एक तरफ ‘स्ट्रीट फाइटर’ की दुनिया, दूसरी तरफ हॉलीवुड के बड़े-बड़े नाम और इनके बीच भारत का एक ऐसा एक्टर, जिसने अपनी पहचान किसी फिल्मी खानदान या स्टारडम से नहीं, बल्कि अपनी बॉडी, ब्रीदिंग और मार्शल आर्ट्स से बनाई। विद्युत जामवाल अब धलसिम बनकर ग्लोबल स्क्रीन पर उतर रहे हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि विद्युत इस किरदार को कोई बहुत बड़ा चैलेंज मानते ही नहीं। उनके लिए ढालसिम का मिलना कुछ ऐसा था, जैसे किस्मत ने दरवाजा खटखटाया और उन्होंने बस दरवाजा खोल दिया। लास वेगास में गायत्री मंत्र से लेकर जेसन मोमोआ, 50 सेंट, रोमन रेंस और कोडी रोड्स के साथ बिताए 45 दिनों तक, धलसिम के गंजे लुक से लेकर टाइगर श्रॉफ के साथ आने वाली फिल्म तक- विद्युत ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कई ऐसी बातें कहीं, जिनमें उनका एक्शन स्टार वाला अंदाज भी है और जिंदगी को देखने का बिल्कुल अलग नजरिया भी। सवाल: जब ‘स्ट्रीट फाइटर’ के धलसिम का ऑफर आया तो क्या लगा- ‘ये किरदार तो मेरे लिए ही बना है’ या फिर सामने एक बड़ा चैलेंज दिखा? जवाब: चैलेंज तो बिल्कुल नहीं लगा। डायरेक्टर ने मुझे फोन किया तो उन्होंने मेरे बारे में पूरी रिसर्च की हुई थी। उन्हें पता था कि मैं कौन हूं और मैं इस किरदार के साथ क्या कर सकता हूं। वो कॉल ही बहुत बेहतरीन था। मुझे लगा कि किस्मत बहुत अच्छी चीज है। आप बस थम जाइए, चीजें अपने आप आपके पास पहुंचती रहेंगी। मेरे लिए शायद यही फॉर्मूला काम कर गया। उन्हें दुनिया के 11 बेस्ट फाइटर्स की तलाश थी और उन्होंने मुझे तलाश लिया। योग और कलरीपायट्टु का जो मिश्रण इस किरदार में है, वो मेरे लिए कमाल था। सवाल: धलसिम और विद्युत में सबसे बड़ा फर्क क्या है और सबसे बड़ा कनेक्शन क्या है? जवाब: फर्क ये है कि धलसिम बाल-बच्चों वाला आदमी है। उसकी पत्नी है, बच्चे हैं। लेकिन हम दोनों में एक खूबी बहुत मिलती है- वो दूसरों के लिए लड़ता है, अपने लिए नहीं। मेरे लिए भी लड़ाई के पीछे कोई मकसद होना चाहिए। कोई कारण नहीं है तो लड़ने की जरूरत ही क्या है? सवाल: धलसिम के किरदार में आपका योग, मेडिटेशन, ब्रीदिंग और कंट्रोल भी दिखाई देता है। क्या आपको लगता है कि आज के युवाओं को भी इन चीजों की जरूरत है? जवाब: यूथ को जो करना है, वो करना चाहिए। उन्हें जो फॉलो करना है, वो करें। वो होशियार हैं, समझदार हैं। सवाल: लेकिन आज की जनरेशन के आसपास इतना शोर है कि खुद पर कंट्रोल रखना मुश्किल है। ऐसे में वो दुनिया में भारत का नाम कैसे रोशन करेंगे? जवाब: शायद ये चीजें उनमें नहीं होंगी, तभी तो वो दुनिया में भारत का नाम रोशन करेंगे। हमसे पुरानी पीढ़ियां इन्हीं चीजों को पाने के चक्कर में काफी समय लगा चुकी हैं। आज की जनरेशन बहुत उम्दा है। इनके दिमाग अलग हैं, इनकी सोच अलग है। हमारा सिर्फ एक काम है- इनकी सोच को मत रोको। इन्हें उड़ने दो। अगर आपके बच्चे हैं तो उनसे कहिए- ‘तुम जो करना चाहते हो करो, मैं संभाल लूंगा।’ बस इतना याद रखना कि कुछ चीजें दायरे में की जाती हैं। और वो दायरा ये बच्चे जानते हैं। सवाल: आप योग, कलरीपायट्टु, ब्रीदिंग और खुद को जानने की बात करते हैं। असल में यूथ को इनमें से क्या सीखना चाहिए? जवाब: हमने इन सबको अलग-अलग नाम दे दिए हैं- डिसिप्लिन, योग वगैरह। असल में ये सिर्फ खुद को जानने की कोशिश है। आप योग से खुद को जानें, मार्शल आर्ट्स से जानें, आर्ट से जानें या कुकिंग से। बस खुद को जानने की कोशिश रुकनी नहीं चाहिए। आप खुद को जितना जान जाएंगे, किसी को कुछ समझाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। योग इसलिए अच्छा माध्यम है क्योंकि वो आपको बेसिक्स सिखाता है- आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार। कैसे सांस लेनी है, कैसे बैठना है, कैसे चलना है। जिसे सही चलना और बैठना आ गया, वो सही सोचना भी सीख सकता है। सवाल: लास वेगास में ट्रेलर लॉन्च के दौरान आपने गायत्री मंत्र, सूर्य और चंद्र का पाठ किया। वहां मौजूद हॉलीवुड सितारे आपको देखते रह गए। उस वक्त आपके दिमाग में क्या चल रहा था? जवाब: दरअसल, मैं पहला आदमी था जिसे माइक दे दिया गया था। मुझे लगा कि जब डर लगे तो गायत्री मंत्र का जाप कर लेना चाहिए। गायत्री मंत्र हो गया तो लगा कि अब सूर्य चालीसा भी पढ़ लो और फिर चंद्र भी कर ही लो! लेकिन जिस तरह वहां पूरा माहौल शांत हो गया, वो बहुत अच्छा था। कई चीजों को भाषा की जरूरत नहीं होती। वो सिर्फ एक एहसास होता है। इन मंत्रों में वो शक्ति है जो आपको शांत कर देती है। वहां बैठे हर आदमी के अंदर एक शांति आ गई थी। बहुत अच्छी फीलिंग थी। सवाल: जेसन मोमोआ, 50 सेंट, रोमन रेंस और कोडी रोड्स जैसे बड़े नाम एक ही सेट पर हों तो क्या वहां स्टारडम का माहौल रहता था? जवाब: फनी या सीरियस जैसा कुछ नहीं था। सब दिग्गज हैं। 50 सेंट, रोमन रेंस, जेसन मोमोआ, कोडी रोड्स- इनके साथ बैठना और नॉर्मल बातें करना बहुत सहज था। आपने जिंदगी में क्या किया है, वो अलग बात है और आप असल में क्या हैं, वो अलग चीज है। आप जैसे हैं वैसे रहें तो सब सही रहता है। कभी मजाक हुआ तो सब हंसे। सब कुछ बहुत नॉर्मल था। सवाल: इंडिया को लेकर भी इन सितारों से बातचीत हुई? जवाब: ये लोग इंडिया कई बार आ चुके हैं और इंडियंस को जानते हैं। रोमन रेंस को इंडिया बहुत पसंद है। उसके मुताबिक डब्ल्यूडब्ल्यूई की असली ऑडियंस इंडिया ही है। उसने यहां का पागलपन देखा है। कोडी की इंडिया आने की दिली तमन्ना है। 50 सेंट ने इंडिया में कई शोज किए हैं। लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ी बात ये थी कि मैं एक ऐसे मार्शल आर्टिस्ट को रिप्रेजेंट कर रहा था जिसने इस पारंपरिक कला में काम किया है। उनके साथ 45 दिन बिताने के बाद इंसान की असलियत दिख जाती है। मैं गर्व से कह सकता हूं कि दुनिया में हर इंडियन मार्शल आर्टिस्ट की कद्र होगी। सवाल: धलसिम के गंजे लुक पर घरवालों और दोस्तों का क्या रिएक्शन था? जवाब: मैं तो हैरान हूं कि सबको गंजे आदमी पसंद आ रहे हैं! मैं अपने सभी गंजे दोस्तों से कह रहा हूं- ‘तुम लोग बाल क्यों उगा रहे हो?’ जो गेमर्स हैं, वो जानते हैं कि ढालसिम के बाल नहीं हो सकते क्योंकि वो योगी है। जो गेमर्स नहीं हैं, उन्हें सिर्फ एंटरटेनमेंट दिख रहा है। किसी ने बहुत प्यारा कमेंट किया- ‘क्यूट लग रहे हो।’ मुझे समझ नहीं आया कि गंजा आदमी क्यूट कैसे लग सकता है, लेकिन लोगों ने कहा तो ठीक है! सवाल: हर फिल्म के साथ फैंस की उम्मीदें बढ़ती हैं। क्या इसका दबाव महसूस होता है? जवाब: कोई जिम्मेदारी नहीं है। जिम्मेदारी आपकी खुद की तरफ होती है कि आप सही काम करें, खुश रहें और खुद को निखारते रहें। शूटिंग के दौरान भी मैं यही सोचता था कि मैं अपनी मार्शल आर्ट्स की वजह से यहां तक पहुंचा हूं। अब ये इम्तिहान का वक्त है और मुझे अपना बेस्ट देना है। बस यही जिम्मेदारी थी। सवाल: टाइगर श्रॉफ के साथ आपकी अगली फिल्म को लेकर काफी एक्साइटमेंट है। दोनों साथ आए तो स्क्रीन पर क्या होने वाला है? जवाब: टाइगर और मैं अभी एक फिल्म पर काम कर रहे हैं। उसे जानने के बाद पता चला कि हम दोनों में जो क्षमता है, जब वो फिल्म आएगी तो सच में कमाल होगा। आज तक हमें कोई ऐसा डायरेक्टर नहीं मिला जो हम दोनों को हमारी काबिलियत से भी आगे ले जा सके। इसलिए मैं इस जोड़ी को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं।
मुंबई की एक स्कूल गर्ल ने 13-14 साल की उम्र में फिल्म साइन की थी। शायद उन्हें भी नहीं पता था कि कैमरे के सामने खड़े होने का यह फैसला उन्हें भारतीय सिनेमा की लंबे समय तक टिकने वाली अभिनेत्रियों में शामिल कर देगा। शुरुआत आसान नहीं थी। पहली फिल्म नहीं चली, साउथ में नई भाषा और माहौल से जूझना पड़ा। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें एक सीन करने में असहजता जताने पर फिल्म से रिप्लेस कर दिया गया। सेट पर उनके सामने कहा गया- ‘हीरोइन बदल दो।’ लेकिन तमन्ना पीछे नहीं हटीं। उन्होंने अपनी सीमा से समझौता नहीं किया और उस घटना को आत्मविश्वास पर हावी नहीं होने दिया। हैप्पी डेज और कल्लूरी से पहचान मिली, अयान और ‘100 प्रतिशत लव’ ने उन्हें मजबूत अभिनेत्री के तौर पर स्थापित किया। 2015 की बाहुबली: द बिगिनिंग ने उन्हें देशभर के दर्शकों तक पहुंचा दिया। दो दशक से ज्यादा के करियर के बाद तमन्ना सफलता को अवॉर्ड या किसी एक ब्लॉकबस्टर से नहीं, बल्कि लगातार काम और नए किरदार निभाने के मौकों से जोड़ती हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में तमन्ना भाटिया के करियर से जुड़ी कुछ और खास बातें 13 साल की उम्र में साइन की पहली फिल्म तमन्ना भाटिया का जन्म 21 दिसंबर 1989 को मुंबई में सिंधी मूल के पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता संतोष भाटिया डायमंड मर्चेंट हैं। उनकी परवरिश और पढ़ाई-लिखाई मुंबई में हुई। तमन्ना 13 साल की उम्र से पृथ्वी थिएटर से जुड़ गई थीं और स्टेज परफॉर्म किया करती थीं। एक्टिंग के हुनर से उन्होंने कम उम्र में पहचान बना ली थी। 2005 में उन्होंने हिंदी फिल्म ‘चांद सा रोशन चेहरा’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। फिल्म साइन करते वक्त उनकी उम्र करीब 13.5 साल थी। प्रमोशन के दौरान वह 15 साल की थीं और दसवीं की परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। फिल्म बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी। इसके बाद तमन्ना के लिए काम पाना मुश्किल हो रहा था। करियर में बड़े बदलाव के लिए उन्होंने साउथ सिनेमा का रुख किया। डायरेक्टर-प्रोड्यूसर का कहना था- तुम लड़कों जैसे चलती हो। करियर के शुरुआती दिनों के बारे में तमन्ना ने कहा था कि उन्हें इंडस्ट्री में आए ज्यादा समय नहीं हुआ था। तब एक डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ने उनसे कहा था- तुम एक्ट या डांस लड़कों से जैसे करती हो। अपने एक्ट में लड़कियों जैसी लचक लाओ। तमन्ना ने आगे कहा था- मैं तब भी लड़कियों जैसी ही चलती थी, लेकिन उनके कहने के बाद मैंने और मेहनत की। हिंदी फिल्म नहीं चली तो साउथ में शुरू हुआ असली संघर्ष 2005 में तमन्ना ने तेलुगु फिल्म श्री से साउथ सिनेमा में एंट्री की और 2006 में तमिल फिल्म केडी में नजर आईं। उस समय वह ऐसी इंडस्ट्री में काम कर रही थीं, जिसकी भाषा और संस्कृति उनके लिए नई थी। तमन्ना ने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्हें साउथ इंडियन सिनेमा के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्हें बस एक्टिंग करनी थी। उन्होंने कहा था कि उस समय सफलता की गणना के बजाय उनका ध्यान काम करते रहने और सीखने पर था। यहां उनका संघर्ष सिर्फ फिल्मों के ऑडिशन या रिजेक्शन तक सीमित नहीं था। उन्हें नई भाषाएं सीखनी थीं, नए निर्देशकों के साथ काम करना था और ऐसे माहौल में खुद को साबित करना था, जहां वह बाहर से आई कलाकार थीं। तमन्ना के मुताबिक, साउथ सिनेमा में काम करने से उन्हें फिल्मों में मौके ही नहीं मिले, बल्कि अलग संस्कृति और भाषाओं को समझने का अनुभव भी मिला। बाद में वह तमिल और तेलुगु दोनों भाषाओं में काम करने लगीं। सेट पर मिला सबसे बड़ा झटका- ‘हीरोइन बदल दो’ तमन्ना के शुरुआती करियर का सबसे चौंकाने वाला किस्सा वह है, जब कम उम्र में उन्हें एक फिल्म के सेट पर अपनी बात रखने की कीमत चुकानी पड़ी। तमन्ना ने द लल्लनटॉप के ‘न्यूजरूम’ में बताया था कि वह साउथ के एक बड़े स्टार के साथ फिल्म कर रही थीं। एक सीन को लेकर वह सहज नहीं थीं। उन्होंने साफ कहा कि वह सीन नहीं करना चाहतीं। तमन्ना के मुताबिक, सीन इंटीमेट नहीं था, लेकिन उसमें कुछ ऐसा था जिसे करने में वह सहज महसूस नहीं कर रही थीं। उन्होंने अपनी बात रखी तो सामने से जवाब मिला- ‘हीरोइन बदल दो।’ एक नई और कम उम्र की अभिनेत्री के लिए यह बड़ा झटका हो सकता था। उस समय डर हो सकता था कि अगर एक फिल्म हाथ से निकल गई तो आगे क्या होगा। लेकिन तमन्ना ने इस घटना को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। तमन्ना ने बाद में कहा कि उन्हें उस समय के रिएक्शन पर गर्व है। उन्होंने न अपना आपा खोया और न यह सोचकर टूट गईं कि रिप्लेस किए जाने के बाद उनका करियर खत्म हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बाद में वही लोग उनका सम्मान करते हैं, क्योंकि उन्होंने दबाव में समझौता नहीं किया। तमन्ना ने सीखा- अपनी बात रखने के लिए शोर मचाना जरूरी नहीं इस घटना से तमन्ना ने एक महत्वपूर्ण बात सीखी। उनके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति आपके साथ गलत व्यवहार करता है तो जरूरी नहीं कि आप भी उसी तरह प्रतिक्रिया दें। उन्होंने कहा कि बिना चिल्लाए, बिना लड़ाई किए और बिना व्यवहार खराब किए भी अपनी बात पर कायम रहा जा सकता है। उनके शब्दों में, कई बार आक्रामकता से ज्यादा ताकत शांति में होती है। ‘हैप्पी डेज’ ने बदली तस्वीर, ‘कल्लूरी’ ने तमिल सिनेमा में पहचान दिलाई 2007 तमन्ना के करियर के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। इसी साल तेलुगु में हैप्पी डेज और तमिल में कल्लूरी रिलीज हुईं। दोनों फिल्मों में उन्होंने कॉलेज स्टूडेंट के किरदार निभाए और युवा दर्शकों के बीच पहचान बनाई। हैप्पी डेज की सफलता ने तेलुगु सिनेमा में उनकी स्थिति मजबूत की, जबकि कल्लूरी ने तमिल दर्शकों के बीच पहचान दी। तमन्ना ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें आज भी कल्लूरी और हैप्पी डेज जैसे शुरुआती कामों को याद किया जाना वैलिडेटिंग लगता है। उनके लिए सिर्फ बॉक्स ऑफिस सफलता महत्वपूर्ण नहीं रही, बल्कि ज्यादा मायने रखता है कि दर्शक वर्षों बाद भी उनके किरदारों को याद करते हैं। ‘अयान’ और ‘100 प्रतिशत लव’ ने बनाई मजबूत पहचान 2009 में तमन्ना को तमिल सिनेमा की अयान जैसी सफल फिल्म मिली। इसके बाद ‘100 प्रतिशत लव’ ने उनके करियर को और मजबूती दी। ‘100 प्रतिशत लव’ के बाद तमन्ना ने माना था कि वह फिल्म इंडस्ट्री को ज्यादा गंभीरता से देखने लगी थीं। इससे पहले वह लगातार काम कर रही थीं, लेकिन इस दौर में उन्हें करियर को लेकर चुनाव करने की जरूरत महसूस होने लगी। यहीं से तमन्ना के करियर में बदलाव आया। उन्होंने एक ही तरह के किरदारों को दोहराने के बजाय अलग-अलग भूमिकाएं चुनने पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा था कि इस इंडस्ट्री में करियर को पूरी तरह प्लान नहीं किया जा सकता, क्योंकि यहां अनिश्चितता बहुत है। इसलिए रणनीति भी बदलती रहनी चाहिए और कोशिश होनी चाहिए कि वह खुद को दोहराएं नहीं। असफल फिल्मों के दौर में भी तमन्ना ने जारी रखा कामयाबी का सिलसिला तमन्ना की कहानी को सिर्फ हिट फिल्मों की कहानी कहना अधूरा होगा। उनके करियर में कई ऐसी फिल्में भी आईं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं। अनंद तांडवम, एंडुकांटे प्रेमंता, हिम्मतवाला, हमशकल्स और आगाडु जैसी फिल्मों को वह सफलता नहीं मिली, जिसकी उम्मीद थी। खासकर हिंदी सिनेमा में हिम्मतवाला और हमशकल्स के बाद सवाल था कि क्या वह बॉलीवुड में अपनी जगह स्थायी तौर पर बना पाएंगी। लेकिन तमन्ना का जवाब किसी बयान से नहीं, बल्कि लगातार काम करने से आया। वह साउथ में काम करती रहीं, हिंदी फिल्मों में लौटती रहीं और धीरे-धीरे ऐसा करियर तैयार करती गईं, जिसमें एक इंडस्ट्री की सफलता दूसरी इंडस्ट्री के अवसरों का रास्ता खोलती रही। 2015- ‘बाहुबली’ बनी करियर की सबसे बड़ी टर्निंग पॉइंट फिर आया 2015 एसएस राजामौली की बाहुबली: द बिगिनिंग में तमन्ना ने अवंतिका का किरदार निभाया। फिल्म सिर्फ बड़ी हिट नहीं बनी, बल्कि भारतीय सिनेमा की चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई। इस फिल्म ने तमन्ना को उन दर्शकों तक पहुंचाया, जो शायद उनके पहले के तमिल और तेलुगु काम से परिचित नहीं थे। तमन्ना बाहुबली को अपने करियर का गेम चेंजर मानती हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि बाहुबली ने उनके नजरिए को व्यापक किया और इसके बाद उनके करियर का बड़ा हिस्सा खुद को लगातार रीइन्वेंट करने की कोशिश रहा। बाहुबली के बाद 2017 में बाहुबली 2: द कन्क्लूजन ने उस पहचान को और बड़ा कर दिया। अब तमन्ना सिर्फ साउथ की अभिनेत्री नहीं थीं, बल्कि देशभर में पहचाना जाने वाला नाम बन चुकी थीं। ‘सफलता’ की तमन्ना की परिभाषा अलग है आज जब तमन्ना अपने करियर को पीछे मुड़कर देखती हैं तो सफलता का पैमाना सिर्फ अवॉर्ड, बॉक्स ऑफिस या किसी एक सुपरहिट फिल्म को नहीं मानतीं। उनके लिए सबसे बड़ी सफलता है कि एक कलाकार को दोबारा मौका मिले। तमन्ना का मानना है कि आज के दौर में अगर दर्शक किसी कलाकार को अलग-अलग किरदारों में बार-बार देखना चाहते हैं, तो यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। यही वजह है कि वह खुद को किसी एक बॉक्स में बंद नहीं मानतीं। उन्होंने कहा, “मैं आज खुद को किसी तरह के बॉक्स में बंधा हुआ महसूस नहीं करती। मुझे लगता है कि मैं किसी भी तरह का किरदार कर सकती हूं।” यह बात उनके करियर पर भी फिट बैठती है। कॉलेज गर्ल से लेकर कमर्शियल फिल्मों की हीरोइन, गंभीर किरदारों से लेकर डांस नंबर और ओटीटी प्रोजेक्ट्स तक- तमन्ना ने खुद को एक ही छवि में कैद नहीं होने दिया। ‘अभी पहली बार खुद को सबसे ज्यादा फ्री महसूस कर रही हूं’ तमन्ना के करियर के मौजूदा दौर की खासियत यही है कि अब उन्हें किसी एक तरह की भूमिका के साथ नहीं जोड़ा जाता। एक समय था जब किसी अभिनेत्री की खास इमेज बन जाती थी और उससे बाहर निकलना मुश्किल होता था। तमन्ना ने इस दबाव को धीरे-धीरे तोड़ा। उन्होंने कहा कि आज वह अपने करियर में पहली बार खुद को ज्यादा फ्री महसूस कर रही हैं। अब उन पर किसी खास तरह के रोल करने की बाध्यता नहीं है। दर्शकों ने उन्हें अलग-अलग तरह के काम में स्वीकार किया है। यही स्वीकार्यता उन्हें नए किरदारों और प्रयोगों की आजादी देती है। ‘करियर की सबसे मुश्किल चीज थी- टिके रहना’ दो दशक से ज्यादा लंबे करियर के बारे में जब तमन्ना से पूछा गया कि सबसे मुश्किल क्या रहा, तो उनका जवाब सीधा था- ‘स्टेइंग पुट’ यानी टिके रहना। किसी फिल्म का चलना मुश्किल नहीं, बल्कि हर उतार-चढ़ाव के बाद अगली सुबह फिर सेट पर पहुंचना मुश्किल होता है। किसी अभिनेता को एक हिट मिल सकती है, लेकिन उसके बाद लगातार काम मिलना, खुद को दोहराने से बचना, असफलताओं से निकलना और दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाए रखना कहीं ज्यादा कठिन है। तमन्ना के करियर में यही लगातार बने रहने की क्षमता सबसे बड़ा फैक्टर रही है। उन्होंने यह भी माना कि हर दिन अच्छा नहीं होता। लेकिन अगर किसी कलाकार को लंबे समय तक इस इंडस्ट्री में रहना है तो उसे टिके रहना सीखना होगा। तमन्ना के लिए यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि उन्हें अपने काम से प्यार है। एक्टिंग और परफॉर्म करने का जुनून उन्हें लगातार आगे बढ़ाता रहा। ‘आज की रात’ से फिर दिखा डांस का जलवा तमन्ना की पैन-इंडिया लोकप्रियता का एक और बड़ा अध्याय स्त्री 2 के गाने आज की रात से जुड़ा है। यह गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया। तमन्ना के डांस और स्क्रीन प्रेजेंस की खूब चर्चा हुई। इस गाने के पीछे उनकी मेहनत भी कम नहीं थी। तमन्ना ने बताया कि उन्होंने लगभग 15 से 20 दिन इसकी रिहर्सल की थी। कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने उनके शरीर और क्षमता के हिसाब से स्टेप्स तैयार किए थे, ताकि मूवमेंट उनके लिए नैचुरल और प्रभावी लगे। खास बात यह है कि तमन्ना खुद मानती हैं कि वह पारंपरिक अर्थों में ट्रेंड डांसर नहीं हैं। इसलिए कोरियोग्राफर का कलाकार की क्षमता समझकर काम करना महत्वपूर्ण था। गाने की शूटिंग भी आसान नहीं थी। आज की रात की शूटिंग लगभग 5 डिग्री तापमान में हुई थी और तमन्ना ने इसे अपने जन्मदिन पर शूट किया था। उन्होंने इसे खास अनुभव बताया और कहा था कि किसी कलाकार के लिए काम करते हुए जन्मदिन मनाना बड़ी खुशी की बात है। विजय गांगुली को नेशनल अवॉर्ड मिलने पर तमन्ना ने जताई खुशी 2026 में आज की रात के कोरियोग्राफर विजय गांगुली को इस गाने के लिए बेस्ट कोरियोग्राफी का नेशनल अवॉर्ड मिला। गांगुली ने अवॉर्ड के बाद तमन्ना की तारीफ करते हुए कहा कि अगर उन्होंने इतनी शानदार परफॉर्मेंस नहीं दी होती तो कोरियोग्राफी वैसी नहीं दिखती। उन्होंने इसे पूरी टीम की मेहनत बताया। तमन्ना ने भी गांगुली के काम की तारीफ की है। उनका मानना है कि क्रिएटिव काम में ईगो को अलग रखना जरूरी है। असली बात यह है कि कलाकार अपने काम के सामने कितना सरेंडर और कितनी ईमानदारी से अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकता है। यह सोच तमन्ना के करियर पर भी लागू होती है। उन्होंने हर दौर में खुद को बदलने की कोशिश की है। ‘अभी मेरा सफर खत्म नहीं हुआ’ 20 साल से ज्यादा समय तक फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के बाद भी तमन्ना को लगता है कि उनके सफर को कुछ मिनटों में सेलिब्रेट करके खत्म नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, अभी बहुत काम बाकी है। तमन्ना की फिल्म 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' हाल में रिलीज हुई है। तमन्ना ने बताया कि सिनेमाघरों में दर्शक इस फिल्म को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि एक पर्व की तरह देख रहे हैं। लोग थिएटर में पॉपकॉर्न छोड़कर ठेकुआ बांट रहे हैं और जूते-चप्पल बाहर उतारकर हॉल में जा रहे हैं। ____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. डॉक्टर बनने का मौका छोड़ा, ट्रेनों में गाकर पैसे कमाए:‘विक्की डोनर’ से बदली किस्मत, आयुष्मान खुराना बोले- रिस्क लेकर यहां तक पहुंचा हूं आयुष्मान खुराना आज बॉलीवुड के उन एक्टर्स में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी अलग तरह की फिल्मों से इंडस्ट्री में पहचान बनाई। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। चंडीगढ़ से निकले आयुष्मान ने थिएटर किया, रेडियो जॉकी बने, एमटीवी पर वीजे रहे और कई ऑडिशन दिए। उन्हें इंडियन आइडल-2 में भी रिजेक्शन मिला।पूरी खबर पढ़ें..
रामनगर में कॉर्बेट प्रशासन की ओर से आयोजित लिटरेचर फेस्टिवल के आखिरी दिन मशहूर गायक जुबिन नौटियाल पहुंचे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम प्रकृति, वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने का बेहतर माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि प्रकृति को बचाने की जिम्मेदारी केवल किसी एक विभाग या व्यक्ति की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की है। डॉ. साकेत बडोला के कहने पर फेस्टिवल में पहुंचे जुबिन नौटियाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने उन्हें लिटरेचर फेस्टिवल के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि आयोजन में अच्छे फोटोग्राफर और स्टोरीटेलर शामिल हो रहे थे। इस पहल से प्रभावित होकर उन्होंने तुरंत कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला किया। कॉर्बेट को बताया उत्तराखंड और देश की पहचान जुबिन नौटियाल ने कॉर्बेट नेशनल पार्क को उत्तराखंड के साथ ही पूरे देश की पहचान बताया। उन्होंने डॉ. साकेत बडोला और उनकी टीम की ओर से वन्यजीव और प्रकृति संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कॉर्बेट से पूरे देश को सीखने की जरूरत है। बोले- बेवजह के मुद्दों पर नहीं, प्रकृति पर ध्यान दें जुबिन नौटियाल ने कहा कि कई बार समाज ऐसे मुद्दों पर आपस में लड़ता है, जो उतने महत्वपूर्ण नहीं होते। असली मुद्दा प्रकृति और पर्यावरण है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति को सुरक्षित रखना सबसे जरूरी है। इसके लिए समाज के हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कॉर्बेट लिटरेचर फेस्टिवल को इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया। नाना पाटेकर के निधन पर जताई संवेदना फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर जुबिन नौटियाल ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नाना जी ने उन्हें हमेशा बहुत प्यार और अपनापन दिया। जुबिन ने कहा कि छोटे शहरों से मुंबई पहुंचने वाले कलाकारों के लिए जब बड़े कलाकार प्यार और गर्मजोशी से बात करते हैं तो उन्हें लगता है कि वे भी इस दुनिया का हिस्सा हैं। जुबिन नौटियाल ने नाना पाटेकर के परिवार, उनके प्रशंसकों और पूरी फिल्म इंडस्ट्री के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन फिल्म जगत के लिए बड़ी क्षति है।
बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी गुरुवार को उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम पहुंचीं। सबसे पहले उन्होंने केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्राद्ध पक्ष के अवसर पर उन्होंने अपने पूर्वजों की स्मृति में विशेष पूजा भी कराई और बाबा केदार का आशीर्वाद लिया। केदारपुरी की आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता से हुईं अभिभूत तीर्थ पुरोहित हिमांशु तिवारी ने रानी मुखर्जी को विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान अभिनेत्री ने केदारनाथ धाम में काफी समय बिताया और तीर्थ पुरोहितों से बातचीत की। उन्होंने केदारपुरी की प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण की भी तारीफ की। रानी मुखर्जी ने कहा कि बाबा केदार की नगरी स्वर्ग के समान है और यहां पहुंचकर मन को शांति का अनुभव होता है। पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रा व्यवस्थाओं की ली जानकारी पूजा के दौरान रानी मुखर्जी ने केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रा व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली। तीर्थ पुरोहित के मुताबिक, अभिनेत्री धाम के आध्यात्मिक वातावरण और हिमालयी सुंदरता को देखकर काफी प्रसन्न नजर आईं। केदारनाथ पहुंचने की खबर के बाद उनके प्रशंसकों और स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता देखने को मिली। बदरीविशाल के दरबार में पहुंचकर की पूजा-अर्चना केदारनाथ के बाद रानी मुखर्जी बदरीनाथ धाम पहुंचीं। यहां उन्होंने भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से अभिनेत्री का स्वागत किया गया। समिति पदाधिकारियों ने उन्हें बदरीविशाल और बाबा केदार का प्रसाद भेंट किया। दोनों धामों की आध्यात्मिक अनुभूति को बताया अद्भुत रानी मुखर्जी ने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की आध्यात्मिक अनुभूति और प्राकृतिक सौंदर्य की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार की ओर से केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी तारीफ की। बद्रीनाथ में प्रभारी अधिकारी राजन नैथानी, प्रोटोकॉल अधिकारी राकेश सेमवाल, मंदिर अधिकारी यदुवीर पुष्पवान, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ समेत योगंबर नेगी, राहुल नेगी, वैभव उनियाल, राकेश झिंक्वाण और विकास सनवाल मौजूद रहे।
नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर कार्डियक अरेस्ट आया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 45 मिनट तक CPR दी गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। नाना अपने पीछे फिल्मों के साथ कई ऐसे किस्से छोड़ गए, जिनसे उनकी जिंदगी के संघर्ष और रिश्तों की झलक मिलती है। दिसंबर 2024 में दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपने पिता के साथ रिश्ते को लेकर बात की थी। नाना ने बचपन में वह खुद को दूसरों से कमतर समझते थे। उन्हें लगता था कि वह दिखने में अपने दोनों भाइयों से कम अच्छे हैं। इसी वजह से उनके मन में यह बात भी बैठ गई थी कि उनके पिता बाकी भाइयों को उनसे ज्यादा प्यार करते हैं। बचपन में नाना गांव और आसपास होने वाले नाटकों में हिस्सा लेते थे। एक बार उन्होंने (वाल्मीकि) नाटक में काम किया। खास बात यह थी कि उनका अभिनय देखने के लिए उनके पिता मुंबई से गांव आए थे। नाना के लिए यह पल बेहद खास था। उन्हें महसूस हुआ कि उनके पिता को भी उनकी कला पर गर्व है। इसी अनुभव ने उनके मन में पिता को लेकर बनी गलतफहमी को काफी हद तक दूर कर दिया। आखिरी दिनों में नाना से गहरी दोस्ती हो गई थी नाना ने बताया था कि पिता के आखिरी दिनों में दोनों के बीच रिश्ता बहुत गहरा हो गया था। उनके पिता कभी उनका हाथ पकड़कर कहते थे कि उन्हें हमेशा लगता रहा कि नाना के मन में यह बात होगी कि भाइयों से उन्हें ज्यादा प्यार मिला। नाना ने कहा था कि उन्हें पिता से कोई शिकायत नहीं थी। हालांकि, उन्हें जिंदगी भर इस बात का दुख रहा कि जब पिता का निधन हुआ, तब वह उनके लिए कुछ कर नहीं पाए। उनके पिता का निधन कॉरपोरेशन के अस्पताल में हुआ था और इलाज के लिए दवाइयों के पैसे की जरूरत थी। उस वक्त नाना के दोस्तों ने उनकी आर्थिक मदद की थी। ...........… यह खबर भी पढ़ें… रेपिस्ट के रोल पर नाना ने डायरेक्टर को गालियां दीं:'परिंदा' के क्लाईमैक्स में आग से झुलसे, आर्मी जॉइन करने के लिए रक्षामंत्री को फोन किया नाना पाटेकर ने अपने करीब पांच दशक के करियर में कई यादगार किरदार निभाए थे। नाना अपने बेबाक और गुस्सैल अंदाज के लिए भी जाने जाते थे। एक बार डायरेक्टर रवि चोपड़ा ने उन्हें फिल्म में रेपिस्ट का रोल ऑफर किया तो नाना भड़क गए और उन्हें गालियां तक दे दीं। बाद में स्मिता पाटिल के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और नाना को फिल्म में अहम विलेन का किरदार मिला। (परिंदा) की शूटिंग के दौरान भी उनका डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा से विवाद हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड के सुपरस्टार नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित घर में कार्डियक अरेस्ट हुआ। मणिपाल अस्पताल के डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक नाना पाटेकर का सुबह 5:20 बजे निधन हुआ। घटना के वक्त नाना के साथ घर पर परिवार का कोई सदस्य नहीं था। उनके दोस्त और केयरटेकर मौजूद थे। अब शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। नाना पाटेकर पंजाबियों को बहुत पसंद करते थे। 17 साल पहले वह पंजाब में शूटिंग कर रहे थे तो उन्होंने पंजाबी सीखी। उन्होंने कहा था कि पंजाबी उन्हें बहुत पसंद हैं। चंडीगढ़ में वेलकम की शूटिंग के दौरान उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर के किसान पिता की बाइपास सर्जरी के लिए तुरंत 3 लाख रुपए दे दिए थे। इसके अलावा नाना पाटेकर जनवरी 2018 में पत्नी नीलकांति पाटेकर के साथ अमृतसर आए थे। यहां उन्होंने गोल्डन टेंपल में माथा टेका। यह गोल्डन टेंपल के दर्शन के बाद नाना ने कहा था- रब का शुक्र है कि जीते जी मुझे गोल्डन टेंपल में माथा टेकने का मौका मिला इस दौरान उन्होंने गोल्डन टेंपल की पूरी परिक्रमा की और फिर लंगर हॉल में जूठे बर्तन भी मांजे थे। इसके बाद जब वे फिर अमृतसर आए तो वाघा बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी में भी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने BSF की नशा विरोधी दौड़ में भी हिस्सा लिया था। नाना ने कहा था- ऐसी शांति कहीं नहीं मिलीनाना पाटेकर ने गोल्डन टेंपल के दर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मुझे यहां आकर बहुत शांति मिली है, ऐसी शांति मैंने कभी कहीं और महसूस नहीं की। यहां के लोगों की सेवा और श्रद्धा देखकर मैं बहुत हैरान हूं। मैं सोच रहा हूं कि मैं पहले कभी यहां क्यों नहीं आया। यहां कोई छोटा-बड़ा या किसी तरह का भेदभाव नहीं है। अगर पूरा देश इस बात को समझ ले और अपनी जिंदगी में अपना ले तो हमारा देश सोने जैसा बन जाएगा। नाना पाटेकर ने पंजाब में शूटिंग के दौरान पंजाबी सीखी थीसाल 2009 में एक: द पॉवर ऑफ वन की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर चंडीगढ़ और पंजाब में शूटिंग कर रहे थे। फिल्म में उन्हें CBI अधिकारी का किरदार निभाना था और उनके कई सीन पंजाब में लोगों से बातचीत करते हुए थे। अपने मराठी लहजे के बावजूद संवादों को पंजाबी अंदाज में बोलने के लिए उन्होंने बाकायदा स्थानीय पंजाबी महिलाओं से पंजाबी एक्सेंट सीखने की कोशिश की थी। उस दौरान एक रिपोर्ट में नाना ने कहा था कि मुझे पंजाबी पसंद हैं। मेरे पिता भी फर्राटेदार पंजाबी बोलते थे, क्योंकि टेक्सटाइल प्रिंटिंग के कारोबार में उनका रोजाना पंजाबियों से संपर्क रहता था। नाना पाटेकर को खेती-किसानी भी खूब पसंद थी। उन्होंने चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि मैं प्रकृति के करीब रहना पसंद करता हूं और “दिल से किसान” हूं। चंडीगढ़ में असिस्टेंट डायरेक्टर के पिता को तुरंत मदद दीसाल 2007 में फिल्म ‘वेलकम’ की शूटिंग के दौरान नाना को पता चला कि यूनिट के एक असिस्टेंट डायरेक्टर बिट्टू चंडोक के चाचा अवतार सिंह चंडीगढ़ में रहते हैं और किसान हैं। वह गंभीर रूप से बीमार थे और बाईपास सर्जरी के लिए करीब 3 लाख रुपये की जरूरत थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नाना ने तुरंत 3 लाख रुपये का चेक दे दिया था। नाना ने इस मदद को ‘दान’ मानने से भी इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि अवतार सिंह उनके पिता की उम्र के हैं, इसलिए यह ऐसा था जैसे वह अपने पिता के लिए कुछ कर रहे हों। उन्होंने यह भी कहा था कि एक समय उनके पास कुछ नहीं था और जो कुछ उनके पास है, वह लोगों की वजह से है।
बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर का गुरुवार को 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गोवा के डोना पाउला स्थित उनके घर पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब 45 मिनट तक CPR देने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। नाना पाटेकर का करीब पांच दशक लंबा फिल्मी करियर रहा। उन्होंने थिएटर से शुरुआत की और बाद में फिल्मों का रुख किया। गमन, अंकुश, परिंदा, क्रांतिवीर, तिरंगा, अब तक छप्पन, अपहरण और वेलकम जैसी फिल्मों में उन्होंने यादगार भूमिकाएं निभाई थीं। 1 जनवरी, 1951 को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के गांव मुरुद-जंजीरा में जन्मे विश्वनाथ गजानन पाटेकर, जिन्हें दुनिया ने नाना पाटेकर के नाम से जाना। नाना बचपन से ही बाकी बच्चों से अलग रहे। तेवर में बगावती सुर थे। समाज की कुरीतियों को कला के माध्यम से दिखाना चाहते थे। इसलिए पहले थिएटर में आए, फिर फिल्मों का रुख किया। नाना अपने गुस्सैल स्वभाव के लिए भी चर्चा में रहते थे। जब रवि चोपड़ा ने इन्हें रेपिस्ट का रोल ऑफर किया तो इन्होंने गाली दे दी थी। फिल्म परिंदा की शूटिंग के वक्त नाना और फिल्म के डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा भिड़ गए थे। नाना पाटेकर से जुड़े कुछ खास किस्से..13 साल की उम्र, दिन में 16 किमी पैदल चलते थे नाना के पिता टेक्सटाइल पेंटिंग का एक छोटा सा बिजनेस चलाते थे। नाना जब 13 साल के थे, तभी किसी ने पिता के साथ फ्रॉड कर दिया। रातों-रात बिजनेस चौपट हो गया। सारी प्रॉपर्टी बिक गई। पैसे कमाने के लिए नाना को भी सड़क पर आना पड़ा। वे सुबह स्कूल जाते, शाम में फिल्म के पोस्टर्स पेंट करते थे। जहां पोस्टर पेंट करते थे, वहां से घर की दूरी 8 किलोमीटर थी। इस तरह दिन में 16 किलोमीटर की दूरी पैदल ही तय करते थे। इस काम के लिए हर महीने 35 रुपए मिलते थे। यह बात 1963 के आस-पास की है। पैसों की इतनी किल्लत थी कि कभी-कभार खाना भी नसीब नहीं होता था। लंच या डिनर टाइम में नाना यूं ही अपने दोस्तों से मिलने चले जाते थे। इस उम्मीद में कि सामने से कोई दो रोटी खाने को पूछ ले। टीचर बगल में बिठाते थे, ताकि मारने के लिए बार-बार उठना न पड़े नाना बचपन में बहुत शरारती थे। इतने शरारती कि टीचर इन्हें बगल में बिठाकर रखते थे, ताकि मारने के लिए बार-बार उठना न पड़े। शरारत इतनी बढ़ गई कि नाना की मां ने उन्हें छठी कक्षा के बाद अपनी बहन के गांव भेज दिया। मां को लगा कि दूसरी जगह जाएगा तो सुधर जाएगा। नाना अपनी मौसी के घर एक-दो साल रहे, फिर वापस लौट आए। मौसी ने ही उन्हें वापस भेज दिया। उन्हें डर था कि नाना की संगत में कहीं उन्हीं के बच्चे न बिगड़ जाएं। खुद को बदसूरत समझते थे, पिता को लेकर पाला था भ्रम नाना अपने आप को दूसरों से कमतर आंकते थे। वे अपने आप को बदसूरत मानते थे। नाना के दोनों भाई लुक में उनसे ठीक थे। नाना को लगता था कि पिता बाकी भाइयों को ज्यादा तवज्जो देते हैं। नाना बचपन से ही गांव-दराज में होने वाले नाटक-ड्रामों में भाग लेते थे। एक बार वे गांव में नाटक कर रहे थे। उनके पिता बंबई (अब मुंबई) से सिर्फ नाटक देखने गांव आ गए। उस वक्त नाना का भ्रम टूट गया कि पिता उनसे प्यार नहीं करते। नाना को उस वक्त एहसास हुआ कि जैसे उन्होंने अपनी कला से पिता को प्रभावित किया, वैसे ही पूरी दुनिया को भी कर सकते हैं। पिता हॉस्पिटल में थे, उनकी दवाई के भी पैसे नहीं थे नाना ने पिता को लेकर जो भ्रम पाला था, वह तो समय के साथ खत्म हो गया, लेकिन एक बात का मलाल आज भी है। नाना अपने पिता के हाथ पर एक रुपया तक नहीं रख पाए। नाना ने यह बात दैनिक भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में कही थी। उन्होंने कहा था, ‘मुझे इस बात का गहरा दुख है कि अपनी कमाई से पिता के लिए कुछ नहीं कर पाया। उनका निधन भी एक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अस्पताल में हुआ था। उस वक्त उनकी दवाई के लिए भी मेरे पास पैसे नहीं थे। मेरे दोस्तों ने काफी मदद की। उन्होंने ही मुझे दवा के पैसे दिए थे।’ रेपिस्ट का रोल ऑफर किया तो रवि चोपड़ा को गालियां बक दीं स्मिता पाटिल ने नाना को बी.आर. चोपड़ा के बेटे रवि चोपड़ा के पास भेजा। रवि चोपड़ा उस वक्त फिल्म ‘आज की आवाज’ बना रहे थे। उन्होंने नाना को रेपिस्ट का रोल ऑफर किया। ऑफर सुनते ही नाना भड़क उठे। उन्होंने सबके सामने रवि को गालियां बक दीं। नाना ने कहा कि तुम मुझे ऐरा-गैरा आदमी समझते हो, क्या मैं ऐसा रोल करूंगा? यह कहकर नाना वहां से लौटने लगे। तभी स्मिता पाटिल वहां पहुंच गईं। उन्होंने नाना और रवि, दोनों को समझाया। तब रवि चोपड़ा ने उन्हें मेन विलेन का रोल ऑफर किया। नाना इस बार भी सीधी तरह नहीं माने। उन्होंने कहा कि मैं कर तो लूंगा, लेकिन अपना किरदार खुद लिखूंगा। आखिरकार उन्होंने फिल्म में काम कर लिया था। विधु विनोद चोपड़ा के साथ हाथापाई, नाना का कुर्ता फट गया फिल्म परिंदा की शूटिंग के दौरान विधु विनोद चोपड़ा और नाना पाटेकर में लड़ाई हो गई थी। यह बात खुद विधु ने एक टीवी रियलिटी शो के दौरान स्वीकारी थी। उन्होंने कहा था, ‘नाना हर सीन में गाली देता था। मुझे यह बात बड़ी अजीब लगती थी। मुझे उस वक्त गालियां नहीं आती थीं। नाना बार-बार गालियां दिए जा रहा था। ऊपर से बिना शूटिंग किए घर जाने लगा। मैंने कहा कि पहले पैसे दो, फिर वापस जाओ। कम से कम मेरा नुकसान तो मत कराओ। यही बात कहते हुए मैंने उसका कुर्ता फाड़ दिया। अभी यह सब चल ही रहा था कि कैमरामैन ने शॉट रेडी कर दिया। आप फिल्म देखिए, एक सीन में नाना बनियान में बैठकर रोता दिखाई देगा। वह शॉट झगड़े के तुरंत बाद लिया गया था। खैर, शॉट परफेक्ट हो गया। बाद में नाना ने मुझे गले लगा लिया।’ सेफ्टी गार्ड पहनने से मना किया, आग में झुलसे तो स्किन उतर गई फिल्म परिंदा के क्लाइमैक्स सीन में नाना पाटेकर को आग में जलते दिखाया गया था। दुर्भाग्यवश, नाना सच में आग में झुलस गए थे। इस वजह से उनकी पूरी स्किन उतर गई थी। दरअसल, उस वक्त की फिल्मों में आर्टिफिशियल फायर जैसी कोई चीज नहीं थी। सेट पर असली आग लगाई जाती थी। फिल्म के डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने नाना को सेफ्टी गार्ड पहनने को कहा था। नाना ने कहा कि अगर वे सेफ्टी गार्ड पहन लेंगे तो एक्टिंग नेचुरल नहीं लगेगी। फिर भी विधु के कहने पर उन्होंने थोड़ा बहुत खुद को ढंक लिया। हालांकि, जब सीन शुरू हुआ तो आग की लपटें उनके शरीर को छू गईं। उनके हाथ-पैर की स्किन ही गायब हो गई। मामला सीरियस हो गया। उन्हें मुंबई के नानावटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद नाना एक साल तक फिल्मों से दूर रहे। फिल्म परिंदा 1989 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में नाना निगेटिव किरदार में थे। इस फिल्म के क्लाइमैक्स सीन में नाना को आग में जलते दिखाया गया था। सेना के अधिकारी ने रिस्पॉन्स नहीं दिया तो रक्षा मंत्री को लगा दिया फोन नाना पाटेकर बचपन से आर्मी जॉइन करना चाहते थे। 1991 की फिल्म प्रहार के जरिए उनका यह सपना भी पूरा हो गया। आर्मी बैकग्राउंड पर बनी इस फिल्म की तैयारी के लिए नाना ने तीन साल तक आर्मी ट्रेनिंग प्रोग्राम किया था, जहां उन्हें कैप्टन की मानद रैंक दी गई थी। 1999 में पाकिस्तान के साथ कारगिल वॉर में नाना ने भारतीय सेना को अपनी सेवाएं दी थीं। हालांकि इसके पीछे दिलचस्प कहानी है। नाना ने सेना के एक बड़े अधिकारी को फोन किया और आर्मी जॉइन करने की इच्छा जताई। अधिकारी ने कहा कि आप आम नागरिक हैं, हम आपको आर्मी में नहीं ले सकते। नाना ने तब देश के तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस को फोन कर दिया। जॉर्ज फर्नांडिस पहले से नाना को जानते थे। पहले तो उन्होंने मना किया, लेकिन जब नाना ने उन्हें अपना आर्मी वाला बैकग्राउंड बताया, तब मान गए। उन्हें हरी झंडी दे दी। नाना कारगिल में दो महीने सेना के साथ जुड़े रहे। वहां वे क्विक रिएक्शन टीम का हिस्सा थे। क्विक रिएक्शन टीम में सिर्फ वहीं लोग काम करते हैं, जो औरों से निपुण हों और हर परिस्थिति में लड़ने को तैयार रहें। परफॉर्मेंस के बीच में जूते बरसाए जाते थे नाना ने एक नाटक पुरुष (1981) में 16 साल अभिनय किया। इस नाटक में वे विलेन बनते थे। उनका रोल इस कदर घिनौना था कि परफॉर्मेंस के बीच में ही महिलाएं जूते बरसाने लगती थीं। जब वे जूते मांगने जातीं तो नाना मना कर देते। वे उन जूतों को सम्मान के तौर पर संभाल कर रखते थे। 1993 मुंबई ब्लास्ट में भाई को खोया, हाथ के कड़े से बॉडी पहचानी 1993 बम ब्लास्ट में नाना ने अपना भाई खो दिया था। उनके भाई जिस बस में बैठे, उसी में ब्लास्ट हो गया था। बॉडी पहचान में नहीं आ रही थी। नाना के भाई हाथ में एक कड़ा पहनते थे। उसी से शव की पहचान हुई थी। जिसमें ब्लास्ट हुआ, उसके आगे वाली बस में नाना की पत्नी नीलकांति बैठी हुई थीं। दरअसल, नाना की पत्नी और भाई साथ ही निकले थे। दोनों एक ही बस में बैठने वाले थे, लेकिन सीट सिर्फ एक ही मिली। नाना के भाई मजबूरन पीछे वाली बस में बैठ गए। अगर उन्हें पहली बस में सीट मिल जाती तो शायद जान बच जाती।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह 75 की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा स्थित अपने घर पर कार्डियक अटैक आया था। उन्हें करीब 45 मिनट तक CPR दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। मणिपाल हॉस्पिटल के डॉ. शेखर सालकर के मुताबिक नाना पाटेकर का सुबह 5:20 बजे निधन हुआ। उनके निधन के बाद मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। 4 अक्टूबर को गोवा में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे, VIDEO ‘परिंदा’ में विलेन बने, 3 नेशनल अवॉर्ड जीते नाना ने 100 से ज्यादा फिल्में कीं। 1989 की फिल्म ‘परिंदा’ में नाना पाटेकर ने अन्ना का किरदार निभाया, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 1994 की ‘क्रांतिवीर’ के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। 1996 की ‘अग्निसाक्षी’ के लिए भी उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। इस तरह उन्हें करियर में 3 नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिले। भारतीय सिनेमा में योगदान के लिए नाना पाटेकर को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने हिंदी के साथ मराठी फिल्मों में भी काम किया। ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी बनकर कॉमेडी में भी छाए 2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ में नाना पाटेकर ने गैंगस्टर उदय शेट्टी का किरदार निभाया। इस कॉमेडी रोल को काफी पसंद किया गया। वे इसके सीक्वल ‘वेलकम बैक’ में भी उदय शेट्टी के किरदार में नजर आए। फिल्म प्रहार के लिए मिलिट्री ट्रेनिंग ली थी नाना पाटेकर ने फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में आर्मी मेजर की भूमिका निभाने के लिए भारतीय सेना की मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ सैन्य प्रशिक्षण लिया था। इस दौरान उन्होंने करीब तीन साल तक ट्रेनिंग की थी। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद नाना पाटेकर टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े। उन्हें मानद कैप्टन के रूप में कमीशन मिला। बाद में उन्होंने लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद तक सेवाएं दीं और 2013 में रिटायर हुए। कारगिल युद्ध के दौरान भी सेना के साथ रहे नाना पाटेकर का सेना से जुड़ाव 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी सामने आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से विशेष अनुमति लेकर करीब 2 से 3 सप्ताह यानी 15-20 दिन सेना के साथ अग्रिम इलाकों में बिताए। इस दौरान वह द्रास, लेह, कुपवाड़ा और सोपोर जैसे क्षेत्रों में गए। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि उन्होंने सेना की क्विक रिएक्शन टीम (QRT) के साथ समय बिताया। नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि देश के लिए हर व्यक्ति को अपनी तरफ से कुछ न कुछ करना चाहिए। सेना के जवानों के प्रति उनका सम्मान कई मौकों पर सामने आया है। 2016 में उन्होंने कहा था कि उनके लिए देश सबसे पहले है और जवान ही देश के असली हीरो हैं। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का निधन: 94 साल की उम्र में अपनी आखिरी फिल्म का निर्देशन किया था, कमल हासन-जूनियर NTR ने दी श्रद्धांजलि दिग्गज फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का 3 अक्टूबर 2026 को 95 साल की उम्र में निधन हो गया था। उन्होंने चेन्नई के कावेरी अस्पताल में आखिरी सांस ली थी। उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने ‘पुष्पक विमान’ और ‘आदित्य 369’ समेत कई भाषाओं में करीब 60 फिल्मों का निर्देशन किया था। 94 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आखिरी फिल्म ‘सिंग गीथम’ का निर्देशन किया था, जो 12 जून 2026 को रिलीज हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
फिल्म 'रामायण' के निर्माता नमित मल्होत्रा की कंपनी 'प्राइम फोकस लिमिटेड' के मुंबई स्थित दफ्तरों पर छापेमारी की खबर है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक आयकर विभाग ने यह कार्रवाई विदेशी लेन-देन (फॉरेन रेमिटेंस) में हुई गड़बड़ियों के सिलसिले में की है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बड़ी बजट की फिल्म रामायण की रिलीज से कुछ हफ्ते पहले यह कार्रवाई सामने आई है। विदेशी लेन-देन से जुड़ा है मामला आयकर विभाग की यह सर्च कार्रवाई विदेशों में पैसे भेजने से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की गई है। हालांकि, किस तरह के लेन-देन की जांच की जा रही है और इस कार्रवाई का दायरा कितना बड़ा है, इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी या खुलासा नहीं किया गया है। 7 अक्टूबर की सुबह जैसे ही इस रेड की खबर फैली, शेयर बाजार में प्राइम फोकस के शेयरों में तुरंत 8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। हाल ही में सेट पर लगी थी मामूली आग आयकर विभाग की यह कार्रवाई मुंबई स्थित प्राइम फोकस स्टूडियोज में 'रामायण' के सेट के पास हुई आगजनी की घटना के कुछ दिनों बाद हुई है। उस समय स्टूडियो के पास मामूली आग लग गई थी। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था और स्थिति पर काबू पाने के तुरंत बाद शूटिंग का काम दोबारा शुरू कर दिया गया था। 4000 करोड़ के बजट में बन रही है 'रामायण' नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही यह फिल्म दो भागों में रिलीज होगी। इस पौराणिक फिल्म को लगभग 4,000 करोड़ रुपए के बजट पर तैयार किया जा रहा है। इसका संगीत ऑस्कर विजेता संगीतकार हंस जिमर और एआर रहमान मिलकर तैयार कर रहे हैं। फिल्म का पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में रिलीज करने की योजना है। हॉलीवुड स्तर का काम कर रही है DNEG नमित मल्होत्रा की कंपनी प्राइम फोकस मनोरंजन जगत में विजुअल इफेक्ट्स (VFX), एनिमेशन, पोस्ट-प्रोडक्शन और कंटेंट क्रिएशन का काम करती है। नमित मल्होत्रा इस रामायण फिल्म का निर्माण एक्टर यश की कंपनी 'मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस' और 'DNEG' के साथ मिलकर कर रही है। DNEG इस फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स संभाल रही है। फिल्म में रणबीर कपूर (भगवान राम), साई पल्लवी (माता सीता) और यश (रावण) की भूमिका में हैं। वहीं सनी देओल (हनुमान), रवि दुबे (लक्ष्मण), अरुण गोविल (दशरथ), लारा दत्ता (कैकेयी) और रकुल प्रीत सिंह (शूर्पणखा) के किरदारों में नजर आएंगे। ये खबर भी पढ़ें फिल्म 'रामायण' से जारी हुआ अरुण गोविल का पोस्टर:'राजा दशरथ' के किरदार में दिखे; रामानंद सागर की 'रामायण' में राम बने थे रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल जल्द राजा दशरथ के रोल में नजर आएगे । वह नितेश तिवारी की दो हिस्सों में बन रही फिल्म रामायण में नजर आएंगे। पूरी खबर पढ़ें
जयपुर में वेब सीरीज ‘द रॉयल्स’ की शूटिंग चल रही है। वेब सीरीज के पहले फेज में शूटिंग करने आईं अभिनेत्री जीनत अमान ने शहर में बिताए एक दिन की अलग-अलग फोटोज सोशल मीडिया पर शेयर की। उन्होंने परकोटा क्षेत्र की गलियों में घूमने से लेकर जौहरी बाजार में चांदी की ज्वेलरी सहित साड़ियों की खरीदारी और रामबाग पैलेस में हाई टी का आनंद लिया। जीनत अमान ने इंस्टाग्राम पर अपनी पोस्ट में लिखा- ‘छुट्टी का दिन मिला तो मैंने वही किया, जिसके लिए जयपुर खास तौर पर जाना जाता है। मैंने पुराने शहर की बेहद बिजी और गलियों में चांदी और साड़ियों की खरीदारी की।’ उन्होंने लिखा कि जयपुर ने मेरे इस ऑफ डे को यादगार बना दिया। वहीं जीनत अमान ने रामबाग पैलेस में हस्तरेखा विशेषज्ञ को हाथों की रेखाएं दिखाईं। यहां देखिए फोटोज… जौहरी बाजार को बताया अनुभव जीनत अमान ने जौहरी बाजार को अपनी तरह का अलग अनुभव बताते हुए लिखा- यहां की गलियां संकड़ी और भीड़भाड़ वाली हैं। दुकानों के बाहर सजा सामान, अलग-अलग तरह की खुशबू, रंग-बिरंगी चीजें और दुकानदारों की आवाजाही बाजार को जीवंत बनाए रखती है। जीनत ने बताया- बाजार में दुकानदार एक के बाद एक सामान दिखाते रहते हैं और ग्राहक के लिए सही चीज तलाशने का सिलसिला चलता रहता है। रामबाग पैलेस में ज्योतिषी को दिखाया हाथ पुराने शहर में शॉपिंग के बाद जीनत अमान रामबाग पैलेस पहुंचीं। उन्होंने जौहरी बाजार की भीड़ और रामबाग पैलेस की शाही शांति के बीच के फर्क को महसूस किया। जीनत ने रामबाग पैलेस के माहौल का जिक्र करते हुए वहां की वास्तुकला, फव्वारों, बगीचों, मोर को बयां किया। यहां उन्होंने हाई टी का आनंद लिया। इस दौरान एक हस्तरेखा विशेषज्ञ (ज्योतिषी) को उन्होंने हाथ दिखाया। जीनत ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि हस्तरेखा विशेषज्ञ ने मेरी जिंदगी के हालात को लेकर मुझे अपनी बातों से खुश कर दिया। जीनत अमान ने लिखा- अब मुझे किसी जगह घूमते हुए केवल तय सूची के मुताबिक सभी जगहों को देखने या घूमने की जल्दी नहीं रहती। इसके बजाय मैं किसी बाजार में यूं ही घूमना, किसी अपने के लिए खूबसूरत चीज खरीदना, धूप में बैठना, किसी पुरानी इमारत को निहारना या कुछ स्वादिष्ट खाना ज्यादा पसंद करती हूं। उन्होंने लिखा कि अब मैं यात्रा के दौरान दिन को अपनी गति से गुजरने देना पसंद करती हूं। शायद यही एक छुट्टी है। बस उसे सिर्फ यादगार बनाया जाए। जैसलमेर के लिए भी लिखा था, कुछ जगहें लंबे समय तक याद रह जाती हैं जीनत अमान ने जैसलमेर में पिछले दिनों बिताए अपने दिनों की कुछ झलकियां सोशल मीडिया पर शेयर की थी। जीनत ने लिखा कि एक अभिनेता किसी प्रोजेक्ट को बनाने में काफी समय बिताता है। फिर एक समय ऐसा भी आता है, जब उसे लोगों के सामने ऐसा व्यवहार करना पड़ता है, जैसे उसे उसके बारे में कुछ पता ही नहीं है। उन्होंने इसे अभिनेता की जिंदगी का दिलचस्प हिस्सा बताया। उन्होंने जैसलमेर को ऐसा शहर बताया, जहां पहुंचना अपने आप में खास अनुभव है। उन्होंने जैसलमेर की सुनहरी बलुआ पत्थर की इमारतों, खूबसूरत बगीचों और राजस्थान की खास खामोशी का जिक्र किया, जिसे महसूस किया जा सकता है। जीनत ने लिखा कि इतने वर्षों तक फिल्म सेट पर रहने के बाद मैंने यह महसूस किया है कि हमेशा वही दृश्य याद नहीं रहते, जिनकी शूटिंग की गई हो। कई बार किसी फिल्म या प्रोजेक्ट की याद किसी जगह, वहां की रोशनी, खिड़की से दिखाई देने वाले नजारे या शूटिंग के बीच बिताए गए किसी शांत पल से जुड़ जाती है। जीनत ने कहा कि मुझे लगता है कि जैसलमेर की यह जगह भी उन्हें लंबे समय तक याद रहेगी।
बॉलीवुड अभिनेता रजा मुराद ने खुलासा किया है की फिल्म मेकर संजय लीला भंसाली रणवीर, दीपिका और प्रियंका पर चिल्ला पड़े थे। विकी ललवानी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने संजय लीला भंसाली के सेट पर गुस्से और उनके काम करने के अंदाज पर अपनी बात रखी। रजा मुराद ने कहा कि भंसाली का गुस्सा काम से जुड़ा होता है। वे सेट पर सिर्फ असिस्टेंट्स पर ही नहीं, बल्कि बड़े स्टार्स पर भी चिल्ला चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने भंसाली की तुलना राज कपूर से करते हुए दोनों को काम का पक्का और परफेक्शनिस्ट बताया है। काम न समझने पर आता है गुस्सा रजा मुराद ने बताया कि संजय लीला भंसाली शुरुआत से ही गुस्से में नहीं रहते हैं। जब कोई इंसान लगातार उनकी बात या सोच को समझ नहीं पाता, तब उनका पारा चढ़ता है। यह गुस्सा किसी से दुश्मनी या निजी खुन्नस की वजह से नहीं होता, बल्कि काम ठीक से न होने की वजह से आता है। उन्होंने बताया कि भंसाली को सेट पर सिर्फ अपने काम से मतलब रहता है और वे चाहते हैं कि जो सीन उन्होंने सोचा है, वह बिल्कुल वैसा ही पर्दे पर उतरे। बड़े स्टार्स पर भी चिल्ला चुके हैं भंसाली इंटरव्यू में जब रजा मुराद से पूछा गया कि क्या उन्होंने भंसाली को बड़े स्टार्स पर गुस्सा होते देखा है, तो उन्होंने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद भंसाली को रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा जैसे बड़े कलाकारों पर चिल्लाते हुए देखा है। भंसाली जो चाहते हैं, वे हर हाल में हासिल करके रहते हैं। रजा मुराद खुद भंसाली के साथ 'गोलियों की रासलीला राम-लीला', 'बाजीराव मस्तानी', 'पद्मावत' और 'गंगूबाई काठियावाड़ी' जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम कर चुके हैं। राज कपूर और भंसाली दोनों परफेक्शनिस्ट रजा मुराद ने भंसाली के काम के तरीके की तुलना राज कपूर से की। वे राज कपूर के साथ 'प्रेम रोग', 'राम तेरी गंगा मैली' और 'हिना' में काम कर चुके हैं। रजा मुराद ने कहा कि दोनों ही दिग्गज निर्देशक परफेक्शनिस्ट हैं। दोनों के लिए समय, शिफ्ट, पैसा, सेट का खर्च और कलाकारों की तारीखें कोई मायने नहीं रखती थीं। अगर 4 दिन का काम 8 दिन में भी पूरा हो, तो उन्हें फर्क नहीं पड़ता था, बस सीन सही होना चाहिए। दोनों ही सेट पर सिर्फ काम के इरादे से आते थे। 2027 में रिलीज होगी भंसाली की 'लव एंड वॉर' संजय लीला भंसाली इन दिनों अपनी अगली फिल्म 'लव एंड वॉर' के पोस्ट-प्रोडक्शन में व्यस्त हैं। इस फिल्म में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल मुख्य भूमिकाओं में हैं। भंसाली और इला बेदी दत्ता की लिखी यह फिल्म युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी एक पीरियड रोमांटिक ड्रामा है। इसमें रणबीर और विक्की इंडियन एयरफोर्स ऑफिसर्स के रोल में नजर आएंगे, जिनके बीच आलिया भट्ट के किरदार को लेकर लव ट्रायंगल देखने को मिलेगा। यह फिल्म अब 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ये खबर भी पढ़ें संजय लीला भंसाली के खिलाफ FIR की मांग:लव एंड वॉर के सेट पर करंट लगने से वर्कर की मौत, एसोसिएशन बोला- 1 करोड़ मुआवजा दें संजय लीला भंसाली की अपकमिंग फिल्म लव एंड वॉर सेट पर हुए हादसे के बाद विवादों में घिर चुकी है। फिल्म की शूटिंग मुंबई फिल्मसिटी के पास रॉयल पंप स्टूडियो में चल रही थी, जहां करंट लगने से 42 साल के कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव का निधन हो गया। पूरी खबर पढ़ें
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान दुबई में आयोजित 'ब्यूटीवर्ल्ड मिडिल ईस्ट' इवेंट में शामिल हुए। यहां उन्होंने रसासी परफ्यूम्स के नए ब्रांड को अनवील किया। इस दौरान उनसे मिलने कई पाकिस्तानी फैंस भी पहुंचे। इवेंट की रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलमान खान तय समय से दो घंटे देर से पहुंचे और ब्रांड अनवील करने के तुरंत बाद बिना कोई भाषण दिए वहां से निकल गए। उन्होंने जुटी भीड़ को संबोधित नहीं किया, जिसके चलते घंटों इंतजार कर रहे कई फैंस को बिना झलक देखे ही लौटना पड़ा। बाद में वे कैजुअल टी-शर्ट में अपनी टीम के साथ एक मॉल में घूमते नजर आए। 'बचपन से फैन हूं, वे हमारे भाई हैं' इवेंट में पहुंचीं पाकिस्तान की महा नूर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वे सलमान खान की बहुत बड़ी प्रशंसक हैं। महा नूर ने कहा कि वे एक्टर के लेट आने की वजह से उनकी एक झलक देखने से चूक गईं। इसके बावजूद सलमान के प्रति उनका लगाव कम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वे बचपन से ही सलमान की फैन रही हैं। सलमान बहुत हैंडसम, फनी और करिश्माई व्यक्तित्व वाले इंसान हैं। वे हमारे भाई हैं और लोग उन्हें बहुत पसंद करते हैं। 2 घंटे लेट पहुंचे, बिना भाषण दिए ही रवाना हुए दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित 'ब्यूटीवर्ल्ड मिडिल ईस्ट' प्रदर्शनी के 30वें एडिशन में सलमान खान चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल हुए थे। रसासी परफ्यूम्स के नए ब्रांड 'केन्ज़ डी रसासी' के लॉन्चिंग इवेंट में उन्हें दोपहर 2:00 बजे पहुंचना था। हालांकि, सलमान करीब 4:00 बजे जाबील हॉल 6 में पहुंचे। वे ब्लैक सूट में अपनी सुरक्षा टीम और बॉडीगार्ड्स के साथ आए थे। उन्होंने सिर्फ परफ्यूम ब्रांड का अनावरण किया और बिना कोई भाषण दिए या फैंस से बात किए वहां से तुरंत रवाना हो गए। ट्रेड शो में उमड़ी फैंस की भारी भीड़ ब्यूटीवर्ल्ड मिडिल ईस्ट मुख्य रूप से ब्यूटी और कॉस्मेटिक्स इंडस्ट्री से जुड़ा बिजनेस इवेंट है। लेकिन मंगलवार को सलमान खान की मौजूदगी की वजह से एग्जीबिशन हॉल का नजारा किसी फैन मीट जैसा हो गया। जाबील हॉल में दोपहर से ही काफी लोग जमा हो गए थे। हाथ में मोबाइल लिए सैकड़ों फैंस सलमान का इंतजार कर रहे थे। यूएई में सलमान खान की भारी फैन फॉलोइंग है, जिसके चलते वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शूटिंग से ब्रेक लेकर पहुंचे थे, बाद में मॉल में घूमे सलमान खान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त चल रहे हैं। वे इस तीन तीन के ट्रेड शो (6 से 8 अक्टूबर) में हिस्सा लेने के लिए खास तौर पर समय निकालकर दुबई पहुंचे थे। इवेंट में बेहद छोटा अपीयरेंस देने के बाद सलमान ने अपना फॉर्मल सूट बदला और कैजुअल कपड़ों में नजर आए। इसके बाद वे अपनी टीम के साथ ट्रेड सेंटर और आसपास के इलाके में घूमते हुए नए आइटम्स देखते नजर आए। सलमान से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें कमाल कर दिया पायलट जी...आपको सैल्यूट:सलमान खान ने की पायलट स्मित मच्छर की तारीफ; शाहरुख खान, रणवीर सिंह, समेत कई सेलेब्स ने भी की सराहना दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर को-पायलट ने हमला कर दिया। फ्लाइट क्रैश होने की कंडीशन में थी, लेकिन अमित ने जख्मी हालत में भी सूझबूझ से सभी की जान बचाई। शुक्रवार को सलमान खान ने देर रात पायलट स्मित मच्छर की सराहना की है। पूरी खबर पढ़ें 'काला हिरण' फिल्म विवाद, हाईकोर्ट ने सलमान से जवाब मांगा:प्रड्यूसर ने कहा- फिल्म की रिलीज रोकने कई मुकदमे किए; जानिए पूरा विवाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 'काला हिरण: द बैटल फॉर लीगल' फिल्म के प्रड्यूसर अमित जानी की याचिका पर बॉलीवुड एक्टर सलमान खान से मंगलवार को जवाब मांगा है। पूरी खबर पढ़ें
रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल जल्द राजा दशरथ के रोल में नजर आएगे । वह नितेश तिवारी की दो हिस्सों में बन रही फिल्म रामायण में नजर आएंगे। फिल्म निर्माताओं ने आज अरुण गोविल का नया पोस्टर जारी किया। इसमें वह अयोध्या के राजा दशरथ के रूप में दिख रहे हैं। फिल्म में भगवान राम का किरदार रणबीर कपूर निभा रहे हैं। पोस्टर सामने आने के बाद कुछ फैंस इमोशनल हो गए। निर्माताओं ने लिखा, “उन्होंने एक पीढ़ी के लिए राम को जीवंत किया था। अब वह रामायण की दुनिया में अयोध्या के राजा के रूप में लौट रहे हैं। राजा दशरथ के रूप में अरुण गोविल।” पोस्टर पर फैंस की प्रतिक्रिया एक यूजर ने लिखा, “पोस्टर बहुत अच्छी तरह डिजाइन किया गया है। इसमें कई प्रमुख जानकारियां हैं। सिंहासन पर बनी मछली अवध यानी अयोध्या और उत्तर प्रदेश का प्रमुख प्रतीक है।” एक अन्य फैन ने लिखा, “उन्हें राम के रूप में देखने के बाद अरुण गोविल को दशरथ का किरदार निभाते देखना दिलचस्प होगा।” फैन ने कहा, “राम दिव्यता और मर्यादा की मिसाल थे। वहीं, दशरथ के पास सब कुछ था, फिर भी वह एक वचन के कारण खुद को खो बैठे।” उन्होंने आगे लिखा, “दशरथ के किरदार में दुख, प्रेम और बेबसी दिखानी होगी। उनका यह रूप देखना दिलचस्प होगा।” एक अन्य व्यक्ति ने टिप्पणी की, “हमने बचपन से उन्हें श्रीराम के रूप में देखा है। अब उन्हें राजा दशरथ के रूप में देख रहे हैं। सियाराम की जय।” एक यूजर ने लिखा, “मुझे यह पसंद है कि उन्होंने रामानंद सागर के किरदारों को अपने अंदाज में अपनाया है। जय श्रीराम।” फिल्म ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के अवसर पर रिलीज हुआ था। गाने को श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है। इसके म्यूजिक को ए.आर. रहमान ने कंपोज, प्रोड्यूस और अरेंज किया है। गाने के लिरिक्स डॉ. कुमार विश्वास ने लिखे हैं। इस फिल्म के म्यूजिक पर ए.आर. रहमान के साथ हॉलीवुड के म्यूजिक कंपोजर हंस जिमर भी काम कर रहे हैं। देखें गाने के वीडियो की झलक- भगवान राम और सीता के विवाह पर केंद्रित है गाना ‘जय जय राम’ के विजुअल्स में सिया-राम के दिव्य संबंध को दिखाया गया है। गाने में भगवान राम और सीता के भव्य विवाह को भी दर्शाया गया है। गाने में भक्ति और आध्यात्मिक भाव को प्रमुखता दी गई है। गाने में ‘जय जय राम’ का बार-बार दोहराव किया गया है, जो इसे मंत्र की तरह प्रस्तुत करता है। लिरिक्स में भगवान राम के प्रति भक्त की आस्था, भरोसे और उनकी शरण में जाने की भावना व्यक्त की गई है। गाने की एक पंक्ति ‘जगत के अंधियारे, हमको घेरे सारे’ जीवन के अंधकार के बीच रोशनी की तलाश को दर्शाती है। गाने में ‘अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम’ जैसे पारंपरिक श्लोक का भी इस्तेमाल किया गया है। इससे रामायण की ऐतिहासिक और धार्मिक पृष्ठभूमि को आधुनिक संगीत से जोड़ा गया है। बता दें कि नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के पहले पार्ट का ट्रेलर 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया था। 'रामायण' के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया था। देखें ट्रेलर की झलक-
एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित जल्द ही अमिताभ बच्चन के शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के एक स्पेशल एपिसोड में नजर आएंगी। यह एपिसोड 9 अक्टूबर को रात 9 बजे सोनी टीवी पर प्रसारित होगा। एपिसोड से पहले सोनी टीवी ने दो प्रोमो शेयर किए हैं, जिनमें अमिताभ और माधुरी के बीच मजेदार बातचीत देखने को मिली। पहले प्रोमो में अमिताभ बच्चन ने माधुरी से फिल्म ‘तेजाब’ के गाने ‘एक दो तीन’ के स्टेप को रीक्रिएट करने को लेकर कहा, “एक बार हमसे बड़ी गुस्ताखी हो गई थी। एक फिल्म थी, उसमें हमने ऐसे एक दो तीन किया था।” इसके बाद माधुरी ने मजाकिया अंदाज में कहा, “हम भी दिखा दें?” स्क्रीन पर अमिताभ की 1989 की फिल्म ‘तूफान’ का एक सीन चलाया गया, जिसमें वह ‘एक दो तीन’ गाने पर डांस करते नजर आए। वीडियो खत्म होते ही अमिताभ और दर्शक हंस पड़े। दूसरे प्रोमो में माधुरी ने ‘देवदास’ की चंद्रमुखी का अंदाज दिखाया। ‘काहे छेड़ मोहे’ गाना शुरू होते ही उन्होंने हॉट सीट पर बैठे-बैठे डांस किया। उनकी परफॉर्मेंस देखकर अमिताभ ने कहा, “क्या बात है। इनक्रेडिबल, इनक्रेडिबल, माधुरी जी।” माधुरी जल्द ही ‘कौन बनेगा करोड़पति मराठी’ को होस्ट करती नजर आएंगी। आयुष्मान ने अमिताभ से माफी मांगी वहीं, इससे पहले सारा अली खान और आयुष्मान खुराना हाल ही में टीवी शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में मेहमान बनकर पहुंचे थे। दोनों अपनी आने वाली फिल्म ‘उड़ता तीर’ के प्रमोशन के लिए शो में आए थे। एपिसोड में अमिताभ बच्चन और आयुष्मान ने ‘गुलाबो सिताबो’ से जुड़ी यादें भी शेयर कीं। आयुष्मान ने फिल्म में अमिताभ के किरदार को ‘बुढ़ऊ’ कहने पर उनसे माफी मांगी। आयुष्मान ने कहा, “मैंने फिल्म में आपको बुढ़ऊ कहा, इसके लिए माफी मांगता हूं। आप बुढ़ऊ नहीं हैं। असल जिंदगी में आपमें 84 साल की कोई हरकत नहीं है। आप 28 के हैं।” अमिताभ बच्चन ने इस बात पर मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने पूछा, “84 साल की कौन-सी हरकतें होती हैं?” एपिसोड के दौरान अमिताभ ने आयुष्मान और उनके काम की तारीफ भी की। अमिताभ बच्चन ने याद किए संघर्ष के दिन वहीं, हाल ही में शो में अमिताभ बच्चन ने अपने शुरुआती करियर के संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि फिल्मों में काम पाने के दौरान प्रोड्यूसर्स उनकी लंबी हाइट और छोटे चेहरे को लेकर चिंता जताते थे। एक कंटेस्टेंट विनम्र ने अमिताभ के 1970 के दशक के सिग्नेचर हेयरस्टाइल और लंबे साइडबर्न्स का जिक्र किया। इस पर अमिताभ ने बताया कि उस समय उनके हेयरस्टाइल के पीछे एक खास वजह थी। अमिताभ ने कहा, “शुरुआत में जब हम फिल्मों में आए तो काम मिलने के लिए प्रोड्यूसर दो चीजों पर हमें बोलते थे कि हमारी हाइट लंबी है तो कोई हीरोइन काम नहीं करेगी और दूसरा कि हमारा चेहरा बहुत छोटा है। तो उसको भरने के लिए हमने अपने बाल बढ़ाए और बालों को कनपटी तक उगाया, जिससे हमारा चेहरा भरा-भरा लगे।” अमिताभ बच्चन ने 1969 में मृणाल सेन की फिल्म ‘भुवन शोम’ में नैरेटर के तौर पर सिनेमा से जुड़ने के बाद ख्वाजा अहमद अब्बास की ‘सात हिंदुस्तानी’ से एक्टिंग डेब्यू किया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। इसके बाद उन्होंने छोटे और सपोर्टिंग रोल किए, जिनमें ‘आनंद’, ‘संजोग’ और ‘बॉम्बे टू गोवा’ शामिल हैं। करियर के शुरुआती दौर में अमिताभ की कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलीं और उन्हें बतौर लीडिंग एक्टर पहचान बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। फिर 1973 में आई फिल्म ‘जंजीर’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बनी। फिल्म में इंस्पेक्टर विजय के किरदार ने अमिताभ को एक अलग तरह के हीरो के रूप में पहचान दिलाई। इसके बाद वह बॉलीवुड के ‘एंग्री यंग मैन’ के तौर पर पहचाने जाने लगे। ‘जंजीर’ के बाद ‘दीवार’, ‘शोले’, ‘त्रिशूल’, ‘डॉन’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’ और ‘काला पत्थर’ जैसी फिल्मों ने 1970 और 1980 के दशक की शुरुआत में अमिताभ की स्टार इमेज को मजबूत किया। ‘कल्कि 2898 AD’ के सीक्वल में दिखेंगे अमिताभ अमिताभ बच्चन को 2024 में रिलीज हुई नाग अश्विन की ‘कल्कि 2898 AD’ में अश्वत्थामा के किरदार के लिए सराहना मिली थी। फिल्म के सीक्वल में वह दोबारा इस भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म का प्रोडक्शन जारी है और इसमें प्रभास और कमल हासन भी अहम भूमिकाओं में होंगे।
आमतौर पर मां-बाप अपने बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल या वीडियो गेम खेलने से रोकते हैं, लेकिन चीन की 60 वर्षीय झोंग जुआनजुआन की कहानी कुछ अलग है। कभी वह अपने बेटे को गेम खेलने से रोकने के लिए इंटरनेट कैफे तक पहुंच जाती थीं, लेकिन आज वही गेमिंग उनकी पहचान बन चुकी है। इंटरनेट की दुनिया में वह ‘आंटी जुआन’ के नाम से मशहूर हैं और हजारों लोग उन्हें लाइव गेम खेलते हुए देखना पसंद करते हैं।
कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा दूसरी बार माता-पिता बनने वाले हैं। दोनों ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर यह खुशखबरी दी। पोस्ट में कियारा और सिद्धार्थ ने लिखा, “एक बार फिर हमें जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा मिलने वाला है। हमारे दिल प्यार और आभार से भर गए हैं।” कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा की शादी 7 फरवरी 2023 को हुई थी। दोनों ने राजस्थान के जैसलमेर स्थित सूर्यगढ़ पैलेस में परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में शादी की थी। दोनों की प्रेम कहानी फिल्म ‘शेरशाह’ के दौरान चर्चा में आई थी। फिल्म में दोनों ने साथ काम किया था। फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी नजदीकियां बढ़ी थीं। जुलाई 2025 में पहली बार बने थे माता-पिता शादी के करीब दो साल बाद कियारा और सिद्धार्थ पहली बार माता-पिता बने थे। जुलाई 2025 में दोनों ने सोशल मीडिया पर बेटी के जन्म की जानकारी दी थी। कपल ने बताया था कि उनके घर बेटी आई है। बाद में नवंबर 2025 में दोनों ने अपनी बेटी का नाम भी बताया था। उन्होंने बेटी का नाम सरायाह मल्होत्रा रखा। नाम की घोषणा करते हुए दोनों ने बेटी को अपना आशीर्वाद और राजकुमारी बताया था। पिता बनने को लेकर सिद्धार्थ ने कही थी खास बात हाल ही में सिद्धार्थ मल्होत्रा ने पिता बनने के अनुभव के बारे में भी बात की थी। ‘बिग बॉस 20’ में पहुंचे सिद्धार्थ से सलमान खान ने उनकी शादीशुदा जिंदगी और पिता बनने को लेकर सवाल किया था। सिद्धार्थ ने कहा था कि पिता बनना उनके लिए सबसे खास भूमिका है। उन्होंने अपनी बेटी को बहुत प्यारा बताया था और कहा था कि वह लगातार नई चीजें सीख रही है। इसी बातचीत के दौरान सलमान खान ने मजाक में सिद्धार्थ से जल्द एक और बच्चा होने की बात कही थी। हालांकि दूसरी प्रेग्नेंसी की कोई घोषणा नहीं हुई थी। वहीं, मां बनने के बाद अपनी जिंदगी में आए बदलावों के बारे में राज शमानी के पॉडकास्ट पर बात करते हुए कियारा ने कहा था कि मां बनने से पहले और बाद में उन्हें खुद में काफी बदलाव महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि अब वह खुद को पूरी तरह अलग इंसान मानती हैं।
सवाल सुनते ही रिपोर्टर पर भड़कीं जया बच्चन:कंगना रनोट ने कसा तंज; बोलीं- आखिर कहना क्या चाहती हैं
दिल्ली में मंगलवार को इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस मार्च में सपा सांसद और एक्ट्रेस जया बच्चन भी शामिल हुईं। विरोध प्रदर्शन के दौरान जया बच्चन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। एक न्यूज चैनल से बात करने से इनकार करते हुए वह माइक को पीछे धक्का देती नजर आईं। इस दौरान उनके चेहरे पर इरिटेशन दिखी। जिसके बाद बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने जया बच्चन पर तंज कसा। इंस्टाग्राम स्टोरी में जया बच्चन का वीडियो शेयर करते हुए कंगना ने लिखा, “जब आप पूरी दुनिया के सामने अपनी बात रखने के लिए धरने पर बैठते हैं, लेकिन जब आपसे पूछा जाता है कि आखिर आप कहना क्या चाहती हैं, तो जया बच्चन जी का जवाब होता है- नहीं बताऊंगी।” पहले भी जया बच्चन पर टिप्पणी कर चुकी हैं कंगना यह पहली बार नहीं है जब कंगना रनोट ने जया बच्चन पर टिप्पणी की हो। जया बच्चन अक्सर मीडिया में अपने बर्ताव को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। पैपराजी और आम लोगों को वह कई बार डांट लगा चुकी हैं। पिछले साल नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के बाहर जया बच्चन ने एक शख्स को सेल्फी लेने से मना करते समय धक्का देकर पीछे किया था। तब कंगना ने उन्हें बिगड़ी हुईं और प्रिविलेज्ड महिला कहा था। साथ ही इस घटना को शर्मनाक बताया था। वहीं, सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद बॉलीवुड में ड्रग्स और नेपोटिज्म को लेकर बहस छिड़ी थी। इसी दौरान कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री की तुलना ‘गटर’ से की थी। कंगना के बयान पर जया बच्चन ने राज्यसभा में बिना नाम लिए प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि कुछ लोग जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं। जया ने बॉलीवुड को गटर कहना गलत बताया था। इसके बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर जया बच्चन के बयान का जवाब दिया था। उन्होंने लिखा था, जया जी, क्या आप तब भी यही बात कहतीं अगर मेरी जगह आपकी बेटी श्वेता को टीनएज में पीटा जाता, नशीला पदार्थ दिया जाता और उसके साथ छेड़छाड़ की जाती? क्या आप तब भी यही कहतीं अगर अभिषेक लगातार बदमाशी और उत्पीड़न की शिकायत करते और एक दिन फांसी पर लटके पाए जाते? हमारे लिए भी थोड़ी करुणा (दया) दिखाइए। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष ने मार्च निकाला SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक ने मंगलवार को दिल्ली में ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकाला। मार्च संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस की ओर जा रहा था। पुलिस ने रास्ते में प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और कई नेताओं को हिरासत में लिया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। दोनों आठ घंटे से ज्यादा समय तक धरने पर बैठे रहे। वे ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग कर रहे थे। रात करीब 8 बजे पुलिस ने राहुल और अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन पहुंचाया। करीब दो घंटे बाद रात 10:10 बजे सभी को छोड़ दिया गया। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि लोकतंत्र के गद्दारों को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है। उन्होंने कहा कि इसका हिसाब होगा। चुनाव आयोग ने कहा कि शाम 4 बजे तक किसी पार्टी ने मिलने का समय नहीं मांगा था। आयोग ने सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मिलने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन विपक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया। वहीं, भाजपा ने प्रदर्शन को अराजकता फैलाने की कोशिश बताया। पार्टी ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। पूरी खबर यहां पढ़ें… ……………….. यह खबर भी पढ़ें… हिमाचल में कंगना रनोट बोलीं-लोग मुझे निठल्ला कह रहे: अफसरों को फटकारा- बैठक में खानापूर्ति के लिए न आएं, फैसलों पर काम भी करें हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट ने एक बैठक में अधिकारियों को फटकार लगाई थी। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक में सांसद निधि का इस्तेमाल नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई थी। कंगना ने कहा था कि लोग उन्हें निठल्ला कह रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर काम करने को कहा था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
हनुमान अंश का सोमवार भले ही सुस्त रहा, लेकिन मंगलवार को मूवी एक बार गेम में फिर लौटकर आई है। वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर 61वें दिन मूवी ने करोड़ों में कमाई की।
Drishyam 3 Box Office: अजय देवगन की फिल्म दृश्यम 3 ने बॉक्स ऑफिस पर सात दिन पूरे कर लिए हैं। फिल्म ने दुनिया भर में कमाई का परचम लहरा दिया है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर इन दिनों पेरिस फैशन वीक 2026 में शामिल होने के लिए फ्रांस में हैं। इस दौरान एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने एक अजीब हुनर का खुलासा किया। जाह्नवी ने बताया कि वे अपनी जीभ को लगभग 360 डिग्री तक मोड़ सकती हैं। हालांकि उन्होंने खुद इस काम को बेवकूफाना और बेकार बताया। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया है और कई लोगों ने उन्हें ट्रोल किया। पेरिस फैशन वीक में दिए इंटरव्यू में किया खुलासा इंटरनेशनल मीडिया प्लेटफॉर्म 'द कट' से बातचीत के दौरान जाह्नवी कपूर से उनके किसी छुपे हुए हुनर (हिडन टैलेंट) के बारे में पूछा गया था। इसके जवाब में जाह्नवी ने हंसते हुए अपनी इस अजीब आदत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वे अपनी जीभ को 360 डिग्री तक घुमा सकती हैं। जाह्नवी ने यह भी साफ किया कि यह कोई बड़ी काबिलियत नहीं है, बल्कि यह एक बहुत ही अजीब और किसी काम न आने वाली ट्रिक है। स्कूल के दिनों से जुड़ा है ये टैलेंट जाह्नवी ने इस ट्रिक को सीखने के पीछे की वजह भी शेयर की। उन्होंने बताया कि जब वे स्कूल में पढ़ती थीं, तब बाकी बच्चे अपनी जीभ से अपनी नाक छूने की कोशिश करते थे। वे ऐसा नहीं कर पाती थीं। ऐसे में क्लास के दूसरे बच्चों को प्रभावित करने के लिए उन्होंने अपनी जीभ से कुछ अलग करने की कोशिश शुरू की। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी जीभ को मोड़ना सीख लिया और यह उनके लिए दोस्तों के बीच दिखाने वाली एक ट्रिक बन गई। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने किया ट्रोल जाह्नवी कपूर का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके बयान का मजाक उड़ना शुरू कर दिया। एक यूजर ने लिखा कि नेपो किड्स के पास यही सब बेकार की ट्रिक्स होती हैं। वहीं दूसरे यूजर ने उनकी तुलना एक्ट्रेस अनन्या पांडे से करते हुए लिखा कि अनन्या के पास भी ऐसा ही टैलेंट था, मुझे लगा था कि ये लोग एक्टिंग सीख रहे होंगे। कई अन्य यूजर्स ने भी इस बयान को गैर-जरूरी बताते हुए एक्ट्रेस को ट्रोल किया। हाल ही में वायरल हुआ डीपफेक वीडियो हाल ही में जान्हवी कपूर की अपनी फिल्म 'देवरा: पार्ट 1' के गाने 'चुट्टामल्ले' पर बने AI जनरेटेड अश्लील (डीपफेक) वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद एक्ट्रेस ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जताई थी। इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक बयान जारी कर उन्होंने तकनीक के इस गलत इस्तेमाल को यौन उत्पीड़न के बराबर बताया। जान्हवी ने कहा कि बिना मर्जी के महिलाओं का ऐसा कंटेंट बनाना उनकी गरिमा का गंभीर उल्लंघन है। इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर बोलने और समर्थन देने के लिए अपने को-स्टार जूनियर एनटीआर, चिरंजीवी, विजय देवरकोंडा और खुशबू का आभार व्यक्त किया। टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल यौन उत्पीड़न जैसा जान्हवी कपूर ने अपने बयान में लिखा कि महिलाओं को केवल एक वस्तु की तरह दिखाना और उनकी सहमति के बिना एडिटेड कंटेंट फैलाना बेहद गंभीर मामला है। यह आपराधिक कृत्य लगभग यौन उत्पीड़न के ही समान है। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री की लगभग हर महिला ने किसी न किसी रूप में इस परेशानी का सामना किया है। अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हर जगह आम महिलाएं भी इसका शिकार हो रही हैं। महिला की सहमति और मर्जी का सम्मान होना चाहिए एक्ट्रेस ने महिलाओं की पसंद और उनके शरीर के प्रति सम्मान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला पांच दिन 'हां' कहती है और छठे दिन 'ना', तो उस 'ना' का सम्मान किया जाना चाहिए। मिनीस्कर्ट पहनने का मतलब यह नहीं होता कि कोई उसके नीचे कैमरा लगाए या उसके शरीर का गलत इस्तेमाल करे। महिला किस चीज में सहज है और अपनी सीमा कहां तय करती है, यह फैसला पूरी तरह से उसी का होना चाहिए। 'अपनी बेटियों को बचाओ' की जगह सोच बदलने की जरूरत जान्हवी ने आगे कहा कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगहों पर महिलाओं को सीमाओं के उल्लंघन का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि लोगों को सिर्फ अपनी बेटियों की सुरक्षा करने की बात कहने के बजाय अपनी सोच बदलनी होगी। समाज को ऐसी मानसिकता विकसित करने की जरूरत है जो लोगों को दूसरों की प्राइवेसी और सीमाओं का उल्लंघन करने से रोके। जूनियर एनटीआर और सीनियर एक्टर्स का जताया आभार जान्हवी ने अपने को-स्टार जूनियर एनटीआर का खास तौर पर शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने इस वायरल वीडियो के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कड़ा बयान दिया था। जान्हवी के मुताबिक, बड़े स्टार्स का ऐसा स्टैंड लेना उन सभी महिलाओं को हिम्मत देता है जो इस तरह के बर्ताव से पीड़ित हैं। उन्होंने मामले में एकजुटता दिखाने के लिए दिग्गज अभिनेता चिरंजीवी, विजय देवरकोंडा और खुशबू सुंदर को भी धन्यवाद कहा। जाह्नवी कपूर का बैकग्राउंड जाह्नवी कपूर बॉलीवुड की दिवंगत दिग्गज एक्ट्रेस श्रीदेवी और फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर की बेटी हैं। उन्होंने साल 2018 में फिल्म 'धड़क' से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे 'गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल', 'रूही', 'मिली', 'बवाल' और 'मिस्टर एंड मिसेज माही' जैसी कई फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। हाल ही में वे साउथ सिनेमा में भी फिल्म 'देवरा' के जरिए अपनी शुरुआत कर चुकी हैं।
राजस्थानी फिल्म ‘धूड़ (सैंडस्टॉर्म)’ का मंगलवार को जयपुर में एक समारोह के दौरान आधिकारिक ट्रेलर जारी किया गया। यह फिल्म 23 अक्टूबर को राजस्थान सहित देश के चुनिंदा सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के मौके पर बॉलीवुड एक्टर यशपाल शर्मा सहित पूरी टीम मौजूद रही। इस फिल्म को कलाम एकेडमी और समर जैन की प्रस्तुति, सोल ऑफ डेजर्ट प्रोडक्शन की ओर से स्टूडियो ऐनक के सहयोग से तैयार किया गया है। ट्रेलर में राजस्थान का पारंपरिक परिवेश, रेगिस्तानी दृश्य, गांवों की सामाजिक संरचना और परिवार के भीतर चलने वाले संघर्ष को प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया है। ‘फिल्म नहीं, दो घंटे में पूरी किताब पढ़ने जैसा अनुभव होगा’ ट्रेलर लॉन्च के दौरान अभिनेता यशपाल शर्मा ने फिल्म को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि ‘धूड़’ को बनाने में पूरी टीम ने बहुत मेहनत की है। उन्होंने फिल्म की तुलना साहित्य और किताब पढ़ने के अनुभव से करते हुए कहा कि अगर दर्शक केवल आइटम डांस या गालियां सुनने के लिए फिल्म देखने जा रहे हैं, तो यह फिल्म उनके लिए नहीं है। यहां देखिए ट्रेलर लॉन्च के PHOTO'S… यशपाल शर्मा ने कहा कि अगर आप आइटम डांस देखना चाहते हैं या फिर गालियां सुनना चाहते हैं, तो यह फिल्म देखने मत जाना। ये फिल्म आपको पूरी पुस्तक पढ़ने जैसा अहसास करवाएगी। एक फिल्म देखना एक पुस्तक के पढ़ने के बराबर है। दो घंटे में पूरी किताब पढ़ लेंगे, यह मेरी गारंटी है। उन्होंने कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक साहित्य से जुड़ाव महसूस करेंगे। उनके अनुसार ‘धूड़’ केवल मनोरंजन के लिए बनाई गई फिल्म नहीं है, बल्कि इसकी कहानी और किरदार दर्शकों को एक अलग तरह का सिनेमाई अनुभव देंगे। राजस्थानी फिल्मों के इतिहास में बदलाव की उम्मीद यशपाल शर्मा ने कहा कि उन्हें लगता है कि ‘धूड़’ राजस्थानी फिल्मों के इतिहास में बदलाव लाने वाली फिल्म साबित हो सकती है। उन्होंने फिल्म में काम करने वाले सभी कलाकारों की मेहनत का जिक्र करते हुए कहा कि हर अभिनेता ने अपने किरदार के लिए पूरी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि फिल्म में कहानी से लेकर अभिनय और दूसरे तकनीकी पक्षों तक टीम ने गंभीरता से काम किया है। उनका मानना है कि दर्शकों को फिल्म में कई स्तरों पर कुछ अलग देखने को मिलेगा। यशपाल शर्मा के साथ ये कलाकार आएंगे नजर फिल्म में दिग्गज अभिनेता यशपाल शर्मा के साथ अलका अमीन, भवानी सिंह चौहान, विवेक पारीक, प्रवीण चौधरी और वानिकी त्यागी सहित कई कलाकार नजर आएंगे। सभी कलाकारों ने राजस्थान के सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश से जुड़े किरदारों को निभाया है। यशपाल शर्मा ने कहा कि जिस चीज ने उन्हें सबसे पहले ‘धूड़’ से जोड़ा, वह निर्देशक आनंद सिंह चौहान की बनाई हुई दुनिया और किरदारों की ईमानदार लेखनी थी। उनके अनुसार कहानी राजस्थान की मिट्टी से जुड़ी है, लेकिन इसमें मौजूद भावनाएं हर दर्शक को अपने करीब महसूस हो सकती हैं। निर्देशक बोले- राजस्थान की मिट्टी से निकली है कहानी फिल्म के लेखक और निर्देशक आनंद सिंह चौहान ने कहा कि ‘धूड़’ उनके दिल के बेहद करीब है, क्योंकि इसकी कहानी राजस्थान की मिट्टी से निकली है। उन्होंने फिल्म के परिवेश को प्रामाणिक रखने पर खास जोर दिया है। उन्होंने कहा कि टीम ने कोशिश की है कि फिल्म का संसार अपने समय, स्थान और संस्कृति के प्रति पूरी तरह वास्तविक महसूस हो। इसके साथ ही फिल्म का नाटक, संघर्ष और भावनाएं हर दर्शक से जुड़ सकें। ‘हेल्लारो’ के संगीतकार ने तैयार किया फिल्म का संगीत फिल्म का संगीत और गीत-संगीत मेहुल सुरती ने तैयार किया है। मेहुल सुरती को गुजराती फिल्म ‘हेल्लारो’ में अपने प्रशंसित संगीत के लिए जाना जाता है। ‘धूड़’ में संगीत को कहानी और राजस्थान के वातावरण के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है। फिल्म का निर्माण समर जैन, नरेंद्र कृष्णिया, मुकेश पारीक, डी. एस. चौहान और अभिषेक चोपड़ा ने किया है। ‘धूड़ (सैंडस्टॉर्म)’ 23 अक्टूबर को राजस्थान के सिनेमाघरों के साथ देश के चुनिंदा सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने 'काला हिरण: द बैटल फॉर लीगल' फिल्म के प्रड्यूसर अमित जानी की याचिका पर बॉलीवुड एक्टर सलमान खान से मंगलवार को जवाब मांगा है। फिल्म निर्माताओं ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सलमान खान की फिल्म की रिलीज रोकने के लिए दायर किए गए अलग-अलग मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। यह फिल्म कथित तौर पर 1998 के काले हिरण शिकार मामले से प्रेरित है। सलमान खान ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। निर्माताओं का तर्क- एक ही मुद्दे पर दो केस नहीं चल सकते न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी की पीठ ने निर्माताओं के आवेदन पर सुनवाई करते हुए सलमान खान को नोटिस जारी किया है। फिल्म निर्माता अमित जानी ने कोर्ट में दलील दी कि इसी विवाद से जुड़ा एक मामला एक्टर की दायर की गई पिछली याचिका के रूप में हाई कोर्ट में पहले से चल रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों मामले एक ही फिल्म, उसके प्रचार सामग्री और एक्टर के व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े हैं, इसलिए एक ही मुद्दे पर दो अलग-अलग मुकदमे चलाना ठीक नहीं है। इस पर कोर्ट ने सलमान से जवाब मांगा है। जानिए क्या है फिल्म से जुड़ा पूरा विवाद? सुप्रीम कोर्ट पहुंचे फिल्म काला हिरण के मेकर्स फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। 1998 से जुड़ा है काला हिरण शिकार का मामला साल 1998 में फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान राजस्थान में काले हिरण के शिकार का मामला दर्ज हुआ था। सलमान के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि इस मामले से जुड़े चार केसों में से तीन में वे बरी हो चुके हैं, जबकि एक केस में मिली सजा पर अभी राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में अपील पेंडिंग है। ऐसे में फिल्म के जरिए किसी समुदाय को भड़काने की कोशिश हो रही है, जिससे निष्पक्ष ट्रायल के अधिकार पर बुरा असर पड़ सकता है।
सिंगर मीका सिंह ने पाकिस्तान और वहां के लोगों को लेकर अपनी राय बताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लोग बुरे नहीं हैं। टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में मीका ने कहा, “पाकिस्तान बुरा नहीं, पाकिस्तान के लोग कहीं से बुरे नहीं। पता नहीं क्यों हमें पाकिस्तान के ही मुसलमान खराब लगते हैं, लेकिन दुबई के मुसलमान बहुत अच्छे लगते हैं। यह मुझे आज तक समझ नहीं आया।” मीका बोले- मैं चुपके से पाकिस्तान नहीं गया था मीका ने 2019 में कराची में एक निजी शादी में परफॉर्म किया था। उनकी पाकिस्तान यात्रा पर भारत में आलोचना हुई थी। इसके बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज ने उन पर बैन लगा दिया था। बाद में यह बैन हटा लिया गया। इस घटना पर मीका ने कहा कि वह चुपके से पाकिस्तान नहीं गए थे। उन्होंने कहा, “जब मैं पाकिस्तान गया था, तब भारत-पाकिस्तान के संबंध अच्छे थे। मेरे पाकिस्तान पहुंचने के बाद उरी हमला हुआ था।” मीका ने कहा, “मैं चोरी-छिपे पाकिस्तान नहीं गया था। मैं वीजा लेकर गया था। उस समय कोई यह नहीं कह रहा था कि मुझे वहां परफॉर्म नहीं करना चाहिए।” उन्होंने कहा, “अगर आप वहां किसी निजी कार्यक्रम में परफॉर्म करते हैं, कुछ पैसे कमाते हैं और उन्हें भारत वापस लाते हैं, तो उस पैसे पर भारत में टैक्स लगता है।” मीका ने पाकिस्तान में भारतीय कलाकारों के परफॉर्म करने पर होने वाली आलोचना पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सिंगर्स के भारत में परफॉर्म करने पर लोगों को परेशानी नहीं होती। मीका ने कहा, “जब वे यहां आकर परफॉर्म करते हैं, तो आपको कोई परेशानी नहीं होती। मुझे पाकिस्तानी सिंगर्स से कोई दिक्कत नहीं है। जब वे यहां आते हैं, तो आईफा में सभी हाथ उठाते हैं।” उन्होंने कहा, “अगर पाकिस्तान में लोग मुझे सम्मान दे रहे हैं, तो हमें इससे खुश होना चाहिए।” मीका ने पाकिस्तान से अपने निजी जुड़ाव की बात बताई मीका ने यह भी बताया कि पाकिस्तान से उनका निजी जुड़ाव क्यों है। उन्होंने वहां मौजूद सिख धार्मिक स्थलों का जिक्र किया। सिंगर ने कहा, “पाकिस्तान से मेरा जुड़ाव क्यों है? इसके पीछे एक भावनात्मक कहानी है। गुरु नानक देव जी का गुरुद्वारा ननकाना साहिब वहां है। पाकिस्तान में तीन बड़े गुरुद्वारे हैं।” उन्होंने कहा, “जब मुझे पहले पाकिस्तान से न्योते मिलते थे, तो मुझे लगता था कि मुझे गुरुद्वारे की ओर से बुलाया जा रहा है।” 2017 में मीका सिंह का एक बयान विवादों में आया था 2019 के पहले 2017 में मीका सिंह का एक बयान विवाद का कारण बना था। दरअसल, अमेरिका के ह्यूस्टन में भारत और पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आयोजित एक म्यूजिकल शो के प्रमोशन वीडियो में मीका ने दोनों देशों के लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि 15 अगस्त को हमारा हिंदुस्तान आजाद हुआ और 14 अगस्त को हमारा पाकिस्तान। उनके इस बयान में पाकिस्तान को हमारा पाकिस्तान कहने पर भारत में सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी आलोचना की थी। विवाद बढ़ने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) भी मामले में शामिल हो गई थी। पार्टी की फिल्म विंग के तत्कालीन प्रमुख अमेय खोपकर ने मीका सिंह के बयान पर आपत्ति जताते हुए उन्हें महाराष्ट्र में आकर कार्यक्रम करने की चुनौती दी थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर मीका ने मुंबई या महाराष्ट्र में परफॉर्म करने की कोशिश की तो MNS इसका विरोध करेगी और कार्यक्रम नहीं होने देगी। ………………. मीका सिंह से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें.... मीका सिंह ने दिलजीत दोसांझ पर उठाए सवाल: बोले- ‘बॉर्डर 2’ को प्रमोट नहीं किया, पाकिस्तानी एक्ट्रेस वाली फिल्म का किया प्रमोशन सिंगर मीका सिंह ने हाल ही में दिलजीत दोसांझ के बॉलीवुड फिल्मों के प्रमोशन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा था कि दिलजीत ने ‘बॉर्डर 2’ को ज्यादा प्रमोट नहीं किया। मीका ने यह भी कहा था कि दिलजीत ने उस फिल्म के बारे में पोस्ट किया था, जिसमें पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर थीं। हालांकि, दिलजीत ने ‘बॉर्डर 2’ का फर्स्ट लुक और कुछ BTS वीडियो शेयर किए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर वायरल उस मेसैज को पूरी तरह फेक बताया है, जिसमें दावा किया गया था कि उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस दावे को खारिज किया। जावेद अख्तर ने सवाल उठाया कि अभिजीत दीपके और CJP की आलोचना के लिए उनके नाम का इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है। उन्होंने X पर लिखा, “मैं जावेद अख्तर, सभी को बताना चाहता हूं कि सोशल मीडिया पर फैला यह झूठा मेसैज कि मैंने CJP की आलोचना की है और अभिजीत दीपके को नीचा दिखाया है। यह पूरी तरह से फेक है। मुझे आश्चर्य है कि दीपके और CJP का विरोध करने वालों को मुझ जैसे व्यक्ति से विश्वसनीयता उधार लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है? ये हालत हो गई है? दुखद है।” बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए फेक मैसेज में जावेद अख्तर ने अभिजीत दीपके और CJP की आलोचना की थी। इसमें दीपके को अरविंद केजरीवाल की कठपुतली बताया गया था। जावेद अख्तर और कंचन गुप्ता में सोशल मीडिया पर भिड़ंत सोमवार को जावेद अख्तर और सूचना प्रसारण मंत्रालय में वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के एक बयान को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर भिड़ गए। दरअसल, मौलाना साजिद रशीदी ने आबादी बढ़ाने को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम परिवारों में पांच से ज्यादा बच्चे होना सामान्य है और छह बच्चों की संख्या उनके लिए लास्ट है। उन्होंने हिंदू परिवारों के कम बच्चे पैदा करने पर भी सवाल उठाए। रशीदी ने कहा था, हमारे यहां तो पांच से ऊपर होते हैं सबके। छह तो बिल्कुल लास्ट आंकड़ा है। कम से कम नहीं तो छह, आठ, दस और ग्यारह-बारह भी होते हैं। उन्होंने हिंदुओं की ओर इशारा करते हुए कहा, कम से कम दस पर तो आओ। कंचन गुप्ता ने जावेद अख्तर पर साधा निशाना कंचन गुप्ता ने रशीदी के बयान की खबर शेयर करते हुए जावेद अख्तर पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि अगर किसी हिंदू ने कहा होता कि मुसलमानों के 11-12 बच्चे होते हैं तो नसीरुद्दीन शाह भड़क जाते, जावेद अख्तर को बहुत बुरा लगता और LeLi गैंग सड़कों पर 'सर तन से जुदा...' के नारे लगाते हुए मार्च निकालता। उन्होंने कहा कि यह बात मौलाना रशीदी ने कही है। कंचन गुप्ता ने आगे लिखा कि उन्होंने जावेद अख्तर को बताया कि उनके सहधर्मी मौलाना साजिद रशीदी किस बात का गर्व से प्रदर्शन करते हैं। उनके मुताबिक, इतना ही उन्हें सांप्रदायिक और कट्टरपंथी करार देने के लिए काफी था। जावेद अख्तर ने कंचन गुप्ता को दिया जवाब जावेद अख्तर ने कंचन गुप्ता के आरोपों पर कहा कि एक कट्टर सांप्रदायिक और संकीर्ण सोच वाले व्यक्ति होने के बावजूद उन्होंने ऐसे मौलाना के बयान पर भरोसा किया, जो उनकी तरह सांप्रदायिक और संकीर्ण सोच वाला लगता है। उन्होंने कहा कि दोनों एक ही तरह के लोग हैं। अख्तर ने सुझाव दिया कि दूसरे समुदाय के अपने हम-ख्याल व्यक्ति पर भरोसा करने के बजाय सरकारी जनगणना के आंकड़ों पर भरोसा किया जाए। उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने की कोशिशों के लिए शायद ये आंकड़े काम के न हों। हिंदू धर्म को लेकर भी हुई बहस कंचन गुप्ता के आरोपों के जवाब में जावेद अख्तर ने लिखा, आप हिंदू धर्म की सफेद चादर पर एक बदसूरत दाग की तरह हैं। उन्होंने विवेकानंद, गांधी और राधाकृष्णन को पढ़ने की बात कही और कहा कि उन्हें मुस्लिम कट्टरपंथियों के साथ नहीं जोड़ा जा सकता। इस पर कंचन गुप्ता ने कहा कि हिंदू धर्म कोई सफेद चादर यानी कफन नहीं है। उन्होंने इसे जीवंत, बहुरंगी और जीवन को ऊर्जा देने वाला धर्म बताया। उन्होंने कहा कि जावेद अख्तर की उपमाएं और मिसालें बहुत कुछ जाहिर करती हैं। इसके बाद जावेद अख्तर ने कहा कि मौलाना उनके धर्म के नहीं हैं, क्योंकि वह किसी भी धर्म को नहीं मानते। उन्होंने कंचन गुप्ता से कहा, मिस्टर कंचन गुप्ता, आपने गलत आदमी से पंगा लिया है। मैं आपको अपने झूठ के साथ बचकर नहीं निकलने दूंगा। आजमाकर देख लीजिए। कंचन गुप्ता ने जवाब में इसे सुविधा के अनुसार किनारा करना बताया। उन्होंने कहा कि इस्लाम को लेकर जावेद अख्तर की सोच की तुलना हिंदू धर्म, जो उनका धर्म है, के प्रति उनके नजरिए से नहीं की जानी चाहिए। इसके बाद जावेद अख्तर ने रिप्लाई देते हुए लिखा, “तुम हिंदू धर्म की सफेद चादर पर लगे एक बदसूरत दाग हो। स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और डॉ. राधाकृष्णन को पढ़ो, तब समझोगे कि तुम जैसे संकीर्ण सोच वाले लोग जिस धर्म को बदनाम कर रहे हो, वह वास्तव में क्या है। अपनी पूरी कोशिश कर लो, लेकिन तुम मुझे मुस्लिम कट्टरपंथियों के साथ जोड़ नहीं सकते। मुंबई पुलिस ने खुद तीन बार कट्टरपंथी मुल्लाओं से मेरी सुरक्षा के लिए मुझे सुरक्षा दी है। मुझे नहीं लगता कि तुम यह बात समझ पाओगे। तुम इतने छोटी सोच वाले हो कि सच कहूं तो मुझे तुम्हारे लिए अफसोस होता है।” .....… यह खबर भी पढ़ें… CJP के आंदोलन में शामिल हुए नसीरुद्दीन शाह: पुलिस परमिशन न मिलने के बाद भी पहुंचे, दीपके को गले लगाया; शबाना आजमी-विशाल ददलानी भी पहुंचे 2 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन हुआ था। नसीरुद्दीन शाह इसमें शामिल हुए थे। अभिनेत्री शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी भी प्रदर्शन में पहुंचे थे। नसीरुद्दीन ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके से मुलाकात की और उन्हें गले लगाया था। विशाल भारद्वाज और शर्लिन चोपड़ा समेत कई सेलेब्स ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अभिनेत्री नोरा फतेही सोमवार को जयपुर पहुंचीं। वे नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘द रॉयल्स’ के दूसरे सीजन की शूटिंग के लिए यहां आई हैं। सीरीज में नोरा एक बार फिर आयशा धोंडी के किरदार में नजर आएंगी। राजस्थान में सीरीज के दूसरे सीजन की शूटिंग शुरू होने की पुष्टि सितंबर में ही हो गई थी और नोरा भी अपने किरदार में वापसी कर चुकी हैं। सोमवार को ही एक्ट्रेस सेलिना जेटली भी एयरपोर्ट पर स्पॉट हुई। दोनों ही एक्ट्रेस ने फैंस के साथ फोटो क्लिक करवाए। नोरा इससे पहले भी जयपुर में सीरीज के दूसरे सीजन के शूटिंग शेड्यूल का हिस्सा रह चुकी हैं। शूटिंग के बीच कुछ समय के लिए वे मुंबई वापस गई थीं, जहां उनके अन्य कार्यक्रम और व्य जयपुर स्तताएं थीं। अब दोबारा जयपुर लौटने के साथ उन्होंने सीरीज के अगले शूटिंग शेड्यूल में हिस्सा लेना शुरू कर दिया है। एयरपोर्ट पर नोरा काफी उत्साहित नजर आईं और उन्होंने प्रशंसकों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। जयपुर की हेरिटेज लोकेशन्स पर शूटिंग ‘द रॉयल्स’ के दूसरे सीजन की कहानी का बड़ा हिस्सा राजस्थान की रॉयल विरासत और खूबसूरत लोकेशन्स के बीच फिल्माया जा रहा है। जयपुर की कई हेरिटेज लोकेशन्स पर शूटिंग चल रही है। इसके साथ ही राजस्थान के मंडावा में भी सीरीज के कुछ हिस्सों की शूटिंग की जा रही है। सीरीज में ईशान खट्टर मुख्य भूमिका में हैं और वे राजघराने के उत्तराधिकारी के किरदार में नजर आ रहे हैं। दूसरे सीजन की शूटिंग राजस्थान में सितंबर से शुरू हुई थी। पहले सीजन में नोरा ने आयशा धोंडी का किरदार निभाया था। अब दूसरे सीजन में उनकी वापसी दर्शकों के लिए खास है। सीरीज के नए सीजन में कलाकारों की कास्टिंग में भी बदलाव हुआ है और नए चेहरे जोड़े गए हैं। ‘दिलबर’ से बनीं देशभर में पहचान नोरा फतेही ने हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान मुख्य रूप से डांस परफॉर्मेंस से बनाई। हालांकि उन्होंने फिल्मों में अभिनय भी किया, लेकिन उनके डांस नंबरों ने उन्हें देशभर में अलग पहचान दिलाई। ‘दिलबर’, ‘कमरिया’, ‘ओ साकी साकी’, ‘गर्मी’ और ‘कुसु कुसु’ जैसे गानों में उनके डांस को काफी लोकप्रियता मिली। इसके बाद नोरा ने फिल्मों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। ‘स्ट्रीट डांसर 3डी’, ‘भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया’, ‘थैंक गॉड’, ‘मडगांव एक्सप्रेस’ और ‘क्रैक’ जैसी फिल्मों में वे नजर आईं। एयरपोर्ट पर सेलिना जेटली ने जीता फैंस का दिल इधर जयपुर एयरपोर्ट पर अभिनेत्री और पूर्व मिस इंडिया सेलिना जेटली भी प्रशंसकों के साथ खास अंदाज में नजर आईं। एयरपोर्ट पर मौजूद फैंस ने जब सेलिना को देखा तो उनके साथ तस्वीर लेने की इच्छा जताई। सेलिना ने भी फैंस को निराश नहीं किया। उन्होंने प्रशंसकों के साथ तस्वीरें क्लिक करवाईं और उन्हें गिफ्ट भी दिए। सेलिना जयपुर में जेईसीसी में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची हैं। एयरपोर्ट पर उनका प्रशंसकों के साथ सहज अंदाज चर्चा में रहा। मिस इंडिया से बॉलीवुड तक पहुंचीं सेलिना सेलिना जेटली ने वर्ष 2001 में फेमिना मिस इंडिया यूनिवर्स का खिताब जीता था। उसी साल उन्होंने मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया और चौथे रनर-अप का स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने मॉडलिंग और विज्ञापन जगत में काम किया और बॉलीवुड का रुख किया। 2003 में फिरोज खान की फिल्म ‘जानशीं’ से सेलिना ने अभिनय की शुरुआत की। इसके बाद वे ‘खेल’, ‘सिलसिले’, ‘नो एंट्री’, ‘जवानी दीवानी’, ‘अपना सपना मनी मनी’, ‘गोलमाल रिटर्न्स’, ‘पेइंग गेस्ट्स’ और ‘थैंक यू’ जैसी फिल्मों में नजर आईं।
Drishyam 3 के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर जारी रहेगा Ajay Devgn का कब्जा, लिस्ट में शामिल ये 7 बड़ी फिल्में
Ajay Devgn Upcoming Movies: अभिनेता अजय देवगन इस वक्त दृश्यम 3 की सफलता को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। इस बीच हम आपको उनकी अपकमिंग 7 मूवीज के बारे में बताने जा रहे हैं।
हनुमान अंश ने दृश्यम 3 की मौजूदगी में वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर अपना आखिरी दांव खेल दिया है। मूवी ने सोमवार को 60वें दिन कुल कितनी कमाई की, नीचे देखें आंकड़ें।
अरबाज खान और शूरा खान की बेटी सिपारा खान का सोमवार को पहला जन्मदिन मनाया गया। मुंबई स्थित घर पर बर्थडे सेलिब्रेशन में खान परिवार के कई सदस्य शामिल हुए। सलीम खान, सलमान खान, सोहेल खान और अन्य लोग अरबाज के घर पहुंचे। सामने आए वीडियो में सलीम खान कार से अरबाज के घर पहुंचते दिखे। उनके साथ उनकी पत्नी सलमा खान भी थीं। बाद में सलीम खान सोहेल खान के साथ घर से बाहर निकले। सोहेल उन्हें कार तक चलने में मदद करते दिखे। हेलेन भी उनके साथ थीं। इस साल की शुरुआत में सलीम खान के ब्रेन हैमरेज के बाद करीब एक महीने अस्पताल में रहने की खबर सामने आई थी। अस्पताल में भर्ती होने के बाद वे मार्च 2026 में ईद के मौके पर पहली बार दिखाई दिए थे। अब कई महीनों बाद वे पब्लिकली दिखाई दिए हैं। सलमान और परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंचे सलमान खान भी जन्मदिन की पार्टी में पहुंचे। उन्होंने काले रंग की फुल-स्लीव टी-शर्ट, नीली डेनिम जींस और काला चश्मा पहना था। अरपिता खान शर्मा अपनी बेटी आयत शर्मा के साथ समारोह में पहुंचीं। अरबाज के बेटे अरहान खान और खान परिवार के कई अन्य सदस्य भी नजर आए। अरबाज और शूरा ने 2023 में की थी शादी अरबाज खान और शूरा खान ने 24 दिसंबर 2023 को निकाह किया था। यह निजी समारोह मुंबई में अरबाज की बहन अरपिता खान शर्मा के घर हुआ था। शादी में परिवार के करीबी सदस्य और दोस्त शामिल हुए थे। शादी के करीब दो साल बाद, 5 अक्टूबर 2025 को दोनों ने अपनी पहली संतान का स्वागत किया। बाद में दोनों ने सोशल मीडिया पर अपनी बेटी का नाम सिपारा खान बताया। बेटी की तस्वीरों में चेहरा रखा निजी सिपारा के जन्म के बाद से अरबाज और शूरा ने उन्हें ज्यादातर समय लाइमलाइट से दूर रखा है। दोनों कभी-कभी सोशल मीडिया पर बेटी की झलक शेयर करते हैं। हालांकि, वे तस्वीरों में सिपारा का चेहरा निजी रखते हैं। नवंबर 2025 में दोनों ने बेटी के हाथों और पैरों की तस्वीरें साझा की थीं। उन्होंने सिपारा को अपने दिल का सबसे बड़ा हिस्सा बताया था। मार्च 2026 में ईद के मौके पर शूरा ने सिपारा की एक और झलक शेयर की थी। तस्वीरों में बेटी सफेद कपड़ों और चांदी की पायल में दिखी थी। अरबाज और मलाइका का बेटा है अरहान सिपारा, अरबाज और शूरा की पहली संतान हैं। उनके जन्म से पहले अरबाज अपने बेटे अरहान खान के पिता थे। अरहान, अरबाज और उनकी पूर्व पत्नी अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा के बेटे हैं। अरबाज और मलाइका की शादी 19 साल चली थी। दोनों 2017 में अलग हो गए थे। इसके बाद उन्होंने तलाक को अंतिम रूप दिया।
न दुकानदार, न CCTV और न ताला… मिजोरम के गांवों में भरोसे से चलती हैं ये अनोखी दुकानें
आज के समय में किसी दुकान की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, ताले और दुकानदार की मौजूदगी आम बात है।
प्रसाद समझकर 3 तोले की सोने की चेन निगल गया बैल, 15 दिन बाद सर्जरी से निकली
महाराष्ट्र के मालेगांव तालुका के वनपत गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग
तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं
सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।
ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी
धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

