मुंबई में हुए लोलापालूजा इंडिया 2026 म्यूजिक फेस्टिवल में एक्ट्रेस दिशा पाटनी और पंजाबी सिंगर तलविंदर एक साथ नजर आए। दोनों की मौजूदगी ने एक बार फिर उनके रिश्ते को लेकर चर्चा तेज कर दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिशा और तलविंदर इवेंट में एक-दूसरे का हाथ पकड़े दिखे। इवेंट में तलविंदर ने काली टी-शर्ट और डेनिम जींस पहनी थी। इसके साथ उन्होंने अपना खास फुल-फेस मेकअप किया हुआ था, जो उनके स्टेज लुक का हिस्सा है। वहीं दिशा पाटनी ने व्हाइट कॉर्सेट टॉप के साथ बैगी डेनिम जींस पहनी थी। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब दोनों साथ दिखे हों। इससे पहले उदयपुर में नूपुर और स्टेबिन बेन की शादी के दौरान भी दोनों को साथ देखा गया था। कौन हैं सिंगर तलविंदर? तलविंदर का पूरा नाम तलविंदर सिंह सिद्धू है। वह एक इंडिपेंडेंट पंजाबी सिंगर हैं। तलविंदर अपनी पहचान छुपाकर रखने के लिए जाने जाते हैं। वह अक्सर चेहरे पर पेंट या कवर लगाते हैं। उनके गानों में पंजाबी आर एंड बी और पॉप का नया अंदाज देखने को मिलता है। तलविंदर के मशहूर गानों में गल्लां 4, मिसफिट, फंक सॉन्ग, धुंधला, हसीन, ख्याल, विशेस और पल पल शामिल हैं। तलविंदर ने दुआ लीपा और जी-ईजी जैसे अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के लिए ओपनिंग परफॉर्मेंस भी दी है।
सनी देओल की फिल्म बॉर्डर 2 ने ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन में फिल्म धुरंधर को भी पीछे छोड़ दिया है। फिल्म ने पहले वीकेंड में कुल 129.89 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया है। बता दें कि धुरंधर ने अपने ओपनिंग वीकेंड में करीब 103 करोड़ रुपए कमाए थे। 23 जनवरी को रिलीज हुई फिल्म बॉर्डर 2 ने पहले दिन यानी शुक्रवार को 32.10 करोड़ रुपए की कमाई की। दूसरे दिन कलेक्शन बढ़कर 40.59 करोड़ रुपए हो गया। वहीं रविवार को फिल्म ने 57.20 करोड़ रुपए कमाए। बता दें कि फिल्म बॉर्डर 2, 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म बॉर्डर का सीक्वल है। फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है। इस फिल्म को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है। गैलेक्सी थिएटर में सनी-अहान अचानक पहुंचे वहीं, रविवार को ही सनी देओल और अहान शेट्टी ने मुंबई के मशहूर गेयटी गैलेक्सी थिएटर में अचानक पहुंचकर फैंस को सरप्राइज दे दिया। दोनों अपनी फिल्म बॉर्डर 2 की स्क्रीनिंग के दौरान थिएटर पहुंचे। जैसे ही सनी और अहान बाहर आए, वहां मौजूद फैंस की भीड़ बहुत उत्साहित हो गई। इस दौरान थिएटर के अंदर भी जबरदस्त माहौल देखने को मिला। जो वीडियो सामने आए, उनमें देखा जा सकता है कि हॉल खचाखच भरा हुआ था और दर्शक तालियों और सीटियों से स्टार्स का वेलकम कर रहे थे। सनी देओल की एंट्री पर खासतौर से लोग खड़े होकर तालियां बजाने लगे।
दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र को रविवार को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित करने की घोषणा की गई। यह सम्मान फिल्म इंडस्ट्री में उनके लंबे और अहम योगदान के लिए दिया जाएगा। बता दें कि धर्मेंद्र का निधन पिछले साल 24 नवंबर को 89 साल की उम्र में हुआ था। इस घोषणा के बाद उनकी पत्नी और एक्ट्रेस हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने धर्मेंद्र की तस्वीर के साथ लिखा कि उन्हें गर्व है कि सरकार ने धरम जी के फिल्म इंडस्ट्री में दिए गए योगदान को पहचान दी है और उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया है। पूरा परिवार बहुत खुश-उत्साहित है: हेमा मालिनी वहीं, इंडिया टुडे से बात करते हुए हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र को यह सम्मान मिलने पर कहा कि पूरा परिवार बहुत खुश और उत्साहित है। उन्होंने कहा, “हम जरूर चाहते थे कि यह सम्मान उन्हें पहले मिला जाता, जब वह हमारे साथ इसे लेने के लिए मौजूद होते, लेकिन फिर भी हम खुश हैं। वह इस सम्मान के पूरी तरह हकदार थे। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को बहुत कुछ दिया है।” हेमा मालिनी ने आगे कहा कि आज हर कोई चाहे उनके फैंस हों या फिल्म इंडस्ट्री के लोग धर्मेंद्र के बारे में अच्छी बातें कर रहा है। यह देखकर उनका दिल गर्व से भर जाता है। उन्होंने बताया कि सभी चाहते थे कि उन्हें यह सम्मान मिले। धर्मेंद्र ने कभी अवॉर्ड की परवाह नहीं की। जिंदा रहते हुए उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड के अलावा कोई फिल्मफेयर अवॉर्ड भी नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यह वह सामान्य तौर पर बता रही हैं, लेकिन अलग-अलग जगहों से लोगों का जो प्यार और सम्मान उन्हें मिला, वह दिल को छू लेने वाला है। हेमा मालिनी ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि सच्चे कलाकार थे। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को बहुत कुछ दिया, अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और कई युवाओं के लिए प्रेरणा बने। आर. माधवन को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा वहीं, एक्टर आर. माधवन को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। सम्मान को लेकर माधवन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है और वह इसे पूरे सम्मान और विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। अपने मैसेज में माधवन ने यह भी लिखा कि वह यह सम्मान अपने पूरे परिवार की तरफ से स्वीकार कर रहे हैं, जिनका साथ और भरोसा हमेशा उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहचान उन्हें उनके गुरु के आशीर्वाद, चाहने वालों की शुभकामनाओं और भगवान की कृपा से मिली है। माधवन ने आगे लिखा कि वह इस सम्मान को सिर्फ एक अवॉर्ड नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी मानते हैं। उन्होंने कहा कि वह इस सम्मान को ईमानदारी, सच्चाई और इसके मूल्यों के साथ निभाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें मिले प्यार और मैसेजों से वह बहुत इंप्रेस हैं और सभी को जवाब देने के लिए थोड़ा समय चाहते हैं।
सनी देओल को सपोर्ट करती दिखीं ईशा-अहाना:‘बॉर्डर 2’ की स्पेशल स्क्रीनिंग में तीनों भाई-बहन साथ नजर आए
सनी देओल की फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रविवार शाम मुंबई में आयोजित की गई। इस मौके पर सनी देओल के साथ उनकी बहनें ईशा देओल और अहाना देओल भी नजर आईं। पिता धर्मेंद्र के निधन के बाद यह पहली बार था जब तीनों एक साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए। वहीं रविवार को ही सनी देओल और अहान शेट्टी ने मुंबई के मशहूर गेयटी गैलेक्सी थिएटर में अचानक पहुंचकर फैंस को सरप्राइज दे दिया। दोनों अपनी फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की स्क्रीनिंग के दौरान थिएटर पहुंचे थे। जैसे ही सनी और अहान बाहर आए, वहां मौजूद फैंस की भीड़ बहुत उत्साहित हो गई। इस दौरान थिएटर के अंदर भी जबरदस्त माहौल देखने को मिला। जो वीडियो सामने आए, उनमें देखा जा सकता है कि हॉल खचाखच भरा हुआ था और दर्शक तालियों और सीटियों से स्टार्स का स्वागत कर रहे थे। सनी देओल की एंट्री पर खासतौर से लोग खड़े होकर तालियां बजाते नजर आए। फिल्म की बात करें तो ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के बाद शानदार कमाई की है। 23 जनवरी 2026 को रिलीज हुई इस फिल्म ने महज तीन दिनों में 121 करोड़ रुपए से ज्यादा का बिजनेस कर लिया है। बता दें कि फिल्म ‘बॉर्डर 2’ 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है। फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है। इस फिल्म को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है।
करण जौहर जब रानी मुखर्जी-आदित्य चोपड़ा की सीक्रेट शादी में शामिल होने जा रहे थे, तब ऋषि कपूर ने उन्हें झूठ बोलते हुए पकड़ लिया था। दरअसल, रानी मुखर्जी और आदित्य चोपड़ा ने अपनी शादी के बारे में बहुत कम लोगों को बताया था। कपल की शादी में सिर्फ 18 लोग मौजूद थे, जिनमें से एक करण जौहर भी थे। रानी और आदित्य की शादी इटली में हुई थी और करण जौहर चुपचाप वहां शादी में शामिल होने गए थे। हाल ही में रानी मुखर्जी के साथ बातचीत में करण ने बताया कि आदित्य ने उनसे कहा था कि शादी की बात किसी को भी नहीं बतानी है। करण ने यह भी बताया कि शादी में जाने से पहले आदित्य ने उन्हें चेतावनी दी थी कि अगर शादी की खबर लीक हुई, तो सारा दोष उन्हीं पर आएगा। डायरेक्टर पर यह बात छुपाने का बहुत प्रेशर था। किसी को रानी और आदित्य की शादी के बारे में पता न चले, इसलिए उन्होंने लोगों से कहा था कि वह मैनचेस्टर जा रहे हैं, लेकिन एयरपोर्ट लाउंज में अचानक उनकी मुलाकात रणधीर कपूर, ऋषि कपूर और राजीव कपूर से हो गई। जब ऋषि कपूर ने करण से पूछा कि वह कहां जा रहे हैं, तो डायरेक्टर ने कहा था कि वो मैनचेस्टर जा रहे हैं। इसके बाद ऋषि ने करण से कई सवाल पूछे, जैसे– मैनचेस्टर तो प्लेन से जाते हो? कब जा रहे हो? कौन-से टर्मिनल से जाते हो? तभी अनाउंसमेंट हुई कि फ्लाइट इटली जा रही है और वहीं करण का झूठ पकड़ा गया। ऋषि ने करण से कहा, “तुम इटली तो नहीं जा रहे थे?” यह सुनकर करण बहुत ज्यादा घबरा गए थे।
एक्ट्रेस मौनी रॉय के साथ करनाल में हुई बदसलूकी का एक फोटो सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि मौनी जब स्टेज पर डांस परफॉर्मेंस दे रही हैं, तब बिल्कुल आगे खड़ा उम्रदराज व्यक्ति हाथों में गुलाब लिए खड़ा हैं। 24 जनवरी को मौनी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में भी खुद पर गुलाब फेंकने की बात लिखी थी। एक वीडियो में दिख रहा है कि परफॉर्मेंस के बीच ही अचानक मौनी के चेहरे के भाव बदल गए। वो असहज महसूस करती हैं। फिर मिडिल फिंगर दिखाते हुए एग्जिट की तरफ बढ़ती हैं। हालांकि इस दौरान वो एक तरफ फ्लाइंग किस भी करती हैं। मौनी ने स्टोरी में जिस इवेंट का जिक्र किया था, वो 23 जनवरी को करनाल के नूर महल होटल में था। यहां राइस एक्सपोर्टर के बेटे की शादी थी। इसमें BJP के स्थानीय विधायक जगमोहन आनंद भी पहुंचे थे। मौनी रॉय से पहले मलाइका अरोड़ा ने गुड़ नाल इश्क मीठा…समेत की गानों पर परफॉर्म किया था। सबसे पहले जानिए ये क्या कार्यक्रम था, जिसमें बदसलूकी हुई नूर महल में राइस एक्सपोर्टर के बेटे की शादी का फंक्शनकरनाल के सेक्टर 32-33 में स्थित होटल नूर महल में 23 जनवरी को राइस एक्सपोर्टर भूषण गोयल के बेटे अक्षत गोयल की शादी थी। समारोह को भव्य बनाने के लिए बॉलीवुड एक्ट्रेस को डांस परफॉर्मेंस देने के लिए बुलाया गया था। मुंबई से डांसरों का एक दल भी पहुंचा था। विधायक जगमोहन आनंद समेत कई हस्तियां नए जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचीं। पहले मलाइका अरोड़ा ने पंजाबी गानों पर परफॉर्म कियामुन्नी बदनाम हुई, अनारकली डिस्को चली, चल छैंया-छैंया समेत बॉलीवुड को कई हिट डांस नंबर दे चुकीं एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा ने दिलकश अंदाज में प्रस्तुति दी। गुड़ नाल इश्क मीठा पर जब उन्होंने परफॉर्म किया, तब कई मेहमान स्टेज के पास तक पहुंच गए। इस दौरान कई मेहमान मोबाइल से वीडियो बनाते और ओए-होए करते नजर आए। समारोह में शामिल कुछ मेहमानों ने दैनिक भास्कर एप की टीम को बताया कि कुछ लोग सीमा लांघते दिखे। मौनी रॉय ने इंस्टाग्राम स्टोरी लगाकर घटना के बारे में बताया... अब जानिए सामने आए फोटो और वीडियो क्या कहानी कह रहे उम्रदराज मेहमान एक्ट्रेस को गुलाब दिखा रहाइस कार्यक्रम में शामिल एक मेहमान ने दैनिक भास्कर ऐप की टीम को एक फोटो दी, जिसमें एक्ट्रेस मौनी रॉय स्टेज पर डांस करती दिख रही हैं। स्टेज के बिल्कुल पास खड़े एक सूटेड-बुटेड उम्रदराज मेहमान हाथ में गुलाब का फूल लेकर मौनी रॉय को दिखा रहे हैं। वहीं, एक वीडियो में दिख रहा है कि परफॉर्मेंस के दौरान एक्ट्रेस मिडिल फिंगर दिखाकर अपनी नाराजगी जता रही हैं। इसके बाद डांस ट्रूप अचानक रुक जाता है। आरोप- मना करने के बावजूद फूल फेंके गएमौनी ने बताया कि विरोध के बावजूद उन लोगों ने गुलाब के फूल उनकी ओर फेंकने शुरू कर दिए। इस दौरान वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और आयोजक इस बदतमीजी को रोकने में नाकाम नजर आए। मंच पर मौजूद एक कलाकार के लिए यह स्थिति बेहद असहज और अपमानजनक थी। लो एंगल वीडियो से डिजिटल हरासमेंट का आरोपमौनी रॉय ने लिखा कि स्टेज ऊंचाई पर होने का फायदा उठाकर नीचे खड़े कुछ लोग जानबूझकर लो एंगल से उनके वीडियो बना रहे थे। उनके मुताबिक यह सिर्फ बदतमीजी नहीं, बल्कि डिजिटल हरासमेंट का भी मामला है। संस्कृति पर गर्व, लेकिन व्यवहार पर नाराजगीअपनी पोस्ट में मौनी रॉय ने साफ शब्दों में लिखा कि उन्हें अपने देश और संस्कृति से प्यार है, लेकिन मर्द होने के घमंड में किया गया ऐसा व्यवहार किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इस सोच को बदलने की जरूरत बताई। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा इवेंट में मौनी रॉय के साथ बदसलूकी:एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा- लोगों ने अश्लील टिप्पणी की और गालियां दीं एक्ट्रेस मौनी रॉय ने हरियाणा के करनाल में हुए एक इवेंट के दौरान दर्शकों द्वारा की गई बदसलूकी को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया कि इवेंट के दौरान कुछ लोगों का व्यवहार बेहद शर्मनाक और असहज करने वाला था। पढ़ें पूरी खबर...
पूर्व एक्ट्रेस और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर ममता कुलकर्णी (यामाई ममता नंद गिरि) शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में कूद पड़ी हैं। उन्होंने दो सवाल पूछे। पहला- उन्हें शंकराचार्य किसने नियुक्त किया। दूसरा- करोड़ों की भीड़ में रथ (पालकी) लेकर निकलने की क्या जरूरत थी? ममता कुलकर्णी ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरांनद की वजह से ही उनके शिष्यों को पिटाई झेलनी पड़ी। अगर स्नान करना ही था तो पालकी से उतरकर पैदल जाकर स्नान किया जा सकता था। गुरु होने का अर्थ जिम्मेदारी से भरा आचरण होता है न कि ऐसी जिद, जिसकी कीमत शिष्यों को चुकानी पड़े। सपा मुखिया अखिलेश यादव पर सवाल उठाते हुए ममता कुलकर्णी ने पूछा- क्या वे गोहत्या रोकने का वचन दे सकते हैं। जिस गोहत्या को रोकने की बात की जा रही है, क्या उस पर अखिलेश यादव कोई ठोस आश्वासन देंगे? ममता ने ऋग्वेद में ऋषि कुणाल और श्वेतकेतु के संवाद का हवाला दिया और कहा कि धर्म को राजनीति से दूर रखना चाहिए। पीएम मोदी और प्रियंका की तारीफ की दरअसल, IANS न्यूज एजेंसी से बातचीत में ममता कुलकर्णी ने पीएम मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा- पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा फिलहाल कोई विकल्प नजर नहीं आता और मोदी ही आगे भी रहेंगे। हालात देखिए, पीएम मोदी हैं तो फिर कहीं कुछ गलत नहीं हो रहा है। अगर किसी को गलत लग रहा है तो बताइए। हम सब कुछ शांतिपूर्वक कर रहे हैं। किसी को कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा- ये लोग यानी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरांनद जी, समाजवादी पार्टी की ओर झुक रहे हैं क्योंकि उनका एक ही मुद्दा है। गायों की हत्या नहीं होनी चाहिए। तो क्या अखिलेश यादव के साथ जाने से ये सवाल हल हो जाएंगे। अविमुक्तेश्वरानंद में काफी अहंकार ममता कुलकर्णी ने कहा- राजा हो या रंक, सभी को कानून का पालन करना होता है और किसी को अहंकार नहीं करना चाहिए। केवल चार वेद कंठस्थ कर लेने से कोई शंकराचार्य नहीं बन जाता है। उनमें (अविमुक्तेश्वरानंद) काफी अहंकार है और आत्मज्ञान शून्य है। तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वरों पर भी बड़ा हमला बोला। कहा- दस में से नौ महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं और उन्हें शून्य ज्ञान है। उन्होंने दावा किया कि उनके गुरुवर नाथ संप्रदाय से थे और एक तपस्वी संत थे। महाकाली की शक्ति से ममता बनर्जी की जीत हुई ममता ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को राहुल गांधी से ज्यादा काबिल बताया। ममता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर कहा- पिछले साल बीजेपी ने बंगाल में पूरी ताकत झोंकी थी, लेकिन महाकाली की शक्ति से ममता बनर्जी की जीत हुई। ममता कुलकर्णी ने यह भी साफ किया कि वह इस जन्म में बॉलीवुड में वापस नहीं जाएंगी और उन्हें महामंडलेश्वर पद से भी मुक्त होना है। अंत में उन्होंने ममता बनर्जी को सलाह दी कि वे किसी भी मुद्दे पर एक्सट्रीम रुख न अपनाएं। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं... अखिलेश ने शंकराचार्य से की थी बात सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से बात की थी। उन्होंने शिष्यों के साथ मारपीट पर दुख जताया था। अखिलेश ने कहा था- भाजपा अधर्म के रास्ते पर है। शंकराचार्य और साधु-संतों को गंगा स्नान से रोका जाना सबसे बड़ा अधर्म है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का पूरा सम्मान होना चाहिए। उनके पक्ष में पूरे देश के साधु-संत और सनातन धर्म के लोग खड़े हैं। आरोप लगाया कि सरकार अधिकारियों पर दबाव डाल कर शंकराचार्य को नोटिस भिजवा रही है। अखिलेश ने कहा कि सरकार अगर किसी साधु-संत और शंकराचार्य का अपमान करेगी तो समाजवादी पार्टी उसके विरोध में खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शंकराचार्य से प्रमाणपत्र मांग रही है, अगर कोई मुख्यमंत्री से योगी होने का प्रमाण-पत्र मांग ले तो क्या वे देंगे। उनके पास योगी होने का क्या प्रमाण है। महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में रही थीं ममता 23 जनवरी, 2025 को ममता अचानक प्रयागराज महाकुंभ पहुंचीं। दोपहर में वे किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से मिलीं। दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। फिर दोनों अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र पुरी से मिलीं और ममता को महामंडलेश्वर बना दिया गया। उनका नाम यामाई ममता नंद गिरि रखा गया। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, योग गुरु बाबा रामदेव समेत कई संतों ने इसका विरोध किया था। रामदेव ने कहा था- कोई एक दिन में संतत्व को प्राप्त नहीं कर सकता। इसके बाद 10 फरवरी को ममता ने किन्नर अखाड़े का महामंडलेश्वर पद छोड़ दिया। हालांकि 2 दिन बाद यानी 12 फरवरी को उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया था। विवादों में रहीं ममता, मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट करायाशाहरुख खान, सलमान खान, अजय देवगन, अनिल कपूर जैसे बड़े स्टार्स से साथ स्क्रीन शेयर करने वाली ममता उस वक्त विवादों में आईं जब उन्होंने साल 1993 में स्टारडस्ट मैगजीन के लिए टॉपलेस फोटोशूट कराया था। वहीं, डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने ममता को फिल्म 'चाइना गेट' में बतौर लीड एक्ट्रेस लिया था। शुरुआती अनबन के बाद संतोषी, ममता को फिल्म से बाहर निकालना चाहते थे। खबरों के मुताबिक, अंडरवर्ल्ड से प्रेशर बढ़ने के बाद उन्हें फिल्म में रखा गया। हालांकि, फिल्म फ्लॉप साबित हुई और बाद में ममता ने संतोषी पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप भी लगाया। ड्रग माफिया से रचाई शादी, साध्वी बनींममता पर आरोप लगा कि उन्होंने दुबई के रहने वाले अंडरवर्ल्ड ड्रग माफिया विक्की गोस्वामी से शादी की थी। हालांकि ममता ने अपनी शादी की खबरों को हमेशा ही अफवाह बताया। ममता का कहना था कि मैंने कभी किसी से शादी नहीं की। यह सही है कि मैं विक्की से प्यार करती हूं, लेकिन उसे भी पता होगा कि अब मेरा पहला प्यार ईश्वर हैं। ममता ने 2013 में अपनी किताब 'ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगिनी' रिलीज की थी। इस दौरान फिल्मी दुनिया को अलविदा कहने की वजह बताते हुए कहा था, 'कुछ लोग दुनिया के कामों के लिए पैदा होते हैं, जबकि कुछ ईश्वर के लिए पैदा होते हैं। मैं भी ईश्वर के लिए पैदा हुई हूं।' तमिल फिल्म से शुरू किया करियरममता कुलकर्णी का जन्म 20 अप्रैल, 1972 को मुंबई में हुआ था। ममता ने 1991 में अपने करियर की शुरुआत तमिल फिल्म 'ननबरगल' से की। साल 1991 में ही उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘मेरा दिल तेरे लिए’ रिलीज हुई। वेबसाइट आईएमडीबी के मुताबिक, एक्ट्रेस ने अपने करियर में कुल 34 फिल्में कीं। ममता को साल 1993 में फिल्म ‘आशिक आवारा’ के लिए बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस का फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला था। इसके बाद वह 'वक्त हमारा है', 'क्रांतिवीर', 'करण अर्जुन', 'बाजी' जैसी फिल्मों में नजर आईं। उनकी लास्ट फिल्म 'कभी तुम कभी हम' साल 2002 में रिलीज हुई थी। ------------------ यह खबर भी पढ़िए:- अविमुक्तेश्वरानंद बोले- कितने भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा:कुछ लोगों ने शिविर में घुसने की कोशिश की थी, 'योगी जिंदाबाद' के नारे लगाए प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 7 दिनों से विवाद जारी है। शिविर में युवकों के हंगामे पर अविमुक्तेश्वरानंद ने पहली बार बयान दिया है। उन्होंने कहा- हमारे ऊपर आक्रमण इसलिए किया गया है, क्योंकि हम गो-रक्षा की बात कर रहे हैं। हम इनकी (भाजपा) आंख की किरकिरी बन गए हैं, कितना भी परेशान करें, मैं पीछे नहीं हटूंगा। जितना हमारे ऊपर जुल्म होगा, उतनी ही मजबूती से कदम उठाऊंगा। पढ़ें पूरी खबर...
फिल्म बॉर्डर 2 ने पहले दिन शानदार ओपनिंग के बाद दूसरे दिन भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की। दूसरे दिन फिल्म ने ₹40.59 करोड़ की कमाई की, जिससे दो दिनों में कुल कलेक्शन ₹72.69 करोड़ तक पहुंच गया है। बता दें कि फिल्म ने पहले दिन 32.10 करोड़ रुपए का नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया था। यह फिल्म साल 2026 की अब तक की सबसे बड़ी ओपनिंग देने वाली फिल्म बन चुकी है। वहीं, शनिवार को फिल्म के प्रमोशन के तहत एक्टर वरुण धवन मुंबई के एक थिएटर में नजर आए। थिएटर में वरुण को देखकर फैंस काफी खुश हो गए और उनके साथ बात की और सेल्फी भी खिंचवाई। बता दें कि फिल्म में वरुण धवन मेजर होशियार सिंह दहिया की भूमिका निभा रहे हैं। मुंबई में फिल्म बॉर्डर 2 की स्पेशल स्क्रीनिंग फिल्म बॉर्डर 2 की शुक्रवार रात मुंबई में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई थी। इस मौके पर फिल्म की पूरी टीम और कई बॉलीवुड सितारे मौजूद रहे थे। फिल्म की स्क्रीनिंग में सनी देओल और वरुण धवन पहुंचे। वहीं, अहान अपने माता-पिता सुनील शेट्टी और माना शेट्टी के साथ भी नजर आए। अहान को सपोर्ट करने उनकी बहन अथिया शेट्टी और जीजा, क्रिकेटर केएल राहुल भी पहुंचे। स्क्रीनिंग में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान अपनी रूमर्ड गर्लफ्रेंड और ब्राजीलियाई मॉडल लारिसा बोनेसी के साथ पहुंचे। स्क्रीनिंग में सोनम बाजवा, अन्या सिंह, मेधा राणा, क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल और आर्यन खान भी शामिल हुए। देखें फिल्म की स्क्रीनिंग की तस्वीरें
उड़िया संगीतकार और गायक अभिजीत मजूमदार का रविवार को कार्डिएक अरेस्ट आने के बाद निधन हो गया। वो भुवनेश्वर के AIIMS अस्पताल में एडमिट थे। उन्होंने तीन दशक से ज्यादा समय तक संगीत की दुनिया में काम किया और 700 से ज्यादा गानों को कंपोज किया था। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मजूमदार को रविवार सुबह 7:43 बजे कार्डिएक अरेस्ट आया, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत सीपीआर देना शुरू किया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उन्हें सुबह 9:02 बजे मृत घोषित कर दिया गया। 54 साल के मजूमदार को पिछले साल 4 सितंबर को हाई ब्लड प्रेशर, थायरॉयड की बीमारी और लिवर की समस्या के कारण AIIMS भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था। लंबे समय तक आईसीयू में इलाज चलने के बाद उन्हें 10 नवंबर को सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया गया था। अस्पताल के प्रशासन के मुताबिक, 23 जनवरी को उन्हें अचानक तेज बुखार आया, जो बाद में इन्फेक्शन में बदल गया। इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और उन्हें सेप्टिक शॉक हो गया। परिवार के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर कटक ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया। अभिजीत मजूमदार का म्यूजिक करियर अभिजीत मजूमदार ने अपने करियर की शुरुआत साल 1991 में संबलपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री से की थी। उनका पहला एल्बम दक्षिगला काफी फेमस हुआ और इससे उन्हें पहचान मिली। साल 2000 के आसपास उन्होंने उड़िया फिल्म इंडस्ट्री यानी ऑलीवुड में कदम रखा। लव स्टोरी, सिस्टर श्रीदेवी, गोलमाल लव, मिस्टर मजनू, श्रीमान सूरदास और सुंदरगढ़ रा सलमान खान जैसी फिल्मों में उनका संगीत खूब पसंद किया गया। टीवी पर भी वे काफी लोकप्रिय रहे और मेलोडी नाइट्स जैसे शो होस्ट किए। संगीत में आने से पहले वे कॉलेज में लेक्चरर थे, लेकिन 1996 से वो पूरी तरह म्यूजिक करियर पर फोकस किया।
फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी बेटी कृष्णा भट्ट के खिलाफ मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। पुणे के फिल्म फाइनेंसर शिवराज पृथ्वीराज खावड़े ने आरोप लगाया है कि दोनों ने उनसे 13.5 करोड़ रुपए की ठगी की है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत में कहा गया कि विक्रम भट्ट ने साल 2021 में खावड़े को अपने आने वाले फिल्म प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए राजी किया और जल्दी रिटर्न का वादा किया। उन्होंने कुल 13.50 करोड़ रुपए ले लिए, लेकिन तय समय गुजरने के बाद भी न तो पैसा वापस किया गया और न ही कोई मुनाफा दिया गया। इस मामले में वर्सोवा पुलिस स्टेशन में विक्रम भट्ट और कृष्णा भट्ट के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत FIR दर्ज की गई है। चूंकि मामला 2021 का है, इसलिए यह केस IPC के तहत दर्ज किया गया है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी जांच मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंपी गई है। गौरतलब है कि हाल ही में 7 दिसंबर 2025 को विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को राजस्थान पुलिस ने 30 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी के एक अलग मामले में गिरफ्तार किया था। उस केस में भी उन पर एक बिजनेस डील से जुड़ी वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगे थे। मामले में राजस्थान पुलिस विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी को मुंबई से गिरफ्तार कर उदयपुर ले गई थी। इसके बाद दोनों को उदयपुर की एक अदालत में पेश किया गया। अदालत ने 16 दिसंबर 2025 को उनकी पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जनवरी 2026 में राजस्थान हाई कोर्ट ने विक्रम भट्ट की जमानत याचिका और प्राथमिकी (FIR) रद्द करने की याचिका खारिज कर दी। फिलहाल विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट (सोनी) उदयपुर की सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
महादेव एंड संस एक भावनात्मक पारिवारिक ड्रामा है, जो रिश्तों, संघर्ष और संस्कारों की कहानी कहता है। यह शो एक ऐसे व्यक्ति की यात्रा दिखाता है, जो अनाथ होने से लेकर परिवार के मुखिया बनने तक का सफर तय करता है। महादेव और विद्या का अटूट प्रेम, त्याग और समझ इस कहानी की आत्मा है। 25 साल के संघर्षों के बाद अब कहानी अगली पीढ़ी की ओर बढ़ती है, जहां नए रिश्ते, नई बहुएं और नए तूफान परिवार की परीक्षा लेने वाले हैं। यह शो दर्शकों को भावनाओं से जोड़ने का वादा करता है। आपके और विद्या के किरदार को ऑन-स्क्रीन 25 साल होने जा रहे हैं। इस सफर को आप कैसे देखते हैं और इस बार शो में क्या कुछ नया होने वाला है? शक्ति आनंद- जो रोल मैं महादेव एंड संस में कर रहा हूं, ऐसा किरदार मैंने पहले कभी परफॉर्म नहीं किया था। जब सौरभ सर ने मुझे नरेशन के लिए बुलाया, तो उन्होंने बताया कि यह यूपी बेस्ड शो है, जिसमें हरदोई को दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि महादेव एक अनाथ नौकर होता है, जो नाली में पड़ा रहता था और गलियों में पला-बढ़ा। यह सुनकर मैं सोचने लगा कि यह रोल मुझे क्यों ऑफर किया गया, क्योंकि इससे पहले मैं ज्यादातर सीरियल्स में टायकून के रोल करता आया हूं। फिर लुक टेस्ट में कई बदलाव किए गए दाढ़ी बढ़ाई गई, रंग थोड़ा डाउन किया गया। मैं इस बात के लिए बेहद ग्रेटफुल हूं कि मुझ पर इस किरदार के लिए भरोसा किया गया और मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं कि इसे बखूबी निभा सकूं। महादेव और विद्या के 25 साल लंबे सफर में आए उतार–चढ़ाव, भानु के साथ रिश्तों में आए बदलाव और आने वाले एपिसोड्स में बेटों व बहुओं की एंट्री से कहानी में क्या नए मोड़ और चुनौतियाँ देखने को मिलेंगी? स्नेहा वाघ- महादेव और विद्या के जीवन के ये 25 साल मुश्किलों से भरे रहे हैं। उनके रास्ते में बहुत से कंकड़-पत्थर आए। विद्या को एक अनाथ नौकर से प्यार हो जाता है और उसे लगता है कि उसका परिवार इस रिश्ते को स्वीकार कर लेगा, लेकिन सब कुछ इसके उलट हो जाता है। विद्या की बहन भानु, जिससे वह बेहद प्यार करती है, उसी से उसका रिश्ता तोड़ लेती है। प्यार अचानक नफरत में बदल जाता है। इसके बावजूद महादेव और विद्या का प्यार कभी कम नहीं होता। दोनों बिना कुछ कहे एक-दूसरे की बात समझ जाते हैं। आने वाले एपिसोड्स में उनके बेटों की ज़िंदगी भी दिखाई जाएगी जब घर में बहुएं आएंगी, तो कैसे नए तूफान खड़े होंगे। क्या आपको लगता है कि यह शो टीआरपी की रेस में दूसरे टीवी शोज को मात दे सकता है? शक्ति आनंद- मैं यही उम्मीद करता हूँ कि शो की टीआरपी अच्छी आए। ऐसा नहीं चाहता कि किसी और शो की टीआरपी हमारी वजह से गिरे। सभी शो अच्छा करें। बस जो हम काम कर रहे हैं, वह दर्शकों तक पहुँचे और उन्हें पसंद आए, क्योंकि दर्शक ही हमारे परिवार का हिस्सा होते हैं। मानसी सालवी- मैं टीआरपी के बारे में ज्यादा नहीं सोचती। मेरी बस यही चाहत है कि मेरी परफॉर्मेंस से दर्शकों को खुशी मिले और मेरे शो को फायदा हो। दीपक खाती, आप शो में महादेव के बेटे आशीष का रोल निभा रहे हैं। आपके किरदार में दर्शकों को क्या खास देखने को मिलेगा? दीपक खाती- महादेव एंड संस जैसा कि नाम से ही पता चलता है, पुरुषों की भावनाओं को दर्शाता है और बाप-बेटे के रिश्ते पर फोकस करता है। मेरा किरदार एक आदर्श बेटा है, जो नौकरी करता है और अपने पिता की हर बात मानता है।लेकिन उसकी अपनी कोई दुनिया नहीं है। वह सिर्फ अपने पिता के लिए जीता है, जिसकी वजह से उसकी पर्सनल और लव लाइफ प्रभावित होती है। वह बस अपने पिता का काबिल और होनहार बेटा कहलाना चाहता है। महादेव और विद्या के 25 साल के कठिन सफर में उनके प्यार और रिश्तों की मजबूती के बारे में आप क्या कहेंगी, खासकर भानु के धोखे और परिवार की प्रतिक्रिया के संदर्भ में? स्नेहा वाघ- देखिए, महादेव और विद्या के जीवन में 25 सालों का सफर आसान नहीं रहा। रास्ता चाहे जितना भी कठिन हो, उनका रिश्ता मजबूती से आगे बढ़ता रहा। विद्या को एक अनाथ नौकर से प्यार हुआ और उसे लगा कि परिवार इसे स्वीकार करेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।भानु, जिसे सबसे ज्यादा प्यार मिला था, वही नफरत करने लगी और धोखा दे बैठी। महादेव और विद्या का प्यार बेहद डिवोटेड है उन्हें बातें कहने की जरूरत नहीं पड़ती, वे एक-दूसरे के लिए सब कर देते हैं। संस्कार दोनों की जिंदगी की नींव हैं। मानसी, भानु महादेव एंड संस परिवार का अहम हिस्सा है, लेकिन शो में वह काफी परेशान और दुखी नजर आती है। ऐसा क्यों? मानसी सालवी- भानु अपने आप में एक यूनिक किरदार है। वह अपनी बहन विद्या से बहुत प्यार करती थी। लेकिन विद्या का एक नौकर से शादी कर लेना भानु के लिए स्वीकार करना बहुत मुश्किल हो जाता है। उसे लगता है कि विद्या ने उसे छोड़कर अपने प्यार को चुना है, जिससे वह बेहद नाराज और दुखी है। अपने परिवार के टूटने का जिम्मेदार वह विद्या को मानती है।
अभिनेता और मेरठ से लोकसभा सांसद अरुण गोविल ने 16 दिसंबर 2024 को लोकसभा की विंटर सेशन में शून्यकाल के दौरान फिल्म उद्योग के कामगारों के हक में अपनी आवाज उठाई। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों, तकनीशियनों और छोटे कलाकारों की स्थिति सुधारने और उनके लिए बेहतर कामकाजी परिस्थितियों की मांग की थी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान अरुण गोविल ने बताया कि मैं हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। संसद में फिल्म इंडस्ट्री की चिंताओं को उठाने के बाद, सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मुद्दे पर ध्यान दिया। श्रम मंत्री ने भी इस पर उचित ध्यान दिया, और मैं तब से इस मामले पर लगातार फॉलो-अप कर रहा हूं। अरुण गोविल ने आगे बताया- मेरे मन में विचार आया कि मुझे अपनी इंडस्ट्री के लिए कुछ करना चाहिए। इसके बाद मैंने फिल्म फेडरेशन के अध्यक्ष बीएन तिवारी से बात की और पूछा कि हमारे सामने कौन-कौन से मुद्दे हैं और क्या अब तक इस पर कोई प्रेजेंटेशन दी गई है। उन्होंने मुझे बताया कि पहले कुछ प्रेजेंटेशन दी जा चुकी हैं। फिर मैंने उनके साथ बैठकर चर्चा की, जरूरी मुद्दे निकाले और एक दिन उन सभी मुद्दों को संसद के सामने रखा। इससे फिल्म इंडस्ट्री में बदलाव आएगा। मेरा मानना है कि बदलाव हमेशा अच्छे के लिए किया जाता है। इससे सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। इसके अलावा काम के घंटे, पेमेंट और काम से जुड़ी दूसरी जरूरी चीजों में भी सुधार होगा। कुल मिलाकर इन सभी मामलों में सकारात्मक बदलाव आएगा। बता दें कि फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्ल्यूआईसीई) काफी समय से फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों, तकनीशियनों और छोटे कलाकारों की स्थिति सुधारने का मुद्दा उठती रही है। जिसमें काम के घंटे, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समय पर भुगतान से संबंधित मामले शामिल हैं।
फैशन डिजाइनर, स्टाइलिस्ट सीमा सजदेह और सोहेल खान का भले ही कुछ साल पहले तलाक हो चुका हो, लेकिन आज भी सीमा खान परिवार का अहम हिस्सा हैं। करीब दो दशकों तक शादीशुदा रहने के बाद आपसी मतभेदों के चलते दोनों अलग हुए, लेकिन इस पूरे दौर में खान परिवार ने सीमा का पूरा साथ दिया। हाल ही में सीमा सजदेह उषा काकड़े प्रोडक्शंस के पॉडकास्ट का हिस्सा बनीं। यहां पर उन्होंने अपने मुश्किल समय को याद किया। साथ ही उन्होंने बताया कि न सिर्फ सलमान खान बल्कि पूरा खान परिवार उनके साथ मजबूती से खड़ा रहा। जब पॉडकास्ट की होस्ट ने सीमा से पूछा कि क्या तलाक के दौरान सलमान ने उन्हें सपोर्ट किया था? इसके जवाब में सीमा ने कहा- “सलमान ने मुझसे कहा था, तुम लोग साथ रहो या अलग हो जाओ, लेकिन तुम हमेशा इन बच्चों की मां रहोगी। यह बात मेरे दिल में बस गई।” सीमा आगे बताती हैं कि परिवार का सपोर्ट सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं था। उन्होंने कहा- “जब सोहेल और मेरे बीच झगड़े होते थे, तब भी कई बार परिवार मेरे पक्ष में खड़ा रहता था। आज भी वे बच्चों की जिम्मेदारी में मेरी मदद करते हैं। योहान अब टीनएजर है और अगर कभी मुझे उसे लेकर मदद चाहिए होती है, तो मैं बिना झिझक सोहेल की बहन या भाई के पास जा सकती हूं।” तलाक के बाद सोहेल के साथ अपने रिश्ते पर बात करते हुए सीमा ने माना कि शुरुआती समय भावनात्मक रूप से बेहद कठिन था। सीमा कहती हैं- “एक वक्त ऐसा था जब हम दोनों एक-दूसरे से नाराज थे। लेकिन मैंने अपनी जिंदगी के 25 साल उसके साथ बिताए हैं। हमारे बच्चे हैं। वह हमेशा पिता रहेगा और मैं मां। यही रिश्ता हमें जिंदगी भर जोड़ता है।” खान परिवार में अपनी जगह को लेकर सीमा ने बेहद भावुक अंदाज में कहा- “जब मैंने इस परिवार में शादी की थी, तो सच में लगा था जैसे मैं हम साथ-साथ हैं के सेट पर आ गई हूं। ये लोग हमेशा साथ रहते हैं। मुझे कभी बाहरी महसूस नहीं कराया गया। हाल ही में मेरी मुलाकात सोहेल की मां से हुई, जिन्हें मैं आज भी सास ही कहती हूं। उन्होंने मुझसे कहा कि घर आया करो, तुम्हारा इंतजार रहता है।” सीमा ने तलाक के बाद सोशल मीडिया ट्रोलिंग और पब्लिक जजमेंट पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा- “बॉलीवुड में टिके रहने के लिए बहुत ढीठ और मोटी चमड़ी होना चाहिए। मुझे सबसे ज्यादा तकलीफ तब हुई जब लोगों ने मुझे गोल्ड डिगर कहा। कहा गया कि मैं पैसे लेकर चली गई। यह बहुत दर्दनाक था।” बता दें कि सीमा सजदेह ने साल 1998 में महज 22 साल की उम्र में सोहेल खान से शादी की थी। पहले दोनों की आर्य समाज रीति से शादी हुई, फिर निकाह हुआ। करीब 25 साल की शादी के बाद दोनों 2022 में अलग हो गए। साल 2024 में 'फैबुलस लाइव्स वर्सेस बॉलीवुड वाइव्स' में सीमा ने बताया था कि तलाक के बाद वह आगे बढ़ चुकी हैं और बिजनेसमैन विक्रम आहूजा को डेट कर रही हैं।
शाहरुख खान की मच अवेटेड फिल्म ‘किंग’ की रिलीज डेट सामने आ गई है। मल्टी स्टारर यह फिल्म 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। मेकर्स ने रिलीज डेट के साथ फिल्म का दमदार टीजर भी जारी कर दिया है। शाहरुख खान ने टीजर को अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा- किंग 24.12.2026 को सिनेमाघरों में दहाड़ने के लिए तैयार है। 45 सेकंड के टीजर में शाहरुख खान का जबरदस्त फर्स्ट लुक देखने को मिला है। टीजर की शुरुआत बर्फीली चट्टान पर खड़े शाहरुख की चीख के साथ होती है, जिसके बाद उनका एंट्री सीन शीशे की छत तोड़ते हुए दिखाया गया है। खून से लथपथ शाहरुख का डायलॉग “डर नहीं, दहशत हूं” टीजर को और भी प्रभावशाली बना देता है। टीजर में ‘किंग’ की दुनिया की झलक दिखाई गई है, जहां शाहरुख खान नए, बोल्ड और पावरफुल अवतार में नजर आ रहे हैं। शानदार लोकेशन्स और स्ट्रॉन्ग विजुअल्स फिल्म को लेकर दर्शकों की एक्साइटमेंट को कई गुना बढ़ा रहे हैं। गौरतलब है कि 2 नवंबर को शाहरुख खान के जन्मदिन पर रिलीज हुआ टाइटल रिवील वीडियो पहले ही सोशल मीडिया पर तहलका मचा चुका था। अब रिलीज डेट सामने आने के बाद फिल्म को लेकर क्रेज और भी बढ़ गया है। रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और मार्फ्लिक्स पिक्चर्स के बैनर तले बन रही ‘किंग’ में शाहरुख खान के साथ सुहाना खान, रानी मुखर्जी, दीपिका पादुकोण और अभिषेक बच्चन भी नजर आएंगे, जहां अभिषेक फिल्म में विलेन की भूमिका निभाते दिखेंगे।
एक्ट्रेस मौनी रॉय ने हरियाणा के करनाल में हुए एक इवेंट के दौरान दर्शकों द्वारा की गई बदसलूकी को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बताया कि इवेंट के दौरान कुछ लोगों का व्यवहार बेहद शर्मनाक और असहज करने वाला था। मौनी लिखती हैं- “पिछले दिनों करनाल में एक इवेंट था और मेहमानों के व्यवहार से मुझे बेहद निराशा हुई, खासकर उन दो अंकल लोगों के व्यवहार से जो दादा की उम्र के थे। इवेंट शुरू होते ही जब मैं स्टेज की ओर चलने लगी तो अंकल और परिवार के सभी पुरुषों सदस्यों ने फोटो क्लिक कराने के लिए मेरी कमर पर हाथ रख दिया। जो मुझे पसंद नहीं आया और जब मैंने कहा कि सर, प्लीज अपना हाथ हटा लें। स्टेज पर तो और भी दिलचस्प कहानी है। दो अंकल ठीक सामने खड़े होकर अश्लील टिप्पणियां, मुझे अश्लील इशारे दिखा रहे थे, गालियां दे रहे थे। मैंने यह फील किया और पहले तो विनम्रता से उन्हें इशारा किया कि ऐसा मत करो, जिस पर उन्होंने मुझ पर गुलाब फेंकना शुरू कर दिया। मैं परफॉर्मेंस के बीच में ही स्टेज की एग्जिट के तरफ चली गई लेकिन तुरंत वापस आकर अपनी परफॉर्मेंस पूरी की।” एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि इतनी हरकतों के बावजूद न तो परिवार वालों ने और न ही आयोजकों ने उन लोगों को वहां से हटाया। मौनी ने इस घटना को अपमानजनक और मानसिक रूप से परेशान करने वाला बताया। उन्होंने लिखा कि अगर उनके साथ ऐसा हो सकता है, तो इंडस्ट्री में नई लड़कियों के लिए हालात कितने मुश्किल होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने प्रशासन से इस तरह के व्यवहार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। एक अन्य पोस्ट में मौनी ने बताया कि स्टेज ऊंचाई पर था और कुछ लोग नीचे से गलत एंगल में वीडियो बना रहे थे। रोकने पर उन्होंने गालियां दीं। एक्ट्रेस ने कहा कि कलाकार खुशी के मौकों पर मेहमान बनकर जाते हैं, लेकिन इस तरह का व्यवहार असहनीय है। वर्क फ्रंट की बात करें तो मौनी रॉय पिछले साल संजय दत्त और सनी सिंह के साथ ‘द भूतनी’ में नजर आई थीं। इसके बाद वह ओटीटी पर रिलीज हुई जासूसी थ्रिलर सलाकार में भी नजर आई थीं।
बैटल ऑफ गलवान के मेकर्स ने टीजर के बाद अब फिल्म का पहला गाना मातृभूमि रिलीज कर दिया है। यह गाना फिल्म के म्यूजिकल सफर की पहली झलक देता है, जिसमें देशभक्ति और इमोशन दोनों साफ महसूस होते हैं। सादा लेकिन असरदार यह गाना फिल्म की कहानी का मूड सेट करता है और रिलीज से पहले दर्शकों की एक्साइटमेंट को और बढ़ा देता है। इस गाने में सलमान खान एक भारतीय सेना अधिकारी के रूप में नजर आ रहे हैं, जबकि उनके साथ चित्रांगदा सिंह दिखाई देती हैं और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री काफी नेचुरल और जुड़ाव भरी लगती है। दोनों को दो छोटे बच्चों के साथ एक परिवार के रूप में दिखाया गया है, जहां घर के सुकून भरे पल और गलवान की जंग के कड़े दृश्य साथ-साथ चलते हैं। मातृभूमि गाते हुए परिवार के ये सीन ड्यूटी और संघर्ष के पलों से जुड़ते हैं, जो प्यार, बलिदान और देश सेवा के भाव को और भी गहराई से सामने लाते हैं। मातृभूमि गाना बैटल ऑफ गलवान का इमोशनल और देशभक्ति से भरा एहसास है। इस गाने को हिमेश रेशमिया ने कंपोज किया है, जो एक बार फिर दिल को छू लेने वाली और असरदार धुन के साथ अपनी खास पहचान छोड़ते हैं। हिमेश ने बताया कि बैटल ऑफ गलवान के लिए मातृभूमि बनाना उनके लिए काफी इमोशनल रहा। उन्होंने कहा कि गाने की फील सेना की बीट्स और उनकी एनर्जी से आई है। अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल के साथ काम करना खास था, और सलमान खान के साथ फिर से जुड़ना, साथ ही सलमान खान फिल्म्स म्यूजिक लेबल से गाने का रिलीज होना, इस पूरे सफर को और भी स्पेशल बना देता है। मातृभूमि के बोल समीर अनजान ने लिखे हैं, जबकि इसे अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है, जो इंडियन म्यूज़िक की सबसे पसंदीदा आवाजों में से हैं। बैटल ऑफ गलवान को सलमा खान ने सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है, जबकि फिल्म के निर्देशक अपूर्व लाखिया हैं। इसका म्यूजिक सलमान खान फिल्म्स म्यूजिक लेबल से रिलीज हुआ है और सोनी म्यूजिक इंडिया इसकी ऑफिशियल म्यूजिक डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर है। फिल्म बहादुरी, बलिदान और जज्बे की कहानी दिखाने का वादा करती है, जिसमें चित्रांगदा सिंह भी अहम भूमिका में नजर आएंगी।
कालीचरण, कर्ज, हीरो, कर्मा और राम लखन जैसी कई सुपरहिट फिल्में देने वाले डायरेक्टर सुभाष घई आज अपना 83वां जन्मदिन मना रहे हैं। सुभाष घई के जन्मदिन के खास मौके पर उन्होंने दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत की। जन्मदिन के खास मौके पर उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने कहा कि 83 साल की उम्र में अब वे अपनी सेहत, आध्यात्मिकता, आचरण, परिवार, समाज और देशहित के लिए जितना संभव हो सके, उतना काम करेंगे। सवाल: बचपन में आपका जन्मदिन कैसे मनाया जाता था और उससे जुड़ी कोई खास यादें हैं?जवाब: बचपन में चार दोस्त आ गए, बत्ती जल गई और केक कट गया, इसी में खुश हो जाता था। एक जमाने में फैमिली साथ जन्मदिन मनाता था, लेकिन संघर्ष में बर्थडे क्या मनाना! फिर उसके बाद डायरेक्टर-प्रोड्यूसर बना, तब बर्थडे को मार्केटिंग से जोड़ दिया गया। बर्थडे में जो खुश होते हैं, वे आपके मां-बाप और परिवार वाले ही होते हैं। मित्र और काम से जुड़े सहयोगी लोग आपकी खुशियों को बांटते हैं। अब बर्थडे पर सोचता हूं कि मानसिकता में, व्यावसायिकता में, चरित्र में और कंट्रीब्यूशन ऑफ सोसाइटी में पहले से तरक्की की या नहीं! यह सवाल अपने हर बर्थडे पर खुद से पूछता हूं। बाकी तो सब लाइफ के सीन और चैप्टर हैं। सवाल: 24 जनवरी की तारीख आपके जीवन में क्या खास है?जवाब: देखिए, 24 जनवरी को मेरा जन्मदिन है और यह इसलिए खास है क्योंकि मेरा नाम सुभाष मेरे नानाजी ने रखा था। मैं नागपुर में पैदा हुआ था। वहां मेरे नानाजी वकील थे और वे सुभाष चंद्र बोस के बहुत बड़े फैन थे। नानाजी 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस का जन्मदिन मनाने गए थे। जब 24 जनवरी को मेरा जन्म हुआ, तो उन्होंने उसी प्रेरणा से मेरा नाम सुभाष रख दिया। मैं पांच साल का था, तब अपनी मां से पूछा कि सुभाष का मतलब क्या होता है? मां ने सुभाष का मतलब बताया कि अच्छी भाषा बोलने वाला। उसके बाद मैं अपनी भाषा के बारे में बहुत सतर्क हो गया। अगर नाम सुभाष है, तब कटु भाषा नहीं निकलनी चाहिए। जीवन में यही मार्मिक चीजें हैं, जो हर जन्मदिन पर याद आती हैं। मेरे जीवन में दो ही दिन रेड लेटर डेज हैं- एक 24 जनवरी को बर्थडे और दूसरा 24 अक्टूबर मैरिज डे है। 24 अक्टूबर, 1970 में पत्नी मुक्ता से शादी की थी। यह मेरे जीवन के बारे में पूरा विजन बताता है कि कहां तक पहुंचा हूं और कहां तक जाऊंगा। व्हिसलिंग वुड की स्थापना हो या मुक्ता आर्ट्स से फिल्मों का मुहूर्त, 24 तारीख को करता हूं। ये दो दिन कमिटमेंट के दिन हैं, जहां एक माइलस्टोन को आगे ले जाना है। जब आप डेडलाइन बना लेते हैं, तब खुद काम करना शुरू करते हैं। यह स्वयं से एक बहुत बड़ी कमिटमेंट है। सवाल: शूटिंग के दौरान जन्मदिन मनाने का आपका कोई किस्सा?जवाब: शूटिंग के दौरान कभी बर्थडे आ जाता था, तब कास्ट-क्रू मेंबर के साथ सेट पर ही मनाता था। जैसे- फिल्म रामलखन की शूटिंग के दौरान बर्थडे आया था, तब अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ, माधुरी दीक्षित, राखी जी आदि ने सेट पर ही मेरा जन्मदिन मनाया था। मैं कभी शूटिंग छोड़कर बर्थडे मनाने का प्लान नहीं बनाता। यह तो सेल्फ ऑफ कमिटमेंट मूड वाला डे होता है। बाकी जन्मदिन पर अपने भारतीय भाइयों से यह कहना चाहता हूं कि जो केक काटते हैं और इंग्लिश में गाना गाते हैं, यह ट्रेडिशनल 200 साल से चल रहा है। आप अपने रीति-रिवाज से जन्मदिन मनाइए। मैं देखता हूं कि कई बार हमारे जो आध्यात्मिक लोग हैं, वे भी हैप्पी बर्थडे टू यू गा करके जन्मदिन मनाते हैं। मैं इस बात पर मुस्कुराता हूं कि अभी भारतीयता की असली पहचान हम लोगों को नहीं हुई है। ऐसा मुझे जन्मदिन पर कभी-कभी ख्याल आता है। खासकर, मेरे जन्मदिन पर जब बच्चे लोग कैंडल और केक लेकर आते हैं। उन्हें बोलता हूं कि जन्मदिन पर लड्डू और दीया लेकर आओ। लड्डू बांटेंगे। क्या होता है कि हमने अपने क्षेत्र को बॉलीवुड कहना शुरू किया, जबकि यह भारतीय सिनेमा है। अब इसे बॉलीवुड, टॉलीवुड कहकर हम नकलची की तरह आ गए हैं, इसे गलत मानता हूं। यह सोचना हर एक का कर्तव्य है। सवाल: इस जन्मदिन को लेकर कोई आपका प्लान है?जवाब: अभी जन्मदिन सिर्फ एक जन्मदिन है। अभी तो 83 में हूं। अभी तो आध्यात्मिक दिशा में ज्यादा जा रहा हूं। बच्चों को शिक्षा में जितना सहायता कर सकूं, व्हिसलिंग वुड में अपना जितना एक्सपीरियंस बता सकूं, सरकार, स्कूल-कॉलेज के प्रति अपना जितना योगदान दे सकूं, उतना देते हुए अपने आपको बिजी रखता हूं। बाकी किताबें पढ़ता हूं, कविताएं और नाटक लिखता हूं। प्रोडक्शन हाउस को जो क्रिएटिव सहायता चाहिए होती है, वह देता हूं। सवाल: क्या आपको 26 जनवरी के लिए राष्ट्रपति भवन से निमंत्रण-पत्र मिला है?जवाब: हां, मुझे 26 जनवरी को राष्ट्रपति भवन से निमंत्रण-पत्र मिला है। महामहिम राष्ट्रपति जी ने 26 जनवरी की शाम को डिनर रखा है, उसमें कुछ लोगों को बुलाया है। मैं जाऊंगा। यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। उन्होंने इस काबिल समझा है कि मेरी 50 साल की फिल्म मेकिंग और 25 साल शिक्षा में जो देने की लाइफ रही है। इसे प्रमाण-पत्र समझिए और क्या है! वहां जाकर बड़े-बड़े लोगों से मिलूंगा।
टीवी एक्टर विशाल आदित्य सिंह ने लीगल एक्शन लेने की बात कही है। यह उन अफवाहों के चलते है, जिनमें उनका नाम गलत तरीके से एक्ट्रेस श्वेता तिवारी के साथ जोड़ा गया। दरअसल, सोशल मीडिया पर हाल ही में एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि श्वेता तिवारी ने विशाल आदित्य सिंह से तीसरी शादी कर ली है। इस पोस्ट के सामने आते ही विशाल भड़क गए। बता दें कि विशाल और श्वेता ने टीवी शो बेगूसराय (2015-2016) में साथ काम किया था। तभी से दोनों के बीच अच्छी दोस्ती है और विशाल श्वेता को मां की तरह मानते हैं। ईटाइम्स से बातचीत में विशाल ने कहा, “पहले भी सोशल मीडिया पर श्वेता जी और मुझे लेकर अफवाहें फैली थीं, लेकिन मैंने उन्हें नजरअंदाज कर दिया था। अब बात बहुत ज्यादा आगे बढ़ गई है। सब जानते हैं कि मैं उन्हें ‘मां’ कहकर बुलाता हूं, और इसके लिए किसी सफाई की जरूरत नहीं है। फिर ऐसी बेवजह और बेतुकी बातें क्यों पोस्ट की जा रही हैं? मैं ऐसी अफवाहें फैलाने वालों को चेतावनी दे रहा हूं। मुझे मजबूरन लीगल एक्शन लेना पड़ेगा।” विशाल ने यह भी कहा कि इस तरह की गलत जानकारी का असर सिर्फ उन दोनों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उनके परिवारों पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा, “किसी के परिवार को ऐसे सवालों के जवाब क्यों देने पड़ें? मेरे परिवार को पता है कि श्वेता जी के साथ मेरा रिश्ता कैसा है, और हमारे आसपास के लोग भी यह जानते हैं। फिर भी, जो लोग सच्चाई जानते हैं, उन्होंने भी मेरे माता-पिता से पूछना शुरू कर दिया कि क्या यह सच है। यह बहुत परेशान करने वाला है।” श्वेता के साथ अपने रिश्ते के बारे में बात करते हुए विशाल ने कहा, “हमारी दोस्ती बहुत गहरी और सम्मान से भरी है। वह मेरे लिए मां, बहन, मौसी और दोस्त-सब कुछ हैं। मैं अपनी जिंदगी की हर बात उनसे खुलकर कह सकता हूं, क्योंकि वह मुझे समझती हैं। मुझे सबसे ज्यादा परेशानी इस बात से होती है कि मुझे बार-बार दुनिया को हमारे रिश्ते की सफाई देनी पड़ती है।” यह पहली बार नहीं है जब ऐसी अफवाहें सामने आई हैं। साल 2024 में भी श्वेता और विशाल की फेक शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इस पर विशाल ने कहा, “अब बहुत हो गया है। अगर यह सब आगे भी चलता रहा, तो जो लोग झूठी और बदनाम करने वाली बातें फैला रहे हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। सिर्फ इसलिए कि हम पब्लिक फिगर हैं, इसका मतलब यह नहीं कि हमारे बारे में बेबुनियाद अफवाहें फैलाई जाएं।”
सनी देओल की फिल्म बॉर्डर 2 शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। शुक्रवार रात मुंबई में फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। इस मौके पर फिल्म की पूरी टीम और कई बॉलीवुड सितारे मौजूद रहे। फिल्म की स्क्रीनिंग में सनी देओल और वरुण धवन पहुंचे। वहीं, अहान अपने माता-पिता सुनील शेट्टी और माना शेट्टी के साथ भी नजर आए। अहान को सपोर्ट करने उनकी बहन अथिया शेट्टी और जीजा, क्रिकेटर केएल राहुल भी पहुंचे। स्क्रीनिंग में सोनम बाजवा, अन्या सिंह, मेधा राणा, क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल और आर्यन खान भी शामिल हुए। देखें फिल्म की स्क्रीनिंग की तस्वीरें फिल्म ने पहले दिन 32.10 करोड़ रुपए कमाए बॉर्डर 2 को दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। वहीं, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार एंट्री की है। फिल्म ने पहले दिन 32.10 करोड़ रुपए का नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। बता दें कि फिल्म ‘बॉर्डर 2’ 1997 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है। फिल्म में सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है। इस फिल्म को भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है।
सनी देओल की फिल्म बॉर्डर 2, जिसमें वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी भी हैं, शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म में देशभक्ति, जज्बा और एक्शन का शानदार मिश्रण है, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया है। इसी वजह से फिल्म को पॉजिटिव रिव्यू मिल रहे हैं। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार एंट्री की है। फिल्म ने पहले दिन 32.10 करोड़ रुपए का नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। वहीं, फिल्ममेकर करण जौहर ने फिल्म देखने के बाद फिल्म की तारीफ की और एक्टर वरुण धवन की एक्टिंग को लेकर ट्रोल किए जाने पर भी जवाब दिया। दरअसल, शुक्रवार को करण जौहर बॉर्डर 2 देखने के बाद काफी प्रभावित हुए। उन्होंने इंस्टाग्राम पर फिल्म का पोस्टर शेयर किया, जिसमें सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ नजर आ रहे हैं। पोस्ट के साथ करण ने फिल्म की टीम की मेहनत की जमकर तारीफ की। करण जौहर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा,“‘बॉर्डर 2’ के कई सीन मुझे रुला गए। देशभक्ति दिल से महसूस होती है। यह फिल्म तय तौर पर विजेता है!” इसके बाद एक अन्य पोस्ट में वरुण धवन की डेब्यू फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ को डायरेक्ट करने वाले करण जौहर ने एक्टर को ट्रोल किए जाने पर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, यह कहना ही होगा, वर्चुअल दुनिया कहने के पीछे का असली कारण यही है। रियल चीज हमेशा जीतती है और सोशल मीडिया पर होने वाले शोर को बेकार साबित कर देती है। आप किसी आर्टिस्ट की मुस्कान के लिए उसे ट्रोल कर सकते हैं, लेकिन जब फिल्म हाउसफुल चलती है और उसे सच्ची, रियल ऑडियंस का प्यार मिलता है, तो वही आर्टिस्ट मुस्कुराता है। इसलिए शोर मचाने वाले और क्लिकबेट ढूंढने वाले कंटेंट क्रिएटर्स जो चाहें कर सकते हैं। सच्चाई की हमेशा जीत होगी। वरुण धवन ने भी ट्रोलिंग पर दिया था रिएक्शन इससे पहले वरुण धवन ने ट्रोलिंग को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। फिल्म से जुड़े इवेंट ‘ब्रेव्स ऑफ द सॉइल: ट्रिब्यूट ट्रेलर लॉन्च’ के दौरान जब उनसे पूछा गया कि टीजर लॉन्च के समय उन्हें लेकर काफी शोर (ट्रोलिंग) था, जो अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, तो वह इसे कैसे देखते हैं? इस पर एक्टर ने कहा था,“मैं मानता हूं कि शोर को बंद करके अपने काम को बोलने देना चाहिए। ये सब चलता रहता है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं इसके लिए काम नहीं करता। मैं जिस चीज़ के लिए काम करता हूं, उसका पता शुक्रवार को चलेगा।” वरुण ने आगे कहा था, “मुझे फिल्म पर भरोसा है। एक अच्छी फिल्म बनाना बहुत जरूरी है। नंबर वगैरह से मुझे कोई लेना-देना नहीं है। मुझे लगता है कि हमने एक अच्छी फिल्म बनाई है। यही सबसे अहम बात है। जब लोग थिएटर जाते हैं, तो वे सब कुछ भूलकर सिर्फ एंटरटेन होना चाहते हैं। मैं उस सोच से आता हूं, जहां इंसान का काम बोलता है।”
एक्टर कमाल राशिद खान उर्फ KRK को मुंबई पुलिस ने फायरिंग केस में हिरासत में लिया है। इस मामले में वह मुख्य आरोपी थे। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, KRK को शुक्रवार देर शाम ओशिवारा पुलिस स्टेशन लाया गया। पुलिस के अनुसार, KRK ने अपने बयान में माना है कि फायरिंग उनकी लाइसेंसी बंदूक से की गई थी। पुलिस ने उनकी बंदूक जब्त कर ली है और आगे की कार्रवाई के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना 18 जनवरी को हुई थी, जब अंधेरी के ओशिवारा इलाके में एक रिहायशी बिल्डिंग पर दो गोलियां चलाई गई थीं। इंडिया टुडे के अनुसार, नालंदा सोसाइटी से दो गोलियां बरामद हुईं एक दूसरी मंजिल से और दूसरी चौथी मंजिल से। इनमें एक फ्लैट लेखक-निर्देशक नीरज कुमार मिश्रा का है और दूसरा एक मॉडल प्रतीक बैद का। शुरुआत में पुलिस को सीसीटीवी से कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन फॉरेंसिक जांच के बाद पता चला कि गोलियां शायद KRK के बंगले से चली थीं। कौन हैं कमाल आर खान (KRK)?KRK खुद को फिल्म क्रिटिक बताते हैं और सोशल मीडिया पर अक्सर फिल्मों की आलोचना करते नजर आते हैं। वे कई बार बॉलीवुड सितारों पर तीखी टिप्पणियां के कारण चर्चा में रहे हैं। KRK ने साल 2008 में आई विवादित फिल्म ‘देशद्रोही’ मुख्य भूमिका निभाई थी और इसे खुद ही प्रोड्यूस भी किया था। इसके बाद वे 2014 की फिल्म ‘एक विलेन’ में सहायक किरदार में नजर आए थे।
पंजाबी सिंगर सिंगा ने एक इंटरव्यू में बिना नाम लिए म्यूजिक इंडस्ट्री के कई कलाकारों को छक्का कहकर संबोधित किया। ये इंटरव्यू एक साल पुराना है। लेकिन इसकी क्लिप अब ट्रोल हो रही है। इस क्लिप को द कूल ब्रो इंस्टा पेज पर शेयर किया गया है। इसमें सिंगा ये कहते नजर आ रहे हैं कि देखा जाए तो आजकल म्यूजिक इंडस्ट्री में ज्यादातर छक्के नहीं आ गए। मुझे लगता है कि म्यूजिक इंडस्ट्री में मर्द नहीं रह गए हैं। सिंगा ने कहा कि न ही कोई बंदा है और न ही मर्दों वाली बात रह गई है। इसके साथ ही सिंगा ने कुछ समय इंडस्ट्री में चुप्पी और कूल गीत निकालने के बाद फिर से हथियार कल्चर वाला गीत रिलीज किया है। 23 जनवरी को अपने यूट्यूब चैनल पर रिलीज असला 2.0 में हथियारों की सरेआम नुमाइश की है। इस गीत में सलवारों पर नजर...जैसे कई विवादित बोल भी हैं। अकसर विवादों में रहने वाले सिंगा पर नवंबर 2022 में मोहाली के मटौर पुलिस स्टेशन में गन कल्चर प्रमोट करने और जालंधर-कपूरथला में धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज हो चुका है। उन पर गाने तेरी अम्मी में अश्लील शब्दों का प्रयोग करने और महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे थे। भीम आर्मी और कुछ अन्य संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। न्यू रिलीज असला 2.0 में विवादित बोल, गाली भी दीसिंगा के नए गीत असला 2.0 में हथियारों की सरेआम नुमाइश के साथ विवादित बोल भी हैं। गीत के बोलों में चक्क लो असला, वध गया मसला, भीड़ पै गई ए यरां ते जैसी उकसाने वाली लाइनें हैं। इसके साथ ही अज्ज ठोकणे ही ठोकणे आ कहकर गाली दी गई गई है। सिंगा ने गीत के वीडियो में फायरिंग, वॉट्सएप के जरिए हथियार भेजने जैसे सीन फिल्माए हैं। मैं देखेया अकसर मचदे साले, अक्ख रखदेया सलवारां ते जैसी शब्दावली का यूज किया गया है। इसके साथ ही उकसाने वाले बोल जैसे वेलियां न अक्ख लाके, भैण न ब्याह लेयो भी गीत में हैं। अब पढ़िए सिंगर सिंगा के साथ जुड़े विवाद... विवादों पर मोहाली और अमृतसर में FIR: सिंगा के खिलाफ शिकायतों की लिस्ट काफी लंबी है। सबसे प्रमुख मामला मोहाली के मटौर थाने में दर्ज हुआ था, जहां उन पर हथियारों के प्रदर्शन पर रोक वाले सरकारी आदेश के उल्लंघन का आरोप लगा। इसके अलावा, अमृतसर में भी उनके खिलाफ अश्लीलता फैलाने और महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। 'तेरी अम्मी' जैसे गानों के बोलों को लेकर उन्हें सामाजिक संस्थाओं के भारी दबाव का सामना करना पड़ा था। सिद्धू मूसेवाला और बब्बू मान के साथ क्लैश: पंजाबी इंडस्ट्री की गुटबाजी में सिंगा केंद्र में रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला की मौत तक दोनों के बीच कोल्ड वार चलती रही। दोनों एक-दूसरे को जवाब देने के लिए ट्रैक निकालते रहे। इसी तरह सिंगर बब्बू मान के प्रशंसकों के साथ भी सिंगा की तीखी बहस हो चुकी है। मान के समर्थकों ने आरोप लगाया था कि सिंगा ने अपने बयानों से बब्बू मान का अपमान किया है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप: सिंगा केवल म्यूजिक इंडस्ट्री के साथी कलाकारों के साथ जुड़े विवादों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन पर धार्मिक भावनाओं के अपमान के आरोप भी लगे हैं। एक पुराने विवाद में ईसाई समुदाय ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। क्योंकि उनके एक वीडियो में ईसाइयत से जुड़े प्रतीकों को गलत तरीके से पेश करने का दावा किया गया था। इस मामले में विवाद इतना बढ़ा कि सिंगा को कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी थी।
बॉलीवुड एक्टर कुणाल सिंह महज 31 साल के थे, जब मुंबई के एक अपार्टमेंट में उनका शव मिला। शुरुआत में उनकी मौत को आत्महत्या माना गया, हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पूरे केस को पलटकर रख दिया। फोरेंसिक एक्सपर्ट ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या माना था। उनकी मौत हत्या थी या आत्महत्या, ये जानने के लिए दैनिक भास्कर ने केस की रिपोर्ट तैयार करने वाले AIIMS के पूर्व फोरेंसिक एक्सपर्ट तिरथ दास डोगरा से संपर्क किया। आज अनसुनी दास्तान के 4 चैप्टर में जानिए एक्टर कुणाल सिंह की मौत की कहानी- 29 सितंबर 1977 को कुणाल सिंह का जन्म हरियाणा में हुआ था। मॉडलिंग में पहचान बनाने के बाद कुणाल ने तमिल फिल्म कधालार धीनम (1999) से एक्टिंग डेब्यू किया था। फिल्म में उनके साथ सोनाली बेंद्रे लीड रोल में थीं। साउथ में ये फिल्म हिट रही, जिसके बाद इसकी हिंदी रीमेक फिल्म दिल ही दिल में (2000) बनाई गई, जिसमें कुणाल और सोनाली लीड रोल में रहे। ये फिल्म भी हिट रही, जिसका गाना ऐ नाजनीन सुनो न काफी पसंद किया गया था। इन दो फिल्मों की बदौलत कुणाल सिंह को एक-एक कर कई बड़ी साउथ फिल्में मिलने लगीं। वो अनीता हंसनंदानी के साथ 2002 की फिल्म 'वरुशामेल्लम वसंतम' और धनुष स्टारर फिल्म 'देवथैयाई कंदेन' जैसी कई पॉपुलर साउथ फिल्मों का हिस्सा रहे। साउथ फिल्मों में बढ़ती पॉपुलैरिटी के बीच उन्होंने अनुराधा सिंह से शादी की, जिससे उन्हें दो बच्चे हुए। साल 2007 तक कुणाल को फिल्मों में काम मिलना लगभग बंद हो गया। जो एक-दो फिल्में उन्होंने की थीं, उसमें भी उनका साइड रोल ही होता था। यही वजह रही कि कुणाल ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी बालागिरी शुरू की। उन्होंने अपने प्रोडक्शन की पहली फिल्म योगी की तैयारियां शुरू की थीं, जिनमें उनके साथ एक्ट्रेस लवीना भाटिया लीड रोल में थीं। 2007 में फिल्म की शूटिंग शुरू हुई ही थी कि कुणाल सिंह और लवीना भाटिया की नजदीकियां बढ़ने लगीं और दोनों के अफेयर की खबरें सुर्खियों में आ गईं। जल्द ही ये खबरें कुणाल सिंह के परिवार तक भी पहुंच गईं। कुणाल की पत्नी अनुराधा इससे बेहद नाराज हुईं। दोनों के आए दिन झगड़े बढ़ने लगे और एक रोज अनुराधा दोनों बेटियों के साथ कुणाल को छोड़कर मायके चली गईं। कुछ समय बाद लवीना भाटिया कुणाल के साथ उनके मुंबई स्थित अपार्टमेंट में आकर रहने लगीं। 7 फरवरी 2008 कुणाल सिंह और लवीना भाटिया अपार्टमेंट में अकेले थे। देर रात लवीना ने मुंबई पुलिस को कॉल कर कुणाल की आत्महत्या की जानकारी दी। पुलिस पहुंची तो देखा कि कुणाल का शव पंखे पर लगे फंदे से लटक रहा था। लवीना पास बैठी रो रही थीं। पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। शुरुआत में इसे आत्महत्या माना गया। पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी फंदे से दम घुटने से मौत होने की संभावनाएं सामने आईं। कुछ दिन बीते ही थे कि कुणाल के पिता कर्नल राजेंद्र सिंह ने हत्या का शक जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में उन्होंने 4 अहम सवाल खड़े किए। पहला सवाल- अगर कुणाल ने आत्महत्या की, तो उनके शरीर पर खरोंच के निशान कैसे आए। दूसरा सवाल- लवीना ने कहा था कि कुणाल उन्हें रात को घर छोड़ने वाले थे, तो अगर कुणाल को आत्महत्या करनी ही थी, तो वो लवीना को छोड़ने के बाद भी कर सकते थे। तीसरा सवाल- लवीना ने कहा कि वो बाथरूम में थीं, अगर कुणाल आत्महत्या करने वाले थे, तो उन्हें इस बात का अंदाजा कैसे लगा कि वो कितनी देर में बाथरूम से बाहर आने वाली हैं। चौथा सवाल- कुणाल ने मौत से चंद घंटे पहले ही पॉपुलर म्यूजिक कंपोजर डब्बू मलिक को काम के सिलसिले में मैसेज किया था। उन्होंने जल्द ही डब्बू को अपने घर पर इनवाइट किया था। अगर कुणाल को आत्महत्या करनी थी, तो वो उसी रोज आगे की प्लानिंग क्यों कर रहे थे। जांच में सामने आया कि जिस दिन कुणाल का शव मिला, उसी दिन उन्होंने अपकमिंग फिल्म योगी की टीम से मुलाकात की थी और आगे की प्लानिंग बनाई थी। पिता की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने कुणाल सिंह की गर्लफ्रेंड लवीना भाटिया को गिरफ्तार कर लिया गया। लवीना भाटिया ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वो सुबह नहाने गई थीं। करीब 10 मिनट बाद वो बाहर निकलीं तो देखा कि कुणाल फंदे पर लटके हैं। पुलिस के पास लवीना के खिलाफ कोई सबूत नहीं था, जिसके चलते उन्हें छोड़ दिया गया। पहले भी कलाई काटकर की जान देने की कोशिश पुलिस जांच के दौरान ये भी सामने आया कि कुणाल सिंह फिल्मों में ठीक काम न मिलने और निजी जिंदगी की उथल-पुथल से काफी परेशान चल रहे थे। परिवार और दोस्तों ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि फरवरी 2008 में आत्महत्या करने से कुछ दिनों पहले भी उन्होंने कलाई की नस काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी, हालांकि तब उन्हें बचा लिया गया था। जब पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी, तो ये केस CBI को सौंपा गया। जिसके बाद उनकी मौत के कारण की गहराई से जांच की गई। कुणाल की फोरेंसिक रिपोर्ट उस समय AIIMS के फोरेंसिक एक्सपर्ट रहे डॉक्टर टी.डी.डोगरा ने तैयार की थी। कुणाल सिंह की मौत का असल कारण जानने के लिए दैनिक भास्कर ने डॉक्टर टी.डी.डोगरा से संपर्क किया। उन्होंने हमसे बातचीत में शुरुआती जांच पर कहा, कुणाल के निधन के बाद 20 अगस्त 2008 को बॉम्बे में उनका पोस्टमॉर्टम किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने मृत्यु का कारण गर्दन पर लिगेचर (फंदे) द्वारा दबाव बताया, जो उनकी संभावित मृत्यु का कारण था।' 'मृतक के शरीर पर फांसी के सामान्य लक्षण मौजूद थे। जैसे गर्दन पर तिरछा लिगेचर मार्क, मुंह के दाहिने कोने से लार का बहना, जो हैंगिंग का एक महत्वपूर्ण संकेत होता है। उनकी जीभ दांतों के बीच फंसी हुई थी और हाथ-पैरों के नाखून नीले पड़ चुके थे। आंखों में पेटीकीअल हैमरेज पाया गया, जो इस तरह की मृत्यु में अक्सर देखा जाता है। निष्कर्ष में डॉक्टरों ने कहा कि मृत्यु दम घुटने से संभव है और सभी फाइंडिंग्स उससे मेल खाती हैं। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन जब कुणाल सिंह के पिता की शिकायत पर केस सीबीआई को सौंपा गया, तो 27 जुलाई 2008 को फिर उनका पोस्टमॉर्टम किया गया। इस पर टी.डी.डोगरा कहते हैं, 'नाखूनों की जांच की गई, जिसमें किसी प्रकार का खून या किसी अन्य व्यक्ति की कोशिकाएं नहीं पाई गईं। आमतौर पर हत्या के मामले में विक्टिम द्वारा स्ट्रगल किए जाने पर उनके नाखूनों में आरोपी की स्किन फंसी होती है। हालांकि रिपोर्ट में ऐसा कुछ सामने नहीं आया।' '27 फरवरी 2009 को कूपर अस्पताल के डॉक्टरों की राय ली गई। इसमें कहा गया कि जो लिगेचर मार्क दिखाई दे रहा है, वह किसी नरम सामग्री से बन सकता है। यदि गर्दन दाईं ओर झुकी हो तो निशान दाईं ओर होना संभव है। हाथ पर जो नीला निशान था, वह किसी कठोर वस्तु से बन सकता है। इस रिपोर्ट में आत्महत्या की संभावना से इनकार नहीं किया गया। विसरा में शराब या किसी अन्य जहर के प्रमाण नहीं मिले।' '20 जनवरी 2009 को ग्रांट मेडिकल कॉलेज बोर्ड की राय सामने आई। पहले कूपर अस्पताल का बोर्ड बना, उसके बाद ग्रांट मेडिकल कॉलेज का। उन्होंने कहा कि मृत्यु खाना खाने के 4 से 6 घंटे बाद संभव है और पोस्टमॉर्टम से 12 से 24 घंटे पहले मृत्यु हुई थी। मृत्यु का कारण पार्शियल हैंगिंग (दम घुटना) बताया गया। मृत्यु के समय को लेकर कोई विरोधाभास नहीं पाया गया।' '12 अगस्त 2009 को कूपर अस्पताल की एक बार फिर से राय ली गई, जिसमें मृत्यु को होमिसाइडल (हत्या) प्रकृति की बताया गया। जबकि पहले इसे सुसाइडल बताया गया था। यही विरोधाभास आगे चलकर एम्स की रिपोर्ट से टकराया। इन्हीं अलग-अलग रिपोर्टों के कारण सीबीआई यह मामला लेकर एम्स पहुंची।' डॉक्टर टी.डी.डोगरा ने आगे कहा, ‘16 सितंबर 2009 को कूपर अस्पताल से तीसरी राय ली गई, जिसमें लिगेचर मार्क को होमिसाइडल डेथ यानी हत्या के पक्ष में बताया गया। मुट्ठी बंद होने को किसी ब्लंट ऑब्जेक्ट से जोड़ने की कोशिश की गई। यह राय भी एम्स की रिपोर्ट से मेल नहीं खा रही थी।’ ‘7 दिसंबर 2009 को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को कपड़े और अंडरवियर जांच के लिए भेजे गए। अंडरवियर पर खून नहीं था। शर्ट, जींस और बेडशीट पर न तो लार, न वीर्य और न ही संघर्ष के कोई निशान पाए गए। यौन हमले या संघर्ष का कोई प्रमाण नहीं मिला।' कुणाल सिंह की मौत के 2 साल बीत गए थे, लेकिन सीबीआई के पास अब भी कुणाल सिंह की मौत की सटीक जानकारी नहीं थी। आखिरकार, 22 जनवरी 2010 को सीबीआई ने सभी दस्तावेज, रिपोर्ट्स और पेपर्स एम्स को सौंपे और सीन री-कंस्ट्रक्शन का अनुरोध किया। 12 फरवरी 2010 को सीबीआई ने एम्स को एक रिपोर्ट भेजते हुए 24 सवालों के जवाब मांगे। डी.टी.डोगरा कहते हैं, '13 फरवरी 2010 को एम्स और सीएफएसएल की संयुक्त टीम मेरे चेयरमैन शिप में गठित की गई। टीम का मुख्य निष्कर्ष यह था कि कुर्सी पर खड़े होकर फांसी लगाना आसान और पूरी तरह संभव था। सूटकेस या सोफे पर खड़े होकर भी फांसी लगाई जा सकती थी, हालांकि वह थोड़ा कठिन होता। बेडशीट लंबी, मजबूत और मृतक जैसे व्यक्ति का वजन सहने में सक्षम थी। गांठ स्थिर और कसी हुई थी। किसी भी कपड़े पर खिंचाव, फटने या संघर्ष के निशान नहीं थे।सोफे का एक पैर और सूटकेस से छूना जीवित रहने की स्वाभाविक प्रतिक्रिया भी हो सकती है। पूरा दृश्य फांसी की प्रक्रिया से मेल खाता था।' 2 साल बाद सीबीआई की जांच के बाद कुणाल की मौत आत्महत्या करार दी गई 2 साल की लंबी जांच के बाद आखिरकार बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुणाल सिंह डेथ केस में फैसला सुनाते हुए इसे आत्महत्या करार दिया। हालांकि केस की जांच में लापरवाही करने के चलते बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 पुलिस अफसरों के सस्पेंशन का ऑर्डर दिया। आरुषि तलवार, इंदिरा गांधी की फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार कर चुके हैं टी.डी.डोगरा टी.डी.डोगरा एम्स के पूर्व फोरेंसिक एक्सपर्ट रह चुके हैं। उन्होंने अपने मेडिकल करियर में इंदिरा गांधी की हत्या, आरुषि तलवार मर्डर केस, निठारी केस, बाटला हाउस एनकाउंटर केस, माधवराव सिंधिया एक्सीडेंट केस की रिपोर्ट भी तैयार की थी।
अंतरराष्ट्रीय थ्रिलर फिल्म ‘व्हाइट’ अपनी घोषणा के बाद से ही लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म में विक्रांत मैसी वैश्विक आध्यात्मिक गुरु गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर की भूमिका निभाते नजर आएंगे, वहीं फिल्म की अंतरराष्ट्रीय स्टारकास्ट और क्रू पहले ही चर्चा का विषय बन चुके हैं। अब इस फिल्म को लेकर उत्साह और भी बढ़ने वाला है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फिल्म के निर्माता एक प्रतिष्ठित इंटरनेशनल म्यूजिक लेबल के साथ बातचीत कर रहे हैं, जिसने ग्लोबल आइकन जेनिफर लोपेज से फिल्म के लिए एक खास गीत को लेकर संपर्क किया है। यह संभावित सहयोग एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय म्यूजिक लेबल के माध्यम से हो रहा है, जो अपनी वैश्विक पहुंच और दुनिया के शीर्ष कलाकारों के साथ काम के लिए जाना जाता है। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक,“जेनिफर लोपेज और अंतरराष्ट्रीय म्यूजिक लेबल मिलकर फिल्म व्हाइट के लिए एक थीम सॉन्ग पर विचार कर रहे हैं, जो फिल्म की आत्मा को परिभाषित करेगा। यह गीत अंग्रेजी और स्पेनिश भाषा में होगा और भारतीय दर्शन से प्रेरित विश्व शांति, प्रेम और एकता का संदेश देगा। इस एंथम की कल्पना माइकल जैक्सन के आइकॉनिक गीत ‘Heal The World’ की भावना से प्रेरित बताई जा रही है।” फिल्म ‘व्हाइट’ के बारे में वैश्विक स्तर पर बनाई जा रही यह थ्रिलर फिल्म मुख्य रूप से अंग्रेजी और स्पेनिश भाषा में है, जिसे बाद में हिंदी सहित 21 भाषाओं में डब करने की योजना है। फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है, जिसमें से करीब 90% शूट दक्षिण अमेरिका में किया गया है। फिल्म की खास बात यह भी है कि इसके 90% कलाकार और तकनीकी टीम अंतरराष्ट्रीय हैं। सिनेमैटोग्राफी की कमान संभाली है जुआन कार्लोस गिल ने, जो मशहूर वेब सीरीज Narcos में अपने शानदार काम के लिए जाने जाते हैं। ‘व्हाइट’ को सिद्धार्थ आनंद और महावीर जैन का समर्थन प्राप्त है। फिल्म का निर्देशन मोंटू बस्सी ने किया है और इसे Conscious Studios, PeaceCraft Pictures और BroadVision ने सह-निर्मित किया है। इसके अलावा, दक्षिण अमेरिका की अग्रणी प्रोडक्शन कंपनी Jaguar Bite भी इस फिल्म से को-प्रोडक्शन पार्टनर के रूप में जुड़ी है। अगर यह म्यूजिकल सहयोग साकार होता है, तो ‘व्हाइट’ न सिर्फ एक फिल्म बल्कि विश्व शांति का वैश्विक संदेश बनकर उभर सकती है।
म्यूजिक कंपोजर और फिल्ममेकर पलाश मुच्छल ने 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी के लगे आरोपों पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। पलाश ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और तथ्यहीन बताया है और कहा है कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे। शुक्रवार को पलाश मुच्छल ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बयान जारी करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप उनकी छवि खराब करने की नीयत से लगाए गए हैं। पलाश लिखते हैं- “सांगली निवासी विद्न्यान माने द्वारा सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और तथ्यहीन हैं। इनका मकसद मेरी इमेज को नुकसान पहुंचाना है और इन्हें ऐसे ही नहीं छोड़ा जाएगा।” पलाश ने आगे बताया कि उनके वकील श्रेयांश मितारे इस पूरे मामले को देख रहे हैं और सभी कानूनी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि इस विवाद को केवल कानूनी माध्यम से ही सुलझाया जाएगा। क्या हैं आरोप? न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सांगली जिले के 34 साल के एक्टर और प्रोड्यूसर विद्न्यान माने ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि पलाश मुछाल ने उनसे 40 लाख रुपए की ठगी की है। शिकायत के अनुसार, पलाश और विद्न्यान की मुलाकात 5 दिसंबर 2023 को सांगली में हुई थी। बातचीत के दौरान पलाश ने अपनी आगामी फिल्म ‘नजरिया’ में निवेश करने का प्रस्ताव दिया था। आरोप है कि पलाश ने विद्न्यान को आश्वासन दिया था कि 25 लाख के निवेश पर उन्हें ओटीटी रिलीज के बाद 12 लाख का मुनाफा होगा और फिल्म में एक किरदार भी दिया जाएगा। विद्न्यान का दावा है कि इसके बाद दोनों की दो बार मुलाकात हुई और मार्च 2025 तक उन्होंने कुल 40 लाख रुपए पलाश को दिए। हालांकि, फिल्म पूरी नहीं हो सकी। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद विद्न्यान ने सांगली पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामले की प्राथमिक जांच की जा रही है।
बसंत पंचमी के अवसर पर देशभर में सरस्वती पूजा का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के कई सितारे भी पूजा समारोह में शामिल हुए और मां सरस्वती का आशीर्वाद लिया। बसंत पंचमी के मौके पर मुंबई के मालाड इलाके में सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया। इस सेलिब्रेशन में कई बड़े सेलेब्स स्पॉट किए गए, जिनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इस खास मौके पर कार्तिक आर्यन, सारा अली खान और आदित्य रॉय कपूर जैसे बॉलीवुड सितारे पूजा समारोह में नजर आए। सभी सितारे पारंपरिक अंदाज में दिखाई दिए। इसके अलावा टीवी इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकार भी इस धार्मिक आयोजन का हिस्सा बने। सरस्वती पूजा में शामिल होने के लिए सितारों ने सिंपल लुक अपनाया था। लगभग सभी सितारों ने बसंत पंचमी को ध्यान में रखते हुए येलो कलर का आउटफिट चुना था।
सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी स्टारर फिल्म बॉर्डर-2 आज रिलीज हो गई है। फिल्म के पहले पार्ट में सुनील शेट्टी ने काम किया था। फिल्म के सेकंड पार्ट में उनके बेटे अहान शेट्टी नजर आ रहे हैं। फिल्म में बेटे अहान को देखकर सुनील शेट्टी भावुक हो गए हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर बॉर्डर और बॉर्डर-2 का फुटेज शेयर करते हुए लंबा नोट लिखा है। एक्टर ने लिखा- 'आज बॉर्डर 2 आज रिलीज हो रही है। मेरे बेटे, आज मैं तुम्हें बताना चाहता हूं कि मेरे लिए बॉर्डर एक फिल्म नहीं थी, जिसमें मैंने काम किया। ये एक जिम्मेदारी बन गई थी, जो मैंने शूटिंग खत्म होने के बाद तक निभाया। सालों बाद, तुम्हें वर्दी पहने देखना एक तरह से पुरानी यादों को ताजा कर देता है। यह पुरानी यादों की नहीं, बल्कि अनुशासन, बलिदान, मौन और साहस की याद दिलाता है। यह फिल्म गौरव या युद्ध के बारे में नहीं है। यह हमें याद दिलाती है कि शांति क्यों जरूरी है। बॉर्डर वो नहीं, जहां देश खत्म होता है। बल्कि ये वो जगह है, जहां पर साहस की शुरुआत होती है। और कुछ कहानियां स्क्रीन पर नहीं रहतीं। वो राष्ट्र के जहन में बस जाती हैं। हम ये बात कभी न भूलें कि कि वर्दी के क्या मायने हैं वह किस चीज का प्रतीक है। जय हिंद जय भारत।' बता दें कि इससे पहले भी सुनील शेट्टी बॉर्डर 2 के गाने 'जाते हुए लम्हों' के लॉन्च पर बेटे को लेकर भावुक हो चुके हैं। लॉन्च के लिए आयोजित स्पेशल स्क्रीनिंग में अहान शेट्टी अपने पिता सुनील शेट्टी के साथ पहुंचे थे। इवेंट के दौरान सुनील बेटे के संघर्ष और फिल्म पर बात करते हुए भावुक हो गए थे। नेपोटिज्म पर बनी आम धारणा को लेकर एक्टर ने कहा था, “लोगों को लगता है कि सुनील शेट्टी का बेटा है, तो उसे आसानी से काम मिल गया होगा, लेकिन सच्चाई यह है कि अहान ने जिंदगी में बहुत कुछ झेला है, लेकिन मैं बहुत खुश हूं कि उसे बॉर्डर जैसी फिल्म मिली। इससे बेहतर फिल्म नहीं मिल सकती। मैं यही प्रार्थना करूंगा कि वह अपने रोल के साथ जस्टिस करें और फिल्म अच्छा प्रदर्शन करे।” वहीं, फिल्म बॉर्डर 2 को लेकर बात करते हुए सुनील ने कहा था- इतनी बड़ी फिल्म मिलना अपने आप में बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। जब अहान यह फिल्म कर रहा था, तब मैंने उससे साफ कहा था कि यह सिर्फ एक यूनिफॉर्म पहनने की बात नहीं है, इसे हमेशा याद रखना। आज अगर देश प्रगति के लिए पहचाना जाता है, तो उसके साहस के लिए भी जाना जाता है। यह साहस हमें हमारे सैनिक और अधिकारी देते हैं, जिनका हम सब पर बहुत बड़ा कर्ज है। मैंने बस यही कहा था कि जो भी करो, दिल से करो।
1971 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी ‘बॉर्डर 2’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह सिर्फ एक युद्ध फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सेनाओं के साहस, बलिदान और टीमवर्क की कहानी है। फिल्म की कहानी के साथ-साथ गानों को भी खूब पसंद किया जा रहा है। इस फिल्म के प्रसिद्ध गानों, विशेषकर ‘घर कब आओगे’ और ‘जाते हुए लम्हों’ को संगीतकार मिथुन द्वारा फिर से री-क्रिएट किया गया है, जबकि इसके बोलों को मनोज मुंतशिर शुक्ला ने लिखा है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान मनोज मुंतशिर ने बताया कि रीक्रिएटेड गानों में हमारा सिर श्रद्धा से झुका था। वहीं, संगीतकार मिथुन ने कहा कि अनु मलिक और जावेद साहब की विरासत को आगे बढ़ाना एहतराम था। गीतकार मनोज मुंतशिर ने कहा- बॉर्डर केवल एक फिल्म नहीं है, वह भावनाओं और स्मृतियों की धरोहर है। जावेद अख्तर और अनु मलिक ने जो स्तर स्थापित किया है, उसके सामने खड़ा होना भी अपने आप में बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मैंने और मिथुन ने अनु मलिक, जावेद अख्तर साहब जैसे बड़ों से सीखा। अब जब हमारी बारी आई तो 'बॉर्डर' जैसी फिल्म के लिए अलग कहानी, अलग सिचुएशन को अपने शब्दों और संगीत से व्यक्त किया। हमने अपना कर्म किया, लेकिन ओरिजिनल साउंडट्रैक और फिल्म के लिए हमेशा सम्मान रहा। रीक्रिएटेड गानों में हमारा सिर श्रद्धा से झुका था। संदेशे आते हैं एक गीत नहीं बल्कि एक भावनात्मक दस्तावेज है। जावेद साहब ने उसमें मां, घर, सरहद और सैनिक की पूरी दुनिया समेट दी है। ऐसे गीत को दोहराने या बदलने का विचार कभी मन में आया ही नहीं। संगीतकार मिथुन कहते हैं- अनु मलिक और जावेद साहब की विरासत का को आगे बढ़ना बोझ नहीं, बल्कि एहतराम था। जब आप जानते हैं कि आप अनु मलिक के संगीत और जावेद अख्तर के शब्दों से जुड़ी दुनिया में प्रवेश कर रहे हैं, तो आप बहुत सजग हो जाते हैं। हमारा प्रयास यही रहा कि श्रोता जब ‘घर कब आओगे’ और ‘जाते हुए लम्हों’ सुनेंगे तो उन्हें कहीं भी बनावट या दिखावा महसूस नहीं होगा। बता दें कि साल 1997 में रिलीज फिल्म ‘बॉर्डर’ में अनु मलिक के संगीत और जावेद अख्तर के बोल ने फिल्म के सभी गीतों को आइकॉनिक बना दिया था।
रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर 2’ को लेकर फैंस का उत्साह चरम पर है। पहली फिल्म की जबरदस्त सफलता के बाद दर्शक बेसब्री से ‘धुरंधर-2’ का टीजर का इंतजार कर रहे हैं। खबरें आई थीं कि धुरंधर-2 का टीजर बॉर्डर-2 के साथ रिलीज जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। अब इसी बीच फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर ने खुद टीजर को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। दरअसल, शुक्रवार को एक फैन ने इंस्टाग्राम स्टोरी में मीम शेयर किया था, जिसमें लिखा था- “आदित्य धर मजाक नहीं, टीजर जल्दी रिलीज करो।” आदित्य धर ने उस मीम को री शेयर करते हुए अपने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए जवाब दिया है। फैन के इस मीम पर रिएक्शन देते हुए आदित्य धर ने लिखा- “टीजर कुछ ही दिनों में रिलीज होगा।” हालांकि उन्होंने टीजर की सटीक तारीख का खुलासा नहीं किया, लेकिन माना जा रहा है कि यह 26 जनवरी को रिलीज हो सकता है। टीजर को लेकर फैंस सोशल मीडिया पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ का कहना है कि उन्होंने किसी फिल्म या सीरीज का बेसब्री से इंतजार नहीं किया। वहीं, कई लोगों का मानना है कि ‘धुरंधर 2’ का टीजर अब तक का सबसे ज्यादा चर्चित टीजर बन सकता है। बता दें कि फिल्म के पहले पार्ट के एंड-क्रेडिट सीन में यह साफ कर दिया गया था कि ‘धुरंधर' का सेकंड पार्ट 19 मार्च को रिलीज किया जाएगा। एंड-क्रेडिट सीन में आर माधवन द्वारा रणवीर सिंह के किरदार को जसकीरत सिंह रंगी कहे जाने के बाद फैंस ने इसे आदित्य धर की पिछली फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ से जोड़ना शुरू कर दिया था। 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई है। 5 दिसंबर को रिलीज हुई यह एक्शन स्पाई थ्रिलर साल 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म ने दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन किया है। फिल्म पाकिस्तान की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें रणवीर सिंह एक भारतीय जासूस की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म में अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और आर माधवन भी अहम किरदारों में नजर आए हैं।
सलमान खान ने अपनी आने वाली फिल्म बैटल ऑफ गलवान के पहले गाने का टीजर शेयर किया है। टीजर में फिल्म के गाने मातृभूमि की एक छोटी झलक दिखाई गई है। एक्टर ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर यह 19 सेकेंड का टीजर शेयर किया। टीजर की शुरुआत सेना की बिगुल की आवाज से होती है और इसमें भारतीय झंडा मजबूती से लहराता दिखता है। फिल्म का पूरा गाना मातृभूमि 24 जनवरी को रिलीज किया जाएगा, जो गणतंत्र दिवस से 2 दिन पहले आएगा। इस गाने का संगीत हिमेश रेशमिया ने दिया है, बोल समीर अंजान ने लिखे हैं और इसे अरिजीत सिंह व श्रेया घोषाल ने गाया है। बता दें इस फिल्म को सलमान खान फिल्म्स प्रोड्यूस कर रहे हैं। इसमें एक्टर के अपोजिट एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह नजर आएंगी। साथ ही फिल्म में कई नए चेहरे भी दिखेंगे। फिल्म में सलमान कर्नल बी.संतोष बाबू की भूमिका में नजर आएंगे। पिछले साल जुलाई के महीने में पीटीआई से बातचीत के दौरान सलमान ने अपने रोल को लेकर कहा था कि फिल्म में मेरा किरदार फिजिकली काफी चैलेंजिंग है। हर साल, हर महीने, हर दिन यह और भी ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है। अब मुझे ज्यादा समय देना पड़ता है। पहले मैं यह एक या दो हफ्तों में कर लेता था, लेकिन अब मुझे दौड़ना, किक मारना, पंच करना और इस तरह की चीजें करनी पड़ती हैं। इस फिल्म की मांग ही ऐसी है। सलमान ने यह भी कहा था कि जब मैं फिल्म 'सिकंदर' कर रहा था तो उसका एक्शन अलग था। वह किरदार अलग था, लेकिन 'बैटल ऑफ गलवान' का रोल फिजिकली अलग और मुश्किल है। इसके लिए मुझे लद्दाख के ऊंचे पहाड़ों पर और ठंडे पानी में शूटिंग भी करनी है, जो एक बड़ी चुनौती है।
97वें एकेडमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर 2026 की टॉप 5 नॉमिनेशन लिस्ट में फिल्म होमबाउंड जगह नहीं बना पाई। हालांकि, फिल्म को नॉमिनेशन नहीं मिलने पर होमबाउंड की टीम ने इसे निराशा की बजाय एक प्राउड मोमेंट की तरह लिया। फिल्म के प्रोड्यूसर करण जौहर और डायरेक्टर नीरज घायवान ने सोशल मीडिया के जरिए फिल्म के पूरे सफर और उसे ग्लोबल स्टेज तक पहुंचाने वाली जर्नी को याद किया। नॉमिनेशन अनाउंस होते ही करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर अपनी फीलिंग्स जाहिर कीं। उन्होंने स्टोरी में फिल्म के कुछ सीन्स शेयर किए और नीरज घायवान के विजन, हार्ड वर्क और कमिटमेंट की जमकर तारीफ की। करण जौहर ने लिखा, “बहुत प्राउड फील हो रहा है!!! नीरज घायवान तुम्हें ढेर सारा प्यार, हमें तुम्हारी रोशनी का हिस्सा बनने देने के लिए थैंक यू!” डायरेक्टर नीरज घायवान ने करण जौहर की इंस्टाग्राम स्टोरी को रीशेयर करते हुए फिल्म के पूरे सफर में मिले सपोर्ट के लिए उनका दिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि इस जर्नी में करण जौहर उनके लिए एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम रहे हैं। नीरज घायवान ने लिखा,“थैंक यू करण जौहर! आप मेरे लिए एक मजबूत सपोर्ट रहे हैं। आपके बिना यहां तक पहुंच पाना पॉसिबल नहीं था। लव यू।” बता दें कि नीरज घेवान के डायरेक्शन में बनी होमबाउंड ऑस्कर के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री थी। फिल्म में विशाल जेठवा और ईशान खट्टर ने अहम किरदार निभाए हैं। यह फिल्म ऑस्कर की टॉप 15 शॉर्टलिस्ट में जरूर पहुंची, लेकिन टॉप 5 नॉमिनेटेड फिल्मों में शामिल नहीं हो सकी। अगर यह फिल्म चुनी जाती, तो आमिर खान की फिल्म लगान के बाद यह पहली भारतीय फिल्म होती, जो इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेट होती। बता दें कि ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी 15 मार्च को होगी। बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में दुनिया भर की 15 फिल्मों में से जिन 5 फिल्मों को नॉमिनेशन मिला है, उनमें द सीक्रेट एजेंट (ब्राजील), इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट (फ्रांस), सेंटिमेंटल वैल्यू (नॉर्वे), सिरात (स्पेन) और द वॉइस ऑफ हिंद रजब (ट्यूनीशिया) शामिल हैं। जानिए कैसी है फिल्म होमबाउंड की कहानी होमबाउंड की कहानी बचपन के दोस्त शोएब और चंदन के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों का सपना पुलिस फोर्स जॉइन करने का होता है। यह सपना उनकी जिंदगी की दिशा तय करता है। फिल्म दोस्ती, जिम्मेदारी और आज के युवाओं पर पड़ने वाले दबाव को दिखाती है। होमबाउंड 26 सितंबर 2025 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। वहीं, फिल्म 21 नवंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। इसे कई फिल्म फेस्टिवल और अवॉर्ड इवेंट्स में तारीफ मिली है। होमबाउंड का वर्ल्ड प्रीमियर कान्स फिल्म फेस्टिवल में हुआ था। इसके बाद इसे टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी दिखाया गया। यह फिल्म पत्रकार बशारत पीर के लेख टेकिंग अमृत होम से प्रेरित है, जिसका दूसरा टाइटल ए फ्रेंडशिप, ए पैनडेमिक एंड ए डेथ बेसाइड द हाईवे है।
1971 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी बॉर्डर 2 सिर्फ एक युद्ध फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सेनाओं के साहस, बलिदान और सामूहिक शक्ति की कहानी है। यह फिल्म पहली बॉर्डर की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उसका दायरा बड़ा करती है और यह दिखाती है कि वह जंग सिर्फ लोंगेवाला तक सीमित नहीं थी, बल्कि जमीन, हवा और समुद्र तीनों मोर्चों पर लड़ी गई थी। फिल्म की कहानी कहानी कई मोर्चों पर एक साथ चलती है। अलग-अलग इलाकों में तैनात भारतीय सैनिक, अलग-अलग हालात, लेकिन एक ही लक्ष्य देश की रक्षा। फिल्म यह दिखाती है कि कैसे पाकिस्तान ने कई दिशाओं से हमला करने की कोशिश की और कैसे भारतीय सैनिकों की समझदारी, रणनीति और हिम्मत के आगे हर कोशिश नाकाम हो गई। कहानी भावनात्मक भी है और गंभीर भी। यह सिर्फ गोलियों और विस्फोटों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सैनिकों के भीतर चल रहे डर, भरोसे और कर्तव्य को भी सामने लाती है। कुछ सीन्स थोड़े लंबे जरूर हैं, लेकिन वे कहानी की भावना को गहराई देते हैं और दर्शक को अंत तक बांधे रखते हैं। फिल्म में एक्टिंग सनी देओल पूरी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनकी डायलॉग डिलीवरी इतनी दमदार है कि कई मौकों पर तालियां और सीटियां बजने पर मजबूर हो जाती हैं। उनका आक्रामक अंदाज, आंखों में दिखता जुनून और देशभक्ति का जोश फिल्म को ऊंचाई देता है। यह सनी देओल अपने पूरे रंग में नजर आते हैं। दिलजीत दोसांझ फिल्म की आत्मा हैं। गंभीर और तनावपूर्ण सीन्स में भी वह अपनी सहज एक्टिंग और हल्के हास्य से माहौल को संतुलित रखते हैं। उनका किरदार मानवीय लगता है और युद्ध की कठोरता के बीच एक अपनापन पैदा करता है। वरुण धवन सधे हुए और गंभीर रूप में नजर आते हैं। उन्होंने अपने किरदार को बिना शोर के मजबूती दी है और भावनात्मक सीन्स में असर छोड़ा है। अहान शेट्टी का रोल छोटा है, लेकिन उन्होंने अपनी एक्टिंग से ध्यान खींचा है। जोश और ईमानदारी साफ दिखाई देती है। फिल्म की हीरोइनों का किरदार बेहद सीमित है, जो थोड़ा खटकता है, लेकिन इसकी वजह यह है कि कहानी पूरी तरह युद्ध और सैनिकों के अनुभवों पर केंद्रित रखी गई है। डायरेक्शन और राइटिंग अनुराग सिंह का डायरेक्शन संतुलित है। उन्होंने भावनाओं, डायलॉग्स और युद्ध सीन्स के बीच सही तालमेल बनाया है। राइटिंग में देशभक्ति है, लेकिन बेवजह का शोर नहीं। कई डायलॉग्स सीधे दिल में उतरते हैं और कहानी को मजबूती देते हैं। सिनेमैटोग्राफी और साउंड सिनेमैटोग्राफी भव्य है। युद्ध के मैदान, विस्फोट और सैनिकों की हलचल बहुत प्रभावी ढंग से दिखाई गई है। साउंड भी मजबूत है, जो हर सीन की गंभीरता और रोमांच को और बढ़ा देता है। संगीत संगीत भावनाओं का साथ देता है। पुराने यादगार गानों की विरासत को छूना आसान नहीं था, फिर भी नए गाने कहानी के मूड के मुताबिक हैं। कुछ गाने दिल को छूते हैं, हालांकि पहले जैसी गहरी छाप छोड़ना स्वाभाविक रूप से कठिन था। फिल्म पर अंतिम फैसला बॉर्डर 2 एक भव्य, भावनात्मक और प्रभावशाली युद्ध फिल्म है। कुछ खिंचाव और सीमित महिला किरदारों के बावजूद, दमदार एक्टिंग, मजबूत डायरेक्शन और असरदार कहानी इसे देखने लायक बनाती है। यह फिल्म खत्म होने के बाद मन में गर्व, सम्मान और भारतीय सैनिकों के लिए आदर की भावना छोड़ जाती है।
केरल के कोच्चि में हाल ही में आयोजित रैपर हनुमानकाइंड के “होम रन” कॉन्सर्ट के दौरान वो आग से बाल-बाल बच गए। दरअसल, बोलगट्टी पैलेस एंड आइलैंड रिसॉर्ट में चल रहे हाई-एनर्जी परफॉर्मेंस के बीच स्टेज पर लगाए गए फ्लेमथ्रोअर इफेक्ट से अचानक आग की तेज लपट रैपर के बेहद करीब आ गई। हनुमानकाइंड ने तुरंत खुद को पीछे खींच लिया और इस तरह वो बच गए। यह घटना 18 जनवरी की है और इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रैपर का यह वीडियो सामने आने के बाद उनके कई फैंस ने चिंता जताई कि कहीं हनुमानकाइंड को कोई गंभीर चोट तो नहीं लगी। हालांकि, रैपर ने खुद इस घटना पर प्रतिक्रिया देकर फैंस को राहत दी। जिस यूजर ने यह वीडियो पोस्ट किया था उसी पर कमेंट करते हुए हनुमानकाइंड ने लिखा, “मैं ठीक हूं, सब कुछ सही है फैमिली।” हनुमानकाइंड के गाने लगातार लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं और उनकी फैन फॉलोइंग तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर के टाइटल ट्रैक में उनका रैप सॉन्ग लोगों के बीच काफी पसंद किया गया। हनुमानकाइंड, जिनका असली नाम सूरज चेरुकट है, 2024 में अपने हिट गाने “बिग डॉग्स” से अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुके हैं। यह गाना स्पॉटिफाई ग्लोबल वायरल 50 में नंबर-1 तक पहुंचा था।
1 फरवरी 2026 से कलर्स टीवी और जियो हॉटस्टार पर शुरू होने वाला नया रियलिटी शो ‘द 50’ दर्शकों को एक बिल्कुल अलग दुनिया में ले जाएगा। यह शो फ्रेंच सुपरहिट रियलिटी शो लेस सिंक्वांटे से प्रेरित है और इसे भारत में एक नए अंदाज में पेश किया जा रहा है। दैनिक भास्कर की टीम ने शो के सबसे खास हिस्से यानी ‘महल’ (The Palace) के अंदर का एक्सक्लूसिव टूर किया, जहां 50 कंटेस्टेंट्स अगले 50 दिनों तक सर्वाइवल की जंग लड़ते नजर आएंगे। लायन करेगा खेल का संचालन इस शो की सबसे बड़ी खासियत है ‘लायन’, जो पूरे गेम का संचालन करेगा। 50 कंटेस्टेंट्स लायन के इशारों पर खेलेंगे, रणनीति बनाएंगे और सर्वाइवल के लिए लड़ेंगे। लायन का डेन महल का सबसे ताकतवर और रहस्यमयी हिस्सा है, जहां से वह कंटेस्टेंट्स को नए-नए सरप्राइज गेम्स देगा। महल के अंदर हर जगह जानवरों के प्रतीक नजर आते हैं। शेर, लोमड़ी, चीता, भालू और अन्य जानवरों की मूर्तियां और डिजाइन यह याद दिलाते हैं कि यह सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट का खेल है। यहां दोस्ती भी होगी, धोखेबाजी भी, और हर पल नई रणनीतियां बनेंगी। एरीना: जहां होगी असली परीक्षा महल का सबसे खतरनाक हिस्सा है एरीना, जहां फिजिकल और मेंटल दोनों तरह के गेम्स होंगे। यह एरिया स्क्विड गेम की याद दिलाता है, लेकिन यहां मौत नहीं, बल्कि बुद्धि और स्ट्रेटजी की लड़ाई होगी। जो कंटेस्टेंट्स यहां हारेंगे, उन्हें भेजा जाएगा अनसेफ जोन में, जहां आगे का फैसला लायन करेगा। अनसेफ जोन: खतरे की घंटी अनसेफ जोन शो का सबसे डरावना हिस्सा है। यहां पहुंचना मतलब एलिमिनेशन का खतरा। भले ही यह जगह देखने में खूबसूरत हो, लेकिन यहां बैठने वाले कंटेस्टेंट्स के लिए समय बेहद मुश्किल होगा। यही वह जगह है जहां गेम का रुख बदल सकता है। रॉयल लेकिन वाइल्ड महल ‘द 50’ का महल राजस्थान की कारीगरी और जंगल की थीम का अनोखा मेल है। लकड़ी की नक्काशी, शेर के मुखौटे, झूमर, गैलरी और हर कोने में एनिमल किंगडम की झलक मिलती है। महल के अलग-अलग हिस्सों में सिटिंग एरिया बनाए गए हैं, जहां कंटेस्टेंट्स बातचीत करेंगे, दोस्ती करेंगे और चालें चलेंगे। बेडरूम और लिविंग एरियाइस शो में कंटेस्टेंट्स को आम रियलिटी शोज की तरह एक बड़े हॉल में नहीं सुलाया जाएगा। यहां अलग-अलग बेडरूम्स हैं, जिनमें तीन से चार बेड लगे हैं। हर कमरे का रंग और थीम अलग है, कहीं ग्रीन टोन तो कहीं एक्वा ब्लू। हर जगह कैमरे लगे हैं, जो 24 घंटे कंटेस्टेंट्स की हर चाल पर नजर रखेंगे। किचन नहीं, बुफे एरिया‘द 50’ में किचन नहीं होगा। लायन को अपने साम्राज्य में गंदगी पसंद नहीं है। इसलिए कंटेस्टेंट्स को खाना बुफे एरिया में मिलेगा। यहां भी रणनीति और बातचीत होगी, लेकिन किचन पॉलिटिक्स नहीं। कोई फिक्स नियम नहींइस शो का सबसे बड़ा ट्विस्ट है कि इसमें कोई तय नियम नहीं होंगे। एलिमिनेशन वोटिंग से नहीं, बल्कि स्ट्रेटजी और सोशल इंटेलिजेंस से होगा। गेम पूरी तरह अनप्रेडिक्टेबल रहेगा। जियो हॉटस्टार पर शो देखने वाले दर्शक अपने पसंदीदा कंटेस्टेंट्स को सपोर्ट कर सकेंगे। अगर उनका सपोर्ट किया गया कंटेस्टेंट जीतता है, तो दर्शक भी इनाम का हिस्सा बन सकते हैं। कौन-कौन हैं कंटेस्टेंट्स?शो में कई जाने-माने चेहरे नजर आएंगे, जिनमें दिव्या अग्रवाल, करण पटेल, उर्वशी ढोलकिया, शाइनी दोशी, फैसल शेख और मोनालिसा जैसे नाम शामिल हैं। ये सभी 50 दिन तक सर्वाइवल की लड़ाई लड़ेंगे और प्राइज मनी बढ़ाने की कोशिश करेंगे। कब और कहां देखें शो? ‘द 50’ का प्रसारण 1 फरवरी 2026 से शुरू होगा। यह शो जियो हॉटस्टार पर रात 9 बजे स्ट्रीम होगा और कलर्स टीवी पर रात 10:30 बजे टेलीकास्ट किया जाएगा।
बॉलीवुड एक्ट्रेस गीता बसरा ने पहली बार पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह भज्जी से शादी को लेकर खुलकर बात की। गीता ने कहा कि भज्जी पोस्टर में उसे देखकर फिदा हो गए थे। भज्जी ने क्रिकेटर साथी युवराज सिंह के जरिए उनसे कॉन्टैक्ट किया। पहले तो उन्होंने भज्जी के प्रपोजल को इग्नोर कर दिया। वह अपने एक्टिंग करियर पर फोकस करना चाहती थीं, जिसके लिए वह इंग्लैंड छोड़कर मुंबई आई थीं। हालांकि दोनों में फ्रेंडशिप हो गई। करीब 4-5 साल के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला गया। गीता ने बॉलीवुड में अब लड़कियों को मिल रही तरजीह को लेकर भी संतुष्टि जताई। उन्होंने पिछले टाइम को चैलेंज वाला बताया। गीता ने भज्जी को बेस्ट हसबैंड बताया। भज्जी क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। इस वक्त वह पंजाब से राज्यसभा के सांसद हैं। इंग्लैंड से इंडिया कैसे पहुंचीं गीता बसरा... हरभजन भज्जी से कैसे हुई गीता बसरा की शादी
बॉलीवुड में अक्सर यह माना जाता है कि फिल्मी परिवार से आने वाले कलाकारों के लिए रास्ते आसान होते हैं, लेकिन रानी मुखर्जी की कहानी इस धारणा को पूरी तरह तोड़ देती है। पिता के सख्त विरोध, इंडस्ट्री में मजाक, आर्थिक परेशानियों और उनके आत्मविश्वास पर लगातार हमले किए गए। कभी यह कहकर दुत्कारा गया कि हीरोइन मटेरियल नहीं हैं। कभी उनकी कद-काठी, रंग और आवाज को लेकर मजाक उड़ाया गया। बावजूद इसके रानी मुखर्जी ने न सिर्फ अपनी जगह बनाई, बल्कि तीन दशक तक सिनेमा पर राज किया। आज वह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीत चुकी एक सशक्त, गंभीर और सम्मानित अभिनेत्री हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में जानेंगे रानी मुखर्जी के करियर और लाइफ से जुड़ी कुछ खास बातें.. पिता के मना करने के बावजूद बॉलीवुड में कदम रखा रानी मुखर्जी का जन्म 21 मार्च 1978 को मुंबई में हुआ। वह मशहूर फिल्ममेकर राम मुखर्जी की बेटी और अभिनेत्री तनुजा की भतीजी हैं। यानी फिल्मी बैकग्राउंड मजबूत था, लेकिन इसके बावजूद उनके पिता राम मुखर्जी नहीं चाहते थे कि रानी फिल्मों में जाएं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत के दौरान रानी ने इस बारे में बात की। रानी मुखर्जी कहती हैं- मेरे पापा खुद फिल्म इंडस्ट्री से थे, लेकिन उस समय का माहौल इतना आसान नहीं था। पेरेंट्स का पहला फर्ज बच्चों को बचाना होता है। यह बात मुझे तब समझ में आई जब मैं मां बनी। हमारा पहला ख्याल बच्चों की सुरक्षा का होता है। जब बच्चे 12वीं पास करके करियर चुनने वाले होते हैं, तो पेरेंट्स ज्यादा प्रोटेक्टिव हो जाते हैं, लेकिन हम सबको तो दुनिया में आगे बढ़ना ही पड़ता है, अपनी राह खुद बनानी पड़ती है। हमारी जर्नी अलग होती है। औरत की सहनशक्ति को एक औरत ही समझ सकती है उस समय डैडी को लगा होगा कि इंडस्ट्री के उतार-चढ़ाव मैं झेल नहीं पाऊंगी। शायद उन्हें डर था कि उनकी बेटी ये सब संभाल न पाए। इसलिए वे ज्यादा खुश नहीं थे कि मैं इंडस्ट्री में हूं। हमेशा लोग लड़कियों को कम आंकते हैं। सोचते हैं कि हम मुश्किलें नहीं झेल पाएंगी, लेकिन एक औरत की सहनशक्ति बहुत मजबूत होती है। यह बात सिर्फ औरत ही समझ सकती है। करियर की शुरुआत में खूब मजाक उड़ाया गया रानी मुखर्जी ने अपने पिता राम मुखर्जी के डायरेक्शन में बनी बंगाली फिल्म ‘बियेर फूल’ (1996) से एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्म ‘राजा की आएगी बारात’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। करियर की शुरुआत में कद-काठी, रंग और आवाज को लेकर खूब मजाक उड़ाया गया। बावजूद इसके रानी ने बॉलीवुड में अपनी एक अलग जगह बनाई। रानी कहती हैं- मैं अपने फैंस का तहेदिल से शुक्रिया करती हूं। आर्टिस्ट जैसा होता है, उसे अपनाना दर्शकों का फैसला होता है। इंडस्ट्री ने शुरुआत में मेरी आवाज पसंद न आने पर डब कर दी, लेकिन फैंस ने दिल से सराहा। उनकी ताकत से ही आलोचकों की बोलती बंद हो गई। हार के बाद ही जीत का असली मजा है मेरी जिंदगी में बहुत उतार चढ़ाव आए, लेकिन ऊपर वाले ने जो जिंदगी दी है, उसे हम आसानी से हार नहीं सकते। इसलिए हमेशा ग्रेटफुल रहना जरूरी है। चाहे आगे क्या हो जाए, ये तो बस घटनाएं हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि हम इस दुनिया में पैदा हुए हैं और कुछ न कुछ करना है। भले ही मैं फिल्मों में काम कर रही हूं, लेकिन कोई वर्दी में देश की सेवा कर रहा है, कोई डॉक्टर हॉस्पिटल में मरीजों की मदद कर रहा है। सबका अपना-अपना रोल है। मेरा काम ऐसे किरदार लाना है जो सबको इंस्पायर करें। डल या हारने वाले पल भी महसूस करने चाहिए। तभी जीत का असली मजा आता है। ‘कुछ कुछ होता है’ से बदली किस्मत 1998 में रिलीज फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ रानी मुखर्जी के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। काजोल और शाहरुख खान के साथ सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद रानी ने टीना मल्होत्रा के किरदार से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला और बॉलीवुड ने पहली बार रानी मुखर्जी को गंभीरता से लेना शुरू किया। ‘कुछ कुछ होता है’ के अलावा रानी को हम तुम, ब्लैक, युवा, साथिया, ब्लैक, नो वन किल्ड जेसिका’ ‘मिसेस चटर्जी वर्सेस नार्वे’ जैसी फिल्मों को मिलाकर 8 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिल चुके हैं। रानी मुखर्जी की खसियात यह रही है कि उन्होंने खुद को सिर्फ रोमांटिक फिल्मों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने लगातार अलग-अलग और जोखिम भरे किरदार चुने। ‘साथिया’, ‘ब्लैक’ ‘बंटी और बबली’, ‘नो वन किल्ड जेसिका’, ‘मर्दानी’ जैसी फिल्मों से रानी ने खुद को प्रूव किया है। ‘ब्लैक’ बनी करियर की मील का पत्थर फिल्म ‘ब्लैक’ को रानी मुखर्जी के करियर की मील का पत्थर कहा जाता है। इस फिल्म में उनके अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। अमिताभ बच्चन जैसे दिग्गज के सामने रानी का प्रदर्शन बराबरी का था। करीब 30 साल के करियर में रानी मुखर्जी ने खुद को बार-बार साबित किया। उन्हें फिल्म ‘मिसेस चटर्जी वर्सेस नॉर्वे’ के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जो उनके संघर्ष, धैर्य और प्रतिभा की आधिकारिक मुहर है। नेशनल अवॉर्ड अपने पिता को समर्पित किया नेशनल अवॉर्ड मिलने पर रानी मुखर्जी भावुक हो गई थीं। इस अवॉर्ड को उन्होंने अपने पिता राम मुखर्जी को समर्पित कर दिया था। रानी कहती हैं- ये एक ऐसी कमी है जो कभी पूरी नहीं होगी। पापा मेरे सबसे बड़े सपोर्ट सिस्टम थे, मेरे एंकर थे। उनके जाने के बाद हर खुशी अधूरी लगती है। नेशनल अवॉर्ड ही नहीं, मेरी जिंदगी का हर बड़ा पल उनसे जुड़ा है। जब भी कुछ अच्छा या बुरा होता है, सबसे पहले पापा याद आते हैं। ये खलिश हमेशा रहेगी। औरत वाले इंस्टिंक्ट को फॉलो किया रानी मुखर्जी कहती हैं- मुझे कभी एक्ट्रेस बनना नहीं था। बचपन से ये सपना नहीं था कि मुझे ये अचीव करना है। बस मुझे मम्मी-पापा को एक बहुत ही बेहतरीन जिंदगी देनी थी। मैं बस चांस से एक्ट्रेस बनी। फिर अपने इंसानी और औरत वाले इंस्टिंक्ट को फॉलो किया। किसी को कुछ प्रूव नहीं करना था। बस दर्शकों तक अच्छी कहानियां और स्ट्रॉन्ग फीमेल कैरेक्टर्स पहुंचाने थे। स्टारडम को अपना लक्ष्य कभी नहीं बनाया लोगों को लगता था कि मैंने ऐसे किरदारों का चयन करके जोखिम लिया है, लेकिन मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं कोई रिस्क ले रही हूं, क्योंकि मैंने कभी स्टारडम को अपना लक्ष्य बनाया ही नहीं। मेरे लिए जरूरी था कि मैं उन कहानियों का हिस्सा बनूं जो मुझे अंदर से छूती हैं। अगर कोई किरदार समाज को असहज करता है, सवाल खड़े करता है या किसी औरत की ताकत दिखाता है, तो मुझे लगता है कि मैं सही दिशा में काम कर रही हूं। छोटी सी उम्र में ही बड़े स्टार्स के साथ मौका मिला जब मैंने करियर शुरू किया था, तब मैं बहुत छोटी थी। जिन स्टार्स के साथ काम कर रही थी, उन्हें भी लगा होगा कि ये इतनी छोटी है और फिर भी काम कर रही है। इसलिए शायद उनका प्यार मेरे प्रति उभरा। मेरे माता-पिता हमेशा साथ रहते थे, तो सब उन्हें भी बहुत चाहते थे। ये एकदम नेचुरल पसंद थी। मैंने अपने सारे रिश्ते ईमानदारी से निभाए, चाहे शाहरुख के साथ हो, आमिर के साथ, बॉबी के साथ या सलमान के साथ। दोस्ती कभी काम के लिए नहीं थी, इसलिए आज भी वही ईमानदारी बरकरार है। काम हो या न हो, रिश्ता वैसा ही है। शाहरुख को दर्शक स्पेशल मानते हैं चाहे कोई कितना भी बड़ा हो या छोटा। सबकी देखभाल करना, हर किसी को बराबर इज्जत देना, शाहरुख के व्यक्तित्व में है। ये उनकी सबसे अच्छी बात लगती है। काम के मामले में उनकी मेहनत, डिसिप्लिन और ईमानदारी कमाल की है। सलमान, आमिर सबकी तरह उन्होंने करियर बनाया, जो मेरे लिए बहुत इंस्पायरिंग रहा। यही वजह है कि दर्शक उन्हें इतना स्पेशल मानते हैं। आमिर के साथ काम करने में बहुत रोमांच था आमिर खान के साथ फिल्म ‘गुलाम’ में काम करना कमाल का था। तब मैं बहुत छोटी थी,17-18 साल की। उनकी ‘कयामत से कयामत तक’ और ‘रंगीला’ देखी थी। बचपन से उनकी फैन थी। मंजे हुए कलाकार के साथ काम करने का रोमांच था। साथ ही जिम्मेदारी भी कि हमारी जोड़ी दर्शकों को अच्छी लगे। सलमान हमेशा से मासूम लगते हैं सलमान खान के साथ बहुत अच्छा बॉन्ड है। सलमा आंटी, सलीम अंकल, खासकर सलमान के घर का माहौल ऐसा है कि सबको खाना मिलता है। सलमान सबको बहुत प्यार से खिलाते हैं। जो खाना खिलाता है, उसमें एक खास रूहानियत होती है। अपने लोगों के लिए खड़े होने की उनकी आदत भी कमाल की है। मुझे सलमान हमेशा मासूम लगते हैं। उनके बिहेवियर में एक फीसदी भी छल-कपट नहीं। जो फील करते हैं, 100 प्रतिशत ईमानदार। बाहर और अंदर, दोनों एक जैसे। इतने सालों में ये ईमानदारी बरकरार रखना मुश्किल है, लेकिन सलमान में ये आज भी है। ईमानदारी से सर ऊंचा रखकर काम किया अपने 30 साल के करियर में रानी मुखर्जी ने कई तरह के चुनौतीपूर्ण किरदार निभाए हैं। वह कहती हैं- आज जब पीछे मुड़कर देखती हूं तो डैडी की एक सीख याद आती है। पापा ने शुरू में कहा था कि ये दुनिया चढ़ते सूरज को सलाम करने वाली है। सक्सेस मिले तो ज्यादा उत्साहित न हों, फेलियर आए तो हताश न हों। बस सर ऊंचा रखकर ईमानदारी से अपना काम करते रहें। मैंने यही किया, अपने क्राफ्ट, फिल्मों और कहानियों के प्रति समर्पित रही। आज ऊपर वाले के लिए ग्रेटफुल हूं कि मैं चुन कर काम कर सकती हूं। ______________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... गांव में गोबर उठाते थे जयदीप अहलावत:आज बॉलीवुड के ‘महाराज' बने, इरफान खान से तुलना पर छलके आंसू, शाहरुख को अपना इश्क बताया हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसी शख्सियत हैं, जो चीख-चिल्लाहट नहीं, बल्कि एक सुकून भरे सुर की तरह आपके दिल में बस गई है। यह सुर इतना गहरा है कि आप शायद कभी अपनी दिलों से इन्हें निकाल ही न पाएं।पूरी खबर पढ़ें....
म्यूजिक कंपोजर और फिल्ममेकर पलाश मुच्छल पर 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। महाराष्ट्र के सांगली जिले के रहने वाले एक्टर और प्रोड्यूसर विद्न्यान माने ने पुलिस से शिकायत की है। शिकायत में फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर पैसे लेने और वापस न करने की बात कही गई है। फिलहाल पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है और प्राथमिक जांच चल रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विद्न्यान माने ने मंगलवार को सांगली के एसपी को आवेदन देकर पलाश मुच्छल के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। शिकायत के मुताबिक, 5 दिसंबर 2023 को सांगली में पलाश मुच्छल और विद्न्यान माने की मुलाकात हुई थी। इस दौरान माने ने फिल्म प्रोडक्शन में इंवेस्ट करने की इच्छा जताई थी। आरोप है कि पलाश मुच्छल ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘नजरिया’ में प्रोड्यूसर के तौर पर इंवेस्ट करने का ऑफर दिया था। प्रॉफिट देने का वादा कर रुपए लिए थे माने का आरोप है कि मुच्छल ने कहा था कि फिल्म के OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने के बाद 25 लाख रुपए के इंवेस्ट पर 12 लाख रुपए का प्रॉफिट मिलेगा। इसके साथ ही फिल्म में एक भूमिका देने का भी ऑफर दिया गया था। दोनों की इसके बाद दो बार और मुलाकात हुई। मार्च 2025 तक विद्न्यान माने ने अलग-अलग किस्तों में कुल 40 लाख रुपए पलाश मुच्छल को दिए। फिल्म पूरी नहीं हुई, पैसे वापस नहीं मिले माने के मुताबिक, फिल्म प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने सांगली पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी तक मामले में FIR दर्ज नहीं की गई है। शिकायत के आधार पर प्राथमिक जांच चल रही है और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। स्मृति मंधाना से शादी टूटने को लेकर भी चर्चा में रहे पलाश पलाश मुच्छल इससे पहले क्रिकेटर स्मृति मंधाना के साथ शादी टूटने को लेकर चर्चा में आए थे। दोनों की शादी 23 नवंबर 2025 को तय थी, जो टूट गई। शादी के दिन स्मृति मंधाना के पिता श्रीनिवास मंधाना की तबीयत खराब हो गई थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इसी कारण शादी टाल दी गई थी। इसके बाद पलाश मुच्छल की तबीयत भी खराब हो गई और उन्हें भी अस्पताल जाना पड़ा, जिसके चलते तब शादी पोस्टपोन कर दी गई थी। 7 दिसंबर 2025 को को स्मृति मंधाना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए शादी कैंसिल होने की बात कही थी। ---------- ये खबर भी पढ़ें… स्मृति मंधाना और पलाश की शादी टूटी:क्रिकेटर ने स्टेटस लगाकर दी जानकारी, पलाश ने कहा- मूव ऑन करूंगा भारतीय महिला टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने पलाश मुछाल के साथ शादी टलने के बाद चुप्पी तोड़ी है। मंधाना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लंबा बयान जारी किया और इस बात की जानकारी दे दी है कि पलाश मुछाल के साथ उनकी शादी रद्द हो गई है। वहीं पलाश ने भी इंस्टाग्राम स्टोरी लगाई और लिखा कि जिंदगी में मूव ऑन करूंगा। पूरी खबर पढ़ें…

