गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर का नाट्य शो ‘राधा से रणभूमि तक’ आज 22 और 23 अगस्त को इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में मंचित होने जा रहा है। नीलम मुंतशिर और विक्रम मेहरा ने इस शो का निर्माण किया है। पुनीत जे। पाठक के निर्देशन में बने इस शो में श्रीकृष्ण की अनकही यात्रा को जीवंत किया गया है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में मनोज मुंतशिर ने श्रीकृष्ण के मनोविज्ञान, 50 से अधिक किताबों के अध्ययन से जुड़ी 2 साल की लेखन यात्रा, राधा-कृष्ण के अटूट प्रेम और आज की जेन-जी (Gen-Z) पीढ़ी के लिए श्रीकृष्ण के संदेशों पर खुलकर बात की। सवाल: ‘राधा से रणभूमि तक’ पहुंचते-पहुंचते कृष्ण में सबसे बड़ा बदलाव क्या पाते हैं?जवाब:कृष्ण में कुछ बदला ही नहीं। कृष्ण सदैव से ही पूर्ण थे प्रेम में भी, नीति में भी, युद्ध में भी और दर्शन में भी। जो पूर्ण हो वो बदलेगा कैसे? सवाल: दर्शक यह शो क्यों देखें?जवाब: हमारा शो किसी रेस में नहीं है। हम किसी से अच्छा या बेहतर बनने की कोशिश नहीं कर रहे। हम बस कृष्ण की एक ऐसी यात्रा आपके सामने रखना चाहते हैं, जो आपने इससे पहले किसी मंच, सिनेमा या टेलीविजन पर नहीं देखी होगी। शो में कुछ ऐसे पल हैं, जिनपर मैंने दर्शकों की हिचकियां सुनी हैं, उनका रोना सुना है, वहीं अनेक ऐसे पल भी हैं जहां लोग सीट्स से उठकर नाचते हैं। राधा-कृष्ण की अंतिम मुलाकात, गांधारी का श्राप, कृष्ण की मृत्यु, द्रौपदी का चीरहरण और जिस तरह हम गीता सार प्रस्तुत कर पाए। ये सभी क्षण अविस्मरणीय बन के उभरे हैं। और सबसे बड़ी बात, यह पूरे परिवार के लिए एक मनोरंजक और भावनात्मक अनुभव है। बच्चे इसे युद्ध के भव्य दृश्यों के लिए देख सकते हैं, बड़े इसके संगीत और वैभव के लिए और बुजुर्ग गीता सार के दौरान भावुक हुए बिना शायद रह ही नहीं पाएंगे। इस शो को लिखने के लिए मैंने 50 से अधिक किताबें पढ़ीं। श्रीमद्भागवत और हरिवंश पुराण सहित अनेक शास्त्रों और कृष्ण पर लिखे गए ग्रंथों का अध्ययन किया और दो साल से अधिक की लेखन यात्रा के बाद इसे आकार दिया। मैं आपसे सिर्फ एक बार यह शो देखने का आग्रह करता हूं। उसके बाद दर्शक खुद इसे सात-आठ बार देखने वापस आते हैं। मुंबई में हमें कई ऐसे लोग मिले जो लगातार आठवीं बार शो देखने आए थे। हमारे निर्माता श्री विक्रम मेहरा और नीलम मुंतशिर और निर्देशक पुनीत जे। पाठक ने मिलकर ऐसा शो तैयार किया है, जिसपर मुझे आकाश भर गर्व है।सवाल: प्ले के नाम में ही एक पूरी यात्रा है। आपके लिए कृष्ण क्या हैं प्रेमी, रणनीतिकार, दार्शनिक या योद्धा?जवाब: मेरे कृष्ण पूर्ण परमेश्वर हैं। वो मनुष्य योनि में जन्मे, इसलिए प्रेमी भी हैं, सखा भी, गुरु भी, बेटे भी और पिता भी। लेकिन मेरे लिए कृष्ण सबसे बड़े दार्शनिक योद्धा हैं, जो कहते हैं कि “वो शांति निंदनीय है जो युद्ध से घबराये और वो युद्ध वंदनीय है जो शांति के लिए लड़ा जाए”। सवाल: इस कहानी में आपकी सबसे बड़ी अनकही बात क्या है?जवाब:एक ऐसा प्रश्न है जो मुझे हमेशा व्यथित करता रहा। जब कृष्ण अपने अंतिम क्षणों में मृत्यु के सामने थे, तब उनके मन में क्या चल रहा था? भगवान क्या सोच रहे थे? हमने उसी अनकहे क्षण को समझने और महसूस करने की कोशिश की है। सवाल: कृष्ण की यात्रा में आपको सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली घटना कौन-सी है?जवाब: कोई एक हो तो बताऊं। लेकिन दो बातें मुझे विशेष तौर पर प्रभावित करती हैं, युद्ध और शांति के बीच वो संतुलन जो कृष्ण बना पाये। आज की दुनिया यही संतुलन बना पाने में असफल हो रही है। और दूसरी बात, सफलता को सुख समझने की हमारी भूल। कृष्ण की जीवन यात्रा से आप समझेंगे की सफलता और सुख में अंतर है। एक बार कृष्ण की और लौटिए, सारे उत्तर मिल जाएंगे।सवाल: राधा और कृष्ण कभी एक क्यों नहीं हो पाए?जवाब: राधा और कृष्ण एक कैसे होते, जब दो थे ही नहीं! कृष्ण कभी राधा से दूर गए ही नहीं। वे सर से पांव तक स्वयं राधा बन गए थे। आज भी अगर आपको कृष्ण को बुलाना हो, तो राधा रानी का नाम लेना पड़ता है। ‘राधे-राधे बोले, चले आएंगे बिहारी।’सवाल:कृष्ण का सबसे बड़ा हथियार क्या था बुद्धि, नीति या मनोविज्ञान?जवाब:कृष्ण का सबसे बड़ी सुपरपावर था मनोविज्ञान। कृष्ण दुनिया के सबसे पहले मनोवैज्ञानिक चिकित्सक थे। पश्चिम का ये दावा एकदम आधारहीन है कि मनोविज्ञान के जनक सिग्मंड फ्रायड थे। फ्रायड से 5000 पहले मनोविज्ञान का सबसे बड़ा शास्त्र अवतरित हो चुका था जिसे हम श्रीमद्भगवद्गीता कहते हैं। 700 श्लोकों का एक कैप्सूल है भगवद्गीता, जो संसार के हर दुख की दवा है। गीता को सहजता से समझना है तो एक बार राधा से रणभूमि तक देखिए, गीता का इस से भावुक रूप शायद आपने अब तक नहीं देखा होगा। सवाल:अगर कृष्ण स्वयं आपसे पूछें ‘मेरी कहानी लिखते समय मुझे कितना समझा?’ तो आप क्या कहेंगे? जवाब:मैं कृष्ण को समझने का दावा बिल्कुल नहीं करता। एक ही दावा है मेरा और वो अभिमान की हद तक है। मैं कृष्ण में विश्वास करता हूं, मैंने उनके हाथ पकड़ लिए हैं, वो जहां चाहे ले जाएं। मैं अपने सभी श्रोताओं और दर्शकों से एक ही आग्रह करता हूं। कृष्ण का हाथ पकड़ के चलिए, जीवन में कभी किसी के पांव पकड़ने की नौबत नहीं आएगी।सवाल:लेखक के तौर पर क्या डर लगा कि कहीं आस्था आड़े न आ जाए या कल्पना मर्यादा न लांघ जाए?जवाब: मैंने पहले खुद को कृष्ण के बारे में जितना संभव हो सका, उतना भरा और उसके बाद लिखना शुरू किया। 50 से अधिक किताबें पढ़ीं, कृष्ण पर लिखे गए ग्रंथ पढ़े, गीता पढ़ी और पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ इस यात्रा में उतरा। और जब हमारे साथ श्रीनाथजी का आशीर्वाद हो, तो फिर चिंता किस बात की? हमने पूरे देश में लगभग 30 हाउसफुल शो किए हैं और हर जगह से सिर्फ प्रशंसा ही सुनने को मिली। यह कृष्ण जी की ही कृपा है। अब 22 और 23 अगस्त को इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में चार शो हैं। माँ अहिल्याबाई होलकर की यशस्वी संतानों से, अपने इंदौर के साथियों से मैं हाथ जोड़ के निवेदन कर रहा हूँ, एक बार आइए और कृष्ण को नए सिरे से अनुभव कीजिए। सवाल: राधा-कृष्ण की कहानी का कोई ऐसा पहलू है, जिसे सिनेमा ने अभी तक पूरी तरह नहीं छुआ?जवाब:मुझे लगता है कि हमारा पूरा शो ही ऐसा है। जिस तरह से हमने कृष्ण की कहानी को प्रस्तुत किया है, जिस दृष्टिकोण और जिस भाव के साथ इसे मंच पर उतारा है, वैसा प्रस्तुतीकरण इस देश में आज तक किसी माध्यम पर नहीं हुआ है।सवाल: इसी साल आई ‘कृष्णावतारम’ के प्रेजेंटेशन पर क्या कहेंगे, जिसे खूब सराहना मिली?जवाब:बिल्कुल, वह बहुत अच्छी फिल्म है। जनता ने उसे सराहा है और यही सबसे बड़ा अप्रूवल है। मैंने फ़िल्म अभी नहीं देखी है, लेकिन मेरे कई दोस्तों ने फ़िल्म देखी और इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।सवाल:आज की पीढ़ी रिश्तों, करियर और संघर्ष के बीच उलझी है। उन्हें कृष्ण से क्या सीखना चाहिए?जवाब:मैं Gen-Z से सिर्फ इतना कहना चाहूंगा— संघर्ष तो जीवन में होगा ही, लेकिन विश्वास रखिए, जिसने संघर्ष दिए हैं वही सफलता भी देगा। “नारायण तेरे साथ न होते, तो जग छूट गया होताकागज की नैया जैसा तू कब का डूब गया होता।कोई धरातल होगा जिसपर तेरे पाँव टिके होंगे।युद्ध लिखे है यदि जीवन में तो केशव भी लिखे होंगे।”
8वें दिन बॉक्स ऑफिस पर खजांची बनी Awarapan 2, शुक्रवार को Emraan Hashmi की फिल्म पर जमकर हुई धनवर्षा
आवारापन 2 बॉक्स ऑफिस पर रुकने का नाम नहीं ले रही है। 8वें दिन के घरेलू बॉक्स ऑफिस पर हुए कलेक्शन से हर कोई हैरान रह गया।
पहले दिन एडवांस बुकिंग में Yash स्टारर Toxic ने गाढ़े झंडे, चंद घंटों में कमा डाले करोड़ों
यश की फिल्म 'टॉक्सिक' ने रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में शानदार कमाई की है। कन्नड़ और हिंदी बेल्ट में फिल्म को शानदार रिस्पॉन्स मिला है। जानिए कलेक्शन?
सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ओरी ने गौरव खन्ना को तलाक देने के मामले में आकांक्षा चमोला पर निशाना साधा है। ओरी (ओरहान आवत्रामाणि) ने आकांक्षा चमोला को 'आस्तीन का सांप' कहा है। एक इंस्टाग्राम पोस्ट पर कमेंट करते हुए ओरी ने लिखा कि आकांक्षा अपने पति गौरव के नाम का इस्तेमाल सिर्फ व्यूज और रीच बढ़ाने के लिए कर रही हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक शो में आकांक्षा ने गौरव से 18 महीने से अलग रहने और तलाक लेने का खुलासा किया था। ओरी बोले- गौरव का नाम इस्तेमाल कर व्यूज बढ़ा रहींसोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की गई थी, जिसमें सवाल उठाया गया था कि क्या आकांक्षा चमोला और शगुन पांडे मिलकर गौरव खन्ना की इमेज खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए ओरी ने लिखा कि आकांक्षा सिर्फ गौरव का नाम इस्तेमाल कर रही हैं। ओरी ने बताया कि शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' की शूटिंग के दौरान उन्होंने केप टाउन में एक महीने तक गौरव के साथ वैनिटी वैन शेयर की थी। उस वक्त तक उन्हें यह भी नहीं पता था कि गौरव शादीशुदा हैं, क्योंकि वे अपने निजी जीवन को काम से अलग रखते हैं। आकांक्षा को बताया 'आस्तीन का सांप'ओरी ने अपने कमेंट में आकांक्षा के व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा कि किसी अच्छे और सीधे इंसान की परीक्षा लेना और उसका फायदा उठाना गलत बात है। ओरी ने आगे लिखा, यह लड़की आस्तीन का सांप है। उन्होंने आरोप लगाया कि आकांक्षा तलाक की बात को पब्लिसिटी का जरिया बना रही हैं, जिससे गौरव की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। शो में आकांक्षा ने किया था तलाक का खुलासाआकांक्षा चमोला ने हाल ही में रियलिटी शो 'लॉक अप 2' के प्रीमियर एपिसोड में अपने और गौरव खन्ना के अलग होने की बात कही थी। उन्होंने बताया था कि वे दोनों पिछले 18 महीनों से अलग रह रहे हैं और जल्द ही कानूनी रूप से अलग हो जाएंगे। इसके अलावा आकांक्षा ने शो में खुद के 'बायसेक्सुअल' होने की बात भी कबूली थी। इस दौरान गौरव खन्ना ने पूरे मामले पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखी है। एक रील बनाने के ₹76 लाख लेते हैं ओरीओरी, जिनका असली नाम ओरहान अवत्रामानी है, लंबे समय से अपनी कमाई और प्रोफेशन को लेकर चर्चा में रहे हैं। हाल ही में उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि वे पैसे कैसे कमाते हैं। एक पॉडकास्ट में ओरी ने बताया कि ब्रांड एंडोर्समेंट और स्पॉन्सर्ड कंटेंट उनकी कमाई का बड़ा जरिया है। उन्होंने एक रील के लिए 76 लाख रुपए तक लेने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा, ओरी प्राइवेट इवेंट्स में शामिल होने के लिए भी मोटी फीस वसूलते हैं। कौन हैं ओरहान अवत्रामानी? ओरी को पहली बार अंबानी परिवार के कार्यक्रमों और बॉलीवुड हस्तियों के साथ वैकेशन्स पर स्पॉट किया गया था। इंस्टाग्राम पर उनके 2.5 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वे अक्सर जान्हवी कपूर, खुशी कपूर और इंडस्ट्री के अन्य बड़े सितारों के साथ देखे जाते हैं। ओरी ने अब तक बॉलीवुड के कई हाई-प्रोफाइल इवेंट्स में अपनी मौजूदगी से एक खास जगह बना ली है। वे अक्सर अपने क्रिप्टिक जवाबों के कारण भी चर्चा में रहते हैं। ये खबर भी पढ़ें 'गौरव खन्ना को TRP के लिए तलाक नहीं दिया':आकांक्षा बोलीं- पेपर्स तैयार हैं, सिर्फ साइन करना बाकी; रियलटी शो में अलग होने का ऐलान किया था एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला ने पति और एक्टर गौरव खन्ना से अपने तलाक को लेकर खुलकर बात की है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने उन खबरों को खारिज किया जिनमें दावा किया जा रहा था कि उन्होंने लॉक-अप शो में टीआरपी या पब्लिसिटी पाने के लिए अलग होने का ऐलान किया था। पूरी खबर पढ़ें
बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार एक बार फिर गिरते-गिरते बचे हैं। अक्षय और सैफ अली खान अपनी आने वाली फिल्म 'हैवान' के प्रमोशन के लिए कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर एक साथ पहुंचे थे। इसी दौरान पैपराजी को पोज देते वक्त अक्षय कुमार के पीछे मौजूद दरवाजा खुल गया, जिससे उनका बैलेंस बिगड़ गया और वे गिरते-गिरते बचे। पास ही खड़े सैफ अली खान ने तुरंत उन्हें संभाल लिया। इसके बाद दोनों स्टार्स हंसते हुए नजर आए। दोनों कलाकार 18 साल के लंबे गैप के बाद एक बार फिर किसी फिल्म में साथ काम कर रहे हैं। पीछे खुला दरवाजा बना बैलेंस बिगड़ने की वजहप्रमोशन के दौरान सैफ अली खान पैपराजी को पोज दे रहे थे। तभी अक्षय कुमार भी उनके पास आकर खड़े हो गए। पोज देते समय अक्षय अपने पीछे बने एक दरवाजे से टिकने लगे, लेकिन दरवाजा खुला होने के कारण वे पीछे की तरफ झुक गए। इससे उनका बैलेंस बिगड़ गया और वे लड़खड़ाने लगे। तुरंत ही सैफ अली खान ने हाथ बढ़ाकर अक्षय को पकड़ा और गिरने से बचा लिया। संतुलन बनने के बाद दोनों स्टार्स हंसने लगे। एक महीने में दूसरी बार बिगड़ा अक्षय का बैलेंसअक्षय कुमार के साथ यह घटना एक महीने में दूसरी बार हुई है। इससे पहले जुलाई में जब अक्षय लंदन में थे, तब भी सड़क पर चलते समय उन्हें ठोकर लग गई थी। उस वक्त भी उनके साथ सैफ अली खान ही मौजूद थे। हालांकि, लंदन में हुए उस वाकये के दौरान अक्षय ने खुद को ही संभाल लिया था। कैजुअल लुक में प्रमोशन करने पहुंचे दोनों स्टार्सप्रमोशन इवेंट के दौरान दोनों एक्टर्स का कैजुअल लुक देखने को मिला। अक्षय कुमार ब्राउन चेक्ड शर्ट, ब्लैक ट्राउजर और ब्लैक कैप पहने नजर आए। वहीं सैफ अली खान ब्लैक फुल-स्लीव टी-शर्ट, लाइट ब्लू जींस और चश्मे में पहुंचे थे। पोज देते समय अक्षय ने सैफ के कंधे पर हाथ रखा और दोनों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया। 18 साल बाद बड़े पर्दे पर लौटी जोड़ीअक्षय कुमार और सैफ अली खान 18 साल बाद फिल्म 'हैवान' में साथ नजर आएंगे। इससे पहले दोनों ने 90 के दशक में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। इनमें 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी', 'ये दिल्लगी', 'तू चोर मैं सिपाही' और 'कीमत' जैसी फिल्में शामिल हैं। दर्शकों के बीच दोनों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री काफी पसंद की जाती रही है। 11 सितंबर 2026 को रिलीज होगी 'हैवान'दोनों की आने वाली फिल्म 'हैवान' एक क्राइम थ्रिलर है, जिसका डायरेक्शन प्रियदर्शन कर रहे हैं। मेकर्स ने हाल ही में फिल्म का टीजर रिलीज किया था। यह फिल्म 11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें लंदन में लड़खड़ाए अक्षय कुमार; गिरते-गिरते बचे:देख सैफ अली खान और तैमूर हंस पड़े; भारत-इंग्लैंड का मैच देखने गए थेबॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार रविवार को लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए तीसरे वनडे मैच के दौरान नजर आए। इस दौरान उनका नया सफेद दाढ़ी वाला लुक चर्चा में रहा। उन्होंने सफेद और बेज रंग की ड्रेस के साथ काले बालों वाला नया लुक अपनाया था। पूरी खबर पढ़ें
प्रभास की फिल्म 'स्पिरिट' से दीपिका पादुकोण के बाहर होने को लेकर नया खुलासा हुआ है। फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा के भाई प्रणय रेड्डी वांगा ने न्यूज चैनल NTV को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि दीपिका को फिल्म से हटाया गया था। उन्होंने बताया कि दीपिका ने भारी फीस के साथ फिल्म के मुनाफे में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी मांगी थी। जब मेकर्स ने उनकी मांग नहीं मानी और दूसरे ऑप्शन तलाशना शुरू किया, तो एक्ट्रेस ने फिल्म की कहानी और किरदार से जुड़ी जानकारी लीक कर दी। '10% हिस्सेदारी मांगी, फिर कहानी लीक कर दी'प्रणय रेड्डी वांगा ने बताया कि उनके भाई संदीप रेड्डी वांगा लगभग डेढ़ साल से दीपिका को फिल्म में लेने के लिए बातचीत कर रहे थे। लेकिन दीपिका ने ज्यादा फीस के साथ-साथ 10 प्रतिशत प्रॉफिट शेयर की शर्त रख दी। प्रणय ने कहा कि मेकर्स के बजट में यह मांग सही नहीं बैठ रही थी। जब मेकर्स ने किसी दूसरे स्टार को कास्ट करने पर विचार शुरू किया, तो दीपिका ने फिल्म का प्लॉट लीक कर दिया। प्रणय के मुताबिक, कहानी लीक होने से संदीप काफी नाराज हुए थे। 'यह कौन सा फेमिनिज्म है, कहानी लीक कर देना?'प्रणय रेड्डी वांगा ने इंटरव्यू में बिना नाम लिए दीपिका पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी एक्टर को कहानी सुनाते समय मेकर्स उन पर पूरा भरोसा करते हैं और दोनों के बीच एक अनकहा एग्रीमेंट होता है। प्रणय ने सवाल उठाया कि किसी यंग एक्टर को नीचा दिखाना और मेकर्स की सालों की मेहनत वाली कहानी लीक कर देना कौन सा फेमिनिज्म है। दीपिका के फिल्म से बाहर होने के बाद अब प्रभास के अपोजिट तृप्ति डिमरी को साइन किया गया है। दूसरी तरफ, इस पूरे विवाद पर दीपिका पादुकोण का रुख अलग रहा है। 2025 में CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में दीपिका ने कहा था कि वे अपनी लड़ाई हमेशा चुपचाप लड़ती हैं, लेकिन किसी वजह से बातें बाहर आ जाती हैं। ईद 2027 पर सलमान की फिल्म से होगा क्लैशविवादों के बीच मेकर्स ने फिल्म 'स्पिरिट' की रिलीज डेट भी तय कर दी है। प्रभास और तृप्ति डिमरी स्टारर यह एक्शन फिल्म 5 मार्च 2027 को ईद के मौके पर थिएटर्स में रिलीज होगी। इस दिन बॉक्स ऑफिस पर बड़ा टकराव देखने को मिलेगा। दरअसल, ईद पर ही सलमान खान और नयनतारा की नई फिल्म (SVC 63) भी रिलीज होने वाली है। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन और दिल राजू के प्रोडक्शन में बन रही इस फिल्म का संभावित नाम 'मॉन्स्टर' बताया जा रहा है। दीपिका से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें प्रेग्नेंट दीपिका को एयरपोर्ट छोड़ने पहुंचे पति रणवीर:ओवरसाइज्ड ब्लू शर्ट और वाइड-लेग जींस में दिखा एक्ट्रेस का स्टाइलिश लुक, देखें तस्वीरें दीपिका पादुकोण शनिवार रात मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट हुईं। इस दौरान वह ब्लू आउटफिट में नजर आईं। दीपिका को एयरपोर्ट छोड़ने रणवीर भी पहुंचे थे। इस दौरान रणवीर कार में बैठे नजर आए। पूरी खबर पढ़ें
गोविंदा से अनबन के बीच पत्नी सुनीता ने 19 अगस्त को बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचकर तलाक का केस वापस ले लिया है। अब सुनीता की मानें तो गोविंदा, गर्लफ्रेंड कोमल से दूसरी शादी का प्लान बना रहे थे, यही वजह है कि सुनीता ने विरोध करते हुए तलाक का केस वापस ले लिया है। दरअसल, हाल ही में राखी सावंत को मुंबई में स्पॉट किया गया। फोटोग्राफर्स से बातचीत के दौरान राखी ने गोविंदा की पत्नी को कॉल मिलाकर स्पीकर ऑन कर बात की। इस दौरान सुनीता को यह कहते सुना गया, “गोविंदा और कोमल शादी करने वाले थे।” राखी ने कॉल पर कहा- ‘आपने जो भी किया अच्छा किया।’ जवाब में सुनीता बोलीं- ‘मेरे सपोर्ट में तुम लोगों को बोलना चाहिए। तुम लोगों को सारी कहानी मालूम है। राखी ने कहा- 'सुनीता जी, मैंने हमेशा बोला है कि घर का दाल-चावल घर का होता है। बाहर का चिकन टिक्का खाने से कोई फायदा नहीं है।’ इस पर सुनीता ने कहा- ‘वो (गोविंदा) उसे एयरपोर्ट ले गया है। उसे मेरी जगह दे रहा है। लोगों के मुझे कॉल आ रहे हैं। बताओ बीवी होकर मुझे कैसा लगेगा।’ ये सुनकर राखी ने कहा- ‘आप ये सब छोड़ो, 200 करोड़ पर ध्यान दो। दूसरी, तीसरी कोई आ जाएगी, तो ये 200 करोड़ ले जाएगी। पहले अपने नाम पर कर लो सब, फिर ये सब करना।’ आगे सुनीता ने कहा- ‘मैंने कल ये केस वापस ले लिया, क्योंकि ये दोनों शादी करने के प्लान में थे।’ 19 अगस्त को तलाक का केस वापस लिया सुनीता आहूजा 19 अगस्त को मुंबई के बांद्रा फैमिली कोर्ट पहुंचीं। बेटे यशवर्धन भी उनके साथ थे। कोर्ट पहुंचने पर तलाक की अटकलें तेज हो गईं, हालांकि बाद में गोविंदा के मैनेजर शशि रंजन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कन्फर्म किया कि सुनीता ने तलाक का केस वापस ले लिया है, जो उन्होंने दिसंबर 2024 में दायर किया था। गोविंदा के मैनेजर बोले- तमाशा बनाने की क्या जरुरत थी वहीं दूसरी तरफ मैनेजर ने सुनीता के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वो परिवार का तमाशा बना रही हैं। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में मैनेजर शशि सिन्हा ने कहा, “अदालत जाने की कोई जरूरत नहीं थी। घर की बातें घर में रहकर, बैठकर बात करके सुलझ सकती हैं। जब आज याचिका वापस ही लेनी थी, तो फिर केस किया ही क्यों था? मुझे इस बात का बहुत दुख है कि बिना वजह हम सब तमाशा बन गए।” 'दो साल से मीडिया में छवि खराब हुई'- मैनेजरमैनेजर ने बताया कि दोनों के बीच का विवाद पिछले लगभग डेढ़ से दो साल से मीडिया में चल रहा था। इससे गोविंदा और उनके परिवार की साख को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हर शादीशुदा जिंदगी में पति-पत्नी के बीच मतभेद होते हैं, यह आम बात है। लेकिन जब मामला कोर्ट और मीडिया तक पहुंच जाता है, तो बात सार्वजनिक हो जाती है। इस पूरे मामले में तमाशा बनने से आसानी से बचा जा सकता था। दिसंबर 2024 में किया था तलाक का केस गौरतलब है कि सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में गोविंदा के खिलाफ बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। वहीं, यह खबर पिछले साल अगस्त के महीने में सामने आई थी, जब हॉटरफ्लाई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुनीता ने हिंदू मैरिज एक्ट 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), (ib) के तहत तलाक के लिए अर्जी दी थी। याचिका में उन्होंने गोविंदा पर क्रूरता, बेवफाई और परित्याग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। रूमर्ड गर्लफ्रेंड के साथ पब्लिकली स्पॉट हुए गोविंदा हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ स्पॉट किया गया। इस पर सुनीता ने कहा था, “गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए।” सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। पत्नी के बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे वहीं, पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा था कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। गोविंदा ने कहा था, जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो। वहीं, गोविंदा ने को-एक्ट्रेस रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा था, कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता। बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ने अपने वीडियो में यह भी कहा था कि मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ। गोविंदा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... ‘उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है’:गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल के साथ दिखने पर पत्नी सुनीता भड़कीं, बोलीं- क्या घटिया स्टैंडर्ड है गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी के साथ देखे जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्नी सुनीता आहूजा ने कहा कि गोविंदा की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। दरअसल, सोमवार को जब एक पैपराजी ने सुनीता आहूजा से पूछा कि गोविंदा सर भी देखे गए कोमल मैम के साथ, फिल्म का प्रमोशन शुरू हुआ? पूरी खबर यहां पढ़ें…
दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर की वंदे मातरम् पर टिप्पणी के बाद कंगना रनौत ने प्रतिक्रिया दी है। शर्मिला टैगोर ने कहा था कि वंदे मातरम् के कुछ हिस्से एक ईश्वर को मानने वाले लोगों की आस्था से मेल नहीं खा सकते। उन्होंने कहा कि गीत में कई देवताओं का जिक्र है। कंगना बोलीं- हैरान हूं कि आपकी सोच इतनी छोटी है कंगना ने शर्मिला टैगोर के इंटरव्यू का वीडियो अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किया। उन्होंने लिखा, “मैं खुश हूं कि शर्मिला जी ने वंदे मातरम् को लेकर अपनी आपत्ति के बारे में बात की। लेकिन एक कलाकार के तौर पर मैं हैरान हूं कि कला और कविता को लेकर उनकी सोच इतनी छोटी और बनावटी कैसे हो सकती है।” कंगना ने आगे लिखा, “किसी भी कविता या गीत में शब्द रूपक होते हैं। कवि या कलाकार मनचाहा असर पैदा करने के लिए हर तरह की कल्पना करता है और असंभव लगने वाली समानताएं खींचता है। विवेकानंद ने मशहूर तौर पर कहा था कि मुझे ऐसे युवा चाहिए, जो लोहे जैसे बने हों, जिनकी हड्डियां फौलाद की हों और जिनकी नसों में बिजली दौड़ती हो।” उन्होंने कहा, “विवेकानंद मौसम का अनुमान नहीं बता रहे थे। वह केवल शक्ति को जगाने की मांग कर रहे थे। कृपया हिंदू-मुस्लिम सोच से बाहर आइए।” आखिर में कंगना ने लिखा, “भले ही हम एक ईश्वर में विश्वास करते हों, डॉक्टर भी ताकत को शक्ति कहते हैं। आइए, एक-दूसरे को अपनों की तरह अपनाएं। मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं और उस जोरदार गले मिलने से भी मुझे परेशानी नहीं है, जैसा आप हमेशा देती हैं।” शर्मिला बोलीं- एक ईश्वर को मानने वालों के लिए कहना मुश्किल शर्मिला टैगोर ने आईएएनएस से अपनी बात समझाते हुए कहा, “मेरी राय यह है कि बहुत से धार्मिक लोग एक ही ईश्वर में विश्वास करते हैं, कई ईश्वरों में नहीं। वंदे मातरम् में एक अंतरा है, जिसमें कई देवताओं का जिक्र किया गया है।” उन्होंने आगे कहा, “जो लोग एक धर्म में विश्वास करते हैं, उनके लिए ‘वंदे काली, वंदे दुर्गा’ कहना मुश्किल है। इसलिए, अगर हम भारत के सभी धार्मिक लोगों को साथ लेकर चलें, तो इसके पहले दो अंतरे बहुत अच्छे हैं।” शर्मिला टैगोर ने अब तक कंगना रनौत की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बयानों से चर्चा में हैं कंगना रनोट GenZ को कहा गटरछाप- जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट पर कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं।’ बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। बाबा रामदेव से कहा- मेरी जवानी के सपने न देखें- योग गुरू बाबा रामदेव ने कंगना की आलोचना की है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” महिलाओं को लिखा- यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं कंगना ने पोस्ट में लिखा कि पश्चिमी सोच से प्रभावित भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी सामने आई है, जिसे वह ‘गटर जेनरेशन’ कहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ नहीं है। साथ ही, उन्होंने उनकी सोच और मानसिकता पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे अच्छी गृहिणी बनने के लिए भी सक्षम नहीं हैं। इसके बावजूद वे अपनी आजादी का दिखावा करती हैं। नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी बताती हैं। बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं। लगातार स्वतंत्र जीवन जीने की बातें करती हैं, जबकि वास्तव में वे आत्मनिर्भर होती ही नहीं। एक छोटी-सी बात याद दिला दूं, आजाद जीवन में कमाना पड़ता है। अगर बिना जिम्मेदारी उठाए स्वतंत्र बनने की कोशिश करोगे, तो तुम सिर्फ एक विकृत मानसिकता वाले इंसान हो, 'गटर छाप'।' बता दें कि कंगना भाजपा सांसद हैं। वह अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहती हैं। राजनैतिक करियर के साथ-साथ कंगना फिल्मों में भी काम कर रही हैं। जल्द ही वो तनु वेड्स मनु 3 और सीता द इन्कार्नेशन में नजर आएंगी।
रेणुका शहाणे का नाम आते ही लोगों के जेहन में ‘हम आपके हैं कौन’ की संस्कारी भाभी पूजा और ‘सुरभि’ का सहज चेहरा उभरता है। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ एक सुपरहिट फिल्म और लोकप्रिय टीवी शो तक सीमित नहीं है। मनोविज्ञान की पढ़ाई से लेकर थिएटर, टीवी, फिल्मों और निर्देशन तक रेणुका ने हर पड़ाव पर अपनी शर्तों पर काम किया। सफलता के बाद भी उन्होंने लोकप्रियता के बजाय ऐसे किरदार चुने, जिनसे उन्हें कुछ नया सीखने को मिले। इसी सोच के कारण उन्होंने कई फिल्मी ऑफर्स ठुकराए और टीवी को प्राथमिकता दी। लेकिन टीवी पर उन्होंने एक ऐसा किरदार निभाया, जो दर्शकों के लिए चौंकाने वाला था। रेणुका ने साबित किया कि लोकप्रिय छवि के पीछे एक बहुआयामी अभिनेत्री भी मौजूद है। उनके लिए स्टारडम से ज्यादा जरूरी हमेशा अच्छा काम रहा। आज की सक्सेस स्टोरी में रेणुका शहाणे के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें मनोविज्ञान पढ़ रही थीं, लेकिन एक नाटक ने जिंदगी की दिशा बदल दी 7 अक्टूबर 1966 को मुंबई में जन्मीं रेणुका शहाणे ऐसे परिवार में पली-बढ़ीं, जहां कला और साहित्य का माहौल था। उनके पिता विजय कुमार शहाणे भारतीय नौसेना में अधिकारी थे, जबकि मां शांता गोखले जानी-मानी लेखिका, थिएटर से जुड़ी शख्सियत और फिल्म समीक्षक हैं। रेणुका के भाई गिरिश शहाणे भी लेखक और कला समीक्षक हैं। रेणुका शहाणे ने सेंट जेवियर्स कॉलेज से मनोविज्ञान की पढ़ाई की। कॉलेज के सेकंड ईयर में ‘अंधेर नगरी’ नाटक का मंचन होना था। नाटक में करीब 14 गाने थे और रेणुका संगीत मंडल का हिस्सा थीं। बैकग्राउंड वोकल्स के सिलसिले में वह नाटक की पूरी प्रक्रिया से जुड़ गईं। स्क्रिप्ट से स्टेज तक का सफर देखकर उन्हें थिएटर की ताकत महसूस हुई। वह कहती हैं, “उस समय मैंने यह नहीं सोचा था कि मुझे अभिनेत्री बनना है, लेकिन यह जरूर तय किया कि मुझे थिएटर का हिस्सा बनना है।” यहीं से उनके भीतर अभिनय के प्रति नया जुनून पैदा हुआ। मां के दोस्त सत्यदेव दुबे ने पूछा- अभिनय करोगी? इस बार जवाब ‘हां’ था रेणुका की मां शांता गोखले के करीबी दोस्त और दिग्गज थिएटर निर्देशक सत्यदेव दुबे अक्सर उनके घर आते थे। वह रेणुका से बार-बार पूछते थे कि क्या वह अभिनय करेंगी। शुरुआत में वह पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए मना कर देती थीं। लेकिन ‘अंधेर नगरी’ के अनुभव के बाद उनका नजरिया बदल चुका था। अगली बार सत्यदेव दुबे ने वही सवाल पूछा तो रेणुका ने हामी भर दी। इसके बाद उन्होंने उनके साथ वर्कशॉप्स कीं और मराठी थिएटर की संस्था ‘अंतरनाट्य’ के साथ एक्सपेरिमेंटल थिएटर किया। उन्होंने अभिनय के साथ सेट, मेकअप, कॉस्ट्यूम और लाइटिंग जैसे काम भी सीखे। यही उनकी असली ट्रेनिंग बनी। एक्टिंग करियर नहीं, शौक था; फिर ‘सर्कस’ ने बदल दी सोच थिएटर करते-करते रेणुका की मुलाकात उस दुनिया से हुई, जिसे वह शुरू में करियर नहीं मानती थीं। उन्होंने टीवी शो ‘पीसी और मौसी’ से स्क्रीन पर शुरुआत की और इसके बाद ‘सर्कस’ में काम किया। शाहरुख खान स्टारर ‘सर्कस’ उनके लिए निर्णायक मोड़ साबित हुआ। निर्देशक अजीज मिर्जा ने उन्हें अभिनय को गंभीरता से लेने की सलाह दी। उस समय रेणुका क्लिनिकल साइकोलॉजी में एमए कर चुकी थीं और पीएचडी करने के बारे में सोच रही थीं। लेकिन अजीज मिर्जा ने उन्हें समझाया कि अभिनय में हुनर है तो इसे पेशे के रूप में आजमाना चाहिए। रेणुका ने पहली बार महसूस किया कि थिएटर का शौक अब उनका प्रोफेशन बन सकता है। पीएचडी का सपना छोड़कर चुना अभिनय, फिर ‘सुरभि’ ने घर-घर पहुंचाया ‘सर्कस’ के बाद रेणुका की जिंदगी में ‘सुरभि’ आई। सिद्धार्थ काक के साथ इस कार्यक्रम ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। छोटे बाल, साड़ी और सहज अंदाज में नजर आने वाली रेणुका का व्यक्तित्व दर्शकों को पसंद आया। लेकिन इस मुकाम से पहले उन्होंने करियर की दिशा बदलने का बड़ा फैसला लिया था। रेणुका कहती हैं, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे अभिनेत्री बनना है। शुरुआत में तो सिर्फ थिएटर का हिस्सा बनना चाहती थी। लेकिन धीरे-धीरे एक्टिंग मेरा पैशन बन गया और फिर यही मेरा प्रोफेशन बन गया।” ‘सुरभि’ की सफलता ने उन्हें सिर्फ अभिनेत्री नहीं, बल्कि दर्शकों से सीधे जुड़ने वाला चेहरा बना दिया। ‘हम आपके हैं कौन’ की पूजा बनने से पहले ही मिल गई थी चेतावनी 1994 में सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ रिलीज हुई और रेणुका शहाणे का किरदार पूजा घर-घर में पहचान बन गया। वह माधुरी दीक्षित की बड़ी बहन और सलमान खान की भाभी बनी थीं। लेकिन रोल स्वीकार करने से पहले उन्हें एक अहम चेतावनी दी गई थी। राजकुमार बड़जात्या ने उन्हें बताया था कि भाभी का किरदार करने के बाद इंडस्ट्री उन्हें इसी तरह के रोल में देखने लग सकती है। फिर भी रेणुका ने फिल्म की। उनकी प्राथमिकता हीरोइन बनना नहीं, बल्कि अच्छा किरदार निभाना था। फिल्म की जबरदस्त सफलता के बाद यही चेतावनी सच साबित हुई और उनके सामने नई चुनौती खड़ी हो गई। फिल्म हिट हुई तो ऑफर्स बढ़े, लेकिन किरदार वही रहे ‘हम आपके हैं कौन’ के बाद रेणुका के पास फिल्मों के ऑफर्स की कमी नहीं थी। परेशानी यह थी कि ज्यादातर ऑफर्स में किरदार नहीं बदल रहे थे। उन्हें बार-बार हीरो की बहन, भाभी या ‘अच्छी भारतीय लड़की’ के रोल दिए जा रहे थे। रेणुका ने महसूस किया कि फिल्मों में उनकी पहचान एक ही तरह के किरदार में सीमित की जा रही है। दूसरी तरफ टेलीविजन पर उन्हें ज्यादा मजबूत और चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं मिल रही थीं। इसलिए उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाकर टीवी को प्राथमिकता दी। उनके लिए सिर्फ फिल्म में काम करना उपलब्धि नहीं था। वह ऐसा काम करना चाहती थीं, जिसमें अभिनेत्री के तौर पर खुद को साबित करने की गुंजाइश हो। ‘फिल्म नहीं, अच्छा किरदार चाहिए’- यही सोच उन्हें बाकी कलाकारों से अलग करती रही फिल्मों को मना करने के फैसले के पीछे रेणुका की महत्वाकांक्षा का अलग नजरिया था। वह किसी खास मुकाम तक पहुंचने की दौड़ में शामिल नहीं थीं। उन्होंने कहा, “मेरी महत्वाकांक्षा यह नहीं थी कि मुझे किसी खास मुकाम तक पहुंचना है। इसलिए मुझे जो भी मिल रहा था, वह मेरे लिए एक अतिरिक्त खुशी थी।” थिएटर की ट्रेनिंग ने उन्हें सिखाया था कि काम की गुणवत्ता लोकप्रियता से ज्यादा महत्वपूर्ण है। वह बताती हैं कि थिएटर में सामने पांच दर्शक हों या सौ, कलाकार उतनी ही शिद्दत से काम करता था। यही अनुशासन उन्होंने फिल्मों और टीवी में भी अपनाया। इसलिए सफलता के बावजूद उन्होंने सिर्फ नाम के लिए काम स्वीकार नहीं किया। टीवी पर किया ऐसा रोल, जिसे देखकर दर्शकों ने कहा- ‘आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी’ ‘सुरभि’ के बाद रेणुका ने ‘सैलाब’, ‘जुनून’, ‘घुटन’, ‘9 मालाबार हिल’ और ‘कोरा कागज’ जैसे कई टीवी प्रोजेक्ट्स किए। यहां उन्हें अपनी ‘भाभी’ वाली छवि से बिल्कुल अलग किरदार निभाने का मौका मिला। ‘सैलाब’ में उन्होंने ऐसी महिला का किरदार निभाया था, जिसका एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर था। दर्शकों के लिए यह भूमिका चौंकाने वाली थी, क्योंकि उनके मन में रेणुका की छवि संस्कारी और सहज महिला की बन चुकी थी। खुद रेणुका ने बताया कि लोग उनसे कहते थे, “आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी।” इस दौर में उन्होंने साबित किया कि लोकप्रिय छवि के पीछे एक बहुआयामी अभिनेत्री भी मौजूद है। करियर में स्ट्रगल? रेणुका का जवाब सुनकर कहानी का पूरा नजरिया बदल जाता है रेणुका की कहानी में स्ट्रगल का सवाल भी दिलचस्प है। वह मानती हैं कि उन्हें बहुत ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ा। इसकी एक वजह उनका मुंबई में जन्म और परिवार का मजबूत सपोर्ट था। ऑडिशन में काम नहीं मिलता था तो भी उनके पास घर और परिवार था। वह कहती हैं, “जब भी मुझे कोई किरदार नहीं मिलता था या मैं ऑडिशन देकर आती थी, तो मेरे पास अपना घर और परिवार था। सिर पर छत थी और खाने-पीने की कोई परेशानी नहीं थी।” वह मानती हैं कि आर्थिक सुरक्षा ने उन्हें अपने मन का काम चुनने की आजादी दी। इसलिए वह खुद को संघर्ष से ज्यादा ‘ब्लेस्ड’ मानती हैं। पहली शादी टूटी, लेकिन रेणुका ने रिश्तों से उम्मीद नहीं छोड़ी रेणुका की निजी जिंदगी भी हमेशा आसान नहीं रही। उनकी पहली शादी मराठी थिएटर लेखक और निर्देशक विजय केंकरे से हुई थी, लेकिन रिश्ता ज्यादा लंबा नहीं चला और दोनों का तलाक हो गया। इस अनुभव का असर इसलिए भी गहरा था क्योंकि बचपन में उन्होंने अपने माता-पिता का अलगाव भी देखा था। रेणुका ने बताया था कि जब उनके माता-पिता अलग हुए, तब वह सिर्फ आठ साल की थीं। कुछ लोग अपने बच्चों को उनसे खेलने से रोकते थे और कहते थे कि वह ‘टूटे हुए परिवार’ से आती हैं। आगे चलकर परिवार और रिश्तों की जटिलताएं उनकी रचनात्मक सोच का हिस्सा बनीं। 34-35 की उम्र में फिर प्यार हुआ, आशुतोष राणा के साथ शुरू हुई नई कहानी पहली शादी टूटने के बाद रेणुका ने दोबारा शादी को लेकर जल्दबाजी नहीं की। फिर उनकी जिंदगी में अभिनेता आशुतोष राणा आए। दोनों ने करीब तीन साल डेट करने के बाद 25 मई 2001 को शादी की। यह रिश्ता खास था, क्योंकि रेणुका लोकप्रिय अभिनेत्री थीं, जबकि आशुतोष राणा अपने दमदार विलेन किरदारों के लिए पहचाने जाते थे। पहली शादी के अनुभव के बाद रेणुका का रिश्ते और शादी को लेकर नजरिया ज्यादा परिपक्व हो चुका था। दोनों के दो बेटे हैं- शौर्यमान और सत्येंद्र। लंबे वैवाहिक जीवन के बावजूद दोनों ने पर्दे पर साथ बहुत कम काम किया। कास्टिंग काउच का ऑफर आया तो रेणुका ने काम से ज्यादा अपनी शर्तों को चुना रेणुका के करियर का एक कड़वा अनुभव भी रहा, जिसके बारे में उन्होंने काफी समय बाद खुलकर बात की। 2025 में उन्होंने जूम चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया था कि शुरुआती दिनों में एक शादीशुदा निर्माता उनके घर आया था। उसने साड़ी कंपनी का ब्रांड एंबेसडर बनाने का प्रस्ताव दिया, लेकिन साथ में ऐसा निजी प्रस्ताव रखा जिसे रेणुका ने स्वीकार नहीं किया। निर्माता ने उनके साथ रहने के बदले हर महीने स्टाइपेंड देने की बात कही थी। रेणुका और उनकी मां इस प्रस्ताव से हैरान रह गईं। उन्होंने साफ इनकार कर दिया। यह घटना उनके लिए सिर्फ एक गलत प्रस्ताव नहीं थी, बल्कि उस माहौल की हकीकत भी थी, जहां गलत लोगों को मना करने की कीमत करियर में चुकानी पड़ सकती थी। ‘ना’ कहने की कीमत पता थी, फिर भी समझौता नहीं किया कास्टिंग काउच के अनुभव को बताते हुए रेणुका ने कहा कि इंडस्ट्री में किसी प्रभावशाली व्यक्ति के गलत प्रस्ताव को ठुकराने के बाद बदले की कार्रवाई का खतरा रहता है। किसी प्रोजेक्ट से निकालना या काम से दूर रखना जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। लेकिन उन्होंने करियर की कीमत पर भी अपनी सीमाओं से समझौता नहीं किया। यही बात उनकी पूरी यात्रा में दिखाई देती है। चाहे ‘हम आपके हैं कौन’ में भाभी का रोल स्वीकार करना हो, उसके बाद उसी तरह के रोल से दूरी बनानी हो या गलत प्रस्ताव ठुकराना- रेणुका ने हर बार वही चुना, जो उन्हें सही लगा। अभिनेत्री से निर्देशक बनीं, मां की कहानी को पर्दे पर उतारा अभिनय के साथ रेणुका के भीतर निर्देशन की इच्छा भी लंबे समय से थी। ‘लाइफलाइन’ में उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था। बाद में उन्होंने मराठी फिल्म ‘रीटा’ से निर्देशन की शुरुआत की। यह फिल्म उनकी मां शांता गोखले के उपन्यास ‘रीटा वेलिंगकर’ पर आधारित थी। इसके बाद 2021 में उन्होंने हिंदी फिल्म ‘त्रिभंगा’ का निर्देशन किया, जिसमें काजोल, तन्वी आजमी और मिथिला पालकर नजर आईं। फिल्म में मां-बेटी के रिश्ते, परिवार, महत्वाकांक्षा और अलगाव की जटिलताओं को दिखाया गया। जिस निजी अनुभव को उन्होंने बचपन में महसूस किया था, वही आगे चलकर उनकी रचनात्मक दुनिया का हिस्सा बना। हाल ही में रेणुका ने ‘तर्पण’ नाम की शॉर्ट फिल्म बनाई है, जिसमें पहली बार अपने पति आशुतोष राणा को डायरेक्ट किया। आज पीछे मुड़कर देखती हैं तो कोई मलाल नहीं, कहती हैं- ‘मुझे बहुत कुछ मिला है’ रेणुका शहाणे से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि जिंदगी में कुछ छोटा रह गया या कुछ और हासिल करना बाकी था, तो उनका जवाब उनकी पूरी यात्रा का सार है। वह कहती हैं, “नहीं, मैं ऐसा नहीं सोचती। क्योंकि जो मुझे मिला है, वह बहुत मिला है। मैंने तो कभी इसकी मांग भी नहीं की थी।” वह मानती हैं कि किसी अभिनेत्री के लिए अच्छी भूमिका मिलना ही बड़ी बात है और उन्हें एक नहीं, बल्कि कई ऐसी भूमिकाएं मिलीं, जिन्होंने इतिहास रचा। वह इसे उपलब्धि से ज्यादा ‘कृपा और ब्लेसिंग’ मानती हैं। यही वजह है कि सफलता के इतने साल बाद भी उनमें अधूरेपन का भाव नहीं है। ‘मैंने कभी अवॉर्ड लेकर स्पीच की प्रैक्टिस नहीं की’- रेणुका की सफलता का असली मंत्र रेणुका की सफलता की कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि उन्होंने कभी सफलता को लक्ष्य बनाकर काम नहीं किया। वह कहती हैं, “मैंने कभी आईने के सामने खड़े होकर कोई अवॉर्ड हाथ में लेकर स्पीच की प्रैक्टिस नहीं की।” वह थिएटर में शौक और पैशन के तौर पर आई थीं। उन्हें पता ही नहीं चला कि कब थिएटर उनका व्यवसाय और अभिनय उनका प्रोफेशन बन गया। हर काम से उन्होंने कुछ नया सीखा और लोकप्रियता को उपलब्धि के बजाय अतिरिक्त खुशी की तरह लिया। यही सोच उन्हें उस अभिनेत्री से अलग बनाती है, जिसने सफलता के बाद भी अपनी शर्तों पर काम करना नहीं छोड़ा। रेणुका की कहानी में सबसे बड़ी जीत स्टारडम नहीं, अपने फैसलों पर कायम रहना है रेणुका शहाणे की कहानी को सिर्फ ‘सुरभि’ या ‘हम आपके हैं कौन’ की सफलता से समझना अधूरा होगा। उनकी असली कहानी उन फैसलों में छिपी है, जो उन्होंने लोकप्रियता के बावजूद लिए। फिल्मों में एक जैसी भूमिकाएं मिलीं तो टीवी चुना, निजी जिंदगी में रिश्ते टूटे तो खुद को संभाला, गलत प्रस्ताव आया तो मना किया और अभिनय के बाद निर्देशन में भी कदम रखा। वह खुद कहती हैं, “मुझे बहुत कुछ मिला है।” शायद यही उनकी सफलता का सबसे सच्चा पैमाना है- उन्होंने कभी यह तय नहीं किया कि उन्हें कितना बड़ा बनना है, लेकिन जो काम मिला, उसे ईमानदारी से किया। इसी सफर ने उन्हें दर्शकों की यादों में हमेशा के लिए जगह दे दी। _________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. कंगना की फिल्म में जूनियर आर्टिस्ट थीं साई पल्लवी:डांस शो से बाहर किया, आज भारत की सबसे बड़ी फिल्म रामायण में सीता बनीं 2017 में भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म रामायण की घोषणा हुई। देशभर के नामी लोग इस प्रोजेक्ट से जुड़े और 2021 में फिल्म की को-प्रोड्यूसर मधु मंटेना ने घोषणा की कि इस फिल्म में भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी स्टार कास्ट होगी।पूरी खबर पढ़ें.. कियारा आडवाणी बोलीं- सलमान से खास कनेक्शन काम नहीं आया:कई बार रिजेक्ट हुई, लोग ‘कबीर सिंह’ मेरी पहली फिल्म आज कियारा आडवाणी बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। बड़े बैनर, करोड़ों की फिल्में और देशभर में करोड़ों प्रशंसक उनके नाम हैं। हालांकि, फिल्म इंडस्ट्री में सलमान खान से खास कनेक्शन होने के बावजूद उनके लिए सफलता की राह आसान नहीं रही।पूरी खबर पढ़ें..
अभिनेत्री ईशा देओल रक्षाबंधन के मौके पर एक डिलीवरी ऐप के विज्ञापन में नजर आई हैं। इसमें उन्होंने अपने भाई और अभिनेता सनी देओल की फिल्म 'दामिनी' के मशहूर डायलॉग 'ढाई किलो का हाथ' को रीक्रिएट किया है। वीडियो में ईशा इस डायलॉग में रक्षाबंधन का ट्विस्ट जोड़ते हुए भाई सनी के लिए 'ढाई किलो की राखी' मंगवाती दिख रही हैं। 'दामिनी' फिल्म के डायलॉग को रीक्रिएट कियाविज्ञापन में ईशा देओल कहती नजर आती हैं कि जब भैया का ढाई किलो का हाथ उठता है तो सब तालियां बजाने लगते हैं। इसके बाद वे मजाकिया अंदाज में पूछती हैं कि यह हाथ इतना लेजेंड्री क्यों है। वीडियो में इस डायलॉग पर एक छोटा एक्सपेरिमेंट करके दिखाया गया है। इसके बाद ईशा डिलीवरी ऐप के जरिए अपने भाई सनी देओल के लिए खास 'ढाई किलो की राखी' मंगवाती हैं और उसे खुशी से दिखाती हैं। सोशल मीडिया पर फैंस ने की बॉन्ड की तारीफसोशल मीडिया पर वीडियो देखने के बाद फैंस कमेंट सेक्शन में लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यूजर्स ने इसे भाई-बहन के बीच का बहुत प्यारा रिश्ता बताया है। कुछ फैंस ने इसे 'तारा सिंह' के किरदार से जोड़ा, तो वहीं एक यूजर ने लिखा कि सनी पाजी का ढाई किलो का हाथ और ईशा की ढाई किलो की राखी ही असल विरासत है। सनी देओल की फिल्मों को हमेशा सपोर्ट करती हैं ईशाईशा देओल सौतेली बहन होने के बावजूद अपने भाइयों सनी और बॉबी देओल के काफी करीब हैं और उन्हें हमेशा सपोर्ट करती हैं। वे अक्सर उनकी फिल्मों के प्रमोशन और स्क्रीनिंग में शामिल होती हैं। हाल ही में उन्होंने सनी की फिल्म 'बंटवारा 1947' की तारीफ करते हुए लोगों से इसे देखने की अपील की थी। इसके अलावा वे फिल्म 'बॉर्डर 2' की स्पेशल स्क्रीनिंग में भी नजर आई थीं। बचपन से बांधती आई हैं राखी, परिवार के रिश्तों में आया सुधारईशा ने कई बार बताया है कि वे बचपन से ही सनी और बॉबी को राखी बांधती आ रही हैं। लोग उनके रिश्ते के बारे में जानना चाहते हैं, लेकिन वे इसे जाहिर करना जरूरी नहीं मानतीं। धर्मेंद्र ने पहली पत्नी प्रकाश कौर से शादी के बाद हेमा मालिनी से दूसरी शादी की थी। प्रकाश कौर से उनके बेटे सनी, बॉबी और बेटियां अजीता व विजेता हैं। वहीं हेमा मालिनी से ईशा और आहना दो बेटियां हैं। शुरुआत में परिवार के बीच दूरियों की खबरें आई थीं, लेकिन अब सभी के बीच रिश्ते काफी बेहतर हैं। ये खबर भी पढ़ें सन्नी देओल बोले- 'भारत मेरी मां तो पाकिस्तान मौसी है':फिल्म 'बंटवारा 1947' के प्रमोशन के दौरान दिया बयान, सोशल मीडिया पर हुई ट्रोलिंग फिल्म 'बंटवारा 1947' की रिलीज से पहले सनी देओल अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ गए। पटना में फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को मौसी बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल किया। पूरी खबर पढ़ें
आवारापन 2 ने बॉक्स ऑफिस पर 4 बड़ी फिल्मों के लाइफटाइम रिकॉर्ड ब्रेक कर दिए हैं। यह मूवी इस साल की टॉप 6 सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो चुकी है।
बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने चेक बाउंस और कर्ज विवाद के बीच दावा किया है कि पिछले 13 साल में उन्हें 200 से 250 करोड़ रुपए का निजी नुकसान हुआ है। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में 55 साल के एक्टर ने कहा कि वे एक जिम्मेदार इंसान हैं और जिन लोगों का पैसा बकाया है, वे उसे चुका देंगे या उनके घर तक पहुंचा देंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 16 करोड़ रुपए का कर्ज न चुकाने पर उनके पैतृक घर की नीलामी का नोटिस जारी किया है। फीस कम मिली, 50 से ज्यादा विदेशी टूर छूटेराजपाल यादव ने बताया कि 2013 से 2016 के बीच उनका सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस दौरान विदेश में उनके कम से कम 50 टूर छूट गए और मिलने वाली फीस भी काफी कम हो गई। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जहां उन्हें 100 रुपए मिलने चाहिए थे, वहां सिर्फ 10 रुपए मिले। हालांकि, राजपाल ने कहा कि वे आर्ट के स्टूडेंट हैं और वे पैसों से ज्यादा अपनी कला में परफेक्शन को अहमियत देते हैं। 'जिनका पैसा बकाया है, घर पहुंचा दूंगा'अपनी आर्थिक स्थिति और कर्ज पर बात करते हुए राजपाल यादव ने कहा कि उन्होंने जिनसे भी पैसा उधार लिया था, उसे चुका दिया है या जल्द चुका देंगे। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने 200 लोगों से भी उधार लिया है, तो वे पैसा वापस करेंगे। राजपाल ने कहा कि कोई उन्हें 5 करोड़ या 250 करोड़ रुपए में खरीद नहीं सकता। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आर्थिक मुश्किलें उनके पूरे करियर को तय नहीं करतीं और आज भी एयरपोर्ट पर 500 लोग उनके साथ सेल्फी लेते हैं। बैंक नीलाम कर रहा 3.10 करोड़ की प्रॉपर्टीराजपाल यादव पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का कर्ज न चुकाने के कारण कार्रवाई चल रही है। राजपाल यादव ने सेंट्रल बैंक की मुंबई ब्रांच से पत्नी राधा यादव और मां गोदावरी के नाम पर 16.61 करोड़ रुपए का लोन लिया था। शाहजहांपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने उनके पैतृक घर पर 16.61 करोड़ रुपए के बकाया लोन को लेकर कुर्की का नोटिस चस्पा किया है। चेक बाउंस केस में जेल जा चुके राजपाल राजपाल यादव का चेक बाउंस केस साल 2010 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ का कर्ज लिया था। 2012 में रिलीज हुई यह फिल्म फ्लॉप हो गई। इसके बाद 2013 से चेक बाउंस का मामला अदालत में चल रहा है। जुलाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने कर्ज न चुकाने पर उनकी मंशा पर सवाल उठाते हुए सरेंडर का आदेश दिया था। इससे पहले फरवरी 2026 में भी उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था, जिसके बाद वे 12 दिन तक जेल में रहे थे। फिलहाल वे अक्षय कुमार के साथ फिल्म 'हैवान' और सलमान खान के साथ 'SVC 63' की तैयारी कर रहे हैं। राजपाल यादव का करियर हंगामा, हलचल जैसी फिल्मों से कॉमेडी किंग बने 2003 में फिल्म हंगामा, 2005 में गरम मसाला, 2006 में चुप चुप के और फिर हेरा फेरी और 2007 में भूल भुलैया जैसी फिल्मों से उन्हें कॉमेडी मे पहचान मिली। कॉमिक डायरेक्टर प्रियदर्शन के साथ उन्होंने लगभग 8 से 10 फिल्मों मे काम किया है। बेस्ट वर्सटाइल एक्टर अवॉर्ड जीत चुके हैं राजपाल राजपाल यादव को यश भारती अवॉर्ड मिला, जो उत्तर प्रदेश का सर्वोच्च सम्मान है। उन्हें यह अवॉर्ड 2003 की फिल्म ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’ के लिए मिला। यह सम्मान उनके कॉमेडी और गंभीर अभिनय के रोल के लिए दिया गया था। इससे पहले यह अवॉर्ड अमिताभ बच्चन और जया बच्चन जैसे बड़े नामों को मिल चुका है। उन्हें फिल्मफेयर और आईफा जैसे प्लेटफॉर्म पर बेस्ट कॉमिक एक्टर के लिए नॉमिनेट किया गया, लेकिन वे यह अवॉर्ड नहीं जीत पाए। मुंबई मे पहला सपना सिर्फ जिंदा रहना था’ एनएसडी से पढ़ाई पूरी होने के बाद राजपाल मुंबई आए। शुरुआत में उन्हें कोई सपोर्ट नहीं मिला। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनका पहला सपना मुंबई में जिंदा रहना था। कुछ समय के संघर्ष के बाद उन्हें काम मिलना शुरू हो गया। स्ट्रगल के दिनों में राजपाल ने 20-22 स्ट्रगलिंग एक्टर्स को अपने घर पर खाना खिलाया। एक इंटरव्यू मे नवाजुद्दीन सिद्दीकी बताते हैं कि, ‘राजपाल का घर लंगर जैसा था, फ्री का खाना और रहना।’ छोटू और बटला कहते थे स्कूल के दोस्त राजपाल यादव की हाइट लगभग 5 फीट 1 इंच है। स्कूल में छोटी हाइट की वजह से दोस्त उन्हें छोटू और बौना कहकर बुलाते थे। 20 साल की उम्र में गांव की ऑर्डनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री में नौकरी मिली। 20 साल की उम्र में शादी राजपाल यादव ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वे लगभग 20 साल के थे, तब उनके परिवार ने उनकी शादी करा दी थी। उस समय वे गांव में ही रहते थे और नौकरी की शुरुआत कर रहे थे। बेटी के जन्म के 15 मिनट बाद पत्नी का निधन एक इंटरव्यू में राजपाल यादव ने बताया कि वे 20 साल के थे जब घरवालों के दबाव में उनकी शादी कराई गई। उनकी पहली पत्नी का नाम करुणा था। एक साल बाद बेटी ज्योति का जन्म हुआ, लेकिन डिलीवरी के 15 मिनट बाद ही उनकी पत्नी का निधन हो गया। वे कहते हैं, ‘मैं अगले दिन उनसे मिलने वाला था, लेकिन उनकी डेड बॉडी को कंधे पर उठाकर ले गया। 20 साल की उम्र में इतना दर्द सहना आसान नहीं होता।’ इसके बाद वे अकेले पिता बन गए और ज्योति की देखभाल उनकी मां और भाभी ने की। राजपाल ने एक इंटरव्यू में बताया कि दूसरी पत्नी राधा से उनकी मुलाकात कनाडा में हुई थी। उस समय वे सनी देओल और प्रीति जिंटा की फिल्म हीरो: लव स्टोरी ऑफ स्पाई की शूटिंग कर रहे थे। वहीं एक कॉमन फ्रेंड के जरिए मुलाकात हुई और 10 जून 2003 को दोनों ने शादी कर ली। 2016 में अपनी पोलिटिकल पार्टी बनाई 2016 में राजपाल यादव ने सर्व संभाव पार्टी (SSP) नाम से नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च की। पार्टी का गठन वृंदावन में हुआ था। वे पार्टी के जनरल सेक्रेटरी और स्टार कैंपेनर थे, लेकिन खुद चुनाव नहीं लड़ने वाले थे। पार्टी का मोटो, ‘विवाद की नहीं, संवाद की राजनीति’ था। उन्होंने गीता, कुरान, बाइबिल, गुरु ग्रंथ साहिब, रामायण और संविधान पर हाथ रखकर ईमानदारी से काम करने की कसम खाई। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 403 में से करीब 390-400 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया। पार्टी का मुख्यालय लखनऊ में था। उनके दो भाई श्रीपाल सिंह यादव (बिसलपुर) और राजेश सिंह यादव (तिलहर) पार्टी से चुनाव लड़े, लेकिन पार्टी को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली। 3 बार मौत से बचे राजपाल यादव एक इंटरव्यू मे राजपाल यादव बताते हैं कि वो तीन बार जानलेवा हादसों से बचे हैं। एक बार गंगा जी में नहाते समय वे गहरे पानी में चले गए और बेहोश हो गए थे। इसके अलावा एक बार बैलगाड़ी के नीचे आने से और एक बार जंगली कुत्तों के हमले जैसी स्थिति से भी वे बाल-बाल बचे।
अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा के तलाक की अर्जी वापस लेने पर उनके मैनेजर शशि सिन्हा ने नाराजगी जताई है। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में मैनेजर ने सुनीता के इस कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब केस वापस ही लेना था, तो कोर्ट जाकर तमाशा क्यों बनाया गया। उन्होंने कहा कि परिवार के अंदरूनी मामलों को आपस में बैठकर भी सुलझाया जा सकता था। बुधवार को सुनीता अपने बेटे यशवर्धन आहूजा के साथ मुंबई के फैमिली कोर्ट पहुंची थीं, जहां उन्होंने अपनी तलाक की याचिका वापस ले ली। 'जब केस वापस लेना था, तो कोर्ट जाने की जरूरत क्या थी'गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने कहा, अदालत जाने की कोई जरूरत नहीं थी। घर की बातें घर में रहकर, बैठकर बात करके सुलझ सकती हैं। जब आज याचिका वापस ही लेनी थी, तो फिर केस किया ही क्यों था? मुझे इस बात का बहुत दुख है कि बिना वजह हम सब तमाशा बन गए। 'दो साल से मीडिया में छवि खराब हुई'मैनेजर ने बताया कि दोनों के बीच का विवाद पिछले लगभग डेढ़ से दो साल से मीडिया में चल रहा था। इससे गोविंदा और उनके परिवार की साख को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हर शादीशुदा जिंदगी में पति-पत्नी के बीच मतभेद होते हैं, यह आम बात है। लेकिन जब मामला कोर्ट और मीडिया तक पहुंच जाता है, तो बात सार्वजनिक हो जाती है। इस पूरे मामले में तमाशा बनने से आसानी से बचा जा सकता था। सुनीता ने गोविंदा से तलाक का केस वापस लियागोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने गोविंदा से तलाक का केस वापस ले लिया है। बुधवार को सुनीता को उनके बेटे यशवर्धन के साथ मुंबई में फैमिली कोर्ट में देखा गया। दैनिक भास्कर से बातचीत में गोविंदा के मैनेजर शशि रंजन ने बताया कि अब सब ठीक है और दोनों के बीच सब कुछ सामान्य होने की उम्मीद है। कोर्ट के बाहर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पैपराजी ने सुनीता और उनके बेटे से सवाल किया कि कोर्ट में क्या हुआ? जिस पर बेटे यशवर्धन आहूजा ने कहा, कुछ नहीं हुआ। जाने दीजिए। यश अपनी मां को कैमरों से बचाते हुए कार तक लेकर गए। वहीं, कार में बैठने से पहले सुनीता ने इरिटेट होकर कहा, बर्थडे मनाने गए थे और इसके बाद वह कार में बैठकर चली गईं। गौरतलब है कि सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में गोविंदा के खिलाफ बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। वहीं, यह खबर पिछले साल अगस्त के महीने में सामने आई थी, जब हॉटरफ्लाई ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुनीता ने हिंदू मैरिज एक्ट 1955 की धारा 13 (1) (i), (ia), (ib) के तहत तलाक के लिए अर्जी दी है। याचिका में उन्होंने गोविंदा पर क्रूरता, बेवफाई और परित्याग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें.. हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ स्पॉट किया गया। इस पर सुनीता ने कहा था, “गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए।” सुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। पत्नी के बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे वहीं, पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा था कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। गोविंदा ने कहा था, जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो। वहीं, गोविंदा ने को-एक्ट्रेस रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा था, कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता। बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ने अपने वीडियो में यह भी कहा था कि मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ। गोविंदा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... ‘उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है’:गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल के साथ दिखने पर पत्नी सुनीता भड़कीं, बोलीं- क्या घटिया स्टैंडर्ड है गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी के साथ देखे जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्नी सुनीता आहूजा ने कहा कि गोविंदा की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। दरअसल, सोमवार को जब एक पैपराजी ने सुनीता आहूजा से पूछा कि गोविंदा सर भी देखे गए कोमल मैम के साथ, फिल्म का प्रमोशन शुरू हुआ? 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श्वेता तिवारी ने हाल ही में ऑनलाइन एनर्जी ड्रिंक ऑर्डर की थी। जब ऑर्डर खोला गया, तो उसमें कॉकरोच मिलने से एक्ट्रेस घबरा गईं। एक्ट्रेस ने वीडियो जारी कर महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी कार्रवाई से चर्चा में बने हुए FDA ऑफिसर तुकाराम मुंढे से सवाल किया है। साथ ही एक तस्वीर के जरिए उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी पर भी तंज कसा, जिनके प्रोटेस्ट का एक्ट्रेस ने जमकर विरोध किया था। ऑफिशियल इंस्टाग्राम से शेयर किए गए वीडियो में श्वेता तिवारी ने कहा, ‘हमने इंस्टामार्ट से रेडबुल मंगवाया। लेकिन इंस्टामार्ट से हमारे घर में ये (कॉकरोच) भी आया। कॉकरोच पूरे घर में भाग रहा है।’ दूसरे वीडियो में श्वेता ने कॉकरोच दिखाया और कहा, ‘क्या हमें तुकाराम मुंढे जी को टैग करना चाहिए। मुंडे जी ये हमारे घर में इंस्टामार्ट से कॉकरोच आ रहे हैं। आप कहां हैं, ध्यान दीजिए।’ श्वेता तिवारी ने कॉकरोच जनता पार्टी पर कसा तंज? श्वेता तिवारी के इस वीडियो को कॉकरोच जनता पार्टी से जोड़ा रहा है। इसके प्रोटेस्ट की श्वेता तिवारी ने कड़ी निंदा की थी। उनका मानना था कि ये पार्टी सोनम वांगचुक का इस्तेमाल कर रही है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर लिखा था, सोनम वांगचुक एक सच्चे और बेहद महत्वपूर्ण उद्देश्य के लिए लड़ रहे हैं, शिक्षा और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए। उनका यह उद्देश्य ध्यान देने योग्य है और सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। आगे एक्ट्रेस ने लिखा था, ‘मैं साथ ही ये भी साफ करना चाहती हूं कि मैं कॉकरोच जनता पार्टी के साथ नहीं हूं और न ही उनका समर्थन करती हूं। जिस तरह से वे इस मुद्दे को संभाल रहे हैं, उससे मैं सहमत नहीं हूं। मुझे लगता है कि वे सोनम वांगचुक के आंदोलन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। मैं इस तरीके का समर्थन नहीं करती।’ श्वेता तिवारी ने कॉकरोच वाले वीडियो के साथ दोस्त की एक पोस्ट भी री-शेयर की, जिसमें लिखा है कि श्वेता तिवारी किसी भी तरह के कॉकरोच को पसंद नहीं करतीं। ये निशाना कॉकरोच जनता पार्टी पर साधा गया था। द ट्रेटर में नजर आईं श्वेता तिवारी कसौटी जिंदगी की शो से देशभर में पहचान हासिल करने वालीं श्वेता तिवारी इन दिनों अमेजन प्राइम के शो द ट्रेटर्स सीजन 2 में नजर आ रही हैं। इससे पहले श्वेता रियलिटी शो बिग बॉस की विजेता रह चुकी हैं। श्वेता तिवारी अपनी निजी जिंदगी के चलते भी चर्चा में रह चुकी हैं। राजा चौधरी ने लगाए थे धोखा देने के आरोप श्वेता तिवारी के पूर्व पति राजा चौधरी ने हाल ही में सिद्धार्थ कानन को दिए इंटरव्यू में कहा है कि श्वेता तिवारी के कसौटी को-स्टार सेजान खान के अलावा कई लोगों से अफेयर थे। बातचीत में राजा चौधरी ने ये भी दावा किया है कि कई बार वो श्वेता के टीवी शोज के सेट पर गए थे, तब वो सेट पर नहीं होती थीं और सेजान के साथ बाहर होती थीं। पूछने पर कहती थीं डबिंग है, लेकिन जब राजा ने डबिंग वालों से पूछा तो जवाब मिला कि कोई डबिंग नहीं चल रही। राजा ने ये भी दावा किया कि श्वेता लंबे समय तक रोड के किनारे सेजान के साथ कार में समय बिताती थीं।श्वेता तिवारी ने 1998 में परिवार के खिलाफ जाकर राजा चौधरी से शादी की थी। तब वह महज 18 साल की थीं। शादी के बाद श्वेता तिवारी ने 2000 में बेटी पलक को जन्म दिया। इसी समय उन्होंने टीवी शो आने वाला पल से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। उन्हें 2001 के शो कसौटी जिंदगी की से देशभर में पहचान मिली। श्वेता ने राजा के साथ रियलिटी शो नच बलिए में हिस्सा लिया था। कुछ समय बाद ही शादी के करीब 9 साल बाद, 2007 में श्वेता ने तलाक की अर्जी दी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा चौधरी शराब पीते थे और उनके साथ मारपीट करते थे। श्वेता के मुताबिक, राजा अक्सर उनके शूटिंग सेट पर भी पहुंच जाते थे और उनके साथ बदसलूकी करते थे। दोनों का तलाक 2012 में हुआ। इसके बाद श्वेता तिवारी ने अभिनेता अभिनव कोहली को करीब तीन साल तक डेट करने के बाद 13 जुलाई 2013 को शादी की। 27 नवंबर 2016 को उनके बेटे रेयांश कोहली का जन्म हुआ। हालांकि, 2017 से ही दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आने लगी थीं। अगस्त 2019 में श्वेता ने अभिनव कोहली के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिनव उन्हें और उनकी बेटी पलक को परेशान करते थे। शिकायत के बाद पुलिस ने अभिनव को हिरासत में लिया। इसके बाद 2019 में दोनों अलग हो गए। वहीं दूसरी तरफ राजा चौधरी ने 2015 में दिल्ली की कॉर्पोरेट प्रोफेशन श्वेता सूद से शादी की। शादी के 7 साल बाद उनका तलाक हो गया।
फिल्म निर्माता अमित जानी ने अपनी फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ का टीजर हटाने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। हाईकोर्ट ने सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए टीजर और इससे जुड़ी प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया था। यह फिल्म बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से जुड़े 1998 के चर्चित काले हिरण के शिकार मामले से प्रेरित बताई जा रही है। सलमान की शिकायत के बाद हाईकोर्ट ने उनके व्यक्तित्व अधिकारों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए प्रचार सामग्री हटाने का आदेश दिया था। जानी ने अपनी अपील में कहा है कि यह आदेश अनुचित सेंसरशिप है और उनके अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार को सीमित करता है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और ऐतिहासिक कानूनी मामलों पर किसी का एकाधिकार नहीं हो सकता। जानी ने हाईकोर्ट के आदेश को जल्दबाजी बताया कानूनी विवाद के बीच फिल्म निर्माता की सुरक्षा को लेकर भी चिंता सामने आई है। जानी का दावा है कि संगठित आपराधिक समूहों ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी हैं। इन समूहों ने उनसे फिल्म प्रोजेक्ट छोड़ने की मांग की है। जानी ने अपील में कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का उचित मौका दिए बिना ही रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। सलमान की याचिका पर टीजर और इंटरव्यू हटाने का आदेश यह घटनाक्रम उस आदेश के बाद सामने आया है, जो हाईकोर्ट ने सलमान खान की व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया था। 27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' के टीजर को सोशल मीडिया से हटाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर प्रोड्यूसर 24 घंटे के अंदर टीजर के लिंक नहीं हटाते हैं, तो एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसी इंटरनेट कंपनियों को इसे हटाने के आदेश दिए जाएंगे। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस ज्योति सिंह ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। जज ने टिप्पणी की कि किसी सामान्य नागरिक के साथ भी ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता। साख बनाने में बहुत मेहनत लगती है और एक बार छवि खराब होने के बाद उसे वापस पाना आसान नहीं होता। अदालत ने फिल्म निर्माता अमित जानी के दिए इंटरव्यू भी हटाने का निर्देश दिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा जरूरी है। कोर्ट ने फिल्म में अभिनेता के संदर्भ दिखाई देने पर चिंता भी जताई थी। अदालत ने संकेत दिया था कि वह बाद में ज्यादा कड़ी टिप्पणियों वाला विस्तृत आदेश जारी करेगी। सलमान ने लगाए ये आरोप लमान खान के पक्ष के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि टीजर में एक किरदार को सलमान जैसी शक्ल और उनका मशहूर ब्रेसलेट पहनाकर दिखाया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि फिल्म सलमान खान और 1998 के काला हिरण केस पर आधारित है। सलमान की ओर से बताया गया कि उन्होंने पहले प्रोड्यूसर को लीगल नोटिस भेजा था, लेकिन अमित जानी ने एक इंटरव्यू में उस नोटिस को फाड़ दिया और इंटरनेट पर धमकियां मिलने का दावा करने लगे। याचिका में यह भी कहा गया है कि एक पोस्टर में किरदार राइफल पकड़े दिखाया गया है। सलमान ने दावा किया है कि इस तरह के चित्रण से लोग भ्रमित हो सकते हैं। याचिका में आगे कहा गया है कि यह बात खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि 1998 के मामले से जुड़ी आर्म्स एक्ट की कार्यवाही में सलमान खान बरी हो चुके हैं। प्रोड्यूसर की दलील- किसी का नाम इस्तेमाल नहीं हुआ सुनवाई के दौरान प्रोड्यूसर अमित जानी के वकील ने पक्ष रखते हुए कहा कि फिल्म में सलमान खान का नाम कहीं इस्तेमाल नहीं हुआ है। टीजर में किसी एआई (AI) या डीपफेक तकनीक का प्रयोग भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टीजर है और सार्वजनिक घटनाओं पर फिल्म बनाने से किसी के पर्सनल राइट्स का हनन नहीं होता। हालांकि, कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि मामला अदालत में लंबित रहने के दौरान ऐसी चीजें सार्वजनिक करना अवमानना के दायरे में आता है।
विदेशी सरजमीं पर Sunny Deol को बड़ा झटका, Batwara 1947 के छठे दिन का कलेक्शन कर देगा हैरान
Batwara 1947 Worldwide Collection Day 6: ओवरसीज मार्केट में सनी देओल की फिल्म बंटवारा 1947 ने छठे दिन कितना कारोबार किया है, जानिए...
इंटरनेशनल मार्केट में Awarapan 2 ने लहराया कामयाबी का परचम, कमाई में इस फिल्म का किया खेल खत्म
इमरान हाशमी की लेटेस्ट फिल्म आवारापन 2 कमाई के मामले में पूरी दुनिया में शानदार प्रदर्शन करती नजर आ रही है।
एक्टर सुविंदर विक्की हाल ही में फिल्म ‘आवारापन 2’ में दिखाई दिए। कभी वो एक थिएटर प्ले से मिले सिर्फ 5 हजार रुपए लेकर मुंबई पहुंचे थे, लेकिन पैसे जल्दी खत्म हो गए और उन्हें एक महीने के अंदर पंजाब लौटना पड़ा। मुंबई में एक समय ऐसा भी आया, जब उनके पास खाने तक के पैसे नहीं थे। गुजारा करने के लिए उन्होंने इंश्योरेंस पॉलिसी बेचीं और छोटे-मोटे काम किए। करीब एक दशक तक पंजाबी फिल्मों में छोटे किरदार निभाने के बाद उन्होंने ‘उड़ता पंजाब’ से हिंदी फिल्मों में कदम रखा। इसके बाद ‘केसरी’, ‘माइलस्टोन’, ‘कोहरा’ और ‘धुरंधर द रिवेंज’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। हाल ही में सुविंदर विक्की ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘आवारापन 2’ के बारे में बात की। पढ़िए इंटरव्यू की अहम बातें। सवाल: ‘आवारापन 2’ का हिस्सा बनने का मौका आपको कैसे मिला और जब आपको फिल्म ऑफर हुई तो पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरे लिए सबसे खुशी की बात यह है कि मैं ‘आवारापन 2’ से जुड़ा। करीब 18 साल पहले जब ‘आवारापन’ आई थी, तब उसने युवाओं के बीच एक अलग ही इमेज बनाई थी। फिल्म के म्यूजिक और इमरान हाशमी के काम को लेकर उस समय काफी चर्चा हुई थी। आज मेरी बेटी भी बड़ी हो गई है और वह भी ‘आवारापन’ को लेकर काफी एक्साइटेड रहती है। जैसे ही उसे पता चला कि मैं ‘आवारापन 2’ में काम कर रहा हूं, उसने फिल्म को लेकर बातें शुरू कर दीं। मेरे लिए यह एक बड़ी खुशी थी कि मैं उस फिल्म की दुनिया का हिस्सा बन रहा हूं, जिसे एक पीढ़ी ने इतना पसंद किया है। सवाल: ‘आवारापन 2’ में आपके किरदार जयदीप का अपना आंतरिक संघर्ष क्या है? जवाब: जयदीप का संघर्ष मुझे अपने जीवन के संघर्ष से काफी जुड़ा हुआ लगा। मेरी जिंदगी में भी एक समय यह द्वंद्व रहा कि क्या करना है, अभिनेता बनना है तो कैसे बनना है, कितनी स्ट्रगल करनी पड़ेगी, पैसे आएंगे या नहीं आएंगे, नौकरी के साथ यह काम करना पड़ेगा या पूरी तरह इसमें आना चाहिए। जयदीप के भीतर भी कुछ इसी तरह के सवाल हैं। वह सोचता है कि यहां रहूं या छोड़ दूं, साथ दूं या नहीं दूं। मुझे लगा कि उसके ये संघर्ष मेरे अपने संघर्षों से काफी मैच करते हैं। इसलिए मुझे इस किरदार से जुड़ना बहुत आसान लगा। सवाल: आपने अब तक कई ग्रे और नेगेटिव शेड्स वाले किरदार निभाए हैं। क्या अब कुछ अलग करने की इच्छा थी? जवाब: बिल्कुल। मन करता है कि कुछ अलग भी नजर आए। ऐसा नहीं है कि मैं रोमांस नहीं कर सकता। मेरा भी मन करता है कि पर्दे पर मेरी कोई हीरोइन हो, हम रोमांटिक सीन करें, तारों की छांव में बैठें या मैं उसके लिए मारधाड़ करूं और वह मेरे जख्मों पर मरहम लगाए। लेकिन फिर लगता है कि अगर हर कोई यही करेगा तो हम जो करते हैं, वह कौन करेगा? हमारे हिस्से में अच्छाई के साथ-साथ निगेटिविटी और बुराई को भी पर्दे पर उतारने की जिम्मेदारी आती है। सवाल: क्या किसी विलेन या ग्रे किरदार की सफलता का पैमाना यह है कि दर्शक उससे नफरत करने लगें? जवाब: बिल्कुल। एक विलेन तब कामयाब होता है, जब लोगों को उससे नफरत होने लगे। अगर आप किसी किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाते हैं और दर्शक उस किरदार को लेकर रिएक्ट करते हैं, उसकी तारीफ करते हैं या उससे डरते-नफरत करते हैं, तो एक अभिनेता के तौर पर वही आपकी सफलता है। सवाल: क्या किसी किरदार को निभाने के बाद उससे बाहर निकलने में आपको कभी परेशानी हुई है? जवाब: ऐसा बहुत ज्यादा नहीं हुआ, लेकिन ‘माइलस्टोन’ में गालिब का किरदार करते समय मुझे काफी पीठ दर्द रहता था। शूटिंग के बाद भी कुछ समय तक वह दर्द मेरे साथ रहा। फिर मैंने अपने दिमाग को यह समझाया कि आपने इतनी मेहनत की है, लगातार सीढ़ियां चढ़ते रहे हैं, इसलिए शरीर में कोई मसल खिंच गया होगा। पता नहीं सच में ऐसा था या मैंने अपने दिमाग को उस तरह सेट किया, लेकिन मेरे लिए वह तरीका काम कर गया। कई बार ऐसा भी होता है कि एक किरदार से निकलकर तुरंत दूसरे किरदार में जाना पड़ता है। जैसे मैंने बलबीर का किरदार किया और उसके बाद ‘सतलुज’ के लिए तैयारी करनी थी। ऐसे समय में अभिनेता को बहुत जल्दी स्विच ऑन और स्विच ऑफ करना पड़ता है। सवाल: पंजाबी सिनेमा, हिंदी फिल्मों और ओटीटी तीनों जगह काम करते हुए क्या आपकी एक्टिंग अप्रोच बदलती है? जवाब: मैं खुद को इस मामले में किस्मत वाला मानता हूं कि मुझे अक्सर ऐसा काम मिल जाता है, जो मुझे पसंद आता है। मेरे पास बहुत ज्यादा ऑप्शंस भी नहीं होते। अगर 8-10 स्क्रिप्ट आती हैं और उनमें से एक चुननी है तो मेरे लिए जो काम करने लायक है, मैं उसे करना चाहता हूं। चाहे किरदार एक सीन का हो, दो सीन का हो या 40 दिन का काम हो, मेरे लिए उसमें कुछ करने लायक जरूर होना चाहिए। अब तक मुझे जो काम मिला है, उसमें मैं खुद को काफी लकी मानता हूं। सवाल: इतने साल इंडस्ट्री में काम करने के बाद भी क्या आज काम मांगने में झिझक नहीं होती? जवाब: नहीं, काम मांगने में कैसी झिझक? यह मेरा काम है। मैंने अपनी खुशी से, पूरे होश-हवास में इस फील्ड को चुना है। भगवान को साक्षी मानकर तय किया है कि मुझे अभिनेता बनना है। अब मेरी ड्यूटी है कि मुझे हर किरदार को अपनी 100 प्रतिशत क्षमता के साथ निभाना है। लोगों को वह पसंद आए, यही मेरे लिए सबसे बड़ी बात है। मेरे लिए मेरे सारे किरदार एक जैसे हैं। कोई एक दूसरे से कम या ज्यादा नहीं है। सवाल: आगे ऐसा कौन-सा किरदार करना चाहते हैं, जो अभी तक नहीं मिला? जवाब: मैं ऐसा किरदार करना चाहता हूं, जो मेरी अपनी जिंदगी के ज्यादा करीब हो। मैंने पुलिस वाले काफी किए हैं। अब कोई ऐसा आम आदमी, इंश्योरेंस एजेंट जैसा किरदार, बिजनेसमैन या पिता की भूमिका जिसमें जिंदगी की सच्चाई और मेरे अपने अनुभवों की झलक हो ऐसा कुछ करना चाहूंगा। क्योंकि जब किरदार आपके अपने अनुभवों से जुड़ता है तो उसे निभाने का आनंद अलग होता है।
बॉलीवुड के संजीदा एक्टर्स में शुमार रणदीप हुड्डा आज 50 साल के हो गए हैं। पर्दे पर अपनी दमदार एक्टिंग और सीरियस किरदारों से पहचान बनाने वाले रणदीप की असल जिंदगी का एक पहलू इंसानियत से भरा भी है। जब भी देश के किसी कोने में आपदा आई या लोग तकलीफ में दिखे, रणदीप ग्लैमरस दुनिया से दूर जमीनी स्तर पर मदद के लिए सबसे आगे खड़े नजर आए। हाल ही में असम में आई भीषण बाढ़ के दौरान भी रणदीप हुड्डा का यही मानवीय चेहरा देखने को मिला। जब बाढ़ के पानी ने असम के कई इलाकों को डुबा दिया, तो रणदीप सोशल मीडिया पर केवल दुख जताकर नहीं रुके। वे सीधे असम के शिवसागर जिले पहुंचे। यहां वे खुद पानी में उतरे और पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। रेलवे स्टेशन पर बनाए गए राहत कैंपों में रह रहे पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उन्होंने भोजन परोसा और लंगर की व्यवस्था संभाली। केरल के बाद साल 2019 में जब महाराष्ट्र का नासिक जिला भयंकर सूखे की चपेट में था, तब भी रणदीप राहत लेकर पहुंचे। नासिक के वेले गांव में स्थिति इतनी गंभीर थी कि पीने के पानी के कुएं पूरी तरह सूख चुके थे और ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे थे। रणदीप खुद उस गांव में पहुंचे, स्थिति का जायजा लिया और सूखे की मार झेल रहे ग्रामीणों के लिए रोज 25 से 30 पानी के टैंकरों का इंतजाम कराया। नासिक के सूखे में टैंकर लेकर पहुंचे थे रणदीप हुड्डा का राहत कार्यों में जुटना हाल की घटना तक सीमित नहीं है। वे लंबे समय से संकट के समय जमीनी स्तर पर सेवा करते आए हैं। 2018 में जब केरल भीषण बाढ़ की चपेट में था और लाखों लोग बेघर हो गए थे, तब रणदीप सीधे केरल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे थे। संस्था खालसा एड के साथ मिलकर उन्होंने राहत शिविरों में हजारों लोगों के लिए खाना पकाने से लेकर बांटने तक का काम किया था। बड़े-बड़े बर्तनों में खाना बनाते और बाढ़ पीड़ितों को भोजन परोसते हुए उनकी तस्वीरें भी सामने आईं। 2025 में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान भी वे प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे और राहत सामग्री बांटी। वीकेंड पर करते हैं बीच की सफाई, UN ने बनाया ब्रांड एंबेसडर रणदीप हुड्डा सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं में ही नहीं, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी सक्रिय रहे हैं। मुंबई के वर्सोवा बीच और मीठी नदी के सफाई अभियान में वे लगातार पर्यावरण कार्यकर्ता अफरोज शाह के साथ मिलकर खड़े रहे। वीकेंड्स पर जब अन्य बॉलीवुड सेलिब्रिटीज पार्टियों में व्यस्त रहते थे, तब रणदीप सुबह-सुबह वर्सोवा बीच पर ग्लव्स पहनकर कचरा और प्लास्टिक उठाते नजर आते थे। पर्यावरण के प्रति उनके इसी काम को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने उन्हें 'जलीय प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण' (CMS) के लिए अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था। वे खुद बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही जानवरों और प्रकृति से गहरा लगाव रहा है। उन्होंने कई घोड़ों को गोद ले रखा है और बाघ संरक्षण अभियानों में भी वे सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इंसानियत और समाज सेवा का यह जज्बा रणदीप को उनके परिवार से विरासत में मिला है। उनके पिता डॉक्टर और मां आशा हुड्डा एक जानी-मानी सोशल वर्कर हैं। रणदीप का मानना है कि बचपन में मां को दूसरों की मदद करते देखकर ही उनके भीतर भी जरूरतमंदों के प्रति यह संवेदनशीलता पैदा हुई। खर्च निकालने के लिए मेल सेक्स वर्कर बनने निकले स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए रणदीप हुड्डा ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न चले गए। वहां उन्होंने मार्केटिंग में बैचलर्स की डिग्री ली और उसके बाद बिजनेस मैनेजमेंट व ह्यूमन रिसोर्स में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में उनके दिन बहुत कठिनाइयों में बीते। जेब खर्च निकालने और अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उन्होंने वहां कई छोटे-मोटे काम किए। रणदीप ने ऑस्ट्रेलिया में रेस्टोरेंट में बर्तन धोए, वेटर का काम किया, कार वाशिंग सेंटर में गाड़ियां धोईं और देर रात तक टैक्सी भी चलाई। संघर्ष इतना बढ़ गया था कि एक वक्त पैसों की सख्त किल्लत के कारण उन्होंने जिगोलो (मेल सेक्स वर्कर) बनने के बारे में भी गंभीरता से सोचा था। मिड-डे को दिए एक इंटरव्यू में रणदीप ने खुलासा किया था कि उन्होंने जिगोलो बनने के लिए वहां कोशिश भी की थी। एक एजेंट ने उन्हें एक कपल को सर्विस देने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया। एयरलाइन कंपनी में नौकरी, थिएटर से मिला पहला ब्रेकऑस्ट्रेलिया से पढ़ाई पूरी कर जब रणदीप भारत लौटे, तो उन्होंने मुंबई में एक एयरलाइन कंपनी में मार्केटिंग की नौकरी शुरू कर दी। नौकरी के साथ-साथ वे थिएटर और मॉडलिंग भी कर रहे थे। एक दिन रणदीप मुंबई में एक प्ले की रिहर्सल कर रहे थे, तभी मशहूर डायरेक्टर मीरा नायर की नजर उन पर पड़ी। मीरा नायर उनके अभिनय और पर्सनालिटी से काफी प्रभावित हुईं। मीरा नायर ने रणदीप को अपनी आने वाली फिल्म 'मानसून वेडिंग' (2001) के ऑडिशन के लिए बुलाया। ऑडिशन में रणदीप का काम पसंद आया और उन्हें एनआरआई रिश्तेदार राहुल चड्ढा के किरदार में कास्ट कर लिया गया। इस तरह साल 2001 में रणदीप हुड्डा ने बॉलीवुड में अपना पहला कदम रखा। 35 हजार रुपए का कॉन्ट्रैक्ट किया, 4 साल तक काम नहीं मिला 'मानसून वेडिंग' के बाद रणदीप को उम्मीद थी कि उन्हें बॉलीवुड में काम मिलने लगेगा, लेकिन उनके करियर में एक बड़ा अड़ंगा आ गया। उस दौरान मशहूर डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा ने रणदीप का एक नाटक देखा और उनसे प्रभावित होकर उन्हें अपनी गैंगस्टर फिल्म के लिए साइन कर लिया। रामगोपाल वर्मा ने रणदीप के साथ 35,000 रुपए महीने का एक एक्सक्लूसिव कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया। शर्त यह थी कि जब तक रामगोपाल वर्मा की फिल्म पूरी नहीं हो जाती, रणदीप किसी दूसरे बैनर की फिल्म में काम नहीं कर सकते। लेकिन स्क्रिप्टिंग और प्रोडक्शन की वजह से वह फिल्म टलती गई। यह इंतजार एक-दो महीने नहीं, बल्कि पूरे चार साल लंबा चला। इस कॉन्ट्रैक्ट के कारण रणदीप के हाथ से कई बड़ी फिल्में निकल गईं। आखिरकार 2005 में जाकर रामगोपाल वर्मा ने फिल्म 'D' बनाई। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई। रणदीप का 4 साल का कीमती वक्त और करियर का शुरुआती फ्लो इस वजह से पूरी तरह प्रभावित हुआ। इसके बाद उन्होंने 'डरना जरूरी है' और 'रू-ब-रू' जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन ये फिल्में भी असफल रहीं। 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई' से बदला करियर का ग्राफ लगातार असफलताओं के बाद साल 2010 में मिलन लुथरिया की फिल्म 'वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई' रणदीप के करियर में टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। फिल्म में उन्होंने एसीपी विल्सन का ईमानदार किरदार निभाया था। अजय देवगन और इमरान हाशमी जैसे बड़े स्टार्स की मौजूदगी के बावजूद रणदीप ने अपनी दमदार एक्टिंग से आलोचकों और दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस फिल्म की सफलता के बाद इंडस्ट्री ने रणदीप की अदाकारी को गंभीरता से लेना शुरू किया और उनके पास मुख्य किरदारों के ऑफर्स आने लगे। इसके बाद उन्होंने 'साहब बीवी और गैंगस्टर', 'जन्नत 2' और 'जिस्म 2' जैसी फिल्मों में अपनी अदाकारी का प्रदर्शन किया। 'हाईवे' के लिए धूप में सनबर्न कराया, वोदका पीकर किरदार में ढलेरणदीप हुड्डा को बॉलीवुड का एक ऐसा मेथड एक्टर माना जाता है जो किरदार में ढलने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। साल 2014 में आई इम्तियाज अली की फिल्म 'हाईवे' में रणदीप ने महावीर भाटी नाम के एक एरोगेंट किडनैपर का किरदार निभाया था। इस किरदार की तैयारी के लिए रणदीप ने बेहद अजीब और कठिन तरीके अपनाए। फिल्म में उनका लुक काफी थका हुआ, उबड़-खाबड़ और सनबर्न से झुलसा हुआ दिखना था। इसलिए रणदीप सेट पर कोई मेकअप नहीं लेते थे, बल्कि घंटों तेज धूप में सीधे लेट जाते थे ताकि उनकी स्किन कुदरती रूप से झुलस जाए और सनबर्न हो जाए। इसके बावजूद अगर किसी दिन वे फ्रेश या साफ-सुथरे दिखते, तो किरदार के चेहरे पर वह थकान लाने के लिए वे वोदका की पूरी बोतल पी लेते थे। काठमांडू जेल में ‘बिकिनी किलर’ से 10 मिनट की मुलाकातसाल 2015 में आई फिल्म 'मैं और चार्ल्स' में रणदीप ने दुनिया के सबसे शातिर क्रिमिनल और 'बिकिनी किलर' के नाम से मशहूर चार्ल्स शोभराज का किरदार निभाया था। इस किरदार की बारीकियों, बॉडी लैंग्वेज और बात करने के लहजे को समझने के लिए रणदीप सिर्फ किताबों या डाक्यूमेंट्रीज पर निर्भर नहीं रहे। उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर पी. रमन से जिद की कि वे उन्हें असली चार्ल्स शोभराज से मिलाएं। उस वक्त चार्ल्स शोभराज नेपाल की काठमांडू जेल में बंद था। काफी कोशिशों और कानूनी प्रक्रियाओं के बाद रणदीप को काठमांडू की सेंट्रल जेल में चार्ल्स शोभराज से मिलने की इजाजत मिली। रणदीप जब जेल पहुंचे, तो चार्ल्स उनसे करीब 7 फीट की दूरी पर खड़ा था। ई-टाइम्स को दिए अपने इंटरव्यू में रणदीप ने बताया था कि शुरुआत में चार्ल्स ने उन्हें नहीं पहचाना। फिर रणदीप ने उन्हें अपने और फिल्म के बारे में बताया। चार्ल्स ने रणदीप से पूछा कि उन्होंने किरदार की तैयारी कहां से की, जिस पर रणदीप ने कहा कि इंटरनेट पर उपलब्ध उनके पुराने वीडियोज से। इसके बाद चार्ल्स शोभराज ने फिल्म के पोस्टर पर रणदीप को अपना ऑटोग्राफ भी दिया था। 3 साल तक दाढ़ी-बाल नहीं काटे, फिल्म बंद होने पर गुरुद्वारे में मांगी माफीरणदीप हुड्डा के करियर का सबसे दर्दनाक और इमोशनल किस्सा उनकी फिल्म 'बैटल ऑफ सारागढ़ी' से जुड़ा है। यह फिल्म रणदीप का ड्रीम प्रोजेक्ट थी, जिसमें वे हवलदार ईशर सिंह का किरदार निभा रहे थे। सिख इतिहास और इस महान योद्धा के किरदार के प्रति सम्मान जताने के लिए रणदीप ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में जाकर शपथ ली थी कि जब तक यह फिल्म पूरी होकर रिलीज नहीं हो जाती, वे अपने सिर के बाल और दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। डायरेक्टर राजकुमार संतोषी के निर्देशन में फिल्म की शूटिंग शुरू हुई और कुछ हिस्सा शूट भी कर लिया गया। रणदीप ने 3 साल तक कोई दूसरी फिल्म साइन नहीं की और अपने केस (बाल) बढ़ाए रखे। लेकिन प्रोडक्शन और बजट की दिक्कतों की वजह से फिल्म की शूटिंग अटक गई। इसी दौरान अक्षय कुमार की इसी विषय पर बनी फिल्म 'केसरी' का ऐलान हो गया और वह रिलीज भी हो गई। इसके बाद 'बैटल ऑफ सारागढ़ी' हमेशा के लिए डिब्बा बंद हो गई। रणदीप के लिए 3 साल का लंबा इंतजार, मेहनत और इमोशनल जुड़ाव सब बेकार हो गया था। जब आखिरकार उन्हें अपने बाल कटवाने पड़े, तो वे गुरुद्वारे गए। वहां उन्होंने सिख परंपरा के मुताबिक कसम पूरी न कर पाने के लिए ईश्वर से माफी मांगी और फिर अपने बाल कटवाए। सुष्मिता सेन से रिश्ता टूटने को बताया टर्निंग प्वाइंटरणदीप हुड्डा की पर्सनल और लव लाइफ भी काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। साल 2006 में आई फिल्म 'कर्मा और होली' के सेट पर उनकी मुलाकात बॉलीवुड एक्ट्रेस और पूर्व मिस यूनिवर्स सुष्मिता सेन से हुई थी। शूटिंग के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और उन्होंने करीब 3 साल तक एक-दूसरे को डेट किया। सुष्मिता सेन के साथ ब्रेकअप के बाद रणदीप काफी अकेले पड़ गए थे। हालांकि, बाद में रणदीप ने कई इंटरव्यूज में माना कि सुष्मिता के साथ हुआ ब्रेकअप उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। उन्होंने कहा कि ब्रेकअप के बाद वे अपने काम और एक्टिंग करियर को लेकर ज्यादा सीरियस हो गए और अपना पूरा ध्यान फिल्मों पर लगा दिया। सुष्मिता के अलावा रणदीप का नाम एक्ट्रेस नीतू चंद्रा के साथ भी लंबे वक्त तक जुड़ा। 'मर्डर 3' की शूटिंग के दौरान अदिति राव हैदरी के साथ भी उनके लिंकअप की खबरें आईं, हालांकि रणदीप ने इन बातों पर कभी खुलकर कोई कमेंट नहीं किया। ये खबर भी पढ़ें सुनील शेट्टी@65- धमकी मिलने पर अंडरवर्ल्ड डॉन को गालियां दीं:को-एक्ट्रेस से मिलाने के लिए जूनियर आर्टिस्ट को नकली मुख्यमंत्री बनाया; अजय देवगन ‘दूधवाला’ कहते हैं 90 का दशक। मुंबई में अंडरवर्ल्ड का खौफ ऐसा था कि बड़े-बड़े कारोबारी और फिल्म स्टार भी धमकी भरे फोन से घबरा जाते थे। इसी दौर में एक बॉलीवुड एक्टर को भी लगातार धमकी वाले फोन आ रहे थे। करीब डेढ़ साल तक धमकियों का सिलसिला चलता रहा, लेकिन एक दिन बात हद से आगे बढ़ गई। पूरी खबर पढ़ें
Batwara 1947 का छठवें दिन बॉक्स ऑफिस पर निकला दम, 50 करोड़ का कलेक्शन भी हुआ मुश्किल
सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा 1947' बॉक्स ऑफिस पर 'आवारापन 2' से क्लैश के कारण संघर्ष कर रही है। जानिए कितना रहा छठवें दिन का कलेक्शनय़
अमृतसर में बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी आज अपने परिवार के साथ गोल्डन टेंपल पहुंचे। उन्होंने गुरु घर में माथा टेका और सरबत के भले की अरदास की। इस दौरान उन्होंने पवित्र परिक्रमा में बैठकर गुरबाणी का श्रवण भी किया और वाहेगुरु का शुक्राना अदा किया। गोल्डन टेंपल पहुंचने के बाद सुनील शेट्टी भावुक नजर आए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यहां आकर उन्हें बेहद सुकून और खुशी मिलती है। उनके मुताबिक, गोल्डन टेंपल में पहुंचने के बाद कई बार उनके पास अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शब्द नहीं होते और वह भावुक हो जाते हैं। सुनील शेट्टी ने कहा कि जब भी वह गोल्डन टेंपल आते हैं, उन्हें यहां से एक अलग तरह की ऊर्जा और सकारात्मकता महसूस होती है। गुरु घर में नतमस्तक होने के बाद मन को शांति मिलती है और ऐसा लगता है कि सब कुछ अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि यहां का आध्यात्मिक माहौल व्यक्ति को भीतर से मजबूत करता है। अभिनेता ने बताया कि 11 तारीख को उनकी शादी की सालगिरह थी। इसके बाद वह परिवार के साथ गुरु घर का आशीर्वाद लेने के लिए अमृतसर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि लोग अलग-अलग कारणों से गुरु घर आते हैं, लेकिन यहां आकर सेवा, विनम्रता और अच्छी सोच की प्रेरणा मिलती है। सुनील शेट्टी ने कहा कि निजी जीवन में भी सेवा भाव और सकारात्मक सोच को अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि गोल्डन टेंपल में नतमस्तक होने के बाद वह नई ऊर्जा के साथ अपने काम की शुरुआत करेंगे। उनके मुताबिक, यहां आना उनके लिए सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा हासिल करने का अवसर है। सुनील शेट्टी की यात्रा के दौरान उनके प्रशंसकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने गुरु घर की मर्यादा का सम्मान करते हुए माथा टेका, गुरबाणी सुनी और अरदास की। इसके बाद वह परिवार सहित गुरु घर से मिली आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के साथ रवाना हुए।
एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने योग गुरु बाबा रामदेव की टिप्पणी पर भड़कते हुए कहा कि बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में सपने मत देखिए। दरअसल, कंगना ने बाबा रामदेव की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कंगना के 'जेनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर कहा था कि ये बिगड़े दिमाग की निशानी है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।” दरअसल, हाल ही में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना रनोट के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान की आलोचना की थी। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। जब सवाल पूछा गया था कि वो आपके योग की प्रशंसक रही हैं तो बाबा रामदेव ने कहा कि “मेरी प्रशंसा करें, योग की प्रशंसा करें तो मैं उनके गुनाहों पर यहां लीपापोती कर दूं?” बाबा रामदेव ने यह भी कहा था कि युवा की कोई जाति नहीं है। युवा में सब हैं। उसमें ब्राह्मणों के भी बालक हैं, क्षत्रियों के भी, वैश्यों के भी, दलित के भी, आदिवासी-वनवासी के, SC-ST के, सबके बालक हैं। आज युवा अपने आप में एक बहुत बड़ी ताकत है, उसको कोई नकार नहीं सकता। कंगना ने क्या कहा था दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कंगना रनोट सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं:गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया; मुंबा देवी के भी दर्शन किए, देखें तस्वीरें बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट मंगलवार को मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और वहां कुछ समय बिताया। मंदिर दर्शन के दौरान कंगना पीली साड़ी में नजर आईं, जिस पर गोल्डन बॉर्डर था। उन्होंने इसके साथ मैचिंग ब्लाउज और ऑरेंज-गोल्डन दुपट्टा पहना था। लाल बिंदी, सिंपल ज्वेलरी और मिनिमल मेकअप से उन्होंने अपना लुक पूरा किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बिजनेसमैन-एक्टर राज कुंद्रा ने हालिया इंटरव्यू में 2021 में पोर्नोग्राफी केस में गिरफ्तारी और मुंबई की आर्थर रोड जेल में बिताए 63 दिनों को अपनी जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर बताया। उन्होंने बताया है कि जेल में रहते हुए उन्हें खबर मिली कि पत्नी शिल्पा शेट्टी उन्हें तलाक देने वाली हैं। खबर मिलने के बाद उन्होंने सुसाइड करने का मन बना लिया था। राज ने एबीपी न्यूज से बातचीत में बताया है कि जेल में उन्हें मीडिया के जरिए पता चला कि शिल्पा शेट्टी उन्हें छोड़ रही हैं और दोनों का तलाक हो रहा है। राज ने कहा, “उस रात मैं सो नहीं पाया, क्योंकि मुझे अपनी जिंदगी खत्म करने का मन हो रहा था। मुझे लगा कि जीने का कोई मतलब नहीं है। मेरे लिए मेरी पत्नी और मेरा परिवार सबसे ज्यादा जरूरी हैं। मुझे लगा कि मैं अपनी जान दे दूं। सच में लगा कि आत्महत्या कर लूं।” शिल्पा से मुलाकात के बाद बदला मन राज ने बताया है कि तलाक की खबर मिलने के अगले दिन उनकी शिल्पा से फोन पर बात हुई। पूछे जाने पर शिल्पा ने कहा, “यह बकवास खबर है। मैं तुम्हारे साथ हूं। मुझे तुम पर भरोसा है। इसकी चिंता मत करो।” राज ने कहा कि शिल्पा की इस बात से उन्हें बहुत हिम्मत मिली। उन्होंने बताया, “मैंने सोचा कि तुम जो तोड़ना चाहते हो, तोड़ दो। मेरी पत्नी मेरे साथ है। मैं पूरी दुनिया का सामना कर सकता हूं। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” 63 दिन पारले-जी और पानी पीकर सर्वाइव किया आर्थर रोड जेल में बिताए समय को याद करते हुए राज ने वहां की हालत को बेहद मुश्किल बताया। उन्होंने कहा कि वे जेल का खाना नहीं खा पाते थे। राज के मुताबिक, उन्होंने 63 दिनों के दौरान ज्यादातर पारले-जी बिस्किट और पानी के सहारे गुजारा किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि जेल में उनका वजन करीब 17-18 किलो कम हो गया था। फिल्म UT69 में बताया कैसा था जेल का अनुभव 3 नवंबर 2023 को UT69 फिल्म रिलीज हुई थी, जो राज कुंद्रा के जेल जाने और जेल के अनुभव पर आधारित थी। इस फिल्म में खुद राज कुंद्रा लीड रोल में थे। राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी ने साल 2009 में शादी की थी। इस शादी से कपल को दो बच्चे वियान और समीशा हैं। राज की दो शादियां हुई थीं। उनकी पहली शादी कविता कुंद्रा से हुई। कुछ साल बाद दोनों अलग हो गए।
Awarapan 2 के बाद भी बॉक्स ऑफिस पर रहेगा इमरान हाशमी का राज, 5 अपकमिंग फिल्मों की लिस्ट आई सामने
अभिनेता इमरान हाशमी आवारापन 2 के बाद आने वाले समय में 5 अपकमिंग मूवीज में नजर आएंगे।
बंटवारा 1947 से फैंस की काफी उम्मीदें जुड़ी हुई थीं, लेकिन आवारापन 2 से टक्कर लेने के बाद फिल्म वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर हुई कमाई से भी बजट नहीं निकाल पा रही है।
गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा और उनके बेटे यशवर्धन आहूजा को मुंबई में बुधवार को फैमिली कोर्ट में देखा गया। दोनों की कोर्ट में मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि, उनके वहां पहुंचने की वजह से जुड़ी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। कोर्ट के बाहर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पैपराजी ने सुनीता और उनके बेटे से सवाल किया कि कोर्ट में क्या हुआ?जिस पर बेटे यशवर्धन आहूजा ने कहा, कुछ नहीं हुआ। जाने दीजिए। यश अपनी मां को कैमरों से बचाते हुए कार तक लेकर गए। वहीं, कार में बैठने से पहले सुनीता ने इरिटेट होकर कहा, बर्थडे मनाने गए थे और इसके बाद वह कार में बैठकर चली गईं। मामले पर दैनिक भास्कर ने गोविंदा के मैनेजर से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया है कि इस बारे में अब तक उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। गौरतलब है कि सुनीता आहूजा ने दिसंबर 2024 में गोविंदा के खिलाफ बांद्रा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, याचिका में उन्होंने गोविंदा पर क्रूरता, बेवफाई और परित्याग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। गौरतलब है कि हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ स्पॉट किया गया। इस पर सुनीता ने कहा था, गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। वहीं, पत्नी सुनीता के आपत्तिजनक बयानों पर गोविंदा भड़क गए थे। गोविंदा ने चेतावनी देकर कहा था कि उन्हें हद में रहना चाहिए। साथ ही एक्टर ने को-स्टार का बचाव भी किया और कहा कि सुनीता उन्हें बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। गोविंदा ने कहा था, जो काम बाहर मिलता है, वो मैं करता नहीं हूं और जो मैं कर रहा हूं, उसमें आप हस्तक्षेप कर रही हैं। और जब अपना काम आप कर रही थीं, फिर चाहे वो कुकिंग शो (लाफ्टर शेफ) हो या लॉकअप हो, टीना (बेटी) से कहकर मुझे उसमें बुलवाया, मेरी सेवाएं लीं। खैर वो तो आपका हक है, लेकिन जिस वक्त मैंने फिल्म शुरू की है, आप एक भी कसर नहीं छोड़ रही हैं कि मैं लोगों के दिल से उतर जाऊं बदनाम हो जाऊं, या कुछ ऐसा हो जाए कि मेरा बिजनेस न हो। वहीं, गोविंदा ने को-एक्ट्रेस रानी स्वर्णकर का बचाव करते हुए कहा था, कोई गरीब परिवार के लोग अगर फिल्म में आए हैं, तो उन्हें इस तरह बदनाम या लज्जित न कीजिए कि वो भाग जाएं। आप में क्षमता है, ताकत है, इज्जत, दौलत, शोहरत, सब दिया है ऊपर वाले ने। इसका मतलब ये नहीं कि जिसके पास ये नहीं है आप उसे जलील करें। ये आप पर शोभा नहीं देता। बहुत ज्यादा मां-बहन की गालियां देने लगी हैं- गोविंदा गोविंदा ने अपने वीडियो में यह भी कहा था कि मैं ये भी कहना चाहूंगा कि सुनीता जी आप बहुत मां-बहन की गालियां देने लगी हैं। ईश्वर को मनाइए कि अगर लोग आपसे प्रेरित हो गए तो आप कहां आइना देखेंगी। कहीं आपके साथ ही लोग मां-बहन की गालियां देना शुरू कर देंगे, तो हम सब बहुत लज्जित हो जाएंगे। ये ठीक नहीं है। बहुत सस्ता कर दिया है मां-बहन का नाम। आपसे उम्मीद नहीं है। पूरी खबर यहां पढ़ें… जानिए सुनीता के किस बयान पर भड़के गोविंदा हाल ही में गोविंदा को उनकी अपकमिंग कमबैक फिल्म रूपा की को-एक्ट्रेस के साथ स्पॉट किया गया। इस पर सुनीता ने कहा, गोविंदा अपनी बेटी की उम्र की लड़की को लेकर घूम रहे हैं और उन्हें इस बात पर थोड़ी शर्म आनी चाहिए। तुम्हारा शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कपड़े ढंग के पहनो- सुनीतासुनीता आहूजा ने गोविंदा साथ दिखीं एक्ट्रेस कोमल के ड्रेसिंग सेंस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर सामने वाले का शुगर डैडी इतना अमीर है, तो कम से कम कपड़े तो ढंग के पहनने चाहिए। इंसान का अपना एक स्टैंडर्ड होना चाहिए। सुनीता ने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि वे किस तरह स्टाइल के साथ रहते हैं। उन्होंने पूरे वाकये को बहुत खराब और घटिया सोच करार दिया। सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। करियर के चलते गोविंदा ने सुनीता से शादी को लगभग दो साल तक दुनिया से छिपाकर रखा था। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ। गोविंदा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... ‘उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है’:गोविंदा के एक्ट्रेस कोमल के साथ दिखने पर पत्नी सुनीता भड़कीं, बोलीं- क्या घटिया स्टैंडर्ड है गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी के साथ देखे जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्नी सुनीता आहूजा ने कहा कि गोविंदा की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। दरअसल, सोमवार को जब एक पैपराजी ने सुनीता आहूजा से पूछा कि गोविंदा सर भी देखे गए कोमल मैम के साथ, फिल्म का प्रमोशन शुरू हुआ? पूरी खबर यहां पढ़ें…
ईशा कोप्पिकर ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर खुद को अंधभक्त कहा है। ईशा का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने उनके बयान पर सहमति जताते हुए सपोर्ट किया है। 2019 में भारतीय जनता पार्टी जॉइन करने वालीं ईशा कोप्पिकर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा, ‘नमस्ते मैं ईशा कोपिकर अंधभक्त, अगर अपने देश से प्यार करना, भारत से प्यार करना और उसकी प्रगति चाहना भक्ति है, तो हां मैं अंधभक्त हूं। लेकिन मेरी भक्ति किसी पॉलिटिकल पार्टी के लिए नहीं, मेरे देश के लिए है।’ उन्होंने कहा कि वह सरकार से सवाल कर सकती हैं और उसकी नीतियों से असहमत हो सकती हैं। इसके बावजूद वह पूरे दिल से अपने देश से प्यार कर सकती हैं। ईशा ने आगे कहा, ‘यह देश मेरा घर है, जहां मैंने अपनी रोजी रोटी कमाई है और कमा रही हूं, और जहां मुझे लगातार मौके मिलते रहे हैं। इसलिए, मुझे अपने देश पर गर्व करने में कोई शर्म नहीं है। आप चाहे कहीं भी रहें, उस जगह से प्यार करना, उसका सम्मान करना और उसमें योगदान देना सीखें। आपने जो घर चुना है, उस पर गर्व करें।’ आखिर में ईशा ने कहा, 2 किस्म की औलाद होती है। एक जो ये गिनते हैं कि मां-बाप ने क्या नहीं दिया और दिया। और दूसरे वो जो कुछ भी मिलने पर उससे अपनी और मां-बाप की जिंदगी बेहतर बनाते हैं। फर्क सिर्फ सोच का है। क्यों न हम भी सोच बदले। पूरे समय ये सोचने की बजाए कि देश ने हमें क्या दिया, हम ये सोचें कि हमने देश के लिए क्या किया।' कंगना रनोट ने किया सपोर्ट ईशा कोपिकर का ये वीडियो री-शेयर कर कंगना ने तारीफ में लिखा है, वाह! मेरे लिए बहुत अच्छे से समझाया गया है। हाई स्कूल में मैंने उस टीचर के खिलाफ आवाज उठाई, जो बच्चों के सिर पर स्टिक से मारता था। 26/11 के आतंकवादी हमले के खिलाफ आवाज उठाई।निर्भया के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आवाज उठाई। अपने माता-पिता को कभी भी अपनी राह में आने वाली किसी भी सीमा के लिए दोषी नहीं ठहराया, बल्कि अपने लिए वही जीवन स्तर हासिल किया, जो उन्होंने मेरे लिए बनाया था। आगे कंगना ने लिखा, 'मैं लगभग हर उस व्यक्ति की पहचान में खुद को पाती हूं, जिससे मैं मिलती हूं। मुझे अपने देश से प्यार है, मुझे अपने लोगों से प्यार है और मैं अपनी जिंदगी उसी तरह सादगी से जीती हूं।' स्टूडेंट को गटरछाप कहने पर विवादों में हैं कंगना, बाबा रामदेव ने की आलोचना जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट पर कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं... मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं।’ बाबा रामदेव बोले- उनकी क्वालिफिकेशन क्या है अब योग गुरू बाबा रामदेव ने कंगना की आलोचना की है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। जब सवाल पूछा गया कि वो आपके योग की प्रशंसक रही हैं तो बाबा रामदेव ने कहा कि “मेरी प्रशंसा करें, योग की प्रशंसा करें तो मैं उनके गुनाहों पर यहां लीपापोती कर दूं?” बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि युवा की कोई जाति नहीं है। युवा में सब हैं। उसमें ब्राह्मणों के भी बालक हैं, क्षत्रियों के भी, वैश्यों के भी, दलित के भी, आदिवासी-वनवासी के, SC-ST के, सबके बालक हैं। आज युवा अपने आप में एक बहुत बड़ी ताकत है, उसको कोई नकार नहीं सकता। कंगना ने दी थी गटरछाप वाले बयान पर सफाई बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में करीब 10 हजार लोग ही जुटे थे, जबकि देश में युवाओं की आबादी 30 से 35 करोड़ हैं। ऐसे में पूरे Gen Z को उस प्रदर्शन से जोड़ना सही नहीं है। जंतर-मंतर में हर उम्र के लोग घूम रहे थे। आधे से ज्यादा भीड़ शबाना आजमी की उम्र की थी। ऐसे में किस आधार पर इसे पूरे देश के Gen Z का प्रदर्शन बताया जा रहा है। …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कंगना रनोट सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं:गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया; मुंबा देवी के भी दर्शन किए, देखें तस्वीरें बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट मंगलवार को मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और वहां कुछ समय बिताया। मंदिर दर्शन के दौरान कंगना पीली साड़ी में नजर आईं, जिस पर गोल्डन बॉर्डर था। उन्होंने इसके साथ मैचिंग ब्लाउज और ऑरेंज-गोल्डन दुपट्टा पहना था। लाल बिंदी, सिंपल ज्वेलरी और मिनिमल मेकअप से उन्होंने अपना लुक पूरा किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
ईशा कोप्पिकर ने हाल ही में एक वीडियो जारी कर खुद को अंधभक्त कहा है। ईशा का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने उनके बयान पर सहमति जताते हुए सपोर्ट किया है। 2019 में भारतीय जनता पार्टी जॉइन करने वालीं ईशा कोप्पिकर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा, ‘नमस्ते मैं ईशा कोपिकर अंधभक्त, अगर अपने देश से प्यार करना, भारत से प्यार करना और उसकी प्रगति चाहना भक्ति है, तो हां मैं अंधभक्त हूं। लेकिन मेरी भक्ति किसी पॉलिटिकल पार्टी के लिए नहीं, मेरे देश के लिए है।’ उन्होंने कहा कि वह सरकार से सवाल कर सकती हैं और उसकी नीतियों से असहमत हो सकती हैं। इसके बावजूद वह पूरे दिल से अपने देश से प्यार कर सकती हैं। ईशा ने आगे कहा, ‘यह देश मेरा घर है, जहां मैंने अपनी रोजी रोटी कमाई है और कमा रही हूं, और जहां मुझे लगातार मौके मिलते रहे हैं। इसलिए, मुझे अपने देश पर गर्व करने में कोई शर्म नहीं है। आप चाहे कहीं भी रहें, उस जगह से प्यार करना, उसका सम्मान करना और उसमें योगदान देना सीखें। आपने जो घर चुना है, उस पर गर्व करें।’ आखिर में ईशा ने कहा, 2 किस्म की औलाद होती है। एक जो ये गिनते हैं कि मां-बाप ने क्या नहीं दिया और दिया। और दूसरे वो जो कुछ भी मिलने पर उससे अपनी और मां-बाप की जिंदगी बेहतर बनाते हैं। फर्क सिर्फ सोच का है। क्यों न हम भी सोच बदले। पूरे समय ये सोचने की बजाए कि देश ने हमें क्या दिया, हम ये सोचें कि हमने देश के लिए क्या किया।' कंगना रनोट ने किया सपोर्ट ईशा कोपिकर का ये वीडियो री-शेयर कर कंगना ने तारीफ में लिखा है, वाह! मेरे लिए बहुत अच्छे से समझाया गया है। हाई स्कूल में मैंने उस टीचर के खिलाफ आवाज उठाई, जो बच्चों के सिर पर स्टिक से मारता था। 26/11 के आतंकवादी हमले के खिलाफ आवाज उठाई।निर्भया के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आवाज उठाई। अपने माता-पिता को कभी भी अपनी राह में आने वाली किसी भी सीमा के लिए दोषी नहीं ठहराया, बल्कि अपने लिए वही जीवन स्तर हासिल किया, जो उन्होंने मेरे लिए बनाया था। आगे कंगना ने लिखा, मैं लगभग हर उस व्यक्ति की पहचान में खुद को पाती हूं, जिससे मैं मिलती हूं। मुझे अपने देश से प्यार है, मुझे अपने लोगों से प्यार है और मैं अपनी जिंदगी उसी तरह सादगी से जीती हूं। स्टूडेंट को गटरछाप कहने पर विवादों में हैं कंगना, बाबा रामदेव ने की आलोचना जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट पर कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं... मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं।’ बाबा रामदेव बोले- उनकी क्वालिफिकेशन क्या है अब योग गुरू बाबा रामदेव ने कंगना की आलोचना की है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। जब सवाल पूछा गया कि वो आपके योग की प्रशंसक रही हैं तो बाबा रामदेव ने कहा कि “मेरी प्रशंसा करें, योग की प्रशंसा करें तो मैं उनके गुनाहों पर यहां लीपापोती कर दूं?” बाबा रामदेव ने यह भी कहा कि युवा की कोई जाति नहीं है। युवा में सब हैं। उसमें ब्राह्मणों के भी बालक हैं, क्षत्रियों के भी, वैश्यों के भी, दलित के भी, आदिवासी-वनवासी के, SC-ST के, सबके बालक हैं। आज युवा अपने आप में एक बहुत बड़ी ताकत है, उसको कोई नकार नहीं सकता। कंगना ने दी थी गटरछाप वाले बयान पर सफाई बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में करीब 10 हजार लोग ही जुटे थे, जबकि देश में युवाओं की आबादी 30 से 35 करोड़ हैं। ऐसे में पूरे Gen Z को उस प्रदर्शन से जोड़ना सही नहीं है। जंतर-मंतर में हर उम्र के लोग घूम रहे थे। आधे से ज्यादा भीड़ शबाना आजमी की उम्र की थी। ऐसे में किस आधार पर इसे पूरे देश के Gen Z का प्रदर्शन बताया जा रहा है। …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कंगना रनोट सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं:गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया; मुंबा देवी के भी दर्शन किए, देखें तस्वीरें बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट मंगलवार को मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और वहां कुछ समय बिताया। मंदिर दर्शन के दौरान कंगना पीली साड़ी में नजर आईं, जिस पर गोल्डन बॉर्डर था। उन्होंने इसके साथ मैचिंग ब्लाउज और ऑरेंज-गोल्डन दुपट्टा पहना था। लाल बिंदी, सिंपल ज्वेलरी और मिनिमल मेकअप से उन्होंने अपना लुक पूरा किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ के हिट गाने ‘शरारत’ में नजर आईं आयशा खान सगाई की तस्वीरों से सुर्खियों में आ गई हैं। एक्ट्रेस ने हाल ही में सोशल मीडिया पर सगाई की थीम जैसी तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें वो डायमंड रिंग भी फ्लॉन्ट करती दिखी हैं। हालांकि कई फैंस का मानना है कि ये उनके किसी गाने का पब्लिसिटी स्टंट हो सकता है। वहीं कुछ लोग तस्वीरों में दिखे मिस्ट्री मैन की तुलना सिंगर करण औजला से कर रहे हैं। आएशा खान ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा है, एक सपना। देखिए आएशा खान की तस्वीरें- आएशा खान की पोस्ट में राखी सावंत, अर्चना गौतम, रश्मि देसाई जैसे सेलेब्स ने उन्हें कमेंट कर बधाई दी। रश्मि ने लिखा है, दुआ है तुम्हारे सारे सपने पूरे हों। वहीं अर्चना ने आएशा को मुबारकबाद दी। क्या आएशा खान ने कर ली है सगाई? आएशा खान की ये तस्वीरें किसी जूलरी ब्रांड का प्रमोशन हो सकती हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट के कैप्शन में एक जूलरी ब्रांड को मेंशन करते हुए लिखा है, अपनी परफेक्ट डायमंड एंगेजमेंट रिंग यहां पाइए। बिग बॉस 17 में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट रहीं, मुनव्वर पर लगाए चीटिंग के आरोप आएशा खान को बिग बॉस 18 से पहचान मिली थी। वो शो में बतौर वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट शामिल हुईं और शो में उन्होंने मुनव्वर फारूकी पर चीटिंग के आरोप लगाए। आएशा ने दावा किया कि मुनव्वर उनके साथ रिलेशनशिप में थे, जबकि बाद में उन्हें पता चला कि वो किसी और लड़की के साथ भी थे। उन्होंने बताया था कि मुनव्वर ने अपनी एक्स वाइफ के साथ भी चीट किया है। आयशा ने यह भी कहा था कि मुनव्वर एक साथ कई लड़कियों के साथ रिश्ते में रहे हैं। आएशा की शो में एंट्री से काफी ड्रामा हुआ था। धुरंधर के शरारत गाने से मिली पहचान ‘धुरंधर’ के गाने ‘शरारत’ में आयशा खान क्रिस्टल डिसूजा के साथ नजर आई थीं। गाना जबरदस्त हिट रहा और आएशा को देश भर में पहचान मिल गई। इस गाने को यूट्यूब पर 810 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं। गाने में पीरियड होने का खुलासा कर हुई थीं ट्रोल पिंकविला को दिए एक इंटरव्यू में आयशा ने कहा था, ‘शूटिंग दो दिन चली। यह बहुत ही व्यस्तता भरा था। शूटिंग के दौरान मुझे पीरियड्स हो रहे थे और आप जानते हैं कि आप फूले हुए होने के कारण अपना बेस्ट परफॉर्मेंस नहीं कर पा रहे होते हैं।’ उन्होंने आगे कहा था, ‘काश, मैं अपने पूरे जोश में होती। दो दिन में इतना सारा काम था, समय बहुत कम था। हम बहुत थक गए थे, इतना नाचने के बाद हमारी हड्डियां दुख रही थीं।’ इस बयान के बाद आएशा खान को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। ट्रोलिंग पर दिया था बेबाक बयान मोजो स्टोरी की समिट में आयशा ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग उनके कपड़ों को लेकर भी कमेंट करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं इंस्टाग्राम पर लगभग हर दिन अपनी बॉडी को लेकर सेक्शुअल कमेंट्स का सामना करती हूं। अगर मैं नॉर्मल टॉप पहनती हूं तो लोगों को समस्या होती है। अगर मैं स्कर्ट पहनती हूं तो भी लोगों को दिक्कत होती है। मुझे कुछ पोस्ट करने से पहले भी सोचना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि कई बार इस तरह की बातें उन्हें इमोशनली परेशान करती हैं। उनके मुताबिक अगर किसी को कपड़े पहनने या फोटो पोस्ट करने से पहले सोचना पड़े, सिर्फ इसलिए कि लोग उसे सेक्शुअल तरीके से देखेंगे, तो यह एक दुखद स्थिति है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट से चर्चा में रहीं आएशा खान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट का हिस्सा बनी थीं, जहां उन्हें डीटेन किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद आएशा की जमकर सराहना हुई थी।
कार्तिक आर्यन को फिल्ममेकर कबीर खान की आने वाली अनटाइटल्ड फिल्म की शूटिंग के दौरान घुटने में गंभीर चोट लगी है। वे एक एक्शन सीन की शूटिंग कर रहे थे। यह चोट फिल्म की शूटिंग के आखिरी शेड्यूल में लगी। शूटिंग दो दिन बाद पूरी होने वाली थी। चोट लगने के बाद कार्तिक को इलाज के लिए कस्बे के एक अस्पताल ले जाया गया। एक्शन सीन की शूटिंग के दौरान लगी चोट इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्तिक इन मुश्किल एक्शन सीन से पहले एक्शन कोच के साथ कड़ी ट्रेनिंग कर रहे थे। इसी दौरान एक सीन की शूटिंग करते समय उनके घुटने में चोट लग गई। प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, “कार्तिक को अब फोर्टिस राहेजा अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टर एक दिन बाद उनके घुटने की सर्जरी करेंगे। इसके बाद उन्हें कुछ दिन आराम करना होगा। इसके बाद वे अपने काम की जिम्मेदारियां फिर शुरू कर सकेंगे।” सर्जरी के बाद कार्तिक के ठीक होने के लिए कुछ समय काम से दूर रहने की उम्मीद है। फिट होने के बाद वे अनुराग बसु की अनटाइटल्ड फिल्म की शूटिंग फिर शुरू कर सकते हैं। कार्तिक ने डोपामिन स्टूडियोज के साथ फिल्म प्रोडक्शन में भी कदम रखा है। वे कबीर खान के साथ आने वाली फिल्म में काम कर रहे हैं। यह फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के बाद कबीर खान के साथ कार्तिक की दूसरी फिल्म है। कार्तिक की अपकमिंग फिल्में कबीर खान की फिल्म के अलावा कार्तिक के पास कई प्रोजेक्ट हैं। वे अगली बार मृगदीप सिंह लांबा के निर्देशन में बनी फैंटेसी-कॉमेडी-एडवेंचर फिल्म ‘नागजिला’ में दिखाई देंगे। कार्तिक ‘कैप्टन इंडिया’ का भी हिस्सा हैं, जो उनकी आने वाली फिल्मों में शामिल है। रश्मिका मंदाना को भी शूटिंग के दौरान लगी चोट फिल्म ‘मायसा’ की शूटिंग के दौरान डांस सीक्वेंस करते वक्त हाल ही में रश्मिका मंदाना को चोट लगी थी। रश्मिका ने बताया था कि उनके दाहिने हिप को पैर से जोड़ने वाला एक टेंडन अलग हो गया था। इसे दोबारा जुड़ने के लिए रिकवरी और आराम की जरूरत है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘मायसा’ के डांस सीक्वेंस के दौरान वह फिसल गई थीं। यह उनके करियर की सबसे ज्यादा एग्रेसिव और फिजिकल फिल्मों में से एक बताई जा रही है।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

