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ओपनिंग डे पर बॉक्स ऑफिस का 'तख्तापलट' करेगी Drishyam 3, अजय देवगन की सस्पेंस थ्रिलर के निशाने पर 10 फिल्में?

अजय देवगन की अपकमिंग फिल्म दृश्यम 3 बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत करती हुई नजर आ सकती है।

जागरण 1 Oct 2026 4:05 pm

जयपुर एयरपोर्ट पर साथ दिखे एक्ट्रेस पलक तिवारी-एक्टर इब्राहिम:एक गाड़ी में रणथंभौर के लिए हुए रवाना; फैन से मिलिंद सोमन बोले- 20 पुशअप करो

बॉलीवुड एक्ट्रेस पलक तिवारी और एक्टर इब्राहिम अली खान पटौदी गुरुवार को जयपुर एयरपोर्ट पर नजर आए। दोनों को एयरपोर्ट पर एक साथ देखा गया। यहां से वे सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर के लिए रवाना हुए। जानकारी के मुताबिक- दोनों रणथंभौर में टाइगर सफारी देखने पहुंचे हैं। दोनों का दो दिन यहां रुकने का कार्यक्रम है। जयपुर एयरपोर्ट पर इब्राहिम अपने खास मजाकिया अंदाज में भी नजर आए। उनके हाथ में कॉफी का गिलास था। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों और पैपराजी से बातचीत के दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा- आज मेरी कॉफी नहीं गिरेगी। उनका यह कमेंट हाल ही वायरल हुए उस वीडियो से जुड़ा था, जिसमें इब्राहिम के हाथ से कॉफी गिर गई थी। इसी बीच जयपुर एयरपोर्ट पर अभिनेता, मॉडल और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन भी नजर आए। एयरपोर्ट पर एक फैन ने उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई तो मिलिंद ने मजाकिया अंदाज में कहा- फोटो से पहले 20 पुशअप लगाने पड़ेंगे। उनके इस अंदाज को देखकर वहां मौजूद लोग भी चौंक गए। सेल्फी लेते हुए गिर गई थी कॉफी दरअसल, 30 सितंबर को सामने आए एक वीडियो में इब्राहिम एक फैन के साथ सेल्फी लेते समय गलती से अपनी कॉफी कपड़ों पर गिरा बैठे थे। वीडियो में वे अचानक नीचे देखते हुए कॉफी के दाग को चेक करते नजर आए। उनके इस रिएक्शन पर लोगों ने कई तरह के कमेंट किए थे। रणथंभौर में टाइगर सफारी का प्लान पलक तिवारी और इब्राहिम अली खान की रणथंभौर में यात्रा ऐसे समय हुई, जब मानसून के तीन महीने के बाद 1 अक्टूबर से नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए फिर खुला है। पहले दिन देशी-विदेशी पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। पलक और इब्राहिम के एक साथ नजर आने की खबर भी उनके फैंस के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों इससे पहले भी कई मौकों पर साथ नजर आ चुके हैं। सैफ अली के बेटे इब्राहिम, टीवी एक्ट्रेस श्वेता की बेटी पलक इब्राहिम अली खान बॉलीवुड के चर्चित फिल्मी परिवार से आते हैं। वे अभिनेता सैफ अली खान और अभिनेत्री अमृता सिंह के बेटे हैं। उनकी बहन सारा अली खान भी बॉलीवुड अभिनेत्री हैं। वहीं दादी शर्मिला टैगोर हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं। इब्राहिम ने बतौर अभिनेता 2025 में फिल्म ‘नादानियां’ से शुरुआत की। इसमें वे खुशी कपूर के साथ नजर आए थे। इसके बाद वे ‘सरजमीन’ में काजोल और पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ दिखाई दिए। वहीं पलक तिवारी भी टीवी और बॉलीवुड के चर्चित परिवार से आती हैं। वे अभिनेत्री श्वेता तिवारी और अभिनेता राजा चौधरी की बेटी हैं। श्वेता तिवारी ने पलक की परवरिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पलक ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रूथ’ से की थी। इसके बाद वे सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ में नजर आईं। इसके अलावा वे ‘द भूतनी’, ‘रोमियो एस3’ और ‘रोजी: द सैफ्रॉन चैप्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। इस साल वे सीरीज ‘लुक्खे’ में भी नजर आईं। मॉडलिंग, एक्टिंग और फिटनेस का कॉम्बो मिलिंद सोमन लंबे समय से मॉडलिंग, अभिनय और फिटनेस के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे राष्ट्रीय स्तर के तैराक रह चुके हैं। मॉडलिंग के बाद साल 1995 में अलीशा चिनॉय के लोकप्रिय म्यूजिक वीडियो ‘मेड इन इंडिया’ से उन्हें देशभर में खास पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन पर ‘कैप्टन व्योम’ सहित कई प्रोजेक्ट्स किए और फिल्मों में भी काम किया। ‘16 दिसंबर’, ‘अग्निवर्षा’, ‘भेजा फ्राय’, ‘पैय्या’, ‘बाजीराव मस्तानी’ और ‘शेफ’ जैसी फिल्मों में उनके काम को देखा गया।

दैनिक भास्कर 1 Oct 2026 3:15 pm

बाली में नुसरत भरुचा का एक्सीडेंट हुआ:चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती, काम के सिलसिले में गई थीं एक्ट्रेस

एक्ट्रेस नुसरत भरुचा का बाली में एक्सीडेंट हो गया। हादसे में उन्हें चोट लगी है। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उनकी चोट कितनी गंभीर है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई। एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि नुसरत भरुचा बाली में एक काम के सिलसिले में गई थीं। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गईं। सूत्रों के मुताबिक, इलाज के चलते नुसरत को बाली में अपना स्टे बढ़ाना पड़ा है। बता दें कि हादसे से करीब एक हफ्ते पहले नुसरत ने सोशल मीडिया पर छुट्टियों की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। टाइगर श्रॉफ की फिल्म में एंट्री नुसरत भरुचा के टाइगर श्रॉफ की अगली फिल्म की कास्ट में शामिल होने की भी खबर है। यह टाइगर और नुसरत की पहली ऑन-स्क्रीन जोड़ी होगी। एक सूत्र ने पिंकविला को बताया, “टीम को ऐसी एक्ट्रेस चाहिए थी, जो कहानी में मजबूती और भावनात्मक गहराई ला सके। नुसरत हमेशा सबसे मजबूत विकल्पों में थीं।” फिल्म में पश्मीना रोशन, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में हैं। शूटिंग के दौरान घायल हुई थीं नुसरत भरुचा साल 2023 में नुसरत भरुचा के शूटिंग के दौरान घायल होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। अप्रैल 2023 में फिल्म ‘अकेली’ की शूटिंग के दौरान भी नुसरत हादसे का शिकार हुई थीं। एक सीन में उन्हें भागते हुए दिखाया जाना था। इसी दौरान वह संगमरमर के फर्श पर सिर के बल गिर गई थीं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक दर्द से रोती रहीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी। वहीं, जनवरी 2023 में फिल्म ‘छोरी 2’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। चोट इतनी थी कि उन्हें चेहरे और भौंह के पास टांके लगवाने पड़े थे। इसके बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह टांके लगवाती नजर आई थीं। इससे पहले अगस्त 2021 में नुसरत भरुचा की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। वह लव रंजन की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। करीब 23-24 दिनों से लगातार काम करने के कारण वह काफी थक गई थीं। घटना वाले दिन उन्हें तेज चक्कर आए और वह ठीक से खड़ी या बात नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर वर्टिगो अटैक बताया। इसकी वजह ज्यादा तनाव और थकान बताई गई थी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 15 दिन आराम की सलाह दी थी। उनकी वजह से फिल्म की शूटिंग भी रोक दी गई थी। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने मंदिर जाने पर आपत्ति जताई नुसरत भरुचा पिछले साल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं। उन्होंने महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में भी शामिल हुईं। नुसरत ने मंदिर से अपनी तस्वीर भी शेयर की थी और लिखा था, ‘जय श्री महाकाल।’ इसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके मंदिर जाने और हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे शरिया कानून के खिलाफ बताते हुए ‘गुनाह-ए-अजीम’ (बड़ा पाप) कहा था और नुसरत को तौबा (माफी) करने व कलमा पढ़ने की सलाह दी थी। नुसरत मुस्लिम बोहरा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, उन्होंने बताया था कि उनका परिवार बचपन से ही सभी धर्मों का सम्मान करता रहा है। नुसरत के मुताबिक, वह मंदिरों के अलावा गुरुद्वारे और चर्च भी जाती रही हैं। उन्होंने वैष्णो देवी और केदारनाथ के दर्शन भी किए हैं। साथ ही वह नमाज भी पढ़ती हैं।

दैनिक भास्कर 1 Oct 2026 2:34 pm

रणबीर की फिल्म ‘रामायण’ पर मुकेश खन्ना ने सवाल उठाए:बोले- श्री राम को सलमान खान, अमिताभ बच्चन बना दिया; एक्शन सीन पर जताई आपत्ति

मुकेश खन्ना ने रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ में भगवान राम के चित्रण पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने फिल्म में ज्यादा VFX और एक्शन दिखाने पर आपत्ति जताई। मुकेश खन्ना ने कहा कि फिल्म में भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम की खूबियों के बजाय एक्शन हीरो जैसा दिखाया गया है। उन्होंने रणबीर कपूर के पेड़ पर चढ़कर तीर चलाने वाले सीन पर भी सवाल उठाया। बॉलीवुड नाउ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “राम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। मुस्कुराते थे। श्रीराम को सलमान खान, अमिताभ बच्चन बना दिया, रजनीकांत बना दिया।” भगवान राम के एक्शन सीन पर सवाल मुकेश खन्ना ने उस सीन पर खास तौर पर आपत्ति जताई, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में पेड़ पर चढ़कर तीर चलाते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामायण के जिन संस्करणों को उन्होंने पढ़ा या देखा है, उनमें भगवान राम को इस तरह नहीं दिखाया गया। उन्होंने कहा, “रामजी ऐसे फाइट नहीं करते थे।” मुकेश खन्ना ने आगे कहा कि किरदार को ‘मैन ऑफ एक्शन’ बना दिया गया है। उन्होंने भगवान राम की तुलना क्लिंट ईस्टवुड से भी की। VFX के इस्तेमाल पर भी आपत्ति मुकेश खन्ना ने ‘रामायण’ में किए गए बड़े पैमाने के विजुअल इफेक्ट्स यानी VFX पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दर्शक फिल्म को बड़े स्तर की फैंटेसी फिल्म के रूप में देख सकते हैं। वहीं, भारतीय दर्शक भगवान राम के चित्रण को धार्मिक और सांस्कृतिक नजरिए से देखेंगे। उन्होंने कहा, “लेकिन भारत में अगर आप राम दिखा रहे हो, तो आस्था से दिखाओ।” रणबीर को राम के रूप में स्वीकार नहीं कर सकता: शिव सागर इससे पहले फिल्ममेकर और 1987 की चर्चित टीवी सीरीज ‘रामायण’ बनाने वाले रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने रणबीर कपूर की कास्टिंग पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि ‘एनिमल’ में रणबीर का किरदार देखने के बाद उनके लिए उन्हें भगवान राम के रूप में स्वीकार करना मुश्किल है। शिव सागर के मुताबिक, भगवान राम जैसे किरदार के लिए किसी फ्रेश फेस को चुना जाना चाहिए था। उनका कहना है कि नए चेहरे के साथ दर्शकों की पहले से कोई इमेज नहीं जुड़ी होती। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्हें रणबीर कपूर की एक्टिंग से कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने रणबीर को अच्छा एक्टर बताया था। शिव सागर ने फिल्म की बाकी कास्टिंग, खासकर यश और साई पल्लवी की भी तारीफ की थी। पूरी खबर यहां पढे़ं… रणबीर ने दिया था जवाब जुलाई में फिल्म के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन शोकेस के दौरान रणबीर कपूर ने भगवान राम के किरदार के लिए अपनी कास्टिंग पर हुई आलोचना का जवाब दिया था। रणबीर ने कहा था, “रामायण देखने वाले हर व्यक्ति की भगवान राम को लेकर अपनी एक अलग छवि और व्याख्या होती है। इसका कोई एक तय चेहरा नहीं है। बहुत से लोग सोच सकते हैं कि मैं गलत कास्टिंग हूं, तो कुछ को लगेगा कि मैं सही कास्टिंग हूं। लेकिन ईमानदारी से कहूं तो राम के किरदार के लिए सही कास्टिंग वही अभिनेता होगा, जिसके पास सही नीयत, विश्वास और इस यात्रा के प्रति आस्था हो।” ……………………… रामायण से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज: भगवान राम-सीता के विवाह की झलक दिखी; श्रेया घोषाल-अरिजीत सिंह ने आवाज दी फिल्म ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के अवसर पर रिलीज हुआ था। गाने को श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह ने अपनी आवाज दी है। इसके म्यूजिक को ए.आर. रहमान ने कंपोज, प्रोड्यूस और अरेंज किया है। गाने के लिरिक्स डॉ. कुमार विश्वास ने लिखे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 1 Oct 2026 1:10 pm

मुश्ताक खान की प्रेयर मीट में पहुंचे सेलेब्स:एक्टर को याद कर अंजन श्रीवास्तव भावुक हुए; प्रेयर मीट से राजपाल यादव को भगाने का दावा गलत

मुंबई में बुधवार को एक्टर मुश्ताक खान की प्रेयर मीट हुई। उनका 24 सितंबर को कैंसर से जूझने के बाद निधन हो गया था। प्रेयर मीट में पूनम ढिल्लों, राजपाल यादव, राहुल रॉय, किरण कुमार, अनिल शर्मा समेत बॉलीवुड के कई कलाकार और उनके सहयोगी पहुंचे। वहीं, प्रेयर मीट के दौरान दिग्गज अभिनेता और ‘वागले की दुनिया’ फेम अंजन श्रीवास्तव मुश्ताक खान को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने मुश्ताक खान की तारीफ करते हुए उन्हें एक ‘सुपर डुपर हिट’ लीडर बताया। मुश्ताक खान ‘वेलकम’, ‘गदर’ जैसी कई फिल्मों में नजर आए थे। मुश्ताक खान की प्रेयर मीट से राजपाल यादव का वीडियो वायरल हुआ। जिसको लेकर कुछ पैपराजी पेजेस ने दावा किया कि राजपाल यादव को प्रेयर मीट से निकाल दिया गया। वीडियो में एक महिला कहती है कि लगता है कि आपको बाहर भेजना पड़ेगा। मैंने आपको समझाया, लेकिन आप समझ नहीं रहे। हद है, यह समय है सेल्फी लेने का। हालांकि, इस वीडियो की सच्चाई है कि राजपाल यादव को प्रेयर मीट से नहीं निकाला गया। दरअसल, जब वे प्रार्थना सभा खत्म होने के बाद बाहर निकल रहे थे, तब वहां मौजूद मीडिया (पैपराजी) और कुछ फैंस उनके साथ तस्वीरें और सेल्फी खिंचवाने लगे। शोक के उस माहौल में कुछ लोगों द्वारा सेल्फी लेने से वहां मौजूद मुश्ताक खान के परिवार को बिल्कुल पसंद नहीं आई। वीडियो में जो महिला बोल रही हैं, उनका गुस्सा राजपाल यादव पर नहीं, बल्कि वहां उनके साथ सेल्फी लेने की कोशिश कर रहे फैंस और पैपराजी पर था। वहीं, बाहर फैंस द्वारा सेल्फी की वजह से हुए शोर-शराबे को देखकर राजपाल यादव ही वहां से अपनी कार की तरफ चले गए। 250 से ज्यादा फिल्मों में किया काम मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर कस्बे में जन्मे मुश्ताक खान ने अभिनय की शुरुआत थिएटर से की थी। साल 1980 में फिल्म अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है से उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा। चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। 1990 के दशक में वे आशिकी, सड़क, साथी, हम हैं राही प्यार के, क्रांतिवीर, राजा, मेजर साब और मन जैसी फिल्मों में नजर आए। आशिकी में दर्जी रफू मास्टर और हम हैं राही प्यार के में भगवती प्रसाद मिश्रा का उनका किरदार काफी चर्चित हुआ। इसके बाद हेरा फेरी, मुझसे शादी करोगी, गदर: एक प्रेम कथा, जोड़ी नं. 1 और राउडी राठौर जैसी फिल्मों में उन्होंने कॉमिक और सपोर्टिंग रोल निभाए। 2007 की फिल्म वेलकम में मजनू भाई के साथी बल्लू के किरदार से उन्हें खास पहचान मिली। जिसमें उनका डायलॉग 'मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था। एक दिन उदय भाई...' काफी मशहूर हुआ। इसके बाद वेलकम बैक, स्त्री और स्त्री 2 जैसी फिल्मों में भी वे नजर आए। फिल्मों के साथ-साथ मुश्ताक खान ने टीवी पर भी काम किया। वे अदालत, चाचा चौधरी, टेढ़े-मेढ़े सपने और कुछ रंग प्यार के ऐसे भी जैसे शोज का हिस्सा रहे। हाल के वर्षों की बात करें तो साल 2025 में वे फिल्म जाट में इंस्पेक्टर मुश्ताक के किरदार में नजर आए। इसी साल उदयपुर फाइल्स में वीरेंद्र कुमार मीणा का रोल निभाया। इसके अलावा किस किसको प्यार करूं 2 में भी काम किया। साल 2026 में वे भाभीजी घर पर हैं! फन ऑन द रन, हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं और कोकिन में नजर आए। परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी मुश्ताक खान अपने पीछे पत्नी सलमा खान, दो बेटों और एक बेटी को छोड़ गए हैं। उनके बड़े बेटे का नाम मोहम्मद अरशद खान, छोटे बेटे का नाम मोहसिन खान और बेटी का नाम सबा शेख है। मुश्ताक खान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पहले उन्हें किसी से प्यार हुआ था, लेकिन यह रिश्ता सफल नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने शादी से दूरी बनाने का फैसला किया था। बाद में माता-पिता की इच्छा पर उन्होंने सलमा खान से अरेंज मैरिज की। उनके बड़े बेटे मोहम्मद अरशद खान ने फिल्मी दुनिया से अलग अपना करियर बनाया है। वहीं, छोटे बेटे मोहसिन खान फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं। हालांकि, वे एक्टिंग नहीं करते। मोहसिन डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं। उन्होंने मराठी कॉमेडी फिल्म ‘डिलीवरी बॉय’ का निर्देशन किया है। मुश्ताक खान का हुआ था अपहरण नवंबर 2024 में मुश्ताक खान को अवॉर्ड फंक्शन के बहाने बुलाकर किडनैप कर लिया गया था। उन्हें मेरठ में एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनाने की बात कही गई थी। भरोसा जीतने के लिए बदमाशों ने उन्हें 25 हजार रुपए एडवांस भेजे और मुंबई से दिल्ली की फ्लाइट टिकट भी बुक कराई। 20 नवंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद एक कैब उन्हें मेरठ लेकर निकली। रास्ते में उन्हें दूसरी गाड़ी में बैठाया गया। इसके बाद बंदूक दिखाकर उनका अपहरण कर लिया गया। उन्हें बिजनौर के एक घर में ले जाकर करीब 12 घंटे तक बंधक रखा गया। बदमाशों ने 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। अगली सुबह अपहरणकर्ता नशे में थे और कुछ सो रहे थे। इसी दौरान मुश्ताक खान वहां से भाग निकले। पास की मस्जिद पहुंचकर उन्होंने स्थानीय लोगों से मदद मांगी। लोगों ने उनके परिवार और पुलिस से संपर्क कराया। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने उनके बैंक खाते से करीब 2.2 लाख रुपए भी निकाल लिए थे। मामले में पुलिस ने गिरोह के कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने शक्ति कपूर और राजेश पुरी समेत दूसरे कलाकारों को भी इसी तरह फंसाने की कोशिश की थी। …………………. ये खबर भी पढ़ें… रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का निधन:बंगाली सिनेमा में प्लेबैक सिंगर थीं, शाहरुख खान अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का मंगलवार दोपहर 75 साल की उम्र में निधन हो गया। यशराज फिल्म्स (YRF) ने आधिकारिक बयान जारी करके इस बात की जानकारी दी है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 1 Oct 2026 11:49 am

प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस:कोर्ट ने 10 साल बाद एक्स बॉयफ्रेंड राहुल राज सिंह को किया डिस्चार्ज, सुसाइड के लिए उकसाने का ट्रायल खत्म

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी के सुसाइड केस में अभिनेता राहुल राज सिंह को डिस्चार्ज यानी आरोपमुक्त कर दिया। प्रत्युषा बनर्जी को टीवी शो ‘बालिका वधू’ में आनंदी के किरदार से पहचान मिली थी। 1 अप्रैल 2016 को उन्हें मुंबई के गोरेगांव स्थित किराए के फ्लैट में मृत पाया गया था। कोर्ट ने 1 अप्रैल 2016 को प्रत्युषा की मौत से कुछ समय पहले हुई आखिरी फोन बातचीत को अहम माना। जस्टिस एसजी डिगे की बेंच ने कहा कि बातचीत के ट्रांसक्रिप्ट में एक्ट्रेस के एक्स बॉयफ्रेंड राहुल उन्हें ऐसा कदम उठाने से रोकते दिख रहे हैं। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल ने बातचीत में कहा था कि उन्होंने अपनी कार वापस मोड़ ली है और प्रत्युषा से मिलने जा रहे हैं। बातचीत से यह भी पता चला कि प्रत्युषा परेशान थीं और अपने माता-पिता समेत कई लोगों को अपनी हालत के बारे में बता रही थीं। माता-पिता ने लगाए थे गंभीर आरोप प्रत्युषा के माता-पिता ने राहुल पर सुसाइड के लिए उकसाने, मारपीट और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। राहुल उस समय प्रत्युषा के बॉयफ्रेंड थे और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहते थे। राहुल पर प्रत्युषा को सुसाइड के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने जुलाई 2016 में उन्हें अग्रिम जमानत दे दी थी। चार्जशीट के बाद से चल रही थी कानूनी लड़ाई पुलिस ने 2018 में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद राहुल ने केस से डिस्चार्ज करने के लिए सेशंस कोर्ट में याचिका दायर की। सेशंस कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। राहुल के वकीलों ने क्या दलील दी राहुल की ओर से सीनियर एडवोकेट आबाद पोंडा और एडवोकेट श्रेयांश मिठारे ने दलीलें दीं। उन्होंने कहा कि आखिरी बातचीत से साफ है कि राहुल ने प्रत्युषा को कोई बड़ा कदम उठाने से रोकने की कोशिश की थी। वकीलों ने कहा कि राहुल उस समय प्रत्युषा के फ्लैट की ओर जा रहे थे। इसलिए उनके खिलाफ सुसाइड के लिए उकसाने का केस नहीं बनता। राहुल के वकीलों के मुताबिक, आखिरी बातचीत में प्रत्युषा अपनी स्थिति के लिए कई लोगों को जिम्मेदार बता रही थीं। इनमें उनके माता-पिता भी शामिल थे। वकीलों ने यह भी सवाल उठाया कि सुसाइड नोट नहीं मिलने के बावजूद राहुल के खिलाफ जल्दबाजी में FIR दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि ट्रायल जारी रखना ‘कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग’ होगा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहुल की याचिका मंजूर कर ली और उन्हें केस से डिस्चार्ज कर दिया। इसका मतलब है कि प्रत्युषा की मौत से जुड़े इस मामले में राहुल के खिलाफ ट्रायल नहीं चलेगा। राहुल ने प्रत्युषा से आखिरी बातचीत के बारे में बताया था सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में राहुल ने प्रत्युषा के साथ हुई अपनी आखिरी बातचीत के बारे में बताया था। राहुल के मुताबिक, घटना वाले दिन दोपहर करीब 3 से 4 बजे वह लोखंडवाला बैक रोड पर थे। उन्हें मीत ब्रदर्स से मिलने जाना था। इसी दौरान प्रत्युषा का फोन आया। राहुल ने बताया कि फोन पर प्रत्युषा ने सबसे पहले उनसे कहा, “बेबी, आई लव यू।” राहुल ने भी जवाब में कहा, “आई लव यू टू।” राहुल ने बताया था कि उन्होंने प्रत्युषा से पूछा कि क्या हुआ है। इस पर प्रत्युषा ने कहा कि वह उनकी परेशानी नहीं समझ सकते, क्योंकि वह वहां काम करने के दौरान कथित तौर पर परेशान हो रही थीं। राहुल के मुताबिक, बातचीत के दौरान प्रत्युषा ने अपने पिता को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि प्रत्युषा अपने पिता को लेकर काफी परेशान थीं। राहुल ने उन्हें समझाने की कोशिश की और कहा कि वह ऐसी बातें न करें। राहुल ने बताया था कि इसके बाद उन्होंने प्रत्युषा से कहा कि वह तुरंत वापस आ रहे हैं। उन्होंने फोन पर उन्हें शांत रहने के लिए कहा और प्यार से बात की। राहुल के मुताबिक, प्रत्युषा ने उनसे कहा कि वह फोन रख दें। इसके बाद राहुल ने अपनी कार घुमाई और उनके पास जाने के लिए वापस निकल पड़े। प्रत्युषा बनर्जी का करियर प्रत्युषा बनर्जी ने साल 2010 में टीवी शो ‘रक्त संबंध’ से करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में वाणी के किरदार में नजर आईं। प्रत्युषा को बड़ी पहचान ‘बालिका वधू’ से मिली। साल 2010 में उन्होंने शो में आनंदी का किरदार निभाया। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्हें लोग आनंदी के नाम से भी जानने लगे। ‘बालिका वधू’ की सफलता के बाद प्रत्युषा ने डांस रियलिटी शो ‘झलक दिखला जा’ के पांचवें सीजन में हिस्सा लिया। हालांकि, डांस की रिहर्सल में सहज महसूस नहीं करने के कारण उन्होंने शो छोड़ दिया। साल 2013 में वह ‘बिग बॉस 7’ में कंटेस्टेंट के तौर पर नजर आईं। इसके बाद उन्होंने ‘हम हैं ना’, ‘ससुराल सिमर का’ और ‘गुलमोहर ग्रैंड’ जैसे टीवी शोज में काम किया। उन्होंने अपने पार्टनर राहुल राज सिंह के साथ रियलिटी शो ‘पावर कपल’ में भी हिस्सा लिया था।

दैनिक भास्कर 1 Oct 2026 8:59 am

अमिताभ बच्चन 'कौन बनेगा करोड़पति' के सेट पर फिसले:घुटने में चोट लगी, खड़े होने में परेशानी; बैठकर शुरू की होस्टिंग

अमिताभ बच्चन ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के सेट पर फिसल गए। इससे उनके बाएं घुटने में चोट आई है। हालिया एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने इस हादसे की जानकारी दी। अमिताभ आमतौर पर शो की शुरुआत विंग्स से दौड़कर आते हुए और स्टेज के सेंटर में खड़े होकर अपने मोनोलॉग से करते हैं। हालांकि, पैर में दर्द के कारण उन्होंने इस बार बैठकर एपिसोड की शुरुआत की। उन्होंने दर्शकों से कहा कि चोट गंभीर नहीं है और वे कंटेस्टेंट्स के साथ खड़े होकर ही गेम होस्ट करेंगे। शूटिंग के दौरान फिसल गया था पैर अमिताभ बच्चन ने शो की शुरुआत में ही अपने फैंस और दर्शकों को इस घटना के बारे में बताया। उन्होंने अपने बाएं घुटने की तरफ इशारा करते हुए कहा कि बीते दिन शूटिंग के समय उनका पैर फिसल गया था। उन्होंने कहा कि आम तौर पर वे सेंटर में खड़े होकर अपनी बात रखते हैं, लेकिन आज खड़े होने में थोड़ी तकलीफ हो रही है। अमिताभ साल 2000 से 'केबीसी' होस्ट कर रहे 'कौन बनेगा करोड़पति' का 18वां सीजन दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय है। अमिताभ बच्चन साल 2000 से इस क्विज शो को होस्ट करते आ रहे हैं। केवल तीसरे सीजन को छोड़कर, जिसे शाहरुख खान ने होस्ट किया था, बाकी सभी सीजन्स में अमिताभ ही शो का मुख्य चेहरा रहे हैं। 83 से अधिक उम्र में भी उनकी फिटनेस और काम के लिएसमर्पण की लोग तारीफ करते हैं। बिग बी का 75% लिवर है खराब 83 साल के बिग बी सिर्फ 25% लिवर पर ही जिंदा हैं, उनका 75% लिवर खराब है। कुली के सेट पर हुए हादसे के बाद डॉक्टर्स क्लिनिकली मरा हुआ घोषित कर चुके हैं। 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, वो दर्द अमिताभ ने 4 दिन झेला 26 जुलाई 1982 को अमिताभ बच्चन फिल्म कुली के लिए एक एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। शॉट की डिमांड के अनुसार पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें टेबल पर जाकर गिरना था। ये काम बॉडी डबल का था, लेकिन अमिताभ ने परफेक्शन के लिए खुद इसे शूट किया। मुक्का तेज लगा जिससे टेबल का एक कोना अमिताभ के पेट पर लग गया। खून नहीं आया था, लेकिन दर्द से बिग बी का बुरा हाल था। अस्पताल गए तो डॉक्टर्स सही कारण नहीं समझ सके। पेन किलर के सहारे बिग बी ने दो दिन काटे, लेकिन जब दर्द बंद नहीं हुआ तो फिर उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। डॉक्टर्स भी दे चुके थे जवाब एक्स-रे हुआ लेकिन अब भी सही कारण नहीं पता चल सका। कई टेस्ट हुए, लेकिन जब चोट का ही पता नहीं चला तो इलाज कैसे होता। तीसरे दिन जब दर्द असहनीय हुई तो डॉक्टर्स ने दोबारा एक्स-रे कर इसे बारीकी से एग्जामिन किया। देखा कि एक्स-रे में डायफ्राम के नीचे गैस दिख रही थी, जो लीकेज का संकेत थी। दरअसल चोट लगने से अमिताभ की अंतड़ियां फंट गई थीं और सही समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन फैल चुका था। चौथे दिन जाने माने सर्जन एच.एस.भाटिया ने अमिताभ का केस देखा और तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया। ऑपरेशन से पहले अमिताभ को 102 बुखार हो गया और उनकी हार्टबीट 72 की जगह 180 हो गई। ऑपरेशन हुआ तो देखा कि अंदर से आंतें फंट चुकी हैं। ऐसी कंडीशन में 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, लेकिन वो 4 दिनों से जूझ रहे थे। चौथे दिन बिग बी कोमा में चले गए। दो ऑपरेशन हुए और दो महीनों तक उन्हें हॉस्पिटल में रखा गया। पहले ही अस्थमा, लिवर प्रॉब्लम और निमोनिया से जूझ रहे थे बिग बी हादसे से पहले ही अमिताभ बच्चन को लिवर की समस्या थी और साथ ही वो अस्थमैटिक भी थे। ऑपरेशन के अगले ही दिन उन्हें निमोनिया हुआ जिससे हालत और बिगड़ गई। बैंगलोर में इलाज के बाद उन्हें एयरबस से मुंबई लाया गया था। क्रेन से उन्हें ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया गया था। 8 अगस्त को उनका दोबारा ऑपरेशन हुआ। अस्पताल के बाहर उनके चाहने वालों की चौबीसो घंटे भीड़ रहती थी। पूरे देश में कहीं पूजा करवाई जा रही थी तो कहीं यज्ञ। जया बच्चन खुद भी अमिताभ की सलामती के लिए सिद्धि विनायक गई थीं, लेकिन जब वो पहुंचीं तो देखा कि उनसे पहले ही कई लोग बिग बी के लिए वहां पूजा कर रहे थे। लोगों की दुआएं रंग लाईं। एक नजर अमिताभ बच्चन की जिंदगी पर-

दैनिक भास्कर 1 Oct 2026 5:00 am

भुवन बोले- प्यार में किसी भी हद तक जाऊंगा:सोनम ने कहा- दुपहिया में पेपर लीक का मुद्दा महज संयोग, शिवानी ने अंधविश्वास को चुनौती दी

प्राइम वीडियो की वेब सीरीज ‘दुपहिया’ का दूसरा सीजन आज रिलीज हो चुका है। पहले सीजन में गांव की सादगी और दिलचस्प किरदारों से दर्शकों का मनोरंजन करने के बाद यह सीरीज नए ट्विस्ट और खुलासों के साथ लौट रही है। इस सीजन में अपराध, प्यार, जुगाड़, अंधविश्वास और पेपर लीक जैसे मुद्दे देखने को मिलेंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अभिनेता भुवन अरोड़ा, अभिनेत्री शिवानी रघुवंशी और निर्देशक सोनम नायर ने सीरीज के किरदारों, उनकी बारीकियों, शूटिंग के अनुभवों और असल जिंदगी से जुड़ी समानताओं पर बात की। उन्होंने सीरीज से जुड़े कई दिलचस्प किस्से भी साझा किए। सवाल: पहले सीजन में धड़कपुर काफी सीधा-सादा नजर आया था। इस बार यह ‘मिर्जापुर’ जैसा क्यों बनता दिख रहा है? जवाब/सोनम नायर: पिछले सीजन में हमने दिखाया था कि धड़कपुर में बिल्कुल भी अपराध नहीं होता। वहां के लोग बहुत भोले-भाले और सीधे-साधे हैं। लेकिन कहानी के अंत तक पता चलता है कि जो लोग खुद को जितना सीधा दिखा रहे थे, वे वास्तव में उतने सीधे नहीं हैं। अब सबका पर्दाफाश हो चुका है और उनकी असलियत सामने आ गई है। इस सीजन में इन किरदारों का असली रूप देखने को मिलेगा। सवाल: भुवन और शिवानी से पहली मुलाकात में आपका क्या इम्प्रेशन था? जवाब/सोनम नायर: जब मैं भुवन से अमावस के रोल के लिए मिली थी, तो शुरुआत में हमने रोल की बात ही नहीं की। करीब आधे-एक घंटे तक हम सिर्फ हंसते रहे। भुवन मुझे बिहार और अपने ससुराल की कहानियां सुना रहे थे। मुझे लगा कि इनके साथ सेट पर बहुत मजा आएगा। रोल तो ये अच्छे एक्टर हैं, कर ही लेंगे, लेकिन सेट पर भी मजा आना चाहिए। मेरा पहला इम्प्रेशन यही था कि अगर भुवन होंगे तो मैं एंजॉय करूंगी। शिवानी को मैंने पहली बार एक पार्टी में देखा था। वहां सभी लोग हंस-खुलकर मिल रहे थे, लेकिन शिवानी चुपचाप एक कोने में खड़ी थीं। वह किसी से ज्यादा बात नहीं कर रही थीं और हाथ में डाइट कोक था। मुझे लगा कि ग्लैमर वर्ल्ड में रहने के बावजूद उनमें अलग तरह की मासूमियत है। हमें जिस तरह की लड़की चाहिए, वो यही हैं। सवाल: भुवन, आप पढ़ाई के मामले में कैसे थे? दो महीने पहले से तैयारी करने वाले या परीक्षा से एक रात पहले पढ़ने वाले? जवाब/भुवन अरोड़ा: मैं तो रट्टा मारकर पास होता था। आज भी लंबे-लंबे डायलॉग याद करने में यह आदत मेरे बहुत काम आती है। लोग अक्सर पूछते हैं कि तुम्हें इतनी जल्दी डायलॉग कैसे याद हो जाते हैं। मैं कहता हूं कि मैंने स्कूल ही रट्टे मार-मारकर पास किया है। लास्ट मिनट तो छोड़िए, मैं आखिरी सेकंड तक पढ़ता रहता था। आप अक्सर देखेंगे कि डायलॉग याद करते वक्त मेरी आंखें ऊपर की तरफ रहती हैं, जैसे मेरे अंदर कोई आत्मा आ गई हो और मैं कुछ न कुछ रट रहा हूं। मैं इसी तरीके से पास हुआ हूं। सवाल: सोनम, दोनों में वन-टेक आर्टिस्ट कौन है और परफेक्शनिस्ट कौन है? जवाब/सोनम नायर: दोनों ही वन-टेक में अच्छा परफॉर्म करते हैं। शुरुआत से ही इनका परफॉर्मेंस अच्छा रहता है। कोई छोटा-मोटा बदलाव करना होता है तो मैं करवा लेती हूं। शिवानी शायद कभी-कभी कहती होंगी कि एक टेक और कर लेते हैं, लेकिन मैं हमेशा नहीं लेती। सवाल: अगर कोई कलाकार इतना अच्छा करने के बाद भी कहता है कि कुछ कमी रह गई है, एक टेक और देना चाहता तो आप क्या करती हैं? जवाब/सोनम नायर: मैं उसे कहती हूं कि आपने इतना अच्छा किया है, मैं बहुत खुश हूं। अपने ऊपर कॉन्फिडेंस रखिए और आगे बढ़िए। हां, अगर कोई बहुत महत्वपूर्ण सीन हो और उन्हें सच में लगे कि एक और टेक जरूरी है, तो मैं उन्हें करने देती हूं। कलाकारों के अंदर कई बार इनसिक्योरिटी होती है कि हम और अच्छा कर सकते हैं। लेकिन अगर मुझे लगता है कि टेक पर्याप्त अच्छा है, तो मैं प्यार से कह देती हूं कि नहीं, बहुत अच्छा है, अब आगे बढ़ते हैं। सवाल: ट्रेलर में शनिवार को लेकर एक डायलॉग है। क्या असल जिंदगी में भी कभी कोई टोटका आपके साथ हुआ है? जवाब/भुवन अरोड़ा: शनिवार वाली बिल्कुल ऐसी ही घटना मेरे साथ हुई है, लेकिन उसमें दुपहिया नहीं, वॉशिंग मशीन थी। दिल्ली में हमने एक वॉशिंग मशीन खरीदी थी और साफ कह दिया था कि शनिवार को हमारे यहां लोहे की चीज घर में नहीं आती। लेकिन शनिवार रात करीब 8-8:30 बजे उसकी डिलीवरी आ गई। डिलीवरी वाले ने मेरी मम्मी से कहा कि मैडम, अब इसे वापस कहां लेकर जाएंगे और दोबारा लेकर आएंगे, आप इसे रख लीजिए। मम्मी को लगा कि बच्चों को दोबारा परेशानी होगी, इसलिए उन्होंने रख लिया। उस वॉशिंग मशीन ने हमें बहुत परेशान किया। कभी चूहे उसके तार काट देते थे, तो कभी कोई और समस्या हो जाती थी। करीब साढ़े तीन महीने तक हम उस परेशानी से जूझते रहे। आखिरकार कंपनी ने मशीन रिप्लेस की। इसलिए हमारे घर में आज भी नियम है कि शनिवार को लोहे की चीज नहीं आती। सवाल: शिवानी, क्या आप भी इन अंधविश्वासों को मानती हैं? जवाब/शिवानी रघुवंशी: मैं इन सब चीजों को नहीं मानती। लेकिन हमारे घर में ऐसी बातें होती रहती हैं। कोई कहता है मंगलवार को यह नहीं करना चाहिए, कोई कहता है गुरुवार को ऐसा नहीं करना चाहिए। अभी मैं फ्लाइट बुक कर रही थी तो घर में कहा गया कि शुक्रवार को एक खास दिशा में नहीं जाना चाहिए। इसे दिशा शूल कहते हैं। मैं इन चीजों को नहीं मानती। मैं कहती हूं कि आज ही जाकर देखती हूं, कुछ होगा तो देखा जाएगा। आज तक मेरे साथ कुछ गलत नहीं हुआ। मेरा मानना है कि जो होगा, देखा जाएगा। रोशनी के नेचर में भी यही बात है। वह अंधविश्वास को चुनौती देती है और कहती है कि करके दिखाओ, मेरे साथ क्या होगा। सवाल: भुवन, अमावस और आपकी पर्सनैलिटी में क्या समानता है? भुवन अरोड़ा: अमावस और मेरे अंदर एक चीज बहुत कॉमन है। अगर मैं किसी से प्यार करता हूं तो उसके लिए किसी भी हद तक जा सकता हूं। हां, एक चीज बिल्कुल कॉमन नहीं है। मैं क्लेप्टोमेनियाक नहीं हूं और किसी का सामान नहीं चुराता। शिवानी रघुवंशी: मेरे और रोशनी में कुछ भी कॉमन नहीं हैं और मैं वो चाहती भी नहीं हूं। सवाल: आपने प्यार के लिए असल जिंदगी में ऐसा क्या किया है, जिसे आप बड़ी कोशिश मानते हैं? जवाब/भुवन अरोड़ा: मुझे याद है, मेरी पत्नी को एक ज्वेलरी पसंद आई थी और वह पुणे में थी। हमारी एनिवर्सरी पर उन्हें वह ज्वेलरी देने के लिए मैं खास तौर पर पुणे गया। ज्वेलर को ऑर्डर दिया और फिर ज्वेलरी लेकर वापस आया। मैं मानता हूं कि पार्टनर के लिए हम छोटी-छोटी चीजें कर सकते हैं। ऐसी कोई नौबत नहीं आई कि जान पर बात आ जाए। टचवुड, ऐसी स्थिति आई ही नहीं। सवाल: सीरीज में अमावस दोस्त के लिए चीटिंग का जुगाड़ करता है। क्या असल जिंदगी में कभी नकल करनी पड़ी? शिवानी रघुवंशी: नहीं, बहुत ज्यादा नहीं। हालांकि मैं स्कूल में बहुत गंदी चीटिंग करती थी। मैं पूरा टर्न लेकर नकल करती थी। मेरे दोस्त कहते थे कि तू आगे रह, हम तेरे पीछे हैं। सवाल: सीरीज में पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया गया है। अगर अमावस को इस समस्या को अपने जुगाड़ से खत्म करना हो तो वह क्या करेगा? जवाब/भुवन अरोड़ा: सबसे पहले तो मैं रोशनी को समझाऊंगा कि इन बेकार के चैलेंज के चक्कर में मत पड़ो। सिर्फ कह दिया है तो जरूरी नहीं कि उसे करके दिखाना ही है। मैं तो खुश ही था कि अगर वह पास हो जाएगी तो शहर चली जाएगी और मुझसे दूर हो जाएगी। मैं कभी नहीं चाहूंगा कि वह मुझसे दूर जाए। लेकिन इश्क का मारा हूं, क्या करूं? जो कहती है, महबूबा के लिए करना पड़ता है। इसलिए जब तक साथ दे सकता हूं, कोशिश करूंगा। फिर चाहे वह दूर रहे या पास। सवाल: सोनम, आप इस मुद्दे पर कोई समाधान देना चाहेंगी? सोनम नायर: मैं कौन होती हूं समाधान बताने वाली? हमारे सिस्टम को हेड करने वाले बहुत सारे मुझसे ज्यादा पढ़े-लिखे और जिम्मेदार लोग हैं। हम अपनी तरफ से सिर्फ लोगों की कहानियां बता सकते हैं। लोगों को जो समस्याएं होती हैं, उसमें हम अपने स्तर पर क्या बदलाव ला सकते हैं, उस स्तर तक मैं कुछ कह सकती हूं। लेकिन इतनी बड़ी समस्या का समाधान, जब हम सब मिलकर भी नहीं कर पा रहे हैं, तो मैं इसका समाधान नहीं बता सकती। यह भी संयोग की बात है। जब हमने यह शो बनाया था, तब पेपर लीक का मुद्दा इतना सामने या प्रासंगिक नहीं था। मुझे लगता है कि जिस समय यह मुद्दा चर्चा में है, उसी समय हमारा शो भी आ रहा है। हमने इसे काफी पहले शूट किया था। इसलिए यह पूरी तरह संयोग है। सवाल: भुवन, हाल ही में हुए नेशनल अवॉर्ड्स में आपकी दो फिल्मों से जुड़े कलाकारों को सम्मान मिला। आप इसे कैसे देखते हैं? भुवन अरोड़ा: मैं खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानता हूं कि उन दोनों बेहतरीन फिल्मों का हिस्सा बनने का मौका मिला। अगर उनकी कहानी कहने में मैंने थोड़ा सा भी योगदान दिया है, जिसकी वजह से वे इस मुकाम तक पहुंचीं और नेशनल अवॉर्ड जीता, तो मैं बहुत खुश और आभारी हूं। दोनों फिल्में मेरे लिए बहुत खास हैं। दोनों ही वास्तविक जीवन पर आधारित कहानियां हैं। मुझे लगता है कि हमें ऐसी और फिल्में बनानी चाहिए। सवाल: ‘दुपहिया’ में पहली गाड़ी को लेकर भावनात्मक जुड़ाव दिखाया गया है। आपकी पहली बाइक या कार से जुड़ी क्या यादें हैं? भुवन अरोड़ा: जब मैं कॉलेज में पढ़ रहा था, तब मैंने अपनी पहली बाइक खरीदी थी, जो मेरे नाम पर थी। उससे पहले घरवालों ने जो बाइक खरीदकर दी थी, वह उनके नाम पर थी। लेकिन अपनी बुलेट मैंने खुद खरीदी थी। वह बुलेट आज भी मेरे पास है। काफी वक्त हो गया है, मैं उसे चला नहीं पाता और समय भी नहीं मिलता, लेकिन मैंने उसे संभालकर रखा है। वह मेरी पहली ऐसी गाड़ी थी, जो मेरे नाम पर थी। इसलिए वह मेरे लिए बहुत खास है। मुझे नहीं लगता कि मैं उसे कभी बेचूंगा। शिवानी रघुवंशी: जिस गाड़ी पर मैंने ड्राइविंग सीखी थी, वह सफेद रंग की फिएट 118 थी। वह हमारी फैमिली कार थी और मैंने उसी पर गाड़ी चलाना सीखा। मुझे याद है, एक दिन मैं अपनी फैमिली को ड्राइव करके लेकर गई थी। वे बहुत खुश और गर्व महसूस कर रहे थे कि उनकी बेटी गाड़ी चला रही है। इसलिए उस गाड़ी से मेरा खास जुड़ाव है।

दैनिक भास्कर 1 Oct 2026 4:30 am

मजरूह सुल्तानपुरी, जिन्हें नेहरू के खिलाफ लिखने पर जेल हुई:पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा..., पहला नशा..., जैसे दर्जनों गाने लिखे, आखिरी गाना शाहरुख पर

‘मैं अकेले ही चला था जानिब-ए-मंजिल मगर,लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया।’ इन पंक्तियों को सुनकर लगता है कि इन्हें लिखने वाला शख्स शायद जिंदगी की गहराइयों में डूबा कोई बेहद संजीदा और गंभीर शायर होगा। लेकिन यही मजरूह जब फिल्मों के लिए लिखने बैठे, तो उनकी कलम ने मोहब्बत के ऐसे रंग बिखेरे कि शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान के गाने सालों साल याद गिए गए। ‘पहला नशा… पहला खुमार…’,‘पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा…’,‘साथिया तूने क्या किया…’,और ‘ऐ काश कि हम होश में अब आने न पाएं…’ये सिर्फ गाने नहीं, बल्कि ऐसी धुनें हैं जिनके साथ कई पीढ़ियों की मोहब्बत, जवानी और यादें जुड़ी हुई हैं। उनके सदाबहार गीतों की फेहरिस्त इतनी लंबी है कि उसे गिनते-गिनते शाम हो जाए। ‘आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा’ (तीसरी मंजिल, 1966) से लेकर ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’ (यादों की बारात, 1973) तक, मजरूह की कलम ने हिंदी सिनेमा को दर्जनों ऐसे गीत दिए, जो वक्त बदलने के बावजूद पुराने नहीं पड़े। उनकी कलम में बगावत की स्याही भी थी। 1949 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को ‘हिटलर का चेला’ कहने पर जेल में डाला गया। विकल्प मिला- माफी मांगो या दो साल जेल में रहो। उन्होंने जेल चुनी। 1 अक्टूबर 1919 को जन्मे मजरूह सुल्तानपुरी की आज 107वीं बर्थ एनिवर्सरी है। इस खास मौके पर जानिए कैसे एक शायर की कलम ने मोहब्बत के गीतों को ऐसे शब्द दिए, जिसे वक्त भी नहीं मिटा सका- 1 अक्टूबर 1919, मजरूह सुल्तानपुरी का जन्म ब्रिटिश इंडिया के सुल्तानपुर में हुआ। असली नाम था सरारुल हसन खान, जो आगे जाकर सुल्तानपुर के नाम पर मजरूह सुल्तानपुरी नाम से जाने गए । पिता पुलिस में थे, जिन्होंने उनका दाखिला मदरसे में करवाया, वो अंग्रेजी पढ़ाई के खिलाफ थे। यहीं उन्होंने उर्दू, अरबी, फारसी सीखी। बढ़ती उम्र के साथ उनकी दिलचस्पी गानों में होने लगी। लेकिन पिता ने साफ कह दिया कि तुम्हें मेडिकल की पढ़ाई करनी होगी। पिता की सख्ती के आगे गायिकी का शौक फीका पड़ गया और उनका दाखिला करवाया गया लखनऊ के तामील-उल-तबी यूनानी मेडिसिन कॉलेज में। पढ़ाई पूरी कर वह हकीम बन गए, लेकिन जहन में गायिकी ही चलती थी। एक दिन तहसीलदार की बेटी की नब्ज देखते हुए, वो उसे दिल दे बैठे। दोनों में बातचीत भी शुरू हो गई, लेकिन जल्द ही लड़की के पिता ने दोनों के रास्ते अलग कर दिए। दिल टूटा, तो मजरूह सुल्तानपुरी ने कलम उठाई और दिल का दर्द कागजों में लिखने लगे। जल्द ही शब्द शायरी का रूप लेने लगे। दूसरे शायरों को देखते हुए उन्होंने अपना पेन नेम तखल्लुस रखा, जिसका मतलब था- नसीहत देने वाला। कुछ दिनों बाद दोस्त को बताया, तो उसने कहा- ‘नहीं ये नाम अच्छा नहीं, तुम नाम रखो मजरूह यानी घायल।’ ऐसे उनका नाम तखल्लुस मजरूह हुआ। हर शायरी के नीचे वह यही लिखने लगे। 1941 की बात है, एक रोज वह सुल्तानपुर में हो रहे मुशायरे में पहुंचे। हर कोई मंच पर अपनी-अपनी शायरी सुना रहा था, तो मजरूह सुल्तानपुरी भी अपनी डायरी लेकर पहुंच गए। दो लाइनें पढ़ीं, तो हर ओर से वाह- वाह…, की आवाज आने लगी। वाह-वाह करने वालों में उस दौर के मशहूर शायर जिगर मुरादाबादी भी शामिल थे। वही मशहूर शायर जिनकी कलम से निकली थीं ये पंक्तियां- “ये इश्क नहीं आसां, इतना ही समझ लीजेइक आग का दरिया है और डूब के जाना है।” और “हम को मिटा सके ये जमाने में दम नहीं,हम से जमाना खुद है, जमाने से हम नहीं।” मजरूह सुल्तानपुरी की शायरी जिगर मुरादाबादी को इतनी पसंद आई कि उन्होंने शागिर्द से पूछा- ‘ये इतनी कम उम्र का बच्चा इतनी अच्छी शायरी कर रहा है। कौन है ये?’ जवाब मिला- ‘मजरूह है।’ जिगर मुरादाबादी ने उन्हें पास बुलाकर बात की और अपना शागिर्द बना लिया। मजरूह ने जिगर मुरादाबादी जैसा उस्ताद मिलने के बाद हकीमगिरी बंद कर दी और लिखने में तवज्जो देने लगें। कुछ समय बाद एक मुशायरे में जिगर साहब और मजरूह साहब दोनों थे। यहां फिल्म इंडस्ट्री की कई मशहूर हस्तियां भी थीं। तभी मशहूर प्रोड्यूसर कारदार साहब ने जिगर मुरादाबादी के पास आकर कहा- ‘मैं एक फिल्म बना रहा हूं शाहजहां, चाहता हूं कि आप उसमें गाने लिखें।’ जवाब मिला- ‘ये फिल्मी गाने लिखना मेरे बस की बात नहीं है। ये नौजवान शायर है मजरूह। इसको तुम मुशायरे में सुन चुके हो।’ इस पर जिगर साहब ने मजरूह साहब से कहा- ‘तुम कोशिश करो।’ मजरूह साहब बोले- ‘आप खुद तो मना कर रहे हैं और मुझे लिखने को बोल रहे हैं। मैं भी आपकी तरह साहित्य में, अदब में खुद को बड़ा शायर बनाना चाहता हूं, फिल्मी गीतकार नहीं।’ इस बार जिगर मुरादाबादी ने हल्की सी हंसी के साथ कहा- ‘देखो, तुम अभी जवान हो। 24-25 साल के हो। कल तुम्हारी शादी होगी, बीवी-बच्चे होंगे, जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। मैं अपने तजुर्बे से कह रहा हूं कि सिर्फ शायरी से घर नहीं चलेगा।’ मजरूह साहब, उस्ताद की बात से इनकार नहीं कर सके और ‘शाहजहां’ फिल्म के लिए दो गाने लिखे। पहला गाना था- ‘गम दिए मुस्तकिल, कितना नाजुक है दिल, ये न जाना, हाय हाय ये जालिम जमाना….’, और दूसरा लिखा- ‘जब दिल ही टूट गया, हम जी कर क्या करेंगे….,।’ मशहूर सिंगर के.एल. सहगल एक रोज फिल्मी गाने सुन रहे थे। तभी रेडियो पर गाना बजा- ‘जब दिल ही टूट गया, हम जी कर क्या करेंगे…’। गाना सुनते ही सहगल बोल पड़े- ‘जब मेरी मौत हो, तो मेरी अंतिम यात्रा में यही गाना बजना चाहिए।’ 18 जनवरी 1947 को जब के.एल. सहगल का निधन हुआ, तो उनकी आखिरी विदाई में यही गीत बजा। शाहजहां से बतौर लिरिसिस्ट करियर की शुरुआत करने वाले मजरूह सुल्तानपुरी ने आगे नाटक (1947), डोली (1947), अंजुमन (1948) जैसी कई फिल्मों के गाने लिखे। हालांकि उन्हें असल पहचान महबूब खान की फिल्म अंदाज (1949) से मिली। फिल्म में नरगिस, दिलीप कुमार और राज कपूर पर फिल्माए गए सभी गाने मजरूह सुल्तानपुरी ने ही लिखे। नेहरू जी के खिलाफ लिखने पर हुई जेल 1949 में मजरूह सुल्तानपुरी मजदूर आंदोलन में पहुंचे। मंच पर उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को ‘हिटलर का चेला’ कहते हुए एक कविता पढ़ी- मन में जहर डॉलर के बसा के, फिरती है भारत की अहिंसा। खादी की केंचुल को पहनकर, ये केंचुल लहराने न पाए। ये भी है हिटलर का चेला, मार लो साथी जाने न पाए। कॉमनवेल्थ का दास है नेहरू, मार लो साथी जाने न पाए। तत्कालीन गवर्नर मोरारजी देसाई के कहने पर आंदोलन में शामिल एक्टर बलराज साहनी और अन्य लोगों के साथ मजरूह सुल्तानपुरी को भी ऑर्थर रोड जेल में डाल दिया गया। जेल में मजरूह सुल्तानपुरी के सामने साफ विकल्प रखा गया- ‘माफी मांगो या दो साल जेल में रहो।’ मजरूह ने माफी मांगने के बजाय जेल जाना चुना। उनकी कलम सत्ता के सामने झुकने को तैयार नहीं थी। उन्होंने दो साल की सजा काटी। इतना ही नहीं, आगे भी ऐसे कई मौके आए, जब उनकी कविताओं और उनके विचारों की कीमत उन्हें जेल जाकर चुकानी पड़ी। जब मजरूह जेल में बंद थे तब उनकी पहली बेटी हुई। परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। इस दौरान मजरूह सुल्तानपुरी ने जेल में रहते हुए कुछ फिल्मों में गीत लिखने की हामी भरी और उनसे मिले पैसे परिवार को पंहुचा दिए। मजरूह 2 साल बाद 1951 के करीब जेल से बाहर आए। मजरूह ने लगभग 350 फिल्मों के लिए गाने लिखे हैं। उन्होंने आमिर खान स्टारर कयामत से कयामत तक, जो जीता वही सिकंदर, अकेले हम अकेले तुम से लेकर दिल आशना है, अंदाज अपना अपना, खामोशी, दरार, जानम समझा करो, क्या कहना और पुकार जैसी फिल्मों के गाने लिखे। उन्होंने आखिरी बार शाहरुख खान स्टारर फिल्म वन टू का फोर के लिए गाने लिखे, जो उनके निधन के बाद रिलीज हुआ। इस फिल्म का गाना ‘खामोशियां गुनगुनाने…,’ लगीं काफी हिट रहा था। मजरूह सुल्तानपुरी ने अपने करियर में 8 हजार से ज्यादा गाने लिखे हैं। जिसमें से ज्यादातर गाने हिट रहे हैं। मजरूह पहले गीतकार हैं जिन्हें 1993 में दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया है। 24 मई 2000 को उनका लंग्स संबंधित दिक्कतों के चलते 80 साल की उम्र में निधन हो गया। मजरूह की याद में सुल्तानपुर में एक बगीचा बनाया गया जिसका नाम रखा गया मजरूह सुल्तानपुरी उद्यान। सुल्तानपुर में एंट्री के रास्ते में ही उनके नाम का गेट भी बनाया गया है।

दैनिक भास्कर 1 Oct 2026 4:30 am

55वें दिन बॉक्स ऑफिस पर Hanuman Ansh का हुआ 'प्रमोशन', दृश्यम 3 की रिलीज से पहले आसमान से हुई 'नोटों की बारिश'

हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर 55वें दिन कमाल कर दिया। 2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने साबित किया कि अच्छी कहानी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच सकती है।

जागरण 30 Sep 2026 9:08 pm

जयपुर में डांस का मजाक उड़ाया,ममता कुलकर्णी ने दिया जवाब:एक्ट्रेस बोलीं- अच्छा है उस वक्त इंस्टाग्राम नहीं था, जब कृष्ण गोपियों के साथ रास करते थे

एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी जयपुर में अपने डांस के कारण चर्चा में हैं। जयपुर में उनके डांस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कुछ यूजर्स ने ट्रोल (मजाक उड़ाना) लिया था। इस पर ममता ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट कर कड़ा जवाब दिया है। ममता ने अपनी पोस्ट में लिखा- अच्छा है उस वक्त इंस्टाग्राम नहीं था, जब श्रीकृष्ण गोपियों के साथ रास करते थे। ये उनको भी दिखाते और कहते कि ये कैसा भगवान जो नाचता है। उस रास में महादेव भी पहुंचे थे, दाढ़ी और मूंछो के साथ। यहां देखिए डांस से जुड़े फोटोज जयपुर में अपने ही हिट गानों पर थिरकी थीं ममता राजस्थान फिल्म फेस्टिवल का 14वां संस्करण 26 सितम्बर को जयपुर के दीप स्मृति ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ था। समारोह में ममता कुलकर्णी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसी दौरान जब उनकी फिल्मों के लोकप्रिय गाने बजाए गए तो ममता ने कुछ स्टेप पर डांस भी किया। वहीं एक दिन पहले भी उन्होंन इसी फेस्टिवल में स्टूडेंट्स के साथ डांस परफॉर्म किया था। उनकी प्रस्तुति में ‘घातक’ के ‘कोई जाए तो ले आए’, ‘करण अर्जुन’ के ‘एक मुंडा मेरी उम्र का’, ‘भंगड़ा पाले’, सबसे बड़ा खिलाड़ी फिल्म का ‘भोली भाली लड़की’ जैसे गीत शामिल रहे। ममता ने विद्यार्थियों के साथ इन गानों पर डांस किया। प्रस्तुति के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए और इसके बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। डांस के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुई चर्चा ममता की इस प्रस्तुति की एक वजह यह भी रही कि पिछले कुछ समय से उनकी सार्वजनिक पहचान उनके फिल्मी दौर के बजाय आध्यात्मिक जीवन से जुड़ी रही हैं। ऐसे में जब वह अचानक अपने 90 के दशक के गानों पर उसी अंदाज में डांस करती नजर आईं तो सोशल मीडिया पर उनके पुराने फिल्मी अवतार की चर्चा शुरू हो गई। कुछ यूजर्स ने उनके डांस को उनके मौजूदा आध्यात्मिक जीवन से जोड़कर प्रतिक्रिया दी। इसी माहौल के बीच ममता की इंस्टाग्राम पोस्ट सामने आई। पोस्ट में उन्होंने सीधे किसी व्यक्ति या टिप्पणी का नाम नहीं लिया, बल्कि श्रीकृष्ण के गोपियों के साथ रास का उदाहरण देते हुए यह सवाल उठाया कि अगर उस समय सोशल मीडिया का दौर होता तो उस प्रसंग को भी लोग अपनी-अपनी नजर से देखते और सवाल उठाते। ये भी पढ़ें… जयपुर- फिल्म 'करण अर्जुन’ के गाने पर नाचीं ममता कुलकर्णी:कॉलेज स्टूडेंट्स के साथ किया डांस, बोलीं- डांस और एक्टिंग मनोरंजन नहीं साधना है

दैनिक भास्कर 30 Sep 2026 5:50 pm

ऑटो में बैठकर शूटिंग सेट पहुंचे रजनीकांत:ऑटो से उतरकर फैंस का अभिवादन किया; 'धर्मन' फिल्म की शूटिंग के लिए मैसूर पहुंचे

सुपरस्टार रजनीकांत अपनी अपकमिंग फिल्म 'धर्मन' की शूटिंग के लिए मैसूर पहुंचे हैं। यहां शूटिंग सेट पर वह सादगी भरे अंदाज में ऑटो-रिक्शा में बैठकर पहुंचे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। ऑटो से उतरने के बाद रजनीकांत ने वहां मौजूद फैंस का अभिवादन किया। अश्वथ मारिमुथु के निर्देशन में बन रही इस फिल्म को कमल हासन की कंपनी राज कमल फिल्म्स इंटरनेशनल और टरमरिक मीडिया के आर महेंद्रन मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं। इस बीच रजनीकांत की एक और फिल्म 'जेलर 2' भी 15 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। जून में सामने आया था पहला लुक, डॉक्टर के रोल में दिखेंगे फिल्म 'धर्मन' में रजनीकांत के किरदार का पहला पोस्टर इसी साल जून में जारी किया गया था। पोस्टर में रजनीकांत अपने ट्रेडमार्क सनग्लासेस पहने और हाथ में खून से सना सर्जिकल चाकू (स्केल्पल) थामे नजर आए थे। इसके बैकग्राउंड में एक ऑपरेटिंग थिएटर दिखाया गया था। फिल्म में रजनीकांत एक डॉक्टर की भूमिका में हैं। उनके साथ सिमरन बग्गा, राशी खन्ना और योगी बाबू भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म से अलग हो चुके दो डायरेक्टर 'धर्मन' की शुरुआत से अब तक इसके डायरेक्शन डिपार्टमेंट में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। साल 2025 में जब इस प्रोजेक्ट का ऐलान हुआ था, तब सुंदर सी. को डायरेक्टर के तौर पर चुना गया था। हालांकि कुछ कारणों से उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया। इसके बाद 'डॉन' फेम डायरेक्टर सिबी चक्रवर्ती ने कमान संभाली और प्री-प्रोडक्शन का काम पूरा किया। बाद में वे भी बिना किसी स्पष्ट कारण के फिल्म से अलग हो गए। आखिरकार अश्वथ मारिमुथु को फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी सौंपी गई। 15 अक्टूबर को रिलीज होगी 'जेलर 2' 'धर्मन' की शूटिंग के साथ ही रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' भी रिलीज की तैयारी में है। यह फिल्म 15 अक्टूबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। साल 2023 की ब्लॉकबस्टर 'जेलर' के इस सीक्वल का निर्देशन नेल्सन दिलीपकुमार कर रहे हैं। फिल्म में रजनीकांत एक बार फिर रिटायर्ड जेलर टाइगर मुथुवेल पांडियन के किरदार में दिखाई देंगे। इस बार कहानी में वे बदला लेने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय क्राइम सिंडिकेट से टकराते नजर आएंगे। विद्या बालन समेत कई दिग्गज कलाकार शामिल 'जेलर 2' में पहली फिल्म के कलाकार राम्या कृष्णन और योगी बाबू अपनी भूमिकाएं दोहरा रहे हैं। वहीं इस सीक्वल में विद्या बालन, एस.जे. सूर्या, सूरज वेंजारामूडु, विजय सेतुपति और मिथुन चक्रवर्ती जैसे दिग्गज कलाकारों की नई एंट्री हुई है। इसके अलावा फिल्म में मोहनलाल, शिवा राजकुमार, जैकी श्रॉफ और ऋतिक रोशन के भी कैमियो रोल में नजर आने की खबर है। ये खबर भी पढ़ें सलमान ने पैपराजी से कर ली सुलह:कुछ घंटे पहले नजरअंदाज किया, फिर दिए पोज; ऐश्वर्या ने पैप्स के साथ तस्वीरें क्लिक करवाईं सलमान खान मंगलवार देर रात मुंबई के एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो के बाहर स्पॉट किए गए। टीवी शो बिग बॉस में पैपराजी की आलोचना के बाद उन्होंने पहली बार रुककर फोटोग्राफर्स को पोज दिए। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 30 Sep 2026 5:45 pm

झारखंडी वाद्य यंत्र मांदर को मिला जी आई टैग

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प्रवक्ता 30 Sep 2026 5:08 pm

22 साल बाद खत्म होगा ‘कॉफी विद करण’:कभी शो में कंगना ने करण को कहा था मूवी माफिया; सलमान-दीपिका के बयानों की भी हुई थी चर्चा

करण जौहर का मशहूर चैट शो ‘कॉफी विद करण’ 22 साल के लंबे सफर के बाद बंद होने जा रहा है। शो का 9वां और अंतिम सीजन 14 अक्टूबर से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगा। करण जौहर ने शो के अंतिम सीजन की घोषणा की। साल 2004 में शुरू हुए इस शो के अब तक 8 सीजन और 161 एपिसोड हो चुके हैं। करण जौहर ने कहा- अलविदा कहना भावुक है आखिरी सीजन की घोषणा करते हुए करण जौहर ने शो के सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि कुछ सफर ऐसे होते हैं जिन्हें खत्म करने की योजना नहीं बनाई जाती, लेकिन एक समय ऐसा आता है जब उन्हें आगे बढ़ने देने का फैसला करना पड़ता है। करण के मुताबिक, पूरे सफर में दर्शक लगातार शो के साथ जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि दर्शकों ने शो के साथ हंसा, बहस की, ट्रोल किया और इसे सेलिब्रेट किया, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि वे हर बार एक और कप कॉफी के लिए वापस आते रहे। ‘कॉफी विद करण’ के कई एपिसोड विवादों में रहे ‘कॉफी विद करण’ के कई एपिसोड की बातचीत बाद में सुर्खियों में रही। शो के रैपिड-फायर राउंड, कॉफी हैम्पर्स और सेलिब्रिटीज के बयानों की चर्चा सोशल मीडिया और मीडिया में होती रही है। कई बातचीत मीम्स और बहस का हिस्सा भी बनीं। कई बार शो पर हुई बातचीत इतनी चर्चित हुई कि उसका असर फिल्म इंडस्ट्री से बाहर तक देखने को मिला। कुछ मामलों में मेहमानों के बयान विवादों में रहे, तो एक मामले में भारतीय क्रिकेट के दो बड़े खिलाड़ियों पर कार्रवाई तक हुई। आइए जानते हैं शो से जुड़े कुछ सबसे चर्चित विवादों के बारे में… हार्दिक पंड्या और केएल राहुल का विवाद जनवरी 2019 में हार्दिक पंड्या और केएल राहुल ‘कॉफी विद करण’ के छठे सीजन में पहुंचे थे। इस दौरान महिलाओं को लेकर पंड्या की टिप्पणियों पर विवाद हुआ। पंड्या ने बाद में सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए कहा था कि वह शो के माहौल में बह गए थे। इसके बाद BCCI ने दोनों खिलाड़ियों को जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया और उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे से वापस बुलाया गया। बाद में निलंबन हटा दिया गया। हार्दिक पंड्या और केएल राहुल वाला एपिसोड इतना विवादित हुआ कि उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, 11 जनवरी 2019 को हॉटस्टार ने उस एपिसोड को अपनी साइट से हटा दिया और स्टार वर्ल्ड इंडिया ने भी उससे जुड़े प्रमोशनल कंटेंट को सोशल मीडिया से हटाया। ब्रॉडकास्ट कंटेंट से जुड़ी शिकायतों पर BCCC ने भी चैनल को नोटिस जारी किया था। कंगना रनोट का नेपोटिज्म वाला बयान 2017 में कंगना रनोट शो के पांचवें सीजन में पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने करण जौहर के मुंह पर ही उन्हें मूवी माफिया कह दिया था। शो के दौरान कंगना ने बेबाक अंदाज में करण जौहर को नेपोटिज्म का ध्वजवाहक (Flag Bearer of Nepotism) और मूवी माफिया कहा, जिससे यह मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। उस समय करण ने हंसते हुए बात को टाल दिया, लेकिन बाद में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के एक कार्यक्रम में उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कंगना अक्सर विक्टिम कार्ड और वुमन कार्ड खेलती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कंगना को फिल्म इंडस्ट्री इतनी खराब लगती है, तो उन्हें इसे छोड़ देना चाहिए। दीपिका के ‘कैजुअल डेटिंग’ वाले बयान पर हुआ था विवाद रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण अक्टूबर 2023 में ‘कॉफी विद करण’ के सीजन 8 के पहले एपिसोड में पहली बार साथ नजर आए थे। शो के दौरान दोनों ने अपनी शादी और रिश्ते से जुड़े कई खुलासे किए थे। रणवीर ने बताया था कि उन्होंने 2015 में ही दीपिका को प्रपोज कर दिया था और दोनों ने गुपचुप सगाई कर ली थी। शो में पहली बार उनकी शादी का वीडियो भी दिखाया गया था। हालांकि, इस एपिसोड का सबसे ज्यादा चर्चा में रहा हिस्सा दीपिका का अपनी शुरुआती डेटिंग लाइफ को लेकर किया गया खुलासा था। दीपिका ने बताया था कि रणवीर से रिश्ते की शुरुआत में दोनों के बीच कोई आधिकारिक कमिटमेंट नहीं था। उन्होंने कहा था कि वह उस समय दूसरे लोगों से भी मिल रही थीं और डेट कर रही थीं। हालांकि, उनके मन में यह बात थी कि आखिर में उन्हें रणवीर के पास ही वापस जाना है। दीपिका के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया था। कुछ यूजर्स ने उनके पुराने बयानों को सामने लाकर उन पर विरोधाभास के आरोप लगाए थे। रणवीर के शो के दौरान दिए गए रिएक्शन और एक्सप्रेशन्स को लेकर भी कई मीम्स वायरल हुए थे। दीपिका पादुकोण का रणबीर कपूर पर कमेंट साल 2010 में प्रसारित हुए ‘कॉफी विद करण’ के तीसरे सीजन में दीपिका पादुकोण और सोनम कपूर शो में पहुंची थीं। रैपिड-फायर राउंड के दौरान करण जौहर ने दीपिका से पूछा था कि रणबीर कपूर को किस प्रोडक्ट का विज्ञापन करना चाहिए। दीपिका ने जवाब दिया था- “कंडोम ब्रांड।” इसके बाद करण ने पूछा था कि वह रणबीर को क्या गिफ्ट देना चाहेंगी। इस पर दीपिका ने कहा था- “कंडोम का एक पैकेट।” उस समय दीपिका पादुकोण और रणबीर कपूर का हाल ही में ब्रेकअप हुआ था। इस बयान के बाद रणबीर कपूर के माता-पिता ऋषि कपूर और नीतू कपूर नाराज हो गए थे। करीना कपूर का प्रियंका चोपड़ा के एक्सेंट पर सवाल शो के तीसरे सीजन में करीना कपूर से पूछा गया था कि वह प्रियंका चोपड़ा से कौन-सा सवाल पूछना चाहेंगी। करीना ने प्रियंका के एक्सेंट को लेकर सवाल किया। बाद में प्रियंका भी शो पर पहुंचीं और उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें अपना एक्सेंट वहीं से मिला, जहां से उनके बॉयफ्रेंड को मिला था। इमरान हाशमी का ऐश्वर्या राय पर कमेंट 2014 में प्रसारित हुए ‘कॉफी विद करण’ के चौथे सीजन में रैपिड-फायर राउंड में इमरान हाशमी ने ऐश्वर्या राय बच्चन के लिए ‘प्लास्टिक’ शब्द का इस्तेमाल किया था। यह जवाब काफी चर्चा में रहा। बाद में इमरान ने बताया था कि रैपिड-फायर राउंड में उन्हें जो पहला जवाब सूझा, वह बोल दिया था। सलमान ने ‘कॉफी विद करण’ में दो बार कहा था- ‘मैं वर्जिन हूं’ सलमान खान का ‘कॉफी विद करण’ में दिया गया ‘वर्जिन’ वाला बयान शो के सबसे चर्चित पलों में शामिल रहा। उन्होंने यह बयान पहली बार 2013 में ‘कॉफी विद करण’ के चौथे सीजन के पहले एपिसोड में दिया था। करण जौहर ने सलमान से उनकी रिलेशनशिप और निजी जिंदगी को लेकर सवाल किया था। इसके जवाब में सलमान ने कहा था कि वह वर्जिन हैं और उन्होंने खुद को अपनी होने वाली पत्नी के लिए बचाकर रखा है। यह बयान करीब तीन साल बाद एक बार फिर चर्चा में आया। 2016 में ‘कॉफी विद करण’ के पांचवें सीजन के 100वें एपिसोड में सलमान अपने भाइयों अरबाज खान और सोहेल खान के साथ पहुंचे थे। इस दौरान करण जौहर ने उनसे दोबारा यही सवाल किया। सलमान ने मुस्कुराते हुए कहा कि कुछ नहीं बदला है और वह अब भी वर्जिन हैं। रणवीर ने अनुष्का से पूछा था आपत्तिजनक सवाल रणवीर सिंह और अनुष्का शर्मा साल 2011 में ‘कॉफी विद करण’ के तीसरे सीजन के 16वें एपिसोड में साथ पहुंचे थे। दोनों फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ की सफलता के बाद शो में मेहमान बने थे। बातचीत के दौरान रणवीर ने अनुष्का से आपत्तिजनक अंदाज में पूछा था, “क्या तुम अपनी बैक पिंच करवाना चाहती हो? मैं यहीं हूं।” इस पर अनुष्का हैरान हो गई थीं और उन्होंने तुरंत रणवीर को फटकार लगाते हुए कहा था, “मुझसे इस तरह बात मत करो।” 2011 में प्रसारित हुए इस एपिसोड के समय यह बातचीत ज्यादा चर्चा में नहीं आई थी। हालांकि, जनवरी 2019 में हार्दिक पंड्या और केएल राहुल से जुड़े ‘कॉफी विद करण’ विवाद के बीच रणवीर और अनुष्का का यह पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल हुआ था। इसके बाद यूजर्स ने रणवीर के कमेंट की आलोचना की थी और इसे महिलाओं के प्रति अनुचित और सेक्सिस्ट बताया था।

दैनिक भास्कर 30 Sep 2026 3:10 pm

फिल्म ‘हनुमान अंश’ के 2 पार्ट और आएंगे:प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने बताया- क्या दिसंबर से शुरू होगी दूसरे पार्ट की शूटिंग

महज डेढ़ करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने जिस तरह दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई, उसने फिल्म की अगली कड़ी की संभावनाओं को लेकर भी उत्सुकता बढ़ा दी है। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने बताया कि इसे आगे ले जाने का विचार सफलता मिलने के बाद पैदा नहीं हुआ, बल्कि फिल्म शुरू करने से पहले ही इसे एक फ्रेंचाइजी के रूप में विकसित करने की योजना थी। यहां तक कि शुरुआती स्तर पर तीन फिल्मों के बारे में सोचा गया था। हालांकि, दूसरे पार्ट की स्क्रिप्टिंग अभी शुरू नहीं हुई है और निर्देशक के दूसरी फिल्म साइन करने के कारण इसमें कुछ समय लग सकता है। इसके बावजूद अनुप्रिया नागर का कहना है कि कहानी और महाराज जी के जीवन से जुड़ी इतनी सामग्री है कि एक फिल्म में सब कुछ समेटना संभव नहीं। सवाल: ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद इसे फ्रेंचाइजी के रूप में आगे ले जाने की तैयारी कितनी आगे बढ़ चुकी है? जवाब: इसका विचार सफलता के बाद नहीं आया है। फिल्म बनाने से पहले ही हमारे मन में इसे फ्रेंचाइजी के तौर पर विकसित करने की बात थी। महाराज जी की इतनी सारी कहानियां हैं, उनके जीवन से जुड़ी इतनी अद्भुत लीलाएं हैं कि एक फिल्म में सब कुछ बताना संभव नहीं है। इसलिए शुरुआत में ही हमने तीन फिल्मों के बारे में सोचा था। लेकिन अभी मैं यह नहीं कह सकती कि दूसरी फिल्म कब आएगी। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान पहली फिल्म को उसका पूरा न्याय देने पर है। हम अभी भी उसके साथ जुड़े काम कर रहे हैं। दूसरी फिल्म का विचार पूरी तरह मौजूद है, लेकिन उसकी राइटिंग अभी शुरू नहीं हुई है। सवाल: क्या दूसरे पार्ट के लिए कोई संभावित टाइमलाइन तय है? जवाब: अभी कोई निश्चित टाइमलाइन बताना जल्दबाजी होगी। हमारे डायरेक्टर ने एक दूसरी फिल्म साइन कर ली है, इसलिए स्वाभाविक तौर पर थोड़ा समय लगेगा। हमारी टीम ने अभी दूसरी फिल्म को लेकर पूरी तरह बैठकर चर्चा भी नहीं की है। जब तक वह बातचीत नहीं होती, तब तक तारीख बताना सही नहीं होगा। सच कहूं तो मैं भी इंतजार कर रही हूं कि कब महाराज जी बताएंगे कि यह फिल्म कब आएगी। सवाल: पहली फिल्म की सफलता के बाद क्या दूसरे पार्ट का बजट कई गुना बढ़ाने की योजना है? जवाब: मेरी सोच इस मामले में बहुत स्पष्ट है। मुझे लगता है कि पहली फिल्म जिस बजट में बनी, उसे उसी बजट में बनना चाहिए था। अगर हमने उसमें 10 या 20 करोड़ रुपये लगा दिए होते तो जरूरी नहीं कि फिल्म बेहतर बनती। उल्टा उसमें ऐसा VFX या AI आ सकता था जिसकी कहानी को जरूरत ही नहीं थी और उससे फिल्म की ऑथेंटिसिटी प्रभावित होती। हम जिस दौर की कहानी कह रहे हैं, उसमें सिर्फ किरदार ही महत्वपूर्ण नहीं हैं। लैंडस्केप, विजुअल टेक्सचर, वातावरण और उस समय की दुनिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसलिए हमारे लिए सबसे जरूरी चीज ऑथेंटिसिटी है। अगर समाज ने हमें इतना प्यार और सपोर्ट दिया है तो हम फिजूलखर्ची नहीं कर सकते। हां, अगर अगली कहानी की जरूरत बजट बढ़ाने की होगी तो हम जरूर बढ़ाएंगे। सवाल: यानी स्केल बढ़ सकता है, लेकिन सिर्फ कहानी की जरूरत के हिसाब से? जवाब: बिल्कुल। मान लीजिए कहानी में कोई बड़ा युद्ध दिखाना है या ब्रिटिश राज और कॉलोनाइजेशन का कोई महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे सीक्वेंस स्वाभाविक रूप से ज्यादा संसाधन मांगेंगे। वहां बजट बढ़ना जरूरी है। लेकिन सिर्फ इसलिए पैसा खर्च करना कि फिल्म ज्यादा ग्लॉसी दिखाई दे या बड़ी लगे, यह हमारी सोच नहीं है। हम कहानी को बड़ा बनाने के लिए खर्च करेंगे, फिल्म को सिर्फ महंगा दिखाने के लिए नहीं। सवाल: सफलता के बाद क्या किसी बड़े स्टूडियो के साथ साझेदारी की संभावना भी बनी है? जवाब: संभावनाएं हमेशा रहती हैं, लेकिन फैसला हमारा होगा। अभी हमारे साथ अलग-अलग स्तर पर पार्टनर्स जुड़े हुए हैं। सिनेपोलिस ने ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन किया है और हुमाले ने ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन संभाला है। लेकिन हमारा प्रोडक्शन हाउस हमारा ही है। अगर कोई स्टूडियो हमारे साथ आता है तो हम यह देखेंगे कि वह फिल्म के लिए सही है या नहीं। आखिरकार कितना बजट रखना है, कितना खर्च करना है और फिल्म को किस तरह आगे ले जाना है, इन चीजों पर हमारा नियंत्रण रहना जरूरी है। सवाल: अगर कोई बड़ा स्टूडियो जुड़ता है तो क्या फिल्म का स्केल भी अपने आप बड़ा हो जाएगा? जवाब: ऐसा जरूरी नहीं है। सिर्फ किसी बड़े स्टूडियो के जुड़ने से हमारा स्केल बदल जाए, यह हमारी सोच नहीं है। हमारा उद्देश्य सिर्फ पैसे कमाना या फिल्म को एक कमर्शियल और फाइनेंशियल प्रोजेक्ट की तरह देखना नहीं है। हमारे लिए पहली प्राथमिकता फिल्म की आत्मा और ऑथेंटिसिटी है। पहली फिल्म में आपको वह साफ दिखाई देती है। अगर कोई स्टूडियो हमारे साथ आकर उसी चीज को बनाए रखने में विश्वास करता है तो हम जरूर साथ काम करेंगे। लेकिन अगर उसके आने का मतलब फिल्म की मूल भावना से समझौता करना है तो हम अपने दम पर भी फिल्म बना सकते हैं। सवाल: फिल्म का वास्तविक बजट कितना था? अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। जवाब: फिल्म करीब डेढ़ करोड़ रुपये से थोड़ी ज्यादा में बनी है, लेकिन दो करोड़ रुपये में नहीं बनी। हमारा बजट दो करोड़ से कम ही रहा है। हम तीन प्रोड्यूसर्स हैं और हमने इसमें एक-तिहाई के हिसाब से योगदान दिया है। सवाल: निर्देशक ने पारंपरिक फीस लेने के बजाय प्रॉफिट-शेयरिंग मॉडल चुना। यह फैसला कैसे हुआ? जवाब: हमारे डायरेक्टर ने पारंपरिक तरीके से फीस लेने के बजाय प्रॉफिट शेयरिंग में हिस्सा लिया है। मुझे लगता है कि यह एक अलग और अच्छा मॉडल है। यह उनकी पहली फीचर फिल्म थी और उन्होंने बहुत अच्छी फिल्म बनाई। मेरी सोच यह है कि अगर फिल्म प्रॉफिट कमाती है तो उसमें निर्देशक की हिस्सेदारी होनी चाहिए। एक निर्माता के तौर पर हमें लगा कि यह उनके योगदान को सम्मान देने का सही तरीका है। सवाल: यानी शुरुआत से ही निर्देशक को सिर्फ फीस लेने वाले प्रोफेशनल के बजाय प्रोजेक्ट के पार्टनर की तरह देखा गया? जवाब: हां। अगर कोई व्यक्ति अपनी पहली फीचर फिल्म में इतना अच्छा काम कर रहा है और प्रोजेक्ट में उसका योगदान इतना महत्वपूर्ण है तो सफलता में उसका हिस्सा होना चाहिए। हमारे लिए यह उचित मॉडल था। सवाल: जब आपने ‘हनुमान अंश’ शुरू की थी, तब क्या आपने सोचा था कि यह इतना बड़ा कमर्शियल प्रोजेक्ट बन सकता है? जवाब: बिल्कुल नहीं। मेरे लिए यह कमर्शियल प्रोजेक्ट से ज्यादा एक इमोशनल प्रोजेक्ट था। मैं इसे फाइनेंशियल प्रोजेक्ट की तरह लेकर नहीं आई थी। मेरी ज्यूरिख में नौकरी लग गई थी और वहां मुझे सैलरी मिलने वाली थी। लेकिन मैंने वह रास्ता छोड़कर वापस आने और इस फिल्म के लिए काम करने का फैसला किया। अपनी सेविंग्स भी इसमें लगाईं। इसलिए शुरुआत में मेरा सवाल यह नहीं था कि फिल्म कितनी कमाई करेगी। मेरी सबसे बड़ी इच्छा थी कि लोग महाराज जी के बारे में जानें और खासकर बच्चे उनके बारे में जानें। सवाल: तो निवेश करते समय रिटर्न आपकी पहली प्राथमिकता नहीं था? जवाब: नहीं। जाहिर है, फिल्म महंगा माध्यम है और हर निर्माता चाहता है कि उसका निवेश वापस आए। लेकिन इस फिल्म के मामले में मेरी शुरुआती प्राथमिकता अलग थी। मैं चाहती थी कि यह कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। मुझे कोई ऐसी एक्सपेक्टेशन नहीं थी कि फिल्म इतनी बड़ी हिट होगी या इतने रिकॉर्ड बनाएगी। अगर आप शुरुआत में सिर्फ नंबर सोचकर फिल्म बनाते हैं तो शायद आपकी प्राथमिकताएं अलग हो जाती हैं। सवाल: अब जब फिल्म को दर्शकों का प्यार मिल चुका है, क्या अगले पार्ट में बड़े स्टार्स को लेने का दबाव महसूस होता है? जवाब: जरूरी नहीं। कोई सुपरस्टार अपने साथ अनुभव और क्राफ्ट जरूर लेकर आता है, लेकिन सिर्फ स्टार पावर से ‘हनुमान अंश’ नहीं चल सकती। इस फिल्म की खूबसूरती इसकी सादगी में है। हमारे कई कलाकार पहली बार फीचर फिल्म कर रहे थे। यहां तक कि हमारे कलाकारों में से एक असिस्टेंट डायरेक्टर भी हैं। इसलिए मैं उन सभी के काम और मेहनत की बहुत इज्जत करती हूं। मेरी इच्छा है कि इन कलाकारों को आगे भी काम मिले। उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई है और उनके लिए भी यह फिल्म एक महत्वपूर्ण शुरुआत रही है। सवाल: क्या इसका मतलब है कि अगले पार्ट में मौजूदा कास्ट को बरकरार रखने की कोशिश होगी? जवाब: यह पूरी तरह कहानी पर निर्भर करेगा। कास्ट रिटेन होगी या बदलेगी, यह हमारे डायरेक्टर के विजन और कहानी की जरूरत तय करेगी। सिर्फ इसलिए किसी कलाकार को नहीं बदला जाएगा कि अब फिल्म सफल हो गई है और हमें बड़े नाम चाहिए। अगर किसी कहानी में किसी नए कलाकार की जरूरत होगी तो उसे लिया जाएगा और अगर मौजूदा कलाकार उस किरदार के लिए सही होंगे तो वे भी रहेंगे। हमारे लिए कास्टिंग का आधार कहानी है, स्टार पावर नहीं। सवाल: तीन फिल्मों की योजना के पीछे क्या सबसे बड़ा कारण यही है कि महाराज जी की कहानी का संसार बहुत विस्तृत है? जवाब: हां, यही सबसे बड़ी वजहों में से एक है। उनके जीवन और लीलाओं से जुड़ी सामग्री इतनी विस्तृत है कि उसे एक फिल्म में समेटना संभव नहीं है। इसलिए जब हमने शुरुआत की थी तभी यह महसूस हुआ था कि अगर इस कहानी को सही तरीके से कहना है तो इसे कई हिस्सों में आगे ले जाना होगा। लेकिन हर पार्ट सिर्फ पिछली फिल्म की सफलता का विस्तार नहीं होगा। कहानी की अपनी जरूरत होगी, उसका अपना संसार होगा और उसी के हिसाब से फिल्म का स्केल, बजट और कास्ट तय होगी। हमारी कोशिश यही रहेगी कि जैसे पहली फिल्म में हमने बिना फिजूलखर्ची के कहानी की आत्मा को बचाया, वैसे ही आगे भी बड़ा करने और बेहतर करने के बीच का फर्क समझते हुए काम करें।

दैनिक भास्कर 30 Sep 2026 2:32 pm

प्रसाद समझकर 3 तोले की सोने की चेन निगल गया बैल, 15 दिन बाद सर्जरी से निकली

महाराष्ट्र के मालेगांव तालुका के वनपत गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।

खास खबर 30 Sep 2026 12:19 pm

सलमान ने पैपराजी से कर ली सुलह:कुछ घंटे पहले नजरअंदाज किया, फिर दिए पोज; ऐश्वर्या ने पैप्स के साथ तस्वीरें क्लिक करवाईं

सलमान खान मंगलवार देर रात मुंबई के एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो के बाहर स्पॉट किए गए। टीवी शो बिग बॉस में पैपराजी की आलोचना के बाद उन्होंने पहली बार रुककर फोटोग्राफर्स को पोज दिए। सलमान काउबॉय लुक में नजर आए। उन्होंने जींस, ब्लैक शर्ट और सिर पर हैट पहनी थी। स्टूडियो पहुंचने पर उनके साथ सिक्योरिटी टीम भी थी। अंदर जाने से पहले सलमान रुके और पैपराजी को तस्वीरें लेने दीं। सलमान पैपराजी के पास आने का इंतजार करते दिखे। वहीं, सलमान को इससे पहले सोमवार को बांद्रा में स्पॉट किया गया था और वह बिना रुके सीधे कार में जाकर बैठ गए थे। सलमान ने एक नजर पैपराजी की ओर देखा और तुरंत नजरें फेरते हुए आगे बढ़ गए थे। सलमान ने पैपराजी के रवैये पर नाराजगी जताई थी ‘बिग बॉस 20’ में सलमान खान ने पैपराजी पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो गलत एंगल से लेने पर सवाल उठाए थे। सलमान ने कहा था कि कई बार कैमरे महिलाओं की टांगों और पीछे से तस्वीरें लेने पर फोकस करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला इससे असहज है, तो उसे इसका विरोध करना चाहिए। सलमान ने सई मांजरेकर और नेहा धूपिया का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि नेहा भी ऐसे मामलों में पैपराजी पर नाराज हो चुकी हैं। सलमान ने सवाल किया कि महिलाओं की ऐसी तस्वीरों के साथ ‘पहचानो ये कौन है’ जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। उन्होंने महिलाओं से ऐसे मामलों में विरोध करने की अपील की। सलमान ने कहा कि बिग बॉस के घर में 108 कैमरे लगे हैं, लेकिन वहां महिलाओं को गलत एंगल से शूट नहीं किया जाता। पूरी खबर यहां पढें… ऐश्वर्या राय बच्चन पेरिस से भारत लौटीं ऐश्वर्या राय बच्चन मंगलवार रात पेरिस फैशन वीक से लौटकर भारत पहुंचीं। एयरपोर्ट पर उन्होंने इंतजार कर रहे पैपराजी से बात भी की। ऐश्वर्या ने पैपराजी को साथ में फोटो लेने के लिए बुलाया। उन्होंने एक फैन को ऑटोग्राफ भी दिया और फिर सभी के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई। ऐश्वर्या ने पैपराजी से कहा, आओ सभी लोग एक फोटो लेते हैं। चलिए, यह सब बंद करते हैं और ग्रुप में आइए। ट्रेंच कोट और ओवरफ्लेयर जींस में दिखीं भारत लौटते समय ऐश्वर्या ने सिंपल और बड़ा ट्रेंच कोट पहना था। इसके साथ उन्होंने ओवरफ्लेयर जींस और टॉप पहना। उन्होंने सिर पर सनग्लासेस लगाए थे। फैशन वीक में इन सितारों के साथ पहुंचीं ऐश्वर्या पेरिस फैशन वीक में इंडस्ट्री के कई बड़े नामों के साथ शामिल हुई थीं। इनमें उनकी करीबी दोस्त ईवा लॉन्गोरिया भी थीं। कार्यक्रम में केंडल जेनर, जेन फोंडा, सेलीन डियोन, हेइडी क्लम और वियोला डेविस भी शामिल हुईं। कारा डेलेविंग्ने, एंडी मैकडॉवेल, मीका अब्दाला और सिमोन एशली भी वहां मौजूद थीं। इनके अलावा कई अन्य सितारे भी फैशन वीक में पहुंचे। ब्लैक वेलवेट गाउन में रैंप वॉक किया फैशन इवेंट के लिए ऐश्वर्या ने 3D फ्रिंज एम्ब्रॉयडरी वाला ब्लैक वेलवेट गाउन पहना था। उन्होंने इसके साथ क्रिस्टल से सजा लंबा वेलवेट केप पहना। उन्होंने डायमंड टियारा और कई डायमंड रिंग्स से अपना लुक पूरा किया। रैंप वॉक के लिए उन्होंने पंप्स पहने थे। कार्यक्रम में ऐश्वर्या बाकी सितारों के साथ रैंप पर चलती दिखीं। एक वीडियो में वह केंडल जेनर का हाथ पकड़े नजर आईं। दूसरे वीडियो में वह ‘ब्रिजर्टन’ स्टार सिमोन एशली से उत्साह के साथ बात करती दिखीं। देखिए पेरिस फैशन वीक से ऐश्वर्या राय की वॉक और लुक- पेरिस फैशन वीक के बारे में- पेरिस फैशन वीक दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फैशन आयोजनों में से एक है। यहां दुनिया के बड़े फैशन ब्रांड अपने नए कलेक्शन पेश करते हैं। इसे फैशन इंडस्ट्री में नए ट्रेंड्स और डिजाइन की दिशा तय करने वाले आयोजनों में गिना जाता है। पेरिस फैशन वीक साल में चार बार आयोजित होता है। मौसम के मुताबिक कलेक्शन दिखाया जाता है।

दैनिक भास्कर 30 Sep 2026 12:02 pm

ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर The Vvaan का हुआ कमबैक, छठी मैया की कृपा से मंगलवार को हुई धनवर्षा

अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की लेटेस्ट फिल्म द वन ने मंगलवार को शानदार कलेक्शन किया है।

जागरण 30 Sep 2026 11:21 am

साध्वी हर्षा ने शंकराचार्य को 'दोगला', 'तथाकथित संत' बताया:अविमुक्तेश्वरानंद समेत कई संतों पर भड़कीं; बोलीं- अंजलि अरोड़ा की मां सीता किरदार पर चुप्पी क्यों?

मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि ने वीडियो जारी कर शंकराचार्य और संतों को तथाकथित संत, समाज का ठेकेदार और दोगला बताया। वीडियो में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, महाराज अलीनानंद, निरंजनी अखाड़ा पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप, महामंडलेश्वर मां योग योगेश्वरी और आचार्य तन्मय वेद के दातार की तस्वीरें भी लगाईं। हर्षा ने वीडियो जारी कर कहा- जिन संतों ने उनके हर कदम पर अपमान किया। मेरे मंच संचालन और एंकरिंग पर सवाल उठाए। उन्हें सनातन धर्म को बदनाम करने वाला बताया। मुझे 'नचनिया' और 'पाखंडी' तक कहा। वही संत अब अंजलि अरोड़ा के मां सीता की भूमिका निभाने पर चुप हैं। यह दोगलापन नहीं है तो क्या है, क्या संतों ने जमीर बेच दिया है? हर्षा बोलीं- मेरे लिए अलग कसौटी क्यों? हर्षा ने अंजलि अरोड़ा के पुराने डांस वीडियो और सार्वजनिक कार्यक्रमों का जिक्र किया। उन्होंने पूछा कि संतों की आपत्ति उनके मंच संचालन को लेकर थी या किसी और वजह से। शायद कुछ संत खुद लाइमलाइट में रहना चाहते थे, इसलिए उन्हें मंच पर काम करने से आपत्ति थी। हर्षा ने कहा- जवाब मांगने की हकदार हूं वीडियो में हर्षा ने कहा- उन्होंने किसी के खिलाफ व्यक्तिगत लड़ाई शुरू नहीं की है, लेकिन जिस तरह उन्हें लगातार निशाना बनाया गया। उसके बाद सवाल पूछना उनका अधिकार है। उन्होंने कहा, क्या मैं जान सकती हूं कि यह दोगलापन उस लड़की के साथ ही क्यों, जिसका ऐसा कोई अतीत ही नहीं था? इसका जवाब कोई मांगे न मांगे, लेकिन मैं पूरी तरह मांगने की हकदार हूं। अंजलि आरोड़ा ने ट्रोलिंग पर क्या कहा था अंजलि अरोड़ा ने फिल्म 'महाकाव्य श्री रामायण कथा-श्री राम की' में माता सीता की भूमिका निभाई है। फिल्म 25 सितंबर को रिलीज हुई। अंजलि अरोड़ा की सीता की भूमिका को लेकर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठे थे। ट्रेलर लॉन्च के दौरान अंजलि ने कहा था कि उन्हें ट्रोलिंग से दुख नहीं हुआ। लोगों को किसी कलाकार को पसंद या नापसंद करने का अधिकार है। दर्शकों को फिल्म देखते समय उनके निजी जीवन और पर्दे पर निभाए गए किरदार को अलग रखना चाहिए। अंजलि ने अपने पुराने डांस वीडियो को लेकर कहा था कि डांस करना कोई ऐसी बात नहीं है जिस पर उन्हें शर्म हो। उन्होंने कहा कि वह डांस को अपना शौक मानती हैं। हर कलाकार को अलग-अलग किरदार निभाने का मौका मिलता है। ………………………………… यह खबरें भी पढ़ें… 1. साध्वी हर्षानंद बोलीं- आश्रमों में मैनिक्योर-पेडिक्योर कराते हैं संत “जिन संतों को मैंने देखा है, वे पार्लर खुद आश्रम में बुला लेते हैं। मैनिक्योर-पेडिक्योर करा रहे हैं। मैं वो सब नहीं कराती हूं, लेकिन मुझे अच्छा लगता है कि हम जहां पर लक्ष्मी जी को पूजते हैं, कृष्ण जी को, नारायण को पूजते हैं, जो इतने सुंदर तरीके से रहते हैं तो उनकी पूजा करने वाला या उनको मानने वाला, वो क्यों नहीं सुंदर रहने का अधिकारी है?” पढ़ें पूरी खबर… 2. हर्षानंद गिरि बोलीं- मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया साध्वी हर्षानंद गिरि ने आश्रम में न रहने संबंधी बयान से यू-टर्न ले लिया है। अब उन्होंने कहा है- मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। मेरा उद्देश्य किसी आश्रम या संत समाज पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाना था। पढें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 30 Sep 2026 11:13 am

इनकम टैक्स जांच के बीच वाशु भगनानी की बिगड़ी तबीयत:रकुल प्रीत सिंह के ससुर लंदन में भर्ती; संपर्क करने पर अकेला छोड़ने को कहा

फिल्म निर्माता वाशु भगनानी लंदन के एक अस्पताल में भर्ती हैं। यह जानकारी न्यूज एजेंसी ANI ने मंगलवार को दी। वाशु ब्रिटेन में रहते हैं। उनकी तबीयत खराब होने की वजह अभी सामने नहीं आई है। ANI के मुताबिक, संपर्क करने पर उन्होंने अकेला छोड़ने को कहा। वाशु के अस्पताल में भर्ती होने की खबर आयकर विभाग की कथित तलाशी के कुछ दिन बाद आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग ने वाशु और उनकी बहू और एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से जुड़े 12 ठिकानों पर तलाशी ली थी। 12 ठिकानों पर तलाशी की रिपोर्ट सोमवार को टीवी9 ने बताया था कि आयकर विभाग ने संदिग्ध फंड गड़बड़ी को लेकर 12 ठिकानों पर तलाशी शुरू की है। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच इस बात की भी हो रही है कि फिल्म प्रोजेक्ट्स की फंडिंग के नाम पर कथित तौर पर पैसा विदेश भेजा गया या नहीं। कई टीमों के दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कथित विदेशी लेन-देन की जांच करने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आयकर विभाग ने कुमार मंगत की अगुआई वाले पैनोरमा स्टूडियोज से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली। वहीं, वाशु और रकुल ने आयकर विभाग की तलाशी की खबरों पर अब तक कोई रिएक्शन नहीं दिया। वाशु भगनानी और पूजा एंटरटेनमेंट वाशु भगनानी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने 1986 में पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी। वहीं, 1995 में गोविंदा की फिल्म ‘कुली नंबर 1’ से उन्होंने बतौर निर्माता करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘हीरो नंबर 1’, ‘बीवी नंबर 1’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘रहना है तेरे दिल में’ जैसी कई फिल्में बनाईं। हाल के वर्षों में पूजा एंटरटेनमेंट की बॉक्स ऑफिस पर कमाई घटती गई। ‘बड़े मियां छोटे मियां’ और ‘बेल बॉटम’ जैसी बड़े बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। वाशु के बेटे जैकी भगनानी ने 2009 में फिल्म ‘कल किसने देखा’ से एक्टर के तौर पर करियर शुरू किया था। 2011 में उन्हें फिल्म 'फालतू' (F.A.L.T.U) से पहचान मिली। कई फिल्में सफल नहीं होने के बाद जैकी भी फिल्म निर्माण में आ गए। 2016 में उन्होंने पूजा एंटरटेनमेंट में अपने पिता वाशु के साथ काम शुरू किया। वाशु और रमेश तौरानी का विवाद सामने आया था इससे पहले मई महीने में वाशु भगनानी, रमेश तौरानी और निर्देशक डेविड धवन के बीच 1999 की फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ के गानों को लेकर विवाद सामने आया था। वाशु भगनानी ने आरोप लगाया था कि फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में ‘चुनरी चुनरी’ और ‘इश्क सोना है’ का इस्तेमाल बिना उनकी अनुमति किया गया। उन्होंने ₹400 करोड़ का मुकदमा दायर किया था। वाशु का दावा था कि गानों के ऑडियो राइट्स टिप्स के पास थे, लेकिन वीडियो और दूसरे अधिकार उनकी कंपनी के पास थे। उन्होंने यह भी कहा था कि ‘कुली नंबर 1’ से उन्हें ₹27 करोड़ का नुकसान हुआ था। वाशु ने डेविड धवन पर ‘बीवी नंबर 1’ के सीक्वल का वादा पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया था। वहीं रमेश तौरानी ने पुराने मतभेद सुलझने की बात कही थी, जिसे वाशु ने खारिज किया था। 2025 में कर्मचारियों ने बकाया भुगतान का आरोप लगाया था वाशु की कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट 2025 में भी खबरों में रही थी। कई कर्मचारियों ने महीनों तक बकाया भुगतान नहीं मिलने का आरोप लगाया था। उस समय ऐसी रिपोर्ट्स भी आई थीं कि वाशु ने आर्थिक स्थिति संभालने के लिए ऑफिस की जगह बेच दी थी। हालांकि, बाद में वाशु ने इन दावों से इनकार करते हुए कहा था कि उन्होंने बिल्डिंग को बेचा नहीं, बल्कि रीडेवलप किया था।

दैनिक भास्कर 30 Sep 2026 10:28 am

उर्वशी रौतेला ने AI कंपनी से मांगा ₹7,000 करोड़ हर्जाना:बिना अनुमति वीडियो इस्तेमाल करने का आरोप; CEO बोले- खुद को शिक्षित करें

उर्वशी रौतेला की टीम ने मंगलवार, 29 सितंबर को एक लॉस एंजिलिस स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी पर कानूनी कार्रवाई की बात कही। टीम का आरोप है कि कंपनी ने उनकी अनुमति के बिना उनका नाम, तस्वीरें और वीडियो इस्तेमाल किए। टीम ने बताया कि इस मामले में ₹7,000 करोड़ के हर्जाने का दावा किया जा रहा है। बॉलीवुड.AI के फाउंडर और CEO शीराज हसन ने इस दावे को हास्यास्पद बताया। क्या है पूरा मामला? दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब लॉस एंजिलिस स्थित कंपनी बॉलीवुड.AI ने उर्वशी रौतेला का एक इंटरव्यू लिया। इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया था, बॉलीवुड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आपके क्या विचार हैं? उर्वशी ने इसका जवाब देते हुए कहा, बॉलीवुड? मुझे लगता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कुछ ऐसा है जिससे बॉलीवुड जूझ रहा है और बॉलीवुड कुछ ऐसा है जिसे मैं प्यार करती हूं। इसलिए मैं बॉलीवुड से प्यार करती हूं। इस इंटरव्यू के वायरल होने के बाद, मंगलवार को टीम उर्वशी रौतेला ने इंस्टाग्राम पर एक आधिकारिक बयान जारी कर लॉस एंजिलिस की इस AI कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। बयान में कहा गया, हम उचित कानूनी उपाय अपना रहे हैं। इसमें लॉस एंजिलिस स्थित कंपनी से फिलहाल ₹7,000 करोड़ के हर्जाने की मांग शामिल है। टीम ने आगे कहा, अपनी AI कंपनी बनाइए। अपना ब्रांड बनाइए। लेकिन अनुमति के बिना उर्वशी का नाम अपने कारोबार में शामिल न करें। टीम उर्वशी। शीराज हसन ने दावे पर जवाब दिया एक इंस्टाग्राम पोस्ट में बॉलीवुड.AI और हॉलीवुड.AI के फाउंडर और CEO शीराज हसन ने इन दावों पर प्रतिक्रिया दी। पोस्ट के कैप्शन में इसे हास्यास्पद बताया गया। शीराज हसन ने कहा, उर्वशी, हमने आपके मुंह में ये शब्द नहीं डाले थे। मेरा सुझाव है कि आप जवाब देने से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बॉलीवुड के मनोरंजन कारोबार के भविष्य के बारे में खुद को शिक्षित करें। उन्होंने आगे कहा, बॉलीवुड.AI और हॉलीवुड.AI मनोरंजन का भविष्य हैं। AI फिल्में, वर्टिकल ड्रामा और ऐसे डिजिटल सितारे, जो कभी बूढ़े नहीं होते, कई भाषाएं बोलते हैं, 24 घंटे काम करते हैं और जिनका कोई अहंकार नहीं होता। उन्होंने कहा, आप अपने जवाब से लड़ सकती हैं, लेकिन आने वाले बदलाव से नहीं लड़ सकतीं। इसे अपनाइए। बॉलीवुड में मनोरंजन उद्योग का विकास हो रहा है।

दैनिक भास्कर 30 Sep 2026 8:53 am

अजय देवगन की 'दृश्यम-3' की रिलीज पर रोक की मांग:कॉपीराइट विवाद पर मद्रास हाईकोर्ट ने सुनवाई टाली; एडवांस में बिके 4.77 लाख टिकट

अजय देवगन स्टारर फिल्म 'दृश्यम 3: द कंक्लुजन' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। मद्रास हाईकोर्ट में मेसर्स राजकुमार थिएटर प्राइवेट लिमिटेड ने मेसर्स वाइड एंगल क्रिएशंस के खिलाफ याचिका दायर कर फिल्म की वर्ल्डवाइड रिलीज और डिस्ट्रीब्यूशन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। कंपनी का आरोप है कि उनकी मंजूरी के बिना फिल्म का हिंदी वर्जन बनाना कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन है। हालांकि मद्रास हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई टाल दी है। कोर्ट में मामला पेंडिंग होने के बावजूद फिल्म की एडवांस बुकिंग तेजी से चल रही है। फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप, कोर्ट ने सुनवाई टाली मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस के. कुमारेश बाबू की बेंच के सामने इस मामले की सुनवाई हुई। दृश्यम 3 के खिलाफ याचिका में कहा गया है कि जब तक कॉपीराइट से जुड़ा मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) का मामला नहीं सुलझ जाता, तब तक फिल्म को दुनियाभर में प्रदर्शित न किया जाए। कंपनी का दावा है कि उनके पास फिल्म के एडेप्टेशन राइट्स और कॉपीराइट अधिकार हैं, जिनका उल्लंघन करके यह हिंदी रीमेक बनाया गया है। 18 करोड़ रुपए पार पहुंची एडवांस बुकिंग कानूनी विवाद के बीच फिल्म की एडवांस बुकिंग को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक,इस फिल्म ने एडवांस बुकिंग में 18.48 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। ब्लॉक सीट्स को हटा दें तो यह आंकड़ा 12.21 करोड़ रुपए है। अब तक 21,281 शो के लिए करीब 4.77 लाख टिकट बिक चुके हैं। फिल्म के 24 शो पूरी तरह से हाउसफुल हो चुके हैं। ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक देश के प्रमुख बाजारों में एडवांस बुकिंग के आंकड़े काफी मजबूत हैं। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, फिल्म भारत में पहले दिन 40 करोड़ रुपए से ज्यादा का नेट कलेक्शन कर सकती है। स्टार कास्ट और फिल्म का बैकग्राउंड फिल्म 'दृश्यम 3: द कंक्लुजन' में अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में उनके साथ तबु, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव, रजत कपूर और प्रकाश राज अपनी पुरानी भूमिकाओं में लौट रहे हैं। इस पार्ट में जयदीप अहलावत की भी एंट्री हुई है। यह फ्रेंचाइजी अपनी सस्पेंस थ्रिलर कहानी के लिए जानी जाती है, जिसके पहले दोनों पार्ट बॉक्स ऑफिस पर सफल रहे थे। आखिर वक्त पर अक्षय खन्ना ने फिल्म छोड़ी इससे पहले एक्टर अक्षय खन्ना के आखिरी वक्त पर शूटिंग छोड़ने को लेकर यह फिल्म चर्चा में रही थी। 'दृश्यम 3' के लेखक और निर्देशक अभिषेक पाठक ने बताया था कि अजय देवगन के साथ अक्षय खन्ना के सीन शूट होने से हफ्ते भर पहले उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया था। इसके बावजूद मेकर्स ने शूटिंग टालने के बजाय तीन दिन के भीतर स्क्रिप्ट दोबारा लिखी। अक्षय खन्ना के रोल को नए कैरेक्टर में बदलकर जयदीप अहलावत को कास्ट किया गया। ‘दृश्यम’ की कहानी अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ 31 जुलाई 2015 को रिलीज हुई थी। निशिकांत कामत के निर्देशन में बनी यह फिल्म मलयालम फिल्म ‘दृश्यम’ की हिंदी रीमेक थी। फिल्म में अजय देवगन के साथ तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। कहानी गोवा में रहने वाले विजय सालगांवकर के परिवार की है। विजय चौथी कक्षा तक पढ़ा है और केबल ऑपरेटर का काम करता है। उसे फिल्में देखने का बहुत शौक है। वह फिल्मों से कई चीजें सीखता भी है।विजय की जिंदगी तब बदल जाती है, जब उसकी बड़ी बेटी अंजू के साथ एक गंभीर घटना होती है। पुलिस अधिकारी मीरा देशमुख का बेटा सैम अंजू को परेशान और ब्लैकमेल करता है। इसी दौरान एक हादसे में अंजू के हाथों सैम की मौत हो जाती है। अपने परिवार को जेल जाने से बचाने के लिए विजय एक बड़ी योजना बनाता है। वह परिवार के साथ मिलकर ऐसी कहानी तैयार करता है, जिससे पुलिस को लगे कि वे 2 और 3 अक्टूबर को गोवा से बाहर थे। विजय होटल की बुकिंग, फिल्म देखने के टिकट और दूसरे सबूतों के जरिए अपनी कहानी को मजबूत करता है। मीरा देशमुख को पूरा शक विजय के परिवार पर होता है। पुलिस बार-बार पूछताछ करती है और परिवार पर दबाव बनाती है। लेकिन विजय हर सवाल का जवाब अपनी बनाई कहानी के हिसाब से देता है। फिल्म का सबसे बड़ा सस्पेंस यही है कि क्या पुलिस विजय के परिवार तक पहुंच पाएगी? आखिर में विजय अपने परिवार को बचाने में कामयाब होता है। ‘दृश्यम 2’ की कहानी ‘दृश्यम 2’ का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया था। फिल्म 18 नवंबर 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। कहानी पहली फिल्म की घटनाओं के 7 साल बाद शुरू होती है। विजय सालगांवकर अब पहले से ज्यादा अमीर हो चुका है। उसका अपना सिनेमाघर है और वह फिल्म बनाने का सपना देख रहा है। हालांकि, उसके परिवार के लिए सैम की मौत का राज अभी भी डर बना हुआ है। कहानी में बड़ा मोड़ तब आता है, जब पुलिस को एक नया गवाह मिलता है। वह दावा करता है कि उसने घटना वाली रात विजय को पुलिस स्टेशन के पास देखा था। इसके बाद सैम की मौत का केस दोबारा खुल जाता है। इस बार जांच की जिम्मेदारी आईजी तरुण अहलावत के पास आती है। अक्षय खन्ना का किरदार निभा रहे तरुण बेहद चालाक पुलिस अफसर हैं। वह विजय और उसके परिवार को फंसाने के लिए एक पक्का प्लान बनाता है। पुलिस विजय के घर के आंगन से सैम का कंकाल भी बरामद कर लेती है। फॉरेंसिक रिपोर्ट भी परिवार के खिलाफ जाती है। विजय को गिरफ्तार कर लिया जाता है और ऐसा लगता है कि अब उसका बचना मुश्किल है। लेकिन विजय एक बार फिर अपनी समझदारी और फिल्मों से सीखे ज्ञान का इस्तेमाल करता है। वह कोर्ट में ऐसा सबूत पेश करता है, जिससे पुलिस को मिला कंकाल सैम का नहीं, बल्कि किसी और का साबित होता है। आखिर में विजय एक बार फिर अपने परिवार को बचा लेता है।

दैनिक भास्कर 30 Sep 2026 6:00 am

ऋषिकेश मुखर्जी की बर्थ एनिवर्सरी:अमिताभ-राजेश खन्ना को सेट पर बंद किया था; फिल्म ‘आनंद’ नहीं मिलने पर धर्मेंद्र ने शराब पीकर रातभर फोन किया

साल 1973 के आसपास का समय था। फिल्म ‘नमक हराम’ की शूटिंग चल रही थी। सेट पर एक गाना फिल्माया जा रहा था। सेट पर हिंदी सिनेमा के दो बड़े एक्टर अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना मौजूद थे, लेकिन शूटिंग के बीच दोनों टेलीफोन पर बात करने में व्यस्त हो गए। डायरेक्टर को यह बात पता चली तो उन्होंने कहा- “अच्छा! अभी मैं दोनों को देखता हूं।” इसके बाद उन्होंने दोनों को बुलाया, सामने बैठाया और डांटते हुए कहा- “तुम यहां काम करने आए हो या फोन करने के लिए?” इसके बाद डायरेक्टर ने चौकीदार को बुलाया और स्टूडियो का गेट बंद करवा दिया। साफ कह दिया गया कि जब तक गाने की शूटिंग पूरी नहीं होगी, कोई बाहर नहीं जाएगा। रात करीब साढ़े 12 बजे तक गाने की शूटिंग चलती रही। न कोई बाहर गया और न ही किसी को अंदर आने दिया गया। हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर ऋषिकेश मुखर्जी की। आज उनकी 104वीं बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी जिंदगी और फिल्मों से जुड़े कुछ ऐसे किस्से। मैथ्स-साइंस पढ़ाया, फिर फिल्म एडिटर बनेऋषिकेश मुखर्जी का जन्म 30 सितंबर 1922 को तत्कालीन कलकत्ता में हुआ था। उन्होंने कलकत्ता यूनिवर्सिटी से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। फिल्मों में आने से पहले कुछ समय तक उन्होंने गणित और विज्ञान भी पढ़ाया। फिल्मों की तरफ उनका झुकाव उन्हें कलकत्ता के न्यू थिएटर्स तक ले गया। यहां उन्होंने कैमरा और एडिटिंग का काम सीखा। इसके बाद 1951 में वह मुंबई पहुंचे और बिमल रॉय के साथ फिल्म एडिटर और असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। पहली फिल्म फ्लॉप, दूसरी फिल्म ने पहचान बना दी ऋषिकेश मुखर्जी ने 1957 में ‘मुसाफिर’ से बतौर निर्देशक शुरुआत की। फिल्म सफल नहीं रही। 1959 में आई फिल्म ‘अनाड़ी’ ने उन्हें पहचान दिलाई। फिल्म को पांच फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले और ऋषिकेश मुखर्जी खुद बेस्ट डायरेक्टर की दौड़ में थे, लेकिन यह पुरस्कार उनके गुरु बिमल रॉय को उनकी फिल्म ‘सुजाता’ के लिए मिला। इसके बाद ऋषि दा ने लगातार ऐसी फिल्में बनाईं जिनमें न तो कहानी के लिए बड़े-बड़े सेट जरूरी थे और न ही हर सीन में स्टार का दबदबा। उनके सिनेमा को अक्सर भारतीय मिडिल क्लास की बदलती जिंदगी से जोड़कर देखा गया। उनकी कहानियों में बड़े सामाजिक मुद्दे भी आए, लेकिन उनका तरीका बेहद सामान्य और घरेलू रहा। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘अनुराधा’, ‘छाया’, ‘असली-नकली’, ‘अनुपमा’, ‘आशीर्वाद’, ‘सत्यकाम’, ‘गुड्डी’, ‘आनंद’, ‘बावर्ची’, ‘अभिमान’, ‘नमक हराम’, ‘मिली’, ‘चुपके-चुपके’, ‘गोलमाल’ और ‘खूबसूरत’ शामिल हैं। ‘आनंद’ में किशोर कुमार को लेना चाहते थे ऋषि दाफिल्म ‘आनंद’ में राजेश खन्ना के किरदार को आज हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार किरदारों में गिना जाता है। हालांकि, इस भूमिका के लिए शुरुआत में किशोर कुमार का नाम सामने आया था, लेकिन किशोर कुमार फिल्म का हिस्सा क्यों नहीं बने, इसे लेकर दो अलग-अलग किस्से मिलते हैं। पहला किस्सा किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने विक्की लालवानी के साथ बातचीत में बताया था कि किशोर कुमार का एक बंगाली इवेंट मैनेजर से पैसों को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने अपने गार्ड को निर्देश दिया था कि किसी भी बंगाली व्यक्ति को अंदर न आने दिया जाए। इसी दौरान ऋषिकेश मुखर्जी किशोर कुमार से मिलने उनके घर पहुंचे। ऋषि दा खुद बंगाली थे। गार्ड ने उन्हें उसी इवेंट मैनेजर का व्यक्ति समझ लिया और गेट पर ही रोक दिया। जिसके चलते ऋषि दा किशोर कुमार से मिल नहीं पाए और लौट गए।वहीं, इसको लेकर एक दूसरा वर्जन भी है। गीतकार गुलजार ने अपनी किताब ‘एक्चुअली... आई मेट देम: ए मेमॉयर’ में लिखा था कि ‘आनंद’ में किशोर कुमार को लेकर बातचीत लगभग तय हो चुकी थी, लेकिन किशोर कुमार शायद यह गंभीर किरदार निभाने के मूड में नहीं थे। गुलजार के मुताबिक, शूटिंग से कुछ दिन पहले किशोर कुमार अचानक पूरी तरह गंजे होकर ऑफिस पहुंचे। वह वहां ऋषिकेश मुखर्जी को चिढ़ाते हुए नाचने-गाने लगे और कहने लगे- “अब क्या करोगे ऋषि?” ऐसे हुई ‘आनंद’ में राजेश खन्ना की एंट्री किशोर कुमार के साथ बात नहीं बन पाई तो ऋषिकेश मुखर्जी ने अगला विचार शशि कपूर को लेकर किया, लेकिन शशि कपूर के पास उस वक्त फिल्म के लिए जरूरी डेट्स नहीं थीं। ऋषि दा के सामने फिर सवाल था कि अब ‘आनंद’ का किरदार किसे दिया जाए। इसी दौरान एक दिन राजेश खन्ना उनके पास पहुंचे। उन्होंने ऋषिकेश मुखर्जी से कहा कि सुना है आप एक बहुत शानदार कहानी पर फिल्म बना रहे हैं और वह कहानी सुनना चाहते हैं। ऋषि दा ने साफ कहा कि वह अपनी फिल्मों की कहानी किसी को नहीं सुनाते, लेकिन फिर एक शर्त रखी कि अगर राजेश खन्ना फिल्म के लिए लगातार और पर्याप्त डेट्स दे सकते हैं, तो वह उन्हें कहानी सुनाने के लिए तैयार हैं। राजेश खन्ना ने हामी भर दी। जैसे ही उन्होंने कहानी सुनी, उन्हें किरदार पसंद आया और राजेश खन्ना फिल्म करने के लिए तैयार हो गए। बता दें कि राजेश खन्ना फिल्म के लिए अपनी सामान्य फीस लेने के बजाय कथित तौर पर मुंबई क्षेत्र के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स लिए। धर्मेंद्र ने शराब पीकर रातभर फोन किया निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने फिल्म आनंद में धर्मेंद्र को भी रोल ऑफर किया था। फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा खुद धर्मेंद्र ने कपिल शर्मा के शो में सुनाया था। धर्मेंद्र के मुताबिक, ऋषिकेश मुखर्जी ने एक फ्लाइट में उन्हें ‘आनंद’ की कहानी सुनाई थी। ऋषि दा ने उन्हें बताया था कि फिल्म में क्या होगा और उनके किरदार को किस तरह निभाया जाएगा। धर्मेंद्र को लगा था कि वह इस फिल्म का हिस्सा बनने वाले हैं। लेकिन कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि फिल्म राजेश खन्ना के साथ शुरू हो गई है। धर्मेंद्र इस फैसले से इतने नाराज हुए कि उन्होंने शराब पीने के बाद ऋषिकेश मुखर्जी को रातभर फोन किए। वह बार-बार पूछ रहे थे कि जब उन्हें कहानी सुनाई गई थी और भूमिका के बारे में बताया गया था, तो फिल्म राजेश खन्ना को क्यों दे दी गई। धर्मेंद्र ने बताया कि ऋषि दा फोन पर उनसे कहते रहे- ‘धरम, सो जा, सुबह बात करेंगे।’ लेकिन फोन कटते ही वह दोबारा कॉल कर देते थे और फिर वही सवाल पूछते थे। दिलचस्प बात यह है कि इस घटना के बाद दोनों के पेशेवर रिश्ते खराब नहीं हुए। धर्मेंद्र ने आगे चलकर ऋषिकेश मुखर्जी के साथ ‘गुड्डी’, ‘चुपके-चुपके’ जैसी फिल्मों में काम किया। ‘गुड्डी’ से 10 दिन बाद अमिताभ बच्चन को निकाल दिया ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म ‘गुड्डी’ (1971) जया भादुड़ी (जया बच्चन) की बतौर मुख्य अभिनेत्री पहली फिल्म थी इस फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा खुद अमिताभ बच्चन ने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के मंच पर सुनाया था। अमिताभ ने बताया था कि उन्हें ‘गुड्डी’ में जया भादुड़ी के साथ हीरो के तौर पर कास्ट किया गया था। उन्होंने फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर दी थी, लेकिन करीब 10 दिन बाद ऋषिकेश मुखर्जी ने उन्हें फिल्म से हटा दिया। अमिताभ के मुताबिक, उस समय ‘गुड्डी’ के साथ-साथ ‘आनंद’ पर भी काम चल रहा था। ‘आनंद’ में राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे और ऋषि दा को उम्मीद थी कि फिल्म बड़ी हिट साबित होगी। ‘गुड्डी’ में जया का किरदार धर्मेंद्र का बहुत बड़ा फैन था। अमिताभ ने बताया कि ऋषिकेश मुखर्जी नहीं चाहते थे कि उनके सामने कोई ऐसा जाना-पहचाना चेहरा हो, जिसकी अपनी स्टार पहचान हो। उन्हें डर था कि इससे जया के किरदार की मासूमियत और उसके धर्मेंद्र-फैन होने वाली कहानी प्रभावित हो सकती है। इसलिए शूटिंग के करीब 10 दिन बाद ऋषि दा ने अमिताभ से कहा कि वह फिल्म छोड़ दें। साथ ही उन्होंने भरोसा दिया कि आगे वह उनके साथ जरूर काम करेंगे। बाद में अमिताभ की जगह समित भंजा को कास्ट किया गया। बिग बी और राजेश खन्ना को सेट पर बंद कर दियाइसी फिल्म की शूटिंग से जुड़ा एक और किस्सा ऋषिकेश मुखर्जी के सख्त कामकाजी अंदाज को दिखाता है।अभिनेता रजा मुराद ने बताया था कि ‘सूनी रे सेजरिया’ की शूटिंग के दौरान राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन फोन कॉल में व्यस्त हो गए थे। ऋषि दा ने दोनों को बुलाकर डांटा। इसके बाद उन्होंने चौकीदार को बुलाया और स्टूडियो का गेट लॉक करवा दिया। कहा गया कि जब तक गाना पूरा नहीं होगा, कोई सेट से बाहर नहीं जाएगा। रात करीब 12:30 बजे शूटिंग खत्म होने के बाद ही गेट खोला गया। ‘गोलमाल’ अपने ही घर में सिर्फ 40 दिन में बना दी1979 की ‘गोलमाल’ आज भी हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय कॉमेडी फिल्मों में शामिल है। अमोल पालेकर, उत्पल दत्त, बिंदिया गोस्वामी और दीना पाठक जैसे कलाकारों वाली इस फिल्म को ऋषिकेश मुखर्जी ने बेहद सीमित संसाधनों में बनाया। फिल्म का लगभग पूरा हिस्सा ऋषिकेश मुखर्जी के बांद्रा स्थित बंगले ‘अनुपमा’ में शूट हुआ। घर के हॉल को भवानी शंकर के ऑफिस में बदला गया, ड्रॉइंग रूम को राम प्रसाद के घर की तरह इस्तेमाल किया गया और गार्डन में पार्टी का सीन फिल्माया गया। सबसे दिलचस्प बात यह कि फिल्म सिर्फ 40 दिनों में पूरी हो गई थी। ऋषिकेश मुखर्जी ने खुद बताया था कि वह बजट और कलाकारों की तारीखों को लेकर अनुशासन रखते थे, क्योंकि वह किसी और के पैसे से फिल्म बना रहे होते थे। व्हीलचेयर पर बैठकर दो फिल्में डायरेक्ट कींऋषिकेश मुखर्जी की जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया जब बीमारी ने उनकी शारीरिक क्षमता को प्रभावित किया। 1961 में उन्हें गंभीर आर्थराइटिस अटैक आया। इसके बावजूद उन्होंने काम नहीं छोड़ा। उन्होंने ‘अनुपमा’ और ‘असली-नकली’ का निर्देशन व्हीलचेयर से किया। अमिताभ-जया की शादी की खबर सबसे पहले मिलीअमिताभ बच्चन और जया भादुड़ी का रिश्ता भी ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्मों से जुड़ा हुआ है। दोनों पहली बार ‘गुड्डी’ के दौरान मिले थे।अमिताभ बच्चन ने बाद में अपने ब्लॉग में बताया था कि जब उन्होंने और जया ने शादी करने का फैसला किया, तो अपने माता-पिता के बाद जिन लोगों को यह खबर दी, उनमें ऋषिकेश मुखर्जी भी शामिल थे। राज कपूर और ऋषिकेश मुखर्जी की दोस्ती ऋषिकेश मुखर्जी और राज कपूर बहुत खास दोस्त थे। दोनों सोवियत संघ के दौरे के दौरान करीब आए थे। ऋषि दा के मुताबिक, वे वहां रातभर साथ बैठकर शतरंज खेला करते थे। ऋषिकेश मुखर्जी की पहली फिल्म ‘मुसाफिर’ सफल नहीं रही थी। इसके बाद उन्हें काम मिलने में परेशानी हो रही थी। ऐसे समय में राज कपूर और देव आनंद ने फिल्म निर्माता एल.बी. लछमन से ऋषिकेश को मौका देने की बात कही, जिसके बाद उन्हें ‘अनाड़ी’ निर्देशित करने का अवसर मिला। राज कपूर से जुड़ा एक और किस्सा ऋषिकेश मुखर्जी ने बताया था। लंदन में शूटिंग के दौरान जब राज को पता चला कि ऋषि दा होटल में ठहरे हैं, तो वे रात में उनसे मिलने पहुंचे। राज ने उन्हें अपने घर चलने को कहा। उस समय ऋषिकेश गंभीर गठिया से परेशान थे। राज कपूर ने कई दिनों तक उनकी देखभाल की, कंबल ओढ़ाया, दूध दिया और उनके साथ वक्त बिताया। बता दें कि 'आनंद' ऋषिकेश मुखर्जी और राज कपूर की गहरी दोस्ती से प्रेरित थी। राज कपूर की गंभीर बीमारी के दौरान ऋषि दा को अपने दोस्त को खोने का डर सताने लगा। इसी भाव से उन्होंने फिल्म की कहानी लिखी। राजेश खन्ना का आनंद सहगल किरदार राज कपूर के जिंदादिल स्वभाव पर आधारित था, जो बीमारी में भी दूसरों को हंसाते थे। वहीं, अमिताभ बच्चन का डॉ. भास्कर बनर्जी किरदार ऋषिकेश मुखर्जी से प्रेरित था। बीमारी के दौरान इंदिरा गांधी ने उनके घर बैठक रखी ऋषिकेश मुखर्जी सिर्फ बेहतरीन फिल्म निर्देशक ही नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री की योजना और नीतियों से भी जुड़े रहे। वे सेंसर बोर्ड यानी CBFC के चेयरमैन और नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NFDC) के चेयरमैन भी रहे। एक्टर अंजन श्रीवास्तव ने बताया था कि ऋषि दा प्लानिंग से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर भी थे। एक बार बीमार पड़ने पर इंदिरा गांधी ने उनके घर पर ही बैठक रखी, क्योंकि उनका शामिल होना जरूरी माना गया। टीवी शो ‘यस बॉस’ के बड़े फैन थे अभिनेता राकेश बेदी ने वरिंदर चावला के यूट्यूब चैनल पर ऋषिकेश मुखर्जी से जुड़ा भावुक किस्सा सुनाया था। उन्होंने बताया था कि ऋषि दा उनके टीवी शो ‘यस बॉस’ के बड़े फैन थे और हर दो महीने में उन्हें फोन कर शो की तारीफ करते थे। बीमारी के दौरान जब वह बिस्तर पर थे, तब भी टीवी पर ‘यस बॉस’ देखते और राकेश को फोन करते थे। आखिरी दिनों में उन्होंने राकेश को फोन कर कहा था कि यह शो रात 9 से 9:30 बजे आता है और मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि मुझे आधा घंटा नहीं उठाना, लेकर जाना तो इस आधे घंटे के बाद लेकर जाना। यह बात सुनकर राकेश बेदी पूरी रात रोए थे। ऋषिकेश मुखर्जी ने चार दशक से ज्यादा के करियर में उन्होंने 42 फिल्मों का निर्देशन किया। 27 अगस्त 2006 को मुंबई में 83 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था। ………………… यह खबर भी पढ़ें… नाव पलटी तो सुरैया को बचाने देव आनंद कूदे थे:शादी नहीं हुई तो पहली बार रोए, ‘गाइड’ को लेकर लोगों ने कहा था पागल साल 1943 की बात है। एक युवा लड़का अपने सपनों को पूरा करने के लिए लाहौर से मुंबई पहुंचा। जेब में सिर्फ 30 रुपए थे और रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं था। फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने का सपना था, लेकिन सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि मुंबई जैसे शहर में गुजारा कैसे हो। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 30 Sep 2026 4:57 am

ट्रोलिंग पर रेणुका शहाणे बोलीं:नकारात्मकता डिप्रेशन तक पहुंचा सकती है, ‘दुपहिया’ में भूगोल बने स्पर्श बोले- इमेज नहीं, चुनौतीपूर्ण किरदार जरूरी हैं

वेब सीरीज ‘दुपहिया’ का दूसरा सीजन नए ट्विस्ट और अंदाज के साथ आने वाला है। स्पर्श श्रीवास्तव एक बार फिर भूगोल के किरदार में नजर आएंगे, लेकिन इस बार उनका अंदाज अलग है। रेणुका शहाणे पुष्पलता के किरदार में कॉमेडी और व्यंग्य के नए रंग दिखाती नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों ने अपने किरदारों, ट्रोलिंग, सोशल मीडिया की नकारात्मकता, आत्मविश्वास और अलग तरह के किरदार चुनने पर बात की। रेणुका ने कहा कि लगातार नकारात्मकता पर ध्यान देने से इंसान डिप्रेशन तक पहुंच सकता है। वहीं स्पर्श ने कहा कि वह इमेज की परवाह करने के बजाय चुनौतीपूर्ण और उत्साहित करने वाले किरदार चुनना पसंद करते हैं। सवाल: स्पर्श, ‘दुपहिया 2’ में आपका किरदार भूगोल एक नए अंदाज में नजर आ रहा है। क्या कभी ऐसा हुआ है कि आपने कुछ और करने की सोची हो, लेकिन जिंदगी आपको किसी और दिशा में ले गई हो? जवाब:स्पर्श: बिल्कुल। मेरी डांस की शुरुआत ‘डोला रे डोला’ से हुई थी। मेरा पहला स्टेज परफॉर्मेंस भी इसी गाने पर था। मेरी मां ने अपने हाथों से अपनी साड़ी से मेरे लिए एक ड्रेस बनाई थी और मैंने वही पहनकर परफॉर्म किया था। मुझे लगता है कि जिंदगी अब एक तरह से पूरा चक्कर लगाकर वहीं आ गई है। आज मैं फिर ‘डोला रे डोला’ पर माधुरी दीक्षित के डांस मूव्स करने की कोशिश कर रहा हूं। यह मेरे लिए बहुत खास है। सवाल: रेणुका जी, पुष्पलता के किरदार में नेतृत्व के साथ-साथ व्यंग्य और कॉमेडी भी है। इसे निभाना कितना आसान या मुश्किल था? जवाब/रेणुका: यह आसान इसलिए था, क्योंकि जो मुझे लिखा हुआ मिला, उसे करने में बहुत मजा आया। हमारे क्रिएटर्स, डायरेक्टर और को-एक्टर्स के साथ काम करना भी अच्छा अनुभव रहा, इसलिए किरदार निभाना आसान हो गया। मुश्किल सिर्फ इतनी थी कि कहीं से भी यह नजर न आए कि मैं शहरी हूं। मैंने इससे पहले ऐसा किरदार नहीं किया था, इसलिए उस देसीपन को बनाए रखना चुनौती थी। सवाल: आपके हालिया प्रोजेक्ट्स में कॉमेडी, व्यंग्य और सर्काज्म का अंदाज देखने को मिल रहा है। क्या यह आपके लिए एक अलग तरह का अनुभव है? जवाब/रेणुका: बिल्कुल। सच कहूं तो मैं लंबे समय से कॉमेडी करना चाहती थी। जब मैंने अपने ब्रेक से पहले काम शुरू किया था, तब भी मेरा मन था कि मुझे अलग तरह के किरदार मिलें। लेकिन कलाकार वही कर सकता है, जिसका उसे अवसर मिलता है। उस समय मुझे ऐसा मौका नहीं मिला। अब जब लोग मुझे इन अलग तरह के किरदारों में स्वीकार कर रहे हैं, तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। सवाल: स्पर्श, कई कलाकार अपनी एक खास इमेज बनने के बाद उसी तरह के किरदार करने लगते हैं। क्या आपके लिए इमेज से बाहर निकलना एक सोच-समझकर लिया गया फैसला है? जवाब/स्पर्श: एक अभिनेता के तौर पर मैं हमेशा ऐसे किरदारों की तलाश में रहता हूं, जो मुझे उत्साहित करें। ‘दुपहिया’ में मुझे वही उत्साह भरपूर मिला। अगर कोई किरदार मुझे एक्साइट करता है, तो मैं यह नहीं सोचता कि उससे मेरी इमेज कैसी बनेगी। आज का समय ऐसा है, जब दर्शक कलाकारों में वर्सेटिलिटी देखना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि एक अभिनेता अलग-अलग किरदार निभाए। अगर मैं बार-बार एक ही तरह का किरदार करूंगा, तो दर्शक भी बोर हो जाएंगे। इसलिए मेरी कोशिश हमेशा यही रहती है कि अपने दर्शकों का मनोरंजन करता रहूं और उसी हिसाब से किरदार चुनूं। सवाल: भूगोल और असल जिंदगी के स्पर्श में क्या समानता और क्या अंतर है? जवाब/स्पर्श: मैं एक इंसान के तौर पर बहुत एक्सट्रीम हूं। या तो बहुत शांत रहता हूं या फिर बहुत ज्यादा बोलता हूं। मेरे व्यक्तित्व का लाउड हिस्सा भूगोल से काफी मिलता है। असल जिंदगी में मैं इतना लाउड नहीं हो सकता, वरना शायद मैं इस तरह यहां बैठकर इंटरव्यू भी नहीं दे पाता। लेकिन भूगोल के रूप में मुझे अपने उस हिस्से को खुलकर दिखाने का मौका मिलता है। वह जिस तरह बैठता है, जिस तरह बात करता है और जिस तरह अपनी बात रखता है, वह मेरे लिए काफी मजेदार है। सवाल: रेणुका जी, इंडस्ट्री में कलाकार के काम, सोच और लुक तक पर लगातार नजर रहती है। ऐसे में आत्मविश्वास और खुद पर भरोसा कितना जरूरी है? जवाब/रेणुका: मेरे हिसाब से आत्मविश्वास बहुत जरूरी है। अगर आपको बहुत ज्यादा तारीफ मिले तो घमंड नहीं करना चाहिए और अगर आलोचना मिले तो उससे निराश भी नहीं होना चाहिए। आपके अंदर इतना आत्मविश्वास होना चाहिए कि आप इन चीजों को जरूरत से ज्यादा महत्व न दें। आलोचना सुननी चाहिए, क्योंकि उसमें कुछ ऐसी बातें हो सकती हैं, जिनसे हम सीख सकते हैं। लेकिन नकारात्मकता को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। कई बार लोग बहुत बुरी तरह ट्रोल करते हैं या असहमति बहुत आक्रामक तरीके से जताते हैं। हमें उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। आत्मविश्वास इसलिए जरूरी है, क्योंकि लगातार नकारात्मकता इंसान को प्रभावित कर सकती है। सवाल: आपके लंबे करियर में कई फैंस मिले हैं। ऐसा कोई फैन एनकाउंटर है, जो आज भी आपको खास तौर पर याद है? जवाब/रेणुका: ‘सुरभि’ के समय के फैंस आज भी मुझे याद हैं। उस दौर में लोग चिट्ठियां लिखकर अपनी भावनाएं भेजते थे। कुछ लोगों ने तो खून से भी चिट्ठियां लिखी थीं। उस समय हम सोचते थे कि राजेश खन्ना साहब से उनके फैंस मिलने आते हैं, शायद कभी हमसे मिलने भी कोई आएगा। एक दिन जब ऐसा हुआ तो मुझे समझ ही नहीं आया कि कैसे प्रतिक्रिया दूं। मैं मन ही मन सोच रही थी कि खून बर्बाद मत कीजिए, स्याही से लिखिए। ‘हम आपके हैं कौन’ से जुड़े भी कई फैन मोमेंट्स रहे हैं, जो मेरे लिए बेहद यादगार हैं। कुछ फैंस की प्रतिक्रियाएं इतनी भावुक होती थीं कि उन्हें आज भी याद करके अच्छा लगता है। छोटे बच्चे हों या बुजुर्ग दर्शक, सभी का प्यार अलग था। कुछ बुजुर्ग तो कहते थे कि आपका कार्यक्रम देखने से हमें ऊर्जा और खुशी मिलती है। ऐसे बहुत से फैन मोमेंट्स हैं, जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकती। सवाल: आपके सबसे बड़े फैन और सपोर्ट सिस्टम आशुतोष राणा जी ‘दुपहिया’ के दूसरे सीजन को लेकर क्या सोचते हैं? जवाब/रेणुका: उन्हें ‘दुपहिया’ का पहला सीजन बहुत पसंद आया था। इसलिए वह दूसरे सीजन को देखने के लिए काफी उत्साहित हैं। मुझे उम्मीद है कि उन्हें यह सीजन भी पसंद आएगा।

दैनिक भास्कर 30 Sep 2026 4:30 am

मंगलवार को The Vvaan की निकली लॉटरी, Hanuman Ansh से ज्यादा छाप ले गई नोट

The Vvaan Box Office Day 5: सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म द वन ने मंगलवार को बॉक्स ऑफिस पर कितना कमाया, जानिए...

जागरण 29 Sep 2026 10:07 pm

54वें दिन Hanuman Ansh के साथ हुआ 'चमत्कार', बजरंग बली के बल से भरी मेकर्स की तिजोरी; जमकर हुई पैसों की बारिश

हनुमान अंश फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 54 दिन पूरे कर लिए हैं और बॉक्स ऑफिस पर इसकी आतिशबाजी जारी है।

जागरण 29 Sep 2026 9:13 pm

Drishyam 3 के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से हिलेगा कई बड़ी मूवीज का 'सिंहासन', एडवांस बुकिंग में किया कमाल

अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम 3' ने रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में शानदार प्रदर्शन किया है। तीन दिन में ही इसने एक अच्छा आंकड़ा पार कर लिया है।

जागरण 29 Sep 2026 8:24 pm

छोटे कपड़ों पर कृति सेनन की क्रिप्टिक पोस्ट:स्कर्ट, बुरके और डायपर का जिक्र; रक्षाबंधन ऐड पर ट्रोल हुईं थीं, जानिए किन एक्ट्रेसेस की हो चुकी ट्रोलिंग

रक्षाबंधन विज्ञापन विवाद के बाद बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने सोशल मीडिया पर विक्टिम ब्लेमिंग (पीड़ित को दोषी ठहराना) को लेकर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने एक कोट शेयर करते हुए संदेश दिया है कि यौन उत्पीड़न का संबंध महिला के छोटे कपड़ों से नहीं होता। इससे पहले एक ज्वेलरी ब्रांड ने कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को ट्रोलिंग के बाद हटा लिया था। कृति ने कपड़ों पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा था भारतीय संस्कृति महिला के दिल में होती है, उसकी नेकलाइन में नहीं। बुरका और डायपर का दिया उदाहरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कृति सेनन ने दर्शन मोंडकर का एक कोट अपनी स्टोरी पर रीपोस्ट किया। इस पोस्ट में लिखा था- 'क्या यह मेरी गलती थी?' छोटी स्कर्ट ने पूछा। 'नहीं, यह मेरे साथ भी हुआ,' बुरके ने जवाब दिया। कोने में पड़ा डायपर तो बोल भी नहीं सका। इस पोस्ट के जरिए कृति ने उस सोच पर सवाल उठाया है जो महिलाओं के कपड़ों को यौन अपराधों की वजह मानती है। रिवीलिंग ड्रेस में रक्षाबंधन ऐड पर हुआ था विवाद दरअसल, हाल ही में ज्वेलरी ब्रांड जीवा ने रक्षाबंधन का एक विज्ञापन जारी किया था, जिसमें कृति सेनन नजर आई थीं। ऐड में कृति ने ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट वाला आइवरी इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहना हुआ था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की' हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। प्रियंका चोपड़ा-दीपिका पादुकोण भी हो चुकीं ट्रोलिंग का शिकार प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण जैसी सीनियर एक्ट्रेसेज भी कपड़ों की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हो चुकी हैं। साल 2017 में बर्लिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान प्रियंका चोपड़ा ने घुटनों से ऊपर की ड्रेस पहनी थी। इस मुलाकात की फोटो सामने आने के बाद यूजर्स ने उन्हें पीएम के सामने मर्यादित कपड़े न पहनने का आरोप लगाते हुए ट्रोल कर दिया था। इसी तरह दीपिका पादुकोण को मैक्सिम मैगजीन के लिए किए गए बोल्ड फोटोशूट और अलग-अलग इवेंट्स में पहनी गई ड्रेसेस को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना झेलनी पड़ी थी। 'दंगल' फेम एक्ट्रेस फातिमा सना शेख और दिशा पाटनी भी अपनी बोल्ड ड्रेसेस के चलते विवादों में आ चुकी हैं। साल 2017 में रमजान के महीने के दौरान फातिमा ने समुद्र तट पर मोनोकिनी पहनकर एक फोटो शेयर की थी। इस पर सोशल मीडिया यूजर्स ने धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए उन्हें ट्रोल किया और तरह-तरह की नसीहतें दी थीं। वहीं दिशा पाटनी को साल 2017 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में रिवीलिंग ब्लैक गाउन पहनने की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। टीवी और बॉलीवुड एक्ट्रेसेज जैसे निया शर्मा, सोनम कपूर और ताप्सी पन्नू भी रिवीलिंग कपड़ों पर ट्रोलर्स के निशाने पर आ चुकी हैं। टीवी एक्ट्रेस निया शर्मा को हैवी एम्ब्रॉयडरी वाले रिवीलिंग ब्लाउज और स्विमसूट में तस्वीरें शेयर करने के बाद अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था। हालांकि, सोनम कपूर और ताप्सी पन्नू जैसी एक्ट्रेसेज ने कपड़ों पर उठने वाले सवालों पर हमेशा खुलकर जवाब दिया है। सोनम कपूर ने एक इवेंट में रिवीलिंग आउटफिट पर विवाद के बाद कहा था कि उन्हें अपनी बॉडी पर गर्व है और वे ट्रोलर्स की परवाह नहीं करतीं।

दैनिक भास्कर 29 Sep 2026 6:42 pm

बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल पिता बने:गणेश चतुर्थी पर हुआ बेटे का जन्म, बोले- अभी नाम डिसाइड नहीं किया; मां-बच्चा दोनों स्वस्थ

बॉलीवुड के मशहूर सिंगर और उत्तराखंड मूल के जुबिन नौटियाल पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी ने 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन बेटे को जन्म दिया। खास बात यह है कि बेटे के जन्म की जानकारी अब सामने आई है। जुबिन ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और अस्पताल से घर लौट चुके हैं। जुबिन ने बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में कहा कि उनके बेटे का जन्म गणेश चतुर्थी के बेहद शुभ दिन हुआ। उन्होंने कहा, “हां, मैं अब पिता हूं। हमारे बेटे का जन्म 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के बेहद शुभ दिन हुआ। मां और बच्चा दोनों घर वापस आ गए हैं और स्वस्थ हैं।” परिवार इस समय नाम रखने की बजाय नवजात के साथ शुरुआती खूबसूरत पलों को जी रहा है। जुबिन ने कहा कि वे अपने बेटे के साथ हर पल का आनंद ले रहे हैं। बेटे का नाम अभी तय नहीं जुबिन से जब बेटे के नाम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने और उनकी पत्नी ने कोई नाम तय नहीं किया है। उनका कहना है कि फिलहाल परिवार का पूरा ध्यान बच्चे के साथ समय बिताने पर है। जुबिन ने कहा कि वह इस समय अपने बेटे के साथ बिताए जा रहे हर पल को महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में काम के सिलसिले में बाहर जाना उनके लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि बेटे से दूर रहना मुश्किल लगेगा। दिसंबर में यूके टूर, बोले- बच्चे से दूर रहना मुश्किल होगा जुबिन के काम से जुड़ी व्यस्तताएं भी जारी हैं। दिसंबर में उनका यूके टूर प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें काम के लिए बाहर जाना पड़ेगा तो यह मुश्किल होगा। जुबिन के यूके टूर में 12 दिसंबर को लीसेस्टर और 13 दिसंबर को लंदन में कार्यक्रम निर्धारित हैं। लंदन का शो OVO Arena Wembley में होना है। जुबिन ने कहा कि अभी वह अपने बेटे के साथ हर मिनट बिताने का आनंद ले रहे हैं और इस समय उनके लिए यह बेहद खास अनुभव है। इस साल सामने आई थी शादी की खबर जुबिन ने अपनी निजी जिंदगी को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखा है। उनकी शादी की खबर भी इस साल अप्रैल में सामने आई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने उत्तराखंड में अपनी बचपन की दोस्त के साथ निजी समारोह में शादी की थी। शादी में करीबी परिवार के लोग ही शामिल हुए थे। शादी को लेकर भी जुबिन ने निजीपन बरकरार रखा था। बाद में तस्वीरें सामने आने के बाद उनकी शादी की खबर सार्वजनिक हुई। उनकी पत्नी के बारे में भी सार्वजनिक तौर पर बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। कई रिपोर्टों में उन्हें जुबिन की बचपन की दोस्त बताया गया है। देहरादून से निकली आवाज, बॉलीवुड में बनाई पहचान जुबिन नौटियाल उत्तराखंड के देहरादून से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने 2011 में रियलिटी शो ‘एक्स फैक्टर इंडिया’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद फिल्म ‘सोनाली केबल’ के गाने ‘एक मुलाकात’ से बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की। उन्हें सलमान खान की फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ के गाने ‘जिंदगी कुछ तो बता’ से बड़े स्तर पर पहचान मिली। इसके बाद ‘तुम ही आना’, ‘काबिल हूं’, ‘लुट गए’, ‘रातां लंबियां’ और ‘तुझे कितना चाहने लगे हम’ जैसे गानों ने उन्हें हिंदी संगीत की दुनिया में खास पहचान दिलाई। बेटे की तस्वीर अभी सामने नहीं आई बेटे के जन्म की पुष्टि जुबिन ने खुद कर दी है, लेकिन उन्होंने अभी बच्चे की तस्वीर या नाम सार्वजनिक नहीं किया है। रिपोर्टों के मुताबिक जुबिन अपनी निजी जिंदगी को सोशल मीडिया और मीडिया की नजरों से दूर रखना पसंद करते हैं। फिलहाल परिवार बेटे के साथ समय बिता रहा है और नाम को लेकर भी कोई फैसला नहीं लिया गया है। -----------------------ये खबर भी पढ़ें… हनुमान अंश की प्रोड्यूसर हरिद्वार के काली मंदिर पहुंचीं:स्वामी कैलाशानंद से लिया आशीर्वाद; 2 करोड़ में बनी फिल्म ने कमाए 200 करोड़ हरिद्वार में बाबा नीम करौली के जीवन और संदेश पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर अपने परिवार के साथ सिद्ध पीठ दक्षिण काली मंदिर पहुंचीं। उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया और मंदिर में पूजा-अर्चना की। (पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 29 Sep 2026 4:39 pm

परिणीति चोपड़ा बोलीं- सुशांत मेरे चीयरलीडर थे:मुझे नेशनल अवॉर्ड मिला तो खुशी से चिल्लाने लगे; हम इकोनॉमिक्स और तारों पर बातें करते थे

अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने अपने दिवंगत को-स्टार सुशांत सिंह राजपूत को याद किया है। जूम को दिए इंटरव्यू में परिणीति ने साल 2013 की फिल्म 'शुद्ध देसी रोमांस' की शूटिंग के दिनों का एक भावुक वाकया शेयर किया। परिणीति ने बताया कि जब उनकी पहली फिल्म 'इश्कजादे' के लिए नेशनल अवॉर्ड की घोषणा हुई थी, तब सुशांत खुशी के मारे स्विमिंग पूल की कुर्सियों पर चढ़कर चिल्लाने लगे थे। परिणीति ने सुशांत को अपना सच्चा दोस्त और सबसे बड़ा चीयरलीडर बताया। 'पूल चेयर पर खड़े होकर चिल्लाए थे' परिणीति ने बताया कि फिल्म 'शुद्ध देसी रोमांस' की शूटिंग के दौरान एक दिन काम से छुट्टी थी। वे सुशांत सिंह राजपूत और दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर के साथ होटल के स्विमिंग पूल के पास बैठे थे। तभी परिणीति के फोन पर फिल्ममेकर करन जौहर का 'मुबारक हो' मैसेज आया। परिणीति समझ नहीं पाईं कि बधाई किसलिए है, लेकिन सुशांत तुरंत वजह पता करने में जुट गए। जैसे ही पता चला कि परिणीति को 'इश्कजादे' के लिए नेशनल अवॉर्ड (स्पेशल मेंशन) मिला है, सुशांत बेहद खुश हो गए। वे पूल डेक की कुर्सियों पर चढ़ गए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे कि 'मैं नेशनल अवॉर्ड विनर के साथ काम कर रहा हूं'। परिणीति रोने लगीं और सुशांत ने उन्हें गले लगा लिया। यह देखकर ऋषि कपूर ने हंसते हुए दोनों से कहा था कि तुम दोनों पागल हो गए हो। 'हम दोनों के बीच इकोनॉमिक्स और साइंस पर बात होती थी' अपनी बॉन्डिंग पर बात करते हुए परिणीति ने बताया कि सुशांत सिर्फ उनके को-स्टार नहीं, बल्कि एक बहुत अच्छे दोस्त थे। फिल्मों में आने से पहले परिणीति बैंकर थीं, जबकि सुशांत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। परिणीति के मुताबिक, पढ़ाई-लिखाई का बैकग्राउंड होने की वजह से वे दोनों सेट पर फिल्मों के अलावा इकोनॉमिक्स, तारों और साइंस जैसे गंभीर विषयों पर काफी बातें करते थे। परिणीति ने कहा कि वे दोनों एक-दूसरे की सोच को बहुत अच्छी तरह समझते थे। वे होमी अदजानिया के निर्देशन में एक और फिल्म साथ करने वाले थे, लेकिन वह प्रोजेक्ट नहीं बन पाया। 2013 में आई थी ‘शुद्ध देसी रोमांस’ सुशांत सिंह राजपूत और परिणीति चोपड़ा की फिल्म 'शुद्ध देसी रोमांस' साल 2013 में रिलीज हुई थी। मनीष शर्मा के निर्देशन और आदित्य चोपड़ा के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म में वाणी कपूर भी मुख्य भूमिका में थीं। लिव-इन रिलेशनशिप और शादी के डर पर आधारित यह रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म भारत में सफल रही थी। इस फिल्म को साल 2013 के टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में भी दिखाया गया था। जून, 2020 में हुई सुशांत की मौत सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को बांद्रा में अपने घर पर रहस्यमयी तरीके से मृत पाए गए थे। पहली नजर में मामला सुसाइड का लगा था, लेकिन बाद में परिवार की शिकायत, मीडिया और विपक्षी दलों के प्रेशर की वजह से मामले की जांच को CBI को सौंपी गई। CBI की क्लोजर रिपोर्ट में मौत की असल वजह सुसाइड ही बताई गई है। इस केस में CBI ने 6 अगस्त 2020 को FIR दर्ज की थी। 4 साल 6 महीने 15 दिन बाद CBI ने मार्च 2025 में फाइनल क्लोजर रिपोर्ट फाइल की, जिसमें कहा गया कि आत्महत्या के लिए सुशांत को उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। रिया चक्रवर्ती और अन्य को मामले में क्लीनचिट दी गई। ये खबर भी पढ़ें पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक्टर के पोस्टमार्टम से जुड़ा बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय सुशांत के पैर की हड्डी टूटी हुई, आंख के पास चोट के निशान थे और गले में स्टन गन के भी निशान बने हुए थे। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 29 Sep 2026 3:10 pm

फिल्म रामायण के बिहाइंड द सीन विजुअल आए:रणबीर बोले- ये सिर्फ रोल नहीं, जिम्मेदारी है; देखिए ग्रीन स्क्रीन में किस तरह हुई फिल्म की शूटिंग

28 सितंबर 2026 को रणबीर कपूर के 44वें जन्मदिन के खास मौके पर मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण का बिहाइंड द सीन वीडियो जारी किया गया है। फिल्म के कई हिस्सों को ग्रीन स्क्रीन में शूट कर VFX के जरिए भव्य इमारत में तब्दील किया गया है। इस दौरान रणबीर कपूर ने भगवान राम का किरदार निभाने की जिम्मेदारी पर भी बात की है। देखिए कैसे ग्रीन स्क्रीन पर हुई रामायण की शूटिंग- रणबीर कपूर ने भगवान राम का किरदार निभाने की जिम्मेदारी पर कहा है कि यह सिर्फ फिल्म का रोल नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “यह रोल नहीं है। ऐसा नहीं है कि मुझे एक फिल्म ऑफर हुई और यह रोल रोमांचक लगा। यह एक जिम्मेदारी है।” अरुण गोविल की बात रणबीर को याद रही रणबीर ने अरुण गोविल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अरुण सर हम सभी के लिए आइकॉनिक भगवान राम हैं। रणबीर ने बताया कि अरुण गोविल की एक बात उनके मन में रह गई। उन्होंने कहा, “क्षमा धर्म, क्षमा यज्ञ, क्षमा वेद, सनातन। भगवान राम की सबसे बड़ी शक्ति उनका धनुष नहीं था। वह उनकी क्षमा थी। उनके अंदर माफ करने की क्षमता थी।” रणबीर की कास्टिंग पर अरुण गोविल ने कहा- ‘मौजूदा समय में जितने भी स्टार्स हैं, रणबीर उन सबसे राम का किरदार निभाने के सबसे करीब हैं।’ फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें- प्रमोशनल इवेंट में हुआ था विवाद रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर ‘रामायण’ के प्रचार को लेकर शनिवार को मुंबई के फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो में खास कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम का पहला समय दोपहर 12 बजे बताया गया था, जिसे बाद में दोपहर 1 बजे कर दिया गया। तय समय के अनुसार मीडिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया, लेकिन बातचीत शुरू होने में करीब साढ़े चार घंटे की देरी हुई। इस दौरान रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी समेत फिल्म की टीम मौजूद थी। देरी की वजह मिस्टर बीस्ट के कार्यक्रम में देर से पहुंचने को बताया गया। मिस्टर बीस्ट की वजह से हुई देरी कार्यक्रम में मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को लेकर पहले से काफी उत्सुकता थी। उन्हें ‘रामायण’ की टीम के साथ विशेष बातचीत में शामिल होना था। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बताया गया कि मिस्टर बीस्ट इससे पहले दो उड़ानें मिस कर चुके थे और उनके देर से पहुंचने के कारण कार्यक्रम में देरी हुई। उनके पहुंचने के बाद ही फिल्म की टीम के साथ तय बातचीत आगे बढ़ी। मीडिया के लिए आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों ने अपना समय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रखा था। ऐसे में लंबे इंतजार को लेकर कई मीडिया प्रतिनिधियों में असंतोष देखने को मिला। मिस्टर बीस्ट को रणबीर ने बताया राम का परिचय इवेंट के दौरान एक पैपराजी ने मिस्टर बीस्ट से ‘जय श्री राम’ कहा। मिस्टर बीस्ट जवाब देने को लेकर असमंजस में दिखे, जिसके बाद रणबीर कपूर ने उन्हें ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहा। मिस्टर बीस्ट ने भी रणबीर की बात दोहराई। इसके बाद रणबीर ने मिस्टर बीस्ट को भगवान राम के बारे में बताते हुए कहा कि वे राजकुमार थे और उनके पास सब कुछ था, लेकिन पिता के वचन और अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए उन्होंने सब त्याग दिया। रणबीर ने कहा कि भगवान राम को एक आदर्श पुरुष के रूप में जाना जाता है और उम्मीद है कि फिल्म के जरिए मिस्टर बीस्ट को भारतीय संस्कृति और इतिहास की झलक मिलेगी। इवेंट में रणबीर ने उठाया शिव धनुष कार्यक्रम में रणबीर कपूर शिव धनुष उठाते हुए भी नजर आए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। इवेंट में रणबीर के साथ साई पल्लवी, रवि दुबे, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा भी मौजूद रहे। मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रचार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी वैश्विक लोकप्रियता को देखते हुए निर्माताओं की कोशिश ‘रामायण’ को भारतीय दर्शकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की है। रामायण: पार्ट-1 दिवाली के मौके पर 6 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। जबकि पार्ट 2 को दिवाली 2027 पर रिलीज करने की योजना है। देखिए फिल्म से सभी कलाकारों के लुक- शांत, तेजस्वी और मर्यादा पुरुषोत्तम की छवि में रणबीर कपूर का लुक प्रभावशाली नजर आया। भगवान राम के प्रति समर्पित लक्ष्मण के रोल में रवि दुबे हैं। माता सीता के किरदार में साई पल्लवी के लुक में सादगी और शालीनता नजर आ रही है। दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और खतरनाक अंदाज में रावण बने यश सबसे ज्यादा चर्चा में है। गरिमामयी व्यक्तित्व के साथ अरुण गोविल का दशरथ का रोल प्रभावी लगा। वह रामायण शो में पहले राम बन चुके हैं। फिल्म 'रामायण' में लारा दत्ता कैकेयी के किरदार में हैं। फिल्म 'रामायण' में रकुल प्रीत सिंह रावण की बहन शूर्पणखा का किरदार निभा रही हैं।

दैनिक भास्कर 29 Sep 2026 10:59 am

सोमवार को Hanuman Ansh के सामने सीना तान खड़ी रही The Vvaan, चौथे दिन डिवोशनल ड्रामा से हुई डबल कमाई

सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म द वन बॉक्स ऑफिस पर सोमवार को भी मजबूत पकड़ बनाने में सफल रही है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर चौथे दिन सिंगल डे पर हनुमान अंश से ज्यादा कमाई की है।

जागरण 29 Sep 2026 9:42 am

पेरिस फैशन वीक 2026:ताज और रॉयल गाउन पहनीं ऐश्वर्या राय ने मंच पर किया नमस्ते, केंडल जेनर, सिमोन एशली संग थिरकती दिखीं, PHOTOS

बॉलीवुड स्टार ऐश्वर्या राय बच्चन ने सोमवार को पेरिस फैशन वीक 2026 में रैंप वॉक किया। एफिल टावर के बैकग्राउंड में उनका रॉयल लुक चर्चा में रहा। ऐश्वर्या के साथ इंटरनेशनल स्टार्स सिमोन एशली, सेलीन डियोन, ईवा लॉन्गोरिया और केंडल जेनर ने भी वॉक की है। देखिए पेरिस फैशन वीक से ऐश्वर्या राय की वॉक और लुक- सिमोन ऐशली का हाथ थामी दिखीं ऐश्वर्या राय पेरिस फैशन वीक से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जब ऐश्वर्या राय, सिमोन ऐशली का हाथ थामीं उनसे बात करती दिखी हैं। सिमोन ऐशली पॉपुलर ब्रिजटन सीरीज के लिए जानी जाती हैं। पेरिस फैशन वीक के बारे में- पेरिस फैशन वीक दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फैशन आयोजनों में से एक है। यहां दुनिया के बड़े फैशन ब्रांड अपने नए कलेक्शन पेश करते हैं। इसे फैशन इंडस्ट्री में नए ट्रेंड्स और डिजाइन की दिशा तय करने वाले आयोजनों में गिना जाता है। पेरिस फैशन वीक साल में चार बार आयोजित होता है। मौसम के मुताबिक कलेक्शन दिखाया जाता है।

दैनिक भास्कर 29 Sep 2026 9:10 am

मजरूह सुल्तानपुरी से पहली मुलाकात पर बोले ललित पंडित:उन्होंने कहा था- तुम क्यों आ गए, मैं तो अब काम नहीं करता

हिंदी सिनेमा में 90 के दशक के संगीत की बात हो और संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है। इस जोड़ी ने ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘खामोशी’, ‘कभी हां कभी ना’ और ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ जैसी फिल्मों के संगीत से अपनी अलग पहचान बनाई। इसी दौर में गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी के साथ उनका खास रिश्ता बना। अब मजरूह सुल्तानपुरी की बर्थ एनिवर्सरी पर संगीतकार ललित पंडित उनका लिखा पुराना गीत ‘बात नजर की है’ रिलीज करने जा रहे हैं। यह गीत कई साल पहले रिकॉर्ड किया गया था और मूल रूप से ललित और जतिन के प्राइवेट एल्बम का हिस्सा बनने वाला था। खास बात यह है कि इसकी धुन ललित पंडित ने बनाई थी और मजरूह सुल्तानपुरी ने उसी धुन पर बोल लिखे थे। ललित पंडित ने दैनिक भास्कर से बातचीत में मजरूह सुल्तानपुरी के साथ अपने रिश्ते, काम करने के अनुभव और धुन पर गीत लिखने की प्रक्रिया से जुड़े कई किस्से साझा किए। सवाल: मजरूह सुल्तानपुरी की बर्थ एनिवर्सरी पर आप उनका लिखा गीत रिलीज कर रहे हैं। इसके बारे में बताइए? जवाब: पहली अक्टूबर को मजरूह साहब का जन्मदिन होता है। जो गाना मैं रिलीज करने जा रहा हूं, वह हमने बहुत पहले रिकॉर्ड किया था। एक वक्त था जब मैं और जतिन एक एल्बम करना चाहते थे और मजरूह साहब उसके गाने लिख रहे थे। यह उन्हीं गानों में से एक है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह मजरूह साहब का लिखा हुआ गीत है और उनके जन्मदिन पर ही रिलीज हो रहा है। मजरूह साहब के साथ हमारा बहुत अच्छा रिश्ता रहा। उन्होंने हमारे साथ काफी काम किया। ‘जो जीता वही सिकंदर’ उन्हीं की लिखी हुई थी। मेरे करियर के शुरुआती दौर में फिल्म ‘यारा दिलदारा’ के गीत ‘बिन तेरे सनम’ ने जतिन-ललित को जो पहचान दिलाई, उसके बोल भी मजरूह साहब ने लिखे थे। इसके अलावा ‘कभी हां कभी ना’ और ‘खामोशी’ जैसी फिल्मों में उनके साथ काम करने का मौका मिला। मजरूह साहब से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। मेरे मन में हमेशा था कि उनके जन्मदिन पर उनका लिखा कोई गीत रिलीज करूं। अब पहली अक्टूबर को यह गाना सभी म्यूजिक प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगा। सवाल: मजरूह साहब के साथ काम करते हुए आपको कब एहसास हुआ कि आपके पसंदीदा कई गाने उन्हीं ने लिखे हैं? जवाब: जब मैंने उनके साथ काम करना शुरू किया था, तब मुझे भी इतनी जानकारी नहीं थी कि उन्होंने कितना बड़ा काम किया है। बाद में एहसास हुआ कि मेरे जितने पसंदीदा गाने हैं, उनमें से कई मजरूह साहब के लिखे हुए हैं। बेशक आनंद बख्शी साहब और कई दूसरे बड़े गीतकार भी थे, लेकिन मेरे व्यक्तिगत पसंदीदा गानों में, जिन्हें मैं अक्सर गाता हूं, मजरूह साहब के कई गाने शामिल हैं। इसलिए जतिन और मुझे उनसे बहुत लगाव था। हमारे संगीत के शुरुआती दौर में उनकी बहुत गाइडेंस रही। वह हमारे लिए गुरु जैसे थे। उनके गानों के अलावा उनकी बातें सुनने में भी बहुत मजा आता था। वह हमारे साथ काफी फ्रेंडली हो गए थे। वह दौर हमारे लिए बहुत यादगार रहा। सवाल: जब आपने संगीत में करियर शुरू करने के बारे में सोचा, तब मजरूह साहब से मुलाकात कैसे हुई? जवाब: जब मैं और जतिन ‘यारा दिलदारा’ फिल्म पर काम कर रहे थे, तब हम सोच रहे थे कि किस गीतकार के साथ काम किया जाए। हमारी दीदी सुलक्षणा पंडित ने मजरूह साहब के साथ काम किया था। उन्होंने ही सुझाव दिया कि तुम लोग मजरूह साहब के साथ काम करो। उस समय वह काम नहीं कर रहे थे। इसके बाद हम मजरूह साहब से मिलने उनके घर गए। रिजवी कॉलेज के पास उनका घर था। वहीं हमारी पहली मुलाकात हुई और उसके बाद एक अच्छा सिलसिला शुरू हुआ। सवाल: पहली मुलाकात में मजरूह साहब का क्या रिएक्शन था? जवाब: मजरूह साहब उस समय इंडस्ट्री से थोड़े नाराज थे, क्योंकि काफी समय से लोग उनके साथ काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने हमसे कहा, ‘तुम क्यों आ गए हो? मैं तो काम नहीं करता। तुम मेरे पास क्यों आ गए?’ हमने कहा कि हम दोनों आपके साथ काम करना चाहते हैं और अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने हमसे बात की। जब उन्हें पता चला कि हम सुलक्षणा से जुड़े हैं और हमारे परिवार का संगीत से रिश्ता है, तो वह समझ गए कि हम संगीत से जुड़े परिवार के लड़के हैं। इसके बाद उन्होंने प्यार से कहा कि वह हमारे साथ जरूर काम करेंगे। सवाल: इसके बाद जब आपके गाने सफल हुए तो मजरूह साहब के साथ आपकी बॉन्डिंग कैसी हो गई? जवाब: जब कोई काम सफल होता है तो अपने आप एक बॉन्डिंग बन जाती है। एक-दूसरे पर विश्वास बढ़ता है। मजरूह साहब ने हमारे साथ काम शुरू किया तो उनके कई शानदार गाने आए। उन्हें नॉमिनेशन मिले और अवॉर्ड भी मिले। इसके बाद इंडस्ट्री में दूसरे लोग भी उनके साथ काम करना चाहते थे। वह दौर उन्होंने भी देखा। वह हमसे बहुत खुश रहते थे, क्योंकि हमारा म्यूजिक उनके साथ बहुत अच्छा चल रहा था। काम में बहुत मेहनत होती थी, लेकिन उसके साथ बहुत मजा भी आता था। सवाल: मजरूह साहब के साथ गाने तैयार करने की प्रक्रिया कैसी होती थी? आप उन्हें सिचुएशन और धुन कैसे समझाते थे? जवाब: मजरूह साहब ने हमारे साथ जितने भी गाने लिखे, उनमें से ज्यादातर धुन पर लिखे गए थे। हम धुन बनाकर उन्हें देते थे और वह उस पर बोल लिखकर लाते थे। जो गाना अब रिलीज हो रहा है, उसकी धुन भी मैंने मजरूह साहब को दी थी। उन्होंने उसी पर बोल लिखे थे। यह उस समय की रिकॉर्डिंग है। इसमें आपको उस दौर का एनालॉग फील मिलेगा। इस गाने की खास बात यह है कि इसे उसी दौर में रिकॉर्ड किया गया था, जब हमने ‘कुछ कुछ होता है’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ जैसी बड़ी फिल्मों के गाने रिकॉर्ड किए थे। मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि यह गीत उस समय लिखा गया था, जब मजरूह साहब हमारे बीच थे और उनके साथ बैठकर तैयार हुआ था। सवाल: क्या यह गाना किसी फिल्म के लिए रिकॉर्ड किया गया था? जवाब: नहीं, मैं और जतिन अपना एक प्राइवेट एल्बम करना चाहते थे। हमने मजरूह साहब से बात की थी और उन्होंने कहा था कि वह हमारे लिए जरूर लिखेंगे। यह उसी समय का लिखा हुआ गीत है। सवाल: इस गाने को किसने गाया है? जवाब: यह हमारा एल्बम था, इसलिए यह गाना मैंने खुद गाया है। जतिन के जो गाने थे, उन्हें जतिन ने गाया था। सवाल: मजरूह साहब को चुनने के पीछे उस समय आपकी क्या सोच थी? दूसरे कई गीतकार भी सक्रिय थे? जवाब: सच कहूं तो यह हमारा नसीब था और हमारी दीदी की अच्छी सलाह थी, जो बहुत काम आई। हम मजरूह साहब को क्या चुनते? उन्होंने हमें चुना, यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात थी। वह बहुत नॉलेजेबल इंसान थे। मैंने उनके जैसा इंसान फिर कभी नहीं देखा। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। उनके साथ बैठने में बहुत मजा आता था। वह हमें इस तरह ट्रीट नहीं करते थे कि हम नए म्यूजिक डायरेक्टर हैं। उनका व्यवहार बहुत सहज था। उनमें एक अलग तरह का ह्यूमर था। वह बहुत जिंदादिल इंसान थे और कलाकार तो बहुत बड़े थे ही। सवाल: क्या मजरूह साहब के घर पर महफिल जमती थी? वहीं गाने लिखे जाते थे? जवाब: नहीं, वह हमारे म्यूजिक रूम में आते थे। वहीं हमारे सारे म्यूजिशियन होते थे और गाने बनते थे। कभी-कभी वहीं करेक्शन भी करते थे, लेकिन ज्यादातर वह धुन घर लेकर जाते थे। हम उन्हें सिचुएशन और धुन समझाते थे। वह डायरेक्टर से भी बात करते थे कि गाने की सिचुएशन क्या है। इसके बाद घर जाकर गीत लिखते थे और फिर गाना लेकर आते थे। सवाल: धुन पर गीत लिखना और लिखे हुए गीत पर धुन बनाना, दोनों में क्या चुनौती होती है? जवाब: मजरूह साहब ने एक बार मुझसे कहा था कि वह उन लोगों में से थे, जिन्होंने धुन पर लिखने की शुरुआत की। पहले आमतौर पर शब्दों पर काम होता था और उसके बाद धुन बनाई जाती थी। हमारे लिए धुन पर गाना बनाना ज्यादा सुविधाजनक था, क्योंकि इससे कंपोजर को ज्यादा क्रिएटिव लिबर्टी मिलती है। वह गाने को अलग-अलग तरीके से आगे ले जा सकता है। अगर कोई माहिर गीतकार हो तो वह धुन पर भी अच्छा लिख सकता है। मजरूह साहब के लिए भी यह एक तरह की चुनौती होती थी कि धुन के हिसाब से शब्दों को कैसे खूबसूरती से बैठाया जाए। ‘खामोशी’ और ‘जो जीता वही सिकंदर’ के हमारे कई गाने ऐसे थे, जिनकी धुन पहले बनाई गई थी। ‘पहला नशा’ जैसे गाने के बोल पहले लिखे जाते और फिर उन पर धुन बनाने की कोशिश होती, तो जरूरी नहीं कि वही खूबसूरती आती। कंपोजर की भी एक उड़ान होती है कि वह धुन को कहां लेकर जाता है। हमारा सक्सेस रेशियो इसलिए अच्छा रहा, क्योंकि हमने ज्यादातर धुन पहले बनाई और फिर उस पर बड़े गीतकारों से लिखवाया। हालांकि कुछ गाने ऐसे भी हैं, जिन्हें मैंने पहले से लिखे हुए बोलों पर कंपोज किया। जैसे ‘लवरिया हो राजू बन गया जेंटलमैन’ का गाना ‘सीने में दिल है, दिल में है धड़कन’। वह भी अच्छा बना। लेकिन हर बार जरूरी नहीं है कि लिखे हुए बोल पर बनाई गई धुन उतनी ही अच्छी बने। सवाल: जब मजरूह साहब के गाने दोबारा लोगों के बीच आए और उन्हें काम मिलने लगा, तब उनका क्या रिएक्शन था? जवाब: वह कहते थे कि अब मैं इतना काम नहीं कर सकता और मुझे इतना काम करना भी नहीं है। वह कहते थे कि मुझे तुम लोग पसंद हो और मैं तुम्हारे साथ काम करूंगा। उनके ये शब्द मुझे आज भी याद हैं। सवाल: मजरूह साहब का अपना कोई पसंदीदा गीत उन्होंने आपको बताया था? जवाब: एक बार मैंने उनसे पूछा था कि आपको अपना लिखा कौन सा गाना पसंद है। मैं उनसे बहुत सवाल करता था, क्योंकि जानना चाहता था कि उन्हें अपना कौन सा काम पसंद है। उन्होंने दो गानों का जिक्र किया था। उनमें से एक था, ‘वाह वादियों में मेरा दामन, रास्ते मेरी बाहें...’। उन्हें यह गाना बहुत पसंद था। मुझे याद है, जब उन्होंने ‘रास्ते मेरी बाहें’ कहा था तो उन्होंने अपने दोनों हाथ फैला दिए थे। उनका अंदाज ही बहुत खूबसूरत था। एक और गाना था, ‘तेरी आंखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है’। इस गाने से जुड़ा सुंदर किस्सा वह सुनाया करते थे। उन्होंने जिस तरह से बताया था, वह सुनने लायक था। सवाल: गाने के म्यूजिक वीडियो में कौन-कौन से आर्टिस्ट नजर आएंगे? जवाब: यह अभी सरप्राइज है। मैं यूरोप गया था और वहीं इस गाने का वीडियो शूट किया है। बाकी चीजें आप वीडियो देखकर जानेंगे। सवाल: मजरूह साहब के जन्मदिन को लेकर कोई और खास किस्सा साझा करना चाहेंगे? जवाब: फिलहाल इतना ही करते हैं, क्योंकि अभी हम इसी गाने को प्रमोट कर रहे हैं। मजरूह साहब के साथ बहुत सारी यादें हैं। उनके बारे में फिर कभी विस्तार से बात करेंगे। अभी मेरा फोकस इसी गाने पर है।

दैनिक भास्कर 29 Sep 2026 5:30 am

‘तेरे ही भरोसे हनुमान’ सिंगर की आंखो का इलाज होगा:हनुमान अंश की प्रोड्यूसर अनुप्रिया करेंगी मदद; गायक सुनील लोधी बचपन से दृष्टिबाधित

फिल्म ‘हनुमान अंश’ में 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ भजन गाकर फेमस हुए सुनील लोधी की आंखो का इलाज होगा। फिल्म प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने सुनील के इलाज में मदद करने की पहल की है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अनुप्रिया ने बताया कि सुनील के मुंबई आने पर उनकी आंखों की विशेषज्ञ से जांच कराई जाएगी और नवंबर से उनके ट्रीटमेंट की शुरुआत होने की उम्मीद है। हालांकि, अभी अस्पताल और इलाज की पूरी प्रक्रिया तय नहीं हुई है। सुनील लोधी बचपन से ही दृष्टिबाधित हैं।अनुप्रिया ने बताया कि सुनील जब पिछली बार मुंबई आए थे, तब उन्होंने उनके लिए आई-स्पेशलिस्ट से अपॉइंटमेंट भी लिया था, लेकिन वह जांच नहीं हो पाई। ‘मैं चाहती हूं कि सुनील प्यार को महसूस ही नहीं, देख भी सकें’सुनील लोधी बचपन से दृष्टिबाधित हैं। अनुप्रिया ने कहा कि सुनील से बातचीत के दौरान उन्हें उनकी सोच और आस्था ने बहुत प्रभावित किया। उन्होंने बताया कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद सुनील अपनी सफलता और जीवन में मिले प्यार का श्रेय हनुमान जी को देते हैं।अनुप्रिया ने कहा, “जब मैं सुनील भैया से बात करती हूं, तो मैं ये महसूस करती हूं कि लोगों में इतना फ्रस्ट्रेशन रहता है। वो कभी-कभी भगवान को भी बोलते हैं कि आप मेरे साथ नहीं हो, आप मेरे अगेंस्ट हो। लेकिन जब मैं सुनील भैया से बात करती हूं, वो हमेशा अपना पूरा क्रेडिट महाराज जी, हनुमान जी को देते हैं।”इसी भावना ने उन्हें सुनील के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित किया। अनुप्रिया के शब्दों में, “वो बचपन से विजुअली इम्पेयर्ड हैं, नेत्रहीन हैं। मैं चाहती थी कि अगर वो प्यार को महसूस कर सकते हैं, तो मैं चाहती हूं कि वो प्यार को देख भी सकें।” ‘बहन होने के नाते मैं उन्हें अपना भाई मानती हूं’ अनुप्रिया ने कहा कि वह सुनील को सिर्फ एक कलाकार के तौर पर नहीं देखतीं, बल्कि उन्हें अपना भाई मानती हैं। उन्होंने कहा, “बहन होने के नाते मैं तो उनको अपना भाई ही मानती हूं। वो खुद एक यंगस्टर हैं और उनमें इतना टैलेंट कूट-कूटकर भरा है। मुझे लगा कि क्यों न हम उनकी मदद करें।”उन्होंने बताया कि अब सुनील के अगले मुंबई दौरे पर उनकी मेडिकल जांच कराने की तैयारी है। नवंबर में ट्रीटमेंट शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन डॉक्टर की जांच के बाद ही इलाज की वास्तविक दिशा और संभावनाएं स्पष्ट होंगी।‘MP सरकार भी उनके साथ है’सुनील के इलाज में मध्य प्रदेश सरकार की भूमिका का भी अनुप्रिया ने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से भी उन्हें सहयोग मिल रहा है और यह बात उन्हें खास तौर पर खुशी देती है।अनुप्रिया ने कहा, “इस बार मुझे बहुत खुशी है कि भैया के साथ ना ही मैं हूं, बल्कि पूरा का पूरा गवर्नमेंट है। भारत पूरा उनके साथ है।” हालांकि, अभी किस अस्पताल में इलाज होगा, यह तय नहीं हुआ है। अनुप्रिया ने इस बारे में कहा कि अस्पताल का फैसला फिलहाल नहीं हुआ है और इस संबंध में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। पहले सुनील की विशेषज्ञ से जांच होगी और उसके बाद डॉक्टरों की सलाह के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।इस बीच, सुनील लोधी के चाहने वालों के लिए उनकी मेडिकल जांच और प्रस्तावित उपचार एक उम्मीद की खबर है। हालांकि, इलाज के बाद उनकी दृष्टि में कितना सुधार संभव है, इसका जवाब डॉक्टरों की जांच और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगा। ये खबर भी पढ़ें हनुमान अंश ने वर्ल्डवाइड कमाए 400 करोड़:52वें दिन में कमाई का रिकॉर्ड बनाया, 2026 की तीसरी बड़ी फिल्म; जानिए कैसी रही दूसरी फिल्मों की कमाई महज 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म हनुमान अंश ने 52 दिनों में 400 करोड़ रुपए का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया है। फिल्म ने 52वें दिन यानी रविवार को रिकॉर्ड 9 करोड़ रुपए की कमाई की है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 29 Sep 2026 4:30 am

Drishyam 3 ने एडवांस बुकिंग में ही कर डाली तगड़ी कमाई, डबल डिजिट कलेक्शन के साथ पहले दिन मारेगी सेंचुरी

अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' ने रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में शानदार प्रदर्शन किया है।

जागरण 28 Sep 2026 9:55 pm

आठवें सोमवार को लगी Hanuman Ansh की लॉटरी, बजरंग बली की कृपा से वीकडे पर 400 करोड़ पार हुआ आंकड़ा

Hanuman Ansh Box Office Collection: विशाल चतुर्वेदी की फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी शानदार कमाई जारी रखते हुए आठवें सोमवार को कमाल कर दिया।

जागरण 28 Sep 2026 8:07 pm

रणबीर कपूर ने फैंस संग मनाया 44वां जन्मदिन:बांद्रा में बंगले के बाहर काटे 3 केक; आलिया भट्ट के साथ बालकनी से फैंस को कहा शुक्रिया

बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर सोमवार 28 सितंबर को 44 साल के हो गए हैं। इस खास मौके पर रणबीर ने मुंबई के पाली हिल स्थित अपने नए बंगले 'कृष्ण राज' के बाहर जमा फैंस और पैपराजी के साथ बिर्थडे सेलिब्रेट किया। कैजुअल लुक में घर से बाहर निकले रणबीर ने पैपराजी के साथ तीन बड़े केक काटे और फैंस का शुक्रिया अदा किया। इसके बाद वे अपनी पत्नी और एक्ट्रेस आलिया भट्ट के साथ बंगले की बालकनी में आए और हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया। पैपराजी संग काटा केक, कूल लुक में नजर आए रणबीर रणबीर कपूर अपने जन्मदिन पर बेहद खुश और कूल अंदाज में नजर आए। उन्होंने ग्रे कलर का को-ऑर्ड सेट, वाइट स्नीकर्स और ब्लैक गॉगल्स पहन रखे थे। बंगले के मेन गेट पर फैंस और फोटोग्राफर्स उनका इंतजार कर रहे थे। रणबीर ने घर से बाहर आकर पैपराजी का अभिवादन किया और उनके लाए तीन बड़े केक एक-एक करके काटे। उन्होंने फैंस के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। केक काटने के कुछ देर बाद वे पत्नी आलिया भट्ट के साथ बंगले की बालकनी में नजर आए। दोनों ने नीचे खड़े फैंस और मीडियाकर्मियों की तरफ हाथ हिलाया और उनके प्यार व शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया। नवंबर में 'कृष्ण राज' बंगले में शिफ्ट हुए थे रणबीर-आलिया रणबीर कपूर और आलिया भट्ट नवंबर 2025 में अपने इस नए छह मंजिला बंगले में शिफ्ट हुए थे। बांद्रा के पाली हिल इलाके में स्थित यह आलीशान बंगला कपूर परिवार की पैतृक संपत्ति पर फिर से बनाया गया है। इस बंगले का नाम रणबीर की दादी कृष्णा राज कपूर के नाम पर 'कृष्ण राज' रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस छह मंजिला बंगले की कीमत लगभग 250 करोड़ रुपए बताई जाती है। 'लव एंड वार' में आलिया के साथ आएंगे नजर रणबीर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की फिल्म 'लव एंड वार' में काम कर रहे हैं। इस फिल्म में वे विक्की कौशल और आलिया भट्ट के साथ लव ट्रायंगल ड्रामा में आर्मी ऑफिसर की भूमिका में दिखेंगे। फिल्म में रणबीर मोटी मूंछों, खून के दाग वाली शर्ट और गॉगल्स में दिखाई दे रहे हैं। उनका लुक किरदार के रफ और मजबूत अंदाज की झलक देता है। शर्ट पर खून के दाग फिल्म की डार्क और एक्शन से भरपूर कहानी की ओर इशारा करते हैं। वहीं, गॉगल्स उनके किरदार को स्टाइलिश लुक दे रहे हैं। इस फिल्म में आलिया ग्लैमरस रेट्रो और विंटेज अवतार में नजर आ रही थीं। ‘लव एंड वॉर’ दुनियाभर में 21 जनवरी 2027 को रिलीज होगी। यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में रिलीज की जाएगी। इसका निर्देशन संजय लीला भंसाली ने किया है। ये खबर भी पढ़ें रणबीर कपूर@44, जूते पहनकर मंदिर जाने पर पिटाई हुई:बचपन में आफ्टर शेव लोशन पिया, डॉक्टर ने कहा- पिता नहीं बचेंगे तो पैनिक अटैक आया बॉलीवुड के आला दर्जे के एक्टर माने जाने वाले रणबीर कपूर आज 44 साल के हो चुके हैं। 2007 की फ्लॉप फिल्म ‘सांवरिया’ से करियर शुरू करने वाले रणबीर कपूर ने ‘रॉकस्टार’ में टूटे दिल का दर्द जिया, ‘बर्फी’ में बिना बोले दिल जीत लिया और ‘संजू’ में संजय दत्त को पर्दे पर उतार दिया। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 28 Sep 2026 7:38 pm

जौहर विवाद पर बोलीं स्वरा भास्कर:मेरे नाम पर लोगों को नौकरी मिल रही; स्वरा के बयान पर शहजाद और सिवेट के बीच हाथापाई

एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने फिल्म 'पद्मावत' के जौहर सीन पर दिए अपने विवादित बयान पर खुल कर बात की है। स्क्रीन को दिए एक इंटरव्यू में स्वरा ने इस पूरे विवाद को राजनीतिक आईटी सेल का प्रायोजित एजेंडा बताया है। स्वरा ने कहा कि कुछ लोग उनके नाम पर अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। स्वरा अभी रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल 2' में नजर आ रही हैं। शो के हालिया प्रोमो में स्वरा के इसी विवादित बयान को लेकर कंटेस्टेंट शहजाद पूनावाला और सिवेट तोमर के बीच तीखी बहस हो गई, जो हाथापाई तक पहुंच गई। 'मेरे नाम पर हेडलाइन बनाकर नौकरी चला रहे लोग' इंटरव्यू में स्वरा भास्कर ने कहा कि यह करीब 10 साल पुराना विवाद है, जिसे बार-बार बिना वजह उछाला जा रहा है। साल 2018 में जब उन्होंने ओपन लेटर लिखा था, तब भी उन्हें काफी गालियां मिली थीं। अब सिर्फ एक सवाल का जवाब देने पर लोग फिर से वही पुरानी बातें पकड़कर बैठ गए हैं। स्वरा ने तंज कसते हुए कहा, कुछ लोगों को मेरे नाम पर नौकरी मिल रही है। वे दिन भर एक पूरी टीम को सिर्फ मुझे ट्रोल करने की ट्रेनिंग देते हैं। अगर मेरे नाम का इस्तेमाल करके, झूठी खबरें फैलाकर और मुझे परेशान करके आपकी नौकरी चल रही है, तो इस दिवाली आपको मुझे थैंक यू नोट के साथ एक गिफ्ट हैम्पर जरूर भेजना चाहिए। 'मैंने जौहर को कायरता नहीं कहा, बयानों को गलत दिखाया' अपने बयान पर सफाई देते हुए स्वरा ने कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा, मैंने यह कभी नहीं कहा कि जौहर करने वाली महिलाएं कायर थीं। मैंने सिर्फ इतना कहा था कि अगर मैं खुद एक रेप सर्वाइवर होती और ऐसा महिमामंडन देखती, तो मुझे खुद पर कायर जैसा महसूस होता। मीडिया और ट्रोल्स ने इसे इस तरह दिखाया जैसे मैंने जोहर को कायरता कह दिया हो। स्वरा ने दावा किया कि राजनीतिक पार्टियों का आईटी सेल एक सोचे-समझे प्लान के तहत उनके बयानों को उछालकर अपना एजेंडा साधता है। 'राइज एंड फॉल' शो में स्वरा के बयान पर हाथापाई रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल सीजन 2' की शुरुआत के साथ ही स्वरा के बयान पर लड़ाई देखने को मिला है। शो के प्रोमो में पूर्व भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला और सिवेट तोमर के बीच तीखी बहस दिखाई गई है। दरअसल सिवेट ने कहा कि वे एक राजपूत हैं, स्वरा ने राजपूत महिलाओं का अपमान किया है इसलिए जब तक स्वरा माफी नहीं मांगतीं, वे उनसे बात नहीं करेंगे। इसके बाद सिवेट स्वरा से बात करते और उनका पक्ष लेते देखे गए। पेंटहाउस टास्क के दौरान जब शहजाद ने सिवेट को अनफिट बताया, तो सिवेट ने उन पर निशाना साधा। इसके जवाब में शहजाद ने सिवेट से कहा कि उन्होंने पहले राजपूत महिलाओं और जोहर सीन पर स्वरा के बयान का विरोध किया था लेकिन अब वे स्वरा का ही पक्ष ले रहे हैं। बहस इतनी बढ़ गई कि सिवेट आक्रामक होकर शहजाद की तरफ झपटे और दोनों के बीच हाथा पाई हो गई। स्वरा ने बीच में आकर सिवेट को रोकने की कोशिश की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शो में हिंसा करने के आरोप में सिवेट तोमर को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। क्या था 'पद्मावत' फिल्म और जोहर सीन से जुड़ा पुराना मामला? यह पूरा मामला साल 2018 में रिलीज हुई संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' से जुड़ा हुआ है। फिल्म में रानी पद्मावती (दीपिका पादुकोण) को 800 महिलाओं के साथ अलाउद्दीन खिलजी से खुद को बचाने के लिए जौहर (अग्निकुंड में कूदना) करते दिखाया गया था। इसके बाद स्वरा ने फिल्म के इस सीन के खिलाफ एक ओपन लेटर लिखा था। दिल्ली के इवेंट में दिए बयान पर फिर शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' टॉक के दौरान शुरू हुआ था। इवेंट में स्वरा ने फिल्म के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा 'क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?' एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही 'छी' कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था।

दैनिक भास्कर 28 Sep 2026 4:15 pm

हनुमान अंश ने वर्ल्डवाइड कमाए 400 करोड़:52वें दिन में कमाई का रिकॉर्ड बनाया, 2026 की तीसरी बड़ी फिल्म; जानिए कैसी रही दूसरी फिल्मों की कमाई

महज 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म हनुमान अंश ने 52 दिनों में 400 करोड़ रुपए का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया है। फिल्म ने 52वें दिन यानी रविवार को रिकॉर्ड 9 करोड़ रुपए की कमाई की है। इस मामले में इसने धुरंधर और धुरंधर 2 जैसी बड़ी फिल्मों का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिन्होंने 52वें दिन 1-2 करोड़ ही कमाए थे। इसी के साथ हनुमान अंश मिर्जापुर, भूत बंगला जैसी फिल्मों को पछाड़ते हुए साल की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड भी बना चुकी है। फिल्म हनुमान अंश ने शुक्रवार, 25 सितंबर को सिनेमाघरों में अपने 50 दिन पूरे कर लिए। आमतौर पर इतनी लंबी अवधि के बाद ज्यादातर फिल्मों की कमाई धीमी पड़ने लगती है, लेकिन 'हनुमान अंश' के मामले में ऐसा नहीं हुआ। शनिवार (26 सितंबर) को फिल्म ने 6.50 करोड़ और रविवार (27 सितंबर) को 9 करोड़ का कलेक्शन किया। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 401.20 करोड़ रुपये हो गया है। फिल्म ने 52वें दिन सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड बनाया है। इसमें भारत से 362.70 करोड़ रुपये और विदेशों से 38.50 करोड़ रुपये की कमाई शामिल है। फिल्म की विदेशों में रिलीज 11 सितंबर को होम्बले फिल्म्स के जरिए शुरू हुई थी, इसलिए वहां इसका सफर अभी शुरुआती दौर में है। आने वाले दिनों में वर्ल्डवाइड कमाई और बढ़ने के अनुमान हैं। इस फिल्म के 49वें दिन यानी 25 सितंबर को सिनेमाघरों में सिद्धार्थ मल्होत्रा- तमन्ना भाटिया स्टारर फिल्म द-वनः फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट रिलीज हुई। फिल्म ने 8 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया, जबकि इस दिन हनुमान अंश ने 3.35 करोड़ कमाए। फिल्म वी-वन ने 33 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया है। साउथ फिल्म पैराडाइज ने कमाई में सिद्धार्थ की फिल्म को पछाड़ा वी-वन से पहले 23 सितंबर को साउथ फिल्म पैराडाइज रिलीज हुई। ये फिल्म लगातार बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है। फिल्म ने 11 करोड़ रुपए से ओपनिंग की थी और रविवार तक इसका कलेक्शन सभी भाषाओं में 92 करोड़ हो चुका है। ‘हनुमान अंश’ दो राज्यों में टैक्स फ्री, अमित शाह से मिली थी फिल्म की टीम फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। फिल्म की सफलता के बीच 21 सितंबर को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, लीड एक्टर शोभिनव सतैया और टीम के दूसरे सदस्य दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हनुमान अंश के सिंगर की परफॉर्मेंस में अचानक पहुंचे नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया। इस दौरान मोदी खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित किया गया था। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पीएम मोदी भजन सुनते और खंजरी बजाकर ताल देते दिखाई दिए। इसके बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रस्तुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया।

दैनिक भास्कर 28 Sep 2026 3:30 pm

ओरी बोले- शादी जयपुर में हुई, मुंबई में रिसेप्शन होगा:एयरपोर्ट पर अंगूठी दिखाई; पूरा फैशन इवेंट ‘ओरी वेडिंग’ के नाम से हुआ

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरहान अवत्रामणि उर्फ ओरी सोमवार को जयपुर एयरपोर्ट से मुंबई के लिए रवाना हुए। इस दौरान ओरी ने हाथ में पहनी शादी की अंगूठी भी दिखाई। ओरी ने कहा- शादी जयपुर में हो चुकी है। अब मुंबई में रिसेप्शन होगा। दरअसल, जयपुर के होटल फेयरमॉन्ट में 27 सितंबर की रात एक खास फैशन इवेंट आयोजित किया गया था। जिसे ‘ओरी वेडिंग’ के नाम से प्रमोट किया गया था। पूरा फैशन इवेंट ओरी की शादी की थीम पर हुआ। इसमें मनोरंजन और सोशल मीडिया जगत के स्टार्स शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान ओरी ने रैंपवॉक की। खुद से शादी करने की बात कहकर सभी का ध्यान खींचा। यह पारंपरिक शादी नहीं थी, बल्कि फैशन और मनोरंजन से जुड़ा एक क्रिएटिव कॉन्सेप्ट था। इसी के जरिए जयपुर में एक फैशन ब्रांड को लॉन्च किया गया। एयरपोर्ट और इवेंट के फोटोज देखिए… फेक वेडिंग कॉन्सेप्ट के जरिए फैशन ब्रांड लॉन्च जयपुर में आयोजित इस कार्यक्रम को एक फेक वेडिंग कॉन्सेप्ट के तौर पर तैयार किया गया था। इसका उद्देश्य एक फैशन ब्रांड को अनोखे अंदाज में लॉन्च करना था। कार्यक्रम में नेशनल मॉडल्स, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, एक्टर्स और फैशन इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। पूरे इवेंट को शादी की थीम पर तैयार किया गया था, जिसमें ओरी मुख्य आकर्षण रहे। रैंपवॉक से लेकर उनके वेडिंग लुक और ‘खुद से शादी’ के कॉन्सेप्ट ने कार्यक्रम को सामान्य फैशन इवेंट से अलग बना दिया। दोबारा कार में बैठ गए ओरी ओरी के जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने के दौरान एक दिलचस्प वाक्या देखने को मिला। मुंबई से आई पैपराजी टीम एयरपोर्ट पर उनका इंतजार कर रही थी। जब ओरी कार से नीचे उतरे तो उन्हें शुरुआत में पैपराजी नजर नहीं आए। इसके बाद वे वापस कार में जाकर बैठ गए। कुछ देर बाद जब उन्हें पैपराजी की टीम दिखाई दी तो ओरी दोबारा कार से बाहर आए और मीडिया के सामने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने अंदाज में पोज दिए और मीडिया से बातचीत भी की। ये भी पढ़ें… जयपुर पहुंचे ORRY, शादी मुबारक कार्यक्रम में दूल्हा बनेंगे:मुंबई से साथ आए बाउंसर्स टी-शर्ट पर लिखा था ‘ओरी गार्ड’, एयरपोर्ट पर पहुंचे फैंस जयपुर में ORRY की शादी!:होटल में दो दिन अलग-अलग इवेंट होंगे; सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल आए

दैनिक भास्कर 28 Sep 2026 2:10 pm

पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान

सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक्टर के पोस्टमार्टम से जुड़ा बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय सुशांत के पैर की हड्डी टूटी हुई, आंख के पास चोट के निशान थे और गले में स्टन गन के भी निशान बने हुए थे। श्वेता सिंह कीर्ति ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा- ‘आप सब जानते हैं कि जो भाई के साथ हुआ वो गलत है। हमें कुछ समय पहले ही पता चला है कि भाई का पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने कहा है कि उस पर स्टन गन इस्तेमाल हुई थी। उसके पैर टूटे हुए थे। उस पर काफी सारा फोर्स लगाया गया था। आंखों में भी चोट आई थी।’ आगे श्वेता सिंह कीर्ति ने कहा, ‘आप लोगों को लगता है कि भाई के साथ जो हुआ वो गलत था, जाहिर तौर पर गलत था। हम सब दिलों में जानते हैं कि जो हुआ, वो नहीं होना चाहिए था। मैं आप सबसे कहना चाहती हूं कि मैं उसकी बहन हूं, मैं जानती हूं कि ये कैसा लगता है कि हमारे किसी करीबी से साथ ऐसा कुछ हुआ है। जब ये हमारे साथ हो, तो हम माफ कर सकते हैं, लेकिन किसी अपने के साथ ऐसा हो तो ये भूलने के लिए काफी हिम्मत लगती है।’ श्वेता ने वीडियो के आखिर में लोगों से अपील की है कि वो नफरत या बदले की भावना न रखें। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी फैंस भगवान पर भरोसा रखें। वीडियो के कैप्शन में श्वेता ने लिखा है, ‘मैं ये नहीं कह रही हूं कि न्याय और सही के लिए लड़ाई मत करो, मैं कह रही हूं कि इसे प्यार की भावना के साथ करें बदले की भावना के साथ नहीं।’ बता दें कि श्वेता सिंह कीर्ति में कहीं भी साफ नहीं किया है कि पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने उनसे या किसी एथॉरिटी से बात की है या नहीं। ना ही उन्होंने इन दावों से जुड़े कोई साक्ष्य दिखाए हैं। दैनिक भास्कर उनके दावों की पुष्टि नहीं करता है। CBI जांच में मौत को आत्महत्या करार दिया गया सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को बांद्रा में अपने घर पर रहस्यमयी तरीके से मृत पाए गए थे। पहली नजर में मामला सुसाइड का लगा था, लेकिन बाद में परिवार की शिकायत, मीडिया और विपक्षी दलों के प्रेशर की वजह से मामले की जांच को CBI को सौंपी गई। CBI की क्लोजर रिपोर्ट में मौत की असल वजह सुसाइड ही बताई गई है। इस केस में CBI ने 6 अगस्त 2020 को FIR दर्ज की थी। 4 साल 6 महीने 15 दिन बाद CBI ने मार्च 2025 में फाइनल क्लोजर रिपोर्ट फाइल की, जिसमें कहा गया कि आत्महत्या के लिए सुशांत को उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। रिया चक्रवर्ती और अन्य को मामले में क्लीनचिट दी गई। मैनेजर दिशा सालियान डेथ केस से फिर चर्चा में सुशांत का मामला सुशांत सिंह राजपूत के निधन से एक हफ्ते पहले ही उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की भी मौत हुई थी। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। दिशा के पिता की मांग पर 13 सितंबर को दिशा सालियान की मौत के मामले की जांच CBI का सौंपी गई है। दिशा सालियान डेथ केस की जांच दोबारा शुरू होने से सुशांत का केस भी फिर चर्चा में आ गया है। हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा है, 'मेरे चचेरे भाई सुशांत सिंह राजपूत का मामला उसकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या से जुड़ा है। सुशांत आखिरी बार साल 2019 में पूर्णिया आया था। वो मुझे कुछ बताना चाहता था, लेकिन समय कम होने की वजह से नहीं बता सका। लौटते समय उसने कहा था- भइया जल्दी आपको कुछ बताऊंगा। कुछ बड़ा होने वाला है, मैं जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सब कुछ दुनिया के सामने लाऊंगा। सारे सबूत मेरे पास हैं, मैं किसी से डरता नहीं हूं।' चाचा मनमोहन बोले- साजिश के तहत सुशांत की हत्या की गई सुशांत सिंह राजपूत के चाचा मनमोहन सिंह ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का हम लोग स्वागत करते हैं। जिस वक्त सुशांत की मौत की खबर आई थी, तब कोई विश्वास नहीं कर रहा था कि वह सुसाइड कर सकता है। सुशांत की साजिश के तहत हत्या की गई थी। इसमें काफी बड़े-बड़े लोग शामिल थे, कुछ लोग तो ऐसे हैं, जिनका अभी तक नाम भी सामने नहीं आया है। मनमोहन सिंह ने कहा कि सीबीआई ने दिशा की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की है। अब हम लोगों को भरोसा है कि सुशांत और दिशा मामले में कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा।

दैनिक भास्कर 28 Sep 2026 12:35 pm

दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर The Paradise की हुकूमत, Nani की फिल्म ने लहराया कमाई का परचम

साउथ फिल्म अभिनेता नानी की लेटेस्ट फिल्म द पैराडाइज ने ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर अपनी हुकूमत जमा ली है।

जागरण 28 Sep 2026 10:57 am

लता मंगेशकर की बर्थ एनिवर्सरी:पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- आपका योगदान युग-युगांतर तक स्मरणीय रहेगा, कभी इनका गाना सुनकर रोए जवाहरलाल नेहरू, जानिए कहानी

लीजेंड्री गायिका लता मंगेशकर की आज 97वीं बर्थ एनिवर्सरी है। लता मंगेश्कर का जन्म 28 सितंबर 1929 में हुआ था। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘अपनी दिव्य गायन प्रतिभा से विश्व में देश का नाम रोशन करने वालीं आदरणीया लता दीदी को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने भारतवर्ष को न केवल अपने सुमधुर सुरों से सजाया-संवारा, बल्कि देश की समृद्धि से जुड़ी हर पहल को भी सदैव प्रोत्साहित किया। भारतीय संगीत जगत में उनका अप्रतिम योगदान युग-युगांतर तक स्मरणीय रहेगा।’ लता मंगेशकर की बर्थ एनिवर्सरी पर पढ़िए, स्वरकोकिला बनने की कहानी, गानों के चुनिंदा किस्सों के साथ- 28 सितंबर 1929 को लता दीदी का जन्म इंदौर के एक सिख मोहल्ले में मौसी के घर हुआ। उन्होंने 5 साल की उम्र से ही संगीत सिखाना शुरू कर दिया था। वहीं 9 साल की उम्र से वो अपने पिता दीनानाथ मंगेशकर के साथ नाटक कंपनी में शोज करने लगीं। 1940-41 के आसपास दिल्ली में ऑल इंडिया रेडियो के बुलावे पर लता दीदी पिता के साथ पहली बार रिकॉर्डिंग के लिए गई थीं। 24 अप्रैल 1942 को पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया। पहले गाने के लिए मिली 25 रुपए फीस पिता के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी लता दीदी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान पिता के दोस्त और फिल्ममेकर मास्टर विनायक ने उन्हें अपनी मराठी फिल्म पहिली मंगला गौर के लिए अप्रोच किया। पैसों की जरूरत थी तो उन्होंने हां कर दी और फिल्म में एक छोटा सा रोल भी किया। साथ में उन्होंने फिल्म के गाने नटली चैत्राची नवलाई गाना भी गाया। इस गाने के लिए उन्हें 25 रुपए फीस मिली थी और फिल्म में रोल के लिए कुल 300 रुपए। इसके बाद उन्होंने मास्टर विनायक की कंपनी में काम किया। अपनी बायोग्राफी में लता मंगेश्कर ने कहा, ‘13 साल की उम्र में पूरे परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई थी। ऐसे में न चाहते हुए भी मुझे फिल्मों में काम करना पड़ा। घर में मां के अलावा चार भाई-बहनों की परवरिश एक चुनौती थी, जिसके लिए फिल्मों में काम करने का रास्ता ही मुझे ठीक लगा।’ पैसों की कमी की वजह से घर खाली करने की नौबत आ गई थी दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद लता दीदी पूरे परिवार को लेकर कोल्हापुर आ गई थीं। मास्टर विनायक ने उन्हें एक मकान रहने के लिए दिया। 1947 में मास्टर विनायक का निधन हो गया। इसके बाद उनके रिश्तेदारों ने लता पर घर खाली करने का दबाव डालना शुरू कर दिया। इसी बीच एक कैमरामैन लता से मिलने आए। उन्होंने कहा- एक हरिश्चंद्र बाली हैं, जो आपसे मिलकर आपका गाना सुनना चाहते हैं। अगले दिन उन्होंने जाकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने लता को सुना और गाना गाने का मौका दिया। इसके बदले उन्होंने लता को मोटी रकम दी। उसी पैसे से लताजी ने घर का किराया चुकाया। तब जाकर उन्हें उस घर में रहने दिया गया। चाचा ने कहा- परिवार का नाम खराब कर देगी ये लड़की लता मंगेशकर की बायोग्राफी लता सुरगाथा के मुताबिक, ‘14 साल की उम्र में मैं कोल्हापुर से मुंबई एक शो में गाने के लिए अपनी मौसी के साथ गई थी। यहां मैं अपने चाचा कमलनाथ मंगेशकर के घर रुकी थी। घर पहुंचते ही मैं रियाज करने लग गई। मगर चाचाजी मुझसे नाराज थे। उन्होंने मुझे देखकर कहा, ये लड़की भाई दीनानाथ मंगेशकर का नाम खराब कर देगी। कहां वो एक सुधी गायक और कहां ये लड़की। ये लड़की ठीक से गा नहीं पाएगी और पूरे खानदान का नाम मिट्टी में मिल जाएगा। उन लोगों की ये बात सुन मैं बहुत आहत हुई और रोने लगी।’ गाना सुनकर ललिता पवार ने दीं सोने की बालियां अगले दिन लता मंगेशकर परफॉर्मेंस के लिए पहुंचीं। दर्शकों के बीच एक्ट्रेस ललिता पवार भी मौजूद थीं। लता का गाना उन्हें इतना पसंद आया कि उन्होंने खुश होकर ईनाम में सोने की बालियां दीं। जब आवाज पतली कहकर रिजेक्ट किया गया लता मंगेशकर को कुछ स्टेज शोज के बाद रिकॉर्डिंग के ऑफर मिलने लगे। एक रिकॉर्डिंग के बीच एक पठान ने उनका गाना सुना और गुलाम हैदर को उनका नाम सुझाया। पठान ने गुलाम हैदर से कहा- कोई एक नई लड़की आई है, जो बहुत ही उम्दा गाती है। आप उसे बुलाकर एक बार जरूर सुनें। मास्टर गुलाम हैदर अली ने मिलने के लिए हामी भर दी। अगले दिन लता मंगेशकर अपनी मौसेरी बहन के साथ मास्टर गुलाम हैदर अली के स्टूडियो मिलने गईं। मास्टर हैदर अली ने लता की मुलाकात प्रोड्यूसर शशधर मुखर्जी से करवाई, जो उस समय फिल्म शहीद पर काम कर रहे थे, लेकिन उन्होंने लता को काम देने से इनकार कर दिया। मुखर्जी ने कहा- इस लड़की की आवाज बहुत पतली है। इस पर मास्टर हैदर अली ने कहा- आने वाले दिनों में प्रोड्यूसर और डायरेक्टर इस लड़की के पैरों में गिरकर अपनी फिल्म में गाना गाने की विनती करेंगे। फिर मास्टर गुलाम हैदर ने ही लता को फिल्म 'मजबूर' के गीत 'अंग्रेजी छोरा चला गया' में गायक मुकेश के साथ गाने का मौका दिया। यह लता का पहला बड़ा ब्रेक था, इसके बाद उन्हें काम की कभी कमी नहीं हुई। बाद में शशधर ने अपनी गलती मानी और 'अनारकली', 'जिद्दी' जैसी फिल्मों में लता से कई गाने गवाए। जल्द ही लता मंगेशकर हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन सिंगर्स में शामिल हुईं और उन्होंने लगातार कई फिल्मों के गाने गाए। बीमार महबूब खान को फोन पर सुनाया गीत 1958 में फिल्ममेकर महबूब खान अमेरिका में ऑस्कर समारोह में गए थे। यहां पहुंचे उन्हें 2 दिन ही हुए थे कि उन्हें हार्ट अटैक आ गया। उनका हाल जानने के लिए लता दीदी ने उन्हें फोन किया। महबूब खान ने बातचीत के दौरान कहा- विदेश में तुम्हारा गाना सुनने का बहुत मन कर रहा है, लेकिन यहां कहां से तुम्हारे गानों की रिकॉर्डिंग लाऊं। लता दीदी ने जवाब दिया- आप कौन सा गीत सुनना चाहते हैं। महबूब खान की फरमाइश पर लता दीदी ने उन्हें 'रसिक बलमा' गीत सुनाया। उनके इस गीत से महबूब खान की तबीयत में सुधार जरूर हुआ था। जब जवाहर लाल नेहरु बोले-इस लड़की ने रुला दिया 1962 में चीन के आक्रमण के दौरान पं. प्रदीप (कवि प्रदीप) ने देशभक्ति गीत 'ए मेरे वतन के लोगों' लिखा। उन्होंने लता मंगेशकर से गुजारिश की थी कि वह 26 जनवरी, 1963 को गणतंत्र दिवस के मौके पर इस गीत को गाएं। उस प्रोग्राम में जवाहरलाल नेहरू भी मौजूद थे। जैसे ही लता दीदी ने गाना शुरू किया, जवाहरलाल नेहरू मंच पर खड़े ही रो पड़े। गाने के बाद लता मंगेशकर स्टेज के पीछे कॉफी पी रही थीं, तभी निर्देशक महबूब खान ने उनसे आकर कहा कि तुम्हें पंडितजी बुला रहे हैं। नेहरू के सामने उन्होंने ले जाकर कहा, ‘ये रही हमारी लता। आपको कैसा लगा इसका गाना?’ नेहरू ने कहा,'बहुत अच्छा। इस लड़की ने मेरी आंखों में पानी ला दिया।' इतना कहकर उन्होंने लता मंगेशकर को गले लगा लिया। अब पढ़िए लता मंगेशकर के कुछ चुनिंदा गाने और उनकी रिकॉर्डिंग से जुड़े अनसुने किस्से- 1961 की फिल्म 'माया' के गाने तस्वीर तेरी दिल में के दौरान स्टूडियो में लता और रफी साहब की गायकों की रॉयल्टी पर ऐसी बहस छिड़ी की दोनों ने साथ काम न करने का फैसला लिया। लता ने इंडस्ट्री में सभी सिंगर्स की आवाज उठाते हुए उनके लिए रॉयल्टी की मांग की थी। सभी गायकों ने मीटिंग रखी, लेकिन रफी साहब, लता और रॉयल्टी मांग रहे सभी सिंगर्स की सोच के खिलाफ थे। रफी साहब ने लता से कहा कि वो अब उनके साथ गाना नहीं गाएंगे। इंडस्ट्री में नई आईं गुस्से की तेज लता ने जवाब में कहा, आप क्या मेरे साथ गाना नहीं गाएंगे, मैं खुद कभी आपके साथ नहीं गाऊंगी। दोनों ने करीब 4 साल तक साथ में गाना नहीं गाया, ना ही कोई मंच साझा किया। लता मंगेशकर ने गानों की रॉयल्टी हासिल की। निधन के समय तक उन्हें हर महीने रॉयल्टी के 40 लाख रुपए मिलते थे। साल 1967 में रिलीज हुई फिल्म 'ज्वेल थीफ' के गाने दिल पुकारे आ रे आ रे को लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने अपनी सुरीली आवाज दी थी। इस गाने को मोहम्मद रफी और लता जी के चार साल पुराने झगड़े को सुलझाने का क्रेडिट देना गलत नहीं होगा। 1967 में संगीतकार जयकिशन के कहने पर रफी साहब ने लता से चिट्ठी लिखकर माफी मांगी। 1967 में आरडी बर्मन के एक समारोह में दोनों ने इसी साल रिलीज हुई फिल्म 'ज्वेल थीफ'का ये गाना गाया और झगड़ा खत्म कर लिया। लता मंगेशकर ने फिल्म 'जिद्दी' में पहली बार किशोर कुमार के साथ ये कौन आया रे गाना गाया था। इस गाने की रिकॉर्डिंग के समय ही पहली बार लता और किशोर की मुलाकात हुई थी। करियर की शुरुआत में लता दी लोकल ट्रेन पकड़कर स्टूडियो जाती थीं। एक दिन महालक्ष्मी स्टेशन में एक व्यक्ति कुर्ता पजामा पहने और छड़ी लिए उनके कंपार्टमेंट में चढ़ गया। लता जी को वो शख्स जाना पहचाना लग रहा था, लेकिन उनका ख्याल साफ नहीं था। जब उन्होंने लोकल से उतरकर तांगा लिया तो वो शख्स भी तांगे से पीछे आने लगा। लता जी घबरा गईं और तेजी में स्टूडियो पहुंची, यहां भी वो शख्स पीछे ही आ रहा था। स्टूडियो पहुंचकर उन्होंने संगीतकार खेमचंद्र के पास जाकर कहा, ये कौन है, जो मेरा पीछा कर रहा है। खेमचंद्र ने पीछे देखा तो हंसने लगे और कहा ये किशोर कुमार है, अशोक कुमार का भाई। प्लेबैक सिंगर के रूप में ये किशोर दा की पहली फिल्म थी, जिसमें उन्होंने देव आनंद को आवाज दी थी। कुछ इस तरह संगीत की दुनिया के दो सबसे बड़े सितारों की पहली मुलाकात हुई थी। 1960 की फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में लता जी मधुबाला की आवाज बनी थीं। म्यूजिक डायरेक्टर नौशाद ने 150 गानों को रिजेक्ट करने के बाद प्यार किया तो डरना क्या... सिलेक्ट किया था। इस गाने में जो गूंज नौशाद साहब को चाहिए थी, वो स्टूडियो में नहीं थी। ऐसे में उन्होंने लता जी से बाथरुम में ये गाना रिकॉर्ड करवाया था। उस जमाने में 10-15 लाख में पूरी फिल्म बना करती थी, लेकिन इस गाने में पूरे 10 लाख रुपए का खर्च आया था। मधुबाला लता की आवाज की ऐसी दीवानी थीं कि उन्होंने फिल्मों में काम करने की शर्त रखी थी कि उन्हें लता जी ही आवाज देंगी। ये गाना लता जी के करियर के शुरुआती हिट गानों में से एक है। उस जमाने में रिकॉर्डिंग स्टूडियो की व्यवस्था नहीं हुआ करती थी, जिससे सिंगर किसी भी खाली जगह में गाना रिकॉर्ड कर लिया करते थे। 1948-49 के पास का समय है जब लता बॉम्बे टॉकीज में 'महल' फिल्म का गाना आएगा, आने वाला आएगा रिकॉर्ड कर रही थीं। वहां एक्ट्रेस नरगिस और जद्दनबाई अपनी फिल्म लाहौर की शूटिंग कर रही थीं। गाना ध्यान से सुनने के बाद जद्दनबाई ने उन्हें बुलाया और कहा, इधर आओ बेटा, क्या नाम है तुम्हारा। उन्होंने जवाब दिया-जी लता। जद्दनबाई ने तारीफ करते हुए आगे कहा, माशाल्लाह, क्या 'बगैर' कहा है, दीपक बगैर कैसे परवाने जल रहे हैं। बगैर सुनकर तबीयत खुश हो गई। ऐसा तलफ्फुज हर किसी का नहीं होता, तुम एक दिन बहुत नाम करोगी। वाकई जद्दनबाई की बात सच हुई। 1978 की फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' का टाइटल ट्रैक लता जी ने गाया था। डायरेक्टर राज कपूर से किसी बात पर बहस के बाद लता जी ने गाना गाने से इनकार कर दिया। राज साहब ने लता जी को बहुत समझाया, पर वे मानीं नहीं। तब राज कपूर ने फिल्म के गीतकार पं. नरेंद्र शर्मा से बात की, जिन्हें लता जी पापा कहती थीं। पं. नरेंद्र शर्मा जी के कहने पर लता जी ने कहा कि मैं स्टूडियो आती हूं। वे स्टूडियो गईं। संगीतकार ने उन्हें सत्यम शिवम सुंदरम... गाने को सिर्फ एक-दो बार बताया। इस गाने में आलाप वगैरह होने के बावजूद 6-7 मिनट के गाने को लता जी एक टेक में रिकॉर्ड करके वापस आ गईं। यह किस्सा लता मंगेशकर पर उनकी बहन मीना मंगेशकर-खडीकर की किताब ‘दीदी और मैं’ किताब में है। राज कपूर की बेटी रितु नंदा ने अपनी बुक में खुलासा किया था कि ये फिल्म राज कपूर ने लता जी से इंस्पायर होकर लिखी थी और वो लता जी को ही इस फिल्म में कास्ट करना चाहते थे। सलिल चौधरी के कंपोजिशन में तैयार हुआ ये गाना 1957 की फिल्म 'मुसाफिर' का था जिसे लता मंगेशकर और दिलीप कुमार ने आवाज दी थी। लता को अंदाजा नहीं था कि उनके साथ गाना गाएंगे। दिलीप साहब ने प्रैक्टिस तो खूब की, लेकिन जैसे ही रिकॉर्डिंग स्टूडियों में माइक थामा तो वो डर गए। डर का कारण था लता जी जैसी बेहतरीन गायिका के साथ गाना। जब दिलीप कुमार ठीक से नहीं गा सके तो सलिल चौधरी ने उन्हें ब्रांडी पिलाकर रिकॉर्डिंग करवाई। कहा जाता है कि इस रिकॉर्डिंग के बाद से ही लता जी और दिलीप साहब के रिश्ते में कुछ कड़वाहट आ गई थी। लता उन्हें भाई मानती थीं और राखी बांधा करती थीं, लेकिन इसके बाद से ही दोनों की बातचीत करीब 13 सालों तक नाममात्र की बातचीत रही। इस मतभेद का कारण दिलीप साहब का कमेंट था, जिसमें उन्होंने कहा था, मराठियों की उर्दू दाल-चावल की तरह होती है। लता जी इससे काफी नाराज हुई थीं। साल 1974 की फिल्म 'आपकी कसम' के गाने सुनो कहो, कुछ हुआ क्या को लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने आवाज दी थी। किशोर कुमार को हर वक्त मजाक करने की आदत थी, लेकिन उनकी इस आदत के कारण लता ने उनके साथ रिकॉर्डिंग करने से इनकार कर दिया था। लता जी का कहना था कि ये जोक सुनाते हैं और हंसने में आवाज थक जाती है, लेकिन एक समय आया जब दोनों को साथ गाना था। जैसे ही लता जी आईं तो किशोर दा ने उन्हें रोककर किस्सा सुनाना चाहा। लता जी ने कहा पहले गाने दीजिए, तो जवाब मिला कि ये किस्सा गाने से ताल्लुक रखता है। सोचो, एक घर के कमोड पर तुम बैठी हो और दूसरे कमोड पर मैं और हम ये गाना गा रहे हों। जाहिर है ये मजाक सुनकर सभी देर तक हंसते रहे थे।

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