राजपाल यादव इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। उनकी जमानत याचिका कोर्ट से खारिज हो गई। दूसरी ओर वह आर्थिक तंगी का भी सामना कर रहे हैं। बॉलीवुड स्टार्स लगातार उनकी मदद कर रहे हैं। इसी बीच अब संभल से चर्चा में आए ASP अनुज चौधरी ने एक्टर की मदद की, जिसके बाद उनकी सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है। फिरोजाबाद में तैनात ASP अनुज चौधरी ने राजपाल ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह कहते हैं, मैं राजपाल यादव जी की कॉमेडी से व्यक्तिगत प्रभावित हूं। मैंने उनकी कई फिल्में देखी हैं। जिसमें मुझे उनसे अच्छा कलाकार कोई नहीं लगा। इस कठिन समय में मैं अपनी तरफ से उनको सहयोग के रूप में 51,000 रुपए अपनी सैलरी अकाउंट से देना चाहता हूं। राशि तो दोस्तों इतनी बड़ी नहीं है पर मैं अपने अनुसार, जो मुझे लगता है कि मैं दे सकता हूं वो मैं देना चाहता हूं क्योंकि वो भी इंसान हैं। उनका एक जो सेंटेंस है, जिसने मुझे बहुत ज्यादा प्रभावित किया, उसमें उन्होंने कहा था कि यदि आपके जीवन का 1 भी सेकंड आप वापस ला सकते हो तो वो लाकर दिखाओ। जीवन का एक भी सेकंड अगर आप व्यर्थ करते हो, उसे व्यर्थ मत गंवाओ नहीं तो वो समय वापस नहीं आएगा। तो वो चीज राजपाल यादव जी की मुझे बहुत प्रभावित करती है और उस बारे में मैं बहुत सोचता हूं। क्योंकि वो व्यक्ति आध्यात्मिक हैं। ठीक है, समय बुरा आ सकता है किसी का भी, लेकिन मुझे लगता है कि वो आदमी धार्मिक है और अच्छे हैं, संस्कार अच्छे हैं और कलाकार भी बहुत अच्छे हैं।' एएसपी अनुज चौधरी के इस कदम के बाद हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है। सबसे पहले सोनू सूद ने की मदद सोनू सूद ने X और इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, राजपाल यादव एक बहुत ही प्रतिभाशाली अभिनेता हैं जिन्होंने हमारी फिल्म इंडस्ट्री को कई यादगार और अविस्मरणीय काम दिए हैं। कभी-कभी जिंदगी अन्यायपूर्ण हो जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी में टैलेंट की कमी है, बल्कि समय कभी-कभी बहुत कठोर हो सकता है। वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे और मेरा मानना है कि यह वह समय है जब हम सभी प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और सहयोगी एक साथ खड़े हों। जो छोटा सा साइनिंग अमाउंट दिया जाएगा, जिसे भविष्य के काम के हिसाब से समायोजित किया जा सकता है, वह कोई दान नहीं है, बल्कि यह उनका सम्मान और गरिमा है। सलमान, अजय और मीका सिंह ने भी की मदद द स्क्रीन से बातचीत में राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने कहा था, बुधवार को सलमान खान, अजय देवगन, वरुण धवन और डेविड धवन जैसे कई सेलेब्स ने उनसे संपर्क कर आर्थिक सहायता दी। रतन नैन, वरुण धवन समेत इस बार बहुत लोग आगे आए हैं। राजपाल ने इसके लिए आभार जताया है। जब गोल्डी से पूछा गया कि क्या राजपाल ने तिहाड़ में सरेंडर से पहले मदद मांगी थी, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहूंगा। हालांकि, उन्होंने कहा, अच्छी बात यह है कि स्थिति बिगड़ने के बाद इंडस्ट्री मजबूती से उनके साथ खड़ी है। सबने कमिटमेंट किए हैं, लेकिन ऐसे लेन-देन तुरंत नहीं होते। सिंगर मीका सिंह ने भी राजपाल यादव को 11 लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, सिर्फ पोस्ट डालने से कुछ नहीं होगा बल्कि आगे आकर एक्टर की मदद करो।
राजपाल यादव इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। उनकी जमानत याचिका कोर्ट से खारिज हो गई। दूसरी ओर वह आर्थिक तंगी का भी सामना कर रहे हैं। बॉलीवुड स्टार्स लगातार उनकी मदद कर रहे हैं। इसी बीच अब संभल से चर्चा में आए ASP अनुज चौधरी ने एक्टर की मदद की, जिसके बाद उनकी सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है। फिरोजाबाद में तैनात ASP अनुज चौधरी ने राजपाल ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह कहते हैं, मैं राजपाल यादव जी की कॉमेडी से व्यक्तिगत प्रभावित हूं। मैंने उनकी कई फिल्में देखी हैं। जिसमें मुझे उनसे अच्छा कलाकार कोई नहीं लगा। इस कठिन समय में मैं अपनी तरफ से उनको सहयोग के रूप में 51,000 रुपए अपनी सैलरी अकाउंट से देना चाहता हूं। राशि तो दोस्तों इतनी बड़ी नहीं है पर मैं अपने अनुसार, जो मुझे लगता है कि मैं दे सकता हूं वो मैं देना चाहता हूं क्योंकि वो भी इंसान हैं। उनका एक जो सेंटेंस है, जिसने मुझे बहुत ज्यादा प्रभावित किया, उसमें उन्होंने कहा था कि यदि आपके जीवन का 1 भी सेकंड आप वापस ला सकते हो तो वो लाकर दिखाओ। जीवन का एक भी सेकंड अगर आप व्यर्थ करते हो, उसे व्यर्थ मत गंवाओ नहीं तो वो समय वापस नहीं आएगा। तो वो चीज राजपाल यादव जी की मुझे बहुत प्रभावित करती है और उस बारे में मैं बहुत सोचता हूं। क्योंकि वो व्यक्ति आध्यात्मिक हैं। ठीक है, समय बुरा आ सकता है किसी का भी, लेकिन मुझे लगता है कि वो आदमी धार्मिक है और अच्छे हैं, संस्कार अच्छे हैं और कलाकार भी बहुत अच्छे हैं।' एएसपी अनुज चौधरी के इस कदम के बाद हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है। सबसे पहले सोनू सूद ने की मदद सोनू सूद ने X और इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, राजपाल यादव एक बहुत ही प्रतिभाशाली अभिनेता हैं जिन्होंने हमारी फिल्म इंडस्ट्री को कई यादगार और अविस्मरणीय काम दिए हैं। कभी-कभी जिंदगी अन्यायपूर्ण हो जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी में टैलेंट की कमी है, बल्कि समय कभी-कभी बहुत कठोर हो सकता है। वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे और मेरा मानना है कि यह वह समय है जब हम सभी प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और सहयोगी एक साथ खड़े हों। जो छोटा सा साइनिंग अमाउंट दिया जाएगा, जिसे भविष्य के काम के हिसाब से समायोजित किया जा सकता है, वह कोई दान नहीं है, बल्कि यह उनका सम्मान और गरिमा है। सलमान, अजय और मीका सिंह ने भी की मदद द स्क्रीन से बातचीत में राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने कहा था, बुधवार को सलमान खान, अजय देवगन, वरुण धवन और डेविड धवन जैसे कई सेलेब्स ने उनसे संपर्क कर आर्थिक सहायता दी। रतन नैन, वरुण धवन समेत इस बार बहुत लोग आगे आए हैं। राजपाल ने इसके लिए आभार जताया है। जब गोल्डी से पूछा गया कि क्या राजपाल ने तिहाड़ में सरेंडर से पहले मदद मांगी थी, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहूंगा। हालांकि, उन्होंने कहा, अच्छी बात यह है कि स्थिति बिगड़ने के बाद इंडस्ट्री मजबूती से उनके साथ खड़ी है। सबने कमिटमेंट किए हैं, लेकिन ऐसे लेन-देन तुरंत नहीं होते। सिंगर मीका सिंह ने भी राजपाल यादव को 11 लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, सिर्फ पोस्ट डालने से कुछ नहीं होगा बल्कि आगे आकर एक्टर की मदद करो।
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से सांसद एवं अभिनेत्री कंगना रनोट गुरुवार को संसद भवन में कुल्लू घाटी की महिला कारीगरों द्वारा तैयार किया गया ‘हिमाचली समकालीन कोट’ पहनकर पहुंचीं। यह परिधान पारंपरिक हस्तकला और आधुनिक डिजाइन का सशक्त संगम है, जिसने राष्ट्रीय मंच पर हिमाचल की समृद्ध वस्त्र परंपरा को नई पहचान दी। कंगना द्वारा संसद जैसे प्रतिष्ठित मंच पर इस कोट को पहनना केवल एक फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि स्थानीय शिल्प कला और महिला कारीगरों के कौशल को सम्मान देने का संदेश भी है। इससे कुल्लू की महिला बुनकर (कारीगर) उत्साहित है और इसे गर्व का क्षण बता रही हैं। इसे कुल्लू की पुष्पा ठाकुर, इंद्रा देवी, मनीषा ठाकुर, वंदना, पूनम सूद और मीना सूद ने लगभग 2 महीने में तैयार किया है। हाथ से तैयार इस कोट की कीमत 45 हजार रुपए बताई जा रही है। देसी गद्दी ऊन से तैयार विशेष परिधान यह कोट स्थानीय देसी गद्दी ऊन से तैयार किया गया है। कुल्लू की महिला बुनकरों ने पारंपरिक तकनीक से ऊन को कातकर और हाथों से बुनकर इसे आकार दिया। परिधान पूरी तरह प्राकृतिक रंगों और हस्तनिर्मित प्रक्रियाओं से बना है, जो इसे पर्यावरण-अनुकूल फैशन का उत्कृष्ट उदाहरण बनाता है। हिमालयी रंगों की झलक कोट में प्रयुक्त रंग हिमालयी परिदृश्य से प्रेरित हैं। नीला रंग पर्वतों पर फैले निर्मल आकाश और अल्पाइन झीलों की शांति का प्रतीक है। हरा रंग चरागाहों और प्राकृतिक समृद्धि को दर्शाता है, जबकि अखरोट रंग बर्फीली चोटियों और पहाड़ी भू-दृश्य की गरिमा को अभिव्यक्त करता है। इस दृष्टि से यह परिधान केवल वस्त्र नहीं, बल्कि हिमाचल की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बनकर उभरता है। दो महीने की मेहनत, राष्ट्रीय मंच पर सम्मान ‘कुल्वी व्हिम्स’ संस्था के संस्थापक नग्गर निवासी भृगु राज आचार्य और निशा सुब्रमण्यम ने बताया कि इस कोट को तैयार करने में लगभग दो महीने का समय लगा। उनके अनुसार संसद में इस परिधान का प्रदर्शन महिला कारीगरों के लिए गर्व और सम्मान का क्षण है। संस्था गद्दी ऊन की पारंपरिक विरासत को पुनर्जीवित करने, स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने और ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उद्देश्य पारंपरिक बुनाई कला को आधुनिक बाजार से जोड़कर हिमाचली हस्तशिल्प को व्यापक पहचान दिलाना है। ‘वोकल फॉर लोकल’ को मजबूती भृगु राज आचार्य का कहना है कि सांसद कंगना रनोट द्वारा स्थानीय हस्तनिर्मित उत्पाद को सार्वजनिक मंच पर प्रोत्साहन देने से हिमाचल के कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संकल्प को भी सशक्त करती है।
राम चरण और उपासना कोनिडेला 31 जनवरी को जुड़वां बच्चों एक बेटे और एक बेटी के माता-पिता बने हैं। हाल ही में कपल ने हैदराबाद स्थित अपने घर पर नामकरण समारोह आयोजित किया और अपने बच्चों के नामों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि बेटे का नाम शिवराम और बेटी का नाम अनवीरा देवी रखा गया है। वैरायटी इंडिया से बातचीत में राम चरण ने नामों के पीछे का अर्थ समझाया। उन्होंने कहा, इनका नामकरण हमारे लिए बेहद पर्सनल और आध्यात्मिक फैसला था। उपासना और मैंने इस पर काफी विचार किया, लेकिन हमारे माता-पिता भी इस यात्रा का अहम हिस्सा रहे। हमारी संस्कृति में बड़ों को ज्ञान और आशीर्वाद का स्रोत माना जाता है, इसलिए इस प्रक्रिया में उनकी मौजूदगी हमारे लिए बहुत मायने रखती थी। उन्होंने आगे बताया, हमारे बेटे का नाम शिवराम दो शाश्वत आदर्शों भगवान शिव और भगवान राम का संगम है, जो संयम के साथ शक्ति और धर्म के साथ भक्ति का प्रतीक है। यह मेरे पिता के जन्म नाम ‘शिव शंकर वर प्रसाद’ को भी आगे बढ़ाता है, इसलिए इसमें वंश परंपरा और कृतज्ञता का भाव भी जुड़ा है। बेटी के नाम के बारे में उन्होंने कहा, अनवीरा देवी असीम साहस और दिव्य नारी शक्ति का प्रतीक है। ‘वीरा’ वीरता को दर्शाता है और ‘अन’ उसे असीमता तक विस्तारित करता है। ‘देवी’ शब्द जानबूझकर जोड़ा गया है, ताकि यह याद दिलाया जा सके कि शक्ति और करुणा साथ-साथ मौजूद हो सकते हैं। हमारे लिए ये नाम सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि शक्ति, प्रेम और साहस की कामना हैं। इसी दौरानउपासना ने दूसरी बार मां बनने के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, जुड़वा बच्चों को संभालना जादुई है। अभी तो सिर्फ एक हफ्ता ही हुआ है, इसलिए मैं अभी कुछ कहना नहीं चाहती। लेकिन अपने तीनों बच्चों को एक साथ देखकर मुझे अलग ही खुशी मिलती है। राम बहुत एक्टिव रहे हैं, खासकर कारा के साथ।
पंजाबी सिंगर जी खान अपने लाइव शो में अक्सर बॉलीवुड व पॉलीवुड अभिनेत्री सोमन बाजवा को लेकर टिप्पणियां करते रहते हैं। वो मंच से कई बार सोनम बाजवा के लिए गीत भी का चुके हैं। ऐसे में जब वो मंच पर आते हैं तो उनके फैंस सोनम-सोनम के नारे लगाना शुरू कर देते हैं। हाल ही में CT यूनिवर्सिटी में हुए एक स्टेज शो के दौरान पंजाबी सिंगर जी खान जब स्टेज पर आए तो फिर से फेंस ने सोनम बाजवा का नाम लेकर चिल्लाना शुरू कर दिया। इस बार जी खान ने सोनम बाजवा की तारीफ नहीं की बल्कि कह दिया कि वो टाइम बीत गया। सिंगर की इस बात से उनके फैंस एक बार तो साइलेंट हो गए लेकिन जब उसने कहा कि अब नई अपेडट दूंगा तो फैंस ने फिर से हूटिंग करनी शुरू कर दी। सिंगर ने आगे कहा कि इस बार तुमको जो नई अपडेट दूंगा वो पक्की मोहर लगाकर दूंगा। नहीं तो नहीं दूंगा। देखते रहो, आप लोग खुश हो जाओगे। आप कहोगे के क्या काला सा बड़ी सुंदर पटा गया। फैंस ने उनसे फिर सोनम बाजवा के लिए गाना गाने की फरमाइश की तो जी खान ने कह दिया कि चलो सोनम बाजवा के लिए गाना गा लेते हैं। उसके बाद जी खान ने सोमन बाजवा के लिए दो गल्लां करिये गीत की ये लाइनें गाई। जी खान के रवैये से फैंस कन्फ्यूजजी खान जिस तरह से सोनम बाजवा के बारे में मंचों से टिप्पणी करते हैं उससे उनके फैंस को लगता है कि उनकी सोनम बाजवा से काफी नजदीकियां हैं। लेकिन जब सीटी यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में सोनम बाजवा को लेकर कहा कि वो टाइम बीत गया। जिससे उनके फेंस कन्फ्यूज हो गए। इससे पहले सिंगर ने एक साल पहले अपने स्टेज शो के दौरान कहा था कि सोनम तो सोनम है। सोनम की तरह कौन हो सकता है। उसके जैसी मेरी एक्स भी नहीं थी। पंजाबी में कहते हैं कि मुझे अच्छी लगती है और जब मैंने कहा तो टिच्चरें करते हो। फैंस ने दी सोनम बाजवा के साथ पेंटिंगकरीब 7 महीने पहले एक स्टेज शो के दौरान एक फैन ने जी खान को उनकी और सोनम बाजवा की पेंटिंग दी। पेंटिंग देकर जी खान खुश हो गए और उन्होंने कहा कि बडी सुंदर फोटो लेकर आया है। फोटो देखने के बाद खुश होकर जी खान ने कहा कि एक गाना सोनम बाजवा के लिए गाऊंगा। उन्होंने मैं किन्ना तैनू करदा हां, प्यार जदों दसांगा, इक्क पासे दिल इक्क पासे जान रखांगा, मैं किन्ना तैनू करदा हां, गीत गाया। एक स्टेज शो के दौरान जी खान ने कहा था कि मैं तो सुनने वाली चीज हूं। देखने वाली चीज तो सोनम बाजवा है। मेरी बात सुनो दस रुपए सोनम बाजवा के नाम पर। *********************ये खबर भी पढ़ें… एक्ट्रेस सोनम बाजवा परफॉर्मेंस से विवादों में फंसी:शॉर्ट कॉस्टयूम और डांस मूव्स पर पंजाबियों को एतराज एक्ट्रेस सोनम बाजवा का गोवा में डांस देखकर पंजाबी भड़क गए हैं। परफॉर्मेंस के दौरान सोनम के शॉर्ट कॉस्ट्यूम पहनने पर सोशल मीडिया पर पंजाबियों ने एतराज जताया है। सोनम का वीडियो सामने आने पर यूजर ने लिखा की छोटे कपड़े पहनकर सोनम पंजाब का जुलूस निकलवा रही है। यह पंजाब का सभ्याचार नहीं है। गुस्साए यूजर ने सोनम को फेल हीरोइन तक कह दिया (पढ़ें पूरी खबर)
दिल्ली के वसंत विहार की एयर इंडिया कॉलोनी में पली-बढ़ीं तृप्ति डिमरी के सपनों की उड़ान घर के सांस्कृतिक माहौल से शुरू हुई। पिता दिनेश डिमरी रामलीला मंच के सक्रिय कलाकार रहे, लेकिन हालातों ने उनके अभिनय के सपने को पेशे में बदलने नहीं दिया। शायद वही अधूरा सपना तृप्ति की आंखों में आकार लेने लगा। दिल्ली पब्लिक स्कूल से पढ़ाई और श्री अरबिंदो कॉलेज से समाजशास्त्र में ग्रेजुएशन की डिग्री के दौरान मॉडलिंग का एक छोटा-सा मौका मिला, जिसने उन्हें मुंबई तक पहुंचा दिया। संतूर के विज्ञापन से शुरुआत हुई, लेकिन आगे का रास्ता आसान नहीं था। रिश्तेदारों ने ताना मारा कि एक्ट्रेस बनने के बाद कोई शादी नहीं करेगा। इंडस्ट्री में उनके लुक और अपीयरेंस को लेकर जज किया गया। ऑडिशन में रिजेक्शन झेले, टिपिकल हीरोइन न दिखने की टिप्पणी की गई। कई बार आत्मविश्वास टूटा, मगर माता-पिता का साथ उनकी ताकत बना रहा। ‘पोस्टर बॉयज’ से डेब्यू के बाद भी संघर्ष खत्म नहीं हुआ। ‘लैला मजनू’ जैसी संवेदनशील फिल्म ने अभिनय की पहचान दी, पर व्यावसायिक असफलता ने फिर शून्य पर ला खड़ा किया। ‘बुलबुल’ और ‘कला’ में कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा की मजबूत अभिनेत्री के रूप में सराहना मिली, लेकिन व्यापक लोकप्रियता दूर थी। 2023 में ‘एनिमल’ ने तस्वीर बदल दी। सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद उनका किरदार चर्चा का केंद्र बना और वे रातोंरात ‘नेशनल क्रश’ कहलाने लगीं। आज बड़े बैनर और बड़े सितारों के साथ काम कर रहीं हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं तृप्ति डिमरी की लाइफ और करियर से जुड़ी कुछ ऐसी ही कुछ और खास बातें.. रामलीला से मिला अभिनय का संस्कार तृप्ति डिमरी का जन्म 23 फरवरी 1994 को दिल्ली में हुआ। उनका परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के गढ़वाल से है, लेकिन पिता दिनेश डिमरी की एयर इंडिया में नौकरी के कारण परिवार दिल्ली में बस गया। वे वसंत विहार स्थित एयर इंडिया कॉलोनी में रहते हैं। तृप्ति के पिता को अभिनय और मंच से खास लगाव था। वे हर साल 10 दिनों तक रामलीला और दशहरा समारोह आयोजित करते थे और करीब 30 साल तक रामलीला कमिटी के सदस्य रहे। बचपन में उन्होंने राम और रावण जैसे किरदार भी निभाए। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में तृप्ति ने बताया था कि घर में कला और संस्कृति का माहौल था, जिसने उनके अंदर अभिनय के प्रति झुकाव पैदा किया। पढ़ाई और मॉडलिंग की शुरुआत तृप्ति डिमरी ने 12वीं तक की पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली के श्री अरबिंदो कॉलेज से समाजशास्त्र में ग्रेजुएशन किया। कॉलेज के दौरान उनके भाई के एक दोस्त ने पार्क में उनका फोटोशूट किया और तस्वीरें एक मॉडलिंग एजेंसी को भेज दीं। एजेंसी ने उन्हें ऑडिशन के लिए बुलाया और वे सिलेक्ट हो गईं। मुंबई का सफर और फिल्मों में एंट्री तृप्ति को पहला मौका संतूर साबुन के विज्ञापन में मिला, जिसकी शूटिंग मुंबई में हुई। इस प्रोजेक्ट के बाद उन्होंने मुंबई में ही रुकने का फैसला किया और फिल्मों के लिए ऑडिशन देने लगीं। इसी दौरान उन्हें श्रीदेवी स्टारर फिल्म ‘मॉम’ में एक छोटा सा किरदार निभाने का अवसर मिला। यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई। रिश्तेदारों ने कहा कि शादी नहीं होगी इस दौरान तृप्ति के रिश्तेदारों को पता चल गया कि वो एक्टिंग के लिए कोशिश कर रही हैं। रिश्तेदारों ने तृप्ति के पेरेंटस को ताना मरने लगे। तृप्ति कहती हैं- ‘कुछ रिश्तेदारों ने मेरे पेरेंट्स से कहा था कि अगर आपकी बेटी फिल्मों में जाएगी, तो उसकी शादी नहीं हो पाएगी। ऐसे कमेंट्स मेरे पेरेंट्स के लिए आसान नहीं थे, लेकिन फिर भी उन्होंने मेरा साथ दिया। 'पोस्टर बॉयज' ने मेरे पेरेंट्स को भरोसा दिलाया 2017 में 'पोस्टर बॉयज' से डेब्यू किया। उस समय मुंबई नई-नई आई थी, तब पता नहीं था कि क्या करना है। मुंबई शहर अजनबी लगता था। इस फिल्म के लिए पहली बार ऑडिशन में रिजेक्ट हो गई थी। फिर मुझे दोबारा ऑडिशन के लिए बुलाया गया और सेलेक्ट हो गई। पहली ही फिल्म में सनी देओल, बॉबी देओल और श्रेयस तलपड़े के साथ काम करने का मौका मिला। उस समय बहुत घबराहट थी, लेकिन उत्साह भी था। इंडस्ट्री में जगह बनाना मुश्किल था, फिर भी गर्व महसूस हुआ। इस फिल्म ने परिवार को भरोसा दिलाया। कैमरे के सामने खड़े होने का आत्मविश्वास मिला। पहले बहुत शर्मीली थी, लेकिन रोज सौ लोगों के सामने परफॉर्म करने से डर दूर हुआ। फैसला लिया कि कभी रुकूंगी नहीं। आउटसाइडर के लिए इंडस्ट्री में जगह बनाना मुश्किल लेकिन एक आउटसाइडर के रूप में अपनी जगह बनाना आसान नहीं था। ऑडिशन का सिलसिला करीब डेढ़ साल तक चला। कभी-कभी एक ही दिन में तीन-चार ऑडिशन देने पड़ते थे। ऑडिशन के बारे में बहुत कम जानकारी दी जाती थी, लेकिन उम्मीद होती थी कि आप किरदार को पूरी तरह जीवंत कर दें। इतने सारे लोगों के सामने सिर्फ एक या दो मौके मिलते थे। लुक और अपीयरेंस को लेकर ताने मिले शुरू में मेरे लुक और अपीयरेंस को लेकर जज किया गया। मुझसे कहा गया कि तुम बहुत सिंपल हो, तुम टिपिकल हीरोइन जैसी नहीं लगतीं, तुम ग्लैमरस नहीं हो। ऐसे कमेंट्स ने कई बार आत्मविश्वास तोड़ा। उस दौर ने मुझे बहुत कुछ सिखाया कि धैर्य, निरंतरता और खुद को हर बार नया बनाए रखने की जरूरत है। काम मिलने के बाद भी चुनौती खत्म नहीं होती। आपको हर बार कुछ नया लाना पड़ता है, ताकि न दर्शक ऊबें और न आप खुद। 'लैला मजनू' की शूटिंग के दौरान रो पड़ी 2018 में रिलीज फिल्म 'लैला मजनू' मेरे लिए बहुत खास थी। क्योंकि यह मेरी पहली लीड भूमिका वाली फिल्म थी। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान एक्टिंग की बारीकियां सीखने को मिली। उस फिल्म ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। हालांकि फिल्म की शूटिंग के दौरान कई चुनौतियां थीं क्योंकि हम कश्मीर की घाटियों में लगातार 20 या 24 घंटे तक शूटिंग करते थे। कई बार उस दौरान मैं रो पड़ी, यह सोचकर कि मैं क्या कर रही हूं, क्योंकि कुछ भी आसान नहीं था। हम स्थानीय लोगों के घरों में जाते और वहीं खाना खाते थे, और मुझे कश्मीर से गहरा लगाव हो गया। जब फिल्म अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई, तो मुझे बहुत निराशा हुई क्योंकि हम फिर से शून्य पर आ गए थे। और फिर हमने दोबारा ऑडिशन देना शुरू किया। ‘बुलबुल’ और ‘कला’ में काम करते वक्त डरी हुई थी 'बुलबुल' में काम करते वक्त मन में शंका थी कि पता नहीं लोगों को मेरा किरदार पसंद आएगा कि नहीं। लेकिन लोगों को फिल्म पसंद आई। फिर 'कला' का ऑफर आया। मुझे डर था कि किरदार एक जैसे न लगें, क्योंकि 'कला' की भी निर्देशक अनविता दत्त थीं। लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोनों अलग किरदार है। दोनों फिल्मों को दर्शकों का प्यार मिला। ‘एनिमल’ से बनी नेशनल क्रश तृप्ति की पॉपुलैरिटी साल 2023 में उस वक्त आसमान छूने लगी, जब वह रणबीर कपूर और रश्मिका मंदाना के साथ फिल्म 'एनिमल' में सपोर्टिंग रोल में नजर आईं। फिल्म में उनका किरदार भले ही स्क्रीन टाइम के लिहाज से सीमित था, लेकिन प्रभाव इतना गहरा था कि दर्शकों ने उन्हें हाथोंहाथ लिया। उनकी सहज मुस्कान, आंखों की मासूमियत और किरदार की भावनात्मक परतों को उन्होंने जिस तरह निभाया, उसने उन्हें रातोंरात चर्चा के केंद्र में ला दिया। रिलीज के बाद उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में जबरदस्त उछाल आया और ब्रांड्स की कतार लग गई। इस फिल्म लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का फिल्मफेयर नॉमिनेशन भी मिला। इस किरदार के बाद उन्हें उनके चाहने वालों ने 'भाभी 2' पुकारना शुरू कर दिया। तृप्ति को देश की नई 'नेशनल क्रश' भी बताया गया। ‘एनिमल’ से बदली किस्मत, बढ़ी मार्केट वैल्यू ‘एनिमल’ से पहले तृप्ति डिमरी को कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों की अभिनेत्री के रूप में देखा जाता था। वह आलोचकों की पसंद थीं, लेकिन बड़े पैमाने पर लोकप्रियता अभी दूर थी। इस फिल्म ने उन्हें कमर्शियल सिनेमा के दर्शकों तक पहुंचा दिया। यही वजह है कि अब उन्हें बड़े बैनर और स्टार-कास्ट वाली फिल्मों के ऑफर मिल रहे हैं। इंडस्ट्री में उनकी मार्केट वैल्यू और पहचान दोनों में बड़ा बदलाव आया है। बड़े बैनर, बड़े स्टार्स और लगातार नई फिल्में ‘एनिमल’ के बाद तृप्ति अनीज बजमी की ‘भूल भुलैया 3’, राजकुमार राव के साथ ‘विक्की विद्या का वो वाला वीडियो’, धर्मा प्रोडक्शन की ‘बैड न्यूज’ और ‘धड़क 2’ में नजर आईं। विशाल भारद्वाज की फिल्म ‘ओ रोमियो’ में वह शाहिद कपूर के अपोजिट हैं। इसके अलावा वह संदीप रेड्डी वांगा की मच-अवेटेड फिल्म ‘स्पिरिट’ में प्रभास के साथ काम कर रही हैं। पॉपुलैरिटी के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी तृप्ति कहती हैं, “मैंने हमेशा अपने काम पर भरोसा रखा। ‘एनिमल’ के बाद जो प्यार मिला, वह मेरे लिए बेहद खास है। यह सिर्फ पॉपुलैरिटी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है कि मैं आगे भी दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरूं। मेरे लिए हर फिल्म एक नई शुरुआत होती है। मैं चाहती हूं कि लोग मुझे मेरे किरदारों से याद रखें, न कि सिर्फ किसी एक टैग से।” उतार-चढ़ाव ही सिखाते हैं जिंदगी के असली सबक तृप्ति मानती हैं कि जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। वह कहती हैं, “सबसे जरूरी है यह समझना कि आप सही कर रहे हैं और खुद का ध्यान रख रहे हैं। अगर जिंदगी में सिर्फ चढ़ाव ही हों, तो सीखने का मौका नहीं मिलता। असली सबक तब मिलते हैं जब आप नीचे के दौर में होते हैं। तभी पता चलता है कि आपमें क्या कमी है। वरना हम खुद से सही सवाल ही नहीं पूछते। वह खामोशी बहुत जरूरी है, जो आपको खुद के करीब लाती है। आज भी मैं गलतियां कर रही हूं, जो कल सीख में बदलेंगी। यही तो जिंदगी है, बिना उतार-चढ़ाव के मजा ही क्या?” _________________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... शाहिद कपूर के पास कपड़े खरीदने के पैसे नहीं थे:बैकग्राउंड डांसर बने, लोगों ने कहा- हीरो मटेरियल नहीं, बॉलीवुड के सबसे सफल सितारों में शामिल बॉलीवुड में सफलता की चमक अक्सर संघर्ष की लंबी छाया को छुपा देती है, लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जो न सिर्फ प्रेरित करती हैं बल्कि यह भी सिखाती हैं कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल मिल ही जाती है। अभिनेता शाहिद कपूर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। एक ऐसा सफर जिसमें बचपन का अकेलापन, करियर की अनिश्चितता और लगातार रिजेक्शन मिले।पूरी खबर पढ़ें..
हाल ही में रिलीज हुई ‘बॉर्डर-2’ फिल्म भले धमाल मचा रही हो, लेकिन 1997 में आई ‘बॉर्डर’ फिल्म का विवाद नहीं थम रहा है, जिसमें लोंगेवाला की लड़ाई को दिखाया गया है। इस युद्ध में शामिल रहे मोहाली के हवलदार मुख्तियार सिंह का दावा है कि मोर्चे पर 120 भारतीय जवानों ने हजारों पाकिस्तानी सैनिकों और टैंकों का डटकर मुकाबला किया और सिर्फ 3 जवान शहीद हुए थे, जबकि फिल्म में लगभग सभी को शहीद दिखा दिया गया। उनका कहना है कि वास्तविक इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे वे आहत हैं। वे इस मामले को लेकर 2 साल से राजस्थान के सीएम, रक्षा मंत्री और पीएम को पत्र लिख चुके हैं। उनका कहना है कि सनी देओल से वे यही चाहते हैं कि अगर कुछ नहीं कर सकते, तो कम से कम उस युद्ध में जिंदा रहे, सैनिकों से मिल लें। हम उस मोर्चे के असली हीरो हैं, लेकिन हमें तो कोई पूछता नहीं है। मैंने रेकी करते जहाज को देखकर दिया था अलर्ट चंडीगढ़ से 26 किलोमीटर दूर मोहाली के कुराली में रहने वाले हवलदार मुख्तियार सिंह इस समय 81 साल के हैं। उन्होंने कहा कि जब भारत-पाकिस्तान की साल 1971 में लड़ाई हुई थी, उस समय मैं 26 साल का था। यह बात 4 और 5 दिसंबर 1971 की है। पाकिस्तान का रेकी वाला जहाज हमारे ऊपर से गया। उस समय कुलदीप सिंह चांदपुरी की अगुआई में अधिकारियों की मीटिंग चल रही थी। तो मैंने साहब को बताया कि यह पाकिस्तान का जहाज है। इस पर चांद-तारा बना हुआ है। इंटेलिजेंस की अपनी रिपोर्ट थी। हमारी आर्मी वाले ऊंटों पर पेट्रोलिंग करते थे। एक रात को नाइट पेट्रोलिंग पर गए। मैं पेशे से सेना में क्लर्क था, मैं भी साथ में गया। लेकिन हम गलती से उनकी पोस्टों के अंदर चले गए थे। हमारे साथ जो कुत्ते थे, वे भाग गए। फिर हम धीरे-धीरे पीछे हटे। चांदपुरी साहब ने सबको इकट्ठा किया था मुख्तियार सिंह ने कहा कि हम उस समय मोर्चे पर कुल 120 जवान थे। 24-25 लोग अधिकारी धर्मवीर के साथ पेट्रोलिंग पर गए हुए थे। जब वे पेट्रोलिंग कर रहे थे, तो उन्हें गड़गड़ाहट की आवाज आई। उन्होंने अच्छी तरह देखा तो चांदपुरी साहिब को मैसेज दिया कि पाकिस्तान साइड से आर्मी के टैंक आ गए हैं। फिर चांदपुरी साहब ने सबको इकट्ठा कर लिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन शुरू होने वाला है, आप लोग अलर्ट हो जाएं। उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं। वे उस दिन कोलकाता गई हुई थीं। 3 तारीख को मेरे पास रेडियो था। अनाउंसमेंट हुआ कि इमरजेंसी लग गई है, आर्मी मोर्चे पर जाए। फिर सभी अलर्ट थे। पाकिस्तान के 45 टैंक क्रॉस कर आए थे। पाकिस्तान के टैंक अपनी आर्मी को कवरिंग फायर दे रहे थे। रात डेढ़ बजे आया था गोला उन्होंने कहा कि रात डेढ़ बजे उनका पहला गोला हमारी साइड गिरा था। चांदनी रात थी, सब कुछ साफ दिखाई दे रहा था। युद्ध में हमारी सिर्फ तीन कैजुअल्टी हुईं। सारे जवान ठीक थे। लेकिन फिल्म में सारे जवान शहीद दिखा दिए। हम चाहते हैं कि इतिहास को सही तरह से दिखाया जाए। पहले तो मैंने फिल्म की कहानी पर ध्यान नहीं दिया। फिर मीडिया वाले मेरे साथ जगदेव सिंह से फिरोजपुर में मिले। जगदेव ने उन्हें मेरा नंबर दिया। उसके बाद दो साल पहले मैंने सेना को इस बारे में पत्र लिखा। फिर हमें 31 मीडियम रेजिमेंट लोंगेवाला ने बुलाया। 2024 में हम वहां गए और जाकर सारी बात बताई। हम तो देश के सिपाही हैं, किसी पार्टी के नहीं मुख्तियार सिंह ने कहा कि इतने साल हो गए, सरकार ने हमें अभी तक पूछा नहीं है। अब तो लोग भी बहुत कम जिंदा बचे हैं। बड़ी मुश्किल से 10-20 लोग जिंदा होंगे। हम तो देश के सिपाही हैं, किसी पार्टी के नहीं हैं। हम देश के लिए हैं और देश के लिए ही जवान लड़ते हैं। सनी देओल को हमें क्या देना है? जब ‘बॉर्डर’ फिल्म रिलीज हुई, तो उससे पहले वे अलग-अलग यूनिट में गए थे। हम तो उस युद्ध में लड़कर आए हैं, उस युद्ध का के स्टार हैं। हालांकि सेना की तरफ से हमें महावीर चक्र, सेना मेडल या कोई अन्य मेडल नहीं दिया गया। यह तो सरकार ही जानती है। हमें तो कोई पूछता नहीं है। हमें कोई लालच नहीं है। सनी देओल हमारे नाम पर पैसे कमा रहे हैं। वे किसी टीवी या पेपर में यह जानकारी दें कि उस समय 23 पंजाब के जो लोग थे, हमारे जवान बहादुरी से लड़े थे।
बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली की ओर से 2019 में दर्ज रेप FIR को रद्द करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह FIR मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 376 सहित अन्य धाराओं में दर्ज की गई थी। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक आदित्य पंचोली की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत पाटिल ने कोर्ट में FIR को खारिज करने की मांग दोहराई। मामले में एक महिला बॉलीवुड अभिनेत्री ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें पंचोली को आरोपी बनाया गया है। सुनवाई के दौरान पब्लिक प्रॉसीक्यूटर ने कोर्ट को बताया कि पुलिस की ओर से 11 नोटिस भेजे जाने के बावजूद शिकायतकर्ता जांच में पेश नहीं हुईं। इसके बाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को शिकायतकर्ता को नया नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई यानी 24 फरवरी 2026 को पेश होने का निर्देश दिया है। 15 साल बाद दर्ज हुई शिकायत: पंचोली 27 जून 2019 को दर्ज इस FIR को लेकर विवाद बना हुआ है। पंचोली की ओर से दावा किया गया है कि कथित घटना के करीब 15 साल बाद शिकायत दर्ज कराई गई, जो दुर्भावनापूर्ण है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के भजनलाल फैसले का हवाला देते हुए FIR रद्द करने की मांग की गई है। वकील प्रशांत पाटिल ने यह भी बताया कि कथित घटना से पहले एक व्यक्ति ने आदित्य पंचोली से मुलाकात की थी, जिसकी रिकॉर्डिंग उनके पास है। यह रिकॉर्डिंग कोर्ट में पेश की गई है, जिसमें शिकायत दर्ज कराने के पीछे गलत मंशा होने की बात कही गई है। इन धाराओं में दर्ज है केस 2019 में दर्ज FIR में आदित्य पंचोली पर IPC की धारा 376 (रेप), 328 (जहर देकर नुकसान पहुंचाना), 384 (जबरन वसूली), 341 (गलत तरीके से रोकना), 342 (गैरकानूनी बंधक बनाना), 323 (मारपीट) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप लगाए गए थे। FIR दर्ज होने के बाद पंचोली ने खुद को झूठा फंसाया गया बताया था। फिलहाल मामला कोर्ट में लंबित है और अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी।
साउथ स्टार धनुष के साथ शादी की अफवाहों के बीच एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में मृणाल ने साफ कहा कि सोशल मीडिया और खबरों में चल रही चर्चाओं से अब उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन पहले इन बातों का असर होता था। मृणाल ने कहा, “यह अंदर की दुनिया है और बाहर की दुनिया का अपना एक अलग परसेप्शन होता है। कभी मुझे पता चलता है कि मेरी शादी होने वाली है, कभी सुनने को मिलता है कि यह होने वाला है, वह होने वाला है। मैं खुद इन बातों से वाकिफ नहीं होती थी। पहले इन सबसे बहुत फर्क पड़ता था, लेकिन अब मैं इन पर हंसती हूं।” उन्होंने आगे कहा कि अगर उन्हें अपनी निजी जिंदगी या किसी खास बात की जानकारी देनी होगी, तो वह खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साझा करेंगी। मृणाल ठाकुर ने कहा- “अफवाहें खबर नहीं होतीं। एक पत्रकार के रूप में यह जिम्मेदारी बनती है कि किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले मुझसे या मेरी टीम से पुष्टि की जाए।” मृणाल ने बताया कि पहले उनकी कोई पीआर टीम नहीं थी, लेकिन बार-बार फैल रही गलतफहमियों और अफवाहों के कारण उन्हें पीआर टीम रखनी पड़ी। फिल्मों को लेकर भी फैलती हैं अफवाहें एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि कई फिल्मों से उनका नाम जोड़ दिया जाता है, जबकि उन्हें उन प्रोजेक्ट्स के लिए संपर्क तक नहीं किया गया होता। बाद में खबरें आती हैं कि मैंने ज्यादा फीस मांग ली, इसलिए फिल्म नहीं की। मृणाल ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा- ‘’ये बातचीत कहां हो रही है? क्यों हो रही है? किसी कलाकार की छवि खराब क्यों की जा रही है? जब कोई तथाकथित प्रामाणिक अफवाह चल रही हो, तो क्या एक बार संबंधित कलाकार से पूछ लेना जरूरी नहीं समझा जाता?” ‘बेबी बंप’ को लेकर भी बनी खबरें मृणाल ने वायरल खबरों और भ्रामक शीर्षकों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर मैं किसी फिल्म में प्रेग्नेंट महिला का किरदार निभा रही हूं और बेबी बंप के साथ बाहर नजर आती हूं, तो क्या इसका मतलब यह है कि मैं सचमुच प्रेग्नेंट हूं? ऐसी खबरें बना दी जाती हैं।” उनका कहना है कि आजकल सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाएं भी खबरों की तरह प्रकाशित हो रही हैं, जो चिंता का विषय है। मुझे मेरे काम से जाना जाए मृणाल ने कहा, “मैं चाहती हूं कि ध्यान मेरे काम पर हो। मैं किसी और का नाम लेकर आगे बढ़ने में विश्वास नहीं करती। यह मैं नहीं हूं।” उन्होंने बातचीत के अंत में यह भी कहा कि फिल्म और किरदारों पर चर्चा होना ज्यादा जरूरी है, क्योंकि सोशल मीडिया पर जो दिखता है, वह हमेशा सच नहीं होता। धनुष संग शादी की अफवाहों के बीच मृणाल का यह बयान साफ करता है कि वह अपनी निजी जिंदगी से ज्यादा अपने काम के जरिए पहचानी जाना चाहती हैं।
फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की शानदार सफलता के बाद आज इसकी ग्रैंड सक्सेस पार्टी आयोजित की गई, जहां पूरी स्टारकास्ट और मेकर्स ने फिल्म की कामयाबी का जश्न मनाया। पार्टी में फिल्म से जुड़े कलाकार, निर्देशक, निर्माता और इंडस्ट्री के कई बड़े नाम शामिल हुए। लीड एक्टर्स ने मीडिया से बातचीत में दर्शकों का आभार जताया और कहा कि यह सफलता देशभक्ति की भावना व दर्शकों के प्यार की जीत है। सनी देओल ने कहा, जनता आपकी फिल्म देखती है, बाकी लोग तो आपके बारे में बहुत कुछ बोलेंगे, क्योंकि उन्हें किसी के बारे में अच्छा बोलना अच्छा नहीं लगता। वहीं प्रोड्यूसर भूषण कुमार ने फिल्म को ऑर्गेनिक हिट बताया। सक्सेस पार्टी में फिल्म के यादगार डायलॉग्स और गानों पर जश्न का माहौल बना रहा। पूरी टीम ने केक काटकर सफलता का सेलिब्रेशन किया और एक-दूसरे को बधाई दी। गौरतलब है कि ‘बॉर्डर 2’ को देशभक्ति से जुड़ी दमदार कहानी और इमोशनल अपील के लिए दर्शकों से सराहना मिल रही है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर फिल्ममेकर और नेटफ्लिक्स को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि समाज के किसी वर्ग को ऐसे नाम से बदनाम नहीं किया जा सकता। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ब्राह्मण समाज की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान बेंच ने कहा कि जब तक फिल्म का बदला हुआ नाम नहीं बताया जाएगा, तब तक इसे रिलीज करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और फिल्म निर्माता नीरज पांडेय को नोटिस जारी किया है। साथ ही नीरज पांडे से पूछा कि वे फिल्म का नाम बदलकर नया नाम क्या रखना चाहते हैं और अदालत को आज ही इसका जवाब दें। कोर्ट ने पांडे को यह भी आदेश दिया है कि वह हलफनामा दाखिल करें, जिसमें स्पष्ट किया जाए कि फिल्म घूसखोर पंडत किसी भी समाजिक वर्ग का अपमान नहीं करती। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी। कब और कैसे शुरू हुआ विवाद? बता दें, 03 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स ने मनोज बाजपेयी की 'घूसखोर पंडत' का एलान भी टीजर रिलीज करके किया गया था। लेकिन जैसे ही इसका टीजर जारी किया गया तो इसके टाइटल को लेकर विवाद शुरू हो गया है। लोग सड़कों पर उतर गए। इसके बाद यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया। टीजर में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडित’ के नाम से जाना जाता है। फिल्म में उन्हें एक बदनाम पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है। टीजर के मुताबिक, दीक्षित 20 साल पहले एसआई के रूप में भर्ती हुए थे और अपने किए गए कारनामों की वजह से उन्हें बार-बार डिमोट किया गया। ब्राह्मण समाज ने फिल्म का विरोध किया अलग-अलगह जगहों पर ब्राह्मण समाज ने नेटफ्लिक्स की 'घूसखोर पंडत' के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा मुंबई के वकील आशुतोष दुबे का आरोप है कि ‘पंडत’ जैसे सम्मानजनक शब्द को भ्रष्टाचार के साथ जोड़ना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे पूरे समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचती है। नोटिस में कहा गया है कि यह फिल्म जानबूझकर एक समुदाय की छवि को खराब करने की कोशिश कर रही है। यह केवल क्रिएटिव फ्रीडम नहीं है बल्कि कला के नाम पर किसी समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है। उनका कहना है कि फिल्म का नाम केवल सनसनी फैलाने के इरादे से रखा गया है, जिसमें सामाजिक संवेदनशीलता की अनदेखी की गई है। इसके साथ ही, वकील ने फिल्म का नाम बदलने की मांग भी की है। फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का टीजर हटाया गया फिल्म का टीजर और उससे जुड़ा सभी प्रमोशनल कंटेंट नेटफ्लिक्स इंडिया के सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब से हटा दिया गया। फिल्म को लेकर नीरज पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और इसमें ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल सिर्फ एक काल्पनिक किरदार के लिए आम बोलचाल के नाम के तौर पर किया गया है। इस कहानी का फोकस एक व्यक्ति के काम और उसके फैसलों पर है। इसका किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है और न ही यह किसी का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने आगे लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर मैं अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेता हूं और ऐसी कहानियां कहना चाहता हूं जो सोच-समझकर और सम्मान के साथ बनाई जाएं। यह फिल्म भी मेरे पिछले कामों की तरह ईमानदार नीयत से और सिर्फ दर्शकों के मनोरंजन के लिए बनाई गई है।
बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने चेक बाउंस मामले में गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेल में सरेंडर किया था। आज उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होगी। राजपाल यादव इन दिनों न सिर्फ सरेंडर करने के बाद तिहाड़ जेल में बंद हैं, बल्कि वह आर्थिक तंगी का सामना भी कर रहे हैं और उनके पास इतनी बड़ी रकम लौटाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं। ऐसे में सलमान खान, सोनू सूद, अजय देवगन और मीका सिंह समेत कई बॉलीवुड सितारे उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। अब राजपाल यादव की पत्नी राधा यादव ने सभी का आभार जताया। न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में राधा ने कहा, सबने उनका साथ दिया है। इंडस्ट्री ने बहुत सपोर्ट किया है। जो भी लोग आगे आकर मदद कर रहे हैं, उन सबको बहुत-बहुत धन्यवाद। सबसे पहले सोनू सूद ने की मदद सोनू सूद ने X और इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, राजपाल यादव एक बहुत ही प्रतिभाशाली अभिनेता हैं जिन्होंने हमारी फिल्म इंडस्ट्री को कई यादगार और अविस्मरणीय काम दिए हैं। कभी-कभी जिंदगी अन्यायपूर्ण हो जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी में टैलेंट की कमी है, बल्कि समय कभी-कभी बहुत कठोर हो सकता है। वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे और मेरा मानना है कि यह वह समय है जब हम सभी प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और सहयोगी एक साथ खड़े हों। जो छोटा सा साइनिंग अमाउंट दिया जाएगा, जिसे भविष्य के काम के हिसाब से समायोजित किया जा सकता है, वह कोई दान नहीं है, बल्कि यह उनका सम्मान और गरिमा है। सलमान, अजय और मीका सिंह ने भी की मदद द स्क्रीन से बातचीत में राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने कहा था, बुधवार को सलमान खान, अजय देवगन, वरुण धवन और डेविड धवन जैसे कई सेलेब्स ने उनसे संपर्क कर आर्थिक सहायता दी। रतन नैन, वरुण धवन समेत इस बार बहुत लोग आगे आए हैं। राजपाल ने इसके लिए आभार जताया है। जब गोल्डी से पूछा गया कि क्या राजपाल ने तिहाड़ में सरेंडर से पहले मदद मांगी थी, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहूंगा। हालांकि, उन्होंने कहा, अच्छी बात यह है कि स्थिति बिगड़ने के बाद इंडस्ट्री मजबूती से उनके साथ खड़ी है। सबने कमिटमेंट किए हैं, लेकिन ऐसे लेन-देन तुरंत नहीं होते। सिंगर मीका सिंह ने भी राजपाल यादव को 11 लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, सिर्फ पोस्ट डालने से कुछ नहीं होगा बल्कि आगे आकर एक्टर की मदद करो। फिल्म फेडरेशन ने प्रोड्यूसर्स से की मदद की अपील FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लॉय्ज) ने बुधवार को सभी प्रोड्यूसर से अपील की थी कि वो जल्द से जल्द राजपाल यादव की मदद करें। फेडरेशन की ओर से जारी प्रेस रिलीज में लिखा गया है, राजपाल यादव सिर्फ ऐसे प्रसिद्ध अभिनेता ही नहीं हैं जिन्होंने अपनी अभिनय प्रतिभा से लाखों लोगों को खुशी और हंसी दी है, बल्कि वे इंडस्ट्री के एक समर्पित सदस्य भी हैं, जिन्होंने दशकों की मेहनत और यादगार भूमिकाओं के जरिए भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। श्री राजपाल यादव इस समय गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, जिनमें बढ़ती देनदारियां और कारावास भी शामिल हैं। यह स्थिति उनके चरित्र या ईमानदारी को नहीं दर्शाती, बल्कि उन हालात का परिणाम है जो नियंत्रण से बाहर हो गए। आगे लिखा, ‘इस निर्णायक घड़ी में FWICE का मानना है कि यह समय है जब फिल्म इंडस्ट्री अपने एक साथी के प्रति एकजुटता, करुणा और सामूहिक जिम्मेदारी का परिचय दे। आर्थिक संकट किसी को भी प्रभावित कर सकता है, चाहे उसका कद या सफलता कुछ भी हो। एक बिरादरी के रूप में हमारी पहचान इस बात से तय होती है कि हम जरूरत के समय अपने सहयोगियों के साथ कैसे खड़े होते हैं।’ गुरमीत चौधरी ने भी की अपील एक्टर गुरमीत चौधरी ने राजपाल यादव का समर्थन कर लिखा, मुझे यह देखकर बहुत दुख होता है कि इतने सीनियर और बेहद प्रतिभाशाली कलाकार राजपाल यादव इस मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने हमें अनगिनत मुस्कानें, हंसी और यादगार पल दिए हैं। आज उन्हें हमारी जरूरत है। क्यों जेल में बंद हैं राजपाल यादव? साल 2010 में राजपाल यादव ने फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। ये फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल यादव को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। राजपाल यादव समय रहते कर्ज की रकम नहीं लौटा सके। लोन लेते समय राजपाल यादव ने जो चेक कंपनी को दिए थे वो बाउंस हो गए, जिसके बाद एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। दोनों पार्टी के बीच समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने उच्च अदालत में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था।
बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के एक्स-हसबैंड और बिजनेसमैन संजय कपूर के निधन के बाद उनकी प्रॉपर्टी को लेकर विवाद जारी है। इसी बीच संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने अपनी सास रानी कपूर पर झूठी गवाही देने का आरोप लगाया है। प्रिया कपूर ने इस संबंध में एक याचिका भी दायर की है। इतना ही नहीं, उन्होंने आरके फैमिली ट्रस्ट के खिलाफ दायर दीवानी मुकदमे को पूरी तरह खारिज करने की मांग की है। याचिका में प्रिया ने कहा कि रानी कपूर ने झूठे बयान देकर और महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अदालत के साथ धोखाधड़ी की है। यह कानूनी प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है। जानिए क्या है पूरा मामला? दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिवंगत संजय कपूर की मां रानी कपूर से उनकी बहू प्रिया कपूर की उस याचिका पर जवाब मांगा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पारिवारिक ट्रस्ट के खिलाफ दायर उनकी सास का मुकदमा झूठे बयानों पर आधारित है। जस्टिस मिनी पुष्करणा ने प्रिया कपूर की याचिका पर रानी कपूर को नोटिस जारी किया है। इस याचिका में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत झूठी गवाही के आरोप में उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है। अदालत ने रानी कपूर को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दायर आवेदन में आरोप लगाया गया है कि हलफनामों और तस्वीरों जैसे ‘पुख्ता सबूत’ मौजूद हैं, जो यह दर्शाते हैं कि रानी कपूर ने शपथपत्र में जानबूझकर झूठा बयान दिया। आवेदन में कहा गया है कि उन्होंने यह दावा किया था कि उन्होंने ‘आरके फैमिली ट्रस्ट डीड’ पर हस्ताक्षर नहीं किए थे या उसमें लिखी बातों को नहीं पढ़ा था। अपनी याचिका में रानी कपूर (80) ने कहा है कि अक्टूबर 2017 में उनके नाम पर गठित ट्रस्ट के लिए जाली, धोखाधड़ी वाले दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने प्रतिवादियों अपनी बहू प्रिया कपूर और पोते-पोतियों समेत अन्य लोगों को किसी भी तरह से आरके फैमिली ट्रस्ट का इस्तेमाल करने या उसके सपोर्ट में कार्य करने से स्थायी रूप से रोकने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया है। रानी कपूर की याचिका में कहा गया है कि वह अपने दिवंगत पति सुरिंदर कपूर की संपूर्ण संपत्ति की एकमात्र लाभार्थी थीं और जब संपत्ति 'आरके फैमिली ट्रस्ट’ को हस्तांतरित की गई थी तब उनके साथ सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की गई थी। सुरिंदर कपूर ‘सोना ग्रुप ऑफ कंपनीज’ समेत विभिन्न व्यवसायों के ओरिजनेटर थे। याचिका में दावा किया गया है कि संजय ने अपनी मृत्यु तक रानी कपूर को कभी यह कन्फर्म नहीं की कि वास्तव में उन्हें उनके सभी अधिकारों, संपत्तियों और विरासत से वंचित कर दिया गया था और न ही उन्हें कथित ‘आरके फैमिली ट्रस्ट’ की एक प्रति प्रदान की।
राजपाल यादव इस समय मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। 9 करोड़ रुपए के चेक बाउंस मामले में सरेंडर करने के बाद वह तिहाड़ जेल में बंद हैं। इन दिनों वह आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं और उनके पास इतनी बड़ी रकम लौटाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं। ऐसे में कई बॉलीवुड सितारे उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। इस लिस्ट में अब मीका सिंह का नाम भी शामिल हो गया है। मीका सिंह ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने कहा, इस वक्त सुपरस्टार राजपाल यादव बहुत ही कठिन समय से गुजर रहे हैं। हम सभी को उनके हालात पता हैं। इस वक्त उनको पैसों को बहुत जरूरत है। मैं रिक्वेस्ट करूंगा कि जिन-जिन एक्टर्स ने, प्रड्यूसर्स-डायरेक्टर्स ने, सुपरस्टार्स ने उनके साथ काम किया है, ये सही वक्त है कि वो उन्हें सपोर्ट करें। मैं नहीं कहता कि आपलोग 5 करोड़ दे दो। अगर हम 20 लोग भी 50-50 लाख अनाउंस करते हैं, 25 लाख अनाउंस करते हैं, 11 लाख अनाउंस करते हैं तो राजपाल यादव भाई की हेल्प हम कर सकते हैं। तो सिर्फ आप पोस्ट मत करो, दिखावा मत करो लेकिन मैं खुश हूं कि मेरे एक पोस्ट के बाद सभी ने शुरुआत कर दी है। लेकिन मैं वाकई में उनकी मदद करना चाहता हूं और आप सभी से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि हमारी जो इंडस्ट्री है एक-दूसरे के लिए हमेशा बनी है, अफोर्ड करो।' सलमान, सोनू और अजय देवगन ने भी किया सपोर्ट बता दें, राजपाल यादव की मौजूदा स्थिति को देखकर उन्हें सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन जैसे एक्टर्स ने सपोर्ट किया है। राजपाल यादव के मैनेजर गोल्डी ने SCREEN से हुई बातचीत में ने बताया कि कई बड़ी हस्तियां मदद के लिए आगे आई हैं। उन्होंने कहा, सोनू सूद, सलमान खान और अजय देवगन जैसे एक्टर्स ने अपना सपोर्ट दिया है। मेरी डेविड धवन से बात हुई तो उन्होंने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। रतन नैन, वरुण धवन के अलावा कई लोग इस बार उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं, जिसकी राजपाल ने दिल से सराहना की है।
जया बच्चन और राजेश खन्ना के बीच झगड़ा हुआ था:अमिताभ बच्चन को लेकर बहस हुई, फिल्म की शूटिंग रुक गई थी
फिल्म ‘बावर्ची’ की शूटिंग के दौरान राजेश खन्ना और जया बच्चन के बीच अमिताभ बच्चन को लेकर झगड़ा हो गया था, जिसके चलते कुछ समय के लिए फिल्म की शूटिंग भी रुक गई थी। दरअसल, एक्टर राजू श्रेष्ठ, जिन्हें मास्टर राजू के नाम से जाना जाता है, ने हाल ही में फिल्म ‘बावर्ची’ से जुड़ा किस्सा शेयर किया। इस फिल्म में उन्होंने बाल कलाकार के रूप में काम किया था और उनके साथ राजेश खन्ना भी थे। सिद्धार्थ कन्नन से बातचीत में राजू ने कहा कि यह घटना बहुत पुरानी है, इसलिए उन्हें पूरी बात साफ-साफ याद नहीं, लेकिन इतना याद है कि बहस के कारण शूटिंग रोकनी पड़ी थी। उनके अनुसार, झगड़ा अमिताभ बच्चन को लेकर हुआ था। जया जी, अमिताभ जी की अच्छी दोस्त थीं और उस समय अमिताभ, ऋषिकेश मुखर्जी के भी करीब थे तथा उनके साथ फिल्म कर रहे थे। राजेश खन्ना को इस बात से परेशानी थी। राजू ने कहा कि राजेश खन्ना ने सेट पर जया जी से अमित जी के खिलाफ कुछ कहा था, जिसकी वजह से जया जी अपसेट हो गई थीं। उन्होंने कहा था, “तुम कहां इससे दोस्ती कर रही हो? इसका क्या होने वाला है? मैं राजेश खन्ना हूं।” कुछ तो हुआ, और कुछ समय के लिए शूटिंग रुक गई थी। कुछ बातचीत हुई, और जया जी मेकअप रूम में चली गई थीं। बता दें कि 1973 में अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘जंजीर’ रिलीज हुई। इसके बाद ‘शोले’, ‘दीवार’ और ‘नमक हराम’ जैसी फिल्मों ने अमिताभ को उस समय का सबसे बड़ा सुपरस्टार बना दिया और धीरे-धीरे स्टारडम का रुख राजेश खन्ना से अमिताभ बच्चन की ओर मुड़ गया। राजू ने यह भी बताया कि अक्षय कुमार एक बार राजेश खन्ना के घर पहुंचे थे। उस समय राजेश खन्ना घर में ऊपर अपने कमरे में मौजूद थे। राजू के अनुसार, जब किसी ने उन्हें बताया कि अक्षय कुमार उनसे मिलने आए हैं, तो राजेश खन्ना ने कथित तौर पर कहा, “मैं उसका ससुर हूं, वो मेरा ससुर नहीं है। वो मेरे पास आएगा। मैं क्यों जांऊ?”
मुंबई पुलिस ने फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानून महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) लगाया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने अब तक इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह फायरिंग जुहू में स्थित रोहित शेट्टी की बिल्डिंग पर हुई थी। समाचार एजेंसी PTI को एक अधिकारी ने बताया, “कुछ आरोपी पहले से ही गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं। इसलिए इस केस में MCOCA की धाराएं लगाई गई हैं।” क्या है MCOCA?बता दें कि महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA), 1999 संगठित अपराध और अपराध सिंडिकेट पर कड़ी कार्रवाई के लिए बनाया गया कानून है। धारा 3 के तहत संगठित अपराध, साजिश, मदद या सिंडिकेट की सदस्यता पर सख्त सजा का प्रावधान है, जिसमें आजीवन कारावास तक शामिल हो सकता है। धारा 4 बेनामी या अपराध से अर्जित संपत्ति पर दंड और कुर्की की अनुमति देती है। धारा 9 विशेष अदालतों को सुनवाई का अधिकार देती है। धारा 18 पुलिस के सामने दिए बयान को सबूत मानती है। धारा 19 गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। धारा 23 में MCOCA लगाने से पहले वरिष्ठ अधिकारी की मंजूरी जरूरी है। जमानत कठिन और चार्जशीट के लिए 180 दिन तक समय मिल सकता है। रोहित शेट्टी की बिल्डिंग पर फायरिंग हुई थी बता दें कि 31 जनवरी की देर रात करीब 12:45 बजे जुहू इलाके में रोहित शेट्टी की नौ मंजिला बिल्डिंग की पहली मंजिल पर कम से कम पांच राउंड फायरिंग की गई थी। एक गोली बिल्डिंग के अंदर मौजूद जिम के कांच पर लगी। पुलिस ने अब तक मामले में आदित्य गायकी (19), सिद्धार्थ येनपुरे (20), समर्थ पोमाजी (18), स्वप्निल सकत (23) और असराम फसाले को गिरफ्तार किया है। इस मामले में लॉरेंस गैंग का सदस्य शुभम लोंकर वांटेड है। उसने कथित तौर पर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। कथित तौर पर शुभम लोंकर आरजू बिश्नोई नाम के अकाउंट की फेसबुक पोस्ट में लिखा गया था, सभी भाइयों को आज जो ये मुंबई में (शेट्टी टावर) फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग हुई है, उसकी जिम्मेदारी शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरि बॉक्सर, हरमन संधू हम लेते हैं। हमने इसको बहुत बार मैसेज लगाया कि हमारे काम में दखल ना दे, लेकिन इसको समझ में नहीं आया। इसको ये छोटा सा ट्रेलर दिया है। अगर इसने आगे फिर हमारी बात नहीं समझी और हमारी बात नहीं मानी, तो अब घर के बाहर नहीं, अंदर इसके बेडरूम में गोली चलेगी, इसकी छाती पर। इसी पोस्ट में आगे लिखा था, और आगे बॉलीवुड को चेतावनी है कि टाइम रहते सुधर जाओ, नहीं तो बहुत बुरा हाल होगा। तुम्हारा बाबा सिद्दीकी से भी बुरा हाल करेंगे। हमने जिन-जिन लोगों को फोन कर रखा है, या तो टाइम रहते लाइन पर आ जाओ, वरना छिपने के लिए जगह कम पड़ जाएगी। और जितने भी हमारे दुश्मन हैं, तैयार रहो, जल्दी ही मुलाकात होगी तुमसे। नोट- एक ही था, एक ही है और एक ही रहेगा लॉरेंस बिश्नोई गैंग। कौन है शुभम लोंकर और आरजू बिश्नोई?शुभम लोंकर लॉरेंस गैंग का एक प्रमुख की ऑपरेटिव माना जाता है। शुभम एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या (अक्टूबर 2024) का मुख्य संदिग्ध और साजिशकर्ता है। उसने फेसबुक पर उस हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी। वहीं, आरजू बिश्नोई को गैंग का एक सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है, जो सोशल मीडिया और धमकियों के जरिए गैंग की गतिविधियों को संचालित करने में मदद करता है।
मुंबई पुलिस ने फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानून महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) लगाया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने अब तक इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह फायरिंग जुहू में स्थित रोहित शेट्टी की बिल्डिंग पर हुई थी। एक अधिकारी ने बताया, “कुछ आरोपी पहले से ही गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं। इसलिए इस केस में MCOCA की धाराएं लगाई गई हैं।” क्या है MCOCA?बता दें कि महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA), 1999 संगठित अपराध और अपराध सिंडिकेट पर कड़ी कार्रवाई के लिए बनाया गया कानून है। धारा 3 के तहत संगठित अपराध, साजिश, मदद या सिंडिकेट की सदस्यता पर सख्त सजा का प्रावधान है, जिसमें आजीवन कारावास तक शामिल हो सकता है। धारा 4 बेनामी या अपराध से अर्जित संपत्ति पर दंड और कुर्की की अनुमति देती है। धारा 9 विशेष अदालतों को सुनवाई का अधिकार देती है। धारा 18 पुलिस के सामने दिए बयान को सबूत मानती है। धारा 19 गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। धारा 23 में MCOCA लगाने से पहले वरिष्ठ अधिकारी की मंजूरी जरूरी है। जमानत कठिन और चार्जशीट के लिए 180 दिन तक समय मिल सकता है। रोहित शेट्टी की बिल्डिंग पर फायरिंग हुई थी बता दें कि 31 जनवरी की देर रात करीब 12:45 बजे जुहू इलाके में रोहित शेट्टी की नौ मंजिला बिल्डिंग की पहली मंजिल पर कम से कम पांच राउंड फायरिंग की गई थी। एक गोली बिल्डिंग के अंदर मौजूद जिम के कांच पर लगी। पुलिस ने अब तक मामले में आदित्य गायकी (19), सिद्धार्थ येनपुरे (20), समर्थ पोमाजी (18), स्वप्निल सकत (23) और असराम फसाले को गिरफ्तार किया है। इस मामले में लॉरेंस गैंग का सदस्य शुभम लोंकर वांटेड है। उसने कथित तौर पर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। कथित तौर पर शुभम लोंकर आरजू बिश्नोई नाम के अकाउंट की फेसबुक पोस्ट में लिखा गया था, सभी भाइयों को आज जो ये मुंबई में (शेट्टी टावर) फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग हुई है, उसकी जिम्मेदारी शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरि बॉक्सर, हरमन संधू हम लेते हैं। हमने इसको बहुत बार मैसेज लगाया कि हमारे काम में दखल ना दे, लेकिन इसको समझ में नहीं आया। इसको ये छोटा सा ट्रेलर दिया है। अगर इसने आगे फिर हमारी बात नहीं समझी और हमारी बात नहीं मानी, तो अब घर के बाहर नहीं, अंदर इसके बेडरूम में गोली चलेगी, इसकी छाती पर। इसी पोस्ट में आगे लिखा था, और आगे बॉलीवुड को चेतावनी है कि टाइम रहते सुधर जाओ, नहीं तो बहुत बुरा हाल होगा। तुम्हारा बाबा सिद्दीकी से भी बुरा हाल करेंगे। हमने जिन-जिन लोगों को फोन कर रखा है, या तो टाइम रहते लाइन पर आ जाओ, वरना छिपने के लिए जगह कम पड़ जाएगी। और जितने भी हमारे दुश्मन हैं, तैयार रहो, जल्दी ही मुलाकात होगी तुमसे। नोट- एक ही था, एक ही है और एक ही रहेगा लॉरेंस बिश्नोई गैंग। कौन है शुभम लोंकर और आरजू बिश्नोई?शुभम लोंकर लॉरेंस गैंग का एक प्रमुख की ऑपरेटिव माना जाता है। शुभम एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या (अक्टूबर 2024) का मुख्य संदिग्ध और साजिशकर्ता है। उसने फेसबुक पर उस हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी। वहीं, आरजू बिश्नोई को गैंग का एक सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है, जो सोशल मीडिया और धमकियों के जरिए गैंग की गतिविधियों को संचालित करने में मदद करता है।
फिल्म धुरंधर की सिंगर जैस्मिन सैंडलस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने कॉन्सर्ट के बीच में गाना रोक देती हैं, क्योंकि उन्हें दिखता है कि कुछ पुरुष महिलाओं के एक ग्रुप को परेशान कर रहे हैं। यह क्लिप 7 फरवरी को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुए जैस्मिन सैंडलस के हालिया कॉन्सर्ट की है। वीडियो में जैस्मिन पहले गाना शुरू करती हैं, फिर अचानक कहती हैं, “सिक्योरिटी, प्लीज इन दो लड़कों को बाहर निकालिए। ये लड़कियां को परेशान कर रहे हैं।” इसके बाद उन्होंने पंजाबी में भीड़ से कहा, “मैं तब तक परफॉर्म नहीं करूंगी, जब तक लड़कियां मेरे कॉन्सर्ट में सेफ महसूस नहीं करतीं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं ऐसे ही स्टेज पर घूमती रहूंगी, जब तक समस्या हल नहीं हो जाती।” इस पर दर्शकों ने जोरदार तालियों और चीयर के साथ उनको सपोर्ट किया। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने पर जैस्मिन की तारीफ की। इंस्टाग्राम पर एक यूजर ने लिखा - “जबरदस्त… सच्ची शेरनी, महिला सशक्तिकरण।” दूसरे ने कहा - “आपके लिए बहुत इज्जत है।” एक अन्य यूजर ने लिखा - “जैस्मिन सैंडलस, बहुत सही।” वहीं, एक यूजर ने यह भी कहा - “भाई, वो सच में क्वीन है।” बता दें कि जैस्मिन ने हाल ही में आदित्य धर की फिल्म धुरंधर में दो गानों को अपनी आवाज दी है। जैस्मिन ने फिल्म धुरंधर में दो प्रमुख एक फिल्म का टाइटल ट्रैक (हनुमानकाइंड के साथ) और दूसरा ट्रैक 'शरारत' गाने गाए हैं। इस कॉन्सर्ट में आयशा खान भी उनके साथ थीं। आयशा खान ने स्टेज पर कहा, “स्टेज पर आकर मैं सारे स्टेप्स भूल गई, लेकिन यहां आकर बहुत खुशी हो रही है। मैं हमेशा जैस्मिन से कहती हूं, वह भगवान की खास संतान हैं।”
फिल्म मर्दानी 3 ने बॉक्स ऑफिस पर दूसरे मंगलवार 1.60 करोड़ रुपए नेट कमाते हुए भारत में कुल 40 करोड़ रुपए नेट का आंकड़ा पार कर लिया है। यशराज फिल्म्स की इस फिल्म में रानी मुखर्जी मुख्य भूमिका में हैं। बता दें कि फिल्म ने रिलीज के दूसरे हफ्ते में भी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। दूसरे शुक्रवार को 2.15 करोड़, शनिवार को 3.85 करोड़ और रविवार को 4.55 करोड़ रुपए की कमाई की हुई है। दूसरे सोमवार को 1.30 करोड़ और मंगलवार को 1.60 करोड़ रुपए नेट कलेक्शन हुआ। पहले हफ्ते में फिल्म ने शुक्रवार 4.00 करोड़, शनिवार 6.00 करोड़ और रविवार 7.25 करोड़ की कमाई की थी। इसके बाद सोमवार 2.40 करोड़, मंगलवार 2.70 करोड़, बुधवार 2.20 करोड़ और गुरुवार 2 करोड़ रुपए का कलेक्शन रहा। कुल मिलाकर 12 दिनों में फिल्म 40 करोड़ रुपए नेट तक पहुंच गई। ओपनिंग डे पर फिल्म ने 4 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। यह मर्दानी फ्रेंचाइजी और रानी मुखर्जी की सोलो फिल्मों में सबसे बड़ी ओपनिंग मानी जा रही है। मर्दानी 3 की रिलीज के साथ रानी मुखर्जी ने हिंदी सिनेमा में अपने 30 साल भी पूरे किए हैं। मर्दानी का पहला पार्ट 2014 में रिलीज हुआ था फिल्म का निर्देशन अभिराज मीनावाला ने किया है और निर्माण आदित्य चोपड़ा ने किया है। मर्दानी का पहला पार्ट 22 अगस्त 2014 को रिलीज हुआ था, जिसका निर्देशन प्रदीप सरकार ने किया था। फिल्म ने भारत में करीब 35 से 36 करोड़ रुपए की नेट कमाई की, जबकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन लगभग 59.55 करोड़ रुपए रहा। बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म हिट साबित हुई। इसके बाद मर्दानी 2, 13 दिसंबर 2019 को रिलीज हुई। इस फिल्म का निर्देशन गोपी पुथरन ने किया था। मर्दानी 2 ने भारत में लगभग 47.51 करोड़ रुपए की नेट कमाई की और दुनियाभर में करीब 67.12 करोड़ रुपए का कारोबार किया। यह फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर हिट रही।
अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम 3' की कास्ट में प्रकाश राज शामिल हो गए हैं। एक्टर ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर यह जानकारी शेयर की। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले फिल्म से अक्षय खन्ना के बाहर होने की खबर के चलते यह चर्चा में थी। बता दें कि प्रकाश राज ने साफ किया कि वह किसी को रिप्लेस नहीं कर रहे हैं। प्रकाश राज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया कि उन्होंने फिल्म के हिंदी वर्जन की शूटिंग शुरू कर दी है। उन्होंने इसे एक एंगेजिंग फ्रेंचाइजी बताया और एक शानदार टीम व दमदार किरदार के साथ जुड़ने की बात कही। उन्होंने यह भी साफ लिखा, हां, मैं किसी को रिप्लेस नहीं कर रहा हूं। यह अपडेट अक्षय खन्ना के फ्रेंचाइजी से बाहर होने की खबरों के बीच आया है। हाल ही में खबर आई थी कि 'दृश्यम 2' में उनकी शानदार परफॉर्मेंस के बावजूद खन्ना ने यह प्रोजेक्ट छोड़ दिया। खबर है कि तीसरे पार्ट में प्रकाश राज के लिए खास तौर पर एक नया किरदार लिखा गया है। फिल्म को अभिषेक पाठक डायरेक्ट कर रहे हैं, जिन्होंने इसका दूसरा पार्ट भी डायरेक्ट किया था। अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर का रोल निभाएंगे। कास्ट में तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव शामिल हैं। स्क्रीनप्ले अभिषेक पाठक, अमिल कियान खान और परवेज शेख ने लिखा है। फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को थिएटर में रिलीज़ होगी। गौरतलब है कि इस तारीख को फैंस अक्सर दृश्यम डे के तौर पर याद करते हैं। मलयालम वर्जन 'दृश्यम 3', जिसमें मोहनलाल लीड रोल में हैं और जिसका निर्देशन जीतू जोसेफ ने किया है, 2 अप्रैल को रिलीज होने की उम्मीद है।
मुंबई की एक अदालत ने करण जौहर की याचिका पर उनके पक्ष में फैसला सुनाया है। पॉपुलर इन्फ्लूएंसर और यूट्यबर कैरी मिनाटी उर्फ अजय नागर ने कुछ समय पहले ही फिल्ममेकर करण जौहर को रोस्ट करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया था, जिस पर फिल्ममेकर ने आपत्ति जताते हुए उसके खिलाफ याचिका दायर की थी। 9 फरवरी को हुई सुनवाई ने कोर्ट ने वो वीडियो डिलीट करने और साथ ही इस तरह की वीडियोज पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया है। करण जौहर की याचिका पर 9 फरवरी को मुंबई की एक अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान जज पांडुरंगा भोसले ने करण जौहर पर बने रोस्ट वीडियो को मानहानिकारक माना और इसे हस्तक्षेप योग्य पाया। सुनवाई के दौरान जज ने कहा, “प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि अजेय नागर और दीपक चार (कैरी मिनाटी चैनल के मैनेजर) ने वादी (करण जौहर) के खिलाफ मानहानिकारक बयान दिए हैं और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया है। इन वीडियो को तुरंत हटाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन्हें फैलाने या दोबारा साझा करने वालों के खिलाफ भी रोक लगनी चाहिए। क्या है पूरा मामला कैरी मिनाटी एक पॉपुलर यूट्यूबर हैं, जिनके यूट्यूबर चैनल में 45.3 मिलियन सब्सक्राइबर हैं। वो अपने चैनल पर सेलेब्स और पॉपुलर पर्सनालिटी का मजाक उड़ाते या उनके स्पूफ वीडियो पोस्ट करते हैं। हाल ही में उन्होंने करण जौहर को मॉक करते हुए उनके पॉपुलर चैट शो कॉफी विद करण का स्पूफ वीडियो बनाया, जिसका टाइटल था कॉफी विद जलन। करण जौहर की तरह तैयार हुए कैरी मिनाटी ने वीडियो में बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए आपत्तिजनक कमेंट्स किए। इसमें करण के अलावा रेसलर खली, रणवीर सिंह और सलमान खान की भी नकल कर आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल की गई। वीडियो जारी होने के बाद करण जौहर ने इस पर आपत्ति जताते हुए मुंबई की एक कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट के आदेश के बाद कैरी मिनाटी ने तो अपने चैनल ने वो वीडियो डिलीट कर दिया है, हालांकि अन्य चैनल्स पर अब भी वो वीडियो मौजूद है। जबकि आदेश में साफ कहा गया है कि वीडियो सर्कुलेट करने पर भी कार्रवाई हो सकती है।
9 करोड़ रुपए के चेक बाउंस केस में सरेंडर के बाद से एक्टर राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद हैं। एक्टर इन दिनों आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं और उनके पास लौटाने के लिए इतनी बड़ी रकम नहीं है। खबर सामने आने के बाद एक्टर सोनू सूद ने राजपाल यादव को फिल्म में साइन कर एक बड़ा साइनिंग अमाउंट दिया और साथ दूसरे प्रोड्यूसर से मदद के लिए आगे आने की अपील की थी। इसके बाद से ही राजपाल यादव को देशभर से आर्थिक मदद मिल रही है। फिल्म फेडरेशन ने प्रोड्यूसर्स से की मदद की अपील बुधवार को FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लॉय्ज) ने सभी प्रोड्यूसर से अपील की है कि वो जल्द से जल्द राजपाल यादव की मदद करें। फेडरेशन की ओर से जारी प्रेस रिलीज में लिखा गया है, राजपाल यादव सिर्फ ऐसे प्रसिद्ध अभिनेता ही नहीं हैं जिन्होंने अपनी अभिनय प्रतिभा से लाखों लोगों को खुशी और हंसी दी है, बल्कि वे इंडस्ट्री के एक समर्पित सदस्य भी हैं, जिन्होंने दशकों की मेहनत और यादगार भूमिकाओं के जरिए भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान दिया है। श्री राजपाल यादव इस समय गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, जिनमें बढ़ती देनदारियां और कारावास भी शामिल हैं। यह स्थिति उनके चरित्र या ईमानदारी को नहीं दर्शाती, बल्कि उन हालात का परिणाम है जो नियंत्रण से बाहर हो गए। आगे लिखा गया है, ‘इस निर्णायक घड़ी में FWICE का मानना है कि यह समय है जब फिल्म इंडस्ट्री अपने एक साथी के प्रति एकजुटता, करुणा और सामूहिक जिम्मेदारी का परिचय दे। आर्थिक संकट किसी को भी प्रभावित कर सकता है, चाहे उसका कद या सफलता कुछ भी हो। एक बिरादरी के रूप में हमारी पहचान इस बात से तय होती है कि हम जरूरत के समय अपने सहयोगियों के साथ कैसे खड़े होते हैं।’ गुरमीत चौधरी ने भी की अपील एक्टर गुरमीत चौधरी ने राजपाल यादव का समर्थन कर लिखा है, मुझे यह देखकर बहुत दुख होता है कि इतने सीनियर और बेहद प्रतिभाशाली कलाकार राजपाल यादव इस मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने हमें अनगिनत मुस्कानें, हंसी और यादगार पल दिए हैं। आज उन्हें हमारी जरूरत है। आगे गुरमीत लिखते हैं, एक साथी कलाकार और इंसान होने के नाते, मैं अपनी तरफ से हर संभव मदद करने के लिए आगे आ रहा हूं। मैं सभी प्रोड्यूसरों, डायरेक्टर्स और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों से विनम्र अपील करता हूं कि हम सब मिलकर, इंसानियत और करुणा के साथ, कोई रास्ता निकालें। हमारी इंडस्ट्री एक परिवार है, और परिवार अपने लोगों को अकेला नहीं छोड़ता। सबसे पहले सोनू सूद ने की मदद सोनू सूद ने X और इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, राजपाल यादव एक बहुत ही प्रतिभाशाली अभिनेता हैं जिन्होंने हमारी फिल्म इंडस्ट्री को कई यादगार और अविस्मरणीय काम दिए हैं। कभी-कभी जिंदगी अन्यायपूर्ण हो जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी में टैलेंट की कमी है, बल्कि समय कभी-कभी बहुत कठोर हो सकता है। वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे और मेरा मानना है कि यह वह समय है जब हम सभी प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और सहयोगी एक साथ खड़े हों। जो छोटा सा साइनिंग अमाउंट दिया जाएगा, जिसे भविष्य के काम के हिसाब से समायोजित किया जा सकता है, वह कोई दान नहीं है, बल्कि यह उनका सम्मान और गरिमा है। उन्होंने आगे कहा, ‘जब हमारे अपने में से कोई मुश्किल समय से गुजर रहा हो, तो इंडस्ट्री को उसे यह याद दिलाना चाहिए कि वह अकेला नहीं है। इसी तरह हम दिखा सकते हैं कि हम सिर्फ एक इंडस्ट्री नहीं, बल्कि एक परिवार हैं।’ तेज प्रताप यादव ने दी 11 लाख रुपए की मदद राजपाल यादव की मदद की घोषणा करते हुए राजनेता तेज प्रताप यादव ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, मुझे अभी मेरे बड़े भाई राव इंदरजीत यादव जी की पोस्ट के माध्यम से माननीय राजपाल यादव जी के परिवार की पीड़ा के विषय में जानकारी प्राप्त हुई। इस अत्यंत कठिन समय में मैं और मेरा पूरा JJD (जन शक्ति जनता दल) परिवार, उनके शोकाकुल परिवार के साथ पूरी संवेदना और मजबूती से खड़ा है।मानवीय करुणा एवं सहयोग की भावना से, मैं JJD परिवार की ओर से ₹11,00,000 (ग्यारह लाख रुपए) की आर्थिक सहायता उनके परिवार को प्रदान कर रहा हूं। जेम्स टून म्यूजिक के ओनर राव इंद्रजीत सिंह यादव ने भी राजपाल यादव की मदद के लिए 1.11 करोड़ की आर्थिक सहायता दी है। उन्होंने न सिर्फ एक कलाकार, बल्कि एक इंसान के तौर पर राजपाल यादव का साथ दिया। साथ ही, उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि वे आगे आकर राजपाल यादव और उनके परिवार का सहयोग करें। सरेंडर से पहले राजपाल यादव ने कहा- मेरे पास पैसे नहीं चेक बाउंस केस में सरेंडर से पहले राजपाल यादव ने एक स्टेटमेंट में कहा था, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई उपाय नजर नहीं आता। यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस संकट का सामना खुद ही करना होगा। क्यों जेल में बंद हैं राजपाल यादव? साल 2010 में राजपाल यादव ने फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। ये फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल यादव को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। राजपाल यादव समय रहते कर्ज की रकम नहीं लौटा सके। लोन लेते समय राजपाल यादव ने जो चेक कंपनी को दिए थे वो बाउंस हो गए, जिसके बाद एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। दोनों पार्टी के बीच समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने उच्च अदालत में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था।
मंगलवार को बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह को जान से मारने की धमकी दी गई थी, जिसके बाद अब सलमान खान के रिश्तेदार को करोड़ों रुपए न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई है। ये घटना मगंलवार की बताई जा रही है। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, सलमान खान के करीबी रिश्तेदार को ईमेल के जरिए धमकी दी गई है। मेल में साफ लिखा है कि अगर करोड़ों रुपयों की मांग पूरी नहीं की जाती तो उन्हें जान का खतरा होगा। फिलहाल सलमान खान के किस रिश्तेदार को धमकी मिली है ये साफ नहीं है, हालांकि रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका वो रिश्तेदार फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ है और एक एक्टर है। फिलहाल इस मामले में अब तक पुलिस शिकायत दर्ज नहीं की गई है। रणवीर सिंह को व्हॉट्सएप वॉइस नोट से मिली जरिए सलमान खान के रिश्तेदार से पहले मंगलवार को रणवीर सिंह को धमकी मिली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रणवीर को ये धमकी व्हॉट्सएप में वॉइस नोट के जरिए भेजी गई है, जिसमें कहा गया है कि अगर करोड़ों रुपए नहीं दिए जाते तो एक्टर को जान का खतरा होगा। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने रणवीर के बांद्रा स्थित घर की सिक्योरिटी बढ़ा दी है। इसके साथ ही मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने वॉइस नोट भेजने वाले शख्स की तलाश शुरू कर दी है। उस शख्स ने भी खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताया था। रोहित शेट्टी फायरिंग केस से कनेक्शन की जांच धमकियों के इन मामलों से ठीक पहले 31 जनवरी को डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर के बाहर 4 राउंड फायरिंग की गई थी। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या रणवीर सिंह को मिली धमकी का कोई सीधा संबंध रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना से है या यह डर फैलाने की साजिश है। टारगेट में थे रोहित शेट्टी निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर के बाहर 31 जनवरी को पांच राउंड फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिसके बाद से मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि इस फायरिंग में रोहित शेट्टी ही हमलावरों का मुख्य टारगेट थे। इस मामले में पुलिस ने 5 फरवरी को आरोपी आसाराम फसाले को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच के मुताबिक, आसाराम फसाले पिछले चार वर्षों से गैरेज मैकेनिक के तौर पर काम कर रहा था और लॉरेंस गैंग से जुड़ा हुआ था। वह गैंग के मास्टरमाइंड शुभम लोंकर के निर्देश पर हथियारों की सप्लाई करता था। इस केस में पहले से गिरफ्तार चार आरोपियों में से आसाराम फसाले की सीधी पहचान स्वप्निल सकट से थी, जो शुभम लोंकर के जरिए कराई गई थी। बताया जा रहा है कि लोंकर के निर्देश पर फसाले ने ही सकट को हथियार मुहैया कराए थे, जिन्हें बाद में एक अज्ञात शूटर तक पहुंचाया गया। इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल फायरिंग की घटना में किया गया। क्राइम ब्रांच को यह भी जानकारी मिली है कि आसाराम के गैंग से जुड़े होने की भनक उसके कुछ करीबी लोगों को थी। हालांकि, वे लोग कौन हैं और क्या उनका भी लॉरेंस गैंग से कोई सीधा कनेक्शन है, इस एंगल से पुलिस अब जांच कर रही है।
पंजाब पुलिस ने ड्रग्स-गैंगस्टरों के खिलाफ शुरू किए ऑपरेशन प्रहार-2 में पंजाबी सिंगर परमजीत कौर पम्मी को भाई के साथ अरेस्ट कर लिया। उनसे 8 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। अब दोनों जेल भेज दिए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद सिंगर पम्मी सुर्खियों में आ गई। पम्मी पहले स्टेज शो करती थी। कुछ गाने भी रिलीज हुए। मगर, कोरोना काल में उसका सारा काम चौपट हो गया। इनकम बंद हुई तो वह अपनी मां-बहन के नशा तस्करी के धंधे में उतर गई। इसके बाद ड्रग ओवरडोज से युवक की मौत को लेकर गिरफ्तार हुई और जेल गई। जब वह बाहर निकली तो सुधरने के बजाय सिंगिंग छोड़ फिर से नशा तस्करी के धंधे में उतर आई। उसने अपने भाई को भी इसमें शामिल कर लिया। इस दौरान ब्रेकअप हुआ तो उसने शादी नहीं की। लुधियाना की रहने वाली परमजीत पम्मी सिंगर से तस्कर कैसे बनी, पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पम्मी के सिंगर से तस्कर बनने की पूरी कहानी जानिए… पम्मी का परिवार करता रहा नशा तस्करीपरमजीत पम्मी लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब स्थित रहीमाबाद खुर्द की रहने वाली है। पम्मी पंजाबी सिंगर के तौर पर अपना करियर डेवलप कर रही थी। वहीं दूसरी तरफ उसका परिवार नशा तस्करी के धंधे में शामिल हो गया। पम्मी की मां व बहन पर नशा तस्करी के तीन-तीन मामले दर्ज हैं। वहीं पम्मी की बहन बेअंत कौर पर तो हत्या का मामला भी दर्ज हो चुका है। पम्मी की बहन बेअंत कौर ने परिवार में सबसे पहले नशा तस्करी का काम शुरू किया। उस समय पम्मी पूरी तरह से सिंगिंग की दुनियां में व्यस्त थी। बेअंत कौर और उसकी मां पर 17 अगस्त 2018 में पहला पर्चा दर्ज हुआ। दूसर पर्चा 28 फरवरी 2020 में दर्ज हुआ। कोविड में स्टेज प्रोग्राम बंद हुए तो तस्करी में लगीपम्मी ने बताया कि कोविड के दौरान स्टेज शो व अखाड़े लगने बंद हो गए। जिससे उसकी आमदनी पूरी तरह से बंद हो गई। परिवार पर डिपेंड थी तो बहन ने उसे भी नशा तस्करी करने को कहा। कोविड के दौरान पम्मी की बहन के साथ उसकी मां ने भी नशा तस्करी करनी शुरू कर दी। इसी बीच आर्थिक संकट से गुजर रही पम्मी भी मां व बहन के साथ नशा तस्करी करने लगी। परमजीत कौर पम्मी की बहन बेअंत कौर ने कुछ समय पहले ही अपने घर में नशा देकर युवक को मौत के घाट उतार दिया था। बेअंत के घर जब टीका लगाने से युवक की मौत हुई थी तो शव घर के बाहर फेंक दिया था। पुलिस ने कत्ल केस में बेअंत कौर को गिरफ्तार किया था। बेअंत कौर के खिलाफ 19 जुलाई 2022 में हत्या का मामला दर्ज हुआ और वो गिरफ्तार हो गई। ओवरडोज से युवक की मौत हुई तो जेल जाना पड़ामाछीवाड़ा पुलिस का कहना है कि जब पम्मी की बहन जेल गए तो उसने नशा तस्करी के कारोबार को संभाला। मां के साथ मिलकर पम्मी नशा तस्करी करते रहे। माछीवाड़ा में 30 जुलाई 2023 को एक युवक की नशे की ओवरडोज के कारण मौत हो गई थी। पुलिस ने पहले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। जांच की तो कुलदीप नाम के युवक पर नशा देने के आरोप लगे। कुलदीप ने नशा पम्मी से लिया था। पुलिस ने तब पम्मी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया और पम्मी व कुलदीप को गिरफ्तार किया। जेल से छूटने के बाद फिर नशा बेचने लगीकुछ महीने जेल में रहने के बाद पम्मी जमानत पर बाहर आई और उसने फिर से नशा तस्करी का काम शुरू कर दिया। पम्मी चिट्टा लेकर युवकों को देती और वो आगे सप्लाई करते थे। पम्मी ने नशे के कारोबार को अब पूरी तरह से अपने हाथ में ले लिया था। इस काम में अब उसने अपने भाई को भी शमिल कर दिया। सोमवार को प्रहार-2 के दौरान पुलिस ने माछीवाड़ा साहिब में कोहाड़ा रोड स्थित अडियाना बस स्टैंड के पास पम्मी व उसके भाई सरवन को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। पम्मी की पर्सनल लाइफ के बारे में जानिए… जालंधर दूरदर्शन पर पम्मी का गीत हुआ था प्रसिद्ध परमजीत पम्मी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उसका एक गाना ' कई दिन हो गए तैनू फोन मैं मिलौंदी ' जालंधर दूरदर्शन पर चलने के बाद वो काफी प्रसिद्ध हुआ था और उस के बाद एक गायक के साथ मिलकर उसने कई अखाड़े भी लगाए व उसी गायक के साथ एक धार्मिक एल्बम और कई पंजाबी गाने भी गाए। कोविड से पहले पम्मी ने एक धार्मिक एल्बम रिकार्ड की गई थी। एल्बम रिलीज होने से पहले कोविड शुरु हो गया और कंपनी ने वो एल्बम रिलीज नहीं की। जिसके कारण उसे भारी नुकसान झेलना पड़ा। प्यार में भी धोखा मिला तो नहीं की शादीपम्मी ने बताया था कि गायकी दौरान उसका एक युवक के साथ अफेयर भी चला था और वो युवक एक अच्छा दोस्त भी बन गया था परन्तु यह दोस्ती अधिक समय तक ना चली और एक साल के बाद ही ब्रेकअप हो गया। माछीवाड़ा साहिब के थाना तक भी यह मामला पहुंच गया था और हमने आपसी सहमति से दूरियां बना ली थी। मैंने कभी विवाह भी नहीं किया। पम्मी और बेअंत कौर से भी इनकी एक छोटी बहन भी है, जो के घर में पीर बाबा की चौंकी लगाया करती थी। जिस कारण कई लोग उनके घर में माथा टेकने भी आते थे।
बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के अरुण टिक्कू मर्डर केस में अब तक आपने पढ़ा कि 7 अप्रैल 2012 को समर्थ आंगन बिल्डिंग से निकलते हुए एक शख्स अरुण टिक्कू की हत्या होते देखता है और पुलिस को इन्फॉर्म करता है। अरुण टिक्कू की हत्या के बाद उनका बेटा एक्टर अनुज टिक्कू लापता हो जाता है, जिससे पुलिस का उन पर शक बढ़ जाता है। जब अनुज की गिरफ्तारी होती है तो वो बताते हैं कि वो दोस्त करण सूद के साथ गोवा गए थे और उनके पिता रेंटल एग्रीमेंट देखने उसी दिन दिल्ली से मुंबई आए थे। घर में रेनोवेशन चल रहा था। 2 पुताई करने आए शख्स वहां मौजूद थे, जो उनके दोस्त करण सूद के नौकर थे। जांच में सामने आया कि जिस करण सूद को अनुज दोस्त कह रहे थे, वो असल में कुख्यात गैंगस्टर है, जिसे पहले डबल मर्डर के आरोप में उम्रकैद हुई थी। अनुज पुलिस को बताते हैं कि करण से उनकी मुलाकात एक्ट्रेस सिमरन सूद ने करवाई थी। सिमरन से उनसे कहा था कि करण बडे़ होटेलियर हैं और उनके भाई हैं। करण और सिमरन के कहने पर वो अपना फ्लैट एक जर्मन महिला को किराए पर दे रहे थे और पिता रेंट एग्रीमेंट देखने ही मुंबई आए थे। अरुण टिक्कू हत्याकांड के पार्ट-2 में जानिए आगे की कहानी- डबल मर्डर केस में विजय पालांडे को उम्रकैद की सजा हुई थी, जबकि सिमरन को तब छोड़ दिया गया था। करीब 2 साल तक जेल में रहने के बाद विजय पेरोल पर बाहर आए और भाग निकले। विजय पालांडे इस मामले में भी कस्टडी से भागने की नाकाम कोशिश कर चुके थे, जिससे पुलिस ने उन्हें कड़ी निगरानी में रखी और सख्ती से पूछताछ की। 12 अप्रैल को हुई पूछताछ में विजय पालांडे ने बेहद शॉकिंग खुलासे किए, जिससे न सिर्फ अरुण टिक्कू बल्कि एक प्रोड्यूसर की गुमशुदगी के तार भी जुड़े थे। विजय के इकबाल-ए-जुर्म के अनुसार, वो अनुज टिक्कू की प्रॉपर्टी हथियाने के बाद उनकी हत्या करना चाहता था। 2 साल पहले सिमरन ने अनुज से दोस्ती की और फिर विजय को करण सूद बताकर उससे मिलवाया। दोनों ने उन्हें अपनी रईसी की कहानियां सुनाईं और अनुज से गहरी दोस्ती कर ली। वो जिस विदेशी महिला को अनुज का फ्लैट किराए पर दिलवा रहे थे, वो विजय की ही पत्नी थी। प्लान के अनुसार, दोनों अनुज से प्रॉपर्टी के पेपर्स साइन करवाते और फिर उनकी गोवा ले जाकर हत्या करते। लेकिन इसी बीच उन्हें पता चला कि अनुज के पिता अरुण टिक्कू उनकी अचानक बढ़ती दोस्ती पर शक करने लगे थे और रेंटल एग्रीमेंट देखना चाहते थे। विजय ये भी जान चुका था कि अरुण टिक्कू डॉक्यूमेंटेशन के पक्के हैं और उनके रहते प्रॉपर्टी ट्रांसफर करना मुश्किल है। ऐसे में विजय ने अनुज के पिता अरुण को ये कहते हुए मुंबई बुलाया कि उनके बेटे ने बिना किराए के दो लोगों को फ्लैट में ठहराया हुआ है। विजय की बात सुनकर अरुण मुंबई आए थे। प्लान के तहते उसी रोज वो बेटे अनुज को अपने साथ गोवा ले गए और दूसरी तरफ फ्लैट में पिता की हत्या कर दी गई। अनुज टिक्कू पिता की हत्या के बाद उसी फ्लैट में रहे थे। तब तक क्राइम सीन को जस का तस ही रखा गया था। जब अनुज को पूछताछ के बाद छोड़ा गया तो वो उसी घर में रहे और उसी कमरे में सोए जहां पिता का कत्ल हुआ था। इस पर अनुज कहते हैं- घर में घुसते ही सब कुछ उलटा-पुलटा था। फ्रिज गिरा हुआ, मैट्रेस इधर-उधर, सोफे उलटे। बाथरूम में खून, टाइल्स टूटी हुई, दीवारों पर खून के छींटों के निशान। वो पूरा क्राइम सीन था। पुलिस ने जो लड़का मेरे साथ भेजा था, वो ये देखकर भाग गया। उसी क्राइम सीन में मैं रात को सोया। साल 2012 में उस समय के मशहूर क्राइम रिपोर्टर नीरज अग्रवाल केस को कवर कर रहे थे। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस हत्याकांड के बाद अनुज की स्थिति ठीक नहीं थी। वो कहते हैं- ‘अनुज की हालत इतनी खराब थी कि वह पुलिस से भी ठीक से बात नहीं कर पा रहा था। अनुज एक बहुत ही सीधा‑सादा किस्म का लड़का था। उसकी दुनिया में दोस्त नहीं थे। वह उस तरह का इंसान नहीं था जो दो मिनट में किसी से दोस्ती कर ले। उसकी मानसिक स्थिति को आसानी से मैनिपुलेट किया जा सकता था। आप उसे स्ट्रीट‑स्मार्ट या बहुत दुनियादार भी नहीं कह सकते। यह बात उसके पिता मिस्टर टिक्कू जानते थे, हालांकि वह दिल्ली में रहते थे।’ आगे नीरज कहते हैं, ‘अनुज मुंबई एक्टिंग करने आया था, लेकिन इंडस्ट्री में उसकी नेटवर्किंग बहुत कमजोर थी। फिल्म इंडस्ट्री का उसूल है जितने ज्यादा लोग, उतनी ज्यादा संभावनाएं। यह कमी अनुज में थी, इसलिए उसे काम भी कम मिलता था।’ ‘उसके पास एक नीले रंग की मर्सिडीज कार भी थी, जिसे विजय पालांडे हथियाना चाहता था। उसे यह भी पता चला कि अनुज का अंधेरी में एक 2BHK फ्लैट है, जिसकी वैल्यू उस वक्त करीब ढाई‑तीन करोड़ या उससे ज्यादा थी। प्लान यह था कि फ्लैट किराए पर लेकर, कब्जा करके, फर्जी दस्तावेजों से उसे अपने या सिमरन के नाम ट्रांसफर कर दिया जाए और फिर बेचकर पैसा कमाया जाए।’अनुज टिक्कू की हत्या वाले दिन किया था एक प्रोड्यूसर का कत्ल अरुण टिक्कू हत्याकांड के कबूलनामे के बाद विजय ने पुलिस बयान में एक और हत्याकांड का भी खुलासा किया, जिसे उसने 7 अप्रैल को ही अंजाम दिया था। दरअसल, 5 अप्रैल को पुलिस को प्रोड्यूसर करण कक्कड़ के गुमशुदा होने की शिकायत मिली थी, जिनकी तलाश जारी थी। करण कक्कड़ एक अमीर बिजनेसमैन थे, जो फिल्मों में पैसे लगाना चाहते थे। इसकी खबर लगते ही सिमरन ने उन्हें टारगेट कर नजदीकियां बढ़ाना शुरू कर दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि वो करण को बतौर प्रोड्यूसर एक फिल्म से जोड़ेंगी। 5 अप्रैल को मीटिंग का झांसा देकर सिमरन और विजय पालांडे उन्हें किराए के एक फ्लैट में ले गए और बंदी बना लिया। दोनों ने करण के अकाउंट से पैसे निकाले और क्रेडिट कार्ड से लाखों की शॉपिंग की। पूरे पैसे निकालने के बाद 7 अप्रैल को दोनों ने मिलकर करण कक्कड़ की गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस बयान में विजय ने बताया कि हत्या से पहले उन्होंने करण कक्कड़ से पूछा कि उनका गला होश में काटा जाए या वो नींद की गोलियां खाना चाहेंगे। करण के कहने पर दोनों ने उन्हें 14 नींद की गोलियां खिलाईं और फिर बाथरूम में उनका गला काट दिया। दोनों ने लाश के टुकड़े किए और फिर उसे कुंभरली घाट में फेंक दिया। विजय की निशानदेही में पुलिस ने कुंभरली घाट से करण का कंकाल बरामद किया। विजय पालांडे के कबूलनामे के बाद सिमरन सूद को 12 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने खुद पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था। जब पुलिस ने सिमरन और विजय के जॉइंट बैंक लॉकर की जांच की तो उन्हें वहां अनुज टिक्कू का एक सुसाइड नोट भी मिला। नोट में अनुज की हैंडराइटिंग में उनके सिग्नेचर के साथ लिखा गया था- I, Anuj Tiku, am not happy with my life and I want to leave my body and go towards moksha. Nobody should be responsible for my death.”(“मैं अनुज टिक्कू अपने जीवन से निराश हूं और अपनी देह छोड़कर मोक्ष की ओर जाना चाहता हूं। मेरी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं है।”) विजय ने बताया कि वो अनुज की हत्या के बाद ये सुसाइड नोट जारी करते, जिससे सबको लगता कि पिता की हत्या के बाद उन्होंने सुसाइड कर लिया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अनुज टिक्कू कहते हैं, ‘इनका प्लान था पहले मुझे मारना और फिर मेरे पिता को। लेकिन पापा के अचानक आ जाने से प्लान बदलना पड़ा। उस समय मेरी हालत ये थी कि मैं थोड़ा बहुत डोप लेता था। ये बात 6 तारीख की रात से कुछ दिन पहले की है। एक दिन उन्होंने मुझे बीयर पिलाई गई, जिसमें नशीली दवा मिलाई थी। मैं कभी बीयर पीकर उल्टी नहीं करता, लेकिन उस दिन मैंने उल्टी की, जबकि मैंने आधी बोतल से ज्यादा नहीं पी थी। वहीं उन्होंने नशे में मेरा हाथ पकड़कर वो लेटर लिखवाया। अगर कोई सच में डिप्रेस्ड होकर सुसाइड नोट लिखता, तो वो कमरे में कहीं पड़ा होता, बैंक लॉकर में क्यों मिलता?’ हीरोइन बनने के लिए मुंबई आईं थीं सिमरन फिर गैंगस्टर से बनी जोड़ी 1995 में सिमरन सूद एक डांस कॉम्पिटिशन के लिए मुंबई आई थीं। वो ये कॉम्पिटिशन तो नहीं जीतीं, लेकिन मॉडलिंग के प्रोजेक्ट्स मिलने के बाद वो मुंबई में ही रहने लगीं। एक पेज-3 पार्टी में सिमरन की मुलाकात विजय पालांडे से हुई और समय के साथ दोनों रिलेशनशिप में आ गए। विजय पालांडे से मुलाकात के बाद सिमरन की जिंदगी में लग्जरी की कोई कमी नहीं थी। वो अपनी ज्यादातर कमाई सिमरन पर खर्च करता था। उसकी कमाई का जरिया थी लूट और दो नंबर के काम। सिमरन ने उस समय कई प्लास्टिक सर्जरी करवाईं। साल 1997 में सिमरन ने बिजनेसमैन कहते हुए विजय की मुलाकात पेरेंट्स से करवाई और शादी की बात की। परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था, लेकिन इसके बावजूद दोनों ने 1997 में शादी कर ली। समय के साथ सिमरन भी विजय के प्लान्स में शामिल होने लगीं। डबल मर्डर केस में सिमरन बनीं भागीदार 1998 में विजय पालांडे मुंबई के कॉपर चिमनी रेस्टोरेंट में काम करता था। यहां उसने देखा कि अनूप दास अक्सर रेस्टोरेंट में आते हैं। अनूप एयर इंडिया के इंजीनियर थे, जिन्हें विजय ने टारगेट बनाया। प्लान के तहत विजय ने पहले खुद अनूप से दोस्ती की और फिर सिमरन को बहन बताते हुए उनसे मुलाकात करवाई। सिमरन ने उनसे जल्द ही नजदीकियां बढ़ा लीं, जिससे उनका घर आना-जाना भी बढ़ गया। अनूप के परिवार वाले भी सिमरन से परिचित थे। विजय जानता था कि अनूप की जुहू में प्रॉपर्टी है, जिसपर उनकी नजरें थीं। सिमरन ने एक रोज अनूप से कहा कि उनके पास मुंबई में रहने के लिए घर नहीं है, तो उसने अपना फ्लैट सिमरन को रहने दे दिया। सिमरन उस फ्लैट में विजय पालांडे के साथ रहने लगीं। फ्लैट मिलने के बाद सिमरन और विजय ने अनूप की हत्या की साजिश रची। 26 जनवरी 1998 को दोनों ने अनूप को एक बिजनेस मीटिंग के लिए महाबलेश्वर बुलाया था। अनूप बिना किसी को बताए महाबलेश्वर निकले, लेकिन इसके बाद से ही उनकी कोई खबर नहीं मिली। सिमरन और विजय ने उनका महाबलेश्वर के रास्ते में ही कत्ल कर उनकी लाश ठिकाने लगा थी। अनूप दास के पिता स्वराज रंजन ने बेटे के बारे में पता करने के लिए जब विजय पालांडे को कॉल किया तो जवाब मिला कि अनूप उनके साथ हैं, कुछ दिनों में लौट आएंगे। करीब एक हफ्ते बाद भी जब अनूप नहीं लौटे, तो स्वराज ने फिर विजय को कॉल किया। इस बार विजय ने कहा कि अनूप उनसे मिलना चाहते हैं और उन्हें महाबलेश्वर बुला रहे हैं। सिमरन और विजय का अनूप के घर में इस कदर आना-जाना था कि उनपर कभी किसी को शक नहीं हुआ। विजय से बात करने के तुरंत बाद ही स्वराज रंजन महाबलेश्वर पहुंचे। तब विजय और सिमरन ने बेटे से मिलने के बदले 7 लाख रुपए की डिमांड रख दी। स्वराज ने उन्हें 7 लाख ट्रांसफर भी किए, लेकिन दोनों ने इसके तुरंत बाद उनका भी कत्ल कर दिया। स्वराज रंजन की पत्नी ने उनकी और बेटे की मिसिंग कंप्लेंट दर्ज करवाई थी। जिसकी जांच में विजय पालांडे और सिमरन की गिरफ्तारी हुई। विजय पालांडे ने पुलिस कस्टडी में जुर्म कबूल कर लिया। उन्हें इस केस में उम्रकैद की सजा हुई, जबकि सिमरन को कुछ महीनों बाद ही छोड़ दिया गया था। विजय पालांडे 2 सालों तक जेल में रहा, लेकिन फिर पेरोल से भाग निकला। विजय से अलग होने के बाद सिमरन सूद फिर मॉडलिंग और एक्टिंग करियर में व्यस्त हो गईं। लेकिन 2005 में विजय ने फिर उनसे संपर्क किया। विजय पेरोल से भागने के बाद दुबई जाकर छिप गया। वहां उसने प्लास्टिक सर्जरी के जरिए हुलिया बदल लिया और फिर मुंबई आ गया। सिमरन स्ट्रगल करते हुए चंद रुपयों में गुजारा कर तंग आ चुकी थीं। ऐसे में विजय के लौटते ही उन्होंने फिर उसका साथ दिया। बिजनेसमैन गौतम वोरा की भी हत्या की रची साजिश विजय के मुंबई लौटते ही सिमरन ने 2005 में बिजनेसमैन गौतम वोरा को अपना अगला टारगेट बनाया। सिमरन ने गौतम को शादी के लिए राजी किया। प्लान था कि शादी के बाद सिमरन और विजय गौतम का कत्ल करेंगे, जिससे गौतम की सारी प्रॉपर्टी सिमरन को मिल जाती। हालांकि गौतम की मां इसके खिलाफ थीं, जिससे उनका प्लान टलता जा रहा था। विजय पालांडे ने कबूलनामे में बताया कि अनुज टिक्कू की हत्या के बाद वो गौतम का कत्ल करने वाले थे, लेकिन खुशकिस्मती से समय रहते उनके प्लान का पर्दाफाश हो गया। इस केस पर क्राइम जर्नलिस्ट नीरज अग्रवाल कहते हैं, सिमरन और विजय के बीच एक बहुत ही गजब और कमाल की केमिस्ट्री और हिस्ट्री थी। जब इन्हें घर किराए पर लेना होता था तो ये खुद को पति‑पत्नी बताते थे। और जब इन्हें खुद को मार्केट में प्लेस करना होता था, तो विजय पालांडे सिमरन को अलग‑अलग नामों से कभी सीमा, कभी किसी और नाम से अपनी बहन के रूप में इंट्रोड्यूस करता था। ये दोनों मिलकर बहुत सारे लोगों को ठग चुके थे और उनकी प्रॉपर्टीज हड़पने की योजनाएं बनाते थे। इसी सिलसिले में इनकी मुलाकात टिक्कू साहब के बेटे अनुज से हुई। इनके नेक्सस को कम से कम दस साल हो चुके थे। इनके टारगेट ज्यादातर फिल्म, एंटरटेनमेंट, मॉडलिंग और फैशन इंडस्ट्री से जुड़े लोग होते थे जो वल्नरेबल होते हैं और आसानी से भरोसा कर लेते हैं। मेरी जानकारी के मुताबिक, अगर यह केस 2012 का है, तो इनका नेक्सस कम से कम दस साल या उससे भी ज्यादा पुराना था। ये लोग एक दशक से ज्यादा समय से इसी तरह की हरकतें कर रहे थे। इनका जो टार्गेटेड एरिया और टार्गेटेड पर्सन होते थे, वो ज्यादातर फिल्म इंडस्ट्री, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री, मॉडलिंग और फैशन से जुड़े लोग होते थे। अगर आपके सामने एक खूबसूरत लड़की बहन, पत्नी या प्रेमिका बनकर बैठी हो, तो कोई भी आसानी से भरोसा कर लेता है। इसी भरोसे का ये लोग फायदा उठाते थे। 14 सालों से जेल में है विजय पालांडे, सजा-ए-मौत की हुई मांग 1998 के डबल मर्डर, प्रोड्यसूर करण कक्कड़ और अरुण टिक्कू की मौत के आरोप में विजय पालांडे आज भी जेल में बंद है। उसके साथी धनंजय शिंदे और मनोज गजकोश भी जेल में हैं, हालांकि सिमरन को 3 साल की सजा के बाद छोड़ दिया गया है। अनुज कहते हैं, मुझे खुशी इस बात की है कि उज्जवल निगम 14 सालों से हमारा केस लड़ रहे हैं। वो डेथ पेनाल्टी की मांग कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि विजय पालांडे को डेथ पेनल्टी मिलेगी और तभी मुझे लगेगा कि मेरे पिता को इंसाफ मिला है। केस पर क्राइम जर्नलिस्ट नीरज अग्रवाल कहते हैं, यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश का उदाहरण है, जिसमें सिस्टम की कमजोरियां भी साफ नजर आती हैं। सबसे दुखद पहलू यही है कि इतने सबूत, गवाह और डॉक्यूमेंटेशन होने के बावजूद, सालों बाद भी मिस्टर टिक्कू और अनुज टिक्कू को पूरा न्याय नहीं मिल पाया। यह केस सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री नहीं, बल्कि हमारी व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। (नोटः ये खबर एक्टर अनुज टिक्कू और मशहूर क्राइम जर्नलिस्ट नीरज अग्रवाल के इंटरव्यू और रिसर्च के आधार पर लिखी गई है।) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय …………………………………………………………….. पार्ट-1, एक्टर अनुज टिक्कू के घर में हुआ पिता का कत्ल:बाथरूम में खून से सनी लाश छोड़कर भागे कातिल, एक्ट्रेस-गैंगस्टर से जुड़े तार 7 अप्रैल 2012 की बात है … मुंबई के लोखंडवाला में एक हाईराइज अपार्टमेंट है, जिसका नाम समर्थ आंगन है। कई मंजिलों वाली इस इमारत में हजारों लोग रहते हैं। उस रात करीब 11 बजकर 30 मिनट पर हरंगद सिंह माइनी नाम के बिल्डिंग में रहने वाले शख्स अपने पिता के लिए दवाई लेने निकले थे। जैसे ही उन्होंने पार्किंग में खड़ी अपनी कार का दरवाजा खोला, तो उनकी नजर पहली मंजिल की खिड़की पर गई। एक हट्टा-कट्टा आदमी एक बुजुर्ग शख्स पर चाकू से हमला कर रहा था। बुजुर्ग खुद को बचाने की कोशिश में खिड़की से मदद मांग रहा था, तभी खिड़की के पर्दे की रॉड टूटकर गिरी। पूरी खबर पढ़िए… ……………………………………………………………….. पार्ट-1, फांसी के फंदे पर लटकी मिलीं तुनिषा शर्मा:एक्स बॉयफ्रेंड शीजान की हुई गिरफ्तारी, आरोप- इस्लाम कबूल करवाना चाहते थे 22 दिसंबर 2022 टीवी शो अलीबाबाःदास्तान ए काबुल चैप्टर-1 के सेट पर सभी शूटिंग शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। शो की लीड एक्ट्रेस तुनीषा शर्मा भी तैयार थीं। कुछ देर बाद वो को-एक्टर और एक्स शीजान खान के मेकअप रूम में स्थित वॉशरूम गई। करीब 15 मिनट बीते, लेकिन तुनीषा बाहर नहीं आईं। शूटिंग में देर हो रही थी, तो सेट पर मौजूद लोगों ने मेकअप रूम में खटखटाना शुरू कर दिया। कोई जवाब नहीं मिल रहा था। जब दरवाजा तोड़ा गया तो तुनीषा की लाश फंदे पर लटकी मिली। एक्टर शीजान उन्हें गोद में उठाकर हॉस्पिटल पहुंचे, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। तुनीषा की मौत के बाद उनकी मां ने एक्टर शीजान पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। आरोप ये भी थे शीजान उन्हें जबरदस्ती इस्लाम कबूल करवाना चाहते थे। पूरी कहानी पढ़िए अगले मंगलवार-बुधवार, बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-5 तुनीषा शर्मा डेथ केस में। …………………………………………………………………….. भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। नीरज की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि नीरज की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने नीरज का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए...
बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह को जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी व्हाट्सऐप पर भेजे गए एक वॉइस नोट के जरिए दी गई, जिसमें आरोपी ने करोड़ों रुपए की फिरौती की मांग की है। यह घटना फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना के बाद सामने आई है, जिससे मुंबई पुलिस की चिंता बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, धमकी मिलने के तुरंत बाद मुंबई पुलिस ने रणवीर सिंह के बांद्रा स्थित आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वॉइस नोट से फैली सनसनी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमकी भरे वॉइस नोट में आरोपी ने खुद को गंभीर अपराध से जुड़ा बताया है और बड़ी रकम नहीं देने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है। पुलिस ने वॉइस नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस मुंबई पुलिस की साइबर सेल और क्राइम ब्रांच मिलकर व्हाट्सऐप नंबर और वॉइस सैंपल के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि धमकी देने वाला व्यक्ति किसी आपराधिक गिरोह से जुड़ा हो सकता है। रोहित शेट्टी फायरिंग केस से कनेक्शन की जांच पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या रणवीर सिंह को मिली धमकी का कोई सीधा संबंध रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना से है या यह डर फैलाने की साजिश है। फिलहाल रणवीर सिंह और उनके परिवार को सुरक्षित बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा। यह खबर अपडेट हो रही है..
जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव के परिवार को आर्थिक मदद देते हुए ₹11 लाख की सहायता राशि प्रदान की है। यह मदद ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल ही में राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर लिखा है- मुझे अभी मेरे बड़े भाई राव इंदरजीत यादव जी की पोस्ट के माध्यम से माननीय राजपाल यादव जी के परिवार की पीड़ा के विषय में जानकारी प्राप्त हुई। इस अत्यंत कठिन समय में मैं और मेरा पूरा JJD (जन शक्ति जनता दल) परिवार, उनके शोकाकुल परिवार के साथ पूरी संवेदना और मजबूती से खड़ा है।मानवीय करुणा एवं सहयोग की भावना से, मैं JJD परिवार की ओर से ₹11,00,000 (ग्यारह लाख रुपए) की आर्थिक सहायता उनके परिवार को प्रदान कर रहा हूं। दरअसल, राजपाल यादव के खिलाफ एक पुराने चेक बाउंस केस में अदालत ने सजा सुनाई थी। मामले में राहत पाने और फंड अरेंज करने के लिए राजपाल की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इसके बाद तय प्रक्रिया के तहत राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा। इस घटनाक्रम के बाद फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों में चिंता का माहौल देखने को मिला। इसी बीच जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने मानवीय आधार पर राजपाल यादव के परिवार की मदद का फैसला किया। तेज प्रताप यादव ने ₹11 लाख की आर्थिक सहायता देकर यह संदेश दिया कि मुश्किल समय में किसी कलाकार और उसके परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह मदद पूरी तरह मानवीय संवेदना के तहत की गई है और इसका किसी राजनीतिक लाभ से कोई संबंध नहीं है। तेज प्रताप यादव ने कहा कि राजपाल यादव ने अपने अभिनय और कॉमेडी के जरिए देशभर के लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी है। ऐसे कलाकार जब निजी और कानूनी परेशानियों से गुजरते हैं, तो समाज और जिम्मेदार लोगों को आगे आकर सहयोग करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजपाल यादव और उनका परिवार इस कठिन दौर से जल्द बाहर निकलेंगे। राजपाल यादव के परिवार ने भी इस सहायता के लिए तेज प्रताप यादव का आभार जताया है। परिवार की ओर से कहा गया कि यह सहयोग उनके लिए सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक संबल भी है। वहीं, फिल्म जगत से जुड़े कई लोगों ने भी इस पहल की सराहना की है।
9 करोड़ रुपए के कर्ज और चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में सरेंडर करने से ठीक पहले राजपाल यादव ने बताया कि वह आर्थिक संकट का सामना कर रहे थे और मदद के लिए किसी के पास नहीं जा सके। इसी बीच एक्टर सोनू सूद ने उनकी मदद करने का निर्णय लिया। उन्होंने राजपाल को एक फिल्म का ऑफर दिया और साथ ही छोटा सा साइनिंग अमाउंट भी देने की बात कही। सोनू सूद ने X और इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, राजपाल यादव एक बहुत ही प्रतिभाशाली अभिनेता हैं जिन्होंने हमारी फिल्म इंडस्ट्री को कई यादगार और अविस्मरणीय काम दिए हैं। कभी-कभी जिंदगी अन्यायपूर्ण हो जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी में टैलेंट की कमी है, बल्कि समय कभी-कभी बहुत कठोर हो सकता है। वह मेरी फिल्म का हिस्सा होंगे और मेरा मानना है कि यह वह समय है जब हम सभी प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और सहयोगी एक साथ खड़े हों। जो छोटा सा साइनिंग अमाउंट दिया जाएगा, जिसे भविष्य के काम के हिसाब से समायोजित किया जा सकता है, वह कोई दान नहीं है, बल्कि यह उनका सम्मान और गरिमा है। उन्होंने आगे कहा, जब हमारे अपने में से कोई मुश्किल समय से गुजर रहा हो, तो इंडस्ट्री को उसे यह याद दिलाना चाहिए कि वह अकेला नहीं है। इसी तरह हम दिखा सकते हैं कि हम सिर्फ एक इंडस्ट्री नहीं, बल्कि एक परिवार हैं। सिर्फ सोनू सूद ही नहीं जेम्स टून म्यूजिक के ओनर राव इंद्रजीत सिंह यादव ने भी राजपाल यादव की मदद के लिए 1.11 करोड़ की आर्थिक सहायता दी है। उन्होंने न सिर्फ एक कलाकार, बल्कि एक इंसान के तौर पर राजपाल यादव का साथ दिया। साथ ही, उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि वे आगे आकर राजपाल यादव और उनके परिवार का सहयोग करें। दरअसल, बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, सरेंडर करने से पहले जब राजपाल यादव से उनके कानूनी मामले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, सर, क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। और कोई उपाय नजर नहीं आता। जब उनसे यह भी पूछा गया कि उन्होंने अपने दोस्तों जैसे प्रियदर्शन से मदद क्यों नहीं मांगी, तो राजपाल ने कहा, सर, यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं है। मुझे इस संकट का सामना खुद ही करना होगा। पूरा मामला क्या है?दरअसल, यह चेक बाउंस मामला साल 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और कर्ज चुकाने में देरी हुई। शिकायत के मुताबिक, राजपाल ने कर्ज लौटाने के लिए कंपनी को कुछ चेक दिए थे, जो बैंक में बाउंस हो गए। समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने उच्च अदालत में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था।
अरुणा ईरानी भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित एक्ट्रेसेस में से एक हैं। अपने करियर में 500 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुकी हैं। अरुणा प्रोफेशनल लाइफ के अलावा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी चर्चा में रहती हैं। हाल ही में उन्होंने महमूद के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की। हाल ही में जूम को दिए एक इंटरव्यू में अरुणा ईरानी ने फिल्मों में काम करने का मौका देने के लिए महमूद को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि उनका रिश्ता एक तरह के एहसान और मजबूरी के भाव से बना था। उन्होंने कहा, महमूद जी ने मुझे सबसे पहले काम दिया। हमारा रिश्ता एक तरह के एहसान और मजबूरी के भाव से बना, और यही वजह थी कि यह हुआ। बाद में महमूद जी अपने अन्य प्रोजेक्ट्स में चले गए और मैं अलग शोज में बिजी हो गई। तभी मुझे ऐसा लगने लगा कि वह मेरा खुले तौर पर फायदा उठा रहे थे। मैंने जो किया, वह मजबूरी और जरूरत की वजह से किया, इसलिए मैं उन्हें अकेले दोषी नहीं ठहराना चाहती। मैं भी इसका समर्थन करती रही। बाद में फिर यह रिश्ता खत्म हो गया। इसी इंटरव्यू में अरुणा ईरानी ने महमूद से अपने विवाह को लेकर लंबे समय से चली आ रही अफवाहों पर भी प्रतिक्रिया दी। अरुणा ने कहा, उन्होंने कहा था कि वह मुझसे शादी करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पीछे मुड़कर देखा तो यह मेरे लिए अच्छा ही था। वह पहले ही दो बार शादी कर चुके थे और तीसरी बार भी कर सकते थे, लेकिन मुझे लगता है कि मेरी किस्मत अच्छी थी। जो हुआ वह गलत था। वह लोगों को बताते थे कि उन्होंने मुझसे शादी की है। इसी वजह से फिल्म निर्माताओं ने मुझे काम देना बंद कर दिया। उन्हें डर था कि अगर मैं गर्भवती हो गई, तो उनकी फिल्म अटक सकती है। यह मेरे लिए बड़ा झटका था। जब यह कहानी खत्म हुई और मैंने स्वतंत्र रूप से काम करना शुरू किया, तब लोगों को समझ में आया कि हमारे बीच कुछ भी नहीं था। महमूद संग अफेयर की चर्चा, करियर पर असर पड़ा बॉम्बे टु गोवा और कारवां दोनों ही फिल्में हिट साबित हुईं। आमतौर पर ऐसी सफलता के बाद हर एक्ट्रेस का करियर ऊंचाइयों पर पहुंचता है, लेकिन अरुणा के साथ इसका उल्टा हुआ और उन्हें काम मिलना बंद हो गया। इसकी वजह महमूद के साथ उनके अफेयर की चर्चाएं थीं, जिसने उनके करियर पर बुरा असर डाला। दरअसल, बॉम्बे टू गोवा के दौरान अरुणा और महमूद के अफेयर की खबरें फैलने लगीं। यहां तक कहा गया कि दोनों ने चोरी-छिपे शादी कर ली है, जिसका असर अरुणा के फिल्मी करियर पर पड़ा और कई सालों तक उन्हें कोई काम नहीं मिला।
पॉप-कल्चर पहले ट्रेंड फॉलो करता था, लेकिन 2026 की दुनिया में ट्रेंड वही बनता है जिसे टेलर स्विफ्ट और बियॉन्से छू देती हैं। वे सिर्फ गानों के जमाने नहीं बदल रहीं, वे तय कर रही हैं कि समाज किन मुद्दों पर बात करेगा। राजनीति, पहचान और नस्ल जैसे मुद्दों पर आज बहस किस दिशा में जाएगी, यह इन कलाकारों की आवाज से तय होता है। उनके एक फैसले से शहरों की अर्थव्यवस्था बदल जाती है। डिजिटल समुदाय सक्रिय होते हैं और इंडस्ट्री अपने नियम फिर से लिखने को मजबूर हो जाती है। यही वजह है कि इस समय पॉप-कल्चर को समझना मतलब इन दो कलाकारों के प्रभाव को समझना है। बियॉन्से: जहां पहुंचीं वहां संस्कृति बदली 2016 के एल्बम ‘लिमनेड’ से साबित कर दिया कि पॉप सिर्फ धुन नहीं, इतिहास और पहचान भी हो सकता है। नस्ल, स्त्री-शक्ति और परिवार की राजनीति जैसे भारी विषयों को उन्होंने ऐसे पिरोया कि पूरा अमेरिका सुनने को मजबूर हुआ। चैंपियनशिप मैच सुपर बोल 2016 में बियॉन्से के ‘ब्लैक पैंथर’-स्टाइल प्रदर्शन ने उन्हें कलाकार से आगे, एक सांस्कृतिक आइकन बना दिया। इनकी ‘बेहाइव’ ऑनलाइन कम्युनिटी उनकी बात को तेजी से फैलाती है। शरीर-छवि, मातृत्व और सत्ता जैसे मुद्दों पर बियॉन्से की आवाज लाखों लोगों को रास्ता दिखाती है। इनके रेनेसां टूर (2023) ने लगभग 4.5 अरब डॉलर की कमाई का माहौल बनाया। जहां शो हुए, वहां होटल भरे, रेस्तरां की बिक्री बढ़ी। लोकल बिजनेस के रिकॉर्ड टूटे। उनकी सरप्राइज एल्बम रिलीज शैली ने पूरा तरीका बदल दिया। अब वे खुद तय करती हैं कि दुनिया क्या सुनेगी और कब सुनेगी। टेलर स्विफ्ट: अपने नियम बनाए, इंडस्ट्री ने माने शुरुआत पॉप संगीत की सरल कहानियों से की। 2018 के बाद वे सिर्फ कलाकार नहीं रहीं, सामाजिक संकेत बन गईं। टेलर की एक वोटिंग अपील पर 1.66 लाख नए नाम जुड़ गए। ये आंकड़ा बताता है कि उनकी बात सिर्फ सुनी नहीं जाती, मानी जाती है। 2020-24 में उन्होंने महिला अधिकार, एलजीबीटीक्यू सुरक्षा और कलाकारों की ओनरशिप पर खुलकर आवाज उठाई और ‘सेलेब्रिटी न्यूट्रेलिटी’ का पुराना दौर लगभग खत्म कर दिया। इनके एरस टूर (2023-24) ने दुनिया भर में 5.7 अरब डॉलर की हलचल पैदा की। शहरों में होटल महंगे, फ्लाइटों में भीड़ और टिकटिंग सिस्टम को फॉर्मूला बदलने पर मजबूर होना पड़ा। उनकी री-रिकार्डिंग ने रिकॉर्ड लेबल्स को कलाकार-अधिकारों पर नए नियम लिखने पर विवश किया। टेलर की कहानी बताती है, आज पॉप संगीत डिजिटल दौर की शक्ति है।
फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर के बाहर 31 जनवरी को पांच राउंड फायरिंग की घटना सामने आई थी, जिसके बाद से मुंबई क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि इस फायरिंग में रोहित शेट्टी ही हमलावरों का मुख्य टारगेट थे। इस मामले में पुलिस ने 5 फरवरी को आरोपी आसाराम फसाले को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच के मुताबिक, आसाराम फसाले पिछले चार वर्षों से गैरेज मैकेनिक के तौर पर काम कर रहा था और लॉरेंस गैंग से जुड़ा हुआ था। वह गैंग के मास्टरमाइंड शुभम लोंकर के निर्देश पर हथियारों की सप्लाई करता था। इस केस में पहले से गिरफ्तार चार आरोपियों में से आसाराम फसाले की सीधी पहचान स्वप्निल सकट से थी, जो शुभम लोंकर के जरिए कराई गई थी। बताया जा रहा है कि लोंकर के निर्देश पर फसाले ने ही सकट को हथियार मुहैया कराए थे, जिन्हें बाद में एक अज्ञात शूटर तक पहुंचाया गया। इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल फायरिंग की घटना में किया गया। क्राइम ब्रांच को यह भी जानकारी मिली है कि आसाराम के गैंग से जुड़े होने की भनक उसके कुछ करीबी लोगों को थी। हालांकि, वे लोग कौन हैं और क्या उनका भी लॉरेंस गैंग से कोई सीधा कनेक्शन है, इस एंगल से पुलिस अब जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात के लिए आसाराम ने हथियार कहां से हासिल किए थे और इसके बदले उसे कितनी रकम मिली थी। इस एंगल से भी पुलिस टीम लगातार जांच में जुटी हुई है। जानिए क्या है पूरा मामला? 31 जनवरी की रात करीब 12:45 बजे मुंबई के जुहू इलाके में स्थित फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कम से कम पांच राउंड फायरिंग की गई, जिनमें से एक गोली इमारत में बने जिम के शीशे से जा टकराई थी। वहीं, इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया गया था कि इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली है। यह स्क्रीनशॉट शुभम लोंकर आरजू बिश्नोई नाम के अकाउंट की फेसबुक पोस्ट का है। पोस्ट में लिखा- अगली बार छाती पर गोली लगेगी इस पोस्ट में लिखा गया था, सभी भाइयों को आज जो ये मुंबई में (शेट्टी टावर) फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग हुई है, उसकी जिम्मेदारी शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरि बॉक्सर, हरमन संधू हम लेते हैं। हमने इसको बहुत बार मैसेज लगाया कि हमारे काम में दखल ना दे, लेकिन इसको समझ में नहीं आया। इसको ये छोटा सा ट्रेलर दिया है। अगर इसने आगे फिर हमारी बात नहीं समझी और हमारी बात नहीं मानी, तो अब घर के बाहर नहीं, अंदर इसके बेडरूम में गोली चलेगी, इसकी छाती पर। इसी पोस्ट में आगे लिखा था, और आगे बॉलीवुड को चेतावनी है कि टाइम रहते सुधर जाओ, नहीं तो बहुत बुरा हाल होगा। तुम्हारा बाबा सिद्दीकी से भी बुरा हाल करेंगे। हमने जिन-जिन लोगों को फोन कर रखा है, या तो टाइम रहते लाइन पर आ जाओ, वरना छिपने के लिए जगह कम पड़ जाएगी। और जितने भी हमारे दुश्मन हैं, तैयार रहो, जल्दी ही मुलाकात होगी तुमसे। नोट- एक ही था, एक ही है और एक ही रहेगा लॉरेंस बिश्नोई गैंग। कौन है शुभम लोंकर और आरजू बिश्नोई? शुभम लोंकर लॉरेंस गैंग का एक प्रमुख की ऑपरेटिव माना जाता है। शुभम एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या (अक्टूबर 2024) का मुख्य संदिग्ध और साजिशकर्ता है। उसने फेसबुक पर उस हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी। वहीं, आरजू बिश्नोई को गैंग का एक सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है, जो सोशल मीडिया और धमकियों के जरिए गैंग की गतिविधियों को संचालित करने में मदद करता है। पहले चार आरोपी हुए थे गिरफ्तार इस मामले में मुंबई पुलिस ने पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान आदित्य ज्ञानेश्वर गायकवाड़ (19), सिद्धार्थ दीपक येनपुरे (20), समर्थ शिवशरण पोमाजी (18) और स्वप्निल बंडू सकट (23) के रूप में हुई थी। सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 109 और 61(2) के साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 3 और 25 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 37(1), 37(2) और 135 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें 5 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेजा गया था। शुरुआती जांच में सामने आया था कि आरोपियों की भूमिका घटना के लिए वाहन उपलब्ध कराने और साजिश रचने से जुड़ी हुई है। वहीं, पांचवें आरोपी शुभम लोंकर को वांटेड घोषित किया गया है, जिसकी तलाश जारी है।
बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस 3 में जानिए अरुण टिक्कू हत्याकांड की कहानी। अरुण टिक्कू जाने-माने एक्टर अनुज टिक्कू के पिता थे। हत्या का पहला शक अनुज पर ही था, लेकिन जब जांच शुरू हुई तो आम सा लगने वाला ये केस एक बड़ी सीरियल किलिंग में तब्दील हुआ, जिसके तार गैंगस्टर, एक्ट्रेस और बड़ी साजिशों से जुड़े थे। फिर एक्ट्रेस के बैंक लॉकर में एक्टर अनुज टिक्कू का सुसाइड नोट मिलने से पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया।7 अप्रैल 2012 की बात है … मुंबई के लोखंडवाला में एक हाईराइज अपार्टमेंट है, जिसका नाम समर्थ आंगन है। कई मंजिलों वाली इस इमारत में हजारों लोग रहते हैं। उस रात करीब 11 बजकर 30 मिनट पर हरंगद सिंह माइनी नाम के बिल्डिंग में रहने वाले शख्स अपने पिता के लिए दवाई लेने निकले थे। जैसे ही उन्होंने पार्किंग में खड़ी अपनी कार का दरवाजा खोला, तो उनकी नजर पहली मंजिल की खिड़की पर गई। एक हट्टा-कट्टा आदमी एक बुजुर्ग शख्स पर चाकू से हमला कर रहा था। बुजुर्ग खुद को बचाने की कोशिश में खिड़की से मदद मांग रहा था, तभी खिड़की के पर्दे की रॉड टूटकर गिरी। मंजर देखते ही वो शख्स भागते हुए गार्ड्स के पास पहुंचा और पूरी कहानी बताई। तीन गार्ड्स उस शख्स के साथ पहली मंजिल के फ्लैट में पहुंचे। बेल बजाई तो एक आदमी बिना शर्ट के बाहर आया। उससे पूछा गया- अंदर क्या हो रहा है? उसने रूखी आवाज में कहा- झगड़ा हो गया था, लेकिन अब सब ठीक है। हरंगद ने गौर किया कि उस आदमी की छाती और पेट में खून के निशान थे। उन्होंने फिर पूछा- वो बुजुर्ग शख्स कहां है? उसने जवाब दिया, वो दूसरे कमरे में सो रहे हैं। गार्ड ने फिर पूछा, तुम कौन हो? इस बार जवाब मिला- हम पेइंग गेस्ट हैं। ये फ्लैट अनुज टिक्कू (एक्टर) का है, हमने 30 हजार में किराए पर लिया है। हरंगद को अजीब लगा तो वो दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हुए, तभी उन्हें एक और शख्स दिखा। उसके पैरों में काफी खून था और जमीन में भी खून के कई धब्बे थे। वो तफ्तीश करने के लिए जैसे ही बाथरूम की ओर बढ़े, दोनों शख्स ने उन्हें धक्के मारकर फ्लैट से बाहर कर दिया। बाहर निकलते ही उन चारों ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और डायल 100 पर कॉल कर पुलिस बुलाई। जब तक पुलिस पहुंची, सभी वहीं पहरेदारी करते रहे। पुलिस को आने में करीब आधे घंटे लगे। पुलिस दरवाजा खोलकर अंदर पहुंची, तो पूरा फ्लैट बेतरतीब था। खून के धब्बे हर तरफ थे। फ्रिज गिरा पड़ा था, सोफा उल्टा था, सामान बिखरा हुआ था। वो दोनों शख्स भाग चुके थे। जैसे ही पुलिस बाथरूम पहुंची तो मंजर भयावह था। वहां उसी बुजुर्ग शख्स की खून से सनी लाश थी, जिसे राहगीर ने पार्किंग से देखा था। शरीर पर चाकू के कई वार थे और गले में कंप्यूटर वायर लिपटा हुआ था। बाथरूम की खिड़की टूटी हुई थी, जिससे साफ था कि दोनों उसी जगह से भाग निकले। बिल्डिंग के लोगों से पूछताछ की गई, तो हर किसी ने यही कहा कि वो उस बुजुर्ग शख्स को नहीं जानते। पहले कभी उन्हें यहां नहीं देखा गया। और पूछताछ की गई तो सामने आया कि फ्लैट एक्टर अनुज टिक्कू का है। अनुज टिक्कू बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर थे। वो शाहरुख खान की फिल्म रब ने बना दी जोड़ी, रानी मुखर्जी की नो वन किल्ड जेसिका जैसी फिल्मों में नजर आ चुके थे। इसके अलावा वो करीब 70 एड फिल्म्स का हिस्सा रहे थे। कमरे की छानबीन में बुजुर्ग शख्स का मोबाइल मिला। आखिरी कॉल उस नंबर से बेटे अनुज टिक्कू को ही किया गया था। पुलिस ने उस नंबर पर कई कॉल किए, लेकिन नंबर बंद था। कुछ और रिश्तेदारों को उन्हीं के नंबर से कॉल कर उनकी मौत की खबर दी गई। दरअसल, उस रोज अरुण टिक्कू का उस फ्लैट में होना एक संयोग मात्र था। वो अचानक ही बेटे से मिलने आ गए थे। वो उस रोज बेटे से मिले भी, लेकिन फिर ये उनकी आखिरी मुलाकात साबित हुई। अरुण टिक्कू की हत्या की साजिश रची गई थी, लेकिन उनकी हत्या का इस तरह होना प्लान की गड़बड़ी थी। हत्यारों का प्लान कुछ और इससे कहीं ज्यादा बड़ा था। चिपलून से हुई अनुज टिक्कू की गिरफ्तारी…शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, कई घंटे बीत गए, लेकिन अनुज की अब भी कोई खबर नहीं थी। एक तरफ पिता की हत्या और दूसरी तरफ बेटे का अचानक गायब हो जाना, पुलिस के लिए बेहद अटपटा था। इस केस में पुलिस का पहला शक अनुज टिक्कू पर ही था। अनुज टिक्कू की कहीं कोई खबर नहीं मिल रही थी, जिसके बाद पुलिस ने CDR (कॉल डीटेल रिकॉर्ड) से उनकी लोकेशन का पता ढूंढ निकाला। अनुज टिक्कू की लोकेशन, हत्या वाले रोज पहले मुंबई और फिर गोवा के पास चिपलून में थी। हत्या के 3 दिन बाद 10 अप्रैल को अनुज टिक्कू की चिपलून से गिरफ्तारी हुई। उनके साथ मौजूद शख्स करण सूद को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों की फिंगरप्रिंट्स ली गईं। गिरफ्तारी के बाद अनुज को पुलिस द्वारा बताया गया कि उनके पिता की हत्या कर दी गई है। उस दिन को याद करते हुए अनुज टिक्कू कहते हैं, ‘मैं बेहोश हो गया। मेरा चेहरा एकदम सफेद हो चुका था। मेरे सामने अंधेरा छा गया था, जिसे मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक्सपीरियंस नहीं किया। मेरा शरीर एक तरफ से नंब हो गया था। इतना डर था, कंपकपी आ रही थी।’ हत्या के मामले में अनुज को कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। पुलिस ने पहला सवाल किया, जिस वक्त आपके पिता का खून हुआ, आप कहां थे? अनुज ने जवाब दिया- ‘मैं गोवा में था। मेरा दोस्त करण सूद मुझे अपने साथ कसीनो दिखाने गोवा ले गया। हम चिपलून में रुके थे।’ जब पुलिस ने पूछा कि आखिर 7 अप्रैल की रोज क्या हुआ। जवाब मिला- ‘मेरे पिता 7 अप्रैल को ही मुंबई आए थे। हम अपना फ्लैट किराए पर दे रहे थे, वो बस रेंटल एग्रीमेंट देखने आए थे। अगली सुबह उन्हें फिर दिल्ली लौटना था।’ अनुज दैनिक भास्कर से बातचीत में 7 अप्रैल का वो डरावना दिन याद कर कहते हैं, ‘सुबह मेरी क्रिएटिव राइटिंग चलती थी। मेरी एक कंपनी थी, जिसमें हम टीवी शोज लिखते थे। तभी मेरे दोस्त तिवारी जी आए। हम लंच पर गए, डोसा खाया। करीब 7 बजे मेरे पास करण का कॉल आया। मैं उसे होटेलियर करण सूद के रूप में जानता था। उसने कहा गोवा चलते हैं, तुझे कसीनो दिखाऊंगा। वो मुझे मर्सिडीज में घुमाता था।’ ‘उसी दिन मेरे पिता आए रेंटल एग्रीमेंट चेक करने। अगली सुबह उनकी वापसी थी। मैंने पिताजी के साथ खाना खाया और फिर मैं 8-9 बजे करण सूद के साथ गोवा निकल गया। मेरे निकलने से 5-10 मिनट पहले ही मनोज और धनंजय आए थे। मैंने पापा से कहा कि ये लोग पेंट-वेंट करना चाहते हैं। फिर मैं निकल गया।’ जिस रेंटल एग्रीमेंट का अनुज ने जिक्र किया, वो उनके और एक विदेशी महिला के बीच बना था। दरअसल, अनुज के समर्थ आंगन अपार्टमेंट में 3 फ्लैट थे। एक में वो खुद रहते थे और बाकी फ्लैट वो बॉलीवुड के स्ट्रगलिंग एक्टर्स को किराए पर देते थे। कुछ दिनों से दो फ्लैट खाली पड़े थे। ऐसे में उनके दोस्त करण सूद ने उन्हें एक विदेशी महिला से मिलवाया, जो वो फ्लैट किराए पर लेना चाहती थीं। करण ने खुद रेंटल एग्रीमेंट बनवाया था। इसके अलावा अपने दो नौकरों धनंजय शिंदे और मनोज गजकोश को भेजकर फ्लैट का रेनोवेशन करवा रहा था। अनुज का बयान सुनते ही, पुलिस को पहला शक उनके दोस्त करण सूद पर हुआ, जिसके दो नौकरों को आखिरी बार उस फ्लैट में अरुण टिक्कू के साथ देखा गया था। मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी हिमांशू रॉय इस केस की जांच कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने करण सूद से पूछताछ की वो दंग रह गए। दरअसल, जिस करण सूद को अनुज टिक्कू अपना करीबी दोस्त बता रहे थे, वो कोई रईस होटेलियर नहीं बल्कि मोस्ट वॉन्टेड अपराधी विजय पलांडे था, जिसका नाम पहले भी कई हत्याओं में सामने आ चुका था। जिस समय विजय को कोर्ट में पेश किया गया, वो कस्टडी से भाग निकला। हालांकि कुछ देर बाद उसे चर्चगेट से दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। जब पुलिस ने अनुज से पूछा कि आखिर वो विजय पलांडे उर्फ करण सूद को कैसे जानते हैं, तो अनुज ने सिमरन सूद का नाम लिया। सिमरन सूद एक एक्ट्रेस थीं, कई फिल्मों में नजर आ चुकी थीं और मुंबई में मॉडलिंग करती थीं। अनुज ने पुलिस को बताया कि करण सूद, एक्ट्रेस सिमरन सूद के भाई हैं, जिनके विदेश में कई होटल्स हैं। ये सब झूठ था। न ही सिमरन सूद का असली नाम सिमरन था, न ही करण सूद ने असल पहचान बताई थी। सिमरन का असली नाम था सीमा दुसांझ और करण सूद थे विजय पलांडे। दोनों भाई-बहन भी नहीं थे। 1997 में उनकी शादी हुई थी। एक्ट्रेस सिमरन सूद की एंट्री से केस और उलझ गया। हालांकि अनुज के बयान से पुलिस समझ चुकी थी कि उनका इस हत्या से कोई-लेना देना नहीं है। पूछताछ के बाद पुलिस अधिकारी हिमांशू रॉय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अनुज टिक्कू को केस में क्लीनचिट दे दी और उन्हें सरकारी गवाह बनाया गया। सिमरन और करण (विजय पलांडे) अनुज टिक्कू के खास दोस्त थे। साल 2010 में ही अनुज की दोस्ती एक्ट्रेस सिमरन सूद से हुई और जल्द ही दोनों अक्सर एक-दूसरे के घर आने-जाने लगे। अब सवाल ये था कि आखिर जाने-माने एक्टर अनुज टिक्कू की कुख्यात अपराधी से दोस्ती कैसे और क्यों हुई और इन सब में एक्ट्रेस सिमरन सूद का क्या लेना-देना था। वो सिमरन ही थीं, जिन्होंने सोची समझी साजिश के तहत अनुज से नजदीकियां बढ़ाई थीं। सिमरन से 2010 में हुई पहली मुलाकात को याद करते हुए अनुज टिक्कू कहते हैं, '2010 में, मर्डर से तकरीबन दो साल पहले सिमरन से मेरी मुलाकात हुई थी। मैं एक स्टूडियो में डबिंग के लिए गया था। वहां म्यूजिक डायरेक्टर जान निसार मेरे दोस्त थे। वहां सिमरन भी एक एल्बम कट करवाने आई थीं। मेरे डायरेक्टर दोस्त ने ही मेरा परिचय सिमरन से करवाया। हमारी दोस्ती हुई। बॉलीवुड में आप बहुत लोगों से मिलते हैं। हर रोज चार-पांच लोगों से मिलते हैं डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स। वो एक दिन घर आईं तो वहां मेरी फ्रेंडली मुलाकात हुई। हम दोनों ने आपस में बुक्स एक्सचेंज कीं। वो मेरी बुक्स ले जाती थी, मेरी सीडी, वीडियोज ले जाती थी। एक-दो बार ऐसे ही उसका घर आना-जाना हआ। मैं भी उसके घर जाता था।' अनुज आगे बताते हैं, ‘सिमरन ने कहा था कि वो एक मॉडल हैं और दो-तीन फिल्में कर चुकी हैं और यहीं लोखंडवाला में पास में रहती हैं और ज्यादा कुछ नहीं। मुझे याद है कि मेरे पिताजी के मर्डर के दो महीने पहले से वो मुझसे ज्यादा मिलने लगी थी क्योंकि मुझे लगता है कि मैं उसका एक टारगेट था।’वो सिमरन ही थीं, जिन्होंने अनुज की करण सूद (विजय पलांडे) से पहली मुलाकात करवाई थी। सिमरन मुंबई में ओबेरॉय स्प्रिंग में रहती थीं। एक रोज वहीं अनुज की विजय पलांडे से पहली मुलाकात हुई। इस पर अनुज कहते हैं, ‘एक बार मैं सिमरन के घर गया था। वहां सिमरन ने मुझे विजय पलांडे को करण सूद के नाम से इंट्रोड्यूस कराया। ये कहकर कि ये मेरा भाई है, ये होटल बिजनेस में है, इसके स्पेन में होटल्स वगैरह हैं, अब्रॉड आते-जाते रहता है, ट्रैवल करता है। मुझे बाद में पता लगा कि वो विजय पलांडे था जबकि मेरे बाप का मर्डर हो चुका था। पुलिस ने बताया कि ये विजय पलांडे है और एक कन्विक्टेड मर्डरर है।’ अनुज कहते हैं, ‘अगर मैं आपको करण सूद से मिलाऊं तो आप कहेंगे ये तो बड़ा ही अच्छा और नेक इंसान है। मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि शक करूं। जैसे ही मैं उससे मिला, मैंने हैंडशेक किया। वो उस समय लंदन जा रहा था। उसने कहा- बाद में मिलेंगे। उसने चार बोतल व्हिस्की मेरे हाथ में थमा दी। “चलो, एंजॉय योरसेल्फ, जब आऊंगा तब मिलेंगे।” बड़े फ्रेंडली तरीके से उसने अपने आप को प्रेजेंट किया जिसकी वजह से मुझे उस पर बिल्कुल भी शक नहीं हुआ।’ अनुज के पिता अरुण टिक्कू की भी हुई थी विजय से मुलाकात अरुण टिक्कू के मर्डर से ठीक दो महीने पहले ही अनुज ने उनकी मुलाकात विजय और सिमरन से करवाई थी। अरुण, दिल्ली आए हुए थे, तब अनुज उन्हें सिमरन के घर ले गए। वहां सभी ने चाइनीज ऑर्डर किया, साथ में डिनर किया। सबने काफी देर तक बात की। तब करण सूद उर्फ विजय ने अरुण टिक्कू से कहा था कि वो जल्द ही अनुज को भी अपने साथ होटल बिजनेस में जोड़ लेगा। अरुण टिक्कू हत्याकांड की जांच चल ही रही थी कि पुलिस को विजय पलांडे के बैंक लॉकर से एक सुसाइड नोट मिला। ये नोट अनुज टिक्कू की राइटिंग में था और इस पर उनका साइन भी था। अनुज फिर शक के घेरे में आ गए, जिसके बाद कई बड़े सवाल खड़े हुए। पहला सवाल- क्या अनुज ने पिता की हत्या करवाई और फिर आत्महत्या की कोशिश की? दूसरा सवाल- अनुज टिक्कू का सुसाइड नोट कुख्यात अपराधी विजय पलांडे के लॉकर में क्यों था? तीसरा सवाल- क्या विजय पलांडे और सिमरन ने अरुण टिक्कू की हत्या करवाई या नौकर इसके जिम्मेदार थे? चौथा सवाल- विजय पलांडे और सिमरन ने अचानक अनुज से दोस्ती क्यों बढ़ाई? पांचवां सवाल- क्या अनुज टिक्कू हत्याकांड से पहले भी विजय पलांडे ने वाकई कई हत्याएं कीं? इन सभी सवालों के जवाब कल 11 फरवरी को, अरुण टिक्कू मर्डर केस के पार्ट-2 में, सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर। ……………………………………… पार्ट-1, एक्टर अनुज के विदेश में टुकड़े करने की थी साजिश: नशे में लिखवाया फर्जी सुसाइड नोट, पिता की हत्या से बिगड़ा एक्ट्रेस-गैंगस्टर का प्लान करण सूद (विजय पलांडे) और सिमरन सूद ने पुलिस बयान में अनुज टिक्कू को पिता की हत्या का मास्टरमाइंड कहा। उन्होंने कहा कि अनुज के पिता से रिश्ते ठीक नहीं थे। वो ड्रग एडिक्ट थे और समर्थ आंगन सोसाइटी के कई लोग उनके खिलाफ शिकायत कर चुके थे। ऐसे में बार-बार शिकायतें मिलने के बाद अरुण टिक्कू, उन्हें दिल्ली वापस ले जाने के लिए मुंबई आए थे, लेकिन मुंबई में रहने और पिता से फ्लैट हथियाने के लिए अनुज ने पिता की हत्या करवा दी। पूरी कहानी पढ़िए कल, अरुण टिक्कू हत्याकांड के पार्ट- 2 में। (नोटः ये खबर एक्टर अनुज टिक्कू और मशहूर क्राइम जर्नलिस्ट नीरज अग्रवाल के इंटरव्यू और रिसर्च के आधार पर लिखी गई है।) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय…………………………………………………………………….. भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए... ………………………………….. पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। नीरज की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि नीरज की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने नीरज का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए...

