कन्नड़ एक्ट्रेस रिशिका सिंह ने यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर में महिलाओं के चित्रण और बोल्ड सीन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेलर में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से नहीं दिखाया गया। उन्होंने फिल्म के लीड एक्टर यश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो उन्हें कर्नाटक से निकाल दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में रिशिका ने टॉक्सिक के ट्रेलर में दिखाए गए सीन पर निराशा जताई। उन्होंने यश पर बात करते हुए पूछा कि उन्होंने ऐसे दृश्यों का हिस्सा बनने का फैसला क्यों किया, जिनमें महिलाओं को सम्मान के साथ नहीं दिखाया गया। रिशिका ने यह भी कहा कि यश पति और पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि कन्नड़ सिनेमा आगे बढ़े और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म कन्नड़ में बन रही है और इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस भी काम कर रही हैं। लेकिन ट्रेलर में महिलाओं को जिस तरह दिखाया गया, वह मुझे पसंद नहीं आया।” उन्होंने सवाल किया कि क्या फिल्म में पुरुषों के अहंकार को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि महिला किरदारों को उतनी ही अहमियत नहीं मिली। कियारा समेत पांच एक्ट्रेसेस के किरदारों पर सवाल रिशिका ने कहा कि टॉक्सिक में कई प्रमुख महिला कलाकार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ट्रेलर में इन महिलाओं को अच्छे या सम्मानजनक तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने पूछा, “फिल्म में पांच महिला कलाकार हैं। क्या इनमें से एक को भी खूबसूरत या तारीफ के लायक तरीके से दिखाया गया है?” कियारा को बॉलीवुड से लाकर ऐसा क्यों दिखाया गया- रिशिका रिशिका ने ट्रेलर के उस डायलॉग का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला से उसका “रेट” पूछा जाती है। उन्होंने फिल्म में इस लाइन को शामिल करने पर सवाल उठाया और खास तौर पर फिल्म में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी का नाम लिया। उन्होंने पूछा, “कियारा आडवाणी को बॉलीवुड से लाकर इस तरह क्यों दिखाया गया?” रिशिका ने यश के फैंस से यह भी सोचने को कहा कि अगर किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहीं उनकी पत्नियों के बारे में ऐसा ही बयान दिया जाता, तो वे कैसी प्रतिक्रिया देते। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना निर्देशक गीतू मोहनदास के खिलाफ नहीं है। रिशिका के मुताबिक, गीतू की अपनी रचनात्मक सोच है और हो सकता है कि वह “हमारी” संस्कृति को उसी तरह नहीं समझती हों। हालांकि, रिशिका ने सवाल किया कि कर्नाटक से होने के बावजूद यश ने इस तरह के चित्रण को मंजूरी क्यों दी। उन्होंने यश से सीधे कहा कि पुरुषों में गरिमा होनी चाहिए और महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। रिशिका बोलीं- महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो कर्नाटक खाली करवाएंगे वीडियो के आखिर में रिशिका ने कहा कि महिलाओं का सम्मान नहीं करने पर लोगों को कर्नाटक छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो हम आपको कर्नाटक से खाली करवा देंगे।” कियारा ने कहा- फिल्म में हर महिला किरदार अलग टॉक्सिक में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी पहले ही उन दावों को खारिज कर चुकी हैं, जिनमें कहा गया था कि फिल्म में महिला किरदारों को पीछे रखा गया है। कियारा के मुताबिक, फिल्म में हर महिला किरदार की अपनी अलग भूमिका और व्यक्तित्व है। उन्होंने फेमिना को दिए इंटरव्यू में कहा, “हर महिला अपने साथ अपनी ऊर्जा और अलग पहचान लेकर आई है। मुझे लगता है कि दर्शक एक ही सिनेमाई दुनिया में ऐसे अलग-अलग महिला किरदारों को देखकर आनंद लेंगे।” कौन हैं रिशिका सिंह रिशिका सिंह दिग्गज कन्नड़ फिल्म निर्माता राजेंद्र सिंह बाबू की बेटी हैं। वह ‘कल्ला मल्ला सुल्ला’, ‘बेंकी बिरुगाली’, ‘कंठीरवा’ और ‘थुंतारू’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। रिशिका ‘बिग बॉस कन्नड़’ के पहले सीजन में कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं।
रेटिंग: 3.5ड्यूरेशन: 2 घंटे 25 मिनटकास्टः इमरान हाशमी, दिशा पाटनीडायरेक्टर: नितिन कक्कड़ 2007 की आवारापन अपने दर्द, मोहब्बत और संगीत की वजह से आज भी याद की जाती है। आवारापन 2 उसी भावनात्मक विरासत को आगे बढ़ाती है। इस बार शिवम की लड़ाई सिर्फ उसके अतीत से नहीं, बल्कि बच्चों की तस्करी के एक बड़े गिरोह से भी है। फिल्म में एक्शन और रोमांस है, लेकिन इसकी असली ताकत दर्द, रिश्तों और संगीत में है। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी पुराने आवारापन के फ्लैशबैक से शुरू होती है और फिर शिवम पंडित (इमरान हाशमी) की जिंदगी में लौटती है। शिवम एक अनाथालय चलाता है, जहां आलिया नाम की एक बच्ची रहती है। गोद लेने के बहाने कुछ लोग आलिया को अपने साथ ले जाते हैं और बाद में पता चलता है कि वह मानव तस्करी के गिरोह के हाथों पहुंच गई है। इसी बीच इंटरपोल का एक अधिकारी शिवम से संपर्क करता है और उसे बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह तक पहुंचने का मिशन देता है। शिवम बैंकॉक पहुंचता है, जहां उसका सामना पूरन गब्बी से होता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात गैंगस्टर की बेटी दिशा (दिशा पाटनी) से होती है, जो आगे चलकर उसका साथ देती है। मिशन के साथ शिवम अपने पुराने दर्द और रिश्तों का भी सामना करता है। कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? इमरान हाशमी पूरी फिल्म को अपने कंधों पर लेकर चलते हैं। शिवम के दर्द, गुस्से और अकेलेपन में वही पुरानी आवारापन वाली इंटेंसिटी दिखाई देती है। उनका बदला हुआ लुक और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन भी किरदार पर खूब जंचता है। शबाना आजमी नफीसा के किरदार में बड़ा सरप्राइज हैं और अपने चेहरे और आवाज से खौफ पैदा करती हैं। दिशा पाटनी की स्क्रीन मौजूदगी अच्छी है, हालांकि उनके भाव कई जगह एक जैसे लगते हैं। पूरन गब्बी ठीक हैं, लेकिन इमरान हाशमी की इंटेंस मौजूदगी के सामने थोड़ा हल्का महसूस होते हैं। किरदार में थोड़ा और खौफ और वजन होता तो असर बढ़ सकता था। वहीं सुविंदर विक्की अपनी मौजूदगी से प्रभावित करते हैं। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? नितिन कक्कड़ ने पुराने आवारापन की भावनात्मक दुनिया को नए एक्शन और अपराध की कहानी के साथ जोड़ने की कोशिश की है। शिवम के दर्द और उसके मिशन के बीच संतुलन अच्छा है। फिल्म का भावनात्मक पक्ष कई जगह असर करता है, हालांकि कुछ दृश्य लंबे लगते हैं और कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती है। थोड़ी और कसावट इसे ज्यादा प्रभावी बना सकती थी। कैसे हैं फिल्म के टेक्निकल पहलु? विष्णु राव की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के डार्क और गंभीर माहौल को अच्छी तरह पकड़ती है। बैंकॉक की लोकेशन, एक्शन और भावनात्मक सीन में विजुअल्स प्रभाव छोड़ते हैं। हालांकि कुछ जगह एक्शन और प्रोडक्शन के स्तर पर और बेहतर काम की गुंजाइश महसूस होती है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का संगीत इसकी बड़ी ताकत है। आवारापन की पुरानी यादों को बनाए रखते हुए नए गानों में भी दर्द, मोहब्बत और नॉस्टेल्जिया का रंग है। ‘वे जुनून’, ‘ये आवारापन’, ‘तेरा मेरा रिश्ता कंटीन्यूज’ और ‘तेरे लिए’ फिल्म के भावनात्मक हिस्से को मजबूत करते हैं। पुराने गानों वाली वही गहराई हर जगह नहीं मिलती, लेकिन संगीत फिल्म के मूड को जरूर पकड़ता है। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? आवारापन 2 कहानी में बहुत नया नहीं देती, लेकिन इमरान हाशमी का दर्द, शबाना आजमी की दमदार मौजूदगी और संगीत इसे देखने लायक बनाते हैं। अगर पहली आवारापन का दर्द और संगीत आज भी याद है, तो यह फिल्म उस एहसास के करीब जरूर ले जाएगी। दर्द वही है, इश्क वही है, बस शिवम की लड़ाई इस बार बड़ी है।
रेटिंग- 4 स्टार्सड्यूरेशन: 2 घंटे 25 मिनटकास्ट- सनी देओल, प्रीति जिंटा, शबाना आजमीडायरेक्टर- राजकुमार संतोषी राजकुमार संतोषी और सनी देओल की जोड़ी जब साथ आती है तो उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। घायल, दामिनी और घातक के बाद बटवारा 1947 में यह जोड़ी 1947 के बंटवारे की पृष्ठभूमि में फिर से नजर आती है। इस बार कहानी में गुस्सा और बदला कम और इंसानियत और रिश्तों की बात ज्यादा है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका इमोशनल असर है, खासकर सनी देओल और शबाना आजमी के बीच बनने वाला रिश्ता। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी बंटवारे के समय लाहौर पहुंचे सिकंदर मिर्जा (सनी देओल) और उनके परिवार के आसपास घूमती है। उन्हें एक घर मिलता है जहां पहले से एक बुजुर्ग हिंदू महिला माई (शबाना आजमी) रह रही होती हैं और वह घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। एक तरफ नया देश, बदलते हालात और परिवार की मुश्किलें हैं, दूसरी तरफ माई का अपने घर से गहरा लगाव है। इन हालात में सिकंदर और माई के बीच रिश्ता धीरे-धीरे बदलता है। जो शुरुआत में एक दूसरे के लिए परेशानी होते हैं, वही आगे चलकर एक परिवार जैसा जुड़ाव बना लेते हैं। यही बदलाव फिल्म का सबसे मजबूत और दिल को छूने वाला हिस्सा है। सिकंदर की पत्नी हमीदा (प्रीति जिंटा) और बाकी किरदार भी अपनी सोच और डर के साथ कहानी में आते हैं, लेकिन फिल्म के दूसरे हिस्से में सबके नजरिए में बदलाव दिखता है। कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? सनी देओल इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं। सिकंदर के किरदार में उनका गुस्सा और दमदार डायलॉग तो है ही, लेकिन इस बार उनके चेहरे पर डर, दर्द और बेबसी भी साफ दिखती है। शबाना आजमी माई के रोल में बहुत ही सहज और सच्ची लगती हैं। दोनों के बीच की केमिस्ट्री फिल्म की जान बन जाती है। प्रीति जिंटा लंबे समय बाद एक गंभीर रोल में अच्छी लगती हैं और अपना असर छोड़ती हैं। करण देओल भी अपने पिता के सामने कई सीन में ठीक ठाक परफॉर्म करते हैं, कुछ जगह अच्छे लगते हैं और कुछ जगह और बेहतर हो सकते थे। अभिमन्यु सिंह और बाकी सपोर्टिंग कलाकार अपने हिस्से में ठीक काम करते हैं। कैसा है फिल्म का डायरेक्शन? राजकुमार संतोषी अपनी पुरानी स्टाइल से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाते। फिल्म में अच्छे डायलॉग, इमोशनल सीन और ड्रामा है, लेकिन इस बार उनका फोकस बदले से ज्यादा भावनाओं और रिश्तों पर है। सिकंदर और माई के रिश्ते को धीरे धीरे दिखाना अच्छा लगता है और इसमें जबरदस्ती का फील नहीं आता। लेकिन कुछ जगह फिल्म की रफ्तार धीमी हो जाती है और कुछ सीन थोड़े लंबे लगते हैं जिन्हें छोटा किया जा सकता था। कैसे हैं फिल्म के टेक्निकल एस्पेक्ट्स? फिल्म का सेटअप अच्छा है। लाहौर की गलियां, घर और भीड़ का माहौल उस समय को दिखाने की कोशिश करता है। कैमरा वर्क ठीक है, कुछ जगह और बेहतर हो सकता था। प्रोडक्शन डिजाइन में मेहनत दिखती है लेकिन 1947 के समय को और ज्यादा बारीकी से दिखाया जा सकता था ताकि फिल्म और असली लगे। कुछ सीन में इमोशन थोड़ा ज्यादा ड्रामेटिक हो जाता है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक कहानी के साथ ठीक चलता है और ज्यादा हावी नहीं होता। बैकग्राउंड म्यूजिक इमोशनल सीन को सपोर्ट करता है खासकर जब कहानी रिश्तों और बिछड़ने की बात करती है। लेकिन कोई भी गाना ऐसा नहीं है जो लंबे समय तक याद रह जाए। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? Batwara 1947 एक इमोशनल फिल्म है जो बंटवारे को नफरत की जगह इंसानियत की नजर से दिखाती है। सिकंदर और माई का रिश्ता इसकी सबसे बड़ी ताकत है।कुल मिलाकर यह एक ऐसी फिल्म है जिसमें अच्छी परफॉर्मेंस और दिल को छूने वाली कहानी है जिसे देखा जा सकता है।
पुणे में एक्टर संजय दत्त के नाइटक्लब Ballr पर कॉपीराइट विवाद खड़ा हो गया है। क्लब में बिना इजाजत कॉपीराइट वाले गाने बजाए जा रहे थे। फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (PPL) इंडिया ने बॉम्बे हाई कोर्ट में शिकायत की कि क्लब में बिना लाइसेंस कॉपीराइट म्यूजिक का इस्तेमाल हो रहा है। कोर्ट ने PPL को अंतरिम राहत देते हुए Ballr को जरूरी लाइसेंस के बिना अपने कलेक्शन की साउंड रिकॉर्डिंग सार्वजनिक रूप से बजाने से रोक दिया। PPL के एक प्रतिनिधि ने 24 जून को Ballr का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने क्लब में PPL के कलेक्शन के कई कॉपीराइट वाले गाने बजते हुए पाए। Ballr के मालिक एक्टर संजय दत्त और हेरंब शेलके हैं। इन गानों में ‘बदतमीज दिल’, ‘मौजा ही मौजा’, ‘दर्द-ए-डिस्को’, ‘ओ साकी साकी’ और ‘दस बहाने’ शामिल हैं। लिस्ट में जस्टिन बीबर और दुआ लिपा के गाने भी क्लब में बजाए जा रहे गानों की लिस्ट में इंटरनेशनल सॉन्ग भी शामिल थे। इनमें जस्टिन बीबर का ‘व्हाट डू यू मीन’ और दुआ लिपा का ‘लेविटेटिंग’ शामिल है। PPL का दावा है कि इन सभी साउंड रिकॉर्डिंग का कॉपीराइट उसी संस्था के पास है। 7 अगस्त के आदेश में बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाइटक्लब के मालिकों को जरूरी नॉन-एक्सक्लूसिव पब्लिक परफॉर्मेंस लाइसेंस के बिना PPL के कलेक्शन की साउंड रिकॉर्डिंग बजाने या इस्तेमाल करने से रोक दिया। पहले लिया था लाइसेंस, एक्सपायर होने के बाद रिन्यू नहीं कराया सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि Ballr ने पहले PPL इंडिया से उसके कलेक्शन का म्यूजिक इस्तेमाल करने के लिए कॉपीराइट लाइसेंस लिया था। PPL इंडिया कॉपीराइट वाली साउंड रिकॉर्डिंग के लाइसेंस का काम देखती है। हालांकि, यह लाइसेंस एक्सपायर हो गया था और इसे रिन्यू नहीं कराया गया। इस बात को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने PPL को अंतरिम राहत दी और Ballr में बिना जरूरी इजाजत कॉपीराइट वाली रिकॉर्डिंग इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया। PPL का कहना है कि मनोरंजन के लिए कॉपीराइट म्यूजिक बजाने वाले कमर्शियल संस्थानों को जरूरी लाइसेंस लेना होगा। संस्था उन जगहों पर भी नजर रख रही है, जहां बिना इजाजत उसकी रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल हो सकता है। PPL के वकील बोले- बिना मंजूरी इस्तेमाल पर कानूनी नतीजे हो सकते हैं आदेश के बाद PPL के वकील हितेन वासन ने कहा कि संस्था उन मामलों की पहचान करना जारी रखेगी, जहां बिना जरूरी मंजूरी कॉपीराइट वाले संगीत का इस्तेमाल किया जा रहा है। वासन ने कहा, “बॉम्बे हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश साफ मैसेज देता है कि कॉपीराइट वाले संगीत का बिना मंजूरी लगातार इस्तेमाल करने पर गंभीर कानूनी नतीजे हो सकते हैं।” यह अंतरिम आदेश है, अंतिम फैसला नहीं कोर्ट का आदेश इस मामले में अंतरिम कदम है। यह विवाद से जुड़े सभी मुद्दों पर अंतिम फैसला नहीं है। फिलहाल, Ballr को जरूरी लाइसेंस लिए बिना PPL के कलेक्शन की रिकॉर्डिंग इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है। PPL की शिकायत के बाद कमर्शियल जगहों पर म्यूजिक लाइसेंस के मुद्दे पर फिर ध्यान गया है। कमर्शियल जगहों को अपने मेहमानों के लिए कॉपीराइट वाले गाने बजाने से पहले जरूरी मंजूरी लेनी होती है।
आर्मी हॉस्पिटल की जिंदगी पर आधारित शो ‘108 बेस हॉस्पिटल: उरी’ 15 अगस्त से टीवी और ओटीटी पर प्रसारित होने जा रहा है। 30 एपिसोड का यह फाइनाइट शो हर शनिवार और रविवार को दिखाया जाएगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो के मुख्य कलाकार गश्मीर महाजनी और एरिका फर्नांडिस ने अपने किरदारों, करियर बनाम पर्सनल लाइफ, डेली सोप के खिंचते फॉर्मेट और कश्मीर बॉर्डर पर शूटिंग के अपने अनुभवों पर खुलकर बात की। पढ़िए इस बातचीत के प्रमुख अंश.… सवाल: 15 अगस्त से शुरू हो रहे शो '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' में आप दोनों किस तरह के किरदार निभा रहे हैं?गश्मीर महाजनी: मैं आर्मी डॉक्टर अनिरुद्ध जैसवाल का किरदार निभा रहा हूं। अनिरुद्ध की गर्लफ्रेंड आर्मी में जाना चाहती थी, इसलिए उसने 10 साल पहले उससे रिश्ता तोड़ लिया था। लेकिन 10 साल बाद किस्मत उसे खुद इंडियन आर्मी में ले आती है। जब दोनों आमने-सामने आते हैं, तो उनके बीच का टकराव शुरू होता है। आर्मी डॉक्टर किन परिस्थितियों में दुश्मनों से लड़ते हैं और अपनों को बचाते हैं, यही इस शो में दिखाया गया है। पहली बार आर्मी डॉक्टर का रोल कर रहा हूं, जो मैं हमेशा से करना चाहता था। एरिका फर्नांडिस: मैं नैना निहारिका का रोल प्ले कर रही हूं। अनिरुद्ध ने 10 साल पहले नैना को छोड़ दिया था, लेकिन जब वह वापस आता है तो चीजे बदल जाती हैं। हालांकि, नैना अपने फर्ज और ड्यूटी को सबसे आगे रखती है और बाकी चीजों को पीछे। सवाल: अगर कभी रियल लाइफ में पार्टनर और करियर में से किसी एक को चुनना पड़े, तो किसे चुनेंगे?गश्मीर महाजनी: मुझसे अभी तक ऐसा किसी ने पूछा नहीं है। लेकिन अगर कोई गर्लफ्रेंड ऐसी कंडीशन रख दे, तो मैं करियर ही चुनूंगा। एक्टिंग के अलावा मुझे कुछ आता भी नहीं है। गर्लफ्रेंड तो दूसरी भी आ सकती है, लेकिन एक्टिंग तो एक्टिंग है... उसे कैसे छोड़ सकता हूं! एरिका फर्नांडिस: मैंने तो हमेशा अपने करियर को ही प्राथमिकता दी है। एक बार मुझसे भी ऐसा ही सवाल पूछा गया था और मेरा जवाब यही था कि मैं सिर्फ एक्टिंग ही चुनूंगी। सवाल: आर्मी डॉक्टर का रोल निभाने के लिए किस तरह की ट्रेनिंग और तैयारी करनी पड़ी?एरिका फर्नांडिस: हमने सर्जरी से पहले की तैयारियों का काफी रिहर्सल किया था। ओटी (ऑपरेशन थिएटर) और सर्जरी वाले सीन्स के लिए सेट पर रियल आर्मी डॉक्टर्स मौजूद रहते थे, जो हमें हर स्टेप पर गाइड करते थे। गश्मीर महाजनी: मेडिकल टर्म्स और तैयारियों में एरिका ने मेरी काफी मदद की। बाकी जहां तक आर्मी ऑफिसर की बात है, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज अलग होती है। वे बात करते समय कमर पर हाथ रखकर खड़े नहीं होते, क्योंकि उनकी ट्रेनिंग वैसी होती है। बतौर एक्टर हमें खड़े होने, चलने और बैठने के इन्हीं छोटे-छोटे तौर-तरीकों का ध्यान रखना पड़ा। सवाल: यह सिर्फ 30 एपिसोड का लिमिटेड शो है। क्या टीवी इंडस्ट्री में ऐसे फाइनाइट शोज से बड़ा बदलाव आएगा?एरिका फर्नांडिस: ऐसे शोज बिल्कुल आने चाहिए। आज के दौर में शॉर्ट फॉर्मेट कंटेंट काफी पसंद किया जा रहा है, इसलिए टीवी को भी इस बदलाव की जरूरत है। गश्मीर महाजनी: कई बड़े एक्टर्स टीवी सिर्फ इसलिए नहीं करते क्योंकि वे सालों तक किसी एक प्रोजेक्ट में अटकना नहीं चाहते। 30 एपिसोड के शो की एक शुरुआत और अंत निश्चित होता है। डेली सोप में 50 एपिसोड के बाद कहानी खत्म हो जाती है, फिर सिर्फ स्पॉन्सर और बिजनेस के लिए उसे 200-500 एपिसोड तक खींचा जाता है। उसमें ऑडियंस को सेटिस्फेक्शन नहीं मिलता। लेकिन 30 एपिसोड का शो दर्शक और एक्टर दोनों को संतुष्टि देता है। सवाल: 'उरी' नाम से सुपरहिट फिल्म आ चुकी है। क्या इस शो को लेकर किसी तरह का प्रेशर महसूस हुआ?एरिका फर्नांडिस: आर्मी पर बनी ज्यादातर फिल्में बैटलफील्ड (युद्ध के मैदान) पर केंद्रित होती हैं। लेकिन '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' उन घायल जवानों की कहानी है, जो जंग के बाद अस्पताल आते हैं और डॉक्टर्स कैसे उनकी जान बचाते हैं। यह कॉन्सेप्ट काफी अलग है। गश्मीर महाजनी: हम कोई प्रेशर नहीं लेते। प्रेशर लेकर करेंगे भी क्या! हमने काम कर दिया और हमें उसके पैसे मिल गए। प्रेशर लेना प्रोड्यूसर और चैनल का काम है, हमारा नहीं। सवाल: कश्मीर के संवेदनशील बॉर्डर एरिया में शूटिंग करने का अनुभव कैसा रहा?गश्मीर महाजनी: हम कश्मीर के काफी संवेदनशील बॉर्डर इलाकों में शूट कर रहे थे। वहां देखा कि किन मुश्किल परिस्थितियों में हमारे जवान 18-20 घंटे तैनात रहते हैं। हम तो नकली बंदूकें और नकली गोलियां चला रहे थे, फिर भी हमारे लिए शूट करना मुश्किल हो रहा था। सोचिए, जहां असली गोलियां चलती हैं, वहां जवान कैसे रहते होंगे। यह सब देखकर आर्मी के लिए दिल में इज्जत सौ गुना बढ़ गई। एरिका फर्नांडिस: डॉक्टर्स को भगवान के करीब माना जाता है क्योंकि वे जान बचाते हैं। आर्मी बेस में रहकर और उनकी लाइफस्टाइल को करीब से देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ।
अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने 'जेन जी' (Gen Z) युवाओं पर अपने विवादित बयान पर सफाई दी है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में पूरे देश के युवा शामिल नहीं थे। वहां जुटी 10 हजार की भीड़ में आधे युवा थे, जबकि बाकी शबाना आजमी की उम्र के लोग थे। कंगना ने कहा कि उनका इरादा पूरी पीढ़ी को 'गटर छाप' कहने का नहीं था और उन पर युवा-विरोधी होने का झूठा एजेंडा चलाया जा रहा है। जंतर-मंतर पर 2 हजार युवा थे, शबाना आजमी का नाम घसीटाकंगना रनोट ने वीडियो में कहा कि देश में जेन जी की आबादी लगभग 30 से 35 करोड़ है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में केवल 10 हजार के करीब लोग मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल पर हर उम्र के लोग घूम रहे थे और आधे से ज्यादा भीड़ शबाना आजमी की उम्र की थी। कंगना ने चुनौती देते हुए कहा कि कोई उनका ऐसा बयान दिखाए जिसमें उन्होंने पूरी युवा पीढ़ी को निशाना बनाया हो। उन्होंने कहा किया कि वे खुद युवा हैं, राहुल गांधी की तरह 50 साल की युवा नहीं। 'जेनरेशन गटर' कहने पर हुआ था विवादइससे पहले कंगना ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने प्रदर्शन के वीडियो को देखकर उल्टी आने की बात कही थी और वहां मौजूद लोगों की भाषा पर सवाल उठाए थे। कंगना ने ऐसे प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कहा था। उन्होंने बयान दिया था कि इन युवाओं के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ नहीं है और वे पढ़ाई-लिखाई में भी अच्छे नहीं हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनकी जमकर आलोचना हुई थी। अब कहा- खुद को कॉकरोच कहोगे तो गटर ही घर होगाअपने बयान पर मचे बवाल के बाद कंगना ने ANI से बातचीत में तर्क दिया था कि प्रदर्शनकारी खुद को कॉकरोच बता रहे थे। उन्होंने कहा था कि कॉकरोच का घर गटर ही होता है। अगर कोई खुद को कॉकरोच कहेगा तो वह गटर में ही रहेगा। कंगना ने कहा था कि वे खुद को कॉकरोच या गटर में रहने वाला नहीं मानती हैं। उनका कहना था कि वे पूरे देश के युवाओं की नहीं, बल्कि सिर्फ उस खास प्रदर्शन में शामिल लोगों की बात कर रही थीं। प्रदर्शन में शामिल हुए थे शबाना आजमी और प्रकाश राजमामले के बैकग्राउंड की बात करें तो 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान 75 साल की वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी और एक्टर प्रकाश राज प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने पहुंचे थे। दोनों कलाकार संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ ट्रक में सवार नजर आए थे। इसी प्रदर्शन के दौरान भीड़ और भाषा को लेकर कंगना ने विवादित टिप्पणी की थी। ये खबर भी पढ़ें नसीरुद्दीन शाह को लोमड़ी कहने पर कंगना की सफाई:बोलीं- जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में मरे रहते हैं; यह लव स्टोरी खत्म कब होगी? कंगना रनोट ने सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री का यह रवैया नया नहीं है। कंगना के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पर कई लोगों ने ‘घड़ियाली आंसू’ बहाए थे, लेकिन अब झारखंड में बच्चों के साथ कथित ज्यादती पर वही लोग चुप हैं। पूरी खबर पढ़ें
सिंगर सोनू निगम ने दिल्ली में NEET पेपर लीक विवाद और परीक्षाओं में धांधली को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन पर बयान देने से बचने की वजह साफ की है। बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में सोनू निगम ने कहा कि जिस समय उनसे ये सवाल पूछा गया तब वे अपने गुरु पंकज उदास को श्रद्धांजलि देने के इवेंट में पहुंचे थे। उन्होंने कहा वहां किसी दूसरे विषय या राजनीति पर बात करना असंवेदनशील होता। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने पिता को वादा किया है कि जिस मुद्दे की उन्हें अधूरी जानकारी हो, उस पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। दरअसल कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर सोनू निगम का एक वीडियो वायरल हो गया था जिसमें वे नीट परीक्षा पर मीडिया के सवालों से बचते नजर आए थे। श्रद्धांजलि देने गए थे, राजनीति पर बोलना अपमान होतासोनू निगम ने कहा कि मुंबई में 3 दशक से ज्यादा समय बिताने के दौरान उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा एक नियम सीखा है। नियम यह है कि जिस कार्यक्रम के लिए प्रेस बुलाई गई हो, बातचीत उसी एजेंडे तक सीमित रहनी चाहिए। सोनू ने कहा कि जब वे अपने गुरु पंकज उदास को श्रद्धांजलि देने आए थे, तब वहां राजनीति पर बोलना उनका अपमान होता। उन्होंने मीडिया से भी इस तरह के कार्यक्रमों में गरिमा बनाए रखने की उम्मीद जताई। पिता से किया वादा, बिना जानकारी नहीं दूंगा बयानसोनू निगम ने बताया कि वे अपने फोन में सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करते हैं और उनकी जिंदगी संगीत और भक्ति के इर्द-गिर्द ही घूमती है। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता से वादा कर चुके हैं कि जिस मामले की पूरी जानकारी नहीं होगी, उस पर कोई बयान नहीं देंगे। सोनू ने याद दिलाया कि वे पहले भी अजान के लाउडस्पीकर विवाद से लेकर सिंगर्स के लिए रॉयल्टी राइट्स जैसे बड़े मुद्दों पर अकेले खड़े होकर लड़ाई लड़ चुके हैं और व्यवस्था में बदलाव लाए हैं। सिस्टम में बदलाव के लिए दूसरों को आगे आने की जरूरतअपने पुराने स्टैंड का जिक्र करते हुए सोनू ने कहा कि अब नए मुद्दों पर दूसरों को आगे आकर लड़ाई लड़नी चाहिए। लोगों को यह देखना चाहिए कि वे अपनी प्रतिबद्धता से समाज में क्या बदलाव ला सकते हैं। सोनू ने चुटकी लेते हुए कहा कि लोगों को सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय असली योद्धा बनना चाहिए। नेक की सर्जरी के दौरान गाना गाया सिंगर सोनू निगम ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो हॉस्पिटल में सर्जरी के दौरान मेडिकल स्टाफ के लिए गाना गाते नजर आ रहे हैं। सोनू निगम ने वीडियो शेयर कर लिखा- “मेरी सर्जरी के दौरान प्यारे डॉक्टर नीलेश सतभाई और उनकी पूरी टीम के लिए अचानक एक छोटा सा परफॉर्मेंस दिया। दर्द में भी गाया… क्योंकि संगीत की खुशी सबसे अलग है!” सोनू निगम ने बताया था- उनकी नसें दब गई थीं सोनू निगम की सर्जरी क्यों हुई है, अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, जून में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सेहत के बारे में जानकारी शेयर की थी। सोनू ने बताया था कि वो नसों से जुड़ी एक दर्दनाक बीमारी से जूझ रहे हैं और इसका इलाज करवा रहे हैं। जून में सोनू ने बताया था कि उनकी नसें दब गई हैं और उन्होंने MRI और CT स्कैन करवाए थे। सोनू ने कहा था कि मेरी कई MRI और CT स्कैन हो चुके हैं। मैं पिछले कई दिनों से दवाइयां ले रहा हूं। उन्होंने अपनी गर्दन के पास लगा एक पैच भी दिखाया था।
फिल्म ‘विश्वनाथ एंड संस’ के प्रमोशनल इवेंट में डायरेक्टर वेंकी अटलूरी ने एक्टर सूर्या को बातों में उलझाकर अचानक उनके पैर छू लिए। यह घटना 11 अगस्त को हैदराबाद में फिल्म से जुड़े एक इवेंट में हुई। दरअसल, जब सूर्या स्टेज पर बात कर रहे थे, तभी वेंकी ने ऊपर की ओर इशारा करते हुए कहा, सर, ऊपर कुछ है। सूर्या के ऊपर देखने के बाद वेंकी तुरंत झुककर उनके पैर छूने लगे। यह देखकर हैरान हो गए और मुस्कुराने लगे। इवेंट के दौरान सूर्या ने वेंकी की एनर्जी और डायरेक्शन की तारीफ भी की। लोगों को ‘सूर्यवंशम’ का आइकॉनिक सीन याद आया वेंकी का यह वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स को फिल्म ‘सूर्यवंशम’ का आइकॉनिक सीन याद आ गया। फिल्म में एक्ट्रेस सौंदर्या ने भानुप्रताप की बहू और कलेक्टर का किरदार निभाया था। परिवार में मनमुटाव के चलते भानुप्रताप उनसे नाराज रहते हैं। इसलिए सीधे उनके पैर छूने के बजाय वो पेपरवेट जानबूझकर भानुप्रताप के पैरों के पास गिरा देती है। पेपरवेट उठाने के बहाने वह नीचे झुकती है और इसी दौरान उनके पैर छूकर आशीर्वाद ले लेती है। अब वेंकी ने भी सूर्या को बहाने से ऊपर देखने को कहा और मौका मिलते ही उनके पैर छू लिए। यही वजह है कि लोगों को ‘सूर्यवंशम’ वाला सीन याद आ गया। बता दें कि सूर्या की अपकमिंग फिल्म ‘विश्वनाथ एंड संस’ में ममिता बैजू, राधिका सरथकुमार और रवीना टंडन नजर आएंगी। विश्वनाथ एंड संस एक इमोशनल फैमिली ड्रामा फिल्म है। फिल्म में सूर्या संजय विश्वनाथ नाम के 40 साल के इंटरनेशनल पिस्टल शूटर का किरदार निभा रहे हैं। वो ममिता बैजू के अपोजिट नजर आएंगे। कहानी में दोनों के बीच उम्र के फासले वाली लव स्टोरी दिखाई जाएगी। फिल्म का निर्देशन वेंकी अटलूरी ने किया है। इसका म्यूजिक जी.वी. प्रकाश कुमार ने दिया है। …………. यह खबर भी पढ़ें... चिरंजीवी को देख इन्फ्लुएंसर पोटी मामा हुए भावुक:पैरों में झुककर रोने लगे; चोट के बावजूद भतीजे वरुण ने चिरंजीवी के पैर छुए फिल्म कोरियन कनकराजू के एक इवेंट में फिल्म के एक्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पोटी मामा स्टेज पर भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने बताया कि वह कई सालों से अपने आइडल चिरंजीवी से मिलने का सपना देख रहे थे। भावुक होकर वह ऑडियंस में बैठे चिरंजीवी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर गिर पड़े। पूरी खबर यहां पढ़ें…
15 अगस्त के दिन बॉक्स ऑफिस पर सबसे अधिक कमाई हिंदी सिनेमा की इस शानदार मूवी ने की है।
बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने हाल ही में बताया कि सुशांत की मौत के बाद उन्होंने अपने भाई की उपस्थिति, उनकी सांस और खुशबू को महसूस किया था। यूट्यूब चैनल ‘सुपरटॉक्स बाय द मूविंगशिप’ के साथ बातचीत में श्वेता ने कहा कि सुशांत के जाने के बाद उन्होंने उन्हें ड्रीम स्टेट और मेडिटेशन में महसूस किया है। उनके मुताबिक, पटना में जब सुशांत की अस्थियां विसर्जन के लिए रखी गई थीं, तब जिस कमरे में वह लेटी थीं, वहां उन्हें भाई के आने का अनुभव हुआ। श्वेता ने बताया, ‘उस दिन वह रात में मेरे से बात करने के लिए आया। उसने जूट का कुछ पहना हुआ था। कुर्ता टाइप की ड्रेस में आकर मुझे गले लगा लिया, मेरे से घंटों बात की। मेरे उससे बहुत सारे सवाल थे- भाई, ऐसा क्यों, बहुत कुछ पूछा। उसने मुझे सब कुछ समझा दिया और मुझे वो अंदर से वो जो खुलना होता है, नॉट्स, ग्रंथि, वो सब खुले और अंत में मुझे उसने गले लगाया, किस किया, तो उसकी जो स्मेल थी, उसकी जो सांस थी, सब कुछ मैंने फील किया।’ श्वेता ने बताया कि सुशांत की मौत की खबर मिलने के समय वह कैलिफोर्निया में थीं। उन्होंने कहा कि खबर सुनते ही उनका शरीर सुन्न हो गया था और बाद में वह जोर-जोर से रोने लगी थीं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण वह भारत नहीं आ सकीं और भाई को आखिरी गुडबाय भी नहीं कह पाईं। धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया सुशांत सिंह राजपूत ने महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक फिल्म ‘एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’ में धोनी का किरदार निभाया था। फिल्म ने सुशांत के करियर में अहम भूमिका निभाई थी। वहीं, श्वेता ने पॉडकास्ट में कहा कि सुशांत की मौत के बाद धोनी ने परिवार से संपर्क नहीं किया। उन्होंने बताया कि कंगना रनोट और कुछ अन्य सेलेब्स ने परिवार से संपर्क किया था। सुशांत की मौत 14 जून 2020 को हुई थी सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर उठते सवालों और सुशांत के परिवार द्वारा पटना में दर्ज कराई गई FIR के बाद हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने, दोनों तरह के दावे और आरोप सामने आए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और बिहार सरकार की सिफारिश के बाद अगस्त 2020 में इस मामले की आधिकारिक जांच CBI को सौंप दी गई थी। CBI ने अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा था कि सुशांत को आत्महत्या के लिए उकसाने या उनकी मौत में किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश या हत्या का कोई सबूत नहीं मिला। …………. सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... 'मुझे नहीं लगता कि वो सुसाइड था':एक्टर शिशिर शर्मा बोले- सुशांत सिंह राजपूत ऐसे इंसान नहीं थे जो आत्महत्या जैसा कदम उठाएं फिल्म ‘छिछोरे’ में सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम कर चुके एक्टर शिशिर शर्मा ने उनकी मौत को लेकर कहा कि उन्हें लगता है कि सुशांत ने सुसाइड किया है। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में शिशिर शर्मा ने बताया कि उनकी और सुशांत की पहचान टीवी के दिनों से थी। जब वह ‘यहां मैं घर घर खेली’ में काम कर रहे थे और सुशांत ‘पवित्र रिश्ता’ में थे, तब दोनों पास में शूटिंग करते थे और लंच ब्रेक में साथ खाना खाते थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
फिल्म कोरियन कनकराजू के एक इवेंट में फिल्म के एक्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पोटी मामा स्टेज पर भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने बताया कि वह कई सालों से अपने आइडल चिरंजीवी से मिलने का सपना देख रहे थे। भावुक होकर वह ऑडियंस में बैठे चिरंजीवी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर गिर पड़े। चिरंजीवी ने उन्हें तुरंत उठाया और गले लगा लिया। इसके बाद उन्होंने पोटी मामा को अपने पास फ्रंट रो में बैठाया और उनके साथ समय बिताया। चिरंजीवी ने उन्हें एक तस्वीर भी गिफ्ट की। बता दें कि 11 अगस्त को हैदराबाद में फिल्म की ग्रैंड ‘मेगा ब्लॉकबस्टर सक्सेस सेलिब्रेशंस’ आयोजित हुई थी। इसमें मेगास्टार चिरंजीवी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए थे। वरुण तेज ने भी चिरंजीवी के पैर छुए इसी इवेंट से फिल्म के लीड एक्टर और चिरंजीवी के भतीजे वरुण तेज का वीडियो भी सामने आया। इसमें वरुण स्टेज पर अपने चाचा के पैर छूते नजर आए। खास बात यह है कि पैर में चोट के बावजूद वह झुककर चिरंजीवी का आशीर्वाद लेने पहुंचे। वीडियो में चिरंजीवी उन्हें संभालते हुए भी नजर आ रहे हैं। वरुण तेज की यह सादगी और परिवार के प्रति सम्मान सोशल मीडिया पर चर्चा में है। बता दें कि वरुण तेज को हाल ही में उनकी अपकमिंग फिल्म 'भारी' के लिए वॉलीबॉल की प्रैक्टिस करते समय घुटने में चोट लग गई थी। जानिए कैसी है फिल्म की कहानी वरुण तेज मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘कोरियन कनकराजू’ एक तेलुगु हॉरर-कॉमेडी है। फिल्म का निर्देशन मेरलपाका गांधी ने किया है। इसमें रितिका नायक और सत्या भी अहम किरदारों में हैं। फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। कहानी पेनुकोंडा के रहने वाले कनकराजू की है। वह गुस्सैल और सीधा-सादा युवक है। उसकी जिंदगी तब बदल जाती है, जब एक रहस्यमयी चीज के जरिए उसके शरीर में एक कोरियाई गैंगस्टर की आत्मा आ जाती है। इसके बाद कनकराजू का व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है। वह कोरियाई भाषा बोलने लगता है और उसके अंदर कुछ अजीब शक्तियां भी आ जाती हैं। …………. यह खबर भी पढ़ें... साउथ एक्टर वरुण तेज बने पिता:पत्नी लावण्या ने बेटे को जन्म दिया, अल्लू अर्जुन-राम चरण ने दी शुभकामनाएं तेलुगु एक्टर वरुण तेज और उनकी पत्नी और एक्ट्रेस लावण्या त्रिपाठी के पहले बच्चे का जन्म पिछले साल 10 सितंबर को हुआ था। कपल ने बच्चे के जन्म की जानकारी इंस्टाग्राम पर दी थी। वरुण तेज ने ब्लैक एंड व्हाइट फोटो पोस्ट की थी, जिसमें वे, लावण्या और उनका नवजात बच्चा नजर आ रहे हैं। फोटो के कैप्शन में लिखा था, “हमारा नन्हा राजकुमार। 10.09.2025।” पूरी खबर यहां पढ़ें…
कंगना रनोट ने सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री का यह रवैया नया नहीं है। कंगना के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पर कई लोगों ने ‘घड़ियाली आंसू’ बहाए थे, लेकिन अब झारखंड में बच्चों के साथ कथित ज्यादती पर वही लोग चुप हैं। कंगना ने कहा, ‘जब संसद पर अटैक हो रहा था, मेरे कई सांसद दोस्तों की गाड़ियों पर लोग चढ़ गए थे और उनके शीशे तोड़ दिए गए थे। मेरे घर के बाहर भी करीब 2,500 लोग जमा थे। इतनी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी कि रात को हम सो नहीं पाए। उस समय ये लोग घड़ियाली आंसू रो रहे थे, लेकिन अब जब झारखंड में बच्चों पर जुल्म हो रहे हैं, तो क्या वो Gen Z नहीं हैं?’ उन्होंने आगे कहा कि देश और प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वालों को ही Gen Z मानना गलत है। कंगना बोलीं कि वह खुद युवा हैं, कामकाजी महिला हैं और करियर बनाने वाली महिला हैं। इसलिए उन्हें युवा-विरोधी बताना सही नहीं है। कंगना ने फिल्म इंडस्ट्री पर निशाना साधते हुए कहा कि जंतर-मंतर के मुद्दे पर आंसू बहाने वालों को झारखंड में बच्चों के लिए भी आवाज उठानी चाहिए। नसीरुद्दीन शाह के वीडियो का जिक्र करते हुए कंगना ने कहा कि उन्होंने वीडियो में ऐसी बातें और धमकियां दी थीं, जिन्हें वह बेहद आपत्तिजनक मानती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के निर्वाचित नेता हैं और लोकतंत्र की गरिमा के तहत उनके पद का सम्मान किया जाना चाहिए। कंगना ने कहा, इतनी गंदी-गंदी, इतनी भद्दी-भद्दी बातें और धमकाना, 'देश से निकल जाओ', 'तुम्हें जला देंगे', 'तुम्हें मार देंगे', यह क्या, कोई आपको लगता है, क्या यह सभ्य बातें हैं? पाकिस्तान प्रेम पर कंगना ने सवाल उठाया कंगना ने कहा, ‘और जब देखो, जो चाहे उनकी फिल्में हों, चाहे उनकी बातें हों, चाहे उनके इंटरव्यूज हों, यह पाकिस्तान की प्रेम कथा कब खत्म होगी? जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में यह मरे रहते हैं। मैं जानना चाहती हूं कि अब बंटवारे को इतने साल बीत चुके हैं, फिर यह प्रेम कहानी खत्म क्यों नहीं हो रही है?’ उन्होंंने आगे कहा, ;जब इतने ज्यादा, चाहे वो पहलगाम अटैक हो, चाहे वो हमने ऑपरेशन सिंदूर किया हो, देश कहीं और जा रहा है, सेनाएं कहीं और जा रही हैं, नागरिकों का कहीं कुछ और संघर्ष हैं पड़ोसी देशों को लेकर, यह बॉलीवुड की लव स्टोरी पाकिस्तान के साथ खत्म कब होगी?' नसीरुद्दीन शाह को लेकर कंगना ने क्या कहा था? दरअसल, नसीरुद्दीन शाह पर पीयूष मिश्रा के बयान पर रिएक्शन देते हुए कंगना रनोट ने मंगलवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था, सच तो यह है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन मुझे इस बात का गर्व है कि मैं जिस घर (देश) की रोटी खाती हूं, उसकी रखवाली करती हूं और उसके लिए लड़ती हूं। नसीर साहब खाते तो इस देश का हैं, लेकिन लड़ते पड़ोसी देश के लिए हैं। आज के समय में इंसानों के लिए कुत्ता कहलाना भी एक तारीफ है, क्योंकि वफादारी और क्यूटनेस अब बहुत दुर्लभ हो गई है। नसीरुद्दीन जैसे लोमड़ी बनने से तो कुत्ता बनना ही बेहतर है। क्या था नसीरुद्दीन शाह का बयान? दरअसल, दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर शुरुआत में सेलेब्स की चुप्पी पर बात करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने द वायर से बात करते हुए कहा था, ‘सेलेब्स तब बोलेंगे, जब उनका जमीर उनसे ऐसा करने को बोलेगा। एक कहावत है कि जिस कुत्ते के मुंह में हड्डी होती है, वो भौंक नहीं सकता। जैसे ही हड्डी उसके मुंह से गिरेगी या दांत टूटेंगे, तब वो भौंकेगा।’ …………. कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... 'गटर जेनरेशन' टिप्पणी मामले में अभिनेत्री कंगना की बढ़ी मुश्किल:आगरा कार्ट में परिवाद दर्ज, 21 अगस्त को होगी अगली सुनवाई जंतर-मंतर पर पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं को लेकर कंगना रनोट की टिप्पणी अब आगरा कोर्ट पहुंच गई है। प्रदर्शनकारियों को ‘गटर जेनरेशन’ बताने और उनकी परवरिश पर सवाल उठाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में आगरा की स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में परिवाद दाखिल किया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉक्स ऑफिस पर 'गदर' मचाने को तैयार हैं Sunny Deol, एडवांस बुकिंग में छाई Batwara 1947
अभिनेता सनी देओल की अपकमिंग फिल्म बंटवारा 1947 की एडवांस बुकिंग शानदार तरीके से चल रही है।
Awarapan 2 Advance Booking Collection: इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 ने एडवांस बुकिंग में धड़ाधड़ नोट छापे हैं। जानिए एडवांस कलेक्शन...
2017 में भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म रामायण की घोषणा हुई। देशभर के नामी लोग इस प्रोजेक्ट से जुड़े और 2021 में फिल्म की को-प्रोड्यूसर मधु मंटेना ने घोषणा की कि इस फिल्म में भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी स्टार कास्ट होगी। रणबीर कपूर और यश, भगवान राम और रावण के रोल के लिए चुने गए। हर किसी को इंतजार था कि आखिर माता सीता के रोल के लिए किस एक्ट्रेस का चुनाव होगा। आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण जैसे कई नाम की चर्चाएं हुईं। मेकर्स को एक ऐसे चेहरे की तलाश थी, जो सादगी और खूबसूरती से भरपूर हो और उस नाम के साथ कोई स्कैंडल या विवाद न हो। और फिर अगस्त 2023 में इस रोल के लिए साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी के नाम की घोषणा हुई। साई पल्लवी, एक ऐसी एक्ट्रेस, जो कुछ सालों पहले तक एक जूनियर आर्टिस्ट हुआ करती थीं। फिल्म में उन्हें छोटे-मोटे रोल दिए जाते थे, जिनके डायलॉग भी कम ही हुआ करते थे। वहीं फिल्मों में आने से पहले साई पल्लवी एक मेडिकल स्टूडेंट थीं और साउथ के एक डांस रियलिटी शो की कंटेस्टेंट थीं। वो शो की फाइनलिस्ट रहीं, लेकिन जीत नहीं सकीं, लेकिन कुछ सालों बाद इन्हीं साई पल्लवी के गाने राउडी बेबी ने 1 बिलियन व्यूज हासिल कर इतिहास रच दिया। आज सक्सेस स्टोरी के 3 चैप्टर्स में जानिए कभी जूनियर आर्टिस्ट रहीं साई पल्लवी की भारत की टॉप एक्ट्रेस बनने की प्रेरणादायक कहानी- 9 मई 1992 तमिलनाडू के कोयम्बटूर में एक्साइज ऑफिसर के घर साई पल्लवी का जन्म हुआ। उनका परिवार तमिलनाडु के कोटागिरी से ताल्लुक रखता है। शुरुआती पढ़ाई अविला कॉन्वेंट स्कूल से हुई। वो बैडमिंटन की भी बेहतरीन प्लेयर रहीं। लव लेटर लिखने पर घर में हुई पिटाई साई पल्लवी स्कूल के दिनों में बेहद शरारती थीं और स्कूल में पॉपुलर थीं। वह दूसरे बच्चों का जमकर मजाक उड़ाती थीं। देखने में बेहद खूबसूरत साई को कई लड़के अप्रोच करते थे। एक बार 7वीं क्लास में एक लड़के ने उनके बैग में लव लेटर रख दिया था। शाम को जब उनके पिता ने उनका बैग चेक किया तो उसमें लेटर निकला। ये देखकर उन्हें पिता की खूब मार पड़ी थी। साई ने खुद नेटफ्लिक्स के शो माय विलेज में ये किस्सा बताया था। कंगना की फिल्म में बनीं जूनियर आर्टिस्ट उनका फिल्म इंडस्ट्री से दूर-दूर तक कोई ताल्लुक नहीं था, इसके बावजूद घर में टीवी देखते हुए उनका झुकाव डांस और एक्टिंग की तरफ था। उन्होंने टीवी शो देखकर डांस सीखा। पहली बार उनका फिल्मी दुनिया से परिचय 2005 की फिल्म कस्तूरी मान से हुआ। वो फिल्म से हीरो-हीरोइन के पीछे डांस करने वालीं बैकग्राउंड डांसर के तौर पर जुड़ीं, लेकिन फिर फिल्म में उन्हें चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर काम करने का मौका मिला। कुछ लोगों से जान-पहचान की मदद से वो टीनएज में फिल्म धाम धूम (2008) में जूनियर आर्टिस्ट रहीं। वह छठी क्लास में थीं। इस फिल्म से बॉलीवुड में नई-नई आईं कंगना रनोट ने तमिल सिनेमा में डेब्यू किया था। साई पल्लवी को फिल्म में कंगना रनोट के पीछे खड़े हुए देखा जा सकता है। इन फिल्मों में छोटे रोल करने के बाद साई पल्लवी ने पढ़ाई पर फोकस किया, हालांकि स्कूल में उन्होंने कल्चरल इवेंट में हिस्सा लेना जारी रखा। वो लोकल डांस कॉम्पिटिशन में भी हिस्सा लिया करती थीं। डांस स्कूल के कुछ साथियों की मदद से साई पल्लवी ने 2008 में साउथ के तमिल डांस रियलिटी शो उंगलिल यार अदुथा प्रभु देवा (कौन बनेगा अगला प्रभु देवा) में हिस्सा लिया। शो का फाइनलिस्ट बनने पर कंटेस्टेंट को प्रभु देवा से मिलने का मौका दिया जाने वाला था। साई इसके लिए बेहद एक्साइटेड थीं, लेकिन फिनाले से ठीक पहले उनका एलिमिनेशन हो गया। दुर्भाग्य से जिस दिन वो एलिमिनेट हुईं, उस दिन उनका बर्थडे था। साई का मानना था कि अगर बर्थडे के दिन रोए, तो पूरे साल रोना पड़ेगा। एलिमिनेशन की घोषणा के बाद साई भावुक हो गईं, लेकिन आंसू रोककर रखे। घर लौटकर साई ने बर्थडे नहीं मनाया और सीधे बिस्तर पर लेट गईं। मां उनकी उदासी समझ गईं और कहा- ‘बेटा जिंदगी में जो होता है, अच्छे के लिए होता है। तुम अभी रोना चाहो, तो रो लो, आज के बाद कभी रोना नहीं पड़ेगा।’ पहले डांस शो से निकलने के बाद साई ने 2009 में धी अल्टीमेट डांस शो (D4) में हिस्सा लिया और फाइनलिस्ट रहीं। शो के एक एपिसोड में डांट पड़ने से साई पल्लवी मंच पर खड़ीं भावुक हो गईं। कैमरा उन्हें रोते हुए कैप्चर न करें, इसलिए वो पलट गईं और देर तक पीछे मुड़कर रोती रहीं। फ्राइज एंज पोटैटो को दिए इंटरव्यू में साई ने कहा था, ‘एक मास्टर ने मुझे डांटा तो मैं पीछे मुड़कर रोने लगी। शो की एंकर राम्या मुझे धीरे से कह रही थीं कि तुम्हें पलटना होगा। लेकिन मैंने कहा, नहीं, मैं नहीं चाहती कि लोग मुझे रोते हुए देखें। मैं दुखी लड़की की तरह नहीं लगना चाहती थी।’ शो न जीतने के बावजूद उनकी बेहतरीन हाई-एनर्जी डांस परफॉर्मेंस की वीडियो क्लिप अक्सर फेसबुक पर वायरल होती थीं। एक एपिसोड में सामंथा बतौर गेस्ट पहुंचीं और साई की जमकर तारीफ की थी। बेहतरीन कैमरा अपीयरेंस के चलते उन्हें कुछ टीवी एड और शॉर्ट फिल्म ‘काची पिजाई’ में काम मिला। शो के बाद साई पल्लवी की मां ने उन्हें मेडिकल स्टडीज के लिए जॉर्जिया भेजने का मन बना लिया। साई जाना नहीं चाहती थीं, लेकिन मां ने कहा कि उनकी कजिन भी बाहर जाकर पढ़ाई कर रही हैं, उन्हें शादी के लिए अच्छे लड़के मिलेंगे, अगर साई नहीं गईं, तो वो कजिन से पीछे रह जाएंगी। मां की बात मानकर साई ने जॉर्जिया जाने का फैसला किया। डांस रियलिटी शो की बदौलत कई फिल्में ऑफर हुईं, हर रोल ठुकराया साउथ फिल्ममेकर शेखर काम्मुला ने साई के डांस रियलिटी शो की एक क्लिप देखकर उन्हें फिल्म हैप्पी डेज ऑफर की। हालांकि साई ने पढ़ाई के लिए फिल्म ठुकरा दी। कुछ दिनों बाद उन्हें फिल्म मद्रास (2014) में लीड रोल ऑफर हुआ, लेकिन साई ने एकेडमिक्स के लिए ये ऑफर भी ठुकरा दिया। साई पल्लवी ने फ्राइज एंड पटेटो को दिए इंटरव्यू में कहा था, ‘जॉर्जिया जाने से पहले मेरे भाई बहन ने मुझे एक लेटर दिया था। बाद में जब मैंने वो पढ़ा था, तो उसमें लिखा था, अच्छे मार्क के साथ लौटना। लेटर में मार्क का इशारा एग्जाम रिजल्ट नहीं, बल्कि लड़के की ओर था। मैं बालों में तेल लगाकर कॉलेज जाती थी। लड़के मुझे देखते भी नहीं थे। सारे लड़के जॉर्जिया की सुंदर लड़कियों को देखते थे। मुझे बिल्कुल भी अटेंशन नहीं मिलता था।’ मेडिकल स्टडीज के फाइनल ईयर में साई छुट्टियां मनाने भारत आई थीं। इस समय उन्हें फेसबुक के जरिए फिल्मों के ऑफर मिलते थे। एक दिन अल्फोंस नाम के एक शख्स ने उन्हें मैसेज कर फिल्म में काम करने का ऑफर दिया। साई को लगा कोई मजाक कर रहा है, तो उन्होंने मैसेज इग्नोर कर दिया। कुछ दिनों बाद साई के घर में कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स ने कहा कि वो अल्फोंस हैं। फिल्में बनाते हैं और साई को अपनी फिल्म में कास्ट करना चाहते हैं। साई को लगा कि ये किसी स्कैमर का कॉल है। उनकी मां पास ही खड़ी थीं। साई की मां ने जैसे ही उनके हाथ से फोन लिया, साई ने फुसफुसाते हुए कहा- ‘मां ये एक स्कैमर है, बातों पर ध्यान मत देना।’ उनकी बात कॉलर ने सुन ली और मां से कहा, ‘मैं फिल्ममेकर हूं, आप गूगल में मेरे बारे में पता कर सकती हैं। आप चाहें तो मैं अपनी फोटो भेजने के लिए भी तैयार हूं।' कॉल करने वाले शख्स वाकई में साउथ के जाने-माने फिल्ममेकर अल्फोंस थे। गलतफहमी दूर होने के बाद साई ने उनसे बात की। उन्होंने बताया कि 6 साल पहले साई के डांस रियलिटी शो की क्लिप देखने के बाद उनसे संपर्क किया था, लेकिन तब साई ने पढ़ाई का हवाला देकर इनकार कर दिया था। साई ने इस बार ऑफर में दिलचस्पी दिखाई तो अल्फोंस की टीम खासतौर पर साई का ऑडिशन लेने कोयम्बटूर पहुंची। स्क्रीनटेस्ट सफल रहा और इस तरह साई को पहली फिल्म ‘प्रेमम’ मिली। साई की ये पहली फिल्म थी, इसके बावजूद उन्होंने अपनी 3 खास शर्तें रखीं। पहली शर्त- जब तक कॉलेज की छुट्टी है, तब तक ही फिल्म की शूटिंग करूंगी। दूसरी शर्त- छोटे कपड़े नहीं पहनूंगी, जो कपड़े सहज लगे, वही पहनाएं जाएं। तीसरी शर्त- मेकअप नहीं करूंगी। तब करीब 22 साल की साई पल्लवी के चेहरे पर कई मुंहासे थे। कोई भी लड़की इन्हें फिल्म में छिपाना चाहती, लेकिन साई ने मेकअप न करने का फैसला किया। छुट्टियों में ही साई ने पूरी फिल्म शूट की और फिर जॉर्जिया जाकर एग्जाम दिए। साई पल्लवी फिल्म ‘प्रेमम’ का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने के लिए जॉर्जिया से भारत आईं। जैसे ही थिएटर में फिल्म खत्म हुई, पूरा थिएटर तालियों से गूंज उठा। इसे क्रिटिक्स और दर्शकों का खूब प्यार मिला। इस फिल्म के लिए न्यूकमर साई पल्लवी को 1-2 नहीं बल्कि पूरे 6 अवॉर्ड मिले थे। उनके बिना मेकअप काम करने की भी काफी चर्चा रही। पहली फिल्म प्रेमम की बदौलत साई पल्लवी को कई फिल्मों के ऑफर मिलने लगे, लेकिन मां ने कहा कि उन्हें पढ़ाई पूरी करनी होगी। अगले एक साल तक साई जॉर्जिया में ही रहीं। वहां साउथ के कई और स्टूडेंट थे, जिन्होंने प्रेमम देखी थी। ऐसे में जब साई आम कपड़े पहनकर कॉलेज जातीं, तो लोग उनके पहनावे पर सवाल उठाते थे। भारत आकर 2016 में साई ने दुलकर सलमान के साथ मलयाली फिल्म ‘काली’ की। ये फिल्म भी हिट रही और साई पल्लवी को बेस्ट एक्ट्रेस का नॉमिनेशन मिला। मलयाली फिल्मों में स्टारडम हासिल करने के बाद साई ने 2017 में तेलुगु फिल्म ‘फिदा’ की, जो ब्लॉकबस्टर रही। इस फिल्म में साई पल्लवी की परफॉर्मेंस को 100 ग्रेटेस्ट परफॉर्मेंस ऑफ द डीकेड्स में शामिल किया है। आगे उन्होंने ‘मिडिल क्लास अब्बाई’, ‘मारी 2’, ‘एथिरन’, ‘लव स्टोरी’ जैसी बेहतरीन फिल्में करते हुए खुद को साउथ की टॉप एक्ट्रेसेस में शामिल किया। साई पल्लवी बैक-टु-बैक कई फिल्में शूट करती हैं, जिसके लिए उन्हें कई बार नाइट शिफ्ट में काम करना पड़ता है। देर रात काम करने से नींद न आए, इसलिए साई हमेशा अपने पास एक ड्राइंग बुक और क्रेयॉन्स रखती हैं। वो सेट पर फ्री समय में नींद से बचने के लिए ड्राइंग बनाती हैं। किसिंग सीन, तो कभी गहराई न होने पर ठुकराईं कई फिल्में आमिर ने कहा था- साई पल्लवी भारत की बेस्ट एक्ट्रेस साई पल्लवी ने 2026 में आमिर खान प्रोडक्शन की फिल्म ‘एक दिन’ से बॉलीवुड डेब्यू किया है। फिल्म में आमिर के बेटे जुनैद को साई के अपोजिट कास्ट किया गया था। फिल्म के एक प्रमोशनल इवेंट में आमिर खान ने कहा था- अगर मैं आज अपने दिल पर हाथ रखकर कहूं तो मेरे लिए साई इस देश की बेस्ट एक्ट्रेस हैं। रामायण में सीता बनी हैं साई पल्लवी साई पल्लवी, नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म रामायण में माता सीता का किरदार निभा रही हैं। फिल्म में रणबीर कपूर, भगवान राम, केजीएफ स्टार यश, रावण और सनी देओल हनुमान के रोल में हैं। ये माइथोलॉजिकल फिल्म भारत की सबसे बड़ी फिल्म है, जिसे 2,000-4,000 करोड़ से बड़े बजट में बनाया गया है। ये भारत की सबसे बड़े बजट की फिल्म है। फिल्म को दिवाली के मौके पर 6 नवंबर को इसी साल रिलीज किया जाएगा। देखिए रामायण से साई पल्लवी के लुक-
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण' के टीजर और ट्रेलर में दिखाए गए VFX की आलोचना पर रणबीर का बयान सामने आया है। 'कोलाइडर' को दिए एक इंटरव्यू में फिल्म के मुख्य अभिनेता रणबीर कपूर, निर्देशक नितेश तिवारी और को-प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने ट्रोल्स को जवाब दिया है। दरअसल ट्रेलर लॉन्च होने के बाद फिल्म के ग्राफिक्स की आलोचना की जा रही थी। इस पर रणबीर कपूर ने कहा कि स्मार्टफोन और खराब इंटरनेट कनेक्शन पर लोग ट्रेलर देखकर विजुअल इफेक्ट्स को जज कर रहे हैं। मेकर्स ने दर्शकों से फिल्म को IMAX 3D में देखने का आग्रह किया है और बताया कि अभी VFX का काम पूरा होना बाकी है। 'फोन पर ट्रेलर देखकर AI समझने लगते हैं लोग'रणबीर कपूर ने कहा कि जिन लोगों को कंप्यूटर ग्राफिक्स की जानकारी नहीं है, उन्हें लगता है कि सब कुछ सिर्फ AI से बना दिया गया है। असलियत में किसी भी सीन को तैयार करने में अनगिनत घंटे और कई सालों की मेहनत लगती है। रणबीर ने बताया कि प्रोजेक्ट की शुरुआत से ही नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा विजुअल इफेक्ट्स की मीटिंग्स में बैठकर आसमान का रंग तक सही करने में लगे रहते हैं। उनका मानना है कि आजकल के दर्शकों को कंप्यूटर ग्राफिक्स से प्रभावित करना काफी मुश्किल काम हो गया है। बड़े पर्दे के अनुभव के लिए लाखों डॉलर खर्च किएफिल्म के को-प्रोड्यूसर और विजुअल इफेक्ट्स एक्सपर्ट नमित मल्होत्रा ने कहा कि लोग सही स्क्रीन और माहौल में विजुअल का अनुभव नहीं कर रहे हैं। जब वही विजुअल IMAX में 3D में देखा जाता है तो लोगों की राय बदल जाती है। नमित के अनुसार, मेकर्स बड़े पर्दे का बेहतरीन अनुभव देने के लिए लाखों डॉलर खर्च कर रहे हैं, लेकिन लोग खराब इंटरनेट कनेक्शन वाले मोबाइल फोन पर देखकर कमियां निकालने लगते हैं। छोटी सी गलती को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जा रहानिर्देशक नितेश तिवारी ने बताया कि उनकी टीम अभी भी विजुअल इफेक्ट्स के काम को अंतिम रूप देने में लगी हुई है। फिल्म के कुछ खास सीक्वेंस पूरे करने में ढाई से तीन साल का समय लगा है। नितेश ने कहा कि जब कोई इंसान सिर्फ कमियां ढूंढने की नीयत से काम देखता है, तो पूरी टीम की सालों की कोशिशें नजरअंदाज हो जाती हैं और किसी छोटी सी चूक को भी बहुत बड़ा बनाकर पेश किया जाता है। 8 बार ऑस्कर जीत चुकी है नमित मल्होत्रा की कंपनी DNEGआलोचनाओं के बीच नमित मल्होत्रा की विजुअल इफेक्ट्स कंपनी DNEG का ट्रैक रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। यह कंपनी नमित की मूल कंपनी 'प्राइम फोकस' के तहत आने वाली एक ब्रिटिश विजुअल इफेक्ट्स कंपनी है। DNEG को अब तक बेहतरीन विजुअल इफेक्ट्स कैटेगरी में कुल 8 बार ऑस्कर अवॉर्ड मिल चुका है। इसमें क्रिस्टोफर नोलन की 'इन्सेप्शन', 'इंटरस्टेलर', 'टेनेट' के अलावा 'ब्लेड रनर 2049' और 'ड्यून' जैसी बड़ी हॉलीवुड फिल्में शामिल हैं। 4,000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे बड़ी फिल्म नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण' भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक है। इसका कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा और साउथ स्टार यश मिलकर कर रहे हैं। फिल्म में रणबीर कपूर और यश के अलावा कई बड़े कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। टीजर रिलीज के बाद से ही फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा बनी हुई है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर ने सोशल मीडिया पर प्यार और वफादारी को लेकर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की। यह पोस्ट उनके पूर्व पति मोहसिन अख्तर द्वारा हाल ही में अपनी दूसरी शादी के रिसेप्शन की तस्वीरें शेयर करने के बाद सामने आई। हालांकि, उर्मिला ने इसे मोहसिन से जोड़कर कोई बयान नहीं दिया। दरअसल, मोहसिन अख्तर ने मंगलवार को दूसरी पत्नी निधा भट्ट के साथ रिसेप्शन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। मोहसिन ने पोस्ट के साथ निधा के लिए इमोशनल मैसेज भी लिखा था। उन्होंने उन्हें अपनी पत्नी के साथ-साथ अपना घर, सुकून और हर दिन का पसंदीदा हिस्सा बताया। उन्होंने साथ मिलकर खूबसूरत जिंदगी बनाने की बात भी कही। वहीं, मोहसिन की पोस्ट के बाद उर्मिला ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, ‘मुझे प्यार, वफादारी और समय जैसी कीमती चीजें पसंद हैं।’ जून में दूसरी शादी की जानकारी दी थी मोहसिन ने जून में अपनी दूसरी शादी की जानकारी शेयर की थी। शादी की झलकियां शेयर करते हुए मोहसिन ने एक इमोशनल पोस्ट लिखी थी। उन्होंने कहा था कि सच्चे इरादों, ईमानदार प्यार और धैर्य के साथ उन्हें जीवन में फिर से प्रेम मिला है। उन्होंने अपनी पत्नी निधा भट्ट का आभार जताते हुए लिखा कि उन्होंने उनके जीवन में रोशनी लाई है। मोहसिन ने अपनी पोस्ट में दिवंगत प्रियजनों को भी याद किया और कहा था कि उनकी दुआओं और आशीर्वाद की वजह से उन्हें जीवन में यह नया साथ मिला है। उन्होंने दोनों के लिए दुआ करने की अपील भी की थी। उर्मिला मातोंडकर से हुई थी पहली शादी कश्मीरी बिजनेसमैन और मॉडल मोहसिन अख्तर मीर की पहली मुलाकात उर्मिला से 2014 में फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा की भतीजी की शादी में हुई थी। इसके बाद दोनों ने 4 फरवरी 2016 को एक प्राइवेट सेरेमनी में शादी की थी। उस समय उनकी शादी इंटररिलिजियस मैरिज और दोनों के बीच 10 साल के एज डिफरेंस की वजह से खबरों में थी। साल 2024 में दोनों के रिश्ते में तनाव की खबरें सामने आई थीं। सितंबर 2024 में कहा गया था कि उर्मिला ने मुंबई की एक अदालत में तलाक की अर्जी दायर की थी। उर्मिला के करियर की बात करें तो वो कलयुग और मासूम जैसी फिल्मों में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर नजर आईं। उन्होंने 1991 में नरसिम्हा से लीड एक्ट्रेस के तौर पर डेब्यू किया। उन्होंने रंगीला, जुदाई, सत्या, कौन, प्यार तूने क्या किया, भूत और एक हसीना थी जैसी कई फिल्मों में काम किया। बड़े पर्दे पर उर्मिला आखिरी बार साल 2018 में इरफान खान की फिल्म ब्लैकमेल में एक स्पेशल डांस नंबर ('बेवफा ब्यूटी') में नजर आई थीं। वहीं, वह 2022 में 'डांस इंडिया डांस सुपर मॉम्स' में जज के तौर पर नजर आई थीं।
अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। कॉमेडियन तन्मय भट्ट के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में रिया ने बताया कि 17-18 साल की उम्र में एमटीवी वीजे के तौर पर उन्हें 3 लाख रुपए सैलरी मिलती थी। रिया के मुताबिक वे खुद को बहुत अमीर मानती थीं और उन्होंने यह सारा पैसा अपने चेहरे का ब्यूटी ट्रीटमेंट कराने में खर्च कर दिया था। इसके साथ ही रिया ने बताया कि उनके करियर का पहला सेलिब्रिटी इंटरव्यू सलमान खान का था, जिनसे उस वक्त सब डरते थे। चेहरे की सर्जरी पर खर्च की सैलरीरिया ने अपनी सैलरी का जिक्र करते हुए कहा कि 17-18 साल की उम्र में 3 लाख रुपए महीना मिलना उनके लिए बहुत बड़ी बात थी। जब तन्मय ने उनसे पूछा कि उन्होंने इस पैसे का क्या किया, तो रिया ने बेबाकी से जवाब दिया कि उन्होंने यह पैसा अपने चेहरे को ठीक कराने यानी ब्यूटी ट्रीटमेंट पर खर्च किया। तन्मय के पूछने पर कि क्या उन्हें भी ऐसा कराना चाहिए, रिया ने सलाह दी कि हर किसी को यह कराना चाहिए क्योंकि अब टेक्नोलॉजी काफी एडवांस हो गई है। सब सलमान से डरते थे, इसलिए मुझे इंटरव्यू करने दियाबातचीत में रिया ने बताया कि एमटीवी वीजे के रूप में काम करते समय उन्होंने सबसे पहले सलमान खान का इंटरव्यू लिया था। रिया ने कहा कि बाकी टीम मेंबर्स ने उन्हें आसानी से सलमान का इंटरव्यू करने दिया, क्योंकि बाकी लोग सलमान से डरते थे। रिया ने हंसते हुए कहा कि उस दौर में केवल अच्छे दिखने वाले लोगों को ही बोलने की इजाजत होती थी। सुशांत केस में सीबीआई ने दी क्लीन चिटरिया चक्रवर्ती के पर्सनल लाइफ की बात करें तो जून 2020 में एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद वे विवादों में आ गई थीं। इस मामले में रिया को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने ड्रग्स से जुड़े केस में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। साल 2025 में सीबीआई ने इस केस में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। सीबीआई ने साफ किया कि सुशांत की हत्या या रिया द्वारा उन्हें खुदकुशी के लिए उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। मुंबई की अदालत ने सीबीआई की इस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था। 'रोडीज' से की वापसी, नए शो में नजर आएंगीविवादों के बाद रिया को इंडस्ट्री में काम मिलना बंद हो गया था। इसके बाद उन्होंने साल 2023 में 'रोडीज: कर्म या कांड' शो में गैंग लीडर बनकर वापसी की। इसके अलावा 2024 में रिया ने अपना क्लॉथिंग ब्रांड 'चैप्टर 2' भी लॉन्च किया। अब रिया जल्द ही करण जौहर के रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स 2' में नजर आने वाली हैं। यह शो 13 अगस्त को प्राइम वीडियो पर रिलीज होगा। इसमें मल्लिका शेरावत, मुनव्वर फारुकी और श्वेता तिवारी समेत 21 सेलिब्रिटीज हिस्सा ले रहे हैं।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम ने भारत में लगे बैन पर बात करते हुए कहा कि लोग वीपीएन के जरिए उनका संगीत सुनते हैं और वो अपने फैंस को मिस करते हैं। यह बात उन्होंने रेडियो प्रेजेंटर क्रिस फेड के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में कही। बातचीत में आतिफ असलम ने कहा, “मुझे भारत में बैन हुए लगभग 10 साल हो गए हैं। यह भारतीय सरकार का फैसला था। उन्होंने पाकिस्तान के कलाकारों को बैन करने का फैसला किया। भारतीय कलाकार भी पाकिस्तान में बैन हैं। पिछले 10 साल से। मैंने वहां कोई गाना रिलीज नहीं किया है।” उन्होंने भारतीय फैंस के लगातार अपने संगीत को सुनने का जिक्र करते हुए कहा कि लोग वीपीएन के जरिए उनका संगीत सुनते हैं और सीडी बनाकर दूसरों को देते हैं। उन्होंने कहा कि वह पाइरेसी को बढ़ावा नहीं देते, लेकिन संगीत जहां पहुंचना होता है, वहां पहुंच जाता है। मेरे पहले सिंगल के साथ भी ऐसा ही हुआ था। आतिफ ने भारतीय फैंस को उदास नहीं होने कहा भारतीय फैंस के लिए आतिफ ने कहा, “हां, इसे लेकर बुरा मत महसूस करो। उदास मत हो। मैं हमेशा से आप लोगों से कहना चाहता था कि मुझे आप लोगों की याद आती है। मुझे वहां काम करने की याद नहीं आती, लेकिन आप लोगों की याद आती है।” आतिफ ने आगे कहा कि मैंने प्लेबैक सिंगिंग से बहुत कुछ सीखा है। अगर यह बैन नहीं हुआ होता, तो शायद मैं अपना खुद का म्यूजिक नहीं बना पाता। इसलिए इसके लिए भी मैं आप लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं। पाकिस्तानी कलाकारों पर क्यों लगा था बैन सितंबर 2016 में उरी आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था। इसी दौरान IMPPA ने अपने निर्माता सदस्यों को भारत-पाकिस्तान के रिश्ते सामान्य होने तक पाकिस्तानी कलाकारों और तकनीशियनों को काम न देने का निर्देश दिया था। फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के कुछ दिनों बाद ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने भी भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तानी एक्टर्स और कलाकारों पर पूरी तरह बैन की घोषणा की थी। इस हमले में 40 CRPF जवानों की जान गई थी। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा। इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी फिल्मों, वेब सीरीज, गानों और पॉडकास्ट पर रोक लगा दी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने IT एक्ट 2021 के तहत OTT और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स से पाकिस्तानी कंटेंट हटाने का आदेश दिया। इसके अलावा कई पाकिस्तानी कलाकारों के सोशल मीडिया अकाउंट्स भी भारत में अस्थायी रूप से ब्लॉक किए गए। इनमें माहिरा खान और हानिया आमिर जैसे कलाकार शामिल थे। भारत में आतिफ असलम के लोकप्रिय गाने आतिफ असलम भारत में म्यूजिक लिसनर्स के बीच लोकप्रिय रहे हैं। उन्हें भारत में पहचान गाने ‘आदत’ से मिली, जो 2005 की फिल्म ‘कलयुग’ में शामिल था। इसके बाद ‘जहर’ के ‘वो लम्हे’ समेत उनके कई गाने फेमस हुए। आतिफ ने कई चर्चित हिंदी फिल्मी गानों को अपनी आवाज दी है। इनमें ‘तेरे बिन’, ‘पहली नजर में’, ‘तेरा होने लगा हूं’, ‘तू जाने ना’, ‘जीने लगा हूं’, ‘बी इंतहां’, ‘जीना जीना’ और ‘तेरे संग यारा’ शामिल हैं। -------------------- आतिफ असलम से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... आतिफ असलम को रोकना पड़ा लाइव कॉन्सर्ट:महिला फैन सेल्फी लेने स्टेज पर चढ़ी; जाने से किया मना, सिक्योरिटी को देना पड़ा दखल मई के महीने में आतिफ असलम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वो कराची के डीएचए स्पोर्ट्स क्लब (मोइन खान एकेडमी) में परफॉर्म करने पहुंचे थे। कॉन्सर्ट के दौरान एक फैन उनके साथ सेल्फी लेने के लिए स्टेज पर चढ़ गई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वो अपनी फिल्म मुझसे शादी करोगी के आइकॉनिक गाने ‘जीने के हैं चार दिन’ पर डांस करते नजर आ रहे हैं। उनके आसपास मौजूद लोग उनके एनर्जेटिक परफॉर्मेंस के दौरान चीयर और सीटियां बजाते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, अभी तक वीडियो को लेकर जानकारी सामने नहीं आई है कि यह कहां और कब का है। वीडियो में सलमान नीले रंग की टी-शर्ट के साथ डेनिम जींस पहने नजर आ रहे हैं। उन्होंने ब्राउन जैकेट और फ्रेंच स्टाइल की हैट से अपना लुक पूरा किया है। सोहेल की पार्टी में सलमान पहुंचे थे शनिवार को रियलिटी शो 'अलायंस' के खत्म होने के बाद अभिनेता सोहेल खान ने मुंबई में एक सक्सेस पार्टी रखी। इस पार्टी में सलमान ऑल ब्लैक लुक और सिर पर हैट पहनकर स्वैग वाले अंदाज में पहुंचे थे। पार्टी में एंट्री के दौरान जब बाहर खड़े पैपराजी जोर-जोर से चिल्लाने लगे, तो सलमान ने उंगली उठाकर उन्हें शांत रहने का इशारा किया। सलमान ने पैपराजी से इशारे में कहा कि रात काफी हो चुकी है, इसलिए शोर कम मचाएं। पूरी खबर यहां पढें… सलमान खान ने हाल ही में बताया था कि इंटरनेशनल एक्शन थ्रिलर फिल्म '7 डॉग्स' 21 अगस्त को भारतीय थिएटर्स में लगेगी। इसमें सलमान और संजय दत्त कैमियो रोल में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन बिलाल फल्लाह और आदिल एल अरबी ने किया है। इस फिल्म में मिस्र के स्टार्स करीम अब्दुल-अजीज और अहमद एज मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म इस साल की शुरुआत में मिडिल ईस्ट के देशों में रिलीज हो चुकी है। सलमान ‘बिग बॉस 20’ को होस्ट करते नजर आएंगे वहीं, टीवी पर सलमान खान बिग बॉस 20 के होस्ट के रूप में वापसी करने वाले हैं। शो का प्रीमियर 6 सितंबर, 2026 को कलर्स टीवी पर होगा और यह जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम किया जाएगा। नए सीजन का प्रोमो भी आ चुका है। वहीं, सलमान की फिल्म 'मातृभूमि: मे रेस्ट इन पीस' में दिखाई देंगे। फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन और बदलावों के कारण इसकी रिलीज में देरी हो रही है। पहले इसे 2026 में रिलीज किया जाना था, लेकिन अब यह 2027 तक टल सकती है। …………. सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉक्स ऑफिस पर तबाही मचाने को तैयार है 'शिवम', एडवांस बुकिंग में धड़ल्ले से बिके Awarapan 2 के टिकट
अभिनेता इमरान हाशमी की अपकमिंग फिल्म आवारापन 2 की एडवांस बुकिंग शानदार तरीके से चल रही है।
बॉक्स ऑफिस पर Jana Nayagan की आखिरी बाजी, मंगलवार को छापे करारे नोट
जन नायकन फिल्म इस वक्त कमाई के मामले में बॉक्स ऑफिस पर मार मानने को तैयार नहीं है।
बॉलीवुड की महफिल सजी, सितारे जुटे और चर्चा क्रिकेट की हुई, लेकिन इस बार मामला सिर्फ चौके-छक्कों का नहीं है। अभिनेता राकेश बेदी क्रिकेट के मैदान पर कप्तानी करेंगे और उनके हर रन का कनेक्शन जरूरतमंद की थाली से होगा। आरसीएल सीजन-4 में क्रिकेट, मनोरंजन और सामाजिक सरोकार का मेल देखने को मिलेगा, जहां जीत सिर्फ ट्रॉफी की नहीं, बल्कि किसी की भूख मिटाने की भी होगी। मुंबई में मनोरंजन जगत के सितारों की मौजूदगी में रेस्तरां क्रिकेट लीग यानी आरसीएल सीजन-4 का ऐलान हुआ। आमतौर पर कलाकार फिल्मों, शूटिंग या नए प्रोजेक्ट से जुड़कर सुर्खियों में आते हैं, लेकिन इस बार कहानी अलग है। अभिनेता राकेश बेदी अब कैमरे के सामने अभिनय के साथ क्रिकेट मैदान पर भी कप्तानी करते नजर आएंगे। फिल्म ‘धुरंधर’ से चर्चा में आए बेदी आरसीएल सुपरस्टार्स-11 की कमान संभालेंगे। लेकिन इस लीग की कहानी सिर्फ सितारों, बल्ले और चौकों-छक्कों तक सीमित नहीं है। आरसीएल सीजन-4 को ‘भूख मुक्त भारत’ अभियान से जोड़ा गया है। अक्टूबर में नई दिल्ली में होने वाली प्रतियोगिता का खास संदेश है-‘10 रन = 100 भोजन’। यानी मैदान पर बनाए गए हर 10 रन सिर्फ स्कोरबोर्ड नहीं बढ़ाएंगे, बल्कि 100 जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाने की कोशिश भी करेंगे। इस बार बल्लेबाज के बल्ले से निकला हर रन किसी की थाली तक पहुंचने वाली उम्मीद बनेगा। आरसीएल और ‘भूख मुक्त भारत’ अभियान के संस्थापक अरविंद कुमार ने कहा कि इस पहल की शुरुआत क्रिकेट की लोकप्रियता का इस्तेमाल समाज के लिए करने की सोच के साथ हुई। उनका कहना है कि एक तरफ लाखों लोग पर्याप्त भोजन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी मात्रा में खाने योग्य भोजन बर्बाद हो जाता है। ऐसे में भोजन कूड़ेदान में जाने के बजाय जरूरतमंद की थाली तक पहुंचना चाहिए। किसानों से लेकर बधिर महिला क्रिकेट टीम तक मैदान में आरसीएल सीजन-4 में समाज के अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों की टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें ट्रांसजेंडर लोगों की टीम, भारतीय महिला बधिर क्रिकेट टीम, किसानों, प्रभावशाली व्यक्तित्वों, रसोइयों, दिल्ली पुलिस और दिल्ली पब्लिक स्कूल इंदिरापुरम की टीमें शामिल हैं। नेपाल से शेफ रत्ना तामांग के नेतृत्व में दोस्तों की टीम भी प्रतियोगिता का हिस्सा बनेगी। पूर्व भारतीय क्रिकेटर अतुल वासन भी इस पहल से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि आरसीएल की सबसे बड़ी खासियत इसका सामाजिक उद्देश्य है। क्रिकेट में आमतौर पर रन, रिकॉर्ड और औसत की चर्चा होती है, लेकिन यहां हर रन जरूरतमंद के लिए भोजन का माध्यम बन सकता है। किसान प्रभावशाली व्यक्तित्व जुगाड़ू कमलेश ने बताया कि भारतीय गांवों के किसान भी इस बार क्रिकेट के मैदान पर उतरेंगे। उनका कहना है कि किसान देश का पेट भरता है और अब वही किसान भूख के खिलाफ इस अभियान का हिस्सा बनकर खेलेंगे। कार्यक्रम में अभिनेता रजा मुराद, सुनील पाल, बिंदू दारा सिंह, शाहबाज खान और अरुण बख्शी समेत फिल्म जगत से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। आरसीएल सीजन-4 का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता जीतना नहीं है। आयोजकों के मुताबिक इस बार मैदान पर बनाए जाने वाले रन भूख, भोजन की बर्बादी और सामाजिक जिम्मेदारी के खिलाफ संदेश भी देंगे। इस मुकाबले में असली जीत तब होगी, जब क्रिकेट के जरिए ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों की थाली तक भोजन पहुंचेगा।
अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधा है। कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट में नसीरुद्दीन शाह को 'लोमड़ी' कहते हुए लिखा कि वे इस देश का खाते हैं लेकिन पड़ोसी देश के लिए लड़ते हैं। यह विवाद देश में छात्रों के प्रदर्शन पर बॉलीवुड कलाकारों की चुप्पी को लेकर शुरू हुआ था। नसीरुद्दीन शाह ने शांत रहने वाले कलाकारों की तुलना मुंह में हड्डी दबाए कुत्ते से की थी। इसके बाद अभिनेता पीयूष मिश्रा ने झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाकर नसीरुद्दीन से सवाल किए और कहा की वे अब चुप क्यों हैं। कंगना ने पीयूष मिश्रा के बयान का समर्थन करते हुए अपनी बात रखी है। पीयूष मिश्रा की पोस्ट शेयर कर लिखा- वफादारी दुर्लभ हैकंगना रनोट ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर पीयूष मिश्रा के बयान की एक रिपोर्ट शेयर की। कंगना ने लिखा कि सच तो यह है कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन उन्हें इस बात का गर्व है कि वे जिस देश का खाती हैं, उसकी रखवाली करती हैं और उसके लिए लड़ती हैं। कंगना ने आगे लिखा कि आज के दौर में कुत्ता कहलाना एक तारीफ है, क्योंकि वफादारी अब बहुत कम देखने को मिलती है। वे नसीरुद्दीन शाह जैसी लोमड़ी बनने के बजाय कुत्ता बनना पसंद करेंगी। नसीरुद्दीन शाह के 'हड्डी वाले कुत्ते' से शुरू हुआ विवादइस विवाद की शुरुआत नसीरुद्दीन शाह के एक पुराने बयान से हुई थी। देश भर में हुए छात्र प्रदर्शनों पर बड़े एक्टर्स के न बोलने पर नसीरुद्दीन से सवाल पूछा गया था। इस पर नसीरुद्दीन ने कहा था कि जब कलाकारों की आत्मा जागेगी तब वे बोलेंगे। उन्होंने एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा था कि जिसके मुंह में हड्डी होती है, वह कुत्ता भौंक नहीं सकता। जैसे ही मुंह से हड्डी गिरेगी या दांत टूटेंगे, वे भौंकने लगेंगे। झारखंड प्रोटेस्ट में पहुंचे पीयूष मिश्रा झारखंड की राजधानी रांची में परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शन के 16वें दिन अभिनेता और गायक पीयूष मिश्रा धरना स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों के बीच बैठकर उनका समर्थन किया। मीडिया से बातचीत में पीयूष मिश्रा ने कहा कि वे छात्रों के इंटरव्यू देखकर और उनकी आंखों में दर्द देखकर यहां आए हैं। इस दौरान उन्होंने अपनी फिल्म 'गुलाल' का प्रसिद्ध गाना 'आरंभ है प्रचंड' भी गाया, जिससे पूरे परिसर में उत्साह दिखाई दिया। मीडिया से बातचीत में पीयूष मिश्रा ने रांची आने की वजह बताई। उन्होंने कहा कि उनका यहां आने का कोई अन्य मकसद नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारी छात्रों के इंटरव्यू देखे थे। छात्रों की आंखों में दर्द, तकलीफ और आंसू देखकर उनसे रहा नहीं गया। दो दिन का समय खाली मिलते ही वे सीधे रांची आ गए। उन्होंने प्रोटेस्ट के लिए आर्थिक मदद देने की भी बात कही है।
रैपर बादशाह और यो यो हनी सिंह का पुराना विवाद एक बार फिर सामने आ गया है। कॉमेडियन समय रैना के शो के दौरान समय ने बादशाह से उनके स्टेज नाम 'बादशाह' को लेकर सवाल किया। बादशाह ने जवाब दिया कि यह नाम उन्होंने खुद रखा है। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनका एक पुराना वीडियो वायरल होने लगा, जिसमें वे इस नाम का क्रेडिट हनी सिंह को देते दिख रहे हैं। मामला तब बढ़ा जब हनी सिंह ने इस क्लिप पर कमेंट करते हुए बादशाह को 'नालायक औलाद' कह दिया। समय रैना ने स्टेज नेम पर पूछा सवाल'इंडियाज गॉट लेटेंट 2' के इस एपिसोड में बादशाह के साथ हर्ष लिम्बाचिया, सौरव जोशी और रजत सूद भी मौजूद थे। एक कंटेस्टेंट की परफॉर्मेंस के बाद समय रैना ने बादशाह से पूछा कि उन्हें यह स्टेज नाम किसने दिया। आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया यानी बादशाह ने कहा कि यह नाम उन्होंने खुद चुना है। इस बयान के तुरंत बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने बादशाह का एक पुराना इंटरव्यू खोज निकाला। उस वीडियो में बादशाह कह रहे थे, यह नाम मुझे हनी सिंह पाजी ने दिया था। वे कहते थे कि तुम बादशाह की तरह रहते हो। हनी सिंह ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया वीडियोपुराना वीडियो सामने आने के बाद यो यो हनी सिंह ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट की स्टोरी पर समय और बादशाह की बातचीत का क्लिप शेयर किया। वीडियो शेयर करते हुए हनी सिंह ने लिखा मेरी नालायक औलाद। इसके साथ ही हनी सिंह ने एक अन्य पोस्ट में 'मेरी गंदी औलाद' लिखकर भी तंज कसा। इस कमेंट के बाद दोनों रैपर्स के बीच 'माफिया मुंडीर' के दिनों की पुरानी खींचतान दोबारा चर्चा में आ गई है। माफिया मुंडीर से शुरू हुआ था दोनों का विवादबादशाह और हनी सिंह कभी एक साथ हिप-हॉप ग्रुप 'माफिया मुंडीर' का हिस्सा हुआ करते थे। ग्रुप टूटने के बाद से ही दोनों के बीच गानों के क्रेडिट को लेकर विवाद चला आ रहा है। दोनों कलाकार गानों के लेखन और कंपोजिशन पर अलग-अलग दावे करते हैं। विवाद की मुख्य वजह सुपरहिट गाना 'ब्राउन रंग' रहा है। बादशाह का दावा है कि इस गाने के बोल उन्होंने लिखे थे। दूसरी तरफ हनी सिंह का कहना है कि गाने का म्यूजिक और बीट्स उनकी अपनी थीं। इससे पहले जुलाई 2025 में भी बादशाह ने हनी सिंह की एक पोस्ट पर क्रेडिट्स को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। ये खबर भी पढ़ें हनी सिंह-बादशाह को अश्लील गाने पर हाई कोर्ट की फटकार:सभी जगह से हटाने के आदेश; कहा- अश्लीलता और महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को सिंगर हनी सिंह और बादशाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने उनके करीब दो दशक पुराने विवादित गाने 'माफिया मुंडीर' वॉल्यूम 1 को इंटरनेट के सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने इस गाने के बोल को 'बेहद अश्लील' और महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया है। पूरी खबर पढ़ें
'मिर्जापुर द मूवी' का ऑफिशियल ट्रेलर मंगलवार (11 अगस्त) को जारी कर दिया गया है। ट्रेलर में मुन्ना भैया यानी दिव्येंदु शर्मा की दमदार वापसी दिखाई गई है। ट्रेलर में मिर्जापुर की सत्ता, बदले और खून-खराबे का नया अध्याय दिखाया गया है। 3 मिनट लंबे इस ट्रेलर में कालीन भैया, मुन्ना भैया, गुड्डू पंडित और बबलू पंडित के बीच मिर्जापुर की गद्दी को लेकर खूनी जंग और वर्चस्व की कहानी दिखाई गई है। 'भौकाल लाइक नेवर बिफोर' के वादे के साथ आ रही यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को हिंदी और तेलुगु में सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है। देखें ट्रेलर की झलकियां दमदार डायलॉग्स और एक्शन से भरपूर है ट्रेलर ट्रेलर की शुरुआत एक खाली गद्दी और दमदार वॉयसओवर से होती है- गद्दी ना तो विरासत से मिलती है, ना सियासत से... मिलती है तो सिर्फ और सिर्फ बाहुबल से। ट्रेलर में कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी) का वही पुराना रौब देखने को मिल रहा है। ट्रेलर में किरदारों को खास टाइटल के साथ पेश किया गया है- कालीन भैया को 'द किंग', मुन्ना भैया (दिव्येंदु) को 'द प्रिंस' और गुड्डू-बबलू (अली फजल और जितेंद्र कुमार) को 'द लायंस' दिखाया गया है। ट्रेलर में अभिनेता रवि किशन का किरदार बेहद आक्रामक और मनोरंजक नजर आ रहा है, जो गाड़ियों की फायरिंग के बीच तंज कसते दिखते हैं। इसके अलावा बीना भाभी (रसिका दुगल) भी इस पावर गेम में अपनी राजनीतिक चालें चलती नजर आ रही हैं। बबलू पंडित के रोल में जितेंद्र कुमार वेब सीरीज में बबलू पंडित का किरदार निभाने वाले विक्रांत मैसी की जगह फिल्म में अभिनेता जितेंद्र कुमार यह रोल निभा रहे हैं। इससे पहले मेकर्स ने फिल्म के नए पोस्टर्स भी जारी किए थे। इनमें कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी), मुन्ना भैया (दिव्येंदु), गुड्डू पंडित (अली फजल) और बबलू पंडित (जितेंद्र कुमार) का जबरदस्त लुक दिखाया गया है। रवि किशन और अभिषेक बनर्जी समेत दिखेगी बड़ी स्टारकास्टफिल्म में मुख्य किरदारों के अलावा एक बड़ी स्टारकास्ट शामिल है। इसमें रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुगल, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता शेखर गौड़, श्वेता त्रिपाठी, सोनल एस. चौहान, अनंग्शा बिस्वास, शाजी चौधरी, सत्येंद्र सोनी, कुलभूषण खरबंदा और सुशांत सिंह नजर आ रहे हैं। फिल्म को पुनीत कृष्णा ने लिखा है, जबकि रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर (एक्सेल एंटरटेनमेंट) ने इसे प्रोड्यूस किया है।
एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा अपनी अपकमिंग भारतीय फिल्म 'वाराणसी' की शूटिंग के लिए मुंबई पहुंची हैं। भारत आते ही प्रियंका मुंबई स्थित प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं। प्रियंका मंदिर परिसर के बाहर बिना चप्पल के नंगे पैर चलती नजर आईं, जबकि उनके साथ चल रहे शख्स के पैरों में चप्पल दिखी। प्रियंका ने हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन किया और फिर अपनी कार में बैठकर रवाना हो गईं। राजामौली की 'वाराणसी' से कमबैक कर रही हैं प्रियंकाप्रियंका चोपड़ा काफी समय बाद किसी भारतीय फिल्म में काम करने जा रही हैं। वे निर्देशक एसएस राजामौली की अपकमिंग फिल्म 'वाराणसी' में नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ साउथ स्टार महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में हैं। मुंबई के बाद प्रियंका 'वाराणसी' की शूटिंग के लिए हैदराबाद रवाना होंगी। यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म में निशानेबाज 'मंदाकिनी' का रोलफिल्म 'वाराणसी' की कहानी की बात करें तो महेश बाबू इसमें 'रुद्र' नाम के किरदार में नजर आएंगे, जो एक प्राचीन खगोलीय कलाकृति से जुड़े मिशन पर निकलता है। प्रियंका चोपड़ा फिल्म में 'मंदाकिनी' का किरदार निभा रही हैं, जो एक इतिहासकार और कुशल निशानेबाज है। फिल्म में मंदाकिनी मुख्य किरदार रुद्र का साथ देती है। वहीं पृथ्वीराज सुकुमारन नेगेटिव रोल में दिखेंगे। फिल्म की कहानी में किरदारों की खोज उन्हें अफ्रीका, अंटार्कटिका और यूरोप तक ले जाती है। हॉलीवुड प्रोजेक्ट 'ब्लूफ्लाई' में रसेल क्रो के साथ दिखेंगीभारतीय प्रोजेक्ट्स के अलावा प्रियंका चोपड़ा के पास हॉलीवुड के भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। वे जल्द ही साइंस-फिक्शन एक्शन थ्रिलर फिल्म 'ब्लूफ्लाई' में नजर आएंगी। इस फिल्म में वे ऑस्कर विजेता हॉलीवुड एक्टर रसेल क्रो के साथ मुख्य भूमिका में काम कर रही हैं। ये खबर भी पढ़ें प्रियंका चोपड़ा ने बेटी को सिखाए दुर्गा सप्तशती के मंत्र:वीडियो में मालती भी साथ में बोलती नजर आईं; एक्ट्रेस ने बताईं अपनी दो पर्सनैलिटी प्रियंका चोपड़ा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में वह अपनी बेटी मालती मैरी को गोद में लेकर दुर्गा सप्तशती के मंत्र सिखाती नजर आ रही हैं। प्रियंका के साथ मालती मंत्र भी बोल रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा अपनी अपकमिंग भारतीय फिल्म 'वाराणसी' की शूटिंग के लिए मुंबई पहुंची हैं। भारत आते ही प्रियंका मुंबई स्थित प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं। प्रियंका मंदिर परिसर के बाहर बिना चप्पल के नंगे पैर चलती नजर आईं, जबकि उनके साथ चल रहे शख्स के पैरों में चप्पल दिखी। प्रियंका ने हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन किया और फिर अपनी कार में बैठकर रवाना हो गईं। राजामौली की 'वाराणसी' से कमबैक कर रही हैं प्रियंकाप्रियंका चोपड़ा काफी समय बाद किसी भारतीय फिल्म में काम करने जा रही हैं। वे निर्देशक एसएस राजामौली की अपकमिंग फिल्म 'वाराणसी' में नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ साउथ स्टार महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन मुख्य भूमिकाओं में हैं। मुंबई के बाद प्रियंका 'वाराणसी' की शूटिंग के लिए हैदराबाद रवाना होंगी। यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म में निशानेबाज 'मंदाकिनी' का रोलफिल्म 'वाराणसी' की कहानी की बात करें तो महेश बाबू इसमें 'रुद्र' नाम के किरदार में नजर आएंगे, जो एक प्राचीन खगोलीय कलाकृति से जुड़े मिशन पर निकलता है। प्रियंका चोपड़ा फिल्म में 'मंदाकिनी' का किरदार निभा रही हैं, जो एक इतिहासकार और कुशल निशानेबाज है। फिल्म में मंदाकिनी मुख्य किरदार रुद्र का साथ देती है। वहीं पृथ्वीराज सुकुमारन नेगेटिव रोल में दिखेंगे। फिल्म की कहानी में किरदारों की खोज उन्हें अफ्रीका, अंटार्कटिका और यूरोप तक ले जाती है। हॉलीवुड प्रोजेक्ट 'ब्लूफ्लाई' में रसेल क्रो के साथ दिखेंगीभारतीय प्रोजेक्ट्स के अलावा प्रियंका चोपड़ा के पास हॉलीवुड के भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। वे जल्द ही साइंस-फिक्शन एक्शन थ्रिलर फिल्म 'ब्लूफ्लाई' में नजर आएंगी। इस फिल्म में वे ऑस्कर विजेता हॉलीवुड एक्टर रसेल क्रो के साथ मुख्य भूमिका में काम कर रही हैं। ये खबर भी पढ़ें प्रियंका चोपड़ा ने बेटी को सिखाए दुर्गा सप्तशती के मंत्र:वीडियो में मालती भी साथ में बोलती नजर आईं; एक्ट्रेस ने बताईं अपनी दो पर्सनैलिटी प्रियंका चोपड़ा ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में वह अपनी बेटी मालती मैरी को गोद में लेकर दुर्गा सप्तशती के मंत्र सिखाती नजर आ रही हैं। प्रियंका के साथ मालती मंत्र भी बोल रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) आज 2027 के अकादमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर) में बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री की घोषणा करेगा। यह इवेंट मुंबई के द क्लब में दोपहर 2:30 बजे होगा। बता दें कि ऑस्कर का 99वां एडिशन 14 मार्च, 2027 को अमेरिका के लॉस एंजिल्स शहर के हॉलीवुड इलाके के डॉल्बी थिएटर में होगा। पिछले साल फिल्म होमबाउंड को भारत की ओर से ऑस्कर के लिए भेजा गया था। फिल्म में ईशान खट्टर और विशाल जेठवा मुख्य भूमिकाओं में थे। 2025 में अलग-अलग भाषाओं की कुल 24 फिल्मों पर भारत की ऑस्कर एंट्री के लिए विचार किया गया था। इनमें होमबाउंड का सेलेक्शन हुआ था। उस समय सेलेक्शन कमेटी के चेयरपर्सन एन चंद्रा ने कहा था कि यह फैसला काफी मुश्किल था। एन चंद्रा ने कहा था, ये ऐसी फिल्में थीं, जिन्होंने लोगों की जिंदगी को छुआ। उन्होंने चयन समिति की तुलना कोच से करते हुए कहा था कि वे जज नहीं, बल्कि ऐसे खिलाड़ियों की तलाश कर रहे थे, जिन्होंने अपनी पहचान बनाई हो। ‘होमबाउंड’ का निर्देशन नीरज घायवान ने किया था नीरज घायवान के डायरेक्शन में बनी होमबाउंड बशारत पीर के 2020 के न्यूयॉर्क टाइम्स के लेख 'टेकिंग अमृत होम' पर आधारित थी। हिंदी फिल्म कान्स और टोरंटो जैसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में भी दिखाई गई थी। फिल्म की कहानी उत्तर भारत के एक छोटे से गांव में रहने वाले दो बचपन के दोस्तों की है। दोनों ऐसी पुलिस की नौकरी हासिल करना चाहते हैं, जो उन्हें लंबे समय से नहीं मिली गरिमा दिला सके। करण जौहर और अदार पूनावाला के धर्मा प्रोडक्शंस की बनाई 'होमबाउंड' ऑस्कर की लंबी लिस्ट (टॉप 15 फिल्में) में जगह बनाने में कामयाब रही, लेकिन फाइनल टॉप-5 नॉमिनेशन में जगह नहीं बना पाई। ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट फिल्म समेत 6 अवॉर्ड जीते थे 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स (2026) में ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट फिल्म समेत सबसे ज्यादा 6 अवॉर्ड जीते थे। ‘सिनर्स’ के लिए माइकल बी. जॉर्डन को बेस्ट एक्टर और ‘हेमनेट’ के लिए जेसी बकले को बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया था। ‘सिनर्स’ को सबसे ज्यादा 16 नॉमिनेशन मिले थे, लेकिन फिल्म ने 4 अवॉर्ड जीते थे। वहीं, भारतीय मूल की फिल्ममेकर गीता गंदभीर की दो डॉक्यूमेंट्री नॉमिनेट हुईं। प्रियंका चोपड़ा ने दूसरी बार ऑस्कर में प्रेजेंटर की भूमिका निभाई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
गोविंदा को एक्ट्रेस कोमल रानी के साथ देखे जाने के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्नी सुनीता आहूजा ने कहा कि गोविंदा की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। दरअसल, सोमवार को जब एक पैपराजी ने सुनीता आहूजा से पूछा कि गोविंदा सर भी देखे गए कोमल मैम के साथ, फिल्म का प्रमोशन शुरू हुआ? इस पर सुनीता ने कहा कि एक कहावत सुनी है- ‘विनाश काले विपरीत बुद्धि।’ और उसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। इसलिए यह सब करता है। क्या बोले अब? वहीं, उनसे पूछा गया कि सोशल मीडिया पर गोविंदा को चीटर नंबर 1 कहा जा रहा है, तो सुनीता ने कहा कि यह सवाल गोविंदा के फैंस से पूछना। जब मैं बोलती हूं, तो ये सब मुझे ट्रोल करते हैं। मैं चाहती हूं गोविंदा के फैंस, मीडिया इस चीज का जवाब दें। मुझसे मत पूछो। मुझको कोई इंटरेस्ट ही नहीं है और ये उसके फैंस बताएंगे। उन्होंने आगे कहा कि जब मैं सच बोलती हूं, तो सब मुझे गालियां देते हैं तो अब जो देख रहे हैं, उनका बताना चाहिए गोविंदा सही या मैं और इस बारे में मुझे कुछ बात नहीं करनी। सब भाड़ में जाए। सुनीता ने यह भी कहा कि कुछ करना भी था तो स्टैंडर्ड से करता, यह क्या घटिया स्टैंडर्ड कर रहा है। पहले जो उनका स्टैंडर्ड था न, ये तो स्टैंडर्ड ही नहीं है। यह गोविंदा का स्टैंडर्ड नहीं है। को-एक्ट्रेस के साथ गोविंदा स्पॉट हुए थे गोविंदा हाल ही में एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए थे। बता दें कि सुनीता ने कुछ समय पहले ही कहा था कि उन्हें कोमल नाम से नफरत है। सुनीता ने मिस मालिनी को दिए इंटरव्यू में गोविंदा के अफेयर रूमर्स पर बात करते हुए कहा था कि जवानी में गलतियां होती हैं, लेकिन 63 की उम्र में ये सब सुनना ठीक नहीं है। सुनीता ने कहा था, ‘ये नाम थोड़ा गड़बड़ है। मुझे कोमल नाम से नफरत है। एक है कोमल, एक्स वाय जेड है कोई। मुझे उससे नफरत है।’ गोविंदा के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाली हैं कोमल गोविंदा 7 साल बाद बॉलीवुड कमबैक कर रहे हैं और अपने प्रोडक्शन की इस फिल्म से कोमल को भी लॉन्च कर रहे हैं। सिर्फ यही नहीं कोमल के गोविंदा की दूसरी फिल्म दुनियादारी में होने की भी खबरें हैं। गोविंदा ने जुलाई में अपकमिंग फिल्म रूपा से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोमल का मीडिया से परिचय करवाया और तारीफ कर कहा कि फिल्म देखने के बाद दर्शक उन्हें अच्छी एक्ट्रेस मानेंगे। गोविंदा ने हाल ही में सुनीता के उन आरोपों पर जवाब दिया, जिनमें उन्होंने उनके अफेयर्स की बात कही थी। सुनीता के लगाए हुए अफेयर के आरोपों पर ANI से बातचीत में गोविंदा ने कहा, वह मुझे बहुत प्यार से गाली देती हैं और मैं उनके हाथ से खाता भी हूं। मुझे लगता है कि जो लोग जहां हैं और भगवान ने उन्हें जो भी भूमिका दी है, अगर वो वहां नहीं होते हम कामयाब नहीं हो सकते थे। गोविंदा बोले- दूरी बनाने के लिए आरोप लगाना जरूरी नहीं गोविंदा ने इशारा किया कि उनके बारे में खुलकर बोलने के बाद सुनीता को स्टारडम मिला। उन्होंने कहा, बहुत सी बातें ऐसी होती हैं, जो बयां नहीं की जातीं। क्या दूरी बनाने के लिए आरोप लगाने की जरूरत है क्या? लेकिन लोग मानते हैं कि ये निकलने का आसान रास्ता है। उन्होंने सवाल किया कि कामयाबी के लिए अपने ही लोगों की बुराई जरूरी है क्या? यह थोड़ा आसान है। सुनीता तारीफ करती है फिर एक बुराई करती है। मुझे इसमें ज्यादा प्यार दिखाई देता है। सुनीता ने कहा था- गोविंदा के कई अफेयर्स रहे सुनीता आहूजा हाल ही में शो ‘लॉक अप 2’ की कंटेस्टेंट बनी थीं। शो के दौरान उन्होंने गोविंदा के कथित अफेयर्स पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “प्यार में आपको हर चीज सहन करने में सक्षम होना चाहिए। चीची (गोविंदा) के जवानी में कई अफेयर्स रहे हैं। तब मैंने नजरअंदाज किया था, लेकिन अब नहीं करूंगी।” 1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी गोविंदा और सुनीता आहूजा ने 1987 में एक प्राइवेट समारोह में शादी की थी। उस समय गोविंदा बॉलीवुड स्टार बन चुके थे। दोनों ने गोविंदा के करियर के लिए करीब दो साल तक अपनी शादी की बात छिपाकर रखी थी। बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद उन्होंने शादी को सार्वजनिक किया था। इसके बाद दोनों के बेटे यशवर्धन आहूजा का जन्म हुआ।
सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की एग्जीक्यूटिव कमेटी के 8 सदस्यों ने हाल ही में अपने पदों और कमेटी से इस्तीफा दे दिया। इन सदस्यों ने आरोप लगाया है कि उन्हें संगठन की मौजूदा लीडरशिप पर कोई भरोसा नहीं है। उन्होंने नए चुनाव कराने की मांग भी की। इस विवाद के बीच, CINTAA की प्रेसिडेंट पूनम ढिल्लों ने सोमवार को अपने और वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे के खिलाफ लगे आरोपों को बहुत आपत्तिजनक बताया। दरअसल, इस्तीफा देने वाले 8 निर्वाचित सदस्यों में हेमंत पांडे, मुकेश ऋषि, साहिला चड्ढा, हेतल परमार, पुनीत इस्सर, विंदू दारा सिंह, विकास वर्मा और दीपक पाराशर शामिल हैं। उनका आरोप है कि कार्यकारी समिति से सलाह या मंजूरी लिए बिना महत्वपूर्ण फैसले बार-बार किए गए। दरअसल, आठों सदस्यों ने संयुक्त इस्तीफा पत्र में आरोप लगाया कि एसोसिएशन का कामकाज पूनम, पद्मिनी और कुछ दूसरे सदस्यों तक सीमित होकर रह गया। उन्होंने सामूहिक फैसले, सलाह-मशवरे और संविधान के नियमों के बार-बार उल्लंघन की बात भी कही। इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने क्या आरोप लगाए टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस्तीफा पत्र के एक हिस्से में कथित तौर पर लिखा गया, अध्यक्ष पूनम ढिल्लों बार-बार एकतरफा फैसले लेती रही हैं। उन्होंने अपनी ID का इस्तेमाल करके सरकारी अधिकारियों को ऑफिशियल मैसेज भेजे हैं और CINTAA की ऑफिशियल ID का इस्तेमाल करके इंडस्ट्री ऑर्गनाइजेशन को भेजे गए मैसेज पर भी अकेले ही फैसला किया है। पत्र में आगे कहा गया, उन्होंने एग्जीक्यूटिव कमेटी की जानकारी, सलाह और मंजूरी के बिना, सरकार, क्वासी-ज्यूडिशियल और इंडस्ट्री बॉडीज के सामने और सबके सामने एसोसिएशन को रिप्रेजेंट किया। इससे कलेक्टिव रिस्पॉन्सिबिलिटी के प्रिंसिपल को कमजोर किया गया। CINTAA की महासचिव उपासना सिंह ने ANI से इस्तीफे की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा था कि कुल 11 सदस्यों ने इस्तीफा दिया है, जिनमें कार्यकारी समिति के 8 सदस्य भी शामिल हैं। उपासना सिंह ने कहा था, उन्होंने अपनी शिकायतें भी दी हैं। उनका कहना है कि पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लों अपने पदों का गलत इस्तेमाल कर रही हैं। हालांकि, एसोसिएशन के कानूनी सलाहकार ने साफ किया कि कार्यकारी समिति भंग नहीं हुई है। पूनम बोलीं- मानहानि का केस कर सकते थे पूनम ढिल्लों ने अपने खिलाफ लगाए आरोपों को खारिज किया। उन्होंने ANI से बात करते हुए कहा, बात यह थी कि चीजें उनके हिसाब से नहीं हो रही थीं। वे CAWT (सिने आर्टिस्ट्स वेलफेयर ट्रस्ट) के जरिए CINTAA सदस्यों पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रहे थे। जब ऐसा नहीं हो पाया तो उन्होंने हमारे खिलाफ अजीब और गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए। पूनम ने आरोपों की भाषा पर नाराजगी जताते हुए कहा, आप यकीन नहीं करेंगे कि आरोप कितने अश्लील थे। वे इतने आपत्तिजनक थे कि अगर हम चाहते तो इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई करने पर विचार कर सकते थे। ऐसे आरोप, दुख पहुंचाने वाले बयान और आपत्तिजनक भाषा बड़े स्तर पर फैलाई गई। पूनम ने बताया कि इस विवाद का उन पर इमोशनल असर पड़ा और उन्होंने कई बार कार्यकारी समिति से इस्तीफा देने के बारे में सोचा। उन्होंने कहा कि दो या तीन लोग, जिन्हें उन्होंने पेड प्रवक्ता बताया, इसी तरह की बातें करते थे। उन्होंने कहा कि उनमें से एक या दो CINTAA के सदस्य भी थे। उन्होंने बहुत अनुचित और दुख पहुंचाने वाले बयान दिए। फिर भी हमने चुप रहना चुना। पूनम ने आत्मसम्मान को सबसे जरूरी बताया पूनम ने कहा कि मैं सिर्फ एक बात कहना चाहूंगी। मेरा आत्मसम्मान और ईमानदारी मेरे लिए बहुत जरूरी है। हमने जो कुछ वर्षों में कमाया है, वह एक-दो साल में नहीं कमाया। हमने अपने व्यवहार, गरिमा, मौजूदगी और लोगों के साथ व्यवहार व बातचीत के तरीके से दशकों में अपनी प्रतिष्ठा और आत्मसम्मान बनाया है। हिंदुस्तान टाइम्स के साथ एक और इंटरव्यू में पूनम ने कहा कि वह और पद्मिनी CINTAA के लिए गुडविल बनाने के लिए अपने रिसोर्स और कनेक्शन का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इसका मकसद पर्सनल फायदा नहीं है। पूनम ने कहा कि संगठन के सदस्यों के लिए कुछ करने की पहल कोई और नहीं कर रहा था, इसलिए मैं उनके आरोपों से हैरान हूं। CAWT और कार्यक्रम से जुटाई रकम पर सफाई पूनम ने कहा कि इस्तीफा देने वाले सदस्य CAWT को बचाने की कोशिश कर रहे थे। यह ट्रस्ट दिवंगत दिलीप कुमार, अमरीश पुरी, अमजद खान और दूसरे वरिष्ठ कलाकारों ने बनाया था। उन्होंने कहा कि इस ट्रस्ट ने सदस्यों को मेडिकल सुविधाएं देने की अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की है। पूनम के मुताबिक, पिछले कुछ दशकों में मौजूदा समिति के किसी सदस्य ने CAWT के लिए रकम नहीं जुटाई। उन्होंने बताया कि हाल में एक कार्यक्रम के जरिए रकम जुटाई गई। कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाली कलाकार कविता कृष्णमूर्ति और मधुश्री को साड़ियां दी गईं, जबकि बिना फीस प्रस्तुति देने वाले नितिन मुकेश को कुर्ता दिया गया। पूनम ने कहा, इस्तीफा देने वाले सदस्य हम पर साड़ियां खरीदने का आरोप लगा रहे हैं। क्या हमने वे साड़ियां अपने लिए खरीदी थीं? हम यह मानते हैं कि इन कलाकारों ने बिना फीस हमारे लिए प्रस्तुति दी थी, इसलिए उन्हें ये उपहार दिए गए। पद्मिनी और मैंने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन किया था और अपने अनुरोध पर उनसे प्रस्तुति करवाई थी। इन गायकों ने CINTAA के लिए मदद की। हमने इन परफॉर्मेंस से 1 करोड़ रुपए जुटाए। ऐसे में अगर हम कलाकारों के उपहारों पर 1 लाख रुपए खर्च करते हैं तो इसमें समस्या क्या है? ‘42 साल से इंडस्ट्री में हूं, क्या ऐसा विश्वासघात कर सकती हूं’ पूनम ने सवाल किया कि फिल्म इंडस्ट्री में दशकों तक काम करने के बाद क्या उन पर संगठन से विश्वासघात करने का आरोप लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा, हम इस इंडस्ट्री में 42 साल से हैं। कुछ लोग 45 साल से और कुछ 48 साल से इसका हिस्सा हैं। क्या आपको सच में लगता है कि इतने वर्षों बाद हम ऐसा विश्वासघात कर सकते हैं? मैं आपके साथ एक बहुत निजी बात साझा करना चाहती हूं। पिछले एक या डेढ़ साल में कई बार ऐसा लगा कि CINTAA की कार्यकारी समिति से इस्तीफा देकर अलग हो जाऊं। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि इन लोगों ने हमारा जीवन बहुत मुश्किल बना दिया था। हर एक चीज का विरोध किया गया। हर पहल का विरोध किया गया। FWICE ने 11 अगस्त की EGM पर सवाल उठाए वहीं, CINTAA में जारी अंदरूनी विवाद को लेकर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने CINTAA के पदाधिकारियों को 11 अगस्त को प्रस्तावित एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) आयोजित नहीं करने की चेतावनी दी। FWICE अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने सोमवार को जारी पत्र में कहा कि CINTAA की एलेक्टेड एग्जीक्यूटिव कमेटी के 50% से अधिक सदस्यों के इस्तीफा देने के बाद कमेटी संविधान के तहत भंग हो चुकी है। FWICE ने CINTAA के संविधान की क्लॉज (F)(iii) का हवाला देते हुए कहा कि 50% या उससे ज्यादा निर्वाचित पद खाली होने पर कमेटी भंग मानी जाती है और नए चुनाव कराए जाने चाहिए।
90 का दशक। मुंबई में अंडरवर्ल्ड का खौफ ऐसा था कि बड़े-बड़े कारोबारी और फिल्म स्टार भी धमकी भरे फोन से घबरा जाते थे। इसी दौर में एक बॉलीवुड एक्टर को भी लगातार धमकी वाले फोन आ रहे थे। करीब डेढ़ साल तक धमकियों का सिलसिला चलता रहा, लेकिन एक दिन बात हद से आगे बढ़ गई। फोन करने वाले गैंगस्टर ने धमकी दी कि वह एक्टर के पिता को गोली मार देगा। बेटे ने अब तक धमकी को नजरअंदाज किया था, लेकिन पिता को धमकी मिलते ही उसका सब्र टूट गया। उसने गैंगस्टर को ही उसी की भाषा में जवाब दिया, गालियां दीं और कहा- मेरे पास तुझसे ज्यादा पैसे भी हैं और ज्यादा कनेक्शन भी। इसलिए कभी मत सोचना कि मैं डर जाऊंगा। यह एक्टर थे बॉलीवुड के ‘अन्ना’ यानी सुनील शेट्टी और गैंगस्टर था हेमंत पुजारी। आज सुनील शेट्टी के 65वें जन्मदिन पर जानते हैं उनकी जिंदगी के कुछ ऐसे अनसुने किस्से 15 साल की उम्र में पुलिस को ट्रेनिंग दी सुनील शेट्टी ने लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में बताया था कि जब वह 13-14 साल के थे, तब ब्रूस ली की फिल्मों से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मार्शल आर्ट सीखने का फैसला कर लिया। सुनील ने बताया था कि उस दौर में वह क्रिकेट भी खेलते थे, लेकिन खुद को और मजबूत और फुर्तीला बनाने के लिए उन्होंने मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग शुरू की। लगातार मेहनत और समर्पण का नतीजा यह हुआ कि महज 15 साल की उम्र में उनके सेंसेई (टीचर) ने उन्हें दूसरे छात्रों को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी सौंप दी। इसके बाद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान भी उनसे ट्रेनिंग लेने आने लगे। इतना ही नहीं, वह महाराष्ट्र पुलिस के जवानों को भी फिटनेस और रनिंग की ट्रेनिंग देते थे। सुनील ने बताया था कि वह जवानों के साथ 20 से 30 किलोमीटर तक दौड़ लगाते थे और रेत व पानी में कठिन अभ्यास करवाते थे। पहली फिल्म के पोस्टर खुद सड़कों पर चिपकाए थे सुनील शेट्टी की पहली फिल्म 'आरजू' लगभग 90-95 प्रतिशत शूट होने के बाद बंद हो गई। इसके बाद दूसरी फिल्म भी शुरू होकर रुक गई। लगातार दो प्रोजेक्ट ठप होने के बाद आखिरकार उन्हें 'बलवान' से बॉलीवुड में डेब्यू करने का मौका मिला। फिल्म 'बलवान' के समय इतना बड़ा प्रमोशन बजट नहीं था। इसलिए वह खुद अपने रेस्टोरेंट के कर्मचारियों के साथ मुंबई की सड़कों पर फिल्म के पोस्टर चिपकाते थे। लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में सुनील ने बताया था कि बलवान बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। दर्शकों ने फिल्म पसंद की, लेकिन कुछ फिल्म समीक्षकों ने उनकी एक्टिंग की जमकर आलोचना की। एक मशहूर समीक्षक ने अपने रिव्यू में उन्हें ‘वुडन डोरनॉब’ तक कह दिया था। इतना ही नहीं, उसने यह भी लिख दिया कि सुनील शेट्टी को फिल्मों में काम करने की बजाय अपने रेस्टोरेंट में वापस जाकर इडली-वड़ा बेचना चाहिए। चुनाव प्रचार को लेकर सुनील दत्त ने नाराजगी जताई थी पिछले साल द ग्रेट इंडियन कपिल शो में सुनील शेट्टी ने बताया था कि एक बार संजय दत्त अपने एक दोस्त के कहने पर चुनाव प्रचार के लिए तैयार हो गए। हालांकि, मजेदार बात यह थी कि जिस नेता के लिए वे प्रचार करने जा रहे थे, वह विपक्षी पार्टी से था और वह उनके पिता सुनील दत्त के खिलाफ चुनाव लड़ रहा था। इस पर संजय दत्त ने मुस्कुराते हुए सफाई दी थी, ‘मैं भूल गया था।’ सुनील शेट्टी ने आगे बताया था कि बाद में संजय की जगह उन्हें प्रचार के लिए भेजा गया। जब यह बात सुनील दत्त को पता चली तो उन्होंने सुनील शेट्टी को घर बुलाकर कहा, ‘बेटा, मैं आपकी दोस्ती समझता हूं, लेकिन मेरे बारे में भी सोचना चाहिए था।’ इस पर सुनील शेट्टी ने कहा था कि उस समय उनके मन में बस एक ही बात आई थी- ‘आपके बेटे ने नहीं सोचा, मैं क्या सोचूं!’ सास के कहने पर फिल्म ‘बॉर्डर’ में काम किया 'बॉर्डर' सुनील शेट्टी की सबसे फेमस फिल्मों में गिनी जाती है। हालांकि, सुनील ने शुरुआत में इस फिल्म में काम करने से साफ इनकार कर दिया था। लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने बताया कि उस समय फिल्म इंडस्ट्री में जेपी दत्ता की एक अलग ही इमेज थी। लोग कहते थे कि वह शूटिंग के दौरान बेहद रूड रहते हैं और कलाकारों को डांटने या गुस्सा करने से भी नहीं हिचकिचाते। यह सब सुनकर सुनील ने मन बना लिया था कि ऐसे डायरेक्टर के साथ काम नहीं करेंगे। उन्हें लगा कि अगर किसी ने सेट पर बेइज्जती की या गाली दी, तो उनके लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए उन्होंने फिल्म करने से मना कर दिया। इसी बीच उनकी सास ने उन्हें समझाया कि किसी की बातों पर भरोसा करने से पहले खुद फिल्म की कहानी सुननी चाहिए। सास के कहने पर सुनील की जेपी दत्ता से मुलाकात हुई। उन्होंने फिल्म की कहानी सुनी और आखिरकार फिल्म बॉर्डर के लिए हां कर दी थी। कारगिल में घायल जवान से मिलकर रो पड़े थे सुनील शेट्टी 'बॉर्डर' की सफलता के बाद सुनील शेट्टी कारगिल युद्ध के दौरान फॉरवर्ड बेस और सैन्य अस्पताल पहुंचे थे। वहां उनकी मुलाकात 19 साल के एक जवान से हुई, जिसने युद्ध में अपना एक हाथ गंवा दिया था। सुनील को देखते ही जवान बोला, भैरव सिंह जी, मेरा एक हाथ चला गया... मुझे वापस भेज दो, दुश्मनों को खत्म करना है। यह सुनकर सुनील की आंखें भर आईं। जवान के माता-पिता ने उन्हें ही ढांढस बंधाया और कहा, रोना मत बेटा, उसने देश के लिए हाथ खोया है। छोटा बेटा भी फौज में जाएगा। सुनील ने कहा था, उसी दिन उन्हें समझ आया कि भारतीय सेना का जज्बा आम लोगों से बिल्कुल अलग होता है। अक्षय और सुनील को अजय देवगन कहते हैं 'दूधवाला' सुनील शेट्टी सालों से रात 10–10:30 बजे तक सो जाते हैं और सुबह 5:30 बजे जिम पहुंच जाते हैं। उनकी यह दिनचर्या कभी नहीं बदली। इसी आदत को लेकर अजय देवगन अक्सर उनकी और अक्षय कुमार की खिंचाई करते हैं। सुनील ने लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में बताया था, अजय देवगन अक्सर कहते हैं फिल्म इंडस्ट्री में दो ही दूधवाले हैं—एक अक्षय कुमार और दूसरा सुनील शेट्टी। सुबह-सुबह ऐसा लगता है जैसे यही दोनों दूध की सप्लाई करने निकलते हैं। अंडरवर्ल्ड की धमकी पर गैंगस्टर को ही दे डाली चुनौती 90 के दशक में सुनील शेट्टी को अंडरवर्ल्ड से धमकियां मिली थीं। सुनील शेट्टी ने बताया था कि उस समय उनका सरनेम 'शेट्टी' होने की वजह से अंडरवर्ल्ड को लगता था कि उन्हें डराकर बाकी शेट्टी कारोबारियों से भी हफ्ता वसूला जा सकता है। गैंगस्टर हेमंत पुजारी और उसके लोग लगातार उनके घर, ऑफिस और मैनेजर के पास फोन कर धमकियां देते थे। यह सिलसिला करीब डेढ़ साल तक चलता रहा। एक दिन हेमंत पुजारी ने फोन कर धमकी दी कि वह सुबह वॉक पर जाने वाले सुनील शेट्टी के पिता को गोली मार देगा। यह सुनकर सुनील शेट्टी अपना आपा खो बैठे। उन्होंने गैंगस्टर को उसी की भाषा में जवाब दिया। सुनील ने उससे कहा, तेरे बारे में जितनी जानकारी तेरे पास है, उससे ज्यादा मेरे पास है। तेरी बहनें कहां रहती हैं, तेरे भाई कहां हैं, तेरे रिश्तेदार कहां हैं... मुझे सब पता है। मेरे पास तुझसे ज्यादा पैसे भी हैं और ज्यादा कनेक्शन भी। इसलिए कभी मत सोचना कि मैं डर जाऊंगा। 70-80 साल के बुजुर्ग को गोली मारकर क्या करेगा? सुनील शेट्टी ने बताया था कि उनके पास सुरक्षा थी, इसलिए पूरी बातचीत रिकॉर्ड हो गई। जब मुंबई पुलिस ने रिकॉर्डिंग सुनी तो उन्होंने सुनील को समझाया कि ऐसे गैंगस्टरों से बहस करना खतरनाक हो सकता है। पुलिस ने कहा कि ये लोग कभी-कभी नशे या गुस्से में रहते हैं और सिर्फ एक आदेश पर किसी पर भी हमला कर सकते हैं। हालांकि, सुनील शेट्टी का कहना था कि वह डेढ़ साल से चुप थे, लेकिन जब बात उनके पिता तक पहुंची तो वह खामोश नहीं रह सके। जूनियर आर्टिस्ट को मुख्यमंत्री जैसा तैयार करवाया था टीवी शो ‘जीना इसी का नाम है’ के दौरान एक्ट्रेस महिमा चौधरी ने बताया था कि सुनील शेट्टी सेट पर बहुत प्रैंक करते हैं। फिल्म 'ये तेरा घर ये मेरा घर' की शूटिंग के लिए जब महिमा चौधरी पहली बार आउटडोर शूट पर हैदराबाद पहुंचीं, तो सुनील शेट्टी ने उनके साथ मजेदार प्रैंक किया था। महिमा ने बताया था कि सुनील ने एक जूनियर आर्टिस्ट को बिल्कुल मुख्यमंत्री जैसा तैयार करवाया। उसके लिए खास कपड़े मंगवाए गए। वहां कई सफेद एंबेसडर कारों का काफिला था। पुलिस की गाड़ियां, कमांडो, वॉकी-टॉकी और पूरा वीआईपी इंतजाम था। महिमा को कुछ भी पता नहीं था। तभी सुनील ने उनसे कहा कि उन्हें एक अहम मीटिंग के लिए मुख्यमंत्री से मिलना है। उन्होंने महिमा से यह भी पूछा कि मीटिंग में इंडस्ट्री को लेकर क्या-क्या बातें करनी हैं। महिमा ने पूरी गंभीरता से मीटिंग की तैयारी शुरू कर दी और मुख्यमंत्री से मिलने के लिए तैयार होकर पहुंच गईं। इसके बाद कुछ जूनियर आर्टिस्ट चंद्रबाबू नायडू की जय के नारे लगाने लगे। जिसके बाद सब चिल्लाने लगे। इसके बाद सुनील ने कथित मुख्यमंत्री के पैर छुए, जिसके बाद महिमा ने भी झुककर नमस्कार किया था। बाद में यह प्रैंक निकला। महिमा चौधरी बोली थीं- सुनील शेट्टी ने कार में सांप रख दिया था वहीं महिमा ने इसी शो में कहा था कि शूटिंग के पहले ही दिन सुनील ने उनकी कार में सांप रख दिया था। वहीं, शो में सुनील का कहना था कि उन्होंने कार में सांप नहीं रखा था। सांप किसी तरह कार के बोनट के अंदर घुस गया था। सुनील ने बताया था कि उन्हें खुद सांपों से डर लगता है और अगर वह सांप देखते तो वहां से बहुत दूर भाग जाते। बाद में कपिल शर्मा के शो में सुनील ने बताया था कि महिमा आज भी यही मानती हैं कि उन्होंने ही कार में सांप रखा था।सुनील शेट्टी की फोटो से शरीर का हिस्सा लिया गया था साल 1998। उत्तर प्रदेश में कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। पुलिस और नई-नई बनी यूपी एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल थी- उसकी सही तस्वीर ही नहीं मिल रही थी। आईपीएस राजेश पांडे ने बताया था कि श्रीप्रकाश को भी इस बात की भनक लग चुकी थी कि पुलिस उसकी फोटो तलाश रही है। उसने अपने इलाके के फोटोग्राफर्स पर नजर रखनी शुरू कर दी। जिस फोटोग्राफर के बारे में उसे शक होता कि उसने उसकी तस्वीर पुलिस को दी है, उसे धमकाता था। एक फोटोग्राफर को तो दुकान से बाहर खींचकर सड़क पर गोली मार दी गई। इसके बाद इलाके में ऐसा खौफ फैला कि लोग श्रीप्रकाश की फोटो अपने पास रखने से भी डरने लगे। दूसरी तरफ एसटीएफ पर भी दबाव था। लोग सवाल उठाते थे कि जब पुलिस के पास उसकी तस्वीर तक नहीं है, तो उसे पकड़ेगी कैसे? इसी बीच एसटीएफ को मुखबिरों से पता चला कि श्रीप्रकाश कभी-कभी लखनऊ में अपनी बहन और बहनोई के घर आता है। टीम वहां पहुंची, लेकिन परिवार ने उसके बारे में कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया। तभी घर में मौजूद उसकी छोटी भांजियों से बातचीत हुई। बच्चियों ने बताया कि उनके मामा उनकी बर्थडे पार्टी में आए थे और उनके पास उस दिन की तस्वीरें हैं। उन्होंने एक किताब में रखी कुछ तस्वीरें निकालकर पुलिस को दिखाईं। आखिरकार एसटीएफ को श्रीप्रकाश शुक्ला की असली तस्वीर मिल गई। लेकिन अब एक और समस्या थी। अगर उसकी असली तस्वीर उसी परिवार के घर से बाहर आती, तो श्रीप्रकाश को पता चल सकता था कि फोटो कहां से मिली और वह परिवार को नुकसान पहुंचा सकता था। एसटीएफ अधिकारियों ने ऐसा तरीका निकालने की सोची, जिससे तस्वीर का स्रोत कभी सामने न आए। लखनऊ के हजरतगंज इलाके में उस समय फिल्मी सितारों के पोस्टकार्ड और तस्वीरें मिलती थीं। वहां आईपीएस राजेश पांडे की नजर एक तस्वीर पर पड़ी, जिसमें एक्टर सुनील शेट्टी लगभग उसी तरह खड़े थे, जैसे श्रीप्रकाश शुक्ला एक ग्रुप फोटो में खड़ा था। फिर एक बेहद अनोखा जुगाड़ किया गया। सुनील शेट्टी की तस्वीर से शरीर का हिस्सा लिया गया और उस पर श्रीप्रकाश शुक्ला का चेहरा फिट कर दिया गया। तस्वीर को इस तरह तैयार किया गया कि देखने वाले को पहली नजर में यह श्रीप्रकाश शुक्ला की ही फोटो लगे। इस तरह श्रीप्रकाश शुक्ला की तस्वीर सार्वजनिक की गई थी। दिलचस्प बात यह थी कि बाद में जब किसी ने श्रीप्रकाश को फोन करके बताया कि उसकी फोटो अखबार में छपी है, तो उसने तस्वीर देखकर कहा कि उसने जिंदगी में वैसी डेनिम शर्ट पहनी ही नहीं और वो हैरान हो गया था। ………….. यह खबर भी पढ़ें… संजय दत्त@67-सलमान ने गिफ्ट की BMW, चाबी समुद्र में फेंकी:बिगड़ते देख इंदिरा गांधी बोलीं- बोर्डिंग स्कूल भेजो; राजेश खन्ना-ऋषि कपूर को पीटने पहुंचे थे साल 1994। मुंबई की ठाणे सेंट्रल जेल की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली अंडा बैरक में बंद एक आरोपी रक्षाबंधन के दिन अपनी बहनों का इंतजार कर रहा था। लोहे की सलाखों के पीछे दोनों बहनों ने उसके हाथ पर राखी बांधी, लेकिन उस भाई की जेब पूरी तरह खाली थी। देने के लिए न कोई तोहफा था, न पैसे। कुछ पल तक वह चुप रहा। फिर जेल की कैंटीन से मिले दो-दो रुपए के चाय-नाश्ते के कूपन बहनों के हाथ में रख दिए और बोला, ‘मेरे पास फिलहाल यही है।’ पूरी खबर यहां पढ़ें…
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

