'हनुमान अंश' फिल्म के गीत 'मैंने तेरे ही भरोसे' से लोकप्रिय हुए दृष्टिबाधित सिंगर सुनील लोधी की आंखों का इलाज शुरू हो गया है। 4 नवंबर को सुनील लोधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर तस्वीरें और वीडियो शेयर कर इलाज की जानकारी दी। उन्होंने अपने फैंस से दुआएं मांगने की अपील की है, ताकि उनकी आंखों की रोशनी वापस आ सके। लिखा- मेरे लिए प्रार्थना करें सुनील लोधी ने अस्पताल से अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि भगवान की कृपा से उनकी आंखों के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, फैंस की प्रार्थनाओं से एक नई उम्मीद जागी है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि मेरी जिंदगी में रोशनी वापस लौट आए और मैं इस सुंदर दुनिया को अपनी आंखों से देख सकूं। उन्होंने अपने माता-पिता के वर्षों पुराने इंतजार के पूरा होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि लोगों का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ट्रेनों में तंबूरा बजाकर की थी करियर की शुरुआत मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले सुनील लोधी का शुरुआती जीवन काफी संघर्षपूर्ण रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि महज 10-11 साल की उम्र से ही उन्होंने लोकल ट्रेनों और गांवों में तंबूरा बजाकर बुंदेली लोकगीत और भजन गाना शुरू कर दिया था। अपनी शारीरिक सीमाओं को उन्होंने कभी संगीत के आड़े नहीं आने दिया और बिना किसी प्लेटफॉर्म के अपनी पहचान बनाई। 'मोरे संकट के कटैया' से मिली पहचान सुनील के करियर को पहला बड़ा मोड़ तब मिला जब उनके बुंदेली भजन 'मोरे संकट के कटैया' को यूट्यूब और इंस्टाग्राम पेज 'बुंदेली दुनिया' पर 2.9 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले। इसके बाद फिल्ममेकर और म्यूजिक प्रोड्यूसर पंकज की नजर सुनील की आवाज पर पड़ी। पंकज ने उन्हें अपनी फिल्म 'हनुमान अंश' के गाने 'मैंने तेरे ही भरोसे' के लिए चुना, जिसके बाद सुनील रातों-रात पूरे देश में पहचाने जाने लगे। हनुमान अंश प्रोड्यूसर और एमपी सीएम ने की मदद इससे पहले हनुमान अंश फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर और एमपी सीएम ने सुनील के इलाज में मदद करने की पहल की थी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अनुप्रिया ने बताया था कि वे सुनील के इलाज में मदद करेंगी।
Ramayana ने एडवांस बुकिंग में बॉक्स ऑफिस पर ला दी सुनामी, रिलीज से पहले 100 करोड़ पार पहुंचा कलेक्शन
नितेश तिवारी की 'रामायण' ने रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में 100 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन कर लिया है।
एक्ट्रेस आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने दिवाली पर पटाखा फोड़ने को देशविरोधी बताया है। मंगलवार देर रात इंस्टाग्राम पोस्ट शेयर कर उन्होंने इसे सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ बताया। उन्होंने लिखा कि प्रदूषण के कारण छोटे बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। विवाद की आशंका को देखते हुए सोनी राजदान ने अपनी इस पोस्ट पर कमेंट सेक्शन को बंद कर दिया है। उनका यह बयान बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) को दीया मिर्जा का प्रदूषण मुक्त दिवाली वीडियो री-अपलोड करने के आदेश के बाद आया है। 'एक भी पटाखा फोड़ना एंटी-नेशनल और एंटी-लाइफ' सोनी राजदान ने लिखा कि छोटे बच्चों के माता-पिता ही जानते हैं कि वायु प्रदूषण के कारण उनके बच्चे कितना परेशान होते हैं और बीमारी की वजह से उनके स्कूल के कितने दिन छूट जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थितियों में अगर कोई यह कहता है कि दिवाली पर एक भी पटाखा फोड़ना सही है, तो यह बात लाइफ के खिलाफ, सेहत के खिलाफ और देश के खिलाफ (एंटी-नेशनल) लगती है। उन्होंने लोगों से अपनी और बच्चों की सेहत के लिए सही विकल्प चुनने की अपील की। दीया मिर्जा का वीडियो हटाने पर शुरू हुआ था विवाद यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब बीएमसी ने भारतीय जनता पार्टी की आपत्ति के बाद दीया मिर्जा का प्रदूषण मुक्त दिवाली संदेश वाला वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल से डिलीट कर दिया था। हालांकि बीएमसी ने माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे के वीडियो बरकरार रखे थे। दीया मिर्जा ने कोर्ट के निर्देश पर यह वीडियो बनाया था। वीडियो हटाए जाने पर दीया मिर्जा ने कहा था कि यह वीडियो सार्वजनिक जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य के लिए बनाया गया था, क्योंकि वायु प्रदूषण जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी को लगाई थी फटकार इसके बाद अदालत ने बीएमसी को दीया मिर्जा का वीडियो दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने बीएमसी प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा था कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और पर्यावरण का मुद्दा हर नागरिक से जुड़ा है, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो। अदालत ने कहा कि नागरिक निकाय के आयुक्त ने जागरूकता फैलाने के लिए कलाकारों का सही चुनाव किया था और इस तरह के वीडियो को हटाना अनुचित था। बच्चों की सेहत और स्कूल छूटने की जताई चिंता सोनी राजदान ने अपनी पोस्ट में मुख्य रूप से बढ़ते प्रदूषण का बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर असर पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि दिवाली का त्योहार रोशनी, ज्ञान और उम्मीद की विजय का प्रतीक है, लेकिन पटाखों के धुएं से होने वाला नुकसान बच्चों के जीवन को खतरे में डालता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साफ हवा में सांस लेना हर बच्चे का अधिकार है और नागरिकों को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले कामों से बचना चाहिए।
बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना को धमकी भरा ऑडियो मैसेज मिला है। मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, मैसेज भेजने वाले शख्स ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताया है। उसने एक्टर से करोड़ों रुपए की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि, अब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस को मिले ऑडियो क्लिप की आवाज का मिलान एक ऐसे आरोपी की आवाज से किया जा रहा है, जिसका नाम पहले से पुलिस रिकॉर्ड में मौजूद है। बताया जा रहा है कि इस आरोपी का संबंध मैसेज भेजने वाले शख्स की बताई गई पहचान से हो सकता है। बता दें कि आयुष्मान खुराना हाल ही में सारा अली खान के साथ फिल्म ‘उड़ता तीर’ में नजर आए थे। इस स्पाई-कॉमेडी फिल्म में उन्होंने बिलाल नाम के पाकिस्तानी एजेंट का किरदार निभाया है। गौरतलब है कि हाल ही में एक्टर तुषार कपूर को भी इसी तरह का धमकी भरा ऑडियो मैसेज मिला था। मैसेज भेजने वाले ने खुद को हैरी बॉक्सर बताया था। फोन करने वाले ने 5 करोड़ रुपए मांगे थे। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, तुषार कपूर ने इसकी जानकारी मुंबई पुलिस को दी थी। इसके बाद जांच एंटी-एक्सटॉर्शन सेल और क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। क्राइम ब्रांच की टेक्निकल टीम ने धमकी भरे कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच की। इसके बाद आवाज का मिलान हैरी बॉक्सर के आधिकारिक ऑडियो सैंपल से किया गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आवाजें आपस में मेल नहीं खातीं। इससे पुलिस को शक है कि यह फर्जी कॉल था। किसी ने गैंग का नाम लेकर डर पैदा करने की कोशिश की। हैरी बॉक्सर पर रणवीर को धमकी देने का आरोप गौरतलब है कि लॉरेंस गैंग के गुर्गे हैरी बॉक्सर पर बॉलीवुड और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों को धमकी देने के आरोप हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम एक्टर रणवीर सिंह का है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, हैरी ने रणवीर के मैनेजर को वॉइस नोट भेजकर 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। रकम नहीं देने पर रणवीर और उनके स्टाफ को जान से मारने की धमकी दी गई थी। फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना के पीछे भी हैरी बॉक्सर और लॉरेंस गैंग का हाथ बताया गया था। इसकी जिम्मेदारी उन्होंने एक वॉइस नोट के जरिए ली थी। मशहूर पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा को भी हैरी बॉक्सर ने धमकी दी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित ऑडियो के अनुसार, सलमान खान से नजदीकियों के कारण गुरु रंधावा के दिल्ली स्थित एक जिम पर फायरिंग करवाई गई थी। उन्हें आगे के लिए चेतावनी भी दी गई थी। इसके अलावा कॉमेडियन कपिल शर्मा भी गैंग के निशाने पर रहे हैं। कनाडा में उनके कैफे पर फायरिंग हो चुकी है। …………….. यह खबर भी पढ़ें… अमिताभ बच्चन की सुरक्षा को लेकर PM मोदी को पत्र: बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिलने के बाद फिल्म संगठन AICWA ने जताई चिंता अमिताभ बच्चन 1 नवंबर को मुंबई स्थित अपने घर जलसा के बाहर बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिले थे। इसके बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फिल्मी हस्तियों और उनके परिवारों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बेबी डॉल जैसे कई फेमस गाने गाने वाली सिंगर कनिका कपूर ने पति गौतम हाथीरमानी से अलग होने का ऐलान किया है। दोनों की शादी चार साल पहले हुई थी। कनिका ने मंगलवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने लोगों से इस समय उनकी प्राइवेसी का सम्मान करने की अपील की। सिंगर ने लिखा, “प्रिय दोस्तों और परिवार, काफी सोच-विचार करने के बाद मैंने और मेरे पति ने अलग-अलग रहने का फैसला किया है। हमने साथ में जो समय बिताया, उसके लिए मैं आभारी हूं। मैं उनके आने वाले जीवन के लिए शुभकामनाएं देती हूं। उन्होंने आगे लिखा, “मैं आप सभी से अनुरोध करती हूं कि इस मुश्किल समय में हमारी निजी जिंदगी का सम्मान करें और हमें समझने की कोशिश करें।” तीसरे व्यक्ति की अफवाहों से इनकार कनिका ने रिश्ते में किसी तीसरे व्यक्ति के शामिल होने की अफवाहों को खारिज किया। कनिका कपूर ने 'मुंबई मिरर' के साथ बातचीत में कहा, मेरी जिंदगी में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं है और जहां तक मुझे पता है, गौतम की जिंदगी में भी कोई और नहीं है। यह मेरा दूसरी बार तलाक है। इसलिए इस बार भी मुझे दुख और निराशा हो रही है। यह कहना गलत है कि मैं लागोस (नाइजीरिया का शहर) में नहीं रहना चाहती थी। शादी टूटने पर सबसे पहले महिला को दोष देना आम बात है, जो गलत है। शादी में क्या हुआ, यह सिर्फ पति-पत्नी ही जानते हैं। मैं फिलहाल मुंबई में हूं और तीन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हूं। मेरे तीन बच्चे हैं, जिनकी देखभाल भी मुझे करनी है। मैं चाहती हूं कि आगे गौतम के साथ मेरे रिश्ते अच्छे बने रहें। मैं झगड़ा करने वाली इंसान नहीं हूं। मुझे उम्मीद है कि वह भी ऐसा ही चाहेंगे। पहले पति से 2012 में हुआ था तलाक कनिका की पहली शादी लंदन में रहने वाले जनरल प्रैक्टिशनर डॉ. जसप्रीत सिंह चंडोक से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। कनिका और चंडोक का 2012 में तलाक हो गया था। कनिका कपूर का सिंगिंग करियर कनिका कपूर ने बचपन से ही संगीत सीखना शुरू कर दिया था। 12 साल की उम्र में उन्होंने शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग ली। उन्होंने लखनऊ के भातखंडे संगीत संस्थान से म्यूजिक में ग्रेजुएशन और मास्टर्स किया। कनिका की शादी बेहद कम उम्र (18 वर्ष) में बिजनेसमैन राज चंडोक से हो गई, जिसके बाद वह लंदन शिफ्ट हो गईं। उन्होंने अपने तीन बच्चों की परवरिश के लिए करीब 14-15 सालों तक संगीत से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। साल 2012 में तलाक होने के बाद सिंगिंग में करियर बनाने के लिए मुंबई आ गईं। इसी साल उनका म्यूजिक वीडियो 'जुगनी जी' रिलीज हुआ। साल 2014 में उन्होंने फिल्म 'रागिनी MMS 2' के गाने 'बेबी डॉल' से बॉलीवुड में बतौर प्लेबैक सिंगर शुरुआत की। यह गाना सुपरहिट हुआ और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इसके बाद उन्होंने 'हैप्पी न्यू ईयर' का 'लवली', 'रॉय' का 'चिट्टियां कलाइयां', 'एक पहेली लीला' का 'देसी लुक' और 'हेट स्टोरी 3' का 'नींदें खुल जाती हैं' जैसे कई हिट गाने गाए। साल 2019 में वह सिंगिंग रियलिटी शो 'द वॉयस' के तीसरे सीजन में जज बनीं। 2025 में वह 'साउंड्स ऑफ कुंभ' एल्बम के गानों में भी नजर आईं। उनके गाने 'दुर्गा ट्रांस' और 'द लीजेंड ऑफ कुंभा' को भी पहचान मिली। पति गौतम हाथीरमानी से अलग होने का ऐलान करने के बाद कनिका कपूर को गूगल पर सर्च किया जा रहा है सोर्स- गूगल ट्रेंड्स
अमिताभ बच्चन रविवार यानी 1 नवंबर को मुंबई स्थित अपने घर जलसा के बाहर बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे फैंस से मिले। जिसके बाद अमिताभ बच्चन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अभिनेता, फिल्ममेकर्स और उनके परिवारों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की। AICWA ने अमिताभ बच्चन की लंबे समय से चली आ रही रविवार को फैंस से मिलने की परंपरा का भी जिक्र किया। इस दिन फैंस उन्हें देखने के लिए एक्टर के घर जलसा के बाहर जुटते हैं। एसोसिएशन ने पत्र में लिखा, “चार दशक से ज्यादा समय से वह हर रविवार वहां फैंस से मिलते हैं। उन्हें देखने के लिए भारत और विदेशों से लोग आते हैं। 84 साल की उम्र में उन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि उन्हें अपने ही शहर में इस तरह खुद को बचाना पड़ेगा। उनके बेटे अभिषेक बच्चन, जो बहुत कम बाहर आते हैं, अपने पिता की सुरक्षा के लिए उनके साथ खड़े रहे।” AICWA ने पत्र में लिखा, “लोगों ने बुलेटप्रूफ कारों के बारे में सुना है। इससे पहले किसी सुपरस्टार को अपने घर से बाहर बुलेटप्रूफ ग्लास के पीछे उन लोगों से मिलने के लिए निकलते नहीं देखा गया, जो उनसे प्यार करते हैं। यह तस्वीर भारतीय सिनेमा के इतिहास में याद रखी जाएगी और इससे पूरी इंडस्ट्री हिल गई।” फिल्मी हस्तियों पर हमलों का जिक्र प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में AICWA ने कई प्रमुख हस्तियों से जुड़े मामलों का जिक्र किया। इनमें बांद्रा में बाबा सिद्दीकी की हत्या, सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी और सैफ अली खान पर घर में हुआ चाकू से हमला शामिल है। संगठन ने फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर के बाहर हुई गोलीबारी का भी हवाला दिया। पत्र में कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे को निशाना बनाकर हुई गोलीबारी की कई घटनाओं का भी जिक्र है। इसमें हाल ही में जुहू में टाइगर श्रॉफ से जुड़ी गोलीबारी की घटना भी शामिल है। AICWA ने टाइगर श्रॉफ से जुड़ी घटना पर चिंता जताई। संगठन ने कहा कि यह घटना एक व्यस्त इलाके में हुई, जहां कई लोग मौजूद थे। पत्र में लिखा गया, “टाइगर श्रॉफ पर जुहू में बड़ी भीड़ की मौजूदगी में गोली चलाई गई। यह मुंबई के सबसे प्रमुख VIP इलाकों में से एक है। दो लोगों को गोलियां लगीं। टाइगर श्रॉफ का कोई विवाद या किसी से दुश्मनी सामने नहीं आई है।” AICWA ने यह भी कहा कि इन घटनाओं के पीछे रंगदारी एक आम वजह हो सकती है। संगठन के मुताबिक, अपराधी गिरोह बॉलीवुड की लोकप्रियता और अंतरराष्ट्रीय पहचान के कारण फिल्मी हस्तियों को निशाना बना रहे हैं। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि मशहूर अभिनेताओं और फिल्ममेकर्स पर हमले डर फैलाने, पहचान बनाने और बड़ी रकम वसूलने के लिए किए जा रहे हैं। पत्र में तुषार कपूर से कथित तौर पर 5 करोड़ रुपए की मांग करने के लिए धमकियां मिलने की खबरों का भी जिक्र है। AICWA ने अपनी स्थिति बताते हुए लिखा, “इन सभी हमलों का मकसद रंगदारी वसूलना लगता है। गैंगस्टर जानते हैं कि बॉलीवुड सबसे आसान निशाना है और पूरी दुनिया में जाना जाता है। मशहूर फिल्मी हस्तियों पर हमला करके वे अपना नाम बनाना और बड़े स्तर पर पैसे वसूलना चाहते हैं।” मुंबई की कानून-व्यवस्था पर सवाल AICWA ने फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा के साथ मुंबई की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। संगठन ने कहा कि अगर बड़े नामों पर ऐसे हमले हो सकते हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा भी चिंता का विषय है। एसोसिएशन ने सिर्फ भरोसा दिलाने के बजाय ठोस सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की। पत्र में कहा गया, “आज मुंबई में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है। अगर टाइगर श्रॉफ शहर के बीचोंबीच सुरक्षित नहीं हैं, तो आम मुंबईकर भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकता। 2026 में अंडरवर्ल्ड का वह खौफ, जिसे खत्म माना जा रहा था, मुंबई की सड़कों पर लौट आया है। सिर्फ बातें काफी नहीं हैं। बॉलीवुड को असली और साफ दिखाई देने वाली सुरक्षा चाहिए।” ____________________ यह खबर भी पढ़ें… धमकी के बाद बुलेटप्रूफ केबिन में दिखे अमिताभ बच्चन:संडे दर्शन में जलसा के बाहर सुरक्षा बढ़ी; बम से उड़ाने की धमकी मिली थी बम से उड़ाने की धमकी और घर की रेकी के बाद अमिताभ बच्चन की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। बिग बी फैंस से मिलने के लिए बुलेटप्रूफ कांच के केबिन में पहुंचे थे। दरअसल, हाल ही में अमिताभ के बंगले को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। वहीं, टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस की जांच में पता चला कि हमलावरों ने अमिताभ के दोनों घरों जलसा और प्रतीक्षा की रेकी भी की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
आस्था और अंधविश्वास के बीच बारीक अंतर को फिल्म 'झाड़ फूंक' में दिखाया गया है। फिल्म में यशपाल शर्मा, सुम्बुल तौकीर खान और हर्ष राजपूत अहम भूमिकाओं में हैं। इसके डायरेक्टर राजन रामगोपाल वर्मा हैं। 30 अक्टूबर 2026 से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही फिल्म के कलाकारों और डायरेक्टर राजन रामगोपाल वर्मा ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। उन्होंने फिल्म की कहानी, किरदारों, झाड़-फूंक के अनुभवों, बचपन के डर और फिल्म इंडस्ट्री में सोशल मीडिया फॉलोअर्स के बढ़ते महत्व पर बात की। सवाल: फिल्म का नाम 'झाड़ फूंक' कैसे तय हुआ? जवाब/राजन रामगोपाल वर्मा: फिल्म शुरू करते समय इसका नाम तय नहीं था। हम ऐसा टाइटल चाहते थे, जो कहानी से तुरंत जुड़ जाए। हर इंसान की जिंदगी में विश्वास के साथ अंधविश्वास भी होता है। कहानी पूरी होने पर लगा कि यह झाड़-फूंक पर आधारित है। इस तरह कहानी ने ही फिल्म का नाम दे दिया। सवाल: कलाकारों की कास्टिंग कैसे की? जवाब/राजन: मोहन ठाकुर के किरदार के लिए मुझे गहराई और प्रभाव वाले व्यक्तित्व के अभिनेता की जरूरत थी। यशपाल जी की फिल्में मैंने बचपन से देखी हैं। वे इस भूमिका के लिए बिल्कुल सही लगे। उन्होंने मेरी उम्मीद से भी बेहतर काम किया है। आस्था के किरदार के लिए ऐसी अभिनेत्री चाहिए थी, जो भावनाओं को समझती हो और जिसकी बातों पर दर्शक भरोसा कर सकें। सुम्बुल से बेहतर कोई नहीं लगी। कहानी सुनते ही उन्होंने फिल्म के लिए हां कर दी। राजवीर के लिए मुझे स्मार्ट और समझदार अभिनेता चाहिए था, जो आंखों से भी भावनाएं जाहिर कर सके। हर्ष ने किरदार शानदार तरीके से निभाया है। सवाल: यशपाल जी, इस फिल्म में आपका किरदार कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब/यशपाल शर्मा: फिल्म में मेरा करीब 80 फीसदी किरदार सामान्य इंसान जैसा है। उसकी बातचीत और व्यवहार आम लोगों जैसा है। हालांकि, किरदार बदलने पर अलग और प्रभावशाली अंदाज अपनाना पड़ा। सुपरनैचुरल विषय पर काम करते समय कुछ बदलाव जरूरी होते हैं। इसके लिए मैंने थोड़ी ट्रेनिंग भी ली। सवाल: सुम्बुल, आस्था के किरदार में क्या खास लगा कि आपने तुरंत हां कर दी? जवाब/सुम्बुल: आस्था मासूम और सॉफ्ट हार्टेड लड़की है। मैं हमेशा ऐसे किरदार निभाना चाहती हूं, जो पहले नहीं किए हों। असल जिंदगी में मैं इतनी धीमी आवाज में बात नहीं करती, जबकि आस्था नरम अंदाज में बोलती है। यह मेरे लिए चुनौती थी। मैंने पहले ऐसा किरदार नहीं निभाया था। सवाल: हर्ष, राजवीर के किरदार से कैसे जुड़ाव हुआ? जवाब/हर्ष राजपूत: राजवीर साइकोलॉजी का प्रोफेसर है और मैंने भी साइकोलॉजी पढ़ी है, इसलिए किरदार से तुरंत जुड़ाव हो गया। खास बात यह थी कि उसके पास कोई सुपरपावर नहीं है। कहानी की शुरुआत और उसका निष्कर्ष काफी दिलचस्प है। दर्शक कई बातों पर विश्वास करने लगते हैं, लेकिन अंत में उन्हें संदेश भी मिलता है। सवाल: क्या आप लोगों ने बचपन में झाड़-फूंक के अनुभव देखे हैं? जवाब/यशपाल: मैं तो कई बार झाड़-फूंक से ठीक हुआ हूं। बचपन में घर के बड़े-बुजुर्ग हमें अलग-अलग जगह ले जाते थे। उस समय लोगों के पास आज जैसी जानकारी नहीं थी। झाड़-फूंक करने वालों के यहां काफी भीड़ रहती थी। मुझे याद है, एक बार सर्दियों में हमें 15-20 लोगों के साथ ट्रक में बैठाकर एक गांव ले जाया गया था। वहां मंदिर में खुले बालों वाली एक महिला बैठी थी। वह लोगों से कह रही थी, 'पूछो, हम जानते हैं।' लोग लाइन लगाकर उससे सवाल पूछ रहे थे। मैं छोटा था, इसलिए ज्यादा याद नहीं, लेकिन वह दृश्य आज भी दिमाग में है। सवाल: क्या आप लोग नजर और दूसरी मान्यताओं में विश्वास करते हैं? जवाब/सुम्बुल: मेरे पापा झाड़-फूंक में विश्वास नहीं करते, लेकिन मेरी किसी प्रोजेक्ट की शूटिंग के दौरान हर दूसरे-तीसरे दिन नजर उतारते हैं। मुझे लगता है कि इन चीजों से ज्यादा असर दुआओं का होता है। हर्ष: मेरे दिमाग में यह बात बैठी है कि उल्टी चप्पल पड़े होने से घर में झगड़ा होता है। इसलिए किसी के घर में उल्टी चप्पल देखता हूं, तो उसे सीधा कर देता हूं। हालांकि, ऐसी मान्यताएं कहां से आती हैं, मुझे भी नहीं पता। सवाल: कभी रात में किसी अनजान आवाज के पीछे जाने का अनुभव हुआ है? जवाब/सुम्बुल: 17 साल की उम्र में हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी में शूटिंग के दौरान मैं एक होटल में अकेली रुकी थी। रात में टीवी पर हॉरर फिल्म 'द ग्रज' चल रही थी। तभी कमरे के बाहर आवाजें आने लगीं। डर लगा, लेकिन जिज्ञासा में दरवाजा खोलकर देखा। वहां कोई नहीं था। अचानक तेज आवाज हुई और खिड़की खुल गई। पर्दा हवा में उड़ने लगा। मैं डरकर कमरे से बाहर निकल आई और रोने लगी। बाद में पता चला कि उस रात तूफान आया था और खिड़की ठीक से लॉक नहीं थी। सवाल: सचमुच कोई भूत मिल जाए, तो उससे क्या पूछेंगे? जवाब/हर्ष: मैं सबसे पहले पूछूंगा कि भाई, रहते कहां हो? इतने लोकप्रिय हो, सबके दिमाग में हो, लेकिन दिखाई नहीं देते। मौका मिला तो उसकी कहानी भी जानना चाहूंगा। सुम्बुल: मैं उससे पूछना चाहूंगी कि उसकी मौत कैसे हुई, वह कितने समय से भटक रहा है और कौन सा काम अधूरा रह गया है। यशपाल: मुझे लगता है कि भूत दिखाई ही नहीं देते। अंधेरे में सामान्य चीजें भी डरावनी लगती हैं। एक बार रात में दोस्त के साथ लौटते समय पौधों के बीच कुछ सफेद दिखाई दिया। हम दोनों डरकर भाग गए। अगले दिन पता चला कि वहां सफेदी का घड़ा रखा था। सवाल: हॉरर फिल्म देखते हुए कभी ज्यादा डर लगा? यशपाल: मैंने बहुत हॉरर फिल्में देखी हैं, लेकिन अल्फ्रेड हिचकॉक की 'द बर्ड्स' ने काफी डराया था। उसे देखने के बाद कई दिनों तक पक्षियों से डर लगता था। लगता था कि कहीं खिड़की पर चिड़िया न बैठी हो। सवाल: आजकल कास्टिंग में सोशल मीडिया फॉलोअर्स भी देखे जाते हैं। क्या यह सही है? जवाब/राजन: सोशल मीडिया फॉलोअर्स फिल्म के प्रमोशन में फायदेमंद होते हैं। मैंने ऐसी कास्टिंग देखी है, जहां ज्यादा फॉलोअर्स वाले कलाकार को प्राथमिकता दी जाती है। लेकिन यह कास्टिंग का एकमात्र आधार नहीं होना चाहिए। कलाकार का काम और अभिनय ज्यादा जरूरी है। हर्ष: सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स होने का मतलब यह नहीं कि सभी आपकी फिल्म देखने आएंगे। फॉलोअर्स की संख्या और दर्शकों का फिल्म तक पहुंचना अलग बातें हैं। इसलिए सिर्फ लोकप्रियता के आधार पर कास्टिंग सही नहीं है। सुम्बुल: आज मेरे करीब 10 लाख फॉलोअर्स हैं, लेकिन शुरुआत में ऐसा नहीं था। काम के मौके मिलने से मेरी पहचान बढ़ी। मेरा मानना है कि पहले कलाकार का काम देखना चाहिए। मैं इंस्टाग्राम पर चर्चा में बने रहने के लिए पोस्ट नहीं करती। कोई काम होने पर ही उसे साझा करती हूं। सवाल: टीवी कलाकारों को फिल्मों में काम करने के लिए टीवी छोड़ने की सलाह दी जाती है। क्या आपने भी ऐसा अनुभव किया है? जवाब/सुम्बुल: हां, मुझसे कहा गया था कि फिल्मों में काम करने के लिए टीवी से ब्रेक लेना होगा। दो साल का ब्रेक लेने की सलाह भी दी गई। लेकिन कलाकार की पहचान उसके काम से होनी चाहिए। टीवी कलाकार भी मेहनत करते हैं और दर्शकों के बीच उनकी पहुंच काफी गहरी होती है। सवाल: कलाकारों की कास्टिंग में आपकी प्राथमिकता क्या होती है? जवाब/यशपाल: किसी कलाकार को देखते समय मैं सबसे पहले उसका अभिनय देखना चाहता हूं। कोई उसके इतने मिलियन फॉलोअर्स बताए, तो मैं कहता हूं कि पहले परफॉर्मेंस दिखाओ। फिल्म में कलाकार को किरदार निभाना है, इंस्टाग्राम रील्स नहीं बनानी हैं। कलाकार टीवी, थिएटर या फिल्मों से आए, उसकी पहचान काम से होनी चाहिए। सवाल: शाहरुख खान और सुशांत सिंह राजपूत जैसे कई कलाकार भी टीवी से निकलकर फिल्मों में आए। क्या आपके हिसाब से कलाकार की पहचान उसके काम से होनी चाहिए? जवाब/यशपाल शर्मा: बिल्कुल। कलाकार कहीं से भी आया हो, वह कलाकार ही होता है। उसके लिए यह मायने नहीं रखना चाहिए कि उसने टीवी किया है, थिएटर किया है या फिल्में की हैं। आखिरकार उसकी पहचान उसका अभिनय और काम ही है। सवाल: राजन जी, आपका नाम राजन रामगोपाल वर्मा है। क्या आपका फिल्ममेकर रामगोपाल वर्मा से कोई रिश्ता है? जवाब/राजन: नहीं, उनसे मेरा कोई रिश्ता नहीं है। मेरे पिता का नाम भी रामगोपाल वर्मा है, लेकिन वे फिल्म इंडस्ट्री से नहीं हैं। हमारा परिवार ज्वेलरी कारोबार से जुड़ा है। वर्मा हमारा पारिवारिक सरनेम है और बचपन से मेरे नाम के साथ जुड़ा है। सवाल: सुम्बुल, क्या आप इस बार बिग बॉस देख रही हैं? इस सीजन में आपके पिता तौकीर खान को लेकर भी चर्चा हो रही है? जवाब/सुम्बुल: मुझे पता है कि इस बार बिग बॉस में काजी तौकीर आए हुए हैं। करीब 14-15 साल की उम्र में मैं एक शो में काम कर रही थी। उसमें मैंने हीरो की बहन का किरदार निभाया था। बाद में गूगल पर शो की कास्ट देखी, तो वहां मेरे नाम की जगह काजी तौकीर की फोटो और नाम दिखाई दे रहा था। शायद तौकीर नाम को लेकर कन्फ्यूजन हुआ था और मेरी जगह उनका नाम डाल दिया गया था। बिग बॉस देखने की बात करें, तो मैंने पहले भी यह शो नहीं देखा और इस बार भी नहीं देख रही हूं। अपना सीजन तक नहीं देखा, तो दूसरों का क्या देखूंगी? सवाल: हर्ष, आपको कई बार बिग बॉस का ऑफर मिला है। आपने अब तक शो में जाने का फैसला क्यों नहीं किया? जवाब/हर्ष राजपूत: हां, मुझे कई बार ऑफर मिला है। लेकिन सच कहूं, तो अभी तक समझ नहीं आया कि मुझे बिग बॉस में क्यों जाना चाहिए। मेरे लिए एक्टिंग जिंदगीभर का काम है। बिग बॉस में जाने के बाद आपकी पूरी पर्सनैलिटी लोगों के सामने आ जाती है। अगर वहां जाने के बाद मैं कोई फिक्शनल किरदार निभाऊंगा, तो दर्शक मुझे पहले से जान चुके होंगे। ऐसे में वे उस किरदार को कैसे स्वीकार करेंगे, यह मेरे लिए सवाल है। इसलिए कोशिश है कि मुझे कभी ऐसा मौका न मिले। सुम्बुल: मुझे लगता है कि बिग बॉस में किसी इंसान की पूरी पर्सनैलिटी सामने नहीं आती। उसके व्यक्तित्व के कुछ हिस्से ही दिखते हैं। असल जिंदगी में हर इंसान डिप्लोमैटिक होता है। कोई हर किसी के मुंह पर बुरा नहीं बोलता और न ही हर समय लड़ता रहता है। लेकिन बिग बॉस में कई बार लोगों को ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाता है। वहां किसी इंसान का एक खास तरह से दिखना जरूरी नहीं कि उसकी असल जिंदगी की छवि भी हो। शो के दौरान कई चीजें प्लान की जाती हैं। बाहर आने के बाद लोग मिलते हैं और दोस्त बन जाते हैं। शो की लड़ाइयां और नाराजगी भी खत्म हो जाती हैं।
एलनाज नोरौजी ने भारतीय मनोरंजन जगत में काम करते हुए कई बड़े सितारों के साथ वक्त बिताया है। हर कलाकार की अपनी खासियत होती है और एलनाज़ के मुताबिक, उन्होंने भी अपने सह कलाकारों से कुछ न कुछ सीखा है। शाहरुख खान का क्रू के प्रति सम्मान, सलमान खान की मेहनत और नवाजुद्दीन सिद्दीकी का काम पर फोकस उन्हें खास तौर पर प्रभावित करता है। दैनिक भास्कर से बातचीत में एलनाज ने इन अनुभवों के साथ मजेदार रैपिड फायर में भी हिस्सा लिया। सवाल: शाहरुख खान से आपने क्या सीखा? जवाब: शाहरुख खान जिस तरह अपनी टीम और क्रू के लोगों को सम्मान देते हैं, वह बहुत खास है। वह हर किसी के साथ इज्जत से पेश आते हैं। यह बात मैंने उनसे सीखी। सवाल: सलमान खान से क्या सीखने को मिला? जवाब: सलमान खान से मैंने मेहनत और लगातार काम करते रहने की सीख ली है। उनका अपने काम के प्रति समर्पण प्रेरित करता है। सवाल: नवाजुद्दीन सिद्दीकी, सैफ अली खान और हॉलीवुड के कलाकारों से क्या सीखा? जवाब: नवाजुद्दीन सिद्दीकी सेट पर अपने काम पर बहुत फोकस करते हैं और फोन से दूर रहते हैं। सैफ अली खान रिहर्सल को अहमियत देते हैं। जैक क्वैड काफी स्पष्टवादी हैं, लियाम नीसन बहुत सहज हैं और जेरार्ड बटलर का सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का है। हर कलाकार से कुछ अलग सीखने को मिलता है। सवाल: लियाम नीसन या शाहरुख खान, किसके साथ गॉसिप करना चाहेंगी? जवाब: लियाम नीसन के साथ। सवाल: और डांस किसके साथ करना चाहेंगी? जवाब: शाहरुख खान के साथ। सवाल: बॉलीवुड के किस स्टार का फोन चेक करने का मौका मिले तो किसका करेंगी? जवाब: रणवीर सिंह का। सवाल: खुद को तीन शब्दों में कैसे बताएंगी? जवाब: ‘द रिलेंटलेस’। मैं आसानी से हार नहीं मानती। सवाल: किसी इंसान की कौन सी बात आपको सबसे ज्यादा आकर्षित करती है? जवाब: जब कोई इंसान समझदार हो, दुनिया और राजनीति की समझ रखता हो, दूसरों के प्रति दयालु हो और एक जेंटलमैन की तरह पेश आए। थोड़ी मर्दाना ऊर्जा भी मुझे आकर्षित करती है। सवाल: आगे कौन से प्रोजेक्ट में नजर आएंगी? जवाब: मेरी एक नई फिल्म अगले साल आएगी। फिलहाल मैं उसके बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकती। ___________ एलनाज नोरौजी से जुड़ा यह इंटरव्यू भी पढ़ें ‘द फिक्स’ में लियाम नीसन के साथ नजर आएंगी एलनाज:बोलीं- हॉलीवुड के सितारे सहज, भारत में बदल सकता है फिल्ममेकिंग का तरीका हॉलीवुड फिल्म ‘द फिक्स’ में लियाम नीसन और जैक क्वैड जैसे कलाकारों के साथ काम कर रहीं एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी इन दिनों अपने करियर के एक नए पड़ाव पर हैं। ईरान में जन्मीं, जर्मनी में पली बढ़ीं और भारत में अपनी पहचान बनाने के बाद अब लॉस एंजिलिस में मौके तलाश रहीं एलनाज का सफर आसान नहीं रहा। पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
वेब सीरीज ‘पंचायत’ में ‘दामाद जी’ के किरदार से पहचान बनाने वाले एक्टर आसिफ खान रिएलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ से बाहर हो गए हैं। शो में उनका सफर करीब 8 हफ्ते का रहा। घर से बाहर आने के बाद आसिफ ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। उन्होंने शो में अपने झगड़ों, सलमान खान से मिले फीडबैक और दूसरे कंटेस्टेंट्स के साथ रिश्तों पर बात की। सवाल: टीवी शो बिग बॉस में भाग लेना का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मुझे एक नया अनुभव मिला और बहुत कुछ सीखा। मैं इसे अपनी जर्नी का अंत नहीं मानता। मुझे लगता है कि मैंने अच्छा टेकऑफ लिया है और अभी हवा में ही हूं। बस अब मेरा एयरपोर्ट बदल जाएगा, लेकिन सफर आगे जारी रहेगा। सवाल: सलमान खान से मिले फीडबैक के बाद क्या आप थोड़े मायूस नजर आए। क्या आपको लगा कि आपके खिलाफ पक्षपात हो रहा है? जवाब: नहीं, ऐसा नहीं था। जब भी कोई फीडबैक मिलता है, तो इंसान उसे समझने और उस पर सोचने की कोशिश करता है। घर में कई ऐसे लोग थे, जिन्हें टीवी और रियलिटी शो का अनुभव था। मैं उनमें सबसे कम जानकार था। मेरे लिए 24 घंटे कैमरों के सामने रहना और अनजान लोगों के साथ रहना नया अनुभव था। सलमान सर जब भी कुछ कहते थे, मैं उसे फीडबैक की तरह लेता था। उनका मकसद मुझे बेहतर बनाना था। दूसरे हफ्ते में उन्होंने कहा था कि मैं बहुत झगड़े कर रहा हूं। इसके बाद मैंने खुद पर काम किया। मेरा अगला बड़ा झगड़ा करीब छठे हफ्ते में हुआ। अगर मैं उनकी बात नहीं मानता, तो इतना लंबा अंतर नहीं आता। सवाल: घर में कई बार आपको लगा कि आपकी लड़ाई को गलत और दूसरे कंटेस्टेंट्स की लड़ाई को सही दिखाया जा रहा है? जवाब: कई बार ऐसा महसूस हुआ। एक बार लव के साथ मेरा झगड़ा हुआ था। मैंने उनसे तीन बार कहा कि चिल्लाकर बात मत कीजिए। जब वह नहीं मानीं, तो मैं भी जोर से चिल्लाया। उस दौरान मेरा गला तक बैठ गया था। घर में जब किसी का झगड़ा होता है, तो कई लोग बीच में आ जाते हैं। इससे टीवी पर ऐसा लगता है कि कोई किसी पर हमला करने जा रहा है। जबकि असल में कई बार ऐसा नहीं होता। वहां एक साथ 20 लोग बोल रहे होते हैं। टीवी पर सिर्फ एक या दो लोगों की आवाज सुनाई देती है। इसलिए दर्शकों को पूरी स्थिति समझ नहीं आती। बाद में रोहित सर ने मुझे बताया कि उस मामले में मेरी गलती थी। मैंने उनकी बात सुनी। जब घर के बाकी सदस्यों ने भी मेरे खिलाफ हाथ उठाया, तो मैंने माना कि शायद गलती मेरी ही थी। मैंने लव से माफी भी मांगी। सवाल: काजी के साथ हुई लड़ाई में आपको वीकेंड का वार का फीडबैक गलत लगा था? जवाब: हां, उस दिन मुझे लगा कि फीडबैक का तरीका सही नहीं था। काजी भाई ने बीमारी को लेकर मजाक किया था। मुझे लगा कि उन्हें इस बात पर ज्यादा समझाया जाना चाहिए था। मुझे भी फीडबैक दिया गया, लेकिन मेरे हिसाब से उस दिन बात उलटी होनी चाहिए थी। मैं हर हफ्ते मिलने वाले फीडबैक को स्वीकार करता था और उस पर काम भी करता था। लेकिन उस दिन मुझे अपनी गलती नहीं लगी। इसलिए मैंने सम्मान के साथ कहा कि मैं इस बात से सहमत नहीं हूं। सवाल: क्या ज्यादा इमोशनल होना आपके गेम के खिलाफ गया? जवाब: मैंने कभी यह सोचकर गेम नहीं खेला कि किस तरह का व्यवहार मेरे लिए फायदेमंद होगा। मेरी जिंदगी और एक्टिंग, दोनों में सच्चाई बहुत जरूरी है। मैं कैमरे के सामने कुछ और और अंदर से कुछ और नहीं बनना चाहता था। अगर मुझे गुस्सा आता था, तो मैं गुस्सा दिखाता था। अगर दुख होता था, तो वह भी सामने आता था। मैं किसी को बेवकूफ बनाने के लिए अपनी भावनाओं को छिपाना नहीं चाहता था। घर में मुझे 14 के 14 लोगों ने अपनी निजी बातें बताई थीं। मुझे कई लोगों की कमजोरियां भी पता थीं, लेकिन मैंने कभी उनकी निजी बातों को झगड़े में इस्तेमाल नहीं किया। सवाल: आप बार-बार खुद को एक्टर बताते थे। क्या आपको लगता है कि लोगों को यह बात पसंद नहीं आई? जवाब: मुझे यह बात समझ नहीं आती। अगर कोई गेमर अपनी गेमिंग के बारे में बात कर सकता है, कोई रैपर अपनी रैपिंग के बारे में बात कर सकता है और कोई बॉक्सर अपनी बॉक्सिंग के बारे में बात कर सकता है, तो एक्टर अपनी एक्टिंग के बारे में क्यों नहीं बोल सकता? मैं 16 दिन में एक्टर नहीं बना हूं। मुझे यहां तक पहुंचने में 16 साल लगे हैं। मैंने बहुत मेहनत की है। इसे घमंड नहीं समझना चाहिए। दुनिया में आपकी बुराई करने वाले बहुत लोग मिल जाएंगे। अगर आप खुद को आगे नहीं बढ़ाएंगे, तो कोई दूसरा ऐसा नहीं करेगा। मैं अपनी तारीफ खुद करूंगा। किसी को नहीं सुनना है, तो वह मुझे न देखे। सवाल: आपका कॉमिक अंदाज और बीबी न्यूज दर्शकों को पसंद आया। क्या इसे ज्यादा दिखाते तो सफर लंबा हो सकता था? जवाब: मेरे लिए किसी शो या फिल्म में किरदार की लंबाई मायने नहीं रखती। ‘पंचायत’ में भी मेरा किरदार बहुत लंबा नहीं था, लेकिन लोगों ने उसे पसंद किया। मैं दो सीन में भी अपनी छाप छोड़ सकता हूं। यहां भी यही बात है। अगर मैं 15 हफ्ते घर में रहता और कुछ खास नहीं करता, तो उससे अच्छा है कि 8 हफ्तों में मैंने दर्शकों को खूब एंटरटेन किया। मेरे बाहर आने पर घर के कई सदस्य रोए। यहां तक कि मेरे विरोधी भी भावुक हुए। मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात है। यही मेरी ट्रॉफी है। सवाल: घर से बाहर आने के बाद स्काउट और लव से जुड़े वायरल वीडियो देखकर कैसा लगा? जवाब: मेरी पत्नी ने मुझे कुछ वीडियो दिखाए। मुझे अंदाजा नहीं था कि उन वीडियो को इस तरह दिखाया जा रहा है। उस समय मैं बहुत भावुक था। मैंने घर का राशन तक छोड़ दिया था, क्योंकि मैं मैरी जी और लव को बचाना चाहता था। मैं लोगों से हाथ जोड़कर कहना चाहता हूं कि किसी भी लड़की के वीडियो को गलत संदर्भ में पेश न करें। वह किसी की बहन, बेटी या मां भी हो सकती है। सिर्फ व्यूज के लिए किसी की छवि खराब करना ठीक नहीं है। लोगों को ऐसा कंटेंट बनाने से बचना चाहिए। सवाल: रोहित शेट्टी और सलमान खान के नजरिए में आपको क्या फर्क लगा? जवाब: दोनों की अपनी राय है। रोहित सर ने एक मुद्दे पर अपनी बात रखी और बाद में सलमान सर ने भी उस पर बात की। जब सलमान सर ने वही मुद्दा उठाया, तो घर के दूसरे लोगों को भी लगा कि वे अपनी राय रख सकते हैं। मुझे लगता है कि अगर किसी बात से आप सहमत नहीं हैं, तो आपको अपनी बात कहनी चाहिए। सामने कोई भी हो, अपनी राय रखने का हक सभी को है। सवाल: रोहित शेट्टी और राजकुमार राव जैसे कलाकारों से तारीफ मिलने पर कैसा लगा? जवाब: यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। मुझे लगता था कि इतने बड़े कलाकार शायद दूसरों का काम नहीं देखते होंगे, क्योंकि वे अपने काम में व्यस्त रहते हैं। लेकिन राजकुमार राव सर, रोहित सर और अजय देवगन सर जैसे लोगों ने मेरा काम देखा था। राजकुमार राव सर और रोहित सर ने कहा कि उन्हें मेरा काम पसंद है। रोहित सर ने तो मेरे साथ काम करने की बात भी कही। मैंने उनसे कहा कि मुझे आपके साथ काम करना है। उन्होंने कहा कि जरूर साथ काम करेंगे। मेरे लिए इससे बड़ी खुशी क्या होगी! सवाल: आखिर में रैपिड फायर। घर का सबसे बड़ा गेम प्लेयर कौन है? जवाब: आसिफ खान। सवाल: सबसे बड़ा ड्रामेबाज? जवाब: काजी भाई और आसिफ खान। सवाल: सबसे बड़ा फेक कौन लगा? जवाब: आम्रपाली जी और थोड़ा-थोड़ा माही जी। सवाल: सबसे ज्यादा गॉसिप कौन करता है? जवाब: आम्रपाली जी। वह तो सोते-सोते भी गॉसिप कर सकती हैं। सवाल: घर का सबसे अच्छा इंसान कौन लगा? जवाब: स्काउट। सवाल: किसे बिग बॉस की ट्रॉफी मिलनी चाहिए? जवाब: मेरे हिसाब से स्काउट, यंग और आरिश्फा तीनों इसके हकदार हैं। …………….. यह खबर भी पढ़ें... सैफ-करीना की शादी में धोए बर्तन, चॉल में भी रहे: लोग बोले- तुम हीरो मटेरियल नहीं; 'पंचायत' के दामाद जी बनकर फेमस हुए आसिफ एक्टर आसिफ खान ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में अपने संघर्ष की कहानी साझा की थी। राजस्थान के निम्बाहेड़ा में जन्मे आसिफ ने एक्टिंग में करियर बनाने के लिए कई मुश्किलों का सामना किया। उन्होंने होटल में वेटर का काम किया। सैफ अली खान और करीना कपूर की शादी में भी मेहमानों को खाना परोसा था। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष के बारे में बताया था। पूरी खबर यहां पढ़ें...
रणबीर कपूर और यश स्टारर फिल्म 'रामायण' का मुंबई में स्पेशल स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। थिएटर्स में फिल्म की रिलीज से पहले आयोजित इस इवेंट में बॉलीवुड के कई सेलेब्स शामिल हुए। इस खास स्क्रीनिंग में अभिनेत्री आलिया भट्ट, सनी देओल, जैकी भगनानी, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय, रवि दुबे, सरगुन मेहता, काजल अग्रवाल, लारा दत्ता ग्रैस, आशीष चंचलानी के साथ-साथ फिल्म के निर्देशक नीतेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा शामिल हुए। देखें इवेंट की तस्वीरें कल दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी फिल्म इस फिल्म में भारतीय सिनेमा के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आने वाले हैं। फिल्म में साई पल्लवी माता सीता और साउथ स्टार यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इनके अलावा सनी देओल, अरुण गोविल, लारा दत्ता, इंदिरा कृष्णन, रवि दुबे, शीबा चड्ढा, कुणाल कपूर, काजल अग्रवाल, रकुल प्रीत सिंह, अजिंक्य देव, चेतन हंसराज, फैजल मलिक, विवेक ओबेरॉय और आदिनाथ कोठारे जैसे कई कलाकार अहम किरदारों में दिखेंगे। यह फिल्म का यानी 5 नवंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
उत्तराखंड में गायक दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस के दौरान हुए विवाद में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा की वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे, लेकिन गायक से माफी नहीं मांगेंगे। फ्री प्रेस जरनल की रिपोर्ट के मुताबिक सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी से माफी मांगने वाले दावे को भी खारिज कर दिया। इससे पहले मीका सिंह की टीम ने कहा था की विवाद में मंत्री ने दलेर मेहंदी से माफी मांग ली है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उत्तराखंड में एक म्यूजिकल इवेंट के दौरान मंच पर उनियाल ने दलेर मेहंदी पर शराब पीकर गाना गाने का आरोप लगाया। 'पार्टी आलाकमान कहेगा तो भी इस्तीफा दे दूंगा' देहरादून में बोलते हुए मंत्री सुबोध उनियाल से पूछा गया कि अगर भारतीय जनता पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व उन्हें दलेर मेहंदी से माफी मांगने का निर्देश देता है तो वे क्या करेंगे, तो उनियाल ने कहा कि वे माफी मांगने के बजाय अपने पद से इस्तीफा चुनेंगे। उन्होंने कहा कि जीवन में किसी भी पद या चीज से ज्यादा महत्वपूर्ण आत्मसम्मान होता है और वे इससे कोई समझौता नहीं करेंगे। मंच पर चढ़कर मंत्री ने लगाए थे गंभीर आरोप यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर को टिहरी के 'सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले' के दौरान शुरू हुआ था। सिंगर रुक-रुक कर परफॉर्म कर रहे थे, तभी उत्तराखंड के हेल्थ मिनिस्टर सुबोध उनियाल मंच पर आए और फटकारते हुए कहा- आप शराब पीकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, गाना भी नहीं गा रहे। आपको मालूम है ना कि एक सिंगर पिट कर गया था यहां से। इतना पिटा था कि उसका बाप भी अब नहीं आ सकता यहां पर। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि दलेर मेहंदी शराब पीकर आए हैं और लाइव गाने के बजाय केवल लिप-सिंकिंग कर रहे हैं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद काफी आलोचना हुई थी। मीका सिंह ने बताया था दलेर की सर्जरी का मामला घटना के बाद दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह ने सोशल मीडिया पर मंत्री के व्यवहार पर कड़ा एतराज जताया था और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की थी। मीका ने बताया कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी, इसके बावजूद उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक परफॉर्म किया। मीका ने ये भी दावा किया कि दलेर ने जीवन में कभी शराब पी ही नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर माफी नहीं मांगी गई, तो कलाकार उत्तराखंड आना छोड़ देंगे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री दलेर के सपोर्ट में उतर गई। शिल्पा शेट्टी, राजपाल यादव, अनुपम खेर, बादशाह, शान, कपिल शर्मा समेत कई सेलेब्स ने मंत्री के रवैये पर कड़ी निंदा की। फोन पर माफी मांगने के दावे को किया खारिज मंत्री सुबोध उनियाल का यह बयान मीका सिंह की टीम के उस हालिया दावे के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि उनियाल ने दलेर मेहंदी को फोन करके घटना के लिए माफी मांग ली है। हालांकि, देहरादून में मीडिया के सामने आए उनियाल के नए बयान ने मीका सिंह की टीम के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। ये खबर भी पढ़ें तुषार कपूर से धमकाकर मांगे ₹5 करोड़:लॉरेंस गैंग के हैरी बॉक्सर के नाम से आया फोन, जांच में आवाज फर्जी निकली बॉलीवुड एक्टर तुषार कपूर को कथित तौर पर लॉरेंस गैंग के सदस्य हैरी बॉक्सर के नाम से फोन आया। फोन करने वाले ने 5 करोड़ रुपए मांगे हैं। पूरी खबर पढ़ें
बॉलीवुड में आंखों से भावनाएं बयां करने और हर किरदार में जान डालने वाली तब्बू आज 55 साल की हो गईं। करीब चार दशक के करियर में उन्होंने शोहरत, सम्मान और कई बड़े पुरस्कार हासिल किए, लेकिन निजी जिंदगी आसान नहीं रही। तीन साल की उम्र में माता-पिता का तलाक हो गया और पिता से रिश्ता नहीं बन पाया। जवानी में संजय कपूर के साथ रिश्ता शुरू हुआ, लेकिन फिल्म की शूटिंग खत्म होने से पहले दोनों की बातचीत बंद हो गई। साजिद नाडियाडवाला के साथ रिश्ते की चर्चा शादी तक पहुंची, जबकि नागार्जुन के साथ उनका नाम करीब एक दशक तक जुड़ा रहा। काले हिरण शिकार मामले में नाम आने के बाद उन्हें लंबे समय तक कानूनी विवाद का सामना करना पड़ा। जन्मदिन पर जानते हैं तब्बू की जिंदगी के पांच मुश्किल और चर्चित पहलुओं के बारे में। तीन साल की उम्र में माता-पिता का तलाक, पिता को देखने की इच्छा तक नहीं हुई तब्बू की जिंदगी का पहला बड़ा भावनात्मक मोड़ बचपन में आया। उनका जन्म 4 नवंबर 1971 को हैदराबाद में हुआ था। तीन साल की उम्र में उनके माता-पिता का तलाक हो गया। इसके बाद पिता जमाल हाशमी से उनका खास संपर्क नहीं रहा। उनकी परवरिश मां रिजवाना और नाना-नानी के घर हुई। परिवार के बिखराव ने बचपन में उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। हालांकि, तब्बू ने बचपन को केवल दुख और अभाव के रूप में याद नहीं किया। उन्होंने बताया था कि हैदराबाद में नाना-नानी के साथ उनका बचपन अच्छा बीता। मां टीचर थीं और काम के कारण तब्बू का काफी समय नानी के साथ गुजरता था। तब्बू ने ये बातें सिमी ग्रेवाल के चैट शो 'Rendezvous with Simi Garewal' में साझा की थीं। उन्होंने बताया कि उनकी नानी पूजा-पाठ करती थीं और किताबें पढ़ती थीं। तब्बू उनके आसपास रहकर बड़ी हुईं। उन्होंने स्वीकार किया था कि बचपन में वह बहुत संकोची थीं। अभिनेत्री बनने के बाद भी उनमें खुलकर बात कहने का आत्मविश्वास नहीं था। बातचीत का सबसे भावुक हिस्सा तब आया, जब उनसे पिता के बारे में पूछा गया। तब्बू ने बताया कि उन्होंने पिता को कभी नहीं देखा। उनकी बड़ी बहन फराह कभी-कभी पिता से मिलने जाती थीं, लेकिन तब्बू को उनसे मिलने की इच्छा नहीं हुई। उन्होंने पिता का सरनेम 'हाशमी' न लगाने की वजह भी बताई। तब्बू के मुताबिक, उन्होंने नहीं सोचा कि पिता का सरनेम लगाना जरूरी है। स्कूल में उनका सरनेम फातिमा था और वह इसी पहचान के साथ बड़ी हुईं। उन्होंने कहा था, 'मेरे पास उनकी कोई याद नहीं है। मैं उनसे मिलने के लिए कभी उत्सुक नहीं रही। मैं उनके बारे में जानने को उत्सुक नहीं हूं। मैं जैसी हूं और जिस तरह बड़ी हुई हूं, उससे खुश हूं।' बयान में पिता के प्रति दूरी के साथ परिवार और बचपन को लेकर संतुष्टि भी नजर आती है। किसी बच्चे के लिए पिता की मौजूदगी सिर्फ रिश्ते तक सीमित नहीं, बल्कि बचपन की यादों, सुरक्षा और भावनात्मक जुड़ाव से भी जुड़ी होती है। हालांकि, तब्बू ने इस कमी को अपनी पहचान पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने मां और नाना-नानी के साथ बिताए समय को जिंदगी का अहम हिस्सा बनाया। संजय कपूर से पहला प्यार, फिल्म की शूटिंग खत्म होते-होते बातचीत बंद तब्बू के शुरुआती फिल्मी करियर के दौरान निजी जिंदगी में भी नया रिश्ता शुरू हुआ था। यह अभिनेता संजय कपूर के साथ था। दोनों की मुलाकात फिल्म 'प्रेम' की शूटिंग के दौरान हुई थी। संजय कपूर की यह डेब्यू फिल्म 1995 में रिलीज हुई। फिल्म में दोनों की जोड़ी पर्दे पर नजर आई। इसी दौरान वे करीब आए और डेट करने लगे। दोनों करियर की शुरुआत कर रहे थे। संजय कपूर की यह पहली फिल्म थी, जबकि तब्बू इंडस्ट्री में जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं। इस रिश्ते की पुष्टि किसी गॉसिप रिपोर्ट ने नहीं, बल्कि संजय कपूर ने खुद इंटरव्यू में की थी। संजय कपूर ने ETimes को दिए पुराने इंटरव्यू में तब्बू के साथ रिश्ते पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि फिल्म 'प्रेम' की शूटिंग के शुरुआती दौर में वह तब्बू को डेट कर रहे थे। संजय ने कहा था, 'मैं उस समय शुरुआत में तब्बू को डेट कर रहा था, लेकिन फिल्म खत्म होते-होते हम एक-दूसरे से बात भी नहीं कर रहे थे।' संजय का बयान खास है, क्योंकि उन्होंने पहली बार तब्बू के साथ रिश्ते को लेकर अटकलों पर खुद बात की थी। फिल्म 'प्रेम' की शूटिंग आसान नहीं रही थी। इसे बनने में करीब छह साल लगे थे। शुरुआत में शेखर कपूर निर्देशक थे, लेकिन बाद में सतीश कौशिक ने निर्देशन किया। लंबे समय तक शूटिंग चली और इसी दौरान संजय-तब्बू के रिश्ते में भी बदलाव आया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में रिश्ते के टूटने की वजह संजय कपूर और महीप कपूर की नजदीकियों को बताया गया। हालांकि, तब्बू ने इसकी सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है। साजिद नाडियाडवाला से शादी की चर्चा हुई, लेकिन रिश्ता दोस्ती तक सिमटा संजय कपूर से रिश्ता खत्म होने के बाद तब्बू का नाम फिल्म निर्माता साजिद नाडियाडवाला से जुड़ा। उस दौर में दोनों के रिश्ते की काफी चर्चा हुई। तब्बू ने इस बारे में पुराने इंटरव्यू में खुद बात की थी। 4 अप्रैल 1997 को रेडिफ को दिए इंटरव्यू में तब्बू से निजी रिश्तों और शादी के बारे में पूछा गया था। साजिद नाडियाडवाला को डेट करने के सवाल पर उन्होंने साफ कहा था कि उस समय दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। शादी की संभावना पर उन्होंने कहा था कि फिलहाल कोई योजना नहीं है और कम से कम अगले कुछ साल तक शादी उनके एजेंडे में नहीं है। यह इंटरव्यू अहम है, क्योंकि तब्बू ने खुद स्वीकार किया था कि वह साजिद के साथ रिश्ते में थीं। साजिद नाडियाडवाला की निजी जिंदगी भी उस समय मुश्किल दौर से गुजरी थी। उनकी पहली पत्नी, अभिनेत्री दिव्या भारती का 1993 में निधन हो गया था। उनकी असमय मौत के बाद साजिद के जीवन में काफी बदलाव आए। उस दौर में तब्बू और दिव्या की दोस्ती की भी चर्चा होती रही। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तब्बू और साजिद करीब आए और कुछ समय तक साथ रहे। हालांकि, रिश्ता शादी तक नहीं पहुंच सका। 2011 में 'द न्यू इंडियन एक्सप्रेस' ने तब्बू और साजिद की दोस्ती पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया कि कपल वाला रिश्ता खत्म हो चुका था, लेकिन दोनों दोस्त बने रहे। रिपोर्ट में साजिद ने कहा था कि वह और तब्बू आज भी दोस्त हैं। उन्होंने बताया था कि तब्बू को पद्मश्री मिलने के बाद दोनों ने काफी देर तक बात की। साजिद ने कहा था कि तब्बू के साथ समय बीतने का एहसास ही नहीं होता। तब्बू ने निजी जिंदगी को लेकर ज्यादा खुलासा नहीं किया। उन्होंने रिश्ता स्वीकार किया, लेकिन उसके खत्म होने की वजहों पर सार्वजनिक रूप से विस्तार से बात नहीं की। शादी न होने के पीछे कोई एक निश्चित वजह थी, यह कहना सही नहीं होगा। हालांकि, 1997 के इंटरव्यू से पता चलता है कि उस समय साजिद उनकी जिंदगी में खास जगह रखते थे और दोनों के बीच शादी को लेकर सवाल उठ चुके थे। नागार्जुन से करीब एक दशक तक जुड़ा नाम, रिश्ते को नहीं दिया कोई नाम तब्बू का सबसे चर्चित रिश्ता साउथ के सुपरस्टार नागार्जुन से जोड़ा जाता है। दोनों की नजदीकियों की खबरें कई साल तक मीडिया में आती रहीं। रिपोर्ट्स में दावा था कि दोनों करीब दस साल तक करीब रहे। नागार्जुन पहले से शादीशुदा थे और उनकी पत्नी अमला अक्किनेनी हैं। तब्बू और नागार्जुन के रिश्ते पर लगातार सवाल उठते रहे। कहानी का दिलचस्प हिस्सा 2007 में सामने आया, जब तब्बू फिल्ममेकर करण जौहर के शो 'कॉफी विद करण' में पहुंची थीं। शो में करण जौहर ने उनसे दक्षिण भारत के उस अभिनेता के बारे में पूछा, जिनके साथ उनका नाम लंबे समय से जुड़ा था। तब्बू ने पहले सवाल टालने की कोशिश की, लेकिन फिर नागार्जुन का नाम ले लिया। उन्होंने कहा था कि यह अफवाह उनकी जिंदगी में बनी हुई है। तब्बू ने कहा कि मीडिया हर कुछ साल में इस रिश्ते पर सवाल पूछता रहता है। नागार्जुन के बारे में उनका अगला बयान इस रिश्ते को समझने के लिहाज से अहम है। तब्बू ने कहा था कि नागार्जुन उनकी जिंदगी के सबसे करीबी लोगों में से एक हैं और रिश्ता बेहद खास है। उन्होंने कहा कि वह इस रिश्ते को कोई नाम नहीं दे सकतीं। करण जौहर ने इसे दोस्ती कहने का सुझाव दिया, तो तब्बू ने कहा कि दोस्ती शब्द का कई बार गलत इस्तेमाल होता है। बातचीत से साफ हुआ कि तब्बू नागार्जुन को जिंदगी में बेहद अहम मानती थीं, लेकिन रिश्ते को किसी तय नाम में बांधना नहीं चाहती थीं। 2017 में नागार्जुन ने 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' को दिए इंटरव्यू में तब्बू को अपनी बहुत अच्छी दोस्त बताया था। उन्होंने कहा था कि उनकी दोस्ती कई साल पुरानी है। नागार्जुन के मुताबिक, तब्बू का नाम सुनते ही उनका चेहरा खिल उठता है। इस रिश्ते पर चर्चा की वजह नागार्जुन का शादीशुदा होना और परिवार के साथ रहना भी था। मीडिया में खबरें आईं कि तब्बू रिश्ते में स्थिरता चाहती थीं, लेकिन नागार्जुन पारिवारिक जिंदगी से अलग नहीं होना चाहते थे। तब्बू और नागार्जुन ने इन दावों की पुष्टि नहीं की। इसलिए रिश्ता किस वजह से खत्म हुआ या शादी की उम्मीद थी, यह पूरी तरह प्रमाणित नहीं है। तब्बू ने नागार्जुन के लिए जिस खास जुड़ाव का जिक्र किया था, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह उनके जीवन में महत्वपूर्ण व्यक्ति रहे हैं। काले हिरण केस में नाम आने से सालों विवादों में रहीं, अदालत के चक्कर लगाने पड़े तब्बू की जिंदगी का पांचवां मुश्किल दौर 1998 में शुरू हुआ। फिल्म 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान जोधपुर में काले हिरण के शिकार का मामला सामने आया। इस मामले में सलमान खान के साथ तब्बू, सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे और नीलम भी सह-आरोपी के तौर पर सामने आए थे। शूटिंग के दौरान हुई इस घटना ने पूरे बॉलीवुड को विवादों में ला दिया। मामला अदालत पहुंचा और सुनवाई सालों तक चली। यह विवाद तब्बू के लिए मुश्किल रहा, क्योंकि उनका नाम लगातार मीडिया की सुर्खियों में रहने लगा। वह फिल्मों में अभिनय के लिए पहचान बना रही थीं, वहीं अदालत में चल रहे मामले पर सार्वजनिक सवालों का सामना भी कर रही थीं। करीब दो दशक चले मामले में 5 अप्रैल 2018 को जोधपुर की अदालत ने फैसला सुनाया। सलमान खान दोषी ठहराए गए, जबकि तब्बू, सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे और नीलम संदेह का लाभ देकर बरी कर दिए गए। मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। मई 2025 में राजस्थान सरकार ने तब्बू और अन्य सह-आरोपियों की बरी होने के फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी। अपील पर सुनवाई की तारीख तय की गई थी। तब्बू बोलीं- सिंगल होना बुरा नहीं, गलत पार्टनर से बेहतर है अकेले रहना तब्बू की निजी जिंदगी में कई रिश्ते अधूरे रहे, लेकिन वह इसे नाकामी नहीं मानतीं। अकेले रहने को भी वह अभिशाप नहीं समझतीं। 23 मार्च 2019 को हिंदुस्तान टाइम्स ब्रंच को दिए इंटरव्यू में उन्होंने निजी जिंदगी और रिश्तों पर बात की थी। इस दौरान उन्होंने कहा था, मुझे नहीं लगता कि सिंगल होना कोई बुरी बात है। पहले अकेले रहने को लेकर समाज में एक तरह का कलंक था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। आपकी खुशी कई ऐसी चीजों से आती है, जिनका आपके रिलेशनशिप स्टेटस से कोई लेना-देना नहीं होता। आप अकेले रहकर अपने अकेलेपन से निपट सकते हैं, लेकिन गलत पार्टनर के साथ रहने पर उससे भी ज्यादा तकलीफदेह स्थिति पैदा हो सकती है। तब्बू ने बताया था कि करियर में आगे बढ़ते हुए वह काम करना और अकेले दुनिया देखना चाहती थीं। उनके मुताबिक, रिश्ते के लिए सपनों और क्षमताओं को छोड़ना खुद के साथ नाइंसाफी होती। उन्होंने कहा था कि आदर्श रिश्ता वह है, जिसमें दो लोग एक-दूसरे की जिंदगी का हिस्सा बनकर आगे बढ़ें। रिश्ते आजादी देने वाले होने चाहिए, बांधने वाले नहीं। निजी जिंदगी में मुश्किलों के बावजूद करियर में बनाया अलग मुकाम तब्बू ने 1980 के दशक में बाल कलाकार के तौर पर काम शुरू किया था। फिल्म 'प्रेम' से उन्हें अभिनेत्री के तौर पर पहचान मिली। 1996 में आई 'माचिस' ने करियर को नई दिशा दी। इस फिल्म के लिए उन्हें नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। 'विरासत', 'अस्तित्व', 'चांदनी बार' और 'मकबूल' जैसी फिल्मों ने उन्हें गंभीर अभिनेत्री के तौर पर स्थापित किया। 'चांदनी बार' के लिए दूसरा नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। उन्होंने हिंदी के अलावा तेलुगु, तमिल, मलयालम और अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया। हॉलीवुड फिल्म 'लाइफ ऑफ पाई' में भी नजर आईं। 2011 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया। 'हैदर', 'दृश्यम', 'अंधाधुन' और 'भूल भुलैया 2' जैसी फिल्मों से साबित हुआ कि उम्र के साथ उनकी अदाकारी और परिपक्व हुई है। ____________________________ यह खबर भी पढ़ें.. ऐश्वर्या @53: मिस वर्ल्ड का ताज जीतकर बनीं ग्लोबल स्टार:विल स्मिथ ने दिया था फिल्मों का ऑफर, फिर भी छोड़ीं कई बड़ी फिल्में ऐश्वर्या राय बच्चन आज अपना 53वां जन्मदिन मना रही हैं। मिस वर्ल्ड 1994 का खिताब जीतने से पहले ही उन्हें फिल्मों के ऑफर मिले थे, लेकिन उन्होंने पढ़ाई और मिस इंडिया प्रतियोगिता को प्राथमिकता दी। पूरी खबर पढ़ें..
सारा अली खान के दोस्त रहे ओरी ने सारा और उनकी मां अमृता सिंह के साथ अपने 10 साल पुराने रिश्ते के टूटने की वजह बताई है। नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो 'डबल डेट' में ओरी ने कहा 2021 में अमृता सिंह ने उन्हें बहुत बुरा-भला कहा और गालियां दीं। वहीं, गोवा में एक बड़े कानूनी मामले के दौरान उन्होंने सारा का साथ दिया था, लेकिन जब ओरी को खुद मदद की जरूरत पड़ी तो सारा ने एक फोन तक नहीं किया। इसी वजह से उन्होंने दोनों को अनफॉलो किया। मुश्किल वक्त में साथ न देने पर तोड़ा 10 साल पुराना रिश्ता बातचीत के दौरान ओरी ने बताया कि सारा उनकी बचपन की दोस्त जैसी थीं और दोनों कॉलेज के दिनों से करीब 10 सालों तक पक्के दोस्त रहे। ओरी ने कहा कि जब सारा गोवा में एक बड़े कानूनी मामले में फंसी थीं और उनकी जिंदगी बिखर रही थी, तब लोगों की मनाही के बावजूद वे सारा, उनकी मां और भाई के साथ खड़े रहे। लेकिन जब ओरी की जिंदगी में मुश्किल समय आया और उन्हें सारा के साथ की जरूरत थी, तब उन्होंने एक बार भी हाल जानने के लिए फोन नहीं किया। '2021 में अमृता सिंह ने दी थीं गालियां' ओरी ने बताया कि सारा की मां अमृता सिंह ने उनके साथ गलत व्यवहार किया और बहुत गालियां दीं। इससे पहले एक इंटरव्यू में भी ओरी ने इस बात का जिक्र किया था कि साल 2021 में अमृता सिंह के दिए सदमे ने उन्हें काफी दुखी कर दिया था। ओरी के अनुसार, वह उनकी जिंदगी का सबसे मुश्किल और डार्क फेज था, जिसने उन्हें भावनात्मक रूप से पूरी तरह बदल दिया। हालांकि, इस घटना के बाद वे इतने मजबूत हो गए कि अब सोशल मीडिया की नफरत का उन पर कोई असर नहीं पड़ता। 'मैं बदला लेने की योजना खुद बनाता हूं' ओरी ने अपने स्वभाव के बारे में कहा कि वे उन लोगों को आसानी से माफ नहीं करते जो उन्हें दुख पहुंचाते हैं और मन में सालों तक कड़वाहट रखते हैं। ओरी ने कहा कि वे कर्मा के भरोसे बैठने के बजाय खुद बदला लेने की योजना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि भले ही बदला लेने में सालों लग जाएं, लेकिन वे अपने दुश्मनों को दुख पहुंचाकर हिसाब जरूर बराबर करते हैं। सारा और इब्राहिम ने भी किया था अनफॉलो दोनों के बीच विवाद जनवरी 2026 में तब और बढ़ गया जब ओरी ने इंस्टाग्राम पर एक रील पोस्ट की, जिसमें 'तीन सबसे खराब नाम' के तहत सारा, अमृता और पलक लिखा दिखाई दिया था। विवाद बढ़ने पर ओरी ने रील डिलीट कर दी थी, लेकिन इसके बाद सारा और उनके भाई इब्राहिम अली खान ने ओरी को अनफॉलो कर दिया था। इसके अलावा ओरी ने एक पॉडकास्ट में इब्राहिम को 'बेशर्म' भी कहा था। ओरी ने यह भी दावा किया था कि एक पार्टी में सारा ने एक लड़की को कुर्सी से धक्का दे दिया था, जिसकी जिम्मेदारी ओरी ने खुद पर ली थी। कॉलेज से शुरू हुई थी दोस्ती ओरी और सारा की दोस्ती कॉलेज के दिनों में शुरू हुई थी। बीच में दूरियां आने के बाद लॉकडाउन में दोनों फिर करीब आए थे। बाद में ओरी यूके चले गए और सारा बॉलीवुड में सक्रिय हो गईं। वर्कफ्रंट की बात करें तो ओरी को हाल ही में रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' में देखा गया था, जहां वे दूसरे रनर-अप रहे थे। वहीं सारा अली खान हाल ही में आयुष्मान खुराना के साथ फिल्म 'उड़ता तीर' में नजर आई थीं। ओरी के इन आरोपों पर फिलहाल सारा या अमृता सिंह की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।
तेलुगु सुपरस्टार चिरंजीवी और उनके बेटे राम चरण ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों कलाकारों ने फिल्म इंडस्ट्री में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक के बढ़ते गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई। चिरंजीवी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस मुलाकात की जानकारी दी। गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए सरकार की ओर से सख्त नियम और कड़े दंड का प्रावधान करने का आश्वासन दिया। साथ ही, मामले में औपचारिक लिखित आवेदन जमा करने की सलाह दी। ‘डीपफेक कलाकारों के लिए खतरा’ चिरंजीवी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि गृह मंत्री अमित शाह से मिलना उनके लिए सम्मान की बात थी। उन्होंने गृह मंत्री को बताया कि डीपफेक और एआई का गलत इस्तेमाल कलाकारों के अधिकारों, आत्मसम्मान और क्रिएटिव कंटेंट के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। चिरंजीवी के मुताबिक, अमित शाह ने पूरे मामले को ध्यान से सुना और आश्वस्त किया कि सरकार इस पर जल्द से जल्द कड़े कदम उठाएगी। गृह मंत्री ने केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी को फिल्म उद्योग और सरकार के बीच इस मुद्दे पर तालमेल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। राम चरण बोले- गृह मंत्री ने भरोसा दिलाया मुलाकात के बाद राम चरण ने भी सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए खुशी जताई। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री का सकारात्मक रुख और समस्या की गंभीरता को समझना पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए राहत देने वाला कदम है। राम चरण के अनुसार, गृह मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि फर्जी कंटेंट बनाने वालों और इसका गलत इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि बहुत जल्द कलाकारों की सुरक्षा के लिए ठोस गाइडलाइन्स लागू की जाएंगी। हाल ही में जान्हवी कपूर का डीपफेक वीडियो वायरल हुआ हाल ही में फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ के गाने ‘चुट्टामल्ले’ का AI से बनाया गया मॉर्फ्ड (डीपफेक) वीडियो वायरल हुआ था। यह गाना जान्हवी कपूर पर फिल्माया गया था। कई एक्टर्स ने इसे बेहद घिनौना और शर्मनाक बताया था। चिरंजीवी ने भी वीडियो पर जताई थी नाराजगी साउथ सुपरस्टार चिरंजीवी ने भी गाने ‘चुट्टामल्ले’ के मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक AI वीडियो के वायरल होने पर कड़ी नाराजगी जताई। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने ऐसे कंटेंट को क्रूर, शर्मनाक और पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ किसी एक महिला या फिल्म से जुड़ा मामला नहीं है। आज किसी और के साथ हुआ है, कल यह आपके, मेरे या किसी जानने वाले के साथ भी हो सकता है। चिरंजीवी ने कहा कि ऐसे वीडियो बनाने और जानबूझकर उन्हें फैलाने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने इसे मजाक या मनोरंजन मानने से भी इनकार किया। उन्होंने तेलुगु फिल्म चैंबर, प्रोड्यूसर्स काउंसिल और इंडस्ट्री संस्थाओं के साथ मिलकर एक कमेटी और सपोर्ट सेल बनाने की बात कही। यह टीम साइबर क्राइम अधिकारियों के साथ काम करेगी। उन्होंने लोगों से वीडियो को देखने, डाउनलोड करने या शेयर करने के बजाय संबंधित प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम अधिकारियों को रिपोर्ट करने की अपील की। रश्मिका मंदाना का वीडियो वायरल होने पर मचा था बवाल इससे पहले 2023 में अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का एक डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद पूरे देश में एआई के गलत इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ गई थी। रश्मिका ने इस घटना का खुलकर विरोध किया था। इसके बाद जनवरी 2024 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर से बीटेक ग्रेजुएट 24 वर्षीय ईमानी नवीन को गिरफ्तार किया था, जिसने रश्मिका का वीडियो बनाकर अपलोड किया था। ये खबर भी पढ़ें दीया मिर्जा का दिवाली वीडियो हटाने पर विवाद:भाजपा के ऐतराज के बाद BMC ने हटाया; एक्ट्रेस बोलीं- भलाई का जमाना नहीं रहा बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने अपने पेज से दीया मिर्जा का दिवाली पर पटाखे न फोड़ने की अपील वाला वीडियो हटा दिया है। पूरी खबर पढ़ें
बॉलीवुड एक्टर तुषार कपूर को कथित तौर पर लॉरेंस गैंग के सदस्य हैरी बॉक्सर के नाम से फोन आया। फोन करने वाले ने 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, तुषार कपूर ने इसकी जानकारी मुंबई पुलिस को दी। इसके बाद जांच एंटी-एक्सटॉर्शन सेल और क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। क्राइम ब्रांच की टेक्निकल टीम ने धमकी भरे कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच की। इसके बाद आवाज का मिलान हैरी बॉक्सर के आधिकारिक ऑडियो सैंपल से किया गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, दोनों आवाजें आपस में मेल नहीं खातीं। इससे पुलिस को शक है कि यह फर्जी कॉल था। किसी ने गैंग का नाम लेकर डर पैदा करने की कोशिश की। अब पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसने धमकी भरी ऑडियो रिकॉर्डिंग भेजी थी। गौरतलब है कि लॉरेंस गैंग के गुर्गे हैरी बॉक्सर पर बॉलीवुड और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों को धमकी देने के आरोप हैं। इनमें सबसे प्रमुख नाम एक्टर रणवीर सिंह का है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, हैरी ने रणवीर के मैनेजर को वॉइस नोट भेजकर 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। रकम नहीं देने पर रणवीर और उनके स्टाफ को जान से मारने की धमकी दी गई थी। फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई गोलीबारी (फायरिंग) की घटना के पीछे भी हैरी बॉक्सर और लॉरेंस गैंग का हाथ बताया गया था। इसकी जिम्मेदारी उन्होंने एक वॉइस नोट के जरिए ली थी। मशहूर पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर गुरु रंधावा को भी हैरी बॉक्सर ने धमकी दी थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित ऑडियो के अनुसार, सलमान खान से नजदीकियों के कारण गुरु रंधावा के दिल्ली स्थित एक जिम पर फायरिंग करवाई गई थी। उन्हें आगे के लिए चेतावनी भी दी गई थी। इसके अलावा कॉमेडियन कपिल शर्मा भी गैंग के निशाने पर रहे हैं। कनाडा में उनके कैफे पर फायरिंग हो चुकी है। तुषार को ‘गोलमाल’ फ्रेंचाइजी पहचान मिली है गौरतलब है कि तुषार कपूर फेमस एक्टर जितेंद्र और प्रोड्यूसर शोभा कपूर के बेटे हैं। उनकी बड़ी बहन एकता कपूर टीवी और फिल्म प्रोड्यूसर हैं। तुषार ने साल 2001 में फिल्म 'मुझे कुछ कहना है' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इस फिल्म में उनके साथ करीना कपूर नजर आई थीं। फिल्म हिट रही और तुषार को बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने 'क्या दिल ने कहा', 'जीना सिर्फ मेरे लिए' और 'ये दिल' जैसी फिल्मों में काम किया। हालांकि, उन्हें सबसे ज्यादा पहचान कॉमेडी फिल्मों से मिली। 'क्या कूल हैं हम', 'गोलमाल', 'गोलमाल रिटर्न्स' और 'गोलमाल 3' उनकी चर्चित फिल्में हैं। फिल्म 'शोर इन द सिटी' में उनके अभिनय को भी सराहना मिली। तुषार ने फिल्मों के अलावा वेब सीरीज में भी काम किया है। साल 2021 में उन्होंने अपनी किताब 'बैचलर डैड' लिखी। इसमें उन्होंने सिंगल पिता बनने के अपने अनुभव साझा किए। तुषार ने शादी नहीं की है। जून 2016 में सरोगेसी के जरिए वह बेटे लक्ष्य के पिता बने।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' को अंतरिम कॉपीराइट सुरक्षा दी है। कोर्ट ने अज्ञात लोगों, संस्थाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को फिल्म की बिना अनुमति रिकॉर्डिंग, होस्टिंग और स्ट्रीमिंग करने से रोक दिया है। फिल्म 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। रिलीज से पहले ही इसकी एडवांस बुकिंग से करीब 73 करोड़ रुपए की कमाई हो चुकी है। यह आदेश गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर दिया गया। कंपनी ने फिल्म की स्क्रिप्ट, किरदारों, फुटेज, गीतों और रिकॉर्डिंग को कॉपीराइट उल्लंघन से बचाने की मांग की थी। कोर्ट के आदेश से फिल्म के पाइरेटेड लिंक और मिरर साइट्स को हटाने का रास्ता साफ हुआ है। इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लिखित सूचना मिलने पर कार्रवाई करनी होगी। गॉडपावर मीडिया ने आनंद एंड नाइक कानूनी फर्म के जरिए कोर्ट का रुख किया था। कंपनी को फिल्म के कॉपीराइट उल्लंघन की आशंका थी। कंपनी ने बताया कि केवल आमंत्रित लोगों के लिए प्रीव्यू स्क्रीनिंग रखी गई थी। इस दौरान कड़ी गोपनीयता शर्तें लागू थीं। इसके बावजूद फिल्म के दो ट्रेलर चोरी-छिपे रिकॉर्ड कर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किए गए। मामले में जॉन डो के अलावा करीब 34 कंपनियां भी जवाबदेह पक्ष हैं। कोर्ट को बताया गया कि फिल्म के पहले भाग को बनाने में करीब 2,000 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। दोनों भागों का कुल बजट 4,000 करोड़ रुपए है। प्लेटफॉर्म्स ने कार्रवाई पर सहमति जताई गूगल एलएलसी और दुनिया भर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की ओर से पेश वकील ने कहा कि उन्हें अंतरिम राहत देने के आदेश पर कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आपत्तिजनक लिंक की जानकारी मिलने पर वे तुरंत कार्रवाई करेंगे। जस्टिस माधव जामदार की बेंच ने आदेश में कहा, “प्रथम दृष्टया, वादी (याचिकाकर्ता) गॉडपावर को वास्तविक और ठोस आशंका है कि फिल्म या उसके हिस्सों को रिकॉर्ड कर विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड, स्ट्रीम या जनता तक पहुंचाया जाएगा।” लिंक और मिरर साइट्स ब्लॉक करने का आदेश कोर्ट ने फिल्म को बिना अनुमति फैलाने वालों के खिलाफ रोक लगाने का निर्देश दिया है। इसमें 'जॉन डो' यानी ऐसे अज्ञात लोगों और संस्थाओं पर भी रोक शामिल है, जिनकी पहचान अभी सामने नहीं आई है। कोर्ट ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि फिल्म से जुड़े आपत्तिजनक लिंक और उनकी दूसरी कॉपी वाली वेबसाइट्स की जानकारी मिलते ही उन्हें ब्लॉक करें और हटाएं। कोर्ट ने गॉडपावर से कहा है कि वह फिल्म से जुड़े लिंक (URL) की जानकारी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को दे। इसके बाद इन कंपनियों को तुरंत कार्रवाई करनी होगी। उन्हें ऐसे कंटेंट को ब्लॉक करना होगा या उस तक लोगों की पहुंच बंद करनी होगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को तय की है। तब तक अंतरिम सुरक्षा लागू रहेगी। 'रामायण' की एडवांस बुकिंग से 73 करोड़ रुपए की कमाई रणबीर कपूर स्टारर फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' की रिलीज से पहले एडवांस बुकिंग में जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है। फिल्म 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। सैकनिल्क के मुताबिक, 3 नवंबर सुबह 8 बजे तक फिल्म ने एडवांस बुकिंग से करीब 72.91 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। फिल्म के देशभर में अलग-अलग भाषाओं में अब तक 18.56 लाख टिकट बिक चुके हैं। ये बुकिंग 59,822 शोज के लिए हुई है। फिल्म की एडवांस बुकिंग करीब 700 शहरों में जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, ब्लॉक सीटों को हटाने के बाद फिल्म की एडवांस बुकिंग से कमाई 57.97 करोड़ रुपए है। वहीं, बिना ब्लॉक सीटों के टिकटों की संख्या 14.79 लाख है। हिंदी वर्जन की बुकिंग सबसे ज्यादा फिल्म को हिंदी के अलावा कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम भाषाओं में भी रिलीज किया जाएगा। फिलहाल हिंदी वर्जन की बुकिंग सबसे आगे है। वहीं, कन्नड़ और तेलुगु वर्जन के लिए भी टिकटों की मांग बढ़ रही है। फिल्म के 107 शोज हाउसफुल हो चुके हैं। इनमें से 26 शोज की सभी सीटें बिक चुकी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 3 नवंबर सुबह 6 से 8 बजे के बीच ही फिल्म ने 1.42 करोड़ रुपए की अतिरिक्त एडवांस बुकिंग की। रिलीज में अभी दो दिन बाकी हैं। ऐसे में फिल्म की टिकट बिक्री और कमाई में आगे भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
अभिनेता यशपाल शर्मा ने फिल्म 'अब तक छप्पन' में नाना पाटेकर के साथ काम किया था। फिल्म में दोनों की जोड़ी को काफी पसंद किया गया। अब फिल्म 'झाड़ फूंक' के इंटरव्यू के दौरान यशपाल ने नाना के साथ काम करने का अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म की कास्टिंग के दौरान नाना से पहली मुलाकात काफी दिलचस्प रही थी। उस वक्त उन्हें नाना के गुस्से और सेट पर उनके व्यवहार को लेकर कई बातें सुनने को मिली थीं। यहां तक कि उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से पहले अपनी कुछ शर्तें भी रख दी थीं। हालांकि, साथ काम करने के बाद नाना को लेकर उनकी धारणा पूरी तरह बदल गई। यशपाल ने उन्हें अपने अब तक के सबसे बेहतरीन को-एक्टर में से एक बताया। नाना से पहली मुलाकात में मेरी तरफ फेंका सेब यशपाल शर्मा ने बताया कि उन्हें रामगोपाल वर्मा के ऑफिस से फिल्म 'अब तक छप्पन' के लिए फोन आया था। समित अमीन ने उन्हें बताया कि एक फिल्म बन रही है और मेकर्स उन्हें कास्ट करना चाहते हैं। इसके बाद उन्हें नाना पाटेकर का नंबर और पता दिया गया, ताकि वे उनसे मुलाकात कर सकें। यशपाल नाना के लोखंडवाला स्थित घर पहुंचे। उन्होंने बताया, 'जैसे ही नाना ने दरवाजा खोला, उनके हाथ में एक सेब था। उन्होंने वह सेब मेरी तरफ फेंक दिया। मैंने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने कहा- यू आर डूइंग। मैं हैरान था कि यह कैसी कास्टिंग है।' कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से पहले रख दी थीं शर्तें यशपाल ने बताया कि बाद में जब वे समित अमीन के पास कॉन्ट्रैक्ट साइन करने पहुंचे, तो उन्होंने नाना के साथ काम करने को लेकर अपनी आशंकाएं जाहिर की थीं। उन्होंने कहा, 'मैंने उनसे कहा कि नाना पाटेकर के बारे में सुना है कि वे सेट पर गुस्सा हो जाते हैं। मैं हरियाणा से हूं। अगर उन्होंने मुझे मारा तो मैं भी डबल मारूंगा। अगर गालियां दीं, तो मेरे पास भी गालियों की कमी नहीं है।' हालांकि, नाना के साथ काम करने के बाद यशपाल की यह धारणा पूरी तरह बदल गई। उन्होंने कहा कि नाना उनके अब तक के सबसे बेहतरीन को-एक्टर हैं। उन्होंने फिल्म में उनका एक भी सीन नहीं कटवाया। यशपाल के मुताबिक, उन्होंने फिल्म के लिए जितना काम किया था, वह सब फाइनल फिल्म में शामिल किया गया। नाना के बारे में सुनी थीं कई बातें, केके मेनन ने भी छोड़ा था रोल यशपाल ने बताया कि फिल्म में काम करने से पहले उन्हें कई लोगों ने नाना पाटेकर के स्वभाव को लेकर अलग-अलग बातें बताई थीं। यहां तक कि उनके मुताबिक, केके मेनन ने भी वह रोल छोड़ दिया था। लेकिन नाना के साथ काम करने के बाद उन्हें समझ आया कि किसी व्यक्ति के बारे में दूसरों से सुनी बातों के आधार पर राय नहीं बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक आप खुद किसी इंसान से नहीं मिलते और उसके साथ वक्त नहीं बिताते, तब तक उसके व्यक्तित्व को सही तरीके से नहीं समझ सकते। बड़े स्टार होने के बावजूद नाना पाटेकर हमेशा डाउन टू अर्थ रहे यशपाल ने नाना पाटेकर के व्यवहार की तारीफ करते हुए कहा कि वे बेहद डाउन टू अर्थ इंसान थे । इतने बड़े स्टार होने के बावजूद उनके साथ बैठकर खुलकर बातचीत की जा सकती थी। फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच अच्छी दोस्ती भी हो गई थी। उन्होंने बताया कि फिल्म 'अपहरण' में भी दोनों साथ थे, लेकिन उसमें उनका नाना के साथ आमने-सामने का कोई सीन नहीं था। इस वजह से दोनों को ज्यादा बातचीत करने का मौका नहीं मिला। यशपाल ने आगे बताया कि उनका मन था कि एक बार नाना पाटेकर के फार्महाउस जाकर उनसे मुलाकात करें, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।
हॉलीवुड फिल्म ‘द फिक्स’ में लियाम नीसन और जैक क्वैड जैसे कलाकारों के साथ काम कर रहीं एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी इन दिनों अपने करियर के एक नए पड़ाव पर हैं। ईरान में जन्मीं, जर्मनी में पली बढ़ीं और भारत में अपनी पहचान बनाने के बाद अब लॉस एंजिलिस में मौके तलाश रहीं एलनाज का सफर आसान नहीं रहा। वह अपनी नई फिल्म, हॉलीवुड और बॉलीवुड के काम करने के तरीकों के अंतर और ईरान के मौजूदा हालात पर खुलकर बात करती हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान के लोगों की आजादी और लोकतंत्र की मांग को समझना जरूरी है। सवाल: ‘द फिक्स’ आपके लिए कितनी खास फिल्म है? जवाब: यह मेरे लिए बहुत खास फिल्म है। इसमें राजनीति, इतिहास, एक्शन और इमोशन, सब कुछ है। फिल्म की कहानी में ईरान और तेहरान से जुड़े पहलू भी हैं। निर्देशक ने इसकी तुलना ‘धुरंधर’ से भी की थी। मुझे लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को एक अलग अनुभव देगी। सवाल: लियाम नीसन और जैक क्वैड जैसे हॉलीवुड कलाकारों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: लियाम नीसन को हम पर्दे पर अक्सर गंभीर और दमदार किरदारों में देखते हैं, लेकिन असल जिंदगी में वह काफी सहज और मजाकिया हैं। उनके साथ काम करके अच्छा लगा। जैक क्वैड के साथ भी मेरी अच्छी दोस्ती हो गई और हमारी केमिस्ट्री काफी अच्छी रही। दोनों कलाकारों से बहुत कुछ सीखने को मिला। सवाल: हॉलीवुड और बॉलीवुड के सेट पर काम करने के तरीके में आपको सबसे बड़ा अंतर क्या लगा? जवाब: हॉलीवुड के सेट पर कैमरे के आसपास लोगों की संख्या कई बार कम होती है, जिससे कलाकारों को काम करने के लिए ज्यादा स्पेस मिलता है। इससे वे अपने किरदार पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाते हैं। मुझे लगता है कि बॉलीवुड में भी कुछ मामलों में इस तरह के बदलाव से फायदा हो सकता है। सवाल: ‘द फिक्स’ की शूटिंग के दौरान कोई मुश्किल अनुभव भी रहा? जवाब: हमने जॉर्जिया के त्बिलिसी में अक्टूबर और नवंबर के दौरान शूटिंग की थी। वहां बहुत ठंड थी और मैं करीब दो हफ्ते तक बीमार रही। मेरी आवाज तक चली गई थी। लेकिन पूरी टीम ने एक दूसरे का बहुत साथ दिया। ऐसे अनुभव आपको टीमवर्क की अहमियत समझाते हैं। सवाल: ईरान के मौजूदा हालात को आप किस नजरिए से देखती हैं? जवाब: वहां जो हो रहा है, उसे केवल आज की घटना की तरह नहीं देखा जा सकता। मेरे मुताबिक, ईरान के लोग पिछले 47 साल से दमन का सामना कर रहे हैं। वे आजादी, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं। युद्ध बहुत दुखद होता है और आम लोगों को इसकी सबसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। हमें ईरान के लोगों की तकलीफ और उनकी आवाज को समझने की जरूरत है। सवाल: आप आठ साल की उम्र में ईरान से जर्मनी चली गई थीं। फिर भारत और अब लॉस एंजिलिस तक का सफर कैसा रहा? जवाब: जिंदगी में कई बार शुरुआत से सब कुछ करना पड़ा। ईरान से जर्मनी गई, फिर भारत आई और अब लॉस एंजिलिस में अपना करियर बनाने की कोशिश कर रही हूं। हर जगह चुनौतियां हैं, लेकिन मैं हार मानने वालों में से नहीं हूं। मुझे लगातार काम करना है और अलग तरह के किरदार निभाने हैं। सवाल: आपको अक्सर ग्लैमरस किरदारों से जोड़कर देखा जाता है। क्या यह छवि तोड़ना मुश्किल है? जवाब: लोग आपको एक खास तरह के किरदार में देखते हैं तो उसी छवि में बांधने लगते हैं। लेकिन मैंने ‘सेक्रेड गेम्स’, ‘रणनीति’, ‘कंधार’ और ‘तेहरान’ जैसे प्रोजेक्ट्स में अलग तरह का काम किया है। मैं चाहती हूं कि लोग मुझे सिर्फ ग्लैमरस किरदारों के लिए नहीं, बल्कि मेरी एक्टिंग और अलग-अलग भूमिकाओं के लिए पहचानें। सवाल: क्या भारतीय फिल्मों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा पहचान मिल रही है? जवाब: बिल्कुल। ‘आरआरआर’ और ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है। ‘द फिक्स’ के निर्देशक ने भी भारतीय फिल्मों को देखा है। मैं चाहती हूं कि भारतीय सिनेमा को दुनिया भर में और ज्यादा पहचान मिले।
फिल्म 'रामायण' की रिलीज से तीन दिन पहले, मुख्य अभिनेता रणबीर कपूर ने सोशल मीडिया पर हो रही फिल्म की ट्रोलिंग पर चुप्पी तोड़ी है। देशभर के 18 हजार से ज्यादा छात्रों से बातचीत करते हुए रणबीर ने फिल्म में भगवान राम के किरदार के चयन को लेकर उठी आलोचनाओं का जवाब दिया। उन्होंने किशोर कुमार के 'कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना' गाने का हवाला देते हुए कहा कि अगर नीयत और मेहनत सच्ची है, तो शोर पर ध्यान दिए बिना अपने काम को बोलने देना चाहिए। 'शोर पर ध्यान मत दो, काम को बोलने दो' रणबीर कपूर ने छात्रों के साथ ऑनलाइन संवाद में ट्रोलिंग का सामना करने का अपना नजरिया साझा किया। उन्होंने कहा कि जीवन में जब आप सही नीयत और ईमानदारी से मेहनत करते हैं, तो दूसरों की नकारात्मक बातों का असर खुद पर नहीं पड़ने देना चाहिए। रणबीर ने कहा कि लोग बातें बनाते रहेंगे, लेकिन आपका ध्यान अपने काम पर केंद्रित होना चाहिए। उनका मानना है कि अंत में इंसान की ईमानदारी से की गई मेहनत और उसका काम ही सबसे बड़ा जवाब होता है। कास्टिंग से लेकर प्रोमो तक पर हुई ट्रोलिंग निदेशक नीतेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म की घोषणा के बाद से ही रणबीर कपूर को राम के किरदार में ढलने को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था। कई यूजर्स का कहना था कि वे इस पौराणिक किरदार के लिए सही नहीं हैं। इसके बाद फिल्म के प्रमोशनल कंटेंट सामने आने पर भी ऑनलाइन ट्रोलिंग जारी रही। दशहरा कार्यक्रम में जुबान फिसलने पर मांगी थी माफी प्रमोशन के दौरान एक दशहरा कार्यक्रम में शामिल हुए रणबीर कपूर की जुबान फिसलने का मामला भी चर्चा में रहा था। कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने 'अच्छाई की जीत' कहने के बजाय गलती से 'अच्छाई का अंत' कह दिया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद वे इंटरनेट पर ट्रोलर्स के निशाने पर आ गए थे। हालांकि, बाद में रणबीर ने अपनी इस भूल पर खेद जताते हुए सभी से सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी। लॉर्ड ऑफ द रिंग्स और अवतार से हो रही तुलना फिल्म 'रामायण' को 'लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' और 'अवतार' जैसी हॉलीवुड की बड़ी विजुअल फ्रेंचाइजी की तर्ज पर तैयार किया गया है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और भव्य सेट्स पर काफी काम किया गया है। तीन दिन बाद थिएटर्स में आ रही यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी और बड़े पैमाने पर बनने वाली फिल्मों में शामिल है, जिसकी चर्चा वैश्विक स्तर पर हो रही है। साई पल्लवी बनी हैं सीता, यश निभाएंगे रावण इस फिल्म में भारतीय सिनेमा के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आने वाले हैं। फिल्म में साई पल्लवी माता सीता और साउथ स्टार यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इनके अलावा सनी देओल, अरुण गोविल, लारा दत्ता, इंदिरा कृष्णन, रवि दुबे, शीबा चड्ढा, कुणाल कपूर, काजल अग्रवाल, रकुल प्रीत सिंह, अजिंक्य देव, चेतन हंसराज, फैजल मलिक, विवेक ओबेरॉय और आदिनाथ कोठारे जैसे कई कलाकार अहम किरदारों में दिखेंगे।
नमित मल्होत्रा की फिल्म ‘रामायण’ दिवाली से पहले हिंदी सिनेमा के लिए एक नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। फिल्म की एडवांस बुकिंग को शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है।
नितेश तिवारी की 'रामायण पार्ट 1' दीवाली पर रिलीज के लिए तैयार है और इसने एडवांस बुकिंग में शानदार प्रदर्शन किया है।
एक्टर इमरान खान ने 'SIR' विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए बिना शर्त माफी मांग ली है। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा है कि वे भविष्य में इस तरह के किसी भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे। बॉम्बे हाईकोर्ट इमरान को मिलने लीव इंडिया नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। कोर्ट ने उनसे बिना शर्त माफी और अंडरटेकिंग देने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को 'वसुधैव कुटुंबकम' के सिद्धांत की याद दिलाई और निर्देश दिया कि इमरान को उनके खिलाफ जारी 'लीव इंडिया नोटिस' (LIN) का जवाब देने के लिए कुछ समय दिया जाए। अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी। तब तक उनके खिलाफ जारी 'लीव इंडिया' (भारत छोड़ो) नोटिस पर रोक रहेगी। बॉम्बे हाईकोर्ट के 5 कमेंट चीफ जस्टिस बोले- ये भारत की उदारता, पहले नोटिस दिया हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच ने कहा कि भारत की उदारता देखिए कि एक अमेरिकी नागरिक, जिसके पास 'ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया' (OCI) कार्ड है, उसे तुरंत देश से बाहर निकालने या डिपोर्ट करने के बजाय पहले एक नोटिस देकर देश छोड़ने के लिए कहा गया। अगर किसी भारतीय नागरिक ने विदेश में ऐसा ही कुछ किया होता, तो उसे अगली ही फ्लाइट से भारत वापस भेज दिया जाता।
टीवी एक्टर अनुज ठाकुर का 30 की उम्र में निधन:सोते समय आया हार्ट अटैक; मां जगाने पहुंची तो मृत मिले
टीवी शो 'बंधन सात जन्मों का' फेम एक्टर अनुज ठाकुर का हार्ट अटैक से 30 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। 30 अक्टूबर की सुबह घर पर नींद में ही उनकी सांसें थम गईं। एक्टर के दोस्त और कास्टिंग डायरेक्टर रूपेश सोनार ने मीडिया से बातचीत में इस खबर की पुष्टि की है। रूपेश के मुताबिक, अनुज रोजाना सुबह 4:30 बजे उठकर वर्कआउट करते थे, लेकिन 30 अक्टूबर को अलार्म बजने के बाद भी वे नहीं उठे। बाद में जब उनकी मां उन्हें जगाने कमरे में पहुंचीं, तब तक अनुज का निधन हो चुका था। सुबह 4:30 बजे बजता था अलार्म, बिस्तर पर अचेत मिले रूपेश सोनार ने अनुज ठाकुर अपनी फिटनेस को लेकर बहुत सतर्क थे। सुबह 4:30 बजे उठकर जॉगिंग और एक्सरसाइज करना उनका रोज का नियम था। 30 अक्टूबर की सुबह भी समय पर अलार्म बजा, लेकिन अनुज बिस्तर से नहीं उठे। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर जब उनकी मां कमरे में गईं, तो वे अचेत पड़े थे और उनकी सांसें बंद थीं। रूपेश को 30 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे एक कॉमन फ्रेंड के जरिए इस घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद वे उनके परिवार से मिलने पहुंचे। 10 दिन पहले हुई थी मुलाकात, वापसी की कर रहे थे तैयारी अनुज ठाकुर को याद करते हुए रूपेश सोनार ने बताया कि निधन से महज 10 दिन पहले ही उनकी अनुज से मुलाकात हुई थी। उस समय अनुज काफी खुश नजर आ रहे थे और दोबारा एक्टिंग में अपनी पारी शुरू करने की तैयारी कर रहे थे। दोनों मिलकर कुछ नए प्रोजेक्ट्स पर भी काम करने की योजना बना रहे थे। रूपेश ने बताया कि उनकी और अनुज की पहली मुलाकात साल 2008 में शो 'बंधन सात जन्मों का' के सेट पर हुई थी, जिसके बाद से वे अनुज को अपने छोटे भाई जैसा मानते थे। 'धूम मचाओ धूम' और 'महिसागर' जैसे शोज से बनाई पहचान अनुज ठाकुर ने अपने करियर में कई चर्चित टेलीविजन धारावाहिकों में काम किया था। उन्हें 'धूम मचाओ धूम', 'बंधन सात जन्मों का', 'बींद बनूंगा घोड़ी चढ़ूंगा' और 'महिसागर' जैसे शोज में निभाए गए किरदारों से पहचान मिली। दर्शकों ने उनके अभिनय को काफी पसंद किया था। कुछ समय के ब्रेक के बाद वे एक बार फिर से स्क्रीन पर लौटने के लिए प्रोजेक्ट्स पर चर्चा कर रहे थे।
बॉलीवुड एक्ट्रेस नोरा फतेही को सुकेश चंद्रशेखर के 200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में सोमवार, 2 नवंबर 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश होना था। समन के बावजूद एक्ट्रेस कोर्ट नहीं पहुंचीं, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'उनका व्यवहार ठीक नहीं है। कोर्ट को हल्के में न लें।' दरअसल, इस मामले में नोरा फतेही को बतौर गवाह अदालत में पेश होकर अपना बयान दर्ज कराना था। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि नोरा को समन भेजा गया था, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वह अदालत में पेश होंगी या नहीं। वहीं, नोरा के वकील ने उनकी पेशी से छूट देने की मांग करते हुए आवेदन दाखिल किया। वकील की इस मांग पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। इसके बाद स्पेशल जज गगनदीप सिंह ने नोरा फतेही को नया समन जारी करते हुए 6 नवंबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया और कहा- वह एक गवाह हैं और उन्हें यहां अदालत में मौजूद होना चाहिए था। उनका व्यवहार ठीक नहीं है। अदालत को हल्के में न लें। पुलिस ने 22 अक्टूबर को भेजा था नोटिस सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने बताया कि नोरा फतेही को 22 अक्टूबर को ईमेल और वॉट्सऐप के जरिए नोटिस भेजा गया था। पुलिस ने उनसे फोन पर संपर्क करने की भी कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। वहीं, नोरा के वकील ने अदालत को बताया कि एक्ट्रेस को 29 अक्टूबर को समन की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद 2 नवंबर को उनकी पेशी नहीं हो सकी। बता दें कि सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ की ठगी के मामले में पहले भी कई बार नोरा फतेही से पूछताछ हो चुकी है। आरोप हैं कि नोरा ने सुकेश से लग्जरी कार समेत कई कीमती तोहफे लिए हैं। पहले नोरा और सुकेश को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की की जा चुकी है। इस दौरान नोरा ने खुद 1 करोड़ से ज्यादा कीमत की लग्जरी गाड़ी गिफ्ट में लेने की बात कबूल की थी। ये कार नोरा को 2020 में हुए एक ईवेंट के दौरान चेन्नई में गिफ्ट की गई थी। उन्होंने जांच एजेंसियों को दिए बयानों में कहा था कि वे खुद इस मामले में पीड़ित (विक्टिम) रही हैं, जिसके बाद उन्हें मामले में गवाह बनाया गया है। जैकलीन फर्नांडिस भी हैं आरोपी, गवाह बनने की याचिका हुई खारिज सुकेश के खिलाफ हुई जांच में सामने आया कि वह और एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस रिलेशनशिप में रहे हैं। इसके चलते एक्ट्रेस भी जांच के दायरे में आ गई थीं। जांच में सामने आया कि सुकेश ने खुद को बिजनेसमैन बताते हुए जैकलीन से रिश्ता रखा था। उस समय वह उन्हें कई महंगे तोहफे भी देता था। वहीं, जैकलीन ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि वे नहीं जानती थीं कि सुकेश एक ठग है। दोनों की कुछ रोमांटिक तस्वीरें भी कई बार वायरल हो चुकी हैं। सुकेश अक्सर खास मौकों पर जेल से उनके लिए चिट्ठी लिखता है और उन्हें कोई ना कोई तोहफा देने का दावा करता है। ED द्वारा दायर मामले में जैकलीन आरोपी हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एक्सटॉर्शन केस में जैकलीन को गवाह बताया गया। जैकलीन ने ED के केस में भी गवाह बनने की अर्जी दी थी, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया। क्या है ₹200 करोड़ की वसूली का पूरा मामला? यह पूरा मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है। आरोप है कि उसने खुद को कभी प्रधानमंत्री कार्यालय तो कभी गृह मंत्रालय का वरिष्ठ अधिकारी बताकर पूर्व रणबैक्सी प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से करीब 200 करोड़ रुपए की वसूली की। शिविंदर मोहन सिंह और उनके भाई मालविंदर सिंह रणबैक्सी के प्रमोटर रह चुके हैं। दोनों आर्थिक अनियमितताओं के मामलों में कानूनी मुश्किलों में फंसे थे और शिविंदर जेल में बंद थे। आरोप है कि सुकेश ने उनकी पत्नी अदिति को भरोसा दिलाया कि वह उनके पति को जेल से बाहर निकलवा सकता है। इसके लिए वह जेल के अंदर से फोन करता और खुद को सरकारी अधिकारी बताता था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने कॉल स्पूफिंग तकनीक से अपनी असली पहचान छिपाई और सरकारी नंबर दिखाकर अदिति से संपर्क किया। 2020 से 2021 के बीच उसने अलग-अलग किस्तों में करीब 200 करोड़ रुपए वसूले। अगस्त 2021 में अदिति सिंह ने दिल्ली पुलिस से शिकायत की। इसके बाद दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने जांच शुरू की। कथित तौर पर एक करोड़ रुपए की नई मांग के बाद पुलिस ने कार्रवाई कर सुकेश को गिरफ्तार किया। जांच में जेल से वसूली का नेटवर्क सामने आया। पुलिस ने MCOCA के तहत चार्जशीट दाखिल की। इस मामले में सुकेश की पत्नी लीना मारिया पॉल और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच हुई। सुकेश से कैसे जुड़ा नोरा फतेही का नाम? जांच के दौरान नोरा फतेही का नाम भी सामने आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुकेश ने उन्हें लग्जरी कार और तोहफे दिए थे। दिल्ली पुलिस ने सुकेश और उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल से उनके संपर्क को लेकर पूछताछ की। एक पूछताछ में नोरा और सुकेश को साथ बैठाया गया था। नोरा ने पुलिस को बताया था कि उनकी मुलाकात और बातचीत सुकेश से सीधे नहीं, बल्कि उसकी पत्नी लीना के जरिए हुई थी। बाद में दिल्ली पुलिस ने तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की, जिसमें नोरा को अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया गया। चार्जशीट में उनका नाम LW-3 यानी तीसरे गवाह के रूप में दर्ज है।
रामायणम् की रिलीज से पहले Jailer 2 ने खेला आखिरी दांव, संडे को ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर जमकर छापे नोट
साउथ सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म जेलर 2 ने तीसरे रविवार को ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर अपनी धाक जमाई है।
काबिल, कांटे और जज्बा जैसी फिल्मों के डायरेक्टर संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर को किचन में गिरने से निधन हो गया। 31 अक्टूबर को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार हुआ, जिस समय उनके बच्चों ने पैपराजी को मिडिल फिंगर दिखाई और हंसते हुए नजर आए। वीडियो वायरल होने और आलोचना होने के बाद अब दिवंगत डायरेक्टर की पत्नी अनुराधा लेखी और करीबी दोस्त डायरेक्टर मिलाप जावेरी ने सफाई दी है। मरजावां डायरेक्टर मिलाप जावेरी ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से डायरेक्टर संजय गुप्ता की पत्नी के हवाले से पोस्ट कर लिखा, हमारी जिंदगी का एक हिस्सा हमेशा के लिए हमसे छिन गया है। इस नुकसान की भरपाई कोई नहीं कर सकता और न ही कोई इस खालीपन को भर सकता है। हमारे पूरे परिवार की तरफ से मैं परिवार के सभी सदस्यों, दोस्तों, संजय के प्रशंसकों और मीडिया से जुड़े लोगों का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। एक हादसे में गिरने के कारण संजय के सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसकी वजह से उनका असमय निधन हो गया।' बच्चों के रवैये पर सफाई देते हुए आगे लिखा गया है, 'संजय अपने परिवार और बच्चों से बेहद प्यार करते थे। बच्चे अभी किशोर उम्र के हैं और उन्होंने अचानक अपने प्यारे पिता को खो दिया है। संजय का परिवार हमेशा से मीडिया की चकाचौंध और पपराजी (फोटोग्राफरों) की दखलअंदाजी से दूर रहा है। ऐसे मुश्किल समय में उनकी निजी जिंदगी में अचानक मीडिया की दखल से परिवार को बहुत दुख पहुंचा। इस दुख और सदमे में परिवार के कुछ सदस्यों ने मीडिया के कुछ लोगों के प्रति नाराजगी जाहिर की होगी। अगर उनकी किसी बात से किसी को ठेस पहुंची है, तो मुझे इसका दुख है।' आगे लिखा है, ‘मैं सभी से अपील करती हूं कि परिवार के सदस्यों की इन प्रतिक्रियाओं को समझें। ये उस दर्द की अभिव्यक्ति हैं, जिससे गुजरते हुए बच्चे अपने पिता को खोने के गम को समझने और स्वीकार करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं आप सभी से विनम्र अनुरोध करती हूं कि बच्चों को माफ करें और ऐसी तस्वीरें, वीडियो या कंटेंट डिलीट कर दें, जो उनके मन पर लंबे समय तक बुरा असर डाल सकते हैं। कृपया उन्हें अपने पिता के निधन के दुख से उबरने के लिए जरूरी समय, सहानुभूति और निजता दें।’ क्या था पूरा मामला? 31 अक्टूबर की रात मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में डायरेक्टर संजय गुप्ता का अंतिम संस्कार किया गया। डायरेक्टर के बच्चे कार से श्मशान घाट पहुंचे थे। इस बीच फ्रंट सीट पर बैठी हुई डायरेक्टर की बेटी ने पैपराजी को देखते ही मिडिल फिंगर दिखानी शुरू कर दी। इसके बाद बैक सीट पर बैठे बेटे ने भी पैपराजी को अश्लील इशारे किए। इस दौरान डायरेक्टर की बेटी हंसती हुई भी दिखाई दी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद बच्चों की जमकर आलोचना की जा रही है। 3 नवंबर को रखी गई डायरेक्टर संजय गुप्ता की प्रेयर मीट संजय गुप्ता के दोस्त मिलाप जावेरी ने एक पोस्ट जारी कर बताया है कि उनकी प्रेयर मीट का आयोजन 3 नवंबर को मुंबई, इस्कॉन जुहू के पास मंडपम हॉल में किया गया है। किचन में गिरने से हुआ निधन 57 साल के डायरेक्टर संजय गुप्ता का निधन 30-31 अक्टूबर की दरमियानी रात मुंबई के राम नगर स्थित घर में हुआ। पुलिस के अनुसार, डायरेक्टर का शव सुबह उनके किचन में मिला, वह कुछ घंटों पहले किचन में गिरे थे, जिससे चोट लगने पर उनका निधन हो गया। पुलिस जांच में इसे एक्सीडेंटल डेथ माना गया। उनके परिवार ने किसी तरह का संदेह नहीं जताया। फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शव परिवार को सौंपा गया, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार हुआ। निधन की खबर मिलने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई सेलेब्स उनके अंतिम दर्शन करने पहुंचे। इनमें फरदीन खान, अभिषेक बच्चन, राजपाल यादव, राकेश रोशन शामिल हैं। संजय गुप्ता का सपना पूरा करने के लिए कांटें 2 बनाएंगे दोस्त संजय दत्त संजय गुप्ता ने अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी स्टारर फिल्म कांटें डायरेक्ट की थी। डायरेक्टर के निधन के बाद उनके साथ 9 फिल्में कर चुके संजय दत्त ने भावुक पोस्ट शेयर कर श्रद्धांजलि दी और कहा कि संजय गुप्ता कांटें 2 बनाने की प्लानिंग कर रहे थे। उन्होंने संजय दत्त से फिल्म पर चर्चा भी की थी। अब उनके निधन के बाद संजय दत्त उनका अधूरा सपना पूरा करेंगे और कांटें 2 बनाएंगे। संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में क्राइम, गैंगस्टर ड्रामा, एक्शन और अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त स्टारर कांटे, ऋतिक रोशन की काबिल, संजय दत्त की जिंदा और जॉन अब्राहम की शूटआउट एट वडाला शामिल हैं।
दिल्ली में कॉन्सर्ट करने के बाद पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ वीकेंड पर ऋषिकेश पहुंचे। रविवार को उन्होंने मां गंगा का आचमन किया और प्रणाम कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे गंगा किनारे टहलते और खुद रील बनाते नजर आए। इस दौरान वे पत्थरों के बीच करीब 15 मिनट तक अकेले बैठे और खुद से बातें करते दिखे। दिलजीत ने बद्रीनाथ मार्ग पर शिवपुरी और व्यासी के बीच स्थित प्रसिद्ध वशिष्ठ गुफा में भी कुछ समय बिताया। यह जगह ऋषिकेश से करीब 30 किलोमीटर दूर है। यहां पहुंचने के दौरान वे शुरुआत में अकेले नजर आए। बाद में दिन निकलने पर उनकी सुरक्षा में तैनात सिक्योरिटी टीम भी उनके पास पहुंच गई। उनका यह दौरा बेहद निजी रहा। स्थानीय लोगों को भी उनके पहुंचने की भनक नहीं लगी। उन्होंने बिना किसी सार्वजनिक हलचल के गंगा तट और आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच समय बिताया। तस्वीरें देखिए- वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने पर पता चला इसके बाद जैसे ही भीड़ बढ़ी, तो दिलजीत ने इशारे से सिक्योरिटी को बुलाया और वहां से चले गए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका वीडियो बना लिया। जब वीडियो सोशल मीडिया पर डाला गया, तब लोगों को पता चला कि वे कोई और नहीं, बल्कि दिलजीत दोसांझ थे। इसके बाद दिलजीत ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर ऋषिकेश की रील शेयर की। देर शाम दिलजीत अपनी टीम के साथ वापस लौट गए। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
बहू सरपंच बनी तो सास ने गांव के नाम कर दी जमीन, पंचायत भवन के लिए दान की सवा बीघा भूमि
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में सास-बहू की एक अनूठी पहल ने ग्रामीणों का दिल जीत लिया है।
विश्व सफेद छड़ी दिवस - सिर्फ एक सहारा नहीं, नेत्रहीन लोगों की सुरक्षा और स्वतंत्रता का भी प्रतीक
हर साल 15 अक्टूबर को विश्व सफेद छड़ी दिवस मनाया जाता है। यह दिन खासतौर पर नेत्रहीन और दृष्टिबाधित लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
दिवाली पर फ्री गिफ्ट मांगना पड़ा भारी, मदुरै के इन्फ्लुएंसर के घर पहुंच गए लाखों के COD पार्सल
दिवाली पर फॉलोअर्स से मिठाइयां और गिफ्ट मिलने की उम्मीद तमिलनाडु के मदुरै में रहने वाले इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वीरमणि के लिए बड़ी मुसीबत बन गई।
न दुकानदार, न CCTV और न ताला… मिजोरम के गांवों में भरोसे से चलती हैं ये अनोखी दुकानें
आज के समय में किसी दुकान की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, ताले और दुकानदार की मौजूदगी आम बात है।
प्रसाद समझकर 3 तोले की सोने की चेन निगल गया बैल, 15 दिन बाद सर्जरी से निकली
महाराष्ट्र के मालेगांव तालुका के वनपत गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
कभी घर-घर पहुंचाता था पिज्जा, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत से बदली इस भारतीय की जिंदगी
कहते हैं कि अगर इंसान में मेहनत करने और आगे बढ़ने का जुनून हो, तो मुश्किल हालात भी उसके रास्ते को ज्यादा लंबे समय तक नहीं रोक सकते।
मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग
तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं
सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।
ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी
धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

