हर्षिता गौर ने एक्टिंग की शुरुआत टीवी से की और ‘मिर्जापुर’ से उन्हें अलग पहचान मिली। इंटरव्यू में उन्होंने पहली कमाई, माता-पिता के सपोर्ट और आने वाले प्रोजेक्ट्स समेत कई बातें साझा कीं। उनकी मां डॉक्टर होने के साथ 9 साल तक थिएटर भी कर चुकी हैं। बचपन में हर्षिता ने एक्टर बनने का सपना देखा था, लेकिन माता-पिता को उम्मीद थी कि यह सपना कुछ समय बाद खत्म हो जाएगा। उन्होंने मुंबई में अपने 12 साल पुराने घर को खरीदने की कोशिश का भी जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने सपनों के राजकुमार, दिल टूटने और खुद को प्यार करना सीखने पर भी बात की। बचपन में एक्टिंग करने का ख्याल कैसे आया? मैं करीब 7-8 साल की रही होंगी, जब मैंने मां से कहा था कि मुझे टीवी पर आना है। बचपन में ज्यादा फिल्में नहीं देखती थी, लेकिन 4 साल की उम्र से कथक सीख रही थी और स्टेज पर परफॉर्म करती थी। जब लोग मेरी तारीफ करते थे और मिलने आते थे, तो शायद वहीं से एक्टर बनने का ख्याल आया। आपकी मां भी थिएटर करती थीं? हां, मेरी मां डॉक्टर हैं, लेकिन उन्होंने पंजाब में करीब 9 साल तक थिएटर भी किया था। बचपन में मुझे पता नहीं था कि वह थिएटर एक्टर रही हैं। जब मैं थोड़ी बड़ी हुई, तब उन्होंने बताया। मुझे लगता है कि एक्टिंग का कीड़ा शायद उन्हीं से आया है। जब आपने माता-पिता को बताया कि एक्टर बनना है, तो उनकी क्या प्रतिक्रिया थी? शुरुआत में उन्हें लगा कि मैं कुछ समय बाद भूल जाऊंगी। लेकिन यह सपना कभी खत्म नहीं हुआ। 10वीं के बाद मेडिकल या नॉन-मेडिकल चुनना था, तब मैंने पापा से कहा कि मुझसे डॉक्टर नहीं बना जाएगा, मुझे एक्टर बनना है। उन्होंने फिर भी कहा कि नॉन-मेडिकल या इंजीनियरिंग कर लो। फिर इंजीनियरिंग करने का फैसला कैसे हुआ? मुझे एक्टिंग ही करनी थी। उस समय NSD और FTII में ग्रेजुएशन के कोर्स नहीं थे, इसलिए ग्रेजुएशन करनी ही थी। मैंने सोचा कि जब करनी ही है तो कुछ भी कर लेते हैं, इसलिए इंजीनियरिंग कर ली। मैं मजाक में कहती हूं कि मैं इंजीनियरिंग से एक्टिंग में नहीं आई, बल्कि इंजीनियरिंग एक्टिंग के रास्ते में आई थी। आपके पापा ने एक्टिंग के लिए मुंबई आने से नहीं रोका? मेरे पापा ने कभी मुझे कोशिश करने से नहीं रोका। वह खुद गांव से आकर डॉक्टर बने थे, इसलिए शायद समझते थे कि अपने रास्ते पर कोशिश करना जरूरी है। कॉलेज के दौरान मैं दिल्ली में छोटे-मोटे शूट करती थी। एक बार सिर्फ ऑडिशन देने के लिए चार दिन की छुट्टी में मुंबई आई थी। पापा ने कहा था कि पहले जाकर खुद को टेस्ट करो, क्या पता वहां तुम्हें रिजेक्ट कर दें। आपकी पहली कमाई कितनी थी और उससे क्या किया था? मेरी पहली कमाई ₹1000 थी। एक ऐड के लिए करीब 12 घंटे शूट किया था और मुझे ₹1000 मिले थे। मुझे नहीं लगता कि मैंने उससे कुछ खास किया था। बस घर जाकर बताया था कि ये तो शुरुआत है। टीवी शो के बाद कमाई कितनी बढ़ी? शुरुआत में ज्यादा पैसे नहीं मिलते थे, क्योंकि आप नए होते हैं। लेकिन जैसे-जैसे शो चलता गया और हिट हुआ, कमाई धीरे-धीरे बढ़ती गई। मैंने तीन साल शो किया और बाद में मेरी फीस भी बढ़ी। हालांकि, टीवी में लोग जितना कमाते हैं, उसके मुकाबले मैंने बहुत ज्यादा नहीं कमाया। मुंबई आए आपको काफी साल हो गए, क्या आप अभी भी उसी घर में रहती हैं? हां, जब से मुंबई आई हूं, तब से इसी घर में रह रही हूं। करीब 12 साल हो गए हैं। लोगों को यह बड़ी बात लगती है कि मुंबई जैसे शहर में कोई इतने साल एक ही घर में रह रहा है। क्या कभी अपना घर खरीदने का सोचा? बिल्कुल सोचा है। मैंने इसी घर को खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन मेरे लैंडलॉर्ड अंकल-आंटी इसे बेचना नहीं चाहते थे। मुंबई में घर खरीदना आसान नहीं है। अगर आपके पास कम से कम 70-80 प्रतिशत डाउन पेमेंट नहीं है, तो लोन लेकर घर खरीदना महंगा पड़ सकता है। रेंट में कम से कम फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहती है। माता-पिता अब शादी को लेकर सवाल करते हैं? अब तो उन्होंने बोलना ही छोड़ दिया है। शुरुआत में उन्होंने काफी कोशिश की थी, क्योंकि हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा सेटल हो जाए। लेकिन अब उन्हें लगता है कि किसी को फोर्स करके शादी नहीं कराई जा सकती। इसलिए उनकी दुआएं और प्रार्थनाएं चलती रहती हैं कि मुझे अच्छा पार्टनर मिल जाए। आपके सपनों का राजकुमार कैसा होना चाहिए? मेरे लिए सबसे जरूरी है कि वह इमोशनली अवेयर हो। उसे अपने पैटर्न, गलतियां और स्ट्रेंथ समझ में आती हो। कम्युनिकेशन अच्छा होना चाहिए, ताकि वह अपनी फीलिंग्स खुलकर बता सके। उसके आसपास रहने वाला हर इंसान खुद को रिस्पेक्टेड महसूस करे, यह मेरे लिए बहुत जरूरी है। क्या आपको अब तक अपना सपनों का राजकुमार मिला? रिश्ते रहे हैं, लेकिन उस समय हम दोनों शायद साथ में सही नहीं थे। हर इंसान अपनी जर्नी पर होता है और उसी हिसाब से सीखता है। मेरे पुराने रिश्तों में रहे लोग व्यक्तिगत तौर पर बहुत अच्छे हैं और आज भी मेरे दोस्त हैं। कभी आपका दिल भी टूटा? हां, बिल्कुल। मैंने भी शायद किसी का दिल दुखाया है, लेकिन मेरा भी टूटा है। इससे बाहर आने में मुझे करीब डेढ़ से दो साल लग गए। जब मैं उससे बाहर निकली, तो लगा कि शायद वह रिश्ता मेरी जिंदगी में इसलिए आया था, ताकि मैं खुद से प्यार करना सीख सकूं। उस रिश्ते से सबसे बड़ी सीख क्या मिली? उस रिश्ते ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। मेरी भी गलतियां रही होंगी और सामने वाले इंसान में कोई बुराई नहीं थी। लेकिन उस अनुभव के बाद मैं अलग इंसान बनी। आज पीछे मुड़कर देखती हूं तो लगता है कि अच्छा हुआ वह दौर मेरी जिंदगी में आया, क्योंकि उससे मैंने खुद को समझना और प्यार करना सीखा। अभी आपके कौन-कौन से प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं? मिर्जापुर’ फिल्म के अलावा दो और प्रोजेक्ट हैं। एक हॉरर प्रोजेक्ट है, जिसे निखिल आडवाणी की कंपनी ने बनाया है। इसमें परमब्रता चक्रवर्ती, गुलशन देवैया, प्रीति पानिग्राही और सुमेध जैसे कलाकार हैं। यह अमेजन के लिए है। इसके अलावा दिव्येंदु, भुवन अरोड़ा और विजय मौर्या के साथ एक शो किया है। सवाल: दूसरे शो के बारे में कुछ बताइए? इसे समीर विद्वांस ने डायरेक्ट किया है, जिन्होंने ‘सत्यप्रेम की कथा’ और ‘आनंदी गोपाल’ जैसी फिल्में बनाई हैं। वह नेशनल अवॉर्ड विनर हैं। यह शो भी अमेजन के लिए है। दोनों शो अनाउंस हो चुके हैं। रिलीज होने पर दर्शक देख पाएंगे।
कई सुपरहिट फिल्मों में विलेन और कॉमेडियन का रोल प्ले करने वाले शक्ति कपूर आज 74 साल के हो गए। तकरीबन 700 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके शक्ति का एक्टिंग करियर बेहद सफल रहा। उनकी पर्सनल लाइफ की लव स्टोरी भी काफी दिलचस्प है। शक्ति ने शिवांगी कोल्हापुरे से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘किस्मत’ के दौरान हुई थी। कपिल शर्मा के शो में शक्ति कपूर ने बताया था कि शिवांगी को देखकर उन्हें वह पहली नजर में ही बेहद खूबसूरत लगी थीं। उन्होंने शिवांगी से हल्की-सी लाइन भी मारी और मन ही मन तय कर लिया था कि शादी करेंगे तो इसी मराठिन से करेंगे। फिर दोनों की मुलाकात के बाद दोनों में दोस्ती हुई और फिर यह दोस्ती प्यार में बदल गई। परिवार रिश्ते के खिलाफ था जब दोनों की मुलाकात हुई थी, तब शक्ति कपूर करीब 30 वर्ष के थे और शिवांगी महज 18 साल की थीं। इसके अलावा, शक्ति कपूर फिल्मों में अक्सर विलेन के रोल निभाते थे। इसी वजह से शिवांगी के माता-पिता इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। जब दोनों ने शादी की बात की, तो शिवांगी के परिवार ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया था। परिवार को मनाने के सारे रास्ते बंद होने के बाद शिवांगी ने घर से भागकर शक्ति कपूर के साथ शादी करने का फैसला किया। 1982 में की कोर्ट मैरिज साल 1982 में दोनों ने भागकर कोर्ट मैरिज कर ली। शुरुआत में शक्ति कपूर का परिवार भी थोड़ा हिचकिचा रहा था, लेकिन जब उन्हें पता चला कि शिवांगी मशहूर गायिका लता मंगेशकर के परिवार से ताल्लुक रखती हैं, तो वे मान गए। शादी के बाद शिवांगी के माता-पिता कई सालों तक उनसे नाराज रहे। हालांकि, बड़े बेटे सिद्धांत कपूर और बाद में बेटी श्रद्धा कपूर के जन्म के बाद दोनों परिवारों के बीच की कड़वाहट खत्म हो गई। शिवांगी के माता-पिता ने भी इस रिश्ते को पूरी तरह से स्वीकार कर लिया। अखबार में लिखा गया- 3 महीने में तलाक हो जाएगा कपिल शर्मा के शो में शक्ति कपूर ने बताया था कि उनकी शादी के बाद अखबार में आया था कि 3 महीने में उनका तलाक हो जाएगा। हालांकि, ऐसा कुछ नहीं हुआ। वहीं, शक्ति के ससुर ने उनसे आकर बोला कि तुम्हारे जैसा जमाई मैंने कहीं नहीं देखा, मुझे तुम पर बहुत गर्व है। शक्ति कपूर की पत्नी शिवांगी कोल्हापुरे (अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे की बड़ी बहन) दिग्गज गायिका लता मंगेशकर की रिश्तेदार (भतीजी) हैं। बता दें कि शिवांगी कोल्हापुरे के पिता पंडित पंधारीनाथ कोल्हापुरे की मां, लता मंगेशकर के पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की सौतेली बहन थीं। इस नाते शिवांगी के पिता पंधारीनाथ जी, लता मंगेशकर और आशा भोसले के चचेरे भाई लगते थे। एक नजर शक्ति कपूर के करियर पर शक्ति कपूर ने 1977 में फिल्म ‘खेल खिलाड़ी का’ से बॉलीवुड डेब्यू किया था। शुरुआती दौर में उन्हें कई छोटी भूमिकाएं मिलीं, लेकिन ‘कुर्बानी’ और ‘रॉकी’ में विलेन के किरदारों ने उन्हें पहचान दिलाई। इसके बाद ‘हिम्मतवाला’ और ‘हीरो’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने नेगेटिव रोल निभाया। 1990 के दशक में शक्ति कपूर ने अपनी एक्टिंग का दायरा बढ़ाया और कॉमेडी में भी खास पहचान बनाई। ‘राजा बाबू’ में नंदू का किरदार उनके सबसे यादगार रोल्स में शामिल है। इस भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवॉर्ड मिला। ‘अंदाज अपना अपना’ में क्राइम मास्टर गोगो, ‘चालबाज’, ‘इंसाफ’, ‘बाप नंबरी बेटा दस नंबरी’ और ‘बोल राधा बोल’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार भी खूब चर्चित रहे। बाद में उन्होंने ‘हंगामा’, ‘हलचल’, ‘चुप चुप के’ और ‘मालामाल वीकली’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। ………….. यह खबर भी पढ़ें…एक्ट्रेस साधना ने 1 रुपए से शुरू की थीं फिल्में:‘साधना कट’ से देशभर में छाईं, आखिरी दिनों में आर्थिक तंगी से जूझीं हिंदी सिनेमा के 60 और 70 के दशक में एक ऐसी अभिनेत्री आईं, जिन्होंने अपनी खूबसूरती, अभिनय और स्टाइल से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। नाम था साधना शिवदासानी। कभी उनकी फिल्में हिट होती थीं और उनका हेयरस्टाइल पूरे देश में ट्रेंड करता था, लेकिन जिंदगी के आखिरी दौर में उन्हें बीमारी, आर्थिक तंगी और अकेलेपन का सामना करना पड़ा। पूरी खबर यहां पढ़ें…
सीनियर एक्टर दर्शन जरीवाला ने अलग रह रहीं पत्नी और एक्ट्रेस अपरा मेहता के उन्हें बदसूरत कहने के आरोपों पर सफाई दी। दरअसल, कुछ समय पहले अपरा मेहता ने दर्शन जरीवाला से सेपरेशन पर बात की थी। हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि दर्शन घर छोड़कर चले गए थे और उन्हें अब तक की सबसे बदसूरत महिला कहा था। अपरा ने यह भी कहा था कि दर्शन ने उनसे कहा था कि उनका प्यार खत्म हो गया है। अब दर्शन ने अपनी अलग रह रहीं पत्नी के इन आरोपों पर जवाब दिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें… सिद्धार्थ कनन से बातचीत में दर्शन ने अपरा की बताई घटनाओं को गलत बताया। दर्शन ने कहा, “एक न्यूरोलॉजिकल घटना होती है, जिसमें समय के साथ किसी घटना की याद बदलती रहती है। मैं बहुत उदारता से कह सकता हूं कि यह गलत याददाश्त का मामला है। जिस तरह से इसे बताया गया है, वैसा कुछ हुआ ही नहीं था।” दर्शन ने रूप-रंग पर टिप्पणी से इनकार किया अभिनेता ने इस बात से भी इनकार किया कि उन्होंने अपरा के रूप-रंग पर कोई टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें उनके स्वभाव से मेल नहीं खातीं। दर्शन ने कहा, “मैं ऐसा आदमी नहीं हूं, जो किसी साधारण दिखने वाली महिला से भी कहे कि वह बदसूरत है। ऐसा कहना बिल्कुल गैरजरूरी होता। अगर मैं खुद को अच्छी तरह जानता हूं, तो मैं व्यक्ति के अंदर की बात करता, उसके बाहरी रूप की नहीं।” दर्शन ने कहा कि अपरा विक्टिम कार्ड खेलने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह अपने अतीत से आगे बढ़ चुके हैं और आज अपनी जिंदगी में बहुत खुश हैं। दर्शन बोले-इतने साल बाद अब ये बातें क्यों? दर्शन ने सवाल उठाया कि सेपरेशन के कई दशक बाद ये आरोप अब क्यों सामने आए। उन्होंने कहा, “मैं समझ ही नहीं सकता कि अलग होने के 23 साल बाद वह इन बातों पर क्यों बोलना चाहती हैं। इससे पहले कभी नहीं। अगर यही इतिहास है और उन्हें इसे मीडिया तक ले जाने का मौका मिला था, तो अब क्यों?” उन्होंने आगे कहा, “हम उनके दिमाग में बैठकर उनकी नीयत का फैसला नहीं कर सकते। मैं अपना सच जानता हूं। मेरा सच मेरा सच है। झूठ की कोई सीमा नहीं होती। मैं उनकी मंशा का अंदाजा भी नहीं लगा सकता।” दर्शन ने कहा, “जो लोग मुझे सच में जानते हैं, वे पूरी कहानी अच्छी तरह जानते हैं, क्योंकि मेरी बात कभी नहीं बदलती। सच के कई वर्जन नहीं होते।” दर्शन के मुताबिक, 1982 में शादी के बाद धीरे-धीरे दोनों की प्राथमिकताएं और सोच अलग होती गईं। उन्होंने कहा कि निजी हालात, करियर और आर्थिक स्थिति में बदलाव ने भी रिश्ते में दरार की वजह बनाई। एक्टर ने कहा, “दो लोग समय के साथ अलग तरह से बढ़ते हैं। अगर आप दो पौधे साथ लगाते हैं, तो वे अलग-अलग तरह से बढ़ेंगे। उनकी प्राथमिकताएं अलग थीं और मेरी अलग।” उन्होंने कहा, “मेरे हालात बदल गए थे, क्योंकि मैं एक फेल बिजनेस प्लान में शामिल था। हम अपने करियर को किस तरह आगे ले जाना चाहते थे, इस पर भी हमारी सोच अलग थी।” दर्शन ने कहा कि दोनों अपनी बेटी को अच्छा बचपन देने को लेकर साफ थे। उन्होंने कहा, “रिश्ता कभी-कभी बदलावों से गुजरता है।” तलाक के लिए कागज दिए, जज ने आवेदन खारिज किया दर्शन ने यह भी बताया कि उनकी शादी कानूनी रूप से खत्म क्यों नहीं हुई। उनके मुताबिक, उन्होंने तलाक की अर्जी दी थी, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने कहा, “मैंने तलाक के कागज दिए थे, लेकिन जज ने आवेदन खारिज कर दिया। उन्होंने अपनी सहमति नहीं दी।” दर्शन ने दावा किया, “वह तलाक के लिए राजी हो गई थीं, लेकिन जज के सामने आखिरी समय पर उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। शायद वह खुद को एक अच्छी और पीड़ित महिला के रूप में पेश कर रही हैं।” दर्शन ने सांताक्रूज वेस्ट स्थित घर छोड़ने की बात भी बताई। उन्होंने कहा कि वह घर से चले गए और अपरा व अपनी बेटी को वहीं रहने दिया। उन्होंने कहा, “मैं बस अपना घर छोड़कर चला गया था। मेरे पास उन्हें देने के लिए जितना था, मैंने दे दिया। अगर किसी को गुजारा भत्ता मांगना चाहिए था, तो वह मैं होता, क्योंकि उस समय मेरे हालात ऐसे थे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।” दर्शन ने कहा कि उनके पास दूसरा घर नहीं था और घर छोड़ने के तुरंत बाद किराए का मकान लेने के लिए पर्याप्त पैसे भी नहीं थे। इसलिए वह कुछ समय तक दोस्तों के साथ रहे और बाद में एक छोटा-सा घर किराए पर ले सके। उन्होंने कहा, “हालात ऐसे थे कि मुझे यह सब दर्द झेलना पड़ा।” बेटी के साथ अपने रिश्ते को दर्शन ने करीबी बताया इंटरव्यू में दर्शन ने अपनी बेटी के साथ रिश्ते पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों लगातार संपर्क में रहते हैं और उनके बीच करीबी रिश्ता है। दर्शन ने कहा, “मैं एक अच्छा पिता हूं। मैं उसके संपर्क में रहता हूं। उसकी जिंदगी में होने वाली सभी बातों की मुझे अच्छी जानकारी रहती है। मेरे साथ उसका बातचीत का रास्ता खुला हुआ है। उसके पास मेरा दिया हुआ डेबिट कार्ड भी है।” दर्शन ने अपरा के इस दावे को भी खारिज किया कि उन्होंने अपनी बेटी की परवरिश अकेले की। उन्होंने कहा कि लोग कई बार अपने भावनात्मक अनुभवों के आधार पर अतीत को अलग तरह से देखते हैं। उन्होंने कहा, “कभी-कभी हम अपनी जिंदगी के खालीपन को भरने की कोशिश करते हैं। जहां कुछ नहीं होता, वहां जानबूझकर या अनजाने में अजीब चीजें रख देते हैं।”
एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने क्लास 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़कर फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। हनुमान दास के यूट्यूब चैनल में बातचीत में करीना ने कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की, जिसका अफसोस उन्हें सफलता मिलने के बाद भी रहा। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की और यह बात मेरे साथ बनी रही। मुझे मौका मिला था, लेकिन फिल्मों में आ गई और क्लास 11 के बाद आगे पढ़ाई नहीं की।” करीना ने माना कि लोग उनके पढ़ाई छोड़ने के फैसले पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन वह एक्ट्रेस के तौर पर खुद को साबित करना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि वह अपने दिल की सुनकर आगे बढ़ना चाहती थीं। करीना ने साफ कहा कि शिक्षा पूरी न करना आज भी उनके लिए पछतावे की बात है। उन्होंने कहा, “एजुकेशन ऐसी चीज है, जिसे पूरा न करने का मुझे अफसोस है।” बच्चों को पहले पढ़ाई पूरी करने की सलाह दी करीना ने बताया कि उनके अपने अनुभव का असर इस बात पर भी पड़ा है कि वह अपने बेटों की परवरिश किस तरह करती हैं। वह चाहती हैं कि तैमूर और जेह अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ें, लेकिन उससे पहले अपनी शिक्षा पूरी करें। उन्होंने कहा, “इसीलिए मैंने अपने बेटों पर पहले अपनी शिक्षा पूरी करने और फिर अपने दिल की सुनने के लिए जोर दिया है।” बता दें कि करीना कपूर की शुरुआती पढ़ाई मुंबई के जमनाबाई नरसी स्कूल और देहरादून के वेल्हम गर्ल्स स्कूल से हुई थी इसके बाद उन्होंने मुंबई के मीठीबाई कॉलेज में कॉमर्स की पढ़ाई की। हालांकि, उन्होंने कॉलेज की डिग्री पूरी नहीं की। करीना ने हार्वर्ड समर स्कूल से माइक्रो कंप्यूटर का तीन महीने का कोर्स भी किया था। इसके बाद उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में दाखिला लिया। लेकिन एक्टिंग में करियर बनाने के लिए उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी। करीना शिक्षा के लिए काम करती हैं करीना ने बताया कि भारत में युवा लड़कियों की शिक्षा को सपोर्ट करने के लिए UNICEF से जुड़ने की एक वजह उनका अपना अनुभव भी है। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा यह अफसोस रहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की थी। करीना 2014 से UNICEF इंडिया से जुड़ी हुई हैं और लड़कियों की शिक्षा, जेंडर इक्वालिटी और बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए काम कर रही हैं। करीना के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो आखिरी बार फिल्म सिंघम अगेन (2024) में नजर आई थीं। वहीं वो जल्द मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित फिल्म दायरा में दिखाई देंगी। दायरा में करीना एक पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आएंगी। दायरा 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। …………….. करीना से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… करीना कपूर ने प्रेग्नेंसी की अफवाहों पर रिएक्शन दिया:फूले पेट की तस्वीर शेयर की, पैपराजी से बोलीं- ‘तुम लोग पागल कर देते हो’ करीना कपूर खान ने हाल ह में अपनी प्रेग्नेंसी की अफवाहों पर मजाकिया अंदाज में जवाब दिया था। करीना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर मेकअप आर्टिस्ट मितेश राजानी की एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें वो अपना फूला हुआ पेट दिखा रहे हैं। पोस्ट के बैकग्राउंड में फिल्म ‘हम आपके हैं कौन..!’ का गाना ‘चॉकलेट लाइम जूस’ चल रहा था और इसके साथ हंसने वाले और पिज्जा वाले इमोजी लगाए गए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
नीम करौली बाबा के जीवन पर बनी छोटे बजट की फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच रही है। महज 2 करोड़ रुपए के बजट में बनी इस फिल्म ने यश की बहुचर्चित और 500 करोड़ के बजट की फिल्म ‘टॉक्सिक’ को 7वें दिन की कमाई में पछाड़ दिया। सैक्निल्क के आंकड़ों के मुताबिक भारत में रिलीज के 26वें दिन जहां 'हनुमान अंश' ने 8.50 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया, वहीं 'टॉक्सिक' अपने रिलीज के 7वें दिन केवल 7.85 करोड़ रुपए ही जुटा सकी। शुरुआती हफ्तों में धीमी शुरुआत करने वाली इस फिल्म ने वर्ड-ऑफ-माउथ और दर्शकों के पॉजिटिव रिस्पॉन्स के दम पर 26 दिनों में 54.13 करोड़ रुपए का भारत में नेट कलेक्शन कर लिया है। सिर्फ 10 लाख की ओपनिंग से 54 करोड़ तक का सफरविशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। रिलीज के पहले दिन फिल्म ने महज 10 लाख रुपए का कलेक्शन किया था और पहले दो हफ्तों में यह केवल 1.48 करोड़ रुपए ही कमा सकी थी। हालांकि, 17वें दिन फिल्म की किस्मत बदली और इसने एक ही दिन में 2.20 करोड़ रुपए का बिजनेस किया। तीसरे हफ्ते से फिल्म की कमाई में ऐसा उछाल आया कि केवल तीसरे हफ्ते में ही इसने 10.40 करोड़ रुपए बटोर लिए। सैक्निल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का कुल भारत में ग्रॉस कलेक्शन 63.82 करोड़ रुपए हो चुका है। 6ठे दिन के हिन्दी कलेक्शन पर 'हनुमान अंश' का 25वां दिन भारीबॉक्स ऑफिस पर असली उलटफेर तब देखने को मिला जब रिलीज के 25वें दिन 'हनुमान अंश' ने हिन्दी बेल्ट में 5.50 करोड़ रुपए कमाए, जबकि उसी दिन यश स्टारर बड़े बजट की फिल्म 'टॉक्सिक' अपने रिलीज के छठे दिन (सोमवार) हिन्दी बेल्ट में सिर्फ 4.40 करोड़ रुपए ही जुटा सकी। गीथू मोहनदास के निर्देशन में बनी 'टॉक्सिक' ने भले ही पहले दिन दुनियाभर में 101.10 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड ओपनिंग की थी और शुरुआती वीकेंड में 214.10 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया था, लेकिन इसके बाद फिल्म के कलेक्शन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कम शोज के बावजूद बढ़ा 'हनुमान अंश' का ग्राफस्क्रीन काउंट के मामले में भी दोनों फिल्मों के बीच जमीन-आसमान का अंतर था। 'टॉक्सिक' भारत भर में 24,579 शोज के विशाल पैमाने पर रिलीज हुई थी, लेकिन कमजोर माउथ पब्लिसिटी के कारण छठे दिन तक इसके शोज घटकर 13,400 रह गए, यानी शोज में लगभग 45.4 फीसदी की कटौती हुई। इसके विपरीत 'हनुमान अंश' महज 300 शोज से शुरू हुई थी, लेकिन दर्शकों की बढ़ती मांग को देखते हुए इसके शोज लगातार बढ़ाए गए। 26वें दिन 'हनुमान अंश' देशभर में 7,008 शोज पर चल रही थी और 'टॉक्सिक' के मुकाबले आधे शोज होने के बाद भी इसने ज्यादा कमाई दर्ज की। अब समझिए कम बजट की इस फिल्म कैसे कमाए 50 करोड़ ट्रेड एक्सपर्ट तरण आदर्श ने फिल्म की कमाई पर कहा- ‘अगर आप कलेक्शन देखेंगे तो पहले दिन से लेकर अब तक, खासकर थर्ड वीक और चौथे वीकेंड में वो ऐतिहासिक है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।’ 'कंटेंट तो है ही, लेकिन 'वर्ड ऑफ माउथ' से फिल्म को फायदा मिला। अगर नेगेटिव पब्लिसिटी होती है, तो दूसरे-तीसरे दिन फिल्म पर असर दिखता है, लेकिन अगर रिव्यू पॉजिटिव हैं, तो फिल्म चल जाती है। यही हनुमान अंश के साथ हुआ। दूसरे वीक में ये फिल्म उतरने वाली थी। सिर्फ 40 लाख का कलेक्शन था। पहले हफ्ते भी कुछ खास कलेक्शन नहीं था।' बड़ी फिल्मों से क्लैश के बावजूद हनुमान अंश को स्क्रीन्स कैसे मिलीं? 7 अगस्त को जब फिल्म हनुमान अंश रिलीज हुई, तो इसे चुनिंदा स्क्रीन्स मिलीं। 14 अगस्त को आवारावन 2 और बंटवारा 1947 आने से फिल्म की स्क्रीन्स और कम हो गईं। फिल्म की कमाई भी खास नहीं हो रही थी, तो इसे सिनेमाघरों से हटाया जाने लगा। लेकिन फिल्म अब भी कई सिनेमाघरों में है। इसकी वजह क्या थी, सवाल पूछे जाने पर तरण आदर्श कहते हैं, ‘फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने डिस्ट्रीब्यूटर्स से रिक्वेस्ट की कि कैसे भी हमारी फिल्म थर्ड वीक में चलाओ। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा कि टॉक्सिक आ रही है, फिल्म वैसे भी उतार दी जाएगी। लेकिन प्रोड्यूसर्स ने कहा- प्लीज इसे कैसे भी चलाइए।’ फिल्म के तीन बड़े चेहरों के बारे में- डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया है। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में लीड रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शोज में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे दर्जनों शोज कर चुके हैं। ये खबर भी पढ़ें क्या नेगेटिव रेटिंग-रिव्यू से डरे टॉक्सिक मेकर्स:बुक माय शो से 5.5 रेटिंग गायब, जानिए क्यों अच्छी कमाई के बावजूद फिल्म पर है फ्लॉप का खतरा केजीएफ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक को लगातार दर्शकों के नेगेटिव रिव्यू मिल रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य वेबसाइट्स में फिल्म को काफी निराशाजनक रेटिंग मिली है। इसी बीच अब फिल्म के मेकर्स पर बुक माय शो से फिल्म की रेटिंग हटवाने के आरोप लग रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें
जयपुर के कंटेम्परेरी कलाकार मुकेश शर्मा इन दिनों अपनी एक अनोखी कलाकृति को लेकर चर्चा में हैं। नीम करोली बाबा पर बनी उनकी यह पेंटिंग फिल्म ‘हनुमान अंश’ में दिखाई गई है। खास बात यह है कि फिल्म में मुकेश शर्मा के काम और इस पेंटिंग के निर्माण की प्रक्रिया को भी जगह दी गई है और फिल्म के अंत में उन्हें विशेष क्रेडिट दिया गया है। खास बात यह है कि इस पेंटिंग का सफर किसी सामान्य फिल्मी असाइनमेंट की तरह शुरू नहीं हुआ, बल्कि तकनीक और आध्यात्मिकता के बीच संबंध तलाशते हुए फिल्म के निर्माताओं की नजर मुकेश शर्मा की कला पर पड़ी। जयपुर के रहने वाले मुकेश शर्मा इन दिनों दिल्ली में रहकर अपनी कला साधना कर रहे हैं। वेनिस में देखे काम से शुरू हुआ फिल्म से जुड़ाव मुकेश शर्मा ने बताया कि फिल्म के निर्माता तकनीक के साथ काम करने वाले ऐसे कलाकारों की तलाश कर रहे थे, जिनकी कला में टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, चेतना और समकालीन जीवन से जुड़े सवाल दिखाई देते हों। इसी शोध के दौरान उनकी नजर मेरे काम पर पड़ी। निर्माताओं ने उनका विशाल स्कल्प्चरल इंस्टॉलेशन ‘नागराज’ वेनिस, इटली में देखा था। यहां देखें पेंटिंग के फोटोज… कुछ समय बाद फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने उन से संपर्क किया। प्रोड्यूसर्स ने मुकेश शर्मा को बताया कि वह नीम करोली बाब पर फिल्म बना रहे हैं। और बाबा की आध्यात्मिक विचारधारा और तकनीक के बीच संबंध को भी फिल्म में तलाशना चाहते हैं। नीम करोली बाबा का प्रभाव भारत के साथ-साथ दुनिया भर के कई लोगों पर रहा है। तकनीक और समकालीन संस्कृति से जुड़े चर्चित नामों में स्टीव जॉब्स और मार्क जुकरबर्ग का उल्लेख भी अक्सर उनके संदर्भ में किया जाता है। निर्माताओं की दिलचस्पी इसी बिंदु में थी कि आध्यात्मिकता, तकनीक, ऊर्जा और मानवीय चेतना किस तरह एक-दूसरे से जोड़ती है। पोस्टर को अपनी कला भाषा में रीक्रिएट किया फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने मुकेश शर्मा के साथ बातचीत के दौरान फिल्म का आधिकारिक पोस्टर शेयर किया, जिसे डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने तैयार किया था। मुकेश शर्मा ने इसी पोस्टर की छवि को अपनी विशिष्ट कला-भाषा में देखने और रीक्रिएट करने का प्रयास किया। कलाकार ने बताया कि उन्होंने इसके लिए डिस्कार्डेड कंप्यूटर और लैपटॉप की कुंजियों का इस्तेमाल किया। इन कुंजियों को काटा, घिसा और फिर एक-एक टुकड़े को बेहद बारीकी से जोड़ते हुए महाराज जी के चेहरे, कंबल और पूरी आकृति को आकार दिया गया। छोटे-छोटे हिस्सों को इस तरह संयोजित किया गया कि दूर से देखने पर एक संपूर्ण आकृति उभरती है, जबकि करीब से देखने पर उसमें इस्तेमाल की गई हजारों तकनीकी कुंजियां दिखाई देती हैं। यह पेंटिंग लगभग तीन महीने में बनकर तैयार हुई। ई-वेस्ट को दिया आध्यात्मिक अर्थ मुकेश शर्मा के लिए यह पेंटिंग केवल नीम करोली बाबा की तस्वीर नहीं है। यह तकनीक और आध्यात्मिकता के बीच एक समकालीन संवाद है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर और लैपटॉप की कुंजियां महज ई-कचरा नहीं हैं। वे हमारे समय, हमारी भाषा, हमारी स्मृतियों और तकनीकी जीवन के दस्तावेज भी हैं। जब इन्हीं अलग-अलग हिस्सों को एक साथ जोड़कर एक नई आकृति दी जाती है, तो डिस्कार्डेड तकनीक भी एक नई अर्थपूर्ण और आध्यात्मिक उपस्थिति हासिल कर लेती है। आश्रम की यात्रा ने बदला अनुभव इस कलाकृति के निर्माण के दौरान मुकेश शर्मा ने खुद नीम करोली बाबा के आश्रम की यात्रा भी की। इसी दौरान यह पूरा काम उनके लिए सिर्फ एक पेशेवर कमीशन नहीं रहा। मुकेश शर्मा कहते हैं कि उन्हें महसूस हुआ कि यह सिर्फ एक काम नहीं, बल्कि किसी तरह का भीतर से आया एक आह्वान था। उन्हें लगा कि शायद यह आध्यात्मिक जुड़ाव सही समय पर उनके सामने आया है और इसी वजह से उन्होंने इस कमीशन को स्वीकार किया।
हनुमान अंश ही नहीं, बल्कि एक और फिल्म ने 2026 में बॉक्स ऑफिस पर बाजी मारी है। कौन सी है यह फिल्म जिसकी कहानी ने छुआ सबका दिल, नीचे पढ़ें कहानी।
टॉम हॉलैंड स्टारर फिल्म स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे ने कमाई के मामले में सिनेमा जगत में इतिहास रच दिया है।
एक्ट्रेस स्वरा भास्कर 2018 की फिल्म 'पद्मावत' के जौहर सीन पर दिए गए बयान के बाद विवादों में आ गई हैं। दिल्ली में एक इवेंट के दौरान उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म के जौहर सीन पर सवाल उठाए थे। बयान के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि स्वरा ने रानी पद्मावती और जौहर करने वाली महिलाओं को कायर कहा है। भारी ट्रोलिंग के बाद मंगलवार को स्वरा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर सफाई दी। स्वरा ने कहा कि उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा, बल्कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। दिल्ली के इवेंट में दिए बयान पर शुरू हुआ विवादयह पूरा विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' टॉक के दौरान शुरू हुआ था। इवेंट में स्वरा ने फिल्म के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा 'क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?' एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही 'छी' कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था। इंस्टाग्राम वीडियो शेयर कर दी सफाईमंगलवार को स्वरा भास्कर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है। मुझसे पूछा गया था कि पद्मावत देखने के बाद मैंने ओपन लेटर क्यों लिखा था। मैं साफ करना चाहती हूं कि मैंने रानी पद्मावती या महल की बाकी महिलाओं को कायर नहीं कहा। अगर गाली देनी है तो सही बात पर दीजिए। मैंने कहा था कि अगर मैं रेप पीड़िता होती, तो क्लाइमेक्स देखकर मुझे लगता कि रेप के बाद जिंदा बचकर मैंने कायरता दिखाई है। 'क्या महिला की पवित्रता उसकी जान से ज्यादा कीमती है?'स्वरा ने कहा कि देश में आज भी रेप एक महामारी जैसा बन चुका है। हाल ही में दिल्ली में चलती बस में हुए गैंगरेप का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो संदेश दें कि महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है? उन्होंने निर्भया केस का उदाहरण देते हुए कहा कि निर्भया ने आखिरी सांस तक अपनी जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ी थी। किसी भी महिला की जीने की इच्छा को कम नहीं आंकना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी से सोशल मीडिया पर हुई बहसस्वरा के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका ने लिखा कि जब चुनाव मौत और हराम में गुलाम बनने के बीच हो, तो महिलाओं ने मौत को चुना, जो उनका एक फैसला था। इस पर जवाब देते हुए स्वरा ने लिखा, प्रियंका जी, आप असल बात नहीं समझ रही हैं। बात जौहर करने वाली महिलाओं की पसंद की नहीं, बल्कि इस बात की है कि हम किस चीज को महिमामंडित कर रहे हैं। क्या रेप के बाद किसी सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है? क्या है पद्मावत का जौहर सीन फिल्म में जौहर का सीन क्लाइमैक्स के पास आता है। अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है और चित्तौड़ के किले में घुस जाती है। दीपिका पादुकोण का किरदार 'रानी पद्मावती' किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं। फिल्म में इसे पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को आग के हवाले करने की घटना के तौर पर दिखाया गया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने FIR दर्ज करने और जांच अपने हाथ में लेने का भी निर्देश दिया है। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। वह 28 साल की थीं। दिशा की मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। दिशा की मौत मामले की शुरुआती जांच करीब तीन महीने में बंद कर दी गई थी, लेकिन सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आने के बाद 2023 में इसे दोबारा खोला गया और SIT बनाई गई। हालांकि, दिशा के पिता सतीश सालियान ने जांच में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नए सिरे से जांच की मांग की थी। उनका आरोप है कि दिशा के साथ गैंगरेप और हत्या हुई और मामले को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR की मांग भी की थी। CBI को जांच सौंपेगा पुलिस रिकॉर्ड हाईकोर्ट ने CBI के एक वरिष्ठ अधिकारी को मामले की जांच की जिम्मेदारी देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने सतीश सालियान का बयान दर्ज करने और उसके आधार पर FIR दर्ज करने को कहा है। मालवणी पुलिस को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड CBI को सौंपने होंगे। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि सिर्फ FIR में नाम होने से कोई व्यक्ति आरोपी नहीं माना जाएगा। जब तक जांच में उसके खिलाफ पर्याप्त सामग्री या सबूत नहीं मिलते, तब तक उसे आरोपी नहीं बनाया जाएगा। अगर जांच में कुछ नहीं मिलता है तो CBI को सारांश रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। पिता बोले- 6 साल से इसका इंतजार था हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिशा के पिता सतीश सालियान भावुक नजर आए। उन्होंने कहा- मैं 6 साल से इसका इंतजार कर रहा था। खुश होने की कोई वजह नहीं है, मैंने अपनी बेटी को खोया है। आज मुझे राहत महसूस हो रही है। मैंने हाथ जोड़कर जज के प्रति आभार जताया। वकील बोले- आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली समेत कई बड़े नाम FIR में होंगे सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी देते हुए कहा कि CBI पहले सतीश सालियान का बयान दर्ज करेगी और फिर FIR दर्ज कर जांच शुरू करेगी। ओझा ने कहा कि जिन लोगों के खिलाफ जांच में सबूत मिलेगा, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं, अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ सबूत नहीं मिलता है तो उसे आरोपी नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर CBI की रिपोर्ट नकारात्मक आती है, तो परिवार को उस पर आपत्ति जताने और प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने का अधिकार रहेगा। ओझा के मुताबिक, FIR में आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रिया चक्रवर्ती, परमबीर सिंह, उद्धव ठाकरे, सचिन वाजे और पिछली SIT के उन सदस्यों के नाम भी आरोपी के तौर पर दिए गए हैं, जिन पर मामले को दबाने का आरोप है। कोर्ट ने पुलिस की जांच पर उठाए सवाल दिशा की मौत की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान, पंचनामा और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट समेत जांच के कई पहलुओं पर सवाल उठाए। कोर्ट ने पूछा कि परिवार के संदेह जताने के बावजूद FIR क्यों दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने पहले ADR दर्ज की थी और बाद में मौत को आत्महत्या बताया। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि ADR की जांच इतनी लंबी क्यों चली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर, हाथ और छाती पर चोटों का जिक्र था कोर्ट को बताया गया कि दिशा का पोस्टमॉर्टम एक डॉक्टर ने किया था, जबकि दिशा-निर्देशों के मुताबिक दो डॉक्टर होने चाहिए थे। रिपोर्ट में सिर, हाथ, पैर और छाती पर चोटों का जिक्र था। वहीं, पुलिस ने कहा कि रेप या यौन हमले के सबूत नहीं मिले और गवाहों व फॉरेंसिक जांच के आधार पर दिशा के खुद इमारत से छलांग लगाने की बात सामने आई थी। 2025 के हलफनामे में भी पुलिस ने इसे आत्महत्या बताते हुए साजिश से इनकार किया था। पुलिस का पुराना दावा- आत्महत्या हुई थी मुंबई पुलिस ने अक्टूबर 2020 में दिशा की मौत को आत्महत्या मानकर जांच बंद कर दी थी। बाद में 2025 में हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में भी पुलिस ने कहा कि जांच में किसी तरह की साजिश नहीं मिली। पुलिस के मुताबिक, दिशा तनाव में थीं, घटना से पहले शराब के नशे में थीं और उनके मंगेतर ने भी किसी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था। 2023 में बनाई गई SIT के निष्कर्ष भी शुरुआती जांच से मेल खाते बताए गए थे। भाजपा नेता नितेश राणे ने भी CBI जांच की मांग की थी दिशा सालियान केस में महायुति के नेता लगातार आदित्य ठाकरे पर सवाल उठाते रहे हैं। भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे ने दिशा के साथ गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाया था और मामले की CBI जांच की मांग भी की थी। वहीं, भाजपा सांसद नारायण राणे ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उनसे दिशा सालियान केस में उनके बेटे आदित्य ठाकरे का नाम नहीं लेने को कहा था। उन्होंने मामले को दबाने की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया था। दिशा की मौत के बाद अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे सुशांत दिशा सालियान की मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। उस समय सुशांत की उम्र 34 साल थी। मुंबई पुलिस ने शुरुआती जांच में उनकी मौत को आत्महत्या बताया था। बाद में सुशांत की मौत की जांच CBI, प्रवर्तन निदेशालय (ED) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) तक पहुंची। दिशा और सुशांत की मौत के बीच सिर्फ छह दिन का अंतर होने के कारण दोनों मामले चर्चा में जुड़े रहे। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी आपराधिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई थी। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… ममता बनर्जी की भतीजी फंदे से लटकी मिलीं:शिक्षक भर्ती घोटाले में चली गई थी नौकरी, 2 साल से डिप्रेशन में थीं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भतीजी ब्रिष्टी मुखर्जी मंगलवार को बीरभूम जिले के कुसुंबा गांव के घर में फंदे से लटकी मिलीं। ब्रिष्टि, ममता के चचेरे भाई और तृणमूल नेता निहार मुखर्जी की बेटी थीं। पूरी खबर पढ़ें…
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद नेपाल में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए काठमांडू पहुंचे हैं। उनकी संस्था 'सूद चैरिटी फाउंडेशन' की टीम भारत से कंबल, राशन और अन्य जरूरी सामान लेकर नेपाल पहुंची है। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में सोनू सूद ने कहा कि उनकी टीम प्रभावित परिवारों को फिर से स्थापित करने के लिए आने वाले कई महीनों तक लगातार राहत सामग्री भेजती रहेगी। नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 900 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। भारत से भेजा राहत सामान सोनू सूद ने बताया कि उनकी टीम जमीनी स्तर पर बाढ़ पीड़ितों की जरूरतों का जायजा ले रही है। सोनू ने कहा, हम यहां बाढ़ पीड़ितों से मिलने आए हैं। भारत से बहुत सारा सामान, राशन और कंबल लाए हैं। संकट के इस दौर में जरूरतमंदों के साथ खड़े होना हम सभी का फर्ज है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत से नेपाल तक राहत सामग्री पहुंचाना थोड़ा मुश्किल काम है, लेकिन उनकी फाउंडेशन यह सुनिश्चित करेगी कि आने वाले महीनों में भी पीड़ितों तक मदद पहुंचती रहे। नेपाल में बाढ़ से 900 से ज्यादा लोगों की मौतनेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 939 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 3,925 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 592 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। रसुवा और नुवाकोट समेत कई जिलों में सेना और स्थानीय प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। वहीं नेपाल में स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के शवों की पहचान के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। कोविड लॉकडाउन में बने थे मजदूरों के मददगारसोनू सूद का आपदाओं और संकट में लोगों की मदद करने का सिलसिला साल 2020 में कोरोना महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन के समय शुरू हुआ था। उस समय मुंबई में फंसे हजारों प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों (उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड आदि) भेजने के लिए सोनू ने बसों, ट्रेनों और विशेष फ्लाइट्स का इंतजाम किया था। उन्होंने प्रवासियों के खाने-पीने से लेकर रास्ते के पूरे खर्च की जिम्मेदारी उठाई थी। इसके बाद से ही वे लगातार सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। यूक्रेन संकट तक पहुंचाई सहायताकोरोना की दूसरी लहर के दौरान सोनू सूद ने देशभर में ऑक्सीजन सिलेंडर, कंसंट्रेटर और अस्पताल में आईसीयू बेड्स उपलब्ध कराने के लिए दिन-रात काम किया था। इसके बाद साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के समय उन्होंने यूक्रेन में फंसे कई भारतीय छात्रों को रोमानिया और पोलैंड की सीमाओं के रास्ते सुरक्षित भारत लाने में मदद की थी। सोनू अपनी फाउंडेशन के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई, मुफ्त मेडिकल सर्जरी और हादसों के शिकार लोगों की आर्थिक मदद लगातार करते आ रहे हैं। ये खबर भी पढ़ें नेपाल बाढ़ में फंसी एक्ट्रेस मानसी भारत लौटीं:एयरपोर्ट पर बेटी को गले लगाकर भावुक हुईं; लैंडस्लाइड के बाद पैदल बॉर्डर पार किया नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बीच फंसने के बाद सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर वे अपने पति और बेटी को गले लगाकर भावुक दिखाई दीं। पूरी खबर पढ़ें
Hanuman Ansh पर बरसी 'बजरंग बली' की कृपा, मंगलवार को खेला कमाई का जबरदस्त दंगल
फिल्म हनुमान अंश ने रिलीज के 26वें दिन बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार कलेक्शन करके दिखाया है।
‘मिर्जापुर’ की डिंपी यानी हर्षिता गौर लंबे समय से दर्शकों के बीच पहचान बना चुकी हैं। ‘साड्डा हक’ के बाद उन्हें करीब एक साल तक काम नहीं मिला। इस दौर में उन्हें खुद भी पता नहीं था कि वह डिप्रेशन से गुजर रही हैं। एक्टिंग वर्कशॉप ने उन्हें इससे बाहर निकलने में मदद की। ‘मिर्जापुर’ ने उनके करियर को नई पहचान दी और अब वह फिल्म के जरिए बड़े पर्दे पर नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में हर्षिता ने करियर के उतार-चढ़ाव, लॉकडाउन, खुद को पहचानने की सीख और 2022 में अल्लू अर्जुन से हुई खास मुलाकात का किस्सा साझा किया। सवाल: ‘साड्डा हक’ के बाद आपके करियर में सबसे मुश्किल दौर कौन सा रहा? जवाब: ‘साड्डा हक’ खत्म होने के बाद करीब एक साल तक मेरे पास काम नहीं था। शो तीन साल चला था और मुझे लगा था कि अब फिल्मों में काम करूंगी। लेकिन काम मिलना आसान नहीं था। शुरुआत के एक-दो महीने घूमने-फिरने में निकल गए। उसके बाद मुंबई में बिना काम के रहना एक एक्टर के लिए काफी मुश्किल होता है। उस समय मैं डिप्रेशन में चली गई थी। सवाल: उस समय आपको पता था कि आप डिप्रेशन में जा रही हैं? जवाब: नहीं, उस समय मुझे बिल्कुल एहसास नहीं था। बाद में डिप्रेशन के लक्षणों के बारे में पता चला तो पीछे मुड़कर समझ आया कि मेरे साथ भी ऐसा ही हो रहा था। मैं मुंबई वाले घर में ही रहती थी। एक दिन पड़ोस वाली आंटी आईं और उन्होंने कहा कि काफी दिनों से दिखाई नहीं दीं। तब भी मैं किसी को ठीक से नहीं बता पा रही थी कि मेरे साथ क्या हो रहा है। सवाल: फिर इस दौर से बाहर कैसे निकलीं? जवाब: मैंने अतुल मंगिया के सजेस्ट करने पर एक एक्टिंग वर्कशॉप की। मैं आज भी उन्हें अपना गुरु मानती हूं। उन्होंने मुझे एक एक्टर के तौर पर बेहतर किया और मुझे लगता है कि उन्होंने मुझे बचाया भी। वह अनुभव मेरे लिए थेरेप्यूटिक रहा। उसके बाद समझ आया कि ऐसा महसूस होने पर थेरेपिस्ट से भी बात की जा सकती है। उस समय मुझे मेंटल हेल्थ या डिप्रेशन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। सवाल: ‘मिर्जापुर’ आपके करियर में कब आया? जवाब: ‘मिर्जापुर’ मैंने अक्टूबर 2017 से करना शुरू किया था। उससे पहले मेरी एक्टिंग वर्कशॉप हो चुकी थी। यह मेरे लिए बहुत बड़ा मोड़ साबित हुआ। शो ने मुझे लोगों तक पहुंचाया और डिंपी के किरदार से मुझे अलग पहचान मिली। सवाल: ‘मिर्जापुर’ की वजह से आपको आगे कितना फायदा मिला? जवाब: बहुत फायदा हुआ। ‘जहानाबाद’ का काम भी कहीं न कहीं ‘मिर्जापुर’ की वजह से मिला। साउथ की फिल्म ‘फलकनुमा दास’ भी मिली। जब लोग आपको किसी काम में देख चुके होते हैं तो उनका भरोसा बढ़ जाता है। ‘मिर्जापुर’ ने मेरे करियर में यह भरोसा बनाने में बहुत मदद की। सवाल: साउथ की फिल्म के बाद वहां आगे काम क्यों नहीं कर पाईं? जवाब: ‘फलकनुमा दास’ 2019 में रिलीज हुई थी। उसके बाद मैं वहां और काम करना चाहती थी, लेकिन लगातार दो लॉकडाउन आ गए। मैं वापस वहां जा ही नहीं पाई। वरना मेरी साउथ में और काम करने की इच्छा थी। सवाल: लॉकडाउन का समय आपके लिए कैसा रहा? जवाब: पहला लॉकडाउन मैंने मुंबई में अपने पड़ोसी अंकल-आंटी के साथ बिताया। उनके दो घर हैं और उनका परिवार जैसा माहौल मेरे लिए हमेशा अच्छा रहा है। हम साथ रहते थे, खाते थे और समय बिताते थे। इसलिए मुझे अकेलापन महसूस नहीं हुआ। सवाल: 2022 में फिर ऐसा समय आया जब आपको लगा कि एक्टिंग सही फैसला था या नहीं? जवाब: हां, 2022 में मैं पर्सनली और प्रोफेशनली दोनों स्तर पर मुश्किल दौर से गुजर रही थी। लगता था कि अब तक मुझे यह कर लेना चाहिए था, लेकिन चीजें वैसी नहीं हो रही थीं। मन में आया कि क्या मुझे कुछ और करना चाहिए? क्या एक्टिंग में पर्याप्त मौके मिल रहे हैं या मिलेंगे? क्या मुझे खुद में बदलाव करना चाहिए? उस समय मैं थोड़ा डगमगाई थी। सवाल: फिर ऐसा क्या हुआ जिससे आपका भरोसा वापस आया? जवाब: मेरे लिए वह अल्लू अर्जुन से हुई मुलाकात थी। मैं गोवा में थी और वह अपनी फैमिली के साथ थे। उन्होंने मुझे देखा और खुद पास आकर बात की। उन्होंने ‘मिर्जापुर’ और मेरे किरदार के बारे में बात की और मेरी स्क्रीन प्रेजेंस की भी तारीफ की। मुझे बहुत अच्छा लगा, क्योंकि मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानती भी नहीं थी। सवाल: क्या इसके बाद उनसे दोबारा मुलाकात हुई? जवाब: हां, कुछ दिन बाद 31 दिसंबर को मैं उनसे फिर टकरा गई। वह अपनी फैमिली के साथ थे और मैं दोस्तों के साथ। नया साल शुरू होने वाला था, तब हमने एक-दूसरे को विश किया। उन्होंने फिर मेरे किरदार और शो की बात की और मुझसे कहा कि तुम्हें और काम करना है, तुम्हारे लिए अभी बहुत लंबा रास्ता है। सवाल: उनकी इस बात का आप पर कितना असर हुआ? जवाब: उन्हें बिल्कुल नहीं पता कि उनकी उस छोटी सी बात ने एक डिमोटिवेटेड इंसान को कितनी मोटिवेशन दी। अगले दिन यानी 1 जनवरी को मुझे लगा कि यह यूनिवर्स का सिग्नल था। वह मुझे जानते नहीं थे, मेरा उनसे कोई कॉमन लिंक नहीं था और मैंने उनकी किसी फिल्म में काम भी नहीं किया था। फिर भी उन्होंने मेरे काम की तारीफ की और आगे बढ़ने के लिए कहा। यह बात आज तक मेरे साथ है। सवाल: कभी लगा कि उनसे नंबर एक्सचेंज कर लेना चाहिए था? जवाब: अब जो हो गया, वो हो गया। मेरे पास उनके साथ एक फोटो भी नहीं है। लेकिन मानती हूं कि अगर यूनिवर्स ने उस समय उनसे मिलवाया था तो शायद दोबारा भी मिलवा देगा। मैं आज भी चाहती हूं कि उनसे मिलूं और उन्हें बताऊं कि उनकी उस एक बात का मुझ पर कितना असर हुआ था। सवाल: इस पूरी जर्नी में आपकी सबसे बड़ी सफलता क्या रही? जवाब: खुद को पहचानना। मेरे लिए पर्सनल ग्रोथ सबसे बड़ी सफलता है। इस फील्ड में रहते हुए समझ आया कि मैं कौन हूं, मेरी स्ट्रेंथ, कमजोरियां और पैटर्न क्या हैं और मैं अपने काम में क्या लेकर आती हूं। सवाल: इतने सालों में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही? जवाब: अपनी उम्मीदों और वास्तविकता के बीच संतुलन बनाना। हम ए से शुरू करते हैं और जेड तक पहुंचना चाहते हैं। बी, सी या डी तक पहुंचने पर लगता है कि अभी जेड तक नहीं पहुंचे। हम भूल जाते हैं कि शुरुआत ए से की थी। अपनी प्रगति को पहचानना और उसकी अहमियत समझना मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती रही। सवाल: करियर के उतार-चढ़ाव से आपने सबसे बड़ी सीख क्या ली? जवाब: अब मुझे लगता है कि मेहनत करना हमारे हाथ में है, लेकिन उसका फल कब और कितना मिलेगा, यह हमारे हाथ में नहीं है। इसलिए जो हमारे हाथ में नहीं है, उसकी चिंता क्यों करनी। अपना रास्ता चुनिए, मेहनत करते रहिए और आगे बढ़ते रहिए। अब मुझे हर चीज में मजा आने लगा है। _____________________ हर्षिता गौर का यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. हर्षिता गौर ने ‘मिर्जापुर’ पहले ठुकराया था:एक्सेल ऑफिस इस उम्मीद में पहुंचीं कि फरहान अख्तर की नजर पड़ेगी और हीरोइन बना देंगे ‘मिर्जापुर’ में डिंपी पंडित का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वालीं हर्षिता गौर अब ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में नजर आएंगी। दिलचस्प बात यह है कि जिस सीरीज ने उन्हें पहचान दी, उसे उन्होंने शुरुआत में करने से मना कर दिया था। उस वक्त ओटीटी का दौर नया था और हर्षिता टीवी पर मुख्य किरदार निभा चुकी थीं। उन्हें लगा था कि किसी की बहन का किरदार क्यों निभाएं।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन को 2014 में रिलीज हुई फिल्म ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के लिए डायरेक्टर फराह खान की पहली पसंद बताया जाता है। हालांकि, बेटी आराध्या को जन्म देने के बाद फिल्मों में वापसी कर रहीं ऐश्वर्या ने इस फिल्म को ठुकरा दिया था। फिल्म में शाहरुख खान के साथ उनकी जोड़ी बननी थी, जबकि उनके पति अभिषेक बच्चन भी फिल्म का हिस्सा थे। शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण और अभिषेक बच्चन स्टारर ‘हैप्पी न्यू ईयर’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। ऐश्वर्या ने फिल्म इसलिए नहीं की क्योंकि उन्हें लगा कि फिल्म में वह और अभिषेक एक-दूसरे के साथ कास्ट नहीं होंगे और अलग-अलग कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी बनने से स्क्रीन पर अजीब स्थिति पैदा हो सकती है। एक पुराने इंटरव्यू में ऐश्वर्या ने बताया था कि उन्हें यह फिल्म फिल्मों से ब्रेक के बाद वापसी के लिए बिल्कुल सही लगी थी। 2018 में पत्रकार राजीव मसंद से बातचीत में उन्होंने कहा था कि बड़े ब्लॉकबस्टर और तय बॉक्स ऑफिस वाली ऐसी फिल्म उनके लिए बेहतरीन वापसी हो सकती थी। हालांकि, फिल्म में अभिषेक के पहले से होने की वजह से ऐश्वर्या को इसकी कास्टिंग का डायनेमिक सही नहीं लगा। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें व्यक्तिगत तौर पर फिल्म ऑफर की जाती तो वह जरूर करतीं, लेकिन अभिषेक के साथ फिल्म में अलग-अलग कलाकारों के साथ जोड़ी बनाना ठीक नहीं लगता। ऐश्वर्या ने माना था कि एक प्रोफेशनल और एक्टर के तौर पर ऐसी फिल्म छोड़ना आसान नहीं था, लेकिन पत्नी के तौर पर उन्होंने यह फैसला लिया। एक अन्य बातचीत में NDTV से ऐश्वर्या ने कहा था कि उन्हें फिल्म काफी मजेदार लगी थी और उन्हें पता था कि इसकी शूटिंग का अनुभव अच्छा रहेगा, लेकिन फिल्म में उनके और अभिषेक के एक-दूसरे के साथ जोड़ी न बनने की वजह से उन्होंने इसे ठुकरा दिया। ऐश्वर्या ने और कौन-सी फिल्में ठुकराईं ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के अलावा ऐश्वर्या को कई सफल फिल्मों के ऑफर मिलने की रिपोर्ट्स सामने आती रही हैं। इनमें ‘ट्रॉय’, ‘मुन्ना भाई एम.बी.बी.एस.’, ‘भूल भुलैया’, ‘कृष’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ शामिल हैं। हालांकि, इन फिल्मों को ठुकराने की वजहों से जुड़ी बातें ऐश्वर्या ने खुद कंफर्म नहीं की हैं। अभिषेक-ऐश्वर्या के तलाक की अफवाहें सामने आई थीं अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन के तलाक की अफवाहें साल 2024 में काफी चर्चा में रही थीं। इन अफवाहों को तब हवा मिली, जब जुलाई 2024 में अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की शादी में अभिषेक पूरे बच्चन परिवार के साथ पहुंचे थे। वहीं, ऐश्वर्या अपनी बेटी आराध्या के साथ अलग नजर आई थीं। इसके बाद ऐश्वर्या को पेरिस फैशन वीक और दूसरे इवेंट्स में भी सिर्फ आराध्या के साथ देखा गया। सोशल मीडिया पर अभिषेक का एक डीपफेक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वह तलाक का ऐलान करते दिख रहे थे। इससे अफवाहों को और बढ़ावा मिला। हालांकि, लंबे समय तक चुप रहने के बाद अभिषेक ने इन खबरों पर नाराजगी जताई थी। दिसंबर 2025 में पीपिंग मून से बातचीत में अभिषेक ने कहा था, “अगर आप एक पब्लिक फिगर हैं, तो लोग आपकी हर छोटी बात पर अपनी राय बनाएंगे। हमारे बारे में जो भी गलत बातें लिखी गई हैं, वे पूरी तरह झूठी हैं। उनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। ये बातें गलत हैं और जानबूझकर दुख पहुंचाने वाली हैं।” उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें उनकी शादी के बाद शुरू नहीं हुई थीं, बल्कि शादी से पहले से ही चल रही थीं। अभिषेक ने कहा, “शादी से पहले लोग हमारी शादी की तारीखें बताने लगे थे। शादी के बाद लोग यह तय करने लगे कि हम कब अलग होंगे। ये सब बकवास है। वह मेरी सच्चाई जानती हैं और मैं उनकी सच्चाई जानता हूं। हम अपने परिवार के साथ प्यार और खुशी से रहते हैं, और हमारे लिए यही सबसे ज्यादा मायने रखता है।” पिछले महीने अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन और उनकी बेटी आराध्या बच्चन को एक साथ मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया था। वे अमेरिका (न्यूयॉर्क) से अपनी पारिवारिक छुट्टियां बिताकर वापस लौटे थे।
एक्ट्रेस मौनी रॉय ने हाल ही में बताया कि उन्हें पहले टीवी शो में रोल सड़क पर चलते हुए मिला था। मौनी ने फराह खान के व्लॉग के लिए हुई बातचीत में बताया कि उन्होंने टीवी शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में कृष्णा तुलसी का किरदार निभाकर डेब्यू किया था। यूनिवर्सिटी के बाहर एकता कपूर की टीम ने देखा हाल ही में फराह खान मौनी के मुंबई स्थित घर पहुंची थीं, जहां एक्ट्रेस ने अपने पहले एक्टिंग मौके से जुड़ी बातें शेयर कीं। मौनी ने बताया कि वह अपनी यूनिवर्सिटी के बाहर पैदल चल रही थीं, तभी प्रोड्यूसर एकता कपूर की टीम के किसी व्यक्ति ने उन्हें देखा। फराह यह सुनकर हैरान रह गईं। उन्होंने कहा, “सच में ऐसा हुआ था? क्या बात कर रही है? हम तो ऐसी कहानियां ही सुनते हैं कि कोई कैफे में बैठा था और किसी ने उसे देख लिया।” मौनी ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, “लेकिन यह सच में हुआ था। बिल्कुल इसी तरह यह मौका मिला था। यह शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ था।” कृष्णा तुलसी का किरदार और कहानी मौनी ने यह भी बताया कि शो में कृष्णा तुलसी की कहानी दिलचस्प थी और उनके आने से तुलसी की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया था। कृष्णा तुलसी के किरदार को एक अनाथ बच्ची के रूप में दिखाया गया था। शो में तुलसी का किरदार स्मृति ईरानी ने निभाया था। जब तुलसी अपनी जान कुर्बान करने के लिए खुद को गंगा नदी में समर्पित करने का फैसला करती है, तब उसे गंगा में तैरती हुई यह बच्ची मिलती है। इसके बाद इस किरदार का नाम तुलसी के नाम पर कृष्णा तुलसी रखा गया था। ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में मौनी रॉय की जोड़ी पहले पुलकित सम्राट के साथ बनाई गई थी। बाद में शो में उनकी जोड़ी आकाशदीप सहगल के साथ भी दिखाई गई। इस शो के बाद मौनी ने कई लोकप्रिय टीवी शो में काम किया। उनके प्रमुख प्रोजेक्ट्स में ‘देवों के देव महादेव’ शामिल है, जिसमें उन्होंने सती का किरदार निभाया था। मौनी ने ‘नागिन’ के दो सीजन में भी काम किया। इसमें उन्होंने रूप बदलने वाली नागिनों शिवन्या और शिवांगी के किरदार निभाए थे। एकता कपूर ने कई कलाकारों को मौका दिया गौरतलब है कि एकता कपूर ने टीवी इंडस्ट्री में कई ऐसे कलाकारों को मौका दिया है, जिन्होंने आगे चलकर बड़ा नाम बनाया। उन्होंने जैसा मौका सड़क पर चलते हुए मौनी रॉय को दिया था, वैसा ही कुछ करण कुंद्रा के साथ फेसबुक के जरिए किया था। एकता कपूर ने खुद बताया था कि उन्होंने करण कुंद्रा को कैसे डिस्कवर किया था। करण कुंद्रा एक्टिंग में नहीं आना चाहते थे और जालंधर में अपना पारिवारिक बिजनेस संभाल रहे थे। उन्होंने फेसबुक पर अपनी कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं। एकता कपूर की नजर उनकी फेसबुक प्रोफाइल पर पड़ी। उन्हें करण का लुक और एटीट्यूड इतना पसंद आया कि उन्होंने उन्हें मुंबई बुला लिया। इसके बाद एकता ने उन्हें साल 2009 में अपने बड़े शो ‘कितनी मोहब्बत है’ में ‘अर्जुन पुंज’ का मुख्य किरदार देकर लॉन्च किया। सुशांत को एकता ने नाटक के दौरान देखा था वहीं, एक्टर सुशांत सिंह राजपूत को एकता कपूर ने बालाजी के एक नाटक के दौरान बैकग्राउंड में देखा था। चैनल वाले सुशांत को ‘पवित्र रिश्ता’ में ‘मानव’ के लीड रोल के लिए रिजेक्ट कर रहे थे क्योंकि उनका लुक हीरो जैसा नहीं लग रहा था, लेकिन एकता अपनी जिद पर अड़ गईं और कहा, “इस लड़के की मुस्कान करोड़ों दिलों को जीतेगी।” और वैसा ही हुआ। स्मृति ईरानी को ‘मिस इंडिया’ प्रतियोगिता में रिजेक्ट कर दिया गया था। जब वह बालाजी के दफ्तर में किसी और रोल के लिए आई थीं, तो एकता कपूर ने उन्हें सिर्फ चलते हुए देखा और अपनी टीम से कहा, “यह लड़की हमारी अगली बड़ी स्टार ‘तुलसी’ बनेगी।” टीम के मना करने के बावजूद एकता ने उन्हें कास्ट किया।
धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में चलती स्लीपर बस के अंदर 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ हुए गैंगरेप के मामले पर एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर देश में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। भूमि ने लिखा कि बार-बार ऐसी घटनाएं कैसे हो सकती हैं, यह बेहद शर्मनाक है। गलत बस में बिठाकर नाबालिग के साथ किया दुष्कर्मदिल्ली पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 11वीं की छात्रा अपने घर से नोएडा जाने के लिए निकली थी। ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर बारिश और अंधेरा होने की वजह से वह फंस गई। इसी दौरान आई एक प्राइवेट स्लीपर बस के कंडक्टर ने उसे झांसा देकर बस में बिठा लिया। बस में कोई अन्य सवारी नहीं थी। रास्ता शुरू होते ही बस ड्राइवर और कंडक्टर ने नाबालिग के साथ दरिंदगी की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना 4 अगस्त की है, पुलिस ने 31 अगस्त को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बस को तिमारपुर से जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। महिला सुरक्षा और स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर पहले भी बोल चुकी हैं भूमियह पहला मौका नहीं है जब भूमि पेडनेकर ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों और सुरक्षा के मुद्दे पर बात की है। इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान भी वे काफी मुखर रही थीं। उस समय प्रदर्शन में प्रधानमंत्री मोदी को अपशब्द कहने वाली एक नाबालिग छात्रा को जब सोशल मीडिया पर दुष्कर्म और जान से मारने की धमकियां मिलने लगी थीं, तब भूमि ने खुलकर उसका समर्थन किया था। भूमि ने तब कहा था कि देश में महिलाओं या किसी भी लड़की को अपनी आवाज उठाने पर ऐसी धमकियों का सामना नहीं करना चाहिए। PM पर बयान देकर आलोचना का शिकार हुई थीं इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ जारी CJP प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर भूमि ने सवाल उठाए थे। तब उन्होंने एक वीडियो पोस्ट कर कहा था कि विरोध करने का हक सबको है, लेकिन देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के लिए ऐसी भाषा बोलना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया था। दिल्ली गैंगरेप घटना को सिलसिलेवार तरीके से समझिए 1. पीड़ित घर से झगड़कर निकली पुलिस के मुताबिक, पीड़ित यूपी के मैनपुरी की रहने वाली है। परिवार में झगड़ा होने पर बिना बताए नोएडा में कजिन के घर के लिए बस से निकली। मैनपुरी से नोएडा की दूरी 300 किमी से ज्यादा है। 2. ग्रेटर नोएडा पर उतर गई थी भारी बारिश और अंधेरे के कारण छात्रा गलती से परी चौक पर उतर गई थी। फिर यहां से नोएडा जाने के लिए वाहन का इंतजार करने लगी। इसी बीच वहां से एक खाली स्लीपर बस गुजरी। छात्रा ने बस को रुकने का इशारा किया। 3. ड्राइवर-कंडक्टर ने बस में बैठाया ड्राइवर और कंडक्टर ने छात्रा को बस में बैठा लिया। उन्होंने बताया कि बस नोएडा सेक्टर-63 जा रही है। पुलिस के मुताबिक, बस चलने के कुछ समय बाद कंडक्टर ने छात्रा के साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश की। 4. फिर गैंगरेप किया और धमकी दी छात्रा ने पुलिस को बताया कि ड्राइवर और कंडक्टर ने उसके साथ रेप किया। विरोध करने पर दोनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। 5. कश्मीरी गेट के पास छोड़कर फरार आरोप है कि दोनों ने देर रात छात्रा को कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर उतार दिया। इसके बाद दोनों वहां से फरार हो गए। छात्रा ने रात में ही कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। 6. दोनों आरोपी गिरफ्तार पीड़ित की शिकायत के अनुसार, जांचकर्ताओं ने कोतवाली एसीपी शंकर बनर्जी के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने बस की पहचान और उसके रूट को ट्रैक करने के लिए रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की। पुलिस ने ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी जब्त किया गया। बस की फोरेंसिक जांच की जा रही है। बस के अंदर और बाहर की 3 तस्वीरें… NHRC ने लिया संज्ञान, पुलिस पर भी उठा सवाल इस मामले के सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने भी संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। वहीं, इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच क्षेत्राधिकार (जुरिस्डिक्शन) को लेकर भी सवाल उठे हैं। यूपी पुलिस का आरोप है कि घटना गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट क्षेत्र में शुरू हुई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने समय पर उन्हें इसकी पूरी जानकारी साझा नहीं की। ये खबर भी पढ़ें संघर्ष, ट्रॉमा-रिजेक्शन से उठकर स्ट्रॉन्ग एक्ट्रेस बनीं भूमि पेडनेकर:बोलीं- स्कूल में बुलिंग होती थी, तभी सोचा कि एक दिन सबको कुछ बनकर दिखाऊंगी संघर्ष, ट्रॉमा, रिजेक्शन और सामाजिक तानों के बीच खुद को साबित करने वाली अभिनेत्री का नाम है भूमि पेडनेकर। मुंबई की चमकदार फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाना आसान नहीं होता, खासकर तब जब शुरुआत आत्म-संदेह, असुरक्षा और निजी आघातों से भरी हो। पूरी खबर पढ़ें
फिल्म हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासक प्रदर्शन करके हर किसी का ध्यान खींचा है।
ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर Toxic ने काटी चांदी, Yash की फिल्म ने दुनियाभर में छापे करारे नोट
सुपरस्टार यश स्टारर टॉक्सिक (Toxic) दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। यहां देखें फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन-
एक्ट्रेस करीना कपूर खान अपनी आने वाली फिल्म 'दायरा' के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में पैपराजी पर भड़क गईं। मुंबई में आयोजित इस इवेंट के दौरान जब वे पैपराजी को पोज दे रही थीं, तब उन्हें गुस्सा आ गया। इससे परेशान होकर करीना ने पैपराजी को फटकार लगाई और कहा कि कभी इधर, कभी उधर, मैंने हील्स पहनी है। दरअसल फोटो क्लिक करवाने के दौरान पैपराजी उन्हें लगातार राइट और लेफ्ट होने के लिए कह रहे थे। बार-बार एंगल बदलने की हिदायत से करीना असहज हो गईं। उनके चेहरे पर नाराजगी साफ नजर आई। करीना ने पैपराजी को टोकते हुए कहा कि वे हील्स पहनकर बार-बार इधर-उधर नहीं घूम सकतीं। इसी इवेंट में कृति सेनन की ट्रोलिंग का सवाल टाला ट्रेलर लॉंच के इसी इवेंट में एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट में कपड़ों को लेकर शुरू हुए विवाद पर करीना कपूर ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया था। करीना से इस विवाद और एक्ट्रेसेस की सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर सवाल पूछा, तो उन्होंने इस सवाल पर चुप्पी साधे रखी। करीना ने इस सवाल का जवाब पास में बैठीं डायरेक्टर मेघना गुलजार से देने को कहा। सवाल सुनते ही डायरेक्टर की तरफ किया इशाराइवेंट में रिपोर्टर ने करीना कपूर से पूछा कि सोशल मीडिया पर एक्ट्रेसेस के कपड़ों और उनके रिप्रेजेंटेशन को लेकर काफी ट्रोलिंग होती है, ऐसे में एक एक्ट्रेस होने के नाते उनकी क्या सीमाएं होनी चाहिए। सवाल पूरा सुनते ही करीना ने खुद बोलने के बजाय माइक डायरेक्टर मेघना गुलजार की तरफ बढ़ा दिया। करीना के इशारा करने के बाद डायरेक्टर मेघना गुलजार ने सवाल का जवाब दिया। मेघना ने कहा, फिल्मों या स्क्रीन पर किसी महिला या पुरुष कलाकार का लुक और कपड़े उनके किरदार पर निर्भर करते हैं। यह डायरेक्टर की सोच के हिसाब से तय होता है। मेघना ने आगे कहा कि इस तरह के मामलों में सिर्फ किसी एक एक्टर से सवाल पूछना या उसे कटघरे में खड़ा करना सही नहीं है। हाल ही में फैली थी तीसरी प्रेग्नेंसी की अफवाहट्रेलर लॉन्च से पहले करीना कपूर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रही थीं। कुछ दिनों पहले जिम के बाहर का उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी तीसरी प्रेग्नेंसी की अफवाहें उड़ने लगी थीं। हालांकि, बाद में करीना की तरफ से इन खबरों पर सफाई आई कि वे प्रेग्नेंट नहीं हैं और ये महज अफवाहें थीं। साउथ स्टार पृथ्वीराज के साथ नजर आएंगी करीनाकरीना कपूर जल्द ही मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी फिल्म 'दायरा' में नजर आने वाली हैं। इस फिल्म में वे एक अलग और अनोखे किरदार में दिखाई देंगी। फिल्म में उनके साथ साउथ सिनेमा के एक्टर पृथ्वीराज सुकुमारन भी मुख्य भूमिका में हैं। …………… करीना से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… करीना@45, प्यार में कमरे का ताला तोड़ा:शादी पर लव जिहाद विवाद, नेपोटिज्म पर बोलीं- मत देखो फिल्म; जीरो फिगर ट्रेंड लाने वालीं एक्ट्रेस चाहे स्टाइलिश 'पू' हो या चुलबुली 'गीत' करीना कपूर ने अपने हर किरदार को खास बना दिया है। जहां उनके परिवार में लगभग सभी लोग फिल्मों में आने का सपना देखते थे, वहीं करीना ने पहले वकालत का रास्ता चुना था। हालांकि एक्टिंग के प्रति झुकाव के कारण वह अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं। पूरी खबर पढ़ें… करीना कपूर खान प्रेग्नेंट नहीं हैं:तीसरी बार मां बनने की अफवाहों को टीम ने बताया गलत; ननद सबा बोलीं- कुछ बातें प्राइवेट रहने देना चाहिए एक्ट्रेस करीना कपूर खान के तीसरी बार प्रेग्नेंट होने की खबरों को उनकी टीम ने गलत बताया है। सोशल मीडिया पर प्रेग्नेंसी की अफवाहें फैलने के बाद टीम ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में इसकी पुष्टि की कि करीना प्रेग्नेंट नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें
रैपर बादशाह और पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी ने अपनी शादी के 5 महीने बाद ही एक-दूसरे से अलग होने का ऐलान कर दिया है। दोनों ने सोमवार रात अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर जैसी पोस्ट शेयर कर तलाक की पुष्टि की। बादशाह ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह फैसला दोनों की आपसी सहमति से लिया गया है। उन्होंने फैंस और मीडिया से इस समय में उनकी प्राइवेसी का सम्मान करने और किसी भी तरह का अंदाजा न लगाने का अनुरोध किया है। पिछले कुछ हफ्तों से दोनों के रिश्ते में अनबन की खबरें आ रही थीं। इंस्टाग्राम पोस्ट में क्या लिखापोस्ट में बादशाह ने लिखा कि वे और ईशा रिखी आपसी सम्मान के साथ अलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़ रहे हैं। बादशाह ने लिखा, हमारा यह फैसला आपसी सहमति से लिया गया है। हम सभी से गुजारिश करते हैं कि इस समय हमारी प्राइवेसी का ध्यान रखें। इस मुद्दे पर हमारा यह पहला और आखिरी बयान है, इसलिए हमारी रिलेशनशिप को लेकर आगे कोई अंदाजा न लगाया जाए। ईशा रिखी ने भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर यही बयान शेयर किया है। कौन हैं ईशा रिखी? जुलाई से सामने आ रही थीं अनबन की खबरेंबादशाह और ईशा रिखी के रिश्ते में तनाव की खबरें जुलाई के महीने में आनी शुरू हुई थीं। 26 जुलाई को ईशा ने बादशाह के साथ अपनी कई तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए एक पोस्ट लिखी थी। इसमें उन्होंने 'हर तूफान एक सीख है' लिखकर दिल टूटने वाला इमोजी लगाया था। इसके बाद ईशा ने एक नोट में लिखा था कि वे लंबे समय तक डर की वजह से चुप रहीं, लेकिन अब वे अपने आत्मसम्मान के लिए बोल रही हैं। इसी बीच ईशा की मां पूनम रिखी ने भी सोशल मीडिया पर कर्म से जुड़ी पोस्ट शेयर की थीं। जून में ही किया था शादी का खुलासाईशा रिखी ने इसी साल जून में इंस्टाग्राम पर 'आस्क मी एनीथिंग' सेशन के दौरान बादशाह के साथ अपनी शादी की पुष्टि की थी। हालांकि शादी के बाद भी दोनों सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के बारे में ज्यादा बात करने से बचते रहे। वहीं अब रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईशा रिखी जल्द ही सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' का हिस्सा बन सकती हैं। बादशाह का दूसरा तलाक, पहली पत्नी से है एक बेटीयह रैपर बादशाह का दूसरा तलाक है। इससे पहले उन्होंने जैस्मिन मसीह से शादी की थी। साल 2017 में दोनों की एक बेटी हुई, जिसका नाम जेसेमी ग्रेस मसीह सिंह है। हालांकि मतभेदों के बाद बादशाह और जैस्मिन साल 2020 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। इसके बाद बादशाह की जिंदगी में ईशा रिखी की एंट्री हुई थी। तलाक के ऐलान के बीच बादशाह का नया गाना रिलीजपर्सनल लाइफ में चल रही हलचल के बीच बादशाह का नया मराठी हिप-हॉप गाना 'चिमना' 31 अगस्त को रिलीज हुआ है। इसमें उन्होंने दिव्या कुमार और मराठी लोक कलाकार नागेश मोरवेकर के साथ काम किया है। गाने का म्यूजिक हितेन ने दिया है और वीडियो में मराठी एक्ट्रेस नेहा खान नजर आ रही हैं। बादशाह ने गाने को लेकर कहा कि वे भारत के रीजनल म्यूजिक को प्रमोट करना चाहते हैं।
Hanuman Ansh के साथ हो गया चमत्कार, 25वें दिन ऐतिहासिक कमाई से बढ़ाई टॉक्सिक की टेंशन
लेटेस्ट फिल्म हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस पर 25वें कमाई के मामले में कमाल करके दिखाया है।
नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बीच फंसने के बाद सुरक्षित मुंबई लौट आई हैं। मुंबई एयरपोर्ट पर वे अपने पति और बेटी को गले लगाकर भावुक दिखाई दीं। तिब्बत में भूस्खलन होने के कारण उन्हें 4 घंटे तक बस में इंतजार करना पड़ा। इसके बाद वे पैदल खराब रास्ता पार कर नेपाल सीमा पहुंचीं और काठमांडू होते हुए मुंबई अपने परिवार के पास पहुंचीं। मानसी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पूरे अनुभव को शेयर करते हुए जंग जीतने जैसा बताया है। पैदल पार किया लैंडस्लाइड वाला रास्ताएक्ट्रेस मानसी पारेख ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर इस पूरे मामले की जानकारी दी है। भूस्खलन हकी वजह से रास्ता साफ होने तक उनकी बस 4 घंटे तक वहीं खड़ी रही। इसके बाद करीब 40 मील का सफर तय करके उनकी टीम नेपाल बॉर्डर पहुंची। वहां एक और लैंडस्लाइड की वजह से रास्ता पूरी तरह बंद था। ऐसे में बस छोड़कर पैदल ही क्षतिग्रस्त इलाके को पार करना पड़ा, ताकि दूसरी तरफ खड़ी बसों तक पहुंचा जा सके। 'जंग जीतने जैसा था मुंबई वापस लौटना'मानसी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि चीन से निकलकर नेपाल सीमा तक पहुंचना किसी जंग को जीतने जैसा महसूस हो रहा था। नेपाल सीमा पार करने के बाद काठमांडू तक का 4 घंटे का बस सफर उनके जीवन का सबसे मुश्किल सफर रहा। मानसी ने लिखा कि तमाम मुश्किलों के बाद भी मुंबई वापस आना, अपने परिवार से मिलना और बेटी को गले लगाना सबसे राहत देने वाला पल था। जिस जगह हुआ था स्वागत, वह पानी में डूबीसोशल मीडिया पर 27 अगस्त को शेयर की गई एक अन्य पोस्ट में मानसी ने इस आपदा से जुड़ा एक भयानक संयोग भी बताया। उन्होंने उस जगह का वीडियो शेयर किया जहां वे आपदा आने से ठीक 5 दिन पहले रुकी थीं। मानसी के मुताबिक, 5 दिन पहले जिस जगह पर उनका स्वागत किया गया था, वह इलाका बाढ़ के पानी में पूरी तरह डूब चुका था। उन्होंने बताया कि जिस दिन वहां तबाही आई, वे अगले ही दिन फिर से उसी जगह पहुंचने वाली थीं। नेशनल अवॉर्ड विनर हैं मानसी पारेख मानसी पारेख ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2004 में टीवी शो 'कितनी मस्त है जिंदगी' से की थी। इसके बाद वे 'इंडिया कॉलिंग', 'गुलाल' और 'सुमित संभाल लेगा' जैसे लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में नजर आईं। अभिनय के साथ-साथ मानसी एक प्रशिक्षित गायिका भी हैं और उन्होंने साल 2011 में जी टीवी का सिंगिंग रिएलिटी शो 'स्टार या रॉकस्टार' जीता था। बॉलीवुड में उन्होंने साल 2019 की फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' में अहम भूमिका निभाई थी। मानसी गुजराती सिनेमा में बतौर एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर काफी सक्रिय हैं। साल 2024 में 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में उन्हें गुजराती फिल्म 'कच्छ एक्सप्रेस' में बेहतरीन अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (बेस्ट एक्ट्रेस) का नेशनल अवॉर्ड मिला था। नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ से भारी तबाहीनेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिले इस आपदा से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आपदा में अब तक नेपाल और तिब्बत में मिलाकर 900 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वहीं अकेले नेपाल के हिस्सों से 4 हजार से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ की वजह से कई पुल, सड़कें और मकान पूरी तरह बह गए हैं।
नीम करोली बाबा पर बनी ‘हनुमान अंश’ ने 24वें दिन 12.75 करोड़ रुपए कमाए हैं। 7 अगस्त को रिलीज के दिन फिल्म 10 लाख रुपए ही जुटा सकी थी। यानी प्रति दिन की कमाई में 12,600% का उछाल आया। पिछले कुछ घंटों की टिकट बुकिंग में ‘हनुमान अंश’ ने सुपरस्टार यश की ‘टॉक्सिक’ को भी पीछे कर दिया है। फिल्म कुल 1.7 करोड़ के बजट में बनी है। दो हफ्ते तक खाली पड़ी कुर्सियां, ज्यादातर स्क्रीन्स से उतर चुकी ‘हनुमान अंश’ अचानक कमाई के रिकॉर्ड कैसे बनाने लगी, कौन हैं बाबा नीम करोली; आज के एक्सप्लेनर में पूरी कहानी… एक संपन्न घर का 11 साल का लड़का। बचपन में मां का निधन हो गया। किसी ने बता दिया कि वो राम के पास चली गईं। अब उस लड़के को राम के पास जाने की धुन सवार हो गई। उसने घर छोड़ दिया। पूरा भारत घूमा, तपस्या की। आखिरकार ज्ञान मिला। उन्होंने कई लीलाएं-चमत्कार किए और नीम करोली बाबा के नाम से जाने गए। ‘हनुमान अंश’ फिल्म की स्टोरी लाइन पढ़कर आपको कुछ अनोखा नहीं लगा होगा। फिल्म में न कोई बड़ा स्टार है और न ही बड़ा बजट। फिल्म कब रिलीज हुई और दो हफ्ते गुजर गए, शायद ही आपको पता चला हो। लेकिन तीसरे हफ्ते से रफ्तार पकड़ने और कमाई के रिकॉर्ड बनाने के पीछे एक्सपर्ट्स 3 बड़ी वजहें मानते हैं… 1. ‘वर्ड ऑफ माउथ’ से दर्शक बढ़े, स्क्रीन्स भी 20 गुना बढ़ा दी गईं 2. ‘टॉक्सिक’ की वजह से ‘हनुमान अंश’ का इनडायरेक्ट प्रमोशन हुआ 3. धार्मिक फिल्मों का दौर लौट रहा, समाज में ऐसा माहौल बना इसके अलावा ‘हनुमान अंश’ के दो गाने रील्स में वायरल हो गए। गाने के जरिए लोगों ने फिल्म को डिस्कवर किया। 'मैने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डार दई' एक लोक भजन है। इसे बुंदेलखंड के गायक सुनील लोधी ने गाया है। साधु तिवारी के गाए पार्वती गाने को भी खूब पसंद किया गया। हालांकि सारे लॉजिक लगाने के बाद भी, हनुमान अंश की सक्सेस नीम करोली बाबा का चमत्कार जैसा लगती है। नीम करोली बाबा 20वीं सदी के एक हिंदू संत थे। उत्तराखंड के नैनीताल में उनका प्रसिद्ध आश्रम- कैंची धाम है। उनकी कहानी शुरू होती है उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से... ये किस्से नीम करोली बाबा की समाधि स्थल की आधिकारिक वेबसाइट से लिए गए हैं। स्टीव जॉब्स से विराट कोहली तक बाबा नीम करोली के भक्त स्टीव जॉब्स: 1974 में बाबा से मिलने की चाह लेकर एप्पल कंपनी के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स भारत आए। तब तक बाबा के निधन को एक साल हो चुका था। जॉब्स कुछ दिन कैंची धाम में रहे। फिर वापस लौटकर 1976 में एप्पल की शुरुआत की। मार्क जकरबर्ग: 2015 में फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने भारत यात्रा के दौरान बताया था कि स्टीव जॉब्स ने फेसबुक के शुरुआती दिनों में उन्हें भारत के एक मंदिर जाने की सलाह दी थी। यह नीम करौली बाबा का कैंची धाम ही था। जूलिया रॉबर्ट्स: हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स हिंदू धर्म मानती हैं। उन्होंने 2010 में एक इंटरव्यू में बताया था कि नीम करौली बाबा की एक तस्वीर देखकर उनकी हिंदू धर्म में रुचि जागी थी। अनुष्का शर्मा और विराट कोहली: एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा नीम करौली बाबा को अपना गुरु बता चुकी हैं। 2022 में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा बेटी के साथ कैंची धाम गए थे। मनोज बाजपाई: एक्टर मनोज बाजपाई ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वेब सीरीज 'द फैमिली मैन' से पहले करीब एक साल तक उनके पास कोई काम नहीं था। इसी समय वे फिल्म डायरेक्टर राम रेड्डी के साथ जुगनुमा फिल्म की रिसर्च के लिए कैंची धाम गए थे। यहां ध्यान करके उन्हें शांति और नई राह मिली। ---------- ये खबर भी पढ़िए… शाहरुख-अजय को नोटिस, 3 महीने में 1100 छापे, खराब खाना खिलाने वालों के दुश्मन IAS तुकाराम मुंढे की कहानी मुंबई के एक पॉश रेस्टोरेंट के फोन की घंटी बजी। टेबल बुक करने के लिए सामान्य कॉल थी, लेकिन मैनेजर का चेहरा उतर गया। बुकिंग तुकाराम मुंढे के नाम से थी। इसके बाद रेस्टोरेंट के किचन में हर चीज दोबारा चेक होने लगी। स्टोररूम की सफाई, फ्रिज का तापमान, सामान की एक्सपायरी डेट। मैनेजर ने अपने संपर्कों को भी कॉल लगाना शुरू कर दिया। पूरी खबर पढ़िए…
एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट में कपड़ों को लेकर शुरू हुए विवाद पर अब करीना कपूर खान ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। फिल्म दायरा के ट्रेलर लॉंच इवेंट में जब मीडिया ने करीना से इस विवाद और एक्ट्रेसेस की सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर सवाल पूछा, तो उन्होंने इस सवाल पर चुप्पी साधे रखी। करीना ने इस सवाल का जवाब पास में बैठीं डायरेक्टर मेघना गुलजार से देने को कहा। सवाल सुनते ही डायरेक्टर की तरफ किया इशाराइवेंट में रिपोर्टर ने करीना कपूर से पूछा कि सोशल मीडिया पर एक्ट्रेसेस के कपड़ों और उनके रिप्रेजेंटेशन को लेकर काफी ट्रोलिंग होती है, ऐसे में एक एक्ट्रेस होने के नाते उनकी क्या सीमाएं होनी चाहिए। सवाल पूरा सुनते ही करीना ने खुद बोलने के बजाय माइक डायरेक्टर मेघना गुलजार की तरफ बढ़ा दिया। करीना के इशारा करने के बाद डायरेक्टर मेघना गुलजार ने सवाल का जवाब दिया। मेघना ने कहा, फिल्मों या स्क्रीन पर किसी महिला या पुरुष कलाकार का लुक और कपड़े उनके किरदार पर निर्भर करते हैं। यह डायरेक्टर की सोच के हिसाब से तय होता है। मेघना ने आगे कहा कि इस तरह के मामलों में सिर्फ किसी एक एक्टर से सवाल पूछना या उसे कटघरे में खड़ा करना सही नहीं है। जानिए क्या है पूरा विवाद- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की' हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है।
एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट में कपड़ों को लेकर शुरू हुए विवाद पर अब करीना कपूर खान ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। फिल्म दायरा के ट्रेलर लॉंच इवेंट में जब मीडिया ने करीना से इस विवाद और एक्ट्रेसेस की सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर सवाल पूछा, तो उन्होंने इस सवाल पर चुप्पी साधे रखी। करीना ने इस सवाल का जवाब पास में बैठीं डायरेक्टर मेघना गुलजार से देने को कहा। सवाल सुनते ही डायरेक्टर की तरफ किया इशाराइवेंट में रिपोर्टर ने करीना कपूर से पूछा कि सोशल मीडिया पर एक्ट्रेसेस के कपड़ों और उनके रिप्रेजेंटेशन को लेकर काफी ट्रोलिंग होती है, ऐसे में एक एक्ट्रेस होने के नाते उनकी क्या सीमाएं होनी चाहिए। सवाल पूरा सुनते ही करीना ने खुद बोलने के बजाय माइक डायरेक्टर मेघना गुलजार की तरफ बढ़ा दिया। करीना के इशारा करने के बाद डायरेक्टर मेघना गुलजार ने सवाल का जवाब दिया। मेघना ने कहा, फिल्मों या स्क्रीन पर किसी महिला या पुरुष कलाकार का लुक और कपड़े उनके किरदार पर निर्भर करते हैं। यह डायरेक्टर की सोच के हिसाब से तय होता है। मेघना ने आगे कहा कि इस तरह के मामलों में सिर्फ किसी एक एक्टर से सवाल पूछना या उसे कटघरे में खड़ा करना सही नहीं है। जानिए क्या है पूरा विवाद- कृति सेनन ने एड में रिवीलिंग कपड़े पहने- यह पूरा विवाद जीवा (GIVA) ज्वेलरी ब्रांड के 36 सेकंड के रक्षाबंधन एडवर्टाइजमेंट से शुरू हुआ था। रक्षाबंधन से जुड़े इस एड में कृति ने ऑफ व्हाइट ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहना था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने कंगना को जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की' हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है।
हॉलीवुड हमेशा अपने दौर के ताकतवर लोगों और संस्थाओं की कहानियां बेखौफ चित्रित करता आया है। लेकिन, बड़ी टेक कंपनियां नई चुनौती हैं। मार्क जुकरबर्ग की मेटा, सैम ऑल्टमैन की ओपनएआई और एलन मस्क जैसे टेक दिग्गजों की जिंदगी ड्रामा, सत्ता संघर्ष, विवाद और मुकदमों से भरपूर है। इन पर फिल्में भी बन रही हैं। लेकिन, जिन कंपनियों की जवाबदेही फिल्मों में दिखाई जानी है, वे हॉलीवुड के स्टूडियो, फंडिंग और वितरण सिस्टम में साझेदार बनती जा रही हैं। ऐसे में, सवाल है कि इन बिग टेक की करतूतों पर बेधड़क फिल्म कौन बनाएगा? ओपनएआई पर ‘आर्टिफिशियल’ नाम से फिल्म बनी। ये ओपनएआई बोर्ड द्वारा ऑल्टमैन को हटाने की कोशिश और दांव उलटा पड़ने की घटना पर केंद्रित है। लेकिन, जून में फिल्म पूरी होने पर अमेजन एमजीएम स्टूडियोज ने उसे अचानक छोड़ दिया। कहा, बेहतर होगा कि इसे कोई और रिलीज करे। पर्दे के पीछे की कहानी ये है कि कुछ माह पहले अमेजन और ओपनएआई ने 50 अरब डॉलर की रणनीतिक साझेदारी की थी। इसके तहत अमेजन के ग्राहक-केंद्रित एप्स के लिए विशेष मॉडल तैयार किए जाने हैं। अमेजन ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की प|ी पर बनी डॉक्यूमेंट्री ‘मेलानिया’ पर 4 करोड़ डॉलर खर्च कर दिए। वहीं, नेटफ्लिक्स की घोषित सीरीज ‘थम्बलाइट’ बन ही नहीं पाई। ये सिलिकॉन वैली की सत्ता-साजिशों पर ‘हाउस ऑफ कार्ड्स’ जैसी सीरीज बताई गई थी। ‘द सोशल रेकनिंग’ दिखाती है कि बिग टेक अब भी फिल्मों के लिए सबसे आकर्षक विषय है। फेसबुक की अंदरूनी गतिविधियां उजागर करने वाली व्हिसलब्लोअर फ्रांसेस हाउगन पर आधारित यह फिल्म 2010 की ‘द सोशल नेटवर्क’ का सीक्वल है। मूल फिल्म के बाद के 16 वर्षों में मेटा/फेसबुक पर सामाजिक, भावनात्मक और राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के कई आरोप लगे। हाल में मेटा ने अमेरिका में अपने नुकसानदेह उत्पादों से जुड़े अहम मामले में 17 अरब डॉलर के समझौते पर सहमति दी है। यानी कंपनी की जवाबदेही पर कहानी कहने को पर्याप्त सामग्री है। एलेक्स गिब्नी की एलन मस्क पर बनी 4 घंटे की डॉक्यूमेंट्री वेनिस फिल्म फेस्टिवल में दिखाई जाएगी। यह मस्क को 21वीं सदी के ठग के नए अवतार के रूप में दिखाती है। कुल मिलाकर लड़ाई अब ये तय करने की चल रही है कि भविष्य में पर्दे पर किसकी कहानी और किसकी आलोचना दिखाई जाएगी। हॉलीवुड में बिग टेक का विस्तार... स्टूडियो, निवेश और AI डील हॉलीवुड में टेक का दखल नया नहीं है। अमेजन, एपल, सोनी और नेटफ्लिक्स पहले ही स्टूडियो व्यवस्था का हिस्सा हैं। डिज्नी ने पिछले साल ओपनएआई में एक अरब डॉलर निवेश और लाइसेंसिंग समझौता किया। इंडी लेबल ए24 ने गूगल की एआई इकाई डीपमाइंड के साथ 7.5 करोड़ डॉलर की रिसर्च पार्टनरशिप की। पैरामाउंट के वॉर्नर ब्रदर्स के 110 अरब डॉलर के विवादित अधिग्रहण में ओरेकल के सीईओ लैरी एलिसन की बड़ी वित्तीय भूमिका है। इससे जुड़ा मामला अमेरिकी अदालतों में अटका है।
इन दिनों तीन बड़ी फिल्में आवारापन 2, टॉक्सिक और बंटवारा 1947 सिनेमाघरों में हैं। तीनों ही फिल्मों में बड़ी स्टारकास्ट है, किसी में सनी देओल, किसी में केजीएफ स्टार यश और एक में इमरान हाशमी। बॉक्स ऑफिस क्लेश में आवारापन 2 और टॉक्सिक आगे निकल गईं और बंटवारा 1947 पीछे रह गई। इसी बीच एक लड़की का सिनेमाघरों में खड़े रोते हुए वीडियो वायरल हो गया। हर किसी ने माना की लड़की इन तीनों में से कोई एक फिल्म की टिकट न मिलने से भावुक हो गई। लेकिन पूछे जाने पर उसने कहा- मैं फिल्म हनुमान अंश देखने आई थी, लेकिन टिकट नहीं मिले। हैरानी की बात है कि जहां टॉक्सिक जैसी 500-1000 करोड़ में बनी फिल्मों के सिनेमाघर खाली पड़े हैं, वहां महज 2 करोड़ में बनी हनुमान अंश हाउसफुल कैसे हुई। इस फिल्म के हीरो का न तो इससे पहले किसी ने नाम सुना और न ही डायरेक्टर का। फिल्म का न तो भव्य प्रमोशन किया गया और न ही इसके फर्स्ट लुक, टीजर और ट्रेलर की कोई खबर थी। इन्हें फिल्म के ही सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किया गया। नीम करोली बाबा पर बनी ये फिल्म शुरुआती 2 हफ्तों तक कोई कमाई नहीं कर सकी, लेकिन चौथे हफ्ते कुछ ऐसा हुआ कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म से क्लैश के बावजूद इसने 800 प्रतिशत मुनाफा कमाते हुए 42 करोड़ का कलेक्शन कर लिया। बड़ी-बड़ी फिल्में हटाकर अब इसे स्क्रीन्स दी जा रही हैं। टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भी इसकी बुकिंग ज्यादा हैं। कम बजट की इस फिल्म की सक्सेस से कई बड़े सवाल खड़े होते हैं। पहला सवाल- आखिर फिल्म ने बिना प्रमोशन ऐसी कमाई कैसे की? दूसरा सवाल- फिल्म दर्शकों को इतना पसंद क्यों आ रही है? तीसरा सवाल- बड़ी फिल्मों से टक्कर के बावजूद इसे स्क्रीन्स कैसे मिलीं? जानिए इन तीन बड़े सवालों के जवाब ट्रेड एक्सपर्ट से, साथ ही जानिए कैसे 50 साल पहले शो से क्लैश के बावजूद कैसे जय संतोषी मां ने बनाया इतिहास- 50 साल पहले जय संतोषी मां के साथ भी ऐसा ही हुआ था, शोले से थी टक्कर आज से 50 साल पहले 15 अगस्त 1975 को अमिताभ बच्चन-धर्मेंद्र की फिल्म शोले रिलीज हुई। बड़े बजट, बड़ी स्टारकास्टिंग और बड़े डायरेक्टर रमेश सिप्पी की इस फिल्म पर हर किसी की नजरें थीं। कोई बड़ा फिल्ममेकर इस फिल्म के आसपास अपनी फिल्में रिलीज नहीं करना चाहता था। लेकिन इस फिल्म के साथ ही 25 लाख में बनी धार्मिक फिल्म जय संतोषी मां रिलीज की गई। फिल्म में कोई टॉप एक्टर नहीं था, इसके बावजूद फिल्म ऐसी चली कि इसने 5 करोड़ रुपए का ऐतिहासिक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। जहां-जहां फिल्म 'जय संतोषी मां' रिलीज हुई, वहां-वहां ‘शोले’ की कमाई पर असर पड़ा। लोग चप्पल उतारकर सिनेमाघरों में जाते और स्क्रीन की आरती उतारते थे। जल्द ही ये हिंदी सिनेमा की सबसे कामयाब अध्यात्मिक फिल्मों में शामिल हो गई। इसके गाने, मैं तो आरती उतारूं रे संतोषी माता की और जय संतोषी मां आज भी सुने जाते हैं। सवाल-1: कैसे छोटे बजट की फिल्म ने कमाए 42 करोड़ रुपए? ट्रेड एक्सपर्ट तरण आदर्श ने फिल्म की कमाई पर कहा- ‘अगर आप कलेक्शन देखेंगे तो पहले दिन से लेकर अब तक, खासकर थर्ड वीक और चौथे वीकेंड में वो ऐतिहासिक है। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है।’ 'कंटेंट तो है ही, लेकिन 'वर्ड ऑफ माउथ' से फिल्म को फायदा मिला। अगर नेगेटिव पब्लिसिटी होती है, तो दूसरे-तीसरे दिन फिल्म पर असर दिखता है, लेकिन अगर रिव्यू पॉजिटिव हैं, तो फिल्म चल जाती है। यही हनुमान अंश के साथ हुआ। दूसरे वीक में ये फिल्म उतरने वाली थी। सिर्फ 40 लाख का कलेक्शन था। पहले हफ्ते भी कुछ खास कलेक्शन नहीं था।' सवाल-2: बड़ी फिल्मों से क्लैश के बावजूद हनुमान अंश को स्क्रीन्स कैसे मिलीं? 7 अगस्त को जब फिल्म हनुमान अंश रिलीज हुई, तो इसे चुनिंदा स्क्रीन्स मिलीं। 14 अगस्त को आवारावन 2 और बंटवारा 1947 आने से फिल्म की स्क्रीन्स और कम हो गईं। फिल्म की कमाई भी खास नहीं हो रही थी, तो इसे सिनेमाघरों से हटाया जाने लगा। लेकिन फिल्म अब भी कई सिनेमाघरों में है। इसकी वजह क्या थी, सवाल पूछे जाने पर तरण आदर्श कहते हैं, ‘फिल्म के प्रोड्यूसर्स ने डिस्ट्रीब्यूटर्स से रिक्वेस्ट की कि कैसे भी हमारी फिल्म थर्ड वीक में चलाओ। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा कि टॉक्सिक आ रही है, फिल्म वैसे भी उतार दी जाएगी। लेकिन प्रोड्यूसर्स ने कहा- प्लीज इसे कैसे भी चलाइए।’ फिल्म के तीन बड़े चेहरों के बारे में- डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया है। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में लीड रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शोज में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे दर्जनों शोज कर चुके हैं। सवाल-3: क्यों पसंद की जा रही है हनुमान अंश? फिल्म की कामयाबी में सोशल मीडिया का अहम रोल: फिल्म से जुड़े वीडियोज लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फिल्म के कई सीन, नीम करोली बाबा के असल वीडियोज से हुबहू मेल खाते हैं, इसके वीडियोज लगातार सामने आ रहे हैं। सिनेमाघरों से फैंस के वीडियो भी चर्चा में हैं, जिसमें वह भावुक होते और स्क्रीन के सामने हाथ जोड़े नजर आ रहे हैं। हाउसफुल शोज दिखाए जाने से भी दर्शकों के मन में फिल्म को लेकर उत्सुकता है। फिल्म एक ऐसे सब्जेक्ट पर बनी, जिसमें लोगों की रुचि, लेकिन जानकारी सीमित: ये फिल्म नीम करोली बाबा की जिंदगी पर बनी है। उनके भक्त दुनियाभर में हैं। उनके कैंची धाम आश्रम में सालाना हजारों लोग पहुंचते हैं। उनकी जिंदगी पर अब तक कई बुक लिखी गई हैं और डॉक्यूमेंट्री बनी हैं, हालांकि ज्यादातर इंग्लिश में हैं, जिसे आम जनता कम ही जानती है। फिल्म की सादगी और फैक्ट्स: फिल्म हनुमान अंश को बेहद सादगी से फैक्चुअल बनाया गया है। फिल्म को पसंद किए जाने का एक कारण ये भी है कि इसे कमर्शियली नहीं बनाया गया है। डायरेक्टर ने खुद एक इंटरव्यू में दावा किया है कि इस फिल्म को जानकारी मात्र के लिए बनाया गया है, न कि मुनाफे के लिए। एक वजह यह भी है कि फिल्म को भक्तों और दर्शकों का प्यार मिल रहा है। फिल्म का धार्मिक जुड़ाव, एक्टर ने संत की तरह जिए कई महीने जिस समय ये फिल्म बननी शुरू हुई थी, तब फिल्ममेकर्स प्रेमानंद महाराज के पास गए थे। उन्होंने प्रेमानंद महाराज से फिल्म पर सुझाव मांगा था। जिस पर उन्हें सलाह दी गई कि एक्टर्स को संतों की तरह जीना चाहिए। सावधानी से जीवन यापन करना चाहिए और शाकाहारी खाना चाहिए। फिल्म के लीड एक्टर्स ने इसका पालन किया। नीम करोली बाबा के बारे में पढ़िए, जिन पर बनी है फिल्म- नीम करौली बाबा को उनके भक्त महाराज जी कहते थे। उनका असली नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा बताया जाता है। वे भगवान हनुमान के भक्त थे। नीम करौली बाबा से जुड़े चर्चित किस्से- ट्रेन से उतरे तो आगे नहीं बढ़ी ट्रेनः कहा जाता है कि वे एक बार ट्रेन में बिना टिकट बैठ गए। उन्हें नीचे उतार दिया गया तो ट्रेन आगे नहीं बढ़ी। बाद में उन्हें वापस बुलाया गया और ट्रेन चल पड़ी। यह एक भक्तिपरक कथा है, जिसका स्वतंत्र ऐतिहासिक प्रमाण स्पष्ट नहीं है। नीम करोली बाबा से मिलने पहुंचे थे स्टीव जॉब्सः 1974 में 19 साल के स्टीव जॉब्स भारत आए थे। उनका मकसद पर्यटन नहीं बल्कि आध्यात्मिक खोज था। वे अपने दोस्त डैन कोटके के साथ भारत आए और नीम करौली बाबा से मिलने के लिए कैंची धाम पहुंचे। लेकिन यहां उन्हें पता चला कि बाबा का सितंबर 1973 में निधन हो चुका था। जॉब्स फिर भी भारत में करीब सात महीने रहे। उन्होंने भारत की आध्यात्मिक परंपराओं को करीब से समझने की कोशिश की। बाद में उन्होंने इस यात्रा को अपने जीवन पर गहरा असर डालने वाला अनुभव माना। मार्क जुकरबर्ग भी मिलने पहुंचे थेः 2015 में फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग भारत आए और कैंची धाम गए। उन्होंने बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया था कि जब फेसबुक मुश्किल दौर से गुजर रहा था, तब स्टीव जॉब्स ने उन्हें भारत जाकर उस मंदिर/आश्रम को देखने की सलाह दी थी, जहां वे स्वयं कभी गए थे। हॉलीवुड एक्ट्रेस थीं नीम करोली बाबा से प्रेरितः हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स ने भी नीम करौली बाबा से प्रभावित होने की बात कही है। उनके अनुसार, उन्होंने बाबा की एक तस्वीर देखी और उन्हें उनके प्रति एक गहरा आकर्षण महसूस हुआ। अमेरिकी मनोवैज्ञानिक रिचर्ड अल्पर्ट ने लिखी बुकः अमेरिकी मनोवैज्ञानिक रिचर्ड अल्पर्ट भारत आए और नीम करौली बाबा के शिष्य बने। बाबा ने उन्हें राम दास नाम दिया। इसके बाद राम दास अमेरिका लौटे और उन्होंने पश्चिमी दुनिया में बाबा की शिक्षाओं और भारतीय आध्यात्मिक विचारों को लोकप्रिय बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनकी प्रसिद्ध किताब ‘बी हेयर नाऊ’ ने लाखों लोगों को ध्यान, योग और भारतीय आध्यात्मिक विचारों से परिचित कराया।
एक्टर और कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर रक्षाबंधन सेलिब्रेशन की फोटो और वीडियो शेयर किए हैं। इसमें वे अपनी बहन आरती सिंह के साथ मामा गोविंदा के बच्चों टीना आहूजा और हर्षवर्धन आहूजा संग रक्षाबंधन मनाते नजर आ रहे हैं। इस सेलिब्रेशन में गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा भी शामिल हुईं, लेकिन गोविंदा कहीं नजर नहीं आए। यह सेलिब्रेशन ऐसे समय में सामने आया है जब गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता के बीच पिछले कुछ समय से अनबन और एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोपों को लेकर विवाद चल रहा है। मजेदार अंदाज में बांधी राखी, बैंकॉक ट्रिप का किया जिक्रसोशल मीडिया पोस्ट में कृष्णा ने सेलिब्रेशन की कई झलकियां दिखाई हैं। एक वीडियो में टीना, कृष्णा को राखी बांधते हुए 'भैया मेरे राखी के बंधन को' गाना गाती नजर आ रही हैं, जिसे सुनकर सभी हंसने लगते हैं। इस पर कृष्णा मजाक में कहते हैं कि अगली बार बैंकॉक की टिकट चाहिए। वहीं दूसरे वीडियो में आरती सिंह अपने छोटे भाई हर्षवर्धन को राखी बांधकर उनका आशीर्वाद लेती दिख रही हैं। फोटो में चारों बच्चे सुनीता आहूजा के साथ पोज देते नजर आ रहे हैं। अफेयर के आरोपों से शुरू हुआ दोनों का विवादगोविंदा और सुनीता के बीच हालिया विवाद तब शुरू हुआ जब गोविंदा को उनकी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ देखा गया था। इसके बाद पैपराजी से बातचीत में सुनीता ने गोविंदा पर तंज कसते हुए उन्हें कोमल का 'शुगर डैडी' कह दिया था। इस बयान पर गोविंदा ने नाराजगी जताई थी और सुनीता को अपनी सीमा में रहने की सलाह दी थी। इसके बाद से दोनों के बीच दूरियां और बढ़ गई थीं। फैमिली कोर्ट पहुंची थीं सुनीता, कश्मीरा शाह ने दिया सपोर्टविवाद के बीच सुनीता मुंबई के फैमिली कोर्ट भी पहुंची थीं, जिससे दोनों के तलाक की अटकलें लगने लगी थीं। हालांकि बाद साफ हुआ कि वे अपनी पुरानी तलाक की याचिका वापस लेने गई थीं, क्योंकि उन्हें लगा था कि गोविंदा और कोमल शादी करने वाले हैं। इस पूरे मामले में कृष्णा की पत्नी कश्मीरा शाह ने सुनीता का समर्थन किया है। पैपराजी से बातचीत में कश्मीरा ने कहा था कि वे अपने परिवार की महिलाओं के साथ खड़ी हैं और अगर सुनीता आज आवाज उठा रही हैं तो जरूर कुछ गलत हुआ होगा। लंबे समय से चल रही पारिवारिक अनबनगोविंदा और कृष्णा अभिषेक के परिवार के बीच पिछले कई सालों से रिश्ते ठीक नहीं रहे हैं। साल 2018 में कृष्णा की पत्नी कश्मीरा शाह के एक ट्वीट के बाद दोनों परिवारों में दूरियां आ गई थीं। इसके बाद कई मौकों पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ बयान दिए थे। हालांकि हाल के महीनों में कृष्णा और उनकी बहन आरती कई मौकों पर गोविंदा के बच्चों के साथ नजर आए हैं और पारिवारिक मतभेदों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादीगोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ। …………… गोविंदा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… गोविंदा-सुनीता की निजी जिंदगी पर कमेंट से भड़के कृष्णा:सेलेब्स को दी नसीहत, बोले- परिवार की बातों से फुटेज लेने की कोशिश न करें गोविंदा और सुनीता आहूजा के रिश्ते में चल रही अनबन के बीच उनके भांजे कृष्णा अभिषेक ने नाराजगी जताई है। सोमवार को मुंबई एयरपोर्ट पर पैपराजी ने मामा-मामी के रिश्ते पर सवाल किया तो कृष्णा ने जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनसे सिर्फ मस्ती और काम से जुड़े सवाल पूछे जाएं। साथ ही, उन सेलेब्स पर नाराजगी जताई, जो इस पारिवारिक मामले पर लगातार बयान दे रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Box Office पर आवारापन 2 ने खेला आखिरी दांव, संडे को इमरान हाशमी की फिल्म पर हुई धनवर्षा
अभिनेता इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 ने कमाई के मामले में बॉक्स ऑफिस पर आखिरी दांव खेला है।
Toxic के बाद बॉक्स ऑफिस पर भरपाई करेंगे यश, 3 अपकमिंग मूवीज से मचाएंगे धमाल
साउथ फिल्म अभिनेता यश टॉक्सिक मूवी के बाद आने वाले समय में इन तीन मूवीज में नजर आएंगे।
सोनम वांगचुक ने आमिर खान के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 3 इडियट्स बनाने से पहले वे वांगचुक से कभी नहीं मिले थे। आमिर ने यह भी कहा था कि फिल्म का फुंसुक वांगडू किरदार सोनम वांगचुक से प्रेरित नहीं था। प्रखर गुप्ता के साथ पॉडकास्ट में सोनम वांगचुक ने आमिर के दावे पर बात की। उन्होंने अपनी मुलाकात पर भी बात की है। वांगचुक ने कहा, “उन्होंने (आमिर ने) कहा कि हम कभी नहीं मिले। इसके बाद कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें वे अपनी गजनी वाली वेशभूषा में मेरा भाषण देख रहे थे।” उन्होंने आगे कहा, “चूंकि वे गजनी के रूप में थे, शायद उनकी कुछ समय के लिए याददाश्त चली गई होगी। उन्हें वो 15 मिनट बाद सब भूल गए होंगे। मुझे इस पर हैरानी नहीं है। हमारी विस्तार से मुलाकात हुई थी।” आखिर में सोनम वांगचुक ने आमिर पर तंज कसते हुए कहा, “हमने सुना है कि वे अपने किरदारों में बहुत गहराई से उतर जाते हैं। शायद वे गजनी की भूमिका में इतने डूबे थे कि भूल गए कि वे उस पुरस्कार समारोह में आए थे, जहां मुझे सम्मान दिया गया था। हमारी विस्तार से मुलाकात हुई थी और हमने कई विचारों पर चर्चा की थी।” 3 इडियट्स के किरदार पर कही यह बात सोनम वांगचुक ने बताया है कि उन्हें क्यों लगता है कि उनकी बातचीत से 3 इडियट्स में आमिर के किरदार के कुछ हिस्से प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह जरूरी नहीं है कि किरदार उनकी पूरी जीवनी पर आधारित था। शायद उन्होंने अपनी टीम को नहीं बताया कि उन्होंने यह सब देखा और मुझसे बातचीत की।” उन्होंने आगे कहा, “वे कह सकते थे कि उन्होंने ये बातें ऐसे ही पटकथा में जोड़ दीं। इसलिए लेखकों और निर्देशक को पता नहीं चला होगा कि आमिर ने किसी से मिलने और बातचीत करने के बाद ये बातें जोड़ी थीं।” वांगचुक ने कहा, “इसी वजह से वे इसे भूल गए होंगे। इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” क्या था सोनम वांगचुक पर आमिर का बयान दरअसल जून से जुलाई तक सोमन वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल होकर अनशन पर थे। इस प्रोटेस्ट के शुरुआती दौर में लगभग सभी बॉलीवुड सेलेब्स चुप थे। इसी बीच आमिर खान लंदन फिल्म फेस्टिवल में आमिर खान की फिल्म लगान का प्रीमियर हुआ। स्क्रीनिंग के दौरान आमिर खान से सोनम वांगचुक पर एक महिला ने पूछा, ‘हम जब बड़े हो रहे थे, तब हम पर आपका गहरा असर रहा। आप भी सोनम वांगचुक से इंस्पायर हुए हैं।’ आमिर ने टोकते हुए कहा, ‘नहीं, ये एक गलत धारणा है। जब फिल्म बन रही थी, मैं सोनम को जानता भी नहीं था। मैंने अभी चतुर (3 इडियट्स एक्टर ओमी वैद) का वीडियो देखा, लेकिन वो गलत हैं। न ही राजकुमार हिरानी, न हमारे राइटर और न मैं सोनम के बारे में जानते थे। हालांकि सोनम हर तरह से सही काम कर रहे हैं। हमें उनकी और उनके काम की इज्जत करनी चाहिए। सोनम खुद भी कह चुके हैं कि 3 इडियट्स का किरदार उन पर नहीं बना है।’ आगे आमिर ने सोनम वांगचुक के अनशन पर कहा, ‘हर कोई उनकी हेल्थ और जिंदगी के लिए चिंतित है। हमें उम्मीद है कि सब कुछ अच्छे से खत्म होगा। हम सबको यही उम्मीद है कि वो अनशन खत्म करें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।’ आमिर के बयान के बाद पुराने अवॉर्ड के वीडियो हुए वायरल आमिर का बयान सामने आने के बाद सोनम वांगचुक के जोश टॉक्स का एक पुराना वीडियो वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि वो 2008 में आमिर से मिले थे। इसके अलावा एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें सोनम वांगचुक मंच पर अवॉर्ड ले रहे हैं और आमिर खान दर्शकों में बैठे हुए उनकी स्पीच सुन रहे हैं। ये वीडियो 3 इडियट्स रिलीज होने से पहले की है, जब आमिर खान गजनी के लुक में हैं। देखिए 2008 के वो वीडियो, जिसमें सोनम-आमिर साथ दिखे
ग्लोबल बॉक्स ऑफिस के 'किंग' बने Yash, दुनियाभर में बजा Toxic की कमाई का डंका
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'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
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नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

