएलबी 2', 'ड्रीम गर्ल' जैसी फिल्मों में उन्होंने साबित किया कि उम्र बढ़ने के साथ उनका अभिनय और परिपक्व हुआ है। उन्होंने वेब प्लेटफॉर्म, रेडियो और टेलीविजन पर भी काम किया। रेडियो शो 'सुहाना सफर विद अन्नू कपूर' में हिंदी सिनेमा और संगीत की जानकारी ने श्रोताओं को प्रभावित किया। अभिनय के साथ उनकी भाषा, साहित्य और संगीत की समझ भी उनकी अलग पहचान बनी। एक किस्सा जिसने उनकी सोच बदल दी अन्नू कपूर अक्सर कहते हैं कि संघर्ष इंसान को मजबूत बनाता है। उन्होंने बताया कि गरीबी ने उन्हें सिखाया कि किसी भी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था,मैंने जिंदगी में कोई काम छोटा नहीं माना। जो काम ईमानदारी से किया जाए, वही इंसान को आगे ले जाता है। शोहरत मिली, लेकिन जमीन से जुड़े रहे सफलता मिलने के बाद भी अन्नू कपूर ने अपने संघर्ष के दिनों को नहीं भुलाया। वह बताते हैं कि एक समय घर चलाना मुश्किल था, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों को कमजोरी नहीं बनने दिया। उनका मानना है कि कलाकार की सबसे बड़ी पूंजी उसका हुनर होता है, न कि चेहरा या स्टारडम। रिजेक्शन को बनाया ताकत अन्नू कपूर की कहानी उन लोगों के लिए सीख है जो एक-दो असफलताओं के बाद हार मान लेते हैं। उन्हें कई बार सिर्फ इसलिए काम नहीं मिला क्योंकि वे पारंपरिक फिल्मी हीरो जैसे नहीं दिखते थे। लेकिन उन्होंने अपनी कमी को ताकत बना लिया। आज बॉलीवुड में उनका नाम उन कलाकारों में लिया जाता है जो किसी भी किरदार को यादगार बना सकते हैं। ____________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... हिट फिल्म के बाद भी 15 महीने बेरोजगार रहीं कृति:स्टारकिड्स ने छीने बड़े रोल, जिस किरदार पर सवाल उठे, उसी ने दिलाया नेशनल अवॉर्ड आज कृति सेनन बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनके नाम नेशनल अवॉर्ड, कई सुपरहिट फिल्में और अपना प्रोडक्शन हाउस है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता रिजेक्शन, अकेलेपन, तानों और आत्मविश्वास की लड़ाई से होकर गुजरा है।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 4:30 am

एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना बनीं मां:शादी के 4 साल बाद गुरु पूर्णिमा पर बेटे को जन्म दिया; स्मृति ईरानी और सोनू सूद ने दी बधाई

अभिनेत्री करिश्मा तन्ना और उनके पति वरुण बंगेरा माता-पिता बन गए हैं। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन करिश्मा ने बेटे को जन्म दिया है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर अपने नवजात शिशु के पैर की मोनोक्रोम फोटो शेयर करके यह जानकारी दी। करिश्मा और वरुण ने अपने संयुक्त बयान में इस बच्चे को जीवन का सबसे बड़ा आशीर्वाद बताया है। इस जानकारी के सामने आने के बाद फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के सितारों के साथ फैंस भी इस कपल को शुभकामनाएं दे रहे हैं। इंस्टाग्राम पर शेयर की बेटे के पैर की फोटोकरिश्मा और वरुण ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक संयुक्त पोस्ट में बच्चे के आगमन का ऐलान किया। शेयर की गई फोटो में बच्चे के पैर में एक टैग लगा नजर आ रहा है, जिस पर लिखा है 'ही इज हियर' (वह आ गया है)। फोटो के साथ पोस्ट में लिखा था, यह एक लड़का है! करिश्मा और वरुण। हमारा सबसे बड़ा आशीर्वाद, 29 जुलाई 2026। इसके साथ ही कैप्शन में करिश्मा ने लिखा, गुरु पूर्णिमा के पवित्र दिन जन्म हुआ... हमारा सबसे बड़ा आशीर्वाद यहां है। हमारी दुनिया में स्वागत है छोटे बच्चे। स्मृति ईरानी और सोनू सूद समेत कई सितारों ने दी बधाईसोशल मीडिया पर करिश्मा और वरुण की इस पोस्ट के बाद बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और अभिनेत्री स्मृति ईरानी ने कमेंट में लिखा, हार्दिक बधाई, भगवान भला करे। वहीं एक्टर सोनू सूद, खुशी कपूर, वामिका गब्बी, नेहा धूपिया, सोनल चौहान और कॉमेडियन कीकू शारदा ने भी कपल को कमेंट करके शुभकामनाएं दीं। फैंस भी लगातार इस पोस्ट पर रिएक्ट कर रहे हैं। देखें करिश्मा की प्रेग्नेंसी की तस्वीरें अप्रैल में दी थी प्रेग्नेंसी की जानकारीकरिश्मा तन्ना ने इसी साल अप्रैल के महीने में अपनी प्रेग्नेंसी की खबर साझा की थी। उस समय उन्होंने एक खास फोटो के साथ लिखा था कि अगस्त में उनके घर छोटा मेहमान आने वाला है। इसके बाद मई में करिश्मा की तुलू रीति-रिवाज से गोद भराई (बेबी शावर) की रस्म हुई थी। इस पारंपरिक कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो भी करिश्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। 2022 में बिजनेसमैन वरुण बंगेरा से की थी शादीकरिश्मा तन्ना और वरुण बंगेरा की पहली मुलाकात साल 2021 में एक कॉमन फ्रेंड की पार्टी में हुई थी। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। कुछ महीनों की डेटिंग के बाद दोनों ने सगाई कर ली और 5 फरवरी 2022 को मुंबई में शादी के बंधन में बंध गए। करिश्मा की शादी में हल्दी, मेहंदी और संगीत समेत तमाम रस्में पारंपरिक तरीके से हुई थीं, जिसमें टीवी और बॉलीवुड के कई कलाकार शामिल हुए थे। 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' से करियर की शुरुआतकरिश्मा तन्ना टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने साल 2001 में मशहूर टीवी शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे 'नागिन 3', 'अदालत' और 'बालवीर' जैसे कई धारावाहिकों में नजर आईं। उन्होंने रियलिटी शो 'बिग बॉस 8' में हिस्सा लिया था और 'खतरों के खिलाड़ी 10' की विनर भी रहीं। फिल्म 'संजू' (2018) के अलावा उन्होंने 2023 में हंसल मेहता की नेटफ्लिक्स सीरीज 'स्कूप' में पत्रकार जागृति पाठक का मुख्य किरदार निभाया था, जिसके लिए उन्हें काफी सराहना मिली थी।

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 7:21 pm

असम बाढ़ पीड़ितों की मदद में उतरे सलमान और आलिया:सलमान की 'बीइंग ह्यूमन' बांट रही राहत सामग्री, आयुष्मान खुराना-ताहिरा कश्यप ने भी की मदद

असम में जारी भीषण बाढ़ के बीच बॉलीवुड अभिनेताओं ने मदद के हाथ बढ़ाए हैं। अभिनेता सलमान खान और अभिनेत्री आलिया भट्ट पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आए हैं। सलमान खान ने अपनी चैरिटेबल संस्था 'बीइंग ह्यूमन' के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में बहु-स्तरीय राहत अभियान शुरू किया है। वहीं, आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया पर अपील जारी कर देशवासियों से असम के बाढ़ पीड़ितों की मदद करने का अनुरोध किया है। असम में मानसून की भारी बारिश के चलते लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। सलमान ने फैन क्लब के साथ मिलकर शुरू किया राहत कार्य मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान खान की संस्था 'बीइंग ह्यूमन' ने असम में जमीनी स्तर पर काम करने के लिए अपने स्थानीय फैन क्लब के साथ हाथ मिलाया है। अभियान के पहले चरण में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैयार भोजन के पैकेट और अन्य जरूरी सामान बांटे जा रहे हैं। राहत सामग्री में पीने का पानी, दवाइयां, सेनेटरी पैड्स और मच्छर भगाने वाली रिपेलेंट क्रीम शामिल हैं। आने वाले हफ्तों में इस अभियान के तहत सूखा राशन, अस्थायी आश्रय सामग्री और बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए स्कूलों व अस्पतालों के पुनर्निर्माण में मदद की जाएगी। 'हर साल आती है यह त्रासदी': आलिया भट्ट ने जताया दुखअभिनेत्री आलिया भट्ट ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक पोस्ट शेयर कर असम के हालात पर चिंता जताई। आलिया ने लिखा, इस समय देश के कई हिस्से बाढ़ से प्रभावित हैं, जिसमें असम सबसे ज्यादा मुश्किल दौर से गुजर रहा है। 60 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। परिवारों ने अपने घर, जमीन, मवेशी और अपनों को खो दिया है। उन्होंने आगे लिखा कि यह आपदा हर साल आती है, फिर भी लोग इसके लिए तैयार नहीं हो पाते। आलिया ने वादा किया कि वे जल्द ही मदद के लिए जमीनी संगठनों की जानकारी साझा करेंगी। आयुष्मान खुराना-ताहिरा कश्यप ने भी की मदद वहीं अभिनेता आयुष्मान खुराना और उनकी पत्नी ताहिरा कश्यप ने असम में जारी भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। इस दंपति ने असम मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक योगदान दिया है, जिसका उपयोग बाढ़ पीड़ित परिवारों के राहत और पुनर्वास कार्यों में किया जाएगा। सामाजिक कार्यों में लगातार सक्रिय रहने वाले आयुष्मान और ताहिरा इससे पहले भी संकट के समय मदद के लिए आगे आते रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने महाराष्ट्र मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दिया था, साथ ही कचरा बीनने वाली महिलाओं को सशक्त बनाने वाली दिल्ली की संस्था 'गुलमेहर' का भी समर्थन किया था। इसके अलावा, आयुष्मान यूनिसेफ (UNICEF) इंडिया के राष्ट्रीय एंबेसडर भी हैं और बच्चों के अधिकारों, शिक्षा व उनके कल्याण के लिए लगातार आवाज उठाते रहे हैं। असम में बिगड़े हालात, 75 से ज्यादा लोगों की मौतअसम में जुलाई के मध्य से मूसलाधार बारिश और ऊपरी इलाकों में जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के चलते अब तक 75 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। राज्य के शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट और नौगांव समेत कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ से 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं और हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न हो चुकी है। ये खबर भी पढ़ें स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी के ऑफिस पहुंचे सलमान खान:बुजुर्गों को चाबियां दीं, हाथ मिलाया, फिल्म मातृभूमि से जुड़ा सवाल करने से इनकार बॉलीवुड एक्टर सलमान खान शुक्रवार को SRA (स्लब रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी) के दफ्तर पहुंचे, जहां उन्होंने कई बुजुर्गों को उनके सपनों के घर की चाबियां सौंपीं। एक्टर टाइट सिक्योरिटी के साथ पहुंचे थे, इसके बावजूद भीड़ ने उन्हें घेर लिया। सलमान खान के पर्सनल सिक्योरिटी हैड शेरा भी उनके साथ मौजूद रहे। सलमान ने वहां मौजूद बुजुर्ग महिलाओं को उनके घरों की चाबियां दीं और मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 5:11 pm

सनी देओल बोले-लोग धर्म-राजनीति को जोड़ते हैं,मैं इनसे हमेशा दूर:मैं कभी ऐसी फिल्में नहीं करता जो लोगों को बांटें, 'गदर' भी सिर्फ एक लव स्टोरी थी

बॉलीवुड एक्टर सनी देओल ने कहा- फिल्म में मैं किसी धर्म का चेहरा नहीं, बल्कि इंसानियत का चेहरा दिखाना चाहते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि हालात इंसान को तोड़ देते हैं, लेकिन अंत में जीत हमेशा इंसानियत की ही होती है। अंत में न कोई धर्म बचता है, न कोई मजहब... सबसे बड़ी चीज इंसानियत है और उससे भी बड़ी हमारी मां होती है। आज समाज में जिस तरह हर बात को धर्म और राजनीति से जोड़कर देखा जाता है, वे खुद को इससे हमेशा दूर रखते आए हैं। सनी ने कहा- मैं कभी ऐसी फिल्में नहीं करता जो लोगों को बांटती हों। लोग कई बार फिल्मों को अलग नजरिए से देखने लगते हैं, जबकि उनका उद्देश्य बिल्कुल अलग होता है। 'गदर' भी मेरे लिए कभी हिंदू-मुस्लिम फिल्म नहीं थी, वह एक परिवार और एक प्रेम कहानी थी। दरअसल, बॉलीवुड एक्टर सनी देओल, अपने बेटे करण देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ बुधवार को अपनी आगामी फिल्म 'बंटवारा 1947' के प्रमोशन के लिए जयपुर पहुंचे। इस दौरान तीनों दैनिक भास्कर कार्यालय पहुंचे और फिल्म, अपने लंबे फिल्मी सफर, भारत-पाक विभाजन, इंसानियत, समाज और सिनेमा की जिम्मेदारी पर खुलकर बातचीत की। यह पार्टिशन फिल्म जरूर है, लेकिन फैसला नहीं सुनाती सनी देओल ने कहा- फिल्म भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी जरूर है, लेकिन यह तय नहीं करती कि कौन सही था और कौन गलत। यह कहानी रिश्तों के टूटने और फिर जुड़ने की है। भटका हुआ इंसान सही रास्ते पर लौटता है। युवा इस फिल्म को देखेंगे तो उन्हें जिंदगी की कई ऐसी बातें समझ आएंगी, जो शायद आज उन्हें दिखाई नहीं देतीं। सिनेमा समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। हमने हमेशा कोशिश की है कि फिल्मों के जरिए समाज को कुछ लौटाया जाए। 'बंटवारा 1947' भी ऐसी ही फिल्म है। दर्शक जब थिएटर से बाहर निकलेंगे तो उनके दिल में सबसे पहले मां के लिए सम्मान और इंसानियत का भाव होगा। सनी देओल ने बताया- पंजाब के गांवों में बचपन बिताने के दौरान उन्होंने विभाजन की अनेक सच्ची कहानियां सुनीं। लोग मारने वालों की बातें करते हैं, लेकिन जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरे धर्म के लोगों को बचाया, उनकी कहानियां कम सुनाई जाती हैं। हमारी फिल्म उन्हीं इंसानों को सलाम करती है। मां की सेवा सबसे बड़ा कर्म है सनी देओल ने भावुक होते हुए कहा- फिल्म का सबसे बड़ा संदेश मां और मानवता है। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह फिल्म किसी को निराश नहीं करेगी। इसमें मनोरंजन है, एक्शन है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा एक मजबूत संदेश है। मां की सेवा से बड़ा कोई कर्म नहीं और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं। फिल्म का एक संवाद है, 'कोई मजहब बुरा नहीं होता, अच्छा-बुरा इंसान होता है।' यही इस फिल्म का सार है। राजस्थान से मेरा रिश्ता बहुत पुराना है राजस्थान से अपने लगाव का जिक्र करते हुए सनी देओल ने कहा- रिश्ता बचपन से इस प्रदेश से जुड़ा है। पापा (धर्मेंद्र) के साथ बचपन से यहां आता रहा हूं। यहां कई फिल्मों की शूटिंग की है। मौका मिलता है तो राजस्थान की सड़कों और गांवों में खुद गाड़ी चलाकर घूमने निकल जाता हूं। यहां एक अलग ही शांति और खुलापन महसूस होता है। राजस्थान मेरे सबसे पसंदीदा राज्यों में से एक है। 'सिकंदर मिर्जा मेरा सबसे ताकतवर किरदार है' निर्देशक राजकुमार संतोषी ने कहा- 'बंटवारा 1947' का नायक सिकंदर मिर्जा उनके अब तक लिखे गए सबसे सशक्त किरदारों में से एक है। सुपरमैन वह नहीं जो आसमान में उड़ता है। असली सुपरमैन वह है, जो नफरत और सांप्रदायिकता के सामने खड़ा होने की हिम्मत रखता है। सिकंदर मिर्जा ऐसा ही इंसान है। यह किरदार अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के अधिकार और सम्मान के लिए लड़ता है। दूसरे का दर्द महसूस करना ही असली इंसानियत है। सिकंदर मिर्जा वही करता है। वह नफरत के माहौल में भी अपने जमीर को मरने नहीं देता। 'दामिनी' के गुस्से से लेकर 'बंटवारा' की संवेदना तक संतोषी ने बताया- मेरी फिल्मों में समाज के प्रति गुस्सा हमेशा निजी अनुभवों से आया है। उन्होंने याद किया कि उनकी मां और दादी सालों तक अदालतों के चक्कर लगाती रहीं। वहीं से 'दामिनी' जैसी फिल्मों की संवेदनाएं पैदा हुईं। बंटवारा 1947 फिल्म में भी दर्द है, लेकिन यहां संघर्ष केवल बाहरी नहीं, भीतर का भी है। आदमी परिस्थितियों से भी लड़ता है और अपने जमीर को बचाने की लड़ाई भी लड़ता है। राजकुमार संतोषी ने सनी देओल की अभिनय शैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सनी अभिनय नहीं करते, किरदार को जी लेते हैं। 'घातक', 'दामिनी', 'घायल' के संवाद आज भी इसलिए याद हैं क्योंकि उन्होंने उन्हें पूरी सच्चाई और विश्वास के साथ बोला। 'बंटवारा 1947' में भी सनी देओल ने सिकंदर मिर्जा के किरदार को पूरी ईमानदारी से जिया है। मैंने उन्हें कहा था कि यह आपकी सामान्य एक्शन फिल्म नहीं है। यह परिवार, मां-बेटे, पति-पत्नी और इंसानियत के रिश्तों की फिल्म है। उन्होंने बिना एक पल सोचे इसे स्वीकार कर लिया। पिता के सामने अभिनय नहीं, भावनाएं खुद निकल आईंफिल्म में सनी देओल के बेटे का किरदार निभा रहे करण देओल ने कहा कि यह उनके लिए अभिनय से कहीं बढ़कर अनुभव था। स्क्रीन पर मेरे सामने मेरे असली पिता थे। भावनात्मक दृश्यों में अभिनय करने की जरूरत ही नहीं पड़ी। कई सीन में हम दोनों सचमुच भावुक हो गए। राज सर और आमिर सर ने मुझ पर भरोसा किया, यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 5:08 pm

जीना मुश्किल करोगे, भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल करेंगे:शादी में अनबन के बीच बादशाह की सास की क्रिप्टिक पोस्ट, पत्नी ने भी लिखा था- डर से चुप थी

पॉपुलर सिंगर और रैपर बादशाह की शादी में अनबन चल रही है। उनकी शादी 5 महीने पहले ही पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी से हुई थी। मंगलवार को ईशा ने एक पोस्ट शेयर कर तलाक का हिंट दिया और कहा कि वो अब तक बादशाह के पावर के डर से चुप थीं। इसी बीच अब ईशा की मां और बादशाह की सास ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अगर तुम किसी का जीना मुश्किल करोगे, तो भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल कर देंगे। ईशा रिखी की मां ने सोशल मीडिया पर लिखा है, 'कर्म लौटकर आते हैं। तुम किसी का जीना मुश्किल करोगे, भगवान तुम्हारा मरना मुश्किल करेंगे।' अगली पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'कर्म कभी माफ नहीं करता। रुलाया है, तो रोना भी निश्चित है। कर्म से बड़ा कोई न्यायाधीश नहीं है। कर्म का लेखा कभी झूठा नहीं होता। कर्म समय आने पर न्याय जरूर करता है। बिना पक्षपात के ईश्वर तुम्हें शायद माफ भी कर दे, लेकिन तुम्हारे कर्म तुम्हें कभी माफ नहीं करेंगे।' बादशाह की पत्नी ईशा ने कहा- डर से चुप थी पूनम रिखी की ये पोस्ट तब सामने आई हैं, जब बादशाह की पत्नी ईशा ने मंगलवार को सोशल मीडिया से तलाक का हिंट देते हुए लिखा- कुछ लड़ाइयां ऐसी भी होती हैं, जिनके जख्म बाहर दिखाई नहीं देते। मैं बहुत लंबे समय तक चुप रही, क्योंकि मैं डरी हुई थी। मुझे लगता था कि मेरे पति के पास इतना इन्फ्लूएंस, पावर और रीसोर्स हैं कि उनके सामने मैं कुछ नहीं कर पाऊंगी। मैंने खुद को यही समझा लिया था कि चुप रहना ही मेरे लिए सबसे सुरक्षित रास्ता है। आगे ईशा ने लिखा है, ‘चुप्पी कभी स्वीकार नहीं की जाती, वह सिर्फ अपने अस्तित्व को बचाने की कोशिश थी। आज मैं डर नहीं, बल्कि हिम्मत को चुन रही हूं। शायद मैं अभी पूरी कहानी बताने के लिए तैयार नहीं हूं, लेकिन अब मैं यह दिखावा करना बंद करने के लिए तैयार हूं कि सब कुछ ठीक था।’ बादशाह के साथ शादी की तस्वीरें पोस्ट कीं, लिखा- तूफान एक सबक है इस क्रिप्टिक पोस्ट से कुछ दिन पहले ही ईशा ने बादशाह के साथ कुछ तस्वीरें और वीडियोज शेयर कर लिखा था, कुछ तूफान, सबक लेकर आता है और हर दुआ उम्मीद। ईशा की इस पोस्ट पर करीबी दोस्त जैस्मिन भसीन ने कमेंट कर उन्हें मजबूत बने रहने की सलाह दी थी। बता दें कि ईशा रिखी की पोस्ट सामने आने के बाद कई करीबी और दोस्त उनके समर्थन में पोस्ट शेयर कर रहे हैं। एक करीबी ने लिखा है, तुम जिस दौर से गुजर हो और अब भी गुजर रही हो, उसकी मैं गवाह हूं। मैं और तुम्हारे करीब रहने वाले बाकी लोग जानते हैं कि तुमने हर मुश्किल का सामना ईमानदारी, सच्चाई और पूरे आत्मसम्मान के साथ किया है। मजबूत बनी रहो, ईशा रिखी। हम तुम्हारे साथ हैं, और सच के साथ भी। वहीं एक ने लिखा, स्ट्रॉन्ग रहो, डर कर नहीं। एक करीबी ने लिखा, तुम बहुत स्ट्रॉन्ग और सुंदर हो। सोशल मीडिया के जरिए कन्फर्म की शादी सिंगर और रैपर बादशाह ने मार्च 2026 में ईशा से गुपचुप शादी की थी। इंटिमेट वेडिंग में कपल के करीबी ही शामिल हुए थे। बादशाह ने शादी को राज रखा, हालांकि ईशा रिखी ने सोशल मीडिया में रोमांटिक तस्वीर पोस्ट कर इस पर कन्फर्मेशन दी। वहीं ईशा ने एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए बादशाह को पति देव कहा था। इससे पहले ईशा की मां ने उनकी और बादशाह की शादी की तस्वीरें पोस्ट कर दोनों को सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दी थीं। कौन हैं ईशा रिखी? तलाक के बाद बादशाह ने की ईशा से शादी बादशाह ने साल 2012 में जैस्मिन मसीह से शादी की थी। 2017 में बादशाह बेटी के पिता बने, लेकिन 3 साल बाद ही उनका तलाक हो गया। तलाक के 6 साल बाद बादशाह ने ईशा से दूसरी शादी की है। बादशाह ने फिलहाल कभी शादी पर बात नहीं की है।

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 1:30 pm

राखी सावंत ने कंगना को 'गटर माउथ' कहा:बोलीं-जनता में जाओ पता चलेगा; सांसद ने कहा था-आज की लड़कियां कई आदमियों से यौन संबंध बनाना आजादी मानती

बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत ने हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट को 'गटर माउथ' कहा। सोशल मीडिया में जारी वीडियो में राखी ने कंगना के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें सांसद ने नई जनरेशन की महिलाओं को ‘गटर छाप’ कहा था। इस बयान पर कंगना सोशल मीडिया में भी खूब ट्रोल हो रही हैं। एक्ट्रेस राखी सावंत ने वीडियो में चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कंगना पर हुए हमले का भी जिक्र किया। सावंत ने कहा- जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली है, इसलिए कुछ भी कह रहे हो। बिना सुरक्षा के आम लोगों के बीच जाएंगी तो जनता का गुस्सा समझ आएगा। अब जनता का समर्थन नहीं मिलेगा। देश की लड़कियों और महिलाओं के बारे में इस तरह की भाषा नहीं बोलनी चाहिए। वीडियो में राखी ने कंगना के फिल्मी करियर और निजी जीवन पर भी व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। हालांकि, राखी के इस वीडियो पर कंगना रनोट की ओर से फिलहाल कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पढ़िए क्या है पूरा मामला… दरअसल, विवाद की शुरुआत कंगना रनोट की इंस्टाग्राम स्टोरी से हुई। जिसमें उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर में शामिल युवतियों पर सवाल उठाए और नई पीढ़ी की कुछ भारतीय महिलाओं पर निशाना साधा। कंगना ने लिखा कि कुछ महिलाएं स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की नकल तो करना चाहती हैं, लेकिन उस स्वतंत्रता के साथ आने वाली जिम्मेदारियों को नहीं निभातीं। उन्होंने कहा कि वास्तविक स्वतंत्र महिलाएं अपने फैसलों की जिम्मेदारी उठाती हैं, जबकि कुछ लोग केवल आजादी का दिखावा करते हैं। कंगना ने और क्या कहा था? कंगना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के स्टोरी सेक्शन से लिखा- असल में स्वतंत्र महिलाएं विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की पूरी जिम्मेदारी भी उठाती हैं। उन्हें अपने कर्मों की कीमत खुद चुकानी पड़ती है। वे अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर ऐसा नहीं करतीं।'ऐसी महिलाएं- नशा और शराब को आजादी मानती हैं। कई पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाने को आधुनिकता समझती हैं। ऐसी सोच रखने वाली कुछ महिलाएं “अच्छी हाउसवाइफ भी नहीं बन सकतीं। स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर कहा था- कैसी परवरिश हो रही है भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने सोमवार को स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर भी विवादित राय दी और नई जनरेशन की परवरिश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया से लिखा, ‘अपनी पूरी जिंदगी में मैंने कभी इतनी बदसूरती एक साथ नहीं देखी। Gen Z के विरोध-प्रदर्शनों की ये रीलें देखकर घिन आती है। इन लोगों के बोलने का तरीका और जिस भाषा का ये इस्तेमाल कर रहे हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। हर फ्रेम इतना अजीब और परेशान करने वाला है कि देखकर घिन होती है। आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है?’ स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ भी दिए कई बयान कंगना रनोट ने सोशल मीडिया के जरिए स्टूडेंट प्रोटेस्ट का जमकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि किसी को पद से हटाने या रखने के लिए सरकार पर दबाव बनाना गलत है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मुद्दों पर बहस के लिए संसद सही जगह है, न कि आंदोलन। कंगना ने कहा था की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। दरअसल दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) छात्रों की मांगों के समर्थन में कई दिनों से प्रदर्शन कर रही है। इसके बाद जब प्रोटेस्ट खत्म हुआ तो कंगना ने प्रदर्शनकारियों की भाषा की आलोचना की। सौरव दास ने कहा था- कंगना को BJP भी सिरियस नहीं लेती कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने भी कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर उनकी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना ने भी रिएक्ट करते हुए जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा था। पहले भी विवादों में रह चुकीं कंगना हिमाचल के मंडी के सांसद कंगना पहले भी कई बार विवादों में घिर चुकी है। इससे पहले कंगना राहुल को टपोरी कहने, भारत को 2014 में आजादी, किसान आदोलन के दौरान भी महिलाओं पर विवादित बयान की वजह से खूब घिर चुकी है।

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 12:21 pm

उसका हर आदमी के साथ अफेयर था:श्वेता तिवारी पर पूर्व पति राजा चौधरी के संगीन आरोप, कहा- सेजान ने मेरे सामने कबूल किया, घर आता था

टेलीविजन की पॉपुलर एक्ट्रेस श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने उन पर कई अफेयर होने के संगीन आरोप लगाए हैं। राजा ने दावा किया है कि उनका कसौटी जिंदगी की एक्टर सेजान खान के साथ भी अफेयर था और एक्टर ने उनके सामने ये कबूल भी किया था। राजा चौधरी ने सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘सिर्फ सेजान खान ही नहीं श्वेता के कई और लोगों के साथ भी अफेयर थे। मुझे लगता है कि उसका हर एक इंसान के साथ ही अफेयर था।’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो मैंने उस समय देखा, उससे ये साबित भी हुआ। वो उसके (सेजान खान) के साथ काम कर रही थी, उसके घर में रह रही थी। हमारे एक कॉमन दोस्त के सामने उसने कन्फेस भी किया है कि वो उसके साथ यहां आती थी। यहां तक कि उसने (सेजान ने) मेरे सामने कबूल किया है कि हां हमारा अफेयर है, तेरे में हिम्मत है तो आ जा मेरे घर कोलीवाड़ा। मैंने उससे कहा कि क्या अब ये लड़ाई-झगड़े करने बैठूंगा तेरे साथ। अपना ही सिक्के में खोट है। लेकिन श्वेता ने कभी कबूल नहीं किया।’ बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं। राजा चौधरी ने मारपीट के दावे को नकारा बातचीत में राजा चौधरी ने श्वेता तिवारी पर हाथ उठाने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि गुस्से में उन्होंने गालियां दी हैं, सामान तोड़ा है, लेकिन कभी एक्ट्रेस पर हाथ नहीं उठाया। 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर श्वेता ने की थी शादी श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 11:55 am

श्रीमद्भागवतम पर बनेगी 7 फिल्मों की सीरीज:रामायण शो बनाने वाले रामानंद सागर के पोते कर रहे हैं डायरेक्ट, रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग शुरू

1987 में टीवी पर सुपरहिट 'रामायण' बनाने वाली सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट अब बड़े पर्दे पर 'श्रीमद्भागवतम' लेकर आ रही है। स्टूडियो ने घोषणा की है कि यह 7 फिल्मों की एक बड़ी सिनेमाई सीरीज होगी। इसकी शुरुआत 'श्रीमद्भागवतम पार्ट-1' से होगी। इस सीरीज की परिकल्पना और निर्माण रामानंद सागर के पोते अमृत सागर चोपड़ा और आकाश सागर चोपड़ा ने किया है। दोनों इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं और अमृत सागर पहले पार्ट का निर्देशन भी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सागर पिक्चर्स ग्लोबल कर रहा है। वहीं, आध्यात्मिक गुरु और लेखक श्री एम इस प्रोजेक्ट के रिसर्च गाइड हैं, जबकि मोती सागर इसके मेंटर हैं। रामोजी फिल्म सिटी में शुरू हुई शूटिंग फिल्म की शूटिंग रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद में शुरू हो चुकी है। इसका शुभारंभ तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने किया था। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी जोएल शेफर कर रहे हैं, जबकि ऑस्कर विजेता विजुअल इफेक्ट्स विशेषज्ञ क्लाइड एडवर्ड्स इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने बताया कि यह प्रोजेक्ट दिवंगत डॉ. रामानंद सागर और लीला सागर को समर्पित है। आने वाले महीनों में 'श्रीमद्भागवतम पार्ट-1' से जुड़ी अन्य अहम जानकारियां भी शेयर की जाएंगी। यह फिल्म महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित भागवत महापुराण पर आधारित होगी। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और भगवान विष्णु के कई अवतारों की कहानियों को बड़े पैमाने पर दिखाया जाएगा। फिल्म का मकसद इन धार्मिक कथाओं को आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल्स के साथ दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाना है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के सीईओ आकाश सागर ने कहा कि 'श्रीमद्भागवतम' भारत की सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और साहित्यिक कृतियों में से एक है। इसकी कहानियां बेहद विशाल और गहरी हैं। हमारी कोशिश है कि इन्हें पूरी प्रामाणिकता और भव्यता के साथ बड़े पर्दे पर पेश किया जाए। इस सीरीज में दर्शकों को श्रीकृष्ण का बाल और किशोर जीवन, रासलीला, गोपी गीत, समुद्र मंथन, मत्स्य, वराह और नरसिंह अवतार, ध्रुव, भरत, पृथु और कपिल जैसे कई प्रसिद्ध और कम चर्चित प्रसंग देखने को मिलेंगे। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के बारे में

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 10:46 am

कंगना रनोट को उनकी पार्टी भी सीरियसली नहीं लेती:CJP स्पोक्सपर्सन सौरभ दास के बयान पर भड़कीं एक्ट्रेस, कहा- बेरोजगार, तुम्हारी उम्र में 2 नेशनल अवॉर्ड थे

लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सासंद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के स्पोक्सपर्सन सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती है, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा। कंगना रनोट के विरोधी बयानों पर बात करते हुए सौरव ने एएनआई से कहा, ‘देखिए, कंगना रनोट जी को उनकी पार्टी वाले ही उन्हें नहीं पूछते, ज्यादा सीरियसली नहीं लेते, तो हम क्यों लें। मुझे नहीं लगता कि जेन जी में या जेन अल्फा में या कोई यंगर जनरेशन में उन्हें कोई सीरियसली नहीं लेता।’ आगे सौरव ने कहा, ‘वो पॉलिटिशियन हैं, नेता भी बन गई हैं। उनके तो कुछ वीडियो भी हैं, जब वो मंडी गई थीं। उन्होंने कहा था कि मैंने तो सोचा था कि थोड़ा बहुत काम करना पड़ेगा, यहां तो सांसद बनकर इतना काम करना पड़ता है। ये उनकी सीरियसनेस दिखाता है। वो हमें अनसीरियस बोल रही हैं, उन्होंने खुद को ही एक्सपोज कर दिया था। इस पर मैं ज्यादा कुछ बोलूंगा नहीं। शब्दावली सही नहीं है। शब्दावली संभाल लेना चाहिए नेताओं को। पद की गरिमा बनाकर रखना चाहिए। आपसे कहीं गुना ज्यादा जेन जी ने देश के लिए किया और कर रहे हैं। देश के लोकतंत्र पर भरोसा जगाने का काम जेन जी ने किया है, आपने नहीं।’ सौरव दास का बयान सामने आने पर कंगना रनोट भड़क गईं और सोशल मीडिया पर लिखा, मैंने गुगल किया है, ये लड़का 28 साल का है, ये खुद को स्टूडेंट कैसे बोल रहा है, समझ नहीं आता। हां मैं पिछले 2 साल से राजनीति में हूं, लेकिन पिछले 20 साल से पब्लिक लाइफ जी रही हूं। उसकी उम्र तक आते-आते मैं 2 नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी थी। हां, एक नई सांसद के तौर पर मैं काम के बोझ से अभिभूत हो गई थी, क्योंकि मैं एक फिल्ममेकर, परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, प्रोड्यूसर, स्क्रीनराइटर, आंत्रप्रन्योर भी हूं। आगे कंगना ने लिखा, ‘जो व्यक्ति पूरी तरह बेकार और बेरोजगार हो, वह कभी नहीं समझ सकता कि किसी भी उम्र में हर समय इतनी ज्यादा डिमांड में रहने का क्या मतलब होता है। डियर सौरव दास, तुम्हारी प्रॉब्लम पर्सनल हैं। तुम स्टूडेंट नहीं हो, तुम सिर्फ बेकार हो। चलो स्किल्स सीखने से शुरू करते हैं, शुरुआत करने के लिए यह एक अच्छी जगह है।’ सौरव दास ने कंगना की पोस्ट पर दिया था रिएक्शन दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, 'प्रोटेस्टर्स जो सड़कों पर आम लोगों द्वारा पीटे जा रहे हैं और गाली खा रहे हैं, उनकी घटिया और अब्यूसिव रील की वजह से, उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा, अगर तुमको देश और लीडरशिप से प्रॉब्लम है और तुमने पब्लिकली खूब गंदी गंदी गालियां दी तो अब उनकी सुनो जो देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की पावर से लेकर आए हैं, क्योंकि बोलने का हक उनको भी है। अब रोने की कोई बात नहीं।' कौन हैं सौरव दास

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 9:50 am

हरियाणा के सिंगर बोले- एथेनॉल वाले VIDEO पर धमकियां मिलीं:बिल दिखाकर कहा- डिफेंडर सच में खराब हुई, मैं कोई एजेंडा नहीं चला रहा

हरियाणा के रहने वाले सिंगर रेशम सिंह अनमोल ने दावा किया है कि खराब पेट्रोल की वजह से डिफेंडर खराब होने संबंधी वीडियो वायरल होने के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। इसे लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक नया वीडियो जारी कर सफाई दी है। रेशम ने कहा, मेरी गाड़ी सच में खराब हुई थी। मैंने कंपनी के सर्विस सेंटर में जाकर उसे ठीक कराया और मेरे पास उसका बिल भी है। कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं एजेंडा चला रहा हूं या पैसे लेकर एथेनॉल के खिलाफ वीडियो बना रहा हूं, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। मुझे जब कहीं भी प्योर पेट्रोल नहीं मिला, तब परेशान होकर मैंने वह वीडियो बनाया था। दो पॉइंट में जानिए सिंगर ने क्या कहा… 'प्रोपेगेंडा फैलाने की बात कर रहे लोग' रेशम सिंह अनमोल ने कहा, “दो-तीन दिन पहले मैंने एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें बताया था कि खराब पेट्रोल की वजह से मेरी डिफेंडर में दिक्कत आ गई थी। इसके बाद से मुझे कई लोगों के फोन आ रहे हैं। कोई कह रहा है कि मैं प्रोपेगेंडा फैला रहा हूं, कोई इसे मेरा एजेंडा बता रहा है। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि मैंने पैसे लेकर वीडियो बनाया है। वहीं, कुछ लोग मुझे धमकियां भी दे रहे हैं।” ‘27 मई को खराब हुई थी मेरी डिफेंडर’ रेशम ने आगे कहा, मैं यह साफ करना चाहता हूं कि यह दिक्कत अभी नहीं आई। मेरी डिफेंडर 27 मई को खराब हुई थी। यह उसका बिल भी है। कंपनी ने उसमें नया फ्यूल पंप लगाया था। वीडियो मैंने उस दिन बनाया, जब मुझे प्योर पेट्रोल नहीं मिला। मैं पांच-छह पेट्रोल पंपों पर गया, लेकिन कहीं भी XP100 या XP95 नहीं मिला। परेशान होकर मैंने वह वीडियो बनाया था। ‘पंपों पर एथेनॉल की जानकारी लिखी होनी चाहिए’ रेशम ने कहा, जब हम पेट्रोल पंप पर जाकर पूछते हैं कि XP95 में कितने प्रतिशत एथेनॉल है, तो हर जगह अलग-अलग जवाब मिलता है। कोई 8 प्रतिशत बताता है तो कोई 5 प्रतिशत। मैं सरकार से अपील करता हूं कि हर पेट्रोल पंप पर नोटिस लगाया जाए, ताकि लोगों को पता चल सके कि पेट्रोल में कितना एथेनॉल है। आम लोग इस वजह से काफी परेशान हैं। मेरे वीडियो के बाद भी बहुत से लोगों के मैसेज आए हैं। मैंने कोई प्रोपेगेंडा नहीं फैलाया है। हमारे लिए सभी राजनीतिक पार्टियां एक जैसी हैं। अब जानिए सिंगर के भाई ने दैनिक भास्कर को क्या बताया... बाढ़ में खराब हुई रेंज रोवर, फिर खरीदी डिफेंडर रेशम सिंह अनमोल के बड़े भाई और नंबरदार डॉ. निर्मल सिंह नकटपुर ने बताया कि पहले अनमोल के पास रेंज रोवर स्पोर्ट्स थी। 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान राहत कार्य करते समय गाड़ी पहले पेड़ की टहनी से क्षतिग्रस्त हुई, फिर बाढ़ के पानी में फिसल गई। इसके बाद 7 नवंबर 2025 को अनमोल ने करीब 1.55 करोड़ रुपए में सफेद रंग की डिफेंडर-110 खरीदी। अनमोल को ट्रैक्टर ज्यादा पसंद हैं, लेकिन यह गाड़ी उन्होंने शौक से खरीदी थी। शो जाते समय खराब हुई गाड़ी, फिर वायरल हुआ वीडियो नकटपुर ने बताया कि 27 मई 2026 को शो के लिए जाते समय रास्ते में डिफेंडर अचानक बंद हो गई। कंपनी की सलाह पर गाड़ी को दादा मोटर्स, चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां जांच में फ्यूल पंप खराब मिला और उसे बदल दिया गया। चार दिन पहले जब अनमोल छात्रों के जंतर-मंतर धरने में समर्थन देने चंडीगढ़ से दिल्ली जा रहे थे, तब उन्हें पांच पेट्रोल पंपों पर भी XP100 हाई-स्पीड पेट्रोल नहीं मिला। इसी के बाद उन्होंने वीडियो रिकॉर्ड किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा के सिंगर बोले-E20 पेट्रोल से नई डिफेंडर खराब हुई:गाड़ी का फ्यूल पंप बदलवाना पड़ा; 8 महीने पहले ₹1.55 करोड़ में खरीदी देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर माइलेज घटने, इंजन खराब होने और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने जैसे दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच, हरियाणा के रहने वाले पंजाबी सिंगर रेशम सिंह अनमोल का एक वीडियो चर्चा में है। इसमें वह 8 महीने पहले खरीदी करीब 1.55 करोड़ रुपए की अपनी डिफेंडर-110 के रास्ते में अचानक बंद होने का किस्सा बता रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 29 Jul 2026 8:38 am