‘सबकी मजबूरियां होती होंगी’:सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर सोनम वांगचुक ने रिएक्शन दिया
सोनम वांगचुक ने सलमान खान के ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ कमेंट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सलमान की अपनी मजबूरियां रही होंगी और वे इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहते। सोनम वांगचुक ने यह बात प्रखर गुप्ता से बातचीत में कही। सलमान ने पहले छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल के आखिरी दौर में थे। इसी दौरान सलमान खान ने सोशल मीडिया पर एक छात्र के रूप में अपनी पुरानी तस्वीर शेयर की और छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया। हालांकि, 24 घंटे के अंदर सलमान ने एक और पोस्ट कर वांगचुक से तुरंत भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा, “सोनम, इट्स डन, ब्रो।” सलमान की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए वांगचुक ने कहा, “सबकी मजबूरियां होती होंगी। मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता।” उन्होंने आगे कहा, “आपको हर दिशा में देखना होता है। उन्होंने कुछ कहा, यही बात सम्मान के लायक है। उनकी मजबूरियों पर मैं कुछ नहीं कह सकता।” सलमान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था 22 जुलाई को सलमान खान ने छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन किया था। उन्होंने X पर लिखा था, “यह इतना शांतिपूर्ण आंदोलन था, इसलिए दुख होता है कि इसे हिंसक रूप लेना पड़ा। जिन छात्रों और उनके परिवारों को चोट लगी, उनके लिए मुझे बहुत दुख है। पेपर लीक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी हुई कि हमारे देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट हुए और उनके माता-पिता ने उनका साथ दिया।” सलमान ने आगे लिखा, “मैं उनके रुख की सराहना करता हूं। उन्होंने पढ़ाई के लिए समर्पण, ईमानदारी और मेहनत करने की इच्छा दिखाई है, ताकि वे अपना भविष्य और एक बेहतर, शिक्षित भारत बना सकें। यह आंदोलन और प्रदर्शन सही तरीके से किया गया है और छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण रखा। यह पीढ़ी भारत को गर्व महसूस कराएगी। यह मामला छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच है। इसे राजनीतिक रूप से अपने कब्जे में नहीं लिया जाना चाहिए। इसका श्रेय केवल देश के छात्रों को मिलना चाहिए।” उन्होंने यह भी लिखा था, “मुझे यकीन है कि सरकार भी उन्हें पूरा समर्थन देगी और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। सकारात्मक निर्णय की उम्मीद और प्रार्थना है। उन सभी को भगवान आशीर्वाद दे, जो शिक्षित होना चाहते हैं।” एक्टर ने कहा, “शिक्षा अगला ट्रेंड और फैशन होना चाहिए। हर साल इसे और ट्रेंडी और फैशनेबल बनना चाहिए, ताकि विदेशों से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत शिक्षा का केंद्र बन जाए।” एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शन खत्म करने को कहा छात्र प्रदर्शन का समर्थन करने के एक दिन बाद सलमान ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। सलमान ने X पर लिखा था, “छात्र शिक्षा और सुरक्षा, दोनों मामलों में सबसे ऊपर हैं। इसलिए उन्हें अपने माता-पिता को परेशान करने की जरूरत नहीं है। माननीय प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है और मुझे यकीन है कि वे पेपर लीक के जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।” उन्होंने छात्रों से कहा था, “इसलिए छात्रों, कृपया अपने माता-पिता और घर वापस चले जाएं।” सलमान ने सोनम वांगचुक से भी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने लिखा था, “सोनम, इट्स डन, ब्रो। इसे आगे मत बढ़ाओ। अगर किसी और दिन जरूरत पड़ी, तो उसके लिए यह भावना बचाकर रखो, हालांकि मुझे इसकी संभावना नहीं लगती। कुछ खा लो। अगर तुम चाहो तो मैं घर से तुम्हारे लिए खाना भेज दूंगा।” ‘सोनम, इट्स डन ब्रो’ पर बने मीम सलमान की यह पोस्ट सामने आते ही “सोनम, इट्स डन ब्रो” लाइन वायरल हो गई। लोगों ने इस पर कई मीम बनाए। कुछ मीम टी-शर्ट पर भी छापे गए।
यश स्टारर फिल्म ‘टॉक्सिक’ की बॉक्स ऑफिस कमाई में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। फिल्म ने पहले दिन करीब ₹101.10 करोड़ की ओपनिंग की थी, लेकिन इसके बाद कलेक्शन तेजी से नीचे आया। दूसरे दिन फिल्म ने ₹37.65 करोड़, तीसरे दिन ₹27.20 करोड़ और चौथे दिन करीब ₹24.50 करोड़ का इंडिया नेट कलेक्शन किया। यानी चौथे दिन भी फिल्म की कमाई पहले दिन के मुकाबले काफी कम रही। बता दें कि चौथे दिन ‘टॉक्सिक’ की कमाई पहले दिन के मुकाबले करीब 75.8% गिर गई। चार दिनों में फिल्म का कुल इंडिया नेट कलेक्शन करीब ₹190.45 करोड़ पहुंच गया है। हिंदी और साउथ दोनों मार्केट में कमाई गिरी बता दें कि फिल्म की कमाई गिरने की बड़ी वजह के तौर पर कई दर्शकों ने फिल्म की कहानी को कमजोर बताया है। फिल्म की लंबाई भी चर्चा में है। ‘टॉक्सिक’ करीब 3 घंटे 14 मिनट लंबी है। इतनी लंबी फिल्म में कहानी दर्शकों को बांधे रखना जरूरी होता है। लेकिन कई दर्शकों को फिल्म कुछ हिस्सों में धीमी लगी। मुख्य रूप से यश साउथ के सुपरस्टार हैं। हालांकि उनकी फिल्म की साउथ के राज्यों (जैसे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरलम) में बहुत गिरावट देखी गई है। हिंदी में फिल्म ने पहले दिन ₹55 करोड़ कमाए थे। दूसरे दिन यह कमाई घटकर ₹24.25 करोड़ रह गई। तीसरे दिन हिंदी में ₹19.75 करोड़ और चौथे दिन सिर्फ ₹15.50 करोड़ का कलेक्शन हुआ। कन्नड़ में पहले दिन फिल्म ने ₹23.30 करोड़ कमाए थे। दूसरे दिन यह घटकर ₹8.50 करोड़ और तीसरे दिन ₹5 करोड़ रह गया। चौथे दिन कन्नड़ में ₹6.60 करोड़ की कमाई हुई। तेलुगु में पहले दिन ₹16 करोड़ के मुकाबले दूसरे दिन सिर्फ ₹3 करोड़ आए। तीसरे और चौथे दिन कलेक्शन ₹1.50 करोड़ रहा। तमिल में भी पहले दिन के ₹5.50 करोड़ के मुकाबले चौथे दिन कमाई सिर्फ ₹75 लाख रही। मलयालम में पहले दिन ₹1.30 करोड़ के बाद चौथे दिन सिर्फ ₹15 लाख मिले। वहीं ‘टॉक्सिक’ की लगातार गिरती कमाई के बीच फिल्म क्रिटिक कमाल राशिद खान (KRK) ने फिल्म को लेकर लिखा, फिल्म के OTT राइट्स रिलीज से पहले नहीं बिके थे। अब कोई भी OTT प्लेटफॉर्म इसके राइट्स के लिए ₹25 करोड़ से ज्यादा देने को तैयार नहीं होगा। यानी फिल्म से कुल रिकवरी करीब ₹150 करोड़ ही हो सकती है। ऐसे में प्रोड्यूसर्स को ₹500 करोड़ से ज्यादा का नुकसान होने की आशंका है। हालांकि, KRK के इस दावे की दैनिक भास्कर पुष्टि नहीं करता। ………………….. फिल्म टॉक्सिक से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- मूवी रीव्यू- ‘टॉक्सिक’:यश की फिल्म में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज, लेकिन कहानी उलझी; तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज है, लेकिन कहानी इतनी उलझी है कि तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है। ड्यूरेशन: 3 घंटे 14 मिनट 12 सेकंड दैनिक भास्कर रेटिंग: 1.5/5 यश की ‘टॉक्सिक’ एक बड़े स्केल की गैंगस्टर फिल्म है, जिसमें ड्रग्स, परिवार, बदला, धोखा और खूब सारा एक्शन है। फिल्म का लुक शानदार है, यश का जलवा बरकरार है, लेकिन कहानी के मामले में फिल्म आपको पकड़ने के बजाय बार-बार उलझाती है। पूरा रिव्यू पढ़िए……………………………………………….फिल्म 'टॉक्सिक' के इवेंट में बड़ा हादसा:भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल, मंच पर मौजूद थे यश; आयोजकों पर FIR यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में हैदराबाद की मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी में हादसा हो गया। भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल हो गए, जबकि एक लड़की बेहोश हो गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हादसे के समय यश मंच पर मौजूद थे। पुलिस ने आयोजकों पर FIR दर्ज की है। घटना के दौरान कुछ लोग साउंड बॉक्स को सहारा देने वाले पोल पर चढ़ गए थे। इसी दौरान भारी सेटअप अचानक नीचे गिर गया और अफरा-तफरी मच गई। पूरी खबर पढ़िए…
फिल्ममेकर सुभाष घई ने हाल ही में बताया कि सलमान खान के साथ हुए उनके झगड़े के बाद सलीम खान ने सलमान को उनसे माफी मांगने के लिए भेजा था। यह घटना फिल्म ‘युवराज’ में दोनों के साथ काम करने से पहले हुई थी। घई के मुताबिक, एक पार्टी में सलमान ने कथित तौर पर उन्हें गालियां दी थीं और दोनों के बीच हाथापाई भी हुई थी। टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में सुभाष घई ने बताया, “युवराज के लिए सलमान खान के भाई ने मुझसे संपर्क किया और कहा, ‘आप सलमान के साथ फिल्म क्यों नहीं बनाते?’ मैंने कहा, ‘क्या सलमान इसके लिए तैयार हैं? क्योंकि मैंने उनके साथ कभी काम नहीं किया।’ उन्होंने कहा, ‘वह तैयार हैं।’” इसके बाद घई ने फिल्म की कहानी लिखी। उन्होंने कहा, “मेरी चुनौती यह थी कि मुझे एक ऐसे किरदार में एक्टर को लेना था, जिसे उसने पहले कभी नहीं निभाया हो।” बता दें कि फिल्म ‘युवराज’ में सलमान खान के साथ अनिल कपूर और कैटरीना कैफ भी थीं। इसके बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सक्सेस नहीं हो पाई। घई बोले- स्टार इमेज किरदार पर भारी पड़ सकती हैफिल्म के कामयाब नहीं होने पर घई ने कहा, “कई बार ये किरदार इसलिए काम नहीं करते, क्योंकि स्टार किरदार पर हावी हो जाता है। वह किरदार निभाने के बजाय खुद को ही निभाता है।” घई ने आगे कहा, “एक समय के बाद स्टार खुद का ही कैरिकेचर बन जाते हैं। आप कितनी बार खुद को दोहरा सकते हैं? बच्चन साहब यानी अमिताभ बच्चन को सलाम है कि उन्होंने इतने सारे किरदार निभाए हैं।” पार्टी में सलमान से हुआ था झगड़ा घई ने झगड़े वाली घटना को याद करते हुए कहा, “फिल्म से पहले हमारा झगड़ा हुआ था। हाथापाई हुई थी। इसके बाद उनके (सलमान) पिता ने उन्हें डांटा था।” उन्होंने बताया, “हम एक पार्टी में थे। सलमान नशे में थे। वह कुछ गलत बात कह रहे थे, तो मैंने उनसे कहा, ‘ऐसा मत कहो।’ उन्हें मुझसे किसी बात की नाराजगी थी।” घई ने कहा, “उन्होंने मुझसे पूछा, ‘तुमने यह या वह क्यों किया?’ मैंने कहा कि डायरेक्टर के तौर पर यह मेरा फैसला है। वह मुझे गालियां देने लगे। मैंने उनसे ऐसा नहीं करने को कहा। इसके बाद वहां हमारा झगड़ा हो गया।” सलीम खान ने सलमान को माफी मांगने भेजा घई के मुताबिक, इस बहस के बाद सलीम खान ने मामले को सुलझाया। उन्होंने कहा, “अगली सुबह सलीम साहब ने मुझे फोन किया और बताया कि सलमान ने अपनी मां को ये सारी बातें बता दी थीं।” घई ने कहा, “उन्होंने बताया कि मैंने (सलीम) उसे डांटा है। इसके बाद उन्होंने सलमान को मेरे घर माफी मांगने के लिए भेजा। सलमान आए और उन्होंने शालीनता से माफी मांगी।” उन्होंने आगे कहा, “इसके बाद मैं उन्हें पसंद करने लगा, क्योंकि वह अपने पिता की बहुत इज्जत करते थे। मैंने उस बात को वहीं खत्म कर दिया। हम अक्सर एक-दूसरे के घर जाते थे। इसके बाद हमने साथ में एक फिल्म की।” ............ सुभाष घई से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें 83 साल के हुए डायरेक्टर सुभाष घई: जन्मदिन के मौके पर बताया क्यों नानाजी ने सुभाष चंद्र बोस के नाम पर उनका नाम रखा था? डायरेक्टर सुभाष घई ने अपने 83वें जन्मदिन के मौके पर दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत की थी। इसमें उन्होंने बताया था कि 83 साल की उम्र में अब वे अपनी सेहत, आध्यात्मिकता, आचरण, परिवार, समाज और देशहित के लिए जितना संभव हो सके, उतना काम करेंगे। साथ ही बताया था कि क्यों उनके नानाजी ने सुभाष चंद्र बोस के नाम पर उनका नाम रखा था? पूरी खबर यहां पढ़ें..
गुरुग्राम से सटे द्वारका एक्सप्रेसवे के पास स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित लाइव कॉन्सर्ट में हंगामा हो गया। मंच पर परफॉर्म करने आए हरियाणवी सिंगर ढांडा न्योलीवाला और एक रैपर गैली-गलौज करते नजर आए। म्यूजिक फेस्ट में मशहूर रैपर और सिंगर चारदीवारी (गर्व तनेजा) परफॉर्म करने पहुंचे तो भीड़ ने ढांडा के नाम लेकर हूटिंग से शुरू कर दी। इस पर फैंस का दूसरा गुट चारदीवारी-चारदीवारी के नाम से हूटिंग करने लगे। हूटिंग से नाराज ‘चारदीवारी’ ढांडा न्योलीवाला के लिए हूटिंग करने वालों को ही गालियां देने लगे और कहा कि मैं तो पूरा गाना गाकर ही जाऊंगा, जो करना कर लो। इसके थोड़ी देर बाद जब न्योलीवाला परफॉर्म करने पहुंचे तो उन्होंने भी इशारो-इशारों में चारदीवारी को गाली दी और कहा कि मेरे चाहने वाले हैं तो हम हैं। ज्यादा न बोलना। जानिए पूरा मामला… परफॉर्मेंस के दौरान गाली-गलौज, दर्शकों ने शुरू की हूटिंग शनिवार रात शो के प्री-हेडलाइनर कलाकार चारदीवारी अपनी परफॉर्मेंस कर रहे थे। गाने के दौरान उन्होंने मंच से कुछ आपत्तिजनक और गाली-गलौज वाले शब्दों का इस्तेमाल किया। इसे लेकर दर्शकों के एक वर्ग ने नाराजगी जताई और नीचे से हूटिंग शुरू कर दी। कुछ लोगों ने चारदीवारी के खिलाफ अपशब्द भी कहे, जिसके बाद चारदीवारी और दर्शकों के बीच बहस छिड़ गई। म्यूजिक रुकवाकर दिया जवाब, दर्शक दो गुटों में बंटे सामने से लगातार प्रतिक्रिया मिलने पर चारदीवारी ने म्यूजिक रुकवाया और स्टेज से ही विरोध कर रहे दर्शकों को कड़ा जवाब दिया। इसके बाद ऑडिटोरियम में मौजूद लोग दो पक्षों में बंट गए। कुछ दर्शक कलाकार के समर्थन में नजर आए तो कुछ उनके मंच पर इस्तेमाल किए गए शब्दों का विरोध करते रहे। चारदीवारी के बाद स्टेज पर आए ढांडा न्योलीवाला चारदीवारी की परफॉर्मेंस खत्म होने के बाद मुख्य कलाकार ढांडा न्योलीवाला मंच पर पहुंचे। माइक संभालते ही उन्होंने पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया दी। न्योलीवाला ने गाली देते हुए कहा कि कलाकारों को मंच पर अपनी जिम्मेदारी और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। मेरे फैंस हैं तो मैं हूं। सोशल मीडिया पर फैंस आमने-सामने कॉन्सर्ट खत्म होने के बाद घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगे। चारदीवारी और ढांडा न्योलीवाला के समर्थक अलग-अलग पक्ष लेते नजर आए। हिप-हॉप कम्युनिटी में बहस छिड़ गई कि विवाद की शुरुआत किससे हुई और मामले में कलाकार, दर्शक या बाद में प्रतिक्रिया देने वाले मुख्य कलाकार की भूमिका क्या रही।
नेगेटिव रिव्यू से भी नहीं बिगड़ा Toxic का खेल, यश की फिल्म ने दुनियाभर में कर डाली बंपर कमाई
साउथ सुपरस्टार यश की लेटेस्ट फिल्म टॉक्सिक वर्ल्डवाइड कमाई के मामले में शानदार प्रदर्शन करती दिख रही है।
‘मिर्जापुर’ में डिंपी पंडित का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वालीं हर्षिता गौर अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में नजर आएंगी। दिलचस्प बात यह है कि जिस सीरीज ने उन्हें पहचान दी, उसे उन्होंने शुरुआत में करने से मना कर दिया था। उस वक्त ओटीटी का दौर नया था और हर्षिता टीवी पर मुख्य किरदार निभा चुकी थीं। उन्हें लगा था कि किसी की बहन का किरदार क्यों निभाएं। एक्सेल के ऑफिस पहुंचते वक्त उन्हें उम्मीद थी कि शायद फरहान अख्तर या रितेश सिधवानी की नजर उन पर पड़ जाए और उन्हें किसी फिल्म में हीरोइन बनने का मौका मिल जाए। लेकिन डिंपी के एक सीन ने उनकी सोच बदल दी। आज वे मानती हैं कि अगर उस वक्त ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी गलती होती। करीब 8 साल बाद उसी दुनिया की फिल्म में लौटना उनके लिए घर वापसी जैसा है। सवाल: जिस ‘मिर्जापुर’ ने आपको इतनी बड़ी पहचान दी, आपने शुरुआत में इस सीरीज के लिए मना कर दिया था, ऐसा क्यों? जवाब: हां, बिल्कुल। मैंने शुरुआत में ‘मिर्जापुर’ के लिए मना कर दिया था। उस समय ओटीटी का कॉन्सेप्ट हमारे लिए इतना साफ नहीं था। मैं ‘साड्डा हक’ में मुख्य किरदार कर चुकी थी, इसलिए मुझे लगा कि अब किसी की बहन का किरदार क्यों निभाऊं। मुझे फिल्मों की तरफ जाना है। सवाल: फिर आप ‘मिर्जापुर’ के लिए कैसे तैयार हुईं? जवाब: दोबारा जब टीम ने मुझे बुलाया तो मैंने स्क्रिप्ट और किरदार को थोड़ा समझा। मुझे एक सीन सुनाया गया, जिसमें मुन्ना मुझे उठाकर ले जाता है और बाद में डिंपी गन उठाकर कहती है कि गाड़ी रोक, वरना ठोक देंगे। वह सीन सुनकर मुझे लगा कि यह सिर्फ किसी की बहन का किरदार नहीं है। इसमें अपनी एक कहानी और ताकत है। तब मुझे लगा कि इसे करना चाहिए। हालांकि, एक्सेल के ऑफिस जाते समय मेरे मन में एक अलग उम्मीद थी। सवाल: आपने बताया कि एक्सेल के ऑफिस जाते समय आपके मन में एक अलग उम्मीद थी। वह क्या थी? जवाब: जब मुझे एक्सेल के ऑफिस बुलाया गया तो मैं इस सोच के साथ गई थी कि शायद वहां रितेश सिधवानी या फरहान अख्तर मिल जाएं और उनकी नजर मुझ पर पड़ जाए। मन में यह भी था कि शायद वे मुझे किसी फिल्म में हीरोइन के तौर पर साइन कर लें। मैं फिल्मों में काम करना चाहती थी, इसलिए ऐसी उम्मीद थी। मैंने पहले बहुत सुना था कि फलां डायरेक्टर की नजर एक लड़की पर पड़ी और उन्होंने अपनी फिल्म में हीरोइन बना दिया। सवाल: फिर एक्सेल ऑफिस में क्या हुआ? जवाब: रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर तो नहीं मिले, लेकिन वहां की एनर्जी बहुत अच्छी लगी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह, करण अंशुमान और राइटर पुनीत कृष्णा से मिली। सबसे अच्छी बात यह थी कि उन्होंने मुझे किरदार बेचने की कोशिश नहीं की। उन्होंने यह नहीं कहा कि आपका किरदार सबसे बड़ा होगा या आपको बहुत ग्लैमरस तरीके से दिखाया जाएगा। उन्होंने जैसा किरदार था, वैसा ही बताया। मुझे यह ईमानदारी अच्छी लगी। किरदार और कहानी समझने के बाद मुझे लगा कि यह करना चाहिए। सवाल: क्या कभी सोचा कि अगर उस समय ‘मिर्जापुर’ को मना कर देतीं तो क्या होता? जवाब: पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि अगर मैंने उस समय मना कर दिया होता तो यह मेरे करियर की सबसे बड़ी बेवकूफी होती। आज ‘मिर्जापुर’ मेरे करियर का बहुत बड़ा हिस्सा है। इसी वजह से अब बड़े परदे पर आने का मौका मिला है। सवाल: ‘मिर्जापुर’ ने आपको एक्टिंग को लेकर क्या सिखाया? जवाब: ‘मिर्जापुर’ ने मुझे समझाया कि सिर्फ हीरो या हीरोइन होना जरूरी नहीं, किरदार भी बहुत मायने रखता है। ओटीटी ने हमें समझाया कि कहानी में हर किरदार की अपनी जगह हो सकती है। ‘मिर्जापुर’ में महिलाओं के किरदार भी मजबूत हैं। हर महिला अपने तरीके से कहानी में कुछ लेकर आती है। सवाल: डिंपी के किरदार में आपको सबसे ज्यादा क्या पसंद आया? जवाब: मुझे डिंपी का सफर बहुत अच्छा लगा। शुरुआत में वह शांत और मासूम लड़की है, लेकिन कहानी के साथ उसकी जिंदगी बदलती जाती है। वह बहुत कुछ खोती है और फिर उसके अंदर एक अलग तरह की ताकत आती है। मुझे लगा कि इस किरदार से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। सवाल: करीब 8 साल से ‘मिर्जापुर’ का हिस्सा हैं। इस परिवार से आपका रिश्ता कैसा है? जवाब: मैं इसे हमेशा ‘मिर्जापुर फैमिली’ कहती हूं। यह सिर्फ कहने के लिए नहीं है, सच में लगता है कि हम एक परिवार हैं। जब ‘मिर्जापुर’ के लिए शूट करते हैं तो लगता है कि घर वापस आ गए हैं। इस बार फिल्म के लिए इतने सारे लोग दोबारा इकट्ठा हुए तो बिल्कुल रीयूनियन जैसा महसूस हुआ। जैसे स्कूल या कॉलेज के दोस्त कई साल बाद मिलते हैं और वही पुरानी बॉन्डिंग वापस आ जाती है। सवाल: इतने साल बाद पुराने कलाकारों से मिलना कैसा रहा? जवाब: बहुत अच्छा लगा। साथ काम करते-करते ‘मिर्जापुर’ हमारे लिए बहुत खास बन गया है। हम सबने इसके साथ बहुत कुछ देखा है। दोबारा साथ आए तो लगा कि सभी के अंदर का बच्चा वापस आ गया था। अली, दिवेंदु, श्रिया, जीतू और बाकी सभी लोग बहुत उत्साहित थे। नए लोग भी ऐसे जुड़े कि लगा ही नहीं कि वे नए हैं। सवाल: पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिवेंदु शर्मा में इतने सालों बाद क्या बदलाव देखती हैं? जवाब: एक एक्टर अपने अनुभव के साथ बेहतर होता जाता है। इन सभी ने ‘मिर्जापुर’ के बाद बहुत बड़ा काम किया है, लेकिन निजी तौर पर मुझे उनमें कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। उनसे मिलते हैं तो वही पुरानी मासूमियत नजर आती है। मुझे सेट पर बहुत प्यार मिलता है, क्योंकि मैं सबसे छोटी हूं। सभी ने मुझे बहुत प्यार से रखा है। सवाल: पंकज त्रिपाठी के साथ आपका रिश्ता कैसा है? जवाब: मैंने उनका काम पहले देखा था और मुझे वे बहुत अच्छे एक्टर लगते थे। लेकिन मुझे नहीं पता था कि उनके अंदर एक बच्चा भी है। उनके पास बहुत सारे किस्से हैं और वे बहुत सेल्फ-अश्योर्ड इंसान हैं। आज भी जब वे मुझे देखते हैं तो कहते हैं, ‘बहुत दुबली हो गई हो, कुछ खा रही हो?’ मैं उन्हें कहती हूं कि मैं नौ साल से ऐसी ही हूं। सवाल: जीतेंद्र कुमार के ‘मिर्जापुर’ परिवार में शामिल होने पर क्या लगा? जवाब: शुरुआत में जीतू थोड़े शांत थे, लेकिन जैसे ही वे खुले तो लगा कि हम उन्हें बहुत पहले से जानते हैं। नए इंसान के साथ घुलने-मिलने में समय लगता है, लेकिन उनके साथ ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। वे आसानी से परिवार का हिस्सा बन गए। सवाल: रवि किशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: रवि जी बहुत अच्छे स्टोरीटेलर हैं। दूर से देखने पर वे शांत लगते हैं, लेकिन किस्से सुनाते हैं तो उनका सेंस ऑफ ह्यूमर बहुत अच्छा है। एक बार जैसलमेर में मैं, श्वेता और रवि जी साथ बैठे थे। बाद में डायरेक्टर और राइटर भी आ गए। रवि जी जिस उत्साह से अपने किरदार और फिल्म के बारे में बात कर रहे थे, वह बहुत अच्छा लगा। मुझे लगता है कि अच्छे एक्टर्स की खासियत होती है कि उनके अंदर का बच्चा कभी खत्म नहीं होता। रवि जी ने इतना काम किया है, इतने उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन आज भी किसी अच्छे सीन को लेकर उसी उत्साह से बात करते हैं। यही उनकी खूबसूरत क्वालिटी है। सवाल: ‘मिर्जापुर’ फिल्म बनने की खबर जब पहली बार मिली तो आपकी प्रतिक्रिया क्या थी? जवाब: उड़ती-उड़ती खबर हम सब सुन रहे थे कि मेकर्स कुछ ऐसा सोच रहे हैं। लेकिन तब सवाल था कि फिल्म बनाएंगे तो क्या बनाएंगे? कहानी क्या होगी? फिर जब पता चला कि फिल्म सीजन 1 की दुनिया में वापस जा रही है तो थोड़ा अजीब लगा, क्योंकि हम किरदारों की जिंदगी में सीजन 3 तक आगे बढ़ चुके थे। लेकिन जब स्क्रिप्ट सुनी और शूट किया तो लगा कि इसे बहुत अच्छे तरीके से नए अंदाज में बनाया गया है। सवाल: सीजन 1 की दुनिया में वापस जाना आपके लिए कितना मुश्किल था? जवाब: बहुत मुश्किल था। हम सभी अपने किरदारों की जिंदगी में काफी आगे बढ़ चुके थे। लेकिन फिल्म में फिर उसी दौर में जाना था। एक तरफ वही दुनिया, वही किरदार और वही रिश्ते दिखाने थे, दूसरी तरफ इसे बड़े पर्दे के हिसाब से नया भी बनाना था। यह बहुत मुश्किल काम था, लेकिन टीम ने इसे बहुत फ्रेश तरीके से पेश किया है। सवाल: क्या ‘मिर्जापुर: द मूवी’ देखने के लिए दर्शकों को पहले सीरीज देखनी जरूरी है? जवाब: बिल्कुल नहीं। अगर आपने ‘मिर्जापुर’ देखा है तो किरदारों के साथ पहले से जुड़ाव है, इसलिए फिल्म का मजा और बढ़ जाएगा। लेकिन अगर आपने सीरीज नहीं देखी है तो भी फिल्म समझने में परेशानी नहीं होगी। फिल्म इस तरह बनाई गई है कि पहले तीन सीजन देखने की जरूरत नहीं है। आप इसे क्लीन स्लेट और क्लीन माइंड के साथ देख सकते हैं। सवाल: बड़े पर्दे पर ‘मिर्जापुर’ देखने का अनुभव कैसा होगा? जवाब: जब मैंने पहली बार फिल्म का ट्रेलर थिएटर की बड़ी स्क्रीन पर देखा तो मुझे लगा कि क्या मैं सच में इस चीज का हिस्सा हूं? बड़े पर्दे पर हर चीज 10 गुना बड़ी हो जाती है। ‘मिर्जापुर’ में इमोशन, हिंसा, ड्रामा और रिश्ते पहले से बहुत मजबूत हैं। बड़े पर्दे पर इन सबका असर और ज्यादा होगा। ट्रेलर देखने के बाद मुझे खुद लगा कि यह फिल्म देखनी है। सवाल: फिल्म की शूटिंग के दौरान पुरानी ‘मिर्जापुर’ फैमिली के साथ काम करने में क्या खास रहा? जवाब: ऐसा लग रहा था जैसे हम घर वापस आ गए हैं। हम सबने साथ में एक बहुत बड़ी चीज बनाई थी, जो लोगों के दिलों तक पहुंची। इसलिए दोबारा साथ आए तो सभी के अंदर वही पुराना उत्साह था। कई नए लोग भी जुड़े, लेकिन उनकी फ्रीक्वेंसी इतनी अच्छी तरह मैच हुई कि लगा ही नहीं कि कोई नया है। सवाल: क्या फिल्म में ‘मिर्जापुर’ के पुराने किरदारों को नए अंदाज में देखना दिलचस्प होगा? जवाब: बिल्कुल। यही इस फिल्म की खासियत है। किरदार वही हैं, लेकिन उन्हें नए तरीके से पेश किया गया है। कहानी को बड़े पर्दे के हिसाब से नए अंदाज में बनाया गया है। अगर आपने सीरीज देखी है तो कई चीजों में पुरानी यादें मिलेंगी, लेकिन फिल्म आपको कुछ नया भी देगी। सवाल: क्या आपको लगता है कि ‘मिर्जापुर’ फिल्म के बाद इसका दूसरा पार्ट भी आ सकता है? जवाब: अभी इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकती। आगे क्या होगा, यह दर्शकों के प्यार और फिल्म की सफलता पर निर्भर करेगा। सवाल: दर्शकों से ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को लेकर क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैं चाहती हूं कि सभी लोग फिल्म देखने जाएं। आपने हमें करीब 8 साल तक इतना प्यार दिया है और उसी प्यार की वजह से यह सीरीज अब बड़े पर्दे तक पहुंची है। जिन लोगों ने ‘मिर्जापुर’ देखा है, वे जरूर फिल्म देखने जाएं। लेकिन जिन्होंने सीरीज नहीं देखी है, वे भी बिना किसी चिंता के फिल्म देख सकते हैं। अगर ट्रेलर आपको अच्छा लगा है तो यह मत सोचिए कि पहले सीरीज देखनी जरूरी है। आप नए दर्शक की तरह फिल्म देखने जा सकते हैं।
कॉमेडियन समय रैना एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनके शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के नए एपिसोड में बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों के वीडियो वायरल होने के बाद विरोध शुरू हो गया है। बीजेपी विधायक राम कदम ने रैना पर विवादित बयान देकर मुफ्त में पब्लिसिटी हासिल करने का आरोप लगाया है। 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के नए एपिसोड से शुरू हुआ विवाद समय रैना ने शुक्रवार को 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के सीजन-2 का नया एपिसोड रिलीज किया था। इसके कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इनमें रैना और स्टैंडअप कॉमेडियन शेरॉन वर्मा के बीच उनके मूल स्थानों को लेकर बातचीत भी शामिल थी। शेरॉन वर्मा बिहार से हैं, जबकि समय रैना कश्मीरी पंडित परिवार से आते हैं। इसी बातचीत से विवाद शुरू हुआ। बिहार और कश्मीरी पंडितों को लेकर टिप्पणियों पर आपत्ति वायरल क्लिप के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने रैना की टिप्पणियों को आपत्तिजनक बताया। खासकर कश्मीरी पंडित समुदाय के कुछ लोगों ने कहा कि किसी समुदाय या क्षेत्र को कॉमेडी का विषय बनाकर उसका मजाक नहीं उड़ाया जाना चाहिए। विवाद ने स्टैंडअप कॉमेडी में मजाक और सामाजिक संवेदनशीलता की सीमा को लेकर बहस छेड़ दी है। राम कदम बोले- विवाद से पब्लिसिटी हासिल करना मकसद बीजेपी विधायक राम कदम ने समय रैना की कथित टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग जानबूझकर विवादित बयान देते हैं ताकि उन्हें चर्चा और प्रसिद्धि मिल सके। राम कदम के मुताबिक, सनातन हिंदू धर्म और कश्मीरी पंडितों को मजाक या उपहास का विषय नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति जानबूझकर आपत्तिजनक बात कहकर बाद में माफी मांग ले, तो इससे उसकी जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। उनके अनुसार, तब तक विवादित बयान के जरिए संबंधित व्यक्ति को देशभर में पब्लिसिटी मिल चुकी होती है। शो में अर्चना पूरन सिंह ने भी दिया करारा जवाब इसी एपिसोड में समय रैना ने अभिनेत्री और टीवी पर्सनैलिटी अर्चना पूरन सिंह पर भी मजाक किया। एक कंटेस्टेंट ने बताया कि वह शायरी के अलावा डांस, व्लॉगिंग और रैपिंग भी करता है। व्लॉगिंग का जिक्र आते ही रैना ने अर्चना पूरन सिंह के फैमिली व्लॉग्स पर तंज कसते हुए कहा कि व्लॉगिंग के लिए टैलेंट की जरूरत नहीं होती। इस पर अर्चना ने तुरंत पलटकर जवाब दिया- 'गालियां देना टैलेंट है।' उनके जवाब पर शो में मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाईं। पहले भी विवादों में रह चुका है शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' और समय रैना इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं। शो की भाषा और कंटेंट को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक कार्यक्रम में समय रैना को सम्मानित किए जाने के बाद भी उनकी आलोचना हुई थी। कॉमेडियन सुनील पाल ने भी इस सम्मान पर सवाल उठाया था। ताजा विवाद के बाद सोशल मीडिया पर फिर बहस तेज हो गई है कि कॉमेडी के नाम पर किसी क्षेत्र, समुदाय या धार्मिक समूह को लेकर की गई टिप्पणी की क्या सीमा होनी चाहिए। _______________________________ यह खबर भी पढ़ें.. समय रैना समेत 5 कॉमेडियन के खिलाफ केस रद्द:दिव्यांगों पर कमेंट पर FIR हुई थी, अब सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग टूर्नामेंट कराने की तारीफ की दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट के केस में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन समय रैना समेत पांच के खिलाफ दर्ज केस शुक्रवार को रद्द कर दिए। इन पर इंजियाज गॉट लेटेंट शो में दिव्यांगों के खिलाफ कमेंट और उनका मजाक उड़ाने FIR दर्ज की गई थी।पूरी खबर पढ़ें..
रक्षाबंधन पर सलमान खान और उनकी बहन अर्पिता खान शर्मा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें अर्पिता सलमान की आरती उतारकर उनकी कलाई पर राखी बांधती नजर आ रही हैं। पीछे दीवार पर जीसस क्राइस्ट और लियोनार्डो दा विंची की मशहूर पेंटिंग ‘द लास्ट सपर’ का म्यूरल दिख रहा है। इस दृश्य को सोशल मीडिया यूजर्स भारत की विविधता, सह-अस्तित्व और धार्मिक सौहार्द से जोड़ रहे हैं। अर्पिता ने की सलमान की आरती, बांधी राखी क्षाबंधन का यह सेलिब्रेशन सलमान की बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री के घर हुआ। अर्पिता खान शर्मा ने सोशल मीडिया पर इसकी झलक शेयर की। वीडियो में वह सफेद प्रिंटेड कुर्ते और दुपट्टे में, जबकि सलमान टी-शर्ट, जींस और ब्लैक काउबॉय स्टाइल हैट में नजर आ रहे हैं। अर्पिता पहले सलमान की आरती उतारती हैं, फिर उनकी कलाई पर राखी बांधती हैं। पीछे दिखा जीसस और ‘द लास्ट सपर’ का म्यूरल राखी बांधने के दौरान पीछे दीवार पर जीसस क्राइस्ट की तस्वीर और लियोनार्डो दा विंची की मशहूर पेंटिंग ‘द लास्ट सपर’ दिखाई देती है। यही दृश्य सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा का कारण बना। कई लोगों ने इसे भारत में अलग-अलग धर्मों के साथ रहने और एक-दूसरे की परंपराओं के सम्मान का प्रतीक बताया। सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा? वीडियो सामने आने के बाद एक्स पर कई यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने इसे इंटरनेट का सबसे धर्मनिरपेक्ष वीडियो बताया। दूसरे यूजर ने लिखा कि एक मुस्लिम भाई को हिंदू पति से शादी करने वाली मुस्लिम बहन राखी बांध रही है और पीछे जीसस की तस्वीर है। एक अन्य यूजर ने अर्पिता और सलमान की तस्वीर को भारत में धर्मनिरपेक्षता की खास झलक बताया। हालांकि, ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया यूजर्स की अपनी राय हैं। राखी पर सलमान की कलाई भी दिखी रक्षाबंधन सेलिब्रेशन के बाद सलमान को घर के बाहर भी देखा गया। उनकी कलाई पर कई रंग-बिरंगी राखियां और माथे पर तिलक था। पैपराजी के कहने पर सलमान ने कुछ देर अपनी राखियां दिखाईं और फिर कार से रवाना हो गए। ‘मातृभूमि’ में नजर आएंगे सलमान सलमान खान जल्द फिल्म ‘मातृभूमि’ में नजर आएंगे। फिल्म का नाम पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ था। इसका निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं और इसमें चित्रांगदा सिंह भी उनके साथ नजर आएंगी। फिल्म की रिलीज डेट अभी घोषित नहीं हुई है। इसके अलावा सलमान ‘बिग बॉस’ के नए सीजन को होस्ट करेंगे, जिसका प्रीमियर 6 सितंबर को होना है। ________________________ यह खबर भी पढ़ें.. सलमान खान ने दिखाई राखियों से सजी कलाई:रक्षाबंधन पर शेयर की खास झलक; फैंस बोले- भाईजान का अंदाज दिल जीत गया रक्षाबंधन पर सलमान खान ने सोशल मीडिया पर अपनी राखियों से सजी कलाई की झलक शेयर की। एक्टर की कलाई पर कई राखियां बंधी नजर आ रही हैं। उनकी इस पोस्ट के बाद यह सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई।पूरी खबर पढ़ें..
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को बीजेपी ने सोशल मीडिया कैंपेन का हिस्सा बना दिया है। पार्टी की अलग-अलग राज्य इकाइयां फिल्मों और वेब सीरीज के चर्चित सीन से ‘दिमागी नक्सल’ पर मीम बना रही हैं। इनमें मिर्जापुर के मुन्ना भैया और कलीन भैया से लेकर KGF और सिंघम के सीन शामिल हैं। हालांकि, कैंपेन का सोशल मीडिया पर विरोध भी हो रहा है। बीजेपी की सोशल मीडिया टीम ने शुरू की मीम वॉर 26 अगस्त को बीजेपी छत्तीसगढ़ ने ‘अवेंजर्स असेंबल’ पोस्ट कर दूसरे राज्यों की पार्टी इकाइयों को भी अभियान से जुड़ने का संदेश दिया था। इसके बाद बीजेपी के कई राज्य स्तरीय सोशल मीडिया अकाउंट्स ने एक के बाद एक मीम पोस्ट किए। इन पोस्ट में फिल्मों और वेब सीरीज के लोकप्रिय किरदारों और सीन को राजनीतिक संदेश से जोड़ा गया। BJP इन मीम्स के जरिए युवाओं, खासकर Gen Z तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रही है। मुन्ना भैया के सीन से लेकर ‘सिंघम’ तक सबसे ज्यादा चर्चा मिर्जापुर के मुन्ना भैया वाले मीम की हुई। इसमें मुन्ना भैया एक छात्र को थप्पड़ मारते नजर आते हैं और बीजेपी ने छात्र को ‘दिमागी नक्सल’ के तौर पर दिखाया। बीजेपी छत्तीसगढ़ ने संदेश दिया कि ‘दिमागी नक्सल’ बनने के बजाय देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए। इसके बाद बीजेपी ने सिंघम के एक सीन का इस्तेमाल किया। इसमें अभिनेता अजय देवगन के किरदार को एक गुंडे की पिटाई करते दिखाया गया और इसे ‘छत्तीसगढ़ स्टाइल’ में दिमागी नक्सल के इलाज से जोड़ा गया। दिल्ली बीजेपी ने मिर्जापुर के कलीन भैया वाले सीन से कैंपेन को आगे बढ़ाया। वहीं, गोवा BJP ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा के एक सीन को राजनीतिक मीम में बदल दिया। KGF के मीम पर सबसे ज्यादा विवाद बीजेपी कर्नाटक के शेयर किए KGF के एक सीन पर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। इसमें रॉकी और उसके साथी पहाड़ी से विरोधियों पर गोलियां चलाते नजर आते हैं। बीजेपी ने इस सीन को एडिट कर अलग-अलग राज्य इकाइयों को हमलावरों और ‘दिमागी नक्सल’ को उनके विरोधियों के तौर पर पेश किया। पोस्ट में लिखा गया कि ‘दिमागी नक्सल’ के खिलाफ पूरी ताकत से अभियान जारी रहेगा। इस पोस्ट के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी पर हिंसक राजनीतिक भाषा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि Gen Z या युवाओं को ‘दिमागी नक्सल’ कहा जा रहा है तो फिल्मों के हिंसक सीन के जरिए जवाब देना क्या सही है। विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी उठाए सवाल कैंपेन को लेकर विपक्ष और कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बीजेपी की आलोचना की। एक यूजर ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का जवाब विचारों से दिया जाना चाहिए, गोलियों या हिंसा के संकेतों से नहीं। पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने भी अभियान पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने देश में हिंसक राजनीतिक बयानबाजी को सामान्य बनाने में भूमिका निभाई है। हर राज्य इकाई दूसरी की पोस्ट को आगे बढ़ा रही पिछले कुछ दिनों में बीजेपी के सोशल मीडिया कैंपेन में एक पैटर्न देखने को मिला है। एक राज्य इकाई ‘दिमागी नक्सल’ पर मीम पोस्ट करती है, दूसरी उसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देती है और तीसरी नया मीम जोड़ देती है। BJP IT सेल से जुड़े एक सदस्य के मुताबिक, इसका मकसद अलग-अलग राज्यों के सोशल मीडिया नेटवर्क को एक साथ सक्रिय करना है। इससे एक राज्य की पोस्ट दूसरे राज्यों के यूजर्स तक भी पहुंच सकती है और पार्टी का राजनीतिक नैरेटिव ज्यादा लोगों तक ले जाया जा सकता है। Instagram पर भी अभियान बढ़ाने की तैयारी BJP का यह कैंपेन X तक सीमित नहीं रहने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी की सोशल मीडिया टीम का अगला फोकस Instagram है, जहां Gen Z की बड़ी मौजूदगी है। पार्टी की रणनीति लोकप्रिय फिल्मों और पॉप कल्चर के वायरल सीन को राजनीतिक संदेश से जोड़कर ज्यादा युवाओं तक पहुंच बनाने की है। बीजेपी के एक नेता ने इस अभियान को अभी सिर्फ ‘ट्रेलर’ बताया है।
बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी स्वाइन फ्लू (H1N1) की चपेट में आ गए हैं। उनकी पिछले कुछ दिनों से तबीयत खराब थी। हाल ही में H1N1 का टेस्ट करवाने के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इमरान हाशमी पिछले कुछ दिनों से लगातार ट्रेवल कर रहे थे। वह रांची भी गए थे। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। तबीयत ठीक नहीं होने पर उन्होंने H1N1 का टेस्ट कराया, जिसकी रिपोर्ट कल पॉजिटिव आई। डॉक्टरों ने इमरान हाशमी को आराम करने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। दैनिक भास्कर को एक्टर इमरान हाशमी की एक्सक्लूसिव मेडिकल रिपोर्ट मिली है, जिसके टेस्ट रिजल्ट पॉजिटिव हैं। तबीयत बिगड़ने पर बैंग्लोर शो कैंसिल किया आवारापन 2 की सक्सेस के बीच इमरान हाशमी बेंगलुरू के एक शो का हिस्सा बनने वाले थे, हालांकि स्वाइन फ्लू होने के बाद अब उन्होंने ये शो कैंसिल कर दिया है। इमरान हाशमी ने आधिकारिक सोशल मीडिया से इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा, हैलो बेंगलुरु, मैं सच में बहुत बीमार हूं और दुर्भाग्य से बेंगलुरु के शो में नहीं आ पाऊंगा। लेकिन पिक्चर खत्म नहीं हुई है, बस पोस्टपोन हुई है। मैं आप सभी से 12 सितंबर, शनिवार को सनबर्न यूनियन में मिलूंगा। आपके टिकट नई तारीख के लिए मान्य रहेंगे। आप सभी से मिलने का इंतजार नहीं कर सकता।” इमरान हाशमी की फिल्म ने किया 220 करोड़ का कलेक्शन इमरान हाशमी की मोस्ट अवेटेड फिल्म आवारापन 2, 14 अगस्त को रिलीज हुई है। इस फिल्म ने अब तक 220 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है। नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनी ये फिल्म, इमरान हाशमी की 2009 में आई फिल्म आवारापन का सीक्वल है। फिल्म में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी और शबाना आजमी भी अहम किरदारों में हैं। फिल्म आवारापन 2, इमरान हाशमी की बतौर लीड सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म ने महज 15 दिनों में 220 करोड़ कमा लिए हैं। वहीं अब तक उनकी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली टॉप फिल्में टाइगर 3 और तमिल फिल्म दे कॉल हिम ओ जी हैं, हालांकि इन दोनों फिल्मों में वह लीड रोल में नहीं थे। इमरान की को-स्टार शबाना आजमी को भी हुआ था स्वाइन फ्लू इमरान हाशमी से पहले शबाना आजमी भी जुलाई में स्वाइन फ्लू की चपेट में आ चुकी हैं। शबाना आजमी 20 जुलाई को जंतर-मंतर में हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल हुई थीं। प्रोटेस्ट में एक्ट्रेस की तबीयत बिगड़ गई। कुछ दिनों बाद उन्हें 102 डिग्री बुखार आ गया। वह मुंबई प्रोटेस्ट का हिस्सा बनने वाली थीं, लेकिन बाद में स्वाइन फ्लू की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डॉक्टर्स ने उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी। शबाना पूरी तरह ठीक हो चुकी हैं। शबाना आजमी की एक साथ दो फिल्में बंटवारा 1947 और आवारापन 2 फिलहाल सिनेमाघरों में हैं। दोनों ही फिल्में 14 अगस्त को रिलीज हुईं। बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में आवारापन 2 आगे रही, जबकि बंटवारा 1947 फ्लॉप हो गई।
नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ इन दिनों दुनियाभर में चर्चा में है। सीरीज नेटफ्लिक्स की ग्लोबल टॉप 10 नॉन-इंग्लिश टीवी लिस्ट में दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। इसी के साथ अब इसके मेकर्स ने मिग-21 को समर्पित डॉक्यूमेंट्री ‘द लास्ट सैल्यूट’ रिलीज की है। इसकी शुरुआत मशहूर कवि आलोक श्रीवास्तव की लिखी कविता से होती है। कविता को एक्टर शरद केलकर ने अपनी आवाज दी है। आलोक श्रीवास्तव की कविता ने डॉक्यूमेंट्री में मिग-21 की 62 साल की यात्रा और उससे जुड़े भारतीय वायुसेना के जवानों की यादों को खूबसूरती से पेश किया गया है। पढ़िए मिग-21 पर लिखी आलोक श्रीवास्तव की कविता- अर्जुन का तीर था, उड़ती शमशीर था। तेवर से सूर्य था, वायु रणवीर था। सेना का जोश था, पागल मदहोश था। दुश्मन के सामने खतरा गंभीर था। सीमा के पार जो जाता था तीर सा। दुश्मन को मारकर आता था वीर था। अर्जुन का तीर था, उड़ती शमशीर था। ‘इस फिल्म का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं’- आलोक श्रीवास्तव आलोक श्रीवास्तव ने ‘द लास्ट सैल्यूट’ का हिस्सा बनने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि वे इस फिल्म का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं, क्योंकि यह देश के बहादुर जवानों की कहानी है। उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर कुशल श्रीवास्तव का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उन्हें अपनी क्रिएटिव जर्नी का हिस्सा बनाया। आलोक ने यह भी कहा कि उन्हें खुशी है कि शरद केलकर की आवाज में उनकी कविता को दर्शकों से इतना प्यार मिल रहा है। उन्होंने फिल्म को मिल रही सफलता पर खुद को भाग्यशाली बताया। आलोक तिवारी ने लिखी उत्तर प्रदेश पुलिस की एंथम, अमिताभ बच्चन ने दी आवाज आलोक तिवारी को हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक एंथम लिखने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया है। मिग-21 की कहानी है ‘द लास्ट सैल्यूट’ ‘द लास्ट सैल्यूट’ भारतीय वायुसेना के साथ मिग-21 के 62 साल के सफर को याद करती है। डॉक्यूमेंट्री में एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह और मिग-21 उड़ाने वाले कई पायलटों की यादें और अनुभव दिखाए गए हैं। फिल्म के निर्देशक कुशल श्रीवास्तव का कहना है कि वे मिग-21 की कहानी को सिर्फ तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं रखना चाहते थे। वे पायलट और उनके विमान के बीच के भावनात्मक रिश्ते को दिखाना चाहते थे। …………………………….. फिल्म ऑपरेशन सफेद सागर से जुड़े ये इंटरव्यू भी पढ़िए- कारगिल युद्ध पर आधारित 'ऑपरेशन सफेद सागर':क्रिएटर बोले- माइनस 20 डिग्री ठंड से बीकानेर की धूप तक चली शूटिंग; मिग-21 पर डॉक्यूमेंट्री भी बनाई कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना (IAF) के अदम्य साहस और एयरफोर्स अफसरों की असल जिंदगी पर आधारित वेब सीरीज है ‘ऑपरेशन सफेद सागर’। 1999 से 2006 तक एयरफोर्स में अपनी सेवाएं दे चुके को क्रिएटर कुशल श्रीवास्तव ने इस सीरीज को तैयार किया है। वहीं दिग्गज कॉमेडियन दिवंगत राजू श्रीवास्तव की बेटी अंतरा श्रीवास्तव इस सीरीज की एसोसिएट डायरेक्टर और हेड रिसर्चर हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कुशल श्रीवास्तव और अंतरा श्रीवास्तव ने एयरफोर्स के वास्तविक कल्चर, 8 साल के लंबे संघर्ष, MiG-21 की आखिरी उड़ानों की शूटिंग और प्रोजेक्ट के दौरान राजू श्रीवास्तव जी को खोने के भावुक पलों पर खुलकर चर्चा की। पूरा इंटरव्यू पढ़िए…‘आप एक्टिंग छोड़ो, एयरफोर्स जॉइन करो’:अभय वर्मा को मिला यह कॉम्प्लीमेंट, बोले- इससे बड़ा सम्मान मेरे लिए शायद कुछ हो ही नहीं सकता अभिनेता अभय वर्मा इन दिनों ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में भारतीय वायुसेना के अधिकारी आरएस धालीवाल का किरदार निभाकर चर्चा में हैं। इस भूमिका ने उन्हें अभिनेता के तौर पर चुनौती दी और देश के अनसंग हीरोज को करीब से समझने का मौका दिया। अभय बताते हैं कि एयरफोर्स स्टेशन में जवानों से मुलाकात, मिग-21 में बैठने और पूर्व एयर चीफ मार्शल धनोआ से मिलने के अनुभव उनके लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहे। धालीवाल के परिवार से मुलाकात को वह अपने करियर का खास सम्मान मानते हैं। उन्होंने युद्ध, परिवार, वर्दी और देश के लिए बलिदान पर भी बात की। पूरा इंटरव्यू पढ़िए…
योगगुरु बाबा रामदेव और बीजेपी सांसद-एक्ट्रेस कंगना रनौत के बीच पिछले दिनों से चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। रक्षाबंधन के मौके पर दोनों के बीच पैचअप की पूरी कवायद दिल्ली के 14 जनपथ स्थित कंगना रनौत के आवास पर हुई। बाबा रामदेव की ओर से उनके प्रवक्ता एस.के. तिजारावाला गिफ्ट लेकर कंगना के घर पहुंचे। दोनों ने बात कर सहमति जताई है कि वह सार्वजनिक तौर पर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी नहीं करेंगे। कंगना ने सुलह के बाद अब बाबा रामदेव को राखी भी भिजवाई है। कंगना से मुलाकात के बाद बाबा रामदेव और कंगना की फोन पर भी बात कराई गई। कंगना के करीबी और उनके राजनीतिक सलाहकार मयंक मधुर के मुताबिक, इस बातचीत के साथ दोनों के बीच चल रही नाराजगी और सार्वजनिक बयानबाजी को खत्म करने पर सहमति बन गई है। मयंक के अनुसार, मुलाकात के बाद सुलह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और बाबा रामदेव तथा कंगना रनौत की फोन पर बातचीत कराई गई। दोनों के बीच पिछले कुछ दिनों में जो भी मतभेद पैदा हुए थे, उन पर बात हुई। इस पूरे घटनाक्रम में कंगना के सलाहकार मयंक मधुर की पहल भी अहम रही। दोनों पक्षों के बीच बातचीत की जमीन तैयार करने और विवाद को खत्म करने की दिशा में पहल करने के बाद रक्षाबंधन के मौके पर यह मुलाकात संभव हो सकी। 14 जनपथ पर हुई यह मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि बाबा रामदेव और कंगना रनौत के बीच विवाद पिछले दिनों सार्वजनिक तौर पर काफी चर्चा में रहा था। दोनों की टिप्पणियों और उसके बाद हुई बयानबाजी ने मामले को लगातार सुर्खियों में बनाए रखा। सोशल मीडिया पर भी दोनों के समर्थकों के बीच इसे लेकर बहस होती रही। ऐसे में अब रक्षाबंधन के मौके पर विवाद खत्म करने की पहल को एक प्रतीकात्मक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। कंगना ने कहा- भूल चूक माफ, ईश्वर लंबी आयु दे बाबा रामदेव की ओर से उपहार और मिठाई मिलने के बाद कंगना रनोट ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, ‘त्योहार का दिन होता है सब भूल-चूक माफ करने के लिए। मेरे भाई बाबा रामदेव जी ने बहुत अच्छी बात कही कि विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए। आज रक्षाबंधन के दिन मैं उनकी मिठाई और बड़े भाई का प्रेम, दोनों स्वीकार करती हूं। बहुत धन्यवाद। ईश्वर आपको लंबी आयु दे।’ कंगना रनोट ने बाबा रामदेव को भेजी राखी सुलह होने के बाद कंगना रनोट ने बाबा रामदेव को राखी भेजी। उन्होंने अपनी कार्यकर्ता से वह राखी बंधवाई है। क्या था कंगना रनोट और रामदेव बाबा का पूरा विवाद? कंगना रनोट ने जेन-जी प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा था। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के युवा को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। इस पर कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” विवाद लगभग खत्म हो चुका था, लेकिन कंगना ने डीडी न्यूज के इंटरव्यू में फिर बाबा रामदेव पर बयान दिया। उन्होंने कहा है, 'बाबा रामदेव मुझसे पहले ही नाराज चल रहे हैं। अभी उनसे पूछा गया कि कंगना ने प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा है, तो उन्होंने कहा, उसका बचपन देखा है क्या था, उसकी जवानी देखी है क्या थी। क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका हुआ था, उसने देखा है क्या था। क्या देखा। मुझे समझ नहीं आ रहा, ऐसा क्या देखा। बताना चाहिए था न कि क्या देखा।'
कृति सेनन के रक्षाबंधन से जुड़े एड में रिवीलिंग कपड़े पहनने पर अब रामायण एक्टर सुनील लहरी भड़क गए हैं। उन्होंने इस एड का बहिष्कार किए जाने की तारीफ की और इसे संस्कृति के विरुद्ध कहा। सुनील लहरी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में उन्होंने कहा, ‘प्रणाम दोस्तों, हमारे त्योहार, हमारे पर्व या फेस्टिवल, हम जो चाहें कह लें, इनके साथ हमारी भावनाएं, रिश्ते, संस्कार जुड़े हैं। इनका सम्मान करना, हम सबकी जिम्मेदारी है। जैसे कि पिछले दिनों एक रक्षाबंधन के विज्ञापन को एकजुट होकर जिस तरह बहिष्कार किया, उसका मैं सम्मान करता हूं। हम सब मर्दों की मर्दानगी नारी की रक्षा करने में है। हम सबको उनका रक्षक होना चाहिए, भक्षक नहीं। वह सम्माननीय हैं, पूजनीय हैं।’ जानिए क्या है विवाद और कैसे दो गुटों में बंटे लोग- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की' हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। कुनिका सदानंद ने आलोचना करने पर कंगना पर साधा निशाना- सीनियर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कृति के बचाव में कंगना के एक पुराने एड की तस्वीर शेयर की है, जिसमें एक्ट्रेस भी रक्षाबंधन में रिवीलिंग कपड़े पहनीं जूलरी ब्रांड प्रमोट करती दिख रही हैं। कुनिका ने कंगना के पुराने एड की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, “मेरा कुत्ता कुत्ता, तेरा कुत्ता टॉमी?” कंगना का ये एड एक जूलरी ब्रांड का है, जिसे एक्ट्रेस ने खुद 2017 में अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया था। इस विज्ञापन में कंगना ने स्ट्रैपलेस और डीप नेकलाइन वाली ड्रेस पहनी थी। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी हाल-फिलहाल में हुआ विवाद- उर्वशी रौतेला की तिरंगे से प्रेरित ड्रेस- एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने हाल ही में जयपुर में हुए मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 के ग्रैंड फिनाले में पहने तिरंगा-प्रेरित गाउन पर उठे विवाद पर सफाई दी। उर्वशी ने कहा कि यह राष्ट्रीय ध्वज की हूबहू कॉपी नहीं थी, बल्कि तिरंगे से प्रेरित कॉउचर डिजाइन था। पेड्डी में जान्हवी के रिवीलिंग कपड़ों पर विवाद- इसी साल रिलीज हुई फिल्म पेड्डी में जान्हवी कपूर ने गांव की लड़की का किरदार निभाया था। हालांकि फिल्म में बेहद रिवीलिंग कपड़े पहनने पर एक्ट्रेस विवादों में आ गईं। कई लोग एक्ट्रेस के सपोर्ट में उतरे। विवाद बढ़ने के बाद डायरेक्टर बुच्ची बाबू ने सार्वजनकि तौर पर माफी मांगी और सीन में बदलाव किए। एक्ट्रेसेस के इन कपड़ों पर भी उठे सवाल- प्रियंका चोपड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई एक मुलाकात में शॉर्ट ड्रेस पहनी थी, जिस पर विवाद हुआ था। दीपिका पादुकोण के फिल्म पद्मावत के गाने घूमर में शॉर्ट ब्लाउस पहनने और पेट दिखाने पर जमकर विवाद हुआ। बाद में मेकर्स ने स्पेशल इफेक्ट्स से पेट छिपाया था। दीपिका पादुकोण के खिलाफ पठान के बेशरम रंग गाने में भगवा रंग की बिकिनी पहनने पर भी जमकर विरोध हुआ। विरोध प्रदर्शन और धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप लगने पर मेकर्स को गाने में बदलाव करना पड़ा था।
सैफ अली खान पर हमले के आरोपी मोहम्मद शरीफुल इस्लाम ने अपना अपराध स्वीकार करने की अर्जी दायर की है। उसने अदालत से नरमी बरतने की अपील भी की है। उसके वकील विपुल दुशिंग ने इसकी पुष्टि की है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने अभियोजन पक्ष से जवाब दाखिल करने को कहा है और सुनवाई 11 सितंबर तक टाल दी है। 16 जनवरी 2025 की देर रात सैफ के घर में लूट की नीयत से घुसे शख्स ने उन पर हमला किया था। घटना के दो दिन बाद शरीफुल इस्लाम की गिरफ्तारी हुई थी, जो अब तक न्यायिक हिरासत में है। इस महीने की शुरुआत में एडिशनल सेशंस जज जीपी देशमुख ने शरीफुल इस्लाम पर आरोप तय किए थे। इसके साथ ही मामले में ट्रायल का रास्ता साफ हो गया। इस्लाम पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत घातक हथियार का इस्तेमाल करके लूटपाट, गंभीर चोट पहुंचाने और घर में जबरन घुसने के आरोप लगाए गए हैं। उस पर फॉरेनर्स एक्ट और पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) नियमों की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। जांच में सामने आया था कि शरीफुल इस्लाम बांग्लादेशी है, जो फर्जी डॉक्यूमेंट्स की मदद से गैरकानूनी ढंग से भारत में रह रहा है। हमले के बाद बेटे ने पूछा था- क्या आप मरने वाले हैं हाल ही में मोजो स्टोरी को दिए इंटरव्यू में सैफ ने हमले पर बात करते हुए कहा था, ‘मैं बच्चों के कमरे में गया। वह शख्स बच्चे (जेह) को पकड़े हुए था। उसने बच्चे को हल्की चोट पहुंचाई थी और हमारी मेड को भी जख्मी कर दिया था। शायद अगर मैं पहले लाइट जला देता और उससे बात करने की कोशिश करता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। लेकिन उस समय मैंने बिना सोचे-समझे उस पर हमला कर दिया और हमारी हाथापाई शुरू हो गई। इसके बाद वह चाकू लेकर बेकाबू हो गया। चारों तरफ खून और अफरा-तफरी मच गई।’ आगे सैफ ने कहा, 'मैं वाकई तैमूर के साथ रहना चाहता था। मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरे साथ हॉस्पिटल आओगे। उसने मुझे देखा और पूछा, 'क्या आप मरने वाले हैं?' मैंने कहा, 'नहीं, मेरी पीठ में बहुत दर्द है, लेकिन मैं ठीक हो जाऊंगा', उसने कहा, हां मैं चलूंगा।' सैफ ने ये भी कहा कि उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मारा था। चाकू का 6 इंच का टुकड़ा उनकी पीठ में रह गया था। वो टुकड़ा रीड़ की हड्डी के पास लगा था। सैफ ने कहा, ‘मेरा एक पैर सुन्न हो रहा था, मैं पैरालाइज होने के बेहद करीब था।’ हमला करने वाले शख्स को माफ करना चाहते हैं सैफ इसी इंटरव्यू में सैफ ने कहा है कि वो हमला करने वाले शख्स को माफ करना चाहते हैं। सैफ ने कहा, “मैं उस आदमी को माफ भी करना चाहता था, क्योंकि मुझे लगता है कि उसने बहुत बड़ी गलती की। मुझे नहीं लगता कि वह झगड़ा करना चाहता था। मैं उसे खुशी-खुशी माफ कर देता, लेकिन जिस तरह से उसने मुझे मारने की कोशिश की, उसे भूल पाना मेरे लिए मुश्किल हो रहा है। यह अमीर और गरीब का मामला है और इसी असमानता की वजह से ऐसा हुआ है।”
अभिनेता अभय वर्मा करियर के नए पड़ाव को लेकर उत्साहित हैं। ‘लईकी लईका’ में राशा थडानी के साथ नजर आने वाले अभय इसे अलग तरह की लव स्टोरी बताते हैं, जिसमें एक्शन भी है। वहीं ‘दिलकशी’ में हंसल मेहता और लिजो जोस पेल्लीसेरी जैसे दिग्गजों के साथ काम करने और एआर रहमान का संगीत मिलना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। बढ़ती फीमेल फॉलोइंग को वह प्यार और सम्मान की अमानत मानते हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में अभय ने रिश्तों, शादी, जेनजी और टेक्नोलॉजी पर भी बेबाकी से बात की। पेश हैं कुछ प्रमुख अंश। सवाल: राशा थडानी के साथ ‘लईकी लईका’ में काम कर रहे हैं। यह फिल्म कैसी है? जवाब: यह बहुत अलग तरह की लव स्टोरी है। मैं उन प्रोड्यूसर्स का शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने इतनी कम उम्र में मुझ पर भरोसा किया, जबकि मेरा कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं है। ‘‘लईकी लईका’’ में लव स्टोरी के साथ एक्शन भी है। यह दो ऐसे लोगों की कहानी है, जो अपनी परिस्थितियों से ऊपर उठकर अपनी जिंदगी जीना चाहते हैं। इसके डायरेक्टर सौरभ गुप्ता हैं और उन्होंने ही कहानी लिखी है। मैं इस फिल्म को लेकर काफी एक्साइटेड हूं। सवाल: हंसल मेहता के साथ ‘दिलकशी’ में काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: हंसल सर हमारे समय के लेजेंडरी फिल्ममेकर हैं। उनकी फिल्में देखकर हम बड़े हुए हैं। उनके साथ काम करने का मौका मिलना, उनके साथ बैठकर बातें करना और खाना खाना, मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। मजेदार बात यह है कि जितने सीरियस वह दिखाई देते हैं, असल में उतने हैं नहीं। वह बहुत फनी इंसान हैं। उनके साथ बैठकर फिल्म और कहानी पर बात करना बहुत अच्छा अनुभव रहा। इस फिल्म का निर्देशन लिजो जोस पेल्लीसेरी सर कर रहे हैं। वह भी लेजेंडरी डायरेक्टर हैं और उनकी फिल्में इंटरनेशनल लेवल तक पहचान बना चुकी हैं। ‘दिलकशी’ बहुत अलग तरह की म्यूजिकल लव स्टोरी है। सवाल: एआर रहमान का संगीत आपके लिए कितना खास है और उनके साथ काम करने का सपना कैसे पूरा हुआ? जवाब: सबसे खास बात यह है कि ‘दिलकशी’ का म्यूजिक एआर रहमान सर दे रहे हैं। रहमान सर का संगीत मेरे लिए बहुत व्यक्तिगत मायने रखता है। जब मैं अपने मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब ‘तमाशा’ का उनका गाना ‘तू कोई और है’ मेरा बहुत पसंदीदा था और उस गाने ने मेरा बहुत साथ दिया। मेरे मन में सपना था कि कभी ऐसा हो कि मेरी शक्ल किसी फिल्म में हो और उसका संगीत रहमान सर का हो। अब ‘दिलकशी’ के जरिए वह सपना पूरा होता दिख रहा है। सवाल: आपकी फीमेल फॉलोइंग लगातार बढ़ रही है। इसे कैसे देखते हैं? जवाब: मैं इसे प्यार और सम्मान के साथ देखता हूं। लोगों का प्यार मेरी सबसे बड़ी खुशी है। मैं इसे एक अमानत मानता हूं। दर्शक जब चाहें यह अमानत दे सकते हैं और जब चाहें अपने खजाने से और प्यार दे सकते हैं। मेरा काम है कि मैं इतनी मेहनत करूं कि यह प्यार बार-बार मिलता रहे। अभी तक जितना प्यार मिला है, उसने मेरी भूख कम नहीं की, बल्कि और बढ़ा दी है। सवाल: आपकी आइडियल पार्टनर कैसी होनी चाहिए? जवाब: सबसे पहले तो मैं 100 प्रतिशत सिंगल हूं। अगर मेरी पार्टनर होती है तो मैं चाहूंगा कि वह दिल खोलकर अपना काम करे, जो पहनना चाहे पहने और अपनी जिंदगी अपनी तरह जिए। वह मेरे काम को समझे और उसका सम्मान करे। मैं भी उसके काम और उसके परिवार का सम्मान करूंगा। हम जो भी बनते हैं, उसमें हमारे माता-पिता की परवरिश की बड़ी भूमिका होती है। इसलिए मैं चाहता हूं कि हम दोनों एक-दूसरे के माता-पिता को उतना ही सम्मान दें, जितना वे डिजर्व करते हैं। सवाल: क्या फिलहाल शादी या रिलेशनशिप का कोई प्लान है? जवाब: अभी मैं अपने काम को लेकर बहुत डेडिकेटेड हूं। बाकी चीजें फिलहाल मेरे लिए छोटी हैं। अगर भविष्य में कोई पार्टनर होती है तो मैं चाहता हूं कि वह अपनी जिंदगी खुलकर जिए, अपने काम को पूरी आजादी से करे और मैं उसका पूरा सपोर्ट करूं। मैं भी चाहता हूं कि वह मेरे काम और मेरे माता-पिता को उतना ही सम्मान दे, जितना मैं उसके काम और उसके परिवार को दूंगा। सवाल: आप जेनजी यानी अपनी जेनरेशन को किस नजर से देखते हैं? जवाब: हर पीढ़ी में अच्छे और बुरे लोग रहे हैं। आज हमारे पास बहुत सारी टेक्नोलॉजी है और अपनी बात रखने के कई तरीके हैं। इसमें मुझे कुछ गलत नहीं लगता। बस जरूरी है कि हम अपने संस्कार और बड़ों का सम्मान न भूलें। यह सिर्फ उम्र का नहीं, वैल्यू का भी सम्मान है। टेक्नोलॉजी हमारी ताकत भी बन सकती है और कमजोरी भी। फर्क सिर्फ इतना है कि हम उसे कितना अपने ऊपर हावी होने देते हैं। सवाल: जेनजी के लिए आपका खास संदेश क्या है? जवाब: सिर्फ इसलिए कि हम इस पीढ़ी में पैदा हुए हैं और हमारे पास सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी है, इसका मतलब यह नहीं कि हम गलत हैं। हमें ये टूल्स मिले हैं और इनका इस्तेमाल हमारे हाथ में है। अगर हम इनका सही इस्तेमाल करें तो बहुत सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। टेक्नोलॉजी ताकत भी है और कमजोरी भी। फर्क इस बात से पड़ता है कि हम उसे अपने ऊपर कितना हावी होने देते हैं। सवाल: पानीपत वाले युवा अभय से आज का अभय क्या कहेगा? जवाब: मैं उससे कहूंगा कि जो चीजें नहीं हुईं, उनका मलाल मत करना। जो हुआ वह आशीर्वाद है और जो नहीं हुआ, वह भी किसी न किसी तरह का आशीर्वाद है, क्योंकि वह आपको कुछ सिखाता है। मेरा मानना है कि ऊपर वाले का प्लान हमारी सोच से बड़ा होता है। अपनी नियत साफ रखिए। अगर नियत साफ है तो आपको अपने आइडल के साथ बैठने और उनके साथ काम करने का मौका भी मिल सकता है। जो नहीं हुआ, उसका दुख मत रखिए। हो सकता है कोई बहुत बड़ी चीज आपका इंतजार कर रही हो। सवाल: इस समय आपका सबसे बड़ा सपना क्या है? जवाब: मैं ‘सपने बेचना’ चाहता हूं। अगर मेरी एक्टिंग देखकर कोई इंसान अपने सपने पर भरोसा करने लगे और उसके लिए थोड़ा और मेहनत करे, तो मेरे लिए इससे बड़ी उपलब्धि नहीं होगी। मैं चाहता हूं कि मेरी जेनरेशन के लोग अपने सपनों की अहमियत समझें और उन्हें पूरा करने के लिए आगे बढ़ें। _________________________________ अभय वर्मा का यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. अभय वर्मा को शाहरुख की किंग में मिला मौका:बोले- ‘मुंज्या’ के बाद सपने बड़े हुए; SRK ने कहा- जहां दिल लगे, वहीं काम करो ‘मुंज्या’ की सफलता के बाद अभय वर्मा के लिए शोहरत के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। वह कहते हैं कि सफलता ने उनकी भूख कम नहीं की, बल्कि सपनों को और बड़ा कर दिया। शाहरुख खान के साथ ‘किंग’ में काम करना उनके लिए सपने के सच होने जैसा रहा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अभय ने अपने करियर, ‘मुंज्या’ की सफलता, बड़े होते सपनों और शाहरुख खान से मिली सीख पर बात की।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
डबल सेंचुरी के बेहद करीब Yash की टॉक्सिक, तीसरे दिन बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका; छापे करारे नोट
यश की फिल्म 'टॉक्सिक' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। तीसरे दिन फिल्म 200 करोड़ के आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गई है।
रक्षाबंधन पर सलमान खान ने सोशल मीडिया पर अपनी राखियों से सजी कलाई की झलक शेयर की। एक्टर की कलाई पर कई राखियां बंधी नजर आ रही हैं। उनकी इस पोस्ट के बाद यह सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गई। सलमान की कलाई पर नजर आ रहीं अलग-अलग राखियां इशारा करती हैं कि उन्होंने रक्षाबंधन खास अंदाज में सेलिब्रेट किया। हालांकि, झलक में यह स्पष्ट नहीं है कि ये राखियां किस-किस ने बांधी हैं। सलमान ने भी इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। रक्षाबंधन पर परिवार के साथ नजर आते रहे हैं सलमान सलमान खान का परिवार के साथ खास बॉन्ड किसी से छिपा नहीं है। खासकर रक्षाबंधन पर खान परिवार का सेलिब्रेशन हर साल सुर्खियों में रहता है। पिछले साल भी सलमान ने परिवार के साथ रक्षाबंधन मनाया था। उनकी बहनें अर्पिता खान और अलवीरा अग्निहोत्री ने उन्हें राखी बांधी थी। इस दौरान परिवार के दूसरे सदस्य भी मौजूद थे। बीना काक को भी मानते हैं बहन सलमान खान का राखी का रिश्ता सिर्फ सगी बहनों तक सीमित नहीं है। अभिनेत्री बीना काक के साथ भी उनका खास रिश्ता है। बीना काक कई मौकों पर सलमान को अपना राखी भाई बता चुकी हैं और रक्षाबंधन पर उनके लिए पोस्ट शेयर करती रही हैं। दोनों ने ‘मैंने प्यार क्यों किया?’, ‘सलाम-ए-इश्क’ और ‘गॉड तुस्सी ग्रेट हो’ जैसी फिल्मों में साथ काम किया है। बीना काक ने पिछले साल भी सलमान के साथ पुरानी तस्वीरें शेयर कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी थीं। कलाई पर सजी राखियों ने खींचा फैंस का ध्यान सलमान की नई पोस्ट में कोई लंबा मैसेज नहीं है, लेकिन उनकी कलाई पर बंधी राखियां ही इसकी खासियत बन गई हैं। फैंस के लिए सलमान की यह छोटी-सी झलक खास है, क्योंकि अभिनेता आमतौर पर अपनी निजी जिंदगी के हर पल को सोशल मीडिया पर विस्तार से शेयर नहीं करते। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्यार और आपसी विश्वास का त्योहार है। सलमान की कलाई पर सजी राखियां उनके परिवार और करीबी रिश्तों की खास झलक देती हैं। _______________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. ‘राखी फैशन कमेटी’ पर कृति सेनन का पोस्ट वायरल:नूपुर संग मनाया रक्षाबंधन; बोलीं- असली मायने इन्हीं चीजों के, कंगना-रणबीर समेत सितारों ने मनाई राखी रक्षाबंधन पर कृति सेनन ने बहन नूपुर सेनन के साथ तस्वीर शेयर कर सोशल मीडिया पर चल रही ‘राखी फैशन कमेटी’ की चर्चा का मजेदार अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि त्योहार की असली खुशी रिश्तों और भावनाओं में है। वहीं, बॉलीवुड के कई सितारों ने भी भाई-बहन के साथ तस्वीरें और खास संदेश शेयर किए।पूरी खबर पढ़ें..
रक्षाबंधन पर कृति सेनन ने बहन नूपुर सेनन के साथ तस्वीर शेयर कर सोशल मीडिया पर चल रही ‘राखी फैशन कमेटी’ की चर्चा का मजेदार अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि त्योहार की असली खुशी रिश्तों और भावनाओं में है। वहीं, बॉलीवुड के कई सितारों ने भी भाई-बहन के साथ तस्वीरें और खास संदेश शेयर किए। बहन नूपुर के साथ शेयर की तस्वीर कृति सेनन ने रक्षाबंधन पर बहन नूपुर सेनन के साथ एक तस्वीर शेयर की। इसमें दोनों के हाथ नजर आ रहे हैं और दोनों एक-दूसरे को राखी बांधती दिखाई दे रही हैं। इसके साथ कृति ने लिखा, “जब तक राखी फैशन कमेटी की मीटिंग चल रही है, हम उन चीजों पर ध्यान दे रहे हैं जो सच में मायने रखती हैं। सभी को हैप्पी राखी।'' कृति का यह पोस्ट ऐसे समय आया है, जब रक्षाबंधन पर उनके एक विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई थी। इस विवाद में कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी थी। कृति ने जवाब देते हुए कहा था कि संस्कृति कपड़ों में नहीं, बल्कि दिल में होती है। आलोचना के बाद विज्ञापन हटा भी दिया गया था। फैशन की बहस से ज्यादा रिश्तों पर दिया जोर कृति ने अपने नए पोस्ट के जरिए विवाद बढ़ाने के बजाय त्योहार के भावनात्मक पक्ष पर ध्यान दिया। उन्होंने ‘राखी फैशन कमेटी’ का जिक्र कर मामले को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश किया और बताया कि उनके लिए रक्षाबंधन का मतलब कपड़ों या लुक से ज्यादा रिश्तों की अहमियत है। कृति और नूपुर का रिश्ता पहले भी सोशल मीडिया पर देखने को मिलता रहा है। रक्षाबंधन पर दोनों बहनें एक-दूसरे के साथ तस्वीरें और प्यार भरे संदेश शेयर करती रही हैं। 2023 में भी कृति ने नूपुर के साथ वीडियो शेयर कर उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी थीं। कृति के पोस्ट से जुड़ी है पहले की बहस दरअसल, कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर अभिनेत्री कंगना रनोट ने सवाल उठाए थे। कंगना ने कहा था कि उनकी आपत्ति कृति के कपड़ों से ज्यादा इस बात को लेकर थी कि विज्ञापन में रक्षाबंधन की परंपराओं को सही तरीके से नहीं दिखाया गया। इसके जवाब में कृति ने कहा था कि संस्कृति कपड़ों में नहीं, दिल में होती है। उन्होंने त्योहारों को भावनाओं, प्यार और एक-दूसरे की देखभाल से जोड़कर देखने की बात कही थी। बाद में ज्वेलरी ब्रांड ने विज्ञापन हटाते हुए कहा कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उसका उद्देश्य नहीं था। बॉलीवुड सितारों ने भी शेयर कीं राखी की तस्वीरें रक्षाबंधन पर कई बॉलीवुड सितारों ने सोशल मीडिया पर भाई-बहनों के साथ तस्वीरें शेयर कीं। कंगना ने लिखा कि वह ईश्वर से प्रार्थना करती हैं कि उनके भाई की कलाई पर बांधा गया प्यार का यह बंधन हमेशा उनकी रक्षा करे। उन्होंने अक्षत से माता-पिता की सेवा करने, परिवार की गरिमा बनाए रखने, अपनी पत्नी का कल्याण करने और बच्चों की हमेशा रक्षा करने की कामना की। साथ ही उन्होंने कहा कि वह अपने भाई को हमेशा स्वस्थ और समृद्ध देखना चाहती हैं और उनके लिए अक्षत माता-पिता की छवि हैं। त्योहार की असली खूबसूरती रिश्तों में वहीं, कृति सेनन का पोस्ट रक्षाबंधन पर चल रही फैशन और परंपरा की बहस से अलग हल्का-फुल्का संदेश देता है। उन्होंने बहन के साथ रिश्ते को सेलिब्रेट करते हुए जताने की कोशिश की कि त्योहार की खूबसूरती केवल पहनावे में नहीं, बल्कि परिवार के साथ बिताए समय, प्यार और यादों में भी होती है। __________________________ कृति सेनन की यह खबर भी पढ़ें.. नूपुर सेनन बहन कृति के सपोर्ट में आईं:एड विवाद पर बोलीं- दूसरे के कपड़ों से लोगों को तकलीफ क्यों, सोच बदलिए एक्ट्रेस कृति सेनन के ज्वेलरी एडवर्टाइजमेंट विवाद में अब उनकी बहन नूपुर सेनन भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। रक्षाबंधन थीम वाले इस एड में कृति के कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग हो रही थी। पूरी खबर पढ़ें..
कंगना रनोट लगातार एक्ट्रेस कृति सेनन के उस एड के खिलाफ बयान दे रही हैं, जिसमें एक्ट्रेस ने रक्षाबंधन सेलिब्रेट करते हुए रिवीलिंग कपड़े पहने हैं। अब सीनियर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने कंगना के एक पुराने एड की तस्वीर शेयर की है, जिसमें एक्ट्रेस भी रक्षाबंधन में रिवीलिंग कपड़े पहनीं जूलरी ब्रांड प्रमोट करती दिख रही हैं। कुनिका ने कंगना के पुराने एड की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा है, “मेरा कुत्ता कुत्ता, तेरा कुत्ता टॉमी?” कंगना का ये एड एक जूलरी ब्रांड का है, जिसे एक्ट्रेस ने खुद 2017 में अपने सोशल मीडिया हैंडल से शेयर किया था। इस विज्ञापन में कंगना ने स्ट्रैपलेस और डीप नेकलाइन वाली ड्रेस पहनी थी। इसे लेकर सोशल मीडिया पर नई चर्चा शुरू हो गई और यूजर्स ने कंगना के पुराने लुक की तुलना कृति के विज्ञापन वाले लुक से की। कंगना ने कृति के विरोध में कहा- फेस्टिवल में ब्रालेट नहीं पहन सकते कंगना रनोट लगातार कृति सेनन के एड में पहने गए कपड़ों की निंदा कर रही हैं। उन्होंने हाल ही में डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है कि क्या इस तरह के कपड़े किसी मुस्लिम फेस्टिवल में पहने दिखाए जा सकते हैं। उनका कहना है कि एक फेस्टिवल कल्चर रिप्रेसेंट करता है, जिसमें इस तरह के ब्रालेट नहीं पहने जा सकते। जानिए क्या है पूरा विवाद- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की' हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है।
एक्ट्रेस रुक्मिणी वसंत इन दिनों यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म से अलग रुक्मिणी की जिंदगी की कहानी भी प्रेरणादायक है। जब वह सिर्फ 10 साल की थीं, तब उनके पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल जम्मू-कश्मीर के उरी में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गए थे। बताया जाता है कि ऑपरेशन में करीब 8 आतंकवादी शामिल थे। कर्नल वसंत ने आतंकियों का बहादुरी से मुकाबला किया और बाद में उन्हें देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी पत्नी और बेटियों ने भी सैनिक परिवारों की मदद का काम आगे बढ़ाया। कौन थे कर्नल वसंत वेणुगोपाल? रुक्मिणी वसंत के पिता कर्नल वसंत वेणुगोपाल भारतीय सेना में अधिकारी थे। वह 9वीं बटालियन, मराठा लाइट इन्फैंट्री के कमांडिंग ऑफिसर थे। 31 जुलाई 2007 को वह जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। आतंकियों का एक समूह लाइन ऑफ कंट्रोल के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश कर रहा था। रुक्मिणी ने अपने इंटरव्यू में बताया था कि इस ऑपरेशन में करीब 8 आतंकवादी शामिल थे। सेना ने सभी आतंकियों को मार गिराया, लेकिन मुठभेड़ में कर्नल वसंत और उनके रेडियो ऑपरेटर की शहादत हो गई। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। रुक्मिणी के मुताबिक, कर्नल वसंत कर्नाटक से अशोक चक्र पाने वाले पहले सेना अधिकारी थे। बेटी के लिए पिता थे बेहद खास रुक्मिणी ने अपने पिता को याद करते हुए कई मौकों पर उनके बारे में बात की है। उन्होंने बताया कि पिता बेहद प्यार करने वाले इंसान थे, लेकिन एक सैनिक के तौर पर भी पूरी तरह समर्पित थे। कर्नल वसंत का मानना था कि एक अधिकारी को अपने जवानों का नेतृत्व सबसे आगे रहकर करना चाहिए। इसी सोच के साथ वह ऑपरेशन में भी अपनी टीम का नेतृत्व करते थे। रुक्मिणी उस समय महज 10 साल की थीं। इतनी कम उम्र में पिता को खोने का उनके जीवन पर गहरा असर पड़ा। उन्होंने बताया है कि बचपन में हुई इस घटना की हर बात उन्हें याद नहीं है, लेकिन पिता की यादें आज भी उनके साथ हैं। पति की शहादत के बाद अकेले बेटियों को पाला कर्नल वसंत की शहादत के बाद उनकी पत्नी सुभाषिनी वसंत के सामने दो बेटियों की जिम्मेदारी आ गई। सुभाषिनी भरतनाट्यम डांसर हैं। पति की शहादत के करीब छह महीने बाद उन्होंने ‘वसंतरत्न फाउंडेशन फॉर आर्ट’ की शुरुआत की। इसका उद्देश्य शहीद सैनिकों के परिवारों और उनकी विधवाओं की मदद करना है। रुक्मिणी ने बताया था कि उनके पिता शहीद सैनिकों के परिवारों से लगातार मिलते थे। वह उनके घर जाते, परिवार के साथ समय बिताते और उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश करते थे। कई बार सुभाषिनी भी उनके साथ जाती थीं। पिता की मौत के बाद सुभाषिनी ने इसी काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया। अशोक चक्र के बाद मुआवजे के लिए भी करना पड़ा संघर्ष कर्नल वसंत की शहादत के बाद परिवार को एक और संघर्ष से गुजरना पड़ा। अशोक चक्र विजेता के परिवार को मुआवजे के तौर पर जमीन देने का प्रावधान था, लेकिन इसे हासिल करने के लिए सुभाषिनी को कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े। 1971 के कर्नाटक सरकार के आदेश के तहत अशोक चक्र प्राप्त करने वाले व्यक्ति के परिवार को 1.25 लाख रुपए या दो एकड़ सिंचित जमीन देने का प्रावधान था। कई साल बाद सुभाषिनी ने इस नियम पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में यह राशि बेहद कम थी और नियम में बदलाव की जरूरत थी। 2016 में ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि अपने अधिकार के लिए सरकारी अधिकारियों के पास बार-बार जाना उनके लिए बेहद मुश्किल अनुभव था। पिता की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं रुक्मिणी कर्नल वसंत की शहादत के बाद उनके परिवार ने सैनिकों और उनके परिवारों की मदद का काम जारी रखा। वहीं रुक्मिणी ने एक्टिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई। आज वह कन्नड़ सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हैं और यश की फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में नजर आ रही हैं। रुक्मिणी की कहानी सिर्फ एक अभिनेत्री के संघर्ष और सफलता की नहीं है। इसके पीछे एक शहीद पिता की विरासत, मां की जिम्मेदारी और सैनिक परिवारों की मदद करने की सोच भी है, जिसे उनका परिवार आज तक आगे बढ़ा रहा है।_ ________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. बॉक्स ऑफिस कलेक्शन- टॉक्सिक की कमाई में 64% गिरावट:नेगेटिव रिव्यू का असर, पहले दिन से तीन गुना कम कमाई हुई, वर्ल्डवाइड कलेक्शन 137 करोड़ रुपए कन्नड़ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक पर नेगेटिव रिव्यू और रेटिंग का बुरा असर पड़ा है। पहले दिन दर्शक बड़ी संख्या में ये फिल्म देखने पहुंचे और भारत में फिल्म ने करीब 101 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया। हालांकि खराब रिव्यू के चलते दूसरे दिन ही फिल्म की कमाई में 64% गिरावट आ गई। फिल्म ने पहले दिन के मुकाबले तीन गुना कम कमाई की है।पूरी खबर पढ़ें..
रक्षाबंधन पर योग गुरु बाबा रामदेव ने अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट के लिए मिठाई और उपहार भेजा। उन्होंने एक सफेद लिफाफे में 500 रुपए के नोटों की गड्डी भी भेजी। इस दौरान रामदेव ने कहा कि रिश्तों में मिठास बनी रहनी चाहिए और पुराने गिले-शिकवे भुलाकर प्रेम के साथ आगे बढ़ना चाहिए। रामदेव ने कहा कि देश में किसी भी कारण से नफरत और एक-दूसरे के प्रति वैर-भाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों उनके और कंगना रनोट के बीच विवाद की चर्चा हुई थी, जिसे संवाद के जरिए खत्म किया जाना चाहिए। रामदेव ने यह भी कहा कि वे कंगना को फोन कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देंगे। इसके बाद कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर रामदेव का वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा- “त्योहार का दिन होता है सब भूल-चूक माफ करने के लिए। मेरे भाई बाबा रामदेव जी ने बहुत अच्छी बात कही कि विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए। आज रक्षाबंधन के दिन मैं उनकी मिठाई और बड़े भाई का प्रेम, दोनों स्वीकार करती हूं। बहुत धन्यवाद। ईश्वर आपको लंबी आयु दे।” पहले जानिए विवाद कैसे शुरू हुआ कंगना रनोट ने जेन-जी प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा था। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के युवा को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। रामदेव की इस टिप्पणी के बाद कंगना ने भी पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि बाबा रामदेव को उनकी जवानी और बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम नहीं करना चाहिए। कंगना ने फिर उठाया पुराना विवाद विवाद शांत होने के बाद अब कंगना ने एक बार फिर बाबा रामदेव की टिप्पणी का जिक्र किया है। डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि बाबा रामदेव उनसे पहले से ही नाराज चल रहे हैं। कंगना ने कहा, अभी उनसे पूछा गया कि कंगना ने प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा है, तो उन्होंने कहा, उसका बचपन देखा है क्या था, उसकी जवानी देखी है क्या थी। क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका हुआ था, उसने देखा है क्या था। क्या देखा। मुझे समझ नहीं आ रहा, ऐसा क्या देखा। बताना चाहिए था न कि क्या देखा। अब रक्षाबंधन पर रामदेव ने भेजा गिफ्ट पुराने विवाद के बीच रक्षाबंधन पर बाबा रामदेव ने अपने बयान में साफ कहा कि पुराने गिले-शिकवे भुलाकर रिश्तों में मिठास बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाद को संवाद से खत्म किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कंगना को फोन कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देने की बात भी कही। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… नेपाल की बाढ़ में उत्तराखंड के 5 लोग लापता:देहरादून के इंजीनियर कर रहे थे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लीड; 290 भारतीयों की तलाश जारी नेपाल की बाढ़ में उत्तराखंड के 5 लोग लापता हो गए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन के मुताबिक, इनमें पिथौरागढ़ के दो, हरिद्वार के दो और देहरादून से सिविल इंजीनियरिंग का पता नहीं चल पाया है। देहरादून से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले सुबोध बेलबेस नेपाल में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में सिविल इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे। (पढ़ें पूरी खबर)
सिंगर अमाल मलिक ने म्यूजिक इंडस्ट्री से ब्रेक लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अब वो नए गाने साइन नहीं करेंगे। सोशल मीडिया पर ब्रेक अनाउंस करते हुए अमाल ने सेहत, रिकवरी का हवाला दिया और भावुक नोट शेयर किया। यह ऐलान अमाल के उन हालिया बयानों के बाद आया है, जिनमें उन्होंने फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के ताकतवर लोगों पर उन्हें किनारे करने और उनके काम को लेकर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। कहा- शरीर और आत्मा को आराम देना जरूरी अमाल ने X पर लिखा, ‘मैं बिल्कुल ठीक हूं और इस बार मैं अपने लिए वही करूंगा, जो मेरे लिए सबसे अच्छा है। अब मैं सिर्फ उन्हीं चीजों पर ध्यान देना चाहता हूं, जो मेरे दिल के करीब हैं और मेरी सेहत के लिए जरूरी हैं। इस समय मुझे अपने दिमाग, शरीर और आत्मा को थोड़ा आराम देने की जरूरत है, ताकि मैं पूरी तरह से खुद को ठीक कर सकूं। जल्द ही एक नई एनर्जी के साथ वापस आना चाहता हूं और आप सभी मेरे प्यारे अमालियन्स के लिए दिल में ढेर सारे नए गाने लेकर लौटना चाहता हूं।’ सिंगर ने लिखा- मुझे विदा करो आगे उन्होंने लिखा, 'अगले साल तक मैं फिल्मों के लिए कोई नया गाना नहीं करूंगा। मेरी कुछ पुरानी और रिलीज नहीं हुई फिल्मों के गाने जल्द ही आ सकते हैं, अगर वे फिल्में रिलीज होती हैं। ये कम बजट की फिल्में हैं, जिन्हें अच्छे इरादों के साथ बनाया गया है। ऐसी फिल्मों को आसानी से सिनेमाघरों में स्क्रीन नहीं मिलतीं, इसलिए अभी यह कहना मुश्किल है कि इन फिल्मों का भविष्य क्या होगा। इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि कृपया इस बारे में मुझसे बार-बार सवाल न करें।' आखिर में अमाल ने लिखा है, ‘संगीत से सिनेमा तक का सफर मुझे बहुत दूर ले आया है। अब मैं फिर से संगीत की ओर लौटने लगा हूं।अब मुझे विदा करो। मैं जल्द वापस आऊंगा। फिलहाल कुछ समय के लिए आप सभी से विदा ले रहा हूं।’ बयानों से चर्चा में हैं अमाल मलिक, इंडस्ट्री पर लगाए आरोप ब्रेक का फैसला अमाल के पिछले कुछ महीनों में किए गए कई भावनात्मक पोस्ट के बाद आया है। इन पोस्ट में उन्होंने इंडस्ट्री में अपने संघर्ष के बारे में बात की थी। मई में उन्होंने फिल्म और म्यूजिक बिजनेस के कुछ प्रभावशाली लोगों पर उन्हें किनारे करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि पिछले कई सालों में उन्हें करीब पांच दर्जन प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। बॉलीवुड में काम जारी रखने की अपनी कोशिशों के बारे में अमाल ने कहा था, “मैं पिछले 8 साल से पूरी ईमानदारी और काम की कुछ सम्मानजनक शर्तों के साथ अपनी पूरी कोशिश कर रहा हूं, लेकिन दुख की बात है कि इस जगह पर यह काम नहीं करता।” उन्होंने आगे कहा, “इस जगह और इसके काम करने के तरीके के बारे में सच छिपाने में मेरी असमर्थता उन्हें और परेशान करती है। इसकी वजह से मुझे और मेरे परिवार को बेकार की धमकियां मिलती हैं। कुछ बहुत ताकतवर लोगों का समूह है, जो नहीं चाहता कि मैं उनकी फिल्मों या किसी भी फिल्म का हिस्सा बनूं। यह सिर्फ लेबल्स की बात नहीं है, अब मामला इससे आगे बढ़ चुका है। यह अहंकारी लोगों का मिला-जुला सिंडिकेट है।” ग्रुपिज्म और इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर भी बोले अमाल ने दावा किया था कि इंडस्ट्री की पॉलिटिक्स और ग्रुपिज्म की वजह से फिल्मों में उनका संगीत कम सुनाई देता है। ब्रेक का ऐलान करने से सिर्फ दो दिन पहले अमाल ने फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर उनके और उनके काम के खिलाफ सोशल मीडिया पर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। कुछ समय पहले ही अमाल मलिक कंपोजर तनिष्क बागची से विवाद होने से भी चर्चा में रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘करीब 10 साल तक मैंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन आज एक दशक बाद मुझे खुलकर सामने आना पड़ा, क्योंकि यहां कोई भी सही बात के लिए खड़ा नहीं होता और न ही इंडस्ट्री के गलत लोगों को बेनकाब करता है। यहां किसी में सच को सच कहने की हिम्मत नहीं है, लेकिन किसी न किसी को यह करना ही था। मैं उसके गलत कामों और अनैतिक हरकतों पर बहुत समय से चुप था।’ पारिवारिक विवाद से भी चर्चा में रहे अमाल मलिक अमाल मलिक ने बीते साल परिवार को डिप्रेशन का जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे रिश्ते खत्म कर लिए थे। सोशल मीडिया पोस्ट पर परिवार से रिश्ता तोड़ने का ऐलान करते हुए अमाल ने लिखा था, मैं अब ऐसी स्टेज पर आ गया हूं, जहां मैं दर्द नहीं छिपा सकता। सालों से मुझे ऐसा महसूस करवाया गया है कि मैं कमतर हूं, जबकि मैं लोगों को सेफ जिंदगी देने के लिए दिन रात मेहनत करता हूं। मैंने अपने हर सपने को तोड़ दिया और जाना की लोग मुझसे बुरा व्यवहार करते हैं और पूछते हैं कि मैंने क्या किया है।' आगे उन्होंने लिखा था, 'मुझसे मेरी शांति छीन ली गई है, मुझे इमोशनली निचोड़ लिया गया है, शायद आर्थिक रूप से भी, लेकिन मैं इससे ज्यादा परेशान नहीं हूं। जिस चीज से सबसे ज्यादा फर्क पड़ता है वो ये कि मैं क्लीनिकली डिप्रेशन में हूं, क्योंकि ये सब हो रहा है। हां, मेरे एक्शन के लिए मैं खुद को ही दोषी मान सकता हूं, लेकिन मेरे आत्मसम्मान को कई बार उन प्रिय लोगों के कामों ने नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मेरी आत्मा के टुकड़े चुरा लिए हैं।' बिग बॉस से किया कमबैक, अंकल अनु मलिक पर दिए विवादित बयान रिकवरी के बीच अमाल मलिक ने रियलिटी शो बिग बॉस 19 में हिस्सा लिया। शो में उन्होंने अंकल अनु मलिक पर पिता डब्बू मलिक का करियर खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अनु मलिक ने उनके पिता डब्बू मलिक से काम छीन लिया और उनका करियर बर्बाद किया। अमाल ने दावा किया कि अगर इंडस्ट्री में उनके पिता को काम मिलता था, तो अनु मलिक प्रोड्यूसर्स से कम फीस लेकर वो काम करने के लिए राजी हो जाते थे। अमाल ने बिग बॉस 19 में अनु मलिक की पत्नी पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के चलते उनके परिवार को तवज्जो नहीं दी जाती थी। एक बार वह सड़क में भीग रहे थे, लेकिन आंटी ने उन्हें देख कार के शीशे चढ़ा लिए। अमाल का बयान विवादों में आने के बाद उनके पिता डब्बू मलिक ने इस पर सफाई दी और माफी मांगी। टेली मसाला को दिए इंटरव्यू में डब्बू मलिक ने कहा, 'मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो पिन पॉइंट करके किसी पर इल्जाम लगाऊं कि इनकी वजह से मैं बना नहीं। शायद मेरी जिंदगी के उतार-चढ़ाव में ऐसी बातें डिनर टेबल पर या जिंदगी में हुई होंगी, जिन्हें बच्चों (अमाल, अरमान) ने सुना होगा।' ‘उसने (अमाल ने) 12-15 साल की उम्र में क्या सुना, क्या देखा, क्या झेला और हमारी क्या बातें हुई और वो उसके दिल में घर कर गई और आज प्रोसेस हो रही हैं। अब बिग बॉस में जाकर उसको मैं बोल तो नहीं सकता कि रुक जा, अरे तुम क्या बोल रहे हो, लेकिन अगर यह चीज किसी को भी हर्ट कर रही है और कोई भी शब्द या कोई भी बात गलत लग रही है तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं। क्योंकि मुझे किसी से कोई प्रॉब्लम नहीं है।’ अनु मलिक के मीटू विवाद पर दिया अटपटा बयान सिद्धार्थ कानन को दिए एक पुराने इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या अनु मलिक पर आरोप लगने पर आपको शर्मिंदगी हुई। इस पर अमाल ने कहा, 'जाहिर तौर पर। बहुत। जैसे मेरे उनसे रिश्ते होने चाहिए थे, वैसे नहीं थे, तो मैं उस आदमी को नहीं जानता। मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा किया या नहीं, लेकिन जाहिर है कि सोना हैं, श्वेता पंडित हैं, कई लोगों ने अपनी आवाजें उठाई हैं, तो इसमें कुछ तो सच्चाई होगी। वर्ना लोग ऐसे ही आकर ये क्यों कहते।' अमाल मलिक ने ये भी बताया है कि उनके पिता डब्बू मलिक का भी यही मानना था कि अनु मलिक पर लगे आरोप सही हैं। अमाल ने बताया कि उनके पिता ने कहा था- ‘बिना आग के धुआं नहीं होता। 4-5 लोग आकर किसी के बारे में कुछ नहीं कह सकते।’ बताते चलें कि अमाल मलिक के पिता डब्बू मलिक और अनु मलिक भाई हैं। बीते कुछ सालों से दोनों परिवारों के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं।
रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है। भाई भी अपनी बहन को कुछ न कुछ गिफ्ट देता है, लेकिन संजय दत्त की जिंदगी में एक रक्षाबंधन ऐसा भी आया था, जब उनकी बहनों ने उन्हें जेल में राखी बांधी और उन्हें तोहफे में 2-2 रुपए के कूपन दिए थे। 1994 में संजय दत्त ठाणे सेंट्रल जेल में थे बात जुलाई 1994 की है। अवैध हथियार रखने के मामले में संजय दत्त की अंतरिम जमानत रद्द हो गई थी। इसके बाद उन्हें ठाणे सेंट्रल जेल भेज दिया गया। उन्हें जेल की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली अंडा बैरक में रखा गया था। यहां खतरनाक अपराधियों और टाडा के आरोपियों को रखा जाता था। संजय दत्त पर लिखी यासिर उस्मान की किताब के मुताबिक, संजय दत्त जिस बैरक में थे, वह करीब 10x10 फीट की थी। वहां न धूप आती थी और न बाहर की दुनिया दिखाई देती थी। कमरे में एक छोटा बल्ब, गद्दा और बिना फ्लश वाला शौचालय था। संजय ने बाद में बताया था कि जेल में शुरुआती डेढ़ महीने काफी मुश्किल रहे। उन्हें दूसरे कैदियों से मिलने की इजाजत भी नहीं थी। अकेलापन इतना ज्यादा था कि वह समय बिताने के लिए घंटों चींटियों को चलते देखते थे। इस मुश्किल समय में उनके पिता सुनील दत्त बेटे की जमानत के लिए लगातार कोशिश कर रहे थे। वहीं उनकी बहनें प्रिया और नम्रता भी संजय से मिलने जेल जाती थीं। कई बार उन्हें भाई से दूर से ही मिलने का मौका मिलता था। वहीं, रक्षाबंधन पर बहनों ने जेल में उन्हें राखी बांधी। उस समय संजय के पास देने के लिए कोई तोहफा नहीं था। उन्होंने अपनी बहनों को सिर्फ जेल की कैंटीन के दो-दो रुपए वाले चाय-नाश्ते के कूपन दिए और कहा था, ‘मेरे पास फिलहाल यही है।’ बता दें कि संजय दत्त और उनकी बहनों के रिश्ते में उतार-चढ़ाव आए। साल 2008 में संजय दत्त ने मान्यता दत्त से शादी की थी। शुरुआत में परिवार के कुछ सदस्यों ने इस रिश्ते को आसानी से स्वीकार नहीं किया था। प्रिया और मान्यता के बीच भी कुछ समय तक दूरी रही। संजय के राजनीति में आने को लेकर भी प्रिया से उनके मतभेद सामने आए थे। लेकिन बाद में परिवार में रिश्ते सुधरते गए। संजय और मान्यता के जुड़वां बच्चों के जन्म के बाद दूरियां कम हुईं। साल 2020 में संजय दत्त को कैंसर हुआ, तो उनकी बहनें फिर उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। प्रिया और नम्रता ने इलाज के दौरान भाई का साथ दिया। ……….. यह खबर भी पढ़ें… ‘अरे बेवकूफों, क्या एक मुसलमान, मुसलमान को राखी बांधता है?’: पत्नी जरीना वहाब को दाऊद इब्राहिम से जोड़ने पर भड़के थे आदित्य पंचोली 2000 के दशक में कुछ हिंदी अखबारों और मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि मुंबई में आदित्य पंचोली की 'दादागिरी' इसलिए चलती है क्योंकि उनकी पत्नी और अभिनेत्री जरीना वहाब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती हैं। इस दावे पर आदित्य पंचोली ने कड़ी नाराजगी जताई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
2000 के दशक में कुछ हिंदी अखबारों और मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि मुंबई में आदित्य पंचोली की 'दादागिरी' इसलिए चलती है क्योंकि उनकी पत्नी और अभिनेत्री जरीना वहाब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती हैं। इस दावे पर आदित्य पंचोली ने कड़ी नाराजगी जताई थी। आप की अदालत में दिए एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “मेरी बीवी 17 साल की उम्र से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रही है। एक भी उंगली आज तक उस पर नहीं उठी। वह एक मुस्लिम औरत है। मैं बोलता हूं, वो पाक है, देवी है। उन्होंने आगे कहा था, उसके बारे में लिखा गया कि वो इसलिए दादागिरी करता है क्योंकि आदित्य पंचोली की बीवी जरीना वहाब, दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती है। अरे बेवकूफों, लिखने से पहले सोचो, क्या एक मुसलमान, मुसलमान को राखी बांधता है?” आदित्य और जरीना की मुलाकात 1986 में हुई थी आदित्य पंचोली और जरीना वहाब की लव स्टोरी बॉलीवुड की सबसे चर्चित और अनोखी कहानियों में से एक है। दोनों की पहली मुलाकात साल 1986 में नारी हीरा की वीडियो फिल्म ‘कलंक का टीका’ के सेट पर हुई थी। जरीना वहाब के मुताबिक, आदित्य उनसे उम्र में लगभग 5 साल छोटे थे और पहली मुलाकात में ही उन्हें बेहद हैंडसम लगे थे। फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए और उन्हें प्यार हो गया। दोनों का प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि पहली मुलाकात के महज 15 से 20 दिनों के अंदर ही दोनों ने साल 1986 में शादी कर ली। यह शादी उस दौर में इसलिए भी बहुत चर्चा में रही क्योंकि जरीना मुस्लिम थीं और आदित्य हिंदू। जरीना की मां रिश्ते को लेकर चिंतित थीं जरीना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी मां शुरुआत में इस रिश्ते को लेकर काफी चिंतित थीं, क्योंकि आदित्य दूसरे धर्म के थे और उम्र में छोटे थे। लेकिन जरीना ने अपनी मां को समझाते हुए कहा था, ‘मां, हिंदू-मुसलमान सब एक जैसे हैं। आप ही कहती हैं कि अल्लाह की मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। तो मेरी जिंदगी का इतना बड़ा फैसला भी अल्लाह ने ही लिया है। यह फैसला मैंने नहीं, उन्होंने लिया है।’ जरीना की बात सुनकर उनके परिवार ने इस शादी को स्वीकार कर लिया। जरीना ने लहरें को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उनकी शादी निकाह के तरीके से हुई थी। जब उनसे पूछा गया था कि क्या आदित्य ने इस्लाम कबूल किया था, तो उन्होंने कहा, “उन्होंने धर्म नहीं बदला था, लेकिन मुस्लिम रीति के अनुसार उन्हें अपना नाम बदलना पड़ा था, इसलिए उन्होंने ऐसा किया।” जरीना वहाब ने बताया था कि उनकी बेटी का नाम सना एक पाकिस्तानी शो के किरदार से प्रेरित था। वहीं बेटे का नाम सूरज रखा गया, क्योंकि आदित्य की एक फिल्म में उनके किरदार का नाम सूरज था। बच्चों के नाम मुस्लिम या हिंदू रखने को लेकर परिवार में कोई चर्चा नहीं हुई। जरीना ने कहा था कि सना और सूरज को अपनी धार्मिक पहचान खुद चुनने की आजादी दी गई। दोनों के करियर की बात करें तो जरीना वहाब ने 1970 के दशक में फिल्मों में पहचान बनाई। 1976 की ‘चितचोर’ और 1977 की ‘घरौंदा’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। ‘घरौंदा’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेशन भी मिला था। उन्होंने हिंदी के साथ मलयालम और दूसरी भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया। बाद में टीवी और फिल्मों में चरित्र भूमिकाओं में भी नजर आईं। वहीं आदित्य पंचोली ने 1980 के दशक में अभिनय की शुरुआत की। ‘दयावान’, ‘कब तक चुप रहूंगी’, ‘कातिल’ जैसी फिल्मों से उन्होंने पहचान बनाई। आगे चलकर ‘यस बॉस’, ‘बॉडीगार्ड’, ‘रेस 2’, ‘जय हो’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। उनके करियर में हीरो के साथ-साथ विलेन और कैरेक्टर रोल भी अहम रहे। ……….. यह खबर भी पढ़ें… जब जेल में बहनों ने बांधी संजय दत्त को राखी: रक्षाबंधन पर बहनों को तोहफे में दिए थे चाय-नाश्ते के 2-2 रुपए के कूपन रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है। भाई भी अपनी बहन को कुछ न कुछ गिफ्ट देता है, लेकिन संजय दत्त की जिंदगी में एक रक्षाबंधन ऐसा भी आया था, जब उनकी बहनों ने उन्हें जेल में राखी बांधी और उन्हें तोहफे में 2-2 रुपए के कूपन दिए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
दिशा पाटनी की बॉलीवुड तक पहुंचने की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बरेली से निकलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बीच मॉडलिंग शुरू करने वाली दिशा 500 रुपए लेकर मुंबई पहुंची थीं। यहां उन्हें लगातार ऑडिशन देने पड़े और ‘हीरोपंती’ का ऑडिशन फेल हो गया। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इंजीनियरिंग छोड़कर एक्टिंग को करियर बना लिया। 2015 में ‘लोफर’ से फिल्मी सफर शुरू हुआ, लेकिन 2016 की ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। इसके बाद ‘बागी 2’, ‘भारत’, ‘मलंग’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। हाल में उनकी मल्टीस्टार फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘अवारापन 2’ रिलीज हुई है। आज की सक्सेस स्टोरी में दिशा पाटनी की निजी जिंदगी और करियर से जुड़ी कुछ और खास बातें... बरेली में जन्म, पुलिस अधिकारी पिता और हेल्थ इंस्पेक्टर मां का परिवार दिशा पाटनी का जन्म 13 जून 1992 को उत्तर प्रदेश के बरेली में हुआ। उनका परिवार उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की राजपूत पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता जगदीश सिंह पाटनी पुलिस अधिकारी और मां हेल्थ इंस्पेक्टर हैं। बड़ी बहन खुशबू पाटनी भारतीय सेना में मेजर रह चुकी हैं और फिटनेस से भी जुड़ी हैं। छोटा भाई सूर्यांश पाटनी है। जिस दुनिया में दिशा बाद में ग्लैमर और फिल्म स्टारडम के लिए पहचानी गईं, उसकी शुरुआत एक सामान्य और अनुशासित पारिवारिक माहौल से हुई थी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बीच आया मॉडलिंग का मौका दिशा ने लखनऊ की एमिटी यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की थी। लेकिन उनकी जिंदगी में ऐसा मोड़ आया, जिसने उन्हें पढ़ाई से कैमरे की दुनिया तक पहुंचा दिया। दिशा ने बाद में ‘आज तक’ को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह नोएडा से बीटेक कर रही थीं और सेकेंड ईयर में उन्हें मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे। इन्हीं ऑफर्स से उनका मुंबई आना-जाना शुरू हुआ। पढ़ाई और मॉडलिंग के बीच संतुलन बनाना मुश्किल होता गया। आखिरकार उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई दूसरे साल में छोड़ दी और मॉडलिंग को करियर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। तब शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि कैमरे के सामने किया यह काम आगे चलकर उन्हें बॉलीवुड के बड़े सितारों के बीच पहुंचा देगा। 18 साल की उम्र में मॉडलिंग, फिर मिस इंडिया तक पहुंचीं दिशा ने कम उम्र में मॉडलिंग शुरू कर दी थी। 2020 में ‘फिल्मीबीट’ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्होंने 18 साल की उम्र में मॉडल के तौर पर काम शुरू किया था। उनके मुताबिक उस समय उन पर कई जिम्मेदारियां थीं और उन्होंने परिवार पर आर्थिक रूप से निर्भर रहने के बजाय खुद काम करके अपना खर्च संभाला। 19 साल की उम्र में जब वह मुंबई आई थीं, तब शहर में उन्हें कोई जानने वाला नहीं था। फिल्मी परिवार से न होने के कारण उन्हें अपना रास्ता खुद बनाना था। वह अकेली रहती थीं, ऑडिशन देती थीं और अपनी जरूरतों का खर्च खुद उठाती थीं। मुंबई आने के समय उनके पास सिर्फ 500 रुपए थे। टीवी विज्ञापनों के ऑडिशन रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए थे। किराया देने का दबाव इतना था कि उनके लिए हर काम पहले नौकरी जैसा था। मॉडलिंग के दौरान दिशा ने कई विज्ञापनों में काम किया। 2013 में उन्होंने पॉन्ड्स फेमिना मिस इंडिया इंदौर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और फर्स्ट रनर-अप रहीं। इससे उन्हें मॉडलिंग में और पहचान मिली। दिशा का लक्ष्य सिर्फ रैंप तक सीमित नहीं था। कैमरे के सामने काम करते हुए उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें एक्टिंग ज्यादा पसंद है। मॉडलिंग उनके लिए मंजिल के बजाय बॉलीवुड तक पहुंचने का रास्ता बनने लगी। पहला ऑडिशन सफल नहीं हुआ, ‘हीरोपंती’ में मौका हाथ से निकला दिशा की कहानी का दिलचस्प हिस्सा यह है कि उनका पहला बड़ा फिल्मी ऑडिशन सफल नहीं हुआ था। उन्होंने टाइगर श्रॉफ की डेब्यू फिल्म ‘हीरोपंती’ के लिए ऑडिशन दिया था। उस समय दिशा और टाइगर एक-दूसरे को जानते तक नहीं थे। ‘बॉलीवुड हंगामा’ को दिए इंटरव्यू में दिशा ने बताया था कि उस समय वह पढ़ाई कर रही थीं और एक शूट के सिलसिले में मुंबई आई थीं। वह खुद को एक्टर नहीं मानती थीं और एक्टिंग के बारे में ज्यादा नहीं जानती थीं। उन्हें सिर्फ ऑडिशन के लिए बुलाया गया था। दिशा ने माना कि उनका ऑडिशन खराब था। उन्होंने यह भी बताया कि वह फिल्म के बारे में ज्यादा नहीं जानती थीं और मुंबई शिफ्ट भी नहीं हुई थीं। जिस फिल्म से टाइगर श्रॉफ का बॉलीवुड डेब्यू हुआ, उसी फिल्म में दिशा का सफर शुरू नहीं हो सका। लेकिन यह असफलता आगे की कहानी में अहम साबित हुई, क्योंकि दिशा रुकी नहीं। तेलुगु फिल्म ‘लोफर’ से एक्टिंग डेब्यू 2015 में दिशा को फिल्मी दुनिया में पहला बड़ा मौका मिला। उन्होंने पुरी जगन्नाध की तेलुगु फिल्म ‘लोफर’ में वरुण तेज के साथ काम किया। फिल्म में उन्होंने मौनी का किरदार निभाया था। यहीं से उनका आधिकारिक एक्टिंग करियर शुरू हुआ। ‘लोफर’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी। लेकिन दिशा के लिए यह फिल्म महत्वपूर्ण थी, क्योंकि उन्हें पहली बार बड़े पर्दे पर खुद को साबित करने का मौका मिला था। कई कलाकारों के लिए पहली फिल्म की असफलता करियर रोक देती है। दिशा के मामले में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने अगले मौके का इंतजार किया और वही फिल्म उनके करियर की बड़ी शुरुआती सीढ़ी बनी। ‘एमएस धोनी’ ने बदली किस्मत 2016 में दिशा को वह फिल्म मिली जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई- ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’। नीरज पांडे निर्देशित इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत ने महेंद्र सिंह धोनी की भूमिका निभाई थी। दिशा ने प्रियंका झा का किरदार निभाया, जो धोनी की जिंदगी का बेहद भावनात्मक अध्याय था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई और दिशा के काम को नोटिस किया गया। उनका स्क्रीन टाइम ज्यादा नहीं था, लेकिन प्रियंका के किरदार की कहानी भावनात्मक थी। यही वजह रही कि उनकी स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को याद रह गई। इस फिल्म के बाद दिशा को सिर्फ मॉडल या नई एक्ट्रेस के तौर पर नहीं देखा गया। उन्हें ऐसी अभिनेत्री के रूप में पहचान मिलने लगी, जिसमें ग्लैमर के साथ भावनात्मक किरदार निभाने की क्षमता है। इस फिल्म के लिए उन्हें आईफा में ‘स्टार डेब्यू ऑफ द ईयर- फीमेल’ का पुरस्कार मिला। इसके अलावा उन्हें कई अन्य डेब्यू अवॉर्ड्स और नामांकन मिले। जैकी चैन के साथ इंटरनेशनल प्रोजेक्ट ‘एमएस धोनी’ के बाद दिशा का अगला बड़ा पड़ाव बॉलीवुड के बाहर था। 2017 में वह जैकी चैन की फिल्म ‘कुंग फू योगा’ में नजर आईं। फिल्म में सोनू सूद और अन्य कलाकार भी थे। इस प्रोजेक्ट से दिशा को इंटरनेशनल दर्शकों के सामने आने का मौका मिला। एक तरफ वह बॉलीवुड में जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट का अनुभव ले रही थीं। लेकिन दिशा को असली कमर्शियल स्टारडम अभी मिलना बाकी था। ‘बागी 2’ ने बनाया कमर्शियल स्टार 2018 में दिशा की फिल्म ‘बागी 2’ रिलीज हुई। इसमें वह टाइगर श्रॉफ के साथ नजर आईं। दोनों इससे पहले म्यूजिक वीडियो ‘बेफिक्रा’ में साथ काम कर चुके थे। ‘बागी 2’ उनकी टाइगर श्रॉफ के साथ पहली फिल्म थी, जिसमें दोनों की जोड़ी बड़े पर्दे पर दिखाई दी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया और दुनिया भर में 258 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया। यह 2018 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों में शामिल रही। दिशा के लिए ‘बागी 2’ महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इससे उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। उनका ग्लैमरस लुक, फिटनेस और टाइगर के साथ ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री चर्चा में रही। हालांकि समीक्षकों ने उनके किरदार की सीमाओं पर सवाल भी उठाए। दिशा के करियर की दिलचस्प सच्चाई यही रही- उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई, लेकिन बतौर अभिनेत्री उन्हें मजबूत भूमिकाओं की तलाश भी रही। सलमान खान के साथ ‘भारत’, फिर ‘राधे’ 2019 में दिशा को सलमान खान के साथ काम करने का मौका मिला। अली अब्बास जफर की ‘भारत’ में उन्होंने राधा का किरदार निभाया और ‘स्लो मोशन’ गाने में सलमान के साथ नजर आईं। फिल्म कमर्शियल तौर पर सफल रही और साल की बड़ी फिल्मों में शामिल हुई। दिशा ने ‘भारत’ को लेकर कहा था कि वह फिल्म से खुश थीं, क्योंकि उन्हें डांस करना पसंद है और वह ऐसा बॉलीवुड गाना करना चाहती थीं। उन्होंने सलमान खान और कोरियोग्राफर वैभवी मर्चेंट के साथ काम करने को खास अनुभव बताया था। इसके बाद सलमान और दिशा की जोड़ी ‘राधे’ में फिर नजर आई। हालांकि फिल्म को आलोचकों से खास प्रतिक्रिया नहीं मिली और कोविड-19 के कारण इसकी रिलीज प्रभावित हुई। ‘मलंग’ में ग्लैमर से आगे बढ़ने की कोशिश 2020 की ‘मलंग’ दिशा के लिए अलग तरह का प्रोजेक्ट था। मोहित सूरी की इस फिल्म में उनके साथ आदित्य रॉय कपूर, अनिल कपूर और कुणाल खेमू थे। दिशा ने सारा नांबियार का किरदार निभाया। फिल्म को व्यावसायिक रूप से मध्यम सफलता मिली, लेकिन दिशा को पहले की तुलना में ज्यादा स्क्रीन स्पेस मिला। उनके स्क्रीन टाइम और प्रदर्शन को सकारात्मक तरीके से नोट किया गया था। दिशा ने अपने करियर को लेकर कहा था कि वह सिर्फ नंबर वन बनने के लिए फिल्में साइन नहीं करतीं। उनके लिए जरूरी है कि वह चुनी गई भूमिका के सफर को एंजॉय करें। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म चुनते समय वह अपनी ‘इनर वॉइस’ पर भरोसा करती हैं। यही बात दिशा की करियर स्ट्रैटेजी को अलग करती है। उनकी फिल्मोग्राफी में बड़ी कमर्शियल फिल्में हैं, लेकिन उन्होंने खुद को हर फिल्म में एक ही तरह से पेश करने की कोशिश नहीं की। ‘हर फिल्म के सेट पर खुद को नया कलाकार मानती हूं’ अपने एक्टिंग ग्रोथ को लेकर दिशा पाटनी ने कहा था कि हर फिल्म करते समय उन्हें लगता है कि उन्होंने पहले जो सीखा था, वह भूल गई हैं और सेट पर खुद को नए कलाकार की तरह महसूस करती हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक्टिंग की कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं ली। उन्होंने ऑडिशन और काम करते हुए एक्टिंग सीखी। उनके लिए हर फिल्म सीखने की प्रक्रिया रही। यह बयान अहम है, क्योंकि दिशा का करियर किसी फिल्म स्कूल या लंबे थिएटर अनुभव से शुरू नहीं हुआ था। मॉडलिंग, विज्ञापन, ऑडिशन और लगातार काम- यही उनका प्रशिक्षण बनता गया। फिटनेस और एक्शन बनीं पहचान दिशा की पहचान सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही। फिटनेस और डांस उनकी पब्लिक इमेज का बड़ा हिस्सा हैं। जिम, जिम्नास्टिक और फिटनेस से जुड़े वीडियो और तस्वीरों के कारण वह सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहती हैं। एक्शन फिल्मों में भी उनकी रुचि दिखाई दी। दिशा ने कहा था कि वह एक आउट-एंड-आउट एक्शन फिल्म करना चाहती हैं। उनके मुताबिक अगर दर्शक किसी लड़की को एक्शन करते हुए देखना चाहते हैं और उनकी धारणा बदलती है, तो ऐसी फिल्मों के लिए रास्ता और खुलेगा। यानी दिशा खुद को सिर्फ ग्लैमरस भूमिकाओं तक सीमित नहीं देखना चाहती थीं। ‘राधे’ से ‘एक विलेन रिटर्न्स’ तक आया उतार ‘मलंग’ के बाद दिशा के करियर में उतार-चढ़ाव आए। 2021 में ‘राधे’ रिलीज हुई और 2022 में वह ‘एक विलेन रिटर्न्स’ में नजर आईं। दोनों फिल्मों को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। ‘एक विलेन रिटर्न्स’ में उन्होंने थ्रिलर कहानी से जुड़ा किरदार निभाया, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। इसके बाद 2024 में ‘योद्धा’ आई। फिल्म में दिशा ने एक्शन से जुड़ा किरदार निभाया और उनके फाइट सीक्वेंस की तारीफ हुई, हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। लेकिन उसी साल ‘कल्कि 2898 एडी’ ने तस्वीर बदल दी। फिल्म में दिशा का रोल छोटा था, लेकिन यह जबरदस्त कमर्शियल सफलता रही। ‘कंगुवा’ और नई इंडस्ट्री में कदम 2024 में दिशा ने तमिल सिनेमा में कदम रखा। वह सूर्या स्टारर ‘कंगुवा’ में नजर आईं और एंजेलिना का किरदार निभाया। हालांकि फिल्म को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली और उनके किरदार के स्क्रीन स्पेस पर भी सवाल उठे। यह दौर बताता है कि दिशा का करियर हमेशा सीधी रेखा में नहीं चला। कभी बड़ी हिट मिली, कभी फिल्म असफल हुई, कभी भूमिका की तारीफ हुई तो कभी सीमित स्क्रीन टाइम के लिए आलोचना झेलनी पड़ी। 2026 में भी जारी है सफर 2025 में उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई, लेकिन 2026 में दिशा की फिल्मोग्राफी में कई प्रोजेक्ट जुड़े। ‘ओ'रोमियो’ में वह जूली के किरदार में नजर आईं। इसके अलावा ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘अवारापन 2’ भी उनके करियर का हिस्सा बने। ‘अवारापन 2’ में उन्होंने इमरान हाशमी के साथ मुख्य भूमिका निभाई। यह 2007 की चर्चित ‘अवारापन’ का सीक्वल है। अपने करियर के एक दशक से ज्यादा समय बाद भी दिशा अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन रही हैं। स्टारडम के बीच भी खुद को ‘इंट्रोवर्ट’ मानती हैं दिशा की सोशल मीडिया छवि बेहद ग्लैमरस है, लेकिन ‘फिल्मीबीट’ से बातचीत में उन्होंने वास्तविक जीवन को काफी अलग बताया था। उन्होंने कहा था कि वह इंट्रोवर्ट हैं, सामाजिक कार्यक्रमों में असहज महसूस करती हैं और घर पर रहना ज्यादा पसंद करती हैं। बचपन के दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि स्कूल में उनके छोटे बाल थे, वह टॉमबॉय की तरह रहती थीं और उन्हें ‘जादू’ कहकर चिढ़ाया जाता था। लेकिन उस समय वह अपनी छोटी-सी दुनिया में इतनी व्यस्त रहती थीं कि इन बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेती थीं। शायद यही वजह है कि कैमरे के सामने आत्मविश्वासी दिखाई देने वाली दिशा निजी जिंदगी में खुद को अलग तरह से देखती हैं। _______________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. रेणुका शहाणे कास्टिंग काउच से जूझीं:‘हम आपके...’ के बाद फिल्में छोड़ीं; एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर वाली महिला का रोल किया, लोग बोले- उम्मीद नहीं थी रेणुका शहाणे का नाम आते ही लोगों के जेहन में ‘हम आपके हैं कौन’ की संस्कारी भाभी पूजा और ‘सुरभि’ का सहज चेहरा उभरता है। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ एक सुपरहिट फिल्म और लोकप्रिय टीवी शो तक सीमित नहीं है। मनोविज्ञान की पढ़ाई से लेकर थिएटर, टीवी, फिल्मों और निर्देशन तक रेणुका ने हर पड़ाव पर अपनी शर्तों पर काम किया।पूरी खबर पढ़ें..
बॉक्स ऑफिस पर आया Toxic का तूफान, दूसरे ही दिन यश की फिल्म ने पार किया 120 करोड़ का आंकड़ा
यश की फिल्म 'टॉक्सिक' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की। फिल्म ने पहले ही दिन 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था, जानिए दूसरे दिन की कमाई।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक 332 शव बरामद किए जा चुके हैं। बॉलीवुड फिल्म परिणीता और कहानी में नजर आ चुके पॉपुलर बंगाली एक्टर खराज मुखर्जी और उनकी पत्नी प्रतिभा मुखर्जी भी नेपाल बाढ़ में फंसे हैं। वह एक फिल्म की शूटिंग के लिए नेपाल गए थे। खराज मुखर्जी लगातार परिवार के संपर्क में थे, फिर बाढ़ के बाद अचानक उनका नंबर बंद हो गया। उनके साथ शूटिंग यूनिट के कई और साथी भी थे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में एक्टर के परिवार के सदस्य के अनुसार लिखा गया है, खराज और उनकी पत्नी अब सुरक्षित हैं, हालांकि आसपास की स्थिति बिगड़ी हुई है। वह नेपाल से नहीं निकल पा रहे हैं। खराज के साथ एक्टर रजताभ दत्ता भी फंसे हुए हैं। काठमांडू में मौजूदा हालात के कारण उनका ग्रुप वहां से उड़ान नहीं भर सका। अब उनकी योजना सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंचने की है। इसके बाद वे गोरखपुर से कोलकाता के लिए फ्लाइट लेंगे। कौन हैं खराज मुखर्जी? बंगाली एक्ट्रेस भी बाढ़ में फंसी नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बीच बांग्लादेशी अभिनेत्री अपु बिस्वास फंस गई हैं। वह एक फिल्म की शूटिंग के लिए नेपाल में थीं। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल पोखरा में सुरक्षित हैं और ढाका लौटने की तैयारी कर रही हैं। एक्टर अंकुर रतन बाढ़ से बाल-बाल बचे एक्टर अंकुर रतन नेपाल की बाढ़ से बाल-बाल बचने के बाद भी यकीन नहीं कर पा रहे हैं। कई वेब सीरीज और ‘माई’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके रतन बुधवार को आई बाढ़ से एक दिन पहले नेपाल के रसुवा जिले में थे। बुधवार को यहां आई भयानक बाढ़ में कई लोगों की मौत हुई, जबकि 500 से ज्यादा लोग लापता हैं। अंकुर रतन 22 अगस्त को काठमांडू पहुंचे थे। वे महाराष्ट्र के रजिस्टर्ड क्लब SAAD माउंटेनियर्स के ग्रुप के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर हैं। उनके साथ उनकी पत्नी शिल्पा सुचक और उनकी कजिन सोनाली कपाड़िया भी यात्रा पर हैं। रतन ने कहा कि वे तीनों बाढ़ वाली जगह से 12 से 16 घंटे पहले वहां से गुजर चुके थे। अंकुर रतन ने गुरुवार को द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हम सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर बहुत उत्साहित थे। सिर्फ एक दिन पहले मेरी पत्नी, एक कजिन और मैं वहां तस्वीरें ले रहे थे।” SAAD माउंटेनियर्स के संस्थापक सदस्य राजन देशमुख ने कहा, “सिर्फ 18 घंटे पहले हम इसी जगह पर थे। क्या नसीब है अपना।” SAAD ग्रुप के सदस्य पुणे के एडवोकेट सुरेंद्र दातार और सोनल दातार ने भी कहा कि वे इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि हादसे से सिर्फ 7 से 8 घंटे पहले वे उसी जगह पर थे। 332 शव बरामद, कई लोगों से संपर्क टूटा नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक 332 शव बरामद किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा 121 शव चितवन जिले से बरामद हुए हैं। बड़ी संख्या में डेड-बॉडी मिलने से उन्हें सुरक्षित रखने के लिए जगह कम पड़ रही है। चितवन की मॉर्चुरी (शवगृह) में सिर्फ 50 डेड-बॉडी रखने की सुविधा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव और लापता लोगों की तलाश जारी है। करीब 1,500 लोगों की तलाश की जा रही है। भारत के 288 नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 73 भारतीय भी शामिल हैं। बाढ़ में फंसे 21 भारतीयों को बचाया गया है, जिनमें से 11 की पहचान हो चुकी है। नेपाल में सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
कंगना रनोट ने कुछ समय पहले Gen-Z को गटरछाप कहा था। इस पर रामदेव बाबा ने कहा “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता।” कंगना ने इस पर कहा कि बाबा रामदेव मेरी जवानी और बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम न करें। विवाद लगभग खत्म हो चुका था, लेकिन कंगना ने फिर एक बार इस विवाद पर बयान दिया है। कंगना रनोट ने डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है, 'बाबा रामदेव मुझसे पहले ही नाराज चल रहे हैं। अभी उनसे पूछा गया कि कंगना ने प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा है, तो उन्होंने कहा, उसका बचपन देखा है क्या था, उसकी जवानी देखी है क्या थी। क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका हुआ था, उसने देखा है क्या था। क्या देखा। मुझे समझ नहीं आ रहा, ऐसा क्या देखा। बताना चाहिए था न कि क्या देखा।' कंगना रनोट ने इन विवादों पर भी दिया रिएक्शन- कृति सेनन एड विवाद- कंगना रनोट लगातार कृति सेनन के उस रक्षाबंधन एड की आलोचना कर रही हैं, जिसमें उन्होंने रिवीलिंग कपड़े पहने थे। कंगना ने इस विवाद पर कहा है कि क्या इस तरह के कपड़े किसी मुस्लिम फेस्टिवल में पहने दिखाए जा सकते हैं। एक्ट्रेस ने कहा कि एक फेस्टिवल कल्चर रिप्रेसेंट करता है, जिसमें इस तरह के ब्रालेट नहीं पहने जा सकते। भड़काऊ बयान देने पर रिएक्शन- कंगना ने लगातार मुद्दों पर विवादित बयान देने पर भी रिएक्शन दिया है। कंगना ने कहा कि अगर कॉकरोच है, तो उसे चप्पल से ही मारा जाएगा। उसे हाथ से नहीं मारा जाता या उसे किस नहीं किया जा सकता। वहीं अगर तितली हो, तो लोग उसे पकड़ते हैं, तस्वीरें क्लिक करते हैं। उनका कहना है कि जिस तरह के लोग बयान देते हैं, उस पर वो वैसे ही जवाब देती हैं। कंगना बोलीं- मैं बीजेपी की पपेट नहीं- कंगना ने बयानों को पार्टी से जोड़े जाने पर कहा, जब बहुत ज्यादा शोर होता है, तो कहीं न कहीं आपको भी चिल्लाना पड़ता है। मैं कई बार तगड़े बयान दे देती हूं, पर मैं जानबूझकर ऐसा नहीं करना चाहती। तो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मैं कोई पपेट थोड़ी ना हूं। बीजेपी आज मेरे साथ है, कल हो या ना हो। दो साल से मैं पार्लियामेंट की मेंबर हूं। 20 साल से मैं कलाकार हूं। मेरा एक वजूद है। मैं अगर खड़ी हो जाऊं तो 20 प्रेस वाले आएंगे और मेरी बात सुनेंगे।' क्या था कंगना रनोट और रामदेव बाबा का पूरा विवाद? कंगना रनोट ने जेन-जी प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा था। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के युवा को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। इस पर कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।”
केजीएफ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक को लगातार दर्शकों के नेगेटिव रिव्यू मिल रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य वेबसाइट्स में फिल्म को काफी निराशाजनक रेटिंग मिली है। इसी बीच अब फिल्म के मेकर्स पर बुक माय शो से फिल्म की रेटिंग हटवाने के आरोप लग रहे हैं। बुक माय शो पर आमतौर पर हर रिलीज हुई फिल्म की रेटिंग दिखाई जाती है। कुछ समय पहले तक फिल्म टॉक्सिक को बुक माय शो पर 5.5 रेटिंग मिली थी, लेकिन अब ये रेटिंग हटा दी गई है। इसके बदले वेबसाइट पर सिर्फ लाइक नजर आ रहे हैं। जबकि अन्य फिल्मों की रेटिंग अब भी मौजूद है। सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि दर्शकों से खराब रिव्यू मिलने के बाद रेटिंग हटा दी गई। हालांकि, रेटिंग हटाने को लेकर बुक माय शो या फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। एक्स के एक यूजर ने आरोप लगाते हुए लिखा, “बुक माय शो ने टॉक्सिक फिल्म की रेटिंग बंद कर दी। यह इतनी खराब थी कि 5.5/10 मिली, BMS के इतिहास में सबसे खराब।” एक दिन में कमाए 100 करोड़, फिर फ्लॉप का डर क्यों? फिल्म टॉक्सिक 26 अगस्त को रिलीज हुई। इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन ही भारत में 101 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है। लेकिन इसके बावजूद फिल्म के फ्लॉप होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वजह है फिल्म की हाइप और अब आने वाले नेगेटिव रिव्यू। पहले दिन फिल्म को 24579 शोज मिले, जिसकी ऑक्यूपेंसी 57 पर्सेंट रही। वीक डे होने के बावजूद, दर्शक बड़ी संख्या में फिल्म देखने पहुंचे, लेकिन दोपहर तक फिल्म के नेगेटिव रिव्यू चर्चा में आ गए। फिल्म की आलोचना का एक कारण ये भी रहा कि पिछले कुछ महीनों से मेकर्स लगातार इसे बड़े स्केल और बड़े बजट में तैयार करने की बात कर रहे थे, जिससे फिल्म से ज्यादा उम्मीदें जुड़ी थीं। जानिए क्यों उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी टॉक्सिक 3 साल और 500-1000 करोड़ बजट- फिल्म 2023 में बनना शुरू हुई और 3 साल बाद 2026 में रिलीज हुई। फिल्म को 500-1000 करोड़ के बड़े बजट में बनाया गया, जिससे ये देश की सबसे महंगी फिल्मों में से एक बनी। जाहिर तौर पर इस बड़े बजट के साथ दर्शकों को बेहतरीन विजुअल और स्टोरी की उम्मीद थी, जिस पर फिल्म खरी नहीं उतरी। बार-बार पोस्टपोन- फिल्म सबसे पहले 10 अप्रैल 2025 को रिलीज होनी थी, हालांकि मेकर्स ने ये कहते हुए इसे पोस्टपोन कर दिया कि इसे विजुअली और बेहतरीन बनाने की जरुरत है। कुछ समय बाद इसे 19 मार्च 2026 के लिए शेड्यूल किया गया, जिस दिन धुरंधर 2 रिलीज हुई। मेकर्स ने रिलीज से ठीक पहले इसे पोस्टपोन कर दिया और मिडिल ईस्ट वॉर का हवाला दिया। इसके बाद फिल्म 4 जून 2026 और फिर बाद में 26 अगस्त के लिए शेड्यूल की गई। बार-बार पोस्टपोन करने से फैंस में इसे लेकर एक्साइटमेंट थीं, लेकिन जब फिल्म आई, तो इसमें कोई खास कहानी या विजुअल इफेक्ट्स नजर नहीं आए, जिनका हवाला देकर फिल्म बार-बार पोस्टपोन की गई। कास्टिंग दमदार, लेकिन किरदारों में असर नहीं- इस फिल्म की कास्टिंग लंबे समय से चर्चा में थी। फिल्म में कन्नड़ स्टार यश के साथ बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक कियारा आडवाणी की कास्टिंग हुई। ये कियारा की मदरहुड के बाद कमबैक फिल्म थी। उन्होंने कुछ समय पहले ही बॉलीवुड की सबसे बड़ी फ्रैंचाइजी में से एक डॉन की तीसरी फिल्म डॉन 3 छोड़ी थी। फैंस को उम्मीद थी कि डॉन 3 छोड़ने के बाद अगर कियारा ने कमबैक के लिए टॉक्सिक चुनी है, तो इसमें उनका किरदार दमदार होगा, लेकिन फिल्म देखने के बाद हर कोई निराश था। कियारा के किरदार को कम स्क्रीनटाइम दिया गया है, उनका किरदार फिल्म में कोई असर नहीं छोड़ता। उनकी जगह कोई और एक्ट्रेस भी होतीं, तो बड़ा फर्क नहीं पड़ता। फीमेल स्टारकास्ट की भरमार- फिल्म में साउथ सुपरस्टार नयनतारा, बॉलीवुड स्टार कियारा आडवाणी, ट्रेंडिंग एक्ट्रेस तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत हैं। कहने को फिल्म में बॉलीवुड की 3 बड़ी एक्ट्रेस हैं, साउथ की एक्ट्रेस हैं, लेकिन इन सभी किरदारों की कोई अपनी कहानी नहीं हैं। ये सभी किरदार लीड एक्टर यश के किरदार के इर्द-गिर्द ही नजर आते हैं। ये कास्टिंग महज फिल्म में बड़े नाम जोड़ने जैसी लगती है। नेशनल अवॉर्ड विजेता डायरेक्टर से थीं उम्मीदें- फिल्म को नेशनल अवॉर्ड विजेता गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट किया है। 2013 में उनकी फिल्म लायर्स डाइस को नेशनल अवॉर्ड मिला था, वहीं ये ऑस्कर भेजी गई भारत की ऑफिशियल फिल्म रही। ऐसे में उनकी फिल्म से उम्मीदें थीं। लगातार आ रहीं फिल्म से जुड़ी नेगेटिव खबरें- प्री-इवेंट में हादसा- यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में हैदराबाद की मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी में हादसा हो गया। भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल हो गए, जबकि एक लड़की बेहोश हो गई। घटना के समय यश मंच पर मौजूद थे। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में पुलिस ने आयोजकों पर FIR दर्ज की है। घटना के दौरान कुछ लोग साउंड बॉक्स को सहारा देने वाले पोल पर चढ़ गए थे। इसी दौरान भारी सेटअप अचानक नीचे गिर गया और अफरा-तफरी मच गई। थिएटर में फैंस ने मचाई गंदगी- बेंगलुरु के संतोष थिएटर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद फर्श पर करेंसी नोट और ढेर सारा कचरा बिखरा दिख रहा है। ………………………………………………….. फिल्म टॉक्सिक से जुड़ी ये खबरें भी पढिए- मूवी रीव्यू- ‘टॉक्सिक’:यश की फिल्म में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज, लेकिन कहानी उलझी; तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज है, लेकिन कहानी इतनी उलझी है कि तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है। ड्यूरेशन: 3 घंटे 14 मिनट 12 सेकंड दैनिक भास्कर रेटिंग: 1.5/5 यश की ‘टॉक्सिक’ एक बड़े स्केल की गैंगस्टर फिल्म है, जिसमें ड्रग्स, परिवार, बदला, धोखा और खूब सारा एक्शन है। फिल्म का लुक शानदार है, यश का जलवा बरकरार है, लेकिन कहानी के मामले में फिल्म आपको पकड़ने के बजाय बार-बार उलझाती है। पूरा रिव्यू पढ़िए……………………………………………….फिल्म 'टॉक्सिक' के इवेंट में बड़ा हादसा:भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल, मंच पर मौजूद थे यश; आयोजकों पर FIR यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में हैदराबाद की मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी में हादसा हो गया। भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल हो गए, जबकि एक लड़की बेहोश हो गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हादसे के समय यश मंच पर मौजूद थे। पुलिस ने आयोजकों पर FIR दर्ज की है। घटना के दौरान कुछ लोग साउंड बॉक्स को सहारा देने वाले पोल पर चढ़ गए थे। इसी दौरान भारी सेटअप अचानक नीचे गिर गया और अफरा-तफरी मच गई। पूरी खबर पढ़िए…
रक्षा बंधन पर टॉपर बनी थी Akshay Kumar की फिल्म, 7 सालों से कामय है कमाई का रिकॉर्ड
सुपरस्टार अक्षय कुमार की एक फिल्म 7 साल पहले रक्षा बंधन के मौके पर रिलीज हुई थी और कमर्शियल तौर पर सफल रही।
मशहूर फिल्ममेकर कुकू कोहली के निधन पर बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने गहरा दुख जताया है। सलमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर कुकू कोहली की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने कुकू की पत्नी और सीनियर एक्ट्रेस अरुणा ईरानी समेत पूरे परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। 77 साल के कुकू कोहली का 25 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया था, जिसके बाद 26 अगस्त को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 'अरुणा जी, भगवान आपको हिम्मत दे'सलमान खान ने कुकू कोहली पर पोस्ट करते हुए लिखा, भगवान आपकी आत्मा को शांति दे कुकू जी। अरुणा जी, मेरा दिल आपके साथ है। भगवान आपको हिम्मत दे। सलमान की इस पोस्ट के बाद उनके फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी कुकू कोहली को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अरुणा ईरानी और परिवार से सलमान का खास रिश्तासलमान खान का अरुणा ईरानी और कुकू कोहली के परिवार से पुराना और करीबी रिश्ता रहा है। सलमान ने कुकू कोहली की पत्नी अरुणा ईरानी के साथ 'सपने साजन के' (1992) और 'हम तुम्हारे हैं सनम' (2002) जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। कुकू कोहली की बेटी करिश्मा कोहली का भी सलमान खान से प्रोफेशनल कनेक्शन रहा है। करिश्मा कोहली ने सलमान खान की सुपरहिट फिल्मों 'एक था टाइगर' और 'बजरंगी भाईजान' में डायरेक्टर कबीर खान के साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया था। 25 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट से हुआ निधन77 साल के कुकू कोहली (अवतार कोहली) का निधन 25 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुआ था। 26 अगस्त को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में विक्की कौशल, कटरीना कैफ, रोहित शेट्टी, राजपाल यादव, जावेद अख्तर और शबाना आजमी भी पहुंचे। अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे सेलेब्स; देखें तस्वीरें राज कपूर के साथ काम करके करियर शुरू किया कुकू कोहली ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत राज कपूर की फिल्म बॉबी में असिस्टेंट के तौर पर काम करके की थी। उन्होंने कई साल उनके साथ रहकर फिल्म बनाने की बारीकियां सीखीं। बाद में वह फिल्म बेताब में सेकेंड यूनिट डायरेक्टर रहे। सनी देओल और अमृता सिंह स्टारर यह फिल्म हिट थी। इसके बाद उन्होंने अर्जुन में भी काम किया। 1991 में कुकू कोहली ने फूल और कांटे से बतौर डायरेक्टर शुरुआत की। फिल्म हिट रही और अजय देवगन को बॉलीवुड में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने कोहराम और सुहाग जैसी फिल्में बनाईं। सुहाग में अजय देवगन और अक्षय कुमार पहली बार साथ नजर आए थे। 1995 में उनकी फिल्म हकीकत रिलीज हुई। इसमें अजय देवगन और तब्बू थे। फिल्म को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में सात कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला। कुकू को बेस्ट डायरेक्टर के लिए भी नॉमिनेशन मिला। इसके बाद उन्होंने जुल्मी, अनाड़ी नंबर 1 और ये दिल आशिकाना जैसी फिल्में बनाईं। उनकी आखिरी फिल्म वो तेरा नाम था 2004 में रिलीज हुई थी। कुकू कोहली और अरुणा ईरानी ने गुपचुप शादी की थी कुकू कोहली की दो शादियां हुई थीं। कुकू कोहली की पहली पत्नी का नाम रीता कोहली था। रीता कोहली और कुकू कोहली की दो बेटियां पूजा और करिश्मा थीं। वहीं, कुकू कोहली की दूसरी शादी एक्ट्रेस अरुणा ईरानी से हुई। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म कोहराम के सेट पर हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच बिल्कुल नहीं बनती थी। हालांकि, काम के दौरान कुकू कोहली अरुणा का काफी ख्याल रखते थे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती बढ़ी और यही दोस्ती प्यार में बदल गई। जब अरुणा को कुकू से प्यार हुआ, तब उन्हें पता चला कि कुकू पहले से शादीशुदा हैं। उनकी पहली पत्नी रीता कोहली से दो बेटियां भी थीं। इसके बावजूद अरुणा ने कुकू के साथ रिश्ता आगे बढ़ाया। दोनों ने 1990 में शादी कर ली। हालांकि, उन्होंने कई साल तक अपनी शादी को सार्वजनिक नहीं किया।अरुणा ने बताया था कि वह कुकू की पहली पत्नी और उनके परिवार की परेशानियां नहीं बढ़ाना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने अपने रिश्ते को निजी रखा। शादी के बाद अरुणा और कुकू ने बच्चे नहीं करने का फैसला लिया। अरुणा ने कहा था कि उस समय उनकी उम्र और कुकू के पहले से बच्चों को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… लगान-गजनी फेम एक्टर प्रदीप रावत का निधन:74 साल के थे, दोबारा कैंसर हुआ था; महाभारत में अश्वत्थामा बने थे लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में 4 अगस्त को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी लगान में उनके साथ काम करने वाले अभिनेता यशपाल शर्मा ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए शेयर की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट कृति सेनन के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट पर दिए बयान से पलट गईं हैं। 'डीकोड लाइव' शो में कंगना ने कहा कि कृति को जो मन करे, वह पहन सकती हैं और उन्हें कोई नहीं रोक रहा है। इंटरव्यू में जब कंगना से कृति सेनन के कपड़ों पर दिए गए उनके पुराने बयान के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, जिस तरह की फिल्मों में हम उन्हें देखते हैं, उन्हें कौन रोक रहा है कुछ पहनने से? किसने उन्हें रोका है, किसको क्या पड़ी है? इसके साथ ही कंगना ने कहा कि रक्षाबंधन के मौके पर कोई भी महिला अपनी पसंद के कपड़े पहन सकती है। 'बिकिनी' वाले कमेंट से शुरू हुआ था विवादइससे पहले कंगना रनोट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए कृति सेनन पर निशाना साधा था। कंगना ने लिखा था कि आज महिलाओं के पास पहनने के लिए हर तरह के कपड़ों के विकल्प मौजूद हैं, ऐसे में रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधते समय इस तरह के कपड़े क्यों चुने गए। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपड़ों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लहंगा चोली, जींस से साड़ी और बिकिनी से सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास कपड़ों के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां गए? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” ज्वेलरी ब्रांड ने विज्ञापन वापस लियासोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद जीवा ज्वेलरी ब्रांड ने इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर विज्ञापन वापस ले लिया। कंपनी ने लिखा कि उनका इरादा भारतीय संस्कृति और त्योहारों का सम्मान करना है। कंपनी का मकसद त्योहार की खुशियों में पालतू जानवरों को भी शामिल करना था। अगर इस विज्ञापन से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो कंपनी को इसका दुख है और सम्मान के तौर पर इसे सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जा रहा है। एड में पहनावे और पेट डॉग की वजह से विवाद यह पूरा विवाद जीवा ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एड के बाद शुरू हुआ था। इसमें कृति इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं। वीडियो में वे भाई के अलावा पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कुछ यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। ये खबर भी पढ़ें कृति सेनन एड विवाद पर राहुल-कंगना आमने-सामने:कंगना बोलीं- ट्रिपल तलाक पर क्यों चुप रहे; राहुल ने कहा- महिलाओं के कपड़ों पर ट्रोलिंग बंद करो अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने कृति सेनन के रक्षाबंधन एड विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने एक्ट्रेस कृति सेनन का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ का मैसेज लिखा था। पूरी खबर पढ़ें
सिंगर सोनू निगम ने एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन एड विवाद पर अपने फर्जी बयान का खंडन किया है। सोनू निगम ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। दरअसल, एक मीडिया हाउस ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि सोनू निगम ने हिंदू धर्म और धैर्य को लेकर टिप्पणी की है। इस पर सोनू निगम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर मीडिया को फटकार लगाई और बताया कि यह बयान उनका नहीं है। फर्जी पोस्ट के आधार पर चलाई गई थी खबरमामला तब शुरू हुआ जब एक मीडिया पब्लिकेशन ने एक खबर शेयर की। इसकी हेडिंग में लिखा था, हिंदू सहिष्णु हैं, उनके धैर्य की परीक्षा मत लो: कृति सेनन एड विवाद पर सोनू निगम। खबर सामने आने के बाद सोनू निगम ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इस पर नाराजगी जताई। सोनू निगम ने लिखा, यह मैं नहीं हूं और ऐसा बयान मैंने कभी नहीं दिया। टीओआई (TOI) जागो, मीडिया जागो। एक्स (X) पर एक्टिव नहीं हैं सोनू निगमरिपोर्ट्स के अनुसार, जिस बयान को सोनू निगम का मानकर मीडिया में चलाया गया, वह असल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर बने उनके एक पैरोडी या फर्जी (इम्पपर्सनेटर) अकाउंट से पोस्ट किया गया था। सोनू निगम ने साफ किया है कि वे एक्स (X) प्लेटफॉर्म पर एक्टिव ही नहीं हैं। बिना सच्चाई जाने फर्जी अकाउंट के ट्वीट को उनका आधिकारिक बयान मानकर खबर चला दी गई, जिसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से इसकी सच्चाई सामने रखी। एड में पहनावे और पेट डॉग की वजह से विवाद यह पूरा विवाद एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एड के बाद शुरू हुआ था। इसमें कृति इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं। वीडियो में वे भाई के अलावा पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कुछ यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। कृति सेनन का जववाब- संस्कृति दिल में होती है, नेकलाइन में नहीं कृति सेनन ने ट्रोलर्स को जवाब दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि एथनिक फैशन में समय के साथ बदलाव आया है, लेकिन आज भी महिलाओं के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उनके कपड़ों से नापा जाता है। एक्ट्रेस ने सवाल उठाया कि समाज महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, यह बताना कब बंद करेगा? उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराएं इंसान के दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं। कृति ने कहा- बहन और पेट डॉग्स को भी बांधती हूं राखी रक्षाबंधन पर बात करते हुए कृति ने कहा कि यह त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि वे दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा किसी भाई से कम नहीं करती हैं। कृति ने आगे लिखा कि यही प्यार पेट डॉग्स के लिए भी है, क्योंकि वे भी उनके परिवार का ही हिस्सा हैं। 'कॉकटेल 2' में नजर आई थीं कृति सेनन कृति सेनन के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'कॉकटेल 2' में देखा गया था। होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कृति के साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका में थे। 'कॉकटेल 2' में शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना के साथ कृति भी मुख्य भूमिका में थीं। यह फिल्म 2012 में आई सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म 'कॉकटेल' का सीक्वल थी, जिसे बॉक्स ऑफिस पर मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था। ये खबर भी पढ़ें नूपुर सेनन बहन कृति के सपोर्ट में आईं:एड विवाद पर बोलीं- दूसरे के कपड़ों से लोगों को तकलीफ क्यों, सोच बदलिए एक्ट्रेस कृति सेनन के ज्वेलरी एडवर्टाइजमेंट विवाद में अब उनकी बहन नूपुर सेनन भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। रक्षाबंधन थीम वाले इस एड में कृति के कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग हो रही थी। पूरी खबर पढ़ें
अभिनेता इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 ने टॉक्सिक की रिलीज के बाद भी कमाई में हार नहीं मानी है।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

