अमेरिका में 1970 की बंगाली फिल्म ‘अरण्येर दिन रात्रि’ को डिजिटल अवतार में री-लॉन्च किया गया है। मशहूर फिल्म निर्माता सत्यजित रे की इस फिल्म को नए 4के रूप में मैनहैटन के प्रसिद्ध आर्ट‑हाउस सिनेमाघर फिल्म फोरम में दो हफ्ते के लिए दोबारा दिखाया जा रहा है। पुरानी फिल्मों को संरक्षित करने वाली संस्था ‘द फिल्म फाउंडेशन’, फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन और जानस फिल्म्स ने मिलकर इसे नए रूप में सजाया-संवारा है। इसे पिछले साल न्यूयॉर्क फिल्म फेस्टिवल में दिखाया गया था और अब आम दर्शकों के लिए यह खुला है। कोलकाता के शहरी माहौल में रहे चार दोस्तों की मस्ती के पीछे छिपी पुरुष सत्ता और जातिगत अहंकार की कहानी पर आधारित अरण्येर दिन रात्रि 1970 में जितनी प्रासंगिक थी, आज भी उतनी ही सटीक है। फिल्म में कोलकाता (तब कलकत्ता) के उच्च जाति के पढ़े‑लिखे, अंग्रेजी बोलने वाले अविवाहित युवकों- अशीम, संजय, हरी और शेखर की कहानी है, जो शहर के शोर से दूर झारखंड में पलामू के जंगलों की यात्रा पर जाते हैं। यहां उनका सामना संथाल इलाके में आदिवासी समाज और गांवों से होता है। वे बिना बुकिंग सरकारी गेस्ट हाउस पर पहुंचकर चौकीदार को घूस देकर कमरे हथिया लेते हैं और हंसी उड़ाते हुए अंग्रेजी में कहते हैं- ‘भ्रष्टाचार के लिए ईश्वर को धन्यवाद।’ हॉलीवुड फिल्म समीक्षक जे. होबरमैन कहते हैं, ‘यह फिल्म केवल एक यात्रा की कहानी नहीं है, बल्कि यह बंगाल के मध्यम वर्ग का एक ऐसा चित्रण है, जो अपनी सुविधाओं के खोल में कैद है। इसका नया संस्करण आज की पीढ़ी को यह समझने में मदद करेगा कि क्यों सत्यजीत रे को विश्व सिनेमा का जादुई चितेरा कहा जाता है।’ ‘अरण्येर दिनरात्रि’ को 1970 में बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ‘गोल्डन बियर’ के लिए नामांकित किया गया था। इस फिल्म की शूटिंग झारखंड के जंगलों में हुई थी, जिसे रे ने अपनी जादुई दृष्टि से ‘मोहक जादुई जंगल’ जैसा बना दिया था। नई चमक के साथ पर्दे पर लौटी, आज भी जादू बरकरार री‑रिलीज के साथ एक तरह से सवाल भी लौट आया है- क्या भारतीय सिनेमा ने आज तक रे की इस फिल्म की तरह ईमानदारी से अपने ‘कन्फर्टेबल’ मध्य वर्ग, मर्दाना हठधर्मिता और आदिवासी समुदायों के प्रति नजरिये को स्क्रीन पर पूरी शिद्दत से रखा है? न्यूयॉर्क, लॉस एंजिलिस और अन्य शहरों के शो के बाहर युवा दर्शक जिस तरह फिल्म की पॉलिटिक्स और जेंडर पर चर्चा करते दिख रहे हैं, वे बताते हैं कि 1970 की यह यात्रा सिर्फ चार दोस्तों की पिकनिक नहीं, हमारी सामाजिक स्मृति की भी एक जरूरी वापसी है। नई चमक के साथ लौटी इस क्लासिकल फिल्म का जादू 56 साल बाद भी कायम है।
मशहूर वेब सीरीज ‘फौदा’ के क्रिएटर लियोर राज ने शुक्रवार को इजराइल के यरुशलम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात को बहुत बड़ा सम्मान बताया। लियोर राज ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत जैसे बड़े देश के प्रधानमंत्री से मिलना उनके लिए खास पल था। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि भारत में उनकी सीरीज को बड़ी संख्या में दर्शक देखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक्टिंग, प्रोडक्शन और आर्ट को सपोर्ट करते हैं। यह देखकर उन्हें अच्छा लगा। उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह बहुत सम्मान की बात है। हमें भारत में बहुत दर्शक मिलते हैं। आपके प्रधानमंत्री से यह सम्मान मिलना बड़ी बात है। वह अपने देश में कला और प्रोडक्शन को सपोर्ट करते हैं। हमें भी अपने देश में इससे सीख लेनी चाहिए। हम फिर से भारत के साथ काम करना चाहेंगे।” लियोर राज ने बताया कि उनकी सीरीज ‘फौदा’ का नेटफ्लिक्स प्रीमियर गोवा फिल्म फेस्टिवल में हुआ था। उन्होंने कहा कि वह फिर से भारत आना चाहते हैं और दोबारा ऐसा मौका मिलना चाहिए। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की इजराइल यात्रा के बाद शुक्रवार को भारत लौट आए। नौ साल में यह उनकी पहली इजराइल यात्रा थी। इस दौरान भारत और इजराइल ने अपने रिश्तों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप तक बढ़ाया। पॉलिटिकल थ्रिलर वेब सीरीज है ‘फौदा’ ‘फौदा’ एक इजराइली पॉलिटिकल थ्रिलर वेब सीरीज है। इसमें इजराइल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष को दिखाया गया है। अरबी भाषा में ‘फौदा’ का मतलब ‘अराजकता’ यानी Chaos होता है। सीरीज की कहानी इजराइल की एक गुप्त डिफेंस यूनिट मिस्तारविम के कमांडर डोरोन के आसपास घूमती है। डोरोन रिटायरमेंट के बाद फिर ड्यूटी पर लौटता है। उसका मकसद हमास के एक बड़े आतंकवादी, जिसे ‘द पैंथर’ कहा जाता है, को पकड़ना है। डोरोन को पहले लगा था कि वह मारा जा चुका है, लेकिन बाद में पता चलता है कि वह जिंदा है। हालांकि इसके किरदार काल्पनिक हैं, लेकिन कहानी असली घटनाओं से प्रेरित है। यह इजराइल की अंडरकवर यूनिट ‘दुवदेवन’ के अनुभवों पर आधारित है। सीरीज के निर्माता लियोर रज खुद इस यूनिट का हिस्सा रह चुके हैं और उन्होंने डोरोन का किरदार भी निभाया है। अब तक इसके चार सीजन आ चुके हैं। हर सीजन में 12 एपिसोड हैं। पांचवें सीजन की घोषणा भी हो चुकी है। इसकी कहानी 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमलों के बाद की स्थिति पर आधारित होगी।
पंजाबी सिंगर रमन लखेसर का गाना माई वर्ल्ड -2 फिर कंट्रोवर्सी में है। इसके लिरिक्स में से जाणदा निआणा की सियाणा बल्लिए, बादलां दा गढ़ थाना लंबी बल्लिए को हटा दिया गया है। गाने को सिंगर रमन लखेसर ने गाया है। 9 महीने पहले रिलीज हुए इस गाने पर पहले भी बादलों का नाम लेने पर कंट्रोवर्सी हो चुकी है। इस पर सिंगर ने कहा था कि ये लाइन किसी ने उससे नहीं डलवाई है, बल्कि वह इसी इलाके का रहने वाला है तो ये लाइन नेचुरली उसके दिमाग में आई थी तो गाने में डाली है। सिंगर ने बादलों की तारीफ के आरोपों को भी नाकारा था। अब यूथ अकाली दल ने इसे लेकर AAP सरकार को घेरा है। आरोप है कि आप की शह पर इस गीत से बादलों का नाम हटाया गया है। यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंझर ने एक्स पर वीडियो जारी कर कहा कि सरकार बादलों के नाम से बौखला चुकी है। अब गीतों पर सेंसिरशिप' लगाने जैसा काम किया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि एक गाने की लाइन को हटवाने से पंजाब के लोगों की भावनाएं नहीं बदली जा सकतीं। बता दें कि 9 महीने पहले रिलीज इस गीत को 20 मिलियन व्यू मिल चुके हैं। जानें यूथ अकाली दल ने सरकार पर क्या कहा
बॉलीवुड रैपर-सिंगर बादशाह ने हरियाणवी फॉक सॉन्ग टटीरी का रैप वर्जन रिकॉर्ड किया है। इसी सिलसिले में सिंगर अपनी टीम के साथ सोनीपत के गांव असदनपुर-नांदनोर पहुंचे, यहां उन्हें बैल-बुग्गी पर बैठाकर गांव की गलियों में घुमाया गया। सरपंच मुकेश उर्फ बल्लू के घर पर देसी खाना खाया। गांव के स्कूल में कार्यक्रम के दौरान मंच से घोषणा की गई कि सिंगर बादशाह असदनपुर व नांदनोर गांवों के सरपंचों का सम्मानित करेंगे। इस पर सिंगर ने माइक थामकर कहा-वैसे तो इन लोगों को मुझे सम्मानित करना चाहिए था। फिर मजाकिया अंदाज में बोले-मासूम शर्मा वाली वीडियो तो देखी ही होगी आपने…। असल में जींद में एक कार्यक्रम के दौरान हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने चिल्लाकर पूर्व सरपंच को मंच से उतार दिया था। जिसको लेकर बड़ा मुद्दा बना हुआ है। सरपंच एसोसिएशन ने सिंगर को माफी मांगने के लिए 3 दिन की मोहलत दे रखी है। ढोल के साथ बुग्गी पर बैठाकर लाए ग्रामीण सिंगर बादशाह के गांव में पहुंचने की सूचना से ग्रामीण जुट गए। गांव की सीमा पर ढोल बजाकर उनका स्वागत किया गया और फूलमालाएं पहनाई गई। अनुराज आंतिल, सरपंच राजवीर आंतिल सहित अन्य व्यक्तियों ने उनका अभिनंदन किया। गांव की एंट्री पर उनके लिए विशेष रूप से बैल-बुग्गी मंगवाई गई। बुग्गी पर गद्दे बिछाए गए और करीब 500 मीटर तक उन्हें बुग्गी में बैठाकर राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मैदान स्थित कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। बच्चों में दिखा जबरदस्त उत्साह बादशाह को देखने के लिए बच्चे दौड़ते हुए पहुंचे। कई बच्चे हाथों में उनके पोस्टर लिए खड़े नजर आए। कार्यक्रम स्थल तक पहुंचते-पहुंचते माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो चुका था। बच्चों ने उनके साथ फोटो क्लिक करवाई और सेल्फी लेने की होड़ लग गई। सरपंच के घर देसी पकवानों का आनंद गांव पहुंचने के बाद बादशाह ने सरपंच मुकेश उर्फ बल्लू के घर पर देसी भोजन का आनंद लिया। घर में सरपंच की पत्नी और उनकी मां मक्की की रोटी बनाती नजर आई। वीडियो में बादशाह पीछे खड़े होकर पूछते दिखाई दिए कि “सरसों का है या किसी और का…”, जिस पर जवाब मिला कि सरसों का साग है। बादशाह की टीम के हिमाचल से आए एक सदस्य ने पूछा कि आप क्या कहना चाहोगे, तो बादशाह ने हंसते हुए कहा, “आज तक तूने मुझे कुछ नहीं खिलाया है…” इसके बाद उन्होंने सरसों का साग, मक्की की रोटी, मक्खन और लस्सी के साथ भोजन किया। स्कूल को सोनी म्यूजिक सिस्टम किया भेंट गांव के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल असदपुर नांदनोर में विद्यार्थियों के लिए बादशाह ने 40 हजार रुपए का सोनी कंपनी का म्यूजिक सिस्टम गिफ्ट किया। हरियाणवी संस्कृति और संगीत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विद्यालय को यह स्पीकर सेट भेंट किया गया। मंच से बच्चों संग मस्ती, ‘पार्टी’ का एलान मंच से संबोधित करते हुए बादशाह ने बच्चों से पूछा कि आज स्कूल लगा था या छुट्टी थी। बच्चों ने जवाब दिया कि छुट्टी हो गई है। इस पर बादशाह ने कहा, “अब पार्टी करनी है… पार्टी करनी है तो शोर मचाओ…” हरियाणवी अंदाज में बच्चों ने जोरदार किलकी लगाई। उन्होंने मंच से एक बुजुर्ग ताऊ को आवाज देते हुए कहा, “राम-राम ताऊ… तन्ये पार्टी नहीं करनी के…” ‘टटीरी’ गीत पर डांस और लाइव प्रमोशन अपने नए गाने ‘टटीरी’ के प्रमोशन के दौरान बादशाह ने मंच से गीत प्ले किया और लिपसिंक करते हुए डांस किया। बच्चे भी जमकर थिरके। उत्साह देखते हुए बादशाह खुद स्टेज से नीचे उतर आए और बच्चों के बीच डांस करने लगे। उन्होंने बच्चों के बीच रैप किया। बच्चे झूमते नजर आए और खुशी जाहिर की। एक छोटी बच्ची को गोद में उठाकर भी उन्होंने डांस किया। इस दौरान कलाकार सिमरन भी उनके साथ मौजूद रही। उन्होंने इस गीत का एक वीडियो सोशल मीडिया अकाउंट पर डालकर बताया है कि उनका यह गीत 1 मार्च को यह गीत रिलीज होगा। सरपंच विवाद के बीच मासूम शर्मा का जिक्र कार्यक्रम के दौरान सरपंच रणवीर सिंह मंच संभाले हुए थे। उन्होंने कहा कि बादशाह ने गांव को जो प्रेरणा दी है, उसके लिए पूरा गांव आभारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वह हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे संसार की शान हैं।सरपंच रणवीर सिंह उर्फ नाना ने कहा कि असदपुर और नांदनोर एक ही गांव हैं और दोनों का एक ही सरकारी स्कूल है। दोनों सरपंचों को बादशाह सम्मानित करेंगे। बादशाह ने मजाकिया अंदाज में कहा कि “वैसे तो इन्हें मुझे सम्मानित करना चाहिए…” रणवीर सिंह ने जवाब दिया कि बादशाह को पहले ही सम्मानित किया जा चुका है और “हम उल्हाणा नहीं ओटेंगे…”बादशाह ने रणवीर सिंह और बल्लू प्रधान को पटका पहनाकर सम्मानित किया। इसी बीच बादशाह ने माइक लेकर कहा, “मासूम शर्मा वाली वीडियो देखी है ना…” इतना सुनते ही भीड़ में किलकियां गूंज उठी। बता दें कि इन दिनों मासूम शर्मा और सरपंचों के बीच विवाद चर्चा में है। वहीं मंच पर सरपंचों को सम्मानित करवाए जाने के दौरान बादशाह ने इसी संदर्भ में मंच से मासूम शर्मा के वीडियो को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की गई, जिसकी गांव में खूब चर्चा रही। ग्राम प्रतिनिधियों ने किया सम्मान गांव पहुंचने पर सरपंच रणवीर उर्फ नाना, सरपंच मुकेश उर्फ बल्लू, जिला प्रसाद संत कुमार अंतिल और राजबीर अंतिल एडवोकेट सहित अन्य गणमान्य लोगों ने बादशाह का स्वागत किया।ग्राम प्रतिनिधियों और आयोजन समिति की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया। उनके इस दौरे से बच्चों और ग्रामीणों में संगीत के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा देखने को मिली। क्या है ‘टटीरी’ लोकगीत ‘टटीरी’ एक लोकप्रिय पारंपरिक हरियाणवी लोकगीत है, जिसमें मंडेर (छत के किनारे) पर बैठी टटीरी पक्षी को संबोधित किया जाता है। यह गीत खुशी, लोक जीवन और घरेलू रिश्तों को दर्शाता है।लोकगीत की चर्चित पंक्तियां—“म्हारे री मंडेरे पै बोली ऐ टटीरी”“सोने के चोंच घडवा दूँ, टटीरी जय टीरी मेरा राजा सुनेगा”“घूंटी दूँ घूंटी दूँ करे टीरी” यह गीत आमतौर पर शादियों और पारिवारिक आयोजनों में गाया जाता है। इसमें टटीरी को संदेशवाहक मानकर घर के लोगों के बारे में भाव व्यक्त किए जाते हैं। हरियाणवी लोकधुन को नए अंदाज में पेश करने के लिए बादशाह का यह कवर सांग अब रिलीज से पहले ही चर्चा में आ गया है। अब जानते हैं बादशाह का हरियाणा से क्या नाता परिवार मूलरूप से करनाल के गांव उचानी का बादशाह का असली नाम आदित्य प्रताप सिंह सिसौदिया है। उनका जन्म 19 नवंबर 1985 को दिल्ली में हुआ था। उनका परिवार मूलरूप से हरियाणा के करनाल जिले के उचानी गांव से ताल्लुक रखता है। पिता सरकारी नौकरी में थे। दिल्ली के बाल भारती पब्लिक पीतमपुरा से पढ़ाई की। बाद में पीईसी चंडीगढ़ से सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। इसी दौरान संगीत में रुचि जगी और रैप लिखना शुरू किया। बादशाह की शादी जैस्मिन से हुई। दोनों की एक बेटी है, जिसका नाम जेसीमी ग्रेस मसीह सिंह है। हालांकि कुछ समय पहले पति-पत्नी का अलगाव हो गया और अब रैपर बेटी के साथ समय बिताते हैं। हनी सिंह के ग्रुप से मिली शुरुआती पहचान बादशाह ने अपने करियर की शुरुआत यो यो हनी सिंह के ग्रुप माफिया मुंडीर से की थी। बाद में उन्होंने अलग होकर खुद का सफर शुरू किया और आज बॉलीवुड के बड़े रैपर्स में गिने जाते हैं।
70वें फिल्मफेयर साउथ अवॉर्ड्स में एक्टर अल्लू अर्जुन को फिल्म ‘पुष्पा 2’ के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला। एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर ने अल्लू अर्जुन को फूलों का बुके भेजा और एक नोट भी लिखा। उन्होंने लिखा, “सर, फिल्मफेयर में बेस्ट एक्टर अवॉर्ड जीतने पर दिल से बधाई। यह सम्मान आपके लिए पूरी तरह सही है। आपकी मेहनत, गहराई और हर परफॉर्मेंस में दिखने वाली एनर्जी प्रेरित करती है।” अल्लू अर्जुन ने इस बुके की तस्वीर इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की। उन्होंने जवाब में लिखा, “बहुत-बहुत धन्यवाद मृणाल। आपका मैसेज बहुत प्यारा है। उम्मीद है किसी दिन आपके साथ काम करने का मौका मिलेगा।” इससे पहले उन्होंने अवॉर्ड सेरेमनी की भी झलक सोशल मीडिया पर शेयर की थी। उन्होंने लिखा, “फिल्मफेयर का धन्यवाद इस सम्मान के लिए। यह मेरे लिए खास है। मैं यह अवॉर्ड अपने फैंस को समर्पित करता हूं, जिनका प्यार हमेशा मेरे साथ है।” फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में ‘पुष्पा 2’ ने कई अवॉर्ड जीते बता दें कि फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ 2026 में ‘पुष्पा 2’ ने 5 अवॉर्ड जीते। सुकुमार को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला। नवीन यरनेनी और वाई रवि शंकर को बेस्ट फिल्म का सम्मान मिला। देवी श्री प्रसाद को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर और रामकृष्ण और मोनिका को बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन का अवॉर्ड मिला। बता दें कि यह फिल्म 2024 में रिलीज हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। यह 2021 की फिल्म ‘पुष्पा: द राइज’ का सीक्वल है। फिल्म में अल्लू अर्जुन के साथ रश्मिका मंदाना, फहाद फासिल, जगपति बाबू, सुनील और राव रमेश नजर आए थे। टीम अब ‘पुष्पा’ के तीसरे पार्ट की तैयारी में है।
उदयपुर में गुरुवार को एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना और एक्टर विजय देवरकोंडा शादी के बंधन में बंध गए। शादी की तस्वीरें सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस के साथ कई बॉलीवुड और साउथ सितारों ने दोनों को शुभकामनाएं दीं। एक्ट्रेस सामंथा रुथ प्रभु ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर कपल की फोटो शेयर कर शुभकामनाएं दीं। करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “आप दोनों को बधाई। आने वाले साल खुशियों और प्यार से भरे हों।” साउथ एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश ने लिखा, “आप दोनों को शादी की बधाई। जिंदगी भर प्यार और खुशियां मिलें।” कृति सेनन ने भी तस्वीर पोस्ट कर लिखा कि फोटो में प्यार और खुशी साफ नजर आ रही है। उन्होंने दोनों के लिए खूबसूरत यादों और साथ भरी जिंदगी की कामना की। कृति ने रश्मिका के लिए लिखा कि उनकी मुस्कान और आंखों के आंसू ने उन्हें भावुक कर दिया। बता दें कि कृति और रश्मिका जल्द फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में साथ नजर आएंगी। अनुपम खेर ने रश्मिका की पोस्ट में कमेंट करते हुए लिखा, “बधाई हो! प्यार और प्रार्थना हमेशा।” कल्याणी ने शादी को दोस्ती पर आधारित बताया एक्ट्रेस कल्याणी प्रियदर्शन ने रश्मिका और विजय की शादी पर खास पोस्ट शेयर किया। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शादी की तस्वीर लगाते हुए लिखा कि आज उन्होंने एक दयालु लड़की को अपने सबसे अच्छे दोस्त से शादी करते देखा। उन्होंने बताया कि जब रश्मिका उनकी ओर बढ़ रही थीं और विजय पीछे मुड़कर इंतजार कर रहे थे, तब हर कदम में भावनाएं साफ नजर आ रही थीं। कल्याणी ने लिखा कि उनकी धीमी सांसें और आंखों में आए आंसू सब कुछ बयां कर रहे थे। उन्होंने इस रिश्ते को प्यार, सम्मान और गहरी दोस्ती पर बना बताया। आखिर में उन्होंने दोनों को शादी की बधाई देते हुए लिखा कि यह उनकी जिंदगी की सबसे खूबसूरत शुरुआत हो। श्रीलीला ने स्टोरी पर फोटो शेयर कर दोनों को शादी की बधाई दी। पुलकित सम्राट ने तस्वीर शेयर कर लिखा, “आप दोनों खूबसूरत लोगों को शादी की बधाई।” एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी ने भी शादी की तस्वीर शेयर कर बधाई दी। भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह ने लिखा, “दो खूबसूरत आत्माएं, हमेशा के लिए एक कहानी।” एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह ने दुआ दी कि दोनों के दिल हमेशा जुड़े रहें और उनका घर शांति और खुशी से भरा रहे। रश्मिका ने पति विजय के लिए स्पेशल पोस्ट लिखा शादी के बाद रश्मिका और विजय ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फोटो शेयर की। रश्मिका ने विजय के लिए स्पेशल पोस्ट करते हुए लिखा, मेरे प्रिय लोगों, आपको अपने पति से मिलवाती हूं। वो आदमी जिसने मुझे, सिखाया कि सच्चा प्यार कैसा होता है, वो आदमी जिसने मुझे, दिखाया कि शांति में रहना कैसा होता है,वो आदमी जिसने मुझे, हर दिन कहा कि बड़े सपने देखना बिल्कुल ठीक है और लगातार मुझसे कहा कि मैं उससे कहीं ज्यादा हासिल कर सकती हूं, जितना मैं सोच भी नहीं सकती।वो आदमी जिसने, मुझे कभी ऐसे नाचने से नहीं रोका जैसे कोई देख नहीं रहा हो..वो आदमी जिसने मुझे, दिखाया कि दोस्तों के साथ घूमना सबसे अच्छी चीज है और यकीन मानिए मैं इस आदमी पर एक किताब लिख सकती हूं!मैं वो औरत बन गई हूं, जिसका मैंने हमेशा सपना देखा था, क्योंकि तुमने उसे वो बनाया जो वो आज है।मैं सच में धन्य हूं। एक्ट्रेस ने आगे लिखा, विज्जू, तुम्हारे लिए मेरी भावनाओं को बताने के लिए मेरे पास हमेशा शब्द कम पड़ जाते हैं। मैंने हमेशा तुमसे यही कहा है।लेकिन तुम्हें पता है, अचानक मेरी सारी उपलब्धियां, संघर्ष, खुशी, दुख, आनंद, जिंदगी - सब कुछ अब बहुत ज्यादा समझ में आने लगा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मेरे पास तुम हो मैं बहुत उत्साहित हूं, आपकी पत्नी कहलाने के लिए। अब पूरी पार्टी का समय है,चलो साथ में सबसे अच्छी जिंदगी बिताते हैं।आई लव यू वहीं विजय देवरकोंडा ने लिखा, उसे इस तरह मिस किया कि अगर वह आस-पास होती तो मेरा दिन बेहतर होता। अगर वह मेरे सामने बैठी होती तो मेरा खाना ज्यादा हेल्दी लगता। अगर वह मेरे साथ वर्कआउट करती तो मेरा वर्कआउट ज्यादा मजेदार और कम सजा वाला होता। जैसे मुझे उसकी जरूरत थी- बस घर जैसा और शांति महसूस करने के लिए, चाहे मैं कहीं भी रहूं। देखिए शादी की 11 फोटोज… विजय-रश्मिका की शादी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- उदयपुर में पुष्पा फिल्म की हीरोइन की शादी, PHOTOS:रश्मिका ने साउथ स्टार विजय संग फेरे लिए; तेलुगु-कोडवा रीति-रिवाज से रस्में हुईं पुष्पा फिल्म की हीरोइन रश्मिका मंदाना और साउथ के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा ने गुरुवार को उदयपुर में शादी की। रश्मिका मंदाना कर्नाटक के कोडवा और विजय देवरकोंडा तेलुगु के हिंदू परिवार से आते हैं। इस वजह से सुबह तेलुगु और शाम को कोडवा रीति-रिवाज से रस्में हुईं। (पढ़िए पूरी खबर) विजय-रश्मिका ने शादी से पहले खेला क्रिकेट मैच, दूल्हा-दुल्हन की टीम रही आमने-सामने; पूल पार्टी भी की साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी की रस्में 24 फरवरी से शुरू हो गई थीं। दूल्हा और दुल्हन ने होटल में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच खेला था। (पूरी खबर पढ़ें) शादी के लिए रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा उदयपुर पहुंचे, 26 फरवरी को ITC मोमेंटोज होटल में फेरे लेंगे साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना 23 फरवरी को उदयपुर पहुंच गए थे। यहां से सीधे होटल के लिए रवाना हुए थे। (पढ़िए पूरी खबर)
उदयपुर में फिल्म ‘पुष्पा’ की हीरोइन रश्मिका मंदाना और साउथ स्टार विजय देवरकोंडा शादी के बंधन में बंध गए। दोनों ने शादी के बाद डीजे नाइट की, जिसमें साउथ से आए उनके दोस्त और परिवार के लोग शामिल हुए। शादी में रश्मिका ने सिंदूरी रंग की गोल्डन बॉर्डर वाली साड़ी पहनी। उनका दक्षिण भारतीय दुल्हन का क्लासिक लुक था। माथे पर सोने की पट्टी और हार पहना। मंगलसूत्र पहनाने की रस्म के दौरान रश्मिका की आंखों में खुशी के आंसू थे। वहीं विजय देवरकोंडा ने धोती और कंधे पर सिंदूरी लाल रंग का दुपट्टा पहना। दोनों अपने पारंपरिक परिधान में खूबसूरत लग रहे थे। परिवार ने नजर से बचाने के लिए दोनों के चेहरे पर काला टीका लगाया था। आज दूल्हा-दुल्हन, परिवार के सदस्य और सभी मेहमान हैदाराबाद के लिए रवाना होंगे। अब वहां 3-4 मार्च को रिसेप्शन दिया जाएगा, जिसमें बॉलीवुड, साउथ फिल्म इंडस्ट्री की सेलिब्रिटी और कई राजनीतिक हस्तियां शामिल होंगी। शादी के बाद एक-दूसरे के लिए लिखा था मैसेज शादी के बाद रश्मिका और विजय ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फोटो शेयर की और मैसेज लिखा। रश्मिका ने लिखा- “Hi my loves, introducing to you now 'My Husband', यानी मेरे प्रिय लोगों, आपको अपने पति से मिलवाती हूं।” विजय देवरकोंडा ने लिखा- ‘उसे इस तरह मिस किया कि अगर वह आस-पास होती तो मेरा दिन बेहतर होता। जैसे मुझे उसकी जरूरत थी- बस घर जैसा और शांति महसूस करने के लिए, चाहे मैं कहीं भी रहूं।’ डीजे नाइट में किया डांस होटल मेंमेटोस एकाया में शादी के बाद डीजे नाइट हुई। इसके लिए खासतौर पर फेमस डीजे गणेश (गणेश रंगनाथन) को बुलाया गया था। डीजे पर साउथ की फिल्मों और रश्मिका की बॉलीवुड फिल्म ‘एनिमल’, ‘छावा’ के गाने भी बजे। रश्मिका की साउथ की सुपरहिट फिल्म ‘पुष्पा’ का गाना 'श्रीवल्ली' भी डीजे पर बजाया गया। आज परिवार के साथ रवाना होंगे दोनों रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा 23 फरवरी को उदयपुर आ गए थे। 4 दिन होटल मेंमेटोस एकाया में प्री-वेडिंग और वेडिंग फंक्शन हुए। प्री-वेडिंग में दोनों के परिवार और दोस्तों के बीच ‘VIROSH प्रीमियर लीग’ मैच हुआ। पूल पार्टी और डिनर हुआ। 25 फरवरी से शादी के फंक्शन शुरू हुए थे। 4 दिन बाद अब दोनों, उनके परिवार और दोस्त हैदारबाद रवाना होंगे। देखिए, शादी से जुड़ी PHOTOS… … रश्मिका-विजय की शादी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- उदयपुर में पुष्पा फिल्म की हीरोइन की शादी, PHOTOS:रश्मिका ने साउथ स्टार विजय संग फेरे लिए; तेलुगु-कोडवा रीति-रिवाज से रस्में हुईं पुष्पा फिल्म की हीरोइन रश्मिका मंदाना और साउथ के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा ने गुरुवार को उदयपुर में शादी की। (पढ़िए पूरी खबर) एक्टर विजय देवरकोंडा-रश्मिका मंदाना की हल्दी की रस्म हुई:म्यूजिक पार्टी में साथ में किया डांस, शादी में शामिल होने आए 'एनिमल' के डायरेक्टर उदयपुर में एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की 25 फरवरी को हल्दी सेरेमनी हुई थी। (पढ़िए पूरी खबर) विजय-रश्मिका ने शादी से पहले खेला क्रिकेट मैच, दूल्हा-दुल्हन की टीम रही आमने-सामने; पूल पार्टी भी की साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी की रस्में 24 फरवरी से शुरू हो गई थीं। दूल्हा और दुल्हन ने होटल में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच खेला था। (पूरी खबर पढ़ें)
पंजाबी सिंगर करन औजला दिल्ली में ‘पी पॉप कल्चर इंडिया टूर’ से पहले मुश्किल में फंस गए हैं। औजला इस शो में अपने कई हिट सॉन्ग नहीं गा पाएंगे। वो यहां अपने कई हिट गाने जैसे ‘अधिया’, ‘चिट्टा कुर्ता’, ‘एल्कोहल 2’, ‘फ्यू डे’ और ‘बंदूक’ पर परफॉर्म करने वाले थे। दरअसल, साउथ ईस्ट दिल्ली की चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने औजला के गानों को लेकर शो के आयोजकों को नोटिस जारी किया है। नोटिस में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा गया कि लाइव शो में शराब और ड्रग को ग्लोरिफाई करने वाले गाने नहीं गाने चाहिए। इस संबंध में चंडीगढ़ के प्रोफेसर धरनेरव राव ने एक आवेदन दायर किया था। उन्होंने मांग की थी कि ऐसे गानों से शराब की खपत, ड्रग्स के इस्तेमाल, गन कल्चर और महिलाओं के प्रति असम्मान को बढ़ावा मिलता है, इसलिए इन पर रोक लगाई जानी चाहिए। अब जानिए क्या है पूरा मामला…
‘द केरल स्टोरी’ के पहले भाग ने देशभर में तीखी बहस को जन्म दिया था। फिल्म को लेकर राजनीतिक, सामाजिक और वैचारिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। अब इसका दूसरा भाग एक नई कहानी और नए किरदारों के साथ दर्शकों के सामने आने वाला है। फिल्म के इस भाग में अभिनेता सुमित गहलावत सलीम नामक एक अहम और परतदार किरदार निभा रहे हैं। लगभग 12 वर्षों से इंडस्ट्री में सक्रिय सुमित का कहना है कि यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने फिल्म, विवाद, संघर्ष और अपने सफर पर खुलकर बात की हैं। आपकी फिल्में, जैसे द केरल स्टोरी और बस्तर: द नक्सल स्टोरी, अक्सर राजनीतिक और वैचारिक बहस को जन्म देती हैं। एक कलाकार के रूप में आप इन प्रतिक्रियाओं और विवादों को किस नजरिए से देखते हैं? मैं व्यक्तिगत रूप से हर फिल्म को सिर्फ सिनेमा के रूप में देखता हूं। एक अभिनेता के तौर पर मेरा काम है अपने किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाना। विषय राजनीतिक है, सामाजिक है या विवादित है यह लेखक और निर्देशक का दृष्टिकोण होता है। मैं स्क्रिप्ट पढ़ते समय यही देखता हूं कि मेरे किरदार में कितनी गहराई है, कितनी चुनौती है और मैं उसमें कितना सच्चापन ला सकता हूं। मैं इस इंडस्ट्री में इसलिए आया हूं ताकि अलग-अलग तरह के रोल निभा सकूं। इसलिए मेरा चयन हमेशा भूमिका और स्क्रिप्ट के आधार पर होता है, किसी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर नहीं। ऐसी फिल्मों में ‘प्रोपेगेंडा बनाम सच्चाई’ की बहस शुरू हो जाती है। क्या यह आपको प्रभावित करती है? बहस होना स्वाभाविक है, लेकिन कभी-कभी दुख इस बात का होता है कि अभिनय की चर्चा पीछे रह जाती है। हम कलाकार महीनों तैयारी करते हैं, मानसिक रूप से किरदार में उतरते हैं, कई सालों के संघर्ष के बाद ऐसे मौके मिलते हैं। जब फिल्म रिलीज होती है तो चर्चा कहानी से ज्यादा राजनीतिक एंगल पर होने लगती है। मैं राजनीति में नहीं पड़ता। मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि लोग यह भी देखें कि कलाकार ने अपना काम कितनी ईमानदारी से किया है। फिल्म के ट्रेलर को लेकर अनुराग कश्यप और प्रकाश राज जैसे फिल्मी हस्तियों ने आलोचना की। इस पर आपका क्या कहना है? मैं इस पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देना चाहूंगा। हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। जरूरी नहीं कि हर फिल्म या ट्रेलर सबको पसंद आए। कई बार हमें भी कोई ट्रेलर पसंद नहीं आता और हम आपस में खुलकर बोल देते हैं। अगर किसी को अच्छा नहीं लगा तो यह उनकी व्यक्तिगत पसंद है। बहुत से लोग तारीफ भी कर रहे हैं। जो अच्छा कह रहे हैं, उनका भी सम्मान है और जो आलोचना कर रहे हैं, उनका भी। हमारा काम है मेहनत करना और आगे और बेहतर करने की कोशिश करना। ट्रेलर में दिखाए गए एक ‘बीफ’ से जुड़े दृश्य को लेकर विवाद हुआ। क्या उस सीन को हटाने या बदलने पर कोई चर्चा हुई? ऐसे फैसले पूरी तरह निर्देशक और निर्माता के होते हैं। एक अभिनेता के रूप में हमारा काम है कि जो सीन हमें दिया गया है, उसे पूरी सच्चाई और प्रभाव के साथ निभाएं। वह दृश्य भावनात्मक रूप से कठिन था। लेकिन अगर दर्शक मेरे किरदार सलीम से नफरत महसूस करते हैं, तो एक अभिनेता के रूप में मैं समझूंगा कि मैंने अपना काम सही तरीके से किया। नेगेटिव किरदार को इस तरह निभाना कि वह वास्तविक लगे यही अभिनय की सफलता है। द केरला स्टोरी पार्ट 2 में आपका किरदार कितना अलग है? इस बार कहानी पूरी तरह नई है। मैं सलीम का किरदार निभा रहा हूं। यह एक लेयर्ड रोल है। शुरुआत में वह पढ़ा-लिखा, समझदार और सभ्य व्यक्ति दिखाई देता है, लेकिन परिस्थितियों के साथ उसका दूसरा रूप सामने आता है। यह किरदार केवल पूरी तरह नकारात्मक या सकारात्मक नहीं है। उसकी एक यात्रा है एक बदलाव है। उस जर्नी को निभाना मेरे लिए बेहद रोचक और चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा। नेगेटिव रोल करने से क्या इमेज या फैन बेस पर असर पड़ सकता है? बिल्कुल नहीं। एक अभिनेता का काम हर तरह के भाव निभाना है। अगर आप उदाहरण देखें तो मनोज बाजपेयी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकारों ने सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की भूमिकाएं की हैं। आज दर्शक समझदार हैं। वे जानते हैं कि अभिनेता और उसका किरदार अलग होते हैं। नेगेटिव रोल में अक्सर ज्यादा चैलेंज होता है और अभिनेता को अपने अभिनय की रेंज दिखाने का मौका मिलता है। एक आउटसाइडर के तौर पर इंडस्ट्री में आपका संघर्ष कैसा रहा? जब मैं मुंबई आया तो मुझे शहर की बुनियादी जानकारी भी नहीं थी। ऑडिशन के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था। कई बार ‘फिट नहीं’ कहकर मना कर दिया जाता था। मैंने शुरू से तय कर लिया था कि कम से कम 10 साल इस इंडस्ट्री को देने होंगे। यहां कोई गारंटी नहीं है। एक फिल्म मिलने का मतलब यह नहीं कि दूसरी भी मिल जाएगी। हर स्तर पर खुद को साबित करना पड़ता है। धैर्य सबसे जरूरी है। अगर धैर्य नहीं है, तो इस क्षेत्र में टिक पाना मुश्किल है। दर्शकों के लिए द केरला स्टोरी पार्ट 2 खास क्यों है और उन्हें यह फिल्म देखने के लिए क्या संदेश या अनुभव मिलेगा? यह फिल्म बहुत मेहनत से बनी है। निर्देशक से लेकर तकनीकी टीम और कलाकारों तक, सभी ने पूरी लगन से काम किया है। हम नए कलाकार हैं और हमारे लिए दर्शकों का भरोसा बहुत मायने रखता है। हम बस यही चाहते हैं कि दर्शक एक मौका दें। अगर उन्हें हमारा काम पसंद आए, तो वही हमारी सबसे बड़ी सफलता होगी।
सूरज बड़जात्या एक बार फिर प्रेम और पारिवारिक मूल्यों की अपनी विशिष्ट दुनिया के साथ दर्शकों के सामने हैं। अपने नए शो ‘संगमरमर’ के जरिए वह बदलते समय में रिश्तों की गहराई और भावनाओं की निरंतरता को नए अंदाज में प्रस्तुत कर रहे हैं। 25 वर्षों में फैली यह प्रेम यात्रा सिर्फ दो लोगों की कहानी नहीं, बल्कि उन संवेदनाओं का विस्तार है जो पीढ़ियों को जोड़ती हैं। जियो स्टूडियोज के सहयोग से बनी यह श्रृंखला टेलीविजन और ओटीटी के बीच एक सेतु बनाने की कोशिश भी है, जहां पारिवारिक दर्शक और नई पीढ़ी एक साथ जुड़ सकें। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में सूरज बड़जात्या ने प्रेम की बदलती परिभाषाओं पर खुलकर अपनी बात रखी। उनका मानना है कि दौर चाहे कोई भी हो, हर इंसान के भीतर सच्चे प्रेम और सम्मान की चाह समान रहती है। एक्शन और शोर-शराबे के बीच भी भावनात्मक कहानियों की अपनी जगह होती है,बशर्ते उनमें सच्चाई और विश्वास हो। बड़जात्या का विश्वास है कि अच्छी कहानी अंततः अपना रास्ता खुद बना लेती है और परिवार संग देखे जाने वाली फिल्मों की मांग आज भी कायम है। पेश है सूरज बड़जात्या से हुई बातचीत के कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: ‘संगमरमर’ आपके लिए कितनी खास है? इसमें आपका क्या जुड़ाव है? जवाब: ‘संगमरमर’ मेरे बहुत करीब है, क्योंकि यह मेरे पिता की पसंदीदा कहानियों में से एक रही है। मैं जियो स्टूडियोज का आभारी हूं कि वे हमारे पास आए और उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा प्रोजेक्ट बनाना है जो टेलीविजन और ओटीटी के बीच सेतु का काम करे। ऐसा कंटेंट जो दोनों माध्यमों पर समान रूप से चले और लोगों को जोड़ सके। इसके बाद हम सब बैठे, लेखिका रजनीता शर्मा जी जुड़ीं और करीब आठ-नौ महीनों तक इस कहानी को गढ़ते रहे। यह अमृता और आदित्य की 25 वर्षों की प्रेम-यात्रा है, जो 1998 में आगरा की गलियों से शुरू होती है। अंताक्षरी के बहाने मुलाकात, फिर परिस्थितियों के कारण शादी न हो पाना, और उसके बाद भी साथ निभाते हुए 25 सालों का सफर। इस यात्रा में जन्म है, मृत्यु है, खुशियां हैं, रक्तचाप की परेशानियां हैं, चिंता के दौरे हैं, सब कुछ है। यह एक परतदार प्रेम कहानी है। ‘संगमरमर’ उस रिश्ते की पवित्रता का प्रतीक है, जो समय के साथ फीका नहीं पड़ता। सवाल : आज के दौर में प्रेम की परिभाषा बदल रही है। ऐसे समय में ‘संगमरमर’ कितनी प्रासंगिक है? जवाब: मेरा मानना है कि हर व्यक्ति के भीतर यह इच्छा होती है कि कोई उसे सच्चा प्रेम करे, सम्मान दे और जिसके साथ वह अपने मन की बातें बांट सके। यह आवश्यकता कभी समाप्त नहीं होती। हम सब सपने देखते हैं। अगर प्रेम के सपने खत्म हो जाएं, तो न ‘सैयारा’ चलेगी, न ‘मैंने प्यार किया’, न ‘हम आपके हैं कौन’। लोग बार-बार इन फिल्मों को इसलिए देखते हैं क्योंकि वे प्रेम का सपना दिखाती हैं। आज समाज में अविश्वास और तनाव अधिक है, इसलिए लोग अपने चारों ओर एक सुरक्षा-घेरा बना लेते हैं। यह स्वाभाविक है, लेकिन मूल भावना वही है,प्रेम और भरोसा। ऐसी कहानियां हमें याद दिलाती हैं कि भरोसा करना जरूरी है और प्रेम अब भी प्रासंगिक है। सवाल : आपकी सादगी और मासूमियत आज भी बरकरार है। आप बाहरी शोर से खुद को कैसे अलग रखते हैं? जवाब: यह उम्र के साथ अपने आप होता है। समय सिखा देता है कि अंत में वही चीजें मायने रखती हैं जो सच्ची हैं, बाकी सब अहंकार है। मैं चाहता हूं कि जितना समय है, उसमें और कहानियां बनाऊं, ताकि लोग समझ सकें कि जीवन में रिश्ते ही सबसे महत्वपूर्ण हैं। पति-पत्नी महीनों बात नहीं करते, लेकिन कोई परामर्शदाता आकर समस्या हल नहीं करेगा। उन्हें स्वयं ही पहल करनी होगी। अगर आपने इस दुनिया में एक बच्चे को जन्म दिया है, तो आपको लड़ने का अधिकार नहीं है। जिम्मेदारी और समझदारी जरूरी है। सवाल: आज जब एक्शन और बड़े पैमाने की फिल्में चल रही हैं, तब ‘संगमरमर’ जैसी भावनात्मक कहानी लाना क्या जोखिम नहीं है? जवाब: अच्छी कहानी अपनी जगह खुद बना लेती है। हर एक्शन फिल्म सफल नहीं होती और हर दक्षिण भारतीय फिल्म भी नहीं चलती। जो अच्छी होती है, वही दर्शकों तक पहुंचती है। मुझे एक प्रसंग याद है. अभिनेता डैनी साहब को बी. आर. चोपड़ा जी ने एक फिल्म में छोटा-सा दृश्य दिया था। उन्होंने कहा था कि एक दृश्य काफी है। वही दृश्य उन्हें पहचान दिलाने वाला बना। इसलिए अपनी छाप छोड़ने के लिए एक सशक्त क्षण ही पर्याप्त होता है। मेरी फिल्मों ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘हम साथ-साथ हैं’, ‘विवाह’ को शुरुआत में व्यापारिक दृष्टि से संदेह मिला, लेकिन समय के साथ वे दर्शकों के दिलों में बस गईं। यदि आज भी लोग रविवार को परिवार के साथ तीन-तीन घंटे की फिल्म देखते हैं, तो इसका अर्थ है कि ऐसी कहानियों की मांग अब भी है। सवाल : ओटीटी मंच पर पारिवारिक और महिला-केन्द्रित विषय लाना कितना चुनौतीपूर्ण रहा? जवाब:यह एक संघर्ष है, क्योंकि अक्सर माना जाता है कि पुरुष-केन्द्रित विषय ही अधिक चलते हैं। लेकिन जियो और जियो हॉटस्टार ने पूरा विश्वास दिखाया। उन्होंने कहा कि आप वही बनाइए जो बनाना चाहते हैं। हमने कभी यह सोचकर काम नहीं किया कि कितने दर्शक मिलेंगे या कितनी संख्या आएगी। जब संख्या का विचार हावी हो जाता है, तो ईमान डगमगा जाता है। ‘संगमरमर’ पूरी तरह विश्वास और निष्ठा से बनाई गई है। सवाल : आपकी कहानी कहने में संगीत का विशेष स्थान रहा है। ‘संगमरमर’ का संगीत कितना अलग होगा? जवाब: इस बार हमें पूरी स्वतंत्रता मिली। यह सोचकर कोई बंधन नहीं था कि किस क्षेत्र को पसंद आएगा या कौन-सी आवाज युवाओं को आकर्षित करेगी। हमने सीधे जड़ों से जुड़कर काम किया है। एक ओढ़नी का गीत है, जिसे हर्षदीप ने गाया है, वह पूरी तरह लोक-सुगंध से भरा है। होली का गीत है, जिसमें उत्तर भारत की असली होली का रंग और भाषा है। इसमें ‘नदिया के पार’ जैसी सादगी और मिट्टी की खुशबू है। यह प्रेम, रंग और संस्कृति का संपूर्ण मिश्रण है,एक विशुद्ध राजश्री की प्रस्तुति। सवाल: आपके जो चाहने वाले हैं आपकी फिल्मों का वो बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, उनको क्या कहना चाहोगे आप? जवाब: मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि पहले ‘संगमरमर’ देखिए, फिर मेरी फिल्म भी आने वाली है, उसके लिए समय है। सबसे बड़ी बात यह है कि यदि कोई युवा अपने दादा-दादी को यह कहानी दिखाए और कहे कि देखिए ऐसी भी एक दुनिया है, तो वही हमारे लिए पर्याप्त है।
टीवी की दुनिया से बॉलीवुड तक अपनी दमदार एक्टिंग और काबिलियत के बल अपनी एक अलग पहचान बना चुकी एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर के लिए यह सफर आसान नहीं था। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें डिमोटिवेटिंग और नकारात्मक अनुभवों का सामना करना पड़ा था। उनके लुक को देख कर कहा जाता था कि हिरोइन नहीं बन सकती हैं। ऐसे कमेंट्स सुनकर मृणाल घर पर आकार खूब रोती थीं। कई बार तो उन्होंने ट्रेन के नीचे कूदकर सुसाइड तक करने की सोची। ऐसे समय में मृणाल के घर वालों ने बहुत सराहा दिया। एक्ट्रेस ने कड़ी मेहनत और समर्पण से अपने स्ट्रगल का समाना किया। उनकी मेहनत रंग लाई और आज एक सक्सेसफुल एक्ट्रेस हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में आइए, जानते हैं अभिनेत्री मृणाल ठाकुर के करियर और लाइफ से जुड़ी ऐसी ही कुछ और खास बातें। जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि मृणाल ठाकुर का जन्म 1अगस्त 1992 को महाराष्ट्र के धुले में हुआ। उनके पिता उदय ठाकुर बैंक में कार्यरत थे, जिनकी नौकरी ट्रांसफरेबल थी। पोस्टिंग के कारण परिवार धुले से मुंबई शिफ्ट हो गया। मां वंदना ठाकुर गृहिणी हैं। परिवार में उनके एक बड़े भाई धवल ठाकुर और एक बड़ी बहन लोचन ठाकुर हैं। बहन एक मेकअप आर्टिस्ट के रूप में जानी जाती हैं, जबकि उनके भाई धवल ठाकुर इंजीनियर हैं और अभिनेता के रूप में काम करते हैं, खासकर जियो हॉटस्टार की वेब सीरीज 'ठुकरा के मेरा प्यार' से उन्हें पहचान मिली। धुले से मुंबई तक का सफर पिता की बैंक नौकरी के चलते परिवार ने मुंबई में स्थायी रूप से रहना शुरू किया। यही बदलाव मृणाल के जीवन का अहम मोड़ साबित हुआ, क्योंकि आगे की पढ़ाई और करियर की दिशा मुंबई से ही तय हुई। मुंबई में पढ़ाई और कॉलेज लाइफ मृणाल ने अपनी स्कूली शिक्षा मुंबई में पूरी की। इसके बाद उन्होंने मुंबई के KC College से मास मीडिया में ग्रेजुएशन शुरू किया। हालांकि एक्टिंग में बढ़ती व्यस्तता के कारण वह अपनी डिग्री पूरी नहीं कर सकीं। कॉलेज के दौरान ही उन्हें ऑडिशन और टीवी की दुनिया का अनुभव मिलने लगा था। डॉक्टर नहीं, जर्नलिस्ट बनने का सपना मृणाल के माता-पिता चाहते थे कि वह डेंटिस्ट बनें। उन्होंने एंट्रेंस परीक्षा भी पास कर ली थी, लेकिन उनका मन पत्रकारिता की ओर झुका। मुंबई आतंकी हमलों की रिपोर्टिंग से प्रेरित होकर वह क्राइम रिपोर्टर बनना चाहती थीं। पिता की अनुमति से उन्होंने जर्नलिज्म में एडमिशन लिया, मगर किस्मत उन्हें कैमरे के सामने ले आई। मजाक में दिया ऑडिशन, मिल गया पहला ब्रेक कॉलेज के दौरान मजाक-मजाक में दिए गए एक ऑडिशन ने मृणाल की जिंदगी बदल दी। उन्हें 2012 में स्टार प्लस के टीवी शो ‘मुझसे कुछ कहती... ये खामोशियां’ में काम करने का मौका मिला। यही उनका पहला बड़ा ब्रेक था, जिसने अभिनय के सफर की औपचारिक शुरुआत कर दी। मराठी सिनेमा से फिल्मी शुरुआत टीवी के बाद उन्होंने मराठी फिल्मों की ओर रुख किया। उनकी पहली मराठी फिल्म ‘Hello Nandan’ थी। इस फिल्म से उन्होंने बड़े पर्दे पर कदम रखा और क्षेत्रीय सिनेमा में अपनी पहचान बनानी शुरू की। परिवार की चिंता और सपोर्ट शुरुआत में परिवार को एक्टिंग करियर को लेकर चिंता थी, क्योंकि पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। जब काम और पढ़ाई साथ संभालना मुश्किल हुआ, तो पिता ने उन्हें एक स्पष्ट दिशा चुनने की सलाह दी। परिवार के समर्थन ने ही मृणाल को अपने फैसले पर टिके रहने की ताकत दी। ‘बुलबुल’ बनकर घर-घर पहचान टीवी शो ‘कुमकुम भाग्य’ में ‘बुलबुल’ के किरदार ने मृणाल को घर-घर में पहचान दिलाई। इस भूमिका के बाद वह दर्शकों के बीच ‘बुलबुल’ के नाम से मशहूर हो गईं और उनके करियर को नई ऊंचाई मिली। बॉडी शेमिंग, रिजेक्शन और डिप्रेशन का दौर हालांकि करियर की शुरुआत में मृणाल को लुक्स और फिगर को लेकर ताने सुनने पड़े। उन्हें गांव की लड़की और यहां तक कि मटका कहकर बुलाया गया। करियर के शुरुआती दिनों में मृणाल को लोकल ट्रेन से कूदकर आत्महत्या करने जैसे ख्याल भी आते थे। स्ट्रगल के दिनों में वह टाउन से अंधेरी तक लोकल ट्रेन और बस से सफर कर ऑडिशन देती थीं। इंफिनिटी मॉल के वॉशरूम में ड्रेस बदलकर ऑडिशन देना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। ‘लव सोनिया’ से बदली किस्मत साल 2018 में इंडो-अमेरिकन फिल्म ‘लव सोनिया’ ने उनके करियर को नया मोड़ दिया। फिल्म में उनके अभिनय की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई। यही उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। हालांकि जब फिल्मों के लिए मृणाल ऑडिशन दे रही थीं तब उन्हें यह कहकर रिजेक्ट कर दिया जाता था कि टीवी पर काफी एक्सपोज हो चुकी हैं, फिल्मों में कोई नहीं लेगा। मृणाल ठाकुर की फिल्म ‘लव सोनिया’ ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर आधारित थी। मृणाल ने बताया कि जब फिल्म के लिए कास्टिंग चल रही थी, तब उनका ऑडिशन एक ऐसे फोल्डर में बंद करके रख दिया गया था, जिस पर साफ लिखा था कि खोलना मना है। यानी वह फाइल जिसे देखा ही नहीं जाना था। हालांकि, फिल्म के निर्देशक तबरेज नूरानी ने वह फोल्डर खोला, ऑडिशन देखा और उन्हें पर्सनली मिलने के लिए बुलाया। आमने-सामने की बातचीत के बाद निर्देशक को यकीन हो गया कि वह सोनिया का किरदार निभा सकती हैं। लुक को लेकर करनी पड़ी मेहनत फिल्म में सोनिया एक गांव की सीधी-सादी लड़की है। इस किरदार के लिए एक्ट्रेस को अपने लुक को लेकर भी काफी समझाना पड़ा। उन्होंने बताया कि उन्हें निर्माता डेविड वोमार्क और टीम के बाकी सदस्यों को यह भरोसा दिलाना पड़ा कि मेकअप, हेयर स्टाइलिंग और तकनीकी मदद से किरदार के मुताबिक नैचुरल लुक दिया जा सकता है। उन्होंने टीम से खासतौर पर रिक्वेस्ट की कि उन्हें यह मौका दिया जाए। सिर्फ खूबसूरती काफी नहीं मृणाल कहती हैं- बाहरी दुनिया अक्सर सोचती है कि वह खूबसूरत है, सफल है, इसलिए उसे सब कुछ आसानी से मिल गया होगा। लेकिन सच्चाई यह है कि हर किसी को अपनी लाइफ में संघर्ष करना पड़ता है। सिर्फ खूबसूरती ही काफी नहीं होती, इसके लिए कई और चीजों की जरूरत होती है। शोहरत की कीमत भी चुकानी पड़ती है उन्होंने आगे कहा- कभी-कभी मैं सोचती हूं काश मैं एक आम लड़की की तरह जिंदगी जी पाती। शोहरत आपको छोटी-छोटी खुशियों का भी त्याग करने पर मजबूर कर देती है। सफलता और सुंदरता से परे, दिल में हमेशा एक आम इंसान की तरह जीने की चाहत रहती है। गंभीर अभिनेत्री के तौर पर पहचान, लेकिन स्ट्रगल जारी ‘लव सोनिया’ में मृणाल ठाकुर के इमोशनल और रॉ परफॉर्मेंस ने क्रिटिक्स और मेकर्स का ध्यान खींचा। लेकिन इस फिल्म का मृणाल को सिर्फ इतना फायदा हुआ कि उन्हें टीवी एक्ट्रेस के टैग से बाहर निकलने का मौका मिला। जबकि उनके बारे में कहा जाता था कि टीवी में काम करने की वजह से चेहरा इतना एक्सपोज हो जाता है कि फिल्मों में कोई सीरियसली नहीं लेगा। फिल्मों में मृणाल को दर्शकों ने स्वीकार तो किया, लेकिन ‘लव सोनिया’ के बाद भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा, लेकिन अब उन्हें बड़े बैनर्स में ऑडिशन के मौके मिलने लगे। ऐसे मिला ‘सुपर 30’ का मौका ‘लव सोनिया’ देखने के बाद कई फिल्ममेकर्स ने मृणाल को नोटिस किया। उसी दौरान डायरेक्टर विकास बहल अपनी फिल्म ‘सुपर 30’ के लिए एक नए चेहरे की तलाश में थे, जो किरदार में सादगी और मजबूती दोनों ला सके। मृणाल ने फिल्म के लिए ऑडिशन दिया। उनका टेस्ट इतना प्रभावशाली रहा कि उन्हें ऋतिक रोशन के अपोजिट लीड रोल के लिए चुन लिया गया। फिल्म में उन्होंने आनंद कुमार की पत्नी ‘सु्प्रिया’ का किरदार निभाया। इस किरदार के लिए मृणाल को तीन राउंड ऑडिशन देना पड़ा था। पहले राउंड मे बेसिक ऑडिशन हुआ था, जिसमें सीन परफॉर्म करवाया गया। दूसरे राउंड में इंटेंस सीन टेस्ट हुआ था, ताकि उनके इमोशनल रेंज को परखा जा सके। तीसरे राउंड के ऑडिशन में सुप्रिया के किरदार के लिए सादे और बिहारी लुक में स्क्रीन टेस्ट लिया गया। कैसे मिला ‘बटला हाउस’ में मौका? ‘सुपर 30’ के बाद मृणाल ठाकुर इंडस्ट्री में एक भरोसेमंद नई अभिनेत्री के रूप में देखी जाने लगी थीं। फिल्म में उनकी सादगी और इमोशनल परफॉर्मेंस ने मेकर्स का ध्यान खींचा। जब ‘बटला हाउस’ की कास्टिंग चल रही थी, तब डायरेक्टर निखिल आडवाणी और उनकी टीम एक ऐसे चेहरे की तलाश में थे जो रियलिस्टिक और जमीन से जुड़ा लगे। ‘सुपर 30’ में मृणाल का काम देखने के बाद उन्हें इस फिल्म के लिए अप्रोच किया गया। इस फिल्म में मृणाल ने जॉन अब्राहम की पत्नी का किरदार निभाया। जॉन अब्राहम के साथ उनकी जोड़ी को सराहा गया, खासकर उन दृश्यों में जहां परिवार और ड्यूटी के बीच भावनात्मक संघर्ष दिखाया गया। इस किरदार के लिए भी मृणाल को ऑडिशन देना पड़ा था। साउथ की फिल्म ‘सीता रामम’ से पैन-इंडिया पहचान मिली ‘लव सोनिया’ और सुपर 30’ में उनकी परफॉर्मेंस देखकर साउथ के फिल्ममेकर्स ने उन्हें नोटिस किया। उसी दौरान डायरेक्टर हन्नु राघवपुड़ी अपनी पीरियड लव स्टोरी ‘सीता रामम’ के लिए एक नए चेहरे की तलाश में थे, ऐसा चेहरा जो शाही अंदाज भी ला सके और मासूमियत भी। फिल्म में मृणाल को ‘सीता महालक्ष्मी’/‘नूरजहां’ का ड्यूल शेड वाला किरदार निभाना था, इसलिए मेकर्स उनके एक्सप्रेशन, स्क्रीन प्रेजेंस और क्लासिकल लुक को लेकर काफी सजग थे। आखिरकार, मृणाल की हिंदी फिल्मों में दिखी नैचुरल एक्टिंग, उनका सॉफ्ट लेकिन स्ट्रॉन्ग स्क्रीन प्रेजेंस मे क्लासिक ब्यूटी और 60 के दशक के लुक में फिट बैठा दिया। फिल्म रिलीज होते ही बड़ी हिट साबित हुई और मृणाल को पैन-इंडिया पहचान मिली। सच कहें तो इस फिल्म ने उन्हें सिर्फ एक्ट्रेस नहीं, बल्कि रोमांटिक आइकन बना दिया। मृणाल ठाकुर की आने वाली फिल्में मृणाल ठाकुर अब तक ‘घोस्ट स्टोरी', ‘तूफान’, ‘धमाका’, ‘जर्सी’, ‘गुमराह’ और ‘सन ऑफ सरदार 2’ जैसी कई प्रमुख फिल्मों में काम कर चुकी हैं। हाल ही में उनकी फिल्म ‘दो दीवाने शहर में’ सिद्धांत चतुर्वेदी के साथ रिलीज हुई है। इसके अलावा ‘डकैत: ए लव स्टोरी’, ‘है जवानी तो इश्क होना है’, ‘पूजा मेरी जान’ और ‘अल्लू अर्जुन’ के साथ साउथ की साइंस-फिक्शन एक्शन फिल्म रिलीज होने वाली है। ___________________________पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... संघर्ष, ट्रॉमा-रिजेक्शन से उठकर स्ट्रॉन्ग एक्ट्रेस बनीं भूमि पेडनेकर:बोलीं- स्कूल में बुलिंग होती थी, तभी सोचा कि एक दिन सबको कुछ बनकर दिखाऊंगी संघर्ष, ट्रॉमा, रिजेक्शन और सामाजिक तानों के बीच खुद को साबित करने वाली अभिनेत्री का नाम है भूमि पेडनेकर। मुंबई की चमकदार फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाना आसान नहीं होता, खासकर तब जब शुरुआत आत्म-संदेह,असुरक्षा और निजी आघातों से भरी हो। पूरी खबर पढ़ें..
लीजेंड्री सिंगर और कंपोजर आरडी बर्मन की बायोपिक मेगा स्कैल पर बन रही है। ये भारत की सबसे चर्चित अपकमिंग फिल्मों में से है, जिसे कमल जैन प्रोड्यूस कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन नीरज पांडे करने वाले हैं। दैनिक भास्कर के सूत्रों के अनुसार, आरडी बर्मन की बायोपिक के प्रोड्यूसर इस फिल्म को मेगा-स्केल पर, भारत में पहले कभी न देखे गए सिनेमाई अनुभव के रूप में बनाने की योजना बना रहे हैं। यह बायोपिक पहले ही भारत से आने वाली सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक के रूप में सुर्खियां बटोर रही है। और ऐसा होना स्वाभाविक भी है, एक ऐसे देश में जो संगीत को जीता है, वहां महानतम दिग्गज आरडी बर्मन के असाधारण जीवन और विरासत को बड़े पर्दे पर लाने से बड़ा विषय और कोई नहीं हो सकता। फिल्ममेकर एवं निर्देशक नीरज पांडे अपनी प्रशंसित फिल्मों जैसे ए वेंसडे, बेबी, स्पेशल और ब्लॉकबस्टर बायोपिक एम.एस.धोनीः द अनटोल्ड स्टोरी के लिए जाने जाते हैं। प्रोड्यूसर कमल जैन ने हाल ही में अत्यंत सफल पीरियड ड्रामा मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी का निर्माण किया था, जिसमें कंगना रनौत मुख्य भूमिका में थीं। दैनिक भास्कर ने आरडी बर्मन की बायोपिक के निर्माताओं, प्रतिष्ठित फिल्ममेकर एवं निर्देशक नीरज पांडे और प्रोड्यूसर कमल जैन से फिल्म की प्रतिष्ठित स्टारकास्ट के बारे में जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया। हालांकि, इस विषय पर दोनों निर्माता टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। राहुल देव बर्मन, जिन्हें आरडी बर्मन के नाम से जाना जाता है, एक भारतीय संगीत निर्देशक और गायक थे, जिन्हें हिंदी फिल्म संगीत जगत के सबसे महान और सफल संगीत निर्देशकों में से एक माना जाता है। 1960 के दशक से लेकर 1990 के दशक तक, बर्मन ने 331 फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया और अपनी अनूठी धुनों के माध्यम से फिल्म संगीत को एक नई ऊंचाईयों पर पहुचाया। उन्होंने महान गायकों जैसे किशोर कुमार, लता मंगेशकर, आशा भोसले और मोहम्मद रफी के साथ व्यापक रूप से काम किया। आरडी बर्मन ने साल 1980 में आशा भोसले से विवाह किया। इस जोड़ी ने साथ मिलकर बॉलीवुड के कई सुपरहिट गीत दिए और अनेक लाइव प्रस्तुतियां भी कीं। उन्होंने प्रसिद्ध गीतकारों जैसे मजरूह सुल्तानपुरी, आनंद बक्शी और गुलजार के साथ भी व्यापक रूप से काम किया और अपने करियर के कुछ सबसे यादगार गीतों की रचना की। “पंचम” के नाम से प्रसिद्ध, वे महान संगीतकार सचिन देव बर्मन और उनकी पत्नी, बंगाली गीतकार मीरा देव बर्मन के इकलौते पुत्र थे।
फिल्म ‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। अंधविश्वास, तांत्रिक अनुष्ठानों और लोक आस्था की जटिल परतों को उधेड़ती यह लोककथा-आधारित थ्रिलर 6 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को सुदीप्तो सेन का समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने इससे पहले The Kerala Story का निर्देशन किया था। चरक मेले की पृष्ठभूमि में सस्पेंस निर्देशक शीलादित्य मौलिक के निर्देशन में बनी यह फिल्म ग्रामीण भारत में प्रचलित कठोर धार्मिक अनुष्ठानों और उनसे जुड़े सामाजिक यथार्थ को सामने लाती है। ट्रेलर में ‘चरक मेला’ की झलक दिखाई गई है। एक ऐसा पारंपरिक उत्सव, जो गहरी आस्था के साथ-साथ खतरनाक रस्मों के लिए भी जाना जाता है। ट्रेलर की शुरुआत मेले की तैयारियों से होती है, जहां पूरा गांव इसे अपनी वर्षों पुरानी मनोकामनाओं की पूर्ति का जरिया मानता है। लेकिन जैसे-जैसे अनुष्ठान उग्र होते जाते हैं, कहानी आस्था और कट्टरता, भक्ति और विनाश के बीच की महीन रेखा पर सवाल खड़े करती नजर आती है। सीबीएफसी से मिली मंजूरी निर्माता सुदीप्तो सेन ने बताया कि फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद Central Board of Film Certification (सीबीएफसी) समिति ने विषयवस्तु को लेकर कुछ आपत्तियां जताई थीं। इसके बाद फिल्म को उच्च समीक्षा पैनल के पास भेजा गया। सुझाए गए बदलावों के साथ फिल्म को मंजूरी मिल गई है। सेन ने कहा कि वे इस निर्णय से संतुष्ट हैं और फिल्म को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने को लेकर उत्साहित हैं। कंटेंट पर भरोसा: पेन स्टूडियोज फिल्म को पेन स्टूडियोज प्रस्तुत कर रहा है, जिसका नेतृत्व डॉ. डॉ. जयंतीलाल गडा कर रहे हैं। गडा का कहना है कि आज के दौर में मजबूत कंटेंट ही सबसे बड़ा आकर्षण है। ‘चरक’ जैसी विचारोत्तेजक कहानी दर्शकों को रोमांच के साथ सोचने पर भी मजबूर करेगी। सशक्त स्टारकास्ट फिल्म में अंजली पाटिल, साहिदुर रहमान, सुभ्रत दत्ता, शशि भूषण, नलनीश नील, शंखदीप और शौनक श्यामल जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। ‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ का निर्माण धवल जयंतीलाल गडा और सिपिंग टी सिनेमा ने सुदीप्तो सेन प्रोडक्शंस के सहयोग से किया है, जबकि राजेश भट्ट एसोसिएट प्रोड्यूसर हैं।अंधविश्वास और आस्था के टकराव को बड़े पर्दे पर पेश करती यह फिल्म अपने विषय और ट्रीटमेंट को लेकर पहले ही चर्चा में आ चुकी है। अब देखना होगा कि रिलीज के बाद दर्शकों की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
श्रद्धा कपूर ने जुहू घर की लीज बढ़ाई:हर महीने देंगी 6 लाख रुपए किराया, 12 महीने की डील 72 लाख की बनी
बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर ने मुंबई के जुहू इलाके में स्थित अपने लग्जरी अपार्टमेंट का किराया एक और साल के लिए रीन्यू कर लिया है, जिसमें वह हर महीने 6 लाख रुपए का किराया देने जा रही हैं। यह नई लीज फरवरी 2026 में आधिकारिक तौर पर रजिस्टर्ड हुई। प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों के अनुसार, श्रद्धा ने इसी अपार्टमेंट को पिछले साल भी किराये पर लिया था और अब एक नया 12-महीने का करार तैयार किया गया है। इसका कुल किराया लगभग 72 लाख रुपए होगा, जो अगले एक साल में वह मालिक को चुकाएंगी। यह घर जुहू के प्राइम बीच क्षेत्र में है, जिसकी कुल फीसल (area) लगभग 365 वर्ग मीटर (≈3,929 sq. ft.) बताई गई है। इसके साथ 4 कार पार्किंग स्पॉट्स हैं, जो इस तरह के प्रीमियम घर में आम सुविधा मानी जाती है। नए करार पर स्टाम्प ड्यूटी के रूप में लगभग 36,000 रुपए और रजिस्ट्रेशन फीस के तौर पर 1,000 रुपए भी चुकाए गए। मुंबई के जुहू इलाके को हमेशा से प्रीमियम रेजिडेंशियल जोन माना जाता रहा है। यहां कई हाई-एंड रिहायशी प्रॉपर्टीज, सी-फेसिंग फ्लैट्स और बॉलीवुड हस्तियों के घर हैं। जुहू की लोकप्रियता की वजह इसमें साफ सड़कों, एयरपोर्ट से कम दूरी और शहर के व्यापारिक इलाकों तक सहज कनेक्टिविटी है। इस इलाके में पहले भी कई एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के नामी सितारों ने किराये के घर लिए हैं। कुछ ने लाखों रुपर प्रति माह का किराया चुकाया है। इसी वजह से मुंबई रियल एस्टेट में जुहू का रेंटल मार्केट हमेशा चर्चा में रहता है। श्रद्धा कपूर ने बॉलीवुड में एक मजबूत पहचान बनाई है और कई हिट फिल्मों में काम किया है। हाल ही में वे ‘स्त्री 2’ जैसी सफल फिल्म में नजर आई थीं, और अब उनके आगे भी कई प्रोजेक्ट्स लाइन में हैं। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इस रेंटल डील को लेकर अभिनेत्री की ओर से कोई व्यक्तिगत बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन रजिस्टर्ड दस्तावेजों से यह जानकारी सामने आई है कि उन्होंने अपनी सुविधाजनक और प्रीमियम रहने की जगह को एक और साल के लिए पक्का कर लिया है।
प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में सरोगेसी से जन्मी बेटी मालती मैरी के समय से पहले जन्म के समय को याद कर इमोनल हो गई। एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि वह दौर उनके लिए निजी तौर पर बेहद मुश्किल और ट्रॉमेटिक था। उसी समय उन्हें एक मैसेज मिला कि मीडिया में बच्ची के जन्म की खबर आने वाली है। प्रियंका ने बताया कि वे सही समय पर खुद यह खबर शेयर करना चाहते थे, लेकिन लीक के कारण उन्हें जल्दी में पब्लिक अनाउंसमेंट करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उस वक्त वे तैयार नहीं थे, क्योंकि बच्ची की सेहत को लेकर स्थिति साफ नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 27 हफ्ते में पैदा हुई थी और 100 दिनों से अधिक समय तक एनआईसीयू में रही। उस कठिन समय के दौरान मेंटल सपोर्ट के लिए उन्होंने बच्ची के पास धीमी आवाज में महामृत्युंजय मंत्र जैसे मंत्र चलाए थे। प्रियंका ने बताया कि जन्म के वक्त बच्ची की हालत नाजुक थी। एक्ट्रेस ने कहा, “वह पर्पल (रंग) दिख रही थी।” यह समय एक्ट्रेस और उनकी पति के निक जोनस के लिए काफी कठिन रहा। उन्होंने माना कि यह उनके जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर में से एक था। यह समय कोविड-19 महामारी के दौरान था, इसलिए अस्पताल में नियम सख्त थे। शुरुआत में मिलने की अनुमति सीमित थी। प्रियंका ने बताया कि बच्ची बहुत छोटी थी। मेडिकल प्रोसीजर के दौरान नर्सों को खास सावधानी रखनी पड़ती थी। एक्ट्रेस ने कहा कि शुरुआती घंटों में वह सुन्न महसूस कर रही थीं। सरोगेट की रिकवरी ठीक रही, लेकिन वह खुद स्थिति को समझने की कोशिश कर रही थीं। एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि कई लोग बच्ची के लिए दुआ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मालती का इस दुनिया में आना आसान नहीं था। इलाज के दौरान बच्ची को कई मेडिकल सपोर्ट देने पड़े और छह ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी हुए। एनआईसीयू में मंत्र क्यों चलाए? एनआईसीयू में रहने के दौरान प्रियंका और निक जोनस ने शिफ्ट्स में समय बिताया। दोनों कोशिश करते थे कि बच्ची अकेली न रहे। निक जोनस कभी-कभी गिटार पर गाने गाते थे। प्रियंका ने बच्ची के पास एक आईपॉड रखा। उसमें महामृत्युंजय मंत्र, गायत्री मंत्र और ओम नमः शिवाय जैसे मंत्र धीरे आवाज में चलते थे। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें मेंटल सपोर्ट मिला। इससे ध्यान और बैलेंस मेंटेन करने में मदद मिली। प्रियंका ने बताया कि शुरुआत में अस्पताल में एक समय पर एक ही व्यक्ति को मिलने की अनुमति थी। उन्होंने बच्ची की पहली आवाज को बहुत हल्का बताया। उन्होंने कहा, “आवाज बिल्ली जैसी धीमी थी।” डॉक्टरों ने कई मेडिकल सपोर्ट दिए। बच्ची को ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी लगे। इस दौरान दोनों ने अपने प्रोफेशनल वर्क रोक दिए। वे अस्पताल में बच्ची के साथ रहे। प्रियंका ने कहा कि उन्होंने खुद को मजबूत रखने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “मुझे डरने या टूटने का विकल्प नहीं था। मुझे मां के रूप में मौजूद रहना था।” वर्क फ्रंट की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी फिल्म ‘द ब्लफ’ का प्रमोशन कर रही हैं। यह फिल्म प्राइम वीडियो पर 25 फरवरी को रिलीज हुई।
केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ की रिलीज पर रोक लगा दी। कोर्ट ने सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर उठे सवालों के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को दोबारा फिल्म का रिव्यू करने का निर्देश दिया। फिल्म शुक्रवार यानी 27 फरवरी को रिलीज होने वाली थी। कुछ लोगों ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि फिल्म का नाम और कहानी केरल की छवि खराब कर सकती है। याचिकाकर्ताओं का कहना है, फिल्म में जबरन धर्म परिवर्तन और आतंकवाद जैसे मुद्दे दिखाए गए हैं। इससे पूरे केरल के बारे में गलत संदेश जा सकता है और लोगों की भावनाएं भड़क सकती हैं। कोर्ट ने बुधवार को कहा था कि वह फिल्म देखकर फैसला करेगा, लेकिन निर्माता ने फिल्म दिखाने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि केरल में आपसी सद्भाव है, लेकिन फिल्म में ऐसा दिखाया गया है जैसे ऐसी घटनाएं पूरे राज्य में हो रही हों। सेंसर बोर्ड बोला- हमने टीजर को पास नहीं किया था फिल्म निर्माता के वकील ने कहा कि यह मामला जनहित याचिका जैसा है और याचिकाकर्ताओं ने अपना व्यक्तिगत नुकसान नहीं बताया है। याचिकाकर्ताओं ने जवाब दिया कि अगर कई लोगों को एक जैसी चिंता है तो उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए। टीजर को लेकर भी बहस हुई। सेंसर बोर्ड ने कहा कि उसने टीजर या ट्रेलर को पास नहीं किया है, इसलिए सोशल मीडिया पर डाले गए कंटेंट के लिए वह जिम्मेदार नहीं है। प्रोड्यूसर ने टाइटल में बदलाव से इनकार किया था प्रोड्यूसर विपुल शाह ने बुधवार को सुनवाई के दौरान फिल्म के टाइटल में बदलाव करने का भी विरोध किया था। उनका कहना था कि फिल्म में तीन राज्यों की कहानियां दिखाई गई हैं, जिनमें केरल भी शामिल है। उन्होंने कहा कि फिल्म के टाइटल में जो “Goes Beyond” लिखा है, उसका मतलब ही यही है कि कहानी सिर्फ केरल तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे आगे की घटनाओं को भी दिखाती है। प्रोड्यूसर ने टाइटल का बचाव करते हुए कहा कि फिल्म केरल को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाती है। तीन याचिकाओं पर जारी सुनवाई केरल हाईकोर्ट तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है, जिन्हें तीन अलग-अलग लोगों ने दायर किया था। इन याचिकाओं में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने और CBFC के सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की गई थी। क्यों विवादों में हैं द केरल स्टोरी 2 फिल्म द केरल स्टोरी 2, 27 फरवरी को रिलीज होने वाली थी। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया था, जिसमें मुख्य तौर पर धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद के मुद्दे दिखाए गए हैं। फिल्म में अलग-अलग राज्यों की तीन लड़कियों की कहानी है, जबकि फिल्म के टाइटल में केरल लिखा गया है। ………………… द केरल स्टोरी 2 से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… द केरल स्टोरी 2 का ट्रेलर हुआ रिलीज:तीन राज्यों की तीन कहानियां और प्यार के नाम पर धर्मांतरण; 27 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म फिल्म द केरल स्टोरी 2 विवादों में हैं। फिल्म रिलीज के खिलाफ राज्य की गलत छवि दिखाने के आरोप में याचिका दायर की गई थी। बुधवार को केरल हाईकोर्ट में इस याचिका की सुनवाई के दौरान मेकर्स को कोर्ट के लिए प्री-स्क्रीनिंग रखने का आदेश दिया गया, हालांकि मेकर्स ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
इंडियन सेलिब्रिटी शेफ संजीव कपूर ने बताया कि जब बनारस के एक होटल में उनकी पहली नौकरी लगी थी, तब वहां के डीएम और एसएसपी की पत्नियों को खाना बनाना सिखाया। कपूर ने बताया कि डीएम और एसएसपी अपनी पत्नियों के साथ होटल में खाना खाने आए थे। उनकी पत्नियों ने खाना सिखाने की गुजारिश की। तब मैंने जीवन में पहली बार किसी को खाना बनाना सिखाया था। तभी लगा कि आगे भी लोगों को ट्रेनिंग देनी चाहिए। वहीं से करियर ने नया मोड़ लिया और आज वे दुनिया भर में मशहूर हैं। दरअसल, संजीव कपूर एक निजी कार्यक्रम को लेकर मंगलवार को उदयपुर आए थे, इस दौरान भास्कर ने उनसे बातचीत की। उन्होंने खाने के बदलते ट्रेंड्स और हेल्दी फूड पर अपने अनुभव साझा किए। सवाल: आपका उदयपुर कैसे आना हुआ? संजीव कपूर: पिछले कुछ सालों में उदयपुर में डेस्टिनेशन वेडिंग का ट्रेंड काफी बढ़ा है। हमें पता चलता रहता है कि कभी इसकी शादी है, उसकी शादी है। सारी बड़ी शादियां उदयपुर में हो रही हैं। इस समय भी एक शादी हो रही है, लेकिन मैं यहां आराम करने आया हूं। उदयपुर में वर्ल्ड क्लास होटल्स हैं, लोग भी बहुत अच्छे हैं। हर कोई यहां आने का बहाना ढूंढ़ता है। मेरा मानना है कि लोगों को विदेश घूमने से बेहतर इंडिया घूमना चाहिए। भारत का टूरिज्म हर स्तर पर बढ़ना चाहिए। दुनिया भर से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या कम हो गई है, लेकिन घरेलू टूरिज्म बढ़ा है। सवाल: आपने एक शेफ के तौर पर अपनी पहचान बनाई, फिर टीवी, किताबों और उद्योग की दुनिया में कदम रखा। इस सफर के पीछे क्या प्रेरणा रही? संजीव कपूर: खाना ऐसा फील्ड है जो मेरा बिजनेस है। जिसे मैं और आगे बढ़ाउंगा। जब मैंने होटल में शेफ के तौर पर काम शुरू किया, तो सीढ़ियां चढ़ता गया और धीरे-धीरे टॉप पर पहुंच गया। 28 साल की उम्र में मुझे बेस्ट एग्जीक्यूटिव शेफ ऑफ द कंट्री का अवॉर्ड मिला। समय के साथ कुछ न कुछ नया होता गया, पहले टीवी, फिर इंटरनेट, किताबें, प्रोडक्ट्स और रेस्टोरेंट। जीवन में आप कुछ भी करें, तो उसे अच्छे से करने की कोशिश करें। मैंने भी वही किया। सवाल: बीते कुछ सालों में इंडियन फूड का ट्रेंड बदला है। जेन जी की नई-नई पसंद है। हमारा किचन भी बदला है। इसको आप किस तरह से देखते हैं? संजीव कपूर: समय के साथ बदलाव जरूरी है और होगा भी, चाहे हम कितना भी विरोध करें। चेंज हमेशा होता है। लोग कितना भी कहें कि ये सही है या गलत, लेकिन हमें जजमेंटल नहीं होना चाहिए। ढाई अरब साल पहले डार्विन थ्योरी की बात करें, तो आज हम इंसान हैं, पहले बंदर थे। समय के साथ बदलाव आएगा। जिस समय में आप हैं, वही सबसे अच्छा समय है। सवाल: आपने बनारस में एक होटल से अपना कॅरियर शुरू किया। जहां से आप अपने खाना खजाना और ट्रेनिंग देने, सिखाने की शुरुआत कैसे मानते हैं? संजीव कपूर: जब बनारस में मेरी पहली जॉब लगी, तब गर्मियों में होटल की ऑक्यूपेंसी कम होती थी। हमारे होटल में उस वक्त के डीएम और एसएसपी अपनी पत्नियों के साथ खाना खाने आए थे। पत्नियों ने कहा कि हमारी नई शादी हुई है, हमें खाना बनाना नहीं आता। आप सिखा सकते हैं? मैंने सोचा होटल खाली है, तो कोई दिक्कत नहीं। वहां पहली बार किसी को खाना बनाना सिखाया। तभी सिखाने की ललक जागी। फिर धीरे-धीरे ट्रेनिंग देते हुए खाना खजाना का सफर शुरू हुआ। लोगों को खाना बनाना सिखाने की शुरुआत वहीं से हुई। बीज वहीं से पड़ा। सवाल: आपके अनुभव के अनुसार आज के दौर में एक सफल शेफ बनने के लिए कौन सी तीन बातें सबसे जरूरी है? संजीव कपूर: किसी भी फील्ड की स्किल सीखनी पड़ती हैं। चाहे म्यूजिक हो, क्रिकेट हो या कोई और। उसमें नियमित रियाज या ट्रेनिंग जरूरी है। दूसरा, उस फील्ड की गहरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि और बेहतर कर सकें। तीसरा, सबसे जरूरी वैल्यू सिस्टम, जो घर में माता-पिता, स्कूल में टीचर या दोस्त सिखाते हैं: हार्ड वर्क करो, ईमानदारी से काम करो। ये तीन चीजें अगर करें, तो दुनिया का बेस्ट बनने से कोई नहीं रोक सकता। सवाल: पीएम मोदी भी ज्यादा ऑयल का सेवन नहीं करने का आह्वान कर चुके। आज की लाइफस्टाइल में कम तेल और मसालों के कैसे हेल्दी खाना बनाया जा सकता है? संजीव कपूर: हम नमक और चीनी बहुत ज्यादा खाते हैं। मसालों के साथ तेल भी कम करना चाहिए। घर का खाना सब्जी में ज्यादा तेल डालने से स्वादिष्ट नहीं बनता। गोल गप्पे के पानी में तेल कहां है, लेकिन स्वाद आता है। कभी-कभी ये चीजें ठीक हैं, लेकिन हमेशा कचौड़ी-समौसा या फ्रेंच फ्राइज खाना गलत है। अति कभी न करें। जंक फूड खाना है तो घर में बनाकर खाएं, बाजार से बेहतर होगा। घर में कम तेल में खाना बनाएं। आजकल ऐसे बर्तन हैं जिनमें तेल की जरूरत ही नहीं। सवाल: कई तरह की नई-नई डिशेज मार्केट में आती है जो लोगों को पसंद भी आती है। इनके डिजाइन और क्रिएशन के पीछे क्या विशेष होमवर्क होता है? संजीव कपूर: खाने में क्रिएटिविटी से पहले आप उसे विजुअलाइज करते हैं। आंख बंद करके सोचते हैं कि कैसा होगा। खाने में सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि दिखता कैसे है, खुशबू कैसी है, आवाज में क्रंची है या नहीं, सारे सेंस काम करते हैं। मैं एक शाम होटल के बाहर बैठा सूर्यास्त देख रहा था। उसके रंगों को सोचा कि प्लेट में कितने अच्छे लगेंगे। वो रंग टमाटर से नहीं आएंगे। लाल शिमला मिर्च भूनकर ग्रेवी बनाऊं तो वैसा रंग आएगा। ये विजुअलाइजेशन है। आप पेंटर है तो उसे ये स्किल आनी चाहिए कि पीला और नीला रंग मिलाएंगे तो हरा हो जाएगा। नमक डालो तो नमकीन, मीठी चीज में जरा सा नमक तो मिठास बढ़ जाती है। ये खाने का साइंस है। सवाल: भारतीय कुकिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने के लिए आप आने वाले वर्षों में किस दिशा में काम करना चाहेंगे? संजीव कपूर: मैं काफी सालों से इंडियन फूड का प्रचार कर रहा हूं। इसमें नई नई चीजें जोड़ी। इसमें मिलिट्स की बात शुरू हुई तो वर्ष 2017 में मिलिट्स की खिचड़ी बनाई। जिसका गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। पीएम मोदी ने भी उसे काफी पॉपुलर कर दिया है। हाल ही में मेरी मुलाकात राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू से हुई। उन्हें मैंने निवेदन किया कि ट्राइबल फूड्स के बारे में लोगों को बताएं। प्रोत्साहित करें। वहां पर क्या उगता है, वे कैसे आगे बढ़े। पॉपुलेरिटी होगी तो उनका रहन सहन और आर्थिक स्थिति अच्छी होगी। मैं तो हमेशा सभी से कहता हूं कि हमें गर्व से कहना चाहिए कि हम भारतीय खाते हैं। हमें सबसे ज्यादा पसंद भारतीय है। अगर हलवाई अपनी मिठाई को मिठाई नहीं बोलेगा तो गलत है। सवाल: आपको कौनसी राजस्थानी डिश पसंद है। संजीव कपूर: मुझे बहुत सारी राजस्थानी डिश अच्छी लगती हैं, लेकिन चक्के की सब्जी खास पसंद है जो आजकल कम होती जा रही है। इसके साथ केर सांगरी, मंगोड़ी या गट्टे की सब्जी भी पसंदीदा है। येये सब्जियां घरों में कम बन रही हैं, रेस्टोरेंट्स में भी कम मिलती हैं।
फिल्म ‘भूत बंगला’ के पहले गाने ‘राम जी आके भला करेंगे’ को मेकर्स ने रिलीज कर दिया है। गाने में अक्षय कुमार अपने क्लासिक कॉमिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। वीडियो में हाई-एनर्जी विजुअल्स, भूतिया माहौल और तेज बीट्स देखने को मिलती हैं। बता दें कि गाने ‘राम जी आके भला करेंगे’ को प्रीतम ने कंपोज किया है, जबकि इसके लिरिक्स कुमार ने लिखे हैं। गाने को अरमान मलिक और आरवन (देव अरिजीत) ने आवाज दी है। वहीं, मेलो डी द्वारा लिखा और परफॉर्म किया गया रैप सेगमेंट ट्रैक में कंटेम्परेरी टच जोड़ता है। देखें गाने ‘राम जी आके भला करेंगे’ की झलक गाने को दर्शकों से पॉजिटिव रिएक्शन मिल रहा गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। फैंस अक्षय कुमार की क्लासिक कॉमिक एनर्जी और स्क्रीन प्रेजेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कुछ ने इसे “OG खिलाडी एनर्जी” कहा, तो कई दर्शकों ने गाने को “चार्टबस्टर” करार दिया। यूट्यूब पर कमेंट्स में नॉस्टैल्जिया भी साफ झलक रहा है, जहां लोग प्रियदर्शन-अक्षय की पुरानी कॉमेडी फिल्मों को याद कर रहे हैं। हाई-एनर्जी बीट्स, फनी विजुअल्स और एंटरटेनमेंट फैक्टर को दर्शकों ने खूब पसंद किया है। कुल मिलाकर, गाने को पॉजिटिव और एंगेजिंग रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म 10 अप्रैल को रिलीज होगी गौरतलब है कि फिल्म ‘भूत बंगला’ को 2026 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में गिना जा रहा है। 14 साल बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की हिट जोड़ी बड़े पर्दे पर साथ लौट रही है। दोनों ने पहले ‘हेरा फेरी’, ‘भागम भाग’ और ‘गरम मसाला’ जैसी सुपरहिट कॉमेडी फिल्में दी हैं, जिससे दर्शकों में खास उत्साह है। फिल्म 10 अप्रैल को रिलीज होगी। फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स मिलकर प्रेजेंट कर रहे हैं। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है। इसे अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर कपूर ने प्रोड्यूस किया है।
प्रोड्यूसर एकता कपूर ने बुधवार को अपनी फिल्म भूत बंगला की रिलीज टाइमिंग पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि फिल्म को ‘धुरंधर 2’ और ‘टॉक्सिक’ के कुछ हफ्तों बाद शेड्यूल करना फैमिली एंटरटेनमेंट और छुट्टियों के समय को ध्यान में रखकर किया गया है। गौरतलब है कि फिल्म धुरंधर ने दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है। अब फिल्म का दूसरा पार्ट 19 मार्च को रिलीज होगा, जो यश की फिल्म टॉक्सिक से बॉक्स ऑफिस पर क्लैश करेगा। वहीं, एकता कपूर की प्रोड्यूस की हुई फिल्म भूत बांग्ला 10 अप्रैल को रिलीज होगी। फिल्म की रिलीज डेट को लेकर एकता ने कहा, “हमारी फिल्म के रिलीज तक ‘धुरंधर 2’ और ‘टॉक्सिक’ अच्छा रन ले चुकी होंगी। उस समय कुछ स्कूलों के एग्जाम खत्म हो जाएंगे। हॉलिडे पीरियड भी रहेगा। मेरे बेटे के आईबी बोर्ड के एग्जाम मई में खत्म होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “सबसे जरूरी बात यह है कि फैमिलीज ऐसी फिल्में देखना पसंद करती हैं। हमारा मकसद अलग तरह का एंटरटेनमेंट लाना है। दर्शकों के लिए अलग-अलग तरह की फिल्में बननी चाहिए।” ‘भूत बंगला’ के साथ प्रियदर्शन और अक्षय कुमार 14 साल बाद फिर साथ काम कर रहे हैं। फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स के साथ मिलकर प्रेजेंट किया जा रहा है। एकता कपूर ने इस जोड़ी को “सोलमेट्स” कहा। उन्होंने बताया, “यह विंटेज प्रियदर्शन और अक्षय सर वाली फिल्म है। जब हमने स्क्रिप्ट लिखी और अक्षय सर को सुनाई, उन्हें कहानी पसंद आई। हमने उनसे कहा कि हम चाहते हैं कि प्रियदर्शन ही इसे डायरेक्ट करें। उन्होंने तुरंत हामी भर दी।” उन्होंने कहा, “इसके बाद हम स्क्रिप्ट लेकर प्रियदर्शन सर के पास गए। उन्हें कहानी पसंद आई। उन्होंने कुछ बदलाव भी किए।” फिल्म में अक्षय कुमार के अलावा वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव नजर आएंगे। इसमें एक्टर असरानी भी होंगे, जिनका अक्टूबर 2025 में निधन हुआ था। एकता कपूर ने कहा, “राजपाल यादव, असरानी, परेश रावल, तब्बू और अक्षय सर प्रियदर्शन के साथ मजबूत कॉम्बिनेशन हैं।” फ्रेंचाइजी के सवाल पर उन्होंने कहा, “फ्रेंचाइजी पहले से प्लान नहीं होती। अगर फिल्म चलती है, तो खुद फ्रेंचाइजी बन जाती है।”
एक्टर धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार में तनाव की चल रही अफवाहों को खारिज करते हुए एक्ट्रेस और उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने कहा कि परिवार में किसी तरह की कोई नेगेटिविटी नहीं है। हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में हेमा मालिनी ने कहा, “पापा हैं ना। पापा के लिए हम सब कुछ करेंगे, चाहे ये बच्चे ईशा और अहाना हों या वो बच्चे सनी और बॉबी हों। सबको धरमजी से बहुत प्यार है और सब एक-दूसरे से भी बहुत प्यार करते हैं। परिवार में किसी तरह की कोई कड़वाहट नहीं है। जब धरमजी साथ हैं, तो नेगेटिविटी की कोई जगह ही नहीं है।” बता दें कि हाल ही में हेमा की दोनों बेटियां, ईशा और अहाना, सनी देओल की फिल्म बॉर्डर 2 की स्क्रीनिंग पर पहुंचीं और तीनों ने साथ में तस्वीरें भी क्लिक करवाईं। हालांकि, फिल्म की स्क्रीनिंग में हेमा मालिनी शामिल नहीं हुईं, जिस पर भी उन्होंने अब प्रतिक्रिया दी है। हेमा मालिनी ने इस पर कहा, “धरमजी हमेशा प्यार, हिम्मत और अच्छे संस्कार देने वाले रहे हैं। वही सब उन्होंने बच्चों को दिया है। मुझे भी बुलाया गया था, लेकिन मैं जा नहीं पाई। सब चाहते थे कि मैं आकर फिल्म देखूं। हम हर बात को पब्लिक में दिखाते नहीं हैं और दिखाएं भी क्यों? ये सब हमारे परिवार की बातें हैं। लोगों को समझना चाहिए, यूं इधर-उधर की बातें नहीं करनी चाहिए। हम सब ठीक हैं और इस कमी को मिलकर संभाल लेंगे।” BAFTA अवॉर्ड्स सेरेमनी में धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी गई बता दें कि 24 नवंबर 2025 को धर्मेंद्र का निधन हुआ था। पिछले रविवार लंदन में आयोजित 79वें BAFTA अवॉर्ड्स के ‘इन मेमोरियम’ सेक्शन में धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी गई। इस साल इस सेक्शन में शामिल होने वाले वे एकमात्र भारतीय एक्टर थे। इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए हेमा ने कहा, “यह बहुत खूबसूरत पल था। वह इसके हकदार थे। यह सिर्फ हमारे लिए नहीं, पूरे देश के लिए गर्व की बात है। धर्मेंद्र के फैंस सिर्फ भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में थे।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अफसोस है कि वह धर्मेंद्र के साथ आखिरी बार स्क्रीन शेयर नहीं कर पाईं। उन्होंने कहा, “हमने जो काम साथ किया, वही अब दर्शकों की यादें हैं। यह मानना मुश्किल है कि वह अब नहीं हैं।”
सलमान खान के पिता और दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान की सेहत को लेकर आमिर खान ने कहा कि उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है और वे जल्द घर लौट सकते हैं। बुधवार को मुंबई प्रेस क्लब के कार्यक्रम में शामिल हुए आमिर खान से जब मीडिया ने सलीम खान की सेहत को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा, “मैं सलीम साहब से मिलने गया था। हम सब दुआ कर रहे हैं कि वो जल्द से जल्द अच्छे हो जाएं। क्योंकि वो ICU में थे, मैं उनसे पर्सनली नहीं मिल पाया। मैं उनके परिवार के साथ बैठा था। मुझे अलवीरा जी हर रोज बता रही हैं कि उनकी हेल्थ इम्प्रूव हो रही है। हम सब प्रार्थना कर रहे हैं, दुआ कर रहे हैं कि वो एक बार फिर घर आ जाएं।” आमिर खान दूसरी बार अस्पताल पहुंचे वहीं, बुधवार देर शाम आमिर खान दूसरी बार लीलावती अस्पताल सलीम खान का हाल-चाल जानने पहुंचे। इससे पहले, आमिर अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ 19 फरवरी को भी अस्पताल आए थे। गौरतलब है कि सलमान खान लगातार अस्पताल आ रहे हैं। बुधवार को भी उन्हें अस्पताल के बाहर देखा गया। सलीम खान खतरे से बाहर: डेजी शाह सलीम खान की सेहत को लेकर एक्ट्रेस डेजी शाह ने भी हाल ही में कहा था कि उनकी हालत में सुधार है। फिल्म जय हो में सलमान खान की को-स्टार डेजी शाह ने फिल्मीज्ञान से बातचीत में कहा, “मैं सलीम सर से मिल नहीं पाई, लेकिन सलमान सर और उनके परिवार के संपर्क में हूं। सलीम सर अब ठीक हैं। उनकी हालत स्थिर है। सर्जरी सफल रही। वह फिलहाल ऑब्जर्वेशन में हैं और खतरे से बाहर हैं।” बता दें कि 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर ने सलीम खान की हेल्थ अपडेट दी थी। हालांकि, उसके बाद परिवार की ओर से मेडिकल अपडेट सार्वजनिक न करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उनकी हेल्थ को लेकर कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आई। सलीम खान लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान को 17 फरवरी को सुबह ब्रेन से जुड़ी दिक्कत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सुबह करीब 8:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने उनकी स्थिति का आकलन किया। 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर जलील पारकर ने जानकारी दी थी कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिससे दिमाग की नसों की स्थिति और संभावित ब्लॉकेज को साफ तरीके से देखा जाता है। वहीं, 20 फरवरी को जानकारी सामने आई कि सलीम खान का परिवार चाहता है कि उनकी हेल्थ से जुड़ी जानकारी प्राइवेट रखी जाए। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अस्पताल के सार्वजनिक बयान से सलमान खान और उनका परिवार नाराज था। परिवार के करीबी सूत्र ने कहा कि सेहत निजी मामला है और मीडिया से बात परिवार पर छोड़नी चाहिए। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान 90 साल के हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटरों में शुमार हैं। सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग नहीं, बल्कि राइटिंग असली ताकत है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और डायलॉग लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। सलीम खान ने दो शादियां कीं पर्सनल लाइफ की बात करें तो सलीम खान ने दो शादियां कीं। उनकी पहली शादी 18 नवंबर 1964 को सलमा खान (पूर्व नाम सुशीला चरक) से हुई। इस शादी से उनके चार बच्चे सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान हुए। बाद में 1981 में सलीम खान ने एक्ट्रेस हेलन रिचर्डसन से शादी की। कुछ सालों बाद सलीम खान और हेलन ने अर्पिता को गोद लिया। उनके बड़े बेटे सलमान खान हिंदी सिनेमा के सबसे टॉप एक्टर्स में गिने जाते हैं, जबकि अरबाज और सोहेल भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उनकी बेटी अलवीरा की शादी एक्टर-डायरेक्टर अतुल अग्निहोत्री से हुई, वहीं अर्पिता की शादी एक्टर आयुष शर्मा से हुई है। ………………………………………. सलीम खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…. दोस्ताना में अमिताभ से ज्यादा फीस सलीम ने मांगी:सलमान से कहा था हैलो ब्रदर नहीं चलेगी, ऋषि कपूर को दी थी बर्बाद करने की धमकी सलीम खान को नई जनरेशन सुपरस्टार सलमान खान के पिता के रूप में जानती है, लेकिन 70–80 के दशक में उनका ऐसा रुतबा था कि हर फिल्ममेकर उनसे ही अपनी फिल्में लिखवाना चाहता था, चाहे फीस या शर्त कुछ भी हो। इंदौर शहर में रहते हुए दोस्तों के लव लेटर लिखने से शुरू हुआ राइटिंग का सिलसिला हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन स्क्रिप्ट राइटर बनने पर मुकम्मल हुआ। पूरी खबर यहां पढ़ें
उदयपुर में आज (गुरुवार) अरावली की पहाड़ियों के बीच साउथ स्टार्स सात फेरे लेंगे। शहनाइयों की धुन के बीच विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना दक्षिण भारतीय रीति-रिवाजों से शादी करेंगे। इसके लिए साउथ से कई पंडित बुधवार (25 फरवरी) को ही वेडिंग वेन्यू होटल मेंमेटोस एकाया पहुंच गए थे। रश्मिका मंदाना कर्नाटक के कोडवा और विजय देवरकोंडा तेलुगू के हिंदू परिवार से आते हैं। दूल्हा-दुल्हन की हल्दी और मेहंदी की रस्म भी कल (बुधवार) हुई थी। हल्दी की फोटो भी दोनों ने अपने इंस्टा अकाउंट पर शेयर की थी। रश्मिका मंदाना ने हल्दी सेरेमनी की ये फोटो शेयर की है, जिसमें एक पोस्टर पर कार में दो डॉग बैठे है। दरअसल, विजय और रश्मिका दोनों डॉग लवर हैं। शादी में शामिल होने पहुंचे डायरेक्टर और एक्टर-एक्ट्रेस… दोनों के केवल खास दोस्त शादी में शामिलदोनों की शादी में केवल उनके खास दोस्त शामिल होने आए हैं, जिसमें तेलुगु एक्टर-डायरेक्टर राहुल रविंद्रन, फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा, साउथ इंडियन फिल्मों की एक्ट्रेस आशिका रंगनाथ, तेलुगु फिल्मों के डायरेक्टर तरुण भास्कर, एक्ट्रेस ईशा रेब्बा और स्टाइलिस्ट श्रव्या वर्मा के नाम शामिल हैं। सभी हल्दी और मेहंदी सेरेमनी में भी शामिल थे। शादी में नो फोन पॉलिसी को फॉलो किया जा रहा है। दूल्हा-दुल्हन 4 दिन से उदयपुर मेंदूल्हा-दुल्हन 23 फरवरी को अपने वेडिंग डेस्टिनेशन पर आ गए थे। दोनों ने 23 और 24 फरवरी को प्री-वेडिंग पार्टी की थी। हार्दिक पंड्या और नुपूर सेनन की शादी दो रीति रिवाजों से हुईइससे पहले उदयपुर में इंडियन क्रिकेटर हार्दिक पंड्या और बॉलीवुड एक्ट्रेट कीर्ति सेनन की छोटी बहन नुपूर सेनन की शादी दो अलग-अलग रीति रिवाजों से हुई थी। हार्दिक पंड्या ने पहले क्रिश्चियन और बाद में हिंदू रीति रिवाज से शादी की थी। इसी तरह कीर्ति सेनन और स्टेबिन बेन भी पहले क्रिश्चियन और बाद में हिंदू रीति रिवाज से विवाह के बंधन में बंधे थे। दोनों की शादी 5 स्टार होटल रैफल्स में हुई थी। --- विजय-रश्मिका की शादी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- एक्टर विजय देवरकोंडा-रश्मिका मंदाना की हल्दी की रस्म हुई:म्यूजिक पार्टी में साथ में किया डांस, शादी में शामिल होने आए 'एनिमल' के डायरेक्टर उदयपुर में एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की 25 फरवरी को हल्दी सेरेमनी हुई थी। (पढ़िए पूरी खबर) विजय-रश्मिका ने शादी से पहले खेला क्रिकेट मैच, दूल्हा-दुल्हन की टीम रही आमने-सामने; पूल पार्टी भी की साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी की रस्में 24 फरवरी से शुरू हो गई थीं। दूल्हा और दुल्हन ने होटल में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच खेला था। (पूरी खबर पढ़ें) शादी के लिए रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा उदयपुर पहुंचे, 26 फरवरी को ITC मोमेंटोज होटल में फेरे लेंगे साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना 23 फरवरी को उदयपुर पहुंच गए थे। यहां से सीधे होटल के लिए रवाना हुए थे। (पढ़िए पूरी खबर)
सलमान खान के पिता और दिग्गज स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान की सेहत को लेकर एक्ट्रेस डेजी शाह ने बताया कि उनकी हालत में सुधार है। फिल्म जय हो में सलमान खान की को-स्टार डेजी शाह ने फिल्मीज्ञान से बातचीत में कहा, “मैं सलीम सर से मिल नहीं पाई, लेकिन सलमान सर और उनके परिवार के संपर्क में हूं। सलीम सर अब ठीक हैं। उनकी हालत स्थिर है। सर्जरी सफल रही। वह फिलहाल ऑब्जर्वेशन में हैं और खतरे से बाहर हैं।” बता दें कि 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर ने सलीम खान की हेल्थ अपडेट दी थी। हालांकि, उसके बाद परिवार की ओर से मेडिकल अपडेट सार्वजनिक न करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उनकी हेल्थ को लेकर कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आई। वहीं, इससे पहले, अमर उजाला से बातचीत में एक्टर और सलमान खान के करीबी संतोष शुक्ला ने भी बताया था कि सलीम खान की सेहत में सुधार है और वेंटिलेटर सपोर्ट हटा दिया गया। सलीम खान लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान को 17 फरवरी को सुबह ब्रेन से जुड़ी दिक्कत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सुबह करीब 8:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने उनकी स्थिति का आकलन किया। 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर जलील पारकर ने जानकारी दी थी कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिससे दिमाग की नसों की स्थिति और संभावित ब्लॉकेज को साफ तरीके से देखा जाता है। वहीं, 20 फरवरी को जानकारी सामने आई कि सलीम खान का परिवार चाहता है कि उनकी हेल्थ से जुड़ी जानकारी प्राइवेट रखी जाए। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अस्पताल के सार्वजनिक बयान से सलमान खान और उनका परिवार नाराज था। परिवार के करीबी सूत्र ने कहा कि सेहत निजी मामला है और मीडिया से बात परिवार पर छोड़नी चाहिए। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान 90 साल के हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटरों में शुमार हैं। सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग नहीं, बल्कि राइटिंग असली ताकत है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और डायलॉग लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। सलीम खान ने दो शादियां कीं पर्सनल लाइफ की बात करें तो सलीम खान ने दो शादियां कीं। उनकी पहली शादी 18 नवंबर 1964 को सलमा खान (पूर्व नाम सुशीला चरक) से हुई। इस शादी से उनके चार बच्चे सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान हुए। बाद में 1981 में सलीम खान ने एक्ट्रेस हेलन रिचर्डसन से शादी की। कुछ सालों बाद सलीम खान और हेलन ने अर्पिता को गोद लिया। उनके बड़े बेटे सलमान खान हिंदी सिनेमा के सबसे टॉप एक्टर्स में गिने जाते हैं, जबकि अरबाज और सोहेल भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उनकी बेटी अलवीरा की शादी एक्टर-डायरेक्टर अतुल अग्निहोत्री से हुई, वहीं अर्पिता की शादी एक्टर आयुष शर्मा से हुई है। ………………………………………. सलीम खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…. दोस्ताना में अमिताभ से ज्यादा फीस सलीम ने मांगी:सलमान से कहा था हैलो ब्रदर नहीं चलेगी, ऋषि कपूर को दी थी बर्बाद करने की धमकी सलीम खान को नई जनरेशन सुपरस्टार सलमान खान के पिता के रूप में जानती है, लेकिन 70–80 के दशक में उनका ऐसा रुतबा था कि हर फिल्ममेकर उनसे ही अपनी फिल्में लिखवाना चाहता था, चाहे फीस या शर्त कुछ भी हो। इंदौर शहर में रहते हुए दोस्तों के लव लेटर लिखने से शुरू हुआ राइटिंग का सिलसिला हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन स्क्रिप्ट राइटर बनने पर मुकम्मल हुआ। पूरी खबर यहां पढ़ें
फिल्म ‘भूत बंगला’ के गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ का टीजर मेकर्स ने बुधवार को रिलीज किया है। फिल्म 10 अप्रैल को रिलीज होगी। फिल्म ‘भूत बंगला’ को 2026 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में गिना जा रहा है। कई सालों बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी बड़े पर्दे पर साथ लौट रही है। दोनों ने पहले ‘हेरा फेरी’, ‘भागम भाग’ और ‘गरम मसाला’ जैसी सुपरहिट कॉमेडी फिल्में दी हैं, जिससे दर्शकों में खास उत्साह है। मेकर्स ने फिल्म के पहले गाने ‘रामजी आके भला करेंगे’ का जो टीजर जारी किया, उसमें अक्षय कुमार कॉमिक अंदाज में नजर आ रहे हैं। वीडियो में हाई-एनर्जी विजुअल्स और तेज बीट्स देखने को मिलती हैं। गाने को प्रीतम ने कंपोज किया है इस गाने को प्रीतम ने कंपोज किया है। इसे देव अरिजीत ने गाया है, जबकि मेलो डी ने रैप सेगमेंट लिखा और परफॉर्म किया है। गाने की झलक को दर्शकों से पॉजिटिव रिएक्शन मिल रहा है। हालांकि, फिल्म की कहानी को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की गई है। फिल्म को बालाजी मोशन पिक्चर्स और केप ऑफ गुड फिल्म्स मिलकर प्रेजेंट कर रहे हैं। इसमें अक्षय कुमार के साथ वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव नजर आएंगे। फिल्म को अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर. कपूर ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म 10 अप्रैल, 2026 को थिएटर में रिलीज होगी।
फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली को लेकर हाल ही में खबरें आईं कि उन्हें हार्ट अटैक के बाद मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन खबरों को गलत बताते हुए बुधवार को उनके परिवार ने बयान जारी कर कहा कि वह बिल्कुल ठीक हैं और सिर्फ रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल गए थे।दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि मंगलवार को उनके 63वें जन्मदिन के दिन भंसाली को हार्ट अटैक आया। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।हालांकि परिवार ने अब हार्ट अटैक की बात की पुष्टि नहीं की। परिवार की तरफ से कहा गया, “संजय लीला भंसाली बिल्कुल ठीक हैं। वह रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल गए हैं। चिंता की कोई बात नहीं है। सभी के प्यार और दुआओं के लिए धन्यवाद।” फिल्म ‘लव एंड वॉर’ पर काम कर रहे हैं संजय लीला भंसाली इन दिनों वह अपनी अगली फिल्म ‘लव एंड वॉर’ पर काम कर रहे हैं। इसमें आलिया भट्ट, रणबीर कपूर और विक्की कौशल नजर आएंगे। संजय लीला भंसाली ने अपने करियर की शुरुआत विदु विनोद चोपड़ा के साथ असिस्टेंट के रूप में की। डायरेक्शन में उनकी पहली फिल्म ‘खामोशी: द म्यूज़िकल’ रही, जिसे समीक्षकों ने खूब सराहा। उन्हें असली पहचान ‘हम दिल दे चुके सनम’ से मिली। इसके बाद ‘देवदास’ आई, जो बड़ी हिट साबित हुई। भंसाली ने ‘ब्लैक’ जैसी संवेदनशील और प्रभावशाली फिल्म बनाई, जिसने कई पुरस्कार जीते। हालांकि ‘सांवरिया’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने ‘गोलियों की रासलीला राम-लीला’, ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘पद्मावत’ जैसी ऐतिहासिक फिल्में भी बनाईं। इसके अलावा, 2024 में उन्होंने वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ के साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर डेब्यू किया।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि फिल्म के नाम में ऐसा कोई शब्द नहीं है, जिससे यादव समाज की छवि खराब होती हो। विश्व यादव परिषद ने याचिका में कहा था कि फिल्म का नाम यादव समाज को गलत तरीके से दिखाता है। साथ ही फिल्म में यादव समाज की एक हिंदू लड़की और एक मुस्लिम लड़के की प्रेम कहानी दिखाई गई है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने सुनवाई के दौरान पूछा, “क्या किसी हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी सामाजिक ताना-बाना तोड़ती है?” कोर्ट ने ‘घूसखोर पंडित’ मामले से अलग बताया बेंच ने हाल में फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ से जुड़े आदेश से इस मामले को अलग बताया। कोर्ट ने कहा कि ‘घूसखोर’ शब्द का अर्थ भ्रष्ट होता है, जो सीधे तौर पर नकारात्मक अर्थ जोड़ता है। जबकि मौजूदा फिल्म के नाम में ऐसा कोई नकारात्मक संकेत नहीं है। कोर्ट ने कहा- रिलीज के बाद आपत्ति हो तो फिर आएं याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि फिल्म खुद को एक सच्ची कहानी पर आधारित बताती है। इस पर कोर्ट ने जवाब दिया, “फिल्म बैंडिट क्वीन में भी गुर्जर समुदाय को गलत तरीके से दिखाने की बात उठी थी, तब भी कोर्ट ने बैन से इनकार किया था।” वकील ने कहा कि फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है और अगर रिलीज के बाद कुछ आपत्तिजनक लगे तो वे फिर कोर्ट आ सकते हैं। इस पर बेंच ने कहा, “जरा सहनशील बनिए। यह फिक्शन है। एक हफ्ते में सब खत्म हो जाएगा। आजकल लोग थिएटर नहीं, मोबाइल पर देख रहे हैं।” फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होगी फिल्म यादव जी की लव स्टोरी 27 फरवरी को रिलीज होनी है। इसमें प्रगति तिवारी मुख्य एक्ट्रेस हैं, जो ‘सिंपल यादव’ का किरदार निभा रही हैं। विशाल मोहन ‘वसीम अख्तर’ की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म के डायरेक्टर अंकित भड़ाना हैं और प्रोड्यूसर संदीप तोमर हैं। कई शहरों में फिल्म को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं फिल्म को लेकर उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में विरोध हो रहा है। कई यादव संगठन इसके नाम और कहानी पर आपत्ति जता रहे हैं। विरोध का मुख्य कारण फिल्म की कहानी बताई जा रही है। संगठनों का कहना है कि फिल्म में यादव समाज की एक हिंदू लड़की और मुस्लिम युवक की प्रेम कहानी दिखाई गई है। यादव समाज के कुछ लोगों का कहना है कि इससे उनकी छवि खराब हो रही है और उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। उनका आरोप है कि फिल्म का नाम और कहानी खास तौर पर यादव समाज को निशाना बनाती है। प्रदर्शन करने वालों का कहना है कि ऐसी कहानी समाज की संस्कृति, आस्था और इतिहास के खिलाफ है। कुछ संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए भी आपत्ति जताई है। फिल्म के नाम पर भी सवाल उठाए गए हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि ‘यादव जी’ शब्द का इस्तेमाल जानबूझकर प्रचार के लिए किया गया है और इससे जातिगत पहचान का गलत इस्तेमाल हो रहा है। उनका कहना है कि इससे यादव समाज की छवि पर बुरा असर पड़ सकता है। ------------------ ये खबर भी पढ़ें… 'घूसखोर पंडत' के बाद ‘यादवजी की लव स्टोरी’ पर बवाल:खेसारी लाल बोले-टाइटल बदलने यहां भी दिखाएं एकजुटता, सही-गलत का पैमाना एक जैसा हो फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। इसमें एक विशेष जाति का जिक्र है। फिल्म के नाम को लेकर विवाद बढ़ने पर खेसारी लाल यादव ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी। भोजपुरी के ट्रेडिंग स्टार खेसारी लाल यादव भड़क गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
एक्टर शत्रुघ्न सिन्हा ने हाल ही में आदित्य धर की फिल्म धुरंधर की खुलकर तारीफ की। उन्होंने फिल्म को एब्सोल्यूट मास्टरपीस बताया और इसे प्रोपेगैंडा फिल्म कहे जाने के दावों को खारिज किया। गौरतलब है कि धुरंधर पिछले साल 5 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, लेकिन फिल्म को लेकर चर्चा अब भी जारी है। ऋतिक रोशन समेत कई बॉलीवुड सेलेब्स ने फिल्म की तारीफ की है। अब शत्रुघ्न सिन्हा ने भी फिल्म देखकर अपनी प्रतिक्रिया पब्लिक की है। X अकाउंट पर अपने पोस्ट में शत्रुघ्न सिन्हा ने लिखा, “वाह! अभी-अभी सबसे ज्यादा चर्चित फिल्म ‘धुरंधर’ देखी, एक पूर्ण मास्टरपीस। कैसी ‘प्रोपेगैंडा’ फिल्म? फिल्म तो फिल्म होती है। यह एक शानदार, ग्रिपिंग, दिलचस्प और भरपूर मनोरंजन से भरी फिल्म है, जिसे पूरी ईमानदारी से बनाया गया है। बैंकॉक, थाईलैंड में बनाए गए सेट्स (जो पाकिस्तान को दर्शाते हैं) बेहद खूबसूरत और रियलिस्टिक हैं।” उन्होंने आगे कहा, “तकनीकी रूप से फिल्म बेहतरीन है, एडिटिंग शानदार है। सिनेमैटोग्राफर की उत्कृष्ट मेहनत काबिल-ए-तारीफ है। पूरी प्रतिभाशाली कास्ट और क्रू को बधाई, जिन्होंने इस फिल्म को विजुअल डिलाइट बना दिया। सभी कलाकारों ने शानदार काम किया है।” शत्रुघ्न सिन्हा ने खासतौर पर रणवीर सिंह, संजय दत्त और अक्षय खन्ना की परफॉर्मेंस की तारीफ की। उन्होंने लिखा कि रणवीर सिंह अपने किरदार में आउटस्टैंडिंग हैं, जबकि संजय दत्त को “एक योग्य पिता के योग्य पुत्र” कहा। अक्षय खन्ना की एक्टिंग को भी उन्होंने बेहद प्रभावशाली बताया। पोस्ट में उन्होंने राकेश बेदी के रोल को “केक पर आइसिंग” बताया और कहा कि संगीत व कोरियोग्राफी ने सिनेमा में नई ऊर्जा भरी है। साथ ही, सौम्या टंडन के कैमियो को भी दमदार बताया। अंत में उन्होंने आदित्य धर के डायरेक्शन की तारीफ करते हुए फिल्म को “अनफॉरगेटेबल सिनेमैटिक ट्रीट / मास्टरस्ट्रोक” कहा और लिखा - “लॉन्ग लिव इंडियन सिनेमा! जय हिंद!” फिल्म का सीक्वल ‘धुरंधर: द रिवेंज’ अगले महीने रिलीज होने वाला है। इसमें संजय दत्त, सारा अर्जुन और आर माधवन नजर आएंगे। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर यश की पैन-इंडिया रिलीज ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ से टकराएगी। दोनों फिल्में 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होंगी।
फिल्म द केरल स्टोरी 2 विवादों में हैं। फिल्म रिलीज के खिलाफ राज्य की गलत छवि दिखाने के आरोप में याचिका दायर की गई थी। बुधवार को केरल हाईकोर्ट में इस याचिका की सुनवाई के दौरान मेकर्स को कोर्ट के लिए प्री-स्क्रीनिंग रखने का आदेश दिया गया, हालांकि मेकर्स ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया है। याचिका की सुनवाई के दौरान मेकर्स से कहा गया कि 27 फरवरी को रिलीज होने वाली इस फिल्म की रिलीज से पहले कोच्चि में कोर्ट के लिए इसकी स्क्रीनिंग रखी जाए। मेकर्स द्वारा आदेश न मानने के बाद केस की सुनवाई टाल दी गई है। जस्टिस बेछु कुरियन थोमस ने आदेश दिया कि अब सुनवाई दोपहर 3 बजे के बाद होगी। इस याचिका पर मंगलवार को भी सुनवाई हुई। तब फिल्म के प्रोड्यूसर्स की ओर से पेश हुए सीनियर वकील एस. श्रीकुमार ने कहा कि पहले कोर्ट को यह तय करना चाहिए कि ये याचिकाएं जनहित याचिका हैं या निजी याचिका। इस पर जस्टिस बेछू कुरियन थॉमस ने मेकर्स से कहा,“आप नहीं चाहते कि कोर्ट फिल्म देखे। आप चाहते हैं कि कोर्ट सिर्फ यह तय करे कि यह मामला किसी एक व्यक्ति का निजी मामला है या पूरे लोगों से जुड़ा सार्वजनिक मामला।” सुनवाई में कोर्ट की तरफ से मेकर्स को फटकारते हुए कहा गया है कि केरल पूरी तरह सद्भाव वाला राज्य है, ऐसे में फिल्म में राज्य की छवि गलत क्यों दिखाई गई है। बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाई गई चिंताएं पहली नजर में सही लगती हैं। ये भी कहा गया कि फिल्म को ‘सच्ची घटनाओं से प्रेरित’ बताया जा रहा है और उसके टाइटल में राज्य का नाम प्रमुख रूप से इस्तेमाल किया गया है, जबकि फिल्म की कहानी का केरल से कोई वास्तविक संबंध नहीं है। तीन याचिकाओं पर जारी सुनवाई केरल हाईकोर्ट तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिन्हें फिल्म के विरोध में तीन अग-अलग लोगों ने दायर किया था। इन याचिकाओं में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की गई थी। क्यों विवादों में हैं द केरल स्टोरी 2 फिल्म द केरल स्टोरी 2, 27 फरवरी को रिलीज होने वाली है। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया है, जिसमें मुख्य तौर पर धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद के मुद्दे दिखाए गए हैं। फिल्म में अलग-अलग राज्यों की तीन लड़कियों की कहानी है, जबकि फिल्म के टाइटल में केरल लिखा गया है। ट्रेलर जारी होने के बाद केरल के कई लोगों ने फिल्म रिलीज के खिलाफ याचिका दायर कर आरोप लगाए कि फिल्म राज्य की छवि बिगाड़ने वाली है। एक याचिका में फिल्म का टाइटल बदलने की भी मांग की गई है। द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड का निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है और विपुल अमृतलाल शाह ने सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले इसे प्रोड्यूसर किया है। यह 2023 में आई फिल्म द केरल स्टोरी का सीक्वल है।
कटरीना कैफ मां बनने के बाद पहली बार पब्लिकली नजर आई हैं। एक्ट्रेस ने 7 नवंबर 2025 को बेटे को जन्म दिया था, इसके बाद से ही वो कहीं भी स्पॉट नहीं हुई हैं। लंबे समय बाद एक्ट्रेस पब्लिकली आईं, हालांकि इस दौरान उन्होंने मास्क से अपना चेहरा छिपा रखा था। मंगलवार को कटरीना कैफ को सेलिब्रिटी पिलाटे ट्रेनर यासमिन कराचीवाला के साथ स्पॉट किया गया है। इस दौरान उन्होंने व्हाइट टी-शर्ट के साथ ब्लैक जैकेट पहन रखी थी। बंधें बालों में एक्ट्रेस ने ब्लैक मास्क से चेहरा छिपाया हुआ था। सामने आए वीडियो में एक्ट्रेस का वजन काफी बढ़ा हुआ लग रहा है। स्पॉटिंग के दौरान एक्ट्रेस ने मेकअप नहीं किया था। अचानक हुई स्पॉटिंग के बाद एक्ट्रेस कैमरों से बचती नजर आईं, हालांकि बाद में उन्होंने पैपराजी को वेव किया। विक्की कौशल ने कटरीना को कहा सुपरहीरो हाल ही में विक्की कौशल ने ई-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कटरीना कैफ के मदरहुड फेज पर बात की है। उन्होंने कहा-“मां ही असली सुपरहीरो है। उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान एक योद्धा की तरह मजबूती दिखाई है, और मां बनने के बाद भी वह उतनी ही मजबूत रही हैं। मुझे उन पर बेहद गर्व है, और मैं उनसे बहुत प्यार करता हूं।” 7 नवंबर को दिया बेटे को जन्म, नाम रखा विहान कटरीना कैफ ने 7 नवंबर को बेटे को जन्म दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए लिखा था, हमारी खुशियों का पिटारा आ गया है। बहुत सारे प्यार आभार के साथ हम अपने बेटे का स्वागत करते हैं। 7 नवंबर 2025। कटरीना और विक्की। बेटे के जन्म के करीब डेढ़ महीने बाद विक्की कटरीना ने बेटे के नाम की घोषणा की। उन्होंने बेटे का नाम विहान कौशल रखा है। इसकी घोषणा करते हुए कपल ने लिखा, हमारी रोशनी की किरण विहान कौशल। दुआओं का जवाब मिला। जिंदगी खूबसूरत है। हमारी दुनिया अचानक बदल गई। आभार के लिए शब्द नहीं हैं। दो सालों से फिल्मों से दूर हैं कटरीना कैफ कटरीना कैफ को आखिरी बार साल 2024 की फिल्म मैरी क्रिसमस में देखा गया है। फिल्म में उनके साथ विजय सेतुपति लीड रोल में थे। इसके बाद से ही एक्ट्रेस किसी फिल्म में नजर नहीं आई हैं। इस साल भी उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं होगी। शादी के 4 साल बाद बनीं मां कटरीना कैफ ने 9 दिसंबर 2021 में एक्टर विक्की कौशल से शादी की थी। दोनों की पहली मुलाकात एक अवॉर्ड शो में हुई थी, जिसके बाद दोनों चंद मुलाकातों के बाद रिलेशनशिप में आ गए थे। कपल ने हिंदू रीति-रिवाजों से राजस्थान के सवई माधौपुर के सिक्स सेंस रिसोर्ट में शादी की है।
उदयपुर में एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की आज मेहंदी की रस्म होगी। शाम को संगीत का कार्यक्रम होगा। इस खास मौके के लिए होटल 'मोमेंटोस एकाया' को फूलों और रोशनी से सजाया गया है। दोनों कल यानी 26 फरवरी को शादी के बंधन में बंधेंगे। शादी में दोनों परिवार के सदस्य और कुछ खास मेहमान ही शामिल होंगे। शादी करवाने पंडित भी आज उदयपुर पहुंच गए है। वहीं फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा भी आज पहुंचे हैं। उनकी तेलुगु फिल्म अर्जुन रेड्डी में विजय देवरकोंडा मेन लीड में थे। तेलुगु फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर वांगा और पंडित भी पहुंचे फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा भी शादी में शामिल होने उदयपुर आए है। वे तेलुगु और हिंदी फिल्म में काम करते है। वांगा ने अपनी पटकथा लेखन और निर्देशन की शुरुआत 2017 की तेलुगु फिल्म अर्जुन रेड्डी से की थी, जिसमें विजय देवरकोंडा ने अभिनय किया था। इसके साा ही साउथ से पंडित भी आज पहुंचे हैं, जो शादी की रस्मों को पूरा करवाएंगे। मेहमानों के लिए साउथ इंडियन-पंजाबी खाने के साथ जापानी डिशेज भी होटल में सजावट में हल्के हरे रंग के शेड्स के पर्दे, ताजा फूल और फलों से सजे सेंटरपीस, मोती जैसी फिनिश वाली टेबल सेटिंग दिखाई देगी। वहीं मेहमानों के लिए साउथ इंडियन और पंजाबी खाने के साथ ही जापानी डिशेज भी परोसी जाएगी। शादी के लिए RVR इवेंट्ज एंड डिजाइन कंपनी को जिम्मा सौंपा गया है। शादी में केवल 200 मेहमान होंगे शामिल विजय-रश्मिका कल परिवार और कुछ खास दोस्तों की मौजूदगी में फेरे लेंगे। शादी में केवल 200 मेहमान शामिल होंगे। इनमें साउथ इंडस्ट्री के कुछ डायरेक्टर-प्रोड्यूसर और दोनों के कुछ खास दोस्त ही होंगे। रिसेप्शन हैदराबाद में 3 और 4 मार्च को होगा, जिसमें साउथ और बॉलीवुड की कई हस्तियां शामिल होंगी। यह रिसेप्शन हैदराबाद या बंजारा हिल्स की किसी प्रीमियम लोकेशन पर होने की संभावना है। दो दिन प्री-वेडिंग पार्टी की वर-वधू अपने परिवार के साथ 23 फरवरी को ही वेडिंग वेन्यू लग्जरी होटल ‘मोमेंटोस एकाया’ आ गए थे। दो दिन 23-24 फरवरी को प्री-वेडिंग पार्टी की थी। 24 फरवरी को दूल्हा-दुल्हन की टीमों के बीच क्रिकेट मैच हुआ था, जिसे उन्होंने ‘VIROSH प्रीमियर लीग’ का नाम दिया था। दोनों ने अपने इंस्टा अकाउंट पर पूल पार्टी, डिनर और ‘VIROSH प्रीमियर लीग’ की फोटो भी शेयर की थी। साउथ के मशहूर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के बेटे हैं विजयदूल्हा साउथ स्टार विजय देवरकोंडा फिल्मी बैकग्राउंड से आते हैं। उनके पिता देवरकोंडा गोवर्धन साउथ सिनेमा के मशहूर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं। उन्होंने अपने बेटे के साथ मिलकर वर्ष 2021 में रिलीज हुई फिल्म 'पुष्पक विमानम' को प्रोड्यूस किया था। इसके अलावा उन्होंने कई टीवी शोज का निर्देशन भी किया है। वहीं विजय देवरकोंडा की मां का नाम माधवी देवरकोंडा और छोटे भाई का नाम आनंद देवरकोंडा है। आनंद भी तेलुगु सिनेमा के उभरते सितारों में से हैं। वहीं रश्मिका नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से हैं। रश्मिका के पिता मदन मंदाना बिजनेसमैन हैं। उनकी दो बहनें सुमन और शिमान हैं। रश्मिका ने फिल्म ‘गुडबाय’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। एनिमल, छावा, पुष्पा जैसी ब्लॉकबस्टर मूवी में काम किया है। ………… विजय-रश्मिका की शादी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- विजय-रश्मिका ने शादी से पहले खेला क्रिकेट मैच:दूल्हा-दूल्हन की टीम रही आमने-सामने; पूल पार्टी भी की, दोनों ने फोटो शेयर किए साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी की रस्में मंगलवार से शुरू हो गईं। दूल्हा और दुल्हन ने मंगलवार को होटल में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच खेला, जिसे ‘VIROSH प्रीमियर लीग’ नाम दिया गया। इसकी फोटो भी दोनों ने अपने इंस्टा स्टोरी पर शेयर की। (पूरी खबर पढ़ें) शादी के लिए रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा उदयपुर पहुंचे: 26 फरवरी को ITC मोमेंटोज होटल में फेरे लेंगे, गेस्ट लिस्ट में 200 से ज्यादा नाम साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना सोमवार को उदयपुर पहुंचे। यहां से सीधे होटल के लिए रवाना हो गए। (पढ़िए पूरी खबर)
अरिजीत सिंह ने जनवरी में प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने की घोषणा की थी, लेकिन इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने आमिर खान के प्रोडक्शन की फिल्म एक दिन के लिए गाना गाया। ऐसे में एक्टर के बदलते फैसले पर सवाल उठाए गए और उनकी आलोचना की गई। ऐसे में सिंगर ने अब खुद इस पर सफाई दी है। अरिजीत सिंह ने मंगलवार को आधिकारिक X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर लिखा है, यह मैसेज सिर्फ मेरे लिस्नर्स के लिए है। अगर आप मेरे गाने नहीं सुनते हैं, तो कृपया इसे न पढ़ें और आगे बढ़ जाएं। यह मेरी विनम्र प्रार्थना है। नमस्ते खूबसूरत लोगों। मैं बस आप सभी से कहना चाहता हूं कि मैं आपसे प्यार करता हूं। इस कठोर दुनिया में आपकी दयालुता के लिए आपका बहुत धन्यवाद। आगे अरिजीत ने लिखा है, ‘हालांकि मैंने नए काम लेना बंद कर दिया है, लेकिन मेरे पास अभी भी बहुत सारे गाने बाकी हैं जिन्हें पूरा करना है। मुझे अभी कई गाने पूरे करने होंगे। लोगों को समझाने में मत पड़िए, आप कितनी बार समझाएंगे? मेरे कई गाने अभी अधूरे हैं, और वे तब तक रिलीज होते रहेंगे जब तक पूरे नहीं हो जाते। शायद पूरे इस साल, और हो सकता है अगले साल तक भी। शांत रहें। इस प्लेटफॉर्म से बाहर निकलने की कोशिश करें। अपने शरीर से स्पाइक प्रोटीन हटाएं, 5G से दूर रहें, प्यार को पढ़ें, ध्यान करें। जय देवी।’ बता दें कि 27 जनवरी को अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने की घोषणा की थी। इसके कुछ दिनों बाद ही आमिर खान ने घोषणा की कि अरिजीत सिंह उनके प्रोडक्शन की फिल्म एक दिन के लिए प्लेबैक सिंगिंग कर रहे हैं। फिल्म का गाना भी हाल ही में रिलीज किया गया है। ऐसे में संन्यास लेने और फिर एक महीने में ही दोबारा वापसी करने पर अरिजीत सिंह की जमकर आलोचना की जा रही थी। अरिजीत ने 27 जनवरी को संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा था, नमस्ते, आप सभी को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं। इतने सालों से श्रोताओं के रूप में मुझे जो इतना प्यार दिया है, उसके लिए आप सबका धन्यवाद। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं एक प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई भी नया काम नहीं लूंगा। मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। यह एक शानदार सफर रहा।
हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने सरपंच विवाद के बीच अपनी दूसरी मास्टर डिग्री पूरी कर ली है। सोशल मीडिया अकाउंट पर उन्होंने दीक्षांत समारोह में डिग्री के साथ कई फोटोज भी शेयर किए हैं। मासूम शर्मा ने अमतृसर के खालसा कॉलेज से म्यूजिक सब्जेक्ट में MA की है। करीब डेढ़ साल पहले ही उन्होंने अपनी मास्टरर्स पूरी कर ली थी, लेकिन 23 फरवरी को हुए दीक्षांत समारोह में उन्हें ये डिग्री मिली। मासूम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- गायकी मेरा इश्क है, पढ़ाई मेरी ताकत। दो मास्टर डिग्री पूरी करने की अचीवमेंट अपने हर एक फैन को समर्पित करता हूं। अब पढ़िए…मासूम का स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक का सफर गांव के स्कूल से की दसवीं की पढ़ाई मासूम शर्मा का जन्म जींद के गांव ब्राह्मणवास गांव में 27 मार्च 1991 को हुआ था। मासूम ने दसवीं तक की पढ़ाई हिंदू स्कूल जुलाना से पूरी की। इसके बाद उन्होंने 12वीं की पढ़ाई एसडी स्कूल किलाजफरगढ़ से की। स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने ग्रेजुएशन के लिए रोहतक का रुख किया। पंडित लख्मीचंद कॉलेज से फिल्म एंड एक्टिंग में उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। मास कम्युनिकेशन में पहली डिग्री की ग्रेजुएशन के बाद मासूम शर्मा ने 2019 में मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया प्रोडक्शन में MA की पढ़ाई पूरी की। यह डिग्री भी उन्होंने पंडित लख्मीचंद यूनिवर्सिटी से ही हासिल की। 2019 में ही पंडित लख्मीचंद कॉलेज में मास्टर डिग्री का पहला बैच शुरू हुआ था। मासूम इसी बैच के स्टूडेंट थे। मासूम शर्मा ने अपनी दूसरी मास्टर डिग्री वर्ष 2024 में म्यूजिक विषय में पूरी की थी। बड़ा बेटा फर्स्ट क्लॉस में पढ़ाई कर रहा मासूम शर्मा के के दो बेटे और एक बेटी है। जिनमें से एक एलकेजी और दूसरा बच्चा फर्स्ट क्लास में पढ़ाई करता है। जबकि छोटा बेटा अभी तीन साल का है। 18 फरवरी को जींद में पूर्व सरपंच से विवाद हुआ 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा का बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं सालगिराह के दौरान हुए कार्यक्रम में पूर्व सरपंच से विवाद हुआ था। मासूम शर्मा ने लाइव शो के दौरान स्टेज पर पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को देखकर भड़क गए थे। मासूम ने यहां तक कह दिया था कि मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। आप चाहे सरपंच हो मेरा परफॉर्मेंस नीचे बैठकर देखो। इसके बाद विवाद बढ़ा तो पूर्व पूर्व सरपंच ने उन्हें पंच का चुनाव तक लड़ने की चुनौती दे डाली। इसके बाद मासूम के बड़े भाई विकास शर्मा ने मुआना गांव में पूर्व सरपंच के सामने बैठकर मामले में मासूम की गलती स्वीकार की थी, लेकिन विवाद फिर भी नहीं रुका। हालांकि, मासूम ने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में अपने शब्द वापस लेने की बात कही थी, लेकिन उसके साथ यह भी कहा था कि एक व्यक्ति के कहने पर पंचायत नहीं होती। -------------- पूर्व सरपंच विवाद की ये खबरें भी पढ़िए… हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने सरपंच को धमकाया, VIDEO:मंच से उतारकर बोले- MLA-मंत्री तक को कुछ नहीं समझता, भीड़ से भी धक्का-मुक्की की हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की मुश्किलें बढ़ीं: दोस्त मुकेश जाजी ने गलती मानी, सरपंचों ने किया बहिष्कार; प्रदेश प्रभारी बोले- मौत के कार्यक्रम में भी नचा लो पूर्व सरपंच बोले-पैसे देकर मासूम शर्मा को कहीं नचवा लो:पंच चुनाव जीतकर दिखाए, जींद में महापंचायत की तैयारी; सिंगर ने स्टेज से उतारा था फतेहाबाद में सरपंचों की मासूम शर्मा को चेतावनी:माफी मांगने की मांग; बोले- वरना कोई भी इवेंट्स नहीं होने देंगे
शाइनी आहूजा रेप केस:मेड ने बयान बदला, कहा- रेप नहीं हुआ, 7 साल की सजा हुई; ₹15 लाख की हुई मांग
बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के शाइनी आहूजा रेप केस के पार्ट-1 में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे शाइनी पर उनकी मेड ने रेप के आरोप लगाए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। शाइनी आहूजा ने पुलिस कस्टडी में माना कि उन्होंने मेड के साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन ये मेड की रजामंदी से हुआ था। रेप की बात उन्हें फंसाने के लिए की गई थी। केस में नया मोड़ तब आया, जब शाइनी ने कहा कि मेड उनसे प्यार करती थी। अब पार्ट-2 में जानिए आगे की कहानी- पड़ोसी का दावा- नहीं सुनी चीखों की आवाज केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुपम के साथ उनकी वो पड़ोसी भी शामिल थीं, जिनके नाम से चीखें सुने जाने का दावा किया गया। उन्होंने मीडिया के सामने साफ कहा कि पुलिस ने उनका स्टेटमेंट नहीं लिया है और न ही उन्होंने किसी से इस तरह का कुछ कहा है। शाइनी बोले- मेड मुझसे प्यार करती थी इस दौरान पुलिस कस्टडी में शाइनी आहूजा ने कहा कि उनकी मेड उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है। उनके बीच शारीरिक संबंध मर्जी से बने। घटना से एक रोज पहले ही मेड उन्हें बार-बार कॉल कर रही थी, क्योंकि वो उनसे प्यार करने का दावा करती थी। लेकिन संबंध बनाने के बाद वो ब्लैकमेल करने लगी और फिर बाद में झूठी शिकायत दर्ज करवाई। दूसरी मेड ने दिया शाइनी के पक्ष में बयान शाइनी आहूजा के घर शिकायतकर्ता के अलावा एक और मेड काम करती थीं, जिनका नाम था संगीता। पुलिस ने उनका स्टेटमेंट भी लिया। उनके बयान के अनुसार, वो दोपहर करीब 1 बजे ही चर्च के लिए निकली थीं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि शाइनी एक अच्छे इंसान हैं। अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के साथ जेल में रहे शाइनी आहूजा गिरफ्तारी के बाद शाइनी आहूजा को अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के साथ सेल में रखा गया था। वो जेल में वर्कआउट करते और साथी कैदियों के साथ अच्छा व्यवहार रखते थे। शाइनी और अबू सलेम का एक ही सेल में रहना काफी अटपटा था, क्योंकि जेल जाने से कुछ समय पहले ही शाइनी आहूजा ने फिल्म गैंगस्टर में काम किया था, जो डॉन अबू सलेम पर ही आधारित थी। जेल के सूत्रों के अनुसार, अबू सलेम को फिल्म गैंगस्टर पसंद आई थी, ऐसे में उनका एक्टर के लिए सॉफ्ट कॉर्नर था। जून में हुई गिरफ्तारी अक्टूबर में मिली बेल कई बार जमानत याचिका खारिज होने के बाद शाइनी आहूजा को 1 अक्टूबर 2009 को बॉम्बे हाईकोर्ट से बेल मिली। उनके वकील ने कोर्ट में तर्क दिया- वकील बोले- अगर पीड़िता ने चीखा तो पुलिस ने पड़ोसियों का बयान क्यों नहीं लिया सुनवाई के दौरान शाइनी के वकील ने ये भी कहा कि शिकायतकर्ता ने कहा था कि रेप होने के समय वो काफी चीख रही थीं। बिल्डिंग की हर मंजिल पर चार फ्लैट हैं। इसलिए जांच अधिकारी का यह फर्ज था कि वह आसपास के फ्लैट में रहने वाले लोगों से पूछताछ करते और उनके बयान दर्ज करते। शाइनी के बेडरूम की एक दीवार पड़ोसी के फ्लैट से जुड़ी हुई है। अगर पुलिस ने पड़ोसियों के बयान लिए होते, तो पता चल सकता था कि पीड़िता सच में चिल्लाई थी या नहीं। साथ ही वकील ने कहा कि पुलिस ने जांच सही और निष्पक्ष तरीके से नहीं की। वकील ने ये भी कहा कि सबसे पहले तो यह साबित ही नहीं होता कि शारीरिक संबंध बने थे। और अगर बने भी हों, तो यह भी संभव है कि वह पीड़िता की सहमति से बने हों। वकील ने यह भी कहा कि आरोपी कोर्ट द्वारा लगाई जाने वाली हर शर्त को मानने के लिए तैयार है। सेशंस जज ने पहले ही यह माना है कि आरोपी के भागने की कोई संभावना नहीं है, क्योंकि वो एक एक्टर हैं और उनका घर भी मुंबई में ही है। फिर भी सेशंस जज ने जमानत इसलिए नहीं दी, क्योंकि उन्हें लगा कि आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। आरोपी की तरफ से कहा गया कि वह दिल्ली में अपने माता-पिता के साथ रहने के लिए तैयार है, जिससे सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो जाएगी। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि मेडकिल रिपोर्ट में साफ है कि पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए गए हैं। साथ ही उनके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि संबंध उनकी मर्जी से नहीं बनाए गए। इस पर शाइनी के वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता एक मेड हैं। रोज के काम करते हुए शरीर पर कई चोट लगती हैं, इन्हें रेप से नहीं जोड़ा जा सकता। कोर्ट ने कई शर्तों पर दी शाइनी आहूजा को जमानत दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने एक्टर को 50 हजार रुपए निजी मुचलके पर जमानत दी। साथ ही शर्त रखी गई- सुनवाई के दौरान बयान से पलटी मेड साल 2009 के आखिर में इस केस की सुनवाई शुरू हुई। शाइनी सुनवाई के लिए दिल्ली से ही अप-डाउन करते थे। 27 सितंबर 2010 को इस केस की सुनवाई अहम साबित हुई। शाइनी पर रेप का आरोप लगाने वाली मेड ने अपना बयान बदल दिया। मेड के बयान के अनुसार, शाइनी ने उनका रेप नहीं किया। उन्होंने साथ काम करने वाली रेखा माने के दबाव में आकर शाइनी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। बता दें कि वो रेखा माने ही थीं, जिन्होंने शिकायतकर्ता को शाइनी के घर में काम दिलवाया था। कोर्ट में मेड के बयान बदलते ही जज ने उन्हें चेतावनी दी कि झूठी शिकायत दर्ज करवाने और कोर्ट का समय बर्बाद करने पर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। केस कवर करने वाले सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट कहते हैं, ‘जब कोई घटना सत्य नहीं होती, तो व्यक्ति अपने पहले दिन दिए गए बयान को याद ही नहीं रख सकता। फिर वो बार-बार अपनी बात बदलता है। लेकिन अगर कोई घटना सच में घटी होती है, तो वो इंसान के जहन में हमेशा साफ रहती है। इस केस में भी मेरे हिसाब से यही हुआ है। मुझे इस पूरे मामले में सच्चाई का भारी अभाव दिखाई देता है।’ ‘मैं साफ कहना चाहता हूं कि मैं आज तक न तो शाइनी आहूजा से मिला हूं, न उनकी पत्नी से, न किसी एजेंट या वकील से। लेकिन मुझे अपने इनफॉर्मर्स और सोर्सेस पर गहरा भरोसा है। जो जानकारी वो मेरे पास लेकर आते हैं, वो हमेशा सत्य के बेहद करीब रही है। इस केस में मुझे सच्चाई का बहुत बड़ा अभाव दिखाई देता है। और अगर यह बाई गैंग का केस नहीं है, तो फिर यह कोई दूसरा केस हो ही नहीं सकता।’ 30 मार्च 2011 को कोर्ट ने शाइनी आहूजा को दोषी माना शाइनी आहूजा रेप केस का फैसला 30 मार्च 2011 को आया। मुंबई सेशन्स कोर्ट ने मेड के पलटने के बावजूद मेडिकल रिपोर्ट, मेड के मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान के आधार पर शाइनी आहूजा को आईपीसी की धारा 376 के तहत दोषी करार दिया। 98 पन्नों के जजमेंट में कोर्ट ने 109 पन्नों की चार्जशीट, 12 गवाहों और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर 1 अप्रैल 2011 को कोर्ट ने एक्टर को 7 साल के कारावास की सजा सुनाई और 3 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। शाइनी आहूजा के सपोर्ट में उतरे एक्टर कोर्ट का फैसला आने के बाद देशभर में इसका विरोध किया गया। एक्टर अरशद वारसी ने कोर्ट का फैसला आने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, हत्यारे, आतंकवादी और भ्रष्ट नेता खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन शाइनी आहूजा को सात साल की सजा मिल गई... न्यायपालिका को कलाकारों को इस तरह साफ-साफ निशाना बनाना बंद करना चाहिए। कोर्ट के फैसले के खिलाफ एक्टर ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की याचिका सेशन्स कोर्ट के फैसले के विरुद्ध एक्टर ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस अभय थिप्से की बेंच में हुई सुनवाई के दौरान एक्टर के वकील मनोज मोहिटे और मुंदर्गी ने कहा कि ट्रायल के दौरान कथित पीड़िता ने कोर्ट में अपने बलात्कार के आरोप वापस ले लिए थे और उन्हें नकार दिया था। इसके बावजूद, अभियोजन पक्ष ने डीएनए और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर भरोसा किया, जिनमें कई खामियां थीं। अपील में यह भी कहा गया कि पुलिस ने मेड के फोन कॉल रिकॉर्ड (CDR) तक नहीं निकाले, जिससे यह साबित हो सकता था कि आरोप गलत थे। साथ ही, पुलिस ने उन CCTV फुटेज का भी इस्तेमाल नहीं किया, जो शाइनी के पक्ष में थे। शाइनी का कहना है कि जांच अधिकारी ने खुद माना कि उसे कॉल रिकॉर्ड या CCTV फुटेज की जांच करना जरूरी नहीं लगा, जिससे जांच में पक्षपात साफ दिखाई देता है। अपील में यह भी कहा गया कि डीएनए टेस्ट के लिए लिए गए सैंपल की सुरक्षा और रिकॉर्ड रखने की सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। एक गवाह ने बताया कि सैंपल को सील करने या देने का कोई रिकॉर्ड नहीं था। यहां तक कि एक सैंपल की रिपोर्ट, जिसमें डीएनए नहीं मिला था, वह गायब हो गई। सुनवाई के दौरान शाइनी की पत्नी कोर्ट में मौजूद थीं, लेकिन शाइनी खुद कोर्ट में नहीं आए, क्योंकि उनकी मौजूदगी जरूरी नहीं थी। सेशन्स कोर्ट ने एक्टर को 7 साल की सजा सुनाई, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट में केस आने के बाद उन्हें बेल मिल गई। अंतिम चरण में शाइनी आहूजा का केस ये केस आज भी कोर्ट में है। शाइनी आहूजा के वकील किरण सिंह राजपूत ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- अब यह मामला अंतिम सुनवाई के लिए लगा हुआ है। अपील करने वाले व्यक्ति को मामले की स्थिति देखते हुए जमानत मिल चुकी है। इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने उनका पासपोर्ट नवीनीकरण करने की अनुमति भी दी। आम तौर पर कानून के अनुसार, अगर किसी पर गंभीर मामला चल रहा हो या सजा हो चुकी हो, तो पासपोर्ट सिर्फ एक साल के लिए दिया जाता है। लेकिन हाई कोर्ट ने उन्हें एक साल की जगह पूरे 10 साल के लिए पासपोर्ट नवीनीकरण की अनुमति दी। अभी यह मामला जस्टिस आर. एम. जोशी के सामने अंतिम सुनवाई के लिए लगा हुआ है। सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल कहते हैं, ‘बात को तोड़-मरोड़ कर अटेम्प्ट टू रेप का रूप दिया गया और वसूली की कोशिश की गई। जब शाइनी द्वारा पैसे देने से इनकार किया गया, तो केस दर्ज हुआ, गिरफ्तारी हुई और अंडर द टेबल 15 लाख रुपये लेकर जमानत दिलाने की बात सामने आई। जब यह रकम नहीं दी गई, तो शाइनी को पुलिस और न्यायिक हिरासत में समय बिताना पड़ा। कुल मिलाकर, पुलिस ने पूरा केस लड़की के बयान के आधार पर बनाया, लेकिन फॉरेंसिक जांच या किसी गवाह से ऐसा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया, जिसके आधार पर शाइनी आहूजा को सजा दिलाई जा सके।’ 'मीडिया ट्रायल पर विवेक अग्रवाल कहते हैं, सोचिए, एक व्यक्ति जिसने कुछ गलत नहीं किया, उसे ड्रैकुला, नरपिशाच, नरभक्षी जैसे शब्दों से नवाजा गया। हमारे अखबार फिर भी काफी हद तक संयम बरतते हैं, लेकिन मुझे बहुत अफसोस है कि हमारा ब्रॉडकास्ट मीडिया जब किसी के खिलाफ बोलना शुरू करता है, तो वह भाषा इंसानियत के किसी भी पैमाने पर सही नहीं होती। जिस तरह के विशेषण दिए जाते हैं और जिस नफरत के साथ मीडिया ट्रायल चलाया जाता है, वह बेहद शर्मनाक है। एक इंसान की पूरी जिंदगी, उसकी मेहनत, उसकी तपस्या बर्बाद करने के बाद मीडिया दूसरी खबरों का जश्न मनाने लगती है। मुझे इसका बहुत अफसोस होता है।' शाइनी आहूजा ने वेलकम बैक से किया कमबैक, फिर छोड़ी इंडस्ट्री रेप के आरोप लगने के बाद शाइनी आहूजा को फिल्मों में काम मिलना लगभग बंद हो गया। 5 साल के लंबे ब्रेक के बाद उन्होंने फिल्म वेलकम बैक से कमबैक किया, लेकिन ये फिल्म खास नहीं चली। इसके बाद एक्टर अपने परिवार के साथ फिलिपिंस शिफ्ट हो गए। वो वहां कपड़ो का बिजनेस करते हैं। जब विवेक अग्रवाल से पूछा गया कि आप शाइनी आहूजा को किसका सबसे बड़ा शिकार मानते हैं? तो जवाब में उन्होंने कहा, ‘मेरे हिसाब से शाइनी आहूजा बाई गैंग से ज्यादा मीडिया ट्रायल के शिकार हैं। पुलिस की अपथिकता, शरारतों और बदमाशियों से ज्यादा उन्हें मीडिया ने नुकसान पहुंचाया। ऐसे दर्जनों लोग हैं जिन्हें मैं जानता हूं, जो आज भी मीडिया ट्रायल के शिकार हैं। लेकिन आप किसे समझाएंगे? जब अखबार, चैनल और डिजिटल मीडिया कॉरपोरेट हाउसेज और एकतरफा बिजनेस हितों के हाथ में चले गए हैं, तब से हालात बिगड़ते चले गए हैं।’ विवेक अग्रवाल आगे कहते हैं, ‘जो लोग सेल्फ-मेड होते हैं, उनके साथ यह समस्या सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में नहीं, हर जगह होती है। चाहे बिजनेस हो, जर्नलिज्म हो या ऑफिस पॉलिटिक्स जहां सत्ता, पैसा और कॉन्टैक्ट्स होते हैं, वही सब कुछ तय करते हैं। जिसके पास ताकत है, वही बच जाता है। और जिसके पास नहीं है, वही कुचला जाता है। शाइनी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।’ शाइनी पर बनी फिल्म सेक्शन 375, रिसर्च के लिए राइटर 176 सुनवाई में बैठे शाइनी आहूजा की गिरफ्तारी से ठीक पहले राइटर मनीष गुप्ता उनके साथ सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज पर बनी फिल्म में काम कर रहे थे। हालांकि गिरफ्तारी के बाद वो फिल्म बंद पड़ गई। जब केस अपने अंतिम नतीजे के करीब पहुंचा तो उन्हीं मनीष गुप्ता ने शाइनी आहूजा केस पर फिल्म लिखी सेक्शन 375। इस फिल्म को बनाने में आईं चुनौतियों पर मनीष गुप्ता कहते हैं, ‘काफी सेंसिटिव सब्जेक्ट होने की वजह से मुझे फिल्म लिखने में करीब 3 साल लगे। मैं बिल्कुल गहराई तक गया करीब 176 हियरिंग्स में बैठा, कई रेप सर्वाइवर्स, विक्टिम्स और उनके परिजनों से बात की। वकीलों से भी कई जानकारियां इकट्ठा कीं।’ ‘आप हैरान होंगे यह जानकर कि भारत में 80 प्रतिशत से ज्यादा केस इस सेक्शन के तहत झूठे साबित हुए हैं। किसी ने पैसों के लिए, तो किसी ने किसी आदमी से पीछा छुड़ाने के लिए इस कानून का गलत इस्तेमाल किया है। और इसका नुकसान उन्हें भुगतना पड़ता है जिनके साथ सच में रेप हुआ है, क्योंकि फिर उनके केस को गंभीरता से नहीं लिया जाता।’ ‘मेरी फिल्म सेक्शन 375 में, रिलीज के बाद कानूनी जटिलताएं न हों इसलिए मैंने रियल कैरेक्टर्स में कुछ बदलाव किए जैसे शाइनी को एक्टर नहीं दिखाकर डायरेक्टर दिखाया, और नौकरानी की जगह असिस्टेंट कॉस्ट्यूम डिजाइनर दिखाया है।’ जेल से लौटने के बाद शाइनी की हुई थी मनीष गुप्ता से बात शाइनी से हुई आखिरी बातचीत पर मनीष गुप्ता कहते हैं, ‘शाइनी के अरेस्ट होने और फिर जेल से बाहर आने के बाद उनका एक बार मुझे कॉल आया था। कॉल पर उन्होंने मुझे थैंक्यू कहा कि मैंने उस मुश्किल घड़ी में उनका साथ दिया। अब वो फिलीपींस में जाकर बस गए हैं। उनका परिवार भी वहीं उनके साथ है। इस केस के बाद उन्होंने खुद को पूरी तरह सोसाइटी से अलग कर लिया था।’ ‘शाइनी के अरेस्ट होते ही उन पर एक ठप्पा लग गया था, जैसे सच में उन्होंने क्राइम किया हो। वैसे जब मैं फिल्म के लिए रिसर्च कर रहा था, तब मैंने नौकरानी द्वारा दिए गए स्टेटमेंट्स भी पढ़े इतनी डिटेल में लिखी गई चीजें थीं कि पढ़कर मैं भी सोच में पड़ गया। लेकिन आज तक किसी को मालूम नहीं है कि कौन सही है और कौन गलत।’ ‘शाइनी के जेल से निकलने के बाद फाइनेंसर ने हाथ खींच लिए, प्रोड्यूसर्स ने भी फिल्म में पैसा लगाने से मना कर दिया यह सोचकर कि शायद दर्शक अब शाइनी को एक्सेप्ट नहीं करेंगे। उस दौरान सोशल मीडिया पर शाइनी को लेकर कई तरह के मीम्स बन रहे थे “देखो, नौकरानी से रेप किया” जैसी बातें चल रही थीं। कोर्ट का जजमेंट आने से पहले ही लोगों ने शाइनी को अपराधी मान लिया था, जो कि बिल्कुल गलत है।’ ……………………………………………………… पार्ट-1, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड बोली- कमरे में बंद किया; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया- मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम करती हूं। मैं सुबह 9 बजे काम पर जाती हूं और शाम के 6 बजे तक वहीं रहती हूं। आगे पढ़िए… (नोट- ये खबर शाइनी आहूजा के वकील, उनके साथ काम कर चुके राइटर मनीष गुप्ता और केस को कवर करने वाले मशहूर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल के बयान के आधार पर क्रिएटिव लिबर्टी के साथ लिखी गई है।) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय…………………………………………………….. अगले मंगलवार-बुधवार, 3-4 मार्च को बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-7 में पढ़िए कहानी मोनिका बेदी अंडरवर्ल्ड केस की। और जानिए कैसे एक्ट्रेस को धमकियों की बदौलत फिल्मों में काम मिला और फिर एक फर्जी पासपोर्ट से एक्ट्रेस को हुई सजा। इवेंट मैनेजर समझकर डॉन से बात करती रहीं मोनिका बेदीः फर्जी पासपोर्ट के सहारे दुनिया घूमी, पुर्तगाल की जेल में डॉन को लिए लव-लेटर जानम समझा करो, जोड़ी नं.1 और प्यार इश्क और मोहब्बत जैसी फिल्मों में नजर आईं एक्ट्रेस मोनिका बेदी को 2001 के बाद से ही फिल्मों में काम मिलना लगभग बंद हो गया। मोनिका जद्दोजहद में थीं कि किसी तरह उनका करियर पटरी पर आ जाए कि तभी एक परिचित ने उनके सामने दुबई के नामी बिजनेसमैन का नाम लिया। उस शख्स का नाम बताया गया अरसलान, जो कथित तौर पर दुबई में रहता था और उसकी बॉलीवुड में मजबूत पकड़ थी। मोनिका ने उसे कॉल किया और मदद मांगी। शुरुआत में दोनों की कोई मुलाकात नहीं हुई। अचानक मोनिका को बिना कोई ऑडिशन 8-9 फिल्मों में काम मिल गया। और फिर फिल्मी गलियारों में खबर फैली कि मोनिका का अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन है। जिस अरसलान से मोनिका इतने महीनों से बात कर रही थीं, असल में वो दुबई का कोई इवेंट मैनेजर नहीं, बल्कि भारत का मोस्ट वॉन्डेट अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम था। पूरी कहानी पढ़िए अगले हफ्ते, बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-7 में। ………………………………………………………… भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवेक की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवेक की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवेक का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…
‘केरल स्टोरी 2’ का ट्रेलर जारी होते ही फिल्म विवादों में घिर गई है। फिल्म के सर्टिफिकेशन और केरल राज्य को कथित तौर पर गलत तरीके से दिखाए जाने को लेकर केरल हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि फिल्म राज्य की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान केरल हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केरल एक शांत और सौहार्दपूर्ण राज्य है, लेकिन फिल्म में उसे गलत ढंग से दिखाया गया है, जिससे उसकी छवि प्रभावित हो सकती है। दोपहर बाद जब मामले की दोबारा सुनवाई हुई तो अदालत को बताया गया कि फिल्म के मेकर्स टीजर वापस लेने के लिए तैयार हैं। इसके बाद अदालत ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी। उस दिन यह तय किया जाएगा कि कोर्ट 27 फरवरी रिलीज से पहले फिल्म देखेगी या नहीं। हालांकि, दोपहर की सुनवाई से पहले अदालत ने कहा था कि वह कोई भी आदेश देने से पहले फिल्म देखना चाहती है। साथ ही, अदालत ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से यह भी पूछा कि क्या फिल्म सभी आवश्यक दिशानिर्देशों का पालन करती है। बता दें, याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में फिल्म के कुछ हिस्सों में बदलाव की मांग की है, जिसमें फिल्म का टाइटल बदलने की मांग भी शामिल है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रमाणित किया गया है, जबकि कथित रूप से यह सिनेमैटोग्राफी अधिनियम, 1952 के प्रावधानों का पालन नहीं करती। शिकायत के अनुसार, विवाद फिल्म के टीजर और ट्रेलर से शुरू हुआ है। इनमें अलग-अलदग राज्यों की महिलाओं की कहानियां दिखाई गई हैं, लेकिन फिल्म का टाइटल ‘केरल स्टोरी’ होने के कारण कथित आतंकवाद, जबरन धर्मांतरण और जनसांख्यिकीय साजिश जैसे मुद्दों को विशेष रूप से केरल से जोड़कर दिखाए गए हैं।
मंडी से सांसद कंगना रनोट के खिलाफ मानहानि मामले की अगली सुनवाई अब 10 मार्च को बठिंडा कोर्ट में होगी। बठिंडा कोर्ट में वकीलों की हड़ताल के कारण शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी, जिसके चलते अगली तारीख तय की गई है। किसान महिला बेबे महिंदर कौर के वकील रघबीर सिंह बहनीवाल ने बताया कि अगली सुनवाई पर उनकी ओर से दो गवाह पेश किए जाएंगे, जिनमें एक किसान नेता भी शामिल होंगे। इसके साथ ही, कंगना रनोट के पासपोर्ट सरेंडर करने की अर्जी पर भी कोर्ट सुनवाई करेगा। किसान आंदोलन से जुड़ा है मामला वकील बहनीवाल ने कोर्ट में कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी बताया कि बेबे महिंदर कौर और उनका परिवार न्याय के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। बता दे कि यह मामला दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन से जुड़ा है। किसान महिला ने दायर की थी याचिका उस दौरान, बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया निवासी बेबे महिंदर कौर ने याचिका दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कंगना रनोट ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उनके खिलाफ एक पोस्ट डाली थी। कंगना रनौत ने कथित तौर पर अपनी पोस्ट में कहा था कि ऐसी महिलाएं धरने पर 100-100 रुपये लेकर आती हैं। मानहानि का मुकदमा दायर इसी टिप्पणी के बाद से बेबे महिंदर कौर ने मानहानि का मुकदमा दायर किया था। कुछ समय पहले कंगना रनोट ने सुप्रीम कोर्ट में इस केस को खत्म करने की अपील की थी, लेकिन शीर्ष कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया था।
क्रॉस-इंडस्ट्री कोलैबोरेशन का ट्रेंड:‘डकैत’ के बाद 'G2' पर जुटेंगे अदिवि, 'G3' भी हो सकती है अनाउंस
भारतीय सिनेमा में क्रॉस-इंडस्ट्री कोलैबोरेशन का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। इस वक्त जिस जोड़ी पर सबसे ज्यादा नजरें टिकी हैं, वह है बॉलीवुड एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर और तेलुगु स्टार अदिवि शेष की। दोनों की अपकमिंग फिल्म ‘डकैत: ए लव स्टोरी’ को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सूत्र बताते हैं कि यह कोलैबोरेशन केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रहने वाली बल्कि सूत्रों की मानें तो ‘डकैत’ की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री से प्रभावित एक बड़े प्रोडक्शन हाउस ने मृणाल और अदिवि को 2027 की एक और फिल्म के लिए अप्रोच किया है। अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक चला, तो ‘डकैत’ से शुरू हुआ यह कोलैबोरेशन आने वाले वर्षों में पैन-इंडिया सिनेमा का बड़ा अध्याय साबित हो सकता है। फिलहाल प्रोजेक्ट का नाम सामने नहीं आया है। बीहड़ों की पृष्ठभूमि पर बुनी गई इमोशनल लव स्टोरी है ‘डकैत’ ‘डकैत’ को सिर्फ एक एक्शन-रोमांस कहना इसके साथ नाइंसाफी होगी। यह बीहड़ों की पृष्ठभूमि पर बुनी गई एक इमोशनल लव स्टोरी है, जिसकी संभावित टैगलाइन प्यार और बारूद के बीच की कहानी' बताई जा रही है। फिल्म में अदिवि एक ऐसे शख्स की भूमिका में हैं जो हालातों के चलते हथियार उठाने पर मजबूर होता है। उनका लुक सूटेड-बूटेड स्पाई इमेज से बिल्कुल अलग बढ़ी दाढ़ी, बिखरे बाल और खादी के कुर्ते वाला रखा गया है। वहीं मृणाल पारंपरिक एथनिक अंदाज में नजर आएंगी, लेकिन उनका किरदार महज प्रेमिका का नहीं, बल्कि कहानी की मजबूत कोर का है। ये फिल्म 19 मार्च को रिलीज होने वाली है। अगले साल ‘मेजर 2’ पर भी शुरू हो सकता है काम ‘डकैत’ के तुरंत बाद अदिवि शेष अपनी स्पाई फ्रेंचाइज ‘G2’ (गुडाचारी 2) पर फोकस करेंगे। यह फिल्म उनकी चर्चित स्पाई फिल्म ‘गुडाचारी’ की सीक्वल है और 1 मई 2026 को रिलीज के लिए शेड्यूल बताई जा रही है। चर्चा है कि 2027 की शुरुआत में इसके तीसरे पार्ट या बड़े स्पिन-ऑफ की घोषणा भी हो सकती है। ‘G2’ में अदिवि के साथ वमिका गब्बी नजर आएंगी। फिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि इन दो बड़ी रिलीज के बाद अदिवि 2027 में किसी मेगा-बजट प्रोजेक्ट संभवतः ‘मेजर 2’ पर भी काम शुरू कर सकते हैं। गोल्डन पैलेट के साथ एनामॉर्फिक लेंस पर शूट हुई है फिल्म फिल्म ‘डकैत’ की शूटिंग ग्रामीण लोकेशन्स और विशाल सेट्स पर की गई है, जो 70-80 के दशक के चंबल के बीहड़ों की याद दिलाते हैं। क्लाइमैक्स का एक बड़ा एक्शन सीन, जिसमें अदिवि घायल हुए थे, फिल्म का टर्निंग पॉइंट होगा। यह हैंड-टू-हैंड कॉम्बैट और देसी हथियारों वाला रॉ एक्शन सीन है। सिनेमैटोग्राफी शिनिएल देओ संभाल रहे हैं। वह इसे डस्टी और गोल्डन पैलेट के साथ एनामॉर्फिक लेंस पर शूट कर रहे हैं। ‘डकैत’ के संगीत के लिए अमित त्रिवेदी या हर्षवर्धन रामेश्वर के नाम पर चर्चा है। इसमें चंबल और बुंदेलखंड के कई स्थानीय थिएटर आर्टिस्ट्स को भी कास्ट किया गया है। अल्लू अर्जुन की 22वीं फिल्म में भी लीड रोल में दिखेंगी मृणाल दूसरी ओर, मृणाल 2027 में साउथ और हिंदी सिनेमा में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में हैं। वह तमिल में सिलंबरसन टीआर के साथ एक बड़े प्रोजेक्ट की बातचीत में जुटी हैं। वहीं तेलुगु सिनेमा में उनका नाम अल्लू अर्जुन की 22वीं फिल्म के लिए चर्चा में है, जिसे त्रिविक्रम श्रीनिवास निर्देशित कर सकते हैं। हिंदी में वह एक फीमेल-सेंट्रिक सर्वाइवल थ्रिलर की तैयारी कर रही हैं जो ‘NH10’ जैसी रॉ फिल्म होगी। इसके साथ ही, यह भी चर्चा है कि वह संजय लीला भंसाली के किसी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकती हैं।
हिंदी सिनेमा के हीमैन धर्मेंद्र के निधन को तीन महीने हो चुके हैं। अब हाल ही में एक इंटरव्यू में एक्टर की पत्नी हेमा मालिनी उन्हें याद कर इमोशनल हो गईं। उन्होंने कहा कि मुझे आज भी यकीन नहीं होता है कि वह वास्तव में चले गए हैं। दरअसल, धर्मेंद्र को BAFTA अवॉर्ड सेरेमनी में श्रद्धांजलि दी गई थी। इस बारे में जब 'वैरायटी इंडिया' ने हेमा मालिनी से सवाल किया तो उन्होंने इस मौके को 'दिल छू लेने वाला' बताया। हेमा ने कहा, धर्मेंद्र जी अपने दौर में सबसे ज्यादा बिजी रहने वाले कलाकार थे। हम शूटिंग के साथ-साथ ज्यादा ट्रैवेल नहीं कर सकते थे। इसलिए साथ में कई फिल्में साइन करते थे, जिससे साथ वक्त गुजार सकें। हेमा मालिनी ने आगे कहा, मुझे हर पल उनकी याद आती है।मैं खुद से यही सवाल करती हूं कि क्या वो वाकई चले गए हैं? मेरी उनसे दोबारा मुलाकात कब होगी? दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का 24 नवंबर को निधन हो गया था। 89 साल के धर्मेंद्र ने सोमवार दोपहर अपने घर पर अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार सोमवार को ही मुंबई के विले पार्ले स्थित पवन हंस शवदाह गृह में किया गया था, जिसमें अमिताभ बच्चन, सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान, संजय दत्त समेत कई फिल्मी हस्तियां शामिल हुई थीं। कैसे हुई थी धर्मेंद्र-हेमा की पहली मुलाकात दोनों की पहली मुलाकात 1965 में फिल्मकार ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म आसमान महल के प्रीमियर में हुई थी। हेमा ने सिमी गरेवाल के शो में बताया था कि जब उन्होंने धर्मेंद्र को पहली बार देखा, तो सोचा- मैंने इतना हैंडसम आदमी पहले कभी नहीं देखा। लड़का हैंडसम था तो क्या? पहले से शादीशुदा था। बस एक ख्याल था, दिल में आया और चला गया। हेमा के घरवाले यूं भी काफी सख्त थे। उन्हें फिल्मों में काम करने की इजाजत थी, मुहब्बत की पींगे बढ़ाने की नहीं, लेकिन दिल पर किसी का जोर कभी चला है, जो अब चलता। ये तो वो आतिश है कि जो लगाए न लगे और बुझाए न बुझे। बता दें कि दोनों ने इस्लाम कबूलकर 1980 में शादी की थी।
YRF ने नेटफ्लिक्स का ₹215 करोड़ का ऑफर ठुकराया:थिएटर में रिलीज होगी आलिया-शरवरी की फिल्म ‘अल्फा’
YRF की स्पाई यूनिवर्स फिल्म अल्फा की प्रोडक्शन कंपनी यशराज फिल्म्स ने नेटफ्लिक्स का ₹215 करोड़ का स्ट्रीमिंग ऑफर रिजेक्ट कर दिया है। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला 2026 में भारत में फिल्म की थिएटर में रिलीज को ध्यान में रखकर लिया गया। फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ लीड रोल में हैं। रिपोर्ट में एक सोर्स के हवाले से बताया कि यशराज फिल्म्स को नेटफ्लिक्स ने ₹215 करोड़ की डील ऑफर की थी। इस डील के तहत फिल्म को सीधे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाना था। हालांकि, प्रोडक्शन कंपनी ने ऑफर ठुकरा दिया। रिपोर्ट में YRF के स्पोक्सपर्सन ने कहा, “‘अल्फा’ के सीधे OTT पर रिलीज होने की खबरें पूरी तरह अफवाह हैं। एक महिला-प्रधान फिल्म को गलत तरीके से दिखाने की कोशिश की जा रही है। यश राज फिल्म्स अपनी किसी भी थिएटर रिलीज फिल्म को सीधे स्ट्रीमिंग पर नहीं लाएगा। हम एक ऐसा स्टूडियो हैं जिसे बड़े पर्दे का अनुभव बनाने पर गर्व है।‘अल्फा’ हमारी कंपनी की बड़ी और अहम फिल्म है।” उन्होंने यह भी कहा, “‘अल्फा’ के जरिए हमने कुछ खास बनाने की कोशिश की है। फिल्म में देश की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक आलिया भट्ट लीड रोल में हैं। उनके साथ टैलेंटेड शरवरी भी नजर आएंगी। हमें भरोसा है कि यह फिल्म दर्शकों का पूरा मनोरंजन करेगी और इसे भी बाकी एक्शन फिल्मों की तरह खूब प्यार मिलेगा।” अल्फा में बॉबी देओल भी अहम भूमिका में हैं। फिल्म का निर्देशन शिव रावेल कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने नेटफ्लिक्स का शो “द रेलवे मेन” डायरेक्ट किया था। फिल्म की रिलीज डेट टली बता दें कि फिल्म अल्फा पहले पिछले साल 25 दिसंबर को रिलीज होने वाली थी, लेकिन VFX का काम तय समय पर पूरा नहीं हो सका। इसलिए इसकी रिलीज डेट बढ़ाकर 17 अप्रैल 2026 कर दी गई। वहीं, ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने बताया था कि यह तारीख भी आगे बढ़ा दी गई है, क्योंकि मेकर्स ने अप्रैल में सलमान खान की फिल्म बैटल ऑफ गलवान से क्लैश से बचना चाहते थे।
मुंबई में सोमवार को आयोजित फिल्म सुबेदार के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में अनिल कपूर ने शूटिंग अनुभव शेयर किए और साथ ही मजाक में कहा कि उनके घर में कोई भी उनका फैन नहीं है। ट्रेलर लॉन्च इवेंट में अनिल कपूर ने बताया कि जब वह घर से इवेंट के लिए निकल रहे थे, तो उनकी पत्नी सुनीता कपूर ने उनसे पूछा कि वे कहां जा रहे हैं। जब उन्होंने ट्रेलर लॉन्च की बात कही तो सुनीता ने दोबारा पूछा कि कौन सी फिल्म और कहां इवेंट है। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी शूटिंग पर जाने से पहले उन्हें पत्नी से 10 से 15 हजार रुपए पॉकेट मनी लेनी पड़ती है। देखें ट्रेलर लॉन्च इवेंट की तस्वीरे मेरे सभी फिल्म मेकर्स के साथ अच्छा रिश्ता: अनिल इवेंट के दौरान अनिल कपूर ने यह भी कहा, “मेरे सभी फिल्म मेकर्स के साथ मेरा बहुत अच्छा रिश्ता है। ऐसा कोई डायरेक्टर नहीं है जिसके साथ मैंने काम किया हो और वह मेरा दोस्त न हो। चाहे सुभाष घई हों, एन. चंद्रा हों या विधु विनोद चोपड़ा। वे मुझसे कहते हैं, ‘क्या चल रहा है? चलो, एक फिल्म करते हैं!’ मैंने इंद्र कुमार को फोन किया और मजाक में कहा, ‘क्या इंदु, तुमने धमााल 4 में मुझे नहीं लिया। कोई बात नहीं, क्या अजय देवगन ने मना कर दिया था?’” एक्ट्रेसेस के साथ रिश्तों पर क्या बोले अनिल कपूर ट्रेलर लॉन्च के दौरान अनिल कपूर से पूछा गया कि उनकी पुरानी हीरोइनों के साथ अब कैसा रिश्ता है। इस पर उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि आजकल कोई भी हीरोइन उनके साथ काम करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने मजाक में कहा कि सबको अब यंग एक्टर्स के साथ काम करना है। यहां तक कि सीनियर एक्ट्रेसेस भी उनके साथ फिल्म करने को तैयार नहीं हैं। आखिर में उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि आप लोग ही उनकी सिफारिश कर दीजिए। बता दें कि फिल्म सुबेदार में अनिल कपूर लीड रोल में नजर आएंगे। उनके साथ राधिका मदान, मोना सिंह, सौरभ शुक्ला, आदित्य रावल, फैसल मलिक और खुशबू सुंदर अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 5 मार्च 2026 को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी। फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है। कहानी गैरकानूनी रेत खनन और भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष पर आधारित है। अनिल कपूर फिल्म में रिटायर्ड फौजी सुबेदार अर्जुन मौर्य की भूमिका निभा रहे हैं। इवेंट के दौरान अनिल कपूर ने बताया कि उन्होंने अलग-अलग लोकेशन्स पर इंटेंस सीन शूट किए। फिल्म को अबुंदंतिया एंटरटेनमेंट, ओपनिंग इमेज फिल्म्स और अनिल कपूर फिल्म एंड कम्युनिकेशन नेटवर्क ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में उपलब्ध होगी।
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ने अपने खिलाफ बेंगलुरु में फाइल की गई प्राइवेट कंप्लेंट और FIR को रद्द करने के लिए कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह मामला फिल्म कंतारा: चैप्टर 1 से जुड़ी टिप्पणी से संबंधित है। यह पिटीशन कर्नाटक हाई कोर्ट में फाइल की गई। इसमें शहर की मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित शिकायत को चुनौती दी गई और बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR पर सवाल उठाए गए। इस मामले में पुलिस और शिकायतकर्ता एडवोकेट प्रशांत मेथल को केस में रेस्पॉन्डेंट बनाया गया है। रणवीर की लीगल टीम कोर्ट में पेश हुई रणवीर सिंह की लीगल टीम सोमवार को कोर्ट में पेश हुई। सुनवाई जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की बेंच के सामने हुई। वकील ने अर्जेंट हियरिंग की मांग की। उन्होंने कहा कि रणवीर सिंह ने फिल्म और एक्टर की तारीफ की थी और बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। कोर्ट ने अर्जेंट सुनवाई पर सवाल उठाया। बेंच ने पूछा कि जल्दी सुनवाई क्यों हो? क्या इसलिए कि पिटीशनर एक बॉलीवुड एक्टर है? कोर्ट ने कहा कि अर्जेंट सुनवाई के लिए ठोस वजहें बताई जानी चाहिए। FIR के बाद पुलिस ने दो नोटिस जारी किए एक्टर के वकील ने कोर्ट में बताया कि FIR के बाद पुलिस ने दो नोटिस जारी किए हैं। इसी वजह से तुरंत सुनवाई जरूरी है। दलील सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका पर मंगलवार को सुनवाई तय की। बता दें कि विवाद की शुरुआत पिछले साल गोवा में हुई थी। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) की क्लोजिंग सेरेमनी में रणवीर सिंह मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने फिल्म कंतारा: चैप्टर 1 को लेकर ऋषभ शेट्टी की एक्टिंग की तारीफ की। इवेंट में उन्होंने कहा था कि उन्होंने फिल्म थिएटर में देखी। ऋषभ की परफॉर्मेंस शानदार थी, खासकर वह सीन जब एक महिला आत्मा शरीर में प्रवेश करती है। शिकायतकर्ता प्रशांत मेथल ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी आपत्तिजनक थी। उनके अनुसार, बयान में देवी चामुंडी को ‘फीमेल घोस्ट’ कहा गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। मेथल ने पहले 3 दिसंबर 2025 को हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में शिकायत दी थी। उस समय FIR दर्ज नहीं हुई। बाद में उन्होंने डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और पुलिस कमिश्नर को भी आवेदन दिया। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो शिकायतकर्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने सेक्शन 223 के तहत प्राइवेट कंप्लेंट दायर की। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 196, 299 और 302 का उल्लेख किया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि यह कॉग्निजेबल और पनिशेबल ऑफेंस है। इसमें तीन साल तक की सजा या जुर्माना हो सकता है। वहीं, 28 जनवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामले में जांच के आदेश दिए। कोर्ट ने BNS के सेक्शन 175(3) के तहत निर्देश जारी किया। इसके अनुसार, पुलिस को जांच शुरू करने से पहले FIR दर्ज करना जरूरी है। कोर्ट के आदेश के बाद हाई ग्राउंड्स पुलिस ने FIR दर्ज की और रणवीर सिंह को नोटिस भेजा गया। रणवीर ने मामले को लेकर माफी मांगी थी रणवीर सिंह ने मामले को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। रणवीर ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा था- मेरा इरादा फिल्म (कांतारा) में ऋषभ की शानदार परफॉर्मेंस को उजागर करने का था। एक अभिनेता होने के नाते, मैं जानता हूं कि उस खास सीन को जिस तरह से उन्होंने निभाया, उसके लिए कितनी मेहनत लगती है और इसके लिए मैं उनका अत्यधिक सम्मान करता हू। मैंने हमेशा हमारे देश की हर संस्कृति, परंपरा और आस्था का गहरा सम्मान किया है। अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दिल से माफी चाहता हूं।
ब्रेन हेमरेज के बाद राइटर सलीम खान एडमिट:सोमवार देर शाम लीलावती अस्पताल के बाहर स्पॉट हुए सलमान खान
सलमान खान के पिता और स्क्रिप्ट राइटर सलीम खान ब्रेन हेमरेज के बाद लीलावती अस्पताल में एडमिट हैं। मंगलवार को उन्हें अस्पताल में भर्ती हुए एक हफ्ता हो गया। सलमान अपने पिता का हाल जानने अस्पताल रेगुलरली से पहुंच रहे हैं। सोमवार देर शाम भी सलमान अस्पताल के बाहर स्पॉट किए गए। बता दें कि परिवार के अलावा सलीम खान का हाल जानने कई सेलेब्स पहुंचे है। 21 फरवरी को देर शाम शाहरुख खान अस्पताल पहुंचे। इससे पहले रणवीर सिंह, फराह खान, आमिर खान और जावेद अख्तर भी आए थे। दावा- सलीम खान को वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर ने सलीम खान की हेल्थ अपडेट दी थी। हालांकि, उसके बाद परिवार की ओर से मेडिकल अपडेट सार्वजनिक न करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद उनकी हेल्थ को लेकर कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आई। वहीं, 21 फरवरी को सलमान खान के करीबी संतोष शुक्ला ने बताया कि सलीम खान का वेंटिलेटर हटा दिया गया है। अमर उजाला से बातचीत में संतोष शुक्ला ने कहा, मैं उनके पास नहीं गया, बस दूर से ही देख पाया। यह बहुत निजी पल होता है। परिवार का समय होता है और ऐसे में किसी को डिस्टर्ब न करना ही बेहतर है। हम लोग बाहर से मिल रहे हैं। लोगों से भी यही कहूंगा कि कुछ कहने के बजाय बस दुआ करें, वही सबसे अच्छा है सोचिए, उनके घरवालों पर क्या गुजर रही होगी। सलमान खान के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, सलमान इस समय बिल्कुल शांत हैं। वह किसी को परेशान नहीं करना चाहते और खुद भी परेशान नहीं होना चाहते। कभी-कभी इंसान को थोड़ा स्पेस देना चाहिए और सलमान अभी वही कर रहे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि आने वाले दिनों में सब कुछ बेहतर होगा। संतोष ने यह भी बताया कि सलीम साहब की सेहत में अब सुधार है। उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया है, जो एक बड़ी राहत की बात है। ऊपर वाले का शुक्र है कि स्थिति अब बेहतर दिशा में जा रही है। सलीम खान लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान को 17 फरवरी को सुबह ब्रेन से जुड़ी दिक्कत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सुबह करीब 8:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने उनकी स्थिति का आकलन किया। 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर जलील पारकर ने जानकारी दी थी कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिससे दिमाग की नसों की स्थिति और संभावित ब्लॉकेज को साफ तरीके से देखा जाता है। परिवार ने हेल्थ अपडेट प्राइवेट रखने को कहा वहीं, 20 फरवरी को जानकारी सामने आई कि सलीम खान का परिवार चाहता है कि उनकी हेल्थ से जुड़ी जानकारी प्राइवेट रखी जाए। वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को अस्पताल के सार्वजनिक बयान से सलमान खान और उनका परिवार नाराज था। परिवार के करीबी सूत्र ने कहा कि सेहत निजी मामला है और मीडिया से बात परिवार पर छोड़नी चाहिए। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान 90 साल के हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटरों में शुमार हैं। सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग नहीं, बल्कि राइटिंग असली ताकत है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। ‘सलीम-जावेद’ की जोड़ी फेमस हुई सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी ‘सलीम–जावेद’ के नाम से मशहूर रही है। दोनों ने मिलकर हिंदी सिनेमा को कई सुपरहिट और यादगार फिल्में दीं, जैसे जंजीर, दीवार, शोले, डॉन और सीता और गीता। इन फिल्मों की दमदार कहानियां और डायलॉग लोगों के दिलों में बस गए। उनकी लिखी स्क्रिप्ट ने फिल्मों का अंदाज बदल दिया। उन्होंने मजबूत किरदार, संवाद और सामाजिक मुद्दों को कहानी का हिस्सा बनाया। सलीम-जावेद की सफलता से फिल्म इंडस्ट्री में लेखकों को नई पहचान और सम्मान मिला और उन्हें भी स्टार्स की तरह महत्व मिलने लगा। सलीम-जावेद भारतीय सिनेमा के पहले लेखक माने जाते हैं, जिन्हें ‘स्टार स्टेटस’ मिला। उन्होंने अमिताभ बच्चन की ‘एंग्री यंग मैन’ इमेज को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। सलीम खान ने दो शादियां कीं पर्सनल लाइफ की बात करें तो सलीम खान ने दो शादियां कीं। उनकी पहली शादी 18 नवंबर 1964 को सलमा खान (पूर्व नाम सुशीला चरक) से हुई। इस शादी से उनके चार बच्चे सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान और अलवीरा खान हुए। बाद में 1981 में सलीम खान ने एक्ट्रेस हेलन रिचर्डसन से शादी की। कुछ सालों बाद सलीम खान और हेलन ने अर्पिता को गोद लिया। उनके बड़े बेटे सलमान खान हिंदी सिनेमा के सबसे टॉप एक्टर्स में गिने जाते हैं, जबकि अरबाज और सोहेल भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। उनकी बेटी अलवीरा की शादी एक्टर-डायरेक्टर अतुल अग्निहोत्री से हुई, वहीं अर्पिता की शादी एक्टर आयुष शर्मा से हुई है। ………………………………………. सलीम खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…. दोस्ताना में अमिताभ से ज्यादा फीस सलीम ने मांगी:सलमान से कहा था हैलो ब्रदर नहीं चलेगी, ऋषि कपूर को दी थी बर्बाद करने की धमकी सलीम खान को नई जनरेशन सुपरस्टार सलमान खान के पिता के रूप में जानती है, लेकिन 70–80 के दशक में उनका ऐसा रुतबा था कि हर फिल्ममेकर उनसे ही अपनी फिल्में लिखवाना चाहता था, चाहे फीस या शर्त कुछ भी हो। इंदौर शहर में रहते हुए दोस्तों के लव लेटर लिखने से शुरू हुआ राइटिंग का सिलसिला हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन स्क्रिप्ट राइटर बनने पर मुकम्मल हुआ। पूरी खबर यहां पढ़ें
बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के केस-6 में जानिए शाइनी आहूजा रेप केस की कहानी। साल 2009 में शाइनी पर उनकी मेड ने रेप के आरोप लगाए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। एक्टर के सीमन सैंपल मैच होने के बाद कोर्ट ने एक्टर को दोषी माना, हालांकि बाद में मेड ने बयान बदल दिया और कहा कि उनका रेप नहीं हुआ था। विवाद के बीच एक बड़े बाई गैंग का खुलासा हुआ, जो हाईप्रोफाइल लोगों को ब्लैकमेल कर इसी तरह फंसाती थीं। 14 जून 2009 शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर। वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया- मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम करती हूं। मैं सुबह 9 बजे काम पर जाती हूं और शाम के 6 बजे तक वहीं रहती हूं। मेरे अलावा संगीता भी वहीं काम करती है, जो उसी अपार्टमेंट में रहती है। एक कुक भी है जो दिन में दो बार खाना बनाने आता है। संगीता दोपहर में बाहर गई थी। उसके जाने के बाद मैं घर में अकेली थी। शाइनी ने मुझसे पानी मांगा। मैं पानी देने कमरे में गई तो उसने कमरा लॉक कर लिया और फिर अत्याचार (रेप) किया। मैंने उसे धकेलने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद भी उसने मुझे पकड़ रखा था। इसके बाद उसने मुझे धमकी दी कि अगर मैंने किसी से कहा तो उसका नतीजा बुरा होगा।उसने 2-3 घंटे मुझे उसी कमरे में बंद रखा। शाम को जैसे ही उसने मुझे जाने को कहा, मैं रोती हुई घर से निकली। ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई शिकायत के अनुसार, माधुरी जोशी, रेखा माने की मदद से एक्टर शाइनी आहूजा के घर काम पर लगी थीं। रेखा, एक्टर के पड़ोस के घर में काम करती थीं। शिकायतकर्ता रायगढ़ की रहनेवाली थीं। वो मई 2009 में काम की तलाश में मुंबई पहुंची थीं। रेखा माने उनकी परिचित थीं। जब उन्हें पता चला कि माधुरी काम की तलाश में हैं, तो उन्होंने बताया कि एक्टर शाइनी आहूजा के घर एक कामवाली की जगह खाली है। उन्हें ये भी बताया गया था कि शाइनी के परिवार में उनकी पत्नी और एक साल की बच्ची भी है। इसके अलावा घर में और भी नौकर हैं। घटना से करीब 8 दिन पहले शाइनी की पत्नी अनुपम आहूजा और बेटी दिल्ली चली गई थीं और जिस दिन घटना हुई, उस दिन वे फ्लैट में मौजूद नहीं थीं। मेड का आरोप- घटना से एक दिन पहले भी छुए पैर FIR के अनुसार, घटना से ठीक एक दिन पहले यानी 13 जून 2009 को भी इसी तरह की घटना हुई थी। जब वो काम पर पहुंचीं तो शाइनी के अलावा कुक और एक और नौकरानी संगीता भी घर में मौजूद थीं। कुक खाना बनाकर निकल गया। कुछ देर बाद संगीता भी अपनी बहन से मिलने घर से निकल गईं। इस समय शाइनी और माधुरी ही घर में थे। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे शाइनी ने शिकायतकर्ता से कहा कि वो पानी के नल का कॉर्क चालू कर दें, जो एक ऊंचे लाफ्ट में था। रोज ये काम संगीता करती थीं, लेकिन उस रोज संगीता के न होने पर शाइनी ने उन्हें ये काम दिया। शिकायत में आगे कहा गया कि जैसे ही वो बेसिन और लकड़ी की मदद से नल चालू करने लगीं, तभी शाइनी ने उनके पैर के टखनों को पकड़ लिया। तभी उन्होंने टोकते हुए हाथ हटाने को कहा और नीचे उतर गईं। उन्होंने एक्टर को साफ कहा कि उन्हें इस तरह किसी का छूना पसंद नहीं है। शाइनी ने इस पर कहा- मैं तुम्हें इसलिए पकड़ रहा था, जिससे तुम गिर न जाओ। इसके बाद मेड के इनकार के बाद उन्होंने हाथ हटा लिए। रोज शाइनी के घर का काम करने के बाद मेड, रेखा माने के साथ ही घर लौटती थीं, जो पड़ोस के घरों में काम करती थीं। उस दिन भी वो साथ निकली थीं। अगले दिन 14 जून को वो फिर रेखा माने के साथ काम पर गईं। दोपहर करीब 3 बजे घर की दूसरी मेड संगीता चर्च जाने की परमिशन लेकर निकल गईं। माधुरी किचन में बर्तन धो रही थीं, तभी शाइनी ने उनसे पानी मांगा। जैसे ही वो पानी देने कमरे में पहुंचीं, शाइनी ने कमरा बंद कर उनका बलात्कार किया। इसके बाद एक्टर ने शाम 5 बजे तक उन्हें कमरे में बंद रखा। जैसे ही शाइनी ने दरवाजा खोला, वो भागकर किचन में गईं। उन्हें समझ नहीं आया कि क्या हुआ। कुछ देर बाद मैन डोर की बेल बजी। शाइनी ने दरवाजा खोला, तो रेखा माने लॉबी में खड़ी थीं। वो लगातार रो रही थीं, वजह पूछने पर उन्होंने रेखा को आपबीती सुनाई। मेड के बयान से पुलिस स्टेशन में हलचल मच गई। बयान दर्ज करते ही पुलिस ने शाइनी आहूजा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 342 (गैरकानूनी तरीके से बंदी बनाने) और 506 (2) (गंभीर धमकी देने) की धाराओं के तहत शिकायत दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की। उनका घर भी सील कर दिया गया। शाइनी आहूजा ने बयान में कहा- हमने रजामंदी से संबंध बनाए शाइनी आहूजा ने पुलिस को दिए बयान में कबूल किया कि उन्होंने मेड के साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन उनके मुताबिक संबंध रजामंदी से बनाए गए थे। पूछताछ में पुलिस ने पूछा- क्या आप उस लड़की को जानते हैं? शाइनी ने कहा- हां, वो मेरी मेड है। पुलिस ने आगे पूछा- कितने समय से जानते हैं? शाइनी ने जवाब दिया- डेढ़ महीने से। मेरी दूसरी मेड संगीता उसे कुछ दिनों के लिए लाई थी। मेरा कुक मोहन और उसकी पत्नी भी ये जानते हैं। पुलिस ने फिर पूछा- कल दोपहर को आप कहां थे? जवाब मिला- घर में। पुलिस ने आगे पूछा- क्या आप घर में थे, जब वो आई? शाइनी बोले- हां। पुलिस ने आगे कहा- लड़की ने कहा है कि आपने उसका बलात्कार किया। जवाब मिला- नहीं, मैंने नहीं किया। मुझे फंसाया जा रहा है। पुलिस ने फिर पूछा- लड़की ने कहा कि वो दोपहर में आई। आपने उसे कमरे में खींचा और उसका बलात्कार किया। इस बार शाइनी झल्लाकर बोले- नहीं मैंने उसका बलात्कार नहीं किया। हमने शारीरिक संबंध बनाए। लेकिन वो उसकी मर्जी से हुआ। आगे डीसीपी ने पूछा- क्या आपने बलात्कार किया? शाइनी ने धीमी आवाज में आगे कहा- हमने मर्जी से शारीरिक संबंध बनाए। बलात्कार की बात मुझे फंसाने के लिए की जा रही है। ये कहते ही एक्टर रो पड़े। गिरफ्तारी के बाद बंद पड़ी शाइनी आहूजा की फिल्म जिस समय शाइनी आहूजा की गिरफ्तारी हुई, उस समय वो राइटर-डायरेक्टर मनीष गुप्ता के साथ सीरियल किलर चार्ल्स शोभराज पर बन रही एक फिल्म का हिस्सा थे, लेकिन एक्टर की गिरफ्तारी के बाद ये फिल्म बंद पड़ गई। इस फिल्म के राइटर मनीष गुप्ता के लिए अचानक शाइनी पर ऐसे गंभीर आरोप लगना बेहद चौंकाने वाला था। दैनिक भास्कर से बातचीत में मनीष ने कहा, ‘मैं शाइनी अहूजा के साथ एक फिल्म पर काम कर रहा था, जिसकी कहानी चार्ल्स शोबराज पर आधारित थी। मेरा शाइनी के घर आना-जाना होता था और उनकी वाइफ (अनुपम आहूजा) से भी मुलाकात होती रहती थी।’‘इसी बीच अचानक खबर मिली कि पुलिस ने शाइनी को अरेस्ट कर लिया है। मैं और मेरा दोस्त दोनों ओशिवारा पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां डीसीपी से बात करने पर पता चला कि नौकरानी ने शाइनी पर रेप का आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्हें अरेस्ट किया गया है।’ ‘डीसीपी आगे कहते हैं कि अब हमें यह पता लगाना है कि सेक्स मर्जी से हुआ था या लड़की के साथ जबरदस्ती की गई थी। मैं यह सुनकर हैरान था। मैंने कहा कि जब आप खुद उसे बेनेफिट ऑफ डाउट दे रहे हैं, तो अरेस्ट क्यों किया गया? तब उन्होंने कहा कि कानून ऐसा ही है अगर सेक्शन 375 और 376 के तहत किसी लड़की ने रेप का आरोप लगाया है, तो हमें आरोपी को अरेस्ट करना ही पड़ता है।’ मेडिकल टेस्ट में शाइनी के खिलाफ मिले कई सबूत गिरफ्तारी के बाद शाइनी आहूजा और शिकायतकर्ता का मेडिकल टेस्ट हुआ। मेडिकल टेस्ट में शिकायतकर्ता के शरीर और प्राइवेट पार्ट पर सीमन स्टेन मिला, जिससे कन्फर्म हुआ कि शारीरिक संबंध बनाए गए है। शाइनी के रूम की बेडशीट और कपड़ों को भी टेस्ट के लिए कलीना की स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेब्रोटरी में भेजा गया। 10 दिनों बाद आई रिपोर्ट के अनुसार, लड़की के कपड़ों, प्राइवेट पार्ट और कमरे की बेडशीट में मिले सीमन सैंपल शाइनी आहूजा से मैच हुए, जिसके बाद उनकी ज्यूडिशरी कस्टडी 2 जुलाई तक बढ़ा दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि शाइनी आहूजा के हाथ में भी चोट के निशान मिले हैं, जो कथित तौर पर घटना के समय आई होगी। रिपोर्ट में ये भी साफ था कि घटना के समय शाइनी आहूजा ने किसी तरह के नशे का सेवन नहीं किया था। साथ ही ये दावा भी किया गया कि नागपाड़ा हॉस्पिटल के डॉक्टर एस.एम.पाटिल की रिपोर्ट में सामने आया कि मेड के प्राइवेट पार्ट में भी चोट थीं। इस दौरान शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम ने साफ कहा कि उनके पति बेकसूर हैं और उन्हें फंसाया जा रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि न ही शाइनी ने कोई कन्फेशन किया है और न ही मेडिकल रिपोर्ट में उनके खिलाफ कोई सबूत मिले हैं। शाइनी आहूजा के खिलाफ हुआ प्रदर्शन एक्टर पर रेप के आरोप लगने के बाद जोगेश्वरी में 50 एक्टिस्ट, सोशल ऑर्गेनाइजेशन और ह्यूमन राइट एसोसिएशन इंडिया के कई सदस्यों ने जोगेश्वरी में एक्टर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रोटेस्ट करने वालों में एक्ट्रेस प्रीत जैन भी शामिल हुईं, जिन्होंने साल 2004 में फिल्ममेकर मधुर भंडारकर पर बलात्कार के आरोप लगाए थे। उस दौर के मशहूर क्राइम रिपोर्टर विवेक अग्रवाल उस समय केस कवर कर रहे थे। जब उन्हें घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने साफ कहा कि ये नामुमकिन है। दैनिक भास्कर से बातचीत में विवेक अग्रवाल कहते हैं, इंडस्ट्री भले ही शाइनी आहूजा को एक एरोगेंट इंसान मानती हो लेकिन सिर्फ गुस्से के कारण कोई व्यक्ति किसी महिला का यौन शोषण कर डाले मैं ये नहीं मानता हूं। जब मुझे इस केस के बारे में पता चला कि इसमें आरोपी शाइनी आहूजा हैं, जो एक बेहद आकर्षक, रोमन देवताओं जैसा दिखने वाले व्यक्ति हैं, तब मेरे मन में पहला सवाल यही उठा कि ऐसा व्यक्ति किसी ऐसी घरेलू नौकरानी के साथ संबंध क्यों बनाएगा, जो न तो रूप-रंग में, न कद-काठी में और न ही स्किन टोन में उसके मुकाबले है। जबकि उसके पास खुद पूरा बॉलीवुड का ग्लेमर्स वर्ल्ड है। विवेक आगे कहते हैं, ‘शाइनी के आसपास हमेशा ऐसी ‘ए-लिस्ट बटरफ्लाइज’ मंडराती रही हैं, जो उनके जरिए या उनसे जुड़कर खुद को इंडस्ट्री में स्थापित करना चाहती थीं। ऐसी लड़कियों की कोई कमी नहीं थी। ऐसे में यह तर्क कि उसने पैसे देकर इस लड़की को इस्तेमाल करना चाहा, और मना करने पर नाराज होकर उस पर हमला किया यह पहला ही स्टेटमेंट मेरे गले नहीं उतरा। क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में एक तरफ जहां कास्टिंग काउच एक कड़वी सच्चाई है, वहीं यह भी उतना ही सच है कि कई बार लड़कियां अपने फायदे के लिए खुद पुरुषों के सामने जाती हैं और उनके जरिए काम हासिल करने की कोशिश करती हैं। इस तथ्य को दुनिया की कोई ताकत नकार नहीं सकती। हो सकता है कि मेरी इस बात से महिला अधिकार संगठनों या एनजीओ से जुड़े लोग नाराज हों, लेकिन अगर वे खुद इंडस्ट्री में जाकर एक ईमानदार सर्वे करें, तो उन्हें यकीन हो जाएगा कि मैं जो कह रहा हूं, वह पूरी तरह सच है।' विवेक अग्रवाल ने आगे कहा, ‘इससे पहले मुंबई में रागिनी गुप्ता कांड हो चुका था, जिसमें एक लड़की ने कुछ लोगों पर एमएमएस बनाने और रेप करने के आरोप लगाए थे। उस केस की सीडी मुझे हासिल हुई थी। जब मैंने वह सीडी देखी, तो उसमें साफ दिखाई दे रहा था कि लड़की खुद कैमरा सेट कर रही थी और दो-तीन बार एंगल भी ठीक कर रही थी। इसका मतलब साफ था कि यह कोई छुपकर बनाया गया एमएमएस नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी हनी ट्रैप प्लानिंग थी। बाद में जिन लोगों पर आरोप लगे, वे 60-70 साल के बुजुर्ग थे और आखिर में सभी रिहा हो गए, क्योंकि सारे तथ्य सामने आ गए थे। उस केस में यह भी उजागर हुआ कि लड़की के साथ एक पूरा गैंग काम कर रहा था जिसमें दो फर्जी पत्रकार, दो फर्जी आरटीआई एक्टिविस्ट और ओशिवारा पुलिस स्टेशन के तीन-चार अफसर शामिल थे। यह गैंग ऐसे लोगों को निशाना बनाता था, जो फिल्मों में काम देने के नाम पर महिलाओं का शोषण करते हैं।’ ‘लड़की पहले खुद कहती थी, “सर, मैं आपके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हूं, बस मुझे काम दिला दीजिए।” इसके बाद वीडियो बनाई जाती थी, उसकी सीडी तैयार होती थी और फिर पुलिस में शिकायत दी जाती थी कि फिल्म में काम दिलाने के नाम पर मेरा शोषण किया गया है। इसके बाद शुरू होती थी सौदेबाजी जिसमें 25-50 लाख से लेकर 2-3 करोड़, यहां तक कि 5 करोड़ रुपये तक। इस रकम में सभी का हिस्सा बंटता था।’ 'ये सारे फैक्ट्स मेरे पास पहले से मौजूद थे। इसके अलावा मुझे यह जानकारी भी थी कि मुंबई के धनाढ्य इलाकों में एक ‘बाई गैंग’ सक्रिय है। इस गैंग का काम अमीर घरों में युवा लड़कियों को नौकरानी के तौर पर रखना और फिर मी टू या अटेम्प्ट टू रेप जैसे केस बनवाकर, पुलिस अफसरों और फर्जी पत्रकारों के जरिए वसूली करना है।' शाइनी आहूजा फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने हीरो थे। उन्होंने गैंगस्टर, वो लम्हे, लाइन इन ए मेट्रो, भूल भुलैया जैसी बड़ी फिल्में की थीं। पहली ही फिल्म हजारों ख्वाहिशें ऐसी के लिए उन्हें 5 अवॉर्ड मिले थे। कई फिल्मकारों का मानना था कि शाइनी आने वाले सालों में बड़ा मुकाम हासिल करेंगे, ऐसे में अचानक उनका रेप केस में नाम आना पूरी इंडस्ट्री के लिए हैरान कर देने वाला था। हर किसी का मानना था कि शाइनी को फंसाया गया है, लेकिन फिर एक्टर के बयान ने पूरे केस की दिशा ही पलट दी, जिसमें उन्होंने माना कि उस रोज उन्होंने मेड के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। शाइनी आहूजा ने बयान में किया- मेड मुझसे प्यार करती थी एक्टर के बयान के मुताबिक, मेड उनसे प्यार करती थी। घटना से एक रोज पहले उसने कई बार एक्टर को कॉल किया था। जब उन्होंने संबंध बनाए, तो उसमें मेड की भी रजामंदी थी। उन्होंने सोचा भी नहीं था कि वो उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाएगी और गंभीर आरोप लगाएगी। एक्टर की मानें तो ये उनकी छवि बिगाड़ने और पैसों की वसूली की साजिश है। उन्हें अपने किए का पछतावा है। जो हुआ वो नहीं होना चाहिए था। ये केस फिर उलझ गया। शाइनी के कबूलनामे के बाद उनकी बेल याचिका कई बार खारिज हुई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 5 महीनों तक जेल में रखा गया। उनके खिलाफ 109 पन्नों की चार्जशीज दाखिल की गई। सारे सबूत शाइनी के खिलाफ थे, हालांकि फिर मेड ने कोर्ट में बयान बदल दिया। उन्होंने कहा- मेरा बलात्कार नहीं हुआ। सवाल ये था कि क्या वाकई शाइनी आहूजा ने मेड का बलात्कार किया, क्या उन्हें फंसाया जा रहा था या फिर इस केस के पीछे था कोई बड़ा गैंग। पार्ट-1 में इतना ही कल शाइनी आहूजा रेप केस के पार्ट-2 में जानिए, कैसे एक्टर को मिली जमानत और क्यों मेड ने बयान बदला। ……………………………………….. पार्ट-2, बयान से पलटी मेड, कहा- मेरा बलात्कार नहीं हुआः शाइनी आहूजा को 5 महीने जेल में रहने के बाद मिली बेल फिर 7 साल की हुई सजा (नोट- ये खबर शाइनी आहूजा के वकील, उनके साथ काम कर चुके राइटर मनीष गुप्ता और केस को कवर करने वाले मशहूर क्राइम जर्नलिस्ट विवेक अग्रवाल के बयान के आधार पर क्रिएटिव लिबर्टी के साथ लिखी गई है।) लेखक- ईफत कुरैशी रिपोर्टर- वर्षा राय …………………………………… भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए- पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं 1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे… प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं। दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं। थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा। राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो। प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए… पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए ………………………………………………………………………. पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर विवके ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध मई 2008 की बात है उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’ जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए… पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे। विवके की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवके की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवके का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए… ……………………………………………………………. पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए... पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था। 10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…

