Hanuman Ansh Box Office Collection: मात्र दो करोड़ के बजट वाली हनुमान अंश ने सातवें हफ्ते में बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रच दिया है।
नगालैंड की फिल्म 'अंग' को 2027 के ऑस्कर अवॉर्ड्स की 'इंटरनेशनल फीचर फिल्म' कैटेगरी में डायरेक्ट एंट्री मिल गई है। यह इस साल भारत की ओर से ऑस्कर जाने वाली दूसरे फिल्म होगी। इसके पहले मराठी फिल्म 'गोंधल' को भारत की ऑफिशियल एंट्री मिली थी। दरअसल, 'अंग' ने टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) 2026 में प्लेटफॉर्म प्राइज जीता है। इसी प्राइज ने फिल्म को ऑस्कर में डायरेक्ट एंट्री दिलाई। नगा फिल्ममेकर थेजा रियो की यह फिल्म धर्म परिवर्तन से अपनी संस्कृति बचाने की कोशिश करते एक आदिवासी व्यक्ति की कहानी है। यह इस साल TIFF में चुनी गई एकमात्र भारतीय फिल्म थी। फिल्म में संस्कृति बचाने की कहानी अंग कहानी 1960 के दशक के नगालैंड की है, जहां एक अमेरिकी मिशनरी के आने के बाद गांव की तस्वीर बदलने लगती है। अधिकांश ग्रामीण धर्म बदल लेते हैं और अपनी पुरानी परंपराओं को छोड़ देते हैं, जिससे गांव खाली सा हो जाता है।आदिवासी मुखिया (अंग्बा) है जो अपनी संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखना चाहता है, जबकि उसका बेटा इस नई जीवनशैली और धर्म की ओर आकर्षित होने लगता है। ऑस्कर में एंट्री के साथ 20 हजार कनाडाई डॉलर का इनाम 'अंग' को TIFF की प्लेटफॉर्म जूरी ने उसकी अलग सोच, बेहतरीन मेकिंग और कहानी के लिए सराहा। इस अवॉर्ड के तहत मेकर्स को 20,000 कनाडाई डॉलर का पुरस्कार मिला है। यह प्राइज हासिल करने वाली फिल्म को ऑस्कर के लिए डायरेक्ट एलिजिबिलिटी (पात्रता) मिल जाती है। नगा कलाकारों के साथ बाफ्टा विजेता एक्टर ने किया काम इस फिल्म में ज्यादातर कलाकार नगालैंड के स्थानीय और आदिवासी समुदाय से हैं। उनके साथ बाफ्टा अवॉर्ड ( ब्रिटिश अकादमी फिल्म पुरस्कार) विजेता ब्रिटिश एक्टर डगलस हेनशॉल भी अहम भूमिका में हैं। 'अंग' का निर्देशन थेजा रियो ने किया है और यह उनकी 2021 में आई इसी नाम की शॉर्ट फिल्म का ही बड़ा रूप है। 'गोंधल' ऑस्कर में भारत की ऑफिशियल एंट्री मराठी फिल्म 'गोंधल' को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स (ऑस्कर 2027) के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री चुना गया है। मराठी लोक परम्परा पर बनी इस थ्रिलर फिल्म को ऑस्कर समारोह में 'बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म' कैटेगरी में भेजा जाएगा। इस बार ऑस्कर की रेस में भारत की तरफ से धुरंधर, बॉर्डर-2, हनुमान अंश समेत 33 फिल्में शामिल हुई थीं। साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है गोंधल 2 घंटे के रनटाइम वाली यह मराठी फिल्म ग्रामीण महाराष्ट्र की लोक परंपरा और धार्मिक अनुष्ठान 'गोंधल' पर आधारित एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है। इस फिल्म का लेखन और निर्देशन संतोष डावखर ने किया है। फिल्म की कहानी नवविवाहित जोड़े आनंद और सुमन के घर पर आयोजित रात भर चलने वाले गोंधल अनुष्ठान के इर्द-गिर्द घूमती है। पूजा-पाठ और उत्सव के दौरान गांव के लोगों के बीच दबे हुए पुराने विवाद, व्यक्तिगत रंजिशें और राजनीतिक तनाव बाहर आने लगते हैं। ये खबर भी पढ़ें सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म 'वन' विवादों में फंसी:ट्रेलर में बिना इजाजत गाना इस्तेमाल करने का आरोप; गायक बोले- हटाओ मेरा गाना अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की अपकमिंग फिल्म 'वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' अपनी रिलीज से ठीक पहले कानूनी विवाद में फंस गई है। गायक और वोकलिस्ट सरगम वैश ने फिल्म के मेकर्स पर बिना अनुमति के ट्रेलर में उनका ओरिजिनल गाना 'ऐगिरी नंदिनी' इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें
अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की अपकमिंग फिल्म 'वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' अपनी रिलीज से ठीक पहले कानूनी विवाद में फंस गई है। गायक और वोकलिस्ट सरगम वैश ने फिल्म के मेकर्स पर बिना अनुमति के ट्रेलर में उनका ओरिजिनल गाना 'ऐगिरी नंदिनी' इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। सरगम वैश ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके फिल्म की टीम से ट्रेलर से अपना म्यूजिक तुरंत हटाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने पर उनकी लीगल टीम कानूनी रास्ता अपनाएगी। यह फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। बिना सहमति गाना इस्तेमाल करने का आरोप सरगम वैश ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो और पोस्ट शेयर करते हुए मेकर्स से सीधे सवाल किए हैं। उन्होंने लिखा कि जब उन्होंने 'वन' का ट्रेलर देखा, तो पता चला कि उनका ओरिजिनल गाना बिना उनकी सहमति या अनुमति के इसमें इस्तेमाल किया गया है। सरगम का कहना है कि उन्होंने फिल्म के ट्रेलर या प्रमोशन के लिए अपने गाने के इस्तेमाल की कोई मंजूरी नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के काम का सम्मान होना चाहिए और बिना इजाजत किसी का कंटेंट इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। म्यूजिक लेबल के साथ कॉन्ट्रैक्ट प्रभावित होने का दावा गायक ने बताया कि यह मामला उनके लिए बेहद अहम है क्योंकि वे इस गाने के लिए पहले ही एक बड़े म्यूजिक लेबल के साथ डील साइन कर चुके हैं। फिल्म के ट्रेलर में बिना परमिशन गाने का इस्तेमाल होने से उनके मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट पर असर पड़ सकता है। सरगम ने फिल्म की पूरी टीम और मेकर्स से सीधे संपर्क करने और वैध लाइसेंस होने का सबूत देने को कहा है। इसके साथ ही उन्होंने फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स से इस पोस्ट को शेयर करने की अपील की ताकि बात सही लोगों तक पहुंच सके। मांग न मानने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी वीडियो में सरगम वैश ने साफ किया कि अगर फिल्म की टीम उनके गाने को ट्रेलर और प्रोमोशनल मटेरियल से नहीं हटाती है, तो वे अगला कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि उनकी लीगल टीम मामले को देख रही है और मांग न माने जाने पर कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी। हालांकि, इस पूरे विवाद और आरोपों पर अभी तक 'वन' के मेकर्स, निर्देशकों या प्रोडक्शन हाउस की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी 'वन' दीपक कुमार मिश्रा और अरुणभ कुमार के निर्देशन में बनी फिल्म 'वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' मध्य भारत के जंगलों, भारतीय लोक कथाओं, रहस्य और पौराणिक कथाओं पर आधारित है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि सुनील ग्रोवर, मनीष पॉल, श्वेता तिवारी और अनूप सोनी भी अहम किरदारों में नजर आएंगे। यह फिल्म 25 सितंबर को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज के लिए शेड्यूल की गई है। 'मिर्जापुर' पर भी लगा था गाना चुराने का ऐसा ही आरोप फिल्मों और सीरीज के ट्रेलर में गानों का बिना इजाजत इस्तेमाल करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में 'मिर्जापुर द मूवी' के मेकर्स पर भी ऐसा ही आरोप लगा था। सिंगर रापेरिया बालम ने आरोप लगाया था कि मेकर्स ने उनकी सहमति के बिना उनका गाना 'शूरवीर' इस्तेमाल किया। इसके बाद उन्होंने फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी को लीगल नोटिस भेजकर गाना हटाने, बिना शर्त माफी मांगने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के बदले एक स्कूल बनवाने की मांग की थी। ये खबर भी पढ़ें सिद्धार्थ-तमन्ना की फिल्म 'वन' का ट्रेलर रिलीज:फिल्म में दिखाई गई खौफनाक जंगल की दुनिया; भूतों से मुकाबला करते नजर आए सिद्धार्थ सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की अपकमिंग फैंटेसी फिल्म 'वन' (Vvan) का ट्रेलर मेकर्स ने रिलीज कर दिया है। 2 मिनट 44 सेकंड का यह ट्रेलर एक रहस्यमयी और प्रतिबंधित जंगल की कहानी दिखाता है, जहां आस्था और लोककथाओं का मिलन होता है। पूरी खबर पढ़ें
साल 2009 की ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म '3 इडियट्स' के सीक्वल की शूटिंग अप्रैल 2027 से शुरू हो सकती है। निर्देशक राजकुमार हिरानी इस समय फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं। मिड-डे की रिपोर्ट के मुताबिक, आमिर खान फरवरी में फिल्म की फाइनल स्क्रिप्ट पढ़ेंगे, जिसके बाद प्रोजेक्ट पर आधिकारिक काम आगे बढ़ेगा। इस सीक्वल में आमिर खान के साथ करीना कपूर खान, आर माधवन और शरमन जोशी की मुख्य स्टारकास्ट के दोबारा साथ आने की उम्मीद है। फरवरी में स्क्रिप्ट का फाइनल ड्राफ्ट पढ़ेंगे आमिर खान '3 इडियट्स' का सीक्वल फिलहाल राइटिंग स्टेज में है। राजकुमार हिरानी और उनकी टीम अगले साल की शुरुआत में स्क्रिप्ट का फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लेगी। आमिर खान फरवरी में इस स्क्रीनप्ले को पढ़ेंगे और अपनी सहमति देंगे। आमिर खान की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद मेकर्स अप्रैल 2027 में फिल्म को फ्लोर पर ले जाने का प्लान बना रहे हैं। ओरिजिनल स्टारकास्ट को दोबारा साथ लाने की तैयारी सीक्वल में 2009 की मूल फिल्म के मुख्य कलाकारों को फिर से एक साथ पर्दे पर लाने की योजना है। फिल्म में आमिर खान (रैंचो), आर माधवन (फरहान) और शरमन जोशी (राजू) की लोकप्रिय तिकड़ी के साथ करीना कपूर खान (पिया) भी अपनी भूमिकाओं में नजर आ सकती हैं। 2009 में रिलीज हुई '3 इडियट्स' ने बॉक्स ऑफिस पर कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए थे। अक्टूबर से 'ललकारा' की शूटिंग में बिजी होंगे आमिर खान '3 इडियट्स' के सीक्वल से पहले आमिर खान निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की स्पोर्ट्स-ड्रामा फिल्म 'ललकारा' की शूटिंग पूरी करेंगे। वे इसी साल अक्टूबर से मार्च 2027 तक 'ललकारा' के शूटिंग शेड्यूल में बिजी रहेंगे। यह फिल्म 1952 में पाकिस्तान के खिलाफ हुई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज और भारतीय क्रिकेट टीम के तत्कालीन कप्तान लाला अमरनाथ की कहानी पर आधारित है। महाभारत प्रोजेक्ट भी चर्चा में आमिर खान हाल ही में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी सतीशाचार्य महाराज से मिले। मुलाकात के दौरान दोनों के बीच काफी देर बातचीत हुई। आमिर ने आध्यात्मिक गुरु के प्रति अपना आभार भी व्यक्त किया। आमिर खान कई बार फिल्म 'महाभारत' को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बता चुके हैं। ऐसे में जगद्गुरु सतीशाचार्य महाराज से उनकी मुलाकात के बाद 'महाभारत' को लेकर चर्चा फिर शुरू हो गई है। गौरतलब है कि महाभारत पर आमिर पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से काम करने की इच्छा जता रहे हैं। आमिर खान इस महाकाव्य को किसी एक फिल्म में नहीं, बल्कि हॉलीवुड की मशहूर फिल्म सीरीज 'लॉर्ड ऑफ द रिंग्स' की तरह एक भव्य फिल्म सीरीज के रूप में बैक-टू-बैक चैप्टर्स में बनाना चाहते हैं। साल 2024 में बीबीसी से बातचीत के दौरान आमिर खान ने महाभारत का जिक्र करते हुए कहा था, 'यह मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट है और मेरे लिए किसी चैलेंज से कम नहीं है। मुझे डर है कि इसे बनाते समय मुझसे कोई गलती न हो जाए। यह एक बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि महाभारत हमारे लिए बहुत करीब है। यह हमारे खून में है, इसलिए मैं इसे बिल्कुल सही तरीके से बनाना चाहता हूं।' आमिर ने कहा था, ‘मैं हर भारतीय को गर्व महसूस कराना चाहता हूं और साथ ही दुनिया को यह दिखाना चाहता हूं कि भारत के पास क्या है। मुझे नहीं पता, यह कब बन पाएगा।’
बॉक्स ऑफिस पर Resident Evil का कब्जा, कमाई में इंडियन फिल्मों पर भारी पड़ी विदेशी हॉरर थ्रिलर
हॉलीवुड की लेटेस्ट फिल्म रेजिडेंट ईविल नए रुपांतरण में सिनेमाघरों में दर्शकों की पहली पसंद बनी हुई है।
22 सितंबर को गुजरात के एकतानगर (केवड़िया) में भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च माना जाने वाला नेशनल फिल्म अवॉर्ड का भव्य समारोह आयोजित हो रहा है। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित कई नेता और बॉलीवुड के साथ-साथ साउथ के सेलिब्रिटीज भी मौजूद रहेंगे। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स) में फिल्म 'आर्टिकल 370' को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, फिल्म 'श्रीकांत' को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म और यामी गौतम को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, 'भ्रमयुगम' के लिए ममूटी और 'चंदू चैंपियन' के लिए कार्तिक आर्यन को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्टर का पुरस्कार दिया जाएगा। इस अवॉर्ड के 72 साल के इतिहास में पहली बार यह समारोह दिल्ली के बाहर आयोजित हो रहा है और इस बार गुजरात को इसकी मेजबानी सौंपी गई है। इसे लेकर एकतानगर में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में मेहमानों के लिए AC जर्मन डोम तैयार किया गया है, जिसमें 1,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इसके अलावा मेहमानों को गुजराती के फेमस व्यंजन परोसे जाएंगे। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंची दैनिक भास्कर की टीम एकतानगर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह को लेकर दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास 'बस बे' (बस टर्मिनल) क्षेत्र में कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस भव्य समारोह को सफल और यादगार बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के 500 से अधिक टेक्नीशियन, कारीगर और मजदूरों की टीम दिन-रात लगातार काम में जुटी हुई है। 'जर्मन एल्युमिनियम स्ट्रक्चरल डोम', वाटरप्रूफ और सेंट्रली एयर-कंडीशंड स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास ही 1,000 लोगों की बैठक क्षमता वाला विशाल और हाईटेक डोम तैयार किया जा रहा है। यह आधुनिक 'जर्मन एल्युमिनियम स्ट्रक्चरल डोम' पूरी तरह वाटरप्रूफ और सेंट्रली एयर-कंडीशंड होगा। समारोह के शानदार अनुभव के लिए इसे स्टेट-ऑफ-द-आर्ट साउंड और आधुनिक लाइटिंग सिस्टम से पूरी तरह सुसज्जित किया जा रहा है। आकर्षक स्टेज लाइटिंग और VIP लाउंज 'जर्मन डोम' के स्ट्रक्चर और अंदर के इंटीरियर का काम अंतिम चरण में है। हाईटेक साउंड सिस्टम, आकर्षक स्टेज लाइटिंग और VIP लाउंज तैयार करने के लिए विशेषज्ञ लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। राष्ट्रपति और देश के दिग्गज फिल्म कलाकारों के आगमन से पहले पूरे परिसर को आकर्षक रोशनी और थीम आधारित डेकोरेशन से सजाने का काम जोर-शोर से चल रहा है। कैसा होगा नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी का शेड्यूल? इस साल सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अवॉर्ड मुख्य भूमिका में कार्तिक आर्यन को 'चंदू चैंपियन' और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता मम्मूटी को 'भ्रमयुगम' फिल्म के लिए दिया जाएगा। वहीं सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अवॉर्ड यामी गौतम को 'आर्टिकल 370' फिल्म के लिए प्रदान किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ डेब्यू डायरेक्टर का अवॉर्ड रणदीप हुड्डा को 'स्वातंत्र्य वीर सावरकर' के लिए दिया जाएगा। एकतानगर में नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित समारोह के आयोजन से गुजरात के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिलेगी। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और प्राकृतिक सुंदरता देश-विदेश में और अधिक प्रसिद्ध होगी, जिससे पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय होटल, रिसॉर्ट, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प और गाइड जैसे रोजगार से जुड़े लोगों को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा। इस मामले में बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स की मौजूदगी से गुजरात एक प्रमुख 'फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन' के रूप में उभरेगा। एकतानगर के खूबसूरत लोकेशंस भविष्य में बड़े बजट की फिल्मों की शूटिंग के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे, जिससे स्थानीय कलाकारों और टेक्नीशियनों को राष्ट्रीय स्तर पर काम करने के नए अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही, दिल्ली या मुंबई जैसे मेट्रो शहरों के अलावा भी गुजरात ऐसे बड़े VVIP आयोजनों को सफलतापूर्वक आयोजित कर सकता है, यह साबित होने से राज्य की ब्रांड इमेज और मजबूत होगी।
रोहतक की दादा लख्मी चंद यूनिवर्सिटी सुपवा में चल रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में कई बॉलीवुड हस्तियों ने हिस्सा लिया और कुछ अभिनेताओं ने अपनी वीडियो भेजकर संदेश दिया। गांव जसिया के रहने वाले अभिनेता रणदीप हुड्डा ने अपनी वीडियो में रोहतक वासियों के लिए संदेश भेजा। रणदीप हुड्डा ने अपनी वीडियो की शुरूआत में सभी को देसी अंदाज में राम राम कहा। रणदीप ने कहा कि मेरा तो कलेजा पाटैन नै हो रहा है कि रोहतक में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हो रहा है। सारे ज्यूरी आले, इन कलाकारा पर थोड़ा रहम करियो और स्टूडेंट्स कुछ सीख भी लियो। जिस बीज का मैं पौधा, उसने राम-राम कर दियो रणदीप हुड्डा ने अपने मजाकिया अंदाज में युवाओं से कहा कि लागे रहो, किमै न किमै जरूर होवेगा। जिस पौधे का मैं बीज हूं मेरी मां, वहां जरूर आ रही है। उसने राम-राम जरूर करियो। लागे रहो, खैंचे रहो मीटर। मेहनत कभी बेकार नहीं होती, सफलता जरूर मिलती है। हरियाणवी सिनेमा को छूना हुआ मुश्किल बॉलीवुड अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि हरियाणवी सिनेमा उद्योग जिस तरफ जा रहा है, उसे छूना मुश्किल हो गया है। मासूम शर्मा मेरा स्टूडेंट भी रहा है और लाइसेंस के रूप में एक अच्छी फिल्म बनाई है। युवा पीढ़ी में बहुत ऊर्जा है, लेकिन उसे सही दिशा देने की जरूरत है। हरियाणा के युवा कमाल कर रहे है। चंद्र शेखर आजाद का किया रोल बॉलीवुड अभिनेता अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि केवल डरावने रोल नहीं किए, बल्कि अच्छे रोल भी किए है। लेकिन लोग डरते हैं तो मैं क्या करू। शहीद भगत सिंह मूवी में चंद्र शेखर आजाद का रोल किया, उससे बड़ा कौन सा रोल हो सकता है। नई पीढ़ी को बताना कि इस प्रकार का सिनेमा बन रहा है। हरियाणवी फिल्म सांगी से कैरियर की शुरूआत अभिनेता रणदीप हुड्डा की मां आशा हुड्डा ने कहा कि वह डीएलएफ कॉलोनी में रहती थी और पढ़ाई भी रोहतक से ही की है। एमडीयू से एमए किया है, पहले इसका नाम कुछ और था। हरियाणवी फिल्म सांगी से कैरियर की शुरूआत की थी। आशा हुड्डा ने कहा कि वही गुण बेटे रणदीप में भी आए और डॉक्टर बनने की बजाय एक्टिंग में कैरियर बनाया और आज एक सफल अभिनेता के रूप में देखकर काफी खुश है। 22 साल पहले रोहतक को छोड़ा था, लेकिन आज भी आकर वही अहसास जिंदा हो जाता है।
सलमान खान ने हाल ही में रियलिटी शो बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार में पैपराजी और ट्रोलर्स को जमकर फटकार लगाई है। वो बैक शॉट समेत गलत एंगल से वीडियो कैप्चर कर पोस्ट करने वाले पैपराजी पर भड़क गए और महिलाओं से एक्शन लेने को कहा। उनके इस बेबाक बयान के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। एक्ट्रेस नेहा धूपिया ने कुछ समय पहले ही बैक शॉट पोस्ट करने पर एक इवेंट में सरेआम पैपराजी को फटकारा था। अब सलमान का बयान आने के बाद नेहा लिखती हैं, टाइगर जिंदा है। वरुण धवन ने एक वीडियो जारी कर सलमान को सपोर्ट किया। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया से एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो पिता डेविड धवन के साथ सलमान को देखकर खुशी जाहिर करते नजर आ रहे हैं। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने लिखा है, सलमान खान आपको सलाम। आपने सोशल मीडिया पर लोगों के व्यवहार, ट्रोलिंग, पैपराजी और इस तरह के व्यवहार को बढ़ावा देने वालों पर बहुत जरूरी बातें कहीं। और जब भाई बोलता है, तो उसके बाद किसी के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचता। बिग बॉस की पूर्व कंटेस्टेंट बोली- सलमान पाखंडी है सलमान का बयान सामने आने के बाद बिग बॉस 7 की कंटेस्टेंट रह चुकीं ब्रिटिश मॉडल, सिंगर और एक्ट्रेस सोफिया हयात ने सलमान को पाखंडी कहा है। उन्होंने सलमान का क्लिप शेयर कर लिखा है, सलमान एक पाखंडी और बेवकूफ इंसान है। जब मैं बिग बॉस में थी, तब उसने मेरे शरीर और चेहरे को लेकर आलोचना की थी, जबकि गौहर से कहा था कि उसका शरीर अच्छा है। क्या था सलमान खान का बयान? बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार एपिसोड में सलमान ने कटरीना कैफ को वजन, भाई सोहेल के चेहरे और सनी देओल के फटे जूतों पर ट्रोल करने वालों की कड़ी शब्दों में निंदा की। इस दौरान उन्होंने एक्ट्रेसेस के गलत एंगल से शॉट लेने और पोस्ट किए जाने पर कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां (कमर पर) होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर, नेहा धूपिया और भांजी का जिक्र किया। सलमान ने आगे कहा कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान बोले- अपनी मां-बहन के शॉट सोशल मीडिया पर डालो सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। जांघों का शॉट ले लो।” सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? गुस्से में सलमान ने मंच पर ही अपनी शर्ट उतारकर पेट दिखाया और कहा कि अब जो चाहे उन्हें ट्रोल कर सकता है। सलमान ने ये भी कहा कि कुछ समय पहले उन्हें गंजा कहते हुए ट्रोल किया जा रहा था, जबकि असल में वो उनकी आने वाली फिल्म का लुक था, उन्होंने कुछ समय पहले अपना दोस्त भी खो दिया था। इससे पहले कब-कब पैपराजी पर भड़के सलमान खान? पिछले कुछ महीनों में इससे पहले भी सलमान खान पैपराजी पर भड़के हैं। इसी महीने 5 सितंबर 2026 को बिग बॉस 20 के प्रीमियर एपिसोड की शूटिंग के दौरान एक पैपराजी ने उन्हें 'बाबा' कहकर बुलाया और कुछ लोग फ्रेम के बीच आ रहे थे। इससे नाराज होकर सलमान ने पैपराजी को आंखें दिखाईं और कहा, तू नहीं बताएगा... मुझे कैमरे के आगे आने की कोई जरूरत नहीं है, यह मेरा काम नहीं है। उन्होंने पैप्स से स्टेज से दूरी बनाए रखने की भी हिदायत दी। अस्पताल के बाहर शोर मचाने पर डांटा इससे पहले 19 मई 2026 को सलमान किसी करीबी से मिलने अस्पताल गए थे। वह जैसे ही बाहर आए, पैपराजी तस्वीर लेने के लिए आवाज लगाने लगे। शोर होता देख, सलमान भड़क गए और जमकर खरी-खोटी सुनाई। इस घटना के बाद सलमान ने सोशल मीडिया पर क्रिपटिक पोस्ट भी शेयर की। कुछ समय बाद जब सलमान रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तो पैपराजी ने सलमान को घेर कर माफी मांगी थी। पैपराजी के शोर से परेशान हुए सलमान रियलिटी शो बिग बॉस 19 की सक्सेस पार्टी में भी ऐसा ही हुआ। सलमान जैसे ही पोज देने पहुंचे, पैपराजी उनकी तस्वीर लेते हुए शोर करने लगे, इसके बाद सलमान ने इशारे में हल्ला न करने के लिए कहा था। भांजी डिस्टर्ब हुई तो नाराज हुए सलमान कुछ महीनों पहले सलमान खान वर्ल्ड पैडल लीग के एक इवेंट का हिस्सा बने, जिसमें उनकी भांजी आयत भी पहुंची थी। इवेंट के बाद सलमान भांजी को गोद में लिए निकल रहे थे, तभी फोटोग्राफर्स ने उन्हें घेर लिया। सलमान ने तब गुस्से में पैपराजी से दूर हटने को कहा था। आयत शर्मा सलमान की छोटी बहन अर्पिता खान और अभिनेता आयुष शर्मा की बेटी हैं। मां की फोटो लेने से रोका कुछ साल पहले सलमान खान, मां के साथ भाई सोहेल की बर्थडे पार्टी में पहुंचे थे। जैसे ही उनकी मां कार से उतरने को हुईं, सलमान ने इशारा कर सभी पैपराजी को वहां से हटा दिया। कब-कब सेलेब्स का हुआ पैपराजी से पंगा जरीन खान ने एक कमेंट पर लगा दी फटकार: कुछ समय पहले जरीन खान मुंबई में एक क्लोदिंग ब्रांड के प्रमोशन इवेंट में पहुंची थीं। वे हरे रंग की ड्रेस पहने हुए मीडिया के कैमरों के सामने डेनिम जैकेट और जींस को डिस्प्ले कर रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद पैपराजी ने उनसे कहा की ड्रेस ट्राई करके दिखाओ। एक्ट्रेस को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। जरीन खान ने कहा, फालतूगिरी की बातें नहीं करना मेरे साथ, क्योंकि मैं ऐसी चीजें बर्दाश्त करने वालों में से नहीं हूं। अपनी हद में रहकर बात करना। यह बात कहते हुए जरीन के चेहरे पर साफ तौर पर गुस्सा देखा जा सकता है। नेहा धूपिया ने दी थी पैपराजी को चेतावनी: गोल्ड स्ट्रीमिंग अवॉर्ड सेरेमनी में नेहा धूपिया पैपराजी पर भड़क गई थीं। एक्ट्रेस ने बैक शॉट लेने और उन्हें पोस्ट करने पर नाराजगी जाहिर की और पैपराजी को कड़े शब्दों में वॉर्निंग भी दी। सेरेमनी से नेहा धूपिया अवॉर्ड लेकर निकल रही थीं। तभी पैपराजी ने उनके ग्रे हेयर पर कमेंट किया, जिसके जवाब में भड़कते हुए उन्होंने कहा है, ‘बोल लिया? कर लिया? ये बदतमीजी से बैक शॉट कौन लेता है तुम लोगों में से? कौन लेता है? छापता कौन है? मत करो। मेरा नहीं करना है, किसी का नहीं करना है। बोल-बोलकर थक गए हैं।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘हम लोगों का काम नहीं है ये। हम बाहर आते हैं, तो आप लोग वहां ये सब करते हैं, बैग उठाकर, बुक उठाकर, पीछे से चलते हुए, ये सब नहीं चलेगा अभी। बंद करो ये सब। बहुत इज्जत से आप लोगों से बात करते हैं, ये सब मत करो। मत करो, बिल्कुल ये सब मत करो।’ मलाइका अरोड़ा ने लगाई थी पैपराजी की क्लास कुछ समय पहले ही मलाइका अरोड़ा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो पैपराजी पर गुस्सा करती दिखी थीं। दरअसल, एक इवेंट के बाद मलाइका एक शख्स से बात कर रही थीं, लेकिन पैपराजी प्राइवेसी देने के बजाए लगातार उनका वीडियो ले रहे थे। ये देख एक्ट्रेस भड़क गईं और कहा- इधर ही आ जाओ।
21 सितंबर 1980 को जन्मी करीना कपूर आज 46 साल की हो गई हैं। करीब ढाई दशक से ज्यादा लंबे करियर में करीना ने हिंदी सिनेमा में कई तरह के किरदार निभाए हैं। शुरुआत में जहां उनकी पहचान ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों की हीरोइन के तौर पर बनी, वहीं समय के साथ उन्होंने ऐसे किरदार चुने जिनमें ग्लैमर से ज्यादा कहानी और किरदार की गहराई नजर आई। करीना ने साल 2000 में फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। इसके बाद ‘मुझे कुछ कहना है’, ‘अजनबी’ और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें मेनस्ट्रीम सिनेमा की चर्चित एक्ट्रेस बना दिया। खासकर ‘कभी खुशी कभी गम’ की पू यानी पूजा शर्मा का किरदार उनकी ग्लैमरस इमेज का बड़ा हिस्सा बना। इसके बाद कुछ सालों तक करीना के करियर में रोमांटिक, ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों का दबदबा रहा। ‘मुझसे दोस्ती करोगे!’, ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’, ‘खुशी’ और ‘क्योंकि’ जैसी फिल्मों में वह मुख्यधारा की हीरोइन के तौर पर नजर आईं। हालांकि इसी दौर में उन्होंने ऐसे किरदार भी किए, जिन्होंने आगे उनके करियर की दिशा बदलने का रास्ता तैयार किया। ‘चमेली’ ने बदली इमेज करीना के करियर में सबसे बड़ा बदलाव 2004 की फिल्म ‘चमेली’ से आया। इसमें उन्होंने एक सेक्स वर्कर का किरदार निभाया था। यह उनके पहले के ग्लैमरस किरदारों से बिल्कुल अलग था। इसी साल उन्होंने फिल्म ‘देव’ में एक ऐसी महिला का किरदार निभाया, जिसकी जिंदगी गुजरात दंगों की हिंसा से प्रभावित होती है। इसके बाद विशाल भारद्वाज की ‘ओमकारा’ में उन्होंने डॉली मिश्रा का किरदार निभाया, जो शेक्सपियर के ‘ओथेलो’ की डेसडेमोना से प्रेरित था। ‘देव’ और ‘ओमकारा’ दोनों फिल्मों के लिए उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस मिला था। यानी करीना का करियर शिफ्ट सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं रहा। ‘चमेली’ के बाद उन्होंने यह दिखाना शुरू कर दिया कि वह सिर्फ ग्लैमरस हीरोइन की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। ‘जब वी मेट’ में ग्लैमर से ज्यादा किरदार की ताकत 2007 में आई ‘जब वी मेट’ को करीना के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म में उन्होंने गीत का किरदार निभाया था। गीत चुलबुली और बातूनी जरूर थी, लेकिन उसका पूरा किरदार सिर्फ ग्लैमर के आसपास नहीं घूमता था। कहानी का बड़ा हिस्सा उसके व्यक्तित्व, फैसलों और जिंदगी में आए बदलावों पर आधारित था। 2012 में दिखे करियर के कई रंग 2012 करीना के करियर का ऐसा साल था, जिसमें उन्होंने एक ही साल में बिल्कुल अलग तरह के किरदार किए। ‘एक मैं और एक तू’ में वह हल्के-फुल्के अंदाज में नजर आईं, तो ‘हीरोइन’ में उन्होंने एक परेशान और अस्थिर फिल्म एक्ट्रेस का किरदार निभाया। ‘हीरोइन’ में उनका किरदार माही अरोड़ा फिल्म इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे छिपी असुरक्षा और निजी परेशानियों से जूझता है। इसी साल आई ‘तलाश’ में करीना ने रोजी का किरदार निभाया, जो फिल्म की रहस्यमयी कहानी का अहम हिस्सा था। यहां से करीना की फिल्मोग्राफी में एक दिलचस्प बदलाव दिखने लगा। वह बड़ी कमर्शियल फिल्मों का हिस्सा बनी रहीं, लेकिन साथ ही ऐसे किरदार भी चुनती रहीं जिनमें उनके लिए एक्टिंग की ज्यादा गुंजाइश थी। शादी और मां बनने के बाद भी बदली नहीं एक्टिंग की रेंज 2012 में करीना ने सैफ अली खान से शादी की। इसके बाद भी उन्होंने फिल्मों से दूरी पूरी तरह नहीं बनाई। ‘सिंघम रिटर्न्स’ और ‘बजरंगी भाईजान’ जैसी फिल्मों में वह कम स्क्रीन टाइम के बावजूद नजर आईं। ‘बजरंगी भाईजान’ में उन्होंने रसिका का किरदार निभाया था। 2016 में ‘की एंड का’ और ‘उड़ता पंजाब’ ने फिर उनकी अलग-अलग रेंज दिखाई। ‘की एंड का’ में वह एक ऐसी महिला के किरदार में थीं जो करियर को लेकर महत्वाकांक्षी है, जबकि ‘उड़ता पंजाब’ में उन्होंने डॉ. प्रीत साहनी का रोल किया। यह फिल्म पंजाब में ड्रग्स की समस्या के इर्द-गिर्द बनी थी। दूसरी पारी में ग्लैमर से ज्यादा कहानी अगर करीना के हाल के काम को देखें तो उनकी फिल्मों में इंटेंस और गंभीर कहानियों की संख्या बढ़ी है। ‘वीरे दी वेडिंग’ और ‘गुड न्यूज’ जैसी कमर्शियल फिल्मों के बीच उन्होंने ‘अंग्रेजी मीडियम’ में भी काम किया। 2022 में ‘लाल सिंह चड्ढा’ आई, जिसमें उन्होंने रूपा का किरदार निभाया। इसके बाद 2023 में नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘जाने जान’ में वह माया डिसूजा के किरदार में नजर आईं। ‘जाने जान’ करीना की स्ट्रीमिंग डेब्यू फिल्म थी। फिल्म में उनका किरदार एक ऐसी महिला का था जो अपने अतीत से बचकर नई जिंदगी जीने की कोशिश कर रही है। यहां करीना को उनके पुराने ग्लैमरस अवतार से बिल्कुल अलग अंदाज में देखा गया। इसके बाद 2024 में ‘द बकिंघम मर्डर्स’ आई। इसमें करीना ने ब्रिटिश-इंडियन डिटेक्टिव जस्मीत ‘जैस’ भामरा का किरदार निभाया, जो एक बच्चे की हत्या की जांच करती है। फिल्म से करीना पहली बार इस तरह के सीरियस इन्वेस्टिगेटिव रोल में नजर आईं। ‘दायरा’ में पुलिस ऑफिसर बनीं करीना करीना की इस इंटेंस फिल्मों वाली पारी में 2026 की ‘दायरा’ भी शामिल हो गई है। मेघना गुलजार के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में करीना ने डीसीपी अजूनी कोहली का किरदार निभाया है। फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन भी डीसीपी रमन कुमार के रोल में हैं। 18 सितंबर 2026 को रिलीज हुई ‘दायरा’ की कहानी एक गंभीर अपराध और उसके बाद होने वाली पुलिस जांच के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में करीना का किरदार एक एनकाउंटर की जांच करता है और इसी के जरिए कानून, न्याय और पुलिस की जवाबदेही जैसे सवाल सामने आते हैं। 26 साल में बदली करीना की स्क्रीन इमेज करीना कपूर का करियर देखें तो इसे सिर्फ ‘ग्लैमरस से सीरियस’ बदलाव कहना भी पूरी तस्वीर नहीं होगी। उन्होंने अपने करियर के अलग-अलग दौर में कमर्शियल फिल्मों, रोमांटिक फिल्मों, कॉमेडी, ड्रामा, थ्रिलर और सोशल इश्यू बेस्ड फिल्मों में काम किया है। ………………. यह खबर भी पढ़ें… अक्षय कुमार ने चुराया था हुमा कुरैशी का फोन:अभिनेताओं को भेजे थे शादी के प्रपोजल वाले मैसेज, ‘आई लव यू’ भी लिखा था बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार ने करीब तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में एक्शन, कॉमेडी, रोमांस और सोशल ड्रामा जैसी कई तरह की फिल्मों में काम किया है। फिल्मों में अपने अलग-अलग किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अक्षय अपने को-स्टार्स के साथ मजाक-मस्ती और प्रैंक करने के लिए भी मशहूर हैं। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा एक्ट्रेस हुमा कुरैशी ने अक्षय के साथ काम करने के दौरान सुनाया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर 45वें दिन भी मचाया धमाल, नीम करोली बाबा की कहानी ने जीता दिल
विशाल चतुर्वेदी की फिल्म हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर 45 दिन पूरे कर लिए हैं। फिल्म की कमाई ने सभी को चौंका दिया है।
'महाभारत' सीरियल में भीम का किरदार निभाने वाले एक्टर और WWE रेसलर सौरव गुर्जर को शादी का झांसा देने और महिला के उत्पीड़न के आरोप में हैदराबाद पुलिस ने कस्टडी में लिया है। पुलिस ने उन्हें मुंबई एयरपोर्ट से पकड़ा और हैदराबाद लाकर कानूनी प्रक्रिया के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एक महिला ने सौरव पर आरोप लगाया है कि उन्होंने शादी का वादा करके उनके साथ लिव-इन में वक्त बिताया और अमेरिका में उनकी नौकरी भी छुड़वा दी। जब भी महिला ने शादी की बात की, सौरव ने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया और दूरी बना ली। इंस्टाग्राम पर हुई थी मुलाकात, फिर साथ रहने लगे 29 साल की महिला की शिकायत के अनुसार, साल 2021 में इंस्टाग्राम के जरिए उनकी मुलाकात सौरव गुर्जर से हुई थी। इसके बाद दोनों व्हाट्सएप पर बातें करने लगे और उनके बीच नजदीकियां बढ़ गईं। महिला ने बताया कि 25 दिसंबर 2021 को दोनों पहली बार मिले थे। इस दौरान सौरव ने उनसे शादी करने और पत्नी का दर्जा देने का भरोसा दिया था। इसके बाद दोनों अमेरिका में साथ रहने लगे और भारत लौटने पर भी साथ ही रहे। बिजनेस का झांसा देकर अमेरिका की नौकरी छुड़वाई महिला का कहना है कि सौरव के कहने पर उन्होंने अमेरिका में अपनी नौकरी छोड़ दी थी। सौरव ने उनसे वादा किया था कि दोनों मिलकर एक नया बिजनेस शुरू करेंगे। महिला का आरोप है कि लगातार हो रहे मानसिक उत्पीड़न की वजह से वे अपने करियर पर ध्यान नहीं दे पाईं। जब भी वे शादी को लेकर सवाल करती थीं, सौरव उनका फोन नंबर ब्लॉक कर देते थे और उनसे दूर हो जाते थे। हैदराबाद में साथ रहे, फिर अचानक गायब हो गए पीड़िता ने पुलिस को बताया कि सौरव अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 तक उनके साथ रहे। दोनों हैदराबाद में एक साथ रह रहे थे। इसी बीच सौरव बिना कोई जानकारी दिए अचानक गायब हो गए। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामला दर्ज होने के बाद गचीबोवली पुलिस ने जांच शुरू की और सौरव गुर्जर को मुंबई एयरपोर्ट से कस्टडी में ले लिया। 'महाभारत' में भीम और 'ब्रह्मास्त्र' में कर चुके हैं काम सौरव गुर्जर ने साल 2013 में स्टार प्लस के शो 'महाभारत' से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी, जिसमें उन्होंने भीम की भूमिका निभाई थी। यह शो 2013 से 2014 तक चला था। इसके बाद 2016 से 2017 के बीच वे 'संकटमोचन महाबली हनुमान' सीरियल में रावण और बाली के किरदार में नजर आए थे। साल 2022 में उन्होंने फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। तीन साल के ब्रेक के बाद फरवरी 2025 में उन्होंने कलर्स टीवी के शो 'शिव शक्ति - तप त्याग तांडव' से टीवी पर वापसी की थी, जिसमें वे स्वार्थ का किरदार निभा रहे थे। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें सूरज पंचोली बोले- कभी दिशा सालियान से नहीं मिला:उनकी मौत में मेरा नाम घसीटना गलत; एक्टर सुशांत की मैनेजर थीं दिशा एक्टर सूरज पंचोली ने एक्टर सुशांत सिंह की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में खुद का नाम जोड़े जाने पर सफाई दी है। इंस्टाग्राम पर एक लंबा बयान जारी कर सूरज ने कहा कि वे जीवन में कभी भी दिशा सालियान नहीं मिले पूरी खबर पढ़ें...
लालबागचा राजा के दर्शन करने मुंबई पहुंचीं गायिका और बिहार की बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर के लग्जरी कार इस्तेमाल करने पर शुरू हुआ विवाद गहरा गया है। करीब 13 करोड़ रुपए कीमत वाली ब्लू रोल्स रॉयस कुलिनन कार में पहुंचने पर सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें ट्रोल कर रहे हैं। अब इस मामले में बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट मैथिली के बचाव में उतर आई हैं। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट शेयर करके ट्रोल्स पर निशाना साधा और सवाल उठाया कि नेताओं के अच्छे जीवन जीने पर लोगों को आपत्ति क्यों होती है। कंगना का जवाब- क्या हमारा अपना करियर नहीं? कंगना रनोट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि कुछ लोगों को नेताओं के अच्छे से रहने पर भी समस्या होती है। उन्होंने लिखा कि हमारी युवा विधायक मैथिली ठाकुर को लग्जरी कार का इस्तेमाल करने के लिए ट्रोल किया जा रहा है। हम लोग समाज सेवा के काम से जुड़े हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारा अपना करियर, पर्सनल लाइफ और लोकप्रियता नहीं हो सकती। कंगना ने आगे लिखा कि हम बिना किसी स्वार्थ के जनता की सेवा करते हैं, फिर भी कुछ लोगों को आपत्ति होती है। क्या हमसे यह उम्मीद की जाती है कि हम हमेशा गरीब और बेजान बनकर रहें। रोल्स रॉयस कार को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब मैथिली ठाकुर मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में गणपति दर्शन के लिए पहुंची थीं। वे जिस ब्लू कलर की रोल्स रॉयस कार में आई थीं, उसकी ऑन-रोड कीमत मुंबई में 13 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। राजनीतिक करियर शुरू होने के एक साल के भीतर इतनी महंगी गाड़ी का इस्तेमाल करने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। कई यूजर्स ने लिखा कि एक साल की राजनीति में इतना बदलाव कैसे आ गया। बिहार की सबसे कम उम्र की विधायक हैं मैथिली ठाकुर मैथिली ठाकुर बिहार की सबसे युवा विधायक हैं। वे 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं और आरजेडी के बड़े नेता बिनोद मिश्रा को हराकर विधायक बनीं। मैथिली मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं। उनका परिवार संगीत की शिक्षा और आगे के करियर के लिए बाद में नई दिल्ली के द्वारका में शिफ्ट हो गया था। उनके पिता रमेश ठाकुर खुद संगीत शिक्षक हैं, जिनसे और अपने दादाजी से मैथिली ने बचपन में शास्त्रीय और लोक संगीत की ट्रेनिंग ली थी। मैथिली को सिंगिंग शो से मिली पहचान राजनीति में आने से पहले मैथिली ठाकुर की पहचान एक लोक गायिका के रूप में रही है। साल 2017 में रियलिटी सिंगिंग शो 'राइजिंग स्टार इंडिया' में हिस्सा लेने के बाद उन्हें पूरे देश में पहचान मिली थी। मैथिली मैथिली, भोजपुरी, भक्ति भजन और फिल्मी गानों की अपनी प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती हैं। यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनकी बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग है। त्रिशा कृष्णन के समर्थन में भी बोल चुकी हैं कंगना मैथिली ठाकुर से पहले कंगना रनोट हाल ही में साउथ एक्ट्रेस त्रिशा कृष्णन के समर्थन में भी अपनी बात रख चुकी हैं। तमिलनाडु में जब त्रिशा को लेकर विवाद खड़ा हुआ था और उन्हें ट्रोल किया गया था, तब कंगना ने महिलाओं को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जब भी कोई विवाद होता है या कैरेक्टर लिंचिंग की बात आती है, तो हमेशा महिलाओं को ही निशाना बनाया जाता है। पूरी खबर पढ़ें …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में सपने मत देखो':बाबा रामदेव के बयान पर कंगना रनोट भड़कीं, बोलीं- मेरा चरित्र आपसे बेहतर है एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने योग गुरु बाबा रामदेव की टिप्पणी पर भड़कते हुए कहा कि बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में सपने मत देखिए। दरअसल, कंगना ने बाबा रामदेव की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कंगना के 'जेनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर कहा था कि ये बिगड़े दिमाग की निशानी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
इंटरव्यू:‘द कन्फ़ेशन...’ की कहानी घटना से ज्यादा नैतिक सवालों पर है: आदिल हुसैन
आदिल हुसैन की फिल्म ‘द कन्फ़ेशन ऑफ मैरी’ टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हुई है। फिल्म में नाना पाटेकर भी अहम भूमिका में हैं। इस फिल्म को लेकर आदिल ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। क्या यह फिल्म 1966 के केरल के चर्चित ‘मदाथरुवी केस’ पर बेस्ड है? फिल्म को किसी एक व्यक्ति या घटना की सीधी कहानी के तौर पर देखना सही नहीं होगा। फिल्म के संदर्भ में किसी पुराने घटनाक्रम से प्रेरणा लिए जाने की बात रिपोर्ट्स में कही गई थी, लेकिन उस घटना की सटीक पहचान को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इसलिए इसे किसी वास्तविक व्यक्ति का सीधा चित्रण मानने के बजाय इसके विषय और नैतिक द्वंद्व के स्तर पर देखना ज्यादा उचित है। कहानी का मुख्य केंद्र उस व्यक्ति पर है, जो बेहद जिम्मेदारी वाले पद पर है और परिस्थितियों के दबाव के बावजूद अपने सिद्धांतों को संभालने की कोशिश करता है। फिल्म किसी एक घटना को दोहराने के बजाय उससे जुड़े मानवीय और नैतिक सवालों को सिनेमाई अंदाज में पेश करती है। क्या किसी वास्तविक वकील को देखकर आपने किरदार की तैयारी की? मैंने किसी एक वास्तविक वकील की नकल करने के बजाय इस बात पर ध्यान दिया कि इस पेशे की काम करने की प्रक्रिया क्या होती है? मेरे लिए किसी किरदार की विश्वसनीयता उसके बाहरी हावभाव से ज्यादा उसकी सोच और निर्णय लेने की प्रक्रिया में होती है। अगर किरदार वकील है तो उसके सामने आने वाली परिस्थितियों को उसी पेशेवर नजरिए से समझना जरूरी है। वह किसी व्यक्ति के बारे में अपनी निजी धारणा बनाने के बजाय उसके पक्ष को कानूनी नजरिए से देखेगा। इसलिए मैंने किसी खास व्यक्ति को कॉपी करने के बजाय पेशे की तकनीकी समझ को प्राथमिकता दी। आपकी अभिनय शैली और नाना पाटेकर की प्रक्रिया में क्या समानता दिखी? समानता शायद इस स्तर पर है कि दोनों के लिए किरदार को समझना महत्वपूर्ण है, लेकिन हर अभिनेता का रास्ता अलग हो सकता है। थिएटर की पृष्ठभूमि ने मुझे भी यह सिखाया है कि किरदार को केवल सतह पर नहीं देखना चाहिए, लेकिन किसी कलाकार की अपनी तैयारी, अनुभव और भीतर की प्रक्रिया उसके अभिनय को अलग बनाती है। नाना साहब की खासियत यह लगी कि वह स्क्रिप्ट पढ़ते हुए ही किरदार के भीतर मौजूद किसी जरूरी तत्व को पकड़ लेते हैं। उस प्रक्रिया को बाहर से देखकर पूरी तरह समझना संभव नहीं है, क्योंकि अभिनेता के भीतर चल रही तैयारी दिखाई नहीं देती। स्वतंत्र सिनेमा के लिए फेस्टिवल सर्किट कितना महत्वपूर्ण है? स्वतंत्र सिनेमा के लिए फेस्टिवल सर्किट एक महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है, क्योंकि वहां ऐसी फिल्मों को दर्शक मिलते हैं जिन्हें पारंपरिक व्यावसायिक रिलीज के जरिए पर्याप्त पहचान मिलना मुश्किल हो सकता है। फेस्टिवल में फिल्म सिर्फ दिखाई नहीं जाती, बल्कि उसके साथ बातचीत और नए लोगों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है। उसके बाद वितरण, प्रचार और दर्शकों तक पहुंच जैसे चरण भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।
लहर-लहर:समाज में रहने की पहली शर्त ईमानदारी, सड़क पर सही चलना भी इसकी मिसाल
दुनिया में दो तरह के जानवर हैं- एक जो अकेले रहते हैं जैसे तेंदुआ है, जगुआर है। दूसरे कुछ जानवर हैं, जो समूह में रहते हैं। वो अकेले नहीं रह सकते; उनको समूह में ही रहना है। इंसान भी वैसा जानवर है, जिसे समूह में ही रहना है। अब इतने लोग साथ में रहेंगे कैसे? तो ये बात माननी पड़ेगी हमको कि हम एक-दूसरे को धोखा नहीं देंगे, हम एक-दूसरे को ऐसी बात नहीं कहेंगे, जो सच्ची नहीं है। हम एक-दूसरे से वादा करेंगे तो निभाएंगे। अगर वो कोई हमारा भला करेगा तो उसका धन्यवाद भी करेंगे और हो सका तो हम भी उसका कुछ भला करेंगे। ईमानदारी क्या है? आप जब सड़क पर कार चलाते हैं तो हिंदुस्तान में यह कानून है कि आप लेफ्ट में ड्राइव करेंगे। कार को लेफ्ट में ड्राइव करना ईमानदारी है। कानून है कि सिग्नल लाल होगा तो आपको रुकना है तो सिग्नल लाल पर रुकना ईमानदारी है। अब अगर आपने यह ईमानदारी नहीं की तो आपकी गाड़ी को चोट लग जाएगी या आप किसी और को चोट लगा देंगे या ट्रैफिक जाम हो जाएगा। आज समाज में ये जो ट्रैफिक जाम दिखते हैं ये बेईमानी की वजह से हैं और हर आदमी को उससे नुकसान होता है। तो ईमानदारी आराम से जीने की, शांति और सुकून से जीने की पहली शर्त है। मैं उर्दू में लिखता हूं। स्क्रिप्ट में संवाद उर्दू लिपि में लिखे जाते थे, जबकि बाकी विवरण अंग्रेजी में होता था, जिसे हम बोलकर लिखवाते थे। मुझे और सलीम साहब को टाइप करना नहीं आता था। एक सरदार जी हमारे लिए टाइप कर देते थे, लेकिन यूनिट के लोगों जैसे रमेश सिप्पी साहब और अन्य सदस्यों को स्क्रिप्ट हिंदी में चाहिए होती थी। रमेश सिप्पी साहब के एक सहायक थे खालिद साहब। मैंने उन्हें यह जिम्मेदारी दे दी थी कि उर्दू लिपि में लिखे संवादों को देवनागरी में लिखकर प्रोड्यूसर और डायरेक्टर तक पहुंचा दें। खालिद साहब बहुत शरीफ, शांत और संकोची व्यक्ति थे। समय बीतने पर वे बूढ़े होकर रिटायर हो गए। उन्हें सिप्पी फिल्म्स से वेतन मिलना भी बंद हो गया था। इसलिए मैं उन्हें हर महीने कुछ पैसे भेजने लगा। बाद में उनकी मृत्यु का पता चला। मुझे मालूम था कि उनकी पत्नी और बच्चे हैं, इसलिए मैं वही रकम उनकी पत्नी को भेजने लगा। उनका बेटा हर महीने पैसे लेने आता और अपनी मां को दे देता था। इस बात की पुष्टि हमारे शुभचिंतक हारून साहब से होती रहती थी, जो उस परिवार के संपर्क में थे। तो एक दिन वह बेटा आया जो 30 साल से ऊपर का ही रहा होगा। उसने कहा, साहब, अगले महीने से पैसे भेजना बंद कर दीजिए। मेरी वालिदा का इंतकाल हो गया है। अब आपका पैसा लेना गलत होगा। अच्छा, वह बेटा न बहुत अमीर था, न किसी बड़ी नौकरी या बड़े बिजनेस में था। उसकी ईमानदारी देखकर मुझे खुशी भी हुई, हैरत भी और इत्मीनान भी हुआ। मैं उस आदमी से बहुत ही मुतास्सिर हुआ। तो ऐसा नहीं है कि दुनिया में शराफत नहीं है, नेकी और ईमानदारी नहीं बची है। इंसानों के सुरक्षित रहने के लिए ईमानदारी एक जरूरत है। और सबसे पहली जो ईमानदारी आपको दिखाई देती है वो मां में दिखाई देती है। बच्चे की तरफ मां के जो भी कर्तव्य हैं वो निभाती है। कोई मां पागल होगी तो बात अलग है, वरना वो बच्चे से बेईमानी नहीं करती है। समाज में जब आप पैदा होते हैं, तो सबसे पहला इंसान जिससे आपका परिचय होता है और जिसके कारण आप इस दुनिया में आते हैं, वह आपकी मां है। और वह मां आपके प्रति ईमानदार है। यानी आपको अपनी मां से पहला सबक ईमानदारी का ही मिलता है। अब आपने बाद में बेईमानी के सबक कहां से सीखे, यह आपको खुद सोचना चाहिए। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)
टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ के ‘वीकेंड का वार’ का एक प्रोमो सामने आने के बाद सलमान खान की तबीयत को लेकर सवाल उठने लगे। प्रोमो में सलमान सीना पकड़कर दर्द में बैठे दिखाई दिए। इसे देखकर दर्शकों को लगा कि शायद उनकी तबीयत खराब हो गई है। हालांकि, देर रात सलमान ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक है और प्रोमो को गलत तरीके से एडिट किया गया। सलमान खान ने कहा, भगवान की कृपा से मेरी सेहत बिल्कुल ठीक है। बिग बॉस के प्रोमो को जिस तरह एडिट किया गया, उसे उस तरह नहीं काटा जाना चाहिए था। इससे पूरे सीन का मकसद ही बदल गया और ऐसा लग रहा है कि मैं भी वही कर रहा हूं, जो काजी ने घर में किया था। उन्होंने आगे लिखा, सीने में दर्द वाला एक्ट सिर्फ काजी को यह समझाने के लिए था कि उसने जो किया, वह गलत था। उसने अपनी सेहत को मनोरंजन के लिए इस्तेमाल किया, खासकर तब जब घर के 15 लोगों को पता नहीं था कि वह एक्टिंग कर रहा है और वे उसकी सेहत को लेकर परेशान हो रहे थे। प्रोमो को जिस तरह एडिट किया गया, उसके लिए माफ कीजिए। शायद शो को प्रमोट करने का यही तरीका है। मैं उनकी तरफ से माफी मांगता हूं। दरअसल, शो में काजी ने एक टास्क के बाद अपनी तबीयत खराब होने का नाटक किया था। उसने दवाइयों की मांग की, जिससे घर के बाकी कंटेस्टेंट उसकी सेहत को लेकर परेशान हो गए। बाद में मेडिकल रूम में काजी ने डॉक्टर को बताया कि उसे वास्तव में कुछ नहीं हुआ था। उसने माना कि वह गेम के तहत ऐसा कर रहा था। ट्रोलिंग और बॉडी-शेमिंग पर भी बोले सलमान कल के ‘वीकेंड का वार’ एपिसोड में सलमान खान ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर भी बात की। उन्होंने बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग को लेकर नाराजगी जताई। सलमान ने कहा कि सोशल मीडिया अब एक बड़ा प्रोफेशन बन चुका है। गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन, वीडियो एडिटिंग और दूसरे कामों से लोग रोजगार और पहचान बना रहे हैं। हालांकि, उन्होंने सोशल मीडिया के दूसरे पहलू यानी ट्रोलिंग पर सवाल उठाया। सलमान ने पूछा कि किसी दूसरे व्यक्ति को अपमानित करके पैसा कमाने की जरूरत क्यों पड़ती है। उन्होंने कहा कि लोग किसी के शरीर, वजन, लुक्स, खानदान, मुस्कान और उम्र तक पर टिप्पणी करते हैं। यहां तक कि किसी महिला के मां बनने के बाद शरीर में हुए बदलावों को लेकर भी ट्रोलिंग होती है। सलमान ने कहा कि किसी सेलिब्रिटी को ट्रोल करने वाला व्यक्ति यह नहीं जानता कि वह निजी जिंदगी में किन परिस्थितियों से गुजर रहा है। उन्होंने ट्रोलर्स से अपने परिवार के बारे में सोचने को भी कहा। पूरी खबर यहां पढ़ें….
साल 2026 में भी महिलाओं के शरीर को लेकर बनी पुरानी सोच पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खासकर फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस से मां बनने के बाद भी पहले जैसी बॉडी और ग्लैमरस लुक की उम्मीद की जाती है। कटरीना कैफ के हालिया मामले ने एक बार फिर इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया। कटरीना कैफ और विक्की कौशल की पहली संतान यानी बेटे विहान का जन्म 7 नवंबर 2025 को हुआ था। कटरीना अब 40 की उम्र पार कर चुकी हैं और लंबे समय से अपनी फिटनेस के लिए जानी जाती हैं। डाइट और फिटनेस को लेकर उनकी सतर्कता की वजह से उनकी एक खास फिटनेस इमेज बनी हुई है। हालांकि, मां बनने के बाद उनके शरीर में आए बदलावों को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। पहले बच्चे के जन्म के बाद कटरीना काफी समय तक लाइमलाइट से दूर रहीं। इस साल अगस्त के आखिर में वह पहली बार पति विक्की कौशल के साथ फिल्ममेकर कुकू कोहली के अंतिम संस्कार में नजर आईं। 26 अगस्त 2026 को सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद सोशल मीडिया पर कटरीना के पोस्टपार्टम लुक को लेकर कमेंट्स शुरू हो गए। कुछ यूजर्स ने उनके बढ़े हुए वजन और चेहरे पर आए बदलावों को लेकर कमेंट्स किए। इसके बाद गणेश चतुर्थी के मौके पर जब कटरीना मुंबई में नजर आईं, तो सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरों और वीडियो को लेकर ट्रोलिंग और बढ़ गई। उनकी पुरानी तस्वीरों के साथ नई तस्वीरों की तुलना की गई। इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक तरफ कुछ लोग कटरीना के वजन और लुक पर टिप्पणी कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ फैंस, महिलाएं, क्रिएटर्स और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने ऐसी बॉडी शेमिंग का विरोध किया। इस चर्चा के दौरान यह सवाल भी उठा कि मां बनने के बाद किसी महिला से कितने कम समय में पहले जैसी बॉडी में लौटने की उम्मीद की जानी चाहिए। प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं और हर महिला के लिए रिकवरी का समय अलग हो सकता है। एक्ट्रेसेस के लिए ‘बाउंस बैक’ का दबाव एक्ट्रेसेस के लिए यह प्रेशर नया नहीं है। कई एक्ट्रेसेस मां बनने के बाद अपने वजन, शरीर और लुक को लेकर सार्वजनिक आलोचना झेल चुकी हैं। कटरीना के मामले ने एक बार फिर ऐश्वर्या राय, करीना कपूर खान और बिपाशा बसु जैसी अभिनेत्रियों के अनुभवों की याद दिलाई। इन सभी को मां बनने के बाद अपने शरीर में आए बदलावों को लेकर सार्वजनिक टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है। एक्ट्रेसेस से अक्सर उम्मीद की जाती है कि वे प्रेग्नेंसी के बाद बहुत कम समय में अपने पुराने फिगर में लौट आएं। ऐश्वर्या राय: बेटी के जन्म के बाद वजन को लेकर हुई थीं ट्रोल ऐश्वर्या राय बच्चन को दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में गिना जाता रहा है। पूर्व मिस वर्ल्ड होने की वजह से उनकी खूबसूरती को लेकर हमेशा काफी चर्चा रही है, लेकिन मां बनने के बाद यही पब्लिक इमेज उनके लिए आलोचना की वजह भी बनी। ऐश्वर्या ने नवंबर 2011 में बेटी आराध्या को जन्म दिया था। बेटी के जन्म के करीब सात महीने बाद ऐश्वर्या राय बच्चन की एक तस्वीर सामने आई थी। तस्वीर में उनका वजन बढ़ा हुआ नजर आया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया गया। कान्स फिल्म फेस्टिवल 2012 में उनकी वापसी की खबरों के बीच उनके लुक को लेकर चर्चा और बढ़ गई। कुछ लोगों ने कहा कि एक एक्ट्रेस होने के नाते उन्हें फिट दिखना चाहिए। दिसंबर 2012 में ऐश्वर्या ने मशहूर ब्रिटिश पत्रकार सर डेविड फ्रॉस्ट के शो में कहा था कि वह अपने शरीर को लेकर सहज थीं। ऐश्वर्या ने यह भी कहा था कि उन्होंने कभी डाइटिंग नहीं की। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें लगता कि उनका वजन कोई बड़ी समस्या है, तो वह छिप जातीं या कुछ करतीं। उन्होंने इस दौरान अपनी बेटी के साथ जिंदगी को एंजॉय करने को प्रायोरिटी दी। बिपाशा बसु ने भी झेली बॉडी शेमिंग 2000 के दशक की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल बिपाशा बसु भी मां बनने के बाद बॉडी शेमिंग का सामना कर चुकी हैं। उन्होंने नवंबर 2022 में बेटी देवी को जन्म दिया था। हाल ही में बिपाशा ने बताया कि उनकी बेटी के जन्म के बाद वजन और शरीर को लेकर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। बिपाशा ने ‘एल इंडिया’ से बातचीत में कहा कि महिलाओं से उम्मीद की जाती है कि वे बच्चे को जन्म देने के बाद भी 20 साल की उम्र जैसा शरीर बना लें। बिपाशा ने कहा, “आज भी महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली बातें काफी अजीब हैं। ऐसा लगता है कि बच्चे को जन्म देने के बाद 40 की उम्र में भी आपको 20 साल की उम्र जैसी बॉडी में वापस आ जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “20 साल की महिला से जो उम्मीद की जाती है, वही 40 साल की महिला से भी की जाती है। अगर आप जल्दी अपनी पुरानी शेप में नहीं लौटतीं, तो आपको ट्रोल किया जाएगा। लोग बहुत बेरहमी से पेश आएंगे।” बिपाशा ने बेटी देवी के जन्म के बाद खुद इसका सामना किया। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत ज्यादा ट्रोलिंग झेलनी पड़ी। कुछ पैपराजी ने मेरी बेहद अजीब तस्वीरें खींचीं। वे यह नहीं देखते कि एक महिला कितनी मेहनत कर रही है। बच्चे के साथ उसे कितना कुछ संभालना पड़ता है। उसकी जिंदगी, लाइफस्टाइल और निजी परेशानियां भी होती हैं, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं होती। हर कोई बस यही चाहता है कि महिला जल्दी अपनी पुरानी बॉडी शेप में लौट आए।” करीना ने वजन घटाने के दबाव पर बात की थी करीना कपूर खान भी लंबे समय से अपनी फिटनेस और ग्लैमरस इमेज के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने दिसंबर 2016 में अपने पहले बेटे तैमूर को जन्म दिया था। प्रेग्नेंसी के दौरान करीना का करीब 18 किलोग्राम यानी लगभग 40 पाउंड वजन बढ़ा था। बच्चे के जन्म के बाद उनके पैरों, जांघों और शरीर के अन्य हिस्सों को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणियां की गईं। करीना ने 2021 में अपने दूसरे बेटे जेह को जन्म दिया। इसके करीब सात महीने बाद वह लक्मे फैशन वीक में रैंप पर चलीं। रैंप पर उनकी वापसी के दौरान भी उनके पोस्टपार्टम वजन को लेकर चर्चा हुई। एक बार फिर लोगों का ध्यान उनके काम और वापसी से ज्यादा उनके शरीर पर गया। साल 2025 में न्यूट्रिशनिस्ट ऋजुता दिवेकर की किताब के लॉन्च के दौरान करीना ने वजन कम करने को लेकर बने दबाव के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था, ‘जेह के जन्म के बाद, एक ऐसा पल आया था जब मुझे अचानक लगा- ‘ओह माय गॉड, मुझे अब दोबारा इस पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा और वजन घटाना होगा।’ लेकिन वह दबाव वाली भावना केवल एक सेकंड के एक छोटे से हिस्से के लिए ही आई थी। तुरंत ही मुझे अहसास हुआ कि मैं अभी भी शानदार दिख रही हूं। मैंने 25 किलो वजन बढ़ाया था, जिसे छिपाने की कोई बात नहीं है।' समीरा रेड्डी ने बताया था पोस्टपार्टम शेमिंग का असर समीरा रेड्डी ने पोस्टपार्टम वजन को लेकर होने वाली बॉडी शेमिंग पर खुलकर बात की थी। पहली प्रेग्नेंसी के बाद 2015 में उनका वजन 72 किलोग्राम से बढ़कर 105 किलोग्राम हो गया था। समीरा ने बताया था कि पोस्टपार्टम पीरियड उनके लिए काफी मुश्किल रहा। जूम से बातचीत में समीरा ने कहा था कि बच्चे को जन्म देने के बाद हार्मोनल बदलावों की वजह से उनका वजन काफी बढ़ गया था। वह पहले काफी स्लिम थीं, लेकिन उनका वजन बढ़कर 105 किलो हो गया। इस दौरान वह भावनात्मक रूप से भी काफी परेशान थीं। समीरा ने बताया कि लोगों के कमेंट्स ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी थी। उन्होंने कहा, “मैं गुस्से में और डिप्रेस थी। लोग अच्छे नहीं होते। अगर उन्हें कुछ कहना है तो वे आपके मुंह पर कह देते हैं।” उन्होंने एक सब्जी बेचने वाले का किस्सा भी शेयर किया था। समीरा के मुताबिक, वह भी उनसे पूछता था, “क्या हो गया आपको?” उन्होंने कहा था कि उस समय कोई नहीं समझ सकता था कि वह किस दौर से गुजर रही हैं। इसलिए लोगों की बातें उन्हें बुरी तरह प्रभावित करती थीं। समीरा ने माना था कि उस समय वह खुद भी अपने शरीर में हो रहे बदलावों को लेकर कंफ्यूज थीं। स्लिम से 105 किलो तक पहुंचना उनके लिए आसान अनुभव नहीं था। बाद में फिटनेस को लेकर उनका नजरिया भी बदला। उन्होंने कहा था कि अब वह सिर्फ पतला होने के बजाय मजबूत और फिट रहने पर ध्यान देती हैं। उनके मुताबिक, बहुत ज्यादा डाइटिंग और बार-बार वजन घटाने-बढ़ाने का तरीका लंबे समय का समाधान नहीं है। समीरा ने फिटनेस में स्ट्रेंथ और लंबे समय तक स्वस्थ रहने को प्राथमिकता दी। पत्रलेखा ने बॉडी शेमिंग पर पैपराजी को लगाई थी फटकार एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर पत्रलेखा बॉडी शेमिंग को लेकर पैपराजी पर भड़क गई थीं। दरअसल, एक पैपराजी पेज ने उनका एक वीडियो शेयर किया था। इसमें पत्रलेखा अपनी कार से उतरती नजर आई थीं। उनके पीछे उनके पति राजकुमार राव भी दिखाई दिए थे। वीडियो के साथ पैपराजी पेज ने कैप्शन में लिखा था, “इन्हें क्या हो गया है?” इस कैप्शन के जरिए पत्रलेखा के डिलीवरी के बाद बढ़े वजन पर टिप्पणी की गई थी। इस पर पत्रलेखा ने जवाब देते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था, “पैप पेजेस! मुझे आखिर क्या हुआ है? बात बस इतनी है कि मैंने अभी-अभी एक बच्चे को जन्म दिया है! हां, मेरा वजन बढ़ा है, जो आप सभी को कोई अप्राकृतिक घटना लग रही है। मैं कोई पहाड़ जितना खाना खाकर नहीं बैठी हूं, मैंने एक बच्चे को जन्म दिया है और साथ ही दो फिल्मों का प्रोडक्शन भी संभाला है, जो आसान काम नहीं है। अगर मेरे बस में होता तो मैं ऐसी नहीं दिखती, लेकिन प्रेग्नेंसी के बाद मेरा शरीर इसी तरह रिएक्ट कर रहा है। भगवान के लिए दूसरों के प्रति थोड़े दयालु बनना सीखें।” स्वरा भास्कर भी हुईं ट्रोल अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी बेटी राबिया के जन्म के बाद अपने वजन और लुक को लेकर ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना किया। उन्होंने सितंबर 2023 में अपनी बेटी को जन्म दिया था। इसके बाद उनकी तस्वीरों और शरीर में आए बदलावों पर सोशल मीडिया पर टिप्पणियां की गईं। मई 2026 में स्वरा भास्कर ने प्रेग्नेंसी के बाद वजन कम नहीं करने को लेकर ट्रोल करने वालों को जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं के शरीर को लेकर लोगों की अवास्तविक उम्मीदें होती हैं। स्वरा ने कहा था कि उनका शरीर और उसे लेकर उनके फैसले सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं हैं। ग्लैमर से ज्यादा मातृत्व पर ध्यान की जरूरत फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों की पहचान अक्सर उनके लुक और फिटनेस से भी जोड़ दी जाती है। लेकिन प्रेग्नेंसी के बाद शरीर में बदलाव होना एक सामान्य प्रक्रिया है। इसके बावजूद ग्लैमरस इमेज वाली एक्ट्रेसेस से जल्दी ‘बाउंस बैक’ करने की उम्मीद की जाती है। यह दबाव आम महिलाओं की तुलना में फिल्म कलाकारों के लिए और ज्यादा दिखाई देता है, क्योंकि उनकी तस्वीरें लगातार सार्वजनिक होती रहती हैं। कटरीना, ऐश्वर्या, बिपाशा, करीना, स्वरा, समीरा और पत्रलेखा के अनुभव अलग-अलग समय के हैं, लेकिन इनमें एक समान बात दिखाई देती है। मां बनने के बाद उनके काम और मातृत्व से ज्यादा उनके शरीर को चर्चा का विषय बनाया गया। कटरीना के मामले में भी यही हुआ। बेटे विहान कौशल के जन्म के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखी। जब वह दोबारा नजर आईं, तो उनकी वापसी के बजाय उनके वजन और चेहरे में आए बदलावों पर चर्चा होने लगी। मां बनने के बाद किसी महिला का शरीर पहले जैसा दिखेगा या नहीं, यह व्यक्तिगत और शारीरिक प्रक्रिया है। हर महिला के लिए इसका समय अलग हो सकता है। इन घटनाओं के बीच सोशल मीडिया पर एक सवाल फिर उठ रहा है कि मां बनने के बाद किसी महिला से तुरंत पहले जैसी दिखने की उम्मीद क्यों की जाती है।
7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई डिवोशनल ड्रामा (Devotional Drama) भारत के साथ-साथ वर्ल्डवाइड भी शानदार कलेक्शन कर रही है।
नहीं खत्म हो रहा Mirzapur The Movie का 'भौकाल', 16वें दिन कमाई में हनुमान अंश को दी टक्कर
मिर्जापुर द मूवी कमाई के मामले में बॉक्स ऑफिस पर अपना भौकाल टाइट किए हुए है।
टीवी शो बिग बॉस 20 के ‘वीकेंड का वार’ में शनिवार को सलमान खान पैपराजी पर जमकर भड़के। शो में सलमान ने कहा, “आजकल एक नया ट्रेंड है। गाड़ी से निकलते वक्त कैमरा यहां होता है और गाड़ी में बैठते वक्त भी कैमरा यहां होता है, ताकि हिप शॉट मिल जाए, टांगों का शॉट मिल जाए। इसके बाद पीछे से भी एक शॉट लिया जाता है, जो कोई भी अभिनेत्री या लड़की पसंद नहीं करती।” उन्होंने कहा कि कुछ महिलाएं ऐसी तस्वीरों को लेकर सहज हो सकती हैं, लेकिन सवाल उन महिलाओं का है जिन्हें यह पसंद नहीं है। सलमान ने इस दौरान अभिनेत्री सई मांजरेकर का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सई, जो महेश मांजरेकर की बेटी हैं और उनके साथ फिल्म ‘दबंग’ में काम कर चुकी हैं, ऐसे कैमरा एंगल से असहज दिखाई देती हैं। सलमान ने नेहा धूपिया और अपनी भतीजी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने नेहा धूपिया को भी ऐसे मामलों में पैपराजी पर नाराज होते देखा है। सलमान ने सवाल उठाया कि पीछे से महिलाओं की तस्वीरें लेने के बाद उन पर “पहचानो ये कौन है” या “Guess who this is?” जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। सलमान ने कहा कि जो महिलाएं इस तरह की तस्वीरों से असहज होती हैं, उन्हें इसका विरोध करना चाहिए। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “जहां ऐसा हुआ न, घूम के चांटा मारो। बोलना अपनी मां-बहनों का ये शॉट ले लो और हमें दिखाओ। सोशल मीडिया पर डालो। थाइज का शॉट ले लो।” उन्होंने इस तरह की मानसिकता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हर फंक्शन और हर जगह ऐसा देखने को मिलता है। सलमान ने पूछा कि ऐसे लोगों को प्रेस का कार्ड किसने दिया और ऐसी सोच क्यों है? सलमान ने कहा कि बिग बॉस के घर में 108 कैमरे लगे हैं, लेकिन वहां काम करने वाला कोई कैमरामैन महिलाओं को इस तरह के एंगल से शूट नहीं करता। उन्होंने कहा कि शो में कंटेस्टेंट कई बार ऐसी परिस्थितियों में होते हैं, जिन्हें गलत तरीके से दिखाया जा सकता है, लेकिन उनकी टीम किसी महिला को नीचा दिखाने वाला शॉट नहीं दिखाती।
टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ के दूसरे ‘वीकेंड का वार’ में शनिवार को ट्रोलर्स पर जमकर भड़के। सलमान खान ने बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें भी ‘बूढ़ा हो गया’ कहा गया है। इसके बाद सलमान ने बीच शो में अपनी टी-शर्ट उतारकर एब्स दिखाए। बता दें कि सलमान की टिप्पणी हाल ही में कटरीना कैफ की हुई ट्रोलिंग के बाद आई। दरअसल, सलमान ने शनिवार के एपिसोड में कंटेस्टेंट स्काउटओपी के सोशल मीडिया और गेमिंग कम्युनिटी से जुड़े बयान का जिक्र किया। सलमान ने कहा कि सोशल मीडिया आज एक बड़ा प्रोफेशन बन चुका है। गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया के दूसरे कामों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और पहचान मिल रही है, लेकिन इसी प्लेटफॉर्म का एक दूसरा पहलू ट्रोलिंग भी है। सलमान ने समझाया कि जब कोई व्यक्ति आगे बढ़ रहा होता है तो उसे नीचे खींचने की कोशिश अक्सर वही लोग करते हैं जो खुद पीछे रह गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को आप गाली दे रहे हैं, जिसके शरीर और वजन पर टिप्पणी कर रहे हैं, जिसके लुक्स का मजाक उड़ा रहे हैं, वही व्यक्ति कहीं न कहीं आपके कंटेंट और कमाई का हिस्सा बन रहा है। ‘उसके जिस्म, वजन और लुक्स पर गंदा लिख रहे हो’ सलमान ने ट्रोलिंग के कई रूप गिनाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग किसी के जिस्म, वजन, लुक्स, खानदान, मुस्कान, फ्लॉप होने या मां बनने तक पर टिप्पणी करने लगे हैं। उन्होंने ऐसे कमेंट्स का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर किसी को ‘भद्दी लग रही है’, ‘मोटी हो गई है’ या ‘बूढ़ा हो गया है’ जैसी बातें कही जाती हैं। ‘जब अपनी शक्ल से ही परेशान हो तो दूसरे को क्यों देखते हो?’ सलमान ने ट्रोलर्स से सवाल किया कि अगर कोई व्यक्ति अपनी शक्ल या शरीर को लेकर इतना असहज है कि उसे अपनी पहचान से परेशानी होती है, तो वह किसी ऐसे व्यक्ति के शरीर और लुक्स पर टिप्पणी क्यों करता है, जिससे वह शायद कभी मिला भी नहीं है? सलमान ने ट्रोलिंग करने वालों के परिवारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ट्रोल करने वालों के अपने घर में भी मां, पिता, बहन, पत्नी, गर्लफ्रेंड, बेटी या भाई हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें सोचना चाहिए कि अगर इसी तरह की टिप्पणी उनके अपने परिवार के किसी सदस्य के बारे में की जाए तो उन्हें कैसा लगेगा। ‘मेरे ऊपर भी हुआ था- बूढ़ा हो गया’ इसके बाद सलमान ने अपनी उम्र और लुक्स को लेकर हुई ट्रोलिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके बारे में भी सोशल मीडिया पर लगातार लिखा जाता है कि वह बूढ़े हो गए हैं। सलमान ने इस पर कहा कि ‘बूढ़ा हो गया, ऑफकोर्स 60 साल का हो गया हूं।’ उन्होंने इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि उम्र बढ़ना स्वाभाविक है। इसके बाद सलमान ने मंच पर अपनी टोपी, जैकेट और टी-शर्ट भी उतार दी। महिलाओं की बॉडी पर कमेंट करने वालों को भी जवाब सलमान ने महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली ऑनलाइन टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला मां बनती है तो प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने सवाल किया कि किसी महिला के मां बनने के बाद उसके शरीर में आए बदलावों को लेकर लोग उसे क्यों ट्रोल करते हैं? सलमान ने कहा कि जब वह महिला दोबारा काम पर लौटेगी तो वह अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दे सकती है, लेकिन यह उसका निजी फैसला है कि वह अपने परिवार के साथ कितना समय बिताना चाहती है और अपने शरीर के साथ क्या करना चाहती है। ‘सोशल मीडिया का इस्तेमाल मोहब्बत फैलाने के लिए भी हो रहा’ सलमान ने यह भी साफ किया कि वह सोशल मीडिया को पूरी तरह नकारात्मक नहीं मानते। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बहुत से लोग अच्छा काम कर रहे हैं। ट्रोलर के घर तक पहुंच गए थे सलमान सलमान ने ट्रोलिंग के खतरनाक पहलू की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि अगर वह अपने फैन क्लब से कह दें कि उनके बारे में गलत बातें लिखने वाले कुछ लोगों की पहचान सामने लाओ, तो उनके बारे में काफी निजी जानकारी सामने आ सकती है। सलमान ने एक पुराना किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि करीब 8-10 साल पहले एक व्यक्ति उनके बारे में बेहद आपत्तिजनक बातें लिख रहा था। उन्होंने साइबर सेल की मदद से उस व्यक्ति की पहचान और पता निकलवाया और उसके घर तक पहुंच गए। सलमान के मुताबिक, उस व्यक्ति के माता-पिता पढ़े-लिखे थे और परिवार में अन्य सदस्य भी थे। उन्होंने उस व्यक्ति से कहा कि अगर वह चाहे तो उसकी पहचान और उसके परिवार के बारे में जानकारी सार्वजनिक कर सकते हैं। सलमान ने बताया कि इसके बाद उस व्यक्ति ने उनसे माफी मांगी। सलमान खान ने सोहेल खान और वरुण धवन की हुई ट्रोलिंग को लेकर बात की। सलमान ने कहा कि ट्रोलर्स सिर्फ कलाकारों को ही नहीं, बल्कि एक्टर्स, इंफ्लुएंसर्स और राजनेताओं को भी निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी का काम पसंद नहीं है तो सीधे कहा जा सकता है कि काम अच्छा नहीं लगा या फिल्म पसंद नहीं आई। किसी मंत्री के काम पर भी सवाल उठाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए गाली देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें खुद भी ट्रोल किया जाता है। कभी उनके बाल या लुक को लेकर कहा जाता है कि वह टकले हो गए हैं, जबकि वह किसी फिल्म के लुक का हिस्सा हो सकता है। सलमान ने कहा कि वह आलोचना को अपने फायदे में बदलने की कोशिश करते हैं। उनकी तारीफ की जाए तो वह और बेहतर करने की कोशिश करते हैं और बुराई की जाए तो खुद को गलत साबित करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति एक जैसा नहीं होता। कई लोग लगातार झूठी और अपमानजनक टिप्पणियों से डिप्रेशन में चले जाते हैं। सलमान बोले- हम इसमें पड़ना नहीं चाहते सलमान ने कहा कि इंडस्ट्री के कई लोग देश में चल रहे राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय नहीं देना चाहते। यह उनका व्यक्तिगत फैसला है। एक्टर ने कहा कि कुछ लोग देश में जो कुछ हो रहा है, उसके राजनीतिक पहलू पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। नहीं करना है, हमारी मर्जी है। हमें इसकी जानकारी नहीं है, हम इसमें नहीं पड़ना चाहते और हम इसमें क्यों पड़ें? ताकि कोई पत्रकार हमसे सवाल पूछे और फिर उसे अपने सोशल मीडिया या टीवी पर चलाकर टीआरपी हासिल करे? उन्होंने आगे कहा कि हम इसका हिस्सा नहीं बनना चाहते। यह आपका काम है। आप जाइए, सच्चाई क्या है, यह पता कीजिए और हमारे पास आकर बताइए। आपको हमें जानकारी देनी है, हमें बताना है। आपको हमारे पास आकर हमारी राय या टिप्पणी लेने की जरूरत नहीं है। सलमान बोले- पिक्चर पसंद नहीं तो मत देखिए सलमान खान ने कहा, नहीं देखना आपको पिक्चर, मत देखो। ये नया आया है कि हमारी वजह से तुम बने हो, ये बने हो। हम फैंस को रिस्पेक्ट देते हैं, इसका मतलब ये है कि तुम हमारे साथ ऐसा करो? टिकट खरीदी आपने पिक्चर देखने के लिए, हमको थोड़ी खरीदा है आपने यार। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते हैं, ताकि आपको पिक्चर में मजा आए। सलमान ने कहा- उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक है बिग बॉस 20 के ‘वीकेंड का वार’ के आज के एपिसोड का एक प्रोमो सामने आने के बाद सलमान खान की तबीयत को लेकर दर्शक चिंतित हो गए। प्रोमो में सलमान सीने को पकड़कर दर्द में नजर आए। इससे लगा कि उन्हें कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई है। जिसके बाद देर रात सलमान ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक है। सलमान ने बताया कि प्रोमो को जिस तरह एडिट किया गया, उससे पूरे सीन का मतलब बदल गया। उनके मुताबिक, ऐसा लग रहा था कि वह भी वही कर रहे हैं, जो शो के कंटेस्टेंट काजी ने किया था। दरअसल, काजी तौकीर ने एक टास्क के बाद अपनी तबीयत खराब होने का नाटक किया था। उन्होंने दवाइयों के लिए जोर से कहा, जिससे घर के बाकी कंटेस्टेंट परेशान हो गए। बाद में मेडिकल रूम में उन्होंने डॉक्टर को बताया कि उन्हें कुछ नहीं हुआ था और वह गेम के तहत ऐसा कर रहे थे। सलमान ने कहा कि उनका सीने में दर्द दिखाने वाला एक्ट काजी को यह समझाने के लिए था कि बीमारी का नाटक करना गलत है। उन्होंने कहा कि घर के 15 कंटेस्टेंट काजी की एक्टिंग से अनजान थे और उनकी सेहत को लेकर चिंतित हो गए थे। सलमान ने प्रोमो की एडिटिंग के लिए माफी मांगी और कहा कि उनकी सेहत बिल्कुल ठीक है।
रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ के दूसरे ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान ने घर के कंटेस्टेंट्स के साथ-साथ सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को लेकर भी खुलकर बात की। शनिवार को प्रसारित हुए एपिसोड में सलमान ने ट्रोलिंग, एज-शेमिंग और बॉडी-शेमिंग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी के वजन, उम्र, लुक्स, परिवार, मुस्कान, करियर या मां बनने के बाद शरीर में आए बदलावों को लेकर टिप्पणी करना सिर्फ मजाक नहीं है, बल्कि इससे ट्रोल करने वाले की सोच और परवरिश भी दिखाई देती है। सलमान की यह प्रतिक्रिया उस चर्चा के दौरान सामने आई, जिसमें उन्होंने कंटेस्टेंट स्काउटओपी के सोशल मीडिया और गेमिंग कम्युनिटी से जुड़े बयान का जिक्र किया। सलमान ने कहा कि सोशल मीडिया आज एक बड़ा प्रोफेशन बन चुका है। गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन, वीडियो एडिटिंग और सोशल मीडिया के दूसरे कामों के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और पहचान मिल रही है। लेकिन इसी प्लेटफॉर्म का एक दूसरा पहलू ट्रोलिंग भी है। सलमान ने समझाया कि जब कोई व्यक्ति आगे बढ़ रहा होता है तो उसे नीचे खींचने की कोशिश अक्सर वही लोग करते हैं जो खुद पीछे रह गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को आप गाली दे रहे हैं, जिसके शरीर और वजन पर टिप्पणी कर रहे हैं, जिसके लुक्स का मजाक उड़ा रहे हैं, वही व्यक्ति कहीं न कहीं आपके कंटेंट और कमाई का हिस्सा बन रहा है। सलमान ने सवाल उठाया कि आखिर किसी दूसरे व्यक्ति को अपमानित करके पैसा कमाने की जरूरत क्यों पड़ती है? ‘उसके जिस्म, वजन और लुक्स पर गंदा लिख रहे हो’ सलमान ने ट्रोलिंग के कई रूप गिनाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग किसी के जिस्म, वजन, लुक्स, खानदान, मुस्कान, फ्लॉप होने या मां बनने तक पर टिप्पणी करने लगे हैं। उन्होंने ऐसे कमेंट्स का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर किसी को ‘भद्दी लग रही है’, ‘मोटी हो गई है’ या ‘बूढ़ा हो गया है’ जैसी बातें कही जाती हैं। ‘जब अपनी शक्ल से ही परेशान हो तो दूसरे को क्यों देखते हो?’ सलमान ने ट्रोलर्स से सवाल किया कि अगर कोई व्यक्ति अपनी शक्ल या शरीर को लेकर इतना असहज है कि उसे अपनी पहचान से परेशानी होती है, तो वह किसी ऐसे व्यक्ति के शरीर और लुक्स पर टिप्पणी क्यों करता है, जिससे वह शायद कभी मिला भी नहीं है? उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी सेलिब्रिटी को ट्रोल करने वाला व्यक्ति यह नहीं जानता कि सामने वाला निजी तौर पर किन परिस्थितियों से गुजर रहा है। सलमान ने ट्रोलिंग करने वालों के परिवारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ट्रोल करने वालों के अपने घर में भी मां, पिता, बहन, पत्नी, गर्लफ्रेंड, बेटी या भाई हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें सोचना चाहिए कि अगर इसी तरह की टिप्पणी उनके अपने परिवार के किसी सदस्य के बारे में की जाए तो उन्हें कैसा लगेगा। ‘मेरे ऊपर भी हुआ था- बूढ़ा हो गया’ इसके बाद सलमान ने अपनी उम्र और लुक्स को लेकर हुई ट्रोलिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके बारे में भी सोशल मीडिया पर लगातार लिखा जाता है कि वह बूढ़े हो गए हैं। सलमान ने इस पर कहा कि ‘बूढ़ा हो गया, ऑफकोर्स 60 साल का हो गया हूं।’ उन्होंने इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि उम्र बढ़ना स्वाभाविक है। इसके बाद सलमान ने मंच पर अपनी टोपी और जैकेट उतार दी। प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं की बॉडी पर कमेंट करने वालों को भी जवाब सलमान ने महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली ऑनलाइन टिप्पणियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला मां बनती है तो प्रेग्नेंसी के दौरान वजन बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने सवाल किया कि किसी महिला के मां बनने के बाद उसके शरीर में आए बदलावों को लेकर लोग उसे क्यों ट्रोल करते हैं? सलमान ने कहा कि जब वह महिला दोबारा काम पर लौटेगी तो वह अपनी फिटनेस पर भी ध्यान दे सकती है, लेकिन यह उसका निजी फैसला है कि वह अपने परिवार के साथ कितना समय बिताना चाहती है और अपने शरीर के साथ क्या करना चाहती है। हालांकि, सलमान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी इस टिप्पणी को प्रेग्नेंसी के बाद कटरीना कैफ की सोशल मीडिया पर बॉडी-शेमिंग से जोड़कर देखा गया। ‘सोशल मीडिया का इस्तेमाल मोहब्बत फैलाने के लिए भी हो रहा है’ सलमान ने यह भी साफ किया कि वह सोशल मीडिया को पूरी तरह नकारात्मक नहीं मानते। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर बहुत से लोग अच्छा काम कर रहे हैं। सलमान ने कहा कि इंडस्ट्री के कई लोग देश में चल रहे राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय नहीं देना चाहते। यह उनका व्यक्तिगत फैसला है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी पसंद है कि वह किसी राजनीतिक मुद्दे पर बात करना चाहता है या नहीं। सलमान ने पत्रकारिता को लेकर कहा कि पत्रकारों का काम किसी मुद्दे की सच्चाई पता लगाना और उसे दर्शकों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को उनसे सिर्फ इसलिए प्रतिक्रिया लेने की जरूरत नहीं होनी चाहिए कि उनकी टिप्पणी को चलाकर टीआरपी हासिल की जा सके। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को जाकर सच्चाई पता करनी चाहिए और लोगों को जानकारी देनी चाहिए। ‘अगर मैं अपने फैन क्लब को बोल दूं तो?’ सलमान ने ट्रोलिंग के खतरनाक पहलू की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि अगर वह अपने फैन क्लब से कह दें कि उनके बारे में गलत बातें लिखने वाले कुछ लोगों की पहचान सामने लाओ, तो उनके बारे में काफी निजी जानकारी सामने आ सकती है। सलमान ने एक पुराना किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि करीब 8-10 साल पहले एक व्यक्ति उनके बारे में बेहद आपत्तिजनक बातें लिख रहा था। उन्होंने साइबर सेल की मदद से उस व्यक्ति की पहचान और पता निकलवाया और उसके घर तक पहुंच गए। सलमान के मुताबिक, उस व्यक्ति के माता-पिता पढ़े-लिखे थे और परिवार में अन्य सदस्य भी थे। उन्होंने उस व्यक्ति से कहा कि अगर वह चाहे तो उसकी पहचान और उसके परिवार के बारे में जानकारी सार्वजनिक कर सकते हैं। सलमान ने बताया कि इसके बाद उस व्यक्ति ने उनसे माफी मांगी। सलमान खान ने कहा कि किसी के वजन बढ़ने या घटने को लेकर चिंता जताना अलग बात है, लेकिन किसी का मजाक उड़ाना या उसके लुक्स को लेकर लगातार टिप्पणी करना ठीक नहीं है। सलमान ने कहा कि सोहेल खान, वरुण धवन और इंडस्ट्री के दूसरे लोगों को लेकर भी ट्रोलिंग की जाती है और कई बार ट्रोलर्स को किसी की ड्रेस, लुक या निजी जिंदगी में कमी निकालने का मौका मिल जाता है। सलमान ने कहा कि ट्रोलर्स सिर्फ कलाकारों को ही नहीं, बल्कि एक्टर्स, इंफ्लुएंसर्स और राजनेताओं को भी निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी का काम पसंद नहीं है तो सीधे कहा जा सकता है कि काम अच्छा नहीं लगा या फिल्म पसंद नहीं आई। किसी मंत्री के काम पर भी सवाल उठाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए गाली देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें खुद भी ट्रोल किया जाता है। कभी उनके बाल या लुक को लेकर कहा जाता है कि वह टकले हो गए हैं, जबकि वह किसी फिल्म के लुक का हिस्सा हो सकता है। सलमान ने कहा कि वह आलोचना को अपने फायदे में बदलने की कोशिश करते हैं। उनकी तारीफ की जाए तो वह और बेहतर करने की कोशिश करते हैं और बुराई की जाए तो खुद को गलत साबित करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति एक जैसा नहीं होता। कई लोग लगातार झूठी और अपमानजनक टिप्पणियों से डिप्रेशन में चले जाते हैं। सलमान खान ने कहा, नहीं देखना आपको पिक्चर, मत देखो। ये नया आया है कि हमारी वजह से तुम बने हो, ये बने हो। हम फैंस को रिस्पेक्ट देते हैं, इसका मतलब ये है कि तुम हमारे साथ ऐसा करो? टिकट खरीदी आपने पिक्चर देखने के लिए, हमको थोड़ी खरीदा है आपने यार। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते हैं, ताकि आपको पिक्चर में मजा आए। बिग बॉस 20 के ‘वीकेंड का वार’ का एक प्रोमो सामने आने के बाद सलमान खान की तबीयत को लेकर दर्शक चिंतित हो गए। प्रोमो में सलमान सीने को पकड़कर दर्द में नजर आए। इससे लगा कि उन्हें कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई है। जिसके बाद देर रात सलमान ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी तबीयत बिल्कुल ठीक है। सलमान ने बताया कि प्रोमो को जिस तरह एडिट किया गया, उससे पूरे सीन का मतलब बदल गया। उनके मुताबिक, ऐसा लग रहा था कि वह भी वही कर रहे हैं, जो शो के कंटेस्टेंट काजी ने किया था। दरअसल, काजी तौकीर ने एक टास्क के बाद अपनी तबीयत खराब होने का नाटक किया था। उन्होंने दवाइयों के लिए जोर से कहा, जिससे घर के बाकी कंटेस्टेंट परेशान हो गए। बाद में मेडिकल रूम में उन्होंने डॉक्टर को बताया कि उन्हें कुछ नहीं हुआ था और वह गेम के तहत ऐसा कर रहे थे। सलमान ने कहा कि उनका सीने में दर्द दिखाने वाला एक्ट काजी को यह समझाने के लिए था कि बीमारी का नाटक करना गलत है। उन्होंने कहा कि घर के 15 कंटेस्टेंट काजी की एक्टिंग से अनजान थे और उनकी सेहत को लेकर चिंतित हो गए थे। सलमान ने प्रोमो की एडिटिंग के लिए माफी मांगी और कहा कि उनकी सेहत बिल्कुल ठीक है।
फिल्म मिर्जापुर: द मूवी में सोनल चौहान ने मुमताज बीवी का किरदार निभाकर दर्शकों का ध्यान खींचा है। उनका किरदार भले ही कम स्क्रीन टाइम में नजर आया, लेकिन मुमताज और बब्बन की लव स्टोरी को खूब पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर उनके किरदार को लेकर मीम्स और चर्चाएं भी हो रही हैं। सोनल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि वह मुमताज के किरदार तक कैसे पहुंचीं, टेंट से बाहर आने के सवाल पर क्या सोचती हैं, रवि किशन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा और जन्नत के बाद करियर में लंबा अंतर क्यों आया। उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ काम करने के अनुभव और अपने ड्रीम रोल पर भी बात की। सवाल: फिल्म में आपके किरदार मुमताज बीवी की काफी चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि आप टेंट से बाहर क्यों आईं? जवाब: मुझे उम्मीद नहीं थी कि लोग मुझसे यह सवाल इतने ज्यादा पूछेंगे। सोशल मीडिया पर लोग डीएम और फोन करके पूछ रहे हैं कि मैं टेंट से बाहर क्यों आई। मुझे लगता है कि सही जवाब यही है कि मैं प्यार के लिए बाहर आई और उसी के लिए लड़ रही थी। अगर आगे कहानी बढ़ती है तो मुमताज बब्बन की मौत का बदला ले सकती है। फिल्म में भी हमने एक-दूसरे से कहा था कि हम एक-दूसरे की जिम्मेदारी हैं। सवाल: आपको मुमताज के किरदार के लिए कैसे चुना गया? जवाब: मुझे लगता है कि मिर्जापुर मेरे लिए डेस्टिनी थी। मैं डायरेक्टर गुरमीत सिंह से किसी दूसरे काम के सिलसिले में मिली थी। उस समय फिल्म की कास्टिंग लगभग पूरी हो चुकी थी। करीब 10 मिनट बाद उन्होंने कहा कि शायद एक कास्टिंग अभी बाकी है और उन्हें लगा कि मैं मुमताज का किरदार निभा सकती हूं। मुझे लगता है कि मैं सही समय पर सही जगह पहुंची थी। सवाल: मुमताज के किरदार को निभाने के लिए आपने क्या तैयारी की? जवाब: हमने तय किया था कि मुमताज को बहुत सॉफ्ट रखा जाएगा। मिर्जापुर की दुनिया हिंसा, सत्ता और मैनिपुलेशन से भरी है, इसलिए मुमताज उस दुनिया में कॉन्ट्रास्ट थी। मेरे पास ज्यादा स्क्रीन टाइम और डायलॉग नहीं थे, इसलिए मैंने कोशिश की कि कम समय में भी दर्शकों का कनेक्शन किरदार से बने। दो लाइनों के बीच वह बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ कहती है। मुझे खुशी है कि दर्शकों ने उन छोटी-छोटी चीजों को समझा। सवाल: जैसलमेर के रेगिस्तान में ‘घूम घूम’ गाने की शूटिंग करना कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब: वह शूट दिसंबर की सर्दियों में रात के समय हुआ था। रात में करीब 2 बजे के बाद तापमान बहुत गिर जाता था और मेरे कॉस्ट्यूम में गर्म कपड़े पहनने की गुंजाइश नहीं थी। यह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब अच्छी याद बन चुका है। सबसे ज्यादा मायने यह रखता है कि दर्शकों ने गाने को पसंद किया। सवाल: राजस्थान में शूटिंग के दौरान सांप-बिच्छुओं से डर नहीं लगा? जवाब: नहीं, मुझे तो सांप बहुत पसंद हैं। फिल्म में जो बिच्छू दिखा था, वह नकली था। मैं खुद राजपूत हूं और हमारी जड़ें राजस्थान से हैं। इसलिए राजस्थान जाकर ऐसा लगता है जैसे घर आ गए हों। सवाल: आप रॉयल फैमिली से आती हैं। इंडस्ट्री में आने पर परिवार ने विरोध नहीं किया? जवाब: बहुत डांट पड़ी थी। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं फिल्म इंडस्ट्री में आ सकती हूं। मैं बहुत कंजर्वेटिव फैमिली से आती हूं। मेरी परवरिश ऐसी हुई थी कि घर से बाहर जाना भी आसानी से अलाउड नहीं था। आज मैं अकेले मुंबई में रहती हूं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जिंदगी ऐसी होगी। इसलिए मैं डेस्टिनी में बहुत मानती हूं। कुछ चीजें शायद पहले से लिखी होती हैं। अब मैं बहुत सारी चीजें भगवान के हाथों में छोड़कर चलती हूं। सवाल: जन्नत के बाद आपके करियर में लंबा गैप क्यों आया? जवाब: फिल्में आई थीं, लेकिन शायद उतनी नहीं, जितनी लोगों को लगता है। मैंने जन्नत बहुत कम उम्र में की थी और उस समय इंडस्ट्री में मेरे कोई कॉन्टैक्ट्स नहीं थे। मुझे यह भी नहीं पता था कि काम के लिए लोगों से मिलना पड़ता है। मुझे लगता था कि जैसे जन्नत आई है, वैसे ही काम आता जाएगा। लेकिन समय बीतता गया और जैसा काम मैं करना चाहती थी, वैसा नहीं आया। जन्नत के बाद लोग मुझे जोया कहते थे और आज भी कई लोग जोया कहते हैं। अब लोग मुमताज बीवी भी बुला रहे हैं। एक कलाकार के लिए इससे बड़ी जीत क्या होगी कि लोग आपका नाम भूलकर आपको किरदार के नाम से बुलाने लगें। सवाल: आपने साउथ की फिल्मों में भी काम किया है। वहां का अनुभव कैसा रहा? जवाब: साउथ में मेरा अनुभव बहुत अच्छा रहा। मैंने बड़े और अनुभवी कलाकारों के साथ काम किया और उनसे बहुत कुछ सीखा। वहां अपनी ऑडियंस को बहुत महत्व दिया जाता है और अनुशासन के साथ काम होता है। अगर मुझे आगे अच्छे मौके मिलते हैं तो मैं जरूर काम करना चाहूंगी। सवाल: फिल्म ‘बुड्ढा होगा तेरा बाप’ का कनेक्शन साउथ से कैसे बना? जवाब: जन्नत के बाद मैंने एक साउथ फिल्म की थी। उसके बाद बुड्ढा होगा तेरा बाप के डायरेक्टर पुरी जगन्नाथ सर के साथ काम करने का मौका मिला। वह साउथ के बहुत बड़े डायरेक्टर हैं। वहीं से यह सिलसिला आगे बढ़ता गया। सवाल: अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: मेरी दूसरी हिंदी फिल्म में ही अमिताभ बच्चन जी के साथ काम करने का मौका मिला। उनके साथ एक फ्रेम शेयर करना भी बहुत बड़ी बात है। उनके सामने बैठकर भी आप बहुत कुछ सीख सकते हैं- ह्यूमिलिटी, अनुशासन, डेडिकेशन और पैशन। एक्टिंग के अलावा लोगों के साथ किस तरह व्यवहार करना है और हर किसी को बराबर सम्मान देना है, यह भी उनसे सीखा। सवाल: बुड्ढा होगा तेरा बाप के सेट का कोई खास किस्सा याद है? जवाब: बच्चन साहब की एनर्जी देखकर हम लोग थक जाते थे, लेकिन वह कभी नहीं थकते थे। मैंने खुद देखा कि वह लगातार काम करते रहते थे। उन्होंने कभी यह नहीं पूछा कि मेरे शॉट में कितना समय है। वह हर कलाकार को उतनी ही इज्जत और सम्मान देते थे। मुझे लगता है कि उनकी शानदार एक्टिंग के साथ उनका इंसान होना भी उनकी खासियत है। सवाल: मिर्जापुर मूवी के बाद अब किस तरह के ऑफर्स मिल रहे हैं? जवाब: ऑफर्स आ रहे हैं। उम्मीद है कि अब मुझे वैसे किरदार ऑफर होंगे, जिस तरह दर्शक मुझे देखना चाहते हैं। मैं अलग-अलग तरह के रोल करना चाहती हूं, ताकि एक ही तरह के किरदार में न बंध जाऊं और खुद को अलग-अलग भूमिकाओं में साबित कर सकूं। सवाल: आपका कोई ड्रीम रोल है, जिसे आप जिंदगी में जरूर करना चाहती हैं? जवाब: शायद मेरा ड्रीम रोल मुझे पहली फिल्म में ही मिल गया था। मुझे लव स्टोरी बहुत पसंद हैं और मैं प्यार में बहुत विश्वास करती हूं। मेरी पसंदीदा फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे हुआ करती थी। मैं सच में मानती थी कि एक राज आएगा और उसी तरह मुझसे प्यार करेगा। शायद मैंने उसे मैनिफेस्ट किया और जन्नत भी एक कल्ट लव स्टोरी बन गई। लेकिन हम कलाकार थोड़े लालची होते हैं। इसलिए मैं फिर से ऐसी लव स्टोरी करना चाहूंगी, जो बहुत आइकॉनिक हो और जिसे लोग लंबे समय तक याद रखें। सवाल: इतने लंबे समय तक दर्शकों ने आपको याद रखा। इसका सबसे बड़ा श्रेय किसे देंगी? जवाब: मैं इसका सबसे बड़ा श्रेय अपनी ऑडियंस और फैंस को देना चाहूंगी। उन्होंने मुझे इतने लंबे समय तक मोटिवेटेड रखा और कभी महसूस नहीं होने दिया कि मैं यहां नहीं हूं। आज भी लोग कहते हैं कि मेरे अंदर उन्हें वही मासूमियत और जज्बा नजर आता है। यह सब उनके प्यार की वजह से है। जन्नत के इतने साल बाद भी लोगों को लगता है जैसे फिल्म कल ही रिलीज हुई थी। सोशल मीडिया पर मुझे बहुत प्यारे मैसेज और डीएम आते रहते हैं। मुझे ट्रोलिंग का सामना बहुत कम करना पड़ा है। ज्यादातर लोगों से सिर्फ प्यार और पॉजिटिविटी मिली है। सवाल: आपके पास किस तरह के डीएम आते हैं? जवाब: बहुत तरह के डीएम आते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा शादी से जुड़े मैसेज होते हैं। मुझे काफी शादी के प्रपोजल्स आते हैं और लोग अलग-अलग मजेदार तरीके से अपने दिल की बात बताते हैं। कई बार ऐसे मैसेज पढ़कर हंसी भी आती है और अच्छा भी लगता है कि लोग आज भी मुझे इतना प्यार करते हैं। सवाल: आपके पेरेंट्स भी पूछते होंगे कि शादी के लिए कोई मिला या नहीं? जवाब: नहीं-नहीं, पेरेंट्स डीएम वाले शादी के प्रपोजल्स के बारे में तो नहीं पूछते। (हंसते हुए) वैसे भी सोशल मीडिया पर आने वाले हर मैसेज को घर पर डिस्कस थोड़ी किया जा सकता है। हां, शादी को लेकर सवाल तो कभी-कभी आते ही हैं, लेकिन अभी तक ऐसा कोई जवाब देने लायक अपडेट नहीं है। सवाल: तो सपनों का राजकुमार अभी तक नहीं मिला? जवाब: शायद मेरे सपनों का राजकुमार अभी आसपास ही हो। हो सकता है कि वह आसपास हो और मुझे अभी पता ही न हो। जब सही समय आएगा और सही इंसान मिलेगा, तब शायद मुझे भी पता चल जाएगा कि यही मेरे सपनों का राजकुमार है।
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह शनिवार को दूसरी बार माता-पिता बन गए हैं। दीपिका ने दूसरी बार बेटी को जन्म दिया है। कपल ने इंस्टाग्राम पोस्ट में न्यूबॉर्न बेबी गर्ल के फुट प्रिंट शेयर किए हैं। गुड न्यूज शेयर करते हुए उन्होंने पोस्ट में नजर इमोजी भी बनाई है। अप्रैल में की थी प्रेग्नेंसी अनाउंसमेंट कपल ने 19 अप्रैल को दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी। दीपिका और रणवीर के इंस्टाग्राम हैंडल पर उनकी बेटी दुआ की एक तस्वीर शेयर की गई थी, जिसमें बेटी ने एक प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़ी हुई है, जो पॉजिटिव रिजल्ट दिखा रहा है। तस्वीर में रणवीर बेटी को गोद में लिए हुए हैं। हालांकि, उनका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। वहीं, तस्वीर में दुआ का आधा चेहरा नजर आ रहा था। 2024 में बेटी दुआ का जन्म हुआ था बता दें कि दीपिका और रणवीर ने 8 सितंबर 2024 को अपनी बेटी दुआ के जन्म की जानकारी दी थी। उस समय उन्होंने लिखा था, ‘वेलकम बेबी गर्ल। 8 सितंबर 2024। दीपिका और रणवीर।’ इससे पहले फरवरी 2024 में दीपिका ने प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी। दोनों की लव स्टोरी 2013 में फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' के सेट से शुरू हुई थी। कई सालों तक रिश्ते में रहने के बाद दोनों ने 2018 में इटली में शादी की थी। रणवीर-दीपिका ने फैमिली फोटोज शेयर की थीं रणवीर और दीपिका ने 8 सितंबर 2026 को अपनी फैमिली फोटोज शेयर की थीं। यह तस्वीरें उन्होंने अपनी बड़ी बेटी दुआ पादुकोण सिंह के दूसरे जन्मदिन के मौके पर अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक जॉइंट पोस्ट के जरिए शेयर की थीं। इन तस्वीरों में दीपिका पादुकोण अपना बेबी बंप फ्लॉन्ट करती नजर आ रही थीं, साथ ही रणवीर और उनकी बेटी दुआ के साथ भी तस्वीरें थीं। देखिए रणवीर सिंह- दीपिका की फैमिली फोटोज- रणवीर ने 1000 बेटियों की शिक्षा में मदद का संकल्प लिया रणवीर सिंह ने गुरुवार को मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में पहुंचकर गणपति बप्पा के दर्शन किए थे। इस दौरान उन्होंने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 1000 बेटियों की शिक्षा में मदद करने का संकल्प लिया था। लालबागचा राजा के दर्शन करने के बाद न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में रणवीर ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है यहां आकर। जो पिछला साल गुजरा है, मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए खुशियों से भरा रहा, बप्पा की कृपा से। तो यहां आए हैं उनके दर्शन करने, उनको धन्यवाद कहने और उनका आशीर्वाद लेने, आगे के सफर के लिए, जीवन के सफर के लिए।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर, मैं सेवा संकल्प अभियान से जुड़कर हजार बेटियों की पढ़ाई में मदद करने का संकल्प लेता हूं। आशा है कि इसके चलते बप्पा प्रसन्न होंगे और उनका आशीर्वाद हमेशा हम पर रहेगा। बस, धन्यवाद। जय गणेश। जय गणेश।” रणवीर और दीपिका के वर्कफ्रंट की बात करें तो दीपिका फिल्म ‘किंग’ में शाहरुख खान के साथ नजर आएंगी। फिल्म 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। वहीं, रणवीर की लास्ट 2 फिल्में ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ हैं। दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुईं। 'धुरंधर' के पहले पार्ट ने दुनियाभर में 1307 करोड़ रुपए का कारोबार किया था, जबकि इसके सीक्वल को भी दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला। धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने भारत में करीब ₹1149 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1813 करोड़ ग्रॉस कमाई की। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है। ……………………. दीपिका से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें.. दीपिका पादुकोण के साथ सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे रणवीर सिंह: पत्नी को भीड़ से बचाते दिखे एक्टर दूसरी बेटी को जन्म देने से एक दिन पहले दीपिका पादुकोण शुक्रवार को पति रणवीर के साथ सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं। इस दौरान रणवीर उन्हें भीड़ से बचाते दिखे। पूरी खबर पढ़ें…
असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की पहली बरसी पर उनकी पत्नी गरिमा ने न्याय की मांग की है। मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग का 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में निधन हुआ था। वह एक कॉन्सर्ट के लिए गए थे। मौत के बाद 7 लोगों को जांच के दायरे में लिया गया है। उनकी पहली बरसी पर कई चाहनेवाले उनके घर पहुंच रहे हैं। इस पर उनकी पत्नी ने कहा है कि परिवार और असम के लोग अब भी जवाब का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर उनकी मौत कैसे हुई। गरिमा ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा, “हम जानना चाहते हैं कि 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में असल में में क्या हुआ था। मैं उन्हें हर जगह देखती हूं। जिस तरह लोग यहां आए हैं, वे किसी की जाति, धर्म या विचारधारा को नहीं देख रहे हैं। वे इंसान बनकर आए हैं।” असम सरकार ने सिंगापुर में उनकी मौत के कारणों और परिस्थितियों की जांच के लिए प्रक्रिया शुरू की थी। केस अदालत में आगे बढ़ रहा है। असम सरकार ने कहा है कि जांच का मकसद जुबीन की सिंगापुर में मौत से जुड़ी परिस्थितियों और तथ्यों का पता लगाना है। न्याय की मांग पर गरिमा ने कहा, “हम सभी जुबीन गर्ग के लिए न्याय चाहते हैं। हम जानना चाहते हैं कि 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में वास्तव में क्या हुआ था। हम अब भी उस जवाब का इंतजार कर रहे हैं। हमें न्याय मिलना चाहिए। अगर जुबीन के लिए न्याय नहीं है, तो फिर किसके लिए है?” फैंस ने मना रहे हैं जुबीन दिवस जुबीन गर्ग की पहली बरसी को उनके फैंस जुबीन दिवस के रूप में मना रहे हैं। 17 सितंबर से शुरू हुआ तीन दिवसीय जुबीन दिवस संगीत, प्रार्थना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जा रहा है। कामारकुची स्थित स्मारक पर प्रशंसकों की भीड़ जुटी। स्मारक को फूलों और गमोसों से सजाया गया था। तीन दिवसीय कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए इंतजाम किए गए थे। यह कार्यक्रम शनिवार को यानी आज खत्म होगा। देखिए जुबीन गर्ग दिवस की चुनिंदा तस्वीरें- पिछले साल सितंबर में मौत हुई थी, सिंगापुर पुलिस बोली- मौत डूबने से हुई सिंगर जुबीन गर्ग का निधन 19 सितंबर 2025 को हुआ। जुबीन गर्ग सिंगापुर में भारत और सिंगापुर के बीच 60 साल के कूटनीतिक रिश्तों के जश्न में शामिल होने गए थे। उन्हें वहां 'नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल' में परफॉर्म करना था। परफॉर्मेंस से जुबीन अपने दोस्तों के साथ लाजरस आइलैंड के पास एक यॉट पर पार्टी कर रहे थे, तभी डूबने से उनकी मौत हो गई थी। सिंगर की मौत की खबर मिलते ही उस बड़े आयोजन को रद्द कर दिया गया था। जुबीन गर्ग के निधन के बाद असम में उनके मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा समेत घटना के वक्त उनके साथ मौजूद सभी लोगों और इवेंट मैनेजर के खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है। शिकायत होने के बाद सिंगर की पत्नी गरिमा ने सिंगर के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से रोते हुए एक वीडियो जारी कर मैनेजर के खिलाफ दर्ज हुई शिकायत वापस लिए जाने की अपील की है। कुछ समय बाद जुबीन की पत्नी ने हत्या का शक जताते हुए जांच की मांग की। शिकायत होने के बाद जुबीन के साथ यॉट में मौजूद दोस्तों और इवेंट ऑर्गेनाइजर की गिरफ्तारी हुई। दूसरी तरफ गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले की हर दिन सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक सेशन कोर्ट बनाई है। बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुइयां इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट की अध्यक्षता करेंगी। गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने ये नियुक्ति की है। असम पुलिस की CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले की जांच की और स्थानीय कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 25 नवंबर को विधानसभा में कहा था कि जुबीन गर्ग की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी। वे दोषियों को सजा दिलाकर रहेंगे। असम पुलिस के साथ-साथ सिंगापुर पुलिस ने भी मामले की जांच की। जनवरी में सिंगर जुबीन गर्ग की मौत को लेकर सिंगापुर पुलिस ने किसी भी तरह की साजिश से इनकार किया। अदालत को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, जुबीन की मौत डूबने की वजह से हुई थी। उन्होंने नशे की हालत में लाइफ जैकेट पहनने से इनकार कर दिया था। सिंगापुर पुलिस ने 35 लोगों की गवाही के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। गवाहों ने उस दिन की पल-पल की जानकारी दी और बताया कि जुबीन गर्ग ने कितनी शराब पी और नशे में डाइविंग करने पहुंचे। अदालत में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 52 साल के जुबीन गर्ग घटना के समय नशे में थे। उनकी टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में ब्लड अल्कोहल की मात्रा 333 मिलीग्राम पाई गई, जो सिंगापुर की कानूनी सीमा (80 मिलीग्राम) से चार गुना से भी ज्यादा थी। कोरोनर ने कहा कि इतने नशे की वजह से वे सही फैसला नहीं ले पा रहे थे। उन्होंने पहले तो लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन पहली बार तैरने के बाद उसे उतार दिया। दूसरी बार जब वे पानी में उतरे, तो कैप्टन और दूसरे साथियों के टोकने के बावजूद उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से साफ मना कर दिया था। पत्नी के आरोपों को कोर्ट ने किया खारिज जुबीन की पत्नी ने शक जताया था कि सिंगर को पानी में धक्का दिया गया होगा। इस पर कोरोनर नाखोडा ने साफ किया कि पुलिस ने बहुत बारीकी से जांच की है। ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे लगे कि किसी ने उन्हें मजबूर किया या धक्का दिया। यहां तक कि उन्हें बचाने की कोशिश करने वाले लोगों ने भी पूरी जान लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि जुबीन अपनी मर्जी से तैरने के लिए पानी में उतरे थे और डूबने के दौरान किसी ने भी उनका चेहरा जानबूझकर पानी के नीचे नहीं दबाया था।
एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना ने अलग-अलग फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के दौरान अपने एक्सेंट और भाषा को लेकर होने वाली ट्रोलिंग पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह किसी एक भाषा में जरूरी नहीं कि बहुत अच्छी हों। उनका सफर अलग-अलग भाषाओं और किरदारों के हिसाब से लगातार ढलने का रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में रश्मिका ने कहा कि वह हर भाषा को अपनी भाषा मानती हैं। भाषाओं को लेकर बोलीं रश्मिका रश्मिका ने कहा, “मैं कोडवा हूं और कोडवा तक्क बोलती हूं। मेरी मातृभाषा के लिए कोई फिल्म इंडस्ट्री नहीं है। इसलिए भाषा मेरे करियर में कभी रुकावट नहीं बनी।” उन्होंने कहा, “मैं सभी भाषाओं को अपनी भाषा मानती हूं। मेरे फैंस, जिन्हें मैं अपना परिवार कहती हूं, उन्होंने सबसे पहले मुझसे तेलुगु फिल्म करने को कहा था।” रश्मिका ने बताया कि हिंदी को लेकर भी ऐसा ही हुआ। इसी तरह उनका करियर अलग-अलग भाषाओं में आगे बढ़ता गया। जब उनसे एक्सेंट को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अलग तरह से बोलने को लेकर लोगों की राय सुनने की अब उन्हें आदत हो गई है। रश्मिका ने कहा, “जब तक मैं किसी भाषा में पूछे गए सवालों का जवाब दे सकती हूं, तब तक ठीक है। इसी तरह मैं दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आए अपने दर्शकों का सम्मान करती हूं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं हर काम में हाथ आजमाने वाली हूं, लेकिन किसी एक काम में मास्टर नहीं हूं।” रश्मिका फिल्मों पर फोकस रखती हैं रश्मिका ने कहा कि फिल्मों में अपने एक्सेंट को लेकर होने वाली बेवजह की चर्चाओं पर वह ज्यादा ध्यान नहीं देतीं। इसके बजाय, वह अपने किरदार को पूरी क्षमता से निभाने पर ध्यान देती हैं। उन्होंने कहा, “एक्ट्रेस के तौर पर मेरा काम सेट पर अच्छी कहानियां सुनाना और फिर वापस आना है। हर फिल्म के साथ मेरा मानना है कि हममें से सबसे अच्छा हिस्सा कुछ जादुई बनाने के लिए साथ आता है।” रश्मिका ने कहा, “मैं अपने काम पर ध्यान देती हूं। फिल्म का नतीजा इन सभी लोगों की ऊर्जा के साथ आने का परिणाम होता है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं किसी के काम में दखल नहीं देना चाहती। मैं सिर्फ एक एक्ट्रेस के तौर पर अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन देने पर ध्यान देती हूं।” ‘एनिमल’ के एक सीन पर रश्मिका ट्रोल हुई थीं बता दें कि साल 2023 में फिल्म ‘एनिमल’ को लेकर रश्मिका को ट्रोल किया गया था। फिल्म के ट्रेलर में रश्मिका मंदाना के करवाचौथ वाले सीन ने खूब चर्चा बटोरी थी। इस सीन में रणबीर कपूर के किरदार के साथ उनके डायलॉग और बोलने के अंदाज को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया गया था। कई लोगों ने कहा कि उनका डायलॉग साफ समझ नहीं आ रहा था। जिसके बाद रश्मिका नेहा धूपिया के टॉक शो में इस ट्रोलिंग पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि यह सीन करीब 9 मिनट लंबा था और शूटिंग के दौरान सेट पर मौजूद लोगों ने इसे पसंद किया था। लोगों ने तालियां भी बजाई थीं। लेकिन ट्रेलर में सिर्फ करीब 10 सेकंड का हिस्सा दिखाया गया, जिस पर उन्हें ट्रोल किया गया। रश्मिका ने कहा था कि कलाकार को पता होता है कि उसने पूरा सीन कैसे किया है, लेकिन दर्शक सिर्फ कुछ सेकंड देखकर अपनी राय बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह आलोचना समझती हैं, लेकिन कलाकारों को व्यक्तिगत तौर पर ट्रोल करना सही नहीं लगता। इन फिल्मों में नजर आएंगी वर्कफ्रंट की बात करें तो वह आखिरी बार हिंदी फिल्म 'कॉकटेल 2' में नजर आई थीं। वहीं, रश्मिका की साल 2025 में पांच फिल्में रिलीज हुईं। उन्होंने हिंदी फिल्म 'छावा' में महारानी येसूबाई का किरदार निभाया। इसके बाद वह 'सिकंदर' में सैसरी राजकोट की भूमिका में नजर आईं। वहीं, रश्मिका ने तेलुगु-तमिल द्विभाषी फिल्म 'कुबेरा' और हिंदी फिल्म 'थामा' में भी काम किया। इसके अलावा वह तेलुगु फिल्म 'द गर्लफ्रेंड' में भी नजर आईं। रश्मिका मंदाना जल्द अपने पति विजय देवरकोंडा के साथ फिल्म ‘रणबाली’ में दिखाई देंगी। यह फिल्म 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इसके अलावा, रश्मिका की फिल्मों की सूची में ‘माइसा’ और एमएस सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक ‘MS - अ लिगेसी ऑन स्क्रीन’ भी शामिल है।
मराठी थ्रिलर फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है। फिल्म ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ को पीछे छोड़ा। भारत की ऑस्कर एंट्री चुनने वाली फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) की 14 सदस्यीय ज्यूरी में ‘धुरंधर’ को सिर्फ 4 वोट मिले। ज्यूरी सदस्य विवेक वासवानी ने यह जानकारी दी। NDTV से बातचीत में वासवानी ने कहा कि कुछ लोगों को फिल्म पसंद आई, लेकिन ज्यूरी को यह ऑस्कर के लायक नहीं लगी। ज्यूरी ऐसी फिल्म चुनना चाहती थी, जो भारतीय संस्कृति को अलग और असरदार तरीके से दिखाए। रणवीर सिंह ने ‘धुरंधर’ सीरीज में मुख्य भूमिका निभाई थी। इसका निर्देशन आदित्य धर ने किया था। फिल्म के दोनों ही पार्ट ब्लॉकबस्टर साबित हुए। 14 सदस्यीय ज्यूरी ने किया फैसला फिल्म के चयन के लिए FFI ने ज्यूरी बनाई थी। इसमें पी शेषाद्री, विजय पाटकर, हितू कनोडिया, शांति कुमार, संदीप पराशर, संजय पाटिल, साबू जोसेफ, नरसिम्हा नंदी, अनिल थॉमस, विवेक वासवानी, बिजॉन दासगुप्ता, हासन, वासन और तनिष्ठा चटर्जी शामिल थीं। 33 फिल्मों में से चुनी गई ‘गोंधल’ मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें एकेडमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर 2027 के लिए भारत की ऑफिशियल एंट्री चुना गया है। वासवानी ने बताया कि ऑस्कर के लिए फिल्म चुनते समय ज्यूरी को साफ निर्देश दिए गए थे। फिल्म में भारतीय संस्कृति और परंपरा इस तरह दिखनी चाहिए, जिससे उसे दुनियाभर के दर्शक भी समझ और पसंद कर सकें। उन्होंने कहा कि ‘गोंधल’ इस मामले में अलग थी। फिल्म की कहानी महाराष्ट्र के एक गांव में एक रात के दौरान होने वाली घटनाओं पर आधारित है। इसमें सस्पेंस और मर्डर की कहानी के साथ पूरी रात चलने वाला गोंधल उत्सव भी दिखाया गया है। इस दौरान संगीत और डांस कहानी का हिस्सा बने रहते हैं। वासवानी के मुताबिक, फिल्म में भारतीय संस्कृति और सस्पेंस का यह मेल उसे खास बनाता है। उन्होंने फिल्म के संगीत का भी जिक्र किया। इसमें संगीतकार इलैयाराजा ने संगीत दिया है। इस बार फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (FFI) के पास अलग-अलग भाषाओं की कुल 33 फिल्में भेजी गई थीं। इनमें 14 हिंदी, 4-4 मराठी, तेलुगु और गुजराती, 3 तमिल और 1-1 मलयालम व नागामी फिल्म शामिल थीं। फाइनल में ‘गोंधल’, ‘आंघ’ और ‘मैं वापस आऊंगा’ पहुंची थीं। इनमें से ‘गोंधल’ को चुना गया। बता दें कि ‘आंघ’ को 14 में से 11 वोट मिले, वहीं ‘गोंधल’ को सभी 14 सदस्यों के वोट मिले। साइकोलॉजिकल थ्रिलर है ‘गोंधल’ फिल्म का ‘गोंधल’ लेखन और निर्देशन संतोष डावखर ने किया है। इसमें किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहणी, निषाद भोईर और सुरेश विश्वकर्मा मुख्य भूमिका में हैं। संगीत इलैयाराजा ने दिया है। निर्देशक संतोष डावखर को 2025 के IFFI में बेस्ट डायरेक्टर का सिल्वर पीकॉक अवॉर्ड मिल चुका है। 2 घंटे की यह फिल्म ग्रामीण महाराष्ट्र की लोक परंपरा और धार्मिक अनुष्ठान ‘गोंधल’ पर आधारित है। कहानी नवविवाहित आनंद और सुमन के घर होने वाले गोंधल अनुष्ठान के इर्द-गिर्द घूमती है। गांव के पाटिल का बेटा सरजेराव, जो सुमन से शादी न हो पाने के कारण नाराज था, इस शादी को स्वीकार नहीं कर पाता और धीरे-धीरे यह पवित्र अनुष्ठान एक क्राइम और सस्पेंस ड्रामा में बदल जाता है। पिछले साल ‘होमबाउंड’ भारत की ऑस्कर एंट्री थी पिछले साल फिल्म होमबाउंड को भारत की ओर से ऑस्कर के लिए भेजा गया था। फिल्म में ईशान खट्टर और विशाल जेठवा मुख्य भूमिकाओं में थे। पिछली बार ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट फिल्म समेत 6 अवॉर्ड जीते थे 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स (2026) में ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट फिल्म समेत सबसे ज्यादा 6 अवॉर्ड जीते थे। ‘सिनर्स’ के लिए माइकल बी. जॉर्डन को बेस्ट एक्टर और ‘हेमनेट’ के लिए जेसी बकले को बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया था। ‘सिनर्स’ को सबसे ज्यादा 16 नॉमिनेशन मिले थे, लेकिन फिल्म ने 4 अवॉर्ड जीते थे। वहीं, भारतीय मूल की फिल्ममेकर गीता गंदभीर की दो डॉक्यूमेंट्री नॉमिनेट हुईं। प्रियंका चोपड़ा ने दूसरी बार ऑस्कर में प्रेजेंटर की भूमिका निभाई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
कटरीना हाल ही में अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन का हिस्सा बनीं, जहां उनके बढ़े हुए वजन का मुद्दा बना दिया गया। पोस्ट प्रेग्नेंसी बढ़े हुए वजन के बीच हो रही ट्रोलिंग पर अब पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्ट्रेस का बचाव किया और ट्रोलर्स की आलोचना की। प्रियंका चतुर्वेदी ने आधिकारिक X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर लिखा है, ‘प्रिय महिलाओं, आपका वजन बढ़ा है या घटा है, आपकी उम्र कितनी है, आप कैसी दिखती हैं, आपका शरीर कैसा है या आपकी स्किन कैसी है, इनमें से किसी भी चीज का हिसाब आपको उन लोगों को देने की जरूरत नहीं है, जिनके पास दूसरों की जिंदगी पर कमेंट करने के अलावा कोई काम नहीं है।’ एक्ट्रेस-भाजपा नेता खुशबू सुंदर ने भी किया बचाव भारतीय जनता पार्टी की नेता और साउथ एक्ट्रेस खुशबू सुंदर ने कटरीना का बचाव करते हुए लिखा है, ‘आखिर किसी महिला की उम्र को हमेशा सार्वजनिक चर्चा का विषय क्यों बना दिया जाता है? जैसे ही कोई महिला एक उम्र के पड़ाव को पार करती है, समाज उसे तरह-तरह से आंकना शुरू कर देता है, “क्या वह अभी भी अपने चरम पर है?”, “क्या उसने खुद को मेंटेन रखा है?”, “अब वह पहले से अलग क्यों दिख रही है?”, “क्या वह बूढ़ी हो गई है?”’ ‘लेकिन पुरुषों के मामले में यही सवाल क्यों नहीं पूछे जाते? किसी पुरुष के बाल उड़ जाएं तो उसे ‘सम्मानित और प्रभावशाली’ कहा जाता है। पेट निकल आए तो कोई नहीं पूछता कि उसका ‘प्राइम’ कहां गया। बाल सफेद हो जाएं तो वह अचानक ‘सॉल्ट एंड पेपर हैंडसम’, ‘मैच्योर’ और ‘चार्मिंग’ हो जाता है। पुरुष की उम्र बढ़ती है तो उसके अनुभव के साथ उसकी खूबसूरती भी बढ़ती हुई मानी जाती है। लेकिन महिला की उम्र बढ़ते ही उसकी हर झुर्री, हर बढ़ता वजन, हर सफेद बाल और शरीर में आया हर बदलाव लोगों की बहस का मुद्दा बन जाता है।’ मेरा भी मजाक बनाया गया था- खुशबू सुंदर लंबी-चोड़ी पोस्ट के आखिर में खुशबू सुंदर ने अपने साथ हुआ मिलता-जुलता अनुभव बताते हुए लिखा, ‘जब मेरा वजन ज्यादा था, तब मेरा मजाक उड़ाया गया। यहां तक कि मुझे उन महिलाओं का उदाहरण बनाकर पेश किया गया, जिन्हें समाज ‘मोटी और बदसूरत’ मानता था।’ ‘आज जब मैंने अपना वजन कम किया है, तो लोग कह रहे हैं कि मैंने इंजेक्शन लेकर वजन कम किया है। बल्कि समाज ने तो जैसे यह फैसला ही सुना दिया है कि मैं इंजेक्शन ले रही हूं। कटरीना, आपने हमेशा अपनी जिंदगी अपने तरीके से जी है, गरिमा, आत्मसम्मान और शालीनता के साथ। आगे भी बिल्कुल वैसे ही जिएं। महिला की कोई ‘प्राइम उम्र’ नहीं होती। उसकी एक जिंदगी होती है और उस जिंदगी का हर पड़ाव सिर्फ उसका है।’ ऋतिक रोशन ने आड़ में किया कटरीना का सपोर्ट, ट्रोलिंग हुई कटरीना की ट्रोलिंग के बीच उनके साथ फिल्म बैंग-बैंग में नजर आ चुके ऋतिक रोशन ने नाराजगी जताई है। ऋतिक ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम से एक ऐसी पोस्ट लाइक की है, जिसमें लिखा गया था कि कटरीना बचपन से लोगों का क्रश रही हैं और कई लोग उनकी फिल्में और पोस्टर रखते हैं। लेकिन अब सिर्फ वजन बढ़ने पर कहा जा रहा है कि उनका करियर खत्म हो गया है। ऋतिक द्वारा पोस्ट लाइक किए जाने के बाद कई लोग ये कहते हुए उन्हें ट्रोल कर रहे हैं कि कटरीना का बचाव करने वाले पाकिस्तानी एक्टर अली जफर उनसे बेहतर हैं। जिन्होंने खुलकर मुद्दे पर एक्ट्रेस का पक्ष लिया और इसकी कड़ी निंदा की। क्या था कटरीना की ट्रोलिंग पर पाक एक्टर का बयान? कटरीना के साथ फिल्म मेरे ब्रदर की दुल्हन में काम कर चुके पाकिस्तानी एक्टर अली जफर ने एक वीडियो जारी कर कहा, हम मर्दों के साथ क्या दिक्कत है। हाल ही में मुझे मेरी को-स्टार के बारे में कुछ पोस्ट, रील देखने मिलीं। बहुत ज्यादा कहा जा रहा है कि पहले वो कैसी दिखती थीं अब कैसी दिखती हैं। हम सबको अपने अंदर झांकना चाहिए, खासतौर पर मैं आदमियों की बात कर रहा हूं। हमें खुद में सुधार करने की बहुत जरूरत है। हम सब अपनी जिंदगी में परफेक्ट नहीं होते, लेकिन उसे समझने और सुधारने की जरुरत है। आगे अली जफर ने कहा, आदमियों ने जो औरतों के शरीर के जो पैरामीटर बनाए हैं अगर औरत उस पैरामीटर पर खरी नहीं उतरती तो उसे गलत समझा जाता है। ये गलत है। ये ठीक नहीं है, अच्छा नहीं लगता। हर इंसान अपने स्ट्रगल से गुजर रहा होता है, हमें नहीं पता कौन किस चीज से गुजर रहा है। हमें हर इंसान के साथ अच्छे से पेश आना चाहिए। ब्यूटी का कॉन्सेप्ट लेकर पहले की सोच अलग थी। पहले की पेंटिंग में शरीर की बनावट अलग थी, लेकिन अब इसे पतला कर दिया गया। आदमियों से भी सिक्स पैक की उम्मीद होती है, जो रियलिस्टिक नहीं है। पोस्ट प्रेग्नेंसी बदलाव पर कटरीना का बयान वायरल कटरीना ने प्रेग्नेंसी के बाद शरीर में हुए बदलाव पर द हॉलीवुड रिपोर्टर से कहा था, “जब मैंने मॉडलिंग और एक्टिंग की शुरुआत की थी, तब खूबसूरती को लेकर लोगों की सोच काफी अलग थी। खूबसूरत दिखने के कुछ तय पैमाने थे। लेकिन अब मेरे लिए अच्छा दिखने का मतलब है कि मैं अंदर से अच्छा और स्वस्थ महसूस करूं। इसके लिए मैं खुद का पूरी तरह ख्याल रखती हूं। इसका असर मेरे पूरे शरीर के साथ-साथ मेरी स्किन पर भी पड़ता है। मेरा मानना है कि जब आप अंदर से स्वस्थ और खुश महसूस करते हैं, तो आपका आत्मविश्वास अपने आप आपके चेहरे और व्यक्तित्व में नजर आने लगता है।” कैसे शुरू हुई ट्रोलिंग? कटरीना कैफ कुछ दिनों पहले प्रोड्यूसर कुक्कू कोहली के अंतिम संस्कार में पहुंची थीं। सफेद सूट पहने, काला चश्मा लगाए हुए कटरीना के कुछ वीडियोज वायरल हो गए। कटरीना मां बनने के बाद कम ही मौकों पर सार्वजनिक तौर पर स्पॉट हो रही थीं। एक दो मौकों पर वह पैपराजी से बचती भी दिखी थीं। अब हाल ही में कटरीना कैफ, विक्की कौशल के साथ अंबानी परिवार के गणपति सेलिब्रेशन में पहुंचीं। एक्ट्रेस का बढ़ा वजन देख उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया जाने लगा। नवंबर 2025 में दिया बेटे को जन्मकटरीना कैफ ने 7 नवंबर 2025 को बेटे को जन्म दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए लिखा था, 'हमारी खुशियों का पिटारा आ गया है। बहुत सारे प्यार आभार के साथ हम अपने बेटे का स्वागत करते हैं। 7 नवंबर 2025। कटरीना और विक्की।' अब तक कपल ने बेटे की तस्वीर सार्वजनिक नहीं की है। बेटे के जन्म के करीब डेढ़ महीने बाद विक्की कटरीना ने बेटे के नाम की घोषणा की। उन्होंने बेटे का नाम विहान कौशल रखा है। इसकी घोषणा करते हुए कपल ने लिखा, हमारी रोशनी की किरण विहान कौशल। दुआओं का जवाब मिला। जिंदगी खूबसूरत है। हमारी दुनिया अचानक बदल गई। आभार के लिए शब्द नहीं हैं। दो सालों से फिल्मों से दूर हैं कटरीना कैफ कटरीना कैफ को आखिरी बार साल 2024 की फिल्म मैरी क्रिसमस में देखा गया है। फिल्म में उनके साथ विजय सेतुपति लीड रोल में थे। इसके बाद से ही एक्ट्रेस किसी फिल्म में नजर नहीं आई हैं। इस साल भी उनकी कोई फिल्म रिलीज नहीं होगी। शादी के 4 साल बाद बनीं मां कटरीना कैफ ने 9 दिसंबर 2021 में एक्टर विक्की कौशल से शादी की थी। दोनों की पहली मुलाकात एक अवॉर्ड शो में हुई थी, जिसके बाद दोनों चंद मुलाकातों के बाद रिलेशनशिप में आ गए थे। कपल ने हिंदू रीति-रिवाजों से राजस्थान के सवई माधौपुर के सिक्स सेंस रिसोर्ट में शादी की है।
किशोर कुमार की बायोग्राफी ‘किशोर कुमार: द अल्टीमेट बायोग्राफी’ को नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट सिनेमा बुक चुने जाने पर विवाद हो गया। पटना हाईकोर्ट ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय और NFDC से पूछा कि आखिर यह किताब भारतीय सिनेमा पर कैसे है। पटना के हिंदी लेखक और साहित्यिक आलोचक अनंत प्रसाद सिन्हा ने इस बुक को अवॉर्ड दिए जाने के खिलाफ याचिका दायर की है। वह ‘अनंत’ नाम से लिखते हैं। सिन्हा ने याचिका में 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘बेस्ट सिनेमा बुक’ का अवॉर्ड रद्द करने की मांग की है। यह पुरस्कार अनिरुद्ध भट्टाचार्जी और पार्थिव धर की किताब ‘किशोर कुमार: द अल्टीमेट बायोग्राफी’ को मिला था। मंत्रालय, NFDC और लेखकों को नोटिस मामला जस्टिस अजीत कुमार की अदालत में सुना गया। कोर्ट ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय, NFDC, जूरी सदस्यों और किताब के दोनों लेखकों को नोटिस जारी किया है। किताब हार्पर कॉलिन्स ने प्रकाशित की है। पुरस्कार की घोषणा 16 अगस्त 2024 को हुई थी। इसे 8 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में दिया गया था। याचिका में सिन्हा ने कहा कि पुरस्कारों की देखरेख करने वाले मंत्रालय ने अपनी पात्रता शर्तों का पालन नहीं किया। कोर्ट के मौखिक आदेश में कहा गया कि याचिकाकर्ता के वकील के अनुसार, 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ पुस्तक के नामांकन के लिए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ। ये दिशा-निर्देश सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी भारत के राजपत्र में 07.10.2024 की अधिसूचना में दिए गए हैं। केंद्र सरकार के वरिष्ठ पैनल वकील ने याचिकाकर्ता की शिकायतों पर जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा। अदालत ने यह मांग दर्ज की। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी। अनंत सिन्हा ने दो आधारों पर पुरस्कार को चुनौती दी सिन्हा ने याचिका में दो मुख्य आधार बताए हैं। उनका कहना है कि पुरस्कार समिति ने उन नियमों का उल्लंघन किया, जिनके तहत सम्मान भारत में किसी भी भाषा में प्रकाशित भारतीय सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ पुस्तक को दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी किताब ‘दो गुलफामों की तीसरी कसम’ सभी दिशा-निर्देशों को पूरा करती है। इसलिए यह पुरस्कार उनकी किताब को मिलना चाहिए था। सिन्हा ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से कहा, “मेरा तर्क सीधा है। अगर किशोर कुमार की बायोग्राफी को भारतीय सिनेमा पर किताब कहा जा सकता है, तो क्या बीआर अंबेडकर की बायोग्राफी को भारतीय संविधान पर किताब कहा जा सकता है?” उन्होंने कहा कि अदालत जाने से पहले उन्होंने यह तर्क सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सामने रखा था। हालांकि, वहां उनकी बात नहीं मानी गई। किशोर कुमार की बायोग्राफी के बारे में- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सर्वश्रेष्ठ सिनेमा पुस्तक के विजेता को स्वर्ण कमल और 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार मिलता है। 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2022 के बीच प्रकाशित किताबें अवॉर्ड पाने के योग्य थीं। अनिरुद्ध भट्टाचार्जी और पार्थिव धर की ‘किशोर कुमार: द अल्टीमेट बायोग्राफी’ में भारत के सबसे अलग अंदाज वाले और बहुमुखी कलाकार किशोर कुमार की जिंदगी, संगीत और जटिल व्यक्तित्व को बताया गया है। वहीं, ‘दो गुलफामों की तीसरी कसम’ में सिन्हा ने फणीश्वर नाथ रेणु की चर्चित हिंदी कहानी ‘मारे गए गुलफाम’ को 1966 की बॉलीवुड फिल्म ‘तीसरी कसम’ में ढालने के पीछे की छह साल की यात्रा का वर्णन किया है। मलेशियाई PM ने BRICS डिनर में किशोर कुमार का गाना गाया मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पिछले शनिवार को नई दिल्ली में किशोर कुमार का मशहूर गाना ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत...’ गाया। इब्राहिम BRICS समिट के डिनर में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मुकेश का गीत दोस्त दोस्त ना रहा... भी गुनगुनाया। किशोर कुमार के सिनेमाई सफर के बारे में- अभिनेता, संगीतकार, गायक, लेखक, निर्देशक और निर्माता किशोर कुमार अपने आप में एक बहुआयामी शख्सियत थे। उन्हें एक ऐसे शख्स के तौर पर याद किया जाता है, जो हमेशा अपनी शर्तों पर जिया और जो भी किया, वो इतिहास बन गया। किशोर का असली नाम आभास कुमार गांगुली था। उनका जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। किशोर कुमार जितना एक गायक के तौर पर जाने जाते हैं, उतना ही एक अभिनेता के तौर पर भी। किशोर कुमार के करियर की शुरुआत एक अभिनेता के रूप में फिल्म शिकारी (1946) से हुई। इस फिल्म में उनके बड़े भाई अशोक कुमार ने लीड रोल निभाया था। उन्हें पहली बार गाने का मौका मिला 1948 में बनी फिल्म जिद्दी में। इसमें किशोर ने देव आनंद के लिए गाना गाया। किशोर कुमार केएल सहगल के जबर्दस्त प्रशंसक थे, इसलिए उन्होंने यह गीत उन की शैली में ही गाया। उन्होंने राजेश खन्ना के लिए 92 फिल्मों में रिकॉर्ड 245 गाने गाए। 1997 में मध्य प्रदेश सरकार ने उनके नाम पर अवॉर्ड शुरू किया। किशोर कुमार से जुड़े ये किस्से भी पढ़िए- चोट लगने पर चिल्ला-चिल्लाकर रोते थे, सुरीली हो गई आवाज किशोर कुमार का असली नाम था आभास कुमार गांगुली। उनके पिता कुंजालाल गांगुली वकील थे। वहीं नामी बंगाली परिवार से ताल्लुक रखने वालीं उनकी मां गौरी देवी हाउसवाइफ थीं। 4 भाई-बहन अशोक, सीता देवी, अनूप में किशोर कुमार सबसे छोटे थे। किशोर कुमार के बड़े भाई अशोक कुमार ने एक इंटरव्यू में बताया था कि किशोर दा बचपन से सुरीले नहीं थे। उनकी आवाज बैठी हुई थी। जब कभी गुनगुनाते थे तो बेसुरे सुनाई पड़ते थे। एक दिन बचपन में मां किचन में सब्जियां काट रही थीं। नन्हे से किशोर दौड़ते हुए मां के पास जा ही रहे थे कि वहां रखा धारदार हंसिया उनके पैर में लग गया। पैर कट गया और तेजी से खून बहने लगा। कम उम्र के किशोर दर्द नहीं सह पाए और जोर-जोर से रोने लगे। ऐसे ही जब तक चोट में आराम नहीं मिला, तब तक किशोर दा रोज रोते रहे। घंटों रोने से उनके वोकल कॉर्ड्स पर इतना असर पड़ा कि वो सुरीले हो गए। किशोर दा भी उस हादसे को ही अपनी आवाज का श्रेय देते हैं। क्लासरूम में टेबल पर तबला बजाया तो टीचर ने कहा- गाने-बजाने से कुछ नहीं होगा किशोर दा को कभी भी पढ़ाई में ज्यादा रुचि नहीं थी। एक दिन वो क्लासरूम में बैठकर टेबल पर तबला बजा रहे थे। सिविक्स की क्लास थी। टीचर ने जैसे ही आवाज सुनी तो जोरदार फटकार लगा दी। कहा- पढ़ाई-लिखाई में ध्यान दो, ये गाने-बजाने से कुछ नहीं होगा। ये सुनकर किशोर कुमार ने जवाब दिया- देखना एक दिन इसी गाने-बजाने से मेरा नाम होगा। सालों बाद अपने हुनर से किशोर कुमार ने वो बात सच कर दिखाई। बड़े भाई अशोक कुमार के गानों में कोरस सिंगर थे किशोर किशोर कुमार के बड़े भाई अशोक कुमार 40 के दशक में हिंदी सिनेमा का बड़ा नाम बन चुके थे। अशोक मुंबई में रहते थे तो परिवार का आना-जाना भी मुंबई होने लगा। बड़े भाई की मदद से किशोर भी बॉम्बे टॉकीज में कोरस सिंगर बन गए। गाने गाते हुए उन्होंने अपना नाम आभास से किशोर कुमार कर लिया। एक दिन उनकी परफॉर्मेंस से खुश होकर डायरेक्टर खेमचंद प्रकाश ने उन्हें फिल्म जिद्दी (1948) के गाने मरने की दुआएं क्यों मांगू गाने का मौका दिया। गाना हिट हुआ और किशोर कुमार को लगातार हिंदी सिनेमा में गाने और अभिनय का मौका मिलने लगा। 1949 में वो भी बड़े भाई के साथ रहने मुंबई आ पहुंचे। एस.डी. बर्मन ने पहचाना हुनर, तो नकल करना छोड़ बनाई पहचान किशोर कुमार हमेशा से ही के.एल. सहगल, अमेरिकन सिंगर डैनी के और रवींद्रनाथ टैगोर के बड़े प्रशंसक थे। अपनी दीवानगी जगजाहिर करने के लिए उन्होंने घर में तीनों की तस्वीरें टांग रखी थीं और रोज सुबह उनका नमन किया करते थे। जब रियाज की बारी आती तो के.एल. सहगल के गाने दोहराते रहते थे। एक दिन फिल्म मशाल (1950) के लिए एस.डी. बर्मन, अशोक कुमार से मिलने उनके घर पहुंचे। देखा तो उनके छोटे भाई किशोर दा बैठकर रियाज कर रहे थे। एस.डी. बर्मन उनके पास गए और कहा अगर बड़ा सिंगर बनना है तो अपना स्टाइल ढूंढो, न कि किसी और की नकल करो। जब किशोर कुमार ने उन्हें योडलिंग सुनाई तो खुश होकर उन्होंने किशोर दा को देव आनंद की आवाज बना दिया। लगातार हिट देते हुए किशोर कुमार हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन सिंगर में गिने जाने लगे। उन्होंने अपने करियर में 1198 फिल्मों में 2678 गाने गाए। किशोर दा अपनी फीस को लेकर काफी पाबंद थे। वो नो मनी, नो वर्क की पॉलिसी फॉलो करते थे। वो तब तक गाने की रिकॉर्डिंग शुरू नहीं करते थे जब तक उनका असिस्टेंट आकर ये न बता दे कि उनकी फीस पूरी मिल चुकी है। जब-जब उन्हें आधी-अधूरी फीस मिली, तब-तब उन्होंने अलग-अलग पैतरों से प्रोड्यूसर की नाक में दम किया। पढ़िए उनके कारनामों के कुछ किस्से- 5 हजार रुपए कम मिले तो गुलाटी खाते हुए सेट से भागे किशोर दा हमेशा से ही सिंगर बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें अभिनय के भी कई ऑफर मिलते थे। जब भी कोई उनके पास फिल्म लेकर आता तो वो कोई-न-कोई बहाना करके उसे भगा देते थे। 1956 की बात है जब अशोक कुमार ने छोटे भाई को फिल्म भाई-भाई में काम दिलवा दिया। फिल्म के डायरेक्टर एम.वी.रमन ने उन्हें 5 हजार रुपए कम दिए थे। ऐसे में जब शूटिंग शुरू हुई और एक्शन कहा गया तो किशोर कुमार दो कदम चले, चिल्लाया 5 हजार रुपए और गुलाटी खाते हुए सेट से भाग गए। जब कुछ दिनों बाद किशोर दा को दोबारा सेट पर लाया गया तो वो कभी भागने की कोशिश करते, डायलॉग भूलने का बहाना बनाते, तो कभी बीमारी का, लेकिन बड़े भाई उनसे भी दो कदम आगे थे। जैसे ही सीन शूट होने लगा तो अशोक कुमार ने अपने दोनों पैर किशोर दा के पैरों पर रख लिए। भाई की सख्ती देखकर किशोर को शूटिंग करनी ही पड़ी। प्रोड्यूसर ने आधी फीस दी तो आधा सिर मुंडवाकर सेट पर पहुंचे एक बार किशोर कुमार को एक फिल्म में कास्ट किया गया, लेकिन प्रोड्यूसर ने उन्हें ये कहते हुए आधी फीस दी कि आधी फीस फिल्म पूरी होने के बाद मिलेगी। किशोर दा ने उस वक्त तो कुछ नहीं कहा, लेकिन जैसे ही शूटिंग शुरू हुई तो वो आधा सिर और आधी मूंछे मुंडवाकर पहुंच गए। डायरेक्टर अपने हीरो की ऐसी बिगड़ी हालत देखकर डर गया। उन्होंने इस हालत का कारण पूछा, तो जवाब मिला- आधी फीस मिली है तो गेटअप भी आधा ही होगा, जब पूरे पैसे मिल जाएंगे, तो गेटअप पूरा हो जाएगा। फीस रोकने वाले प्रोड्यूसर के घर के बाहर चिल्लाते रहे किशोर कुमार ने जब प्रोड्यूसर आर.सी. तलवार के साथ काम किया तो उन्हें 8 हजार रुपए कम मिले थे। प्रोड्यूसर ने वादा किया था कि वो जल्द ही ये रकम चुका देंगे, लेकिन ऐसा करने में देर हो गई। ऐसे में किशोर दा रोज उनके घर के बाहर जाते और चिल्लाते- हे तलवार, दे दे मेरे आठ हजार। हे तलवार, दे दे मेरे आठ हजार। किशोर दा रोज सुबह तब तक उनके घर के बाहर चिल्लाते रहे, जब तक उन्हें पैसे नहीं दिए गए। किशोर दा भले ही अपनी फीस को लेकर पाबंद थे, हालांकि दरियादिली में उन्होंने कई बार मुफ्त में भी काम किया। राजेश खन्ना और डैनी डेन्जोंगपा के प्रोडक्शन में बनी फिल्मों के लिए उन्होंने मुफ्त में काम किया, जबकि उन्हें फीस दी जा रही थी। ऐसे ही कई जवानों के लिए और कैंसर हॉस्पिटल में फंड इकट्ठा करने के लिए उन्होंने कई बार मुफ्त में परफॉर्म किया था। शूटिंग के कुछ मजेदार किस्से ये भी हैं- जबरदस्ती एक्टिंग करवाई तो देव आनंद को सेट पर गाली देकर भाग गए थे एक फिल्म में अशोक कुमार, देव आनंद के साथ काम कर रहे थे। फिल्म के एक सीन के लिए देव आनंद के साथ एक लड़का चाहिए था तो पास खड़े अशोक कुमार ने कह दिया कि किशोर कुमार ये रोल कर लेंगे। लहरें रेट्रो के मुताबिक डायरेक्टर ने किशोर दा को समझाया कि जैसे ही देव आनंद साहब कमरे में दाखिल होते हैं वैसे ही तुम उन्हें खरी-खोटी सुनाते हो। किशोर कुमार ने सिर हिलाकर इशारों में जवाब दिया कि वो समझ गए, लेकिन जैसे ही एक्शन की आवाज आई तो कुछ ऐसा हुआ, जिससे हर कोई दंग रह गया। देव आनंद के कमरे में आते ही किशोर कुमार ने उन्हें असल में गंदी-गंदी गालियां दीं और सेट से भाग गए। डायरेक्टर उन्हें पीछे से चिल्लाता रहा कि अभी सीन पूरा नहीं हुआ वापस आ जाओ, लेकिन वो नहीं लौटे। कोर्ट से मांगी थी डायरेक्टर ने मदद किशोर कुमार की इन्हीं शरारतों से डरकर एक डायरेक्टर ने कोर्ट से मदद मांगी। उन्होंने ऐसा एग्रीमेंट तैयार करवाया कि किशोर शूटिंग के दौरान उनकी हर बात मानें। कोर्ट के आदेश के बाद किशोर कुमार ने न चाहते हुए भी डायरेक्टर की हर बात मानी, लेकिन अलग अंदाज में। किशोर कुमार का कार में एक सीन शूट होना था। शॉट पूरा हुआ, लेकिन किशोर कुमार गाड़ी से नहीं उतरे। कई घंटे बीते तो उनसे पूछा गया कि आप उतर क्यों नहीं रहे। इस पर किशोर दा ने कहा, क्योंकि डायरेक्टर ने मुझे उतरने को नहीं कहा। शूटिंग करते हुए खंडाला निकल गए थे किशोर दा एक फिल्म की शूटिंग के दौरान किशोर कुमार को कार में बैठकर कुछ मीटर का फासला पूरा करना था और उतरना था। जैसे ही एक्शन बोला गया तो किशोर कुमार ने कार चलानी शुरू की। डायरेक्टर ने कट नहीं बोला तो किशोर दा कार चलाते-चलाते खंडाला पहुंच गए। बदला लेने के लिए फाइनेंसर को कर दिया था अलमारी में बंद 60 के दशक की बात है, फिल्म हाफ टिकट की शूटिंग के दौरान किशोर दा सबको अपनी जिद से तंग करते थे। इस बात से नाराज होकर फाइनेंसर कालिदास बटवाब्बल ने उनकी शिकायत इनकम टैक्स में कर दी। शिकायत पर किशोर दा के घर पर रेड पड़ी। कुछ समय बाद किशोर दा ने कालिदास को खाने पर अपने घर बुलाया। कुछ समय बाद उसका भरोसा जीतने के बाद किशोर दा ने उनसे कहा कि वो कपड़ों की अलमारी में बैठकर कुछ जरूरी बात करेंगे। जैसे ही कालिदास अलमारी में बैठे तो उन्होंने बाहर से अलमारी बंद कर दी। उन्होंने 2 घंटों तक कालिदास को अलमारी में बंद रखा और फिर निकालकर घर से बाहर कर दिया। कहा कि आज के बाद मेरे घर में आने की हिम्मत मत करना। किस्से किशोर कुमार की जिद के- जब बी.आर. चोपड़ा से लिया बदला बी.आर. चोपड़ा और अशोक कुमार अच्छे दोस्त थे। एक बार किशोर कुमार को काम की जरूरत पड़ी तो वो भाई की दोस्ती के चलते बी.आर. चोपड़ा के पास पहुंच गए। उस समय चोपड़ा ने किशोर दा के सामने कुछ शर्तें रख दीं। किशोर ने वो गाना ठुकरा दिया और कहा- आज मेरा वक्त बुरा है तो आप शर्त रख रहे हैं, देखना जब मेरा वक्त आएगा तो मैं भी शर्त रखूंगा। समय बदला, लेकिन किशोर दा ये बात नहीं भूले। कुछ समय बाद बी.आर. चोपड़ा एक गाने का ऑफर लेकर किशोर दा के घर पहुंचे। ये उनके लिए बदले का समय था। उन्होंने कह दिया, मुझसे गाना गंवाना है तो जाइए पहले धोती, पैरों में जूते-मोजे पहनकर आइए। पान भी खाना। आपका मुंह लाल-लाल दिखना चाहिए और मुंह से लार टपक रही होनी चाहिए। ये शर्त सुनकर बी.आर. चोपड़ा ने किशोर दा के भाई अशोक कुमार से कहा कि आप ही अपने भाई को समझाइए, लेकिन वो किशोर दा के मिजाज से वाकिफ थे। उन्होंने मामले में टांग नहीं अड़ाई। आखिरकार बी.आर.चोपड़ा को शर्त माननी ही पड़ी। अमिताभ से गुस्सा होकर उनकी आवाज बनने से किया था इनकार 1981 में किशोर कुमार फिल्म ममता की छांव डायरेक्ट कर रहे थे। वो चाहते थे कि अमिताभ इस फिल्म में गेस्ट अपियरेंस में दिखें, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इस बात से किशोर दा इतना नाराज हुए कि उन्होंने अमिताभ पर फिल्माए गानों को आवाज देने से इनकार कर दिया। ठुकराई हुई फिल्मों में नसीब, कुली, मर्द, देश प्रेमी शामिल थीं। फिल्म ममता की छांव में रिलीज होने से पहले ही किशोर दा का 1987 में निधन हो गया। ऐसे में राजेश खन्ना ने उनके बेटे अमित की मदद कर 1989 में फिल्म रिलीज करवाई थी। पत्नी ने तलाक लेकर मिथुन से शादी की तो उनके लिए गाना छोड़ा किशोर ने पहली शादी रूमा गुहा ठाकुरता उर्फ रूमा घोष से 1951 में की, लेकिन ये शादी 1958 में टूट गई। बाद में उन्होंने दूसरी शादी एक्ट्रेस मधुबाला से 1960 में की। मधुबाला के दिल में छेद था, जिससे उनकी मौत हो गई। मधुबाला के बाद किशोर का दिल एक्ट्रेस योगिता बाली पर आ गया। दोनों ने 1976 में शादी कर ली, लेकिन दो साल बाद ये शादी टूट गई। योगिता बाली ने किशोर दा से तलाक लेने के बाद मिथुन से शादी कर ली। इस बात से परेशान होकर किशोर कुमार ने मिथुन के लिए गाना छोड़ दिया था। बता दें कि योगिता बाली के बाद 51 साल की उम्र में किशोर दा ने लीना चंदावरकर से चौथी शादी की थी। किशोर के दो बेटे सिंगर अमित कुमार (पहली पत्नी रूमा गुहा से) और सुमित कुमार (अंतिम पत्नी लीना चंदावरकर से) हैं। घर के आंगन से निकले थे कंकाल किशोर कुमार को एक्सपेरिमेंट का बेहद शौक था। एक बार वेनिस की नहरों से प्रेरित होकर किशोर दा ने ठान ली कि वो अपने वॉर्डन रोड, मुंबई स्थित घर के चारों ओर नहर बनवाएंगे। ये उनका सपना बन गया। फिर क्या था उन्होंने अपने सपने पर काम करना शुरू कर दिया। रोज म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का कर्मचारी उनके घर आकर बैठता और वो अपने मजदूरों से खुदाई करवाते। एक दिन खुदाई करते हुए एक मजदूर को पहले हाथ की हड्डी मिली फिर कुछ दिनों में वहां कंकाल निकलने लगे। मजदूर डर गए और खुदाई रुक गई। हर कोई समझ चुका था कि जिस जगह किशोर दा का घर है वो जगह पहले कभी कब्रिस्तान हुआ करती थी। उनके बड़े भाई अनूप वहां गंगाजल लेकर आए और पूरी जमीन का शुद्धिकरण करवाया गया। इसी के साथ किशोर दा का घर को वेनिस की तरह बनाने का सपना अधूरा रह गया। मोहम्मद रफी के पैर पकड़कर रोते रहे हिंदी सिनेमा में एक दौर ऐसा था जब दो ही सिंगर मशहूर थे। पहले मोहम्मद रफी और दूसरे किशोर कुमार। एक दूसरे के प्रतिद्वंद्वी होने के साथ-साथ दोनों पक्के दोस्त भी थे। दोनों ने साथ में पर्दा है पर्दा, यादों की बारात जैसे कई बेहतरीन गानों को आवाज दी। फिल्म रागिनी, शरारत और बागी शहजादा में जब किशोर कुमार हीरो बने तो उनके लिए रफी साहब ने ही आवाज दी। किशोर दा के बेटे अमित कुमार ने आरजे राहुल को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि जब 31 जुलाई 1980 को मोहम्मद रफी का निधन हुआ तो किशोर दा उनके शव के पास जाकर बैठ गए। कुछ देर बार उनके पैर पकड़े और जोर-जोर से रोने लगे। सरकार के लिए गाने से इनकार किया तो गानों पर लग गया बैन जब 1975 में इमरजेंसी लगी तो संजय गांधी ने किशोर कुमार से मुंबई में होने वाली एक रैली में गाने को कहा था, लेकिन इमरजेंसी का विरोध कर रहे किशोर दा ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इस बात से नाराज होकर कांग्रेस ने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन में उनके गाने बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया। कुछ समय बाद मोहम्मद रफी ने इंदिरा गांधी से मुलाकात की। दोनों के अच्छे ताल्लुकात थे। ऐसे में रफी साहब ने इंदिरा गांधी से गुजारिश की कि किशोर दा के गानों पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया जाए। इंदिरा गांधी ने उनकी बात मान ली और गाने फिर से बजाए जाने लगे। जब प्रतिबंध हटा तो किशोर दा इसकी वजह जानना चाहते थे। कई जगह हाथ-पैर मारने के बाद उन्हें पता चला कि मोहम्मद रफी ने बिना किसी को बताए ये मदद की है, जबकि दोनों प्रतिद्वंद्वी थे। पता लगते ही किशोर दा उनसे मिलने पहुंचे और शुक्रिया अदा किया। रफी साहब ने उन्हें कसम दे दी कि ये बात किसी को मत बताना। जब कुछ सालों बाद मोहम्मद रफी का इंतकाल हुआ तो उन्होंने कसम तोड़ते हुए सबको उनके बड़प्पन का ये किस्सा सुनाया था। दोस्त नहीं थे तो पेड़ों के नाम रखकर करते थे बातें 1985 में प्रीतीश नंदी को दिए इंटरव्यू में किशोर कुमार ने बताया था कि उनके कोई दोस्त नहीं हैं। लोग उन्हें पागल समझते हैं और उनके घर आने से डरते हैं। ऐसे में उन्होंने अपने घर में कई पेड़ लगाकर उन्हें नाम दिए हैं। वो अकेलेपन में उन्हीं पेड़ों से बातें करते हैं। 1987 तक नए गानों और उनकी ट्यून से नाखुश होकर किशोर दा ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दी। वो रिटायर होकर अपने गांव खंडवा में बसने का प्लान बना रहे थे। अशोक कुमार के 76वें जन्मदिन पर तोड़ा दम बड़े भाई अशोक कुमार के 76वें बर्थडे पर 13 अक्टूबर 1987 को किशोर कुमार ने हार्ट अटैक से दम तोड़ दिया। 58 साल के किशोर कुमार की मौत हिंदी सिनेमा के म्यूजिकल दौर का अंत थी। मौत के एक दिन पहले ही उन्होंने आशा भोसले के साथ फिल्म वक्त की आवाज (1988) का गाना गुरू गुरू रिकॉर्ड किया था। मौत के दिन पत्नी को डराने के लिए कर रहे थे मरने की एक्टिंग किशोर दा की मौत के दिन उनकी पत्नी लीना चंदावरकर घर पर ही थीं। 13 अक्टूबर की सुबह जब वो उन्हें उठाने गईं, तो देखा चेहरे का रंग उतरा हुआ था। वो घबराकर जैसे ही पास पहुंची तो किशोर दा ने तुरंत आंखें खोलीं और कहा- क्या तुम डर गईं। आज मेरी छुट्टी है। किशोर कुमार जानबूझकर पत्नी को डराने के लिए सांस रोककर लेटे थे। उस दिन उनकी कई मीटिंग्स थीं, जो घर पर ही होने वाली थीं। लंच करते हुए उन्होंने पत्नी से कहा- आज मैं फिल्म रिवर ऑफ नो रिटर्न देखूंगा। कुछ समय बाद पत्नी लीना ने सुना कि किशोर दा दूसरे कमरे में कुछ फर्नीचर खिसकाकर उनकी जगह बदल रहे हैं। जब वो देखने पहुंचीं तो वो बिस्तर पर गिरे हुए थे। लीना को देखकर उन्होंने कहा- मुझे बहुत कमजोरी लग रही है। लीना डॉक्टर बुलाने के लिए जैसे ही भागते हुए टेलीफोन के करीब गईं तो उन्होंने गुस्से में रोक दिया और कहा, अगर तुम डॉक्टर को बुलाओगी तो मुझे हार्ट अटैक आ जाएगा। लीना को लगा कि वो मजाक कर रहे हैं, लेकिन कुछ पलों बाद ही उनके दिल की धड़कनें रुक गईं। किशोर कुमार का अंतिम संस्कार खंडवा में हुआ था।
मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग
तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं
सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती
आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।
धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी
नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

