रणबीर कपूर ने इलॉन मस्क की टेस्ला रोडस्टर कार की तुलना रामायण के पुष्पक विमान से की। उन्होंने कहा कि भारत ने 5 हजार साल पहले ही उड़ने वाली गाड़ी बना ली थी। रणबीर ने यह बात फिल्म ‘रामायण’ की 5 नवंबर को होने वाली रिलीज से पहले एक बातचीत में कही। उन्होंने कहा, “मुझे यह भी कहना है कि इलॉन मस्क ने हाल ही में उड़ने वाली गाड़ी बनाई है। भारत ने यह काम 5 हजार साल पहले ही कर लिया था।” बता दें कि मस्क की कंपनी टेस्ला ने 15 अक्टूबर को थ्रस्टर वाली नई स्पोर्ट्स कार पेश की थी। टेस्ला ने रोडस्टर का प्रोडक्शन 2028 में शुरू करने का लक्ष्य बताया है। इसके डेमो में रॉकेट जैसे थ्रस्टर दिखाए गए थे। कंपनी ने केवल निमंत्रण पर दिखाए जाने वाले “रॉकेट” वेरिएंट के बारे में भी बताया। इसमें पूरा फ्लाइट सिस्टम होने की बात कही गई है। ‘रामायण’ के अब तक 4.98 लाख टिकट बिके फिल्म ‘रामायण’ के पहले दिन के लिए अब तक 4.98 लाख टिकट बिक चुके हैं। ब्लॉक की गई सीटों को हटा दें, तो 4.09 लाख टिकटों की बिक्री हुई है। सैकनिल्क के मुताबिक, ये टिकट 12,631 शो के लिए बिके हैं। फिलहाल फिल्म की ऑक्यूपेंसी 18% है। ब्लॉक की गई सीटों को हटाने पर यह आंकड़ा 14% रह जाता है। फिल्म की पहले दिन की एडवांस बुकिंग में दिल्ली-NCR सबसे आगे है। यहां से फिल्म को ब्लॉक की गई सीटों समेत 3.45 करोड़ रुपए की एडवांस कमाई हुई है। ब्लॉक की गई सीटों को हटाने पर यह कमाई 2.83 करोड़ रुपए है। यहां 1,425 शो के लिए 47,486 टिकट बिके हैं। बेंगलुरु दूसरे नंबर पर है। यहां से ब्लॉक की गई सीटों समेत 3.27 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। ब्लॉक की गई सीटों को हटाने पर यह आंकड़ा 2.93 करोड़ रुपए है। शहर में 55,893 टिकट बिके हैं। यहां ऑक्यूपेंसी 31% दर्ज की गई है। मुंबई तीसरे नंबर पर है। यहां से ब्लॉक की गई सीटों समेत 2.72 करोड़ रुपए की एडवांस कमाई हुई है। ब्लॉक की गई सीटों को हटाने पर कमाई 2.13 करोड़ रुपए है। मुंबई में 1,149 शो के लिए 40,407 टिकट बिके हैं। हैदराबाद से फिल्म को ब्लॉक की गई सीटों समेत 1.40 करोड़ रुपए मिले हैं। यहां ऑक्यूपेंसी 38% है। वहीं, पुणे से 1.02 करोड़ रुपए की एडवांस कमाई हुई है। कोलकाता, अहमदाबाद, जयपुर, चेन्नई और सूरत भी एडवांस बुकिंग के मामले में आगे हैं। टॉप-10 शहरों से फिल्म की पहले दिन की कुल एडवांस कमाई का 65% हिस्सा आया है। हिंदी में सबसे ज्यादा टिकट बिके फिल्म ‘रामायण’ की एडवांस बुकिंग में हिंदी सबसे आगे है। हिंदी वर्जन से ब्लॉक की गई सीटों समेत 18.20 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। यह फिल्म की पहले दिन की कुल एडवांस कमाई 22.11 करोड़ रुपए का करीब 82% है। ब्लॉक की गई सीटों को हटाने पर हिंदी वर्जन की कमाई 14.86 करोड़ रुपए है। इसके लिए 11,600 शो रखे गए हैं। कन्नड़ वर्जन दूसरे नंबर पर है। इससे ब्लॉक की गई सीटों समेत 2.67 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। यह कुल एडवांस कमाई का 12% है। ब्लॉक की गई सीटों को हटाने पर कमाई 2.40 करोड़ रुपए है। कन्नड़ के लिए 549 शो रखे गए हैं। तेलुगु वर्जन से अब तक 1.06 करोड़ रुपए की कमाई हुई है। यह कुल कमाई का 5% है। वहीं, तमिल वर्जन से 17.32 लाख रुपए मिले हैं। इसका हिस्सा करीब 1% है। विदेशों में भी ‘रामायण’ को अच्छा रिस्पॉन्स रणबीर कपूर और यश की फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ को विदेशों में भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म की इंटरनेशनल एडवांस बुकिंग से करीब 3.86 मिलियन डॉलर यानी लगभग 32.5 करोड़ रुपए की कमाई हो चुकी है। ट्रेड ट्रैकर फिल्म्स डिस्कोर्स के मुताबिक, 31 अक्टूबर तक विदेशों में फिल्म के 2.08 लाख से ज्यादा टिकट बिक चुके थे। विदेशों में एडवांस बुकिंग के मामले में अमेरिका और कनाडा सबसे आगे हैं। इन दोनों देशों से करीब 2.86 मिलियन डॉलर की कमाई हुई है। यह विदेशों से हुई कुल एडवांस बुकिंग का करीब 74% है। वहीं, ब्रिटेन और आयरलैंड से 4,16,500 डॉलर की कमाई हुई है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से 3,46,900 डॉलर मिले हैं। फिल्म की पहले दिन की एडवांस बुकिंग अभी जारी है। ऐसे में 5 नवंबर को रिलीज होने से पहले इसकी कमाई और बढ़ सकती है।
एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर शनिवार को हैलोवीन के मौके पर अपनी दिवंगत मां श्रीदेवी के आइकॉनिक लुक में नजर आईं। उन्होंने 1986 में रिलीज हुई श्रीदेवी की फिल्म ‘नगीना’ के पोस्टर वाला लुक अपनाया। जाह्नवी ने श्रीदेवी का किरदार निभाया, जबकि ओरी ने दिवंगत ऋषि कपूर का लुक अपनाया। दोनों ने फिल्म के कुछ यादगार पलों को फिर से पेश किया। जाह्नवी ने आइवरी रंग का कढ़ाई वाला आउटफिट और गुलाबी घूंघट पहना। पोस्टर और शूट डायरी की कुछ झलकियों में दोनों पुराने पलों को दोहराते दिखे। जाह्नवी ने इंस्टाग्राम हैंडल पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “हैप्पी हैलोवीन। दुनिया के सबसे आइकॉनिक फिल्मी पलों में से एक को दोहराना जरूरी था।” उन्होंने आगे लिखा, “हैलोवीन पर लोग अपने पसंदीदा किरदारों और पॉप कल्चर के पलों जैसा तैयार होते हैं। कभी यह डरावना होता है, कभी मजेदार और कभी किसी को श्रद्धांजलि देने जैसा।” एक्ट्रेस ने यह भी लिखा, “मम्मा, ऋषि अंकल और अमरीश सर से ज्यादा आइकॉनिक कौन हो सकता है? इस लुक के लिए से थोड़ी मदद ली।” जाह्नवी की बहन खुशी कपूर ने पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “तुमने हैलोवीन जीत लिया।” फिल्म ‘नगीना’ के बारे में जानिए ‘नगीना’ को हरमेश मल्होत्रा ने डायरेक्ट किया था। उन्होंने ईस्टर्न फिल्म्स के बैनर तले इस फिल्म को प्रोड्यूस भी किया था। फिल्म का स्क्रीनप्ले रवि कपूर ने लिखा था। इसकी कहानी जगमोहन कपूर ने दी थी। ‘नगीना’ में श्रीदेवी ने रजनी नाम की नागिन का किरदार निभाया था। रजनी अपने पति की मौत का बदला लेने के लिए राजीव से शादी करती है। राजीव का किरदार ऋषि कपूर ने निभाया था। फिल्म में तांत्रिक का किरदार अमरीश पुरी ने निभाया था। फिल्म की मुख्य कास्ट में कोमल महुवाकर, अमरीश पुरी, सुषमा सेठ और प्रेम चोपड़ा भी शामिल थे। ‘नगीना’ 28 नवंबर 1986 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की थी। यह 1986 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी थी। श्रीदेवी का फरवरी 2018 में दुबई में निधन हो गया था। उनकी मौत की वजह दुर्घटनावश डूबना बताई गई थी।
एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर शनिवार को हैलोवीन के मौके पर अपनी दिवंगत मां श्रीदेवी के आइकॉनिक लुक में नजर आईं। उन्होंने 1986 में रिलीज हुई श्रीदेवी की फिल्म ‘नगिना’ के पोस्टर वाला लुक अपनाया। जाह्नवी ने श्रीदेवी का किरदार निभाया, जबकि ओरी ने दिवंगत ऋषि कपूर का लुक अपनाया। दोनों ने फिल्म के कुछ यादगार पलों को फिर से पेश किया। जाह्नवी ने आइवरी रंग का कढ़ाई वाला आउटफिट और गुलाबी घूंघट पहना। पोस्टर और शूट डायरी की कुछ झलकियों में दोनों पुराने पलों को दोहराते दिखे। जाह्नवी ने इंस्टाग्राम हैंडल पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “हैप्पी हैलोवीन। दुनिया के सबसे आइकॉनिक फिल्मी पलों में से एक को दोहराना जरूरी था।” उन्होंने आगे लिखा, “हैलोवीन पर लोग अपने पसंदीदा किरदारों और पॉप कल्चर के पलों जैसा तैयार होते हैं। कभी यह डरावना होता है, कभी मजेदार और कभी किसी को श्रद्धांजलि देने जैसा।” एक्ट्रेस ने यह भी लिखा, “मम्मा, ऋषि अंकल और अमरीश सर से ज्यादा आइकॉनिक कौन हो सकता है? इस लुक के लिए से थोड़ी मदद ली।” जाह्नवी की बहन खुशी कपूर ने पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “तुमने हैलोवीन जीत लिया।” ‘नगिना’ फिल्म के बारे में जानिए ‘नगिना’ को हरमेश मल्होत्रा ने डायरेक्ट किया था। उन्होंने ईस्टर्न फिल्म्स के बैनर तले इस फिल्म को प्रोड्यूस भी किया था। फिल्म का स्क्रीनप्ले रवि कपूर ने लिखा था। इसकी कहानी जगमोहन कपूर ने दी थी। ‘नगिना’ में श्रीदेवी ने रजनी नाम की नागिन का किरदार निभाया था। रजनी अपने पति की मौत का बदला लेने के लिए राजीव से शादी करती है। राजीव का किरदार ऋषि कपूर ने निभाया था। फिल्म में तांत्रिक का किरदार अमरीश पुरी ने निभाया था। फिल्म की मुख्य कास्ट में कोमल महुवाकर, अमरीश पुरी, सुषमा सेठ और प्रेम चोपड़ा भी शामिल थे। ‘नगिना’ 28 नवंबर 1986 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की थी। यह 1986 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बनी थी। श्रीदेवी का फरवरी 2018 में दुबई में निधन हो गया था। उनकी मौत की वजह दुर्घटनावश डूबना बताई गई थी।
मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) में आज से ‘द लाइब्रेरी’ की शुरुआत हो गई है। ‘द लाइब्रेरी’ ऐसी जगह है, जहां किताबें, बेहतरीन खाना और संस्कृति एक साथ मिलते हैं। शनिवार को इसके लॉन्च इवेंट में कई बॉलीवुड सेलेब्स पहुंचे। सैफ अली खान और करीना कपूर साथ नजर आए। शाहिद कपूर पत्नी मीरा कपूर के साथ पहुंचे। काजोल अपनी बेटी न्यासा देवगन के साथ नजर आईं। विक्रांत मैसी और राजकुमार राव ने भी इवेंट में शिरकत की। देखें इवेंट की तस्वीरें- क्या है ‘द लाइब्रेरी’? NMACC के मुताबिक, इस नई जगह को किताबों और नए विचारों में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए तैयार किया गया है। यहां लोग अपनी पसंद की किताबें पढ़ सकेंगे। साथ ही, बातचीत और क्रिएटिव वर्कशॉप जैसी गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। इसका मकसद पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना और लोगों को कला-संस्कृति से जोड़ना है। यहां किताबें पढ़ने के साथ खाने और साथ समय बिताने का अनुभव भी मिलेगा। ‘द लाइब्रेरी’ 1 नवंबर से आम लोगों के लिए खुल गई है। यहां कविता पाठ, कहानी सुनाने के सत्र, बुक क्लब, क्रिएटिव वर्कशॉप और परिवारों के लिए कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। ………….. यह खबर भी पढ़ें... अंबानी परिवार के इवेंट में पहुंचे रणवीर सिंह: आमिर खान पत्नी के साथ आए नजर, कृति सैनन, रश्मिका मंदाना और गौरी खान भी पहुंचीं मुंबई में अंबानी परिवार ने नवरात्रि से पहले ‘देवी शक्ति’ उत्सव का आयोजन किया था। यह कार्यक्रम स्वदेश इरोस के एक साल पूरे होने के मौके पर हुआ था। इसमें रणवीर सिंह, कृति सैनन, आमिर खान और रश्मिका मंदाना समेत कई बॉलीवुड सितारे शामिल हुए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
साउथ सुपरस्टार यश फिल्म ‘रामायण’ में रावण का किरदार निभा रहे हैं। यश ने हाल ही में बताया कि उनके बेटे यथर्व को यह जानकर हैरानी हुई कि उनके पिता रावण का किरदार निभा रहे हैं। यश ने बताया कि फिल्म की तैयारी के दौरान उनके और बेटे के बीच यह बातचीत हुई। यश ने कहा, “मेरा बेटा जानता है कि उसके पिता हीरो हैं, लेकिन अब उसे रामायण की कहानी भी पता है।” यश ने बताया कि बेटे ने पूछा, “आप रावण हैं?” इस पर यश ने कहा कि यह असल जिंदगी नहीं, सिनेमा है। इस पर उनके बेटे ने कहा, “नहीं, आप बुरे आदमी हैं। आप ऐसा कैसे कर सकते हैं?” एक्टर ने बताया, “फिर मैंने उसे समझाया कि यह एक्टिंग है। हमें कहानी दिखानी है। मैंने उसे तस्वीरें और ड्रॉइंग भी दिखाईं। हमें पूरी कहानी दिखानी होगी, तभी वह इसे समझ पाएगा।” यश ने बेटे को राम और रावण का फर्क समझाया यश ने बताया कि उन्हें बच्चों को अभिनेता और किरदार के बीच का फर्क समझाना पड़ा। उन्होंने कहानी का बड़ा मतलब और भगवान राम को आदर्श मानने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा, “मैंने अपने बेटे को बैठाकर समझाया कि इस कहानी में तुम्हें भगवान राम को आदर्श मानना चाहिए। सभी को राम के रास्ते पर चलना चाहिए।” यश ने आगे कहा, “रावण भले ही भव्य, शक्तिशाली और प्रभावशाली नजर आए, लेकिन जिंदगी में सच्ची और स्थायी जीत तभी मिलती है, जब इंसान राम जैसी धार्मिकता अपनाता है।” यश ने बेटे से यह भी कहा, “तुम थिएटर में एक अभिनेता के तौर पर मेरे लिए खुशी मना सकते हो, लेकिन किरदार को अपना आदर्श मत समझना।” बेटे ने पूछा- ‘क्या आप अंत में मर जाते हैं?’ बातचीत के दौरान यश के बेटे ने पूछा कि कहानी के अंत में रावण हारता और मरता है या नहीं। यश ने बताया, “फिर उसने पूछा, ‘क्या आप अंत में मर जाते हैं? क्या आप हार जाते हैं?’ यह सवाल मुश्किल था।” उन्होंने कहा, “जब मैं यह फिल्म कर रहा था, तब मैंने अपने फैंस के बारे में जरूर सोचा था। लेकिन मैंने यह नहीं सोचा था कि मेरा बेटा मुझसे ऐसे सवाल पूछेगा।” यश ने कहा कि अपने बेटे को एक्टर और ड्रामैटिक किरदार के बीच का अंतर समझाना उनके लिए एक खास अनुभव था। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी ‘रामायण’ को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस मिलकर बना रहे हैं। यह दो हिस्सों में बनने वाली फिल्म है। इसका पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाला है।
ऐश्वर्या राय बच्चन आज अपना 53वां जन्मदिन मना रही हैं। मिस वर्ल्ड 1994 का खिताब जीतने से पहले ही उन्हें फिल्मों के ऑफर मिले थे, लेकिन उन्होंने पढ़ाई और मिस इंडिया प्रतियोगिता को प्राथमिकता दी। इसके बाद उन्होंने तमिल और हिंदी फिल्मों से करियर शुरू किया। 'हम दिल दे चुके सनम', 'ताल' और 'देवदास' जैसी फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में शामिल किया। वहीं, 'ब्राइड एंड प्रेजुडिस', 'द मिस्ट्रेस ऑफ स्पाइसेज', 'प्रोवोक्ड', 'द लास्ट लीजन' और 'द पिंक पैंथर 2' जैसी अंग्रेजी फिल्मों से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। उन्हें 'ट्रॉय', 'रश ऑवर' और विल स्मिथ की कुछ फिल्मों के ऑफर भी मिले, लेकिन व्यस्त शेड्यूल के कारण उन्होंने ये फिल्में नहीं कीं। एक दौर में कान्स से हॉलीवुड तक चर्चा में रहने वाली ऐश्वर्या के करियर में अब फिल्मों की संख्या काफी कम हो गई है। आज ऐश्वर्या राय बच्चन के 53वें जन्मदिन पर जानिए कि क्या बॉलीवुड में उनके लिए पहले जैसी दमदार भूमिकाएं नहीं रहीं या उन्होंने खुद अपनी रफ्तार धीमी कर दी। मिस वर्ल्ड बनने से पहले ही मिले थे चार फिल्मों के ऑफर ऐश्वर्या राय बच्चन का फिल्मी सफर मिस वर्ल्ड का ताज जीतने के बाद शुरू नहीं हुआ था। फिल्मों में आने से पहले ही वह मॉडलिंग की दुनिया में पहचान बना चुकी थीं। 1991 में उन्होंने फोर्ड सुपरमॉडल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इसके बाद वह कई बड़े ब्रांड के विज्ञापनों और फैशन मैगजीन में नजर आईं। 1990 के दशक की शुरुआत में ही उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलने लगे थे। 2012 में वोग इंडिया को दिए इंटरव्यू में ऐश्वर्या ने बताया था कि मिस इंडिया और मिस वर्ल्ड प्रतियोगिताओं में शामिल होने से पहले उन्हें कम से कम चार फिल्मों के प्रस्ताव मिल चुके थे। ऐश्वर्या ने बताया था कि उस समय उन्होंने फिल्मों में आने के बजाय मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का फैसला किया। वह कुछ समय फिल्म इंडस्ट्री से दूर रहकर करियर के दूसरे विकल्प देखना चाहती थीं। उन्होंने बताया था कि अगर वह मिस इंडिया प्रतियोगिता में शामिल नहीं होतीं, तो आमिर खान के साथ 'राजा हिंदुस्तानी' उनकी पहली फिल्म हो सकती थी। 1996 में आई इस फिल्म में बाद में करिश्मा कपूर नजर आईं। ऐश्वर्या के मुताबिक, वह पढ़ाई बीच में छोड़कर फिल्मों में नहीं आना चाहती थीं। उन्हें लगता था कि उनके फैसले का असर उन युवाओं पर पड़ सकता था, जो उन्हें अपना आदर्श मानते थे। वह नहीं चाहती थीं कि उनकी सफलता देखकर लोग पढ़ाई छोड़कर सीधे ग्लैमर की दुनिया में आने का फैसला करें। 1994 में मिस वर्ल्ड बनीं, दुनिया भर में पहचान मिली ऐश्वर्या राय ने जनवरी 1994 में मिस इंडिया प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। वह इस प्रतियोगिता में सुष्मिता सेन के बाद दूसरे स्थान पर रही थीं। नवंबर में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के सन सिटी में आयोजित मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस प्रतियोगिता में 86 देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। ऐश्वर्या ने मिस वर्ल्ड 1994 का खिताब जीता। वह रीता फारिया के बाद मिस वर्ल्ड बनने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं। फाइनल में उनसे पूछा गया था कि उनके मुताबिक मिस वर्ल्ड में कौन-से गुण होने चाहिए। ऐश्वर्या ने जवाब में करुणा, जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और राष्ट्रीयता, रंग तथा सामाजिक हैसियत से ऊपर उठकर इंसान को देखने की बात कही थी। इस जवाब से भी उन्हें दुनिया भर में पहचान मिली। मिस वर्ल्ड बनने के बाद उनका जीवन बदल गया। उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। फैशन शो, मीडिया इंटरव्यू, सामाजिक कार्यक्रमों और दुनियाभर की यात्राओं से उनकी पहचान भारतीय मॉडल से अंतरराष्ट्रीय सेलिब्रिटी के रूप में बनने लगी। मिस वर्ल्ड संगठन के मुताबिक, ऐश्वर्या ने अपने कार्यकाल में कई देशों का दौरा किया और सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस अनुभव से उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत हुई। 1997 में फिल्मों में एंट्री, पहली फिल्म से मिली तारीफ मिस वर्ल्ड बनने के बाद ऐश्वर्या ने तुरंत बॉलीवुड में कदम नहीं रखा। 1997 में उन्होंने मणिरत्नम की तमिल फिल्म 'इरुवर' से एक्टिंग डेब्यू किया। इसमें उनके साथ मोहनलाल और प्रकाश राज थे। फिल्म को समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। इसी साल उनकी पहली हिंदी फिल्म 'और प्यार हो गया' रिलीज हुई। इसमें वह बॉबी देओल के साथ नजर आईं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई, लेकिन ऐश्वर्या की खूबसूरती और स्क्रीन प्रेजेंस की चर्चा होने लगी। 1998 में तमिल फिल्म 'जीन्स' से उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा में पहचान मिली। इसके बाद वह ऋषि कपूर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘आ अब लौट चले’ में अक्षय खन्ना के अपोजिट नजर आईं। हालांकि यह फिल्म सफल नहीं रही। 1999 में संजय लीला भंसाली की 'हम दिल दे चुके सनम' उनके करियर की बड़ी फिल्म साबित हुई। इसी साल उन्होंने सुभाष घई की फिल्म 'ताल' में काम किया। फिल्म के गानों और ऐश्वर्या की स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। 'हम दिल दे चुके सनम' के लिए उन्हें फिल्मफेयर का बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला। 2000 में वह 'मोहब्बतें', 'जोश' और 'हमारा दिल आपके पास है' जैसी फिल्मों में नजर आईं। इन फिल्मों से साफ हुआ कि ऐश्वर्या खूबसूरती के साथ-साथ अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर भी अपनी जगह बना सकती हैं। 'देवदास' ने पहुंचाया कान्स तक, बनीं अंतरराष्ट्रीय पहचान वाली अभिनेत्री ऐश्वर्या के करियर की अहम फिल्मों में संजय लीला भंसाली की 'देवदास' शामिल है। 2002 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने पारो का किरदार निभाया था। शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित के साथ उनकी मौजूदगी दर्शकों और समीक्षकों को पसंद आई। फिल्म 2002 के कान्स फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित हुई थी। इसके बाद ऐश्वर्या की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत हुई। 2003 में वह कान्स फिल्म फेस्टिवल की जूरी में शामिल होने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बनीं। यह भारतीय सिनेमा के लिए बड़ी उपलब्धि थी। अब उनकी पहचान सिर्फ बॉलीवुड अभिनेत्री तक सीमित नहीं थी। वह अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों, फैशन इवेंट्स और ग्लोबल ब्रांड्स के बीच पहचानी जाने लगी थीं। 2004 में उन्हें टाइम मैगजीन की दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में जगह मिली। इसी दौर में यूरोप और अमेरिका में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। 'ब्राइड एंड प्रेजुडिस' से शुरू हुआ अंग्रेजी फिल्मों का सफर ऐश्वर्या ने अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में काम करने का फैसला सिर्फ हॉलीवुड में जगह बनाने के लिए नहीं किया था। वह अलग-अलग भाषाओं और देशों के सिनेमा में काम करना चाहती थीं। 2004 में गुरिंदर चड्ढा की अंग्रेजी फिल्म 'ब्राइड एंड प्रेजुडिस' रिलीज हुई। यह जेन ऑस्टिन के मशहूर उपन्यास 'प्राइड एंड प्रेजुडिस' की भारतीय पृष्ठभूमि पर आधारित आधुनिक प्रस्तुति थी। इसमें ऐश्वर्या ने ललिता बख्शी का किरदार निभाया था। फिल्म में भारतीय संगीत, डांस और पश्चिमी कहानी का मिश्रण था। इसके जरिए ऐश्वर्या ब्रिटेन और अमेरिका के दर्शकों तक पहुंचीं। 2005 में वह 'द मिस्ट्रेस ऑफ स्पाइसेज' में नजर आईं। यह फिल्म चित्रा बनर्जी दिवाकरुणी के उपन्यास पर आधारित थी। इसमें उन्होंने तिलो नाम की महिला का किरदार निभाया, जो मसालों के जरिए लोगों की समस्याएं समझने और उनकी मदद करने की कोशिश करती है। 2006 में उनकी अंग्रेजी फिल्म 'प्रोवोक्ड: ए ट्रू स्टोरी' रिलीज हुई। यह किरणजीत अहलूवालिया की वास्तविक जिंदगी से प्रेरित थी। इसमें ऐश्वर्या ने घरेलू हिंसा का सामना करने वाली महिला का किरदार निभाया था। यह उनके करियर के गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदारों में से एक था। 2007 में 'द लास्ट लीजन' में उन्होंने ब्रिटिश और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ काम किया। इसमें कॉलिन फर्थ और बेन किंग्सले भी थे। 2009 में वह हॉलीवुड की मशहूर कॉमेडी फ्रेंचाइजी 'द पिंक पैंथर 2' में नजर आईं। इसमें स्टीव मार्टिन, जीन रेनो और एंडी गार्सिया भी थे। इन फिल्मों से ऐश्वर्या ने अंग्रेजी सिनेमा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। सभी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर एक जैसी सफलता नहीं मिली, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान बढ़ी। 'ट्रॉय' से 'रश ऑवर' तक हॉलीवुड के बड़े प्रोजेक्ट ठुकराए ऐश्वर्या के अंतरराष्ट्रीय करियर की दिलचस्प बात यह है कि उन्हें कई बड़े हॉलीवुड प्रोजेक्ट्स के प्रस्ताव मिले थे, लेकिन वह इनका हिस्सा नहीं बन सकीं। 2009 में 'द नेशनल' को दिए इंटरव्यू में ऐश्वर्या ने बताया था कि निर्देशक ब्रेट रैटनर ने 'रश ऑवर' फ्रेंचाइजी में काम करने के लिए उनसे दो बार संपर्क किया था। ब्रैड पिट की फिल्म 'ट्रॉय' में हेलेन के किरदार के लिए भी उनका नाम चर्चा में था। उन्होंने बताया था कि माइकल डगलस भारत आकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार कर चुके थे कि वह उनके पास एक फिल्म की स्क्रिप्ट लेकर आए थे। विल स्मिथ ने भी 'हैनकॉक' और 'सेवन पाउंड्स' के लिए उनसे दो बार संपर्क किया था। ऐश्वर्या ने इन फिल्मों को ठुकराने की वजह हॉलीवुड के प्रति अनिच्छा नहीं बताई। उनका कहना था कि भारत में फिल्मों की व्यस्तता के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता था। उन्होंने समझाया था कि भारतीय सिनेमा में लगातार काम करने वाले कलाकार का शेड्यूल कई साल पहले तक तय हो सकता है। ऐसे में विदेशी फिल्मों की शूटिंग के लिए समय निकालना आसान नहीं होता। इससे समझ आता है कि ऐश्वर्या ने अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिए बॉलीवुड छोड़ने की कोशिश नहीं की। वह दोनों जगह अपनी पसंद और उपलब्ध समय के मुताबिक काम करना चाहती थीं। बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में भी रहीं शामिल अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में काम करने के बावजूद ऐश्वर्या भारतीय सिनेमा से जुड़ी रहीं। 2006 में ऋतिक रोशन के साथ 'धूम 2' में उनका ग्लैमरस अंदाज दर्शकों को पसंद आया। फिल्म बड़ी व्यावसायिक सफलता साबित हुई। 2007 में मणिरत्नम की 'गुरु' में अभिषेक बच्चन के साथ उनकी जोड़ी पसंद की गई। इसी साल दोनों ने शादी की। 2008 में आई 'जोधा अकबर' में उन्होंने जोधा बाई का किरदार निभाया। ऋतिक रोशन के साथ उनकी जोड़ी और फिल्म के भव्य सेट्स की चर्चा हुई। 2010 में उन्होंने 'रावण', 'रोबोट' और 'गुजारिश' जैसी फिल्मों में काम किया। संजय लीला भंसाली की 'गुजारिश' में उनके अभिनय की खास तौर पर तारीफ हुई। इसमें उन्होंने गंभीर दुर्घटना के बाद लकवाग्रस्त हुए व्यक्ति की नर्स का किरदार निभाया था। इन फिल्मों से साफ था कि ऐश्वर्या सिर्फ ग्लैमरस भूमिकाओं तक सीमित नहीं रहना चाहती थीं। वह ऐतिहासिक, रोमांटिक, सामाजिक और गंभीर किरदारों में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी थीं। बेटी के जन्म के बाद बदली प्राथमिकताएं, फिल्मों से लंबा ब्रेक लिया 2011 में ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन के घर बेटी आराध्या का जन्म हुआ। इसके बाद ऐश्वर्या ने फिल्मों से लंबा ब्रेक लिया। उन्होंने इसे करियर से दूरी बनाने के बजाय अपनी प्राथमिकताओं के मुताबिक लिया गया फैसला बताया। 2010 में 'गुजारिश' के बाद वह करीब पांच साल तक किसी नई फिल्म में नजर नहीं आईं। 2015 में संजय गुप्ता की 'जज्बा' से उन्होंने वापसी की। इसमें वह ऐसी वकील की भूमिका में थीं, जिसकी बेटी का अपहरण हो जाता है। 2016 में वह 'सरबजीत' में नजर आईं। इसमें उन्होंने सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर का किरदार निभाया था। इसी साल करण जौहर की 'ऐ दिल है मुश्किल' में उन्होंने सबा नाम की शायरा की भूमिका निभाई। रणबीर कपूर के साथ उनके दृश्यों की खूब चर्चा हुई। 2018 में उन्होंने अनिल कपूर और राजकुमार राव के साथ 'फन्ने खां' में काम किया। इसके बाद हिंदी फिल्मों में उनकी सक्रियता फिर कम हो गई। ऐश्वर्या ने अपने करियर में हर साल कई फिल्में करने की नीति नहीं अपनाई। 2003 में टाइम मैगजीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह धीरे-धीरे कम फिल्में करना चाहती थीं, ताकि अपनी भूमिकाओं और फिल्म निर्माण की प्रक्रिया पर ज्यादा ध्यान दे सकें। 2022 में कान्स के दौरान उन्होंने खुद को करियर की शुरुआत से ही 'प्रोवर्बियल टॉरटॉइज' यानी धीमी लेकिन लगातार चलने वाला कछुआ बताया था। उनका कहना था कि वह काम की रफ्तार खुद तय करती हैं और हर साल रिलीज होने वाली फिल्मों की संख्या को सफल करियर का पैमाना नहीं मानतीं। क्या बॉलीवुड ने ऐश्वर्या को साइडलाइन किया? ऐश्वर्या के करियर को लेकर सवाल है कि एक समय बॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाने वाली अभिनेत्री को अब पहले की तरह फिल्में क्यों नहीं मिल रही हैं? इस सवाल पर ऐश्वर्या ने 2023 में जवाब दिया था। कान्स फिल्म फेस्टिवल में उनसे पूछा गया कि हिंदी सिनेमा उन्हें 'पोन्नियिन सेल्वन' जैसे गहराई वाले किरदार क्यों नहीं दे रहा है। इसके जवाब में उन्होंने कहा था, 'यह एक ऐसा खामोश सवाल है, जो मुझे लगता है कि सभी क्रिएटिव लोग खुद से पूछते हैं।' उन्होंने कहा था कि ऐसे निर्देशक भी हैं, जो महिला कलाकारों के लिए जटिल और प्रभावशाली किरदार लिखते हैं। मणिरत्नम जैसे निर्देशकों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उनके साथ काम करना कलाकारों के लिए संतुष्टि देने वाला अनुभव है। ऐश्वर्या का यह बयान उनके करियर के मौजूदा दौर को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाए हुए हैं, लेकिन हिंदी सिनेमा में लंबे समय से किसी बड़ी फिल्म फ्रेंचाइजी या मुख्य भूमिका में नजर नहीं आई हैं। यह कहना सही नहीं होगा कि बॉलीवुड ने उन्हें पूरी तरह साइडलाइन कर दिया है। फिल्मों के बीच लंबे अंतराल की एक वजह उनकी अपनी प्राथमिकताएं और कार्यशैली भी रही है। लेकिन 2023 के उनके बयान से पता चलता है कि महिला कलाकारों को उम्र और करियर के अलग-अलग पड़ाव पर चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं मिलने का मुद्दा उनके लिए महत्वपूर्ण है। 'पोन्नियिन सेल्वन' में नंदिनी बनकर फिर साबित की अपनी अभिनय क्षमता हिंदी फिल्मों से दूरी के बीच ऐश्वर्या ने दक्षिण भारतीय सिनेमा में वापसी की। 2022 में मणिरत्नम की फिल्म 'पोन्नियिन सेल्वन: पार्ट 1' रिलीज हुई। इसमें उन्होंने नंदिनी का किरदार निभाया। यह ऐतिहासिक कहानी चोल साम्राज्य की राजनीति, सत्ता संघर्ष और षड्यंत्रों पर आधारित थी। ऐश्वर्या का किरदार नंदिनी कहानी के महत्वपूर्ण किरदारों में से एक था। 2023 में फिल्म का दूसरा हिस्सा 'पोन्नियिन सेल्वन: पार्ट 2' रिलीज हुआ। इसमें ऐश्वर्या ने नंदिनी के साथ मंदाकिनी देवी का किरदार भी निभाया। दोनों भूमिकाओं से उन्होंने साबित किया कि वह खूबसूरती और ग्लैमर के साथ जटिल किरदार निभाने की क्षमता भी रखती हैं। इस फिल्म के लिए उन्हें दक्षिण भारतीय सिनेमा में सराहना मिली। 2024 में आईफा उत्सवम में 'पोन्नियिन सेल्वन: पार्ट 2' के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार मिला। यह वापसी बताती है कि ऐश्वर्या आज भी दर्शकों को आकर्षित कर सकती हैं। जरूरत ऐसे किरदारों और निर्देशकों की है, जो उनकी अभिनय क्षमता का पूरा इस्तेमाल कर सकें। कान्स में दो दशक से ज्यादा समय से कायम है ऐश्वर्या का जलवा ऐश्वर्या की ग्लोबल पहचान का बड़ा हिस्सा कान्स फिल्म फेस्टिवल से जुड़ा है। उन्होंने 2002 में 'देवदास' के साथ कान्स में मौजूदगी दर्ज कराई थी। 2003 में वह फेस्टिवल की जूरी में शामिल हुईं। इसके बाद से वह कान्स के रेड कार्पेट पर भारत का प्रतिनिधित्व करती रही हैं। उनके कपड़ों, लुक और रेड कार्पेट अपीयरेंस की अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा होती रही है। वह बड़े फैशन ब्रांड्स और अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स में नजर आती रही हैं। लोरियल पेरिस के साथ उनका जुड़ाव उनकी ग्लोबल ब्रांड पहचान का अहम हिस्सा है। 2009 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था। 2012 में फ्रांस सरकार ने उन्हें ऑर्डर ऑफ आर्ट्स एंड लेटर्स सम्मान दिया। ऐश्वर्या की पहचान फिल्मों तक सीमित नहीं रही। वह भारतीय सिनेमा, फैशन, सौंदर्य और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल हो चुकी हैं। ______________________ बॉलीवुड से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें.. यामी गौतम एक्टिंग छोड़कर खेती करने वाली थीं:‘उरी’ नहीं चलती तो हिमाचल लौट जातीं; ‘आर्टिकल 370’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला टीवी से करियर शुरू करने वाली यामी गौतम ने 2012 में ‘विक्की डोनर’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। पहली फिल्म हिट रही, लेकिन आगे का सफर आसान नहीं रहा। पूरी खबर पढ़ें..
वरुण धवन ने सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी के साथ शुक्रवार को एक तस्वीर शेयर की। तस्वीर में वरुण सेल्फी ले रहे हैं और कियारा दोनों एक्टर्स के बीच खड़ी दिख रही हैं। वरुण ने तस्वीर के साथ लिखा, “हीटेड, हां, लेकिन अपने भाई के साथ कभी राइवलरी नहीं रही। हॉस्पिटैलिटी के लिए शुक्रिया, भाभी जी।” सिद्धार्थ ने भी पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “भाई, तुम हमेशा मेरी पहली पसंद रहोगे।” वरुण और सिद्धार्थ ने 2012 में करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ में साथ काम किया था। तस्वीर को लेकर करण जौहर का रिएक्शन भी सामने आया। उन्होंने अपनी स्टोरी में लिखा, “रोहन और अभिमन्यु! कैसी टक्कर है! लेकिन दोस्ती जिंदगी भर की है।” फैन्स ने वरुण की पोस्ट पर मजेदार प्रतिक्रियाएं दीं। एक फैन ने लिखा, “सिड और रोहन का रीयूनियन 2012 जैसा ही लग रहा है।” एक अन्य कमेंट में लिखा गया, “कोई राइवलरी नहीं, सिर्फ भाईचारा।” कुछ फैन्स ने दोनों एक्टर्स को फिर बड़े पर्दे पर साथ देखने की इच्छा जताई। एक फैन ने लिखा, “हमें ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर रिटर्न्स’ चाहिए।” ‘कॉफी विद करण’ में वरुण ने सिद्धार्थ को लेकर क्या कहा था? ‘कॉफी विद करण’ सीजन 9 में वरुण धवन ने हाल ही में सिद्धार्थ मल्होत्रा को फेमस टेलीविजन सीरीज ‘हीटेड राइवलरी’ के भारतीय रूपांतरण के लिए चुना था। शो में करण जौहर ने वरुण से पूछा था कि वह इस सीरीज के भारतीय रूपांतरण में किस पुरुष एक्टर को लेंगे। वरुण ने तुरंत सिद्धार्थ मल्होत्रा का नाम लिया। वरुण ने मजाक में कहा कि वो दोनों यह भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इसकी वजह ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ में दोनों की केमिस्ट्री को बताया। वरुण ने कहा, “मुझे लगता है कि ‘SOTY’ में भी दोनों के बीच सेक्सुअल टेंशन थी।” ‘हीटेड राइवलरी’ के बारे में जानिए ‘हीटेड राइवलरी’ कनाडा की रोमांटिक स्पोर्ट्स ड्रामा सीरीज है। यह रेचल रीड की ‘गेम चेंजर्स’ बुक सीरीज पर आधारित है। जैकब टियरनी की बनाई यह छह एपिसोड की सीरीज है। इसमें शेन हॉलैंडर और इल्या रोजानोव नाम के दो स्टार हॉकी खिलाड़ियों की कहानी दिखाई गई है। दोनों खिलाड़ी मैदान पर एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी हैं। उनकी यह राइवलरी आगे चलकर एक गुप्त रोमांस में बदल जाती है। ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ में साथ दिखे थे वरुण-सिद्धार्थ करण जौहर के निर्देशन में बनी ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ 2012 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म से वरुण धवन, सिद्धार्थ मल्होत्रा और आलिया भट्ट ने एक्टिंग डेब्यू किया था। फिल्म में वरुण ने रोहन नंदा और सिद्धार्थ ने अभिमन्यु सिंह का किरदार निभाया था। दोनों किरदार सेंट टेरेसा कॉलेज में ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ की ट्रॉफी जीतने के लिए मुकाबला करते हैं। वरुण को डर था कि लोग सिद्धार्थ को ज्यादा देखेंगेशुभंकर मिश्रा के साथ पॉडकास्ट में वरुण धवन से सवाल पूछा गया था कि सिद्धार्थ मल्होत्रा से आप क्यों जलते थे? इस पर एक्टर ने कहा था, “लंबे थे, चौड़े थे, गुड लुकिंग थे। दो लोगों की फिल्म है, फिल्म में दो हीरो हैं तो उस वक्त मुझे लगा था कि यार, यह इतना बेहतरीन है, कितना अच्छा दिखता है, तो ये सब लोग उसे ही देखेंगे, मुझे नोटिस भी करेंगे या नहीं? मेरा ड्रीम जो है, ड्रीम रह जाएगा और थोड़ी-बहुत नेगेटिविटी भी शुरू हो गई थी, नेपोटिज्म को लेकर।”
शुक्रवार रात को प्रोड्यूसर आनंद पंडित ने प्री-दिवाली पार्टी होस्ट की, जिसमें फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई हैं। टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के बाद जैकी श्रॉफ ने पहली बार कोई पार्टी अटेंड की है। इनके अलावा मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह भी जैकी भगनानी के साथ पहुंचीं। अजय देवगन भी ट्रेडिशन लुक में पार्टी का हिस्सा बने, वहीं राजपाल यादव ने रेड कार्पेट पर मस्ती की। देखिए आनंद पंडित की दिवाली पार्टी से सेलेब्स के लुक-
बहू सरपंच बनी तो सास ने गांव के नाम कर दी जमीन, पंचायत भवन के लिए दान की सवा बीघा भूमि
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में सास-बहू की एक अनूठी पहल ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया है।
कांटें, काबिल, शूटआउट एट लोखंडवाला, मुंबई सागा जैसी बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट कर चुके संजय गुप्ता का आज सुबह निधन हो गया है। एक्टर ने 23 अक्टूबर को 57वां जन्मदिन मनाया था। रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर 30 अक्टूबर को मुंबई स्थित घर के बाथरूम में गिरे थे, हालांकि इसकी जानकारी आज सुबह मिली।फिलहाल डायरेक्टर की मौत की असल वजह सामने नहीं आई है। संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में क्राइम, गैंगस्टर ड्रामा, एक्शन और अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त स्टारर कांटे, ऋतिक रोशन की काबिल, संजय दत्त की जिंदा और जॉन अब्राहम की शूटआउट एट वडाला शामिल हैं। कांटे की रिलीज के बाद 5 हफ्ते आईसीयू में रहे संजय गुप्ता ने अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, कुमार गौरव, मलाइका अरोड़ा और लकी अली स्टारर फिल्म कांटे डायरेक्ट की थी। फिल्म के कुछ हिस्से लॉस एंजिलिस में शूट हुए थे, लेकिन तभी 9/11 हमले के चलते शूटिंग में काफी अड़चन हुई और शेड्यूल बदलना पड़ा। फिल्म 20 दिसंबर 2002 को रिलीज हुई और हिट साबित हुई। फिल्म रिलीज के एक हफ्ते बाद 27 दिसंबर 2002 को संजय गुप्ता का खंडाला से लौटते वक्त कार एक्सीडेंट हुआ। जब उन्हें एडमिट करवाया गया तो डॉक्टर्स ने साफ कहा कि उनके अगले 72 घंटे बेहद क्रिटिकल हैं। तब वह महज 35 साल के थे। डायरेक्टर को 5 हफ्तों तक अस्पताल में भर्ती रखा गया था। संजय गुप्ता सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थे। इसी साल जून में एक पोस्ट कर उन्होंने कांटें की रिलीज के समय हुए एक्सीडेंट का भी जिक्र किया था। संजय गुप्ता को मिली थीं अंडरवर्ल्ड की धमकियां, संजय दत्त ने की मदद कुछ हफ्तों पहले ही संजय गुप्ता ने हुसैन जैदी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें 1992-93 के बीच अंडरवर्ल्ड की धमकियां मिली थीं। इस समय वह बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म आतिश बना रहे थे, जिसमें संजय दत्त, करिश्मा कपूर और रवीना टंडन लीड रोल में थे। उन्होंने बताया कि एक सुबह उनके घर पर फोन आया। दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को ‘नाना’ बताया। संजय को समझ नहीं आया कि कौन नाना है? बाद में उन्हें पता चला कि फोन छोटा राजन का था। फोन पर उन्हें गालियां दी गईं। उन्होंने तुरंत संजय दत्त को फोन किया और कहा कि उन्हें घर से बाहर निकालने में मदद करें। इसके बाद संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की सरकारी गाड़ी उनके घर भेजी। संजय गुप्ता पीछे के रास्ते से उस गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए।
शुक्रवार को दिल्ली में हुए ऑरा टूर 2026 की परफॉर्मेंस के बीच दिलजीत दोसांझ ने कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके के उस बयान पर जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कलाकारों को सरकार के खिलाफ उन्हें समर्थन देना चाहिए, वर्ना उनकी फिल्में (सतलज) बैन हो जाती हैं। अब दिलजीत ने इसके जवाब में कहा है कि पंजाबियों को न सिखाया जाए कि लड़ाई कैसे करना है। अब सामने आया है कि कुछ समय पहले अभिजीत दीपके, दिलजीत के शिकागो कॉन्सर्ट में शामिल हुए थे। उन्होंने एक पोस्ट जारी कर माफी भी मांगी है। दिलजीत ने दिल्ली कॉन्सर्ट के मंच पर कहा, “मैं आप सभी से प्यार करता हूं, क्योंकि मैं एक आर्टिस्ट हूं। मैं चुप हूं, तो मुझे चुप ही रहने दो। मैं आप सभी का समर्थन करता हूं, लेकिन पंजाबियों को लड़ना मत सिखाओ।” अभिजीत दीपके ने की सुलह की पहल, माफी मांगी अभिजीत ने दिलजीत की आलोचना को लेकर अपनी सफाई में लिखा, ‘दिलजीत पाजी के नाम, पाजी, जून में जब हम विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब आपके कमेंट से मुझे थोड़ा दुख हुआ था। ऐसा इसलिए नहीं था कि मुझे आपसे व्यक्तिगत तौर पर कोई शिकायत थी, बल्कि इसलिए क्योंकि मैंने हमेशा आपको ऐसे इंसान के रूप में देखा है, जो खुद भी कहते हैं कि गलत के खिलाफ आवाज उठाते हैं।’ आगे उन्होंने लिखा, 'सच कहूं तो मैं हमेशा से आपका फैन रहा हूं और आज भी हूं। मैं आज भी आपके गाने सुनता हूं। इसी साल मई में, भारत लौटने से ठीक पहले, मैं शिकागो में आपका कॉन्सर्ट देखने भी आया था। आपका साहस, आपका असली और बेबाक अंदाज और अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए भारत को दुनिया भर में पहचान दिलाना, ये ऐसी बातें हैं जिनका मैं हमेशा से फैन रहा हूं। शायद यही वजह है कि आपका वो कमेंट मुझे थोड़ा ज्यादा चुभ गया, क्योंकि मेरी नजर में आपकी हमेशा से बहुत इज्जत रही है।' दीपके बोले- छोटा भाई समझकर माफ कर देना आखिर में अभिजीत दीपके ने माफी मांगते हुए लिखा, एक बार की असहमति या गलतफहमी से आपके लिए मेरा सम्मान और प्यार कम नहीं हो जाता। बाकी पाजी, छोटा भाई समझकर माफ कर देना। और आखिर में बस इतना कहना चाहूंगा, गबरू ता वैरी नू वी मिठा बोलदा, नी तू ता फेर जट्ट दा प्यार गोरिये। जानिए क्यों हुआ दिलजीत-दीपके के बीच विवाद जून में कॉकरोच जनता पार्टी ने नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। जुलाई की शुरुआत में दिलजीत ने इंस्टाग्राम लाइव किया था। इस दौरान एक फैन ने उनसे पूछा कि क्या वे जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होंगे? इस पर दिलजीत ने कहा था, जंतर मंतर कहां है प्रदर्शन के लिए? भाई, मुझे प्रदर्शन जैसी चीजों से दूर ही रखो। मैं एक कलाकार हूं, मैं कोई नेता नहीं हूं। जीवन में सब कुछ कभी ठीक नहीं हो सकता है। इस दुनिया में सब कुछ सही होना मुमकिन नहीं है। इसके बाद उन्होंने विवाद पर सीधे बोलने से बचते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, “जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें भी बधाई और जिनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है, उन्हें भी बधाई। मुझे इस बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है।” अभिजीत दिपके ने दिलजीत पर कसा था तंज दिलजीत के इस बयान से CJP के कुछ सदस्य नाराज हो गए। अभिजीत दिपके ने भी उन पर तंज कसा। 12 जुलाई को जब पंजाबी सिंगर काका जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे, तब अभिजीत ने उनकी तरफ इशारा करते हुए कहा था- ये भी एक आर्टिस्ट हैं, भाई। अगर आर्टिस्ट सपोर्ट नहीं करते तो उनकी फिल्में बैन होती हैं। अभिजीत दीपके के इस बयान को दिलजीत से जोड़ा गया क्योंकि तब उनकी फिल्म सतलज को रिलीज से रोक दिया गया था और ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया था।
बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन ने पान मसाला के विज्ञापन करने पर महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) से मिले लीगल नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अजय देवगन ने अपनी याचिका में FDA के नियमों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए हैं। उनका तर्क है कि विज्ञापन में एक एक्टर के तौर पर काम करने के लिए सीधे उन्हें नोटिस देना गलत है। इस मामले में कार्रवाई की जिम्मेदारी विज्ञापन देने वाली कंपनी और मैन्युफैक्चरर की होनी चाहिए, न कि एक्टर की। अजय देवगन की याचिका पर 4 नवंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिवीजन बेंच में सुनवाई होने की संभावना है। इस मामले में FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने शुक्रवार को बताया कि जांच पूरी हो चुकी है, जिसमें साफ है कि अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ ने राज्य के नियमों का उल्लंघन किया है। अब मामला अगले हफ्ते जॉइंट कमिश्नर के पास भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत अधिकारी गैर-आपराधिक मामलों में लंबी अदालती कार्यवाही के बिना जुर्माना लगा सकते हैं। जानिए क्या है पान मसाला एड विवाद? आरोप- इलाइची की आड़ में पान मसाला का प्रचार किया महाराष्ट्र FDA ने अगस्त 2026 में अजय देवगन के अलावा शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को भी विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर शो-कॉज नोटिस जारी किया था। विभाग का आरोप है कि विमल इलायची के नाम पर दिखाए जाने वाले विज्ञापन असल में विमल पान मसाला का सरोगेट प्रमोशन हैं। महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटीन युक्त पान मसाला और गुटखा प्रतिबंधित हैं। ऐसे में FDA का कहना है कि इलायची के विज्ञापन में इस्तेमाल किया गया एक जैसा ब्रांड नाम, लोगो, प्रस्तुति और डायलॉग लोगों के बीच विमल पान मसाला की पहचान को बनाए रखते हैं। इससे प्रतिबंधित उत्पाद का अप्रत्यक्ष प्रचार होता है। FDA ने तीनों एक्टर्स से विज्ञापन में उनकी भूमिका स्पष्ट करने, एंडोर्समेंट कॉन्ट्रैक्ट और भुगतान से जुड़ी जानकारी देने को कहा था। विभाग ने विज्ञापन हटाने और आगे इसके प्रचार में शामिल न होने का निर्देश भी दिया था। अजय की याचिका के बावजूद जारी रहेगी कार्रवाई इससे पहले विमल उत्पाद की निर्माता कंपनी PB Agro ने अगस्त में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख कर महाराष्ट्र FDA के नोटिस को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि मामला महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई से जुड़ा है, इसलिए इसकी सुनवाई महाराष्ट्र की अदालत में होनी चाहिए। इसके बाद अब अजय देवगन ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। हालांकि, उनके कोर्ट जाने के बावजूद FDA की ओर से शुरू की गई विभागीय कार्रवाई पर फिलहाल रोक नहीं लगी है। कई सालों से विमल के विज्ञापन कर रहे हैं अजय अजय देवगन कई सालों से विमल के विज्ञापनों से जुड़े हुए हैं। साल 2022 में जब उनसे पान मसाला के विज्ञापन को लेकर सवाल किया गया था, तब उन्होंने कहा था कि यह उनकी निजी पसंद है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह पान मसाला नहीं, बल्कि इलायची का विज्ञापन कर रहे हैं। अजय ने यह भी कहा था कि अगर किसी उत्पाद को गलत या नुकसानदायक माना जाता है, तो उसे बेचा ही नहीं जाना चाहिए। सिर्फ विज्ञापन को जिम्मेदार ठहराने के बजाय ऐसे उत्पादों की बिक्री पर रोक लगनी चाहिए। अक्षय कुमार ने विवादों के बीच माफी मांगकर छोड़ा था विज्ञापन विमल के विज्ञापन को लेकर इससे पहले अक्षय कुमार भी विवादों में आ चुके हैं। साल 2022 में विमल इलायची के विज्ञापन में नजर आने पर उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके बाद अक्षय ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए विज्ञापन से अलग होने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि वह तंबाकू का विज्ञापन नहीं करते और अपनी एंडोर्समेंट फीस एक नेक काम के लिए दान करेंगे। अक्षय के हटने के बाद टाइगर श्रॉफ इस कैंपेन से जुड़े। वहीं, अजय देवगन और शाहरुख खान भी विमल के विज्ञापनों में नजर आते रहे हैं।
बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान… पर्दे पर कभी मोहब्बत के लिए दुनिया से लड़ते दिखे, तो कभी दुश्मनों के छक्के छुड़ाते। लेकिन असल जिंदगी में भी शाहरुख का एक ऐसा अंदाज रहा है, जिसने कई बार सुर्खियां बटोरीं। जब बात परिवार की हो, आत्मसम्मान की या फिर अपने काम और इज्जत की, तो शाहरुख ने कैमरे के सामने ही नहीं, कैमरे के पीछे भी कई बार एक्शन किया है। एक बार तो शाहरुख को-एक्ट्रेस से शारीरिक संबंध बनाने की बात छापने वाले पत्रकार को मारने तलवार लेकर उसके घर पहुंच गए थे। वहीं एक बार यूनिट की लड़कियों को छेड़ने वालों की लाठी से पिटाई की थी। आज शाहरुख खान के बर्थडे के खास मौके पर पढ़िए उनके ऑफ कैमरा झगड़ों की कहानी- किस्सा- 1 हीरोइन से अफेयर की खबर छापने वाले से कहा- काट डालूंगा, जिंदा गाड़ दूंगा शाहरुख नए-नए फिल्मों में आए थे और उनकी शादी भी नई-नई थी। इसी समय उन्हें दीपा सेन के साथ फिल्म मामा मेमसाब (1993) में कास्ट किया गया। फिल्म की शूटिंग चल रही थी, तभी एक मैगजीन ने कवर पेज पर शाहरुख की बड़ी सी तस्वीर के साथ लिखा कि शूटिंग में हीरोइन के साथ सहज महसूस करने के लिए उन्होंने उनके साथ शारीरिक संबंध बनाए हैं। मैगजीन घर पहुंची, तो शाहरुख की पत्नी गौरी खान डर गईं। शाहरुख ने पढ़ते ही सीधे मैगजीन की एडिटर को कॉल मिलाया और कहा- ‘ये क्या छापा है?’ जवाब मिला- ‘शाहरुख, ये मजाक है।’ शाहरुख ने गालियों की बौछार कर दी और कॉल पर ही धमकी दे डाली। उसी शाम शाहरुख, शादी में आर्मी ऑफिसर ससुर से घुड़चड़ाई के समय मिली तलवार लेकर मैगजीन के रिपोर्टर के घर पहुंच गए। पहुंचते ही उन्होंने उस रिपोर्टर की टांगों के बीच में तलवार अड़ा दी। गाली-गलौज हुई और शाहरुख ने उसके पेरेंट्स से कहा- ‘मैं इसे काट डालूंगा।’ उस रोज रिपोर्टर के घर में एक पार्टी थी, जिसमें कई लोग आए हुए थे, लेकिन शाहरुख ने आव देखा न ताव सीधे बखेड़ा खड़ा कर, जमकर मारपीट की और गालियां बरसाईं। उन्होंने धमकी दी कि दोबारा ऐसा हुआ, तो वो सबको जिंदा गाड़ देंगे। शाहरुख तमतमाते घर लौट आए। अगले दिन उनका गुस्सा शांत हो चुका था। शाम को वो दूसरी फिल्म कभी हां कभी ना की शूटिंग करने चले गए। सेट पर पुलिस आईं, शाहरुख को लगा फैन हैं। कुछ तस्वीरें क्लिक करने के बाद पुलिस ने कहा- आपको स्टेशन बुलाया गया है। शाहरुख को लगा कोई अफसर उनसे मिलना चाहता है। वो स्टाइल में पुलिस स्टेशन गए। जैसे ही वो कुर्सी पर बैठने को हुए, अफसर ने तेज आवाज में कहा- बैठने की जरुरत नहीं है। तुम्हारे खिलाफ शिकायत मिली है। शाम के 6 बजकर निकल गए थे, तो बेल की भी उम्मीद नहीं थी। पुलिस ने उन्हें एक कॉल करने की इजाजत दी। लेकिन शाहरुख ने परिवार, वकील या दोस्तों की जगह सीधे शिकायत करने वाले रिपोर्टर को कॉल लगाया और कहा- ‘अब तो मैं जेल आ गया हूं, निकलकर तुझे छोड़ूंगा नहीं।’ शाहरुख को फॉर्मेलिटी के बाद जेल में डाला गया, तब नाना पाटेकर ने उन्हें बेल दिलवाई थी। ये किस्सा खुद शाहरुख ने 2012 के थिंक फेस्ट में सुनाया था। किस्सा- 2 लड़कियों को छेड़ने वाले लड़कों की कर दी पिटाई शाहरुख खान और सलमान खान राजस्थान में फिल्म करण अर्जुन की शूटिंग कर रहे थे। इस दौरान कई लोग उनकी शूटिंग देखने इकट्ठा होते थे। एक दिन शाहरुख के गाने की शूटिंग हुई, जिसमें कोरियोग्राफर चिन्नी प्रकाश की टीम की कई लड़कियां भी शामिल हुईं। शूटिंग के बीच कुछ लड़के आकर, उन लड़कियों पर कमेंट कर बदतमीजी करने लगे। पहले तो टीम ने लड़कों को समझाकर भगाने की कोशिश की, लेकिन जब वो तब भी लगातार बदतमीजी करते रहे, तो शाहरुख और सलमान ने लाठी से उन लड़कों की पिटाई कर दी। सेट के लोग डर गए कि कहीं वो लड़के हंगामा न खड़ा कर दें, इस वजह से उन लड़कियों को हड़बड़ी में सेट से होटल तक सुरक्षित पहुंचाया गया था। किस्सा- 3 अंडरवर्ल्ड की धमकी मिली, तो जवाब में कहा- पठान हूं 90 के दशक में बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड का हस्तक्षेप बढ़ने लगा। कई प्रोड्यूसर्स से प्रोटेक्शन मनी के नाम पर लाखों वसूले जाते, तो कई हीरो-हीरोइन पर कुछ प्रोड्यूसर की फिल्में करने का दबाव बनाया जा रहा था। बात न मानने वालों को जान से मारने की धमकी दी जाती। ऐसे ही प्रोड्यूसर गुलशन कुमार की हत्या कर दी गई और राजीव राय को धमकाया गया। राकेश रोशन पर भी हमला हुआ। एक दिन सलमान खान फिल्म दिल तो पागल है की शूटिंग कर रहे थे, तभी उनके पास अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गे अबू सलेम का कॉल आया। उन पर एक प्रोड्यूसर की फिल्म करने का दबाव बनाया गया। शाहरुख ने पहले बड़ी विनम्रता से कहा कि वह पहले ही कई फिल्मों में बिजी हैं, ऐसे में कोई नई फिल्म नहीं कर पाएंगे। लेकिन कॉल पर उन्हें धमकियां दी जाने लगीं। कहा गया- ‘मैं तुम्हारे पास एक आदमी भेज रहा हूं, तुम्हें अपनी जान की परवाह है तो फिल्म कर लेना।’ शाहरुख ने जवाब दिया- ‘मैं पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो। डरता नहीं हूं।’ कुछ दिन बीत गए। शाहरुख फिल्म डुप्लीकेट की शूटिंग कर रहे थे, तभी उनके पास छोटा शकील का कॉल आया। शाहरुख ने फिर इनकार कर दिया। लेकिन इसके बाद उन्होंने अपने आसपास की सिक्योरिटी बढ़ा ली और बुलेटप्रूफ कार भी खरीदी। शाहरुख को 2013 में भी अंडरवर्ल्ड की धमकी मिल चुकी है। किस्सा- 4 मन्नत पर पत्थर फेंके जाने पर बेटी सुहाना रोई, तो दे डाली धमकी साल 2007 में शाहरुख खान ने सैफ अली खान के साथ आईफा अवॉर्ड होस्ट किया था। होस्टिंग के बीच शाहरुख ने समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह का मजाक बनाते हुए कहा था कि उनकी आंखों में दरिंदगी दिखती है। उस समय तो सभी जोर-जोर से हंस पड़े, लेकिन शो टेलीकास्ट होने के बाद सपा नेता के सपोर्टर्स शाहरुख को धमकियां देने लगे। सपोर्टर्स ने 5 मार्च 2007 को शाहरुख खान के घर मन्नत के बाहर हंगामा किया। शाहरुख खान, शूटिंग पर थे और पत्नी गौरी खान किसी काम से घर से बाहर गई हुई थीं, लेकिन बच्चे घर में ही थे। जल्द ही गुस्साई भीड़ ने नारेबाजी करते हुए घर में पत्थर मारने शुरू कर दिए। ये देखकर शाहरुख की बेटी सुहाना खान जोर-जोर से रोने लगीं, जो 6 साल की थीं। बड़े बेटे आर्यन भी रो रहे थे और शाहरुख की बहन की तबीयत खराब थी। घर से कॉल आते ही शाहरुख ने शूटिंग कैंसिल की और पुलिस को खबर थी। जल्द ही पुलिस ने भीड़ पर काबू पा लिया। शाहरुख भी तुरंत बच्चों के पास पहुंचे। शाहरुख इस इंसिडेंट से काफी नाराज हुए। कुछ दिनों बाद मिड-डे को दिए इंटरव्यू में शाहरुख ने कहा, मुझे अपना शूट कैंसिल कर घर भागना पड़ा था, क्योंकि मेरी 6 साल की बेटी सुहाना रो रही थी। मेरे घर के बाहर लोग हल्ला कर रहे थे, चिल्ला रहे थे। मेरा बेटा आर्यन डरा हुआ था कि कहीं कोई पत्थर न फेंक दे। अगर आप ये कहकर मुझे डराना चाहते हो कि मुझे नुकसान पहुंचाओगे, तो मैं डर जाऊंगा, क्योंकि मेरे न रहने के बाद मेरे बच्चों को कौन देखेगा। अगर मुझे नुकसान पहुंचाओगे, तो मैं अपने बारे में नहीं सोचूंगा। आगे शाहरुख ने कहा, मैं एक पठान हूं और अपने परिवार को लेकर बहुत प्रोटेक्टिव हूं। अगर मैं पुलिस के आने से पहले आ जाता, तो मैंने अपनी बेटी को रुलाने वाले उन सभी लोगों को रुला दिया होता। ये एक पठान का वादा है, मैंने उन्हें बख्शा नहीं होता। किस्सा- 5 काम का मजाक उड़ाया तो सलमान से हुई हाथापाई, संजय दत्त ने किया बीच-बचाव शाहरुख सलमान 90 के दशक में अच्छे दोस्त थे। दोनों साथ फिल्में भी करते थे। फिर जब शाहरुख ने ऐश्वर्या के साथ फिल्म चलते-चलते की शूटिंग शुरू की, तो इस दोस्ती में दरार आ गई। दरअसल, सलमान बार-बार सेट पर आकर ऐश्वर्या की वजह से हंगामा करते थे। शाहरुख ने ऐश्वर्या को फिल्म से हटाकर रानी को ले लिया। सलमान-शाहरुख में अनबन तो हुई, लेकिन फराह खान ने अपनी शादी में दोनों की फिर सुलह करवा दी। दोस्ती फिर चर्चा में आ गई। फिर साल 2008 में शाहरुख पत्नी के साथ सलमान की गर्लफ्रेंड कटरीना की बर्थडे पार्टी में पहुंचे। मजाक-मजाक में सलमान ने शाहरुख के टीवी शो क्या आप पांचवी पास से तेज हैं का मजाक उड़ा दिया। शाहरुख काम का मजाक बनता देख चिढ़ गए और दोनों की वहीं बहस शुरू हो गई। बहस के बीच हाथापाई की नौबत भी आ गई। संजय दत्त ने बीच-बचाव करवाया और शाहरुख तुरंत वाइफ गौरी खान के साथ पार्टी छोड़कर निकल गए। झगड़े के बाद दोनों ने सालों तक एक-दूसरे से बात नहीं की, हालांकि अब दोनों फिर दोस्त बन चुके हैं। किस्सा- 6 फिल्म का मजाक उड़ाने पर दोस्त फराह के पति को मारा थप्पड़ संजय दत्त की फिल्म अग्निपथ हिट रही थी, जिसके बाद उन्होंने अपने घर में एक सक्सेस पार्टी रखी। इस पार्टी में संजय के करीबी दोस्त शाहरुख खान भी पहुंचे। इनके अलावा शाहरुख की दोस्त फराह खान भी पति शिरीष कुंदर के साथ पहुंचीं। उसी समय शाहरुख खान के प्रोडक्शन हाउस की मेगा बजट फिल्म रा.वन फ्लॉप हुई थी। पार्टी में बातचीत के बीच शिरीष कुंदर ने शाहरुख की रा.वन के फ्लॉप होने का मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। शाहरुख ने सुना तो वो गुस्सा काबू नहीं कर सके और सीधे शिरीष को थप्पड़ जड़ दिया। फराह तुरंत पार्टी छोड़कर निकल गईं। डब्बू रत्नानी, अमीषा पटेल, जैसे कई लोगों ने माना की गलती शिरीष की थी। झगड़ा खबरों में रहा, फिर अगले ही दिन गलती का एहसास होने पर शिरीष कुंदर ने शाहरुख से माफी मांगकर मामला शांत कर दिया। किस्सा- 7 आमिर ने शाहरुख के नाम का कुत्ता पाला, जो जवाब में आमिर खान को छिछोरा कहा मई 2008 की बात है। पंचगनी के एक फार्महाउस से आमिर खान ने ब्लॉग लिखा- शाहरुख मेरे पैरों को चाट रहा है और मैं बीच-बीच में उसे बिस्किट खिला रहा हूं। इससे ज्यादा और क्या मांग सकता हूं? आमिर का बयान आते ही साफ हो गया कि उनके और शाहरुख के बीच सालों से चला आ रही कॉल्ड वॉर, अब पब्लिक होने वाली है। कुछ महीने बीते, 25 दिसंबर 2009 को आमिर की फिल्म 3 इडियट्स रिलीज होनी थी और कुछ दिनों बाद 12 फरवरी 2010 में शाहरुख की फिल्म माय नेम इज खान आनी थी। दोनों रिलीज में चंद दिनों की दूरी थी। आमिर फिल्म के प्रमोशन के लिए भेष बदलकर पब्लिक प्लेस में जा रहे थे। वहीं शाहरुख भी प्रमोशन में व्यस्त थे। एक इवेंट में शाहरुख से आमिर के गेटअप बदलकर प्रमोशन करने पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा- ये शब्द इस्तेमाल करने के लिए माफी, लेकिन ये छिछोरापन है। मुझे नहीं लगता कि एक लेवल पर आकर फिल्ममेकर्स या हम फिल्म की पब्लिसिटी के लिए ये छिछोरापन करेंगे। किस्सा- 8 बेटी से बदतमीजी की तो स्टेडियम में लड़ पड़े शाहरुख, बच्चे नाराज हुए तो दी सफाई 17 मई 2012 में शाहरुख, पत्नी गौरी खान, बच्चों आर्यन और सुहाना समेत करीब 40 बच्चों को मैच दिखाने ले गए थे। उस दिन शाहरुख की IPL टीम किंग नाइट राइडर का मैच चेन्नई सुपर किंग से था। सुहाना और आर्यन दूसरे बच्चों के साथ एक तरफ खड़े थे, तभी सिक्योरिटी गार्ड ने आकर उनसे बदसलूकी करना शुरू कर दी। वो बच्चों को वहां से भद्दी भाषा में हटा रहा था। उस समय तो शाहरुख वहां मौजूद नहीं थे। लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि गार्ड ने उनके बच्चों के साथ बुरा सलूक किया, वो आपा खोते हुए उस गार्ड को मारने पहुंच गए। जमकर हंगामा और मारपीट हुई। नतीजतन मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने शाहरुख की वानखेड़े स्टेडियम में एंट्री पर 5 साल का बैन लगा दिया। उस दिन मारपीट कर जब शाहरुख घर लौटे, तो गौरी और बच्चे उनके रवैये पर नाराज थे। बेटे आर्यन ने साफ कहा कि उन्हें मारपीट नहीं करनी चाहिए थी। जब शाहरुख ने कहा कि वो बच्चों को गाली दे रहा था, तो सुहाना ने भी कहा- ये इतनी बड़ी बात नहीं थी कि आप इतना गुस्सा हो जाओ। आप एक बड़े स्टार हो। आपको तमीज से पेश आना चाहिए। शाहरुख ने आप की अदालत में इस मुद्दे पर बात की और अपने रवैये पर देश की जनता से भी माफी मांगी। अब पढ़िए, कैसे हीरो बने शाहरुख खान- शाहरुख के पिता मीर ताज मोहम्मद का जन्म अफगानिस्तान में ही हुआ था। 1946 में वो दिल्ली यूनिवर्सिटी से वकालत करने भारत आए थे, हालांकि इसके बाद भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से शुरू हुए दंगों के बाद वो अफगानिस्तान नहीं लौट सके। शाहरुख के पिता ने वकालत पूरी करने के बाद फर्नीचर बिजनेस किया। ये सफल नहीं रहा तो उन्होंने ट्रांसपोर्टेशन और केरोसीन डीलिंग जैसे काम किए। बाद में उन्होंने दिल्ली के विलिंगन हॉस्पिटल के पीछे चाय की दुकान खोल ली। 1956 में मीर ताज मोहम्मद, लतीफ फातिमा से शादी कर दिल्ली के राजेंद्र नगर इलाके में किराए के घर में रहने लगे। एक बेटी के बाद 2 नवंबर 1965 को उनके घर बेटे शाहरुख का जन्म हुआ। शाहरुख ने 5 साल मैंगलोर में अपने नाना-नानी के साथ गुजारे। देखिए शाहरुख खान के बचपन की तस्वीरें- उनके नाना इफ्तिखार अहमद, पोर्ट में चीफ इंजीनियर थे। शाहरुख की मां लतीफ फातिमा भी पढ़ी-लिखी थीं। इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वालीं लतीफ फातिमा फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट थीं। वो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की करीबी थीं और उनके साथ सोशल वर्क किया करती थीं। स्पोर्ट्समैन बनना चाहते थे, कंधे में लगी चोट से टूटा सपना शाहरुख खान ने पढ़ाई सेंट कोलंबस स्कूल से की। वो पढ़ाई के साथ हॉकी और फुटबॉल में भी माहिर थे। खेलकूद में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें स्कूल का सबसे बड़ा सोर्ड ऑफ ऑनर अवॉर्ड मिला था। वो स्पोर्ट्समैन बनना चाहते थे, लेकिन एक दिन खेलते हुए उनके कंधे पर इतनी गहरी चोट लगी, जिससे डॉक्टर्स ने उन्हें खेल से दूर रहने की सलाह दी। स्पोर्ट्स छोड़ने के बाद उन्होंने हंसराज कॉलेज में इकोनॉमिक्स की पढ़ाई के साथ प्ले में हिस्सा लेना शुरू किया। दिल्ली के थिएटर एक्शन ग्रुप से जुड़कर उन्हें बैरी जॉन से एक्टिंग सीखने का मौका मिला। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने दिल्ली के ही जामिया मिलिया इस्लामिया कॉलेज से मास कम्यूनिकेशन के मास्टर्स में दाखिला लिया। फिर एक्टर बनने के लिए पढ़ाई अधूरी छोड़ दी और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला ले लिया। खुद को हीरो बनने लायक नहीं समझते थे शाहरुख नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एक्टिंग सीखते हुए शाहरुख की मुलाकात फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों से हुई। सबसे पहले उन्हें लेख टंडन के टीवी शो दिल दरिया में काम मिला था, जिसकी शूटिंग 1988 में शुरू हुई थी। हालांकि ये शो बनने में देरी हो गई और उन्होंने राजकुमार कपूर के निर्देशन में बने 1989 के शो फौजी से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। वो अजीज मिर्जा के शो सर्कस (1989-1990), मणि कौल के शो इडियट (1992) और उम्मीद (1989) का भी हिस्सा रहे। शाहरुख के दमदार अभिनय की तुलना दिलीप कुमार से की जाती थी। कई लोग उनसे कहते थे कि उन्हें टीवी सीरियल में नहीं बल्कि फिल्मों में काम करना चाहिए, हालांकि वो खुद को फिल्म में हीरो बनने लायक नहीं समझते थे। एक दिन शाहरुख खान के पास हेमा मालिनी की भतीजी का कॉल आया था। उन्होंने कहा था कि एक फिल्म के सिलसिले में हेमा आपसे बात करना चाहती हैं। शाहरुख को लगा कि कोई मजाक कर रहा है, हालांकि कुछ ही समय में हेमा मालिनी कॉल पर थीं। उन्होंने शाहरुख को मिलने बुलाया, लेकिन उन्हें फिल्में नहीं करनी थीं, तो वो गए ही नहीं। कुछ समय बाद मां का निधन हो गया और शाहरुख बुरी तरह टूट गए। सदमे से उबरने के लिए वो दिल्ली छोड़कर मुंबई चले आए। तब भी हेमा मालिनी अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म दिल आशना है के लिए एक हीरो की तलाश में थीं, तो शाहरुख खान उनसे मिलने चले गए। हेमा मालिनी ने बोलने का स्टाइल देखकर कर दिया था रिजेक्ट हेमा मालिनी की ऑटोबायोग्राफी बियॉण्ड द ड्रीम गर्ल के मुताबिक, हेमा को शाहरुख के बाल और उनके जल्दी-जल्दी बोलने का तरीका पसंद नहीं आया, जिसके चलते उन्होंने शाहरुख को रिजेक्ट कर दिया। कुछ समय बाद जब हेमा मालिनी को उनकी फिल्म दिल आशना है के लिए कोई हीरो नहीं मिला, तो उन्होंने शाहरुख खान को ही कास्ट कर लिया। सालों पहले गुरु मां ने की थी भविष्यवाणी- ये लड़का एक दिन इंडस्ट्री का चेहरा बदल देगा शूटिंग शुरू होने के बाद हेमा मालिनी अपनी गुरु मां इंदिरा के पास शाहरुख खान की तस्वीर लेकर पहुंची थीं। तब उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि एक दिन ये लड़का इंडस्ट्री का चेहरा बदल देगा। सालों बाद गुरु मां की कही बात सच साबित हुई। 1991 में शाहरुख खान की एक साथ 4 फिल्में दिल आशना है, दीवाना, राजू बन गया जेंटलमैन और चमत्कार रिलीज हुईं और सारी हिट रहीं। इन फिल्मों की बदौलत शाहरुख खान को 1992 की फिल्म बाजीगर मिली। फिल्म बाजीगर और डर में नेगेटिव रोल निभाकर शाहरुख खान स्टार बन गए। 1991 से लेकर अब तक शाहरुख खान 80 फिल्मों में बतौर हीरो काम कर चुके हैं। पिछले साल उन्हें फिल्म पठान के लिए पहला बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला है। शाहरुख अब जल्द ही किंग में नजर आने वाले हैं, जो 2027 में रिलीज होगी। शाहरुख के बारे में ये फैक्ट्स भी पढ़िए-
ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए के ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नोरा फतेही को समन जारी किया गया है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोरा फतेही को 2 नवंबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उन्हें इस मामले में सरकारी गवाह के रूप में अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दाखिल तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है। दरअसल सुकेश पर आरोप है कि उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपए की ठगी की थी। नोरा पर इन्हीं ठगी के पैसों से महंगे गिफ्ट्स लेने का आरोप है। ठगी के पैसे से मिले महंगे गिफ्ट्स से जुड़ा विवाद इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मामले में नोरा फतेही से कई बार पूछताछ की थी। नोरा पर आरोप है कि उन्होंने सुकेश या उसके सहयोगियों से लग्जरी गाड़ियां, महंगे बैग और ज्वेलरी जैसे सामान मिले थे। नोरा और सुकेश को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की की जा चुकी है। इस दौरान नोरा ने खुद 1 करोड़ से ज्यादा कीमत की लग्जरी गाड़ी गिफ्ट में लेने की बात कबूल की थी। ये कार नोरा को 2020 में हुए एक ईवेंट के दौरान चेन्नई में गिफ्ट की गई थी। हालांकि, नोरा फतेही ने हमेशा किसी भी गलत काम में शामिल होने से इनकार किया है। उन्होंने जांच एजेंसियों को दिए बयानों में कहा था कि वे खुद इस मामले में पीड़ित (विक्टिम) रही हैं। तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट के आधार पर भेजा गया समन मामले की सुनवाई कर रही दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नोरा फतेही को 2 नवंबर को अदालत के सामने उपस्थित होने को कहा है। जांच एजेंसियों ने सुकेश चंद्रशेखर और उसके नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में नोरा के बयान को केस की पैरवी मजबूत करने के लिए जरूरी माना गया है। जैकलीन भी इस मामले में आरोपी वहीं एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस इस मामले में मुख्य आरोपी हैं। ED की जांच में सामने आया था कि सुकेश ने ठगी के इन पैसों से जैकलीन फर्नांडिस को करोड़ों रुपए के कीमती गिफ्ट्स दिए थे। इसमें लग्जरी बैग, हीरे की ज्वेलरी, महंगे घोड़े और बिल्लियां शामिल थीं। इस वजह से ED ने जैकलीन को भी इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाया था। जैकलीन ने लिए थे कई महंगे गिफ्ट ED के मुताबिक, जैकलीन से दोस्ती हो जाने के बाद सुकेश ने उनके ऊपर 7 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए थे। सुकेश ने जैकलीन को ये चीजें गिफ्ट की थीं... रोहिणी जेल से 200 करोड़ रुपए की रंगदारी का आरोप यह पूरा मामला साल 2020-21 के दौरान दिल्ली की रोहिणी जेल से चलाए गए रंगदारी नेटवर्क से जुड़ा है। आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने जेल में बंद रहते हुए खुद को केंद्र सरकार का वरिष्ठ अधिकारी बताया था। उसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने का झांसा देकर लगभग 200 करोड़ रुपए ठगे थे। ये खबर भी पढ़ें काम दिलाने की आड़ में ठगे गए 20 लाख रुपए:नोरा फतेही बोलीं- मेरा मजाक उड़ाया गया, ‘दिलबर’ जैसे कई गाने फ्री में करने पड़े मुंबई की चमक-दमक के पीछे ठगी, ताने और संघर्ष की लंबी कहानी भी छुपी है। नोरा फतेही की जिंदगी भी ऐसी ही रही, जहां काम दिलाने का वादा कर 20 लाख रुपए ठग लिए गए और कई बार उन्हें बिना फीस के गाने करने पड़े। पूरी खबर पढ़ें
रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर पाकिस्तान में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान के कराची में एक मंदिर में फिल्म ‘रामायण’ का पोस्टर लगाया गया है। यूट्यूब पर सामने आए एक वीडियो में यहां हिंदू समुदाय के कुछ लोग ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते नजर आए। वीडियो में कराची के एक मंदिर में फिल्म का पोस्टर दिखाई दे रहा है। पोस्टर में रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश नजर आ रहे हैं। ये फिल्म में भगवान राम, सीता और रावण की भूमिकाएं निभा रहे हैं। वीडियो में लोग फिल्म की सफलता के लिए शुभकामनाएं देते दिख रहे हैं। कुछ लोगों ने इसके ऑस्कर जीतने की उम्मीद भी जताई। पाकिस्तान में क्या फिल्म रामायण रिलीज होगी? रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भले ही पाकिस्तान में भी चर्चा हो रही है, लेकिन वहां फिल्म की थिएटर रिलीज को लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। द फ्री प्रेस जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और सैन्य तनाव के चलते वहां भारतीय फिल्मों की रिलीज पर पाबंदियां हैं। वहीं, अगस्त 2026 में प्रकाशित पाकिस्तान शोबिज की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारतीय फिल्मों के लिए NOC जारी करना बंद कर दिया था। फिल्म के मेकर्स ने इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन के लिए सोनी पिक्चर्स के साथ साझेदारी की है। हालांकि, दुनियाभर में रिलीज की योजना होने का मतलब यह नहीं है कि फिल्म को हर देश में रिलीज करने की अनुमति मिल गई है। रकुल का शूर्पणखा के रोल में पहला लुक जारी शुक्रवार को फिल्म के मेकर्स ने रकुल प्रीत सिंह के किरदार का पहला पोस्टर जारी किया। इसमें वह जनस्थान की राजकुमारी शूर्पणखा के शाही अंदाज में नजर आ रही हैं। उन्होंने खास परिधान, सोने के गहने और सिर पर आकर्षक हेडपीस पहना हुआ है। पोस्टर के साथ मेकर्स ने लिखा, ‘जनस्थान की राजकुमारी, शूर्पणखा। शूर्पणखा के रूप में रकुल प्रीत सिंह।’ फिल्म में अपने किरदार को लेकर रकुल ने कहा कि शूर्पणखा की भूमिका निभाना उनके लिए खास अनुभव है। उन्होंने इस किरदार की दुनिया को समझने और पर्दे पर उतारने के सफर को शानदार बताया। रकुल ने कहा कि वह दर्शकों के सामने अपना लुक और परफॉर्मेंस लाने के लिए उत्साहित हैं। ………………… यह खबर भी पढ़ें... ‘रामायण’ के ट्रेलर की पाकिस्तान में हुई तारीफ: कंटेंट क्रिएटर्स ने VFX और मेकिंग को बताया शानदार, रणबीर कपूर की भी सराहना की पाकिस्तान के कंटेंट क्रिएटर्स और फिल्म क्रिटिक्स ने रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ के ट्रेलर की तारीफ की थी। उन्होंने फिल्म के VFX, स्टार कास्ट और मेकिंग को शानदार बताया था। क्रिएटर्स ने रणबीर कपूर और यश की एक्टिंग की भी सराहना की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
महाभारत में युधिष्ठिर का रोल निभाने वाले गजेंद्र चौहान एक्टर नसीरुद्दीन शाह के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान पर भड़क गए हैं। गजेंद्र चौहान ने शाह को सीधे चुनाव लड़ने की चुनौती दी और कहा कि वे उनके खिलाफ मैदान में उतरकर उन्हें चुनाव हराएंगे। वहीं फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने शाह के आचरण पर सवाल उठाते हुए उनके व्यवहार को बेकाबू बताया और कहा कि उन्हें मेडिकल मदद की जरूरत है। 'अगर सरकार का विरोध पसंद है तो चुनाव लड़कर दिखाएं' गजेंद्र चौहान ने नसीरुद्दीन शाह को सीधे चुनावी मैदान में उतरने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि देश ने एक कलाकार के तौर पर नसीरुद्दीन शाह को बहुत सम्मान और प्यार दिया, लेकिन अपने बयानों से उन्होंने इस सम्मान को नुकसान पहुंचाया है। गजेंद्र चौहान ने कहा, अगर आपको सरकार का विरोध करने का इतना ही शौक है, तो चुनाव लड़कर दिखाइए। आप जहां से भी चुनाव लड़ेंगे, मैं भाजपा कार्यकर्ता के नाते अपनी पार्टी से आपके खिलाफ टिकट मांगूंगा और आपको चुनाव में हराकर दिखाऊंगा। अशोक पंडित बोले- हताशा में मर्यादा भूल चुके हैं नसीरुद्दीन फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने भी नसीरुद्दीन शाह के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। IANS से बातचीत में अशोक पंडित ने कहा कि पिछले एक साल से शाह की भाषा और बर्ताव में लगातार गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि शाह का व्यवहार किसी गुंडे जैसा हो गया है और वे अपनी मर्यादाएं खो चुके हैं। पंडित ने कहा कि पढ़े-लिखे इंसान होने का दावा करने वाले व्यक्ति की ऐसी भाषा उनकी हताशा और अनकंट्रोल्ड व्यवहार को दर्शाती है। नसीरुद्दीन शाह ने क्या कहा था? नसीरुद्दीन शाह ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वे कहते हैं- मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब (उपनाम) दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या। उन्होंने आगे कहा, टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे? उन्होंने यह भी कहा कि पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), फिर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों पर जो जुल्म किया जा रहा है, वो याद रखा जाएगा। सब याद रखा जाएगा। नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में मीडिया और बीजेपी आईटी सेल के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश के युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा, शिक्षा संस्थान बर्बाद नहीं होंगे और लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ेगा। वीडियो के आखिर में उन्होंने देश के युवाओं को सलाम किया और कहा कि उनकी दुआएं उनके साथ हैं। बीजेपी के लिए अपशब्द कहे थे; झूठी पार्टी बताया था इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया था। अभिनेता ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। शाह ने वीडियो में कहा था कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
श्रद्धा कपूर की अपकमिंग फिल्म ‘ईठा’ का ट्रेलर आज दोपहर रिलीज हुआ। फिल्म में श्रद्धा मशहूर लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर का किरदार निभा रही हैं। लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी यह फिल्म 4 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में रणदीप हुड्डा, मोहम्मद जीशान अय्यूब और नाना पाटेकर भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म ‘ईठा’ का ट्रेलर महाराष्ट्र की लोककला तमाशा और लावणी की दुनिया दिखाता है। ट्रेलर में कला, संघर्ष और अपने सम्मान के लिए लड़ाई नजर आती है। श्रद्धा विठाबाई के किरदार में दमदार लग रही हैं। उनके डायलॉग भी असर छोड़ते हैं। एक जगह वह कहती हैं, “देखते हैं क्या टूटता है, मेरा भरोसा या मेरा घमंड। मेरा भरोसा ही मेरा घमंड था रे। जब वो टूट गया ना, सब टूट गया।” मोहम्मद जीशान अय्यूब के डायलॉग्स भी ध्यान खींचते हैं मोहम्मद जीशान अय्यूब का अंदाज भी ध्यान खींचता है। उनके डायलॉग्स भी शानदार हैं। ट्रेलर में वह श्रद्धा कपूर के किरदार ईठा से कहते हैं, “तुझसे तो नाच के मुकाबले में तकदीर भी नहीं जीत सकती, ईठा। बिना नाचे जाएगी क्या? देख, आसमान का मंडप है, चांद की लाइट है, हवाओं के स्पीकर हैं। कोई हो न हो, तेरा रिवाज तो है। तू ही कहती थी न कि पड़े-पड़े मरी तो बेचारी कहलाऊंगी।” इसके बाद ईठा कहती है, “पर नाचते हुए मरी तो मिसाल बन जाऊंगी।” ट्रेलर की जान इसका संगीत है। अजय-अतुल का म्यूजिक कहानी के माहौल को और मजबूत बनाता है। नववारी साड़ी को लेकर श्रद्धा का डायलॉग भी खास है, वो कहती हैं, “ये सिर्फ कपड़ा नहीं, अभिमान है। जिसे पहनने मिले, वो भाग्यवान है।” फिल्म में अन्ना सावंत मर्चेंट का किरदार निभाएंगे फिल्म ‘ईठा’ से कल रणदीप हुड्डा का फर्स्ट लुक भी जारी हुआ था। पोस्टर में रणदीप अपने किरदार अन्ना सावंत मर्चेंट के रूप में नजर आ रहे हैं। रणदीप हुड्डा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह पोस्टर शेयर किया। पोस्टर में वह बड़ी मूंछों और भारी-भरकम शरीर के साथ दिख रहे हैं। ‘ईठा’ से 28 अक्टूबर को श्रद्धा कपूर का नया पोस्टर जारी किया गया था। पोस्टर में श्रद्धा पारंपरिक लावणी डांसर के रूप में नजर आ रही हैं। वह हाथों में घुंघरू थामे गंभीर और प्रभावशाली अंदाज में दिख रही हैं। लीजेंड्री कलाकार विठाबाई के बारे में जानिए- फिल्म ‘ईठा’ गूगल पर ट्रेंड कर रही है सोर्स- गूगल ट्रेंड्स
फिल्म- झाड़ फूंक कलाकार: यशपाल शर्मा, पद्मिनी कोल्हापुरे, सुम्बुल तौकीर खान, हर्ष राजपूत, अप्रतिम सिंह निर्देशक: राजन रामगोपाल वर्मा निर्माता: शैलेश परिहार ड्यूरेशन: 1 घंटा 53 मिनट रेटिंग: 3/5 कभी कभी डर किसी अंधेरे कमरे में नहीं, बल्कि उन सवालों में छिपा होता है, जिनके जवाब हमारे पास नहीं होते। जब जिंदगी, रिश्ते और अनजाना खौफ एक ही मोड़ पर आकर खड़े हो जाएं, तो सच तक पहुंचना आसान नहीं होता। फिल्म ‘झाड़ फूंक’ की कहानी भी ऐसे ही रहस्यों के बीच आगे बढ़ती है, जहां हर नया सवाल अपने साथ एक अनजाना डर लेकर आता है। फिल्म की कहानी आस्था (सुम्बुल तौकीर खान) प्रेग्नेंट है और राजवीर (हर्ष राजपूत) के साथ उत्तराखंड से दिल्ली की ओर सफर कर रही है। आस्था चाहती है कि राजवीर उससे शादी कर ले, लेकिन रास्ते में हुए एक हादसे के बाद राजवीर अचानक गायब हो जाता है। इसके बाद आस्था ऐसी परिस्थितियों में पहुंच जाती है, जहां उसकी मुलाकात मोहन ठाकुर (यशपाल शर्मा) और कामिनी ठाकुर (पद्मिनी कोल्हापुरे) से होती है। एक खंडहरनुमा तहखाना, वहां का रहस्यमयी माहौल और मंजरी से जुड़ी घटनाएं उसके डर को बढ़ाने लगती हैं। धीरे धीरे इस जगह से जुड़े राज सामने आते हैं और आस्था ऐसे अनुभवों से गुजरती है, जो उसके लिए सब कुछ बदल देते हैं। इन घटनाओं के पीछे क्या है, यही फिल्म के सस्पेंस का अहम हिस्सा है। फिल्म का डायरेक्शन, स्टोरी और स्क्रीनप्ले निर्देशक राजन रामगोपाल वर्मा की फिल्म का कॉन्सेप्ट दिलचस्प है। एक गर्भवती महिला, अचानक गायब हुआ प्रेमी और रहस्यमयी तहखाने का माहौल कहानी को रोमांचक बना सकता था। फिल्म के प्रीक्लाइमैक्स में सस्पेंस पैदा होता है और कुछ देर के लिए कहानी दर्शकों को बांधने में सफल रहती है। हालांकि, फिल्म की रफ्तार कई जगह धीमी पड़ जाती है। कुछ सीन जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं, जबकि कई घटनाओं के बीच जुड़ाव साफ नजर नहीं आता। कहानी जिस सवाल के साथ शुरू होती है, वह बीच में अपनी अहमियत खोने लगता है। इससे मुख्य कहानी का प्रभाव कम होता है और दर्शकों की उत्सुकता भी कमजोर पड़ सकती है। हॉरर के साथ आस्था और अंधविश्वास का पहलू जोड़ा गया है, लेकिन डर पैदा करने वाले सीन हर बार असर नहीं छोड़ते। कई जगह माहौल बनाने की कोशिश दिखती है, मगर वह प्रभावशाली डर में नहीं बदल पाती। स्क्रीनप्ले ज्यादा कसा हुआ होता और गैरजरूरी दृश्यों को छोटा किया जाता, तो फिल्म का असर बेहतर हो सकता था। कहानी में मौजूद संभावनाओं को पूरी तरह पर्दे पर उतारने के लिए निर्देशन और तकनीकी प्रस्तुति में और कसावट की जरूरत महसूस होती है। फिल्म में एक्टिंग यशपाल शर्मा अपने अनुभव के साथ किरदार में गंभीरता लाते हैं। पद्मिनी कोल्हापुरे भी रहस्यमयी माहौल के अनुरूप अभिनय करती हैं। सुम्बुल तौकीर खान आस्था के डर और परेशानी को पर्दे पर उतारने की कोशिश करती हैं, जबकि हर्ष राजपूत की भूमिका कहानी की शुरुआती कड़ी में अहम है। हालांकि, कमजोर लेखन के कारण कलाकारों को अपने किरदारों के जरिए पूरी छाप छोड़ने का मौका नहीं मिल पाता। फिल्म में म्यूजिक फिल्म में सिर्फ एक गाना बेतहाशा है, जो सुनने में अच्छा लगता है और कहानी के माहौल के साथ मेल खाता है। बैकग्राउंड म्यूजिक थोड़ा और इम्पैक्टफुल हो सकता था फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘झाड़ फूंक’ के पास एक दिलचस्प कॉन्सेप्ट और रहस्य रचने की गुंजाइश है। प्रीक्लाइमैक्स में कहानी रोमांच पैदा करती है, लेकिन धीमी रफ्तार, लंबे सीन और कमजोर स्क्रीनप्ले इसके असर को सीमित कर देते हैं। फिल्म कुछ सवाल खड़े करती है, मगर उनके जरिए लगातार रोमांच बनाए रखने में पूरी तरह सफल नहीं होती। हॉरर पसंद करने वाले दर्शक इसे एक बार देख सकते हैं।
हॉलीवुड एक्टर सर पैट्रिक स्टीवर्ट का बुधवार को लॉस एंजिल्स में 86 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने 'एक्स-मेन ' और 'स्टार ट्रेक' फ्रेंचाइजी में काम किया था। एक्टर के सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी बयान के मुताबिक, उन्होंने घर पर आखिरी सांस ली। वह अल्जाइमर रोग और लेवी बॉडी डिमेंशिया से जूझ रहे थे। उस समय उनकी पत्नी सनी उनके साथ थीं। उनके निधन के बाद ह्यू जैकमैन, विलियम शैटनर, मार्वल स्टूडियोज और कई सह-कलाकारों ने सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए दुख जताया। पैट्रिक स्टीवर्ट ने 60 साल से ज्यादा समय तक थिएटर, टीवी और फिल्मों में काम किया। उन्होंने 1966 में रॉयल शेक्सपियर कंपनी से जुड़कर थिएटर में अपनी पहचान बनाई। उन्हें साइंस-फिक्शन सीरीज 'स्टार ट्रेक: द नेक्स्ट जेनरेशन' में कैप्टन जीन-ल्यूक पिकार्ड के किरदार से दुनियाभर में पहचान मिली। इसके अलावा, उन्होंने 'एक्स-मेन ' फिल्मों में प्रोफेसर चार्ल्स जेवियर यानी प्रोफेसर एक्स का किरदार निभाया। वह 'ड्यून', 'एक्सकैलिबर' और 'ग्रीन रूम' जैसी फिल्मों में भी नजर आए। पैट्रिक स्टीवर्ट ने अपनी जिंदगी में तीन शादियां की थीं। उनकी पहली शादी 1966 में शीला फाल्कनर से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। बेटे का नाम डैनियल स्टीवर्ट और बेटी का नाम सोफी एलेक्जेंड्रा स्टीवर्ट है। 1990 में दोनों का तलाक हो गया था। इसके बाद पैट्रिक ने 2000 में टीवी प्रोड्यूसर वेंडी न्युस से शादी की, लेकिन 2003 में दोनों अलग हो गए। सितंबर 2013 में उन्होंने अमेरिकी सिंगर और सॉन्गराइटर सनी ओजेल से तीसरी शादी की। पैट्रिक के चार पोते-पोतियां भी हैं। पैट्रिक स्टीवर्ट को मिला था नाइटहुड सम्मानपैट्रिक स्टीवर्ट को उनके शानदार अभिनय के लिए कई सम्मान मिले थे। इनमें ब्रिटेन का प्रतिष्ठित नाइटहुड सम्मान भी शामिल था। थिएटर में उनके बेहतरीन काम के लिए उन्हें दो प्रतिष्ठित लॉरेंस ओलिवियर अवॉर्ड मिले। वहीं, उन्होंने बेस्ट स्पोकन वर्ड एल्बम की कैटेगरी में एक ग्रैमी अवॉर्ड भी जीता। इसके अलावा, वह अपने करियर में चार एमी अवॉर्ड, तीन गोल्डन ग्लोब और एक टोनी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट हुए।पैट्रिक स्टीवर्ट का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज पैट्रिक स्टीवर्ट के नाम लाइव-एक्शन मार्वल किरदार निभाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने 2000 में आई फिल्म 'एक्स-मेन' में पहली बार प्रोफेसर चार्ल्स जेवियर यानी प्रोफेसर एक्स का किरदार निभाया था। इसके बाद उन्होंने 2022 में आई फिल्म 'डॉक्टर स्ट्रेंज इन द मल्टीवर्स ऑफ मैडनेस' में भी यह भूमिका निभाई। इस तरह उन्होंने 21 साल और 296 दिनों तक एक ही मार्वल किरदार निभाया। इसी लंबे सफर के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में उनका नाम दर्ज किया गया। ‘एवेंजर्स: डूम्सडे’ होगी आखिरी फिल्मपैट्रिक स्टीवर्ट फिल्म 'एवेंजर्स: डूम्सडे' में नजर आएंगे। यह पर्दे पर उनकी आखिरी फिल्म होगी। मार्वल स्टूडियोज ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “मार्वल स्टूडियोज में हम सभी सर पैट्रिक स्टीवर्ट के निधन से बेहद दुखी हैं।” स्टूडियोज ने कहा, “सर पैट्रिक ने प्रोफेसर चार्ल्स जेवियर को असाधारण गरिमा, समझदारी और इंसानियत के साथ जीवंत किया। ‘एक्स-मेन’ से 'लोगान' और 'एवेंजर्स: डूम्सडे' तक, उन्होंने इस किरदार को कई पीढ़ियों के प्रशंसकों के लिए यादगार बना दिया।” ह्यू जैकमैन ने कहा- मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा ‘एक्स-मेन’ फ्रेंचाइजी में ह्यू जैकमैन ने पैट्रिक स्टीवर्ट के साथ काम किया था। ह्यू ने पैट्रिक के साथ अपनी तस्वीरें शेयर कर लिखा, “आज हमने स्टेज और स्क्रीन के महान कलाकारों में से एक को खो दिया। मेरी नजर में वे एक शानदार दोस्त और इंसान भी थे। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। पैट्रिक स्टीवर्ट, मैं आपको जिंदगीभर याद करूंगा।” विलियम शैटनर ने कहा- दिल टूट गया पैट्रिक स्टीवर्ट ने 1994 की फिल्म 'स्टार ट्रेक: द नेक्स्ट जेनरेशन' में विलियम शैटनर के साथ काम किया था। विलियम ने इमोशनल पोस्ट में कहा कि उनका दिल टूट गया है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर पैट्रिक के साथ तस्वीर शेयर की। विलियम ने लिखा, यह हफ्ता कितना दुखद रहा है। सर पैट्रिक स्टीवर्ट मेरे दोस्त, सहकर्मी और शानदार अभिनेता थे। स्टेज से लेकर एंटरप्राइज के ब्रिज तक, उन्होंने अपने हर काम में समझदारी, गरिमा और इंसानियत दिखाई। कैप्टन पिकार्ड हम सभी के बेहतर रूप का प्रतीक थे। उन्हें निभाने वाले इंसान भी ऐसे ही थे। मैं उनके और उनके काम के लिए स्नेह और सम्मान से भरा था। मेरी संवेदनाएं सनी और उनके परिवार के साथ हैं। उनकी बहुत कमी खलेगी। डैफने कीन ने पैट्रिक को दिग्गज बतायाफिल्म 'लोगान' में पैट्रिक और ह्यू जैकमैन के साथ काम कर चुकीं डैफने कीन ने भी एक लंबा नोट लिखा। फिल्म में उन्होंने लॉरा यानी X-23 का किरदार निभाया था। डैफने ने लिखा, “मुझे आज पैट्रिक के निधन की खबर मिली। यह अजीब संयोग है, क्योंकि पिछली रात मैं उन्हें एक ईमेल लिख रही थी। मैंने काफी समय से उन्हें ईमेल नहीं किया था।” उन्होंने लिखा, “वे दयालु, सच्चे, मजाकिया, अलग, परवाह करने वाले और आकर्षक इंसान थे। मुझे उनके अंतहीन मजाक, दूसरों का ख्याल रखने की आदत और रंग-बिरंगे पढ़ने वाले चश्मे याद हैं।” ……………. यह खबर भी पढ़ें... ‘ब्रेकिंग बैड’ एक्टर आरजे मिट्टे ने सुसाइड किया: 34 साल उम्र थी, अमेरिकी सीरीज में वॉल्टर व्हाइट जूनियर का किरदार निभाया था अमेरिकी टीवी सीरीज ‘ब्रेकिंग बैड’ में वॉल्टर व्हाइट के बेटे का किरदार निभाने वाले एक्टर आरजे मिट्टे का 34 साल की उम्र में निधन हो गया था। अमेरिकी वेबसाइट TMZ के मुताबिक, एक्टर के प्रतिनिधि ने बताया था कि उन्होंने टेक्सास में आत्महत्या की थी। उन्होंने ‘द ओक रूम’, ‘ट्रायम्फ’ और ‘द गार्डियंस ऑफ जस्टिस’ जैसी फिल्मों और सीरीज में भी काम किया था। वह दिव्यांग कलाकारों के अधिकारों के लिए भी आवाज उठाते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
दिवाली पर परिवार और रिश्तों को लेकर बनी फिल्म ‘मीठे में क्या है’ आज, यानी 30 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है। इसका निर्देशन राधिका बंसल ने किया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में राधिका, आयशा रजा मिश्रा, रोहिणी हट्टंगड़ी और ऋत्विक भौमिक ने फिल्म, किरदारों और परिवार से जुड़ी यादों पर बात की। राधिका ने बताया कि फिल्म का विचार क्रिसमस फिल्मों से आया। रोहिणी ने कहा कि कलाकारों को इस फिल्म में किरदार निभाने के बजाय उन्हें जीना था। सवाल: ‘मीठे में क्या है?’ में दर्शकों को क्या खास देखने को मिलेगा? जवाब/राधिका बंसल: फिल्म में बहुत सारा मसाला है। यह खट्टी-मीठी कहानी है, जिसमें ड्रामा, हास्य, रिश्तों की उलझनें और कई सरप्राइज हैं। यह एक मिक्स बॉक्स की तरह है। सवाल: फिल्म बनाने का विचार कैसे आया? जवाब/राधिका: हमारा परिवार हर साल क्रिसमस पर ‘होम अलोन’ और ‘लव एक्चुअली’ जैसी फिल्में देखता है। मुझे लगा कि दिवाली पर भी ऐसी फिल्म होनी चाहिए, जिसे पूरा परिवार साथ बैठकर देख सके। दिवाली घर लौटने और परिवार के साथ वक्त बिताने का त्योहार है। इसी विचार से फिल्म की कहानी आगे बढ़ी। सवाल: पहली फिल्म में इतनी शानदार स्टारकास्ट कैसे मिली? जवाब/राधिका: यह मेरी पहली फिल्म है। मैं पहले कभी फिल्म के सेट पर भी नहीं गई थी, इसलिए शुरुआत में उम्मीदें कम रखी थीं। मैं कहानी को नानी के किरदार के इर्द-गिर्द बनाना चाहती थी। रोहिणी हट्टंगड़ी मेरी ड्रीम कास्ट थीं। मैंने सोचा कि पूछने में क्या हर्ज है। उन्होंने हां कहा, तो लगा कि शायद अच्छी फिल्म बन जाएगी। फिर आयशा रजा मिश्रा और ऋत्विक भौमिक भी जुड़ गए। खास बात यह है कि किसी ने भी फिल्म के लिए मना नहीं किया। सवाल: आयशा जी, निर्देशक राधिका के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/आयशा रजा मिश्रा: राधिका अपने किरदारों को लेकर बहुत स्पष्ट थीं। शुरुआत में मुझे कुछ निर्देश गलत भी लगे, लेकिन जब सीन शूट हुए तो समझ आया कि वह सही थीं। एक कलाकार के तौर पर किरदार को समझने और उसे नए तरीके से खोजने में मजा आया। फिल्म में मां-बेटी, मां-बेटे और परिवार के दूसरे रिश्तों को खूबसूरती से दिखाया गया है। सवाल: रोहिणी जी, फिल्म में ऐसा क्या खास लगा कि आपने तुरंत हां कह दी? जवाब/रोहिणी हट्टंगड़ी: जब राधिका ने कहानी सुनाई, तभी लगा कि यह एक छोटी, खूबसूरत पारिवारिक फिल्म बनने वाली है। इसमें बड़े-बड़े इमोशनल सीन दिखाने के बजाय रिश्तों को सहज तरीके से पेश किया गया है। ऐसे किरदार निभाना मुश्किल होता है, क्योंकि उनमें अभिनय दिखाने के बजाय उन्हें जीना पड़ता है। फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़कर भी लगा था कि यह एक अच्छा अनुभव होगा। हमने पूरी फिल्म एक महीने में शूट की। साथ रहने और काम करने से कलाकारों के बीच भी पारिवारिक रिश्ता बन गया। इसका असर पर्दे पर भी दिखेगा। निर्देशक को अपने किरदारों की समझ थी, इसलिए काम करना आसान रहा। सवाल: ऋत्विक, आपने फिल्म के लिए हां क्यों कहा? जवाब/ऋत्विक भौमिक: पहली बार राधिका से वीडियो कॉल पर बात हुई थी। उन्होंने कुछ सीन भेजे और बताया कि वह कैसी फिल्म बनाना चाहती हैं। उनकी बातों में कहानी को लेकर सच्चाई और अपनापन था। उनका उत्साह देखकर लगा कि मैं भी इस फिल्म का हिस्सा बनना चाहता हूं। मैं जय अग्रवाल का किरदार निभा रहा हूं। वह परिवार की नई पीढ़ी का सबसे बड़ा बेटा है और अपनी जिंदगी के एक खास अनुभव से गुजर रहा है। इस किरदार के जरिए मुझे दुख और उससे जुड़े इमोशंस को एक नए तरीके से समझने का मौका मिला। सवाल: सेट पर कोई ऐसा अनुभव रहा, जब एक सीन बार-बार शूट करना पड़ा? जवाब/राधिका: एक सूटकेस वाला लंबा सीन था, जिसमें रात के समय अलग-अलग जगहों पर जाना था। उसे कई बार शूट करना पड़ा। लाइटिंग और सीन की जरूरतों के कारण काफी रीटेक हुए। सवाल: लखनऊ में शूटिंग के दौरान वहां की मिठाइयों का कितना आनंद लिया? जवाब/रोहिणी: लखनऊ की रबड़ी और जलेबी सभी को बहुत पसंद आई। राम आसरे और छप्पन भोग जैसी जगहों की मिठाइयां भी खाईं। सेट पर तो हमने खूब दावत की। सवाल: ऋत्विक, मीठा खाने से परहेज करने वालों से आप क्या कहेंगे? जवाब/ऋत्विक: मैं अपने मन की सुनता हूं। जब मीठा खाने का मन करता है, तो खा लेता हूं। बाद में जिम में मेहनत कर लेंगे। लेकिन खाने का मजा भी जरूरी है। दिवाली पर तो खास तौर पर मनपसंद मिठाई खानी चाहिए। बस, ध्यान रखकर खाना चाहिए। सवाल: फिल्म देखने के बाद दर्शकों के मन में क्या संदेश रहना चाहिए? जवाब/राधिका: मैं चाहती हूं कि फिल्म देखने के बाद लोगों को अपने परिवार की याद आए। उन्हें लगे कि कई दिनों से नानी, चाचा या किसी कजिन से बात नहीं हुई है, तो उन्हें फोन कर लेना चाहिए। अगर फिल्म किसी को अपने परिवार से दोबारा जुड़ने के लिए प्रेरित कर सके, तो मेरे लिए यही सबसे बड़ी खुशी होगी। सवाल: आपकी नानी से जुड़ी कोई खास याद, जिसने फिल्म को प्रेरित किया? जवाब/राधिका: यह फिल्म मेरी नानी को समर्पित है और उनसे प्रेरित है। शूटिंग शुरू होने से तीन महीने पहले उनका निधन हो गया था। मुझे बहुत दुख हुआ कि वह फिल्म नहीं देख सकीं। लेकिन मुझे लगता है कि उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ है। उनसे जुड़ी बहुत सारी यादें हैं, लेकिन आज भी लगता है कि काश, उनसे थोड़ी और बात कर ली होती और उन्हें थोड़ा और फोन किया होता। सवाल: आयशा जी, नानी-दादी से जुड़ी कोई याद या कहानी? जवाब/आयशा: मेरी नानी स्वतंत्रता सेनानी और कम्युनिस्ट थीं, जबकि मेरी दादी न्यूज रीडर थीं। दोनों कामकाजी महिलाएं थीं। मेरे परिवार में किसी को खाना बनाने का शौक नहीं था। मैं शायद अपने परिवार की पहली ऐसी महिला हूं, जो पूरे मन से खाना बनाती है। मैंने खाना बनाना इसलिए सीखा, ताकि अपने बेटे के लिए उसकी पसंद का खाना बना सकूं। सवाल: रोहिणी जी, नानी-दादी से जुड़ी कौन-सी याद सबसे खास है? जवाब/रोहिणी: मैंने अपनी दादी को कभी नहीं देखा। नानी कुछ समय हमारे साथ रही थीं। मेरा ननिहाल वडोदरा में था और वहां जाना मुझे बहुत अच्छा लगता था। घर के हर कमरे में झूला हुआ करता था। मुझे चाय बनाना भी अपनी नानी से ही सीखने को मिला था। खाना बनाना सीखने की मेरी पहली याद वही है। सवाल: ऋत्विक, परिवार के साथ बिताए बचपन की कोई खास याद? जवाब/ऋत्विक: मेरे दादा-दादी और नाना-नानी कोलकाता में रहते थे, जबकि मैं कभी बेंगलुरु तो कभी मुंबई में बड़ा हुआ। इसलिए उनके साथ ज्यादा वक्त नहीं बिता पाया। हालांकि, मुझे परिवार के हर सदस्य से बहुत प्यार मिला। मैं अपनी मां और पिता, दोनों की तरफ से परिवार में इकलौता लड़का हूं। इसलिए मुझे हर पीढ़ी से खूब प्यार मिला है। सवाल: फिल्म में परिवार की नोकझोंक और झगड़े दिखेंगे। असल जिंदगी में ऐसी स्थिति आए, तो आप क्या करेंगी? जवाब/आयशा रजा मिश्रा: मेरे पड़ोसी की भी कोई समस्या हो, तो मैं उसे सुलझाने लगती हूं। मैं तो पैदा ही समस्याएं सुलझाने के लिए हुई हूं। मुझे लगता है कि ज्यादातर भारतीय महिलाओं के डीएनए में ही समस्या सुलझाने की आदत होती है। घर में कोई महिला काम करती हो, तब भी लोग अपनी समस्याएं लेकर उसी के पास पहुंच जाते हैं। कई बार महिलाएं चाहें या न चाहें, उन्हें सबके मामले सुलझाने पड़ते हैं। मेरे पास तो आज तक ऐसी कोई स्थिति नहीं आई, जिसमें मैं कह सकूं कि मैं इससे दूर भाग रही हूं।
बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर के मुंबई स्थित आवास पर करवा चौथ का त्योहार रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। हर साल की तरह इस बार भी अनिल कपूर के घर कई बॉलीवुड सेलेब्स पहुंचे। इस सेलिब्रेशन में शिल्पा शेट्टी, मीरा राजपूत, रीदिमा कपूर साहनी, महीप कपूर, भावना पांडे, नीलम कोठारी और नताशा दलाल समेत कई जाने-माने सितारे पूजा की थाली और छन्नी लेकर पहुंचे। सालों से चली आ रही है कपूर परिवार की यह परंपरा सुनीता और अनिल कपूर का मुंबई स्थित घर पिछले कई वर्षों से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में करवा चौथ सेलिब्रेशन का ठिकाना रहा है। सुनीता कपूर हर साल अपने घर पर बॉलीवुड से जुड़े परिवारों और अभिनेत्रियों के लिए इस पूजा का आयोजन करती हैं। यहां हर साल तमाम हस्तियां कथा सुनती हैं और व्रत खोलने की रस्मों को पूरा करती हैं। ये खबर भी पढ़ें तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर दिया रिएक्शन:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के 'दूधिया बदन' वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। पूरी खबर पढ़ें
फिल्म निर्माता रामगोपाल वर्मा को 29.67 करोड़ रुपए का बकाया न चुकाने पर लीगल नोटिस जारी किया है। फिल्म प्रोडक्शन कंपनी 'एकलातांत फिल्म्स' ने यह रकम ना चुकाने का आरोप लगाया है। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन की मैगजीन कंप्लीट सिनेमा के 24 और 31 अक्टूबर 2026 के अंक में प्रकाशित सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, कंपनी ने रामगोपाल वर्मा को 30 अक्टूबर 2026 तक पूरी रकम का भुगतान करने को कहा है। ऐसा न करने पर कंपनी ने उनके प्रोजेक्ट्स के अधिकार रोकने और कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। 2010 के समझौते से जुड़ा है देनदारी का विवाद नोटिस के मुताबिक, यह पूरा विवाद 10 अप्रैल 2010 को हुए एक समझौते से जुड़ा हुआ है। इसमें 17 अप्रैल 2013 को बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से दिए गए एक आदेश का भी हवाला दिया गया है। कंपनी का दावा है कि रामगोपाल वर्मा पर मूल बकाया के अलावा 11.38 करोड़ रुपए का ब्याज भी जमा हो चुका है। ब्याज मिलाकर कुल देनदारी 29.67 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है। कंपनी ने 15 अक्टूबर 2026 को रामगोपाल वर्मा को कानूनी नोटिस भेजा था। बिना लिखित NOC के काम करने पर रोक का दावा एकलातांत फिल्म्स का कहना है कि समझौते की शर्तों के अनुसार, जब तक रामगोपाल वर्मा बकाया रकम का पूरा भुगतान नहीं कर देते, तब तक वे किसी तीसरे पक्ष के साथ काम नहीं कर सकते। उन्हें फिल्म निर्माण, सह-निर्माण, निर्देशन या लेखन से जुड़ी किसी भी काम के लिए कंपनी से लिखित अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना जरूरी है। बिना अनुमति के वे किसी भी नए प्रोजेक्ट से नहीं जुड़ सकते। 30 अक्टूबर तक भुगतान न करने पर प्रोजेक्ट्स रुकेंगे कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि 30 अक्टूबर 2026 तक बकाए का निपटारा नहीं हुआ, तो वह समझौते के तहत आने वाली फिल्मों और प्रोजेक्ट्स में रामगोपाल वर्मा के हिस्से, अधिकारों, राजस्व और कमाई पर अपना लीगल अधिकार (लागू कर देगी। इससे उनकी फिल्मों की रिलीज, प्रसारण या अन्य जरिया से मिलने वाला राजस्व रोका जा सकता है। तीसरी पार्टियों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भी दी चेतावनी सार्वजनिक नोटिस में उन लोगों और कंपनियों को भी आगाह किया गया है जो रामगोपाल वर्मा के प्रोजेक्ट्स के अधिकार खरीदने, लाइसेंस लेने, डिस्ट्रीब्यूशन करने या ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर स्ट्रीम करने की योजना बना रहे हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बिना NOC के ऐसा कोई भी सौदा करने वाली पार्टियां अपने जोखिम पर काम करेंगी। कंपनी उनके खिलाफ स्टे ऑर्डर (इंजंक्शन), रिकवरी याचिका और कानूनी सुरक्षा अधिकारों के तहत कड़ी कार्रवाई करेगी। ये खबर भी पढ़ें टाइगर के शूटर्स की गिरफ्तारी पर राम गोपाल वर्मा बोले:वे सिर्फ मोहरे होते हैं, जश्न मनाने से पहले अंडरवर्ल्ड को समझना होगा बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने शूटर्स की गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मानने पर सवाल उठाए हैं। पूरी खबर पढ़ें
एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर हाल ही में टॉक शो 'कॉफी विद करण सीजन 9' में वरुण धवन के साथ शामिल हुईं। शो के दौरान करण जोहर के रैपिड-फायर राउंड में जाह्नवी ने वीर पहाड़ीया को डेटिंग से जुड़ी एक सलाह दी। करण ने जब पूछा कि वे वीर को क्या सलाह देना चाहेंगी, तो जाह्नवी ने कहा कि उन्हें अपनी पार्टनर को कभी किसी कॉन्सर्ट में नहीं ले जाना चाहिए। जाह्नवी के इस बयान को तारा सुतारिया और वीर पहाड़ीया के ब्रेकअप से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, तारा और वीर की डेटिंग की शुरुआत साल 2025 की शुरुआत में हुई थी। दोनों को कई बार निजी जगहों पर साथ देखा गया था। फिर पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट के दौरान स्टेज पर हुए वाकये के बाद दोनों के ब्रेकप की खबरें सामने आईं थीं। कॉन्सर्ट विवाद और एपी ढिल्लों का किस्सा दिसंबर 2025 में मुंबई में हुए पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट के दौरान एक वाकया सामने आया था। कॉन्सर्ट में तारा सुतारिया स्टेज पर पहुंची थीं और सिंगर ने उन्हें गले लगाकर गाल पर किस किया था। इसी कॉन्सर्ट में दर्शकों में मौजूद वीर के रिएक्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें कथित तौर पर असहज दिखाया गया था। हालांकि, इस वीडियो को लेकर तारा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर कहा था कि झूठी बातें और पेड पीआर से सच नहीं बदलता। वीर ने भी इन दावों को खारिज करते हुए साफ किया था कि वायरल वीडियो में उनका जो रिएक्शन दिखाया गया है, वह उस गाने (थोड़ी सी दारू) के समय का नहीं था। उन्होंने कहा कि उनका रिएक्शन किसी और गाने के दौरान का था, जिसे गलत तरीके से एडिट कर वायरल किया गया। बाद में ओरी द्वारा शेयर किए गए एक अनएडिटेड वीडियो में वीर को खुशी-खुशी तारा और एपी के लिए चीयर करते हुए देखा गया। जनवरी 2026 में आई थीं ब्रेकअप की खबरें मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तारा सुतारिया और वीर पहाड़ीया ने साल 2025 की शुरुआत में एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था। जुलाई 2025 में दोनों ने अपना रिश्ता पब्लिक किया था। इसके बाद जनवरी 2026 में दोनों के अलग होने की खबरें सामने आई थीं। हालांकि दोनों में से किसी ने भी ब्रेकअप को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जाह्नवी कपूर की इस टिप्पणी के बाद एक बार फिर दोनों के रिश्ते और कॉन्सर्ट विवाद की चर्चा शुरू हो गई है। 'कॉफी विद करण' में वरुण धवन के साथ पहुंची थीं जाह्नवी जाह्नवी कपूर हाल के दिनों में अपनी फिल्मों के साथ-साथ बयानों के लिए भी चर्चा में रहती हैं। 'कॉफी विद करण' में वरुण धवन के साथ पहुंचीं जाह्नवी ने शो में कई अन्य मुद्दों पर भी बात की। जाह्नवी और वीर पहाड़ीया के परिवारों के बीच पुरानी दोस्ती बताई जाती है, इसी वजह से रैपिड-फायर राउंड में करण जोहर ने वीर से जुड़ा सवाल पूछा था।
सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट्रेस अनीता आडवाणी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को शादी के रूप में कानूनी मान्यता देने की मांग की थी। जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए इसे 'लक्जरी लिटिगेशन' (शौकिया या फिजूल मुकदमेबाजी) करार दिया। इसके साथ ही बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अनीता आडवाणी के लिए कानूनी रास्ते बंद हो गए हैं। अनीता लंबे समय से राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को कानूनी पहचान दिलाने के प्रयास में थीं। दरअसल अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह 10 साल से ज्यादा समय तक राजेश खन्ना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उन्होंने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून के तहत मामला भी दर्ज कराया था। 'सम्मान के लिए लड़ी कानूनी लड़ाई', वकील की दलील सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि इस याचिका में आगे सुनवाई का कोई ठोस आधार नहीं है। वहीं अनीता आडवाणी के वकील ने अदालत में तर्क दिया की यह याचिका किसी आर्थिक लालच के लिए नहीं, बल्कि अपने आत्मसम्मान और गरिमा के लिए है। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने 1 अप्रैल को अनीता की अपील खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने मुंबई की डिंडोशी सत्र अदालत के 2017 के उस आदेश को सही ठहराया था, जिसमें राजेश खन्ना के निधन के बाद दाखिल किए गए उनके सिविल सूट को खारिज कर दिया गया था। 2012 में बंगला छोड़ने से शुरू हुआ विवाद अनीता आडवाणी का दावा है कि वे राजेश खन्ना के साथ उनके जीवन के अंतिम वर्षों में कई सालों तक लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। जुलाई 2012 में 69 वर्ष की उम्र में राजेश खन्ना के निधन के बाद विवाद शुरू हुआ। अनीता का आरोप था कि राजेश खन्ना की पत्नी डिंपल कपाड़िया, बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार ने उन्हें बांद्रा स्थित बंगले 'आशीर्वाद' से बाहर निकाल दिया था। इसके बाद 2013 में अनीता ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के खिलाफ घरेलू हिंसा कानून (DVA) के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने बांद्रा में 3-बीएचके फ्लैट और हर महीने मेंटेनेंस की मांग की थी। 2015 में हाईकोर्ट ने खारिज की थी घरेलू हिंसा की शिकायत 2015 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार की अर्जी पर सुनवाई करते हुए अनीता आडवाणी की शिकायत को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि अनीता का राजेश खन्ना के साथ रिश्ता शादी जैसा नहीं था, इसलिए वे घरेलू हिंसा कानून के तहत राहत पाने की हकदार नहीं हैं। इसके अलावा अदालत ने यह भी माना था कि राजेश खन्ना के परिवार के सदस्यों को इस मामले में घसीटना सही नहीं है क्योंकि अनीता उनके साथ कभी नहीं रहीं। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में दोबारा अपील की। अप्रैल 2026 में कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। 'शालिमार' से किया था डेब्यू, बिग बॉस में भी दिखीं 60 के दशक की उम्र में पहुंच चुकीं अनीता आडवाणी ने 1978 में धर्मेंद्र और ज़ीनत अमान की फिल्म 'शालिमार' में एक डांसर के रोल से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 'साजिश' और 'दासी' जैसी फिल्मों में काम किया। साल 2013 में वे सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस' में भी नजर आई थीं। दो साल पहले उन्होंने राजेश खन्ना की जयंती पर 'द एंडियरिंगली विकेड वेज ऑफ राजेश खन्ना' नाम से अपनी किताब भी लॉन्च की थी। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि उनके रिश्ते के बारे में उनके और राजेश खन्ना के दोस्तों को सब पता था और उन्होंने इसे कभी छुपाया नहीं।ये खबर भी पढ़ें तमन्ना ने अन्नू कपूर के कमेंट पर दिया रिएक्शन:बोलीं- मैं इन चीजों पर ध्यान ही नहीं देती; एक्टर ने बॉडी पर दिया था आपत्तिजनक बयान एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने अन्नू कपूर के 'दूधिया बदन' वाले कमेंट पर पहली बार रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसी बातों के बजाय अपने काम पर ध्यान देती हैं। पूरी खबर पढ़ें
अजमेर दरगाह में गुरुवार को पंजाब से आए 50 जायरीनों ने चादर चढ़ा कर अमिताभ बच्चन की सेहत के लिए दुआ मांगी, साथ ही देश में अमन-चैन और शांति के लिए भी अरदास की। जायरीनों ने बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन की अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए विशेष दुआ की। इस दौरान जायरीनों ने ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की मजार पर मखमली चादर और अकीदत के फूल पेश कर जियारत की। जायरीन पंजाब के होशियारपुर से अजमेर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने गरीब नवाज के दरबार में सभी लोगों की सलामती और देश में शांति बने रहने के लिए भी अरदास की है। बॉलीवुड खादिम ने करवाई जियारत, दस्तारबंदी कर भेंट किया तबर्रुक पंजाब से आए जायरीनों को बॉलीवुड खादिम सैयद कुतुबुद्दीन सखी ने दरगाह में जियारत करवाई। इस दौरान जायरीनों ने मजार पर चादर और फूल पेश कर अपनी अकीदत जाहिर की। जियारत के बाद खादिम ने जायरीनों की दस्तारबंदी की और उन्हें तबर्रुक भेंट किया। जायरीन बोलीं- अमिताभ बच्चन जल्द स्वस्थ हों, सब सलामत रहें पंजाब के होशियारपुर से आईं जायरीन बेबी ने बताया कि वे ख्वाजा गरीब नवाज के दरबार में सभी की सलामती और खुशहाली की दुआ मांगने पहुंची हैं। उन्होंने अमिताभ बच्चन की अच्छी सेहत के लिए विशेष रूप से दुआ की, ताकि वे जल्द स्वस्थ और तंदुरुस्त हों। इसके साथ ही देश में शांति और भाईचारा कायम रहने की भी अरदास की। (फोटो वीडियो सहयोग- नजीर कादरी)
बॉलीवुड एक्ट्रेस सारा अली खान के केदारनाथ धाम में दर्शन और पूजा-अर्चना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके खिलाफ फतवा जारी करने की बात कही है। मौलाना का कहना है कि इस्लाम और शरीयत के मुताबिक किसी मुस्लिम का मंदिर में पूजा-पाठ करना नाजायज और हराम है। मुस्लिम युवाओं के सवालों के बाद दिया बयान मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से देशभर के मुस्लिम युवा उनसे सवाल कर रहे थे कि सारा अली खान का केदारनाथ मंदिर जाकर पूजा करना शरीयत के मुताबिक सही है या नहीं। इसी के जवाब में उन्होंने अपना धार्मिक मत सामने रखा। उन्होंने कहा कि शरीयत-ए-इस्लामिया अपने मानने वालों को शिर्क यानी अल्लाह के साथ किसी को साझी ठहराने की अनुमति नहीं देती। मंदिर में पूजा को बताया शरीयत के खिलाफ मौलाना के मुताबिक, मुस्लिम पुरुष हो या महिला, दूसरे धर्म के धार्मिक स्थलों पर जाकर पूजा करना इस्लामी मान्यताओं के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि सारा अली खान ने केदारनाथ मंदिर में दर्शन के साथ पूजा-पाठ भी किया, जिसे वह शरीयत के नियमों के विरुद्ध मानते हैं। सारा अली खान से तौबा करने की अपील मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने सारा अली खान को अपने इस कृत्य पर पछतावा करने और अल्लाह से माफी मांगने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि किसी भी मुस्लिम को धार्मिक सीमाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए, भले ही वह सेलिब्रिटी ही क्यों न हो। यह मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का धार्मिक मत और बयान है। इसे सभी मुस्लिम धर्मगुरुओं या इस्लामी समुदाय की एकमत राय नहीं माना जाना चाहिए। खबर अपडेट की जा रही है…
रणबीर कपूर ने टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में आलिया भट्ट को प्रपोज करने का किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने 2022 में केन्या के मासाई मारा में आलिया को प्रपोज किया था। शो में रणबीर ने बताया कि वह अंगूठी घर से लेकर गए थे। वह चाहते थे कि आलिया को प्रपोज करते समय तस्वीरें भी खींची जाएं। रणबीर ने कहा, “मैंने हमारे गाइड और ड्राइवर को पहले ही पैसे दे दिए थे। उनसे कहा था कि जंगल के बीच कहीं गाड़ी रोक दें।” उन्होंने बताया, “मैं अंगूठी लेकर गया था। चाहता था कि घुटनों पर बैठूं और वे दूर से तस्वीरें लें। लड़कियों को तस्वीरें पसंद होती हैं, ताकि वे उन्हें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर सकें। इसलिए मैंने सोचा कि आलिया के लिए यह बहुत जरूरी है।” प्रपोजल के वक्त पास थे तीन शेर रणबीर ने बताया कि यह पल उनकी उम्मीद से ज्यादा रोमांचक हो गया था। जब वह आलिया के सामने घुटनों पर बैठे, तब तीन शेर करीब 100 फीट दूर थे। रणबीर की बात पर अमिताभ बच्चन ने मजाक में कहा, “लेकिन सर, इसका कोई सबूत भी होना चाहिए।” इस पर रणबीर ने कहा, “सबूत होना चाहिए। अंगूठी तो थी, मैं उसे घर से लेकर गया था, लेकिन माहौल ऐसा था कि एक तरफ करीब 100 फीट दूर तीन बब्बर शेर थे।” उन्होंने आगे कहा, “मेरी शेरनी मेरे सामने खड़ी थी। मैं चूहा बनकर घुटनों पर बैठा था और कह रहा था- बेबी, क्या तुम मुझसे शादी करोगी?” रणबीर और आलिया का रिश्ता रणबीर और आलिया ने 14 अप्रैल 2022 को शादी की। यह शादी मुंबई स्थित रणबीर और आलिया के घर पर हुई थी। इसमें परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। दोनों 6 नवंबर 2022 को बेटी राहा के माता-पिता बने। प्रपोजल को लेकर विजय को ट्रोल किया गया गौरतलब है कि हाल ही में विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना 'कॉफी विद करण' में पहुंचे थे, जहां प्रपोजल की कहानी सामने आने के बाद विजय को ट्रोल किया गया था। दरअसल, शो में रश्मिका ने बताया था कि शादी के लिए उन्होंने विजय से करीब एक साल तक बात की। विजय ने उनसे इस बारे में 100 बार पूछने की बात कही थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर विजय को ‘रेड फ्लैग’ कहकर ट्रोल किया जाने लगा। बाद में रश्मिका ने सफाई देते हुए कहा कि लोगों ने उनकी बातों का गलत मतलब निकाला। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में विजय ने उनका साथ दिया था। वह अपने पति के साथ खुश हैं। वहीं, विजय ने रश्मिका को अपनी बेस्ट फ्रेंड और पत्नी बताते हुए उनका समर्थन किया। कथित फर्जी पोस्ट, एडिटेड स्क्रीनशॉट और भ्रामक कंटेंट फैलाने को लेकर रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने हैदराबाद साइबर क्राइम अधिकारियों से शिकायत की थी।
एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने फिल्म 'पेड्डी' में अपने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन पर बात की। उन्होंने माना कि वह इसे रोकने के लिए ज्यादा मजबूती से आवाज उठा सकती थीं। जाह्नवी ने यह बात 'कॉफी विद करण' सीजन 9 में बातचीत के दौरान कही। शो के होस्ट करण जौहर ने उनसे 'पेड्डी' विवाद के बारे में सवाल किया था। शो में करण जौहर ने कहा, “पेड्डी विवाद को लेकर क्या हुआ था? मुझे पता है कि इसका आप पर कई तरह से असर पड़ा था। जिस दिन यह हुआ, उस दिन मैंने आपसे बात की थी।” उन्होंने आगे कहा, “इसे देखने के दो तरीके हैं। एक, लोग इस बात को लेकर आपके साथ थे कि आपके किरदार को सेक्सुअलाइज किया गया। दूसरा पक्ष कह रहा था कि आप सेट पर थीं, तो आपने इसे रोका क्यों नहीं?” करण ने जाह्नवी से पूछा कि इस पूरे मामले को लेकर उन्हें कैसा महसूस हुआ। जाह्नवी ने कहा, “मुझे बहुत कुछ महसूस हुआ, करण। मैं इस बारे में बात करने से इसलिए हिचक रही थी, क्योंकि कई लोगों ने फिल्म पर बहुत मेहनत की थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या कहना चाहिए। मुझे यह भी नहीं पता था कि वास्तव में कहने के लिए कुछ है या नहीं।” 'मुझे अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए' जाह्नवी ने यह भी कहा, “मेरे हिस्से की जिम्मेदारी लेना जरूरी है। उस पूरे विवाद में मेरी जितनी भी भूमिका थी, उसकी जिम्मेदारी मुझे लेनी चाहिए। ऐसे नैरेटिव का समाज पर नेगेटिव असर पड़ सकता है। खासकर मेरे जेंडर यानी महिलाओं पर इसका असर हो सकता है।” उन्होंने कहा, “यह बात मेरे जमीर पर भारी है। इस बात की शर्मिंदगी मेरे साथ हमेशा रहेगी।” 'मैं ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी' जाह्नवी ने कहा कि वह इसे लेकर ज्यादा बड़ा मुद्दा बना सकती थीं। उन्होंने कहा, “क्या मैं और कुछ कर सकती थी? क्या मैं ज्यादा सतर्क रह सकती थी? क्या मैं इसे लेकर ज्यादा जोर से आवाज उठा सकती थी? इन सभी सवालों का जवाब सौ फीसदी हां है।” जाह्नवी ने कहा, “क्या यह प्रॉब्लम वाली बात थी? क्या इसमें बहुत ज्यादा ऑब्जेक्टिफिकेशन था? क्या इसने कहानी के लेवल पर सेक्सुअल असॉल्ट को प्रमोट किया? हां।” उन्होंने कहा, “अब मैं सिर्फ यह सुनिश्चित कर सकती हूं कि ऐसा दोबारा न हो।” 'डायरेक्टर की बात मानना प्रोफेशनल जिम्मेदारी लगता है' जाह्नवी ने कहा कि वह अपनी बात रखते हुए ऐसा नहीं दिखना चाहतीं कि वह जिम्मेदारी किसी और पर डाल रही हैं। हालांकि, उन्होंने बताया कि एक्टर्स कई बार डायरेक्टर के निर्देशों का पालन करने की स्थिति में होते हैं। उन्होंने कहा, “मैं यह बात इसलिए नहीं कह रही कि जिम्मेदारी किसी और पर डाल दूं। लेकिन आप जानते हैं कि यह कैसा होता है। आपको लगता है कि डायरेक्टर जो कह रहे हैं, आपको वही करना है। आपको प्रोफेशनल रहना होता है। आपको डायरेक्टर की बात सुननी होती है।” उन्होंने यह भी बताया कि स्क्रिप्ट में हर बार यह साफ नहीं होता कि सीन पर्दे पर कैसा दिखेगा। जाह्नवी ने कहा, “स्क्रिप्ट में अक्सर यह नहीं लिखा होता कि कैमरा एंगल क्या होंगे। बहुत कम ऐसा होता है कि पूरी तरह बाउंड स्क्रिप्ट आपके पास हो।” उन्होंने कहा, “इसलिए मैं उपलब्ध जानकारी के आधार पर चीजों को कम समस्याग्रस्त बनाने की कोशिश कर रही थी।” जाह्नवी ने कहा, “जब-जब मुझे किसी चीज की जानकारी मिलती थी, मैं उसी समय उसे बेहतर बनाने की कोशिश करती थी।” 'मुझे अपनी प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था' जाह्नवी ने माना कि वह प्रिविलेज वाली स्थिति से आती हैं। उन्होंने कहा, “लेकिन इसके साथ ही मुझे अपने हिस्से की जिम्मेदारी भी लेनी होगी। मैं प्रिविलेज वाली जगह से आती हूं।” जाह्नवी ने कहा, “मुझे इस प्रिविलेज का फायदा उठाना चाहिए था। वैसे भी प्रिविलेज वाली होने के लिए मुझे आलोचना झेलनी ही है, इसलिए मुझे इसका इस्तेमाल करना चाहिए था।”क्या था 'पेड्डी' विवाद? 'पेड्डी' में जाह्नवी कपूर के किरदार अचियम्मा को दिखाने के तरीके पर कई दर्शकों ने सवाल उठाए थे। दर्शकों ने किरदार के सेक्सुअलाइजेशन और ऑब्जेक्टिफिकेशन को लेकर चिंता जताई थी। फिल्म में किरदार के ट्रीटमेंट को लेकर यह आलोचना भी हुई कि कुछ सीन सेक्सुअल असॉल्ट को सामान्य या सही दिखाते नजर आ सकते हैं। इसके बाद निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि टीम का महिला किरदारों का अपमान या ऑब्जेक्टिफिकेशन करने का कोई इरादा नहीं था। थिएट्रिकल कट में विवादित सीन हटा दिए गए या उनमें बदलाव किया गया था। जाह्नवी कपूर गूगल पर ट्रेंड कर रही हैं
बॉलीवुड एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म ‘बधाई हो’ ने मेरी जिंदगी बदल दी और मुझे दर्शकों का अपार स्नेह मिला। ‘बधाई हो’ मेरे लिए मील का पत्थर है। मैं इसे अपने लिए फिल्म ‘शोले’ की तरह मानता हूं। हाल ही दैनिक भास्कर के जयपुर कार्यालय आए एक्टर गजराज राव ने कहा- फिल्म की शूटिंग के दौरान उस सफर का आनंद लेना चाहता हूं। नए दोस्त बनाना चाहता हूं। जिंदगी में नए अनुभव हासिल करना चाहता हूं। एक्टर गजराज राव ने राजस्थान से जुड़ी यादों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा- डूंगरपुर में मेरा जन्म हुआ है। जयपुर में रिश्तेदार हैं और जोधपुर में मेरा ससुराल है, इसलिए यहां आने पर हमेशा अपनापन महसूस होता है। गजराव ने कहा- जोधपुर का खाना बहुत अच्छा है। वहीं जयपुर में कचौड़ियों और मिठाइयों की इतनी वैरायटी है कि उसकी कोई सीमा ही नहीं है। वहीं जयपुर में शूटिंग के दौरान हाल ही ट्रैवलिंग के अनुभवों पर लिखे व्यंग्यात्मक पोस्ट पर उन्होंने कहा कि मेरा मकसद किसी शहर या व्यक्ति का मजाक उड़ाना नहीं था। यह एक वास्तविक समस्या को हल्के-फुल्के अंदाज में सामने लाना था। पढे़ं एक्टर गजराज राव से बातचीत के अंश… सवाल: आप राजस्थान से हैं। अब मुंबई में सक्रिय हैं। राजस्थान से जुड़ी कोई खास याद? गजराज राव: यहां यादें ही यादें हैं। बचपन में मेरे पिताजी मुझे दिल्ली ले गए थे। उन्हें लगा कि गांव में रहकर मैं ठीक से पढ़ाई नहीं कर पाऊंगा। उस समय मैं चार-पांच साल का था। मुझे बताया जाता है कि जब मुझे स्कूल में दाखिला दिलाया गया तो मैं पट्टी और चॉक लेकर घर की तरफ भाग जाता था। पढ़ाई में मेरा मन नहीं लगता था। इसके बाद हर साल गर्मियों की छुट्टियों में राजस्थान आना होता था। जोधपुर मेरा ससुराल है और जयपुर में मेरे बहुत सारे रिश्तेदार रहते हैं, इसलिए यहां जब भी आता हूं तो अपनापन महसूस होता है। गट्टे की सब्जी हो या केर-सांगरी इनमें अपनेपन का स्वाद मिलता है। सवाल: आपकी फिल्म ‘बधाई हो’ को आप किस तरह याद करते हैं? गजराज राव: कई बार किसी कलाकार के जीवन में एक ऐसा प्रोजेक्ट आता है, जो उसके करियर की दिशा बदल देता है। मेरे लिए ‘बधाई हो’ वही फिल्म है। इसने मुझे एक अलग पहचान दी और दर्शकों के बीच मेरे काम को लेकर जो प्यार बना, वह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सबसे बड़ी बात यही है कि इतने साल बीत जाने के बाद भी यह फिल्म पुरानी नहीं हुई है। आज भी जब लोग मिलते हैं तो ‘बधाई हो’ की बात करते हैं। नीना गुप्ता और आयुष्मान खुराना के बारे में बातचीत करते हैं। मुझे लगता है कि यह फिल्म लोगों के लिए अपने परिवार के विस्तार जैसी बन गई है। सवाल: आपके प्रोजेक्ट्स को देखें तो सलेक्टिव काम करना पसंद करते हैं। प्रोजेक्ट चुनना कितना चुनौतीपूर्ण है? गजराज राव: जब लोग आपके काम को पसंद करने लगते हैं तो आपकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। आपको लगता है कि दर्शकों ने आपसे कुछ उम्मीदें लगा रखी हैं। अब आपका काम है कि आप उन उम्मीदों पर खरे उतरें। साथ ही यह भी जरूरी है कि आपको खुद उस काम में आनंद आए। रिहर्सल का अनुभव, शूटिंग के दौरान का माहौल और लोगों के साथ काम करने का तरीका मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: हाल ही आपने जयपुर से जुड़े अपने ट्रेवल एक्सपीरियंस को इंस्टाग्राम पर शेयर किया। उस अनुभव के बारे में बताइए। गजराज राव: दरअसल इन दिनों जयपुर में कई जगह शूटिंग चल रही है। इसके अलावा यहां कॉरपोरेट इवेंट्स भी बहुत होते हैं। शादियों का सीजन भी रहता है। ऐसे में ट्रैवल कंपनियां व्यस्त हो जाती हैं। प्रोडक्शन हाउस को जो गाड़ियां और ड्राइवर उपलब्ध होते हैं, वे उन्हें किराए पर ले लेते हैं। कई बार प्राथमिकता इस बात की होती है कि कोई ड्राइवर मिल जाए, जो सुबह 5 बजे कलाकार को लेने आए और एक घंटे दूर स्थित लोकेशन पर समय से पहुंचा दे। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ। पहले दिन जो गाड़ी आई, उसकी पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं थी। मैंने ड्राइवर साहब से पूछा कि इसमें सीट बेल्ट क्यों नहीं है? उन्होंने बहुत सहजता से कहा कि कोई बात नहीं, यहां कोई सीट बेल्ट नहीं लगाता। मुझे यह बात अजीब लगी। अगले दिन भी ऐसा ही हुआ। मैंने शिकायत की तो दूसरी गाड़ी आई, लेकिन उसमें भी यही स्थिति थी। उस गाड़ी के ड्राइवर ने तो यहां तक कह दिया कि अगर सीट बेल्ट लगाते हैं तो ट्रैफिक पुलिस चालान कर देती है। मैंने उनसे कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि सीट बेल्ट लगाने पर चालान हो जाए? उनका जवाब यही था कि यहां ऐसा ही होता है। मैंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिख दी। वह पोस्ट वायरल हो गई। मेरा मानना है कि जब आप किसी अनुभव को बहुत कड़वाहट के साथ लिखते हैं तो उससे कड़वाहट ही पैदा होती है। मैंने उस अनुभव को हास्य के अंदाज में लिखा था, इसलिए लोगों ने भी उसे उसी तरह लिया। पोस्ट पर आने वाली ज्यादातर प्रतिक्रियाएं मजेदार थीं और लोग उस पर चर्चा कर रहे थे। मेरा उद्देश्य किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाना या जयपुर जैसे शहर का मखौल उड़ाना बिल्कुल नहीं था। मैं खुद राजस्थान का हूं, तो अपने ही प्रदेश का मजाक उड़ाने का सवाल ही नहीं है। दूसरी बात ड्राइवरों की भी अपनी मजबूरियां होती हैं। वे लगातार काम कर रहे होते हैं और उन पर भी दबाव रहता है। सवाल: अगर कोई अच्छा व्यंग्य लिखना चाहते हैं। उन्हें किन लेखकों को पढ़ना चाहिए? गजराज राव: मेरे जीवन में कई लेखकों का बड़ा योगदान रहा है। मनोहर श्याम जोशी, शरद जोशी, श्रीलाल शुक्ल और डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी जैसे लेखकों को जरूर पढ़ना चाहिए। इन सभी को पढ़ने में बहुत आनंद आता है और इनकी रचनाओं से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। मुझे लगता है कि इन लेखकों को पढ़ना चाहिए और उनकी रचनाओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए। अगर जीवन में किसी से कोई शिकायत है, तो उसे हमेशा नाराजगी या कड़वाहट के साथ व्यक्त करना जरूरी नहीं है। सवाल: आप एडमेकर और एक्टर दोनों हैं। कैसे सामंजस्य बिठाते हैं? गजराज राव: सामंजस्य तो बिठाना पड़ता है, क्योंकि निर्देशन का काम मुझे बहुत पसंद है। विज्ञापन फिल्मों का निर्देशन करना मुझे आज भी अच्छा लगता है। जब मेरी किसी फिल्म या दूसरे प्रोजेक्ट की शूटिंग की तारीखें तय होती हैं तो मैं अपने पार्टनर को पहले ही बता देता हूं कि अगले 15 दिन या डेढ़ महीने तक मैं उपलब्ध नहीं रहूंगा। विज्ञापन फिल्मों के लिए मेरे कुछ नियमित क्लाइंट हिंदुस्तान यूनिलीवर, रेड लेबल चाय और ब्रू कॉफी हैं। इसलिए मैं अभिनय और निर्देशन दोनों के लिए समय निकालने की कोशिश करता हूं। मेरे लिए निर्देशन पेशा नहीं है, बल्कि ऐसा काम है, जिसे करते हुए मुझे आनंद मिलता है। इसलिए मैं इसे छोड़ना नहीं चाहता। अभिनय और निर्देशन दोनों की अपनी अलग चुनौतियां और अनुभव हैं। मैं दोनों से जुड़ा रहना चाहता हूं।
सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह के सरकार विरोधी बयान के बाद एक्टर पुनीत इस्सर उन पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सरकार पसंद नहीं है, तो चुनाव लड़कर उसे हराएं। मंगलवार को शाह ने फेसबुक पर खुद को गर्व से ‘दिमागी नक्सल’ बताया था। उन्होंने BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने और युवाओं का हौसला तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। बुधवार को IANS से बातचीत में इस्सर ने कहा, पहली बात तो यह है कि नसीरुद्दीन शाह जी हमारे सीनियर हैं, हमारे टीचर रह चुके हैं, आदरणीय हैं और बहुत ही बेहतरीन कलाकार हैं। लेकिन मेरा सिर्फ यह कहना है कि जब आप कोई बात करते हैं, तो सिलेक्टिव बात नहीं करनी चाहिए। आप दुनिया और हिंदुस्तान के कितने मुद्दों पर मूकदर्शक बने रहते हैं। आप गूंगे बनकर बैठ जाते हैं, तब तो आप बात नहीं करते। आप हर चीज का जवाब एकतरफा देते हैं। आप लेफ्टिस्ट सोच और नक्सली विचारधारा वाले वामपंथियों की सोच के हिसाब से जवाब देते हैं। इस्सर ने शाह पर चुनिंदा मुद्दों पर बोलने का आरोप लगाया इस्सर ने ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग और JNU से जुड़े लोगों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इन ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग और JNU के लोगों को देखिए। जब हमारे देश में दोषी ठहराए गए अपराधियों और इस समय जेल में बंद आतंकियों की बात आती है, तो वे उनकी रिहाई की मांग करते हैं और उनके पक्ष में बोलते हैं। अगर आप ऐसे लोगों का समर्थन करते हैं, तो इसका मतलब भारतीय होने से क्या है?” ‘सरकार पसंद नहीं, तो चुनाव लड़ें’ हालांकि, इस्सर ने कहा कि शाह को अपनी राय रखने और सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा, “लेकिन अगर आपको सत्ता में आई सरकार पसंद नहीं है, तो राजनीतिक मैदान में उतरिए। चुनाव लड़िए, जीतिए और इस सरकार को हराइए। यह सरकार मनमाने तरीके से सत्ता में नहीं आई है। देश की जनता ने इसे चुना और निर्वाचित किया है।” नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी को लेकर परेश रावल ने कहा, “नसीर भाई की अपनी राय है। मैं उसके बारे में कुछ नहीं बोल सकता। सबको हक है कि जो फील करते हैं, वो बोलें।” जामिया और SRFTI के छात्रों के समर्थन में बोले थे शाह नसीरुद्दीन शाह ने मंगलवार को अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वो कहते हैं, मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। दिमागी नक्सल के अलावा मालूम नहीं क्या-क्या लकब (उपनाम) दिए हैं चौकीदार ने मुझ जैसे लोगों को, एंटी-नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग और मालूम नहीं क्या-क्या। उन्होंने आगे कहा, टुकड़े-टुकड़े गैंग अगर इस मुल्क में कोई है, तो वो ये नाजायज हुकूमत है और मैं इस हुकूमत से एक सवाल पूछना चाहता हूं। और क्या-क्या करोगे तुम? हमारे मुल्क के नौजवानों की हिम्मत को तोड़ने के लिए, शिक्षा संस्थानों को बर्बाद करने के लिए और हमारे लोकतंत्र को खतरे में डालने के लिए, कितना करोगे? तुम और तुमने अपने इर्द-गिर्द जो बेवकूफ, बेईमानों की पलटन इकट्ठी की है, कहां तक जाओगे? उन्होंने यह भी कहा कि पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), फिर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट और अब जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों पर जो जुल्म किया जा रहा है, वो याद रखा जाएगा। सब याद रखा जाएगा। शाह बोले- युवाओं का हौसला कभी नहीं टूटेगा नसीरुद्दीन शाह ने अपने वीडियो में मीडिया और बीजेपी आईटी सेल के लिए अपशब्दों का भी प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश के युवाओं का हौसला नहीं टूटेगा, शिक्षा संस्थान बर्बाद नहीं होंगे और लोकतंत्र खतरे में नहीं पड़ेगा। वीडियो के आखिर में उन्होंने देश के युवाओं को सलाम किया और कहा कि उनकी दुआएं उनके साथ हैं। बीजेपी के लिए अपशब्द कहे थे; झूठी पार्टी बताया था इससे पहले नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया था। अभिनेता ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा और नीतियों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के छात्रों का मुद्दा भी उठाया। शाह ने वीडियो में कहा था कि संस्थान के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे। इसके बदले उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है। अभिनेता ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि वह अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा दे रही है और असहमत लोगों को डराने या उनकी सोच बदलने की कोशिश कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
दिवाली पर फ्री गिफ्ट मांगना पड़ा भारी, मदुरै के इन्फ्लुएंसर के घर पहुंच गए लाखों के COD पार्सल
दिवाली पर फॉलोअर्स से मिठाइयां और गिफ्ट मिलने की उम्मीद तमिलनाडु के मदुरै में रहने वाले इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वीरमणि के लिए बड़ी मुसीबत बन गई।
आमतौर पर मां-बाप अपने बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल या वीडियो गेम खेलने से रोकते हैं, लेकिन चीन की 60 वर्षीय झोंग जुआनजुआन की कहानी कुछ अलग है। कभी वह अपने बेटे को गेम खेलने से रोकने के लिए इंटरनेट कैफे तक पहुंच जाती थीं, लेकिन आज वही गेमिंग उनकी पहचान बन चुकी है। इंटरनेट की दुनिया में वह ‘आंटी जुआन’ के नाम से मशहूर हैं और हजारों लोग उन्हें लाइव गेम खेलते हुए देखना पसंद करते हैं।
न दुकानदार, न CCTV और न ताला… मिजोरम के गांवों में भरोसे से चलती हैं ये अनोखी दुकानें
आज के समय में किसी दुकान की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, ताले और दुकानदार की मौजूदगी आम बात है।
प्रसाद समझकर 3 तोले की सोने की चेन निगल गया बैल, 15 दिन बाद सर्जरी से निकली
महाराष्ट्र के मालेगांव तालुका के वनपत गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
कभी घर-घर पहुंचाता था पिज्जा, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत से बदली इस भारतीय की जिंदगी
कहते हैं कि अगर इंसान में मेहनत करने और आगे बढ़ने का जुनून हो, तो मुश्किल हालात भी उसके रास्ते को ज्यादा लंबे समय तक नहीं रोक सकते।
मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग
तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं
सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।
ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

