सिंगर अमाल मलिक ने म्यूजिक इंडस्ट्री से ब्रेक लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने कहा है कि अब वो नए गाने साइन नहीं करेंगे। सोशल मीडिया पर ब्रेक अनाउंस करते हुए अमाल ने सेहत, रिकवरी का हवाला दिया और भावुक नोट शेयर किया। यह ऐलान अमाल के उन हालिया बयानों के बाद आया है, जिनमें उन्होंने फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के ताकतवर लोगों पर उन्हें किनारे करने और उनके काम को लेकर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। कहा- शरीर और आत्मा को आराम देना जरूरी अमाल ने X पर लिखा, ‘मैं बिल्कुल ठीक हूं और इस बार मैं अपने लिए वही करूंगा, जो मेरे लिए सबसे अच्छा है। अब मैं सिर्फ उन्हीं चीजों पर ध्यान देना चाहता हूं, जो मेरे दिल के करीब हैं और मेरी सेहत के लिए जरूरी हैं। इस समय मुझे अपने दिमाग, शरीर और आत्मा को थोड़ा आराम देने की जरूरत है, ताकि मैं पूरी तरह से खुद को ठीक कर सकूं। जल्द ही एक नई एनर्जी के साथ वापस आना चाहता हूं और आप सभी मेरे प्यारे अमालियन्स के लिए दिल में ढेर सारे नए गाने लेकर लौटना चाहता हूं।’ सिंगर ने लिखा- मुझे विदा करो आगे उन्होंने लिखा, 'अगले साल तक मैं फिल्मों के लिए कोई नया गाना नहीं करूंगा। मेरी कुछ पुरानी और रिलीज नहीं हुई फिल्मों के गाने जल्द ही आ सकते हैं, अगर वे फिल्में रिलीज होती हैं। ये कम बजट की फिल्में हैं, जिन्हें अच्छे इरादों के साथ बनाया गया है। ऐसी फिल्मों को आसानी से सिनेमाघरों में स्क्रीन नहीं मिलतीं, इसलिए अभी यह कहना मुश्किल है कि इन फिल्मों का भविष्य क्या होगा। इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि कृपया इस बारे में मुझसे बार-बार सवाल न करें।' आखिर में अमाल ने लिखा है, ‘संगीत से सिनेमा तक का सफर मुझे बहुत दूर ले आया है। अब मैं फिर से संगीत की ओर लौटने लगा हूं।अब मुझे विदा करो। मैं जल्द वापस आऊंगा। फिलहाल कुछ समय के लिए आप सभी से विदा ले रहा हूं।’ बयानों से चर्चा में हैं अमाल मलिक, इंडस्ट्री पर लगाए आरोप ब्रेक का फैसला अमाल के पिछले कुछ महीनों में किए गए कई भावनात्मक पोस्ट के बाद आया है। इन पोस्ट में उन्होंने इंडस्ट्री में अपने संघर्ष के बारे में बात की थी। मई में उन्होंने फिल्म और म्यूजिक बिजनेस के कुछ प्रभावशाली लोगों पर उन्हें किनारे करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि पिछले कई सालों में उन्हें करीब पांच दर्जन प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। बॉलीवुड में काम जारी रखने की अपनी कोशिशों के बारे में अमाल ने कहा था, “मैं पिछले 8 साल से पूरी ईमानदारी और काम की कुछ सम्मानजनक शर्तों के साथ अपनी पूरी कोशिश कर रहा हूं, लेकिन दुख की बात है कि इस जगह पर यह काम नहीं करता।” उन्होंने आगे कहा, “इस जगह और इसके काम करने के तरीके के बारे में सच छिपाने में मेरी असमर्थता उन्हें और परेशान करती है। इसकी वजह से मुझे और मेरे परिवार को बेकार की धमकियां मिलती हैं। कुछ बहुत ताकतवर लोगों का समूह है, जो नहीं चाहता कि मैं उनकी फिल्मों या किसी भी फिल्म का हिस्सा बनूं। यह सिर्फ लेबल्स की बात नहीं है, अब मामला इससे आगे बढ़ चुका है। यह अहंकारी लोगों का मिला-जुला सिंडिकेट है।” ग्रुपिज्म और इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर भी बोले अमाल ने दावा किया था कि इंडस्ट्री की पॉलिटिक्स और ग्रुपिज्म की वजह से फिल्मों में उनका संगीत कम सुनाई देता है। ब्रेक का ऐलान करने से सिर्फ दो दिन पहले अमाल ने फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर उनके और उनके काम के खिलाफ सोशल मीडिया पर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश का आरोप लगाया था। कुछ समय पहले ही अमाल मलिक कंपोजर तनिष्क बागची से विवाद होने से भी चर्चा में रहे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था, ‘करीब 10 साल तक मैंने अपने गुस्से को दबाकर रखा, लेकिन आज एक दशक बाद मुझे खुलकर सामने आना पड़ा, क्योंकि यहां कोई भी सही बात के लिए खड़ा नहीं होता और न ही इंडस्ट्री के गलत लोगों को बेनकाब करता है। यहां किसी में सच को सच कहने की हिम्मत नहीं है, लेकिन किसी न किसी को यह करना ही था। मैं उसके गलत कामों और अनैतिक हरकतों पर बहुत समय से चुप था।’ पारिवारिक विवाद से भी चर्चा में रहे अमाल मलिक अमाल मलिक ने बीते साल परिवार को डिप्रेशन का जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे रिश्ते खत्म कर लिए थे। सोशल मीडिया पोस्ट पर परिवार से रिश्ता तोड़ने का ऐलान करते हुए अमाल ने लिखा था, मैं अब ऐसी स्टेज पर आ गया हूं, जहां मैं दर्द नहीं छिपा सकता। सालों से मुझे ऐसा महसूस करवाया गया है कि मैं कमतर हूं, जबकि मैं लोगों को सेफ जिंदगी देने के लिए दिन रात मेहनत करता हूं। मैंने अपने हर सपने को तोड़ दिया और जाना की लोग मुझसे बुरा व्यवहार करते हैं और पूछते हैं कि मैंने क्या किया है।' आगे उन्होंने लिखा था, 'मुझसे मेरी शांति छीन ली गई है, मुझे इमोशनली निचोड़ लिया गया है, शायद आर्थिक रूप से भी, लेकिन मैं इससे ज्यादा परेशान नहीं हूं। जिस चीज से सबसे ज्यादा फर्क पड़ता है वो ये कि मैं क्लीनिकली डिप्रेशन में हूं, क्योंकि ये सब हो रहा है। हां, मेरे एक्शन के लिए मैं खुद को ही दोषी मान सकता हूं, लेकिन मेरे आत्मसम्मान को कई बार उन प्रिय लोगों के कामों ने नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मेरी आत्मा के टुकड़े चुरा लिए हैं।' बिग बॉस से किया कमबैक, अंकल अनु मलिक पर दिए विवादित बयान रिकवरी के बीच अमाल मलिक ने रियलिटी शो बिग बॉस 19 में हिस्सा लिया। शो में उन्होंने अंकल अनु मलिक पर पिता डब्बू मलिक का करियर खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अनु मलिक ने उनके पिता डब्बू मलिक से काम छीन लिया और उनका करियर बर्बाद किया। अमाल ने दावा किया कि अगर इंडस्ट्री में उनके पिता को काम मिलता था, तो अनु मलिक प्रोड्यूसर्स से कम फीस लेकर वो काम करने के लिए राजी हो जाते थे। अमाल ने बिग बॉस 19 में अनु मलिक की पत्नी पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के चलते उनके परिवार को तवज्जो नहीं दी जाती थी। एक बार वह सड़क में भीग रहे थे, लेकिन आंटी ने उन्हें देख कार के शीशे चढ़ा लिए। अमाल का बयान विवादों में आने के बाद उनके पिता डब्बू मलिक ने इस पर सफाई दी और माफी मांगी। टेली मसाला को दिए इंटरव्यू में डब्बू मलिक ने कहा, 'मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो पिन पॉइंट करके किसी पर इल्जाम लगाऊं कि इनकी वजह से मैं बना नहीं। शायद मेरी जिंदगी के उतार-चढ़ाव में ऐसी बातें डिनर टेबल पर या जिंदगी में हुई होंगी, जिन्हें बच्चों (अमाल, अरमान) ने सुना होगा।' ‘उसने (अमाल ने) 12-15 साल की उम्र में क्या सुना, क्या देखा, क्या झेला और हमारी क्या बातें हुई और वो उसके दिल में घर कर गई और आज प्रोसेस हो रही हैं। अब बिग बॉस में जाकर उसको मैं बोल तो नहीं सकता कि रुक जा, अरे तुम क्या बोल रहे हो, लेकिन अगर यह चीज किसी को भी हर्ट कर रही है और कोई भी शब्द या कोई भी बात गलत लग रही है तो उसके लिए मैं माफी चाहता हूं। क्योंकि मुझे किसी से कोई प्रॉब्लम नहीं है।’ अनु मलिक के मीटू विवाद पर दिया अटपटा बयान सिद्धार्थ कानन को दिए एक पुराने इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या अनु मलिक पर आरोप लगने पर आपको शर्मिंदगी हुई। इस पर अमाल ने कहा, 'जाहिर तौर पर। बहुत। जैसे मेरे उनसे रिश्ते होने चाहिए थे, वैसे नहीं थे, तो मैं उस आदमी को नहीं जानता। मुझे नहीं पता कि उन्होंने ऐसा किया या नहीं, लेकिन जाहिर है कि सोना हैं, श्वेता पंडित हैं, कई लोगों ने अपनी आवाजें उठाई हैं, तो इसमें कुछ तो सच्चाई होगी। वर्ना लोग ऐसे ही आकर ये क्यों कहते।' अमाल मलिक ने ये भी बताया है कि उनके पिता डब्बू मलिक का भी यही मानना था कि अनु मलिक पर लगे आरोप सही हैं। अमाल ने बताया कि उनके पिता ने कहा था- ‘बिना आग के धुआं नहीं होता। 4-5 लोग आकर किसी के बारे में कुछ नहीं कह सकते।’ बताते चलें कि अमाल मलिक के पिता डब्बू मलिक और अनु मलिक भाई हैं। बीते कुछ सालों से दोनों परिवारों के बीच रिश्ते ठीक नहीं हैं।
कन्नड़ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक पर नेगेटिव रिव्यू और रेटिंग का बुरा असर पड़ा है। पहले दिन दर्शक बड़ी संख्या में ये फिल्म देखने पहुंचे और भारत में फिल्म ने करीब 101 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया। हालांकि खराब रिव्यू के चलते दूसरे दिन ही फिल्म की कमाई में 64% गिरावट आ गई। फिल्म ने पहले दिन के मुकाबले तीन गुना कम कमाई की है। इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, गुरुवार को दूसरे दिन टॉक्सिक ने देशभर में सभी भाषाओं को मिलाकर 22,629 शोज से 36.40 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। बुधवार को फिल्म ने 101.10 करोड़ रुपए कमाए थे। इसके मुकाबले दूसरे दिन कमाई 63.99% घट गई। करीब 500 करोड़ रुपए के बजट में बनी टॉक्सिक ने दो दिन में भारत में 164.50 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया है। फिल्म का भारत में नेट कलेक्शन 137.50 करोड़ रुपए हो गया है। फिल्म को आज रक्षाबंधन और लॉन्ग वीकेंड का फायदा मिल सकता है, लेकिन दर्शकों द्वारा जिस तरह फिल्म की आलोचना की जा रही है, उससे ये अनुमान गलत साबित भी हो सकता है। हिंदी वर्जन से सबसे ज्यादा कमाई दूसरे दिन भी टॉक्सिक की सबसे ज्यादा कमाई हिंदी डब वर्जन से हुई। हालांकि, हिंदी वर्जन की कमाई पहले दिन के मुकाबले काफी घट गई। बुधवार को रिलीज के दिन हिंदी वर्जन ने 55.00 करोड़ रुपए का नेट बिजनस किया था। गुरुवार को यह कमाई घटकर 23.00 करोड़ रुपए रह गई। विदेशों में भी कमाई घटी यश, नयनतारा, कियारा आडवानी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत की फिल्म की विदेशों में भी दूसरे दिन कमाई कम हुई। ओपनिंग डे पर फिल्म ने ओवरसीज मार्केट में 16.25 करोड़ रुपए का ग्रॉस बिजनस किया था। दूसरे दिन विदेशों से 10.00 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन हुआ। दो दिनों में टॉक्सिक ने विदेशों से कुल 26.25 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया है। भारत और विदेशों को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 190.75 करोड़ रुपए हो गया है। धुरंधर 2 के मुकाबले आधी कमाई भी नहीं टॉक्सिक पहले दिन देश में रणवीर सिंह की धुरंधर 2 के ओपनिंग डे रिकॉर्ड के करीब पहुंची थी। धुरंधर 2 ने पहले दिन 102.55 करोड़ रुपए कमाए थे, जबकि टॉक्सिक की कमाई 101.10 करोड़ रुपए रही। दोनों फिल्मों की पहले दिन की कमाई की तुलना की जा रही है। हालांकि, आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी धुरंधर 2 ने दूसरे दिन देश में 80.72 करोड़ रुपए का बिजनस किया था। फिल्म को माउथ पब्लिसिटी का फायदा मिला था। इसके मुकाबले टॉक्सिक दूसरे दिन 36.40 करोड़ रुपए ही कमा सकी। फिल्म की कमाई धुरंधर 2 की दूसरे दिन की कमाई की आधी भी नहीं है। आवारापन 2 की 14वें दिन की कमाई टॉक्सिक की कमाई घटने का आवारापन 2 या बंटवारा 1947 को कोई फायदा नहीं मिला। गुरुवार को इमरान हाशमी की सुपरहिट फिल्म आवारापन 2 की कमाई भी कम हुई। 14वें दिन आवारापन 2 ने 1,085 शोज से 60 लाख रुपए की नेट कमाई की। इसके बाद भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 171.90 करोड़ रुपए और कुल नेट कलेक्शन 144.25 करोड़ रुपए हो गया। आवारापन 2 का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 203.70 करोड़ रुपए है। नितिन कक्कड़ के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 45 करोड़ रुपए के बजट में बनी है। बंटवारा 1947 का कलेक्शन सनी देओल की बंटवारा 1947 की कमाई 14वें दिन भी 5 लाख रुपए तक नहीं पहुंची। राजकुमार संतोषी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने गुरुवार को 126 शोज से 3 लाख रुपए कमाए। 150 करोड़ रुपए के बजट में बनी बंटवारा 1947 का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब तक 53.88 करोड़ रुपए है। भारत में फिल्म ने 37.80 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। टॉक्सिक के मेकर्स पर नेगेटिव रेटिंग हटवाने के आरोप केजीएफ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक को लगातार दर्शकों के नेगेटिव रिव्यू मिल रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य वेबसाइट्स में फिल्म को काफी निराशाजनक रेटिंग मिली है। इसी बीच अब फिल्म के मेकर्स पर बुक माय शो से फिल्म की रेटिंग हटवाने के आरोप लग रहे हैं। बुक माय शो पर आमतौर पर हर रिलीज हुई फिल्म की रेटिंग दिखाई जाती है। कुछ समय पहले तक फिल्म टॉक्सिक को बुक माय शो पर 5.5 रेटिंग मिली थी, लेकिन अब ये रेटिंग हटा दी गई है। इसके बदले वेबसाइट पर सिर्फ लाइक नजर आ रहे हैं। जबकि अन्य फिल्मों की रेटिंग अब भी मौजूद है। सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि दर्शकों से खराब रिव्यू मिलने के बाद रेटिंग हटा दी गई। हालांकि, रेटिंग हटाने को लेकर बुक माय शो या फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। एक्स के एक यूजर ने आरोप लगाते हुए लिखा, “बुक माय शो ने टॉक्सिक फिल्म की रेटिंग बंद कर दी। यह इतनी खराब थी कि 5.5/10 मिली, BMS के इतिहास में सबसे खराब।” एक दिन में कमाए 100 करोड़, फिर फ्लॉप का डर क्यों? फिल्म टॉक्सिक 26 अगस्त को रिलीज हुई। इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन ही भारत में 101 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है। लेकिन इसके बावजूद फिल्म के फ्लॉप होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वजह है फिल्म की हाइप और अब आने वाले नेगेटिव रिव्यू। पहले दिन फिल्म को 24579 शोज मिले, जिसकी ऑक्यूपेंसी 57 पर्सेंट रही। वीक डे होने के बावजूद, दर्शक बड़ी संख्या में फिल्म देखने पहुंचे, लेकिन दोपहर तक फिल्म के नेगेटिव रिव्यू चर्चा में आ गए। फिल्म की आलोचना का एक कारण ये भी रहा कि पिछले कुछ महीनों से मेकर्स लगातार इसे बड़े स्केल और बड़े बजट में तैयार करने की बात कर रहे थे, जिससे फिल्म से ज्यादा उम्मीदें जुड़ी थीं। जानिए क्यों उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी टॉक्सिक 3 साल और 500-1000 करोड़ बजट- फिल्म 2023 में बनना शुरू हुई और 3 साल बाद 2026 में रिलीज हुई। फिल्म को 500-1000 करोड़ के बड़े बजट में बनाया गया, जिससे ये देश की सबसे महंगी फिल्मों में से एक बनी। जाहिर तौर पर इस बड़े बजट के साथ दर्शकों को बेहतरीन विजुअल और स्टोरी की उम्मीद थी, जिस पर फिल्म खरी नहीं उतरी। बार-बार पोस्टपोन- फिल्म सबसे पहले 10 अप्रैल 2025 को रिलीज होनी थी, हालांकि मेकर्स ने ये कहते हुए इसे पोस्टपोन कर दिया कि इसे विजुअली और बेहतरीन बनाने की जरुरत है। कुछ समय बाद इसे 19 मार्च 2026 के लिए शेड्यूल किया गया, जिस दिन धुरंधर 2 रिलीज हुई। मेकर्स ने रिलीज से ठीक पहले इसे पोस्टपोन कर दिया और मिडिल ईस्ट वॉर का हवाला दिया। इसके बाद फिल्म 4 जून 2026 और फिर बाद में 26 अगस्त के लिए शेड्यूल की गई। बार-बार पोस्टपोन करने से फैंस में इसे लेकर एक्साइटमेंट थीं, लेकिन जब फिल्म आई, तो इसमें कोई खास कहानी या विजुअल इफेक्ट्स नजर नहीं आए, जिनका हवाला देकर फिल्म बार-बार पोस्टपोन की गई। कास्टिंग दमदार, लेकिन किरदारों में असर नहीं- इस फिल्म की कास्टिंग लंबे समय से चर्चा में थी। फिल्म में कन्नड़ स्टार यश के साथ बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक कियारा आडवाणी की कास्टिंग हुई। ये कियारा की मदरहुड के बाद कमबैक फिल्म थी। उन्होंने कुछ समय पहले ही बॉलीवुड की सबसे बड़ी फ्रैंचाइजी में से एक डॉन की तीसरी फिल्म डॉन 3 छोड़ी थी। फैंस को उम्मीद थी कि डॉन 3 छोड़ने के बाद अगर कियारा ने कमबैक के लिए टॉक्सिक चुनी है, तो इसमें उनका किरदार दमदार होगा, लेकिन फिल्म देखने के बाद हर कोई निराश था। कियारा के किरदार को कम स्क्रीनटाइम दिया गया है, उनका किरदार फिल्म में कोई असर नहीं छोड़ता। उनकी जगह कोई और एक्ट्रेस भी होतीं, तो बड़ा फर्क नहीं पड़ता। फीमेल स्टारकास्ट की भरमार- फिल्म में साउथ सुपरस्टार नयनतारा, बॉलीवुड स्टार कियारा आडवाणी, ट्रेंडिंग एक्ट्रेस तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत हैं। कहने को फिल्म में बॉलीवुड की 3 बड़ी एक्ट्रेस हैं, साउथ की एक्ट्रेस हैं, लेकिन इन सभी किरदारों की कोई अपनी कहानी नहीं हैं। ये सभी किरदार लीड एक्टर यश के किरदार के इर्द-गिर्द ही नजर आते हैं। ये कास्टिंग महज फिल्म में बड़े नाम जोड़ने जैसी लगती है। नेशनल अवॉर्ड विजेता डायरेक्टर से थीं उम्मीदें- फिल्म को नेशनल अवॉर्ड विजेता गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट किया है। 2013 में उनकी फिल्म लायर्स डाइस को नेशनल अवॉर्ड मिला था, वहीं ये ऑस्कर भेजी गई भारत की ऑफिशियल फिल्म रही। ऐसे में उनकी फिल्म से उम्मीदें थीं। लगातार आ रहीं फिल्म से जुड़ी नेगेटिव खबरें- प्री-इवेंट में हादसा- यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में हैदराबाद की मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी में हादसा हो गया। भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल हो गए, जबकि एक लड़की बेहोश हो गई। घटना के समय यश मंच पर मौजूद थे। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में पुलिस ने आयोजकों पर FIR दर्ज की है। घटना के दौरान कुछ लोग साउंड बॉक्स को सहारा देने वाले पोल पर चढ़ गए थे। इसी दौरान भारी सेटअप अचानक नीचे गिर गया और अफरा-तफरी मच गई। थिएटर में फैंस ने मचाई गंदगी- बेंगलुरु के संतोष थिएटर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद फर्श पर करेंसी नोट और ढेर सारा कचरा बिखरा दिख रहा है। ………………………………………………….. फिल्म टॉक्सिक से जुड़ी ये खबरें भी पढिए- मूवी रीव्यू- ‘टॉक्सिक’:यश की फिल्म में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज, लेकिन कहानी उलझी; तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज है, लेकिन कहानी इतनी उलझी है कि तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है। ड्यूरेशन: 3 घंटे 14 मिनट 12 सेकंड दैनिक भास्कर रेटिंग: 1.5/5 यश की ‘टॉक्सिक’ एक बड़े स्केल की गैंगस्टर फिल्म है, जिसमें ड्रग्स, परिवार, बदला, धोखा और खूब सारा एक्शन है। फिल्म का लुक शानदार है, यश का जलवा बरकरार है, लेकिन कहानी के मामले में फिल्म आपको पकड़ने के बजाय बार-बार उलझाती है। पूरा रिव्यू पढ़िए……………………………………………….फिल्म 'टॉक्सिक' के इवेंट में बड़ा हादसा:भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल, मंच पर मौजूद थे यश; आयोजकों पर FIR यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में हैदराबाद की मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी में हादसा हो गया। भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल हो गए, जबकि एक लड़की बेहोश हो गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हादसे के समय यश मंच पर मौजूद थे। पुलिस ने आयोजकों पर FIR दर्ज की है। घटना के दौरान कुछ लोग साउंड बॉक्स को सहारा देने वाले पोल पर चढ़ गए थे। इसी दौरान भारी सेटअप अचानक नीचे गिर गया और अफरा-तफरी मच गई। पूरी खबर पढ़िए…
रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है। भाई भी अपनी बहन को कुछ न कुछ गिफ्ट देता है, लेकिन संजय दत्त की जिंदगी में एक रक्षाबंधन ऐसा भी आया था, जब उनकी बहनों ने उन्हें जेल में राखी बांधी और उन्हें तोहफे में 2-2 रुपए के कूपन दिए थे। 1994 में संजय दत्त ठाणे सेंट्रल जेल में थे बात जुलाई 1994 की है। अवैध हथियार रखने के मामले में संजय दत्त की अंतरिम जमानत रद्द हो गई थी। इसके बाद उन्हें ठाणे सेंट्रल जेल भेज दिया गया। उन्हें जेल की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली अंडा बैरक में रखा गया था। यहां खतरनाक अपराधियों और टाडा के आरोपियों को रखा जाता था। संजय दत्त पर लिखी यासिर उस्मान की किताब के मुताबिक, संजय दत्त जिस बैरक में थे, वह करीब 10x10 फीट की थी। वहां न धूप आती थी और न बाहर की दुनिया दिखाई देती थी। कमरे में एक छोटा बल्ब, गद्दा और बिना फ्लश वाला शौचालय था। संजय ने बाद में बताया था कि जेल में शुरुआती डेढ़ महीने काफी मुश्किल रहे। उन्हें दूसरे कैदियों से मिलने की इजाजत भी नहीं थी। अकेलापन इतना ज्यादा था कि वह समय बिताने के लिए घंटों चींटियों को चलते देखते थे। इस मुश्किल समय में उनके पिता सुनील दत्त बेटे की जमानत के लिए लगातार कोशिश कर रहे थे। वहीं उनकी बहनें प्रिया और नम्रता भी संजय से मिलने जेल जाती थीं। कई बार उन्हें भाई से दूर से ही मिलने का मौका मिलता था। वहीं, रक्षाबंधन पर बहनों ने जेल में उन्हें राखी बांधी। उस समय संजय के पास देने के लिए कोई तोहफा नहीं था। उन्होंने अपनी बहनों को सिर्फ जेल की कैंटीन के दो-दो रुपए वाले चाय-नाश्ते के कूपन दिए और कहा था, ‘मेरे पास फिलहाल यही है।’ बता दें कि संजय दत्त और उनकी बहनों के रिश्ते में उतार-चढ़ाव आए। साल 2008 में संजय दत्त ने मान्यता दत्त से शादी की थी। शुरुआत में परिवार के कुछ सदस्यों ने इस रिश्ते को आसानी से स्वीकार नहीं किया था। प्रिया और मान्यता के बीच भी कुछ समय तक दूरी रही। संजय के राजनीति में आने को लेकर भी प्रिया से उनके मतभेद सामने आए थे। लेकिन बाद में परिवार में रिश्ते सुधरते गए। संजय और मान्यता के जुड़वां बच्चों के जन्म के बाद दूरियां कम हुईं। साल 2020 में संजय दत्त को कैंसर हुआ, तो उनकी बहनें फिर उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। प्रिया और नम्रता ने इलाज के दौरान भाई का साथ दिया। ……….. यह खबर भी पढ़ें… ‘अरे बेवकूफों, क्या एक मुसलमान, मुसलमान को राखी बांधता है?’: पत्नी जरीना वहाब को दाऊद इब्राहिम से जोड़ने पर भड़के थे आदित्य पंचोली 2000 के दशक में कुछ हिंदी अखबारों और मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि मुंबई में आदित्य पंचोली की 'दादागिरी' इसलिए चलती है क्योंकि उनकी पत्नी और अभिनेत्री जरीना वहाब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती हैं। इस दावे पर आदित्य पंचोली ने कड़ी नाराजगी जताई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
2000 के दशक में कुछ हिंदी अखबारों और मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि मुंबई में आदित्य पंचोली की 'दादागिरी' इसलिए चलती है क्योंकि उनकी पत्नी और अभिनेत्री जरीना वहाब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती हैं। इस दावे पर आदित्य पंचोली ने कड़ी नाराजगी जताई थी। आप की अदालत में दिए एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “मेरी बीवी 17 साल की उम्र से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रही है। एक भी उंगली आज तक उस पर नहीं उठी। वह एक मुस्लिम औरत है। मैं बोलता हूं, वो पाक है, देवी है। उन्होंने आगे कहा था, उसके बारे में लिखा गया कि वो इसलिए दादागिरी करता है क्योंकि आदित्य पंचोली की बीवी जरीना वहाब, दाऊद इब्राहिम को राखी बांधती है। अरे बेवकूफों, लिखने से पहले सोचो, क्या एक मुसलमान, मुसलमान को राखी बांधता है?” आदित्य और जरीना की मुलाकात 1986 में हुई थी आदित्य पंचोली और जरीना वहाब की लव स्टोरी बॉलीवुड की सबसे चर्चित और अनोखी कहानियों में से एक है। दोनों की पहली मुलाकात साल 1986 में नारी हीरा की वीडियो फिल्म ‘कलंक का टीका’ के सेट पर हुई थी। जरीना वहाब के मुताबिक, आदित्य उनसे उम्र में लगभग 5 साल छोटे थे और पहली मुलाकात में ही उन्हें बेहद हैंडसम लगे थे। फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए और उन्हें प्यार हो गया। दोनों का प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि पहली मुलाकात के महज 15 से 20 दिनों के अंदर ही दोनों ने साल 1986 में शादी कर ली। यह शादी उस दौर में इसलिए भी बहुत चर्चा में रही क्योंकि जरीना मुस्लिम थीं और आदित्य हिंदू। जरीना की मां रिश्ते को लेकर चिंतित थीं जरीना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी मां शुरुआत में इस रिश्ते को लेकर काफी चिंतित थीं, क्योंकि आदित्य दूसरे धर्म के थे और उम्र में छोटे थे। लेकिन जरीना ने अपनी मां को समझाते हुए कहा था, ‘मां, हिंदू-मुसलमान सब एक जैसे हैं। आप ही कहती हैं कि अल्लाह की मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। तो मेरी जिंदगी का इतना बड़ा फैसला भी अल्लाह ने ही लिया है। यह फैसला मैंने नहीं, उन्होंने लिया है।’ जरीना की बात सुनकर उनके परिवार ने इस शादी को स्वीकार कर लिया। जरीना ने लहरें को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उनकी शादी निकाह के तरीके से हुई थी। जब उनसे पूछा गया था कि क्या आदित्य ने इस्लाम कबूल किया था, तो उन्होंने कहा, “उन्होंने धर्म नहीं बदला था, लेकिन मुस्लिम रीति के अनुसार उन्हें अपना नाम बदलना पड़ा था, इसलिए उन्होंने ऐसा किया।” जरीना वहाब ने बताया था कि उनकी बेटी का नाम सना एक पाकिस्तानी शो के किरदार से प्रेरित था। वहीं बेटे का नाम सूरज रखा गया, क्योंकि आदित्य की एक फिल्म में उनके किरदार का नाम सूरज था। बच्चों के नाम मुस्लिम या हिंदू रखने को लेकर परिवार में कोई चर्चा नहीं हुई। जरीना ने कहा था कि सना और सूरज को अपनी धार्मिक पहचान खुद चुनने की आजादी दी गई। दोनों के करियर की बात करें तो जरीना वहाब ने 1970 के दशक में फिल्मों में पहचान बनाई। 1976 की ‘चितचोर’ और 1977 की ‘घरौंदा’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं। ‘घरौंदा’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेशन भी मिला था। उन्होंने हिंदी के साथ मलयालम और दूसरी भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया। बाद में टीवी और फिल्मों में चरित्र भूमिकाओं में भी नजर आईं। वहीं आदित्य पंचोली ने 1980 के दशक में अभिनय की शुरुआत की। ‘दयावान’, ‘कब तक चुप रहूंगी’, ‘कातिल’ जैसी फिल्मों से उन्होंने पहचान बनाई। आगे चलकर ‘यस बॉस’, ‘बॉडीगार्ड’, ‘रेस 2’, ‘जय हो’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। उनके करियर में हीरो के साथ-साथ विलेन और कैरेक्टर रोल भी अहम रहे। ……….. यह खबर भी पढ़ें… जब जेल में बहनों ने बांधी संजय दत्त को राखी: रक्षाबंधन पर बहनों को तोहफे में दिए थे चाय-नाश्ते के 2-2 रुपए के कूपन रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का त्योहार है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है। भाई भी अपनी बहन को कुछ न कुछ गिफ्ट देता है, लेकिन संजय दत्त की जिंदगी में एक रक्षाबंधन ऐसा भी आया था, जब उनकी बहनों ने उन्हें जेल में राखी बांधी और उन्हें तोहफे में 2-2 रुपए के कूपन दिए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
दिशा पाटनी की बॉलीवुड तक पहुंचने की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। बरेली से निकलकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बीच मॉडलिंग शुरू करने वाली दिशा 500 रुपए लेकर मुंबई पहुंची थीं। यहां उन्हें लगातार ऑडिशन देने पड़े और ‘हीरोपंती’ का ऑडिशन फेल हो गया। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और इंजीनियरिंग छोड़कर एक्टिंग को करियर बना लिया। 2015 में ‘लोफर’ से फिल्मी सफर शुरू हुआ, लेकिन 2016 की ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। इसके बाद ‘बागी 2’, ‘भारत’, ‘मलंग’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। हाल में उनकी मल्टीस्टार फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘अवारापन 2’ रिलीज हुई है। आज की सक्सेस स्टोरी में दिशा पाटनी की निजी जिंदगी और करियर से जुड़ी कुछ और खास बातें... बरेली में जन्म, पुलिस अधिकारी पिता और हेल्थ इंस्पेक्टर मां का परिवार दिशा पाटनी का जन्म 13 जून 1992 को उत्तर प्रदेश के बरेली में हुआ। उनका परिवार उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की राजपूत पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता जगदीश सिंह पाटनी पुलिस अधिकारी और मां हेल्थ इंस्पेक्टर हैं। बड़ी बहन खुशबू पाटनी भारतीय सेना में मेजर रह चुकी हैं और फिटनेस से भी जुड़ी हैं। छोटा भाई सूर्यांश पाटनी है। जिस दुनिया में दिशा बाद में ग्लैमर और फिल्म स्टारडम के लिए पहचानी गईं, उसकी शुरुआत एक सामान्य और अनुशासित पारिवारिक माहौल से हुई थी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बीच आया मॉडलिंग का मौका दिशा ने लखनऊ की एमिटी यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की थी। लेकिन उनकी जिंदगी में ऐसा मोड़ आया, जिसने उन्हें पढ़ाई से कैमरे की दुनिया तक पहुंचा दिया। दिशा ने बाद में ‘आज तक’ को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह नोएडा से बीटेक कर रही थीं और सेकेंड ईयर में उन्हें मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे। इन्हीं ऑफर्स से उनका मुंबई आना-जाना शुरू हुआ। पढ़ाई और मॉडलिंग के बीच संतुलन बनाना मुश्किल होता गया। आखिरकार उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई दूसरे साल में छोड़ दी और मॉडलिंग को करियर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। तब शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि कैमरे के सामने किया यह काम आगे चलकर उन्हें बॉलीवुड के बड़े सितारों के बीच पहुंचा देगा। 18 साल की उम्र में मॉडलिंग, फिर मिस इंडिया तक पहुंचीं दिशा ने कम उम्र में मॉडलिंग शुरू कर दी थी। 2020 में ‘फिल्मीबीट’ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्होंने 18 साल की उम्र में मॉडल के तौर पर काम शुरू किया था। उनके मुताबिक उस समय उन पर कई जिम्मेदारियां थीं और उन्होंने परिवार पर आर्थिक रूप से निर्भर रहने के बजाय खुद काम करके अपना खर्च संभाला। 19 साल की उम्र में जब वह मुंबई आई थीं, तब शहर में उन्हें कोई जानने वाला नहीं था। फिल्मी परिवार से न होने के कारण उन्हें अपना रास्ता खुद बनाना था। वह अकेली रहती थीं, ऑडिशन देती थीं और अपनी जरूरतों का खर्च खुद उठाती थीं। मुंबई आने के समय उनके पास सिर्फ 500 रुपए थे। टीवी विज्ञापनों के ऑडिशन रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए थे। किराया देने का दबाव इतना था कि उनके लिए हर काम पहले नौकरी जैसा था। मॉडलिंग के दौरान दिशा ने कई विज्ञापनों में काम किया। 2013 में उन्होंने पॉन्ड्स फेमिना मिस इंडिया इंदौर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और फर्स्ट रनर-अप रहीं। इससे उन्हें मॉडलिंग में और पहचान मिली। दिशा का लक्ष्य सिर्फ रैंप तक सीमित नहीं था। कैमरे के सामने काम करते हुए उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें एक्टिंग ज्यादा पसंद है। मॉडलिंग उनके लिए मंजिल के बजाय बॉलीवुड तक पहुंचने का रास्ता बनने लगी। पहला ऑडिशन सफल नहीं हुआ, ‘हीरोपंती’ में मौका हाथ से निकला दिशा की कहानी का दिलचस्प हिस्सा यह है कि उनका पहला बड़ा फिल्मी ऑडिशन सफल नहीं हुआ था। उन्होंने टाइगर श्रॉफ की डेब्यू फिल्म ‘हीरोपंती’ के लिए ऑडिशन दिया था। उस समय दिशा और टाइगर एक-दूसरे को जानते तक नहीं थे। ‘बॉलीवुड हंगामा’ को दिए इंटरव्यू में दिशा ने बताया था कि उस समय वह पढ़ाई कर रही थीं और एक शूट के सिलसिले में मुंबई आई थीं। वह खुद को एक्टर नहीं मानती थीं और एक्टिंग के बारे में ज्यादा नहीं जानती थीं। उन्हें सिर्फ ऑडिशन के लिए बुलाया गया था। दिशा ने माना कि उनका ऑडिशन खराब था। उन्होंने यह भी बताया कि वह फिल्म के बारे में ज्यादा नहीं जानती थीं और मुंबई शिफ्ट भी नहीं हुई थीं। जिस फिल्म से टाइगर श्रॉफ का बॉलीवुड डेब्यू हुआ, उसी फिल्म में दिशा का सफर शुरू नहीं हो सका। लेकिन यह असफलता आगे की कहानी में अहम साबित हुई, क्योंकि दिशा रुकी नहीं। तेलुगु फिल्म ‘लोफर’ से एक्टिंग डेब्यू 2015 में दिशा को फिल्मी दुनिया में पहला बड़ा मौका मिला। उन्होंने पुरी जगन्नाध की तेलुगु फिल्म ‘लोफर’ में वरुण तेज के साथ काम किया। फिल्म में उन्होंने मौनी का किरदार निभाया था। यहीं से उनका आधिकारिक एक्टिंग करियर शुरू हुआ। ‘लोफर’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल नहीं कर सकी। लेकिन दिशा के लिए यह फिल्म महत्वपूर्ण थी, क्योंकि उन्हें पहली बार बड़े पर्दे पर खुद को साबित करने का मौका मिला था। कई कलाकारों के लिए पहली फिल्म की असफलता करियर रोक देती है। दिशा के मामले में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने अगले मौके का इंतजार किया और वही फिल्म उनके करियर की बड़ी शुरुआती सीढ़ी बनी। ‘एमएस धोनी’ ने बदली किस्मत 2016 में दिशा को वह फिल्म मिली जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई- ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’। नीरज पांडे निर्देशित इस फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत ने महेंद्र सिंह धोनी की भूमिका निभाई थी। दिशा ने प्रियंका झा का किरदार निभाया, जो धोनी की जिंदगी का बेहद भावनात्मक अध्याय था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई और दिशा के काम को नोटिस किया गया। उनका स्क्रीन टाइम ज्यादा नहीं था, लेकिन प्रियंका के किरदार की कहानी भावनात्मक थी। यही वजह रही कि उनकी स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को याद रह गई। इस फिल्म के बाद दिशा को सिर्फ मॉडल या नई एक्ट्रेस के तौर पर नहीं देखा गया। उन्हें ऐसी अभिनेत्री के रूप में पहचान मिलने लगी, जिसमें ग्लैमर के साथ भावनात्मक किरदार निभाने की क्षमता है। इस फिल्म के लिए उन्हें आईफा में ‘स्टार डेब्यू ऑफ द ईयर- फीमेल’ का पुरस्कार मिला। इसके अलावा उन्हें कई अन्य डेब्यू अवॉर्ड्स और नामांकन मिले। जैकी चैन के साथ इंटरनेशनल प्रोजेक्ट ‘एमएस धोनी’ के बाद दिशा का अगला बड़ा पड़ाव बॉलीवुड के बाहर था। 2017 में वह जैकी चैन की फिल्म ‘कुंग फू योगा’ में नजर आईं। फिल्म में सोनू सूद और अन्य कलाकार भी थे। इस प्रोजेक्ट से दिशा को इंटरनेशनल दर्शकों के सामने आने का मौका मिला। एक तरफ वह बॉलीवुड में जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट का अनुभव ले रही थीं। लेकिन दिशा को असली कमर्शियल स्टारडम अभी मिलना बाकी था। ‘बागी 2’ ने बनाया कमर्शियल स्टार 2018 में दिशा की फिल्म ‘बागी 2’ रिलीज हुई। इसमें वह टाइगर श्रॉफ के साथ नजर आईं। दोनों इससे पहले म्यूजिक वीडियो ‘बेफिक्रा’ में साथ काम कर चुके थे। ‘बागी 2’ उनकी टाइगर श्रॉफ के साथ पहली फिल्म थी, जिसमें दोनों की जोड़ी बड़े पर्दे पर दिखाई दी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन किया और दुनिया भर में 258 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया। यह 2018 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों में शामिल रही। दिशा के लिए ‘बागी 2’ महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इससे उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। उनका ग्लैमरस लुक, फिटनेस और टाइगर के साथ ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री चर्चा में रही। हालांकि समीक्षकों ने उनके किरदार की सीमाओं पर सवाल भी उठाए। दिशा के करियर की दिलचस्प सच्चाई यही रही- उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई, लेकिन बतौर अभिनेत्री उन्हें मजबूत भूमिकाओं की तलाश भी रही। सलमान खान के साथ ‘भारत’, फिर ‘राधे’ 2019 में दिशा को सलमान खान के साथ काम करने का मौका मिला। अली अब्बास जफर की ‘भारत’ में उन्होंने राधा का किरदार निभाया और ‘स्लो मोशन’ गाने में सलमान के साथ नजर आईं। फिल्म कमर्शियल तौर पर सफल रही और साल की बड़ी फिल्मों में शामिल हुई। दिशा ने ‘भारत’ को लेकर कहा था कि वह फिल्म से खुश थीं, क्योंकि उन्हें डांस करना पसंद है और वह ऐसा बॉलीवुड गाना करना चाहती थीं। उन्होंने सलमान खान और कोरियोग्राफर वैभवी मर्चेंट के साथ काम करने को खास अनुभव बताया था। इसके बाद सलमान और दिशा की जोड़ी ‘राधे’ में फिर नजर आई। हालांकि फिल्म को आलोचकों से खास प्रतिक्रिया नहीं मिली और कोविड-19 के कारण इसकी रिलीज प्रभावित हुई। ‘मलंग’ में ग्लैमर से आगे बढ़ने की कोशिश 2020 की ‘मलंग’ दिशा के लिए अलग तरह का प्रोजेक्ट था। मोहित सूरी की इस फिल्म में उनके साथ आदित्य रॉय कपूर, अनिल कपूर और कुणाल खेमू थे। दिशा ने सारा नांबियार का किरदार निभाया। फिल्म को व्यावसायिक रूप से मध्यम सफलता मिली, लेकिन दिशा को पहले की तुलना में ज्यादा स्क्रीन स्पेस मिला। उनके स्क्रीन टाइम और प्रदर्शन को सकारात्मक तरीके से नोट किया गया था। दिशा ने अपने करियर को लेकर कहा था कि वह सिर्फ नंबर वन बनने के लिए फिल्में साइन नहीं करतीं। उनके लिए जरूरी है कि वह चुनी गई भूमिका के सफर को एंजॉय करें। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म चुनते समय वह अपनी ‘इनर वॉइस’ पर भरोसा करती हैं। यही बात दिशा की करियर स्ट्रैटेजी को अलग करती है। उनकी फिल्मोग्राफी में बड़ी कमर्शियल फिल्में हैं, लेकिन उन्होंने खुद को हर फिल्म में एक ही तरह से पेश करने की कोशिश नहीं की। ‘हर फिल्म के सेट पर खुद को नया कलाकार मानती हूं’ अपने एक्टिंग ग्रोथ को लेकर दिशा पाटनी ने कहा था कि हर फिल्म करते समय उन्हें लगता है कि उन्होंने पहले जो सीखा था, वह भूल गई हैं और सेट पर खुद को नए कलाकार की तरह महसूस करती हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक्टिंग की कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं ली। उन्होंने ऑडिशन और काम करते हुए एक्टिंग सीखी। उनके लिए हर फिल्म सीखने की प्रक्रिया रही। यह बयान अहम है, क्योंकि दिशा का करियर किसी फिल्म स्कूल या लंबे थिएटर अनुभव से शुरू नहीं हुआ था। मॉडलिंग, विज्ञापन, ऑडिशन और लगातार काम- यही उनका प्रशिक्षण बनता गया। फिटनेस और एक्शन बनीं पहचान दिशा की पहचान सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही। फिटनेस और डांस उनकी पब्लिक इमेज का बड़ा हिस्सा हैं। जिम, जिम्नास्टिक और फिटनेस से जुड़े वीडियो और तस्वीरों के कारण वह सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहती हैं। एक्शन फिल्मों में भी उनकी रुचि दिखाई दी। दिशा ने कहा था कि वह एक आउट-एंड-आउट एक्शन फिल्म करना चाहती हैं। उनके मुताबिक अगर दर्शक किसी लड़की को एक्शन करते हुए देखना चाहते हैं और उनकी धारणा बदलती है, तो ऐसी फिल्मों के लिए रास्ता और खुलेगा। यानी दिशा खुद को सिर्फ ग्लैमरस भूमिकाओं तक सीमित नहीं देखना चाहती थीं। ‘राधे’ से ‘एक विलेन रिटर्न्स’ तक आया उतार ‘मलंग’ के बाद दिशा के करियर में उतार-चढ़ाव आए। 2021 में ‘राधे’ रिलीज हुई और 2022 में वह ‘एक विलेन रिटर्न्स’ में नजर आईं। दोनों फिल्मों को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। ‘एक विलेन रिटर्न्स’ में उन्होंने थ्रिलर कहानी से जुड़ा किरदार निभाया, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। इसके बाद 2024 में ‘योद्धा’ आई। फिल्म में दिशा ने एक्शन से जुड़ा किरदार निभाया और उनके फाइट सीक्वेंस की तारीफ हुई, हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। लेकिन उसी साल ‘कल्कि 2898 एडी’ ने तस्वीर बदल दी। फिल्म में दिशा का रोल छोटा था, लेकिन यह जबरदस्त कमर्शियल सफलता रही। ‘कंगुवा’ और नई इंडस्ट्री में कदम 2024 में दिशा ने तमिल सिनेमा में कदम रखा। वह सूर्या स्टारर ‘कंगुवा’ में नजर आईं और एंजेलिना का किरदार निभाया। हालांकि फिल्म को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली और उनके किरदार के स्क्रीन स्पेस पर भी सवाल उठे। यह दौर बताता है कि दिशा का करियर हमेशा सीधी रेखा में नहीं चला। कभी बड़ी हिट मिली, कभी फिल्म असफल हुई, कभी भूमिका की तारीफ हुई तो कभी सीमित स्क्रीन टाइम के लिए आलोचना झेलनी पड़ी। 2026 में भी जारी है सफर 2025 में उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई, लेकिन 2026 में दिशा की फिल्मोग्राफी में कई प्रोजेक्ट जुड़े। ‘ओ'रोमियो’ में वह जूली के किरदार में नजर आईं। इसके अलावा ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘अवारापन 2’ भी उनके करियर का हिस्सा बने। ‘अवारापन 2’ में उन्होंने इमरान हाशमी के साथ मुख्य भूमिका निभाई। यह 2007 की चर्चित ‘अवारापन’ का सीक्वल है। अपने करियर के एक दशक से ज्यादा समय बाद भी दिशा अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन रही हैं। स्टारडम के बीच भी खुद को ‘इंट्रोवर्ट’ मानती हैं दिशा की सोशल मीडिया छवि बेहद ग्लैमरस है, लेकिन ‘फिल्मीबीट’ से बातचीत में उन्होंने वास्तविक जीवन को काफी अलग बताया था। उन्होंने कहा था कि वह इंट्रोवर्ट हैं, सामाजिक कार्यक्रमों में असहज महसूस करती हैं और घर पर रहना ज्यादा पसंद करती हैं। बचपन के दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि स्कूल में उनके छोटे बाल थे, वह टॉमबॉय की तरह रहती थीं और उन्हें ‘जादू’ कहकर चिढ़ाया जाता था। लेकिन उस समय वह अपनी छोटी-सी दुनिया में इतनी व्यस्त रहती थीं कि इन बातों को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेती थीं। शायद यही वजह है कि कैमरे के सामने आत्मविश्वासी दिखाई देने वाली दिशा निजी जिंदगी में खुद को अलग तरह से देखती हैं। _______________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. रेणुका शहाणे कास्टिंग काउच से जूझीं:‘हम आपके...’ के बाद फिल्में छोड़ीं; एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर वाली महिला का रोल किया, लोग बोले- उम्मीद नहीं थी रेणुका शहाणे का नाम आते ही लोगों के जेहन में ‘हम आपके हैं कौन’ की संस्कारी भाभी पूजा और ‘सुरभि’ का सहज चेहरा उभरता है। लेकिन उनकी कहानी सिर्फ एक सुपरहिट फिल्म और लोकप्रिय टीवी शो तक सीमित नहीं है। मनोविज्ञान की पढ़ाई से लेकर थिएटर, टीवी, फिल्मों और निर्देशन तक रेणुका ने हर पड़ाव पर अपनी शर्तों पर काम किया।पूरी खबर पढ़ें..
बॉक्स ऑफिस पर आया Toxic का तूफान, दूसरे ही दिन यश की फिल्म ने पार किया 120 करोड़ का आंकड़ा
यश की फिल्म 'टॉक्सिक' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की। फिल्म ने पहले ही दिन 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था, जानिए दूसरे दिन की कमाई।
कंगना रनोट ने कुछ समय पहले Gen-Z को गटरछाप कहा था। इस पर रामदेव बाबा ने कहा “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता।” कंगना ने इस पर कहा कि बाबा रामदेव मेरी जवानी और बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम न करें। विवाद लगभग खत्म हो चुका था, लेकिन कंगना ने फिर एक बार इस विवाद पर बयान दिया है। कंगना रनोट ने डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा है, 'बाबा रामदेव मुझसे पहले ही नाराज चल रहे हैं। अभी उनसे पूछा गया कि कंगना ने प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा है, तो उन्होंने कहा, उसका बचपन देखा है क्या था, उसकी जवानी देखी है क्या थी। क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ बनकर लटका हुआ था, उसने देखा है क्या था। क्या देखा। मुझे समझ नहीं आ रहा, ऐसा क्या देखा। बताना चाहिए था न कि क्या देखा।' कंगना रनोट ने इन विवादों पर भी दिया रिएक्शन- कृति सेनन एड विवाद- कंगना रनोट लगातार कृति सेनन के उस रक्षाबंधन एड की आलोचना कर रही हैं, जिसमें उन्होंने रिवीलिंग कपड़े पहने थे। कंगना ने इस विवाद पर कहा है कि क्या इस तरह के कपड़े किसी मुस्लिम फेस्टिवल में पहने दिखाए जा सकते हैं। एक्ट्रेस ने कहा कि एक फेस्टिवल कल्चर रिप्रेसेंट करता है, जिसमें इस तरह के ब्रालेट नहीं पहने जा सकते। भड़काऊ बयान देने पर रिएक्शन- कंगना ने लगातार मुद्दों पर विवादित बयान देने पर भी रिएक्शन दिया है। कंगना ने कहा कि अगर कॉकरोच है, तो उसे चप्पल से ही मारा जाएगा। उसे हाथ से नहीं मारा जाता या उसे किस नहीं किया जा सकता। वहीं अगर तितली हो, तो लोग उसे पकड़ते हैं, तस्वीरें क्लिक करते हैं। उनका कहना है कि जिस तरह के लोग बयान देते हैं, उस पर वो वैसे ही जवाब देती हैं। कंगना बोलीं- मैं बीजेपी की पपेट नहीं- कंगना ने बयानों को पार्टी से जोड़े जाने पर कहा, जब बहुत ज्यादा शोर होता है, तो कहीं न कहीं आपको भी चिल्लाना पड़ता है। मैं कई बार तगड़े बयान दे देती हूं, पर मैं जानबूझकर ऐसा नहीं करना चाहती। तो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मैं कोई पपेट थोड़ी ना हूं। बीजेपी आज मेरे साथ है, कल हो या ना हो। दो साल से मैं पार्लियामेंट की मेंबर हूं। 20 साल से मैं कलाकार हूं। मेरा एक वजूद है। मैं अगर खड़ी हो जाऊं तो 20 प्रेस वाले आएंगे और मेरी बात सुनेंगे।' क्या था कंगना रनोट और रामदेव बाबा का पूरा विवाद? कंगना रनोट ने जेन-जी प्रोटेस्टर्स को गटरछाप कहा था। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर कहा था, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के युवा को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए। इस पर कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।”
केजीएफ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक को लगातार दर्शकों के नेगेटिव रिव्यू मिल रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य वेबसाइट्स में फिल्म को काफी निराशाजनक रेटिंग मिली है। इसी बीच अब फिल्म के मेकर्स पर बुक माय शो से फिल्म की रेटिंग हटवाने के आरोप लग रहे हैं। बुक माय शो पर आमतौर पर हर रिलीज हुई फिल्म की रेटिंग दिखाई जाती है। कुछ समय पहले तक फिल्म टॉक्सिक को बुक माय शो पर 5.5 रेटिंग मिली थी, लेकिन अब ये रेटिंग हटा दी गई है। इसके बदले वेबसाइट पर सिर्फ लाइक नजर आ रहे हैं। जबकि अन्य फिल्मों की रेटिंग अब भी मौजूद है। सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि दर्शकों से खराब रिव्यू मिलने के बाद रेटिंग हटा दी गई। हालांकि, रेटिंग हटाने को लेकर बुक माय शो या फिल्म के निर्माताओं की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। एक्स के एक यूजर ने आरोप लगाते हुए लिखा, “बुक माय शो ने टॉक्सिक फिल्म की रेटिंग बंद कर दी। यह इतनी खराब थी कि 5.5/10 मिली, BMS के इतिहास में सबसे खराब।” एक दिन में कमाए 100 करोड़, फिर फ्लॉप का डर क्यों? फिल्म टॉक्सिक 26 अगस्त को रिलीज हुई। इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन ही भारत में 101 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है। लेकिन इसके बावजूद फिल्म के फ्लॉप होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वजह है फिल्म की हाइप और अब आने वाले नेगेटिव रिव्यू। पहले दिन फिल्म को 24579 शोज मिले, जिसकी ऑक्यूपेंसी 57 पर्सेंट रही। वीक डे होने के बावजूद, दर्शक बड़ी संख्या में फिल्म देखने पहुंचे, लेकिन दोपहर तक फिल्म के नेगेटिव रिव्यू चर्चा में आ गए। फिल्म की आलोचना का एक कारण ये भी रहा कि पिछले कुछ महीनों से मेकर्स लगातार इसे बड़े स्केल और बड़े बजट में तैयार करने की बात कर रहे थे, जिससे फिल्म से ज्यादा उम्मीदें जुड़ी थीं। जानिए क्यों उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी टॉक्सिक 3 साल और 500-1000 करोड़ बजट- फिल्म 2023 में बनना शुरू हुई और 3 साल बाद 2026 में रिलीज हुई। फिल्म को 500-1000 करोड़ के बड़े बजट में बनाया गया, जिससे ये देश की सबसे महंगी फिल्मों में से एक बनी। जाहिर तौर पर इस बड़े बजट के साथ दर्शकों को बेहतरीन विजुअल और स्टोरी की उम्मीद थी, जिस पर फिल्म खरी नहीं उतरी। बार-बार पोस्टपोन- फिल्म सबसे पहले 10 अप्रैल 2025 को रिलीज होनी थी, हालांकि मेकर्स ने ये कहते हुए इसे पोस्टपोन कर दिया कि इसे विजुअली और बेहतरीन बनाने की जरुरत है। कुछ समय बाद इसे 19 मार्च 2026 के लिए शेड्यूल किया गया, जिस दिन धुरंधर 2 रिलीज हुई। मेकर्स ने रिलीज से ठीक पहले इसे पोस्टपोन कर दिया और मिडिल ईस्ट वॉर का हवाला दिया। इसके बाद फिल्म 4 जून 2026 और फिर बाद में 26 अगस्त के लिए शेड्यूल की गई। बार-बार पोस्टपोन करने से फैंस में इसे लेकर एक्साइटमेंट थीं, लेकिन जब फिल्म आई, तो इसमें कोई खास कहानी या विजुअल इफेक्ट्स नजर नहीं आए, जिनका हवाला देकर फिल्म बार-बार पोस्टपोन की गई। कास्टिंग दमदार, लेकिन किरदारों में असर नहीं- इस फिल्म की कास्टिंग लंबे समय से चर्चा में थी। फिल्म में कन्नड़ स्टार यश के साथ बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक कियारा आडवाणी की कास्टिंग हुई। ये कियारा की मदरहुड के बाद कमबैक फिल्म थी। उन्होंने कुछ समय पहले ही बॉलीवुड की सबसे बड़ी फ्रैंचाइजी में से एक डॉन की तीसरी फिल्म डॉन 3 छोड़ी थी। फैंस को उम्मीद थी कि डॉन 3 छोड़ने के बाद अगर कियारा ने कमबैक के लिए टॉक्सिक चुनी है, तो इसमें उनका किरदार दमदार होगा, लेकिन फिल्म देखने के बाद हर कोई निराश था। कियारा के किरदार को कम स्क्रीनटाइम दिया गया है, उनका किरदार फिल्म में कोई असर नहीं छोड़ता। उनकी जगह कोई और एक्ट्रेस भी होतीं, तो बड़ा फर्क नहीं पड़ता। फीमेल स्टारकास्ट की भरमार- फिल्म में साउथ सुपरस्टार नयनतारा, बॉलीवुड स्टार कियारा आडवाणी, ट्रेंडिंग एक्ट्रेस तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत हैं। कहने को फिल्म में बॉलीवुड की 3 बड़ी एक्ट्रेस हैं, साउथ की एक्ट्रेस हैं, लेकिन इन सभी किरदारों की कोई अपनी कहानी नहीं हैं। ये सभी किरदार लीड एक्टर यश के किरदार के इर्द-गिर्द ही नजर आते हैं। ये कास्टिंग महज फिल्म में बड़े नाम जोड़ने जैसी लगती है। नेशनल अवॉर्ड विजेता डायरेक्टर से थीं उम्मीदें- फिल्म को नेशनल अवॉर्ड विजेता गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट किया है। 2013 में उनकी फिल्म लायर्स डाइस को नेशनल अवॉर्ड मिला था, वहीं ये ऑस्कर भेजी गई भारत की ऑफिशियल फिल्म रही। ऐसे में उनकी फिल्म से उम्मीदें थीं। लगातार आ रहीं फिल्म से जुड़ी नेगेटिव खबरें- प्री-इवेंट में हादसा- यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में हैदराबाद की मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी में हादसा हो गया। भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल हो गए, जबकि एक लड़की बेहोश हो गई। घटना के समय यश मंच पर मौजूद थे। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में पुलिस ने आयोजकों पर FIR दर्ज की है। घटना के दौरान कुछ लोग साउंड बॉक्स को सहारा देने वाले पोल पर चढ़ गए थे। इसी दौरान भारी सेटअप अचानक नीचे गिर गया और अफरा-तफरी मच गई। थिएटर में फैंस ने मचाई गंदगी- बेंगलुरु के संतोष थिएटर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद फर्श पर करेंसी नोट और ढेर सारा कचरा बिखरा दिख रहा है। ………………………………………………….. फिल्म टॉक्सिक से जुड़ी ये खबरें भी पढिए- मूवी रीव्यू- ‘टॉक्सिक’:यश की फिल्म में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज, लेकिन कहानी उलझी; तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज है, लेकिन कहानी इतनी उलझी है कि तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है। ड्यूरेशन: 3 घंटे 14 मिनट 12 सेकंड दैनिक भास्कर रेटिंग: 1.5/5 यश की ‘टॉक्सिक’ एक बड़े स्केल की गैंगस्टर फिल्म है, जिसमें ड्रग्स, परिवार, बदला, धोखा और खूब सारा एक्शन है। फिल्म का लुक शानदार है, यश का जलवा बरकरार है, लेकिन कहानी के मामले में फिल्म आपको पकड़ने के बजाय बार-बार उलझाती है। पूरा रिव्यू पढ़िए……………………………………………….फिल्म 'टॉक्सिक' के इवेंट में बड़ा हादसा:भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल, मंच पर मौजूद थे यश; आयोजकों पर FIR यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ के प्री-रिलीज इवेंट में हैदराबाद की मल्ला रेड्डी यूनिवर्सिटी में हादसा हो गया। भारी साउंड-बॉक्स सेटअप गिरने से 4 लोग घायल हो गए, जबकि एक लड़की बेहोश हो गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हादसे के समय यश मंच पर मौजूद थे। पुलिस ने आयोजकों पर FIR दर्ज की है। घटना के दौरान कुछ लोग साउंड बॉक्स को सहारा देने वाले पोल पर चढ़ गए थे। इसी दौरान भारी सेटअप अचानक नीचे गिर गया और अफरा-तफरी मच गई। पूरी खबर पढ़िए…
रक्षा बंधन पर टॉपर बनी थी Akshay Kumar की फिल्म, 7 सालों से कामय है कमाई का रिकॉर्ड
सुपरस्टार अक्षय कुमार की एक फिल्म 7 साल पहले रक्षा बंधन के मौके पर रिलीज हुई थी और कमर्शियल तौर पर सफल रही।
1990 के दशक की दिल्ली की पृष्ठभूमि पर आधारित नाटक 'वो सुबह हमीं से आएगी' में सिविल सेवा (UPSC) की तैयारी, प्रेम और सामाजिक न्याय के मुद्दों को मंच पर प्रस्तुत किया गया है। हाल ही में इस नाटक की प्रस्तुति दिल्ली में की गई। इससे पहले नाटक का मंचन मुंबई में भी किया जा चुका है। लेखक दिनेश गौतम के इस नाटक में मुख्य किरदार अजय की भूमिका एक्टर इमरान जाहिद ने निभाई है, जबकि साक्षी सिंह ने कविता का रोल किया है। नाटक देखने पहुंचे दिल्ली पुलिस के डीसीपी विपुल अनेकांत ने कहा कि उन्होंने इस प्रस्तुति में अपने छात्र जीवन को देखा। यह नाटक सिर्फ सफलता ही नहीं, बल्कि उन असफल अभ्यर्थियों के संघर्ष को भी सामने लाता है जो अंतिम सूची तक नहीं पहुंच पाते। 1990 के दशक की दिल्ली और यूपीएससी की तैयारीनाटक की कहानी साधारण सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से आए युवा अजय के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सिविल सेवा में जाने का सपना लेकर दिल्ली आता है। यह उस दौर की बात है जब स्मार्टफोन और सोशल मीडिया नहीं थे और सूचनाओं के लिए किताबें, अखबार और चिट्ठियां ही मुख्य जरिया थीं। अजय के पास मेहनत करने की क्षमता है, लेकिन धीरे-धीरे उसे एहसास होता है कि प्रतियोगिता में शामिल सभी लोगों की शुरुआत एक ही जगह से नहीं हुई है। इसी संघर्ष के बीच कविता के साथ उसका रिश्ता कहानी को भावनात्मक आधार देता है। शुरुआती रेखा और फिनिशिंग लाइन का फर्कनाटक में 'स्टार्टिंग लाइन और फिनिशिंग लाइन' के जरिए बड़ा सामाजिक सवाल उठाया गया है। परीक्षा में सभी अभ्यर्थियों का लक्ष्य एक होता है, लेकिन किसी के पास बेहतर संसाधन, आर्थिक सुरक्षा और मार्गदर्शन मौजूद है, तो किसी को इन्हीं चीजों के लिए कई अतिरिक्त लड़ाइयां लड़नी पड़ती हैं। लेखक दिनेश गौतम का कहना है कि यह नाटक किसी राजनीतिक भाषण की तरह फैसला सुनाने के बजाय दर्शक के सामने एक मानवीय परिस्थिति रखता है, ताकि लोग समझ सकें कि असली समानता क्या है। असफल उम्मीदवारों के दर्द को भी मिली आवाजअजय का किरदार निभाने वाले एक्टर इमरान जाहिद का कहना है कि अजय सिर्फ एक काल्पनिक पात्र नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं का चेहरा है जो घरों से सपना लेकर निकलते हैं। उन्होंने कहा कि हम अक्सर केवल सफल लोगों की कहानियां सुनते हैं, लेकिन उन हजारों युवाओं की कहानी कोई नहीं सुनाता जो तैयारी में अपनी जिंदगी के कई साल लगा देते हैं और अंतिम सूची तक नहीं पहुंच पाते। नाटक उन अनसुनी उम्मीदों को भी मंच पर जगह देने की कोशिश करता है। डीसीपी विपुल अनेकांत ने कहा- अजय में खुद को देखादिल्ली में नाटक की प्रस्तुति देखने पहुंचे डीसीपी विपुल अनेकांत ने इसे एक बेहद मजबूत और संवेदनशील मंचन बताया। उन्होंने कहा कि यह नाटक ग्रामीण और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले अभ्यर्थी की कठिन यात्रा के जरिए सामाजिक असमानता और समान अवसर जैसे विचारों को उठाता है। प्रस्तुति के बाद अपनी प्रतिक्रिया में डीसीपी ने कहा, मैंने अजय में खुद को देखा। उनका कहना था कि अजय का किरदार हर उस व्यक्ति से जुड़ता है जिसने अपने जीवन में संघर्ष किया है।
मशहूर फिल्ममेकर कुकू कोहली के निधन पर बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने गहरा दुख जताया है। सलमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर कुकू कोहली की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने कुकू की पत्नी और सीनियर एक्ट्रेस अरुणा ईरानी समेत पूरे परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। 77 साल के कुकू कोहली का 25 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया था, जिसके बाद 26 अगस्त को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 'अरुणा जी, भगवान आपको हिम्मत दे'सलमान खान ने कुकू कोहली पर पोस्ट करते हुए लिखा, भगवान आपकी आत्मा को शांति दे कुकू जी। अरुणा जी, मेरा दिल आपके साथ है। भगवान आपको हिम्मत दे। सलमान की इस पोस्ट के बाद उनके फैंस और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी कुकू कोहली को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अरुणा ईरानी और परिवार से सलमान का खास रिश्तासलमान खान का अरुणा ईरानी और कुकू कोहली के परिवार से पुराना और करीबी रिश्ता रहा है। सलमान ने कुकू कोहली की पत्नी अरुणा ईरानी के साथ 'सपने साजन के' (1992) और 'हम तुम्हारे हैं सनम' (2002) जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया है। कुकू कोहली की बेटी करिश्मा कोहली का भी सलमान खान से प्रोफेशनल कनेक्शन रहा है। करिश्मा कोहली ने सलमान खान की सुपरहिट फिल्मों 'एक था टाइगर' और 'बजरंगी भाईजान' में डायरेक्टर कबीर खान के साथ बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया था। 25 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट से हुआ निधन77 साल के कुकू कोहली (अवतार कोहली) का निधन 25 अगस्त को कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुआ था। 26 अगस्त को मुंबई के ओशिवारा श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार में विक्की कौशल, कटरीना कैफ, रोहित शेट्टी, राजपाल यादव, जावेद अख्तर और शबाना आजमी भी पहुंचे। अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे सेलेब्स; देखें तस्वीरें राज कपूर के साथ काम करके करियर शुरू किया कुकू कोहली ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत राज कपूर की फिल्म बॉबी में असिस्टेंट के तौर पर काम करके की थी। उन्होंने कई साल उनके साथ रहकर फिल्म बनाने की बारीकियां सीखीं। बाद में वह फिल्म बेताब में सेकेंड यूनिट डायरेक्टर रहे। सनी देओल और अमृता सिंह स्टारर यह फिल्म हिट थी। इसके बाद उन्होंने अर्जुन में भी काम किया। 1991 में कुकू कोहली ने फूल और कांटे से बतौर डायरेक्टर शुरुआत की। फिल्म हिट रही और अजय देवगन को बॉलीवुड में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने कोहराम और सुहाग जैसी फिल्में बनाईं। सुहाग में अजय देवगन और अक्षय कुमार पहली बार साथ नजर आए थे। 1995 में उनकी फिल्म हकीकत रिलीज हुई। इसमें अजय देवगन और तब्बू थे। फिल्म को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में सात कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला। कुकू को बेस्ट डायरेक्टर के लिए भी नॉमिनेशन मिला। इसके बाद उन्होंने जुल्मी, अनाड़ी नंबर 1 और ये दिल आशिकाना जैसी फिल्में बनाईं। उनकी आखिरी फिल्म वो तेरा नाम था 2004 में रिलीज हुई थी। कुकू कोहली और अरुणा ईरानी ने गुपचुप शादी की थी कुकू कोहली की दो शादियां हुई थीं। कुकू कोहली की पहली पत्नी का नाम रीता कोहली था। रीता कोहली और कुकू कोहली की दो बेटियां पूजा और करिश्मा थीं। वहीं, कुकू कोहली की दूसरी शादी एक्ट्रेस अरुणा ईरानी से हुई। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म कोहराम के सेट पर हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच बिल्कुल नहीं बनती थी। हालांकि, काम के दौरान कुकू कोहली अरुणा का काफी ख्याल रखते थे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती बढ़ी और यही दोस्ती प्यार में बदल गई। जब अरुणा को कुकू से प्यार हुआ, तब उन्हें पता चला कि कुकू पहले से शादीशुदा हैं। उनकी पहली पत्नी रीता कोहली से दो बेटियां भी थीं। इसके बावजूद अरुणा ने कुकू के साथ रिश्ता आगे बढ़ाया। दोनों ने 1990 में शादी कर ली। हालांकि, उन्होंने कई साल तक अपनी शादी को सार्वजनिक नहीं किया।अरुणा ने बताया था कि वह कुकू की पहली पत्नी और उनके परिवार की परेशानियां नहीं बढ़ाना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने अपने रिश्ते को निजी रखा। शादी के बाद अरुणा और कुकू ने बच्चे नहीं करने का फैसला लिया। अरुणा ने कहा था कि उस समय उनकी उम्र और कुकू के पहले से बच्चों को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… लगान-गजनी फेम एक्टर प्रदीप रावत का निधन:74 साल के थे, दोबारा कैंसर हुआ था; महाभारत में अश्वत्थामा बने थे लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में 4 अगस्त को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी लगान में उनके साथ काम करने वाले अभिनेता यशपाल शर्मा ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए शेयर की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट कृति सेनन के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट पर दिए बयान से पलट गईं हैं। 'डीकोड लाइव' शो में कंगना ने कहा कि कृति को जो मन करे, वह पहन सकती हैं और उन्हें कोई नहीं रोक रहा है। इंटरव्यू में जब कंगना से कृति सेनन के कपड़ों पर दिए गए उनके पुराने बयान के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, जिस तरह की फिल्मों में हम उन्हें देखते हैं, उन्हें कौन रोक रहा है कुछ पहनने से? किसने उन्हें रोका है, किसको क्या पड़ी है? इसके साथ ही कंगना ने कहा कि रक्षाबंधन के मौके पर कोई भी महिला अपनी पसंद के कपड़े पहन सकती है। 'बिकिनी' वाले कमेंट से शुरू हुआ था विवादइससे पहले कंगना रनोट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर बिना नाम लिए कृति सेनन पर निशाना साधा था। कंगना ने लिखा था कि आज महिलाओं के पास पहनने के लिए हर तरह के कपड़ों के विकल्प मौजूद हैं, ऐसे में रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधते समय इस तरह के कपड़े क्यों चुने गए। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपड़ों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लहंगा चोली, जींस से साड़ी और बिकिनी से सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास कपड़ों के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां गए? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” ज्वेलरी ब्रांड ने विज्ञापन वापस लियासोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद जीवा ज्वेलरी ब्रांड ने इंस्टाग्राम पर बयान जारी कर विज्ञापन वापस ले लिया। कंपनी ने लिखा कि उनका इरादा भारतीय संस्कृति और त्योहारों का सम्मान करना है। कंपनी का मकसद त्योहार की खुशियों में पालतू जानवरों को भी शामिल करना था। अगर इस विज्ञापन से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो कंपनी को इसका दुख है और सम्मान के तौर पर इसे सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जा रहा है। एड में पहनावे और पेट डॉग की वजह से विवाद यह पूरा विवाद जीवा ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एड के बाद शुरू हुआ था। इसमें कृति इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं। वीडियो में वे भाई के अलावा पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कुछ यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। ये खबर भी पढ़ें कृति सेनन एड विवाद पर राहुल-कंगना आमने-सामने:कंगना बोलीं- ट्रिपल तलाक पर क्यों चुप रहे; राहुल ने कहा- महिलाओं के कपड़ों पर ट्रोलिंग बंद करो अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने कृति सेनन के रक्षाबंधन एड विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने एक्ट्रेस कृति सेनन का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ का मैसेज लिखा था। पूरी खबर पढ़ें
सिंगर सोनू निगम ने एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन एड विवाद पर अपने फर्जी बयान का खंडन किया है। सोनू निगम ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। दरअसल, एक मीडिया हाउस ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि सोनू निगम ने हिंदू धर्म और धैर्य को लेकर टिप्पणी की है। इस पर सोनू निगम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर मीडिया को फटकार लगाई और बताया कि यह बयान उनका नहीं है। फर्जी पोस्ट के आधार पर चलाई गई थी खबरमामला तब शुरू हुआ जब एक मीडिया पब्लिकेशन ने एक खबर शेयर की। इसकी हेडिंग में लिखा था, हिंदू सहिष्णु हैं, उनके धैर्य की परीक्षा मत लो: कृति सेनन एड विवाद पर सोनू निगम। खबर सामने आने के बाद सोनू निगम ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इस पर नाराजगी जताई। सोनू निगम ने लिखा, यह मैं नहीं हूं और ऐसा बयान मैंने कभी नहीं दिया। टीओआई (TOI) जागो, मीडिया जागो। एक्स (X) पर एक्टिव नहीं हैं सोनू निगमरिपोर्ट्स के अनुसार, जिस बयान को सोनू निगम का मानकर मीडिया में चलाया गया, वह असल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर बने उनके एक पैरोडी या फर्जी (इम्पपर्सनेटर) अकाउंट से पोस्ट किया गया था। सोनू निगम ने साफ किया है कि वे एक्स (X) प्लेटफॉर्म पर एक्टिव ही नहीं हैं। बिना सच्चाई जाने फर्जी अकाउंट के ट्वीट को उनका आधिकारिक बयान मानकर खबर चला दी गई, जिसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से इसकी सच्चाई सामने रखी। एड में पहनावे और पेट डॉग की वजह से विवाद यह पूरा विवाद एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एड के बाद शुरू हुआ था। इसमें कृति इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं। वीडियो में वे भाई के अलावा पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कुछ यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। कृति सेनन का जववाब- संस्कृति दिल में होती है, नेकलाइन में नहीं कृति सेनन ने ट्रोलर्स को जवाब दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि एथनिक फैशन में समय के साथ बदलाव आया है, लेकिन आज भी महिलाओं के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उनके कपड़ों से नापा जाता है। एक्ट्रेस ने सवाल उठाया कि समाज महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, यह बताना कब बंद करेगा? उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराएं इंसान के दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं। कृति ने कहा- बहन और पेट डॉग्स को भी बांधती हूं राखी रक्षाबंधन पर बात करते हुए कृति ने कहा कि यह त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि वे दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा किसी भाई से कम नहीं करती हैं। कृति ने आगे लिखा कि यही प्यार पेट डॉग्स के लिए भी है, क्योंकि वे भी उनके परिवार का ही हिस्सा हैं। 'कॉकटेल 2' में नजर आई थीं कृति सेनन कृति सेनन के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'कॉकटेल 2' में देखा गया था। होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कृति के साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका में थे। 'कॉकटेल 2' में शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना के साथ कृति भी मुख्य भूमिका में थीं। यह फिल्म 2012 में आई सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म 'कॉकटेल' का सीक्वल थी, जिसे बॉक्स ऑफिस पर मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था। ये खबर भी पढ़ें नूपुर सेनन बहन कृति के सपोर्ट में आईं:एड विवाद पर बोलीं- दूसरे के कपड़ों से लोगों को तकलीफ क्यों, सोच बदलिए एक्ट्रेस कृति सेनन के ज्वेलरी एडवर्टाइजमेंट विवाद में अब उनकी बहन नूपुर सेनन भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। रक्षाबंधन थीम वाले इस एड में कृति के कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग हो रही थी। पूरी खबर पढ़ें
अभिनेता इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 ने टॉक्सिक की रिलीज के बाद भी कमाई में हार नहीं मानी है।
कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना (IAF) के अदम्य साहस और एयरफोर्स अफसरों की असल जिंदगी पर आधारित वेब सीरीज है ‘ऑपरेशन सफेद सागर’। 1999 से 2006 तक एयरफोर्स में अपनी सेवाएं दे चुके निर्देशक कुशल श्रीवास्तव ने इस सीरीज को तैयार किया है। वहीं दिग्गज कॉमेडियन दिवंगत राजू श्रीवास्तव की बेटी अंतरा श्रीवास्तव इस सीरीज की एसोसिएट डायरेक्टर और हेड रिसर्चर हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कुशल श्रीवास्तव और अंतरा श्रीवास्तव ने एयरफोर्स के वास्तविक कल्चर, 8 साल के लंबे संघर्ष, MiG-21 की आखिरी उड़ानों की शूटिंग और प्रोजेक्ट के दौरान राजू श्रीवास्तव जी को खोने के भावुक पलों पर खुलकर चर्चा की। सवाल: ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ का आइडिया 2018 में आया था। इतने लंबे समय तक इस कहानी को लेकर जुनून कैसे बना रहा? कुशल श्रीवास्तव: दरअसल, इस कहानी से मेरा जुड़ाव 2018 से भी काफी पहले का है। दिसंबर 1998 में मैंने एयरफोर्स का एग्जाम दिया था। उसी दौरान कारगिल युद्ध शुरू हो गया और मैं युद्ध से जुड़ी खबरों को बहुत बारीकी से देखने लगा। अजय आहूजा और नचिकेता के पीओडब्ल्यू बनने की घटनाएं मैंने करीब से फॉलो कीं। वह भारत का पहला टेलीवाइज्ड वॉर था। दिसंबर 1999 में मैंने एयरफोर्स जॉइन की और 2006 में वहां से बाहर आया। इसके बाद जेपी दत्ता और अनुराग बसु को असिस्ट किया और 2011 में अपनी कंपनी शुरू कर ऐड फिल्में बनाने लगा। ‘वोडका डायरीज’ के बाद मैंने एयरफोर्स की कहानी कहने का फैसला किया। मेरा मानना था कि एयरफोर्स की वास्तविक जिंदगी पर्दे पर उस तरह नहीं आई है। उसे हमेशा आर्मी के शैडो में देखा गया है, जबकि दोनों का कल्चर और काम करने का तरीका काफी अलग है। एयरफोर्स की अपनी एक अलग रॉयल्टी और संस्कृति है। इसी सोच से 2018 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया। सवाल: इस कहानी में ऐसी क्या खास बात थी, जिसे बड़े स्केल पर बताना जरूरी लगा? कुशल श्रीवास्तव: मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण था एयरफोर्स के लोगों की सोच और उनकी जिंदगी को वास्तविक रूप में दिखाना। उदाहरण के लिए, एक स्क्वाड्रन का व्यक्ति फोटो रिकॉनिसेंस के लिए जाता है। उसके विमान में बम की जगह कैमरे होते हैं और वह दुश्मन की पोजीशन की तस्वीरें लेकर आता है। फिर उन्हीं तस्वीरों के आधार पर हमले की रणनीति तय होती है। नचिकेता को लेकर हुई घटना में भी एक पायलट की सोच सामने आती है कि मैं अपने आदमी को पीछे नहीं छोड़ूंगा। मेरे लिए इसका महत्व किसी बड़े देशभक्ति के डायलॉग से ज्यादा उस सोच में है कि हम अपने साथी को पीछे नहीं छोड़ते। फाइटर पायलट के लिए देश के लिए मरने की भावना के साथ अपने साथी की नजर में प्रोफेशनल रिस्पेक्ट भी बहुत मायने रखता है। इसलिए हमने कहानी में ज्यादा जिंगोस्टिक अप्रोच नहीं लिया। हमें लगा कि अगर आप अपना काम पूरी ईमानदारी और क्षमता से कर रहे हैं तो उसमें देशभक्ति अपने आप आ जाती है। सवाल: एयरफोर्स और आर्मी के कल्चर का अंतर सीरीज में किस तरह दिखाई देता है? कुशल श्रीवास्तव: एयरफोर्स में वैसे वॉर क्राइज या नारे नहीं होते, जैसे आर्मी में देखने को मिलते हैं। आर्मी में एक ऑफिसर कमांड देता है और जवान लड़ने जाते हैं, जबकि एयरफोर्स में जवान विमान को तैयार करते हैं और ऑफिसर उसे लेकर उड़ता है। इसलिए पायलट के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि विमान तैयार करने वाला व्यक्ति पूरी तरह ठीक है या नहीं। वह उससे पूछता है भाई, आई यू रेडी? सब बढ़िया है? घर में सब ठीक है? क्योंकि अगर वह आदमी मानसिक रूप से ठीक नहीं है तो उसका असर सीधे पायलट की जान पर पड़ सकता है। यही आपसी निर्भरता और रिश्ते एयरफोर्स की संस्कृति को अलग बनाते हैं और हम इसे कहानी में दिखाना चाहते थे। सवाल: शुरुआत में फिल्म के तौर पर सोचा गया प्रोजेक्ट वेब सीरीज में कैसे बदला ? कुशल श्रीवास्तव: 2018 में मैं इसे फिल्म के तौर पर बनाना चाहता था। एक अभिनेता को साइन भी कर लिया था और स्क्रिप्ट लॉक थी। तभी कोरोना आ गया और थिएटर बंद हो गए। जिस तरह का बजट हमें चाहिए था, उसके लिए स्टार जरूरी था। मेरे सामने दो रास्ते थे- या तो कहानी को कम बजट में बनाकर समझौता करूं या इसे छोड़ दूं। मैंने इसे छोड़ दिया और फिर नेटफ्लिक्स को अप्रोच किया। उन्हें इसमें वेब सीरीज की संभावना नजर आई। मेरे प्रोड्यूसर मैचबॉक्स ने बहुत सपोर्ट किया। मेरे को-क्रिएटर अभिजीत सिंह परमार हैं। हम दोनों क्रिएटर और शो रनर हैं। एयरफोर्स ने भी काफी सहयोग किया, जिसकी वजह से कहानी उस बड़े कैनवास पर बन सकी, जिस पर मैं इसे देखना चाहता था। सवाल: सिद्धार्थ और जिमी शेरगिल जैसे कलाकारों ने अपने किरदारों के लिए किस तरह तैयारी की? कुशल श्रीवास्तव: सभी कलाकारों ने बहुत मेहनत की। उन्होंने परेड ग्राउंड में परेड की, पायलट्स से मुलाकात की और एयरफोर्स बेस के अंदर काफी समय बिताया। जिमी सर मेरे साथ चंडीगढ़ में धनोआ सर के घर गए और देखा कि वह कैसे बात करते हैं और उनका व्यवहार कैसा है। सिद्धार्थ जी अलका मैम से मिले और आहूजा सर के व्यक्तित्व को समझा। कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने दोनों को प्रोजेक्ट से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिमी शेरगिल से मेरा रिश्ता हालांकि काफी पुराना है। 2007 में जब मैं बॉम्बे आया था, तब एक छोटी फिल्म में असिस्ट किया था और उसमें जिमी मेरे हीरो थे। तब से हम संपर्क में हैं। वह हमेशा मुझे एनकरेज करते रहे। मैं उनसे कहता था कि एक दिन आपके साथ काम करूंगा। वह आज भी बहुत सहज और फ्रेंडली इंसान हैं। सवाल: इस पूरे प्रोजेक्ट को बनाने में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? कुशल श्रीवास्तव: सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि हम पहली बार ऐसा कुछ बना रहे थे, जिसका कोई रेफरेंस नहीं था। यह सामान्य वॉर फिल्म नहीं है, जहां हर समय लड़ाई चल रही हो। युद्ध इसके बैकग्राउंड में है, लेकिन कहानी में इमोशनल चीजें ज्यादा हैं। दूसरी बड़ी चुनौती MiG-21 को लेकर थी। जिन विमानों के साथ हमें शूट करना था, वे धीरे-धीरे आउट ऑफ सर्विस जा रहे थे। बीच में उनकी उड़ान भी बंद हो गई थी। हमें लगा कि अब शायद इन्हें उड़ाया नहीं जाएगा। हमने रिक्वेस्ट की और जो आखिरी फ्लाइंग हुई, उसे अच्छे से कवर किया। एयर वॉरफेयर सीक्वेंस भी बेहद चुनौतीपूर्ण थे। यूके से हाइड्रॉलिक बेस आया, हैदराबाद से कैमरा सिस्टम और गेमिंग टेक्नोलॉजी से लाइटिंग सिस्टम तैयार किया गया। रियल प्लेन्स, हाइड्रॉलिक मूवमेंट और वीएफएक्स को मिलाकर हमने कोशिश की कि दर्शक को हर चीज वास्तविक महसूस हो। सवाल: अंतरा श्रीवास्तव की इस प्रोजेक्ट में क्या भूमिका रही? कुशल श्रीवास्तव: अंतरा मेरी फर्स्ट कजिन हैं, लेकिन हमारा रिश्ता सिर्फ परिवार तक सीमित नहीं है। वह मेरे हर प्रोजेक्ट में लंबे समय से एसोसिएट रही हैं। 2013-14 के आसपास उन्होंने मेरे साथ इंटर्नशिप शुरू की और फिर मेरी कंपनी जॉइन कर ली। वह लास्ट एडी से सेकंड एडी, फर्स्ट एडी और फिर एसोसिएट डायरेक्टर बनीं। वह मेरी प्रोफेशनल कोलैबोरेटर भी हैं। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की फिल्म वाली कहानी भी मैंने उनके साथ मिलकर लिखी थी। इस प्रोजेक्ट में वह एसोसिएट डायरेक्टर और हेड रिसर्चर हैं। इसलिए उनकी भूमिका सिर्फ पारिवारिक सहयोग की नहीं, बल्कि कहानी की रिसर्च से लेकर इसके निर्माण तक एक महत्वपूर्ण क्रिएटिव सहयोगी की है। सवाल: एयरफोर्स अधिकारियों और मिलिट्री एक्सपर्ट्स से किस तरह इनपुट लिया गया? कुशल श्रीवास्तव: कहानी लिखने से पहले ही हम एयर हेडक्वार्टर्स गए। मैंने वहां से वॉर हीरोज की लिस्ट ली और टीम के साथ बैंगलोर, चंडीगढ़, पुणे, दिल्ली समेत कई शहरों में जाकर उनसे मुलाकात की। प्री-प्रोडक्शन से ही डिफेंस कंसल्टेंट्स जुड़े थे। यूनिफॉर्म, फ्लाइंग और वॉर स्ट्रैटेजी के लिए अलग-अलग विशेषज्ञ थे। करीब चार-पांच कंसल्टेंट लगातार हमारे साथ रहे। उन्होंने स्टोरी राइटिंग से लेकर प्री-प्रोडक्शन और शूटिंग तक इनपुट दिया और कलाकारों को भी ट्रेन किया। इस पूरी रिसर्च का मकसद यही था कि एयरफोर्स की दुनिया पर्दे पर सिर्फ बड़ी दिखे नहीं, बल्कि वास्तविक भी महसूस हो। सवाल: क्या ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ के बाद भी एयरफोर्स और MiG-21 से जुड़ा कुछ देखने को मिलेगा? कुशल श्रीवास्तव: हां। हमने MiG-21 पर ‘द लास्ट सल्यूट’ नाम की करीब 80 मिनट की डॉक्यूमेंट्री भी बनाई है। MiG-21 के आउट ऑफ सर्विस होने के दौरान हमने उनके साथ शूट किया। यह भी नेटफ्लिक्स का प्रोजेक्ट है और अगस्त के आखिर में रिलीज होगी। सीरीज की शूटिंग के दौरान मिले फुटेज का इस्तेमाल इस डॉक्यूमेंट्री में भी किया गया है। दिग्गज कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव की बेटी अंतरा श्रीवास्तव से बातचीत.… सवाल: ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ सीरीज से आप किस तरह जुड़ी हैं? इस प्रोजेक्ट में आपकी क्या भूमिका रही है? अंतरा श्रीवास्तव: मैं इस प्रोजेक्ट से सिर्फ जुड़ी नहीं हूं, बल्कि इसकी शुरुआत से ही इसका हिस्सा रही हूं। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की शुरुआत मैंने और मेरे बड़े भाई जैसे कुशल दादा ने मिलकर की थी। वह मेरे सबसे बड़े ताऊजी के बेटे हैं। उन्होंने एयरफोर्स में करीब छह-सात साल सर्व किया और फिर फिल्ममेकिंग को करियर बनाया। जब वह फिल्ममेकिंग में आए, तब मैं कॉलेज में थी और उनके साथ इंटर्नशिप शुरू की। इसके बाद हमने एडवरटाइजिंग, म्यूजिक वीडियो और फिल्म पर साथ काम किया। हमने ‘वोडका डायरीज’ भी की, जिसे कुशल दादा ने डायरेक्ट किया था और मैं उसकी एसोसिएट प्रोड्यूसर थी। इसके बाद हमारी टीम अगले सब्जेक्ट पर चर्चा कर रही थी। तभी कुशल दादा ने ‘गोल्डन एरोज’ स्क्वाड्रन और ऑपरेशन सफेद सागर से जुड़ी एक खास कहानी के बारे में बताया। हमें लगा कि यही हमारा अगला विषय होना चाहिए और हमने इस पर काम शुरू कर दिया। सवाल: इस कहानी पर रिसर्च का सिलसिला कैसे शुरू हुआ? अंतरा: हमने सबसे पहले ग्रुप कैप्टन तरुण कुमार सिंघा सर से संपर्क किया। वह एयरफोर्स से रिटायर्ड हैं और कुशल दादा के दोस्त रहे हैं। उनके जरिए हम इंडियन एयरफोर्स तक पहुंचे। अक्टूबर-नवंबर 2018 में हमें अनुमति मिली और फिर रिसर्च शुरू हुई। हम मिसेज अलका आहूजा से मिले, चीफ मास्टर धनोआ सर से बात की और गोल्डन एरोज के पायलट्स के अनुभव समझे। आदिल हुसैन का किरदार एयर मार्शल पटनी सर से जुड़ा है, उनसे भी बात की। हमने सिर्फ भारतीय पक्ष नहीं, बल्कि पाकिस्तान की कहानी पर भी रिसर्च की—मुशर्रफ की प्लानिंग, नवाज शरीफ की भूमिका और दोनों के बीच की डायनेमिक्स को समझने की कोशिश की। हमारा मकसद सिर्फ एक तरफ की कहानी बताना नहीं था, बल्कि उस पूरे दौर को समझना था। सवाल: उस समय यह प्रोजेक्ट फिल्म के रूप में बनाया जा रहा था? अंतरा: हां। उस समय वेब सीरीज का आज जैसा क्रेज नहीं था, इसलिए हम इसे ‘गोल्डन एरोज’ नाम से फिल्म के रूप में बना रहे थे। काफी काम और प्री-प्रोडक्शन शुरू हो चुका था, लेकिन फिर कोविड आ गया। 2020-21 में पूरी दुनिया रुक गई। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री, फिल्में और थिएटर सब प्रभावित हुए और हमारा प्रोजेक्ट भी दो-तीन साल के लिए रुक गया। सवाल: वेब सीरीज के लिए कहानी को किस तरह विस्तार दिया गया? अंतरा: मूल कहानी गोल्डन एरोज के पायलट्स की है। इसमें विंग कमांडर टोनी धनोआ, उनके फ्लाइट कमांडर आहूजा, उनकी पत्नी मिसेज अलका आहूजा और मिसेज कमल धनोआ जैसे वास्तविक लोगों से जुड़े किरदार हैं। फिल्म की कहानी को सीरीज में विस्तार देने के लिए संदीप जैन, वरुण भुयन कश्यप और निखिल रवि को राइटर्स के तौर पर जोड़ा गया। उन्होंने हमारे साथ मिलकर पिच डेक तैयार किया। शाफात खान डायरेक्शन टीम और राहुल कपूर प्रोडक्शन टीम में थे। ये लोग फिल्म से सीरीज तक की पूरी जर्नी में हमारे साथ रहे। सवाल: इसी दौरान आपके पिता राजू श्रीवास्तव के निधन का दौर भी आया। उस समय आपके लिए यह सब कितना मुश्किल था? अंतरा: यह हमारे लिए बहुत भावुक और मुश्किल समय था। जिस बड़े प्रोजेक्ट का हम वर्षों से इंतजार कर रहे थे, वह मई-जून 2022 में ग्रीनलिट हुआ और उसके दो-तीन महीने बाद अगस्त में मेरे पापा की तबीयत खराब हुई और सितंबर में वह नहीं रहे। यह हमारे लिए बहुत बड़ा झटका था। इतने साल के इंतजार के बाद जैसे ही प्रोजेक्ट शुरू हुआ, कुछ ही महीने बाद पापा हमारे साथ नहीं रहे। इसके बावजूद हमने प्री-प्रोडक्शन का काम जारी रखा। कास्टिंग, कॉस्ट्यूम और बाकी तैयारियां चलती रहीं। सवाल: शूटिंग कितने बड़े स्तर पर हुई? अंतरा: हमने लगभग 110 दिन शूट किया। राजस्थान, हिमाचल, ग्वालियर, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और मुंबई में शूटिंग हुई। एयरपोर्ट और एयरफोर्स स्टेशनों पर भी शूट किया गया। हिमाचल में पहाड़ों पर माइनस 20 से 15 डिग्री तक के तापमान में शूट किया, वहीं राजस्थान और बीकानेर में बेहद गर्म मौसम में काम किया। कहानी में भारत, पाकिस्तान, डिप्लोमेसी, पॉलिटिक्स, वॉर, मिलिट्री और एयरफोर्स जैसे कई पहलू हैं। इसलिए कहानी की जरूरत के मुताबिक अलग-अलग लोकेशन पर शूट करना जरूरी था। सवाल: इतनी लंबी शूटिंग और लोकेशन के बाद पोस्ट-प्रोडक्शन कितना बड़ा रहा? अंतरा: बहुत बड़ा। यह वीएफएक्स-हेवी शो है और इसका वीएफएक्स कई महीनों तक चला। यहां तक कि जब रिलीज की तारीख तय हुई और अगस्त में रिलीज होना फाइनल हुआ, तब भी काफी वीएफएक्स का काम चल रहा था। यानी शूट खत्म होने के बाद भी पोस्ट-प्रोडक्शन का लंबा फेज रहा। सवाल: रिलीज से कुछ महीने पहले आपके ताऊजी यानी कुशल के पिता का भी निधन हो गया। इस पूरे संयोग को आप किस तरह देखती हैं? अंतरा: यह बहुत अजीब सा संयोग है। प्रोजेक्ट शुरू होने के तीन महीने बाद मेरे पापा नहीं रहे और जब प्रोजेक्ट खत्म होने वाला था, रिलीज से करीब तीन महीने पहले मेरे ताऊजी भी नहीं रहे। हमारे घर के दोनों भाई, यानी मेरे पापा और कुशल दादा के पापा, अब हमारे साथ नहीं हैं। हम उन्हें बहुत मिस करते हैं। इसी वजह से शो के आखिर में पापा को स्पेशल थैंक्स दिया है। कहीं न कहीं लगता है कि यह उनकी ब्लेसिंग्स हैं। वह इस प्रोजेक्ट को पूरा होता देखना चाहते थे। जब मैं किसी को बताती हूं कि मैं राजू श्रीवास्तव की बेटी हूं तो लोग बहुत प्यार से मिलते हैं और उनके बारे में अपनी यादें बताते हैं। हमें लगता है कि उनकी अनसीन ब्लेसिंग्स हमारे साथ हैं। सवाल: शो में राजू श्रीवास्तव को स्पेशल थैंक्स देने की पहल किसकी थी? अंतरा: मैं मैचबॉक्स के प्रोड्यूसर्स संजय राउत्रे सर, सरिता पाटिल जी और दीक्षा राउत्रे जी का खास तौर पर धन्यवाद करना चाहूंगी। अगर उन्होंने हमें बैक और सपोर्ट नहीं किया होता तो यह इतना बड़ा प्रोजेक्ट नहीं बन पाता। जब हमने फिल्म को सीरीज में कन्वर्ट किया और पिच तैयार किया, तब कहानी मैचबॉक्स के पास लेकर गए। उन्होंने हम पर विश्वास किया। संजय सर ने ही इस बात को सपोर्ट किया कि मेरे पापा राजू जी का नाम अंत में स्पेशल थैंक्स में आना चाहिए। इसके लिए मैं उनकी बहुत आभारी हूं। यह हमारे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: इतने सालों की मेहनत के बाद जब आप आज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को देखती हैं तो आपके लिए यह कितना खास है? अंतरा: यह कुशल दादा और मेरा ब्रेनचाइल्ड था। एक तरह से यह हमारा कॉन्सेप्ट था। हमने इसे एक आइडिया के रूप में शुरू किया, रिसर्च की, एयरफोर्स और वास्तविक लोगों से मिले, फिल्म के रूप में डेवलप किया, कोविड के कारण यह रुका और फिर वेब सीरीज में कन्वर्ट हुआ। नई रिसर्च हुई, नए राइटर्स जुड़े, मैचबॉक्स और नेटफ्लिक्स जुड़े और धीरे-धीरे यह बड़ा प्रोजेक्ट बनता गया। इसलिए हमारे लिए यह सिर्फ एक सीरीज नहीं, बल्कि बहुत लंबी जर्नी है। सवाल: क्या आप सिर्फ पर्दे के पीछे रहना चाहती हैं या कभी एक्टिंग के लिए भी कैमरे के सामने आने का मन है? अंतरा: सच कहूं तो अभी कैमरे के सामने आने का कोई प्लान नहीं है। आगे जिंदगी किस दिशा में जाती है, यह नहीं जानती, लेकिन फिलहाल मैं अपने काम से खुश हूं। मेरा फोकस है कि इस काम में अपना एक सॉलिड मार्क बनाऊं और अपनी पहचान बनाऊं। लोग मुझे पापा के नाम से जानते हैं और यह मेरे लिए गर्व की बात है। लेकिन मैं चाहती हूं कि लोग यह भी जानें कि राजू श्रीवास्तव की बेटी अपने दम पर क्या कर रही है। मेरे पास फिल्म और सीरीज दोनों का अनुभव है। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को मिल रहा प्यार और हमारी मेहनत की सराहना मुझे बहुत पॉजिटिविटी देती है। मुझे लगता है कि सबके सपोर्ट और ब्लेसिंग्स के साथ आगे बड़ी चीजें हासिल कर सकती हूं। सवाल: आपके पिता राजू श्रीवास्तव कॉमेडी के लिए जाने जाते थे। क्या उनका कोई गुण आपको भी मिला है? अंतरा: मुझे लगता है कि कॉमेडी का सबसे बड़ा हिस्सा ऑब्जर्वेशन है और यह चीज मेरे अंदर और मेरे भाई दोनों में है। मेरा भाई आयुष्मान श्रीवास्तव सितार प्लेयर और म्यूजिशियन है और निलाद्री कुमार जी से सीखता है। हम दोनों में पापा के कुछ-कुछ गुण जरूर हैं ऑब्जर्वेशन और डेली लाइफ में थोड़ा सा ह्यूमर। मेरे मामले में लगता है कि यह चीज फिल्मों के जरिए सामने आएगी। लोगों को ऑब्जर्व करने और समझने का सेंस शायद मेरी फिल्मों, सीरीज और कहानियों के जरिए बाहर आएगा। मेरे भाई के मामले में वही चीज उसके म्यूजिक के जरिए सामने आएगी। पापा से मिली चीजों को आगे ले जाने के हमारे अपने-अपने तरीके हैं।
एक्ट्रेस कृति सेनन के ज्वेलरी एडवर्टाइजमेंट विवाद में अब उनकी बहन नूपुर सेनन भी उनके समर्थन में उतर आई हैं। रक्षाबंधन थीम वाले इस एड में कृति के कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग हो रही थी। अब इस मामले में कृति के जवाब के बाद नूपुर सेनन ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर उनकी पोस्ट री-शेयर की। नूपुर ने लिखा कि कृति उन्हें ही राखी बांधती हैं और जब उन्हें बहन के कपड़ों से कोई दिक्कत नहीं है, तो दूसरों को क्यों परेशानी हो रही है। 'अपनी सोच को विकसित करें'नूपुर सेनन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में कृति सेनन की पोस्ट री-शेयर करते हुए ट्रोलर्स पर निशाना साधा। नूपुर ने लिखा, सोचिए, कोई दूसरी महिला क्या पहनती है, इस बात से लोग कितने परेशान हो सकते हैं। सम्मानपूर्वक अपनी सोच को विकसित (इवॉल्व) करें। नूपुर ने आगे लिखा, कृति जिसे राखी बांधती हैं, वह मैं हूं। जब मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है, तो आपको क्यों हो रही है? एड में पहनावे और पेट डॉग की वजह से विवाद यह पूरा विवाद एक ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एड के बाद शुरू हुआ था। इसमें कृति इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं। वीडियो में वे भाई के अलावा पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कुछ यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। कृति सेनन का जववाब- संस्कृति दिल में होती है, नेकलाइन में नहीं कृति सेनन ने ट्रोलर्स को जवाब दिया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि एथनिक फैशन में समय के साथ बदलाव आया है, लेकिन आज भी महिलाओं के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उनके कपड़ों से नापा जाता है। एक्ट्रेस ने सवाल उठाया कि समाज महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, यह बताना कब बंद करेगा? उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराएं इंसान के दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं। कृति ने कहा- बहन और पेट डॉग्स को भी बांधती हूं राखी रक्षाबंधन पर बात करते हुए कृति ने कहा कि यह त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि वे दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा किसी भाई से कम नहीं करती हैं। कृति ने आगे लिखा कि यही प्यार पेट डॉग्स के लिए भी है, क्योंकि वे भी उनके परिवार का ही हिस्सा हैं। 'कॉकटेल 2' में नजर आई थीं कृति सेनन कृति सेनन के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'कॉकटेल 2' में देखा गया था। होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कृति के साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका में थे। 'कॉकटेल 2' में शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना के साथ कृति भी मुख्य भूमिका में थीं। यह फिल्म 2012 में आई सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म 'कॉकटेल' का सीक्वल थी, जिसे बॉक्स ऑफिस पर मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था। नूपुर सेनन का बॉलीवुड करियरनूपुर सेनन भी बॉलीवुड में एक्टिव हैं। उन्होंने अक्षय कुमार के साथ हिट म्यूजिक वीडियो 'फिलहाल' से पहचान बनाई थी। इसके अलावा नूपुर ने फिल्म 'टाइगर नागेश्वर राव' से अपना एक्टिंग डेब्यू किया है और वे कई प्रोजेक्ट्स में काम कर चुकी हैं। दोनों बहनें एक-दूसरे के बेहद करीब हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी बॉन्डिंग शेयर करती रहती हैं। ये खबर भी पढ़ें हिट फिल्म के बाद भी 15 महीने बेरोजगार रहीं कृति:स्टारकिड्स ने छीने बड़े रोल, जिस किरदार पर सवाल उठे, उसी ने दिलाया नेशनल अवॉर्ड कृति सेनन बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनके नाम नेशनल अवॉर्ड, कई सुपरहिट फिल्में और अपना प्रोडक्शन हाउस है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता रिजेक्शन, अकेलेपन, तानों और आत्मविश्वास की लड़ाई से होकर गुजरा है। पूरी खबर पढ़ें
बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुकी अभिनेत्री निधि अग्रवाल बुधवार को जयपुर पहुंचीं। वह शहर में आयोजित एक इवेंट में शामिल होने के लिए आई हैं। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही निधि का सामना कुछ ऐसे फैंस से हुआ, जो रामबाग पैलेस में होने वाली एक रॉयल वेडिंग में शामिल होने के लिए पहुंच रहे थे। फैंस ने निधि को देखते ही उनके साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई। निधि ने भी अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया। उन्होंने बाउंसर्स से दूर होकर सभी के साथ तस्वीरें क्लिक कराईं। अचानक एयरपोर्ट पर मिले फैंस के साथ उनका यह सहज अंदाज लोगों को पसंद आया। इसके बाद निधि अपने कार्यक्रम के लिए रवाना हो गईं। साउथ सिनेमा में लगातार सक्रिय हैं निधि निधि अग्रवाल पिछले कुछ वर्षों में मुख्य रूप से तेलुगु और तमिल फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रही हैं। मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत करने वाली निधि ने फिल्मों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अभिनय की शुरुआत हिंदी फिल्म ‘मुन्ना माइकल’ (2017) से की थी। इस फिल्म में उन्होंने टाइगर श्रॉफ के साथ काम किया और अपने डांस और स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद निधि ने तेलुगु सिनेमा का रुख किया और ‘सव्यसाची’ से तेलुगु फिल्मों में कदम रखा। इसके बाद वह ‘मिस्टर मजनू’, ‘आईस्मार्ट शंकर’ और ‘हीरो’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। खासतौर पर आईस्मार्ट शंकर ने उन्हें साउथ इंडस्ट्री में काफी लोकप्रियता दिलाई। तमिल सिनेमा में भी बनाई पहचान निधि ने तमिल फिल्मों में भी काम किया है। वह अभिनेता उदयनिधि स्टालिन के साथ ‘कलगा थलाइवन’ में नजर आईं। इसके अलावा उनकी फिल्मोग्राफी में तमिल और तेलुगु सिनेमा के कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। निधि को फिल्मों के साथ-साथ उनके ग्लैमरस लुक और सोशल मीडिया प्रेजेंस के लिए भी जाना जाता है। मॉडलिंग बैकग्राउंड के कारण फैशन और स्टाइल के मामले में भी उनकी खास पहचान बनी हुई है। पवन कल्याण के साथ ‘हरि हर वीरा मल्लू’ को लेकर चर्चा में रहीं हाल के वर्षों में निधि की सबसे चर्चित फिल्मों में ‘हरि हर वीरा मल्लू’ भी शामिल रही, जिसमें उन्होंने तेलुगु सुपरस्टार पवन कल्याण के साथ स्क्रीन शेयर की। इस बड़े प्रोजेक्ट के कारण निधि एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं। निधि की लगातार बढ़ती सक्रियता बताती है कि वह अब केवल एक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। हिंदी फिल्मों से शुरुआत करने के बाद उन्होंने तेलुगु और तमिल सिनेमा में अपनी जगह बनाई है और अलग-अलग भाषाओं के प्रोजेक्ट्स में काम कर रही हैं।
अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने कृति सेनन के रक्षाबंधन एड विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने एक्ट्रेस कृति सेनन का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ का मैसेज लिखा था। इसके जवाब में कंगना ने बीजेपी के इंस्टाग्राम हैंडल का एक इलस्ट्रेटेड (कार्टून) पोस्ट री-शेयर किया। इसमें कंगना ने लिखा, ब्रो, वेट। भारत माता की जय। शुरू करते हैं। इस पोस्ट के जरिए बीजेपी ने ट्रिपल तलाक, शाह बानो केस, महिला आरक्षण और कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं की भागीदारी को लेकर कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाए हैं। राहुल बोले- महिला क्या पहनती है, यह उसकी पसंददरअसल, ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट में कृति सेनन के कपड़ों को लेकर विवाद चल रहा था। इस विवाद में राहुल गांधी ने मंगलवार को कृति सेनन के बयान को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर री-शेयर किया। राहुल गांधी ने लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की' हैशटैग का इस्तेमाल किया था। बीजेपी के कार्टून पोस्ट से कंगना ने कसा तंजराहुल गांधी के इस बयान के बाद कंगना रनौत ने बीजेपी का एक पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट में इलस्ट्रेशन (चित्रों) के जरिए राहुल गांधी के 'स्मैश द पेट्रियार्की' वाले नारे का जवाब दिया गया है। इलस्ट्रेशन में एक महिला राहुल गांधी से पूछती है कि ट्रिपल तलाक पर आपकी पार्टी ने क्या किया? जिस पर राहुल का कैरेक्टर कहता है कि वह तो वोट बैंक पॉलिटिक्स थी। इसके बाद महिला आरक्षण बिल, शाह बानो केस और कर्नाटक कैबिनेट का जिक्र होता है। पोस्ट में सवाल उठाया गया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के 33 मंत्रियों में एक भी महिला मंत्री क्यों नहीं है। कंगना ने कृति के कपड़ों पर भी उठाया था सवालकंगना रनौत ने इससे पहले भी कृति सेनन के रक्षाबंधन वाले एड पर सवाल उठाए थे। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था कि आज महिलाओं के पास पहनने के लिए हर तरह के कपड़े मौजूद हैं, फिर रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार पर भाई को राखी बांधते समय ऐसे कपड़े चुनने की क्या वजह थी। कंगना ने एड को अजीब बताया था। इसके जवाब में कृति सेनन ने कहा था कि किसी भी महिला की अपनी संस्कृति के प्रति निष्ठा को उसके कपड़ों की नेकलाइन से नहीं नापा जाना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंटयह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। एड में कृति सेनन इंडो-वेस्टर्न आउटफिट में नजर आई थीं और वे अपने भाई के साथ-साथ अपने पेट डॉग को भी राखी बांध रही थीं। सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। पूरी खबर पढ़ें ये खबर भी पढ़ें 'भाई को बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी?':कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में रिवीलिंग ड्रेस के बाद कंगना रनोट ने उठाए सवाल कृति सेनन हाल ही में रक्षाबंधन के लिए बने एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न कपड़े पहने थे, जिसमें ब्रालेट जैसा ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। पूरी खबर पढ़ें…
ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने बुधवार को एक्ट्रेस कृति सेनन के विवादास्पद रक्षाबंधन विज्ञापन को हटा दिया है। विज्ञापन में कृति ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहने थीं। वे कुत्ते को भी राखी बांधती नजर आ रही थीं। इस पहनावे को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। GIVA ने आज कहा कि विज्ञापन हटाने का फैसला भारतीय संस्कृति और परंपराओं के सम्मान में लिया गया है। किसी की भावनाएं आहत करना हमारा इरादा नहीं है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्ट्रेस कृति का समर्थन किया था। GIVA ने कहा- भावनाएं आहत करना हमारा इरादा नहीं GIVA ने कहा, 'एक ब्रांड के तौर पर हमारा हमेशा से मानना रहा है कि इन खुशी के पलों को पूरे परिवार के साथ मनाया जाए। इस बार उसका उद्देश्य पालतू जानवरों के साथ प्यार और जश्न को आगे बढ़ाना था। भावनाएं आहत करना हमारा इरादा नहीं था।' 'अगर हमारे हालिया विज्ञापन से समाज के कुछ हिस्सों की भावनाओं को अनजाने में ठेस पहुंची है, तो हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं था। सम्मान के तौर पर हमने उक्त विज्ञापन सभी मीडिया से हटा लिया है।' ब्रांड ने त्योहार के मौके पर लोगों को प्यार और सकारात्मकता की शुभकामनाएं भी दीं। राहुल ने कहा था- महिलाओं की पहरेदारी नहीं करनी चाहिए राहुल गांधी ने कृति सेनन का पोस्ट अपनी इंस्टा स्टोरी पर शेयर करके लिखा- महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। इस विज्ञापन पर एक्ट्रेस से सांसद बनीं कंगना रनोत ने कहा था- अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां गए? यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है। कृति ने कहा था- बहन और पेट डॉग्स को भी बांधती हूं राखी रक्षाबंधन पर बात करते हुए कृति ने कहा था कि यह त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि वे दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा किसी भाई से कम नहीं करती हैं। यही प्यार पेट डॉग्स के लिए भी है, क्योंकि वे भी उनके परिवार का ही हिस्सा हैं। ------------- ये खबर भी पढ़ें… 'भाई को बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी?':कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में रिवीलिंग ड्रेस के बाद कंगना रनोट ने उठाए सवाल कृति सेनन हाल ही में रक्षाबंधन के लिए बने एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न कपड़े पहने थे, जिसमें ब्रालेट जैसा ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। पूरी खबर पढ़ें…
ज्वेलरी ब्रांड GIVA ने बुधवार को एक्ट्रेस कृति सेनन के विवादास्पद रक्षाबंधन विज्ञापन को हटा दिया है। विज्ञापन में कृति ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहने नजर आई थीं। वे कुत्ते को भी राखी बांधती नजर आ रही थीं। इस पहनावे को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई थी। GIVA ने आज कहा कि विज्ञापन हटाने का फैसला भारतीय संस्कृति और परंपराओं के सम्मान में लिया गया है। हम भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का सबसे ज्यादा सम्मान करते हैं। GIVA ने कहा- भावनाएं आहत करना हमारा इरादा नहीं GIVA ने कहा, 'एक ब्रांड के तौर पर हमारा हमेशा से मानना रहा है कि इन खुशी के पलों को पूरे परिवार के साथ मनाया जाए। इस बार उसका उद्देश्य पालतू जानवरों के साथ प्यार और जश्न को आगे बढ़ाना था। भावनाएं आहत करना हमारा इरादा नहीं था।' 'अगर हमारे हालिया विज्ञापन से समाज के कुछ हिस्सों की भावनाओं को अनजाने में ठेस पहुंची है, तो हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं था। सम्मान के तौर पर हमने उक्त विज्ञापन सभी मीडिया से हटा लिया है। ब्रांड ने त्योहार के मौके पर लोगों को प्यार और सकारात्मकता की शुभकामनाएं भी दीं।’ विवाद की वजह इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज और पालतू कुत्ते को भी राखी बांधना था यह पूरा विवाद कृति के इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं। वीडियो में वे भाई के अलावा पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कुछ यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। खबर अपडेट की जा रही है
अजय देवगन को फिल्म ‘फूल और कांटे’ से लॉन्च करने वाले वेटरन फिल्ममेकर कुकू कोहली का मंगलवार को 77 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में आखिरी सांस ली। उन्हें हार्ट अटैक आया था। आज कुकू कोहली का अंतिम संस्कार ओशिवारा श्मशान घाट में किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए ‘महाभारत’ फेम गजेंद्र चौहान समेत कई सेलेब्स पहुंच रहे हैं। इस दौरान कुकू कोहली की पत्नी अरुणा ईरानी को गजेंद्र चौहान ने संभाला। राज कपूर के साथ काम करके करियर शुरू किया कुकू कोहली ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत राज कपूर की फिल्म बॉबी में असिस्टेंट के तौर पर काम करके की थी। उन्होंने कई साल उनके साथ रहकर फिल्म बनाने की बारीकियां सीखीं। बाद में वह फिल्म बेताब में सेकेंड यूनिट डायरेक्टर रहे। सनी देओल और अमृता सिंह स्टारर यह फिल्म हिट थी। इसके बाद उन्होंने अर्जुन में भी काम किया। 1991 में कुकू कोहली ने फूल और कांटे से बतौर डायरेक्टर शुरुआत की। फिल्म हिट रही और अजय देवगन को बॉलीवुड में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने कोहराम और सुहाग जैसी फिल्में बनाईं। सुहाग में अजय देवगन और अक्षय कुमार पहली बार साथ नजर आए थे। 1995 में उनकी फिल्म हकीकत रिलीज हुई। इसमें अजय देवगन और तब्बू थे। फिल्म को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में सात कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला। कुकू को बेस्ट डायरेक्टर के लिए भी नॉमिनेशन मिला। इसके बाद उन्होंने जुल्मी, अनाड़ी नंबर 1 और ये दिल आशिकाना जैसी फिल्में बनाईं। उनकी आखिरी फिल्म वो तेरा नाम था 2004 में रिलीज हुई थी। कुकू कोहली और अरुणा ईरानी ने गुपचुप शादी की थी कुकू कोहली की दो शादियां हुई थीं। कुकू कोहली की पहली पत्नी का नाम रीता कोहली था। रीता कोहली और कुकू कोहली की दो बेटियां पूजा और करिश्मा थीं। वहीं, कुकू कोहली की दूसरी शादी एक्ट्रेस अरुणा ईरानी से हुई। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म कोहराम के सेट पर हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच बिल्कुल नहीं बनती थी। हालांकि, काम के दौरान कुकू कोहली अरुणा का काफी ख्याल रखते थे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती बढ़ी और यही दोस्ती प्यार में बदल गई। जब अरुणा को कुकू से प्यार हुआ, तब उन्हें पता चला कि कुकू पहले से शादीशुदा हैं। उनकी पहली पत्नी रीता कोहली से दो बेटियां भी थीं। इसके बावजूद अरुणा ने कुकू के साथ रिश्ता आगे बढ़ाया। दोनों ने 1990 में शादी कर ली। हालांकि, उन्होंने कई साल तक अपनी शादी को सार्वजनिक नहीं किया। अरुणा ने बताया था कि वह कुकू की पहली पत्नी और उनके परिवार की परेशानियां नहीं बढ़ाना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने अपने रिश्ते को निजी रखा। शादी के बाद अरुणा और कुकू ने बच्चे नहीं करने का फैसला लिया। अरुणा ने कहा था कि उस समय उनकी उम्र और कुकू के पहले से बच्चों को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… लगान-गजनी फेम एक्टर प्रदीप रावत का निधन:74 साल के थे, दोबारा कैंसर हुआ था; महाभारत में अश्वत्थामा बने थे लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में 4 अगस्त को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी लगान में उनके साथ काम करने वाले अभिनेता यशपाल शर्मा ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए शेयर की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ में स्टाइल, स्टारडम और एक्शन का पूरा ओवरडोज है, लेकिन कहानी इतनी उलझी है कि तीन घंटे बाद सिरदर्द होता है। ड्यूरेशन: 3 घंटे 14 मिनट 12 सेकंडदैनिक भास्कर रेटिंग: 1.5/5 यश की ‘टॉक्सिक’ एक बड़े स्केल की गैंगस्टर फिल्म है, जिसमें ड्रग्स, परिवार, बदला, धोखा और खूब सारा एक्शन है। फिल्म का लुक शानदार है, यश का जलवा बरकरार है, लेकिन कहानी के मामले में फिल्म आपको पकड़ने के बजाय बार-बार उलझाती है। फिल्म की कहानी कहानी 1940 के दशक के गोवा की है, जहां ड्रग्स के कारोबार पर गैंग्स का कब्जा है। राया बने यश इसी दुनिया का बड़ा नाम है। परिवार में हुए धोखे और पुराने हिसाब-किताब के बाद कहानी उसके बेटे टिकट तक पहुंचती है, जहां बदले और गैंगवार का खेल शुरू होता है। आइडिया सुनने में दमदार है, लेकिन फिल्म इसे इतने किरदारों और इतनी तेजी से आगे बढ़ाती है कि कुछ देर बाद कहानी समझने से ज्यादा ये याद रखना मुश्किल हो जाता है कि कौन किसका आदमी है। फिल्म में एक्टिंग यश इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। राया के किरदार में उनका स्वैग, लुक, बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस शानदार है। टिकट के रोल में भी उन्होंने अपने अंदाज को बदलने की कोशिश की है और कुछ सीन्स में उनकी परफॉर्मेंस वाकई असर छोड़ती है। नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसी बड़ी फीमेल स्टारकास्ट फिल्म में है, लेकिन अफसोस कि इनके किरदार उतनी मजबूती से नहीं लिखे गए। इतने बड़े नाम होने के बावजूद ज्यादातर किरदार यश के आसपास ही घूमते रह जाते हैं। फिल्म में डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले गीतू मोहनदास ने फिल्म को छोटा सोचकर नहीं बनाया। सेट बड़े हैं, विजुअल्स रिच हैं और पूरी दुनिया को एक अलग अंदाज देने की कोशिश की गई है, लेकिन दिक्कत ये है कि डायरेक्टर ने कहानी से ज्यादा स्टाइल पर भरोसा कर लिया। स्क्रीनप्ले लगातार एक जगह से दूसरी जगह भागता है। किरदार आते हैं, गोली चलाते हैं, कोई मर जाता है और कहानी आगे बढ़ जाती है। लेकिन दर्शक के मन में एक ही सवाल घूमता रहता है ये हो क्यों रहा है? फिल्म की एडिटिंग एडिटिंग भी काफी तेज है। एक्शन में इतने कट हैं कि रोमांच के बजाय कई जगह उलझन होने लगती है। फिल्म खूबसूरत जरूर दिखती है, लेकिन खूबसूरत दृश्य और अच्छी कहानी में फर्क होता है। फिल्म में सिनेमैटोग्राफी यहां फिल्म को पूरे नंबर मिलते हैं। पुराने दौर का गोवा, शानदार सेट, कपड़े, रोशनी और एक्शन सीन मिलकर फिल्म को भव्य बनाते हैं। कई सीन ऐसे हैं, जिन्हें देखकर लगेगा कि फिल्म पर खूब पैसा खर्च हुआ है। लेकिन परेशानी वही है आंखों को फिल्म खूब पसंद आती है, दिमाग को कम। फिल्म में म्यूजिक संगीत फिल्म की एक और कमजोर कड़ी है। रवि बसरूर का बैकग्राउंड स्कोर कई जगह माहौल बनाने के बजाय शोर पैदा करता है। हर बड़े सीन को भारी बनाने की कोशिश में संगीत इतना हावी हो जाता है कि कई बार सीन का असर ही दब जाता है। विशाल मिश्रा, रवि बस्रूर और तनिष्क बागची जैसे नामों से उम्मीद काफी ज्यादा थी। गाने बुरे नहीं हैं, लेकिन उनमें भी लगातार शोर महसूस होता है। कुछ देर सुनने के बाद कान भी आराम मांगने लगते हैं फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘टॉक्सिक’ में सब कुछ बड़ा है यश का स्टारडम, बजट, सेट, एक्शन और दृश्य। बस कहानी उस लेवल की नहीं है। फिल्म आपको बार-बार प्रभावित करने की कोशिश करती है, लेकिन मनोरंजन नहीं कर पाती। यश के कई पल शानदार हैं, मगर अकेला स्टारडम 3 घंटे 14 मिनट की फिल्म को नहीं खींच सकता। कुल मिलाकर, ‘टॉक्सिक’ की सबसे बड़ी परेशानी यही है फिल्म बहुत कुछ दिखाती है, लेकिन महसूस बहुत कम कराती है।
Toxic की रिलीज से पहले आई Awarapan 2 की सुनामी, ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर इमरान हाशमी की फिल्म का कब्जा
अभिनेता इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 ने सोमवार को ग्लोबली कमाई के मामले में हार नहीं मानी है।
‘मुंज्या’ की सफलता के बाद अभय वर्मा के लिए शोहरत के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है। वह कहते हैं कि सफलता ने उनकी भूख कम नहीं की, बल्कि सपनों को और बड़ा कर दिया। शाहरुख खान के साथ ‘किंग’ में काम करना उनके लिए सपने के सच होने जैसा रहा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अभय ने अपने करियर, ‘मुंज्या’ की सफलता, बड़े होते सपनों और शाहरुख खान से मिली सीख पर बात की। सवाल: ‘मुंज्या’ की सफलता के बाद क्या अब दबाव महसूस होता है? जवाब: दबाव नहीं कहूंगा, लेकिन जिम्मेदारी जरूर बढ़ गई है। सफलता के बाद उम्मीदें बढ़ जाती हैं और आपको अगली बार और मेहनत करनी पड़ती है। मुझे याद नहीं कि पिछली बार आठ घंटे कब सोया था। लेकिन मेरे सपने मुझे सोने नहीं देते। मैंने एक खूबसूरत बात सुनी थी कि अगर आपको पता हो कि आप फेल नहीं होंगे तो आप कितना बड़ा सपना देखेंगे? इसलिए अब मैंने अपने सपनों की कोई लिमिट नहीं रखी है। आराम बाद में होता रहेगा। अभी मैं अपने दर्शकों का प्यार और बड़ा करना चाहता हूं। सवाल: आज की तारीख में आपको सबसे ज्यादा खुशी किस चीज से मिलती है? जवाब: लोगों का प्यार मेरी सबसे बड़ी खुशी है। मैं इसे एक अमानत मानता हूं। दर्शक जब चाहें यह अमानत दे सकते हैं और जब चाहें अपने खजाने से और प्यार दे सकते हैं। मेरा काम है कि मैं इतनी मेहनत करूं कि यह प्यार बार-बार मिलता रहे। अभी तक जितना प्यार मिला है, उसने मेरी भूख कम नहीं की, बल्कि और बढ़ा दी है। सवाल: शाहरुख खान के साथ ‘किंग’ में काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मैंने सपने देखना ही शाहरुख सर को देखकर शुरू किया है। लोग उन्हें अपना हीरो मानते हैं और उनके जैसा बनने का सपना देखते हैं। मेरे लिए तो वह उससे भी आगे हैं।मैंने उनसे पूछा कि शुरुआती दौर में फिल्में कैसे चुनते थे? उन्होंने कहा- ‘उन लोगों के साथ काम करो, जिनके साथ आपका मन लगे और जो आपको प्यार करते हों।’उनके अंदर 35 साल के अनुभव के बाद भी सीखने और सिखाने की वही ऊर्जा है। वह सेट पर सैंडबैग उठाकर बताते हैं कि यह आपका मार्क है, ऐसे डायलॉग बोलकर देख सकते हो। जब वह शूट नहीं कर रहे होते तो एक कुर्सी लेकर बैठ जाते और देखते कि सिनेमा कैसे बन रहा है। उनके अंदर का पैशन और जज्बा देखकर मुझे समझ आया कि वह शाहरुख खान क्यों बने हैं। सवाल: पहली बार शाहरुख खान के साथ काम करने का फोन आया तो आपका रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरे लिए दो राय की कोई बात नहीं थी। मैंने कहा कि मुझे दीवार पर मक्खी भी बना देंगे तो मैं मक्खी बन जाऊंगा, बस उनके साथ काम करने का मौका मिलना चाहिए। जिस दिन मेरा शूट नहीं होता था, तब भी मैं सेट पर पहुंच जाता था। अगर मेरा शूट जल्दी खत्म हो जाता और उनका शूट चल रहा होता तो मैं पूरा दिन सेट पर रहता। जब फोन आया तो पैसे की बात भी हुई। मैंने कहा कि मेरे लिए इससे ऊपर कोई बात नहीं है। आप प्रोफेशनल तौर पर जो ठीक समझें, करिए। मेरे लिए उनके साथ काम करना ही सबसे बड़ा मौका था। सवाल: शाहरुख खान से पहली मुलाकात कैसी रही? जवाब: पहली बार मैं पोलैंड में उनसे मिला। हम करीब तीन घंटे साथ बैठे। सुहाना खान भी थीं। बाद में साथ डिनर किया। उनसे मिलने के बाद होटल जाते हुए मुझे एहसास हुआ कि यह वही इंसान हैं, जिनको देखकर मैंने सपने देखना सीखा था। लेकिन उनके साथ रहते हुए वह बिल्कुल महसूस नहीं होने देते कि वह इतने बड़े स्टार हैं। यही उनकी लेजेंडरी बात है कि 35 साल बाद भी वह इतने सरल हैं और सिर्फ अपनी कला से जुड़े रहते हैं। सवाल: ‘किंग’ का मैसेज आपके लिए कितना खास था? जवाब: उस मैसेज का स्क्रीनशॉट मैंने संभालकर रखा है। कभी-कभी वह मेरा वॉलपेपर भी बन जाता है। ‘मुंज्या’ को रिलीज हुए दो साल हो गए थे और बीच में कई तरह के विचार आते थे कि आगे क्या होगा, फिल्म कब रिलीज होगी। मैं रिजल्ट से ज्यादा काम को लेकर उत्साहित रहता हूं। लेकिन सफलता के बाद एक खूबसूरत जिम्मेदारी महसूस होती है कि अगली बार और मेहनत करनी है। _____________________________ अभय वर्मा का यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. ‘आप एक्टिंग छोड़ो, एयरफोर्स जॉइन करो’:अभय वर्मा को मिला यह कॉम्प्लीमेंट, बोले- इससे बड़ा सम्मान मेरे लिए शायद कुछ हो ही नहीं सकता अभिनेता अभय वर्मा इन दिनों ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में भारतीय वायुसेना के अधिकारी आरएस धालीवाल का किरदार निभाकर चर्चा में हैं। इस भूमिका ने उन्हें अभिनेता के तौर पर चुनौती दी और देश के अनसंग हीरोज को करीब से समझने का मौका दिया।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
फिल्म ‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ एक महिला पुलिस अधिकारी की जिंदगी और संघर्षों पर आधारित है। दैनिक भास्कर से बातचीत में डायरेक्टर अंबिका पंडित और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर सुदीप शर्मा ने फिल्म पर बात की। अंबिका ने बताया कि उन्हें बबीता का आवाज पहचानने का सफर खास लगा। वहीं सुदीप ने कहा कि क्राइम से ज्यादा महिला नजरिया और रोजमर्रा की जिंदगी की सच्चाई ने उन्हें आकर्षित किया। दोनों ने निमिषा सजयन के किरदार की तैयारी, शूटिंग के दौरान तालमेल, कानून की पढ़ाई और कहानी को बड़े पर्दे पर लाने की संभावनाओं पर बात की। सवाल: कहानी पढ़कर ऐसा क्या खास लगा कि इसे आपको ही डायरेक्ट करना चाहिए? जवाब/अंबिका पंडित: मुझे बबीता का किरदार बहुत खूबसूरत लगा। वह पुलिस अधिकारी बनने की कोशिश कर रही है और इसी दौरान कई चीजों से जूझ रही है। उसकी घरेलू जिम्मेदारियां हैं। वह बहू और बेटी है और इन सबके बीच अच्छा काम करने की कोशिश कर रही है। लेकिन कई बार उसे छुट्टी लेकर घर जाना पड़ता है। बबीता का यह सफर, जहां से वह शुरू करती है और फिर अपनी आवाज सुनना और उसे पहचानना सीखती है, मुझे स्क्रिप्ट में सबसे ज्यादा पसंद आया। सवाल: बबीता के किरदार के लिए निमिषा सजयन को चुनने का फैसला कैसे हुआ? जवाब/अंबिका पंडित: यह फैसला मिलकर लिया गया था। हम सभी को निमिषा का काम बहुत पसंद था। वह बहुत अच्छी एक्टर हैं। उनके चेहरे और व्यवहार में वह ईमानदारी और सादगी है, जो हमें बबीता के किरदार में चाहिए थी। इसलिए हमें लगा कि निमिषा इस भूमिका के लिए सही रहेंगी। सवाल: इस फिल्म में क्राइम के अलावा ऐसी कौन-सी चीज थी, जिसने आपको सबसे ज्यादा आकर्षित किया? जवाब/सुदीप शर्मा: मेरे लिए फिल्म का महिला नजरिया सबसे ज्यादा आकर्षक था। यह बारीकी और ईमानदारी से लिखा गया है। इसमें बनावटीपन नहीं है। ऐसा लगता है कि यह कहानी किसी की असली जिंदगी से आई है। मुझे लगा कि पर्दे पर इसे देखकर बहुत से लोग इससे जुड़ पाएंगे, क्योंकि यह हमारे घरों और आसपास की जिंदगी की कहानी है। क्राइम तो बाद में आता है। अगर फिल्म में क्राइम नहीं भी होता और कहानी किसी दूसरी चीज के बारे में होती, तब भी यह उतनी ही दिलचस्प होती, क्योंकि इसका नजरिया बहुत अलग है। सवाल: आपके पिछले कामों में भी क्राइम के साथ समाज का अलग पहलू देखने को मिलता है। इस फिल्म में इसे अलग दिखाना कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब/सुदीप शर्मा: मेरे लिए यह चुनौती नहीं थी, क्योंकि अंबिका की राइटिंग पहले से ही अलग थी। स्क्रिप्ट पढ़कर मुझे यह सिर्फ एक और पुलिस या मर्डर मिस्ट्री नहीं लगी। इस फिल्म का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बबीता का सफर है। उसकी जिंदगी, रिश्ते और घर की कहानी ज्यादा अहम है। क्राइम यहां सिर्फ जरिया है, जिसके जरिए अलग कहानी कही गई है। मुझे यही बात सबसे ज्यादा स्मार्ट लगी। सवाल:निमिषा को बबीता के किरदार में ढालना कितना चुनौतीपूर्ण रहा? जवाब/अंबिका पंडित: मेरे लिए यह आसान था। असली चुनौती निमिषा के लिए थी। उन्हें इस किरदार के लिए 14 किलो वजन बढ़ाना था। उन्होंने यह पूरी जर्नी तय की और मैंने इसे करीब से देखा। यह उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण था। हालांकि किरदार को उनसे निकालना आसान था, क्योंकि निमिषा बहुत ही भावनात्मक रूप से समझदार एक्टर हैं। इस दौरान हम दोनों अच्छे दोस्त भी बन गए। हम दोनों औरतें हैं, इसलिए इस कहानी को समझना मुश्किल नहीं था। यह हमें किसी और की कहानी नहीं, बल्कि अपनी ही जिंदगी का हिस्सा लगी। सवाल: शूटिंग के दौरान ऐसा कोई मौका आया, जब आपकी और अंबिका की राय अलग हो गई हो? जवाब/सुदीप शर्मा: ऐसा कुछ खास नहीं हुआ। जब आप खुद फिल्ममेकर हैं और किसी दूसरे फिल्ममेकर की फिल्म प्रोड्यूस कर रहे हैं, तो आपको अपना नजरिया पीछे रखना पड़ता है। इस प्रोजेक्ट में मेरा काम अंबिका को सपोर्ट करना था। उनके विजन के लिए जरूरी संसाधन या मदद देना मेरी जिम्मेदारी थी। हमारा पूरा प्रोसेस सहयोग वाला रहा। स्क्रिप्ट भी साफ थी, इसलिए राय के मतभेद की ज्यादा गुंजाइश नहीं थी। सवाल: शूटिंग के दौरान ऐसा कुछ बदला, जो स्क्रिप्ट में नहीं था और बाद में ज्यादा बेहतर लगा? जवाब/अंबिका पंडित: यह कहना मुश्किल है कि जो चीज बदली, वह स्क्रिप्ट से बेहतर थी या नहीं। जब कोई फिल्ममेकर स्क्रिप्ट पर काम करता है तो उसकी अपनी व्याख्या होती है। अंबिका ने लिखा, मैंने फिल्म बनाई और सुदीप शर्मा एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं। हम तीनों की सोच अलग है। हमारी संवेदनाएं एक-दूसरे से मिलती हैं, इसलिए हम साथ काम कर रहे हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि हम तीनों फिल्म बनाएं तो बिल्कुल एक जैसी फिल्म बने। इसलिए स्क्रिप्ट और स्क्रीन पर दिखाई देने वाली चीज में थोड़ा फर्क आना स्वाभाविक है। सवाल: आपकी लॉ की पढ़ाई ने फिल्ममेकिंग में किस तरह मदद की? जवाब/अंबिका पंडित: लॉ की पढ़ाई मेरी जिंदगी में हमेशा काम आती है। फिल्ममेकिंग में भी इसका फायदा मिलता है। कानून ने मुझे सही और गलत के साथ-साथ न्याय और अन्याय का फर्क समझाया। लॉ पढ़ने से दुनिया और समाज को देखने का नजरिया मिला। मेरे लिए फिल्ममेकर के तौर पर नजरिया सबसे जरूरी चीज है। लॉ में भी इंसानों के बीच होने वाले संघर्ष को समझना पड़ता है और फिल्ममेकिंग में भी इंसानों और उनके संघर्षों को समझना जरूरी है। सवाल: क्राइम पर कई फिल्में और सीरीज बन चुकी हैं। इस फिल्म को अलग दिखाना कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब/सुदीप शर्मा: हमारे लिए यह सवाल ही नहीं था कि इसे बाकी क्राइम कहानियों से कैसे अलग करें, क्योंकि अंबिका की कहानी पहले से अलग थी। यह सामान्य मर्डर मिस्ट्री नहीं है। असल कहानी बबीता के सफर और जिंदगी की है। क्राइम सिर्फ माध्यम है, जिसके जरिए उसकी कहानी कही जाती है। यही इस फिल्म की खासियत है। सवाल: आप काफी यात्रा करते हैं और अलग-अलग कहानियों पर काम करते हैं। क्या असल जिंदगी में आपको बबीता जैसे किरदार मिलते हैं? जवाब/सुदीप शर्मा: बिल्कुल। ऐसे किरदार हमें आसपास देखने को मिलते हैं। फिल्ममेकर होने का यह फायदा है कि आपको ऐसे लोगों से मिलने और उन्हें समझने का मौका मिलता है, जिनसे शायद निजी जिंदगी में आपकी मुलाकात न हो। मुझे फिल्ममेकिंग का यह हिस्सा पसंद है। इससे हमें दुनिया को नए नजरिए से देखने और खुद को बेहतर समझने का मौका मिलता है। सवाल: ‘पाताल लोक’ और ‘कोहरा’ जैसे सफल प्रोजेक्ट्स से जुड़ने के बाद आगे बेहतर काम करने का दबाव रहता है? जवाब/सुदीप शर्मा: अच्छी नींद आती है। मेरे लिए पहले से ज्यादा सफल काम करने का दबाव नहीं है, क्योंकि सफलता पूरी तरह हमारे हाथ में नहीं होती। हां, अच्छा काम करने का दबाव हमेशा रहता है। चाहे आप पहली फिल्म बना रहे हों या 100वीं, जिम्मेदारी होनी चाहिए कि जो भी बनाएं, वह आपको खुद अच्छा लगे। दो साल बाद अपना काम देखें तो ऐसा न लगे कि मैंने यह क्या बना दिया था।फिल्ममेकिंग में हम अपनी सोच और नजरिया दुनिया के सामने रखते हैं। अगर लोगों को वह पसंद नहीं आता तो बुरा लगता है। एक छोटा सा जोक सुनाकर कोई न हंसे, तब भी बुरा लगता है। फिल्म बनाने में कई साल की मेहनत लगती है। इसलिए लोगों को वह पसंद नहीं आती तो दुख होता है। लेकिन यह काम हमने खुद चुना है, इसलिए इसकी शिकायत नहीं कर सकते। सवाल: आप राइटर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर तीनों रहे हैं। सबसे ज्यादा आजादी और चुनौती किसमें महसूस होती है? जवाब/सुदीप शर्मा: आजादी तो संन्यासी बनने में है। फिल्ममेकिंग में पूरी आजादी कहीं नहीं होती। आपको हमेशा किसी न किसी के प्रति जवाबदेह रहना पड़ता है। हालांकि पिछले कुछ सालों में फिल्ममेकिंग में आजादी बढ़ी है। पहले सफलता का एक ही पैमाना बॉक्स ऑफिस माना जाता था, लेकिन अब फिल्म को अच्छी सराहना मिलने की भी अपनी वैल्यू है। यह बदलाव अच्छी बात है। सवाल: क्या ‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ को बड़े पर्दे के लिए भी बनाया जा सकता था? जवाब/सुदीप शर्मा: बिल्कुल। मुझे यह बात समझ नहीं आती कि कौन-सी कहानी बड़े पर्दे के लिए है और कौन-सी ओटीटी के लिए। कुछ साल पहले हम ऐसी ही कहानियां बड़े पर्दे पर बना रहे थे। फिर लोगों ने मान लिया कि अब ये कहानियां सिनेमाघरों में नहीं चलेंगी। लेकिन कहानी अच्छी हो, उसे अच्छे तरीके से बनाया और मार्केट किया जाए और सही सपोर्ट मिले, तो ऐसी कहानियां आज भी बड़े पर्दे पर चल सकती हैं। सवाल: अंबिका के डायरेक्शन को आप किस तरह देखते हैं? जवाब/सुदीप शर्मा: उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है। वह बहुत अच्छी डायरेक्टर हैं। अगर मैं यह फिल्म बनाता तो शायद इसे उतना अच्छा नहीं बना पाता, जितना अंबिका ने बनाया है। इसी तरह अगर मैं इसे लिखता तो अंबिका जितना अच्छा नहीं लिख पाता। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इतने अच्छे टैलेंट के साथ काम करने का मौका मिला। उन्होंने पूरे दिल से यह फिल्म बनाई है। उम्मीद है कि दर्शकों को भी यह उतनी ही पसंद आएगी। सवाल: लॉ की पढ़ाई के बाद फिल्ममेकिंग में करियर बनाने का फैसला कब लिया? जवाब/अंबिका पंडित: लॉ में जब दो लोगों के बीच विवाद होता है, तब सही और गलत समझने की कोशिश की जाती है। फिल्ममेकिंग में भी संघर्ष अहम है। इंसानों के बीच क्या हो रहा है, हम एक-दूसरे के साथ क्यों नहीं बन पाते, हम जिंदगी कैसे जीते हैं-ये सभी चीजें कहानी का हिस्सा हैं। इसलिए लॉ और फिल्ममेकिंग के बीच मुझे कनेक्शन हमेशा महसूस हुआ।मुझे लॉ बहुत पसंद था, लेकिन मेरे अंदर एक क्रिएटिव पक्ष था, जो पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो रहा था। फिल्ममेकिंग में आने के बाद मुझे लगा कि यह उस क्रिएटिव हिस्से को पूरा करने का स्वाभाविक रास्ता है। सवाल: अगर आपको अपने किसी शो के एक किरदार के साथ एक दिन बिताने का मौका मिले, तो किसे चुनेंगे? जवाब/सुदीप शर्मा: यह मुश्किल सवाल है। जब आप किसी किरदार को दिल से लिखते हैं तो कहीं न कहीं उसकी जर्नी का हिस्सा खुद भी बन जाते हैं। अगर मुझे किसी एक किरदार के साथ एक दिन बिताना हो तो मैं ‘पाताल लोक’ के हाथीराम चौधरी को चुनूंगी। मैंने उनके साथ बहुत समय बिताया है। उन्हें लिखने में सालों लगे और फिर उसे बनाने में भी काफी वक्त लगा। वह मेरी जिंदगी के पिछले करीब 10 साल का हिस्सा रहे हैं। इसलिए किसी एक किरदार के साथ समय बिताना हो तो हाथीराम चौधरी का नाम ही लूंगा।
बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू कंगना रनोट से जुड़ा सवाल पूछे जाने पर भड़क गईं। हाल ही में कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तापसी पर उनकी परवरिश और माता-पिता का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया था। इस पर मीडिया से बातचीत के दौरान तापसी ने कहा कि जब लोग और मीडिया उनसे इस मुद्दे पर सवाल पूछना बंद कर देंगे, तब यह विवाद अपने आप खत्म हो जाएगा। तापसी अपनी अपकमिंग फिल्म 'गांधारी' के प्रमोशन के सिलसिले में बातचीत कर रही थीं। तापसी बोलीं- आप लोग विवाद खत्म नहीं होने देते जब तापसी से कंगना के आरोपों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, आप इस बात को खत्म क्यों नहीं होने देते? जब कोई हम दोनों से यह सवाल पूछना बंद कर देगा, तो यह मुद्दा भी खत्म हो जाएगा। आप सब लोगों को यह सब देखने में मजा आ रहा है, इसलिए वही सवाल पूछ रहे हैं। ऐसे सवाल पूछना अगर आप बंद कर दें, तो यह बात कब की खत्म हो जाती। कंगना ने सस्ती कॉपी कहा, फिर डिलीट की स्टोरी इससे पहले कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो स्टोरीज शेयर की थीं, जिन्हें बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। उन्होंने लिखा, ‘एक सस्ती कॉपी अपनी आने वाली B-ग्रेड फिल्म को लेकर भी हमेशा की तरह मीडिया में सिर्फ हेडलाइन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन आज उन्होंने सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने मेरी परवरिश और मेरे माता-पिता का बेहद बेशर्मी से मजाक उड़ाया।’ एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ‘मुझे लगता है कि सभी माता-पिता अपने बच्चों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ करते हैं। मैं कभी किसी बहस में माता-पिता को नहीं लाती, लेकिन आज मैं उनके माता-पिता से भी पूछना चाहती हूं कि वे मेरे माता-पिता की तरह कोई ओरिजिनल इंसान क्यों नहीं पैदा कर सके? इतनी सस्ती कॉपी क्यों? आपकी कोशिशों के लिए मुझे अफसोस है।’ कंगना ने कहा- वो प्रतिष्ठित परिवार से आती हैंइसके बाद कंगना ने तापसी की टिप्पणी वाली एक खबर शेयर की और कहा कि कई लोग उनकी परवरिश और माता-पिता पर सवाल उठाते हैं। कंगना ने बताया कि उनका परिवार एक प्रतिष्ठित राजपूत जमींदार परिवार से आता है और उनके माता-पिता पढ़े-लिखे हैं। कंगना ने कहा कि यह उनकी निजी पसंद थी कि वह अपने करियर की शुरुआत बिल्कुल शुरुआत से करें। इसके लिए उनके माता-पिता पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं? तापसी-कंगना का विवाद कई साल पुरानाअभिनेत्री तापसी पन्नू और कंगना रनोट के बीच विवाद काफी पुराना है। विवाद की शुरुआत 2018-19 के आसपास हुई। तापसी ने फिल्म 'मनमर्जियां' के प्रमोशन के दौरान कहा था कि कंगना को अपनी बात कहने के लिए फिल्टर की जरूरत है। इसके बाद 2019 में तापसी ने कंगना की फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ के ट्रेलर की तारीफ की, लेकिन कंगना का नाम नहीं लिया। इस पर कंगना की बहन रंगोली चंदेल ने तापसी को ‘सस्ती कॉपी’ कह दिया था। इसके बाद 2020 में सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस तेज हुई। इसी दौरान कंगना ने तापसी और स्वरा भास्कर को ‘बी-ग्रेड एक्ट्रेस’ कहा था। कंगना ने कहा था कि दोनों आउटसाइडर होने के बावजूद नेपोटिज्म का समर्थन करती हैं। तापसी ने इस पर कहा था कि आउटसाइडर्स को आपस में नहीं लड़ना चाहिए। ये खबर भी पढ़ें 'भाई को बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी?':कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन में रिवीलिंग ड्रेस के बाद कंगना रनोट ने उठाए सवाल कृति सेनन हाल ही में रक्षाबंधन के लिए बने एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न कपड़े पहने थे, जिसमें ब्रालेट जैसा ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। पूरी खबर पढ़ें
अजय देवगन को फिल्म फूल और कांटे से लॉन्च करने वाले वेटरन फिल्ममेकर कुकू कोहली का मंगलवार को 77 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में आखिरी सांस ली। कुकू कोहली को हार्ट अटैक आया था। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने इसकी पुष्टि की। अजय देवगन को फिल्म फूल और कांटे कुकू कोहली की भी डायरेक्टर के तौर पर पहली फिल्म थी। यह फिल्म सुपरहिट रही थी। इसके बाद कुकू कोहली ने कोहराम, सुहाग, हकीकत और जुल्मी जैसी फिल्में बनाईं। राज कपूर के साथ काम करके करियर शुरू किया कुकू कोहली ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत राज कपूर की फिल्म ‘बॉबी’ में असिस्टेंट के तौर पर काम करके की थी। उन्होंने कई साल उनके साथ रहकर फिल्म बनाने की बारीकियां सीखीं। बाद में वह फिल्म बेताब में सेकेंड यूनिट डायरेक्टर रहे। सनी देओल और अमृता सिंह स्टारर यह फिल्म हिट थी। इसके बाद उन्होंने अर्जुन में भी काम किया। 1991 में कुकू कोहली ने फूल और कांटे से बतौर डायरेक्टर शुरुआत की। फिल्म हिट रही और अजय देवगन को बॉलीवुड में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने कोहराम और सुहाग जैसी फिल्में बनाईं। सुहाग में अजय देवगन और अक्षय कुमार पहली बार साथ नजर आए थे। 1995 में उनकी फिल्म हकीकत रिलीज हुई। इसमें अजय देवगन और तब्बू थे। फिल्म को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में सात कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला। कुकू को बेस्ट डायरेक्टर के लिए भी नॉमिनेशन मिला। इसके बाद उन्होंने जुल्मी, अनाड़ी नंबर 1 और ये दिल आशिकाना जैसी फिल्में बनाईं। उनकी आखिरी फिल्म वो तेरा नाम था 2004 में रिलीज हुई थी। कुकू कोहली और अरुणा ईरानी ने गुपचुप शादी की थी कुकू कोहली की दो शादियां हुई थीं। कुकू कोहली की पहली पत्नी का नाम रीता कोहली था। रीता कोहली और कुकू कोहली से उनकी दो बेटियां पूजा और करिश्मा हुईं। वहीं, कुकू कोहली की दूसरी शादी एक्ट्रेस अरुणा ईरानी से हुई। दोनों की पहली मुलाकात फिल्म कोहराम के सेट पर हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच बिल्कुल नहीं बनती थी। हालांकि, काम के दौरान कुकू कोहली अरुणा का काफी ख्याल रखते थे। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती बढ़ी और यही दोस्ती प्यार में बदल गई। जब अरुणा को कुकू से प्यार हुआ, तब उन्हें पता चला कि कुकू पहले से शादीशुदा हैं। उनकी पहली पत्नी रीता कोहली से दो बेटियां भी थीं। इसके बावजूद अरुणा ने कुकू के साथ रिश्ता आगे बढ़ाया। दोनों ने 1990 में शादी कर ली। हालांकि, उन्होंने कई साल तक अपनी शादी को सार्वजनिक नहीं किया। अरुणा ने बताया था कि वह कुकू की पहली पत्नी और उनके परिवार की परेशानियां नहीं बढ़ाना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने अपने रिश्ते को निजी रखा। वहीं, कुकू कोहली की पहली पत्नी के निधन के बाद दोनों ने अपने रिश्ते के बारे में खुलकर बात की। शादी के बाद अरुणा और कुकू ने बच्चे नहीं करने का फैसला लिया। अरुणा ने कहा था कि उस समय उनकी उम्र और कुकू के पहले से बच्चों को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… लगान-गजनी फेम एक्टर प्रदीप रावत का निधन:74 साल के थे, दोबारा कैंसर हुआ था; महाभारत में अश्वत्थामा बने थे लगान और गजनी समेत कई फिल्मों में नजर आने वाले अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में 4 अगस्त को निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी लगान में उनके साथ काम करने वाले अभिनेता यशपाल शर्मा ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए शेयर की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
मुंबई पुलिस ने एक्टर सलमान खान को दी गई रंगदारी की धमकी मामले में फर्जी साजिश का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने किसी गैंगस्टर गैंग के नाम पर झूठी वॉट्सऐप चैट और फर्जी पहचान बनाई थी ताकि सलमान खान से पैसे ऐंठे जा सकें। आरोपी की ओर से किए गए दावों और सीसीटीवी फुटेज में अंतर मिलने के बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने पूरी कहानी गढ़ने की बात कबूल कर ली है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी IANS की रिपोर्ट से सामने आई है। बांद्रा सी-फ्रंट से बरामद किए दो मोबाइल फोनपुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने इलेक्ट्रॉनिक तरीकों का इस्तेमाल करके फर्जी वॉट्सऐप चैट तैयार की थीं। उसने डराने की नीयत से खुद को किसी गैंगस्टर गैंग का हिस्सा दिखाया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बांद्रा सी-फ्रंट के पास छिपाकर रखे गए दो मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा गवाहों की मौजूदगी में फर्जी वॉट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट भी जब्त किए गए हैं। पिछले साल अप्रैल में मिली थी मर्डर की धमकी सलमान खान को पिछले साल अप्रैल में जान से मारने की धमकी मिली थी। मुंबई के वर्ली स्थित ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में अज्ञात शख्स ने वॉट्सएप मैसेज कर सलमान खान की कार को बम से उड़ाने की बात कही। देर रात भेजे गए इस मैसेज में लिखा है- हम सलमान खान को घर में घुसकर मारेंगे। पुलिस ने इस मामले में गुजरात से एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। बिहार से फोनपे पर मंगाए गए थे 1.30 लाख रुपएजांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी को बिहार के सीवान से फोनपे के जरिए लगभग 1.30 लाख रुपए मिले थे। यह रकम उसने बांद्रा में एक मनी ट्रांसफर एजेंट से कैश में हासिल की थी। मुंबई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 336(3), 351(3), 353(2), 271, 340 और 248 के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उसने अकेले यह काम किया या इसमें कोई और भी शामिल था। सलमान के गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हो चुकी फायरिंगइससे पहले 14 अप्रैल 2024 को सुबह करीब 5 बजे सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट पर 7.6 बोर की पिस्टल से 4 राउंड फायरिंग हुई थी। इस समय सलमान खान घर में ही मौजूद थे। सलमान को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा, 24 घंटे 11 जवान साथ 'बिग बॉस 20' को होस्ट कर रहे सलमान'बिग बॉस 20' की मेजबानी की तैयारी में सलमान वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' को होस्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। शो के नए सीजन के बारे में बात करते हुए सलमान ने कहा कि हर सीजन में नए गेम और ट्विस्ट होते हैं, लेकिन इस बार शो के केंद्र में एक रहस्य है। ये शो 6 सितंबर से शुरू हो रहा है।
एक्ट्रेस कृति सेनन ने अपने हालिया रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट को लेकर हुई ट्रोलिंग पर चुप्पी तोड़ी है। इस एड में रिवीलिंग ड्रेस और पालतू कुत्ते (पेट डॉग) को राखी बांधने पर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हुई थी। इस विवाद पर मंगलवार को इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कृति ने लिखा कि त्योहारों का असली मतलब पहनावे में नहीं, बल्कि परंपराओं के प्रति भावनाओं में होता है। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के कपड़ों पर सवाल उठाने वालों को भी कड़ा जवाब दिया है। 'संस्कृति दिल में होती है, नेकलाइन में नहीं'कृति सेनन ने अपने पोस्ट में लिखा कि एथनिक फैशन में समय के साथ बदलाव आया है, लेकिन आज भी महिलाओं के अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान को सिर्फ उनके कपड़ों से नापा जाता है। एक्ट्रेस ने सवाल उठाया कि समाज महिलाओं को क्या पहनना चाहिए, यह बताना कब बंद करेगा? उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराएं इंसान के दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं। 'बहन और पेट डॉग्स को भी बांधती हूं राखी'रक्षाबंधन पर बात करते हुए कृति ने कहा कि यह त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वे और उनकी बहन नूपुर सेनन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं, क्योंकि वे दोनों एक-दूसरे की सुरक्षा किसी भाई से कम नहीं करती हैं। कृति ने आगे लिखा कि यही प्यार पेट डॉग्स के लिए भी है, क्योंकि वे भी उनके परिवार का ही हिस्सा हैं। एड में पहनावे और पेट डॉग को लेकर हुआ था विवादयह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के रक्षाबंधन एड के सामने आने के बाद शुरू हुआ था। एडवर्टाइजमेंट में कृति इंडो-वेस्टर्न ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज में नजर आई थीं और वीडियो में वे एक पालतू कुत्ते को भी राखी बांधती दिखी थीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति का अपमान बताते हुए एक्ट्रेस के कपड़ों को लेकर नाराजगी जताई थी और शिकायत दर्ज करने की मांग की थी। कंगना ने कहा- बिकिनी में राखी क्यों बांधेंगी? इस विवाद पर कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपड़ों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लहंगा चोली, जींस से साड़ी और बिकिनी से सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास कपड़ों के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां गए? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है। धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोपकुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस एडवर्टाइजमेंट को हिंदू धर्म और त्योहारों के प्रति असंवेदनशील करार दिया। एक यूजर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार के गलत चित्रण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में एक्ट्रेस के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। विवाद बढ़ने के बाद कृति सेनन के बचाव में भी कई लोग आगे आए हैं। सपोर्ट करने वाले यूज़र्स का कहना है कि कृति का आउटफिट किसी भी तरह से आपत्तिजनक नहीं है और लोगों को दूसरों के कपड़ों को जज करना बंद करना चाहिए। 'कॉकटेल 2' में नजर आई थीं कृति सेननकृति सेनन के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्हें हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'कॉकटेल 2' में देखा गया था। होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कृति के साथ शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिका में थे। यह फिल्म 2012 में आई सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म 'कॉकटेल' का सीक्वल थी, जिसे बॉक्स ऑफिस पर मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला था। ये खबर भी पढ़ें हिट फिल्म के बाद भी 15 महीने बेरोजगार रहीं कृति:स्टारकिड्स ने छीने बड़े रोल, जिस किरदार पर सवाल उठे, उसी ने दिलाया नेशनल अवॉर्ड कृति सेनन बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनके नाम नेशनल अवॉर्ड, कई सुपरहिट फिल्में और अपना प्रोडक्शन हाउस है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता रिजेक्शन, अकेलेपन, तानों और आत्मविश्वास की लड़ाई से होकर गुजरा है। पूरी खबर पढ़ें
जॉनी लीवर की बेटी और एक्ट्रेस जेमी लीवर ने कहा कि उनकी शादी की खबरें फर्जी हैं। दरअसल, हाल ही में एक फर्जी AI वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया कि जेमी और गोविंदा के बेटे यशवर्धन की शादी हो गई है। वीडियो में दोनों की शादी से जुड़े AI विजुअल भी दिखाए गए थे। जिसके बाद जेमी ने सोमवार को वीडियो शेयर कर कहा कि मेरी शादी के लिए मुझे पता है कि बहुत सारे लोग चिंतित हैं, सोच रहे हैं, हो रही है, कब हो रही है और इसके चलते कुछ AI, फेक वीडियो बनाए गए हैं, जो इंटरनेट पर सर्कुलेट हो रहे हैं। पहले मुझे काफी हंसी आई, मैंने एंजॉय किया। हम लोग कजिन्स आपस में एक-दूसरे को वीडियो भेज रहे थे और हम काफी हंस रहे थे, लेकिन अब ऐसा हो गया है कि बहुत सारे कॉल आने लग गए हैं और मुझे बधाई देने के लिए। उन्होंने आगे कहा कि लेकिन ये सारे वीडियो और सारी जानकारी फेक है। अब इसकी वजह से दिक्कत होने लग गई है क्योंकि ऐसे कॉल आने लग गए हैं मुबारकबाद देने के लिए, बधाई देने के लिए कि जो असली रिश्ते आने वाले थे ना मेरे, जो आ रहे थे, वो भी आना बंद हो गए हैं। जेमी लीवर ने वीडियो में यशवर्धन आहूजा का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि जिस इंसान के साथ उनकी शादी की फर्जी खबरें उड़ाई जा रही हैं, वह उनके छोटे भाई जैसा है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों एक फिल्म पर साथ में काम कर रहे हैं। जेमी ने लोगों से फालतू के वीडियो न बनाने की अपील करते हुए कहा कि ये उनके लिए बहुत बुरा है। यशवर्धन बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले हैं गोविंदा और सुनीता आहूजा के बेटे यशवर्धन आहूजा जल्द ही बॉलीवुड में कदम रखने जा रहे हैं। उनकी पहली फिल्म में वो अपनी मां सुनीता के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे। फिल्म का नाम ‘हीरो की हॉररइन’ है, जिसे एकता कपूर, शोभा कपूर और अमर बुटाला प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म का निर्देशन साजिद खान ने किया है। ‘हीरो की हॉररइन’ में यशवर्धन के साथ ‘लापता लेडीज’ फेम एक्ट्रेस नितांशी गोयल नजर आएंगी। जेमी लीवर, चंकी पांडे, बृजेंद्र काला और सिमरत कौर रंधावा भी फिल्म का हिस्सा हैं। …………… जेमी लीवर से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जेमी लीवर से कपड़े उतारने की मांग की गई थी:वीडियो कॉल पर ऑडिशन लिया जा रहा था, एक्ट्रेस ने आपबीती सुनाई जेमी लीवर ने एक ऑडिशन के नाम पर हुए अपने बुरे अनुभव को शेयर किया था। जेमी ने बताया था कि उनसे एक वीडियो कॉल पर कपड़े उतारने को कहा गया था। यह घटना तब की थी जब जेमी के पास कोई मैनेजर नहीं था और वह खुद ही काम के लिए संपर्क कर रही थीं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अभिनेता अभय वर्मा इन दिनों ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में भारतीय वायुसेना के अधिकारी आरएस धालीवाल का किरदार निभाकर चर्चा में हैं। इस भूमिका ने उन्हें अभिनेता के तौर पर चुनौती दी और देश के अनसंग हीरोज को करीब से समझने का मौका दिया। अभय बताते हैं कि एयरफोर्स स्टेशन में जवानों से मुलाकात, मिग-21 में बैठने और पूर्व एयर चीफ मार्शल धनोआ से मिलने के अनुभव उनके लिए बेहद भावुक और प्रेरणादायक रहे। धालीवाल के परिवार से मुलाकात को वह अपने करियर का खास सम्मान मानते हैं। उन्होंने युद्ध, परिवार, वर्दी और देश के लिए बलिदान पर भी बात की। सवाल: ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में काम करने का आपकी जिंदगी पर कितना असर पड़ा? जवाब: मेरे लिए एक्टिंग का एक ही फंडा है कि मैं हर दिन एक बेहतर इंसान बनूं। पिछले किरदार से जितनी खूबियां सीखूं, उन्हें अगले प्रोजेक्ट में इस्तेमाल करूं और एक बेहतर एक्टर बनूं। ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में हमारे देश के हीरोज को निभाने का मौका मिला। इसके साथ बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी महसूस हुई। आज हम अपने परिवार के साथ चैन से सोते हैं, देश पर गर्व करते हैं और हमारे युवा सेना में जाने का सपना देखते हैं, तो इसमें इन अनसंग हीरोज का बहुत बड़ा योगदान है। एक्टर के तौर पर ऐसा किरदार मिलना मेरे लिए किसी एथलीट के ओलंपिक के लिए चुने जाने जैसा है। सवाल: आपका जन्म 27 जुलाई 1998 को हुआ और कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई 1999 को था। जब आपने कारगिल और ऑपरेशन सफेद सागर को करीब से समझा तो क्या महसूस हुआ? जवाब: जब कारगिल युद्ध हुआ, तब मैं सिर्फ एक साल का था। उस समय मुझे कुछ पता नहीं था, लेकिन ‘कारगिल’ शब्द बहुत मशहूर हो गया था। बाद में किताबों के जरिए इसके बारे में जाना। ‘ऑपरेशन विजय’ के बारे में तो हम बहुत सुनते आए हैं, लेकिन ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की कहानी हमारे सामने नहीं आई थी। जब पहली बार डायरेक्टर ने इसके बारे में बताया तो मैंने उनसे पूछा- ‘सर, ये सच में हुआ था?’ सवाल बचकाना था, लेकिन कहानी इतनी अविश्वसनीय थी कि मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि ऐसा हुआ भी था और हमें पता भी नहीं। सबसे खास बात यह थी कि मैं पहले से अपने हीरो के बारे में सोचकर नहीं आया था। किरदार निभाते-निभाते आरएस धालीवाल मेरे हीरो बन गए। उनकी बहादुरी, जज्बा और साहस ने मुझे बहुत प्रभावित किया। सवाल: एयरफोर्स के लोगों से मिलने पर आपको अपने किरदार की अहमियत कैसे महसूस हुई? जवाब: जब मैं एयरफोर्स स्टेशन में लोगों से मिला और बताया कि मैं आरएस धालीवाल का किरदार निभा रहा हूं, तो उनकी आंखों में अलग चमक आ गई। उनकी छाती गर्व से चौड़ी हो गई। एक व्यक्ति ने दोबारा मेरा हाथ मिलाकर कहा, ‘आप धाली को प्ले कर रहे हैं?’ हाल ही में रात में पुलिस अल्कोहल चेक कर रही थी। मैंने शीशा नीचे किया तो हवलदार ने मुझे दो बार देखा और पूछा कि आपने धाली का किरदार निभाया है ना? उन्होंने जाते-जाते दोबारा हाथ मिलाया। हमारे हीरोज के लिए लोगों के मन में जो सम्मान है, उसे महसूस करना मेरे लिए खास था। सवाल: आरएस धालीवाल बहुत कम बोलने वाले, आत्मविश्वासी और निडर अधिकारी थे। उन्हें निभाने की तैयारी कैसे की? जवाब: सबसे पहले तो मुझे डर लग रहा था, क्योंकि वह बहुत कम बोलते थे और मैं बहुत बोलता हूं। यही मेरी पहली चुनौती थी। हालांकि असली तैयारी हमारे डायरेक्टर और राइटर ने कराई। मुझे लगता है कि हर इंसान जो वर्दी पहनता है, वह भगवान का भेजा हुआ इंसान है। वह हमें बचाने के लिए वर्दी पहनता है, बिना कुछ मांगे अपना काम करता है। यह गुण मैंने अपनी मां और इन हीरोज में देखा है। वे कुछ कर जाते हैं, लेकिन उसके बारे में बताते नहीं हैं। मेडल नहीं मांगते। बस अपना काम करते हैं। हमारे शो में भी एक लाइन है कि वर्दी ऐसी चीज नहीं है जिसे कोई राह चलता आदमी खरीदकर पहन ले। जिसे इसे पहनने का मौका मिलता है, वह आम इंसान से ऊपर होता है। मैं आखिरी दिन तक खुद को तैयार करता रहा, लेकिन मुझे लगता है कि ऐसे लोगों जैसा पूरी तरह बनना संभव नहीं है। हम सिर्फ उनके जैसा बनने की कोशिश कर सकते हैं। सवाल: इस प्रोजेक्ट का ऑडिशन कैसे हुआ? जवाब: मैंने पहले ऑडिशन दिया था। वह ऑडिशन मुकेश छाबड़ा सर के ऑफिस में हुआ था। वह हर प्रोजेक्ट में कोशिश करते हैं कि मैं ऑडिशन दूं। मुझे यह बात अच्छी लगती है कि इंडस्ट्री में कुछ काम करने के बाद भी ऑडिशन देने में मुझे कोई दिक्कत नहीं होती। ऑडिशन पसंद आने के बाद जब मैं डायरेक्टर से मिला तो उन्होंने मुझे ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ के बारे में विस्तार से बताया। मैं हैरान था कि ऐसा कुछ हमारे इतिहास में हुआ है और हमें इसके बारे में ज्यादा पता नहीं है। मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी यह थी कि मुझे वर्दी पहनने और एक ऐसे इंसान को निभाने का मौका मिलेगा, जो आने वाली पीढ़ी के लिए उदाहरण है। सवाल: आपको दर्शकों से सबसे बड़ा कॉम्प्लीमेंट क्या मिला? जवाब: एक व्यक्ति ने मुझे डीएम किया और लिखा- ‘आप एक्टिंग छोड़ो, एयरफोर्स जॉइन कर लो।’ इससे बड़ा कॉम्प्लीमेंट मेरे लिए कुछ नहीं हो सकता। इसके अलावा एयर चीफ एपी सिंह जी मुझसे मिले और उन्होंने कहा, ‘यार, तू लग रहा है। तुमने कमाल का काम किया है।’ यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। एयरफोर्स के सबसे बड़े अधिकारी जब आपके काम की तारीफ करें और आशीर्वाद दें तो उससे बड़ा सम्मान क्या हो सकता है। सवाल: धालीवाल की बेटी से मुलाकात कैसी रही? जवाब: स्क्रीनिंग के दौरान उनकी बेटी से मुलाकात हुई। वह दो मिनट की भावुक मुलाकात थी। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि मुझसे क्या कहें और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उनसे क्या कहूं। ऐसा लग रहा था कि वह मेरी आंखों में अपने पिता की झलक देख रही हैं और मैं उनकी आंखों में धालीवाल साहब का एक हिस्सा देख रहा था। हम दोनों के पास शब्द कम पड़ गए थे। बस यही इच्छा थी कि जहां भी धालीवाल सर हों, उन्हें हम पर गर्व महसूस हो। सवाल: एयरफोर्स स्टेशन और मिग-21 के साथ शूटिंग का अनुभव कैसा रहा? जवाब: जब पहली बार एयरफोर्स स्टेशन में गया तो सबसे पहले फोन जमा हुआ। अंदर जाने से पहले बैकग्राउंड चेक भी हुआ। लेकिन अंदर जाने के बाद मुझे सबसे ज्यादा जो चीज महसूस हुई, वह थी एकता। सीनियर से जूनियर तक सभी एक-दूसरे के लिए तैयार थे। मुझे लगा कि अगर हमारा पूरा देश एयरफोर्स बेस की तरह एकजुट हो जाए तो कितना खूबसूरत होगा। पूर्व एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ सर से मिलने का भी मौका मिला। इतने बड़े लेजेंड होने के बावजूद वह कमरे में सबसे मजाकिया इंसान थे। इतने बड़े फैसले लेने वाले और देश के लिए युद्ध लड़ चुके इंसान का इतना सरल होना मेरे लिए प्रेरणादायक था। मिग-21 में बैठने का अनुभव शब्दों में बताना मुश्किल है। हम उन आखिरी कुछ नागरिकों और एक्टर्स में हैं, जिन्हें मिग-21 में बैठने का मौका मिला। इसी विमान ने हमारे लिए कई लड़ाइयां लड़ीं और कारगिल में भी अहम भूमिका निभाई। एक दिन हमारे सामने फाइटर जेट का लो फ्लाइंग शो हुआ। जेट करीब डेढ़ किलोमीटर दूर था, लेकिन उसकी आवाज इतनी तेज थी कि हमें शूटिंग रोकनी पड़ी। जब हमने उसे आसमान में जाते देखा तो मेरी और सिद्धार्थ सर की आंखें नम हो गईं। हमने एक-दूसरे को गले लगाया और भगवान को धन्यवाद दिया कि हमें यह देखने का मौका मिला। सवाल: युद्ध की कहानी में आपने भावनाओं और परिवार के पक्ष को कैसे निभाया? जवाब: मुझे लगता है कि अगर परिवार का एक व्यक्ति सेना में जाता है तो सिर्फ वह व्यक्ति नहीं जाता, पूरा परिवार उसके साथ जाता है। उसकी पत्नी भी अपना युद्ध लड़ती है और बच्चा भी अनजाने में उस संघर्ष का हिस्सा होता है। एक सैनिक देश के लिए लड़ रहा है, लेकिन उसके पीछे उसका परिवार भी खड़ा है। हर सफल सैनिक के पीछे एक और बड़ा सैनिक होता है, जो घर संभाल रहा है और यह जानते हुए भी परिवार को संभालता है कि उसका पति शायद वापस आए या नहीं। मेरे लिए युद्ध से ज्यादा जरूरी इंसान और रिश्ते हैं। मुझे लगता है कि युद्ध नहीं होना चाहिए। सीमाओं की रक्षा होनी चाहिए, लेकिन युद्ध नहीं। सवाल: पूरी स्टारकास्ट के बीच इतना अच्छा रिश्ता कैसे बना? जवाब: हम करीब ढाई साल से एक साथ हैं और अब भाइयों जैसे हो गए हैं। अगर किसी एक कलाकार के बारे में अच्छी खबर आती है तो हमें लगता है कि हमारी तारीफ हो रही है। हमने ‘गोल्डन एरोज’ और नंबर 17 स्क्वाड्रन वाली भावना को सच में अपना लिया है। हम एक-दूसरे के विंगमैन बन गए हैं। इस शो की सबसे बड़ी ताकत भी यही है कि अकेले जीतना बड़ी जीत नहीं है, सबके साथ जीतना बड़ी बात है। सिर्फ लड़कों की बात नहीं है, प्रजक्ता मैम और अमृता बख्शी ने भी शानदार काम किया है। वीर नारी अलका हौजा का किरदार भी बहुत खूबसूरती से निभाया गया है। सवाल: आपकी मां ने आपकी जर्नी में कितना योगदान दिया है? जवाब: मेरी मां मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणाओं में से एक हैं। मैंने उनमें भी यही देखा है कि कुछ कर जाना और उसके बारे में कुछ न कहना। जब धालीवाल साहब के परिवार से मिला और उनकी आंखों में वह चमक देखी तो लगा कि मेरा मेडल मुझे मिल गया। उन्होंने कहा कि मैंने बहुत अच्छा काम किया है। मेरे लिए यह बहुत बड़ा सम्मान है, क्योंकि मैं यह किरदार अपने हीरो को ध्यान में रखकर निभा रहा था। सवाल: आपकी टी-शर्ट पर मिग-21 बना हुआ है। इसके पीछे क्या कहानी है? जवाब: एयरफोर्स की वर्दी पहनने का मौका मिला, लेकिन एयरफोर्स से बाहर यह टी-शर्ट मेरी वर्दी है। मैं इसे गर्व के साथ पहनता हूं। स्क्रीनिंग से कुछ दिन पहले एयरफोर्स के अधिकारी सिंघा सर से मैंने मजाक में कहा था कि आप मेरे लिए कुछ लेकर नहीं आए। उन्होंने कहा कि अगली बार जरूर लाऊंगा। मैं भूल गया था। करीब एक महीने बाद जब वह मिले तो मेरे लिए मिग लेकर आए। तब से जब भी मौका मिलता है, मैं इसे अपने साथ रखता हूं। यह मेरे लिए सिर्फ टी-शर्ट नहीं है। यह उस किरदार और हमारे देश के हीरोज की याद है। मिग-21 ने हमारे देश के लिए लड़ाइयां जीती हैं। इसलिए मेरे लिए इससे ज्यादा कीमती और गर्व की चीज शायद कुछ नहीं हो सकती।
कृति सेनन हाल ही में रक्षाबंधन के लिए बने एक ज्वेलरी ब्रांड के विज्ञापन में नजर आई थीं। विज्ञापन में उन्होंने इंडो-वेस्टर्न कपड़े पहने थे, जिसमें ब्रालेट जैसा ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट शामिल थी। इस लुक को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो गया। कुछ यूजर्स ने कहा कि पारंपरिक त्योहार पर बने विज्ञापन में यह आउटफिट सही नहीं है। अब इस पर कंगना रनोट का भी रिएक्शन सामने आया है। हालांकि, उन्होंने कृति सेनन का नाम नहीं लिया। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपड़ों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लहंगा चोली, जींस से साड़ी और बिकिनी से सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास कपड़ों के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां गए? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन का विज्ञापन विवादों में घिराबता दें कि कृति सेनन अपने एक नए एडवर्टाइजमेंट को लेकर विवादों में घिर गई हैं। रक्षाबंधन की थीम पर बने इस एड में कृति अपने ऑन-स्क्रीन भाई को राखी बांधती नजर आ रही हैं। हालांकि, एड में उनके रिवीलिंग ड्रेस (ब्रालेट आउटफिट) को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई। ब्रालेट ब्लाउज पहन राखी बांधने पर जताई नाराजगी जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के इस एडवर्टाइजमेंट में कृति सेनन ने केप के साथ ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना हुआ है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने उनके कपड़ों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। यूजर्स का कहना है कि त्योहार के हिसाब से कपड़े पहनना कॉमन सेंस की बात है। विवाद बढ़ने के दौरान कई यूजर्स ने इस मामले में धर्म की तुलना भी शुरू कर दी। पूरी खबर यहां पढ़ें… कंगना ने अभिजीत दीपके पर तंज कसा वहीं, कंगना ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया। इस रील में पहले अभिजीत दीपके को अंग्रेजी में बयान देते हुए दिखाया गया, इसके बाद कंगना रनोट की अंग्रेजी बोलते हुए क्लिप दिखाई गई। वीडियो के कैप्शन में दोनों के अंग्रेजी बोलने के लेवल की तुलना की गई। वीडियो में लिखा था कि एक तरफ 12वीं पास कंगना हैं, जबकि दूसरी तरफ बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़े सीजेपी दीपके हैं। वीडियो में कैप्शन में लिखा था कि एक में आग है, जबकि दूसरे को रीबूट की जरूरत है। बता दें कि वीडियो में कंगना ने बताया था कि करियर की शुरुआत में अंग्रेजी को लेकर उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा था और ‘कॉफी विद करण’ में सोनम कपूर ने उनका मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उन्होंने शालीनता और आत्मविश्वास बनाए रखा। …………. कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें...कंगना रनोट ने आलोचकों पर साधा निशाना:बोलीं- आशुतोष राणा, सोनू सूद, तापसी और राखी मेरी तरह 1% भी सफल नहीं हुए, उनका ज्ञान नहीं सुनूंगी भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने आलोचकों पर निशाना साधा। उन्होंने आशुतोष राणा, सोनू सूद, राखी सावंत और तापसी पन्नू का नाम लेकर कहा कि अगर लोग उनकी तरह एक प्रतिशत भी सफल नहीं हुए हैं तो वह उनका ज्ञान नहीं सुनेंगी। कंगना ने बाबा रामदेव पर भी मर्यादा लांघने का आरोप लगाया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
एक्ट्रेस हिमांशी खुराना ने एक्स बॉयफ्रेंड आसिम रियाज के धर्म परिवर्तन और निजी विवाद को लेकर किए दावों पर सोमवार को जवाब दिया। हिमांशी ने कहा कि उन्होंने जबरन धर्म परिवर्तन की बात नहीं कही थी। उन्होंने धर्म परिवर्तन से जुड़े तथ्य, सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्डिंग शेयर करने की बात कही और हिंसा के सबूत भी सामने रखने की बात कही। हिमांशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, मैंने हमेशा अपनी निजी जिंदगी की बातें लोगों के साथ शेयर करते समय सम्मान और समझदारी का ध्यान रखा है। चाहे वह मेरा बिग बॉस का अनुभव हो, मेरी आध्यात्मिक यात्रा हो या मेरी सेहत से जुड़ी बातें। मैंने अपनी जिंदगी के इन हिस्सों के बारे में हमेशा ईमानदारी से बात की है। मैंने कभी इन्हें किसी का अपमान करने या किसी को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने आगे कहा, मैंने कभी नहीं कहा कि जबरदस्ती धर्म परिवर्तन हुआ था। यह बात लोगों और मीडिया ने अपने हिसाब से बनाई, लेकिन जब मेरी सेहत का मजाक उड़ाया जाता है और मेरी परेशानियों पर सवाल उठाए जाते हैं, तो मुझे लगता है कि अब मुझे अपनी सीमा तय करनी होगी। हिमांशी बोलीं- सबूतों के साथ पूरी बात करूंगी हिमांशी ने कहा कि अगर सबूतों की बात होगी तो वह धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले के तथ्य और सबूत शेयर करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने लिखा, अगर बात सबूतों की हो रही है, तो पूरी बात करते हैं। मैं धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले के तथ्य और सबूत दिखाने के लिए तैयार हूं। इसमें सीसीटीवी फुटेज और रिकॉर्डिंग भी शामिल हैं। उम्मीद है, आपको 27 नवंबर 2023 की सुबह की बात याद होगी। मैं अपने साथ हुई हिंसा के सबूत भी सामने रख सकती हूं। हिमांशी ने बिना नाम लिए कहा कि वह आसिम की इमेज बचाने के लिए चुप नहीं रहेंगी। उन्होंने लिखा, अगर आप मेरी इमेज खराब करना चाहते हैं, तो अब मैं आपकी इमेज बचाने के लिए हर बात छिपाती नहीं रहूंगी। बार-बार मेरा अपमान और बेइज्जती होगी, तो मैं चुप भी नहीं रहूंगी। अलग-अलग प्रोडक्शन हाउस और चैनलों के लोगों ने आपकी हरकतों को छिपाया है, लेकिन अब मैं ऐसा नहीं करूंगी। हिमांशी ने कहा कि विवाद के दौरान उन्होंने अपनी गरिमा बनाए रखी और सम्मान दिखाया। उन्होंने लिखा, मैंने हमेशा अपनी इज्जत बनाए रखी और दूसरों को सम्मान दिया। बदले में मैं भी यही सम्मान चाहती हूं। अगर मुझे सम्मान नहीं मिलेगा, तो अब चुप रहने की कोई वजह नहीं है।अगर आप ‘सबूत’ की बात करना चाहते हैं, तो फिर इसे ईमानदारी से करते हैं। पूरी सच्चाई, तथ्यों और जवाबदेही के साथ। हिमांशी ने आगे लिखा कि अगर तुम सबूतों का खेल खेलना चाहते हो तो इसे तथ्यों, जवाबदेही और पूरी सच्चाई के साथ ईमानदारी से खेलते हैं। अपने बयान के आखिर में हिमांशी ने पूछा कि जब बाकी लोग अपने अनुभवों पर खुलकर बात करते हैं तो उन्हें अपनी जिंदगी और उससे मिली सीख साझा करने में परेशानी क्यों होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि जब मैं अपनी जिंदगी और उससे मिली सीख के बारे में बात करती हूं, तो लोगों को परेशानी क्यों होती है। जब बाकी लोग अपने अनुभव खुलकर बताते हैं, तो मेरे अपनी कहानी बताने पर अलग नियम क्यों हैं? आसिम ने धर्म को विवाद में लाने पर आपत्ति जताई आसिम रियाज ने इंस्टाग्राम पर हिमांशी से धर्म बदलने के लिए कहने से इनकार किया था। उन्होंने कहा कि ध्यान खींचने के लिए निजी विवादों में धर्म को नहीं लाना चाहिए। आसिम ने रविवार को लिखा, “मैंने कभी किसी से धर्म बदलने के लिए नहीं कहा। एक बार भी नहीं। बल्कि, मैं ही तुम्हें फिटनेस की ओर लेकर गया था। मुझसे मिलने के बाद ही तुम इस शेप में आई हो, उससे पहले तुम कैसी दिखती थीं, यह सभी जानते थे।” उन्होंने आगे लिखा, “इसलिए धर्म को हथियार की तरह इस्तेमाल मत करो। यह बहुत संवेदनशील विषय है। किसी निजी बात को लोगों के मन में मेरे लिए नफरत पैदा करने की वजह बनाना अपरिपक्वता है और इससे सिर्फ यह पता चलता है कि ध्यान खींचने के लिए तुम कितनी नीचे जा सकती हो।” पूरी खबर यहां पढ़ें विवाद तब शुरू हुआ जब हिमांशी एक्टर पारस छाबड़ा के पॉडकास्ट में पहुंची थीं। इस दौरान हिमांशी से पारस ने पूछा था कि आपका धर्म परिवर्तन होने वाला था? जिस पर हिमांशी ने कहा था कि एक रात ऐसा वाकया हुआ कि मुझे बोला गया कि ये चीज तुम नहीं कर सकतीं। इसके बाद मैंने अपने मुंह से ये बात बोली कि इससे पहले मुझे चार धाम और सारे मंदिरों के दर्शन पूरे करने हैं क्योंकि फिर मैं कभी नहीं मिल पाऊंगी कि जैसे मैं अलविदा बोल रही हूं। उन्होंने आगे कहा था कि फिर मेरे दिमाग में ऐसी उल्टी चीजें आने लगीं। मैं ऐसे सोचने लगी कि मैं आपकी प्रेयर्स पढ़ूंगी तो आपको कैसे पता कि मेरे अंदर से ऊं नम शिवाय नहीं निकल रहा। पूरी खबर यहां पढ़ें दिसंबर 2023 में हुआ था दोनों का ब्रेकअप आसिम और हिमांशी ने करीब चार साल रिश्ते में रहने के बाद 6 दिसंबर 2023 को अलग होने का ऐलान किया था। उस समय हिमांशी ने अलग-अलग धार्मिक विश्वासों को ब्रेकअप की वजह बताया था।
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा मंगलवार सुबह जयपुर के फेमस श्री काले हनुमानजी मंदिर पहुंचीं। उन्होंने मंदिर में भगवान के दर्शन किए और आरती में हिस्सा लिया। उन्होंने पंडितजी से अपनी नजर उतरवाई और काला धागा भी बंधवाया। सुनीता पिछले कुछ दिनों से धार्मिक यात्रा पर हैं और मंदिरों में दर्शन कर अपने परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना कर रही हैं। सुनीता के साथ राजस्थान में उनका काम देखने वाले मैनेजर सौरभ प्रजापत भी मौजूद रहे। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने पूजा-अर्चना की और काफी देर तक मंदिर परिसर में रहीं। इस दौरान उनका पूरा फोकस धार्मिक अनुष्ठान और प्रार्थना पर रहा। लगातार कर रहीं मंदिरों के दर्शन सुनीता आहूजा पिछले दो दिनों से जयपुर में हैं। इस दौरान उन्होंने शहर के प्रमुख मंदिरों में दर्शन किए। मंगलवार सुबह काले हनुमानजी मंदिर में दर्शन से पहले उन्होंने सोमवार को खाटूश्यामजी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की थी। इससे पहले वह इंदौर में भी मंदिरों के दर्शन कर चुकी हैं। बताया जा रहा है कि सुनीता इन दिनों धार्मिक यात्राओं के जरिए मानसिक शांति हासिल करने और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना कर रही हैं। लगातार मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करना उनकी इसी यात्रा का हिस्सा माना जा रहा है। परिवार की शांति के लिए कर रही हैं प्रार्थना सुनीता आहूजा की निजी जिंदगी पिछले कुछ समय से चर्चा में रही है। गोविंदा और सुनीता के रिश्ते को लेकर अनबन और तलाक की अर्जी से जुड़ी खबरें सामने आई थीं। ऐसे में उनकी धार्मिक यात्रा को परिवार में शांति और सुख-समृद्धि की कामना से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, हाल ही में यह जानकारी सामने आई कि सुनीता ने गोविंदा से तलाक की अर्जी वापस ले ली है। इसके बाद दोनों के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं को भी एक नया मोड़ मिला है। कभी साथ आते थे खाटूश्यामजी सुनीता आहूजा पहले अपने पति गोविंदा के साथ भी खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए आती रही हैं। दोनों की साथ में मंदिर यात्रा की तस्वीरें और खबरें भी पहले सामने आती रही हैं। अब सुनीता का अकेले धार्मिक यात्रा पर आना और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करना उनके लिए यह दौर कितना भावनात्मक है, इसकी झलक देता है। ------------- ये खबर भी पढ़िए… तलाक की अर्जी वापस लेने के बाद जयपुर पहुंचीं सुनीता-आहूजा:एयरपोर्ट पर अलग अंदाज में नजर आई एक्टर गोविंदा की पत्नी, कल खाटूश्यामजी जाएंगी एक्टर गोविंद की पत्नी सुनीता आहूजा तलाक की अर्जी वापस लेने के बाद रविवार दोपहर को जयपुर पहुंचीं हैं। वह सोमवार को खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन कर बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगाएंगी। सुनीता का खाटूश्यामजी से पहले भी जुड़ाव रहा है। बताया जा रहा है कि गोविंदा के पैर में गोली लगने वाली घटना के दिन भी वह खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन के लिए आई थीं। (पढ़िए पूरी खबर)
गोविंदा और सुनीता आहूजा की शादी को लेकर चल रहे विवाद के बीच कश्मीरा शाह ने कहा कि वो सुनीता आहूजा के साथ हैं। दरअसल, एक्टर अभिषेक कुमार की बर्थडे पार्टी में पैपराजी से बातचीत के दौरान कश्मीरा से परिवार के विवाद पर प्रतिक्रिया मांगी गई। उन्होंने मामले की हर बात पर चर्चा करने से इनकार किया, लेकिन कहा, “मैं इतना जानती हूं कि वह मेरी फैमिली है। मैं अपनी फैमिली को प्रोटेक्ट करूंगी और अपनी फैमिली की औरतों के साथ खड़ी हूं।” कश्मीरा ने सुनीता के सार्वजनिक तौर पर बोलने के फैसले का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर सुनीता आज अपनी बात रख रही हैं, तो “कुछ गलत हुआ होगा।” कश्मीरा के ताजा बयान से कुछ समय पहले उन्होंने शादी और बेवफाई को लेकर सोशल मीडिया पर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की थी। उन्होंने आसमान में दिल के आकार के निशान की तस्वीर के साथ सवाल किया था कि क्या अब भी “सच्चा प्यार” मौजूद है। उन्होंने कहा था कि शादियां टूटने और लोगों के धोखा देने से उनका भरोसा कम हुआ है। यह पोस्ट गोविंदा और सुनीता की शादी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आई थी। वहीं इससे पहले पिछले महीने में एक पोस्ट शेयर करते हुए, जब सुनीता शो 'लॉक अप सीजन 2' में थीं, तो उनको लेकर कश्मीरा ने लिखा था, मामी, मजबूत रहो। आप अकेली नहीं हैं, हम सब आपके साथ हैं। किसी को भी आपको कमजोर मत करने देना। असली जिंदगी हो या रील लाइफ, हमेशा खुद जैसी रहो और जो आपको परेशान कर रहा है, उसे उसी अंदाज में जवाब दो। उन्हें दिखा दो कि असली मुश्किल क्या होती है। उन्होंने आगे लिखा था, आपका यह ‘डेविल्स एंजेल’ आपकी रक्षा करने के लिए यहां है। मैं वादा करती हूं कि किसी को आपको नीचा दिखाने या रुलाने नहीं दूंगी। मुझे पता है कि आप उन्हें जवाब दे सकती हैं, लेकिन आप चुप हैं क्योंकि आप घर वापस जाना चाहती हैं। मेरा कहना है कि वहीं डटी रहो और जो भी शो में आपको परेशान कर रहा है, उसकी जिंदगी मुश्किल कर दो। आपसे आज भी और हमेशा प्यार रहेगा। सुनीता ने याचिका वापस लेने की वजह बताई सुनीता अपनी शादी में आ रही परेशानियों को लेकर पहले भी बोल चुकी हैं। हाल ही में सुनीता ने एक फोन कॉल में राखी सावंत से बातचीत के दौरान यह भी कहा कि उन्होंने तलाक की याचिका इसलिए वापस ली क्योंकि गोविंदा अपनी को-एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार से शादी करने वाले थे। वहीं, गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने सुनीता आहूजा के दावे को गलत बताया। इंडिया टुडे से बातचीत में शशि ने कहा कि सुनीता की बात सुनकर उन्हें हैरानी हुई। उन्होंने साफ कहा कि गोविंदा की दूसरी शादी का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा, मैं यह बात आपसे सुन रहा हूं। ऐसा कुछ नहीं है और न ही ऐसा होगा। दूसरी शादी नहीं हो रही है। वह उनकी पत्नी हैं और शायद उनके मन में कुछ चल रहा होगा, इसलिए उन्होंने ऐसा कहा। शशि ने कहा कि अगर गोविंदा सच में शादी खत्म करके दूसरी शादी करना चाहते, तो वह खुद तलाक की अर्जी देते। उनके मुताबिक, तलाक की प्रक्रिया सुनीता ने शुरू की थी और बाद में उन्होंने ही याचिका वापस ले ली। गोविंदा ने अफवाहों को लेकर पब्लिक नोटिस जारी किया वहीं, पर्सनल लाइफ को लेकर फैली अफवाहों को लेकर गोविंदा की ओर से पब्लिक नोटिस जारी किया गया। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, नोटिस में मीडिया ऑर्गनाइजेशन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और कंटेंट क्रिएटर्स को गोविंदा या उनके परिवार से जुड़ा झूठा, बदनाम करने वाला, गलत इरादे वाला, मनगढ़ंत या बिना वेरिफाई किया हुआ कंटेंट बनाने और फैलाने से चेतावनी दी गई है। गोविंदा ने ऐसे लोगों के खिलाफ 100 करोड़ रुपए तक के सिविल दावे की चेतावनी दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…. …………… गोविंदा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… गोविंदा-सुनीता की निजी जिंदगी पर कमेंट से भड़के कृष्णा:सेलेब्स को दी नसीहत, बोले- परिवार की बातों से फुटेज लेने की कोशिश न करें गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते में चल रही अनबन के बीच उनके भांजे कृष्णा अभिषेक ने नाराजगी जताई है। सोमवार को मुंबई एयरपोर्ट पर पैपराजी ने मामा-मामी के रिश्ते पर सवाल किया तो कृष्णा ने जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनसे सिर्फ मस्ती और काम से जुड़े सवाल पूछे जाएं। साथ ही, उन सेलेब्स पर नाराजगी जताई, जो इस पारिवारिक मामले पर लगातार बयान दे रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
संडे के बाद भी Awarapan 2 ने नहीं मानी हार, मंडे को ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर वसूली मोटी रकम
अभिनेता इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 ने सोमवार को ग्लोबली कमाई के मामले में हार नहीं मानी है।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।

