हाल में रिलीज हुई नई फिल्म ‘बेबी डू डाई डू’ के प्रचार के लिए शुक्रवार को फिल्म में लीड रोल भूमिका निभाने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी और फिल्म स्टारकास्ट देहरादून पहुंचे। जहां फिल्म का प्रोमोशन करने के साथ टीम ने मीडिया से बातचीत कर फिल्म की कहानी, दर्शकों के मिल रहे समर्थन और अपने प्रमोशन अभियान को लेकर जानकारी दी। फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रही अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने कहा कि फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और कई जगह शो हाउसफुल चल रहे हैं और इसी प्रतिक्रिया को करीब से देखने और दर्शकों से सीधे संवाद करने के लिए पूरी टीम देहरादून पहुंची है। दर्शकों से सीधे मिलकर जान रहे फिल्म का फीडबैकअभिनेत्री हुमा कुरैशी ने कहा कि थिएटर में जब से फिल्म लगी है, तभी से उन्हें लगातार फिल्म को लेकर कई प्रतिक्रियाएं मिल रही थी और देश में कई सिनेमाघरों में शो हाउसफुल होने की जानकारी मिलने के बाद फिल्म निर्माता और स्टारकास्ट देश के अलग अलग शहरों में दर्शकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए फिल्म का प्रमोशन कर रही हैं। इसी क्रम में आज फिल्म की टीम देहरादून पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि टीम अलग अलग शहरों के थिएटरों में जाकर दर्शकों से मिल रही है और उनसे फिल्म को लेकर राय जान रही है। दर्शकों की जुबान पर भरोसाहुमा ने कहा कि उनकी फिल्म अपेक्षाकृत छोटी फिल्म है और इसके प्रचार-प्रसार के लिए बड़े स्तर का बजट नहीं है। ऐसे में पूरी टीम का सबसे बड़ा प्रचार माध्यम दर्शक ही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी को फिल्म पसंद आती है तो वह अपने दोस्तों और परिचितों को इसके बारे में बताए, यही फिल्म के लिए सबसे बड़ा समर्थन होगा। मुंबई की अंडरवर्ल्ड दुनिया पर आधारित है कहानीमीडिया से बातचीत में फिल्म की कहानी पर भी चर्चा की गई। स्टारकास्ट ने बताया कि फिल्म मुंबई की अंडरबेली और अपराध जगत की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें कंस्ट्रक्शन माफिया, अपराध, रोमांच और हास्य के तत्वों को एक साथ पिरोया गया है। फिल्म यह दिखाती है कि महानगर की चमक-दमक के पीछे अपराध और आम जिंदगी किस तरह एक साथ मौजूद रहते हैं। सस्पेंस, क्राइम और कॉमेडी का मिश्रणफिल्म में हुमा कुरैशी मुख्य भूमिका निभा रही हैं। उनके साथ रचित सिंह और मनोरथ शेखावत भी अहम किरदारों में नजर आ रहे हैं। कलाकारों के अनुसार फिल्म में सस्पेंस, क्राइम, थ्रिल और कॉमेडी का अनोखा मिश्रण देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि कहानी और प्रस्तुति दोनों ही दर्शकों को एक अलग अनुभव देंगी। दर्शकों से फिल्म देखने की अपीलस्टारकास्ट ने देहरादून के दर्शकों से सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह एक मौलिक कहानी है, जिसे मनोरंजन के साथ अलग अंदाज में पेश किया गया है। फिल्म फिलहाल देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है और टीम को उम्मीद है कि दर्शकों का प्यार आगे भी इसी तरह मिलता रहेगा।
साल 2024, दिलजीत दोसांझ ने ‘दिल लुमिनाटी’ नाम से वर्ल्ड टूर शुरू किया। भारत में आयोजित उनके इस टूर के टिकट कई शहरों में कुछ ही मिनटों में बिक गए। हालत यह हो गई कि अलग से शो तक जोड़ने पड़े। दिलजीत भले ही आज देश और दुनिया में पंजाबी संगीत का ग्लोबल चेहरा बन गए हों, लेकिन शुरुआती जीवन बेहद संघर्षपूर्ण था। हाल ही में एक पॉडकास्ट ‘Q with tom power’ में बताया कि उनका परिवार बेहद गरीब था- इतना कि अगर कोई बीमार पड़ जाए तो डॉक्टर को देने तक के पैसे नहीं होते थे। इसलिए बचपन से ही एक लक्ष्य था कि अमीर और मशहूर बनना है। हाल ही में इंस्टाग्राम लाइव के दौरान उन्होंने बताया एक समय ऐसा भी आया जब वे जिंदगी खत्म करने के बारे में सोचने लगे थे। इसकी प्लानिंग भी कर ली थी, लेकिन मां से मिलने के बाद उन्होंने विचार त्याग दिया। फैंस प्यार से उन्हें अर्बन पेंडू भी बुलाते हैं। अर्बन का हिंदी मतलब है शहरी और पेंडू का मतलब गांव से है यानी फैंस उन्हें शहरी और देहाती का मिश्रण मानते हैं। दिलजीत फिटनेस को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं। वे बताते हैं कि उनका दिन सुबह 4 बजे शुरू होता है। उन्हें खाना बनाने का भी शौक है। इसे कोविड के दौरान सीखा। इसके कई वीडियो पंजाबी कॉमेंट्री के साथ सोशल मीडिया पर भी शेयर कर चुके हैं। फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली ने बताया दिलजीत सिर्फ अच्छे अभिनेता या बेहतरीन गायक ही नहीं हैं, बल्कि उनके अंदर एक गहरी आध्यात्मिकता भी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जन्म के समय उनका नाम ‘दलजीत’ रखा गया था, लेकिन जब पहला एलबम रिकॉर्ड हुआ तो टी-सीरीज की सहायक कंपनी फाइनटोन के राजिंदर सिंह के कहने पर उन्होंने अपना नाम बदलकर ‘दिलजीत’ कर लिया। दलजीत का जन्म 6 जनवरी 1984 में पंजाब के परिवार में हुआ, परिवार में पत्नी- संदीप कौर और एक बेटा है, संपत्ति करीब 380 करोड़ रु. अनुमानित है। चर्चा में क्यों - हाल ही में उनकी फिल्म ‘सतलुज’ ओटीटी पर रिलीज हुई थी, जिसे हटा दिया गया है। इसे लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं हो रही हैं। पंजाब रोडवेज में ड्राइवर थे पिता दिलजीत के पिता बलबीर सिंह पंजाब रोडवेज में ड्राइवर थे, जिन्हें 5 हजार रु. वेतन मिलता था। ऐसे में उन्होंने दिलजीत को बेहतर शिक्षा के लिए मामा के घर लुधियाना भेज दिया। मामा जाने-माने कीर्तनकार थे। यहीं से दिलजीत में संगीत के प्रति रुझान जागा। पढ़ाई में दिलजीत का मन नहीं लगता था, ऐसे में दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी। वॉर्नर म्यूजिक ने इनके साथ की है पार्टनरशिप - 2011 में उनका ‘लक 28 कुड़ी दा’ गाना बीबीसी एशियन डाउनलोड चार्ट में लगातार दो हफ्ते टॉप पर रहने वाला पहला गैर-बॉलीवुड पंजाबी गाना था। - वे पहले पंजाबी कलाकार हैं, जिनके साथ ग्लोबल म्यूजिक लेबल्स वॉर्नर म्यूजिक ने इंटरनेशनल पार्टनरशिप की है। - 2024 में जिमी फैलन के ‘द टुनाइट शो’ में परफॉर्म किया था। गुरुद्वारे में कीर्तन से ग्लोबल स्टार तक स्कूल के दिनों से ही दिलजीत ने गुरुद्वारों में कीर्तन करना शुरू कर दिया था। उनका पहला एलबम ‘इश्क दा उड़ा अड़ा’ 2004 में आया। 2009 में हनी सिंह के साथ आए एल्बम ‘द नेक्स्ट लेवल’ ने उन्हें यूके, अमेरिका और कनाडा के पंजाबी समूह में फेमस कर दिया। 2016 में ‘उड़ता पंजाब’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया बच्चों और बुजुर्गों के लिए फाउंडेशन बनाया है - वंचित बच्चों और बुजुर्गों की मदद के लिए 2013 में अपने जन्मदिन पर सांझ फाउंडेशन नाम से एनजीओ शुरू किया था। - दिलजीत को महंगे स्नीकर्स और जूतों का बेहद शौक है। उनके पास दुनिया के सबसे दुर्लभ और महंगे ब्रांड्स का एक बड़ा कलेक्शन है। 'कोचेला’ में परफॉर्म करने वाले पहले पंजाबी सिंगर - फोर्ब्स इंडिया की सेलिब्रिटी 100 सूची में कई बार शामिल किए जा चुके हैं। - कैलिफोर्निया के प्रसिद्ध म्यूजिक एंड आर्ट्स फेस्टिवल ‘कोचेला’ में प्रस्तुति देने वाले वे पहले पंजाबी सिंगर हैं। - क्लोदिंग ब्रांड ‘अर्बन पेंडू’ लॉन्च किया है। खालिस्तानी एजेंडे को बढ़ाने के लग चुके हैं आरोप - 2020 में कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू ने उनके गाने रंगरूट और जैज बी के ‘पुत जट्टा दां’ को खालिस्तानी एजेंडे को बढ़ावा देने वाला कहा था। - 2025 में एफडब्ल्यूआईसीई ने फिल्म ‘सरदार जी 3’ में पाकिस्तानी अभिनेत्री हानिया आमिर को कास्ट करने पर उन्हें बैन कर दिया था।
कोर्टरूम ड्रामा हमेशा से दर्शकों की पसंद रहे हैं। सनी देओल और अक्षय खन्ना जैसे दमदार कलाकारों की मौजूदगी से 'इक्का' से उम्मीद बढ़ती है। फिल्म शुरुआत में बांधे रखती है, लेकिन आगे बढ़ते-बढ़ते अपनी ही उलझनों में फंस जाती है। आखिर तक यह कोर्टरूम ड्रामा से ज्यादा मेलोड्रामा बन जाती है। सिनेमाघरों की बजाय सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई इस फिल्म की लंबाई 2 घंटे 20 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 2 स्टार दिए हैं। फिल्म की कहानी कैसी है? अर्जुन मेहरा (सनी देओल) ऐसे वकील हैं, जिन्होंने अपने करियर में कभी ऐसे शख्स का केस नहीं लड़ा, जिसे वह गलत मानते हों। लेकिन हालात उन्हें शौर्यमान (अक्षय खन्ना) का बचाव करने के लिए मजबूर कर देते हैं। शौर्यमान पर एक युवती पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। यहीं से कहानी कानून, नैतिकता और इंसाफ के बीच की लड़ाई दिखाने की कोशिश करती है। शुरुआत दिलचस्प है और कई सवाल खड़े करती है। लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म बार-बार नए ट्विस्ट और खुलासों का सहारा लेती है। कई मोड़ कहानी से ज्यादा पटकथा की मजबूरी लगते हैं। क्लाइमैक्स तक फिल्म जरूरत से ज्यादा समझाने लगती है और यहीं इसका असर कमजोर पड़ जाता है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? 'इक्का' देखने की सबसे बड़ी वजह सनी देओल हैं। लंबे समय बाद उन्हें सिर्फ गुस्से वाले हीरो नहीं, बल्कि भीतर से उलझे किरदार में देखा जाता है। कोर्टरूम में उनके कई सीन प्रभाव छोड़ते हैं और साफ दिखता है कि उन्होंने किरदार पर मेहनत की है। अक्षय खन्ना अपने खास अंदाज में नजर आते हैं। उनकी बॉडी लैंग्वेज और संवाद अदायगी किरदार को मजबूत बनाती है, लेकिन कई जगह उनका प्रदर्शन एक जैसा लगता है। तिलोत्तमा शोम संयमित अभिनय करती हैं और कई दृश्यों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराती हैं। दिया मिर्जा और संजीदा शेख के हिस्से सीमित दृश्य हैं, इसलिए वे ज्यादा असर नहीं छोड़ पातीं। निर्देशन और तकनीकी पक्ष कैसा है? सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा के पास अच्छा विषय था, लेकिन उसे परदे पर उतारते समय वह संतुलन नहीं बना पाए। कोर्टरूम की बहसें असर छोड़ सकती थीं, लेकिन जरूरत से ज्यादा बैकग्राउंड म्यूजिक, लंबे संवाद और भावनात्मक दृश्यों ने उनका प्रभाव कम कर दिया। सबसे ज्यादा निराश फिल्म की पटकथा करती है। हर थोड़ी देर में नया गवाह, नया सबूत और नया खुलासा आता है। कुछ समय बाद ये ट्विस्ट चौंकाने के बजाय थकाने लगते हैं। फिल्म लंबी महसूस होती है और कई दृश्य आसानी से छोटे किए जा सकते थे। म्यूजिक कैसा है? फिल्म का संगीत कहानी के साथ ज्यादा देर तक नहीं चलता। बैकग्राउंड स्कोर कई जगह जरूरत से ज्यादा ऊंचा है। कोर्टरूम सीन्स में सिर्फ कलाकारों की परफॉर्मेंस पर भरोसा किया जाता, तो असर ज्यादा होता। कहां रह गई कमी? 'इक्का' की सबसे बड़ी दिक्कत इसकी कहानी नहीं, बल्कि उसे कहने का तरीका है। फिल्म दर्शकों पर भरोसा करने के बजाय हर बात समझाने लगती है। हर भावनात्मक पल को ज्यादा भावुक और हर ट्विस्ट को जरूरत से ज्यादा खींचा गया है। नतीजा यह होता है कि जिस कहानी में कानून और इंसाफ की गहरी बहस हो सकती थी, वह धीरे-धीरे मेलोड्रामा में बदल जाती है। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं? 'इक्का' में दमदार कलाकार हैं, अच्छा विषय है और कुछ कोर्टरूम सीन्स प्रभाव छोड़ते हैं। लेकिन कमजोर पटकथा, जरूरत से ज्यादा मेलोड्रामा और लंबा क्लाइमैक्स फिल्म को उस मुकाम तक नहीं पहुंचने देते, जहां यह पहुंच सकती थी। सनी देओल पूरी ईमानदारी से फिल्म को संभालने की कोशिश करते हैं, लेकिन इस बार उनका 'ढाई किलो का हाथ' भी कमजोर स्क्रिप्ट के आगे बेबस नजर आता है।
श्रेयस तलपदे और काजल अग्रवाल स्टारर ‘द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन इन प्रोग्रेस’ 24 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। निर्देशक चेतन डीके और राइटर-प्रोड्यूसर सागर शिंदे की यह फिल्म मिलावटी खान-पान, पेस्टिसाइड्स और कैंसर के बढ़ते खतरे जैसे गंभीर मुद्दों को सस्पेंस, ड्रामा और क्राइम के साथ पेश करेगी। निर्देशक का दावा है कि फिल्म में दर्शकों को ओरिजिनल क्राउड और रियल लोकेशंस दिखाई देंगी, क्योंकि उनका उद्देश्य कहानी को अधिकतम वास्तविकता के साथ परदे पर उतारना था। एक बच्ची की मौत की खबर से कहानी की प्रेरणा आई निर्देशक चेतन डीके बताते हैं कि ‘मैं पहले किसी भारतीय क्रांतिकारी पर फिल्म बनाना चाहता था, लेकिन इसी दौरान सागर शिंदे के करीबी दोस्त की छह-सात साल की बेटी की पेस्टिसाइड्स से जुड़े कैंसर के कारण मौत हो गई। इस घटना ने पूरी टीम को झकझोर दिया।’ रिचर्स के दौरान ही एक ‘कैंसर ट्रेन’ के बारे में भी पता चला फिल्म के लिए की गई रिसर्च में लगभग ढाई से तीन साल लगे। रिसर्च के दौरान ही पता चला कि पंजाब के भटिंडा में एक ट्रेन को लोग ‘कैंसर ट्रेन’ के नाम से जानते हैं, क्योंकि वहां प्रदूषण और रसायनों के असर से लोग कैंसर का शिकार हो गए। हमारी फिल्म ऐसे ही गंभीर मुद्दों के इर्द-गिर्द है। बॉम्बे हाईकोर्ट के सीन्स के लिए नायगांव में विशेष सेट बना फिल्म की शूटिंग कोल्हापुर, पुणे, मुंबई, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, बिहार, गुजरात, कोलकाता, हैदराबाद और अन्य स्थानों पर की गई। चेतन डीके का कहना है कि ‘मैंने अधिकांश सीन्स को वास्तविक लोकेशंस पर शूट किया और केवल कुछ सीन्स में ही क्रोमा का उपयोग किया। कुल मिलाकर फिल्म की शूटिंग 60 से 65 दिनों में पूरी हुई, जबकि पूरा शूटिंग शेड्यूल लगभग आठ से नौ महीने तक चला। बॉम्बे हाईकोर्ट के सीन्स के लिए नायगांव में विशेष सेट तैयार किया गया, जहां 12 दिनों तक कोर्टरूम सीक्वेंस फिल्माए गए। यह पूरे इंडिया की फिल्म है, इसलिए हमने टाइटल ‘द इंडियन स्टोरी’ रखा है। इसका टैगलाइन ‘स्लो पॉइजन इन प्रोग्रेस’ है।’ कम्प्यूटर जनरेटेड नहीं, असली क्राउड के साथ हुई पूरी शूटिंग निर्देशक के अनुसार ‘फिल्म में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 80 कैरेक्टर हैं। कुछ क्राउड सीन 2-3 तीन हजार लोगों के साथ शूट किए गए हैं। कुल 8 से 10 हजार असल क्राउड हायर हुआ था। क्राउड को कोर्ट, ट्रेन के सीन से लेकर पंजाब, हिमाचल, हैदराबाद, कोलकाता गुजरात, केरला आदि में दिखाया गया है। क्लाइमैक्स की शूटिंग में 10-12 दिन लगे हैं। इसकी शूटिंग कोल्हापुर में हुई है।’ मध्य प्रदेश से लेकर साउथ तक जाकर की गई रिसर्च निर्देशक चेतन के मुताबिक...‘ मध्य प्रदेश से लेकर केरल के कासरगोड गांव और तमिलनाडु तक कई जगहों के मामलों का अध्ययन किया गया। कुछ इलाकों में वर्षों से केमिकल छिड़काव के कारण बच्चों के जन्म से ही विकलांग होने और कैंसर के मामलों में वृद्धि भी देखने को मिली। जब हमें पता चला कि बाजार में ऐसे उत्पाद भी बिक रहे हैं, जिनमें असली दूध की मात्रा नगण्य है, तब लगा कि यह विषय सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि सामाजिक चेतावनी है।’ सैनिक के रोल में दिखेंगे श्रेयस, काजल बनी हैं वकील फिल्म की कहानी एक ऐसे सैनिक की है, जिसकी बेटी पेस्टिसाइड्स से जुड़े कैंसर के कारण मर जाती है। इसके बाद वह किसान, कंपनियों और सिस्टम के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ता है। श्रेयस इसमें सैनिक बने हैं, वहीं काजल अग्रवाल उस वकील का किरदार निभा रही हैं, जो अदालत में उनका साथ देती है। मुरली शर्मा एक ईमानदार अधिकारी और मनीष वाधवा विपक्षी वकील बने हैं।’
बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा गुरुवार को विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट का मुकाबला देखने पहुंचीं। वे महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल मैच के दौरान फ्रंट रो में बैठी नजर आईं, जहां कोको गॉफ और कैरोलिना मुचोवा के बीच मुकाबला चल रहा था। प्रियंका ने स्टेडियम से ही अपने पति और अमेरिकी सिंगर निक जोनास को फेसटाइम पर वीडियो कॉल किया और उन्हें विंबलडन का लाइव टूर कराया। सोशल मीडिया पर उनके इस वीडियो कॉल और स्टाइलिश लुक की काफी चर्चा हो रही है। इस मैच के दौरान प्रियंका के साथ कई हॉलीवुड हस्तियां भी मौजूद थीं। देखें प्रियंका की तस्वीरें निक जोनास को वीडियो कॉल कर दिखाया मैचमीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रियंका चोपड़ा जैसे ही स्टैंड्स की तरफ बढ़ रही थीं, उन्होंने वहां मौजूद हॉलीवुड एक्ट्रेस सिंथिया एरिवो से मुलाकात की और उनका अभिवादन किया। इसके बाद वे अपनी सीट पर बैठ गईं और उनका पूरा ध्यान मैच पर ही था। मुकाबला देखने के दौरान ही उन्होंने अपना फोन निकाला और पति निक जोनास को फेसटाइम कॉल मिला दिया। उन्होंने निक को वहां का माहौल दिखाया और मैच से जुड़े लाइव अपडेट्स दिए। इस दौरान वे मैच के रोमांचक मोमेंट्स पर काफी उत्साहित होकर रिएक्शन देती दिखीं। कई बड़ी हस्तियों के साथ आईं नजरस्टेडियम में प्रियंका चोपड़ा के साथ कई अन्य जानी-मानी हस्तियां भी मैच का लुत्फ उठा रही थीं। उनके साथ लेडी हेलेन टेलर, एक्ट्रेस लिली जेम्स, पूर्व रॉयल बैले प्रिंसिपल डार्सी बसेल, एक्ट्रेस अन्ना मैक्सवेल मार्टिन और ब्रॉडकास्टर एमिली मैतलीस जैसी हस्तियां मौजूद थीं। प्रियंका इस खास खेल आयोजन में बेहद स्टाइलिश आउटफिट में पहुंची थीं, जिसकी तस्वीरें इंटरनेट पर सामने आई हैं। विंबलडन से प्रियंका का पुराना जुड़ावप्रियंका चोपड़ा के लिए विंबलडन जाना कोई नया अनुभव नहीं है। वे पहले भी इस प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट का हिस्सा बनती रही हैं। 2023 में वे निक जोनास के साथ ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोकेट क्लब पहुंची थीं, जहां दोनों रॉयल बॉक्स में बैठे नजर आए थे। प्रियंका ने साल 2021 में पहली बार अकेले विंबलडन में शिरकत की थी, जब वे विमेंस सिंगल्स का फाइनल मुकाबला देखने स्टेडियम पहुंची थीं।
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें चेक बाउंस मामले में बढ़ गई हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को इस केस में उनकी सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट ने अभिनेता के आचरण को संदिग्ध बताते हुए अधिकारियों को उन्हें दोबारा जेल भेजने का आदेश दिया। यह पूरा मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी एक फिल्म के लिए 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। बकाया रकम वापस न करने और चेक बाउंस होने के बाद यह विवाद लंबे समय से अदालत में चल रहा था। हाई कोर्ट ने रवैये को बताया संदिग्धदिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राजपाल यादव के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने उनके रवैये को संदिग्ध माना और राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि बार-बार आश्वासन देने के बाद भी अभिनेता ने बकाया रकम नहीं चुकाई। इसके बाद हाई कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि राजपाल यादव को वापस जेल भेजा जाए। इस फैसले के बाद अभिनेता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। फिल्म 'अता पता लापता' के लिए लिया था लोनइस पूरे विवाद की शुरुआत साल 2010 में हुई थी। राजपाल यादव ने बतौर डायरेक्टर अपनी पहली फिल्म 'अता पता लापता' बनाने का फैसला किया था। इस फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई, जिसके बाद राजपाल यादव कर्ज की रकम समय पर नहीं लौटा पाए। रकम न चुकाने के कारण यह पूरा मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया। साल 2018 में मिली थी छह महीने की सजाअप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को दोषी ठहराया था। अदालत ने राजपाल यादव को छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2019 की शुरुआत में सेशंस कोर्ट ने भी इस फैसले को सही ठहराया था। सेशंस कोर्ट के फैसले के खिलाफ अभिनेता ने राहत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। चेक बाउंस मामले में जेल जा चुके राजपालजून 2024 में हाई कोर्ट ने राजपाल यादव की सजा पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी थी। कोर्ट ने उन्हें करीब 9 करोड़ रुपए का बकाया चुकाने के लिए गंभीर कदम उठाने को कहा था। हालांकि, वे तय रकम चुकाने में नाकाम रहे। इस साल 2 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। मामले में राजपाल यादव ने 5 फरवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। इसके बाद वे 17 फरवरी तक 12 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहे। कोर्ट ने अब सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि अभिनेता रकम लौटाने के अपने वादे को पूरा करने में बार-बार असफल रहे हैं।
एक्टर राघव जुयाल की गुरुवार को हुई बर्थडे पार्टी में एक्ट्रेस शहनाज गिल उनके साथ नजर आईं। दोनों को इवेंट से एक साथ निकलते और एक ही कार में जाते देखा गया। जिसमें शहनाज राघव की गोद में बैठे दिखीं। जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके रिलेशनशिप को लेकर अटकलें तेज हो गईं। कहा जा रहा है कि दोनों ने अपना रिलेशनशिप कन्फर्म कर दिया। हालांकि, दोनों ने इन चर्चाओं पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, जो वीडियो सामने आए, उनमें राघव और शहनाज दोनों हाथ पकड़े हुए नजर आए। वहीं, भारी भीड़ के बीच राघव और शहनाज बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान शहनाज का बैलेंस बिगड़ा, लेकिन वह गिरने से बच गईं। गौरतलब है कि शहनाज गिल और राघव जुयाल की दोस्ती भी लंबे समय से चर्चा में है। दोनों ने साल 2023 में सलमान खान की फिल्म 'किसी का भाई किसी की जान' में साथ काम किया था। तभी से दोनों के अफेयर की खबरें सामने आती रही हैं। हालांकि, शहनाज और राघव हमेशा एक-दूसरे को सिर्फ अच्छा दोस्त बताते आए हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो राघव जुयाल की अपकमिंग फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' का ट्रेलर कल रिलीज हुआ। ट्रेलर में राघव कॉमिक अवतार में नजर आ रहे हैं। वह फिल्म में अजय सिंह का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में संजय कपूर, चंदन रॉय सान्याल, बरखा सिंह, टीना देसाई और विवान भटेना समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को विवेक बी. अग्रवाल ने डायरेक्ट किया है और यह 30 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। बता दें कि राघव जुयाल का जन्म 10 जुलाई 1991 को हुआ था। आज वह 35 साल के हो गए हैं। गुरुवार को मुंबई में हुई राघव की बर्थडे पार्टी में आर्यन खान, मुनव्वर फारूकी, बादशाह, सान्या मल्होत्रा, मोना सिंह, संजय कपूर और अमीषा पटेल शामिल हुए। देखें राघव की बर्थडे पार्टी की तस्वीरें- …………………. राघव जुयाल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… राघव जुयाल की बर्थडे पार्टी में पहुंचे आर्यन खान:सेल्फी लेने के चक्कर में फैन गिरा, शाहरुख के बेटे ने तुरंत बढ़कर की मदद शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान गुरुवार रात डांसर-एक्टर राघव जुयाल की बर्थडे पार्टी में पहुंचे। आर्यन को देखते ही फैंस की भीड़ जुट गई। लोगों ने उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश की। इस दौरान एक फैन गिर पड़ा, जिसके बाद आर्यन आगे बढ़े और तुरंत उसे संभाला। पूरी खबर यहां पढ़ें…
प्रभास की फिल्म फौजी की शूटिंग कर रहे एक्टर राजेश शर्मा की तबीयत बिगड़ने के बाद सामने आई रिपोर्ट्स पर फिल्म की टीम ने रिएक्शन दिया। टीम ने सेट पर कीड़े के काटने की घटना की जानकारी न होने की बात कही। यह बयान उन खबरों के बाद आया, जिनमें राजेश की तबीयत बिगड़ने की वजह कीड़े के काटने को बताया गया था। हाल ही में राजेश शर्मा की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें पहले हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद इलाज के लिए कोलकाता ले जाया गया। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनकी तबीयत फिल्म 'फौजी' के सेट पर किसी कीड़े के काटने से बिगड़ी। एक्ट्रेस सुदीपा चटर्जी ने भी अपने एक बयान में कीड़े के काटने का जिक्र किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट हटा दी। फिल्म 'फौजी' की टीम ने खबरों पर दी सफाई साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, 'फौजी' की टीम ने कहा कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम का कहना है कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। टीम ने यह भी कहा कि रिपोर्ट्स सामने आने के बाद उन्होंने राजेश शर्मा के परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। रिपोर्ट के अनुसार, राजेश शर्मा के पर्सनल असिस्टेंट शुभाशीष पांडा ने एक वीडियो जारी कर बताया कि एक्टर को डायबिटीज से जुड़ी दिक्कतों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि राजेश जल्द अस्पताल से डिस्चार्ज हो सकते हैं। यह दावा कीड़े के काटने वाली रिपोर्ट्स से अलग है। अक्षय ने की जल्द ठीक होने की दुआ राजेश शर्मा की सेहत को लेकर गुरुवार को एक्टर अक्षय कुमार ने चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान उन्हें किसी कीड़े ने काट लिया था। भगवान महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। यार, जल्दी ठीक हो जाओ। अभी साथ बैठकर बहुत हंसना-बोलना बाकी है।’ बता दें कि राजेश शर्मा ने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म 'माचिस' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने 'परिणीता', 'खोसला का घोसला', 'इश्किया', 'स्पेशल 26', 'बजरंगी भाईजान', 'एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी', 'टॉयलेट: एक प्रेम कथा' और 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया।
शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान गुरुवार रात डांसर-एक्टर राघव जुयाल की बर्थडे पार्टी में पहुंचे। आर्यन को देखते ही फैंस की भीड़ जुट गई। लोगों ने उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश की। इस दौरान एक फैन गिर पड़ा, जिसके बाद आर्यन आगे बढ़े और तुरंत उसे उठाकर संभाला। उनका यह अंदाज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। फैंस आर्यन की सादगी और मदद करने वाले स्वभाव की तारीफ कर रहे हैं। बता दें कि राघव जुयाल ने आर्यन की डायरेक्शन में बनी वेब सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में काम किया था। राघव की बर्थडे पार्टी में कई सेलेब्स ने शिरकत की, जिनमें शहनाज गिल, मुनव्वर फारूकी, बादशाह, सान्या मल्होत्रा, मोना सिंह, संजय कपूर और अमीषा पटेल शामिल थे। लिफ्ट में नीचे बैठते दिखे आर्यन आर्यन खान का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वह लिफ्ट में भीड़ के बीच उसके अंदर नीचे बैठते हुए नजर आ रहे हैं। पार्टी खत्म होने के बाद आर्यन चुपचाप निकलना चाहते थे, लेकिन भीड़ के कारण ऐसा नहीं हो सका। इस दौरान उनकी सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ मौजूद रहे। आर्यन सबसे आगे चलते नजर आए। वहीं, उनके पीछे राघव जुयाल और शहनाज गिल साथ दिखाई दिए। वीडियो में शहनाज, राघव का हाथ थामे बाहर निकलती नजर आईं। वर्कफ्रंट की बात करें तो राघव जुयाल की अपकमिंग फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' का ट्रेलर कल रिलीज हो गया। ट्रेलर में राघव कॉमिक अवतार में नजर आ रहे हैं। वह फिल्म में अजय सिंह का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में संजय कपूर, चंदन रॉय सान्याल, बरखा सिंह, टीना देसाई और विवान भटेना समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को विवेक बी. अग्रवाल ने डायरेक्ट किया है और यह 30 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। राघव जुयाल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… फिल्म ‘किल’ में काम करने पर नर्वस थे राघव:कॉमेडी के बाद पहली बार निगेटिव रोल किया, करण जौहर ने हौसला बढ़ाया था एक्टर-डांसर राघव जुयाल ने अपनी फिल्म 'किल' को लेकर दैनिक भास्कर से बातचीत की थी। राघव ने कहा था कि 'किल' में निगेटिव किरदार निभाना उनके लिए नया अनुभव था। उन्होंने इस रोल के लिए 9 महीने तक तैयारी की थी। करण जौहर और गुनीत मोंगा के साथ काम करना उनके करियर का यादगार पल रहा। पूरी खबर यहां पढ़ें…
टीवी कपल प्रिंस नरूला और युविका चौधरी ने अपनी शादी टूटने और तलाक की अफवाहों पर पहली बार खुलकर बात की है। नेहा धूपिया और अंगद बेदी के चैट शो 'डबल डेट' में कपल ने माना कि एक समय उनके बीच हालात इतने मुश्किल हो गए थे कि उन्होंने अलग होने का फैसला कर लिया था। दरअसल, कुछ समय पहले दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया था और प्रिंस के एक व्लॉग के बाद उनके अलग होने की खबरें थीं, जिससे फैंस के बीच उनके रिश्ते को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। एक व्लॉग की वजह से आई तलाक की खबरप्रिंस नरूला ने चैट शो में सफाई देते हुए बताया कि उनके एक पुराने व्लॉग की बात को लोगों ने पूरी तरह गलत समझ लिया था। प्रिंस के मुताबिक, उस समय वे काफी दबाव में थे। युविका की प्रेग्नेंसी चल रही थी, नया घर बन रहा था और काम का भी प्रेशर था। वे चाहते थे कि बच्चा नए घर में आए। धूल-मिट्टी से एलर्जी से बचाने के लिए उन्होंने युविका को कुछ समय के लिए उनकी मां के घर भेज दिया था। व्लॉग में प्रिंस ने कह दिया कि 'हम अब साथ नहीं रहते', जिसका मतलब सिर्फ अलग-अलग घर था, लेकिन लोगों ने इसे तलाक से जोड़ दिया। तनाव के कारण अलग होने का आ गया था विचारप्रिंस नरूला ने स्वीकार किया कि उनके रिश्ते में एक ऐसा दौर भी आया था जब दोनों मानसिक रूप से बहुत थक चुके थे। हालात इतने खराब हो गए थे कि उन्होंने अलग होने के बारे में भी सोच लिया था। प्रिंस ने कहा कि उस समय न तो युविका गलत थीं और न ही मैं गलत था। हम दोनों ही सही मानसिक स्थिति में नहीं थे। हालांकि, उन्होंने इस मुश्किल दौर का सामना किया और अपने रिश्ते को टूटने से बचा लिया। पोस्टपार्टम और एंग्जाइटी से साथ जूझा कपलमां बनने के बाद के अनुभव पर बात करते हुए युविका चौधरी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि डिलीवरी के बाद का समय शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत कठिन था। वजन बढ़ने के कारण आत्मविश्वास कम होने लगा था। युविका ने रोते हुए बताया कि वे एक तरफ पोस्टपार्टम डिप्रेशन से जूझ रही थीं और दूसरी तरफ प्रिंस की एंग्जाइटी को भी संभाल रही थीं। उस मुश्किल समय में उन्होंने सिर्फ अपनी बेटी के लिए खुद को मजबूत बनाए रखा ताकि उस पर इस तनाव का असर न पड़े। इंस्टाग्राम पर अनफॉलो करने से फिर शुरू हुई चर्चायुविका और प्रिंस के तलाक की खबरें हाल ही में तब दोबारा शुरू हुईं जब दोनों ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया। फैंस कयास लगाने लगे कि उनके बीच सब ठीक नहीं है। कपल ने कहा कि शुरुआत में इन अफवाहों से उन्हें परेशानी हुई, लेकिन बाद में उन्होंने तय किया कि उन्हें हर बात का जवाब दुनिया को देने की जरूरत नहीं है। पहली बार माता-पिता बनने का यह सफर उनके लिए नई जिम्मेदारियों और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। बिग बॉस 9 से शुरू हुआ था दोनों का सफरप्रिंस नरूला और युविका चौधरी की पहली मुलाकात साल 2015 में रियलिटी शो 'बिग बॉस 9' में हुई थी। शो के दौरान दोनों की दोस्ती हुई जो बाद में प्यार में बदल गई। इसके बाद साल 2018 में दोनों ने शादी कर ली। शादी के छह साल बाद, साल 2024 में दोनों IVF के जरिए एक बेटी के माता-पिता बने।
14 साल की उम्र में अरशद वारसी ने ऐसा दर्द देखा, जिसने उन्हें वक्त से पहले बड़ा बना दिया। डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने मां को पानी नहीं दिया था और कुछ घंटों बाद उनका निधन हो गया। इस बात का मलाल उन्हें आज भी है। माता-पिता के निधन के बाद घर की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई और उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा। उन्होंने बसों और घर-घर जाकर लिपस्टिक बेची, फोटो लैब में नौकरी की और छोटे-छोटे काम करके गुजारा किया। हालात इतने मुश्किल थे कि कई बार भविष्य अंधेरे में नजर आता था। लेकिन इसी संघर्ष ने उन्हें ऐसा कलाकार बनाया, जिसने 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' के 'सर्किट' बनकर करोड़ों लोगों का दिल जीता। उन्हें भी इस किरदार की इतनी बड़ी सफलता की उम्मीद नहीं थी। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं अरशद वारसी के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। बचपन में खुशहाल जिंदगी, फिर सब कुछ बदल गया 19 अप्रैल 1968 को मुंबई में जन्मे अरशद वारसी का शुरुआती बचपन आर्थिक रूप से अच्छा था। उनके पिता अहमद अली खान वारसी शायर और गायक थे। परिवार का जीवन आरामदायक था, लेकिन समय के साथ हालात बिगड़ने लगे। कानूनी विवादों और आर्थिक नुकसान के कारण परिवार की संपत्ति चली गई। बड़ा घर छोड़कर उन्हें छोटे घरों में रहना पड़ा। 14 साल की उम्र में अनाथ हो गए अरशद की जिंदगी का सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब उन्होंने कम उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया। राज शमानी के पॉडकास्ट में उन्होंने बताया कि वह सिर्फ 14 साल के थे, जब उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया। इस घटना ने उन्हें उम्र से पहले जिम्मेदार बना दिया। अरशद ने कहा था- मैं अपनी उम्र के हिसाब से काफी मैच्योर हो गया था। पिताजी के जाने के बाद हालात लगातार खराब होते गए। मां के निधन के बाद मैं तुरंत रो भी नहीं पाया, क्योंकि मुझे लगा कि अब सब कुछ मुझे ही संभालना है। कई हफ्तों बाद मैं टूटकर रोया। मां की आखिरी याद आज भी नहीं भूले अरशद ने बताया कि उनकी मां साधारण गृहिणी थीं और बहुत अच्छा खाना बनाती थीं। उन्हें किडनी फेल होने की बीमारी हो गई थी, इसलिए नियमित डायलिसिस कराना पड़ता था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी थी कि उन्हें पानी नहीं देना है। लेकिन उनकी मां बार-बार पानी मांगती थीं और अरशद ने डॉक्टरों की सलाह मानते हुए हर बार मना कर दिया। उन्होंने कहा कि निधन से ठीक पहले वाली रात मां ने उन्हें बुलाकर पानी मांगा था, लेकिन उन्होंने पानी नहीं दिया। उसी रात उनकी मां का निधन हो गया। अरशद के मुताबिक, यह घटना आज भी उन्हें अंदर तक झकझोर देती है। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें लगता था कि अगर उन्होंने मां को पानी पिला दिया और उसके बाद उनका निधन हो गया, तो पूरी जिंदगी खुद को जिम्मेदार मानते। अब उन्हें लगता है कि शायद मां की आखिरी इच्छा पूरी कर देनी चाहिए थी। उनका मानना है कि कई बार परिवार वाले मरीज की इच्छा से ज्यादा अपने अपराधबोध के आधार पर फैसले लेते हैं। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ी, बेची लिपस्टिक माता-पिता के निधन के बाद घर चलाने की जिम्मेदारी अरशद के कंधों पर आ गई। आर्थिक संकट इतना गहरा था कि उन्हें दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। गुजारा करने के लिए उन्होंने कई छोटे-मोटे काम किए। उन्होंने कॉस्मेटिक्स कंपनी में डोर-टू-डोर सेल्समैन के तौर पर काम किया। कई रिपोर्टों के मुताबिक वे मुंबई की बसों में लिपस्टिक और कॉस्मेटिक उत्पाद भी बेचते थे। अरशद वारसी कहते हैं, “मैं घर-घर जाकर लिपस्टिक बेचता था। कई लोग दरवाजा बंद कर देते थे, लेकिन उसी दौर ने मुझे लोगों से बात करना और जिंदगी का सामना करना सिखाया।” उन्होंने बताया कि उस दौर में वह सप्ताहभर मेहनत करके कुछ सौ रुपए ही कमा पाते थे, जबकि मां के इलाज पर हर सप्ताह लगभग 800 रुपए खर्च हो जाते थे। उन्होंने कहा, मैं वीकेंड पर म्यूजिकल शो करता था, जिसके 175 रुपए मिलते थे। तभी मुझे समझ आया कि जिंदगी में आर्थिक रूप से मजबूत होना कितना जरूरी है। डांस ने बदली जिंदगी संघर्ष के बीच अरशद का डांस का शौक कभी नहीं छूटा। उन्हें बचपन से नृत्य में रुचि थी। धीरे-धीरे उन्होंने डांस को ही करियर बनाने का फैसला किया। डांस के प्रति जुनून ने उनकी जिंदगी बदल दी। वे अकबर सामी के डांस ग्रुप से जुड़े। 1991 में ऑल इंडिया डांस प्रतियोगिता जीती और 1992 में लंदन में आयोजित वर्ल्ड डांस चैंपियनशिप के मॉडर्न जैज वर्ग में चौथा स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने डांस स्टूडियो शुरू किया और फिल्मों में कोरियोग्राफी करने लगे। उन्होंने 'रूप की रानी चोरों का राजा' के टाइटल ट्रैक के अलावा 'ठिकाना' और 'काश' जैसी फिल्मों में भी कोरियोग्राफी की। यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। जया बच्चन की नजर पड़ी, मिल गया पहला मौका कोरियोग्राफर के रूप में काम करते समय उनकी मुलाकात कई फिल्मी हस्तियों से हुई। इसी दौरान जया बच्चन ने उनकी प्रतिभा देखकर अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड (ABCL) की फिल्म 'तेरे मेरे सपने' में अभिनय का मौका दिया। 1996 में रिलीज हुई 'तेरे मेरे सपने' से अरशद वारसी ने बतौर अभिनेता बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म अमिताभ बच्चन कॉरपोरेशन लिमिटेड (ABCL) के बैनर तले बनी थी और निर्देशक जॉय ऑगस्टीन थे। इससे पहले वह बतौर कोरियोग्राफर पहचान बना चुके थे। उनकी एंट्री किसी फिल्मी परिवार की वजह से नहीं, बल्कि प्रतिभा के दम पर हुई। अरशद ने कहा था कि वह अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और जॉय ऑगस्टीन के आभारी रहेंगे, जिन्होंने उन पर भरोसा किया। पहली फिल्म के बाद नहीं मिला मनचाहा काम 'तेरे मेरे सपने' के बाद अरशद को लगा था कि उनके करियर की रफ्तार तेज होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अगले कुछ वर्षों में उन्होंने 'हीरो हिंदुस्तानी', 'होगी प्यार की जीत', 'मुझे मेरी बीवी से बचाओ', 'जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी' समेत कई फिल्मों में काम किया, लेकिन अधिकांश फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकीं। इस दौरान अच्छे किरदार भी कम मिले और उन्हें लगा कि इंडस्ट्री में खुद को दोबारा साबित करना पड़ रहा है। आउटसाइडर होने की कीमत चुकानी पड़ी द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में अरशद वारसी ने फिल्म इंडस्ट्री में बाहरी कलाकारों के संघर्ष पर बात की थी। उन्होंने कहा था- इंडस्ट्री का एक वर्ग ऐसा है, जिसे हिट फिल्म देने के लिए कई मौके मिलते हैं। लेकिन जो फिल्मी परिवार से नहीं आते, उनके लिए एक फ्लॉप के बाद फिर से संघर्ष शुरू हो जाता है। अरशद ने कहा कि समय के साथ उन्होंने इस सच्चाई को स्वीकार कर लिया और शिकायत करने के बजाय अपने काम पर ध्यान देना चुना। लगा था 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' आखिरी फिल्म साबित होगी 2003 में जब निर्देशक राजकुमार हिरानी ने उन्हें 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' में 'सर्किट' का रोल ऑफर किया, तब अरशद को लगा कि यह उनके करियर की आखिरी फिल्म साबित हो सकती है। उन्हें यकीन नहीं था कि सर्किट का किरदार इतना लोकप्रिय हो जाएगा। अरशद वारसी कहते हैं- मुझे पूरा यकीन था कि 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' के बाद मेरा करियर खत्म हो जाएगा। मुझे लगा था कि यह रोल बहुत छोटा है और इससे मुझे कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने बताया कि उस समय संजय दत्त भी फिल्म की सफलता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे। 'सर्किट' का रोल शुरुआत में पसंद नहीं आया था अरशद वारसी कहते हैं, अगर आप सिर्फ किरदार को देखें, तो वह बहुत बड़ा रोल नहीं था। अगर फिल्म नहीं चलती, तो उस किरदार का कोई मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने 'सर्किट' को God-given role बताते हुए कहा कि उनकी किस्मत अच्छी थी कि फिल्म सुपरहिट हुई और दर्शकों ने सर्किट और मुन्ना भाई की जोड़ी को दिल से अपनाया। सर्किट का नाम पहले खुजली था कम लोग जानते हैं कि 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' में सर्किट का किरदार पहले अलग था। उसका नाम 'खुजली' रखा गया था। अरशद वारसी ने राजकुमार हिरानी से नाम बदलने का सुझाव दिया। उन्होंने किरदार के कपड़े, हेयरस्टाइल और कई दृश्यों में भी अपने सुझाव दिए। यही बदलाव आगे चलकर 'सर्किट' की पहचान बन गए। लोग नाम नहीं, 'सर्किट' कहकर बुलाने लगे 'मुन्ना भाई एमबीबीएस' की सफलता के बाद लोग अरशद वारसी को उनके असली नाम से कम और 'सर्किट' के नाम से ज्यादा पहचानने लगे। द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने बताया कि लद्दाख में बाइक ट्रिप के दौरान एक व्यक्ति ने कहा कि उनकी शक्ल अरशद वारसी जैसी लगती है और उन्हें उनकी मिमिक्री करके पैसे कमाने चाहिए। अरशद ने अपनी पहचान नहीं बताई और इस घटना का आनंद लिया। 'लगे रहो मुन्नाभाई' ने बनाई स्थायी पहचान 2006 में आई 'लगे रहो मुन्नाभाई' ने सर्किट के किरदार को और लोकप्रिय बना दिया। इसके बाद अरशद वारसी सिर्फ कॉमेडी अभिनेता नहीं रहे, बल्कि बहुमुखी कलाकार के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने 'गोलमाल' सीरीज, 'धमाल', 'इश्किया' और 'जॉली एलएलबी' जैसी फिल्मों से अपनी अभिनय क्षमता साबित की। 'गोलमाल' ने बनाया कॉमेडी का बड़ा चेहरा रोहित शेट्टी की 'गोलमाल' सीरीज में अरशद वारसी ने माधव का किरदार निभाया। अजय देवगन, तुषार कपूर और श्रेयस तलपड़े जैसे कलाकारों के बीच भी उनकी कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद 'धमाल', 'डबल धमाल' और 'टोटल धमाल' जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा के भरोसेमंद कॉमेडी अभिनेताओं में शामिल कर दिया। हालांकि, अरशद हमेशा कहते रहे कि वे सिर्फ कॉमेडी अभिनेता बनकर नहीं रहना चाहते। 'इश्किया' और 'जॉली एलएलबी' में दिखाया अलग रंग विशाल भारद्वाज की 'इश्किया' में 'बब्बन' और 'जॉली एलएलबी' में संघर्षरत वकील जगदीश (जॉली) त्यागी के किरदार ने साबित कर दिया कि अरशद सिर्फ हंसाने वाले अभिनेता नहीं हैं। इन फिल्मों में उनके गंभीर अभिनय को समीक्षकों ने सराहा। बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे किरदार पसंद आते हैं, जिनमें कई परतें हों और अभिनेता के तौर पर कुछ नया करने का मौका मिले। वेब सीरीज 'असुर' से मिली नई पहचान 2020 में आई वेब सीरीज 'असुर' अरशद वारसी के करियर का बड़ा मोड़ साबित हुई। इसमें उन्होंने फॉरेंसिक विशेषज्ञ धनंजय राजपूत का किरदार निभाया। यह भूमिका उनके पहले के कॉमिक किरदारों से बिल्कुल अलग थी। इस सीरीज के बारे में अरशद ने बताया था- दो वजहों से मैंने 'असुर' की। पहली, इसकी कहानी बेहद शानदार और अप्रत्याशित थी। दूसरी, यह कॉमिक किरदार नहीं था। यह एक गंभीर, जटिल और कई परतों वाला किरदार था, जैसा काम मुझे कम मिलता है। सीरीज की सफलता के बाद दर्शकों ने उन्हें गंभीर अभिनेता के रूप में भी स्वीकार किया। अरशद वारसी मानते हैं कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ने उनकी छवि बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। वह कहते हैं- मुझे खुशी है कि अब लोग मुझे सिर्फ कॉमेडियन नहीं मानते। मैंने हमेशा अलग-अलग तरह के किरदार करने की कोशिश की और अब लोग उसे पहचान रहे हैं। हाल ही में अरशद वारसी की वेब सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ जियो हॉटस्टार पर स्ट्रीम हुई है। उनकी फिल्म वेलकम टू द जंगल सिनेमाघरों में हाल ही रिलीज हुई है। इसके अलावा वह शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ और गोलमाल 5 में नजर आएंगे। तीन दशक बाद भी लगातार सक्रिय करीब तीन दशक लंबे करियर में अरशद वारसी ने 50 से अधिक फिल्मों और कई वेब सीरीज में काम किया है। उन्होंने कभी फिल्मों की संख्या के पीछे भागने के बजाय अपनी पसंद की पटकथाओं को प्राथमिकता दी। अरशद वारसी कहते हैं कि उन्हें कम काम करना मंजूर है, लेकिन ऐसा काम नहीं करना चाहते जिसमें उन्हें खुद विश्वास न हो। परिवार बना सबसे बड़ी ताकत अरशद वारसी की निजी जिंदगी भी संतुलित रही है। उन्होंने 1999 में मारिया गोरेटी से शादी की। दोनों की मुलाकात डांस के दिनों में हुई थी। अरशद कई मौकों पर कह चुके हैं कि संघर्ष के दिनों से लेकर सफलता तक मारिया ने हमेशा उनका साथ दिया। वे लाइमलाइट से दूर रहकर परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं और निजी जीवन को मीडिया की सुर्खियों से अलग रखते हैं। ____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... हिट का क्रेडिट स्टार को, फ्लॉप का ठीकरा डायरेक्टर पर:विक्रम भट्ट बोले- हमें फ्लॉप फिल्मों की लाश उठाने के पैसे दिए जाते हैं हिट फिल्म हो तो तालियां स्टार्स के हिस्से आती हैं, लेकिन फ्लॉप होते ही सबसे पहले कटघरे में डायरेक्टर खड़ा होता है। विक्रम भट्ट इसे फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बड़ा और सबसे पुराना सच मानते हैं। वह कहते हैं, हमें फ्लॉप फिल्मों की लाश उठाने के पैसे दिए जाते हैं। यह उनके चार दशक लंबे करियर का अनुभव है।पूरी खबर पढ़ें..
सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ ने अपनी अमेरिकी नागरिकता के दावों पर सीधा जवाब देने से परहेज किया है। हाल ही में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान जब फैंस ने उनसे यूएस ग्रीन कार्ड और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर सवाल किए, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिलजीत के पास साल 2022 से ही अमेरिकी नागरिकता होने का दावा किया जा रहा है। दिलजीत दरअसल अपनी फिल्म 'सतलुज' को भारत में जी5 प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के विवाद पर बात करने के लिए लाइव आए थे। ग्रीन कार्ड के सुझाव पर दिया मजाकिया जवाबइंस्टाग्राम लाइव के दौरान एक फैन ने दिलजीत को अमेरिकी ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करने का सुझाव दिया। इस पर मुस्कुराते हुए दिलजीत ने कहा कि मैं एक कार्ड लूंगा और उस पर हरा रंग कर लूंगा। उन्होंने आगे कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं बोल रहा हूं, नहीं तो सब कुछ छोड़कर इस पर न्यूज बन जाएगी। दुनिया का यह ड्रामा कभी खत्म नहीं होगा। दिलजीत ने कहा कि उनका मानना है कि हर किसी को बिना वीजा के किसी भी देश में जाने की इजाजत होनी चाहिए और पूरी दुनिया को एक हो जाना चाहिए। डोनाल्ड ट्रंप की बेटी को लेकर कही यह बातलाइव सेशन में ही एक दूसरे फैन ने मजाक में दिलजीत से कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करके सभी के लिए अमेरिकी नागरिकता पक्की करवा दें। इस पर हंसते हुए दिलजीत ने कहा कि आप लोग मेरे बारे में क्या सोचते हैं? मैं सिर्फ एक कलाकार हूं। मैं उनसे नागरिकता के मुद्दों को हल करने के लिए कैसे कह सकता हूं? उन्होंने खुलासा किया कि ट्रंप की बेटी उन्हें इंस्टाग्राम पर फॉलो करती है, लेकिन उन्होंने कभी उनसे बात नहीं की है। दिलजीत ने कहा कि वे कभी किसी से फेवर नहीं मांगते। रिपोर्ट में अमरीकी नागरिकता का दावादिलजीत की नागरिकता को लेकर यह चर्चा कुछ महीने पहले इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दिलजीत साल 2022 में अमेरिका के नागरिक बन चुके हैं और 1 सितंबर 2022 से अमेरिकी पासपोर्ट पर सफर कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनका आखिरी भारतीय पासपोर्ट साल 2018 में मुंबई से जारी हुआ था। इसमें यह भी दावा किया गया था कि उनकी पत्नी संदीप कौर भी अमेरिकी नागरिक हैं और दिलजीत ने कैलिफोर्निया के एक पॉश इलाके में पांच बेडरूम का बंगला अपना पता बताया है। हालांकि दिलजीत ने अब तक इस पर कोई साफ बयान नहीं दिया है। फिल्म 'सतलुज' को हटाए जाने पर जताई चिंतादिलजीत मुख्य रूप से अपनी फिल्म 'सतलुज' से जुड़े विवाद पर बात करने के लिए लाइव आए थे। यह फिल्म भारत में रिलीज होने के महज 48 घंटे के भीतर ही जी5 प्लेटफॉर्म से हटा दी गई थी। इससे पहले फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट लेने के लिए करीब तीन साल तक लंबा इंतजार करना पड़ा था। दिलजीत ने दर्शकों से इस फिल्म को देखने की अपील करते हुए इसे पंजाब और भारत के इतिहास का एक बेहद जरूरी हिस्सा बताया। सरकारी आदेश पर हटाई गई फिल्म सतलुज टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने फिल्म 'सतलुज' को ZEE5 से हटाने का निर्देश दिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा संबंधी चिंताओं और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) रूल, 2021 के तहत तय दायित्वों का हवाला देते हुए लिया गया। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, फिल्म निर्माताओं ने 2022 में 'पंजाब 95' टाइटल से CBFC से सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन किया था। हालांकि, सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए 127 कट स्वीकार नहीं किए गए, जिसके बाद फिल्म की रिलीज रोक दी गई। अधिकारी ने कहा, फिल्ममेकर्स ने सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए कट लागू नहीं किए और बाद में फिल्म का नाम बदलकर चुपचाप OTT पर रिलीज कर दिया। चूंकि OTT, CBFC के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए मामला सरकार के संज्ञान में आने पर ZEE5 को फिल्म हटाने के लिए कहा गया। क्यों विवादों में है फिल्म सतलुज
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने प्रभास स्टारर फिल्म 'फौजी' के सेट पर एक्टर राजेश शर्मा के साथ हुई घटना की हाई-लेवल जांच की मांग की है। एसोसिएशन ने इस मामले में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से दखल देने की अपील की है ताकि सेट पर लापरवाही की जांच हो सके। दरअसल, हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग के दौरान अभिनेता राजेश शर्मा को एक जहरीले कीड़े ने काट लिया था, जिससे उनके पैर का इन्फेक्शन घुटने तक फैल गया और उन्हें कोलकाता के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टर के मुताबिक राजेश शर्मा अभी खतरे से बाहर नहीं हैं। सीएम रेवंत रेड्डी से दखल देने की मांगन्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने फिल्म 'फौजी' के सेट पर हुई इस घटना की तुरंत और पारदर्शी जांच कराने की मांग उठाई है। एसोसिएशन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को पत्र लिखकर मामले की गहराई से जांच कराने की अपील की है। एसोसिएशन का कहना है कि उन हालातों का पता लगाया जाना चाहिए जिनकी वजह से एक्टर राजेश शर्मा की तबीयत इतनी ज्यादा खराब हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक राजेश शर्मा की हालत अभी स्थिर है, लेकिन संक्रमण काफी गंभीर बना हुआ है। हैदराबाद के अस्पताल में क्यों नहीं कराया भर्ती?एसोसिएशन ने फिल्म की प्रोडक्शन टीम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पूछा कि जब सेट पर शूटिंग के दौरान एक्टर की हालत इतनी गंभीर हो गई थी, तो उन्हें तुरंत हैदराबाद के ही किसी बड़े अस्पताल में इलाज के लिए क्यों नहीं ले जाया गया। अधिकारियों को इस बात की जांच करनी चाहिए कि प्रोडक्शन टीम ने तय सुरक्षा, साफ-सफाई और इमरजेंसी मेडिकल नियमों का पालन किया था या नहीं। फिल्म इंडस्ट्री की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह सभी कलाकारों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित माहौल दे। इलाज का पूरा खर्च उठाएं फिल्म के प्रोड्यूसर्सAICWA ने मांग की है कि फिल्म 'फौजी' के प्रोड्यूसर्स राजेश शर्मा के इलाज का पूरा खर्च उठाएं। उन्हें तब तक सबसे बेहतर मेडिकल सुविधाएं दी जाएं जब तक वे पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कई शूटिंग सेट पर साफ-सफाई और इमरजेंसी हेल्थकेयर से जुड़ी लापरवाही की बातें सामने आती रही हैं। नौकरी जाने के डर से क्रू मेंबर्स और वर्कर्स अक्सर इन मुद्दों पर खुलकर बात नहीं कर पाते हैं। अगर इस मामले में कोई लापरवाही साबित होती है, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सेट पर पैकअप के बाद हुआ हादसासुदीपा चटर्जी के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक यह घटना हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में हुई। राजेश शर्मा वहां प्रभास की आने वाली फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। शूटिंग खत्म होने के बाद वे सेट के पास पेड़-पौधों वाले इलाके में लोकल टेक्नीशियन्स के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पैर में किसी कीड़े या जहरीली मकड़ी ने काट लिया। उस समय मामला गंभीर नहीं लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत कोई मेडिकल मदद नहीं ली और काम जारी रखा। फ्लाइट में अचानक बढ़ गया बुखारकीड़े के काटने के करीब छह घंटे बाद राजेश शर्मा के दाहिने पैर में तेज दर्द शुरू हो गया और उनकी तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद भी उन्होंने कोलकाता के लिए फ्लाइट पकड़ी। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आ गया और वे काफी बेचैन हो गए। कोलकाता पहुंचने पर अगले दिन उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिवार ने उन्हें तुरंत ढाकुरिया के मनिपाल अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में भर्ती हुए एक दिन से ज्यादा का समय हो चुका है। पैर में छाले पड़े, फेफड़ों में क्लॉट का खतराअस्पताल के डॉक्टर अभिजीत भट्टाचार्य ने बताया कि कीड़े का इन्फेक्शन पैर के अंगूठे से लेकर घुटने तक फैल गया है। प्रभावित हिस्से पर बड़े-बड़े छाले पड़ गए हैं। डॉक्टर के मुताबिक अभी स्थिति के बारे में साफ तौर पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। राजेश शर्मा को डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों को चिंता है कि इन्फेक्शन की वजह से ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) बन सकता है। अगर यह क्लॉट फेफड़ों तक पहुंचता है, तो जान का खतरा हो सकता है।
अंशुला कपूर के वेडिंग रिसेप्शन में जाह्नवी कपूर अपने लुक के साथ-साथ मेहंदी को लेकर भी चर्चा में रहीं। उन्होंने डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की सिल्क साड़ी को स्ट्रैपलेस ब्लाउज के साथ पहना था। उनका यह लुक सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया गया। जाह्नवी ने इंस्टाग्राम पर रिसेप्शन की कई तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों में उनकी मेहंदी पर 'शिखु' नाम लिखा नजर आया। 'शिखु' उनके बॉयफ्रेंड शिखर पहाड़िया का निकनेम है। यह नाम मेहंदी के डिजाइन में बारीकी से लिखा गया था। वहीं, अंशुला कपूर के वेडिंग रिसेप्शन में जाह्नवी कपूर का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्होंने ढोल बजाया। हाल ही में नाइटसूट की तस्वीर वायरल हुई बता दें कि 2024 में फिल्म 'मैदान' की स्क्रीनिंग के दौरान वह 'शिखु' नाम का नेकलेस पहनकर पहुंची थीं। गौरतलब है कि हाल ही में सोशल मीडिया पर जाह्नवी की एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें वे एक अनोखा नाइटसूट पहने नजर आ रही हैं। इस नाइटसूट पर शिखर पहाड़िया के नाम का एक मैसेज भी लिखा था। इस फोटो में जाह्नवी ने पिंक कलर का नाइटसूट और ग्रे जैकेट पहना हुआ था। उनके नाइटसूट पर अंग्रेजी में लिखा है, 'इफ लॉस्ट, प्लीज रिटर्न टू शिखर पहाड़िया' यानी 'अगर गुम हो जाऊं, तो कृपया शिखर पहाड़िया के पास लौटा दें।' पहले भी दे चुकी हैं रिश्ते के हिंटइससे पहले भी वे शिखर के नाम कि टी-शर्ट पहने नजर आ चुकी हैं। वहीं एक बार वे एक इवेंट में वे गले में 'शिखर' के नाम का नेकलेस पहने नजर आई थीं। परिवार के करीबी हैं शिखर पहाड़ियाशिखर को अक्सर कपूर परिवार के निजी कार्यक्रमों और छुट्टियों में देखा जाता है। वे न केवल जाह्नवी के साथ वेकेशन पर जाते हैं, बल्कि अक्सर मंदिरों के दर्शन के लिए भी परिवार के साथ नजर आते हैं। जाह्नवी ने भी अप्रैल 2024 में 'कॉफी विद करण' के एक एपिसोड में इशारों में बताया थी कि वह किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं। जाह्नवी कपूर और शिखर पहाड़िया बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं। दोनों के रिश्ते की खबरें 2016 में सामने आई थीं। 2018 में दोनों के अलग होने की चर्चा भी हुई, लेकिन 2023 से उन्हें कई मौकों पर साथ देखा गया। दोनों अनंत अंबानी के शादी समारोह, पार्टियों, वेकेशन और तिरुपति मंदिर में भी साथ नजर आए हैं। कौन हैं शिखर पहाड़िया? शिखर पहाड़िया महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे के नाती हैं। वह स्मृति शिंदे और संजय पहाड़िया के बेटे हैं। शिखर एक एंटरप्रेन्योर और इन्वेस्टर हैं और मुंबई के हाई-प्रोफाइल सर्कल में एक्टिव हैं।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मिस्र और अर्जेंटीना के मैच के बाद एक्ट्रेस गौहर खान लियोनेल मेसी पर भड़क गईं और उन्होंने फुटबॉलर को लूजर तक कह दिया। दरअसल, फीफा वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 में अर्जेंटीना ने मिस्र को 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। मैच में एक समय मिस्र 2-0 से आगे था, लेकिन दूसरे हाफ के अंतिम हिस्से में अर्जेंटीना ने लगातार तीन गोल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद गौहर ने मेसी के बारे में एक इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर की। उन्होंने एक रील रीपोस्ट की, जिसमें मेसी मैच के दौरान कथित तौर पर चेहरे पर गेंद लगने के बाद अपना मुंह ढकते हुए दिख रहे थे। इसके साथ ही गौहर ने लिखा, 'क्या बेकार इंसान है! मेसी नहीं, बल्कि मेस्सी है (पूरी तरह बिखरा हुआ)। सबसे घटिया लेवल का एक्टर।' दरअसल, मैच के बाद मिस्र के फुटबॉलर मुस्तफा जीको ने रेफरी के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रेफरी ने निष्पक्ष फैसला नहीं लिया और उनकी टीम के साथ गलत हुआ। जिको ने कहा, 'रेफरी का फैसला गलत था। यह साफ तौर पर हमारी टीम के साथ अन्याय है। उसने पूरे देश की मेहनत पर पानी फेर दिया।' VAR फैसलों पर उठा विवाद मिस्र ने दो फैसलों पर एतराज जताया। मैच के दौरान हुए फाउल के लिए VAR रिव्यू के बाद मोस्तफा जिको का गोल नामंजूर कर दिया गया। टीम ने यह भी दावा किया कि हम्दी फाथी पर कथित फाउल के लिए उन्हें पेनल्टी मिलनी चाहिए थी। इसके तुरंत बाद अर्जेंटीना ने विजयी गोल किया। बता दें कि VAR रिव्यू का मतलब फुटबॉल में वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) द्वारा किसी अहम फैसले की वीडियो फुटेज के जरिए दोबारा जांच करना होता है। गौहर 'इश्कजादे' जैसी कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं गौहर खान ने अपने करियर की शुरुआत एक मॉडल के तौर पर की थी। वह फेमिना मिस इंडिया 2002 में चौथे स्थान पर रहीं और मिस टैलेंटेड का खिताब जीता। उन्होंने 'रॉकेट सिंह: सेल्समैन ऑफ द ईयर' (2009) से एक्टिंग में डेब्यू किया। इसके बाद वह 'इश्कजादे' (2012) और 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' (2017) जैसी फिल्मों में नजर आईं। गौहर खान और जैद दरबार ने दिसंबर 2020 में शादी की थी। दोनों ने कुछ समय डेट करने के बाद निकाह किया। मई 2023 में उनके पहले बेटे जेहान का जन्म हुआ था। वहीं, सितंबर 2025 में दूसरे बेटे फरवान का जन्म हुआ। फिलहाल उनके पति जैद दरबार रियलिटी शो 'अलायंस' में हिस्सा ले रहे हैं। ……………………………… गौहर खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… गौहर खान ने छोटे बेटे फरवान की पहली झलक दिखाई:मक्का यात्रा की तस्वीरें शेयर कीं, पति जैद दरबार और दोनों बच्चे साथ नजर आए टीवी एक्ट्रेस गौहर खान ने 26 फरवरी को अपने छोटे बेटे की पहली झलक शेयर की थी। उन्होंने बेटे की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर पोस्ट कीं। यह फोटो उनके परिवार की मक्का यात्रा की थी। वह अपने पति जैद दरबार और दोनों बच्चों के साथ वहां गई थीं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर ने 6 जुलाई को स्क्रीनराइटर रोहन ठक्कर से शादी की। इसके बाद मंगलवार शाम मुंबई में उनका ग्रैंड वेडिंग रिसेप्शन आयोजित किया गया। इस मौके पर बॉलीवुड के कई सितारे शामिल हुए। रिसेप्शन की सबसे ज्यादा चर्चा रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर की डांस परफॉर्मेंस की रही। दोनों ने अपनी फिल्म गुंडे (2014) के फेमस गाने 'तूने मारी एंट्रियां' पर डांस किया। इस दौरान दोनों की ऑन-स्क्रीन जोड़ी बिक्रम और बाला की यादें भी ताजा हो गईं। वहीं दोनों 'धुरंधर' के गाने पर भी झूमते दिखे। शाम के कार्यक्रम में सिंगर हिमेश रेशमिया ने भी लाइव परफॉर्मेंस दी। रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर स्टेज पर उनके साथ नजर आए और 'मुझको याद सताए तेरी' समेत कई गानों पर गाते और झूमते दिखाई दिए। देखिए रणवीर और अर्जुन के डांस की तस्वीरें रिसेप्शन में बोनी कपूर, जाह्नवी कपूर, शनाया कपूर, रेखा, बॉबी देओल, चंकी पांडे और रितेश देशमुख समेत बॉलीवुड की कई हस्तियां शामिल हुईं। देखिए रिसेप्शन की तस्वीरें- 6 जुलाई को हुई शादी, देखिए शादी की तस्वीरें- शादी की तस्वीरों के साथ अंशुला ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था, ‘06.07.2026। इतने सारे लोगों में, इतनी सारी जगहों में और इतने सही-गलत वक्तों के बीच, वो तुम थे। और जिंदगी के हर मोड़, हर उतार-चढ़ाव और हर अनपेक्षित सफर के बाद भी। आज भी तुम ही हो। मेरी सबसे पसंदीदा बातचीत। मेरी सबसे सुकूनभरी जगह। मेरी सबसे आसान और सबसे खूबसूरत पसंद। हमेशा तुम ही रोहन ठक्कर।’ अर्जुन कपूर ने भी शादी के बाद सोशल मीडिया से अंशुला के लिए भावुक पोस्ट शेयर की। उन्होंने लिखा, ‘मेरी अंश के नाम, तुम हमेशा मेरी रहोगी, लेकिन अब वक्त आ गया है कि मैं तुम्हें नई राह पर जाने दूं। आज तुम रोहन के साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रही हो। तुम्हें मुस्कुराते हुए देखकर मेरा दिल, मेरा मन और मेरी आत्मा बेहद खुश हैं। मैंने तुम्हें बचपन से बड़ा होते देखा है और आज तुम एक ऐसी शानदार महिला बन गई हो, जो हर कदम पर हमारी मां की छवि को अपने भीतर समेटे हुए है।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘कभी चिंता मत करना, क्योंकि मां हमेशा तुम्हें देख रही हैं और हर पल तुम्हें अपना आशीर्वाद दे रही हैं। मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं, हमेशा तुम्हारा साथ दूंगा और हमेशा यह सुनिश्चित करूंगा कि तुम्हारे चेहरे की मुस्कान कभी फीकी न पड़े। बहुत सारा प्यार, तुम्हारा अर्जुन भैया।’
1933 के आसपास की बात है। महाराष्ट्र और गुजरात की सीमा के पास स्थित माता रानी के एक मंदिर में एक महिला पहुंची। मान्यता थी कि यहां सच्चे मन से मांगी गई कोई भी मुराद कभी खाली नहीं जाती। महिला की बस एक ही कामना थी-एक बेटे की। उसने माता रानी के चरणों में सिर झुकाकर मन्नत मांगी, ‘अगर मुझे पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, तो मैं उसे दस साल तक उधार मांगकर लाए गए कपड़े ही पहनाऊंगी।’ समय बीता और माता रानी ने उसकी पुकार सुन ली। उसके घर एक बेटे का जन्म हुआ। यही बच्चा आगे चलकर भारतीय सिनेमा का एक ऐसा सितारा बना, जिसकी अदाकारी आज भी मिसाल मानी जाती है। उसने फिल्म शोले में ठाकुर बलदेव सिंह का अमर किरदार निभाकर इतिहास रच दिया। हम बात कर रहे हैं संजीव कुमार की और आज उनकी 88वीं बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से…. किस्सा-1 संजीव कुमार के पिता ने तीन शादियां की थींसंजीव कुमार के पिता जेठालाल शिवलाल जरीवाला गुजरात के सूरत के एक संपन्न जरी व्यापारी थे। उनके परिवार के पास आलीशान हवेली, घोड़ा-गाड़ी और उस दौर की तमाम शान-ओ-शौकत थी, लेकिन इतनी संपत्ति होने के बावजूद उनकी निजी जिंदगी में कई दुख आए। संजीव कुमार के भतीजे उदय जरीवाला की किताब संजीव कुमार: द एक्टर वी ऑल लव्ड के अनुसार, जेठालाल की पहली शादी से दो बेटियां लक्ष्मी और जसु हुईं। कुछ समय बाद उनकी पहली पत्नी का बीमारी के कारण निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की। दूसरी पत्नी ने एक बेटी भगवती को जन्म दिया, लेकिन प्रसव के दौरान उनका भी निधन हो गया। इसके बाद जेठालाल की तीसरी शादी शांता बेन से हुई। शांता बेन की सबसे बड़ी इच्छा थी कि परिवार को एक बेटा मिले। इसके लिए वह महाराष्ट्र-गुजरात सीमा पर स्थित चारोटी के माता मंदिर में जाकर मन्नत मांगती थीं। उन्होंने प्रण लिया कि यदि बेटा हुआ, तो उसे 10 साल तक दान में मिले कपड़े उसे पहनाएंगी और उसका मुंडन भी उसी मंदिर में कराएंगी।करीब पांच साल बाद उनकी मन्नत पूरी हुई और 9 जुलाई 1938 को हरिहर जरीवाला का जन्म हुआ। यही हरिहर आगे चलकर हिंदी सिनेमा के मशहूर अभिनेता संजीव कुमार के नाम से पहचाने गए। किस्सा-2 कैसे हरिहर जरीवाला बने संजीव कुमारसंजीव कुमार को उनका नाम संजीव कुमार देने का श्रेय फिल्ममेकर सावन कुमार टाक को जाता है। 1960 के दशक की शुरुआत में सावन कुमार ने मुंबई के तेजपाल थिएटर में आईपीटीए (IPTA) का एक नाटक देखा। उस नाटक में संजीव कुमार की दमदार एक्टिंग ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने वहीं तय कर लिया कि वे उन्हें अपनी फिल्म में मौका देंगे। नाटक खत्म होने के बाद उन्होंने संजीव कुमार को चाय पर बुलाया और अपनी फिल्म 'नौनिहाल' की कहानी सुनाने लगे। कहानी सुनते-सुनते संजीव कुमार ने हैरानी से पूछा, “आप मुझे यह कहानी क्यों सुना रहे हैं?” सावन कुमार ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “क्योंकि मैं तुम्हें अपनी फिल्म में लेना चाहता हूं।” हालांकि, सावन कुमार की एक शर्त थी। उन्होंने कहा कि हरिहर जरीवाला नाम फिल्मों के लिए उतना प्रभावशाली नहीं लगता। उस दौर में राज कुमार, दिलीप कुमार, मनोज कुमार और राजेंद्र कुमार जैसे कलाकारों का नाम खूब चल रहा था। इसलिए उन्होंने पहले संजय कुमार नाम सुझाया, लेकिन उसी समय एक्टर संजय खान भी इंडस्ट्री में आ चुके थे। ऐसे में दोनों ने मिलकर नया नाम चुना-संजीव कुमार। किस्सा-3 फिल्म के सेट पर सबके सामने नूतन ने थप्पड़ जड़ा था संजीव कुमार का नाम एक्ट्रेस नूतन से भी जुड़ा। संजीव कुमार और नूतन की मुलाकात 1968 में फिल्म 'गौरी' के सेट पर हुई और बाद में 'देवी' की शूटिंग के दौरान उनकी दोस्ती और गहरी हो गई। पत्रकार हनीफ जवेरी ने विक्की ललवानी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि एक दिन नूतन और उनके पति रजनीश बहल के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। संजीव कुमार ने हालात संभालने की नीयत से रजनीश बहल को फोन किया था, लेकिन इसका उल्टा असर हुआ और उनके पति का गुस्सा और बढ़ गया। अगले दिन अपने पति को यह भरोसा दिलाने के लिए कि उनका संजीव कुमार से कोई रिश्ता नहीं है, नूतन शूटिंग के सेट पर पहुंचीं और संजीव कुमार को थप्पड़ मारा था। इस घटना से फिल्म 'देवी' की शूटिंग रुक गई और दोनों कलाकार अलग-अलग चले गए। किस्सा-4 एक शर्त की वजह से हेमा मालिनी से शादी नहीं हो सकी संजीव कुमार की अधूरी प्रेम कहानियों में सबसे चर्चित नाम हेमा मालिनी का है। दोनों का रिश्ता शादी तक पहुंचने की संभावना तक बन गई थी। हालांकि, एक शर्त ने इस रिश्ते को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। 1972 में फिल्म 'सीता और गीता' की शूटिंग के दौरान संजीव कुमार और हेमा मालिनी के बीच नजदीकियां बढ़ीं।पत्रकार हनीफ जवेरी के मुताबिक, संजीव कुमार हेमा मालिनी को लेकर काफी सीरियस थे। दोनों के परिवारों के बीच शादी की बात भी पहुंच गई थी, लेकिन यहीं एक शर्त ने रिश्ते को तोड़ दिया। हनीफ जवेरी के अनुसार, हेमा मालिनी की मां जया चक्रवर्ती चाहती थीं कि शादी के बाद भी उनकी बेटी फिल्मों में काम करती रहे। वहीं, संजीव कुमार का साफ कहना था कि शादी के बाद उनकी पत्नी घर और परिवार को प्राथमिकता दे। इसी मुद्दे पर दोनों के बीच सहमति नहीं बन सकी और रिश्ता टूट गया। उस समय हेमा मालिनी बॉलीवुड की नंबर-1 एक्ट्रेस थीं और अपने करियर के पीक पर थीं। हनीफ जवेरी का कहना है कि हेमा मालिनी को उम्मीद थी कि समय के साथ संजीव कुमार अपना फैसला बदल देंगे और उन्हें काम करने की अनुमति दे देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आखिरकार दोनों की राहें हमेशा के लिए अलग हो गईं। हेमा मालिनी से रिश्ता टूटने के बाद संजीव कुमार भीतर ही भीतर टूट गए थे। किस्सा-5 सुलक्षणा पंडित ने मंदिर ले जाकर सिंदूर भरने को कहा बॉलीवुड की सबसे अधूरी प्रेम कहानियों में से एक संजीव कुमार और सुलक्षणा पंडित की मानी जाती है। फिल्म 'उलझन' की शूटिंग के दौरान सुलक्षणा पंडित, संजीव कुमार से बेइंतहा प्यार करने लगी थीं। हनीफ जवेरी के मुताबिक, एक बार सुलक्षणा पंडित संजीव कुमार को मंदिर ले गईं और कहा, ‘मेरी मांग में सिंदूर भर दो।’ लेकिन संजीव कुमार ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। संजीव कुमार को अपनी दिल की बीमारी के बारे में पता था। उनका मानना था कि वह लंबी जिंदगी नहीं जी पाएंगे, इसलिए वह किसी लड़की की जिंदगी अपने साथ जोड़कर उसे दुख नहीं देना चाहते थे। संजीव कुमार के इनकार के बाद सुलक्षणा पंडित ने जीवनभर शादी नहीं की। वहीं, 1985 में संजीव कुमार के निधन ने उन्हें गहरा सदमा पहुंचाया। संयोग की बात यह रही कि सुलक्षणा पंडित का निधन 6 नवंबर 2025 को हुआ। वहीं, 6 नवंबर (1985) को संजीव कुमार ने इस दुनिया को अलविदा कहा था। किस्सा-6 धर्मेंद्र निभाना चाहते थे संजीव कुमार का मशहूर ठाकुर वाला किरदार फिल्म 'शोले' में निर्देशक रमेश सिप्पी ने ठाकुर बलदेव सिंह के किरदार के लिए संजीव कुमार को चुना था, क्योंकि वे हर तरह के किरदार को बेहद प्रभावशाली ढंग से निभाने में माहिर थे। दैनिक भास्कर को दिए एक इंटरव्यू में रमेश सिप्पी ने बताया था कि शुरुआत में धर्मेंद्र फिल्म में अपने किरदार को लेकर असमंजस में थे। वे ठाकुर का रोल निभाना चाहते थे। उन्होंने रमेश सिप्पी से कहा था, ‘फिल्म का मुख्य किरदार ठाकुर का है, इसलिए यह रोल मुझे करना चाहिए।’ इस पर रमेश सिप्पी ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘अगर तुम ठाकुर बनोगे, तो वीरू का किरदार संजीव कुमार निभाएंगे और फिर हेमा मालिनी के साथ रोमांस करने का मौका भी उन्हें ही मिलेगा।’ बस, यही बात सुनकर धर्मेंद्र ने अपना इरादा बदल दिया और फिल्म में वीरू का किरदार निभाने के लिए तैयार हो गए। किस्सा-7 'सिलसिला' में काम करने के लिए जया बच्चन को संजीव कुमार ने मनाया साल 1981 में रिलीज हुई 'सिलसिला' उस दौर की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक थी। इसकी वजह सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और रेखा के कथित प्रेम त्रिकोण से जुड़ी चर्चाएं भी थीं। हनीफ जावेरी ने बताया था कि शुरुआत में जया बच्चन फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहती थीं। ऐसे में फिल्म के डायरेक्टर यश चोपड़ा ने संजीव कुमार से मदद मांगी। चूंकि संजीव कुमार और जया बच्चन के बीच भाई-बहन जैसा रिश्ता था, ऐसे में यश चोपड़ा ने उनसे कहा कि वे जया को फिल्म करने के लिए मनाएं। संजीव कुमार ने जया बच्चन से बात की, जिसके बाद वह फिल्म के लिए वे तैयार हो गईं। हालांकि, उन्होंने एक शर्त रखी। जया ने कहा कि चाहे उस दिन उनका कोई सीन हो या न हो, वे फिल्म की शूटिंग के दौरान रोज सेट पर मौजूद रहेंगी। उन्होंने यह फैसला रेखा की मौजूदगी को देखते हुए लिया था। किस्सा-8 गर्लफ्रेंड्स को नाम नहीं, नंबर से बुलाते थे संजीव कुमार उदय जरीवाला की किताब में अंजू महेंद्रू ने संजीव कुमार से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा बताया था। उनके मुताबिक, जब भी संजीव कुमार किसी महिला के बारे में सीरियस नहीं होते थे, तो उसका नाम लेने के बजाय उसे 'नंबर' से बुलाते थे। वह मजाक में अपनी महिला मित्रों को नंबर 1, नंबर 2, नंबर 3 जैसे नाम देते थे। अंजू महेंद्रू ने बताया था, 'हरि मुझे फोन करके कहते थे, 'आज नंबर 1 का फोन आया था' या 'नंबर 8 ने आज यह कहा।' हम दोनों के बीच यह एक मजाक बन गया था।' किस्सा-9 10% दिल के सहारे जी रहे थे, फिर भी नहीं छोड़ी शराब1976 के बाद जरीवाला परिवार को अगले दस सालों में कुल 9 हार्ट अटैक आए थे। संजीव कुमार को पहला हार्ट अटैक 1976 में आया। वह एक पार्टी में थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत ब्रीच कैंडी अस्पताल ले जाया गया। वहीं, 1978 में उन्हें दूसरा हार्ट अटैक अमेरिका के ह्यूस्टन में आया। वह फिल्म 'सुराग' की शूटिंग के बाद अपनी बहन गायत्री पटेल के घर रुके हुए थे। संयोग ऐसा था कि जिस दिन उनकी भांजी आरती का जन्म हुआ, उसी दिन उन्हें दिल का दौरा पड़ा। परिवार ने यह बात गायत्री से कुछ दिन तक छिपाकर रखी। इलाज के बाद वह ठीक होकर भारत लौट आए। इसी घटना के बाद उन्होंने लगभग तय कर लिया कि अब वह शादी नहीं करेंगे। इस बीच 1978 और 1979 में उनकी मां को दो हार्ट अटैक आए, जिनमें दूसरा जानलेवा साबित हुआ। 1982 में भाई निकुल जरीवाला को पहला हार्ट अटैक आया। फिर 1983 में संजीव कुमार को तीसरी बार दिल का दौरा पड़ा। इस बार उन्हें नानावटी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने साफ चेतावनी दी कि अगर लंबी जिंदगी चाहिए तो शराब, सिगरेट और मसालेदार भोजन पूरी तरह छोड़ना होगा, लेकिन संजीव कुमार ऐसा नहीं कर पाए। 1984 में निकुल जरीवाला को दूसरा हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया। वहीं, जब संजीव कुमार अमेरिका गए, तब मशहूर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. डेंटन कूली ने कहा था कि उनका दिल सिर्फ 10 प्रतिशत क्षमता पर काम कर रहा है। हालांकि, उनकी बायपास सर्जरी सफल रही और उनका वजन भी काफी कम हो गया, लेकिन भारत लौटने के बाद संजीव कुमार फिर काम में पूरी तरह जुट गए। डॉक्टरों की सलाह के बावजूद वह न सिगरेट छोड़ पाए, न शराब और न ही अपनी व्यस्त दिनचर्या।फिर 6 नवंबर 1985 को उन्हें चौथा और सबसे भीषण हार्ट अटैक आया। इस बार उन्हें बचाया नहीं जा सका। महज 47 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। उनके जाने के सिर्फ छह महीने बाद, 1986 में भाई किशोर जरीवाला की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। एक नजर संजीव कुमार के करियर पर संजीव कुमार ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत थिएटर से की। बाद में वह इंडियन पीपुल्स थिएटर एसोसिएशन (IPTA) और इंडियन नेशनल थिएटर से जुड़े। 1960 में उन्होंने फिल्म 'हम हिंदुस्तानी' से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन उन्हें असली पहचान 1970 में रिलीज हुई 'खिलौना' से मिली। संजीव कुमार ने अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 'कोशिश', 'आंधी', 'मौसम', 'अंगूर', 'नया दिन नई रात', 'शतरंज के खिलाड़ी', 'पति पत्नी और वो', 'त्रिशूल' और 'शोले' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है। खासकर 'शोले' में ठाकुर बलदेव सिंह और 'अंगूर' में उनका डबल रोल उनके सबसे यादगार किरदारों में गिना जाता है। ………….. यह खबर भी पढ़ें… धर्मेंद्र ने कॉलर पकड़ी तो राजकुमार ने छोड़ी फिल्म:बप्पी लाहिड़ी के गहने देखकर बोले- मंगलसूत्र भी पहन लो, अमिताभ के सूट को पर्दा कहा ये कौन हैं? सलमान खान का सवाल सुनते ही जवाब आया- जानी…, अपने अब्बा से जाकर पूछना, हम कौन हैं। यही थे राजकुमार। वो अभिनेता, जो फ्लॉप फिल्म के बाद भी अपनी फीस बढ़ा देते थे। कहते थे- ‘मेरी पिक्चर चले न चले, मैं फेल नहीं हुआ। कभी बप्पी लाहिड़ी के गहने पहनने का सरेआम मजाक बना देते थे, तो कभी गोविंदा जैसे कलाकारों की शर्ट काटकर रूमाल बना लेते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
टेलीविजन होस्ट और एक्टर मनीष पॉल की मां उर्मिल पॉल का बुधवार को नई दिल्ली में निधन हो गया। वे 76 वर्ष की थीं। मनीष पॉल की टीम ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद खबर की पुष्टि की है। बयान में प्रशंसकों से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने की अपील की गई है। हालांकि, परिवार की तरफ से अभी तक उनकी मौत के कारणों का खुलासा नहीं किया गया है। मनीष अपनी मां के बेहद करीब थे और अक्सर सोशल मीडिया पर उनके साथ तस्वीरें साझा करते रहते थे। मनीष की टीम ने जारी किया बयानमनीष पॉल की टीम ने बयान जारी कर बताया कि एक्टर की मां का दिल्ली में देहांत हो गया है। टीम ने कहा कि बहुत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि मनीष पॉल की मां का आज दिल्ली में निधन हो गया है। हम आप सभी से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध करते हैं। इस खबर के सामने आने के बाद फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के लोग मनीष और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। मां के साथ था खास रिश्तामनीष पॉल अपनी मां उर्मिल पॉल के बहुत करीब थे। वे अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी मां के साथ तस्वीरें और वीडियो शेयर करते थे। साल 2022 में अपनी मां के जन्मदिन पर मनीष ने एक भावुक पोस्ट लिखा था। उन्होंने मां के साथ फोटो शेयर कर जीवन के प्रति उनका नजरिया बदलने के लिए धन्यवाद दिया था। मनीष ने लिखा था कि मुझे 'बिंदास' रहना सिखाने के लिए आपका शुक्रिया। उर्मिल पॉल के परिवार में उनके पति जगमोहन पॉल, बेटी ज्योति पॉल मोहन और दो बेटे मनीष पॉल और विवेक पॉल हैं। रेडियो जॉकी से की थी करियर की शुरुआतमनीष पॉल ने अपने करियर की शुरुआत एक रेडियो जॉकी (आरजे) और वीडियो जॉकी (वीजे) के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने एक्टिंग, होस्टिंग और स्टैंड-अप कॉमेडी की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने टेलीविजन पर 'राधा की बेटियां कुछ कर दिखाएंगी', 'शशश...फिर कोई है' और 'घर-घर में' जैसे कई लोकप्रिय शोज में काम किया। उन्होंने फिल्मों में छोटे रोल से शुरुआत की थी। इसके बाद साल 2013 में आई फिल्म 'मिकी वायरस' से उन्होंने मुख्य अभिनेता के तौर पर बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इस फिल्म में उन्होंने एक कंप्यूटर हैकर मिकी का किरदार निभाया था। मनीष पॉल के हालिया प्रोजेक्ट्समनीष पॉल को भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय होस्ट में से एक माना जाता है। उन्होंने 'सा रे गा मा पा छोटे उस्ताद', 'झलक दिखला जा', 'डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स' और 'नच बलिये' जैसे कई बड़े रियलिटी शोज को होस्ट किया है। अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और एंकरिंग के लिए वे जाने जाते हैं। मनीष ने संयुक्ता पॉल से शादी की है। हाल ही में वे वरुण धवन के साथ फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' में नजर आए थे।
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव और हेमंत पांडे ने अल्मोड़ा जिले के दो प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों जागेश्वर धाम और डोल आश्रम का दौरा किया। उन्होंने इन स्थानों पर दर्शन-पूजन किया और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। जागेश्वर धाम में दोनों कलाकारों ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। यह पूजा आचार्य निर्मल भट्ट के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। मंदिर परिसर में बिताया समयजागेश्वर धाम पहुंचने पर मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के साथ दोनों कलाकारों का पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण कर प्राचीन मंदिरों के दर्शन किए और धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त की। मंदिर परिसर में उन्होंने कुछ समय बिताया और जागेश्वर धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व की सराहना की। अभिनेताओं ने इसे आत्मिक शांति का केंद्र बताया। श्रद्धालुओं से जागेश्वर धाम आने का किया आग्रहइस अवसर पर हेमंत पांडे और राजपाल यादव ने कहा कि जागेश्वर धाम आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत केंद्र है। उन्होंने कहा कि यहां का प्राकृतिक वातावरण, देवदार के घने वन और प्राचीन मंदिरों की दिव्यता मन को गहरी शांति प्रदान करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी जीवन में एक बार जागेश्वर धाम अवश्य आने का आग्रह किया। लोगों ने साथ तस्वीरें खिंचवाईंजागेश्वर धाम पहुंचे अभिनेता राजपाल यादव को देखने और उनसे मिलने के लिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भी उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनका अभिवादन किया। राजपाल यादव ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और धार्मिक आस्था उन्हें बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करती है। डोल आश्रम में संतों का लिया आशीर्वादइसके बाद दोनों अभिनेताओं ने डोल आश्रम में संतों का आशीर्वाद लिया। उन्होंने आश्रम के शांत और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया और परिसर का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। आश्रम के आधिकारिक सोशल मीडिया समूहों में साझा की गई तस्वीरों में राजपाल यादव और हेमंत पांडे पारंपरिक भगवा वस्त्र और अंगवस्त्र धारण किए संतों के साथ दिखाई दिए। फिल्म जंगल से बनाई पहचानअपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और सहज अभिनय शैली के लिए पहचाने जाने वाले राजपाल यादव ने फिल्म जंगल से अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद हंगामा, मुझसे शादी करोगी, गरम मसाला, फिर हेरा फेरी, चुप चुप के, भागम भाग, ढोल, भूल भुलैया, पार्टनर और दे दना दन जैसी फिल्मों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बॉलीवुड एक्टर राजेश शर्मा को पैर में इन्फेक्शन के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में एक्टर प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें किसी जहरीले कीड़े या मकड़ी ने काट लिया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें पश्चिम बंगाल के ढाकुरिया स्थित मनिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनकी सह-कलाकार सुदीपा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक्टर के परिवार की तरफ से हेल्थ नोट जारी कर यह जानकारी दी है। डॉक्टर के मुताबिक राजेश शर्मा अभी खतरे से बाहर नहीं हैं। सेट पर पैकअप के बाद हुआ हादसासुदीपा चटर्जी के सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक यह घटना हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में हुई। राजेश शर्मा वहां प्रभास की आने वाली फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। शूटिंग खत्म होने के बाद वे सेट के पास पेड़-पौधों वाले इलाके में लोकल टेक्नीशियन्स के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें पैर में किसी कीड़े या जहरीली मकड़ी ने काट लिया। उस समय मामला गंभीर नहीं लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत कोई मेडिकल मदद नहीं ली और काम जारी रखा। फ्लाइट में अचानक बढ़ गया बुखारकीड़े के काटने के करीब छह घंटे बाद राजेश शर्मा के दाहिने पैर में तेज दर्द शुरू हो गया और उनकी तबीयत खराब होने लगी। इसके बाद भी उन्होंने कोलकाता के लिए फ्लाइट पकड़ी। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आ गया और वे काफी बेचैन हो गए। कोलकाता पहुंचने पर अगले दिन उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद परिवार ने उन्हें तुरंत ढाकुरिया के मनिपाल अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में भर्ती हुए एक दिन से ज्यादा का समय हो चुका है। पैर में छाले पड़े, फेफड़ों में क्लॉट का खतराअस्पताल के डॉक्टर अभिजीत भट्टाचार्य ने बताया कि कीड़े का इन्फेक्शन पैर के अंगूठे से लेकर घुटने तक फैल गया है। प्रभावित हिस्से पर बड़े-बड़े छाले पड़ गए हैं। डॉक्टर के मुताबिक अभी स्थिति के बारे में साफ तौर पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। राजेश शर्मा को डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों को चिंता है कि इन्फेक्शन की वजह से ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) बन सकता है। अगर यह क्लॉट फेफड़ों तक पहुंचता है, तो जान का खतरा हो सकता है। प्रभास की फिल्में और राजेश के हालिया प्रोजेक्ट्सराजेश शर्मा हाल ही में फिल्म 'भूत बंगला' और 'कृष्णावतारम पार्ट 1: द हार्ट (हृदयम्)' में नजर आए थे। वहीं अभिनेता प्रभास इन दिनों डायरेक्टर हनु राघवपुड़ी की फिल्म 'फौजी' और संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म 'स्पिरिट' की शूटिंग कर रहे हैं। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि राजेश शर्मा इनमें से किस फिल्म के सेट पर शूटिंग कर रहे थे जब यह हादसा हुआ। प्रसेनजीत चटर्जी और कलाकारों का मिला साथहेल्थ नोट में बताया गया है कि इस मुश्किल समय में बंगाल मोशन पिक्चर्स आर्टिस्ट्स फोरम और राजेश के दोस्त उनके साथ खड़े हैं। अभिनेता प्रसेनजीत चटर्जी लगातार परिवार के संपर्क में हैं और मदद कर रहे हैं। राजेश शर्मा की मां और पूरे परिवार ने संकट की इस घड़ी में साथ देने के लिए मीडिया और शुभचिंतकों का आभार जताया है। अस्पताल की टीम लगातार जांच कर रही है और गुरुवार को उनका ऑफिशियल हेल्थ बुलेटिन जारी किया जा सकता है।
अजय देवगन की आगामी फिल्मों को लेकर इंडस्ट्री में लगातार चर्चा बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार...‘फिलहाल उनका फोकस कई अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर है। इनमें ‘धमाल 4’, ‘दृश्यम 3’, ‘गोलमाल’ फ्रेंचाइज की अगली फिल्म और हाल ही में टीजर के बाद चर्चा में आई ‘चौहान’ शामिल हैं। वहीं, हॉरर-थ्रिलर ‘शैतान’ के सीक्वल को लेकर फिलहाल किसी सक्रिय प्रगति की जानकारी सामने नहीं आई है। सूत्रों का यह भी कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में अजय देवगन ने खुद को सिर्फ एक्शन फिल्मों तक सीमित नहीं रखा है। उनकी मौजूदा फिल्म लाइनअप में कॉमेडी, इन्वेस्टिगेशन थ्रिलर, हॉरर और ड्रामा जैसी अलग-अलग शैलियों की फिल्में शामिल हैं, जो एक अभिनेता के रूप में उनके विविध प्रयोगों को दर्शाती हैं। ‘शैतान 2’ पर नहीं बढ़ रहा काम ‘शैतान 2’ फिलहाल सक्रिय डेवलपमेंट में नहीं है। फिल्म की शूटिंग या प्री-प्रोडक्शन को लेकर अभी तक कोई नई गतिविधि सामने नहीं आई है। इसी बीच खबर है कि अजय देवगन निर्देशक रोहित जुगराज की एक बड़े बजट की अनटाइटल्ड हॉरर फिल्म से इस जॉनर में वापसी की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक...‘फिल्म फिलहाल प्री-प्रोडक्शन चरण में है और इसकी शूटिंग जुलाई 2026 से शुरू होने की संभावना है। निर्माण कुमार मंगत पाठक कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह फिल्म पारंपरिक भूतिया कहानियों से अलग गॉथिक हॉरर की शैली में होगी और इसकी कहानी लंदन की पृष्ठभूमि पर आधारित रहेगी। सूत्रों का दावा है कि अजय देवगन इसमें एक रहस्यमयी और अलौकिक शक्तियों वाले किरदार में नजर आएंगे, जिसके लिए उनके लुक पर भी विशेष काम किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि रोहित जुगराज ने अपने करियर की शुरुआत राम गोपाल वर्मा के साथ की थी और 2003 की फिल्म ‘भूत’ में सहायक निर्देशक रहे थे। पोस्ट-प्रोडक्शन में ‘दृश्यम 3’ , नए नैरेटिव के साथ लौटेगी फिल्म ‘दृश्यम 3’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है और फिल्म फिलहाल पोस्ट-प्रोडक्शन चरण में है। बताया जा रहा है कि एडिटिंग, बैकग्राउंड स्कोर और अन्य तकनीकी कार्य तेजी से चल रहे हैं। हालांकि निर्माताओं ने अभी तक इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक...‘इस बार हिंदी संस्करण की कहानी मलयालम ‘दृश्यम 3’ से अलग विकसित की गई है। यानी हिंदी दर्शकों के लिए एक नया नैरेटिव तैयार किया गया है, ताकि कहानी में ताजगी बनी रहे। कास्टिंग को लेकर भी कई चर्चाएं हैं। सूत्रों का दावा है कि तबु तीसरे पार्ट में भी अपनी भूमिका निभा सकती हैं। वहीं प्रकाश राज के वकील की भूमिका में और जयदीप अहलावत नए जांच अधिकारी के किरदार में नजर आने की चर्चा है। यह भी कहा जा रहा है कि पिछली फिल्म में अक्षय खन्ना के जांच वाले ट्रैक को इस बार नए अधिकारी के जरिए आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, पूरी स्टारकास्ट और किरदारों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिल्म ‘धमाल 4’ के प्रमोशन में जुटी टीम, रिलीज से पहले होगा बड़ा प्रमोशनल अजय देवगन की ‘धमाल 4’ रिलीज से पहले प्रमोशनल चरण में पहुंच चुकी है। सूत्रों के अनुसार...‘फिल्म की टीम लगातार प्रचार गतिविधियों में हिस्सा ले रही है। अजय देवगन के साथ रितेश देशमुख, अरशद वारसी, रवि किशन समेत अन्य कलाकार भी विभिन्न प्रमोशनल इवेंट्स में नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म को फैमिली ऑडियंस तक पहुंचाने के लिए ऑन-ग्राउंड इवेंट्स के साथ-साथ डिजिटल प्रमोशन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।’ सूत्रों के मुताबिक...‘फिल्म की रिलीज डेट पहले तय कार्यक्रम में बदलाव के बाद 10 जुलाई कर दी गई। इंडस्ट्री में इसे बॉक्स ऑफिस रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि मेकर्स ने रिलीज डेट में बदलाव की वजह पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।’ यह एक बड़े बजट की फिल्म है। इसकी शूटिंग जुलाई 2026 से शुरू होने की संभावना है। निर्माण कुमार मंगत पाठक कर रहे हैं। इसकी कहानी लंदन की पृष्ठभूमि पर बेस्ड होगी
एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने केतन अग्रवाल मर्डर केस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने सोशल मीडिया पर बढ़ते रिलेशनशिप ट्रेंड्स और युवाओं की जीवनशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि बिना किसी लक्ष्य के जुनून आत्मघाती साबित होता है। दरअसल आरोपी सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की पहाड़ी से धकेल कर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस जांच से बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपी सिया गोयल ने सगाई के बाद भी अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी से सीक्रेट मैरिज कर ली थी। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। सोशल मीडिया वाले रिश्तों पर कंगना का तंजकंगना रनोट ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस केस से जुड़ी खबर शेयर करते हुए युवाओं को नसीहत दी है। उन्होंने लिखा कि व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, डेटिंग ऐप्स, बेंचिंग, घोस्टिंग, ड्रग्स और क्लब्स जैसी चीजें भी आजकल के युवाओं के लिए कम पड़ रही हैं। बिना किसी मकसद के जुनून का नतीजा इसी तरह की आत्मघाती घटनाओं के रूप में सामने आता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने जुनून का इस्तेमाल करियर या कोई स्किल सीखने में करें। डिप्रेशन से बचने के लिए साधारण जीवन की सलाहकंगना ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि वे युवाओं से अपनी एनर्जी को सही और सकारात्मक रास्ते पर लगाने की अपील करती हैं। उन्होंने सलाह दी कि दिमाग खुला रखें लेकिन जीवन बिल्कुल साधारण और पारंपरिक तरीके से जिएं। ऐसा करने से लोग जेल जाने, अकेलेपन, नकारात्मकता और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से बच सकते हैं। क्या है सिया गोयल और केतन अग्रवाल मामलापुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की 18 जून को लोहगढ़ किले की पहाड़ी से गिरकर मौत हो गई थी। पुलिस जांच के मुताबिक, 26 साल के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर रची थी। केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और दोनों इस साल नवंबर में शादी करने वाले थे। पुलिस ने सिया और चेतन दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। कागजात मांगने पर रची हत्या की साजिशपुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, केतन के परिवार ने उदयपुर में होने वाली डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए सिया से कुछ सरकारी दस्तावेज मांगे थे। इसके बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से जल्दबाजी में हत्या की साजिश रची। पुलिस उन दो कॉलेज दोस्तों से भी पूछताछ कर रही है जिन्होंने गवाह के रूप में शादी के कागजात पर साइन किए थे। इसके अलावा चेतन के बैंक अकाउंट की जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि उसने सीक्रेट मैरिज के लिए किसी को पैसे तो नहीं दिए थे। तीन सुराग; सिया का झूठ, CCTV फुटेज, 2004 बार कॉल मर्डर से पहले सिया का मंगेतर के साथ डांस, रोमांस; 3 तस्वीरें केतन के मर्डर करने से पहले सिया ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ। 19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन की स्टोरी पोस्ट की, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आ रहे थे। एक पोस्ट में दोनों कार के अंदर बैठकर गले लगते दिखे। केतन ने अपने कार के अंदर और बाहर फूलों की सजावट की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के पहले पड़ाव पर इंडोनेशिया पहुंचे हैं। जकार्ता में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को समझाने के लिए बॉलीवुड फिल्म 'कुछ कुछ होता है' के नाम का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि जब दोनों देश साथ चलते हैं, तो 'कुछ कुछ' नहीं बल्कि 'बहुत कुछ' होता है। पीएम के इस बयान पर फिल्म के डायरेक्टर करण जौहर ने सोशल मीडिया पर खुशी जताई है और इसे अपने लिए सम्मान की बात कहा है। फिल्म के नाम से समझाया दोनों देशों का रिश्ताजकार्ता में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक जुड़ाव पर बात की। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में भारत का गाना 'कुछ कुछ होता है' बहुत लोकप्रिय है। इसी का उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत और इंडोनेशिया साथ मिलकर चलते हैं, तो ‘कुछ कुछ’ से भी आगे बढ़कर ‘बहुत कुछ’ होता है। पीएम मोदी के इस बयान के बाद वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। करण जौहर बोले- मेरे लिए सम्मान की बातपीएम मोदी के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद फिल्म के डायरेक्टर करण जौहर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। करण जौहर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस भाषण की क्लिप शेयर की। उन्होंने लिखा कि हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जकार्ता में 'कुछ कुछ होता है' के बारे में बात करते देखकर वे बहुत खुश और सम्मानित महसूस कर रहे हैं। करण ने आगे लिखा कि प्यार एक ऐसी भाषा है जो सभी सीमाओं से परे है। इस गाने को हमेशा जिंदा रखने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताया। 'कुछ कुछ होता है' से करण ने किया था डेब्यूजिस फिल्म का जिक्र प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में किया, वह करण जौहर के करियर की बेहद खास फिल्म है। साल 1998 में आई 'कुछ कुछ होता है' से करण जौहर ने बतौर निर्देशक बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था। इस फिल्म में शाह रुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि सलमान खान ने फिल्म में कैमियो रोल किया था। यह फिल्म और इसके गाने भारत के साथ-साथ कई एशियाई देशों में आज भी पसंद किए जाते हैं। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने किया स्वागतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार, 6 जुलाई 2026 को इंडोनेशिया पहुंचे थे। जकार्ता पहुंचने पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया। हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद वे अपने तय कार्यक्रमों में शामिल हुए। इस यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई है और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। तीन देशों के दौरे पर हैं प्रधानमंत्री मोदीप्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा तीन देशों की यात्रा का पहला हिस्सा है। इंडोनेशिया के बाद वे ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर जाएंगे। इसके बाद उनके दौरे का आखिरी पड़ाव न्यूजीलैंड होगा। इस तीन देशों के दौरे का मुख्य उद्देश्य इन्डो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रमुख सहयोगी देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करना है। इस यात्रा के दौरान व्यापार, डिफेंस, टेक्नोलॉजी, इन्वेस्टमेंट और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की जा रही है।
कन्नड़ सिनेमा के जाने-माने फिल्ममेकर-एक्टर इंद्रजीत लंकेश बेबाक विचारों के लिए भी पहचाने जाते हैं। उन्होंने दीपिका पादुकोण को उनकी पहली फिल्म 'ऐश्वर्या' में मौका दिया और पहली मुलाकात में ही उनकी स्टार क्वालिटी पहचान ली थी। अब वह अपनी नई फिल्म 'जयहिंद जयसिंध' लेकर आ रहे हैं, जिसे अपने करियर की सबसे संतोषजनक फिल्म मानते हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने दीपिका, पत्रकारिता, पिता पी. लंकेश की विरासत और समाज से जुड़े मुद्दों पर बात की। सवाल: सबसे पहले आपकी नई फिल्म 'जयहिंद जयसिंध' की बात करते हैं। यह फिल्म किस बारे में है? जवाब: लोग इसे सिर्फ पार्टिशन फिल्म समझ रहे हैं, जबकि ऐसा नहीं है। पार्टिशन इसकी एक परत है। यह एक समकालीन प्रेम कहानी है, जो एक लड़के के परिपक्व होने की यात्रा दिखाती है। इसमें जेन-जी के लिए प्यार, रिश्तों और इंसानियत का संदेश है। मेरा मानना है कि आज नफरत का जवाब इंसानियत है और यही फिल्म का मूल भाव है। आपने कहा कि यह आपके करियर की सबसे संतोषजनक फिल्म है। सवाल: आपने कहा कि यह आपके करियर की सबसे संतोषजनक फिल्म है। ऐसा क्यों? जवाब: क्योंकि इसमें सिर्फ मनोरंजन नहीं है। यह ऐसी कहानी है, जिस पर मुझे पूरा विश्वास है। मेरा मानना है कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज से संवाद का जरिया भी है। इस फिल्म के जरिए मैंने वही कोशिश की है। सवाल: आपने दीपिका पादुकोण को उनकी पहली फिल्म में लॉन्च किया था। पहली मुलाकात कैसे हुई थी? जवाब: मैं दीपिका पादुकोण को तब से जानता था, जब वह बैडमिंटन खेलती थीं। काफी समय बाद संयोग से हमारी मुलाकात एक लिफ्ट में हुई। वह उस समय मॉडलिंग कर रही थीं। पहली नजर में ही उनकी पर्सनैलिटी, आत्मविश्वास और स्क्रीन प्रेजेंस ने मुझे प्रभावित किया। सवाल: क्या उसी मुलाकात में आपने उन्हें फिल्म के लिए तय कर लिया था? जवाब: लगभग हां। मैं उन्हें देखकर प्रभावित हुआ था। बाद में हमने 'ऐश्वर्या' के लिए उन्हें साइन किया। मुझे उनके टैलेंट पर पूरा भरोसा था। सवाल: उस वक्त क्या आपको अंदाजा था कि वह इतनी बड़ी स्टार बन जाएंगी? जवाब: बिल्कुल। मुझे विश्वास था कि वह सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाएंगी। बाद में उन्होंने हॉलीवुड में काम किया, इसलिए मेरा विश्वास सही साबित हुआ। सवाल: 'ऐश्वर्या' की सफलता ने दीपिका के करियर में कितना बड़ा मोड़ दिया? जवाब: फिल्म बहुत सफल रही थी। सिनेमाघरों में 100 दिन चली। बेंगलुरु में हर जगह दीपिका के पोस्टर लगे थे। इसके बाद बॉलीवुड के दरवाजे उनके लिए खुल गए। शाहरुख को 'ऐश्वर्या' की सफलता का पता चला तो उन्होंने मजाक में कहा था कि अब दीपिका को ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे। बाद में फराह खान ने उन्हें 'ओम शांति ओम' में लॉन्च किया और बाकी इतिहास है। सवाल: 'ऐश्वर्या' के बाद आपने दोबारा दीपिका पादुकोण के साथ काम क्यों नहीं किया? जवाब: देखिए, दीपिका ने अपने करियर में बड़ी ऊंचाइयां हासिल की हैं, जिस पर मुझे गर्व है। वह आज देश की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में शामिल हैं और बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। जब कोई कलाकार उस मुकाम तक पहुंचता है, तो उसकी प्राथमिकताएं, काम करने का दायरा और टीम बदल जाती है। ऐसे में पुराने रिश्ते और संभावित सहयोग पीछे छूट जाते हैं। मैंने हमेशा उनके सफर का सम्मान किया है। इसलिए दोबारा किसी फिल्म के लिए उनसे संपर्क नहीं किया। मेरे मन में उनके लिए सिर्फ सम्मान है और खुशी है कि उनके करियर की शुरुआत में मेरा छोटा-सा योगदान रहा। सवाल: आपके परिवार की पहचान पत्रकारिता से रही है। फिर फिल्मों की तरफ कैसे आना हुआ? जवाब: मेरे पिता पी. लंकेश ने एक छोटा-सा अखबार शुरू किया था, जो बाद में बड़ा संस्थान बना। समय के साथ मीडिया का स्वरूप बदल गया। विजुअल मीडिया, सोशल मीडिया, पीआर और कॉरपोरेट प्रभाव के कारण स्वतंत्र पत्रकारिता पहले से ज्यादा मुश्किल हो गई। मुझे लगा कि जिन बातों पर मैं विश्वास करता हूं, उन्हें फिल्मों के जरिए ज्यादा प्रभावी ढंग से कह सकता हूं। सवाल: क्या आपको लगता है कि आज पत्रकारिता बदल गई है? जवाब: काफी हद तक। मीडिया पर कई तरह के प्रभाव बढ़े हैं। मेरा मानना है कि पत्रकार का काम किसी विचारधारा का समर्थक बनना नहीं, बल्कि सही बात के साथ खड़ा होना है। पत्रकार को सत्ता से सवाल पूछने चाहिए, चाहे सत्ता किसी भी दल की हो। सवाल: यह सोच आपको कहां से मिली? जवाब: मेरे पिता पी. लंकेश से। उन्होंने सिखाया कि पत्रकार न वामपंथी हो, न दक्षिणपंथी। उसे सिर्फ सही पक्ष में खड़ा होना चाहिए। मैं आज भी उसी विचार पर चलता हूं। सवाल: आपकी बहन गौरी लंकेश भी पत्रकारिता का बड़ा नाम थीं। आप उनकी विरासत को कैसे देखते हैं? जवाब: मैं उनकी पत्रकारिता पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। मेरे लिए वह सिर्फ बहन नहीं, बल्कि मां जैसी थीं। उनका मेरे जीवन में बहुत बड़ा स्थान है। सवाल: आपने ड्रग्स के खिलाफ खुलकर अभियान चलाया था। इसकी शुरुआत कैसे हुई? जवाब: मैंने देखा कि बेंगलुरु में स्कूल और कॉलेज के बच्चे नशे की चपेट में आ रहे हैं। मुझे लगा कि अगर मैं चुप रहा तो यह गलत होगा। इसलिए मैंने सीसीबी में शिकायत की, आवाज उठाई और विरोध भी झेला। इसके बाद कार्रवाई हुई और जागरूकता बढ़ी, जिससे खुशी हुई। सवाल: विरोध का सामना करना कितना मुश्किल था? जवाब: काफी मुश्किल था। फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोग भी मेरे खिलाफ थे। लेकिन अगर किसी बात पर विश्वास हो तो डरना नहीं चाहिए। मैंने वही किया, जो मुझे सही लगा। सवाल: क्या आज भी सामाजिक मुद्दों पर बोलना जरूरी मानते हैं? जवाब: बिल्कुल। सिर्फ पत्रकार ही नहीं, हर जिम्मेदार नागरिक को समाज के मुद्दों पर आवाज उठानी चाहिए। अगर हम चुप रहेंगे तो बदलाव कैसे आएगा? सवाल: आखिर में दर्शकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब: मैं हमेशा वही कहता हूं, जो दिल से महसूस करता हूं। मुझे उम्मीद है कि लोग 'जयहिंद जयसिंध' को सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अनुभव की तरह देखेंगे। यह मेरे दिल के सबसे करीब है। मुझे लगता है कि यह मेरा अब तक का सबसे बेहतरीन काम है। उम्मीद है कि दर्शक इसे अपना प्यार और समर्थन देंगे। जय हिंद।
कुछ समय पहले ही अरशद वारसी ने फिल्म कल्कि 2898AD की आलोचना करते हुए कहा था कि फिल्म में प्रभास जोकर की तरह लग रहे थे। इस बयान पर उनकी जमकर आलोचना हुई और फिल्म के डायरेक्टर नाग अश्विन और एक्टर सुधीर बाबू ने उनके बयान की निंदा की। अब अरशद ने इस विवाद पर चुप्पी तोड़ी है और कहा कि वो सिर्फ उनके साथ मजाक करते हैं, जिन्हें वो जानते हैं। प्रभास पर दिए बयान पर अरशद वारसी ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘मैं सिर्फ अपने दोस्तों के साथ ही मजाक करता हूं। सच कहूं तो मैं किसी और के साथ मजाक नहीं करता। अगर मुझे कोई मजाक करना होता है, तो मैं सिर्फ उन्हीं लोगों के साथ करता हूं जिन्हें मैं अच्छी तरह जानता हूं और जो मेरे दोस्त हैं।’ आगे एक्टर ने कहा, ‘मुझे पता होता है कि उनके सामने क्या कहना है और कितनी हद तक कहना है। लेकिन अगर मैं किसी को नहीं जानता, तो उसके सामने कुछ भी नहीं कहता, क्योंकि मुझे उसके बारे में कोई जानकारी नहीं होती। बात बस इतनी-सी है।’ बातचीत में अरशद ने कहा है कि आज कल सोशल मीडिया पर हर बात को लेकर इतनी ज्यादा जांच-पड़ताल होती है कि लोगों को मजाक को मजाक की तरह लेना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा, हम सभी को थोड़ा हल्के-फुल्के अंदाज में जीना चाहिए। अरशद का मानना है कि असल जिंदगी के अलावा फिल्मों में दिखाए जाने वाले मजाक को भी लोगों को मजाक की तरह ही लेना चाहिए। उन्होंने फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस के उस डायलॉग का उदाहरण दिया, जिसमें उन्होंने एक चीनी टूरिस्ट को हक्का नूडल्स कहा था। अरशद ने कहा, 'उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। आज लोग उसका ज्यादा विश्लेषण कर सकते हैं, लेकिन वह गलत नहीं है। जैसे हम किसी लड़के को मजाक में 'बाल की दुकान' कह देते हैं, उसमें भी कुछ आपत्तिजनक नहीं होता।' हालांकि, अरशद यह भी कहते हैं कि वह 'सेल्फ सेंसरशिप' यानी खुद पर संयम रखने में भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा, “हर किसी को इसका पालन करना चाहिए। मैं व्यक्तिगत तौर पर पाकिस्तानी ह्यूमर का बड़ा प्रशंसक नहीं हूं, क्योंकि वह अक्सर दूसरे लोगों को नीचा दिखाने वाला होता है। उसमें लोगों का मजाक उड़ाना और नाम रखकर चिढ़ाना ज्यादा होता है। कई लोगों को वह पसंद आता है, लेकिन मुझे नहीं। इसी तरह मुझे डबल मीनिंग या सेक्सुअल कॉमेडी भी पसंद नहीं है। यह मेरी निजी पसंद है। लोगों की अपनी-अपनी पसंद हो सकती है, लेकिन मैं अपने लिए इसी तरह की सेल्फ सेंसरशिप अपनाता हूं।” क्या था अरशद का पुराना बयान और क्यों हुआ विवाद समदीश भाटिया के पॉडकास्ट में अरशद वारसी से पूछा था कि उनकी देखी हुई आखिरी बुरी फिल्म कौन सी थी। इस पर उन्होंने कल्कि का नाम लेकर कहा था, ‘मैंने ‘कल्कि’ देखी तो मुझे अच्छी नहीं लगी। मुझे बहुत तकलीफ होती है पर अमित जी, वो आदमी समझ में ही नहीं आता यार। कसम से अगर उनके जितनी पावर मिल जाए ताे लाइफ बन जाए। वो कमाल हैं, अविश्वसनीय हैं। प्रभास को देखकर मैं वास्तव में दुखी हुआ। वो क्यों थे उस फिल्म में, माफी चाहूंगा पर वो एक जोकर की तरह लग रहे थे। मैं ‘मैड मैक्स’ (हॉलीवुड फिल्म) देखना चाहता हूं। मैं वहां मेल गिब्सन (हॉलीवुड एक्टर) को देखना चाहता हूं। तुमने उसको क्या बना दिया यार। क्यों करते हो ऐसा.. मुझे नहीं समझ में आता।' अरशद वारसी के बयान पर भड़के डायरेक्टर नाग अश्विन अरशद का बयान सामने आने के बाद कल्कि डायरेक्टर नाग अश्विन ने सोशल मीडिया पर निंदा कर लिखा, आइए पीछे न जाएं। अब नॉर्थ वर्सेस साउथ या बॉलीवुड वर्सेस टॉलीवुड जैसी बहसें बंद होनी चाहिए। हमें बड़ी तस्वीर पर ध्यान देना चाहिए, एकजुट भारतीय फिल्म इंडस्ट्री। अरशद साहब को अपने शब्दों का चुनाव थोड़ा बेहतर करना चाहिए था, लेकिन कोई बात नहीं। मैं उनके बच्चों के लिए 'बुज्जी' के खिलौने भेज रहा हूं। और मैं इतनी मेहनत करूंगा कि जब 'कल्कि 2' (K2) रिलीज हो, तो पहले दिन का पहला शो देखने के बाद वही ट्वीट करें कि प्रभास अब तक के सबसे बेहतरीन कलाकार हैं। वहीं साउथ एक्टर सुधीर बाबू ने भड़ककर लिखा, रचनात्मक आलोचना करना ठीक है, लेकिन किसी के बारे में अपमानजनक बातें करना कभी सही नहीं होता। मुझे अरशद वारसी से ऐसी गैर-पेशेवर टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। प्रभास का कद इतना बड़ा है कि छोटे सोच वाले लोगों की टिप्पणियों से उस पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
सलमान खान के साथ फिल्म मैंने प्यार किया में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस भाग्यश्री हाल ही में एक वीडियो की वजह से ट्रोलर्स के निशाने पर आ गईं। दरअसल, भाग्यश्री ने बनारस में एक लस्सी शॉप से लस्सी ली, उसे प्रमोट किया और कुछ देर बाद ही उन्होंने ये कहते हुए पूरी लस्सी छोड़ दी कि इसमें शुगर और फैट बहुत ज्यादा है। वीडियो वायरल होने के बाद भाग्यश्री के इस दोहरे रवैये पर सवाल उठाते हुए लोगों ने उनकी जमकर आलोचना की। मजाक उड़ने पर भाग्यश्री ने एक वीडियो जारी कर ट्रोलर्स को फटकार लगाई है। पहले देखिए भाग्यश्री का पुराना वायरल वीडियो- भाग्यश्री ने ट्रोल होने पर दी सफाई भाग्यश्री ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम से एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वो लस्सी टेस्ट करती दिखीं। इसके साथ उन्होंने सफाई में लिखा है, ‘मैं सुबह 3 बजे से ही जाग रही थी। मंगला आरती में शामिल होने के बाद भीषण गर्मी में गंगा घाटों पर पैदल चली। ऐसे में यह लस्सी मेरे लिए किसी एनर्जी बूस्टर से कम नहीं थी। ऊपर डाले गए ड्राई फ्रूट्स ने इसके स्वाद में करारापन जोड़ दिया, जिसका मैंने खूब आनंद लिया।’ आगे उन्होंने लिखा, 'बेहतरीन स्वाद के साथ-साथ इसमें उसे बनाने वालों का अपनापन और प्यार भी घुला हुआ था। इस वीडियो की एक क्लिप सोशल मीडिया पर यह कहकर वायरल की जा रही है कि यह फर्जी प्रमोशन था। क्या आप वहां मौजूद थे? क्या उस तथाकथित 'फेक' क्लिप के दौरान किसी ने यह सुना या रिकॉर्ड किया कि मैंने कहा हो, यह बहुत मीठी है, मैं इसे नहीं पीऊंगी?' आखिर में भाग्यश्री ने लिखा, ‘क्या आपकी मां ने कभी गर्मी में आपको लस्सी नहीं पिलाई? फर्जी तो आधा वीडियो और अधूरी जानकारी के साथ उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करना होता है। स्थानीय खाने या स्थानीय दुकानदारों को बढ़ावा देकर कोई पैसे नहीं कमाता। इससे सिर्फ इतना फायदा होता है कि स्थानीय भोजन और छोटे विक्रेताओं को समर्थन मिलता है। दुख की बात है कि कुछ लोगों के पास इतनी फुर्सत है कि वे इतनी साधारण और अच्छी बात में भी नकारात्मकता ढूंढ़ लेते हैं। काशी पवित्रता की नगरी है। आपकी बेबुनियाद बातें उसके सामने बेहद महत्वहीन हैं।’ इसके अलावा भी भाग्यश्री ने एक स्टोरी पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने लिखा, काशी पवित्रता की नगरी है। फिर भी आधी-अधूरी जानकारी और अधूरे वीडियो के आधार पर मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। क्या आपकी मां ने कभी गर्मी में आपको लस्सी नहीं पिलाई? लस्सी पीने में आखिर गलत क्या है? भाग्यश्री के बारे में-
बोनी कपूर की बेटी और अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर ने 6 जुलाई को बॉयफ्रेंड रोहन ठक्कर से शादी की है। ट्रेडिशनल रीति-रिवाजों से हुई शादी के बाद कपल ने मंगलवार को रिसेप्शन दिया, जिसमें दोनों परिवारों के साथ-साथ बॉलीवुड की तमाम बड़ी हस्तियां शामिल हुई हैं। देखिए रिसेप्शन की चुनिंदा तस्वीरें- रिसेप्शन के आउटफिट की तस्वीरें शेयर कर अंशुला ने लिखा है, ‘हमारी कॉकटेल पार्टी के लिए मुझे शुरू से ही पता था कि मैं लाल रंग पहनना चाहती हूं। एक शादीशुदा महिला के तौर पर यह मेरी पहली शाम थी, जब मैं अपनी जिंदगी के इस नए अध्याय का जश्न मना रही थी। ऐसे में सिंदूरी लाल ही मुझे सबसे सही रंग लगा। जब मैंने और अमित (अग्रवाल) ने इस आउटफिट पर बात करनी शुरू की, तो एक ही ख्याल बार-बार मन में आया, मैं चाहती थी कि यह मेरी पहचान और व्यक्तित्व का एक रूपक बने।’ ‘अमित अग्रवाल ने एक बनारसी ब्रोकेड साड़ी से शुरुआत की और उसे नए अंदाज में गढ़ते हुए एक स्कल्प्चरल कॉर्सेटेड सिल्हूट में बदल दिया। उन्होंने साड़ी की पारंपरिक ड्रेपिंग की खूबसूरती को बरकरार रखा, लेकिन उसके पल्लू को मॉडर्न कॉउचर स्टेटमेंट का रूप दे दिया। यह डिजाइन परंपरा का सम्मान करता है, लेकिन उससे बंधा हुआ महसूस नहीं होता। मुझे लगता है कि मेरी पूरी शादी भी बिल्कुल ऐसी ही रही है, अपनी जड़ों और परंपराओं को संजोए रखते हुए, पूरे दिल से आने वाले नए सफर को अपनाना।’ रिसेप्शन में लड़खड़ाए बॉबी देओल अंशुला-रोहन के रिसेप्शन में मेहमानों के लिए एक फोटोबूथ तैयार किया गया था। तस्वीरें क्लिक करवाने आते हुे बॉबी देओल ऊंचाई समझ नहीं पाए और लड़खड़ा गए। इसके बाद वो बैलेंस संभालकर मुस्कुराते दिखे हैं। देखिए रिसेप्शन की तस्वीरें- 6 जुलाई को हुई शादी, देखिए शादी की इनसाइड तस्वीरें- शादी की तस्वीरों के साथ अंशुला ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, 06.07.2026। इतने सारे लोगों में, इतनी सारी जगहों में और इतने सही-गलत वक्तों के बीच, वो तुम थे। और जिंदगी के हर मोड़, हर उतार-चढ़ाव और हर अनपेक्षित सफर के बाद भी। आज भी तुम ही हो। मेरी सबसे पसंदीदा बातचीत। मेरी सबसे सुकूनभरी जगह। मेरी सबसे आसान और सबसे खूबसूरत पसंद। हमेशा तुम ही रोहन ठक्कर। अर्जुन कपूर ने भी शादी के बाद सोशल मीडिया से अंशुला के लिए भावुक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने लिखा, मेरी अंश के नाम, तुम हमेशा मेरी रहोगी, लेकिन अब वक्त आ गया है कि मैं तुम्हें नई राह पर जाने दूं। आज तुम रोहन के साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रही हो। तुम्हें मुस्कुराते हुए देखकर मेरा दिल, मेरा मन और मेरी आत्मा बेहद खुश हैं। मैंने तुम्हें बचपन से बड़ा होते देखा है और आज तुम एक ऐसी शानदार महिला बन गई हो, जो हर कदम पर हमारी मां की छवि को अपने भीतर समेटे हुए है। आगे उन्होंने लिखा, कभी चिंता मत करना, क्योंकि मां हमेशा तुम्हें देख रही हैं और हर पल तुम्हें अपना आशीर्वाद दे रही हैं। मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं, हमेशा तुम्हारा साथ दूँगा और हमेशा यह सुनिश्चित करूंगा कि तुम्हारे चेहरे की मुस्कान कभी फीकी न पड़े। बहुत सारा प्यार, तुम्हारा अर्जुन भैया।

