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मर्दानी 3 में विलेन बनीं अम्मा बोलीं:रानी मुखर्जी नहीं, शिवानी रॉय सामने थीं, एक्ट्रेस की एक बात दिल में रह गई

फिल्म मर्दानी 3 में ‘अम्मा’ के किरदार ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया है। इस किरदार को निभाने वाली अभिनेत्री मल्लिका प्रसाद सिन्हा ने अपनी दमदार अदाकारी से एक ऐसी विलेन रची, जिससे नफरत भी होती है और सोचने पर मजबूर भी होना पड़ता है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में मल्लिका ने अपने किरदार की तैयारी, मानसिक प्रक्रिया, रानी मुखर्जी के साथ अनुभव और अपने अभिनय सफर पर खुलकर बात की। मर्दानी 3 में आपका किरदार बेहद डार्क और लार्जर दैन लाइफ है। जब पहली बार स्क्रिप्ट आपके पास आई, तो क्या प्रतिक्रिया थी? असल में जब कोई एक्टर स्क्रिप्ट पढ़ता है, तो सबसे पहले वह उस किरदार का ग्राफ देखता है। उसकी अंदरूनी दुनिया, उसका आर्क और उसकी सोच। मुझे हमेशा ऐसे किरदार आकर्षित करते हैं जो बिल्कुल सही या बिल्कुल गलत नहीं होते, बल्कि राइट और रॉन्ग की सीमा पर खड़े होते हैं। ‘अम्मा’ एक मेगा विलेन है, लेकिन उसके अपने विश्वास हैं, उसकी अपनी स्पिरिट है। ऐसे कॉम्प्लेक्स किरदार को निभाना एक बेहद रोमांचक प्रक्रिया होती है। मल्लिका से ‘अम्मा’ बनने के इस ट्रांजिशन में कितना वक्त लगा और क्या चुनौतियां रहीं? यह प्रक्रिया कभी भी अकेले नहीं होती। यह हमेशा कोलैबोरेशन में होती है डायरेक्टर, कॉस्ट्यूम, हेयर, मेकअप टीम सब मिलकर किरदार को आकार देते हैं। हमने बहुत समय लुक टेस्ट में लगाया ज्वेलरी से लेकर हाथ पैर तक हर चीज पर बारीकी से काम हुआ। यह सब बहुत प्रेम और संवेदनशीलता के साथ बनाया गया किरदार है। मेरा काम किरदार का बिहेवियर और उसकी ह्यूमैनिटी लाना है, लेकिन जो कुछ भी आप स्क्रीन पर देखते हैं, वह सबकी मेहनत का नतीजा है। दर्शकों को आपके किरदार से नफरत हो गई है। जब आपने खुद को बड़े पर्दे पर देखा, तो कैसा महसूस हुआ? एक्टर के तौर पर हम किसी किरदार से नफरत नहीं कर पाते, क्योंकि हमें उसकी ह्यूमैनिटी दिख जाती है। हां, काम पूरा होने के बाद हम थोड़ा अलग हो जाते हैं और दर्शकों की प्रतिक्रिया देखने में मजा आता है। तब यह जानना दिलचस्प होता है कि लोगों ने उसे कैसे लिया। कुछ सीन इतने डरावने हैं कि कोई उस माहौल में रहना नहीं चाहेगा। क्या उस किरदार से बाहर निकलना मुश्किल था? नहीं, ऐसा होना भी नहीं चाहिए। यह हमारा प्रोफेशन है। हमारा काम ऐसा माहौल रचना है कि दर्शक उसे महसूस करें, लेकिन अगर हम खुद उसमें डूब जाएं तो वह खतरनाक हो सकता है। दुनिया में वैसे ही बहुत दर्द और तनाव है युद्ध, भूख, बच्चों की पीड़ा। वही असली तनाव की वजह है। किरदार को निभाना एक क्राफ्ट है, और उसी तरह उससे बाहर निकलना भी। मर्दानी फ्रेंचाइजी के विलेन में आपका फेवरेट कौन है पहले पार्ट के ताहिर या दूसरे के विशाल जेठवा? यह बहुत अनफेयर सवाल है। दोनों ही शानदार अभिनेता हैं। हर एक्टर अपने किरदार में अपनी यूनिकनेस लाता है। मैं खुद एक्टर्स को पढ़ाती हूं और उनसे बहुत मोहब्बत करती हूं। रानी मुखर्जी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? हमारे आमने-सामने के सीन बहुत कम थे, इसलिए ज्यादातर काम अलग-अलग ही हुआ। मेरे जहन में हमेशा शिवानी रॉय का किरदार ही सामने रहता था, इसलिए ऑन-स्क्रीन कई रिएक्शन मेरे लिए भी सरप्राइज रहे, जो फिल्म में बेहद खूबसूरती से काम कर गए। शूट की शुरुआत में रानी जी ने मुझे बहुत वॉर्म वेलकम किया और मुस्कुराते हुए कहा, ‘एवरीबडी लव्स यू ऑलरेडी।’ इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि ‘हमारी आंखों का रंग भी एक जैसा है।’ वह पल मेरे लिए वाकई बहुत खास था। क्या आपको डर है कि कहीं यह विलेन वाला रोल आपको टाइपकास्ट न कर दे? नहीं। एक्टर के पास हमेशा चॉइस होती है। मैं अलग-अलग भाषाओं में काम करती हूं और विविध किरदार निभा चुकी हूं। हां, यह खुशी जरूर है कि इस किरदार को इतना ऑर्गेनिक एक्सेप्टेंस और प्यार मिला है। अपने अब तक के सफर को कैसे देखती हैं? मजा आया है… और अभी भी मजा आ रहा है। मेरा परिवार हमेशा बहुत सपोर्टिव रहा है। मेरे पिता ने मुझे एनएसडी के फॉर्म के बारे में बताया, मेरे जीजाजी इंटरव्यू के दिनों में बाहर इंतजार करते रहे। यह जर्नी वाकई बेहद खूबसूरत रही है और मैं कुछ भी बदलना नहीं चाहूंगी। आगे आने वाले समय और अपने भविष्य के सपनों को आप किस तरह देखती हैं? सपने तो रोज देखती हूं। सपने देखने के पैसे नहीं लगते। हर कोई क्रिएटिवली ग्रो करना चाहता है, चैलेंज चाहता है और एक सम्मानजनक माहौल चाहता है। बस वही चाह है। सिनेमा को लेकर आप कौन-सा ऐसा बदलाव देखना चाहेंगी, जो आपको सबसे ज्यादा जरूरी लगता है? सबसे पहले यह पूछना बंद होना चाहिए कि ‘औरतें कहां हैं?’ यह सवाल ही गलत है। हम हर जगह हैं। नए और युवा स्टोरीटेलर्स को सपोर्ट करना चाहिए, भले ही उनकी कहानियां थोड़ी अनकम्फर्टेबल क्यों न हों। रिस्क लेने से ही सिनेमा का इकोसिस्टम आगे बढ़ता है। दर्शकों के लिए मर्दानी 3 को लेकर आप क्या संदेश देना चाहेंगी? यह फिल्म कुछ बहुत जरूरी सवाल उठाती है। इसे सिर्फ एंटरटेनमेंट की तरह नहीं, बल्कि आत्ममंथन की तरह देखें। सोचिए कि समाज के तौर पर हमने कहां चूक की है। फिल्म भारी जरूर है, लेकिन मैं वादा करती हूं आपको मजा भी आएगा और सोचने पर भी मजबूर करेगी।

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 6:30 am

वैलेंटाइन डे पर रिलीज होगी शाहिद-तृप्ति की ‘ओ रोमियो’:एक्टर ने कहा- रोमांस जिंदगी की सबसे खूबसूरत चीज, एक्ट्रेस बोलीं- थोड़ी रोमांटिक और रियलिस्ट हूं

वैलेंटाइन डे पर रिलीज हो रही शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म ‘ओ रोमियो’ सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि गहराई, इमोशन और जटिल किरदारों की दुनिया है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी ने विशाल भारद्वाज के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। तृप्ति ने बताया कि फिल्म में अफ्शा जैसे इंटर्नल किरदार को पर्दे पर उतारना कितना चुनौतीपूर्ण था। शाहिद ने अपने अभिनय के नजरिए, रोमांस की परिभाषा और ‘कबीर सिंह’ व ‘एनिमल पार्क’ को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी बेबाकी से बात की, वहीं तृप्ति ने को-एक्टर के तौर पर शाहिद से मिली सीख और अपने सफर की खूबसूरत झलक साझा की। पेश है बातचीत के कुछ और खास अंश.. सवाल:'ओ रोमियो’ की स्क्रिप्ट जब पहली बार सुनी, तो उस वक्त आपके मन में क्या चल रहा था और आपको इस फिल्म के बारे में किसने बताया? जवाब/तृप्ति डिमरी: मुझे विशाल सर का कॉल आया था और मैं उनसे मिलने ऑफिस गई थी। मैं पहले से ही बहुत एक्साइटेड थी क्योंकि मैं हमेशा से उनके साथ काम करना चाहती थी। जब उन्होंने कहानी सुनाई, तो मुझे तुरंत लगा कि यह कुछ अलग है। कहानी से भी जुड़ाव हुआ और मेरे किरदार अफ्शा से भी। उस दिन से लेकर आखिरी शूट तक पूरी जर्नी बहुत खूबसूरत रही। कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जिनमें काम करते हुए आप चाहते हैं कि यह सफर कभी खत्म ही न हो। ‘ओ रोमियो’ मेरे लिए वैसी ही फिल्म है। सवाल: शाहिद जब आपने ने स्क्रिप्ट सुनी तब आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब/शाहिद कपूर: मेरे और विशाल भारद्वाज सर के बीच रिश्ता बहुत पुराना है, लेकिन करीब सात आठ साल बाद हम किसी फिल्म के लिए फिर साथ आए। इसके बावजूद मैं हर स्क्रिप्ट को बिल्कुल न्यूट्रल नजरिए से सुनता हूं। मेरे लिए सबसे जरूरी यह होता है कि कहानी और किरदार मुझसे जुड़ें। अगर वह कनेक्शन नहीं बनता, तो फिल्म करना मुझे ईमानदार नहीं लगता। जब विशाल सर ने ‘ओ रोमियो’ की स्क्रिप्ट खत्म की, तो मुझे लगा कि इसमें वह गहराई और इमोशनल लेयर है, जो मुझे एक एक्टर के तौर पर एक्साइट करती है। इस बार उन्होंने मास और क्लास दोनों को ध्यान में रखते हुए कहानी कही है। सवाल: तृप्ति, आपने कई बार कहा है कि शाहिद से आपने बहुत कुछ सीखा। एक को-एक्टर के तौर पर उनकी कौन सी बातें आपको सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं? जवाब/तृप्ति डिमरी: सिर्फ दो खूबियां गिनाना मुश्किल है। लेकिन सबसे पहले उनकी डिसिप्लिन। वह एक परफेक्शनिस्ट हैं। अगर उन्हें लगता है कि सीन और बेहतर हो सकता है, तो वह तब तक करते रहते हैं जब तक खुद पूरी तरह संतुष्ट न हों। दूसरी बात यह है कि वह हर टेक में कुछ नया लेकर आते हैं। कभी ऐसा नहीं लगता कि वही चीज दोहराई जा रही है। इससे सामने वाले एक्टर की परफॉर्मेंस भी बेहतर हो जाती है। और सबसे अहम बात यह है कि वह अपने को एक्टर को बहुत सिक्योर और रिलैक्स महसूस कराते हैं। एक एक्टर और एक इंसान, दोनों रूपों में उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। सवाल: अफ्शा का किरदार निभाते वक्त आपके लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? जवाब/तृप्ति डिमरी: अफ्शा एक बहुत इंटर्नल किरदार है। उसके भीतर दर्द, गुस्सा और उदासी है, लेकिन वह बाहर बहुत कम दिखाई देती है। उस बैलेंस को पकड़ना आसान नहीं था। मेरे एक्टिंग कोच अतुल मोंगिया और विशाल सर के साथ कई लंबे सेशन्स हुए। शुरुआत में मुझे उसे समझने में वक्त लगा, लेकिन जैसे जैसे शूट आगे बढ़ा, वैसे वैसे मैं किरदार के और करीब जाती गई। मुझे लगता है कि अगर कोई किरदार आपको चैलेंज नहीं करता, तो उसमें मजा नहीं है। एक्टर के तौर पर ग्रोथ वहीं से शुरू होती है। सवाल: आप दोनों की पहली मुलाकात और शुरुआती कामकाजी रिश्ता कैसा रहा? जवाब/तृप्ति डिमरी: हम पहली बार रीडिंग के दौरान मिले थे। उस वक्त सबका फोकस सिर्फ स्क्रिप्ट और किरदार पर था। किसी को जज करने का सवाल ही नहीं था। शाहिद कपूर: पहले ही दिन हमारा एक अहम सीन था और मैंने देखा कि तृप्ति पूरी तरह अपने किरदार में थीं। जब आप किसी एक्टर को इतने कमिटमेंट के साथ काम करते देखते हैं, तो एक अलग तरह की संतुष्टि मिलती है। सवाल:फिल्म वैलेंटाइन डे पर रिलीज हो रही है। लोग जानना चाहते हैं कि एक हार्डकोर रोमांटिक इंसान की क्या-क्या खूबियां होती हैं। क्या आप खुद को रोमांटिक मानते हैं? जवाब/शाहिद कपूर: मैं अपने बारे में खुद कमेंट नहीं कर सकता। इसके लिए आपको किसी और से पूछना पड़ेगा। मुझे नहीं पता मैं कितना रोमांटिक हूं। लेकिन हां, रोमांस एक बहुत खूबसूरत चीज है। मोहब्बत जिंदगी की सबसे खूबसूरत चीजों में से एक है, बिना किसी शक के। तो अगर पूछें, तो मैं कहूंगा कि हां, मैं रोमांटिक हूं। तृप्ति डिमरी: मैं रोमांटिक भी हूं और थोड़ी रियलिस्ट भी। दोनों का बैलेंस जरूरी है। सवाल: आप दोनों का एक कॉमन कनेक्शन संदीप रेड्डी वांगा भी हैं। फैंस लगातार कहते हैं कि अगर एनिमल पार्क बनी, तो उसमें कबीर सिंह की एंट्री होनी चाहिए। इस पर आप क्या कहना चाहेंगे? जवाब/शाहिद कपूर: पता नहीं यार, शायद मैं इस सवाल का जवाब देने के लिए सही इंसान नहीं हूं। लेकिन सच यह है कि जब एनिमल बन रही थी, तब संदीप मुझसे मिलने आए थे। उनकी इच्छा थी कि कबीर सिंह का एक सीन उस दुनिया में हो। कुछ वजहों से, डेट्स और बाकी चीजों की वजह से, वह हो नहीं पाया। लेकिन उनके दिमाग में यह ख्याल जरूर था। आगे क्या होगा, यह पूरी तरह संदीप पर है। वह दुनिया उनकी है, किरदार उनके हैं। वह जो सही समझेंगे, वही करेंगे। फैंस चाहते हैं, यह बात अच्छी भी लगती है। तृप्ति डिमरी: जब दर्शक किसी किरदार को इतने समय तक याद रखते हैं और दोबारा देखना चाहते हैं, तो यह दिखाता है कि वह किरदार उनके दिल में बस चुका है। सवाल: हाल ही में अरिजीत सिंह ने इंडस्ट्री से ब्रेक लिया। इस पर आपकी क्या राय है? जवाब/शाहिद कपूर: हर कलाकार की अपनी निजी यात्रा होती है। आर्ट बहुत पर्सनल चीज है। अगर कोई कलाकार अपने लिए थोड़ा सुकून चाहता है, तो वह उसका हक है। अरिजीत ने दुनिया को बहुत सुकून दिया है। तृप्ति डिमरी: यह फैसले बहुत निजी होते हैं और हमें उन्हें समझदारी के साथ देखना चाहिए। सवाल: कबीर सिंह आज भी आपके सबसे चर्चित किरदारों में से एक है। एनिमल पार्क में उसकी एंट्री को लेकर जो चर्चा है, उसे आप कैसे देखते हैं? जवाब/शाहिद कपूर: यह सच है कि जब एनिमल बन रही थी, तब संदीप रेड्डी वांगा मुझसे मिलने आए थे। वह चाहते थे कि कबीर सिंह का एक सीन उस फिल्म की दुनिया में हो। लेकिन कई बार हालात ऐसे बनते हैं कि चीजें चाहकर भी नहीं हो पातीं। कुछ डेट्स का इशू था, कुछ दूसरी वजहें थीं। यह पूरी तरह डायरेक्टर का फैसला होता है। वह उनकी दुनिया है, उनके किरदार हैं। अगर उन्हें लगेगा कि किसी किरदार की एंट्री कहानी को और मजबूत करती है, तो वह जरूर करेंगे। एक एक्टर के तौर पर यह जानकर अच्छा लगता है कि लोग आज भी उन किरदारों से इतना जुड़ाव महसूस करते हैं।

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 5:30 am

30 साल के करियर पर 'मर्दानी 3':रानी मुखर्जी ने कहा- बुराई का कोई जेंडर नहीं, लेकिन औरत का सम्मान हमेशा महारानी जैसा होना चाहिए

रानी मुखर्जी हिंदी सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में हैं, जिन्होंने अपने तीन दशक लंबे करियर में अभिनय को सिर्फ कला नहीं, जिम्मेदारी बनाया है। ‘मर्दानी 3’ उनके इस सफर की सबसे सशक्त कड़ी बनकर सामने आती है। रानी मानती हैं कि यह फिल्म महज एक कहानी नहीं, बल्कि महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों की सुरक्षा और सम्मान का संदेश है। शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार के जरिए वह महिला पुलिस अधिकारियों के साहस, संघर्ष और जज्बे को सलाम करती हैं। रानी के लिए सिनेमा बदलाव की आवाज है, जहां औरत का दर्जा हमेशा एक महारानी जैसा होना चाहिए। हाल ही में रानी मुखर्जी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की, पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: इंडस्ट्री में आपके 30 साल पूरे होना, और उसी मौके पर ‘मर्दानी 3’ जैसी इतनी सशक्त और प्रभावशाली स्क्रिप्ट का मिलना, एकदम परफेक्ट फिट है। ऐसा क्या था इस प्रोजेक्ट और इस स्क्रिप्ट में, जिसने 30 साल पूरे होने पर आपको इसे चुनने के लिए प्रेरित किया? जवाब: असल में यह सब अपने आप हो गया। इसमें कोई खास योजना नहीं थी। ‘मर्दानी 3’ की शूटिंग मैं पिछले साल कर रही थी और तब यह भी नहीं पता था कि यह किस साल रिलीज होगी। लेकिन जैसा कहते हैं न कि कभी-कभी चीजें अपने आप जुड़ जाती हैं, जैसे किस्मत। शायद यह देवी मां का आशीर्वाद है कि मेरे 30 साल के करियर में यह इतनी शक्तिशाली फिल्म, इतने मजबूत संदेश के साथ मेरे जीवन से जुड़ गई। यह फिल्म औरतों, लड़कियों और बच्चियों के लिए एक बहुत अहम संदेश लेकर आई है। मेरे इंडस्ट्री के 30 साल के सफर में यह फिल्म एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है। मैं बस यही दुआ करती हूं कि आगे चलकर और भी लड़कियां सतर्क रहें, बच्चियों और महिलाओं पर अत्याचार न हो, और जो भी दर्शक यह फिल्म देखें, वे यह समझें कि औरतों का जो दर्जा होना चाहिए, वह एक महारानी जैसा होना चाहिए। चाहे वह आपकी मां हो, पत्नी हो, बहन हो या बेटी। घर में उनका सम्मान हमेशा एक रानी की तरह होना चाहिए। सवाल : आप इकलौती ऐसी अभिनेत्री हैं जिनके नाम पर एक सफल फिल्म फ्रेंचाइज है। क्या इससे आपके ऊपर दबाव और जिम्मेदारी और बढ़ जाती है? जवाब: मैं हमेशा यही कहूंगी कि हर फिल्म के साथ दबाव और जिम्मेदारी होती ही है। हर फिल्म में निर्माता, निर्देशक और लेखक एक सपना देखते हैं, एक अच्छी कहानी बनाने का और उसे दर्शकों तक पहुंचाने का। कलाकार के रूप में हमारी भी जिम्मेदारी होती है कि हम अपने किरदार को पूरी ईमानदारी और खूबसूरती से निभाएं। शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभाने के साथ एक खास जिम्मेदारी जुड़ी है, क्योंकि वह वर्दी में एक महिला है। हमारी असल जिंदगी की जो महिला पुलिस अधिकारी हैं, जो हर राज्य और हर जिले में हमारी सुरक्षा कर रही हैं। यह फिल्म उनके जीवन पर है। उनकी चुनौतियों और उनके संघर्षों को दर्शाती है। वे किस तरह बच्चियों और महिलाओं को अपराध से बचाने की कोशिश करती हैं, यह दिखाना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। सवाल :पहली बार ऐसा देखने को मिलेगा कि एक महिला नायिका और एक महिला खलनायिका आमने-सामने हैं। जब आपको पता चला कि शिवानी शिवाजी रॉय बनाम अम्मा का मुकाबला होने वाला है, तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मर्दानी हमेशा से एक ऐसी फ्रेंचाइज रही है जो समाज की सच्चाई पर आधारित है। खासकर बच्चियों और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर। इसका मकसद जागरूकता फैलाना भी है, क्योंकि आज कोई भी जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं,न घर के अंदर, न बाहर। बुराई का कोई जेंडर नहीं होता। बुराई किसी के अंदर भी आ सकती है। चाहे वह एक युवा लड़का हो, जैसा कि पहले भाग में था, या फिर कोई पढ़ा-लिखा, सभ्य दिखने वाला इंसान। इस बार अगर अम्मा का किरदार एक महिला निभा रही है, तो इसका मतलब यह नहीं कि बुराई महिला की वजह से है। जहां बुराई होती है, वहां अच्छाई उसका सामना करती है,और वही शिवानी का किरदार है। यही मैं कहना चाहती थी कि बुराई का कोई लिंग नहीं होता। सवाल: मर्दानी फ्रेंचाइज को भारतीय पुलिस बल, खासकर महिला पुलिस अधिकारियों के लिए एक श्रद्धांजलि की तरह देखा जाता है। क्या कोई ऐसा अनुभव है जो आज भी आपके दिल में बसा हो? जवाब: जब भी मैं उनसे मिलती हूं, तो उनके पारिवारिक जीवन के बारे में पूछती हूं कि वे सब कुछ कैसे संभालती हैं। वे बताती हैं कि सुबह पूरे परिवार के लिए खाना बनाती हैं, फिर ड्यूटी पर जाती हैं और रात को लौटकर फिर घर की जिम्मेदारियां निभाती हैं। यह सब जानकर मुझे बहुत प्रेरणा मिलती है। वे अपनी ड्यूटी के साथ-साथ घर की जिम्मेदारी भी पूरी मुस्कान के साथ निभाती हैं। दिन के 24 घंटे बहुत कम पड़ जाते हैं, फिर भी वे हर मोर्चे पर डटी रहती हैं। वही असली शक्ति हैं, वही असली मर्दानी हैं। सवाल : फिल्म में आपकी एंट्री पर सीटियां और तालियां बज रही थीं। आपने खुद स्टंट किए हैं। कई वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि आपकी स्क्रीन प्रेजेंस में धर्मेंद्र की ताकत और सनी देओल का पावर दिखता है? जवाब: कृपया मेरी तरफ से उन सभी वरिष्ठ पत्रकारों को धन्यवाद कहिएगा। वे इतने सालों से फिल्में देखते आ रहे हैं, तो अगर उन्हें मेरे काम में यह ताकत नजर आई, तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। जब आप लोग मेरे काम की सराहना करते हैं, तो मुझे लगता है कि मेरी मेहनत और मेरी कोशिश रंग लाई है। एक कलाकार के तौर पर मैं इसी के लिए जीती हूं। सवाल : आपने खुद इतने कठिन स्टंट किए। यह शारीरिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। आपने यह सब कैसे किया? जवाब: क्योंकि मेरे ऊपर एक जिम्मेदारी थी कि जिन महिला पुलिस अधिकारियों का मैं प्रतिनिधित्व कर रही हूं, उनका चित्रण सच्चाई और सम्मान के साथ हो। लोगों को यह समझना चाहिए कि हमारी पुलिस फोर्स की महिलाएं किस जज्बे से अपना काम करती हैं। कभी-कभी हमें खुद पर भी शक होता है कि हम यह कर पाएंगे या नहीं, लेकिन अगर अंदर जज्बा हो, तो हम कुछ भी कर सकते हैं। शूटिंग के दौरान मैंने यही जज्बा अपने साथ रखा। जो भी चुनौती सामने आई, मैंने उसे स्वीकार किया। सवाल : आपको बहुत सारे कॉम्प्लिमेंट्स और फीडबैक मिले होंगे। कोई ऐसा कॉम्प्लिमेंट जो आज भी दिल में हो? जवाब: बहुत से लोग कहते हैं कि जब वे मेरा काम देखते हैं, तो उन्हें सिर्फ एक किरदार नहीं दिखता, बल्कि एक एहसास महसूस होता है। यह मेरे लिए बहुत जरूरी है। अगर कोई लड़की यह फिल्म देखकर खुद को मजबूत, प्रेरित और सशक्त महसूस करती है, तो यही मेरे काम की सबसे बड़ी सफलता है। यह सुनकर मुझे बेहद खुशी मिलती है। सवाल: क्या आपकी बेटी ने ‘मर्दानी 3’ देखी है? जवाब: अभी तो उनकी उम्र इतनी नहीं है कि वो पूरी फिल्म देख सकें। सवाल: लेकिन झलक तो देख पाई होंगी? जवाब: हां, झलक तो वो रोज घर पर देख ही लेती है। लेकिन वो बहुत प्राउड फील करती है, क्योंकि उसके स्कूल की टीचर्स उससे कहती हैं कि उन्होंने मम्मा की नई फिल्म देखी और उन्हें बहुत पसंद आई। तो वो बहुत खुश होती है, बहुत गर्व महसूस करती है। सवाल: ‘मर्दानी 3 के बाद आपसे उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। आगे क्या देखने को मिलेगा? जवाब: अभी मैं ज्यादा कुछ कहना नहीं चाहती, क्योंकि इस वक्त पूरा फोकस सिर्फ ‘मर्दानी 3’ पर होना चाहिए। मैं चाहती हूं कि जितनी महिलाएं हैं, जितनी औरतें हैं, जितनी फैमिलीज हैं। सब जाकर ये फिल्म थिएटर में देखें। इस फिल्म को थिएटर में देखना बहुत जरूरी है। क्योंकि अगर मुझे मर्दानी की सीरीज को आगे लेकर जाना है, तो इस फ्रेंचाइजी का ब्लॉकबस्टर होना बेहद जरूरी है। सवाल: बिल्कुल, और फिल्म का इंपैक्ट साफ दिख रहा है। खासतौर पर फीमेल ऑडियंस को तो बहुत पसंद आ रही है। हालांकि सिर्फ महिलाएं ही नहीं, हर तरह की ऑडियंस इसे पसंद कर रही है। क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैंने बहुत सारे पब्लिक रिव्यूज देखे हैं और मुझे ऐसा लग रहा है कि लड़कों को ये फिल्म बहुत ज्यादा पसंद आ रही है। जितने भी लड़के फिल्म देखकर बाहर आ रहे हैं, वो बड़े गर्व के साथ कह रहे हैं कि ये मस्ट वॉच फिल्म है और सबको देखनी चाहिए। मुझे ये देखकर बहुत अच्छा लग रहा है, क्योंकि लड़के भी ये महसूस कर रहे हैं कि बुराई का अंजाम ऐसा ही होना चाहिए।

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 4:30 am

उत्तराखंड के खलियाटॉप में रास्ता भटकीं हर्षा रिछारिया:अंधेरा बढ़ने के साथ खतरा बढ़ा, मुनस्यारी पुलिस ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के खलिया टॉप घूमने आईं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया अपने कुछ साथियों के साथ रास्ता भटक गईं। अंधेरा होने और मोबाइल नेटवर्क बाधित होने से स्थिति गंभीर हो गई। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र और अंधेरा होने के कारण स्थिति गंभीर हो गई। सूचना मिलने पर मुनस्यारी पुलिस ने तुरंत खोजबीन शुरू की। पुलिस ने हर्षा और उनके दोस्तों को सुरक्षित ढूंढ निकाला। हर्षा ने पुलिस को धन्यवाद दिया। पुलिस ने लोगों से कहा है कि पहाड़ों पर घूमने जाएं तो मौसम और रास्तों की जानकारी रखें और अंधेरा होने से पहले सुरक्षित जगह पर पहुंच जाएं। अंधेरा होने से बढ़ा खतरापिथौरागढ़ एसपी रेखा यादव ने बताया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हर्षा रिछारिया अपनी बहन और अन्य साथियों के साथ मुनस्यारी घूमने आई थीं। उस दौरान वो खलिया टॉप गईं थीं। पहाड़ी इलाका होने के कारण रास्ते पहचानना मुश्किल हो गया और अंधेरा बढ़ने के साथ खतरा भी बढ़ गया। मोबाइल नेटवर्क न मिलने से संपर्क करना भी चुनौती बन गया। सभी को सुरक्षित स्थान तक पहुंचायाएसपी ने बताया कि सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष अनिल आर्या के नेतृत्व में कॉन्स्टेबल वीरेंद्र सिंह, बलवंत सिंह और प्रेम बंग्याल की टीम ने दुर्गम और जोखिम भरे रास्तों पर सर्च अभियान शुरू किया। रात के अंधेरे, ठंड और कठिन भौगोलिक स्थिति के बावजूद पुलिस टीम ने कई घंटों की मशक्कत के बाद सभी को ढूढकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। एसपी रेखा यादव ने बताया कि पिथौरागढ़ पुलिस जनसेवा, सुरक्षा एवं सहायता के अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विषम परिस्थितियों में भी आमजन के साथ हर समय तत्परता से खड़ी रहती है। हर्षा रिछारिया ने पुलिस की सराहना कीरेस्क्यू के बाद हर्षा रिछारिया और उनके साथियों ने पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि समय पर मदद न मिलती तो हालात बेहद खतरनाक हो सकते थे। पुलिस ने पर्यटकों से की अपीलपुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद पर्यटकों से विशेष अपील की है कि पर्वतीय क्षेत्रों में भ्रमण के दौरान मौसम, समय और मार्ग की पूरी जानकारी लेकर ही यात्रा करें। अंधेरा होने से पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचना सुनिश्चित करें और बिना स्थानीय जानकारी के जोखिम भरे रास्तों पर जाने से बचें। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… 'सनातन धर्म बॉयफ्रेंड नहीं जो आज पकड़ा कल छोड़ दिया':हर्षा रिछारिया पर बोले स्वामी आनंद स्वरूप- मैंने पहले ही कहा था ये सिर्फ रीलबाज 2025 प्रयागराज कुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने अब सनातन धर्म की राह छोड़ने का ऐलान कर दिया है। हर्षा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वह “सीता माता नहीं हैं” और मौनी अमावस्या के बाद धर्म के रास्ते से हटकर अपने पुराने प्रोफेशन में लौट जाएंगी।(पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 8:42 pm

मूवी रिव्यू- भाभीजी घर पर हैं:हंसी के नाम पर शोर, फिल्मी उड़ान धड़ाम, फूहड़ता के शोर में डूबी कहानी

छोटे पर्दे की लोकप्रियता को बड़े पर्दे पर भुनाने की कोशिश अक्सर जोखिम भरी होती है, और यह फिल्म उसी जोखिम का असफल उदाहरण है। जो किरदार टीवी पर हल्की मुस्कान दे जाते थे, वही दो घंटे की फिल्म में थकान और ऊब पैदा करते हैं। कहानी की जगह शोर है, हास्य की जगह फूहड़ता है, और मनोरंजन की जगह हताशा। कहानी, फूहड़ मजाकों की भरमार है। यह फिल्म आज रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 1 स्टार की रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी क्या है? मनमोहन तिवारी और विभूति मिश्रा की पड़ोसी प्रतिद्वंद्विता के बीच दो गुंडा भाई शांति और क्रांति की एंट्री होती है। दोनों को अंगूरी और अनीता से प्रेम हो जाता है और यहीं से शुरू होती है भागदौड़ और जबरन रची गई घटनाओं की लंबी कड़ी। कहानी आगे बढ़ने के बजाय बार बार चुटकुलों के सहारे टिकती है। पाद से जुड़े संवाद, दोअर्थी टिप्पणियां और देह पर केंद्रित हास्य इतने ज्यादा हैं कि कथा का कोई संतुलन नहीं बन पाता। कई दृश्य असहज करते हैं, कई उबाऊ लगते हैं, और अंत तक आते आते दर्शक का धैर्य जवाब देने लगता है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? आसिफ शेख और रोहिताश्व गौर अपने परिचित किरदारों में सहज हैं, लेकिन पटकथा उन्हें सीमित कर देती है। शुभांगी अत्रे कुछ पलों में चमकती हैं, पर उनके हिस्से भी दोहराव ही आता है। विदिशा श्रीवास्तव को करने के लिए बहुत कम मिलता है। रवि किशन ऊर्जा लाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कमजोर लेखन उनकी मौजूदगी का पूरा लाभ नहीं उठा पाता। सहायक कलाकारों की भीड़ है, पर उनका उपयोग कहानी को मजबूत करने में नहीं हो पाता। फिल्म का डायरेक्शन और तकनीकी पहलू कैसा है? निर्देशक ने टीवी की दुनिया को ज्यों का त्यों परदे पर उतार दिया, पर सिनेमा की मांगों के अनुरूप विस्तार नहीं दिया। पटकथा में कसावट नहीं है, संपादन ढीला है और कई दृश्य अनावश्यक रूप से खिंचते हैं। दृश्य संयोजन साधारण है, पृष्ठभूमि संगीत प्रभाव नहीं छोड़ता। पूरी फिल्म एक ऐसे विस्तारित एपिसोड जैसी लगती है जिसे बिना ठोस कारण के लंबा कर दिया गया हो। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? यह फिल्म अपने प्रशंसकों को पुराना स्वाद देने की कोशिश करती है, लेकिन वही स्वाद यहां बासी और बनावटी लगता है। यदि सिनेमा से उम्मीद है तो यह अनुभव निराश करेगा। एक स्टार, और वह भी केवल कलाकारों की मेहनत के नाम।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 6:35 pm

साउथ एक्ट्रेस अंजू कृष्णा ड्रग्‍स केस में गिरफ्तार:पुलिस ने नकली ग्राहक भेज कर ट्रैप सेट किया, मेथम्फेटामाइन-गांजा सहित अन्य अवैध पदार्थ जब्त किए

साउथ फिल्म इंडस्ट्री से ड्रग्स का मामला सामने आया है। एंटी-नारकोटिक्स इंटेलिजेंस यूनिट (ANIU) साउथ की टीम ने अभिनेत्री अंजू कृष्णा और असिस्टेंट डायरेक्टर विंसी निवेथा सहित कुल 8 लोगों को ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया है। टीओआई सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने गुरुवार देर रात वलसरवक्कम इलाके में चलाए गए छापेमारी अभियान में टीम ने मेथम्फेटामाइन और गांजा सहित अन्य अवैध पदार्थ जब्त किए। शुरुआती जांच में पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अवैध ड्रग्स की खेप के साथ संदिग्ध एक्टिविटी कर रहे हैं, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई। कार्रवाई कैसे हुई? पुलिस ने पहले एक नकली ग्राहक भेज कर एक ट्रैप सेट किया। जब संदिग्धों की कार वलसरवक्कम के पास पहुंची, तो पुलिस ने उसे रोका और तलाशी ली। तलाशी में लगभग 6 ग्राम मेथम्फेटामाइन, 7 ग्राम OG गांजा, 15 ग्राम गांजा, एक स्मोकिंग बॉन्ग, एक स्टैम्प और 9 मोबाइल फोन बरामद हुए। पकड़े गए सभी लोगों को पुलिस हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया है। अंजू कृष्णा कौन हैं? अंजू कृष्णा साउथ सिनेमा की अभिनेत्री हैं, जिन्होंने तमिल फिल्म ‘वेल्लिमालई’ और कुछ मलयालम फिल्मों में काम किया है। उनके करियर में ‘आरो’ और ‘आकाशम कदन्न’ जैसी फिल्मों का नाम भी शामिल है। विंसी निवेथा एक असिस्टेंट डायरेक्टर हैं, जो तमिल फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रही हैं और उनके भी परीक्षण के बाद नाम सामने आया है। पुलिस की जांच जारी पुलिस की प्रारंभिक जांच में साफ-साफ संकेत मिले हैं कि कथित सप्लाई चेन और ड्रग्स कनेक्शन को लेकर गहराई से जांच चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामला सिर्फ उपभोग तक सीमित नहीं लगता, बल्कि आपूर्ति नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 6:15 pm

भागम भाग 2 में नहीं होंगे गोविंदा!:एक्टर की जगह मनोज बाजपेयी को किया गया कास्ट, अक्षय कुमार और परेश रावल फिर नजर आएंगे

कॉमेडी फिल्म भागम भाग का सीक्वल बनने जा रहा है। भागम भाग 2 में अक्षय कुमार और परेश रावल की वापसी होगी, जबकि सीक्वल में मनोज बाजपेयी को गोविंदा की जगह कास्ट किया गया है। वैरायटी इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भागम भाग 2 में अक्षय कुमार और परेश रावल पहले पार्ट की तरह नजर आएंगे। वहीं, फिल्म में मनोज बाजपेयी की एंट्री होगी। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ मीनाक्षी चौधरी लीड रोल में होंगी। मनोज बाजपेयी के अपोजिट एक्ट्रेस को लेकर बातचीत चल रही है। फिल्म की शूटिंग अगले महीने मुंबई में शुरू होगी। सीक्वल की कहानी गलत पहचान, कॉमेडी ऑफ एरर्स और बढ़ती अफरा-तफरी पर आधारित होगी, जो ओरिजिनल फिल्म के इमोशन को बनाए रखेगी। बता दें कि भागम भाग साल 2006 में रिलीज हुई थी। फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया था। वहीं, भागम भाग 2 का निर्देशन राज शांडिल्य करेंगे। प्रियदर्शन इस बार फिल्म से जुड़े नहीं हैं, क्योंकि वह पहले से अक्षय के साथ दूसरी फिल्मों में व्यस्त हैं। प्रियदर्शन और अक्षय हॉरर-कॉमेडी फिल्म भूत बंगला में साथ काम कर रहे हैं, जो 15 मई 2026 को रिलीज होने वाली है। इसके अलावा, प्रियदर्शन थ्रिलर फिल्म हैवान पर भी काम कर रहे हैं, जिसमें अक्षय और सैफ अली खान नजर आएंगे और यह फिल्म भी 2026 में रिलीज हो सकती है। फिल्म भागम भाग में लारा दत्ता, राजपाल यादव, जैकी श्रॉफ और अरबाज खान शामिल थे। इसकी पटकथा नीरज वोरा ने लिखी थी। फिल्म का संगीत प्रीतम ने दिया था। ₹32 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब ₹67 करोड़ से ज्यादा की कमाई की और उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हुई। हालांकि, समीक्षकों की राय मिली-जुली रही, लेकिन सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर कई मीम बने और दर्शकों के बीच इसे कल्ट कॉमेडी का दर्जा मिला।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 12:51 pm

‘गोविंदा ने करोड़ों के ऑफर ठुकराए’:एक्टर के पैसों की तंगी होने के दावे पर मैनेजर ने किया रिएक्ट

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा के दिवालिया होने की खबरों पर उनके मैनेजर शशि सिन्हा ने रिएक्ट किया है। हाल ही में कॉलेज और प्राइवेट इवेंट्स में परफॉर्म करने और साधारण कार में नजर आने के बाद ये चर्चाएं उठीं। मैनेजर ने बताया कि गोविंदा की आर्थिक स्थिति ठीक है। पिछले काफी समय से गोविंदा को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हाल ही में गोविंदा को कुछ प्राइवेट इवेंट्स और एक कॉलेज फंक्शन में डांस करते देखा गया, जिसके बाद यह कहा जाने लगा कि वह पैसों की तंगी के चलते ऐसे कार्यक्रमों में परफॉर्म कर रहे हैं। वहीं, हाल ही में गोविंदा का यूपी में एक साधारण टैक्सी में सफर करते वीडियो भी वायरल हुआ, जिसे कुछ लोगों ने उनके “डाउनफाल” से जोड़ दिया। इन खबरों पर गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने प्रतिक्रिया देते हुए ANI से कहा, “ जो सरकार का एयरपोर्ट जोन होता है, जहां आर्म्स, एम्युनिशन और सरकारी इंतजाम होते हैं, वहां प्राइवेट गाड़ियां अलाउड नहीं होतीं। क्या आपने कभी गौर से देखा है कि वहां ‘भारत सरकार’ लिखा होता है? क्या भारत सरकार की गाड़ी किसी आम आदमी को ऐसे ही मिल जाती है? एयरपोर्ट पर उस समय भारत सरकार की गाड़ी अलाउड थी, इसलिए वही इस्तेमाल की गई। गोविंदा के पास एक नहीं, बल्कि कई गाड़ियां हैं। करोड़ों रुपए के कई ऑफर गोविंदा ठुकरा चुके शशि सिन्हा ने कहा कि गोविंदा भले ही पिछले कई सालों से किसी फिल्म में नजर नहीं आए हों, लेकिन उनकी डिमांड आज भी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि गोविंदा सिर्फ इवेंट्स और डांस परफॉर्मेंस के लिए ही नहीं, बल्कि फिल्मों के लिए भी लगातार ऑफर पा रहे हैं। सिन्हा ने कहा, “मैं खुद इसका गवाह हूं कि उन्होंने करोड़ों रुपए के ऑफर ठुकराए हैं। स्क्रिप्ट पसंद न आना या किसी और वजह से काम न करना अलग बात है, लेकिन वह ऐसे एक्टर हैं जिनकी हाल के वर्षों में कोई हिट फिल्म नहीं आई, फिर भी बड़े प्रोड्यूसर और एक्टर्स उनके साथ काम करना चाहते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने काम करना छोड़ दिया है। बहुत जल्द इससे जुड़ी एक बड़ी अनाउंसमेंट भी सामने आएगी।” शशि सिन्हा ने उस दौर का भी जिक्र किया, जब गोविंदा को आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। सिन्हा ने कहा, “यह बात आज की नहीं है, बल्कि 8–10 साल पहले की है। जब गोविंदा सांसद बने थे, उसके बाद की बात है। बहुत लोग सोचते हैं कि सांसद बन गए तो बहुत पैसा कमा लिया होगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। गोविंदा ने अपनी कमाई से लोगों की मदद की थी सिन्हा ने कहा कि मुझे याद है कि जब वह सांसद बने, तब भी उन्होंने सांसद फंड और अपनी कमाई से लोगों की मदद की। किसी को यह दे दो, किसी का वह कर दो। इसी चक्कर में एक समय ऐसा आया कि उनके पास पैसे नहीं बचे। हालात इतने खराब हो गए कि उन्हें अपना घर गिरवी रखना पड़ा। वह जलदर्शन बिल्डिंग है, बहुत बड़ी बात है। उसे गिरवी रखकर लोन लिया और पुराने खर्चे चुकाए। यह पैसा न किसी प्रोड्यूसर ने दिया, न किसी फाइनेंसर ने। हमने कभी इस बारे में कुछ कहा भी नहीं। सिन्हा ने आगे कहा कि आज मैं यह इसलिए बता रहा हूं क्योंकि वह उस हालत से बाहर निकले हैं। अगर उन्हें मनपसंद और इज्जत के साथ काम नहीं मिलता, तो वह शो नहीं करते, लेकिन कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने इज्जत के साथ मिले कार्यक्रम किए। अभी कुछ ही समय पहले उनका घर गिरवी से फ्री हुआ है। उन्होंने डांस करके, प्रोग्राम अटेंड करके कमाया। वह न किसी से मांगने गए, न किसी ने उनसे पूछा। सच यही है कि उगते सूरज को ही सब नमस्कार करते हैं। वहीं, गोविंदा को धमकी मिलने के दावों पर शशि सिन्हा ने कहा, गोविंदा को लगातार कुछ संदिग्ध और उलटे-पुलटे फोन कॉल्स आ रहे थे। उन्होंने साफ किया कि यह किसी तरह का वहम नहीं है। सिन्हा ने बताया कि जिस दिन यह घटना हुई, उस रात करीब साढ़े तीन बजे कई लोग वहां पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि उस समय गोविंदा के हाथ में मोबाइल था और अगर उनके पास सुरक्षा के लिए गन नहीं होती, तो हालात क्या होते, यह कहना मुश्किल है। शशि सिन्हा ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि मामला आगे नहीं बढ़ा। उनके मुताबिक, अगर सामने वाले लोग सही होते तो वे खुलकर अपनी पहचान बताते। सिन्हा ने यह भी कहा कि उस वक्त वहां किसी तरह का सुरक्षा इंतजाम नहीं था। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले से जुड़े वीडियो उनके पास मौजूद हैं। घटना के बाद वह खुद रात करीब चार बजे मौके पर पहुंचे थे। इस मामले में थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 12:16 pm

फिल्म 'घूसखोर पंडत' विवाद पर नीरज पांडे की सफाई:मूवी को बताया पूरी तरह काल्पनिक, टीजर और प्रमोशनल कंटेंट हटाया गया

फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म के टाइटल को लेकर ब्राह्मण समाज ने आपत्ति जताई है। वहीं, बढ़ते विरोध के बीच शुक्रवार को फिल्म के प्रोड्यूसर नीरज पांडे ने आधिकारिक बयान जारी कर फिल्म को पूरी तरह काल्पनिक बताया है। साथ ही फिल्म का टीजर और उससे जुड़ा सभी प्रमोशनल कंटेंट नेटफ्लिक्स इंडिया के सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब से हटा दिया गया। फिल्म को लेकर नीरज पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और इसमें ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल सिर्फ एक काल्पनिक किरदार के लिए आम बोलचाल के नाम के तौर पर किया गया है। इस कहानी का फोकस एक व्यक्ति के काम और उसके फैसलों पर है। इसका किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है और न ही यह किसी का प्रतिनिधित्व करती है। आगे उन्होंने लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर मैं अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेता हूं और ऐसी कहानियां कहना चाहता हूं जो सोच-समझकर और सम्मान के साथ बनाई जाएं। यह फिल्म भी मेरे पिछले कामों की तरह ईमानदार नीयत से और सिर्फ दर्शकों के मनोरंजन के लिए बनाई गई है। उन्होंने यह भी लिखा, हम समझते हैं कि फिल्म के टाइटल से कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और हम उन भावनाओं का सम्मान करते हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हमने फिलहाल फिल्म से जुड़ा सारा प्रमोशनल मटीरियल हटाने का फैसला किया है। हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह देखकर और उसकी कहानी के संदर्भ में समझा जाना चाहिए, न कि सिर्फ कुछ झलकियों के आधार पर उसे आंका जाए। मैं जल्द ही यह फिल्म दर्शकों के साथ शेयर करने के लिए उत्सुक हूं। विवाद की वजह क्या है? फिल्म के टाइटल ‘घूसखोर पंडत’ पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ‘पंडत’ शब्द आम तौर पर ब्राह्मण समाज और धार्मिक विद्वानों से जुड़ा होता है, लेकिन इसके साथ ‘घूसखोर’ शब्द जोड़ना गलत है। लोगों का मानना है कि इससे ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है। ब्राह्मण समाज और धार्मिक संगठनों का विरोध फिल्म के नाम को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी ब्राह्मण समाज में देखने को मिली है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किए। FIR और कानूनी कार्रवाई विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के खिलाफ FIR भी दर्ज करवाई गई। मुंबई के समता नगर पुलिस स्टेशन में शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि फिल्म का टाइटल आपत्तिजनक है और इसकी तुरंत जांच होनी चाहिए। वहीं, लखनऊ के हजरतगंज थाने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर फिल्म के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इसके साथ ही इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में भी एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें फिल्म के टाइटल को गलत बताते हुए फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। यह याचिका महेंद्र चतुर्वेदी ने अधिवक्ता विनीत जिंदल के माध्यम से दाखिल की। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का संज्ञान वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी कर दिया है। आयोग ने कहा है कि इस तरह के टाइटल और फिल्म कंटेंट से न केवल समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ सकता है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था को भी खतरा हो सकता है, इसलिए मामले को ध्यान से देखा जाना चाहिए। फिल्म संस्था फिल्म मेकर्स कंबाइन ने नीरज पांडे और नेटफ्लिक्स को नोटिस भेजा है। संस्था का कहना है कि फिल्म के टाइटल के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई, जो इंडस्ट्री के नियमों के खिलाफ है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि बिना अनुमति टाइटल इस्तेमाल करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। ……………………………. फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ पर विवाद:मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा गया, ‘पंडित’ शब्द को अपमानित करने का आरोप फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर वकील आशुतोष दुबे ने आरोप लगाया है कि इसमें ‘पंडित’ जैसे सम्मानजनक शब्द को बदनाम करने की कोशिश की गई है। इसी वजह से उन्होंने फिल्म के मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा है। पूरी खबर यहां पढ़ें….

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 9:48 am

फिल्म 'घूसखोर पंडत' विवाद पर नीरज पांडे की सफाई:मूवी को बताया पूरी तरह काल्पनिक, कहा- किसी जाति या धर्म से कोई संबंध नहीं

फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म के टाइटल को लेकर ब्राह्मण समाज और धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई है। वहीं, बढ़ते विरोध के बीच फिल्ममेकर नीरज पांडे ने आधिकारिक बयान जारी कर फिल्म को पूरी तरह काल्पनिक बताया है। फिल्म को लेकर नीरज पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और इसमें ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल सिर्फ एक काल्पनिक किरदार के लिए आम बोलचाल के नाम के तौर पर किया गया है। इस कहानी का फोकस एक व्यक्ति के काम और उसके फैसलों पर है। इसका किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है और न ही यह किसी का प्रतिनिधित्व करती है। आगे उन्होंने लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर मैं अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेता हूं और ऐसी कहानियां कहना चाहता हूं जो सोच-समझकर और सम्मान के साथ बनाई जाएं। यह फिल्म भी मेरे पिछले कामों की तरह ईमानदार नीयत से और सिर्फ दर्शकों के मनोरंजन के लिए बनाई गई है। उन्होंने यह भी लिखा, हम समझते हैं कि फिल्म के टाइटल से कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और हम उन भावनाओं का सम्मान करते हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हमने फिलहाल फिल्म से जुड़ा सारा प्रमोशनल मटीरियल हटाने का फैसला किया है। हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह देखकर और उसकी कहानी के संदर्भ में समझा जाना चाहिए, न कि सिर्फ कुछ झलकियों के आधार पर उसे आंका जाए। मैं जल्द ही यह फिल्म दर्शकों के साथ शेयर करने के लिए उत्सुक हूं। विवाद की वजह क्या है? फिल्म के टाइटल ‘घूसखोर पंडत’ पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ‘पंडत’ शब्द आम तौर पर ब्राह्मण समाज और धार्मिक विद्वानों से जुड़ा होता है, लेकिन इसके साथ ‘घूसखोर’ शब्द जोड़ना गलत है। लोगों का मानना है कि इससे ब्राह्मण समाज को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है। ब्राह्मण समाज और धार्मिक संगठनों का विरोध फिल्म के नाम को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी ब्राह्मण समाज में देखने को मिली है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किए। FIR और कानूनी कार्रवाई विवाद बढ़ने के बाद FIR भी दर्ज करवाई गई। मुंबई के समता नगर पुलिस स्टेशन में शिवसेना (UBT) के एक प्रवक्ता ने नेटफ्लिक्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि फिल्म का टाइटल आपत्तिजनक है और इसकी तुरंत जांच होनी चाहिए। वहीं, लखनऊ के हजरतगंज थाने में FIR दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में भी एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें फिल्म के टाइटल को गलत बताते हुए फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का संज्ञान वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस मामले में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी कर दिया है। आयोग ने कहा है कि इस तरह के टाइटल और फिल्म कंटेंट से न केवल समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ सकता है, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था को भी खतरा हो सकता है, इसलिए मामले को ध्यान से देखा जाना चाहिए। फिल्म संस्था फिल्म मेकर्स कंबाइन ने नीरज पांडे और नेटफ्लिक्स को नोटिस भेजा है। संस्था का कहना है कि फिल्म के टाइटल के लिए जरूरी अनुमति नहीं ली गई, जो इंडस्ट्री के नियमों के खिलाफ है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि बिना अनुमति टाइटल इस्तेमाल करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। ……………………………. फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ पर विवाद:मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा गया, ‘पंडित’ शब्द को अपमानित करने का आरोप फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर वकील आशुतोष दुबे ने आरोप लगाया है कि इसमें ‘पंडित’ जैसे सम्मानजनक शब्द को बदनाम करने की कोशिश की गई है। इसी वजह से उन्होंने फिल्म के मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा है। पूरी खबर यहां पढ़ें….

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 9:48 am

क्या एल्विश यादव और जिया शंकर ने कर ली सगाई?:इंस्टाग्राम पर इन्फ्लुएंसर ने एक्ट्रेस को टैग कर लिखा- मुझे मेरा प्यार मिल गया

सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव और एक्ट्रेस जिया शंकर की सगाई की चर्चा हो रही है। यह अटकलें गुरुवार को एल्विश की एक क्रिप्टिक इंस्टाग्राम स्टोरी के बाद शुरू हुईं, जिसमें उन्होंने जिया को एक डायमंड रिंग के साथ टैग किया गया था। दरअसल, एल्विश ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक क्लोज-अप फोटो शेयर की, जिसमें वह एक महिला का हाथ थामे नजर आ रहे हैं। तस्वीर में महिला की उंगली में डायमंड रिंग साफ दिखाई दे रही थी। कैप्शन में एल्विश ने लिखा, “मैंने प्यार को एक और मौका दिया और मुझे अपना प्यार मिल गया,” और इसके साथ उन्होंने जिया शंकर को टैग किया। इस स्टोरी को जिया शंकर ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर रीशेयर किया और एक हार्ट इमोजी एड किया। हालांकि, न तो एल्विश और न ही जिया की ओर से अब तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि की गई है। दोनों ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं कहा है कि वे किसी रिश्ते में हैं या सगाई कर चुके हैं। आने वाले प्रोजेक्ट से जुड़ा प्रमोशनल स्टंट? वहीं, टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह किसी आने वाले प्रोजेक्ट से जुड़ा प्रमोशनल स्टंट भी हो सकता है, क्योंकि सेलिब्रिटी और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अक्सर ऐसे हिंट देकर चर्चा और उत्सुकता पैदा करते हैं। गौरतलब है कि जिया शंकर का नाम इससे पहले अभिषेक मल्हान के साथ जुड़ा था, लेकिन पिछले साल दोनों की टीम ने सगाई की अफवाहों को खारिज कर दिया था। जिया ने तब कहा था कि वह अपने काम पर फोकस कर रही हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो जिया मराठी फिल्म वेद में अपनी परफॉर्मेंस के लिए चर्चा में थीं और उन्होंने कलर्स टीवी के सुपरनैचुरल शो पिशाचिनी में लीड रोल निभाया था। उन्होंने बिग बॉस OTT 2 में भी हिस्सा लिया था, जिसके पार्ट एल्विश यादव भी थे।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 8:48 am

पंजाबी सिंगर केएस मक्खन ने मेड संधू का मजाक उड़ाया:स्टेज से मेकअप आर्टिस्ट को चिज्जी बताया; पहले भी कुंवारों की खुराक बता चुके

फेमस पंजाबी सिंगर केएस मक्खन और मेकअप आर्टिस्ट मेड संधू एक बार फिर आमने-सामने हो गए हैं। केएस मक्खन ने कपूरथला में हुए शो में मेड संधू को चिज्जी कहते हुए कुंवारों की खुराक बता दिया। मक्खन का ये रिएक्शन तब आया, जब एक फैन ने उन्हें मोबाइल पर मेड संधू की फोटो दिखाते हुए गाना गाने के लिए कहा। वहीं मेकअप आर्टिस्ट मेड संधू ने कहा कि मुझे नहीं पता कि सिंगर ने ऐसा क्यों कहा है। इससे पहले भी एक पॉडकास्ट को लेकर मक्खन ने मेड संधू पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। जिसके बाद संधू ने कहा था कि अंकल (केएस मक्खन) मेरे नाम से फेम ले रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों के बीच कॉन्ट्रोवर्सी और बढ़ सकती है। कबड्‌डी कप में परफॉर्म कर रहे थे केएस मक्खनदरअसल, केएस मक्खन 3 दिन पहले कपूरथला के गुरुनानक देव स्टेडियम में चल रहे कबड्‌डी कप में परफॉर्म कर रहे थे। इस दौरान एक फैन ने मेड संधू की मोबाइल पर फोटो दिखाकर गीत गाने के फरमाइश की। जिसके बाद केएस मक्खन ने मजाकिया अंदाज में बोलना शुरू कर दिया। मेड संधू की फोटो दिखा सिंगर ने क्या कहा..मक्खन ने तुरंत मंच से हसते हुए मजाकिया अंदाज में फेन्स से कहा- वीरे, मैं एहदा कोई गीत नहीं गाया, मैं गल्ल किती सी। मैं सॉरी, गीत नहीं कोई हैगा इहे, बस इक चीज या, ये इक चिज्जी है। थैंक्यू, थैंक्यू, खुश रहो। (भाई मैंने कभी इसका गीत नहीं गाया, मैंने बात की थी, माफ करना, गीत नहीं है ये, ये बस एक चीज है, चिज्जी है)। दोनों पहले भी आमने-सामने हो चुकेइससे पहले केएस मक्खन ने एक वीडियो में मेड संधू पर आपत्तिजनक कमेंट किया था। उन्होंने मेरे से पूछा भी था कि आप हमारा प्रोग्राम देखते हैं क्या, तो मैंने कहा था कि वो आपका टैंपू वाला पॉडकास्ट बहुत वायरल हुआ था। मैं उसे गलत क्यों कहूंगा वो कुंवारों की आत्मा की खुराक है। अब वो कह रहा है कि उसके साथ लोगों को TRP मिलती है। उससे कैसी TRP, उसे मैसेज दे देना कि मोटर पर आ जाए वहां गलासी खड़का देंगे और उसे भी खड़का देंगे। ले जाए मजा आकर मोटर पर। इसके जवाब में मेड संधू ने कहा था- खुद को हाईलाइट करने के लिए मेरे नाम को यूज कर रहे हो। अब अंकलों को भी मैंने टीआरपी देनी है सॉरी, अंकलों का जमाना जा चुका है। मेड संधू बोले- मुझे कुछ नहीं कहनाइस मामले में मेड संधू ने कहा कि मैंने इस पर कोई भी पॉइंट ऑफ व्यू नहीं देना। मुझे नहीं पता वह क्यों ऐसे कर रहे हैं। मैंने तो कभी ऐसे किसी को नहीं कहा और ना ही मुझे पता है, के.एस मक्खन ने मुझे ऐसा क्यों कहा। अगर अब इस तरह की वीडियो सोशल मीडिया पर डाली भी है तो पड़ी रहने दें, मुझे इस पर कुछ नहीं कहना।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 5:00 am

शाहिद कपूर के पास कपड़े खरीदने के पैसे नहीं थे:बैकग्राउंड डांसर बने, लोगों ने कहा- हीरो मटेरियल नहीं, बॉलीवुड के सबसे सफल सितारों में शामिल

बॉलीवुड में सफलता की चमक अक्सर संघर्ष की लंबी छाया को छुपा देती है। लेकिन कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जो न सिर्फ प्रेरित करती हैं बल्कि यह भी सिखाती हैं कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल मिल ही जाती है। अभिनेता शाहिद कपूर की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। एक ऐसा सफर जिसमें बचपन का अकेलापन, करियर की अनिश्चितता और लगातार रिजेक्शन मिले। शाहिद कपूर ने फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर के तौर पर काम। ऑडिशन की लाइन में घंटों खड़े रहते थे। उन्हे यह कहकर रिजेक्ट कर दिया जाता था कि उनका लुक हीरो मटेरियल नहीं। यहां तक शाहिद के पास स्ट्रगल के दिनों में अच्छे कपड़े खरीदने के पैसे तक नहीं थे, लेकिन शाहिद ने अपनी मेहनत और टैलेंट के बल पर इंडस्ट्री में न सिर्फ अपनी अलग जगह बनाई, बल्कि आज अपनी शर्तों पर काम करते हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में जानेंगे शाहिद कपूर के करियर और निजी जीवन से जुड़ी ऐसी ही कुछ और खास बातें.. फिल्मी परिवार, लेकिन आसान नहीं बचपन शाहिद कपूर का जन्म 25 फरवरी 1981 को नई दिल्ली में हुआ। उनके पिता पंकज कपूर हिंदी सिनेमा और थिएटर का जाना-माना नाम हैं, जबकि मां नीलिमा अजीम एक संवेदनशील अभिनेत्री और प्रशिक्षित नृत्यांगना रही हैं। लेकिन शाहिद का बचपन किसी फिल्मी कहानी की तरह आसान नहीं था। तीन साल की उम्र में टूटा परिवार, वक्त से पहले आई परिपक्वता जब वह महज तीन साल के थे, तभी उनके माता-पिता का तलाक हो गया। इस टूटन ने उनके जीवन को शुरुआती दौर में ही गंभीर बना दिया। वह अपनी मां के साथ किराये के घर में रहने लगे। सीमित साधन, भावनात्मक अकेलापन और एक अस्थिर माहौल ने शाहिद को वक्त से पहले परिपक्व कर दिया। बाद में नीलिमा आजमी ने अभिनेता राजेश खट्टर से शादी की, लेकिन शाहिद का बचपन ज्यादातर संघर्ष में ही बीता। पढ़ाई-लिखाई और कला की ओर झुकाव शाहिद कपूर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई राजहंस विद्यालय, मुंबई से की। इसके बाद उन्होंने मुंबई के मिठीबाई कॉलेज में दाखिला लिया। हालांकि पढ़ाई के साथ-साथ उनका मन हमेशा मंच और कैमरे की ओर भागता रहा। अभिनय और नृत्य उनके लिए शौक नहीं, बल्कि खुद को व्यक्त करने का माध्यम बन चुके थे। इसी दौरान उन्होंने देश के मशहूर कोरियोग्राफर श्यामक डावर के डांस इंस्टीट्यूट से डांस की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली। यही फैसला आगे चलकर उनके जीवन की दिशा बदलने वाला साबित हुआ। बैकग्राउंड डांसर के तौर पर काम किया शाहिद कपूर फिल्म ‘दिल तो पागल है’ और ‘ताल’ में बैकग्राउंड डांसर थे। बैकग्राउंड डांसर के तौर पर काम करते हुए वे एड फिल्मों और म्यूजिक वीडियोज में नजर आए, लेकिन उससे मिलने वाली फीस बहुत कम थी। उसी पैसे से घर का खर्च चलाना और ऑडिशन के लिए मुंबई में टिके रहना सबसे बड़ी चुनौती थी। दोस्तों से कपड़े उधार लेते थे शाहिद जब ऑडिशन के दौर से गुजर रहे थे, तब ब्रांडेड या ढंग के कपड़े खरीदना उनके लिए मुमकिन नहीं था। कई बार वह दोस्तों से कपड़े उधार लेकर ऑडिशन देने जाते थे। कुछ ऑडिशन में उन्हें सिर्फ इसलिए रिजेक्ट कर दिया गया, क्योंकि उनका लुक हीरो के जैसा नहीं लग रहा था। ऑडिशन की लाइन में घंटों खड़े रहते थे कई बार शाहिद को ऑडिशन के लिए घंटों प्रोडक्शन ऑफिस के बाहर इंतजार करना पड़ता था। कई जगह तो उन्हें अंदर तक नहीं बुलाया जाता था। वह बताते हैं कि कई बार दिन भर घूमने के बाद भी एक भी ऑडिशन नहीं मिल पाता था। पिता पंकज कपूर का नाम भी काम नहीं आया लोगों को लगता है कि स्टार किड होने से शाहिद को आसानी हुई होगी, लेकिन हकीकत इसके उलट थी। शाहिद कहते हैं कि उन्होंने कभी अपने पिता पंकज कपूर का सहारा नहीं लिया। इंडस्ट्री में उन्हें अपनी पहचान खुद बनानी थी, इसलिए वह जानबूझकर अलग रास्ता चुनते रहे। असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया शाहिद कपूर ने साल 1998 में जीटीवी टीवी के सीरियल ‘Mohandas B.A.L.L.B.’ में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम किया था। इस शो को उनके पिता पंकज कपूर ने खुद ही प्रोड्यूस और डायरेक्ट किया था। शो में पंकज कपूर लीड रोल में भी थी। शाहिद के करियर का यह वो दौर था जब वे एक्टिंग में आने से पहले कैमरे के पीछे काम करके इंडस्ट्री को समझ रहे थे। आत्मविश्वास टूटने की कगार पर थे शाहिद ने जब एक्टिंग के लिए कोशिश करनी शुरू की तो लगातार रिजेक्शन के चलते कई बार उनका आत्मविश्वास भी डगमगा गया। वह मानते हैं कि एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने सोचा कि शायद वह फिल्मों के लिए बने ही नहीं हैं, लेकिन डांस और एक्टिंग के प्रति जुनून ने उन्हें रुकने नहीं दिया। म्यूजिक वीडियो और विज्ञापनों में दिखे पेप्सी के एड में शाहरुख खान, रानी मुखर्जी और काजोल के साथ शाहिद कपूर नजर आए थे। इसके अलावा कुछ और छोटे-मोटे ब्रांड ऐड्स और फैशन शूट्स कर चुके थे। इन ऐड्स में वो ज्यादा बोलते नहीं थे, लेकिन उनका फेस और एनर्जी नोटिस होने लगी थी। म्यूजिक वीडियो ‘आंखों में तेरा ही चेहरा’ से शाहिद कपूर को पहली बार बड़ी पहचान मिली थी। इसमें उनके साथ हृषिता भट्ट थीं। हालांकि इसके बाद भी शाहिद ने कुछ और म्यूजिक वीडियो में काम किया। ‘इश्क विश्क’ से बदली किस्मत कई सालों के संघर्ष के बाद जब उन्हें ‘इश्क विश्क’ मिली, तब भी यह रोल आसानी से नहीं मिला। लंबा ऑडिशन प्रोसेस, लुक टेस्ट और स्क्रीन टेस्ट के बाद जाकर उन्हें यह फिल्म मिली, जिसने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। डायरेक्टर केन घोष ने शाहिद को ऐड्स और म्यूजिक वीडियो के जरिए नोटिस किया और फ्रेश, चॉकलेटी-बॉय इमेज देखकर ‘इश्क विश्क’ के लिए चुन लिया। इस फिल्म को टिप्स के रमेश तौरानी ने प्रोड्यूस किया और यह शाहिद के लिए ड्रीम लॉन्च साबित हुई। हालांकि इस फिल्म में ब्रेक मिलना शाहिद के लिए आसान नहीं था। शाहिद कपूर कहते हैं- ‘कुछ लोग बीएमडब्ल्यू में संघर्ष करते हैं, वे देश के टॉप दो-तीन डायरेक्टर्स के साथ काम करके अपना करियर शुरू करते हैं। मैं 250 ऑडिशन देने के बाद आया था।' कई राउंड के ऑडिशन के बाद मिला रोल इंडस्ट्री में शाहिद को पहले एक डांसर के तौर पर ही देखा जाता था। इस इमेज से उनके लिए बाहर निकलना बहुत मुश्किल था। कई लोग मानते थे कि शाहिद में हीरो मटेरियल नहीं है। क्योंकि उस दौर में लंबे-चौड़े स्टार्स का ट्रेंड था। ‘इश्क विश्क’ के लिए शाहिद को कई राउंड के ऑडिशन देने पड़े। उन्हें बार-बार सीन परफॉर्म करने पड़े। शाहिद का सॉफ्ट, बॉय-नेक्स्ट-डोर लुक कुछ प्रोड्यूसर्स को ज्यादा भोला लगता था। डर था कि कॉलेज रोमांस में वे असरदार लगेंगे या नहीं। उस समय उनकी बतौर लीड एक भी रिलीज फिल्म नहीं थी, इसलिए मेकर्स को कमर्शियल रिस्क लग रहा था। लुक और बॉडी पर काफी मेहनत करनी पड़ी फिल्म 'इश्क विश्क' में शाहिद कपूर ने एक कॉलेज स्टूडेंट राजीव का किरदार निभाया था। रोल मिलने से पहले उन्हें फिटनेस, बॉडी और लुक पर काफी मेहनत करनी पड़ी ताकि वे फ्रेश, लेकिन कॉन्फिडेंट लीड लगें।आखिरकार केन घोष को शाहिद की मेहनत, डांस, एक्सप्रेशन और ईमानदारी पसंद आई और वही फैसला सही साबित हुआ। हिट फिल्म के बाद भी स्ट्रगल खत्म नहीं हुआ ‘इश्क विश्क’ शाहिद के लिए सिर्फ डेब्यू नहीं थी, बल्कि खुद को साबित करने का अवसर था। फिल्म युवाओं के बीच सुपरहिट साबित हुई। शाहिद को फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड मिला। इस जीत ने उन्हें उम्मीद दी, लेकिन संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ था। लगातार 6 फिल्में फ्लॉप हुईं ‘इश्क विश्क’ की सफलता के बाद उम्मीद की जा रही थी कि शाहिद स्टार बन जाएंगे, लेकिन हकीकत इससे अलग थी। इस फिल्म के बाद के बाद ’फिदा', ‘दिल मांगे मोर’, ‘दीवाने हुए पागल’, ‘वाह लाइफ हो तो ऐसी’, ‘शिखर’ और ‘36 चाइना टाउन’ जैसी लगातार 6 फिल्में फ्लॉप हुई। एक्टिंग छोड़ने का मन बनाया 'इश्क विश्क' की सक्सेस के बाद जब शाहिद कपूर की 6 फिल्में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाईं। लोग उन्हें वन-फिल्म वंडर” मानने लगे। इस टैग से शाहिद का आत्मविश्वास बुरी तरह टूट चुका था। उन्होंने एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया था। तभी मिला राजश्री फिल्म्स का सहारा 2006 में सूरज बड़जात्या ने शाहिद कपूर को ‘विवाह’ के लिए कास्ट किया। यह फैसला खुद शाहिद के लिए भी चौंकाने वाला था, क्योंकि तब उनका करियर लगभग डूब चुका था। ‘विवाह’ में प्रेम का किरदार शाहिद कपूर के लिए लाइफलाइन साबित हुआ। सादगी भरा किरदार, पारिवारिक फिल्म और मजबूत कहानी ने दर्शकों से सीधा कनेक्शन बना लिया। ‘विवाह’ बनी टर्निंग पॉइंट ‘इश्क विश्क’, ‘वाह लाइफ हो तो ऐसी’ और ‘शिखर’ के बाद शाहिद कपूर और अमृता राव की जोड़ी चौथी बार फिल्म ‘विवाह’ में नजर आई। दोनों को फिल्म में खूब पसंद किया गया। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रही और शाहिद कपूर की छवि एक भरोसेमंद, पारिवारिक हीरो की बन गई। इसी फिल्म के बाद उन्हें इंडस्ट्री में दोबारा गंभीरता से लिया जाने लगा। ‘जब वी मेट’ ने स्टारडम की नई ऊंचाई दी इसके बाद ‘जब वी मेट जैसी फिल्मों ने उन्हें स्टारडम की नई ऊंचाई दी। ‘जब वी मेट’ में आदित्य कश्यप का किरदार उनके करियर का माइलस्टोन साबित हुआ। एक इंट्रोवर्ट, टूटे हुए, लेकिन बेहद रियल कैरेक्टर को जिस गहराई से उन्होंने निभाया, उसने साबित कर दिया कि शाहिद सिर्फ चॉकलेट बॉय नहीं, बल्कि एक गंभीर और टैलेंटेड अभिनेता हैं। सेफ इमेज से बाहर निकलकर रिस्क लेना शुरू किया ‘विवाह’ और ‘जब वी मेट’ के बाद शाहिद ने सेफ इमेज से बाहर निकलकर रिस्क लेना शुरू किया। ‘कमीने’ में डार्क और रफ किरदार निभाकर उन्होंने क्रिटिक्स को चौंका दिया। ‘हैदर’ में उनका इंटेंस परफॉर्मेंस करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है और उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी दिलाया। ‘उड़ता पंजाब’, ‘पद्मावत’ और ‘कबीर सिंह’ जैसी फिल्मों ने साबित किया कि शाहिद हर तरह के किरदार में खुद को ढाल सकते हैं। जल्द ही शाहिद कपूर फिल्म ‘ओ रोमियो’ में एक अलग अवतार में नजर आने वाले हैं। शाहिद कपूर कहते हैं- विशाल भारद्वाज सर के साथ यह मेरी चौथी फिल्म है और इस बार हमारी कोशिश यही थी कि इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए। इस फिल्म पर करीब एक साल मेहनत की है। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं। बाईस तेईस साल हो गए हैं। कुछ फिल्में चलीं, कुछ नहीं चलीं, लेकिन लोगों का प्यार बना रहा। इसके लिए दिल से आभार महसूस करता हूं। जब भी मौका मिलता है, कोशिश करता हूं कि उस प्यार का सम्मान कर सकूं। क्वालिटी और सक्सेस का सीधा संबंध नहीं मुझे हमेशा लगता है कि क्वालिटी और सक्सेस हमेशा एक-दूसरे से सीधे तौर पर जुड़ी हुई नहीं होतीं। आप क्वालिटी काम करके भी अनसक्सेसफुल हो सकते हैं और कई बार बिना क्वालिटी के काम से भी सक्सेस मिल जाती है। इसलिए इन दोनों के बीच डायरेक्ट पैरेलल ढूंढने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अच्छा काम अपने लिए किया जाता है बचपन से हमें यही सिखाया जाता है कि अगर हम अच्छा काम करेंगे तो हमें बहुत सफलता मिलेगी, लेकिन यह जरूरी नहीं है। अच्छा काम आप अपने लिए करते हैं, अपने मानदंड खुद तय करते हैं, किसी और के लिए नहीं। अगर आपने ईमानदारी से अच्छा काम किया है, तो उसका सुकून आपको महसूस होना चाहिए। असफलता और सफलता दोनों में सीख मिलती है हमें अक्सर लगता है कि हम सफलता हासिल करते हैं, जबकि सच यह है कि सफलता हमें दी जाती है। कई लोगों को यह आसानी से मिल जाती है और कई को मेहनत के बाद। असफलता जीवन सिखाती है और सफलता एक नेमत होती है, जिसके लिए आभार व्यक्त करना चाहिए। -------------------------------------------------- पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... एक्टर विशाल जेठवा की मां ने सैनेटरी पैड बेचे:घरों में बर्तन धोए; मर्दानी–2 का खूंखार विलेन होमबाउंड का हीरो बना, फिल्म ऑस्कर पहुंची एक्टर विशाल जेठवा की नीरज घायवान के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘होमबाउंड’ भले ही ऑस्कर की रेस से बाहर हो गई हो। लेकिन इस फिल्म ने विशाल को इंटरनेशनल स्टार बना दिया। कान्स फिल्म फेस्टिवल सहित इस फिल्म की कई प्रमुख इंटरनेशनल फेस्टिवल में स्क्रीनिंग हुई। जहां पर फिल्म को खूब सराहा गया।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 4:30 am

अनुराग कश्यप ने एपस्टीन फाइल्स को लेकर चुप्पी तोड़ी:बोले– मैं कभी बीजिंग गया ही नहीं, ऐसे डॉक्यूमेंट भरोसे के लायक नहीं लगते

एपस्टीन फाइल्स में नाम आने की चर्चा पर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने चुप्पी तोड़ी है। कश्यप ने कहा कि उनका एपस्टीन फाइल्स या जेफरी एपस्टीन की किसी भी गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अनुराग कश्यप का नाम एपस्टीन फाइल्स में “बॉलीवुड गाय” के तौर पर आया है। उनका नाम सिर्फ एक जगह “फेमस बॉलीवुड डायरेक्टर” के रूप में लिया गया है। इसमें कंप्यूटर साइंटिस्ट बेन गोएर्टजेल, रिसर्चर ब्रूस डेमर और डीजे स्पूकी जैसे लोगों का भी जिक्र है। 2017 में बीजिंग या शंघाई में एक प्लान किए गए इवेंट के लिए कश्यप को संभावित गेस्ट के तौर पर लिस्ट किया गया था, जिसमें बौद्ध धर्म, टेक्नोलॉजी और हीलिंग पर वर्कशॉप होनी थीं। यह जानकारी एपस्टीन, साइकेट्रिस्ट ग्यूसेप बर्सानी और एकेडेमिक्स गीनो यू और ओर्नेला कोराजा के बीच हुए ईमेल्स में मिलती है। हालांकि, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कश्यप कभी ऐसे किसी इवेंट में शामिल हुए थे। मुझे मामले की कोई जानकारी नहीं: कश्यप हालांकि, हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में अनुराग कश्यप ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा, “मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे हर महीने करीब 15 स्पीकर इनविटेशन मिलते हैं। मैं ज्यादातर का जवाब नहीं देता। मैं कभी बीजिंग गया ही नहीं हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे डॉक्यूमेंट भरोसे के लायक नहीं लगते। उनके मुताबिक, यह एक सामान्य ईमेल है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके नाम पर बनने वाली क्लिकबेट खबरें उनकी फिल्मों से ज्यादा चलती हैं। गौरतलब है कि अनुराग कश्यप की फिल्में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में दिखाई जाती रही हैं और उनकी पहचान एक ग्लोबल फिल्ममेकर के तौर पर भी है। कश्यप की गैंग्स ऑफ वासेपुर, रमन राघव 2.0, अग्ली और केनेडी जैसी फिल्में कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित की गईं। फिल्म केनेडी को वहां लंबे समय तक तालियां मिलीं और यह जल्द ओटीटी पर रिलीज होने वाली है। कश्यप की फिल्में वेनिस और टोरंटो जैसे बड़े फिल्म समारोहों में भी दिखाई गई हैं। साल 2025 में उनकी फिल्म निशांची को टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में चुना गया। ग्लोवल लेवल पर उनके योगदान को देखते हुए फ्रांस सरकार ने उन्हें 'नाइट ऑफ द ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स' सम्मान दिया था। ----------------------------------- एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नाबालिग लड़कियों का रोजाना रेप करता था एपस्टीन:सेक्स फाइल्स में खुलासा; जमीन पर लेटी महिला के साथ दिखे ब्रिटिश प्रिंस, मस्क-मीरा नायर का भी नाम अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने 27 जनवरी देर रात जेफ्री एपस्टीन सेक्स स्कैंडल से जुड़ी नई फाइलें जारी की हैं। इन दस्तावेजों में बताया गया है कि एपस्टीन नाबालिग लड़कियों का रोज कई बार यौन शोषण करता था। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 8:09 pm

बेटी के जन्म को याद कर इमोशनल हुए निक जोनास:कहा- मालती का वजन एक KG से कम था, रंग बैंगनी और हालत बेहद गंभीर थी

एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा के पति और सिंगर निक जोनस हाल ही में अपनी बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस के जन्म से जुड़े सबसे मुश्किल दौर के बारे में बात की और इस दौरान वो इमोशनल हो गए। जय शेट्टी के पॉडकास्ट में निक जोनस ने बताया कि उनकी बेटी मालती का जन्म बेहद मुश्किल हालात में हुआ था। सिंगर ने बताया कि वे उम्मीद कर रहे थे कि मालती का जन्म अप्रैल (2022) में होगा, लेकिन अचानक अस्पताल से कॉल आया कि डिलीवरी पहले करनी पड़ेगी। इसके बाद वे और प्रियंका चोपड़ा बिना वक्त गंवाए सीधे अस्पताल पहुंचे। निक ने यह भी बताया कि मालती का जन्म सरोगेसी के जरिए हुआ था। जब वह पैदा हुईं, तब उनका वजन सिर्फ 1 पाउंड 11 औंस था, जो एक किलो से भी कम था। उन्होंने कहा कि उस समय बच्ची का रंग बैंगनी हो गया था, जिससे स्थिति की गंभीरता साफ दिख रही थी। जन्म के तुरंत बाद मालती को NICU यानी नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में ले जाया गया। निक के मुताबिक, वहां मौजूद नर्सों और डॉक्टरों ने तुरंत बच्ची को संभाला। उन्होंने बताया कि NICU स्टाफ ने बिना देरी इलाज शुरू किया, बच्ची को सांस देने के लिए जरूरी सपोर्ट दिया गया और सभी जरूरी मेडिकल प्रोसेस तुरंत किए गए। बता दें कि यह दौर कोविड-19 के समय का था, जिससे हालात और कठिन हो गए थे। निक ने बताया कि वे और उनकी पत्नी प्रियंका चोपड़ा करीब साढ़े तीन महीने तक अस्पताल में रहे। दोनों ने अस्पताल में 12-12 घंटे की शिफ्ट में समय बिताया, ताकि हर पल अपनी बेटी के साथ रह सकें। उन्होंने बताया कि अस्पताल की एक खास गंध और माहौल आज भी उन्हें याद है। उन्होंने कहा कि रोज वहां रहना एक तरफ सुकून देता था, तो दूसरी तरफ डर भी पैदा करता था। उन्होंने यह भी कहा कि वहां कई और परिवार भी थे, जो ऐसे ही हालात से गुजर रहे थे। निक के मुताबिक, मालती ने हर दिन जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ी। धीरे-धीरे उसका वजन बढ़ने लगा। इस दौरान उसे छह बार खून चढ़ाया गया। इसके बाद उसकी हेल्थ में लगातार सुधार आता गया। करीब साढ़े तीन महीने बाद डॉक्टरों ने मालती को घर ले जाने की इजाजत दी। निक ने कहा कि वह दिन उनके लिए बेहद खास था और वे उसे कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने बताया कि उन्हें लगता है कि उनकी बेटी को यह एहसास है कि उसने जिंदगी की शुरुआत किन हालात में की। निक ने कहा कि उनके लिए हर दिन खास है। उन्होंने बताया कि मालती के व्यवहार में एक अलग तरह की एनर्जी और खुशी दिखती है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही मालती को यह सब याद न हो, लेकिन उन्हें भरोसा है कि उसके भीतर जिंदगी को लेकर एक तरह की समझ और सकारात्मक सोच मौजूद है। वर्क फ्रंट की बात करें तो निक जोनस जल्द ही पॉल रड के साथ फिल्म पावर बैलाड में नजर आएंगे। जॉन कार्नी के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 5 जून को रिलीज होने वाली है। वहीं, प्रियंका चोपड़ा इंडियन सिनेमा में वापसी की तैयारी कर रही हैं। वह एस.एस. राजामौली की अगली फिल्म वाराणसी में महेश बाबू के साथ नजर आएंगी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 7:25 pm

एक्टर राजपाल यादव ने किया सरेंडर:चेक बाउंस केस में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद आत्मसमर्पण

बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को जेल में सरेंडर कर दिया। यह मामला चेक बाउंस से जुड़ा है, जिसमें हाल में दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को निर्देश दिया था कि वे 4 फरवरी 2026 को संबंधित जेल अधीक्षक के सामने पेश हों। इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सरेंडर करने के बाद राजपाल यादव एक बार फिर व्यक्तिगत रूप से दिल्ली हाई कोर्ट में पेश हुए और राहत की मांग की। उन्होंने कोर्ट को बताया कि वे 25 लाख रुपए का चेक लेकर आए हैं और बाकी रकम भी चुकाने का भरोसा दिया। उन्होंने इसी आधार पर राहत देने की मांग की। हालांकि, कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी राहत पर विचार करने से पहले सरेंडर जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि सरेंडर के बाद ही यह देखा जाएगा कि कोई राहत दी जा सकती है या नहीं। हाई कोर्ट ने यह भी साफ किया कि पहले जो राहत दी गई थी, वह बार-बार दिए गए आश्वासनों के आधार पर थी कि विवाद को आपसी सहमति से सुलझाया जाएगा और शिकायतकर्ता कंपनी को भुगतान किया जाएगा, लेकिन कोर्ट ने पाया कि कई मौके मिलने के बावजूद ये वादे पूरे नहीं किए गए। बार-बार नियम तोड़ने पर राहत वापस लीइससे पहले जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा था कि ट्रायल कोर्ट की सजा जून 2024 में सिर्फ इसलिए रोकी गई थी, ताकि राजपाल यादव को मामला सुलझाने का समय मिल सके। कोर्ट ने बताया कि कई बार तय तारीखें दी गईं, लेकिन करोड़ों रुपए का भुगतान नहीं हुआ। कोर्ट ने डिमांड ड्राफ्ट में तकनीकी या टाइपिंग गलती के बहाने को भी खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ये दलीलें भरोसे लायक नहीं हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि वादे खुले तौर पर वरिष्ठ वकीलों के जरिए किए गए थे और अतिरिक्त समय सिर्फ याचिकाकर्ता के निर्देशों के आधार पर दिया गया था। बार-बार नियम तोड़ने और जिम्मेदारी स्वीकार करने के बाद हाई कोर्ट ने आगे कोई राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने आदेश दिया कि रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा रकम शिकायतकर्ता कंपनी को दी जाए और राजपाल यादव को ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा काटने के लिए सरेंडर करना होगा। क्या है पूरा मामला? दरअसल, चेक बाउंस का यह मामला साल 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए एक प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। इसके बाद कर्ज चुकाने में देरी हुई। शिकायत के मुताबिक, कर्ज लौटाने के लिए राजपाल यादव ने कंपनी को कुछ चेक दिए थे। ये चेक बैंक में बाउंस हो गए। बाद में समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई। समय के साथ ब्याज जुड़ता गया और कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने इस मामले में राजपाल यादव को दोषी ठहराया। कोर्ट ने उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने ऊपरी अदालत में अपील की। वहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 6:39 pm

नसीरुद्दीन शाह का दावा- मुंबई यूनिवर्सिटी ने कार्यक्रम से हटाया:एक्टर बोले- सरकार की आलोचना करता रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा

सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने कहा है कि उन्हें मुंबई यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम से आखिरी समय पर बिना किसी वजह बताए और बिना माफी मांगे हटा दिया गया। उन्होंने इस अनुभव को अपमानजनक और निराशाजनक बताया, क्योंकि वे छात्रों से बातचीत करने के लिए उत्साहित थे। नसीरुद्दीन शाह ने गुरुवार को द इंडियन एक्सप्रेस में लिखे अपने आर्टिकल में कहा कि वे 1 फरवरी को होने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होना चाहते थे। यह कार्यक्रम मुंबई यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग ने आयोजित किया था, लेकिन 31 जनवरी की रात देर से उन्हें बताया गया कि अब उन्हें आने की जरूरत नहीं है। देश विरोधी बयान का एक उदाहरण दें: शाह शाह ने आरोप लगाया कि बाद में यूनिवर्सिटी ने दर्शकों से कहा कि उन्होंने खुद कार्यक्रम में आने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी ने सच बताने की हिम्मत नहीं की और कथित तौर पर यह कहा गया कि वे देश के खिलाफ बयान देते हैं। इस पर शाह ने चुनौती दी कि अगर ऐसा है तो उनके किसी एक बयान का उदाहरण दिया जाए, जिसमें उन्होंने देश को बुरा कहा हो। नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि वे सत्ताधारी सरकार के कई कामों की पहले भी आलोचना करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा, “मैं अक्सर इस बात पर चिंता जताता रहा हूं कि हमारे देश में सिविक सेंस और एक-दूसरे के प्रति संवेदनशीलता लगातार कम होती जा रही है।” शाह ने कहा कि वे कई दूसरे मुद्दों पर भी खुलकर अपनी बात रखते रहे हैं, ऐसे मुद्दे, जो मेरे जैसे लोगों को इस दिशा को लेकर परेशान करते हैं, जिस ओर हम जाते हुए दिख रहे हैं।” नसीरुद्दीन शाह ने यह भी लिखा, मैंने कभी खुद को “विश्वगुरु” कहने वालों की तारीफ नहीं की। मैं उनके काम करने के तरीके से सहमत नहीं हूं। मुझे उनका खुद को बड़ा दिखाना पसंद नहीं। पिछले दस सालों में उनका एक भी काम मुझे प्रभावित नहीं कर पाया। उन्होंने कहा, “जहां स्टूडेंट एक्टिवस्ट को बिना मुकदमे के सालों तक जेल में रखा जाता है, लेकिन दोषी बलात्कारियों और हत्यारों को अक्सर जमानत मिल जाती है। जहां गो-रक्षक खुलेआम लोगों को घायल करते हैं और मार देते हैं। जहां इतिहास को दोबारा लिखा जा रहा है और पाठ्यपुस्तकों का कटेंट बदला जा रहा है। जहां विज्ञान तक के साथ छेड़छाड़ की जा रही है और जहां एक मुख्यमंत्री तक ‘मियों’ को परेशान करने की बात करता है।” शाह ने आखिर में यह भी लिखा, “यह नफरत आखिर कब तक चलेगी? यह वह देश नहीं है जिसमें मैं बड़ा हुआ और जिसे मुझे प्यार करना सिखाया गया था। आज सोच पर पहरा है। निगरानी बढ़ गई है। नफरत अब दो मिनट की नहीं रही। यह चौबीस घंटे चलती है। क्या यह कहना गलत होगा कि हालात जॉर्ज ऑरवेल की किताब 1984 जैसे हो रहे हैं? जहां बड़े नेता की तारीफ न करना देशद्रोह माना जाता है?”

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:08 pm

दिशा पाटनी संग रिश्ते की खबरों पर तलविंदर का रिएक्शन:बोले- अफवाहों को अफवाह ही रहने दो, अभी एक-दूसरे को समझ रहे हैं

बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी और पंजाबी सिंगर तलविंदर इन दिनों अपने कथित रिलेशनशिप को लेकर सुर्खियों में हैं। दोनों को मुंबई में हुए एक कॉन्सर्ट में हाथ में हाथ डाले देखा गया था, जिसके बाद उनके डेटिंग की खबरें आने लगीं। अब इन खबरों पर तलविंदर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में तलविंदर ने कहा, हमारी मुलाकात शादी से ठीक पहले हुई थी और अचानक मिली इतनी सारी चर्चा ने हमें हैरान कर दिया। हम न तो किसी दबाव में आना चाहते हैं और न ही अफवाहों पर ध्यान देना चाहते हैं। हम अभी खुद को समझने और एक-दूसरे को जानने की प्रक्रिया में हैं। मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि अगर लोग अफवाहें फैलाने की कोशिश करेंगे तो मैं उन्हें अफवाह ही रहने दूंगा। जब तलविंदर से पूछा गया कि क्या वह प्यार और रिश्तों के बारे में सोचते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, मैं हर दिन प्यार में पड़ जाता हूं। मैं अभी भी प्यार में पड़ रहा हूं। गौरतलब है कि लोलापालूजा इंडिया 2026 म्यूजिक फेस्टिवल में दिशा पाटनी और तलविंदर को एक साथ देखा गया था। दोनों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे इवेंट के दौरान एक-दूसरे का हाथ पकड़े नजर आए। इसके अलावा, दोनों हाल ही में उदयपुर में कृति सेनन की बहन नूपुर सेनन और सिंगर स्टेबिन बेन की डेस्टिनेशन वेडिंग में भी शामिल हुए थे। इस शादी में दिशा अपनी बेस्ट फ्रेंड मौनी रॉय और उनके पति के साथ पहुंची थीं। प्री-वेडिंग फंक्शन का एक वीडियो भी इंटरनेट पर वायरल हुआ, जिसमें दिशा और तलविंदर साथ में हंसते हुए बातचीत करते दिखे। इस दौरान भी दोनों एक-दूसरे का हाथ थामे नजर आए। बता दें कि दोनों की उम्र में करीब 5 साल का अंतर है। जहां दिशा पाटनी 33 साल की हैं, वहीं तलविंदर की उम्र 28 साल है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 3:19 pm

रोहित शेट्टी फायरिंग केस:एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने एक और आरोपी को किया गिरफ्तार, शूटर को हथियार मुहैया कराया था; मुख्य आरोपी अब भी फरार

मुंबई में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर शनिवार देर रात चार राउंड फायरिंग हुई थी। इस मामले में अब मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने कार्रवाई की है। टीम ने एक और शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस मामले में कुल 5 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। हालांकि, रोहित के घर पर फायरिंग करने वाला मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने जिस आरोपी को गिरफ्तार किया है, उसने उसी हथियार की सप्लाई की थी जिसका इस्तेमाल रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग में किया गया था। मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम आज आरोपी को मुंबई के किला कोर्ट में पेश करेगी और उसकी पुलिस कस्टडी की मांग करेगी। इससे पहले, चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनकी पुलिस कस्टडी आज खत्म हो रही है। चार आरोपी पुणे के रहने वाले हैं इस केस में 2 फरवरी को गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों की पहचान हो गई थी। गिरफ्तार आरोपी पुणे के रहने वाले हैं। इनके नाम आदित्य ज्ञानेश्वर गायकवाड़ (19 साल), सिद्धार्थ दीपक येनपुरे (20 साल), समर्थ शिवशरण पोमाजी (18 साल) और स्वप्निल बंडू सकट (23 साल) हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 109 और 61(2) के साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 3 और 25 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 37(1), 37(2) और 135 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें 5 फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों की भूमिका घटना के लिए वाहन उपलब्ध कराने और साजिश रचने से जुड़ी हुई है। वहीं, आरोपी शुभम लोंकर को वांटेड घोषित किया गया है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने शुभम लोनकर के संपर्क में रहकर रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी को हर तरह की मदद उपलब्ध कराई। बताया जा रहा है कि शिवशरण पोमाजी ने शुभम लोंकर के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई। वहीं गिरफ्तार आरोपी आदित्य ज्ञानेश्वर गायकवाड़ की सलाह पर होंडा डियो स्कूटर (MH 12 FN 2205) सहित अन्य संसाधनों की व्यवस्था की गई, जिससे हमलावर को घटना को अंजाम देने में आसानी हो सके। जांच में यह भी सामने आया है कि शुभम लोंकर से मिली आर्थिक सहायता के जरिए ही मुख्य आरोपी के लिए वाहन की व्यवस्था की गई थी। शनिवार देर रात हुई थी फायरिंग पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने मुंबई के जुहू इलाके में स्थित नौ मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर रात करीब 12:45 बजे फायरिंग की थी। उन्होंने बताया था कि कम से कम पांच राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से एक गोली इमारत में बने जिम के शीशे से टकराई थी। वहीं, इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में एक स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया था कि लॉरेंस गैंग ने हमले की जिम्मेदारी ली है। यह स्क्रीनशॉट शुभम लोंकर आरजू बिश्नोई नाम के अकाउंट की फेसबुक पोस्ट का है। पोस्ट में लिखा- अगली बार छाती पर गोली लगेगी इस पोस्ट में लिखा गया था, सभी भाइयों को आज जो ये मुंबई में (शेट्टी टावर) फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग हुई है, उसकी जिम्मेदारी शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरि बॉक्सर, हरमन संधू हम लेते हैं। हमने इसको बहुत बार मैसेज लगाया कि हमारे काम में दखल ना दे, लेकिन इसको समझ में नहीं आया। इसको ये छोटा सा ट्रेलर दिया है। अगर इसने आगे फिर हमारी बात नहीं समझी और हमारी बात नहीं मानी, तो अब घर के बाहर नहीं, अंदर इसके बेडरूम में गोली चलेगी, इसकी छाती पर। इसी पोस्ट में आगे लिखा था, और आगे बॉलीवुड को चेतावनी है कि टाइम रहते सुधर जाओ, नहीं तो बहुत बुरा हाल होगा। तुम्हारा बाबा सिद्दीकी से भी बुरा हाल करेंगे। हमने जिन-जिन लोगों को फोन कर रखा है, या तो टाइम रहते लाइन पर आ जाओ, वरना छिपने के लिए जगह कम पड़ जाएगी। और जितने भी हमारे दुश्मन हैं, तैयार रहो, जल्दी ही मुलाकात होगी तुमसे। नोट- एक ही था, एक ही है और एक ही रहेगा लॉरेंस बिश्नोई गैंग।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 2:26 pm

गोविंदा ने कौनसी 2-4 शादिया कर लीं?:एक्टर की पर्सनल लाइफ पर मैनेजर शशि सिन्हा का रिएक्शन, बोले- रोमांस की खबरें सबकी आती हैं

गोविंदा अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में रहते हैं। कभी एक्टर का पत्नी सुनिता आहूजा के साथ तलाक की खबरें आती हैं तो कभी उनके करियर पर सवाल उठाए जाते हैं। अब इन सब मामलों पर गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने रिएक्शन दिया है। समाचार एजेंसी ANI के साथ बातचीत में शशि सिन्हा ने एक्टर की शादीशुदा जिंदगी के बारे में बात करते हुए कहा, गोविंदा ने ऐसी कौनसी 2-4 शादियां कर ली हैं, जो इतना बवाल मचा हुआ है। रोमांस को लेकर किसके बारे में खबरें नहीं छपती हैं? सभी के बारे में कुछ ना कुछ आता ही रहता है। ये थोडी सी कुछ घरेलू हवा है, जिसके चलते इतना तूफान मचा है। क्यों है, क्या है, ये जब आप लोगों से गोविंदा मिलेंगे तब वो बताएंगे। शशि ने गोविंदा और उनकी पत्नी सुनिता के बीच कथित झगड़े की खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि उनके और उनकी पत्नी के बीच कोई समस्या है। आप सुनिता जी या गोविंदा जी से पूछ सकते हैं। वह अपनी पत्नी और बच्चों का ध्यान रख रहे हैं। ये अफवाहें बिल्कुल निराधार हैं। बहुत दुख होता है जब उनके बारे में कोई कुछ कहता है। भगवान करे उनकी (गोविंदा) जिंदगी में सबकुछ अच्छा हो। मैं प्रार्थना करता हूं कि उनकी लाइफ में सबकुछ अच्छा चले। वो फिर से आएं, काम करें और नई शुरुआत करें। वो काम में वापस आने के रास्ते पर भी हैं। एक-दो फिल्मों की हमारी प्लानिंग चल रही है। खुद का होम-प्रोडक्शन भी शुरू कर रहे हैं। देखते हैं कौनसी पहले शुरू हो जाती है। हम शुरू करेंगे और वो काम भी करेंगे। बता दें, बीते कुछ समय से गोविंदा की पत्नी सुनीता उनके खिलाफ बयान दे रही हैं। सुनीता ने गोविंदा के अफेयर पर कहा कि 63 की उम्र में ये सब शोभा नहीं देता। ऐसे गोविंदा ने पहली बार इस पर रिएक्शन देते हुए एएनआई से बातचीत की थी। उन्होंने सुनीता के बयानों पर कहा था, मेरे एक मित्र ने कहा था गोविंद (गोविंदा) तुम्हारे साथ थोड़ी सी साजिश चल रही है, आज नहीं सालों से चल रही है। उससे तुम कैसे बाहर निकलोगे, मैंने कहा देखिए एक साल, दो साल, 4-5 साल, 9-10 साल योग होते हैं, पूजा प्रार्थना किया करते हैं, यज्ञ करवाते हैं। पर जब 24-15 साल से वार्तालाप आगे निकलता है तो वो योग नहीं प्रयोग होता है। आगे गोविंदा ने कहा था, ‘किसी की सोची समझी साजिश में घर परिवार आ जाता है, डर जाते हैं लोग, वो सभी गोविंदा नहीं हैं। फिर थोड़ा सा अलगाव नजर आ जाता है। पर मुझे ऐसा लगता है कि ऐसे तो वो (सुनीता) बहुत जहीन हैं, पढ़ी-लिखी हैं वो, भाषा में गलत नहीं होता कुछ।’

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 11:48 am

5 साल बाद रिया चक्रवर्ती की एक्टिंग में वापसी:वेब सीरीज फैमिली बिजनेस में आएंगी नजर, एक्ट्रेस की वापसी पर फैंस खुश

सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद लंबे समय तक ब्रेक लेने के बाद रिया चक्रवर्ती फिर से फिल्मों और सीरीज में वापसी कर रही हैं। मंगलवार शाम वह मुंबई में हुए ‘Next On Netflix’ इवेंट में शामिल हुईं, जहां एक्ट्रेस ने अपनी कमबैक सीरीज फैमिली बिजनेस की आधिकारिक घोषणा की। इस सीरीज में रिया के साथ अनिल कपूर और विजय वर्मा भी नजर आएंगे। रिया चक्रवर्ती ने अपने इंस्टाग्राम पर फैमिली बिजनेस का टीजर शेयर किया। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा, नई शक्ति मिलती है पुराने पैसे से। जब सत्ता बड़ी होती है, तो परिवार और कारोबार की सीमाएं धुंधली हो जाती हैं। फैमिली बिजनेस जल्द ही केवल नेटफ्लिक्स पर देखें। रिया के कमबैक से उनके फैंस काफी खुश हैं। सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस को सपोर्ट किया जा रहा है। एक फैन ने लिखा, देर आए, दुरुस्त आए, बधाई। दूसरे ने कहा, रिया को स्क्रीन पर वापस देख खुश हूं। यह वापसी उनके लिए पूरी तरह न्यायसंगत है, इंतजार नहीं कर सकता इसे देखने का। इसके अलावा कई और यूजर्स ने खुशी जताई है। बता दें, 2020 में सुशांत सिंह राजपूत का निधन हो गया था। उसी साल सितंबर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रिया चक्रवर्ती को हिरासत में लिया, जब उनके व्हाट्सएप से कथित ड्रग्स से जुड़े चैट्स सामने आए। अगले महीने उन्हें जमानत दे दी गई थी। इस शर्त के साथ कि वह अपना पासपोर्ट एनसीबी के पास जमा करें। हालांकि रिया को पांच साल बाद उनका पासपोर्ट वापस मिल गया है। यह पासपोर्ट उन्हें तब मिला जब हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया था।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 10:37 am

मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ पर विवाद:मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा गया, ‘पंडित’ शब्द को अपमानित करने का आरोप

मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी नई फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में एक इवेंट में फिल्म का टीजर जारी किया गया, जिसके बाद यह विवादों में घिर गया। मुंबई के एक वकील का आरोप है कि ‘पंडित’ जैसे सम्मानजनक शब्द को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इस कारण उन्होंने फिल्म के मेकर्स को कानूनी नोटिस भेजा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नोटिस मुंबई के वकील आशुतोष दुबे ने भेजा है। उनका आरोप है कि ‘पंडित’ जैसे सम्मानजनक शब्द को भ्रष्टाचार के साथ जोड़ना न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे पूरे समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचती है। नोटिस में कहा गया है कि यह फिल्म जानबूझकर एक समुदाय की छवि को खराब करने की कोशिश कर रही है। वकील ने आगे यह भी कहा कि नेटफ्लिक्स जैसी बड़ी कंपनी इस तरह के कंटेंट को प्रमोट कर रही है। ‘पंडित’ शब्द भारतीय सभ्यता में नैतिकता और आध्यात्मिक अधिकार का प्रतीक है। इसे रिश्वतखोरी और अपराध के साथ जोड़कर दिखाना गलता है। यह केवल क्रिएटिव फ्रीडम नहीं है बल्कि कला के नाम पर किसी समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है। उनका कहना है कि फिल्म का नाम केवल सनसनी फैलाने के इरादे से रखा गया है, जिसमें सामाजिक संवेदनशीलता की अनदेखी की गई है। इसके साथ ही, वकील ने फिल्म का नाम बदलने की मांग भी की है। नेटफ्लिक्स और फिल्म के मेकर्स ने अभी तक इस कानूनी नोटिस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। जानिए कैसे है टीजर टीर में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडित’ के नाम से जाना जाता है। फिल्म में उन्हें एक बदनाम पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है। टीजर के मुताबिक, दीक्षित 20 साल पहले एसआई के रूप में भर्ती हुए थे और अपने किए गए कारनामों की वजह से उन्हें बार-बार डिमोट किया गया।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 9:10 am

अभिषेक बच्चन@50; नकली अंगूठी से ऐश्वर्या को किया प्रपोज:पैसे नहीं थे तो अवॉर्ड शो में पहनी पुरानी शेरवानी, विल स्मिथ का तोड़ा रिकॉर्ड

एक्टर अभिषेक बच्चन आज अपना 50वां बर्थडे मना रहे हैं। अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के घर जन्मे अभिषेक की पहचान सिर्फ एक सुपरस्टार के बेटे तक सीमित नहीं रही। उम्मीदों, असफलताओं, आलोचनाओं और फिर सफलता के चक्र से गुजरते हुए उन्होंने अपनी खुद की पहचान बनाई और युवा, धूम, गुरु जैसी फिल्मों में अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीता। अभिषेक ने मुंबई के बॉम्बे स्कॉटिश और जमनाबाई नरसी स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने नई दिल्ली के वसंत विहार स्थित मॉडर्न स्कूल और फिर स्विट्जरलैंड के ऐग्लॉन कॉलेज में शिक्षा हासिल की। आगे की पढ़ाई के लिए वह बोस्टन यूनिवर्सिटी पहुंचे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पिता की कंपनी अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड (ABCL) के दिवालिया होने पर मुश्किल वक्त में परिवार का साथ देने के लिए उन्होंने डिग्री पूरी होने से पहले ही कॉलेज छोड़ दिया और भारत लौट आए। अवॉर्ड फंक्शन में बहन की शादी की शेरवानी पहनी थी गलगाटा प्लस मेगा हिंदी राउंडटेबल 2023 में अभिषेक ने बताया था कि एक अवॉर्ड फंक्शन में मजबूरी में वह अपनी बहन की शादी में पहनी गई शेरवानी पहनकर पहुंचे थे, क्योंकि उस कठिन दौर में उनके पास नए कपड़े खरीदने तक के पैसे नहीं थे। सेट साफ किया, फर्श पोंछा कॉलेज छोड़ने के बाद अभिषेक ने ABCL में काम शुरू किया। वहां वह ऑफिस के रिसेप्शन पर बैठते थे, रजिस्टर संभालते थे और आने-जाने वाले हर व्यक्ति से साइन करवाते थे। इसके बाद उन्होंने प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में भी काम किया। वहां वह एक तरह से प्रोडक्शन बॉय बन गए। अभिषेक ने मैशेबल इंडिया को दिए इंटरव्यू बताया था कि इस दौरान उन्होंने चाय बनाई, शूटिंग शुरू होने से पहले सेट की सफाई की, फर्श साफ किया, लाइट्स उठाईं और ट्रॉली तक धकेली। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में एक्टिंग की ओर कदम बढ़ाया। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के बेटे होने के कारण अभिषेक से लोगों की उम्मीदें शुरू से ही काफी ज्यादा रही हैं। दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री को उनसे भी वैसी ही दमदार एक्टिंग और वैसा ही शानदार काम देखने की उम्मीद थी, जिसका प्रेशर भी करियर की शुरुआत में अभिषेक पर था। मैशेबल इंडिया को दिए इंटरव्यू में जब उनसे सवाल पूछा गया था कि जब आपके पिता एक ओवरअचीवर रहे हैं, तो क्या उनकी तरह कुछ नया और बड़ा कर दिखाने का प्रेशर आप पर भी रहता है, तो इस पर अभिषेक ने कहा था कि करियर की शुरुआत में यह प्रेशर जरूर था। उन्होंने माना था कि तब उनके मन में अक्सर यह ख्याल आता था कि लोग क्या कहेंगे और क्या सोचेंगे। एक्टर ने बताया था कि जब वह अपनी पहली फिल्म रिफ्यूजी की शूटिंग कर रहे थे और अपना पहला ही शॉट देने वाले थे, तो उस दिन शूटिंग देखने के लिए काफी लोग जमा हो गए थे। सबको यह जानने की उत्सुकता थी कि अमिताभ बच्चन का बेटा कैमरे के सामने कैसा प्रदर्शन करता है। आसपास के गांवों से लेकर पूरी स्टारकास्ट तक, सभी लोग यह देखने आए थे कि अभिषेक अपने पहले शॉट में क्या करते हैं? अभिषेक ने बताया था कि उस सीन में उन्हें मटके से पानी निकालकर जरी कैन में डालना था, लेकिन माहौल का प्रेशर इतना ज्यादा था कि वह पूरी तरह घबरा गए। घबराहट में उनसे कई मटके टूट गए और वह लगातार यही सोचते रहे कि वह कितना खराब काम कर रहे हैं। उनके मन में डर बैठ गया था कि लोग होटल लौटकर उनके पिता को फोन करेंगे और कहेंगे कि उन्हें फिल्म से हटा दिया जाए। उस वक्त उन्हें लगा था कि वह सबको निराश करेंगे, लेकिन उस समय फिल्म के डायरेक्टर जेपी दत्ता उनके लिए सहारा बनकर खड़े रहे। अभिषेक ने कहा था कि जेपी दत्ता ने पूरे सीन के दौरान उनका हाथ थामे रखा, उन्हें सहज महसूस कराया और वही शॉट निकलवाया जो वह चाहते थे। अभिषेक की पहली फिल्म रिफ्यूजी एवरेज रही, लेकिन उनकी एक्टिंग को सराहा गया था। इसके बाद उन्होंने लगातार कई फिल्में कीं, लेकिन ज्यादातर बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। उनकी तेरा जादू चल गया, ढाई अक्षर प्रेम के, बस इतना सा ख्वाब है, शरारत, हां मैंने भी प्यार किया, ओम जय जगदीश, मुंबई से आया मेरा दोस्त और कुछ ना कहो जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर पाईं। महिला ने गुस्से में थप्पड़ मार दिया था एक बार अभिषेक की एक्टिंग से निराश एक महिला ने उन्हें थप्पड़ मार दिया था। साल 2018 में अभिषेक ने जागरण फिल्म समिट में इसके बारे में बताया था। दरअसल, यह घटना साल 2002 की है, जब उनकी फिल्म शरारत रिलीज हुई थी। वह फिल्म देखने के लिए मुंबई के गैटी-गैलेक्सी थिएटर पहुंचे थे। जब वह थिएटर से बाहर निकल रहे थे, तभी एक महिला उनके पास आई और बिना कुछ कहे उन्हें थप्पड़ मार दिया था। उस महिला ने गुस्से में कहा, ‘तुम अपने परिवार के नाम को बदनाम कर रहे हो, एक्टिंग छोड़ दो। घर से निकलने में भी शर्म आती थी वहीं, साल 2010 में BAFTA को दिए इंटव्यू में अभिषेक ने बताया था कि जब उनकी कई शुरुआती फिल्में नहीं चलीं, इससे वह काफी निराश हो गए थे। उन्होंने कहा था कि जब हर हफ्ते सार्वजनिक तौर पर आलोचना झेलनी पड़े, तो इंसान अंदर से टूटने लगता है। बार-बार यह महसूस कराया जाए कि आप काफी अच्छे नहीं हैं, तो धीरे-धीरे वही बात सच लगने लगती है। आत्मविश्वास इतना गिर जाता है कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें भी मुश्किल लगने लगती हैं। हालात ऐसे हो जाते हैं कि घर से बाहर निकलने में भी शर्म महसूस होती है। लोगों की नजरों और बातों से डर लगने लगता है। अभिषेक ने बताया था कि भारतीय दर्शक बहुत खुलकर अपनी राय रखते हैं। वह चाहे तारीफ हो या आलोचना-सीधे दिल तक पहुंचती है। यही वजह थी कि एक वक्त ऐसा आया जब उन्होंने खुद से सवाल करना शुरू कर दिया कि क्या उन्हें सच में उन्हें एक्टिंग करनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि उस दौर में वह कुछ सीख भी नहीं पा रहे थे। फिर एक दिन उन्हें लगा कि यह तरस भी बेकार है और शायद वह वाकई नाकाबिल हैं। इसी टूटे मन के साथ वह अपने पिता अमिताभ बच्चन के पास गए और कहा था, “मुझे लगता है मैंने गलती कर दी। मैंने हर तरह की फिल्म की, बड़े-बड़े निर्देशकों के साथ काम किया, लेकिन सबको असफलता ही दी।” इस पर अमिताभ बच्चन ने उनसे कहा था, “मैंने तुम्हें हार मानने के लिए नहीं पाला है। मैंने तुम्हें लड़ना सिखाया है। तुममें काबिलियत है। हर फिल्म के साथ तुम बेहतर हो रहे हो। अभी मंजिल दूर है, लेकिन काम करते रहो। कैमरे के सामने जितना हो सके उतना वक्त बिताओ।” अभिषेक के लिए यही शब्द ताकत बन गए। कुछ समय बाद जब फिल्म युवा आई, तो उस फिल्म ने उन्हें यह भरोसा दिया कि वह अभी मंजिल पर नहीं पहुंचे हैं, लेकिन सही दिशा में चल जरूर पड़े हैं। फिल्म युवा में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और उन्हें पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। युवा के बाद धूम, सरकार, कभी अलविदा ना कहना, बंटी और बबली, गुरु जैसी फिल्मों ने उन्हें खास पहचान दिलाई। साल 2004, 2005 और 2006 में उन्होंने लगातार तीन बार बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीता। विल स्मिथ का रिकॉर्ड तोड़ा था बता दें कि अभिषेक के नाम हॉलीवुड एक्टर विल स्मिथ के नाम दर्ज गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ने का भी रिकॉर्ड है। दरअसल, अभिषेक के नाम 12 घंटे में सबसे ज्यादा पब्लिक अपीयरेंस करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने यह रिकॉर्ड विल स्मिथ को पीछे छोड़ते हुए बनाया था। स्मिथ ने साल 2004 में अपनी फिल्म आई, रोबोट के प्रमोशन के दौरान 2 घंटे में 3 पब्लिक अपीयरेंस की थीं। वहीं, अभिषेक बच्चन ने 22 फरवरी 2009 को अपनी फिल्म दिल्ली-6 के प्रमोशन के दौरान सिर्फ 12 घंटे में गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़ और मुंबई समेत 7 शहरों में अलग-अलग प्रमोशनल इवेंट्स में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने करीब 1,800 किलोमीटर का सफर किया, जिसमें ज्यादातर यात्रा प्राइवेट जेट और कार से की गई। ओटीटी ने करियर को नई दिशा दी हाल ही के कुछ सालों में ओटीटी और डिजिटल प्लेटफॉर्मों ने अभिषेक के करियर को नई दिशा दी है। खुद अभिषेक भी मजाकिया अंदाज में खुद को ‘ओटीटी का बच्चन’ कह चुके हैं। उन्होंने डिजिटल दुनिया में कदम वेब सीरीज ब्रीद: इंटू द शैडोज से रखा था। इसमें एक पिता और ग्रे शेड वाले किरदार अविनाश सभरवाल के रूप में उनकी एक्टिंग स्किल्स को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसके बाद अनुराग बसु की फिल्म लूडो में अभिषेक का बिट्टू वाला किरदार दर्शकों को उनकी फिल्म युवा की याद दिला गया। इस रोल के लिए भी उनकी एक्टिंग की तारीफ हुई। वहीं फिल्म दसवीं में एक अनपढ़ नेता गंगा राम चौधरी के किरदार ने उनके ओटीटी करियर को नई ऊंचाई दी। इस फिल्म के लिए अभिषेक को फिल्मफेयर ओटीटी अवॉर्ड (बेस्ट एक्टर ) भी मिला और यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर टॉप ट्रेंड्स में शामिल रही। इसके अलावा फिल्म बॉब बिस्वास में भी अभिषेक की एक्टिंग को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला। हालिया प्रोजेक्ट्स की बात करें तो फिल्म बी हैप्पी (2025) में उनकी परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ हुई। यह फिल्म अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज के बाद नंबर वन पर ट्रेंड कर चुकी है। जीनत से शादी की बात कही थी सिमी गरेवाल के शो में जब सिमी ने अभिषेक से पूछा था कि उन्हें पहली बार प्यार कब हुआ था, तो अभिषेक ने बताया था कि वह उस समय 6 साल के थे। एक्टर ने यह भी कहा था कि वह एक्ट्रेस जीनत अमान की फिल्मों के दीवाने थे। उन्होंने बताया कि जीनत अमान और उनके पिता की साथ में की गई कई फिल्में उन्होंने देखी थीं और तभी से वह उन्हें बेहद पसंद करने लगे थे। अभिषेक ने यह भी बताया था कि बचपन में उन्होंने जीनत अमान से एक बार शादी करने तक की बात कह दी थी, लेकिन वह इतने छोटे थे कि ज़ीनत ने उन्हें बस एक शरारती बच्चे की तरह नजरअंदाज कर दिया। इस पर सिमी ने एक दिलचस्प बात शेयर की थी। उन्होंने बताया था कि उन्होंने जीनत अमान से एक रात पहले ही बात की थी। एक्ट्रेस ने कहा कि अभिषेक बहुत शांत और शर्मीले बच्चे थे, लेकिन उनकी आंखें बेहद बड़ी और भावनाओं से भरी हुई थीं। जीनत ने यह भी कहा था कि जब भी वह आसपास होती थीं, अभिषेक अक्सर अपनी मां जया बच्चन के पीछे छिप जाया करते थे और वहीं से उन्हें चुपचाप देखा करते थे। अभिषेक ने मुस्कुराते हुए माना था कि वह सच में बहुत शर्मीले थे। उन्होंने कहा कि जब लोग उनका मजाक उड़ाते थे, तो उनकी मां कहती थीं कि वह जीनत अमान को बहुत मानते हैं, इसलिए शर्माते हैं। अभिषेक और ऐश्वर्या की लव स्टोरी अभिषेक और ऐश्वर्या की लव स्टोरी की बात करें तो दोनों की पहली मुलाकात साल 2000 में फिल्म ‘ढाई अक्षर प्रेम के’ के सेट पर हुई थी। इसके बाद दोनों ने कुछ ना कहो, उमराव जान और धूम 2 जैसी फिल्मों में साथ काम किया। वहीं, अभिषेक ने फिल्म गुरु के प्रीमियर के दौरान ऐश्वर्या को शादी के लिए प्रपोज किया था। जनवरी 2007 में न्यूयॉर्क की एक बेहद ठंडी बालकनी में उन्होंने ऐश्वर्या से शादी के लिए पूछा। खास बात यह थी कि जिस अंगूठी से उन्होंने प्रपोज किया था, वह कोई महंगी हीरे की अंगूठी नहीं थी। दरअसल, वह अंगूठी फिल्म गुरु के सेट की एक प्रॉप रिंग थी। प्रॉप रिंग का मतलब होता है शूटिंग में इस्तेमाल की जाने वाली नकली अंगूठी। यही वही अंगूठी थी, जिसका इस्तेमाल उन्होंने फिल्म गुरु में भी किया था। ऐश्वर्या के प्यार में पूरी तरह डूबे अभिषेक ने टोरंटो में गुरु के प्रीमियर से लौटने के बाद अचानक ही उन्हें शादी के लिए प्रपोज किया और ऐश्वर्या ने बिना देर किए हां कह दी। इसके बाद 20 अप्रैल 2007 को अभिषेक और ऐश्वर्या पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शादी के बंधन में बंधे। अभिषेक बच्चन के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स साल 2026 की बात करें तो इस साल अभिषेक रितेश देशमुख द्वारा निर्देशित ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म राजा शिवाजी में एक महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगे। यह फिल्म 1 मई 2026 (महाराष्ट्र दिवस) को रिलीज होगी। इसके अलावा फिल्म किंग में विलेन के तौर पर नजर आएंगे, जिसमें शाहरुख खान लीड रोल में हैं। यह फिल्म साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है। इसमें शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान भी पहली बार उनके साथ काम करती नजर आएंगी। यह फिल्म 24 दिसंबर 2026 को क्रिसमस के मौके पर रिलीज होगी। ________________________ बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.... प्रीति जिंटा@51; अखबार से मिली पिता की मौत की खबर: अंडरवर्ल्ड डॉन के खिलाफ गवाही देने वाली इकलौती सेलिब्रिटी, मुफ्त के ₹600 करोड़ ठुकराए फिल्म 'दिल से' से करियर की शुरुआत करने वाली प्रीति ने दिल चाहता है, कल हो ना हो, कोई… मिल गया, वीर-जारा और कभी अलविदा ना कहना जैसी कई फिल्मों में काम किया। प्रीति का जन्म एक राजपूत परिवार में हुआ। उनके पिता दुर्गानंद जिंटा भारतीय सेना में अधिकारी थे। पूरी खबर पढ़ें....

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:30 am

डॉन 3 और कृष 4 में नजर आएंगी प्रियंका चोपड़ा?:बोलीं- पता नहीं इस बारे में कुछ कह सकती हूं या नहीं

प्रियंका चोपड़ा करीब छह साल बाद भारतीय सिनेमा में वापसी करने जा रही हैं। वह एस.एस. राजामौली की फिल्म वाराणसी में नजर आएंगी। इसी बीच एक्ट्रेस ने अपनी डॉन और कृष को लेकर बात की, जिसके बाद चर्चा शुरू हो गई कि क्या वह इन दोनों ही फिल्मों में नजर आएंगी। स्क्रीन रेंट से बातचीत में जब प्रियंका चोपड़ा से डॉन 3 और कृष 4 का हिस्सा होने के बारे में पूछा गया तो एक्ट्रेस ने कहा, यह ऐसे किरदार हैं, जिन्हें वो हमेशा लाने के लिए तैयार रहेंगी लेकिन कहानी भी अच्छी होनी चाहिए। मुझे नहीं पता कि मैं उनमें से किसी के बारे में बात कर सकती हूं या नहीं। इसी दौरान प्रियंका के को-एक्टर महेश बाबू ने मजाक में कहा, तो फिर कुछ न कुछ जरूर चल रहा है। आगे एक्ट्रेस ने कहा, वाराणसी भारत में लगभग छह साल बाद मेरी पहली फिल्म है और यहां वापस आना बेहद खास है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी किरदार या फ्रेंचाइजी में दमदार कहानी हो तो वह उसे दोबारा निभाने के लिए तैयार हैं। ऋतिक रोशन की कृष 3 में प्रियंका चोपड़ा नजर आई थीं। इसके अलावा वो शाहरुख खान की 'डॉन 2' का भी हिस्सा रह चुकी हैं। बता दें, प्रियंका चोपड़ा इन दिनों एसएस राजामौली के निर्देशन में बनने जा रही फिल्म वाराणसी में दिखाई देंगी। इस मूवी में प्रियंका चोपड़ा को महेश बाबू नजर आएंगे। यह फिल्म 2027 में रिलीज होगी।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 7:26 pm

द केरल स्टोरी 2 पर सादिया खतीब ने जताई आपत्ति:कहा- फिल्म की कहानी एक खास धर्म को निशाना बनाती है, एक्ट्रेस पर भड़के यूजर्स

विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड का टीजर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक तरफ लोग इसे सच्ची घटनाओं से प्रेरित बता रहे हैं तो दूसरी ओर एक्ट्रेस सादिया खतीब ने फिल्म की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा फिल्म की कहानी बार-बार एक खास धर्म को निशाना बनाती है और उसे समाज के लिए खतरे के रूप में पेश करती है। सादिया खातिब ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा पोस्ट लिखा, एक मुसलमान होने के साथ-साथ एक भारतीय नागरिक के तौर पर वह इस तरह की फिल्मों को देखकर खुद को अपमानित और दुखी महसूस करती हैं। समस्या सिर्फ यह नहीं है कि क्या हो रहा है, बल्कि यह है कि लोग इसे खामोशी से स्वीकार कर रहे हैं। नफरत और डर को सिनेमा और जागरूकता के नाम पर सावधानी से परोसा जा रहा है। अपने पोस्ट में सादिया ने आगे लिखा, जब किसी पूरे समुदाय को बार-बार आतंकवादी, विलेन या नफरत के लायक न समझे जाने वाले लोगों के रूप में दिखाया जाता है, तो इससे उस समुदाय पर गहरा मानसिक असर पड़ता है। यह सब धीरे-धीरे एक सिस्टम की तरह फैलाया जा रहा है और इसे सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है। यह सिनेमा नहीं है यह कंडीशनिंग है। हमारे देश में मुसलमानों के ख‍िलाफ एक नफरत की आंधी चल रही है। यह सिर्फ सिनेमा तक खत्‍म नहीं होता। यह स्‍कूल की कक्षाओं में, दफ्तर में, सड़कों पर हर जगह है। जब मुसलमानों को खलनायक बनाया जाता है, आम इंसानों को संदेह की नजरों से देखा जाता है, यह इसकी नफरत का असर है, जिसे ये कला कह रहे हैं। सादिया के इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर सवाल उठने लगे। एक यूजर ने लिखा, सादिया ने फिल्म द डिप्लोमैट में एक पीड़िता का किरदार निभाया था और तब उन्होंने उस फिल्म को सच्ची घटना पर आधारित बताया था। ऐसे में जब द केरल स्टोरी 2 गोज बियॉन्ड के मेकर्स भी अपनी फिल्म को वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बता रहे हैं, तो उन्हें इस पर आपत्ति क्यों है? वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, जब ऐसे मामलों को सच्चाई के तौर पर दिखाया जा रहा है, तो फिल्म का विरोध करने के बजाय उन मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 5:53 pm

धुरंधर 2 में सलमान खान की एंट्री की खबर फर्जी:एक्टर नहीं निभाएंगे बड़े साहब का किरदार, सोशल मीडिया पर किरदारों की लिस्ट वायरल

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर सुपरहिट साबित हुई है। मंगलवार को मेकर्स ने धुरंधर 2 की भी आधिकारिक घोषणा कर दी। इसी बीच सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हो गईं, जिसके बाद यह अटकलें लगाई जा रहीं कि सलमान खान भी फिल्म में नजर आ सकते हैं और वह बड़े साहब का किरदार निभाएंगे। हालांकि, यह दावा पूरी तरह गलत है। वह इसका हिस्सा नहीं होंगे। DNA की रिपोर्ट के मुताबिक, धुरंधर 2 से जुड़े किरदारों की एक लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें किरदारों के नाम और उन्हें निभाने वाले कलाकारों का जिक्र किया गया है। इस लिस्ट में मेजर इकबाल (अर्जुन रामपाल) और उसके साथियों के नाम भी शामिल हैं। फिल्म में भी मेजर इकबाल कई बार बड़े साहब का जिक्र करता है और उन्हें पर्दे के पीछे से सारी डोरियां हिलाने वाला मास्टरमाइंड बताता है, जिसे आईएसआई और माफिया का सबसे बड़ा बॉस माना जाता है। इसी बीच एक नेटिजन ने फिल्म के क्रेडिट्स से लिया गया एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसमें एक किरदार का नाम दाऊद इब्राहिम लिखा नजर आता है और इस भूमिका को अभिनेता दानिश इकबाल निभाते हुए नजर आ सकते हैं। इसके बाद से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई नेटिजन्स का मानना है कि दाऊद इब्राहिम ही फिल्म में बड़े साहब हैं, जबकि कुछ लोग इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि बड़े साहब का किरदार किसी एक भगोड़े डॉन से कहीं ज्यादा बड़ा और प्रभावशाली हो सकता है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि बड़े साहब का रोल इतना बड़ा नहीं है और इसे पहले ही शूट किया जा चुका है।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 3:57 pm

धुरंधर 2 में हुई यामी गौतम की एंट्री:कैमियो रोल में एक्शन करती दिखेंगी एक्ट्रेस, शूटिंग भी की पूरी; 19 मार्च को रिलीज होगी

धुरंधर की कामयाबी के बाद अब रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2, 19 मार्च को रिलीज हो रही है। अब इस फिल्म में डायरेक्टर आदित्य धर की पत्नी और एक्ट्रेस यामी गौतम की भी एंट्री हो चुकी है। यामी फिल्म में कैमियो करेंगे, लेकिन उनका किरदार कहानी का अहम हिस्सा होगा। हाल ही में आई पिंकविला की रिपोर्ट में फिल्म धुरंधर 2 से जुड़े करीबी सूत्र के हवाले से बताया गया है कि यामी गौतम धुरंधर 2 में कैमियो कर रही हैं। उन्होंने अपने हिस्से की 5 दिनों की शूटिंग भी पूरी कर ली है। वो इस फिल्म में जबरदस्त एक्शन करती नजर आने वाली हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यामी गौतम फिल्म में सरप्राइज एलिमेंट की तरह होंगी, जिनका किरदार कहानी में नया मोड़ लाएगा। हालांकि अब तक मेकर्स की तरफ से यामी के फिल्म में जुड़ने की कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की गई है। फिल्म धुरंधरः द रिवेंज से पहले यामी गौतम फिल्म हक से चर्चा में थीं। ये फिल्म साल 2025 में रिलीज हुई थी, जिसमें यामी के साथ इमरान हाशमी लीड रोल में थे। फिल्म में यामी ने मुस्लिम महिलाओं की हक की लड़ाई लड़ने वालीं शाहबानों का दमदार किरदार निभाया था। फिल्म के लिए एक्ट्रेस को काफी सराहना मिली थी। पहले पार्ट से पहले पेड पीआर पर भड़की थीं एक्ट्रेस फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट की रिलीज से पहले यामी गौतम ने पेड पीआर और नेगेटिव पीआर का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि फिल्मों को प्रमोट करवाने के नाम पर लोगों को पैसे देकर तारीफ करवाई जाती है। और अगर पैसे न दिए जाएं तो कुछ लोग फिल्म रिलीज होने से पहले ही बुरा लिखते रहते हैं, और यह किसी तरह की जबरदस्ती वसूली जैसा लगता है। यामी के मुताबिक यह चलन इंडस्ट्री के भविष्य को नुकसान पहुंचा सकता है। जो लोग इसे “नया नॉर्मल” मानकर हल्के में ले रहे हैं, वे गलत हैं, क्योंकि आगे चलकर यह सबको नुकसान देगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में सफलता के नाम पर जो कुछ भी हुआ है, अगर उसकी सच्चाई सामने आई तो तस्वीर बहुत अच्छी नहीं होगी। यामी ने यह भी लिखा कि साउथ इंडस्ट्री में ऐसा इसलिए नहीं हो पाता क्योंकि वहां लोग एकजुट रहते हैं। उन्होंने प्रोड्यूसर्स, डायरेक्टर्स और एक्टर्स से अपील की कि वे मिलकर इस गलत परंपरा को रोकें। उन्होंने कहा कि वह यह बात एक ईमानदार फिल्ममेकर की पत्नी होने के नाते कह रही हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत, सोच और टीम के साथ ऐसी फिल्म बनाई है जिस पर भारत को गर्व होगा। 19 मार्च को रिलीज होगी धुरंधर 2, टॉक्सिक से होगा क्लैश फिल्म धुरंधर 2 यानी धुरंधरः द रिवेंज 19 मार्च को रिलीज हो रही है। फिल्म का टीजर 3 फरवरी को जारी किया जा चुका है। इस फिल्म का क्लैश केजीएफ स्टार यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म टॉक्सिक से होने वाला है। दोनों ही फिल्में एक साथ 19 मार्च को रिलीज हो रही हैं। हिंदी सिनेमा के इतिहास की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म है धुरंधर 5 दिसंबर को रिलीज हुई फिल्म धुरंधर साल 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म रही। साथ ही फिल्म ने कई बड़े बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड कायम किए। ये फिल्म हिंदी बेल्ट में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली है। वहीं ये बॉलीवुड के इतिहास की वर्ल्डवाइड सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 3:10 pm

महिला सफाई कर्मचारी की ईमानदारी से प्रभावित हुए रजनीकांत:घर बुलाकर सोने की चेन पहनाकर किया सम्मानित, तस्वीरें वायरल

सुपरस्टार रजनीकांत अपनी दरियादिली और सादगी के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें वह एक महिला सफाई कर्मचारी को सम्मानित करते नजर आ रहे हैं। दरअसल, पद्मा नाम की यह महिला कर्मचारी चेन्नई के टी नगर इलाके में काम करती हैं। ड्यूटी के दौरान उन्हें एक लावारिस पाउच मिला, जिसमें 45 सॉवरेन (करीब 360 ग्राम) सोने के आभूषण थे। इन गहनों को अपने पास रखने के बजाय पद्मा ने तुरंत अपने सीनियर्स को इसकी जानकारी दी और पाउच को पुलिस स्टेशन में जमा करा दिया। इसके बाद पुलिस ने जांच कर गहनों को उनके असली मालिक तक पहुंचा दिया। जब यह बात रजनीकांत तक पहुंची तो उन्होंने पद्मा को अपने चेन्नई स्थित घर पर आमंत्रित किया और उन्हें सोने की चेन पहनाकर सम्मानित किया। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और लोग रजनीकांत की जमकर तारीफ कर रहे हैं। पद्मा की इस ईमानदारी से प्रभावित होकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी उन्हें खुद बुलाकर सम्मानित किया और इनाम के तौर पर एक लाख रुपए का चेक दिया। थलाइवा पहले भी कर चुके हैं सम्मानित यह पहला मौका नहीं है जब रजनीकांत ने किसी की तारीफ करते हुए उन्हें सम्मानित किया हो। इससे पहले साल 2022 में उन्हें फिल्म कांतारा इतनी पसंद आई कि उन्होंने एक्टर ऋषभ शेट्टी को घर बुलाकर कर सोने की चेन भेंट की थी। इतना ही नहीं, रजनीकांत अपने एक जबरा फैन रजनी शेखर को भी खास तोहफा दे चुके हैं। मदुरै निवासी रजनी शेखर जरूरतमंद लोगों को मात्र 5 रुपए में परोटा डिश खिलाते हैं। उनकी इस सेवा भावना से प्रभावित होकर रजनीकांत ने उन्हें भी सोने की चेन गिफ्ट की थी। जेलर 2 में नजर आएंगे रजनीकांत रजनीकांत के वर्क फ्रंट की बात करें तो वह जल्द ही फिल्म जेलर 2 में नजर आएंगे। इसमें विजय सेतुपति, मिथुन चक्रवर्ती और शाहरुख खान भी कैमियो करेंगे। फिल्म का नेल्सन डायरेक्ट कर रहे हैं। इसके अलावा वह Thalaivar 173 में भी नजर आएंगे।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 2:20 pm

मौत के बाद जारी होगा जैकी चैन का गीत:स्कूल में 20 घंटों की कठोर ट्रेनिंग, 30 से ज्यादा चोटें झेलीं, 10 साल हॉलीवुड ने ठुकराया, ​फिर मिली कामयाबी

71 साल के मशहूर अभिनेता और मार्शल आर्ट आइकन जैकी चैन ने हाल ही में अपने फैंस को चौंका दिया। उन्होंने एक खास गीत रिकॉर्ड किया, जिसे वे अपनी मौत के बाद रिलीज करना चाहते हैं, ‘एक अंतिम संदेश। मंच पर यह बताते हुए उनकी आवाज भर्राई तो दुनिया को लगा जैसे जैकी अपनी जिंदगी की किताब का आखिरी पन्ना खुद लिख रहे हों। लेकिन हर महान अंत से पहले एक तूफानी कहानी होती है और जैकी की कहानी तो खुद एक पूरी फिल्म है। 1954 में हॉन्गकॉन्ग में जन्मे जैकी का बचपन आसान नहीं था। 1961 में उन्हें चीनी ओपेरा रिसर्च इंस्टीट्यूट भेज दिया गया, जहां 20 घंटे की क्रूर ट्रेनिंग, अनुशासनात्मक दंड, लगातार परफॉर्मेंस उनके रोज का हिस्सा बन गए। अपनी पहली आत्मकथा ‘माई लाइफ इन एक्शन’ (1998) में उन्होंने लिखा, ‘वहां आंसू भी अनुमति लेकर गिरते थे।’ यही कठोरता उन्हें ऐसा शरीर दे गई, जिसने आगे चलकर एक्शन सिनेमा की परिभाषा बदल दी, लेकिन उसकी कीमत भारी थी। 70-80 के दशक में उन्होंने स्टंट खुद किए। हर बार मौत को करीब से देखा। 30 से ज्यादा गंभीर चोटें झेलीं। 1986 में फिल्म ‘आर्मर ऑफ गॉड’ की शूटिंग के दौरान सिर की गहरी चोट ने उन्हें लगभग जीवन से दूर खींच लिया। बाद में जैकी ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘उस दिन लगा कि दूसरा मौका मिला है और मुझे उसे बर्बाद नहीं करना।’ पर सफलता सीधी राह नहीं थी। 1980-90 के बीच लगभग दस साल हॉलीवुड ने उन्हें ठुकराया। ‘तुम दिखते अलग हो, बोलते अलग हो’ यह सुनते हुए भी उन्होंने धैर्य नहीं छोड़ा। आखिरकार 1998 में आई ‘रश ऑवर’ ने पूरी दुनिया में उनका जादू चला दिया। जिंदगी के सबसे बड़े राज सबसे करीबी लोग थे जिंदगी ने एक और मोड़ 2003 में दिखाया, जब जैकी के पिता चार्ल्स चैन ने खुलासा किया कि वे सीआईए से जुड़े एजेंट रहे थे और उनकी मां ओपियम तस्करी में पकड़ी जा चुकी थीं। इस बारे में जैकी ने दूसरी आत्मकथा ‘नेवर ग्रो अप’ (2015) में लिखा, ‘मेरी जिंदगी के सबसे बड़े राज मेरे करीब के लोग थे।’ व्यक्तिगत मोर्चे पर भी वे खुद को निर्दोष नहीं बताते। लिखते हैं, ‘बेटे जेसी के लिए अच्छा पिता नहीं था। मैं दुनिया को हंसाता रहा, अपना घर रुलाता रहा।’ आज उनका अंतिम गीत चर्चा में है, लेकिन जैकी वही बात दोहराते हैं, ‘आखिरी होने का डर मत रखो…, अधूरा रह जाने का रखो।’

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 1:36 pm

उपासना सिंह का सीनियर एक्टर से जमकर हुआ झगड़ा:एक्ट्रेस बोलीं- साथी कलाकार को पीटा, बदतमीजी की; इवेंट में हुई छीना-झपटी, वीडियो वायरल

कपिल शर्मा शो में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस उपासना सिंह ने किस देश में है मेरा दिल और कसौटी जिंदगी की जैसे शोज में नजर आ चुके सीनियर एक्टर दीपक काजिर पर बदतमीजी और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। ये मामला एक इवेंट से जुड़ा है, जहां एक्टर दीपक काजिर और एक्ट्रेस उपासना की जमकर बहस हुई। बहस इतनी बढ़ गई की इवेंट में एक्टर्स के बीच तेज झड़प हो गई। हाल ही में इस झगड़े का एक वीडियो सामने आया है। ये विवाद 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के एक इवेंट के दौरान हुआ। एक्ट्रेस उपासना सिंह माइक पर भाषण दे रही थीं। उनके साथ सीनियर एक्ट्रेस पूनम ढिल्लन भी मौजूद थीं। वो बात कर ही रही थीं कि तभी सीनियर एक्टर दीपक काजिर ने तेज आवाज में चिल्लाते हुए कहा- मैडम, मैडम एक मिनट। इस पर एक्ट्रेस ने गुस्से में कहा- मैं अभी बोल रही हूं। इस पर एक्टर ने गुस्से में कहा- नहीं आप नहीं बोलेंगी। इसके बाद दीपक काजिर ने वहां मौजूद शख्स को उंगली दिखाते हुए कहा- अभी-अभी दीपक जी ने बहुत गलत बात की है। इसके ठीक बाद दोनों में तीखी बहस हो गई। जब दीपक काजिर ने साथ खड़े शख्स से माइक लिया, तो वहां मौजूद दूसरे शख्स ने उनके हाथ से माइक छीन लिया। इस झड़प के बाद वहां मौजूद लोग दीपक काजिर को शांत करवाते नजर आए। इवेंट के बीच उपासना ने दीपक काजिर को डांटते हुए कहा, मैं CINTAA की जनरल सेक्रेटरी हूं। इस पर एक्टर ने कहा- मैं यहां पर सीनियर वाइस प्रेसिडेंट था। इस पर एक्ट्रेस ने तेज आवाज में कहा- था। आगे एक्ट्रेस ने कैमरे की तरफ देखते हुए सीनियर एक्टर पर आरोप लगाते हुए कहा, इन्होंने अभी विकास वर्मा को मारा, थप्पड़ और घूसों से। और ये लेडीज के साथ बदतमीजी कर रहे हैं। ये सुनते ही दीपक काजिर ने कहा, मैं बदतमीजी नहीं कर रहा। इस पर एक्ट्रेस ने कहा- इन्होंने अभी बदतमीजी की। मुझसे तू कौन हैं पूछ रहे हैं। फिलहाल ये साफ नहीं है कि इस झगड़े की क्या वजह थी और इसके खिलाफ क्या लीगल एक्शन लिए गए हैं। बता दें कि दीपक काजिर, इन दिनों कलर्स के चर्चित शो सहर होने को है में नजर आ रहे हैं। इसके अलावा वो पॉपुलर शोज कसौटी जिंदगी की, परदेस, कहानी घर घर की, तेनाली रामा में काम कर चुके हैं। टीवी शोज के अलावा वो फिल्मों परदेस, साथिया, चमेली, एक खिलाड़ी एक हसीना, सलाम-ए-इश्क में भी नजर आ चुके हैं।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 12:45 pm

धुरंधर 2 के लोकेशन मैनेजर के खिलाफ शिकायत दर्ज:मुंबई के हाई सिक्योरिटी एरिया में ड्रोन से हो रही थी शूटिंग, संजय दत्त थे सेट पर मौजूद

धुरंधर 2 के लोकेशन मैनेजर के खिलाफ मुंबई में पुलिस शिकायत दर्ज हुई है। आरोप हैं कि फिल्म की शूटिंग ड्रोन के जिरए बिना इजाजत साउथ मुंबई के हाई सिक्योरिटी एरिया में की जा रही थी। फिल्म के लोकेशन मैनेजर रिंकू राजपाल वाल्मिकी के खिलाफ 1 फरवरी को मुंबई के MRA मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 233 (कानूनी आदेशों की जानबूझकर अवहेलना) के तहत शिकायत दर्ज हुई है। आरोप हैं कि फिल्म के एक हिस्से की शूटिंग साउथ मुंबई के हाई सिक्योरिटी फोर्ट एरिया में हो रही थी। शूटिंग के समय ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था, जो उस एरिया में प्रतिबंधित है। ड्रोन के इस्तेमाल के लिए टीम की तरफ से एथॉरिटी से किसी तरह की इजाजत भी नहीं ली गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, फिल्म धुरंधर 2 की शूटिंग जनवरी के आखिर से उस लोकेशन में चल रही थी। 1 फरवरी को संजय दत्त समेत पूरी टीम लोकेशन पर इकट्ठा हुई, जिसके बाद ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। ये शूटिंग का तीसरा दिन था। ड्रोन का इस्तेमाल होते देख एथॉरिटी ने पुलिस शिकायत की, जिसके बाद शूटिंग रोकी गई। साउथ मुंबई में लगा पाकिस्तान का सेट 30 जनवरी को फिल्म धुरंधर की प्रोडक्शन टीम ने किले को पाकिस्तान की पुरानी गली की तरह तैयार किया था। शुरुआत में भीड़ कम थी, लेकिन 1 फरवरी को वहां भारी भीड़ जमा हो गई। शिकायत मिलने के बाद लोकेशन मैनेजर रिंकू राजपाल को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्हें शुरुआत जांच के बाद छोड़ दिया गया है, हालांकि उनके खिलाफ एफआईआर अब भी कायम है। 3 फरवरी को रिलीज हुआ धुरंधर 2 का टीजर धुरंधर की कामयाबी के बाद धुरंधर 2, 19 मार्च को रिलीज होने वाली है। इस फिल्म का टीजर 3 फरवरी को रिलीज हो चुका है, जिसे कुछ घंटों में ही कई मिलियन व्यूज मिल चुके हैं। इस फिल्म का क्लैश केजीएफ स्टारर यश की फिल्म टॉक्सिक से होने वाला है।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 10:43 am

म्यूजिक राइट कंट्रोवर्सी पर कपिल शर्मा का पहला रिएक्शन:कहा- किसी का गाना यूज कर लो लाखों का बिल आ जाता था, कनाडा कैफे फायरिंग पर भी ली फिरकी

कपिल शर्मा का शो द कपिल शर्मा शो बीते कुछ समय से म्यूजिक राइट कंट्रोवर्सी से विवादों में था। लंबे समय बाद अब कपिल शर्मा ने इस पर रिएक्शन दिया है। उनका कहना है कि लाखों के बिल से बचने के लिए अब से वो अपने गाने खुद बनाएंगे। कपिल शर्मा की टीम हाल ही में नेटफ्लिक्स के इवेंट व्हॉट नेक्स्ट में पहुंची थीं। नेटफ्लिक्स ने इवेंट में अपकमिंग सीरीज और फिल्मों की अनाउंसमेंट की, जिसमें द ग्रेट इंडियन कपिल शो का पांचवा सीजन भी शामिल था। इस दौरान कपिल ने बताया है कि अब से सुनील ग्रोवर शो में खुद गाने गाएंगे। कपिल ने कहा कि अरिजीत के प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के बाद उन्होंने मौका देखकर सुनील ग्रोवर को बतौर सिंगर लॉन्च किया है। आगे उन्होंने कहा- ‘म्यूजिक राइट्स का पंगा बहुत था। किसी का गाना यूज कर लो लाखों का बिल आ जाता था। अब हम अपना ही बनाएंगे। हमारा जहां दिल करेगा हम गाएंगे।’ इस पर सुनील ग्रोवर ने कहा- ‘मुझे लगता है कि इसी वजह से अरिजीत सिंह ने रिटायरमेंट ले लिया। ये सुनने के बाद।’ इवेंट में कपिल शर्मा ने कनाडा के कैफे में हुई फायरिंग पर भी बात की, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी। उन्होंने कहा, ‘आज कल मेरे पीछे एक-दो मुल्कों के गैंगस्टर पीछे लगे हुए हैं’। हालांकि बाद में उन्होंने तुरंत टीम से कहा कि उनका ये बयान काट दिया जाए। इसके कुछ देर बाद ही उन्हें एहसास हो गया कि इवेंट लाइव है। क्या है कपिल शर्मा की म्यूजिक राइट कंट्रोवर्सी PPL द्वारा 12 दिसंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में कपिल शर्मा के शो के खिलाफ कमर्शियल याचिका दायर की गई थी। कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन का आरोप लगाते हुए याचिका में कहा गया था कि कपिल के शो के तीसरे सीजन में जून से सितंबर के बीच 3 लाइसेंसी गानों का इस्तेमाल बिना इजाजत किया गया। आरोप- इन गानों का हुआ बिना इजाजत इस्तेमाल इन गानों का कॉपीराइट PPL इंडिया के पास है। बिना इजाजत इन गानों का इस्तेमाल कमर्शियल तौर पर करना कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है। इन गानों का इस्तेमाल सिर्फ लाइसेंस होल्डर ही कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 9:49 am

मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब

बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के प्रत्युषा बनर्जी डेथ केस में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे 1 अप्रैल को प्रत्युषा की मौत के बाद उनके बॉयफ्रेंड राहुल राज उनकी डेडबॉडी हॉस्पिटल में छोड़कर चले गए। राहुल के खिलाफ केस दर्ज हुआ, जिसके बाद प्रत्युषा के कई दोस्तों ने उनके खिलाफ संगीन आरोप लगाते हुए बयान दिए। इस दौरान मौत के समय प्रत्युषा के सिंदूर, शादी की खबर और राहुल के वकील के केस छोड़ने से भी केस उलझा। राहुल की गिरफ्तारी होनी थी, लेकिन फिर उन्होंने एक कॉल रिकॉर्डिंग कोर्ट में पेश की, जिससे प्रत्युषा के पेरेंट्स भी शक के घेरे में आ गए। अब प्रत्युषा बनर्जी डेथ केस के पार्ट-2 में जानिए आगे की कहानी- राहुल की एक्स गर्लफ्रेंड ने प्रत्युषा पर लगाए आरोप… प्रत्युषा से मारपीट करने के आरोप में राहुल राज की एक्स गर्लफ्रेंड सलोनी शर्मा को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि उन्होंने राहुल के साथ 2 कंपनी शुरू की थीं। साथ काम करते हुए वो दोनों रिलेशनशिप में भी आ गए। 2015 के अगस्त में उन्हें पता चला कि राहुल उन्हें धोखा देकर प्रत्युषा बनर्जी को भी डेट कर रहे हैं। जब वो इस बारे में बात करने राहुल के घर पहुंचीं, तो प्रत्युषा ने उन्हें घर से निकाल दिया। अगले दिन राहुल ने उन्हें कॉल कर सफाई दी कि वो और प्रत्युषा सिर्फ दोस्त हैं। सलोनी ने पूछताछ में आगे कहा, ‘मैं प्रत्युषा और राहुल के बीच नहीं आई, जबकि वो प्रत्युषा थी, जो हमारे बीच में आई। वो जानती थी कि मैं और राहुल रिलेशनशिप में हैं, इसके बावजूद उसने राहुल को बहला-फुसला कर मुझे छोड़ने पर मजबूर किया।’ जब अगस्त 2015 में सलोनी ने राहुल को प्रत्युषा का बर्थडे मनाते देखा, तो वो गुस्से में उनके घर पहुंची थीं। तब बिल्डिंग के वॉचमैन ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। राहुल ने उनके पिता को कॉल कर कहा कि वो उन्हें यहां से ले जाएं। जब सलोनी पिता के साथ अपार्टमेंट में पहुंचीं, तो प्रत्युषा के पेरेंट्स भी वहीं थे। वहां सलोनी को पता चला कि प्रत्युषा और राहुल शादी करने वाले हैं। सलोनी ने कहा कि इसके बाद उन्होंने राहुल से बिजनेस टर्म्स भी खत्म कर लिए। दोनों कंपनियों को बहुत नुकसान हुआ, जिसकी भरपाई राहुल भी करता था। वो समय-समय पर सलोनी को कुछ हजार रुपए दिया करते थे। फरवरी 2016 में राहुल ने पैसे देने बंद कर दिए तो सलोनी फिर उनके घर पहुंची थीं। वहां उनकी प्रत्युषा से काफी बहस हुई। प्रत्युषा ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया और उनका पर्स, ग्लासेस और दुपट्टा लेकर उन्हें घर से भगा दिया। ऐसे में सलोनी ने अपार्टमेंट के बाहर हंगामा किया और उनके पड़ोसियों से भी मदद मांगी। तब जाकर प्रत्युषा ने उन्हें सामान लौटाया। जब सलोनी जाने लगीं तो राहुल उनके पीछे-पीछे बिल्डिंग के नीचे तक आ गए। गुस्से में सलोनी ने राहुल पर हाथ उठाया और जब प्रत्युषा पहुंचीं, तो सलोनी ने उन्हें भी थप्पड़ मारा। ये सब उनकी बिल्डिंग की लॉबी में हुआ था। पुलिस स्टेटमेंट में सलोनी ने कहा कि अपार्टमेंट के बाहर सीसीटीवी नहीं था, जिससे घटना रिकॉर्ड नहीं हो सकी, लेकिन जब लॉबी में उन्होंने प्रत्युषा पर हाथ उठाया, तो वो वहां मौजूद सीसीटीवी में कैद हो गया। गिरफ्तारी से पहले राहुल राज को मिली बेल… सलोनी शर्मा को छोड़ दिया गया। जांच के आधार पर राहुल राज की गिरफ्तारी होनी थी, हालांकि उनके हॉस्पिटलाइज होने से उनकी गिरफ्तारी लगातार टलती रही। दो हफ्तों बाद जब वो डिस्चार्ज हुए, तब तक उन्हें इस शर्त पर एंटीसिपेटरी बेल मिल चुकी थी कि वो जांच में पूरा सहयोग करेंगे। राहुल को ये बेल उनकी और प्रत्युषा की आखिरी कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर मिली। कॉल रिकॉर्डिंग में प्रत्युषा ने राहुल से कहा था कि उनके पिता उन्हें वेश्या बोलते हैं। वो उन्हें लगातार गालियां दे रही थीं और ये भी कह रही थीं कि गारंटी ये मेरे मां-बाप नहीं हैं। प्रत्युषा और राहुल की आखिरी कॉल रिकॉर्डिं…. प्रत्युषा- मुझे प्रॉस्टिट्यूट बोला… राहुल- तो सोचो… प्रत्युषा- मेरे बारे में गंदा गंदा… राहुल- ये हंसने की बात है,, प्रत्युषा- मां-बाप हैं वो मेरे… राहुल- तुम्हारा बाप #$%@ है प्रत्युषा- आई नो…#$%^ @ $%^... राहुल- हां, सोचो… प्रत्युषा- सच में मैं इनका खून नहीं हूं, तभी इतनी गालियां देते हैं राहुल- ऑबवियसली प्रत्युषा- गारंटी मैं इनका खून नहीं… राहुल- लेकिन जो भी हो तुम अच्छी हो… राहुल राज को बेल मिलने पर कई लोगों ने आपत्ति जताई। प्रत्युषा के पेरेंट्स की तरफ से केस लड़ने वाले पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नीलेश पावसकर ने दैनिक भास्कर से इस पर कहा, ‘प्रत्युषा बनर्जी इंडस्ट्री में अपना नाम बना चुकी थीं, साथ ही वे स्ट्रगल भी कर रही थीं। अचानक से उनका सुसाइड कर लेना जाहिर तौर पर एक नेचुरल इंसीडेंट नहीं था, जरूर कुछ बात रही होगी। मैं इस केस में पुलिस इन्वेस्टिगेशन से संतुष्ट नहीं था। मैंने कुछ जरूरी डॉक्युमेंट्स मांगे थे, लेकिन मुझे नहीं दिए गए। बाद में कुछ पेपर आए। केस को स्टडी करने के बाद मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि इस केस में कस्टोडियल इन्वेस्टिगेशन बहुत जरूरी थी, जो इस केस में नहीं हुआ। हमने कोर्ट में आर्ग्यू किया कि राहुल राज की एंटीसिपेटरी बेल रिजेक्ट की जाए, लेकिन उनकी एप्लिकेशन एक्सेप्ट हो गई थी।’ आगे एडवोकेट नीलेश पावसकर कहते हैं, ‘जब कोर्ट में हियरिंग शुरू हुई, तो हमारी तरफ से यह रिक्वेस्ट की गई कि सुसाइड से पहले प्रत्युषा और राहुल राज के बीच हुई लास्ट फोन कॉल रिकॉर्डिंग को सुना जाए। जस्टिस मृदुला भाटकर ने यह अनुरोध स्वीकार किया और चैंबर में कॉल रिकॉर्डिंग सुनी गई। उस ऑडियो में प्रत्युषा की आवाज काफी डिस्टर्ब थी वह परेशान लग रही थीं और राहुल राज को अब्यूज कर रही थीं।’ ‘ऑडियो सुनने के बाद जैसे ही हम कोर्ट में आर्ग्यू करने पहुंचे, जज ने राहुल राज की एप्लिकेशन एक्सेप्ट कर ली और उन्हें बेल ग्रांट हो गई। जज ने कहा, “I am allowing the application.” मैं यह देखकर हैरान था। इसके बाद मैंने कोर्ट और सरकार दोनों को रिपोर्ट भेजी कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए, लेकिन मेरी अपॉइंटमेंट हाईकोर्ट तक सीमित थी।’ पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, शराब और प्रेग्नेंसी के कयास प्रत्युषा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत एपेक्सिया यानी दम घुटने से हुई। शुरुआती रिपोर्ट में साफ था कि ये सुसाइड का मामला है। इसमें हत्या होने की कोई आशंका नहीं थी। हालांकि जब प्रत्युषा की विसरा रिपोर्ट आई तो साफ था कि उन्होंने मौत से कुछ समय पहले ही अबॉर्शन करवाया था। राहुल राज ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि प्रत्युषा ने उन्हें प्रेग्नेंसी की जानकारी दी थी। दोनों ने मिलकर अबॉर्शन का फैसला लिया, जिसके बाद राहुल उन्हें प्रोसीजर के लिए साथ ले गए थे। शादी के लिए राहुल के पेरेंट्स से मिली थीं प्रत्युषा, मां से नाराज थीं राहुल की मां ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि जनवरी 2016 में प्रत्युषा उनसे मिलने रांची आई थीं। तब परिवार ने प्रत्युषा की कुंडली भी बनवाई थी। प्रत्युषा ने राहुल की मां से कहा था कि उनकी मां ने उनके सारे पैसे धोखे से रख लिए। उनके पास पैसे नहीं हैं। राहुल राज ने भी पुलिस स्टेटमेंट में कहा कि प्रत्युषा 24 साल की थीं। इसके बावजूद उनका पेरेंट्स के साथ जॉइंट अकाउंट था। प्रत्युषा के पेरेंट्स ने उनके नाम पर लाखों के लोन ले रखे थे, जिससे प्रत्युषा काफी परेशान रहती थीं। इस बात पर उनका अक्सर पेरेंट्स से झगड़ा होता था। प्रत्युषा के पेरेंट्स ने भी शिकायत में कहा था कि राहुल प्रत्युषा के पैसों का गलत तरह से इस्तेमाल करते थे। इस पर राहुल कहते हैं, ‘मैंने एक भी पैसा नहीं लिया था प्रत्युषा का बल्कि उल्टा दिया था। प्रत्युषा का अकाउंट वैसे भी उसकी मां हैंडल करती थीं। प्रत्युषा की मौत के बाद मुझे फंसाने के लिए बयानबाजी की गई। मेरे ऊपर जो भी धाराएं लगाई गईं, उसे भी ये लोग प्रूफ थोड़ी कर पाए। वो इतना ज्यादा फाइनेंशियल क्राइसेस में थी कि जब हमने साथ में पावर कपल शो जीता तो जो विनिंग अमाउंट आया, वो वैसे ही उसे दे दिया।’ शराब के नशे में चूर रहती थीं प्रत्युषा बनर्जी, मौत के दिन भी पी विस्की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, प्रत्युषा बनर्जी ने मौत से पहले 100ml शराब पी रखी थी, जिससे वो काफी नशे में थीं। प्रत्युषा के पेरेंट्स ने आरोप लगाया कि राहुल ने उन्हें नशे का आदी बनाया। इस पर राहुल कहते हैं, ‘मैं लत लगवा नहीं रहा था, बल्कि छुड़वा रहा था। वो दिन में भी दारू पीती थी, जो उसके बाप से उसके अंदर ये आदत आई और यही उसकी मौत की वजह भी बनी। उस दिन पक्का वो दारू पीकर इमोशनल हो गई थी और गुस्से में उसने ये कदम उठाया। प्रत्युषा की विसरा रिपोर्ट में भी 100 एमएल अल्कोहल पाया गया। अब कोई पीकर बिल्डिंग से कूद जाए या सुसाइड कर ले, इसमें मेरी क्या गलती है। उस दिन लगभग वो दो बोतल व्हिस्की डाउन थी।’ पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बोले- इन्वेस्टिगेशन में कमी रही नीलेश पावसकर केस की जांच से नाखुश होकर कहते हैं, ‘मुझे लगता है कि कहीं न कहीं इस केस की इन्वेस्टिगेशन में कमी रही। जैसे कि चाबी वाले का स्टेटमेंट उसे यह पूछा जा सकता था कि वह बार-बार वहीं क्यों आता था। फिर जो पीछे की बालकनी से घुसा व्यक्ति था, उसका स्टेटमेंट बहुत अहम था। अगर वह घर के अंदर से आसानी से आ-जा सकता था, तो यह भी संभावना बनती है कि यह सुसाइड नहीं बल्कि कुछ और था, शायद किसी ने कुछ गलत करके लटका दिया हो। अगर इन एंगल्स पर जांच होती, तो केस को सपोर्ट मिलता। पंचनामा में भी कई डिस्क्रिपेंसी नजर आई जैसे वह दुपट्टा जिससे प्रत्युषा लटकी थीं, पहले किसी और जगह मिला था और बाद में कहीं और। ऐसे कई एंगल थे जिन पर इन्वेस्टिगेशन जरूरी थी।' आज भी नतीजे तक नहीं पहुंचा केस सालों से राहुल राज और प्रत्युषा के पेरेंट्स एक-दूसरे पर संगीन आरोप लगाते आए हैं। आज प्रत्युषा की मौत को 9 साल बीत गए, लेकिन ये केस किसी नतीजे तक नहीं पहुंचा। राहुल ने इस केस से राहत की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी ये याचिका खारिज कर दी। इस पर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नीलेश पावसकर कहते हैं, ‘आरोपी की तरफ से डिस्चार्ज एप्लिकेशन फाइल की गई थी, लेकिन कोर्ट ने प्राइमा फेसी मुद्दों को ध्यान में रखते हुए वह एप्लिकेशन रिजेक्ट कर दी। इसका मतलब यह है कि इस केस में आरोपी के खिलाफ अब भी ऐसे प्रूफ हैं, जिनके आधार पर फिलहाल उसे छोड़ा नहीं जा सकता।’ मुझे क्लीन चिट नहीं मिली, लेकिन मैं केस जरूर जीतूंगा- राहुल राज दैनिक भास्कर से बातचीत में राहुल राज ने कहा, ‘मुझ पर लगे सारे आरोप झूठे हैं, वरना मुझे एंटीसिपेटरी बेल नहीं मिलती। माना कि मुझे फिलहाल क्लीन चिट नहीं मिली है, लेकिन इतना जरूर जानता हूं कि मैं ये केस जरूर जीतूंगा। देखिए, उस वक्त अपना उल्लू सीधा करने के लिए कई लोगों ने मीडिया के सामने बहुत कुछ अनाब-शनाप बोला मेरे खिलाफ और उसी से पुलिस पर प्रेशर बन गया।’ ‘एजाज खान ने कहा कि ये मर्डर है, सुसाइड नहीं। वो इंसान जिस पर खुद 75 केस दर्ज हैं, वो ये बोल रहा है। उस वक्त तो वो बस पब्लिसिटी का भूखा था। काम्या पंजाबी और नीरूशा शर्मा पर तो मैंने डिफेमेशन का केस कर ही रखा है, जो मैं ही जीतूंगा। प्रत्युषा की मौत के 15 दिन बाद ही विकास गुप्ता का बर्थडे था। मुंबई में एक जगह है टैंप, वहां इन्होंने पार्टी की है। कैसा दोस्त है विकास गुप्ता। मतलब आप देखिए कि आपकी एक दोस्त या बेटी अब इस दुनिया में नहीं है और ये लोग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। अनाब-शनाप बोल रहे हैं। शर्म आनी चाहिए इन सबको। काम्या पंजाबी के खिलाफ राहुल राज ने किया मानहानि का मुकदमा… काम्या पंजाबी, विकास गुप्ता समेत फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने राहुल पर हत्या के आरोप लगाए थे। 2016 के आखिर में काम्या पंजाबी ने प्रत्युषा बनर्जी पर एक शॉर्ट फिल्म बनाई, जिसमें उन्होंने राहुल को आरोपी की तरह पेश किया। शॉर्ट फिल्म विवादों में रही, जिसके बाद राहुल ने काम्या पंजाबी के खिलाफ अक्टूबर 2016 में 1 करोड़ रुपए का मानहानि का केस किया। एक्स गर्लफ्रेंड सलोनी से शादी कर चुके हैं राहुल राज प्रत्युषा की मौत के 2 साल बाद 2018 में राहुल राज सिंह ने एक्स गर्लफ्रेंड सलोनी शर्मा से शादी कर ली। इस शादी से उन्हें एक बेटी भी है। इस पर राहुल कहते हैं, सलोनी से शादी करना इतना आसान नहीं था, उसे उसके मां-बाप ने घर से निकाल दिया था। मैं जहां भटक गया था प्रत्युषा के बाद, सलोनी मेरी जिंदगी वापस पटरी पर लाई, लेकिन प्रत्युषा हमेशा मेरा अधूरा प्यार रहेगी। (नोटः ये खबर प्रत्युषा का केस लड़ने वाले पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, प्रत्युषा के बॉयफ्रेंड राहुल राज के इंटरव्यू और केस की रिसर्च के आधार पर लिखी गई है। ) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय ………………………………………………… पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए…बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस 4 में अगले मंगलवार-बुधवार पढ़िए मशहूर एक्टर अरुण टिक्कू के पिता अनुज टिक्कू के हत्याकांड की, जिनकी एक्ट्रेस ने गैंगस्टर के साथ मिलकर हत्या करवाई। एक्टर अरुण टिक्कू की हत्या की भी साजिश रची गई, लेकिन उन्हें समय रहते बचा लिया गया। ……………………… बाथरूम में मिली एक्टर अनुज टिक्कू के पिता की लाश: राहगीर ने खिड़की से देखी पूरी वारदात, एक्ट्रेस और गैंगस्टर ने रची साजिश 7 अप्रैल 2012 की बात है मुंबई के लोखंडवाला के समर्थ आंगन अपार्टमेंट में टहलते हुए एक शख्स की नजर पहली मंजिल पर पड़ी। एक बुजुर्ग शख्स खून से लथपथ खिड़की से आ टकराया और तुरंत ही झटपटाहट में पर्दा टूटकर नीचे गिरा। पहली मंजिल के उस घर में कुछ और लोग भी थे। वो घर था नो वन किल्ड जेसिका, रब ने बना दी जोड़ी जैसी फिल्मों में काम कर चुके अनुज टिक्कू का। घर में रेनोवेशन का काम जारी था। एक विदेशी महिला उस घर को किराए पर लेने वाली थी। अनुज के पिता अरुण टिक्कू दिल्ली से रेंट एग्रीमेंट देखने मुंबई आए थे। अनुज ने उस सुबह उनसे मुलाकात की। पिता घर में ही ठहरे और अनुज अपने एक बेहद करीबी दोस्त के साथ गोवा निकले थे। पूरी कहानी पढ़िए अगले मंगलवार, बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के अगले केस में। ………………………………………………. भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए... ………………………………….. पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। नीरज की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि नीरज की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने नीरज का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए...

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 4:30 am