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जूबीन गर्ग के निधन के एक साल:पत्नी गरिमा बोलीं- वो हर जगह दिखते हैं, सिंगापुर में क्या हुआ, इसका जवाब चाहिए, न्याय किसके लिए

असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की पहली बरसी पर उनकी पत्नी गरिमा ने न्याय की मांग की है। मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग का 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में निधन हुआ था। वह एक कॉन्सर्ट के लिए गए थे। मौत के बाद 7 लोगों को जांच के दायरे में लिया गया है। उनकी पहली बरसी पर कई चाहनेवाले उनके घर पहुंच रहे हैं। इस पर उनकी पत्नी ने कहा है कि परिवार और असम के लोग अब भी जवाब का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर उनकी मौत कैसे हुई। गरिमा ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, “हम जानना चाहते हैं कि 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में असल में में क्या हुआ था। मैं उन्हें हर जगह देखती हूं। जिस तरह लोग यहां आए हैं, वे किसी की जाति, धर्म या विचारधारा को नहीं देख रहे हैं। वे इंसान बनकर आए हैं।” असम सरकार ने सिंगापुर में उनकी मौत के कारणों और परिस्थितियों की जांच के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। केस अदालत में आगे बढ़ रहा है। असम सरकार ने कहा है कि जांच का मकसद जुबीन की सिंगापुर में मौत से जुड़ी परिस्थितियों और तथ्यों का पता लगाना है। न्याय की मांग पर गरिमा ने कहा, “हम सभी जुबीन गर्ग के लिए न्याय चाहते हैं। हम जानना चाहते हैं कि 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में वास्तव में क्या हुआ था। हम अब भी उस जवाब का इंतजार कर रहे हैं। हमें न्याय मिलना चाहिए। अगर जुबीन के लिए न्याय नहीं है, तो फिर किसके लिए है?” फैंस ने मना रहे हैं जुबीन दिवस जुबीन गर्ग की पहली बरसी को उनके फैंस जुबीन दिवस के रूप में मना रहे हैं। 17 सितंबर से शुरू हुआ तीन दिवसीय जुबीन दिवस संगीत, प्रार्थना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जा रहा है। कामारकुची स्थित स्मारक पर प्रशंसकों की भीड़ जुटी। स्मारक को फूलों और गमोसों से सजाया गया था। तीन दिवसीय कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए इंतजाम किए गए थे। यह कार्यक्रम शनिवार को यानी आज खत्म होगा। देखिए जुबीन गर्ग दिवस की चुनिंदा तस्वीरें- पिछले साल सितंबर में मौत हुई थी, सिंगापुर पुलिस बोली- मौत डूबने से हुई सिंगर जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर 2025 को हुआ। जुबीन गर्ग सिंगापुर में भारत और सिंगापुर के बीच 60 साल के कूटनीतिक रिश्तों के जश्न में शामिल होने गए थे। उन्हें वहां 'नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल' में परफॉर्म करना था। परफॉर्मेंस से जुबीन अपने दोस्तों के साथ लाजरस आइलैंड के पास एक यॉट पर पार्टी कर रहे थे, तभी डूबने से उनकी मौत हो गई थी। सिंगर की मौत की खबर मिलते ही उस बड़े आयोजन को रद्द कर दिया गया था। जुबीन गर्ग के निधन के बाद असम में उनके मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा समेत घटना के वक्त उनके साथ मौजूद सभी लोगों और इवेंट मैनेजर के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। शिकायत होने के बाद सिंगर की पत्नी गरिमा ने सिंगर के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से रोते हुए एक वीडियो जारी कर मैनेजर के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत वापस लिए जाने की अपील की है। कुछ समय बाद जुबीन की पत्नी ने हत्या का शक जताते हुए जांच की मांग की। शिकायत होने के बाद जुबीन के साथ यॉट में मौजूद दोस्तों और इवेंट ऑर्गेनाइजर की गिरफ्तारी हुई। दूसरी तरफ गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले की हर दिन सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक सेशन कोर्ट बनाई है। बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुइयां इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट की अध्यक्षता करेंगी। गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने ये नियुक्ति की है। असम पुलिस की CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले की जांच की और स्थानीय कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 25 नवंबर को विधानसभा में कहा था कि जुबीन गर्ग की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। वे दोषियों को सजा दिलाकर रहेंगे। असम पुलिस के साथ-साथ सिंगापुर पुलिस ने भी मामले की जांच की। जनवरी में सिंगर जुबीन गर्ग की मौत को लेकर सिंगापुर पुलिस ने किसी भी तरह की साजिश से इनकार किया। अदालत को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, जुबीन की मौत डूबने की वजह से हुई थी। उन्होंने नशे की हालत में लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया था। सिंगापुर पुलिस ने 35 लोगों की गवाही के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। गवाहों ने उस दिन की पल-पल की जानकारी दी और बताया कि जुबीन गर्ग ने कितनी शराब पी और नशे में डाइविंग करने पहुंचे। अदालत में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 52 साल के जुबीन गर्ग घटना के समय नशे में थे। उनकी टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में ब्लड अल्कोहल की मात्रा 333 मिलीग्राम पाई गई, जो सिंगापुर की कानूनी सीमा (80 मिलीग्राम) से चार गुना से भी ज्यादा थी। कोरोनर ने कहा कि इतने नशे की वजह से वे सही फैसला नहीं ले पा रहे थे। उन्होंने पहले तो लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन पहली बार तैरने के बाद उसे उतार दिया। दूसरी बार जब वे पानी में उतरे, तो कैप्टन और दूसरे साथियों के टोकने के बावजूद उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से साफ मना कर दिया था। पत्नी के आरोपों को कोर्ट ने किया खारिज जुबीन की पत्नी ने शक जताया था कि सिंगर को पानी में धक्का दिया गया होगा। इस पर कोरोनर नाखोडा ने साफ किया कि पुलिस ने बहुत बारीकी से जांच की है। ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे लगे कि किसी ने उन्हें मजबूर किया या धक्का दिया। यहां तक कि उन्हें बचाने की कोशिश करने वाले लोगों ने भी पूरी जान लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि जुबीन अपनी मर्जी से तैरने के लिए पानी में उतरे थे और डूबने के दौरान किसी ने भी उनका चेहरा जानबूझकर पानी के नीचे नहीं दबाया था।

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 4:30 pm

भाषा की ट्रोलिंग पर रश्मिका मंदाना ने दिया जवाब:बोलीं- अलग तरह से बोलने पर लोगों की राय सुनने की अब आदत हो गई

एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना ने अलग-अलग फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के दौरान अपने एक्सेंट और भाषा को लेकर होने वाली ट्रोलिंग पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह किसी एक भाषा में जरूरी नहीं कि बहुत अच्छी हों। उनका सफर अलग-अलग भाषाओं और किरदारों के हिसाब से लगातार ढलने का रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में रश्मिका ने कहा कि वह हर भाषा को अपनी भाषा मानती हैं। भाषाओं को लेकर बोलीं रश्मिका रश्मिका ने कहा, “मैं कोडवा हूं और कोडवा तक्क बोलती हूं। मेरी मातृभाषा के लिए कोई फिल्म इंडस्ट्री नहीं है। इसलिए भाषा मेरे करियर में कभी रुकावट नहीं बनी।” उन्होंने कहा, “मैं सभी भाषाओं को अपनी भाषा मानती हूं। मेरे फैंस, जिन्हें मैं अपना परिवार कहती हूं, उन्होंने सबसे पहले मुझसे तेलुगु फिल्म करने को कहा था।” रश्मिका ने बताया कि हिंदी को लेकर भी ऐसा ही हुआ। इसी तरह उनका करियर अलग-अलग भाषाओं में आगे बढ़ता गया। जब उनसे एक्सेंट को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अलग तरह से बोलने को लेकर लोगों की राय सुनने की अब उन्हें आदत हो गई है। रश्मिका ने कहा, “जब तक मैं किसी भाषा में पूछे गए सवालों का जवाब दे सकती हूं, तब तक ठीक है। इसी तरह मैं दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए अपने दर्शकों का सम्मान करती हूं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं हर काम में हाथ आजमाने वाली हूं, लेकिन किसी एक काम में मास्टर नहीं हूं।” रश्मिका फिल्मों पर फोकस रखती हैं रश्मिका ने कहा कि फिल्मों में अपने एक्सेंट को लेकर होने वाली बेवजह की चर्चाओं पर वह ज्यादा ध्यान नहीं देतीं। इसके बजाय, वह अपने किरदार को पूरी क्षमता से निभाने पर ध्यान देती हैं। उन्होंने कहा, “एक्ट्रेस के तौर पर मेरा काम सेट पर अच्छी कहानियां सुनाना और फिर वापस आना है। हर फिल्म के साथ मेरा मानना है कि हममें से सबसे अच्छा हिस्सा कुछ जादुई बनाने के लिए साथ आता है।” रश्मिका ने कहा, “मैं अपने काम पर ध्यान देती हूं। फिल्म का नतीजा इन सभी लोगों की ऊर्जा के साथ आने का परिणाम होता है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं किसी के काम में दखल नहीं देना चाहती। मैं सिर्फ एक एक्ट्रेस के तौर पर अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन देने पर ध्यान देती हूं।” ‘एनिमल’ के एक सीन पर रश्मिका ट्रोल हुई थीं बता दें कि साल 2023 में फिल्म ‘एनिमल’ को लेकर रश्मिका को ट्रोल किया गया था। फिल्म के ट्रेलर में रश्मिका मंदाना के करवाचौथ वाले सीन ने खूब चर्चा बटोरी थी। इस सीन में रणबीर कपूर के किरदार के साथ उनके डायलॉग और बोलने के अंदाज को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया था। कई लोगों ने कहा कि उनका डायलॉग साफ समझ नहीं आ रहा था। जिसके बाद रश्मिका नेहा धूपिया के टॉक शो में इस ट्रोलिंग पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि यह सीन करीब 9 मिनट लंबा था और शूटिंग के दौरान सेट पर मौजूद लोगों ने इसे पसंद किया था। लोगों ने तालियां भी बजाई थीं। लेकिन ट्रेलर में सिर्फ करीब 10 सेकंड का हिस्सा दिखाया गया, जिस पर उन्हें ट्रोल किया गया। रश्मिका ने कहा था कि कलाकार को पता होता है कि उसने पूरा सीन कैसे किया है, लेकिन दर्शक सिर्फ कुछ सेकंड देखकर अपनी राय बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह आलोचना समझती हैं, लेकिन कलाकारों को व्यक्तिगत तौर पर ट्रोल करना सही नहीं लगता। इन फिल्मों में नजर आएंगी वर्कफ्रंट की बात करें तो वह आखिरी बार हिंदी फिल्म 'कॉकटेल 2' में नजर आई थीं। वहीं, रश्मिका की साल 2025 में पांच फिल्में रिलीज हुईं। उन्होंने हिंदी फिल्म 'छावा' में महारानी येसूबाई का किरदार निभाया। इसके बाद वह 'सिकंदर' में सैसरी राजकोट की भूमिका में नजर आईं। वहीं, रश्मिका ने तेलुगु-तमिल द्विभाषी फिल्म 'कुबेरा' और हिंदी फिल्म 'थामा' में भी काम किया। इसके अलावा वह तेलुगु फिल्म 'द गर्लफ्रेंड' में भी नजर आईं। रश्मिका मंदाना जल्द अपने पति विजय देवरकोंडा के साथ फिल्म ‘रणबाली’ में दिखाई देंगी। यह फिल्म 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इसके अलावा, रश्मिका की फिल्मों की सूची में ‘माइसा’ और एमएस सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक ‘MS - अ लिगेसी ऑन स्क्रीन’ भी शामिल है।

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 4:29 pm

'फिल्म में भारतीय संस्कृति और परंपरा दिखनी चाहिए':ऑस्कर के लिए ‘धुरंधर’ भारत की एंट्री क्यों नहीं बनी? ज्यूरी मेंबर विवेक वासवानी ने बताया

मराठी थ्रिलर फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है। फिल्म ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ को पीछे छोड़ा। भारत की ऑस्कर एंट्री चुनने वाली फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) की 14 सदस्यीय ज्यूरी में ‘धुरंधर’ को सिर्फ 4 वोट मिले। ज्यूरी सदस्य विवेक वासवानी ने यह जानकारी दी। NDTV से बातचीत में वासवानी ने कहा कि कुछ लोगों को फिल्म पसंद आई, लेकिन ज्यूरी को यह ऑस्कर के लायक नहीं लगी। ज्यूरी ऐसी फिल्म चुनना चाहती थी, जो भारतीय संस्कृति को अलग और असरदार तरीके से दिखाए। रणवीर सिंह ने ‘धुरंधर’ सीरीज में मुख्य भूमिका निभाई थी। इसका निर्देशन आदित्य धर ने किया था। फिल्म के दोनों ही पार्ट ब्लॉकबस्टर साबित हुए। 14 सदस्यीय ज्यूरी ने किया फैसला फिल्म के चयन के लिए FFI ने ज्यूरी बनाई थी। इसमें पी शेषाद्री, विजय पाटकर, हितू कनोडिया, शांति कुमार, संदीप पराशर, संजय पाटिल, साबू जोसेफ, नरसिम्हा नंदी, अनिल थॉमस, विवेक वासवानी, बिजॉन दासगुप्ता, हासन, वासन और तनिष्ठा चटर्जी शामिल थीं। 33 फिल्मों में से चुनी गई ‘गोंधल’ मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर 2027 के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री चुना गया है। वासवानी ने बताया कि ऑस्कर के लिए फिल्म चुनते समय ज्यूरी को साफ निर्देश दिए गए थे। फिल्म में भारतीय संस्कृति और परंपरा इस तरह दिखनी चाहिए, जिससे उसे दुनियाभर के दर्शक भी समझ और पसंद कर सकें। उन्होंने कहा कि ‘गोंधल’ इस मामले में अलग थी। फिल्म की कहानी महाराष्ट्र के एक गांव में एक रात के दौरान होने वाली घटनाओं पर आधारित है। इसमें सस्पेंस और मर्डर की कहानी के साथ पूरी रात चलने वाला गोंधल उत्सव भी दिखाया गया है। इस दौरान संगीत और डांस कहानी का हिस्सा बने रहते हैं। वासवानी के मुताबिक, फिल्म में भारतीय संस्कृति और सस्पेंस का यह मेल उसे खास बनाता है। उन्होंने फिल्म के संगीत का भी जिक्र किया। इसमें संगीतकार इलैयाराजा ने संगीत दिया है। इस बार फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) के पास अलग-अलग भाषाओं की कुल 33 फिल्में भेजी गई थीं। इनमें 14 हिंदी, 4-4 मराठी, तेलुगु और गुजराती, 3 तमिल और 1-1 मलयालम व नागामी फिल्म शामिल थीं। फाइनल में ‘गोंधल’, ‘आंघ’ और ‘मैं वापस आऊंगा’ पहुंची थीं। इनमें से ‘गोंधल’ को चुना गया। बता दें कि ‘आंघ’ को 14 में से 11 वोट मिले, वहीं ‘गोंधल’ को सभी 14 सदस्यों के वोट मिले। साइकोलॉजिकल थ्रिलर है ‘गोंधल’ फिल्म का ‘गोंधल’ लेखन और निर्देशन संतोष डावखर ने किया है। इसमें किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहणी, निषाद भोईर और सुरेश विश्वकर्मा मुख्य भूमिका में हैं। संगीत इलैयाराजा ने दिया है। निर्देशक संतोष डावखर को 2025 के IFFI में बेस्ट डायरेक्टर का सिल्वर पीकॉक अवॉर्ड मिल चुका है। 2 घंटे की यह फिल्म ग्रामीण महाराष्ट्र की लोक परंपरा और धार्मिक अनुष्ठान ‘गोंधल’ पर आधारित है। कहानी नवविवाहित आनंद और सुमन के घर होने वाले गोंधल अनुष्ठान के इर्द-गिर्द घूमती है। गांव के पाटिल का बेटा सरजेराव, जो सुमन से शादी न हो पाने के कारण नाराज था, इस शादी को स्वीकार नहीं कर पाता और धीरे-धीरे यह पवित्र अनुष्ठान एक क्राइम और सस्पेंस ड्रामा में बदल जाता है। पिछले साल ‘होमबाउंड’ भारत की ऑस्कर एंट्री थी पिछले साल फिल्म होमबाउंड को भारत की ओर से ऑस्कर के लिए भेजा गया था। फिल्म में ईशान खट्टर और विशाल जेठवा मुख्य भूमिकाओं में थे। पिछली बार ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट फिल्म समेत 6 अवॉर्ड जीते थे 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स (2026) में ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट फिल्म समेत सबसे ज्यादा 6 अवॉर्ड जीते थे। ‘सिनर्स’ के लिए माइकल बी. जॉर्डन को बेस्ट एक्टर और ‘हेमनेट’ के लिए जेसी बकले को बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया था। ‘सिनर्स’ को सबसे ज्यादा 16 नॉमिनेशन मिले थे, लेकिन फिल्म ने 4 अवॉर्ड जीते थे। वहीं, भारतीय मूल की फिल्ममेकर गीता गंदभीर की दो डॉक्यूमेंट्री नॉमिनेट हुईं। प्रियंका चोपड़ा ने दूसरी बार ऑस्कर में प्रेजेंटर की भूमिका निभाई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 2:34 pm

कटरीना की बॉडी शेमिंग पर भड़कीं प्रियंका चतुर्वेदी-खुशबू सुंदर:पूर्व सांसद बोलीं- शरीर, उम्र के फैसलों के लिए सफाई क्यों देनी चाहिए?; ऋतिक ने भी बचाव किया

कटरीना हाल ही में अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बनीं, जहां उनके बढ़े हुए वजन का मुद्दा बना दिया गया। पोस्ट प्रेग्नेंसी बढ़े हुए वजन के बीच हो रही ट्रोलिंग पर अब पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्ट्रेस का बचाव किया और ट्रोलर्स की आलोचना की। प्रियंका चतुर्वेदी ने आधिकारिक X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर लिखा है, ‘प्रिय महिलाओं, आपका वजन बढ़ा है या घटा है, आपकी उम्र कितनी है, आप कैसी दिखती हैं, आपका शरीर कैसा है या आपकी स्किन कैसी है, इनमें से किसी भी चीज का हिसाब आपको उन लोगों को देने की जरूरत नहीं है, जिनके पास दूसरों की जिंदगी पर कमेंट करने के अलावा कोई काम नहीं है।’ एक्ट्रेस-भाजपा नेता खुशबू सुंदर ने भी किया बचाव भारतीय जनता पार्टी की नेता और साउथ एक्ट्रेस खुशबू सुंदर ने कटरीना का बचाव करते हुए लिखा है, ‘आखिर किसी महिला की उम्र को हमेशा सार्वजनिक चर्चा का विषय क्यों बना दिया जाता है? जैसे ही कोई महिला एक उम्र के पड़ाव को पार करती है, समाज उसे तरह-तरह से आंकना शुरू कर देता है, “क्या वह अभी भी अपने चरम पर है?”, “क्या उसने खुद को मेंटेन रखा है?”, “अब वह पहले से अलग क्यों दिख रही है?”, “क्या वह बूढ़ी हो गई है?”’ ‘लेकिन पुरुषों के मामले में यही सवाल क्यों नहीं पूछे जाते? किसी पुरुष के बाल उड़ जाएं तो उसे ‘सम्मानित और प्रभावशाली’ कहा जाता है। पेट निकल आए तो कोई नहीं पूछता कि उसका ‘प्राइम’ कहां गया। बाल सफेद हो जाएं तो वह अचानक ‘सॉल्ट एंड पेपर हैंडसम’, ‘मैच्योर’ और ‘चार्मिंग’ हो जाता है। पुरुष की उम्र बढ़ती है तो उसके अनुभव के साथ उसकी खूबसूरती भी बढ़ती हुई मानी जाती है। लेकिन महिला की उम्र बढ़ते ही उसकी हर झुर्री, हर बढ़ता वजन, हर सफेद बाल और शरीर में आया हर बदलाव लोगों की बहस का मुद्दा बन जाता है।’ मेरा भी मजाक बनाया गया था- खुशबू सुंदर लंबी-चोड़ी पोस्ट के आखिर में खुशबू सुंदर ने अपने साथ हुआ मिलता-जुलता अनुभव बताते हुए लिखा, ‘जब मेरा वजन ज्यादा था, तब मेरा मजाक उड़ाया गया। यहां तक कि मुझे उन महिलाओं का उदाहरण बनाकर पेश किया गया, जिन्हें समाज ‘मोटी और बदसूरत’ मानता था।’ ‘आज जब मैंने अपना वजन कम किया है, तो लोग कह रहे हैं कि मैंने इंजेक्शन लेकर वजन कम किया है। बल्कि समाज ने तो जैसे यह फैसला ही सुना दिया है कि मैं इंजेक्शन ले रही हूं। कटरीना, आपने हमेशा अपनी जिंदगी अपने तरीके से जी है, गरिमा, आत्मसम्मान और शालीनता के साथ। आगे भी बिल्कुल वैसे ही जिएं। महिला की कोई ‘प्राइम उम्र’ नहीं होती। उसकी एक जिंदगी होती है और उस जिंदगी का हर पड़ाव सिर्फ उसका है।’ ऋतिक रोशन ने आड़ में किया कटरीना का सपोर्ट, ट्रोलिंग हुई कटरीना की ट्रोलिंग के बीच उनके साथ फिल्म बैंग-बैंग में नजर आ चुके ऋतिक रोशन ने नाराजगी जताई है। ऋतिक ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम से एक ऐसी पोस्ट लाइक की है, जिसमें लिखा गया था कि कटरीना बचपन से लोगों का क्रश रही हैं और कई लोग उनकी फिल्में और पोस्टर रखते हैं। लेकिन अब सिर्फ वजन बढ़ने पर कहा जा रहा है कि उनका करियर खत्म हो गया है। ऋतिक द्वारा पोस्ट लाइक किए जाने के बाद कई लोग ये कहते हुए उन्हें ट्रोल कर रहे हैं कि कटरीना का बचाव करने वाले पाकिस्तानी एक्टर अली जफर उनसे बेहतर हैं। जिन्होंने खुलकर मुद्दे पर एक्ट्रेस का पक्ष लिया और इसकी कड़ी निंदा की। क्या था कटरीना की ट्रोलिंग पर पाक एक्टर का बयान? कटरीना के साथ फिल्म मेरे ब्रदर की दुल्हन में काम कर चुके पाकिस्तानी एक्टर अली जफर ने एक वीडियो जारी कर कहा, हम मर्दों के साथ क्या दिक्कत है। हाल ही में मुझे मेरी को-स्टार के बारे में कुछ पोस्ट, रील देखने मिलीं। बहुत ज्यादा कहा जा रहा है कि पहले वो कैसी दिखती थीं अब कैसी दिखती हैं। हम सबको अपने अंदर झांकना चाहिए, खासतौर पर मैं आदमियों की बात कर रहा हूं। हमें खुद में सुधार करने की बहुत जरूरत है। हम सब अपनी जिंदगी में परफेक्ट नहीं होते, लेकिन उसे समझने और सुधारने की जरुरत है। आगे अली जफर ने कहा, आदमियों ने जो औरतों के शरीर के जो पैरामीटर बनाए हैं अगर औरत उस पैरामीटर पर खरी नहीं उतरती तो उसे गलत समझा जाता है। ये गलत है। ये ठीक नहीं है, अच्छा नहीं लगता। हर इंसान अपने स्ट्रगल से गुजर रहा होता है, हमें नहीं पता कौन किस चीज से गुजर रहा है। हमें हर इंसान के साथ अच्छे से पेश आना चाहिए। ब्यूटी का कॉन्सेप्ट लेकर पहले की सोच अलग थी। पहले की पेंटिंग में शरीर की बनावट अलग थी, लेकिन अब इसे पतला कर दिया गया। आदमियों से भी सिक्स पैक की उम्मीद होती है, जो रियलिस्टिक नहीं है। पोस्ट प्रेग्नेंसी बदलाव पर कटरीना का बयान वायरल कटरीना ने प्रेग्नेंसी के बाद शरीर में हुए बदलाव पर द हॉलीवुड रिपोर्टर से कहा था, “जब मैंने मॉडलिंग और एक्टिंग की शुरुआत की थी, तब खूबसूरती को लेकर लोगों की सोच काफी अलग थी। खूबसूरत दिखने के कुछ तय पैमाने थे। लेकिन अब मेरे लिए अच्छा दिखने का मतलब है कि मैं अंदर से अच्छा और स्वस्थ महसूस करूं। इसके लिए मैं खुद का पूरी तरह ख्याल रखती हूं। इसका असर मेरे पूरे शरीर के साथ-साथ मेरी स्किन पर भी पड़ता है। मेरा मानना है कि जब आप अंदर से स्वस्थ और खुश महसूस करते हैं, तो आपका आत्मविश्वास अपने आप आपके चेहरे और व्यक्तित्व में नजर आने लगता है।” कैसे शुरू हुई ट्रोलिंग? कटरीना कैफ कुछ दिनों पहले प्रोड्यूसर कुक्कू कोहली के अंतिम संस्कार में पहुंची थीं। सफेद सूट पहने, काला चश्मा लगाए हुए कटरीना के कुछ वीडियोज वायरल हो गए। कटरीना मां बनने के बाद कम ही मौकों पर सार्वजनिक तौर पर स्पॉट हो रही थीं। एक दो मौकों पर वह पैपराजी से बचती भी दिखी थीं। अब हाल ही में कटरीना कैफ, विक्की कौशल के साथ अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन में पहुंचीं। एक्ट्रेस का बढ़ा वजन देख उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया जाने लगा। नवंबर 2025 में दिया बेटे को जन्मकटरीना कैफ ने 7 नवंबर 2025 को बेटे को जन्म दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए लिखा था, 'हमारी खुशियों का पिटारा आ गया है। बहुत सारे प्यार आभार के साथ हम अपने बेटे का स्वागत करते हैं। 7 नवंबर 2025। कटरीना और विक्की।' अब तक कपल ने बेटे की तस्वीर सार्वजनिक नहीं की है। बेटे के जन्म के करीब डेढ़ महीने बाद विक्की कटरीना ने बेटे के नाम की घोषणा की। उन्होंने बेटे का नाम विहान कौशल रखा है। इसकी घोषणा करते हुए कपल ने लिखा, हमारी रोशनी की किरण विहान कौशल। दुआओं का जवाब मिला। जिंदगी खूबसूरत है। हमारी दुनिया अचानक बदल गई। आभार के लिए शब्द नहीं हैं। दो सालों से फिल्मों से दूर हैं कटरीना कैफ कटरीना कैफ को आखिरी बार साल 2024 की फिल्म मैरी क्रिसमस में देखा गया है। फिल्म में उनके साथ विजय सेतुपति लीड रोल में थे। इसके बाद से ही एक्ट्रेस किसी फिल्म में नजर नहीं आई हैं। इस साल भी उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं होगी। शादी के 4 साल बाद बनीं मां कटरीना कैफ ने 9 दिसंबर 2021 में एक्टर विक्की कौशल से शादी की थी। दोनों की पहली मुलाकात एक अवॉर्ड शो में हुई थी, जिसके बाद दोनों चंद मुलाकातों के बाद रिलेशनशिप में आ गए थे। कपल ने हिंदू रीति-रिवाजों से राजस्थान के सवई माधौपुर के सिक्स सेंस रिसोर्ट में शादी की है।

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 12:44 pm

किशोर कुमार की बायोग्राफी पर विवाद:2 साल पहले मिला नेशनल अवॉर्ड वापस लेने की मांग मिला, कोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस देकर पूछे सवाल

किशोर कुमार की बायोग्राफी ‘किशोर कुमार: द अल्टीमेट बायोग्राफी’ को नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट सिनेमा बुक चुने जाने पर विवाद हो गया। पटना हाईकोर्ट ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय और NFDC से पूछा कि आखिर यह किताब भारतीय सिनेमा पर कैसे है। पटना के हिंदी लेखक और साहित्यिक आलोचक अनंत प्रसाद सिन्हा ने इस बुक को अवॉर्ड दिए जाने के खिलाफ याचिका दायर की है। वह ‘अनंत’ नाम से लिखते हैं। सिन्हा ने याचिका में 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘बेस्ट सिनेमा बुक’ का अवॉर्ड रद्द करने की मांग की है। यह पुरस्कार अनिरुद्ध भट्टाचार्जी और पार्थिव धर की किताब ‘किशोर कुमार: द अल्टीमेट बायोग्राफी’ को मिला था। मंत्रालय, NFDC और लेखकों को नोटिस मामला जस्टिस अजीत कुमार की अदालत में सुना गया। कोर्ट ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय, NFDC, जूरी सदस्यों और किताब के दोनों लेखकों को नोटिस जारी किया है। किताब हार्पर कॉलिन्स ने प्रकाशित की है। पुरस्कार की घोषणा 16 अगस्त 2024 को हुई थी। इसे 8 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में दिया गया था। याचिका में सिन्हा ने कहा कि पुरस्कारों की देखरेख करने वाले मंत्रालय ने अपनी पात्रता शर्तों का पालन नहीं किया। कोर्ट के मौखिक आदेश में कहा गया कि याचिकाकर्ता के वकील के अनुसार, 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ पुस्तक के नामांकन के लिए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ। ये दिशा-निर्देश सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी भारत के राजपत्र में 07.10.2024 की अधिसूचना में दिए गए हैं। केंद्र सरकार के वरिष्ठ पैनल वकील ने याचिकाकर्ता की शिकायतों पर जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा। अदालत ने यह मांग दर्ज की। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी। अनंत सिन्हा ने दो आधारों पर पुरस्कार को चुनौती दी सिन्हा ने याचिका में दो मुख्य आधार बताए हैं। उनका कहना है कि पुरस्कार समिति ने उन नियमों का उल्लंघन किया, जिनके तहत सम्मान भारत में किसी भी भाषा में प्रकाशित भारतीय सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ पुस्तक को दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी किताब ‘दो गुलफामों की तीसरी कसम’ सभी दिशा-निर्देशों को पूरा करती है। इसलिए यह पुरस्कार उनकी किताब को मिलना चाहिए था। सिन्हा ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, “मेरा तर्क सीधा है। अगर किशोर कुमार की बायोग्राफी को भारतीय सिनेमा पर किताब कहा जा सकता है, तो क्या बीआर अंबेडकर की बायोग्राफी को भारतीय संविधान पर किताब कहा जा सकता है?” उन्होंने कहा कि अदालत जाने से पहले उन्होंने यह तर्क सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सामने रखा था। हालांकि, वहां उनकी बात नहीं मानी गई। किशोर कुमार की बायोग्राफी के बारे में- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सर्वश्रेष्ठ सिनेमा पुस्तक के विजेता को स्वर्ण कमल और 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार मिलता है। 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2022 के बीच प्रकाशित किताबें अवॉर्ड पाने के योग्य थीं। अनिरुद्ध भट्टाचार्जी और पार्थिव धर की ‘किशोर कुमार: द अल्टीमेट बायोग्राफी’ में भारत के सबसे अलग अंदाज वाले और बहुमुखी कलाकार किशोर कुमार की जिंदगी, संगीत और जटिल व्यक्तित्व को बताया गया है। वहीं, ‘दो गुलफामों की तीसरी कसम’ में सिन्हा ने फणीश्वर नाथ रेणु की चर्चित हिंदी कहानी ‘मारे गए गुलफाम’ को 1966 की बॉलीवुड फिल्म ‘तीसरी कसम’ में ढालने के पीछे की छह साल की यात्रा का वर्णन किया है। मलेशियाई PM ने BRICS डिनर में किशोर कुमार का गाना गाया मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पिछले शनिवार को नई दिल्ली में किशोर कुमार का मशहूर गाना ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत...’ गाया। इब्राहिम BRICS समिट के डिनर में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मुकेश का गीत दोस्त दोस्त ना रहा... भी गुनगुनाया। किशोर कुमार के सिनेमाई सफर के बारे में- अभिनेता, संगीतकार, गायक, लेखक, निर्देशक और निर्माता किशोर कुमार अपने आप में एक बहुआयामी शख्सियत थे। उन्हें एक ऐसे शख्स के तौर पर याद किया जाता है, जो हमेशा अपनी शर्तों पर जिया और जो भी किया, वो इतिहास बन गया। किशोर का असली नाम आभास कुमार गांगुली था। उनका जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। किशोर कुमार जितना एक गायक के तौर पर जाने जाते हैं, उतना ही एक अभिनेता के तौर पर भी। किशोर कुमार के करियर की शुरुआत एक अभिनेता के रूप में फिल्म शिकारी (1946) से हुई। इस फिल्म में उनके बड़े भाई अशोक कुमार ने लीड रोल निभाया था। उन्हें पहली बार गाने का मौका मिला 1948 में बनी फिल्म जिद्दी में। इसमें किशोर ने देव आनंद के लिए गाना गाया। किशोर कुमार केएल सहगल के जबर्दस्त प्रशंसक थे, इसलिए उन्होंने यह गीत उन की शैली में ही गाया। उन्होंने राजेश खन्ना के लिए 92 फिल्मों में रिकॉर्ड 245 गाने गाए। 1997 में मध्य प्रदेश सरकार ने उनके नाम पर अवॉर्ड शुरू किया। किशोर कुमार से जुड़े ये किस्से भी पढ़िए- चोट लगने पर चिल्ला-चिल्लाकर रोते थे, सुरीली हो गई आवाज किशोर कुमार का असली नाम था आभास कुमार गांगुली। उनके पिता कुंजालाल गांगुली वकील थे। वहीं नामी बंगाली परिवार से ताल्लुक रखने वालीं उनकी मां गौरी देवी हाउसवाइफ थीं। 4 भाई-बहन अशोक, सीता देवी, अनूप में किशोर कुमार सबसे छोटे थे। किशोर कुमार के बड़े भाई अशोक कुमार ने एक इंटरव्यू में बताया था कि किशोर दा बचपन से सुरीले नहीं थे। उनकी आवाज बैठी हुई थी। जब कभी गुनगुनाते थे तो बेसुरे सुनाई पड़ते थे। एक दिन बचपन में मां किचन में सब्जियां काट रही थीं। नन्हे से किशोर दौड़ते हुए मां के पास जा ही रहे थे कि वहां रखा धारदार हंसिया उनके पैर में लग गया। पैर कट गया और तेजी से खून बहने लगा। कम उम्र के किशोर दर्द नहीं सह पाए और जोर-जोर से रोने लगे। ऐसे ही जब तक चोट में आराम नहीं मिला, तब तक किशोर दा रोज रोते रहे। घंटों रोने से उनके वोकल कॉर्ड्स पर इतना असर पड़ा कि वो सुरीले हो गए। किशोर दा भी उस हादसे को ही अपनी आवाज का श्रेय देते हैं। क्लासरूम में टेबल पर तबला बजाया तो टीचर ने कहा- गाने-बजाने से कुछ नहीं होगा किशोर दा को कभी भी पढ़ाई में ज्यादा रुचि नहीं थी। एक दिन वो क्लासरूम में बैठकर टेबल पर तबला बजा रहे थे। सिविक्स की क्लास थी। टीचर ने जैसे ही आवाज सुनी तो जोरदार फटकार लगा दी। कहा- पढ़ाई-लिखाई में ध्यान दो, ये गाने-बजाने से कुछ नहीं होगा। ये सुनकर किशोर कुमार ने जवाब दिया- देखना एक दिन इसी गाने-बजाने से मेरा नाम होगा। सालों बाद अपने हुनर से किशोर कुमार ने वो बात सच कर दिखाई। बड़े भाई अशोक कुमार के गानों में कोरस सिंगर थे किशोर किशोर कुमार के बड़े भाई अशोक कुमार 40 के दशक में हिंदी सिनेमा का बड़ा नाम बन चुके थे। अशोक मुंबई में रहते थे तो परिवार का आना-जाना भी मुंबई होने लगा। बड़े भाई की मदद से किशोर भी बॉम्बे टॉकीज में कोरस सिंगर बन गए। गाने गाते हुए उन्होंने अपना नाम आभास से किशोर कुमार कर लिया। एक दिन उनकी परफॉर्मेंस से खुश होकर डायरेक्टर खेमचंद प्रकाश ने उन्हें फिल्म जिद्दी (1948) के गाने मरने की दुआएं क्यों मांगू गाने का मौका दिया। गाना हिट हुआ और किशोर कुमार को लगातार हिंदी सिनेमा में गाने और अभिनय का मौका मिलने लगा। 1949 में वो भी बड़े भाई के साथ रहने मुंबई आ पहुंचे। एस.डी. बर्मन ने पहचाना हुनर, तो नकल करना छोड़ बनाई पहचान किशोर कुमार हमेशा से ही के.एल. सहगल, अमेरिकन सिंगर डैनी के और रवींद्रनाथ टैगोर के बड़े प्रशंसक थे। अपनी दीवानगी जगजाहिर करने के लिए उन्होंने घर में तीनों की तस्वीरें टांग रखी थीं और रोज सुबह उनका नमन किया करते थे। जब रियाज की बारी आती तो के.एल. सहगल के गाने दोहराते रहते थे। एक दिन फिल्म मशाल (1950) के लिए एस.डी. बर्मन, अशोक कुमार से मिलने उनके घर पहुंचे। देखा तो उनके छोटे भाई किशोर दा बैठकर रियाज कर रहे थे। एस.डी. बर्मन उनके पास गए और कहा अगर बड़ा सिंगर बनना है तो अपना स्टाइल ढूंढो, न कि किसी और की नकल करो। जब किशोर कुमार ने उन्हें योडलिंग सुनाई तो खुश होकर उन्होंने किशोर दा को देव आनंद की आवाज बना दिया। लगातार हिट देते हुए किशोर कुमार हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन सिंगर में गिने जाने लगे। उन्होंने अपने करियर में 1198 फिल्मों में 2678 गाने गाए। किशोर दा अपनी फीस को लेकर काफी पाबंद थे। वो नो मनी, नो वर्क की पॉलिसी फॉलो करते थे। वो तब तक गाने की रिकॉर्डिंग शुरू नहीं करते थे जब तक उनका असिस्टेंट आकर ये न बता दे कि उनकी फीस पूरी मिल चुकी है। जब-जब उन्हें आधी-अधूरी फीस मिली, तब-तब उन्होंने अलग-अलग पैतरों से प्रोड्यूसर की नाक में दम किया। पढ़िए उनके कारनामों के कुछ किस्से- 5 हजार रुपए कम मिले तो गुलाटी खाते हुए सेट से भागे किशोर दा हमेशा से ही सिंगर बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें अभिनय के भी कई ऑफर मिलते थे। जब भी कोई उनके पास फिल्म लेकर आता तो वो कोई-न-कोई बहाना करके उसे भगा देते थे। 1956 की बात है जब अशोक कुमार ने छोटे भाई को फिल्म भाई-भाई में काम दिलवा दिया। फिल्म के डायरेक्टर एम.वी.रमन ने उन्हें 5 हजार रुपए कम दिए थे। ऐसे में जब शूटिंग शुरू हुई और एक्शन कहा गया तो किशोर कुमार दो कदम चले, चिल्लाया 5 हजार रुपए और गुलाटी खाते हुए सेट से भाग गए। जब कुछ दिनों बाद किशोर दा को दोबारा सेट पर लाया गया तो वो कभी भागने की कोशिश करते, डायलॉग भूलने का बहाना बनाते, तो कभी बीमारी का, लेकिन बड़े भाई उनसे भी दो कदम आगे थे। जैसे ही सीन शूट होने लगा तो अशोक कुमार ने अपने दोनों पैर किशोर दा के पैरों पर रख लिए। भाई की सख्ती देखकर किशोर को शूटिंग करनी ही पड़ी। प्रोड्यूसर ने आधी फीस दी तो आधा सिर मुंडवाकर सेट पर पहुंचे एक बार किशोर कुमार को एक फिल्म में कास्ट किया गया, लेकिन प्रोड्यूसर ने उन्हें ये कहते हुए आधी फीस दी कि आधी फीस फिल्म पूरी होने के बाद मिलेगी। किशोर दा ने उस वक्त तो कुछ नहीं कहा, लेकिन जैसे ही शूटिंग शुरू हुई तो वो आधा सिर और आधी मूंछे मुंडवाकर पहुंच गए। डायरेक्टर अपने हीरो की ऐसी बिगड़ी हालत देखकर डर गया। उन्होंने इस हालत का कारण पूछा, तो जवाब मिला- आधी फीस मिली है तो गेटअप भी आधा ही होगा, जब पूरे पैसे मिल जाएंगे, तो गेटअप पूरा हो जाएगा। फीस रोकने वाले प्रोड्यूसर के घर के बाहर चिल्लाते रहे किशोर कुमार ने जब प्रोड्यूसर आर.सी. तलवार के साथ काम किया तो उन्हें 8 हजार रुपए कम मिले थे। प्रोड्यूसर ने वादा किया था कि वो जल्द ही ये रकम चुका देंगे, लेकिन ऐसा करने में देर हो गई। ऐसे में किशोर दा रोज उनके घर के बाहर जाते और चिल्लाते- हे तलवार, दे दे मेरे आठ हजार। हे तलवार, दे दे मेरे आठ हजार। किशोर दा रोज सुबह तब तक उनके घर के बाहर चिल्लाते रहे, जब तक उन्हें पैसे नहीं दिए गए। किशोर दा भले ही अपनी फीस को लेकर पाबंद थे, हालांकि दरियादिली में उन्होंने कई बार मुफ्त में भी काम किया। राजेश खन्ना और डैनी डेन्जोंगपा के प्रोडक्शन में बनी फिल्मों के लिए उन्होंने मुफ्त में काम किया, जबकि उन्हें फीस दी जा रही थी। ऐसे ही कई जवानों के लिए और कैंसर हॉस्पिटल में फंड इकट्ठा करने के लिए उन्होंने कई बार मुफ्त में परफॉर्म किया था। शूटिंग के कुछ मजेदार किस्से ये भी हैं- जबरदस्ती एक्टिंग करवाई तो देव आनंद को सेट पर गाली देकर भाग गए थे एक फिल्म में अशोक कुमार, देव आनंद के साथ काम कर रहे थे। फिल्म के एक सीन के लिए देव आनंद के साथ एक लड़का चाहिए था तो पास खड़े अशोक कुमार ने कह दिया कि किशोर कुमार ये रोल कर लेंगे। लहरें रेट्रो के मुताबिक डायरेक्टर ने किशोर दा को समझाया कि जैसे ही देव आनंद साहब कमरे में दाखिल होते हैं वैसे ही तुम उन्हें खरी-खोटी सुनाते हो। किशोर कुमार ने सिर हिलाकर इशारों में जवाब दिया कि वो समझ गए, लेकिन जैसे ही एक्शन की आवाज आई तो कुछ ऐसा हुआ, जिससे हर कोई दंग रह गया। देव आनंद के कमरे में आते ही किशोर कुमार ने उन्हें असल में गंदी-गंदी गालियां दीं और सेट से भाग गए। डायरेक्टर उन्हें पीछे से चिल्लाता रहा कि अभी सीन पूरा नहीं हुआ वापस आ जाओ, लेकिन वो नहीं लौटे। कोर्ट से मांगी थी डायरेक्टर ने मदद किशोर कुमार की इन्हीं शरारतों से डरकर एक डायरेक्टर ने कोर्ट से मदद मांगी। उन्होंने ऐसा एग्रीमेंट तैयार करवाया कि किशोर शूटिंग के दौरान उनकी हर बात मानें। कोर्ट के आदेश के बाद किशोर कुमार ने न चाहते हुए भी डायरेक्टर की हर बात मानी, लेकिन अलग अंदाज में। किशोर कुमार का कार में एक सीन शूट होना था। शॉट पूरा हुआ, लेकिन किशोर कुमार गाड़ी से नहीं उतरे। कई घंटे बीते तो उनसे पूछा गया कि आप उतर क्यों नहीं रहे। इस पर किशोर दा ने कहा, क्योंकि डायरेक्टर ने मुझे उतरने को नहीं कहा। शूटिंग करते हुए खंडाला निकल गए थे किशोर दा एक फिल्म की शूटिंग के दौरान किशोर कुमार को कार में बैठकर कुछ मीटर का फासला पूरा करना था और उतरना था। जैसे ही एक्शन बोला गया तो किशोर कुमार ने कार चलानी शुरू की। डायरेक्टर ने कट नहीं बोला तो किशोर दा कार चलाते-चलाते खंडाला पहुंच गए। बदला लेने के लिए फाइनेंसर को कर दिया था अलमारी में बंद 60 के दशक की बात है, फिल्म हाफ टिकट की शूटिंग के दौरान किशोर दा सबको अपनी जिद से तंग करते थे। इस बात से नाराज होकर फाइनेंसर कालिदास बटवाब्बल ने उनकी शिकायत इनकम टैक्स में कर दी। शिकायत पर किशोर दा के घर पर रेड पड़ी। कुछ समय बाद किशोर दा ने कालिदास को खाने पर अपने घर बुलाया। कुछ समय बाद उसका भरोसा जीतने के बाद किशोर दा ने उनसे कहा कि वो कपड़ों की अलमारी में बैठकर कुछ जरूरी बात करेंगे। जैसे ही कालिदास अलमारी में बैठे तो उन्होंने बाहर से अलमारी बंद कर दी। उन्होंने 2 घंटों तक कालिदास को अलमारी में बंद रखा और फिर निकालकर घर से बाहर कर दिया। कहा कि आज के बाद मेरे घर में आने की हिम्मत मत करना। किस्से किशोर कुमार की जिद के- जब बी.आर. चोपड़ा से लिया बदला बी.आर. चोपड़ा और अशोक कुमार अच्छे दोस्त थे। एक बार किशोर कुमार को काम की जरूरत पड़ी तो वो भाई की दोस्ती के चलते बी.आर. चोपड़ा के पास पहुंच गए। उस समय चोपड़ा ने किशोर दा के सामने कुछ शर्तें रख दीं। किशोर ने वो गाना ठुकरा दिया और कहा- आज मेरा वक्त बुरा है तो आप शर्त रख रहे हैं, देखना जब मेरा वक्त आएगा तो मैं भी शर्त रखूंगा। समय बदला, लेकिन किशोर दा ये बात नहीं भूले। कुछ समय बाद बी.आर. चोपड़ा एक गाने का ऑफर लेकर किशोर दा के घर पहुंचे। ये उनके लिए बदले का समय था। उन्होंने कह दिया, मुझसे गाना गंवाना है तो जाइए पहले धोती, पैरों में जूते-मोजे पहनकर आइए। पान भी खाना। आपका मुंह लाल-लाल दिखना चाहिए और मुंह से लार टपक रही होनी चाहिए। ये शर्त सुनकर बी.आर. चोपड़ा ने किशोर दा के भाई अशोक कुमार से कहा कि आप ही अपने भाई को समझाइए, लेकिन वो किशोर दा के मिजाज से वाकिफ थे। उन्होंने मामले में टांग नहीं अड़ाई। आखिरकार बी.आर.चोपड़ा को शर्त माननी ही पड़ी। अमिताभ से गुस्सा होकर उनकी आवाज बनने से किया था इनकार 1981 में किशोर कुमार फिल्म ममता की छांव डायरेक्ट कर रहे थे। वो चाहते थे कि अमिताभ इस फिल्म में गेस्ट अपियरेंस में दिखें, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इस बात से किशोर दा इतना नाराज हुए कि उन्होंने अमिताभ पर फिल्माए गानों को आवाज देने से इनकार कर दिया। ठुकराई हुई फिल्मों में नसीब, कुली, मर्द, देश प्रेमी शामिल थीं। फिल्म ममता की छांव में रिलीज होने से पहले ही किशोर दा का 1987 में निधन हो गया। ऐसे में राजेश खन्ना ने उनके बेटे अमित की मदद कर 1989 में फिल्म रिलीज करवाई थी। पत्नी ने तलाक लेकर मिथुन से शादी की तो उनके लिए गाना छोड़ा किशोर ने पहली शादी रूमा गुहा ठाकुरता उर्फ रूमा घोष से 1951 में की, लेकिन ये शादी 1958 में टूट गई। बाद में उन्होंने दूसरी शादी एक्ट्रेस मधुबाला से 1960 में की। मधुबाला के दिल में छेद था, जिससे उनकी मौत हो गई। मधुबाला के बाद किशोर का दिल एक्ट्रेस योगिता बाली पर आ गया। दोनों ने 1976 में शादी कर ली, लेकिन दो साल बाद ये शादी टूट गई। योगिता बाली ने किशोर दा से तलाक लेने के बाद मिथुन से शादी कर ली। इस बात से परेशान होकर किशोर कुमार ने मिथुन के लिए गाना छोड़ दिया था। बता दें कि योगिता बाली के बाद 51 साल की उम्र में किशोर दा ने लीना चंदावरकर से चौथी शादी की थी। किशोर के दो बेटे सिंगर अमित कुमार (पहली पत्नी रूमा गुहा से) और सुमित कुमार (अंतिम पत्नी लीना चंदावरकर से) हैं। घर के आंगन से निकले थे कंकाल किशोर कुमार को एक्सपेरिमेंट का बेहद शौक था। एक बार वेनिस की नहरों से प्रेरित होकर किशोर दा ने ठान ली कि वो अपने वॉर्डन रोड, मुंबई स्थित घर के चारों ओर नहर बनवाएंगे। ये उनका सपना बन गया। फिर क्या था उन्होंने अपने सपने पर काम करना शुरू कर दिया। रोज म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का कर्मचारी उनके घर आकर बैठता और वो अपने मजदूरों से खुदाई करवाते। एक दिन खुदाई करते हुए एक मजदूर को पहले हाथ की हड्डी मिली फिर कुछ दिनों में वहां कंकाल निकलने लगे। मजदूर डर गए और खुदाई रुक गई। हर कोई समझ चुका था कि जिस जगह किशोर दा का घर है वो जगह पहले कभी कब्रिस्तान हुआ करती थी। उनके बड़े भाई अनूप वहां गंगाजल लेकर आए और पूरी जमीन का शुद्धिकरण करवाया गया। इसी के साथ किशोर दा का घर को वेनिस की तरह बनाने का सपना अधूरा रह गया। मोहम्मद रफी के पैर पकड़कर रोते रहे हिंदी सिनेमा में एक दौर ऐसा था जब दो ही सिंगर मशहूर थे। पहले मोहम्मद रफी और दूसरे किशोर कुमार। एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी होने के साथ-साथ दोनों पक्के दोस्त भी थे। दोनों ने साथ में पर्दा है पर्दा, यादों की बारात जैसे कई बेहतरीन गानों को आवाज दी। फिल्म रागिनी, शरारत और बागी शहजादा में जब किशोर कुमार हीरो बने तो उनके लिए रफी साहब ने ही आवाज दी। किशोर दा के बेटे अमित कुमार ने आरजे राहुल को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि जब 31 जुलाई 1980 को मोहम्मद रफी का निधन हुआ तो किशोर दा उनके शव के पास जाकर बैठ गए। कुछ देर बार उनके पैर पकड़े और जोर-जोर से रोने लगे। सरकार के लिए गाने से इनकार किया तो गानों पर लग गया बैन जब 1975 में इमरजेंसी लगी तो संजय गांधी ने किशोर कुमार से मुंबई में होने वाली एक रैली में गाने को कहा था, लेकिन इमरजेंसी का विरोध कर रहे किशोर दा ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इस बात से नाराज होकर कांग्रेस ने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन में उनके गाने बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया। कुछ समय बाद मोहम्मद रफी ने इंदिरा गांधी से मुलाकात की। दोनों के अच्छे ताल्लुकात थे। ऐसे में रफी साहब ने इंदिरा गांधी से गुजारिश की कि किशोर दा के गानों पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया जाए। इंदिरा गांधी ने उनकी बात मान ली और गाने फिर से बजाए जाने लगे। जब प्रतिबंध हटा तो किशोर दा इसकी वजह जानना चाहते थे। कई जगह हाथ-पैर मारने के बाद उन्हें पता चला कि मोहम्मद रफी ने बिना किसी को बताए ये मदद की है, जबकि दोनों प्रतिद्वंद्वी थे। पता लगते ही किशोर दा उनसे मिलने पहुंचे और शुक्रिया अदा किया। रफी साहब ने उन्हें कसम दे दी कि ये बात किसी को मत बताना। जब कुछ सालों बाद मोहम्मद रफी का इंतकाल हुआ तो उन्होंने कसम तोड़ते हुए सबको उनके बड़प्पन का ये किस्सा सुनाया था। दोस्त नहीं थे तो पेड़ों के नाम रखकर करते थे बातें 1985 में प्रीतीश नंदी को दिए इंटरव्यू में किशोर कुमार ने बताया था कि उनके कोई दोस्त नहीं हैं। लोग उन्हें पागल समझते हैं और उनके घर आने से डरते हैं। ऐसे में उन्होंने अपने घर में कई पेड़ लगाकर उन्हें नाम दिए हैं। वो अकेलेपन में उन्हीं पेड़ों से बातें करते हैं। 1987 तक नए गानों और उनकी ट्यून से नाखुश होकर किशोर दा ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दी। वो रिटायर होकर अपने गांव खंडवा में बसने का प्लान बना रहे थे। अशोक कुमार के 76वें जन्मदिन पर तोड़ा दम बड़े भाई अशोक कुमार के 76वें बर्थडे पर 13 अक्टूबर 1987 को किशोर कुमार ने हार्ट अटैक से दम तोड़ दिया। 58 साल के किशोर कुमार की मौत हिंदी सिनेमा के म्यूजिकल दौर का अंत थी। मौत के एक दिन पहले ही उन्होंने आशा भोसले के साथ फिल्म वक्त की आवाज (1988) का गाना गुरू गुरू रिकॉर्ड किया था। मौत के दिन पत्नी को डराने के लिए कर रहे थे मरने की एक्टिंग किशोर दा की मौत के दिन उनकी पत्नी लीना चंदावरकर घर पर ही थीं। 13 अक्टूबर की सुबह जब वो उन्हें उठाने गईं, तो देखा चेहरे का रंग उतरा हुआ था। वो घबराकर जैसे ही पास पहुंची तो किशोर दा ने तुरंत आंखें खोलीं और कहा- क्या तुम डर गईं। आज मेरी छुट्टी है। किशोर कुमार जानबूझकर पत्नी को डराने के लिए सांस रोककर लेटे थे। उस दिन उनकी कई मीटिंग्स थीं, जो घर पर ही होने वाली थीं। लंच करते हुए उन्होंने पत्नी से कहा- आज मैं फिल्म रिवर ऑफ नो रिटर्न देखूंगा। कुछ समय बाद पत्नी लीना ने सुना कि किशोर दा दूसरे कमरे में कुछ फर्नीचर खिसकाकर उनकी जगह बदल रहे हैं। जब वो देखने पहुंचीं तो वो बिस्तर पर गिरे हुए थे। लीना को देखकर उन्होंने कहा- मुझे बहुत कमजोरी लग रही है। लीना डॉक्टर बुलाने के लिए जैसे ही भागते हुए टेलीफोन के करीब गईं तो उन्होंने गुस्से में रोक दिया और कहा, अगर तुम डॉक्टर को बुलाओगी तो मुझे हार्ट अटैक आ जाएगा। लीना को लगा कि वो मजाक कर रहे हैं, लेकिन कुछ पलों बाद ही उनके दिल की धड़कनें रुक गईं। किशोर कुमार का अंतिम संस्कार खंडवा में हुआ था।

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 10:38 am

रणबीर कपूर ने आलिया-मां नीतू के साथ किया विसर्जन:गोविंदा बेटे के साथ एकता कपूर के घर और सुनीता, कृष्णा-कश्मीरा के घर पहुंचीं, देखिए तस्वीरें

रणबीर कपूर ने शुक्रवार को पत्नी आलिया भट्ट और मां नीतू के साथ गणेश विसर्जन किया। इस दौरान उनकी बेटी राहा गोद में सोती नजर आई। इस समय रणबीर ने परिवार के साथ गणपति बप्पा मोरेया और जय श्री राम का जयकारा लगाया। प्रोड्यूसर एकता कपूर ने भी मुंबई स्थित घर में गणेश पूजा का आयोजन किया, जिसमें फिल्म और टीवी इंडस्ट्री की कई हस्तियां पहुंचीं। गोविंदा एकता कपूर के घर पहुंचे, जबकि पत्नी सुनीता, कृष्णा अभिषेक और कश्मीर शाह के घर गणेश आरती का हिस्सा बनीं। देखिए रणबीर-आलिया के गणपति विसर्जन की तस्वीरें- एकता कपूर के घर हुई गणेश आरती में पहुंचे सेलेब्स टेलीविजन क्वीन और प्रोड्यूसर एकता कपूर ने भी अपने घर में गणेश पूजा का आयोजन किया, जिसमें फिल्म और टीवी इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई हैं। गोविंदा बेटे यशवर्धन के सा आरती में पहुंचे। अंकिता लोखंडे, पति विक्की जैन के साथ पहुंचीं, वहीं आयुष्मान खुराना, चंकी पांडे समेत कई सेलेब्स इस सेलिब्रेशन का हिस्सा बने। गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा, कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा शाह के घर गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बनी हैं। जबकि कुछ महीनों पहले तक सुनीता की कृष्णा के परिवार से अनबन थी। सुनीता ने इस दौरान कपिल शर्मा के साथ तस्वीरें क्लिक करवाई हैं। अंकिता लोखंडे का गणपति पूजा में दिखा मजेदार अंदाज अंकिता लोखंडे ने भी शुक्रवार को बप्पा का विसर्जन किया। इससे पहले बप्पा की आरती करते हुए अंकिता लोखंडे काफी एनर्जेटिक नजर आईं। देखिए अंकिता लोखंडे-विक्की जैन के गणपति विसर्जन की तस्वीरें-

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 8:56 am

ललित मोदी पर बनेगी बायोपिक:रणवीर सिंह रोल निभाने में दिलचस्पी दिखा चुके, साजिद नाडियाडवाला प्रोड्यूस करेंगे फिल्म

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के संस्थापक ललित मोदी की जिंदगी पर फिल्म बनने जा रही है। पिंकविला की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बायोपिक को साजिद नाडियाडवाला अपने बैनर नाडियाडवाला ग्रैंडसन एंटरटेनमेंट के तहत प्रोड्यूस करेंगे। फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने का काम पूर्व टीवी एग्जीक्यूटिव और प्रोड्यूसर स्नेहा रजनी कर रही हैं। यह फिल्म ललित मोदी के शुरुआती जीवन, IPL की शुरुआत, उनकी सफलता और बाद में जुड़े विवादों पर आधारित होगी। कुछ समय पहले रणवीर सिंह ने ललित का रोल निभाने में दिलचस्पी दिखाई थी। न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में ललित मोदी ने भी पुष्टि की थी कि रणवीर उनका रोल निभाना चाहते हैं। ललित करीब 16 साल से लंदन में रह रहे हैं। रणवीर सिंह ने लंदन जाकर की थी मुलाकात मेकर्स इस बायोपिक में ललित मोदी की सिर्फ हेडलाइंस और विवादों पर ध्यान देने के बजाय उनके निजी जीवन और करियर के अलग-अलग पहलुओं को दिखाना चाहते हैं। फिल्म की राइटिंग और डेवलपमेंट का काम अभी जारी है। एएनआई से बातचीत में ललित मोदी ने बताया था कि स्नेहा रजनी की अगुआई में एक टीम उनके दर्जनों इंटरव्यू ले चुकी है। उन्होंने यह भी खुलासा किया था कि कुछ साल पहले एक्टर रणवीर सिंह उनसे मिलने लंदन पहुंचे थे और उन्होंने बायोपिक में ललित मोदी का किरदार निभाने की इच्छा जताई थी। हालांकि, स्टार कास्ट और डायरेक्टर को लेकर अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। 2008 में IPL की शुरुआत, कोच्चि फ्रेंचाइजी विवाद इंडिया में IPL कैसे लाए ललित मोदी दिल्ली की बड़ी बिजनेसमैन फैमिली में जन्मे ललित मोदी ने US से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद भारत लौट आए। यहां देखा कि लोगों में क्रिकेट के प्रति बड़ी दीवानगी है। अमेरिका के खेलों से इंस्पिरेशन लेते हुए ललित ने भारत में IPL शुरू कराने के बारे में सोचा। हिमाचल, राजस्थान और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के मेंबर बनाने के बाद BCCI के साथ मिलकर ललित ने IPL के प्लान पर काम करना शुरू किया। IPL कॉन्ट्रोवर्सी में घिरे ललित, BCCI ने 22 आरोप लगाए थे ED की जांच, विदेश जाना और 'ललितगेट' विवाद मां की सहेली से की शादी ललित को विदेश में पढ़ाई के दौरान उनकी मां की सहेली मीनल से प्यार हो गया था। मीनल उम्र में ललित से 9 साल बड़ी थीं, इसके बावजूद मोदी और मीनल के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। मीनल की शादी नाइजीरिया के बिजनेसमैन जैक सागरानी से हो रही थी। उससे ठीक पहले ललित ने मीनल से प्यार का इजहार कर दिया, जिससे मीनल गुस्सा हो गईं। उन्होंने चार साल तक मोदी से बातचीत बंद कर दी। ये खबर भी पढ़ें 'मैं सुष्मिता सेन का केप्ट बॉयफ्रेंड था':एक्ट्रेस पर लगे 'गोल्ड डिगर' टैग पर ललित मोदी बोले- हर जगह वही पेमेंट करती थीं बिजनेसमैन और पूर्व आईपीएल चेयरमैन ललित मोदी ने हाल ही में अपनी पूर्व पार्टनर सुष्मिता सेन को स्पेशल बताया। साथ ही उन्होंने एक्ट्रेस पर लगे 'गोल्ड डिगर' (पैसे के लिए रिश्ता रखने वाली) के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एक्ट्रेस हर चीज की पेमेंट करती थीं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 4:30 am

रिजेक्शन और रिप्लेसमेंट के बाद तारा सुतारिया ने बनाई पहचान:बोलीं- फिल्मों से निकाले जाने पर बहुत तकलीफ होती थी, खुद से सवाल करती थी

बॉलीवुड में पहचान बनाने का सपना लेकर आने वाले हर कलाकार का सफर एक जैसा नहीं होता। कुछ को फिल्मी परिवार का सहारा मिलता है, तो कुछ हुनर और मेहनत के दम पर इंडस्ट्री में जगह बनाने की कोशिश करते हैं। अभिनेत्री तारा सुतारिया का सफर भी ऐसा ही है। अभिनय के साथ संगीत और गायकी में रुचि रखने वाली तारा ने टेलीविजन से शुरुआत की और 2019 में करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ से बड़े पर्दे पर कदम रखा। तारा का फिल्मी सफर कई अनुभवों से गुजर चुका है। उन्होंने रोमांटिक और एक्शन फिल्मों में काम किया और अपूर्वा जैसी सर्वाइवल थ्रिलर में मुख्य भूमिका निभाई। इस दौरान उन्हें फिल्मों से रिप्लेस किए जाने और इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। आज की सक्सेस स्टोरी में तारा सुतारिया के जीवन और करियर से जुड़ी खास बातें। बचपन से ही संगीत और मंच से जुड़ाव तारा सुतारिया का जन्म 19 नवंबर 1995 को मुंबई में हुआ। उन्हें बचपन से संगीत और परफॉर्मिंग आर्ट्स में रुचि थी। उन्होंने कम उम्र में गायन की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। संगीत के अलावा नृत्य और मंच पर प्रस्तुति देने का भी अनुभव रहा है। वह लगभग 15 साल की उम्र से मंच पर प्रस्तुति दे रही थीं। तारा हमेशा गायिका और परफॉर्मर बनना चाहती थीं। बॉलीवुड में अभिनय का मौका मिलने के बाद भी संगीत उनके लिए महत्वपूर्ण बना रहा। तारा ने म्यूजिकल थिएटर में भी काम किया। वह रैल पदमसी के प्रोडक्शन ‘ग्रीस’ और अश्विन गिडवानी के ‘ब्लेम इट ऑन यशराज’ जैसे म्यूजिकल प्रोजेक्ट्स से जुड़ी रहीं। इस अनुभव से उन्हें मंच पर आत्मविश्वास और दर्शकों के सामने प्रस्तुति का अवसर मिला। डिज्नी चैनल से शुरू हुआ अभिनय का सफर फिल्मों में आने से पहले तारा सुतारिया टेलीविजन पर काम कर चुकी थीं। उन्होंने डिज्नी चैनल के शो ‘द सूट लाइफ ऑफ करण एंड कबीर’ और ‘ओए जस्सी’ में अभिनय किया। इसके अलावा उन्होंने ‘बिग बड़ा बूम’ से बतौर गायिका और परफॉर्मर टीवी करियर की शुरुआत की थी। वह ‘एंटरटेनमेंट के लिए कुछ भी करेगा’ और ‘बेस्ट ऑफ लक निक्की’ जैसे टीवी शोज में भी नजर आईं। टेलीविजन पर काम करने से उन्हें कैमरे के सामने अभिनय और दर्शकों से जुड़ने का अनुभव मिला। यह उनके करियर का शुरुआती चरण था, जिसने उन्हें फिल्मों की दुनिया में कदम रखने के लिए तैयार किया। तारा का एक और हुनर गायकी था। उन्होंने PTI को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह फिल्मों में गाना चाहती थीं और भविष्य में बॉलीवुड फिल्मों के लिए भी गाना चाहती हैं। स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ से बॉलीवुड डेब्यू साल 2019 तारा सुतारिया के करियर के लिए महत्वपूर्ण रहा। इसी साल उन्होंने पुनीत मल्होत्रा के निर्देशन में बनी फिल्म 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। फिल्म में उनके साथ टाइगर श्रॉफ और अनन्या पांडे मुख्य भूमिकाओं में थे। तारा ने फिल्म में मिया चावला का किरदार निभाया। यह कॉलेज लाइफ, दोस्ती, प्यार और प्रतियोगिता पर आधारित कहानी थी। फिल्म को समीक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, लेकिन तारा के लिए यह बड़े पर्दे पर शुरुआत का अवसर था। तारा ने अपनी डेब्यू फिल्म के प्रदर्शन पर कहा था कि फिल्म को लेकर लोगों की राय अलग हो सकती है, लेकिन उनके अनुसार फिल्म ने कमाई की थी और वह इसे असफल नहीं मानती थीं। तारा ने बताया था कि ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ की शूटिंग के दौरान उन्हें दूसरी फिल्मों के ऑफर मिलने लगे थे। इनमें ’कबीर सिंह' और ‘मरजावां’ जैसी फिल्में शामिल थीं। उनका डेब्यू ऐसे समय में हुआ, जब वह अभिनय के साथ गायकी और मंचीय अनुभव को भी आगे बढ़ाना चाहती थीं। ‘मरजावां’ में निभाया अलग तरह का किरदार 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ के बाद तारा सुतारिया की दूसरी फिल्म मरजावां थी, जो 2019 में रिलीज हुई। मिलाप जावेरी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा, रितेश देशमुख और रकुल प्रीत सिंह प्रमुख भूमिकाओं में थे। तारा ने फिल्म में जोया का किरदार निभाया था। उनका किरदार बोल और सुन नहीं सकता था। उन्हें संवादों के बजाय भाव-भंगिमा और सांकेतिक भाषा के माध्यम से अभिनय करना पड़ा। तारा कहती हैं कि उन्होंने इस भूमिका के लिए सांकेतिक भाषा सीखने पर काम किया। वह चाहती थीं कि उनके अभिनय में ऐसी गलती न हो, जिससे संबंधित समुदाय को बुरा लगे। ‘मरजावां’ उनके लिए महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इसमें उन्होंने अपनी डेब्यू फिल्म के कॉलेज रोमांस से अलग भूमिका निभाई। फिल्म में एक्शन, रोमांस और भावनात्मक संघर्ष का मिश्रण था। तारा ने इस फिल्म के जरिए दिखाने की कोशिश की कि वह अलग तरह के किरदार निभाने के लिए भी तैयार हैं। फिल्मों से रिप्लेस होने का अनुभव फिल्म इंडस्ट्री में काम पाने के साथ-साथ किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा बने रहना भी कलाकारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। तारा सुतारिया ने करियर के दौरान ऐसे अनुभवों का सामना किया है। जूम टीवी एंटरटेनमेंट के इंटरव्यू में तारा ने फिल्मों से रिप्लेस किए जाने के अनुभवों पर बात की है। उन्होंने बताया कि कुछ मौकों पर उन्हें फिल्मों से बाहर किए जाने की जानकारी मिली, जबकि वह उन प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने की उम्मीद कर रही थीं। किसी फिल्म से जुड़े होने की उम्मीद के बाद अचानक किसी दूसरे कलाकार को अपनी जगह देखना भावनात्मक रूप से मुश्किल हो सकता है। तारा के लिए भी यह शुरुआती करियर का ऐसा अनुभव रहा, जिसने उन्हें इंडस्ट्री के काम करने के तरीके को समझने का अवसर दिया। ‘तड़प’ में रोमांटिक ड्रामा का अनुभव साल 2021 में तारा सुतारिया फिल्म ‘तड़प’ में नजर आईं। मिलन लुथरिया के निर्देशन में बनी यह तेलुगु फिल्म RX 100 का हिंदी रीमेक थी। इसमें तारा के साथ अहान शेट्टी ने अभिनय किया था। तारा ने फिल्म में रमिसा नौटियाल का किरदार निभाया। अहान शेट्टी के लिए यह बॉलीवुड डेब्यू था। कहानी प्यार, रिश्तों और भावनात्मक उतार-चढ़ाव पर आधारित थी। फिल्म की शूटिंग और प्रमोशन के दौरान तारा ने अहान शेट्टी के साथ काम करने के अनुभव पर भी बात की थी। यह फिल्म तारा के करियर में एक और रोमांटिक भूमिका लेकर आई। उनके लिए यह ऐसा प्रोजेक्ट था, जिसमें नए कलाकार के साथ काम करने और अलग तरह की कहानी पर्दे पर पेश करने का अनुभव मिला। ‘हीरोपंती 2’ में एक्शन और बड़े बजट की फिल्म साल 2022 में तारा सुतारिया ‘हीरोपंती 2’ में नजर आईं। अहमद खान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में टाइगर श्रॉफ और नवाजुद्दीन सिद्दीकी प्रमुख भूमिकाओं में थे। तारा ने फिल्म में इनाया सरन का किरदार निभाया। यह एक्शन और रोमांस की कहानी थी, जिसमें बड़े स्तर के एक्शन सीक्वेंस और मनोरंजन का मिश्रण था। ‘हीरोपंती 2’ तारा के लिए अलग अनुभव था। इससे पहले वह कॉलेज रोमांस, भावनात्मक ड्रामा और रोमांटिक भूमिकाओं में नजर आ चुकी थीं। इस फिल्म में उन्हें बड़े एक्शन प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने का अवसर मिला। हालांकि, फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली। फिर भी यह उनके फिल्मी सफर का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रहा। ‘एक विलेन रिटर्न्स में’ थ्रिलर का हिस्सा बनीं इसी साल तारा सुतारिया ‘एक विलेन रिटर्न्स’ में भी नजर आईं। मोहित सूरी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अर्जुन कपूर, जॉन अब्राहम और दिशा पाटनी प्रमुख भूमिकाओं में थे। तारा ने फिल्म में आरवी मल्होत्रा का किरदार निभाया। यह 2014 में आई ‘एक विलेन’ से जुड़ी फ्रेंचाइजी का हिस्सा थी, लेकिन इसकी कहानी अलग थी। फिल्म में रोमांस, थ्रिलर और इमोशनल ड्रामा का मिश्रण था। तारा के किरदार को कहानी के रोमांटिक पक्ष से जोड़ा गया था। ‘एक विलेन रिटर्न्स’ के जरिए तारा ने एक और फिल्म फ्रेंचाइजी में काम किया। यह उनके करियर का दौर था, जब वह अलग-अलग तरह की व्यावसायिक फिल्मों में जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं। ‘अपूर्वा’ में मुख्य भूमिका और सर्वाइवल थ्रिलर साल 2023 में तारा सुतारिया फिल्म ‘अपूर्वा’ में मुख्य भूमिका में नजर आईं। निखिल नागेश भट्ट के निर्देशन में बनी यह सर्वाइवल थ्रिलर थी। फिल्म की कहानी एक युवती के इर्द-गिर्द घूमती है, जो खतरनाक परिस्थितियों में फंस जाती है और अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करती है। तारा ने अपूर्वा कश्यप का किरदार निभाया। यह फिल्म उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इसमें वह कहानी के केंद्र में थीं। उनके पहले के कई प्रोजेक्ट्स में रोमांस और ग्लैमर प्रमुख रहा था, जबकि ‘अपूर्वा’ में उन्हें तनावपूर्ण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभिनय का मौका मिला। फिल्म ने उनके करियर में एक अलग जॉनर जोड़ा और दिखाया कि वह केवल रोमांटिक फिल्मों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। आउटसाइडर होने पर क्या बोलीं तारा? तारा सुतारिया ने बॉम्बे टाइम्स को दिए इंटरव्यू में बॉलीवुड में अपने आठ साल के सफर पर बात की थी। इस इंटरव्यू में तारा ने कहा कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआत की, तब वह बहुत कम लोगों को जानती थीं। फिल्मी दुनिया के काम करने के तरीकों को समझने में उन्हें कई साल लगे। उन्होंने बताया था कि फिल्मी परिवार से नहीं आने वाले कलाकारों के लिए इंडस्ट्री को समझना अलग अनुभव होता है। फिल्मी परिवारों से जुड़े लोगों को कई बार फिल्मों के बनने, प्रोजेक्ट्स के ट्रैक होने और इंडस्ट्री में काम के अवसरों की जानकारी पहले से मिल जाती है। तारा के मुताबिक, बाहर से आने वाले कलाकारों के लिए ऐसी जानकारियां आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं। उन्होंने अपने अनुभव को मुश्किल और कई बार अकेलेपन भरा बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता और दोस्तों का सहयोग उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा। वह अपने परिवार से काम और निजी जीवन से जुड़ी परेशानियों पर बात कर पाती हैं। तारा ने इस बातचीत में बताया कि समय के साथ उन्होंने अपनी पसंद और नापसंद को समझा। अब वह जानती हैं कि किन लोगों के साथ काम करना चाहती हैं और किस तरह के प्रोजेक्ट्स उनके लिए सही हैं। बॉलीवुड में संकोची लोगों के लिए मुश्किल तारा सुतारिया ने करियर के शुरुआती दौर में भी बॉलीवुड के काम करने के तरीके पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि बॉलीवुड में लोग सक्रिय और अपने काम को लेकर आगे बढ़ने वाले होते हैं। ऐसे माहौल में संकोची व्यक्ति के लिए अपनी बात रखना और नए लोगों से जुड़ना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। तारा ने यह भी कहा था कि उन्हें अपने व्यक्तित्व पर काम करना होगा, ताकि वह इंडस्ट्री में बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकें। उन्होंने बताया कि समय के साथ उन्होंने इंडस्ट्री को समझा और अपने लिए एक अलग जगह बनाई। अब संख्या से ज्यादा गुणवत्ता पर ध्यान तारा ने बताया कि अब वह काम की संख्या से ज्यादा गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि पहले वह एक साल में लगभग तीन फिल्मों की शूटिंग करती थीं, लेकिन अब उन्होंने करियर को लेकर सोच बदली है। वह ऐसा काम करना चाहती हैं, जिसमें उन्हें रचनात्मक संतुष्टि मिले। तारा ने अपनी गायकी और संगीत के प्रति रुचि पर भी बात की। अभिनय के साथ संगीत उनके लिए हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। अब वह इस हुनर पर भी ध्यान देना चाहती हैं। उनके करियर में यह बदलाव महत्वपूर्ण है। शुरुआती दौर में जहां वह लगातार फिल्मों का हिस्सा बन रही थीं, वहीं अब वह काम को लेकर अधिक चयनात्मक होने की बात कहती हैं। यह बदलाव किसी कलाकार के लिए महत्वपूर्ण होता है। जब कोई कलाकार अपने अनुभवों से सीखता है, तो वह धीरे-धीरे तय करने लगता है कि किस तरह का काम उसके लिए सही है। टॉक्सिक और दक्षिण भारतीय सिनेमा में कदम तारा सुतारिया की फिल्मोग्राफी में ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ भी शामिल है। इस फिल्म में यश, नयनतारा, कियारा आडवाणी और अन्य कलाकारों के साथ तारा नजर आईं। फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। ट्रेलर लॉन्च के दौरान तारा ने इसे अपने लिए सपने के सच होने जैसा बताया था। _____________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. 750+ फिल्में कीं, स्टार बने, गरीबी का डर नहीं गया:रवि किशन बोले- सेवन स्टार होटल में अच्छा खाना ऑर्डर करने से डरता हूं एक मिट्टी के घर से निकला लड़का, परिवार पर जिम्मेदारियों का बोझ, खेत गिरवी और पेट भरने के लिए 12 लोगों के बीच एक खिचड़ी। फिर मुंबई का सफर, जहां वड़ा पाव और चाय के सहारे दिन गुजरे और 15 साल तक काम के बदले सम्मानजनक पैसे नहीं मिले। यही रवि किशन की उस जिंदगी की तस्वीर है, जिसे वे आज भी भूल नहीं पाए हैं।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 19 Sep 2026 4:30 am

ऑस्कर 2027 में भारत की ऑफिशियल एंट्री बनी 'गोंधल':33 फिल्मों को पछाड़कर चुनी गई मराठी थ्रिलर; 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी

मराठी फिल्म 'गोंधल' (Gondhal) को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2027) के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री चुना गया है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) ने शुक्रवार को इस बात की आधिकारिक घोषणा की। यह एक थ्रिलर फिल्म है, जो ऑस्कर समारोह में 'बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म' कैटेगरी में देश का प्रतिनिधित्व करेगी। इस बार ऑस्कर की रेस में भारत की तरफ से कुल 33 फिल्में शामिल हुई थीं, जिनमें से चयन समिति ने 'गोंधल' के नाम पर मुहर लगाई। रेस में शामिल थीं 33 फिल्में, 14 हिंदी फिल्में भी थीं रेस में इस साल ऑस्कर की दावेदारी के लिए देश भर की अलग-अलग भाषाओं से कुल 33 फिल्में FFI के पास भेजी गई थीं। इसमें सबसे ज्यादा 14 फिल्में हिंदी भाषा की थीं। इसके अलावा मराठी, तेलुगु और गुजराती भाषा से 4-4 फिल्में, तमिल से 3 फिल्में और मलयालम व नागामी भाषा से 1-1 फिल्म शामिल थी। हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की मजबूत दावेदारी के बावजूद मराठी फिल्म 'गोंधल' बाजी मारने में सफल रही। फिल्म की मजबूत कहानी, बेहतरीन मेकिंग और थ्रिलर एलीमेंट को देखते हुए जूरी ने माना कि यह फिल्म ऑस्कर के अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। 13 सदस्यीय जूरी पैनल ने किया फैसला फिल्म के चयन के लिए फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने एक विशेष जूरी का गठन किया था। इस जूरी पैनल में पी शेषाद्री, विजय पाटकर, हितू कनोडिया, शांति कुमार, संदीप पराशर, संजय पाटिल, साबू जोसेफ, अनिल थॉमस, विवेक वासवानी, बिजॉन दासगुप्ता, हासन, वासन और तनिष्ठा चटर्जी जैसे दिग्गज शामिल थे। जूरी मेंबर्स ने सभी प्रविष्टियों की गहन समीक्षा करने के बाद इस मराठी थ्रिलर को ऑस्कर 2027 के मंच पर भेजने का फैसला लिया। पिछले साल ‘होमबाउंड’ भारत की ऑस्कर एंट्री थी पिछले साल फिल्म होमबाउंड को भारत की ओर से ऑस्कर के लिए भेजा गया था। फिल्म में ईशान खट्टर और विशाल जेठवा मुख्य भूमिकाओं में थे। 2025 में अलग-अलग भाषाओं की कुल 24 फिल्मों पर भारत की ऑस्कर एंट्री के लिए विचार किया गया था। इनमें होमबाउंड का सेलेक्शन हुआ था। उस समय सेलेक्शन कमेटी के चेयरपर्सन एन चंद्रा ने कहा था कि यह फैसला काफी मुश्किल था। एन चंद्रा ने कहा था, “ये ऐसी फिल्में थीं, जिन्होंने लोगों की जिंदगी को छुआ।” नीरज घायवान के डायरेक्शन में बनी होमबाउंड बशारत पीर के 2020 के न्यूयॉर्क टाइम्स के लेख 'टेकिंग अमृत होम' पर आधारित थी। ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट फिल्म समेत 6 अवॉर्ड जीते थे 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स (2026) में ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट फिल्म समेत सबसे ज्यादा 6 अवॉर्ड जीते थे। ‘सिनर्स’ के लिए माइकल बी. जॉर्डन को बेस्ट एक्टर और ‘हेमनेट’ के लिए जेसी बकले को बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया था। ‘सिनर्स’ को सबसे ज्यादा 16 नॉमिनेशन मिले थे, लेकिन फिल्म ने 4 अवॉर्ड जीते थे। वहीं, भारतीय मूल की फिल्ममेकर गीता गंदभीर की दो डॉक्यूमेंट्री नॉमिनेट हुईं। प्रियंका चोपड़ा ने दूसरी बार ऑस्कर में प्रेजेंटर की भूमिका निभाई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 18 Sep 2026 3:52 pm

जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से आमिर खान मिले:दोनों ने बातचीत भी की, मुलाकात के बाद महाभारत प्रोजेक्ट चर्चा में आया

बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान हाल ही में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी सतीशाचार्य महाराज से मिले। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी देर बातचीत हुई। आमिर ने आध्यात्मिक गुरु के प्रति अपना आभार भी व्यक्त किया। जगद्गुरु महाराज की सोशल मीडिया टीम ने आमिर के साथ मुलाकात का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'जब आध्यात्म और सिनेमा जगत की दो प्रमुख हस्तियां एक साथ आईं।' टीम के अनुसार, आमिर ने जगद्गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया और उनसे बातचीत की। वीडियो में आमिर हल्के नीले और सफेद रंग का कुर्ता और काला पजामा पहने नजर आए। वह जगद्गुरु महाराज के पास जाते, उनसे हाथ मिलाते और गर्मजोशी से गले मिलते दिखे। आध्यात्मिक गुरु की बातें सुनते हुए आमिर काफी प्रभावित नजर आए। देखें मुलाकात की तस्वीरें- मुलाकात के बाद पैपराजी में भी यह उत्सुकता दिखी कि क्या दोनों मिलकर कुछ करने की योजना बना रहे हैं। एक पैपराजी ने जगद्गुरु महाराज से पूछा, 'क्या होने वाला है? कोई कार्यक्रम है?' इस पर जगद्गुरु महाराज ने कहा कि उन्हें वहां जाना होगा जहां 'धर्म' उन्हें बुलाएगा, क्योंकि अभी गणेश महोत्सव का जश्न चल रहा है। यह पहली बार नहीं है जब आमिर खान जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से मिले हैं। इससे पहले भी आमिर ने उनका आशीर्वाद लिया था और धर्म, उपनिषद और आध्यात्मिकता जैसे विषयों पर उनसे विस्तार से बातचीत की थी। मुलाकात के बाद आमिर का ‘महाभारत’ प्रोजेक्ट फिर चर्चा में आमिर खान कई बार फिल्म 'महाभारत' को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बता चुके हैं। ऐसे में जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से उनकी मुलाकात के बाद 'महाभारत' को लेकर चर्चा फिर शुरू हो गई है। गौरतलब है कि महाभारत पर आमिर पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से काम करने की इच्छा जता रहे हैं। आमिर खान इस महाकाव्य को किसी एक फिल्म में नहीं, बल्कि हॉलीवुड की मशहूर फिल्म सीरीज 'लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' की तरह एक भव्य फिल्म सीरीज के रूप में बैक-टू-बैक चैप्टर्स में बनाना चाहते हैं। साल 2024 में बीबीसी से बातचीत के दौरान आमिर खान ने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा था, 'यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है और मेरे लिए किसी चैलेंज से कम नहीं है। मुझे डर है कि इसे बनाते समय मुझसे कोई गलती न हो जाए। यह एक बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि महाभारत हमारे लिए बहुत करीब है। यह हमारे खून में है, इसलिए मैं इसे बिल्कुल सही तरीके से बनाना चाहता हूं।' आमिर ने कहा था, ‘मैं हर भारतीय को गर्व महसूस कराना चाहता हूं और साथ ही दुनिया को यह दिखाना चाहता हूं कि भारत के पास क्या है। मुझे नहीं पता, यह कब बन पाएगा।’ आमिर आध्यात्म की ओर बढ़ रहे हैं: सतीशाचार्य महाराज जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज ने एक इंटरव्यू में आमिर खान को लेकर कई बातें साझा की थीं। उन्होंने कहा था कि व्यक्तिगत रूप से वह बहुत अच्छे इंसान हैं। महाराज के मुताबिक, कुछ समय से आमिर उनके संपर्क में हैं और आध्यात्म की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि आमिर गीता पढ़ते हैं, कलावा बांधते हैं और रुद्राक्ष धारण करते हैं। इसके अलावा, वे भगवान का नाम लेते हैं और भजन भी सीख रहे हैं। महाराज ने बताया था कि आमिर उनसे मिलने पर उनके लिए भजन गाकर सुनाते हैं। उन्होंने यह भी किस्सा साझा किया कि जब वे आमिर के घर भोजन करने गए थे, तो आमिर ने विशेष तैयारी करवाई। उनके मुताबिक, पूरे घर को गंगाजल से साफ करवाया गया, नए बर्तन और अनाज मंगवाए गए। इसके बाद भोजन बनाकर भगवान को भोग लगाया गया और पारंपरिक पद्धति से उन्हें भोजन कराया गया।

दैनिक भास्कर 18 Sep 2026 3:43 pm

आईफोन-18 खरीदने के लिए भीड़ पर सोनू सूद का तंज:नई EMI से समाज नहीं बदलेगा; विक्की कौशल ने ली सेल्फी, रितेश-जेनेलिया ने शेयर की तस्वीरें

मुंबई के बीकेसी स्थित एपल स्टोर के बाहर नए आईफोन-18 की बिक्री शुरू होते ही लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। एक तरफ जहां आम लोग रातभर लाइन में लगकर नए हैंडसेट का इंतजार करते दिखे, वहीं दूसरी तरफ बॉलीवुड के कई सितारे भी इस ट्रेंड में शामिल होते नजर आए। एक्टर विक्की कौशल स्टोर पहुंचकर फैंस के साथ सेल्फी लेते दिखाई दिए, जबकि रितेश देशमुख, जेनेलिया, नेहा धूपिया और करिश्मा तन्ना जैसे कलाकारों ने सोशल मीडिया पर अपने नए हैंडसेट की तस्वीरें शेयर कीं। इस बीच एक्टर सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर इस होड़ पर सवाल उठाया और लोगों को समाज सुधारने पर ध्यान देने की सलाह दी। सोनू सूद बोले- ईएमआई और वही पुराने बिल स्टोर के बाहर लगी लंबी लाइनों की तस्वीर शेयर करते हुए सोनू सूद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि नया फोन और नई ईएमआई से पुराने बिल नहीं बदलते। उन्होंने लिखा कि अब समय आ गया है कि लोग सिर्फ अपने फोन को अपग्रेड करने के बजाय समाज में बदलाव लाने के लिए लाइन में लगें, क्योंकि असली अपग्रेड एक बेहतर समाज बनाना है। स्टोर पर पहुंचे विक्की कौशल, सेल्फी ली मुंबई के बीकेसी स्टोर पर बिक्री के पहले ही दिन सैकड़ों लोगों का हुजूम देखने को मिला। इस दौरान एक्टर विक्की कौशल भी वहां पहुंचे और उन्होंने फैंस के साथ सेल्फी क्लिक की। स्टोर के बाहर कई लोग ऐसे भी थे जो सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके पहुंचे थे और अपने शहर में पहला हैंडसेट खरीदने के लिए रातभर लाइन में खड़े रहे। बॉलीवुड में नए आईफोन का ट्रेंड फिल्म इंडस्ट्री के सितारों का लग्जरी लाइफस्टाइल और महंगे गैजेट्स से पुराना रिश्ता रहा है। बाजार में नया मॉडल आते ही कई स्टार्स इसके अलग-अलग कलर वेरिएंट्स के साथ नजर आने लगे हैं। एक्टर रितेश देशमुख ने सोशल मीडिया पर नीले रंग के फोन के साथ अपनी फोटो पोस्ट की और लिखा कि मेरे वाला ब्लू। वहीं उनकी पत्नी जेनेलिया देशमुख, एक्ट्रेस नेहा धूपिया और करिश्मा तन्ना ने बरगंडी कलर के मॉडल को पसंद किया और अपनी तस्वीरें शेयर कीं। इससे पहले इस महीने आयोजित हुए कंपनी के एक इवेंट में सिंगर एपी ढिल्लों और एक्ट्रेस तृप्ति डिमरी भी शामिल हुए थे, जहां उन्होंने कंपनी के सीईओ से मुलाकात की थी। मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु स्टोर्स के बाहर लगी कतारें भारत में आज शुक्रवार 18 सितंबर से एपल के नए फ्लैगशिप स्मार्टफोन आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स की बिक्री शुरू हो गई है। देश भर के एपलल स्टोर्स और अधिकृत रिटेलर्स के बाहर नए आईफोन को सबसे पहले खरीदने के लिए खरीदारों की भीड़ है। लॉन्च डे पर एपल के रिटेल स्टोर्स तय समय से पहले यानी सुबह 8 बजे खोल दिए गए। भारत में एपल के कुल 6 रिटेल स्टोर है। मुंबई में दो, दिल्ली, नोएडा, बेंगलुरु और पुणे में एक स्टोर है। ये खबर भी पढ़ें आईफोन 18 के लॉन्च इवेंट में पहुंची तृप्ति डिमरी:एपी ढिल्लों भी नजर आए; एपल के सीईओ जॉन टर्नस से मुलाकात की एक्ट्रेस तृप्ति डिमरी और सिंगर एपी ढिल्लों बुधवार को अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित क्यूपर्टिनो पहुंचे। दोनों ने यहां आयोजित एपल के आईफोन 18 लॉन्च इवेंट में हिस्सा लिया। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 18 Sep 2026 3:10 pm

मूवी रिव्यू-'लस्ट स्टोरीज 3':चार कहानियां, चार रंग और रिश्तों की वो बातें जो लोग अक्सर कह नहीं पाते

अवधि: 2 घंटे 44 मिनटरेटिंग: (3.5/5)स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म: नेटफ्लिक्सनिर्देशक: विक्रमादित्य मोटवानी, किरण राव, शकुन बत्रा, विशाल भारद्वाजकलाकार: कोंकणा सेन शर्मा, राधिका आप्टे, विजय वर्मा, अभिषेक बनर्जी, गुरफतेह पीरजादा, सना थंपी, राधिका मदान, अली फजल, अदिति राव हैदरी, सिद्धार्थ, गजराज राव ‘लस्ट स्टोरीज 3’ को देखने बैठते वक्त उम्मीद यही रहती है कि चार अलग-अलग निर्देशक रिश्तों, आकर्षण और इच्छाओं को अपने-अपने अंदाज में दिखाएंगे। अच्छी बात ये है कि फिल्म इस उम्मीद को पूरी तरह निराश नहीं करती। कहीं कहानी हंसाती है, कहीं रिश्तों की उलझन दिखाती है और कहीं आपको चौंकाती है। हां, चारों कहानियां बराबर दमदार नहीं हैं, लेकिन दो घंटे 40 मिनट में फिल्म इतना मसाला जरूर दे देती है कि देखने वाले का ध्यान बना रहता है। और इस बार सबसे ज्यादा सरप्राइज देती हैं अदिति राव हैदरी। कहानी: चार किस्से, चार अलग अंदाज फिल्म की पहली कहानी विक्रमादित्य मोटवानी की है। इसमें कोंकणा सेन शर्मा और राधिका आप्टे दो करीबी दोस्त हैं, जो अपनी-अपनी शादीशुदा जिंदगी से पूरी तरह खुश नहीं हैं। इंटरनेट पर कुछ देखने के बाद दोनों के दिमाग में एक ऐसा आइडिया आता है, जो दोस्ती और शादी दोनों की परीक्षा ले सकता है। यहां विजय वर्मा और अभिषेक बनर्जी अपने-अपने अंदाज में कहानी में कॉमेडी का तड़का लगाते हैं। कोंकणा और राधिका की दोस्ती वाला हिस्सा खास तौर पर अच्छा है। कहानी बहुत गहरी नहीं जाती, लेकिन हल्के-फुल्के अंदाज में काफी कुछ कह जाती है। दूसरी कहानी किरण राव की है और यहीं फिल्म थोड़ा अलग रास्ता पकड़ती है। गुरफतेह पीरजादा डबल रोल में हैं और सना थंपी के साथ उनकी कहानी शुरुआत में एक सामान्य आकर्षण की तरह लगती है। लेकिन धीरे-धीरे मामला रिश्ते से निकलकर अपराध और धोखे तक पहुंच जाता है। इस हिस्से का ट्विस्ट कहानी को संभालता है, हालांकि बीच में ऐसा भी लगता है कि कहानी जरूरत से ज्यादा चीजें एक साथ करने की कोशिश कर रही है। तीसरी कहानी शकुन बत्रा की है और शायद फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा भी यही है। राधिका मदान और अली फजल एक ऐसे कपल के किरदार में हैं जो तलाक लेने की तैयारी कर रहा है। दोनों के बीच गुस्सा है, शिकायतें हैं और बहुत सारी अनकही बातें हैं। लेकिन अजीब बात ये है कि जब भी दोनों मिलते हैं, उनके बीच वही पुरानी नजदीकी लौट आती है। यानी रिश्ता खत्म करने का फैसला तो हो चुका है, लेकिन दिल और आदतें अभी भी पुरानी जगह पर खड़ी हैं। शकुन बत्रा इसी उलझन को पकड़ते हैं। कहानी सिर्फ आकर्षण की नहीं रहती, बल्कि इस सवाल तक पहुंचती है कि क्या दो लोग एक-दूसरे से प्यार किए बिना भी एक-दूसरे के इतने करीब रह सकते हैं कि अलग होना मुश्किल हो जाए? और फिर आती है विशाल भारद्वाज की कहानी, जो फिल्म का सबसे अलग और सबसे मजेदार हिस्सा है। अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ एक पति-पत्नी के किरदार में हैं। कहानी पुराने दौर के हैदराबाद में सेट है, जहां अदिति का किरदार धीरे-धीरे रोमांटिक और कामुक साहित्य की दुनिया में दिलचस्पी लेने लगता है। यहीं से उसकी कल्पना और असली जिंदगी के बीच की सीमा थोड़ी धुंधली होने लगती है। सिद्धार्थ का किरदार भी इस पूरे खेल में काफी दिलचस्प है और गजराज राव अपने खास अंदाज में कहानी में खूब रंग भरते हैं। विशाल भारद्वाज ने इस हिस्से को इतना हल्का, शरारती और मजेदार रखा है कि कहानी कहीं भी भद्दी नहीं लगती। एक्टिंग: अदिति राव हैदरी ने बाजी मार ली चारों कहानियों में कलाकारों ने अच्छा काम किया है, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान खींचती हैं अदिति राव हैदरी। उनका किरदार मासूम भी है, जिज्ञासु भी और अंदर से काफी शरारती भी। अदिति ने इन तीनों रंगों को बहुत खूबसूरती से पकड़ा है। खासकर उनके चेहरे के एक्सप्रेशन और घबराहट वाले सीन कहानी को और मजेदार बना देते हैं। सिद्धार्थ उनके साथ अच्छी केमिस्ट्री शेयर करते हैं और पहली बार में जितने सीधे-सादे लगते हैं, किरदार आगे बढ़ने के साथ उतने ही दिलचस्प होते जाते हैं। राधिका मदान और अली फजल भी तीसरी कहानी में शानदार हैं। दोनों के बीच गुस्सा, प्यार, खीझ और पुरानी नजदीकी—सब कुछ स्क्रीन पर साफ नजर आता है। कोंकणा सेन शर्मा और राधिका आप्टे की दोस्ती फिल्म की पहली कहानी की जान है। दोनों की टाइमिंग अच्छी है और उनकी बातचीत में एक स्वाभाविकता दिखती है। विजय वर्मा और अभिषेक बनर्जी अपने छोटे-छोटे पलों में हंसी निकालने में कामयाब रहते हैं। डायरेक्शन और स्टोरीटेलिंग चारों निर्देशकों की अपनी अलग पहचान यहां साफ दिखाई देती है। विक्रमादित्य मोटवानी की कहानी तेज और हल्की है, लेकिन इसका आइडिया जितना मजेदार है, कहानी उतनी गहराई तक नहीं जाती। किरण राव ने मुंबई को खूबसूरती से इस्तेमाल किया है। उनकी कहानी में विजुअल स्टाइल अलग दिखती है, लेकिन ट्विस्ट के चक्कर में कहानी थोड़ी उलझ जाती है। शकुन बत्रा रिश्तों की पेचीदगियों को समझने में सबसे मजबूत नजर आते हैं। उनका हिस्सा सबसे ज्यादा भावनात्मक वजन लेकर आता है। और विशाल भारद्वाज तो यहां पूरी तरह अपने रंग में हैं। पुराने हैदराबाद का माहौल, संवाद, किरदार और हल्की शरारत—सब मिलकर इस कहानी को बाकी तीनों से अलग बना देते हैं। म्यूजिक और टेक्निकल पहलू कैसा है फिल्म का म्यूजिक कहानी के मूड को सपोर्ट करता है। खासकर ‘घट पट’ ध्यान खींचता है और कुछ हिस्सों की ऊर्जा बढ़ाता है। विजुअल ट्रीटमेंट भी फिल्म की बड़ी ताकत है। चारों कहानियों की अपनी अलग दुनिया है और कैमरा उस दुनिया को बनाने में अच्छी भूमिका निभाता है। विशाल भारद्वाज वाला हिस्सा खास तौर पर अपने रंग, लोकेशन और पीरियड फील की वजह से अलग नजर आता है। कहां रह जाती है पीछे? सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि चारों कहानियों का स्तर एक जैसा नहीं है। पहली कहानी का आइडिया मजेदार है, लेकिन उसका असर उतना देर तक नहीं रहता। दूसरी कहानी में ट्विस्ट तो है, मगर कहानी कई मोड़ों पर जरूरत से ज्यादा उलझती हुई लगती है। तीसरी कहानी मजबूत है, लेकिन कुछ जगहों पर रिश्तों को समझाने की कोशिश थोड़ी ज्यादा हो जाती है। चौथी कहानी सबसे मजेदार है, लेकिन उसका पेस थोड़ा और तेज होता तो असर और बढ़ सकता था। यानी फिल्म में मसाला भरपूर है, लेकिन हर डिश का स्वाद एक जैसा नहीं है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘लस्ट स्टोरीज 3’ परफेक्ट फिल्म नहीं है, लेकिन यह ऐसी एंथोलॉजी है जिसमें कम से कम दो कहानियां आपको बांधकर रखती हैं और बाकी दो आपको पूरी फिल्म से जोड़कर रखती हैं। फिल्म की सबसे बड़ी खूबी है कि यह रिश्तों और इच्छाओं की बात करती है, लेकिन हर बात को भारी-भरकम बनाने की कोशिश नहीं करती। कहीं हंसाती है, कहीं सोचने पर मजबूर करती है और कहीं बस कहानी के साथ बह जाने देती है। अगर आपको रिलेशनशिप ड्रामा, थोड़ी कॉमेडी, थोड़ी शरारत और चार अलग-अलग अंदाज की कहानियां पसंद हैं, तो ‘लस्ट स्टोरीज 3’ वीकेंड पर एक अच्छी वन-टाइम वॉच है।

दैनिक भास्कर 18 Sep 2026 2:59 pm

मूवी रिव्यू-'वाइब':कुणाल खेमू की फिल्म पहले हंसाती है, लेकिन इंटरवल के बाद समझना मुश्किल हो जाता है- क्या हो रहा है?

रेटिंग: 2/5अवधि: 2 घंटे 25 मिनटशैली: कॉमेडी निर्देशक: कुणाल खेमूमुख्य कलाकार: कुणाल खेमू, स्पर्श श्रीवास्तव, प्रीति जिंटा, वंशिका धीर, यशपाल शर्मा, दिनेश लाल यादवरिलीज डेट: 18 सितंबर 2026 कुणाल खेमू की फिल्म ‘वाइब’ शुरू होते ही पुरानी याद ताजा करती है। ‘मडगांव एक्सप्रेस’ में तीन दोस्तों की जिंदगी में बवाल था, यहां दो दोस्त हैं और बवाल सीधा देश की सुरक्षा तक पहुंच गया है। हार्दिक और बग्स की जोड़ी शुरू में कमाल लगती है। दोनों की केमिस्ट्री, कुणाल का टाइमिंग वाला ह्यूमर और कुछ मजेदार संवाद फिल्म को अच्छी रफ्तार देते हैं। पहला हाफ देखकर लगता हैचलो भाई, कुणाल फिर फॉर्म में हैं। फिर इंटरवल होता है और फिल्म अपना ट्रैक बदल देती है। फिल्म की कहानी कैसी है हार्दिक यानी कुणाल खेमू नशे की लत से बाहर निकलकर जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है। उसका दोस्त बग्स यानी स्पर्श श्रीवास्तव उसे अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी दिला देता है। लेकिन हार्दिक का ध्यान नौकरी से ज्यादा नई इंटर्न करीना यानी वंशिका धीर पर है। दोनों के बीच बात आगे बढ़ती है और फिर एक ऐसा मामला सामने आता है, जिसकी वजह से हार्दिक और बग्स की एंट्री हो जाती है मैडम एच यानी प्रीति जिंटा की दुनिया में। अब ये दोनों पहुंच जाते हैं एक ऐसे मिशन में, जिसके लिए शायद इनसे ज्यादा गलत लोगों को चुनना मुश्किल था। यहीं तक फिल्म काफी मजेदार है। इसके बाद कहानी में गैंगस्टर, आतंकवाद, एआई, सॉफ्टवेयर अटैक, बड़ी साजिश और सुपर-स्ट्रेंथ वाला सीरम तक आ जाता है। मतलब दो दोस्तों की कॉमेडी से शुरू हुई फिल्म अचानक बोलती है,भाई, अब देश बचाना है। फिल्म में एक्टिंग कैसी है कुणाल खेमू हार्दिक के रोल में शानदार काम किया है। वह बेवकूफ दिखते हुए भी प्यारे लगते हैं और उनकी बॉडी लैंग्वेज कई बार खुद ही हंसा देती है। हालांकि परेशानी यह है कि उनका यह अंदाज अब थोड़ा जाना-पहचाना लगता है। ‘मडगांव एक्सप्रेस’, ‘लूटकेस’ और ‘गो गोवा गॉन’ के बाद इस बार वही मजाकिया कुणाल कुछ नया कम देते हैं। स्पर्श श्रीवास्तव सबसे बड़ा सरप्राइज हैं। बग्स के रोल में उनकी घबराहट और चेहरे के एक्सप्रेशन कई बार कुणाल से भी ज्यादा हंसा देते हैं। प्रीति जिंटा की मैडम एच स्टाइलिश है और उनका एक्शन सीन फिल्म के मजेदार हिस्सों में आता है। वंशिका धीर खूबसूरत दिखती हैं, लेकिन उनके रोल में करने को ज्यादा कुछ नहीं है। यशपाल शर्मा और दिनेश लाल यादव ठीक हैं, जबकि शर्मिला टैगोर का छोटा-सा कैमियो अच्छा लगता है। फिल्म का निर्देशन कैसा है कुणाल खेमू को कॉमेडी की समझ है। दिक्कत यह है कि उन्हें अपनी फिल्म पर थोड़ा और भरोसा करना चाहिए था। पहले हाफ में हार्दिक और बग्स ही काफी हैं। उनकी छोटी-छोटी बेवकूफियां ही फिल्म चला रही हैं। लेकिन दूसरे हाफ में फिल्म परत-दर-परत चीजें जोड़ती जाती है। एक गैंगस्टर चाहिए। डाल दो।एआई चाहिए। डाल दो।सॉफ्टवेयर अटैक चाहिए। डाल दो।सीरम चाहिए। वो भी डाल दो। नतीजा कहानी आगे कम बढ़ती है, सामान ज्यादा बढ़ता जाता है। फिल्म का सबसे बड़ा मजा वहीं था जहां वह खुद को ज्यादा गंभीर नहीं ले रही थी। काश, कुणाल ने उसी रास्ते पर फिल्म को आखिर तक चलाया होता। फिल्म का तकनीकी पक्ष कैसा है फिल्म दिखने में अच्छी है। लोकेशन अच्छी हैं, कैमरा वर्क बढ़िया है और एक्शन सीक्वेंस में पैसा साफ दिखाई देता है। लेकिन दूसरे हाफ में फिल्म की रफ्तार गिर जाती है। कुछ सीन्स जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं और कहानी कई जगह खिंचती हुई महसूस होती है। फिल्म में कमियां क्या हैं सबसे बड़ी कमी है ओवरडोज। फिल्म में कॉमेडी चाहिए थी, लेकिन बाद में एक्शन भी चाहिए, थ्रिल भी चाहिए, बड़ा विलेन भी चाहिए और देश बचाने वाला ड्रामा भी चाहिए। सब कुछ चाहिए और जब फिल्म सब कुछ देने लगती है, तो जो सबसे अच्छा था हार्दिक और बग्स की कॉमेडी वही पीछे छूट जाती है। रोमांस भी थोड़ा लंबा है और क्लाइमेक्स तक आते-आते फिल्म जरूरत से ज्यादा ओवर-द-टॉप हो जाती है और कुणाल का शर्ट उतारकर मसल्स दिखाने वाला सीन। भाई, ये कॉमेडी फिल्म है या अचानक फिटनेस विज्ञापन? फिल्म का म्यूजिक कैसा है म्यूजिक ठीक है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं जो फिल्म खत्म होने के बाद साथ बाहर आए। कुछ गाने अच्छे लगते हैं, लेकिन कुछ जगह ये कहानी की रफ्तार को और धीमा करते हैं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘वाइब’ का पहला हाफ बताता है कि कुणाल खेमू एक और शानदार कॉमेडी दे सकते थे। दूसरा हाफ बताता है कि उन्होंने खुद ही फिल्म को ज्यादा बड़ा बनाने के चक्कर में मामला बिगाड़ दिया। कुणाल और स्पर्श की जोड़ी फिल्म की जान है। कुछ संवाद और सीन्स सच में मजेदार हैं। बस दिक्कत यही है कि फिल्म को जितना कम दिखाना चाहिए था, उससे ज्यादा दिखा दिया गया। शुरुआत में वाइब सेट होती है, इंटरवल के बाद फिल्म खुद ही उसे बिगाड़ देती है।

दैनिक भास्कर 18 Sep 2026 1:22 pm

मूवी रिव्यू –'दायरा':पृथ्वीराज का गुस्सा, करीना का सवाल और चार लाशों का राज; कहानी में मसाला खूब, लेकिन यहां कमजोर है मूवी

रेटिंग: 2.5/5अवधि: 2 घंटे 23 मिनटशैली: क्राइम थ्रिलर / इन्वेस्टिगेटिव ड्रामानिर्देशक: मेघना गुलजारमुख्य कलाकार: करीना कपूर खान, पृथ्वीराज सुकुमारन, क्षिती जोग, कनवलजीत सिंह, जितेंद्र जोशीरिलीज डेट: 18 सितंबर 2026 कुछ फिल्में आपको कुर्सी पर इसलिए बैठाए रखती हैं क्योंकि आपको जानना होता है कि आगे क्या होगा। ‘दायरा’ शुरुआत में बिल्कुल यही काम करती है। एक लड़की की निर्मम हत्या, पुलिस का तेजी से आरोपियों तक पहुंचना, फिर उनका एनकाउंटर और उसके बाद उठता बड़ा सवाल क्या यह सच में न्याय था या कानून को किनारे रखकर किया गया फैसला? मेघना गुलजार की यह फिल्म 2019 के हैदराबाद रेप-मर्डर केस और उसके बाद हुए पुलिस एनकाउंटर से प्रेरित है। फिल्म ने वास्तविक घटना को हूबहू दोहराने के बजाय काल्पनिक नामों और परिस्थितियों के साथ अपनी कहानी गढ़ी है और यहीं से फिल्म दिलचस्प हो जाती है, क्योंकि यह आपको किसी एक पक्ष की तरफ आराम से बैठने नहीं देती। लेकिन दिक्कत यह है कि जिस फिल्म की शुरुआत इतनी मजबूत हो, उससे अंत भी उतना ही दमदार चाहिए। ‘दायरा’ में शुरुआत और पहला हिस्सा जितना पकड़ता है, दूसरा हिस्सा उतना ही धीरे-धीरे हाथ से निकलता जाता है। फिल्म की कहानी कैसी है कहानी शुरू होती है रागिनी (प्रगति मिश्रा) से, जो एक रात हाईवे के पास मुसीबत में फंस जाती है। इसके बाद वह गायब हो जाती है और अगले दिन उसका जला हुआ शव मिलता है। रागिनी की मां पार्वती (क्षिती जोग) और भाई कबीर (भावेश बब्बानी) पुलिस से मदद मांगते हैं, लेकिन शुरुआती स्तर पर सिस्टम जिस तरह से मामले को लेता है, वही आगे की पूरी कहानी की नींव रख देता है। मामला मीडिया में उछलता है और जांच की जिम्मेदारी डीसीपी रमन कुमार (पृथ्वीराज सुकुमारन) को मिलती है। रमन अपनी टीम के साथ चार आरोपियों को पकड़ लेता है, लेकिन अदालत तक मामला पहुंचने से पहले ही चारों एक पुलिस एनकाउंटर में मारे जाते हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने भागने और हमला करने की कोशिश की थी। जवाबी कार्रवाई में वे मारे गए। बस, यहीं से असली फिल्म शुरू होती है। एक तरफ जनता रमन को हीरो मान रही है। दूसरी तरफ सवाल उठ रहा है क्या यह एनकाउंटर सच में हुआ था या सब कुछ पहले से तय था? मामले की जांच के लिए डीसीपी अजूनी कोहली (करीना कपूर खान) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम बनाई जाती है। अजूनी का काम सिर्फ एनकाउंटर की जांच करना नहीं है, बल्कि उस पूरी कड़ी को जोड़ना है जो रागिनी के गायब होने से शुरू हुई थी। और फिर फिल्म रमन बनाम अजूनी नहीं, बल्कि तेज न्याय बनाम सही न्याय की बहस बन जाती है। फिल्म में एक्टिंग कैसी है पृथ्वीराज सुकुमारन रमन कुमार के किरदार में पृथ्वीराज फिल्म की सबसे मजबूत कड़ियों में से एक हैं। उनके किरदार में पुलिस अधिकारी का रौब है, लेकिन उसके पीछे एक ऐसा आदमी भी है जो अपने फैसलों को सही मानता है। पृथ्वीराज का अभिनय ज्यादा शोर नहीं करता। खासकर उनकी आंखों और संवाद बोलने के अंदाज में काफी वजन है। वह रमन को पूरी तरह विलेन बनने से रोकते हैं और यही फिल्म के लिए जरूरी भी था। करीना कपूर खान करीना की अजूनी चमक-दमक वाली पुलिस अफसर नहीं है। वह ज्यादा शांत, व्यवस्थित और दिमाग से काम करने वाली अधिकारी है। करीना यहां ओवर-द-टॉप अभिनय नहीं करतीं और यही उनके पक्ष में जाता है। वह सवाल पूछती हैं, लोगों को पढ़ती हैं और छोटी-छोटी विसंगतियों को पकड़ती हैं। हालांकि, किरदार में जितनी संभावनाएं थीं, फिल्म उनका पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाती। क्षिती जोग रागिनी की मां पार्वती के रूप में क्षिती जोग कई जगह पूरी फिल्म पर भारी पड़ती हैं। उनका दुख चीखने-चिल्लाने से ज्यादा उनकी खामोशी में दिखाई देता है। फिल्म के सबसे मानवीय और भावुक हिस्से उन्हीं से जुड़े हैं। बाकी कलाकार भी अपने-अपने हिस्से को संभालते हैं और फिल्म को विश्वसनीय बनाने में मदद करते हैं। फिल्म का निर्देशन कैसा है मेघना गुलजार को पता है कि क्राइम स्टोरी को सिर्फ अपराध की कहानी बनाकर नहीं छोड़ना है। ‘तलवार’ की तरह यहां भी वह दर्शक को जांच की प्रक्रिया के भीतर ले जाने की कोशिश करती हैं। फिल्म का पहला हिस्सा काफी प्रभावी है। घटनाओं को धीरे-धीरे खोलने का तरीका अच्छा है और दर्शक लगातार सोचता रहता है कि आखिर सच क्या है, लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म का टेम्पो थोड़ा गिरता है। कुछ जगहों पर कहानी जरूरत से ज्यादा समझाने लगती है और वही फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है। फिल्म की स्टोरीलाइन कैसी है विचार बेहद मजबूत है। फिल्म का असली सवाल यह नहीं है कि रमन सही है या अजूनी। सवाल यह है कि अगर सिस्टम धीमा है तो क्या पुलिस को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार मिल जाता है? और अगर किसी अपराधी को अदालत तक पहुंचने से पहले मार दिया जाए, तो क्या वह न्याय कहलाएगा? फिल्म इन सवालों को उठाती जरूर है, लेकिन कई जगह उन पर और गहराई से उतरने की जरूरत महसूस होती है। फिल्म का स्क्रीनप्ले कैसा है स्क्रीनप्ले की शुरुआत काफी चुस्त है। घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ती हैं और रहस्य धीरे-धीरे खुलता है, लेकिन दूसरे हिस्से में कुछ चीजें खिंचती हुई लगती हैं। कई जगह कहानी की गति कम हो जाती है और दर्शक को लगता है कि फिल्म उसी बात को थोड़ा अलग तरीके से फिर समझा रही है। सबसे बड़ी समस्या क्लाइमैक्स है। इतने सवाल खड़े करने के बाद फिल्म जिस तरह खत्म होती है, वह दर्शक को संतुष्ट करने के बजाय थोड़ा अधूरा छोड़ देती है। ऐसा लगता है जैसे फिल्म ने पटाखे दिखाए बहुत, लेकिन फुलझड़ी जलाकर घर चली गई। फिल्म का तकनीकी पक्ष कैसा है कैमरा वर्क फिल्म के मूड को अच्छी तरह सपोर्ट करता है। बंद फ्रेम और क्लोज-अप्स किरदारों के तनाव को बढ़ाते हैं। एडिटिंग पहले हिस्से में काफी प्रभावी है, हालांकि इंटरवल के बाद फिल्म थोड़ी और चुस्त हो सकती थी। फिल्म में कमियां क्या है सबसे बड़ी कमी है इसका कमजोर दूसरा हिस्सा। दूसरी बड़ी परेशानी है कि फिल्म जिस शानदार सवाल से शुरुआत करती है, उसका जवाब देने की कोशिश में कुछ जगह बहुत ज्यादा समझाने लगती है। और फिर आता है क्लाइमैक्स। इतनी गंभीर कहानी के बाद दर्शक एक मजबूत टकराव और भावनात्मक payoff की उम्मीद करता है, लेकिन फिल्म वहां थोड़ी फीकी पड़ जाती है। यही वजह है कि ‘दायरा’ अच्छी फिल्म बनने के बेहद करीब पहुंचकर भी पूरी तरह यादगार फिल्म नहीं बन पाती। फिल्म का म्यूजिक कैसा है फिल्म का संगीत इसका सेलिंग पॉइंट नहीं है। केतन सोढ़ा का बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के तनाव वाले हिस्सों को मजबूती देता है। फिल्म में एक मुख्य गीत है, लेकिन यह ऐसा नहीं है जिसे आप सिनेमाघर से निकलते ही गुनगुनाने लगें। यहां असली काम बैकग्राउंड म्यूजिक करता है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘दायरा’ ऐसी फिल्म है जिसमें सवाल बहुत अच्छे हैं, कलाकार बहुत अच्छे हैं और शुरुआत भी दमदार है, लेकिन जवाब तक पहुंचते-पहुंचते फिल्म की पकड़ ढीली पड़ जाती है। करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन अपने किरदारों को पूरी गंभीरता से निभाते हैं और मेघना गुलजार का निर्देशन कई जगह प्रभावशाली है। लेकिन अगर आप एक ऐसी क्राइम थ्रिलर की उम्मीद लेकर जा रहे हैं जिसमें आखिरी 20 मिनट आपको सीट से चिपका दें, तो यहां थोड़ी निराशा हो सकती है।

दैनिक भास्कर 18 Sep 2026 10:59 am

रणवीर ने लिया 1000 बेटियों की पढ़ाई का संकल्प:लालबागचा राजा पहुंचे थे; बोले- आशा है, इससे बप्पा प्रसन्न होंगे

एक्टर रणवीर सिंह ने मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में पहुंचकर गणपति बप्पा के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 1000 बेटियों की शिक्षा में मदद करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बप्पा का आशीर्वाद लेकर आगे के सफर के लिए उनका आशीर्वाद मांगा। रणवीर सिंह बीती रात सफेद कुर्ते-पजामे में लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे। न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बप्पा के सामने लिए अपने संकल्प के बारे में बताया। रणवीर ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है यहां आकर। जो पिछला साल गुजरा है, मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए खुशियों से भरा रहा, बप्पा की कृपा से। तो यहां आए हैं उनके दर्शन करने, उनको धन्यवाद कहने और उनका आशीर्वाद लेने, आगे के सफर के लिए, जीवन के सफर के लिए।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर, मैं सेवा संकल्प अभियान से जुड़कर हजार बेटियों की पढ़ाई में मदद करने का संकल्प लेता हूं। आशा है कि इसके चलते बप्पा प्रसन्न होंगे और उनका आशीर्वाद हमेशा हम पर रहेगा। बस, धन्यवाद। जय गणेश। जय गणेश।” ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शुरू किया गया है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत लोग अलग-अलग तरह की सेवा का संकल्प ले सकते हैं। आलिया और रणबीर भी अभियान से जुड़े हैं रणवीर के अलावा आलिया भट्ट और रणबीर कपूर भी इस अभियान से जुड़े हैं। दोनों ने 20 स्कूलों के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया है। इससे पहले रणवीर सिंह अंबानी परिवार के घर 'एंटीलिया' में आयोजित गणेशोत्सव में शामिल होने पहुंचे थे। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में शाहरुख और रणवीर एक साथ गणपति की आरती करते नजर आ रहे हैं। दोनों एक्टर्स नीता अंबानी के साथ खड़े होकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए। पारंपरिक ड्रेस में पहुंचे दोनों एक्टर्स वीडियो में रणवीर सिंह सफेद रंग के कुर्ते-पायजामे में नजर आए। वहीं शाहरुख खान भी फेस्टिवल के हिसाब से सफेद शर्ट और ब्लैक ट्राउजर पहना। नीता अंबानी पारंपरिक परिधान में दोनों अभिनेताओं के पास खड़ी होकर प्रार्थना करती दिख रही हैं।

दैनिक भास्कर 18 Sep 2026 10:07 am

बच्चे को सलमान के बॉडीगार्ड से लगा धक्का:एक्टर ने देखा तो बच्चे से मिलाया हाथ; बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे सलमान

सलमान खान गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता आशीष शेलार के मुंबई स्थित आवास और पंडाल में बप्पा के दर्शन करने पहुंचे थे। गणपति उत्सव में शामिल होने के बाद जब वे बाहर निकलने लगे तो फैंस और पैपराजी की बड़ी भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान भीड़ में खड़े एक बच्चे को गलती से बॉडीगार्ड ने धक्का मार दिया। सलमान ने बच्चे को देखा तो उसके पास जाकर प्यार से हाथ मिलाया। भारी भीड़ के बीच सलमान लोगों से रास्ता साफ करने का इशारा करते नजर आए, ताकि वे वहां से निकल सकें। भीड़ में बच्चों का भी रखा ध्यान सलमान खान काले टी-शर्ट और पैंट में आशीष शेलार के घर पहुंचे थे। बड़ी संख्या में फैंस और मीडिया के लोग उनके आसपास जमा हो गए। सुरक्षा टीम को उन्हें बाहर निकालने के लिए रास्ता बनाना पड़ा। कार में बैठने से पहले सलमान ने भीड़ में मौजूद कई बच्चों को देखा। सुरक्षा कर्मी भीड़ को नियंत्रित कर लोगों को अभिनेता से दूर रखने की कोशिश कर रहे थे। सलमान ने सुरक्षा कर्मियों से भीड़ संभालते समय सावधानी बरतने को कहा। सलमान ने बच्चों से कुछ देर बातचीत की। परिवार के साथ गणपति उत्सव में शामिल हुए थे सलमान खान मुंबई में गणेश चतुर्थी समारोह में लगातार शामिल हो रहे हैं। वे अपने परिवार के साथ भी गणपति उत्सव और पारंपरिक आरती में शामिल हुए। अभिनेता बांद्रा में अपने भाई सोहेल खान के घर भी पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने परिवार के साथ गणपति विसर्जन में हिस्सा लिया। सलमान खान मंगलवार को खान परिवार के गणपति विसर्जन में शामिल हुए थे। उन्होंने परिवार के साथ बप्पा की आरती की। इस बार खान परिवार ने सोहेल खान के घर गणेश चतुर्थी का आयोजन किया था। विसर्जन के दौरान का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें सलमान गणपति बप्पा की उल्टी आरती करते दिखे थे। कुछ देर बाद बहन अर्पिता ने उन्हें टोकते हुए सही तरीका बताया, जिसके तुरंत बाद सलमान ने गलती सुधार ली। सलमान खान के परिवार के गणपति विसर्जन में उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी पहुंची। सलमान के ठीक बाद यूलिया ने आरती की। अर्पिता खान उन्हें भी आरती सिखाती दिखीं। विसर्जन से पहले खान परिवार ने की आरती सोहेल खान के बिल्डिंग परिसर में हुए गणेश विसर्जन में पूरा खान परिवार शामिल रहा। सोहेल खान, अर्पिता शर्मा ने बच्चों के साथ आरती की। वहीं हेलेन और अन्य मेहमानों ने भी बप्पा के दर्शन किए। गणेश चतुर्थी पर सलमान ने बदला लुक सलमान खान ने गणेश चतुर्थी में अपना लुक पूरी तरह बदल लिया है। वह सोहेल खान और अंबानी परिवार के घर गणेश स्थापना के बाद बैंडाना लुक में पहुंचे। ऐसा ही कुछ मिलता-जुलता लुक विसर्जन में दिखा। उन्होंने टी-शर्ट, हाफ लेदर जैकेट के साथ विंटर कैप पहन रखी थी। सोहेल खान के घर विसर्जन में पहुंचे सलमान का स्टाफ की गोद में सो रही एक बच्ची ने ध्यान खींच लिया। सलमान पास गए और बच्ची को सहलाया। सलमान ने अंबानी परिवार के घर लिया था बप्पा का आशीर्वाद सलमान खान अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बने हैं। इस दौरान उन्होंने बप्पा का आशीर्वाद लिया और भगवान को फूल अर्पण किए। सलमान खान ने नए लुक के साथ एंटीलिया में एंट्री ली और तस्वीरें क्लिक कराईं। कुछ देर बाद उन्होंने गणपति प्रतिमा के सामने जाकर आशीर्वाद लिया। पंडित जी ने उन्हें तिलक लगाया और पटका पहनाया। आगे सलमान ने गणपति बप्पा को पुष्प अर्पित किए।

दैनिक भास्कर 18 Sep 2026 9:02 am

हरियाणवी सिंगर दिलेर खरकिया की रेंज रोवर पर फायरिंग:4 बदमाशों ने पोस्ट डालकर ली जिम्मेदारी, लिखा-कॉल का जवाब दो नहीं तो छाती में गोली लगेगी

हरियाणवी सिंगर दिलेर खरकिया की रेंज रोवर गाड़ी पर फायरिंग का मामला सामने आया है। यह घटनाक्रम सिंगर के घर के बाहर हुआ। इस हमले में सिंगर बाल-बाल बच गए। घटना के बाद उन्होंने पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। पता चला कि हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आया था। उधर, फायरिंग के तुरंत बाद ही सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस हमले की जिम्मेदारी ली गई है। पोस्ट में लिखा- इस फायरिंग की जिम्मेदारी हिमांशु सोनीपत, हैरी बॉक्सर, हरमन संधू और अनिल पंडित लेते हैं। या तो हमारी कॉल का जवाब दो, नहीं तो तेरी छाती में गोली मारी जाएगी। बता दें कि दिलेर खरकिया सिंगर, एक्टर और मॉडल है। उनके पिता मशहूर रागनी कलाकार राजेंद्र खरकिया है। पिता से प्रेरित होकर ही 9 साल की उम्र में ही दिलेर ने रागनी कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू कर दिया था। 2018 में हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा। लीलो चमन, मोटो, जूती काली, हाईकोर्ट, कबूतरी, आलू मटर उनके हिट सॉन्ग हैं। हमले की जिम्मेदारी लेने वाले के बारे में ये बातें सामने आईं.. दिलेर खरकिया-अंजलि राघव के सॉन्ग प्रमोशन इवेंट में हुआ था विवाद हरियाणवी सिंगर दिलेर खरकिया और एक्ट्रेस अंजलि राघव के सॉन्ग ‘प्रोटीन’ प्रमोशन इवेंट में विवाद खड़ा हो चुका है। 11 माह पहले भिवानी के खरक कलां गांव में यह इवेंट हुआ था। इसमें 2 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ईशा राठी और प्रिया खारी आपस में भिड़ गईं। घटना का एक CCTV वीडियो सामने आया था, जिसमें ईशा और प्रिया एक दूसरे से गुस्से में बात करती दिख रही थीं। तभी प्रिया ईशा को थप्पड़ मार देती है। गुस्साई ईशा सैंडल उठाकर लाती है और प्रिया के माथे पर मार देती है। इसके बाद प्रिया के माथे से खून निकलता है और वह बेहोश होकर गिर जाती है। किसी तरह बाकी इन्फ्लुएंसर ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। जब यह हंगामा हुआ तो खरकिया भी पास में ही थे। हालांकि, उनकी इस झगड़े में कोई भूमिका नहीं रही। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…

दैनिक भास्कर 18 Sep 2026 8:07 am

अंबानी परिवार के गणेशोत्सव में पहुंचे शाहरुख और रणवीर सिंह:दोनों एक्टर्स ने नीता अंबानी के साथ गणपति आरती की; पारंपरिक ड्रेस में नजर आए

मुंबई में अंबानी परिवार के घर 'एंटीलिया' में आयोजित गणेशोत्सव में शामिल होने शाहरुख खान और रणवीर सिंह पहुंचे।इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में शाहरुख और रणवीर एक साथ गणपति की आरती करते नजर आ रहे हैं। दोनों एक्टर्स नीता अंबानी के साथ खड़े होकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए। पारंपरिक ड्रेस में पहुंचे दोनों एक्टर्स वीडियो में रणवीर सिंह सफेद रंग के कुर्ते-पायजामे में नजर आ रहे हैं। वहीं शाहरुख खान भी फेस्टिवल के हिसाब से सफेद शर्ट और ब्लैक ट्राउजर पहना। नीता अंबानी पारंपरिक परिधान में दोनों अभिनेताओं के पास खड़ी होकर प्रार्थना करती दिख रही हैं। वहीं शाहरुख खान के एंटीलिया में अंदर जाने या पैपराजी के सामने पोज देने का कोई वीडियो सामने नहीं आया है। वी सीधे गणेश पंडाल में नीता अंबानी के साथ स्पॉट हुए। एंटीलिया के गणेशोत्सव में दिखे कई फिल्मी सितारे नीता और मुकेश अंबानी का यह धार्मिक आयोजन हर साल की तरह इस बार भी कई फिल्मी सितारे पहुंचे। इस लिस्ट में सलमान खान, कटरीना कैफ, विक्की कौशल, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, रितेश देशमुख और जेनेलिया देशमुख का नाम शामिल है। इनके अलावा माधुरी दीक्षित, डॉ. श्रीराम नेने, कृति सेनन, करण जौहर, रेखा और खुशी कपूर भी बाप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे। देखिए अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन में पहुंचे सेलेब्स के लुक- एंटीलिया में गणपति बप्पा का स्वागत मूर्ति के स्वागत के दौरान एंटीलिया गेंदे के फूलों, शानदार लाइटिंग और त्योहारों वाली सजावट से जगमगा उठा। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में घर के अंदर और बाहर हो रहे जश्न की झलक दिखी। इस मौके पर नीता अंबानी, राधिका मर्चेंट, अनंत अंबानी और मुकेश अंबानी गणपति बप्पा का स्वागत करते नजर आए। नीता अंबानी ने गहरे लाल रंग का पारंपरिक परिधान पहना था। वह शानदार गहनों में नजर आईं। राधिका मर्चेंट ने चमकीले नारंगी रंग का कढ़ाई वाला एथनिक आउटफिट चुना। उन्होंने पारंपरिक एक्सेसरीज के साथ अपना फेस्टिव लुक पूरा किया।

दैनिक भास्कर 18 Sep 2026 4:30 am

छठवें हफ्ते बॉक्स ऑफिस पर बवंडर लाई Hanuman Ansh, 'नीम करोली बाबा' की हुई कृपा, रॉकेट की स्पीड से हुआ कलेक्शन

नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है। इसने 42वें दिन मिर्जापुर को पीछे छोड़ दिया है।

जागरण 17 Sep 2026 8:38 pm

सलमान का मजाक उड़ाते दिखे सोनू निगम, अब दी सफाई:वायरल क्लिप को कहा फर्जी, बोले- मैं पाकिस्तानी बच्ची की सिंगिंग देखकर रो पड़ा था

बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम का एक एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे टीवी पर 'मैं हूं हीरो तेरा' गाना गा रहे सलमान खान की गायकी का मजाक उड़ाते दिख रहे हैं। इस क्लिप में सोनू सिर पकड़ते और कहते नजर आ रहे हैं कि ऐसी सिंगिंग सुनकर वे रो पड़ेंगे। वीडियो पर विवाद बढ़ता देख सोनू निगम ने खुद इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करके इस वायरल वीडियो का सच सामने रखा है। उन्होंने साफ किया कि इंटरनेट पर कुछ भी दिखाया जा सकता है और यह वीडियो एडिट करके बनाया गया है। असल में वे किसी का मजाक नहीं उड़ा रहे थे, बल्कि एक पाकिस्तानी बच्ची की गायकी से प्रभावित होकर रो पड़े थे। पाकिस्तानी बच्ची हादिया हाशमी के लिए था ओरिजिनल वीडियो सोनू निगम ने स्पष्ट किया कि जिस वीडियो को सलमान खान से जोड़कर शेयर किया जा रहा है, वह साल 2020 का है। उस समय एक्टर जावेद जाफरी ने सोनू को नेसकैफे बेसमेंट के गाने 'बोल हू' का एक वीडियो भेजा था, जिसमें छोटी बच्ची हादिया हाशमी ने आलाप गाया था। हादिया की गायकी सुनकर सोनू इतने भावुक हो गए थे कि उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। उसी दौरान उन्होंने बच्ची की तारीफ में एक वीडियो बनाकर शेयर किया था। अब कुछ लोगों ने उस पुराने वीडियो को सलमान खान के टीवी पर दिए परफॉर्मेंस के साथ एडिट करके वायरल कर दिया। सिंगर अनीश मैथ्यूज ने भी बताई ओरिजिनल क्लिप की सच्चाई सोनू निगम के स्पष्टीकरण वाले पोस्ट पर सिंगर अनीश मैथ्यूज ने भी कमेंट करके एडिटेड वीडियो की सच्चाई की पुष्टि की। अनीश ने लिखा कि उन्हें अच्छी तरह याद है कि सोनू जी का यह रिएक्शन 'नेस्कैफे बेसमेंट' के गाने 'बोल हू' में छोटी बच्ची हादिया हाशमी के आलाप पर था। अन्य यूजर्स ने भी लिखा कि इंटरनेट पर व्यूज और ट्रोलिंग के लिए किसी भी वीडियो का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। 'मैं हूं हीरो तेरा' गाने के क्रेडिट को लेकर शुरू हुआ था विवाद यह पूरा मामला सलमान खान फिल्म्स (SKF) के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ। मेकर्स ने फिल्म 'हीरो' के 10 साल पूरे होने पर सलमान के गाए गाने 'मैं हूं हीरो तेरा' को लेकर एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें म्यूजिक कंपोजर अमाल मलिक का नाम नहीं लिखा था। अमाल ने सोशल मीडिया पर क्रेडिट न मिलने पर अपनी नाराजगी जताई थी। हालांकि बाद में मेकर्स ने पोस्ट को एडिट करके अमाल का नाम शामिल कर लिया था। लेकिन इसके बाद सलमान के फैंस ने अमाल और उनके भाई अरमान मलिक को ट्रोल करना शुरू कर दिया था। ये खबर भी पढ़ें सलमान से विवाद के दावों पर अमाल मलिक की सफाई:कहा- निशाना सलमान नहीं, उनकी प्रोडक्शन टीम पर है; सॉन्ग क्रेडिट न देने का आरोप लगाया था अमाल मलिक ने क्रेडिट विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने सलमान खान के प्रोडक्शन हाउस पर निशाना साधा था, जिसके बाद लोग ये कहते हुए उनकी आलोचना करने लगे कि वह फिल्मों में ब्रेक देने वाले सलमान के खिलाफ बयान दे रहे हैं। अब अमाल ने कहा है कि उनका निशाना, सलमान नहीं बल्कि उनके प्रोडक्शन की टीम है। अमाल ने कहा कि मेहनत को कमतर दिखाने का हक किसी को नहीं है। पूरी खबर पढ़ें सलमान के खिलाफ भाई अमाल के सपोर्ट में उतरे अरमान:कहा- हक के लिए लड़ना जरूरी, फिल्म हीरो के गाने में क्रेडिट न दिए जाने पर विवाद कुछ दिनों पहले सिंगिंग से ब्रेक लेने वाले अरमान मलिक ने हाल ही में सलमान खान और उनके प्रोडक्शन के खिलाफ कई पोस्ट किए। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें प्रोडक्शन की हालिया पोस्ट में फिल्म हीरो के गाने में क्रेडिट नहीं दिया गया। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 17 Sep 2026 5:54 pm

स्वरा भास्कर बोलीं- 'राम जन्मभूमि फैसले से दुखी हुई थी':आमिर, शाहरुख और सलमान खान को मैसेज कर मांगी थी माफी

एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने हाल ही में कहा कि साल 2019 के अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वो बहुत दुखी थीं। स्वरा ने बताया कि फैसले के बाद उन्होंने अपने मोबाइल पर मौजूद मुस्लिम कॉन्टेक्ट्स को मैसेज कर माफी मांगी थी। दरअसल, द मिडनाइट आवर को दिए इंटरव्यू में स्वरा भास्कर और फहाद अहमद ने अपनी लव स्टोरी पर बात की। दोनों की लव स्टोरी की शुरुआत एक प्रोटेस्ट से हुई थी, जहां दोनों पहली बार मिले थे। इसके बाद दोनों लगातार सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर साथ काम करने लगे। स्वरा ने बताया कि फहाद का काम करने का तरीका उन्हें काफी पसंद आया। इंटरव्यू में स्वरा भास्कर ने कहा, “और फिर राम जन्मभूमि का मुद्दा आया। जब इस मामले में फैसला आया था। मुझे लगता है कि वह भी एक बहुत बड़ा मुद्दा था। उस फैसले से मैं बहुत दुखी थी। मैं सोच रही थी कि यह कैसा देश है और ऐसा फैसला कैसे आ सकता है?” उन्होंने आगे कहा, “मैं उस फैसले से बहुत परेशान थी, क्योंकि मुझे लगा कि यह बहुत गलत और अन्यायपूर्ण था। इसलिए मैंने अपने फोनबुक पर मौजूद अपने सभी मुस्लिम दोस्तों को मैसेज किया। आमिर खान, शाहरुख खान और सलमान सर से लेकर फहाद अहमद तक, मैंने सभी को मैसेज किया।” एक्ट्रेस ने यह भी कहा, “मैं बहुत दुखी थी और बस सभी मुस्लिम लोगों तक अपनी बात पहुंचाना चाहती थी। मैं एक हिंदू हूं, लेकिन मैं उन्हें बताना चाहती थी कि मुझे इस बात का सच में अफसोस है। मुझे शर्मिंदगी महसूस हो रही है और मैं इस फैसले से सहमत नहीं हूं। यह मेरी अपनी सोच है। हालांकि, कुछ लोगों ने जवाब में कहा कि सब ठीक है और मुझे इस तरह का मैसेज करने की जरूरत नहीं है।” इसके बाद स्वरा और फहाद के बीच बातचीत और बढ़ गई। जब भी देश में कोई बड़ा मुद्दा होता, दोनों मिलकर उस पर चर्चा करते थे। 2019 में आया था सुप्रीम कोर्ट का फैसला अयोध्या भूमि विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2019 में फैसला सुनाते हुए विवादित 2.77 एकड़ जमीन राम मंदिर निर्माण के लिए देने का आदेश दिया था। साथ ही मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन देने का निर्देश दिया गया था। स्वरा भास्कर के खिलाफ अवमानना केस की मांग हुई थी वहीं साल 2020 में भी एक्ट्रेस स्वरा भास्कर अयोध्या जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में आई थीं। दरअसल, 1 फरवरी 2020 को मुंबई कलेक्टिव के एक कार्यक्रम में स्वरा ने अयोध्या फैसले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद का विध्वंस गैरकानूनी माना, लेकिन उसी फैसले में मस्जिद गिराने वालों को जमीन दे दी। उन्होंने यह भी कहा था कि देश ऐसी स्थिति में पहुंच गया है, जहां अदालतों के संविधान में विश्वास को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्वरा के इस बयान के खिलाफ अधिवक्ता अनुज सक्सेना ने आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल से मंजूरी मांगी थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि स्वरा की टिप्पणी से सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने इस मामले में मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि स्वरा का पहला बयान उनकी अपनी धारणा थी। इसमें सुप्रीम कोर्ट की संस्था को बदनाम करने या उसकी गरिमा कम करने वाली बात नहीं थी। उन्होंने स्वरा के दूसरे बयान को भी सामान्य और अस्पष्ट बताया। उनके मुताबिक, यह बयान किसी खास अदालत के खिलाफ नहीं था। इसलिए इसे आपराधिक अवमानना का मामला नहीं माना जा सकता। अटॉर्नी जनरल से अनुमति नहीं मिलने के बाद याचिकाकर्ताओं ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से भी संपर्क किया था। उन्होंने भी इस मामले में सहमति देने से इनकार कर दिया था।

दैनिक भास्कर 17 Sep 2026 3:32 pm

PM मोदी के जन्मदिन पर बॉलीवुड सेलेब्स की बधाई:अक्षय, कंगना और महेश बाबू समेत कई एक्टर्स ने दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार, 17 सितंबर को 76 साल के हो गए। इस मौके पर उन्हें देश की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों और फिल्म इंडस्ट्री के सितारों ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ अक्षय कुमार, महेश बाबू, कंगना रनौत और अनुपम खेर जैसे कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बधाई संदेश शेयर किए। अक्षय कुमार ने सेवा का संकल्प लेने की बात कही एक्टर अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर हिंदी में पोस्ट लिखकर प्रधानमंत्री को बधाई दी। अक्षय ने लिखा कि जन्मदिन मनाने का सबसे खूबसूरत तरीका किसी जरूरतमंद की मदद करना और किसी के चेहरे पर मुस्कान लाना है। उन्होंने इस दिन को सेवा के संकल्प के साथ मनाने की बात कही। इसके साथ ही साउथ एक्टर महेश बाबू ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ऐसे नेता हैं जो कभी रुकते नहीं हैं और हमेशा भारत को सबसे पहले रखते हैं। कंगना और सुनील लहरी ने शेयर किए बधाई संदेश एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने पीएम मोदी की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने लिखा कि देश के नेतृत्व में विकसित और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत हो रहा है। कंगना ने लोगों से 'आशीर्वाद का दीप' जलाने की अपील की। वहीं टीवी शो 'रामायण' में लक्ष्मण का रोल निभाने वाले एक्टर सुनील लहरी ने X पर एक वीडियो मैसेज जारी किया। सुनील ने बताया कि गुजरात में जन्मे बच्चे ने अपनी लगन से देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। फिल्म जगत के अन्य कलाकारों ने जताई खुशी अक्षय, महेश बाबू और कंगना के अलावा बॉलीवुड और साउथ सिनेमा की कई अन्य हस्तियों ने भी पीएम मोदी को विश किया। एक्टर परेश रावल ने भगवान से प्रधानमंत्री के लंबे और स्वस्थ जीवन की प्रार्थना की। अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर एक लंबा संदेश लिखकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इनके अलावा चिरंजीवी, प्रोसेनजीत चटर्जी और कई अन्य कलाकारों ने भी प्रधानमंत्री के प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक का सफर नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के बाद वे साल 2014 में देश के प्रधानमंत्री बने। उनके 76वें जन्मदिन के अवसर पर बीजेपी ने 'सेवा संकल्प अभियान' शुरू किया है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के तहत देश भर में सामाजिक सेवा से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

दैनिक भास्कर 17 Sep 2026 3:20 pm

मंदाकिनी ने दाऊद इब्राहिम संग तस्वीर पर सफाई दी:एक्ट्रेस बोलीं- उन्होंने शारजाह में क्रिकेट मैच के लिए नहीं बुलाया था

एक्ट्रेस मंदाकिनी ने दाऊद इब्राहिम के साथ वायरल हुई अपनी 80-90 के दशक की पुरानी तस्वीर पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि दाऊद ने उन्हें शारजाह क्रिकेट मैच के लिए नहीं बुलाया था। मंदाकिनी के मुताबिक, वह एक शो के लिए दुबई गई थीं। इसके बाद क्रिकेट मैच देखने पहुंचीं, जहां यह तस्वीर ली गई थी। उस समय उन्हें नहीं पता था कि तस्वीर विवाद का कारण बनेगी। मंदाकिनी ने ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि तस्वीर को लेकर हुई अटकलों और खबरों पर उनका कोई नियंत्रण नहीं था। एक्ट्रेस ने कहा कि एक कलाकार कई लोगों से मिलता है। कलाकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। उन्होंने कहा, “लोग जो लिखना या कहना चाहते हैं, उस पर हमारा नियंत्रण नहीं होता। एक कलाकार को हजारों लोगों से मिलना पड़ता है और सभी उसके लिए बराबर होते हैं।” मंदाकिनी ने कहा, “हमारे साथ बहुत सारे लोग थे। ऐसे में किसे चुनें और किसे न चुनें? हम वहां एक शो के लिए गए थे। मुझे दाऊद ने नहीं बुलाया था। मैं दुबई में एक शो के लिए गई थी और फिर मैच देखने पहुंची। उस समय मुझे इसका अंदाजा नहीं था।” मंदाकिनी ने बताया कि बाद में यह तस्वीर विवाद का विषय बन गई। इसे लेकर बड़े स्तर पर अटकलें लगाई गईं। उन्होंने कहा, “इस विवाद से बहुत नुकसान हुआ। बाद में मुझे पता चला कि इन सभी चीजों को संभालने के लिए एक टीम होनी चाहिए। मैंने हर जगह इन अफवाहों का खंडन किया।” 80 और 90 के दशक में दाऊद दुबई से अपना नेटवर्क चला रहा था। वहां वह अक्सर बॉलीवुड सितारों के लिए आलीशान पार्टियां रखता था। मंदाकिनी के अलावा एक्टर अनिल कपूर की भी शारजाह स्टेडियम की एक पुरानी तस्वीर इंटरनेट पर मौजूद है, जिसमें उनके बगल में दाऊद इब्राहिम दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस तस्वीर को लेकर अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर ने सोशल मीडिया पर सफाई दी थी कि उनके पिता वहां राज कपूर और कृष्णा कपूर के साथ सिर्फ क्रिकेट मैच देखने गए थे और उन्हें जानकारी नहीं थी कि उनके पास कौन बैठा है। वहीं, ऋषि कपूर ने खुद स्वीकार किया था कि वे दुबई में दाऊद से 2 बार मिले थे। मंदाकिनी ने बताया ‘राम तेरी गंगा मैली’ के चर्चित सीन का सच मंदाकिनी ने फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ से डेब्यू किया था। इसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी। राज कपूर के निर्देशन में बनी यह फिल्म बड़ी हिट रही। हालांकि, फिल्म के कई सीन बाद में चर्चा और विवाद का विषय बने। मंदाकिनी ने गाने ‘तुझे बुलाएं ये मेरी बहनें’ में सफेद साड़ी में फिल्माए गए झरने वाले सीन और बहस में रहे स्तनपान वाले सीन पर बात की। उन्होंने कहा कि इन दृश्यों का उद्देश्य फिल्म में मासूमियत और पवित्रता को दिखाना था। ANI को दिए इंटरव्यू में मंदाकिनी ने बताया कि जब उन्होंने फिल्म की शूटिंग शुरू की, तब वह सिर्फ 16 साल की थीं और उन्हें पूरी तरह अंदाजा नहीं था कि बाद में इन सीन को किस तरह देखा जाएगा। झरने वाले सीन के बारे में मंदाकिनी ने कहा कि राज कपूर ने उन्हें सीन समझाया था। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य अश्लीलता दिखाना नहीं था, बल्कि फिल्म की कहानी और गंगा के किरदार की पवित्रता को सामने रखना था। एक्ट्रेस ने कहा, “उनका तरीका ऐसा था कि आप उनसे कोई सवाल ही नहीं करते थे। इतना प्यार से, इतना जेंटल, जैसे आपका फैमिली मेंबर आपसे करवा रहा हो। मुझे कहीं से कोई अश्लीलता महसूस नहीं हुई। कोई खराब या घिनौना एहसास नहीं था। पूरी फिल्म यही थी कि गंगा को अपवित्र करना चाहते थे, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए।” उन्होंने आगे कहा, “वह मेरे सामने थे। थोड़ा सा मुझे लगा तो मैंने साड़ी को डबल कर लिया। उन्होंने कहा डबल कर लो, तो मैंने कर लिया। बस हो गया वो शॉट। यह मेरे लिए बड़ी बात थी, क्योंकि मैं बहुत छोटी जगह से आई थी।”' मंदाकिनी ने स्तनपान के सीन पर सफाई दी मंदाकिनी ने फिल्म के चर्चित स्तनपान वाले सीन पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि इसमें वास्तव में स्तनपान नहीं कराया गया था और कैमरे की पोजिशनिंग के जरिए ऐसा सीन बनाया गया था। उन्होंने कहा, “नहीं, वहां कोई स्तनपान नहीं था। उन्होंने इसे बहुत अच्छे तरीके से फिल्माया था। मेरे लिए अब समझाना मुश्किल है, लेकिन अगर मैं बताऊंगी कि इसे कैसे किया गया था, तो आप समझ जाएंगे।” अभिनेत्री ने बताया कि सीन में उनके पास एक बच्चा था, जिसे उन्होंने कसकर पकड़ा हुआ था। उन्होंने कहा, “हां, मेरे पास बच्चा था और मैंने उसे कसकर पकड़ा था, लेकिन वह स्तनपान नहीं था। मैं यही सबको बताना चाहती हूं।” मंदाकिनी के मुताबिक, उन्होंने लो-कट आउटफिट पहना था और बच्चे को शरीर के करीब रखा था। कैमरे के एंगल की वजह से ऐसा लगा कि मां अपने बच्चे को स्तनपान करा रही है। उन्होंने कहा कि सीन का उद्देश्य मां और बच्चे के रिश्ते को दिखाना था, जिसे बाद में अलग तरह से समझा गया। सफलता के बाद झरने वाला सीन दोहराने से मना किया अभिनेत्री ने यह भी बताया कि ‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद कुछ फिल्ममेकर्स ने उनसे झरने वाले सीन को दोहराने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनका कहना था कि किसी फिल्म के सफल होने के लिए सिर्फ एक सीन नहीं, बल्कि अच्छी कहानी जरूरी है। उन्होंने कहा, “हिट होने के लिए बहुत अच्छी कहानी चाहिए, जो ‘राम तेरी गंगा मैली’ में थी। उसमें क्या दिखाया गया है? उसका ट्रीटमेंट क्या है? डायरेक्टर आपको क्या मैसेज देना चाहता है? सब कुछ मायने रखता है।” ‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती और गोविंदा समेत इंडस्ट्री के कई प्रमुख कलाकारों के साथ काम किया और अपने करियर में कई फिल्मों में नजर आईं।

दैनिक भास्कर 17 Sep 2026 11:05 am

IIFA अवॉर्ड्स 2027 अबू धाबी में होगा:सलमान खान, करीना कपूर समेत कई सितारे होंगे शामिल; पिछले साल भारत में हुआ

इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी (IIFA) अवॉर्ड्स का 27वां संस्करण 2027 में अबू धाबी में होगा। सलमान खान, करीना कपूर खान और शाहिद कपूर समेत कई सितारे इसमें शामिल होंगे। करण जौहर, वरुण धवन, जाह्नवी कपूर, पंकज त्रिपाठी और अली फजल भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। दो दिन के इस इवेंट में कलाकार, फिल्ममेकर और म्यूजिक आर्टिस्ट शामिल होंगे। IIFA 2027 का आयोजन अबू धाबी के यास आइलैंड स्थित एतिहाद एरिना में होगा। 27वें संस्करण के टिकट 18 सितंबर को UAE समयानुसार सुबह 10 बजे से मिलेंगे। अबू धाबी में IIFA का यह चौथा आयोजन होगा। कार्यक्रम डिपार्टमेंट ऑफ कल्चर एंड टूरिज्म अबू धाबी और मिराल के साथ साझेदारी में होगा। दो दिन के इस कार्यक्रम में सितारों की परफॉर्मेंस और अवॉर्ड्स सेरेमनी होगी। 27वां संस्करण 2027 में यास आइलैंड के एतिहाद एरिना, अबू धाबी में आयोजित किया जाएगा। 2025 में ‘लापता लेडीज’ ने 10 अवॉर्ड्स जीते थे पिछले यानी 25वें IIFA अवॉर्ड्स का सिल्वर जुबली समारोह 8 और 9 मार्च 2025 को भारत में आयोजित हुआ। जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC) में हुए इस समारोह में बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। इवेंट को अभिनेता कार्तिक आर्यन और फिल्ममेकर करण जौहर ने को-होस्ट किया। समारोह में किरण राव के निर्देशन में बनी फिल्म ‘लापता लेडीज’ ने कुल 10 प्रमुख अवॉर्ड्स जीते थे। इनमें बेस्ट पिक्चर और बेस्ट डायरेक्टर जैसे बड़े अवॉर्ड भी शामिल रहे। 25वां IIFA समारोह इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह अवॉर्ड्स का सिल्वर जुबली एडिशन था। इस मौके पर हिंदी सिनेमा के कलाकारों, फिल्ममेकर्स और तकनीकी टीमों को उनके काम के लिए सम्मानित किया गया।

दैनिक भास्कर 17 Sep 2026 8:46 am

'छठ पूजा के बारे में ज्यादा नहीं जानती थी':तमन्ना बोलीं- 'छठी मैया' गाने की शूटिंग में भावुक हुई; बिहार कल्चर में ढलते सूरज का सम्मान

एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने छठ पूजा के बारे में कहा है की वे इस पर्व के बारे में ज्यादा नहीं जानती थीं। लेकिन जब उन्होने अपने नए गाने 'छठी मैया' की शूटिंग की तो वे भावुक हो गईं थीं। फिल्म 'वन' (Vvan) के ट्रेलर लॉन्च इवेंट पर तमन्ना ने कहा की वे मुंबई में पली-बढ़ी हैं। जब वे जुहू बीच पर छठ पूजा की भीड़ देखती थीं, लेकिन इस त्योहार की परंपराओं के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। शूटिंग के दौरान उन्हें पता चला कि इसमें 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत रखा जाता है। डूबते सूरज को अर्घ्य देना बिहारी कल्चर की खूबसूरती मीडिया से बात करते हुए तमन्ना भाटिया ने कहा कि आजकल लोग ग्रैटिट्यूड (आभार) और मैनिफेस्टेशन की बहुत बातें करते हैं। यह बिहारी संस्कृति का एक बहुत सुंदर हिस्सा है। आमतौर पर हर कोई उगते हुए सूरज को प्रणाम करता है, लेकिन छठ पूजा में डूबते हुए सूरज को भी उतना ही सम्मान और महत्व दिया जाता है। एक्ट्रेस ने बताया कि जब वे इस गाने का सीक्वेंस शूट कर रही थीं, तब अपने आप उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। 36 घंटे के निर्जला व्रत के बारे में जाना तमन्ना ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे बचपन से मुंबई में रही हैं। जुहू बीच पर छठ के मौके पर बड़ी संख्या में लोगों को जुटते हुए देखती थीं, लेकिन इसके पीछे के नियमों की जानकारी नहीं थी। इस गाने की शूटिंग के दौरान उन्हें पता चला कि लोग देवी की उपासना के लिए 36 घंटे तक बिना पानी पिए कठिन उपवास रखते हैं। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के तौर पर वे सिर्फ एक माध्यम हैं और कुछ अहसास हमारे वश से बाहर होते हैं। सिद्धार्थ-तमन्ना की साथ में पहली फिल्म फिल्म 'वन' के जरिए सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया पहली बार एक साथ स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। तमन्ना ने कहा कि देश में कई लोककथाएं हैं, जिन्हें बड़े पर्दे पर लाने के लिए हिम्मत, स्पष्टता और विजन की जरूरत होती है। वे इस गाने का हिस्सा बनकर खुद को खुशकिस्मत मानती हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में जब भी वे किसी को छठ मनाते देखेंगी, तो उनके दिमाग में यह गाना जरूर चलेगा। 25 सितंबर को सिनेमाघरों में होगी रिलीज 'पंचायत' सीरीज से पहचान बनाने वाले निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा ने इस फिल्म का निर्देशन किया है। फिल्म को शोभा कपूर और एकता कपूर ने बालाजी टेलीफिल्म्स के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म की स्टारकास्ट में सिद्धार्थ और तमन्ना के अलावा मनीष पॉल, श्वेता तिवारी, सुनील ग्रोवर और अनूप सोनी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फैंटेसी और लोककथाओं पर आधारित फिल्म 25 सितंबर को बड़े पर्दे पर रिलीज की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म 'वन' का ट्रेलर रिलीज:फिल्म में दिखाई गई खौफनाक जंगल की दुनिया; भूतों से मुकाबला करते नजर आए सिद्धार्थ सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की अपकमिंग फैंटेसी फिल्म 'वन' (Vvan) का ट्रेलर मेकर्स ने रिलीज कर दिया है। 2 मिनट 44 सेकंड का यह ट्रेलर एक रहस्यमयी और प्रतिबंधित जंगल की कहानी दिखाता है, जहां आस्था और लोककथाओं का मिलन होता है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 17 Sep 2026 4:30 am

आकृति कक्कड़ बोलीं- गणपति बप्पा घर आते हैं:विसर्जन के बाद पौधों के जरिए जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं

गणेश उत्सव पर सिंगर आकृति कक्कड़ ने दैनिक भास्कर से घर में विराजे गणपति बप्पा, परिवार की आस्था और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी पर बातचीत की। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से वह और उनके पति घर में गणपति बप्पा को विराजमान करते आ रहे हैं। इस बार उत्सव की थीम मां की तबीयत ठीक होने पर भगवान का आभार व्यक्त करना है। आकृति घर पर ही बप्पा का विसर्जन करती हैं और उसी मिट्टी में बीज डालकर पौधे उगाती हैं। बातचीत में उन्होंने पसंदीदा संगीत, नए प्रोजेक्ट और गणपति भजन के बारे में भी बताया। शादी के बाद शुरू की गणपति बप्पा को घर लाने की परंपरा मुंबई में गणेश उत्सव के बीच सिंगर आकृति कक्कड़ के घर भी गणपति बप्पा विराजमान हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि इस बार उनके घर गणपति बप्पा के विराजमान होने का 11वां साल है। शादी के समय उन्होंने और उनके पति ने तय किया था कि वे हर साल घर में गणपति बप्पा को लेकर आएंगे। आकृति ने कहा, मैं दिल्ली में पली-बढ़ी हूं। वहां जन्माष्टमी और ये सारी चीजें ज्यादा मनाई जाती थीं। गणेश चतुर्थी को इस तरह नहीं मनाते थे। तो मेरे लिए बहुत एक्साइटिंग चीज थी। उन्होंने बताया कि उनके परिवार के लिए गणेश उत्सव केवल परंपरा नहीं, बल्कि भावनाओं और खुशियों से जुड़ा अवसर है। उनके मुताबिक, भले ही हर चीज शत-प्रतिशत विधि-विधान के अनुसार न होती हो, लेकिन वह सच्ची भावना के साथ बप्पा का स्वागत करती हैं। 'मेरे लिए गणपति उत्सव का महत्व दिवाली से भी ज्यादा है' आकृति कक्कड़ ने बताया कि गणपति बप्पा के घर आने से परिवार का माहौल बदल जाता है। उन्होंने कहा, हमें इतनी खुशी मिलती है, घर का माहौल ही अलग हो जाता है। मेरे लिए इस फेस्टिवल का जो वैल्यू है, जो महत्व है, वो दिवाली से भी ज्यादा है। उन्होंने कहा, लोग कहते हैं दिवाली होती है, हिंदुओं का सबसे बड़ा फेस्टिवल, लेकिन मेरे लिए गणपति बप्पा खुद घर आते हैं। आकृति के लिए बप्पा का घर आना सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि परिवार के साथ खुशियां साझा करने और आस्था महसूस करने का अवसर है। ट्री गणेशा लाती हैं आकृति, घर पर ही करती हैं विसर्जन आकृति पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ट्री गणेशा की मूर्ति घर लेकर आती हैं। उन्होंने बताया कि मूर्ति का विसर्जन घर पर ही पानी के ड्रम में किया जाता है। मूर्ति की मिट्टी घुलने के बाद उसमें बीज डालकर पौधे उगाए जाते हैं। उन्होंने कहा, गणपति बप्पा आते हैं, लेकिन जाते नहीं हैं। वो हमारे साथ ही रह जाते हैं और पौधों के थ्रू फिर हमारी जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। पर्यावरण के अनुकूल इस पहल पर आकृति ने कहा कि भगवान के नाम पर होने वाले हर काम को समझदारी और जिम्मेदारी से करना चाहिए। उनके मुताबिक, आस्था के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है। सात साल से इसी घर में मना रही हैं गणेश उत्सव आकृति ने बताया कि वह पिछले सात साल से अपने मौजूदा घर में गणपति बप्पा को विराजमान कर रही हैं। इससे पहले शादी के बाद वह मलाड में रहती थीं और वहीं से इस परंपरा की शुरुआत हुई थी। उन्होंने बताया कि पहले घर की सजावट परिवार के लोग खुद किया करते थे। उनकी मां काफी क्रिएटिव हैं और सजावट में उनका विशेष योगदान रहता था। तीन दिन के उत्सव के लिए फूलों के अलग-अलग कॉम्बिनेशन और थीम तैयार की जाती थी। मां की तबीयत ठीक होने पर इस बार रखी 'ग्रैटिट्यूड' थीम इस बार गणपति उत्सव की थीम के बारे में पूछे जाने पर आकृति ने बताया कि थीम आभार यानी ग्रैटिट्यूड पर आधारित है। उन्होंने बताया कि काफी समय से उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन गणपति बप्पा के आगमन से ठीक दो दिन पहले उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक हो गई। आकृति ने कहा, सच में विघ्नहर्ता, सुखकर्ता हमारी जिंदगी में आए हैं। तो इस बार उनको तहे दिल से शुक्रिया करने के लिए... उन्होंने बताया कि इस बार तैयारियों के लिए ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन जब कुछ होना होता है तो वह हो जाता है। उनके मुताबिक, भगवान सब संभाल लेते हैं। बप्पा से मांगी परिवार की अच्छी सेहत और दूसरों की मदद करने की शक्ति गणपति बप्पा से मांगे गए वरदान के बारे में आकृति ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी प्रार्थना परिवार के सभी लोगों की अच्छी सेहत है। वह चाहती हैं कि सभी की हेल्थ बराबर बनी रहे। इसके अलावा, वह खुद को इतना सक्षम बनाए रखने की प्रार्थना करती हैं कि जरूरतमंद लोगों की मदद कर सकें। उन्होंने कहा कि जिंदगी में जो चीजें उन्हें खुशी देती हैं और आसपास के लोगों से जोड़कर रखती हैं, उनके लिए भी वह बप्पा का आशीर्वाद चाहती हैं। 'बिग बैंड थ्योरी' के सीजन 3 की तैयारी में जुटी हैं आकृति सिंगिंग करियर और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर आकृति ने बताया कि इन दिनों वह 'बिग बैंड थ्योरी' के सीजन 3 की तैयारियों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि तैयारी पूरे जोर-शोर से चल रही है और अक्टूबर के अंत में दर्शक इस सीरीज को सुन और देख पाएंगे। आकृति ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में कई अच्छे कोलाबोरेशंस हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि गणपति बप्पा की कृपा से सब कुछ अच्छे से होगा और लोगों को यह प्रोजेक्ट पसंद आएगा। लता मंगेशकर और आशा भोसले के संगीत से मिली प्रेरणा आकृति से पसंदीदा गाना पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एक सिंगर के लिए अपने पसंदीदा गाने का चुनाव करना मुश्किल होता है। उन्होंने अपनी संगीत की परवरिश में लता मंगेशकर और आशा भोसले के योगदान को खास बताया। उन्होंने कहा, मेरी जो म्यूजिकल परवरिश रही है, उसमें लता जी, आशा जी और इन सब का बहुत मेजर रोल रहा है। मुझे लगता है कि गाने तो उन्हीं के बैठते हैं जहन में। हम तो बस वहीं से चीजें सीख-सीखकर खुद के गानों में अप्लाई कर लेते हैं। दो साल पहले बनाया गणपति भजन आज भी ट्रेंडिंग गणपति बप्पा के लिए भजन सुनाने के अनुरोध पर आकृति ने अपना भजन 'गणेशा गणेशा' गाया। उन्होंने बताया कि दो साल पहले बनाए इस भजन को लेकर उन्हें हाल ही में पता चला कि वह अब भी इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर ट्रेंडिंग में चल रहा है। आकृति ने कहा कि उनके फैन क्लब उन्हें इसकी जानकारी देते रहते हैं, जिससे उन्हें बहुत खुशी मिलती है। 'सैटरडे-सैटरडे' और 'इस्की उसकी' जैसे हिट गाने गा चुकी हैं आकृति आकृति कक्कड़ बॉलीवुड की जानी-मानी पार्श्व गायिका और स्वतंत्र संगीत कलाकार हैं। दिल्ली में पली-बढ़ी आकृति ने फिल्म 'दस' के गाने 'छम से वो आ जाए' से प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में अपनी आवाज दी। उन्हें फिल्म 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' के लोकप्रिय गाने 'सैटरडे-सैटरडे' और '2 स्टेट्स' के 'इस्की उसकी' से खास पहचान मिली। इसके अलावा 'बिल्लू' के 'मरजानी' और 'खुदा या खैर', 'जॉनी गद्दार' के टाइटल ट्रैक, 'नमस्ते लंदन' के 'आनन फानन' और 'वेलकम' के 'इंशाअल्लाह' जैसे गानों में भी उनकी आवाज सुनने को मिली है। आकृति ने बॉलीवुड के साथ स्वतंत्र संगीत में भी काम किया है। 2010 में उन्होंने शंकर महादेवन के साथ अपना सोलो एल्बम 'आकृति' रिलीज किया था। वह लाइव परफॉर्मर के रूप में भी सक्रिय हैं और जी बांग्ला के 'सा रे गा मा पा: लिटिल चैंप्स' में जज की भूमिका निभा चुकी हैं।

दैनिक भास्कर 17 Sep 2026 4:30 am

41वें दिन बॉक्स ऑफिस की 'किंग' बनी Hanuman Ansh, नीम करोली बाबा ने दिखाया चमत्कार, बदल गया कमाई का समीकरण

फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर 41 दिन पूरे कर लिए हैं और दुनियाभर में भी अपनी कमाई के झंडे गाड़ रही है। जानिए कितना रहा 41वें दिन का कलेक्शन?

जागरण 16 Sep 2026 8:44 pm

पंकज त्रिपाठी-प्रीति जिंटा होंगे फिल्म सेंसर बोर्ड के मेंबर:सरकार ने सेंसर बोर्ड में 7 साल बाद बदलाव किया, 18 नए सदस्य शामिल किए

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सेंसर बोर्ड यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) का पुनर्गठन कर दिया है। मंत्रालय ने 18 सदस्यों वाले नए बोर्ड का ऐलान किया है। इस नई टीम में सिनेमा और टीवी इंडस्ट्री के कई बड़े चेहरों को शामिल किया गया है। इनमें एक्ट्रेस प्रीति जिंटा, एक्टर सुनील शेट्टी, पंकज त्रिपाठी, टीवी एक्ट्रेस रुपाली गांगुली, पल्लवी जोशी और बंगाली सिनेमा के दिग्गज एक्टर प्रोसेनजीत चटर्जी का नाम प्रमुख है। नया बोर्ड सिनेमाग्राफ एक्ट के तहत 3 साल की अवधि या अगले आदेश तक काम करेगा। निर्देशकों और संगीतकारों को भी मिली जिम्मेदारी 18 सदस्यीय बोर्ड में सिर्फ एक्टर्स ही नहीं, बल्कि सिनेमा और संगीत जगत की अन्य हस्तियों को भी जगह दी गई है। इनमें तीन बार के ग्रैमी अवॉर्ड विजेता संगीतकार रिकी केज, जाने-माने निर्देशक प्रियदर्शन, हंसराज हंस और नीला माधब पांडा शामिल हैं। इसके अलावा मनोज जोशी, विनोद अनुपम, अभिषेक जैन, सुप्रिया यार्लागड्डा, यतींद्र मिश्र, निशिगंधा वाड, वामन केंद्रे और रमेश पतंगे को भी बोर्ड में मेंबर बनाया गया है। 2017 के बाद पहली बार हुआ बोर्ड पुनर्गठन CBFC के बोर्ड का यह पुनर्गठन लंबे समय के अंतराल के बाद हुआ है। इससे पहले सेंसर बोर्ड का औपचारिक पुनर्गठन अगस्त 2017 में किया गया था। इस महीने की शुरुआत में सेंसर बोर्ड ने 6 साल में अपनी पहली बैठक की थी। उस बैठक में बोर्ड के मेंबर्स ने फिल्मों के सर्टिफिकेशन से जुड़े मुद्दों, रिवाइजिंग कमेटियों के कामकाज और नियम-कायदों पर विस्तार से चर्चा की थी। 3 साल के कार्यकाल के लिए बनी है नई टीम सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार ने यह नई टीम बनाई है। नया बोर्ड अगले 3 साल तक या सरकार के अगले आदेश तक अपने पद पर बना रहेगा। यह टीम भारतीय सिनेमा में कंटेंट की प्रामाणिकता, उम्र के हिसाब से सर्टिफिकेशन और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखकर फिल्मों को सर्टिफिकेट जारी करने का काम करेगी। शशि शेखर वेम्पति होंगे सेंसर बोर्ड के चेयरमैन सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, पुनर्गठित CBFC बोर्ड की कमान चेयरमैन शशि शेखर वेम्पति के हाथों में होगी। शशि शेखर वेम्पति मंत्रालय के तहत काम करने वाली इस वैधानिक फिल्म प्रमाणन संस्था के प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे। नया बोर्ड फिल्मों के सर्टिफिकेशन, कंटेंट की समीक्षा और रिवाइजिंग कमेटियों के कामकाज की निगरानी करेगा। क्या है CBFC और इसका काम? सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) एक वैधानिक संस्था है, जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करती है। सिनेमाघरों और टेलीविजन पर दिखाई जाने वाली किसी भी फिल्म के लिए इस बोर्ड से सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होता है। बोर्ड फिल्मों को 'U', 'UA', 'A' और 'S' जैसी श्रेणियों में बांटता है, जिससे दर्शकों को पता चलता है कि फिल्म किस आयु वर्ग के लिए है। ये खबर भी पढ़ें एक्टर अनंत नाग को 2024 का दादा साहब फाल्के अवॉर्ड:300+ फिल्मों में काम किया; मालगुड़ी डेज से प्रसिद्ध हुए, KGF में भी थे दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया जाएगा। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने बुधवार को इसकी घोषणा की। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 8:25 pm

एक्टर अनंत नाग को 2024 का दादा साहब फाल्के अवॉर्ड:300+ फिल्मों में काम किया; मालगुड़ी डेज से प्रसिद्ध हुए, KGF में भी थे

दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया जाएगा। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने बुधवार को इसकी घोषणा की। 22 सितंबर को गुजरात के केवडिया में आयोजित होने वाले 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में अनंत नाग को पुरस्कार दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोस्ट करके अनंत नाग को बधाई दी। उन्होंने लिखा- कई दशकों तक उनके सहज अभिनय, बेहतरीन बहुमुखी प्रतिभा ने भारतीय सिनेमा, खासकर कन्नड़ सिनेमा पर एक मजबूत छाप छोड़ी है। 'केजीएफ' में आनंद इंगलागी बने थे अनंत नाग अनंत नाग ने ब्लॉकबस्टर फिल्म 'केजीएफ: चैप्टर 1' (2018) में वरिष्ठ पत्रकार और लेखक 'आनंद इंगलागी' का महत्वपूर्ण किरदार निभाया था। फिल्म में वे एक नरेटर (सूत्रधार) की भूमिका में नजर आए थे, जो टीवी चैनल के इंटरव्यू में 'कोलार गोल्ड फील्ड्स' (KGF) और रॉकी (यश) के बनने व उभरने की दास्तान सुनाते हैं। उनकी गंभीर आवाज, सधी हुई अदाकारी और कहानी सुनाने के अंदाज ने पहले पार्ट को एक मजबूत आधार दिया था। इस किरदार के लिए उन्होंने अपनी आवाज और स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों को शुरुआत से अंत तक जोड़े रखा, जिसने 'केजीएफ 1' की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, 'केजीएफ: चैप्टर 2' (2022) में अनंत नाग नजर नहीं आए थे। फिल्म के निर्देशक प्रशांत नील शुरुआत में चैप्टर 2 में भी उन्हें उसी रोल में जारी रखना चाहते थे, लेकिन कहानी में बदलाव और स्वास्थ्य कारणों की वजह से वे दूसरे भाग का हिस्सा नहीं बन सके। 300 से ज्यादा फिल्मों में कर चुके हैं काम 4 सितंबर 1948 को जन्मे अनंत नाग (अनंत नागरकट्टे) कन्नड़ सिनेमा के सबसे सम्मानित और दिग्गज अभिनेताओं में से एक हैं। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें 250 से ज्यादा कन्नड़ फिल्में शामिल हैं। कन्नड़ के अलावा उन्होंने हिंदी, तेलुगु, तमिल, मराठी, मलयालम और अंग्रेजी भाषाओं की फिल्मों में भी अपनी अदाकारी का जादू चलाया है। कन्नड़ सुपरस्टार यश की ब्लॉकबस्टर फिल्म KGF के दोनों पार्ट में वह नजर आए थे। 'मालगुडी डेज' से घर-घर में मिली पहचान फिल्मों के अलावा अनंत नाग को आरके नारायण की कहानियों पर आधारित दूरदर्शन के लोकप्रिय सीरियल 'मालगुडी डेज' से घर-घर में पहचान मिली थी। वे अब तक 5 बार कर्नाटक राज्य फिल्म पुरस्कार जीत चुके हैं। 2025 में मिला था 'पद्म भूषण' सम्मान सिनेमा और कला के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत सरकार ने साल 2025 में अनंत नाग को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' से नवाजा था। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार को भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है, जो भारतीय सिनेमा के विकास और प्रगति में किसी व्यक्ति के विशेष योगदान के लिए दिया जाता है। नेशनल और दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड के बारे में जानिए ... 1954 में हुई थी नेशनल अवॉर्ड की शुरुआत साल 1954 में भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर फिल्म जगत से जुड़ा सम्मान देने के लिए किया था। इसकी नींव भारतीय कल्चर और आर्ट को बढ़ावा देने के लिए रखी गई थी। 10 अक्टूबर 1954 को नेशनल अवॉर्ड की पहली सेरेमनी रखी गई थी, जिसमें मराठी फिल्म श्यामची आई को बेस्ट फीचर फिल्म कैटेगरी में अवॉर्ड दिया गया था। 1969 में हुई दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड की शुरुआत साल 1969 में नेशनल अवॉर्ड में हिंदी सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के के सम्मान में नई कैटेगरी दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड को शामिल किया गया था। साल 1969 में देविका रानी, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड जीतने वाली पहली फिल्मी हस्ती रहीं। तब से लेकर आज तक करीब 54 लोग दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड हासिल कर चुके हैं। इसे फिल्म जगत का सबसे गौरवपूर्ण सम्मान कहा जाता है। 2024 में ये अवॉर्ड मिथुन चक्रवर्ती को मिला था। वहीं 2025 में ये अवॉर्ड मोहन लाल को मिला था। ये खबर भी पढ़ें आर्टिकल 370 को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड:कार्तिक आर्यन बेस्ट एक्टर, यामी गौतम बेस्ट एक्ट्रेस, 72वें नेशनल अवॉर्ड का एलान फिल्म आर्टिकल 370 को शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 की बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। वहीं, फिल्म 'श्रीकांत' को बेस्ट हिंदी फिल्म का पुरस्कार मिला और यामी गौतम को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया गया। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 6:02 pm

सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म 'वन' का ट्रेलर रिलीज:फिल्म में दिखाई गई खौफनाक जंगल की दुनिया; भूतों से मुकाबला करते नजर आए सिद्धार्थ

सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की अपकमिंग फैंटेसी फिल्म 'वन' (Vvan) का ट्रेलर मेकर्स ने रिलीज कर दिया है। 2 मिनट 44 सेकंड का यह ट्रेलर एक रहस्यमयी और प्रतिबंधित जंगल की कहानी दिखाता है, जहां आस्था और लोककथाओं का मिलन होता है। फिल्म में सिद्धार्थ एक नास्तिक व्यक्ति के किरदार में हैं, जो जंगल के भीतर की शक्तियों और भूतों से मुकाबला करते नजर आते हैं। 'पंचायत' वेब सीरीज के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा के निर्देशन में बनी यह फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। छठ पूजा की छुट्टियों से शुरू होती है कहानी ट्रेलर की शुरुआत में तमन्ना भाटिया और सिद्धार्थ मल्होत्रा के किरदारों की बातचीत दिखाई गई है। तमन्ना का किरदार छठ पूजा की छुट्टियों में जंगल की तरफ जाने की बात करता है, जबकि सिद्धार्थ का किरदार बहाने बनाता दिखता है। तमन्ना का मानना है कि उन्हें देवी ने खुद बुलाया है। इसके बाद कहानी में कई अकल्पनीय घटनाएं घटने लगती हैं। यहां 'वन देवी' का प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर से पुरानी लोककथाएं फिर से जीवित हो उठती हैं। 'भुट्टका' शक्तियां और सूर्यास्त के बाद पाबंदी का नियम फिल्म की इस रहस्यमयी दुनिया का सबसे बड़ा नियम है सूर्यास्त के बाद वन में प्रवेश करना वर्जित है। जंगल के भीतर 'भुट्टका' नाम की अंधेरी और खौफनाक शक्तियां रहती हैं, जो रात के सन्नाटे से भी ज्यादा खतरनाक मानी जाती हैं। लोकमान्यता के अनुसार, अगर कोई इंसान रात के समय इस जंगल में कदम रखता है, तो वह कभी जिंदा वापस नहीं लौट पाता। सिद्धार्थ का किरदार इन खतरों के बावजूद इस जंगल की तरफ खिंचा चला जाता है। रियल लोकेशंस पर हुई शूटिंग, लोककथाओं पर आधारित फिल्म में डर और प्रामाणिकता का अहसास कराने के लिए मेकर्स ने असली जंगलों में शूटिंग की है। 'तुंबाद', 'भ्रमयुगम' और 'कांतारा' जैसी लोककथाओं पर बनी फिल्मों की सफलता के बाद दर्शक इस तरह के कंटेंट को काफी पसंद कर रहे हैं। बालाजी टेलीफिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म को शोभा कपूर और एकता कपूर ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म की स्टारकास्ट में सिद्धार्थ और तमन्ना के अलावा मनीष पॉल, श्वेता तिवारी, सुनील ग्रोवर और अनूप सोनी जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में हैं। 'पंचायत' के बाद दीपक मिश्रा की नई शैली में एंट्री निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा को अब तक 'पंचायत' जैसी जमीनी और ग्रामीण परिवेश की कहानियों के लिए जाना जाता था। इस फिल्म के जरिए वे पहली बार फैंटेसी, एक्शन और फॉल्क हॉरर की दुनिया में कदम रख रहे हैं। ट्रेलर में पौराणिक कथाओं, हॉरर और एक्शन का तालमेल देखने को मिलता है। मेकर्स ने कहानी के सभी रहस्यों का खुलासा ट्रेलर में न करते हुए दर्शकों के लिए सस्पेंस बरकरार रखा है। ये खबर भी पढ़ें 400 साल पुराने मंदिर से निकली 'द वन' की कहानी:अरुणाभ बोले- कहानी लिखते समय जीभ कटी, फिर नॉन-वेज छोड़ने का फैसला किया टीवीएफ की चर्चित वेब सीरीज ‘पंचायत’ के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा अब बड़े पर्दे पर ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ लेकर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी भारतीय लोककथाओं, आस्था और संस्कृति से जुड़ी है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 5:13 pm

विजय सेतुपति ने क्या CM विजय पर कसा तंज:बिग बॉस में बिना नाम लिए लीडरशिप पर कमेंट किया; मेकर्स को देनी पड़ी सफाई

साउथ एक्टर विजय सेतुपति के रियलिटी शो बिग बॉस तमिल 10 में दिए एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। शो में होस्टिंग के दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए पॉलिटिकल लीडरशिप और वादों पर बात की थी। इसे दर्शकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने तमिलनाडु के सीएम और टीवीके प्रमुख विजय जोसेफ से जोड़कर देखा। टीवीके समर्थकों के विरोध के बाद शो के मेकर्स ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर सफाई दी कि इस बात का बाहरी राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। लीडरशिप पर विजय सेतुपति का तंज हाल ही में प्रसारित हुए एपिसोड में होस्ट विजय सेतुपति ने कंटेस्टेंट शाथिगा से बात की। उन्होंने शो के नए डेमोक्रेसी रूम फॉर्मेट और लीडर की जिम्मेदारियों पर चर्चा की। विजय ने कहा कि बिना सोचे-समझे वादे करना और फिर दिक्कत आने पर विपक्ष पर आरोप लगाकर पीछे हट जाना लीडरशिप नहीं, बल्कि लोगों के साथ धोखा है। सेतुपति ने किसी भी नेता या पार्टी का नाम नहीं लिया था। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके पार्टी प्रमुख विजय पर तंज मान लिया। विजय के समर्थकों ने आरोप लगाया कि टीवी शो के मंच का इस्तेमाल राजनीतिक कमेंट्री के लिए किया जा रहा है। मेकर्स ने सोशल मीडिया पर जारी की सफाई बवाल बढ़ने पर चैनल और शो के मेकर्स ने एक्स (X) पर ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक एंटरटेनमेंट शो है। शो में होने वाली बातचीत और स्थितियां गेम के फॉर्मेट का हिस्सा हैं और उन्हें उसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए। मेकर्स ने कहा कि शो में कही गई किसी भी बात का मकसद बाहरी व्यक्ति, संगठन, संस्था या राजनीतिक विचारधारा पर टिप्पणी करना या उसका समर्थन करना नहीं है। सेतुपति की 'महाराजा' का बनेगा हॉलीवुड रीमेक दूसरी ओर, तमिल सिनेमा के इतिहास में पहली बार किसी फिल्म का ऑफिशियल हॉलीवुड रीमेक बनने जा रहा है। विजय सेतुपति की 2024 में आई क्राइम-थ्रिलर फिल्म 'महाराजा' को अब हॉलीवुड में नए सिरे से बनाया जाएगा। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में फिल्म के प्रोड्यूसर सुधन सुंदरम ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि चीन के बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद एक हॉलीवुड एजेंसी ने रीमेक राइट्स के लिए संपर्क किया था। फिल्म ने चीन में लगभग 91.65 करोड़ रुपए की कमाई की थी। हॉलीवुड प्रोजेक्ट की शूटिंग अगले साल शुरू होने की उम्मीद है। इस रीमेक के लिए ऑस्कर विजेता एक्टर मैथ्यू मैकोनाहे से बात चलने की चर्चाएं हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। नाई और गायब डस्टबिन की कहानी है 'महाराजा' निथिलन स्वामीनाथन के डायरेक्शन में बनी फिल्म 'महाराजा' एक नाई की कहानी है, जो अपने घर से चोरी हुए डस्टबिन की रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस स्टेशन पहुंचता है। साधारण सी लगने वाली यह शिकायत आगे चलकर एक गहरे और सस्पेंस भरे बदले की कहानी में बदल जाती है। फिल्म में विजय सेतुपति के साथ अनुराग कश्यप ने मुख्य विलेन का रोल निभाया था। वहीं, सेतुपति की बेटी का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस संचना नामीदास को इस फिल्म के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला। ------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें तृषा को थलापति विजय के साथ न दिखने की सलाह:एक्ट्रेस अंबिका बोलीं- अगर इससे वो शर्मिंदगी का सामना करते हैं, तो सावधानी बरतनी चाहिए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय तथा अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन की हालिया साथ मौजूदगी फिर चर्चा में है। दोनों ब्रिटेन के सिल्वरस्टोन में अजित कुमार की ले मैन्स कप रेस में नजर आए। विजय ने इस इवेंट को फ्लैग ऑफ किया। रेस से एक वीडियो सामने आया, जिसमें तृषा, विजय के साथ बालकनी में नजर आईं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 3:49 pm

OTT कंटेंट की सेंसरशिप के लिए RSS ने बनाया पैनल:फिल्मों की तरह सर्टिफिकेशन की मांग; जानिए क्या हैं मौजूदा नियम और एक्सपर्ट की राय

OTT प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले कंटेंट के सेंसरशिप के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने एक पैनल बनाया है। यह पैनल तय करेगा कि OTT पर दिखाया जाने वाला कंटेंट अश्लील, संस्कृति के खिलाफ, एंटी नेशनल या बच्चों पर गलत प्रभाव डालने वाला नहीं है। RSS का मानना है कि OTT पर कुछ ऐसा कंटेंट दिखाया जा रहा है, जिसका बच्चों और युवाओं पर गलत असर पड़ सकता है। संघ इसे भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से भी जोड़कर देखता है। इसी वजह से OTT कंटेंट पर ज्यादा सख्त नियम बनाने की जरूरत पर चर्चा हो रही है। RSS प्रमुख मोहन भागवत पहले भी OTT और डिजिटल कंटेंट को लेकर चिंता जता चुके हैं। क्या OTT के लिए सेंसर बोर्ड बनेगा? फिलहाल ऐसा कोई सेंसर बोर्ड नहीं बना है। RSS ने सिर्फ एक पैनल बनाया है, जो इस मुद्दे पर सुझाव देगा। पैनल की सिफारिशों के बाद ही यह तय होगा कि आगे क्या व्यवस्था हो सकती है। संघ से जुड़े लोगों ने OTT के लिए फिल्मों के सेंसर बोर्ड जैसी व्यवस्था बनाने को कहा है। अगर ऐसा होता है तो OTT पर रिलीज होने वाले कंटेंट की पहले से जांच और सर्टिफिकेशन की व्यवस्था की जा सकती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन ने इस पर कहा है, OTT पर सेंसरशिप जरूर होना चाहिए। मैं मोहन भागवत साहब से बिल्कुल सहमत हूं। सिर्फ सिनेमा ही क्यों, फिल्में चाहें ओटीटी पर कंज्यूम हो या कहीं ओर, सेंसर बहुत जरूरी है। भारत बड़ा देश है, कब, कहां, कैसे किसी के सेंटिमेंट्स हर्ट हों हमें नहीं पता। पहले भी कई विवाद हुए हैं। भूतनाथ डायरेक्टर विवेक शर्मा कहते हैं, सबको लगा था कि जिन लोगों को थिएटर में क्रिएटिव फ्रीडम नहीं मिल रही है OTT पर उन्हें मदद मिलेगी, लेकिन उल्टा हुआ। लोगों ने क्रिएटिव फ्रीडम का मतलब अश्लीलता बना दिया। फिल्मों से कैसे अलग है OTT? सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों को CBFC यानी सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट लेना पड़ता है। इसके बिना फिल्म को थिएटर में रिलीज नहीं किया जा सकता। वहीं OTT पर रिलीज होने वाली फिल्मों और वेब सीरीज को CBFC से सर्टिफिकेट नहीं लेना पड़ता। कई OTT प्लेटफॉर्म्स किए जा चुके हैं बैन लंबे समय से OTT पर आने वाले कंटेंट की कई शिकायतें मिली हैं। जिसके बाद OTT से जुड़े सख्त नियम भी बनाए जा रहे हैं। पिछले दो सालों में 50 OTT प्लेटफॉर्म को हटाया जा चुका है। केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने इस साल की शुरुआत में 5 ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म (OTT) को ब्लॉक किया है। जिनमें मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट दिखाया जा रहा था। यह कंटेंट आईटी एक्ट 2000, आईटी नियम 2021, आईपीसी की धारा 292 और महिलाओं को गलत तरीक से दिखाने से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करता पाया गया। पिछले साल जुलाई में Ullu-ALT समेत 25 OTT प्लेटफॉर्म बैन किए गए थे। मार्च 2024 में सरकार ने अश्लील कंटेंट को लेकर 18 OTT प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया था। साथ ही 19 वेबसाइट्स, 10 एप्स और 57 सोशल मीडिया हैंडल्स भी ब्लॉक कर दिए थे। देश में कब और कैसे हुई OTT की शुरुआत? देश में OTT की शुरुआत 2008 में हुई थी। पहला डिपेंडेंट ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘बिगफ्लिक्स’ था। इसे रिलायंस एंटरटेनमेंट ने साल 2008 में रिलीज किया था। इसके बाद 2010 में डिजिवाइव ने ‘नेक्सजीटीवी’ नाम से इंडिया का पहला ओटीटी मोबाइल ऐप लॉन्च किया। आईपीएल की लाइव स्ट्रीमिंग ने बढ़ाई लोकप्रियता 2013 और 2014 में नेक्सजीटीवी, आईपीएल मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग करने वाला पहला ऐप बना। इसके बाद 2015 में आईपीएल की लाइव स्ट्रीमिंग ने ही हॉटस्टार (जो अब डिज्नी+हॉटस्टार है) को देश का सबसे लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म बनाया। 2013 में टीवी शोज भी ओटीटी पर आए 2013 में डिट्‌टो टीवी और सोनी लिव जैसे ऐप भी लॉन्च हुए जिन्होंने स्टार, सोनी, वायकॉम और जी जैसे चैनल्स पर प्रसारित किए जाने वाले शोज भी ओटीटी पर स्ट्रीम करने शुरू कर दिए। इसके बाद दर्शकों ने बड़े पैमाने पर इन ओटीटी ऐप्स को डाउनलोड करके मनमर्जी से किसी भी वक्त अपने फेवरेट शोज देखना शुरू कर दिए। कोरोना काल में बढ़ी लोकप्रियता 2020 में कोराेना काल के शुरुआती तीन महीने में भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को 2019 के अंतिम तीन महीनों के मुकाबले 13% ज्यादा व्यूज मिले। पहले लॉकडाउन के दौरान जी-5 के सब्सक्राइबर सबसे ज्यादा 80% बढ़े, वहीं अमेजन प्राइम को 67% नए यूजर्स ने सब्सक्राइब किया। इन्वेस्ट इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना काल में अमेजन प्राइम, नेटफ्लिक्स और डिज्नी प्लस हॉटस्टार जैसे ओटीटी प्लेफॉर्म्स पर यूजर्स का टाइम स्पेंड 82.63% बढ़ा। इसी दौरान यू-ट्यूब जैसे फ्री एक्सेस प्लेटफॉर्म पर देश के लोगों ने 20.5% ज्यादा समय खर्च किया।

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 1:20 pm

40वें दिन Hanuman Ansh की आंधी में उड़ गईं 4 ब्लॉकबस्टर, कमाई में इन फिल्मों का किया पत्ता साफ

फिल्म हनुमान अंश ने रिलीज के 40वें दिन कमाई के मामले में चार बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है।

जागरण 16 Sep 2026 1:16 pm

Hanuman Ansh ने 40 दिन में बदला बॉक्स ऑफिस गणित, विदेशों तक गूंजे 'नीम करौली बाबा' के जयकारे; लिखेगी नया इतिहास

हनुमान अंश की सफलता की गूंज अब विदेशों तक सुनाई दे रही है। विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी मूवी बॉक्स ऑफिस पर एक नया इतिहास लिखने वाली है।

जागरण 16 Sep 2026 1:01 pm

तृषा को थलापति विजय के साथ न दिखने की सलाह:एक्ट्रेस अंबिका बोलीं- अगर इससे वो शर्मिंदगी का सामना करते हैं, तो सावधानी बरतनी चाहिए

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय तथा अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन की हालिया साथ मौजूदगी फिर चर्चा में है। दोनों ब्रिटेन के सिल्वरस्टोन में अजित कुमार की ले मैन्स कप रेस में नजर आए। विजय ने इस इवेंट को फ्लैग ऑफ किया। रेस से एक वीडियो सामने आया, जिसमें तृषा, विजय के साथ बालकनी में नजर आईं। इसी बीच दिग्गज अभिनेत्री अंबिका ने तृषा को विजय के साथ सार्वजनिक जगहों पर दिखने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी। अंबिका ने साउथ की न्यूड वेबसाइट रेडपिक्स को दिए इंटरव्यू में कहा, “तृषा को शायद लगता होगा कि वो और विजय सिर्फ दोस्त हैं, तो उन्हें आलोचना से फर्क नहीं पड़ता। लेकिन विजय एक बड़े पद पर हैं और साथ नजर आने से उसे शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है या इसका बुरा असर पड़ता है, तो मैं अगर तृषा की जगह होती तो ऐसा नहीं करती। मैं पीछे हट जाती और विजय के लिए मुश्किल खड़ी नहीं करती।” अंबिका ने यह भी कहा कि सिर्फ इसलिए दोस्ती खत्म नहीं की जा सकती, क्योंकि दोनों में से एक व्यक्ति बड़े पद पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, “जब दो लोग दोस्त होते हैं और उनमें से एक जिंदगी में ऊंचे मुकाम पर पहुंच जाता है, तो हम उस दोस्ती को नकार नहीं सकते। हमें उसे कोई दूसरा रंग नहीं देना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी खास जगह पर दोस्त के साथ उनकी मौजूदगी से बेवजह आलोचना हो सकती है, तो वह वहां जाना पसंद नहीं करेंगी। रेस में साथ पहुंचने से फिर चर्चा में आया अफेयर रूमर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और एक्टर थलापति विजय ने शनिवार को सिल्वरस्टोन में मिशेलिन ले मैन्स कप रेस की हरी झंडी दिखाकर ओपनिंग की। साउथ स्टार अजीत कुमार इस रेस में शामिल थे, जिन्होंने 38वां स्थान हासिल किया है। हालांकि इस रेस के दौरान थलापति विजय के साथ रूमर्ड गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन की मौजूदगी ने ध्यान खींच लिया है। सोशल मीडिया पर रेस से जुड़े कई वीडियो सामने आ रहे हैं। कुछ में विजय, तृषा के साथ रेस एंजॉय करते दिखे, कुछ में एक्टर अजीत से रेस से पहले मुलाकात करते तो कभी रेस को हरी झंडी दिखाते। देखिए रेसिंग से विजय की तस्वीरें- विजय-तृषा के अफेयर की चर्चा के बीच पत्नी संगीता ने तलाक की अर्जी वापस ली थलापति विजय और तृषा कृष्णन लंबे समय से अफेयर रूमर्स के बीच चर्चा में हैं। इसी बीच विजय की पत्नी ने फरवरी 2023 में विजय से तलाक की मांग करते हुए केस दर्ज करवाया था। PTI के मुताबिक, संगीता ने याचिका में कहा था कि उनके पति का एक एक्ट्रेस के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर हैं। उन्हें इस बारे में अप्रैल 2021 में पता चला। हालांकि, उन्होंने एक्ट्रेस का नाम नहीं लिया। उन्होंने यह भी बताया था कि विजय ने उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना दी। उपेक्षित किया और छोड़ दिया। जरूरत पड़ने पर वह उस अभिनेत्री को भी मामले में दूसरा पक्षकार बनाएंगी। संगीता का कहना था कि उनका रिश्ता पूरी तरह टूट चुका है। विजय भावनात्मक रूप से उनसे दूर हो गए हैं। उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करते थे। ऐसी परिस्थितियां पैदा कर दी थीं कि उन्हें एक ही घर में अलग रहना पड़ रहा था। इसलिए स्पेशल मैरिज एक्ट, 1954 के तहत तलाक दिया जाए। तमिलनाडू चुनाव के समय चुनाव लड़ रहे विजय के निजी मामले को जमकर उछाला गया था। इसी समय उनकी और तृषा की मौजूदगी ने भी जमकर सुर्खियां बटोरीं। विजय ने तृषा के जन्मदिन के दिन तमिलनाडू चुनाव जीता, जिसके ठीक बाद तृषा उनके नीलांकरई स्थित घर पहुंचीं। इसी दिन तृषा ने विजय के साथ देर रात बर्थडे सेलिब्रेट करते हुए तस्वीर भी पोस्ट की। आगे 10 मई को तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुईं। तृषा 15 अगस्त को भी विजय के परिवार के साथ उनके कार्यक्रम में शामिल हुई थीं। दोनों कई मौकों पर साथ नजर आए, जिससे उनका रिश्ता ऑफिशियल माना जा रहा था, हालांकि तभी विजय की पत्नी ने तलाक की अर्जी वापस ले ली है। तलाक की अर्जी वापस लेने के बाद ये पहली बार है जब विजय-तृषा फिर साथ नजर आए हैं।

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 10:52 am

'सुशांत सिंह राजपूत के कातिल अब पकड़े जाएंगे':एक्टर के MLA भाई बोले-उद्धव सरकार ने सबूत मिटाए; दिशा सालियान केस में CBI ने की है FIR

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI ने सोमवार को FIR दर्ज की है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर को दिशा के पिता की याचिका पर CBI जांच के निर्देश दिए थे। FIR दर्ज होने के बाद एक्टर सुशांत सिंह के चचेरे भाई और बीजेपी विधायक नीरज बब्लू ने दावा किया है कि अगर दिशा के हत्यारे पकड़े जाते हैं, तो सुशांत की हत्या का राज भी खुल जाएगा। उद्धव सरकार पर मामलों को दबाने का आरोप नीरज बबलू ने आरोप लगाया कि उस वक्त महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार थी, जो उनके खिलाफ थी। उन्होंने जानबूझकर दोनों हत्याओं के मामलों को दबाने का काम किया। जब बिहार में सीबीआई जांच की मांग उठी, तब तक वहां सभी सबूत मिटा दिए गए थे और तथ्य छिपा लिए गए थे। पूर्व मंत्री ने बताया कि उस समय दिशा सालियान के पिता सदमे में थे, लेकिन महाराष्ट्र में सरकार बदलने और बीजेपी के सत्ता में आने के बाद उन्हें सुरक्षा और न्याय की उम्मीद जगी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने जांच बढ़ाते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। 'सामने आएंगे बड़े नाम, करोड़ों फैंस को न्याय की आस' नीरज बबलू ने विश्वास जताते हुए कहा कि अब दिशा सालियान के हत्यारे निश्चित रूप से पकड़े जाएंगे और सीधे जेल जाएंगे। दिशा के कातिलों के पकड़े जाते ही सुशांत मामले में भी चीजें बिल्कुल साफ हो जाएंगी। यह स्पष्ट हो जाएगा कि सुशांत की हत्या के पीछे किन 'बड़े लोगों' का हाथ था और इसके पीछे का असल मकसद क्या था। 14 जून 2020 को हुई थी सुशांत की मौत 14 जून 2020 में बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का शव उनके बांद्रा स्थित फ्लैट में मिला था। खबर सामने आते ही पूरे देश में सनसनी मच गई थी। लोगों ने दावा किया कि सुशांत की मौत महज खुदकुशी नहीं हैं, बल्कि उनका मर्डर किया गया है, जिसके बाद हर किसी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार था। 25 जून को सुशांत की फाइनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई थी, जिसे पांच डॉक्टरों की टीम द्वारा तैयार किया गया था। इस रिपोर्ट में साफ लिखा था कि एक्टर की मौत फांसी लगने के बाद दम घुटने से हुई है। विसरा रिपोर्ट में भी उनकी मौत को आत्महत्या करार दिया गया। लेकिन परिवार ने गड़बड़ी की आशंका जताते हुए जांच की मांग की। मुंबई पुलिस ने केस की जांच शुरू की, लेकिन मीडिया और पॉलिटिकल प्रेशर की वजह से केस CBI को सौंप दिया गया। 6 अगस्त 2020 को CBI ने FIR दर्ज की। 4 साल 6 महीने बाद मार्च 2025 में CBI ने फाइनल क्लोजर रिपोर्ट फाइल की। इसमें जांच एजेंसी ने कहा है कि आत्महत्या के लिए सुशांत को उकसाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि सुशांत का परिवार ये मानने को तैयार नहीं कि ये सामान्य सुसाइड केस है। अब जानिए एक्टर सुशांत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के बारे में दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। दिशा केस की शुरुआती जांच करीब तीन महीने में बंद कर दी गई थी। अक्टूबर 2020 में पुलिस ने मौत को सुसाइड बताया था। वहीं दिसंबर 2023 में केस दोबारा खोला गया और SIT बनाई गई। इसमें भी आत्महत्या की बात कही गई थी।

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 10:40 am

उल्टी आरती कर रहे थे सलमान खान, बहन ने टोका:यूलिया वंतूर ने भी आरती की, सोहेल खान के गणपति विसर्जन में थिरका परिवार

सलमान खान मंगलवार को खान परिवार के गणपति विसर्जन में शामिल हुए। उन्होंने परिवार के साथ बप्पा की आरती की। इस बार खान परिवार ने सोहेल खान के घर गणेश चतुर्थी का आयोजन किया था। अब खान परिवार के विसर्जन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सलमान खान गणपति बप्पा की उल्टी आरती करते दिखे हैं। कुछ देर बाद बहन अर्पिता ने उन्हें टोकते हुए सही तरीका बताया, जिसके तुरंत बाद सलमान ने गलती सुधार ली। सलमान खान के परिवार के गणपति विसर्जन में उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड यूलिया वंतूर भी पहुंची। सलमान के ठीक बाद यूलिया ने आरती की। अर्पिता खान उन्हें भी आरती सिखाती दिखीं। विसर्जन से पहले खान परिवार ने की आरती सोहेल खान के बिल्डिंग परिसर में हुए गणेश विसर्जन में पूरा खान परिवार शामिल रहा। सोहेल खान, अर्पिता शर्मा ने बच्चों के साथ आरती की। वहीं हेलेन और अन्य मेहमानों ने भी बप्पा के दर्शन किए। गणेश चतुर्थी पर सलमान ने बदला लुक सलमान खान ने गणेश चतुर्थी में अपना लुक पूरी तरह बदल लिया है। वह सोहेल खान और अंबानी परिवार के घर गणेश स्थापना के बाद बैंडाना लुक में पहुंचे। ऐसा ही कुछ मिलता-जुलता लुक विसर्जन में दिखा। उन्होंने टी-शर्ट, हाफ लेदर जैकेट के साथ विंटर कैप पहन रखी थी। सोहेल खान के घर विसर्जन में पहुंचे सलमान का स्टाफ की गोद में सो रही एक बच्ची ने ध्यान खींच लिया। सलमान पास गए और बच्ची को सहलाया। सलमान ने अंबानी परिवार के घर लिया था बप्पा का आशीर्वाद सलमान खान अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बने हैं। इस दौरान उन्होंने बप्पा का आशीर्वाद लिया और भगवान को फूल अर्पण किए। सलमान खान ने नए लुक के साथ एंटीलिया में एंट्री ली और तस्वीरें क्लिक कराईं। कुछ देर बाद उन्होंने गणपति प्रतिमा के सामने जाकर आशीर्वाद लिया। पंडित जी ने उन्हें तिलक लगाया और पटका पहनाया। आगे सलमान ने गणपति बप्पा को पुष्प अर्पित किए।

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 9:32 am

मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग

तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं

खास खबर 15 Sep 2026 1:28 pm

ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी

खास खबर 3 Sep 2026 11:41 am

Viral News : धरती का ‘सर्वाइवल एक्सपर्ट’ है बिच्छू! महीनों बिना खाना और कई दिनों तक पानी में रह सकता है जिंदा

धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।

खास खबर 1 Sep 2026 2:51 pm

'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।

खास खबर 22 Aug 2026 12:28 pm

नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी

नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।

खास खबर 12 Aug 2026 2:30 pm

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm