डिजिटल समाचार स्रोत

...

शाहरुख खान के बॉलीवुड में 34 साल पूरे:बचपन की तस्वीर जेब में लेकर इवेंट में पहुंचे, कहा- ये अटपटी है, लेकिन इकलौती तस्वीर है, कन्नड़ बोली

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान को आज फिल्म इंडस्ट्री में 34 साल हो चुके हैं। उनकी पहली फिल्म दीवाना 34 साल पहले आज के ही दिन 26 जून को रिलीज हुई थी। इस खास मौके पर शाहरुख खान मंगलूरु के एक इवेंट का हिस्सा बने, जहां आइकॉनिक पोज, हिट गानों में डांस करते हुए एक्टर ने मंगलूरु की बचपन की याद पर भी बात की है। इस दौरान एक्टर ने कन्नड़ में फैंस से बात कर हर किसी का ध्यान खींच लिया। शाहरुख खान इस इवेंट में बचपन की एक तस्वीर लेकर पहुंचे थे। इवेंट के बीच उन्होंने जेब में रखी वो तस्वीर निकालकर ऑडियंस को दिखाई, जो उनके अनुसार, उनके बचपन की इकलौती तस्वीर है। शाहरुख ने तस्वीर दिखाते हुए कहा, ‘भले ही इस समय यह तस्वीर थोड़ी अटपटी लगे, क्योंकि मैं इसमें बिना कपड़ों के हूं। ये मेरे पास मेरे बचपन की इकलौती तस्वीर है, जो मंगलूरु में ली गई थी। मैं बिना कपड़ों के बाल्टी में हूं।’ बता दें कि शाहरुख खान का जन्म नई दिल्ली में हुआ था, हालांकि उन्होंने बचपन के शुरुआती 5 साल अपने दादा जी इफ्तिखार अहमद के साथ मंगलूरु में ही बिताए हैं। इवेंट में शाहरुख खान ने फैंस को कन्नड़ में ग्रीट किया है, जिसके बाद उन्होंने दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे के गीतों के साथ-साथ झूमे जो पठान और छम्मक छल्लो पर भी परफॉर्म किया। देखिए इवेंट से शाहरुख खान की तस्वीरें- फिल्म दीवाना में बने विलेन, संयोग से मिली थी ये फिल्म फिल्मों से पहले शाहरुख खान ने कई टीवी शोज में काम किया था, जिसके बाद उन्हें फिल्म दीवाना एक संयोग से मिली। इस फिल्म में राजा सहाय के रोल के लिए पहले अरमान कोहली को फाइनल किया गया था, लेकिन किसी वजह से एक्टर ने यह फिल्म करने से मना कर दिया था। इसी समय शेखर कपूर ने प्रोड्यूसर गुड्डू धनोआ को शाहरुख से मिलने के लिए दिल्ली भेजा। वो कनॉट प्लेस में मिले। गुड्डू धनोआ ने एक इंटरव्यू में बताया था, तब तक, अभिनेता की कोई भी फिल्म रिलीज नहीं हुई थी। फिर भी उन्होंने मुझसे कहा, 'मैं आपकी फिल्म नहीं कर सकता। मैं पहले से ही 5 फिल्में कर रहा हूं।' ये सुनते ही मुझे झटका लगा। पूछने पर अभिनेता ने बताया कि वो हेमा मालिनी की 'दिल आशना है' (1992), 'राजू बन गया जेंटलमैन' (1992), 'चमत्कार' (1992), 'किंग अंकल' (1993) और 'कभी हां कभी ना' (1994) में काम कर रहे हैं। मैंने फिर भी रिक्वेस्ट किया, कि उन्हें एक बार स्टोरी जरुर सुननी चाहिए। शाहरुख ने फिर मुझे अगले दिन दोपहर 12 बजे अपने घर आने के लिए कहा था। गुड्डू धनोआ ने बताया, अगले दिन मिलने पर शाहरुख को स्टोरी का सेकेंड हाफ इतना पसंद आया कि उन्होंने कहा, 'गुड्डू, मैं आपकी फिल्म कर रहा हूं।' पर तभी जब मेरी बाकी फिल्मों की डेट्स आगे बढ़ जाए या फिर कैंसिल हो जाएं। किस्मत देखिए जिस फिल्म के लिए डेट्स नहीं थी, वो फिल्म सबसे पहले रिलीज हो गई और सुपरहिट भी साबित हुई। पहली फिल्म में इतनी थी शाहरुख की फीस एक ऐसी फिल्म, जिसमें एक्ट्रेस की एंट्री सेकेंड हाफ में हुई थी। फिर भी लोगों को शाहरुख की एक्टिंग खूब पसंद आई। गुड्डू धनोआ ने बताया कि किंग खान को इस फिल्म के लिए 11 हजार साइनिंग अमाउंट और 1.50 लाख रुपए एक्टिंग फीस दी गई थी। ऋषि कपूर को फिल्म का गाना 'ऐसी दीवानगी' इतना पसंद आया था कि वो खुद इस गाने को करना चाहते थे। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। गाना शाहरुख पर फिल्माया गया था। इस फिल्म से शाहरुख खान ने इडंस्ट्री में खास पहचान बना ली और आगे हिट देते हुए टॉप एक्टर्स में शामिल हुए। आज शाहरुख बॉलीवुड के सबसे कामयाब एक्टर हैं, जिनकी गिनती दुनिया के सबसे रईस एक्टर्स में भी होती है।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 10:28 am

मूवी रिव्यूः वेलकम टू द जंगल:लॉजिक छुट्टी पर, लेकिन हंसी का ओवरडोज, सालों बाद रवीना-अक्षय की जोड़ी ने जीता दिल

स्टारकास्ट- अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, जैकी श्रॉफ, रवीना टंडन, जैकलीन फर्नांडिस डायरेक्टर- अहमद खान रेटिंग- 3.5 स्टार्स अवधि- 2 घंटे 44 मिनट'वेलकम टू द जंगल' का मकसद सिर्फ और सिर्फ मनोरंजन करना है और फिल्म शुरुआत से ही यह बात साफ कर देती है, यहां लॉजिक भी छुट्टी पर है और हंसी ड्यूटी पर। करीब तीन दर्जन कलाकारों से सजी यह कॉमेडी हर कुछ मिनट बाद नया किरदार, कॉमेडी और बवाल लेकर आती है। कहानी कई बार तर्क से दूर जरूर जाती है, लेकिन अगर आप लॉजिक को थोड़ी देर के लिए किनारे रख दें (या पॉपकॉर्न के साथ निगल लें) तो अक्षय कुमार की कॉमिक टाइमिंग, रवीना टंडन के साथ उनकी केमिस्ट्री और बाकी कलाकारों की मस्ती आपको लगातार हंसाती रहती है। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी बड़े कारोबारी सिन्हा (जाकिर हुसैन) से शुरू होती है, जिसे पता चलता है कि सरकार बदलने के बाद उसका काला धन सरकारी एजेंसियों के रडार पर आने वाला है। उसका निजी सचिव दुबे (जॉनी लिवर) सलाह देता है कि पूरा पैसा एक फ्लॉप फिल्म बनाने में लगा दिया जाए, क्योंकि काला धन वहां खपाया जा सकता है I इसके बाद दो नाकाम निर्देशक देव और दास (राजपाल यादव और परेश रावल), फ्लॉप अभिनेता राजीव (अक्षय कुमार), कमजोर नजर वाला छायाकार (श्रेयस तलपड़े) और कई अजीबोगरीब कलाकारों के साथ फिल्म की शूटिंग शुरू हो जाती है। इसी बीच सिन्हा के घर पर छापा पड़ जाता है और उसकी पूरी अवैध संपत्ति जब्त हो जाती है। अब उसके पास आखिरी उम्मीद यही फिल्म बचती है। वह दुबे को आदेश देता है कि बिना किसी अतिरिक्त बजट के एक ही दिन में फिल्म पूरी करनी होगी, यानी ‘जुगाड़’ ही असली हीरो है। इसी मजबूरी में पूरी टीम बॉर्डर से लगे आजादगंज गांव पहुंचती है। यहां गांव वाले इन्हें भारतीय सेना समझ बैठते हैं क्योंकि वे आतंकी सरगना जतारा के अत्याचारों से परेशान हैं। इसके बाद फिल्म कॉमेडी से निकलकर हल्के भावनात्मक मोड़ भी लेती है। दूसरे हिस्से में कुछ दृश्य कॉमिक 'बजरंगी भाईजान' की याद भी दिलाते हैं। आखिरकार यह टीम गांव वालों को जतारा के आतंक से कैसे बचाती है, यही फिल्म का क्लाइमैक्स है, जहां लॉजिक थोड़ा और पीछे छूट जाता है, लेकिन मस्ती से हंसते-हंसते लोटपोट जरुर है । कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? अक्षय कुमार अपने पुराने कॉमिक अवतार में लौटे हैं और पूरी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत भी वही हैं। खास बात यह है कि संवादों में कई बार उन्होंने खुद अपनी छवि का मजाक भी उड़ाया है और वही दृश्य सबसे ज्यादा हंसी लेकर आते हैं, जैसे वो खुद भी जानते हों कि यहां लॉजिक नहीं, टाइमिंग काम आएगी। रवीना टंडन का स्क्रीन टाइम भले कम हो, लेकिन जब भी वह पर्दे पर आती हैं, पूरा ध्यान अपनी ओर खींच लेती हैं। लंबे समय बाद अक्षय और रवीना को साथ देखना फिल्म का सबसे यादगार हिस्सा बन जाता है।सुनील शेट्टी और अरशद वारसी अपनी पुरानी छवि में खूब जमे हैं। 'आवारा पागल दीवाना' वाले अंदाज में सुनील शेट्टी फिर से मजा देते हैं। परेश रावल, जॉनी लीवर, फरीदा जलाल और किरण कुमार अपने छोटे छोटे किरदारों में भी जमकर हंसाते हैं। जैकी श्रॉफ खलनायक के रूप में प्रभाव छोड़ते हैं। दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस फिल्म में ग्लैमर का तड़का लगाती हैं। डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष कैसा है? दिवंगत नीरज वोहरा की कहानी का विचार दिलचस्प है। निर्देशक अहमद खान की सबसे बड़ी कामयाबी यह है कि उन्होंने इतने बड़े कलाकारों की फौज को संतुलित तरीके से संभाला है और लगभग हर कलाकार को चमकने का मौका दिया है। फिल्म के संवाद लगातार हंसाते हैं और कई कॉमिक पंच लंबे समय तक याद रहते हैं। हालांकि पहले हिस्से में कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं, जहां लगता है कि एडिटिंग भी शायद छुट्टी पर चली गई थी। दूसरे भाग में भी कुछ हिस्सों की एडिटिंग और बेहतर हो सकती थी। फिल्म थोड़ी और कसी होती तो मनोरंजन का स्तर और ऊपर पहुंच सकता था। छायांकन, एक्शन और लोकेशन कहानी के मुताबिक अच्छे हैं। हालांकि पहले हिस्से में कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं, जहां एडिटिंग थोड़ी और कसी जा सकती थी। दूसरे भाग में भी कुछ हिस्सों की एडिटिंग और बेहतर हो सकती थी। फिल्म थोड़ी और टाइट होती तो मनोरंजन का स्तर और ऊपर पहुंच सकता था। छायांकन, एक्शन और लोकेशन कहानी के मुताबिक अच्छे हैं। VFX ठीक ठाक ही है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक?फिल्म का संगीत कहानी के साथ चलता है, लेकिन ऐसा कोई गाना नहीं है जो सिनेमाघर से निकलने के बाद लंबे समय तक याद रह जाए। बैकग्राउंड संगीत कॉमेडी के माहौल को जरूर मजबूत करता है। फाइनल वर्डिक्ट- फिल्म देखें या नहीं? 'वेलकम टू द जंगल' ऐसी फिल्म नहीं है जिसमें हर सीन का तर्क तलाशा जाए, क्योंकि अगर आप ढूंढेंगे, तो शायद हंसी छूट जाएगी। यह उन दर्शकों के लिए बनी है जो परिवार या दोस्तों के साथ बैठकर खुलकर हंसना चाहते हैं। अक्षय कुमार का पुराना कॉमिक अंदाज, रवीना टंडन के साथ उनकी शानदार केमिस्ट्री और सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, परेश रावल, जॉनी लीवर, फरीदा जलाल जैसे कलाकार मिलकर फिल्म को मनोरंजक बना देते हैं।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 9:04 am

आफताब बोले- शूटिंग से ज्यादा खाने का इंतजार रहता था:डायरेक्टर ने कहा- ऐसा लग रहा था जैसे हम फिल्म नहीं, यादें बना रहे हों

‘वेलकम टू द जंगल’ की चर्चा अब तक इसकी बड़ी स्टारकास्ट और स्केल को लेकर होती रही है, लेकिन फिल्म से जुड़े लोगों के लिए इसकी सबसे खास बात कुछ और थी। डायरेक्टर अहमद खान और अभिनेता आफताब शिवदासानी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि लंबे शूटिंग शेड्यूल के दौरान फिल्म का सेट सिर्फ काम की जगह नहीं रहा, बल्कि ऐसा स्पेस बन गया जहां कलाकारों ने साथ समय बिताया, पुरानी केमिस्ट्री दोबारा जी और कई नई यादें बनाई। दोनों ने बताया कि कई बार शूट खत्म होने के बाद भी लोग सेट पर रुके रहते थे, क्योंकि वहां का माहौल किसी फिल्म से ज्यादा एक बड़े गैदरिंग जैसा लगने लगा था। सवाल: इस फिल्म के सेट को बाकी फिल्मों से अलग क्या बनाता था? जवाब/अहमद खान:आमतौर पर लोग फिल्म पर आते हैं, अपना काम करते हैं और चले जाते हैं। यहां वैसा नहीं था। यहां लोगों को सेट पर रहने में मजा आ रहा था। कई बार जिन कलाकारों का शूट नहीं होता था, वो भी मौजूद रहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि कहीं कुछ मजेदार मिस न हो जाए। धीरे-धीरे ऐसा माहौल बन गया जहां काम के साथ दोस्ती और अपनापन भी जुड़ गया। सवाल: इतने सारे कलाकारों के बीच माहौल कैसे बना रहा? जवाब/अहमद खान:जब इतने लोग साथ काम करते हैं तो हर किसी की अपनी एनर्जी होती है। कोई बहुत तैयारी करके आता है, कोई मौके पर चीजें बदल देता है। मुझे लगा कि अगर सबको थोड़ा खुलने दिया जाए तो बेहतर चीजें निकलकर आएंगी। मेरा काम सिर्फ उस एनर्जी को सही दिशा देना था। सवाल: क्या कभी लगा कि लोग शूट से ज्यादा एक-दूसरे के लिए आ रहे हैं? जवाब/अहमद खान:हां, कई बार। लेकिन मुझे लगता है वही इस फिल्म की सबसे अच्छी बात थी। लोग काम करके जा नहीं रहे थे, वो वक्त भी साथ बिता रहे थे। कई लोगों ने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे कॉलेज वाले दिन वापस आ गए हों। सवाल: कॉमेडी में इम्प्रोवाइजेशन कितना काम आया? जवाब/अहमद खान:बहुत ज्यादा। कई बार सीन स्क्रिप्ट से शुरू होता था लेकिन कलाकारों की वजह से उसका रूप बदल जाता था। कॉमेडी में यही मजा होता है कि आप थोड़ा स्पेस दो तो कई अच्छी चीजें सामने आती हैं। सवाल: आफताब, इतने साल बाद इस टीम के साथ लौटना कैसा रहा? जवाब/आफताब शिवदासानी:बहुत सहज लगा। ऐसा नहीं लगा कि इतने साल निकल गए हैं। कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जहां दोबारा शुरुआत नहीं करनी पड़ती। बस वहीं से बात शुरू हो जाती है जहां छोड़ी थी। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे यादगार चीज क्या रही? जवाब/आफताब शिवदासानी:मैं मजाक में कहता था कि मुझे शूट से ज्यादा लंच का इंतजार रहता था। लेकिन उसमें सच्चाई भी थी। लंच टाइम वो वक्त होता था जब सब लोग साथ बैठते थे, बातें करते थे, हंसते थे। कई यादें वहीं बनीं। सवाल: अगर इस पूरे सफर को एक लाइन में बताना हो तो क्या कहेंगे? जवाब/अहमद खान:कई बार ऐसा लगता था कि हम फिल्म नहीं बना रहे, यादें बना रहे हैं। इतने लंबे समय तक साथ रहने के बाद सबके बीच एक अलग जुड़ाव बन गया था। सवाल: इस फिल्म की सबसे बड़ी याद क्या रहेगी? जवाब/आफताब शिवदासानी:मेरे लिए यही कि इतने साल बाद भी लोगों के बीच वही अपनापन बना रहा। फिल्में खत्म हो जाती हैं, लेकिन कुछ लोग और कुछ पल साथ रह जाते हैं। यही चीज सबसे ज्यादा याद आएगी। _________________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. दिशा बोलीं- बड़े कलाकारों से बहुत कुछ सीखा:अरशद वारसी ने कहा- शूटिंग कभी काम नहीं, दोस्तों के साथ बिताया वक्त लगा ‘वेलकम टू द जंगल’ में बड़ी स्टारकास्ट के बीच काम करने का अनुभव कलाकारों के लिए सिर्फ शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। दिशा पाटनी ने इसे सीखने और समझने का मौका बताया, जबकि अरशद वारसी के मुताबिक सेट का माहौल इतना सहज था कि काम का दबाव महसूस ही नहीं हुआ। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों कलाकारों ने बताया कि इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत कलाकारों के बीच बना तालमेल और साथ बिताया समय रहा।पूरा इंटरव्यू पढ़ें.. अक्षय कुमार बोले- हिट-फ्लॉप बाद की बात:ढाई साल साथ काम कर बना खास रिश्ता; सुनील शेट्टी बोले- ऐसी स्टारकास्ट फिर शायद न मिले फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ सिर्फ मल्टीस्टारर फिल्म नहीं, बल्कि कलाकारों के लिए यादों और रिश्तों का सफर भी रही। दैनिक भास्कर से बातचीत में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी ने फिल्म से जुड़े किस्से साझा किए। अक्षय ने बताया कि बड़े स्टारकास्ट के साथ काम करना पिकनिक जैसा अनुभव था, जहां शूटिंग के साथ मस्ती भी हुई।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 5:30 am

अली फजल बोले- 'राख' का मकसद सिर्फ क्राइम दिखाना नहीं:'मिर्जापुर' के बाद मजबूत मेकर, डायरेक्टर और कहानी देखकर यह सीरीज चुनी

बॉलीवुड एक्टर अली फजल हाल ही में क्राइम थ्रिलर सीरीज 'राख' में नजर आए थे। यह 8 एपिसोड की सीरीज 12 जून को प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई। यह दिल्ली में हुए 1978 के रंगा-बिल्ला केस से प्रेरित है। अली ने इसमें सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश जाटव का किरदार निभाया। उन्होंने अपने रोल और इस सीरीज के बारे में दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। सवाल: इस सीरीज को हां करने की वजह क्या रही?जवाब: यह कहानी आज के समय में बेहद प्रासंगिक है। हालांकि इसकी प्रेरणा एक कुख्यात केस से ली गई है, जो आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। दिल्ली उस दौर की तुलना में काफी बदल चुकी है, लेकिन उस समय के कई लोग आज भी मिलते हैं और बताते हैं कि तब क्या-क्या हुआ था। हाल ही में किसी ने मुझे बताया कि उस केस के दोनों आरोपी मुंबई के जेवीपीडी इलाके में भी देखे गए थे। यही बात इस मामले को और चौंकाने वाली बनाती है। साथ ही यह सवाल भी उठता है कि आज ऐसे कितने मामले हो रहे हैं। मेरे हिसाब से सिनेमा की जरूरत तब पड़ती है, जब लोगों को जागरूक करना हो कि एक परिवार के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ न हो। वहीं, जयप्रकाश का किरदार मुझे बहुत दिलचस्प लगा। सवाल: जयप्रकाश के किरदार में ढलने के लिए आपने क्या-क्या किया?जवाब: इस किरदार को गढ़ने में मेरी पूरी टीम का बड़ा योगदान रहा। हम सभी ने इस पर बैठकर काफी रिसर्च की और बहुत पढ़ाई की। शुरुआत में हमने सिर्फ सीन पढ़े, फिर धीरे-धीरे किरदार की दुनिया में उतरते गए। हमने समझने की कोशिश की कि अगर यह उस दौर का व्यक्ति है, तो उसकी फितरत कैसी होगी, उसकी आदतें क्या होंगी। कहानी इमरजेंसी के बाद के समय की है, इसलिए उस दौर में पुलिस कैसे काम करती थी, इस पर भी काफी चर्चा हुई। उदाहरण के तौर पर, उस समय दिल्ली में कॉन्स्टेबल्स को शॉर्ट्स पहनने से मना कर दिया गया था। लोगों की भाषा भी काफी पुख्ता थी और वे ज्यादातर हिंदी में बात करते थे। मेरे हिसाब से इन सभी पहलुओं को गहराई से समझना इस किरदार की तह तक पहुंचने के लिए बेहद जरूरी था। सवाल: दर्शकों पर इस सीरीज का क्या प्रभाव पड़ा?जवाब: मुझे लोगों से बहुत अलग-अलग और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। आमतौर पर ऐसी कहानियों में या तो सिर्फ अपराधी का दृष्टिकोण दिखाया जाता है या फिर पुलिस का, लेकिन इस सीरीज में दोनों के बीच बैलेंस रखा गया है। मेरे लिए इसकी सबसे अहम बात 'वर्दी की बंदिश' है। जब आप वर्दी पहनते हैं, तो आपके काम करने की एक सीमा तय हो जाती है और आपको उसी दायरे में रहकर काम करना पड़ता है। लोगों को लगता है कि पुलिस के पास बहुत आजादी होती है, लेकिन हकीकत हमेशा वैसी नहीं होती। इस सीरीज में मेरा किरदार भी एक आम इंसान की तरह नजर आता है, जो इस केस को पूरी शिद्दत और ईमानदारी से सुलझाने की कोशिश करता है। यही बात शायद दर्शकों को उससे जोड़ रही है। सवाल: आपकी वेब सीरीज 'राख' की शूटिंग का अनुभव कैसा रहा?जवाब: मेरे अनुसार शूटिंग करीब डेढ़ से दो महीने तक चली। हमारे डायरेक्टर्स की यह इच्छा थी कि हम रियल लोकेशनों पर ही शूटिंग करें और सेट न बनाए जाएं। इसलिए ज्यादातर शूट असली जगहों पर हुआ। हमने काफी शूटिंग आगरा और उसके आसपास के इलाकों में की। इसके बाद मुंबई में काम किया और फिर मुख्य शूटिंग दिल्ली में हुई। दिलचस्प बात यह रही कि दिल्ली का शेड्यूल मार्च में रखा गया था, जब वहां काफी गर्मी रहती है। सवाल: क्या आज के समय में स्टार कास्ट से ज्यादा फिल्म की कहानी केंद्र में आ रही है?जवाब: जी, मैं इससे पूरी तरह सहमत हूं। जिस दिन कहानी किसी फिल्म की असली हीरो बन जाएगी, उस दिन पूरा खेल बदल जाएगा। उसके बाद अगर उस कहानी के साथ अच्छे कलाकार जुड़ जाएं, तो बात और बेहतर हो जाती है। मेरा मानना है कि अगर कहानी मजबूत नहीं है, तो सिर्फ किसी बड़े नाम के भरोसे पूरी फिल्म को नहीं बेचा जा सकता। सवाल: आप कोई भी प्रोजेक्ट चुनने से पहले उसमें क्या देखते हैं?जवाब: मैं किसी भी स्क्रिप्ट का चयन काफी सोच-समझकर करता हूं। 'मिर्जापुर' के बाद यह पहला शो है, जिसे मैंने चुना है। मेरे लिए किसी सीरीज का हिस्सा बनना अपने आप में एक बड़ा कदम था, क्योंकि फिल्मों की तुलना में सीरीज में कहानी को अधिक विस्तार और गहराई से प्रेजेंट किया जाता है। किरदारों की कई परतें खुलती हैं और उस पर काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसीलिए किसी भी प्रोजेक्ट को चुनते समय मैं सबसे पहले यह देखता हूं कि उसका मेकर कौन है। इसके साथ ही प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और कहानी, इन तीनों चीजों पर मेरा विशेष ध्यान रहता है। जब ये तीनों मजबूत हों, तो आधा काम अपने आप आसान हो जाता है।

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 5:00 am

‘मॉम, क्या लगती हैं आप?’:14 साल के बेटे की बात सुन शिल्पा शेट्टी बोलीं- लगा, अब सच में जिंदगी में कुछ हासिल किया है

हर सफलता की कहानी सिर्फ तालियों और शोहरत से नहीं बनती। इसके पीछे ऐसे दौर भी होते हैं जब मौके छूटते हैं, फैसले गलत साबित होते हैं और फिर खुद को साबित करना पड़ता है। शिल्पा शेट्टी की कहानी भी ऐसी ही रही। एक तस्वीर से मॉडलिंग की शुरुआत, पहली फिल्म बंद होने का झटका, करियर में ठहराव और फिर वापसी- उन्होंने हर मोड़ पर खुद को खड़ा किया। इसी सफर में बेटे की तारीफ ने उन्हें एहसास कराया कि असली सफलता सिर्फ नाम नहीं, बल्कि हर दौर में प्रासंगिक बने रहना है। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं शिल्पा शेट्टी के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। एक तस्वीर ने बदल दी शिल्पा की जिंदगी 8 जून 1975 को कर्नाटक के मंगलुरु में जन्मीं शिल्पा शेट्टी का असली नाम अश्विनी शेट्टी है। उनका परिवार बाद में मुंबई आ गया, जहां उनकी पढ़ाई हुई। शुरुआती दिनों में उनकी जिंदगी फिल्मों और ग्लैमर से अलग थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह पिता के काम में हाथ बंटाती थीं और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्मों की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा बनेंगी। इसी दौरान उन्हें एक फैशन शो में हिस्सा लेने का मौका मिला। उनकी मौजूदगी ने लोगों का ध्यान खींचा। शो में मौजूद एक फोटोग्राफर ने उनकी तस्वीरें खींचीं और बाद में उन्हीं के जरिए उन्हें मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे। धीरे-धीरे विज्ञापनों और फोटोशूट्स का सिलसिला शुरू हुआ और यहीं से मनोरंजन जगत में सफर शुरू हुआ। 16 साल की उम्र में शिल्पा ने 1991 में पहली बार लिम्का के लिए मॉडलिंग की। उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह मौका आगे चलकर बॉलीवुड का दरवाजा खोलेगा। मॉडलिंग में पहचान बनने के बाद उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलने लगे और जिंदगी ने नया मोड़ लिया। पहली फिल्म बंद हुई, लेकिन उसी ने खोला बॉलीवुड का दरवाजा शिल्पा शेट्टी की सफलता की कहानी सीधे ‘बाजीगर’ से शुरू नहीं हुई थी। कम लोग जानते हैं कि उनकी पहली फिल्म ‘गाता रहे मेरा दिल’ थी, जिसमें उनके साथ रोनित रॉय और रोहित रॉय थे। फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी थी और ट्रेड मैगजीन में उनकी तस्वीर के साथ बॉलीवुड डेब्यू की घोषणा भी हो गई थी। लेकिन रिलीज से पहले ही फिल्म बंद हो गई। इसे यश चोपड़ा के असिस्टेंट रह चुके डायरेक्टर दिलीप नाइक ने डायरेक्ट किया था। नए कलाकार के लिए पहली फिल्म का बंद होना करियर खत्म होने जैसा हो सकता था, लेकिन शिल्पा के साथ उल्टा हुआ। उसी ट्रेड मैगजीन में छपी उनकी तस्वीर इंडस्ट्री के लोगों की नजर में आई और उन्हें ‘बाजीगर’ का ऑफर मिला। फिल्म ‘बाजीगर’ से जुड़ा किस्सा शेयर करते हुए शिल्पा शेट्टी कहती हैं- लोग आज भी उस सीन की बात करते हैं जिसमें मैं गिरते हुए मुस्कुरा रही हूं। उस समय वीएफएक्स नहीं हुआ करता था। हमने वो सीन कई बार शूट किया था। आज भी ध्यान से देखें तो उसमें इस्तेमाल हुई स्ट्रिंग दिखाई देती है। लेकिन उससे सीखा कि फिल्में सिर्फ पैसों से नहीं बनतीं, उनमें आत्मा होनी चाहिए। ‘बाजीगर’ में वही बात थी। प्रोड्यूसर्स ने फिल्म से बाहर कर दिया 'बाजीगर' की सक्सेस के बाद शिल्पा शेट्टी 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी', 'छोटे सरकार', 'आओ प्यार करें', 'हथकड़ी', 'औजार' और 'परदेसी बाबू' जैसी फिल्मों का हिस्सा रहीं और दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुईं। सफलता का सफर हमेशा नहीं रहता। शिल्पा के करियर में एक दौर ऐसा भी आया जब फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया था। कई बार उन्हें फिल्म के लिए चुना गया, लेकिन बाद में प्रोड्यूसर्स ने बाहर कर दिया। लगातार निराशा ने उन्हें परेशान किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 'धड़कन' बना करियर का टर्निंग पॉइंट साल 2000 में आई फिल्म 'धड़कन' ने उनके करियर को नई दिशा दी। इस फिल्म में उनके अभिनय को खूब सराहा गया और वह फिर चर्चा में आ गईं। इसके बाद उन्होंने 'रिश्ते', 'फिर मिलेंगे', 'दस' और 'लाइफ इन ए... मेट्रो' जैसी फिल्मों में काम किया। खासकर 'फिर मिलेंगे' में एचआईवी पीड़ित महिला के किरदार ने उनके अभिनय को नई पहचान दी। शिल्पा कहती हैं- मेरी जिंदगी में कई मजेदार और अजीब अनुभव रहे हैं। फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए ऐसे कई पल आए हैं जिन्हें मैं हंसते हुए याद करती हूं। कुछ अनुभव ऐसे भी रहे हैं जिन्हें मैं दोबारा याद नहीं करना चाहती, लेकिन वे सभी अनुभव मेरे लिए सीख का हिस्सा रहे हैं। हर अनुभव ने मुझे कुछ नया सिखाया और मेरी सोच को मजबूत बनाया है। ‘बिग ब्रदर’ से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान फिल्मों के साथ-साथ शिल्पा ने टीवी की दुनिया में भी अपनी जगह बनाई। ब्रिटेन के रियलिटी शो 'सेलिब्रिटी बिग ब्रदर' में हिस्सा लेकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की। शो में नस्लीय टिप्पणियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और विजेता बनीं। इस जीत ने उन्हें दुनिया भर में लोकप्रिय बना दिया। ‘बिग ब्रदर’ जीतने के बाद लगा, मैंने एक अलग पहचान बना ली शिल्पा ने बताया कि जिंदगी में सफलता का एहसास किसी एक पल से नहीं जुड़ा होता, क्योंकि हर पड़ाव पर इंसान के बेंचमार्क बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि ‘बिग ब्रदर’ जीतने के बाद जब विदेशों में लोग उन्हें पहचानने लगे, तब पहली बार लगा कि उन्होंने अपने काम से खास मुकाम हासिल किया है। बेटे की तारीफ ने दिलाया असली उपलब्धि का एहसास शिल्पा ने कहा कि आज उनके लिए सफलता का मतलब बदल चुका है। अब जब उनका 14 साल का बेटा उन्हें देखकर कहता है, “मॉम, क्या लगती हैं आप,” तो उन्हें लगता है कि उन्होंने सच में कुछ हासिल किया है। उनके मुताबिक Gen Z की सोच अलग है और हर दौर में प्रासंगिक बने रहना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। फिटनेस से बिजनेस और समाजसेवा तक, बनाई अलग पहचान फिल्मों और टीवी के साथ-साथ शिल्पा शेट्टी ने खुद को सिर्फ अभिनय तक सीमित नहीं रखा। समय के साथ उन्होंने फिटनेस, वेलनेस और लाइफस्टाइल के क्षेत्र में पहचान बनाई। योग और हेल्दी लाइफस्टाइल को बढ़ावा देते हुए उन्होंने फिटनेस से जुड़ी किताबें और वीडियो जारी किए, जिन्हें लोगों के बीच लोकप्रियता मिली। उनका मानना है कि फिटनेस सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन और अनुशासन भी इसका हिस्सा हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़े कारोबारी प्रयासों में कदम रखा। हॉस्पिटैलिटी, फिटनेस और डिजिटल वेलनेस से जुड़े कामों के जरिए उन्होंने खुद को अभिनेत्री से आगे एक एंटरप्रेन्योर के रूप में स्थापित किया। उन्होंने लाइफस्टाइल और कंज्यूमर ब्रांड्स में निवेश भी किया और नए क्षेत्रों में मौजूदगी दर्ज कराई। बिजनेस के साथ-साथ शिल्पा समाज सेवा और जनजागरूकता अभियानों से भी जुड़ी रहीं। स्वास्थ्य, स्वच्छता और बेहतर जीवनशैली जैसे विषयों पर उन्होंने लोगों को जागरूक किया। सामाजिक योगदान और सकारात्मक प्रभाव के लिए उन्हें कई सम्मान मिले। इनमें आईफा स्पेशल अवॉर्ड फॉर ग्लोबल इम्पैक्ट, यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स की मानद डॉक्टरेट और स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े कार्यों के लिए ‘चैंपियंस ऑफ चेंज’ सम्मान शामिल हैं। शिल्पा मानती हैं कि सफलता सिर्फ उपलब्धियां हासिल करने का नाम नहीं है, बल्कि उसका असर लोगों की जिंदगी में भी दिखना चाहिए। यही वजह है कि वह सफलता को केवल करियर नहीं, बल्कि प्रभाव, संतुलन और प्रेरणा से जोड़कर देखती हैं। कितनी है शिल्पा शेट्टी की नेटवर्थ? टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, शिल्पा शेट्टी की कुल नेटवर्थ करीब 150 करोड़ रुपए है। उन्हें लग्जरी गाड़ियों का भी शौक है। उनके पास फेरारी पोर्टोफिनो M, लैम्बोर्गिनी एवेंटाडोर, बीएमडब्ल्यू i8, मर्सिडीज-मेबैक GLS 600, लोटस एलेत्रे, मर्सिडीज-AMG G63, लैंड रोवर रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी और पोर्श कायेन GTS जैसी महंगी गाड़ियां हैं। शिल्पा शेट्टी का आलीशान बंगला शिल्पा शेट्टी का मुंबई के जुहू में आलीशान बंगला 'किनारा' है, जहां वह परिवार के साथ रहती हैं। इस घर की कीमत 100 करोड़ रुपए से अधिक बताई जाती है। इसके अलावा उनके दुबई और यूके में भी अपार्टमेंट हैं। वह डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) सेक्टर में एक्टिव एंजेल इन्वेस्टर हैं। वह बैस्टियन हॉस्पिटैलिटी की को-ओनर हैं और मामाअर्थ जैसे ब्रांड्स में भी उनकी हिस्सेदारी है। एसपीएस स्टूडियो की भी मालकिन हैं शिल्पा शेट्टी शिल्पा का वीएफएक्स स्टूडियो एसपीएस स्टूडियो है। इसमें उन्होंने 10 करोड़ रुपए का निवेश किया है। यहां विजुअल इफेक्ट्स से जुड़ा काम किया जाता है। इसके अलावा उनका अपना फैशन ब्रांड ड्रीम एसएस भी है। _______________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... फरहाना भट्ट का कास्टिंग काउच से सामना:फार्महाउस पर रहने की शर्त थी; बिग बॉस में कपड़े न देने वाले डिजाइनर 2 लाख लेकर पहुंचे बचपन में रिश्तेदार ताने देते थे कि यह परिवार की इज्जत खराब कर देगी। पिकनिक पर ले जाने से पहले सिर पर दुपट्टा रखने की शर्त रखी जाती थी और उन्हें तिरस्कार झेलना पड़ता था। लेकिन फरहाना भट्ट ने हार मानने के बजाय खुद को साबित किया। आठवीं कक्षा से उन्होंने अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाना शुरू कर दिया।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 26 Jun 2026 4:30 am

एक्ट्रेस कृषी थापांडा के फ्लैट से दोस्त की लाश मिली:पुलिस को आत्महत्या का शक; घटना से पहले एक्ट्रेस को किया था फोन

बेंगलुरु में कन्नड़ एक्ट्रेस कृषी थापांडा के फ्लैट में उनके 45 वर्षीय दोस्त का शव फंदे से लटका मिला। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान बिजनेसमैन वैषाक के रूप में हुई है और शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस ने बताया कि घटना का पता गुरुवार सुबह उस समय चला, जब वैषाक का शव राजराजेश्वरिनगर स्थित एक्ट्रेस के फ्लैट में छत के पंखे से लटका मिला। उस समय एक्ट्रेस फ्लैट पर मौजूद नहीं थीं। शुरुआती जांच के अनुसार, वैषाक डिप्रेशन से जूझ रहे थे। उनके पास एक्ट्रेस के फ्लैट की चाबी थी और वह अक्सर वहां आते-जाते थे। बुधवार रात भी वह फ्लैट पर अकेले थे, जहां उन्होंने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले एक्ट्रेस को किया था फोन पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। जांच में यह भी सामने आया कि घटना से पहले वैषाक ने एक्ट्रेस को फोन कर आत्महत्या करने की बात कही थी। इसके बाद एक्ट्रेस ने तुरंत उनके परिवार को सूचना दी। जब परिवार के सदस्य फ्लैट पहुंचे, तो उन्हें वैषाक की डेड बॉडी मिली। पुलिस के मुताबिक, वैषाक को पहले एक कारोबारी को कथित तौर पर धमकी देने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। कृषी कन्नड़ फिल्मों की फेमस एक्ट्रेस हैं कृषी थापांडा कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी एक्ट्रेस और मॉडल हैं। एक्टिंग की दुनिया में आने से पहले उन्होंने एक मॉडल के रूप में पहचान बनाई। साल 2014 में उन्होंने मिस कर्नाटक का खिताब जीता, जिसके बाद ग्लैमर इंडस्ट्री में उनकी लोकप्रियता बढ़ी। मॉडलिंग से पहले वह अमेरिकी कंपनी इंटरकॉल में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर भी काम कर चुकी हैं। कृषी ने साल 2016 में कन्नड़ फिल्म 'अकीरा' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। पहली ही फिल्म में उनकी एक्टिंग को काफी सराहना मिली और उन्हें SIIMA अवॉर्ड्स में बेस्ट डेब्यू एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेशन मिला। इसी साल उनकी फिल्म 'कही' भी रिलीज हुई, जिसे क्रिटिक्स ने खूब पसंद किया और फिल्म को कर्नाटक राज्य पुरस्कार में बेस्ट स्क्रिप्ट का सम्मान मिला। इसके बाद कृषी ने 'इराडू कनासु', 'दलपति', 'कन्नडक्कागी ओंदन्नू ओत्ती', 'इरा', 'भाराते', 'लंके', 'ब्लैंक', 'रुपयी' और 'गणा' जैसी कई फिल्मों में काम किया। फिल्मों के अलावा कृषी 'बिग बॉस कन्नड़ सीजन 5' में भी नजर आईं।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 7:33 pm

व्हीलचेयर में पद्म अवॉर्ड में पहुंची थीं सिंगर अल्का याग्निक:हेल्थ पर सवाल उठे तो दी सफाई, कहा- रिकवरी चल रही है, मैं थक गई थी

23 जून को सिंगर अल्का याग्निक को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। समारोह से सिंगर की कई तस्वीरें और वीडियोज सामने आए। एक वीडियो में सिंगर व्हीलचेयर पर बैठी नजर आईं, जिससे उनके फैंस चिंतित हो गए। हेल्थ बिगड़ने के कयास लगाए जाने के बीच अब सिंगर ने खुद सफाई देते हुए कहा है कि उनकी रिकवरी चल रही है। अल्का याग्निक ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है- सभी के प्यार, चिंता और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। समारोह का एक वीडियो देखकर कई लोगों ने मेरी सेहत को लेकर चिंता जताई है। मैं सभी को बताना चाहती हूं कि मैं बिल्कुल ठीक हूं और मेरी रिकवरी अच्छी तरह से चल रही है। पद्म सम्मान समारोह में पूरा दिन व्यस्त और भावुक रहा, जिसकी वजह से मैं काफी थक गई थी। इसलिए जाते समय मैंने व्हीलचेयर की मदद ली थी। आगे सिंगर ने लिखा है, ‘कृपया चिंता न करें। अब मैं पहले से काफी बेहतर महसूस कर रही हूं। आप सभी की दुआओं और समर्थन के लिए मैं दिल से आभारी हूं, जिन्होंने मुझे हमेशा हिम्मत दी है। इस सम्मान के लिए मैं भारत की माननीय राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का हृदय से धन्यवाद करती हूं। आइए, इस खुशी के मौके को हम सभी मिलकर मनाएं। प्यार और आभार के साथ, अल्का याग्निक।’ देखिए पद्म पुरस्कार समारोह से अल्का याग्निक की तस्वीरें- पद्म भूषण मिलने पर कहा था- 2 साल से मुश्किल दौर से गुजर रही हूं मंगलवार को पद्म भूषण मिलने के बाद अल्का याग्निक ने एक भावुक पोस्ट शेयर की। उन्होंने समारोह की तस्वीर शेयर कर लिखा, ‘पिछले 2 सालों से मैं लोगों की नजरों से दूर रही हूं। न सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुई और न ही अपनी जिंदगी के बारे में ज्यादा कुछ शेयर किया। आप में से कई लोग जानते हैं कि मैं स्वास्थ्य संबंधी मुश्किल दौर से गुजर रही थी। ऐसे समय में आपका प्यार, दुआएं, संदेश और अटूट समर्थन हर कदम पर मेरे साथ रहा।’ सिंगर शान बोले- आप इस सम्मान की हकदार अल्का याग्निक की इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए सिंगर शान ने लिखा, अल्का जी, आप सम्मान की हकदार थीं। आप हम सभी के लिए गर्व और खुशी की वजह हैं। आपके प्रशंसकों के लिए इससे बड़ी खुशी कोई नहीं होगी कि आप पूरी तरह स्वस्थ हो जाएं, फिर से आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ वापसी करें और अपनी सुरीली आवाज से हमें एक बार फिर मंत्रमुग्ध करें, जैसा सिर्फ आप ही कर सकती हैं। अल्का याग्निक को है रेयर न्यूरो डिसीज, सुनने में होती है दिक्कत सिंगर अल्का याग्निक पिछले 2 सालों से म्यूजिक से दूर हैं। उन्हें रेयर न्यूरो डिसीज है, जिसके चलते उन्हें सुनाई देना लगभग बंद हो गया है। इलाज के बीच उन्हें लाउड म्यूजिक से दूर रहने की सलाह दी गई है। अल्का याग्निक ने 2 साल पहले इसकी जानकारी देते हुए म्यूजिक से ब्रेक लेने की घोषणा की थी। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था, ‘कुछ हफ्ते पहले जब मैं एक फ्लाइट से बाहर निकली, तो अचानक मुझे सुनाई देना बंद हो गया। उस घटना के बाद कई हफ्तों तक हिम्मत जुटाने के बाद अब मैं अपनी चुप्पी तोड़ना चाहती हूं, क्योंकि बहुत से लोग पूछ रहे थे कि मैं इन दिनों नजर क्यों नहीं आ रही हूं। डॉक्टरों ने बताया है कि मुझे एक रेयर बीमारी हुई है, जिसे सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। यह एक वायरल संक्रमण के कारण हुआ है। यह अचानक आई बड़ी समस्या थी, जिसके लिए मैं बिल्कुल तैयार नहीं थी।’

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 3:45 pm

एक्ट्रेस ने बताया कास्टिंग काउच का अनुभव:इंदिरा कृष्णन को कहा गया- कंफर्टेबल होना पड़ेगा, तो जवाब दिया था- मैं खुद को बेचने नहीं आई

मशहूर एक्ट्रेस इंदिरा कृष्णन ने हाल ही में अपने करियर के शुरुआती दिनों का कास्टिंग काउच का अनुभव शेयर किया। टेली मसाला को दिए इंटरव्यू में इंदिरा कृष्णन से जब पूछा गया कि क्या इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच जैसी बातें सच हैं, तो उन्होंने कहा, 'मेरे साथ खुद हुआ है। मैं उन मेकर्स का नाम नहीं लेना चाहती, क्योंकि वे साउथ इंडस्ट्री के बड़े नाम हैं। उन्होंने मुझसे कहा था कि अगर हम आपको इतना बड़ा रोल दे रहे हैं, तो आपको कंफर्टेबल होना पड़ेगा।' उन्होंने आगे कहा, 'तो मैंने कहा, कंफर्टेबल का मतलब... अरे, कंफर्टेबल का मतलब आपको समझ जाना चाहिए। मैंने उनसे कहा, जब मैं अपना टैलेंट बेच रही हूं, तो खुद को क्यों बेचूं? मैं एक टैलेंटेड एक्ट्रेस हूं।' इंदिरा ने दावा किया कि सिर्फ इसी वजह से उन्हें कई बड़ी फिल्मों से बाहर कर दिया गया। हालांकि उन्होंने किसी फिल्म का नाम नहीं लिया। एक्ट्रेस ने कहा कि इस घटना के बाद उनके मन में एक तरह का डर बैठ गया था। इसी कारण लंबे समय तक उन्होंने साउथ फिल्मों में काम करने से दूरी बनाए रखी, जबकि उन्हें लगातार ऑफर मिल रहे थे। उनका कहना था कि हर बार ऑफर मिलने पर भी वह मना कर देती थीं, क्योंकि वह दोबारा ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना चाहती थीं। बाद में प्रोड्यूसर प्रेरणा अरोड़ा के कहने पर उन्होंने तेलुगु फिल्म 'जटाधारा' में काम किया। इंदिरा ने बताया कि प्रेरणा अरोड़ा ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि यह एक अच्छी फिल्म है, जिसके बाद उन्होंने दोबारा साउथ में काम करने का फैसला लिया था। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कभी नहीं हुआ ऐसा अनुभव इंदिरा कृष्णन ने साफ कहा कि उन्होंने कास्टिंग काउच जैसी स्थिति सिर्फ साउथ फिल्म इंडस्ट्री में महसूस की। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उनके साथ ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि 'तेरे नाम' जैसी फिल्मों से पहले भी वह कई प्रोड्यूसर्स से मिली थीं, लेकिन अगर उन्हें कोई फिल्म नहीं मिली तो उसकी वजह सिर्फ यह थी कि वह उस किरदार के लिए सही नहीं थीं, न कि किसी तरह का समझौता। उन्होंने कहा कि मुंबई में किसी भी प्रोड्यूसर या कास्टिंग डायरेक्टर ने उनसे कभी गलत तरीके से संपर्क नहीं किया। उनके मुताबिक, मुंबई का माहौल उन्हें हमेशा ज्यादा प्रोफेशनल लगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब साउथ इंडस्ट्री भी पहले की तुलना में काफी प्रोफेशनल हो चुकी है और वह कई साल पुरानी बात बता रही हैं। टीवी इंडस्ट्री को लेकर क्या बोलीं? टीवी इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच के सवाल पर इंदिरा कृष्णन ने कहा कि उन्होंने आज तक ऐसा कोई मामला न तो देखा और न ही खुद अनुभव किया है। नए कलाकारों को लेकर जताई चिंता इंदिरा कृष्णन ने कहा कि मुंबई में स्थापित कलाकारों के साथ इस तरह की घटनाएं कम होती हैं, लेकिन छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर आने वाले नए कलाकार कई बार ऐसे लोगों के झांसे में आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल, लखनऊ और दूसरे शहरों से आने वाली लड़कियों को फिल्मों में काम दिलाने का सपना दिखाकर कुछ लोग उनका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके करियर में न कोई गॉडफादर था और न ही कोई मेंटर। उन्होंने अपने दम और अपने टैलेंट के बल पर इंडस्ट्री में पहचान बनाई है।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 3:37 pm

मिर्जापुरः द मूवी का टीजर रिलीज:गुड्डू पंडित, कालीन भैया के दमदार डायलॉग, रवि किशन भी जुड़े; 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी

मिर्जापुर सीरीज के 3 कामयाब सीजन के बाद मिर्जापुरः द मूवी का टीजर आज जारी हो चुका है। ये फिल्म 4 सितंबर को थिएटर में कई भाषाओं में रिलीज होने वाली है। एक्सेल मूवीज के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किए गए 2 मिनट 22 सेकेंड के टीजर में गुड्डू पंडित (अली फजल), कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) और मुन्ना भैया (दिव्येंदु शर्मा) के दमदार डायलॉग दिखाए गए हैं। हालांकि दिव्येंदु शर्मा का रोल फिल्म में कम होने वाला है। टीजर की एक खास बात ये भी है कि इसमें मिर्जापुर सीरीज से स्वीटी के किरदार को भी दोबारा जोड़ा गया है, जिन्हें पहले ही सीजन में मरता हुआ दिखाया गया था। 4 सितंबर को होगी रिलीज मिर्जापुर: द मूवी 4 सितंबर को दुनियाभर के सिनेमाघरों में हिंदी और तेलुगु में रिलीज होगी। फिल्म को अमेजन MGM स्टूडियोज और रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म को गुरमीत सिंह ने डायरेक्ट किया है और कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी को-प्रोड्यूसर हैं। फिल्म में रवि किशन भी नजर आएंगे फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आएंगे। 'मिर्जापुर' भारत की सबसे लोकप्रिय क्राइम-एक्शन वेब सीरीज में से एक है। यह सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। इसकी कहानी उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और मिर्जापुर की पृष्ठभूमि पर आधारित है। 'मिर्जापुर' का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 12:42 pm

पुणे केतन मर्डर केस पर भड़कीं हिना खान:कहा- सच कहना मुश्किल, जान लेना आसान हो गया, एक्ट्रेस आंचल ने कहा था- सिया को भी खाई से फेंको

पुणे में हुए केतन अग्रवाल के मर्डर केस में उनकी मंगेतर सिया ने हत्या की बात कबूल ली है। देश भर में चर्चा में बने हुए केस पर एक्ट्रेस हिना खान ने भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि सिया चाहतीं तो हत्या करने की बजाय सच कहकर रिश्ता खत्म कर सकती थीं। हिना के अलावा एक्ट्रेस आंचल खुराना ने भड़कते हुए कहा है कि सिया को भी उसी तरह खाई से फेंकना चाहिए, जैसे उन्होंने केतन को गिराया। हिना खान ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘आज के टाइम में सच सुनना और सच कहना इतना मुश्किल हो गया है कि लोग किसी की जान लेने को भी तैयार हैं। तुम (सिया) बस एक सच बोलकर उसे छोड़ सकती थीं और किसी भी XYZ के साथ रह सकती थीं। क्यों? अफसोस।’ एक्ट्रेस आंचल खुराना बोलीं- उसे भी धक्का दे दो आंचल खुराना ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा कि यह मामला महिला या पुरुष का नहीं, बल्कि इंसानियत और नैतिकता का है। उन्होंने सवाल उठाया कि रिश्तों में मतभेद होने पर लोग बातचीत के बजाय हिंसा का रास्ता क्यों चुन रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के खिलाफ अत्याचार न पुरुषों पर होना चाहिए और न ही महिलाओं पर। उन्होंने आगे कहा, सिया ने उसका मर्डर करना फेवर किया, लेकिन उसमें इतना दम नहीं था कि वो अपने मां-बाप को बोल दे। आंचल ने अंत में कहा कि इसको भी यही सजा मिलनी चाहिए कि उसी खाई से धक्का देकर वहीं खत्म कर देना चाहिए। कोई कोर्ट केस नहीं होना चाहिए। क्या है पूरा मामला? पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहगढ़ किले पर घूमने के दौरान केतन अग्रवाल करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना गया था, लेकिन बाद में तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच की दिशा बदली। जांच में सिया और उनके बॉयफ्रेंड के खिलाफ सबूत मिले। दोनों की गिरफ्तारी हुई और पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूल ली। सिया बॉयफ्रेंड चेतन से शादी करना चाहती थीं, लेकिन उनके परिवार वालों ने उनकी शादी केतन से तय कर दी। सिया ने विरोध भी किया, लेकिन हल नहीं निकला। ऐसे में सिया ने मई में ही केतन की हत्या की साजिश रची। वो प्लान के तहत उन्हें घूमने लेकर गईं और फिर बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर उन्हें धक्का दे दिया। पुणे मर्डर केस से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पुणे मर्डर- मंगेतर के साथ सिया की रोमांटिक पोस्ट:दोनों लोहगढ़ गए तो प्रेमी भी पहुंचा; गर्मी में हुडी पहना था, इसी से सुराग मिला पुणे में मंगेतर की हत्या करने वाली 20 साल की सिया गोयल ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 12:07 pm

सामंथा रुथप्रभू ने कन्फर्म की प्रेग्नेंसी:मेटरनिटी ब्रेक लेंगी, बेबी बंप दिखने से हुआ था खुलासा, 6 महीने पहले की राज निदिमोरू से शादी

साउथ एक्ट्रेस सामंथा रुथप्रभू ने बुधवार को एक इवेंट में प्रेग्नेंसी की खबरों पर कन्फर्मेशन दे दी है। एक इवेंट में टी-शर्ट पहनने से दिखे बेबी बंप के बाद से ही एक्ट्रेस के प्रेग्नेंट होने की खबरें थीं। एक्ट्रेस ने अब बताया है कि वो मदरहुड के लिए फिल्मों से ब्रेक भी लेने वाली हैं। सामंथा रुथप्रभू बुधवार को हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म मां इंती बंगारम के सक्सेस मीट में पति राज निदिमोरू के साथ पहुंची थीं। इवेंट में मीडिया से बातचीत करते हुए सामंथा ने प्रेग्नेंसी कन्फर्म करते हुए कहा, ‘मां इंती बंगारम के बाद मैं अपनी कंडीशन को देखते हुए एक छोटा सा ब्रेक लूंगी। मुझे मेटरनिटी लीव लेनी ही पड़ेगी। इसके बाद मैं अपने फैंस के लिए एक और फिल्म के साथ वापसी करूंगी।’ टी-शर्ट में बेबी बंप दिखने से हुआ प्रेग्नेंसी का खुलासा सामंथा रुथप्रभू की फिल्म मां इंती बंगारम 19 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म को दर्शकों की काफी सराहना मिल रही है। फिल्म की सक्सेस का जश्न मनाने के लिए हाल ही में सामंथा एक फैन मीट-अप का हिस्सा बनी थीं, जहां उन्होंने व्हाइट टी-शर्ट के साथ डेनिम पेयर किया था। इवेंट से बाहर आते हुए हर किसी की नजर उनके बेबी बंप पर थी, जो फिटेड टी-शर्ट में साफ नजर आ रहा था। 6 महीने पहले की राज निदिमोरू से शादी सामंथा रुथप्रभू ने 1 दिसंबर 2025 में द फैमिली मैन डायरेक्टर राज निदिमोरू से शादी की है। ये एक प्राइवेट वेडिंग थी, जिसमें सामंथा-राज के करीबी रिश्तेदार और दोस्त ही शामिल हुए थे। कपल ने सदगुरु के ईशा फाउंडेशन के लिंगा भैरवी मंदिर में प्राचीन योगिक परंपरा से भूत शुद्धि विवाह किया था। सामंथा रुथप्रभू ने शादी की तस्वीरें पोस्ट कर आधिकारिक घोषणा की थी। उन्होंने तस्वीरों के साथ लिखा था- ‘01.12.2025।’ देखिए सामंथा- राज निदिमोरू की शादी की तस्वीरें- सामंथा रुथप्रभू और राज निदिमोरू ने पॉपुलर सीरीज द फैमिली के दूसरे सीजन में साथ काम किया था। जिसे राज निदिमोरू और डीके ने मिलकर बनाया था। कौन हैं राज निदिमोरू? ​​​​50 साल के राज निदिमोरू, फिल्ममेकर हैं। उनकी और डीके (कृष्णा दसराकोठापल्ली) की फिल्ममेकर जोड़ी फिल्म इंडस्ट्री में काफी पॉपुलर है। दोनों ने यूके से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करने के बाद 2002 की फिल्म शादी डॉट कॉम से साथ में फिल्म इंडस्ट्री में करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद दोनों ने साल 2003 से स्वतंत्र फिल्ममेकर के तौर पर फिल्म 99 लिखी, प्रोड्यूस की और डायरेक्ट की। इसके बाद दोनों ने शोर इन द सिटी, गो गोवा गोन, हैप्पी एंडिंग, ए जेंटलमैन जैसी फिल्में लिखने के साथ-साथ इनका निर्देशन भी किया। साल 2019 से राज और डीके ने ओटीटी में कदम रखा और मनोज बाजपेयी स्टारर सीरीज द फैमिली मैन डायरेक्ट-प्रोड्यूसर की। आगे उन्होंने फर्जी, सिटाडेल और गन्स और गुलाब जैसी सीरीज बनाईं। राज और डीके की जोड़ी ने ही श्रद्धा कपूर और राजकुमार राव स्टारर फिल्म स्त्री लिखी और प्रोड्यूस की है। 2021 में सामंथा ने लिया था नागा चैतन्य से तलाक सामंथा रुथप्रभू और नागा चैतन्य फिल्म ये माया चेसावे में साथ नजर आए थे। इस फिल्म के सेट पर दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और रिलेशनशिप में आ गए। 7 सालों तक रिलेशनशिप में रहने के बाद सामंथा ने साउथ स्टार नागा चैतन्य से साल 2017 में शादी की थी। दोनों की शादी हिंदू और क्रिश्चियन रीति-रिवाजों से हुई थी। शादी के बाद सामंथा ने अपना सरनेम अक्किनेनी कर लिया था, हालांकि जुलाई 2021 में उन्होंने सामंथा अक्किनेनी से नाम सामंथा रुथप्रभू कर लिया। इसके बाद से ही दोनों के तलाक की खबरें सामने आने लगीं और दोनों ने अक्टूबर 2021 में तलाक की अनाउंसमेंट कर दी। सामंथा से तलाक लेने के 2 साल बाद नागा चैतन्य ने एक्ट्रेस शोभिता धूलिपाला से शादी की है।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 10:58 am

विपक्षी नेताओं पर भड़के रामायण के लक्ष्मण सुनील लहरी:इटली से तुलना कर बोले- प्रधानमंत्री को भला-बुरा कहते हैं, शर्म की बात, चुल्लू भर पानी में डूब मरो

रामानंद सागर के पॉपुलर टीवी शो रामायण में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले सुनील लहरी भारत की राजनीति और विपक्षी नेताओं पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि भारत के विपक्षी नेता ही बाहर के लोगों के साथ मिलकर देश की गरिमा से खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने भारत को इटली की राजनीति से सीख लेने की सलाह दी है। सुनील लहरी ने आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट की है, जिसके साथ उन्होंने लिखा है, ‘अगर देश को नंबर 1और मजबूत बनाना है तो विपक्ष को आपसी मतभेद भुलकर सत्ताधारी पार्टी का बाहर वाली नकारात्मक शक्तियों से देश की गरिमा और लड़ाई में साथ देना चाहिए ना कि उन बाहर वाली शक्तियों की हां में हां मिलानी चाहिए।’ शेयर किए गए वीडियो में सुनील ने कहा है, ‘दोस्तों ये जानकर बहुत खुशी होती है कि आज भी दुनिया में कई देश ऐसे हैं, जो अपने देश, प्रधानमंत्री और सरकार की गरिमा के लिए आपसी मतभेद भूलकर साथ खड़े हैं। आप समझ गए होंगे कि मैं इटली की बात कर रहा हूं। और एक भारत है, जहां अपोजिशन वाले बाहर वालों के साथ मिलकर अपने देश को अपनी सरकार को, अपने प्रधानमंत्री को भला-बुरा बोलते हैं। कितनी शर्म की बात है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘कोई अपने देश के लिए जान ही क्यों न लगा दे, लेकिन देश की तरक्की तब होती है, जब पूरा देश एक साथ मिलकर इसके लिए खड़ा हो। वैसे भी हम भारतीयों का इतिहास रहा है, चाहे वो मुगल सम्राज हो या ब्रिटिश शासन हो। भारतीयों को मारने वाले कौन थे, न मुगल थे न ब्रिटिश थे, भारतीय थे। चुल्लू भर पानी में इन लोगों को डूब मरना चाहिए। देश की तरक्की में बाधा बनते हैं, देश के साथ एकजुट खड़े नहीं होते। कई चीजों में सवाल करते हैं। आपकी क्या राय है जरूर बताइएगा। जय हिंद, जय श्री राम।’टीवी शो रामायण में लक्ष्मण बने थे सुनील लहरी 1987 में आए पॉपुलर माइथोलॉजिकल शो रामायण में सुनील लहरी ने लक्ष्मण का किरदार निभाया था, जबकि अरुण गोविल भगवान राम और दीपिका चिखलिया माता सीता के किरदार में थीं। ये दुनिया का सबसे ज्यादा देखा गया पौराणिक टीवी शो है, जिसे 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा। शो को रामानंद सागर ने बनाया था। रणबीर कपूर के राम बनने पर दे चुके हैं प्रतिक्रिया टीवी शो की पॉपुलैरिटी के बाद अब जल्द ही फिल्म रामायण रिलीज होने वाली है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में हैं। कुछ समय पहले ही फिल्म का टीजर जारी किया गया है। इसे देखने के बाद सुनील लहरी ने रणबीर की सराहना की। उन्होंने डीएनए से बातचीत में रणबीर के लुक पर कहा, जो धैर्य और मासूमियत अरुण गोविल के चेहरे पर दिखती थी, उसकी कमी लग रही है। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि वह अपनी एक्टिंग से किरदार के साथ न्याय करेंगे। सुनील ने आगे कहा कि 'एनिमल' जैसी फिल्म के बाद रणबीर को अचानक भगवान राम के रूप में देखना दर्शकों के लिए मुश्किल होगा। वह राम के बजाय लक्ष्मण या भरत के किरदार के लिए ज्यादा फिट लगते। सुनील लहरी का मानना है कि भगवान राम जैसे किरदारों के लिए नए चेहरों को कास्ट करना बेहतर होता है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई सुपरस्टार ऐसा रोल करता है, तो दर्शकों के मन में उसकी पिछली फिल्मों की इमेज रहती है। उन्होंने कहा, थिएटर में एंट्री करते वक्त दर्शकों के मन में एक्टर की एक खास छवि बनी रहती है। किसी एक्टर के लिए अपनी पुरानी इमेज को त्याग देना और भगवान के रूप में स्वीकार्यता हासिल करना लगभग नामुमकिन है। बता दें कि इस फिल्म में लक्ष्मण का रोल रवि दुबे निभा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 9:41 am

दिशा बोलीं- बड़े कलाकारों से बहुत कुछ सीखा:अरशद वारसी ने कहा- शूटिंग कभी काम नहीं, दोस्तों के साथ बिताया वक्त लगा

‘वेलकम टू द जंगल’ में बड़ी स्टारकास्ट के बीच काम करने का अनुभव कलाकारों के लिए सिर्फ शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। दिशा पाटनी ने इसे सीखने और समझने का मौका बताया, जबकि अरशद वारसी के मुताबिक सेट का माहौल इतना सहज था कि काम का दबाव महसूस ही नहीं हुआ। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों कलाकारों ने बताया कि इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत कलाकारों के बीच बना तालमेल और साथ बिताया समय रहा। सवाल: दिशा, इतने अनुभवी कलाकारों के साथ काम करना आपके लिए कितना अलग अनुभव था? जवाब/दिशा पाटनी: शुरुआत में जिम्मेदारी जरूर महसूस होती है क्योंकि इतने अनुभवी लोगों के साथ काम कर रहे होते हैं, लेकिन यहां माहौल ऐसा था कि किसी ने दबाव महसूस नहीं होने दिया। खुशी इसलिए थी क्योंकि हर दिन कुछ नया सीखने को मिल रहा था। सवाल: सबसे बड़ी सीख क्या रही? जवाब/दिशा पाटनी: सबसे बड़ी चीज जो मैंने सीखी वो ये थी कि अनुभव आने के बाद भी लोग काम को हल्के में नहीं लेते। इतने साल काम करने के बाद भी लोग तैयारी और मेहनत के साथ आते हैं, लेकिन माहौल हल्का रखते हैं। यही बैलेंस सबसे जरूरी लगा। सवाल: सेट पर किस चीज ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब/दिशा पाटनी: सबका एक-दूसरे के साथ व्यवहार। इतने बड़े कलाकार थे लेकिन कोई दूरी महसूस नहीं हुई। सब साथ बैठते थे, खाना खाते थे और बातचीत करते थे। मुझे लगता है यही बॉन्डिंग फिल्म में भी नजर आएगी। सवाल: इतने कलाकारों के बीच क्या कभी खुद को साबित करने का दबाव महसूस हुआ? जवाब/दिशा पाटनी: मुझे ऐसा नहीं लगा। यहां माहौल बहुत सहज था। हर कोई एक-दूसरे को बेहतर करने में मदद कर रहा था, इसलिए किसी तरह की प्रतिस्पर्धा महसूस नहीं हुई। जवाब/अरशद वारसी: यहां कोई किसी को पीछे छोड़ने नहीं आया था। सबका फोकस सिर्फ इस बात पर था कि फिल्म अच्छी बने और लोग एंटरटेन हों। सवाल: अरशद, इतने कॉमेडी कलाकारों के बीच काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/अरशद वारसी: अगर आप पूरी टीम को देखें तो हर किसी का सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का है। कोई एक आदमी माहौल नहीं बना रहा था, हर कोई कुछ न कुछ जोड़ रहा था। मेरे लिए तो ये काम जैसा महसूस ही नहीं हुआ। सवाल: आपने कहा था कि शूटिंग काम जैसी नहीं लग रही थी, ऐसा क्यों? जवाब/अरशद वारसी: मैं मजाक में कहता था कि मैं छुट्टी पर आया हूं। मुझे शूटिंग का इंतजार नहीं होता था, मुझे सेट पर जाकर लोगों से मिलने का इंतजार होता था। ऑफ कैमरा भी उतना ही मजा चलता था। सवाल: क्या कभी लगा कि शूटिंग से ज्यादा ये साथ समय बिताने जैसा हो गया है? जवाब/अरशद वारसी: हां, क्योंकि यहां सिर्फ कैमरा ऑन होने पर लोग एक्ट नहीं कर रहे थे। हम बैठकर बातें कर रहे होते थे, हंस रहे होते थे और फिर अचानक कोई बोल देता था कि शॉट तैयार है। इतने लोगों के साथ काम करने का मौका रोज नहीं मिलता। सवाल: फिल्म से जुड़ी सबसे खास याद क्या रहेगी? जवाब/दिशा पाटनी: मेरे लिए सबसे अच्छी याद यही रहेगी कि इतने लंबे समय तक सबके साथ समय बिताने का मौका मिला। शूट खत्म होने के बाद वही चीज सबसे ज्यादा याद आती है। जवाब/अरशद वारसी: मुझे लगता है सबसे ज्यादा हम लोग एक-दूसरे को मिस करेंगे। इतनी बड़ी टीम के साथ इतना समय बिताना बहुत कम होता है और यही इस फिल्म की सबसे बड़ी याद रहेगी। _______________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. अक्षय कुमार बोले- हिट-फ्लॉप बाद की बात:ढाई साल साथ काम कर बना खास रिश्ता; सुनील शेट्टी बोले- ऐसी स्टारकास्ट फिर शायद न मिले फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ सिर्फ मल्टीस्टारर फिल्म नहीं, बल्कि कलाकारों के लिए यादों और रिश्तों का सफर भी रही। दैनिक भास्कर से बातचीत में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी ने फिल्म से जुड़े किस्से साझा किए। अक्षय ने बताया कि बड़े स्टारकास्ट के साथ काम करना पिकनिक जैसा अनुभव था, जहां शूटिंग के साथ मस्ती भी हुई।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 5:30 am

करिश्मा कपूर@52, जया बच्चन ने सरेआम कहा बहू:कपूर खानदान की पहली एक्ट्रेस, हनीमून पर पति ने दोस्तों के साथ सोने को कहा

90 के दशक में बॉलीवुड पर राज करने वालीं करिश्मा कपूर आज 52 साल की हो चुकी हैं। 65 से ज्यादा फिल्मों और अनगिनत हिट्स के दम पर सुपरस्टार बनीं करिश्मा को कपूर खानदान की रीत बदलने का क्रेडिट भी दिया जाता है। उनसे पहले कपूर खानदान की महिलाओं पर फिल्मों से जुड़ने पर पाबंदी थी। करिश्मा की कहानी सिर्फ स्टारडम की नहीं, बल्कि अधूरे रिश्तों और विवादों की भी है। कभी अक्षय खन्ना उनसे शादी करना चाहते थे। उनके पिता विनोद खन्ना ने रिश्ता भी भिजवाया, लेकिन करिश्मा की मां बबीता ने रिश्ता ठुकरा दिया। कहा जाता है कि यही वजह है कि अक्षय ने कभी शादी नहीं की। आगे अभिषेक से उनकी शादी की और जया बच्चन ने सार्वजनिक मंच पर उन्हें बहू कहकर मीडिया के सामने इंट्रोड्यूस किया, लेकिन ये शादी भी चर्चा में रहने के बावजूद टूट गई। करिश्मा ने 2003 में बचपन के दोस्त संजय कपूर से शादी की। हालांकि बाद में ये शादी विवादों में बदल गई। करिश्मा ने दावा किया कि हनीमून में पति संजय ने दोस्तों से उनकी बोली लगवाई। करिश्मा ने मारपीट, दहेज प्रताड़ना और टॉर्चर का आरोप लगाते हुए पति से तलाक लिया, लेकिन पूर्व पति की मौत के बाद ये रिश्ता फिर चर्चा में आ गया और आज भी उनकी 3200 करोड़ की प्रॉपर्टी पर कानूनी विवाद जारी है। आज करिश्मा के जन्मदिन के खास मौके पर जानिए, उनके निजी रिश्तों, संजय कपूर से शादी और विवाद की पूरी कहानी- 25 जून 1974 को करिश्मा कपूर का जन्म हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित परिवार के एक्टर रणधीर कपूर और एक्ट्रेस बबीता के घर हुआ। उनकी पैदाइश पर पूरा कपूर खानदान ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल पहुंचा, लेकिन दादा शो मैन राज कपूर नहीं आए। उन्होंने साफ कहा, ‘बच्ची को देखने तब ही जाऊंगा, जब उसकी आंखें नीली हों।’ खुशकिस्मती से करिश्मा की आंखें गहरी नीली रहीं, हूबहू दादाजी की तरह। घर की पहली बेटी होने पर वो पूरे परिवार की चहेती रहीं। देखिए करिश्मा कपूर के बचपन की तस्वीरें- एक समय में उनकी मां बबीता, जानी-मानी एक्ट्रेस थीं, जिन्होंने कपूर खानदान की बहू बनने के लिए एक्टिंग करियर कुर्बान कर दिया। शादी से कुछ समय पहले उन्होंने 1968 की फिल्म हसीना मान जाएगी में काम किया था। इस फिल्म की शूटिंग, बॉम्बे के बिजनेस टायकून रौनक सिंह के घर में हुई। घर में शूटिंग करते हुए बबीता की दोस्ती रौनक सिंह की बेटी रानी सिंह (बाद में कपूर) से हुई, जो आगे चलकर करिश्मा की सास बनीं। रानी उस वक्त महज 18 साल की थीं। आगे रानी सिंह ने ऑटो पार्ट के नामी बिजनेसमैन सुरिंदर कपूर से शादी की, जिससे उन्हें बेटा संजय कपूर हुआ। समय के साथ बबीता और रानी की दोस्ती गहरी होती रही। वो अक्सर साथ पार्टी करते थे, जिससे बच्चों करिश्मा, करीना, संजय और उनकी बहनों की दोस्ती भी गहरी हुई। करिश्मा कपूर ने मुंबई के कैथेद्रेल एंड जॉन केनन स्कूल से पढ़ाई की। संजय कपूर ने शुरुआत में देहरादून के दून स्कूल से पढ़ाई की लेकिन कुछ सालों में ही उनका दाखिला करिश्मा के स्कूल में करवा दिया गया। दोनों की दोस्ती और बढ़ गई। स्कूलिंग के बाद संजय कपूर पढ़ाई करने विदेश चले गए और करिश्मा की रुचि फिल्मों में बढ़ने लगी और इस तरह दोनों की दोस्ती में दूरी आ गई। दोनों अपनी-अपनी दुनिया में व्यस्त होते चले गए। फिल्मी दुनिया हमेशा से ही करिश्मा को अट्रैक्ट करती थी। बचपन से ही वो दादाजी राज कपूर और पिता रणधीर के फिल्मों के सेट पर जाया करती थीं। वो अक्सर दादाजी से कहती थीं, ‘मैं भी एक दिन हीरोइन बनूंगी’, इस पर राज कपूर उन्हें जवाब देते थे- 'एक्टर बनना कोई आसान काम नहीं है, अगर तुम एक्टर बनना चाहती हो, तो कांटों पर चलो और मिट्टी पर काम करो ताकि अच्छी एक्टर बन सको। एक्टर को हमेशा बेस्ट बनने का लक्ष्य रखना चाहिए।' जब एक दिन करिश्मा ने पिता रणधीर से कहा कि उन्हें हीरोइन बनना है, तो पिता ने साफ इनकार कर दिया कि कपूर खानदान की लड़किया एक्टिंग नहीं करेंगी। लेकिन उनकी मां बबीता उनके सपोर्ट में थीं। ये वो दौर था, जब फिल्में न चलने से परेशान होकर वो काफी ज्यादा शराब पीने लगे थे। इससे उनके और बबीता के रिश्ते में भी अनबन चल रही थीं। फिर एक समय ऐसा आया, जब करिश्मा के करियर को सपोर्ट करते हुए बबीता ने 1987 में रणधीर का घर छोड़ दिया। राज कपूर की पोती होने के चलते उन्हें बिना संघर्ष फिल्मों के ऑफर मिलने लगे। 16 की उम्र में उन्होंने एक साथ कई फिल्में साइन कीं। सबसे पहले करिश्मा ने फिल्म निश्चय शूट की, जिसके लिए न उन्हें ऑडिशन देना पड़ा, न ही उनका स्क्रीन टेस्ट लिया गया। हालांकि इस फिल्म से पहले ही उनकी दूसरी फिल्म प्रेम कैदी (1991) रिलीज हो गई। पहली ही फिल्म में करिश्मा ने स्विमसूट पहना, जिससे अंकल ऋषि कपूर काफी नाराज हुए थे। फिल्म एवरेज रही, लेकिन इसके बाद करिश्मा को बैक-टु-बैक कई फिल्में मिलने लगीं। 1992 में उनकी एक साथ 6 फिल्में पुलिस ऑफिसर, जागृति, निश्चय, सपने साजन के, दीदार और जिगर रिलीज हुईं। हालांकि उन्हें बड़ी सफलता 1993 की फिल्म अनाड़ी से मिली। 1994 में उनकी 10 फिल्में रिलीज हुईं, जिनमें से गोपी किशन, राजा बाबू, खुद्दार, अंदाज अपना-अपना जबरदस्त हिट रहीं। आगे साजन चले ससुराल, कृष्णा, जीत, राजा हिंदुस्तानी जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से करिश्मा स्टार बनीं और उनकी गिनती बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में होने लगी। इसी समय उनका नाम अजय देवगन से जुड़ा, लेकिन जल्द ही दोनों अलग भी हो गए। फिल्मी गलियारों में चर्चा रही कि रवीना टंडन के चलते रिश्ते में दरार आई और यही वजह रही कि करिश्मा और रवीना के फिल्मों के सेट पर अनबन और झगड़े बढ़ने लगे। पिता चाहते थे अक्षय खन्ना से हो करिश्मा की शादी करिश्मा कपूर करियर के पीक पर थीं, जब उनके पिता रणधीर कपूर ने दोस्त विनोद खन्ना से कहा था कि वो चाहते हैं कि करिश्मा की शादी उनके बेटे अक्षय खन्ना से हो। विनोद खन्ना भी इस पर विचार कर रहे थे कि तभी बबीता ने इससे साफ इनकार कर दिया। अभिषेक बच्चन को जीजू कहती थीं करीना कपूर कपूर और बच्चन परिवार हमेशा से ही करीबी रहा है। दरअसल, अमिताभ बच्चन की बेटी और अभिषेक बच्चन की बहन श्वेता की शादी, करिश्मा कपूर की बुआ ऋतु नंदा के बेटे निखिल नंदा से हुई। श्वेता-निखिल की शादी के कुछ समय बाद ही करिश्मा कपूर और अभिषेक की दोस्ती बढ़ गई और दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। तब अभिषेक फिल्मों में नहीं आए थे। दोनों परिवारों को भी इस रिश्ते से ऐतराज नहीं था। दोनों रिलेशनशिप में थे, जब अभिषेक को करिश्मा की बहन करीना के साथ डेब्यू फिल्म रिफ्यूजी मिल गई। सेट पर करीना अभिषेक को जीजू बुलाया करती थीं। दोनों के फिल्म में कुछ रोमांटिक सीन भी थे, लेकिन करीना ने इससे इंकार कर दिया और कहा कि वो अभिषेक को भाई मानती हैं। साल 2002 में अभिषेक बच्चन और करिश्मा कपूर की सगाई हुई। अमिताभ बच्चन ने 60वें बर्थडे के मौके पर अपनी बुक लॉन्च की। इस इवेंट में उनके साथ पत्नी जया बच्चन और अभिषेक बच्चन भी मंच पर मौजूद थे, तभी जया बच्चन ने माइक पर कहा- आज हमारे बच्चन और नंदा परिवार के ग्रुप में एक और परिवार जुड़ रहा है, वह है कपूर परिवार। रणधीर कपूर और बबीता कपूर और मेरी होने वाली बहू करिश्मा कपूर। अभिषेक ने अपने पिता के 60वें जन्मदिन पर हमें यह खूबसूरत तोहफा दिया है। करिश्मा कपूर शर्माती हुईं मंच पर पहुंचीं और बच्चन परिवार के साथ तस्वीरें क्लिक करवाईं। खबर काफी चर्चा में रहीं। अभिषेक बच्चन की पहली फिल्म रिफ्यूजी एवरेज रही। आगे उनकी फिल्में ढाई अक्षर प्रेम के, तेरा जादू चल गया, ओम जय जगदीश जैसी फिल्में भी फ्लॉप रहीं। करिश्मा की मां बबीता अभिषेक के फ्लॉप करियर से झिझकने लगीं। और फिर जब इसी समय जया बच्चन ने शर्त रखी कि करिश्मा को शादी के बाद फिल्मों में काम करना बंद करना होगा। बबीता इसके लिए हरगिज राजी नहीं थीं। उन्होंने ये रिश्ता तोड़ दिया। मां के कहने पर की बचपन के दोस्त संजय कपूर से शादी अभिषेक से शादी टूटी ही थी कि करिश्मा का करियर भी अनस्टेबल होने लगा। 2002 में आईं उनकी फिल्में शक्ति और रिश्ते बॉक्स ऑफिस पर एवरेज रहीं। इसी समय उनकी जिंदगी में फिर एक बार बचपन के दोस्त संजय कपूर आए। संजय की शादी 1996 में फैशन डिजाइनर नंदिता मेहतानी से हुई थी, लेकिन 2000 में उनका तलाक हो गया। एक बार दोनों की मुलाकात एक फैमिली वेडिंग में हुई। सालों बाद हुई ये मुलाकात से बचपन की यादें ताजा हो गईं। दोनों की फिर कुछ मुलाकातें हुईं और बबीता कपूर ने जल्द ही रानी कपूर से मिलकर दोनों की शादी तय कर दी। करिश्मा ने कहा था- उतार-चढ़ाव के बाद मेरे पेरेंट्स जाते थे मैं शादी कर घर बसा लूं शादी से ठीक पहले जर्नलिस्ट सुभाष के.झा को दिए इंटरव्यू में करिश्मा ने कहा था, मैं और संजय बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं। कई साल बीत गए। हम बड़े हो गए और जिंदगी आगे बढ़ती रही। वह अपने बिजनेस में व्यस्त हो गए और मैंने फिल्मों में करियर बनाया। लेकिन शायद किस्मत में जो लिखा होता है, वही होता है। पिछले कुछ समय में मैंने जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं। ऐसे में मेरे माता-पिता काफी समय से चाहते थे कि मैं शादी करके अपना घर बसा लूं। अब मुझे आखिरकार वह इंसान मिल गया है, जो मेरे लिए बिल्कुल सही है। 29 सितंबर 2003 में करिश्मा कपूर और संजय कपूर की शादी हुई। पंजाबी रीति-रिवाजों से ये शादी धूमधाम से कृष्णा राज बंगले में हुई, जिसमें इंडस्ट्री के तमाम लोग शामिल रहे। देखिए शादी की खास झलक- शादी के तुरंत बाद अचानक करिश्मा कपूर ने इंडस्ट्री से दूरी बना लीं। 2 साल बाद 2005 में करिश्मा ने बेटी समायरा और 2010 में बेटे कियान को जन्म दिया। लेकिन फिर कुछ समय में ही दोनों के रिश्ते में दरार आ गई। करिश्मा का दावा- हनीमून पर पति ने लगवाई बोली करिश्मा ने शादी के बाद से ही लो प्रोफाइल रखी, लेकिन 2014 में उनकी शादी एक स्कैंडल बन गई। करिश्मा ने खार पुलिस स्टेशन में पति संजय और सास सीमा के खिलाफ घरेलू हिंसा, मारपीट के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 498A और धारा 34 के तहत शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस को दिए बयान में करिश्मा ने कहा कि उनके पति उन्हें सालों से मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि शादी के ठीक बाद हनीमून पर संजय ने अपने दोस्तों से उनकी बोली लगाने को कहा और उनके साथ समय बिताने का दबाव बनाया। विरोध करने पर संजय ने हाथ भी उठाया। शिकायत में करिश्मा ने सास पर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद सास सीमा कपूर ने उन्हें एक ड्रेस दी थी। संजय ने प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें वो ड्रेस पहनने को कहा, लेकिन जब वो फिट नहीं आई तो संजय ने अपनी मां से उन्हें थप्पड़ मारने को कहा। विवाद के बीच करिश्मा परिवार को छोड़कर खार स्थित घर में रहने लगीं, जो संजय कपूर के पिता सुरिंदर के नाम था। ये केस चल ही रहा था कि करिश्मा ने बांद्रा फैमिली कोर्ट में घरेलु हिंसा अधिनियम 2005 की धारा 19 के तहत एक और केस दर्ज करवाया। वकील संजोग परब ने मीडिया को दिए बयान में कहा था, इस मामले में करिश्मा की सबसे बड़ी चिंता उनके बच्चे हैं। याचिका में मांग की गई थी कि अगली सुनवाई तक बच्चों को मुंबई की सीमा से बाहर न ले जाया जाए। करिश्मा के वकील ने यह भी स्पष्ट किया था कि उन्होंने अपने लिए किसी तरह की आर्थिक सहायता की मांग नहीं की है। उनकी ओर से सिर्फ बच्चों के पालन-पोषण के लिए हर महीने 10 लाख रुपए की मांग की गई और कहा कि संजय हर महीने बच्चों को डेढ़ लाख दे रहे थे, जो अब उन्होंने बंद कर दिया है। याचिका में ये भी दावा किया गया कि संजय कपूर का दूसरी महिला से अफेयर है और वो बच्चों को भी उस महिला के साथ रखते हैं। विवाद के बीच संजय की तरफ से कहा गया कि अभिषेक से सगाई टूटने के बाद करिश्मा ने उनसे पैसों और रेपुटेशन के लिए शादी की थी। रणधीर कपूर ने कहा था- वो थर्ड क्लास आदमी है, कभी नहीं चाहता था शादी हो संजय के इस बयान पर 2016 में रणधीर कपूर ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा, संजय एक थर्ड क्लास आदमी है। हर कोई जानता है कि हमारा परिवार कौन है। हम कपूर हैं और हमें किसी के पैसों के पीछे भागने की जरुरत नहीं है। भगवान ने हमें सिर्फ दौलत ही नहीं, बल्कि टैलेंट भी दिया है, जिसके सहारे हम पूरी जिंदगी आराम से जी सकते हैं। उन्होंने आगे कहा था, मैं कभी नहीं चाहता था कि करिश्मा की शादी संजय से हो। उसने अपनी पत्नी की कभी परवाह नहीं की। वह करिश्मा के साथ गलत व्यवहार करता रहा और दूसरी महिला के साथ रह रहा था। दिल्ली में हर कोई जानता है कि वह कैसा इंसान है। इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कहना चाहता। तलाक के लिए रखी गईं कई शर्तें- 2016 में संजय कपूर और करिश्मा का तलाक हुआ और बच्चों की कस्टडी करिश्मा को मिली। तलाक के लिए कुछ शर्ते रखी गई थीं, जिनमें कहा गया था कि संजय कपूर बच्चों का पूरा खर्च उठाएंगे। बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च भी संजय की जिम्मेदारी होगी। संजय जब चाहें बच्चों से मिल सकते हैं। डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, करिश्मा कपूर को एलीमनी के लिए 70 करोड़ रुपए दिए गए थे। करिश्मा से तलाक के बाद संजय कपूर ने 2017 में प्रिया सचदेवा से तीसरी शादी की। प्रिया तलाकशुदा थीं जिन्हें पहली शादी से एक बेटी थी। संजय कपूर ने उन्हें भी अपनाया। कुछ सालों बाद प्रिया ने संजय के बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम अजारियस रखा गया। वहीं दूसरी तरफ करिश्मा ने 2020 में ओटीटी प्लेटफॉर्म की सीरीज मेंटलहुट से एक्टिंग कमबैक किया। करिश्मा के बच्चे अक्सर पिता संजय कपूर से मिलते रहते थे और उनके परिवार के साथ समय बिताते थे। करिश्मा को भी कई मौकों पर पूर्व पति के साथ स्पॉट किया गया था। दोनों ही अपनी-अपनी जिंदगियों में व्यस्त थे कि 12 जून 2025 में अचानक दिल का दौरा पड़ने से संजय कपूर का इंग्लैंड में निधन हो गया। करिश्मा कपूर बच्चों और बहन के साथ संजय कपूर के अंतिम संस्कार में शामिल हुई थीं। देखिए तस्वीरें- 32000 करोड़ की संपत्ति पर विवाद जारी संजय कपूर के निधन के कुछ समय बाद ही उनकी 32000 करोड़ की संपत्ति पर विवाद शुरू हो गया। संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने मार्च 2025 की एक वसीयत (Will) पेश की, जिसमें दावा किया गया कि संजय ने अपनी पूरी संपत्ति उनके नाम कर दी थी। हालांकि, इस वसीयत को संजय कपूर की मां रानी कपूर और करिश्मा कपूर से हुए उनके दोनों बच्चों ने चुनौती दी। उनका आरोप है कि यह वसीयत फर्जी है। उसमें उनके नाम की स्पेलिंग तक लिखी गई है, जो उनके पिता कभी नहीं करते। करिश्मा कपूर के बच्चों ने ये भी दावा किया कि उनके कॉलेज की फीस तक नहीं भरी गई है। विवाद के बीच कोर्ट ने प्रिया द्वारा रखी जा रहीं बोर्ड मीटिंग को रोकने का आदेश दिया और संपत्ति फैसला आने तक फ्रीज कर दी है। फिलहाल यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए लंबित है और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।

दैनिक भास्कर 25 Jun 2026 4:30 am

सलमान खान निभा सकते हैं कर्ण का किरदार:रिपोर्ट में दावा- राकेश ओमप्रकाश मेहरा की पीरियड फिल्म में नजर आ सकते हैं एक्टर

सलमान खान अब एक बड़े बजट की पीरियड फिल्म में नजर आ सकते हैं। सलमान खान फिल्म में महाभारत के प्रमुख पात्र कर्ण का किरदार निभाते नजर आ सकते हैं। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फिल्म का डायरेक्शन नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा करेंगे, जबकि इसे फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट प्रोड्यूस करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, सलमान खान ने फिल्म की स्क्रिप्ट सुनी और तुरंत इसके लिए हामी भर दी। इस रोल के लिए सलमान खान अपने लुक में बड़ा बदलाव करेंगे। फिल्म को राकेश ओमप्रकाश मेहरा, एक्सेल एंटरटेनमेंट और सलमान खान का अहम प्रोजेक्ट बताया जा रहा है। हालांकि, फिल्म को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सलमान खान की अगली थिएटर रिलीज 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' होगी। अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उनके साथ चित्रांगदा सिंह नजर आएंगी। फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। रिलीज से पहले फिल्म को कई बार टाला जा चुका है। इसके साथ ही सलमान खान इन दिनों 'SVC63' की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली के निर्देशन में बन रही इस एक्शन फिल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस प्रोड्यूस कर रही है। फिल्म में नयनतारा पहली बार सलमान खान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म को ईद 2027 पर रिलीज होगी और इसकी शूटिंग अगस्त या सितंबर 2026 तक पूरी हो सकती है। पहली बार सुपरहीरो फिल्म में दिखेंगे सलमान रिपोर्ट के अनुसार, सलमान खान पहली बार सुपरहीरो जॉनर में भी काम करने जा रहे हैं। यह सुपरहीरो कॉमेडी फिल्म राज निदिमोरू और कृष्णा डीके निर्देशित करेंगे, जिन्हें 'द फैमिली मैन' और 'फर्जी' जैसी सीरीज के लिए जाना जाता है। फिल्म को अतुल अग्निहोत्री प्रोड्यूस करेंगे, जबकि मिथ्री मूवी मेकर्स के स्टूडियो पार्टनर के रूप में जुड़ने की चर्चा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो सलमान खान राज एंड डीके की सुपरहीरो फिल्म पूरी करने के बाद 2027 की गर्मियों में राकेश ओमप्रकाश मेहरा की पीरियड फिल्म की शूटिंग शुरू कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 5:08 pm

तन्मय वेकारिया के पिता का निधन:अरविंद वेकारिया गुजराती एक्टर थे, 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में भी नजर आ चुके थे

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बाघा का किरदार निभाने वाले एक्टर तन्मय वेकारिया के पिता अरविंद वेकारिया का निधन हो गया है। इस बारे में जानकारी CINTAA ने दी है। हालांकि, उनके निधन की वजह सामने नहीं आई है। अरविंद वेकारिया गुजराती थिएटर और फिल्मों के एक्टर थे। वह 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में भी गेस्ट अपीयरेंस दे चुके थे। बता दें कि अक्टूबर 2025 में तन्मय की मां का निधन हुआ था। कौन थे अरविंद वेकारिया?अरविंद वेकारिया गुजराती थिएटर और फिल्मों में एक्टिव थे। उन्हें गुजराती फिल्मों यशोदा, छानू चमकलो और रुपियो नाच नचावे में उनके रोल के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है। वह टीवी शो शक्तिमान में भी नजर आए थे। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में अरविंद वेकारिया ने एक ज्वैलर का गेस्ट रोल निभाया था। शो में आत्माराम भिड़े अपनी पत्नी माधवी के गहने गिरवी रखने के लिए जिस ज्वैलर के पास जाते हैं, वह किरदार अरविंद वेकारिया ने निभाया था। तन्मय वेकारिया फिलहाल 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बाघा का किरदार निभा रहे हैं। इन दिनों शो में उनके किरदार की कहानी दिखाई जा रही है, जिसमें बाघा की लव लाइफ में परेशानियां दिखाई गई हैं। हाल ही में तन्मय वेकारिया का शो के सेट से एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में वह अपनी मां को याद करते इमोशनल नजर आए थे। इस दौरान शो के मेकर असित कुमार मोदी उन्हें संभालते दिखे थे।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 3:57 pm

तन्मय वेकारिया के पिता का निधन:अरविंद वेकारिया गुजराती एक्टर थे, 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में भी आ चुके थे नजर

'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बाघा का किरदार निभाने वाले एक्टर तन्मय वेकारिया के पिता अरविंद वेकारिया का निधन हो गया है। इस बारे में जानकारी CINTAA ने दी है। हालांकि, उनके निधन की वजह सामने नहीं आई है। अरविंद वेकारिया गुजराती थिएटर और फिल्मों के एक्टर थे। वह 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में भी गेस्ट अपीयरेंस दे चुके थे। बता दें कि अक्टूबर 2025 में तन्मय वेकारिया की मां का निधन हुआ था। कुछ दिन पहले तन्मय वेकारिया का शो के सेट से एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में वह अपनी मां को याद करते इमोशनल नजर आए थे। इस दौरान शो के मेकर असित कुमार मोदी उन्हें संभालते दिखे थे। कौन थे अरविंद वेकारिया?अरविंद वेकारिया गुजराती थिएटर और फिल्मों में एक्टिव थे। उन्हें गुजराती फिल्मों यशोदा, छानू चमकलो और रुपियो नाच नचावे में उनके रोल के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है। वह टीवी शो शक्तिमान में भी नजर आए थे। 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में अरविंद वेकारिया ने एक ज्वैलर का गेस्ट रोल निभाया था। शो में आत्माराम भिड़े अपनी पत्नी माधवी के गहने गिरवी रखने के लिए जिस ज्वैलर के पास जाते हैं, वह किरदार अरविंद वेकारिया ने निभाया था। तन्मय वेकारिया फिलहाल 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में बाघा का किरदार निभा रहे हैं। इन दिनों शो में उनके किरदार की कहानी दिखाई जा रही है, जिसमें बाघा की लव लाइफ में परेशानियां दिखाई गई हैं।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 3:57 pm

लखनऊ कोचिंग अग्निकांड पर भड़के सेलेब्स:विवेक अग्निहोत्री बोले- मौत का खेल है, अगला नंबर किसका; देवोलीना बोलीं- लंबे हाईवे नहीं परिवार की सुरक्षा चाहिए

लखनऊ की 2 मंजिला इमारत में लगी आग में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद से ही सुरक्षा व्यवस्थाओं पर कई बड़े सवाल खडे़ किए जा रहे हैं। इसी बीच बॉलीवुड सेलेब्स भी घटना की निंदा करते हुए सरकार पर भड़क गए हैं। एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्या ने अग्निकांड पर गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा, ‘सत्ता एक खतरनाक नशा है। यह अच्छे इरादों वाले नेताओं को भी उन लोगों के प्रति उदासीन बना सकती है, जिनकी सेवा करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है। बेशक, सरकारें हाईवे, फ्लाईओवर और बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बनाती हैं। लेकिन किसी देश की असली प्रगति सड़कों की लंबाई से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि उसके नागरिक कितने सुरक्षित हैं।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘हर दिन हम आग लगने की घटनाओं, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों, परीक्षा पेपर लीक, बदहाल सरकारी अस्पतालों और स्कूलों, पानी की कमी तथा बढ़ती जन असंतुष्टि की खबरें सुनते हैं। वहीं दूसरी ओर जवाबदेही अक्सर चुनिंदा लोगों तक ही सीमित दिखाई देती है। प्रभावशाली लोगों को राहत मिल जाती है, जबकि आम नागरिक न्याय के लिए संघर्ष करता रहता है।’ ‘एक आम नागरिक सुबह उठकर यह नहीं सोचता कि कितने किलोमीटर हाईवे बने। वह यह जानना चाहता है कि उसका परिवार सुरक्षित है या नहीं, उसके बच्चों को निष्पक्ष शिक्षा मिलेगी या नहीं, कानून उसकी रक्षा समान रूप से करेगा या नहीं, और उसके टैक्स का पैसा वास्तव में उसके जीवन को बेहतर बनाने में खर्च हो रहा है या नहीं।’ ‘अपने आसपास हो रही घटनाओं को देखकर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या हम वास्तव में आगे बढ़ रहे हैं, या फिर धीरे-धीरे उन्हीं समस्याओं की ओर लौट रहे हैं जिन्हें पीछे छोड़ने का हमने कभी वादा किया था? लोकतंत्र वादों पर नहीं, बल्कि जवाबदेही पर फलता-फूलता है।’ विवेक रंजन बोले- अगला नंबर किसका होगा देवोलीना के अलावा डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने भावुक अंदाज में लिखा है, ‘भारत में मुझे सबसे ज्यादा डर सड़क दुर्घटनाओं से नहीं लगता। मुझे डर इस बात का लगता है कि अगर मैं ग्राउंड फ्लोर से ऊपर किसी मंजिल पर रह रहा हूं और अचानक आग लग जाए, तो मैं वहां से बाहर कैसे निकलूंगा? कुछ दिन पहले जुहू में मेरे एक दोस्त की बिल्डिंग में आग लग गई। देखते ही देखते सब कुछ जलकर खाक हो गया।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘भारत में फायर सेफ्टी इंस्पेक्शन अब मानो लोगों की जान लेने का लाइसेंस बन चुके हैं। किसी को नहीं पता कि इन मौत के जाल जैसी इमारतों की जिम्मेदारी किसकी है। ऐसी इमारतों को मंजूरी कौन देता है? इस तरह की घोर लापरवाही पर हस्ताक्षर कौन करता है? इन्हें डिजाइन कौन करता है? और जब कोई हादसा होता है, तो आखिर सजा किसे मिलती है?’ आखिर में उन्होंने लिखा, ‘शहरी भारत में हम सभी ऐसी इमारतों में रह रहे हैं जो संभावित आग का खतरा बनी हुई हैं। हम अपने परिवारों के साथ मानो हर दिन किस्मत का खेल खेल रहे हैं। किसी को नहीं पता कि अगला नंबर किसका होगा।’ सोनू सूद बोले- क्लासरूम सपनों की दुनिया होनी चाहिए, अंतिम पड़ाव की नहींएक्टर सोनू सूद ने घटना के बाद भावुक होकर लिखा है, ‘क्लासरूप बच्चों के सपनों की दुनिया होनी चाहिए उनका अंतिम पड़ाव नहीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, एक क्लासरूम बच्चों के सपनों को उड़ान देने की जगह होनी चाहिए, उनका अंतिम पड़ाव नहीं। लखनऊ में हुई आग की इस दुखद घटना ने दिल तोड़ दिया है।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘कितनी मासूम जिंदगियां, कितने सपने एक पल में खत्म हो गए। वे बच्चे, जो आगे चलकर अधिकारी, कलाकार, नेता और समाज में बदलाव लाने वाले लोग बन सकते थे, उनका सफर शुरू होने से पहले ही थम गया। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया है, उनके दर्द को कम करने के लिए शब्द भी छोटे पड़ जाते हैं। मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं और उन लोगों के लिए भी प्रार्थना है जो अभी जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं।’ ‘हम इन बच्चों के सिर्फ आंसुओं के नहीं, बल्कि एक सुरक्षित भविष्य के भी कर्जदार हैं। हमें ऐसे सुरक्षित स्कूल, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और सख्त नियम सुनिश्चित करने होंगे, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।’ अग्निकांड में हुई 15 लोगों की मौत, इनमें ज्यादातर कोचिंग के स्टूडेंट यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार दोपहर 2:15 बजे बड़ा हादसा हो गया। अलीगंज इलाके में हुए अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर कोचिंग के स्टूडेंट हैं। आग से बचने के लिए कुछ छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया तो कोई पहले फ्लोर से कूद गया। कई छात्र तार से लटककर नीचे उतरे। इंसानों के साथ जानवर भी इस भीषण आग फंस गए। देखिए लखनऊ अग्निकांड की तस्वीरें-

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 3:30 pm

'मेरी उम्र की वजह से चूक हुई':पीएम मोदी को इग्नोर करने के दावे पर एक्टर अनिल रस्तोगी ने सफाई दी

पद्मश्री सम्मान से सम्मानित सीनियर एक्टर अनिल कुमार रस्तोगी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो को लेकर दावा किया गया कि मंगलवार को पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नजरअंदाज कर दिया। हालांकि, इस वीडियो को लेकर अनिल कुमार रस्तोगी ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी उम्र की वजह से यह चूक हो गई। दरअसल, वीडियो में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनिल रस्तोगी सम्मान लेने के लिए मंच की ओर जाते दिखाई देते हैं। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी ओर हाथ बढ़ाते हैं, लेकिन रस्तोगी हैंडशेक किए बिना आगे बढ़ जाते हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ यूजर्स ने इसे पीएम मोदी को इग्नोर करना बताया। वीडियो वायरल होने पर सफाई दी वीडियो वायरल होने के बाद अनिल रस्तोगी ने खुद सोशल मीडिया पर सफाई दी। एक पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए उन्होंने लिखा, जो लोग मजाक बना रहे हैं, उनसे कहना चाहता हूं कि मेरी उम्र 80 साल से ज्यादा है। यह मेरी उम्र की वजह से हुई एक चूक थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है और मेरा मानना है कि देश का नेतृत्व करने के लिए वह सबसे बेहतर विकल्प हैं। कौन हैं अनिल रस्तोगी बता दें कि डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी थिएटर और फिल्मों की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय किया है और वैज्ञानिक के रूप में भी काम किया है। वे सीएसआईआर के प्रतिष्ठित संस्थान सीडीआरआई, लखनऊ में बायोकेमेस्ट्री विभाग के प्रमुख (हेड) रह चुके हैं और एक वैज्ञानिक के रूप में भी लंबी सेवा दे चुके हैं। 75 से ज्यादा फिल्मों में दिखे फिल्मी करियर की बात करें तो अनिल कुमार रस्तोगी 'इश्कजादे', 'मुल्क', 'रेड' और 'थप्पड़' जैसी 75 से अधिक फिल्मों में एक्टिंग कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने 14 वेब सीरीज और विभिन्न टीवी धारावाहिकों के करीब 500 एपिसोड में काम किया है। वे 99 नाटकों के लगभग एक हजार मंचन कर चुके हैं। कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें पहले भी कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। डॉ. अनिल रस्तोगी को यश भारती-2017, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार-2023, पाटलिपुत्र लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड-2024, अभ्युदय अंतरराष्ट्रीय शलाका सम्मान-2026 और कालिदास सम्मान मिल चुका है।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 3:20 pm

केतन अग्रवाल मर्डर केस को लेकर भड़कीं एक्ट्रेस:आंचल खुराना बोलीं- सिया को धक्का देकर खत्म कर देना चाहिए, कोई केस नहीं होना चाहिए

पुणे के लोहगढ़ किले में कारोबारी परिवार से जुड़े केतन अग्रवाल की कथित हत्या के मामले पर टीवी एक्ट्रेस आंचल खुराना ने रिएक्ट किया है। मामले को लेकर आंचल खुराना ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा, एक करोड़पति बाप के बेटे का एक करोड़पति बाप की बेटी से अरेंज मैरिज फिक्स होती है। दोनों फैमिलीज बहुत ही क्लोज थीं, तो उन्होंने बच्चों की शादी फिक्स कर दी, लेकिन बेटी का चेतन से अफेयर था। आप यह बात अपने पैरेंट्स को बोल सकते थे, अपने मंगेतर से बोल सकते थे, लेकिन उसने उसे खाई से धक्का मार देना पसंद किया... महिला-पुरुष का नहीं, इंसानियत का मामला एक्ट्रेस ने कहा कि यह मामला महिला या पुरुष का नहीं, बल्कि इंसानियत और नैतिकता का है। उन्होंने सवाल उठाया कि रिश्तों में मतभेद होने पर लोग बातचीत के बजाय हिंसा का रास्ता क्यों चुन रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के खिलाफ अत्याचार न पुरुषों पर होना चाहिए और न ही महिलाओं पर। उन्होंने आगे कहा, सिया ने उसका मर्डर करना फेवर किया, लेकिन उसमें इतना दम नहीं था कि वो अपने मां-बाप को बोल दे। आंचल ने अंत में कहा कि इसको भी यही सजा मिलनी चाहिए कि उसी खाई से धक्का देकर वहीं खत्म कर देना चाहिए। कोई कोर्ट केस नहीं होना चाहिए। क्या है पूरा मामला? पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, 18 जून को लोहगढ़ किले पर घूमने के दौरान केतन अग्रवाल करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे। शुरुआती जांच में इसे हादसा माना गया था, लेकिन बाद में तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच की दिशा बदली। पुलिस का दावा है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के बीच पिछले करीब एक साल से संबंध थे और दोनों ने कथित तौर पर इस वारदात की साजिश रची। जांच के दौरान पुलिस ने यह भी दावा किया है कि इससे पहले भी केतन को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश की गई थी। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने मामले में कई गंभीर आरोप लगाए हैं और इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। मामले की जांच जारी है। पुणे मर्डर केस से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पुणे मर्डर- मंगेतर के साथ सिया की रोमांटिक पोस्ट:दोनों लोहगढ़ गए तो प्रेमी भी पहुंचा; गर्मी में हुडी पहना था, इसी से सुराग मिला पुणे में मंगेतर की हत्या करने वाली 20 साल की सिया गोयल ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 2:31 pm

संजय लीला भंसाली के खिलाफ FIR की मांग:लव एंड वॉर के सेट पर करंट लगने से वर्कर की मौत, एसोसिएशन बोला- 1 करोड़ मुआवजा दें

संजय लीला भंसाली की अपकमिंग फिल्म लव एंड वॉर सेट पर हुए हादसे के बाद विवादों में घिर चुकी है। फिल्म की शूटिंग मुंबई फिल्मसिटी के पास रॉयल पंप स्टूडियो में चल रही थी, जहां करंट लगने से 42 साल के कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव का निधन हो गया। हादसे के बाद भंसाली प्रोडक्शन ने 40 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की थी, हालांकि अब AICWA (ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन) ने संजय लीला भंसाली के खिलाफ शिकायत दर्ज कर एक्शन लेने की मांग करते हुए कहा है कि पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। एसोसिएशन ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेटर लिखकर संजय लीला भंसाली के खिलाफ FIR दर्ज करवाने की मांग की। इसकी जानकारी देते हुए एसोसिएशन ने सोशल मीडिया पोस्ट पर है, ‘इस घटना ने फिल्म शूटिंग सेटों पर सुरक्षा उपायों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि रणबीर कपूर, विक्की कौशल और आलिया भट्ट जैसे बड़े सितारों वाली इस मेगा बजट फिल्म के सेट पर भी अनिवार्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते एक कर्मचारी की दुखद मौत हो गई। यदि जरूरी सुरक्षा इंतजामों को सख्ती से लागू किया गया होता और उनका सही तरीके से पालन कराया गया होता, तो संभव है कि इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था।’ संजय लीला भंसाली के सेट पर अब तक हुए 3 बड़े हादसे एसोसिएशन द्वारा दावा किया गया है कि ये इस तरह की घटना का इकलौता मामला नहीं है। इससे पहले देवदास की शूटिंग के समय कर्मचारी दीनदयाल यादव की मौत हुई, जबकि एक बुरी तरह घायल हुआ। इसके अलावा पद्मावत फिल्म की शूटिंग में 34 साल के मुकेश डाकिया का भी निधन हो चुका है। ये भी एसोसिएशन की मांग- सेट में हुआ शॉर्ट सर्किट, मौके पर हुई मौत 17 जून को संजय लीला भंसाली फिल्म सिटी के पास रॉयल पंप स्टूडियो में शूटिंग कर रहे थे। सेट पर आलिया भट्ट के अलावा कई क्रू मेंबर्स भी मौजूद थे। इसी समय सेट में शॉर्ट सर्किट हुआ और करंट लगने से 42 साल के चंद्रधारी सिंह यादव वहीं गिर पड़े। वो पेशे से कारपेंटर थे। सेट पर मौजूद मेडिकल टीम की काफी कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। सेट से लीक हो चुके हैं स्टारकास्ट के लुक, देखिए तस्वीरें-

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 12:31 pm

पद्म भूषण मिलने के बाद भावुक हुईं सिंगर अल्का याग्निक:कहा- मुश्किल दौर से गुजर रही हूं; 2 साल पहले अचानक सुनाई देना बंद हुआ, सिंगिंग छोड़ी

सिंगर अल्का याग्निक को मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। सम्मान लेने से पहले सिंगर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया और फिर अवॉर्ड लेने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ कदम बढ़ाए। सम्मान मिलने के बाद अब सिंगर ने एक भावुक पोस्ट शेयर कर बताया है कि वो पिछले 2 साल से मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ तस्वीर शेयर करते हुए अल्का याग्निक ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, ‘पिछले 2 सालों से मैं लोगों की नजरों से दूर रही हूं। न सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुई और न ही अपनी जिंदगी के बारे में ज्यादा कुछ शेयर किया। आप में से कई लोग जानते हैं कि मैं स्वास्थ्य संबंधी मुश्किल दौर से गुजर रही थी। ऐसे समय में आपका प्यार, दुआएं, संदेश और अटूट समर्थन हर कदम पर मेरे साथ रहा।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘आज जब मैं देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण प्राप्त करने के लिए बाहर निकली, तो मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ था। यह सम्मान मेरे लिए बेहद विनम्र और भावुक करने वाला है। भले ही इस पर मेरा नाम लिखा हो, लेकिन यह सम्मान उतना ही उन सभी लोगों का है जिन्होंने मेरी आवाज को अपनाया, मेरे गीतों को पीढ़ियों तक जिंदा रखा और मेरे अच्छे-बुरे हर दौर में मेरा साथ दिया।’ ‘यह पल मेरे लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह सिर्फ मेरे काम की पहचान नहीं, बल्कि प्यार, उम्मीद और हौसले से मिलने वाली ताकत की याद भी है। मैं धीरे-धीरे फिर से अपने जीवन की राह पर लौट रही हूं और आज यहां आना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। यह सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि आप सभी के लिए भी है, जो इस सफर का हिस्सा रहे हैं।’ अल्का याग्निक को है रेयर न्यूरो डिसीज, सुनने में होती है दिक्कत सिंगर अल्का याग्निक पिछले 2 सालों से म्यूजिक से दूर हैं। उन्हें रेयर न्यूरो डिसीज है, जिसके चलते उन्हें सुनाई देना लगभग बंद हो गया है। इलाज के बीच उन्हें लाउड म्यूजिक से दूर रहने की सलाह दी गई है। अल्का याग्निक ने 2 साल पहले इसकी जानकारी देते हुए म्यूजिक से ब्रेक लेने की घोषणा की थी। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा था, ‘कुछ हफ्ते पहले जब मैं एक फ्लाइट से बाहर निकली, तो अचानक मुझे सुनाई देना बंद हो गया। उस घटना के बाद कई हफ्तों तक हिम्मत जुटाने के बाद अब मैं अपनी चुप्पी तोड़ना चाहती हूं, क्योंकि बहुत से लोग पूछ रहे थे कि मैं इन दिनों नजर क्यों नहीं आ रही हूं। डॉक्टरों ने बताया है कि मुझे एक रेयर बीमारी हुई है, जिसे सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस कहा जाता है। यह एक वायरल संक्रमण के कारण हुआ है। यह अचानक आई बड़ी समस्या थी, जिसके लिए मैं बिल्कुल तैयार नहीं थी।’ आगे उन्होंने लिखा था, ‘मैं अभी इस स्थिति को समझने और स्वीकार करने की कोशिश कर रही हूं। आप सबसे बस यही अनुरोध है कि मुझे अपनी दुआओं में याद रखें। अपने फैंस और युवा साथियों से मैं यह भी कहना चाहती हूं कि बहुत तेज आवाज वाले संगीत और हेडफोन के ज्यादा इस्तेमाल से सावधान रहें।’ ‘एक दिन मैं अपने पेशे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं और उनसे होने वाले खतरों के बारे में विस्तार से बात करना चाहूंगी। फिलहाल, आप सभी के प्यार और समर्थन के सहारे मैं अपनी जिंदगी को फिर से सामान्य बनाने की कोशिश कर रही हूं और उम्मीद करती हूं कि जल्द ही आप सबके बीच वापस लौटूंगी।’ इन सेलेब्स को मिला पद्म भूषण सम्मान अल्का याग्निक के अलावा साउथ स्टार ममूटी को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। ममूटी 50 साल से फिल्मों में एक्टिव हैं। कई भाषाओं में 400 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं। वे चैरिटी का काम भी करते हैं। वेटरन एक्टर सतीष कौशिक को भी मरणोपरांत पद्मश्री से सम्मानित किया गया। चार दशकों के करियर में अपनी बहुमुखी प्रतिभा और कॉमिक टाइमिंग के लिए मशहूर सतीश शाह ने कई फिल्मों और यादगार टीवी शो में काम किया। एक्टर, फिल्ममेकर और स्क्रीनराइटर माधवन रंगनाथन को भारतीय सिनेमा और कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। हाल ही में एक्टर फिल्म धुरंधर से चर्चा में हैं।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 10:47 am

अक्षय कुमार बोले- हिट-फ्लॉप बाद की बात:ढाई साल साथ काम कर बना खास रिश्ता; सुनील शेट्टी बोले- ऐसी स्टारकास्ट फिर शायद न मिले

फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ सिर्फ मल्टीस्टारर फिल्म नहीं, बल्कि कलाकारों के लिए यादों और रिश्तों का सफर भी रही। दैनिक भास्कर से बातचीत में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी ने फिल्म से जुड़े किस्से साझा किए। अक्षय ने बताया कि बड़े स्टारकास्ट के साथ काम करना पिकनिक जैसा अनुभव था, जहां शूटिंग के साथ मस्ती भी हुई। सुनील शेट्टी ने कहा कि इतने कलाकारों के साथ फिल्म बनाना आसान नहीं था, लेकिन टीम ने इसे खास बनाया। दोनों ने माना कि फिल्म खत्म होने के बाद एक-दूसरे का साथ याद आएगा। सवाल: फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ से जुड़ने की सबसे बड़ी वजह क्या थी? क्या फ्रेंचाइजी, स्टारकास्ट या कुछ और? जवाब/अक्षय कुमार: सबसे बड़ी वजह यह थी कि फिल्म की कहानी नीरज वोरा ने लिखी थी। हमारे उनके साथ पुराने रिश्ते रहे हैं और हमने उनकी कई स्क्रिप्ट्स पर काम किया है। मैंने उनके साथ करीब आठ-नौ फिल्में की हैं और अन्ना (सुनील शेट्टी) ने भी कई फिल्में की हैं। दूसरी वजह यह थी कि कहानी हम सबको पसंद आई। यह फिरोज नाडियाडवाला की फिल्म थी और मैं करीब 11–12 साल बाद उनके साथ काम कर रहा था। इसके अलावा इतने कलाकारों का एक साथ फिल्म में काम करना आजकल कम देखने को मिलता है। इसलिए हम सब उत्साहित थे। सवाल: इतने सालों का रिश्ता और साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/सुनील शेट्टी: करीब 16 साल बाद मेरी इस तरह वापसी हुई है और हमारा ट्रैक रिकॉर्ड पहले भी अच्छा रहा है। हमने कोशिश की कि एक अच्छी एंटरटेनिंग फिल्म बनाई जाए और प्रोड्यूसर-डायरेक्टर का साथ दिया जाए। एक सेट पर 30–35 कलाकार हों तो काम आसान नहीं होता। कई बार सबसे मुश्किल काम हंसी रोकना होता था, खासकर जब अर्शद मस्ती शुरू कर देते थे। सवाल: सेट पर माहौल कैसा रहता था? जवाब/अक्षय कुमार: सेट का माहौल मजेदार था। बहुत बड़ा सेट था और अंदर वीआईपी टेंट भी बना हुआ था। वैन से आने-जाने के लिए बग्गियां थीं। कई बार बाहर एक्शन सीन चलता था और अंदर हम लोग मस्ती कर रहे होते थे। जो मजा सेट पर था, वही फिल्म में दिखेगा। सवाल: सेट पर सबसे ज्यादा शरारती कौन था? जवाब/अक्षय कुमार (हंसते हुए): अन्ना बाहर से शांत लगते हैं, लेकिन अंदर ही अंदर सोचते रहते हैं कि किसके साथ मजाक किया जाए। अगर आपने चप्पल बाहर छोड़ दी तो हो सकता है वापस न मिले। कभी सोचेंगे कि कौन सा तार खींचें या कौन सी शरारत करें। प्लानिंग उनकी होती है और काम हमसे करवाते हैं। सवाल: अक्षय सर की ऑन-द-स्पॉट कॉमेडी और इम्प्रोवाइजेशन सेट पर बाकी लोगों को कितना सरप्राइज करती थी? जवाब/सुनील शेट्टी: अक्षय के साथ काम करते हुए कभी पता नहीं चलता कि अगला पल क्या होने वाला है। ये अचानक कुछ भी कर देता है- कभी डायलॉग बदल देगा, कभी नया मजाक जोड़ देगा, कभी शरारत कर देगा। अगर सेट पर सब ठीक रखना है तो अक्षय से 10–15 फीट की दूरी बनाकर रखो। फोन, घड़ी या सामान पास मत रखो, क्योंकि ये कभी भी कुछ कर सकता है। लेकिन यही उसकी खासियत है। उसकी वही एनर्जी और अचानक आने वाली कॉमिक टाइमिंग फिल्म को मजेदार बना देती है। सवाल: इतने सालों बाद भी एनर्जी और उत्साह कैसे बना रहता है? जवाब/सुनील शेट्टी: हमारी कोशिश रहती है कि दर्शकों के लिए काम करें। हर कलाकार की अपनी अलग ऊर्जा होती है। अक्षय जब सीन करता है तो कभी खाली नहीं बैठता, कुछ नया करता रहता है। अरशद वारसी भी अपनी तरफ से नई चीजें जोड़ देता है। कई बार हम लोग अपनी लाइनें भूल जाते थे। जब सबकी ऊर्जा एक साथ आती है, तभी अच्छा काम बनता है। सवाल: फिल्म खत्म होने के बाद सबसे ज्यादा क्या याद रहेगा? जवाब/अक्षय कुमार: सबके साथ काम करना सबसे ज्यादा याद रहेगा। हमारी योजना है कि फिल्म पूरी होने के बाद पूरा स्टारकास्ट साथ बैठकर फिल्म देखे। फिल्म हिट होगी या फ्लॉप, यह बाद की बात है। लेकिन ढाई साल साथ काम करने के बाद बना रिश्ता सबसे खास रहेगा। शायद आगे दोबारा इतने बड़े ग्रुप के साथ काम करने का मौका मिले या न मिले। सवाल: व्यक्तिगत तौर पर सबसे ज्यादा क्या मिस करेंगे? जवाब/अक्षय कुमार: इतने मजेदार लोगों के साथ समय बिताना। हर किसी की अपनी अलग क्वालिटी थी। मुझे कभी लगा ही नहीं कि मैं काम पर जा रहा हूं। ऐसा लगता था जैसे दोस्तों के साथ समय बिता रहा हूं। अहमद का स्वभाव भी अच्छा है। इस पूरे अनुभव को मैं जरूर मिस करूंगा।

दैनिक भास्कर 24 Jun 2026 5:30 am

सामंथा की प्रेग्नेंसी की चर्चा के बीच चिरंजीवी पहुंचे मिलने:पत्नी सुरेखा संग दिए उपहार; फैंस बोले- क्या आने वाली है गुड न्यूज?

साउथ फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों सामंथा रुथ प्रभु चर्चा में हैं। उनकी हालिया रिलीज फिल्म ‘मा इंटी बंगारम’ को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। वहीं निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच अभिनेता चिरंजीवी पत्नी सुरेखा के साथ सामंथा और उनके पति राज निदिमोरु से मिलने पहुंचे। मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रेग्नेंसी को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं। तस्वीरों में चिरंजीवी सामंथा को साड़ी और अन्य उपहार देते नजर आए। उन्होंने सामंथा और राज को गुलदस्ता भी भेंट किया। तस्वीरों के साथ उन्होंने कपल को शुभकामनाएं दीं और खुशी जताई। तस्वीरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स कयास लगाने लगे। कई लोगों ने इसे सामंथा की निजी जिंदगी और प्रेग्नेंसी की अटकलों से जोड़कर देखा। हालांकि, सामंथा या राज निदिमोरु की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बीते कुछ समय से सामंथा की निजी जिंदगी चर्चा में बनी हुई है। अपने रिश्तों और निजी फैसलों को लेकर वह पहले भी सुर्खियों में रह चुकी हैं। चिरंजीवी का परिवार के साथ उनसे मिलना और शुभकामनाएं देना फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया। प्रोफेशनल फ्रंट पर सामंथा अपनी फिल्म ‘मा इंटी बंगारम’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म को दर्शकों का सकारात्मक रिस्पॉन्स मिल रहा है और सोशल मीडिया पर उनकी परफॉर्मेंस की तारीफ हो रही है। करियर और निजी जिंदगी, दोनों वजहों से सामंथा लाइमलाइट में हैं। फिलहाल प्रेग्नेंसी से जुड़ी चर्चाओं पर कपल की ओर से कोई बयान नहीं आया है। सोशल मीडिया पर चल रही बातें सिर्फ अटकलें हैं। आधिकारिक जानकारी आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 8:05 pm

प्रकाश राज पर गिरफ्तारी की तलवार?:बेंगलुरु कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट; कई राज्यों में वोटर आईडी रखने का आरोप

दक्षिण भारतीय फिल्मों के चर्चित अभिनेता प्रकाश राज कानूनी विवाद में घिर गए हैं। बेंगलुरु की अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। मामला कथित तौर पर अलग-अलग राज्यों में एक से ज्यादा वोटर आईडी रखने से जुड़ा है। कोर्ट का यह कदम उनके अदालत में पेश नहीं होने के बाद आया। जानकारी के मुताबिक यह मामला कई साल पुरानी शिकायत से जुड़ा है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता दिलीप कुमार ने आरोप लगाया था कि प्रकाश राज के नाम पर अलग-अलग राज्यों में वोटर पहचान पत्र दर्ज हैं। शिकायत में कहा गया कि अभिनेता के पास कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में वोटर आईडी होने की आशंका जताई गई थी। शिकायत के बाद मामला पुलिस और चुनाव आयोग तक पहुंचा। शिकायतकर्ता का दावा था कि अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया। इसके बाद कोर्ट की निगरानी में सुनवाई आगे बढ़ी। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बेंगलुरु की 48वीं अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी (ACMM/ACJM) अदालत ने प्रकाश राज को पेश होने के लिए पहले समन जारी किए थे। हालांकि वे निर्धारित तारीखों पर अदालत में उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। क्या है नियम? भारत में चुनावी नियमों के अनुसार कोई भी नागरिक केवल एक स्थान पर मतदाता के रूप में पंजीकृत हो सकता है। एक व्यक्ति के नाम पर कई जगह वोटर पंजीकरण या एक से ज्यादा सक्रिय वोटर पहचान पत्र होना नियमों के खिलाफ माना जा सकता है। हालांकि अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही तय होती है। फिलहाल अदालत ने इस मामले में केवल वारंट जारी किया है। आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के तहत हैं और अदालत में साबित होना बाकी है। आगे की सुनवाई में प्रकाश राज की पेशी और उनके पक्ष के बाद अगला कानूनी कदम तय होगा। प्रकाश राज भारतीय सिनेमा के चर्चित कलाकारों में गिने जाते हैं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी फिल्मों में लंबे समय से काम किया है। फिलहाल चर्चा उनकी फिल्मों की नहीं, बल्कि अदालत के आदेश की हो रही है। ____________________ यह खबर भी पढ़ें.. प्रकाश राज के खिलाफ केस दर्ज कराया गया:एक्टर पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा एक्टर प्रकाश राज के खिलाफ दिल्ली में केस दर्ज कराया है। उन पर भगवान राम और रामायण का मजाक उड़ाने का आरोप लगा है।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 6:59 pm

तृषा ने विजय को जन्मदिन पर नहीं दी बधाई:पिछले साल किया था विश, इंस्टाग्राम पर फॉलो भी नहीं कर रहीं, अनबन की अटकलें तेज

अफेयर की खबरों के बीच एक्ट्रेस तृषा ने सीएम विजय के 52वें जन्मदिन पर सोशल मीडिया पर कोई विश पोस्ट नहीं की। पिछले साल तृषा ने विजय के जन्मदिन पर उनके साथ की तस्वीर शेयर की थी। साथ ही यह बात भी नोटिस में आई है कि तृषा इंस्टाग्राम पर विजय को फॉलो नहीं कर रही हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों के बीच कथित अनबन की अटकलें तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि विजय के तलाक की खबर सामने आने के बाद एक्ट्रेस तृषा का नाम विजय के साथ जुड़ा। हालांकि, विजय और तृषा ने अब तक रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया। 10 मई को तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुई थीं। वहीं, 4 मई को तमिलनाडु चुनाव रिजल्ट के दिन तृषा विजय के घर भी पहुंची थीं। विजय और तृषा ने 'गिल्ली', 'तिरुपाची', 'आथी' और 'कुरुवी' जैसी फिल्मों में साथ काम किया। ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री के कारण पहली बार उनके अफेयर की अफवाहें उड़ीं। हालांकि, 2008 में रिलीज हुई 'कुरुवी' के बाद दोनों 15 साल तक किसी फिल्म में साथ दिखाई नहीं दिए। 2023 में दोनों 15 साल बाद फिल्म 'लियो' में साथ नजर आए थे। तृषा की फिल्म 'करुप्पु' बॉक्स ऑफिस पर हिट रही तृषा हाल ही में आरजे बालाजी निर्देशित फिल्म 'करुप्पु' में सूर्या के साथ नजर आई थीं। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी सफलता मिली। फिल्म ने दुनिया भर में करीब 309 करोड़ रुपए की कमाई की। फिल्म में आरजे बालाजी ने विलेन की भूमिका निभाई, जबकि इंद्रंस, अनाघा माया रवि, नैट्टी सुब्रमण्यम, शिवादा, स्वासिका और सुप्रीत रेड्डी भी अहम भूमिकाओं में नजर आए। वहीं, विजय राजनीति में पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। उनकी आखिरी फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज डेट अभी तक तय नहीं है। फिल्म पहले 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन CBFC सर्टिफिकेशन और कानूनी विवाद के चलते इसे टाल दिया गया। ……………… ये खबर भी पढ़ें… विजय का नाम सुन शरमाईं तृषा कृष्णन:फैन ने कहा- थलापति से कहना कि मैंने उनका हालचाल पूछा है; एक्ट्रेस ने किया रिएक्ट चेन्नई में शुक्रवार को थिएटर से बाहर निकलते समय एक फैन ने तृषा कृष्णन से विजय का जिक्र किया तो एक्ट्रेस ब्लश कर गईं। शुक्रवार को तृषा चेन्नई में अपनी नई रिलीज फिल्म ‘करुप्पु’ की स्क्रीनिंग में पहुंचीं। इस दौरान डायरेक्टर आरजे बालाजी और एक्टर कार्थी भी मौजूद थे। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 3:52 pm

ग्लोबल पॉप की पहचान बना ‘एक्सजी’ बैंड:12 की उम्र में घर छोड़ा; भूखे पेट आधी रात तक रियाज कर 7 लड़कियों ने रचा इतिहास

संगीत-नृत्य की दुनिया में दक्षिण कोरियाई बैंड बीटीएस, ब्लैकपिंक के दबदबे और स्ट्रे किड्स, सेवनटीन जैसे ग्रुप की वैश्विक लोकप्रियता के बीच जापान की 7 लड़कियों का बैंड एक्सजी (एक्स्ट्राऑर्डिनरी जीनस) का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। अमेरिका के कोचेला म्यूजिक फेस्टिवल में अपने संगीत-नृत्य का लोहा मनवा चुकी एक्सजी का अगला प्रदर्शन लंदन के वेम्बली स्टेडियम में सितंबर में होगा, जिसकी चर्चा अभी से है। पॉप म्यूजिक की दुनिया में स्टार बनने की एक्सजी का यह सफर धैर्य, बेजोड़ अनुशासन और अदम्य मानसिक मजबूती की अनूठी मिसाल है। 2016 में हजारों लड़कियों के ऑडिशन में 21 का चयन एक्सजी के लिए 2016 में जापान भर के हजारों लड़कियों का ऑडिशन हुआ। इसमें से 21 को ट्रेनिंग के लिए चुना गया। सभी को एक डॉर्मिटरी में साथ रहती थी। सुबह से रात तक संगीत-नृत्य का अभ्यास कराया जाता। कई भाषाओं में बोलने की ट्रेनिंग भी दी जाती। यहां अनुशासन काफी सख्त था। यहां तक कि वे सोशल मीडिया पर फोटो तक साझा नहीं कर सकती थीं। एक बार एक लड़की ने सोशल मीडिया पर तस्वीर अपलोड कर दी, तो उसे कड़ी फटकार लगाई गई। अंत में 7 बैंड के लिए चुनी गईं। अस्तित्व की लड़ाई ग्रुप की सदस्य माया ट्रेनिंग को शारीरिक और मानसिक रूप से ‘खुद के खिलाफ एक लड़ाई’ बताती हैं। जबकि चिसा ने इस ट्रेनिंग को शुद्ध रूप से जीवित बचे रहने का संघर्ष कहा। छह साल की ट्रेनिंग के बीच ही एक्सजी की लड़कियों के बीच आपसी समझ बेहतर हुई। चिसा कहती हैं, अच्छे तरीके से हम एक-दूसरे को बेहतर बनने के लिए पुश करते थे। इससे टीम ज्यादा संगठित होती गईं। हिनाता बताती हैं कि हर सदस्य का अपना स्टाइल है। फिर भी वे एक साथ मूव करती हैं। यादें - खून से सने जूते और लीडर जुरीन का पैनिक अटैक ग्रुप की मुख्य रैपर कोकोना जब 12 साल की थी, तब एक ही स्टेप को दिन में 500 बार करने से उनके पैरों के नाखून टूट गए थे। कई बार तलवों से खून बहने लगता था। जब वे दर्द से चीखती थीं, तो ट्रेनर्स तरस खाने के बजाय कहते थे, ‘दर्द से हार मान रही हो, तो स्टेज का सपना भूल जाओ।’ कोकोना पैरों पर टेप लपेटकर दोबारा नाचने लगती थीं। ग्रुप की जिम्मेदारी संभाल रहीं लीडर जुरीन को एक बार लगातार 18 घंटे की प्रैक्टिस के बाद फ्लोर पर ही गंभीर पैनिक अटैक आया और वे सांस के लिए तड़पने लगी थीं। इसी कठोर श्रम से बीटीएस और ब्लैकपिंक के बीच एक्सजी ने नया इतिहास रचा है।

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 3:22 pm

निरहुआ की एंट्री से बढ़ेंगी मुश्किलें:झोलाछाप डॉक्टर, बदलता गांव और सिस्टम की चुनौतियां, ‘ग्राम चिकित्सालय 2’ को लेकर अमोल-आकांक्षा ने खोले राज

वेब सीरीज ‘ग्राम चिकित्सालय सीजन 2’ इस बार सिर्फ गांव और स्वास्थ्य व्यवस्था की कहानी नहीं, बल्कि सिस्टम, भरोसे और बदलाव को भी दिखाएगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में अमोल पराशर, आकांक्षा रंजन कपूर और दिनेश लाल यादव निरहुआ ने अपने किरदारों, गांव की चुनौतियों और सीजन के नए ट्विस्ट पर बात की। अमोल ने बताया कि प्रभात अपने सिद्धांतों और जमीनी सच्चाई के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेगा। आकांक्षा ने महिला स्वास्थ्य और बदलाव की जरूरत पर बात की। निरहुआ ने गांव की हकीकत और जागरूकता की अहमियत बताई। सवाल: पहले सीजन की सफलता के बाद सीजन 2 में कितनी जिम्मेदारी बढ़ गई? जवाब/अमोल पराशर: जब कोई सीजन हिट होता है तो सबसे ज्यादा जिम्मेदारी लेखक और निर्देशक पर होती है, क्योंकि उन्हें कहानी को नया भी रखना होता है और पुराने सीजन से जोड़कर आगे बढ़ाना होता है। हमारे लिए चुनौती होती है कि पहले सीजन के किरदार की बॉडी लैंग्वेज, सोच और अंदाज को फिर से पकड़कर बेहतर तरीके से निभाएं। सवाल: गांव के माहौल और अपने किरदार को समझने के लिए आपने क्या तैयारी की? जवाब/आकांक्षा रंजन कपूर: सीजन 1 में ज्यादा तैयारी करनी पड़ी थी, लेकिन सीजन 2 तक किरदार समझ में आ चुका था। डायरेक्टर ने डायलॉग, बोलने का तरीका और किरदार को जमीन से जुड़ा रखने में मदद की। गांव का माहौल मेरे लिए नया नहीं था क्योंकि मेरे पिता हरियाणा से हैं। सवाल: इस बार दर्शकों को क्या नया देखने मिलेगा? जवाब/दिनेश लाल यादव निरहुआ: मैं पहले सीजन का दर्शक था और मुझे वह बहुत पसंद आया था। इस बार मैं कहानी में थोड़ा ट्विस्ट लेकर आया हूं। गांव की समस्याओं के पीछे सिर्फ सामने दिखने वाले लोग नहीं होते, कई बार पर्दे के पीछे बैठे लोग भी चीजें कंट्रोल कर रहे होते हैं। यही इस सीजन का दिलचस्प हिस्सा है। सवाल: प्रभात और गार्गी के रिश्ते में क्या बदलाव दिखेगा? जवाब/अमोल पराशर: अब दोनों सिर्फ हाय-हैलो वाले दोस्त नहीं रहे। वे एक-दूसरे को बेहतर समझते हैं, इसलिए बहस भी करते हैं और मदद भी करते हैं। असली जिंदगी की दोस्ती की तरह इस रिश्ते में भी कई रंग देखने को मिलेंगे। सवाल: अगर असल जिंदगी में गांव में डॉक्टर बनकर जाना पड़े तो क्या करेंगी? जवाब/आकांक्षा रंजन कपूर: मैं महिलाओं की हेल्थ, मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा पर काम करना चाहूंगी। मुझे लगता है कि गांवों में इस दिशा में अभी बहुत बदलाव की जरूरत है। सवाल: शो में सिद्धांत और हालात के बीच कितना संघर्ष देखने मिलेगा? जवाब/अमोल पराशर: प्रभात ऐसा इंसान है जो अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करता। पहले सीजन में उसने सीखा कि सिर्फ पढ़ाई और काबिलियत से काम नहीं चलता, लोगों का भरोसा भी जीतना पड़ता है। इस बार वह अपने तरीके बदलने की कोशिश करेगा, लेकिन अपने उसूल नहीं छोड़ेगा। यही उसकी ताकत और मुश्किलें भी पैदा करती है। सवाल: क्या इस बार सिस्टम और डॉक्टर के बीच टकराव भी दिखेगा? जवाब/दिनेश लाल यादव निरहुआ: गांवों में कई बार जहां अच्छे डॉक्टर नहीं पहुंचते, वहां झोलाछाप डॉक्टर लोगों की मदद करते दिखते हैं। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब मदद और गलत तरीके के बीच की सीमा खत्म होने लगती है। इसी टकराव को इस सीजन में दिखाया गया है। सवाल: क्या आपने असल जिंदगी में ऐसे लोगों को देखा है जो अच्छी पढ़ाई के बाद समाज के लिए काम कर रहे हों? जवाब/अमोल पराशर: हां, मैंने ऐसे कई लोगों को देखा है। मेरे साथ पढ़े कुछ लोगों ने बड़ी नौकरी छोड़कर समाज के लिए काम चुना। मेरे एक जूनियर ने किसानों के लिए काम शुरू किया और टेक्नोलॉजी के जरिए उनकी मदद कर रहा है। ऐसे लोग बहुत हैं, लेकिन वे ज्यादा चर्चा में नहीं आते। सवाल: क्या आपको भी ऐसे लोग मिले हैं जो बिना चर्चा के समाज के लिए काम करते हों? जवाब/आकांक्षा रंजन कपूर: मैं जानवरों के लिए काम करने वाले कई लोगों से मिली हूं। बहुत लोग अपनी नौकरी के साथ समाज के लिए भी काम करते हैं। मेरी मां भी एक एनजीओ चलाती हैं, जो रेप और एसिड अटैक सर्वाइवर्स की मदद करता है। मुझे लगता है दुनिया में इंसानियत बहुत है, बस उसकी चर्चा कम होती है। सवाल: बचपन में किसी ग्राम चिकित्सक या झोलाछाप डॉक्टर से जुड़ा कोई अनुभव रहा? जवाब/दिनेश लाल यादव निरहुआ: बचपन का एक किस्सा आज भी याद है। एक छोटे बच्चे को इंजेक्शन लगाया जा रहा था और दवा बाहर निकल गई। जब परिवार ने पूछा तो डॉक्टर ने कहा कि ‘जितनी गिरी है, उतना भी फायदा करेगी।’ ऐसे अनुभव बताते हैं कि बिना सही जानकारी के इलाज कितना खतरनाक हो सकता है। सवाल: क्या आज गांवों की स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलाव दिखता है? जवाब/आकांक्षा रंजन कपूर: हाल ही में मुझे सरकारी अस्पताल जाने का मौका मिला। मैं थोड़ा डरी हुई थी, लेकिन वहां सफाई, व्यवस्था और डॉक्टरों का व्यवहार देखकर अच्छा लगा। पूरा अनुभव व्यवस्थित था और मेरी सोच भी बदली। दिनेश लाल यादव निरहुआ: आज गांवों में काफी बदलाव आया है। जागरूकता बढ़ रही है और ऐसे शो लोगों तक जरूरी बातें पहुंचाने में मदद करते हैं।

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 3:20 pm

'लॉक अप 2' शुरू होने से पहले रितेश हुए अनकम्फर्टेबल:सवाल पूछा गया- सलमान को 'लॉक अप' का एक्सपीरियंस है, उन्हें शो में लाएंगे?

एकता कपूर के रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' के इवेंट के दौरान रितेश देशमुख से सलमान खान और संजय दत्त को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर रितेश ने जवाब देने से इनकार कर दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे पूछा गया, क्योंकि आपके सबसे करीबी दोस्त सलमान खान और संजय दत्त हैं। उन्हें 'लॉक अप' का काफी एक्सपीरियंस है, तो क्या आप उन्हें शो में लाएंगे और उन्हें क्या सजा देंगे? इस पर रितेश ने कहा, मुझे नहीं लगता कि मैं आपके सवाल का जवाब देकर उसे कोई सम्मान देना चाहूंगा। इसके बाद सवाल पूछने वाले ने कहा कि उसने आसान सवाल पूछा है। इस पर रितेश ने जवाब दिया, आपका सवाल है, मैं उसका जवाब नहीं देना चाहता। मेरा काम सिर्फ शो होस्ट करना है। एक होस्ट के तौर पर मुझे पहले से नहीं पता होता कि शो में कौन से कैदी या गेस्ट आने वाले हैं। जो भी गेस्ट आते हैं, हम उनसे बातचीत करते हैं। 'लॉक अप: सच या सजा' 27 जून से शुरू होगा चार साल बाद रियलिटी शो 'लॉक अप' का नया सीजन आ रहा है। मेकर्स ने इसका नाम 'लॉक अप: सच या सजा' रखा है। इस बार शो का प्रीमियर 27 जून 2026 को होगा। अब यह शो नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगा। पहले सीजन को एमएक्स प्लेयर और ऑल्ट बालाजी पर दिखाया गया था। इस बार होस्ट भी बदल गए हैं। पहले सीजन को कंगना रनोट ने होस्ट किया था, लेकिन नए सीजन में उनकी जगह फराह खान और रितेश देशमुख नजर आएंगे। दोनों शो में 'जेलर' की भूमिका निभाएंगे। गौरतलब है कि भारत में नेटफ्लिक्स के पास बड़े सितारे, बड़े बजट और वैश्विक पहचान है। फिर भी वह अमेजन प्राइम, जियोहॉटस्टार और दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसा सांस्कृतिक प्रभाव नहीं बना पाया। जहां दूसरे प्लेटफॉर्म ऐसे किरदार और कहानियां बनाने में सफल रहे, जो लोगों की बातचीत का हिस्सा बन गए, वहीं नेटफ्लिक्स के कई चर्चित प्रोजेक्ट रिलीज के कुछ समय बाद भुला दिए गए। इसे समझने के लिए दैनिक भास्कर ने डायरेक्टर विवेक शर्मा, लेखक धीरज मिश्रा और ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन से बातचीत की थी। विवेक शर्मा ने कहा कि नेटफ्लिक्स ने नए फिल्ममेकर्स और नई कहानियों के बजाय बड़े सितारों और बड़े बैनरों पर ज्यादा भरोसा किया। प्लेटफॉर्म को नए टैलेंट और मजबूत कंटेंट पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, धीरज मिश्रा ने कहा कि नेटफ्लिक्स आम भारतीय दर्शकों की पसंद और भावनाओं को समझने में पीछे रह गया। उनका मानना है कि 'लॉक अप 2' के जरिए प्लेटफॉर्म बड़े दर्शक वर्ग से जुड़ने की कोशिश कर रहा है। अतुल मोहन ने कहा कि नेटफ्लिक्स की प्रीमियम पोजिशनिंग और महंगी सदस्यता ने उसकी पहुंच सीमित कर दी। कम कीमत में ज्यादा वैल्यू देने वाले प्लेटफॉर्म भारतीय बाजार में आगे निकल गए। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 2:04 pm

बॉबी देओल से पूछा गया- 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में जाएंगे?:बोले- ये कौन-सा शो है, मुझे इसके बारे में पता नहीं है

फिल्म 'अल्फा' 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म के प्रमोशन के तहत इसकी लीड एक्ट्रेसेस आलिया भट्ट और शरवरी वाघ समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' के प्रीमियर एपिसोड में पहुंचीं। इसी बीच, इंडिया टीवी को दिए इंटरव्यू में 'अल्फा' में नजर आने वाले एक्टर बॉबी देओल से पूछा गया कि क्या वह भी आलिया और शरवरी की तरह 'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' में दिखाई देंगे। इस सवाल के जवाब में बॉबी देओल ने कहा, ये कौन-सा शो है? मुझे तो इसके बारे में पता भी नहीं है। इसके बाद वह अगले सवाल की ओर बढ़ गए। हाल ही में ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर गेस्ट शामिल हुईं। एपिसोड के दौरान समय रैना और आलिया भट्ट ने एक-दूसरे पर मजाकिया अंदाज में तंज कसे और रोस्ट किया। शो में समय रैना ने आलिया भट्ट का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि आलिया शो के पहले एपिसोड में गेस्ट बनकर आई हैं। इस दौरान आलिया ने हंसते हुए कहा, मुझे अब थोड़ा पछतावा हो रहा है। समय ने फिल्म 'जिगरा' पर तंज कसा इस पर समय रैना ने तंज कसते हुए कहा, मुझे भी 'जिगरा' देखकर पछतावा हुआ था। समय की यह बात सुनकर आलिया और शरवरी जोर से हंसने लगीं। हालांकि, आलिया ने भी बिना देर किए मुस्कुराते हुए जवाब दिया, कम से कम आपने फिल्म तो देखी। इसके बाद समय ने कहा, आपके पास बैठकर थोड़ा नर्वस महसूस कर रहा हूं, क्योंकि मैं आपके पति का बहुत बड़ा फैन हूं। कांस और लेटेंट की तुलना कर मजाक किया समय ने यह भी कहा, “आलिया जी, आप इतनी बड़ी एक्ट्रेस हैं। आपकी फिल्मों ने 5000-6000 करोड़ रुपए की कमाई की है। आपके पास इतने फिल्मफेयर अवॉर्ड हैं, नेशनल अवॉर्ड है, बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड है। फिर आप यहां आखिर क्यों आई हैं? 'लेटेंट' में आने की क्या जरूरत थी? कहां कांस, कहां लेटेंट और यहां कैमरे आप पर हैं। इस पर सब हंसने लगे। फिर जवाब देते हुए आलिया ने कहा, नहीं-नहीं समय, सच कहूं तो हम सभी यह बात पूरे भरोसे के साथ कह सकते हैं कि हमें हंसाने के लिए हम सब कपिल शर्मा के बहुत आभारी हैं। फिर समय ने कहा, वाह! आलिया जी, यहां फनी हो गईं आप। जाकिर भाई के साथ क्या हो गया था? पिछले साल शो विवादों में रहा शो में शरवरी वाघ भी गेस्ट के तौर पर पहुंचीं। समय रैना ने मजाक में उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। वहीं शरवरी से पूछा गया कि क्या उन्होंने लेटेंट के एपिसोड देखे हैं, जिस पर एक्ट्रेस ने कहा, “मैंने शो के वीडियो न्यूज चैनलों पर देखे हैं।” पिछले साल ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ को लेकर समय रैना विवादों में रहे थे। शो को लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज हुआ था और मामला कोर्ट तक पहुंचा था।

दैनिक भास्कर 23 Jun 2026 11:33 am