सलमान खान ने एक बार फिर अपनी दरियादिली से फैंस का दिल जीत लिया है। हाल ही में उनकी एक महिला फैन ने एक किस्सा शेयर किया, जिसने लोगों को भावुक कर दिया। यह फैन हार्ट ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर स्थिति से गुजर रही थीं, तब सलमान ने न सिर्फ हिम्मत दी, बल्कि उनके साथ खड़े भी नजर आए। दरअसल, कर्नाटक की रहने वाली रीना राजू, जो तीन बार हार्ट ट्रांसप्लांट झेल चुकी हैं, उन्होंने RJ Sowjanya को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि सर्जरी से ठीक पहले सलमान खान ने उन्हें कॉल किया था। उस समय अभिनेता ऑस्ट्रेलिया में शूटिंग कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने समय निकालकर रीना और उनके परिवार से करीब दो घंटे तक बात की। रीना के मुताबिक, वह अपनी पहली सर्जरी से पहले काफी डरी हुई थीं। ऐसे में सलमान ने उन्हें हिम्मत दी और ऑपरेशन के लिए मानसिक रूप से तैयार किया। उन्होंने कहा कि सलमान का यह सपोर्ट उनके लिए बड़ा सहारा था और इसी वजह से वह सर्जरी का सामना कर पाईं। रीना ने बताया कि सर्जरी के बाद कुछ समय तक उनका सलमान से संपर्क नहीं रहा, लेकिन दो साल बाद जब उन्होंने फिर मैसेज किया तो अभिनेता ने उन्हें तुरंत पहचान लिया। इसके बाद उन्होंने उन्हें अपने मुंबई स्थित घर बुलाया, जहां उनके लिए एक छोटी पार्टी भी रखी गई। दोनों ने साथ में समय बिताया, गाने और डांस भी किया। इतना ही नहीं, सलमान खान ने रीना को अपनी फिल्म ‘रेस 3’ के सेट पर भी बुलाया और उन्हें बीइंग ह्यूमन ब्रांड की एक साइकिल गिफ्ट की। खास बात यह थी कि सलमान को याद था कि रीना ने कभी इस साइकिल की इच्छा जताई थी। रीना आज भी सलमान के संपर्क में हैं। जब भी वह किसी मुश्किल दौर से गुजरती हैं, अभिनेता उन्हें मोटिवेट करते हैं। यह पूरा किस्सा दिखाता है कि सलमान खान सिर्फ बड़े स्टार ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान भी हैं, जो अपने फैंस का ख्याल रखते हैं।
रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर सामने आने के बाद से ही इसके हर पहलू पर बहस शुरू हो गई है। इस बीच, टीवी की पौराणिक शृंखलाओं पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स ने फिल्म में भगवान राम के लुक पर अपनी राय दी है और इसे एक चूक गया अवसर बताया है। Variety India की रिपोर्ट के मुताबिक, टीवी के सुपरहिट शो ‘श्रीमद् रामायण’ और ‘राधाकृष्ण’ पर काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर शिबप्रिया सेन ने कहा कि फिल्म का पहला टीजर उम्मीद के मुताबिक विस्मयकारी नहीं लगा। उनके अनुसार, टीवी पर राम और अन्य पात्रों के परिधानों की प्रेरणा भारतीय संस्कृति, मंदिरों और मूर्तियों से ली जाती थी। जैसे राम के मुकुट में सूर्य रथ का चक्र और पीला रंग, सीता के लिए मधुबनी छाप, और हनुमान के लिए अजंता, एलोरा और हम्पी की मूर्तियां। सेन के अनुसार, राम भारत की आस्था का केंद्र हैं, इसलिए परिधानों में प्रयोग करते समय उनके दिव्य स्वरूप का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि टीवी में सीमित बजट और समय के बावजूद उनके डिजाइन बहुत समृद्ध और जीवंत थे। दूसरी ओर, ‘हातिम’, ‘सिया के राम’ और ‘देवों के देव...महादेव’ जैसी पौराणिक शृंखलाओं में काम कर चुकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर नीरूषा निकहत ने कहा कि फिल्म में सौंदर्य और नवाचार की कमी है। उनका मानना है कि निर्माता नामित मल्होत्रा अधिक प्रयोगात्मक और यादगार डिजाइन ला सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट में अनुभवहीन लोगों को शामिल किया गया, जबकि ऐसी परियोजना में अनुभवी डिजाइनर्स की जरूरत थी। डिजाइनर्स का कहना है कि बड़े बजट और तकनीकी स्वतंत्रता के बावजूद फिल्म में परिधानों और आभूषणों में और अधिक सांस्कृतिक और रचनात्मक गहराई हो सकती थी। यह परियोजना दर्शकों के लिए एक चूक गया रचनात्मक अवसर साबित हुई। फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन पहले लुक से साफ है कि इसमें और अधिक प्रामाणिक और यादगार सौंदर्यबोध दिखाया जा सकता था।
नितेश तिवारी निर्देशित और रणबीर कपूर अभिनीत महाकाव्य फिल्म ‘रामायण’ का नया टीजर हाल ही में जारी हुआ है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में दिख रहे हैं। इस टीजर ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया पैदा की है और दर्शक‑भक्त दोनों ही एक साथ इसे देख रहे हैं। इसी बीच इंटरनेट पर एक AI‑जनित तस्वीरों का सिलसिला वायरल हुआ है, जिसमें दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को भगवान राम के रूप में दिखाया गया है। एक Reddit उपयोगकर्ता ने ये चित्र साझा किए, जिनका शीर्षक था “वह ज्यादा बेहतर होते”। ये दोनों ही फ्रेम फिल्म के टीजर से लिए गए हैं, लेकिन मूल रूप से रणबीर कपूर के स्थान पर सुशांत की तस्वीरें AI के जरिए जोड़ दी गईं। इन AI निर्मित चित्रों में सुशांत को दो अलग‑अलग दृश्यों में दिखाया गया। जिसमें एक में अयोध्या दरबार की शाही पोशाक पहने और दूसरे में वनवास के दौरान नाव में बैठे हुए। इन पोस्टों के साथ साझा एक गूगल सर्च स्क्रीनशॉट में यह भी बताया गया कि भगवान राम का रंग सांवला था, जो चर्चा का एक और मुद्दा बन गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने इन AI चित्रों पर जोरदार प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने सुशांत की दयालु आंखों और शांत स्वभाव को राम के चरित्र के अनुरूप बताते हुए कहा कि वह इस भूमिका में बेहतर दिखते। कुछ ने लिखा कि सुशांत में वह आध्यात्मिक गहराई और भावनात्मक जुड़ाव है जो भगवान राम बनने के लिए जरूरी होता। इसके साथ‑साथ कुछ उपयोगकर्ताओं ने इस तुलना पर असहमति भी जताई, यह कहते हुए कि सुशांत का स्किन टोन भी राम के पारंपरिक वर्णन से मेल नहीं खाता, और इसलिए यह तुलना पूरी तरह न्यायसंगत नहीं है। ये चर्चाएं दर्शाती हैं कि कैसे सोशल मीडिया और AI‑आधारित इमेजिंग अब फिल्मों की आधिकारिक सामग्री के साथ मिलकर ऑडियंस की कल्पनाओं और भावनाओं को प्रभावित कर रही हैं। रामायण का टीजर रिलीज होने के बाद से ही चर्चा तूल पकड़ी है और AI‑जनित छवियों ने इस बहस में एक नया आयाम जोड़ दिया है।
मशहूर मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत बालकृष्णन को यौन उत्पीड़न के आरोपों में तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। यह आदेश शनिवार को कोच्चि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस की याचिका मानते हुए जारी किया। पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) अब मामले की और गहन जांच करेगी। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला तब उजागर हुआ जब एक अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि रंजीत ने फिल्म शूट के दौरान एक कैरवैन (वैन) के अंदर उनके साथ यौन उत्पीड़न का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर 28 मार्च को FIR दर्ज की गई और कोच्चि पुलिस ने उस पर गंभीर आरोपों का मामला बनाया। पुलिस ने दावा किया कि शुरुआती जांच में आरोप और साक्ष्य पर्याप्त पाए गए, जिसके बाद ही रंजीत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को ध्यान में रखते हुए उन्हें सोमवार शाम तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है, ताकि पूछताछ और सबूत एकत्रण का काम जारी रखा जा सके। रंजीत का स्वास्थ्य भी अब चर्चा का विषय बन गया है। उनकी वकील टीम ने कोर्ट में दलील दी कि गिरफ्तार करते समय उचित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ और उनके गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों (जैसे लीवर ट्रांसप्लांट और पिछले स्पाइनल सर्जरी) के कारण हिरासत में स्वास्थ्य जोखिम हो सकता है। हालांकि, कोर्ट ने पुलिस हिरासत की अनुमति दी, साथ ही निर्देश दिए कि हर 24 घंटे में उनकी मेडिकल जांच की जाए। रंजीत पहले ही एर्नाकुलम सब जेल में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं और उनका बेल आवेदन अगली सुनवाई के लिए सोमवार/मंगलवार को पेश किया जाएगा। उनके वकील का कहना है कि वे इस मामले में निर्दोष हैं और आरोपों को झूठा और साजिश बताया है। पुलिस की SIT अब सेट पर मौजूद कर्मियों, गवाहों और उपकरणों के सबूतों की पड़ताल कर रही है, ताकि स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। इसके अलावा फिल्म जगत के संगठनों ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है और उद्योग में सुरक्षा तथा शिकायत तंत्र के कार्यान्वयन पर जोर दिया जा रहा है।
फिल्म ‘धुरंधर’ की कास्टिंग को लेकर कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने बताया कि रहमान डकैत के किरदार के लिए 2-3 बड़े एक्टर्स ने इनकार कर दिया था। आखिर में यह रोल अक्षय खन्ना को मिला। हाल ही में बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में मुकेश छाबड़ा ने बताया कि फिल्म की कास्टिंग आसान नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्हें करीब 4 घंटे तक फिल्म की कहानी सुनाई गई, जिसे सुनने के बाद वे सदमे में थे और समय का एहसास ही नहीं हुआ। कास्टिंग प्रोसेस करीब दो साल चली मुकेश के मुताबिक, फिल्म के दोनों हिस्सों को मिलाकर करीब 400 कलाकारों की कास्टिंग करनी थी। इसके लिए उन्होंने छह लोगों की टीम बनाई और हर रोल के लिए अलग-अलग तलाश शुरू की। उन्होंने कहा कि डायरेक्टर आदित्य धर ने उन्हें पूरी स्वतंत्रता दी थी और बड़े लेवल पर सोचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि फिल्म की कास्टिंग प्रोजेस 2024 से करीब दो साल चली। कास्टिंग के दौरान कई कलाकारों ने अलग-अलग भूमिकाओं के लिए मना कर दिया। हालांकि, मुकेश के अनुसार, डायरेक्टर पूरे समय शांत रहे और उन्होंने नए विकल्प तलाशने को कहा। फिल्म में रणवीर सिंह को हमजा के रोल के लिए शुरुआत में ही फाइनल कर लिया गया था और उन्होंने तुरंत हामी भर दी थी। मल्टीस्टारर फिल्म बताकर एक्टर्स ने रोल छोड़ा मुकेश छाबड़ा ने यह भी बताया कि रहमान डकैत का किरदार शुरू में अक्षय खन्ना को ऑफर नहीं किया गया था। इस रोल को 2-3 एक्टर्स ने ठुकरा दिया था, जिनमें एक साउथ सिनेमा का एक्टर और दो बॉलीवुड एक्टर्स शामिल थे। उनके अनुसार, इन कलाकारों ने यह तर्क दिया था कि फिल्म मल्टीस्टारर है और यह मुख्य रूप से रणवीर सिंह की फिल्म है। हालांकि, मुकेश ने नाम बताने से इनकार किया और कहा कि फिल्म रिलीज होने के बाद उन्हें अपने फैसले पर पछतावा हो रहा होगा। अंत में यह रोल अक्षय खन्ना को मिला, जिसे दर्शकों से सराहना मिली और फिल्म ने वैश्विक स्तर पर सफलता हासिल की।
स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट का अनोखा संगम लेकर इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग (IPBL) सुर्खियों में है। इस लीग की सबसे खास बात यह है कि इसमें खेल के साथ टीवी इंडस्ट्री की चर्चित अभिनेत्रियां टीम ओनर के रूप में नजर आएंगी, जिससे लीग को ग्लैमरस टच मिला है। लीग के कमीश्नर पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह हैं, जबकि संस्थापक और सीईओ कैप्टन विनीत चतुर्वेदी इस पूरी पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। टीम ओनर्स में उर्वशी ढोलकिया, सुमोना चक्रवर्ती, उपासना सिंह, दीपशिखा नागपाल, गीतांजलि मिश्रा, आस्था चौधरी, फलाक नाज और गुरप्रीत कौर चड्ढा जैसे नाम शामिल हैं। प्लेयर ऑक्शन में 142 खिलाड़ियों में से 63 खिलाड़ियों को 8 टीमों ने खरीदा। लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि स्टार पावर की भी रही। उर्वशी ढोलकिया ने कहा, “ इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग एक पावरफुल मूवमेंट है, जो टैलेंट को पहचान देने के साथ उसे बड़े मंच तक पहुंचाएगा।” सुमोना चक्रवर्ती ने इसे एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स का बेहतरीन कॉम्बिनेशन बताया। उपासना सिंह ने कहा, “यह लीग भारतीय बैडमिंटन को ग्लोबल पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है।” आस्था चौधरी ने इसे स्पोर्ट्स रिवोल्यूशन का हिस्सा बनने का मौका बताया। वहीं गुरप्रीत कौर चड्ढा ने कहा, “यह एक शानदार अवसर है, जहां हम देशभर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और बैडमिंटन को प्रमोट करने में योगदान दे सकते हैं।” फाउंडर और संस्थापक और सीईओ कैप्टन विनीत चतुर्वेदी ने कहा, “ इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग भारतीय खेलों के भविष्य में एक लंबी अवधि का निवेश है, जिसका उद्देश्य उभरती प्रतिभाओं को पहचान और मंच देना है।” इस लीग में मुंबई, दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पंजाब, गुजरात, हैदराबाद और कोलकाता की टीमें हिस्सा लेंगी। हर टीम में युवा खिलाड़ियों के साथ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का ग्लैमर भी जुड़ा होगा, जिससे मुकाबले और भी रोमांचक बनेंगे। कमिश्नर हरभजन सिंह ने कहा, “ इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग स्पोर्ट्स और एंटरटेनमेंट को जोड़ने वाला एक खास मंच है, जो खिलाड़ियों को नए मौके देगा।” कुल मिलाकर इंडियन प्रो बैडमिंटन लीग अब सिर्फ बैडमिंटन लीग नहीं, बल्कि एक ग्लैमरस स्पोर्ट्स शो बनती नजर आ रही है, जहां खेल के साथ-साथ स्टार्स का जलवा भी देखने को मिलेगा।
धुरंधर की सफलता के पीछे उसका साउंडट्रैक भी है। मेघालय की 22 वर्षीय सिंगर रेबल (डायाफी लामारे) धुरंधर में अपने गानों से वायरल हुई हैं। रेबल ने नाल नचना, रन डाउन द सिटी और आरी आरी जैसे हिट ट्रैक्स फिल्म को दिए। ये एक नया ट्रेंड है, तमिल हो या मराठी, अब हर राज्य के अपने रैप वायरल हो रहे हैं। श्रेयस सागवेकर आज मराठी रैप का बड़ा चेहरा हैं। उनके मराठी ट्रैक ‘तांबडी चामडी’ को 5 करोड़ से अधिक यूट्यूब व्यूज मिले। इसी तरह मलयालम रैप भी केरल में पॉपुलर है। रैपर डैब्जी (मोहम्मद फासिल) का ‘इलूमिनाटी’ इसका उदाहरण है। यूट्यूब पर इसके 41 करोड़ व्यूज हैं। कश्मीर में ‘कोशूर रैप’ है, जिसमें वहां की जिंदगी को रैप के जरिए सुनाते हैं। रेबल: 24 वर्षीय रैपर; धुरंधर में इनके गाने वायरल 24 वर्षीय रेबल मेघालय में जन्मी हैं। उन्हें 10 की उम्र से म्यूजिक का शौक है। बेंगलुरु से इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने पारंपरिक करियर की बजाय म्यूजिक को ही चुना। हाल ही में रेबल ने मलयालम फिल्म लोकह चैप्टर 1 चंद्रा में भी काम किया है। धुरंधर में 3 गाने गाए हैं। ढांडा न्योलीवाला - पहले जैवलिन थ्रोअर थे ढांडा न्योलीवाला 1998 में हरियाणा के हिसार जिले के न्योली कलां गांव में जन्मे। एक सरकारी स्कूल टीचर के बेटे हैं। म्यूजिक से पहले वह राष्ट्रीय स्तर के जैवलिन थ्रोअर रह चुके हैं। सितंबर 2022 में ‘अप टु यू’से उन्हें सक्सेस मिली। अब हरियाणवी रैप को पॉपुलर बना रहे। पाल डब्बा - पहले डांसर थे, अब तमिल के बड़े रैपर इनका असली नाम अनीश है। उनका स्टेज नाम पाल डब्बा है, तमिल में जिसका मतलब ‘दूध पाउडर का डिब्बा’ होता है। उन्होंने अपनी जड़ों और नॉर्थ चेन्नई की संस्कृति को सम्मान देने के लिए चुना। रैपर बनने से पहले वे एक डांसर थे। स्पॉटिफाई पर 54 लाख मंथली लिसनर्स हैं। हनुमानकाइंड - कॉर्पोरेट जॉब छोड़ रैपर बने 2024 में ‘बिग डॉग्स’ जैसे वायरल हिट से ग्लोबल पहचान हासिल की, जो बिलबोर्ड हॉट 100 में 23वें स्थान तक पहुंचा। म्यूजिक इंडस्ट्री में आने से पहले वह 2014 में गोल्डमैन सैक में काम कर चुके हैं। कोरियन वेब सीरीज स्किव्ड गेम में भी इनका ट्रैक लिया गया था। असर - रीजनल रैप में 118% तक की उछाल- केन रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में भारत में कुल म्यूजिक कंजम्पशन का 34% हिस्सा रीजनल म्यूजिक का रहा। वहीं स्पॉटिफाई के डेटा के अनुसार हरियाणवी और मलयालम जैसी भाषाओं में रीजनल हिप-हॉप में 500 से 600% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
एक्टर रणबीर कपूर ने कन्फर्म किया है कि वह फिल्म रामायण में भगवान राम के साथ भगवान परशुराम के किरदार में भी दिखेंगे। लॉस एंजेलिस में ‘कोलाइडर’ को दिए इंटरव्यू में जब रणबीर से सवाल पूछा गया कि वह भगवान राम और परशुराम जैसे दो अलग-अलग स्वभाव वाले किरदारों को बॉडी लैंग्वेज और आवाज से कैसे अलग दिखा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु के कई अवतार रहे हैं, जिनमें भगवान राम एक अवतार हैं, जबकि उनसे पहले भगवान परशुराम भी अवतार थे। रणबीर ने कहा कि भगवान राम का किरदार निभाने का मौका मिलना ही बड़ी बात थी, लेकिन साथ ही भगवान परशुराम का रोल निभाना उनके लिए और भी खास अनुभव रहा। उन्होंने आगे कहा कि एक एक्टर के रूप में केवल बॉडी लैंग्वेज ही नहीं, बल्कि रोल की आध्यात्मिकता और उसकी भावनाओं को गहराई से समझना जरूरी होता है। उनका मानना है कि एक्टिंग की शुरुआत यहीं से होती है। रणबीर ने यह भी कहा कि फिल्म रामायण की शूटिंग से पहले उन्होंने पूरे एक साल तक इन किरदारों को समझने पर काम किया। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि ये पात्र कौन हैं, उनकी सोच क्या है और उनके उद्देश्य क्या हैं। बेटी को रामायण की कहानियां सुनाते थे रणबीर लॉस एंजेलिस में रणबीर ने मीडिया इंटरेक्शन में यह भी बताया कि वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें फिल्म रामायण का हिस्सा बनने का मौका मिला। यह मौका उन्हें उसी समय मिला, जब वह पिता बने थे। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी साढ़े तीन साल की है। जब वह भगवान राम का किरदार निभा रहे थे, तब घर लौटकर वह अपनी बेटी को रामायण की कहानियां सुनाते थे। रणबीर ने कहा कि उनकी बेटी इस विषय को लेकर काफी उत्सुक रहती है। वह उनसे पूछती थी कि क्या उन्होंने आज हनुमान जी या सीता जी के साथ शूट किया। उन्होंने बताया कि यह उसकी रामायण के प्रति दिलचस्पी को दर्शाता है।
नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही फिल्म रामायण से भगवान राम का लुक हनुमान जयंती पर सामने आया। टीजर में वॉर सीन और शानदार VFX भी दिखा, जिसकी कई लोगों ने तारीफ की है। हालांकि, सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने फिल्म के सीन्स को हॉलीवुड फिल्मों की नकल बताया। टीजर में दिखाया गया वॉर सीन (लंका में तबाही का माहौल) कुछ यूजर्स को हॉलीवुड फिल्मों जैसा लगा। कुछ ने इसे गेम ऑफ थ्रोन्स या अन्य हॉलीवुड फिल्मों से प्रेरित बताया। राक्षसों के डिजाइन और कुछ शॉट्स को लॉर्ड ऑफ द रिंग्स जैसी हॉलीवुड मूवीज से कॉपी बताया गया। सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर एक यूजर ने लिखा, रामायण मूवी का टीजर कल रिलीज किया गया। बजट 4 हजार करोड़ रुपए, जबकि इस छोटे से टीजर में हमें कई शॉट्स ऐसे देखने को मिले जो हॉलीवुड मूवी से कॉपी किए गए हैं। सवाल यह है कि इतनी महंगी फिल्म में कॉपी शॉट्स से क्या लोगों को बेवकूफ़ बनाया जा रहा है? वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा, समस्या ये है कि बॉलीवुड वाले सब हॉलीवुड को कॉपी करने के लिए पगलाए रहते हैं। इस वाले टीजर में गेम ऑफ थ्रोन्स का शैडो साफ पता चलता है। रामायण मतलब VFX और CGI होता है, ये मान बैठे हैं बॉलीवुड वाले। जब एक यूजर ने कहा कि रामायण के सीन गेम ऑफ़ थ्रोन्स, द डार्क नाइट और ड्यून: पार्ट टू जैसी फिल्मों से मिलते-जुलते हैं, तो दूसरे यूजर ने जवाब दिया कि बाहुबली के भी कई सीन दूसरी हॉलीवुड फिल्मों से मिलते-जुलते हैं।
पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा ने गाजियाबाद में बीच में ही लाइव शो कैसिंल कर दिया और परफॉर्मेंस छोड़कर चली गईं। 3 अप्रैल की रात आरकेजीआईटी कॉलेज में चल रहे शो के दौरान अचानक एक युवक स्टेज पर चढ़ गया और उन्हें छूने की कोशिश करने लगा और उनके पैरों में गिर पड़ा। अचानक हुई इस घटना से सुनंदा घबरा गईं। जैसे ही युवक ने उन्हें छुआ, वह जोर से चीखीं और भागकर स्टेज के पीछे चली गईं। माइक ऑन होने की वजह से उनकी चीख साफ सुनाई दी, जिससे माहौल अफरा-तफरी में बदल गया। युवक करीब 2 मिनट तक स्टेज पर रहा और शाहरुख खान के सिग्नेजर स्टाइल में वाहें फैलाकर स्टूडेंट्स की तरफ देखने लगा। आवाज सुनते ही पुलिस तुरंत स्टेज पर पहुंची और युवक को वहां से हटाया। बाउंसरों ने भी उसे पकड़कर स्टेज से नीचे उतारा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। फिलहाल गाजियाबाद पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि युवक उसी कॉलेज का छात्र है। इस घटना के बाद सुनंदा इतनी डर गईं कि दोबारा स्टेज पर नहीं लौटीं। नीचे मौजूद लोग उन्हें वापस बुलाते रहे, लेकिन उनकी टीम ने शो को बीच में ही कैंसिल करने का फैसला लिया। शो रद्द होने की घोषणा के बाद छात्र निराश होकर वापस लौट गए। स्टेज पर सुनंदा के साथ क्या हुआ… शो को नेक्सट लेवल का बनाने की जानकारी की थी साझाशो शुरु होने से पहले सुनंदा काफी एक्साइटेड दिखीं। उन्होंने खुद वीडियो शेयर कर कहा कि मेरा आज गाजिबाद में शो है। इसके बाद वह स्टेज पर आने के बाद कहने लगीं कि आज मैं गाजियाबाद में आई हूं और ऐसा कैसे हो सकता है कि गाजियाबाद वाले मेरे साथ न गुनगुनाएं। सुनंदा ने कहा कि आज का शो नेक्सट लेवल का होने वाला है। *********** ये खबर भी पढ़ें: पंजाबी सिंगर सुनंदा लाइव शो में इशारे करने पर भड़कीं: बीच में गाना रोका, युवक से बोलीं-अभी छोड़ रही हूं, शो खराब नहीं करना चाहती पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा के लाइव शो के दौरान एक युवक ने ऑडियंस के बीच से इशारे किए। सुनंदा पहले गाना गाती रहीं, लेकिन जब युवक अपनी हरकतों से नहीं रुका तो उन्होंने गाना बीच में ही रोक दिया। (पढ़ें पूरी खबर)
मुंबई में नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) की तीसरी एनिवर्सरी पर एक इवेंट आयोजित किया गया। यह इवेंट मुकेश अंबानी और नीता अंबानी ने होस्ट किया। सलमान खान, रणवीर सिंह, संजय दत्त, शहीद कपूर जैसे कई सेलेब्स इवेंट में शामिल हुए। इवेंट को लेकर नीता अंबानी ने कहा कि NMACC की शुरुआत के समय उन्होंने भारत की संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने और दुनिया की कला को भारत लाने का लक्ष्य रखा था, और संस्था उसी दिशा में काम कर रही है। देखें इवेंट की तस्वीरें- NMACC की शुरुआत 2023 में हुई थी बता दें कि NMACC की शुरुआत नीता अंबानी ने भारतीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की थी। यह सेंटर मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में जियो वर्ल्ड सेंटर के अंदर स्थित है। इस सेंटर का उद्घाटन 31 मार्च 2023 को हुआ था। यह तीन दिन का बड़ा लॉन्च इवेंट था, जो 2 अप्रैल तक चला। इसमें रजनीकांत, शाहरुख खान, प्रियंका चोपड़ा के साथ टॉम हॉलैंड और जेंडाया जैसे इंटरनेशनल स्टार्स भी शामिल हुए थे। NMACC को 3 अप्रैल 2023 से आम जनता के लिए खोल दिया गया। यहां शुरुआत में ‘द ग्रेट इंडियन म्यूजिकल: सिविलाइजेशन टू नेशन’, ‘इंडिया इन फैशन’ और ‘संगम’ जैसे बड़े शो हुए हैं। यह सेंटर परफॉर्मिंग आर्ट्स, विजुअल आर्ट्स और ट्रेडिशनल क्राफ्ट्स के लिए अलग-अलग स्पेस उपलब्ध कराता है। यहां का ग्रैंड थिएटर बड़े शो और नाटकों के लिए जाना जाता है, जबकि आर्ट हाउस में भारतीय और इंटरनेशनल कलाकारों की प्रदर्शनियां लगती हैं। ‘स्वदेश’ सेक्शन में भारतीय हस्तशिल्प को प्रमोट किया जाता है। पिछले तीन सालों में यहां 3,500 से ज्यादा शो हुए हैं और 10,500 से अधिक कलाकार हिस्सा ले चुके हैं।
करीब साढ़े 400 साल पहले पश्तून बाबी वंश मुगल शासक हुमायूं के साथ गुजरात पहुंचा। यह अफगानिस्तान का शाही परिवार था, जो मुगल साम्राज्य का अहम हिस्सा बना और कई रियासतों पर शासन किया। मुगल सत्ता कमजोर होने पर बाबी और मराठा (गायकवाड़ वंश) में जंग हुई, जिसमें मराठाओं ने अधिकांश गुजरात पर कब्जा किया, लेकिन बाबी ने जुनागढ़, राधनपुर और बालासिनोर पर शासन जारी रखा।मोहम्मद महाबत खान-3, जूनागढ़ की रियासत के आखिरी नवाब रहे। महाबत खान के एक करीबी रिश्तेदार थे वली मोहम्मद खान बाबी। उन्होंने 1940 में जमाल बख्ते बाबी से शादी की। सालों तक उन्हें संतान नहीं हुई। 1947 में ब्रिटिश हुकूमत खत्म होने पर रियासतें खत्म कर सरकारें बनाई जाने लगीं और भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ। 15 अगस्त 1947 को आखिरी नवाब महाबत खान ने जूनागढ़ को पाकिस्तान में शामिल करने की घोषणा की, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई। 20 फरवरी 1948 के जनमत में 99% से ज्यादा लोगों ने भारत में शामिल होने का फैसला किया। जब सरकार बनी तो जूनागढ़ के नवाब माहबत के करीबी रिश्तेदार वली मोहम्मद खान की भी रियासत ले ली गई और बदले में उन्हें 100 बीघा जमीन यानी 40 एकड़ (17 लाख 42 हजार वर्ग फुट) दी गई। राजशाही खत्म होने के बावजूद वो शाही जिंदगी जीते थे। शादी के 14 साल बाद उनके घर खुशखबरी आई। पत्नी जमाल बख्ते ने जूनागढ़ की शाही हवेली में 4 अप्रैल 1954 को बेटी को जन्म दिया। नाम दिया गया, परवीन सुल्ताना वली मोहम्मद खानजी बाबी। वही परवीन बाबी जो हिंदी सिनेमा की मशहूर और टॉप एक्ट्रेसेस में शामिल रहीं। वही परवीन बाबी जो अपने ग्लैमर, वेस्टर्नाइजेशन और समय से आगे चलने वाली सोच के लिए जानी गईं। जब महिलाएं पर्दे पर भी सिगरेट थामने से कतराती थीं, तब परवीन बाबी मिनी स्कर्ट पहनकर सड़कों पर सिगरेट पीते हुए टहला करती थीं। जब डायरेक्टर बी.आर.इशारा ने उन्हें पहली बार देखा, तब उनकी इसी बोल्डनेस के मुरीद हो गए और उन्हें तुरंत फिल्म ऑफर कर दी। आज परवीन बाबी की 72वीं बर्थ एनिवर्सरी है। अगर आज वो होतीं, तो अपना 72वां जन्मदिन मनातीं। उनकी जिंदगी के आखिरी दिन बेहद दर्दनाक थे। अकेलेपन की हद ये थी कि जब उनकी मौत हुई तो 4 दिनों तक बॉडी बंद घर में सड़ती रही। आज परवीन बाबी की बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर जानिए उनके समय से आगे चलने और जिंदगी से जुड़े कुछ रोचक किस्से- 54 कमरों की हवेली में हुई परवरिश, पढ़ाई के लिए शर्त पर घर छोड़ा शाही परिवार में जन्मीं परवीन बाबी का बचपन जूनागढ़ की 54 कमरों की हवेली में बीता। इकलौती संतान को ऐशोआराम मिला और घर में 6 नौकर थे। 6 साल की उम्र में पिता का कैंसर से निधन हुआ, जिसके बाद वह दीवान चौक की दो मंजिला हवेली में रहने लगीं। शुरुआती पढ़ाई गुजराती मीडियम स्कूल से हुई। 14 साल की उम्र में मां ने उन्हें पढ़ाई के लिए अहमदाबाद भेजा, हालांकि परिवार इसके खिलाफ था। शर्त रखी गई कि जल्दी शादी कराई जाएगी, जिस पर मां मान गईं और उनका दाखिला सेंट जेवियर कॉलेज में हुआ। कॉलेज में कोर्स न होने के बावजूद परवीन बाबी ने खुद फर्राटे दार अंग्रेजी बोलना सीखा। आगे उन्होंने इंग्लिश और साइकोलॉजी में बेचलर डिग्री ली और अंग्रेजी में मास्टर डिग्री। शर्त के अनुसार 15 साल की उम्र में परवीन की सगाई कजिन जमील खान से हुई, जो पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइन्स में पायलट थे। 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद मां ने सगाई तोड़ दी और परवीन को इसकी जानकारी पोस्टकार्ड से मिली। 17 की उम्र में सिगरेट पीती थीं, मिनी स्कर्ट पहनती थीं; यही देख ऑफर हुई फिल्म 1971 में डायरेक्टर बी.आर. इशारा अहमदाबाद में एक नांव दो किनारे की शूटिंग कर रहे थे। भीड़ के बीच उनकी नजर एक लड़की पर पड़ी, जो मिनी स्कर्ट में सिगरेट पी रही थी। लंबी कद-काठी और छरहरे बदन वाली वह लड़की चारमिना सिगरेट थामे हुए थी। वह लड़की परवीन बाबी थीं, जिनकी उम्र 17 साल थी। बी.आर. इशारा समझ गए कि वह खास हैं और उन्होंने फोटोग्राफर से उनकी तस्वीरें लेने को कहा। फोटोग्राफर ने तस्वीरें लीं और बी.आर. इशारा ने परवीन को बुलाकर पूछा- फिल्मों में काम करोगी। आमतौर पर कोई भी लड़की तुरंत हामी भर देती, लेकिन परवीन ने कहा, अगर स्क्रिप्ट पसंद आई तो। बी.आर.इशारा इस एक जवाब में समझ गए कि लड़की में कॉन्फिडेंट की भरमार है। वैसे तो वो कभी अपनी फिल्मों की हीरोइन से किसी तरह का कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं करवाते थे, लेकिन परवीन बाबी का मॉडर्न लुक देख वो भी सोच में पड़ गए। उन्हें लगा कि कहीं ये मॉडर्न ख्यालों वाली लड़की मन न बदल ले। उन्होंने तुरंत कॉन्ट्रैक्ट बनवाया, जिसमें एक ही बात थी कि जब तक उनकी फिल्म नहीं बनती, परवीन किसी दूसरी फिल्म का हिस्सा नहीं बन सकतीं। शाही परिवार से आने के बावजूद परवीन ने फिल्मों में आने का फैसला कर लिया। बेबाक अंदाज में फिल्म मांगी, लॉन्च के लिए डायरेक्टर ने उधार लिया बी.आर. इशारा कॉन्ट्रैक्ट के बाद दूसरी फिल्मों में व्यस्त हो गए और यह बात लगभग भूल गए। इस दौरान परवीन बाबी सितंबर 1971 में कालिको डोम के फैशन शो में शामिल हुईं, जहां साथ काम करने वालीं मॉडल ममता साहू ने उन्हें अपने डायरेक्टर पिता किशोर साहू को सुझाया। किशोर साहू ने परवीन से एक मुलाकात कर उन्हें फिल्म धुंएं की लकीर के लिए फाइनल कर लिया। तभी उन्हें बी.आर.इशारा के कॉन्ट्रैक्ट का पता चला। किशोर साहू ने तुरंत उन्हें कॉल किया और कहा कि जिस हीरोइन से आपका कॉन्ट्रैक्ट है, मैं उसके साथ फिल्म बनाना चाहता हूं। परवीन बाबी का नाम सुनकर उन्हें फिर वो लड़की याद आई। लेकिन उनकी फिल्म बनने में देरी थी, तो उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर परवीन को वो फिल्म करने की इजाजत दे दी। कुछ महीने बीते। बी.आर.इशारा, मुंबई के राजकमल स्टूडियो में एक फिल्म की मिक्सिंग के सिलसिले में पहुंचे थे। वो सीढ़ियों पर बैठे सिगरेट पी ही रहे थे कि अचानक परवीन उनके ठीक बाजू में आकर बैठ गईं। उन्होंने न हाल पूछा न कोई और बात की, सीधे कहा- आप मेरे साथ फिल्म क्यों नहीं बनाते। बी.आर.इशारा इस सवाल से घिर गए। उनके जहन में भी यही सवाल था कि वो परवीन के साथ फिल्म क्यों नहीं बना रहे। उन्होंने घर लौटते ही अपने फोटोग्राफर को कॉल कर फिल्म बनाने के लिए रकम जुटाने को कहा। फोटोग्राफर ने जैसे-तैसे 2 लाख उधार लिए, जिसकी बदौलत बी.आर.इशारा ने परवीन बाबी के साथ फिल्म चरित्र शुरू की। ये फिल्म पहले बनी और परवीन बाबी की पहली फिल्म रही। इस फिल्म में पहने गए परवीन बाबी के कपड़े उन्होंने खुद खरीदे और चुने। 3 लिव-इन रिलेशनशिप और समय से आगे की सोच परवीन बाबी की शुरुआती 5 फिल्में कुछ खास नहीं रहीं, फिर आया साल 1974। परवीन बाबी को फिल्म दीवार में अमिताभ बच्चन के ऑपोजिट वैश्या अनिता को रोल मिला। फिल्म सुपरहिट रही और परवीन बाबी को हिंदी सिनेमा में खास पहचान मिल गई। आगे उन्होंने अमर अक्बर एंथोनी, काला सोना, काला पत्थर, सुहाग, द बर्निंग ट्रेन, शान, नमक हलाल जैसी कई हिट फिल्में दीं और 70-80 के दशक की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस बनीं। 1972 में फिल्म सेट पर परवीन बाबी की मुलाकात डैनी डेंग्जोंग्पा से हुई। दोनों जल्द करीब आए और शिवाजी पार्क में लिव-इन में रहने लगे, जो उस दौर में आम नहीं था। किसी कारण वो 3 साल बाद अलग हुए, लेकिन दोस्ती बनी रही। डेनी से ब्रेकअप के बाद परवीन बाबी की जिंदगी में कबीर बेदी आए। वो तब ओपन मैरिज में थे। परवीन के लिए कबीर बेदी पत्नी प्रोतिमा को तलाक देना चाहते थे, लेकिन प्रोतिमा इसके लिए राजी नहीं हुईं। परवीन उनके साथ भी लिव-इन में रहीं। साल 1977 में परवीन बाबी ने भारत छोड़ दिया और कबीर बेदी के साथ जिंदगी बिताने के लिए लंदन शिफ्ट हो गईं। लेकिन महज 3 महीनों में ही वो कबीर को लंदन में छोड़कर भारत लौट आईं। भारत लौटकर वो फिर डेनी से संपर्क में आईं, जिन्हें वो हमेशा से अच्छा दोस्त मानती थीं। उन्होंने डेनी से कहा कि कबीर बेदी ने उनका जबरदस्ती अबॉर्शन करवाया, जिससे वो भागकर आ गईं। भारत लौटकर परवीन बाबी ने फिर 1977 से फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया। इस समय उनकी महेश भट्ट से नजदीकियां बढ़ने लगीं। 6 महीने तक रिलेशनशिप में रहने के बाद महेश भट्ट ने परवीन बाबी के लिए पत्नी किरण और बच्चों को छोड़ दिया और उनके साथ लिव इन में रहने लगे। तभी परवीन को अमर अकबर एंथोनी और काला पत्थर जैसी फिल्में मिली थीं। परवीन बाबी और वो लाइलाज बीमारी 1979 की शाम, जब महेश भट्ट घर पहुंचे तो देखा कि परवीन बाबी के घर के बाहर उनकी मां डरी-सहमी खड़ी हैं। महेश को देखते ही उन्होंने कहा- देखो परवीन को क्या हुआ। वो अंदर गए तो परवीन कमरे के कौने में चाकू लिए बैठीं कंपकपा रही थीं। महेश भट्ट ने कुछ कहना चाहा तो परवीन ने चुप करवाते हुए कहा, श्श्श…कुछ मत कहना। इस कमरे की जासूसी हो रही है। यहां डिवाइस लगी है। वो मुझे मारना चाहते हैं। महेश समझ गए कि परवीन को इलाज की जरूरत है। वह उन्हें भारत और विदेश के कई डॉक्टरों के पास ले गए, जहां पता चला कि उन्हें सिजोफ्रेनिया है, जिसमें मरीज को वहम होता है कि कोई उसे मारना चाहता है। शॉक ट्रीटमेंट की सलाह दी गई, लेकिन महेश भट्ट ने मना कर दिया। समय के साथ उनकी हालत बिगड़ने लगी। कभी वह एसी या कार में बम होने की बात कहतीं और चलती कार से उतरने लगतीं, तो कभी कहतीं कि लोग उनका पीछा कर रहे हैं। साल 1979 में महेश भट्ट उन्हें लेकर चकाचौंध से दूर बैंग्लोर शिफ्ट हो गए। डॉक्टर्स लगातार उनसे संपर्क में थे, लेकिन परवीन इलाज नहीं करवाना चाहती थीं। एक रोज उन्होंने महेश भट्ट से साफ कहा कि उन्हें परवीन या डॉक्टर्स में से किसी एक को चुनना होगा। महेश भट्ट उन्हें छोड़कर घर से निकले, तो परवीन बिना कपड़े ही उनके पीछे दौड़ पड़ीं। इस दिन महेश भट्ट ने डॉक्टर्स की सलाह पर परवीन से दूरी बना ली। कुछ दिनों बाद परवीन भी फिर मुंबई लौट आईं और फिल्मों में काम करने लगीं। वो मौके जब परवीन बाबी को पागल समझने लगे लोग 1984 में परवीन बाबी को सिक्योरिटी चेक में अजीब बर्ताव करने और पहचान न बता पाने पर अरेस्ट किया गया था। उन्हें न्यूयॉर्क के पागलखाने में रखा गया, तब इंडियन काउंसिल के हस्तक्षेप के बाद उन्हें छोड़ा गया था। 1988 में फिल्म शान के टाइटल सॉन्ग की शूटिंग के दौरान परवीन बाबी ने हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने शूटिंग रोक दी और कहा कि को-स्टार अमिताभ बच्चन उनके ऊपर झूमर गिराना चाहते हैं और हत्या करना चाहते हैं। वो डरी-सहमी सेट से भाग गईं। 1989 में परवीन बाबी ने फिल्मफेयर मैगजीन को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमिताभ बच्चन एक इंटरनेशनल गैंगस्टर हैं, जो उनकी जान लेना चाहते हैं। उन्होंने ये भी दावा किया कि अमिताभ बच्चन के गुंडों ने उन्हें किडनैप कर आइलैंड में रखा और कान के नीचे की तरफ एक चिप लगा दी, जिससे उन्हें ट्रेस किया जा सके। इस इंटरव्यू के बाद इंडस्ट्री में उनकी बीमारी की खबर फैल गई। वह कहती थीं कि लोग उन्हें बदनाम कर साजिश कर रहे हैं। इस समय भी परवीन बाबी एक्स बॉयफ्रेंड डेनी से मिलती थीं। वो डेनी को अच्छा दोस्त मानती थीं। तब तक डेनी की जिंदगी में किम नाम की महिला आ चुकी थीं। वो गर्लफ्रेंड के साथ लिव-इन में थे। जब परवीन आए दिन उनके घर आने लगीं तो उनकी गर्लफ्रेंड ने चिंता जताई। कई बार ऐसा भी हुआ जब डेनी गर्लफ्रेंड के साथ घर लौटे और परवीन उनके बेडरूम में टीवी देखती मिलीं। डेनी ने जब परवीन को ऐसा करने से रोका, तो जवाब में उन्होंने कहा कि ब्रेकअप के बाद वो दोस्ती जारी रखना चाहती हैं, इसमें कुछ गलत नहीं है। एक दिन डेनी, उनकी गर्लफ्रेंड और परवीन डाइनिंग टेबल पर डिनर कर रहे थे। चांदी का वर्क टेबल पर गिरा और डेनी ने फूंक मारकर उसे हटाना चाहा। फूंकते ही परवीन बेहद डर गईं और चीखने लगीं। तब डेनी को पहली बार एहसास हुआ कि वाकई परवीन की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने महेश भट्ट को कॉल कर इसकी खबर दी थी, तब महेश ने उन्हें पूरी कहानी सुनाई। डेनी भी परवीन की इस बीमारी से लड़ने में मदद कर रहे थे। फिर एक दिन अखबार में अमिताभ बच्चन का एक इंटरव्यू छपा, जिसमें उन्होंने डेनी को अच्छा दोस्त कहा। अमिताभ को पहले ही जान का दुश्मन मानने वालीं परवीन ने जैसे ही खबर पढ़ा, तो उन्हें फिर वहम होने लगे। उस दिन जब डेनी घर पहुंचे, तो परवीन ने चीखना शुरू कर दिया। और ये कहा कि डेनी, अमिताभ बच्चन के लिए उनकी जासूसी करते थे। इसके बाद कई मौकों पर परवीन उन्हें देखते ही चीखना शुरू कर देती थीं, यही वजह रही कि उनकी ये दोस्ती हमेशा के लिए खत्म हो गई। बीमारी के कारण परवीन ने इंडस्ट्री और रिश्तेदारों से दूरी बना ली। 2001 में मां के निधन के बाद वह जुहू के रेज रिवेरा अपार्टमेंट में अकेले रहने लगीं और घर से कम ही निकलती थीं। साल 2002 में उन्होंने कई एफिडेविट फाइल कर कहा कि टाडा केस में उनके पास संजय दत्त के खिलाफ कई सबूत हैं। उन्हें कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा गया, लेकिन हर बार वो ये कहकर इनकार कर देती थीं कि बाहर निकलने पर उनकी जान को खतरा है। साल 2002 में ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अमिताभ बच्चन, रॉबर्ट रेडफोर्ड और कई बॉलीवुड-हॉलीवुड एक्टर के खिलाफ उनकी हत्या की साजिश रचने के आरोप में एक याचिका दायर की थी। वैसे तो परवीन मुस्लिम थीं, लेकिन जिंदगी के आखिरी सालों में वो क्रिश्चियन हो चुकी थीं। 22 जनवरी 2005 को परवीन बाबी का शव उनके फ्लैट में सड़ती हुई हालत में मिला। उनकी मौत 2 दिन पहले ही हो चुकी थी। आखिरी समय में कोई उनकी बॉडी भी क्लेम करने हॉस्पिटल नहीं पहुंचा, ऐसे में महेश भट्ट ने बॉडी क्लेम कर उनका अंतिम संस्कार करवाया। जहां डेनी भी मौजूद रहे। परवीन चाहती थीं कि उनको क्रिश्चियन रीति-रिवाजों से दफ्नाया जाए, लेकिन आखिरी समय में कुछ रिश्तेदारों ने इस्लामिक तरीके से उन्हें दफ्नाया।
रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ का टीजर रिलीज होने के बाद से ही चर्चा में बना हुआ है। अब रामानंद सागर की ‘रामायण’ में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले एक्टर सुनील लहरी ने इस पर अपनी राय दी है। सुनील ने रणबीर कपूर के 'राम' वाले अवतार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रणबीर में वह मासूमियत और शीतलता नहीं दिख रही, जो अरुण गोविल में थी। साथ ही उन्होंने फिल्म के भारी-भरकम बजट और इमोशंस के तालमेल पर भी अपनी बात रखी है। टीजर में वीएफएक्स तो है, पर इमोशंस नहीं सुनील लहरी ने एक DNA से बातचीत में कहा कि किसी फिल्म को सिर्फ उसके टीजर के आधार पर जज करना ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, टीजर में भव्य सेट और अत्याधुनिक वीएफएक्स (VFX) तो दिख रहे हैं, लेकिन कुछ चीजों ने उन्हें निराश किया है। सुनील ने कहा, टीजर एक शोकेस की तरह है, जिसमें मेकर अपनी भव्यता और विजुअली रिच बैकग्राउंड दिखा रहा है। टीजर को देखकर मुझे कुछ पहलुओं से थोड़ी चिढ़ हुई है। बिना भावनाओं के फिल्म नहीं चलेगी सुनील ने फिल्म की तुलना दुनिया की बड़ी फिल्मों और पुरानी रामायण से की। उन्होंने कहा कि ‘अवेंजर्स’ या ‘टाइटैनिक’ जैसी फिल्में इसलिए चलीं क्योंकि उनमें इमोशंस बहुत मजबूत थे। सुनील बोले, रामानंद सागर की रामायण में भले ही बहुत अच्छा VFX या बड़ा बजट नहीं था, लेकिन भावनाएं इतनी मजबूत थीं कि 38 साल बाद भी लोग इसे बेस्ट मानते हैं। आप 4000-5000 करोड़ खर्च कर लें, लेकिन अगर इमोशन क्वोशन्ट मजबूत नहीं है, तो लोग फिल्म से नहीं जुड़ेंगे। रणबीर में नहीं दिख रही राम जैसी शीतलता रणबीर कपूर के लुक पर बात करते हुए सुनील ने कहा कि रणबीर ठीक दिख रहे हैं, लेकिन उनके चेहरे पर राम जैसी मासूमियत कम है। उन्होंने कहा, जो धैर्य और मासूमियत अरुण गोविल के चेहरे पर दिखती थी, उसकी कमी लग रही है। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि वह अपनी एक्टिंग से किरदार के साथ न्याय करेंगे। सुनील ने आगे कहा कि 'एनिमल' जैसी फिल्म के बाद रणबीर को अचानक भगवान राम के रूप में देखना दर्शकों के लिए मुश्किल होगा। वह राम के बजाय लक्ष्मण या भरत के किरदार के लिए ज्यादा फिट लगते। सुपरस्टार की छवि बनती है बड़ी बाधा सुनील लहरी का मानना है कि भगवान राम जैसे किरदारों के लिए नए चेहरों को कास्ट करना बेहतर होता है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कोई सुपरस्टार ऐसा रोल करता है, तो दर्शकों के मन में उसकी पिछली फिल्मों की इमेज रहती है। उन्होंने कहा, थिएटर में एंट्री करते वक्त दर्शकों के मन में एक्टर की एक खास छवि बनी रहती है। किसी एक्टर के लिए अपनी पुरानी इमेज को त्याग देना और भगवान के रूप में स्वीकार्यता हासिल करना लगभग नामुमकिन है। बता दें कि इस फिल्म में लक्ष्मण का रोल रवि दुबे निभा रहे हैं।
एकता कपूर का सुपरनैचुरल शो 'नागिन 7' शुरू होने के महज 3 महीने बाद ही बंद हो सकता है। भारी टीआरपी साथ शुरू हुए इस शो की रेटिंग अब लगातार गिर रही है। इसके पीछे कमजोर कहानी और विजुअल इफेक्ट्स में एआई (AI) के ज्यादा इस्तेमाल को मुख्य वजह माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह शो जल्द ही बंद हो सकता है। 25 दिसंबर को हुआ था ग्रैंड प्रीमियर मेकर्स ने 25 दिसंबर 2025 को नागिन 7 का प्रीमियर किया था। शुरुआत में शो को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और पहले ही एपिसोड ने टीआरपी के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। शुरुआती दो महीनों तक शो ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बाद कहानी और प्रेजेंटेशन को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी कम होने लगी। AI के इस्तेमाल और बजट पर हुई ट्रोलिंग शो में वीएफएक्स (VFX) की जगह एआई तकनीक के इस्तेमाल ने मेकर्स की मुश्किलें बढ़ा दीं। एकता कपूर ने बजट बचाने के लिए एआई के जरिए विजुअल्स तैयार करवाए, जिसे सोशल मीडिया पर 'सस्ता और खराब' बताकर ट्रोल किया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एकता ने कहा था कि उनके पास शो के लिए ज्यादा बजट नहीं है, इसलिए वे इस तकनीक का सहारा ले रही हैं। हालांकि, आज की समझदार ऑडियंस और 'जेन-जी' (Gen Z) को यह प्रयोग रास नहीं आया। प्रियंका चौधरी की मौनी रॉय से हुई तुलना शो की लीड एक्ट्रेस प्रियंका चाहर चौधरी की परफॉर्मेंस भी फैंस की कसौटी पर खरी नहीं उतर पाई। दर्शकों ने सोशल मीडिया पर उनकी तुलना मौनी रॉय और अदा खान जैसे 'नागिन' के पुराने चेहरों से शुरू कर दी। फैंस का मानना है कि मौनी रॉय का इस शो की मेन रोल था और प्रियंका वह जादू पैदा नहीं कर सकीं। इसी नाराजगी का असर टीआरपी पर दिखा और शो टॉप 10 की लिस्ट से बाहर हो गया। क्या सच में बंद होगा शो? मीडिया रेपोर्ट्स के मुताबिक गिरती रेटिंग के चलते चैनल और मेकर्स इसे बंद करने का मन बना चुके हैं। हालांकि, अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अगर आने वाले दिनों में एकता कपूर कहानी में कोई बड़ा बदलाव करती हैं, तो शायद शो को विस्तार मिल जाए।
हनुमान जयंती के मौके पर 2 अप्रैल को फिल्म रामायण का टीजर रिलीज कर दिया गया। रिलीज के साथ ही टीजर विवादों में घिर गया है। दरअसल, मेकर्स ने भारत से दो दिन पहले इसका टीजर न्यूयॉर्क और लॉस एंजिल्स में रिलीज किया था। भारतीय फैंस इस बात से नाराज हैं कि रामायण पर बनी फिल्म का टीजर पहले विदेश में क्यों दिखाया गया। अब फिल्म के को-प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने इस पर सफाई दी है। नमित बोले- बंटवारा मत कीजिए सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि रामायण पर बनी इस फिल्म पर पहला हक भारतीय दर्शकों का है। इसी दौरान नमित मल्होत्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा, प्लीज, बंटवारा मत कीजिए। यह बांटने का समय नहीं है। अमेरिका में रहने वाले भारतीय हमारा शुक्रिया अदा कर रहे हैं और तारीफ कर रहे हैं। आपको वहां रहने वाले भारतीयों की भावनाओं को भी समझना होगा। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में भारतीय रहते हैं और राम सबके लिए एक ही हैं। रणबीर कपूर के गायब रहने पर उठे सवाल रामायण का टीजर रिलीज करने के लिए मुंबई और दिल्ली समेत देश के 8 बड़े शहरों में कार्यक्रम हुए। लेकिन इस बीच रणबीर कपूर की गैरमौजूदगी की चर्चा रही। फिल्म में भगवान राम का किरदार निभा रहे रणबीर खुद अपनी ही फिल्म के इतने बड़े इवेंट में नहीं पहुंचे। 2 अप्रैल की सुबह रणबीर कपूर का भगवान राम के रूप में पहला लुक सोशल मीडिया पर जारी किया गया। इसके बाद मुंबई में एक बड़ा मीडिया इवेंट रखा गया था। डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा मंच पर मौजूद थे मगर पूरी शाम बीत जाने के बाद भी रणबीर वहां नजर नहीं आए। संजय गुप्ता बोले- खोदा पहाड़, निकली चुहिया 'रामायण' का टीजर रिलीज होते ही फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा- 'खोदा पहाड़... निकली चुहिया'। हालांकि गुप्ता ने अपनी पोस्ट में किसी फिल्म का नाम नहीं लिया, लेकिन लोग इसे सीधे तौर पर नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' से जोड़कर देख रहे हैं। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
अजय देवगन और डायरेक्टर ओम राउत के एक बार फिर साथ आने की चर्चाओं को खारिज कर दिया गया है। हाल ही में आई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि 'तानाजी' की यह सुपरहिट जोड़ी एक और ‘अनसंग वॉरियर’ पर फिल्म बनाने जा रही है। अब अजय देवगन की टीम ने ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी कर इन खबरों को पूरी तरह गलत और बेबुनियाद बताया है। टीम ने खबरों को बताया निराधारअजय देवगन और 'देवगन फिल्म्स' के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ की है। स्टेटमेंट में कहा गया, हमने हाल ही में ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स देखी हैं जिनमें कहा जा रहा है कि अजय देवगन और ओम राउत एक अनसंग वॉरियर पर आधारित फिल्म के लिए दोबारा साथ आ रहे हैं। हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि फिलहाल डायरेक्टर के साथ ऐसी कोई बातचीत या कोलेबोरेशन नहीं हो रहा है। यह खबर पूरी तरह बेबुनियाद और गलत है। रिपोर्ट्स में किया गया फिल्म का दावाबता दें कि इससे पहले कई वेबसाइट्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि अजय देवगन एक और ऐतिहासिक फिल्म की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया था कि अजय 'अनसंग वॉरियर' कॉन्सेप्ट को एक बड़ी फ्रेंचाइजी बनाना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने ओम राउत के साथ कई राउंड की मीटिंग भी की है। हालांकि, टीम ने अब साफ कर दिया है कि ऐसी किसी फिल्म पर काम नहीं चल रहा। 'तानाजी' ने बॉक्स ऑफिस पर रचा था इतिहासअजय देवगन और ओम राउत की जोड़ी ने साल 2020 में 'तानाजी: द अनसंग वॉरियर' के जरिए पहली बार साथ काम किया था। मराठा योद्धा तानाजी मालुसरे के जीवन पर आधारित यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इस फिल्म में सैफ अली खान विलेन के रोल में थे, वहीं काजोल ने तानाजी की पत्नी सावित्रीबाई का किरदार निभाया था। फिल्म की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे 'बेस्ट पॉपुलर फिल्म' का नेशनल अवॉर्ड मिला था। फिलहाल अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं दोनोंप्रवक्ता ने बयान में आगे कहा कि अजय देवगन और ओम राउत दोनों ही इस वक्त अपनी-अपनी फिल्मों और प्रोफेशनल वादों को पूरा करने में बिजी हैं। टीम ने मीडिया और सोशल मीडिया हैंडल से अनुरोध किया है कि अजय देवगन या उनके प्रोडक्शन हाउस से जुड़ी किसी भी जानकारी को पब्लिश करने से पहले उसे ऑफिशियल तौर पर वेरिफाई जरूर करें। फ्रेंचाइजी बनाने की थी चर्चाफिल्म 'तानाजी' की सफलता के बाद से ही फैन्स इस जोड़ी को दोबारा साथ देखने का इंतजार कर रहे हैं। चर्चा थी कि अजय देवगन भारतीय इतिहास के उन योद्धाओं की कहानियों को पर्दे पर लाना चाहते हैं जिनके बारे में लोग कम जानते हैं। इसी वजह से 'अनसंग वॉरियर' सीरीज की खबरों ने जोर पकड़ा था।
फिल्ममेकर अली अब्बास जफर ने अपनी अगली फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म अभी अनटाइटल्ड है और यह यश राज फिल्म्स के बैनर तले बनेगी। जिसमें सैयारा से डेब्यू करने वाले अहान पांडे लीड रोल में होंगे। इसके अलावा फिल्म में शरवरी, ऐश्वर्य ठाकरे और बॉबी देओल भी होंगे। फिल्म को लेकर जानकारी देते हुए अली अब्बास जफर ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, और यह शुरू होता है। साथ ही उन्होंने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें अहान पांडे नजर आए। तस्वीर में अहान पांडे की इंटेंस आंखें और एक क्लैपबोर्ड दिखाई दे रहा है। यह उनके किरदार की शुरुआती झलक मानी जा रही है, जिसमें एक्शन और रोमांस के एलिमेंट्स मिले हुए हैं। बता दें कि यह फिल्म आदित्य चोपड़ा और अली अब्बास जफर की पांचवीं फिल्म होगी। इससे पहले दोनों मेरे ब्रदर की दुल्हन, गुंडे, सुल्तान और टाइगर जिंदा है में साथ काम कर चुके हैं। फिल्म को लेकर आईएएनएस के साथ बातचीत में एक सूत्र ने बताया कि ‘सैयारा’ की बॉक्स ऑफिस सफलता के बाद आहान पांडे को जेन Z के प्रमुख मेल एक्टर्स में माना जा रहा है। वहीं शरवरी ‘मुंज्या’ जैसी 100 करोड़ रुपए की फिल्म का हिस्सा रह चुकी हैं। सूत्र के अनुसार, दोनों कलाकारों ने अपनी एक्टिंग के दम पर दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने की क्षमता दिखाई है। इसी वजह से बड़े फिल्ममेकर इन पर भरोसा जता रहे हैं। सूत्र ने यह भी कहा कि अली अब्बास जफर इस जोड़ी के साथ एक ऐसी फिल्म बना रहे हैं जिसमें रोमांस मुख्य होगा और साथ में एक्शन भी शामिल रहेगा। लंबे समय बाद नए कलाकारों के साथ ऐसी फिल्म बनाई जा रही है, जिनकी बॉक्स ऑफिस पर पहचान बन चुकी है।
रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 ने भारत में 961 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन कर लिया है। फिल्म अब 1000 करोड़ रुपए नेट क्लब के करीब पहुंच गई है। गुरुवार को फिल्म का 19 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन हुआ। जियो स्टूडियोज के मुताबिक, भारत में फिल्म का ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 1134 करोड़ रुपए पहुंच चुका है, जबकि ओवरसीज में फिल्म का 367 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ है, जिसके बाद इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 1501 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। बता दें कि ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है। 1500 करोड़ रुपए कमाने वाली चौथी फिल्म बनी दंगल (₹2070 करोड़), बाहुबली 2 (₹1788 करोड़) और पुष्पा 2 (₹1742 करोड़) के बाद धुरंधर 2 दुनिया भर में 1500 करोड़ रुपए कमाने वाली चौथी भारतीय फिल्म बन गई है। वहीं, आमिर खान की 'दंगल' के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाली बॉलीवुड की यह दूसरी फिल्म है। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। वहीं, 894.49 करोड़ रुपए की कमाई के साथ ही यह हिंदी भाषा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। दिलचस्प बात यह थी कि फिल्म को खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद शानदार सफलता मिली। साथ ही यह भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म बनी। ……..……..……..…….. धुरंधर 2 से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस: नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर एक्टर विंदू दारा सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्म के विजुअल्स शानदार हैं, लेकिन अगर कहानी में ज्यादा बदलाव हुआ तो दर्शक इसे स्वीकार नहीं करेंगे। गौरतलब है कि रामानंद सागर के सीरियल ‘रामायण’ (1987) में विंदू के पिता दारा सिंह ने हनुमान का रोल निभाया था। डीएनए से बातचीत में फिल्म रामायण को लेकर विंदू ने कहा कि यह बहुत शानदार दिख रही है, बहुत खूबसूरत है, लेकिन एक सख्त नियम है। जो रामायण रामानंद सागर जी ने बनाई है, वह हम सबके दिल और दिमाग में पूरी तरह बसी हुई है। वह रामायण ऐतिहासिक है, नंबर वन है। अगर यह फिल्म उसके लेवल से मेल खा गई, तो यह सुपरहिट होगी। यह एक रिकॉर्ड तोड़ हिट साबित होगी। विंदू ने यह भी कहा कहा कि अगर कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, जैसे इसमें वो खतरनाक (असुर) से दिख रहे हैं, तो अगर ज्यादा ऊपर-नीचे किया, तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। विंदू ने फिल्म के विजुअल्स की तारीफ करते हुए कहा कि नमित मल्होत्रा विजुअल्स को बेहतर तरीके से पेश करना जानते हैं और स्पेशल इफेक्ट्स जबरदस्त होंगे, लेकिन अगर उन्होंने सागर साहब की रामायण को फॉलो नहीं किया है, तो यह उनके लिए एक बड़ी समस्या खड़ी कर देगा। विंदू ने रणबीर की तारीफ की विंदू ने रणबीर कपूर की तारीफ करते हुए कहा कि वह राम के रूप में अच्छे लग रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के लिए अरुण गोविल की इमेज अब भी राम के रूप में जुड़ी हुई है, जबकि उनके पिता दारा सिंह हनुमान के रूप में याद किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब नए कलाकार वही किरदार निभा रहे हैं और अरुण गोविल इस फिल्म में दशरथ की भूमिका में सही हैं। विंदू ने उम्मीद जताई कि अगर अभिनय और प्रस्तुति सही रही तो फिल्म सक्सेस हो सकती है। आदिपुरुष से बेहतर बताई नई रामायणविंदू दारा सिंह ने कहा कि अब तक जो देखा गया है, उसके आधार पर यह फिल्म आदिपुरुष से बेहतर लग रही है। उन्होंने कहा कि पहले की रामायण और महाभारत सीरियल ने एक मानक तय किया है, जिससे तुलना होना स्वाभाविक है।
बॉलीवुड सिंगर व रैपर यो यो हनी सिंह के महाराष्ट्र के पुणे कंसर्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। महाराष्ट्र के जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर ने पुणे के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि हनी सिंह को कुछ विवादास्पद गाने न गाने दिए जाएं, क्योंकि इनमें शराब, ड्रग्स और गन कल्चर की महिमा बताई जाती है, जो बच्चों पर बुरा असर डाल सकती है। पत्र में उन्होंने उनके सात गानों का जिक्र किया है। इन गानों में वन बॉटल डाउन, चार बोतल वोडका, मनाली ट्रांस, दिस पार्टी गेटिंग हॉट, मक्खना, गोलियां और मिलियनेयर शामिल हैं। इस संबंधी शिकायत चंडीगढ़ के प्रोफेसर पंडित पंडितराव धरेनवर ने की थी। प्रोफेसर ने भेजी थी यह शिकायत हनी सिंह का शो 4 अप्रैल 2026 को महालक्ष्मी लॉन्स, पुणे में होने वाला है। हालांकि पता चला है कि मुंबई में 4 को खराब मौसम के चलते अब 18 अप्रैल को कर दिया गया है। यह शो उनके My Story टूर के तहत हो रहा था। इसको लेकर चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर को लिखे पत्र में प्रोफेसर ने कहा था कि इन गानों में शराब, नशीले पदार्थों और बंदूक संस्कृति को ग्लोरिफाई किया जाता है। अश्लील भाषा के प्रयोग पर रोक लगाने की मांग साथ ही स्टेज पर अश्लील भाषा (vulgar language) के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने की मांग की गई है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी प्रवेश कर सकते हैं। ऐसे में बच्चों पर बुरा असर पड़ सकता है। पत्र में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 2019 के एक फैसले का हवाला भी दिया गया है, जिसमें बच्चों पर गलत असर डालने वाले कंटेंट को लेकर चिंता जताई गई थी। उन्होंने हनी सिंह पर हाल ही में मुंबई के शो में अश्लील भाषा इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है। पहले हो चुकी है एफआईआर इससे पहले हनी सिंह का 28 मार्च को एमएमआरडीए ग्राउंड्स, बांद्रा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस शो में हनी सिंह ने अपने गाने 'मिलियनेयर' (Millionaire) पर परफॉर्म करते हुए एक भव्य रोल्स-रॉयस कार में स्टेज पर एंट्री की। हालांकि इस दौरान वह ड्रिंक करते दिखे थे। इससे पहले शो के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई एयरपोर्ट के पास संवेदनशील क्षेत्र में अनुमति के बिना लेजर लाइट्स का उपयोग किया, जिससे विमानों की सुरक्षा को खतरा हो सकता था।
सिंगर हनी सिंह के महाराष्ट्र के पुणे में होने वाले कॉन्सर्ट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुणे जिला बाल संरक्षण अधिकारी मंगेश जाधव ने शहर के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार को पत्र लिखकर हनी सिंह के गानों पर चिंता जताई और आरोप लगाया कि उनके गानों में शराब, ड्रग्स और गन कल्चर को बढ़ावा दिया जाता है। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, जाधव ने पुलिस डिपार्टमेंट से हनी सिंह के प्रोग्राम का कंटेंट सामाजिक रूप से जिम्मेदार और बच्चों की सुरक्षा के नियमों के हिसाब से बनाने को कहा है। यह पत्र गुरुवार को चंडीगढ़ के डॉ. पंडितराव धरेनवर की महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास विभाग में की गई शिकायत के बाद लिखा गया। पत्र में कहा गया है कि हनी के गाने, जैसे वन बॉटल डाउन, चार बॉटल वोडका, मनाली ट्रांस, दिस पार्टी गेटिंग हॉट, मखना, गोलियां और मिलियनेयर में आपत्तिजनक कंटेंट है। इसमें उनके लाइव कॉन्सर्ट में 18 साल से कम उम्र के बच्चों की मौजूदगी को लेकर भी चिंता जताई गई। मुंबई शो का भी पत्र में जिक्र किया जाधव ने 28 मार्च को मुंबई में हुए एक शो का भी जिक्र किया, जहां स्टेज पर कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। यह शो हनी सिंह के माई स्टोरी टूर का हिस्सा था, जिसमें मिलियनेयर, देसी कलाकार, माफिया मुंडीर और डोप शॉप जैसे गाने परफॉर्म किए गए थे। पत्र में पुलिस कमिश्नर से प्रोग्राम के कंटेंट को कानून और बाल संरक्षण मानकों के अनुरूप बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। पुणे में हनी सिंह का शो टला, खराब मौसम वजहवहीं, पुणे में हनी सिंह का होने वाला लाइव शो स्थगित कर दिया गया है। यह शो पहले 4 अप्रैल को होना था, लेकिन खराब मौसम के चलते इसे टाल दिया गया। बारिश और गरज के साथ बौछारों की संभावना को देखते हुए यह फैसला लिया गया। अब यह शो 18 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा। साथ ही, पहले से खरीदे गए टिकट नई तारीख के लिए मान्य रहेंगे।
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक्टर राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में बकाया रकम चुकाने के लिए अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेश हुए राजपाल भावुक हो गए। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने 6 करोड़ रुपए चुकाने के लिए 30 दिन का समय देने की मांग ठुकराते हुए कहा, “नहीं मतलब नहीं। फैसला सुरक्षित रखा जा रहा है और समय नहीं मिलेगा।” सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि पेमेंट करने की इच्छा है तो देरी क्यों हो रही है। कोर्ट ने कहा, “आप कह रहे हैं कि आप पेमेंट करना चाहते हैं, लेकिन आपके वकील कह रहे हैं कि जेल जा चुके हैं, इसलिए पेमेंट नहीं करेंगे। अगर आप पेमेंट करना चाहते हैं, तो फिर मामले की सुनवाई क्यों हो रही है। पेमेंट कर दीजिए।” शिकायतकर्ता पक्ष बोला- 7.75 करोड़ अभी भी बाकी मामले में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने कोर्ट में कहा कि सजा पूरी करने से वित्तीय देनदारी खत्म नहीं होती। वकील अवनीत सिंह सिक्का ने दलील दी कि राजपाल यादव 10 करोड़ रुपए का पेमेंट नहीं करने की बात स्वीकार कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पेमेंट न होने के बाद ही कार्यवाही शुरू की गई। कुल 7.75 करोड़ रुपए अभी भी बकाया हैं, जबकि ट्रायल कोर्ट से पहले करीब 2 करोड़ रुपए जमा किए गए थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने वन-टाइम सेटलमेंट की संभावना भी तलाशी। कोर्ट ने संकेत दिया कि यदि कम समय में 6 करोड़ रुपए दिए जाएं तो विवाद सुलझ सकता है, जिस पर शिकायतकर्ता भी सहमत दिखा। राजपाल यादव ने कहा, “उन्होंने मुझसे 17 करोड़ रुपए ले लिए हैं। मेरे पांच फ्लैट बेचने पड़े हैं। मैं फिर से कोर्ट जाने के लिए तैयार हूं। मैं भावुक नहीं हूं, मुझे पांच बार और जेल भेज दो।” हालांकि, जब उन्होंने रकम जुटाने के लिए 30 दिन का समय मांगा तो अदालत ने इनकार कर दिया। समझौता नहीं होने पर हाईकोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। क्या है पूरा मामला साल 2010 में राजपाल यादव ने फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। यह फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल यादव को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। राजपाल यादव समय रहते कर्ज की रकम नहीं लौटा सके। लोन लेते समय राजपाल यादव ने जो चेक कंपनी को दिए थे, वे बाउंस हो गए, जिसके बाद एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। दोनों पार्टियों के बीच समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था। हालांकि, फरवरी 2026 की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक्टर को पूर्व में दी गई रियायतों और समय सीमा को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को शाम लगभग 4 बजे आत्मसमर्पण किया। इसके बाद वह लगभग 12 दिन जेल में रहने के बाद 1.5 करोड़ रुपए जमा करने की शर्त पर अंतरिम जमानत पर 16 फरवरी को बाहर आए थे।
दिल्ली के एक साधारण परिवार से निकलकर इंजीनियरिंग करने वाली तापसी पन्नू ने कभी नहीं सोचा था कि वह ग्लैमर इंडस्ट्री में पहचान बनाएंगी। मॉडलिंग से शुरुआत कर उन्हें साउथ फिल्म इंडस्ट्री में मौका मिला, लेकिन वहां लंबे समय तक सिर्फ ग्लैमरस किरदारों तक सीमित रहीं। कई फिल्मों के फ्लॉप होने पर उन्हें पनौती कहा गया, जिससे आत्मविश्वास को गहरा झटका लगा। बॉलीवुड में एंट्री आसान नहीं रही। ‘चश्मे बद्दूर’ से डेब्यू के बाद असफलताओं और आत्म-संदेह के दौर में तापसी ने खुद को संभाला। उन्होंने स्वीकार किया कि वह अपने लुक, आत्मविश्वास और काबिलियत को लेकर असुरक्षित महसूस करती थीं। इस संघर्ष ने उन्हें मजबूत बनाया और बेहतर फैसले लेना सिखाया। फिर आया टर्निंग पॉइंट- पिंक। इस फिल्म ने उनकी इमेज बदली और उन्हें गंभीर अभिनेत्री के रूप में पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों का रास्ता चुना और इंडस्ट्री में अपनी अलग जगह बनाई। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं तापसी पन्नू के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। 1984 दंगों का परिवार पर असर तापसी पन्नू का जन्म 1 अगस्त 1987 को नई दिल्ली में जाट सिख परिवार में हुआ। उनके पिता दिलमोहन सिंह पन्नू सेवानिवृत्त रियल एस्टेट एजेंट हैं, जबकि मां निर्मलजीत कौर पन्नू गृहिणी हैं। परिवार शक्ति नगर में रहता था और 1984 के सिख-विरोधी दंगे के दौरान हिंसा का सामना किया, लेकिन पड़ोसियों की मदद से सुरक्षित बच निकले। उनकी एक छोटी बहन शगुन पन्नू हैं। स्कूलिंग और शुरुआती शिक्षा तापसी ने स्कूली शिक्षा माता जय कौर पब्लिक स्कूल, अशोक विहार से पूरी की। इसके बाद गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में डिग्री ली। इंजीनियरिंग के बाद वह सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी कर रही थीं। इसी दौरान पार्ट-टाइम कुछ नया करने के लिए मॉडलिंग ट्राय की। ग्लैमर इंडस्ट्री में आने का मकसद सिर्फ एक्स्ट्रा कमाई तापसी बताती हैं कि शुरुआत में मकसद सिर्फ एक्स्ट्रा कमाई और एक्सपोजर था, न कि ग्लैमर इंडस्ट्री में करियर बनाना। लेकिन काम मिलने पर लगा कि इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। तापसी ने 2008 में “गेट गॉर्जियस” टैलेंट शो में हिस्सा लिया, जहां से पहचान मिली और मॉडलिंग को फुल-टाइम करियर बना लिया। मॉडलिंग के दौरान उन्होंने “पैंटालून्स फेमिना मिस फ्रेश फेस” और “साफी फेमिना मिस ब्यूटीफुल स्किन” जैसे खिताब जीते। कॉलेज टाइम में ही कैमरे के सामने कॉन्फिडेंस आया कॉलेज टाइम में तापसी कल्चरल एक्टिविटीज और डांस में हिस्सा लेती थीं, जिससे कैमरे के सामने कॉन्फिडेंस आया। मॉडलिंग असाइनमेंट्स मिलने पर लगा कि इस फील्ड में ग्रोथ और पहचान मिल सकती है। धीरे-धीरे उन्होंने कई ब्रांड्स के लिए एड शूट किए और झुकाव बढ़ता गया। तापसी ने कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में काम किया, जिनमें रिलायंस ट्रेंड्स, रेड एफएम 93.5, कोका-कोला, मोटोरोला, पैंटालून्स, पीवीआर सिनेमाज, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, डाबर, एयरटेल, टाटा डोकोमो, हैवेल्स और वर्धमान शामिल हैं। फिल्मों की ओर रुख करने का फैसला कुछ साल बाद तापसी को लगा कि मॉडलिंग से वह पहचान नहीं मिल रही जो चाहती थीं। इसी वजह से उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया। मॉडलिंग की वजह से ही उन्हें पहला ब्रेक साउथ फिल्म इंडस्ट्री में मिला। साउथ सिनेमा में डेब्यू और शुरुआती सफर तापसी को साउथ में पहला बड़ा ब्रेक 2010 में तेलुगु फिल्म ‘झुम्मंडी नादम’ से मिला, जिसमें उन्होंने मोहन बाबू के साथ काम किया। इसके बाद तमिल फिल्म ‘आदुकलम’ में धनुष के साथ नजर आईं। फिल्म को समीक्षकों से सराहना मिली और 58वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में कई अवॉर्ड्स मिले। इसमें उनके अभिनय को प्रॉमिसिंग बताया गया। ग्लैमरस रोल्स में सीमित रहने की चुनौती शुरुआती दौर में उन्हें ज्यादातर ग्लैमरस रोल्स तक सीमित रखा गया, जिससे वह संतुष्ट नहीं थीं। इसके बाद उन्होंने ‘मिस्टर परफेक्ट’ में प्रभास और ‘वीरा’ में रवि तेजा के साथ काम किया। इन फिल्मों को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला। फिर तमिल फिल्म ‘वान्थान वेंदरान’ में काम किया, जो न आलोचकों को पसंद आई और न बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। इसके बाद ‘मोगुडु’ में गोपीचन्द के साथ नजर आईं। फ्लॉप फिल्मों से मिला पनौती का टैग इस फिल्म में उनके अभिनय की तारीफ हुई, भले ही फिल्म को बड़ी सफलता नहीं मिली। इसी दौरान उन्होंने ‘गुंडेलो गोदारी’, ‘दारुवु’ और ‘शैडो’ जैसी तेलुगु फिल्मों में काम किया। उस समय उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाईं, इसलिए उन्हें पनौती कहा जाने लगा। बाद में तापसी ने इंटरव्यू में बताया कि यह समय उनके लिए मुश्किल था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं। वह कहती हैं कि साउथ इंडस्ट्री में शुरुआती दौर में उन्हें ग्लैमरस रोल्स तक सीमित रखा गया, जिससे वह संतुष्ट नहीं थीं। तापसी मलयालम फिल्म ‘डबल्स’ में ममूटी के साथ और तमिल फिल्म ‘कंचना 2’ में राघव लॉरेन्स के साथ काम कर चुकी हैं। डेविड धवन की फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री तापसी पन्नू ने साउथ इंडस्ट्री में पहचान बनाने के बाद बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन शुरुआती सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने डेविड धवन की फिल्म ‘चश्मे बद्दूर’ (2013) से हिंदी सिनेमा में एंट्री की। फिल्म औसत रही और इसके बाद उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। शुरुआती फ्लॉप फिल्मों का दौर ‘चश्मे बद्दूर’ के बाद तापसी ने कई फिल्मों में काम किया जो बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकीं। इनमें ‘रनिंग शादी’, ‘दिल जंगली’ और ‘द गाजी अटैक’ शामिल हैं। कुछ फिल्मों को क्रिटिक्स की सराहना मिली, लेकिन व्यावसायिक सफलता नहीं मिली। इस तरह शुरुआती दौर में करीब 2–3 फिल्में फ्लॉप या औसत रहीं। आत्म-संदेह और मानसिक दबाव का दौर जूम टीवी के साथ बातचीत में तापसी ने कहा था- जब मैंने बॉलीवुड में कदम रखा, तो सच कहूं तो मैं खुद को काफी असुरक्षित महसूस कर रही थी। मुझे लगता था कि मैं उसके योग्य नहीं हूं। शुरुआत में मैं अपने लुक, अपने अंदाज, अपने आत्म-विश्वास को लेकर बहुत शंकित रहती थी। हर नई फिल्म, हर नया रोल मेरे लिए डर का विषय था। मैंने तेलुगू फिल्म ‘झुम्मंडी नादम’ से शुरुआत की, फिर बॉलीवुड में ‘चश्मे बद्दूर’ से डेब्यू किया। उस समय मुझे इंडस्ट्री की कोई समझ नहीं थी, कोई मार्गदर्शन नहीं मिला। अगर मुझे पहले पता होता कि मैं यहां सफल हो सकती हूं, तो शायद मैं खुद को बेहतर तरीके से तैयार कर पाती। शुरुआत में मैं खुद की हमेशा आलोचना करती रहती थी। अगर फिल्म ठीक से चली नहीं, तो मैं खुद को ही दोषी मान लेती थी, भले ही नतीजा पूरी टीम पर निर्भर करता हो। यह आत्म-संदेह मेरे मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता था। खुद से सवाल, कोई हीरोइन क्यों लेगा ? मैं यह भी सोचती थी कि मैं उन हीरोइनों जैसी खूबसूरत नहीं हूं, इसलिए शायद लोग मुझे कास्ट नहीं करेंगे। फैशन, मेकअप, कैमरे का अच्छा एंगल, इन सब चीजों की मुझे बिल्कुल समझ नहीं थी। उस समय सीखने की प्रक्रिया बहुत थकाने वाली थी। आज मुझे लगता है कि अगर आप खुद में आत्म-विश्वास महसूस करते हैं, तो आप हर चुनौती का सामना कर सकते हैं। मैंने सीखा है कि असफलता को स्वीकार करना और खुद को सीखने देना कितना जरूरी है। अब मैं खुद को इतना कठोर नहीं बनाती और हर मौके का पूरा आनंद लेती हूं। फिल्मों में कई भूमिकाएं और कहानियां हैं जो महिलाओं के संघर्ष, व्यक्तित्व और ताकत पर केंद्रित हैं। मुझे खुशी है कि मैंने भी ऐसी भूमिकाएं निभाईं, जो मेरे लिए चुनौती और सीख दोनों साबित हुई हैं। बॉलीवुड में संघर्ष और चुनौतियां तापसी के लिए बॉलीवुड में जगह बनाना आसान नहीं था। साउथ इंडस्ट्री में काम करने के बाद भी उन्हें बॉलीवुड में आउटसाइडर की तरह देखा गया। बड़े बैनर और स्टार किड्स के बीच पहचान बनाना बड़ी चुनौती थी। उन्हें कई बार टाइपकास्ट होने का खतरा रहा, जहां सिर्फ ग्लैमरस रोल ऑफर किए जाते थे। लेकिन उन्होंने इस धारणा को तोड़ते हुए कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों का चुनाव किया और धीरे-धीरे अभिनय के दम पर अलग पहचान बनाई। तापसी ने बताया कि जब फिल्मों का सिलसिला उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हुआ, तो उन्होंने खुद पर भरोसा करना सीखा। इन अनुभवों ने उन्हें मजबूत बनाया और अपनी प्रतिभा के अनुसार सही प्रोजेक्ट्स चुनना सिखाया। उन्होंने कहा कि अब वह उन फिल्मों को चुनती हैं जिनसे उन्हें भावनात्मक और रचनात्मक जुड़ाव महसूस होता है। उनके अनुसार अब कमर्शियल सफलता से ज्यादा कलात्मक संतुष्टि उनके निर्णयों का आधार है। तापसी ने स्वीकार किया कि शुरुआती फिल्मों के चयन में उन्होंने सुरक्षित विकल्प चुने, जो बॉक्स ऑफिस पर असरदार साबित नहीं हुए। लेकिन बाद में उनके चुनौतीपूर्ण निर्णयों ने दर्शकों से अच्छा कनेक्शन बनाया और उन्हें अलग पहचान दिलाई। पिंक से करियर का टर्निंग पॉइंट लगातार फ्लॉप और औसत फिल्मों के बाद तापसी ने करियर की दिशा बदली। 2016 में रिलीज फिल्म ‘पिंक’ उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी। इसमें उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम किया। कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों से बनी पहचान ‘पिंक’ के बाद तापसी पन्नू ने करियर की दिशा साफ कर दी थी। वह सिर्फ ग्लैमरस या कमर्शियल रोल तक सीमित नहीं रहना चाहती थीं। उन्होंने ऐसी फिल्मों का चुनाव किया, जिनकी कहानी मजबूत हो और जो समाज से जुड़े अहम मुद्दे उठाती हों। इस कड़ी में उन्होंने ‘नाम शबाना’, ‘मुल्क’, ‘मनमर्जियां’, ‘बदला’ और ‘थप्पड़’ जैसी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों से उन्होंने साबित किया कि वह कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा की भरोसेमंद एक्ट्रेस हैं। खासकर ‘थप्पड़’ में उनके अभिनय को सराहा गया, जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड मिला। इस फिल्म के बारे में उन्होंने फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में कहा था- यह फिल्म सिर्फ एक थप्पड़ की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान की कहानी है, और मैं ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहती हूं। इसके अलावा तापसी ने ‘सांड की आंख’ और ‘हसीन दिलरुबा’ में दमदार किरदार निभाए। ‘रश्मि रॉकेट’ में एथलीट की भूमिका निभाई, जबकि ‘लूप लपेटा’ में अलग अंदाज दिखा। ‘दोबारा’ और ‘ब्लर’ में उन्होंने एक्सपेरिमेंटल सिनेमा में हाथ आजमाया। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी तापसी ने मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। ‘हसीन दिलरुबा’ और ‘ब्लर’ को डिजिटल ऑडियंस से अच्छा रिस्पॉन्स मिला, जिससे लोकप्रियता बढ़ी। उन्होंने शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘डंकी’ में काम किया, जिसने उन्हें मेनस्ट्रीम सिनेमा में मजबूत पहचान दिलाई। _______________________________________________पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए...कम उम्र में गंजेपन का सामना:सुपरस्टार बनने का अधूरा सपना, धुरंधर से अक्षय खन्ना ने साबित किया, ‘धुरंधर’ से शानदार वापसी की कम उम्र में गंजेपन जैसी पर्सनल चुनौतियों और करियर के कई उतार-चढ़ाव झेलने के बावजूद अक्षय खन्ना ने कभी खुद पर भरोसा नहीं खोया। सुपरस्टार बनने का उनका सपना भले पूरी तरह साकार न हो पाया हो, लेकिन उन्होंने अपनी दमदार एक्टिंग के दम पर इंडस्ट्री में एक अलग और मजबूत पहचान जरूर बनाई। पूरी खबर पढ़ें..
फिल्म 'धुरंधर' में संजय दत्त ने पाकिस्तानी पुलिस अफसर चौधरी असलम का किरदार निभाया है। उनके इस रोल की अब खुद दिवंगत चौधरी असलम की पत्नी नौरीन असलम ने भी इसकी तारीफ की है। नौरीन ने कहा कि संजय दत्त को फिल्म में देखकर एक पल के लिए उन्हें ऐसा लगा जैसे उनके पति ही पर्दे पर सामने खड़े हों। हालांकि, उन्होंने फिल्म के मेकर्स से थोड़ी नाराजगी भी जताई है। संजय की आंखों में दिखा पति का अक्स आजतक रेडियो के एक पॉडकास्ट में नौरीन असलम ने फिल्म में संजय दत्त की परफॉर्मेंस पर बात की। उन्होंने कहा, संजय दत्त इस रोल के लिए बिल्कुल सही पसंद थे। फिल्म के एक सीन में जब वह गाड़ी के पास खड़े होकर अपनी नजरें उठाते हैं, तो मुझे लगा जैसे खुद असलम खड़े हैं। नौरीन ने यह भी बताया कि उनके पति अक्सर मजाक में कहा करते थे कि उनकी मौत के बाद उनके जीवन पर फिल्म बनेगी। मेकर्स से जताई थोड़ी शिकायत तारीफ के साथ-साथ नौरीन ने फिल्म की गहराई पर सवाल भी उठाए। उनका कहना है कि फिल्म में उनके पति के किरदार के साथ पूरी तरह न्याय नहीं किया गया। नौरीन ने कहा, अगर वे फिल्म बना रहे थे, तो कम से कम मुझसे, पुलिस विभाग या उन पत्रकारों से बात करनी चाहिए थी जिन्होंने असलम को करीब से देखा है। इससे उनके किरदार के सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों पहलुओं को बेहतर तरीके से दिखाया जा सकता था। नौरीन ने पूरी फिल्म नहीं देखी नौरीन ने बताया कि उन्होंने पूरी फिल्म नहीं देखी है, लेकिन कुछ क्लिप्स देखी हैं। फिल्म में पुलिस अफसर के किरदार द्वारा इस्तेमाल की गई गालियों पर उन्होंने कहा कि यह फैमिली ऑडियंस के लिए भले ही ठीक न हो, लेकिन पुलिस महकमे में ऐसी भाषा आम बात है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म के किरदार और माहौल पर फिट बैठता है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को सिंगर हनी सिंह और बादशाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने उनके करीब दो दशक पुराने विवादित गाने 'माफिया मुंडीर' वॉल्यूम 1 को इंटरनेट के सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने इस गाने के बोल को 'बेहद अश्लील' और महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया है। जस्टिस पुरुशेंद्र कौरव की अदालत ने हनी सिंह और बादशाह को नोटिस जारी कर कड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि गाने का टाइटल और बोल इतने आपत्तिजनक हैं कि उन्हें आधिकारिक आदेश में लिखना भी संभव नहीं है। अदालत ने निर्देश दिया कि गूगल, यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे सभी म्यूजिक और वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म से इस गाने के ओरिजिनल वर्जन, रीमिक्स और यूआरएल को तुरंत ब्लॉक किया जाए। कोर्ट ने कहा- 'अंतरात्मा को झकझोर दिया' जस्टिस कौरव ने अपने चैंबर में गाने को सुनने और उसके बोल पढ़ने के बाद तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा, यह उन चुनिंदा मामलों में से एक है जिसने कोर्ट की अंतरात्मा को अंदर तक हिला दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि गाने के बोल महिलाओं का अपमान करते हैं और उन्हें मजाक का पात्र बनाते हैं। इसमें कोई भी कलात्मक या सामाजिक मूल्य नहीं है। कोर्ट ने साफ किया कि कलात्मक अभिव्यक्ति की आड़ में ऐसी अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हिंदू शक्ति दल ने दायर की थी याचिका यह कार्रवाई हिंदू शक्ति दल की याचिका पर हुई है। याचिका में दलील दी गई थी कि यह गाना डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध है और युवाओं पर गलत असर डाल रहा है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि हाल ही में एक कॉन्सर्ट के दौरान हनी सिंह ने इस गाने की कुछ लाइनें गाई थीं, जिससे साबित होता है कि यह गाना उन्हीं का है। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी विवादित लिंक ब्लॉक करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे कंटेंट को पैसे कमाने की इजाजत नहीं कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री फैलाना, जो नाबालिगों के लिए भी उपलब्ध है, समाज के लिए ठीक नहीं है। जस्टिस कौरव ने कहा, समाज में शालीनता के मानकों की अनदेखी की जा रही है। कानून से चलने वाला कोई भी सभ्य समाज ऐसे कंटेंट को पैसे कमाने का जरिया बनने की इजाजत नहीं दे सकता। इस मामले की अगली सुनवाई अब 7 मई को तय की गई है।
बंगाली सिनेमा के एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की 29 मार्च को समुद्र में डूबने से मौत हो गई थी। सीरियल 'भोले बाबा पार करेगा' की शूटिंग के दौरान ओडिशा के तालसारी बीच पर यह हादसा हुआ था। लेकिन अब शो के मेकर्स ने दावा किया है कि राहुल को पानी से जिंदा बाहर निकाला गया था और वे बात करने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें तुरंत पास के क्लिनिक ले जाया गया, लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। इसके बाद उन्हें दीघा स्टेट जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मेकर्स ने मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज किया जिनमें कहा गया था कि एक्टर काफी देर तक पानी के अंदर रहे थे। तालसारी बीच पर हुआ हादसा राहुल बनर्जी ओडिशा के बालेश्वर जिले में सीरियल की शूटिंग कर रहे थे। इसी दौरान समुद्र में डूबने से उनकी जान चली गई। प्रोडक्शन हाउस ने पीटीआई को दिए अपने बयान में कहा, हमारे क्रू के सभी सदस्य गहरे दुख में हैं। हम कुछ दिनों का समय मांगते हैं ताकि वहां मौजूद लोगों से बात कर एक न्यूट्रल और विस्तृत रिपोर्ट पेश कर सकें। मेकर्स ने एक्टर के परिवार और वेस्ट बंगाल मोशन पिक्चर आर्टिस्ट फोरम को भी जांच प्रक्रिया का हिस्सा बनने का न्योता दिया है। इसके साथ ही प्रोडक्शन हाउस ने अपना आधिकारिक बयान जारी कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा है कि घटना के वक्त मौजूद क्रू मेंबर्स से पूछताछ कर एक सटीक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। लापरवाही की हर पहलू से होगी जांच प्रोडक्शन हाउस ने साफ किया है कि इस मामले में लापरवाही की हर छोटी से छोटी संभावना की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, शूटिंग से जुड़ी सभी परमिशन और जरूरी दस्तावेज जांच टीम को सौंप दिए जाएंगे। हम अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। को-स्टार का दावा- पैकअप के बाद हुआ हादसा पुलिस के अनुसार शूटिंग के दौरान एक्टर की मौत हुई, लेकिन को-स्टार दिंगता बागची ने पीटीआई से कहा कि पैकअप के बाद वह अकेले समुद्र में गए थे, जहां उनका पैर फंस गया। लहरों में फंसने के बाद सेट पर अफरा-तफरी मच गई। टीम उन्हें निकालकर दीघा अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कई बंगाली फिल्मों में काम कर चुके राहुल राहुल अरुणोदय बनर्जी को 2008 की फिल्म ‘चिरोदिनी तुमी जे अमार’ से पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘तुमी असबे बोले’ (2014), ‘जुल्फीकार’ (2016), ‘ब्योमकेश गोत्रो’ (2018), ‘बिदय ब्योमकेश’ (2018) और ‘द एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स’ (2025) में काम किया। उन्होंने टीवी सीरियल्स ‘होरोगौरी पिसे होटल’ और ‘मोहोना’ में भी काम किया।
बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन आज यानी 2 अप्रैल को अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर उन्होंने अपने घर से बाहर निकलकर फैंस से मुलाकात की। बर्थडे के दिन सुबह से ही कई फैंस अजय देवगन के घर के बाहर इकट्ठा हो गए थे। इन लोगों में कुछ अजय देवगन के हमशक्ल भी शामिल थे। फैंस ने अजय देवगन के हमशक्ल के साथ भी खूब तस्वीरें लीं। वहीं अजय के जन्मदिन पर उनके करीबी दोस्त और डायरेक्टर रोहित शेट्टी ने सोशल मीडिया पर एक खास वीडियो शेयर कर उन्हें विश किया है। इस वीडियो में रोहित और अजय के तीन दशक पुराने प्रोफेशनल और पर्सनल रिश्ते की झलक दिखाई गई है। 90 के दशक के संघर्ष से ब्लॉकबस्टर तक का सफर रोहित शेट्टी ने जो वीडियो शेयर किया है, वह दो हिस्सों में है। वीडियो के पहले हिस्से में साल 2000 में आई फिल्म 'राजू चाचा' के सेट की क्लिप है। इसमें एक युवा रोहित शेट्टी, फिल्म के असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर लीड एक्टर अजय देवगन को सीन समझाते नजर आ रहे हैं। वीडियो के दूसरे हिस्से में उनकी हालिया सुपरहिट फिल्मों जैसे 'सिंघम' और 'गोलमाल' की मेकिंग के दौरान की बॉन्डिंग दिखाई गई है। रोहित ने कैप्शन में लिखा- 90 के दशक के संघर्ष से लेकर आज तक। कम बातें, ज्यादा एक्शन। जन्मदिन मुबारक हो बड़े भाई। करीना कपूर और जैकी श्रॉफ ने भी दी बधाई रोहित के अलावा बॉलीवुड के कई अन्य सितारों ने भी अजय को सोशल मीडिया पर विश किया है। 'सिंघम अगेन' में अजय की पत्नी का किरदार निभाने वाली करीना कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर 'आता माझी सटकली' गाने की एक क्लिप शेयर की। उन्होंने लिखा- हैप्पी बर्थडे सिंघम! हमेशा बहुत सारा प्यार और हग। वहीं, जैकी श्रॉफ ने अजय की एक स्टाइलिश फोटो शेयर करते हुए उन्हें बधाई दी। बता दें कि अजय और करीना ने 'ओमकारा', 'सत्याग्रह' और 'गोलमाल' जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया है।
एक्टर प्रकाश राज ने उनकी मां सुवर्णलता राज के निधन के बाद अंतिम संस्कार करने को लेकर उठे सवालों का जवाब दिया। सोशल मीडिया पर आलोचना के बीच उन्होंने कहा कि वह भले नास्तिक हों, लेकिन उनकी मां के विश्वास का सम्मान करना जरूरी था। प्रकाश राज की मां सुवर्णलता राज का 86 साल की उम्र में स्वास्थ्य समस्याओं के चलते निधन हो गया। 31 मार्च को बेंगलुरु के सेंट माइकल चर्च में फ्यूनरल मास के बाद उन्हें सेक्रेड हार्ट कब्रिस्तान में दफनाया गया। इस दौरान परिवार और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े करीबी लोग मौजूद रहे। सोशल मीडिया पर इस बीच उनका एक पुराना इंटरव्यू क्लिप वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह भगवान में विश्वास नहीं करते। इसी को लेकर यूजर्स ने सवाल उठाए कि खुद को नास्तिक बताने वाले एक्टर ने धार्मिक रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार क्यों किया। इस पर प्रकाश राज ने X पर लिखा, “हां, मैं भगवान में विश्वास नहीं करता… लेकिन मेरी मां अपने भगवान में विश्वास करती थीं। मैं कौन होता हूं उन्हें उनके विश्वास के अनुसार दफनाए जाने के अधिकार से रोकने वाला? यही वह बुनियादी सम्मान है जो हम एक-दूसरे को देते हैं। क्या नफरत फैलाने वाले लोग इसे समझ पाएंगे?” वायरल हो रहा वीडियो ‘लल्लनटॉप’ को दिए गए उनके इंटरव्यू का है, जिसमें उन्होंने अपने बिलीफ सिस्टम पर बात करते हुए कहा था कि वह भगवान में विश्वास नहीं करते और इंसानों के बीच ही जीना समझते हैं।
‘क्वीन 2’ में कंगना रनोट नजर आएंगी:अप्रैल के आखिर तक शुरू होगी शूटिंग, जानिए कैसी होगी कहानी
कंगना रनोट की फिल्म ‘क्वीन’ के सीक्वल की तैयारी शुरू हो गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि कंगना और डायरेक्टर विकास बहल ‘क्वीन 2’ की शूटिंग अप्रैल के अंत तक शुरू करेंगे। मिड डे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि फिल्म की कहानी पहली फिल्म का सीधा सीक्वल नहीं होगी, बल्कि यह खुद को खोजने और आत्मनिर्भरता के विषयों को दिखाएगी। इस बार कंगना का किरदार रानी छोटे शहर की नहीं, बल्कि शहर में रहने वाली लड़की होगी। कहानी में रानी एक ऐसी स्थिति का सामना करेगी, जो उसे खुद को खोजने के सफर पर ले जाएगी। फिल्म में दिखाया जाएगा कि वह अपनी पहचान, समझ और हिम्मत से जिंदगी की मुश्किलों का सामना कैसे करती है। इस बार उसका सफर उसे भारत के अलग-अलग शहरों में ले जाएगा। पहली फिल्म के कलाकार इस बार नजर नहीं आएंगे फिल्म में कंगना के अलावा पहली फिल्म के कलाकार जैसे राजकुमार राव और लीजा हेडन नजर नहीं आएंगे। बताया जा रहा है कि सपोर्टिंग रोल्स के लिए थिएटर कलाकारों को चुना गया है। शूटिंग की शुरुआत मुंबई के एक स्टूडियो में होगी, जहां उत्तर भारतीय शहर और रानी के घर के सेट तैयार किए जाएंगे। इसके बाद टीम अन्य मेट्रो शहरों में शूटिंग करेगी। फिल्म की शूटिंग लगभग तीन महीने में पूरी की जाएगी। ‘क्वीन’ (2014) को फैंटम फिल्म्स और वायकॉम18 मोशन पिक्चर्स ने प्रोड्यूस किया था। फैंटम फिल्म्स के 2018 में बंद होने के बाद, ‘क्वीन 2’ को विकास बहल अपने बैनर तले बना रहे हैं। वे फिल्म के राइटर भी हैं। इस फिल्म के बाद कंगना रनौत ‘तनु वेड्स मनु 3’ की शूटिंग शुरू करेंगी, जिसका डायरेक्शन आनंद एल राय करेंगे।
धुरंधर 2 का वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹1,466.47 करोड़ हुआ:14वें दिन भारत में फिल्म ने ₹20.10 करोड़ कमाए
रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 का दुनिया भर में कलेक्शन करीब 1,466.47 करोड़ हो गया है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के अनुसार, रिलीज के चौदहवें दिन (बुधवार) फिल्म ने भारत में 20.10 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। बता दें कि फिल्म पहले से ही दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली चौथी भारतीय फिल्म बन चुकी है। अब फिल्म के आगे दंगल, बाहुबली 2 और पुष्पा 2 हैं। धुरंधर 2 का भारत में कुल नेट कलेक्शन 920.02 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 1,101.47 करोड़ रुपए हो गया। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है। ओवरसीज में फिल्म ने 365.00 करोड़ रुपए कमाए, जिससे वर्ल्डवाइड ग्रॉस 1,466.47 करोड़ रुपए पहुंच गया। चौदहवें दिन फिल्म के हिंदी वर्जन ने 18.75 करोड़ रुपए की सबसे ज्यादा कमाई की। वहीं, तेलुगु में 85 लाख रुपए, तमिल में 30 लाख रुपए, कन्नड़ में 15 लाख रुपए और मलयालम में 5 लाख रुपए का कलेक्शन हुआ। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। वहीं, 894.49 करोड़ रुपए की कमाई के साथ ही यह हिंदी भाषा में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। दिलचस्प बात यह थी कि फिल्म को खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद शानदार सफलता मिली। साथ ही यह भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म बनी। ……..……..……..…….. धुरंधर 2 से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस: नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
साल था 1991 का और फिल्म ‘फूल और कांटे’ थी, जब एक लड़का बड़े पर्दे पर आया। दो चलती बाइकों पर खड़े होकर की गई उसकी एंट्री इतनी आइकॉनिक थी कि यह फिल्म देखने वाले लोग आज भी इसे भूल नहीं पाए हैं। शुरुआत में उसे एक्शन हीरो माना गया… लेकिन उसने खुद को सीमित नहीं रखा। ‘जख्म’ और ‘कंपनी’ जैसी फिल्मों में उसने शानदार एक्टिंग की, जिसे लोगों के साथ क्रिटिक्स ने भी पसंद किया। फिर ‘गोलमाल’ और ‘ऑल द बेस्ट’ जैसी फिल्मों में लोगों को हंसाया… और ‘सिंघम’ बनकर मास हीरो भी बना। उसने 35 साल के करियर में 16 से ज्यादा 100 करोड़ की कमाई वाली फिल्में दीं और कई नेशनल अवॉर्ड भी जीते। हम बात कर रहे हैं अजय देवगन की। आज वही अजय देवगन 57 साल के हो चुके हैं। उनके जन्मदिन पर जानिए उनकी जिंदगी के दिलचस्प किस्से- किस्सा 1: पिता की बंदूक चुपके से निकालकर ले गए अजय देवगन का जन्म 2 अप्रैल 1969 को मुंबई में हुआ था। उनका असली नाम विशाल वीरेंद्र देवगन है। वे फिल्मी परिवार से आते हैं। उनके पिता वीरू देवगन हिंदी फिल्मों के मशहूर स्टंट और एक्शन डायरेक्टर थे, जबकि मां वीना फिल्म प्रोड्यूसर थीं। इसी वजह से अजय का बचपन से फिल्मों से कनेक्शन रहा। अजय बचपन में ही अपने पिता के साथ फिल्म एडिटिंग में हाथ बंटाने लगे थे। 8-9 साल की उम्र में उन्हें कैमरा और शूटिंग की समझ आने लगी थी। 12-13 साल की उम्र तक उन्होंने छोटे-छोटे फिल्म प्रोजेक्ट बनाना शुरू कर दिया था। उनके पिता ने उन्हें कैमरा दिया था, जिससे वे खुद शूटिंग करते और सेट तैयार करते थे। 15 साल की उम्र तक वे स्पेशल इफेक्ट्स भी करने लगे थे। कॉलेज के दिनों में भी वे पढ़ाई के साथ फिल्ममेकिंग सीखते रहे। इसी दौरान डायरेक्टर शेखर कपूर ने उनके काम को देखकर उन्हें असिस्टेंट बनने का मौका दिया। अजय देवगन अपने कॉलेज के दिनों में काफी मस्तीखोर थे। मिड डे को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कॉलेज के दिनों में वो दो बार जेल भी जा चुके हैं। एक बार तो वे अपने पिता की बंदूक चुपके से निकालकर बाहर ले गए थे। किस्सा 2: फिल्मों में आने के लिए बदला नाम अजय देवगन का असली नाम विशाल देवगन है, लेकिन फिल्मों में आने से पहले उन्होंने नाम बदल लिया। इसके पीछे की वजह यह थी कि जब अजय फिल्मों में डेब्यू करने वाले थे, उस समय कई नए एक्टर्स विशाल नाम से लॉन्च हो रहे थे। उनमें से एक मनोज कुमार का बेटे (विशाल गोस्वामी) भी थे। इससे इंडस्ट्री में कन्फ्यूजन पैदा हो रहा था। इसी वजह से उनका नाम विशाल से अजय कर दिया गया। अजय का फिल्मी करियर भी दिलचस्प तरीके से शुरू हुआ। उनके पिता चाहते थे कि वे एक्टर बनें, लेकिन अजय की रुचि फिल्ममेकिंग में ज्यादा थी। जब उन्हें फिल्म फूल और कांटे ऑफर हुई, तो उन्होंने पहले मना कर दिया था, लेकिन पिता और फिल्म के डायरेक्टर कुकू कोहली के कहने पर उन्होंने फिल्म की। किस्सा 3: पहली फिल्म बड़ी फिल्म के सामने रिलीज अजय की पहली फिल्म फूल और कांटे की रिलीज से जुड़ा दिलचस्प किस्सा है। यह फिल्म यश चोपड़ा की लम्हे के साथ रिलीज हुई थी, जिसमें श्रीदेवी और अनिल कपूर जैसे बड़े सितारे थे। उस समय लम्हे को बहुत बड़ी फिल्म माना जा रहा था। अजय ने ‘आप की अदालत’ में बताया था कि फिल्म के प्रीमियर पर अनिल कपूर उनसे मिलने आए थे। उन्होंने अजय को सलाह दी थी कि इतनी बड़ी फिल्म के सामने अपनी डेब्यू फिल्म रिलीज करना सही फैसला नहीं है। उन्होंने कहा था कि नई कास्ट, नया डायरेक्टर और नया प्रोड्यूसर होने की वजह से यह जोखिम भरा हो सकता है। अजय के मुताबिक, अनिल ने यह सलाह नेक इरादे से दी थी। वे बचपन से उन्हें जानते थे और उनकी मदद करना चाहते थे, लेकिन जब फिल्में रिलीज हुईं, तो नतीजा उल्टा निकला। लम्हे फ्लॉप हुई, जबकि फूल और कांटे सुपरहिट हुई। किस्सा 4: नहाते वक्त फिल्म जख्म के लिए हामी भरी, मिला नेशनल अवॉर्ड अजय देवगन ने द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में फिल्म जख्म को लेकर बताया था कि यह फिल्म उन्हें अनोखे तरीके से मिली, जब डायरेक्टर महेश भट्ट ने अचानक फोन कर उन्हें कहानी सुनानी शुरू कर दी। अजय ने बताया था कि उस समय वह हैदराबाद में शूटिंग कर रहे थे और होटल के कमरे में थे। उस दौर में मोबाइल नहीं होते थे, इसलिए लैंडलाइन पर कॉल आया। वह शावर ले रहे थे, तभी फोन बजा और उन्होंने कॉल उठाया। फोन पर महेश भट्ट थे। उन्होंने कहा कि वह अपनी जिंदगी की आखिरी फिल्म डायरेक्ट कर रहे हैं और इसके बाद काम छोड़ देंगे। अजय के अनुसार, महेश भट्ट ने बिना समय गंवाए तुरंत फिल्म की कहानी सुनानी शुरू कर दी। अजय ने कहा था कि उन्होंने महेश भट्ट से कहा कि वह नहा रहे हैं और फिल्म कर रहे हैं। इसी तरह फिल्म बनी थी। इस फिल्म में अजय की एक्टिंग की काफी सराहना हुई और इसके लिए उन्हें करियर का पहला नेशनल अवॉर्ड (बेस्ट एक्टर) मिला था। किस्सा 5: पहला नेशनल अवॉर्ड लेने नहीं पहुंचे थे 1998 में फिल्म जख्म के लिए अजय देवगन को जब पहला नेशनल अवॉर्ड मिला था, तब वे इसे लेने के लिए पहुंच नहीं पाए थे। उस समय वे ऊटी में शूटिंग कर रहे थे। दिल्ली जाने के लिए सिर्फ एक फ्लाइट थी, जो उसी दिन कैंसिल हो गई। इस वजह से अजय खुद सेरेमनी में नहीं पहुंच सके। उनकी मां मुंबई से दिल्ली गईं और उनकी ओर से अवॉर्ड रिसीव किया। अजय ने बताया था कि यह उनकी गलती नहीं थी, बल्कि हालात ऐसे थे। हालांकि, वे अपना दूसरा नेशनल अवॉर्ड लेने के लिए खुद पहुंचे थे। फिल्म जख्म के बाद उन्हें बेस्ट एक्टर कैटेगरी में द लीजेंड ऑफ भगत सिंह और ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर के लिए भी नेशनल अवॉर्ड मिला। किस्सा 6: जावेद जाफरी के खाने में भांग मिला दी थी अजय देवगन अपने मजाकिया अंदाज और सेट पर प्रैंक करने के लिए जाने जाते हैं। एक्टर जावेद जाफरी ने मिर्ची प्लस को दिए इंटरव्यू में अजय के प्रैंक से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया था। यह किस्सा फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ की शूटिंग का है। जावेद जाफरी ने बताया था कि महाशिवरात्रि के मौके पर अजय ने मजाक में सेट पर मौजूद खाने में भांग मिला दी थी। जावेद, जो न शराब पीते हैं और न सिगरेट, उन्होंने अनजाने में वही खाना ज्यादा खा लिया। कुछ देर बाद उन्हें अजीब महसूस होने लगा। उन्होंने बताया कि ऐसा लग रहा था जैसे वे ब्लैक होल में गिर रहे हों और आसपास सब कुछ हिल रहा हो। हालत इतनी खराब हो गई कि वे घबरा गए और लगा कि वे बच नहीं पाएंगे। घबराहट में जावेद अपने कमरे में चले गए। उन्होंने अपने असिस्टेंट, पत्नी और बेटे मीजान जाफरी को फोन किया। उन्हें लगा यह उनका आखिरी समय है, इसलिए वे वसीयत लिखवाने को तैयार हो गए थे। बाद में पता चला कि यह अजय देवगन का मजाक था। किस्सा 7: फिल्म पब्लिसिस्ट को ड्रग्स केस का आरोपी बना दिया अजय देवगन के प्रैंक्स से जुड़ा एक और दिलचस्प किस्सा है। फिल्म पब्लिसिस्ट राजेंद्र राव को अजय ने प्रैंक कर नकली ड्रग्स के केस में फंसा दिया था। मिड डे को दिए इंटरव्यू में अजय ने इसे स्वीकार किया था। बता दें कि फिल्म पब्लिसिस्ट वह व्यक्ति होता है जो किसी फिल्म या कलाकार की पब्लिसिटी और प्रमोशन संभालता है। राजेंद्र राव ने लगान, स्वदेस और सरफरोश जैसी फिल्मों का प्रमोशन किया था। साल 2003-2004 में अजय देवगन दीव (दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव) में एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, जिसमें अमीषा पटेल भी थीं। शूटिंग दीव फोर्ट के आसपास चल रही थी। उसी दौरान राजेंद्र राव भी मौजूद थे। वो हंसमुख और मजाकिया इंसान थे, लेकिन उस दिन उनका मूड थोड़ा खराब था क्योंकि उनका एक बैग मुंबई एयरपोर्ट पर छूट गया था। वे बार-बार बैग छूटने वाली बात कर रहे थे। अजय ने सोचा कि क्यों न इस पर एक प्रैंक किया जाए। उन्होंने दीव के सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस से संपर्क किया और पूरा प्लान तैयार किया। उन्होंने चुपके से राजेंद्र राव की जेब में नमक का एक छोटा पैकेट डाल दिया, ताकि बाद में उसे ड्रग्स बताया जा सके। शूटिंग के दौरान अचानक सेट पर पुलिस की एक वैन पहुंची। साथ में सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस भी थे, जो राजेंद्र राव को ढूंढ रहे थे। राजेंद्र को लगा कि उनका बैग मिल गया है, लेकिन मामला अलग निकला। पुलिस ने बताया कि उनके बैग में भारी मात्रा में ड्रग्स मिली है और उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। सबके सामने उन्हें पकड़कर ले जाया गया। माहौल एकदम सीरियस हो गया। राजेंद्र राव को थाने ले जाकर पूछताछ की गई। उनसे सवाल पूछे गए। तलाशी में उनकी जेब से नमक का पैकेट निकला। पुलिस ने उसे चखकर कहा, “यह कोकीन है।” यह सुनते ही राजेंद्र बहुत घबरा गए। शाम होते-होते हालत इतनी खराब हो गई कि पुलिस अधिकारी ने अजय देवगन को फोन करके कहा कि अब यह मजाक ज्यादा हो रहा है और इसे खत्म करना चाहिए। करीब 8 बजे शाम को सच्चाई सामने आई और राजेंद्र राव को छोड़ दिया गया। जब राजेंद्र वापस आए, तो वे बेहद नाराज थे। उन्होंने अजय को खूब डांटा और कहा कि ऐसा मजाक कभी किसी के साथ नहीं करना चाहिए। यहां तक कि उन्होंने खुद को होटल के कमरे में करीब 24 घंटे के लिए बंद कर लिया। बाद में दोनों ने साथ बैठकर ड्रिंक की और मामला शांत हुआ। किस्सा 8: शूटिंग के दौरान रसगुल्ले को शराब में भिगोकर खाते थे अजय देवगन ने शेफ संज्योत कीर को दिए इंटरव्यू में बताया था कि शूटिंग या लंबी यात्राओं के दौरान उनके पास आराम से बैठकर ड्रिंक करने का समय नहीं होता था। ऐसे में उन्होंने एक अनोखा तरीका निकाल लिया, जिसे वे मजाक में ‘रसगुल्ला लिकर शॉट’ कहते थे। वे सबसे पहले रसगुल्ले को अच्छी तरह निचोड़कर उसकी सारी चाशनी निकाल देते थे। फिर उसे पानी से धोते, ताकि उसका मीठापन पूरी तरह खत्म हो जाए। इसके बाद उस सूखे रसगुल्ले को अपनी पसंदीदा शराब में डाल देते। रसगुल्ला स्पंज की तरह सारी शराब सोख लेता था। अजय ने हंसते हुए कहा था कि इस तरह उन्हें ड्रिंक और चखना दोनों एक साथ मिल जाता था। किस्सा 9: काजोल ने अजय को पहली बार देखकर खड़ूस कहा था बॉलीवुड में कई लव स्टोरीज आईं और गईं, लेकिन अजय और काजोल की कहानी आज भी एक खास जगह रखती है। यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती, जहां शुरुआत में दोनों एक-दूसरे को पसंद नहीं करते थे, फिर दोस्ती, डेटिंग और शादी तक बात पहुंची। उनकी शादी को 25 साल से ज्यादा हो चुके हैं और बंधन अब भी मजबूत है। साल 1995 में फिल्म ‘हलचल’ के सेट पर दोनों की पहली मुलाकात हुई। सेट पर जब काजोल ने पहली बार अजय को देखा, तो उन्हें वह काफी अलग लगे। एक कोने में शांत बैठे, कम बोलने वाले अजय को देखकर काजोल ने सोचा था कि वह बहुत खड़ूस इंसान हैं। लेकिन धीरे-धीरे बातचीत शुरू हुई। ‘हाय-हैलो’ से शुरू हुई ये जान-पहचान जल्द ही दोस्ती में बदल गई। काजोल को एहसास हुआ कि अजय कम बोलते जरूर हैं, लेकिन बेहद समझदार हैं। दोनों उस समय अलग-अलग रिश्तों में थे, लेकिन एक-दूसरे से अपनी बातें शेयर करते थे। यहीं से उनके रिश्ते की नींव पड़ी। समय के साथ दोस्ती प्यार में बदल गई। करीब चार साल तक दोनों ने रिश्ता प्राइवेट रखा। फिर 24 फरवरी 1999 को शादी की। इसमें सिर्फ परिवार और करीबी लोग शामिल हुए। किस्सा 10: फ्लॉप के बाद भी अजय ने नहीं छोड़ा रोहित का साथ अजय देवगन और रोहित शेट्टी बॉलीवुड की सबसे मजबूत एक्टर-डायरेक्टर जोड़ियों में से एक हैं। रोहित ने अपने करियर की शुरुआत अजय की पहली फिल्म फूल और कांटे में एक असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर की थी। तब से लेकर आज तक दोनों साथ हैं। जब रोहित शेट्टी डायरेक्टर बनना चाहते थे, तब अजय देवगन ने उन पर भरोसा दिखाया और 2003 में फिल्म जमीन से उन्हें पहला ब्रेक दिया। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। पहली फिल्म फ्लॉप होने के बाद जब रोहित ने अपनी दूसरी फिल्म गोलमाल को लेकर अजय को फोन किया, तो उन्होंने कहा कि तेरे को जो फिल्म बनानी है बना, मैं तेरे साथ खड़ा हूं क्योंकि तेरी पहली फिल्म नहीं चली थी। इसके बाद फिल्म गोलमाल बनी और यह हिट हुई। बाद में इस जोड़ी ने गोलमाल सीरीज और सिंघम जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। इनकी फिल्मों ने मिलकर बॉक्स ऑफिस पर 1000 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की कमाई की है। अजय देवगन की अपकमिंग फिल्में 2026 में अजय देवगन की कई बड़ी फिल्में रिलीज होने वाली हैं। हैप्पी बर्थडे जोशी उनकी पहली Gen-AI फिल्म है, जो सच्ची घटनाओं पर आधारित है और यह आज उनके जन्मदिन के मौके पर रिलीज हो गई है। वहीं, धमाल 4 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में आएगी, जबकि दृश्यम 3 2 अक्टूबर 2026 को रिलीज होगी। …………………… बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.... कंगना रनोट@40; आदित्य पंचोली के डर से बिल्डिंग से कूदीं:चंबल में डाकुओं के गन पॉइंट पर आईं, 4 नेशनल अवॉर्ड जीतकर बनाया रिकॉर्ड साल था 2005 का जब 18-19 साल की लड़की, मुंबई में हीरोइन बनने का सपना लेकर आई थी, ऑडिशन के जरिए काम ढूंढ रही थी। एक दिन, जब वो कॉफी के एक एड के लिए गई, तब कुछ लड़कियां फिल्म गैंगस्टर के ऑडिशन के लिए महेश भट्ट के ऑफिस जा रही थीं। पूरी खबर पढ़ें....
नीतीश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘रामायण’ का पहला टीजर कल यानी गुरुवार को भारत में रिलीज किया जाएगा। हाल ही में लॉस एंजेलिस में हुए फिल्म के स्पेशल प्रिव्यू सेशन रणबीर ने बताया की उन्होंने पहले रामायण फिल्म का ऑफर ठुकरा दिया था। लेकिन बेटी राहा के जन्म के बाद रणबीर की सोच बदल गई और उन्होंने अपना फैसला बदलकर फिल्म करने का फैसला किया। इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगे। राहा के पिता बने तो बदला फैसलारणबीर कपूर ने इवेंट के दौरान बताया कि उन्हें यह रोल करीब 4 साल पहले ऑफर हुआ था। रणबीर ने कहा, जब नमित ने मुझे यह रोल दिया, तो मेरा पहला रिएक्शन था कि मैं इसके लायक नहीं हूं और मैं इस किरदार के साथ न्याय नहीं कर पाऊंगा। हालांकि, साल 2022 में बेटी राहा के जन्म के बाद रणबीर की सोच बदल गई। उन्होंने कहा कि पिता बनने के बाद उनके लाइफस्टाइल में काफी बदलाव आया और उन्हें लगा कि भगवान राम का किरदार निभाने का मौका उनके जीवन का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा। रामानंद सागर की रामायण देखकर की तैयारीअपनी तैयारी पर बात करते हुए रणबीर ने कहा कि उनके लिए तैयारी उसी दिन शुरू हो गई थी, जिस दिन उन्होंने रामानंद सागर की ‘रामायण’ देखी थी। रणबीर के मुताबिक, यह किरदार हमारे मन में गहराई से बसा हुआ है। इसकी तैयारी सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक भी थी। हमें इस किरदार के प्रति ईमानदार रहना होगा क्योंकि सदियों से करोड़ों लोग भगवान राम से प्यार करते आए हैं। उन्होंने कहा कि वे इस जिम्मेदारी को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। 4 हजार करोड़ का बजट; दो पार्ट्स में आएगी फिल्मफिल्म के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने बजट को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि फिल्म के दोनों पार्ट्स को मिलाकर करीब 4,000 करोड़ रुपए (500 मिलियन डॉलर) का बजट रखा गया है। नमित ने कहा, 6-7 साल पहले जब मैंने इस बारे में सोचा था, तो लोगों को लगा कि मैं पागल हूं। हम भारत से दुनिया की सबसे बड़ी फिल्म बना रहे हैं। यह एक महागाथा है जिसे ग्लोबल स्केल पर देखा जाना चाहिए। हंस जिमर और एआर रहमान का म्यूजिकइस फिल्म के लिए पहली बार ऑस्कर विजेता हंस जिमर और एआर रहमान एक साथ आए हैं। रहमान ने एक इंटरव्यू में बताया कि इतने बड़े और प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट के लिए म्यूजिक तैयार करना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा, हमें लोगों को कुछ ऐसा देना है जो नया हो, लेकिन साथ ही उनकी जड़ों से भी जुड़ा हो। फिल्म में रणबीर और साई पल्लवी के अलावा यश (रावण), सनी देओल (हनुमान) और रवि दुबे भी अहम किरदारों में नजर आएंगे।
प्रियंका चोपड़ा इन दिनों भारत में हैं और उन्होंने बुधवार को आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर 2' की जमकर तारीफ की। प्रियंका ने सोशल मीडिया पर फिल्म की पूरी टीम को बधाई देते हुए लीड एक्टर रणवीर सिंह के लिए एक स्पेशल मैसेज लिखा। प्रियंका ने रणवीर को अपना 'दोस्त' बताते हुए फिल्म को बेहतरीन बताया है। प्रियंका ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, बधाई हो मेरे दोस्त रणवीर सिंह। प्रियंका ने फिल्म के बाकी कलाकारों अर्जुन रामपाल, आर माधवन, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, सारा अर्जुन और राकेश बेदी के काम को भी सराहा। बता दें कि प्रियंका और रणवीर 'बाजीराव मस्तानी', 'दिल धड़कने दो' और 'गुंडे' जैसी हिट फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं और दोनों की बॉन्डिंग काफी अच्छी है। आदित्य धर के लिए लिखा खास मैसेजप्रियंका ने फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर के विजन की भी तारीफ की। उन्होंने लिखा, आदित्य, आप एक मिशन पर निकले इंसान हैं। हर मायने में 'धुरंधर' एक शानदार फिल्म है। अपनी कला के लिए आप सभी का शुक्रिया। प्रियंका से पहले भी विक्की कौशल और मधुर भंडारकर जैसे कई सितारे इस फिल्म की और आदित्य धर के निर्देशन की तारीफ कर चुके हैं। स्वर्ण मंदिर में टेका माथा, सेवा की फिल्म का रिव्यू शेयर करने से एक दिन पहले प्रियंका चोपड़ा अमृतसर के स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) पहुंची थीं। वहां उन्होंने न सिर्फ माथा टेका, बल्कि मंदिर में 'सेवा' भी की। प्रियंका की मंदिर के अंदर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी पसंद किए जा रहे हैं, जिनमें वे काफी सादगी के साथ नजर आ रही हैं। 2027 में राजामौली की फिल्म से करेंगी वापसी प्रियंका के वर्कफ्रंट की बात करें तो वे जल्द ही एसएस राजामौली की मेगा बजट फिल्म 'वाराणसी' में नजर आएंगी। इस एक्शन फिल्म में उनके साथ महेश बाबू और पृथ्वीराज सुकुमारन भी लीड रोल में हैं। यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। 'द स्काई इज पिंक' (2019) के बाद यह प्रियंका की पहली भारतीय फिल्म होगी।
हॉलीवुड स्टार ड्वेन जॉनसन, जिन्हें ‘द रॉक’ के नाम से भी जाना जाता है, उनकी अगली फिल्म पूरी हो गई है। ये खुशखबरी उन्होंने अपने फैंस को भी दी है। एडवेंचर फिल्म ‘जुमानजी 3’ के सेट से उन्होंने कुछ बिहाइंड द सीन्स तस्वीरें भी साझा की हैं, जो तेजी से वायरल हो रही हैं। ड्वेन ने तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा कि यह उनके करियर के सबसे मजेदार और क्रिएटिव अनुभवों में से एक रहा है। उन्होंने पूरी टीम और कास्ट की जमकर तारीफ की और बताया कि पिछले 10 सालों से इस फ्रेंचाइज के साथ काम करना उनके लिए बेहद खास रहा है। फिल्म का निर्देशन जेक कासडन कर रहे हैं, जबकि इसे सोनी पिक्चर्स प्रोड्यूस कर रहा है। ‘जुमानजी’ फ्रेंचाइज की पिछली फिल्मों को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके बाद तीसरे पार्ट को लेकर एक्साइटमेंट पहले से ही हाई है। रिलीज की बात करें तो पहले यह फिल्म 11 दिसंबर 2026 को आने वाली थी लेकिन अब इसे क्रिसमस के मौके पर 24 दिसंबर 2026 के लिए शिफ्ट कर दिया गया है। मेकर्स इस फिल्म को बड़े फेस्टिव सीजन में रिलीज कर ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाना चाहते हैं। फिल्म में डैनी डेविटो, निक जोनास, मारिन हिंकल, बेबे न्यूविर्थ, लैमोर्न मॉरिस और राइस डार्बी जैसे कलाकार एक बार फिर नजर आएंगे। इससे पहले ‘जुमानजी: वेलकम टू द जंगल’ (2017) और ‘जुमानजी: द नेक्स्ट लेवल’ (2019) ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था।
फिल्म मेकर मधुर भंडारकर ने फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' की जमकर तारीफ की है। फरीदून शहरयार के साथ बातचीत में भंडारकर ने फिल्म की सफलता को ऐतिहासिक बताया, लेकिन फिल्म पर बॉलीवुड की 'चुप्पी' पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि यह फिल्म इंडस्ट्री के पुराने ढर्रे को बदलने वाली साबित होगी। मधुर भंडारकर ने राम गोपाल वर्मा के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने फिल्म को इंडस्ट्री के नीचे 'एटम बम' फटने जैसा बताया था। भंडारकर ने कहा, मैं रामू जी की बात से पूरी तरह सहमत हूं। हम दोनों ही वो पहले लोग थे जिन्होंने फिल्म देखने के बाद तुरंत ट्वीट किया था। मैंने इसे पेड प्रिव्यू में देखा और आदित्य धर को फोन कर बताया कि फिल्म कितनी शानदार है। सच कहूं तो मुझे 'धुरंधर 1' से भी ज्यादा 'धुरंधर 2' पसंद आई। साउथ के स्टार्स बोले, पर बॉलीवुड क्यों चुप? भंडारकर ने बॉलीवुड में समर्थन की कमी पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा, मैंने महेश बाबू, अल्लू अर्जुन, राम चरण और रजनीकांत सर जैसे साउथ के बड़े सितारों के ट्वीट देखे। वे फिल्म की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। लेकिन मैं हैरान हूं कि मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री से आदित्य धर को वो सराहना और सपोर्ट नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। फिल्म पसंद आए या न आए, लेकिन ऐसी बड़ी कामयाबी को स्वीकार करना और उसकी तारीफ करना जरूरी है। फिल्म इंडस्ट्री में एकता की भारी कमी इंडस्ट्री में एकता के मुद्दे पर बात करते हुए मधुर ने कहा, मैं हमेशा कहता हूं कि बॉलीवुड में यूनिटी नहीं है। मेकर्स और एक्टर्स को खुलकर साथ आना चाहिए था। एक फिल्म जब इतना अच्छा करती है, तो उसका फायदा सिर्फ एक इंसान को नहीं बल्कि स्पॉट बॉय, टेक्नीशियन और म्यूजिक डायरेक्टर जैसे हर विभाग को मिलता है। आदित्य धर ने इंडस्ट्री में नई जान फूंक दी है, जो पिछले दो साल से खराब दौर से गुजर रही थी। आदित्य धर के विजन का मुकाबला नहीं भंडारकर ने इसे 'डायरेक्टर की फिल्म' बताया। उन्होंने कहा, आपके पास कितना भी पैसा हो, लेकिन आप आदित्य धर जैसा दिमाग नहीं ला सकते। आज लोग 1 मिनट का वीडियो पूरा नहीं देखते, लेकिन इस फिल्म को देखने के लिए लोग रात के 2:45 बजे तक थियेटर्स में बैठे रहे। फिल्म का स्क्रीनप्ले और डिटेलिंग जबरदस्त है। खासकर क्लायमैक्स में रणवीर सिंह के किरदार के साथ जो इमोशनल कनेक्शन जुड़ता है, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। मैंने लोगों को थियेटर में रोते हुए देखा है। लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही धुरंधर 2 'धुरंधर: द रिवेंज' 19 मार्च को रिलीज हुई थी और महज 13 दिनों में इसने घरेलू बाजार में ₹1,000 करोड़ का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया है। फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन ₹1,435 करोड़ के पार पहुंच चुका है।
बॉलीवुड एक्टर विक्की कौशल ने आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' का रिव्यू शेयर किया है। विक्की ने सोशल मीडिया पर फिल्म की मेकिंग और रणवीर सिंह की एक्टिंग की जमकर तारीफ की है। विक्की कौशल ने इंस्टाग्राम पर लिखा, आदित्य धर... मैं इस फिल्म को बनाने में की गई क्राफ्ट, मेहनत और ईमानदारी को देखकर हैरान हूं। यह फिल्म मेकिंग का 'गोल्ड स्टैंडर्ड' है। आप इस बड़ी सफलता के हकदार हैं, बधाई हो भाई। विक्की ने रणवीर सिंह की तारीफ करते हुए लिखा कि वे उनके लिए प्रेरणा हैं और उनकी एक्टिंग का कोई मुकाबला नहीं है। आर. माधवन और पूरी टीम को दी बधाईविक्की ने अपनी पोस्ट में फिल्म की बाकी कास्ट की भी तारीफ की। उन्होंने आर. माधवन (मैडी) के काम को शानदार बताया और राकेश बेदी को 'कमाल' कहा। इसके अलावा उन्होंने एडिटर शिवकुमार पणिक्कर, म्यूजिक डायरेक्टर शाश्वत और प्रोड्यूसर ज्योति देशपांडे (जियो स्टूडियोज) व लोकेश धर को भी क्रेडिट दिया। 13 दिनों में वर्ल्डवाइड कमाए 1435 करोड़ धुरंधर 2 (धुरंधरः द रिवेंज) बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड बना रही है। 13 दिनों में फिल्म ने 1435 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया और RRR के ऑल टाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही यह भारत की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। आदित्य धर और विक्की का पुराना कनेक्शनआदित्य धर और विक्की कौशल की जोड़ी ने साल 2019 में 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म दी थी। यही वजह है कि फैंस विक्की के रिव्यू का इंतजार कर रहे थे। 'धुरंधर: द रिवेंज' की सफलता ने साबित कर दिया है कि आदित्य धर बड़े स्केल की मास फिल्मों को डायरेक्ट करने में माहिर हैं।
पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के सिंगर करण औजला का 5 अप्रैल को कॉन्सर्ट होगा। इसका आयोजन सीतापुरा स्थित जेईसीसी ग्राउंड में किया जा रहा है। पंजाबी बीट्स, हिप-हॉप और पॉप म्यूजिक के मिश्रण से तैयार उनके गाने युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। सिंगर करण औजला इन दिनों अपने 'पी-पॉप कल्चर इंडिया टूर' पर हैं। करीब एक साल पहले भी करण औजला ने जयपुर में लाइव परफॉर्मेंस दी थी, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया था। उस कॉन्सर्ट में भी उनके हिट गानों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे थे। उसी जबरदस्त रिस्पॉन्स को देखते हुए इस बार फिर जयपुर में उनका कॉन्सर्ट आयोजित किया जा रहा है। 1999 से लेकर 5.90 लाख रुपए तक टिकट यादगार म्यूजिक नाइट की तैयारी आयोजकों का कहना है कि यह सिर्फ एक कॉन्सर्ट नहीं बल्कि पंजाबी पॉप म्यूजिक के नए दौर का जश्न है। शानदार साउंड, भव्य स्टेज प्रोडक्शन और करण औजला की दमदार प्रस्तुति के साथ यह शो जयपुर के संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार रात साबित होने वाला है। गीतों की मशीन के नाम मशहूर करण औजला कंटेंम्परेरी पंजाबी म्यूजिक के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में गिने जाते हैं। पंजाब में जन्मे और भारत-कनाडा के बीच सक्रिय रहने वाले औजला ने अपने दमदार गीतों, अलग अंदाज और मंच पर जबरदस्त प्रस्तुति के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। फैंस उन्हें “गीतों की मशीन” के नाम से भी जानते हैं, क्योंकि उन्होंने बतौर गीतकार और गायक कई सुपरहिट गाने दिए हैं। उनकी खासियत यह है कि वे पारंपरिक पंजाबी संगीत को आधुनिक हिप-हॉप और आर-एंड-बी के साथ जोड़कर नया संगीत तैयार करते हैं। सुपरहिट गाने करेंगे परफॉर्म जयपुर कॉन्सर्ट में करण औजला अपने कई चर्चित और हिट गानों पर लाइव परफॉर्म करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से सॉफ्टली, एडमायरिंग यू, विनिंग स्पीच, चिट्टा कुर्ता, डोंट लुक, मेकिंग मेमोरीज एल्बम जैसे कई गाने शामिल हैं। उनके गीतों को दुनिया भर में करोड़ों बार ऑनलाइन सुना जा चुका है और उनके लाइव शो को लेकर युवाओं में खासा उत्साह रहता है।
4 नेशनल फिल्म अवॉर्ड और 6 केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीत चुके साउथ डायरेक्टर की मंगलवार को कोच्चि से गिरफ्तारी हुई है। उन पर एक्ट्रेस ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी मंगलवार देर रात थोडुपुझा पुलिस ने इडुक्की के एसपी के निर्देश पर की है। उन्हें गिरफ्तारी के बाद उदयमपेरुर पुलिस स्टेशन को सौंपा गया, जहां एक्ट्रेस ने शिकायत दर्ज करवाई है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर को एर्नाकुल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है, जहां पूछताछ के बाद उन्हें 14 दिनों (13 अप्रैल) तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर ने की तबीयत बिगड़ने की शिकायत नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार देर रात हुई गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर रंजीत ने बैचेनी की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने जांच में पाया कि उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी कोई गंभीर समस्या नहीं है। फिलहाल डायरेक्टर एर्नाकुलम उप-जेल में हैं। क्या है पूरा विवाद? साउथ एक्ट्रेस ने हाल ही में फिल्म की ICC (इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी) को यौन उत्पीड़न की शिकायत दी थी। एक्ट्रेस की शिकायत के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत बालाकृष्णन 30 जनवरी को एक फिल्म शूटिंग के दौरान उनकी वैनिटी वैन में आए और यौन उत्पीड़न की कोशिश की। कमेटी ने ये मामला केरल पुलिस को सौंपा। इस मामले की शुरुआती जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। एक्ट्रेस का बयान भी गोपनीय तरीके से दर्ज करवाया गया था। डायरेक्टर के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें इस मामले से पहले भी रंजीत बालाकृष्णन के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। 2024 में बंगाली एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा ने उन पर गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 23 अगस्त 2024 में हेमा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि साल 2009 में फिल्म पलेरी माणिक्य्मः ओरू पाथिराकोलापाथकथिंते कथा के ऑडिशन के लिए डायरेक्टर ने उन्हें फ्लैट में बुलाया और गलत तरह छुआ। तब डायरेक्टर ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद कहा था। अक्टूबर 2025 में केरल हाईकोर्ट ने ये कहते हुए मामला रद्द कर दिया कि शिकायत काफी देरी से की गई है। इसके अलावा अक्टूबर 2024 में भी 31 साल के एक्टर ने डायरेक्टर रंजीत पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका आरोप था कि साल 2012 में शूटिंग के दौरान डायरेक्टर ने एक्टर को होटल में जबरदस्ती शराब पिलाई और यौन उत्पीड़न किया। जुलाई 2025 में ये मामला भी कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।
रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 (धुरंधरः द रिवेंज) बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड बना रही है। 13 दिनों में फिल्म ने 1435 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया और RRR के ऑल टाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही यह भारत की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्स के अनुसार, फिल्म ने 13वें दिन (दूसरे मंगलवार) 33.22 करोड़ और सोमवार को 30 करोड़ कमाए। इसके साथ वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1435 करोड़ और इंडियन कलेक्शन 1077 करोड़ हो गया है। धुरंधर बॉलीवुड की दूसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म बनी 1435 करोड़ कलेक्शन के साथ धुरंधर बॉलीवुड की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। इसने अपने पिछले पार्ट का रिकॉर्ड तोड़ा, लेकिन अब भी आमिर खान की दंगल (2200 करोड़) से पीछे है। दंगल की कमाई का बड़ा हिस्सा चीन से आया, जहां करीब 1300 करोड़ मिले, जबकि भारत में 535 करोड़ कमाए थे। भारत की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी धुरंधर 1435 करोड़ के साथ धुरंधर 2 सभी भाषाओं में भारत की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। इसने RRR और पिछले पार्ट, धुरंधर को पीछे छोड़ा है, जबकि दंगल, पुष्पा-2 और बाहुबली-2 अब भी आगे हैं। इन आंकड़ों के साथ धुरंधर और धुरंधर 2 के डायरेक्टर आदित्य धर बॉलीवुड के इकलौते निर्देशक बन गए हैं, जिन्होंने 1000 करोड़ से ज्यादा कमाई वाली दो फिल्में दी हैं। उनसे पहले एसएस राजामौली भी बाहुबली और बाहुबली 2 जैसी दो 1000 करोड़ कमाने वाली फिल्में बना चुके हैं।
इक कुड़ी, बरगद जैसे मशहूर गानों के सिंगर अर्पित बाला हाल ही में हैदराबाद कॉन्सर्ट से विवादों से घिर गए। दरअसल, हैदराबाद में चल रही परफॉर्मेंस के बीच एक फैन ने मंच पर बोतल फेंकी थी, जिसके जवाब में सिंगर ने भड़ककर उस फैन पर थूक दिया। अब इस विवाद पर अर्पित बाला ने सफाई दी है। उनका कहना है कि ये उन्हें उसकाया गया था, ये गुस्से का नहीं बल्कि सिक्योरिटी का सवाल था। सिंगर अर्पित बाला ने यूट्यूब चैनल से एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने कॉन्सर्ट विवाद पर कहा, ‘मैं हैदराबाद गया था, एक शो के लिए। वहां लोगों को गाने रटे हुए थे। पहला गाना बहुत अच्छा हुआ, दूसरा भी अच्छा हुआ, तीसरा भी अच्छा हुआ। मैं चौथा गाना गा रहा था कि एकदम से मैंने देखा कि बोतल उड़ती हुई आई और मेरी आंख में लगी। प्रॉब्लम ये नहीं थी कि वो बोतल लगी। प्रॉब्लम ये थी कि उससे पहले भी लोग स्टेज पर एक दो ऐसी बोतल फेंक चुके थे।’ आगे सिंगर ने कहा, ‘जब दूसरी बोतल मेरी आंख पर पड़ी ना मेरा पूरा फ्लो टूटा और मुझे आया गुस्सा और उस गुस्से में जो चीज मैंने आगे बोली और जो मैंने किया क्या वो जायज था? अगर आप एक तरीके से देखें कि एक आदर्श आदमी होता है वो दिल बड़ा रखता है। ये सारी चीजें तब तक ठीक लगती हैं जब आपको किसी ने ऐसे हल्का सा कुछ पोक कर दिया हो, लेकिन जब आपके चेहरे पर कोई चीज फेंकी जाती है ना, आंख पर, मुंह पर, भाई वो ना डिसरिस्पेक्ट भी नहीं होता। वो एक तरीके से सिक्योरिटी की दिक्कत होती है।’ वीडियो जारी कर सिंगर ने ये भी कहा है कि जब उन्हें मारा गया, तो वहां मौजूद लड़कों का ग्रुप उन्हें बुरी तरह देख रहा था, जिसके बाद उन्होंने गालियां दीं। वो लड़के भी उन्हें सामने से गालियां दे रहे थे। सिंगर ने किए पर पछतावा जाहिर करते हुए कहा, ‘मैंने उनके ऊपर थूक दिया। वो नहीं करना चाहिए था मुझे।’ सिंगर ने वीडियो के आखिर में ये भी कहा है कि ये इस तरह की पहली घटना नहीं है। 2024 में भी एक शख्स ने कॉन्सर्ट में गलत तरह छूने की कोशिश की थी, तब भी उन्होंने उस शख्स का हाथ मरोड़ दिया था। इसके अलावा उनके कानपूर शो की ऑर्गेनाइजर पर सिगरेट बड्स फेंके गए। सिंगर के ऊपर भी सिगरेट के पैकेट फेंके गए। उनकी भांजी पर वेप फेंका गया। सिंगर बोले- मैं इससे थक चुका हूं वीडियो के आखिर में सिंगर ने कहा, ‘लोग बोल रहे हैं ये तो भाई देखो भाई कितना कितना भौकाली आदमी है। कितना खराब आदमी है। कोई ये नहीं देख रहा है कि उसके पीछे क्या होता है। ये मैं सिर्फ और सिर्फ अपनी ऑडियंस के लिए कर रहा हूं। मुझे फर्क नहीं पड़ता मीडिया क्या कहती है।गलत जानकारी फैलाई जा रही है। मीम्स बन रहे हैं। अगर में पक्ष नहीं रखूंगा तो कौन रखेगा। मैं इससे थक गया हूं।’ क्या था पूरा विवाद? सिंगर अर्पित बाला ने 28 मार्च को हैदराबाद के किंगडम क्लब एंड किचन में परफॉर्मेंस दी थी। परफॉर्मेंस के बीच उन पर बोतल फेंकी गई, जिसके जवाब में सिंगर ने पहले गालियां दीं और फिर उन लोगों पर थूक दिया। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि उस शख्स को तुरंत क्लब से बाहर निकाला जाए। अर्पित ने बोतल उठाकर वापस उसकी तरफ फेंकी और माइक पर कहा, इधर देखना, क्या हुआ? लगा डर। ये अपनी बहन की शादी में दहेज में बांट देना। अपनी परफॉर्मेंस दोबारा शुरू करने से पहले उन्होंने दर्शकों को चेतावनी दी कि ऐसी हरकतें दोबारा बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
साउथ फिल्मों के राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर संतोष कुमार ने हाल ही में धुरंधर 2 की स्क्रिप्ट लिखने का दावा किया है। उनका कहना है कि ये स्क्रिप्ट उन्होंने 2023 में लिखी थी, जिसे अब धुरंधर 2 के नाम से बनाया गया है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि उनके पास इससे जुड़े कई सबूत हैं, हालांकि अब तक उन्होंने न ही सबूत पेश किए हैं और न ही मेकर्स के खिलाफ किसी तरह की शिकायत दर्ज करवाई है। राइटर संतोष कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर धुरंधर 2 की स्क्रिप्ट चुराने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘आप सबने देखा होगा कि फिल्म बहुत अच्छी चल रही है। ये मूवी देखने के बाद मुझे पता चला कि ये मेरी स्क्रिप्ट है। मेरी कहानी है। मैंने इसे बहुत मेहनत से किया था। 2023 में मैंने यहां आकर बहुत सारी कंपनियों को स्टोरी नरेट की थी। मुझे कहा गया था कि अगर आपको बड़ा एक्टर चाहिए, तो बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी लेकर आओ। मैं सोनी के पास गया, जी के पास गया, टी-सीरीज के पास गया, धर्मा प्रोडक्शन के पास गया।’ आगे उन्होंने कहा, ‘मुझे इस फिल्म की स्क्रिप्ट के लिए आदित्य रॉय कपूर चाहिए था। मैंने बहुत कोशिश की। मैंने बहुत डायरेक्टर्स को स्क्रिप्ट भेजी। मैं स्क्रीनराइटर एसोसिएशन का हिस्सा था, मैंने वहां भी स्क्रिप्ट रजिस्टर करवाई है, नवंबर 2023 में। मेरे पास सारे सबूत हैं। मेरे पास तस्वीरें हैं, स्क्रिप्ट हैं, स्केच हैं। मैं इस फिल्म के खिलाफ केस कर रहा हूं। फिल्म अच्छी है, लेकिन उन लोगों ने मेरे काम का दुरुपयोग किया है। फिल्म सिनेमा एंटरटेनमेंट थी, लेकिन उन्होंने इसे पॉलिटिकल प्रोपेगेंडा बना दिया।’ दैनिक भास्कर ने इन दावों पर धुरंधर-2 के मेकर्स का पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन खबर लिखे जाने तक टीम की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। मीडिया से बातचीत में संतोष कुमार ने ये भी कहा है कि उनकी तरह साउथ से कई राइटर आते हैं, लेकिन उन्हें यहां काम नहीं मिलता और फिर उन्हीं की क्रिएटिविटी का मिसयूज किया जाता है।
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान मंगलवार को टेनिस टूर्नामेंट प्रेसिडेंट कप 2026 का उद्घाटन करने पहुंचे थे। ये इवेंट मुंबई के थाणे स्थित दादोजे कोंडदेव स्टेडियम में आयोजित हुआ था, जहां महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे। हालांकि एक्टर की मौजूदगी से भीड़ बेकाबू हो गई और एक्टर भीड़ में फंस गए। सलमान को कार तक पहुंचाने में उनकी सिक्योरिटी टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी है। देखिए इवेंट से जुड़ी तस्वीरें- जल्द ही मातृभूमि में नजर आएंगे सलमान खान सलमान खान फिल्म मातृभूमि जल्द रिलीज होने वाली है। इस फिल्म का टाइटल पहले बैटल ऑफ गलवान रखा गया था, हालांकि कुछ लोगों की आपत्ति होने के बाद विवाद से बचने के लिए फिल्म का टाइटल मातृभूमि कर दिया गया है। फिलहाल इसकी रिलीज डेट अनाउंस नहीं हुई है। इसके अलावा सलमान खान, साउथ की लेडी सुपरस्टार नयनतारा के साथ एक अनटाइटल फिल्म भी शुरू करने वाले हैं।
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के बॉलीवुड सितारों की आस्था देखने को मिली। प्रसिद्ध अभिनेता अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और वरिष्ठ अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे। नंदी हाल में बैठकर किया जाप, जल अर्पित कर लिया आशीर्वादतीनों कलाकार सुबह करीब 6 बजे मंदिर पहुंचे। यहां नंदी हाल में बैठकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और जाप करते नजर आए। अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ ने नंदी जी का पूजन कर उनके कान में अपनी मनोकामना भी कही। इसके बाद तीनों ने गर्भगृह की देहरी से दर्शन कर भगवान को जल अर्पित किया। मंदिर से बाहर निकलते ही लगी फैंस की भीड़दर्शन के बाद जैसे ही तीनों मंदिर से बाहर निकले, प्रशंसकों ने उन्हें घेर लिया। बड़ी संख्या में लोग सेल्फी और फोटो लेने के लिए उमड़ पड़े। मंदिर समिति ने किया सम्मानदर्शन के बाद मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एसएन सोनी ने अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया का स्वागत और सत्कार किया।

