बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण अपनी दूसरी बेटी के जन्म के महज 36 दिन बाद काम पर लौटने की तैयारी में हैं। मीडिया रिपोर्ट वैरायटी के अनुसार, दीपिका 26 अक्टूबर से शाहरुख खान की बहुचर्चित फिल्म 'किंग' के गाने की शूटिंग शुरू करेंगी। 19 सितंबर 2026 को अपनी दूसरी बेटी के स्वागत के बाद यह दीपिका का पहला शूटिंग शेड्यूल होगा। दीपिका और रणवीर ने अपनी दूसरी बेटी का नाम देवी पादुकोण सिंह रखा है। मुंबई में गाने से होगी कमबैक की शुरुआत रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीपिका पादुकोण और शाहरुख खान मुंबई में फिल्म 'किंग' के लिए एक बड़े पैमाने पर बनने वाले गाने की शूटिंग करेंगे। इस गाने में फिल्म की पूरी स्टारकास्ट नजर आ सकती है। वैभवी मर्चेंट इस गाने को कोरियोग्राफ कर रही हैं, हालांकि गाने के टाइटल और संगीतकार के बारे में अभी आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। शाहरुख और दीपिका की ऑन-स्क्रीन छठी फिल्म 'किंग' के साथ शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की ऑन-स्क्रीन जोड़ी एक बार फिर दर्शकों के सामने होगी। दोनों ने पहली बार साल 2007 में फराह खान की फिल्म 'ओम शांति ओम' में साथ काम किया था। इसके बाद दोनों 'चेन्नई एक्सप्रेस', 'हैप्पी न्यू ईयर', 'पठान' और 'जवान' जैसी हिट फिल्मों में साथ नजर आ चुके हैं। 'किंग' दोनों की साथ में छठी फिल्म होगी। 19 सितंबर को हुआ था दूसरी बेटी का जन्म दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह 19 सितंबर 2026 को दूसरी बार माता-पिता बने हैं। इससे पहले सितंबर 2024 में उनकी पहली बेटी दुआ का जन्म हुआ था। दोनों ने नवंबर 2018 में इटली के लेक कोमो में शादी की थी। दोनों ने अपनी दूसरी बेटी का नाम देवी पादुकोण सिंह रखा है। 450 करोड़ का बजट, 24 दिसंबर को रिलीज की तैयारी फिल्म 'किंग' का निर्माण बड़े पैमाने पर किया जा रहा है और इसका अनुमानित बजट करीब 450 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। इस एक्शन-थ्रिलर फिल्म में शाहरुख और दीपिका के अलावा सुहाना खान, अभिषेक बच्चन, रानी मुखर्जी, अभय वर्मा और अरशद वारसी अहम भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा करीना कपूर खान के भी डांस नंबर में नजर आने की चर्चा है। फिल्म 24 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ये खबर भी पढ़ें दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह दूसरी बार माता-पिता बने:एक्ट्रेस ने बेटी को दिया जन्म, दो साल पहले भी बेटी हुई थी दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह शनिवार को दूसरी बार माता-पिता बन गए हैं। दीपिका ने दूसरी बार बेटी को जन्म दिया है। कपल ने इंस्टाग्राम पोस्ट में न्यूबॉर्न बेबी गर्ल के फुट प्रिंट शेयर किए हैं। पूरी खबर पढ़ें
एक वक्त वामिका गब्बी को लगता था कि शायद वे एक्टिंग के लिए नहीं बनी हैं। लगातार रिजेक्शन मिल रहे थे और अच्छे रोल नहीं मिल रहे थे। मुंबई में करीब 6-7 साल बिताने के बाद भी करियर उस मुकाम पर नहीं पहुंचा था, जिसका उन्होंने सपना देखा था। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनसे कहा गया कि अपने हुनर पर काम करो, क्योंकि तुम्हें कोई हीरोइन नहीं लेगा। इसी बीच नेटफ्लिक्स की दो सीरीज- ‘बाहुबली: बिफोर द बिगिनिंग’ और ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ से जुड़ने का मौका मिला, लेकिन दोनों प्रोजेक्ट पर्दे तक नहीं पहुंच पाए। हालांकि, एक अधूरी सीरीज ने उनके करियर की दिशा बदल दी। विशाल भारद्वाज की वर्कशॉप ने उन्हें एक्टिंग का नया नजरिया दिया, जबकि विक्रमादित्य मोटवानी की ‘जुबली’ से उन्हें हिंदी दर्शकों के बीच पहचान मिली। आज वामिका बड़े सितारों के साथ फिल्मों और ओटीटी प्रोजेक्ट्स में नजर आ रही हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में वामिका गब्बी के करियर और निजी जिंदगी से जुड़ी खास बातें। बचपन में कैमरे के सामने आईं, ‘जब वी मेट’ से शुरू हुआ सफर वामिका गब्बी का जन्म 29 सितंबर 1993 को चंडीगढ़ में हुआ। उनके पिता गोवर्धन गब्बी पंजाबी लेखक हैं। साहित्य और कला के माहौल में पली-बढ़ीं वामिका को बचपन से अभिनय में दिलचस्पी थी। उनके पिता मजाक में उन्हें ड्रामेबाज कहते थे। 2007 में रिलीज इम्तियाज अली की फिल्म ‘जब वी मेट’ वामिका के करियर की शुरुआती फिल्मों में शामिल थी। फिल्म में शाहिद कपूर और करीना कपूर लीड रोल में थे। वामिका ने करीना के किरदार गीत की कजिन का छोटा-सा रोल निभाया था। सिनेमा एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में वामिका ने बताया था कि ‘जब वी मेट’ की शूटिंग के दौरान वे आठवीं क्लास में थीं। फिल्म के निर्देशक इम्तियाज अली आज भी उन्हें ‘छोटी वाली’ कहकर बुलाते हैं। उन्होंने बताया कि इम्तियाज ने ‘जुबली’ देखकर उनके अभिनय की तारीफ की, तो यह उनके लिए बेहद खास पल था। पहली फिल्म में छोटा रोल मिलने के बाद वामिका ने अभिनय जारी रखा। वे ‘लव आज कल’ (2009), ‘मौसम’ (2011) और ‘बिट्टू बॉस’ (2012) में नजर आईं। हालांकि, इन फिल्मों से उन्हें करियर को नई ऊंचाई देने वाली पहचान नहीं मिली। ‘तुम्हें कोई हीरोइन नहीं लेगा’, कम उम्र में सुननी पड़ी यह बात वामिका के शुरुआती करियर का एक किस्सा उनके संघर्ष को दिखाता है। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि शुरुआती फिल्मों में से एक की शूटिंग के दौरान उनकी उम्र करीब 16-17 साल थी। पूरी टीम डिनर के लिए बैठी थी। तभी एक शख्स उनके पास आया और कहा- अपने क्राफ्ट पर काम करो, अच्छी एक्टर बनना, क्योंकि तुम्हें कोई हीरोइन तो लेगा नहीं। कम उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाले किसी भी कलाकार के लिए भविष्य को लेकर ऐसी टिप्पणी सुनना आसान नहीं होता। वामिका की कहानी ऐसे बयानों तक सीमित नहीं है। करियर में कई बार उन्हें अपने काम पर दोबारा विचार करना पड़ा। कभी सही रोल नहीं मिले, तो कभी अच्छे प्रोजेक्ट्स बनने से पहले ही बंद हो गए। कई बार उन्हें लगा कि शायद वे सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रही हैं। इसके बावजूद उन्होंने अभिनय जारी रखा। छोटे रोल से शुरुआत कर अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम किया और फिर हिंदी सिनेमा में लीड रोल हासिल किया। पंजाबी फिल्मों से पहचान मिली, साउथ सिनेमा में भी आजमाया हुनर हिंदी फिल्मों में शुरुआती काम के बाद वामिका ने पंजाबी सिनेमा में जगह बनाने की कोशिश की। 2013 में रिलीज पंजाबी फिल्म ‘तू मेरा 22 मैं तेरा 22’ में वे नजर आईं। फिल्म में उनके साथ अमरिंदर गिल और यो यो हनी सिंह थे। इसके बाद उन्होंने पंजाबी फिल्मों में लगातार काम किया। वामिका ने ‘इश्क ब्रांडी’, ‘निका जैलदार 2’ और अन्य पंजाबी फिल्मों से दर्शकों के बीच पहचान मजबूत की। उन्होंने तमिल, तेलुगु और मलयालम सिनेमा में भी काम किया। तमिल फिल्म ‘मलाई नेरथु मयक्कम’ और मलयालम फिल्म ‘गोधा’ उनके क्षेत्रीय सिनेमा के सफर की अहम फिल्में हैं। अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में काम करने से वामिका को कई तरह के किरदार निभाने का अनुभव मिला। हालांकि, कई साल काम करने के बाद भी हिंदी सिनेमा में उन्हें मनचाही पहचान नहीं मिली। द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में वामिका ने बताया था कि 2019 तक वे मुंबई में करीब सात साल बिता चुकी थीं। फिर भी उन्हें मनचाहा काम नहीं मिल रहा था। वे अपने अभिनय से संतुष्ट नहीं थीं और उन्हें लगने लगा था कि शायद कुछ और करना चाहिए। 2019 में एक्टिंग छोड़ने का मन बनाया, फिर मिला विशाल भारद्वाज का प्रोजेक्ट वामिका के करियर का अहम मोड़ 2019 में आया। उस साल उनकी पांच पंजाबी फिल्में रिलीज हुई थीं, जिनमें से तीन सफल रही थीं। इसके बावजूद वे अपने काम से खुश नहीं थीं। फिल्मफेयर को नवंबर 2023 में दिए इंटरव्यू में वामिका ने बताया कि उस दौर में वे करियर को लेकर उलझन में थीं। उनके पिता हमेशा कहते थे कि वही काम करना चाहिए, जिसमें खुशी मिले। वामिका ने सोचा था कि कुछ और फिल्में करके पैसे कमाएंगी और फिर दुनिया घूमने निकल जाएंगी। इसी दौर में उन्हें फिल्ममेकर विशाल भारद्वाज के प्रोजेक्ट ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ के लिए ऑडिशन देने का मौका मिला। यह प्रोजेक्ट लेखक सलमान रुश्दी के चर्चित उपन्यास पर आधारित था। वामिका के मुताबिक, उन्होंने शुरुआत में ऑडिशन को गंभीरता से नहीं लिया था, क्योंकि लगातार रिजेक्शन के बाद उन्हें इस बार भी चयन की उम्मीद नहीं थी। लेकिन किरदार के लिए सीन करते हुए उन्हें मजा आया। वे सहज महसूस कर रही थीं और यह अनुभव उन्हें पिछले ऑडिशन से अलग लगा। इसके बाद उन्हें बताया गया कि चुने गए कलाकारों को एक्टिंग कोच अतुल मोंगिया के साथ तीन दिन की वर्कशॉप करनी होगी। वामिका उसमें शामिल हुईं। उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह अनुभव अभिनय और करियर को लेकर उनका नजरिया बदल देगा। तीन दिन की वर्कशॉप से सीखा- बेहतर एक्टर बनने के लिए खुद को समझना जरूरी वामिका के लिए ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ का ऑडिशन बड़े प्रोजेक्ट में काम पाने के साथ-साथ अभिनय को नए सिरे से समझने का मौका भी था। उन्होंने बताया था कि वर्कशॉप के दौरान उन्हें एहसास हुआ कि एक्टिंग का मतलब खुद को छिपाना या किसी दूसरे की नकल करना नहीं है। अभिनय बेहतर बनाने के लिए पहले खुद को समझना जरूरी है। जब इंसान खुद के प्रति संवेदनशील, स्वीकार करने वाला और कम जजमेंटल होता है, तो वह अपने किरदार को भी बेहतर समझ पाता है। इस अनुभव से वामिका का अभिनय के प्रति उत्साह लौटा। जिस काम को छोड़ने के बारे में वे सोच रही थीं, उसी में उन्हें नई खुशी मिलने लगी। विशाल भारद्वाज ने भी उनके टैलेंट पर भरोसा जताया। फिल्मफेयर से बातचीत में वामिका ने बताया था कि प्लेटफॉर्म लोकप्रिय चेहरे की तलाश में था, लेकिन विशाल भारद्वाज उन्हें चुनना चाहते थे। वामिका के मुताबिक, उन्होंने उनके टैलेंट पर भरोसा जताते हुए कहा था कि इस लड़की में कुछ खास है। किसी अनुभवी फिल्ममेकर का भरोसा एक युवा कलाकार के लिए बड़ी बात होती है। वामिका के लिए यह सिर्फ रोल मिलने की खबर नहीं, बल्कि अपने अभिनय के दम पर आगे बढ़ने का भरोसा भी था। ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ बंद हुई, लेकिन वामिका के लिए नए रास्ते खुले ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ में वामिका को पार्वती के किरदार के लिए चुना गया था। वे प्रोजेक्ट की तैयारी कर रही थीं, लेकिन शूटिंग शुरू होने से करीब एक महीने पहले इसे रोक दिया गया। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, वामिका मार्च 2019 में ऑडिशन के बाद इस प्रोजेक्ट के लिए शॉर्टलिस्ट हुई थीं। सीरीज नहीं बन पाई, लेकिन ऑडिशन और वर्कशॉप ने उनके करियर को नई दिशा दी। वामिका ने कई इंटरव्यू में बताया कि इस प्रोजेक्ट के जरिए उनका परिचय विशाल भारद्वाज से हुआ और इंडस्ट्री में उनके काम की चर्चा शुरू हुई। बाद में उन्हें विशाल भारद्वाज की फिल्मों और सीरीज में अहम भूमिकाएं मिलीं। जिस प्रोजेक्ट के बंद होने से उन्हें निराशा हो सकती थी, वही भविष्य के अवसरों की शुरुआत बना। उनके करियर के इस मोड़ पर फिल्म या सीरीज के रिलीज होने से ज्यादा अहम उससे मिला अनुभव और इंडस्ट्री में बने संपर्क साबित हुए। ‘बाहुबली: बिफोर द बिगिनिंग’ में युवा शिवगामी बनने की तैयारी थी वामिका के करियर का एक और अधूरा प्रोजेक्ट नेटफ्लिक्स की ‘बाहुबली: बिफोर द बिगिनिंग’ था। यह एस.एस. राजामौली की ‘बाहुबली’ फिल्मों से पहले की कहानी पर आधारित प्रस्तावित सीरीज थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वामिका को इसमें युवा शिवगामी की भूमिका के लिए चुना गया था। ‘बाहुबली’ की कहानी में शिवगामी का किरदार अहम है। फिल्मों में यह भूमिका राम्या कृष्णन ने निभाई थी। इस भूमिका के लिए वामिका ने तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली थी। दिसंबर 2023 में प्रकाशित इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि निर्देशक बदलते रहे, लेकिन वे तलवारबाजी का अभ्यास करती रहीं। उन्हें उम्मीद थी कि प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा, लेकिन आखिरकार इसे बंद कर दिया गया। प्रोजेक्ट बंद होने की वजहों पर अलग-अलग रिपोर्टें आईं, लेकिन किसी एक कारण की निर्णायक पुष्टि नहीं हुई। वामिका इसकी तैयारी कर रही थीं, लेकिन दर्शक उन्हें इस भूमिका में नहीं देख सके। यह उनके लिए एक और ऐसा अवसर था, जिसमें काफी तैयारी के बावजूद अंतिम नतीजा उनके हाथ में नहीं था। फिर भी उन्होंने अभिनय और नए किरदारों की तलाश जारी रखी। ‘जुबली’ में नीलोफर बनकर बदली किस्मत, पहले इस रोल के लिए हुई थीं रिजेक्ट वामिका को हिंदी दर्शकों के बीच पहचान 2023 में आई विक्रमादित्य मोटवानी की वेब सीरीज ‘जुबली’ से मिली। इस पीरियड ड्रामा में उन्होंने नीलोफर कुरैशी का किरदार निभाया, जो अभिनेत्री बनने और फिल्म इंडस्ट्री में जगह बनाने के लिए संघर्ष करती है। वामिका को शुरुआत में इस भूमिका के लिए रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बताया था कि ऑडिशन अच्छा गया था, लेकिन निर्देशक विक्रमादित्य मोटवानी उनके चयन को लेकर आश्वस्त नहीं थे। बाद में वामिका के इंस्टाग्राम वीडियो और अन्य कंटेंट देखकर उन्हें लगा कि उसमें नीलोफर के किरदार के लिए जरूरी चंचलता और अलग अंदाज है। इस तरह सोशल मीडिया पर वामिका का व्यक्तित्व भी भूमिका दिलाने में मददगार बना। नीलोफर महत्वाकांक्षी है। वह फिल्मी दुनिया में आगे बढ़ना चाहती है, लेकिन उसका सफर आसान नहीं है। वह ऑडिशन देती है, मौके तलाशती है और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने की कोशिश करती है। वामिका ने इस किरदार को सिर्फ महत्वाकांक्षी महिला के रूप में नहीं देखा, बल्कि उसकी परिस्थितियों और भावनाओं को समझने की कोशिश की। उनकी परफॉर्मेंस को दर्शकों और समीक्षकों ने सराहा। द टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में वामिका ने बताया था कि ‘जुबली’ के बाद अपने नाम और अभिनय की तारीफ सुनना उनके लिए अविश्वसनीय अनुभव था। सालों के काम के बाद आखिरकार उन्हें उस पहचान मिलने लगी, जिसका इंतजार था। ‘खुफिया’, ‘चार्ली चोपड़ा’ और ‘मॉडर्न लव’ में दिखाए अभिनय के अलग-अलग रंग ‘जुबली’ की सफलता के बाद वामिका को कई नए अवसर मिले। विशाल भारद्वाज की नेटफ्लिक्स फिल्म ‘खुफिया’ में उन्होंने चारु का किरदार निभाया। फिल्म में उनके साथ तब्बू और अली फजल भी थे। ‘खुफिया’ में उनका किरदार ‘जुबली’ की नीलोफर से अलग था। विशाल भारद्वाज की सीरीज ‘चार्ली चोपड़ा एंड द मिस्ट्री ऑफ सोलांग वैली’ में वे जासूस की भूमिका में नजर आईं। यह अगाथा क्रिस्टी के उपन्यास ‘द सिट्टाफोर्ड मिस्ट्री’ से प्रेरित थी। इससे पहले वे ‘मॉडर्न लव मुंबई’ और ‘मॉडर्न लव चेन्नई’ जैसे एंथोलॉजी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही थीं। इनसे उन्हें अलग-अलग कहानियों और किरदारों में काम करने का अवसर मिला। वामिका ने विशाल भारद्वाज के साथ काम करने के अनुभव को खास बताया था। उन्होंने कहा था कि इससे उन्हें जीवन और रिश्तों को समझने का नया नजरिया मिला। दोनों ओशो के विचारों पर भी बातचीत करते थे। वामिका का विशाल भारद्वाज के साथ जुड़ाव सिर्फ काम तक सीमित नहीं रहा। ‘मिडनाइट्स चिल्ड्रन’ से शुरू हुआ यह रिश्ता आगे कई प्रोजेक्ट्स तक पहुंचा और उनके करियर का अहम हिस्सा बना। कम इंस्टाग्राम फॉलोअर्स के कारण भी झेलना पड़ा रिजेक्शन वामिका का संघर्ष सिर्फ अच्छे किरदार न मिलने तक सीमित नहीं था। उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों की लोकप्रियता मापने के तरीकों का भी सामना करना पड़ा। एक इंटरव्यू में वामिका ने बताया था कि कुछ फिल्ममेकर्स ने उन्हें इसलिए रिजेक्ट किया, क्योंकि वे ज्यादा इंस्टाग्राम फॉलोअर्स वाली अभिनेत्री चाहते थे। यह अनुभव दिखाता है कि कास्टिंग में कलाकार की प्रतिभा के साथ सोशल मीडिया लोकप्रियता को भी महत्व दिया जाता है। वामिका के मामले में दिलचस्प यह है कि बाद में सोशल मीडिया वीडियो ने उन्हें ‘जुबली’ में नीलोफर का किरदार दिलाने में मदद की। यानी जिस माध्यम के कारण उन्हें कभी रिजेक्शन मिला, उसी के कंटेंट ने अहम अवसर भी दिलाया। यह विरोधाभास उनके करियर को दिलचस्प बनाता है। सोशल मीडिया न तो उनके लिए सफलता की गारंटी रहा और न ही सिर्फ रिजेक्शन की वजह। आखिरकार निर्देशक को उनके व्यक्तित्व और अभिनय में अपने किरदार की झलक दिखाई दी। ‘बेबी जॉन’ से ‘भूत बंगला’ तक, बड़े सितारों के साथ बढ़ा दायरा ‘जुबली’ के बाद वामिका ने हिंदी फिल्मों में काम जारी रखा। वे वरुण धवन के साथ ‘बेबी जॉन’ में नजर आईं, जो दिसंबर 2024 में रिलीज हुई थी। इसके बाद मई 2025 में राजकुमार राव के साथ उनकी फिल्म ‘भूल चूक माफ’ रिलीज हुई। ‘भूल चूक माफ’ रोमांटिक कॉमेडी थी, जिसमें वामिका और राजकुमार राव की जोड़ी नजर आई। इस फिल्म से उन्होंने हल्के-फुल्के मनोरंजन वाले सिनेमा में भी काम किया। अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ में वे अलग किरदार में दिखीं। ‘प्रहार’ में राजकुमार राव के साथ नजर आईं वामिका की फिल्म ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। इसमें राजकुमार राव ने वरिष्ठ सरकारी वकील उज्ज्वल निकम और वामिका ने उनकी पत्नी ज्योति निकम की मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म का निर्देशन अविनाश अरुण धवारे ने किया है। यह उज्ज्वल निकम के पेशेवर जीवन और उन कानूनी मामलों पर आधारित है, जिन्होंने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। एक साल में नहीं बदली किस्मत, दस साल की मेहनत के बाद मिला मुकाम वामिका गब्बी के करियर में बदलाव किसी एक फिल्म की रिलीज से अचानक नहीं आया। ‘जब वी मेट’ में छोटा रोल मिलने से लेकर ‘जुबली’ में मुख्य किरदार निभाने तक उन्होंने करीब डेढ़ दशक का सफर तय किया। द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में वामिका ने कहा था कि कभी-कभी जिंदगी में ऐसे साल का इंतजार करना पड़ता है, जो पिछले दस साल की मेहनत को नई दिशा दे। उनके लिए 2023 ऐसा ही साल रहा, जब ‘जुबली’, ‘खुफिया’, ‘चार्ली चोपड़ा’ और ‘मॉडर्न लव चेन्नई’ जैसे प्रोजेक्ट्स दर्शकों तक पहुंचे। इस दौर में उन्हें नए किरदारों के साथ प्रतिभा दिखाने के ज्यादा अवसर मिले। इससे पहले वे एक्टिंग छोड़ने के बारे में सोच रही थीं, लेकिन अब अपने काम से ज्यादा संतुष्ट महसूस करने लगीं। ____________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. दृश्यम एक्ट्रेस श्रिया सरन ने ऑडिशन के लिए शादी छोड़ी:साउथ में सुपरस्टार बनीं, बॉलीवुड में स्ट्रगल किया, बोलीं- नॉमिनेशन मिला, अवॉर्ड शो में नहीं बुलाया माता-पिता चाहते थे कि श्रिया सरन पढ़ाई पूरी करने के बाद एक्टिंग में आएं, लेकिन एक म्यूजिक वीडियो ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। तेलुगु फिल्म ‘इष्टम’ से करियर शुरू करने वाली श्रिया ने साउथ की फिल्मों में पहचान बनाई, लेकिन बॉलीवुड में संघर्ष करना पड़ा। ‘तुझे मेरी कसम’, ‘शुक्रिया’ और ‘मिशन इस्तांबुल’ से उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली।पूरी खबर पढ़ें...
बहराइच में शुक्रवार को अभिनेत्री अदा शर्मा ने फीता काटकर एक ज्वेलरी शोरूम का शुभारंभ किया। नए शोरूम में ग्राहकों के लिए सोने, हीरे और चांदी के आभूषणों की विस्तृत रेंज उपलब्ध कराई गई है। यहां पारंपरिक और ब्राइडल ज्वेलरी के साथ आधुनिक डिजाइन के आभूषण भी मिलेंगे। इसके अलावा, लाइफस्टाइल ज्वेलरी ब्रांड ‘ज्वेल स्टोरी’ के लिए विशेष स्टोर-इन-स्टोर व्यवस्था की गई है। यहां किशोरों, युवाओं और करीब 40 साल तक के ग्राहकों के लिए 9 से 22 कैरेट तक की शुद्धता वाले हल्के और आधुनिक आभूषण उपलब्ध होंगे। इन आभूषणों को रोजमर्रा में भी पहना जा सकेगा। आभूषण परंपरा और स्टाइल का संगम: अदा शर्मा अभिनेत्री अदा शर्मा ने कहा- आभूषण भारतीय परंपरा और व्यक्तिगत स्टाइल का खूबसूरत संगम हैं। विरासत वाले ब्रांड ऐश्प्रा से जुड़ना उनके लिए खास अनुभव है। उन्होंने कहा कि बहराइच का नया शोरूम ग्राहकों को पारंपरिक खूबसूरती के साथ आधुनिक डिजाइन के आभूषणों के विकल्प देगा। ग्राहकों को बेहतर विकल्प देना प्राथमिकता ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स के डायरेक्टर वैभव सराफ, फ्रैंचाइजी ओनर सुमित्रा देवी तुलस्यान, समीर तुलस्यान और रूपाली तुलस्यान समेत अन्य लोग समारोह में मौजूद रहे। समीर तुलस्यान ने कहा कि बहराइच में इस ब्रांड से जुड़ना उनके लिए गर्व का अवसर है। स्थानीय ग्राहकों को बेहतर विकल्प और भरोसेमंद खरीदारी का अनुभव देना उनकी प्राथमिकता रहेगी। मेकिंग चार्ज और हीरे के मूल्य पर 30% तक छूट शोरूम के शुभारंभ पर ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर भी पेश किए गए हैं। लागू नियम और शर्तों के अनुसार, सोने के आभूषणों के मेकिंग चार्ज और हीरे के मूल्य पर 30 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।
सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के दिल्ली कॉन्सर्ट को पुलिस ने मंजूरी दे दी है। एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर अनुमति देने से इनकार कर दिया था। यह शो 30 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) स्टेडियम में होगा। NDTV के मुताबिक, टिकटिंग पार्टनर 'बुक माई शो' और आयोजकों ने पुलिस की ओर से तय की गई सुरक्षा, क्राउड मैनेजमेंट और ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़ी सभी शर्तों को मानने पर सहमति जता दी है। आयोजकों के साथ बैठक के बाद हुआ फैसला दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और आयोजकों के बीच हुई कई दौर की बैठकों के बाद कॉन्सर्ट को मंजूरी दी गई है। आयोजकों ने पुलिस के सामने सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर एक विस्तृत एक्शन प्लान पेश किया। अधिकारियों ने इस योजना की समीक्षा की और संतुष्ट होने के बाद अनुमति पत्र जारी किया। 'बुक माई शो' ने बयान जारी कर साफ किया कि दिल्ली में 30 अक्टूबर का यह शो अपने तय शेड्यूल के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा। निजी सुरक्षा गार्ड्स और भीड़ प्रबंधन की रखीं शर्तें दिल्ली पुलिस ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कई सख्त दिशा-निर्देश तय किए हैं। इसमें पर्याप्त संख्या में प्राइवेट सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती, एंट्री और एग्जिट गेट पर मेटल डिटेक्टर, आपातकालीन निकासी योजना और ट्रैफिक प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी आयोजकों को दी गई है। इसके अलावा स्टेडियम के भीतर और बाहर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। आयोजकों की ओर से इन सभी शर्तों को पूरा करने का लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही अप्रूवल जारी किया गया। एक दिन पहले सुरक्षा कारणों से खारिज हुई थी अर्जी इससे पहले 22 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथ डिस्ट्रिक्ट) कार्यालय ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कॉन्सर्ट की अर्जी खारिज कर दी थी। पुलिस ने तब कहा था कि खुफिया एजेंसियों से मिले विशिष्ट सुरक्षा इनपुट और चालू त्योहारों के सीजन में कानून-व्यवस्था की व्यस्तता के कारण इस बड़े आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। हालांकि, आयोजकों के साथ नए सुरक्षा खाके पर चर्चा के बाद पुलिस ने अपने फैसले पर पुनर्विचार किया। त्योहारों के सीजन और सुरक्षा इनपुट का दिया था हवाला दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ने 'बुक माई शो' को आधिकारिक पत्र में लिखा कि 30 अक्टूबर को जेएलएन स्टेडियम में 'दिलजीत दोसांझ ओरा इंडिया टूर दिल्ली' के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिस ने कॉन्सर्ट को मंजूरी न देने के पीछे दो मुख्य वजहें बताई हैं। पुलिस पत्र के अनुसार, एजेंसी को विशिष्ट सुरक्षा खतरों से जुड़े इनपुट मिले हैं। इसके साथ ही चालू त्योहारों के सीजन की वजह से पुलिस व्यवस्था पर पहले से ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने का भारी दबाव है। इन दोनों स्थितियों को देखते हुए इतनी बड़ी भीड़ वाले कार्यक्रम की अनुमति देना संभव नहीं है। ओरा इंडिया टूर' का दिल्ली से होगा आगाज ग्लोबल पंजाबी स्टार दिलजीत दोसांझ का यह शो उनके 'ओरा इंडिया टूर' की शुरुआत है। पहले यह कॉन्सर्ट 1 नवंबर को होना था, लेकिन 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी को ध्यान में रखते हुए इसे 30 अक्टूबर को री-शेड्यूल किया गया था। दिल्ली के बाद यह टूर इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में पहुंचेगा। पुलिस की मंजूरी मिलने के बाद आयोजकों ने स्टेडियम में शो की तैयारियां तेज कर दी हैं। फर्जी वॉलंटियर स्कैम को लेकर दिलजीत ने दी थी चेतावनी शो से पहले सोशल मीडिया पर फर्जी वॉलंटियर भर्ती को लेकर भी विवाद सामने आया था। दिलजीत दोसांझ ने खुद इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर फैंस को ऐसे फर्जी पेजों से दूर रहने के लिए कहा था। उन्होंने साफ किया था कि उनकी टीम किसी भी वॉलंटियर को भर्ती नहीं कर रही है और लोग अपना पर्सनल डेटा किसी भी अनजान पेज पर शेयर न करें। ये खबर भी पढ़ें: दिलजीत दोसांझ का घर समझ लिखे खालिस्तानी नारे: पड़ोसी बोला- मुंह बांधकर आए 4-5 लोग, सिंगर का भी नाम लिखा, मैंने डांटा तो भाग गए पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के ऑरा इंडिया टूर से पहले उनके गांव दोसांझ कलां में कुछ लोगों ने घर की दीवार पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लिख दिए। बाद में पता चला कि जिस घर की दीवार पर नारे लिखे गए, वह दिलजीत दोसांझ का नहीं, बल्कि उनके पड़ोसी का है। (पढ़ें पूरी खबर)
अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ को जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी ई-मेल के जरिए दी गई। यह ई-मेल मुंबई की मेयर रितु तावड़े को शुक्रवार को भेजा गया। ईमेल में अमिताभ बच्चन के बंगले 'जलसा' को भी बम से उड़ाने की बात लिखी गई। कहा गया कि 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच कभी भी बंगले को निशाना बनाया जा सकता है। ईमेल में लिखा कि हमला 1984 के 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' का बदला होगा। इसी मेल में गायक दिलजीत दोसांझ को भी आत्मघाती हमले में मारने की धमकी दी गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह मेल तब आया है, जब 5 दिन पहले रविवार को एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में फायरिंग की गई। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी। मुंबई मेयर को भेजा गया धमकी भरा ई-मेल मुंबई मेयर को भेजे गए मेल में खालिस्तान समर्थक नारे लिखे गए हैं। इसमें 1984 के सिख-विरोधी दंगों का भी जिक्र है। मेल में कहा गया कि दिलजीत ने अमिताभ बच्चन के पैर छूए थे इसलिए उस पर हमला किया जाएगा। मेल में लिखा है कि 27 नवंबर को दिलजीत को महालक्ष्मी रेस कोर्स में आत्मघाती हमले में मारना है। बीएमसी दफ्तर की छानबीन की गई धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस, पुलिस की डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमें बीएमसी मुख्यालय पहुंचीं। मेयर और डिप्टी मेयर कार्यालय सहित विभिन्न चैंबर्स की भी तलाशी ली। मुंबई पुलिस और साइबर सेल ईमेल की जांच में जुटे हैं। रविवार को टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग मुंबई में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे। इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें हरियाणा के 7 आरोपी, उत्तर प्रदेश की दो महिलाएं और बिहार का एक युवक शामिल है। मुंबई के कई स्कूलों को भी मिले धमकी भरे मेल इसके साथ ही मुंबई के दादर स्थित कई प्रमुख स्कूलों को भी धमकी भरे ईमेल मिले हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह दादर के करीब 4 स्कूलों को ये ईमेल मिले। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस ने तुरंत स्कूलों की तलाशी ली। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, इन धमकी भरे ईमेल के कारण कुछ समय के लिए स्कूल परिसर में तनाव का माहौल रहा। पुलिस फिलहाल ईमेल भेजने वालों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है। -------------- ये खबरें भी पढ़ें... टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के 5 VIDEO:शूटर्स ने फायरिंग की, ड्राइवर घायल हुआ; एक्टर खुद गाड़ी चलाकर हॉस्पिटल पहुंचे एक्टर टाइगर श्रॉफ पर रविवार शाम को मुंबई में फायरिंग हुई। इस घटना में उनका ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। टाइगर अपने ड्राइवर को लेकर अस्पताल पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, टाइगर सुरक्षित हैं। पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है। पूरी खबर पढ़ें… सलमान को धमकी मामले में फर्जी साजिश का खुलासा:आरोपी ने फेक वॉट्सऐप चैट बनाकर गैंगस्टर गैंग का हिस्सा बताया मुंबई पुलिस ने एक्टर सलमान खान को दी गई रंगदारी की धमकी मामले में फर्जी साजिश का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने किसी गैंगस्टर गैंग के नाम पर झूठी वॉट्सऐप चैट और फर्जी पहचान बनाई थी ताकि सलमान खान से पैसे ऐंठे जा सकें। पूरी खबर पढ़ें…
मुंबई की मेयर को शुक्रवार को एक धमकी भरा ईमेल मिला है। ईमेल में मेयर के कार्यालय को निशाना बनाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा, बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के मुंबई में होने वाले इंडिया टूर कार्यक्रम और को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मुंबई मेयर रितु तावड़े को भेजे गए धमकी भरे ईमेल में अमिताभ बच्चन के 'जलसा' बंगले पर बम हमले की धमकी दी गई है। भेजने वाले का दावा है कि यह हमला 1984 के 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' का बदला होगा। धमकी में कहा गया है कि 31 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच कभी भी बंगले को निशाना बनाया जा सकता है। इसी मेल में गायक दिलजीत दोसांझ को भी धमकी दी गई है। मेल में सिख विरोधी दंगे का जिक्र मेल भेजने वाले ने खालिस्तान-समर्थक नारों का इस्तेमाल किया और 1984 के सिख-विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि ये हमले उन लोगों के खिलाफ बदला लेने के लिए किए जा रहे हैं, जिन पर सिख समुदाय को निशाना बनाने का आरोप है। ईमेल भेजने वाले की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मुंबई पुलिस ने मामले में कहा कि BMC कार्यालय को एक धमकी भरा ईमेल मिला था। जांच की गई है, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। आगे की जांच जारी है। अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर दिलजीत को धमकी वहीं, मेल में दिलजीत को निशाना बनाने की वजह उनके द्वारा अमिताभ बच्चन के पैर छूना बताया गया है। मेल में लिखा है कि 27 नवंबर को दिलजीत को महालक्ष्मी रेस कोर्स में बम और आत्मघाती हमले में मारना है। जिसने सिखों की नस्लकुशी करने वाले बच्चन के पैर छुए थे। बीएमसी ने दर्ज कराई शिकायत धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद मुंबई पुलिस, पुलिस की डॉग स्क्वॉड और बम स्क्वॉड की टीमें बीएमसी मुख्यालय पहुंचीं। जांच टीमों ने अलग-अलग कमरों में जाकर जांच की। मेयर और डिप्टी मेयर कार्यालय सहित विभिन्न चैंबरों की भी तलाशी ली। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। बीएमसी की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मुंबई पुलिस और साइबर सेल ईमेल की जांच में जुटे हैं। मुंबई के कई स्कूलों को भी मिले धमकी भरे मेल इसके साथ ही मुंबई के दादर स्थित कई प्रमुख स्कूलों को भी धमकी भरे ईमेल मिले हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह दादर के करीब 4 स्कूलों को ये ईमेल मिले। सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस ने तुरंत स्कूलों की तलाशी ली। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। हालांकि, इन धमकी भरे ईमेल के कारण कुछ समय के लिए स्कूल परिसर में तनाव का माहौल रहा। पुलिस फिलहाल ईमेल भेजने वालों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है। -------------- ये खबर भी पढ़ें... सलमान को धमकी मामले में फर्जी साजिश का खुलासा:आरोपी ने फेक वॉट्सऐप चैट बनाकर गैंगस्टर गैंग का हिस्सा बताया मुंबई पुलिस ने एक्टर सलमान खान को दी गई रंगदारी की धमकी मामले में फर्जी साजिश का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने किसी गैंगस्टर गैंग के नाम पर झूठी वॉट्सऐप चैट और फर्जी पहचान बनाई थी ताकि सलमान खान से पैसे ऐंठे जा सकें। पूरी खबर पढ़ें…
उत्तराखंड में पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद में अब मीका सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपील की है। मीका ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री धामी से कहा कि वे मंत्री सुबोध उनियाल से एक वीडियो जारी कर दलेर मेहंदी से माफी मांगने को कहें। मीका ने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री के फोन करने और मामले पर बात करने के लिए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि धामी विनम्र और जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं और उन्हें मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा है। मीका ने एक दूसरी पोस्ट में मंत्री सुबोध उनियाल के मंच पर बोलने के तरीके को बेहद अभद्र और अपमानजनक भी बताया। उन्होंने उस टिप्पणी का भी जिक्र किया, जिसमें सुबोध उनियाल ने दलेर से कहा था- आपको मालूम है ना कि मनिंदर बुट्टर यहां से पिट कर गया था। इतना पिटा था कि उसका बाप भी अब नहीं आ सकता यहां पर। मीका ने सवाल उठाया कि क्या किसी मंत्री को कलाकारों के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए? अब हुबहू पढ़िए, मीका ने अपनी पोस्ट में क्या लिखा… उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी के प्रति मेरे मन में बहुत सम्मान है। उन्होंने दलेर भाई से जुड़े मामले को लेकर मुझे व्यक्तिगत रूप से फोन किया। मैं उनकी इस पहल की दिल से सराहना करता हूं। मैं धामी साहब को बहुत अच्छी तरह जानता हूं। वे विनम्र और जमीन से जुड़े हुए व्यक्ति हैं और मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है। उनसे मेरी बस एक विनम्र अपील है कि वे सुबोध उनियाल जी से एक साधारण-सा वीडियो जारी करने को कहें, जिसमें वे अपने बयान को स्पष्ट करें और परफॉर्मेंस के दौरान दलेर भाई के शराब पीने की बात कहने के लिए उनसे माफी मांगें। मेरा मानना है कि गलतफहमियां हो सकती हैं, लेकिन उन्हें शालीनता के साथ दूर भी किया जा सकता है। मुझे उम्मीद है कि इस छोटे-से कदम से यह मामला समाप्त करने में मदद मिलेगी और दलेर भाई की गरिमा और प्रतिष्ठा का सम्मान बना रहेगा। मीका सिंह ने अपनी दूसरी पोस्ट में ये बातें भी कहीं- मंत्री ने कहा था- ड्रंक होकर बेवकूफ बना रहे हो पूरे विवाद की शुरुआत 18 अक्टूबर की रात उत्तराखंड के टिहरी-गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर में कुंजापुरी मेले से हुई थी। यहां पर दलेर मेहंदी परफॉर्मेंस दे रहे थे। तभी यहां पर चीफ गेस्ट के तौर पर बैठे स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा था कि- हमने दलेर मेहंदी को बुलाया है, उनकी टीम को नहीं। आप शराब पीकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, गाना भी नहीं गा रहे। शो से पहले आपके नखरे इतने थे की हमें ये चाहिए वो चाहिए। गाना एक भी नही गा रहे हैं। एक लाइन बोलके बैठ जा रहे हैं, बेवकूफ बना रहे हैं आप। आपको मालूम है ना कि एक सिंगर पिट कर गया था यहां से। इतना पिटा था कि उसका बाप भी अब नहीं आ सकता यहां पर। विवाद बढ़ा तो मंत्री बोले- दलेर की तबीयत खराब थी, पता नहीं था दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री दलेर के सपोर्ट में उतर गई। उनके भाई मीका ने तो ये भी दावा किया कि दलेर ने जीवन में कभी शराब पी ही नहीं। वहीं, विवाद बढ़ने के बाद मंत्री ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि सिंगर की तबीयत खराब है। वहीं, इस मामले में 22 अक्टूबर यानी बीते कल ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मामले में बीच-बचाव किया था। धामी ने कहा था- उस समय मंत्री पर जनता का दबाव रहा होगा, उत्तराखंड कलाकारों की धरती है और यहां सभी का सम्मान होता है। इसके साथ ही सीएम ने मीका सिंह और दलेर मेहंदी से बात करने की बात कहते हुए अपील की थी कि इस मामले को यहीं समाप्त कर देना चाहिए। बाद में धामी ने मीका सिंह से फोन पर बात की और कहा कि गलतफहमियों को आपसी संवाद और सौहार्द से दूर किया जाना चाहिए। धामी से बात होने के एक दिन बाद अब मीका सिंह ने धामी से अपील की है कि वो मंत्री से एक माफी का वीडियो बनवाएं।
सनी देओल की अपकमिंग फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ विवादों में आ गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने फिल्म के कंटेंट पर आपत्ति जताई है। IMA ने फिल्म में मेडिकल सेक्टर में भ्रष्टाचार को आम बताने और डॉक्टरों पर हिंसा दिखाने पर चिंता जताई है। फिल्म 20 नवंबर को रिलीज होने वाली है। IMA ने कहा कि फिल्म का प्रमोशनल कंटेंट पूरे हेल्थकेयर सेक्टर में भ्रष्टाचार और अनैतिक कामों की गलत इमेज बना सकता है। IMA ने पत्र में कहा, “हम फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ में मेडिकल प्रोफेशन को दिखाने को लेकर गंभीर चिंता जताते हैं। इसके प्रमोशनल कंटेंट में हेल्थकेयर सेक्टर में भ्रष्टाचार को आम बताने, मेडिकल प्रोफेशनल्स पर हिंसा दिखाने और लोगों के भरोसे व कर्मचारियों की सुरक्षा पर संभावित असर को लेकर चिंता है।” एसोसिएशन ने आगे कहा, “डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल के कर्मचारियों पर शारीरिक हमले दिखाने वाले दृश्य हिंसा को सामान्य बना सकते हैं। ऐसे हमले अगर वीरतापूर्ण या सही ठहराए गए काम की तरह दिखें, तो मेडिकल प्रोफेशनल्स के खिलाफ दुश्मनी बढ़ सकती है।” IMA ने साफ किया कि वह भ्रष्टाचार, अनैतिक मेडिकल प्रैक्टिस या प्रोफेशनल गलती का समर्थन नहीं करता। उसके मुताबिक, किसी भी गलत काम पर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए।IMA ने सरकार से निष्पक्ष समीक्षा की मांग की IMA ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से फिल्म के कंटेंट और मेडिकल प्रोफेशन के चित्रण की निष्पक्ष समीक्षा करने को कहा। एसोसिएशन ने फिल्म बनाने वालों से कथित गलत कामों को आम बताने और हेल्थकेयर कर्मचारियों पर हिंसा दिखाने वाले हिस्सों में उचित सुधार की मांग की। इसके अलावा, IMA ने सरकार से कहा कि अगर लागू कानून के तहत उचित हो, तो फिल्म पर रोक या दूसरी कार्रवाई पर विचार किया जाए। वहीं, न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, IMA की शिकायत के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने बताया है कि फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ सर्टिफिकेशन के लिए जमा नहीं हुई है। यह जानकारी सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने गुरुवार को दी। फिल्म ‘सूर्या: अंत से आरंभ तक’ का टीजर 19 अक्टूबर को जारी किया गया था। जिसमें सनी कहते हैं कि इंसान डॉक्टर को भगवान मानता है, उसके हाथों में अपनी जिंदगी सौंप देता है। अगर वो डॉक्टर विश्वासघात करेगा, तो वो बेचारा क्या करेगा? फिल्म में सनी देओल अपनी बेटी को खोने के बाद भ्रष्टाचार पर सवाल उठाते दिख रहे हैं। दूसरे डायलॉग में सनी कहते हैं, “मामूली-सी बीमारी लेकर उनके पास जाता है, तो वो 5 लाख का बिल बनाते हैं, 25 टेस्ट करवाते हैं। खुद ऑर्गनाइजेशन यही करती आ रही है। वहां डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन नहीं लिखते, कमीशन लिखते हैं। यह सब हम लोग बर्दाश्त करते हैं, लेकिन कब तक?” फिल्म में सनी देओल के अलावा इसमें रवि किशन, प्रज्ञा जायसवाल, तनुश्री चक्रवर्ती, मनीष वाधवा और टीनू आनंद भी हैं। फिल्म की बाकी कास्ट में विर्ति वाघानी, जीशु सेनगुप्ता, खालिद सिद्दीकी, अनूप त्रिवेदी और रोहित तिवारी शामिल हैं।
बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख शुक्रवार को अपनी पत्नी जेनेलिया देशमुख और बच्चों सहित विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पहुंचे। यहां उन्होंने ख्वाजा साहब की मजार पर जियारत कर दुआ मांगी। रितेश देशमुख के दरगाह पहुंचने की खबर मिलते ही प्रशंसकों की भीड़ जुट गई। लोग अपने पसंदीदा अभिनेता के साथ सेल्फी लेने के लिए उत्साहित नजर आए। रितेश देशमुख और उनके परिवार ने पुलिस सुरक्षा के बीच दरगाह में जियारत की। इस दौरान खादिमों की ओर से उन्हें जियारत करवाई गई। जियारत के बाद उनकी दस्तारबंदी की गई और तबर्रुक भेंट किया गया। इसके बाद अभिनेता परिवार के साथ कड़ी सुरक्षा के बीच दरगाह से रवाना हो गए। फिल्मों की कामयाबी और देश में अमन-चैन की मांगी दुआ दरगाह में रितेश देशमुख और उनकी पत्नी ने बॉलीवुड में कामयाबी, अपने आगामी प्रोजेक्ट्स की सफलता और परिवार की खुशहाली के लिए दुआ मांगी। साथ ही देश में अमन-चैन, शांति और भाईचारा कायम रहने की कामना की। ख्वाजा साहब की दरगाह में देश-विदेश से जायरीन के पहुंचने का सिलसिला जारी रहता है। बॉलीवुड की जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी भी यहां प्रशंसकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनती है। प्रशंसकों में दिखा उत्साह रितेश देशमुख को अपने बीच देखकर प्रशंसक उत्साहित हो गए। कई लोग उनके साथ तस्वीर लेने और सेल्फी खिंचवाने की कोशिश करते नजर आए। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के चलते अभिनेता और उनके परिवार की आवाजाही नियंत्रित रखी गई। (फोटो वीडियो सहयोग-नजीर कादरी)
रेटिंग: 3.5/5ड्यूरेशन: लगभग 2 घंटे 20 मिनट। ‘धुरंधर’ के बाद अब भारत, पाकिस्तान और जासूसी की दुनिया पर एक और फिल्म आई है, लेकिन इस बार मामला गंभीर नहीं, मजेदार है। उड़ता तीर में एक पाकिस्तानी जासूस को देशभक्ति तो याद रहती है, बस यह भूल जाता है कि उसे किस देश के लिए देशभक्ति दिखानी है। इसके बाद शुरू होती है गलतियों की ऐसी कॉमेडी कि पूरा मिशन गड़बड़ा जाता है और दर्शकों के लिए हंसी रोकना मुश्किल हो जाता है। यहां दिमाग लगाने से ज्यादा पेट पकड़कर हंसने की गुंजाइश है। कहानी: भारत को बर्बाद करने आया जासूस, अपने ही मिशन का दुश्मन बन गया बिलाल अहमद (आयुष्मान खुराना) और उसका दोस्त अशफाक (सुहैल नैय्यर) पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव हैं। दोनों भारत के खिलाफ साजिश रचने और देश को नुकसान पहुंचाने के मिशन पर यहां आते हैं। इसके लिए वे भारतीय काउंटर टेररिज्म स्क्वॉड यानी CTS में घुसपैठ कर लेते हैं। बिलाल ऑफिसर विक्रांत बनता है, जबकि अशफाक ध्रुव की पहचान के साथ यूनिट में जगह बना लेता है। अपने मिशन को आगे बढ़ाने के लिए बिलाल डिफेंस मिनिस्ट्री में काम करने वाली यामिनी (सारा अली खान) को अपने प्यार के जाल में फंसाता है, ताकि अपने मकसद के लिए उसका इस्तेमाल कर सके। लेकिन एक हादसे के बाद बिलाल कोमा में चला जाता है और उसकी याददाश्त चली जाती है। अब उसे याद ही नहीं रहता कि वह पाकिस्तानी जासूस है। वह खुद को भारतीय अफसर विक्रांत समझने लगता है और उसके ऊपर देशभक्ति का ऐसा जुनून सवार होता है कि वह भारत में सक्रिय पाकिस्तानी आतंकियों को एक के बाद एक पकड़वाने लगता है। अब अशफाक की मुश्किल समझिए। उसे पता है कि बिलाल कौन है और दोनों किस मिशन पर भारत आए थे। वह अपने पाकिस्तानी आकाओं को हालात समझाने की कोशिश करता है, लेकिन बिलाल की हरकतों के सामने उसका कोई जोर नहीं चलता। बिलाल को लगता है कि वह देश की सेवा कर रहा है, जबकि अशफाक को अपने ही दोस्त की वजह से मिशन फेल होने का डर सता रहा है। वह न बिलाल को आसानी से रोक सकता है, न अपने आकाओं को संतुष्ट कर पा रहा है। इसी उधेड़बुन से फिल्म में कई मजेदार सिचुएशन पैदा होती हैं। एक्टिंग: आयुष्मान की कॉमिक टाइमिंग, राहुल बोस के एक्सप्रेशंस मजेदार आयुष्मान खुराना फिल्म की जान हैं। एक पाकिस्तानी जासूस का अपनी असली पहचान भूलकर भारतीय अफसर बन जाना कहानी का सबसे बड़ा कॉमिक पॉइंट है। आयुष्मान अपनी कॉमिक टाइमिंग, चेहरे के भाव और बॉडी लैंग्वेज से इस कन्फ्यूजन को मजेदार बनाते हैं। वह पूरे आत्मविश्वास से देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं, जबकि उन्हें पता ही नहीं कि असल में उनका मिशन क्या था। इस विरोधाभास से कई अच्छे सीन बनते हैं। सुहैल नैय्यर ने अशफाक के रूप में अच्छा साथ दिया है। उन्हें पता है कि बिलाल क्या कर रहा है, लेकिन वह उसे रोकने में नाकाम हैं। ऊपर से पाकिस्तानी आकाओं के सवालों का जवाब भी देना है। दोस्त की देशभक्ति और अपनी मजबूरी के बीच फंसे अशफाक के सीन कई बार हंसाते हैं। राहुल बोस CTS चीफ बर्मन के किरदार में खास तौर पर प्रभावित करते हैं। उनके पास ज्यादा डायलॉग नहीं हैं, लेकिन आंखों की हरकत, चेहरे के भाव और हालात पर उनके रिएक्शन कई बार जोरदार हंसी दिलाते हैं। कुछ सीन में उनका बिना कुछ बोले रिएक्ट करना ही काफी है। दिवंगत मुकुल देव आतंकियों के सरगना अजहर मकसूद के रूप में प्रभाव छोड़ते हैं। राम कपूर पाकिस्तानी आर्मी के लेफ्टिनेंट जनरल नियाजी और गुलशन ग्रोवर मीर के किरदार में नजर आते हैं। दोनों अपने हिस्से का काम ठीक करते हैं। सारा अली खान की यामिनी कहानी के मिशन में अहम है, लेकिन उनके किरदार को और मजबूत स्पेस मिल सकता था। वहीं, रघुबीर यादव जैसे अनुभवी कलाकार का मौलाना के किरदार में और बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता था। डायरेक्शन: ‘धुरंधर’ से अलग, जासूसी की दुनिया में कॉमेडी आकाश कौशिक ने फिल्म की कहानी लिखने के साथ निर्देशन भी किया है। आतंकवाद और जासूसी जैसे गंभीर विषय को कॉमेडी में बदलना आसान नहीं है। फिल्म का आइडिया दिलचस्प है। भारत को नुकसान पहुंचाने आया पाकिस्तानी ऑपरेटिव अपनी याददाश्त खोने के बाद भारत की सुरक्षा में जुट जाता है और अपने ही मिशन को नाकाम करने लगता है। जहां धुरंधर जैसी फिल्में जासूसी और आतंकवाद की दुनिया को गंभीर और तनावपूर्ण अंदाज में दिखाती हैं, वहीं उड़ता तीर उसी दुनिया को कॉमेडी के नजरिए से पेश करती है। पहले हाफ में यह आइडिया अच्छा काम करता है। बिलाल की देशभक्ति और अशफाक की मजबूरी से कई मजेदार सीन बनते हैं। हालांकि, दूसरे हाफ में फिल्म थ्रिल और ट्विस्ट की तरफ बढ़ती है। कुछ मोड़ पहले ही समझ आने लगते हैं और गंभीरता बढ़ने के साथ कॉमेडी की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। फिल्म अगर आखिर तक पहले हाफ वाली मस्ती बनाए रखती, तो इसका असर और बेहतर हो सकता था। म्यूजिक: ‘चन्न’ है सुकून देने वाला सचिन जिगर का संगीत कुल मिलाकर अच्छा है। अरिजीत सिंह की आवाज में ‘चन्न’ रोमांटिक और सुकून देने वाला गाना है, जिसे फिल्म से अलग भी सुना जा सकता है। ‘जय हिंद’ ठीक है और आखिर के करीब आने वाला ‘चूज़े’ भी माहौल बनाता है। बाकी गाने भी अच्छे हैं, हालांकि एक दो जगह म्यूजिक कहानी की रफ्तार रोकता है। धर्मा के हिट गानों और खलनायक के बैकग्राउंड स्कोर का इस्तेमाल भी दिलचस्प है। फाइनल वर्डिक्ट: दिमाग नहीं, हंसी चलाइए! उड़ता तीर का पहला हाफ ज्यादा दमदार है। आयुष्मान की कॉमिक टाइमिंग, सुहैल की बेबसी और राहुल बोस के एक्सप्रेशंस कई जगह हंसाते हंसाते लोटपोट कर देते हैं। दूसरे हाफ में कहानी थोड़ी धीमी पड़ती है और ट्विस्ट बहुत चौंकाते नहीं, लेकिन फिल्म का कॉन्सेप्ट और कॉमेडी कई जगह मजा देते हैं। आकाश कौशिक की यह कोशिश आतंकवाद और जासूसी जैसे गंभीर विषय को हल्के फुल्के अंदाज में पेश करती है। धुरंधर की गंभीर स्पाई थ्रिलर वाली दुनिया से उलट, यहां पाकिस्तानी जासूस अपने ही मिशन का बंटाधार कर रहा है और उसका दोस्त अपने आकाओं को जवाब देते देते परेशान है। यही फिल्म का सबसे मजेदार पहलू है। कुल मिलाकर, लॉजिक को थोड़ी छुट्टी दीजिए और कॉमेडी का मजा लीजिए। आखिर जिस जासूस को यह याद न हो कि उसे किस देश के लिए देशभक्ति दिखानी है, उससे मिशन की उम्मीद करना ही सबसे बड़ा मजाक है!
एक्ट्रेस स्मिता जयकर ने हाल ही में बताया कि फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने सलमान खान को डांटा था। स्मिता ने कहा कि गाने ‘आंखों की गुस्ताखियां’ की शूटिंग में सलमान ने ऐश्वर्या राय बच्चन की बांह छू ली थी। यह सीन का हिस्सा नहीं था। यह बात एक्ट्रेस ने सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में कही। स्मिता जयकर ने फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ में ऐश्वर्या की ऑनस्क्रीन मां का किरदार निभाया था। उन्होंने कहा कि सलमान और ऐश्वर्या की नजदीकियां फिल्म की शूटिंग के दौरान बढ़ीं। स्मिता ने उस दौर को याद करते हुए कहा, “उस समय उनका प्यार बढ़ रहा था। दोनों प्यार में थे और एंजेल जैसे दिखते थे। उस समय ऐश्वर्या बहुत खूबसूरत लगती थीं। यह फिल्म के लिए भी काम कर गया। वह जादू पर्दे पर नजर आया।” उन्होंने कहा कि उन्हें प्यार में पड़े लोगों को देखकर अच्छा लगता था। हालांकि, उनकी देरी से सेट पर इंतजार कर रहे क्रू की परेशानी बढ़ जाती थी। स्मिता ने बताया, “बाकी क्रू शिकायत करता था कि ये लोग बहुत देर से आते हैं। हमारी सुबह 7 बजे की शिफ्ट है और हम 10 बजे तक इंतजार कर रहे हैं। वे अब तक नहीं आए हैं, लेकिन मुझे हमेशा लगता था कि जब आप प्यार में होते हैं, तो क्या कह सकते हैं?” उन्होंने आगे कहा, “वे (सलमान और ऐश्वर्या) दोनों सुबह 11 बजे साथ आते थे। उन्हें अपने आसपास की किसी चीज और इस बात का अहसास नहीं होता था कि पूरा सेट उनका इंतजार कर रहा है, लेकिन प्यार में ऐसा ही होता है।” ऐश्वर्या की बांह छूने पर सलमान को डांटा स्मिता ने ‘आंखों की गुस्ताखियां’ की शूटिंग का एक किस्सा भी बताया। यह ‘हम दिल दे चुके सनम’ के रोमांटिक गानों में शामिल था। स्मिता ने बताया, “सलमान को मेज के चारों ओर घूमकर आना था और ऐश्वर्या वहां खड़ी थीं। उन्होंने उनकी बांह छू ली, जबकि उन्हें ऐसा नहीं करना था। संजय ने पूछा, ‘सलमान, तुमने उसे क्यों छुआ?’” उन्होंने आगे कहा, “सलमान का बस उन्हें छूने का मन हुआ। वह प्यार में थे, इसलिए उन्होंने उन्हें छू लिया। लेकिन सीन ऐसे नहीं किया जाना था। संजय ने उन पर चिल्लाकर पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। सीन में सलमान को सिर्फ वहां खड़े होकर ऐश्वर्या को देखना था।” स्मिता ने बताया कि इस घटना के बाद सेट पर मौजूद लोग हंसने लगे थे। ऐश्वर्या शरमा गई थीं। वहां मौजूद लोगों को दोनों कलाकारों के बीच का प्यार साफ समझ आ गया था। ‘हम दिल दे चुके सनम’ के बारे में जानिए ‘हम दिल दे चुके सनम’ 1999 में रिलीज हुई थी। फिल्म का निर्देशन संजय लीला भंसाली ने किया था। इसमें सलमान खान, ऐश्वर्या राय बच्चन और अजय देवगन मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म की कहानी नंदिनी (ऐश्वर्या) के इर्द-गिर्द थी। नंदिनी को समीर (सलमान) से प्यार हो जाता है। इसके बाद वनराज (अजय) से उसकी शादी उनके रिश्ते की दिशा बदल देती है। फिल्म का म्यूजिक इस्माइल दरबार ने तैयार किया था। इसके लोकप्रिय गानों में ‘आंखों की गुस्ताखियां’ और ‘चांद छुपा बादल में’ शामिल हैं।
तुम मेरे हो एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसमें प्यार, धोखा, शादी और रिश्तों के उतार-चढ़ाव को दिखाया गया है। गुरमीत चौधरी और ईशा मालवीय की जोड़ी पहली बार साथ नजर आ रही है। फिल्म की कहानी एक ऐसे रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मजबूरी में शुरू होता है, लेकिन धीरे-धीरे प्यार में बदल जाता है। हालांकि, सवाल यह है कि क्या यह कहानी दर्शकों को बांधे रखने में कामयाब होती है? फिल्म की कहानीफिल्म की कहानी आकाश (गुरमीत चौधरी) और तमन्ना (ईशा मालवीय) के इर्द-गिर्द घूमती है। थाईलैंड में रहने वाला आकाश अपनी गर्लफ्रेंड निशा (अनुष्का लुहार) के धोखे के बाद भारत लौटता है। यहां उसकी मुलाकात तमन्ना से होती है, जो अपने प्यार साहिल (शान आर ग्रोवर) के दूर हो जाने से परेशान है। नानी की प्रॉपर्टी हासिल करने के लिए तमन्ना को एक साल तक शादी निभानी है। ऐसे में आकाश और तमन्ना शादी कर लेते हैं। शुरुआत में यह रिश्ता सिर्फ एक मजबूरी होता है, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच प्यार पनपने लगता है। कहानी में पुराने रिश्ते और बदले की एंट्री रोमांस को नया मोड़ देती है। फिल्म में एक्टिंगगुरमीत चौधरी अपने किरदार में सहज लगते हैं। उनका रोमांटिक अंदाज ठीक है, लेकिन कुछ इमोशनल सीन्स में और गहराई की गुंजाइश थी। ईशा मालवीय स्क्रीन पर फ्रेश और आकर्षक लगती हैं। गुरमीत के साथ उनकी केमिस्ट्री अच्छी है और यही फिल्म की बड़ी खूबियों में से एक है। सपोर्टिंग कास्ट ने भी कहानी को आगे बढ़ाने में मदद की है। फिल्म का डायरेक्शनआशीष पांडा ने रोमांस, फैमिली ड्रामा और रिश्तों के उतार-चढ़ाव को साथ रखने की कोशिश की है। शादी के कुछ सीन मजेदार हैं और थाईलैंड की लोकेशंस फिल्म को खूबसूरत बनाती हैं। हालांकि, कहानी कई जगह अनुमान के मुताबिक चलती है। कुछ ट्विस्ट आसानी से आते हैं और स्क्रीनप्ले की रफ्तार भी बीच-बीच में धीमी पड़ जाती है। एडिटिंग थोड़ी और चुस्त होती तो फिल्म ज्यादा असरदार बन सकती थी। फिल्म में म्यूजिकफिल्म के गाने रोमांटिक माहौल बनाने में मदद करते हैं। टाइटल ट्रैक और ‘विंटर आयूं वालीए 2.0’ जैसे गाने ध्यान खींचते हैं। हालांकि, कुछ जगह म्यूजिक कहानी की रफ्तार को धीमा भी करता है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्टतुम मेरे हो एक हल्की-फुल्की रोमांटिक फिल्म है, जिसमें प्यार, धोखा और रिश्तों के ट्विस्ट हैं। गुरमीत और ईशा की केमिस्ट्री फिल्म को देखने लायक बनाती है, लेकिन प्रेडिक्टेबल कहानी और कमजोर स्क्रीनप्ले इसका असर कम कर देते हैं। अगर आपको रोमांटिक ड्रामा पसंद है, तो इसे एक बार देखा जा सकता है।
अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर जुहू में हुए हमले के कुछ दिनों बाद उनकी चोट का नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में टाइगर की दाहिनी बांह पर कई छोटे बिंदीदार और लाल रंग के धब्बे साफ दिख रहे हैं। एक्टर की टीम ने वीडियो के कैप्शन लिखा, 'गॉड इज काइंड' (भगवान दयालु हैं)। 18 अक्टूबर को हुए हमले में कार पर हुई फायरिंग के दौरान कांच लगने से टाइगर को ये चोटें आई थीं। जुहू में कार पर हुई थी ताबड़तोड़ फायरिंग मुंबई में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए। इसके बाद टाइगर के घर के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। टाइगर को पुलिस सुरक्षा दी गई है। मुंबई पुलिस की प्रोटेक्शन ब्रांच ने टाइगर की सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड तैनात किए हैं। वहीं, स्थानीय पुलिस स्टेशन की ओर से एक पुलिस अधिकारी और अतिरिक्त जवानों को भी उनकी सुरक्षा में लगाया गया है। टाइगर पर फायरिंग करने वाले आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार की रेकी की थी, लेकिन सिक्योरिटी ज्यादा होने के कारण प्लान बदल दिया था। मामले में अब तक 10 गिरफ्तार मुंबई में एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में कई खुलासे हुए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात से पहले मुंबई के पास एक जगह पर फायरिंग की प्रैक्टिस की थी। अंधेरी के एक होटल के कमरे में भी मिसफायर हुआ था। इस दौरान गोली बेड पर भी लगी थी। पुलिस का आरोप है कि हमले के लिए अमृतसर से हथियार लाए गए, फिर ट्रेन से मुंबई पहुंचाए गए और शूटरों को सौंपे गए। इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें हरियाणा के 7 आरोपी, उत्तर प्रदेश की दो महिलाएं और बिहार का एक युवक शामिल है। गिरफ्तार महिलाओं के परिवारों ने दावा किया है कि वे घूमने और धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए मुंबई गई थीं। टाइगर की कार पर 18 अक्टूबर की शाम फायरिंग हुई थी। उनका ड्राइवर और एक फैन घायल हुए थे। इस मामले में दिल्ली से पकड़े गए चारों आरोपियों को मुंबई कोर्ट ने 26 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है। हमले के 2 दिन बाद ही काम पर लौट चुके हैं टाइगर कार पर हुए इस हमले के महज दो दिन बाद, 20 अक्टूबर को टाइगर अपनी आने वाली फिल्म 'लग जा गले' के सेट पर लौट आए थे। मुंबई में राज मेहता के निर्देशन में बन रही इस फिल्म की शूटिंग वे पूरी कर रहे हैं। इस फिल्म में वे पहली बार जाह्नवी कपूर और लक्ष्य के साथ नजर आने वाले हैं। ये खबर भी पढ़ें टाइगर श्रॉफ फायरिंग-10 गिरफ्तार आरोपियों में से 7 हरियाणा के:2 शूटर, 2 ने हथियार सप्लाई किए; तीन आरोपियों ने रेकी की बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में हरियाणा के युवकों की भूमिका लगातार सामने आ रही है। अब तक गिरफ्तार 10 आरोपियों में से 7 हरियाणा के हैं। इन सभी का सोनीपत जिले से कनेक्शन है। वहीं, विदेश में बैठकर साजिश रचने का आरोपी अनिल पंडित पानीपत का रहने वाला है। पूरी खबर पढ़ें
मलाइका अरोड़ा आज 53वां जन्मदिन मना रही हैं। ग्लैमरस अंदाज, फिटनेस और बेबाक व्यक्तित्व के लिए मशहूर मलाइका की निजी जिंदगी भी सुर्खियों में रही है। अरबाज खान से करीब 19 साल की शादी, तलाक के बाद अर्जुन कपूर के साथ लंबा रिश्ता और ब्रेकअप के बाद नए लोगों से नाम जुड़ने तक, उनकी लव लाइफ चर्चा में रही है। डिनो मोरिया का नाम उनसे जोड़ने की चर्चाएं हुईं, तो डायमंड कारोबारी हर्ष मेहता और अभिनेता-मॉडल सोराब बेदी के साथ तस्वीरों ने डेटिंग की अटकलें बढ़ाईं। अप्रैल 2024 में बेटे अरहान खान के पॉडकास्ट में मलाइका का सवाल भी वायरल हुआ था। उन्होंने पूछा था, 'तुमने अपनी वर्जिनिटी कब खोई थी?' अरहान का रिएक्शन और फिर मां से उनकी शादी के बारे में पूछना सुर्खियों में रहा। मलाइका के जन्मदिन पर उनकी जिंदगी के चर्चित पहलुओं पर एक नजर डालते हैं। छैंया-छैंया से मिली पहचान, निजी जिंदगी भी रही सुर्खियों में मलाइका अरोड़ा ने मॉडलिंग और टेलीविजन से करियर की शुरुआत की थी। 1998 में आई फिल्म 'दिल से' के गाने 'छैंया-छैंया' में डांस से उन्हें देशभर में पहचान मिली। इसके बाद 'मुन्नी बदनाम हुई' जैसे गानों ने लोकप्रियता बढ़ाई। उन्होंने रियलिटी शोज में जज के तौर पर भी पहचान बनाई और फिटनेस, फैशन तथा लाइफस्टाइल को लेकर चर्चा में रहीं। मलाइका की पेशेवर उपलब्धियों के साथ निजी रिश्ते भी चर्चा का विषय रहे हैं। अरबाज खान से शादी के बाद कई साल तक वह चर्चित सेलिब्रिटी कपल का हिस्सा रहीं। तलाक के बाद अर्जुन कपूर के साथ रिश्ता सार्वजनिक हुआ, तो उम्र के अंतर और शादी की संभावनाओं पर सवाल उठे। अर्जुन से अलग होने के बाद मलाइका के साथ किसी पुरुष की तस्वीर सामने आने पर नए रिश्ते की अटकलें लगने लगीं। जनवरी 2026 में 'इंडिया टुडे' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने माना कि उनके रिश्तों को लेकर लगातार सुर्खियां बनती हैं। उन्होंने कहा कि पुराने या शादीशुदा दोस्त अथवा मैनेजर के साथ बाहर निकलने पर भी उन्हें उस व्यक्ति से जोड़ दिया जाता है। उन्होंने इस दखलअंदाजी को 'बॉर्डरलाइन वॉयूरिज्म' यानी निजी जिंदगी में हद से ज्यादा झांकने जैसा बताया। अरबाज खान से पहली मुलाकात, प्यार और 1998 में शादी मलाइका अरोड़ा और अरबाज खान की मुलाकात विज्ञापन की शूटिंग के दौरान हुई थी। दोनों करीब आए और दिसंबर 1998 में शादी कर ली। उस समय मलाइका मॉडलिंग में पहचान बना रही थीं, जबकि अरबाज अभिनेता और फिल्म निर्माता के तौर पर काम कर रहे थे। शादी के बाद दोनों अक्सर फिल्मी पार्टियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ नजर आते थे। उनके बेटे अरहान खान का जन्म हुआ। दोनों ने परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाते हुए कई साल साथ बिताए। लंबे समय तक साथ रहने के बाद उनके रिश्ते में दूरियां आ गईं। मार्च 2016 में अलग होने की खबर सामने आई। तलाक की प्रक्रिया के बाद 11 मई 2017 को मुंबई की बांद्रा फैमिली कोर्ट ने दोनों को कानूनी रूप से अलग कर दिया। 'एनडीटीवी' की 11 मई 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक, तलाक आपसी सहमति से हुआ था। 'इंडिया टुडे' ने अगस्त 2017 में मलाइका के इंटरव्यू के हवाले से बताया था कि यह फैसला उनके लिए भावनात्मक रूप से आसान नहीं था। रिश्ता खत्म होने के बाद मलाइका और अरबाज अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़े। अरबाज ने बाद में शूरा खान से शादी की, जबकि मलाइका का नाम अर्जुन कपूर से जुड़ने लगा। तलाक के बाद अर्जुन कपूर की जिंदगी में आईं मलाइका अरबाज से अलग होने के बाद मलाइका अरोड़ा और अर्जुन कपूर की नजदीकियों की खबरें आने लगीं। दोनों पार्टियों, फिल्मी कार्यक्रमों और छुट्टियों में साथ नजर आए। शुरुआत में उन्होंने रिश्ते पर खुलकर बात नहीं की, लेकिन बाद में सार्वजनिक रूप से साथ दिखने लगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों ने 2018 के आसपास डेटिंग शुरू की थी। 2019 में अर्जुन के जन्मदिन पर मलाइका की सोशल मीडिया पोस्ट को रिश्ते के सार्वजनिक होने का अहम पड़ाव माना गया। अर्जुन और मलाइका के रिश्ते की सबसे ज्यादा चर्चा उम्र के अंतर को लेकर हुई। मलाइका उम्र में अर्जुन से बड़ी हैं, लेकिन दोनों ने इसे रिश्ते में बाधा नहीं बनने दिया। दोनों एक-दूसरे का समर्थन करते और साथ छुट्टियां मनाते नजर आए। उनके रिश्ते को लेकर शादी की अटकलें लगती रहीं। मीडिया में कई बार दोनों की शादी की खबरें आईं, लेकिन उन्होंने किसी तारीख या योजना की आधिकारिक घोषणा नहीं की। जून 2024 में 'इंडिया टुडे' की रिपोर्ट में मलाइका के इंटरव्यू के हवाले से बताया गया कि उन्होंने सच्चे प्यार में विश्वास जताया था। उन्होंने कहा था कि वह प्यार के विचार को कभी नहीं छोड़ेंगी। उस समय उनके और अर्जुन के अलग होने की अटकलें तेज हो रही थीं। छह साल का रिश्ता कैसे खत्म हुआ? 2024 में मलाइका और अर्जुन के रिश्ते में दरार की खबरें आने लगीं। दोनों पहले की तरह साथ नजर नहीं आ रहे थे। सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर सवाल उठने लगे। लंबे समय तक दोनों ने अलग होने पर खुलकर कुछ नहीं कहा। अक्टूबर 2024 में मुंबई में राज ठाकरे की दिवाली पार्टी के दौरान अर्जुन कपूर ने रिश्ते को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट्स के मुताबिक, भीड़ में लोगों ने मलाइका का नाम लिया, तो अर्जुन ने कहा, 'नहीं, अब मैं सिंगल हूं, रिलैक्स करो।' उनके बयान को मलाइका के साथ करीब छह साल चले रिश्ते के खत्म होने की सार्वजनिक पुष्टि माना गया। इसके बाद मलाइका ने अपनी निजी जिंदगी पर सार्वजनिक मंच पर चर्चा से परहेज किया। दिसंबर 2024 में 'द इंडियन एक्सप्रेस' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह निजी जिंदगी पर सार्वजनिक मंच से बात करना पसंद नहीं करतीं, क्योंकि इससे अनावश्यक अटकलें बढ़ती हैं। अर्जुन के साथ रिश्ता खत्म होने के बाद भी दोनों के संबंधों को लेकर लोगों की दिलचस्पी बनी रही। बाद में मलाइका ने स्पष्ट किया कि उनकी जिंदगी केवल प्रेम संबंधों तक सीमित नहीं है। अर्जुन से अलग होने के बाद हर्ष मेहता से जुड़ा नाम अर्जुन कपूर से अलग होने के बाद मलाइका अरोड़ा का नाम कथित नए रिश्ते को लेकर फिर चर्चा में आया। अक्टूबर 2025 में मुंबई में एनरिक इग्लेसियस के कॉन्सर्ट में मलाइका एक व्यक्ति के साथ नजर आईं। नवंबर 2025 में दोनों मुंबई एयरपोर्ट पर भी साथ दिखे। 'इंडिया टुडे' की 26 नवंबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्सर्ट में मलाइका के साथ दिखा व्यक्ति एयरपोर्ट पर भी नजर आया था। दो सार्वजनिक मौकों पर साथ दिखने के बाद सोशल मीडिया पर उनके रिश्ते को लेकर अटकलें लगने लगीं। कुछ रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया चर्चाओं में उस व्यक्ति की पहचान डायमंड कारोबारी हर्ष मेहता के रूप में की गई। इसके बाद मलाइका और हर्ष की डेटिंग की खबरें फैलने लगीं। सार्वजनिक कार्यक्रम या एयरपोर्ट पर साथ नजर आना अपने आप में प्रेम संबंध का प्रमाण नहीं है। संबंधित रिपोर्ट में दोनों के साथ दिखने और उससे पैदा हुई अटकलों का जिक्र था, लेकिन रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। डिनो मोरिया के साथ अफेयर की चर्चा मलाइका अरोड़ा के कथित रिश्तों की चर्चा में अभिनेता डिनो मोरिया का नाम भी सामने आया है। हालांकि, डिनो और मलाइका के प्रेम संबंध या 2025 में रिश्ता शुरू होने के दावों की पुष्टि करने वाला कोई विश्वसनीय सार्वजनिक बयान या ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं है। सोराब बेदी के साथ वायरल तस्वीरों ने फिर बढ़ाई चर्चा मार्च 2026 में मलाइका अरोड़ा का नाम अभिनेता-मॉडल सोराब बेदी से जोड़ा जाने लगा। सोराब रियलिटी शो 'स्प्लिट्सविला X6' में नजर आ चुके हैं। मलाइका के जूहू स्थित रेस्टोरेंट के एक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी और दोनों की तस्वीरों के बाद डेटिंग की अटकलें लगने लगीं। 'इंडिया टुडे' की रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोराब ने कहा कि वह और मलाइका सिर्फ दोस्त हैं। उन्होंने बताया कि दोनों एक-दूसरे को कई साल से जानते हैं और कॉमन फ्रेंड्स के जरिए मिले थे। सोराब ने कहा कि पहले वह मलाइका के साथ तस्वीरें साझा करते थे, लेकिन तब उन्हें ज्यादा लोग नहीं जानते थे। अब उनके चर्चित होने के बाद लोग तस्वीरों को अलग नजरिए से देखने लगे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और सम्मानजनक व्यवहार की अपील की। सोराब ने डेटिंग की अटकलों को खारिज कर दिया। मार्च 2026 में 'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, मलाइका ने सोराब के साथ डेटिंग की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बार-बार किसी से उनका नाम जोड़ना उन्हें परेशान करता है। उन्होंने बताया कि वह और अरहान ऐसी चर्चाओं पर कई बार हंसते हैं। मलाइका ने कहा- मेरी जिंदगी सिर्फ रिश्तों तक सीमित नहीं जनवरी 2026 में 'इंडिया टुडे' की रिपोर्ट के मुताबिक, 'द नम्रता जकारिया शो' में मलाइका ने रिश्तों और निजी जिंदगी पर होने वाली चर्चा पर खुलकर बात की थी। उन्होंने कहा कि उनके रिश्ते हमेशा खबरों में रहे हैं और कई बार लोगों का ध्यान जिंदगी के दूसरे पहलुओं से हटकर केवल उनकी निजी जिंदगी पर केंद्रित हो जाता है। मलाइका ने कहा कि उन्हें अब किसी को कुछ साबित करने की जरूरत महसूस नहीं होती। वह ऐसे काम करना चाहती हैं जिनसे उन्हें खुशी मिलती है। वह चाहती हैं कि लोग उनकी पहचान को केवल रिश्तों से जोड़कर न देखें। अर्जुन कपूर के बारे में उन्होंने स्वीकार किया कि रिश्ता खत्म होने के बाद गुस्सा, दुख और निराशा जैसे भाव आना स्वाभाविक है। समय के साथ इनसे उबरना भी जिंदगी का हिस्सा है। यह बयान उनके निजी जीवन पर अलग नजरिया सामने रखता है। सोशल मीडिया पर नए अफेयर्स की चर्चा होती रही, वहीं मलाइका ने निजी जिंदगी की सीमाएं तय करने और काम पर ध्यान देने की बात कही। बेटे अरहान के पॉडकास्ट में पूछा था वर्जिनिटी वाला सवाल मलाइका अरोड़ा की निजी जिंदगी से जुड़ी चर्चित घटनाओं में से एक उनके बेटे अरहान खान का पॉडकास्ट 'डंब बिरयानी' है। मलाइका अपने बेटे के शो में मेहमान के रूप में शामिल हुई थीं। बातचीत में निजी जिंदगी, रिश्तों और शादी जैसे विषय शामिल थे। मलाइका ने अरहान से पूछा, 'When did you lose your virginity?' यानी 'तुमने अपनी वर्जिनिटी कब खोई थी?' अचानक आए सवाल पर अरहान हैरान रह गए और उन्होंने केवल 'वाओ' कहा। इसके बाद उन्होंने अपनी मां से पूछा, 'आप शादी कब कर रही हैं?' इस सवाल-जवाब ने लोगों का ध्यान खींचा। मलाइका अपने बेटे से उसकी निजी जिंदगी के बारे में सवाल कर रही थीं, जबकि अरहान अपनी मां से शादी की योजना जानना चाहते थे। सवाल पर सोशल मीडिया में क्यों छिड़ी बहस? पॉडकास्ट का टीजर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ यूजर्स ने इसे मां-बेटे के बीच खुलकर बातचीत का उदाहरण माना, जबकि कुछ ने सेक्स और वर्जिनिटी जैसे निजी विषय पर सवाल पूछने पर आपत्ति जताई। भारतीय समाज में परिवार के भीतर ऐसे विषयों पर बातचीत अक्सर निजी मानी जाती है। इसलिए सार्वजनिक पॉडकास्ट में ऐसी बातचीत मनोरंजन से आगे बढ़कर सामाजिक बहस का विषय बन गई। इस बातचीत को केवल एक सवाल तक सीमित करके देखना उचित नहीं होगा। मां-बेटे के बीच सवाल-जवाब चल रहा था और अरहान ने मलाइका से उनकी शादी की योजना के बारे में भी पूछा था। इस घटना ने सवाल उठाया कि सेलिब्रिटी परिवारों की निजी बातचीत सार्वजनिक मंच पर आने के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसे बदलती है। लोग ऐसे कार्यक्रमों में बेबाक बातचीत देखना चाहते हैं, जबकि कुछ दर्शक निजी विषयों को सार्वजनिक करने पर सवाल उठाते हैं। __________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. किम कार्दशियन@46, क्लोदिंग स्टोर वर्कर से बनीं ग्लोबल स्टार:बॉयफ्रेंड ने सेक्स टेप रिलीज किया, गन पॉइंट पर बंदी बनाई गईं, 17100 करोड़ है संपत्ति ग्लोबल मीडिया पर्सनैलिटी किम कार्दशियन आज 46 साल की हो चुकी हैं। आज 17 हजार करोड़ की संपत्ति की मालकिन किम कार्दशियन कुछ सालों पहले तक आम जिंदगी जीती थीं। एक क्लोदिंग स्टोर में नौकरी करती थीं, लेकिन फिर पैरिस हिल्टन जैसे नामी लोगों से दोस्ती ने उन्हें लाइमलाइट में ला दिया।पूरी खबर पढ़ें..
मेवाड़-मालवा क्षेत्र की अफीम पट्टी, अवैध तस्करी और अपराध के ताने-बाने पर आधारित पहली मेवाड़ी क्राइम-थ्रिलर फीचर फिल्म ‘अमलपट्टा’ आगामी 12 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है। आरजे 27 प्रोडक्शन यूनिवर्सल के बैनर तले बनी इस फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर उदयपुर में लॉन्च किया गया। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से 'A' (केवल वयस्कों के लिए) प्रमाण पत्र प्राप्त यह फिल्म अफीम की खेती, तस्करी के अवैध कारोबार, नारकोटिक्स विभाग और स्थानीय सत्ता के बीच चलने वाले खेल को बड़े पर्दे पर जीवंत करती है। मूवी के डायरेक्टर सौरभ जैन ने बताया कि फिल्म की कहानी अफीम तस्करी की दुनिया में वर्चस्व की लड़ाई और इसी बीच हुई एक हत्या के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पूरे इलाके के अपराध चक्र और आपसी टकराव को बेनकाब करती है। निर्माता आस्था वर्मा ने बताया कि इस फिल्म की पूरी शूटिंग महज 38 दिनों में मेवाड़ के वास्तविक स्थानीय लोकेशनों पर पूरी की गई है। हाल ही में मुंबई में आयोजित ब्रिक्स फिल्म शिखर सम्मेलन भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पांच फिल्मों में भी इसका चयन हुआ था। सौरव चतुर्वेदी द्वारा लिखित इस फिल्म में स्थानीय मेवाड़ी भाषा और परिवेश की प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए हिंदी संवादों का भी बेहतरीन इस्तेमाल किया गया है। फिल्म के तकनीकी पक्षों में राहुल जैन ने छायांकन और संपादन की कमान संभाली है, जबकि गणपत सिंह भाटी ने साउंड रिकॉर्डिस्ट के रूप में अपनी भूमिका निभाई है। यह फिल्म स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों की बड़ी भागीदारी के साथ मेवाड़ की मिट्टी से निकली एक गंभीर क्राइम-थ्रिलर का अनूठा अनुभव देने के लिए तैयार है।
पंजाबी गायक और बॉलीवुड अभिनेता दिलजीत दोसांझ का 30 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाला कॉन्सर्ट खटाई में पड़ गया है। दिल्ली पुलिस ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों का हवाला देते हुए उनके ‘ऑरा इंडिया टूर’ के तहत प्रस्तावित कार्यक्रम को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह शो जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में होना था। बुकमायशो को भेजा पत्र दिल्ली पुलिस के दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कार्यालय ने आयोजक बुकमायशो को पत्र भेजकर फैसले की जानकारी दी है। पत्र के मुताबिक, आयोजक ने 14 अक्टूबर को 30 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी थी। आवेदन की समीक्षा के बाद पुलिस ने मौजूदा परिस्थितियों में आयोजन की मंजूरी देने में असमर्थता जताई। त्योहारों के सीजन में सुरक्षा चुनौती पुलिस के अनुसार, त्योहारों के दौरान राजधानी के संवेदनशील स्थानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बल तैनात करना जरूरी होता है। ऐसे में बड़े कॉन्सर्ट के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रशंसकों के पहुंचने की संभावना थी, जिसके चलते भीड़ नियंत्रण, प्रवेश और निकासी तथा सुरक्षा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम करने पड़ते। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अनुमति देने से इनकार किया है। हालांकि, इस फैसले के बाद कॉन्सर्ट के आयोजन को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। आयोजकों के अगले कदम पर नजर फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आयोजक कार्यक्रम के लिए नई तारीख मांगेंगे या किसी दूसरे स्थान पर आयोजन की संभावना तलाशेंगे। दिलजीत दोसांझ के प्रशंसकों को अब आयोजकों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
सिंगर दिलजीत दोसांझ के 30 अक्टूबर को नई दिल्ली में होने वाले कॉन्सर्ट को दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा अनुमति देने से इनकार कर दिया है। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण जिला पुलिस ने टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म 'बुक माई शो' को पत्र भेजकर आवेदन खारिज होने की जानकारी दी है। त्योहारों के सीजन और सुरक्षा इनपुट का दिया हवाला दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर ने 'बुक माई शो' को आधिकारिक पत्र में लिखा कि 30 अक्टूबर को जेएलएन स्टेडियम में 'दिलजीत दोसांझ ओरा इंडिया टूर दिल्ली' के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिस ने कॉन्सर्ट को मंजूरी न देने के पीछे दो मुख्य वजहें बताई हैं। पुलिस पत्र के अनुसार, एजेंसी को विशिष्ट सुरक्षा खतरों से जुड़े इनपुट मिले हैं। इसके साथ ही चालू त्योहारों के सीजन की वजह से पुलिस व्यवस्था पर पहले से ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने का भारी दबाव है। इन दोनों स्थितियों को देखते हुए इतनी बड़ी भीड़ वाले कार्यक्रम की अनुमति देना संभव नहीं है। सिख विरोधी दंगों की बरसी के कारण बदली थी तारीख पहले यह शो 1 नवंबर को होना था, लेकिन पंजाबी प्रमोशन काउंसिल की अपील के बाद अब इसे 30 अक्टूबर कर दिया गया। तारीख बदलने की अपील 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़ी संवेदनशीलता को देखते हुए की गई। काउंसिल ने अपने पत्र में कहा था कि 1 नवंबर का दिन सिख समुदाय के कई परिवारों के लिए दर्दनाक यादों से जुड़ा है। 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख-विरोधी दंगे भड़के थे। इस इन दंगों की यादें आज भी पीड़ित परिवारों और सिख समुदाय के लिए संवेदनशील हैं। 'ओरा इंडिया टूर' की शुरुआत दिल्ली से होनी थी ग्लोबल पंजाबी स्टार दिलजीत दोसांझ के इस नए 'ओरा इंडिया टूर' की शुरुआत 30 अक्टूबर को दिल्ली से ही होने वाली थी। दिल्ली के बाद इस टूर के तहत इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई, बेंगलुरु और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। फर्जी वॉलंटियर स्कैम को लेकर दिलजीत ने दी थी चेतावनी शो से पहले सोशल मीडिया पर फर्जी वॉलंटियर भर्ती को लेकर भी विवाद सामने आया था। दिलजीत दोसांझ ने खुद इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर फैंस को ऐसे फर्जी पेजों से दूर रहने के लिए कहा था। उन्होंने साफ किया था कि उनकी टीम किसी भी वॉलंटियर को भर्ती नहीं कर रही है और लोग अपना पर्सनल डेटा किसी भी अनजान पेज पर शेयर न करें। ये खबर भी पढ़ें: दिलजीत दोसांझ का घर समझ लिखे खालिस्तानी नारे: पड़ोसी बोला- मुंह बांधकर आए 4-5 लोग, सिंगर का भी नाम लिखा, मैंने डांटा तो भाग गए पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के ऑरा इंडिया टूर से पहले उनके गांव दोसांझ कलां में कुछ लोगों ने घर की दीवार पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लिख दिए। बाद में पता चला कि जिस घर की दीवार पर नारे लिखे गए, वह दिलजीत दोसांझ का नहीं, बल्कि उनके पड़ोसी का है। (पढ़ें पूरी खबर)
वेटरन एक्ट्रेस शबाना आजमी ने कहा कि वो मुस्लिम हैं, उन्हें ईद, गरारा (ड्रेस), उर्दू भाषा और खाना पसंद है, लेकिन वो नमाज नहीं पढ़ती हैं। शबाना ने यह भी कहा कि उनके लिए धर्म एक निजी मामला है और अगर किसी को पूजा करने से सुकून मिलता है, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। दरअसल, शबाना ने हाल ही में IIMUN (इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस) के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में कहा, “मेरे पिता नास्तिक थे। मेरी मां कुछ हद तक इसका पालन करती थीं, लेकिन गंभीरता से नहीं। मेरा मतलब है कि वह ऐसी चीजें करती थीं, जैसे जब हम यात्रा कर रहे होते थे, तो वह एक इमाम-ए-जमीन बांधती थीं और कुछ चीजें पढ़ती थीं। कुछ चीजें उनकी अपनी थीं। जैसे हम लोग ‘माशाअल्लाह’ और ‘इंशाअल्लाह’ बोलते हैं।” उन्होंने बताया कि माशाअल्लाह (अल्लाह की मर्जी से ऐसा हुआ) और इंशाअल्लाह (अल्लाह की इच्छा से) कहने को लेकर उनके पति जावेद अख्तर पूछते हैं कि वह ऐसा क्यों कहती रहती हैं। जावेद अख्तर उनसे कहते हैं, “अगर कोई हर समय ‘प्रभु जी की मर्जी’ कहे, तो तुम्हें कैसा लगेगा?” इस पर शबाना ने कहा कि उन्हें ये शब्द उनकी भाषा का हिस्सा लगते हैं। ‘धर्म से सुकून मिलता है, तो किसी को परेशानी क्यों हो?’ शबाना ने बताया कि उन्हें धर्म के बारे में जानने की कभी खास उत्सुकता नहीं रही। उन्होंने जावेद अख्तर को कट्टर नास्तिक बताते हुए कहा कि अगर किसी को धर्म का पालन करके सुकून मिलता है, तो उसे ऐसा करने देना चाहिए। किसी की आस्था को ठेस पहुंचाने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि जावेद अख्तर का मानना है कि अगर धार्मिक लोग उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं, तो उन्हें भी नास्तिक होने के नाते अपनी बात रखने और आहत महसूस करने का अधिकार है। शबाना के मुताबिक, यह दोनों तरफ से जुड़ा मामला है। ‘धर्म निजी मामला है, सरकार को दखल नहीं देना चाहिए’ शबाना ने कहा कि उनके लिए भगवान और धर्म से जुड़ा सवाल निजी है। अगर किसी को पूजा करने से सुकून मिलता है, तो उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। साथ ही, उनका मानना है कि सरकार को किसी के निजी धार्मिक विश्वास में दखल नहीं देना चाहिए। बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने कहा था कि वह एक कल्चरल मुस्लिम हैं, प्रैक्टिसिंग मुस्लिम नहीं, तो इस पर उन्होंने कहा, “हां, मैं मुसलमान हूं। मुझे ईद, गरारा, उर्दू भाषा और खाना, ये सब पसंद है। लेकिन हम नमाज नहीं पढ़ते हैं और धर्म से इस तरह का कोई वास्ता नहीं है।” शबाना बोलीं- यूनिफॉर्म नहीं, कॉमन सिविल कोड होना चाहिए शबाना आजमी ने यह भी कहा कि देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड के बजाय कॉमन सिविल कोड होना चाहिए। यह कानून महिलाओं के साथ समानता और न्याय पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी एक समूह का तय किया कानून सभी पर थोपने के बजाय अलग-अलग धर्मों के न्यायपूर्ण कानूनों पर चर्चा होनी चाहिए। एक्ट्रेस ने कहा कि कॉमन सिविल कोड का एक मसौदा तैयार किया जाए, जिसमें सभी धर्मों के न्यायसंगत कानून शामिल हों। इसे चर्चा के लिए खुला रखा जाए और फिर सभी की राय से कानून बनाया जाए। ‘पर्सनल लॉ में महिलाओं से भेदभाव’ शबाना ने कहा कि अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ में शादी, गुजारा भत्ता और विरासत जैसे मामलों में महिलाओं के साथ भेदभाव होता है। महिलाओं के साथ अन्याय करने वाले कानूनों को धार्मिक परंपरा के नाम पर बचाया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बंटवारे के समय मुस्लिम समुदाय में असुरक्षा की भावना थी। इसलिए उन्हें अपने पर्सनल लॉ के मामले में आजादी दी गई। उम्मीद थी कि समय के साथ समुदाय में भरोसा बढ़ेगा और लोग अपने धर्मों के भीतर सुधार की मांग करेंगे। हालांकि, उनके मुताबिक, ऐसा पूरी तरह नहीं हो पाया। ‘बटवारा 1947’ में नजर आई थीं शबाना आजमी हाल ही में निर्देशक राजकुमार संतोषी की पीरियड-ड्रामा फिल्म ‘बटवारा 1947’ में नजर आई थीं। यह फिल्म 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी थी। यह असगर वजाहत के 1989 के नाटक ‘जिस लाहौर नई वेख्या, ओ जम्या ई नई’ पर आधारित थी। यह फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इसी दिन उनकी एक और फिल्म ‘आवारापन 2’ रिलीज हुई। इस फिल्म में शबाना आजमी का किरदार काफी अलग और चर्चा में रहा, क्योंकि वह इसमें एक विलेन की भूमिका में नजर आईं।
उत्तराखंड में पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच विवाद पर गुरुवार को CM पुष्कर सिंह धामी ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि मैं कहता हूं कि उस समय मंत्री पर जनता का दवाब रहा होगा। मंत्री जी खुद आकर कह चुके हैं कि मुझे नहीं पता था कि उनका स्वास्थ्य खराब है। उत्तराखंड कलाकारों की धरती है, यहां सबका सम्मान होता है। मुझे लगता है कि इस विषय को यही समाप्त कर देना जाना चाहिए। मैं मीका भाई और दलेर मेहंदी से बात करूंगा। दोनों मेरे अच्छे मित्र हैं। दरअसल, 18 अक्टूबर की रात उत्तराखंड के टिहरी-गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर में कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी के शो के दौरान विवाद हुआ था। कार्यक्रम में पहुंचे उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल ने उन्हें पटकार लगाते हुए कहा था कि आप ठीक से बोल तो पा नहीं रहे हैं, गाना क्या गाएंगे? आपको यहां लोगों को एंटरटेन करने के लिए बुलाया था। शो की कुछ तस्वीरें देखिए…. अब जानिए सिंगर मीका सिंह ने क्या कहा बॉलीवुड और सिंगर मीका सिंह ने अपने बड़े भाई और मशहूर गायक दलेर मेहंदी पर लगे आरोपों का कड़े शब्दों में खंडन किया था। मीका सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करके आलोचकों को खुली चुनौती दी थी। 30 साल के करियर का दिया हवाला: मीका ने वीडियो की शुरुआत में कहा कि उन्होंने कल अपने बड़े भाई की न्यूज देखी जिसमें लोगों ने यह अफवाह फैला दी है कि दलेर मेहंदी शराब पीकर गाना गा रहे थे। उन्होंने लोगों से सवाल किया कि दलेर मेहंदी पिछले 30 साल से सुपरस्टार हैं, क्या जिंदगी में कभी किसी ने उनके हाथ में शराब का गिलास देखा है? मीका ने कहा कि चाहे कोई बर्थडे पार्टी हो या कोई अन्य कार्यक्रम, उन्होंने कभी शराब नहीं पी। बीमारी और बड़े ऑपरेशन का खुलासा: मीका ने सच्चाई बताते हुए कहा कि असल में दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी। उन्होंने खुलासा किया कि हाल ही में दलेर मेहंदी का एक बहुत बड़ा ऑपरेशन हुआ था। कलाकारों की मजबूरी का जिक्र: मीका ने समझाया कि कलाकारों को कई बार अपनी कमिटमेंट पूरी करने के लिए बीमार होने पर भी (जैसे 104 डिग्री बुखार होने पर भी) शो करने जाना पड़ता है। दलेर मेहंदी ने भी अपनी कमिटमेंट पूरी करने के लिए शो के लिए हाँ कर दी थी, भले ही उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। मंच पर मंत्री की टिप्पणी का जवाब: मीका ने बताया कि शो के दौरान मंच पर कोई मंत्री आए और उन्होंने झिड़कते हुए कहा कि 'आप पैसे लेकर आए हैं और आपसे गाना नहीं गाया जा रहा है'। मीका ने इस बात से सहमति जताते हुए कहा कि आप यह बोल सकते हैं कि उनसे खड़ा नहीं हुआ जा रहा था या गाया नहीं जा रहा था, लेकिन यह कहना बिल्कुल गलत है कि वह शराब पीकर गा रहे थे। मीका की मीडिया और बॉलीवुड को खुली चुनौती: वीडियो के अंत में मीका ने मीडिया, दोस्तों और बॉलीवुड के अपने सभी साथियों को ओपन चैलेंज दिया। उन्होंने कहा कि अगर एक भी इंसान यह बोल दे कि उसने दलेर मेहंदी को शराब पीते हुए देखा है, तो वह (मीका सिंह) गाना ही छोड़ देंगे। मंत्री ने कहा था- ड्रंक होकर बेवकूफ बना रहे हो मंत्री ने दलेर मेहंदी से कहा था, ड्रंक होकर आप लोगों का बेवकूफ बना रहे हो। उन्होंने गायक के बड़े नाम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें सम्मान के साथ पेश आना चाहिए। इस दौरान दलेर मेहंदी मंत्री को समझाने की कोशिश करते रहे, जबकि कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने खूब हूटिंग की। नोकझोंक के बाद दलेर मेहंदी ने गाना जारी रखने का ऐलान किया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद गायक की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हमने दलेर मेहंदी को बुलाया है, उनकी टीम को नहीं। आप शराब पीकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, गाना भी नहीं गा रहे। शो से पहले आपके नखरे इतने थे की हमें ये चाहिए वो चाहिए। गाना एक भी नही गा रहे हैं। एक लाइन बोलके बैठ जा रहे हैं, बेवकूफ बना रहे हैं आप। आपको मालूम है ना कि एक सिंगर पिट कर गया था यहां से। इतना पिटा था कि उसका बाप भी अब नहीं आ सकता यहां पर। मंत्री के भड़के के बाद ‘राम राम’ गाना शुरू किया मंत्री की नाराजगी के बाद दलेर मेहंदी ने दोबारा गाना शुरू किया। उन्होंने ‘राम राम’ गाना गाया, लेकिन इस दौरान भी उनकी टीम उनका साथ देती रही। इसके बाद उन्होंने कुछ और गाने गाए। प्रस्तुति के आखिर में दलेर मेहंदी ने मंच से सुबोध उनियाल को बुलाया। उनियाल मंच पर चढ़े और फिर उन्होंने यहां पर भी दलेर को खूब सुनाया। उन्होंने दोबारा कहा- इतना पैसा देकर हमने आपको बुलाया है। ड्रंक होकर आप लोगों का बेवकूफ बना रहे हो। यहां पर मिक्सर के द्वारा आप आवाज निकाल रहे हो। गलत बात है ये, आपको मंच का सम्मान करना चाहिए था हमने आपको इसलिए बुलाया ताकी आप लोगों को एंटरटेंन करें लेकिन आपसे बोला तक नहीं जा रहा। दलेर मेहंदी इस दौरान मंत्री को काफी समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन सुबोध उनियाल ने कहा, “बड़े नाम को हमेशा आपको सम्मान करना चाहिए। आपको इसलिए ही बुलाया कि आप बड़ा नाम है।
मुंबई में 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई। टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद जुहू इलाके से निकल रहे थे, तभी उनकी कार पर गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर को गोली नहीं लगी, लेकिन उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए। इसके बाद टाइगर के घर के बाहर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। टाइगर को पुलिस सुरक्षा दी गई है। मुंबई पुलिस की प्रोटेक्शन ब्रांच ने टाइगर की सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड तैनात किए हैं। वहीं, स्थानीय पुलिस स्टेशन की ओर से एक पुलिस अधिकारी और अतिरिक्त जवानों को भी उनकी सुरक्षा में लगाया गया है। टाइगर पर फायरिंग करने वाले आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार की रेकी की थी, लेकिन सिक्योरिटी ज्यादा होने के कारण प्लान बदल दिया था। किन बॉलीवुड सेलेब्स को मिली है सुरक्षा? भारत में सुरक्षा देने का फैसला किसी व्यक्ति की लोकप्रियता के बजाय उसके सामने मौजूद खतरे के आकलन के आधार पर किया जाता है। केंद्रीय स्तर पर गृह मंत्रालय और राज्य स्तर पर संबंधित सरकारें खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर सुरक्षा तय करती हैं। जरूरत के मुताबिक सुरक्षा बढ़ाई, घटाई या वापस भी ली जा सकती है। बॉलीवुड के कई सेलेब्स को अलग-अलग कैटेगरी में सुरक्षा मिली है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था समय के साथ बदल सकती है। सलमान खान — Y+ सुरक्षा सलमान खान को नवंबर 2022 में धमकियां मिलने के बाद Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दी गई थी। उनकी सुरक्षा में मुंबई पुलिस के जवान और सशस्त्र कमांडो शामिल होते हैं। अप्रैल 2024 में उनके घर के बाहर फायरिंग के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई थी। टाइगर की कार पर फायरिंग के बाद सलमान के घर के बाहर अतिरिक्त पुलिस निगरानी और बैरिकेडिंग की खबरें आईं। शाहरुख खान — Y+ सुरक्षा महाराष्ट्र सरकार ने अक्टूबर 2023 में शाहरुख खान की सुरक्षा बढ़ाकर Y+ कैटेगरी की कर दी थी। इससे पहले उन्हें दो पुलिस कांस्टेबल सुरक्षा देते थे। फिल्म ‘पठान’ और ‘जवान’ की सफलता के बाद शाहरुख को जान से मारने की धमकियां मिली थीं। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। Y+ सुरक्षा के तहत शाहरुख के साथ 11 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इनमें 6 कमांडो शामिल हैं, जो तीन शिफ्ट में उनकी सुरक्षा करते हैं। वहीं, 5 सशस्त्र पुलिसकर्मी उनके मुंबई स्थित घर ‘मन्नत’ की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। इस सुरक्षा व्यवस्था का खर्च शाहरुख खान खुद उठाते हैं। यह पेड सिक्योरिटी व्यवस्था है। इसके तहत सुरक्षा पर होने वाला खर्च एक्टर महाराष्ट्र सरकार को चुकाते हैं। कंगना रनोट — Y+ सुरक्षा केंद्र सरकार ने सितंबर 2020 में कंगना रनोट को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। वह इस तरह का सुरक्षा कवर पाने वाली पहली बॉलीवुड अभिनेत्री बनी थीं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कमांडो को सौंपी गई थी। उस समय सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना और शिवसेना नेता संजय राउत के बीच विवाद चल रहा था। मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से करने के बाद भी कंगना को आलोचना और धमकियों का सामना करना पड़ा था। उन्हें मुंबई नहीं आने की चेतावनी भी दी गई थी। इसके बाद कंगना के पिता ने सुरक्षा की मांग की थी। खतरे का आकलन करने के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें Y+ सुरक्षा देने का फैसला किया था। अमिताभ बच्चन — X कैटेगरी की सुरक्षा महाराष्ट्र सरकार ने नवंबर 2022 में अमिताभ बच्चन की सुरक्षा की समीक्षा के बाद इसे बढ़ाकर X कैटेगरी का कर दिया था। इससे पहले उन्हें सामान्य पुलिस सुरक्षा मिली हुई थी। इस व्यवस्था के तहत मुंबई पुलिस के जवान उनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। अक्षय कुमार — X कैटेगरी की सुरक्षा महाराष्ट्र सरकार ने खतरे के आकलन के बाद अक्षय कुमार को X कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। टाइगर पर फायरिंग के बाद जांच में यह सामने आया कि अक्षय कुमार के घर की भी रेकी की गई थी। इसके बाद कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अक्षय के जुहू स्थित घर पर बुलेटप्रूफ ग्लास लगाने का काम शुरू हुआ। हालांकि, इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल या बुलेटप्रूफ ग्लास लगाए जाने के स्पष्ट संकेत नहीं मिले। अनुपम खेर — X कैटेगरी की सुरक्षा अनुपम खेर को फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ रिलीज होने के बाद धमकियां मिलने और सुरक्षा संबंधी आकलन के आधार पर X कैटेगरी की सुरक्षा दिए जाने की खबरें आई थीं। उनकी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की पुष्टि के लिए ताजा आधिकारिक जानकारी जरूरी है। महाराष्ट्र सरकार ने 2022 में खतरे का आकलन करने के बाद अनुपम खेर को X कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। उस समय फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की रिलीज के बाद उन्हें धमकियां मिलने की खबरें सामने आई थीं। गौरतलब है कि वीआईपी सुरक्षा की समय-समय पर समीक्षा की जाती है। अनुपम खेर को फिलहाल X कैटेगरी की सुरक्षा मिल रही है या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। विवेक अग्निहोत्री — Y कैटेगरी की सुरक्षा केंद्र सरकार ने मार्च 2022 में फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री को Y कैटेगरी की सुरक्षा दी थी। यह फैसला फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की रिलीज के बाद लिया गया था। फिल्म 11 मार्च 2022 को रिलीज हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म रिलीज होने के बाद विवेक अग्निहोत्री को धमकियां मिल रही थीं। इसके बाद इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने उनकी सुरक्षा को लेकर खतरे का आकलन किया। रिपोर्ट के आधार पर उन्हें सुरक्षा देने का फैसला हुआ। आमिर खान — स्थानीय पुलिस या निजी सुरक्षा जुलाई 2026 में आमिर खान को कथित तौर पर धमकी मिलने की खबरें सामने आई थीं। सोशल मीडिया और एक कथित वॉयस नोट में लॉरेंस गैंग का नाम लिया गया था। इसके बाद मुंबई के बांद्रा स्थित उनके घर के बाहर पुलिस तैनात की गई थी। टाइगर की कार पर फायरिंग की घटना के बाद जांच में आमिर खान के घर की रेकी किए जाने की बात भी सामने आई। इसके बाद उनके घर के आसपास पुलिस की गश्त बढ़ाई गई। रोहित शेट्टी — घर के बाहर पुलिस निगरानी 1 फरवरी 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग हुई थी। हमलावरों ने 4 से 5 राउंड गोलियां चलाई थीं। घटना के बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद उनके घर के बाहर पुलिस तैनात की गई। टाइगर की कार पर फायरिंग की घटना के बाद रोहित शेट्टी के घर के बाहर निगरानी और बढ़ा दी गई।
एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद मनोज बाजपेयी और दिव्या दत्ता ने घटना पर चिंता जताई है। ANI से बातचीत में मनोज बाजपेयी ने कहा कि वह इस घटना को गैंगवार नहीं मानते, लेकिन कहीं से भी गोलियां चलना डराने वाला है। मनोज ने कहा, “मुझे यह गैंगवार नहीं लगता, लेकिन गोली कहीं से भी चल जा रही हैं। यह बड़ा डरावना है। टाइगर के साथ जो हुआ, वह दुखद है और सबसे अच्छी बात यह है कि वह सुरक्षित हैं और उनके ड्राइवर की हालत भी धीरे-धीरे सुधर रही है।” उन्होंने कहा कि खबरों से पता चला है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई लाया गया है। मनोज ने उम्मीद जताई कि जांच जल्द पूरी होगी और दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी, जिससे भविष्य में कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले सोचे। दिव्या दत्ता ने कहा कि ऐसी घटनाओं से लोगों में डर पैदा होता है। हर व्यक्ति को सुरक्षित महसूस करने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और टाइगर सुरक्षित हैं। 18 अक्टूबर की शाम को मुंबई के जुहू इलाके में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर अज्ञात हमलावरों द्वारा फायरिंग की गई थी। इस हमले में टाइगर श्रॉफ पूरी तरह सुरक्षित रहे, हालांकि उनकी कार के शीशे टूटने और बारूद की वजह से उनके हाथों और छाती पर मामूली चोटें आईं। घटना में उनका ड्राइवर फिरदौस और पास में खड़ा एक राहगीर घायल हो गए थे। टाइगर पर फायरिंग की घटना से कई सेलेब्स ने चिंता जताई बता दें कि टाइगर पर फायरिंग की घटना पर कई सेलेब्स ने रिएक्शन दिया। सुनील शेट्टी ने टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना पर चिंता जताते हुए कहा था, “पूरी दुनिया टाइगर और जैकी दादा से प्यार करती है। अगर उनके साथ ऐसा हो सकता है, तो किसी के साथ भी ऐसा हो सकता है। ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए था।” सुनील ने कहा कि जैकी श्रॉफ उनके बचपन के दोस्त हैं। उन्हें राहत है कि टाइगर ठीक हैं। दीपक पराशर ने पूछा- एक्टर्स काम करने आते हैं या निशाना बनने? टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना पर दिग्गज एक्टर दीपक पराशर ने कहा था कि इस घटना से उन्हें बहुत बुरा लगा। टाइगर एक अच्छे इंसान हैं और उनके पिता जैकी श्रॉफ उनके काफी करीबी हैं। उन्होंने जैकी को मैसेज भेजकर भी अपनी चिंता जाहिर की। दीपक ने सवाल उठाया कि आखिर एक्टर्स यहां काम करने आते हैं या निशाना बनने के लिए? उन्होंने कहा कि अगर किसी गैंग को कोई परेशानी है, तो उसे सामने बैठकर बातचीत से मामला सुलझाना चाहिए। उन्होंने बताया कि फायरिंग में ड्राइवर को गोली लगी थी। इस घटना में टाइगर की जान भी खतरे में पड़ सकती थी। दीपक ने कहा कि इसका असर सिर्फ टाइगर पर नहीं पड़ता, बल्कि फिल्मों से जुड़े कई लोगों की जिंदगी भी प्रभावित होती है। स्पॉट बॉय, कैमरा और साउंड टीम के सदस्य भी इन प्रोडक्शन से जुड़े होते हैं। ऐसी घटनाओं से उनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ सकता है। शरद बोले- देश में ऐसी अराजकता नहीं होनी चाहिए टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना को लेकर एक्टर शरद केलकर ने कहा था कि यह गलत है और देश में ऐसी अराजकता नहीं होनी चाहिए। यह मामला सिर्फ बॉलीवुड या किसी मशहूर व्यक्ति तक सीमित नहीं है। शरद ने बताया कि घटना के बाद उनकी जैकी श्रॉफ से बात हुई थी और उन्होंने मैसेज भी किया था। उन्होंने कहा कि उन्हें मुंबई पुलिस पर पूरा भरोसा है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच करेगी। शरद ने उम्मीद जताई कि इस घटना के जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी। राजेश रोशन ने घटना को बेहद दुखद बताया टाइगर पर फायरिंग की घटना को लेकर म्यूजिक डायरेक्टर राजेश रोशन ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है। वहीं, बिग बॉस फेम अर्शी खान ने कहा कि मामले की सही तरीके से जांच होनी चाहिए। जिसने भी यह किया है, उसे सजा मिलनी चाहिए। अर्शी ने कहा कि टाइगर एक मशहूर शख्सियत हैं और लोग उनसे बहुत प्यार करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनको कुछ हो गया तो छोड़ेंगे थोड़ी। ........................ यह खबर भी पढ़ें... टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद अमाल मलिक ने पूछा- उन्हें क्यों निशाना बनाया, शत्रुघ्न सिन्हा और राहुल ढोलकिया ने उठाए सवाल टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के बाद घटना को लेकर म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक ने सवाल उठाया था कि आखिर टाइगर को निशाना क्यों बनाया गया। वहीं, रवि किशन, शत्रुघ्न सिन्हा और राहुल ढोलकिया समेत कई सितारों ने घटना पर नाराजगी जताई थी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
76 दिनों से सिनेमाघरों में कब्जा जमाकर बैठी हनुमान अंश की रफ्तार वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर भी नहीं रुकी है। बुधवार तक मूवी ने दस हफ्ते ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर कितनी कमाई की, पढ़ें डिटेल्स।
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, हरियाणा कनेक्शन गहराता जा रहा है। इस केस में अब तक राज्य के 7 युवकों के नाम सामने आ चुके हैं। इनमें से शूटर रेहान अंसारी और फूल सिंह समेत 6 आरोपी अकेले सोनीपत जिले के हैं, जबकि विदेश में बैठकर पूरी साजिश का धागा खींच रहा हैंडलर अनिल पंडित पानीपत का रहने वाला है। पुलिस की कार्रवाई में लगातार नई गिरफ्तारियां हो रही हैं। बुधवार देर रात मुंबई पुलिस और सोनीपत STF ने देवडू गांव से समीर और नितिन को दबोच लिया। इससे ठीक एक दिन पहले रोहणा के कुणाल, खरखौदा के सुमित और गोहाना के अंकित को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब कुणाल के साथ उसकी गर्लफ्रेंड राधा और उसकी सहेली बबीता को भी पकड़ा गया। UP की रहने वाली ये दोनों लड़कियां बहालगढ़ की एक फैक्ट्री में काम करती हैं और करीब दो महीने पहले ही कुणाल के संपर्क में आई थीं। गिरफ्तार किए गए इन सभी पर एक्टर की रेकी करने, भागने के रास्ते खंगालने, हथियार पहुंचाने और वारदात के बाद शूटर्स की मदद करने का आरोप है। वहीं, गोहाना के शूटर फूल सिंह को लेकर भी बड़ा अपडेट आया है, जिसे पहले नाबालिग समझा जा रहा था, मुंबई पुलिस के मुताबिक उसकी उम्र 18 साल से ज्यादा है। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी पहेली यह है कि हरियाणा के रेहान-फूल सिंह और बिहार के ऋतिक की मुलाकात महज 20 दिन पहले ही हुई थी। इतनी कम अवधि में तीनों का एक साथ आना और इतने बड़े नेटवर्क को इस साजिश में जोड़ लेना, पुलिस की पूरी इन्वेस्टिगेशन का फोकस अब इसी पर है। पुलिस ने ऐसे जोड़े हथियार सप्लाई करने वालों के कनेक्शन… सुमित की मां बोलीं- बेटे ने खाटू श्याम जाने की बात कही थी खरखौदा में किराये के मकान में रहने वाला सुमित मूल रूप से रोहतक जिले के रिठाल गांव का निवासी है। वह सोनीपत के खरखौदा में एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर काम करता है। उसकी मां आशा ने बताया कि 14 या 15 अक्टूबर को पड़ोस का नितिन खाटूश्याम धाम जाने की बात कहकर उनके बेटे को अपने साथ ले गया था। इसके बाद मंगलवार को पुलिस सुमित को अपने साथ ले गई। मां आशा का कहना है कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले कुणाल पर अपने बेटे को इस मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। अब जानिए बरोदा के अंकित को क्या मिली थी जिम्मेदारी फायरिंग करने में हरियाणा के अनिल पंडित और रेहान मुख्य किरदार --------------------- टाइगर श्रॉफ केस से जुड़ीं ये खबर भी पढ़ें… टाइगर श्रॉफ फायरिंग- शूटर रेहान के 2 दोस्त पकड़ाए:मां बोली- ₹2 लाख कमाने का ऑफर आया; मुंबई क्राइम ब्रांच ने कॉल कर डिटेल्स बताईं टाइगर श्रॉफ फायरिंग-जिम्मेदारी लेने वाले अनिल पंडित के पिता पुजारी:1 साल से जेल में बंद, मकान बेचकर विदेश भेजा था टाइगर श्रॉफ पर गोलियां चलाने वाले पकौड़ी खरीदते दिखे:यात्री बनकर जनरल कोच में चढ़े पुलिसवाले, 15 मिनट में तीनों को दबोचा टाइगर श्रॉफ पर हमले के 3 आरोपी कोटा से पकड़े:पुणे-जयपुर ट्रेन में बैठे थे, लॉरेंस गैंग से जुड़े हैं बदमाश; विदेश भागने की फिराक में थे टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मास्टरमाइंड का बाप जेल में:सरपंच को भी धमका चुका गैंगस्टर अनिल पंडित; परिवार समेत 10 साल पहले छोड़ा गांव
रजनीकांत की Jailer 2 की दुनियाभर में चांदी, 500 करोड़ पार पहुंची फिल्म;सिर्फ 8 दिनों में किया कमाल
रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनियाभर में 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है।
“हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है…” ये डायलॉग अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया, लेकिन हिंदी सिनेमा के ऐसे कई यादगार संवादों के पीछे कादर खान की कलम थी। पर्दे पर अपनी अदाकारी और संवादों से कभी हंसाने, कभी रुलाने, तो कभी खलनायक बनकर डराने वाले कादर खान की निजी जिंदगी संघर्षों से भरी थी। काबुल में जन्मे कादर खान का परिवार अनहोनी के डर से भारत आ गया। बॉम्बे के कमाठीपुरा की तंग गलियों में गरीबी का आलम ये था कि बचपन में उन्हें मस्जिद के बाहर बैठकर भीख मांगनी पड़ी। लेकिन जिस उम्र में बच्चे खेलते हैं, उस उम्र में कादर खान अपने हुनर को आवाज दे रहे थे। कब्रिस्तान में खड़े होकर फिल्मी डायलॉग बोलते कादर पर एक थिएटरकर्मी की नजर पड़ी और यहीं से उनके रंगमंच तक पहुंचने का रास्ता खुला। आगे चलकर यही हुनर उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित संवाद लेखकों और अभिनेताओं में ले आया। आज कादर खान की बर्थ एनिवर्सरी पर पढ़िए, संघर्षों से शोहरत तक पहुंचे उस कलाकार की जिंदगी के चुनिंदा किस्से, जिसने पर्दे पर लाखों चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, लेकिन खुद की जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना किया- किस्सा- 1 3 भाइयों की मौत हुई, मां की जिद पर अफगानिस्तान से भारत आया परिवार 22 अक्टूबर 1937, कादर खान का जन्म काबुल, अफगानिस्तान में हुआ। पिता मौलवी थे। कादर खान के 3 बड़े भाई थे। सबसे बड़ा भाई 8 साल का हुआ, तो उसकी मौत हो गई। दूसरे, तीसरे के साथ भी ठीक यही हुआ। ऐसे में जब कादर की उम्र बढ़ने लगी, तो मां डर गईं। उन्होंने पति से साफ कहा- ये जगह मेरे बच्चों के लिए ठीक नहीं, कहीं दूर चलते हैं। उनकी फिक्र समझकर पिता ने एक फौजी गाड़ी में जरूरत का सामान रखा और परिवार के साथ बॉम्बे आ गए। तंगहाली के दिन थे, ऐसे में परिवार ने बॉम्बे की कमाठीपुरा बस्ती में पनाह ली। ये बॉम्बे का सबसे बदनाम इलाका माना जाता था। हर रोज चोरी-चकारी, हत्या होना आम बात थी। प्रोस्टिट्यूशन के लिए भी ये इलाका बदनाम था। किस्सा- 2 तंगहाली के बीच पिता छोड़कर गए, मस्जिदों में भीख मांगते थे कादर खान बदलती तारीखों के साथ जमापूंजी खत्म होने लगी। पिता और मां के भी गुरबत में झगड़े बढ़ने लगे और जब कादर 2 साल के हुए, तो पिता उन्हें छोड़कर चले गए और बॉम्बे में ही रहकर एक मस्जिद के इमाम बन गए। पिता के जाने की खबर जब बलूचिस्तान में ननिहाल पहुंची, तो नाना-मामूजान एक फरमान के साथ बॉम्बे आ गए। साफ कहा गया, अकेली जवान औरत एक बच्चे के साथ इस बदनाम मोहल्ले में अकेली नहीं रहेगी। यहां रहना है, तो दूसरा निकाह करना होगा। आनन-फानन में जबरदस्ती मां का दूसरा निकाह करवाया गया। सौतेले पिता के पास भी कोई कमाई का जरिया नहीं था। भूख से परेशान मां ने आसपास के लोगों से मांगकर गुजारा किया। कादर ने होश संभाला, तो मां ने बताया कि उनके पिता डोंगरी के टेनटेनपुरा की मस्जिद के इमाम हैं। जब भी घर में खाना नहीं होता, तो कादर कई किलोमीटर पैदल चलकर पिता के पास जाते और उनसे 2 रुपए मांगते। पिता से जवाब मिलता- मेरे पास भी पैसे नहीं हैं। ऐसे में कादर मस्जिद के बाहर ही भीख मांगते। दिन भर में जो भी भीख या खाना मिलता, उससे गुजारा होता। कुछ दिन खाना मिलता, तो कुछ दिन भूखे पेट ही रात गुजरती। कुछ महीने बाद सौतेले पिता भी उन्हें छोड़कर चले गए। किस्सा- 3 मजदूरी करने निकले, तो मां ने कहा- मैं मुसीबत से लड़ूंगी, तू पढ़ तंगहाली में मां ने उनका दाखिला स्कूल में करवाया, लेकिन तब घर की हालत और बिगड़ने लगी। एक दिन पड़ोस में रहनेवाले लड़कों ने कहा- ‘क्या रखा है पढ़ाई में, कारखाने चल, साथ में मजदूरी कर, 2-5 रुपए मिलेंगे।’ कादर ने उस दिन घर आकर बस्ता फेंका और कारखाने के लिए निकलने लगे, तभी मां के हाथ ने कंधा रोक दिया। पलटे तो मां ने तुरंत कहा- ‘मैं जानती हूं, तू कहां जा रहा है। तू इनके साथ 4-5 रुपए कमाने जा रहा है। बेटा, इस 4-5 रुपए से घर में खुशियां- रोटी नहीं आएंगी। तुझे वाकई हमदर्दी है, तो तू खुशियां ला सकता है। तू पढ़, तू कुछ मत कर, मैं हूं, मैं मुसीबतों से जंग करूंगी।’ मां की समझाइश पर कादर खान ने पढ़ाई में खूब मन लगाया। बचपन के ये किस्से कादर खान ने लहरें रेट्रो को दिए इंटरव्यू में सुनाए थे। किस्सा- 4 कब्रिस्तान में जाकर डायलॉग बोलते थे, तभी मिला पहले प्ले का ऑफर कादर खान को बचपन से ही लोगों की नकल उतारने में बड़ा मजा आता था। लेकिन वो ये काम अकेले में करते थे। मां जब भी उन्हें नमाज पढ़ने मस्जिद भेजती, तो वो बस्ती की भीड़ से बचते हुए कब्रिस्तान जाते और कब्रों के बीच खड़े होकर जोर-जोर से लोगों की आवाजों की नकल उतारते और फिल्मी डायलॉग बोलते। 8 साल की उम्र में एक दिन वो तेज-तेज फिल्म का डायलॉग बोल रहे थे, तभी कब्रिस्तान की दीवार की आड़ में खड़े अशरफ खान ने उनकी आवाज सुन ली, जो थिएटर से जुड़े थे और प्ले करते थे। आवाज की भारीपन उन्हें नजदीक ले गई। उन्हें कादर का हुनर भांपने में देर न लगी और उन्होंने झट से पूछ लिया- नाटक में काम करोगे। कादर ने भी तुरंत हामी भर दी और ऐसे उनका परिचय मंच से हुआ। चंद रुपए भी मिलने लगे, घर की माली हालत भी सुधरने लगी, लेकिन कादर ने पढ़ाई को भी पूरी तवज्जो दी और म्युनिसिपल स्कूल से मैट्रिक पास कर उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग के जरिए पढ़ाई जारी रखी। साथ ही वो प्ले का भी हिस्सा बनते रहे। पढ़ाई पूरी करते हुए वो बायकला के एम.एच.साबू सिद्दीक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में पढ़ाने लगे। कॉलेज में वो अनोखे और आसान अंदाज में पढ़ाने के लिए जाने जाते थे। दूसरी तरफ प्ले में अभिनय करने के साथ वो प्ले लिखने और डायरेक्शन का काम करने से भी चर्चा में आ रहे थे। किस्सा- 5 प्ले करते हुए फिल्ममेकर ने डायलॉग लिखने का दिया मौका, 3 घंटे में लिखी फिल्म कादर अपने प्ले से मशहूर हो रहे थे। उन्हें महीने के 300-350 रुपए मिलते। तभी एक प्ले कॉम्पिटिशन की घोषणा हुई। कादर ने साफ कहा, वो हिस्सा नहीं लेंगे। उन्हें बताया गया कि जीतने वाले को 1500 रुपए मिलेंगे। कादर ने न चाहते हुए भी फॉर्म भरा। उन्होंने प्ले लिखा, लोकल ट्रेन। खुद अभिनय किया और खुद डायरेक्ट भी किया। फाइनल कॉम्पिटिशन के दिन डायरेक्टर नरेंद्र बेदी और एक्ट्रेस कामिनी कौशल जज की कुर्सी पर आए। जैसे ही कादर ने प्ले किया, तालियों की गूंज से थिएटर भर गया। कामिनी कौशल और नरेंद्र बेदी तुरंत कादर से मिलने बैकस्टेज गए और कहा- ‘तुम फिल्मों में क्यों नहीं आते। तुम्हारे पास हुनर है, तुम जैसे लोगों की जरुरत होती है।’ कादर ने जवाब दिया- ‘मुझे फिलहाल फिल्मों में अभिनय करने में दिलचस्पी नहीं है।’ इतने में डायरेक्टर नरेंद्र बेदी ने कहा- ‘मैं जया भादुड़ी, रणधीर कपूर के साथ फिल्म बना रहा हूं, जवानी दीवानी। मैं चाहता हूं तुम उसके डायलॉग लिखो।’ कादर खान ने जवाब दिया- ‘मुझे नहीं पता कि फिल्मों के डायलॉग कैसे लिखते हैं।’ इस पर नरेंद्र बेदी ने कहा- ‘हम जानते हैं कि तुम लिख लोगे। हमने आपके लिखे ड्रामा देखे हैं।’ अगले दिन कादर खान को ऑफिस बुलाकर एक स्क्रिप्ट थमा दी और कहा कि आप इसके डायलॉग लिखकर लाना। दिमाग लगाने का कोई ठिकाना नहीं था, तो कादर खान लोकल ट्रेन पकड़कर मरीन ड्राइव पर जाकर बैठे। डायरी पेन निकाला और लिखना शुरू कर दिया। पास में बच्चे फुटबॉल खेल रहे थे, बॉल बार-बार आकर लग रही थी, लेकिन कादर ने संयम बनाए रखा। 3 घंटे बाद वो दोबारा नरेंद्र बेदी के ऑफिस में पहुंचे। इतनी जल्दी कादर को देख वो खीझ गए और सोचा- इस लड़के को लिखने भेजा था, ये फिर सवाल लेकर आ गया। उन्होंने कड़े लहजे में पूछा- ‘अब क्या है?’ कादर खान ने जवाब दिया- ‘आपने डायलॉग लिखने कहा था…’ नरेंद्र बेदी ने कहा- 'तो?' कादर ने इस पर कहा- ‘मैं पूरे डायलॉग लिख लाया।’ नरेंद्र बेदी सकते में थे कि महीनों में होने वाला काम ये लड़का 3 घंटे में कैसे कर सकता है, जरूर ऊल-जलूल कुछ लिख लाया होगा। उन्होंने डायरी थामी और पढ़ना शुरू किया। आखिरी डायलॉग खत्म हुआ, तो नरेंद्र बेदी ने कुर्सी से उठकर कादर खान को सीने से लगा लिया। इससे पहले शायद किसी ने 3 घंटे की फिल्म के डायलॉग 3 घंटे में नहीं लिखे थे। इस काम के उन्हें 1500 रुपए मिले। आगे उन्हें कई फिल्मों के डायलॉग लिखने के ऑफर मिले। किस्सा- 6 प्ले की बदौलत दिलीप कुमार ने दिया फिल्मों में अभिनय करने का मौका एक दिन कादर खान ने ताश के पत्ते प्ले किया। मशहूर कॉमेडियन-एक्टर आगा भी दर्शक दीर्घा में बैठे थे। अभिनय देखकर लौटे, तो उन्होंने दिलीप कुमार से कहा- आपको उस लड़के का प्ले जरूर देखना चाहिए। अगले दिन कादर खान, कॉलेज में पढ़ा रहे थे, तभी एक चपरासी दौड़ता हुआ क्लास में आ पहुंचा। उसने कहा- ‘सर जल्दी चलिए आपके लिए कॉल आया है।’ वो ऑफिस पहुंचे, तो देखा सारा स्टाफ खड़े होकर खुसुर-फुसुर कर रहा था। कादर खान ने रिसीवर उठाते हुए कहा- ‘हैलो…,कौन बोल रहा है?’ जवाब मिला- 'मैं यूसुफ बोल रहा हूं।' कादर ने फिर पूछा- ‘कौन यूसुफ?’ इस बार जवाब मिला- ‘फिल्म इंडस्ट्री मुझे दिलीप कुमार नाम से जानती है।’ कादर खान के हाथ से रिसीवर छूट गया। कॉल की दूसरी तरफ सुपरस्टार दिलीप कुमार थे। उन्होंने जैसे ही दोबारा रिसीवर कान पर लगाया तो दिलीप कुमार ने कहा- ‘मैंने आपके प्ले की बहुत तारीफ सुनी है। मैं आपका प्ले देखना चाहता हूं।’ कादर खान ने झट से 2 शर्तें रख दीं। पहली शर्त, प्ले शुरू होने से पहले पहुंचना होगा और दूसरी शर्त- प्ले पूरा देखना होगा। दिलीप कुमार मान गए। वो अगले दिन समय से पहले पहुंचे। जब प्ले खत्म हुआ, तो उनकी आंखें लाल थीं। तालियां बजनी बंद हुईं, तो दिलीप कुमार ने कादर खान से कहा- मैं अभी तो कुछ नहीं कर सकता, लेकिन चाहता हूं आप मेरी अगली दोनों फिल्मों सगीना और बैराग में काम करें। कादर खान ने झट से हामी भर दी। इसी समय कादर खान ने कुछ और फिल्मों के ऑफर कबूल किए। उनकी बतौर एक्टर पहली राजेश खन्ना स्टारर फिल्म दाग (1973) रही, जिसमें उन्होंने वकील का किरदार निभाया। समय के साथ कादर खान की पॉपुलैरिटी बढ़ती गई। उन्होंने 300 फिल्मों में अभिनय किया और साथ ही 250 से ज्यादा फिल्मों के डायलॉग लिखे। फिल्म रोटी (1974) लिखने के लिए राजेश खन्ना और मनमोहन देसाई ने उन्हें 121000 रुपए फीस दी थी, जो उस समय में रिकॉर्ड थी। उन्होंने धरम वीर, गंगा जमुना सरस्वती, कूली, देश प्रेमी, सुहाग, परवरिश, अमर अकबर एंथोनी, शराबी, लावारिस, मुकद्दर का सिकंदर, सत्ते पे सत्ता, कूली नंबर 1, मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, साजन चले ससुराल, आंटी नंबर 1 जैसी कई फिल्मों के डायलॉग लिखे। किस्सा- 7 सर जी नहीं कहा, तो टूट गई अमिताभ बच्चन से दोस्ती कादर खान और अमिताभ बच्चन ने कई कूली, सुहाग जैसी कई फिल्मों में काम किया। कादर खान ने ही अमिताभ की हिट फिल्मों मिस्टर नटवरलाल, सत्ते पे सत्ता, हम, अग्निपथ जैसी फिल्मों के डायलॉग लिखे। साथ काम करते हुए दोनों की दोस्ती गहरी होती चली गई। एक दिन जब कादर खान को पता चला कि अमिताभ बच्चन राजनीति में जाने वाले हैं, तो उन्होंने चेताया कि ऐसा न किया जाए। राजनीति अच्छे-अच्छों को बदल देती है। अमिताभ ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। एक दिन मजाकिया अंदाज में कादर खान ने कहा, अगर तुम राजनीति में जाओगे, तो मैं तुम्हारे खिलाफ चुनाव लड़ूंगा और सबसे कहूंगा कि तुम्हें वोट न दिया जाए। बात आई-गई हो गई और अमिताभ बच्चन सांसद बन गए। कुछ दिनों बाद कादर खान और अमिताभ बच्चन किसी प्रोग्राम में पहुंचे। तभी साउथ का एक प्रोड्यूसर कादर खान के पास आया और कहा- ‘आप सर जी से मिले?’ कादर खान ने पूछा- ‘कौन सर जी?’ प्रोड्यूसर ने अमिताभ बच्चन की तरफ इशारा कर कहा- ‘वो जो लंबा सा शख्स दिख रहा है वो। हमारे सर जी।’ कादर खान ने कहा- ‘वो मेरे लिए अमित है। हम दोस्त हैं।’ प्रोड्यूसर ने टोकते हुए कहा, ‘हम सब उन्हें सर जी कहते हैं। आप भी उन्हें अब से सर जी ही कहना।’ कादर खान शांत खड़े रहे। सब वहां अमिताभ बच्चन को सर जी कह रहे थे। ये बात जब अमिताभ बच्चन तक पहुंची कि कादर खान ने उन्हें सर कहने से इनकार कर दिया, तो दोनों के बीच दूरियां आ गईं। कादर खान ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमिताभ बच्चन भी चाहते थे कि वो उन्हें सर कहें। कादर खान से जुड़े ये फैक्ट्स भी पढ़िए-
76वें दिन Hanuman Ansh ने दिखाया दोगुना 'बल', बॉक्स ऑफिस पर लंबी छलांग मारकर लूट लिया बॉक्स ऑफिस
Hanuman Ansh Day 76 Box Office Collection: नीम करोली बाबा की फिल्म हनुमान अंश की कमाई में 11वें बुधवार को बढ़ोतरी हुई है।
यामी गौतम की Nayyi Navelli ने पलटी बाजी, छठे दिन हॉरर-कॉमेडी फिल्म की कमाई रही शॉकिंग
अभिनेत्री यामी गौतम की लेटेस्ट फिल्म नयी नवेली के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का समीकरण अचानक से बदला है।
मुंबई के जुहू में कार पर हुई गोलीबारी की घटना के महज दो दिन बाद अभिनेता टाइगर श्रॉफ काम पर वापस लौट आए हैं। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, 18 अक्टूबर को हुए हमले के बाद टाइगर ने 20 अक्टूबर से अपनी अपकमिंग फिल्म 'लग जा गले' की शूटिंग दोबारा शुरू कर दी है। यह एक रोमांटिक-एक्शन फिल्म है, जिसमें टाइगर पहली बार जाह्नवी कपूर और लक्ष्य के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे। घटना के बाद पुलिस जांच जारी है। इसी बीच टाइगर ने अपने वर्क कमिटमेंट को पूरा करते हुए सेट पर वापसी की है। राज मेहता कर रहे निर्देशन, धर्मा प्रोडक्शंस बैनर फिल्म 'लग जा गले' का निर्माण करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस बैनर तले किया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन राज मेहता कर रहे हैं, जो इससे पहले 'गुड न्यूज', 'जुग जुग जियो' और 'सेल्फी' जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। चर्चा है कि यह फिल्म मई 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है, हालांकि रिलीज डेट को लेकर आधिकारिक घोषणा होना बाकी है। 18 अक्टूबर को हुई थी फायरिंग यह बयान 18 अक्टूबर की फायरिंग की घटना के दो दिन बाद आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाइगर उस दिन शाम करीब 7 बजे मुंबई के एक फुटबॉल क्लब से निकल रहे थे। घटना के वीडियो में हमलावर उनकी कार पर पास से फायरिंग करते दिखे थे। टाइगर इस घटना में सुरक्षित बच गए। हालांकि, घटना में उनके ड्राइवर और एक राहगीर घायल हुए थे। टाइगर से पहले चार बड़े बॉलीवुड सितारों की रेकी हुई टाइगर पर फायरिंग करने वाले आरोपियों ने बताया है कि उन्होंने पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार की रेकी की थी, लेकिन सिक्योरिटी ज्यादा होने के कारण प्लान बदल दिया था। आरोपियों के साथ एक चौथा युवक भी था, लेकिन वह हमले से एक रात पहले सिगरेट पीने के बहाने होटल से भाग गया। वहीं टाइगर पर फायरिंग के मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सबसे पहले पुलिस ने फायरिंग के मामले में बिहार के ऋतिक उर्फ रोशन, हरियाणा के रेहान और एक नाबालिग को कोटा से गिरफ्तार किया था। रेहान के दोस्त समीर और बोनी उर्फ रौनक भी पुलिस हिरासत में हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने हथियारों की सप्लाई में भूमिका के आरोप में कुणाल, सुमित, राधा और बबीता को गिरफ्तार किया। राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया, जबकि कुणाल और सुमित को सोनीपत से हिरासत में लिया गया। मुंबई पुलिस ने पूछताछ के लिए चारों का तीन दिन का ट्रांजिट रिमांड हासिल किया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…------------------------------ ये खबर भी पढ़ें टाइगर श्रॉफ फायरिंग- शूटर रेहान के 2 दोस्त पकड़ाए:मां बोली- ₹2 लाख कमाने का ऑफर आया एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले हरियाणा के शूटर रेहान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके दो दोस्तों समीर और बोनी को भी डिटेन कर लिया है। रेहान की मां शमशीदा ने कहा कि सोनीपत पुलिस दोनों को साथ ले गई है। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। समीर, रेहान का पड़ोसी भी रहा है। पूरी खबर पढ़ें
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण' के दूसरा गाने 'रावण तांडव' की आलोचना हो रही है। 1 मिनट 55 सेकंड लंबे इस गाने में साउथ एक्टर यश रावण के रूप में भगवान शिव की भक्ति करते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है की एआर रहमान का म्यूजिक और डॉ. कुमार विश्वास के लिखे बोल उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। दावा किया गया है कि फिल्म में यह गाना 4 मिनट का है, जिसे प्रोमो वर्शन में 1 मिनट 55 सेकंड का करने के चक्कर में ऑडियो क्वालिटी और ओरिजिनल फ्लो से समझौता करना पड़ा है। कई लोगों ने इस संगीत को उम्मीद के मुताबिक एनर्जेटिक न बताते हुए दूसरे पार्ट के लिए म्यूजिक कंपोजर बदलने तक का सुझाव दिया है। एआर रहमान के संगीत पर उठे सवाल, अजय-अतुल का नाम सुझाया गाना सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। कुछ यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि फिल्म के मिजाज के हिसाब से एआर रहमान का चुनाव सही नहीं था। लोग इस गाने की तुलना फिल्म 'आदिपुरुष' में अजय-अतुल के बनाए 'शिव तांडव' से कर रहे हैं। क्रिटिक्स का मानना है कि अजय-अतुल का कंपोजिशन आंखें बंद करके सुनने पर भी रोंगटे खड़े कर देता है, जबकि रहमान और हंस जिमर का यह ट्रैक वह इमोशनल इम्पैक्ट नहीं छोड़ पाता। वहीं कुछ लोगों ने मेकर्स को सलाह दी कि अभी समय है और 'रामायण' के दूसरे भाग के लिए संगीतकार की जोड़ी अजय-अतुल को जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। कुमार विश्वास के बोल से गायब दिखा भक्ति का प्रभाव म्यूजिक के अलावा डॉ. कुमार विश्वास के लिखे लिरिक्स की भी आलोचना की गई है। लोगों का मानना है कुमार विश्वास के बोल काफी साधारण महसूस होते हैं। रामायण जैसे पौराणिक महाकाव्य के लिए बने गाने में जिस तरह की शिव भक्ति, दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा होनी चाहिए थी, उसकी कमी महसूस होती है। रामायण के युद्ध वाले सीन्स पर सवाल उठे थे गौरतलब है कि रामायण से भगवान राम का लुक हनुमान जयंती पर सामने आया था। टीजर में युद्ध के सीन और शानदार VFX भी दिखा, जिसकी कई लोगों ने तारीफ की थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने फिल्म के सीन्स को हॉलीवुड फिल्मों की नकल बताया था। टीजर में दिखाए गए युद्ध के सीन (लंका में) कुछ यूजर्स को हॉलीवुड फिल्मों जैसे लगे थे। कुछ ने इसे गेम ऑफ थ्रोन्स या अन्य हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित बताया था। राक्षसों के डिजाइन और कुछ शॉट्स को लॉर्ड ऑफ द रिंग्स जैसी हॉलीवुड मूवीज से कॉपी बताया गया था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने लिखा था, रामायण मूवी का टीजर कल रिलीज किया गया। बजट 4 हजार करोड़ रुपए, जबकि इस छोटे से टीजर में हमें कई शॉट्स ऐसे देखने को मिले जो हॉलीवुड मूवी से कॉपी किए गए हैं। सवाल यह है कि इतनी महंगी फिल्म में कॉपी शॉट्स से क्या लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा है? वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा था, समस्या ये है कि बॉलीवुड वाले सब हॉलीवुड को कॉपी करने के लिए पगलाए रहते हैं। इस वाले टीजर में गेम ऑफ थ्रोन्स का शैडो साफ पता चलता है। रामायण मतलब VFX और CGI होता है, ये मान बैठे हैं बॉलीवुड वाले। जब एक यूजर ने कहा था कि रामायण के सीन गेम ऑफ थ्रोन्स, द डार्क नाइट और ड्यून: पार्ट टू जैसी फिल्मों से मिलते-जुलते हैं, तो दूसरे यूजर ने जवाब दिया कि बाहुबली के भी कई सीन दूसरी हॉलीवुड फिल्मों से मिलते-जुलते हैं। 4000 करोड़ के बजट में बन रही दो पार्ट की फिल्म वाल्मीकि रामायण पर आधारित इस फिल्म का कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे हैं। नमित मल्होत्रा और यश के प्रोडक्शन में बन रही इस फिल्म का पहला पार्ट 5 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगा।
उत्तराखंड में दलेर मेहंदी के साथ हुए विवाद के बाद अभिनेता राजपाल यादव ने उनका समर्थन किया है। दरअसल उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर दलेर मेहंदी को फटकार लगाई थी। मंत्री ने गायक पर शराब पीने के आरोप लगाया था। इस पर राजपाल ने वीडियो शेयर कर मंत्री के आचरण पर आपत्ति जताई है। राजपाल ने कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते और वे इन दिनों स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। दलेर मेहंदी के समर्थन में अनुपम खेर, कपिल शर्मा, बादशाह, मीका सिंह, शान और जैस्मीन भसीन सहित कई हस्तियों ने सार्वजनिक मंच पर किसी कलाकार को नीचा दिखाने की निंदा की है। मंत्री का बयान पद की गरिमा के खिलाफ: राजपाल यादव राजपाल यादव ने अपने सोशल मीडिया वीडियो में कहा कि एक कला प्रेमी और छात्र होने के नाते वे अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह एक सम्मानित मंत्री ने मंच पर दलेर मेहंदी जैसे दिग्गज गायक के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, वह उनके पद को शोभा नहीं देता। राजपाल ने कहा कि मंत्री का रवैया ऐसा लगा जैसे उन्होंने कला को ही खरीद लिया हो, जबकि कला को कभी खरीदा नहीं जा सकता। उन्होंने साफ किया कि दलेर पाजी शराब का सेवन नहीं करते हैं और हाल ही में फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' की शूटिंग के दौरान भी वे अस्वस्थ चल रहे थे। पब्लिक में बेइज्जत करना गलत: जैस्मीन भसीन रियलिटी शो स्टार और अभिनेत्री जैस्मीन भसीन ने भी दलेर मेहंदी का बचाव करते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। जैस्मीन ने लिखा कि अगर किसी आयोजक या प्रमोटर को कलाकार से कोई परेशानी थी, तो उसे निजी तौर पर बात करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि कैमरे और मंच के सामने किसी कलाकार का अपमान करने का हक किसी को नहीं है, क्योंकि मंच कलाकार के लिए पवित्र स्थान होता है। बिना असली वजह जाने किसी पर शराब पीने का आरोप लगाना शर्मनाक है। अनुपम खेर बोले- दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते अनुपम खेर ने कहा- मैं दलेर मेहंदी को पिछले 25 से 30 साल से जानता हूं। मैं इतना कह सकता हूं कि वह शराब नहीं पीते। वास्तव में वह बेहतरीन इंसानों में से एक हैं, जिनसे मैं मिला हूं। हो सकता है कि उनकी तबीयत ठीक न हो। इंडस्ट्री के कई दिग्गजों ने जताई नाराजगी इस घटना के सामने आने के बाद बॉलीवुड के कई सेलेब्स दलेर मेहंदी के पक्ष में खड़े हो गए हैं। गायक शान, बादशाह, पलाश सेन, मीका सिंह, कॉमेडियन कपिल शर्मा ने भी इस सार्वजनिक अपमान का विरोध किया है। कलाकारों का कहना है कि दलेर मेहंदी भारतीय संगीत उद्योग के दिग्गज कलाकार हैं और दशकों से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। इस तरह का बर्ताव किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उत्तराखंड के सांस्कृतिक कार्यक्रम का विवाद रविवार (18 अक्टूबर) की रात को वह उत्तराखंड में टिहरी-गढ़वाल जिले के नरेंद्रनगर में आयोजित कुंजापुरी मेले में प्रस्तुति देने पहुंचे थे। यहां चीफ गेस्ट बनकर आए उत्तराखंड के मंत्री व स्थानीय विधायक सुबोध उनियाल ने उन्हें काफी खरी-खोटी सुनाईं। ऑरिजिनल आवाज में गीत न गाने पर भड़के मंत्री ने मंच पर पहुंचकर दलेर मेहंदी से कहा- आप ठीक से बोल तो पा नहीं रहे हैं, गाना क्या गाएंगे? आपको यहां लोगों को एंटरटेन करने के लिए बुलाया था। इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग आरोप लगा रहे हैं कि दलेर मेहंदी शराब के नशे में मंच पर पहुंचे थे।ये खबर भी पढ़ेंकर्ज के बीच राजपाल का पत्नी के लिए इमोशनल पोस्ट:मुश्किल दौर में भी साथ नहीं छोड़ा, कर्जदार हूं; एक्टर से 13 साल छोटी हैं पत्नी राधा कर्ज के चेक बाउंस मामले और लंबे कानूनी विवाद का सामना कर रहे एक्टर राजपाल यादव ने अपनी पत्नी राधा यादव के लिए एक इमोशनल पोस्ट शेयर किया है। राजपाल यादव ने कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने के लिए अपनी पत्नी को 'परिवार का हीरा' बताया है। पूरी खबर पढ़ें
Ramayana Advance Collection: टिकट काउंटर खुलते ही क्रेजी हुई ऑडियंस, फिल्म की कमाई उड़ा देगी होश!
Ramayana Advance Collection: रिलीज से पहले ही रणबीर कपूर की पौराणिक फिल्म रामायण पार्ट 1 ने शॉकिंग कमाई कर ली है, वो भी 24 घंटे के अंदर।
रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ ने रिलीज के 6 दिनों में दुनिया भर में 500 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर लिया है। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी यह फिल्म 2026 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई है। इसके आगे ‘धुरंधर 2’ और ‘दृश्यम 3’ हैं। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने छठे दिन भारत में 45.55 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। इस दिन तमिल वर्जन से 32.10 करोड़, तेलुगु से 8.85 करोड़, हिंदी से 5.25 करोड़ और कन्नड़ वर्जन से 60 लाख रुपए की कमाई हुई। इसके साथ ही फिल्म का भारत में कुल नेट कलेक्शन 289.05 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 338.45 करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, विदेशों में छठे दिन फिल्म ने 10 करोड़ रुपए कमाए। इससे इसका कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन 204 करोड़ रुपए हो गया है। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 542 करोड़ रुपए पहुंच गया है। ‘जेलर 2’ और ‘दृश्यम 3’ के बीच का अंतर अब कम रह गया है। रजनीकांत की यह फिल्म बुधवार को 2026 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्मों में दूसरे नंबर पर पहुंच सकती है। अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ 556.22 करोड़ रुपए की दुनियाभर की कमाई के साथ दूसरे नंबर पर है। वहीं, नंबर 1 पर रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ 1,813.39 करोड़ रुपए की दुनियाभर की कमाई के साथ पहले नंबर पर है। रजनीकांत ने दुनियाभर में 500 करोड़ रुपए से ज्यादा कमाई करने वाली अब 4 फिल्में दे दी हैं। इसके साथ ही वे यह उपलब्धि हासिल करने वाले तमिल फिल्म इंडस्ट्री के इकलौते एक्टर बन गए हैं। उनकी फिल्मों में 2018 में आई एस. शंकर की साइंस फिक्शन फिल्म ‘2.0’ शामिल है, जो उनकी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है। इसके अलावा ‘जेलर’ (2023) और लोकेश कनगराज की ‘कुली’ (2025) ने भी 500 करोड़ क्लब में जगह बनाई। वहीं, ‘जेलर 2’ ने 15 अक्टूबर 2026 को रिलीज के बाद सिर्फ 6 दिनों में यह आंकड़ा पार कर नया रिकॉर्ड बनाया। ‘जेलर 2’ का निर्देशन नेल्सन दिलीपकुमार ने किया है। इसे सन पिक्चर्स ने प्रोड्यूस किया है। यह रजनीकांत की 2023 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जेलर’ का सीक्वल है। रजनीकांत ने एक्शन ड्रामा में टाइगर मुथुवेल पांडियन का किरदार दोबारा निभाया है। फिल्म में रम्या कृष्णन, योगी बाबू, विद्या बालन और मिथुन चक्रवर्ती भी हैं। इसमें कई कलाकारों ने स्पेशल अपीयरेंस भी दिए हैं। अनिरुद्ध रविचंदर ने फिल्म का म्यूजिक कंपोज किया है। जेलर 2' के अगले दिन रिलीज हुई फिल्मों का हाल रजनीकांत की फिल्म 'जेलर 2' के रिलीज होने के एक दिन बाद सिनेमाघरों में 'रणबाली' और 'नय्यी नवेली' रिलीज हुईं। अगर दोनों फिल्मों के प्रदर्शन की बात करें, तो 'रणबाली' ने रिलीज के 5वें दिन 2,237 शोज से 6.75 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन 36.20 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 42.15 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वहीं, विदेशी बाजार में फिल्म ने अब तक 10.25 करोड़ रुपए की कमाई की है, जिससे इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 52.40 करोड़ रुपए हो गया है। दूसरी ओर, 'नय्यी नवेली' ने 5वें दिन 4,835 शोज से 4.35 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन 18.65 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 22.18 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। ओवरसीज मार्केट में फिल्म ने अब तक 2.50 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया है। इसके साथ ही इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 24.68 करोड़ रुपए हो गया है।
दशहरा के दिन बॉक्स ऑफिस पर 6 फिल्मों में हुआ 'महासंग्राम', कमाई में इस मूवी के लिए शुभ रही विजयादशमी
दशहरे के दिन बॉक्स ऑफिस पर सिनेमा जगत की 6 बड़ी फिल्मों के बीच जबरदस्त क्लैश देखने को मिला है।
एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के बाद मंगलवार को सलमान खान को मुंबई के एक प्राइवेट एयरपोर्ट पर देखा गया। उनके साथ भारी सुरक्षा थी। उनकी सिक्योरिटी में स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट के हथियारबंद जवान थे। गौरतलब है कि टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग से जुड़े लोगों ने ली थी। फायरिंग के बाद लॉरेंस गैंग से होने का दावा करने वाले अनिल पंडित ने एक ऑडियो में सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी। उसने कहा, 'जो भी पूरी फिल्म इंडस्ट्री में हमसे अलग होकर काम करेगा या सलमान के साथ मिलकर काम करेगा, उसको हम मार देंगे। ये पहली और आखिरी चेतावनी है। सलमान खान एक बात ध्यान से सुन लें, तुम्हारे पूरे परिवार का नाश कर देंगे। ये बात माइंड में बिठा लेना। जो तुम ये सोचते हो ना कि तुम सिक्योरिटी में हो, तुम्हें कुछ नहीं होगा, तुम्हारा वो हाल करेंगे कि पूरी दुनिया याद रखेगी।' टाइगर से पहले सलमान खान की रेकी हुई टाइगर पर फायरिंग करने वाले आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार की रेकी की थी, लेकिन सिक्योरिटी ज्यादा होने के कारण प्लान बदल दिया था। आरोपियों के साथ एक चौथा युवक भी था, लेकिन वह हमले से एक रात पहले सिगरेट पीने के बहाने होटल से भाग गया। वहीं, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में मंगलवार को चार और लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें दो महिलाएं शामिल हैं। आरोप है कि इन्होंने शूटरों को हथियार सप्लाई किए थे। आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत जिले के कुणाल (21), सुमित (19) और उत्तर प्रदेश की राधा (23), बबीता (23) के रूप में हुई है। इससे पहले पुलिस ने फायरिंग करने वाले बिहार के ऋतिक और हरियाणा के रेहान व फूल सिंह को सोमवार को कोटा से गिरफ्तार किया था। पूरी खबर यहां पढ़ें… सलमान की फिल्म ‘मातृभूमि’ का गाना ‘जय हिंद’ रिलीज सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ का देशभक्ति गाना ‘जय हिंद’ मंगलवार को रिलीज हुआ। गाने को हिमेश रेशमिया ने कंपोज किया है, समीर अंजान ने बोल लिखे हैं और स्टीबिन बेन ने आवाज दी है। अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में सलमान के साथ चित्रांगदा सिंह भी नजर आएंगी। फिल्म की कहानी भारतीय सैनिकों की बहादुरी से प्रेरित है। सलमान और लॉरेंस के बीच विवाद क्या है? दरअसल, सलमान खान और गैंगस्टर लॉरेंस के बीच विवाद की मुख्य वजह 1998 का काला हिरण शिकार मामला है। करीब 28 साल पुराने इस मामले को लेकर बिश्नोई समाज में नाराजगी रही है। इसी विवाद के चलते सलमान खान को कई बार धमकियां मिल चुकी हैं। 1998 में सलमान खान राजस्थान के जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन पर काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा था। बिश्नोई समाज काले हिरण को पवित्र मानता है। समाज वन्यजीवों की रक्षा को अपनी धार्मिक आस्था का हिस्सा मानता है। सलमान से माफी की मांग लॉरेंस के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई समेत बिश्नोई समाज से जुड़े कई लोगों का कहना है कि अगर सलमान खान समाज के धार्मिक स्थल मुकाम में जाकर माफी मांग लें, तो विवाद खत्म हो सकता है। हालांकि, सलमान खान के पिता सलीम खान पहले कह चुके हैं कि माफी मांगने का मतलब गलती स्वीकार करना होगा। उनके मुताबिक, सलमान ने ऐसा कोई अपराध नहीं किया है। 2018 में लॉरेंस ने दी थी धमकी साल 2018 में लॉरेंस ने जोधपुर कोर्ट में पेशी के दौरान सलमान को धमकी दी थी। इसके बाद सलमान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। अप्रैल 2024 में मुंबई के बांद्रा स्थित सलमान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर फायरिंग हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस के भाई अनमोल ने ली थी। अक्टूबर 2024 में सलमान के करीबी और पूर्व विधायक बाबा सिद्दीकी की हत्या भी हुई। इसके बाद सलमान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे। टाइगर पर हुई फायरिंग की घटना के बाद गैंगस्टर लॉरेंस के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने भी कहा कि बिश्नोई समाज या लॉरेंस की सलमान खान से कोई निजी दुश्मनी नहीं है। विवाद सिर्फ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का है। उन्होंने सलमान को एक बार फिर गुरु जम्भेश्वर महाराज की समाधि पर आकर माफी मांगने की सलाह दी है। रमेश बिश्नोई ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि सलमान खान इतनी छोटी सी बात के लिए बार-बार कहने पर भी माफी क्यों नहीं मांग रहे हैं। वो इतने जिद्दी क्यों बने हुए हैं। माफी मांगने से कोई छोटा नहीं हो जाता। उन्होंने सलमान खान के परिवार से भी अपील की है कि अगर किसी धर्म की भावना आहत हुई है, तो माफी मांग लेना ही सही रास्ता है। पूरी खबर यहां पढ़ें…. .............. यह खबर भी पढ़ें... बिश्नोई महासभा ने कहा-सलमान खान माफी मांगें, लॉरेंस हमारा हीरो: समाज माफी देने को तैयार, बॉलीवुड एक्टर घमंड छोड़ते तो विवाद टल सकता था हिसार में अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने सलमान खान से समाज से माफी मांगने को कहा था। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुढ़िया ने कहा था कि सलमान बीकानेर के पवित्र स्थल मुकाम जाकर माफी मांग सकते हैं। उन्होंने लॉरेंस का समर्थन करते हुए कहा था कि सलमान माफी मांगते हैं, तो समाज उन्हें माफ करने पर विचार कर सकता है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
विश्व सफेद छड़ी दिवस - सिर्फ एक सहारा नहीं, नेत्रहीन लोगों की सुरक्षा और स्वतंत्रता का भी प्रतीक
हर साल 15 अक्टूबर को विश्व सफेद छड़ी दिवस मनाया जाता है। यह दिन खासतौर पर नेत्रहीन और दृष्टिबाधित लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
दिवाली पर फ्री गिफ्ट मांगना पड़ा भारी, मदुरै के इन्फ्लुएंसर के घर पहुंच गए लाखों के COD पार्सल
दिवाली पर फॉलोअर्स से मिठाइयां और गिफ्ट मिलने की उम्मीद तमिलनाडु के मदुरै में रहने वाले इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वीरमणि के लिए बड़ी मुसीबत बन गई।
आमतौर पर मां-बाप अपने बच्चों को ज्यादा देर तक मोबाइल या वीडियो गेम खेलने से रोकते हैं, लेकिन चीन की 60 वर्षीय झोंग जुआनजुआन की कहानी कुछ अलग है। कभी वह अपने बेटे को गेम खेलने से रोकने के लिए इंटरनेट कैफे तक पहुंच जाती थीं, लेकिन आज वही गेमिंग उनकी पहचान बन चुकी है। इंटरनेट की दुनिया में वह ‘आंटी जुआन’ के नाम से मशहूर हैं और हजारों लोग उन्हें लाइव गेम खेलते हुए देखना पसंद करते हैं।
न दुकानदार, न CCTV और न ताला… मिजोरम के गांवों में भरोसे से चलती हैं ये अनोखी दुकानें
आज के समय में किसी दुकान की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, ताले और दुकानदार की मौजूदगी आम बात है।
कभी घर-घर पहुंचाता था पिज्जा, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत से बदली इस भारतीय की जिंदगी
कहते हैं कि अगर इंसान में मेहनत करने और आगे बढ़ने का जुनून हो, तो मुश्किल हालात भी उसके रास्ते को ज्यादा लंबे समय तक नहीं रोक सकते।
मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग
तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं
सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।
ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी
धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

