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होम अलोन और लव एक्चुअली से प्रेरित होकर बनी फिल्म:मीठे में क्या है की स्टारकास्ट ने बताया असल जिंदगी का तरीका

दिवाली पर परिवार और रिश्तों को लेकर बनी फिल्म ‘मीठे में क्या है’ आज, यानी 30 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है। इसका निर्देशन राधिका बंसल ने किया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में राधिका, आयशा रजा मिश्रा, रोहिणी हट्टंगड़ी और ऋत्विक भौमिक ने फिल्म, किरदारों और परिवार से जुड़ी यादों पर बात की। राधिका ने बताया कि फिल्म का विचार क्रिसमस फिल्मों से आया। रोहिणी ने कहा कि कलाकारों को इस फिल्म में किरदार निभाने के बजाय उन्हें जीना था। सवाल: ‘मीठे में क्या है?’ में दर्शकों को क्या खास देखने को मिलेगा? जवाब/राधिका बंसल: फिल्म में बहुत सारा मसाला है। यह खट्टी-मीठी कहानी है, जिसमें ड्रामा, हास्य, रिश्तों की उलझनें और कई सरप्राइज हैं। यह एक मिक्स बॉक्स की तरह है। सवाल: फिल्म बनाने का विचार कैसे आया? जवाब/राधिका: हमारा परिवार हर साल क्रिसमस पर ‘होम अलोन’ और ‘लव एक्चुअली’ जैसी फिल्में देखता है। मुझे लगा कि दिवाली पर भी ऐसी फिल्म होनी चाहिए, जिसे पूरा परिवार साथ बैठकर देख सके। दिवाली घर लौटने और परिवार के साथ वक्त बिताने का त्योहार है। इसी विचार से फिल्म की कहानी आगे बढ़ी। सवाल: पहली फिल्म में इतनी शानदार स्टारकास्ट कैसे मिली? जवाब/राधिका: यह मेरी पहली फिल्म है। मैं पहले कभी फिल्म के सेट पर भी नहीं गई थी, इसलिए शुरुआत में उम्मीदें कम रखी थीं। मैं कहानी को नानी के किरदार के इर्द-गिर्द बनाना चाहती थी। रोहिणी हट्टंगड़ी मेरी ड्रीम कास्ट थीं। मैंने सोचा कि पूछने में क्या हर्ज है। उन्होंने हां कहा, तो लगा कि शायद अच्छी फिल्म बन जाएगी। फिर आयशा रजा मिश्रा और ऋत्विक भौमिक भी जुड़ गए। खास बात यह है कि किसी ने भी फिल्म के लिए मना नहीं किया। सवाल: आयशा जी, निर्देशक राधिका के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/आयशा रजा मिश्रा: राधिका अपने किरदारों को लेकर बहुत स्पष्ट थीं। शुरुआत में मुझे कुछ निर्देश गलत भी लगे, लेकिन जब सीन शूट हुए तो समझ आया कि वह सही थीं। एक कलाकार के तौर पर किरदार को समझने और उसे नए तरीके से खोजने में मजा आया। फिल्म में मां-बेटी, मां-बेटे और परिवार के दूसरे रिश्तों को खूबसूरती से दिखाया गया है। सवाल: रोहिणी जी, फिल्म में ऐसा क्या खास लगा कि आपने तुरंत हां कह दी? जवाब/रोहिणी हट्टंगड़ी: जब राधिका ने कहानी सुनाई, तभी लगा कि यह एक छोटी, खूबसूरत पारिवारिक फिल्म बनने वाली है। इसमें बड़े-बड़े इमोशनल सीन दिखाने के बजाय रिश्तों को सहज तरीके से पेश किया गया है। ऐसे किरदार निभाना मुश्किल होता है, क्योंकि उनमें अभिनय दिखाने के बजाय उन्हें जीना पड़ता है। फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़कर भी लगा था कि यह एक अच्छा अनुभव होगा। हमने पूरी फिल्म एक महीने में शूट की। साथ रहने और काम करने से कलाकारों के बीच भी पारिवारिक रिश्ता बन गया। इसका असर पर्दे पर भी दिखेगा। निर्देशक को अपने किरदारों की समझ थी, इसलिए काम करना आसान रहा। सवाल: ऋत्विक, आपने फिल्म के लिए हां क्यों कहा? जवाब/ऋत्विक भौमिक: पहली बार राधिका से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। उन्होंने कुछ सीन भेजे और बताया कि वह कैसी फिल्म बनाना चाहती हैं। उनकी बातों में कहानी को लेकर सच्चाई और अपनापन था। उनका उत्साह देखकर लगा कि मैं भी इस फिल्म का हिस्सा बनना चाहता हूं। मैं जय अग्रवाल का किरदार निभा रहा हूं। वह परिवार की नई पीढ़ी का सबसे बड़ा बेटा है और अपनी जिंदगी के एक खास अनुभव से गुजर रहा है। इस किरदार के जरिए मुझे दुख और उससे जुड़े इमोशंस को एक नए तरीके से समझने का मौका मिला। सवाल: सेट पर कोई ऐसा अनुभव रहा, जब एक सीन बार-बार शूट करना पड़ा? जवाब/राधिका: एक सूटकेस वाला लंबा सीन था, जिसमें रात के समय अलग-अलग जगहों पर जाना था। उसे कई बार शूट करना पड़ा। लाइटिंग और सीन की जरूरतों के कारण काफी रीटेक हुए। सवाल: लखनऊ में शूटिंग के दौरान वहां की मिठाइयों का कितना आनंद लिया? जवाब/रोहिणी: लखनऊ की रबड़ी और जलेबी सभी को बहुत पसंद आई। राम आसरे और छप्पन भोग जैसी जगहों की मिठाइयां भी खाईं। सेट पर तो हमने खूब दावत की। सवाल: ऋत्विक, मीठा खाने से परहेज करने वालों से आप क्या कहेंगे? जवाब/ऋत्विक: मैं अपने मन की सुनता हूं। जब मीठा खाने का मन करता है, तो खा लेता हूं। बाद में जिम में मेहनत कर लेंगे। लेकिन खाने का मजा भी जरूरी है। दिवाली पर तो खास तौर पर मनपसंद मिठाई खानी चाहिए। बस, ध्यान रखकर खाना चाहिए। सवाल: फिल्म देखने के बाद दर्शकों के मन में क्या संदेश रहना चाहिए? जवाब/राधिका: मैं चाहती हूं कि फिल्म देखने के बाद लोगों को अपने परिवार की याद आए। उन्हें लगे कि कई दिनों से नानी, चाचा या किसी कजिन से बात नहीं हुई है, तो उन्हें फोन कर लेना चाहिए। अगर फिल्म किसी को अपने परिवार से दोबारा जुड़ने के लिए प्रेरित कर सके, तो मेरे लिए यही सबसे बड़ी खुशी होगी। सवाल: आपकी नानी से जुड़ी कोई खास याद, जिसने फिल्म को प्रेरित किया? जवाब/राधिका: यह फिल्म मेरी नानी को समर्पित है और उनसे प्रेरित है। शूटिंग शुरू होने से तीन महीने पहले उनका निधन हो गया था। मुझे बहुत दुख हुआ कि वह फिल्म नहीं देख सकीं। लेकिन मुझे लगता है कि उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ है। उनसे जुड़ी बहुत सारी यादें हैं, लेकिन आज भी लगता है कि काश, उनसे थोड़ी और बात कर ली होती और उन्हें थोड़ा और फोन किया होता। सवाल: आयशा जी, नानी-दादी से जुड़ी कोई याद या कहानी? जवाब/आयशा: मेरी नानी स्वतंत्रता सेनानी और कम्युनिस्ट थीं, जबकि मेरी दादी न्यूज रीडर थीं। दोनों कामकाजी महिलाएं थीं। मेरे परिवार में किसी को खाना बनाने का शौक नहीं था। मैं शायद अपने परिवार की पहली ऐसी महिला हूं, जो पूरे मन से खाना बनाती है। मैंने खाना बनाना इसलिए सीखा, ताकि अपने बेटे के लिए उसकी पसंद का खाना बना सकूं। सवाल: रोहिणी जी, नानी-दादी से जुड़ी कौन-सी याद सबसे खास है? जवाब/रोहिणी: मैंने अपनी दादी को कभी नहीं देखा। नानी कुछ समय हमारे साथ रही थीं। मेरा ननिहाल वडोदरा में था और वहां जाना मुझे बहुत अच्छा लगता था। घर के हर कमरे में झूला हुआ करता था। मुझे चाय बनाना भी अपनी नानी से ही सीखने को मिला था। खाना बनाना सीखने की मेरी पहली याद वही है। सवाल: ऋत्विक, परिवार के साथ बिताए बचपन की कोई खास याद? जवाब/ऋत्विक: मेरे दादा-दादी और नाना-नानी कोलकाता में रहते थे, जबकि मैं कभी बेंगलुरु तो कभी मुंबई में बड़ा हुआ। इसलिए उनके साथ ज्यादा वक्त नहीं बिता पाया। हालांकि, मुझे परिवार के हर सदस्य से बहुत प्यार मिला। मैं अपनी मां और पिता, दोनों की तरफ से परिवार में इकलौता लड़का हूं। इसलिए मुझे हर पीढ़ी से खूब प्यार मिला है। सवाल: फिल्म में परिवार की नोकझोंक और झगड़े दिखेंगे। असल जिंदगी में ऐसी स्थिति आए, तो आप क्या करेंगी? जवाब/आयशा रजा मिश्रा: मेरे पड़ोसी की भी कोई समस्या हो, तो मैं उसे सुलझाने लगती हूं। मैं तो पैदा ही समस्याएं सुलझाने के लिए हुई हूं। मुझे लगता है कि ज्यादातर भारतीय महिलाओं के डीएनए में ही समस्या सुलझाने की आदत होती है। घर में कोई महिला काम करती हो, तब भी लोग अपनी समस्याएं लेकर उसी के पास पहुंच जाते हैं। कई बार महिलाएं चाहें या न चाहें, उन्हें सबके मामले सुलझाने पड़ते हैं। मेरे पास तो आज तक ऐसी कोई स्थिति नहीं आई, जिसमें मैं कह सकूं कि मैं इससे दूर भाग रही हूं।

दैनिक भास्कर 30 Oct 2026 5:33 am

अनिल कपूर के घर करवा चौथ सेलिब्रेशन:शिल्पा शेट्टी, मीरा राजपूत समेत कई सेलेब्स पहुंचे; ट्रेडिशनल लुक में नजर आईं बॉलीवुड हस्तियां

बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर के मुंबई स्थित आवास पर करवा चौथ का त्योहार रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। हर साल की तरह इस बार भी अनिल कपूर के घर कई बॉलीवुड सेलेब्स पहुंचे। इस सेलिब्रेशन में शिल्पा शेट्टी, मीरा राजपूत, रीदिमा कपूर साहनी, महीप कपूर, भावना पांडे, नीलम कोठारी और नताशा दलाल समेत कई जाने-माने सितारे पूजा की थाली और छन्नी लेकर पहुंचे। सालों से चली आ रही है कपूर परिवार की यह परंपरा सुनीता और अनिल कपूर का मुंबई स्थित घर पिछले कई वर्षों से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में करवा चौथ सेलिब्रेशन का ठिकाना रहा है। सुनीता कपूर हर साल अपने घर पर बॉलीवुड से जुड़े परिवारों और अभिनेत्रियों के लिए इस पूजा का आयोजन करती हैं। यहां हर साल तमाम हस्तियां कथा सुनती हैं और व्रत खोलने की रस्मों को पूरा करती हैं। ये खबर भी पढ़ें तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर दिया रिएक्शन:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के 'दूधिया बदन' वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 30 Oct 2026 5:00 am

फिल्म मेकर रामगोपाल वर्मा को लीगल नोटिस:29.67 करोड़ चुकाने के लिए 30 अक्टूबर की डेडलाइन; रकम न चुकाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

फिल्म निर्माता रामगोपाल वर्मा को 29.67 करोड़ रुपए का बकाया न चुकाने पर लीगल नोटिस जारी किया है। फिल्म प्रोडक्शन कंपनी 'एकलातांत फिल्म्स' ने यह रकम ना चुकाने का आरोप लगाया है। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन की मैगजीन कंप्लीट सिनेमा के 24 और 31 अक्टूबर 2026 के अंक में प्रकाशित सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, कंपनी ने रामगोपाल वर्मा को 30 अक्टूबर 2026 तक पूरी रकम का भुगतान करने को कहा है। ऐसा न करने पर कंपनी ने उनके प्रोजेक्ट्स के अधिकार रोकने और कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। 2010 के समझौते से जुड़ा है देनदारी का विवाद नोटिस के मुताबिक, यह पूरा विवाद 10 अप्रैल 2010 को हुए एक समझौते से जुड़ा हुआ है। इसमें 17 अप्रैल 2013 को बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से दिए गए एक आदेश का भी हवाला दिया गया है। कंपनी का दावा है कि रामगोपाल वर्मा पर मूल बकाया के अलावा 11.38 करोड़ रुपए का ब्याज भी जमा हो चुका है। ब्याज मिलाकर कुल देनदारी 29.67 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है। कंपनी ने 15 अक्टूबर 2026 को रामगोपाल वर्मा को कानूनी नोटिस भेजा था। बिना लिखित NOC के काम करने पर रोक का दावा एकलातांत फिल्म्स का कहना है कि समझौते की शर्तों के अनुसार, जब तक रामगोपाल वर्मा बकाया रकम का पूरा भुगतान नहीं कर देते, तब तक वे किसी तीसरे पक्ष के साथ काम नहीं कर सकते। उन्हें फिल्म निर्माण, सह-निर्माण, निर्देशन या लेखन से जुड़ी किसी भी काम के लिए कंपनी से लिखित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना जरूरी है। बिना अनुमति के वे किसी भी नए प्रोजेक्ट से नहीं जुड़ सकते। 30 अक्टूबर तक भुगतान न करने पर प्रोजेक्ट्स रुकेंगे कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि 30 अक्टूबर 2026 तक बकाए का निपटारा नहीं हुआ, तो वह समझौते के तहत आने वाली फिल्मों और प्रोजेक्ट्स में रामगोपाल वर्मा के हिस्से, अधिकारों, राजस्व और कमाई पर अपना लीगल अधिकार (लागू कर देगी। इससे उनकी फिल्मों की रिलीज, प्रसारण या अन्य जरिया से मिलने वाला राजस्व रोका जा सकता है। तीसरी पार्टियों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी दी चेतावनी सार्वजनिक नोटिस में उन लोगों और कंपनियों को भी आगाह किया गया है जो रामगोपाल वर्मा के प्रोजेक्ट्स के अधिकार खरीदने, लाइसेंस लेने, डिस्ट्रीब्यूशन करने या ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर स्ट्रीम करने की योजना बना रहे हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बिना NOC के ऐसा कोई भी सौदा करने वाली पार्टियां अपने जोखिम पर काम करेंगी। कंपनी उनके खिलाफ स्टे ऑर्डर (इंजंक्शन), रिकवरी याचिका और कानूनी सुरक्षा अधिकारों के तहत कड़ी कार्रवाई करेगी। ये खबर भी पढ़ें टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने शूटर्स की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मानने पर सवाल उठाए हैं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 30 Oct 2026 4:45 am

यामी गौतम एक्टिंग छोड़कर खेती करने वाली थीं:‘उरी’ नहीं चलती तो हिमाचल लौट जातीं; ‘आर्टिकल 370’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला

टीवी से करियर शुरू करने वाली यामी गौतम ने 2012 में ‘विक्की डोनर’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। पहली फिल्म हिट रही, लेकिन आगे का सफर आसान नहीं रहा। ‘टोटल सियापा’, ‘एक्शन जैक्सन’, ‘सनम रे’, ‘जुनूनियत’, ‘सरकार 3’ और ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ के बॉक्स ऑफिस पर निराशाजनक प्रदर्शन के बीच उन्होंने एक्टिंग छोड़कर हिमाचल प्रदेश में खेती करने का मन बना लिया था। यामी ने बताया कि उन्होंने वहां जमीन खरीदी थी। ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ नहीं चलती तो वह बैग पैक करके घर लौट जातीं। हालांकि, ‘उरी’ और ‘बाला’ की सफलता ने उनके करियर को नई दिशा दी। बाद में ‘ओएमजी 2’ और ‘आर्टिकल 370’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अभिनय क्षमता साबित की। ‘आर्टिकल 370’ में ज़ूनी हक्सर के किरदार के लिए उन्हें 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला। आज की सक्सेस स्टोरी में यामी गौतम के करियर से जुड़ी कुछ खास बातें। टीवी से बॉलीवुड तक का सफर, पहली फिल्म से मिली पहचान यामी गौतम ने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे। बॉलीवुड में कदम रखने से पहले उन्होंने टेलीविजन पर काम किया। ‘चांद के पार चलो’ और ‘ये प्यार न होगा कम’ जैसे शोज से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया। यामी ने 2012 में रिलीज हुई ‘विक्की डोनर’ से हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया। शूजित सरकार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उनके साथ आयुष्मान खुराना थे। स्पर्म डोनेशन जैसे संवेदनशील विषय पर बनी कॉमेडी-ड्रामा को दर्शकों ने पसंद किया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और यामी को पहचान मिली। पहली फिल्म की सफलता के बाद यामी के करियर से तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद थी। हालांकि, बॉलीवुड में एक हिट फिल्म से लंबी पारी तय नहीं होती। कलाकार को लगातार अच्छी भूमिकाओं और सफल फिल्मों की जरूरत होती है। यामी के साथ भी यही हुआ। डेब्यू के बाद उन्हें कई फिल्मों में काम मिला, लेकिन सभी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल नहीं रहीं। ‘विक्की डोनर’ के बाद फिल्मों का ऐसा रहा रिपोर्ट कार्ड यामी गौतम की ‘विक्की डोनर’ अप्रैल 2012 में रिलीज हुई थी, जबकि ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ जनवरी 2019 में रिलीज हुई। दोनों फिल्मों के बीच लगभग सात साल का अंतर था। इस दौरान यामी ने कई फिल्मों में काम किया। कुछ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि कुछ उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। 2014: ‘टोटल सियापा’ और ‘एक्शन जैक्सन’ रहीं असफल ‘विक्की डोनर’ के बाद यामी की अगली प्रमुख हिंदी फिल्म ‘टोटल सियापा’ थी। 2014 में आई इस रोमांटिक कॉमेडी में उनके साथ अली जफर थे। फिल्म को दर्शकों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे डिजास्टर की श्रेणी में रखा। इसी साल यामी अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा के साथ ‘एक्शन जैक्सन’ में नजर आईं। प्रभुदेवा के निर्देशन में बनी इस एक्शन फिल्म से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन निराशाजनक रहा। बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, फिल्म फ्लॉप रही। इन फिल्मों से स्पष्ट हुआ कि ‘विक्की डोनर’ की सफलता दोहराना यामी के लिए आसान नहीं था। हालांकि, उन्होंने काम जारी रखा और अलग-अलग तरह की भूमिकाएं स्वीकार कीं। 2015: ‘बदलापुर’ से मिली राहत 2015 में यामी गौतम वरुण धवन अभिनीत ‘बदलापुर’ में नजर आईं। श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी इस क्राइम थ्रिलर में उन्होंने मिशा का किरदार निभाया था। नवाजुद्दीन सिद्दीकी और हुमा कुरैशी भी अहम भूमिकाओं में थे। ‘बदलापुर’ में यामी की भूमिका उनकी दूसरी फिल्मों से अलग थी। फिल्म की गंभीर कहानी बदले, अपराध और मानवीय भावनाओं के इर्द-गिर्द घूमती थी। इसे अच्छा प्रतिसाद मिला और बॉक्स ऑफिस इंडिया ने हिट बताया। इस सफलता से यामी को राहत मिली। इससे पता चला कि वह रोमांटिक कॉमेडी के अलावा गंभीर और गहरे विषयों वाली कहानियों में भी काम कर सकती हैं। 2016: ‘सनम रे’ और ‘जुनूनियत’ से नहीं मिला अपेक्षित फायदा 2016 यामी के लिए फिर चुनौतीपूर्ण रहा। वह दिव्या खोसला कुमार की निर्देशित ‘सनम रे’ में पुलकित सम्राट के साथ नजर आईं। फिल्म रोमांटिक कहानी पर आधारित थी और इसके संगीत की भी चर्चा हुई। इसके बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे फ्लॉप बताया। इसी साल पुलकित सम्राट के साथ उनकी एक और रोमांटिक फिल्म ‘जुनूनियत’ रिलीज हुई। यह भी बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे डिजास्टर की श्रेणी में रखा। लगातार दो फिल्मों की असफलता से यामी के करियर में संघर्ष का दौर लंबा हुआ। हालांकि, फिल्में न चलने का मतलब यह नहीं था कि उनके पास काम नहीं था। वह लगातार फिल्मों में नजर आ रही थीं, लेकिन हर फिल्म उनके करियर को नई ऊंचाई नहीं दे पा रही थी। 2017: ‘काबिल’ और ‘सरकार 3’ के मिले अलग-अलग नतीजे 2017 में यामी ऋतिक रोशन के साथ ‘काबिल’ में नजर आईं। संजय गुप्ता के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने सुप्रिया भटनागर की भूमिका निभाई थी। फिल्म ऐसे दंपती की कहानी थी, जिनकी जिंदगी एक अपराध के बाद बदल जाती है। ‘काबिल’ ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन किया, लेकिन इसकी सफलता पर ट्रेड वेबसाइटों की राय अलग-अलग रही। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे ‘बिलो एवरेज’ बताया, जबकि कुछ अन्य ट्रेड ट्रैकर्स का आकलन अलग था। इसी साल यामी राम गोपाल वर्मा की ‘सरकार 3’ में भी नजर आईं। अमिताभ बच्चन अभिनीत इस राजनीतिक क्राइम ड्रामा में उन्होंने अनु करकरे का किरदार निभाया। फिल्म दर्शकों पर खास प्रभाव नहीं छोड़ पाई। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे डिजास्टर बताया। 2017 में यामी की एक फिल्म ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि दूसरी असफल रही। 2018: ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ भी नहीं बचा पाई करियर 2018 में यामी शाहिद कपूर और श्रद्धा कपूर के साथ ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ में नजर आईं। फिल्म बिजली की बढ़ती कीमतों और वितरण व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर आधारित थी। यामी ने इसमें वकील गुलनार रिजवी की भूमिका निभाई। सामाजिक मुद्दे पर आधारित होने के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे फ्लॉप घोषित किया। इस फिल्म के बाद यामी के सामने फिर सवाल था कि आगे का रास्ता क्या होगा। ‘विक्की डोनर’ जैसी सफल शुरुआत के बावजूद उनकी कई फिल्में असफल रही थीं। ‘बदलापुर’ और ‘काबिल’ से कुछ राहत मिली थी, लेकिन वह लगातार सफल फिल्में नहीं दे पाई थीं। इसी दौर में यामी ने एक्टिंग छोड़कर हिमाचल प्रदेश लौटने के बारे में गंभीरता से सोचना शुरू कर दिया था। जब एक्टिंग छोड़ हिमाचल में खेती करना चाहती थीं यामी गौतम ने द इंडियन एक्सपेस से बातचीत में बताया था कि एक समय वह मुंबई में करियर छोड़कर हिमाचल प्रदेश लौटने के लिए तैयार थीं। उन्होंने वहां जमीन खरीदी थी। उन्होंने सोचा था कि अगली फिल्म सफल नहीं हुई तो बैग पैक करके घर चली जाएंगी और खेती-बाड़ी करेंगी। यामी के बयान से उनके करियर के संघर्ष का दूसरा पहलू सामने आता है। बाहर से किसी अभिनेत्री का लगातार फिल्में करना सामान्य लग सकता है, लेकिन अनिश्चितता के बीच सफलता का इंतजार करना आसान नहीं होता। यामी ने टीवी से शुरुआत कर बॉलीवुड में अपनी जगह बनाई। पहली फिल्म सफल रही, लेकिन आगे उन्हें लगातार वैसी सफलता नहीं मिली। उन्होंने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं, पर बॉक्स ऑफिस के नतीजे हमेशा उनके पक्ष में नहीं रहे। ऐसे में हिमाचल लौटकर नई जिंदगी शुरू करना उनके लिए विकल्प बन गया था। खेती सिर्फ शौक नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में आगे बढ़ना मुश्किल लगने पर अपनाया जा सकने वाला वैकल्पिक रास्ता था। हालांकि, यामी ने तब अभिनय छोड़ने का अंतिम फैसला नहीं किया। उनकी अगली फिल्म ने करियर की दिशा बदल दी। ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ ने बदल दी किस्मत 11 जनवरी 2019 को रिलीज हुई ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ यामी गौतम के करियर की अहम फिल्मों में शामिल हो गई। आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म में विक्की कौशल मुख्य भूमिका में थे। इसकी कहानी 2016 के उरी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई पर आधारित थी। यामी ने फिल्म में पल्लवी शर्मा का किरदार निभाया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और यामी के करियर को भी नई गति मिली। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने ‘उरी’ को सुपर ब्लॉकबस्टर बताया। यह सफलता यामी के लिए खास थी, क्योंकि इससे पहले उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थीं। हिमाचल लौटकर खेती करने के बारे में सोचते समय मिली इस सफलता ने उनके लिए नए अवसर खोले। उनका अभिनय करियर जारी रहा और बाद की फिल्मों ने उनकी पहचान मजबूत की। ‘बाला’ ने सफलता पर लगाई मुहर ‘उरी’ के बाद यामी गौतम ने उसी साल ‘बाला’ में काम किया। आयुष्मान खुराना और भूमि पेडनेकर अभिनीत इस कॉमेडी-ड्रामा में उन्होंने परी मिश्रा का किरदार निभाया। फिल्म ने खूबसूरती, सामाजिक धारणाओं और लोगों के नजरिए जैसे विषयों को मनोरंजक अंदाज में पेश किया। ‘बाला’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। बॉक्स ऑफिस इंडिया ने इसे सुपर हिट बताया। ‘उरी’ और ‘बाला’ की लगातार सफलताओं से यामी का करियर मजबूत हुआ। इसके बाद उन्हें अलग-अलग तरह की कहानियों में काम करने के अवसर मिले। उन्होंने ऐसे किरदारों को प्राथमिकता दी, जिनमें अभिनय दिखाने की गुंजाइश थी। ‘ओएमजी 2’ और ‘आर्टिकल 370’ से साबित की अभिनय क्षमता 2024 में रिलीज हुई ‘आर्टिकल 370’ भी उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल हुई। आदित्य सुहास जांभले के निर्देशन में बनी इस फिल्म में यामी ने एनआईए अधिकारी ज़ूनी हक्सर की भूमिका निभाई। यह किरदार उनके पहले के कई किरदारों से अलग था। इसमें अधिकारी की पेशेवर जिम्मेदारी, कठिन परिस्थितियों में फैसले लेने की क्षमता और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की चुनौतियां दिखाई गईं। यामी के अभिनय को सराहना मिली और फिल्म ने अच्छा प्रदर्शन किया। 2026 में घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में यामी गौतम को ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। फिल्म को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान भी मिला। यह उनके करियर का बड़ा पड़ाव है। ‘धूम धाम’, ‘हक’ और ‘नई नवेली’ में दिखाए अलग-अलग रंग 2025 में यामी ‘धूम धाम’ और ‘हक’ में नजर आईं। ‘धूम धाम’ में उन्होंने कॉमेडी और एक्शन के मेल वाली कहानी में काम किया, जबकि ‘हक’ में शाज़िया बानो का गंभीर किरदार निभाया। ‘हक’ में उनके किरदार का संघर्ष और न्याय से जुड़ा पक्ष कहानी का अहम हिस्सा था। दोनों फिल्मों ने दिखाया कि यामी अपनी भूमिकाओं को एक ही शैली तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। 2026 में यामी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में कैमियो करती नजर आईं। उन्होंने शाज़िया बानो के किरदार से दर्शकों को सरप्राइज दिया। वहीं, 16 अक्टूबर को रिलीज हुई ‘नई नवेली’ में वह बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आईं। ____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. वामिका गब्बी से कहा गया- ‘तुम्हें कोई हीरोइन नहीं लेगा’:फिर ‘जुबली’ से मिली पहचान, दो बड़े प्रोजेक्ट बंद हुए और एक्टिंग छोड़ने का मन बनाया एक वक्त वामिका गब्बी को लगता था कि शायद वे एक्टिंग के लिए नहीं बनी हैं। लगातार रिजेक्शन मिल रहे थे और अच्छे रोल नहीं मिल रहे थे। मुंबई में करीब 6-7 साल बिताने के बाद भी करियर उस मुकाम पर नहीं पहुंचा था, जिसका उन्होंने सपना देखा था।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 30 Oct 2026 4:30 am

वीर पहाड़ीया-तारा सुतारिया के ब्रेकअप पर जाह्नवी कपूर का रिएक्शन:कहा- लड़की को कॉन्सर्ट में मत ले जाना; एपी ढिल्लों के चलते हुआ था विवाद

एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर हाल ही में टॉक शो 'कॉफी विद करण सीजन 9' में वरुण धवन के साथ शामिल हुईं। शो के दौरान करण जोहर के रैपिड-फायर राउंड में जाह्नवी ने वीर पहाड़ीया को डेटिंग से जुड़ी एक सलाह दी। करण ने जब पूछा कि वे वीर को क्या सलाह देना चाहेंगी, तो जाह्नवी ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टनर को कभी किसी कॉन्सर्ट में नहीं ले जाना चाहिए। जाह्नवी के इस बयान को तारा सुतारिया और वीर पहाड़ीया के ब्रेकअप से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, तारा और वीर की डेटिंग की शुरुआत साल 2025 की शुरुआत में हुई थी। दोनों को कई बार निजी जगहों पर साथ देखा गया था। फिर पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट के दौरान स्टेज पर हुए वाकये के बाद दोनों के ब्रेकप की खबरें सामने आईं थीं। कॉन्सर्ट विवाद और एपी ढिल्लों का किस्सा दिसंबर 2025 में मुंबई में हुए पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट के दौरान एक वाकया सामने आया था। कॉन्सर्ट में तारा सुतारिया स्टेज पर पहुंची थीं और सिंगर ने उन्हें गले लगाकर गाल पर किस किया था। इसी कॉन्सर्ट में दर्शकों में मौजूद वीर के रिएक्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें कथित तौर पर असहज दिखाया गया था। हालांकि, इस वीडियो को लेकर तारा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर कहा था कि झूठी बातें और पेड पीआर से सच नहीं बदलता। वीर ने भी इन दावों को खारिज करते हुए साफ किया था कि वायरल वीडियो में उनका जो रिएक्शन दिखाया गया है, वह उस गाने (थोड़ी सी दारू) के समय का नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका रिएक्शन किसी और गाने के दौरान का था, जिसे गलत तरीके से एडिट कर वायरल किया गया। बाद में ओरी द्वारा शेयर किए गए एक अनएडिटेड वीडियो में वीर को खुशी-खुशी तारा और एपी के लिए चीयर करते हुए देखा गया। जनवरी 2026 में आई थीं ब्रेकअप की खबरें मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तारा सुतारिया और वीर पहाड़ीया ने साल 2025 की शुरुआत में एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था। जुलाई 2025 में दोनों ने अपना रिश्ता पब्लिक किया था। इसके बाद जनवरी 2026 में दोनों के अलग होने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि दोनों में से किसी ने भी ब्रेकअप को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जाह्नवी कपूर की इस टिप्पणी के बाद एक बार फिर दोनों के रिश्ते और कॉन्सर्ट विवाद की चर्चा शुरू हो गई है। 'कॉफी विद करण' में वरुण धवन के साथ पहुंची थीं जाह्नवी जाह्नवी कपूर हाल के दिनों में अपनी फिल्मों के साथ-साथ बयानों के लिए भी चर्चा में रहती हैं। 'कॉफी विद करण' में वरुण धवन के साथ पहुंचीं जाह्नवी ने शो में कई अन्य मुद्दों पर भी बात की। जाह्नवी और वीर पहाड़ीया के परिवारों के बीच पुरानी दोस्ती बताई जाती है, इसी वजह से रैपिड-फायर राउंड में करण जोहर ने वीर से जुड़ा सवाल पूछा था।

दैनिक भास्कर 30 Oct 2026 4:30 am

अनीता आडवाणी की राजेश खन्ना संग शादी की याचिका खारिज:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इसका कोई ठोस आधार नहीं; डिंपल कपाड़िया और अक्षय कुमार को मिली राहत

सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट्रेस अनीता आडवाणी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को शादी के रूप में कानूनी मान्यता देने की मांग की थी। जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए इसे 'लक्जरी लिटिगेशन' (शौकिया या फिजूल मुकदमेबाजी) करार दिया। इसके साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अनीता आडवाणी के लिए कानूनी रास्ते बंद हो गए हैं। अनीता लंबे समय से राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को कानूनी पहचान दिलाने के प्रयास में थीं। दरअसल अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह 10 साल से ज्यादा समय तक राजेश खन्ना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उन्होंने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत मामला भी दर्ज कराया था। 'सम्मान के लिए लड़ी कानूनी लड़ाई', वकील की दलील सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस याचिका में आगे सुनवाई का कोई ठोस आधार नहीं है। वहीं अनीता आडवाणी के वकील ने अदालत में तर्क दिया की यह याचिका किसी आर्थिक लालच के लिए नहीं, बल्कि अपने आत्मसम्मान और गरिमा के लिए है। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने 1 अप्रैल को अनीता की अपील खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने मुंबई की डिंडोशी सत्र अदालत के 2017 के उस आदेश को सही ठहराया था, जिसमें राजेश खन्ना के निधन के बाद दाखिल किए गए उनके सिविल सूट को खारिज कर दिया गया था। 2012 में बंगला छोड़ने से शुरू हुआ विवाद अनीता आडवाणी का दावा है कि वे राजेश खन्ना के साथ उनके जीवन के अंतिम वर्षों में कई सालों तक लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। जुलाई 2012 में 69 वर्ष की उम्र में राजेश खन्ना के निधन के बाद विवाद शुरू हुआ। अनीता का आरोप था कि राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार ने उन्हें बांद्रा स्थित बंगले 'आशीर्वाद' से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद 2013 में अनीता ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून (DVA) के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने बांद्रा में 3-बीएचके फ्लैट और हर महीने मेंटेनेंस की मांग की थी। 2015 में हाईकोर्ट ने खारिज की थी घरेलू हिंसा की शिकायत 2015 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार की अर्जी पर सुनवाई करते हुए अनीता आडवाणी की शिकायत को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अनीता का राजेश खन्ना के साथ रिश्ता शादी जैसा नहीं था, इसलिए वे घरेलू हिंसा कानून के तहत राहत पाने की हकदार नहीं हैं। इसके अलावा अदालत ने यह भी माना था कि राजेश खन्ना के परिवार के सदस्यों को इस मामले में घसीटना सही नहीं है क्योंकि अनीता उनके साथ कभी नहीं रहीं। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में दोबारा अपील की। अप्रैल 2026 में कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। 'शालिमार' से किया था डेब्यू, बिग बॉस में भी दिखीं 60 के दशक की उम्र में पहुंच चुकीं अनीता आडवाणी ने 1978 में धर्मेंद्र और ज़ीनत अमान की फिल्म 'शालिमार' में एक डांसर के रोल से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'साजिश' और 'दासी' जैसी फिल्मों में काम किया। साल 2013 में वे सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस' में भी नजर आई थीं। दो साल पहले उन्होंने राजेश खन्ना की जयंती पर 'द एंडियरिंगली विकेड वेज ऑफ राजेश खन्ना' नाम से अपनी किताब भी लॉन्च की थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उनके रिश्ते के बारे में उनके और राजेश खन्ना के दोस्तों को सब पता था और उन्होंने इसे कभी छुपाया नहीं।ये खबर भी पढ़ें तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर दिया रिएक्शन:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के 'दूधिया बदन' वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 29 Oct 2026 5:18 pm

यूपी में एक्ट्रेस सारा अली खान के खिलाफ फतवा:मौलाना बोले- मुस्लिम का मंदिर जाना हराम; अल्लाह से माफी मांगो

बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान के केदारनाथ धाम में दर्शन और पूजा-अर्चना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके खिलाफ फतवा जारी करने की बात कही है। मौलाना का कहना है कि इस्लाम और शरीयत के मुताबिक किसी मुस्लिम का मंदिर में पूजा-पाठ करना नाजायज और हराम है। मुस्लिम युवाओं के सवालों के बाद दिया बयान मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से देशभर के मुस्लिम युवा उनसे सवाल कर रहे थे कि सारा अली खान का केदारनाथ मंदिर जाकर पूजा करना शरीयत के मुताबिक सही है या नहीं। इसी के जवाब में उन्होंने अपना धार्मिक मत सामने रखा। उन्होंने कहा कि शरीयत-ए-इस्लामिया अपने मानने वालों को शिर्क यानी अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराने की अनुमति नहीं देती। मंदिर में पूजा को बताया शरीयत के खिलाफ मौलाना के मुताबिक, मुस्लिम पुरुष हो या महिला, दूसरे धर्म के धार्मिक स्थलों पर जाकर पूजा करना इस्लामी मान्यताओं के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि सारा अली खान ने केदारनाथ मंदिर में दर्शन के साथ पूजा-पाठ भी किया, जिसे वह शरीयत के नियमों के विरुद्ध मानते हैं। सारा अली खान से तौबा करने की अपील मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सारा अली खान को अपने इस कृत्य पर पछतावा करने और अल्लाह से माफी मांगने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि किसी भी मुस्लिम को धार्मिक सीमाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए, भले ही वह सेलिब्रिटी ही क्यों न हो। यह मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का धार्मिक मत और बयान है। इसे सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं या इस्लामी समुदाय की एकमत राय नहीं माना जाना चाहिए। खबर अपडेट की जा रही है…

दैनिक भास्कर 29 Oct 2026 4:21 pm

रणबीर कपूर ने आलिया को ऐसे किया था प्रपोज:जंगल में सिर्फ 100 फीट दूर थे 3 शेर, बोले- अपनी शेरनी के सामने मैं चूहा था

रणबीर कपूर ने टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में आलिया भट्ट को प्रपोज करने का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2022 में केन्या के मासाई मारा में आलिया को प्रपोज किया था। शो में रणबीर ने बताया कि वह अंगूठी घर से लेकर गए थे। वह चाहते थे कि आलिया को प्रपोज करते समय तस्वीरें भी खींची जाएं। रणबीर ने कहा, “मैंने हमारे गाइड और ड्राइवर को पहले ही पैसे दे दिए थे। उनसे कहा था कि जंगल के बीच कहीं गाड़ी रोक दें।” उन्होंने बताया, “मैं अंगूठी लेकर गया था। चाहता था कि घुटनों पर बैठूं और वे दूर से तस्वीरें लें। लड़कियों को तस्वीरें पसंद होती हैं, ताकि वे उन्हें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर सकें। इसलिए मैंने सोचा कि आलिया के लिए यह बहुत जरूरी है।” प्रपोजल के वक्त पास थे तीन शेर रणबीर ने बताया कि यह पल उनकी उम्मीद से ज्यादा रोमांचक हो गया था। जब वह आलिया के सामने घुटनों पर बैठे, तब तीन शेर करीब 100 फीट दूर थे। रणबीर की बात पर अमिताभ बच्चन ने मजाक में कहा, “लेकिन सर, इसका कोई सबूत भी होना चाहिए।” इस पर रणबीर ने कहा, “सबूत होना चाहिए। अंगूठी तो थी, मैं उसे घर से लेकर गया था, लेकिन माहौल ऐसा था कि एक तरफ करीब 100 फीट दूर तीन बब्बर शेर थे।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी शेरनी मेरे सामने खड़ी थी। मैं चूहा बनकर घुटनों पर बैठा था और कह रहा था- बेबी, क्या तुम मुझसे शादी करोगी?” रणबीर और आलिया का रिश्ता रणबीर और आलिया ने 14 अप्रैल 2022 को शादी की। यह शादी मुंबई स्थित रणबीर और आलिया के घर पर हुई थी। इसमें परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों 6 नवंबर 2022 को बेटी राहा के माता-पिता बने। प्रपोजल को लेकर विजय को ट्रोल किया गया गौरतलब है कि हाल ही में विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना 'कॉफी विद करण' में पहुंचे थे, जहां प्रपोजल की कहानी सामने आने के बाद विजय को ट्रोल किया गया था। दरअसल, शो में रश्मिका ने बताया था कि शादी के लिए उन्होंने विजय से करीब एक साल तक बात की। विजय ने उनसे इस बारे में 100 बार पूछने की बात कही थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर विजय को ‘रेड फ्लैग’ कहकर ट्रोल किया जाने लगा। बाद में रश्मिका ने सफाई देते हुए कहा कि लोगों ने उनकी बातों का गलत मतलब निकाला। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में विजय ने उनका साथ दिया था। वह अपने पति के साथ खुश हैं। वहीं, विजय ने रश्मिका को अपनी बेस्ट फ्रेंड और पत्नी बताते हुए उनका समर्थन किया। कथित फर्जी पोस्ट, एडिटेड स्क्रीनशॉट और भ्रामक कंटेंट फैलाने को लेकर रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने हैदराबाद साइबर क्राइम अधिकारियों से शिकायत की थी।

दैनिक भास्कर 29 Oct 2026 2:46 pm

‘शर्मिंदगी हमेशा मेरे साथ रहेगी’:जाह्नवी ने माना- ‘पेड्डी’ में सेक्सुअल असॉल्ट को प्रमोट किया गया, बोलीं- मैं इसे रोकने के लिए ज्यादा बोल सकती थी

एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने फिल्म 'पेड्डी' में अपने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन पर बात की। उन्होंने माना कि वह इसे रोकने के लिए ज्यादा मजबूती से आवाज उठा सकती थीं। जाह्नवी ने यह बात 'कॉफी विद करण' सीजन 9 में बातचीत के दौरान कही। शो के होस्ट करण जौहर ने उनसे 'पेड्डी' विवाद के बारे में सवाल किया था। शो में करण जौहर ने कहा, “पेड्डी विवाद को लेकर क्या हुआ था? मुझे पता है कि इसका आप पर कई तरह से असर पड़ा था। जिस दिन यह हुआ, उस दिन मैंने आपसे बात की थी।” उन्होंने आगे कहा, “इसे देखने के दो तरीके हैं। एक, लोग इस बात को लेकर आपके साथ थे कि आपके किरदार को सेक्सुअलाइज किया गया। दूसरा पक्ष कह रहा था कि आप सेट पर थीं, तो आपने इसे रोका क्यों नहीं?” करण ने जाह्नवी से पूछा कि इस पूरे मामले को लेकर उन्हें कैसा महसूस हुआ। जाह्नवी ने कहा, “मुझे बहुत कुछ महसूस हुआ, करण। मैं इस बारे में बात करने से इसलिए हिचक रही थी, क्योंकि कई लोगों ने फिल्म पर बहुत मेहनत की थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या कहना चाहिए। मुझे यह भी नहीं पता था कि वास्तव में कहने के लिए कुछ है या नहीं।” 'मुझे अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए' जाह्नवी ने यह भी कहा, “मेरे हिस्से की जिम्मेदारी लेना जरूरी है। उस पूरे विवाद में मेरी जितनी भी भूमिका थी, उसकी जिम्मेदारी मुझे लेनी चाहिए। ऐसे नैरेटिव का समाज पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। खासकर मेरे जेंडर यानी महिलाओं पर इसका असर हो सकता है।” उन्होंने कहा, “यह बात मेरे जमीर पर भारी है। इस बात की शर्मिंदगी मेरे साथ हमेशा रहेगी।” 'मैं ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी' जाह्नवी ने कहा कि वह इसे लेकर ज्यादा बड़ा मुद्दा बना सकती थीं। उन्होंने कहा, “क्या मैं और कुछ कर सकती थी? क्या मैं ज्यादा सतर्क रह सकती थी? क्या मैं इसे लेकर ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी? इन सभी सवालों का जवाब सौ फीसदी हां है।” जाह्नवी ने कहा, “क्या यह प्रॉब्लम वाली बात थी? क्या इसमें बहुत ज्यादा ऑब्जेक्टिफिकेशन था? क्या इसने कहानी के लेवल पर सेक्सुअल असॉल्ट को प्रमोट किया? हां।” उन्होंने कहा, “अब मैं सिर्फ यह सुनिश्चित कर सकती हूं कि ऐसा दोबारा न हो।” 'डायरेक्टर की बात मानना प्रोफेशनल जिम्मेदारी लगता है' जाह्नवी ने कहा कि वह अपनी बात रखते हुए ऐसा नहीं दिखना चाहतीं कि वह जिम्मेदारी किसी और पर डाल रही हैं। हालांकि, उन्होंने बताया कि एक्टर्स कई बार डायरेक्टर के निर्देशों का पालन करने की स्थिति में होते हैं। उन्होंने कहा, “मैं यह बात इसलिए नहीं कह रही कि जिम्मेदारी किसी और पर डाल दूं। लेकिन आप जानते हैं कि यह कैसा होता है। आपको लगता है कि डायरेक्टर जो कह रहे हैं, आपको वही करना है। आपको प्रोफेशनल रहना होता है। आपको डायरेक्टर की बात सुननी होती है।” उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रिप्ट में हर बार यह साफ नहीं होता कि सीन पर्दे पर कैसा दिखेगा। जाह्नवी ने कहा, “स्क्रिप्ट में अक्सर यह नहीं लिखा होता कि कैमरा एंगल क्या होंगे। बहुत कम ऐसा होता है कि पूरी तरह बाउंड स्क्रिप्ट आपके पास हो।” उन्होंने कहा, “इसलिए मैं उपलब्ध जानकारी के आधार पर चीजों को कम समस्याग्रस्त बनाने की कोशिश कर रही थी।” जाह्नवी ने कहा, “जब-जब मुझे किसी चीज की जानकारी मिलती थी, मैं उसी समय उसे बेहतर बनाने की कोशिश करती थी।” 'मुझे अपनी प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था' जाह्नवी ने माना कि वह प्रिविलेज वाली स्थिति से आती हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन इसके साथ ही मुझे अपने हिस्से की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। मैं प्रिविलेज वाली जगह से आती हूं।” जाह्नवी ने कहा, “मुझे इस प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था। वैसे भी प्रिविलेज वाली होने के लिए मुझे आलोचना झेलनी ही है, इसलिए मुझे इसका इस्तेमाल करना चाहिए था।”क्या था 'पेड्डी' विवाद? 'पेड्डी' में जाह्नवी कपूर के किरदार अचियम्मा को दिखाने के तरीके पर कई दर्शकों ने सवाल उठाए थे। दर्शकों ने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन को लेकर चिंता जताई थी। फिल्म में किरदार के ट्रीटमेंट को लेकर यह आलोचना भी हुई कि कुछ सीन सेक्सुअल असॉल्ट को सामान्य या सही दिखाते नजर आ सकते हैं। इसके बाद निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि टीम का महिला किरदारों का अपमान या ऑब्जेक्टिफिकेशन करने का कोई इरादा नहीं था। थिएट्रिकल कट में विवादित सीन हटा दिए गए या उनमें बदलाव किया गया था। जाह्नवी कपूर गूगल पर ट्रेंड कर रही हैं

दैनिक भास्कर 29 Oct 2026 12:48 pm

‘बधाई हो’ फिल्म मेरे लिए ‘शोले’ जैसी, इसने जिंदगी बदली:एक्टर गजराज राव बोले-जोधपुर का खाना बहुत अच्छा, जयपुर की कचौरी-मिठाइयों की वैरायटी की सीमा नहीं

बॉलीवुड एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म ‘बधाई हो’ ने मेरी जिंदगी बदल दी और मुझे दर्शकों का अपार स्नेह मिला। ‘बधाई हो’ मेरे लिए मील का पत्थर है। मैं इसे अपने लिए फिल्म ‘शोले’ की तरह मानता हूं। हाल ही दैनिक भास्कर के जयपुर कार्यालय आए एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म की शूटिंग के दौरान उस सफर का आनंद लेना चाहता हूं। नए दोस्त बनाना चाहता हूं। जिंदगी में नए अनुभव हासिल करना चाहता हूं। एक्टर गजराज राव ने राजस्थान से जुड़ी यादों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा- डूंगरपुर में मेरा जन्म हुआ है। जयपुर में रिश्तेदार हैं और जोधपुर में मेरा ससुराल है, इसलिए यहां आने पर हमेशा अपनापन महसूस होता है। गजराव ने कहा- जोधपुर का खाना बहुत अच्छा है। वहीं जयपुर में कचौड़ियों और मिठाइयों की इतनी वैरायटी है कि उसकी कोई सीमा ही नहीं है। वहीं जयपुर में शूटिंग के दौरान हाल ही ट्रैवलिंग के अनुभवों पर लिखे व्यंग्यात्मक पोस्ट पर उन्होंने कहा कि मेरा मकसद किसी शहर या व्यक्ति का मजाक उड़ाना नहीं था। यह एक वास्तविक समस्या को हल्के-फुल्के अंदाज में सामने लाना था। पढे़ं एक्टर गजराज राव से बातचीत के अंश… सवाल: आप राजस्थान से हैं। अब मुंबई में सक्रिय हैं। राजस्थान से जुड़ी कोई खास याद? गजराज राव: यहां यादें ही यादें हैं। बचपन में मेरे पिताजी मुझे दिल्ली ले गए थे। उन्हें लगा कि गांव में रहकर मैं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाऊंगा। उस समय मैं चार-पांच साल का था। मुझे बताया जाता है कि जब मुझे स्कूल में दाखिला दिलाया गया तो मैं पट्टी और चॉक लेकर घर की तरफ भाग जाता था। पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगता था। इसके बाद हर साल गर्मियों की छुट्टियों में राजस्थान आना होता था। जोधपुर मेरा ससुराल है और जयपुर में मेरे बहुत सारे रिश्तेदार रहते हैं, इसलिए यहां जब भी आता हूं तो अपनापन महसूस होता है। गट्टे की सब्जी हो या केर-सांगरी इनमें अपनेपन का स्वाद मिलता है। सवाल: आपकी फिल्म ‘बधाई हो’ को आप किस तरह याद करते हैं? गजराज राव: कई बार किसी कलाकार के जीवन में एक ऐसा प्रोजेक्ट आता है, जो उसके करियर की दिशा बदल देता है। मेरे लिए ‘बधाई हो’ वही फिल्म है। इसने मुझे एक अलग पहचान दी और दर्शकों के बीच मेरे काम को लेकर जो प्यार बना, वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सबसे बड़ी बात यही है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी यह फिल्म पुरानी नहीं हुई है। आज भी जब लोग मिलते हैं तो ‘बधाई हो’ की बात करते हैं। नीना गुप्ता और आयुष्मान खुराना के बारे में बातचीत करते हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म लोगों के लिए अपने परिवार के विस्तार जैसी बन गई है। सवाल: आपके प्रोजेक्ट्स को देखें तो सलेक्टिव काम करना पसंद करते हैं। प्रोजेक्ट चुनना कितना चुनौतीपूर्ण है? गजराज राव: जब लोग आपके काम को पसंद करने लगते हैं तो आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। आपको लगता है कि दर्शकों ने आपसे कुछ उम्मीदें लगा रखी हैं। अब आपका काम है कि आप उन उम्मीदों पर खरे उतरें। साथ ही यह भी जरूरी है कि आपको खुद उस काम में आनंद आए। रिहर्सल का अनुभव, शूटिंग के दौरान का माहौल और लोगों के साथ काम करने का तरीका मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: हाल ही आपने जयपुर से जुड़े अपने ट्रेवल एक्सपीरियंस को इंस्टाग्राम पर शेयर किया। उस अनुभव के बारे में बताइए। गजराज राव: दरअसल इन दिनों जयपुर में कई जगह शूटिंग चल रही है। इसके अलावा यहां कॉरपोरेट इवेंट्स भी बहुत होते हैं। शादियों का सीजन भी रहता है। ऐसे में ट्रैवल कंपनियां व्यस्त हो जाती हैं। प्रोडक्शन हाउस को जो गाड़ियां और ड्राइवर उपलब्ध होते हैं, वे उन्हें किराए पर ले लेते हैं। कई बार प्राथमिकता इस बात की होती है कि कोई ड्राइवर मिल जाए, जो सुबह 5 बजे कलाकार को लेने आए और एक घंटे दूर स्थित लोकेशन पर समय से पहुंचा दे। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। पहले दिन जो गाड़ी आई, उसकी पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं थी। मैंने ड्राइवर साहब से पूछा कि इसमें सीट बेल्ट क्यों नहीं है? उन्होंने बहुत सहजता से कहा कि कोई बात नहीं, यहां कोई सीट बेल्ट नहीं लगाता। मुझे यह बात अजीब लगी। अगले दिन भी ऐसा ही हुआ। मैंने शिकायत की तो दूसरी गाड़ी आई, लेकिन उसमें भी यही स्थिति थी। उस गाड़ी के ड्राइवर ने तो यहां तक कह दिया कि अगर सीट बेल्ट लगाते हैं तो ट्रैफिक पुलिस चालान कर देती है। मैंने उनसे कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि सीट बेल्ट लगाने पर चालान हो जाए? उनका जवाब यही था कि यहां ऐसा ही होता है। मैंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिख दी। वह पोस्ट वायरल हो गई। मेरा मानना है कि जब आप किसी अनुभव को बहुत कड़वाहट के साथ लिखते हैं तो उससे कड़वाहट ही पैदा होती है। मैंने उस अनुभव को हास्य के अंदाज में लिखा था, इसलिए लोगों ने भी उसे उसी तरह लिया। पोस्ट पर आने वाली ज्यादातर प्रतिक्रियाएं मजेदार थीं और लोग उस पर चर्चा कर रहे थे। मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाना या जयपुर जैसे शहर का मखौल उड़ाना बिल्कुल नहीं था। मैं खुद राजस्थान का हूं, तो अपने ही प्रदेश का मजाक उड़ाने का सवाल ही नहीं है। दूसरी बात ड्राइवरों की भी अपनी मजबूरियां होती हैं। वे लगातार काम कर रहे होते हैं और उन पर भी दबाव रहता है। सवाल: अगर कोई अच्छा व्यंग्य लिखना चाहते हैं। उन्हें किन लेखकों को पढ़ना चाहिए? गजराज राव: मेरे जीवन में कई लेखकों का बड़ा योगदान रहा है। मनोहर श्याम जोशी, शरद जोशी, श्रीलाल शुक्ल और डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी जैसे लेखकों को जरूर पढ़ना चाहिए। इन सभी को पढ़ने में बहुत आनंद आता है और इनकी रचनाओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मुझे लगता है कि इन लेखकों को पढ़ना चाहिए और उनकी रचनाओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जीवन में किसी से कोई शिकायत है, तो उसे हमेशा नाराजगी या कड़वाहट के साथ व्यक्त करना जरूरी नहीं है। सवाल: आप एडमेकर और एक्टर दोनों हैं। कैसे सामंजस्य बिठाते हैं? गजराज राव: सामंजस्य तो बिठाना पड़ता है, क्योंकि निर्देशन का काम मुझे बहुत पसंद है। विज्ञापन फिल्मों का निर्देशन करना मुझे आज भी अच्छा लगता है। जब मेरी किसी फिल्म या दूसरे प्रोजेक्ट की शूटिंग की तारीखें तय होती हैं तो मैं अपने पार्टनर को पहले ही बता देता हूं कि अगले 15 दिन या डेढ़ महीने तक मैं उपलब्ध नहीं रहूंगा। विज्ञापन फिल्मों के लिए मेरे कुछ नियमित क्लाइंट हिंदुस्तान यूनिलीवर, रेड लेबल चाय और ब्रू कॉफी हैं। इसलिए मैं अभिनय और निर्देशन दोनों के लिए समय निकालने की कोशिश करता हूं। मेरे लिए निर्देशन पेशा नहीं है, बल्कि ऐसा काम है, जिसे करते हुए मुझे आनंद मिलता है। इसलिए मैं इसे छोड़ना नहीं चाहता। अभिनय और निर्देशन दोनों की अपनी अलग चुनौतियां और अनुभव हैं। मैं दोनों से जुड़ा रहना चाहता हूं।

दैनिक भास्कर 29 Oct 2026 11:34 am

'आप गूंगे बनकर बैठ जाते हैं':नसीरुद्दीन शाह के सरकार विरोधी बयान के बाद भड़के पुनीत इस्सर; परेश रावल बोले- सबको अपनी राय रखने का हक

सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह के सरकार विरोधी बयान के बाद एक्टर पुनीत इस्सर उन पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सरकार पसंद नहीं है, तो चुनाव लड़कर उसे हराएं। मंगलवार को शाह ने फेसबुक पर खुद को गर्व से ‘दिमागी नक्सल’ बताया था। उन्होंने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और युवाओं का हौसला तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। बुधवार को IANS से बातचीत में इस्सर ने कहा, पहली बात तो यह है कि नसीरुद्दीन शाह जी हमारे सीनियर हैं, हमारे टीचर रह चुके हैं, आदरणीय हैं और बहुत ही बेहतरीन कलाकार हैं। लेकिन मेरा सिर्फ यह कहना है कि जब आप कोई बात करते हैं, तो सिलेक्टिव बात नहीं करनी चाहिए। आप दुनिया और हिंदुस्तान के कितने मुद्दों पर मूकदर्शक बने रहते हैं। आप गूंगे बनकर बैठ जाते हैं, तब तो आप बात नहीं करते। आप हर चीज का जवाब एकतरफा देते हैं। आप लेफ्टिस्ट सोच और नक्सली विचारधारा वाले वामपंथियों की सोच के हिसाब से जवाब देते हैं। इस्सर ने शाह पर चुनिंदा मुद्दों पर बोलने का आरोप लगाया इस्सर ने ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग और JNU से जुड़े लोगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इन ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग और JNU के लोगों को देखिए। जब हमारे देश में दोषी ठहराए गए अपराधियों और इस समय जेल में बंद आतंकियों की बात आती है, तो वे उनकी रिहाई की मांग करते हैं और उनके पक्ष में बोलते हैं। अगर आप ऐसे लोगों का समर्थन करते हैं, तो इसका मतलब भारतीय होने से क्या है?” ‘सरकार पसंद नहीं, तो चुनाव लड़ें’ हालांकि, इस्सर ने कहा कि शाह को अपनी राय रखने और सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, “लेकिन अगर आपको सत्ता में आई सरकार पसंद नहीं है, तो राजनीतिक मैदान में उतरिए। चुनाव लड़िए, जीतिए और इस सरकार को हराइए। यह सरकार मनमाने तरीके से सत्ता में नहीं आई है। देश की जनता ने इसे चुना और निर्वाचित किया है।” नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी को लेकर परेश रावल ने कहा, “नसीर भाई की अपनी राय है। मैं उसके बारे में कुछ नहीं बोल सकता। सबको हक है कि जो फील करते हैं, वो बोलें।” जामिया और SRFTI के छात्रों के समर्थन में बोले थे शाह नसीरुद्दीन शाह ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो कहते हैं, मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब (उपनाम) दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या। उन्होंने आगे कहा, टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे? उन्होंने यह भी कहा कि पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), फिर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों पर जो जुल्म किया जा रहा है, वो याद रखा जाएगा। सब याद रखा जाएगा। शाह बोले- युवाओं का हौसला कभी नहीं टूटेगा नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में मीडिया और बीजेपी आईटी सेल के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश के युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा, शिक्षा संस्थान बर्बाद नहीं होंगे और लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ेगा। वीडियो के आखिर में उन्होंने देश के युवाओं को सलाम किया और कहा कि उनकी दुआएं उनके साथ हैं। बीजेपी के लिए अपशब्द कहे थे; झूठी पार्टी बताया था इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया था। अभिनेता ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। शाह ने वीडियो में कहा था कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 29 Oct 2026 10:43 am

तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर दिया रिएक्शन:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान

एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के 'दूधिया बदन' वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। NDTV के एक इवेंट में तमन्ना से उनके रंग और बॉडी पर हुई टिप्पणियों के बारे में पूछा गया। एक्ट्रेस से यह भी पूछा गया कि क्या वह चाहती हैं कि दर्शक उन्हें सिर्फ स्क्रीन प्रेजेंस और बोल्ड इमेज से अलग देखें। उनसे हालिया फिल्मों को इमेज बदलने की कोशिश के तौर पर भी सवाल किया गया। तमन्ना ने कहा कि एक क्रिएटिव व्यक्ति के लिए सुनना जरूरी है। इसके साथ यह समझना भी जरूरी है कि किस बात को रखना है और किसे नजरअंदाज करना है। तमन्ना ने कहा, “आप भी एक महिला हैं, इसलिए समझ सकती हैं कि अगर हम ऐसी बातों को महत्व देने लगें, तो शायद जिंदगी में आगे बढ़ पाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती। मैं अपने काम पर ध्यान देती हूं। मैं उस चीज पर ध्यान देती हूं, जिसे बनाना चाहती हूं। मैं अपने एक्टिंग करियर पर ध्यान देती हूं।” तमन्ना ने अपने काम करने के तरीके पर भी बात की। उन्होंने कहा, “मेरे हिसाब से मैं अपना काम सेवा की तरह करना चाहती हूं।” उन्होंने कहा, “मैं ऐसा करती भी हूं। शायद इसी वजह से मेरा काम लोगों तक पहुंचता है, क्योंकि कहीं न कहीं यह सही जगह से आता है।” क्या है पूरा मामला दरअसल, पिछले साल शुभंकर मिश्रा के साथ बातचीत में अन्नू कपूर ने फिल्म 'स्त्री 2' के सुपरहिट गाने 'आज की रात' को लेकर बात की थी। शुभांकर ने अन्नू से पूछा था कि क्या उन्हें यह गाना पसंद आया। उन्होंने यह भी कहा था कि वह तमन्ना को पसंद करते हैं। इस पर अन्नू ने कहा था, “माशाअल्लाह, क्या दूधिया बदन है।” उन्होंने आगे कहा था, “बहन, अपने गाने से, अपने शरीर से, अपने दूधिया चेहरे से हमारे बच्चों को सुलाती हैं... बहुत अच्छी बात है।” अन्नू ने कहा था, “यह देश पर कृपा होगी, अगर हमारे देश के बच्चे अच्छी और स्वस्थ नींद सोएं।” उन्होंने आगे कहा था, “अगर और भी कुछ इच्छा है, तो भगवान उन्हें समर्थ करें कि उनकी इच्छा पूरी हो। यह मेरा उनके लिए आशीर्वाद है।” अन्नू कपूर ने बाद में अपने बयान पर सफाई दी थी अन्नू कपूर के कमेंट को लेकर उनकी ट्रोलिंग हुई थी। इसके बाद कपूर ने अपने कमेंट पर सफाई दी थी। सिद्धार्थ कनन को दिए इंटरव्यू में कपूर ने कहा था, “लोगों ने मुझे गालियां दीं, खूसट बूढ़ा और सठिया गया जैसी बातें कहीं। मेरा कहना सिर्फ इतना है कि अगर मैं 'दूधिया बदन' कहता हूं, तो बवाल मच जाता है, लेकिन अगर यही बात इंग्लिश में 'मिल्की बॉडी' कही जाए, तो किसी को कोई परेशानी नहीं होती।” अपनी सफाई के दौरान अन्नू ने यह भी कहा था कि अगर तमन्ना भाटिया खुद उनसे इस बारे में पूछेंगी, तो वे अपनी बात पर कायम रहेंगे। उन्होंने कहा था, “अगर तमन्ना को मेरी बात बुरी लगी है, तो मैं उनके पैर छूने के लिए भी तैयार हूं। अगर एक 71 साल का आदमी उनके पैर छुएगा, तो वे क्या कहेंगी? मेरा इरादा बिल्कुल साफ है और मुझे अपनी सच्चाई पता है।”

दैनिक भास्कर 29 Oct 2026 9:09 am

Jailer 2 ने 14वें दिन बदल दिया ग्लोबल बॉक्स ऑफिस का पासा, बुधवार को कमाई के जादुई आंकड़े को किया पार

रजनीकांत स्टारर लेटेस्ट फिल्म जेलर 2 ने रिलीज के 14वें दिन कमाई के मामले में जादुई आंकड़े को पार कर लिया है।

जागरण 29 Oct 2026 7:54 am

‘जेलर 2’ में कटाना से लड़ीं अपेक्षा पोरवाल:बोलीं- रजनी सर के साथ काम करना सपने जैसा, मिथुन दा- ऋतिक ने एक्शन में मदद की

अभिनेत्री अपेक्षा पोरवाल इन दिनों रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने फिल्म में एक्शन सीक्वेंस किए हैं। दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रहीं अपेक्षा ने बताया कि उन्हें फिल्म में काम कैसे मिला। उन्होंने रजनीकांत, ऋतिक, मिथुन चक्रवर्ती और निर्देशक नेल्सन के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। मिस इंडिया बनने के बाद उन्होंने एक्टिंग की ट्रेनिंग ली और थिएटर भी किया। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने करियर, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर बात की। सवाल: ‘जेलर 2’ में काम करने का मौका कैसे मिला? जवाब: मैं पिछले दो साल से मार्शल आर्ट्स सीख रही हूं। किक बॉक्सिंग, ननचाकू और कटाना जैसी पुरानी हथियार तकनीकों में दिलचस्पी है। शायद फिल्म की टीम ने मेरा काम देखा, जिसके बाद मुझे अप्रोच किया गया। पहले लगा कि कहीं यह फर्जी कॉल तो नहीं है, क्योंकि साउथ में पहले काम नहीं किया था। बाद में चेन्नई जाकर निर्देशक नेल्सन से मिली और सिलेक्शन हो गया। सवाल: क्या आपको पता था कि यह रजनीकांत की फिल्म है? जवाब: हां, मुझे पता था, लेकिन सिलेक्शन से पहले ‘जेलर’ का पहला पार्ट नहीं देखा था। उसके बारे में बहुत सुना था। सिलेक्ट होने के बाद फिल्म देखी। मुझे कभी-कभी किसी प्रोजेक्ट में बिना ज्यादा जानकारी के जाना पसंद है, ताकि चीजों को नए नजरिए से देख सकूं। सवाल: रजनीकांत से पहली मुलाकात कैसी रही? जवाब: रजनीकांत सर जैसा ऑरा मैंने किसी दूसरे सुपरस्टार में नहीं देखा। उनके लिए सुपरस्टार शब्द भी छोटा लगता है। लोग उन्हें भगवान की तरह मानते हैं। निजी जिंदगी में वह बेहद सरल, विनम्र और प्रोत्साहित करने वाले इंसान हैं। मेरा पहला दिन था और क्लाइमैक्स का एक्शन सीक्वेंस शूट हो रहा था। सेट पर रजनीकांत सर, मिथुन सर, विद्या मैम, रम्या मैम और एसजे सूर्या जैसे कलाकार मौजूद थे। उनके साथ काम करना मेरे लिए सपने जैसा था। सवाल: फिल्म में एक्शन करना कितना चुनौतीपूर्ण रहा? जवाब: शूटिंग से पहले हमने दो-तीन दिन एक्शन की ट्रेनिंग ली और प्रैक्टिस की थी। इतने बड़े सितारों के साथ एक्शन करना खास अनुभव था। मेरा सपना था कि स्क्रीन पर कटाना से तलवारबाजी करूं। फिल्म ‘किल बिल’ में उमा थुरमन का किरदार मुझे पसंद है। वह भी कटाना से लड़ती हैं। खुशी है कि रजनीकांत की फिल्म में यह सपना पूरा करने का मौका मिला। सवाल: मिथुन चक्रवर्ती ने भी आपकी मदद की? जवाब: हां, पहले दिन एक शॉट में मुझे कटाना से उनके हाथ की बंदूक गिरानी थी। यह चुनौतीपूर्ण एक्शन था। मिथुन सर शॉट्स के बीच बताते थे कि इसे कैसे करना है और एक्शन को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। इतने बड़े स्टार का मदद करना बहुत अच्छा लगा। सवाल: ऋतिक रोशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: ऋतिक सर फोकस्ड, मेहनती और प्रोफेशनल हैं। उन्हें देखकर समझ आता है कि आज भी उन्हें ग्रीक गॉड क्यों कहा जाता है। वह विनम्र भी हैं। हमारी बातचीत फिल्म के एक्शन सीक्वेंस और शूटिंग को लेकर हुई। बड़े कलाकारों में अक्सर काफी विनम्रता होती है। सवाल: आपने एक्टिंग में आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: बचपन से मेरा सपना मिस इंडिया बनने का था। टीनएज से ब्यूटी पेजेंट्स में हिस्सा ले रही थी। 2017 में नेशनल पेजेंट की विजेताओं में शामिल हुई। इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया और डेवलपमेंट सेक्टर में भी काम किया। मिस इंडिया के बाद मुंबई आकर एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। एक साल ट्रेनिंग ली, वर्कशॉप्स कीं और थिएटर किया। इसके बाद लगा कि जिंदगीभर एक्टिंग ही करनी है। सवाल: एक्टिंग की ट्रेनिंग कहां से ली? जवाब: नीरज काबी और अतुल मोंगिया की वर्कशॉप की। इसके बाद जेफ गोल्डबर्ग के साथ मेथड एक्टिंग का नौ महीने का डिप्लोमा कोर्स किया। उनकी वर्कशॉप ने मेरी जिंदगी बदल दी। मेरा पहला शो ‘अनदेखी’ था। मिस इंडिया के बाद ग्लैमरस रोल मिल रहे थे, लेकिन मैं अभिनेत्री के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। इसलिए ऐसा किरदार चुना, जिसमें मेरा लुक साधारण था और अभिनय की गुंजाइश ज्यादा थी। सवाल: करियर में कभी निराशा हुई कि गलत रास्ता चुन लिया? जवाब: ऐसा कभी नहीं लगा। मुश्किल समय जरूर आया। आउटसाइडर होने के नाते मुझे ऑडिशन के जरिए काम मिलता है। कभी-कभी चिंता होती है कि अगला प्रोजेक्ट कब मिलेगा। लेकिन मैं रिजेक्शन को दिल पर नहीं लेती और सफलता को सिर पर नहीं चढ़ने देती। मेरा मानना है कि खुद पर काम करते रहना चाहिए, मेहनत करनी चाहिए और बाकी चीजें समय पर छोड़ देनी चाहिए। सवाल: ‘जेलर 2’ के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रही? जवाब: इस फिल्म से मुझे दर्शकों का बहुत प्यार मिला। पहली बार किसी फिल्म के लिए इतना बड़ा मास रिएक्शन करीब से देखा। मुंबई में दो बार थिएटर में फिल्म देखने गई। दर्शकों की प्रतिक्रियाओं और सोशल मीडिया संदेशों ने मेरा दिल छू लिया। साउथ से लोगों ने लंबे मैसेज और ईमेल भेजकर प्यार जताया।

दैनिक भास्कर 29 Oct 2026 5:12 am

एडवांस बुकिंग में Ramayana का शानदार कलेक्शन, बिकीं 2.77 लाख टिकट; टूटेगा 'पुष्‍पा 2' का रिकॉर्ड?

रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश स्टारर फिल्म 'रामायण' की एडवांस बुकिंग में 2.77 लाख से अधिक टिकट बिक चुके हैं।

जागरण 28 Oct 2026 9:57 pm

नेपोटिज्म पर बोलीं सारा अली खान:बॉलीवुड में कोई गॉडफादर नहीं था, करियर में पिता ने कभी सिफारिश नहीं की

एक्ट्रेस सारा अली खान ने बॉलीवुड में अपने सफर, नेपोटिज्म और स्टार किड होने पर खुलकर बात की है। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में सारा ने कहा कि उनका बॉलीवुड में कोई गॉडफादर नहीं था। हालांकि उन्होंने माना कि पटौदी परिवार से होने के कारण उन्हें आसानी से पहचान और मौके मिले, लेकिन काम पाने के लिए उनके पिता सैफ अली खान ने कभी किसी से सिफारिश नहीं की। सारा ने बताया कि वे अपनी सिंगल मदर अमृता सिंह के साथ रहती हैं और पहली फिल्म 'केदारनाथ' के दौरान आई दिक्कतों को उन्होंने खुद ही सुलझाया था। नेपोटिज्म शब्द से मेहनत पर पड़ता है असर सारा ने कहा कि वे इस बात से इनकार नहीं कर सकतीं कि उनके सरनेम ने उनके लिए दरवाजे खोले और एक्टर बनने से पहले ही पहचान दिलाई। हालांकि, वे इस बात से असहज महसूस करती हैं कि 'नेपोटिज्म' को एक बुरा शब्द बना दिया गया है। सारा के मुताबिक, इस शब्द की वजह से कलाकारों की अपनी मेहनत और कोशिशों को नकार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि चाहे वे खुद हों, जान्हवी कपूर हों या अनन्या पांडे, किसी ने यह नहीं चुना कि वे किसके घर पैदा होंगी। पिता ने नहीं की फिल्मों के लिए सिफारिश अपने पारिवारिक बैकग्राउंड पर बात करते हुए सारा ने कहा कि फिल्मी परिवार से होने का मतलब यह नहीं है कि करियर का हर रास्ता आसान हो जाता है। उन्होंने बताया कि उनके पिता सैफ अली खान ने कभी किसी डायरेक्टर के दफ्तर जाकर उनके लिए रोल नहीं मांगे और न ही उनके कॉन्ट्रैक्ट्स पर बातचीत की। 2004 में माता-पिता के अलग होने के बाद से वे अपनी मां अमृता सिंह के साथ रह रही हैं और इंडस्ट्री में उन्होंने अपने फैसले खुद लिए हैं। 'केदारनाथ' विवाद का खुद किया सामना सारा ने 2018 में रिलीज हुई अपनी पहली फिल्म 'केदारनाथ' का जिक्र करते हुए बताया कि जब शूटिंग के दौरान दिक्कतें आई थीं, तो उन्होंने खुद ही मामला सुलझाया था। उस वक्त उनके साथ कोई नहीं खड़ा था। उन्होंने कहा कि 8 साल के करियर के बाद भी लोगों को यह बातें समझानी पड़ती हैं, जो सही नहीं है। डेब्यू का मौका मिलना एक अलग बात है, लेकिन आगे का सफर अपनी काबिलियत पर ही तय होता है। 1991 में हुई थी सैफ और अमृता की शादी सारा अली खान के पारिवारिक बैकग्राउंड की बात करें तो उनकी मां अमृता सिंह 80 और 90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस रही हैं। अमृता सिंह ने 1991 में सैफ अली खान से शादी की थी। शादी के 13 साल बाद 2004 में दोनों का तलाक हो गया था। सारा का जन्म 1995 में और उनके भाई इब्राहिम का जन्म 2001 में हुआ था। बाद में सैफ अली खान ने 2012 में करीना कपूर से शादी कर ली थी। हालिया रिलीज फिल्म 'उड़ता तीर' में आईं नजर करियर पर बात करें तो सारा अली खान की हालिया फिल्म 'उड़ता तीर' सिनेमाघरों में चल रही है। आकाश कौशिक के निर्देशन में बनी इस स्पाई-कॉमेडी फिल्म में आयुष्मान खुराना मुख्य भूमिका में हैं। 'केदारनाथ' से डेब्यू करने के बाद सारा ने 'सिम्बा', 'अतरंगी रे', 'जरा हटके जरा बचके' और 'ऐ वतन मेरे वतन' जैसी फिल्मों में काम किया है। ये खबर भी पढ़ें सारा अली खान-3 दिन से केदारनाथ में कर रहीं आरती:दोस्तों के साथ बनाई रील; लोगों के साथ पी चाय, बोलीं- बाबा का धाम मेरा घर बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान 3 दिन के बाद उत्तराखंड से मुंबई लौट गई हैं। मंगलवार को तीसरे दिन भी केदारनाथ धाम में दिखाई दीं। वह रविवार को हेलिकॉप्टर से धाम पहुंची थीं। यहां वह सादे कपड़ों और टोपी में नजर आईं। जिससे कई लोग उन्हें पहचान नहीं पाए। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 28 Oct 2026 6:50 pm

बॉडी शेमिंग पर कटरीना कैफ का जवाब:लोग सब जानते हुए भी ट्रोल करते हैं; मां बनने के बाद पीछे लौटने की जरूरत नहीं

एक्ट्रेस कटरीना कैफ ने मां बनने के बाद उनके शारीरिक बदलावों और वजन को लेकर हो रही ट्रोलिंग पर चुप्पी तोड़ी है। मैगजीन वोग इंडिया को दिए इंटरव्यू में कटरीना ने महिलाओं पर प्रेग्नेंसी के तुरंत बाद पुराने लुक में लौटने के सामाजिक दबाव पर सवाल उठाए हैं। कटरीना ने कहा कि वे जिंदगी के इस खूबसूरत दौर का आनंद ले रही हैं और अपनी सहूलियत के हिसाब से फिटनेस हासिल करेंगी। कटरीना पति विक्की कौशल के साथ अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में शामिल हुई थीं, बढ़े हुए वजन के कारण सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया। उनकी तस्वीरों की तुलना की जाने लगी थी। 'बाउंस बैक' शब्द पर कटरीना ने उठाए सवाल कटरीना ने महिलाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले शब्द बाउंस बैक (पुराने शेप में लौटना) को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, बाउंस बैक कहां से? मैंने अपनी जिंदगी में आगे बढ़कर वह हासिल किया है, जिसकी मुझे लंबे समय से चाहत थी। फिर मैं पीछे क्यों जाना चाहूंगी? कटरीना ने बताया कि बेटे विहान के जन्म के शुरुआती दिनों में उसे देखना एक अलग अहसास था, जिसने उनके और विक्की के 4 साल के लंबे इंतजार और संघर्ष को पूरा कर दिया। कठोर नजरिए से देखना लोगों की निजी पसंद सोशल मीडिया पर हो रही ट्रोलिंग पर बात करते हुए कटरीना ने कहा कि आज का समाज में हर कोई जानता है कि बच्चे को जन्म देने के बाद महिला के शरीर में क्या बदलाव आते हैं। इसके बावजूद अगर लोग उस शरीर को बुरे नजरिए से देखना चाहते हैं, तो यह उनकी व्यक्तिगत पसंद है। इसे जानकारी की कमी नहीं कहा जा सकता क्योंकि अब इंटरनेट पर सब जानकारी उपलब्ध है। अपनी रफ्तार से हासिल करूंगी फिटनेस लक्ष्य कटरीना ने साफ किया कि वे अपनी फिटनेस को लेकर जागरूक हैं और जानती हैं कि उनका शरीर किस स्तर पर सबसे अच्छा महसूस करता है। वे बिना किसी दबाव के अपनी गति से उस फिटनेस गोल तक पहुंचेंगी। इंटरव्यू में साल 1990 की मशहूर किताब ‘द ब्यूटी मिथ’ का भी जिक्र किया गया, जिसमें बताया गया था कि कैसे समाज में महिलाओं के स्वाभाविक बदलावों और प्रेग्नेंसी के बाद के शारीरिक स्वरूप को गलत नजरिए से देखा जाता है। अंबानी परिवार के गणेशोत्सव से शुरू हुई थी ट्रोलिंग कटरीना कैफ और विक्की कौशल 14 सितंबर को अंबानी परिवार के गणेश उत्सव कार्यक्रम में पहुंचे थे। मां बनने के बाद कटरीना की यह पहली बड़ी पब्लिक अपीयरेंस थी। कार्यक्रम की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी पुरानी और नई तस्वीरों के कोलाज बनाकर तुलना करनी शुरू कर दी थी। कई यूजर्स ने बढ़ते वजन को लेकर कटरीना को ट्रोल करने की कोशिश की, जिसके बाद कई महिलाओं और फैंस ने बॉडी शेमिंग का विरोध करते हुए कटरीना का समर्थन किया था। कटरीना की ट्रोलिंग के बाद भड़के थे सलमान टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ के दूसरे ‘वीकेंड का वार’ में ट्रोलर्स पर जमकर भड़के थे। सलमान खान ने बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा कि कटरीना को ट्रोल किया गया। उन्हें भी ‘बूढ़ा हो गया’ कहा गया है। इसके बाद सलमान ने बीच शो में अपनी टी-शर्ट उतारकर एब्स दिखाए। नवंबर 2025 में दिया बेटे को जन्म कटरीना कैफ ने 7 नवंबर 2025 को बेटे को जन्म दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए लिखा था, ‘हमारी खुशियों का पिटारा आ गया है। बहुत सारे प्यार आभार के साथ हम अपने बेटे का स्वागत करते हैं। 7 नवंबर 2025। कटरीना और विक्की।’ अब तक कपल ने बेटे की तस्वीर सार्वजनिक नहीं की है। दो सालों से फिल्मों से दूर हैं कटरीना कैफ कटरीना कैफ को आखिरी बार साल 2024 की फिल्म मैरी क्रिसमस में देखा गया है। फिल्म में उनके साथ विजय सेतुपति लीड रोल में थे। इसके बाद से ही एक्ट्रेस किसी फिल्म में नजर नहीं आई हैं। इस साल भी उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं होगी। शादी के 4 साल बाद बनीं मां कटरीना कैफ ने 9 दिसंबर 2021 में एक्टर विक्की कौशल से शादी की थी। दोनों की पहली मुलाकात एक अवॉर्ड शो में हुई थी, जिसके बाद दोनों चंद मुलाकातों के बाद रिलेशनशिप में आ गए थे। कपल ने हिंदू रीति-रिवाजों से राजस्थान के सवई माधौपुर के सिक्स सेंस रिसोर्ट में शादी की है। ये खबर भी पढ़ें मां बनने के बाद पहले जैसी बॉडी की उम्मीद क्यों?:सिर्फ कटरीना कैफ नहीं, ऐश्वर्या राय, करीना कपूर समेत कई अभिनेत्रियों की हुई ट्रोलिंग साल 2026 में भी महिलाओं के शरीर को लेकर बनी पुरानी सोच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खासकर फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस से मां बनने के बाद भी पहले जैसी बॉडी और ग्लैमरस लुक की उम्मीद की जाती है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 28 Oct 2026 5:00 pm

उत्तराखंड बौंठ गांव से मुंबई तक का सफर:अब ‘दुनिया की ठांए-ठांए’ में दिखेंगे सुशील; बोले- फिल्म में बेटे की शूटिंग के लिए सब कुछ बेच दिया

उत्तराखंड के पहाड़ों से निकलकर मायानगरी मुंबई तक पहुंचने का सफर आसान नहीं होता। इसके लिए प्रतिभा के साथ संघर्ष, मेहनत और अपने किरदारों को जीने का हुनर भी जरूरी है। पौड़ी जिले के लैंसडाउन तहसील के बौंठ गांव से ताल्लुक रखने वाले अभिनेता सुशील बौंठियाल ने इसी सफर में अपनी अलग पहचान बनाई है। रंगमंच से अभिनय की शुरुआत करने वाले सुशील ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से प्रशिक्षण लिया और इसके बाद फिल्मों व टेलीविजन की दुनिया में कदम रखा। अब वह हालिया वेब सीरीज ‘दुनिया की ठांए-ठांए’ में मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। इस सीरीज में उन्होंने एक ऐसे पिता का किरदार निभाया है, जो आर्थिक तंगी के बावजूद अपने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा देता है। कभी कंचा खेलने में माहिर रहा यह पिता अपने बेटे को शूटिंग की ट्रेनिंग दिलाता है। बेटे के मेडल के सपने को पूरा करने के लिए वह अपना सामान तक बेच देता है और घर में एक खाली फ्रेम रखता है, ताकि बेटे की उपलब्धि को उसमें सजा सके। सुशील के मुताबिक, यह किरदार उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि इसमें एक पिता के संघर्ष, त्याग और उम्मीदों को अलग अंदाज में पर्दे पर उतारना था। सुशील का उत्तराखंड से रिश्ता सिर्फ जन्मभूमि तक सीमित नहीं है। उनके नाम के साथ जुड़ा ‘बौंठियाल’ उपनाम भी उनके पैतृक गांव की पहचान से आया है। पांचवीं तक गांव में सरकारी स्कूल में पढ़ाई करने के बाद वह परिवार के साथ लखनऊ चले गए। वहां पढ़ाई, थिएटर और एनएसडी के सफर ने उन्हें अभिनय की दुनिया के लिए तैयार किया। ‘फुलवा’ सीरियल में जन्नत के पिता की भूमिका से लेकर ‘कागज’, ‘गुलाब गैंग’, ‘बिल्लू बार्बर’ और ‘सेल्फी’ जैसी फिल्मों तक उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाए हैं। दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में सुशील बौंठियाल ने अपने नए किरदार, उत्तराखंड से जुड़ाव और अभिनय के सफर के बारे में बात की। यहां देखिए सुशील बौंठियाल के कुछ फोटो… सवाल: वेब सीरीज ‘दुनिया की ठांए-ठांए’ में आप किस भूमिका में नजर आ रहे हैं? जवाब: इस वेब सीरीज में मैं मेन लीड के पिता की भूमिका निभा रहा हूं। यह किरदार मेरे लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। इसमें एक ऐसे पिता की कहानी है, जो गरीब है और अपने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए हर संभव कोशिश करता है। वह कंचा खेलने में उस्ताद रहा है, लेकिन आगे चलकर अपने बेटे को शूटिंग की ट्रेनिंग दिलाता है। इसके लिए वह अपना सब कुछ बेच देता है। बेटे को मेडल दिलाने की उसकी ऐसी चाहत है कि वह घर में एक खाली फ्रेम तक रखता है, ताकि जब बेटे को मेडल मिले तो उसे उस फ्रेम में लगा सके। यह किरदार पिता के त्याग, संघर्ष और उम्मीदों को दिखाता है। मेरे लिए इसे निभाना एक अलग तरह का अनुभव रहा। सवाल: आपका उत्तराखंड से क्या संबंध है? जवाब: मैं उत्तराखंड के पौड़ी जिले में लैंसडाउन तहसील के बौंठ गांव का रहने वाला हूं। मेरे गांव के नाम से ही मेरा सरनेम बौंठियाल पड़ा है। इस तरह मेरे नाम के साथ मेरा गांव भी जुड़ा हुआ है। उत्तराखंड से मेरा गहरा जुड़ाव है और अपने गांव से आज भी लगाव बना हुआ है। सवाल: आपने उत्तराखंड कब छोड़ा और अभिनय की दुनिया तक पहुंचने का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मैंने पांचवीं कक्षा तक गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाई की। साल 1981 में मेरे पिता का ट्रांसफर लखनऊ हो गया था। वह राजस्व परिषद में कार्यरत थे। उनके ट्रांसफर के बाद पूरा परिवार लखनऊ चला गया। वहां मैंने महानगर ब्वॉयज इंटर कॉलेज से पढ़ाई की और फिर लखनऊ यूनिवर्सिटी में शिक्षा हासिल की। लखनऊ में ही मेरा रंगमंच और थिएटर से जुड़ाव हुआ। अभिनय में रुचि बढ़ी तो नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) में मेरा चयन हो गया। वहां से प्रशिक्षण लेने के बाद साल 2006 में मुंबई पहुंचा। तब से मुंबई में ही काम कर रहा हूं। सवाल: मुंबई में रहते हुए अपने गांव बौंठ की याद आती है? जवाब: हां, गांव की बहुत याद आती है। बौंठ गांव में अपना घर भी दुरुस्त कराया है। गांव से जुड़ाव बना हुआ है। इंसान कहीं भी चला जाए, उसका अपना गांव और वहां बिताया बचपन हमेशा याद रहता है। मेरे लिए भी गांव की अपनी अलग अहमियत है। सवाल: अब तक किन फिल्मों और टीवी सीरियल में काम करने का मौका मिला है? जवाब: मैंने टीवी पर कलर्स के सीरियल ‘फुलवा’ में काम किया है, जिसमें जन्नत के पिता की भूमिका निभाई थी। फूलन देवी के जीवन पर आधारित सीरियल में भी काम किया। इसके अलावा सतीश कौशिक की फिल्म ‘कागज’ में अभिनय किया है। ‘गुलाब गैंग’, ‘बिल्लू बार्बर’ और ‘सेल्फी’ जैसी फिल्मों में भी काम करने का मौका मिला। अलग-अलग फिल्मों और सीरियल में अलग तरह के किरदार निभाए हैं। हर भूमिका अपने साथ कुछ नया अनुभव लेकर आती है। सवाल: थिएटर से फिल्मों और वेब सीरीज तक के सफर में अभिनय को लेकर आपका अनुभव कैसा रहा? जवाब: लखनऊ में थिएटर करने और एनएसडी में प्रशिक्षण लेने से अभिनय को समझने का मौका मिला। इसके बाद मुंबई में काम शुरू किया। फिल्मों, टीवी और अब वेब सीरीज में काम करते हुए अलग-अलग तरह के किरदार निभाने का अवसर मिला है। हर किरदार की अपनी जरूरत होती है। ‘दुनिया की ठांए-ठांए’ में पिता की भूमिका भी ऐसी ही है, जिसमें एक इंसान अपने बेटे के भविष्य के लिए अपना सब कुछ लगाने को तैयार रहता है। इसे निभाना मेरे लिए चुनौतीपूर्ण रहा।

दैनिक भास्कर 28 Oct 2026 4:29 pm

प्रभास की फिल्म फौजी का टीजर हटाने की मांग:सुभाष चंद्र बोस के पोते बोले- नेताजी के इतिहास से छेड़छाड़ हुई; पीएम मोदी से की शिकायत

एक्टर प्रभास की आने वाली फिल्म 'फौजी' के टीजर को लेकर विवाद बढ़ गया है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते चंद्र कुमार बोस ने फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है। चंद्र कुमार बोस ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर फिल्म के टीजर को हटाने और इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग करते हुए टीजर में सुधार करने की अपील की है। सूचना-प्रसारण मंत्री को खत लिखकर जताई आपत्ति मंगलवार को चंद्र कुमार बोस ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजे गए पत्र की कॉपी साझा की। पत्र में उन्होंने टीजर के उस सीन पर कड़ा ऐतराज जताया है, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एडॉल्फ हिटलर से बातचीत करते हुए और प्रभास के काल्पनिक किरदार 'फौजी' का परिचय कराते दिखाया गया है। टीजर की आलोचना इसलिए हो रही है क्योंकि इसमें नेताजी और हिटलर को एक काल्पनिक किरदार की तारीफ करते हुए दिखाया गया है। आलोचकों और बोस का आरोप है कि इस दृश्य में एक काल्पनिक पात्र को ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि नेताजी जैसी शख्सियत की भूमिका को छोटा दिखाया गया है। सेंसर बोर्ड पर उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग चंद्र कुमार बोस ने राष्ट्रीय प्रतीक और स्वतंत्रता सेनानियों के मामूली चित्रण पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सेंसर बोर्ड (CBFC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इतने संवेदनशील और आपत्तिजनक कंटेंट को पास कैसे कर दिया गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इस मामले की जांच कराने, टीजर को तुरंत हटवाने और सेंसर बोर्ड के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पीएम मोदी से हस्तक्षेप की अपील, मेकर्स को दी सलाह चंद्र कुमार बोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए लिखा कि फिल्म के टीजर को वापस लेकर, उसमें जरूरी सुधार के बाद ही दोबारा जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नेताजी के सम्मान से जुड़ी चिंताओं का समाधान कर दिया जाता है, तो उनकी ओर से अभिनेता प्रभास और 'फौजी' की पूरी टीम को शुभकामनाएं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म के निर्देशक हनु राघवपुडी मामले की गंभीरता को समझेंगे। प्रभास के जन्मदिन पर जारी हुआ था 'फाइल नंबर 25' टीजर 23 अक्टूबर को अभिनेता प्रभास के 47वें जन्मदिन पर फिल्म 'फौजी' के मेकर्स ने 'फाइल नंबर 25' नाम से एक वीडियो टीजर जारी किया था। 1942 के बर्लिन की पृष्ठभूमि पर आधारित इस क्लिप में दिखाया गया है कि नेताजी भारत की आजादी के लिए समर्थन मांगने हिटलर से मिलते हैं। वॉर-ड्रामा फिल्म है 'फौजी' 'फौजी' एक बड़े बजट की पीरियड वॉर-एक्शन फिल्म है, जिसका लेखन और निर्देशन हनु राघवपुड़ी ने किया है। फिल्म में दक्षिण भारतीय सिनेमा के स्टार प्रभास मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी स्वतंत्रता संग्राम और उस दौर के सैन्य संघर्षों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। हालांकि, विवाद गहराने के बावजूद फिल्म के मेकर्स और निर्देशक हनु राघवपुडी की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ये खबर भी पढ़ें दावा-टाइगर श्रॉफ नहीं, आमिर खान थे शूटरों का असली निशाना:मुंबई में 3 बार की थी बंगले की रेकी; आमिर बाहर नहीं निकले तो टारगेट बदला मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुए हमले की जांच कर रही पुलिस को बड़ा सुराग मिला है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि 20 सितंबर को हरियाणा से मुंबई आए शूटरों का असली निशाना आमिर खान थे। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 28 Oct 2026 3:30 pm

फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में कार्तिक आर्यन निभाएंगे लीड रोल:विवेक अग्निहोत्री करेंगे डायरेक्ट; पहलगाम आतंकी हमले के बाद की घटनाओं पर आधारित होगी कहानी

एक्टर कार्तिक आर्यन डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री की अपकमिंग फिल्म ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में लीड रोल निभाएंगे। वैरायटी इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में यह दावा किया है। फिल्म लेफ्टिनेंट जनरल के.जे.एस. ‘टाइनी’ ढिल्लों की किताब ‘ऑपरेशन सिंदूर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडियाज डीप स्ट्राइक्स इनसाइड पाकिस्तान’ पर आधारित होगी। विवेक अग्निहोत्री ने मार्च में सोशल मीडिया पर इस फिल्म का ऐलान किया था। उन्होंने बताया था कि फिल्म की कहानी पहलगाम आतंकी हमले के बाद की घटनाओं पर आधारित होगी। इसके लिए भारतीय सेना की अलग-अलग टीमों के साथ मिलकर रिसर्च की गई है। विवेक के मुताबिक, फिल्म में उस सैन्य अभियान की कहानी दिखाई जाएगी, जिसका असर पूरे इलाके की सुरक्षा पर पड़ा। फिल्म में असली घटनाओं को तथ्यों के साथ दिखाने की कोशिश की जाएगी। फिल्म को लेकर भूषण कुमार ने कहा था कि यह कहानी खुद सामने आई है और इसे जिम्मेदारी के साथ दिखाना जरूरी है। उन्होंने इसे देश की एक अहम घटना को दर्ज करने की कोशिश बताया। टी-सीरीज और आई एम बुद्धा प्रोडक्शंस करेंगे निर्माण फिल्म का निर्माण भूषण कुमार की टी-सीरीज और विवेक अग्निहोत्री के बैनर आई एम बुद्धा प्रोडक्शंस मिलकर करेंगे। यह पहली बार है, जब विवेक अग्निहोत्री और कार्तिक आर्यन किसी फिल्म में साथ काम करेंगे। विवेक इससे पहले ‘द ताशकंद फाइल्स’, ‘द कश्मीर फाइल्स’, ‘द वैक्सीन वॉर’ और ‘द बंगाल फाइल्स’ जैसी फिल्में निर्देशित कर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में हुआ था ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना की कार्रवाई थी। यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। ऑपरेशन सिंदूर का मकसद हमले के जिम्मेदार आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था। इन फिल्मों में भी नजर आएंगे कार्तिक कार्तिक इन दिनों शिमित अमीन की फिल्म ‘कैप्टन इंडिया’ की शूटिंग कर रहे हैं। यमन में हूती संघर्ष की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म की शूटिंग पूरी करने के बाद वह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर काम शुरू करेंगे। कार्तिक की अगली फिल्म ‘नागजिला’ 12 फरवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। करण जौहर और महावीर जैन के निर्माण में बन रही इस फिल्म का निर्देशन मृगदीप सिंह लांबा कर रहे हैं। इससे प्रीति मुखुंदन हिंदी फिल्मों में डेब्यू करेंगी। इसके अलावा, अनुराग बसु के निर्देशन में बन रही कार्तिक और श्रीलीला की अनटाइटल्ड म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा फिल्म 30 अप्रैल 2027 को रिलीज होगी। इस फिल्म के निर्माता भूषण कुमार हैं। कार्तिक, कबीर खान के साथ एक अनटाइटल्ड बायोग्राफिकल स्पोर्ट्स ड्रामा में भी काम कर रहे हैं। यह फिल्म कश्मीर की युवा खिलाड़ी तजामुल इस्लाम की जिंदगी से प्रेरित है, जो दो बार किकबॉक्सिंग में विश्व चैंपियन बन चुकी हैं। फिल्म का सह-निर्माण अप्लॉज एंटरटेनमेंट और कार्तिक आर्यन करेंगे। इसके अलावा, कार्तिक के पास अनीस बज्मी की ‘भूल भुलैया 4’ और करण जौहर की ‘कालिया’ भी हैं।

दैनिक भास्कर 28 Oct 2026 1:29 pm

‘मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म’:CID के निर्माता बीपी सिंह के निधन पर 'ACP प्रद्युम्न' हुए इमोशनल, बोले- उन्हें पद्मश्री मिलना चाहिए था

CID में ACP प्रद्युम्न का किरदार निभाने वाले एक्टर शिवाजी साटम ने शो के निर्माता बीपी सिंह के निधन पर दुख जताया। बीपी सिंह का मंगलवार को हार्ट अटैक के बाद निधन हो गया। शिवाजी साटम ने उन्हें अपना मेंटर, दोस्त और शिक्षक बताया। उन्होंने कहा कि बीपी सिंह के निधन के बाद उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म हो गया। CID में दया का किरदार निभाने वाले दयानंद शेट्टी और फिल्ममेकर अशोक पंडित ने भी बीपी सिंह को श्रद्धांजलि दी। शिवाजी साटम ने वैरायटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, आज मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म हो गया। वह महान इंसान और अच्छे दोस्त थे। मैंने उनसे सब कुछ सीखा। मैं थिएटर से आया था और स्टेज पर एक्टिंग करना जानता था। लेकिन बीपी सिंह ने मुझे कैमरे के सामने एक्टिंग करना सिखाया। साटम ने बताया कि CID की टीम ने एक ही टेक में 111 मिनट लंबा एपिसोड शूट कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने कहा कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद सिंह लगातार काम करते रहे। हार्ट सर्जरी के सिर्फ तीन महीने बाद वह जंगल में कैमरा लेकर चेज सीक्वेंस शूट कर रहे थे। साटम ने बताया कि दूसरी सर्जरी के छह-सात महीने बाद सिंह ने 111 मिनट का सिंगल-शॉट एपिसोड तैयार किया। उन्होंने कैमरामैन नितिन राव को पूरे शूट के दौरान मार्गदर्शन दिया था। बता दें कि इस उपलब्धि को ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ और ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज किया गया था। शिवाजी साटम ने भारतीय टेलीविजन में बीपी सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा, “उन जैसे इंसान को पद्मश्री मिलना चाहिए था, लेकिन उन्हें इसकी कभी परवाह नहीं रही। वह कहते थे, ‘छोड़ो, इससे क्या फर्क पड़ता है? हमारे दर्शक हमारे साथ हैं, है ना?’ आज भी दर्शक हमारे साथ हैं। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।” दयानंद शेट्टी ने भी दी श्रद्धांजलि दयानंद शेट्टी ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में बीपी सिंह को याद किया। शेट्टी ने कहा, “बीपी सिंह जी की जिंदगी में कंटेंट बनाने के अलावा कुछ और नहीं था। वह अपने काम के लिए समर्पित थे और उनमें बहुत जुनून था।” उन्होंने कहा, “वह हमारे सबसे अच्छे कैमरामैन में से एक थे। वह काफी समय से बीमार थे और मंगलवार सुबह नहीं उठे।” शेट्टी ने बताया कि सिंह का निधन उम्र से जुड़ी वजहों के कारण हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि सिंह लंबे समय से अस्वस्थ थे। देहरादून में हुआ था जन्म, 1998 में शुरू किया था 'सीआईडी' बीपी सिंह का जन्म 1949 में देहरादून में हुआ था। उन्होंने पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से पढ़ाई की। साल 1973 में उन्होंने दूरदर्शन में न्यूज कैमरामैन के तौर पर करियर शुरू किया। करीब 10 साल तक कैमरे के पीछे काम करने के बाद वह मुंबई आ गए। उन्होंने दूरदर्शन के लिए मर्डर मिस्ट्री फिल्म ‘सिर्फ चार दिन’ बनाई। इस दौरान पुलिस की क्राइम ब्रांच में उनकी दिलचस्पी बढ़ी। बाद में उन्होंने ‘एक शून्य शून्य’ और कई मराठी सीरियल भी बनाए। साल 1995 में उनका हॉरर शो ‘आहट’ प्रसारित होना शुरू हुआ। शुरुआत में यह सस्पेंस पर आधारित था, लेकिन बाद में इसमें भूत-प्रेत की कहानियां भी दिखाई जाने लगीं। साल 1998 में उन्होंने ‘सीआईडी’ की शुरुआत की। इस शो में बीपी सिंह ने केवल निर्माण और निर्देशन ही नहीं किया, बल्कि समय-समय पर डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले का किरदार भी निभाया। साल 2010 में उनके शो की ओर से 'सीआईडी गैलेंट्री अवॉर्ड्स' की शुरुआत भी की गई थी। उन्होंने ‘गुटुर गू’, ‘रात होने को है’, ‘सूर्या द सुपर कॉप’ और ‘सुपरकॉप्स वर्सेज सुपरविलेन्स’ जैसे शो भी बनाए। साथ ही, वेब सीरीज ‘अभय’ को भी प्रोड्यूस किया था। बैंक से लोन मिला, उसी पैसे से बनाया CID का पायलट एपिसोड शो CID बनाने वाले बीपी सिंह का सफर आसान नहीं था। एक समय ऐसा भी आया, जब उन्हें कई साल तक काम नहीं मिला। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। देवांग भट्ट को दिए इंटरव्यू में बीपी सिंह ने अपने संघर्ष, CID की शुरुआत और शो के कलाकारों से जुड़े कई दिलचस्प किस्से सुनाए थे। बीपी सिंह ने बताया था कि उनके करियर में सफलता और मुश्किलें, दोनों आईं। उनका एक मराठी सीरियल काफी हिट हुआ था, लेकिन 31 एपिसोड के बाद वह बंद हो गया। इसके बाद करीब चार-पांच साल तक उनके पास कोई काम नहीं था। जब बैंक से मिला 40 लाख रुपए का लोन बीपी सिंह ने इंटरव्यू में एक दिलचस्प किस्सा सुनाया था। उन्होंने बताया था कि एक दिन उनके घर पर सिटी बैंक का एक कर्मचारी आया। उसने कहा कि बैंक उन्हें लोन देना चाहता है। दरअसल, बीपी सिंह ने पहले कार लोन लिया था और उसकी सभी किस्तें समय पर चुकाई थीं। इसी वजह से बैंक ने उन्हें पर्सनल लोन देने का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में बीपी सिंह को भरोसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उस समय उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, लेकिन बैंक कर्मचारी ने उन्हें सोचने का समय दिया और दोबारा घर आया। आखिरकार, उन्हें करीब 40 लाख रुपए का लोन मिला। उन्होंने अपनी बचत के करीब पांच लाख रुपए भी इसमें जोड़ दिए। इस तरह लगभग 45 लाख रुपए जुटाकर उन्होंने CID का पायलट एपिसोड बनाया। बीपी सिंह ने इस मदद को अपने मुश्किल समय में मिली बड़ी राहत बताया था। एक डॉक्टर की बात से आया CID का आइडिया बीपी सिंह ने बताया कि CID का विचार उन्हें फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी एक बातचीत के दौरान आया था। उनकी मुलाकात एक फॉरेंसिक डॉक्टर फतनानी से हुई थी। डॉक्टर ने उन्हें बताया था कि मुर्दा कभी झूठ नहीं बोलेगा, जिनसे अपराध का पता लगाया जा सकता है। यह बात बीपी सिंह को बेहद दिलचस्प लगी। उन्होंने सोचा कि अगर इन वैज्ञानिक तरीकों को कहानियों के जरिए दिखाया जाए, तो दर्शकों को कुछ नया देखने को मिलेगा। इसके बाद उन्होंने फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी किताबें पढ़ीं। उन्होंने अपने लेखकों को भी इस बारे में जानकारी दी। इसी सोच ने CID की कहानियों को एक अलग पहचान दी। शिवाजी साटम और दया की कास्टिंग कैसी हुई थी बीपी सिंह ने बताया कि ACP प्रद्युम्न के किरदार के लिए शिवाजी साटम उनकी पहली पसंद थे। दोनों की दोस्ती काफी पुरानी थी। शिवाजी साटम बैंक में काम करते थे, तब से वे एक-दूसरे को जानते थे। इंस्पेक्टर दया की कास्टिंग का किस्सा भी दिलचस्प था। बीपी सिंह ने बताया कि एक दिन उनकी टीम के एक सदस्य ने दया के किरदार के लिए एक्टर दयानंद शेट्टी को बुलाने की सलाह दी। करीब दो घंटे बाद दयानंद शेट्टी ऑडिशन देने पहुंचे। बीपी सिंह ने उन्हें दो पन्नों का डायलॉग दिया। दयानंद शेट्टी ने उसे याद करके भाव के साथ सुनाया। बीपी सिंह को लगा कि उन्हें अपने किरदार के लिए सही कलाकार मिल गया है। बीपी सिंह के निधन के बाद लोगों ने उनके बारे में जानने के लिए गूगल पर सर्च किया, जिसके बाद वह ट्रेंड करने लगे

दैनिक भास्कर 28 Oct 2026 12:33 pm

13वें दिन नहीं थमी Jailer 2 की कमाई की आंधी, वर्किंग डे में गर्दा उड़ा रही है 'थलाइवा' की फिल्म

अभिनेता रजनीकांत स्टारर फिल्म जेलर 2 कमाई के मामले में पूरी दुनिया में धमाकेदार प्रदर्शन कर रही है।

जागरण 28 Oct 2026 11:14 am

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस; सभी आरोपियों पर लगा MCOCA:अब आसानी से नहीं मिलेगी जमानत, वसूली और दहशत फैलाने के लिए बनाया था निशाना

मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग मामले में सभी आरोपियों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) लगाया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई क्राइम ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस राज तिलक रौशन ने बताया कि सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बाद संगठित अपराध से जुड़े एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं। 18 अक्टूबर को टाइगर की कार पर हुई फायरिंग के एक दिन बाद, 19 अक्टूबर को मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) यानी हत्या के प्रयास और धारा 3(5) यानी साझा मंशा के साथ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अक्टूबर को सभी आरोपियों पर MCOCA की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) भी जोड़ दी गई हैं। अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार फायरिंग के बाद मौके से फरार हुए तीन आरोपियों फूल सिंह, रेहान अंसारी और ऋतिक महतो को 19 अक्टूबर को कोटा रेलवे स्टेशन पर जयपुर जा रही ट्रेन से गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कथित हथियार सप्लायर राधा वर्मा, बबीता राव, कुणाल और सुमित सरोलिया को गिरफ्तार किया। इसके बाद लॉजिस्टिक मदद और फंडिंग करने के आरोप में सरपंच खटक उर्फ अंकित, समीर खत्री और जतिन पंचाल को सोनीपत से गिरफ्तार किया गया। बाद में प्रांजल ठकराल को इंदौर से पकड़ा गया। इस तरह मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 11 हो गई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने फायरिंग की वजह बताई टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, मुंबई क्राइम ब्रांच ने फायरिंग के पीछे की वजह बताई। पुलिस के मुताबिक, यह फायरिंग पैसे वसूलने, गैंग का दबदबा बढ़ाने और लोगों में डर पैदा करने के लिए की गई थी। जांच में सामने आया है कि आरोपियों के लॉरेंस गैंग से संबंध हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग ने अपना असर बढ़ाने, लोगों को डराने और वसूली के जरिए पैसे कमाने के लिए टाइगर को निशाना बनाया। लॉरेंस गैंग का कथित ऑपरेटिव मुख्य आरोपी पुलिस के मुताबिक, अनिल पंडित इस मामले में मुख्य आरोपी है। उसने सोशल मीडिया के जरिए अभिनेता पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। उसे लॉरेंस गैंग का कथित ऑपरेटिव बताया जा रहा है। …………..यह खबर भी पढ़ें... टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस, बॉलीवुड की मुंबई छोड़ने की चेतावनी: FWICE प्रेसिडेंट बोले- सुरक्षा नहीं मिली तो उत्तर प्रदेश में शूटिंग करेंगे, डर में एक्टिंग नहीं होगी टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के बाद FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि सुरक्षा नहीं मिली, तो फिल्म इंडस्ट्री उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में शिफ्ट हो सकती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 28 Oct 2026 9:02 am

इरफान खान ने कहा था- यहां मत घूमो, मुंबई जाओ:नवाजुद्दीन ने सुनाया छेड़ने वाला किस्सा, फिर ‘पुष्पा’ ने बदली करुणा पांडे की जिंदगी

टीवी शो ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा का किरदार निभा रहीं अभिनेत्री करुणा पांडे का अभिनय सफर थिएटर से फिल्मों और टीवी तक पहुंचा है। करीब साढ़े चार साल से चल रहे शो में पुष्पा को 28 साल बाद अपने उस बेटे के जिंदा होने का पता चला है, जिसे वह मृत समझती थी। दैनिक भास्कर से बातचीत में करुणा ने शो की कहानी, इरफान खान की सलाह, नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ पुरानी यादों, मुंबई में शुरुआती संघर्ष और राजश्री प्रोडक्शन के साथ काम करने के अनुभव साझा किए। सवाल: ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा की जिंदगी में आए इस नए मोड़ को आप कैसे देखती हैं? जवाब: 28 साल बाद पुष्पा को पता चलता है कि जिस बेटे को वह भूकंप के दौरान अस्पताल के इनक्यूबेटर में मरा हुआ समझती थी, वह जिंदा है। दूसरी ओर, बेटा सोचता है कि उसकी मां ने कभी उसे जानने या अपनाने की कोशिश नहीं की। दोनों के बीच गलतफहमी है, जिसे दूर करना चुनौतीपूर्ण है। सवाल: शो की सफलता का श्रेय किसे देंगी? जवाब: इसका श्रेय किस्मत, प्रोड्यूसर जेडी मजेठिया, डायरेक्टर प्रदीप यादव, सोनी सब, राइटर्स, पूरी कास्ट और क्रू को जाता है। सभी ने मिलकर शो को यहां तक पहुंचाया है। सवाल: एक्टिंग की दुनिया में आने का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: मेरे पिता आर्मी में थे, इसलिए हर दो साल में उनकी पोस्टिंग बदलती थी। बचपन से डांस का शौक था। चेन्नई में भरतनाट्यम सीखा। ग्रेजुएशन के दौरान चंडीगढ़ में डांस सिखाती थी। मेरी बहन ने थिएटर में मास्टर्स करने की सलाह दी। मैंने चंडीगढ़ में एक्टिंग की पढ़ाई की। इसके बाद दिल्ली के श्रीराम सेंटर की रेपर्टरी में एक साल और एनएसडी की रेपर्टरी में एक साल काम किया। 2005 में मुंबई आ गई। मेरे माता-पिता और बहन ने हमेशा मेरा साथ दिया। पिता ने डांस की प्रैक्टिस के लिए मुझे अलग कमरा तक दिया था। सवाल: इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: अमित कुमार की शॉर्ट फिल्म ‘द बायपास’ में मेरा छोटा-सा रोल था। इसी फिल्म में इरफान खान और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ काम करने का मौका मिला। शूटिंग रेगिस्तान में हुई थी। हम रेत पर कपड़ा बिछाकर बैठते थे। उनके साथ मुझे सुरक्षित महसूस होता था। हालांकि, उस समय हमारी क्या बातचीत हुई थी, यह मुझे याद नहीं है। बाद में ‘मोटिचूर चकनाचूर’ के दौरान नवाज ने बताया कि ‘द बायपास’ के सेट पर इरफान मुझे छेड़ा करते थे। मैं तब बच्चों जैसी थी और मुझे याद नहीं कि वह क्या कहते थे। शायद पानी या किसी और चीज को लेकर कुछ कहते थे। मैं तब भी बच्चों जैसी थी और आज भी हूं। इतने साल बाद भी मुझे वैसा देखकर नवाज ने पूछा था कि मैं अब तक वैसी ही कैसे हूं। सवाल: इरफान खान ने आपको मुंबई आने की सलाह कब दी थी? जवाब: जब मैं एनएसडी रिपर्टरी में थी, तब इरफान भाई वहां आए थे। मैंने उन्हें अपना पोर्टफोलियो दिखाया। उन्होंने कहा, ‘यहां क्या घूम रही हो, इसको लेकर बंबई जाओ।’ उनकी बात मेरे मन में रह गई। 2005 में रिपर्टरी का काम पूरा होने के बाद मुंबई आने का फैसला कर लिया। मैं उनकी आभारी हूं। सवाल: ‘मोटिचूर चकनाचूर’ में काम कैसे मिला? जवाब: फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। आखिरी दौर में ऑडिशन के बाद मेरा और नवनी परिहार का चयन हुआ। बुंदेलखंडी लहजे की तैयारी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन मैं जल्दी एक्सेंट पकड़ लेती हूं। भोपाल में नवाज के साथ दोबारा काम करने का मौका मिला। सवाल: मुंबई आने के बाद पहली फिल्म कैसे मिली? जवाब: मुंबई पहुंचने के अगले ही दिन मैंने राम गोपाल वर्मा की प्रोडक्शन फिल्म ‘जेम्स’ के लिए ऑडिशन दिया। फिल्म का डायरेक्शन रोहित जुगरा‍ज ने किया था। कुछ ही दिनों में शूटिंग शुरू हो गई। मेरा रोल छोटा था, लेकिन मैंने बाइक के स्टंट खुद किए। उस समय मेरे पिता को कैंसर था, इसलिए काम मिलना मेरे लिए बहुत अहम था। सवाल: राजश्री प्रोडक्शन के साथ आपका सफर कैसा रहा? जवाब: टीवी पर मेरी शुरुआत ‘वो रहने वाली महलों की’ से हुई। इसके बाद ‘यहां मैं घर घर खेली’, ‘झिलमिल सितारों का आंगन होगा’ और ‘मेरे रंग में रंगने वाली’ जैसे शो किए। फिल्म ‘प्रेम रतन धन पायो’ में भी काम किया। ‘भागे रे मन’ में लीड रोल निभाया और ‘देवांशी’ में निगेटिव रोल किया। सवाल: जिंदगी और काम को लेकर आपका नजरिया क्या है? जवाब: मैं भौतिक चीजों के पीछे नहीं भागती। मुझे लगता है कि जिंदगी अस्थायी है। मुझे अपना काम बहुत पसंद है, लेकिन हर चीज हासिल करने की बेचैनी नहीं है। मैं आज भी अपने अंदर के बच्चे को जिंदा रखती हूं और जिंदगी को सहजता से जीने की कोशिश करती हूं।

दैनिक भास्कर 28 Oct 2026 4:35 am

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस, बॉलीवुड की मुंबई छोड़ने की चेतावनी:FWICE प्रेसिडेंट बोले- सुरक्षा नहीं मिली तो उत्तर प्रदेश में शूटिंग करेंगे, डर में एक्टिंग नहीं होगी

टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के बाद FWICE के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने सुरक्षा न मिलने पर बॉलीवुड को उत्तर प्रदेश शिफ्ट करने की चेतावनी दी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में FWICE प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने कहा कि इस बार टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी केवल डराने के लिए नहीं, बल्कि जान से मारने के इरादे से की गई थी। उन्होंने बताया कि यूनियन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पुलिस कमिश्नर और प्रोड्यूसर बॉडीज को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। तिवारी ने चेतावनी दी कि अगर मुंबई में भयमुक्त माहौल नहीं बना, तो फिल्म इंडस्ट्री उत्तर प्रदेश जैसे सुरक्षित राज्यों में शिफ्ट हो सकती है। डराने के लिए नहीं, जान लेने की नीयत से हुई फायरिंग बीएन तिवारी ने कहा कि इससे पहले सलमान खान या रोहित शेट्टी जैसे कलाकारों को धमकियां मिलती थीं या दीवारों पर गोलियां चलाई जाती थीं। लेकिन टाइगर श्रॉफ के मामले में हमलावरों ने सीधे जान लेने की नीयत से गोलियां चलाई हैं। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद गंभीर मुद्दा है और पूरी इंडस्ट्री इस समय खौफ के माहौल में काम कर रही है। तिवारी ने कहा कि पिछले 6 महीनों के भीतर इंडस्ट्री के कई लोगों को धमकियां मिली हैं और कई मामले तो सामने भी नहीं आ पाए हैं। 1-2 या 10 शूटरों को पकड़ने से समस्या खत्म नहीं होगी बीएन तिवारी ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की जड़ तक जाकर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि केवल 2, 5 या 10 शूटरों को गिरफ्तार कर लेने से अपराध खत्म नहीं होगा, जब तक कि इस पूरे सिंडिकेट और जड़ को समाप्त नहीं किया जाता। तिवारी के मुताबिक, बॉलीवुड को सॉफ्ट टारगेट समझा जाता है क्योंकि यहां करोड़ों रुपए का काम होता है। उन्होंने कहा कि जब तक कलाकारों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिलेगा, तब तक वे खुलकर अभिनय या डांस नहीं कर पाएंगे। मुंबई में डर का माहौल रहा तो यूपी शिफ्ट हो सकती है इंडस्ट्री बीएन तिवारी ने कहा कि महाराष्ट्र बॉलीवुड का बेस है और कोई भी नहीं चाहता कि इंडस्ट्री यहां से बाहर जाए। लेकिन अगर कलाकारों और क्रू मेंबर्स की जान ही जोखिम में रहेगी, तो लोग काम करने के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए कहा कि आज यूपी में भयमुक्त वातावरण है और अगर मुंबई में सुरक्षा नहीं मिली, तो फिल्म मेकर्स को यूपी में जाकर शूटिंग शुरू करनी पड़ेगी। जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी अंधाधुंध फायरिंग यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई उस घटना के बाद शुरू हुआ, जब बाइक सवार हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग कर दी थी। पुलिस स्टेशन के पास और भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस वारदात में टाइगर बाल-बाल बच गए थे, जबकि उनका ड्राइवर घायल हो गया था। अब समझिए FWICE क्या है? फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। ये खबर भी पढ़ें टाइगर पर हमले से पहले शूटर्स ने की प्रैक्टिस:आरे जंगल में 3-4 दिन निशाना लगाना सीखा, अब फिल्मों के सेट पर सुरक्षा के लिए सख्ती बरती जाएगी टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में तीनों संदिग्ध शूटर 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में हैं। क्राइम ब्रांच को जांच में पता चला है कि उन्होंने वारदात से पहले आरे के जंगल में शूटिंग प्रैक्टिस की थी। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 28 Oct 2026 4:30 am

एक्टर इमरान के देश छोड़ने पर 2 नवंबर तक रोक:बॉम्बे हाईकोर्ट ने रोक लगाई; SIR के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे

अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने के आदेश पर बॉम्बे हाईकोर्ट से 2 नवंबर दोपहर 3 बजे तक के लिए अंतरिम राहत मिल गई है। इमरान 10 अक्टूबर को SIR के विरोध में मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन में पहुंचे थे। एक्टर आमिर खान के भांजे इमरान अमेरिकी नागरिक और OCI कार्ड धारक हैं, इसलिए वह भारत में किसी भी विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं ले सकते। इस पर FRRO ने उन्हें नोटिस जारी करके 28 अक्टूबर तक देश छोड़कर जाने को कहा था। इमरान खान ने इस नोटिस को मनमाना बताते हुए इसके खिलाफ याचिका दायर की थी। इस पर चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की पीठ ने सुनवाई की। कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा कि अगली सुनवाई तक अभिनेता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। केंद्र ने मांगा समय, कोर्ट ने 2 नवंबर तक टाली सुनवाई लीगल पोर्टल बार एंड बेंच के मुताबिक, सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। इमरान के वकील वेंकटेश धोंड ने मामले की गंभीरता बताते हुए कहा कि नोटिस के अनुसार उनके मुवक्किल को मंगलवार तक देश छोड़ना था। इस पर ASG ने मौखिक आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद पीठ ने नोटिस के अमल को 2 नवंबर तक स्थगित रखते हुए अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी। CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए थे यह पूरा मामला 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। SIR के विरोध में प्रदर्शन चल रहा था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहने के कारण मुंबई पुलिस ने इमरान खान, उनकी पार्टनर लेखा वाशिंगटन और चचेरी बहन जैन मैरी खान को हिरासत में ले लिया था। 14 अक्टूबर को मिला देश छोड़ने का नोटिस हिरासत में लिए जाने के चार दिन बाद, 14 अक्टूबर को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने इमरान खान को लीव इंडिया नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का आदेश दिया गया था। इसके खिलाफ इमरान ने अपने वकीलों ज़ुलफिकार मेमन, परवेज़ मेमन और कुणाल वजानी के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में तर्क दिया गया है कि कोई भी आदेश जारी करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया और न ही कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस की प्रक्रिया का पालन किया गया। ऐसे में बिना किसी ठोस आधार के दिया गया यह आदेश पूरी तरह से असंगत और मनमाना है। किरीट सोमैया की शिकायत से शुरू हुआ पूरा विवाद इस पूरे मामले की शुरुआत बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत के बाद हुई थी। सोमैया ने मुंबई पुलिस और एफआरआरओ को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक होने के नाते इमरान खान का राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होना OCI नियमों और वीजा शर्तों का सीधा उल्लंघन है। नागरिकता कानून के मुताबिक, ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को भारत में रहने और आने-जाने की सुविधा मिलती है, लेकिन उन्हें भारत में कोई राजनीतिक अधिकार या आंदोलन में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होती। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण ही यह पूरी कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। इमरान की कमबैक फिल्म की रिलीज पर असर मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की कमबैक फिल्म ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ की रिलीज और प्रमोशन पर असर पड़ सकता है। फिल्म को दिसंबर में नेटफ्लिक्स पर रिलीज करने की योजना थी। इमरान दिवाली के बाद इसका प्रमोशन शुरू करने वाले थे, लेकिन मौजूदा हालात के कारण योजना पर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की टीम स्थिति साफ होने तक प्रमोशन शुरू नहीं करना चाहती। हालांकि, फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट अब तक सामने नहीं आई है। इमरान आखिरी बार 2015 में आई फिल्म ‘कट्टी बट्टी’ में नजर आए थे। करीब 11 साल बाद वह भूमि पेडनेकर के साथ फिल्म ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ से वापसी करने वाले हैं। ------------ये खबर भी पढ़ें... इमरान खान को छोड़ना होगा भारत:अक्षय कुमार, अदनान सामी की नागरिकता पर भी हुआ विवाद, आलिया-कटरीना इंडियन नहीं, जानिए क्या हैं नियम और विवाद एक्टर इमरान खान के खिलाफ भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद प्रोटेस्ट में शामिल होने पर शिकायत दर्ज हुई है। मुंबई पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश दिया है। ये इस तरह का इकलौता मामला नहीं है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 27 Oct 2026 4:20 pm

जया बच्चन-हेमा मालिनी की ट्रोलिंग पर भड़की ईशा देओल:बोलीं- इंडस्ट्री की स्तंभ हैं ये कलाकार, इनका सम्मान करना चाहिए

एक्ट्रेस ईशा देओल ने जया बच्चन और अपनी मां हेमा मालिनी के साथ पैपराजी के व्यवहार और सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के सीनियर कलाकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। ईशा ने कहा कि पैपराजी के व्यवहार के लिए सिर्फ तस्वीरें खींचने वाले लोगों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। इसके पीछे काम करने वाली एजेंसियों और उन्हें निर्देश देने वाले लोगों की भी जिम्मेदारी है। 'तस्वीरें खींचने वाले लड़के की व्यक्तिगत गलती नहीं' ईशा ने IANS के साथ बातचीत में कहा, एक बच्चा बड़ा होकर टीनएजर बनता है। अगर वह अच्छे से बर्ताव नहीं करता, तो आप किसे दोष देते हैं? माता-पिता को। कहते हैं कि उसकी परवरिश ठीक से नहीं हुई। उन्होंने आगे कहा कि पैपराजी कल्चर में भी कुछ बड़े लोग हैं, जो तस्वीरें खींचने वालों को कंट्रोल करते हैं और उन्हें निर्देश देते हैं। उनके मुताबिक, एजेंसियां ज्यादा लाइक्स और सोशल मीडिया पर ट्रैफिक पाने के लिए इस तरह के कंटेंट को बढ़ावा देती हैं। ईशा ने कहा कि इस समस्या की असली वजह को समझने और सुधारने की जरूरत है। 'इंडस्ट्री के स्तंभों का सम्मान करना चाहिए' ईशा ने कहा कि एक परिवार के तौर पर हम इन सब चीजों से गुजर चुके हैं। अगर आप मुझसे सच पूछें, तो मुझे यह बिल्कुल भी सम्मानजनक नहीं लगता। बिना किसी का नाम लिए कहूं, तो ये सभी लोग हमारी इंडस्ट्री के स्तंभ हैं। आपको उनका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने ही आपको सिनेमा दिया है। इसलिए उन्हें वह सम्मान दीजिए, जिसके वे हकदार हैं। ईशा ने यह भी कहा कि कुछ कलाकार पैपराजी के साथ हंसी-मजाक करना पसंद करते हैं, लेकिन हर किसी के साथ ऐसा व्यवहार करना सही नहीं है। उन्होंने लोगों से अपनी सीमाएं समझने और दूसरों की सहजता का सम्मान करने की अपील की। जया पैपराजी के व्यवहार पर नाराजगी जता चुकी हैं जया बच्चन सार्वजनिक जगहों पर पैपराजी के व्यवहार और अपनी प्राइवेसी को लेकर कई बार नाराजगी जता चुकी हैं। एक फैशन शो में उन्होंने पैपराजी को चुपचाप तस्वीरें लेने की हिदायत दी थी। बरखा दत्त को दिए इंटरव्यू में जब जया से सवाल पूछा गया था कि आपका मीडिया से कैसा रिश्ता है? तो इस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा था, “मेरा मीडिया के साथ रिश्ता बहुत अच्छा है। यह सच है कि मैं खुद मीडिया की ही देन हूं, लेकिन मेरा पैपराजी से कोई रिश्ता नहीं है, वह जीरो है। ये लोग कौन हैं? क्या ये इस देश के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं? आप इन्हें मीडिया कहते हैं?” जनवरी में हेमा मालिनी की ट्रोलिंग हुई थी वहीं, जनवरी 2026 में मथुरा में सांसद खेल प्रतियोगिता के दौरान हेमा मालिनी का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वे बिना मुस्कुराए छात्रों को मेडल बांटती नजर आईं। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके इस अंदाज को लेकर उन्हें ट्रोल किया था। इसके बाद मुंबई में BMC चुनाव के दौरान वोट डालने पहुंचीं हेमा ने पैपराजी के सामने मुस्कुराते हुए स्याही लगी उंगली दिखाई। उन्होंने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए कहा था, “मैं मुस्कुरा रही हूं, ठीक है? अब शिकायत मत करना कि मैं मुस्कुराती नहीं हूं।”

दैनिक भास्कर 27 Oct 2026 3:15 pm

CID शो बनाने वाले बीपी सिंह का हार्ट-अटैक से निधन:सुबह ली अंतिम सांस; आहट शो से हॉरर जॉनर को दी नई पहचान

टीवी शो 'सीआईडी' और 'आहट' के निर्माता-निर्देशक बृजेंद्र पाल सिंह (बीपी सिंह) का मंगलवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर यह जानकारी दी। अशोक पंडित ने बताया कि बीपी सिंह को सुबह बड़ा हार्ट अटैक आया था, जिसके बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार बुधवार, 28 अक्टूबर को किया जाएगा। दो दशकों तक चले अपराध आधारित शो 'सीआईडी' से बीपी सिंह को देशभर में पहचान मिली थी। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर दी जानकारी अशोक पंडित ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि बीपी सिंह एक बेहतरीन निर्माता-निर्देशक थे, जिन्होंने 'सीआईडी' और 'आहट' जैसे शोज के जरिए दर्शकों को बांधकर रखा। इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के अध्यक्ष पद पर रहने के दौरान अशोक पंडित उनके साथ करीबी रूप से काम कर चुके थे। अशोक पंडित ने बीपी सिंह के निधन पर दुख जताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि उनका काम आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। देहरादून में हुआ था जन्म, 1998 में शुरू किया था 'सीआईडी' देहरादून में जन्मे बृजेंद्र पाल सिंह ने भारतीय टेलीविजन को सबसे लंबे समय तक चलने वला क्राइम शो 'सीआईडी' बनाया था। यह शो साल 1998 में शुरू हुआ था और लगातार दो दशकों तक प्रसारित हुआ। इस शो में बीपी सिंह ने केवल निर्माण और निर्देशन ही नहीं किया, बल्कि समय-समय पर डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले का किरदार भी निभाया। साल 2010 में उनके शो की ओर से 'सीआईडी गैलेंट्री अवॉर्ड्स' की शुरुआत भी की गई थी। 'आहट' से हॉरर जॉनर को दी नई पहचान बीपी सिंह का योगदान केवल 'सीआईडी' तक सीमित नहीं था। उन्होंने साल 1995 में हॉरर शो 'आहट' की शुरुआत की थी, जो 2015 तक टीवी पर प्रसारित हुआ। भारतीय टेलीविजन पर हॉरर जॉनर को स्थापित करने में इस शो की बड़ी भूमिका रही। इसके अलावा उन्होंने 'खाकी', 'अभय' और 'सुपरकॉप्स वर्सेज सुपर विलेन्स' जैसे कई चर्चित शोज का निर्माण और निर्देशन किया था। 111 मिनट का सिंगल शॉट एपिसोड, गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम बीपी सिंह ने 'सीआईडी' के जरिए टेलीविजन इतिहास में एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज कराया था। अक्टूबर 2004 में उन्होंने शो का एक विशेष एपिसोड बिना किसी कट के लगातार 111 मिनट के सिंगल शॉट में शूट किया था। इस प्रयोग के लिए शो का नाम 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' और 'लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में दर्ज किया गया था। किसी टीवी शो में इतने लंबे समय तक बिना रुके शूटिंग करने का यह अपने आप में अनूठा रिकॉर्ड था।ये खबर भी पढ़ें नाना पाटेकर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई:हार्ट की नस में खून का थक्का जमने से आया था हार्ट अटैक नाना पाटेकर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उनका निधन हार्ट अटैक से हुआ था। गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) के एक सीनियर डॉक्टर ने रविवार को न्यूज एजेंसी PTI को यह जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 27 Oct 2026 2:26 pm

सिंगर नील यंग ने ट्रम्प की टीम पर किया केस:बिना अनुमति गाना बजाने पर मांगे ₹95 करोड़; 2020 में भी किया था मुकदमा

अमेरिकी-कनाडाई सिंगर नील यंग ने सोमवार को डोनाल्ड ट्रम्प की पॉलिटिकल एक्शन कमेटी ट्रम्प 47 कमेटी इंक. पर 10 मिलियन डॉलर यानी भारतीय रुपए में लगभग 95.10 करोड़ रुपए का मुकदमा किया है। अमेरिका के वर्जीनिया राज्य में दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि 12 अक्टूबर को ओहायो के यंग्सटाउन में कमेटी ने मिडटर्म चुनावी रैली में ट्रम्प के मंच पर आने के समय उनका गाना ‘रॉकिन इन द फ्री वर्ल्ड’ बजाया। यंग का कहना है कि इस गाने का इस्तेमाल करने के लिए लाइसेंस जरूरी था। उन्होंने कमेटी को ऐसा लाइसेंस नहीं दिया और न ही देने की इच्छा जताई। यह यंग की ट्रम्प के खिलाफ इसी गाने के बिना इजाजत इस्तेमाल को लेकर दूसरी कानूनी चुनौती है। यंग ने इससे पहले 2020 में ट्रम्प पर केस किया था, जिसे बाद में सेटलमेंट से सुलझा लिया गया था। नए मुकदमे में आरोप लगाया गया कि ट्रम्प ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए फिर से यह गाना बजाना शुरू कर दिया। गाने को लेकर नील यंग का पक्ष मुकदमे में कहा गया कि 1989 का यह गाना अमेरिकी राजनीतिक बयानों के खोखले वादों और गरीब, बेघर व भुला दिए गए लोगों की मुश्किल जिंदगी के बीच का फर्क दिखाता है। मुकदमे के मुताबिक, गाने के बोल सड़क पर दिखने वाली परेशानियों की तस्वीर पेश करते हैं। इनमें एक मां का अपने बच्चे को छोड़ना, निराशा में खोए नशे के आदी लोग और समृद्धि की छाया में जमा होता कचरा शामिल है। मुकदमे में कहा गया है कि बार-बार आने वाला कोरस ऐसी आजादी का जश्न मनाने की कड़वी विडंबना पेश करता है, जो साफ तौर पर सभी लोगों को नहीं मिली है। मुकदमे में कहा गया, “संक्षेप में, यह गाना डोनाल्ड ट्रम्प जिस चीज का प्रतिनिधित्व करते हैं, उसके बिल्कुल उलट है।” यहा कहा गया कि ट्रम्प जानते थे कि यंग ने ऐसा लाइसेंस नहीं दिया है और न ही वह इसे देने वाले हैं। यंग ने 1960 के दशक में करियर शुरू किया था यंग का जन्म 12 नवंबर, 1945 को टोरंटो में हुआ था। उन्होंने अपने करियर में लोक संगीत, रॉक और कंट्री म्यूजिक को एक अलग पहचान दी। उनके गानों में निजी जिंदगी के अनुभव और समाज से जुड़े मुद्दे नजर आते हैं। नील यंग ने 1960 के दशक में विन्निपेग से अपने संगीत करियर की शुरुआत की। शुरुआत में उन्होंने कई छोटे बैंड के साथ काम किया। बाद में वह 1966 में लॉस एंजिल्स पहुंचे। यहां उन्होंने स्टीफन स्टिल्स के साथ रॉक बैंड ‘बफेलो स्प्रिंगफील्ड’ बनाया। 1968 में बैंड से अलग होने के बाद नील यंग ने सोलो करियर शुरू किया। 1969 में उन्होंने ‘क्रेजी हॉर्स’ बैंड के साथ काम किया। इसी दौरान उनका एल्बम ‘एवरीबडी नोज दिस इज नोवेयर’ रिलीज हुआ। इसके बाद ‘आफ्टर द गोल्ड रश’ (1970) और ‘हार्वेस्ट’ (1972) जैसे एल्बम ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई। ‘हार्वेस्ट’ उनका सबसे सफल एल्बम माना जाता है। यंग ने ‘क्रॉस्बी, स्टिल्स, नैश एंड यंग’ सुपरग्रुप के साथ भी काम किया। इस ग्रुप का एल्बम ‘डेजा वू’ 1970 में रिलीज हुआ और काफी सफल रहा। उनका गीत ‘ओहायो’ 1970 में केंट स्टेट यूनिवर्सिटी में हुई गोलीबारी की घटना के बाद लिखा गया था। यंग ने संगीत के अलावा फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने ‘बर्नार्ड शेकी’ नाम से कई फिल्मों का निर्देशन किया। उन्हें कई ग्रैमी और जूनो अवॉर्ड मिले। 1995 में उन्हें सोलो कलाकार के तौर पर रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। 1997 में बफेलो स्प्रिंगफील्ड के सदस्य के रूप में भी उन्हें यह सम्मान मिला।

दैनिक भास्कर 27 Oct 2026 12:24 pm

शाहरुख की फिल्म ‘किंग’ का नया पोस्टर रिलीज:होंठों पर गुलाब, आंखों में गुस्सा दिखा, एक्टर ने लिखा- कातिल नहीं, आशिक हूं

शाहरुख खान ने अपकमिंग मूवी ‘किंग’ का नया पोस्टर मंगलवार को जारी किया है। पोस्टर में शाहरुख के होंठों के बीच गुलाब नजर आ रहा है। उनकी आंखों में गुस्सा और अंदाज में रोमांस दिख रहा है। पोस्टर से फिल्म में एक्शन और रोमांस का मेल होने के संकेत मिलते हैं। शाहरुख ने सोशल मीडिया पर पोस्टर शेयर करते हुए लिखा, “आज फिर याद आया... कातिल नहीं, आशिक हूं।” फिल्म 24 दिसंबर, 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ‘किंग’ का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। फिल्म को रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और मार्फ्लिक्स पिक्चर्स ने मिलकर बनाया है। फिल्म में शाहरुख एक नए एक्शन अवतार में नजर आएंगे। फिल्म में शाहरुख के अलावा दीपिका पादुकोण, रानी मुखर्जी, अभिषेक बच्चन, सुहाना खान, अनिल कपूर, अभय वर्मा और अरशद वारसी भी नजर आएंगे। किंग की कहानी एक मेंटर और शिष्य के सफर पर आधारित है, जो कठिन परिस्थितियों में अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते हैं। क्रिसमस 2026 में होगी बड़ी टक्कर किंग क्रिसमस 2026 के दौरान रिलीज होगी, जब जुमांजी, एवेंजर्स: डूम्सडे और ड्यून 3 जैसी हॉलीवुड फिल्में भी रिलीज होंगी। इस कॉम्पिटिशन को देखते हुए, फिल्म के लिए बड़े थिएटर रिलीज की प्लानिंग की जा रही है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट में सामने आया था कि फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पेन मरुधर ने किंग के ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स 250 करोड़ रुपए में खरीद लिए। बता दें कि पेन मरुधर का शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस के साथ पुराना संबंध रहा है। कंपनी पहले जवान, डंकी, जीरो, बदला और इत्तेफाक जैसी फिल्मों को रिलीज कर चुकी है। ए.ए. फिल्म्स, जियो स्टूडियोज, पीवीआर आईनॉक्स पिक्चर्स, यशराज फिल्म्स और धर्मा प्रोडक्शंस जैसी कंपनियों ने भी फिल्म के डोमेस्टिक राइट्स के लिए बोली लगाई थी।

दैनिक भास्कर 27 Oct 2026 10:29 am

दिवाली पर फ्री गिफ्ट मांगना पड़ा भारी, मदुरै के इन्फ्लुएंसर के घर पहुंच गए लाखों के COD पार्सल

दिवाली पर फॉलोअर्स से मिठाइयां और गिफ्ट मिलने की उम्मीद तमिलनाडु के मदुरै में रहने वाले इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वीरमणि के लिए बड़ी मुसीबत बन गई।

खास खबर 14 Oct 2026 11:49 am

बेटे को गेम खेलने से रोकती थीं, अब उसी से सीखी गेमिंग और बनीं स्टार स्ट्रीमर; 60 की उम्र में ‘आंटी जुआन’ का जलवा

आमतौर पर मां-बाप अपने बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल या वीडियो गेम खेलने से रोकते हैं, लेकिन चीन की 60 वर्षीय झोंग जुआनजुआन की कहानी कुछ अलग है। कभी वह अपने बेटे को गेम खेलने से रोकने के लिए इंटरनेट कैफे तक पहुंच जाती थीं, लेकिन आज वही गेमिंग उनकी पहचान बन चुकी है। इंटरनेट की दुनिया में वह ‘आंटी जुआन’ के नाम से मशहूर हैं और हजारों लोग उन्हें लाइव गेम खेलते हुए देखना पसंद करते हैं।

खास खबर 7 Oct 2026 12:16 pm

न दुकानदार, न CCTV और न ताला… मिजोरम के गांवों में भरोसे से चलती हैं ये अनोखी दुकानें

आज के समय में किसी दुकान की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, ताले और दुकानदार की मौजूदगी आम बात है।

खास खबर 3 Oct 2026 11:27 am

प्रसाद समझकर 3 तोले की सोने की चेन निगल गया बैल, 15 दिन बाद सर्जरी से निकली

महाराष्ट्र के मालेगांव तालुका के वनपत गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।

खास खबर 30 Sep 2026 12:19 pm

कभी घर-घर पहुंचाता था पिज्जा, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत से बदली इस भारतीय की जिंदगी

कहते हैं कि अगर इंसान में मेहनत करने और आगे बढ़ने का जुनून हो, तो मुश्किल हालात भी उसके रास्ते को ज्यादा लंबे समय तक नहीं रोक सकते।

खास खबर 23 Sep 2026 4:14 pm

मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग

तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं

खास खबर 15 Sep 2026 1:28 pm

सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती

आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।

खास खबर 9 Sep 2026 3:16 pm

ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी

खास खबर 3 Sep 2026 11:41 am

'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।

खास खबर 22 Aug 2026 12:28 pm

नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी

नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।

खास खबर 12 Aug 2026 2:30 pm

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm