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डबल सेंचुरी के बेहद करीब Yash की टॉक्सिक, तीसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका; छापे करारे नोट

यश की फिल्म 'टॉक्सिक' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। तीसरे दिन फिल्म 200 करोड़ के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गई है।

जागरण 28 Aug 2026 9:56 pm

सलमान खान ने दिखाई राखियों से सजी कलाई:रक्षाबंधन पर शेयर की खास झलक; फैंस बोले- भाईजान का अंदाज दिल जीत गया

रक्षाबंधन पर सलमान खान ने सोशल मीडिया पर अपनी राखियों से सजी कलाई की झलक शेयर की। एक्टर की कलाई पर कई राखियां बंधी नजर आ रही हैं। उनकी इस पोस्ट के बाद यह सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई। सलमान की कलाई पर नजर आ रहीं अलग-अलग राखियां इशारा करती हैं कि उन्होंने रक्षाबंधन खास अंदाज में सेलिब्रेट किया। हालांकि, झलक में यह स्पष्ट नहीं है कि ये राखियां किस-किस ने बांधी हैं। सलमान ने भी इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। रक्षाबंधन पर परिवार के साथ नजर आते रहे हैं सलमान सलमान खान का परिवार के साथ खास बॉन्ड किसी से छिपा नहीं है। खासकर रक्षाबंधन पर खान परिवार का सेलिब्रेशन हर साल सुर्खियों में रहता है। पिछले साल भी सलमान ने परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाया था। उनकी बहनें अर्पिता खान और अलवीरा अग्निहोत्री ने उन्हें राखी बांधी थी। इस दौरान परिवार के दूसरे सदस्य भी मौजूद थे। बीना काक को भी मानते हैं बहन सलमान खान का राखी का रिश्ता सिर्फ सगी बहनों तक सीमित नहीं है। अभिनेत्री बीना काक के साथ भी उनका खास रिश्ता है। बीना काक कई मौकों पर सलमान को अपना राखी भाई बता चुकी हैं और रक्षाबंधन पर उनके लिए पोस्ट शेयर करती रही हैं। दोनों ने ‘मैंने प्यार क्यों किया?’, ‘सलाम-ए-इश्क’ और ‘गॉड तुस्सी ग्रेट हो’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। बीना काक ने पिछले साल भी सलमान के साथ पुरानी तस्वीरें शेयर कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी थीं। कलाई पर सजी राखियों ने खींचा फैंस का ध्यान सलमान की नई पोस्ट में कोई लंबा मैसेज नहीं है, लेकिन उनकी कलाई पर बंधी राखियां ही इसकी खासियत बन गई हैं। फैंस के लिए सलमान की यह छोटी-सी झलक खास है, क्योंकि अभिनेता आमतौर पर अपनी निजी जिंदगी के हर पल को सोशल मीडिया पर विस्तार से शेयर नहीं करते। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार और आपसी विश्वास का त्योहार है। सलमान की कलाई पर सजी राखियां उनके परिवार और करीबी रिश्तों की खास झलक देती हैं। _______________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. ‘राखी फैशन कमेटी’ पर कृति सेनन का पोस्ट वायरल:नूपुर संग मनाया रक्षाबंधन; बोलीं- असली मायने इन्हीं चीजों के, कंगना-रणबीर समेत सितारों ने मनाई राखी रक्षाबंधन पर कृति सेनन ने बहन नूपुर सेनन के साथ तस्वीर शेयर कर सोशल मीडिया पर चल रही ‘राखी फैशन कमेटी’ की चर्चा का मजेदार अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि त्योहार की असली खुशी रिश्तों और भावनाओं में है। वहीं, बॉलीवुड के कई सितारों ने भी भाई-बहन के साथ तस्वीरें और खास संदेश शेयर किए।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 5:15 pm

‘राखी फैशन कमेटी’ पर कृति सेनन का पोस्ट वायरल:नूपुर संग मनाया रक्षाबंधन; बोलीं- असली मायने इन्हीं चीजों के, कंगना-रणबीर समेत सितारों ने मनाई राखी

रक्षाबंधन पर कृति सेनन ने बहन नूपुर सेनन के साथ तस्वीर शेयर कर सोशल मीडिया पर चल रही ‘राखी फैशन कमेटी’ की चर्चा का मजेदार अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि त्योहार की असली खुशी रिश्तों और भावनाओं में है। वहीं, बॉलीवुड के कई सितारों ने भी भाई-बहन के साथ तस्वीरें और खास संदेश शेयर किए। बहन नूपुर के साथ शेयर की तस्वीर कृति सेनन ने रक्षाबंधन पर बहन नूपुर सेनन के साथ एक तस्वीर शेयर की। इसमें दोनों के हाथ नजर आ रहे हैं और दोनों एक-दूसरे को राखी बांधती दिखाई दे रही हैं। इसके साथ कृति ने लिखा, “जब तक राखी फैशन कमेटी की मीटिंग चल रही है, हम उन चीजों पर ध्यान दे रहे हैं जो सच में मायने रखती हैं। सभी को हैप्पी राखी।'' कृति का यह पोस्ट ऐसे समय आया है, जब रक्षाबंधन पर उनके एक विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई थी। इस विवाद में कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी थी। कृति ने जवाब देते हुए कहा था कि संस्कृति कपड़ों में नहीं, बल्कि दिल में होती है। आलोचना के बाद विज्ञापन हटा भी दिया गया था। फैशन की बहस से ज्यादा रिश्तों पर दिया जोर कृति ने अपने नए पोस्ट के जरिए विवाद बढ़ाने के बजाय त्योहार के भावनात्मक पक्ष पर ध्यान दिया। उन्होंने ‘राखी फैशन कमेटी’ का जिक्र कर मामले को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश किया और बताया कि उनके लिए रक्षाबंधन का मतलब कपड़ों या लुक से ज्यादा रिश्तों की अहमियत है। कृति और नूपुर का रिश्ता पहले भी सोशल मीडिया पर देखने को मिलता रहा है। रक्षाबंधन पर दोनों बहनें एक-दूसरे के साथ तस्वीरें और प्यार भरे संदेश शेयर करती रही हैं। 2023 में भी कृति ने नूपुर के साथ वीडियो शेयर कर उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी थीं। कृति के पोस्ट से जुड़ी है पहले की बहस दरअसल, कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर अभिनेत्री कंगना रनोट ने सवाल उठाए थे। कंगना ने कहा था कि उनकी आपत्ति कृति के कपड़ों से ज्यादा इस बात को लेकर थी कि विज्ञापन में रक्षाबंधन की परंपराओं को सही तरीके से नहीं दिखाया गया। इसके जवाब में कृति ने कहा था कि संस्कृति कपड़ों में नहीं, दिल में होती है। उन्होंने त्योहारों को भावनाओं, प्यार और एक-दूसरे की देखभाल से जोड़कर देखने की बात कही थी। बाद में ज्वेलरी ब्रांड ने विज्ञापन हटाते हुए कहा कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उसका उद्देश्य नहीं था। बॉलीवुड सितारों ने भी शेयर कीं राखी की तस्वीरें रक्षाबंधन पर कई बॉलीवुड सितारों ने सोशल मीडिया पर भाई-बहनों के साथ तस्वीरें शेयर कीं। कंगना ने लिखा कि वह ईश्वर से प्रार्थना करती हैं कि उनके भाई की कलाई पर बांधा गया प्यार का यह बंधन हमेशा उनकी रक्षा करे। उन्होंने अक्षत से माता-पिता की सेवा करने, परिवार की गरिमा बनाए रखने, अपनी पत्नी का कल्याण करने और बच्चों की हमेशा रक्षा करने की कामना की। साथ ही उन्होंने कहा कि वह अपने भाई को हमेशा स्वस्थ और समृद्ध देखना चाहती हैं और उनके लिए अक्षत माता-पिता की छवि हैं। त्योहार की असली खूबसूरती रिश्तों में वहीं, कृति सेनन का पोस्ट रक्षाबंधन पर चल रही फैशन और परंपरा की बहस से अलग हल्का-फुल्का संदेश देता है। उन्होंने बहन के साथ रिश्ते को सेलिब्रेट करते हुए जताने की कोशिश की कि त्योहार की खूबसूरती केवल पहनावे में नहीं, बल्कि परिवार के साथ बिताए समय, प्यार और यादों में भी होती है। __________________________ कृति सेनन की यह खबर भी पढ़ें.. नूपुर सेनन बहन कृति के सपोर्ट में आईं:एड विवाद पर बोलीं- दूसरे के कपड़ों से लोगों को तकलीफ क्यों, सोच बदलिए एक्ट्रेस कृति सेनन के ज्वेलरी एडवर्टाइजमेंट विवाद में अब उनकी बहन नूपुर सेनन भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। रक्षाबंधन थीम वाले इस एड में कृति के कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग हो रही थी। पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 4:06 pm

कंगना के पुराने राखी एड पर कुनिक्का सदानंद का तंज:कृति सेनन के जिन कपड़ों पर आपत्ति जताई, खुद वैसे कपड़े पहने दिखीं; जानिए पूरा विवाद

कंगना रनोट लगातार एक्ट्रेस कृति सेनन के उस एड के खिलाफ बयान दे रही हैं, जिसमें एक्ट्रेस ने रक्षाबंधन सेलिब्रेट करते हुए रिवीलिंग कपड़े पहने हैं। अब सीनियर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कंगना के एक पुराने एड की तस्वीर शेयर की है, जिसमें एक्ट्रेस भी रक्षाबंधन में रिवीलिंग कपड़े पहनीं जूलरी ब्रांड प्रमोट करती दिख रही हैं। कुनिका ने कंगना के पुराने एड की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, “मेरा कुत्ता कुत्ता, तेरा कुत्ता टॉमी?” कंगना का ये एड एक जूलरी ब्रांड का है, जिसे एक्ट्रेस ने खुद 2017 में अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया था। इस विज्ञापन में कंगना ने स्ट्रैपलेस और डीप नेकलाइन वाली ड्रेस पहनी थी। इसे लेकर सोशल मीडिया पर नई चर्चा शुरू हो गई और यूजर्स ने कंगना के पुराने लुक की तुलना कृति के विज्ञापन वाले लुक से की। कंगना ने कृति के विरोध में कहा- फेस्टिवल में ब्रालेट नहीं पहन सकते कंगना रनोट लगातार कृति सेनन के एड में पहने गए कपड़ों की निंदा कर रही हैं। उन्होंने हाल ही में डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है कि क्या इस तरह के कपड़े किसी मुस्लिम फेस्टिवल में पहने दिखाए जा सकते हैं। उनका कहना है कि एक फेस्टिवल कल्चर रिप्रेसेंट करता है, जिसमें इस तरह के ब्रालेट नहीं पहने जा सकते। जानिए क्या है पूरा विवाद- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की' हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है।

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 3:56 pm

टॉक्सिक एक्ट्रेस रुक्मिणी के पिता को मिला था अशोक चक्र:कर्नल वसंत वेणुगोपाल उरी में आठ आतंकियों से लड़े थे, परिवार ने सेवा परंपरा जारी रखी

एक्ट्रेस रुक्मिणी वसंत इन दिनों यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म से अलग रुक्मिणी की जिंदगी की कहानी भी प्रेरणादायक है। जब वह सिर्फ 10 साल की थीं, तब उनके पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल जम्मू-कश्मीर के उरी में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। बताया जाता है कि ऑपरेशन में करीब 8 आतंकवादी शामिल थे। कर्नल वसंत ने आतंकियों का बहादुरी से मुकाबला किया और बाद में उन्हें देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी और बेटियों ने भी सैनिक परिवारों की मदद का काम आगे बढ़ाया। कौन थे कर्नल वसंत वेणुगोपाल? रुक्मिणी वसंत के पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल भारतीय सेना में अधिकारी थे। वह 9वीं बटालियन, मराठा लाइट इन्फैंट्री के कमांडिंग ऑफिसर थे। 31 जुलाई 2007 को वह जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। आतंकियों का एक समूह लाइन ऑफ कंट्रोल के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश कर रहा था। रुक्मिणी ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि इस ऑपरेशन में करीब 8 आतंकवादी शामिल थे। सेना ने सभी आतंकियों को मार गिराया, लेकिन मुठभेड़ में कर्नल वसंत और उनके रेडियो ऑपरेटर की शहादत हो गई। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। रुक्मिणी के मुताबिक, कर्नल वसंत कर्नाटक से अशोक चक्र पाने वाले पहले सेना अधिकारी थे। बेटी के लिए पिता थे बेहद खास रुक्मिणी ने अपने पिता को याद करते हुए कई मौकों पर उनके बारे में बात की है। उन्होंने बताया कि पिता बेहद प्यार करने वाले इंसान थे, लेकिन एक सैनिक के तौर पर भी पूरी तरह समर्पित थे। कर्नल वसंत का मानना था कि एक अधिकारी को अपने जवानों का नेतृत्व सबसे आगे रहकर करना चाहिए। इसी सोच के साथ वह ऑपरेशन में भी अपनी टीम का नेतृत्व करते थे। रुक्मिणी उस समय महज 10 साल की थीं। इतनी कम उम्र में पिता को खोने का उनके जीवन पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया है कि बचपन में हुई इस घटना की हर बात उन्हें याद नहीं है, लेकिन पिता की यादें आज भी उनके साथ हैं। पति की शहादत के बाद अकेले बेटियों को पाला कर्नल वसंत की शहादत के बाद उनकी पत्नी सुभाषिनी वसंत के सामने दो बेटियों की जिम्मेदारी आ गई। सुभाषिनी भरतनाट्यम डांसर हैं। पति की शहादत के करीब छह महीने बाद उन्होंने ‘वसंतरत्न फाउंडेशन फॉर आर्ट’ की शुरुआत की। इसका उद्देश्य शहीद सैनिकों के परिवारों और उनकी विधवाओं की मदद करना है। रुक्मिणी ने बताया था कि उनके पिता शहीद सैनिकों के परिवारों से लगातार मिलते थे। वह उनके घर जाते, परिवार के साथ समय बिताते और उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश करते थे। कई बार सुभाषिनी भी उनके साथ जाती थीं। पिता की मौत के बाद सुभाषिनी ने इसी काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया। अशोक चक्र के बाद मुआवजे के लिए भी करना पड़ा संघर्ष कर्नल वसंत की शहादत के बाद परिवार को एक और संघर्ष से गुजरना पड़ा। अशोक चक्र विजेता के परिवार को मुआवजे के तौर पर जमीन देने का प्रावधान था, लेकिन इसे हासिल करने के लिए सुभाषिनी को कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े। 1971 के कर्नाटक सरकार के आदेश के तहत अशोक चक्र प्राप्त करने वाले व्यक्ति के परिवार को 1.25 लाख रुपए या दो एकड़ सिंचित जमीन देने का प्रावधान था। कई साल बाद सुभाषिनी ने इस नियम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह राशि बेहद कम थी और नियम में बदलाव की जरूरत थी। 2016 में ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि अपने अधिकार के लिए सरकारी अधिकारियों के पास बार-बार जाना उनके लिए बेहद मुश्किल अनुभव था। पिता की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं रुक्मिणी कर्नल वसंत की शहादत के बाद उनके परिवार ने सैनिकों और उनके परिवारों की मदद का काम जारी रखा। वहीं रुक्मिणी ने एक्टिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। आज वह कन्नड़ सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं और यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में नजर आ रही हैं। रुक्मिणी की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री के संघर्ष और सफलता की नहीं है। इसके पीछे एक शहीद पिता की विरासत, मां की जिम्मेदारी और सैनिक परिवारों की मदद करने की सोच भी है, जिसे उनका परिवार आज तक आगे बढ़ा रहा है।_ ________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. बॉक्स ऑफिस कलेक्शन- टॉक्सिक की कमाई में 64% गिरावट:नेगेटिव रिव्यू का असर, पहले दिन से तीन गुना कम कमाई हुई, वर्ल्डवाइड कलेक्शन 137 करोड़ रुपए कन्नड़ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक पर नेगेटिव रिव्यू और रेटिंग का बुरा असर पड़ा है। पहले दिन दर्शक बड़ी संख्या में ये फिल्म देखने पहुंचे और भारत में फिल्म ने करीब 101 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया। हालांकि खराब रिव्यू के चलते दूसरे दिन ही फिल्म की कमाई में 64% गिरावट आ गई। फिल्म ने पहले दिन के मुकाबले तीन गुना कम कमाई की है।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 2:50 pm

राखी पर रामदेव ने कंगना के लिए भेजी मिठाइयां-रुपए:बोले- विवाद खत्म करें; एक्ट्रेस ने कहा था- बाबा मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका

रक्षाबंधन पर योग गुरु बाबा रामदेव ने अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट के लिए मिठाई और उपहार भेजा। उन्होंने एक सफेद लिफाफे में 500 रुपए के नोटों की गड्डी भी भेजी। इस दौरान रामदेव ने कहा कि रिश्तों में मिठास बनी रहनी चाहिए और पुराने गिले-शिकवे भुलाकर प्रेम के साथ आगे बढ़ना चाहिए। रामदेव ने कहा कि देश में किसी भी कारण से नफरत और एक-दूसरे के प्रति वैर-भाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उनके और कंगना रनोट के बीच विवाद की चर्चा हुई थी, जिसे संवाद के जरिए खत्म किया जाना चाहिए। रामदेव ने यह भी कहा कि वे कंगना को फोन कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देंगे। इसके बाद कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर रामदेव का वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा- “त्योहार का दिन होता है सब भूल-चूक माफ करने के लिए। मेरे भाई बाबा रामदेव जी ने बहुत अच्छी बात कही कि विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए। आज रक्षाबंधन के दिन मैं उनकी मिठाई और बड़े भाई का प्रेम, दोनों स्वीकार करती हूं। बहुत धन्यवाद। ईश्वर आपको लंबी आयु दे।” पहले जानिए विवाद कैसे शुरू हुआ कंगना रनोट ने जेन-जी प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा था। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के युवा को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। रामदेव की इस टिप्पणी के बाद कंगना ने भी पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि बाबा रामदेव को उनकी जवानी और बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम नहीं करना चाहिए। कंगना ने फिर उठाया पुराना विवाद विवाद शांत होने के बाद अब कंगना ने एक बार फिर बाबा रामदेव की टिप्पणी का जिक्र किया है। डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि बाबा रामदेव उनसे पहले से ही नाराज चल रहे हैं। कंगना ने कहा, अभी उनसे पूछा गया कि कंगना ने प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा है, तो उन्होंने कहा, उसका बचपन देखा है क्या था, उसकी जवानी देखी है क्या थी। क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका हुआ था, उसने देखा है क्या था। क्या देखा। मुझे समझ नहीं आ रहा, ऐसा क्या देखा। बताना चाहिए था न कि क्या देखा। अब रक्षाबंधन पर रामदेव ने भेजा गिफ्ट पुराने विवाद के बीच रक्षाबंधन पर बाबा रामदेव ने अपने बयान में साफ कहा कि पुराने गिले-शिकवे भुलाकर रिश्तों में मिठास बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाद को संवाद से खत्म किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कंगना को फोन कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देने की बात भी कही। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… नेपाल की बाढ़ में उत्तराखंड के 5 लोग लापता:देहरादून के इंजीनियर कर रहे थे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लीड; 290 भारतीयों की तलाश जारी नेपाल की बाढ़ में उत्तराखंड के 5 लोग लापता हो गए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन के मुताबिक, इनमें पिथौरागढ़ के दो, हरिद्वार के दो और देहरादून से सिविल इंजीनियरिंग का पता नहीं चल पाया है। देहरादून से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले सुबोध बेलबेस नेपाल में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में सिविल इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे। (पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 12:19 pm

बॉक्स ऑफिस कलेक्शन- टॉक्सिक की कमाई में 64% गिरावट:नेगेटिव रिव्यू का असर, पहले दिन से तीन गुना कम कमाई हुई, वर्ल्डवाइड कलेक्शन 137 करोड़ रुपए

कन्नड़ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक पर नेगेटिव रिव्यू और रेटिंग का बुरा असर पड़ा है। पहले दिन दर्शक बड़ी संख्या में ये फिल्म देखने पहुंचे और भारत में फिल्म ने करीब 101 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया। हालांकि खराब रिव्यू के चलते दूसरे दिन ही फिल्म की कमाई में 64% गिरावट आ गई। फिल्म ने पहले दिन के मुकाबले तीन गुना कम कमाई की है। इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, गुरुवार को दूसरे दिन टॉक्सिक ने देशभर में सभी भाषाओं को मिलाकर 22,629 शोज से 36.40 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। बुधवार को फिल्म ने 101.10 करोड़ रुपए कमाए थे। इसके मुकाबले दूसरे दिन कमाई 63.99% घट गई। करीब 500 करोड़ रुपए के बजट में बनी टॉक्सिक ने दो दिन में भारत में 164.50 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया है। फिल्म का भारत में नेट कलेक्शन 137.50 करोड़ रुपए हो गया है। फिल्म को आज रक्षाबंधन और लॉन्ग वीकेंड का फायदा मिल सकता है, लेकिन दर्शकों द्वारा जिस तरह फिल्म की आलोचना की जा रही है, उससे ये अनुमान गलत साबित भी हो सकता है। हिंदी वर्जन से सबसे ज्यादा कमाई दूसरे दिन भी टॉक्सिक की सबसे ज्यादा कमाई हिंदी डब वर्जन से हुई। हालांकि, हिंदी वर्जन की कमाई पहले दिन के मुकाबले काफी घट गई। बुधवार को रिलीज के दिन हिंदी वर्जन ने 55.00 करोड़ रुपए का नेट बिजनस किया था। गुरुवार को यह कमाई घटकर 23.00 करोड़ रुपए रह गई। विदेशों में भी कमाई घटी यश, नयनतारा, कियारा आडवानी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत की फिल्म की विदेशों में भी दूसरे दिन कमाई कम हुई। ओपनिंग डे पर फिल्म ने ओवरसीज मार्केट में 16.25 करोड़ रुपए का ग्रॉस बिजनस किया था। दूसरे दिन विदेशों से 10.00 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन हुआ। दो दिनों में टॉक्सिक ने विदेशों से कुल 26.25 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया है। भारत और विदेशों को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 190.75 करोड़ रुपए हो गया है। धुरंधर 2 के मुकाबले आधी कमाई भी नहीं टॉक्सिक पहले दिन देश में रणवीर सिंह की धुरंधर 2 के ओपनिंग डे रिकॉर्ड के करीब पहुंची थी। धुरंधर 2 ने पहले दिन 102.55 करोड़ रुपए कमाए थे, जबकि टॉक्सिक की कमाई 101.10 करोड़ रुपए रही। दोनों फिल्मों की पहले दिन की कमाई की तुलना की जा रही है। हालांकि, आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी धुरंधर 2 ने दूसरे दिन देश में 80.72 करोड़ रुपए का बिजनस किया था। फिल्म को माउथ पब्लिसिटी का फायदा मिला था। इसके मुकाबले टॉक्सिक दूसरे दिन 36.40 करोड़ रुपए ही कमा सकी। फिल्म की कमाई धुरंधर 2 की दूसरे दिन की कमाई की आधी भी नहीं है। आवारापन 2 की 14वें दिन की कमाई टॉक्सिक की कमाई घटने का आवारापन 2 या बंटवारा 1947 को कोई फायदा नहीं मिला। गुरुवार को इमरान हाशमी की सुपरहिट फिल्म आवारापन 2 की कमाई भी कम हुई। 14वें दिन आवारापन 2 ने 1,085 शोज से 60 लाख रुपए की नेट कमाई की। इसके बाद भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 171.90 करोड़ रुपए और कुल नेट कलेक्शन 144.25 करोड़ रुपए हो गया। आवारापन 2 का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 203.70 करोड़ रुपए है। नितिन कक्कड़ के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 45 करोड़ रुपए के बजट में बनी है। बंटवारा 1947 का कलेक्शन सनी देओल की बंटवारा 1947 की कमाई 14वें दिन भी 5 लाख रुपए तक नहीं पहुंची। राजकुमार संतोषी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने गुरुवार को 126 शोज से 3 लाख रुपए कमाए। 150 करोड़ रुपए के बजट में बनी बंटवारा 1947 का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब तक 53.88 करोड़ रुपए है। भारत में फिल्म ने 37.80 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। टॉक्सिक के मेकर्स पर नेगेटिव रेटिंग हटवाने के आरोप केजीएफ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक को लगातार दर्शकों के नेगेटिव रिव्यू मिल रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य वेबसाइट्स में फिल्म को काफी निराशाजनक रेटिंग मिली है। इसी बीच अब फिल्म के मेकर्स पर बुक माय शो से फिल्म की रेटिंग हटवाने के आरोप लग रहे हैं। बुक माय शो पर आमतौर पर हर रिलीज हुई फिल्म की रेटिंग दिखाई जाती है। कुछ समय पहले तक फिल्म टॉक्सिक को बुक माय शो पर 5.5 रेटिंग मिली थी, लेकिन अब ये रेटिंग हटा दी गई है। इसके बदले वेबसाइट पर सिर्फ लाइक नजर आ रहे हैं। जबकि अन्य फिल्मों की रेटिंग अब भी मौजूद है। सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि दर्शकों से खराब रिव्यू मिलने के बाद रेटिंग हटा दी गई। हालांकि, रेटिंग हटाने को लेकर बुक माय शो या फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। एक्स के एक यूजर ने आरोप लगाते हुए लिखा, “बुक माय शो ने टॉक्सिक फिल्म की रेटिंग बंद कर दी। यह इतनी खराब थी कि 5.5/10 मिली, BMS के इतिहास में सबसे खराब।” एक दिन में कमाए 100 करोड़, फिर फ्लॉप का डर क्यों? फिल्म टॉक्सिक 26 अगस्त को रिलीज हुई। इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन ही भारत में 101 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है। लेकिन इसके बावजूद फिल्म के फ्लॉप होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वजह है फिल्म की हाइप और अब आने वाले नेगेटिव रिव्यू। पहले दिन फिल्म को 24579 शोज मिले, जिसकी ऑक्यूपेंसी 57 पर्सेंट रही। वीक डे होने के बावजूद, दर्शक बड़ी संख्या में फिल्म देखने पहुंचे, लेकिन दोपहर तक फिल्म के नेगेटिव रिव्यू चर्चा में आ गए। फिल्म की आलोचना का एक कारण ये भी रहा कि पिछले कुछ महीनों से मेकर्स लगातार इसे बड़े स्केल और बड़े बजट में तैयार करने की बात कर रहे थे, जिससे फिल्म से ज्यादा उम्मीदें जुड़ी थीं। जानिए क्यों उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी टॉक्सिक 3 साल और 500-1000 करोड़ बजट- फिल्म 2023 में बनना शुरू हुई और 3 साल बाद 2026 में रिलीज हुई। फिल्म को 500-1000 करोड़ के बड़े बजट में बनाया गया, जिससे ये देश की सबसे महंगी फिल्मों में से एक बनी। जाहिर तौर पर इस बड़े बजट के साथ दर्शकों को बेहतरीन विजुअल और स्टोरी की उम्मीद थी, जिस पर फिल्म खरी नहीं उतरी। बार-बार पोस्टपोन- फिल्म सबसे पहले 10 अप्रैल 2025 को रिलीज होनी थी, हालांकि मेकर्स ने ये कहते हुए इसे पोस्टपोन कर दिया कि इसे विजुअली और बेहतरीन बनाने की जरुरत है। कुछ समय बाद इसे 19 मार्च 2026 के लिए शेड्यूल किया गया, जिस दिन धुरंधर 2 रिलीज हुई। मेकर्स ने रिलीज से ठीक पहले इसे पोस्टपोन कर दिया और मिडिल ईस्ट वॉर का हवाला दिया। इसके बाद फिल्म 4 जून 2026 और फिर बाद में 26 अगस्त के लिए शेड्यूल की गई। बार-बार पोस्टपोन करने से फैंस में इसे लेकर एक्साइटमेंट थीं, लेकिन जब फिल्म आई, तो इसमें कोई खास कहानी या विजुअल इफेक्ट्स नजर नहीं आए, जिनका हवाला देकर फिल्म बार-बार पोस्टपोन की गई। कास्टिंग दमदार, लेकिन किरदारों में असर नहीं- इस फिल्म की कास्टिंग लंबे समय से चर्चा में थी। फिल्म में कन्नड़ स्टार यश के साथ बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक कियारा आडवाणी की कास्टिंग हुई। ये कियारा की मदरहुड के बाद कमबैक फिल्म थी। उन्होंने कुछ समय पहले ही बॉलीवुड की सबसे बड़ी फ्रैंचाइजी में से एक डॉन की तीसरी फिल्म डॉन 3 छोड़ी थी। फैंस को उम्मीद थी कि डॉन 3 छोड़ने के बाद अगर कियारा ने कमबैक के लिए टॉक्सिक चुनी है, तो इसमें उनका किरदार दमदार होगा, लेकिन फिल्म देखने के बाद हर कोई निराश था। कियारा के किरदार को कम स्क्रीनटाइम दिया गया है, उनका किरदार फिल्म में कोई असर नहीं छोड़ता। उनकी जगह कोई और एक्ट्रेस भी होतीं, तो बड़ा फर्क नहीं पड़ता। फीमेल स्टारकास्ट की भरमार- फिल्म में साउथ सुपरस्टार नयनतारा, बॉलीवुड स्टार कियारा आडवाणी, ट्रेंडिंग एक्ट्रेस तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत हैं। कहने को फिल्म में बॉलीवुड की 3 बड़ी एक्ट्रेस हैं, साउथ की एक्ट्रेस हैं, लेकिन इन सभी किरदारों की कोई अपनी कहानी नहीं हैं। ये सभी किरदार लीड एक्टर यश के किरदार के इर्द-गिर्द ही नजर आते हैं। ये कास्टिंग महज फिल्म में बड़े नाम जोड़ने जैसी लगती है। नेशनल अवॉर्ड विजेता डायरेक्टर से थीं उम्मीदें- फिल्म को नेशनल अवॉर्ड विजेता गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट किया है। 2013 में उनकी फिल्म लायर्स डाइस को नेशनल अवॉर्ड मिला था, वहीं ये ऑस्कर भेजी गई भारत की ऑफिशियल फिल्म रही। ऐसे में उनकी फिल्म से उम्मीदें थीं। लगातार आ रहीं फिल्म से जुड़ी नेगेटिव खबरें- प्री-इवेंट में हादसा- यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में हैदराबाद की मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी में हादसा हो गया। भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल हो गए, जबकि एक लड़की बेहोश हो गई। घटना के समय यश मंच पर मौजूद थे। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में पुलिस ने आयोजकों पर FIR दर्ज की है। घटना के दौरान कुछ लोग साउंड बॉक्स को सहारा देने वाले पोल पर चढ़ गए थे। इसी दौरान भारी सेटअप अचानक नीचे गिर गया और अफरा-तफरी मच गई। थिएटर में फैंस ने मचाई गंदगी- बेंगलुरु के संतोष थिएटर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद फर्श पर करेंसी नोट और ढेर सारा कचरा बिखरा दिख रहा है। ………………………………………………….. फिल्म टॉक्सिक से जुड़ी ये खबरें भी पढिए- मूवी रीव्यू- ‘टॉक्सिक’:यश की फिल्म में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज, लेकिन कहानी उलझी; तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज है, लेकिन कहानी इतनी उलझी है कि तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है। ड्यूरेशन: 3 घंटे 14 मिनट 12 सेकंड दैनिक भास्कर रेटिंग: 1.5/5 यश की ‘टॉक्सिक’ एक बड़े स्केल की गैंगस्टर फिल्म है, जिसमें ड्रग्स, परिवार, बदला, धोखा और खूब सारा एक्शन है। फिल्म का लुक शानदार है, यश का जलवा बरकरार है, लेकिन कहानी के मामले में फिल्म आपको पकड़ने के बजाय बार-बार उलझाती है। पूरा रिव्यू पढ़िए……………………………………………….फिल्म 'टॉक्सिक' के इवेंट में बड़ा हादसा:भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल, मंच पर मौजूद थे यश; आयोजकों पर FIR यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में हैदराबाद की मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी में हादसा हो गया। भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल हो गए, जबकि एक लड़की बेहोश हो गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हादसे के समय यश मंच पर मौजूद थे। पुलिस ने आयोजकों पर FIR दर्ज की है। घटना के दौरान कुछ लोग साउंड बॉक्स को सहारा देने वाले पोल पर चढ़ गए थे। इसी दौरान भारी सेटअप अचानक नीचे गिर गया और अफरा-तफरी मच गई। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 10:06 am

जब जेल में बहनों ने बांधी संजय दत्त को राखी:रक्षाबंधन पर बहनों को तोहफे में दिए थे चाय-नाश्ते के 2-2 रुपए के कूपन

रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है। भाई भी अपनी बहन को कुछ न कुछ गिफ्ट देता है, लेकिन संजय दत्त की जिंदगी में एक रक्षाबंधन ऐसा भी आया था, जब उनकी बहनों ने उन्हें जेल में राखी बांधी और उन्हें तोहफे में 2-2 रुपए के कूपन दिए थे। 1994 में संजय दत्त ठाणे सेंट्रल जेल में थे बात जुलाई 1994 की है। अवैध हथियार रखने के मामले में संजय दत्त की अंतरिम जमानत रद्द हो गई थी। इसके बाद उन्हें ठाणे सेंट्रल जेल भेज दिया गया। उन्हें जेल की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली अंडा बैरक में रखा गया था। यहां खतरनाक अपराधियों और टाडा के आरोपियों को रखा जाता था। संजय दत्त पर लिखी यासिर उस्मान की किताब के मुताबिक, संजय दत्त जिस बैरक में थे, वह करीब 10x10 फीट की थी। वहां न धूप आती थी और न बाहर की दुनिया दिखाई देती थी। कमरे में एक छोटा बल्ब, गद्दा और बिना फ्लश वाला शौचालय था। संजय ने बाद में बताया था कि जेल में शुरुआती डेढ़ महीने काफी मुश्किल रहे। उन्हें दूसरे कैदियों से मिलने की इजाजत भी नहीं थी। अकेलापन इतना ज्यादा था कि वह समय बिताने के लिए घंटों चींटियों को चलते देखते थे। इस मुश्किल समय में उनके पिता सुनील दत्त बेटे की जमानत के लिए लगातार कोशिश कर रहे थे। वहीं उनकी बहनें प्रिया और नम्रता भी संजय से मिलने जेल जाती थीं। कई बार उन्हें भाई से दूर से ही मिलने का मौका मिलता था। वहीं, रक्षाबंधन पर बहनों ने जेल में उन्हें राखी बांधी। उस समय संजय के पास देने के लिए कोई तोहफा नहीं था। उन्होंने अपनी बहनों को सिर्फ जेल की कैंटीन के दो-दो रुपए वाले चाय-नाश्ते के कूपन दिए और कहा था, ‘मेरे पास फिलहाल यही है।’ बता दें कि संजय दत्त और उनकी बहनों के रिश्ते में उतार-चढ़ाव आए। साल 2008 में संजय दत्त ने मान्यता दत्त से शादी की थी। शुरुआत में परिवार के कुछ सदस्यों ने इस रिश्ते को आसानी से स्वीकार नहीं किया था। प्रिया और मान्यता के बीच भी कुछ समय तक दूरी रही। संजय के राजनीति में आने को लेकर भी प्रिया से उनके मतभेद सामने आए थे। लेकिन बाद में परिवार में रिश्ते सुधरते गए। संजय और मान्यता के जुड़वां बच्चों के जन्म के बाद दूरियां कम हुईं। साल 2020 में संजय दत्त को कैंसर हुआ, तो उनकी बहनें फिर उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। प्रिया और नम्रता ने इलाज के दौरान भाई का साथ दिया। ……….. यह खबर भी पढ़ें… ‘अरे बेवकूफों, क्या एक मुसलमान, मुसलमान को राखी बांधता है?’: पत्नी जरीना वहाब को दाऊद इब्राहिम से जोड़ने पर भड़के थे आदित्य पंचोली 2000 के दशक में कुछ हिंदी अखबारों और मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि मुंबई में आदित्य पंचोली की 'दादागिरी' इसलिए चलती है क्योंकि उनकी पत्नी और अभिनेत्री जरीना वहाब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती हैं। इस दावे पर आदित्य पंचोली ने कड़ी नाराजगी जताई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 5:00 am

‘अरे बेवकूफों, क्या एक मुसलमान, मुसलमान को राखी बांधता है?’:पत्नी जरीना वहाब को दाऊद इब्राहिम से जोड़ने पर भड़के थे आदित्य पंचोली

2000 के दशक में कुछ हिंदी अखबारों और मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि मुंबई में आदित्य पंचोली की 'दादागिरी' इसलिए चलती है क्योंकि उनकी पत्नी और अभिनेत्री जरीना वहाब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती हैं। इस दावे पर आदित्य पंचोली ने कड़ी नाराजगी जताई थी। आप की अदालत में दिए एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “मेरी बीवी 17 साल की उम्र से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रही है। एक भी उंगली आज तक उस पर नहीं उठी। वह एक मुस्लिम औरत है। मैं बोलता हूं, वो पाक है, देवी है। उन्होंने आगे कहा था, उसके बारे में लिखा गया कि वो इसलिए दादागिरी करता है क्योंकि आदित्य पंचोली की बीवी जरीना वहाब, दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती है। अरे बेवकूफों, लिखने से पहले सोचो, क्या एक मुसलमान, मुसलमान को राखी बांधता है?” आदित्य और जरीना की मुलाकात 1986 में हुई थी आदित्य पंचोली और जरीना वहाब की लव स्टोरी बॉलीवुड की सबसे चर्चित और अनोखी कहानियों में से एक है। दोनों की पहली मुलाकात साल 1986 में नारी हीरा की वीडियो फिल्म ‘कलंक का टीका’ के सेट पर हुई थी। जरीना वहाब के मुताबिक, आदित्य उनसे उम्र में लगभग 5 साल छोटे थे और पहली मुलाकात में ही उन्हें बेहद हैंडसम लगे थे। फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए और उन्हें प्यार हो गया। दोनों का प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि पहली मुलाकात के महज 15 से 20 दिनों के अंदर ही दोनों ने साल 1986 में शादी कर ली। यह शादी उस दौर में इसलिए भी बहुत चर्चा में रही क्योंकि जरीना मुस्लिम थीं और आदित्य हिंदू। जरीना की मां रिश्ते को लेकर चिंतित थीं जरीना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी मां शुरुआत में इस रिश्ते को लेकर काफी चिंतित थीं, क्योंकि आदित्य दूसरे धर्म के थे और उम्र में छोटे थे। लेकिन जरीना ने अपनी मां को समझाते हुए कहा था, ‘मां, हिंदू-मुसलमान सब एक जैसे हैं। आप ही कहती हैं कि अल्लाह की मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। तो मेरी जिंदगी का इतना बड़ा फैसला भी अल्लाह ने ही लिया है। यह फैसला मैंने नहीं, उन्होंने लिया है।’ जरीना की बात सुनकर उनके परिवार ने इस शादी को स्वीकार कर लिया। जरीना ने लहरें को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उनकी शादी निकाह के तरीके से हुई थी। जब उनसे पूछा गया था कि क्या आदित्य ने इस्लाम कबूल किया था, तो उन्होंने कहा, “उन्होंने धर्म नहीं बदला था, लेकिन मुस्लिम रीति के अनुसार उन्हें अपना नाम बदलना पड़ा था, इसलिए उन्होंने ऐसा किया।” जरीना वहाब ने बताया था कि उनकी बेटी का नाम सना एक पाकिस्तानी शो के किरदार से प्रेरित था। वहीं बेटे का नाम सूरज रखा गया, क्योंकि आदित्य की एक फिल्म में उनके किरदार का नाम सूरज था। बच्चों के नाम मुस्लिम या हिंदू रखने को लेकर परिवार में कोई चर्चा नहीं हुई। जरीना ने कहा था कि सना और सूरज को अपनी धार्मिक पहचान खुद चुनने की आजादी दी गई। दोनों के करियर की बात करें तो जरीना वहाब ने 1970 के दशक में फिल्मों में पहचान बनाई। 1976 की ‘चितचोर’ और 1977 की ‘घरौंदा’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। ‘घरौंदा’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेशन भी मिला था। उन्होंने हिंदी के साथ मलयालम और दूसरी भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया। बाद में टीवी और फिल्मों में चरित्र भूमिकाओं में भी नजर आईं। वहीं आदित्य पंचोली ने 1980 के दशक में अभिनय की शुरुआत की। ‘दयावान’, ‘कब तक चुप रहूंगी’, ‘कातिल’ जैसी फिल्मों से उन्होंने पहचान बनाई। आगे चलकर ‘यस बॉस’, ‘बॉडीगार्ड’, ‘रेस 2’, ‘जय हो’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। उनके करियर में हीरो के साथ-साथ विलेन और कैरेक्टर रोल भी अहम रहे। ……….. यह खबर भी पढ़ें… जब जेल में बहनों ने बांधी संजय दत्त को राखी: रक्षाबंधन पर बहनों को तोहफे में दिए थे चाय-नाश्ते के 2-2 रुपए के कूपन रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है। भाई भी अपनी बहन को कुछ न कुछ गिफ्ट देता है, लेकिन संजय दत्त की जिंदगी में एक रक्षाबंधन ऐसा भी आया था, जब उनकी बहनों ने उन्हें जेल में राखी बांधी और उन्हें तोहफे में 2-2 रुपए के कूपन दिए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 4:30 am

दिशा पाटनी 500 रुपए लेकर मुंबई आई थीं:‘हीरोपंती’ के ऑडिशन में फेल हुईं; इंजीनियरिंग छोड़ी, फिर ‘एमएस धोनी’ से बनीं स्टार

दिशा पाटनी की बॉलीवुड तक पहुंचने की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बरेली से निकलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बीच मॉडलिंग शुरू करने वाली दिशा 500 रुपए लेकर मुंबई पहुंची थीं। यहां उन्हें लगातार ऑडिशन देने पड़े और ‘हीरोपंती’ का ऑडिशन फेल हो गया। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इंजीनियरिंग छोड़कर एक्टिंग को करियर बना लिया। 2015 में ‘लोफर’ से फिल्मी सफर शुरू हुआ, लेकिन 2016 की ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। इसके बाद ‘बागी 2’, ‘भारत’, ‘मलंग’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। हाल में उनकी मल्टीस्टार फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘अवारापन 2’ रिलीज हुई है। आज की सक्सेस स्टोरी में दिशा पाटनी की निजी जिंदगी और करियर से जुड़ी कुछ और खास बातें... बरेली में जन्म, पुलिस अधिकारी पिता और हेल्थ इंस्पेक्टर मां का परिवार दिशा पाटनी का जन्म 13 जून 1992 को उत्तर प्रदेश के बरेली में हुआ। उनका परिवार उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की राजपूत पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता जगदीश सिंह पाटनी पुलिस अधिकारी और मां हेल्थ इंस्पेक्टर हैं। बड़ी बहन खुशबू पाटनी भारतीय सेना में मेजर रह चुकी हैं और फिटनेस से भी जुड़ी हैं। छोटा भाई सूर्यांश पाटनी है। जिस दुनिया में दिशा बाद में ग्लैमर और फिल्म स्टारडम के लिए पहचानी गईं, उसकी शुरुआत एक सामान्य और अनुशासित पारिवारिक माहौल से हुई थी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बीच आया मॉडलिंग का मौका दिशा ने लखनऊ की एमिटी यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की थी। लेकिन उनकी जिंदगी में ऐसा मोड़ आया, जिसने उन्हें पढ़ाई से कैमरे की दुनिया तक पहुंचा दिया। दिशा ने बाद में ‘आज तक’ को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह नोएडा से बीटेक कर रही थीं और सेकेंड ईयर में उन्हें मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे। इन्हीं ऑफर्स से उनका मुंबई आना-जाना शुरू हुआ। पढ़ाई और मॉडलिंग के बीच संतुलन बनाना मुश्किल होता गया। आखिरकार उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई दूसरे साल में छोड़ दी और मॉडलिंग को करियर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। तब शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि कैमरे के सामने किया यह काम आगे चलकर उन्हें बॉलीवुड के बड़े सितारों के बीच पहुंचा देगा। 18 साल की उम्र में मॉडलिंग, फिर मिस इंडिया तक पहुंचीं दिशा ने कम उम्र में मॉडलिंग शुरू कर दी थी। 2020 में ‘फिल्मीबीट’ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्होंने 18 साल की उम्र में मॉडल के तौर पर काम शुरू किया था। उनके मुताबिक उस समय उन पर कई जिम्मेदारियां थीं और उन्होंने परिवार पर आर्थिक रूप से निर्भर रहने के बजाय खुद काम करके अपना खर्च संभाला। 19 साल की उम्र में जब वह मुंबई आई थीं, तब शहर में उन्हें कोई जानने वाला नहीं था। फिल्मी परिवार से न होने के कारण उन्हें अपना रास्ता खुद बनाना था। वह अकेली रहती थीं, ऑडिशन देती थीं और अपनी जरूरतों का खर्च खुद उठाती थीं। मुंबई आने के समय उनके पास सिर्फ 500 रुपए थे। टीवी विज्ञापनों के ऑडिशन रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए थे। किराया देने का दबाव इतना था कि उनके लिए हर काम पहले नौकरी जैसा था। मॉडलिंग के दौरान दिशा ने कई विज्ञापनों में काम किया। 2013 में उन्होंने पॉन्ड्स फेमिना मिस इंडिया इंदौर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और फर्स्ट रनर-अप रहीं। इससे उन्हें मॉडलिंग में और पहचान मिली। दिशा का लक्ष्य सिर्फ रैंप तक सीमित नहीं था। कैमरे के सामने काम करते हुए उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें एक्टिंग ज्यादा पसंद है। मॉडलिंग उनके लिए मंजिल के बजाय बॉलीवुड तक पहुंचने का रास्ता बनने लगी। पहला ऑडिशन सफल नहीं हुआ, ‘हीरोपंती’ में मौका हाथ से निकला दिशा की कहानी का दिलचस्प हिस्सा यह है कि उनका पहला बड़ा फिल्मी ऑडिशन सफल नहीं हुआ था। उन्होंने टाइगर श्रॉफ की डेब्यू फिल्म ‘हीरोपंती’ के लिए ऑडिशन दिया था। उस समय दिशा और टाइगर एक-दूसरे को जानते तक नहीं थे। ‘बॉलीवुड हंगामा’ को दिए इंटरव्यू में दिशा ने बताया था कि उस समय वह पढ़ाई कर रही थीं और एक शूट के सिलसिले में मुंबई आई थीं। वह खुद को एक्टर नहीं मानती थीं और एक्टिंग के बारे में ज्यादा नहीं जानती थीं। उन्हें सिर्फ ऑडिशन के लिए बुलाया गया था। दिशा ने माना कि उनका ऑडिशन खराब था। उन्होंने यह भी बताया कि वह फिल्म के बारे में ज्यादा नहीं जानती थीं और मुंबई शिफ्ट भी नहीं हुई थीं। जिस फिल्म से टाइगर श्रॉफ का बॉलीवुड डेब्यू हुआ, उसी फिल्म में दिशा का सफर शुरू नहीं हो सका। लेकिन यह असफलता आगे की कहानी में अहम साबित हुई, क्योंकि दिशा रुकी नहीं। तेलुगु फिल्म ‘लोफर’ से एक्टिंग डेब्यू 2015 में दिशा को फिल्मी दुनिया में पहला बड़ा मौका मिला। उन्होंने पुरी जगन्नाध की तेलुगु फिल्म ‘लोफर’ में वरुण तेज के साथ काम किया। फिल्म में उन्होंने मौनी का किरदार निभाया था। यहीं से उनका आधिकारिक एक्टिंग करियर शुरू हुआ। ‘लोफर’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी। लेकिन दिशा के लिए यह फिल्म महत्वपूर्ण थी, क्योंकि उन्हें पहली बार बड़े पर्दे पर खुद को साबित करने का मौका मिला था। कई कलाकारों के लिए पहली फिल्म की असफलता करियर रोक देती है। दिशा के मामले में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने अगले मौके का इंतजार किया और वही फिल्म उनके करियर की बड़ी शुरुआती सीढ़ी बनी। ‘एमएस धोनी’ ने बदली किस्मत 2016 में दिशा को वह फिल्म मिली जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई- ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’। नीरज पांडे निर्देशित इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत ने महेंद्र सिंह धोनी की भूमिका निभाई थी। दिशा ने प्रियंका झा का किरदार निभाया, जो धोनी की जिंदगी का बेहद भावनात्मक अध्याय था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई और दिशा के काम को नोटिस किया गया। उनका स्क्रीन टाइम ज्यादा नहीं था, लेकिन प्रियंका के किरदार की कहानी भावनात्मक थी। यही वजह रही कि उनकी स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को याद रह गई। इस फिल्म के बाद दिशा को सिर्फ मॉडल या नई एक्ट्रेस के तौर पर नहीं देखा गया। उन्हें ऐसी अभिनेत्री के रूप में पहचान मिलने लगी, जिसमें ग्लैमर के साथ भावनात्मक किरदार निभाने की क्षमता है। इस फिल्म के लिए उन्हें आईफा में ‘स्टार डेब्यू ऑफ द ईयर- फीमेल’ का पुरस्कार मिला। इसके अलावा उन्हें कई अन्य डेब्यू अवॉर्ड्स और नामांकन मिले। जैकी चैन के साथ इंटरनेशनल प्रोजेक्ट ‘एमएस धोनी’ के बाद दिशा का अगला बड़ा पड़ाव बॉलीवुड के बाहर था। 2017 में वह जैकी चैन की फिल्म ‘कुंग फू योगा’ में नजर आईं। फिल्म में सोनू सूद और अन्य कलाकार भी थे। इस प्रोजेक्ट से दिशा को इंटरनेशनल दर्शकों के सामने आने का मौका मिला। एक तरफ वह बॉलीवुड में जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट का अनुभव ले रही थीं। लेकिन दिशा को असली कमर्शियल स्टारडम अभी मिलना बाकी था। ‘बागी 2’ ने बनाया कमर्शियल स्टार 2018 में दिशा की फिल्म ‘बागी 2’ रिलीज हुई। इसमें वह टाइगर श्रॉफ के साथ नजर आईं। दोनों इससे पहले म्यूजिक वीडियो ‘बेफिक्रा’ में साथ काम कर चुके थे। ‘बागी 2’ उनकी टाइगर श्रॉफ के साथ पहली फिल्म थी, जिसमें दोनों की जोड़ी बड़े पर्दे पर दिखाई दी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया और दुनिया भर में 258 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया। यह 2018 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों में शामिल रही। दिशा के लिए ‘बागी 2’ महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इससे उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। उनका ग्लैमरस लुक, फिटनेस और टाइगर के साथ ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री चर्चा में रही। हालांकि समीक्षकों ने उनके किरदार की सीमाओं पर सवाल भी उठाए। दिशा के करियर की दिलचस्प सच्चाई यही रही- उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई, लेकिन बतौर अभिनेत्री उन्हें मजबूत भूमिकाओं की तलाश भी रही। सलमान खान के साथ ‘भारत’, फिर ‘राधे’ 2019 में दिशा को सलमान खान के साथ काम करने का मौका मिला। अली अब्बास जफर की ‘भारत’ में उन्होंने राधा का किरदार निभाया और ‘स्लो मोशन’ गाने में सलमान के साथ नजर आईं। फिल्म कमर्शियल तौर पर सफल रही और साल की बड़ी फिल्मों में शामिल हुई। दिशा ने ‘भारत’ को लेकर कहा था कि वह फिल्म से खुश थीं, क्योंकि उन्हें डांस करना पसंद है और वह ऐसा बॉलीवुड गाना करना चाहती थीं। उन्होंने सलमान खान और कोरियोग्राफर वैभवी मर्चेंट के साथ काम करने को खास अनुभव बताया था। इसके बाद सलमान और दिशा की जोड़ी ‘राधे’ में फिर नजर आई। हालांकि फिल्म को आलोचकों से खास प्रतिक्रिया नहीं मिली और कोविड-19 के कारण इसकी रिलीज प्रभावित हुई। ‘मलंग’ में ग्लैमर से आगे बढ़ने की कोशिश 2020 की ‘मलंग’ दिशा के लिए अलग तरह का प्रोजेक्ट था। मोहित सूरी की इस फिल्म में उनके साथ आदित्य रॉय कपूर, अनिल कपूर और कुणाल खेमू थे। दिशा ने सारा नांबियार का किरदार निभाया। फिल्म को व्यावसायिक रूप से मध्यम सफलता मिली, लेकिन दिशा को पहले की तुलना में ज्यादा स्क्रीन स्पेस मिला। उनके स्क्रीन टाइम और प्रदर्शन को सकारात्मक तरीके से नोट किया गया था। दिशा ने अपने करियर को लेकर कहा था कि वह सिर्फ नंबर वन बनने के लिए फिल्में साइन नहीं करतीं। उनके लिए जरूरी है कि वह चुनी गई भूमिका के सफर को एंजॉय करें। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म चुनते समय वह अपनी ‘इनर वॉइस’ पर भरोसा करती हैं। यही बात दिशा की करियर स्ट्रैटेजी को अलग करती है। उनकी फिल्मोग्राफी में बड़ी कमर्शियल फिल्में हैं, लेकिन उन्होंने खुद को हर फिल्म में एक ही तरह से पेश करने की कोशिश नहीं की। ‘हर फिल्म के सेट पर खुद को नया कलाकार मानती हूं’ अपने एक्टिंग ग्रोथ को लेकर दिशा पाटनी ने कहा था कि हर फिल्म करते समय उन्हें लगता है कि उन्होंने पहले जो सीखा था, वह भूल गई हैं और सेट पर खुद को नए कलाकार की तरह महसूस करती हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक्टिंग की कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं ली। उन्होंने ऑडिशन और काम करते हुए एक्टिंग सीखी। उनके लिए हर फिल्म सीखने की प्रक्रिया रही। यह बयान अहम है, क्योंकि दिशा का करियर किसी फिल्म स्कूल या लंबे थिएटर अनुभव से शुरू नहीं हुआ था। मॉडलिंग, विज्ञापन, ऑडिशन और लगातार काम- यही उनका प्रशिक्षण बनता गया। फिटनेस और एक्शन बनीं पहचान दिशा की पहचान सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही। फिटनेस और डांस उनकी पब्लिक इमेज का बड़ा हिस्सा हैं। जिम, जिम्नास्टिक और फिटनेस से जुड़े वीडियो और तस्वीरों के कारण वह सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहती हैं। एक्शन फिल्मों में भी उनकी रुचि दिखाई दी। दिशा ने कहा था कि वह एक आउट-एंड-आउट एक्शन फिल्म करना चाहती हैं। उनके मुताबिक अगर दर्शक किसी लड़की को एक्शन करते हुए देखना चाहते हैं और उनकी धारणा बदलती है, तो ऐसी फिल्मों के लिए रास्ता और खुलेगा। यानी दिशा खुद को सिर्फ ग्लैमरस भूमिकाओं तक सीमित नहीं देखना चाहती थीं। ‘राधे’ से ‘एक विलेन रिटर्न्स’ तक आया उतार ‘मलंग’ के बाद दिशा के करियर में उतार-चढ़ाव आए। 2021 में ‘राधे’ रिलीज हुई और 2022 में वह ‘एक विलेन रिटर्न्स’ में नजर आईं। दोनों फिल्मों को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। ‘एक विलेन रिटर्न्स’ में उन्होंने थ्रिलर कहानी से जुड़ा किरदार निभाया, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। इसके बाद 2024 में ‘योद्धा’ आई। फिल्म में दिशा ने एक्शन से जुड़ा किरदार निभाया और उनके फाइट सीक्वेंस की तारीफ हुई, हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। लेकिन उसी साल ‘कल्कि 2898 एडी’ ने तस्वीर बदल दी। फिल्म में दिशा का रोल छोटा था, लेकिन यह जबरदस्त कमर्शियल सफलता रही। ‘कंगुवा’ और नई इंडस्ट्री में कदम 2024 में दिशा ने तमिल सिनेमा में कदम रखा। वह सूर्या स्टारर ‘कंगुवा’ में नजर आईं और एंजेलिना का किरदार निभाया। हालांकि फिल्म को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली और उनके किरदार के स्क्रीन स्पेस पर भी सवाल उठे। यह दौर बताता है कि दिशा का करियर हमेशा सीधी रेखा में नहीं चला। कभी बड़ी हिट मिली, कभी फिल्म असफल हुई, कभी भूमिका की तारीफ हुई तो कभी सीमित स्क्रीन टाइम के लिए आलोचना झेलनी पड़ी। 2026 में भी जारी है सफर 2025 में उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई, लेकिन 2026 में दिशा की फिल्मोग्राफी में कई प्रोजेक्ट जुड़े। ‘ओ'रोमियो’ में वह जूली के किरदार में नजर आईं। इसके अलावा ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘अवारापन 2’ भी उनके करियर का हिस्सा बने। ‘अवारापन 2’ में उन्होंने इमरान हाशमी के साथ मुख्य भूमिका निभाई। यह 2007 की चर्चित ‘अवारापन’ का सीक्वल है। अपने करियर के एक दशक से ज्यादा समय बाद भी दिशा अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन रही हैं। स्टारडम के बीच भी खुद को ‘इंट्रोवर्ट’ मानती हैं दिशा की सोशल मीडिया छवि बेहद ग्लैमरस है, लेकिन ‘फिल्मीबीट’ से बातचीत में उन्होंने वास्तविक जीवन को काफी अलग बताया था। उन्होंने कहा था कि वह इंट्रोवर्ट हैं, सामाजिक कार्यक्रमों में असहज महसूस करती हैं और घर पर रहना ज्यादा पसंद करती हैं। बचपन के दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि स्कूल में उनके छोटे बाल थे, वह टॉमबॉय की तरह रहती थीं और उन्हें ‘जादू’ कहकर चिढ़ाया जाता था। लेकिन उस समय वह अपनी छोटी-सी दुनिया में इतनी व्यस्त रहती थीं कि इन बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेती थीं। शायद यही वजह है कि कैमरे के सामने आत्मविश्वासी दिखाई देने वाली दिशा निजी जिंदगी में खुद को अलग तरह से देखती हैं। _______________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. रेणुका शहाणे कास्टिंग काउच से जूझीं:‘हम आपके...’ के बाद फिल्में छोड़ीं; एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर वाली महिला का रोल किया, लोग बोले- उम्मीद नहीं थी रेणुका शहाणे का नाम आते ही लोगों के जेहन में ‘हम आपके हैं कौन’ की संस्कारी भाभी पूजा और ‘सुरभि’ का सहज चेहरा उभरता है। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ एक सुपरहिट फिल्म और लोकप्रिय टीवी शो तक सीमित नहीं है। मनोविज्ञान की पढ़ाई से लेकर थिएटर, टीवी, फिल्मों और निर्देशन तक रेणुका ने हर पड़ाव पर अपनी शर्तों पर काम किया।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 28 Aug 2026 4:30 am

बॉक्स ऑफिस पर आया Toxic का तूफान, दूसरे ही दिन यश की फिल्म ने पार किया 120 करोड़ का आंकड़ा

यश की फिल्म 'टॉक्सिक' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की। फिल्म ने पहले ही दिन 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था, जानिए दूसरे दिन की कमाई।

जागरण 27 Aug 2026 9:59 pm

नेपाल बाढ़ में पत्नी संग फंसे परिणीता एक्टर खराज मुखर्जी:शूटिंग के लिए गए थे, बंगाली एक्ट्रेस भी फंसी; एक्टर अंकुर रतन बाल-बाल बचे

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक 332 शव बरामद किए जा चुके हैं। बॉलीवुड फिल्म परिणीता और कहानी में नजर आ चुके पॉपुलर बंगाली एक्टर खराज मुखर्जी और उनकी पत्नी प्रतिभा मुखर्जी भी नेपाल बाढ़ में फंसे हैं। वह एक फिल्म की शूटिंग के लिए नेपाल गए थे। खराज मुखर्जी लगातार परिवार के संपर्क में थे, फिर बाढ़ के बाद अचानक उनका नंबर बंद हो गया। उनके साथ शूटिंग यूनिट के कई और साथी भी थे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में एक्टर के परिवार के सदस्य के अनुसार लिखा गया है, खराज और उनकी पत्नी अब सुरक्षित हैं, हालांकि आसपास की स्थिति बिगड़ी हुई है। वह नेपाल से नहीं निकल पा रहे हैं। खराज के साथ एक्टर रजताभ दत्ता भी फंसे हुए हैं। काठमांडू में मौजूदा हालात के कारण उनका ग्रुप वहां से उड़ान नहीं भर सका। अब उनकी योजना सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंचने की है। इसके बाद वे गोरखपुर से कोलकाता के लिए फ्लाइट लेंगे। कौन हैं खराज मुखर्जी? बंगाली एक्ट्रेस भी बाढ़ में फंसी नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच बांग्लादेशी अभिनेत्री अपु बिस्वास फंस गई हैं। वह एक फिल्म की शूटिंग के लिए नेपाल में थीं। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल पोखरा में सुरक्षित हैं और ढाका लौटने की तैयारी कर रही हैं। एक्टर अंकुर रतन बाढ़ से बाल-बाल बचे एक्टर अंकुर रतन नेपाल की बाढ़ से बाल-बाल बचने के बाद भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं। कई वेब सीरीज और ‘माई’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके रतन बुधवार को आई बाढ़ से एक दिन पहले नेपाल के रसुवा जिले में थे। बुधवार को यहां आई भयानक बाढ़ में कई लोगों की मौत हुई, जबकि 500 से ज्यादा लोग लापता हैं। अंकुर रतन 22 अगस्त को काठमांडू पहुंचे थे। वे महाराष्ट्र के रजिस्टर्ड क्लब SAAD माउंटेनियर्स के ग्रुप के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर हैं। उनके साथ उनकी पत्नी शिल्पा सुचक और उनकी कजिन सोनाली कपाड़िया भी यात्रा पर हैं। रतन ने कहा कि वे तीनों बाढ़ वाली जगह से 12 से 16 घंटे पहले वहां से गुजर चुके थे। अंकुर रतन ने गुरुवार को द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हम सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर बहुत उत्साहित थे। सिर्फ एक दिन पहले मेरी पत्नी, एक कजिन और मैं वहां तस्वीरें ले रहे थे।” SAAD माउंटेनियर्स के संस्थापक सदस्य राजन देशमुख ने कहा, “सिर्फ 18 घंटे पहले हम इसी जगह पर थे। क्या नसीब है अपना।” SAAD ग्रुप के सदस्य पुणे के एडवोकेट सुरेंद्र दातार और सोनल दातार ने भी कहा कि वे इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि हादसे से सिर्फ 7 से 8 घंटे पहले वे उसी जगह पर थे। 332 शव बरामद, कई लोगों से संपर्क टूटा नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक 332 शव बरामद किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा 121 शव चितवन जिले से बरामद हुए हैं। बड़ी संख्या में डेड-बॉडी मिलने से उन्हें सुरक्षित रखने के लिए जगह कम पड़ रही है। चितवन की मॉर्चुरी (शवगृह) में सिर्फ 50 डेड-बॉडी रखने की सुविधा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव और लापता लोगों की तलाश जारी है। करीब 1,500 लोगों की तलाश की जा रही है। भारत के 288 नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 73 भारतीय भी शामिल हैं। बाढ़ में फंसे 21 भारतीयों को बचाया गया है, जिनमें से 11 की पहचान हो चुकी है। नेपाल में सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 6:18 pm

कंगना ने फिर साधा रामदेव बाबा पर निशाना:कहा- मेरी जवानी की बात करते हैं, क्या मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटके थे, जानिए क्या है विवाद

कंगना रनोट ने कुछ समय पहले Gen-Z को गटरछाप कहा था। इस पर रामदेव बाबा ने कहा “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता।” कंगना ने इस पर कहा कि बाबा रामदेव मेरी जवानी और बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम न करें। विवाद लगभग खत्म हो चुका था, लेकिन कंगना ने फिर एक बार इस विवाद पर बयान दिया है। कंगना रनोट ने डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है, 'बाबा रामदेव मुझसे पहले ही नाराज चल रहे हैं। अभी उनसे पूछा गया कि कंगना ने प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा है, तो उन्होंने कहा, उसका बचपन देखा है क्या था, उसकी जवानी देखी है क्या थी। क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका हुआ था, उसने देखा है क्या था। क्या देखा। मुझे समझ नहीं आ रहा, ऐसा क्या देखा। बताना चाहिए था न कि क्या देखा।' कंगना रनोट ने इन विवादों पर भी दिया रिएक्शन- कृति सेनन एड विवाद- कंगना रनोट लगातार कृति सेनन के उस रक्षाबंधन एड की आलोचना कर रही हैं, जिसमें उन्होंने रिवीलिंग कपड़े पहने थे। कंगना ने इस विवाद पर कहा है कि क्या इस तरह के कपड़े किसी मुस्लिम फेस्टिवल में पहने दिखाए जा सकते हैं। एक्ट्रेस ने कहा कि एक फेस्टिवल कल्चर रिप्रेसेंट करता है, जिसमें इस तरह के ब्रालेट नहीं पहने जा सकते। भड़काऊ बयान देने पर रिएक्शन- कंगना ने लगातार मुद्दों पर विवादित बयान देने पर भी रिएक्शन दिया है। कंगना ने कहा कि अगर कॉकरोच है, तो उसे चप्पल से ही मारा जाएगा। उसे हाथ से नहीं मारा जाता या उसे किस नहीं किया जा सकता। वहीं अगर तितली हो, तो लोग उसे पकड़ते हैं, तस्वीरें क्लिक करते हैं। उनका कहना है कि जिस तरह के लोग बयान देते हैं, उस पर वो वैसे ही जवाब देती हैं। कंगना बोलीं- मैं बीजेपी की पपेट नहीं- कंगना ने बयानों को पार्टी से जोड़े जाने पर कहा, जब बहुत ज्यादा शोर होता है, तो कहीं न कहीं आपको भी चिल्लाना पड़ता है। मैं कई बार तगड़े बयान दे देती हूं, पर मैं जानबूझकर ऐसा नहीं करना चाहती। तो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मैं कोई पपेट थोड़ी ना हूं। बीजेपी आज मेरे साथ है, कल हो या ना हो। दो साल से मैं पार्लियामेंट की मेंबर हूं। 20 साल से मैं कलाकार हूं। मेरा एक वजूद है। मैं अगर खड़ी हो जाऊं तो 20 प्रेस वाले आएंगे और मेरी बात सुनेंगे।' क्या था कंगना रनोट और रामदेव बाबा का पूरा विवाद? कंगना रनोट ने जेन-जी प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा था। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के युवा को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। इस पर कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।”

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 5:36 pm

क्या नेगेटिव रेटिंग-रिव्यू से डरे टॉक्सिक मेकर्स:बुक माय शो से 5.5 रेटिंग गायब, जानिए क्यों अच्छी कमाई के बावजूद फिल्म पर है फ्लॉप का खतरा

केजीएफ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक को लगातार दर्शकों के नेगेटिव रिव्यू मिल रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य वेबसाइट्स में फिल्म को काफी निराशाजनक रेटिंग मिली है। इसी बीच अब फिल्म के मेकर्स पर बुक माय शो से फिल्म की रेटिंग हटवाने के आरोप लग रहे हैं। बुक माय शो पर आमतौर पर हर रिलीज हुई फिल्म की रेटिंग दिखाई जाती है। कुछ समय पहले तक फिल्म टॉक्सिक को बुक माय शो पर 5.5 रेटिंग मिली थी, लेकिन अब ये रेटिंग हटा दी गई है। इसके बदले वेबसाइट पर सिर्फ लाइक नजर आ रहे हैं। जबकि अन्य फिल्मों की रेटिंग अब भी मौजूद है। सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि दर्शकों से खराब रिव्यू मिलने के बाद रेटिंग हटा दी गई। हालांकि, रेटिंग हटाने को लेकर बुक माय शो या फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। एक्स के एक यूजर ने आरोप लगाते हुए लिखा, “बुक माय शो ने टॉक्सिक फिल्म की रेटिंग बंद कर दी। यह इतनी खराब थी कि 5.5/10 मिली, BMS के इतिहास में सबसे खराब।” एक दिन में कमाए 100 करोड़, फिर फ्लॉप का डर क्यों? फिल्म टॉक्सिक 26 अगस्त को रिलीज हुई। इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन ही भारत में 101 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है। लेकिन इसके बावजूद फिल्म के फ्लॉप होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वजह है फिल्म की हाइप और अब आने वाले नेगेटिव रिव्यू। पहले दिन फिल्म को 24579 शोज मिले, जिसकी ऑक्यूपेंसी 57 पर्सेंट रही। वीक डे होने के बावजूद, दर्शक बड़ी संख्या में फिल्म देखने पहुंचे, लेकिन दोपहर तक फिल्म के नेगेटिव रिव्यू चर्चा में आ गए। फिल्म की आलोचना का एक कारण ये भी रहा कि पिछले कुछ महीनों से मेकर्स लगातार इसे बड़े स्केल और बड़े बजट में तैयार करने की बात कर रहे थे, जिससे फिल्म से ज्यादा उम्मीदें जुड़ी थीं। जानिए क्यों उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी टॉक्सिक 3 साल और 500-1000 करोड़ बजट- फिल्म 2023 में बनना शुरू हुई और 3 साल बाद 2026 में रिलीज हुई। फिल्म को 500-1000 करोड़ के बड़े बजट में बनाया गया, जिससे ये देश की सबसे महंगी फिल्मों में से एक बनी। जाहिर तौर पर इस बड़े बजट के साथ दर्शकों को बेहतरीन विजुअल और स्टोरी की उम्मीद थी, जिस पर फिल्म खरी नहीं उतरी। बार-बार पोस्टपोन- फिल्म सबसे पहले 10 अप्रैल 2025 को रिलीज होनी थी, हालांकि मेकर्स ने ये कहते हुए इसे पोस्टपोन कर दिया कि इसे विजुअली और बेहतरीन बनाने की जरुरत है। कुछ समय बाद इसे 19 मार्च 2026 के लिए शेड्यूल किया गया, जिस दिन धुरंधर 2 रिलीज हुई। मेकर्स ने रिलीज से ठीक पहले इसे पोस्टपोन कर दिया और मिडिल ईस्ट वॉर का हवाला दिया। इसके बाद फिल्म 4 जून 2026 और फिर बाद में 26 अगस्त के लिए शेड्यूल की गई। बार-बार पोस्टपोन करने से फैंस में इसे लेकर एक्साइटमेंट थीं, लेकिन जब फिल्म आई, तो इसमें कोई खास कहानी या विजुअल इफेक्ट्स नजर नहीं आए, जिनका हवाला देकर फिल्म बार-बार पोस्टपोन की गई। कास्टिंग दमदार, लेकिन किरदारों में असर नहीं- इस फिल्म की कास्टिंग लंबे समय से चर्चा में थी। फिल्म में कन्नड़ स्टार यश के साथ बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक कियारा आडवाणी की कास्टिंग हुई। ये कियारा की मदरहुड के बाद कमबैक फिल्म थी। उन्होंने कुछ समय पहले ही बॉलीवुड की सबसे बड़ी फ्रैंचाइजी में से एक डॉन की तीसरी फिल्म डॉन 3 छोड़ी थी। फैंस को उम्मीद थी कि डॉन 3 छोड़ने के बाद अगर कियारा ने कमबैक के लिए टॉक्सिक चुनी है, तो इसमें उनका किरदार दमदार होगा, लेकिन फिल्म देखने के बाद हर कोई निराश था। कियारा के किरदार को कम स्क्रीनटाइम दिया गया है, उनका किरदार फिल्म में कोई असर नहीं छोड़ता। उनकी जगह कोई और एक्ट्रेस भी होतीं, तो बड़ा फर्क नहीं पड़ता। फीमेल स्टारकास्ट की भरमार- फिल्म में साउथ सुपरस्टार नयनतारा, बॉलीवुड स्टार कियारा आडवाणी, ट्रेंडिंग एक्ट्रेस तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत हैं। कहने को फिल्म में बॉलीवुड की 3 बड़ी एक्ट्रेस हैं, साउथ की एक्ट्रेस हैं, लेकिन इन सभी किरदारों की कोई अपनी कहानी नहीं हैं। ये सभी किरदार लीड एक्टर यश के किरदार के इर्द-गिर्द ही नजर आते हैं। ये कास्टिंग महज फिल्म में बड़े नाम जोड़ने जैसी लगती है। नेशनल अवॉर्ड विजेता डायरेक्टर से थीं उम्मीदें- फिल्म को नेशनल अवॉर्ड विजेता गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट किया है। 2013 में उनकी फिल्म लायर्स डाइस को नेशनल अवॉर्ड मिला था, वहीं ये ऑस्कर भेजी गई भारत की ऑफिशियल फिल्म रही। ऐसे में उनकी फिल्म से उम्मीदें थीं। लगातार आ रहीं फिल्म से जुड़ी नेगेटिव खबरें- प्री-इवेंट में हादसा- यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में हैदराबाद की मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी में हादसा हो गया। भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल हो गए, जबकि एक लड़की बेहोश हो गई। घटना के समय यश मंच पर मौजूद थे। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में पुलिस ने आयोजकों पर FIR दर्ज की है। घटना के दौरान कुछ लोग साउंड बॉक्स को सहारा देने वाले पोल पर चढ़ गए थे। इसी दौरान भारी सेटअप अचानक नीचे गिर गया और अफरा-तफरी मच गई। थिएटर में फैंस ने मचाई गंदगी- बेंगलुरु के संतोष थिएटर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद फर्श पर करेंसी नोट और ढेर सारा कचरा बिखरा दिख रहा है। ………………………………………………….. फिल्म टॉक्सिक से जुड़ी ये खबरें भी पढिए- मूवी रीव्यू- ‘टॉक्सिक’:यश की फिल्म में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज, लेकिन कहानी उलझी; तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज है, लेकिन कहानी इतनी उलझी है कि तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है। ड्यूरेशन: 3 घंटे 14 मिनट 12 सेकंड दैनिक भास्कर रेटिंग: 1.5/5 यश की ‘टॉक्सिक’ एक बड़े स्केल की गैंगस्टर फिल्म है, जिसमें ड्रग्स, परिवार, बदला, धोखा और खूब सारा एक्शन है। फिल्म का लुक शानदार है, यश का जलवा बरकरार है, लेकिन कहानी के मामले में फिल्म आपको पकड़ने के बजाय बार-बार उलझाती है। पूरा रिव्यू पढ़िए……………………………………………….फिल्म 'टॉक्सिक' के इवेंट में बड़ा हादसा:भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल, मंच पर मौजूद थे यश; आयोजकों पर FIR यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में हैदराबाद की मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी में हादसा हो गया। भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल हो गए, जबकि एक लड़की बेहोश हो गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हादसे के समय यश मंच पर मौजूद थे। पुलिस ने आयोजकों पर FIR दर्ज की है। घटना के दौरान कुछ लोग साउंड बॉक्स को सहारा देने वाले पोल पर चढ़ गए थे। इसी दौरान भारी सेटअप अचानक नीचे गिर गया और अफरा-तफरी मच गई। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 3:51 pm

UPSC रिजल्ट लिस्ट से बाहर हुए लाखों युवाओं का दर्द:'वो सुबह हमीं से आएगी' में दिखाई असफलता के बाद के अनकहे संघर्ष की कहानी

1990 के दशक की दिल्ली की पृष्ठभूमि पर आधारित नाटक 'वो सुबह हमीं से आएगी' में सिविल सेवा (UPSC) की तैयारी, प्रेम और सामाजिक न्याय के मुद्दों को मंच पर प्रस्तुत किया गया है। हाल ही में इस नाटक की प्रस्तुति दिल्ली में की गई। इससे पहले नाटक का मंचन मुंबई में भी किया जा चुका है। लेखक दिनेश गौतम के इस नाटक में मुख्य किरदार अजय की भूमिका एक्टर इमरान जाहिद ने निभाई है, जबकि साक्षी सिंह ने कविता का रोल किया है। नाटक देखने पहुंचे दिल्ली पुलिस के डीसीपी विपुल अनेकांत ने कहा कि उन्होंने इस प्रस्तुति में अपने छात्र जीवन को देखा। यह नाटक सिर्फ सफलता ही नहीं, बल्कि उन असफल अभ्यर्थियों के संघर्ष को भी सामने लाता है जो अंतिम सूची तक नहीं पहुंच पाते। 1990 के दशक की दिल्ली और यूपीएससी की तैयारीनाटक की कहानी साधारण सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से आए युवा अजय के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सिविल सेवा में जाने का सपना लेकर दिल्ली आता है। यह उस दौर की बात है जब स्मार्टफोन और सोशल मीडिया नहीं थे और सूचनाओं के लिए किताबें, अखबार और चिट्ठियां ही मुख्य जरिया थीं। अजय के पास मेहनत करने की क्षमता है, लेकिन धीरे-धीरे उसे एहसास होता है कि प्रतियोगिता में शामिल सभी लोगों की शुरुआत एक ही जगह से नहीं हुई है। इसी संघर्ष के बीच कविता के साथ उसका रिश्ता कहानी को भावनात्मक आधार देता है। शुरुआती रेखा और फिनिशिंग लाइन का फर्कनाटक में 'स्टार्टिंग लाइन और फिनिशिंग लाइन' के जरिए बड़ा सामाजिक सवाल उठाया गया है। परीक्षा में सभी अभ्यर्थियों का लक्ष्य एक होता है, लेकिन किसी के पास बेहतर संसाधन, आर्थिक सुरक्षा और मार्गदर्शन मौजूद है, तो किसी को इन्हीं चीजों के लिए कई अतिरिक्त लड़ाइयां लड़नी पड़ती हैं। लेखक दिनेश गौतम का कहना है कि यह नाटक किसी राजनीतिक भाषण की तरह फैसला सुनाने के बजाय दर्शक के सामने एक मानवीय परिस्थिति रखता है, ताकि लोग समझ सकें कि असली समानता क्या है। असफल उम्मीदवारों के दर्द को भी मिली आवाजअजय का किरदार निभाने वाले एक्टर इमरान जाहिद का कहना है कि अजय सिर्फ एक काल्पनिक पात्र नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं का चेहरा है जो घरों से सपना लेकर निकलते हैं। उन्होंने कहा कि हम अक्सर केवल सफल लोगों की कहानियां सुनते हैं, लेकिन उन हजारों युवाओं की कहानी कोई नहीं सुनाता जो तैयारी में अपनी जिंदगी के कई साल लगा देते हैं और अंतिम सूची तक नहीं पहुंच पाते। नाटक उन अनसुनी उम्मीदों को भी मंच पर जगह देने की कोशिश करता है। डीसीपी विपुल अनेकांत ने कहा- अजय में खुद को देखादिल्ली में नाटक की प्रस्तुति देखने पहुंचे डीसीपी विपुल अनेकांत ने इसे एक बेहद मजबूत और संवेदनशील मंचन बताया। उन्होंने कहा कि यह नाटक ग्रामीण और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले अभ्यर्थी की कठिन यात्रा के जरिए सामाजिक असमानता और समान अवसर जैसे विचारों को उठाता है। प्रस्तुति के बाद अपनी प्रतिक्रिया में डीसीपी ने कहा, मैंने अजय में खुद को देखा। उनका कहना था कि अजय का किरदार हर उस व्यक्ति से जुड़ता है जिसने अपने जीवन में संघर्ष किया है।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 1:10 pm

फिल्ममेकर कुकू कोहली के निधन पर सलमान खान दुखी:पत्नी अरुणा ईरानी के लिए लिखा, मेरा दिल आपके साथ है; कार्डियक अरेस्ट से हुआ था निधन

मशहूर फिल्ममेकर कुकू कोहली के निधन पर बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने गहरा दुख जताया है। सलमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर कुकू कोहली की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने कुकू की पत्नी और सीनियर एक्ट्रेस अरुणा ईरानी समेत पूरे परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। 77 साल के कुकू कोहली का 25 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया था, जिसके बाद 26 अगस्त को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 'अरुणा जी, भगवान आपको हिम्मत दे'सलमान खान ने कुकू कोहली पर पोस्ट करते हुए लिखा, भगवान आपकी आत्मा को शांति दे कुकू जी। अरुणा जी, मेरा दिल आपके साथ है। भगवान आपको हिम्मत दे। सलमान की इस पोस्ट के बाद उनके फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी कुकू कोहली को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अरुणा ईरानी और परिवार से सलमान का खास रिश्तासलमान खान का अरुणा ईरानी और कुकू कोहली के परिवार से पुराना और करीबी रिश्ता रहा है। सलमान ने कुकू कोहली की पत्नी अरुणा ईरानी के साथ 'सपने साजन के' (1992) और 'हम तुम्हारे हैं सनम' (2002) जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। कुकू कोहली की बेटी करिश्मा कोहली का भी सलमान खान से प्रोफेशनल कनेक्शन रहा है। करिश्मा कोहली ने सलमान खान की सुपरहिट फिल्मों 'एक था टाइगर' और 'बजरंगी भाईजान' में डायरेक्टर कबीर खान के साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया था। 25 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट से हुआ निधन77 साल के कुकू कोहली (अवतार कोहली) का निधन 25 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुआ था। 26 अगस्त को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में विक्की कौशल, कटरीना कैफ, रोहित शेट्टी, राजपाल यादव, जावेद अख्तर और शबाना आजमी भी पहुंचे। अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे सेलेब्स; देखें तस्वीरें राज कपूर के साथ काम करके करियर शुरू किया कुकू कोहली ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत राज कपूर की फिल्म बॉबी में असिस्टेंट के तौर पर काम करके की थी। उन्होंने कई साल उनके साथ रहकर फिल्म बनाने की बारीकियां सीखीं। बाद में वह फिल्म बेताब में सेकेंड यूनिट डायरेक्टर रहे। सनी देओल और अमृता सिंह स्टारर यह फिल्म हिट थी। इसके बाद उन्होंने अर्जुन में भी काम किया। 1991 में कुकू कोहली ने फूल और कांटे से बतौर डायरेक्टर शुरुआत की। फिल्म हिट रही और अजय देवगन को बॉलीवुड में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने कोहराम और सुहाग जैसी फिल्में बनाईं। सुहाग में अजय देवगन और अक्षय कुमार पहली बार साथ नजर आए थे। 1995 में उनकी फिल्म हकीकत रिलीज हुई। इसमें अजय देवगन और तब्बू थे। फिल्म को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में सात कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला। कुकू को बेस्ट डायरेक्टर के लिए भी नॉमिनेशन मिला। इसके बाद उन्होंने जुल्मी, अनाड़ी नंबर 1 और ये दिल आशिकाना जैसी फिल्में बनाईं। उनकी आखिरी फिल्म वो तेरा नाम था 2004 में रिलीज हुई थी। कुकू कोहली और अरुणा ईरानी ने गुपचुप शादी की थी कुकू कोहली की दो शादियां हुई थीं। कुकू कोहली की पहली पत्नी का नाम रीता कोहली था। रीता कोहली और कुकू कोहली की दो बेटियां पूजा और करिश्मा थीं। वहीं, कुकू कोहली की दूसरी शादी एक्ट्रेस अरुणा ईरानी से हुई। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म कोहराम के सेट पर हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच बिल्कुल नहीं बनती थी। हालांकि, काम के दौरान कुकू कोहली अरुणा का काफी ख्याल रखते थे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती बढ़ी और यही दोस्ती प्यार में बदल गई। जब अरुणा को कुकू से प्यार हुआ, तब उन्हें पता चला कि कुकू पहले से शादीशुदा हैं। उनकी पहली पत्नी रीता कोहली से दो बेटियां भी थीं। इसके बावजूद अरुणा ने कुकू के साथ रिश्ता आगे बढ़ाया। दोनों ने 1990 में शादी कर ली। हालांकि, उन्होंने कई साल तक अपनी शादी को सार्वजनिक नहीं किया।अरुणा ने बताया था कि वह कुकू की पहली पत्नी और उनके परिवार की परेशानियां नहीं बढ़ाना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने अपने रिश्ते को निजी रखा। शादी के बाद अरुणा और कुकू ने बच्चे नहीं करने का फैसला लिया। अरुणा ने कहा था कि उस समय उनकी उम्र और कुकू के पहले से बच्चों को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… लगान-गजनी फेम एक्टर प्रदीप रावत का निधन:74 साल के थे, दोबारा कैंसर हुआ था; महाभारत में अश्वत्थामा बने थे लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में 4 अगस्त को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी लगान में उनके साथ काम करने वाले अभिनेता यशपाल शर्मा ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए शेयर की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 12:18 pm

कृति सेनन के कपड़ों पर दिए बयान से पलटीं कंगना:बोलीं- उन्हें कौन रोक रहा, जो मन करे पहनें; पहले कहा- बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी?

एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट कृति सेनन के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट पर दिए बयान से पलट गईं हैं। 'डीकोड लाइव' शो में कंगना ने कहा कि कृति को जो मन करे, वह पहन सकती हैं और उन्हें कोई नहीं रोक रहा है। इंटरव्यू में जब कंगना से कृति सेनन के कपड़ों पर दिए गए उनके पुराने बयान के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, जिस तरह की फिल्मों में हम उन्हें देखते हैं, उन्हें कौन रोक रहा है कुछ पहनने से? किसने उन्हें रोका है, किसको क्या पड़ी है? इसके साथ ही कंगना ने कहा कि रक्षाबंधन के मौके पर कोई भी महिला अपनी पसंद के कपड़े पहन सकती है। 'बिकिनी' वाले कमेंट से शुरू हुआ था विवादइससे पहले कंगना रनोट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए कृति सेनन पर निशाना साधा था। कंगना ने लिखा था कि आज महिलाओं के पास पहनने के लिए हर तरह के कपड़ों के विकल्प मौजूद हैं, ऐसे में रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधते समय इस तरह के कपड़े क्यों चुने गए। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपड़ों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लहंगा चोली, जींस से साड़ी और बिकिनी से सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास कपड़ों के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां गए? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” ज्वेलरी ब्रांड ने विज्ञापन वापस लियासोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद जीवा ज्वेलरी ब्रांड ने इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर विज्ञापन वापस ले लिया। कंपनी ने लिखा कि उनका इरादा भारतीय संस्कृति और त्योहारों का सम्मान करना है। कंपनी का मकसद त्योहार की खुशियों में पालतू जानवरों को भी शामिल करना था। अगर इस विज्ञापन से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो कंपनी को इसका दुख है और सम्मान के तौर पर इसे सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जा रहा है। एड में पहनावे और पेट डॉग की वजह से विवाद यह पूरा विवाद जीवा ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एड के बाद शुरू हुआ था। इसमें कृति इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं। वीडियो में वे भाई के अलावा पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कुछ यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। ये खबर भी पढ़ें कृति सेनन एड विवाद पर राहुल-कंगना आमने-सामने:कंगना बोलीं- ट्रिपल तलाक पर क्यों चुप रहे; राहुल ने कहा- महिलाओं के कपड़ों पर ट्रोलिंग बंद करो अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने कृति सेनन के रक्षाबंधन एड विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने एक्ट्रेस कृति सेनन का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ का मैसेज लिखा था। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 11:04 am

रक्षाबंधन एड विवाद में सोनू निगम का फेक पोस्ट वायरल:लिखा- हिंदू के धैर्य की परीक्षा न लें; सोनू बोले- ये मैं नहीं हूं

सिंगर सोनू निगम ने एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन एड विवाद पर अपने फर्जी बयान का खंडन किया है। सोनू निगम ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। दरअसल, एक मीडिया हाउस ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि सोनू निगम ने हिंदू धर्म और धैर्य को लेकर टिप्पणी की है। इस पर सोनू निगम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर मीडिया को फटकार लगाई और बताया कि यह बयान उनका नहीं है। फर्जी पोस्ट के आधार पर चलाई गई थी खबरमामला तब शुरू हुआ जब एक मीडिया पब्लिकेशन ने एक खबर शेयर की। इसकी हेडिंग में लिखा था, हिंदू सहिष्णु हैं, उनके धैर्य की परीक्षा मत लो: कृति सेनन एड विवाद पर सोनू निगम। खबर सामने आने के बाद सोनू निगम ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इस पर नाराजगी जताई। सोनू निगम ने लिखा, यह मैं नहीं हूं और ऐसा बयान मैंने कभी नहीं दिया। टीओआई (TOI) जागो, मीडिया जागो। एक्स (X) पर एक्टिव नहीं हैं सोनू निगमरिपोर्ट्स के अनुसार, जिस बयान को सोनू निगम का मानकर मीडिया में चलाया गया, वह असल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर बने उनके एक पैरोडी या फर्जी (इम्पपर्सनेटर) अकाउंट से पोस्ट किया गया था। सोनू निगम ने साफ किया है कि वे एक्स (X) प्लेटफॉर्म पर एक्टिव ही नहीं हैं। बिना सच्चाई जाने फर्जी अकाउंट के ट्वीट को उनका आधिकारिक बयान मानकर खबर चला दी गई, जिसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से इसकी सच्चाई सामने रखी। एड में पहनावे और पेट डॉग की वजह से विवाद यह पूरा विवाद एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एड के बाद शुरू हुआ था। इसमें कृति इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं। वीडियो में वे भाई के अलावा पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कुछ यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। कृति सेनन का जववाब- संस्कृति दिल में होती है, नेकलाइन में नहीं कृति सेनन ने ट्रोलर्स को जवाब दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि एथनिक फैशन में समय के साथ बदलाव आया है, लेकिन आज भी महिलाओं के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उनके कपड़ों से नापा जाता है। एक्ट्रेस ने सवाल उठाया कि समाज महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, यह बताना कब बंद करेगा? उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराएं इंसान के दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं। कृति ने कहा- बहन और पेट डॉग्स को भी बांधती हूं राखी रक्षाबंधन पर बात करते हुए कृति ने कहा कि यह त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि वे दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा किसी भाई से कम नहीं करती हैं। कृति ने आगे लिखा कि यही प्यार पेट डॉग्स के लिए भी है, क्योंकि वे भी उनके परिवार का ही हिस्सा हैं। 'कॉकटेल 2' में नजर आई थीं कृति सेनन कृति सेनन के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'कॉकटेल 2' में देखा गया था। होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कृति के साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका में थे। 'कॉकटेल 2' में शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना के साथ कृति भी मुख्य भूमिका में थीं। यह फिल्म 2012 में आई सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म 'कॉकटेल' का सीक्वल थी, जिसे बॉक्स ऑफिस पर मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था। ये खबर भी पढ़ें नूपुर सेनन बहन कृति के सपोर्ट में आईं:एड विवाद पर बोलीं- दूसरे के कपड़ों से लोगों को तकलीफ क्यों, सोच बदलिए एक्ट्रेस कृति सेनन के ज्वेलरी एडवर्टाइजमेंट विवाद में अब उनकी बहन नूपुर सेनन भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। रक्षाबंधन थीम वाले इस एड में कृति के कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग हो रही थी। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 9:22 am

टॉक्सिक की नाक के नीचे से Awarapan 2 ने उड़ाई मोटी रकम, 13वें दिन इमरान हाशमी की फिल्म ने नहीं मानी हार

अभिनेता इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 ने टॉक्सिक की रिलीज के बाद भी कमाई में हार नहीं मानी है।

जागरण 27 Aug 2026 8:59 am

'हमजा' पर भारी पड़ गया 'राया', वर्ल्डवाइड Toxic की बमफाड़ कमाई, पहले दिन रचा इतिहास

साउथ सुपरस्टार यश की लेटेस्ट फिल्म टॉक्सिक ने रिलीज के पहले दिन ग्लोबली धमाकेदार कलेक्शन करके दिखाया है।

जागरण 27 Aug 2026 7:45 am

कारगिल युद्ध पर आधारित 'ऑपरेशन सफेद सागर':डायरेक्टर बोले- माइनस 20 डिग्री ठंड से बीकानेर की धूप तक चली शूटिंग; मिग-21 पर डॉक्यूमेंट्री भी बनाई

कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना (IAF) के अदम्य साहस और एयरफोर्स अफसरों की असल जिंदगी पर आधारित वेब सीरीज है ‘ऑपरेशन सफेद सागर’। 1999 से 2006 तक एयरफोर्स में अपनी सेवाएं दे चुके निर्देशक कुशल श्रीवास्तव ने इस सीरीज को तैयार किया है। वहीं दिग्गज कॉमेडियन दिवंगत राजू श्रीवास्तव की बेटी अंतरा श्रीवास्तव इस सीरीज की एसोसिएट डायरेक्टर और हेड रिसर्चर हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कुशल श्रीवास्तव और अंतरा श्रीवास्तव ने एयरफोर्स के वास्तविक कल्चर, 8 साल के लंबे संघर्ष, MiG-21 की आखिरी उड़ानों की शूटिंग और प्रोजेक्ट के दौरान राजू श्रीवास्तव जी को खोने के भावुक पलों पर खुलकर चर्चा की। सवाल: ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ का आइडिया 2018 में आया था। इतने लंबे समय तक इस कहानी को लेकर जुनून कैसे बना रहा? कुशल श्रीवास्तव: दरअसल, इस कहानी से मेरा जुड़ाव 2018 से भी काफी पहले का है। दिसंबर 1998 में मैंने एयरफोर्स का एग्जाम दिया था। उसी दौरान कारगिल युद्ध शुरू हो गया और मैं युद्ध से जुड़ी खबरों को बहुत बारीकी से देखने लगा। अजय आहूजा और नचिकेता के पीओडब्ल्यू बनने की घटनाएं मैंने करीब से फॉलो कीं। वह भारत का पहला टेलीवाइज्ड वॉर था। दिसंबर 1999 में मैंने एयरफोर्स जॉइन की और 2006 में वहां से बाहर आया। इसके बाद जेपी दत्ता और अनुराग बसु को असिस्ट किया और 2011 में अपनी कंपनी शुरू कर ऐड फिल्में बनाने लगा। ‘वोडका डायरीज’ के बाद मैंने एयरफोर्स की कहानी कहने का फैसला किया। मेरा मानना था कि एयरफोर्स की वास्तविक जिंदगी पर्दे पर उस तरह नहीं आई है। उसे हमेशा आर्मी के शैडो में देखा गया है, जबकि दोनों का कल्चर और काम करने का तरीका काफी अलग है। एयरफोर्स की अपनी एक अलग रॉयल्टी और संस्कृति है। इसी सोच से 2018 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया। सवाल: इस कहानी में ऐसी क्या खास बात थी, जिसे बड़े स्केल पर बताना जरूरी लगा? कुशल श्रीवास्तव: मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण था एयरफोर्स के लोगों की सोच और उनकी जिंदगी को वास्तविक रूप में दिखाना। उदाहरण के लिए, एक स्क्वाड्रन का व्यक्ति फोटो रिकॉनिसेंस के लिए जाता है। उसके विमान में बम की जगह कैमरे होते हैं और वह दुश्मन की पोजीशन की तस्वीरें लेकर आता है। फिर उन्हीं तस्वीरों के आधार पर हमले की रणनीति तय होती है। नचिकेता को लेकर हुई घटना में भी एक पायलट की सोच सामने आती है कि मैं अपने आदमी को पीछे नहीं छोड़ूंगा। मेरे लिए इसका महत्व किसी बड़े देशभक्ति के डायलॉग से ज्यादा उस सोच में है कि हम अपने साथी को पीछे नहीं छोड़ते। फाइटर पायलट के लिए देश के लिए मरने की भावना के साथ अपने साथी की नजर में प्रोफेशनल रिस्पेक्ट भी बहुत मायने रखता है। इसलिए हमने कहानी में ज्यादा जिंगोस्टिक अप्रोच नहीं लिया। हमें लगा कि अगर आप अपना काम पूरी ईमानदारी और क्षमता से कर रहे हैं तो उसमें देशभक्ति अपने आप आ जाती है। सवाल: एयरफोर्स और आर्मी के कल्चर का अंतर सीरीज में किस तरह दिखाई देता है? कुशल श्रीवास्तव: एयरफोर्स में वैसे वॉर क्राइज या नारे नहीं होते, जैसे आर्मी में देखने को मिलते हैं। आर्मी में एक ऑफिसर कमांड देता है और जवान लड़ने जाते हैं, जबकि एयरफोर्स में जवान विमान को तैयार करते हैं और ऑफिसर उसे लेकर उड़ता है। इसलिए पायलट के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि विमान तैयार करने वाला व्यक्ति पूरी तरह ठीक है या नहीं। वह उससे पूछता है भाई, आई यू रेडी? सब बढ़िया है? घर में सब ठीक है? क्योंकि अगर वह आदमी मानसिक रूप से ठीक नहीं है तो उसका असर सीधे पायलट की जान पर पड़ सकता है। यही आपसी निर्भरता और रिश्ते एयरफोर्स की संस्कृति को अलग बनाते हैं और हम इसे कहानी में दिखाना चाहते थे। सवाल: शुरुआत में फिल्म के तौर पर सोचा गया प्रोजेक्ट वेब सीरीज में कैसे बदला ? कुशल श्रीवास्तव: 2018 में मैं इसे फिल्म के तौर पर बनाना चाहता था। एक अभिनेता को साइन भी कर लिया था और स्क्रिप्ट लॉक थी। तभी कोरोना आ गया और थिएटर बंद हो गए। जिस तरह का बजट हमें चाहिए था, उसके लिए स्टार जरूरी था। मेरे सामने दो रास्ते थे- या तो कहानी को कम बजट में बनाकर समझौता करूं या इसे छोड़ दूं। मैंने इसे छोड़ दिया और फिर नेटफ्लिक्स को अप्रोच किया। उन्हें इसमें वेब सीरीज की संभावना नजर आई। मेरे प्रोड्यूसर मैचबॉक्स ने बहुत सपोर्ट किया। मेरे को-क्रिएटर अभिजीत सिंह परमार हैं। हम दोनों क्रिएटर और शो रनर हैं। एयरफोर्स ने भी काफी सहयोग किया, जिसकी वजह से कहानी उस बड़े कैनवास पर बन सकी, जिस पर मैं इसे देखना चाहता था। सवाल: सिद्धार्थ और जिमी शेरगिल जैसे कलाकारों ने अपने किरदारों के लिए किस तरह तैयारी की? कुशल श्रीवास्तव: सभी कलाकारों ने बहुत मेहनत की। उन्होंने परेड ग्राउंड में परेड की, पायलट्स से मुलाकात की और एयरफोर्स बेस के अंदर काफी समय बिताया। जिमी सर मेरे साथ चंडीगढ़ में धनोआ सर के घर गए और देखा कि वह कैसे बात करते हैं और उनका व्यवहार कैसा है। सिद्धार्थ जी अलका मैम से मिले और आहूजा सर के व्यक्तित्व को समझा। कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने दोनों को प्रोजेक्ट से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिमी शेरगिल से मेरा रिश्ता हालांकि काफी पुराना है। 2007 में जब मैं बॉम्बे आया था, तब एक छोटी फिल्म में असिस्ट किया था और उसमें जिमी मेरे हीरो थे। तब से हम संपर्क में हैं। वह हमेशा मुझे एनकरेज करते रहे। मैं उनसे कहता था कि एक दिन आपके साथ काम करूंगा। वह आज भी बहुत सहज और फ्रेंडली इंसान हैं। सवाल: इस पूरे प्रोजेक्ट को बनाने में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? कुशल श्रीवास्तव: सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि हम पहली बार ऐसा कुछ बना रहे थे, जिसका कोई रेफरेंस नहीं था। यह सामान्य वॉर फिल्म नहीं है, जहां हर समय लड़ाई चल रही हो। युद्ध इसके बैकग्राउंड में है, लेकिन कहानी में इमोशनल चीजें ज्यादा हैं। दूसरी बड़ी चुनौती MiG-21 को लेकर थी। जिन विमानों के साथ हमें शूट करना था, वे धीरे-धीरे आउट ऑफ सर्विस जा रहे थे। बीच में उनकी उड़ान भी बंद हो गई थी। हमें लगा कि अब शायद इन्हें उड़ाया नहीं जाएगा। हमने रिक्वेस्ट की और जो आखिरी फ्लाइंग हुई, उसे अच्छे से कवर किया। एयर वॉरफेयर सीक्वेंस भी बेहद चुनौतीपूर्ण थे। यूके से हाइड्रॉलिक बेस आया, हैदराबाद से कैमरा सिस्टम और गेमिंग टेक्नोलॉजी से लाइटिंग सिस्टम तैयार किया गया। रियल प्लेन्स, हाइड्रॉलिक मूवमेंट और वीएफएक्स को मिलाकर हमने कोशिश की कि दर्शक को हर चीज वास्तविक महसूस हो। सवाल: अंतरा श्रीवास्तव की इस प्रोजेक्ट में क्या भूमिका रही? कुशल श्रीवास्तव: अंतरा मेरी फर्स्ट कजिन हैं, लेकिन हमारा रिश्ता सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं है। वह मेरे हर प्रोजेक्ट में लंबे समय से एसोसिएट रही हैं। 2013-14 के आसपास उन्होंने मेरे साथ इंटर्नशिप शुरू की और फिर मेरी कंपनी जॉइन कर ली। वह लास्ट एडी से सेकंड एडी, फर्स्ट एडी और फिर एसोसिएट डायरेक्टर बनीं। वह मेरी प्रोफेशनल कोलैबोरेटर भी हैं। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की फिल्म वाली कहानी भी मैंने उनके साथ मिलकर लिखी थी। इस प्रोजेक्ट में वह एसोसिएट डायरेक्टर और हेड रिसर्चर हैं। इसलिए उनकी भूमिका सिर्फ पारिवारिक सहयोग की नहीं, बल्कि कहानी की रिसर्च से लेकर इसके निर्माण तक एक महत्वपूर्ण क्रिएटिव सहयोगी की है। सवाल: एयरफोर्स अधिकारियों और मिलिट्री एक्सपर्ट्स से किस तरह इनपुट लिया गया? कुशल श्रीवास्तव: कहानी लिखने से पहले ही हम एयर हेडक्वार्टर्स गए। मैंने वहां से वॉर हीरोज की लिस्ट ली और टीम के साथ बैंगलोर, चंडीगढ़, पुणे, दिल्ली समेत कई शहरों में जाकर उनसे मुलाकात की। प्री-प्रोडक्शन से ही डिफेंस कंसल्टेंट्स जुड़े थे। यूनिफॉर्म, फ्लाइंग और वॉर स्ट्रैटेजी के लिए अलग-अलग विशेषज्ञ थे। करीब चार-पांच कंसल्टेंट लगातार हमारे साथ रहे। उन्होंने स्टोरी राइटिंग से लेकर प्री-प्रोडक्शन और शूटिंग तक इनपुट दिया और कलाकारों को भी ट्रेन किया। इस पूरी रिसर्च का मकसद यही था कि एयरफोर्स की दुनिया पर्दे पर सिर्फ बड़ी दिखे नहीं, बल्कि वास्तविक भी महसूस हो। सवाल: क्या ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ के बाद भी एयरफोर्स और MiG-21 से जुड़ा कुछ देखने को मिलेगा? कुशल श्रीवास्तव: हां। हमने MiG-21 पर ‘द लास्ट सल्यूट’ नाम की करीब 80 मिनट की डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है। MiG-21 के आउट ऑफ सर्विस होने के दौरान हमने उनके साथ शूट किया। यह भी नेटफ्लिक्स का प्रोजेक्ट है और अगस्त के आखिर में रिलीज होगी। सीरीज की शूटिंग के दौरान मिले फुटेज का इस्तेमाल इस डॉक्यूमेंट्री में भी किया गया है। दिग्गज कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव की बेटी अंतरा श्रीवास्तव से बातचीत.… सवाल: ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ सीरीज से आप किस तरह जुड़ी हैं? इस प्रोजेक्ट में आपकी क्या भूमिका रही है? अंतरा श्रीवास्तव: मैं इस प्रोजेक्ट से सिर्फ जुड़ी नहीं हूं, बल्कि इसकी शुरुआत से ही इसका हिस्सा रही हूं। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की शुरुआत मैंने और मेरे बड़े भाई जैसे कुशल दादा ने मिलकर की थी। वह मेरे सबसे बड़े ताऊजी के बेटे हैं। उन्होंने एयरफोर्स में करीब छह-सात साल सर्व किया और फिर फिल्ममेकिंग को करियर बनाया। जब वह फिल्ममेकिंग में आए, तब मैं कॉलेज में थी और उनके साथ इंटर्नशिप शुरू की। इसके बाद हमने एडवरटाइजिंग, म्यूजिक वीडियो और फिल्म पर साथ काम किया। हमने ‘वोडका डायरीज’ भी की, जिसे कुशल दादा ने डायरेक्ट किया था और मैं उसकी एसोसिएट प्रोड्यूसर थी। इसके बाद हमारी टीम अगले सब्जेक्ट पर चर्चा कर रही थी। तभी कुशल दादा ने ‘गोल्डन एरोज’ स्क्वाड्रन और ऑपरेशन सफेद सागर से जुड़ी एक खास कहानी के बारे में बताया। हमें लगा कि यही हमारा अगला विषय होना चाहिए और हमने इस पर काम शुरू कर दिया। सवाल: इस कहानी पर रिसर्च का सिलसिला कैसे शुरू हुआ? अंतरा: हमने सबसे पहले ग्रुप कैप्टन तरुण कुमार सिंघा सर से संपर्क किया। वह एयरफोर्स से रिटायर्ड हैं और कुशल दादा के दोस्त रहे हैं। उनके जरिए हम इंडियन एयरफोर्स तक पहुंचे। अक्टूबर-नवंबर 2018 में हमें अनुमति मिली और फिर रिसर्च शुरू हुई। हम मिसेज अलका आहूजा से मिले, चीफ मास्टर धनोआ सर से बात की और गोल्डन एरोज के पायलट्स के अनुभव समझे। आदिल हुसैन का किरदार एयर मार्शल पटनी सर से जुड़ा है, उनसे भी बात की। हमने सिर्फ भारतीय पक्ष नहीं, बल्कि पाकिस्तान की कहानी पर भी रिसर्च की—मुशर्रफ की प्लानिंग, नवाज शरीफ की भूमिका और दोनों के बीच की डायनेमिक्स को समझने की कोशिश की। हमारा मकसद सिर्फ एक तरफ की कहानी बताना नहीं था, बल्कि उस पूरे दौर को समझना था। सवाल: उस समय यह प्रोजेक्ट फिल्म के रूप में बनाया जा रहा था? अंतरा: हां। उस समय वेब सीरीज का आज जैसा क्रेज नहीं था, इसलिए हम इसे ‘गोल्डन एरोज’ नाम से फिल्म के रूप में बना रहे थे। काफी काम और प्री-प्रोडक्शन शुरू हो चुका था, लेकिन फिर कोविड आ गया। 2020-21 में पूरी दुनिया रुक गई। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री, फिल्में और थिएटर सब प्रभावित हुए और हमारा प्रोजेक्ट भी दो-तीन साल के लिए रुक गया। सवाल: वेब सीरीज के लिए कहानी को किस तरह विस्तार दिया गया? अंतरा: मूल कहानी गोल्डन एरोज के पायलट्स की है। इसमें विंग कमांडर टोनी धनोआ, उनके फ्लाइट कमांडर आहूजा, उनकी पत्नी मिसेज अलका आहूजा और मिसेज कमल धनोआ जैसे वास्तविक लोगों से जुड़े किरदार हैं। फिल्म की कहानी को सीरीज में विस्तार देने के लिए संदीप जैन, वरुण भुयन कश्यप और निखिल रवि को राइटर्स के तौर पर जोड़ा गया। उन्होंने हमारे साथ मिलकर पिच डेक तैयार किया। शाफात खान डायरेक्शन टीम और राहुल कपूर प्रोडक्शन टीम में थे। ये लोग फिल्म से सीरीज तक की पूरी जर्नी में हमारे साथ रहे। सवाल: इसी दौरान आपके पिता राजू श्रीवास्तव के निधन का दौर भी आया। उस समय आपके लिए यह सब कितना मुश्किल था? अंतरा: यह हमारे लिए बहुत भावुक और मुश्किल समय था। जिस बड़े प्रोजेक्ट का हम वर्षों से इंतजार कर रहे थे, वह मई-जून 2022 में ग्रीनलिट हुआ और उसके दो-तीन महीने बाद अगस्त में मेरे पापा की तबीयत खराब हुई और सितंबर में वह नहीं रहे। यह हमारे लिए बहुत बड़ा झटका था। इतने साल के इंतजार के बाद जैसे ही प्रोजेक्ट शुरू हुआ, कुछ ही महीने बाद पापा हमारे साथ नहीं रहे। इसके बावजूद हमने प्री-प्रोडक्शन का काम जारी रखा। कास्टिंग, कॉस्ट्यूम और बाकी तैयारियां चलती रहीं। सवाल: शूटिंग कितने बड़े स्तर पर हुई? अंतरा: हमने लगभग 110 दिन शूट किया। राजस्थान, हिमाचल, ग्वालियर, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और मुंबई में शूटिंग हुई। एयरपोर्ट और एयरफोर्स स्टेशनों पर भी शूट किया गया। हिमाचल में पहाड़ों पर माइनस 20 से 15 डिग्री तक के तापमान में शूट किया, वहीं राजस्थान और बीकानेर में बेहद गर्म मौसम में काम किया। कहानी में भारत, पाकिस्तान, डिप्लोमेसी, पॉलिटिक्स, वॉर, मिलिट्री और एयरफोर्स जैसे कई पहलू हैं। इसलिए कहानी की जरूरत के मुताबिक अलग-अलग लोकेशन पर शूट करना जरूरी था। सवाल: इतनी लंबी शूटिंग और लोकेशन के बाद पोस्ट-प्रोडक्शन कितना बड़ा रहा? अंतरा: बहुत बड़ा। यह वीएफएक्स-हेवी शो है और इसका वीएफएक्स कई महीनों तक चला। यहां तक कि जब रिलीज की तारीख तय हुई और अगस्त में रिलीज होना फाइनल हुआ, तब भी काफी वीएफएक्स का काम चल रहा था। यानी शूट खत्म होने के बाद भी पोस्ट-प्रोडक्शन का लंबा फेज रहा। सवाल: रिलीज से कुछ महीने पहले आपके ताऊजी यानी कुशल के पिता का भी निधन हो गया। इस पूरे संयोग को आप किस तरह देखती हैं? अंतरा: यह बहुत अजीब सा संयोग है। प्रोजेक्ट शुरू होने के तीन महीने बाद मेरे पापा नहीं रहे और जब प्रोजेक्ट खत्म होने वाला था, रिलीज से करीब तीन महीने पहले मेरे ताऊजी भी नहीं रहे। हमारे घर के दोनों भाई, यानी मेरे पापा और कुशल दादा के पापा, अब हमारे साथ नहीं हैं। हम उन्हें बहुत मिस करते हैं। इसी वजह से शो के आखिर में पापा को स्पेशल थैंक्स दिया है। कहीं न कहीं लगता है कि यह उनकी ब्लेसिंग्स हैं। वह इस प्रोजेक्ट को पूरा होता देखना चाहते थे। जब मैं किसी को बताती हूं कि मैं राजू श्रीवास्तव की बेटी हूं तो लोग बहुत प्यार से मिलते हैं और उनके बारे में अपनी यादें बताते हैं। हमें लगता है कि उनकी अनसीन ब्लेसिंग्स हमारे साथ हैं। सवाल: शो में राजू श्रीवास्तव को स्पेशल थैंक्स देने की पहल किसकी थी? अंतरा: मैं मैचबॉक्स के प्रोड्यूसर्स संजय राउत्रे सर, सरिता पाटिल जी और दीक्षा राउत्रे जी का खास तौर पर धन्यवाद करना चाहूंगी। अगर उन्होंने हमें बैक और सपोर्ट नहीं किया होता तो यह इतना बड़ा प्रोजेक्ट नहीं बन पाता। जब हमने फिल्म को सीरीज में कन्वर्ट किया और पिच तैयार किया, तब कहानी मैचबॉक्स के पास लेकर गए। उन्होंने हम पर विश्वास किया। संजय सर ने ही इस बात को सपोर्ट किया कि मेरे पापा राजू जी का नाम अंत में स्पेशल थैंक्स में आना चाहिए। इसके लिए मैं उनकी बहुत आभारी हूं। यह हमारे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: इतने सालों की मेहनत के बाद जब आप आज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को देखती हैं तो आपके लिए यह कितना खास है? अंतरा: यह कुशल दादा और मेरा ब्रेनचाइल्ड था। एक तरह से यह हमारा कॉन्सेप्ट था। हमने इसे एक आइडिया के रूप में शुरू किया, रिसर्च की, एयरफोर्स और वास्तविक लोगों से मिले, फिल्म के रूप में डेवलप किया, कोविड के कारण यह रुका और फिर वेब सीरीज में कन्वर्ट हुआ। नई रिसर्च हुई, नए राइटर्स जुड़े, मैचबॉक्स और नेटफ्लिक्स जुड़े और धीरे-धीरे यह बड़ा प्रोजेक्ट बनता गया। इसलिए हमारे लिए यह सिर्फ एक सीरीज नहीं, बल्कि बहुत लंबी जर्नी है। सवाल: क्या आप सिर्फ पर्दे के पीछे रहना चाहती हैं या कभी एक्टिंग के लिए भी कैमरे के सामने आने का मन है? अंतरा: सच कहूं तो अभी कैमरे के सामने आने का कोई प्लान नहीं है। आगे जिंदगी किस दिशा में जाती है, यह नहीं जानती, लेकिन फिलहाल मैं अपने काम से खुश हूं। मेरा फोकस है कि इस काम में अपना एक सॉलिड मार्क बनाऊं और अपनी पहचान बनाऊं। लोग मुझे पापा के नाम से जानते हैं और यह मेरे लिए गर्व की बात है। लेकिन मैं चाहती हूं कि लोग यह भी जानें कि राजू श्रीवास्तव की बेटी अपने दम पर क्या कर रही है। मेरे पास फिल्म और सीरीज दोनों का अनुभव है। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को मिल रहा प्यार और हमारी मेहनत की सराहना मुझे बहुत पॉजिटिविटी देती है। मुझे लगता है कि सबके सपोर्ट और ब्लेसिंग्स के साथ आगे बड़ी चीजें हासिल कर सकती हूं। सवाल: आपके पिता राजू श्रीवास्तव कॉमेडी के लिए जाने जाते थे। क्या उनका कोई गुण आपको भी मिला है? अंतरा: मुझे लगता है कि कॉमेडी का सबसे बड़ा हिस्सा ऑब्जर्वेशन है और यह चीज मेरे अंदर और मेरे भाई दोनों में है। मेरा भाई आयुष्मान श्रीवास्तव सितार प्लेयर और म्यूजिशियन है और निलाद्री कुमार जी से सीखता है। हम दोनों में पापा के कुछ-कुछ गुण जरूर हैं ऑब्जर्वेशन और डेली लाइफ में थोड़ा सा ह्यूमर। मेरे मामले में लगता है कि यह चीज फिल्मों के जरिए सामने आएगी। लोगों को ऑब्जर्व करने और समझने का सेंस शायद मेरी फिल्मों, सीरीज और कहानियों के जरिए बाहर आएगा। मेरे भाई के मामले में वही चीज उसके म्यूजिक के जरिए सामने आएगी। पापा से मिली चीजों को आगे ले जाने के हमारे अपने-अपने तरीके हैं।

दैनिक भास्कर 27 Aug 2026 5:02 am

नूपुर सेनन बहन कृति के सपोर्ट में आईं:एड विवाद पर बोलीं- दूसरे के कपड़ों से लोगों को तकलीफ क्यों, सोच बदलिए

एक्ट्रेस कृति सेनन के ज्वेलरी एडवर्टाइजमेंट विवाद में अब उनकी बहन नूपुर सेनन भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। रक्षाबंधन थीम वाले इस एड में कृति के कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग हो रही थी। अब इस मामले में कृति के जवाब के बाद नूपुर सेनन ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर उनकी पोस्ट री-शेयर की। नूपुर ने लिखा कि कृति उन्हें ही राखी बांधती हैं और जब उन्हें बहन के कपड़ों से कोई दिक्कत नहीं है, तो दूसरों को क्यों परेशानी हो रही है। 'अपनी सोच को विकसित करें'नूपुर सेनन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कृति सेनन की पोस्ट री-शेयर करते हुए ट्रोलर्स पर निशाना साधा। नूपुर ने लिखा, सोचिए, कोई दूसरी महिला क्या पहनती है, इस बात से लोग कितने परेशान हो सकते हैं। सम्मानपूर्वक अपनी सोच को विकसित (इवॉल्व) करें। नूपुर ने आगे लिखा, कृति जिसे राखी बांधती हैं, वह मैं हूं। जब मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है, तो आपको क्यों हो रही है? एड में पहनावे और पेट डॉग की वजह से विवाद यह पूरा विवाद एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एड के बाद शुरू हुआ था। इसमें कृति इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं। वीडियो में वे भाई के अलावा पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कुछ यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। कृति सेनन का जववाब- संस्कृति दिल में होती है, नेकलाइन में नहीं कृति सेनन ने ट्रोलर्स को जवाब दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि एथनिक फैशन में समय के साथ बदलाव आया है, लेकिन आज भी महिलाओं के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उनके कपड़ों से नापा जाता है। एक्ट्रेस ने सवाल उठाया कि समाज महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, यह बताना कब बंद करेगा? उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराएं इंसान के दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं। कृति ने कहा- बहन और पेट डॉग्स को भी बांधती हूं राखी रक्षाबंधन पर बात करते हुए कृति ने कहा कि यह त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि वे दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा किसी भाई से कम नहीं करती हैं। कृति ने आगे लिखा कि यही प्यार पेट डॉग्स के लिए भी है, क्योंकि वे भी उनके परिवार का ही हिस्सा हैं। 'कॉकटेल 2' में नजर आई थीं कृति सेनन कृति सेनन के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'कॉकटेल 2' में देखा गया था। होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कृति के साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका में थे। 'कॉकटेल 2' में शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना के साथ कृति भी मुख्य भूमिका में थीं। यह फिल्म 2012 में आई सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म 'कॉकटेल' का सीक्वल थी, जिसे बॉक्स ऑफिस पर मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था। नूपुर सेनन का बॉलीवुड करियरनूपुर सेनन भी बॉलीवुड में एक्टिव हैं। उन्होंने अक्षय कुमार के साथ हिट म्यूजिक वीडियो 'फिलहाल' से पहचान बनाई थी। इसके अलावा नूपुर ने फिल्म 'टाइगर नागेश्वर राव' से अपना एक्टिंग डेब्यू किया है और वे कई प्रोजेक्ट्स में काम कर चुकी हैं। दोनों बहनें एक-दूसरे के बेहद करीब हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी बॉन्डिंग शेयर करती रहती हैं। ये खबर भी पढ़ें हिट फिल्म के बाद भी 15 महीने बेरोजगार रहीं कृति:स्टारकिड्स ने छीने बड़े रोल, जिस किरदार पर सवाल उठे, उसी ने दिलाया नेशनल अवॉर्ड कृति सेनन बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनके नाम नेशनल अवॉर्ड, कई सुपरहिट फिल्में और अपना प्रोडक्शन हाउस है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता रिजेक्शन, अकेलेपन, तानों और आत्मविश्वास की लड़ाई से होकर गुजरा है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 5:21 pm

कृति सेनन एड विवाद पर राहुल-कंगना आमने-सामने:कंगना बोलीं- ट्रिपल तलाक पर क्यों चुप रहे; राहुल ने कहा- महिलाओं के कपड़ों पर ट्रोलिंग बंद करो

अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने कृति सेनन के रक्षाबंधन एड विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने एक्ट्रेस कृति सेनन का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ का मैसेज लिखा था। इसके जवाब में कंगना ने बीजेपी के इंस्टाग्राम हैंडल का एक इलस्ट्रेटेड (कार्टून) पोस्ट री-शेयर किया। इसमें कंगना ने लिखा, ब्रो, वेट। भारत माता की जय। शुरू करते हैं। इस पोस्ट के जरिए बीजेपी ने ट्रिपल तलाक, शाह बानो केस, महिला आरक्षण और कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं की भागीदारी को लेकर कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाए हैं। राहुल बोले- महिला क्या पहनती है, यह उसकी पसंददरअसल, ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट में कृति सेनन के कपड़ों को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद में राहुल गांधी ने मंगलवार को कृति सेनन के बयान को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर री-शेयर किया। राहुल गांधी ने लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की' हैशटैग का इस्तेमाल किया था। बीजेपी के कार्टून पोस्ट से कंगना ने कसा तंजराहुल गांधी के इस बयान के बाद कंगना रनौत ने बीजेपी का एक पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट में इलस्ट्रेशन (चित्रों) के जरिए राहुल गांधी के 'स्मैश द पेट्रियार्की' वाले नारे का जवाब दिया गया है। इलस्ट्रेशन में एक महिला राहुल गांधी से पूछती है कि ट्रिपल तलाक पर आपकी पार्टी ने क्या किया? जिस पर राहुल का कैरेक्टर कहता है कि वह तो वोट बैंक पॉलिटिक्स थी। इसके बाद महिला आरक्षण बिल, शाह बानो केस और कर्नाटक कैबिनेट का जिक्र होता है। पोस्ट में सवाल उठाया गया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के 33 मंत्रियों में एक भी महिला मंत्री क्यों नहीं है। कंगना ने कृति के कपड़ों पर भी उठाया था सवालकंगना रनौत ने इससे पहले भी कृति सेनन के रक्षाबंधन वाले एड पर सवाल उठाए थे। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था कि आज महिलाओं के पास पहनने के लिए हर तरह के कपड़े मौजूद हैं, फिर रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार पर भाई को राखी बांधते समय ऐसे कपड़े चुनने की क्या वजह थी। कंगना ने एड को अजीब बताया था। इसके जवाब में कृति सेनन ने कहा था कि किसी भी महिला की अपनी संस्कृति के प्रति निष्ठा को उसके कपड़ों की नेकलाइन से नहीं नापा जाना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंटयह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। एड में कृति सेनन इंडो-वेस्टर्न आउटफिट में नजर आई थीं और वे अपने भाई के साथ-साथ अपने पेट डॉग को भी राखी बांध रही थीं। सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। पूरी खबर पढ़ें ये खबर भी पढ़ें 'भाई को बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी?':कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में रिवीलिंग ड्रेस के बाद कंगना रनोट ने उठाए सवाल कृति सेनन हाल ही में रक्षाबंधन के लिए बने एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न कपड़े पहने थे, जिसमें ब्रालेट जैसा ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 2:58 pm

कृति सेनन का राखी वाला विज्ञापन विवाद के बाद हटाया:कपड़ों को लेकर ट्रोल हुई थीं; राहुल गांधी ने एक्ट्रेस का समर्थन किया था

ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने बुधवार को एक्ट्रेस कृति सेनन के विवादास्पद रक्षाबंधन विज्ञापन को हटा दिया है। विज्ञापन में कृति ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहने थीं। वे कुत्ते को भी राखी बांधती नजर आ रही थीं। इस पहनावे को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। GIVA ने आज कहा कि विज्ञापन हटाने का फैसला भारतीय संस्कृति और परंपराओं के सम्मान में लिया गया है। किसी की भावनाएं आहत करना हमारा इरादा नहीं है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्ट्रेस कृति का समर्थन किया था। GIVA ने कहा- भावनाएं आहत करना हमारा इरादा नहीं GIVA ने कहा, 'एक ब्रांड के तौर पर हमारा हमेशा से मानना रहा है कि इन खुशी के पलों को पूरे परिवार के साथ मनाया जाए। इस बार उसका उद्देश्य पालतू जानवरों के साथ प्यार और जश्न को आगे बढ़ाना था। भावनाएं आहत करना हमारा इरादा नहीं था।' 'अगर हमारे हालिया विज्ञापन से समाज के कुछ हिस्सों की भावनाओं को अनजाने में ठेस पहुंची है, तो हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं था। सम्मान के तौर पर हमने उक्त विज्ञापन सभी मीडिया से हटा लिया है।' ब्रांड ने त्योहार के मौके पर लोगों को प्यार और सकारात्मकता की शुभकामनाएं भी दीं। राहुल ने कहा था- महिलाओं की पहरेदारी नहीं करनी चाहिए राहुल गांधी ने कृति सेनन का पोस्ट अपनी इंस्टा स्टोरी पर शेयर करके लिखा- महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। इस विज्ञापन पर एक्ट्रेस से सांसद बनीं कंगना रनोत ने कहा था- अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां गए? यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है। कृति ने कहा था- बहन और पेट डॉग्स को भी बांधती हूं राखी रक्षाबंधन पर बात करते हुए कृति ने कहा था कि यह त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि वे दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा किसी भाई से कम नहीं करती हैं। यही प्यार पेट डॉग्स के लिए भी है, क्योंकि वे भी उनके परिवार का ही हिस्सा हैं। ------------- ये खबर भी पढ़ें… 'भाई को बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी?':कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में रिवीलिंग ड्रेस के बाद कंगना रनोट ने उठाए सवाल कृति सेनन हाल ही में रक्षाबंधन के लिए बने एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न कपड़े पहने थे, जिसमें ब्रालेट जैसा ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 11:56 am

कृति सेनन का रक्षाबंधन वाला विवादित विज्ञापन हटाया:ट्रोलिंग के बाद कंपनी का फैसला, राहुल गांधी ने एक्ट्रेस का समर्थन किया था

ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने बुधवार को एक्ट्रेस कृति सेनन के विवादास्पद रक्षाबंधन विज्ञापन को हटा दिया है। विज्ञापन में कृति ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहने नजर आई थीं। वे कुत्ते को भी राखी बांधती नजर आ रही थीं। इस पहनावे को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। GIVA ने आज कहा कि विज्ञापन हटाने का फैसला भारतीय संस्कृति और परंपराओं के सम्मान में लिया गया है। हम भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का सबसे ज्यादा सम्मान करते हैं। GIVA ने कहा- भावनाएं आहत करना हमारा इरादा नहीं GIVA ने कहा, 'एक ब्रांड के तौर पर हमारा हमेशा से मानना रहा है कि इन खुशी के पलों को पूरे परिवार के साथ मनाया जाए। इस बार उसका उद्देश्य पालतू जानवरों के साथ प्यार और जश्न को आगे बढ़ाना था। भावनाएं आहत करना हमारा इरादा नहीं था।' 'अगर हमारे हालिया विज्ञापन से समाज के कुछ हिस्सों की भावनाओं को अनजाने में ठेस पहुंची है, तो हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं था। सम्मान के तौर पर हमने उक्त विज्ञापन सभी मीडिया से हटा लिया है। ब्रांड ने त्योहार के मौके पर लोगों को प्यार और सकारात्मकता की शुभकामनाएं भी दीं।’ विवाद की वजह इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज और पालतू कुत्ते को भी राखी बांधना था यह पूरा विवाद कृति के इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं। वीडियो में वे भाई के अलावा पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कुछ यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। खबर अपडेट की जा रही है

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 11:56 am

डायरेक्टर कुकू कोहली का अंतिम संस्कार आज:77 साल की उम्र में कल निधन हुआ, अजय देवगन को 'फूल और कांटे' से लॉन्च किया था

अजय देवगन को फिल्म ‘फूल और कांटे’ से लॉन्च करने वाले वेटरन फिल्ममेकर कुकू कोहली का मंगलवार को 77 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में आखिरी सांस ली। उन्हें हार्ट अटैक आया था। आज कुकू कोहली का अंतिम संस्कार ओशिवारा श्मशान घाट में किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए ‘महाभारत’ फेम गजेंद्र चौहान समेत कई सेलेब्स पहुंच रहे हैं। इस दौरान कुकू कोहली की पत्नी अरुणा ईरानी को गजेंद्र चौहान ने संभाला। राज कपूर के साथ काम करके करियर शुरू किया कुकू कोहली ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत राज कपूर की फिल्म बॉबी में असिस्टेंट के तौर पर काम करके की थी। उन्होंने कई साल उनके साथ रहकर फिल्म बनाने की बारीकियां सीखीं। बाद में वह फिल्म बेताब में सेकेंड यूनिट डायरेक्टर रहे। सनी देओल और अमृता सिंह स्टारर यह फिल्म हिट थी। इसके बाद उन्होंने अर्जुन में भी काम किया। 1991 में कुकू कोहली ने फूल और कांटे से बतौर डायरेक्टर शुरुआत की। फिल्म हिट रही और अजय देवगन को बॉलीवुड में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने कोहराम और सुहाग जैसी फिल्में बनाईं। सुहाग में अजय देवगन और अक्षय कुमार पहली बार साथ नजर आए थे। 1995 में उनकी फिल्म हकीकत रिलीज हुई। इसमें अजय देवगन और तब्बू थे। फिल्म को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में सात कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला। कुकू को बेस्ट डायरेक्टर के लिए भी नॉमिनेशन मिला। इसके बाद उन्होंने जुल्मी, अनाड़ी नंबर 1 और ये दिल आशिकाना जैसी फिल्में बनाईं। उनकी आखिरी फिल्म वो तेरा नाम था 2004 में रिलीज हुई थी। कुकू कोहली और अरुणा ईरानी ने गुपचुप शादी की थी कुकू कोहली की दो शादियां हुई थीं। कुकू कोहली की पहली पत्नी का नाम रीता कोहली था। रीता कोहली और कुकू कोहली की दो बेटियां पूजा और करिश्मा थीं। वहीं, कुकू कोहली की दूसरी शादी एक्ट्रेस अरुणा ईरानी से हुई। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म कोहराम के सेट पर हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच बिल्कुल नहीं बनती थी। हालांकि, काम के दौरान कुकू कोहली अरुणा का काफी ख्याल रखते थे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती बढ़ी और यही दोस्ती प्यार में बदल गई। जब अरुणा को कुकू से प्यार हुआ, तब उन्हें पता चला कि कुकू पहले से शादीशुदा हैं। उनकी पहली पत्नी रीता कोहली से दो बेटियां भी थीं। इसके बावजूद अरुणा ने कुकू के साथ रिश्ता आगे बढ़ाया। दोनों ने 1990 में शादी कर ली। हालांकि, उन्होंने कई साल तक अपनी शादी को सार्वजनिक नहीं किया। अरुणा ने बताया था कि वह कुकू की पहली पत्नी और उनके परिवार की परेशानियां नहीं बढ़ाना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने अपने रिश्ते को निजी रखा। शादी के बाद अरुणा और कुकू ने बच्चे नहीं करने का फैसला लिया। अरुणा ने कहा था कि उस समय उनकी उम्र और कुकू के पहले से बच्चों को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… लगान-गजनी फेम एक्टर प्रदीप रावत का निधन:74 साल के थे, दोबारा कैंसर हुआ था; महाभारत में अश्वत्थामा बने थे लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में 4 अगस्त को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी लगान में उनके साथ काम करने वाले अभिनेता यशपाल शर्मा ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए शेयर की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 11:53 am

मूवी रिव्यू – ‘टॉक्सिक’:यश की फिल्म में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज, लेकिन कहानी उलझी; तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है

यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज है, लेकिन कहानी इतनी उलझी है कि तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है। ड्यूरेशन: 3 घंटे 14 मिनट 12 सेकंडदैनिक भास्कर रेटिंग: 1.5/5 यश की ‘टॉक्सिक’ एक बड़े स्केल की गैंगस्टर फिल्म है, जिसमें ड्रग्स, परिवार, बदला, धोखा और खूब सारा एक्शन है। फिल्म का लुक शानदार है, यश का जलवा बरकरार है, लेकिन कहानी के मामले में फिल्म आपको पकड़ने के बजाय बार-बार उलझाती है। फिल्म की कहानी कहानी 1940 के दशक के गोवा की है, जहां ड्रग्स के कारोबार पर गैंग्स का कब्जा है। राया बने यश इसी दुनिया का बड़ा नाम है। परिवार में हुए धोखे और पुराने हिसाब-किताब के बाद कहानी उसके बेटे टिकट तक पहुंचती है, जहां बदले और गैंगवार का खेल शुरू होता है। आइडिया सुनने में दमदार है, लेकिन फिल्म इसे इतने किरदारों और इतनी तेजी से आगे बढ़ाती है कि कुछ देर बाद कहानी समझने से ज्यादा ये याद रखना मुश्किल हो जाता है कि कौन किसका आदमी है। फिल्म में एक्टिंग यश इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। राया के किरदार में उनका स्वैग, लुक, बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस शानदार है। टिकट के रोल में भी उन्होंने अपने अंदाज को बदलने की कोशिश की है और कुछ सीन्स में उनकी परफॉर्मेंस वाकई असर छोड़ती है। नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसी बड़ी फीमेल स्टारकास्ट फिल्म में है, लेकिन अफसोस कि इनके किरदार उतनी मजबूती से नहीं लिखे गए। इतने बड़े नाम होने के बावजूद ज्यादातर किरदार यश के आसपास ही घूमते रह जाते हैं। फिल्म में डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले गीतू मोहनदास ने फिल्म को छोटा सोचकर नहीं बनाया। सेट बड़े हैं, विजुअल्स रिच हैं और पूरी दुनिया को एक अलग अंदाज देने की कोशिश की गई है, लेकिन दिक्कत ये है कि डायरेक्टर ने कहानी से ज्यादा स्टाइल पर भरोसा कर लिया। स्क्रीनप्ले लगातार एक जगह से दूसरी जगह भागता है। किरदार आते हैं, गोली चलाते हैं, कोई मर जाता है और कहानी आगे बढ़ जाती है। लेकिन दर्शक के मन में एक ही सवाल घूमता रहता है ये हो क्यों रहा है? फिल्म की एडिटिंग एडिटिंग भी काफी तेज है। एक्शन में इतने कट हैं कि रोमांच के बजाय कई जगह उलझन होने लगती है। फिल्म खूबसूरत जरूर दिखती है, लेकिन खूबसूरत दृश्य और अच्छी कहानी में फर्क होता है। फिल्म में सिनेमैटोग्राफी यहां फिल्म को पूरे नंबर मिलते हैं। पुराने दौर का गोवा, शानदार सेट, कपड़े, रोशनी और एक्शन सीन मिलकर फिल्म को भव्य बनाते हैं। कई सीन ऐसे हैं, जिन्हें देखकर लगेगा कि फिल्म पर खूब पैसा खर्च हुआ है। लेकिन परेशानी वही है आंखों को फिल्म खूब पसंद आती है, दिमाग को कम। फिल्म में म्यूजिक संगीत फिल्म की एक और कमजोर कड़ी है। रवि बसरूर का बैकग्राउंड स्कोर कई जगह माहौल बनाने के बजाय शोर पैदा करता है। हर बड़े सीन को भारी बनाने की कोशिश में संगीत इतना हावी हो जाता है कि कई बार सीन का असर ही दब जाता है। विशाल मिश्रा, रवि बस्रूर और तनिष्क बागची जैसे नामों से उम्मीद काफी ज्यादा थी। गाने बुरे नहीं हैं, लेकिन उनमें भी लगातार शोर महसूस होता है। कुछ देर सुनने के बाद कान भी आराम मांगने लगते हैं फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘टॉक्सिक’ में सब कुछ बड़ा है यश का स्टारडम, बजट, सेट, एक्शन और दृश्य। बस कहानी उस लेवल की नहीं है। फिल्म आपको बार-बार प्रभावित करने की कोशिश करती है, लेकिन मनोरंजन नहीं कर पाती। यश के कई पल शानदार हैं, मगर अकेला स्टारडम 3 घंटे 14 मिनट की फिल्म को नहीं खींच सकता। कुल मिलाकर, ‘टॉक्सिक’ की सबसे बड़ी परेशानी यही है फिल्म बहुत कुछ दिखाती है, लेकिन महसूस बहुत कम कराती है।

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 10:26 am

तिरंगा-प्रेरित ड्रेस पर ट्रोलिंग के बाद उर्वशी रौतेला की सफाई:बोलीं- मैं देश को सिर्फ राष्ट्रीयता नहीं, अपनी पहचान के रूप में साथ रखती हूं

एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने हाल ही में जयपुर में हुए मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के ग्रैंड फिनाले में पहने तिरंगा-प्रेरित गाउन पर उठे विवाद पर सफाई दी। उर्वशी ने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज की हूबहू कॉपी नहीं थी, बल्कि तिरंगे से प्रेरित कॉउचर डिजाइन था। दरअसल, मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 का ग्रैंड फिनाले 23 अगस्त को जयपुर के जी स्टूडियोज में आयोजित हुआ। पूर्व मिस यूनिवर्स इंडिया उर्वशी रौतेला जजिंग पैनल का हिस्सा थीं। उनके साथ भारत की पहली मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन, मिस यूनिवर्स इंडिया 2024 रिया सिंघा, पर्यावरणविद और फिल्म प्रोड्यूसर प्रज्ञा कपूर और पूर्व मिस इंडिया यूनिवर्स व मिस यूनिवर्स रनर-अप सेलिना जेटली भी पैनल में थीं। कार्यक्रम के लिए उर्वशी ने तिरंगे से प्रेरित गाउन पहना था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे लेकर आपत्ति जताई। एक यूजर ने लिखा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को कपड़े के रूप में पहनना या ड्रेस मटेरियल पर सीधे प्रिंट करना फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के तहत अनुमति नहीं है। अन्य यूजर्स ने भी इसे लेकर नाराजगी जताई। उर्वशी बोलीं- गाउन राष्ट्रीय ध्वज की हूबहू कॉपी नहीं मामले को लेकर हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में उर्वशी ने कहा कि मैं अपने देश को सिर्फ अपनी राष्ट्रीयता के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी पहचान के एक हिस्से के रूप में अपने साथ लेकर चलती हूं। मैं ऐसा कुछ पहनना चाहती थी, जो सिर्फ यह न बताए कि मैं कहां से हूं, बल्कि यह भी बताए कि मेरे लिए भारत का क्या मतलब है। इसी सोच से इस कॉउचर ड्रेस का आइडिया आया। उर्वशी ने कहा कि गाउन की सिल्हूट, रंगों की जगह, सजावट, डिटेलिंग और प्रोडक्शन को फैशन के तौर पर तैयार किया गया था। उनके मुताबिक, यह केवल तीन रंगों को ड्रेस पर लगाने के बारे में नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय भावना को कलात्मक अभिव्यक्ति में बदलने के बारे में था। विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वज और इस गाउन में कई साफ अंतर हैं। उनके अनुसार, गाउन राष्ट्रीय ध्वज की हूबहू प्रतिकृति नहीं है, बल्कि तिरंगे से प्रेरित तत्वों का इस्तेमाल करके तैयार किया गया कॉउचर डिजाइन है। उन्होंने बताया कि इसमें कलर शेड्स, डायरेक्शन, प्रोपोर्शन, मटीरियल और सेंट्रल सिंबल में जान-बूझकर बदलाव किए गए थे। गाउन में तीन कलर और सर्कल जैसे सेंट्रल मोटिफ का इस्तेमाल किया गया है। उर्वशी के अनुसार, गाउन की हॉरिजॉन्टल कलर स्ट्राइप्स को वर्टिकल बनाया गया, एम्बलम को ज्वेलरी में बदला गया, और सीक्विन और फ्रिंज का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि ऑरेंज असली केसरिया नहीं है, हरा एक अलग शेड है, और एम्बलम ऑफिशियल स्पेसिफिकेशन्स से अलग है। यह आउटफिट बेलारूसी डिजाइनर डारिया चेरमाशेंटसेवा के DASHA फैशन कॉउचर ने डिजाइन किया था। भारतीय फ्लैग कोड भारत सरकार का फ्लैग कोड ऑफ इंडिया, 2002 राष्ट्रीय ध्वज के इस्तेमाल से जुड़े नियम और प्रावधान बताता है। प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज को किसी भी तरह की पोशाक या यूनिफॉर्म का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए और इसे कुशन, रूमाल, नैपकिन या किसी ड्रेस मटेरियल पर कढ़ाई या प्रिंट नहीं किया जाना चाहिए। कानून में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय ध्वज को जानबूझकर जमीन, फर्श या पानी में छूने या घसीटने नहीं दिया जाना चाहिए।

दैनिक भास्कर 26 Aug 2026 9:40 am

Toxic की रिलीज से पहले आई Awarapan 2 की सुनामी, ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की फिल्म का कब्जा

अभिनेता इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 ने सोमवार को ग्लोबली कमाई के मामले में हार नहीं मानी है।

जागरण 26 Aug 2026 8:17 am

'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।

खास खबर 22 Aug 2026 12:28 pm

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm