बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन के संडे दर्शन के दौरान एक व्यक्ति बेहोश हो गया। अमिताभ बच्चन के बंगले 'जलसा' के बाहर से इस घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति भीड़ के बीच जमीन पर गिरा दिखाई दे रहा है। आसपास मौजूद लोग उसे संभालते नजर आते हैं। हालांकि, व्यक्ति की पहचान और उसकी हालत को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बता दें कि अमिताभ बच्चन हर रविवार अपने घर के बाहर फैंस से मुलाकात करते हैं। यह 'संडे दर्शन' के नाम से जाना जाता है, जहां बड़ी संख्या में लोग एक्टर की झलक पाने पहुंचते हैं। अमिताभ बच्चन के अस्पताल में भर्ती होने का दावा किया गया था अमिताभ बच्चन के मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आई थी। पत्रकार विक्की ललवानी ने यूट्यूब अकाउंट से दावा किया था कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। वो अस्पताल के ए-विंग में हैं। यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में विक्की ललवानी ने कहा था कि वो खबर कन्फर्म करने मंगलवार (19 मई) शाम नानावटी अस्पताल पहुंचे थे। बिग बी को ए-विंग, तीसरी मंजिल में रखा गया है। उन्होंने ये भी दावा किया था कि अभिषेक बच्चन भी पिता को देखने मंगलवार शाम साढ़े 4 बजे अस्पताल पहुंचे थे। विक्की ललवानी के अनुसार, अमिताभ बच्चन लंबे समय से पेट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। दैनिक भास्कर ने खबर कन्फर्म करने के लिए परिवार के करीबी सूत्र से संपर्क किया, तो सामने आया था कि बिग बी को रूटीन चेकअप के लिए शनिवार (16 मई) को नानावटी अस्पताल ले जाया गया था। वो हर महीने रूटीन चेकअप करवाते रहते हैं। इसके ठीक बाद वो घर लौट आए थे। पिछले रविवार को भी फैंस से मिलने आए थे अमिताभ बच्चन विक्की ललवानी का दावा था कि अमिताभ बच्चन 16 मई यानी शनिवार से अस्पताल में भर्ती हैं,लेकिन फैक्ट चेक में ये भी सामने आया था कि 17 मई यानी रविवार को बिग बी हमेशा की तरह फैंस से मिलने के लिए जलसा से बाहर आए थे। इसका वीडियो भी सामने आया था। एडमिट होने की खबरों के बीच किया व्लॉग और पोस्ट अमिताभ बच्चन ने मंगलवार देर रात आधिकारिक X अकाउंट से कुछ अजीबोगरीब शब्दों के साथ बेमायने वाली पोस्ट की। उन्होंने रात 12 बजकर 3 मिनट पर लिखा था- पिलोरी बडुंबा। इसके ठीक बाद उन्होंने 12 बजकर 20 मिनट पर ब्लॉग में लिखा था- चील जब होवे शांत तो भैया, तोते बोलन सुरु करें, इर बीर फत्ते, कहन ,चल हमऊ, पिलावे सुरु करें। बाजरे दी रोटी खा दी, फू पड़ियों दा, साग रे, मुंह में डालन लागै जैसे , बोलन लागे काग रे। एक रहे ‘हिल’ भैया की पढ़ाई का दर्पण; औ दूसर विलिंग्टन की याद। लव, प्रेयर एंड मोर।
साउथ सुपरस्टार राम चरण शनिवार को भोपाल में अपनी अपकमिंग फिल्म ‘पेड्डी’ के म्यूजिक लॉन्च इवेंट में पहुंचे थे। इस दौरान उनसे भारतीय क्रिकेटरों को कुछ शब्दों में बताने के लिए कहा गया। बातचीत में उन्होंने गलती से तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को फुटबॉल से जोड़ दिया। वीडियो वायरल होने के बाद राम चरण ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी और इसे भीड़ और उत्साह में हुई गलती बताया। अब इस मामले से जुड़ी सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि बुमराह ने राम चरण की फोटो शेयर कर अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ‘कोई बात नहीं यश भाई, मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं… ‘टॉक्सिक’ का बेसब्री से इंतजार है।’ हालांकि, यह पोस्ट पूरी तरह फेक और एडिटेड है। बुमराह ने ऐसी कोई स्टोरी पोस्ट नहीं की। कई यूजर इसे सटायर और मीम के तौर पर शेयर कर रहे हैं। क्रिकेटरों को बताया लीजेंड और फायरदरअसल, राम चरण अपनी आने वाली फिल्म 'पेड्डी' के म्यूजिक लॉन्च के लिए भोपाल पहुंचे थे। इस इवेंट में उनके साथ एआर रहमान और जान्हवी कपूर भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान राम चरण से भारतीय क्रिकेटरों को कुछ शब्दों में बताने के लिए कहा गया था। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के करियर को 'लंबा और महान सफर' बताया। महेंद्र सिंह धोनी को 'शांत और कूल' कहा, जबकि रोहित शर्मा को 'हर किसी का पसंदीदा इंसान' बताया। विराट कोहली का नाम सामने आने पर उन्होंने सिर्फ एक शब्द 'फायर' कहा। वहीं इवेंट के दौरान जसप्रीत बुमराह का नाम आने पर उन्होंने कहा, ‘बुमराह जी, मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं। मुझे फुटबॉल बहुत पसंद है और आप फुटबॉल को इतना आगे ले जा रहे हैं। लव यू सर।’ मांगी माफी, खुद को बताया भुलक्कड़वीडियो सामने आने के बाद राम चरण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर बुमराह से माफी मांगी। उन्होंने लिखा, उफ्फ... मैं कभी-कभी नामों को लेकर चीजें भूल जाता हूं। इस गड़बड़ी के लिए जसप्रीत बुमराह जी से माफी मांगता हूं। इतने उत्साह और भारी भीड़ के बीच यह सिर्फ एक इंसानी भूल थी। राम चरण ने आगे लिखा कि वे बुमराह का बहुत सम्मान करते हैं और उनके खेल की सराहना करते हैं। फिल्म 'पेड्डी' के बारे में जानिएफिल्म 'पेड्डी' एक बड़ी पैन-इंडिया फिल्म है, जिसकी स्टारकास्ट भोपाल में इसके संगीत को प्रमोट करने आई थी। इस फिल्म में राम चरण के साथ जान्हवी कपूर मुख्य भूमिका में हैं, जबकि संगीत ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने तैयार किया है। राम चरण की पिछली फिल्म 'आरआरआर' की सफलता के बाद से ही उत्तर भारत में भी उनकी फिल्मों को लेकर दर्शकों में काफी दिलचस्पी रहती है। यह फिल्म 4 जून को रिलीज होगी। ये खबर भी पढ़ें रैपिड फायर विद राम चरण:सलमान खान को कहा मोस्ट स्टाइलिश, जानिए विलेन बनने के हाईपोथेटिकल सवाल का क्या था मजेदार जवाब साउथ सुपरस्टार राम चरण, RRR, मगधीरा, रंगस्थल जैसी बेहतरीन फिल्मों के बाद अब जल्द ही फिल्म पेद्दी ला रहे हैं। ये फिल्म 4 जून को रिलीज होने वाली है, जिसका ट्रेलर भी जारी किया जा चुका है। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने रैपिड फायर के कई बेहतरीन सवालों का मजेदार जवाब दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
डायरेक्टर डेविड धवन के सिनेमाई सफर को शनिवार को मुंबई में हुए 'डेविड धवन फिल्म फेस्टिवल' में सेलिब्रेट किया गया। इस खास मौके पर सलमान खान, अर्जुन कपूर, साजिद नाडियाडवाला समेत कई बॉलीवुड सेलेब्रिटीज इवेंट में शामिल हुए। डेविड धवन की कई फिल्मों के हीरो रहे गोविंदा के बेटे यशवर्धन आहूजा और बेटी टीना आहूजा भी इवेंट में पहुंचे, लेकिन गोविंदा खुद नजर नहीं आए। गौरतलब है कि 90 के दशक में गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी ने कुली नंबर 1 और हीरो नंबर 1 जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी थीं। फिल्म फेस्टिवल में गोविंदा की गैरमौजूदगी ने एक बार फिर उनके रिश्ते को लेकर अटकलों को हवा दे दी। साल 2013-14 के दौरान दोनों के रिश्तों में दूरियां आने की खबरें सामने आई थीं। 2019 में ‘आप की अदालत’ में गोविंदा ने कहा था कि राजनीति छोड़ने के बाद जब वे दोबारा काम की तलाश में थे, तब उनके सेक्रेटरी डेविड धवन के साथ बैठे थे। गोविंदा ने अपने सेक्रेटरी से फोन का स्पीकर ऑन रखने को कहा, ताकि वह सुन सकें कि डेविड उनके बारे में क्या सोचते हैं। तब डेविड धवन ने सेक्रेटरी से कहा, 'चीची (गोविंदा) अब बहुत ज्यादा सवाल पूछने लगा है। इतने सवालों के बाद मेरा उसके साथ काम करने का दिल नहीं है। उसे बोलो कि कहीं कोई छोटा-मोटा काम ढूंढ ले।' गोविंदा ने शो में भावुक होते हुए कहा था कि डेविड धवन की यह बात उनके दिल पर लग गई थी, जिसके बाद उन्होंने ठान लिया कि वे अब कभी डेविड के साथ काम नहीं करेंगे। डेविड धवन की नई फिल्म 5 जून को रिलीज होगी यह फिल्म फेस्टिवल PVR INOX की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें डेविड धवन की सुपरहिट फिल्मों 'पार्टनर', 'मुझसे शादी करोगी', 'राजा बाबू' और 'आंखें' को दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज किया गया है। साथ ही उनकी आगामी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ की भी चर्चा हुई, जो 5 जून को रिलीज होने वाली है। देखें इवेंट की तस्वीरें- सलमान बोले- इसने मेरा एक और गाना उठा लियाइवेंट के दौरान सलमान खान ने वरुण धवन की आने वाली फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' में उनकी फिल्म के आइकॉनिक गाने 'चुनरी चुनरी' को रीक्रिएट करने पर मजाक में उनकी खिंचाई की। सलमान की इस बात पर वरुण शर्माने लगे। अब इस बातचीत के वीडियो सामने आए हैं। सलमान ने वरुण की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘इसने मेरा एक और गाना उठा लिया।’ सलमान की यह बात सुनकर वरुण धवन शर्मा गए और हंसने लगे। उन्होंने हाथ जोड़कर सलमान से कहा, ‘भाई रहने दो।’ -------------ये खबर भी पढ़ें…. डायरेक्टर डेविड धवन हुए इमोशनल:बेटे वरुण की तारीफ करते हुए छलके आंसू, बोले- हर माता-पिता को ऐसा बेटा मिलना चाहिए फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में डायरेक्टर डेविड धवन इमोशनल हो गए। बेटे वरुण धवन के बारे में बात करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। डेविड धवन ने कहा, ‘हर किसी को वरुण जैसा बेटा मिलना चाहिए। जब मैं अस्पताल में था, तब भी वह मेरे साथ वहीं सोता था। पूरी खबर पढ़ें
राजकुमार राव और साउथ एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश स्टारर फिल्म ‘रफ्तार’ अब 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को पहले जुलाई में रिलीज किया जाना था, लेकिन अब इसे दशहरे के लंबे वीकेंड पर दर्शकों के बीच लाने का फैसला किया गया है। फिल्म को अमेजन एमजीएम स्टूडियोज का समर्थन प्राप्त है। फिल्म का निर्माण पत्रलेखा ने अपने बैनर ‘कम्पा फिल्म’ के तहत किया है। यह पत्रलेखा और राजकुमार राव की बतौर निर्माता पहली थिएट्रिकल फिल्म होगी। फिल्म का निर्देशन आदित्य निम्बालकर ने किया है। फिल्म के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर तरुण बाली हैं, जबकि कहानी और स्क्रीनप्ले रोहन नारुला ने लिखा है। फिल्म के वितरण की जिम्मेदारी पीवीआर आईनॉक्स पिक्चर्स संभालेगी। फिल्म में अनुराग ठाकुर, रोहन वर्मा, तान्या मानिकतला और रजत कपूर भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। महत्वाकांक्षा, सत्ता और सफलता की दौड़ ‘रफ्तार’ एक ड्रामा फिल्म है, जो महत्वाकांक्षा, सत्ता और सफलता की दौड़ में चुकाई जाने वाली भावनात्मक कीमत को दर्शाती है। कहानी भारत की तेजी से बढ़ती एड-टेक इंडस्ट्री की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां एक स्टार्टअप की तेज सफलता और उसके बाद आने वाले उतार-चढ़ाव को दिखाया जाएगा। फिल्म यह भी बताती है कि बड़े सपनों की चाहत किस तरह नैतिक सीमाओं को धुंधला कर देती है और निजी रिश्तों को प्रभावित करती है।
फिल्मों और ओटीटी पर अपनी अदाकारी से अलग पहचान बना चुके कुमुद मिश्रा अब जी 5 की वेब सीरीज ‘सतरंगी’ में एक जटिल और रसूखदार किरदार निभाते दिख रहे हैं। उन्होंने सीरीज, अपने को-एक्टर्स, सेट के माहौल और अभिनय के नजरिए पर खुलकर बात की... अच्छी स्क्रिप्ट और निर्देशक का विजन सबसे ज्यादा प्रभावित करता है कुमुद ने बताया...‘किसी भी प्रोजेक्ट को हां कहने की पहली वजह हमेशा स्क्रिप्ट होती है। ‘सतरंगी’ में निर्देशक का विजन और कहानी को लेकर उनका जुनून सबसे ज्यादा असर छोड़ गया। जब मुझे पता चला कि टीम में अंशुमन जैसे कलाकार हैं, तो भरोसा और बढ़ गया। वहीं आरजे महविश शुरुआत में भले वह थोड़ी संकोची लगीं, लेकिन कैमरे के सामने आते ही उनकी प्रतिभा साफ नजर आने लगी।’ काम के बाद जिंदगी को हल्केपन से जीना भी बहुत ज्यादा जरूरी है अपनी गंभीर छवि पर कुमुद ने कहा कि ‘कैमरे के सामने पूरी शिद्दत से काम करता हूं, लेकिन काम खत्म होने के बाद खुद को बहुत ज्यादा गंभीरता से लेना सही नहीं मानता। जब शॉट खत्म होता है, तो जिंदगी को हल्केपन से जीना चाहिए। सेट पर मजाक, बातचीत और एक-दूसरे की खिंचाई भी जरूरी है। ‘जॉली एलएलबी 2’ और ‘सतरंगी’ के किरदारों की कमजोरी अलग है... अपने किरदारों की तुलना पर कुमुद ने कहा कि ‘जॉली एलएलबी 2’ का इंस्पेक्टर सिंह और ‘सतरंगी’ का मौजूदा किरदार दोनों अलग दुनिया के लोग हैं। ‘सतरंगी’ का किरदार रसूखदार जरूर है, लेकिन भीतर से वह एक संवेदनशील पिता और भाई भी है।’ अक्षय के प्रैंक्स से अभी तक बचा हूं... अक्षय कुमार के साथ अपने रिश्ते पर बात करते हुए कुमुद ने कहा- अब तक उनके मशहूर प्रैंक्स से बचता आया हूं। अभी तक तो मै साफ बच गया हूं, लेकिन अब आप मुझे याद मत दिलाइए, वरना अगली बार वो कसर पूरी कर देंगे। बाकी सतरंगी के सेट पर माहौल ज्यादा सीखने और नए लोगों को समझने वाला था, न कि सिर्फ प्रैंक्स और मस्ती वाला।
फेक एआई से बने वीडियो और तस्वीरों को लेकर साउथ एक्ट्रेस रुक्मिणी वसंत भड़क गई हैं। एक्ट्रेस ने कहा कि उनकी कई एआई-जनरेटेड तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों को बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ वह कानूनी और साइबर क्राइम कार्रवाई शुरू कर रही हैं। रुक्मिणी ने शनिवार को अपने एक्स अकाउंट पर एक नोट शेयर कर लिखा, ‘मेरी टीम और मैंने सोशल मीडिया पर कुछ एआई से बनाई गई तस्वीरें देखी हैं, जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि वो मेरी हैं। मैं साफ कहना चाहती हूं कि ये तस्वीरें पूरी तरह फर्जी और बनाई गई हैं। इस तरह की एडिटेड तस्वीरें बनाना और फैलाना बहुत गैरजिम्मेदाराना है। यह किसी की प्राइवेसी का बड़ा उल्लंघन भी है।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। इन तस्वीरों को बनाने और फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी और साइबर क्राइम कार्रवाई शुरू की जा रही है। मैं सभी लोगों से अपील करती हूं कि ऐसे कंटेंट को शेयर न करें और न ही उसे बढ़ावा दें।’ पहले भी कई सेलिब्रिटी एआई-जनरेटेड कंटेंट का शिकार हो चुके हैं, जिनमें रश्मिका मंदाना, कैटरीना कैफ और कीर्ति सुरेश शामिल हैं। कौन हैं रुक्मिणी वसंत? रुक्मिणी वसंत साउथ फिल्म इंडस्ट्री की तेजी से उभरती हुई एक्ट्रेस हैं, जिन्होंने कन्नड़, तमिल और तेलुगु फिल्मों में पहचान बनाई है। रुक्मिणी ने साल 2019 में कन्नड़ फिल्म ‘बिरबल’ से फिल्मों में डेब्यू किया। हालांकि, उन्हें असली पहचान साल 2023 में आई फिल्म ‘सप्त सागरदाचे एलो’ के दोनों पार्ट्स से मिली। इस फिल्म में उनकी एक्टिंग को काफी पसंद किया गया और उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड भी मिला। इसके बाद उन्होंने ‘बघीरा’, ‘भैरथी रनागल’ और तेलुगु फिल्म ‘अप्पुडो इप्पुडो एप्पुडो’ में काम किया। साल 2025 में वह तमिल फिल्मों ‘ऐस’ और ‘मधरसी’ में नजर आईं। इसी साल रिलीज हुई ‘कांतारा: चैप्टर 1’ उनके करियर की सबसे बड़ी और सफल फिल्म बनी। अब वह जल्द ही यश के साथ फिल्म ‘टॉक्सिक’ में भी नजर आएंगी। फेक तस्वीरें और एआई से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… AI से बना रश्मिका मंदाना का फेक वीडियो वायरल:अमिताभ बच्चन ने किया अलर्ट, बोले- दोषी के खिलाफ लीगल एक्शन लिया जाए नवंबर 2023 में एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना का एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें एक महिला लिफ्ट में एंटर करती नजर आ रही थी जो देखने में तो बिल्कुल रश्मिका जैसी लगती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड एक्टर जैकी श्रॉफ ने पीएम मोदी की पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने की अपील का समर्थन किया है। जैकी ने लोगों से ईंधन बचाने और संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया भर के कई देशों में आर्थिक और संसाधनों का संकट चल रहा है, जबकि भारत में स्थिति काफी बेहतर है। जैकी श्रॉफ के मुताबिक, जब देश में पेट्रोल और गैस जैसी जरूरी चीजें आसानी से मिल रही हैं, तो नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और फिजूलखर्ची से बचना चाहिए। दुनिया भर में संकट, भारत में हालात बेहतरसोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में जैकी श्रॉफ मीडिया के सवालों का जवाब देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में हालात खराब हैं, लेकिन हिंदुस्तान में लोग अब भी आराम से खा-पी रहे हैं। एक्टर ने कहा कि जब हमें बिना किसी परेशानी के पेट्रोल और गैस मिल रही है, तो हमें शिकायत करने के बजाय चीजों को संभालकर इस्तेमाल करना सीखना चाहिए। मोदी बोले- भारत में तेल के कुएं नहीं इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आज के समय में पेट्रोल, गैस और डीजल का इस्तेमाल कम करना होगा। पड़ोस में चल रहे युद्ध के असर से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल के दाम कई गुना बढ़ गए हैं। पीएम ने हैदराबाद में भाजपा की रैली में कहा- भारत पर इस वैश्विक संकट का असर ज्यादा है, हमारे पास तेल के बड़े कुएं नहीं हैं। आज हमें वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों की जरूरत है। जिन शहरों में मेट्रो है, वहां लोग मेट्रो का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि पहले जब युद्ध होता था लोग सोना दान में दे देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है लेकिन हमें आज ये संकल्प लेना होगा कि अगले 1 साल तक कोई भी कार्यक्रम हो, सोना न खरीदें। इससे विदेशी मुद्रा भी बचेगी। चार दशकों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं जैकी जैकी श्रॉफ पिछले चार दशकों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। उन्होंने साल 1982 में फिल्म 'स्वामी दादा' से एक छोटे रोल से शुरुआत की थी। इसके बाद साल 1983 में आई सुभाष घई की फिल्म 'हीरो' से उन्हें मुख्य अभिनेता के तौर पर बड़ी सफलता मिली। उन्होंने 'परिंदा', 'राम लखन', 'खलनायक' और 'मिशन कश्मीर' जैसी कई बड़ी फिल्मों में काम किया है। फिल्मों के अलावा वे अपनी ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए भी जाने जाते हैं। ------------------------------------------- जैकी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें स्टार बनने के बाद चॉल में रहे जैकी:सक्सेस के बाद दिवालिया हुए, दोगुनी मेहनत से कर्ज उतारा, पिता की मौत के बाद शूटिंग की बॉलीवुड के 'जग्गू दादा' के नाम से मशहूर जैकी श्रॉफ की कहानी संघर्ष, दृढ़ता और स्मार्ट निवेश का एक शानदार उदाहरण है। मुंबई के तीन बत्ती इलाके की चॉल में जन्मे जैकी ने जिंदगी के हर मोड़ पर चुनौतियों का सामना किया, लेकिन हार नहीं मानी। 'हीरो' की रिलीज के बाद भी जैकी श्रॉफ पांच-छह साल तक उसी चॉल में रहे। पूरी खबर पढ़ें
कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय बच्चन के तीन ग्लैमरस लुक सामने आ चुके हैं। फेस्टिवल की क्लोजिंग सेरेमनी में वे डिजाइनर चेनी चान के कस्टम फेदर सूट में नजर आईं। इसे डिजाइनर चेनी चान ने डिजाइन किया था। इससे पहले वे सैफायर ब्लू गाउन और पिंक ड्रेस में भी दिखाई दी थीं। उनके साथ बेटी आराध्या भी कांस पहुंची हैं, जिन्होंने अनऑफिशियली कांस में ग्लैमरस लुक में डेब्यू किया है। देखिए व्हाइट कस्टम फेदर सूट ऐश्वर्या की तस्वीरें- देखिए कांस से ऐश्वर्या की तस्वीरें- बीते साल चर्चा में रहा कांस से ऐश्वर्या का लुक ऐश्वर्या राय ने साल 2002 में कांस में डेब्यू किया था। इसके बाद से ही वो लगातार कांस में मौजूद रहती हैं। बीते साल ऐश्वर्या ने मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन की गई सफेद-गोल्डन साड़ी पहनी थी। रेड डायमंड जूलरी और सिंदूर के साथ ऐश्वर्या बेहद खूबसूरत दिखीं। उनका ट्रेडिशनल लुक काफी चर्चा में रहा था। कांस के दूसरे लुक में ऐश्वर्या राय ने गौरव गुप्ता के कलेक्शन की ब्लैक सिक्वल गाउन के साथ ट्रेल कैरी की थी। खुले बालों और मिनिमल जूलरी में एक्ट्रेस बेहद ग्लैमरस लगी थीं। कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय के ये लुक भी देखिए- कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। आलिया भट्ट का कांस लुक भी चर्चा में रहा तीसरे लुक में आलिया डिजाइनर तरुण तहिलियानी की आइवरी साड़ी में दिखाई दीं। वे फ्रेंच रिवेरा में भारत पैवेलियन पहुंचीं, जहां उन्होंने फिल्म मेकर आशुतोष गोवारिकर के साथ 57वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) का पोस्टर और क्रिएटिव विजन लॉन्च किया।
साउथ फिल्म स्टार रामचरण अपनी आने वाली फिल्म 'पेड्डी' के म्यूजिक लॉन्च के लिए भोपाल पहुंचे थे। इस इवेंट में उनके साथ एआर रहमान और जान्हवी कपूर भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान रामचरण ने भारतीय क्रिकेटरों की तारीफ की, लेकिन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का जिक्र करते हुए उनसे एक भूल हो गई। उन्होंने क्रिकेट की जगह गलती से फुटबॉल से जोड़ दिया। इसका वीडियो सामने आने के बाद रामचरण ने तुरंत बुमराह से माफी मांगी और इसे भीड़ के बीच हुई उत्साह में हुई गलती बताया है। क्रिकेटरों को बताया लीजेंड और फायरभोपाल में हुए इस कार्यक्रम के दौरान रामचरण से भारतीय क्रिकेटरों को कुछ शब्दों में बताने के लिए कहा गया था। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के करियर को 'लंबा और महान सफर' बताया। महेंद्र सिंह धोनी को 'शांत और कूल' कहा, जबकि रोहित शर्मा को 'हर किसी का पसंदीदा इंसान' बताया। विराट कोहली का नाम सामने आने पर उन्होंने सिर्फ एक शब्द 'फायर' कहा। वहीं कार्यक्रम के दौरान एक बार उन्होंने मध्यप्रदेश को बिहार कहकर पुकारा। जब वे स्टेज से जनता को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने कहा हमारे, बिहार के लोगों को, बिहार के लोग, मेरे आप साथ हो आप? मांगी माफी, खुद को बताया भुलक्कड़वीडियो सामने आने के बाद रामचरण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर बुमराह से माफी मांगी। उन्होंने लिखा, उफ्फ... मैं कभी-कभी नामों को लेकर चीजें भूल जाता हूं। इस गड़बड़ी के लिए जसप्रीत बुमराह जी से माफी मांगता हूं। इतने उत्साह और भारी भीड़ के बीच यह सिर्फ एक इंसानी भूल थी। रामचरण ने आगे लिखा कि वे बुमराह का बहुत सम्मान करते हैं और उनके खेल की सराहना करते हैं। हालांकि रामचरण की इस गलती के बाद उनके की फैंस उनका सपोर्ट करते दिखाई दिए। एक यूजर ने लिखा कि “रामचरण ने बुमराह को फुटबॉल का लेजेंड बना दिया। लेकिन मुझे पसंद आया जिस आत्मविश्वास के साथ उन्होंने ये बात कही।” फिल्म 'पेड्डी' के बारे में जानिएफिल्म 'पेड्डी' एक बड़ी पैन-इंडिया फिल्म है, जिसकी स्टारकास्ट भोपाल में इसके संगीत को प्रमोट करने आई थी। इस फिल्म में रामचरण के साथ जान्हवी कपूर मुख्य भूमिका में हैं, जबकि संगीत ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने तैयार किया है। रामचरण की पिछली फिल्म 'आरआरआर' की सफलता के बाद से ही उत्तर भारत में भी उनकी फिल्मों को लेकर दर्शकों में काफी दिलचस्पी रहती है। यह फिल्म 4 जून को रिलीज होगी। ये खबर भी पढ़ें रैपिड फायर विद राम चरण:सलमान खान को कहा मोस्ट स्टाइलिश, जानिए विलेन बनने के हाईपोथेटिकल सवाल का क्या था मजेदार जवाब साउथ सुपरस्टार राम चरण, RRR, मगधीरा, रंगस्थल जैसी बेहतरीन फिल्मों के बाद अब जल्द ही फिल्म पेद्दी ला रहे हैं। ये फिल्म 4 जून को रिलीज होने वाली है, जिसका ट्रेलर भी जारी किया जा चुका है। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने रैपिड फायर के कई बेहतरीन सवालों का मजेदार जवाब दिया है। पूरी खबर पढ़ें… भोपाल में गूंजी AR रहमान की आवाज, झूम उठे फैंस:फिल्म ‘पेद्दी’ का प्रमोशन करने पहुंचे राम चरण और जाह्नवी कपूर, भेल दशहरा मैदान पर उमड़े फैंस भोपाल के भेल दशहरा मैदान में मशहूर संगीतकार और ऑस्कर विजेता गायक एआर रहमान लाइव कॉन्सर्ट करने पहुंचे। कॉन्सर्ट शुरू होने से पहले ही मैदान में फैंस की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दूर से पहुंचे लोग एआर रहमान की आवाज सुनने के लिए घंटों से इंतजार करते नजर आए। रहमान ने तेलुगू फिल्म पेद्दी के गाने ‘होलु लू’ गाया। पूरी खबर पढ़ें…
एक्टर रणदीप हुड्डा ने हाल ही में बताया कि उनको फिल्म ‘छावा’ में औरंगजेब का रोल ऑफर हुआ था, लेकिन उन्होंने करने से मना कर दिया था। रणदीप ने जूम को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मैं लक्ष्मण उतेकर को एक डायरेक्टर और इंसान, दोनों तौर पर बहुत पसंद करता हूं। वो मेरे पास फिल्म ‘छावा’ में औरंगजेब के रोल के लिए आए थे। उस समय मेरा वजन काफी कम हो गया था और मैंने अपना सिर भी मुंडवा लिया था। एक्टर ने आगे कहा, ‘मैंने उस समय फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ की शूटिंग खत्म की थी और उसके पोस्ट-प्रोडक्शन पर काम कर रहा था। इसी दौरान मैं एक कोर्ट केस से भी गुजर रहा था। उस वक्त हिंदू-मुस्लिम को लेकर काफी बातें हो रही थीं। इसलिए मैंने उस रास्ते पर आगे बढ़ने से मना कर दिया।’ ‘छावा’ में औरंगजेब का रोल अक्षय खन्ना ने निभाया था साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म ‘छावा’ मराठा साम्राज्य के दूसरे छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित थी। फिल्म में संभाजी महाराज का किरदार विक्की कौशल ने निभाया है, जबकि महारानी येशुबाई का रोल रश्मिका मंदाना ने प्ले किया था। औरंगजेब के रोल में अक्षय खन्ना नजर आए थे। फिल्म का डायरेक्शन लक्ष्मण उतेकर ने किया है और इसे मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले दिनेश विजान ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही और इसने दुनिया भर में ₹795 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी। लक्ष्मण उतेकर की फिल्म में नजर आएंगे रणदीप रणदीप हुड्डा के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह हाल ही में वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश 2' में नजर आए हैं, जिसका प्रीमियर 15 मई को जियोसिनेमा पर हुआ है। इसके अलावा, वह जल्द ही लक्ष्मण उतेकर की अपकमिंग फिल्म 'ईथा' में भी मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे, जिसका हिस्सा श्रद्धा कपूर भी हैं। फिल्म ईथा मशहूर लावणी डांसर और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ नारायणगांवकर की बायोपिक है।
रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ दिवाली 2026 ( 8 नवंबर) से एक हफ्ते पहले रिलीज हो सकती है। दरअसल, बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि ‘रामायण: पार्ट वन’ अब 30 अक्टूबर 2026 को रिलीज हो सकती है। पहले इसे दिवाली 2026 पर रिलीज करने की योजना थी। रिपोर्ट के अनुसार, निर्माता चाहते हैं कि फिल्म दिवाली वीक से पहले थिएटर्स में आ जाए, ताकि पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ बने और दूसरे हफ्ते में फिल्म का बिजनेस और बढ़े। दावा- डिस्ट्रीब्यूटर्स ने 450 करोड़ का ऑफर दिया सूत्र के मुताबिक, रिलीज डेट पर अंतिम फैसला जल्द लिया जाएगा। यह घोषणा डिस्ट्रीब्यूशन डील फाइनल होने के बाद की जा सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मेकर्स को टॉप डिस्ट्रीब्यूटर्स से 450 करोड़ रुपए का ऑफर मिला है। हनुमान जयंती के मौके पर फिल्म से रणबीर का भगवान राम के रूप में लुक भी सामने आया था। इस टीजर में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में दिव्य और शांत लुक में दिखे थे। देखें भगवान राम के लुक की झलक- फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
मशहूर कोरियोग्राफर और फिल्म निर्देशक रेमो डिसूजा शनिवार को अपनी पत्नी लिजेल डिसूजा के साथ आगर मालवा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नलखेड़ा पहुंचे। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में सपत्नीक हवन अनुष्ठान भी संपन्न किया। दो घंटे तक चली विशेष पूजा और अनुष्ठान रेमो और लिज़ेल डिसूजा मंदिर परिसर में लगभग दो घंटे से अधिक समय तक रहे। उन्होंने धार्मिक परंपराओं के अनुसार आयोजित हवन में श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इस दौरान मंदिर की अन्य धार्मिक गतिविधियों में भी दोनों शामिल हुए। लिज़ेल डिसूजा भारतीय फिल्म जगत में फिल्म निर्माता और कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर के रूप में सक्रिय हैं। प्रशंसकों और श्रद्धालुओं में दिखी उत्सुकता फिल्म जगत की बड़ी हस्ती के मंदिर पहुंचने की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं और प्रशंसकों में उत्सुकता देखी गई। नलखेड़ा का मां बगलामुखी मंदिर देश भर में अपनी विशेष धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, जहां समय-समय पर राजनीति और फिल्म जगत की हस्तियां दर्शन के लिए पहुंचती हैं।
फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में डायरेक्टर डेविड धवन इमोशनल हो गए। बेटे वरुण धवन के बारे में बात करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। डेविड धवन ने कहा, ‘हर किसी को वरुण जैसा बेटा मिलना चाहिए। जब मैं अस्पताल में था, तब भी वह मेरे साथ वहीं सोता था। एक एक्टर के तौर पर भी उसमें लगातार सुधार हो रहा है। आप जो चाहोगे, वह आपको देगा, लेकिन एक पिता के तौर पर मैं कहूंगा कि हर किसी को ऐसा बेटा मिलना चाहिए।’ फिल्म में वरुण धवन के साथ मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े लीड रोल में नजर आएंगी। फिल्म में राजपाल यादव, जॉनी लीवर, चंकी पांडे और मनीष पॉल भी दिखाई देंगे। डेविड धवन और वरुण धवन की यह चौथी फिल्म है। इससे पहले दोनों की जोड़ी ‘मैं तेरा हीरो’, ‘जुड़वां 2’ और ‘कुली नंबर 1’ में नजर आ चुकी है। प्रेम में असफल युवक का किरदार फिल्म की कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी प्रेम कहानी हर बार असफल हो जाती है और फिर उसे किस्मत बदलने के लिए मदद मिलती है। दिलचस्प बात यह है कि वरुण इस फिल्म में डबल रोल में नजर आएंगे। एक तरफ बॉय-नेक्स्ट-डोर लुक, तो दूसरी ओर ज्यादा मैच्योर अवतार। वर्कफ्रंट की बात करें तो इससे पहले वरुण धवन फिल्म ‘बॉर्डर 2’ में नजर आए थे। फिल्म में उन्होंने 'मेजर होशियार सिंह दहिया' का किरदार निभाया था। इस सुपरहिट फिल्म ने दुनिया भर में ₹450 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया था।
कॉमेडियन और एक्टर वीर दास ने कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट बंद किए जाने की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि इस पार्टी का आंदोलन सही है या नहीं, इसका फैसला वक्त बताएगा। हालांकि, युवाओं का समर्थन देने की भावना पूरी तरह साफ और जायज है। वीर दास ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, कॉकरोच जनता पार्टी सच में एक सही आंदोलन है या नहीं, यह अभी असली सवाल नहीं है। इसका जवाब समय देगा। लेकिन उन्हें जो समर्थन मिला, युवाओं में जो भावना दिखी और जिस तरह की बातें सामने आईं, वो सब पूरी तरह असली और जायज हैं। और अगर इतना भी काफी नहीं था, तो उनके अकाउंट बंद करने जैसी बेवकूफी भरी हरकत ने उनकी बात को और ज्यादा सही साबित कर दिया। क्या है कॉकरोच जनता पार्टी और क्यों हुआ विवाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने 15 मई को एक याचिका की सुनवाई करते हुए बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की। बयान जल्द ही वायरल हो गया, जिसके बाद अभिजीत दीपक ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम का अकाउंट बनाया। इस अकाउंट में सरकार के खिसाफ मीम, युवा मुद्दों वाले पोस्ट किए गए जो वायरल होने लगे और जल्द ही अकाउंट के फॉलोवर्स तेजी से बढ़ने लगे। 18 मई को इस अकाउंट के फॉलोवर्स की संख्या पहले 5 मिलियन और फिर 10 और फिर 13 मिलियन तक पहुंच गई, जिसके बाद इसे नेशनल कवरेज मिली। और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) ट्रेंड में आ गई। महज 4 दिनों में इस अकाउंट के फॉलोवर्स की संख्या 22 मिलियन हो चुकी है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के अब तक महज 9 मिलियन फॉलोवर्स ही हैं। 21 मई को कॉकरोच जनता पार्टी का X अकाउंट सस्पेंड किया गया, जिसके बाद एक नया अकाउंट बना, जिसमें लिखा था, कॉकरोच मरते नहीं। जल्द ही इस दूसरे अकाउंट के भी फॉलोवर्स बढ़ने लगे। अब आज पेज बनाने वाले अभिजीत दीपक ने X पर दावा किया कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया गया है। वो अपना अकाउंट लॉग इन नहीं कर पा रहे हैं, हालांकि यूजर्स को अब भी अकाउंट दिख रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आवारा कुत्तों के काटने के मामले पर आदेश दिया है कि खतरनाक कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जाए। इसके बाद 22 मई से पंजाब में आवारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इसकी जानकारी दी है। अब रवीना टंडन ने उनसे इंसानियत का ध्यान रखते हुए दूसरे रास्ते चुनने की अपील की है। रवीना ने कहा है कि बेजुबानों के साथ कैसा सलूक किया जाता है, वही बताता है कि हम कैसे इंसान हैं। रवीना टंडन ने शनिवार को आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, “माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान जी, आवारा जानवरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर पूरे देश में चर्चा हो रही है। लोगों की सुरक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन उम्मीद है कि इस फैसले को लागू करते समय इंसानियत और संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा। नसबंदी, टीकाकरण, अच्छे शेल्टर और सही तरीके से पुनर्वास जैसे उपाय लोगों और जानवरों, दोनों की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं।” आगे रवीना ने लिखा है, “मुझे पूरा विश्वास है कि प्रशासन, पशु कल्याण संगठनों और विशेषज्ञों के सहयोग से पंजाब इस संवेदनशील मुद्दे को जिम्मेदारी और इंसानियत के साथ संभालने की मिसाल बन सकता है। हम बेजुबान जानवरों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, वही आखिरकार बताता है कि हम एक समाज के रूप में कैसे इंसान हैं।” क्या है पूरा मामला? देश में आवारा कुत्तों के काटने के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिसका असर सरकारी खजाने पर भी पड़ रहा है। कई बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर आवारा कुत्तों की चपेट में आते रहते हैं। इस मामले पर नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और उन्हें शेल्टर हाउस भेजे जाने का आदेश दिया था। कई एनजीओ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की। अब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक और आदेश दिया और कहा कि जानलेवा कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि खतरनाक या रेबीज से संक्रमित आवारा कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है, लोगों की जान की हिफाजत जरूरी है और गरिमा के साथ जीने में कुत्तों के खतरे से मुक्त होकर रहने का अधिकार भी शामिल है। 19 मई को दिए गए इस मामले पर आखिरी फैसले के साथ ही कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाएं खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों के पुनर्वास और नसबंदी पर नवंबर 2025 में दिए गए निर्देश ही लागू होंगे। जो अफसर इनका पालन न करें, उन पर अवमानना का केस चले। इसके बाद से सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जमकर आलोचना हो रही है। नवजोत सिंह सिद्धू, सोनम बाजवा समेत कई सेलेब्स इसके खिलाफ बयान दे रहे हैं।
बॉबी देओल ने हाल ही में बताया है कि फिल्म एनिमल में बॉबी के विलेन बनने से पिता धर्मेंद्र ज्यादा खुश नहीं थे। लेकिन बाद में सोशल मीडिया के जरिए उन्हें पता चला था कि बॉबी देओल का निभाया गया किरदार बेहद हिट हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने सलमान की मदद से कमबैक करने और आश्रम सीरीज में लीड रोल मिलने से हुई हैरानी पर भी बात की है। शेखर सुमन के शो शेखर टुनाइट में पहुंचे बॉबी देओल ने बताया है कि उनके पास लंबे समय से काम नहीं था। एक दिन अचानक उनके पास सलमान खान का कॉल आया। सलमान ने उनसे पूछा- ‘तुम फिल्म में शर्ट उतारोगे?’ बॉबी ने जवाब दिया, ‘हां, मैं सब कुछ कर लूंगा।’ इस पर सलमान ने कहा कि स्क्रिप्ट सुनने आ जाना। और इस तरह बॉबी देओल ने रेस 3 से कमबैक किया। इसके कुछ दिन बाद ही उन्हें फिल्म आश्रम सीरीज की कास्टिंग के लिए कॉल आया। वो गए उन्होंने डायरेक्टर से पूरी स्क्रिप्ट सुनी। उस समय बॉबी देओल को लगा कि उन्हें इंस्पेक्टर का साइड रोल दिया जाने वाला होगा, क्योंकि उनका करियर सेटबैक का सामना कर रहा था। लेकिन फिर डायरेक्टर ने उन्हें बताया कि उन्हें निराला बाबा का लीड रोल करना है। ये सीरीज हिट रही। एक हफ्ते बाद मां ने बॉबी को बुलाकर कहा, ‘तून कोई शो किया है आश्रम? मेरी कुछ सहेलियां कह रही थीं कि आपके बेटे ने आश्रम में बहुत अच्छा काम किया है।’ ये सुनकर बॉबी देओल खुश हो गए कि उनका रोल पसंद किया जा रहा है। इसके बाद जब उन्हें एनिमल मिली, तो उन्होंने धर्मेंद्र को ये बात बताई। इस पर वो खास खुश नहीं हुए, उन्होंने बस इतना पूछा, ‘तू एनिमल में विलेन बनेगा?’ इस पर बॉबी ने कहा- ‘हां पापा।’ उन्होंने फिर पूछा- ‘तेरा रोल कितना है।’ बॉबी ने कहा- 'अच्छा रोल है पापा।' आगे बॉबी ने कहा, ‘उनको बहुत शौक था इंस्टाग्राम का। हमारे हॉल में जैसे ही एंटर करो, वहां एक सोफा है, वहां बैठे रहते थे। एक दिन जैसे ही मैं आया काम से, तो कहते हैं, बॉब, लोग तो तेरे दीवाने हो गए हैं। वो मुझे देखकर बहुत खुश थे।' एक तस्वीर की बदौलत बॉबी को मिला था एनिमल में काम बॉबी देओल ने बातचीत में ये भी बताया है कि उन्हें CCL (सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग) की एक तस्वीर की बदौलत फिल्म एनिमल में काम मिला था। एक दिन संदीप रेड्डी वांगा ने किसी अखबार या मैगजीन में छपी बॉबी की क्रिकेट खेलते हुए एक तस्वीर देखी और उनकी कास्टिंग का फैसला किया। जब बॉबी उनसे मिलने गए, तो संदीप रेड्डी ने कहा था, मैंने तेरी एक फोटो देखी, इस फोटो में जो तुम्हारे एक्सप्रेशन हैं, वही देखकर मैंने तुम्हें चुना।
पंजाब में खूंखार लावारिस कुत्तों के खिलाफ मुहिम चलाने को लेकर की गई सीएम की एक्स पोस्ट के बाद अब पंजाबी और बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद कुत्तों को बचाने के पक्ष में आ गए हैं। सोनू सूद ने अपने इंस्टा पर वीडियो शेयर कर कहा कि कुत्तों को मारा नहीं जाना चाहिए। पंजाब के मोगा के रहने वाले सोनू सूद ने कहा कि वह प्रयास करेंगे कि कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनावा सकें। सूद ने कहा कि अगर वफादारी की बात करें तो वो डॉग्स ही होते हैं जिनसे वफादारी हमें मिलती है। बहुत सारे ऐसे स्ट्रे डॉग्स जिन्हें घर वाले लोग अडॉप्ट करते हैं, उनका ध्यान रखते हैं और वो उतने हार्मफुल नहीं होते, लेकिन बहुत सारे ऐसे इंसिडेंट्स होती भी हैं जहां पर इन स्ट्रे डॉग्स ने बच्चों पर अटैक किया। उन मोहल्लों में उन घरों के पास ये लोगों को पता होता है कि कौन से ऐसे डॉग्स हैं जो नुकसान पहुंचा सकते हैं और फिर हम उनके बारे में एक शिकायत करते हैं और उन्हें पकड़ भी लिया जाता है। सोनू सूद ने कहा कि एक बहुत वफादार कौम है जो सड़कों पर घूम रही है। हम उसे भूल जाते हैं और एक ऑर्डर पास करते हैं कि आप इन्हें पकड़ के मार दिया जाए तो मेरी यह रिक्वेस्ट है हमें इस ऑर्डर को रुकवाना है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्ट्रे डॉग्स को अडॉप्ट कराना है। उनके गले में कोई पट्टा डाल दीजिए ताकि पता चले कि आपका यह डॉग है जिसकी आप केयर करते हैं जिसे आप खाना देते हैं। सो आई थिंक अगर मिलकर यह हम आवाज उठाएंगे तो बहुत सारे बेजुबानों को जुबान मिलेगी और एक नई जिंदगी मिलेगी। भगवंत मान ने लावारिस कुत्तों को लेकर की थी पोस्ट बता दें कि सीएम 21 मई की रात भगवंत मान ने लावारिस कुत्तों को लेकर पोस्ट की थी जिसमें लिखा था कि 22 मई से पंजाब में मुहिम शुरू करने जा रहे हैं। इसे लेकर पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से लेकर नेताओं ने विरोध कर दिया। भाजपा नेता और भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेशनल जनरल सेक्रेटरी तजिंदर बग्गा ने चीफ जस्टिस को मेल लिखी, तो पंजाबी एक्टर्स सोनम बाजवा और सिंगर रुपिंदर हांडा और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने कुत्तों को न मारने के लिए आवाज बुलंद की। जानें सोनू सूद ने वीडियो में क्या कहा..वफादारी हम कुत्तों से ही सीखते हैं- मैंने आज ही सुबह एक ट्वीट देखा जिसमें हमारे ऑनरेबल सीएम पंजाब ने एक आर्डर दिया था कि जितने रोड साइड यू नो डॉग्स हैं उन्हें पकड़ कर ले जाया जाए। पता नहीं फिर उनके साथ क्या होगा। बहुत सारे वीडियोस ऐसे देखे जो बहुत सारे डिस्टर्बिंग थे। मैं यही कहना चाहता हूं कि इंसान सिर्फ किताबें लिख सकता है, लेकिन अगर वफादारी की बात करें तो वो डॉग्स ही होते हैं जिनसे वफादारी सीखने को मिलती है। बहुत सारे ऐसे स्ट्रे डॉग्स हैं जिन्हें लोग अडॉप्ट करते हैं, उनका ध्यान रखते हैं वो उतने हार्मफुल नहीं होते। बहुत सारे ऐसे इंसिडेंट्स होते भी हैं जहां पर इन स्ट्रे डॉग्स ने बच्चों पर अटैक किया और उन मोहल्लों में उन घरों के पास ये लोगों को पता होता है कि कौन से ऐसे डॉग्स हैं जो नुकसान पहुंचा सकते हैं और फिर हम उनके बारे में एक शिकायत करते हैं और उन्हें पकड़ भी लिया जाता है। पता नहीं इस आर्डर से इन कुत्तों के साथ क्या होगा: आप सोचिए कि कोर्ट से एक ऐसा आर्डर पास होता है जिसमें आप कहते हैं कि हर गली-मोहल्ले में जो डॉग बैठा हुआ है उसे पकड़ कर मार दिया जाए, ले जाया जाए और पता नहीं क्या कुछ उनके साथ होगा? तो मैं आप सब से यह रिक्वेस्ट करूंगा कि आप इस मैसेज को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं ताकि हम इसे रोक सकें। मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा हूं कि इन स्ट्रे एनिमल्स को या डॉग्स को उनके घर मिल सकें। मुझे लगता है कि सरकार को ऐसे बहुत सारे घर बनाने चाहिए जहां पे इन बेजुबानों को भी घर मिल सके। सबको मिलकर आवाज उठानी होगी: ये जो वफादार कौम सड़कों पर घूम रही है, हम उसे भूल जाते हैं और एक ऑर्डर पास करते हैं कि इन्हें पकड़ के मार दिया जाए। मेरी यह रिक्वेस्ट है हमें इस ऑर्डर को रुकवाना है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्ट्रे डॉग्स को अडॉप्ट करना है। उनके गले में कोई पट्टा डाल दीजिए ताकि पता चले कि आपका यह डॉग है जिसकी आप केयर करते हैं जिसे आप खाना देते हैं। सो आई थिंक अगर हम मिलकर यह आवाज उठाएंगे तो बहुत सारे बेजुबानों को जुबान मिलेगी और एक नई जिंदगी मिलेगी।
साउथ और बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर प्रकाश राज ने खुद को कॉकरोच कहा है। ये बयान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए दिया है। प्रकाश राज अक्सर भाजपा और नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देते रहते हैं। दरअसल, एक्टर अक्षय कुमार को दिए पुराने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वो आम खाते हैं और उन्हें आम खाना काफी पसंद है, लेकिन वो बचपन में गरीब थे, तो आम खरीदना उनके लिए मामूली बात नहीं थी। उनके इसी बयान को हाईलाइट करते हुए प्रकाश राज ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट से आम को अनोखे अंदाज में खाते हुए वीडियो पोस्ट किया है। प्रकाश राज ने आम की गुठली निकाली और उसमें आइसक्रीम मिलाकर चम्मच से खाया। इसके साथ उन्होंने कहा है, ‘ये क्या है मोदी जी, आम को न ऐसे कट करके इमाम पसंद है। इसमें आइसक्रीम डालकर कॉकरोच ऐसे खाते हैं।’ इस वीडियो के साथ प्रकाश राज ने लिखा है, ‘कॉकरोच ईटिंग मैंगो। हैशटैग कॉकरोच जनता पार्टी।’ प्रकाश राज, लगातार भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देते रहे हैं। अब वो खुलेआम, कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए एक्टर प्रकाश राज के हालिया बयान-
कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय बच्चन के ग्लैमरस लुक लगातार सामने आ रहे हैं। ऐश्वर्या ने कांस रेड कार्पेट पर गौरव गुप्ता का डिजाइनर सफायर गाउन पहना। उनके साथ बेटी आराध्या भी कांस पहुंची हैं, जिन्होंने अनऑफिशियली कांस में ग्लैमरस लुक में डेब्यू किया है। देखिए कांस से ऐश्वर्या की तस्वीरें- बीते साल चर्चा में रहा कांस से ऐश्वर्या का लुक ऐश्वर्या राय ने साल 2002 में कांस में डेब्यू किया था। इसके बाद से ही वो लगातार कांस में मौजूद रहती हैं। बीते साल ऐश्वर्या ने मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन की गई सफेद-गोल्डन साड़ी पहनी थी। रेड डायमंड जूलरी और सिंदूर के साथ ऐश्वर्या बेहद खूबसूरत दिखीं। उनका ट्रेडिशनल लुक काफी चर्चा में रहा था। कांस के दूसरे लुक में ऐश्वर्या राय ने गौरव गुप्ता के कलेक्शन की ब्लैक सिक्वल गाउन के साथ ट्रेल कैरी की थी। खुले बालों और मिनिमल जूलरी में एक्ट्रेस बेहद ग्लैमरस लगी थीं। कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय के ये लुक भी देखिए- कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। आलिया भट्ट का कांस लुक भी चर्चा में रहा तीसरे लुक में आलिया डिजाइनर तरुण तहिलियानी की आइवरी साड़ी में दिखाई दीं। वे फ्रेंच रिवेरा में भारत पैवेलियन पहुंचीं, जहां उन्होंने फिल्म मेकर आशुतोष गोवारिकर के साथ 57वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) का पोस्टर और क्रिएटिव विजन लॉन्च किया।
रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली, लेकिन उनकी आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में एक बार फिर अधूरे प्यार, बिछड़ने और लौटकर आने की कसक देखने को मिलेगी। दिलजीत दोसांझ, शरवरी, वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह स्टारर यह फिल्म सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि यादों, माइग्रेशन और इमोशनल टूटन की कहानी है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इम्तियाज अली ने बताया कि वह ‘रॉकस्टार’ का सीक्वल क्यों नहीं बनाना चाहते। वहीं उन्होंने दिलजीत दोसांझ, ए.आर. रहमान और अपनी फिल्मों में बार-बार दिखने वाले दर्द व बिछड़ने के एहसास पर भी खुलकर बात की। शरवरी और वेदांग ने भी फिल्म से अपने भावनात्मक जुड़ाव और किरदारों की तैयारी के अनुभव साझा किए। सवाल: आपकी फिल्मों में इश्क मिलने से ज्यादा बिछड़ने में दिखता है। क्या ये आपकी निजी सोच से आता है? जवाब/इम्तियाज अली: जब मैं फिल्म बनाता हूं, तब अपने बारे में नहीं सोच रहा होता। शायद मैं कहानियां बनाकर खुद से भागने की कोशिश करता हूं। लेकिन ये सच है कि जब आप किसी शहर को छोड़ रहे होते हैं, तभी उसकी सबसे ज्यादा याद आती है। मुझे याद है, जब मैं दिल्ली और जमशेदपुर के बीच ट्रेन से सफर करता था, तो अपना शहर सबसे खूबसूरत तब लगता था जब उसे छोड़ रहा होता था। कहते हैं, “A city looks most beautiful from the light of the burning bridge.” यानी जब वापसी का रास्ता खत्म हो जाता है, तब उस जगह के लिए प्यार और बढ़ जाता है। सवाल: वेदांग, ‘मैं वापस आऊंगा’ आपके लिए क्या मायने रखती है? जवाब/वेदांग रैना: शुरुआत में मेरे लिए सबसे बड़ी बात सिर्फ इम्तियाज सर के साथ काम करना था। लेकिन जब स्क्रिप्ट आगे बढ़ी, तब महसूस हुआ कि यह कहानी मुझसे बहुत जुड़ी हुई है, क्योंकि मैं भी कश्मीरी पंडित हूं। मेरी फैमिली ने माइग्रेशन देखा है। इसलिए इस फिल्म से मेरा भावनात्मक जुड़ाव हो गया। ये सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। सवाल: शरवरी, आपके लिए इस फिल्म का मतलब क्या है? जवाब/शरवरी: ये एक सिंपल लव स्टोरी है। प्यार सिर्फ किसी इंसान से नहीं, अपनी मिट्टी और अपनेपन से भी हो सकता है। इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत उसका प्यार है। एक एक्टर के तौर पर भी ये मेरे लिए नया अनुभव था। इस किरदार को निभाते हुए मैंने खुद को भी थोड़ा और समझा। सवाल: इम्तियाज, आपके लिए इश्क क्या है? क्या आप ‘लव एट फर्स्ट साइट’ में भरोसा करते हैं? जवाब/इम्तियाज अली: जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा हूं, प्यार को लेकर और कन्फ्यूज होता जा रहा हूं। शायद फिल्मों के जरिए ही उसे समझने की कोशिश करता हूं। मुझे लगता है प्यार कुछ भी हो सकता है। पहली नजर में भी हो सकता है, बार-बार भी हो सकता है और सिर्फ एक बार भी हो सकता है। जैसे भगवान को हर इंसान अपने तरीके से समझता है, वैसे ही प्यार भी है। सवाल: आपकी फिल्मों में टूटना, बिछड़ना और फिर लौटकर आना बार-बार क्यों दिखता है? जवाब/इम्तियाज अली: ये सब बचपन की यादों और लोगों की कहानियों से आता है। पंजाब में शूटिंग के दौरान कई बुजुर्गों ने मुझे पार्टिशन के किस्से सुनाए। किसी ने बताया कि उनके बुजुर्ग वाघा बॉर्डर तक पहुंच गए थे और कह रहे थे, “मुझे लाहौर जाना है,” क्योंकि उन्हें याद नहीं था कि पार्टिशन हो चुका है। किसी ने वीडियो कॉल पर अपने बचपन की जगह का रास्ता समझाया, जहां वो खुद नहीं जा सकते थे। ऐसी कई छोटी-छोटी बातें मेरे दिमाग में जमा होती गईं और फिर इस फिल्म की कहानी बन गई। सवाल: वेदांग, आपके लिए इश्क क्या है? जवाब/वेदांग रैना: अगर प्यार को सिर्फ रोमांटिक तरीके से ना देखें, तो कोई चीज आपको बहुत गहराई से छू जाए, वो भी प्यार हो सकता है। मुझे नहीं पता कि मुझे ‘लव एट फर्स्ट साइट’ हुआ है या नहीं, लेकिन किसी चीज से गहराई से प्रभावित होना शायद प्यार ही है। सवाल: क्या आपका दिल टूटा है? जवाब/वेदांग रैना: हां, जरूर टूटा है। शायद उस वक्त लगा था कि दिल टूट गया है, लेकिन अब मैच्योर नजरिए से देखूं तो शायद वो कुछ और था। लेकिन वो एहसास मैंने महसूस किया है। सवाल: दिल टूटने ने आपको कितना बदला? जवाब/वेदांग रैना: हर अनुभव इंसान को बदलता है और दिल टूटना जिंदगी का बड़ा मोड़ होता है। उसके बाद लोगों, रिश्तों और दुनिया को देखने का नजरिया बदल जाता है। शायद वही चीज इंसान को और समझदार बनाती है। सवाल: शरवरी, आपके लिए प्यार क्या है? जवाब/शरवरी: हम सब जिंदगी भर प्यार को समझते रहते हैं। बचपन से लेकर परिवार और रिश्तों तक, हर जगह प्यार मौजूद होता है। मेरे लिए प्यार का मतलब एक वादा है, एक सच्चाई है। हमारी फिल्म भी इसी भावना पर बनी है, एक ऐसा प्यार जो बहुत प्योर है। सवाल: क्या कभी दिल टूटा? और उससे कैसे बाहर निकलीं? जवाब/शरवरी: जब मैं इम्तियाज सर की फिल्में देखती हूं, तो उनमें दर्द के साथ एक खूबसूरती भी दिखती है। मैं मानती हूं कि कोई रिश्ता कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता। शायद उनकी फिल्मों ने मुझे यही सिखाया है। सवाल: इम्तियाज अली के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ शरवरी: हमने शूटिंग से पहले उनके साथ रेकी की थी। वहीं हमें समझ आया कि फिल्म क्या है और किरदार कैसे सोचते हैं। पंजाब में शूटिंग के दौरान वहां के लोगों और खाने से भी बहुत प्यार मिला। सवाल: रेकी के दौरान की क्या खास यादें है? जवाब/वेदांग रैना: हम लोग लोकेशन पर सिर्फ साथ घूम रहे थे और समझ रहे थे कि फिल्म कैसे बनती है। तभी एहसास हुआ कि असली मेहनत डायरेक्टर और उनकी टीम करती है। सवाल: पंजाब शूट के दौरान सबसे मजेदार चीज क्या रही? जवाब/शरवरी: हमने रेकी के दौरान खूब स्टफ्ड कुलचे खाए। मुझे अभी भी पनीर-छोले याद हैं। वहां का खाना और लोग दोनों बेहद प्यारे थे। उसी दौरान हमने फिल्म और किरदारों को बेहतर तरीके से समझा। सवाल: आपकी फिल्मों में ट्रेन का सफर हमेशा खास क्यों होता है? जवाब/इम्तियाज अली: मुझे ट्रेन में शूटिंग और सफर करना हमेशा अच्छा लगता है। इस फिल्म के लिए हमने रेवाड़ी से पुराना स्टीम इंजन मंगवाया था, जो पार्टिशन के दौर जैसा दिखता था। एक सीन में जब वेदांग का किरदार चिल्लाता है, “मैं वापस आऊंगा,” तभी मुझे लगा कि यही फिल्म का सही टाइटल है। सवाल: क्या इस फिल्म के किरदारों से बाहर निकलना मुश्किल था? जवाब/ वेदांग रैना: हां, कई बार मुश्किल लगा। मैंने खुद पर बहुत जिम्मेदारी ले ली थी कि इस दौर और दर्द को सही तरीके से दिखा सकूं। इम्तियाज सर शूट से पहले पार्टिशन की असली कहानियां सुनाते थे। वो बातें आज भी मेरे दिमाग में हैं। सवाल: इम्तियाज अली एक्टर्स से इतने रॉ और रियल इमोशन्स कैसे निकलवाते हैं? जवाब/ वेदांग रैना: एक सीन में मुझे सिर्फ लेटकर छत की तरफ देखना था। लेकिन उससे पहले इम्तियाज सर ने 10-15 मिनट तक पार्टिशन की असली घटनाएं सुनाईं। उन्होंने जो बातें बताईं, उनके विजुअल आज भी मेरे दिमाग में हैं। उसी वजह से वो सीन इतना इमोशनल बन पाया। सवाल: शरवरी, आपके किरदार जिया के बारे में क्या कहेंगी? जवाब/शरवरी: जिया एक रहस्यमयी लड़की है। पूरी फिल्म में लोग उसे समझने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन उसके दिल में सिर्फ सच्चा प्यार है। यही बात उसे खास बनाती है। सवाल: इम्तियाज जी, आप जिया के किरदार को कैसे देखते हैं? जवाब/ इम्तियाज अली: जिया उस फूल की तरह है जिसके चारों तरफ पूरी फिल्म घूमती है। हर किरदार उसे समझने की कोशिश करता है, लेकिन वो आखिर तक एक रहस्य बनी रहती है। सवाल: फिल्म के संगीत पर कितना रिसर्च किया गया? जवाब/ इम्तियाज अली: रिसर्च के दौरान पता चला कि उस दौर के युवा काफी वेस्टर्न म्यूजिक सुनते थे। इसलिए हमने उसी तरह का संगीत और गायकी रखने की कोशिश की। ‘मस्कारा’ गाने में भी वही वेस्टर्न स्टाइल दिखाई देता है। सवाल: ए.आर. रहमान के साथ फिर काम करना कैसा रहा? जवाब/ इम्तियाज अली: रहमान साहब के साथ काम हमेशा अलग अनुभव होता है। हमने हर गाने और इंस्ट्रूमेंट को उस दौर के हिसाब से डिजाइन किया। कई गानों में उस समय का स्विंग और डांस स्टाइल भी देखने को मिलेगा। सवाल: दिलजीत दोसांझ अब ग्लोबल स्टार बन चुके हैं। उनके बारे में क्या कहना चाहेंगे? जवाब/ इम्तियाज अली: दिलजीत बहुत प्यारे इंसान हैं। हर कोई उनसे प्यार करता है। उनके साथ पहली और दूसरी बार काम करके भी मुझे बहुत अच्छा लगा। वो बेहद सच्चे और प्योर इंसान हैं, उनमें कोई मिलावट नहीं है। उनके साथ काम करना हमेशा खुशी देता है और उम्मीद है आगे भी साथ काम होगा। सवाल: वेदांग और शरवरी आप दोनों बताएं, दिलजीत और नसीरुद्दीन शाह जैसे कलाकारों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ इम्तियाज अली: वेदांग का नसीर साहब के साथ कोई सीन नहीं था, क्योंकि वो उनके यंग वर्जन का किरदार निभा रहे हैं। शरवरी ने उनके साथ काम किया और उनका पहला सीन ही नसीर साहब के साथ था। सवाल: शरवरी, नसीरुद्दीन शाह के साथ पहला सीन कैसा रहा? जवाब/ शरवरी: मैं बहुत नर्वस थी। लेकिन कैमरा ऑन होते ही उनकी आंखों में एक अलग दुनिया दिखने लगती है। उनके साथ काम करना मेरे लिए बहुत प्रेरणादायक अनुभव रहा। सवाल: क्या ‘रॉकस्टार 2’ बनने की संभावना है? जवाब/ इम्तियाज अली: मैं लोगों से कहूंगा कि “रॉकस्टार” को भूलकर आगे बढ़ो। जावेद साहब ने भी कहा था, “मैं शोले बना चुका हूं, अब आप बनाओ।” तो जिसे “रॉकस्टार” पसंद है, वो खुद अपनी “रॉकस्टार” बनाए।
एक्टर अंजुम शर्मा इन दिनों वेब सीरीज ‘कप्तान’ में अपने किरदार ‘मुन्ना’ को लेकर चर्चा में हैं। ‘मिर्जापुर’ के शरद शुक्ला के बाद अंजुम ने इस बार एक बिल्कुल अलग और मस्तमौला किरदार निभाया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अंजुम शर्मा ने इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने के संघर्ष, स्टार्स की इनसिक्योरिटी, ओटीटी के बदलते दौर पर बात की। सवाल: क्या ओटीटी ने बॉलीवुड और मेनस्ट्रीम सिनेमा की कहानी कहने का तरीका बदल दिया है? जवाब: बिल्कुल। ओटीटी मेनस्ट्रीम सिनेमा का ही एक्सटेंशन है। वही फिल्ममेकर आए, जिन्होंने फिल्मों का अनुभव लेकर ‘मिर्जापुर’, ‘सेक्रेड गेम्स’ जैसी सीरीज बनाई। फर्क सिर्फ इतना था कि यहां लॉन्ग फॉर्मेट मिला, इसलिए कहानियों को ज्यादा गहराई और खुलकर दिखाया जा सका। सवाल: इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने की वजह से कभी इनसिक्योरिटी या पॉलिटिक्स फेस करनी पड़ी? जवाब:कभी-कभी ऐसा भी होता है कि किसी फिल्म या किरदार में कास्टिंग का पूरा मामला कॉम्बिनेशन पर निर्भर करता है। मैं इसमें किसी को दोष नहीं देता। कई बार मेकर्स ये देखते हैं कि दो कलाकार स्क्रीन पर साथ कैसे दिखेंगे, चाहे सामने बड़ा स्टार हो या कोई और एक्टर। ऐसे में अगर किसी एक कलाकार की प्रेजेंस या परफॉर्मेंस ज्यादा डोमिनेटिंग लगती है, तो हो सकता है कि वो उस किरदार या कहानी के लिए सही फिट न हो। कई बार कहानी को ऐसे एक्टर की जरूरत होती है, जो दूसरे किरदार पर हावी न पड़े और स्क्रीन पर बैलेंस बना रहे। मेरे साथ भी शुरुआत में एक-दो बार ऐसा हुआ, लेकिन मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि जिन लोगों के साथ काम किया, उन्होंने हमेशा बहुत सुरक्षित और सहयोग वाला माहौल दिया। चाहे ‘मिर्जापुर’ में अली फजल हों, पंकज त्रिपाठी जी हों या विजय वर्मा। मैं उस वक्त काफी नया था, जबकि वो लोग काफी अनुभवी थे, लेकिन उन्हें देखकर मुझे लगा कि जितना सहज हो सकते हो, उतना सहज हो जाओ। क्योंकि सामने वाला कलाकार पूरी तरह सिक्योर होकर काम कर रहा है, आपको सपोर्ट कर रहा है और एप्रिशिएट भी कर रहा है। मुझे हमेशा ऐसा महसूस हुआ कि वो लोग आपको नीचे नहीं दिखाना चाहते, बल्कि अपने साथ लेकर आगे बढ़ाना चाहते हैं। सवाल: लेकिन इंडस्ट्री में ऐसा भी सुनने को मिलता है कि अच्छे सीन्स काट दिए जाते हैं या अच्छे एक्टर्स को रिप्लेस कर दिया जाता है? जवाब: बहुत पहले की बात है। एक फिल्म में एक ऐसे एक्टर को कास्ट किया गया था, जो पहले से फिल्मों में काम कर रहे थे और इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे, लेकिन जिस लहजे और जिस जोन के किरदार के लिए उन्हें चुना गया था, उससे वो पूरी तरह वाकिफ नहीं थे। मुझे बिना ज्यादा कुछ बताए बुलाया गया और कहा गया कि उनकी आवाज डब करनी है। मैंने बिना यह पूछे कि क्यों, कैसे या कितने पैसे मिलेंगे, तुरंत हां कर दी। मैंने सोचा कि बुलाया है, तो जरूर कोई वजह होगी। मैंने डबिंग की और बाद में जब फिल्म रिलीज हुई, तो मैंने देखा कि फाइनल डबिंग काफी हद तक वैसी ही थी जैसी मैंने की थी। तब लगा कि शायद मेरी डबिंग को रेफरेंस की तरह इस्तेमाल किया गया होगा। ऐसे अनुभव बहुत कुछ सिखाते हैं। खासकर अगर आप इंडस्ट्री में बाहर से आए हैं, तो आपको समझ आ जाता है कि यहां मौके खुद आपके पास नहीं आते, आपको खुद उन्हें बनाना पड़ता है। सवाल: धुरंधर 2 में ऐसी कौन-सी चीज थी, जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब: धुरंधर 2 देखकर मुझे बहुत समय बाद ऐसा लगा कि इतनी लंबी, करीब साढ़े तीन घंटे की फिल्म को मैं दोबारा देखना चाहूंगा। खासकर रणवीर सिंह का गांव वाला शुरुआती सीक्वेंस आपको पूरी तरह बांध लेता है। फिल्म में वो सारी चीजें हैं, जो अच्छे सिनेमा को यादगार बनाती हैं। सवाल: ‘एनिमल’ और ‘धुरंधर’ जैसे मेकर्स के साथ काम करने की इच्छा है? जवाब: बिल्कुल। संदीप रेड्डी वांगा, विशाल भारद्वाज, आदित्य धर जैसे मेकर्स के साथ काम करने का बहुत मन है। मुझे लगता है कि मेरे अंदर अभी बहुत कुछ एक्सप्लोर होना बाकी है। सही डायरेक्टर और सही कहानी आपकी एनर्जी को सही दिशा देते हैं। सवाल: ‘धुरंधर’ में कोई ऐसा किरदार लगा, जिसे आप करना चाहते? जवाब: नहीं, मतलब यह तो मैं नहीं कह सकता कि मैं अलग फ्लेवर डाल सकता था। मुझे धुरंधर के पार्ट वन में रहमान डकैत एक ऐसा कैरेक्टर था, जिसको देख कर लगा कि मतलब बखूबी उन्होंने निभाया है। अक्षय खन्ना ने बहुत अच्छे से किया है। उनको देख कर आपको लगता है कि अरे, यह आप करते तो इसमें दो-चार चीजें आप और एड कर सकते थे। रणवीर सिंह ने तो कमाल किया है। सबसे बड़ी बात ये है कि वो बहुत सिक्योर एक्टर हैं। वो कहानी और बाकी किरदारों के साथ पूरी तरह घुल-मिल जाते हैं। सवाल: क्या आज इंडस्ट्री में टैलेंट से ज्यादा पीआर और सोशल मीडिया को अहमियत मिलती है? जवाब: देखिए, मैं ये नहीं कहूंगा कि इंडस्ट्री पूरी तरह ऐसी है, लेकिन हां, आज एक गैप जरूर आ गया है। एक तरफ आपका टैलेंट, क्राफ्ट और काम है और दूसरी तरफ ये बात कही जाती है कि आपकी पीआर बहुत स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए, आपको खुद को मार्केट करना आना चाहिए। मेरा मानना है कि एक्टर या किसी भी क्रिएटिव इंसान का असली काम अपना काम ईमानदारी और मेहनत से करना है। अगर आपने तमाम मुश्किलों के बावजूद अच्छा काम किया है, तो वही सिलसिला आगे बढ़ना चाहिए। आपकी पहचान आपके टैलेंट, क्रेडिबिलिटी और क्राफ्ट के आधार पर बननी चाहिए।
फिल्म ‘सितंबर 21’ सिर्फ अल्जाइमर पर बनी कहानी नहीं, बल्कि उन केयरगिवर्स की भावनात्मक यात्रा है जो अपनों की देखभाल करते-करते अंदर से टूटने लगते हैं। डायरेक्टर करेन क्षिति सुवर्णा और को-प्रोड्यूसर प्रीति अली ने इस संवेदनशील विषय को असली जिंदगी के अनुभवों से जोड़कर पर्दे पर उतारा है। दैनिक भास्कर से बातचीत में प्रवीण एस. सिसोदिया, प्रियंका उपेंद्र और अमित बहल ने बताया कि फिल्म मरीजों के साथ उनके परिवार के दर्द को भी सामने लाती है। इंटरव्यू में ‘धुरंधर’ की कास्टिंग और ‘मुगल-ए-आजम’ जैसे क्लासिक सिनेमा पर भी चर्चा हुई। सवाल: पहली ही फिल्म में अल्जाइमर जैसा संवेदनशील विषय… आखिर इस कहानी ने आपको इतना अंदर तक कैसे छू लिया? जवाब/करेन क्षिति सुवर्णा: जब मैं अपनी पहली फीचर फिल्म बनाना चाहती थी, तब मैंने तय किया था कि सिर्फ मनोरंजन के लिए फिल्म नहीं बनाऊंगी। मैं ऐसी कहानी कहना चाहती थी जो समाज को कुछ दे। हमारे लेखक राज शेखर की यह उनकी असली जिंदगी की कहानी है। वह अपने भाई के केयरगिवर थे, जिन्हें अल्जाइमर था। हमारे प्रोड्यूसर्स की मां भी इस बीमारी से जूझ चुकी थीं। जब मैं अल्जाइमर केयर सेंटर गई, तब मुझे एहसास हुआ कि लोग मरीजों की बात तो करते हैं, लेकिन केयरगिवर्स की तकलीफ कोई नहीं समझता। वहीं से यह फिल्म शुरू हुई। सवाल: यानी यह सिर्फ मरीज की नहीं, उन लोगों की भी कहानी है जो चुपचाप टूटते रहते हैं? जवाब/करेन क्षिति सुवर्णा: बिल्कुल। अल्जाइमर का अभी तक कोई इलाज नहीं है। सिर्फ देखभाल की जा सकती है। लेकिन किसी ने यह नहीं दिखाया कि केयरगिवर्स पर क्या बीतती है। वे मानसिक और भावनात्मक रूप से टूट जाते हैं। हमारी फिल्म उसी दर्द और संघर्ष को दिखाती है। सवाल: प्रवीण, जब आपने पहली बार कहानी सुनी तो क्या तुरंत लगा कि यह फिल्म करनी ही है? जवाब/प्रवीण एस. सिसोदिया: हां। ऐसी फिल्में हर बार नहीं मिलतीं। एक कलाकार हमेशा कुछ नया करना चाहता है। जब करेन क्षिति ने कहानी सुनाई, तो मुझे लगा कि यह सिर्फ एक्टिंग नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। मैंने तुरंत हां कह दी। सवाल: प्रियंका, एक केयरगिवर का दर्द निभाना कितना मुश्किल था? जवाब/प्रियंका उपेंद्र: बहुत मुश्किल था। क्योंकि सिर्फ लुक बदलना काफी नहीं था। मुझे उसकी भावनाएं समझनी थीं। अल्जाइमर के बारे में सुनना अलग बात है, लेकिन यह सोचना कि उस इंसान और उसके family पर क्या गुजरती होगी… वह बहुत भारी था। मेरे किरदार के अंदर बहुत दर्द था, लेकिन बाहर से उसे मजबूत दिखना था। यही सबसे बड़ी चुनौती थी। सवाल: फिल्म का नाम ‘सितंबर 21’ क्यों रखा गया? क्या इसका कनेक्शन कोविड से भी है? जवाब/प्रीति अली: हां, कोविड का दौर फिल्म का हिस्सा है। लेकिन ‘सितंबर 21’ सिर्फ एक तारीख नहीं है, यह कहानी की भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ हिस्सा है। मैं अभी ज्यादा नहीं बताऊंगी, क्योंकि दर्शकों को यह फिल्म में महसूस करना चाहिए। सवाल: अमित, आपको इस फिल्म की कहानी ने निजी तौर पर छुआ? जवाब/अमित बहल: बहुत ज्यादा। मेरे पिता मेरे शिक्षक थे और मैंने करीब ढाई साल तक उनकी देखभाल की थी।जब मैंने फिल्म देखी, तो मुझे एहसास हुआ कि यह सिर्फ मरीज की कहानी नहीं है, बल्कि उन लोगों की भी कहानी है जो उनके साथ जीते हैं। फिल्म यह भी दिखाती है कि हर केयरगिवर एक जैसा नहीं होता। हर इंसान की अपनी सीमाएं और संघर्ष होते हैं। सवाल: फिल्म में अल्जाइमर के मेडिकल पहलुओं पर भी काफी रिसर्च की गई है। यह कितना जरूरी था? जवाब/अमित बहल: बहुत जरूरी था। लोग अक्सर अल्जाइमर को सिर्फ बुढ़ापे में भूलने की आदत समझ लेते हैं। लेकिन यह एक गंभीर बीमारी है। फिल्म में दिखाया गया है कि यह बीमारी किस तरह बढ़ती है और मरीज के व्यवहार में क्या बदलाव आते हैं। यह सिर्फ इमोशनल फिल्म नहीं, बल्कि काफी शैक्षिक भी है। सवाल: फिल्म हिंदी और कन्नड़ दोनों भाषाओं में बनी है। पहली ही फिल्म में यह रिस्क लेना कितना मुश्किल था? जवाब/प्रीति अली: बहुत मुश्किल था। लेकिन जब हमने फिल्म को सपोर्ट करने का फैसला किया, तभी तय कर लिया था कि इसे दोनों भाषाओं में बनाएंगे। पूरी टीम ने इसे बहुत मेहनत से संभाला। सवाल: हाल ही में ‘धुरंधर’ की काफी चर्चा रही। उसकी सफलता और कास्टिंग को आप कैसे देखते हैं? जवाब/अमित बहल: ‘धुरंधर’ सच में कमाल की फिल्म है। उसकी सफलता पूरी तरह डिजर्व करती है। और सच कहूं तो थोड़ी-सी ईर्ष्या भी होती है, लेकिन वह बहुत स्वाभाविक है। उसकी कास्टिंग इतनी परफेक्ट थी कि कई किरदारों को पहचानना मुश्किल हो गया था। हर कलाकार अपने रोल में पूरी तरह फिट था। सवाल: प्रवीण, आपको ‘धुरंधर’ में कोई ऐसा किरदार लगा जिसे आप निभाना चाहते? जवाब/ प्रवीण एस. सिसोदिया: देखिए, अभिनेता के मन में हमेशा आता है कि “यह रोल मैं भी कर सकता था।” लेकिन सच यह है कि उस फिल्म की कास्टिंग शानदार थी। हर कलाकार बिल्कुल सही जगह पर था। मुझे तो ऐसा लगा जैसे पुरानी क्लासिक फिल्मों की तरह हर किरदार अपनी जगह पर पूरी ईमानदारी से खड़ा है। जैसे लोग ‘मुगल-ए-आजम’ के किरदारों को आज तक याद रखते हैं, वैसे ही जब कोई फिल्म सही कास्टिंग और सच्चे अभिनय के साथ बनती है, तो उसका असर लंबे समय तक रहता है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस गुल पनाग ने सोशल मीडिया पर यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक पोस्ट की आलोचना की है। ध्रुव राठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक पोस्ट लिखा था, जिसमें उन्होंने पीएम को विदेशी धरती पर शर्मिंदा करने की बात कही थी। इस पर जवाब देते हुए गुल पनाग ने कहा कि सरकार से असहमत होना और विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन विदेश में देश के प्रधानमंत्री और उनके पद का मजाक बनाना ठीक नहीं है। एक्ट्रेस के मुताबिक, ऐसा करने से देश की संस्थाएं और खुद भारतीय कमजोर होते हैं। ध्रुव राठी ने लिखा- मोदी को शर्मिंदा करें यूट्यूबर ध्रुव राठी ने 19 मई को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 12 साल में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। ध्रुव राठी ने आगे लिखा कि वे दूसरे देशों के विदेशी पत्रकारों से भी कहेंगे कि वे पीएम मोदी से जहां भी मिलें, उनसे सवाल जरूर पूछें। उन्हें लोगों के सामने जवाब देने के लिए मजबूर करें। ध्रुव राठी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी। पत्रकार के वीडियो के बाद शुरू हुआ विवादयह पूरा विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के बाद शुरू हुआ। ओस्लो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग ने प्रधानमंत्री से भारत में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की थी। इस दौरान पीएम मोदी बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था, जिसके बाद ध्रुव राठी ने पत्रकार के समर्थन में यह पोस्ट लिखा था। विरोध करना अलग, लेकिन यह तरीका सही नहींध्रुव राठी के इस पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए गुल पनाग ने लिखा कि आप किसी प्रधानमंत्री को नापसंद कर सकते हैं, सरकार से असहमत हो सकते हैं, डिबेट कर सकते हैं और अलग तरह से वोट कर सकते हैं। यही लोकतंत्र है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के ऑफिस और विदेश में वे जिसे रिप्रेजेंट करते हैं, उसका विदेशी धरती पर मजाक बनाना सही नहीं है। यह विरोध का सही तरीका नहीं है, बल्कि इससे हमारा ही नुकसान होता है। राजनीति में भी सक्रिय रह चुकी हैं एक्ट्रेसगुल पनाग एक्टिंग के साथ-साथ राजनीति और सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रही हैं। साल 2014 के आम चुनाव में उन्होंने चंडीगढ़ लोकसभा सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां वे तीसरे स्थान पर रही थीं। बाद में उन्होंने खुद को राजनीतिक गतिविधियों से अलग कर लिया और जून 2021 में आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वे एक एनजीओ भी चलाती हैं जो शिक्षा और लैंगिक समानता के लिए काम करता है।
एक्ट्रेस, वीजे और सिंगर अनुषा दांडेकर ने हाल ही में अपनी उस पोस्ट पर सफाई दी है, जो उन्होंने एक्स बॉयफ्रेंड करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की सगाई की खबरों के बीच की थी। उन्होंने साफ किया है कि उनकी क्रिप्टिक पोस्ट का करण-तेजस्वी की सगाई से कोई लेना-देना नहीं था। अनुषा दांडेकर ने आधिकारिक सोशल मीडिया से इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है, “हे भगवान, साफ है कि आपको कुछ पता ही नहीं है, खासकर आर्टिकल्स के बारे में। जब मैं किसी खास चीज के बारे में बात करती हूं, तो मैं साफ कहती हूं। अगर मैं अपनी वजहों से भगवान का शुक्रिया अदा कर रही हूं, तो भी आप उसे उसी बात से जोड़ देते हैं और फिर अपनी ही धारणाओं के आधार पर मुझ पर सवाल उठाते हैं। आगे अनुशा ने लिखा है, कमाल है। और जितने भी प्यारे डीएम आए, मैंने सब देखे और मैं सहमत हूं। अब सब लोग मान सकते हैं कि आपने मुझे क्या लिखा था। लव यू ऑल।” अनुषा ने किस पोस्ट पर दी सफाई दरअसल, एक समय में अनुषा दांडेकर और करण कुंद्रा रिलेशनशिप में थे। दोनों ने एमटीवी लव स्कूल भी साथ होस्ट किया था, हालांकि कुछ समय बाद दोनों अलग हो गए। इस दौरान खबरें रहीं कि करण कुंद्रा, अनुषा से कमिटेड नहीं थे। इसके बाद बिग बॉस 15 में करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश की नजदीकियां बढ़ीं और दोनों रिलेशनशिप में आ गए। दोनों पिछले 5 सालों से रिलेशनशिप में हैं। हाल ही में करण कुंद्रा और तेजस्वी की कुछ तस्वीरें वायरल हुई हैं, जिसमें करण, तेजस्वी को शादी के लिए प्रपोज करते दिखे हैं। तस्वीरें वायरल होने के बीच ही अनुषा ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर कर लिखा, ‘भगवान का शुक्र है। iykyk (अगर आप जानते हैं, तो जान जाएंगे)।’ अनुषा की इस पोस्ट को करण-तेजस्वी की सगाई से जोड़कर देखा जाने लगा। एक वजह ये भी रही कि करण से ब्रेकअप के बाद अनुषा ने उनके खिलाफ कई बयान दिए थे।
एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट का हाल ही में एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में कंगना मांग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र और हाथों में हरी चूड़ियां पहने नजर आ रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद फैंस के बीच कंगना के गुपचुप शादी करने की अफवाहें चल रही हैं। हालांकि, यह उनके किसी असल शादी का लुक नहीं है। अब कंगना ने खुद इस अफवाह पर सफाई दी है। कंगना का यह पारंपरिक लुक उनकी आने वाली फिल्म 'क्वीन 2' की शूटिंग का हिस्सा है, जिसकी शूटिंग शुरू हो चुकी है। कंगना ने कहा है की वे गुपचुप शादी नहीं करेंगी। कंगना बोलीं- मुझे बहुत सारे फोन कॉल्स आ रहे कंगना ने इन अफवाहों पर स्पष्टीकरण देते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा मैं हर दिन शहर में और उसके आसपास शूटिंग कर रही हूं, किसी ने कैरेक्टर मेकअप के साथ यह रैंडम तस्वीर क्लिक कर ली और अब मुझे इतने सारे फोन कॉल्स आ रहे हैं , लेकिन शादीशुदा महिला के लुक में ऐसी क्या बड़ी बात है? एक्टर्स हर तरह के रोल निभाते हैं, मैं गुपचुप शादी नहीं करूंगी, मैं वादा करती हूं सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कई इंस्टाग्राम पेजेस ने कंगना रनोट का यह वीडियो शेयर किया था। इसमें कंगना पिंक कलर के पारंपरिक सूट में एक शादीशुदा महिला के रूप में दिखाई दे रही हैं। वीडियो के साथ कोई कैप्शन या जानकारी नहीं दी गई थी। इसके बाद इंस्टाग्राम और एक्स पर यूजर्स ने कमेंट करना शुरू कर दिया कि कंगना ने गुपचुप शादी कर ली है। कंगना या उनकी टीम की तरफ से तुरंत कोई सफाई नहीं आने से यह चर्चा इंटरनेट पर और बढ़ गई। डायरेक्टर विकास बहल ने की 'क्वीन 2' की पुष्टिफिल्म 'क्वीन' के डायरेक्टर विकास बहल ने भी इसके सीक्वल पर काम चलने की बात कही है। हाल ही दिए इंटरव्यू में विकास बहल ने बताया था कि हम पिछले कुछ समय से 'क्वीन 2' पर काम कर रहे थे और अब हमारे पास एक ठोस कहानी तैयार है। इस फिल्म की शूटिंग अब शुरू हो चुकी है, जिसके सेट से कंगना का यह लुक सामने आया है। कुछ जगहों पर फिल्म का नाम 'क्वीन फॉरएवर' भी बताया जा रहा है। बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रही थी क्वीनसाल 2014 में रिलीज हुई फिल्म 'क्वीन' बॉक्स ऑफिस पर कामयाब रही थी। विकास बहल के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में कंगना रनोट ने 'रानी मेहरा' का किरदार निभाया था। फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की की थी, जिसकी शादी टूट जाती है और वह अकेले ही पेरिस और एम्स्टर्डम में अपने हनीमून पर चली जाती है। इस फिल्म में राजकुमार राव और लीजा हेडन ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं। इस फिल्म के लिए कंगना को काफी तारीफ मिली थी। --------------------- ये खबर भी पढ़ें भोपाल सुसाइड केस के बाद कंगना रनोट की सलाह:बोलीं- लड़कियां शादी से पहले करियर को जरूरी समझें, पहले आत्मनिर्भर बनें एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने देश में सामने आ रहे दहेज उत्पीड़न और सुसाइड के मामलों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भोपाल में एक 33 साल की महिला की संदिग्ध मौत के बाद कंगना ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के लिए एक लंबा पोस्ट लिखा। कंगना ने युवा महिलाओं को सलाह दी है कि वे शादी से पहले अपने करियर और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दें। पूरी खबर पढ़ें
रणबीर कपूर और साई पल्लवी की मल्टीस्टारर फिल्म रामायण कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने की कगार में है। फिल्म पहले ही 700 करोड़ रुपए की ओटीटी डील ठुकरा चुकी है, जिसके बाद अब रिपोर्ट्स हैं कि इस पैन इंडिया फिल्म के सिर्फ हिंदी डिस्ट्रीब्यूशन के राइट्स की डील 450 करोड़ में की जा रही है। वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि अनिल थडाणी और जयंतीलाल गडा जैसे कुछ डिस्ट्रीब्यूटर्स का मानना है कि 450 करोड़ एक फिल्म के सिर्फ हिंदी डिस्ट्रीब्यूशन के लेना एक बड़ी कीमत है। उन्होंने निर्माताओं को इसमें कटौती करने पर विचार करने की सलाह दी है। हालांकि फिल्म के मेकर्स को फिल्म की सक्सेस पर पूरा भरासो है और वो इस रकम पर अड़े हुए हैं। फिलहाल मेकर्स की करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन, AA फिल्म्स और पेन स्टूडियो से प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा की इस डील पर बात चल रही है। ट्रेड एक्सपर्स्ट्स के अनुसार, फिल्म रामायण सिर्फ भारत में 1000 से 1500 करोड़ तक का कलेक्शन कर इतिहास रच सकती है। वहीं वर्ल्डवाइड इसके 2500 करोड़ तक कमाई करने के अनुमान हैं। फिल्म को बड़े स्केल में तैयार किया गया है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें- देखिए फिल्म रामायण की खास झलक-
रेटिंग: 3/5 स्टारअवधि: 2 घंटे 26 मिनट कास्ट- अनन्या पांडे, लक्ष्य ललवानी डायरेक्टर- विवेक सोनी बॉलीवुड में प्रेम कहानियां हमेशा से बनती रही हैं, लेकिन ज्यादातर फिल्मों में प्यार का सफर वहीं खत्म हो जाता है जहां हीरो-हीरोइन एक हो जाते हैं। शादी के बाद क्या होता है, जिम्मेदारियां रिश्ते को कैसे बदल देती हैं और प्यार कब थकने लगता है, इन सवालों से हिंदी सिनेमा अक्सर बचता रहा है। ‘चांद मेरा दिल’ इसी मुश्किल हिस्से को पकड़ने की कोशिश करती है।डायरेक्टर विवेक सोनी की यह फिल्म प्यार को सिर्फ खूबसूरत एहसास की तरह नहीं दिखाती, बल्कि उसके साथ आने वाली उलझनों, गुस्से, टूटन और दोबारा जुड़ने की कोशिशों को भी सामने लाती है। फिल्म कई जगह आपको अपने आसपास के रिश्तों की याद दिलाती है। हालांकि इसकी रफ्तार कुछ हिस्सों में धीमी पड़ती है, लेकिन इमोशनल पकड़ बनी रहती है। कहानी: कॉलेज के प्यार से शादी तक और फिर रिश्ते की असली परीक्षाहैदराबाद के बैकड्रॉप में बनी यह कहानी इंजीनियरिंग स्टूडेंट चांदनी (अनन्या पांडे) और आरव (लक्ष्य) के इर्द-गिर्द घूमती है। आरव पहली नजर में चांदनी पर दिल हार बैठता है। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदलती है और दोनों एक-दूसरे की दुनिया बन जाते हैं।कॉलेज रोमांस, लंबी बाइक राइड्स, देर रात की बातें और भविष्य के सपनों के बीच दोनों शादी का फैसला कर लेते हैं। लेकिन असली कहानी शादी के बाद शुरू होती है। करियर का दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां, परिवार का हस्तक्षेप और रिश्ते में बढ़ती गलतफहमियां दोनों को बदलने लगती हैं।एक ऐसा पल आता है जब आरव का गुस्सा रिश्ते में ऐसी दरार पैदा कर देता है, जहां प्यार से ज्यादा आत्मसम्मान बड़ा सवाल बन जाता है। रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। क्या दोनों अपने रिश्ते को दूसरा मौका देंगे या प्यार जिम्मेदारियों के बोझ तले दब जाएगा, यही फिल्म का मूल संघर्ष है।एक्टिंग: अनन्या पांडे ने किया सरप्राइज, लक्ष्य ने दिखाया नया रंगअगर इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत किसी चीज को कहा जाए, तो वह इसकी एक्टिंग है। अनन्या पांडे ने अपने करियर की अब तक की सबसे संतुलित परफॉर्मेंस दी है। उन्होंने चांदनी के किरदार को सिर्फ एक रोमांटिक लड़की बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि उसकी उलझन, दर्द, असुरक्षा और मजबूती को अच्छे से दिखाया है। कई इमोशनल सीन्स में वह काफी प्रभाव छोड़ती हैं। वहीं लक्ष्य इस फिल्म का बड़ा सरप्राइज हैं। ‘किल’ जैसी एक्शन फिल्म के बाद यहां उनका बेहद संवेदनशील और टूटा हुआ रूप देखने को मिलता है। गुस्से, पछतावे और प्यार के बीच फंसे एक लड़के की बेचैनी उन्होंने अच्छे ढंग से निभाई है। कई जगह उनकी बॉडी लैंग्वेज और इमोशनल सीन आपको बांधे रखते हैं।दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर सामने आती है। कम स्क्रीन टाइम में परेश पाहुजा भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं।डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष: रिश्तों की बारीकियों को समझती फिल्मडायरेक्टर विवेक सोनी ने कहानी को जरूरत से ज्यादा फिल्मी बनाने की बजाय उसे जमीन से जोड़े रखने की कोशिश की है। अच्छी बात यह है कि यहां गुस्से को हीरोइज्म की तरह नहीं दिखाया गया। रिश्तों में छोटी गलतियां किस तरह बड़ी दूरी में बदल जाती हैं, फिल्म इसे संवेदनशील तरीके से दिखाती है।कैमरा वर्क खासकर इमोशनल सीक्वेंस में अच्छा लगता है। कुछ सीन की फ्रेमिंग और लाइटिंग कहानी की बेचैनी को और असरदार बनाती है। एडिटिंग पहले हाफ में अच्छी है, लेकिन दूसरे हिस्से में फिल्म थोड़ी लंबी महसूस होने लगती है।फिल्म की कमियां: दूसरे हाफ में ढीली पड़ती रफ्तारफिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा इसकी लंबाई है। 2 घंटे 26 मिनट का रनटाइम कुछ जगह भारी महसूस होता है। सेकेंड हाफ में कुछ सीन जरूरत से ज्यादा खिंचे लगते हैं और कहानी थोड़ी दोहराव वाली महसूस होती है। हालांकि ये बातें फिल्म के इमोशनल असर को पूरी तरह कमजोर नहीं करतीं। म्यूजिकः फिल्म का टाइटल ट्रैक असरदारसचिन-जिगर का संगीत फिल्म की जान है। गाने कहानी पर बोझ नहीं लगते, बल्कि उसे आगे बढ़ाने का काम करते हैं। टाइटल ट्रैक लंबे समय तक याद रहता है। बैकग्राउंड स्कोर कई इमोशनल पलों को और मजबूत बनाता है और रिश्ते की बेचैनी को महसूस कराता है।फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं?‘चांद मेरा दिल’ ऐसी प्रेम कहानी है जो सिर्फ प्यार में पड़ने की नहीं, प्यार को बचाने की जद्दोजहद दिखाती है। फिल्म पूरी तरह परफेक्ट नहीं है और दूसरे हाफ में थोड़ा खिंचती भी है, लेकिन इसकी ईमानदार कहानी, मजबूत एक्टिंग और रिश्तों की सच्चाई इसे देखने लायक बनाती है। अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो प्यार की चमक के साथ उसकी थकान भी दिखाएं, तो यह फिल्म एक बार जरूर देखी जा सकती है।
राज बब्बर के बेटे आर्य बब्बर ने हाल ही में पिता और स्मिता पाटिल के अफेयर पर बात की है। उनका कहना है कि दोनों के अफेयर से उन्हें काफी दिक्कत हुई थी। वहीं आर्य बब्बर का ये भी कहना है कि वो स्मिता पाटिल को स्मिता मां कहते हैं, लेकिन प्रतीक बब्बर अपने पिता को ही पिता नहीं मानते। उन्होंने ये भी कहा कि उनके और प्रतीक के बीच सुलह नहीं हो सकती। राज बब्बर ने नादिरा जहीर से शादी की थी, जिससे उन्हें दो बच्चे आर्य बब्बर और जूही हुए। आर्य महज 3 साल के थे, जब राज बब्बर ने स्मिता पाटिल से शादी कर पहली पत्नी और बच्चों को छोड़ दिया। हालांकि 3 साल में जब स्मिता ने बेटे प्रतीक को जन्म दिया, तो डिलीवरी कॉम्प्लिकेशन से उनका निधन हो गया। इसके बाद राज बब्बर, पहली पत्नी के साथ रहने लगे। इन सभी चीजों से पारिवारिक रिश्तों में तनाव रहा। हाल ही में प्रतीक बब्बर ने शादी में पिता को नहीं बुलाया और फिर अपने नाम से पिता का सरनेम हटाकर मां स्मिता का नाम जोड़ लिया। तब भी ये रिश्ते विवादों में रहे। अब हाल ही में विक्की ललवानी को दिए इंटरव्यू में आर्य बब्बर ने स्मिता-राज के रिश्ते पर कहा, मैं आज 44 साल का हूं, ये तब हुआ जब मैं 4-5 साल का था। मेरे पिता ने जिंदगी में बहुत कुछ किया उसके बाद। लेकिन सबसे जरूरी चीज जो हम सबकी रह गई है वो ये कि हमारे पापा का एक अफेयर हुआ था। एक रिश्ते को उन्होंने इज्जत दी, साथ दिया था। वो हम सबकी जिंदगी का इशू बन गया। जो शायद नहीं होना चाहिए, क्योंकि हम सब आगे बढ़ गए हैं। आगे जब पूछा गया कि क्या इससे पिता से रिश्ते बिगड़ गए, तो आर्य कहते हैं, किस बच्चे को अच्छा लगेगा कि उसके पापा का बाहर अफेयर हो। अगर आपको पता चलता कि आपके पापा का अफेयर है, आपको अच्छा लगता। हर कोई मूव ऑन कर गया। पापा ने मूव ऑन कर लिया, उनका दूसरा अफेयर भी हो गया। आर्य ने बातचीत में ये भी बताया कि स्मिता पाटिल के लिए राज बब्बर ने घर खरीदा था और वो परिवार को छोड़कर उनके साथ जाकर रहने लगे थे। उस घर में फिलहाल प्रतीक बब्बर अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। आगे आर्य ने कहा, मैं स्मिता मां को प्यार और इज्जत देता हूं, क्योंकि उन्हें वो प्यार और इज्जत मेरे पिता ने दी। हमारी मां ने हमें समझाया है कि चाहे कुछ भी हो, प्रतीक के साथ हमारा स्वाभाव गलत नहीं होना चाहिए। हमारी मां ने हमें सिखाया, पिता ने नहीं। यही वजह है कि हम उसके साथ अच्छे से रहते हैं। जब मैंने देखा कि प्रतीक मेरी मां को मां कह रहा है, तो मैं भी स्मिता को स्मिता मां कहने लगा। आखिर में आर्य ने कहा, जिस स्मिता मां के लिए पापा ने हमें छोड़ा, आज उन्हीं का बच्चा पापा को पापा नहीं मान रहा है। उन्होंने ये भी साफ किया कि अब उनके प्रतीक से रिश्ते कभी सुधर नहीं सकेंगे।
बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय हर साल की तरह इस साल भी कांस फिल्म फेस्टिवल का हिस्सा बन रही हैं। वो हर साल लोरियल की तरफ से पहुंचती थीं, लेकिन ओपनिंग सेरेमनी में आलिया के आने से हर किसी का मानना था कि ऐश्वर्या इस साल कांस से नदारद रहेंगी। हालांकि ऐश्वर्या कांस के लिए रवाना हो चुकी हैं। कांस फिल्म फेस्टिवल 12 मई से शुरू हुआ है, जो 23 मई को खत्म होगा। मुंबई एयरपोर्ट से ऐश्वर्या राय का वीडियो सामने आया है। वो बेटी के साथ कांस के लिए निकलीं। उन्होंने ऑल ब्लैक आउटफिट पहना हुआ था। वहीं आराध्या ने भी मां से ट्विनिंग की थी। एयरपोर्ट में ऐश्वर्या एंटर कर ही रही थीं, जब एक यंग फैन ने उन्हें फोटो के लिए रोक लिया। वो लड़का पीछे की तरफ देख रहा था, तो ऐश्वर्या ने खुद उसे आगे देखने के लिए कहा, लेकिन इसके बाद उल्टा फैन ने ही ऐश्वर्या को टोककर कहा कि उसका कैमरा पीछे ही है। इसके बाद ऐश्वर्या राय ने पीछे की तरफ ही पोज कर फैन के साथ तस्वीर क्लिक करवाई। इस दौरान एक्ट्रेस की सिक्योरिटी टीम उस लड़के को पीछे करती दिखी। बीते साल चर्चा में रहा कांस से ऐश्वर्या का लुक ऐश्वर्या राय ने साल 2002 में कांस में डेब्यू किया था। इसके बाद से ही वो लगातार कांस में मौजूद रहती हैं। बीते साल ऐश्वर्या ने मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन की गई सफेद-गोल्डन साड़ी पहनी थी। रेड डायमंड जूलरी और सिंदूर के साथ ऐश्वर्या बेहद खूबसूरत दिखीं। उनका ट्रेडिशनल लुक काफी चर्चा में रहा था। कांस के दूसरे लुक में ऐश्वर्या राय ने गौरव गुप्ता के कलेक्शन की ब्लैक सिक्वल गाउन के साथ ट्रेल कैरी की थी। खुले बालों और मिनिमल जूलरी में एक्ट्रेस बेहद ग्लैमरस लगी थीं। कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय के ये लुक भी देखिए- कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। आलिया भट्ट का कांस लुक भी चर्चा में रहा तीसरे लुक में आलिया डिजाइनर तरुण तहिलियानी की आइवरी साड़ी में दिखाई दीं। वे फ्रेंच रिवेरा में भारत पैवेलियन पहुंचीं, जहां उन्होंने फिल्म मेकर आशुतोष गोवारिकर के साथ 57वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) का पोस्टर और क्रिएटिव विजन लॉन्च किया।
साउथ सुपरस्टार राम चरण, RRR, मगधीरा, रंगस्थल जैसी बेहतरीन फिल्मों के बाद अब जल्द ही फिल्म पेद्दी ला रहे हैं। ये फिल्म 4 जून को रिलीज होने वाली है, जिसका ट्रेलर भी जारी किया जा चुका है। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने रैपिड फायर के कई बेहतरीन सवालों का मजेदार जवाब दिया है। ऊपर दिए गए वीडियो में क्लिक कर देखिए राम चरण के रैपिड फायर राउंड के जवाब। …………………………………….. राम चरण के भास्कर को दिए गए ये एक्सक्लूवि इंटरव्यू भी पढ़िए- राम चरण बोले- पेद्दी के लिए आमिर-सलमान से कॉन्फिडेंस मिला:डायरेक्टर मना करते हैं, लेकिन अपने स्टंट खुद करता हूं; सेट पर लगीं कई चोटें, पार्ट-1 सवाल- आपका डेडिकेशन दिख रहा है, हाथ पर चोटें भी हैं? राम चरण- बहुत सारे गिफ्ट्स (चोटें) मिले हैं मुझे इस डेडिकेशन के लिए। (हंसते हुए) जब पहली बार ये सुना था, तब मुझे मालूम हुआ। इससे पहले सलमान खान और आमिर खान की फिल्म भी चली थीं दंगल और सुल्तान। हम बहुत कॉन्फिडेंट थे कि इस तरह की फिल्में चलती हैं। उनका शुक्रिया। जहां तक कुश्ती का सवाल है… पूरी खबर पढ़िए……………………………….. भास्कर इंटरव्यू राम चरण बोले- कभी राजनीति में नहीं आऊंगा: दो नांव पर सवार होना मुश्किल, सबसे बड़ा एंटरटेनर बनना है; हनुमान भक्त हैं, कहा- मेरा नाम ही हनुमान, पार्ट–2 सवाल- हनुमान जी के भक्त हैं, आप? राम चरण- मेरे नाम ही हनुमान है, हनुमान मेरे लिए भाई, दोस्त, फादर, मेरे लिए सब कुछ हैं।सवाल- पिता की लीगेसी आगे बढ़ाने के लिए प्रेशर फील करते हैं? राम चरण- फ्रैंकली कभी नहीं। हम लोग एंटरटेनमेंट फैमिली में पैदा हुए हैं। तो हमारे लिए ये कोई नई चीज नहीं थी। हम सिर्फ अच्छे काम के लिए तड़पते हैं, स्टारडम हमें.. पूरी खबर पढ़िए…

