करण जौहर का मशहूर चैट शो ‘कॉफी विद करण’ 22 साल के लंबे सफर के बाद बंद होने जा रहा है। शो का 9वां और अंतिम सीजन 14 अक्टूबर से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होगा। करण जौहर ने शो के अंतिम सीजन की घोषणा की। साल 2004 में शुरू हुए इस शो के अब तक 8 सीजन और 161 एपिसोड हो चुके हैं। करण जौहर ने कहा- अलविदा कहना भावुक है आखिरी सीजन की घोषणा करते हुए करण जौहर ने शो के सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि कुछ सफर ऐसे होते हैं जिन्हें खत्म करने की योजना नहीं बनाई जाती, लेकिन एक समय ऐसा आता है जब उन्हें आगे बढ़ने देने का फैसला करना पड़ता है। करण के मुताबिक, पूरे सफर में दर्शक लगातार शो के साथ जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि दर्शकों ने शो के साथ हंसा, बहस की, ट्रोल किया और इसे सेलिब्रेट किया, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि वे हर बार एक और कप कॉफी के लिए वापस आते रहे। ‘कॉफी विद करण’ के कई एपिसोड विवादों में रहे ‘कॉफी विद करण’ के कई एपिसोड की बातचीत बाद में सुर्खियों में रही। शो के रैपिड-फायर राउंड, कॉफी हैम्पर्स और सेलिब्रिटीज के बयानों की चर्चा सोशल मीडिया और मीडिया में होती रही है। कई बातचीत मीम्स और बहस का हिस्सा भी बनीं। कई बार शो पर हुई बातचीत इतनी चर्चित हुई कि उसका असर फिल्म इंडस्ट्री से बाहर तक देखने को मिला। कुछ मामलों में मेहमानों के बयान विवादों में रहे, तो एक मामले में भारतीय क्रिकेट के दो बड़े खिलाड़ियों पर कार्रवाई तक हुई। आइए जानते हैं शो से जुड़े कुछ सबसे चर्चित विवादों के बारे में… हार्दिक पंड्या और केएल राहुल का विवाद जनवरी 2019 में हार्दिक पंड्या और केएल राहुल ‘कॉफी विद करण’ के छठे सीजन में पहुंचे थे। इस दौरान महिलाओं को लेकर पंड्या की टिप्पणियों पर विवाद हुआ। पंड्या ने बाद में सोशल मीडिया पर माफी मांगते हुए कहा था कि वह शो के माहौल में बह गए थे। इसके बाद BCCI ने दोनों खिलाड़ियों को जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया और उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे से वापस बुलाया गया। बाद में निलंबन हटा दिया गया। हार्दिक पंड्या और केएल राहुल वाला एपिसोड इतना विवादित हुआ कि उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, 11 जनवरी 2019 को हॉटस्टार ने उस एपिसोड को अपनी साइट से हटा दिया और स्टार वर्ल्ड इंडिया ने भी उससे जुड़े प्रमोशनल कंटेंट को सोशल मीडिया से हटाया। ब्रॉडकास्ट कंटेंट से जुड़ी शिकायतों पर BCCC ने भी चैनल को नोटिस जारी किया था। कंगना रनोट का नेपोटिज्म वाला बयान 2017 में कंगना रनोट शो के पांचवें सीजन में पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने करण जौहर के मुंह पर ही उन्हें मूवी माफिया कह दिया था। शो के दौरान कंगना ने बेबाक अंदाज में करण जौहर को नेपोटिज्म का ध्वजवाहक (Flag Bearer of Nepotism) और मूवी माफिया कहा, जिससे यह मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। उस समय करण ने हंसते हुए बात को टाल दिया, लेकिन बाद में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के एक कार्यक्रम में उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि कंगना अक्सर विक्टिम कार्ड और वुमन कार्ड खेलती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कंगना को फिल्म इंडस्ट्री इतनी खराब लगती है, तो उन्हें इसे छोड़ देना चाहिए। दीपिका के ‘कैजुअल डेटिंग’ वाले बयान पर हुआ था विवाद रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण अक्टूबर 2023 में ‘कॉफी विद करण’ के सीजन 8 के पहले एपिसोड में पहली बार साथ नजर आए थे। शो के दौरान दोनों ने अपनी शादी और रिश्ते से जुड़े कई खुलासे किए थे। रणवीर ने बताया था कि उन्होंने 2015 में ही दीपिका को प्रपोज कर दिया था और दोनों ने गुपचुप सगाई कर ली थी। शो में पहली बार उनकी शादी का वीडियो भी दिखाया गया था। हालांकि, इस एपिसोड का सबसे ज्यादा चर्चा में रहा हिस्सा दीपिका का अपनी शुरुआती डेटिंग लाइफ को लेकर किया गया खुलासा था। दीपिका ने बताया था कि रणवीर से रिश्ते की शुरुआत में दोनों के बीच कोई आधिकारिक कमिटमेंट नहीं था। उन्होंने कहा था कि वह उस समय दूसरे लोगों से भी मिल रही थीं और डेट कर रही थीं। हालांकि, उनके मन में यह बात थी कि आखिर में उन्हें रणवीर के पास ही वापस जाना है। दीपिका के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया था। कुछ यूजर्स ने उनके पुराने बयानों को सामने लाकर उन पर विरोधाभास के आरोप लगाए थे। रणवीर के शो के दौरान दिए गए रिएक्शन और एक्सप्रेशन्स को लेकर भी कई मीम्स वायरल हुए थे। दीपिका पादुकोण का रणबीर कपूर पर कमेंट साल 2010 में प्रसारित हुए ‘कॉफी विद करण’ के तीसरे सीजन में दीपिका पादुकोण और सोनम कपूर शो में पहुंची थीं। रैपिड-फायर राउंड के दौरान करण जौहर ने दीपिका से पूछा था कि रणबीर कपूर को किस प्रोडक्ट का विज्ञापन करना चाहिए। दीपिका ने जवाब दिया था- “कंडोम ब्रांड।” इसके बाद करण ने पूछा था कि वह रणबीर को क्या गिफ्ट देना चाहेंगी। इस पर दीपिका ने कहा था- “कंडोम का एक पैकेट।” उस समय दीपिका पादुकोण और रणबीर कपूर का हाल ही में ब्रेकअप हुआ था। इस बयान के बाद रणबीर कपूर के माता-पिता ऋषि कपूर और नीतू कपूर नाराज हो गए थे। करीना कपूर का प्रियंका चोपड़ा के एक्सेंट पर सवाल शो के तीसरे सीजन में करीना कपूर से पूछा गया था कि वह प्रियंका चोपड़ा से कौन-सा सवाल पूछना चाहेंगी। करीना ने प्रियंका के एक्सेंट को लेकर सवाल किया। बाद में प्रियंका भी शो पर पहुंचीं और उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें अपना एक्सेंट वहीं से मिला, जहां से उनके बॉयफ्रेंड को मिला था। इमरान हाशमी का ऐश्वर्या राय पर कमेंट 2014 में प्रसारित हुए ‘कॉफी विद करण’ के चौथे सीजन में रैपिड-फायर राउंड में इमरान हाशमी ने ऐश्वर्या राय बच्चन के लिए ‘प्लास्टिक’ शब्द का इस्तेमाल किया था। यह जवाब काफी चर्चा में रहा। बाद में इमरान ने बताया था कि रैपिड-फायर राउंड में उन्हें जो पहला जवाब सूझा, वह बोल दिया था। सलमान ने ‘कॉफी विद करण’ में दो बार कहा था- ‘मैं वर्जिन हूं’ सलमान खान का ‘कॉफी विद करण’ में दिया गया ‘वर्जिन’ वाला बयान शो के सबसे चर्चित पलों में शामिल रहा। उन्होंने यह बयान पहली बार 2013 में ‘कॉफी विद करण’ के चौथे सीजन के पहले एपिसोड में दिया था। करण जौहर ने सलमान से उनकी रिलेशनशिप और निजी जिंदगी को लेकर सवाल किया था। इसके जवाब में सलमान ने कहा था कि वह वर्जिन हैं और उन्होंने खुद को अपनी होने वाली पत्नी के लिए बचाकर रखा है। यह बयान करीब तीन साल बाद एक बार फिर चर्चा में आया। 2016 में ‘कॉफी विद करण’ के पांचवें सीजन के 100वें एपिसोड में सलमान अपने भाइयों अरबाज खान और सोहेल खान के साथ पहुंचे थे। इस दौरान करण जौहर ने उनसे दोबारा यही सवाल किया। सलमान ने मुस्कुराते हुए कहा कि कुछ नहीं बदला है और वह अब भी वर्जिन हैं। रणवीर ने अनुष्का से पूछा था आपत्तिजनक सवाल रणवीर सिंह और अनुष्का शर्मा साल 2011 में ‘कॉफी विद करण’ के तीसरे सीजन के 16वें एपिसोड में साथ पहुंचे थे। दोनों फिल्म ‘बैंड बाजा बारात’ की सफलता के बाद शो में मेहमान बने थे। बातचीत के दौरान रणवीर ने अनुष्का से आपत्तिजनक अंदाज में पूछा था, “क्या तुम अपनी बैक पिंच करवाना चाहती हो? मैं यहीं हूं।” इस पर अनुष्का हैरान हो गई थीं और उन्होंने तुरंत रणवीर को फटकार लगाते हुए कहा था, “मुझसे इस तरह बात मत करो।” 2011 में प्रसारित हुए इस एपिसोड के समय यह बातचीत ज्यादा चर्चा में नहीं आई थी। हालांकि, जनवरी 2019 में हार्दिक पंड्या और केएल राहुल से जुड़े ‘कॉफी विद करण’ विवाद के बीच रणवीर और अनुष्का का यह पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल हुआ था। इसके बाद यूजर्स ने रणवीर के कमेंट की आलोचना की थी और इसे महिलाओं के प्रति अनुचित और सेक्सिस्ट बताया था।
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने विमल इलायची के विज्ञापन मामले में बॉलीवुड एक्टर्स शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के मुताबिक तीनों एक्टर्स ने नोटिस का जवाब दे दिया है और सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही तुकाराम मुंढे ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और विज्ञापन करने वाले सभी सेलिब्रिटीज को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि फूड सेफ्टी एक्ट के तहत भ्रामक या सरोगेट विज्ञापन करने पर सिर्फ कंपनी ही नहीं, बल्कि प्रचार करने वाले इन्फ्लुएंसर्स और एक्टर्स पर भी कार्रवाई होगी। 'ब्रांड प्रमोट करने वाले इन्फ्लुएंसर्स को भी पूरी जानकारी होना जरूरी' महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने मीडिया से बातचीत में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि कानून में इन्फ्लुएंसर्स और ब्रांड एंडोर्स करने वालों के लिए नियम पहले से तय हैं। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट (FSSAI) का सेक्शन 24 साफ कहता है कि अगर आप किसी प्रोडक्ट का प्रमोशन या एंडोर्समेंट कर रहे हैं, तो आपको उस प्रोडक्ट की पूरी जानकारी होनी चाहिए। प्रचार करने वाले व्यक्ति और इन्फ्लुएंसर की यह कानूनी जिम्मेदारी है कि वह प्रोडक्ट की प्रामाणिकता की जांच करे। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 'इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज कानून से ऊपर नहीं' कमिश्नर मुंढे ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि चाहे कोई बड़ा बॉलीवुड स्टार हो या फिर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कानून की नजर में वे केवल विज्ञापनदाता (एडवरटाइजर) हैं। जो लोग यह तर्क देते हैं कि सारी जिम्मेदारी केवल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी की है, वे पूरी तरह गलत हैं। नैतिक और कानूनी दोनों तरह से विज्ञापन करने वाले पर जिम्मेदारी तय होती है। एफएसएसएआई के 2018 के एडवरटाइजिंग एंड क्लेम्स रेगुलेशन के तहत गलत दावा करने, भ्रामक जानकारी देने या सरोगेट ऐड बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। विमल इलायची के जरिए पान मसाला के सरोगेट ऐड का आरोप FDA ने 11 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस भेजा था। एजेंसी का आरोप है कि विमल इलायची का विज्ञापन असल में विमल पान मसाला का सरोगेट प्रमोशन (परोक्ष विज्ञापन) है। महाराष्ट्र में गुटखा और पान मसाला की बिक्री पर प्रतिबंध है। एक्टर्स को जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था। खाद्य सुरक्षा कानून की धारा 53 के तहत भ्रामक विज्ञापन का हिस्सा बनने या उसे प्रकाशित करने पर 10 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। जवाब देने वाले एक्टर्स की होगी सुनवाई कमिश्नर ने बताया कि जिन एक्टर्स ने नोटिस का जवाब दिया है और सुनवाई की मांग की है, उनकी बात सुनी जा रही है। इससे पहले शुरुआत में एक एक्टर की तरफ से जवाब न मिलने पर एडजुडिकेशन और प्रॉसिक्यूशन की कार्रवाई शुरू की गई थी। हालांकि अब तीनों अभिनेताओं के जवाब आ चुके हैं, जिसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें विमल इलायची विज्ञापन विवाद में घिरे शाहरुख-अजय:पुराने बयान चर्चा में; शाहरुख बोले थे- मेरी कमाई मत रोको, अजय ने कहा- बनाना बंद कर दो नोटिस मिलने के बाद कलाकारों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पादों के प्रमोशन को लेकर पुराने बयान फिर चर्चा में आ गए हैं। शाहरुख खान और अजय देवगन पहले भी कह चुके हैं कि अगर कोई प्रॉडक्ट सेहत के लिए नुकसानदेह है, तो सरकार को उसके निर्माण और बिक्री पर ही रोक लगा देनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें
महज डेढ़ करोड़ रुपये से कुछ ज्यादा के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने जिस तरह दर्शकों के बीच अपनी जगह बनाई, उसने फिल्म की अगली कड़ी की संभावनाओं को लेकर भी उत्सुकता बढ़ा दी है। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने बताया कि इसे आगे ले जाने का विचार सफलता मिलने के बाद पैदा नहीं हुआ, बल्कि फिल्म शुरू करने से पहले ही इसे एक फ्रेंचाइजी के रूप में विकसित करने की योजना थी। यहां तक कि शुरुआती स्तर पर तीन फिल्मों के बारे में सोचा गया था। हालांकि, दूसरे पार्ट की स्क्रिप्टिंग अभी शुरू नहीं हुई है और निर्देशक के दूसरी फिल्म साइन करने के कारण इसमें कुछ समय लग सकता है। इसके बावजूद अनुप्रिया नागर का कहना है कि कहानी और महाराज जी के जीवन से जुड़ी इतनी सामग्री है कि एक फिल्म में सब कुछ समेटना संभव नहीं। सवाल: ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद इसे फ्रेंचाइजी के रूप में आगे ले जाने की तैयारी कितनी आगे बढ़ चुकी है? जवाब: इसका विचार सफलता के बाद नहीं आया है। फिल्म बनाने से पहले ही हमारे मन में इसे फ्रेंचाइजी के तौर पर विकसित करने की बात थी। महाराज जी की इतनी सारी कहानियां हैं, उनके जीवन से जुड़ी इतनी अद्भुत लीलाएं हैं कि एक फिल्म में सब कुछ बताना संभव नहीं है। इसलिए शुरुआत में ही हमने तीन फिल्मों के बारे में सोचा था। लेकिन अभी मैं यह नहीं कह सकती कि दूसरी फिल्म कब आएगी। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान पहली फिल्म को उसका पूरा न्याय देने पर है। हम अभी भी उसके साथ जुड़े काम कर रहे हैं। दूसरी फिल्म का विचार पूरी तरह मौजूद है, लेकिन उसकी राइटिंग अभी शुरू नहीं हुई है। सवाल: क्या दूसरे पार्ट के लिए कोई संभावित टाइमलाइन तय है? जवाब: अभी कोई निश्चित टाइमलाइन बताना जल्दबाजी होगी। हमारे डायरेक्टर ने एक दूसरी फिल्म साइन कर ली है, इसलिए स्वाभाविक तौर पर थोड़ा समय लगेगा। हमारी टीम ने अभी दूसरी फिल्म को लेकर पूरी तरह बैठकर चर्चा भी नहीं की है। जब तक वह बातचीत नहीं होती, तब तक तारीख बताना सही नहीं होगा। सच कहूं तो मैं भी इंतजार कर रही हूं कि कब महाराज जी बताएंगे कि यह फिल्म कब आएगी। सवाल: पहली फिल्म की सफलता के बाद क्या दूसरे पार्ट का बजट कई गुना बढ़ाने की योजना है? जवाब: मेरी सोच इस मामले में बहुत स्पष्ट है। मुझे लगता है कि पहली फिल्म जिस बजट में बनी, उसे उसी बजट में बनना चाहिए था। अगर हमने उसमें 10 या 20 करोड़ रुपये लगा दिए होते तो जरूरी नहीं कि फिल्म बेहतर बनती। उल्टा उसमें ऐसा VFX या AI आ सकता था जिसकी कहानी को जरूरत ही नहीं थी और उससे फिल्म की ऑथेंटिसिटी प्रभावित होती। हम जिस दौर की कहानी कह रहे हैं, उसमें सिर्फ किरदार ही महत्वपूर्ण नहीं हैं। लैंडस्केप, विजुअल टेक्सचर, वातावरण और उस समय की दुनिया भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसलिए हमारे लिए सबसे जरूरी चीज ऑथेंटिसिटी है। अगर समाज ने हमें इतना प्यार और सपोर्ट दिया है तो हम फिजूलखर्ची नहीं कर सकते। हां, अगर अगली कहानी की जरूरत बजट बढ़ाने की होगी तो हम जरूर बढ़ाएंगे। सवाल: यानी स्केल बढ़ सकता है, लेकिन सिर्फ कहानी की जरूरत के हिसाब से? जवाब: बिल्कुल। मान लीजिए कहानी में कोई बड़ा युद्ध दिखाना है या ब्रिटिश राज और कॉलोनाइजेशन का कोई महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे सीक्वेंस स्वाभाविक रूप से ज्यादा संसाधन मांगेंगे। वहां बजट बढ़ना जरूरी है। लेकिन सिर्फ इसलिए पैसा खर्च करना कि फिल्म ज्यादा ग्लॉसी दिखाई दे या बड़ी लगे, यह हमारी सोच नहीं है। हम कहानी को बड़ा बनाने के लिए खर्च करेंगे, फिल्म को सिर्फ महंगा दिखाने के लिए नहीं। सवाल: सफलता के बाद क्या किसी बड़े स्टूडियो के साथ साझेदारी की संभावना भी बनी है? जवाब: संभावनाएं हमेशा रहती हैं, लेकिन फैसला हमारा होगा। अभी हमारे साथ अलग-अलग स्तर पर पार्टनर्स जुड़े हुए हैं। सिनेपोलिस ने ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन किया है और हुमाले ने ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन संभाला है। लेकिन हमारा प्रोडक्शन हाउस हमारा ही है। अगर कोई स्टूडियो हमारे साथ आता है तो हम यह देखेंगे कि वह फिल्म के लिए सही है या नहीं। आखिरकार कितना बजट रखना है, कितना खर्च करना है और फिल्म को किस तरह आगे ले जाना है, इन चीजों पर हमारा नियंत्रण रहना जरूरी है। सवाल: अगर कोई बड़ा स्टूडियो जुड़ता है तो क्या फिल्म का स्केल भी अपने आप बड़ा हो जाएगा? जवाब: ऐसा जरूरी नहीं है। सिर्फ किसी बड़े स्टूडियो के जुड़ने से हमारा स्केल बदल जाए, यह हमारी सोच नहीं है। हमारा उद्देश्य सिर्फ पैसे कमाना या फिल्म को एक कमर्शियल और फाइनेंशियल प्रोजेक्ट की तरह देखना नहीं है। हमारे लिए पहली प्राथमिकता फिल्म की आत्मा और ऑथेंटिसिटी है। पहली फिल्म में आपको वह साफ दिखाई देती है। अगर कोई स्टूडियो हमारे साथ आकर उसी चीज को बनाए रखने में विश्वास करता है तो हम जरूर साथ काम करेंगे। लेकिन अगर उसके आने का मतलब फिल्म की मूल भावना से समझौता करना है तो हम अपने दम पर भी फिल्म बना सकते हैं। सवाल: फिल्म का वास्तविक बजट कितना था? अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। जवाब: फिल्म करीब डेढ़ करोड़ रुपये से थोड़ी ज्यादा में बनी है, लेकिन दो करोड़ रुपये में नहीं बनी। हमारा बजट दो करोड़ से कम ही रहा है। हम तीन प्रोड्यूसर्स हैं और हमने इसमें एक-तिहाई के हिसाब से योगदान दिया है। सवाल: निर्देशक ने पारंपरिक फीस लेने के बजाय प्रॉफिट-शेयरिंग मॉडल चुना। यह फैसला कैसे हुआ? जवाब: हमारे डायरेक्टर ने पारंपरिक तरीके से फीस लेने के बजाय प्रॉफिट शेयरिंग में हिस्सा लिया है। मुझे लगता है कि यह एक अलग और अच्छा मॉडल है। यह उनकी पहली फीचर फिल्म थी और उन्होंने बहुत अच्छी फिल्म बनाई। मेरी सोच यह है कि अगर फिल्म प्रॉफिट कमाती है तो उसमें निर्देशक की हिस्सेदारी होनी चाहिए। एक निर्माता के तौर पर हमें लगा कि यह उनके योगदान को सम्मान देने का सही तरीका है। सवाल: यानी शुरुआत से ही निर्देशक को सिर्फ फीस लेने वाले प्रोफेशनल के बजाय प्रोजेक्ट के पार्टनर की तरह देखा गया? जवाब: हां। अगर कोई व्यक्ति अपनी पहली फीचर फिल्म में इतना अच्छा काम कर रहा है और प्रोजेक्ट में उसका योगदान इतना महत्वपूर्ण है तो सफलता में उसका हिस्सा होना चाहिए। हमारे लिए यह उचित मॉडल था। सवाल: जब आपने ‘हनुमान अंश’ शुरू की थी, तब क्या आपने सोचा था कि यह इतना बड़ा कमर्शियल प्रोजेक्ट बन सकता है? जवाब: बिल्कुल नहीं। मेरे लिए यह कमर्शियल प्रोजेक्ट से ज्यादा एक इमोशनल प्रोजेक्ट था। मैं इसे फाइनेंशियल प्रोजेक्ट की तरह लेकर नहीं आई थी। मेरी ज्यूरिख में नौकरी लग गई थी और वहां मुझे सैलरी मिलने वाली थी। लेकिन मैंने वह रास्ता छोड़कर वापस आने और इस फिल्म के लिए काम करने का फैसला किया। अपनी सेविंग्स भी इसमें लगाईं। इसलिए शुरुआत में मेरा सवाल यह नहीं था कि फिल्म कितनी कमाई करेगी। मेरी सबसे बड़ी इच्छा थी कि लोग महाराज जी के बारे में जानें और खासकर बच्चे उनके बारे में जानें। सवाल: तो निवेश करते समय रिटर्न आपकी पहली प्राथमिकता नहीं था? जवाब: नहीं। जाहिर है, फिल्म महंगा माध्यम है और हर निर्माता चाहता है कि उसका निवेश वापस आए। लेकिन इस फिल्म के मामले में मेरी शुरुआती प्राथमिकता अलग थी। मैं चाहती थी कि यह कहानी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। मुझे कोई ऐसी एक्सपेक्टेशन नहीं थी कि फिल्म इतनी बड़ी हिट होगी या इतने रिकॉर्ड बनाएगी। अगर आप शुरुआत में सिर्फ नंबर सोचकर फिल्म बनाते हैं तो शायद आपकी प्राथमिकताएं अलग हो जाती हैं। सवाल: अब जब फिल्म को दर्शकों का प्यार मिल चुका है, क्या अगले पार्ट में बड़े स्टार्स को लेने का दबाव महसूस होता है? जवाब: जरूरी नहीं। कोई सुपरस्टार अपने साथ अनुभव और क्राफ्ट जरूर लेकर आता है, लेकिन सिर्फ स्टार पावर से ‘हनुमान अंश’ नहीं चल सकती। इस फिल्म की खूबसूरती इसकी सादगी में है। हमारे कई कलाकार पहली बार फीचर फिल्म कर रहे थे। यहां तक कि हमारे कलाकारों में से एक असिस्टेंट डायरेक्टर भी हैं। इसलिए मैं उन सभी के काम और मेहनत की बहुत इज्जत करती हूं। मेरी इच्छा है कि इन कलाकारों को आगे भी काम मिले। उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई है और उनके लिए भी यह फिल्म एक महत्वपूर्ण शुरुआत रही है। सवाल: क्या इसका मतलब है कि अगले पार्ट में मौजूदा कास्ट को बरकरार रखने की कोशिश होगी? जवाब: यह पूरी तरह कहानी पर निर्भर करेगा। कास्ट रिटेन होगी या बदलेगी, यह हमारे डायरेक्टर के विजन और कहानी की जरूरत तय करेगी। सिर्फ इसलिए किसी कलाकार को नहीं बदला जाएगा कि अब फिल्म सफल हो गई है और हमें बड़े नाम चाहिए। अगर किसी कहानी में किसी नए कलाकार की जरूरत होगी तो उसे लिया जाएगा और अगर मौजूदा कलाकार उस किरदार के लिए सही होंगे तो वे भी रहेंगे। हमारे लिए कास्टिंग का आधार कहानी है, स्टार पावर नहीं। सवाल: तीन फिल्मों की योजना के पीछे क्या सबसे बड़ा कारण यही है कि महाराज जी की कहानी का संसार बहुत विस्तृत है? जवाब: हां, यही सबसे बड़ी वजहों में से एक है। उनके जीवन और लीलाओं से जुड़ी सामग्री इतनी विस्तृत है कि उसे एक फिल्म में समेटना संभव नहीं है। इसलिए जब हमने शुरुआत की थी तभी यह महसूस हुआ था कि अगर इस कहानी को सही तरीके से कहना है तो इसे कई हिस्सों में आगे ले जाना होगा। लेकिन हर पार्ट सिर्फ पिछली फिल्म की सफलता का विस्तार नहीं होगा। कहानी की अपनी जरूरत होगी, उसका अपना संसार होगा और उसी के हिसाब से फिल्म का स्केल, बजट और कास्ट तय होगी। हमारी कोशिश यही रहेगी कि जैसे पहली फिल्म में हमने बिना फिजूलखर्ची के कहानी की आत्मा को बचाया, वैसे ही आगे भी बड़ा करने और बेहतर करने के बीच का फर्क समझते हुए काम करें।
प्रसाद समझकर 3 तोले की सोने की चेन निगल गया बैल, 15 दिन बाद सर्जरी से निकली
महाराष्ट्र के मालेगांव तालुका के वनपत गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
सलमान खान मंगलवार देर रात मुंबई के एक रिकॉर्डिंग स्टूडियो के बाहर स्पॉट किए गए। टीवी शो बिग बॉस में पैपराजी की आलोचना के बाद उन्होंने पहली बार रुककर फोटोग्राफर्स को पोज दिए। सलमान काउबॉय लुक में नजर आए। उन्होंने जींस, ब्लैक शर्ट और सिर पर हैट पहनी थी। स्टूडियो पहुंचने पर उनके साथ सिक्योरिटी टीम भी थी। अंदर जाने से पहले सलमान रुके और पैपराजी को तस्वीरें लेने दीं। सलमान पैपराजी के पास आने का इंतजार करते दिखे। वहीं, सलमान को इससे पहले सोमवार को बांद्रा में स्पॉट किया गया था और वह बिना रुके सीधे कार में जाकर बैठ गए थे। सलमान ने एक नजर पैपराजी की ओर देखा और तुरंत नजरें फेरते हुए आगे बढ़ गए थे। सलमान ने पैपराजी के रवैये पर नाराजगी जताई थी ‘बिग बॉस 20’ में सलमान खान ने पैपराजी पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो गलत एंगल से लेने पर सवाल उठाए थे। सलमान ने कहा था कि कई बार कैमरे महिलाओं की टांगों और पीछे से तस्वीरें लेने पर फोकस करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला इससे असहज है, तो उसे इसका विरोध करना चाहिए। सलमान ने सई मांजरेकर और नेहा धूपिया का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि नेहा भी ऐसे मामलों में पैपराजी पर नाराज हो चुकी हैं। सलमान ने सवाल किया कि महिलाओं की ऐसी तस्वीरों के साथ ‘पहचानो ये कौन है’ जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। उन्होंने महिलाओं से ऐसे मामलों में विरोध करने की अपील की। सलमान ने कहा कि बिग बॉस के घर में 108 कैमरे लगे हैं, लेकिन वहां महिलाओं को गलत एंगल से शूट नहीं किया जाता। पूरी खबर यहां पढें… ऐश्वर्या राय बच्चन पेरिस से भारत लौटीं ऐश्वर्या राय बच्चन मंगलवार रात पेरिस फैशन वीक से लौटकर भारत पहुंचीं। एयरपोर्ट पर उन्होंने इंतजार कर रहे पैपराजी से बात भी की। ऐश्वर्या ने पैपराजी को साथ में फोटो लेने के लिए बुलाया। उन्होंने एक फैन को ऑटोग्राफ भी दिया और फिर सभी के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई। ऐश्वर्या ने पैपराजी से कहा, आओ सभी लोग एक फोटो लेते हैं। चलिए, यह सब बंद करते हैं और ग्रुप में आइए। ट्रेंच कोट और ओवरफ्लेयर जींस में दिखीं भारत लौटते समय ऐश्वर्या ने सिंपल और बड़ा ट्रेंच कोट पहना था। इसके साथ उन्होंने ओवरफ्लेयर जींस और टॉप पहना। उन्होंने सिर पर सनग्लासेस लगाए थे। फैशन वीक में इन सितारों के साथ पहुंचीं ऐश्वर्या पेरिस फैशन वीक में इंडस्ट्री के कई बड़े नामों के साथ शामिल हुई थीं। इनमें उनकी करीबी दोस्त ईवा लॉन्गोरिया भी थीं। कार्यक्रम में केंडल जेनर, जेन फोंडा, सेलीन डियोन, हेइडी क्लम और वियोला डेविस भी शामिल हुईं। कारा डेलेविंग्ने, एंडी मैकडॉवेल, मीका अब्दाला और सिमोन एशली भी वहां मौजूद थीं। इनके अलावा कई अन्य सितारे भी फैशन वीक में पहुंचे। ब्लैक वेलवेट गाउन में रैंप वॉक किया फैशन इवेंट के लिए ऐश्वर्या ने 3D फ्रिंज एम्ब्रॉयडरी वाला ब्लैक वेलवेट गाउन पहना था। उन्होंने इसके साथ क्रिस्टल से सजा लंबा वेलवेट केप पहना। उन्होंने डायमंड टियारा और कई डायमंड रिंग्स से अपना लुक पूरा किया। रैंप वॉक के लिए उन्होंने पंप्स पहने थे। कार्यक्रम में ऐश्वर्या बाकी सितारों के साथ रैंप पर चलती दिखीं। एक वीडियो में वह केंडल जेनर का हाथ पकड़े नजर आईं। दूसरे वीडियो में वह ‘ब्रिजर्टन’ स्टार सिमोन एशली से उत्साह के साथ बात करती दिखीं। देखिए पेरिस फैशन वीक से ऐश्वर्या राय की वॉक और लुक- पेरिस फैशन वीक के बारे में- पेरिस फैशन वीक दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फैशन आयोजनों में से एक है। यहां दुनिया के बड़े फैशन ब्रांड अपने नए कलेक्शन पेश करते हैं। इसे फैशन इंडस्ट्री में नए ट्रेंड्स और डिजाइन की दिशा तय करने वाले आयोजनों में गिना जाता है। पेरिस फैशन वीक साल में चार बार आयोजित होता है। मौसम के मुताबिक कलेक्शन दिखाया जाता है।
ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर The Vvaan का हुआ कमबैक, छठी मैया की कृपा से मंगलवार को हुई धनवर्षा
अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की लेटेस्ट फिल्म द वन ने मंगलवार को शानदार कलेक्शन किया है।
फिल्म निर्माता वाशु भगनानी लंदन के एक अस्पताल में भर्ती हैं। यह जानकारी न्यूज एजेंसी ANI ने मंगलवार को दी। वाशु ब्रिटेन में रहते हैं। उनकी तबीयत खराब होने की वजह अभी सामने नहीं आई है। ANI के मुताबिक, संपर्क करने पर उन्होंने अकेला छोड़ने को कहा। वाशु के अस्पताल में भर्ती होने की खबर आयकर विभाग की कथित तलाशी के कुछ दिन बाद आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग ने वाशु और उनकी बहू और एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से जुड़े 12 ठिकानों पर तलाशी ली थी। 12 ठिकानों पर तलाशी की रिपोर्ट सोमवार को टीवी9 ने बताया था कि आयकर विभाग ने संदिग्ध फंड गड़बड़ी को लेकर 12 ठिकानों पर तलाशी शुरू की है। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच इस बात की भी हो रही है कि फिल्म प्रोजेक्ट्स की फंडिंग के नाम पर कथित तौर पर पैसा विदेश भेजा गया या नहीं। कई टीमों के दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और कथित विदेशी लेन-देन की जांच करने की बात कही गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि आयकर विभाग ने कुमार मंगत की अगुआई वाले पैनोरमा स्टूडियोज से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली। वहीं, वाशु और रकुल ने आयकर विभाग की तलाशी की खबरों पर अब तक कोई रिएक्शन नहीं दिया। वाशु भगनानी और पूजा एंटरटेनमेंट वाशु भगनानी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने 1986 में पूजा एंटरटेनमेंट की शुरुआत की थी। वहीं, 1995 में गोविंदा की फिल्म ‘कुली नंबर 1’ से उन्होंने बतौर निर्माता करियर शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘हीरो नंबर 1’, ‘बीवी नंबर 1’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’ और ‘रहना है तेरे दिल में’ जैसी कई फिल्में बनाईं। हाल के वर्षों में पूजा एंटरटेनमेंट की बॉक्स ऑफिस पर कमाई घटती गई। ‘बड़े मियां छोटे मियां’ और ‘बेल बॉटम’ जैसी बड़े बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। वाशु के बेटे जैकी भगनानी ने 2009 में फिल्म ‘कल किसने देखा’ से एक्टर के तौर पर करियर शुरू किया था। 2011 में उन्हें फिल्म 'फालतू' (F.A.L.T.U) से पहचान मिली। कई फिल्में सफल नहीं होने के बाद जैकी भी फिल्म निर्माण में आ गए। 2016 में उन्होंने पूजा एंटरटेनमेंट में अपने पिता वाशु के साथ काम शुरू किया। वाशु और रमेश तौरानी का विवाद सामने आया था इससे पहले मई महीने में वाशु भगनानी, रमेश तौरानी और निर्देशक डेविड धवन के बीच 1999 की फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ के गानों को लेकर विवाद सामने आया था। वाशु भगनानी ने आरोप लगाया था कि फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में ‘चुनरी चुनरी’ और ‘इश्क सोना है’ का इस्तेमाल बिना उनकी अनुमति किया गया। उन्होंने ₹400 करोड़ का मुकदमा दायर किया था। वाशु का दावा था कि गानों के ऑडियो राइट्स टिप्स के पास थे, लेकिन वीडियो और दूसरे अधिकार उनकी कंपनी के पास थे। उन्होंने यह भी कहा था कि ‘कुली नंबर 1’ से उन्हें ₹27 करोड़ का नुकसान हुआ था। वाशु ने डेविड धवन पर ‘बीवी नंबर 1’ के सीक्वल का वादा पूरा नहीं करने का आरोप भी लगाया था। वहीं रमेश तौरानी ने पुराने मतभेद सुलझने की बात कही थी, जिसे वाशु ने खारिज किया था। 2025 में कर्मचारियों ने बकाया भुगतान का आरोप लगाया था वाशु की कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट 2025 में भी खबरों में रही थी। कई कर्मचारियों ने महीनों तक बकाया भुगतान नहीं मिलने का आरोप लगाया था। उस समय ऐसी रिपोर्ट्स भी आई थीं कि वाशु ने आर्थिक स्थिति संभालने के लिए ऑफिस की जगह बेच दी थी। हालांकि, बाद में वाशु ने इन दावों से इनकार करते हुए कहा था कि उन्होंने बिल्डिंग को बेचा नहीं, बल्कि रीडेवलप किया था।
उर्वशी रौतेला की टीम ने मंगलवार, 29 सितंबर को एक लॉस एंजिलिस स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी पर कानूनी कार्रवाई की बात कही। टीम का आरोप है कि कंपनी ने उनकी अनुमति के बिना उनका नाम, तस्वीरें और वीडियो इस्तेमाल किए। टीम ने बताया कि इस मामले में ₹7,000 करोड़ के हर्जाने का दावा किया जा रहा है। बॉलीवुड.AI के फाउंडर और CEO शीराज हसन ने इस दावे को हास्यास्पद बताया। क्या है पूरा मामला? दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब लॉस एंजिलिस स्थित कंपनी बॉलीवुड.AI ने उर्वशी रौतेला का एक इंटरव्यू लिया। इंटरव्यू के दौरान उनसे पूछा गया था, बॉलीवुड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आपके क्या विचार हैं? उर्वशी ने इसका जवाब देते हुए कहा, बॉलीवुड? मुझे लगता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कुछ ऐसा है जिससे बॉलीवुड जूझ रहा है और बॉलीवुड कुछ ऐसा है जिसे मैं प्यार करती हूं। इसलिए मैं बॉलीवुड से प्यार करती हूं। इस इंटरव्यू के वायरल होने के बाद, मंगलवार को टीम उर्वशी रौतेला ने इंस्टाग्राम पर एक आधिकारिक बयान जारी कर लॉस एंजिलिस की इस AI कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए। बयान में कहा गया, हम उचित कानूनी उपाय अपना रहे हैं। इसमें लॉस एंजिलिस स्थित कंपनी से फिलहाल ₹7,000 करोड़ के हर्जाने की मांग शामिल है। टीम ने आगे कहा, अपनी AI कंपनी बनाइए। अपना ब्रांड बनाइए। लेकिन अनुमति के बिना उर्वशी का नाम अपने कारोबार में शामिल न करें। टीम उर्वशी। शीराज हसन ने दावे पर जवाब दिया एक इंस्टाग्राम पोस्ट में बॉलीवुड.AI और हॉलीवुड.AI के फाउंडर और CEO शीराज हसन ने इन दावों पर प्रतिक्रिया दी। पोस्ट के कैप्शन में इसे हास्यास्पद बताया गया। शीराज हसन ने कहा, उर्वशी, हमने आपके मुंह में ये शब्द नहीं डाले थे। मेरा सुझाव है कि आप जवाब देने से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बॉलीवुड के मनोरंजन कारोबार के भविष्य के बारे में खुद को शिक्षित करें। उन्होंने आगे कहा, बॉलीवुड.AI और हॉलीवुड.AI मनोरंजन का भविष्य हैं। AI फिल्में, वर्टिकल ड्रामा और ऐसे डिजिटल सितारे, जो कभी बूढ़े नहीं होते, कई भाषाएं बोलते हैं, 24 घंटे काम करते हैं और जिनका कोई अहंकार नहीं होता। उन्होंने कहा, आप अपने जवाब से लड़ सकती हैं, लेकिन आने वाले बदलाव से नहीं लड़ सकतीं। इसे अपनाइए। बॉलीवुड में मनोरंजन उद्योग का विकास हो रहा है।
अजय देवगन स्टारर फिल्म 'दृश्यम 3: द कंक्लुजन' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। मद्रास हाईकोर्ट में मेसर्स राजकुमार थिएटर प्राइवेट लिमिटेड ने मेसर्स वाइड एंगल क्रिएशंस के खिलाफ याचिका दायर कर फिल्म की वर्ल्डवाइड रिलीज और डिस्ट्रीब्यूशन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। कंपनी का आरोप है कि उनकी मंजूरी के बिना फिल्म का हिंदी वर्जन बनाना कॉपीराइट नियमों का उल्लंघन है। हालांकि मद्रास हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई टाल दी है। कोर्ट में मामला पेंडिंग होने के बावजूद फिल्म की एडवांस बुकिंग तेजी से चल रही है। फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप, कोर्ट ने सुनवाई टाली मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस के. कुमारेश बाबू की बेंच के सामने इस मामले की सुनवाई हुई। दृश्यम 3 के खिलाफ याचिका में कहा गया है कि जब तक कॉपीराइट से जुड़ा मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) का मामला नहीं सुलझ जाता, तब तक फिल्म को दुनियाभर में प्रदर्शित न किया जाए। कंपनी का दावा है कि उनके पास फिल्म के एडेप्टेशन राइट्स और कॉपीराइट अधिकार हैं, जिनका उल्लंघन करके यह हिंदी रीमेक बनाया गया है। 18 करोड़ रुपए पार पहुंची एडवांस बुकिंग कानूनी विवाद के बीच फिल्म की एडवांस बुकिंग को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक,इस फिल्म ने एडवांस बुकिंग में 18.48 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। ब्लॉक सीट्स को हटा दें तो यह आंकड़ा 12.21 करोड़ रुपए है। अब तक 21,281 शो के लिए करीब 4.77 लाख टिकट बिक चुके हैं। फिल्म के 24 शो पूरी तरह से हाउसफुल हो चुके हैं। ट्रेड एनालिस्ट्स के मुताबिक देश के प्रमुख बाजारों में एडवांस बुकिंग के आंकड़े काफी मजबूत हैं। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, फिल्म भारत में पहले दिन 40 करोड़ रुपए से ज्यादा का नेट कलेक्शन कर सकती है। स्टार कास्ट और फिल्म का बैकग्राउंड फिल्म 'दृश्यम 3: द कंक्लुजन' में अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में उनके साथ तबु, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव, रजत कपूर और प्रकाश राज अपनी पुरानी भूमिकाओं में लौट रहे हैं। इस पार्ट में जयदीप अहलावत की भी एंट्री हुई है। यह फ्रेंचाइजी अपनी सस्पेंस थ्रिलर कहानी के लिए जानी जाती है, जिसके पहले दोनों पार्ट बॉक्स ऑफिस पर सफल रहे थे। आखिर वक्त पर अक्षय खन्ना ने फिल्म छोड़ी इससे पहले एक्टर अक्षय खन्ना के आखिरी वक्त पर शूटिंग छोड़ने को लेकर यह फिल्म चर्चा में रही थी। 'दृश्यम 3' के लेखक और निर्देशक अभिषेक पाठक ने बताया था कि अजय देवगन के साथ अक्षय खन्ना के सीन शूट होने से हफ्ते भर पहले उन्होंने प्रोजेक्ट छोड़ दिया था। इसके बावजूद मेकर्स ने शूटिंग टालने के बजाय तीन दिन के भीतर स्क्रिप्ट दोबारा लिखी। अक्षय खन्ना के रोल को नए कैरेक्टर में बदलकर जयदीप अहलावत को कास्ट किया गया। ‘दृश्यम’ की कहानी अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ 31 जुलाई 2015 को रिलीज हुई थी। निशिकांत कामत के निर्देशन में बनी यह फिल्म मलयालम फिल्म ‘दृश्यम’ की हिंदी रीमेक थी। फिल्म में अजय देवगन के साथ तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। कहानी गोवा में रहने वाले विजय सालगांवकर के परिवार की है। विजय चौथी कक्षा तक पढ़ा है और केबल ऑपरेटर का काम करता है। उसे फिल्में देखने का बहुत शौक है। वह फिल्मों से कई चीजें सीखता भी है।विजय की जिंदगी तब बदल जाती है, जब उसकी बड़ी बेटी अंजू के साथ एक गंभीर घटना होती है। पुलिस अधिकारी मीरा देशमुख का बेटा सैम अंजू को परेशान और ब्लैकमेल करता है। इसी दौरान एक हादसे में अंजू के हाथों सैम की मौत हो जाती है। अपने परिवार को जेल जाने से बचाने के लिए विजय एक बड़ी योजना बनाता है। वह परिवार के साथ मिलकर ऐसी कहानी तैयार करता है, जिससे पुलिस को लगे कि वे 2 और 3 अक्टूबर को गोवा से बाहर थे। विजय होटल की बुकिंग, फिल्म देखने के टिकट और दूसरे सबूतों के जरिए अपनी कहानी को मजबूत करता है। मीरा देशमुख को पूरा शक विजय के परिवार पर होता है। पुलिस बार-बार पूछताछ करती है और परिवार पर दबाव बनाती है। लेकिन विजय हर सवाल का जवाब अपनी बनाई कहानी के हिसाब से देता है। फिल्म का सबसे बड़ा सस्पेंस यही है कि क्या पुलिस विजय के परिवार तक पहुंच पाएगी? आखिर में विजय अपने परिवार को बचाने में कामयाब होता है। ‘दृश्यम 2’ की कहानी ‘दृश्यम 2’ का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया था। फिल्म 18 नवंबर 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। कहानी पहली फिल्म की घटनाओं के 7 साल बाद शुरू होती है। विजय सालगांवकर अब पहले से ज्यादा अमीर हो चुका है। उसका अपना सिनेमाघर है और वह फिल्म बनाने का सपना देख रहा है। हालांकि, उसके परिवार के लिए सैम की मौत का राज अभी भी डर बना हुआ है। कहानी में बड़ा मोड़ तब आता है, जब पुलिस को एक नया गवाह मिलता है। वह दावा करता है कि उसने घटना वाली रात विजय को पुलिस स्टेशन के पास देखा था। इसके बाद सैम की मौत का केस दोबारा खुल जाता है। इस बार जांच की जिम्मेदारी आईजी तरुण अहलावत के पास आती है। अक्षय खन्ना का किरदार निभा रहे तरुण बेहद चालाक पुलिस अफसर हैं। वह विजय और उसके परिवार को फंसाने के लिए एक पक्का प्लान बनाता है। पुलिस विजय के घर के आंगन से सैम का कंकाल भी बरामद कर लेती है। फॉरेंसिक रिपोर्ट भी परिवार के खिलाफ जाती है। विजय को गिरफ्तार कर लिया जाता है और ऐसा लगता है कि अब उसका बचना मुश्किल है। लेकिन विजय एक बार फिर अपनी समझदारी और फिल्मों से सीखे ज्ञान का इस्तेमाल करता है। वह कोर्ट में ऐसा सबूत पेश करता है, जिससे पुलिस को मिला कंकाल सैम का नहीं, बल्कि किसी और का साबित होता है। आखिर में विजय एक बार फिर अपने परिवार को बचा लेता है।
एक्ट्रेस से राजनेता बनीं कंगना रनोट पर फिल्म क्रिटिक राजीव मसंद ने कहा है कि वो अब सिर्फ एक मजाक बन चुकी हैं। उन्होंने ये भी कहा है कि वो कंगना को फिल्मों में एक्टिंग करते देखना मिस करते हैं। बता दें कि राजीव मसंद और कंगना रनोट का विवाद पुराना है। दरअसल, कुछ सालों पहले राजीव मसंद ने पत्रकारिता से संन्यास लिया और करण जौहर की धर्मा कॉर्नरस्टोन एजेंसी (DCA) में बतौर COO (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) काम करने लगे। इस पर कंगना ने उन्हें चापलूस, चमचा और उनके खिलाफ जहरीली बातें लिखने वाला कहा। कंगना ने लिखा था, ‘राजीव ने सुशांत और मेरे बारे में सबसे जहरीली और बेबुनियाद बातें लिखीं। वह खुलेआम औसत दर्जे के स्टार किड्स की चापलूसी करता था और वाकई अच्छी फिल्मों को नेगेटिव रिव्यू देता था। पत्रकार रहते हुए भी वह हमेशा करण जौहर का चमचा बना रहा। अच्छा हुआ कि उसने पत्रकारिता का मुखौटा उतार दिया और आधिकारिक तौर पर करण जौहर के साथ जुड़ गया।’ इससे पहले भी सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद कंगना ने एक इंटरव्यू में करण जौहर, आदित्य चोपड़ा, राजीव मसंद पर बॉलीवुड के कैंप चलाने का आरोप लगाया था। कंगना ने कहा था कि सुशांत के मामले में मुंबई पुलिस को इनसे पूछताछ करनी चाहिए। ये इस तरह का इकलौता मामला नहीं है जब कंगना ने सरेआम किसी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े शख्स से सरेआम पंगा लिया है। इससे पहले भी वो तापसी पन्नू, दिलजीत दोसांझ, जावेद अख्तर जैसे लोगों से भिड़ चुकी हैं। पढ़िए विवादों की कहानी- तापसी पन्नू वर्सेस कंगना सस्ती कॉपी कहा, परवरिश पर सवाल उठाए तापसी पन्नू और कंगना रनोट के विवाद की शुरुआत 2018-19 के आसपास हुई। तापसी ने फिल्म 'मनमर्जियां' के प्रमोशन के दौरान कहा था कि कंगना को अपनी बात कहने के लिए फिल्टर की जरूरत है। 2019 में तापसी ने कंगना की फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ के ट्रेलर की तारीफ की, लेकिन कंगना का नाम नहीं लिया। इस पर कंगना की बहन रंगोली चंदेल ने तापसी को ‘सस्ती कॉपी’ कह दिया था। 2020 में सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद बॉलीवुड में नेपोटिज्म को लेकर बहस तेज हुई। इसी दौरान कंगना ने तापसी और स्वरा भास्कर को ‘बी-ग्रेड एक्ट्रेस’ कहा। कंगना ने कहा था कि दोनों आउटसाइडर होने के बावजूद नेपोटिज्म का समर्थन करती हैं। तापसी ने इस पर कहा था कि आउटसाइडर्स को आपस में नहीं लड़ना चाहिए। दोनों की सोशल मीडिया पर लंबी बहस हुई। हाल ही में इंडिया टुडे से बातचीत में तापसी से पूछा गया कि क्या उन्होंने और कंगना ने अपने मतभेद सुलझा लिए हैं। तापसी ने कहा कि वह कंगना से कभी नहीं मिलीं और कथित विवाद शुरू होने से पहले भी उनकी मुलाकात नहीं हुई थी। तापसी ने आगे कहा कि मेरी उनके बारे में राय मेरी परवरिश, मेरे बात करने के तरीके और चीजों को देखने के नजरिए को दिखाती है। वह अपने नजरिए पर कायम हैं। तापसी के इस बयान पर कंगना ने शनिवार शाम बिना नाम लिए एक पोस्ट शेयर की। उन्होंने लिखा, ‘एक सस्ती कॉपी अपनी आने वाली B-ग्रेड फिल्म को लेकर भी हमेशा की तरह मीडिया में सिर्फ हेडलाइन बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन आज उन्होंने सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने मेरी परवरिश और मेरे माता-पिता का बेहद बेशर्मी से मजाक उड़ाया।’ एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ‘मुझे लगता है कि सभी माता-पिता अपने बच्चों के लिए अपना बेस्ट करते हैं। मैं कभी किसी बहस में माता-पिता को नहीं लाती, लेकिन आज मैं उनके माता-पिता से भी पूछना चाहती हूं कि वे मेरे माता-पिता की तरह कोई ओरिजिनल इंसान क्यों नहीं पैदा कर सके? इतनी सस्ती कॉपी क्यों? आपकी कोशिशों के लिए मुझे अफसोस है।’ कंगना रनोट वर्सेस स्वरा भास्कर कंगना ने कहा बी ग्रेड एक्ट्रेस, स्वरा ने शेयर कर दिए आइटम सॉन्ग के लिंक कंगना ने तापसी पन्नू के साथ स्वरा को भी बी-ग्रेड कहा। कंगना ने कहा कि उन्हें बिजली बिल भरने की चिंता होती है। इसके बाद से ही स्वरा भास्कर और कंगना की सोशल मीडिया पर बहस होने लगी। विवादित बयान के बाद एक बार कंगना ने पोस्ट कर लिखा कि कटरीना, दीपिका जैसी एक्ट्रेस आइटम सॉन्ग करती हैं और वो आइटम सॉन्ग ठुकराने वाली इकलौती एक्ट्रेस हैं। इस पर स्वरा ने फिल्म रज्जो में कंगना पर फिल्माए गए आइटम सॉन्ग का लिंक शेयर कर दिया था। कंगना ने जवाब में लिखा, जब भी कभी मैं A-लिस्टर्स पर सवाल उठाती हूं, तब ये B-ग्रेड्स सिपाही की तरह उनके बचाव में आ जाते हैं। आइटम नंबर ऐसा गीत है, जिसका फिल्म की कहानी से कुछ लेना-देना नहीं है। इसमें महिलाओं के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। मैंने नाच गर्ल का किरदार निभाते हुए भी इस बात का ध्यान रखा कि यह महिलाओं के लिए अपमानजनक न हो। कंगना ने आगे लिखा, ये B-ग्रेड्स नहीं समझेंगे। लेकिन मैंने संजय लीला भंसाली और फराह खान को भी आइटम सॉन्ग करने से मना किया है, जिन्होंने कुछ A-लिस्टर्स को रातोंरात सेंसेशन बना दिया। आज मैं जो भी हूं, उसके लिए बहुत कुछ दांव पर लगाया है। वापस बी-ग्रेड लकड़बग्घों पर आते हैं। अगर ये डायरेक्टर आपको पीछे से गुजरने का भी ऑफर दें तो आप रेंगते हुए चले जाओगे। कंगना रनोट वर्सेस दिलजीत दोसांझ किसान आंदोलन पर सिंगर को कहा करण जौहर का पालतू दिसंबर 2020 में किसान आंदोलन के समय कंगना ने एक बूढ़ी सिख महिला को शाहीन बाग का प्रोटेस्टर बताया था और कहा कि 100 रुपए में प्रदर्शन करने आ जाती हैं। दिलजीत जो प्रोटेस्ट का समर्थन कर रहे थे, उन्होंने एक के बाद एक पोस्ट करनी शुरू कर दी। एक पोस्ट में दिलजीत ने लिखा, ढेले की अक्ल नहीं है तुमको, हमारी मांओं को तुमने 100 रुपए वाली कहा। बॉलीवुड की धमकी देकर किसी और को डराना जाकर। हम यहां बात करने ही जमे हैं। तू बॉलीवुड वालों को बोलती रहना। दूसरी पोस्ट में दिलजीत कहते हैं- बोलने की तमीज नहीं है तुझे कि किसी की मां-बहन को क्या कहना है। औरत होकर तू दूसरों को 100-100 रुपए वाला कहती है। हमारे पंजाब की मांएं हमारे लिए भगवान हैं। कंगना ने जवाब में दिलजीत को करण जौहर का चमचा कहते हुए कई आपत्तिजनक बयान दिए। दोनों की सोशल मीडिया पर हुई बहस काफी चर्चा में रही थी। कंगना रनोट वर्सेस उर्मिला मातोंडकर उर्मिला को कहा सॉफ्ट पोर्न स्टार, करारा जवाब मिला सितंबर 2020 में उर्मिला मातोंडकर और कंगना के बीच विवाद बॉलीवुड में ड्रग्स और फिल्म इंडस्ट्री की छवि को लेकर शुरू हुआ। कंगना ने बॉलीवुड के कई सेलेब्स को ड्रग लेने वाला कहा, इस पर उर्मिला ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री को बदनाम करने के बजाय वास्तविक मुद्दों पर बात होनी चाहिए। इसके बाद कंगना ने एक इंटरव्यू में उर्मिला को 'सॉफ्ट पॉर्न स्टार' कहा और उनकी एक्टिंग-फिल्मों पर सवाल उठाए। कंगना ने शिवसेना पार्टी से जुड़ने के बाद 3 करोड़ का दफ्तर खरीदने पर भी सवाल उठाए। उर्मिला ने जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने प्रॉपर्टी अपने पैसे से खरीदी है और इसके दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हैं। कुछ समय बाद उर्मिला ने कंगना को रुदाली कहा, जिससे वह भड़क गईं। आगे एक इंटरव्यू में उर्मिला ने कहा मैंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, उन पर मुझे कोई खेद नहीं है। मुझे समझ नहीं आता कि आखिर क्यों कोई इंसान हमेशा विक्टिम कार्ड खेलता रहता है। जब इंडस्ट्री में आपका इतना लंबा और बेहतरीन करियर हो, जहां से आपको सबकुछ मिला हो? कंगना रनोट वर्सेस सोना मोहापात्रा सोना बोलीं-सुशांत की मौत का फायदा उठा रही हैं सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही कंगना रनोट लगातार बॉलीवुड माफियाओं पर बयान दे रही थीं, जिसके बाद उन्होंने रिया पर भी कई ट्वीट किए थे। ये देखने के बाद सिंगर सोना मोहापात्रा ने कहा, कंगना ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म में एक्टर्स को गोल्ड डिगर, माफिया, सस्ती कॉपी और सोफ्ट पोर्न स्टार कह रही हैं और सुशांत की मौत का फायदा उठाकर मसीहा बनने की कोशिश कर रही हैं। सोना के कई ट्वीट आने के बाद कंगना ने उन्हें ब्लॉक कर दिया था। कंगना रनोट वर्सेस ऋतिक रोशन ऋतिक को कहा- सिली एक्स, स्टॉक करने के आरोप लगाए, कानूनी विवाद हुआ कंगना रनोट एक समय में फिल्म काइट और कृष 3 को स्टार ऋतिक रोशन के साथ रिलेशनशिप में रही थीं। ब्रेकअप के बाद आप की अदालत में पहुंचीं कंगना ने ऋतिक को सिली एक्स कहा और बताया कि ऋतिक उनके पीछे पड़े हुए थे और पार्टी में उनके लिए फ्लोर पर लोट-पोटकर डांस कर रहे थे। कुछ समय बाद साल 2016 में ऋतिक रोशन ने कंगना के खिलाफ स्टॉकिंग और हैरेसमेंट की शिकायत दर्ज की थी। केस होने के बाद कंगना ने ऋतिक पर काउंटर अटैक किया और कहा कि ऋतिक रोशन अपना अफेयर छिपाने के लिए ये सब कर रहे हैं, जिससे उन्हें तलाक में फायदा मिल सके। उस समय ऋतिक रोशन और सुजैन खान तलाक लेने वाले थे। कई महीनों तक चर्चा में रहे इस केस को कोर्ट ने सबूतों की कमी के चलते बंद कर दिया था। कंगना ने आप की अदालत में भी ऋतिक पर कई आरोप लगाए थे। कंगना रनोट वर्सेस जावेद अख्तर कंगना बोलीं- जावेद ने घर बुलाकर धमकाया, कोर्ट केस हुआ सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद कंगना रनोट ने बॉलीवुड इंडस्ट्री और कैंप कल्चर के खिलाफ भी कई बयान दिए थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि जब उनका ऋतिक रोशन से विवाद चल रहा था, तब जावेद अख्तर ने उन्हें अपने घर बुलाया था। कंगना ने दावा किया था कि जावेद अख्तर ने उन्हें धमकी दी थी कि ऋतिक को विवादों में न घसीटें। कंगना के इस बयान के बाद जावेद अख्तर ने 2020 में उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। 2 साल पहले कंगना ने कोर्ट में माफी मांगी, जिसके बाद ये केस बंद हुआ। कंगना ने सुलह के बाद जावेद अख्तर के साथ तस्वीर शेयर कर लिखा, 'आज मैंने और जावेद जी ने मानहानि केस में सुलह कर ली है। जावेद जी बहुत अच्छे हैं और उन्होंने मेरी बतौर डायरेक्टर अगली फिल्म के लिए गाने लिखने के लिए भी हां कर दी है।'
साल 1973 के आसपास का समय था। फिल्म ‘नमक हराम’ की शूटिंग चल रही थी। सेट पर एक गाना फिल्माया जा रहा था। सेट पर हिंदी सिनेमा के दो बड़े एक्टर अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना मौजूद थे, लेकिन शूटिंग के बीच दोनों टेलीफोन पर बात करने में व्यस्त हो गए। डायरेक्टर को यह बात पता चली तो उन्होंने कहा- “अच्छा! अभी मैं दोनों को देखता हूं।” इसके बाद उन्होंने दोनों को बुलाया, सामने बैठाया और डांटते हुए कहा- “तुम यहां काम करने आए हो या फोन करने के लिए?” इसके बाद डायरेक्टर ने चौकीदार को बुलाया और स्टूडियो का गेट बंद करवा दिया। साफ कह दिया गया कि जब तक गाने की शूटिंग पूरी नहीं होगी, कोई बाहर नहीं जाएगा। रात करीब साढ़े 12 बजे तक गाने की शूटिंग चलती रही। न कोई बाहर गया और न ही किसी को अंदर आने दिया गया। हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर ऋषिकेश मुखर्जी की। आज उनकी 104वीं बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी जिंदगी और फिल्मों से जुड़े कुछ ऐसे किस्से। मैथ्स-साइंस पढ़ाया, फिर फिल्म एडिटर बनेऋषिकेश मुखर्जी का जन्म 30 सितंबर 1922 को तत्कालीन कलकत्ता में हुआ था। उन्होंने कलकत्ता यूनिवर्सिटी से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। फिल्मों में आने से पहले कुछ समय तक उन्होंने गणित और विज्ञान भी पढ़ाया। फिल्मों की तरफ उनका झुकाव उन्हें कलकत्ता के न्यू थिएटर्स तक ले गया। यहां उन्होंने कैमरा और एडिटिंग का काम सीखा। इसके बाद 1951 में वह मुंबई पहुंचे और बिमल रॉय के साथ फिल्म एडिटर और असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। पहली फिल्म फ्लॉप, दूसरी फिल्म ने पहचान बना दी ऋषिकेश मुखर्जी ने 1957 में ‘मुसाफिर’ से बतौर निर्देशक शुरुआत की। फिल्म सफल नहीं रही। 1959 में आई फिल्म ‘अनाड़ी’ ने उन्हें पहचान दिलाई। फिल्म को पांच फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले और ऋषिकेश मुखर्जी खुद बेस्ट डायरेक्टर की दौड़ में थे, लेकिन यह पुरस्कार उनके गुरु बिमल रॉय को उनकी फिल्म ‘सुजाता’ के लिए मिला। इसके बाद ऋषि दा ने लगातार ऐसी फिल्में बनाईं जिनमें न तो कहानी के लिए बड़े-बड़े सेट जरूरी थे और न ही हर सीन में स्टार का दबदबा। उनके सिनेमा को अक्सर भारतीय मिडिल क्लास की बदलती जिंदगी से जोड़कर देखा गया। उनकी कहानियों में बड़े सामाजिक मुद्दे भी आए, लेकिन उनका तरीका बेहद सामान्य और घरेलू रहा। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘अनुराधा’, ‘छाया’, ‘असली-नकली’, ‘अनुपमा’, ‘आशीर्वाद’, ‘सत्यकाम’, ‘गुड्डी’, ‘आनंद’, ‘बावर्ची’, ‘अभिमान’, ‘नमक हराम’, ‘मिली’, ‘चुपके-चुपके’, ‘गोलमाल’ और ‘खूबसूरत’ शामिल हैं। ‘आनंद’ में किशोर कुमार को लेना चाहते थे ऋषि दाफिल्म ‘आनंद’ में राजेश खन्ना के किरदार को आज हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार किरदारों में गिना जाता है। हालांकि, इस भूमिका के लिए शुरुआत में किशोर कुमार का नाम सामने आया था, लेकिन किशोर कुमार फिल्म का हिस्सा क्यों नहीं बने, इसे लेकर दो अलग-अलग किस्से मिलते हैं। पहला किस्सा किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने विक्की लालवानी के साथ बातचीत में बताया था कि किशोर कुमार का एक बंगाली इवेंट मैनेजर से पैसों को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने अपने गार्ड को निर्देश दिया था कि किसी भी बंगाली व्यक्ति को अंदर न आने दिया जाए। इसी दौरान ऋषिकेश मुखर्जी किशोर कुमार से मिलने उनके घर पहुंचे। ऋषि दा खुद बंगाली थे। गार्ड ने उन्हें उसी इवेंट मैनेजर का व्यक्ति समझ लिया और गेट पर ही रोक दिया। जिसके चलते ऋषि दा किशोर कुमार से मिल नहीं पाए और लौट गए।वहीं, इसको लेकर एक दूसरा वर्जन भी है। गीतकार गुलजार ने अपनी किताब ‘एक्चुअली... आई मेट देम: ए मेमॉयर’ में लिखा था कि ‘आनंद’ में किशोर कुमार को लेकर बातचीत लगभग तय हो चुकी थी, लेकिन किशोर कुमार शायद यह गंभीर किरदार निभाने के मूड में नहीं थे। गुलजार के मुताबिक, शूटिंग से कुछ दिन पहले किशोर कुमार अचानक पूरी तरह गंजे होकर ऑफिस पहुंचे। वह वहां ऋषिकेश मुखर्जी को चिढ़ाते हुए नाचने-गाने लगे और कहने लगे- “अब क्या करोगे ऋषि?” ऐसे हुई ‘आनंद’ में राजेश खन्ना की एंट्री किशोर कुमार के साथ बात नहीं बन पाई तो ऋषिकेश मुखर्जी ने अगला विचार शशि कपूर को लेकर किया, लेकिन शशि कपूर के पास उस वक्त फिल्म के लिए जरूरी डेट्स नहीं थीं। ऋषि दा के सामने फिर सवाल था कि अब ‘आनंद’ का किरदार किसे दिया जाए। इसी दौरान एक दिन राजेश खन्ना उनके पास पहुंचे। उन्होंने ऋषिकेश मुखर्जी से कहा कि सुना है आप एक बहुत शानदार कहानी पर फिल्म बना रहे हैं और वह कहानी सुनना चाहते हैं। ऋषि दा ने साफ कहा कि वह अपनी फिल्मों की कहानी किसी को नहीं सुनाते, लेकिन फिर एक शर्त रखी कि अगर राजेश खन्ना फिल्म के लिए लगातार और पर्याप्त डेट्स दे सकते हैं, तो वह उन्हें कहानी सुनाने के लिए तैयार हैं। राजेश खन्ना ने हामी भर दी। जैसे ही उन्होंने कहानी सुनी, उन्हें किरदार पसंद आया और राजेश खन्ना फिल्म करने के लिए तैयार हो गए। बता दें कि राजेश खन्ना फिल्म के लिए अपनी सामान्य फीस लेने के बजाय कथित तौर पर मुंबई क्षेत्र के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स लिए। धर्मेंद्र ने शराब पीकर रातभर फोन किया निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने फिल्म आनंद में धर्मेंद्र को भी रोल ऑफर किया था। फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा खुद धर्मेंद्र ने कपिल शर्मा के शो में सुनाया था। धर्मेंद्र के मुताबिक, ऋषिकेश मुखर्जी ने एक फ्लाइट में उन्हें ‘आनंद’ की कहानी सुनाई थी। ऋषि दा ने उन्हें बताया था कि फिल्म में क्या होगा और उनके किरदार को किस तरह निभाया जाएगा। धर्मेंद्र को लगा था कि वह इस फिल्म का हिस्सा बनने वाले हैं। लेकिन कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि फिल्म राजेश खन्ना के साथ शुरू हो गई है। धर्मेंद्र इस फैसले से इतने नाराज हुए कि उन्होंने शराब पीने के बाद ऋषिकेश मुखर्जी को रातभर फोन किए। वह बार-बार पूछ रहे थे कि जब उन्हें कहानी सुनाई गई थी और भूमिका के बारे में बताया गया था, तो फिल्म राजेश खन्ना को क्यों दे दी गई। धर्मेंद्र ने बताया कि ऋषि दा फोन पर उनसे कहते रहे- ‘धरम, सो जा, सुबह बात करेंगे।’ लेकिन फोन कटते ही वह दोबारा कॉल कर देते थे और फिर वही सवाल पूछते थे। दिलचस्प बात यह है कि इस घटना के बाद दोनों के पेशेवर रिश्ते खराब नहीं हुए। धर्मेंद्र ने आगे चलकर ऋषिकेश मुखर्जी के साथ ‘गुड्डी’, ‘चुपके-चुपके’ जैसी फिल्मों में काम किया। ‘गुड्डी’ से 10 दिन बाद अमिताभ बच्चन को निकाल दिया ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म ‘गुड्डी’ (1971) जया भादुड़ी (जया बच्चन) की बतौर मुख्य अभिनेत्री पहली फिल्म थी इस फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा खुद अमिताभ बच्चन ने ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के मंच पर सुनाया था। अमिताभ ने बताया था कि उन्हें ‘गुड्डी’ में जया भादुड़ी के साथ हीरो के तौर पर कास्ट किया गया था। उन्होंने फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर दी थी, लेकिन करीब 10 दिन बाद ऋषिकेश मुखर्जी ने उन्हें फिल्म से हटा दिया। अमिताभ के मुताबिक, उस समय ‘गुड्डी’ के साथ-साथ ‘आनंद’ पर भी काम चल रहा था। ‘आनंद’ में राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे और ऋषि दा को उम्मीद थी कि फिल्म बड़ी हिट साबित होगी। ‘गुड्डी’ में जया का किरदार धर्मेंद्र का बहुत बड़ा फैन था। अमिताभ ने बताया कि ऋषिकेश मुखर्जी नहीं चाहते थे कि उनके सामने कोई ऐसा जाना-पहचाना चेहरा हो, जिसकी अपनी स्टार पहचान हो। उन्हें डर था कि इससे जया के किरदार की मासूमियत और उसके धर्मेंद्र-फैन होने वाली कहानी प्रभावित हो सकती है। इसलिए शूटिंग के करीब 10 दिन बाद ऋषि दा ने अमिताभ से कहा कि वह फिल्म छोड़ दें। साथ ही उन्होंने भरोसा दिया कि आगे वह उनके साथ जरूर काम करेंगे। बाद में अमिताभ की जगह समित भंजा को कास्ट किया गया। बिग बी और राजेश खन्ना को सेट पर बंद कर दियाइसी फिल्म की शूटिंग से जुड़ा एक और किस्सा ऋषिकेश मुखर्जी के सख्त कामकाजी अंदाज को दिखाता है।अभिनेता रजा मुराद ने बताया था कि ‘सूनी रे सेजरिया’ की शूटिंग के दौरान राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन फोन कॉल में व्यस्त हो गए थे। ऋषि दा ने दोनों को बुलाकर डांटा। इसके बाद उन्होंने चौकीदार को बुलाया और स्टूडियो का गेट लॉक करवा दिया। कहा गया कि जब तक गाना पूरा नहीं होगा, कोई सेट से बाहर नहीं जाएगा। रात करीब 12:30 बजे शूटिंग खत्म होने के बाद ही गेट खोला गया। ‘गोलमाल’ अपने ही घर में सिर्फ 40 दिन में बना दी1979 की ‘गोलमाल’ आज भी हिंदी सिनेमा की लोकप्रिय कॉमेडी फिल्मों में शामिल है। अमोल पालेकर, उत्पल दत्त, बिंदिया गोस्वामी और दीना पाठक जैसे कलाकारों वाली इस फिल्म को ऋषिकेश मुखर्जी ने बेहद सीमित संसाधनों में बनाया। फिल्म का लगभग पूरा हिस्सा ऋषिकेश मुखर्जी के बांद्रा स्थित बंगले ‘अनुपमा’ में शूट हुआ। घर के हॉल को भवानी शंकर के ऑफिस में बदला गया, ड्रॉइंग रूम को राम प्रसाद के घर की तरह इस्तेमाल किया गया और गार्डन में पार्टी का सीन फिल्माया गया। सबसे दिलचस्प बात यह कि फिल्म सिर्फ 40 दिनों में पूरी हो गई थी। ऋषिकेश मुखर्जी ने खुद बताया था कि वह बजट और कलाकारों की तारीखों को लेकर अनुशासन रखते थे, क्योंकि वह किसी और के पैसे से फिल्म बना रहे होते थे। व्हीलचेयर पर बैठकर दो फिल्में डायरेक्ट कींऋषिकेश मुखर्जी की जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया जब बीमारी ने उनकी शारीरिक क्षमता को प्रभावित किया। 1961 में उन्हें गंभीर आर्थराइटिस अटैक आया। इसके बावजूद उन्होंने काम नहीं छोड़ा। उन्होंने ‘अनुपमा’ और ‘असली-नकली’ का निर्देशन व्हीलचेयर से किया। अमिताभ-जया की शादी की खबर सबसे पहले मिलीअमिताभ बच्चन और जया भादुड़ी का रिश्ता भी ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्मों से जुड़ा हुआ है। दोनों पहली बार ‘गुड्डी’ के दौरान मिले थे।अमिताभ बच्चन ने बाद में अपने ब्लॉग में बताया था कि जब उन्होंने और जया ने शादी करने का फैसला किया, तो अपने माता-पिता के बाद जिन लोगों को यह खबर दी, उनमें ऋषिकेश मुखर्जी भी शामिल थे। राज कपूर और ऋषिकेश मुखर्जी की दोस्ती ऋषिकेश मुखर्जी और राज कपूर बहुत खास दोस्त थे। दोनों सोवियत संघ के दौरे के दौरान करीब आए थे। ऋषि दा के मुताबिक, वे वहां रातभर साथ बैठकर शतरंज खेला करते थे। ऋषिकेश मुखर्जी की पहली फिल्म ‘मुसाफिर’ सफल नहीं रही थी। इसके बाद उन्हें काम मिलने में परेशानी हो रही थी। ऐसे समय में राज कपूर और देव आनंद ने फिल्म निर्माता एल.बी. लछमन से ऋषिकेश को मौका देने की बात कही, जिसके बाद उन्हें ‘अनाड़ी’ निर्देशित करने का अवसर मिला। राज कपूर से जुड़ा एक और किस्सा ऋषिकेश मुखर्जी ने बताया था। लंदन में शूटिंग के दौरान जब राज को पता चला कि ऋषि दा होटल में ठहरे हैं, तो वे रात में उनसे मिलने पहुंचे। राज ने उन्हें अपने घर चलने को कहा। उस समय ऋषिकेश गंभीर गठिया से परेशान थे। राज कपूर ने कई दिनों तक उनकी देखभाल की, कंबल ओढ़ाया, दूध दिया और उनके साथ वक्त बिताया। बता दें कि 'आनंद' ऋषिकेश मुखर्जी और राज कपूर की गहरी दोस्ती से प्रेरित थी। राज कपूर की गंभीर बीमारी के दौरान ऋषि दा को अपने दोस्त को खोने का डर सताने लगा। इसी भाव से उन्होंने फिल्म की कहानी लिखी। राजेश खन्ना का आनंद सहगल किरदार राज कपूर के जिंदादिल स्वभाव पर आधारित था, जो बीमारी में भी दूसरों को हंसाते थे। वहीं, अमिताभ बच्चन का डॉ. भास्कर बनर्जी किरदार ऋषिकेश मुखर्जी से प्रेरित था। बीमारी के दौरान इंदिरा गांधी ने उनके घर बैठक रखी ऋषिकेश मुखर्जी सिर्फ बेहतरीन फिल्म निर्देशक ही नहीं, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री की योजना और नीतियों से भी जुड़े रहे। वे सेंसर बोर्ड यानी CBFC के चेयरमैन और नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NFDC) के चेयरमैन भी रहे। एक्टर अंजन श्रीवास्तव ने बताया था कि ऋषि दा प्लानिंग से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर भी थे। एक बार बीमार पड़ने पर इंदिरा गांधी ने उनके घर पर ही बैठक रखी, क्योंकि उनका शामिल होना जरूरी माना गया। टीवी शो ‘यस बॉस’ के बड़े फैन थे अभिनेता राकेश बेदी ने वरिंदर चावला के यूट्यूब चैनल पर ऋषिकेश मुखर्जी से जुड़ा भावुक किस्सा सुनाया था। उन्होंने बताया था कि ऋषि दा उनके टीवी शो ‘यस बॉस’ के बड़े फैन थे और हर दो महीने में उन्हें फोन कर शो की तारीफ करते थे। बीमारी के दौरान जब वह बिस्तर पर थे, तब भी टीवी पर ‘यस बॉस’ देखते और राकेश को फोन करते थे। आखिरी दिनों में उन्होंने राकेश को फोन कर कहा था कि यह शो रात 9 से 9:30 बजे आता है और मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि मुझे आधा घंटा नहीं उठाना, लेकर जाना तो इस आधे घंटे के बाद लेकर जाना। यह बात सुनकर राकेश बेदी पूरी रात रोए थे। ऋषिकेश मुखर्जी ने चार दशक से ज्यादा के करियर में उन्होंने 42 फिल्मों का निर्देशन किया। 27 अगस्त 2006 को मुंबई में 83 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था। ………………… यह खबर भी पढ़ें… नाव पलटी तो सुरैया को बचाने देव आनंद कूदे थे:शादी नहीं हुई तो पहली बार रोए, ‘गाइड’ को लेकर लोगों ने कहा था पागल साल 1943 की बात है। एक युवा लड़का अपने सपनों को पूरा करने के लिए लाहौर से मुंबई पहुंचा। जेब में सिर्फ 30 रुपए थे और रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं था। फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने का सपना था, लेकिन सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि मुंबई जैसे शहर में गुजारा कैसे हो। पूरी खबर यहां पढ़ें…
वेब सीरीज ‘दुपहिया’ का दूसरा सीजन नए ट्विस्ट और अंदाज के साथ आने वाला है। स्पर्श श्रीवास्तव एक बार फिर भूगोल के किरदार में नजर आएंगे, लेकिन इस बार उनका अंदाज अलग है। रेणुका शहाणे पुष्पलता के किरदार में कॉमेडी और व्यंग्य के नए रंग दिखाती नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों ने अपने किरदारों, ट्रोलिंग, सोशल मीडिया की नकारात्मकता, आत्मविश्वास और अलग तरह के किरदार चुनने पर बात की। रेणुका ने कहा कि लगातार नकारात्मकता पर ध्यान देने से इंसान डिप्रेशन तक पहुंच सकता है। वहीं स्पर्श ने कहा कि वह इमेज की परवाह करने के बजाय चुनौतीपूर्ण और उत्साहित करने वाले किरदार चुनना पसंद करते हैं। सवाल: स्पर्श, ‘दुपहिया 2’ में आपका किरदार भूगोल एक नए अंदाज में नजर आ रहा है। क्या कभी ऐसा हुआ है कि आपने कुछ और करने की सोची हो, लेकिन जिंदगी आपको किसी और दिशा में ले गई हो? जवाब:स्पर्श: बिल्कुल। मेरी डांस की शुरुआत ‘डोला रे डोला’ से हुई थी। मेरा पहला स्टेज परफॉर्मेंस भी इसी गाने पर था। मेरी मां ने अपने हाथों से अपनी साड़ी से मेरे लिए एक ड्रेस बनाई थी और मैंने वही पहनकर परफॉर्म किया था। मुझे लगता है कि जिंदगी अब एक तरह से पूरा चक्कर लगाकर वहीं आ गई है। आज मैं फिर ‘डोला रे डोला’ पर माधुरी दीक्षित के डांस मूव्स करने की कोशिश कर रहा हूं। यह मेरे लिए बहुत खास है। सवाल: रेणुका जी, पुष्पलता के किरदार में नेतृत्व के साथ-साथ व्यंग्य और कॉमेडी भी है। इसे निभाना कितना आसान या मुश्किल था? जवाब/रेणुका: यह आसान इसलिए था, क्योंकि जो मुझे लिखा हुआ मिला, उसे करने में बहुत मजा आया। हमारे क्रिएटर्स, डायरेक्टर और को-एक्टर्स के साथ काम करना भी अच्छा अनुभव रहा, इसलिए किरदार निभाना आसान हो गया। मुश्किल सिर्फ इतनी थी कि कहीं से भी यह नजर न आए कि मैं शहरी हूं। मैंने इससे पहले ऐसा किरदार नहीं किया था, इसलिए उस देसीपन को बनाए रखना चुनौती थी। सवाल: आपके हालिया प्रोजेक्ट्स में कॉमेडी, व्यंग्य और सर्काज्म का अंदाज देखने को मिल रहा है। क्या यह आपके लिए एक अलग तरह का अनुभव है? जवाब/रेणुका: बिल्कुल। सच कहूं तो मैं लंबे समय से कॉमेडी करना चाहती थी। जब मैंने अपने ब्रेक से पहले काम शुरू किया था, तब भी मेरा मन था कि मुझे अलग तरह के किरदार मिलें। लेकिन कलाकार वही कर सकता है, जिसका उसे अवसर मिलता है। उस समय मुझे ऐसा मौका नहीं मिला। अब जब लोग मुझे इन अलग तरह के किरदारों में स्वीकार कर रहे हैं, तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। सवाल: स्पर्श, कई कलाकार अपनी एक खास इमेज बनने के बाद उसी तरह के किरदार करने लगते हैं। क्या आपके लिए इमेज से बाहर निकलना एक सोच-समझकर लिया गया फैसला है? जवाब/स्पर्श: एक अभिनेता के तौर पर मैं हमेशा ऐसे किरदारों की तलाश में रहता हूं, जो मुझे उत्साहित करें। ‘दुपहिया’ में मुझे वही उत्साह भरपूर मिला। अगर कोई किरदार मुझे एक्साइट करता है, तो मैं यह नहीं सोचता कि उससे मेरी इमेज कैसी बनेगी। आज का समय ऐसा है, जब दर्शक कलाकारों में वर्सेटिलिटी देखना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि एक अभिनेता अलग-अलग किरदार निभाए। अगर मैं बार-बार एक ही तरह का किरदार करूंगा, तो दर्शक भी बोर हो जाएंगे। इसलिए मेरी कोशिश हमेशा यही रहती है कि अपने दर्शकों का मनोरंजन करता रहूं और उसी हिसाब से किरदार चुनूं। सवाल: भूगोल और असल जिंदगी के स्पर्श में क्या समानता और क्या अंतर है? जवाब/स्पर्श: मैं एक इंसान के तौर पर बहुत एक्सट्रीम हूं। या तो बहुत शांत रहता हूं या फिर बहुत ज्यादा बोलता हूं। मेरे व्यक्तित्व का लाउड हिस्सा भूगोल से काफी मिलता है। असल जिंदगी में मैं इतना लाउड नहीं हो सकता, वरना शायद मैं इस तरह यहां बैठकर इंटरव्यू भी नहीं दे पाता। लेकिन भूगोल के रूप में मुझे अपने उस हिस्से को खुलकर दिखाने का मौका मिलता है। वह जिस तरह बैठता है, जिस तरह बात करता है और जिस तरह अपनी बात रखता है, वह मेरे लिए काफी मजेदार है। सवाल: रेणुका जी, इंडस्ट्री में कलाकार के काम, सोच और लुक तक पर लगातार नजर रहती है। ऐसे में आत्मविश्वास और खुद पर भरोसा कितना जरूरी है? जवाब/रेणुका: मेरे हिसाब से आत्मविश्वास बहुत जरूरी है। अगर आपको बहुत ज्यादा तारीफ मिले तो घमंड नहीं करना चाहिए और अगर आलोचना मिले तो उससे निराश भी नहीं होना चाहिए। आपके अंदर इतना आत्मविश्वास होना चाहिए कि आप इन चीजों को जरूरत से ज्यादा महत्व न दें। आलोचना सुननी चाहिए, क्योंकि उसमें कुछ ऐसी बातें हो सकती हैं, जिनसे हम सीख सकते हैं। लेकिन नकारात्मकता को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। कई बार लोग बहुत बुरी तरह ट्रोल करते हैं या असहमति बहुत आक्रामक तरीके से जताते हैं। हमें उस पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। आत्मविश्वास इसलिए जरूरी है, क्योंकि लगातार नकारात्मकता इंसान को प्रभावित कर सकती है। सवाल: आपके लंबे करियर में कई फैंस मिले हैं। ऐसा कोई फैन एनकाउंटर है, जो आज भी आपको खास तौर पर याद है? जवाब/रेणुका: ‘सुरभि’ के समय के फैंस आज भी मुझे याद हैं। उस दौर में लोग चिट्ठियां लिखकर अपनी भावनाएं भेजते थे। कुछ लोगों ने तो खून से भी चिट्ठियां लिखी थीं। उस समय हम सोचते थे कि राजेश खन्ना साहब से उनके फैंस मिलने आते हैं, शायद कभी हमसे मिलने भी कोई आएगा। एक दिन जब ऐसा हुआ तो मुझे समझ ही नहीं आया कि कैसे प्रतिक्रिया दूं। मैं मन ही मन सोच रही थी कि खून बर्बाद मत कीजिए, स्याही से लिखिए। ‘हम आपके हैं कौन’ से जुड़े भी कई फैन मोमेंट्स रहे हैं, जो मेरे लिए बेहद यादगार हैं। कुछ फैंस की प्रतिक्रियाएं इतनी भावुक होती थीं कि उन्हें आज भी याद करके अच्छा लगता है। छोटे बच्चे हों या बुजुर्ग दर्शक, सभी का प्यार अलग था। कुछ बुजुर्ग तो कहते थे कि आपका कार्यक्रम देखने से हमें ऊर्जा और खुशी मिलती है। ऐसे बहुत से फैन मोमेंट्स हैं, जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकती। सवाल: आपके सबसे बड़े फैन और सपोर्ट सिस्टम आशुतोष राणा जी ‘दुपहिया’ के दूसरे सीजन को लेकर क्या सोचते हैं? जवाब/रेणुका: उन्हें ‘दुपहिया’ का पहला सीजन बहुत पसंद आया था। इसलिए वह दूसरे सीजन को देखने के लिए काफी उत्साहित हैं। मुझे उम्मीद है कि उन्हें यह सीजन भी पसंद आएगा।
मंगलवार को The Vvaan की निकली लॉटरी, Hanuman Ansh से ज्यादा छाप ले गई नोट
The Vvaan Box Office Day 5: सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म द वन ने मंगलवार को बॉक्स ऑफिस पर कितना कमाया, जानिए...
हनुमान अंश फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 54 दिन पूरे कर लिए हैं और बॉक्स ऑफिस पर इसकी आतिशबाजी जारी है।
रक्षाबंधन विज्ञापन विवाद के बाद बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने सोशल मीडिया पर विक्टिम ब्लेमिंग (पीड़ित को दोषी ठहराना) को लेकर एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने एक कोट शेयर करते हुए संदेश दिया है कि यौन उत्पीड़न का संबंध महिला के छोटे कपड़ों से नहीं होता। इससे पहले एक ज्वेलरी ब्रांड ने कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को ट्रोलिंग के बाद हटा लिया था। कृति ने कपड़ों पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा था भारतीय संस्कृति महिला के दिल में होती है, उसकी नेकलाइन में नहीं। बुरका और डायपर का दिया उदाहरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कृति सेनन ने दर्शन मोंडकर का एक कोट अपनी स्टोरी पर रीपोस्ट किया। इस पोस्ट में लिखा था- 'क्या यह मेरी गलती थी?' छोटी स्कर्ट ने पूछा। 'नहीं, यह मेरे साथ भी हुआ,' बुरके ने जवाब दिया। कोने में पड़ा डायपर तो बोल भी नहीं सका। इस पोस्ट के जरिए कृति ने उस सोच पर सवाल उठाया है जो महिलाओं के कपड़ों को यौन अपराधों की वजह मानती है। रिवीलिंग ड्रेस में रक्षाबंधन ऐड पर हुआ था विवाद दरअसल, हाल ही में ज्वेलरी ब्रांड जीवा ने रक्षाबंधन का एक विज्ञापन जारी किया था, जिसमें कृति सेनन नजर आई थीं। ऐड में कृति ने ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट वाला आइवरी इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहना हुआ था। सोशल मीडिया यूजर्स के एक वर्ग ने इस लुक की आलोचना की। उनका कहना था कि परिवार और परंपरा से जुड़े त्योहार के लिए यह आधुनिक स्टाइल सही नहीं है। कंगना ने कृति के लुक की निंदा की- सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बीच कंगना रनोट ने सोशल मीडिया पर बिना कृति का नाम लिए लिखा, “महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपडों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लेकर लहंगा चोली तक, जींस से लेकर साडी तक, बिकिनी से लेकर सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास पहनने के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां हैं? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।” कृति सेनन ने जवाब दिया- कंगना की टिप्पणी के बाद आलोचना के बीच कृति ने आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपडों में नहीं, बल्कि परंपराओं के लिए आपके मन में मौजूद भावनाओं और उनके अर्थ में होता है। “रक्षाबंधन सुरक्षा के रिश्ते का त्योहार है। मेरी बहन और मैं एक-दूसरे को राखी बांधते हैं। हम जानते हैं कि हम भी एक भाई जितना ही एक-दूसरे की रक्षा कर सकते हैं। हम महिलाओं को यह बताना कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? एथनिक फैशन समय के साथ बदला है, लेकिन आज भी किसी महिला की संस्कृति के प्रति इज्जत सिर्फ उसके कपडों से मापी जाती है। संस्कृति और परंपराएं उसके दिल में होती हैं, उसकी नेकलाइन में नहीं।” राहुल गांधी ने किया कृति का बचाव- विवाद पर राहुल गांधी ने कृति की पोस्ट री-शेयर कर लिखा कि कोई महिला क्या पहनती है, क्या करती है और कहां जाती है, यह उसकी अपनी पसंद है। महिलाओं के कपड़ों और जीवनशैली की ऑनलाइन पुलिसिंग यानी पहरेदारी नहीं करनी चाहिए। राहुल ने अपने पोस्ट में ‘स्मैश द पेट्रियार्की' हैशटैग का इस्तेमाल किया था। विवाद के बाद ब्रांड ने हटाया एडवर्टाइजमेंट- सोशल मीडिया पर कपड़ों और पेट डॉग को राखी बांधने को लेकर विवाद बढ़ता देख ब्रांड ने आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी और इस एडवर्टाइजमेंट को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटा लिया है। प्रियंका चोपड़ा-दीपिका पादुकोण भी हो चुकीं ट्रोलिंग का शिकार प्रियंका चोपड़ा और दीपिका पादुकोण जैसी सीनियर एक्ट्रेसेज भी कपड़ों की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का शिकार हो चुकी हैं। साल 2017 में बर्लिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान प्रियंका चोपड़ा ने घुटनों से ऊपर की ड्रेस पहनी थी। इस मुलाकात की फोटो सामने आने के बाद यूजर्स ने उन्हें पीएम के सामने मर्यादित कपड़े न पहनने का आरोप लगाते हुए ट्रोल कर दिया था। इसी तरह दीपिका पादुकोण को मैक्सिम मैगजीन के लिए किए गए बोल्ड फोटोशूट और अलग-अलग इवेंट्स में पहनी गई ड्रेसेस को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना झेलनी पड़ी थी। 'दंगल' फेम एक्ट्रेस फातिमा सना शेख और दिशा पाटनी भी अपनी बोल्ड ड्रेसेस के चलते विवादों में आ चुकी हैं। साल 2017 में रमजान के महीने के दौरान फातिमा ने समुद्र तट पर मोनोकिनी पहनकर एक फोटो शेयर की थी। इस पर सोशल मीडिया यूजर्स ने धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए उन्हें ट्रोल किया और तरह-तरह की नसीहतें दी थीं। वहीं दिशा पाटनी को साल 2017 के फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में रिवीलिंग ब्लैक गाउन पहनने की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। टीवी और बॉलीवुड एक्ट्रेसेज जैसे निया शर्मा, सोनम कपूर और ताप्सी पन्नू भी रिवीलिंग कपड़ों पर ट्रोलर्स के निशाने पर आ चुकी हैं। टीवी एक्ट्रेस निया शर्मा को हैवी एम्ब्रॉयडरी वाले रिवीलिंग ब्लाउज और स्विमसूट में तस्वीरें शेयर करने के बाद अभद्र टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था। हालांकि, सोनम कपूर और ताप्सी पन्नू जैसी एक्ट्रेसेज ने कपड़ों पर उठने वाले सवालों पर हमेशा खुलकर जवाब दिया है। सोनम कपूर ने एक इवेंट में रिवीलिंग आउटफिट पर विवाद के बाद कहा था कि उन्हें अपनी बॉडी पर गर्व है और वे ट्रोलर्स की परवाह नहीं करतीं।
बॉलीवुड के मशहूर सिंगर और उत्तराखंड मूल के जुबिन नौटियाल पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी ने 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन बेटे को जन्म दिया। खास बात यह है कि बेटे के जन्म की जानकारी अब सामने आई है। जुबिन ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और अस्पताल से घर लौट चुके हैं। जुबिन ने बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में कहा कि उनके बेटे का जन्म गणेश चतुर्थी के बेहद शुभ दिन हुआ। उन्होंने कहा, “हां, मैं अब पिता हूं। हमारे बेटे का जन्म 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के बेहद शुभ दिन हुआ। मां और बच्चा दोनों घर वापस आ गए हैं और स्वस्थ हैं।” परिवार इस समय नाम रखने की बजाय नवजात के साथ शुरुआती खूबसूरत पलों को जी रहा है। जुबिन ने कहा कि वे अपने बेटे के साथ हर पल का आनंद ले रहे हैं। बेटे का नाम अभी तय नहीं जुबिन से जब बेटे के नाम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने और उनकी पत्नी ने कोई नाम तय नहीं किया है। उनका कहना है कि फिलहाल परिवार का पूरा ध्यान बच्चे के साथ समय बिताने पर है। जुबिन ने कहा कि वह इस समय अपने बेटे के साथ बिताए जा रहे हर पल को महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में काम के सिलसिले में बाहर जाना उनके लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि बेटे से दूर रहना मुश्किल लगेगा। दिसंबर में यूके टूर, बोले- बच्चे से दूर रहना मुश्किल होगा जुबिन के काम से जुड़ी व्यस्तताएं भी जारी हैं। दिसंबर में उनका यूके टूर प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें काम के लिए बाहर जाना पड़ेगा तो यह मुश्किल होगा। जुबिन के यूके टूर में 12 दिसंबर को लीसेस्टर और 13 दिसंबर को लंदन में कार्यक्रम निर्धारित हैं। लंदन का शो OVO Arena Wembley में होना है। जुबिन ने कहा कि अभी वह अपने बेटे के साथ हर मिनट बिताने का आनंद ले रहे हैं और इस समय उनके लिए यह बेहद खास अनुभव है। इस साल सामने आई थी शादी की खबर जुबिन ने अपनी निजी जिंदगी को हमेशा लाइमलाइट से दूर रखा है। उनकी शादी की खबर भी इस साल अप्रैल में सामने आई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने उत्तराखंड में अपनी बचपन की दोस्त के साथ निजी समारोह में शादी की थी। शादी में करीबी परिवार के लोग ही शामिल हुए थे। शादी को लेकर भी जुबिन ने निजीपन बरकरार रखा था। बाद में तस्वीरें सामने आने के बाद उनकी शादी की खबर सार्वजनिक हुई। उनकी पत्नी के बारे में भी सार्वजनिक तौर पर बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। कई रिपोर्टों में उन्हें जुबिन की बचपन की दोस्त बताया गया है। देहरादून से निकली आवाज, बॉलीवुड में बनाई पहचान जुबिन नौटियाल उत्तराखंड के देहरादून से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने 2011 में रियलिटी शो ‘एक्स फैक्टर इंडिया’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद फिल्म ‘सोनाली केबल’ के गाने ‘एक मुलाकात’ से बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की। उन्हें सलमान खान की फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ के गाने ‘जिंदगी कुछ तो बता’ से बड़े स्तर पर पहचान मिली। इसके बाद ‘तुम ही आना’, ‘काबिल हूं’, ‘लुट गए’, ‘रातां लंबियां’ और ‘तुझे कितना चाहने लगे हम’ जैसे गानों ने उन्हें हिंदी संगीत की दुनिया में खास पहचान दिलाई। बेटे की तस्वीर अभी सामने नहीं आई बेटे के जन्म की पुष्टि जुबिन ने खुद कर दी है, लेकिन उन्होंने अभी बच्चे की तस्वीर या नाम सार्वजनिक नहीं किया है। रिपोर्टों के मुताबिक जुबिन अपनी निजी जिंदगी को सोशल मीडिया और मीडिया की नजरों से दूर रखना पसंद करते हैं। फिलहाल परिवार बेटे के साथ समय बिता रहा है और नाम को लेकर भी कोई फैसला नहीं लिया गया है। -----------------------ये खबर भी पढ़ें… हनुमान अंश की प्रोड्यूसर हरिद्वार के काली मंदिर पहुंचीं:स्वामी कैलाशानंद से लिया आशीर्वाद; 2 करोड़ में बनी फिल्म ने कमाए 200 करोड़ हरिद्वार में बाबा नीम करौली के जीवन और संदेश पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर अपने परिवार के साथ सिद्ध पीठ दक्षिण काली मंदिर पहुंचीं। उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया और मंदिर में पूजा-अर्चना की। (पढ़ें पूरी खबर)
अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने अपने दिवंगत को-स्टार सुशांत सिंह राजपूत को याद किया है। जूम को दिए इंटरव्यू में परिणीति ने साल 2013 की फिल्म 'शुद्ध देसी रोमांस' की शूटिंग के दिनों का एक भावुक वाकया शेयर किया। परिणीति ने बताया कि जब उनकी पहली फिल्म 'इश्कजादे' के लिए नेशनल अवॉर्ड की घोषणा हुई थी, तब सुशांत खुशी के मारे स्विमिंग पूल की कुर्सियों पर चढ़कर चिल्लाने लगे थे। परिणीति ने सुशांत को अपना सच्चा दोस्त और सबसे बड़ा चीयरलीडर बताया। 'पूल चेयर पर खड़े होकर चिल्लाए थे' परिणीति ने बताया कि फिल्म 'शुद्ध देसी रोमांस' की शूटिंग के दौरान एक दिन काम से छुट्टी थी। वे सुशांत सिंह राजपूत और दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर के साथ होटल के स्विमिंग पूल के पास बैठे थे। तभी परिणीति के फोन पर फिल्ममेकर करन जौहर का 'मुबारक हो' मैसेज आया। परिणीति समझ नहीं पाईं कि बधाई किसलिए है, लेकिन सुशांत तुरंत वजह पता करने में जुट गए। जैसे ही पता चला कि परिणीति को 'इश्कजादे' के लिए नेशनल अवॉर्ड (स्पेशल मेंशन) मिला है, सुशांत बेहद खुश हो गए। वे पूल डेक की कुर्सियों पर चढ़ गए और जोर-जोर से चिल्लाने लगे कि 'मैं नेशनल अवॉर्ड विनर के साथ काम कर रहा हूं'। परिणीति रोने लगीं और सुशांत ने उन्हें गले लगा लिया। यह देखकर ऋषि कपूर ने हंसते हुए दोनों से कहा था कि तुम दोनों पागल हो गए हो। 'हम दोनों के बीच इकोनॉमिक्स और साइंस पर बात होती थी' अपनी बॉन्डिंग पर बात करते हुए परिणीति ने बताया कि सुशांत सिर्फ उनके को-स्टार नहीं, बल्कि एक बहुत अच्छे दोस्त थे। फिल्मों में आने से पहले परिणीति बैंकर थीं, जबकि सुशांत ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। परिणीति के मुताबिक, पढ़ाई-लिखाई का बैकग्राउंड होने की वजह से वे दोनों सेट पर फिल्मों के अलावा इकोनॉमिक्स, तारों और साइंस जैसे गंभीर विषयों पर काफी बातें करते थे। परिणीति ने कहा कि वे दोनों एक-दूसरे की सोच को बहुत अच्छी तरह समझते थे। वे होमी अदजानिया के निर्देशन में एक और फिल्म साथ करने वाले थे, लेकिन वह प्रोजेक्ट नहीं बन पाया। 2013 में आई थी ‘शुद्ध देसी रोमांस’ सुशांत सिंह राजपूत और परिणीति चोपड़ा की फिल्म 'शुद्ध देसी रोमांस' साल 2013 में रिलीज हुई थी। मनीष शर्मा के निर्देशन और आदित्य चोपड़ा के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म में वाणी कपूर भी मुख्य भूमिका में थीं। लिव-इन रिलेशनशिप और शादी के डर पर आधारित यह रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म भारत में सफल रही थी। इस फिल्म को साल 2013 के टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में भी दिखाया गया था। जून, 2020 में हुई सुशांत की मौत सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को बांद्रा में अपने घर पर रहस्यमयी तरीके से मृत पाए गए थे। पहली नजर में मामला सुसाइड का लगा था, लेकिन बाद में परिवार की शिकायत, मीडिया और विपक्षी दलों के प्रेशर की वजह से मामले की जांच को CBI को सौंपी गई। CBI की क्लोजर रिपोर्ट में मौत की असल वजह सुसाइड ही बताई गई है। इस केस में CBI ने 6 अगस्त 2020 को FIR दर्ज की थी। 4 साल 6 महीने 15 दिन बाद CBI ने मार्च 2025 में फाइनल क्लोजर रिपोर्ट फाइल की, जिसमें कहा गया कि आत्महत्या के लिए सुशांत को उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। रिया चक्रवर्ती और अन्य को मामले में क्लीनचिट दी गई। ये खबर भी पढ़ें पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक्टर के पोस्टमार्टम से जुड़ा बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय सुशांत के पैर की हड्डी टूटी हुई, आंख के पास चोट के निशान थे और गले में स्टन गन के भी निशान बने हुए थे। पूरी खबर पढ़ें
पैपराजी से विवाद के बीच सलमान खान को सोमवार को बांद्रा में स्पॉट किया गया है। आमतौर पर सलमान पैपराजी को पोज देने के लिए कुछ सेकेंड के लिए ठहरते हैं, लेकिन इस बार वह बिना रुके सीधे कार में जाकर बैठ गए। वहीं संजय दत्त, रवीना टंडन और सारा अली खान को भी मुंबई में स्पॉट किया गया है। बांद्रा में स्पॉट हुए सलमान ने एक नजर पैपराजी की ओर देखा और तुरंत नजरें फेरते हुए आगे बढ़ गए। इस दौरान उन्हें ब्लैक टी-शर्ट के साथ लेदर कैप पहन रखी थी। देखिए सलमान खान की झलक- ये सेलेब्स भी हुए स्पॉट- पैपराजी की आलोचना कर चुके हैं सलमान खान बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान ने कटरीना कैफ को वजन, भाई सोहेल के चेहरे और सनी देओल के फटे जूतों पर ट्रोल करने वालों की कड़ी शब्दों में निंदा की। इस दौरान उन्होंने एक्ट्रेसेस के गलत एंगल से शॉट लेने और पोस्ट किए जाने पर कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां (कमर पर) होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर, नेहा धूपिया और भांजी का जिक्र किया। सलमान ने आगे कहा कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान बोले- अपनी मां-बहन के शॉट सोशल मीडिया पर डालो सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। जांघों का शॉट ले लो।” सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? गुस्से में सलमान ने मंच पर ही अपनी शर्ट उतारकर पेट दिखाया और कहा कि अब जो चाहे उन्हें ट्रोल कर सकता है। सलमान ने ये भी कहा कि कुछ समय पहले उन्हें गंजा कहते हुए ट्रोल किया जा रहा था, जबकि असल में वो उनकी आने वाली फिल्म का लुक था, उन्होंने कुछ समय पहले अपना दोस्त भी खो दिया था। कई सेलेब्स ने की सलमान के बयान की सहारना एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने कुछ समय पहले ही बैक शॉट पोस्ट करने पर एक इवेंट में सरेआम पैपराजी को फटकारा था। अब सलमान का बयान आने के बाद नेहा लिखती हैं, टाइगर जिंदा है। वरुण धवन ने एक वीडियो जारी कर सलमान को सपोर्ट किया। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो पिता डेविड धवन के साथ सलमान को देखकर खुशी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने लिखा है, सलमान खान आपको सलाम। आपने सोशल मीडिया पर लोगों के व्यवहार, ट्रोलिंग, पैपराजी और इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देने वालों पर बहुत जरूरी बातें कहीं। और जब भाई बोलता है, तो उसके बाद किसी के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचता। एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा, ऐसी बात कहना एक बड़ी और उदार सोच को दिखाता है और लोगों को ट्रोलिंग पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऋचा ने उन पुरुषों पर भी सवाल उठाया जो महिलाओं के शरीर और उनके लुक्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष महिलाओं के बिना अस्तित्व में नहीं आ सकते, क्योंकि हर व्यक्ति मां की कोख से जन्म लेता है। उनके मुताबिक, अगर कोई मांओं का मजाक उड़ाता है, तो उसका असर उल्टा पड़ सकता है। बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट बोली- सलमान पाखंडी है सलमान का बयान सामने आने के बाद बिग बॉस 7 की कंटेस्टेंट रह चुकीं ब्रिटिश मॉडल, सिंगर और एक्ट्रेस सोफिया हयात ने सलमान को पाखंडी कहा है। उन्होंने सलमान का क्लिप शेयर कर लिखा है, सलमान एक पाखंडी और बेवकूफ इंसान है। जब मैं बिग बॉस में थी, तब उसने मेरे शरीर और चेहरे को लेकर आलोचना की थी, जबकि गौहर से कहा था कि उसका शरीर अच्छा है। क्या था सलमान खान का बयान? यह खबर भी पढ़ें... सलमान खान ने पैपराजी-ट्रोलर्स को फटकारा:वरुण धवन, नेहा धूपिया ने किया सपोर्ट, एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट सोफिया हयात बोलीं- सलमान पाखंडी हैं, मेरा मजाक उड़ाया सलमान खान के पैपराजी और ट्रोलिंग के खिलाफ बयान के बाद कई बॉलीवुड सितारों ने उनका समर्थन किया। नेहा धूपिया ने सलमान के बयान पर ‘टाइगर जिंदा है’ लिखकर प्रतिक्रिया दी। वरुण धवन ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर सलमान को सपोर्ट किया। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने भी सलमान की तारीफ की और सोशल मीडिया ट्रोलिंग व पैपराजी के व्यवहार पर उनकी बात को जरूरी बताया। हालांकि, सोफिया हयात ने सलमान के बयान की आलोचना की। उन्होंने सलमान को पाखंडी बताया और अपने पुराने अनुभव का जिक्र किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
28 सितंबर 2026 को रणबीर कपूर के 44वें जन्मदिन के खास मौके पर मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण का बिहाइंड द सीन वीडियो जारी किया गया है। फिल्म के कई हिस्सों को ग्रीन स्क्रीन में शूट कर VFX के जरिए भव्य इमारत में तब्दील किया गया है। इस दौरान रणबीर कपूर ने भगवान राम का किरदार निभाने की जिम्मेदारी पर भी बात की है। देखिए कैसे ग्रीन स्क्रीन पर हुई रामायण की शूटिंग- रणबीर कपूर ने भगवान राम का किरदार निभाने की जिम्मेदारी पर कहा है कि यह सिर्फ फिल्म का रोल नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “यह रोल नहीं है। ऐसा नहीं है कि मुझे एक फिल्म ऑफर हुई और यह रोल रोमांचक लगा। यह एक जिम्मेदारी है।” अरुण गोविल की बात रणबीर को याद रही रणबीर ने अरुण गोविल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अरुण सर हम सभी के लिए आइकॉनिक भगवान राम हैं। रणबीर ने बताया कि अरुण गोविल की एक बात उनके मन में रह गई। उन्होंने कहा, “क्षमा धर्म, क्षमा यज्ञ, क्षमा वेद, सनातन। भगवान राम की सबसे बड़ी शक्ति उनका धनुष नहीं था। वह उनकी क्षमा थी। उनके अंदर माफ करने की क्षमता थी।” रणबीर की कास्टिंग पर अरुण गोविल ने कहा- ‘मौजूदा समय में जितने भी स्टार्स हैं, रणबीर उन सबसे राम का किरदार निभाने के सबसे करीब हैं।’ फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें- प्रमोशनल इवेंट में हुआ था विवाद रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर ‘रामायण’ के प्रचार को लेकर शनिवार को मुंबई के फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो में खास कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम का पहला समय दोपहर 12 बजे बताया गया था, जिसे बाद में दोपहर 1 बजे कर दिया गया। तय समय के अनुसार मीडिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया, लेकिन बातचीत शुरू होने में करीब साढ़े चार घंटे की देरी हुई। इस दौरान रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी समेत फिल्म की टीम मौजूद थी। देरी की वजह मिस्टर बीस्ट के कार्यक्रम में देर से पहुंचने को बताया गया। मिस्टर बीस्ट की वजह से हुई देरी कार्यक्रम में मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को लेकर पहले से काफी उत्सुकता थी। उन्हें ‘रामायण’ की टीम के साथ विशेष बातचीत में शामिल होना था। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बताया गया कि मिस्टर बीस्ट इससे पहले दो उड़ानें मिस कर चुके थे और उनके देर से पहुंचने के कारण कार्यक्रम में देरी हुई। उनके पहुंचने के बाद ही फिल्म की टीम के साथ तय बातचीत आगे बढ़ी। मीडिया के लिए आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों ने अपना समय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रखा था। ऐसे में लंबे इंतजार को लेकर कई मीडिया प्रतिनिधियों में असंतोष देखने को मिला। मिस्टर बीस्ट को रणबीर ने बताया राम का परिचय इवेंट के दौरान एक पैपराजी ने मिस्टर बीस्ट से ‘जय श्री राम’ कहा। मिस्टर बीस्ट जवाब देने को लेकर असमंजस में दिखे, जिसके बाद रणबीर कपूर ने उन्हें ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहा। मिस्टर बीस्ट ने भी रणबीर की बात दोहराई। इसके बाद रणबीर ने मिस्टर बीस्ट को भगवान राम के बारे में बताते हुए कहा कि वे राजकुमार थे और उनके पास सब कुछ था, लेकिन पिता के वचन और अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए उन्होंने सब त्याग दिया। रणबीर ने कहा कि भगवान राम को एक आदर्श पुरुष के रूप में जाना जाता है और उम्मीद है कि फिल्म के जरिए मिस्टर बीस्ट को भारतीय संस्कृति और इतिहास की झलक मिलेगी। इवेंट में रणबीर ने उठाया शिव धनुष कार्यक्रम में रणबीर कपूर शिव धनुष उठाते हुए भी नजर आए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। इवेंट में रणबीर के साथ साई पल्लवी, रवि दुबे, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा भी मौजूद रहे। मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रचार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी वैश्विक लोकप्रियता को देखते हुए निर्माताओं की कोशिश ‘रामायण’ को भारतीय दर्शकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की है। रामायण: पार्ट-1 दिवाली के मौके पर 6 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। जबकि पार्ट 2 को दिवाली 2027 पर रिलीज करने की योजना है। देखिए फिल्म से सभी कलाकारों के लुक- शांत, तेजस्वी और मर्यादा पुरुषोत्तम की छवि में रणबीर कपूर का लुक प्रभावशाली नजर आया। भगवान राम के प्रति समर्पित लक्ष्मण के रोल में रवि दुबे हैं। माता सीता के किरदार में साई पल्लवी के लुक में सादगी और शालीनता नजर आ रही है। दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और खतरनाक अंदाज में रावण बने यश सबसे ज्यादा चर्चा में है। गरिमामयी व्यक्तित्व के साथ अरुण गोविल का दशरथ का रोल प्रभावी लगा। वह रामायण शो में पहले राम बन चुके हैं। फिल्म 'रामायण' में लारा दत्ता कैकेयी के किरदार में हैं। फिल्म 'रामायण' में रकुल प्रीत सिंह रावण की बहन शूर्पणखा का किरदार निभा रही हैं।
सोमवार को Hanuman Ansh के सामने सीना तान खड़ी रही The Vvaan, चौथे दिन डिवोशनल ड्रामा से हुई डबल कमाई
सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म द वन बॉक्स ऑफिस पर सोमवार को भी मजबूत पकड़ बनाने में सफल रही है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर चौथे दिन सिंगल डे पर हनुमान अंश से ज्यादा कमाई की है।
बॉलीवुड स्टार ऐश्वर्या राय बच्चन ने सोमवार को पेरिस फैशन वीक 2026 में रैंप वॉक किया। एफिल टावर के बैकग्राउंड में उनका रॉयल लुक चर्चा में रहा। ऐश्वर्या के साथ इंटरनेशनल स्टार्स सिमोन एशली, सेलीन डियोन, ईवा लॉन्गोरिया और केंडल जेनर ने भी वॉक की है। देखिए पेरिस फैशन वीक से ऐश्वर्या राय की वॉक और लुक- सिमोन ऐशली का हाथ थामी दिखीं ऐश्वर्या राय पेरिस फैशन वीक से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जब ऐश्वर्या राय, सिमोन ऐशली का हाथ थामीं उनसे बात करती दिखी हैं। सिमोन ऐशली पॉपुलर ब्रिजटन सीरीज के लिए जानी जाती हैं। पेरिस फैशन वीक के बारे में- पेरिस फैशन वीक दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फैशन आयोजनों में से एक है। यहां दुनिया के बड़े फैशन ब्रांड अपने नए कलेक्शन पेश करते हैं। इसे फैशन इंडस्ट्री में नए ट्रेंड्स और डिजाइन की दिशा तय करने वाले आयोजनों में गिना जाता है। पेरिस फैशन वीक साल में चार बार आयोजित होता है। मौसम के मुताबिक कलेक्शन दिखाया जाता है।
हिंदी सिनेमा में 90 के दशक के संगीत की बात हो और संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है। इस जोड़ी ने ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘खामोशी’, ‘कभी हां कभी ना’ और ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ जैसी फिल्मों के संगीत से अपनी अलग पहचान बनाई। इसी दौर में गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी के साथ उनका खास रिश्ता बना। अब मजरूह सुल्तानपुरी की बर्थ एनिवर्सरी पर संगीतकार ललित पंडित उनका लिखा पुराना गीत ‘बात नजर की है’ रिलीज करने जा रहे हैं। यह गीत कई साल पहले रिकॉर्ड किया गया था और मूल रूप से ललित और जतिन के प्राइवेट एल्बम का हिस्सा बनने वाला था। खास बात यह है कि इसकी धुन ललित पंडित ने बनाई थी और मजरूह सुल्तानपुरी ने उसी धुन पर बोल लिखे थे। ललित पंडित ने दैनिक भास्कर से बातचीत में मजरूह सुल्तानपुरी के साथ अपने रिश्ते, काम करने के अनुभव और धुन पर गीत लिखने की प्रक्रिया से जुड़े कई किस्से साझा किए। सवाल: मजरूह सुल्तानपुरी की बर्थ एनिवर्सरी पर आप उनका लिखा गीत रिलीज कर रहे हैं। इसके बारे में बताइए? जवाब: पहली अक्टूबर को मजरूह साहब का जन्मदिन होता है। जो गाना मैं रिलीज करने जा रहा हूं, वह हमने बहुत पहले रिकॉर्ड किया था। एक वक्त था जब मैं और जतिन एक एल्बम करना चाहते थे और मजरूह साहब उसके गाने लिख रहे थे। यह उन्हीं गानों में से एक है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह मजरूह साहब का लिखा हुआ गीत है और उनके जन्मदिन पर ही रिलीज हो रहा है। मजरूह साहब के साथ हमारा बहुत अच्छा रिश्ता रहा। उन्होंने हमारे साथ काफी काम किया। ‘जो जीता वही सिकंदर’ उन्हीं की लिखी हुई थी। मेरे करियर के शुरुआती दौर में फिल्म ‘यारा दिलदारा’ के गीत ‘बिन तेरे सनम’ ने जतिन-ललित को जो पहचान दिलाई, उसके बोल भी मजरूह साहब ने लिखे थे। इसके अलावा ‘कभी हां कभी ना’ और ‘खामोशी’ जैसी फिल्मों में उनके साथ काम करने का मौका मिला। मजरूह साहब से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। मेरे मन में हमेशा था कि उनके जन्मदिन पर उनका लिखा कोई गीत रिलीज करूं। अब पहली अक्टूबर को यह गाना सभी म्यूजिक प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगा। सवाल: मजरूह साहब के साथ काम करते हुए आपको कब एहसास हुआ कि आपके पसंदीदा कई गाने उन्हीं ने लिखे हैं? जवाब: जब मैंने उनके साथ काम करना शुरू किया था, तब मुझे भी इतनी जानकारी नहीं थी कि उन्होंने कितना बड़ा काम किया है। बाद में एहसास हुआ कि मेरे जितने पसंदीदा गाने हैं, उनमें से कई मजरूह साहब के लिखे हुए हैं। बेशक आनंद बख्शी साहब और कई दूसरे बड़े गीतकार भी थे, लेकिन मेरे व्यक्तिगत पसंदीदा गानों में, जिन्हें मैं अक्सर गाता हूं, मजरूह साहब के कई गाने शामिल हैं। इसलिए जतिन और मुझे उनसे बहुत लगाव था। हमारे संगीत के शुरुआती दौर में उनकी बहुत गाइडेंस रही। वह हमारे लिए गुरु जैसे थे। उनके गानों के अलावा उनकी बातें सुनने में भी बहुत मजा आता था। वह हमारे साथ काफी फ्रेंडली हो गए थे। वह दौर हमारे लिए बहुत यादगार रहा। सवाल: जब आपने संगीत में करियर शुरू करने के बारे में सोचा, तब मजरूह साहब से मुलाकात कैसे हुई? जवाब: जब मैं और जतिन ‘यारा दिलदारा’ फिल्म पर काम कर रहे थे, तब हम सोच रहे थे कि किस गीतकार के साथ काम किया जाए। हमारी दीदी सुलक्षणा पंडित ने मजरूह साहब के साथ काम किया था। उन्होंने ही सुझाव दिया कि तुम लोग मजरूह साहब के साथ काम करो। उस समय वह काम नहीं कर रहे थे। इसके बाद हम मजरूह साहब से मिलने उनके घर गए। रिजवी कॉलेज के पास उनका घर था। वहीं हमारी पहली मुलाकात हुई और उसके बाद एक अच्छा सिलसिला शुरू हुआ। सवाल: पहली मुलाकात में मजरूह साहब का क्या रिएक्शन था? जवाब: मजरूह साहब उस समय इंडस्ट्री से थोड़े नाराज थे, क्योंकि काफी समय से लोग उनके साथ काम नहीं कर रहे थे। उन्होंने हमसे कहा, ‘तुम क्यों आ गए हो? मैं तो काम नहीं करता। तुम मेरे पास क्यों आ गए?’ हमने कहा कि हम दोनों आपके साथ काम करना चाहते हैं और अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने हमसे बात की। जब उन्हें पता चला कि हम सुलक्षणा से जुड़े हैं और हमारे परिवार का संगीत से रिश्ता है, तो वह समझ गए कि हम संगीत से जुड़े परिवार के लड़के हैं। इसके बाद उन्होंने प्यार से कहा कि वह हमारे साथ जरूर काम करेंगे। सवाल: इसके बाद जब आपके गाने सफल हुए तो मजरूह साहब के साथ आपकी बॉन्डिंग कैसी हो गई? जवाब: जब कोई काम सफल होता है तो अपने आप एक बॉन्डिंग बन जाती है। एक-दूसरे पर विश्वास बढ़ता है। मजरूह साहब ने हमारे साथ काम शुरू किया तो उनके कई शानदार गाने आए। उन्हें नॉमिनेशन मिले और अवॉर्ड भी मिले। इसके बाद इंडस्ट्री में दूसरे लोग भी उनके साथ काम करना चाहते थे। वह दौर उन्होंने भी देखा। वह हमसे बहुत खुश रहते थे, क्योंकि हमारा म्यूजिक उनके साथ बहुत अच्छा चल रहा था। काम में बहुत मेहनत होती थी, लेकिन उसके साथ बहुत मजा भी आता था। सवाल: मजरूह साहब के साथ गाने तैयार करने की प्रक्रिया कैसी होती थी? आप उन्हें सिचुएशन और धुन कैसे समझाते थे? जवाब: मजरूह साहब ने हमारे साथ जितने भी गाने लिखे, उनमें से ज्यादातर धुन पर लिखे गए थे। हम धुन बनाकर उन्हें देते थे और वह उस पर बोल लिखकर लाते थे। जो गाना अब रिलीज हो रहा है, उसकी धुन भी मैंने मजरूह साहब को दी थी। उन्होंने उसी पर बोल लिखे थे। यह उस समय की रिकॉर्डिंग है। इसमें आपको उस दौर का एनालॉग फील मिलेगा। इस गाने की खास बात यह है कि इसे उसी दौर में रिकॉर्ड किया गया था, जब हमने ‘कुछ कुछ होता है’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ जैसी बड़ी फिल्मों के गाने रिकॉर्ड किए थे। मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि यह गीत उस समय लिखा गया था, जब मजरूह साहब हमारे बीच थे और उनके साथ बैठकर तैयार हुआ था। सवाल: क्या यह गाना किसी फिल्म के लिए रिकॉर्ड किया गया था? जवाब: नहीं, मैं और जतिन अपना एक प्राइवेट एल्बम करना चाहते थे। हमने मजरूह साहब से बात की थी और उन्होंने कहा था कि वह हमारे लिए जरूर लिखेंगे। यह उसी समय का लिखा हुआ गीत है। सवाल: इस गाने को किसने गाया है? जवाब: यह हमारा एल्बम था, इसलिए यह गाना मैंने खुद गाया है। जतिन के जो गाने थे, उन्हें जतिन ने गाया था। सवाल: मजरूह साहब को चुनने के पीछे उस समय आपकी क्या सोच थी? दूसरे कई गीतकार भी सक्रिय थे? जवाब: सच कहूं तो यह हमारा नसीब था और हमारी दीदी की अच्छी सलाह थी, जो बहुत काम आई। हम मजरूह साहब को क्या चुनते? उन्होंने हमें चुना, यह हमारे लिए बहुत बड़ी बात थी। वह बहुत नॉलेजेबल इंसान थे। मैंने उनके जैसा इंसान फिर कभी नहीं देखा। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। उनके साथ बैठने में बहुत मजा आता था। वह हमें इस तरह ट्रीट नहीं करते थे कि हम नए म्यूजिक डायरेक्टर हैं। उनका व्यवहार बहुत सहज था। उनमें एक अलग तरह का ह्यूमर था। वह बहुत जिंदादिल इंसान थे और कलाकार तो बहुत बड़े थे ही। सवाल: क्या मजरूह साहब के घर पर महफिल जमती थी? वहीं गाने लिखे जाते थे? जवाब: नहीं, वह हमारे म्यूजिक रूम में आते थे। वहीं हमारे सारे म्यूजिशियन होते थे और गाने बनते थे। कभी-कभी वहीं करेक्शन भी करते थे, लेकिन ज्यादातर वह धुन घर लेकर जाते थे। हम उन्हें सिचुएशन और धुन समझाते थे। वह डायरेक्टर से भी बात करते थे कि गाने की सिचुएशन क्या है। इसके बाद घर जाकर गीत लिखते थे और फिर गाना लेकर आते थे। सवाल: धुन पर गीत लिखना और लिखे हुए गीत पर धुन बनाना, दोनों में क्या चुनौती होती है? जवाब: मजरूह साहब ने एक बार मुझसे कहा था कि वह उन लोगों में से थे, जिन्होंने धुन पर लिखने की शुरुआत की। पहले आमतौर पर शब्दों पर काम होता था और उसके बाद धुन बनाई जाती थी। हमारे लिए धुन पर गाना बनाना ज्यादा सुविधाजनक था, क्योंकि इससे कंपोजर को ज्यादा क्रिएटिव लिबर्टी मिलती है। वह गाने को अलग-अलग तरीके से आगे ले जा सकता है। अगर कोई माहिर गीतकार हो तो वह धुन पर भी अच्छा लिख सकता है। मजरूह साहब के लिए भी यह एक तरह की चुनौती होती थी कि धुन के हिसाब से शब्दों को कैसे खूबसूरती से बैठाया जाए। ‘खामोशी’ और ‘जो जीता वही सिकंदर’ के हमारे कई गाने ऐसे थे, जिनकी धुन पहले बनाई गई थी। ‘पहला नशा’ जैसे गाने के बोल पहले लिखे जाते और फिर उन पर धुन बनाने की कोशिश होती, तो जरूरी नहीं कि वही खूबसूरती आती। कंपोजर की भी एक उड़ान होती है कि वह धुन को कहां लेकर जाता है। हमारा सक्सेस रेशियो इसलिए अच्छा रहा, क्योंकि हमने ज्यादातर धुन पहले बनाई और फिर उस पर बड़े गीतकारों से लिखवाया। हालांकि कुछ गाने ऐसे भी हैं, जिन्हें मैंने पहले से लिखे हुए बोलों पर कंपोज किया। जैसे ‘लवरिया हो राजू बन गया जेंटलमैन’ का गाना ‘सीने में दिल है, दिल में है धड़कन’। वह भी अच्छा बना। लेकिन हर बार जरूरी नहीं है कि लिखे हुए बोल पर बनाई गई धुन उतनी ही अच्छी बने। सवाल: जब मजरूह साहब के गाने दोबारा लोगों के बीच आए और उन्हें काम मिलने लगा, तब उनका क्या रिएक्शन था? जवाब: वह कहते थे कि अब मैं इतना काम नहीं कर सकता और मुझे इतना काम करना भी नहीं है। वह कहते थे कि मुझे तुम लोग पसंद हो और मैं तुम्हारे साथ काम करूंगा। उनके ये शब्द मुझे आज भी याद हैं। सवाल: मजरूह साहब का अपना कोई पसंदीदा गीत उन्होंने आपको बताया था? जवाब: एक बार मैंने उनसे पूछा था कि आपको अपना लिखा कौन सा गाना पसंद है। मैं उनसे बहुत सवाल करता था, क्योंकि जानना चाहता था कि उन्हें अपना कौन सा काम पसंद है। उन्होंने दो गानों का जिक्र किया था। उनमें से एक था, ‘वाह वादियों में मेरा दामन, रास्ते मेरी बाहें...’। उन्हें यह गाना बहुत पसंद था। मुझे याद है, जब उन्होंने ‘रास्ते मेरी बाहें’ कहा था तो उन्होंने अपने दोनों हाथ फैला दिए थे। उनका अंदाज ही बहुत खूबसूरत था। एक और गाना था, ‘तेरी आंखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है’। इस गाने से जुड़ा सुंदर किस्सा वह सुनाया करते थे। उन्होंने जिस तरह से बताया था, वह सुनने लायक था। सवाल: गाने के म्यूजिक वीडियो में कौन-कौन से आर्टिस्ट नजर आएंगे? जवाब: यह अभी सरप्राइज है। मैं यूरोप गया था और वहीं इस गाने का वीडियो शूट किया है। बाकी चीजें आप वीडियो देखकर जानेंगे। सवाल: मजरूह साहब के जन्मदिन को लेकर कोई और खास किस्सा साझा करना चाहेंगे? जवाब: फिलहाल इतना ही करते हैं, क्योंकि अभी हम इसी गाने को प्रमोट कर रहे हैं। मजरूह साहब के साथ बहुत सारी यादें हैं। उनके बारे में फिर कभी विस्तार से बात करेंगे। अभी मेरा फोकस इसी गाने पर है।
अजय देवगन की फिल्म 'दृश्यम: द कन्क्लूजन' ने रिलीज से पहले ही एडवांस बुकिंग में शानदार प्रदर्शन किया है।
आठवें सोमवार को लगी Hanuman Ansh की लॉटरी, बजरंग बली की कृपा से वीकडे पर 400 करोड़ पार हुआ आंकड़ा
Hanuman Ansh Box Office Collection: विशाल चतुर्वेदी की फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी शानदार कमाई जारी रखते हुए आठवें सोमवार को कमाल कर दिया।
बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर सोमवार 28 सितंबर को 44 साल के हो गए हैं। इस खास मौके पर रणबीर ने मुंबई के पाली हिल स्थित अपने नए बंगले 'कृष्ण राज' के बाहर जमा फैंस और पैपराजी के साथ बिर्थडे सेलिब्रेट किया। कैजुअल लुक में घर से बाहर निकले रणबीर ने पैपराजी के साथ तीन बड़े केक काटे और फैंस का शुक्रिया अदा किया। इसके बाद वे अपनी पत्नी और एक्ट्रेस आलिया भट्ट के साथ बंगले की बालकनी में आए और हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन स्वीकार किया। पैपराजी संग काटा केक, कूल लुक में नजर आए रणबीर रणबीर कपूर अपने जन्मदिन पर बेहद खुश और कूल अंदाज में नजर आए। उन्होंने ग्रे कलर का को-ऑर्ड सेट, वाइट स्नीकर्स और ब्लैक गॉगल्स पहन रखे थे। बंगले के मेन गेट पर फैंस और फोटोग्राफर्स उनका इंतजार कर रहे थे। रणबीर ने घर से बाहर आकर पैपराजी का अभिवादन किया और उनके लाए तीन बड़े केक एक-एक करके काटे। उन्होंने फैंस के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। केक काटने के कुछ देर बाद वे पत्नी आलिया भट्ट के साथ बंगले की बालकनी में नजर आए। दोनों ने नीचे खड़े फैंस और मीडियाकर्मियों की तरफ हाथ हिलाया और उनके प्यार व शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया। नवंबर में 'कृष्ण राज' बंगले में शिफ्ट हुए थे रणबीर-आलिया रणबीर कपूर और आलिया भट्ट नवंबर 2025 में अपने इस नए छह मंजिला बंगले में शिफ्ट हुए थे। बांद्रा के पाली हिल इलाके में स्थित यह आलीशान बंगला कपूर परिवार की पैतृक संपत्ति पर फिर से बनाया गया है। इस बंगले का नाम रणबीर की दादी कृष्णा राज कपूर के नाम पर 'कृष्ण राज' रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस छह मंजिला बंगले की कीमत लगभग 250 करोड़ रुपए बताई जाती है। 'लव एंड वार' में आलिया के साथ आएंगे नजर रणबीर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली की फिल्म 'लव एंड वार' में काम कर रहे हैं। इस फिल्म में वे विक्की कौशल और आलिया भट्ट के साथ लव ट्रायंगल ड्रामा में आर्मी ऑफिसर की भूमिका में दिखेंगे। फिल्म में रणबीर मोटी मूंछों, खून के दाग वाली शर्ट और गॉगल्स में दिखाई दे रहे हैं। उनका लुक किरदार के रफ और मजबूत अंदाज की झलक देता है। शर्ट पर खून के दाग फिल्म की डार्क और एक्शन से भरपूर कहानी की ओर इशारा करते हैं। वहीं, गॉगल्स उनके किरदार को स्टाइलिश लुक दे रहे हैं। इस फिल्म में आलिया ग्लैमरस रेट्रो और विंटेज अवतार में नजर आ रही थीं। ‘लव एंड वॉर’ दुनियाभर में 21 जनवरी 2027 को रिलीज होगी। यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में रिलीज की जाएगी। इसका निर्देशन संजय लीला भंसाली ने किया है। ये खबर भी पढ़ें रणबीर कपूर@44, जूते पहनकर मंदिर जाने पर पिटाई हुई:बचपन में आफ्टर शेव लोशन पिया, डॉक्टर ने कहा- पिता नहीं बचेंगे तो पैनिक अटैक आया बॉलीवुड के आला दर्जे के एक्टर माने जाने वाले रणबीर कपूर आज 44 साल के हो चुके हैं। 2007 की फ्लॉप फिल्म ‘सांवरिया’ से करियर शुरू करने वाले रणबीर कपूर ने ‘रॉकस्टार’ में टूटे दिल का दर्द जिया, ‘बर्फी’ में बिना बोले दिल जीत लिया और ‘संजू’ में संजय दत्त को पर्दे पर उतार दिया। पूरी खबर पढ़ें
आयकर विभाग ने मुंबई में बॉलीवुड एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह, उनके ससुर और फिल्म प्रोड्यूसर वाशु भगनानी और पैनोरमा स्टूडियो से जुड़ी 12 जगहों पर छापेमारी की है। TV9 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई सोमवार को टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और फंड में गड़बड़ी की शिकायत के बाद शुरू की गई। विभाग की टीमों ने एक साथ सभी ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों को शक है कि फिल्म प्रोजेक्ट्स, विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन और शूटिंग के नाम पर भारी रकम विदेश भेजी जा रही थी। विभाग फिलहाल वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रहा है। विदेशी लेनदेन के दस्तावेज जांच रही आयकर टीम आयकर विभाग की कई टीमें मुंबई में एक साथ दस्तावेजों, फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स और विदेशी लेनदेन की डिटेल्स की जांच कर रही हैं। विभाग को पिछले कुछ समय से जानकारी मिल रही थी कि फिल्मों की शूटिंग और विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन के बहाने बड़ी रकम विदेश भेजी जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, अभी जांच जारी है और रेवेन्यू टैक्स से जुड़ी गड़बड़ियों का आंकलन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आयकर विभाग इस मामले में आधिकारिक बयान जारी कर सकता है। ड्रग्स केस में आया था रकुल के भाई का नाम रकुल प्रीत सिंह का परिवार पहले भी कानूनी विवादों में रह चुका है। दिसंबर 2025 में मुंबई पुलिस ने ड्रग्स केस में रकुल के भाई अमन प्रीत सिंह की तलाश शुरू की थी। ड्रग लॉ एनफोर्समेंट फोर्स और वेस्ट जोन पुलिस ने दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से 43 ग्राम कोकीन और 11.5 ग्राम MDMA जब्त किया था। जांच के दौरान आरोप लगा था कि अमन प्रीत सिंह ने उन तस्करों से पांच बार नशीले पदार्थ खरीदे थे। इस मामले में अमन की गिरफ्तारी भी हुई थी। रकुल प्रीत का नाम भी ड्रग्स केस में आ चुका इससे पहले रकुल का नाम भी ड्रग्स केस में आ चुका है। सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस की जांच के दौरान ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर रिया चक्रवर्ती ने पूछताछ में सारा अली खान और रकुल प्रीत का नाम लिया था। रकुल ने उनके नाम का मीडिया कवरेज रोकने के लिए हाईकोर्ट का रुख भी किया था। रकुल के साथ दूसरा विवाद तब जुड़ा था, जब 2022 में ED ने टॉलीवुड ड्रग मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनसे पूछताछ की थी। रामायण में नजर आएंगी रकुल प्रीत सिंह एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह की शादी वाशु भगनानी के बेटे और प्रोड्यूसर जैकी भगनानी से हुई है। रकुल इन दिनों नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण पार्ट 1' को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में वे शूर्पणखा का किरदार निभा रही हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, रवि दुबे लक्ष्मण और यश रावण के रोल में नजर आएंगे। यह फिल्म इस साल दिवाली पर 6 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होना तय है। वाशु भागनानी भी हाल ही विवाद में रहे वाशु भगनानी पूजा फिल्म्स नाम से प्रोडक्शन कंपनी चलाते हैं और वे पैनोरमा स्टूडियोज से भी जुड़े रहे हैं, जिसके बैनर तले 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी जैसी सुपरहिट फिल्में बनी हैं। वाशु भगनानी ने 'कुली नंबर 1' (1995), 'बड़े मियां छोटे मियां' (1998), 'रहना है तेरे दिल में' और 'मिशन रानीगंज' जैसी कई चर्चित फिल्में प्रोड्यूस की हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से वे विवादों में रहे हैं। फिल्म 'बड़े मियां छोटे मियां' (2024) के डायरेक्टर अली अब्बास जफर के साथ उनका पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। इसके अलावा फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' के गानों और सीन्स के राइट्स को लेकर भी उनका टिप्स फिल्म्स के साथ कॉपीराइट विवाद हुआ था। ये खबर भी पढ़ें पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक्टर के पोस्टमार्टम से जुड़ा बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय सुशांत के पैर की हड्डी टूटी हुई, आंख के पास चोट के निशान थे और गले में स्टन गन के भी निशान बने हुए थे। पूरी खबर पढ़ें
एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने फिल्म 'पद्मावत' के जौहर सीन पर दिए अपने विवादित बयान पर खुल कर बात की है। स्क्रीन को दिए एक इंटरव्यू में स्वरा ने इस पूरे विवाद को राजनीतिक आईटी सेल का प्रायोजित एजेंडा बताया है। स्वरा ने कहा कि कुछ लोग उनके नाम पर अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। स्वरा अभी रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल 2' में नजर आ रही हैं। शो के हालिया प्रोमो में स्वरा के इसी विवादित बयान को लेकर कंटेस्टेंट शहजाद पूनावाला और सिवेट तोमर के बीच तीखी बहस हो गई, जो हाथापाई तक पहुंच गई। 'मेरे नाम पर हेडलाइन बनाकर नौकरी चला रहे लोग' इंटरव्यू में स्वरा भास्कर ने कहा कि यह करीब 10 साल पुराना विवाद है, जिसे बार-बार बिना वजह उछाला जा रहा है। साल 2018 में जब उन्होंने ओपन लेटर लिखा था, तब भी उन्हें काफी गालियां मिली थीं। अब सिर्फ एक सवाल का जवाब देने पर लोग फिर से वही पुरानी बातें पकड़कर बैठ गए हैं। स्वरा ने तंज कसते हुए कहा, कुछ लोगों को मेरे नाम पर नौकरी मिल रही है। वे दिन भर एक पूरी टीम को सिर्फ मुझे ट्रोल करने की ट्रेनिंग देते हैं। अगर मेरे नाम का इस्तेमाल करके, झूठी खबरें फैलाकर और मुझे परेशान करके आपकी नौकरी चल रही है, तो इस दिवाली आपको मुझे थैंक यू नोट के साथ एक गिफ्ट हैम्पर जरूर भेजना चाहिए। 'मैंने जौहर को कायरता नहीं कहा, बयानों को गलत दिखाया' अपने बयान पर सफाई देते हुए स्वरा ने कहा कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने कहा, मैंने यह कभी नहीं कहा कि जौहर करने वाली महिलाएं कायर थीं। मैंने सिर्फ इतना कहा था कि अगर मैं खुद एक रेप सर्वाइवर होती और ऐसा महिमामंडन देखती, तो मुझे खुद पर कायर जैसा महसूस होता। मीडिया और ट्रोल्स ने इसे इस तरह दिखाया जैसे मैंने जोहर को कायरता कह दिया हो। स्वरा ने दावा किया कि राजनीतिक पार्टियों का आईटी सेल एक सोचे-समझे प्लान के तहत उनके बयानों को उछालकर अपना एजेंडा साधता है। 'राइज एंड फॉल' शो में स्वरा के बयान पर हाथापाई रियलिटी शो 'राइज एंड फॉल सीजन 2' की शुरुआत के साथ ही स्वरा के बयान पर लड़ाई देखने को मिला है। शो के प्रोमो में पूर्व भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला और सिवेट तोमर के बीच तीखी बहस दिखाई गई है। दरअसल सिवेट ने कहा कि वे एक राजपूत हैं, स्वरा ने राजपूत महिलाओं का अपमान किया है इसलिए जब तक स्वरा माफी नहीं मांगतीं, वे उनसे बात नहीं करेंगे। इसके बाद सिवेट स्वरा से बात करते और उनका पक्ष लेते देखे गए। पेंटहाउस टास्क के दौरान जब शहजाद ने सिवेट को अनफिट बताया, तो सिवेट ने उन पर निशाना साधा। इसके जवाब में शहजाद ने सिवेट से कहा कि उन्होंने पहले राजपूत महिलाओं और जोहर सीन पर स्वरा के बयान का विरोध किया था लेकिन अब वे स्वरा का ही पक्ष ले रहे हैं। बहस इतनी बढ़ गई कि सिवेट आक्रामक होकर शहजाद की तरफ झपटे और दोनों के बीच हाथा पाई हो गई। स्वरा ने बीच में आकर सिवेट को रोकने की कोशिश की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शो में हिंसा करने के आरोप में सिवेट तोमर को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। क्या था 'पद्मावत' फिल्म और जोहर सीन से जुड़ा पुराना मामला? यह पूरा मामला साल 2018 में रिलीज हुई संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' से जुड़ा हुआ है। फिल्म में रानी पद्मावती (दीपिका पादुकोण) को 800 महिलाओं के साथ अलाउद्दीन खिलजी से खुद को बचाने के लिए जौहर (अग्निकुंड में कूदना) करते दिखाया गया था। इसके बाद स्वरा ने फिल्म के इस सीन के खिलाफ एक ओपन लेटर लिखा था। दिल्ली के इवेंट में दिए बयान पर फिर शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' टॉक के दौरान शुरू हुआ था। इवेंट में स्वरा ने फिल्म के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा 'क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?' एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही 'छी' कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था।
महज 2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म हनुमान अंश ने 52 दिनों में 400 करोड़ रुपए का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया है। फिल्म ने 52वें दिन यानी रविवार को रिकॉर्ड 9 करोड़ रुपए की कमाई की है। इस मामले में इसने धुरंधर और धुरंधर 2 जैसी बड़ी फिल्मों का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिन्होंने 52वें दिन 1-2 करोड़ ही कमाए थे। इसी के साथ हनुमान अंश मिर्जापुर, भूत बंगला जैसी फिल्मों को पछाड़ते हुए साल की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड भी बना चुकी है। फिल्म हनुमान अंश ने शुक्रवार, 25 सितंबर को सिनेमाघरों में अपने 50 दिन पूरे कर लिए। आमतौर पर इतनी लंबी अवधि के बाद ज्यादातर फिल्मों की कमाई धीमी पड़ने लगती है, लेकिन 'हनुमान अंश' के मामले में ऐसा नहीं हुआ। शनिवार (26 सितंबर) को फिल्म ने 6.50 करोड़ और रविवार (27 सितंबर) को 9 करोड़ का कलेक्शन किया। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 401.20 करोड़ रुपये हो गया है। फिल्म ने 52वें दिन सबसे ज्यादा कमाई करने का रिकॉर्ड बनाया है। इसमें भारत से 362.70 करोड़ रुपये और विदेशों से 38.50 करोड़ रुपये की कमाई शामिल है। फिल्म की विदेशों में रिलीज 11 सितंबर को होम्बले फिल्म्स के जरिए शुरू हुई थी, इसलिए वहां इसका सफर अभी शुरुआती दौर में है। आने वाले दिनों में वर्ल्डवाइड कमाई और बढ़ने के अनुमान हैं। इस फिल्म के 49वें दिन यानी 25 सितंबर को सिनेमाघरों में सिद्धार्थ मल्होत्रा- तमन्ना भाटिया स्टारर फिल्म द-वनः फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट रिलीज हुई। फिल्म ने 8 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया, जबकि इस दिन हनुमान अंश ने 3.35 करोड़ कमाए। फिल्म वी-वन ने 33 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन कर लिया है। साउथ फिल्म पैराडाइज ने कमाई में सिद्धार्थ की फिल्म को पछाड़ा वी-वन से पहले 23 सितंबर को साउथ फिल्म पैराडाइज रिलीज हुई। ये फिल्म लगातार बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है। फिल्म ने 11 करोड़ रुपए से ओपनिंग की थी और रविवार तक इसका कलेक्शन सभी भाषाओं में 92 करोड़ हो चुका है। ‘हनुमान अंश’ दो राज्यों में टैक्स फ्री, अमित शाह से मिली थी फिल्म की टीम फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। फिल्म की सफलता के बीच 21 सितंबर को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, लीड एक्टर शोभिनव सतैया और टीम के दूसरे सदस्य दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हनुमान अंश के सिंगर की परफॉर्मेंस में अचानक पहुंचे नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया। इस दौरान मोदी खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित किया गया था। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पीएम मोदी भजन सुनते और खंजरी बजाकर ताल देते दिखाई दिए। इसके बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रस्तुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरहान अवत्रामणि उर्फ ओरी सोमवार को जयपुर एयरपोर्ट से मुंबई के लिए रवाना हुए। इस दौरान ओरी ने हाथ में पहनी शादी की अंगूठी भी दिखाई। ओरी ने कहा- शादी जयपुर में हो चुकी है। अब मुंबई में रिसेप्शन होगा। दरअसल, जयपुर के होटल फेयरमॉन्ट में 27 सितंबर की रात एक खास फैशन इवेंट आयोजित किया गया था। जिसे ‘ओरी वेडिंग’ के नाम से प्रमोट किया गया था। पूरा फैशन इवेंट ओरी की शादी की थीम पर हुआ। इसमें मनोरंजन और सोशल मीडिया जगत के स्टार्स शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान ओरी ने रैंपवॉक की। खुद से शादी करने की बात कहकर सभी का ध्यान खींचा। यह पारंपरिक शादी नहीं थी, बल्कि फैशन और मनोरंजन से जुड़ा एक क्रिएटिव कॉन्सेप्ट था। इसी के जरिए जयपुर में एक फैशन ब्रांड को लॉन्च किया गया। एयरपोर्ट और इवेंट के फोटोज देखिए… फेक वेडिंग कॉन्सेप्ट के जरिए फैशन ब्रांड लॉन्च जयपुर में आयोजित इस कार्यक्रम को एक फेक वेडिंग कॉन्सेप्ट के तौर पर तैयार किया गया था। इसका उद्देश्य एक फैशन ब्रांड को अनोखे अंदाज में लॉन्च करना था। कार्यक्रम में नेशनल मॉडल्स, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, एक्टर्स और फैशन इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग मौजूद रहे। पूरे इवेंट को शादी की थीम पर तैयार किया गया था, जिसमें ओरी मुख्य आकर्षण रहे। रैंपवॉक से लेकर उनके वेडिंग लुक और ‘खुद से शादी’ के कॉन्सेप्ट ने कार्यक्रम को सामान्य फैशन इवेंट से अलग बना दिया। दोबारा कार में बैठ गए ओरी ओरी के जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने के दौरान एक दिलचस्प वाक्या देखने को मिला। मुंबई से आई पैपराजी टीम एयरपोर्ट पर उनका इंतजार कर रही थी। जब ओरी कार से नीचे उतरे तो उन्हें शुरुआत में पैपराजी नजर नहीं आए। इसके बाद वे वापस कार में जाकर बैठ गए। कुछ देर बाद जब उन्हें पैपराजी की टीम दिखाई दी तो ओरी दोबारा कार से बाहर आए और मीडिया के सामने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने अंदाज में पोज दिए और मीडिया से बातचीत भी की। ये भी पढ़ें… जयपुर पहुंचे ORRY, शादी मुबारक कार्यक्रम में दूल्हा बनेंगे:मुंबई से साथ आए बाउंसर्स टी-शर्ट पर लिखा था ‘ओरी गार्ड’, एयरपोर्ट पर पहुंचे फैंस जयपुर में ORRY की शादी!:होटल में दो दिन अलग-अलग इवेंट होंगे; सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल आए
सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक्टर के पोस्टमार्टम से जुड़ा बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय सुशांत के पैर की हड्डी टूटी हुई, आंख के पास चोट के निशान थे और गले में स्टन गन के भी निशान बने हुए थे। श्वेता सिंह कीर्ति ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी कर कहा- ‘आप सब जानते हैं कि जो भाई के साथ हुआ वो गलत है। हमें कुछ समय पहले ही पता चला है कि भाई का पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने कहा है कि उस पर स्टन गन इस्तेमाल हुई थी। उसके पैर टूटे हुए थे। उस पर काफी सारा फोर्स लगाया गया था। आंखों में भी चोट आई थी।’ आगे श्वेता सिंह कीर्ति ने कहा, ‘आप लोगों को लगता है कि भाई के साथ जो हुआ वो गलत था, जाहिर तौर पर गलत था। हम सब दिलों में जानते हैं कि जो हुआ, वो नहीं होना चाहिए था। मैं आप सबसे कहना चाहती हूं कि मैं उसकी बहन हूं, मैं जानती हूं कि ये कैसा लगता है कि हमारे किसी करीबी से साथ ऐसा कुछ हुआ है। जब ये हमारे साथ हो, तो हम माफ कर सकते हैं, लेकिन किसी अपने के साथ ऐसा हो तो ये भूलने के लिए काफी हिम्मत लगती है।’ श्वेता ने वीडियो के आखिर में लोगों से अपील की है कि वो नफरत या बदले की भावना न रखें। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी फैंस भगवान पर भरोसा रखें। वीडियो के कैप्शन में श्वेता ने लिखा है, ‘मैं ये नहीं कह रही हूं कि न्याय और सही के लिए लड़ाई मत करो, मैं कह रही हूं कि इसे प्यार की भावना के साथ करें बदले की भावना के साथ नहीं।’ बता दें कि श्वेता सिंह कीर्ति में कहीं भी साफ नहीं किया है कि पोस्टमार्टम करने वाले शख्स ने उनसे या किसी एथॉरिटी से बात की है या नहीं। ना ही उन्होंने इन दावों से जुड़े कोई साक्ष्य दिखाए हैं। दैनिक भास्कर उनके दावों की पुष्टि नहीं करता है। CBI जांच में मौत को आत्महत्या करार दिया गया सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को बांद्रा में अपने घर पर रहस्यमयी तरीके से मृत पाए गए थे। पहली नजर में मामला सुसाइड का लगा था, लेकिन बाद में परिवार की शिकायत, मीडिया और विपक्षी दलों के प्रेशर की वजह से मामले की जांच को CBI को सौंपी गई। CBI की क्लोजर रिपोर्ट में मौत की असल वजह सुसाइड ही बताई गई है। इस केस में CBI ने 6 अगस्त 2020 को FIR दर्ज की थी। 4 साल 6 महीने 15 दिन बाद CBI ने मार्च 2025 में फाइनल क्लोजर रिपोर्ट फाइल की, जिसमें कहा गया कि आत्महत्या के लिए सुशांत को उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला है। रिया चक्रवर्ती और अन्य को मामले में क्लीनचिट दी गई। मैनेजर दिशा सालियान डेथ केस से फिर चर्चा में सुशांत का मामला सुशांत सिंह राजपूत के निधन से एक हफ्ते पहले ही उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की भी मौत हुई थी। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। दिशा के पिता की मांग पर 13 सितंबर को दिशा सालियान की मौत के मामले की जांच CBI का सौंपी गई है। दिशा सालियान डेथ केस की जांच दोबारा शुरू होने से सुशांत का केस भी फिर चर्चा में आ गया है। हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा है, 'मेरे चचेरे भाई सुशांत सिंह राजपूत का मामला उसकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की हत्या से जुड़ा है। सुशांत आखिरी बार साल 2019 में पूर्णिया आया था। वो मुझे कुछ बताना चाहता था, लेकिन समय कम होने की वजह से नहीं बता सका। लौटते समय उसने कहा था- भइया जल्दी आपको कुछ बताऊंगा। कुछ बड़ा होने वाला है, मैं जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सब कुछ दुनिया के सामने लाऊंगा। सारे सबूत मेरे पास हैं, मैं किसी से डरता नहीं हूं।' चाचा मनमोहन बोले- साजिश के तहत सुशांत की हत्या की गई सुशांत सिंह राजपूत के चाचा मनमोहन सिंह ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का हम लोग स्वागत करते हैं। जिस वक्त सुशांत की मौत की खबर आई थी, तब कोई विश्वास नहीं कर रहा था कि वह सुसाइड कर सकता है। सुशांत की साजिश के तहत हत्या की गई थी। इसमें काफी बड़े-बड़े लोग शामिल थे, कुछ लोग तो ऐसे हैं, जिनका अभी तक नाम भी सामने नहीं आया है। मनमोहन सिंह ने कहा कि सीबीआई ने दिशा की मौत के मामले में एफआईआर दर्ज की है। अब हम लोगों को भरोसा है कि सुशांत और दिशा मामले में कोई भी दोषी बच नहीं पाएगा।
लीजेंड्री गायिका लता मंगेशकर की आज 97वीं बर्थ एनिवर्सरी है। लता मंगेश्कर का जन्म 28 सितंबर 1929 में हुआ था। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘अपनी दिव्य गायन प्रतिभा से विश्व में देश का नाम रोशन करने वालीं आदरणीया लता दीदी को उनकी जयंती पर सादर नमन। उन्होंने भारतवर्ष को न केवल अपने सुमधुर सुरों से सजाया-संवारा, बल्कि देश की समृद्धि से जुड़ी हर पहल को भी सदैव प्रोत्साहित किया। भारतीय संगीत जगत में उनका अप्रतिम योगदान युग-युगांतर तक स्मरणीय रहेगा।’ लता मंगेशकर की बर्थ एनिवर्सरी पर पढ़िए, स्वरकोकिला बनने की कहानी, गानों के चुनिंदा किस्सों के साथ- 28 सितंबर 1929 को लता दीदी का जन्म इंदौर के एक सिख मोहल्ले में मौसी के घर हुआ। उन्होंने 5 साल की उम्र से ही संगीत सिखाना शुरू कर दिया था। वहीं 9 साल की उम्र से वो अपने पिता दीनानाथ मंगेशकर के साथ नाटक कंपनी में शोज करने लगीं। 1940-41 के आसपास दिल्ली में ऑल इंडिया रेडियो के बुलावे पर लता दीदी पिता के साथ पहली बार रिकॉर्डिंग के लिए गई थीं। 24 अप्रैल 1942 को पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया। पहले गाने के लिए मिली 25 रुपए फीस पिता के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी लता दीदी के कंधों पर आ गई थी। इसी दौरान पिता के दोस्त और फिल्ममेकर मास्टर विनायक ने उन्हें अपनी मराठी फिल्म पहिली मंगला गौर के लिए अप्रोच किया। पैसों की जरूरत थी तो उन्होंने हां कर दी और फिल्म में एक छोटा सा रोल भी किया। साथ में उन्होंने फिल्म के गाने नटली चैत्राची नवलाई गाना भी गाया। इस गाने के लिए उन्हें 25 रुपए फीस मिली थी और फिल्म में रोल के लिए कुल 300 रुपए। इसके बाद उन्होंने मास्टर विनायक की कंपनी में काम किया। अपनी बायोग्राफी में लता मंगेश्कर ने कहा, ‘13 साल की उम्र में पूरे परिवार की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई थी। ऐसे में न चाहते हुए भी मुझे फिल्मों में काम करना पड़ा। घर में मां के अलावा चार भाई-बहनों की परवरिश एक चुनौती थी, जिसके लिए फिल्मों में काम करने का रास्ता ही मुझे ठीक लगा।’ पैसों की कमी की वजह से घर खाली करने की नौबत आ गई थी दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद लता दीदी पूरे परिवार को लेकर कोल्हापुर आ गई थीं। मास्टर विनायक ने उन्हें एक मकान रहने के लिए दिया। 1947 में मास्टर विनायक का निधन हो गया। इसके बाद उनके रिश्तेदारों ने लता पर घर खाली करने का दबाव डालना शुरू कर दिया। इसी बीच एक कैमरामैन लता से मिलने आए। उन्होंने कहा- एक हरिश्चंद्र बाली हैं, जो आपसे मिलकर आपका गाना सुनना चाहते हैं। अगले दिन उन्होंने जाकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने लता को सुना और गाना गाने का मौका दिया। इसके बदले उन्होंने लता को मोटी रकम दी। उसी पैसे से लताजी ने घर का किराया चुकाया। तब जाकर उन्हें उस घर में रहने दिया गया। चाचा ने कहा- परिवार का नाम खराब कर देगी ये लड़की लता मंगेशकर की बायोग्राफी लता सुरगाथा के मुताबिक, ‘14 साल की उम्र में मैं कोल्हापुर से मुंबई एक शो में गाने के लिए अपनी मौसी के साथ गई थी। यहां मैं अपने चाचा कमलनाथ मंगेशकर के घर रुकी थी। घर पहुंचते ही मैं रियाज करने लग गई। मगर चाचाजी मुझसे नाराज थे। उन्होंने मुझे देखकर कहा, ये लड़की भाई दीनानाथ मंगेशकर का नाम खराब कर देगी। कहां वो एक सुधी गायक और कहां ये लड़की। ये लड़की ठीक से गा नहीं पाएगी और पूरे खानदान का नाम मिट्टी में मिल जाएगा। उन लोगों की ये बात सुन मैं बहुत आहत हुई और रोने लगी।’ गाना सुनकर ललिता पवार ने दीं सोने की बालियां अगले दिन लता मंगेशकर परफॉर्मेंस के लिए पहुंचीं। दर्शकों के बीच एक्ट्रेस ललिता पवार भी मौजूद थीं। लता का गाना उन्हें इतना पसंद आया कि उन्होंने खुश होकर ईनाम में सोने की बालियां दीं। जब आवाज पतली कहकर रिजेक्ट किया गया लता मंगेशकर को कुछ स्टेज शोज के बाद रिकॉर्डिंग के ऑफर मिलने लगे। एक रिकॉर्डिंग के बीच एक पठान ने उनका गाना सुना और गुलाम हैदर को उनका नाम सुझाया। पठान ने गुलाम हैदर से कहा- कोई एक नई लड़की आई है, जो बहुत ही उम्दा गाती है। आप उसे बुलाकर एक बार जरूर सुनें। मास्टर गुलाम हैदर अली ने मिलने के लिए हामी भर दी। अगले दिन लता मंगेशकर अपनी मौसेरी बहन के साथ मास्टर गुलाम हैदर अली के स्टूडियो मिलने गईं। मास्टर हैदर अली ने लता की मुलाकात प्रोड्यूसर शशधर मुखर्जी से करवाई, जो उस समय फिल्म शहीद पर काम कर रहे थे, लेकिन उन्होंने लता को काम देने से इनकार कर दिया। मुखर्जी ने कहा- इस लड़की की आवाज बहुत पतली है। इस पर मास्टर हैदर अली ने कहा- आने वाले दिनों में प्रोड्यूसर और डायरेक्टर इस लड़की के पैरों में गिरकर अपनी फिल्म में गाना गाने की विनती करेंगे। फिर मास्टर गुलाम हैदर ने ही लता को फिल्म 'मजबूर' के गीत 'अंग्रेजी छोरा चला गया' में गायक मुकेश के साथ गाने का मौका दिया। यह लता का पहला बड़ा ब्रेक था, इसके बाद उन्हें काम की कभी कमी नहीं हुई। बाद में शशधर ने अपनी गलती मानी और 'अनारकली', 'जिद्दी' जैसी फिल्मों में लता से कई गाने गवाए। जल्द ही लता मंगेशकर हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन सिंगर्स में शामिल हुईं और उन्होंने लगातार कई फिल्मों के गाने गाए। बीमार महबूब खान को फोन पर सुनाया गीत 1958 में फिल्ममेकर महबूब खान अमेरिका में ऑस्कर समारोह में गए थे। यहां पहुंचे उन्हें 2 दिन ही हुए थे कि उन्हें हार्ट अटैक आ गया। उनका हाल जानने के लिए लता दीदी ने उन्हें फोन किया। महबूब खान ने बातचीत के दौरान कहा- विदेश में तुम्हारा गाना सुनने का बहुत मन कर रहा है, लेकिन यहां कहां से तुम्हारे गानों की रिकॉर्डिंग लाऊं। लता दीदी ने जवाब दिया- आप कौन सा गीत सुनना चाहते हैं। महबूब खान की फरमाइश पर लता दीदी ने उन्हें 'रसिक बलमा' गीत सुनाया। उनके इस गीत से महबूब खान की तबीयत में सुधार जरूर हुआ था। जब जवाहर लाल नेहरु बोले-इस लड़की ने रुला दिया 1962 में चीन के आक्रमण के दौरान पं. प्रदीप (कवि प्रदीप) ने देशभक्ति गीत 'ए मेरे वतन के लोगों' लिखा। उन्होंने लता मंगेशकर से गुजारिश की थी कि वह 26 जनवरी, 1963 को गणतंत्र दिवस के मौके पर इस गीत को गाएं। उस प्रोग्राम में जवाहरलाल नेहरू भी मौजूद थे। जैसे ही लता दीदी ने गाना शुरू किया, जवाहरलाल नेहरू मंच पर खड़े ही रो पड़े। गाने के बाद लता मंगेशकर स्टेज के पीछे कॉफी पी रही थीं, तभी निर्देशक महबूब खान ने उनसे आकर कहा कि तुम्हें पंडितजी बुला रहे हैं। नेहरू के सामने उन्होंने ले जाकर कहा, ‘ये रही हमारी लता। आपको कैसा लगा इसका गाना?’ नेहरू ने कहा,'बहुत अच्छा। इस लड़की ने मेरी आंखों में पानी ला दिया।' इतना कहकर उन्होंने लता मंगेशकर को गले लगा लिया। अब पढ़िए लता मंगेशकर के कुछ चुनिंदा गाने और उनकी रिकॉर्डिंग से जुड़े अनसुने किस्से- 1961 की फिल्म 'माया' के गाने तस्वीर तेरी दिल में के दौरान स्टूडियो में लता और रफी साहब की गायकों की रॉयल्टी पर ऐसी बहस छिड़ी की दोनों ने साथ काम न करने का फैसला लिया। लता ने इंडस्ट्री में सभी सिंगर्स की आवाज उठाते हुए उनके लिए रॉयल्टी की मांग की थी। सभी गायकों ने मीटिंग रखी, लेकिन रफी साहब, लता और रॉयल्टी मांग रहे सभी सिंगर्स की सोच के खिलाफ थे। रफी साहब ने लता से कहा कि वो अब उनके साथ गाना नहीं गाएंगे। इंडस्ट्री में नई आईं गुस्से की तेज लता ने जवाब में कहा, आप क्या मेरे साथ गाना नहीं गाएंगे, मैं खुद कभी आपके साथ नहीं गाऊंगी। दोनों ने करीब 4 साल तक साथ में गाना नहीं गाया, ना ही कोई मंच साझा किया। लता मंगेशकर ने गानों की रॉयल्टी हासिल की। निधन के समय तक उन्हें हर महीने रॉयल्टी के 40 लाख रुपए मिलते थे। साल 1967 में रिलीज हुई फिल्म 'ज्वेल थीफ' के गाने दिल पुकारे आ रे आ रे को लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने अपनी सुरीली आवाज दी थी। इस गाने को मोहम्मद रफी और लता जी के चार साल पुराने झगड़े को सुलझाने का क्रेडिट देना गलत नहीं होगा। 1967 में संगीतकार जयकिशन के कहने पर रफी साहब ने लता से चिट्ठी लिखकर माफी मांगी। 1967 में आरडी बर्मन के एक समारोह में दोनों ने इसी साल रिलीज हुई फिल्म 'ज्वेल थीफ'का ये गाना गाया और झगड़ा खत्म कर लिया। लता मंगेशकर ने फिल्म 'जिद्दी' में पहली बार किशोर कुमार के साथ ये कौन आया रे गाना गाया था। इस गाने की रिकॉर्डिंग के समय ही पहली बार लता और किशोर की मुलाकात हुई थी। करियर की शुरुआत में लता दी लोकल ट्रेन पकड़कर स्टूडियो जाती थीं। एक दिन महालक्ष्मी स्टेशन में एक व्यक्ति कुर्ता पजामा पहने और छड़ी लिए उनके कंपार्टमेंट में चढ़ गया। लता जी को वो शख्स जाना पहचाना लग रहा था, लेकिन उनका ख्याल साफ नहीं था। जब उन्होंने लोकल से उतरकर तांगा लिया तो वो शख्स भी तांगे से पीछे आने लगा। लता जी घबरा गईं और तेजी में स्टूडियो पहुंची, यहां भी वो शख्स पीछे ही आ रहा था। स्टूडियो पहुंचकर उन्होंने संगीतकार खेमचंद्र के पास जाकर कहा, ये कौन है, जो मेरा पीछा कर रहा है। खेमचंद्र ने पीछे देखा तो हंसने लगे और कहा ये किशोर कुमार है, अशोक कुमार का भाई। प्लेबैक सिंगर के रूप में ये किशोर दा की पहली फिल्म थी, जिसमें उन्होंने देव आनंद को आवाज दी थी। कुछ इस तरह संगीत की दुनिया के दो सबसे बड़े सितारों की पहली मुलाकात हुई थी। 1960 की फिल्म 'मुगल-ए-आजम' में लता जी मधुबाला की आवाज बनी थीं। म्यूजिक डायरेक्टर नौशाद ने 150 गानों को रिजेक्ट करने के बाद प्यार किया तो डरना क्या... सिलेक्ट किया था। इस गाने में जो गूंज नौशाद साहब को चाहिए थी, वो स्टूडियो में नहीं थी। ऐसे में उन्होंने लता जी से बाथरुम में ये गाना रिकॉर्ड करवाया था। उस जमाने में 10-15 लाख में पूरी फिल्म बना करती थी, लेकिन इस गाने में पूरे 10 लाख रुपए का खर्च आया था। मधुबाला लता की आवाज की ऐसी दीवानी थीं कि उन्होंने फिल्मों में काम करने की शर्त रखी थी कि उन्हें लता जी ही आवाज देंगी। ये गाना लता जी के करियर के शुरुआती हिट गानों में से एक है। उस जमाने में रिकॉर्डिंग स्टूडियो की व्यवस्था नहीं हुआ करती थी, जिससे सिंगर किसी भी खाली जगह में गाना रिकॉर्ड कर लिया करते थे। 1948-49 के पास का समय है जब लता बॉम्बे टॉकीज में 'महल' फिल्म का गाना आएगा, आने वाला आएगा रिकॉर्ड कर रही थीं। वहां एक्ट्रेस नरगिस और जद्दनबाई अपनी फिल्म लाहौर की शूटिंग कर रही थीं। गाना ध्यान से सुनने के बाद जद्दनबाई ने उन्हें बुलाया और कहा, इधर आओ बेटा, क्या नाम है तुम्हारा। उन्होंने जवाब दिया-जी लता। जद्दनबाई ने तारीफ करते हुए आगे कहा, माशाल्लाह, क्या 'बगैर' कहा है, दीपक बगैर कैसे परवाने जल रहे हैं। बगैर सुनकर तबीयत खुश हो गई। ऐसा तलफ्फुज हर किसी का नहीं होता, तुम एक दिन बहुत नाम करोगी। वाकई जद्दनबाई की बात सच हुई। 1978 की फिल्म 'सत्यम शिवम सुंदरम' का टाइटल ट्रैक लता जी ने गाया था। डायरेक्टर राज कपूर से किसी बात पर बहस के बाद लता जी ने गाना गाने से इनकार कर दिया। राज साहब ने लता जी को बहुत समझाया, पर वे मानीं नहीं। तब राज कपूर ने फिल्म के गीतकार पं. नरेंद्र शर्मा से बात की, जिन्हें लता जी पापा कहती थीं। पं. नरेंद्र शर्मा जी के कहने पर लता जी ने कहा कि मैं स्टूडियो आती हूं। वे स्टूडियो गईं। संगीतकार ने उन्हें सत्यम शिवम सुंदरम... गाने को सिर्फ एक-दो बार बताया। इस गाने में आलाप वगैरह होने के बावजूद 6-7 मिनट के गाने को लता जी एक टेक में रिकॉर्ड करके वापस आ गईं। यह किस्सा लता मंगेशकर पर उनकी बहन मीना मंगेशकर-खडीकर की किताब ‘दीदी और मैं’ किताब में है। राज कपूर की बेटी रितु नंदा ने अपनी बुक में खुलासा किया था कि ये फिल्म राज कपूर ने लता जी से इंस्पायर होकर लिखी थी और वो लता जी को ही इस फिल्म में कास्ट करना चाहते थे। सलिल चौधरी के कंपोजिशन में तैयार हुआ ये गाना 1957 की फिल्म 'मुसाफिर' का था जिसे लता मंगेशकर और दिलीप कुमार ने आवाज दी थी। लता को अंदाजा नहीं था कि उनके साथ गाना गाएंगे। दिलीप साहब ने प्रैक्टिस तो खूब की, लेकिन जैसे ही रिकॉर्डिंग स्टूडियों में माइक थामा तो वो डर गए। डर का कारण था लता जी जैसी बेहतरीन गायिका के साथ गाना। जब दिलीप कुमार ठीक से नहीं गा सके तो सलिल चौधरी ने उन्हें ब्रांडी पिलाकर रिकॉर्डिंग करवाई। कहा जाता है कि इस रिकॉर्डिंग के बाद से ही लता जी और दिलीप साहब के रिश्ते में कुछ कड़वाहट आ गई थी। लता उन्हें भाई मानती थीं और राखी बांधा करती थीं, लेकिन इसके बाद से ही दोनों की बातचीत करीब 13 सालों तक नाममात्र की बातचीत रही। इस मतभेद का कारण दिलीप साहब का कमेंट था, जिसमें उन्होंने कहा था, मराठियों की उर्दू दाल-चावल की तरह होती है। लता जी इससे काफी नाराज हुई थीं। साल 1974 की फिल्म 'आपकी कसम' के गाने सुनो कहो, कुछ हुआ क्या को लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने आवाज दी थी। किशोर कुमार को हर वक्त मजाक करने की आदत थी, लेकिन उनकी इस आदत के कारण लता ने उनके साथ रिकॉर्डिंग करने से इनकार कर दिया था। लता जी का कहना था कि ये जोक सुनाते हैं और हंसने में आवाज थक जाती है, लेकिन एक समय आया जब दोनों को साथ गाना था। जैसे ही लता जी आईं तो किशोर दा ने उन्हें रोककर किस्सा सुनाना चाहा। लता जी ने कहा पहले गाने दीजिए, तो जवाब मिला कि ये किस्सा गाने से ताल्लुक रखता है। सोचो, एक घर के कमोड पर तुम बैठी हो और दूसरे कमोड पर मैं और हम ये गाना गा रहे हों। जाहिर है ये मजाक सुनकर सभी देर तक हंसते रहे थे।
सलमान खान ने रियलिटी शो बिग बॉस 20 के पिछले वीकेंड का वार में बैक पोज लेने पर पैपराजी को फटकारा था। अब इस हफ्ते सलमान ने फिर ये मुद्दा उठाया और सोशल मीडिया पर सेंसर लगाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने AI के मिसयूज पर भी नाराजगी जताई है। सलमान ने हालिया एपिसोड में कहा है, ‘AI का भी मिसयूज हो रहा है। किसी ने आपकी AI वॉयस लेकर किसी को गाली बक दी। आपको पता है ये लोग AI वीडियोज बना रहे हैं बहुत सारे लोगों के। यहां तक की मैं भी AI वीडियोज में होता हूं। कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें नहीं पता मैं कैसा हूं, वो पोस्ट कर देते हैं कि सलमान खान पब में था। जिनको ये बात पता है, जिन्होंने ये वीडियो बनाया है, वो किस तरह के लोग हैं।’ आगे सलमान ने कहा है, ‘इस तरह के लोगों को जेल में डालना चाहिए। जब तक एक दो अंदर जाएगा नहीं, तब तक ये सब रुकने वाला है नहीं। इसके लिए कानून लाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी सेंसर शिप होना चाहिए। मैं इस चीज को बेहद गंभीरता से लेने वाला हूं।’ शो में फिल्म हुंकार प्रमोट करने पहुंचीं फातिमा सना शेख ने सलमान की पैपराजी से जुड़ा मुद्दा उठाने पर तारीफ की। इस पर उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत दिनों से नोटिस कर रहा था। कुछ लड़कियां बहुत असहज हो जाती हैं। पैप्स ने कहा है कि वो भी अब से ये नहीं कर रहे हैं। एक-दो कोई ऐसे हैं, लेकिन अब बाकी के लोग ये नहीं कर रहे हैं। कुछ लोग मोबाइल लेकर खड़े होते हैं, जो पैप्स हैं भी नहीं। असली प्रेस वालों और पैप्स को उनको वहां से भगाना चाहिए। कोई भी हाथ में कैमरा रख लेता है।’ सलमान ने कहा, ‘यहां सेंसर बोर्ड जैसा कुछ आना चाहिए, जहां लोगों को अपने कमेंट, शब्दों के लिए जवाबदेही लेनी चाहिए। इन्फ्लूएंसर्स इससे पैसे कमाते हैं। रोजगार के लिए ये अच्छा है, लेकिन इसका मिसयूज नहीं होना चाहिए।’ अपने ही वीडियोज देखकर हैरान हो जाते हैं सलमान सलमान खान ने बताया है कि वह कभी-कभी अपने ही AI वीडियोज देखकर शॉक हो जाते हैं। उसमें आवाज भी बिल्कुल रियल होती है। आगे सलमान ने कहा, ‘मैंने हाल ही में जो आवाज उठाई, उसकी लोगों से सहारना की। 10-15 प्रतिशत लोगों ने उसके भी मीम बनाए, लेकिन धीरे-धीरे करके ये पूरा खेल बदला जाना चाहिए।’ क्या था सलमान का पिछला बयान और क्या हुआ असर? बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान ने कटरीना कैफ को वजन, भाई सोहेल के चेहरे और सनी देओल के फटे जूतों पर ट्रोल करने वालों की कड़ी शब्दों में निंदा की। इस दौरान उन्होंने एक्ट्रेसेस के गलत एंगल से शॉट लेने और पोस्ट किए जाने पर कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां (कमर पर) होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर, नेहा धूपिया और भांजी का जिक्र किया। सलमान ने आगे कहा कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान बोले- अपनी मां-बहन के शॉट सोशल मीडिया पर डालो सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। जांघों का शॉट ले लो।” सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? गुस्से में सलमान ने मंच पर ही अपनी शर्ट उतारकर पेट दिखाया और कहा कि अब जो चाहे उन्हें ट्रोल कर सकता है। सलमान ने ये भी कहा कि कुछ समय पहले उन्हें गंजा कहते हुए ट्रोल किया जा रहा था, जबकि असल में वो उनकी आने वाली फिल्म का लुक था, उन्होंने कुछ समय पहले अपना दोस्त भी खो दिया था। कई सेलेब्स ने की सलमान के बयान की सहारना एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने कुछ समय पहले ही बैक शॉट पोस्ट करने पर एक इवेंट में सरेआम पैपराजी को फटकारा था। अब सलमान का बयान आने के बाद नेहा लिखती हैं, टाइगर जिंदा है। वरुण धवन ने एक वीडियो जारी कर सलमान को सपोर्ट किया। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो पिता डेविड धवन के साथ सलमान को देखकर खुशी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने लिखा है, सलमान खान आपको सलाम। आपने सोशल मीडिया पर लोगों के व्यवहार, ट्रोलिंग, पैपराजी और इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देने वालों पर बहुत जरूरी बातें कहीं। और जब भाई बोलता है, तो उसके बाद किसी के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचता। एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने न्यूज 18 से बातचीत में कहा, ऐसी बात कहना एक बड़ी और उदार सोच को दिखाता है और लोगों को ट्रोलिंग पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऋचा ने उन पुरुषों पर भी सवाल उठाया जो महिलाओं के शरीर और उनके लुक्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष महिलाओं के बिना अस्तित्व में नहीं आ सकते, क्योंकि हर व्यक्ति मां की कोख से जन्म लेता है। उनके मुताबिक, अगर कोई मांओं का मजाक उड़ाता है, तो उसका असर उल्टा पड़ सकता है। बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट बोली- सलमान पाखंडी है सलमान का बयान सामने आने के बाद बिग बॉस 7 की कंटेस्टेंट रह चुकीं ब्रिटिश मॉडल, सिंगर और एक्ट्रेस सोफिया हयात ने सलमान को पाखंडी कहा है। उन्होंने सलमान का क्लिप शेयर कर लिखा है, सलमान एक पाखंडी और बेवकूफ इंसान है। जब मैं बिग बॉस में थी, तब उसने मेरे शरीर और चेहरे को लेकर आलोचना की थी, जबकि गौहर से कहा था कि उसका शरीर अच्छा है। क्या था सलमान खान का बयान? यह खबर भी पढ़ें... सलमान खान ने पैपराजी-ट्रोलर्स को फटकारा:वरुण धवन, नेहा धूपिया ने किया सपोर्ट, एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट सोफिया हयात बोलीं- सलमान पाखंडी हैं, मेरा मजाक उड़ाया सलमान खान के पैपराजी और ट्रोलिंग के खिलाफ बयान के बाद कई बॉलीवुड सितारों ने उनका समर्थन किया। नेहा धूपिया ने सलमान के बयान पर ‘टाइगर जिंदा है’ लिखकर प्रतिक्रिया दी। वरुण धवन ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर सलमान को सपोर्ट किया। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने भी सलमान की तारीफ की और सोशल मीडिया ट्रोलिंग व पैपराजी के व्यवहार पर उनकी बात को जरूरी बताया। हालांकि, सोफिया हयात ने सलमान के बयान की आलोचना की। उन्होंने सलमान को पाखंडी बताया और अपने पुराने अनुभव का जिक्र किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड के सबसे आला दर्जे के एक्टर माने जाने वाले रणबीर कपूर आज 44 साल के हो चुके हैं। 2007 की फ्लॉप फिल्म ‘सांवरिया’ से करियर शुरू करने वाले रणबीर कपूर ने ‘रॉकस्टार’ में टूटे दिल का दर्द जिया, ‘बर्फी’ में बिना बोले दिल जीत लिया और ‘संजू’ में संजय दत्त को पर्दे पर उतार दिया। ‘एनिमल’ से बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़े, तो विवादों में भी घिरे। पर्दे के बाहर माता-पिता के तनावपूर्ण रिश्ते, पिता ऋषि कपूर को खोने का दर्द और निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव भी उनकी कहानी का हिस्सा रहे। 19 साल के करियर में 21 फिल्मों के साथ रणबीर अब ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने जा रहे हैं। आज उनके 44वें जन्मदिन के मौके पर जानिए आखिर कैसा रहा एक स्टारकिड से सुपरस्टार बनने तक का उनका सफर- कपूर खानदान का चिराग, जिसे है दुर्लभ बीमारी रणबीर कपूर का जन्म 28 सितंबर 1982 को मुंबई में हुआ। वे अभिनेता ऋषि कपूर और नीतू कपूर के बेटे हैं। शोमैन राज कपूर दादा हैं। परिवार की 4 पीढ़ियां हिंदी सिनेमा में पहचान बना चुकी थीं। यूं तो रणबीर कपूर हर ऐशो-आराम में पले बढ़े, लेकिन उनके अपने निजी संघर्ष रहे। रणबीर को नेजल डिविएट सेप्टम नाम की बीमारी हो गई। ये एक रेयर बीमारी है, जिसके चलते उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है और वह जल्दी-जल्दी बोलते हैं। रणबीर कपूर के बचपन से- देखिए रणबीर कपूर के बचपन की चुनिंदा तस्वीरें- बचपन में अलमारी में रखते थे संजय दत्त की तस्वीरें रणबीर कपूर बचपन में एक्टर संजय दत्त के फैन थे। वो अपने कमरे की अलमारी में संजय दत्त की तस्वीरें छिपाकर रखते थे। जबकि उनकी बहन रिद्धिमा के पास सलमान की तस्वीरें होती थीं। संयोग की बात है कि रणबीर ने संजय दत्त की बायोपिक में उनका किरदार निभाया, जो उनके करियर की बेहतरीन फिल्मों में शामिल है। रणबीर कपूर बचपन में पिता की फिल्में देखा पसंद करते थे, जबकि उन्हें मां नीतू सिंह की फिल्में देखना अजीब लगता था। पिता के फिल्मों में निभाए गए अलग-अलग किरदार देखते हुए ही रणबीर ने एक्टर बनने का सोचा था। पिता के साथ देशभक्ति गाने में नजर आए थे रणबीर बाबरी मस्जिद टूटने के बाद देश में दंगे भड़क गए थे। इसी समय 1993 में सुभाष घई ने दूरदर्शन के लिए एकता पर गाना बनाया प्यार की गंगा बहे। इस गाने में उस दौर के बड़े सितारे अपने परिवार और बच्चों के साथ नजर आए थे। तब 11 साल के रणबीर कपूर भी पिता ऋषि कपूर के साथ एक सीन में दिखे। उनके अलावा बाल कलाकारों में सोनम कपूर, टाइगर श्रॉफ भी दिखे थे। वहीं बड़े कलाकारों में अनिल कपूर, सलमान खान, ऋषि कपूर, आमिर खान, जैकी श्रॉफ, नसीरुद्दीन शाह, गोविंदा, चिरंजीवी, रजनीकांत, ममूटी दिखे। रणबीर पर पेरेंट्स के तनाव भरे रिश्ते का भी बुरा असर पड़ा। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि कई रातें उन्होंने पेरेंट्स को झगड़ते देख सीढ़ियों पर बैठकर काटीं। रणबीर ने निखिल कामत को दिए इंटरव्यू में कहा था, कभी-कभी उनके बीच झगड़े बहुत बढ़ जाते थे। मैं सीढ़ियों पर बैठकर अपने घुटनों के बीच सिर छिपा लेता था और सुबह 5-6 बजे तक उनके झगड़े खत्म होने का इंतजार करता रहता था। पेरेंट्स के तनाव का असर रणबीर और ऋषि कपूर के रिश्ते पर पड़ा। रणबीर पिता से डरने लगे और मां से उनका लगाव बढ़ने लगा। एक वजह यह भी रही कि जिस समय रणबीर छोटे थे, ऋषि कपूर का ज्यादातर समय शूटिंग में घर से बाहर बीतता था। रणबीर कपूर का असिस्टेंट डायरेक्टर से हीरो बनने का सफर- 1996 में रणबीर कपूर के पिता ऋषि कपूर और अंकल रणधीर कपूर और राजीव कपूर ने मिलकर फिल्म प्रेम ग्रंथ प्रोड्यूस की। इसे राजीव कपूर ने डायरेक्ट किया और ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित लीड रोल में रहे। होम प्रोडक्शन की इस फिल्म में रणबीर को ऐसी रुचि रही कि उन्होंने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर इसमें काम किया, जबकि तब वह महज 15 साल के थे। इसके बाद जब ऋषि कपूर ने ऐश्वर्या राय और बॉबी देओल स्टारर फिल्म आ अब लौट चलें डायरेक्ट की, तब भी रणबीर फिल्म के असिस्टेंट डायरेक्टर रहे। विदेश में की पढ़ाई, भारत लौटकर भंसाली के सेट पर लगाया पोछा एचआर कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद रणबीर कपूर फिल्ममेकिंग सीखने न्यूयॉर्क गए। वहां उन्होंने स्कूल ऑफ विजुअल आर्ट्स से फिल्ममेकिंग और ली स्ट्रासबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट से मेथड एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। मुंबई लौटने के बाद 2005 में उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म 'ब्लैक' में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। इस दौरान उन्होंने सेट पर लाइटिंग से लेकर सफाई तक के काम किए। राज कपूरः द मास्टर एट वर्क बुक लॉन्च में रणबीर ने बताया था कि उन्हें फिल्म ब्लैक के सेट पर संजय लीला भंसाली से काफी डांट पड़ती थी। कई बार उन्हें सेट पर पोछा भी लगाना पड़ा था। लेकिन कहते हैं न कि मेहनत फल जरूर देती है। ऐसा ही रणबीर के साथ भी हुआ। उनका हुनर परखते हुए संजय लीला भंसाली ने उन्हें अगली फिल्म सांवरिया में कास्ट कर लिया। सोनम कपूर ने भी उनके साथ ही डेब्यू किया था। आलिया के साथ डेब्यू करने वाले थे रणबीर साल 2002 में 20 साल के रणबीर कपूर को संजय लीला भंसाली की फिल्म बालिका वधू में कास्ट किया गया था। इस फिल्म में 11-12 साल की रहीं आलिया भट्ट बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम कर रही थीं। दोनों का एक फोटोशूट भी हुआ था, जिसमें रणबीर, आलिया के कंधे पर सिर रखते हुए शर्मा गए थे। हालांकि बाद में ये फिल्म बंद हो गई। सांवरिया (2007) बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। हालांकि रणबीर कपूर की एक्टिंग की जमकर सराहना हुई। इस फिल्म के गाने भी चर्चा में रहे। फिल्म के एक सीन में टॉवेल लपेटे हुए रणबीर की भी चर्चा रही। सांवरिया फ्लॉप होने के बाद रणबीर कपूर बचना ऐ हसीनों (2008) में नजर आए, जो हिट रही। अगले साल उनकी तीन फिल्में आईं वेक अप सिड, अजब प्रेम की गजब कहानी और रॉकेट सिंह। तीन फिल्में लेकिन किरदार तीनों के अलग। 2009 में आईं तीन फिल्मों में रणबीर के किरदार- वेकअप सिड- सिद्धार्थ मेहरा (सिड) नाम का एक लापरवाह, अमीर लड़का, जो सेल्फ डिपेंडेंट बनना चाहता है। फिल्म हिट रही। अजब प्रेम की गजब कहानी- प्रेम शंकर शर्मा, एक मजाकिया, दिलदार और दूसरों की मदद करने वाला लड़का, जो जेनी से प्यार करता है और उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है। फिल्म सुपरहिट रही। रॉकेट सिंह- हरप्रीत सिंह बेदी, एक ईमानदार और मेहनती लड़का, जो सबसे बड़ा सेल्समैन बनना चाहता है। फिल्म फ्लॉप हो गई। राजनीति से एक्टिंग करियर की सीमाएं मिटाईं साल 2010 में रणबीर कपूर, प्रकाश झा के निर्देशन में बनी फिल्म राजनीति में नजर आए। किरदार था समर प्रताप सिंह। रणबीर का इंटेंस लुक और किरदार चर्चा में रहा और बड़ी आसानी से उन्होंने रोमांटिक, कॉमेडी हीरो की छवि धुंधली कर दी। इसी साल आई अनजाना अनजानी भी हिट साबित हुई। रॉकस्टार में जनार्दन उर्फ जेजे बनकर स्टार बने साल 2011 में रणबीर कपूर इम्तियाज अली की फिल्म रॉकस्टार में नजर आए। उन्होंने पीतम पुरा के एक सीधे-सादे जाट लड़के का किरदार निभाया, जो कॉलेज में रॉकस्टार बनने का सपना देखता है। कैंटीन के मालिक की सलाह पर वो आवाज में दर्द लाने के लिए नकली हार्टब्रेक का ड्रामा करते-करते वाकई एक ऐसी लड़की को पसंद करने लगता है, जिसकी शादी उसकी नजरों के सामने हुई। फिल्म रिलीज हुई, तो सिनेमाघर हाउसफुल हो गए। डेली न्यूज एंड एनालिसिस ने लिखा, रणबीर कपूर ने हिंदी सिनेमा की सबसे सधी हुई परफॉर्मेंस दी। उन्हें बेस्ट एक्टर क्रिटिक्स का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इसके अलावा उन्हें बेस्ट एक्टर के दो और अवॉर्ड मिले। पिता नहीं चाहते थे फिल्म बर्फी करें रणबीर 2012 में रिलीज हुई बर्फी से रणबीर ने अपनी अलग ही पहचान बनाई। इसमें उन्होंने एक बोलने-सुनने में असमर्थ शख्स का रोल प्ले किया। इस फिल्म को इंडिया से ऑस्कर में ऑफिशियल एंट्री मिली थी। इस रोल को करने के लिए एक्टर ने चार्ली चैप्लिन और दादा राज कपूर से प्रेरणा ली थी। हालांकि पिता ऋषि कपूर नहीं चाहते थे कि रणबीर ये किरदार निभाएं। इस पर ऋषि कपूर ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मेरे भाई (रणधीर और राजीव कपूर) मुझसे कहते थे कि रणबीर को क्या हो गया है? ये सुसाइड कर रहा है.. एक फिल्म करता है उसमें भी ‘रॉकेट सिंह’ और ‘बर्फी’ जैसी.. जिसमें ये गूंगा है और सुनता भी नहीं है.. खत्म हो जाएगा। ये सब सुनकर मुझे भी फिक्र होती थी, पर रणबीर ने अपनी चॉइस से हम सभी को गलत साबित किया। ‘बर्फी’ हिट साबित हुई। रणबीर एक डेयरिंग एक्टर है। जब वो अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे ‘सांवरिया’ से तभी उन्होंने अपनी मां से कहा था कि मैं उस तरह का काम नहीं करना चाहता जो शाहरुख खान साहब और बाकी एक्टर्स कर चुके हैं। आगे रणबीर ने ये जवानी है दीवानी, तमाशा, ऐ दिल है मुश्किल, संजू, शमशेरा, ब्रह्मास्त्र, तू झूठी मैं मक्कार जैसी फिल्में कर स्टारडम कायम रखा। 19 साल के करियर में पिता की मौत के बाद पहली बार लिया ब्रेक 2007 में करियर शुरू करने वाले रणबीर की हर साल एक फिल्म जरूर होती है, हालांकि उन्होंने दो बार गैप किया। साल 2018 की ब्लॉकबस्टर फिल्म संजू के बाद रणबीर ने 4 साल का ब्रेक लिया। इस ब्रेक की दो वजह रहीं, पहली कोविड और दूसरी उनके पिता ऋषि कपूर की बिगड़ती तबीयत। 30 अप्रैल 2020 को कैंसर की वजह से ऋषि कपूर की मौत हो गई थी। रणबीर ने उस दिन को भी याद किया जब डॉक्टरों ने उन्हें बता दिया था कि ऋषि कपूर की मौत किसी भी वक्त हो सकती है। पिता के निधन की जानकारी मिलने पर आया पैनिक अटैक निखिल कामथ से बातचीत करते हुए रणबीर ने कहा था- मैंने बहुत पहले ही रोना छोड़ दिया था। पापा की मौत के बाद भी मैं रोया नहीं था। एक दिन जब मैं रात में हॉस्पिटल में था, तब डॉक्टर ने कहा था, ये उनकी (ऋषि कपूर) आखिरी रात है। वे कभी भी जा सकते हैं। मुझे याद है कि रूम में जाने के बाद मुझे पैनिक अटैक आ गया था। समझ नहीं आ रहा था कि खुद को एक्सप्रेस कैसे करूं। उस वक्त बहुत कुछ हो रहा था, जिसे मैनेज करना था। लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैंने शोक मनाया था, या मुझे उनकी कमी का एहसास था। इसके बाद उन्होंने सीधे 2022 में 2 फिल्मों से वापसी की। पहली शमशेरा जो फ्लॉप रही और दूसरी रही ब्रह्मास्त्र पार्ट-1। अगले साल यानी 2023 में रणबीर कपूर की लंबे समय बाद रोमांटिक कॉमेडी फिल्म तू झूठी मैं मक्कार रिलीज हुई। फिल्म एवरेज हिट रही। लेकिन इसी साल आई उनकी फिल्म एनिमल ने रिकॉर्ड कायम किए। ये उस साल की सबसे बड़ी फिल्म बनी, लेकिन रणबीर के हिस्से कुछ विवाद भी आए। फिल्म में टॉक्सिसिटी को बढ़ावा देने और महिलाओं के गलत चित्रण पर सवाल उठाए गए। हिंसक सीन की भी जमकर आलोचना हुई। लेकिन विवादों के बीच फिल्म ने रणबीर को चौथा बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर दिलाया। इसके बाद रणबीर ने अपने 3 साल नितेश तिवारी की रामायण में लगा दिए, जो इस साल रिलीज होने वाली है। फिल्म में रणबीर भगवान श्रीराम का किरदार निभा रहे हैं, जिस पर विवाद है। दरअसल, कुछ सालों पहले रणबीर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें बीफ पसंद है, जिसके बाद अब कहा जा रहा है कि बीफ खाने वाले को भगवान राम का रोल क्यों दिया गया। हालांकि रणबीर फिल्ममेकिंग के दौरान शाकाहारी बन चुके हैं। विवादों के बावजूद हिट हुईं रणबीर की फिल्में एनिमल (2023): हिंसा और महिलाओं के चित्रण पर विवाद एनिमलl में रणबीर कपूर ने रणविजय सिंह का किरदार निभाया था। फिल्म में अत्यधिक हिंसा, महिलाओं के प्रति व्यवहार और पुरुष प्रधान सोच को लेकर विवाद हुआ। एक दृश्य में रणविजय अपनी प्रेमिका जोया से जूते चाटने के लिए कहता है। पत्नी गीतांजलि के साथ उसके व्यवहार और विवाहेतर संबंधों को लेकर आलोचना हुई। फिल्म पर हिंसा और महिलाओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने के आरोप लगे। गीतकार जावेद अख्तर समेत कई लोगों ने फिल्म की आलोचना की। निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म का बचाव किया। ब्रह्मास्त्र (2022): बीफ वाले बयान पर विवाद ब्रह्मास्त्र की रिलीज से पहले रणबीर कपूर का पुराना बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने बीफ खाने की बात कही थी। माइथोलॉजी से जुड़ी इस फिल्म में रणबीर कपूर के होने पर इसकी बॉयकॉट की मांग हुई। जब प्रमोशन के बीच रणबीर कपूर, अयान मुखर्जी और आलिया भट्ट उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, तो उनकी एंट्री रोक दी गई। कहा गया कि बीफ खाने वाले शख्स को मंदिर में एंट्री नहीं दी जाएगी। दोनों ही फिल्मों पर विवाद हुआ, हालांकि फिल्म पर इन विवादों का असर नहीं बड़ा। ब्रह्मास्त्र और एनिमल दोनों सुपरहिट रहीं। दोनों ही फिल्में रणबीर की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्मों में टॉप-3 में हैं। देखना होगा कि क्या अब रामायण विवादों के बीच ऐसा नतीजा दे पाएगी या नहीं। देखिए रामायण से रणबीर कपूर का लुक- भगवान राम के प्रति समर्पित लक्ष्मण के रोल में रवि दुबे का लुक दमदार नजर आया।
The Vvan Box Office Collection: सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया अभिनीत फिल्म 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है।
साउथ फिल्म अभिनेता नानी की लेटेस्ट फिल्म द पैराडाइज ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी है।
विशाल चतुर्वेदी की डिवोशनल ड्रामा फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर 52 दिन पूरे कर चुकी है और अभी भी शानदार कमाई कर रही है।
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा और उनकी कथित गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार के बीच विवाद गहराता जा रहा है। कोमल की ओर से सुनीता पर अपने ही पति को मारने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाने के बाद अब गोविंदा की भांजी कश्मीरा शाह मामी सुनीता के समर्थन में उतर आई हैं। कश्मीरा ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए कोमल पर निशाना साधते हुए कहा कि काम की जगह किसी को-स्टार को इतनी निजी बातें पता नहीं होती हैं। उन्होंने सुनीता को एक मजबूत महिला बताते हुए हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने की बात कही है। कश्मीरा बोलीं- 30 साल के करियर में ऐसा कभी नहीं सुना कश्मीरा शाह ने लिखा कि अपने 30 साल के करियर और 50 फिल्मों के अनुभव में किसी को-स्टार को उनकी निजी जिंदगी या भावनाओं की जानकारी नहीं रही। उन्होंने सिर्फ अपने पति कृष्णा से ही अपनी बातें शेयर की हैं। कश्मीरा ने सवाल उठाया कि काम करने की जगह ऐसा कोई रिश्ता उन्होंने कभी नहीं देखा, जहां किसी को-स्टार को इतनी पर्सनल बातें पता हों। 'परिवार बचाने वाली महिलाओं को कातिल कहा जा रहा' कोमल रानी के आरोपों का जवाब देते हुए कश्मीरा ने लिखा कि अपने परिवार का ध्यान रखने वाली महिलाओं को अक्सर घमंडी, हावी होने वाली या मतलबी कह दिया जाता है। लेकिन यह पहली बार है जब किसी को 'कातिल' कहा जा रहा है। कश्मीरा ने कहा कि अगर अपनों की सुरक्षा करने वाली मां, पत्नी या बहन को कातिल कहा जाता है, तो उन्हें इस पर गर्व है। उन्होंने सुनीता की तारीफ करते हुए कहा कि वे हमेशा उनके साथ खड़ी रहेंगी। कोमल रानी ने सुनीता पर लगाए थे गंभीर आरोप पति गोविंदा पर धोखा देने और कोमल रानी से एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर लगा रहीं सुनीता ने हाल ही में कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में कहा है कि जो औरत उनका घर तोड़ रही है, माता रानी उसे देखें। इस पर कोमल ने कहा है कि जो औरत पति को मारने की कोशिश कर रही है उसकी बद्दुआ किसी को नहीं लगती। साथ ही कोमल ने चेतावनी दी है कि सुनीता उनके नाम का इस्तेमाल न करें। कोमल रानी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सुनीता के बयान पर पलटवार कर लिखा, ‘जो औरत सालों से अपने ही पति को मारने की कोशिश कर रही हो, ऐसी औरतों की बद्दूआएं किसी को नहीं लगतीं। कोई भी व्यक्ति पहले से टूट चुके घर को नहीं तोड़ सकता। हमारे देश के लोग इतने मूर्ख नहीं हैं कि वे किसी कौए के पीछे सिर्फ इसलिए भागने लगें, क्योंकि किसी ने उनसे कह दिया कि कौआ उनका कान लेकर उड़ गया है।’ आगे कोमल ने लिखा, ‘मैं समझ नहीं पा रही हूं कि वो औरत किस तरह के दर्द से गुजर रही है, जहां उसे उस दर्द से उबरने की कोशिश करने के बजाय उसे सार्वजनिक रूप से दिखाने में मजा आ रहा है। ये दर्द है या फिर एक सोची-समझी साजिश? लगातार एक आदमी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना, उसे काम करने से रोकना, घर पर बैठने और अपनी जिंदगी बर्बाद करने के लिए मजबूर करना, उसे पूरी तरह अकेला कर देना और यहां तक कि उसे मौत के करीब पहुंचा देना। मुझे नहीं लगता कि कोई भी अच्छी और समर्पित पत्नी अपने पति के साथ इतनी बुरी तरह पेश आ सकती है।’ अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में कोमल रानी ने लिखा है, ‘क्या ऐसी महिलाएं मानसिक रूप से अस्वस्थ होती हैं या फिर वे अपनी ही चालाकी में इतनी डूबी होती हैं कि उन्हें इस बात का पूरा एहसास होता है कि जो कुछ वे बंद दरवाजों के पीछे हासिल नहीं कर सकीं, उसे वे सार्वजनिक रूप से सामने आकर और लोगों की सहानुभूति हासिल करके पा सकती हैं? मेरे नाम का इस्तेमाल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए करना बंद करो। भगवान हर सभ्य पुरुष को ऐसी चालाक महिलाओं से बचाए।’ क्या था सुनीता का बयान? दरअसल, दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सुनीता आहूजा ने कहा कि मैं आज दक्षिणेश्वर काली माता रानी का दर्शन करने आई हूं। आप सब जानते हैं कि महाकाली राक्षसों का नाश करती हैं। मेरे भी जीवन में कुछ राक्षस हैं, माता द्वारा बोलने आई हूं कि उनका भी नाश करें। उन्होंने आगे कहा, जो मेरे साथ हो रहा है वो अच्छा नहीं हो रहा है, ये घर मेरा टूट रहा है बिना किसी मतलब और मैं चाहती हूं आप सब औरतें मेरे लिए स्टैंड लें, सारे जेन-जी बच्चे मेरे लिए स्टैंड लें और मीडिया से दरख्वास्त करती हूं कि प्लीज ये चीज को आप आगे न बढ़ाएं। आप लोग को भी कायदे से मुझे सपोर्ट करना चाहिए। मैं माता से यही मांगने आई हूं कि जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसे देखें। वो राक्षसों का नाश करने वाली माता रानी हैं, और मैं चाहती हूं मेरे जीवन से ये संकट हट जाए। जय मां काली, जय मां काली। गोविंदा ने भी दिया अफेयर रूमर्स पर रिएक्शन हाल ही में ANI को दिए इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा है कि लोग बिना वजह उनकी निजी जिंदगी को निशाना बना रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रखना चाहिए। गोविंदा ने कहा कि उनकी निजी जिंदगी किसी और के लिए चिंता या चर्चा का विषय नहीं होनी चाहिए। गोविंदा ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड संग किए थे लालबागचा राजा के दर्शन गोविंदा हाल ही में कमबैक फिल्म रूपा की को-स्टार और रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे थे। जबकि उनसे कुछ घंटों पहले ही सुनीता आहूजा अकेले दर्शन करने पहुंची थीं। साथ दर्शन करने पर गोविंदा ने दी थी सफाई कोमल रानी स्वर्णकार के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पर सफाई देते हुए गोविंदा ने बताया कि वे अपनी आने वाली फिल्म रूपा के लिए लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे थे। उन्होंने कहा, इससे पहले भी मैं करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ मंदिरों में गया था और वे फिल्में बहुत बड़ी हिट साबित हुई थीं। मैं लंबे समय बाद नया काम शुरू कर रहा हूं, इसलिए प्रार्थना करने गया था। परिवार से दूर करने और इमेज खराब करने की साजिश इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने खिलाफ चल रही बातों को एक सोची-समझी चाल करार दिया। उन्होंने कहा, “यह किसी एक इंसान की गलती नहीं है, बल्कि बहुत सोच-समझकर बनाई गई योजना है। ऐसी चीजें आगे भी हो सकती हैं। यह मुझे मेरे परिवार से अलग करने और समाज में मेरी छवि खराब करने का प्लान है।” सुनीता आहूजा बोलीं- इंसान धोखा ही देते हैं गणपति उत्सव के दौरान गोविंदा को अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दिखने के बाद सुनीता आहूजा का एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने इंसानों को धोखेबाज बताते हुए जानवरों से प्यार को बेहतर बताया। हालांकि, सुनीता ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया था।
गुजरात में आयोजित नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान नेशनल अवॉर्ड विनर एक्टर ममूटी का तिलक लगाकर पारंपरिक स्वागत किया गया। मुस्लिम होकर माथे पर तिलक लगवाने को लेकर सोशल मीडिया पर ममूटी की तीखी आलोचना की जा रही है। कई यूजर्स इसे इस्लाम का अपमान और धर्म के खिलाफ बता रहे हैं। इस विवाद पर मलयालम एक्टर और फिल्ममेकर हरिश्री यूसुफ ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर ट्रोलर्स को जवाब दिया है। हरिश्री ने कहा कि तिलक लगाना अतिथियों के स्वागत की भारतीय परंपरा है और धर्म का मकसद इंसानों को बेहतर बनाना है, न कि आपस में लड़ाना। ‘माथे पर तिलक लगाना इस्लाम का अपमान’ ममूटी को हाल ही में फिल्म 'भ्रमयुगम' के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला है। गुजरात यात्रा के दौरान उनके स्वागत में माथे पर तिलक लगाया गया था। इसका वीडियो सामने आने के बाद एक्स और इंस्टाग्राम पर कुछ यूजर्स ममूटी की आलोचना करने लगे। अब्बास नाम के एक यूजर समेत कई लोगों ने लिखा कि मुस्लिम होकर माथे पर तिलक लगाना इस्लाम के खिलाफ है और इससे धर्म का अपमान हुआ है। हालांकि कई प्रशंसकों ने ममूटी का बचाव करते हुए इसे सिर्फ एक सांस्कृतिक स्वागत बताया। ‘ट्रोल करने वाले कुएं के मेंढक’ सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी पर मलयालम एक्टर हरिश्री यूसुफ ने एक वीडियो जारी कर आलोचना करने वालों को करारा जवाब दिया। यूसुफ ने ट्रोलर्स को 'कुएं का मेंढक' बताते हुए कहा, हम कलाकार संकीर्ण सोच के नहीं होते, हमारी सोच व्यापक होती है। जब आप किसी बड़े होटल या कार्यक्रम में जाते हैं, तो मेहमानों का स्वागत गुलदस्ता देकर और माथे पर तिलक लगाकर ही किया जाता है। यह किसी धर्म का प्रचार नहीं, बल्कि भारतीय आदर की परंपरा है। उन्होंने कहा, धर्म का असली मकसद इंसानों को आपस में लड़ाना नहीं, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान बनाना है। सोशल मीडिया पर आकर किसी के खिलाफ अपशब्द बोलना और फिर उसमें धर्म को घसीटना पूरी तरह गलत है। चार बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं ममूटी ममूटी मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता हैं। साल 2026 में उन्हें फिल्म 'भ्रमयुगम' में शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के नेशनल फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन के साथ साझा किया। इसी साल भारत सरकार ने कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से भी नवाजा है। ममूटी अब तक चार बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं। हाल ही में वे फिल्म 'पैट्रियट' में नजर आए थे और जल्द ही धनुष के साथ तमिल फिल्म 'ओम - चैप्टर 1: उधिरम' में दिखाई देंगे। शाहरुख-सलमान भी हो चुके आलोचना का शिकार बॉलीवुड के कई मुस्लिम अभिनेताओं को त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान माथे पर तिलक लगाने या पूजा-पाठ में शामिल होने पर सोशल मीडिया पर तीखी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है। इनमें सबसे प्रमुख उदाहरण शाहरुख खान का है, जिन्हें दिवाली और गणेश चतुर्थी के मौकों पर माथे पर तिलक लगाए तस्वीरें शेयर करने पर निशाने पर लिया जाता रहा है। साल 2018 और 2019 में अपने छोटे बेटे अबराम के साथ माथे पर तिलक लगाए फोटो पोस्ट करने पर कई यूजर्स ने उनके इस कदम को इस्लाम के खिलाफ बताते हुए कमेंट्स किए थे। इसी तरह सलमान खान को भी गणेश पूजन और पारिवारिक धार्मिक आयोजनों में माथे पर तिलक लगाने पर ट्रोल किया जाता रहा है। सारा अली और आमिर खान की भी हो चुकी ट्रोलिंग सैफ अली खान और उनकी बेटी सारा अली खान को भी ऐसी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। सारा अली खान जब भी केदारनाथ, उज्जैन के महाकाल मंदिर या काशी विश्वनाथ दर्शन के दौरान माथे पर तिलक-चंदन लगाए तस्वीरें शेयर करती हैं, तो कुछ ट्रोलर्स ने उन्हें मुस्लिम होकर तिलक लगाने पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा अभिनेता आमिर खान को भी अपनी फिल्म के ऑफिस पूजा समारोह और गृह प्रवेश के मौकों पर कलश-पूजन और माथे पर तिलक लगाने के बाद सोशल मीडिया पर धार्मिक आधार पर निशाना बनाया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में युवाओं के 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में शामिल होने अचानक पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में परफॉर्म करने पहुंचे फिल्म 'हनुमान अंश' के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बताया कि पीएम मोदी का आना उनके लिए एक बड़ा सरप्राइज था। वे वहां हनुमान चालीसा और भजन गाने गए थे। अचानक पीएम मोदी के वहां पहुंचने और युवाओं के बीच बैठकर वाद्ययंत्र बजाते देखने का अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। 'हम गाना गाने गए थे, अचानक पीएम के आने की खबर मिली' विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि यह भजन क्लबिंग का एक सामान्य कार्यक्रम था। वे अपनी टीम के साथ 'पार्वती', 'हनुमान चालीसा' और 'हृदय में जिनके सीताराम' जैसे भजन परफॉर्म करने पहुंचे थे। तभी अचानक खबर मिली कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। इस सूचना से वहां मौजूद कलाकार और युवा हैरान रह गए। विशाल के मुताबिक, पीएम मोदी ने वहां पहुंचकर खुद युवाओं के बीच बैठकर हाथ से मंजीरे जैसा वाद्ययंत्र बजाया और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर हुआ था आयोजन नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया। इस दौरान मोदी खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित किया गया था। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पीएम मोदी भजन सुनते और खंजरी बजाकर ताल देते दिखाई दिए। इसके बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रस्तुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया। कौन हैं विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। क्या है भजन क्लबिंग का नया ट्रेंड भजन क्लबिंग युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा एक नया सांस्कृतिक ट्रेंड है। इसमें जेन-जी और युवा कॉन्सर्ट जैसे माहौल में एकत्र होते हैं और पारंपरिक आध्यात्मिक भजनों को आधुनिक बीट्स के साथ गाते हैं। इसमें पारंपरिक भक्ति गीतों को हाई-एनर्जी म्यूजिक, गिटार और इलेक्ट्रॉनिक रिदम के साथ पेश किया जाता है, जिस पर युवा झूमते और तालियां बजाते हैं। एस. तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ गाया ‘हनुमान अंश’ के ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन को साधु एस. तिवारी ने आवाज देने के साथ इसके बोल और संगीत भी तैयार किए हैं। गाने में भगवान शिव और माता पार्वती की कथा को आसान शब्दों और देसी अंदाज में पेश किया गया है। साधु तिवारी ग्वालियर के पास करहिया गांव के रहने वाले हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव में करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए ग्वालियर आए। उन्होंने ग्वालियर के साइंस कॉलेज और कैंसर हॉस्पिटल से पढ़ाई की। संगीत की शिक्षा उन्होंने अपने गुरु संजय देवले से ली। साधु ने न्यूज नेशन को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह पिछले करीब 15-17 साल से संगीत के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हालांकि, उनका सफर सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने एक प्राइवेट कॉलेज में बायोकैमिस्ट्री के लेक्चरर के तौर पर भी काम किया। करीब चार साल तक उन्होंने छात्रों को पढ़ाया। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग जगहों पर प्राइवेट नौकरियां भी कीं। इसके बाद 2010 में साधु मुंबई पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात म्यूजिक डायरेक्टर संदेश शांडिल्य से हुई। साधु ने कुछ समय तक उनके साथ असिस्टेंट के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्हें फिल्मों में काम करने के मौके मिलने लगे। साधु ने कई फिल्मों के लिए काम किया। इनमें माधुरी दीक्षित की ‘गुलाब गैंग’ भी शामिल है। उन्होंने फिल्म के लिए ‘मौज की मलारे’ गाना गाया। वह इसके वीडियो में भी नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के लिए भी काम किया। साधु के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी उनके पुराने दोस्त हैं। विशाल ने उन्हें गाने की सिचुएशन बताई थी। इसके बाद साधु ने उसी हिसाब से गाना तैयार किया। साधु ने बताया कि वह इससे पहले भी कई फिल्मों के लिए गाने बना चुके हैं। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी पिछले करीब 7-8 साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। वह एक ऑनलाइन यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। उनके क्लब में करीब 10 हजार लोग रोज हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। साधु के मुताबिक, विशाल का हनुमान चालीसा से लंबे समय से गहरा जुड़ाव रहा है। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई सैकनिल्क के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 51वें दिन भारत में 6.50 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। इस दिन फिल्म के 3,979 शोज हुए। इसके साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 298.03 करोड़ रुपए हो गया है। भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 352 करोड़ रुपए पहुंच गया है। विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 37.75 करोड़ रुपए हो गया है। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 389.85 करोड़ रुपए हो चुका है। ‘हनुमान अंश’ दो राज्यों में टैक्स फ्री, अमित शाह से मिली थी फिल्म की टीम फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। फिल्म की सफलता के बीच 21 सितंबर को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, लीड एक्टर शोभिनव सतैया और टीम के दूसरे सदस्य दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे।
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरहान अवत्रामणि उर्फ ओरी रविवार को एयर इंडिया की फ्लाइट से जयपुर पहुंचे। जयपुर एयरपोर्ट के बाहर ओरी को देखने के लिए फैंस की भीड़ जमा हो गई। ओरी के साथ मुंबई से बाउंसर्स की एक टीम भी पहुंची। बाउंसर्स ने खास टी-शर्ट पहन रखी थी, जिस पर ‘ओरी गार्ड’ लिखा हुआ था। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय ओरी अपने अलग अंदाज में नजर आए। उनके हाथ में पफकॉर्न का बॉक्स था। वह चलते-चलते पफकॉर्न खाते दिखाई दिए। इस दौरान फैंस ने तस्वीरें लेने की कोशिश की। ओरी बाउंसर्स की सुरक्षा के बीच बाहर निकले। दरअसल, जयपुर में 'फेक वेडिंग’ कॉन्सेप्ट पर एक इवेंट आयोजित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस आयोजन के जरिए किसी फैशन ब्रांड को लॉन्च या प्रमोट किया जाएगा। इसे ओरी की शादी नाम दिया गया है। शादी का कार्ड भी सामने आया ओरी की जयपुर में शादी की खबर सोशल मीडिया पर काफी शेयर की जा रही है। शादी का इनविटेशन कार्ड भी सामने आया है, जिसमें 27 सितंबर की रात ‘शादी मुबारक’ कार्यक्रम का जिक्र है। कार्ड सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स इसे ओरी की शादी का निमंत्रण मान रहे हैं। इनविटेशन के मुताबिक 26 सितंबर की रात 8 बजे से ‘महफिल-ए-सूफियाना’ कार्यक्रम हुआ। इसे संगीत और लाइव परफॉर्मेंस से सजी सुरमई शाम के तौर पर पेश किया गया है। 27 सितंबर को दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक ‘रंग-ए-इश्क’ कार्यक्रम होगा। इसके बाद रात 8 बजे से ‘शादी मुबारक’ सेलिब्रेशन रखा गया है। इसमें ओरी दूल्हा बनेंगे। इनविटेशन में सरप्राइज परफॉर्मेंस और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों का भी जिक्र है।वीडियो क्रेडिट: प्रिंस शर्मा ये भी पढ़ें… जयपुर में ORRY की शादी!:होटल में दो दिन अलग-अलग इवेंट होंगे; सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरहान अवत्रामणि उर्फ ओरी जयपुर में शादी करने जा रहे हैं। ओरी की शादी का इनविटेशन भी सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। देशभर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल भी जयपुर पहुंच रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
रणबीर कपूर शनिवार रात मुंबई में आलिया भट्ट, विक्की कौशल और डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ डिनर के लिए पहुंचे। डिनर के बाद रणबीर एक पैपराजी पर नाराज हो गए। दरअसल, रणबीर, आलिया, विक्की और संजय लीला भंसाली शनिवार रात मुंबई में साथ नजर आए। चारों ‘लव एंड वॉर’ की टीम के साथ डिनर के लिए पहुंचे थे। फोटो सेशन के दौरान भंसाली कुछ देर के लिए फ्रेम से हटने लगे। रणबीर ने उन्हें वापस बुलाया और साथ में फोटो खिंचवाने के लिए कहा। इसके बाद चारों ने साथ में पोज दिए। फोटो सेशन खत्म होने के बाद रणबीर वहां से जाने लगे। इसी दौरान एक पैपराजी लगातार उन्हें आलिया और विक्की के साथ पोज देने के लिए कहने लगा। रणबीर ने पीछे मुड़कर पैपराजी से कहा, “बहुत बोल रहा है तू।” बता दें कि बाहर निकलते समय आलिया अपनी कार की ओर बढ़ीं, तभी रणबीर उनके करीब आए और कमर पर हाथ रखकर उन्हें भीड़ से सुरक्षित कार तक ले गए। रणबीर के इस प्रोटेक्टिव अंदाज पर आलिया मुस्कुराती और शर्माती नजर आईं। इस दौरान रणबीर ऑलिव-ग्रीन शॉर्ट कुर्ते और ब्लैक जींस में नजर आए। आलिया नियोन-ग्रीन आउटफिट में थीं, जबकि विक्की कौशल व्हाइट शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में दिखाई दिए। इससे पहले शनिवार रात आलिया और विक्की मनीष मल्होत्रा के मिजवान शो में शोस्टॉपर बने थे। इसी हफ्ते ‘लव एंड वॉर’ से रणबीर, आलिया और विक्की के फर्स्ट-लुक पोस्टर भी जारी किए गए हैं। पूरी खबर यहां पढें… सलमान ने पैपराजी के रवैये पर नाराजगी जताई थी पिछले हफ्ते ‘बिग बॉस 20’ के ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान ने पैपराजी पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो गलत एंगल से लेने पर सवाल उठाए। सलमान ने कहा कि कई बार कैमरे महिलाओं की टांगों और पीछे से तस्वीरें लेने पर फोकस करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला इससे असहज है, तो उसे इसका विरोध करना चाहिए। सलमान ने सई मांजरेकर और नेहा धूपिया का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि नेहा भी ऐसे मामलों में पैपराजी पर नाराज हो चुकी हैं। सलमान ने सवाल किया कि महिलाओं की ऐसी तस्वीरों के साथ ‘पहचानो ये कौन है’ जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। उन्होंने महिलाओं से ऐसे मामलों में विरोध करने की अपील की। सलमान ने कहा कि बिग बॉस के घर में 108 कैमरे लगे हैं, लेकिन वहां महिलाओं को गलत एंगल से शूट नहीं किया जाता। पूरी खबर यहां पढें… कई सेलेब्स पैपराजी पर नाराज हो चुके हैं नेहा धूपिया: गोल्ड स्ट्रीमिंग अवॉर्ड सेरेमनी में नेहा धूपिया पैपराजी पर भड़क गई थीं। एक्ट्रेस ने बैक शॉट लेने और उन्हें पोस्ट करने पर नाराजगी जाहिर की और पैपराजी को कड़े शब्दों में वॉर्निंग भी दी थी। सेरेमनी से नेहा धूपिया अवॉर्ड लेकर निकल रही थीं। तभी पैपराजी ने उनके ग्रे हेयर पर कमेंट किया, जिसके जवाब में भड़कते हुए उन्होंने कहा है, ‘बोल लिया? कर लिया? ये बदतमीजी से बैक शॉट कौन लेता है तुम लोगों में से? कौन लेता है? छापता कौन है? मत करो। मेरा नहीं करना है, किसी का नहीं करना है। बोल-बोलकर थक गए हैं।’ पूरी खबर यहां पढ़ें… मलाइका अरोड़ाः कुछ दिनों पहले मलाइका का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वो एक शख्स से बात करती नजर आईं। जैसे ही पैपराजी उनके करीब जाने लगे, तो मलाइका गुस्सा हो गईं। मलाइका ने पैपराजी से कहा था , “बाबा, आप इधर आ जाओ।” पूरी खबर यहां पढ़ें… मौनी रॉयः हाल ही में मौनी रॉय को मुंबई में स्पॉट किया गया था। वो जैसे ही कार में बैठीं पैपराजी की फ्लैश लाइट उनके चेहर पर पड़ने लगी। इस पर एक्ट्रेस भड़क गईं और फटकार लगा दी। पूरी खबर यहां पढ़ें… जरीन खान: एक ब्रांड इवेंट के दौरान जरीन ने पैपराजी को फटकार लगाते हुए कहा था कि मेरे साथ फालतूगिरी की बातें नहीं करना। दरअसल, जरीन खान मुंबई में एक क्लोदिंग ब्रांड के प्रमोशन इवेंट में पहुंची थीं। इसी दौरान वहां मौजूद पैपराजी ने उनसे कहा था कि ड्रेस ट्राई करके दिखाओ। एक्ट्रेस को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आई थी। जरीन खान ने कहा था, फालतूगिरी की बातें नहीं करना मेरे साथ, क्योंकि मैं ऐसी चीजें बर्दाश्त करने वालों में से नहीं हूं। अपनी हद में रहकर बात करना। यह बात कहते हुए जरीन के चेहरे पर साफ तौर पर गुस्सा देखा जा सकता था। पूरी खबर यहां पढ़ें… तारा सुतारिया: हाल में दो बार तारा सुतारिया पैपराजी से नाराज होती नजर आईं। इसी महीने सामने आए वीडियो में तारा एक स्टोर के बाहर पहुंचीं। इस दौरान एक पैपराजी कैमरा लेकर उनके काफी करीब आ गया। तारा ने उसका कैमरा एक तरफ कर दिया और बिना रुके आगे बढ़ गईं। कुछ पैपराजी ने उन्हें पोज देने के लिए भी कहा, लेकिन वह नहीं रुकीं। इससे पहले पिछले महीने भी तारा का एक वीडियो सामने आया था। कार से उतरते ही पैपराजी की भीड़ देखकर उन्होंने कार का दरवाजा जोर से बंद कर दिया था। पैपराजी के आवाज देने के बावजूद तारा बिना पोज दिए अंदर चली गई थीं। पूरी खबर यहां पढ़ें… आलिया भट्ट: करीब 2 साल पहले आलिया भट्ट का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह पैपराजी पर नाराज हो गई थीं। दरअसल, आलिया कार से उतरकर एक बिल्डिंग में जा रही थीं। तभी कुछ पैपराजी उनका पीछा करते हुए बिल्डिंग के अंदर आने लगे। यह देखकर आलिया ने उन्हें रोकते हुए कहा था, “क्या कर रहे हो, यह प्राइवेट स्पेस है।” उनकी टीम ने भी पैपराजी को अंदर जाने से रोका था। इससे पहले भी आलिया प्राइवेसी को लेकर नाराजगी जता चुकी हैं। एक बार एक पैपराजी ने दूर की बिल्डिंग से उनकी तस्वीरें खींची थीं। राहा के जन्म के बाद भी कपल ने प्राइवेसी की अपील की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के मिजवान शो में आलिया भट्ट और विक्की कौशल शोस्टॉपर बने। यह शो शनिवार को मुंबई में हुआ। मनीष मल्होत्रा ने अपना नया मिजवान कलेक्शन पेश किया। यह कलेक्शन मिजवान वेलफेयर सोसाइटी के साथ 15 साल के जुड़ाव को समर्पित है। वहीं, शो के अंत में स्टेज पर आलिया और विक्की के साथ मनीष मल्होत्रा और शबाना आजमी भी आए। इस दौरान आलिया के साथ एक छोटा-सा वाकया हुआ। रैंप पर चलते समय आलिया को अपना पल्लू संभालना पड़ा। इस दौरान शायद किसी का पैर गलती से उनके ही पल्लू पर चढ़ गया। हालांकि यह वीडियो में क्लियर नहीं दिखा। हालांकि, आलिया का संतुलन नहीं बिगड़ा और वह बिना किसी परेशानी के अपनी रैंप वॉक पूरी करती नजर आईं। आलिया भट्ट का लुक आलिया भट्ट ने रिया कपूर की स्टाइलिंग में पूरा कस्टम चिकनकारी कोचर लुक पहना था। वो आइवरी रंग की ब्राइडल ड्रेस में नजर आईं। उनके आउटफिट में शानदार साड़ी, ज्वेलरी और घूंघट शामिल था। आलिया का साड़ी का पल्लू कंधे पर ड्रेप किया गया था। इससे उनका स्टाइलिश मॉडर्न ब्लाउज और साड़ी की बारीक कारीगरी नजर आई। बैंडो स्टाइल ब्लाउज पर बारीक एप्लीक वर्क था। इसमें स्पेगेटी स्ट्रैप्स, स्क्वायर नेकलाइन, क्रॉप्ड हेम और फिटेड सिल्हूट था। रिया कपूर ने साड़ी के साथ मैचिंग पारदर्शी घूंघट स्टाइल किया। इसमें भी स्कैलप्ड बॉर्डर, चिकनकारी और सीक्विन का काम था। घूंघट की लंबाई फर्श तक थी। आलिया ने इसके साथ व्हाइट गोल्ड में डायमंड और मोती का बड़ा नेकलेस पहना। उन्होंने दोनों हाथों में डायमंड जड़े हाथफूल, स्टेटमेंट ईयररिंग्स और मांग टीका भी पहना। आलिया ने बीच की मांग के साथ स्लीक बन बनाया था। उनके मेकअप में ड्यूई बेस, ग्लॉसी पिंक लिप्स और स्मोकी आईज शामिल थीं। विक्की का आइवरी और मिडनाइट ब्लू लुक विक्की कौशल ने मनीष मल्होत्रा के मिजवान कलेक्शन का मिडनाइट ब्लू और आइवरी शेरवानी सेट पहना। उनके आउटफिट में व्हाइट कुर्ता, मैचिंग फ्लेयर्ड पैंट और बैंडगला जैकेट शामिल थी। उनके लुक का सबसे खास हिस्सा जैकेट था। इस पर बारीक चिकनकारी, सीक्विन का काम और फिटेड सिल्हूट था। स्प्लिट बैंडगला जैकेट में कॉलर्ड नेक, पैडेड शोल्डर्स और फुल-लेंथ स्लीव्स थीं। इसमें सिंगल बटन क्लोजर वाला ओपन फ्रंट और साइड स्लिट्स भी थे। उन्होंने सफेद जूती पहनी थी। बैक-स्वेप्ट हेयरस्टाइल और रफ दाढ़ी ने उनका लुक पूरा किया। गौरतलब है कि आलिया, रणबीर और विक्की ‘लव एंड वॉर’ में साथ नजर आएंगे। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बन रही यह फिल्म लव ट्राएंगल और युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म ‘लव एंड वॉर’ से तीनों मुख्य कलाकारों के फर्स्ट लुक इस हफ्ते जारी किए गए। सबसे पहले गुरुवार को रणबीर कपूर का पोस्टर सामने आया। इसमें वह मोटी मूंछों, गॉगल्स और खून के दाग वाली शर्ट में इंटेंस अंदाज में दिखे। शुक्रवार को आलिया भट्ट का फर्स्ट लुक जारी हुआ। वह 60-70 के दशक के रेट्रो और विंटेज अंदाज में नजर आईं। उनके लुक में ब्लिंग और क्लासिक स्टाइलिंग देखने को मिली। इसके बाद शनिवार को विक्की कौशल का पहला लुक सामने आया। पोस्टर में वह चेहरे पर चोट के निशान, मूंछों और गंभीर एक्सप्रेशन के साथ दिखे। उनके हाथ में लाइटर और मुंह में सिगरेट थी। पोस्टर का बैकग्राउंड डार्क ग्रीन टोन में रखा गया।
फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के मिजवान शो में आलिया भट्ट और विक्की कौशल शोस्टॉपर बने। यह शो शनिवार को मुंबई में हुआ। मनीष मल्होत्रा ने अपना नया मिजवान कलेक्शन पेश किया। यह कलेक्शन मिजवान वेलफेयर सोसाइटी के साथ 15 साल के जुड़ाव को समर्पित है। कलेक्शन में चिकनकारी और धागे की कढ़ाई को आइवरी, गहरे हरे, कोरल और ओम्ब्रे रंगों में दिखाया गया। आलिया भट्ट ने रिया कपूर की स्टाइलिंग में पूरा कस्टम चिकनकारी कोचर लुक पहना था। वो आइवरी रंग की ब्राइडल ड्रेस में नजर आईं। उनके आउटफिट में शानदार साड़ी, ज्वेलरी और घूंघट शामिल था। आलिया का साड़ी का पल्लू कंधे पर ड्रेप किया गया था। इससे उनका स्टाइलिश मॉडर्न ब्लाउज और साड़ी की बारीक कारीगरी नजर आई। बैंडो स्टाइल ब्लाउज पर बारीक एप्लीक वर्क था। इसमें स्पेगेटी स्ट्रैप्स, स्क्वायर नेकलाइन, क्रॉप्ड हेम और फिटेड सिल्हूट था। रिया कपूर ने साड़ी के साथ मैचिंग पारदर्शी घूंघट स्टाइल किया। इसमें भी स्कैलप्ड बॉर्डर, चिकनकारी और सीक्विन का काम था। घूंघट की लंबाई फर्श तक थी। आलिया ने इसके साथ व्हाइट गोल्ड में डायमंड और मोती का बड़ा नेकलेस पहना। उन्होंने दोनों हाथों में डायमंड जड़े हाथफूल, स्टेटमेंट ईयररिंग्स और मांग टीका भी पहना। आलिया ने बीच की मांग के साथ स्लीक बन बनाया था। उनके मेकअप में ड्यूई बेस, ग्लॉसी पिंक लिप्स और स्मोकी आईज शामिल थीं। विक्की का आइवरी और मिडनाइट ब्लू लुक विक्की कौशल ने मनीष मल्होत्रा के मिजवान कलेक्शन का मिडनाइट ब्लू और आइवरी शेरवानी सेट पहना। उनके आउटफिट में व्हाइट कुर्ता, मैचिंग फ्लेयर्ड पैंट और बैंडगला जैकेट शामिल थी। उनके लुक का सबसे खास हिस्सा जैकेट था। इस पर बारीक चिकनकारी, सीक्विन का काम और फिटेड सिल्हूट था। स्प्लिट बैंडगला जैकेट में कॉलर्ड नेक, पैडेड शोल्डर्स और फुल-लेंथ स्लीव्स थीं। इसमें सिंगल बटन क्लोजर वाला ओपन फ्रंट और साइड स्लिट्स भी थे। उन्होंने सफेद जूती पहनी थी। बैक-स्वेप्ट हेयरस्टाइल और रफ दाढ़ी ने उनका लुक पूरा किया। वही शनिवार की रात को आलिया भट्ट, रणबीर कपूर, विक्की कौशल और निर्देशक संजय लीला भंसाली मुंबई में डिनर के लिए एक साथ पहुंचे। रेस्टोरेंट के बाहर पैपराजी और फैंस की भारी भीड़ मौजूद थी। बाहर निकलते समय आलिया अपनी कार की ओर बढ़ीं, तभी रणबीर उनके करीब आए और कमर पर हाथ रखकर उन्हें भीड़ से सुरक्षित कार तक ले गए। रणबीर के इस प्रोटेक्टिव अंदाज पर आलिया मुस्कुराती और शर्माती नजर आईं। गौरतलब है कि आलिया, रणबीर और विक्की ‘लव एंड वॉर’ में साथ नजर आएंगे। मेकर्स ने आलिया, रणबीर और विक्की के फर्स्ट-लुक पोस्टर जारी किए हैं। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बन रही यह फिल्म लव ट्राएंगल और युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
चर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’ में माता पार्वती का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री नेहा परांजपे रविवार को खंडवा पहुंचीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने फिल्म की कहानी, अपने किरदार के चयन, बुंदेली भाषा से जुड़े दिलचस्प किस्से, नीम करौली बाबा से प्रेरणा और फिल्म को लेकर अंधविश्वास जैसे सवालों पर खुलकर बात की। नेहा ने कहा कि फिल्म को दो साल के बच्चे से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक पसंद कर रहे हैं। उनका कहना था कि जिस दौर में ओटीटी और फिल्मों में अश्लील एवं वल्गर कंटेंट को लेकर चर्चा होती है, उस समय परिवार के साथ देखी जा सकने वाली धार्मिक और भावनात्मक कहानी को दर्शकों का पसंद करना खास बात है। PM मोदी की प्रतिक्रिया का इंतजार‘हनुमान अंश’ को मिल रहे प्यार पर अभिनेत्री नेहा परांजपे ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि फिल्म की चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचना टीम के लिए उत्साह की बात है। उनकी इच्छा है कि प्रधानमंत्री खुद यह फिल्म देखें और इसके गीत भी सुनें। नेहा ने कहा कि फिल्म को लेकर प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया पूरी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य ऐसी कहानी दर्शकों तक पहुंचाना है, जिसे परिवार के लोग साथ बैठकर देख सकें और उससे जुड़ाव महसूस कर सकें। बुंदेली भाषा ने दिलाया ‘पार्वती’ का किरदारफिल्म में नेहा और उनके बेटे विहान के चयन का किस्सा भी काफी दिलचस्प है। जबलपुर की रहने वाली नेहा ने बताया कि फिल्म में काम मिलने की शुरुआत एक एड शूट के दौरान हुई थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात लखनऊ के फिल्म मेकर विशाल से हुई। बातचीत के दौरान नेहा ने उनसे बुंदेली भाषा में संवाद किया। यह छोटा-सा बुंदेली टेस्ट ही उनके लिए फिल्म तक पहुंचने का जरिया बन गया। नेहा ने बताया कि उस समय उन्हें खुद भी अंदाजा नहीं था कि सफर के दौरान हुई यह सामान्य बातचीत आगे चलकर उन्हें इतनी बड़ी फिल्म में भूमिका दिला देगी। उन्होंने बताया कि भाषा और स्थानीय संवाद शैली से उनकी पकड़ ने मेकर्स को प्रभावित किया और इसके बाद उन्हें फिल्म में काम करने का मौका मिला। नीम करौली बाबा के विचारों से प्रेरित कहानीफिल्म की कहानी और इसकी लोकप्रियता पर बात करते हुए नेहा ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ किसी असाधारण या काल्पनिक चमत्कार को दिखाने के बजाय एक सामान्य इंसान की कहानी कहती है, जिसके पास दिव्य शक्तियां हैं, लेकिन उसके भीतर अहंकार नहीं है। अभिनेत्री के मुताबिक, फिल्म की कल्पना महान संत नीम करौली बाबा के विचारों और उनके आसपास रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़े सकारात्मक प्रभाव से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि फिल्म में सादगी, आस्था और मानवीय भावनाओं को प्रमुखता दी गई है। नेहा ने इसे आम आदमी से जुड़ी कहानी बताते हुए कहा कि फिल्म का किरदार अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करने के बजाय उन्हें सहजता से स्वीकार करता है। यही बात कहानी को बाकी फिल्मों से अलग बनाती है। उन्होंने यह भी बताया कि वे अभी कैंची धाम नहीं गई, लेकिन अब जाएंगी। ‘अंधविश्वास नहीं, सर्वोच्च शक्ति पर विश्वास है’फिल्म के धार्मिक कंटेंट को लेकर अंधविश्वास फैलाने के सवाल पर नेहा ने कहा कि इसे अंधविश्वास के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था और अंधविश्वास के बीच अंतर होता है। अभिनेत्री ने कहा कि जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति राम या गणेश जी को उसी रूप में माने, लेकिन हर व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी सर्वोच्च शक्ति पर विश्वास जरूर होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति मुश्किल समय में होता है और मन से यह कहता है कि ‘सब अच्छा हो जाए’, तो वह भी उसी सर्वोच्च शक्ति पर भरोसे का एक रूप है। नेहा के मुताबिक फिल्म किसी पर किसी विशेष धार्मिक विश्वास को थोपने की कोशिश नहीं करती, बल्कि आस्था, विश्वास और सकारात्मक सोच को कहानी के माध्यम से सामने रखती है। परिवार के साथ देखे जाने वाले कंटेंट की चर्चानेहा ने ओटीटी और मनोरंजन के मौजूदा दौर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज दर्शकों के सामने कंटेंट के कई विकल्प हैं। ऐसे समय में एक ऐसी फिल्म को दर्शकों का प्यार मिलना, जिसमें धार्मिक भावनाओं के साथ पारिवारिक जुड़ाव और सादगी है, पूरी टीम के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि ‘हनुमान अंश’ केवल धार्मिक कहानी के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे आम इंसान की कहानी के रूप में दर्शकों तक पहुंच रही है, जिसके पास असाधारण क्षमताएं होने के बावजूद वह सामान्य जीवन और मानवीय मूल्यों से जुड़ा रहता है।
एक्ट्रेस फातिमा सना शेख ने ऑनलाइन ट्रोलिंग और बॉडी-शामिंग के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए सलमान खान की तारीफ की। 'बिग बॉस 20' के 'वीकेंड का वार' आज के एपिसोड के प्रोमो में दिखा कि एक्ट्रेस अपनी हालिया सीरीज 'हुंकार: द रोर' के प्रमोशन के लिए शो में पहुंचेगी। इस दौरान सलमान के साथ बातचीत में फातिमा ने कहा- आपने जिस तरीके से ट्रोल्स को इस बार मुंह तोड़ जवाब दिया है। यह बहुत बड़ी बात है क्योंकि आपके पोजीशन में अगर कोई ऐसी बात करता है, कोई मुद्दों पर खड़ा होता है, वो बहुत ही बड़ा इम्पैक्ट देता है लोगों पर। हालांकि, फातिमा की इस बात पर सलमान ने क्या रिएक्शन दिया, यह प्रोमो में नहीं दिखा। सलमान खान ने ट्रोलिंग पर नाराजगी जताई थीसलमान खान ने पिछले हफ्ते टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ में सोशल मीडिया ट्रोलिंग, बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया आज गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार और पहचान का जरिया बन चुका है, लेकिन इसका एक नकारात्मक पहलू ट्रोलिंग भी है। सलमान ने सवाल उठाया था कि किसी दूसरे व्यक्ति को अपमानित करके पैसा कमाने की जरूरत क्यों पड़ती है। उन्होंने कहा कि लोग सोशल मीडिया पर किसी के शरीर, वजन, लुक्स, परिवार, उम्र, मुस्कान, करियर या निजी जिंदगी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने ट्रोलर्स से पूछा था कि जिस व्यक्ति को वे गाली दे रहे हैं, वे नहीं जानते कि वह निजी तौर पर किन परिस्थितियों से गुजर रहा है। सलमान ने यह भी कहा था कि ट्रोलर्स को सोचना चाहिए कि उनके अपने परिवार के किसी सदस्य के बारे में ऐसी टिप्पणी की जाए तो उन्हें कैसा लगेगा। उन्होंने बताया था कि उन्हें भी सोशल मीडिया पर ‘बूढ़ा हो गया’ जैसी टिप्पणियां सुनने को मिलती हैं। सलमान ने कहा कि 60 साल का होना स्वाभाविक है। इसके बाद उन्होंने शो के मंच पर अपनी टोपी, जैकेट और टी-शर्ट उतारकर अपने एब्स दिखाए थे। हालांकि, सलमान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी इस टिप्पणी को प्रेग्नेंसी के बाद कटरीना कैफ की सोशल मीडिया पर बॉडी-शेमिंग से जोड़कर देखा गया। पूरी खबर यहां पढ़ें… ऋचा चड्ढा ने सलमान खान के बयान की तारीफ की एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने सलमान खान के इस रुख की तारीफ की है। न्यूज18 से बातचीत में ऋचा ने कहा कि उन्हें पहले सलमान के बयान के बारे में जानकारी नहीं थी, लेकिन इसके बारे में जानकर उन्हें अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि ऐसी बात कहना एक बड़ी और उदार सोच को दिखाता है और लोगों को ट्रोलिंग पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऋचा ने उन पुरुषों पर भी सवाल उठाया जो महिलाओं के शरीर और उनके लुक्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष महिलाओं के बिना अस्तित्व में नहीं आ सकते, क्योंकि हर व्यक्ति मां की कोख से जन्म लेता है। उनके मुताबिक, अगर कोई मांओं का मजाक उड़ाता है, तो उसका असर उल्टा पड़ सकता है। ऋचा ने यह भी कहा कि जो लोग महिलाओं के शरीर पर टिप्पणी करते हैं, वे अक्सर खुद अपने शरीर को लेकर असंतुष्ट होते हैं। उन्होंने महिलाओं पर समाज और इंडस्ट्री की ओर से बनाए जाने वाले बॉडी इमेज के दबाव पर भी बात की है। ऋचा खुद भी पोस्टपार्टम बॉडी-शेमिंग का सामना कर चुकी हैं। वह 2024 में मां बनी थीं और इससे पहले शरीर को लेकर सामाजिक दबाव के बारे में खुलकर बात कर चुकी हैं। उन्होंने ऐश्वर्या राय बच्चन के पोस्टपार्टम वजन को लेकर हुई ट्रोलिंग पर भी सवाल उठाया था। …………… यह खबर भी पढ़ें... सलमान खान ने पैपराजी-ट्रोलर्स को फटकारा:वरुण धवन, नेहा धूपिया ने किया सपोर्ट, एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट सोफिया हयात बोलीं- सलमान पाखंडी हैं, मेरा मजाक उड़ाया सलमान खान के पैपराजी और ट्रोलिंग के खिलाफ बयान के बाद कई बॉलीवुड सितारों ने उनका समर्थन किया। नेहा धूपिया ने सलमान के बयान पर ‘टाइगर जिंदा है’ लिखकर प्रतिक्रिया दी। वरुण धवन ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर सलमान को सपोर्ट किया। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने भी सलमान की तारीफ की और सोशल मीडिया ट्रोलिंग व पैपराजी के व्यवहार पर उनकी बात को जरूरी बताया। हालांकि, सोफिया हयात ने सलमान के बयान की आलोचना की। उन्होंने सलमान को पाखंडी बताया और अपने पुराने अनुभव का जिक्र किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
'छठी मैया' की कृपा से Vvaan पर हुई धनवर्षा, शनिवार को वर्ल्डवाइड कलेक्शन में मालामाल हुए मेकर्स
अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और अभिनेत्री तमन्ना भाटिया की लेटेस्ट फिल्म वन इन दिनों कमाई के मामले में शानदार प्रदर्शन कर रही है।
पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम ने हाल ही में बताया कि आतंकवादी अजमल कसाब ने जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए कहा था कि वह अमिताभ बच्चन से मिलने मुंबई आया था। यह सुनकर अमिताभ ने कहा कि अगर वह उनके घर आता तो उसे गोली मार देते। दरअसल, टीवी शो KBC में राजकुमार राव और वामिका गब्बी, उज्ज्वल निकम के साथ गेस्ट के तौर पर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान 26/11 मुंबई आतंकी हमले और उसके बाद हुई कानूनी कार्रवाई का जिक्र हुआ। शो में निकम ने बताया कि अजमल कसाब ने जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए कई झूठ बोले थे। निकम ने दावा किया कि कसाब ने कहा था कि उसे 26/11 हमले के मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि 6 नवंबर को जुहू चौपाटी से पकड़ा गया था। निकम के अनुसार, कसाब ने यह भी कहा था कि वह अमिताभ बच्चन को देखने के लिए मुंबई आया था। इस पर अमिताभ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर वह उनके घर आया होता तो वहां से जाने वाला नहीं था और वहीं उसे गोली मार देते। निकम ने सुनवाई के दौरान कसाब के अन्य दावों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, कसाब ने खुद को नाबालिग बताया था और दावा किया था कि उसे RAW ने गिरफ्तार किया है। इससे मामले में कानूनी चुनौती खड़ी हुई थी, क्योंकि आगे की कार्रवाई से पहले उसकी उम्र साबित करना जरूरी था। शो में अमिताभ बच्चन ने उज्ज्वल निकम से पूछा कि क्या कसाब को ये सब पहले से इसका ज्ञान था? इस पर निकम ने कहा, “बिल्कुल। कोर्ट में मैंने बाकायदा अल-कायदा का मैनुअल दिखाया था कि जांच एजेंसी को किस तरह गुमराह करना है।” बता दें कि ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ उज्ज्वल निकम के जीवन और उनके चर्चित मुकदमों पर आधारित बायोग्राफिकल ड्रामा है। फिल्म में राजकुमार राव ने उज्ज्वल निकम की भूमिका निभाई है। कहानी उनके करियर के बड़े मामलों, खासकर 26/11 मुंबई आतंकी हमले के अजमल कसाब ट्रायल और 1993 बॉम्बे ब्लास्ट केस के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म अदालत में उनकी कानूनी लड़ाई के साथ-साथ इन मामलों के दौरान उनके सामने आई चुनौतियों और निजी जिंदगी की झलक भी दिखाएगी। वामिका गब्बी उनकी पत्नी ज्योति निकम की भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म का निर्देशन अविनाश अरुण ने किया है। 26/11 मुंबई आतंकी हमला 26 नवंबर 2008 को मुंबई में समुद्र के रास्ते आए 10 आतंकियों ने कई जगहों पर हमला किया। यह हमला करीब 60 घंटे तक चला और 29 नवंबर की सुबह खत्म हुआ। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, हमले में 166 लोगों की मौत हुई और 238 लोग घायल हुए। मरने वालों में 18 पुलिसकर्मी और सुरक्षा बलों के जवान तथा 26 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इन 10 हमलावरों में से अजमल आमिर कसाब एकमात्र आतंकी था, जिसे जिंदा पकड़ा गया। उसे 27 नवंबर 2008 को गिरफ्तार किया गया। बाकी 9 हमलावर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए। कसाब की गिरफ्तारी इस मामले की जांच में अहम साबित हुई। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, जांच में पुलिस की जांच के अलावा कसाब के बयान, फोरेंसिक सबूत, सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सबूत शामिल थे। अदालत ने माना कि हमले की साजिश और इसकी तैयारी पाकिस्तान में हुई थी। कसाब पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश, आतंकी गतिविधियों, हत्या, हत्या की साजिश और हथियारों से जुड़े कई आरोप लगाए गए। मई 2010 में मुंबई की विशेष अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने फरवरी 2011 में इस सजा को बरकरार रखा। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में कसाब की अपील खारिज कर उसकी मौत की सजा बरकरार रखी। इसके बाद उसकी दया याचिका भी खारिज कर दी गई। 21 नवंबर 2012 को पुणे की यरवडा जेल में उसे फांसी दी गई।
7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई डिवोशनल ड्रामा हनुमान अंश (Hanuman Ansh) घरेलू के साथ-साथ ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन कर रही है।
कभी घर-घर पहुंचाता था पिज्जा, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत से बदली इस भारतीय की जिंदगी
कहते हैं कि अगर इंसान में मेहनत करने और आगे बढ़ने का जुनून हो, तो मुश्किल हालात भी उसके रास्ते को ज्यादा लंबे समय तक नहीं रोक सकते।
मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग
तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं
सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।
ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी
धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

