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PM मोदी से कहा- ‘डू योर जॉब':Gen-Z की आवाज बनीं रिया अहीर; बिग बॉस-20 में 2 मिनट बाद बाहर हुईं, जनता ने नहीं चुना

NEET स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन के सामने खड़े होकर वायरल हुईं रिया अहीर अब बिग बॉस-20 में एंट्री न मिलने के बाद चर्चा में हैं। रिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ‘डू योर जॉब’ कहकर सवाल उठाया था। हालांकि, दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने मोदी के काम की तारीफ की और कहा कि उनमें काफी पोटेंशियल है। रिया खुद NEET की उम्मीदवार नहीं थीं, फिर भी बच्चों के भविष्य को अपना मुद्दा मानकर प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने राहुल गांधी, सुप्रिया सुले और राज ठाकरे समेत कई नेताओं से मुलाकात का जिक्र किया, लेकिन किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ने से इनकार किया। वहीं, बिग बॉस-20 में जनता ने उन्हें लव गिल के मुकाबले नहीं चुना और रिया करीब 2 मिनट बाद ही शो से बाहर हो गईं। NEET की उम्मीदवार नहीं थीं, फिर भी पुलिस वैन के सामने खड़ी हुईं रिया अहीर को पहचान NEET स्टूडेंट्स के समर्थन में हुए प्रदर्शन के दौरान मिली। पुलिस वैन के सामने करीब 40 मिनट तक खड़े रहने का उनका वीडियो वायरल हुआ और वह सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गईं। जब उनसे पूछा गया कि वह खुद NEET की उम्मीदवार नहीं हैं, फिर बच्चों के लिए इतना बड़ा रिस्क क्यों लिया, तो रिया ने कहा कि उनकी परवरिश ऐसी हुई है कि कोई मुद्दा उन्हें व्यक्तिगत तौर पर प्रभावित न भी करे, लेकिन एक नागरिक के तौर पर वह उसे महत्वपूर्ण मानती हैं तो आवाज उठाती हैं। उनका कहना था कि ये बच्चे देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी अब तक काफी प्रिविलेज्ड रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह दूसरों का दर्द नहीं समझ सकतीं। ‘कैमरा नहीं होता, तब भी पुलिस वैन के सामने खड़ी रहती’ रिया से पूछा गया कि अगर उस दिन कैमरा या मीडिया मौजूद नहीं होती, तो क्या वह पुलिस वैन के सामने करीब 40 मिनट तक खड़ी रहतीं? उन्होंने जवाब दिया कि वह 21 तारीख को भी प्रदर्शन में गई थीं, जब वहां कोई कैमरा या रिपोर्टर मौजूद नहीं था। उनके मुताबिक उस दिन शिवाजी पार्क में पुलिस वैन खड़ी थी, जिसमें बच्चे और प्रदर्शनकारी मौजूद थे। रिया ने कहा कि उन्होंने पहले ही वकीलों के नंबर निकालकर रखे थे, क्योंकि उन्हें पुलिस कार्रवाई की आशंका थी। उनके मुताबिक 21 तारीख को वहां सिर्फ वह और उनका फोन था। CJP मूवमेंट से कनेक्शन पर रिया ने क्या कहा? प्रदर्शन के बाद रिया को CJP मूवमेंट से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि, उन्होंने इंटरव्यू में साफ कहा कि उनका CJP से कोई व्यक्तिगत कनेक्शन नहीं है। रिया के मुताबिक वह 21 और 22 तारीख को स्वतंत्र तौर पर प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। उन्होंने दावा किया कि ये किसी राजनीतिक पार्टी की ओर से आयोजित प्रदर्शन नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनका किसी राजनीतिक संगठन से निजी संबंध नहीं है और उन्होंने CJP से जुड़े लोगों के साथ इस तरह की कोई व्यक्तिगत बातचीत भी नहीं की। राहुल गांधी, सुप्रिया सुले और राज ठाकरे से हुई मुलाकात प्रदर्शन के दौरान रिया की मुलाकात कई राजनीतिक नेताओं से हुई। उन्होंने राहुल गांधी, सुप्रिया सुले, राज ठाकरे, उद्धव ठाकरे, डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव समेत कई नेताओं का जिक्र किया। जब उनसे पूछा गया कि इन नेताओं में उन्हें सबसे जेन्युइन कौन लगा और किसमें उन्हें सबसे ज्यादा पॉलिटिशियन नजर आया, तो रिया ने कहा कि उनके अनुभव में कोई भी उन्हें पॉलिटिशियन जैसा नहीं लगा। रिया के मुताबिक इन मुलाकातों के दौरान किसी ने भी उनसे अपनी पार्टी का नाम लेकर बात नहीं की। उन्होंने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया और कहा कि वहां बच्चों और युवाओं की बात हुई, पार्टी की नहीं। PM मोदी से कहा था- ‘डू योर जॉब’ रिया का सबसे चर्चित बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर था। उन्होंने मोदी से ‘जस्ट डू योर जॉब’ कहकर सवाल किया था। इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि अगर मोदी उनके सामने बैठकर पूछें कि उन्होंने अपना जॉब कहां फेल किया, तो वह क्या जवाब देंगी, रिया ने मोदी की आलोचना के बजाय उनके काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश की भागदौड़ संभालना आसान काम नहीं है। रिया ने मोदी को अनुभवी बताया और कहा कि उनमें काफी पोटेंशियल है। उन्होंने कहा कि मोदी ऐसा व्यक्तित्व हैं, जिनसे लोग प्रभावित होते हैं। उन्होंने देश में हुए अच्छे कामों और स्टार्टअप्स का जिक्र करते हुए कहा कि जहां क्रेडिट देना चाहिए, वहां वह क्रेडिट देंगी। महिलाओं पर बर्बरता हुई तो उस पर भी बात होनी चाहिए’ मोदी की तारीफ के तुरंत बाद रिया ने प्रदर्शन के बाद के हालात पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के बाद महिलाओं को गालियां दी गईं और अगर बर्बरता हुई है तो उस पर भी बात होनी चाहिए। रिया ने एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी के काम का क्रेडिट देने की बात कही, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन के बाद महिलाओं के साथ हुए व्यवहार को लेकर सवाल भी उठाया। ‘राहुल गांधी PM होते, तब भी उनके खिलाफ खड़ी होती’ रिया से पूछा गया कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री होते और उनके कार्यकाल में भी पेपर लीक या पुलिस एक्शन जैसी स्थिति बनती, तो क्या वह उनके खिलाफ भी उसी तरह आवाज उठातीं? रिया ने जवाब दिया- ‘एब्सोल्यूटली, 100 परसेंट।’ उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़कर अपनी पहचान नहीं बनाना चाहतीं। उनके मुताबिक एक नागरिक को अपने देश के लिए आवाज उठाने के लिए किसी पार्टी का हिस्सा होना जरूरी नहीं है। रिया ने कहा कि वह खुद को लेफ्टिस्ट या राइटिस्ट की पहचान में बांधना नहीं चाहतीं और उनका मुद्दा किसी पार्टी से ज्यादा देश और उसके नागरिकों से जुड़ा है। दूसरी सरकारों के खिलाफ भी आवाज उठाने का दावा जब रिया से पूछा गया कि पेपर लीक के मामले सिर्फ बीजेपी शासित राज्यों तक सीमित नहीं हैं और कर्नाटक, तेलंगाना जैसे राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं, तो क्या उन्होंने वहां की सरकारों के खिलाफ भी इसी तरह आवाज उठाई? उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दूसरी सरकारों और दूसरे राजनीतिक दलों से जुड़े मामलों पर भी अपनी आवाज उठाई है। Gen-Z की आवाज बनीं, लेकिन Bigg Boss में जनता ने नहीं चुना NEET प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर पहचान बनाने वाली रिया को Gen-Z की आवाज के तौर पर भी देखा गया। इसके बाद उनके बिग बॉस-20 में जाने की चर्चा शुरू हुई। हालांकि, शो में एंट्री के लिए रिया और लव गिल के बीच वोटिंग कराई गई। नतीजे में जनता ने लव गिल को चुना और रिया को बिग बॉस के घर में एंट्री नहीं मिली। रिया सलमान खान के सामने मंच पर करीब 2 मिनट नजर आईं और इसके बाद शो से बाहर हो गईं। जिस रिया अहीर ने NEET छात्रों के मुद्दे पर सड़क पर खड़े होकर पहचान बनाई, प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया, राहुल गांधी से लेकर राज ठाकरे और सुप्रिया सुले तक से मुलाकात की और खुद को किसी पार्टी से अलग बताया, उसी रिया को इस बार बिग बॉस की जनता ने घर में जगह नहीं दी।

दैनिक भास्कर 8 Sep 2026 4:30 am

32वें दिन भी Hanuman Ansh पर बरसी 'नीम करोली बाबा' की कृपा, मंडे को बॉक्स ऑफिस पर ला दिया तूफान

Hanuman Ansh Box Office Collection: नीम करोली बाबा पर आधारित हनुमान अंश ने 32वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर शॉकिंग कमाई की है।

जागरण 7 Sep 2026 9:35 pm

Mirzapur The Movie ने बॉक्स ऑफिस से किया कई बड़ी फिल्मों का सूपड़ा साफ, चार दिनों में सेंचुरी पार हुई मूवी

Mirzapur: The Movie Box Office Collection: मिर्जापुर द मूवी ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए चार दिनों में ही नया इतिहास रच दिया है। जानिए कितना रहा चौथे दिन का कलेक्शन?

जागरण 7 Sep 2026 8:39 pm

प्रलय के सेट से रणवीर सिंह का नया लुक वायरल:लंबे बाल और पीठ पर बच्चा देख फैंस बोले- जसकीरत फिर लौट आया, बढ़ा फिल्म का बज

रणवीर सिंह की अगली फिल्म ‘प्रलय’ को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ गई है। मुंबई में चल रही शूटिंग से रणवीर का पहला लुक सामने आया है। लंबे बालों में नजर आ रहे रणवीर की पीठ पर एक बच्चा भी दिखाई दे रहा है। लुक सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस ने इसे ‘धुरंधर’ के उनके किरदार जसकीरत से जोड़ना शुरू कर दिया। फिल्म में रणवीर के साथ कल्याणी प्रियदर्शन भी नजर आएंगी। लंबे बाल और पीठ पर बच्चा, रणवीर का नया अंदाज ‘प्रलय’ के सेट से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में रणवीर सिंह लंबे बालों वाले लुक में दिखाई दे रहे हैं। उनकी पीठ पर एक बच्चा नजर आ रहा है। हालांकि, फिल्म में उनके किरदार और बच्चे के बीच संबंध को लेकर मेकर्स की ओर से अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। सामने आई झलक ने फिल्म की कहानी को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। फैंस को याद आया ‘धुरंधर’ का जसकीरत रणवीर का लुक सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस ने उनकी तुलना ‘धुरंधर’ के किरदार जसकीरत से करनी शुरू कर दी। कई यूजर्स ने कमेंट कर कहा कि ‘जसकीरत लौट आया’। लंबे बालों वाला रणवीर का लुक देखकर फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कल्याणी प्रियदर्शन भी शूटिंग करती दिखीं सामने आए वीडियो में रणवीर सिंह के साथ अभिनेत्री कल्याणी प्रियदर्शन भी नजर आ रही हैं। दोनों फिल्म के एक सीन की शूटिंग करते दिखाई दिए। कल्याणी इस फिल्म में अहम भूमिका निभा रही हैं और उनकी मौजूदगी ने दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाई है। मुंबई में अगस्त से चल रही फिल्म की शूटिंग ‘प्रलय’ की शूटिंग मुंबई में अगस्त से शुरू हो चुकी है। फिल्म को सर्वाइवल और पोस्ट-एपोकैलिप्टिक थ्रिलर बताया गया है, जबकि हालिया रिपोर्टों में इसे जॉम्बी एक्शन थ्रिलर भी कहा गया है। फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। ‘धुरंधर’ के बाद रणवीर की नई चुनौती रणवीर सिंह हाल ही में ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ की सफलता के बाद अब ‘प्रलय’ में अलग अंदाज में नजर आने वाले हैं। सेट से सामने आया लुक संकेत दे रहा है कि फिल्म में उनका किरदार काफी अलग और गंभीर हो सकता है। हालांकि, किरदार से जुड़ी पूरी जानकारी अभी सामने आना बाकी है। दूसरी बार पिता बनने की खबरों के बीच शूटिंग रणवीर सिंह की निजी जिंदगी भी इन दिनों चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर और दीपिका पादुकोण दूसरी बार माता-पिता बनने वाले हैं। इसी बीच रणवीर ‘प्रलय’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। _________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. रणवीर सिंह की नई फिल्म 'प्रलय' की शूटिंग शुरू:कल्याणी प्रियदर्शन संग नजर आएंगे एक्टर; धुरंधर' की सफलता के बाद रणवीर का बड़ा प्रोजेक्ट अभिनेता रणवीर सिंह ने अपनी अगली फिल्म 'प्रलय' की शूटिंग रविवार को मुंबई में शुरू कर दी है। मेकर्स की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह एक एंड-ऑफ-द-वर्ल्ड (दुनिया के अंत) के संकट पर आधारित एक्शन थ्रिलर फिल्म है।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 7:05 pm

पंजाबी सिंगर विक्की तालीवान गिरफ्तार:AAP नेता के गनमैन की पिस्टल से चलाई गोली, फिर वीडियो वॉट्सएप स्टेटस पर डाला

पंजाबी सिंगर विक्की तालीवान उर्फ बिक्रमजीत सिंह को हवाई फायरिंग का वीडियो वॉट्सएप स्टेटस पर लगाना महंगा पड़ गया। खन्ना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लियया है। पुलिस के मुताबिक, वीडियो सामने आने के बाद माछीवाड़ा साहिब थाने में उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। जांच में पता चला कि विक्की ने अपने दोस्त और AAP नेता के गनमैन की लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग की थी। वीडियो में वह खेतों में पिस्टल चलाते नजर आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, फायरिंग बटाला में हुई, जबकि वीडियो माछीवाड़ा साहिब के गांव बहिलोलपुर पहुंचकर स्टेटस पर लगाया गया। AAP नेता के गनमैन के पिस्टल से की फायरिंग पुलिस जांच में जिस लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग की बात सामने आई है, वह मनवीर सिंह नाम के व्यक्ति की बताई जा रही है। मनवीर सिंह गुरदासपुर जिले के एक आम आदमी पार्टी के नेता का गनमैन है। हालांकि, पुलिस अभी इसकी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि गनमैन का लाइसेंसी हथियार विक्की तालीवान तक कैसे पहुंचा और किन हालात में उन्होंने फायरिंग की गई। हथियार के लाइसेंसधारी को भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। डीएसपी बोले- 2 केस पहले से दर्ज हैं समराला के डीएसपी प्रितपाल सिंह संधू ने बताया कि पुलिस को फायरिंग की वीडियो की जानकारी मिलते ही थाना माछीवाड़ा साहिब में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद बिक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की को गिरफ्तार कर लिया गया। डीएसपी के अनुसार, पुलिस मामले के सभी पहलुओं से जांच कर रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी संधू ने यह भी बताया कि विक्की तालीवान के खिलाफ पहले भी लड़ाई-झगड़े से जुड़े दो मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। गुरलेज अख्तर के साथ कर चुके काम विक्की तालीवान पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं। वह पंजाबी गायिका गुरलेज अख्तर के साथ भी काम कर चुके हैं। 22 जनवरी 2025 को गुरलेज अख्तर के साथ उनका ‘हॉट हेडेड’ गाना रिलीज हुआ था। इसके अलावा करीब चार महीने पहले दोनों का ‘इन फेमस’ गाना भी रिलीज हुआ, जिसे यूट्यूब पर लाखों व्यूज मिल चुके हैं। वहीं, विक्की तालीवान का सिंगल ट्रैक ‘साउण दियां झड़ियां’ 4 अगस्त 2026 को रिलीज हुआ था। फिलहाल विक्की तालीवान खन्ना पुलिस की गिरफ्त में हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। *************** ये खबर भी पढ़ें: क्रिकेटर अर्शदीप ने गर्लफ्रेंड को कहा- मेरी पार्टनर: 8 फोटो शेयर कर बर्थडे विश किया; बाजू पर एक-दूसरे के नाम का टैटू बनवा चुके पंजाब के रहने वाले क्रिकेटर अर्शदीप सिंह ने अपनी गर्लफ्रेंड समरीन कौर को सोमवार को खास अंदाज में बर्थडे विश किया। अर्शदीप ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- हैप्पी बर्थडे मेरी जान, मेरी क्रेजी, स्मार्ट, मैच्योर और खूबसूरत पार्टनर। इसके साथ उन्होंने समरीन के साथ करीब 8 फोटो भी शेयर की हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 6:13 pm

दिलजीत ने फैन की टी-शर्ट से हटवाया अपना नाम:बोले- ‘इक ओंकार’ पवित्र है; इसके साथ मेरा नाम मत लिखो, विदेशी फैन ने मांगी माफी

पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के इटली के मिलान कॉन्सर्ट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह एक विदेशी फैन की टी-शर्ट देखकर उसे रोकते नजर आए। टी-शर्ट पर सिख धर्म के पवित्र शब्द ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा था। उन्होंने फैन को समझाया कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं जोड़ा जाना चाहिए। इसे बेहद पवित्र और अनमोल बताते हुए उन्होंने कहा कि शायद फैन को इसकी जानकारी नहीं थी। इसके बाद फैन ने स्टेज पर हाथ जोड़कर माफी मांगी। दिलजीत ने दर्शकों से भी उसे माफ करने की अपील की। मिलान कॉन्सर्ट में फैन को स्टेज पर बुलाया दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में व्यस्त हैं। मिलान कॉन्सर्ट के दौरान उन्होंने एक विदेशी फैन को स्टेज पर बुलाया। फैन ने सफेद रंग की कस्टम-प्रिंटेड टी-शर्ट पहन रखी थी। उस पर ‘इक ओंकार’ के साथ दिलजीत का नाम लिखा हुआ था। दिलजीत की नजर टी-शर्ट पर पड़ते ही उन्होंने फैन को समझाना शुरू किया। उन्होंने बताया कि ‘इक ओंकार’ सिख धर्म का बेहद पवित्र शब्द है और इसे उनके नाम के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बोले- इसके साथ मेरा नाम मत लिखो वायरल वीडियो में दिलजीत फैन की टी-शर्ट की ओर इशारा करते हुए समझाते दिखाई देते हैं कि ‘इक ओंकार’ के साथ उनका नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे पवित्र और अनमोल बताया और कहा कि वह फैन की भावनाओं की कद्र करते हैं। दिलजीत ने फैन को डांटने या नाराज होने के बजाय शांत तरीके से बात समझाई। उन्होंने माना कि फैन की तरफ से ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया होगा। दिलजीत ने दर्शकों से कहा- इसे माफ कर दें फैन को समझाने के बाद दिलजीत उसे स्टेज के बीच में लेकर आए। उन्होंने दर्शकों से फैन को माफ करने की अपील की। दिलजीत ने कहा कि संभव है कि फैन को ‘इक ओंकार’ के महत्व की जानकारी नहीं रही हो। इसके बाद फैन ने स्टेज पर ही हाथ जोड़कर माफी मांगी। इस दौरान दिलजीत का अंदाज शांत और समझाने वाला रहा। फैन ने कमेंट में भी मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद फैन ने सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में भी सफाई दी। उसने कहा कि टी-शर्ट बनवाते समय उसे अंदाजा नहीं था कि दिलजीत का नाम ‘इक ओंकार’ के इतने करीब आ जाएगा। उसने स्पष्ट किया कि उसका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। फैन ने बताया कि वह नियमित रूप से गुरुद्वारे जाता रहा है और इस वजह से हुई किसी भी असुविधा के लिए माफी मांगता है। सोशल मीडिया पर दिलजीत की तारीफ वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स दिलजीत के व्यवहार की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने धार्मिक भावना से जुड़े मुद्दे को गुस्से या विवाद में बदलने के बजाय प्यार और सम्मान के साथ समझाया। दिलजीत का यह अंदाज उनके फैंस को पसंद आ रहा है। खास तौर पर विदेशी फैन को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय समझाने और बाद में दर्शकों से उसे माफ करने की अपील की चर्चा हो रही है।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 6:03 pm

मिर्जापुर: द फिल्म के गाने शूरवीर पर विवाद खत्म:राजस्थानी सिंगर का आरोप था- बिना इजाजत इस्तेमाल किया गाना लिया, राज्य की छवि बिगाड़ी, कैसे सुलझा मामला

राजस्थानी रैपर और कलाकार रैपरिया बालम के गाने ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने पर विवाद हो गया था। रैपरिया बालम ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि फिल्म में गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। हालांकि अब ये विवाद खत्म हो चुका है। अब गाने के म्यूजिक लेबल ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने बयान जारी कर कहा है कि उसने ‘शूरवीर’ को फिल्म में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक लाइसेंस दिया था। ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने अपने बयान में लिखा, “ट्रूपर रिकॉर्ड्स यह साझा करते हुए खुश है कि ‘शूरवीर’ को ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में इस्तेमाल करने के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट को आधिकारिक तौर पर लाइसेंस दिया गया था। एक्सेल एंटरटेनमेंट और पूरी मिर्जापुर टीम को रिलीज पर बधाई।” लेबल ने इसी बयान में गाने के क्रेडिट भी साझा किए। इसमें रैपरिया बालम को ‘शूरवीर’ का गायक और कंपोजर बताया गया है। ट्रूपर रिकॉर्ड्स के इस बयान के बाद विवाद फिलहाल शांत होता दिख रहा है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि गाने के कलाकार रैपरिया बालम और लेबल के बीच अनुमति और अधिकारों को लेकर क्या सहमति थी। क्या था गाने पर विवाद? मिर्जापुरः द फिल्म 4 सितंबर को रिलीज हुई। फिल्म में शूरवीर गाना दिखाया गया। इसके बाद राजस्थानी सिंगर रैपरिया बालम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि ये गाना उनका है, जिसे बिना इजाजत इस्तेमाल किया गया। रैपर के मुताबिक, फिल्म में गाना मारधाड़ और गोलियां चलाने वाले सीन में इस्तेमाल हुआ, जिससे उनके राज्य की छवि खराब हुई। जबकि ये गाना उन्होंने महाराणा प्रताप पर बनाया था। वीडियो में उन्होंने कहा, “आप में से कुछ लोग पूछ सकते हैं कि मेरा दिल क्यों टूटा है। आप कह सकते हैं कि मुझे खुश होना चाहिए, क्योंकि मेरा गाना मिर्जापुर में है। लेकिन मिर्जापुर की टीम ने मेरा गाना इस्तेमाल करने के लिए मेरी अनुमति नहीं ली। उन्हें अनुमति किसने दी? मैंने तो नहीं दी।” उन्होंने आगे कहा, “यह गाना महाराणा प्रताप जी को समर्पित है। हम इस गाने का इस्तेमाल फिल्म के विलेन का महिमामंडन करने के लिए कर रहे हैं। क्या यह सही है? अगर मिर्जापुर की टीम मेरे पास आती और कहती कि ‘रैपरिया भाई, हम आपका गाना इस्तेमाल करना चाहते हैं’, तो हम उन्हें 10 आइडिया देते। लेकिन बिना अनुमति गाना लेना सही नहीं है।” रैपर ने ‘शूरवीर’ के कॉपीराइट और लाइसेंसिंग प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि ये अधिकार आपको किसने दिए या आपने किससे लिए। जिसने भी आपको अधिकार दिए हैं, उससे पूछिए कि क्या उसके पास कोई कॉपीराइट है?” फिल्म ने 3 दिनों में कमाए 93 करोड़ फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर 25.74 करोड़ का कलेक्श किया और साल की चौथी बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई। इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस क्लैश टॉक्सिक और हनुमान अंश है। मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। 'मिर्जापुर' सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। ये एक्सेल एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ा ओपनिंग कलेक्शन करने वाली फिल्म बन चुकी है। फिल्म ने डॉन 2, गली बॉय, रईस और गोल्ड जैसी फिल्मों को पीछे कर दिया है। 'मिर्जापुर' का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आ रहे हैं।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 3:40 pm

400 साल पुराने मंदिर से निकली 'द वन' की कहानी:अरुणाभ बोले- कहानी लिखते समय जीभ कटी, फिर नॉन-वेज छोड़ने का फैसला किया

टीवीएफ की चर्चित वेब सीरीज ‘पंचायत’ के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा अब बड़े पर्दे पर ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ लेकर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी भारतीय लोककथाओं, आस्था और संस्कृति से जुड़ी है। इसका आइडिया बिहार के करीब 400 साल पुराने वन देवी मंदिर की कहानी से आया। अरुणाभ कुमार ने एकता कपूर के साथ इसे प्रोड्यूस किया है और आनंदेश्वर द्विवेदी के साथ कहानी लिखी है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा, तमन्ना भाटिया, मनीष पॉल और सुनील ग्रोवर नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में अरुणाभ और दीपक ने फिल्म के आइडिया, 35-40 रातों तक चली शूटिंग, कलाकारों की मेहनत और कहानी से जुड़ा दिलचस्प किस्सा साझा किया। अरुणाभ ने बताया कि कहानी लिखते समय एक बार उनकी जीभ कट गई, जिसके बाद उन्होंने फिल्म पर काम करते हुए नॉन-वेज खाना छोड़ दिया। सवाल: सबसे पहले फिल्म के आइडिया के बारे में बताइए। क्या यह किसी लोककथा या सच्ची घटना से प्रेरित है? जवाब/अरुणाभ कुमार: इस कहानी के मूल स्रोत दो हैं। पहला श्रेय मैं एकता कपूर को देना चाहूंगा। हम अक्सर साथ में मंदिर जाते हैं। एक जनवरी को नए साल के मौके पर हम सिद्धिविनायक मंदिर जाते हैं। महाशिवरात्रि पर मुक्तेश्वर मंदिर भी गए हैं। इन यात्राओं के दौरान मंदिरों से जुड़ी कहानियों पर हमारी बातचीत होने लगी। एकता ने मुझे महालक्ष्मी मंदिर और मुक्तेश्वर मंदिर से जुड़ी कुछ अद्भुत कहानियां सुनाईं। इसके बाद मैंने उन्हें बताया कि बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी ऐसे कई मंदिर हैं, जिनके पीछे बहुत दिलचस्प कहानियां हैं। तब हमें एहसास हुआ कि भारतीय संस्कृति में लगभग हर मंदिर के पीछे कोई न कोई अद्भुत कहानी है। सवाल : इस कहानी से आपका व्यक्तिगत जुड़ाव कैसे हुआ और फिल्म बनाने का फैसला कैसे हुआ? जवाब/अरुणाभ कुमार: दूसरा स्रोत मेरी मां हैं। वह मुझे दुर्गा पूजा के दौरान देवी और शक्ति के अलग-अलग मंदिरों में ले जाया करती थीं। हम वहां पूजा करते थे, साड़ी चढ़ाते थे और कई दिनों तक मंदिर जाते थे। इसी दौरान वह मुझे पटना से करीब 35 किलोमीटर दूर बिहटा स्थित वन देवी मंदिर लेकर गई थीं। यह करीब 400 साल पुराना मंदिर है। मान्यता है कि 16वीं सदी में वैद्यनाथ मिश्रा नाम के व्यक्ति ने इसे स्थापित किया था। उस समय वहां के लोग जंगल से जुड़े रहस्यमय तत्वों से परेशान थे। उनसे बचने के लिए उन्होंने दुर्गा के दस रूपों की प्रार्थना की और उन्हीं में से एक रूप वन देवी के रूप में वहां स्थापित हुआ। मैं इस कहानी से बहुत प्रभावित हुआ। मैंने यह कहानी दीपक और फिर एकता को सुनाई। उन्हें भी यह कहानी बहुत पसंद आई। एकता ने कहा कि इतनी बड़ी और अद्भुत कहानी को बड़े पर्दे पर लाना चाहिए। उन्हें लगा कि यह कहानी बड़े कैनवास की मांग करती है। यहीं से फिल्म की शुरुआत हुई। सवाल: दीपक जी, जब आपने पहली बार यह कहानी सुनी तो आपकी क्या प्रतिक्रिया थी? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: मैं बहुत उत्साहित था। हिंदी सिनेमा में इस तरह की लोककथा बड़े पर्दे पर पहले नहीं दिखाई गई है। मुझे यह बात बहुत नई लगी। हालांकि कहानी लोककथा है, लेकिन इसकी कहानी आज के समाज से जुड़ी है। जब हम किसी ऐसे मंदिर में जाते हैं तो हमारे मन में कई सवाल आते हैं- क्या यह सच है? ऐसा क्यों हुआ? ऐसी मान्यताएं कैसे बनीं? यही जिज्ञासा मुझे इस कहानी की तरफ खींच लाई। सवाल: जब आप सेट पर पहुंचे तो आपके दिमाग में फिल्म की पहली तस्वीर क्या थी? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: हमने कहानी के उस हिस्से से शुरुआत की थी, जहां कहानी मुंबई से शुरू होती है। मेरी पहली कोशिश यही थी कि शुरुआत में यह कहानी बिल्कुल सामान्य इंसान की कहानी लगे। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़े, उसकी असली दुनिया धीरे-धीरे खुलती जाए और उसमें अलग-अलग आयाम जुड़ते जाएं। जब मैं मुंबई में शूट कर रहा था तो मेरे दिमाग में फिल्म की तस्वीर अलग थी। जब गांव और जंगल वाले हिस्से में पहुंचा तो वह तस्वीर पूरी तरह बदल गई। हर लोकेशन और हर दिन अपने साथ एक नई चुनौती लेकर आया। हमारी कोशिश थी कि कहानी को उसकी जरूरत के मुताबिक पूरी तरह जस्टिस दिया जाए। सवाल: इस फिल्म से जुड़ा कोई ऐसा अनुभव रहा, जब आप लोग कहानी में पूरी तरह डूब गए? जवाब/अरुणाभ कुमार: हां, एक बहुत मजेदार किस्सा है। मैंने पहली बार गोवा में दीपक को यह कहानी सुनाई थी। कहानी लिखने के दौरान एक बार मैंने नॉन-वेज खाया और उसी समय मेरी जीभ कट गई। इसके बाद मैंने मन में तय कर लिया कि जब तक इस कहानी पर काम करूंगा, नॉन-वेज नहीं खाऊंगा। धीरे-धीरे बात इतनी आगे बढ़ गई कि मैं वेजिटेरियन ही बन गया। सुनने में यह बात आपको अजीब लग सकती है, लेकिन जब आप किसी कहानी में पूरी तरह डूब जाते हैं तो ऐसी चीजें होने लगती हैं। कई बार ऐसा होता है कि लव स्टोरी लिखते समय आपको अपना पुराना प्यार याद आने लगता है। माता-पिता पर कहानी लिखते हैं तो अपने पेरेंट्स की याद आती है। इसी तरह हम भी इस कहानी में धीरे-धीरे पूरी तरह घुसते चले गए। सवाल: दीपक जी, इस फिल्म की शूटिंग के दौरान आपके साथ ऐसा क्या हुआ जो हमेशा याद रहेगा? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: हमने करीब 35-40 रातों तक लगातार शूटिंग की। पूरी टीम ऐसी हो गई थी कि शूट खत्म होने के बाद भी रात में नींद आना मुश्किल हो गया था। इस कहानी में रात अपने आप में एक कैरेक्टर है। हमने रात में लगातार एक्शन और एक्टिंग सीन्स शूट किए। सुबह 6 बजे तक शूटिंग के बाद भी कलाकार पूरी ऊर्जा के साथ काम करते थे। सबसे अच्छी बात यह थी कि पूरी टीम कहानी में इतनी डूब गई थी कि किसी को महसूस ही नहीं होता था कि हम इतनी रातों से लगातार जाग रहे हैं। सवाल: कलाकारों ने फिल्म के लिए कितनी मेहनत की? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: : सभी कलाकारों ने बहुत मेहनत की। सिद्धार्थ और तमन्ना अपने सीन्स को लेकर काफी सीरियस थे। वे बार-बार पूछते थे कि इसे और बेहतर कैसे किया जा सकता है। कल्चरल ऑथेंटिसिटी को लेकर भी वे बहुत सजग थे। तमन्ना कई बार कहती थीं कि अगर कहानी की दुनिया इतनी ऑथेंटिक है तो उसे उसी तरह दिखाना चाहिए। सिद्धार्थ ने एक्शन पर भी काफी मेहनत की है। मनीष पॉल और सुनील ग्रोवर के किरदार भी दर्शकों के लिए अलग अनुभव होंगे। सवाल: सिद्धार्थ और तमन्ना की कास्टिंग कैसे हुई? जवाब/अरुणाभ कुमार: हमें ऐसा अभिनेता चाहिए था जो शुरुआत में शहर का लगे और बाद में गांव की दुनिया में फिट हो जाए। सिद्धार्थ की पर्सनैलिटी हमें इसके लिए सही लगी। हम करीब एक घंटे के लिए मिलने वाले थे, लेकिन तीन-चार घंटे तक कहानी और किरदार को लेकर बातचीत होती रही। उन्हें कहानी काफी रिलेटेबल लगी। दीपक ने उनके साथ जिस तरह काम किया है, मुझे लगता है कि यह सिद्धार्थ की बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक होगी। तमन्ना ने भी इस तरह का किरदार पहले नहीं निभाया है। हमें उम्मीद है कि दोनों की जोड़ी दर्शकों को पसंद आएगी। सवाल: टीवीएफ की पहली थिएट्रिकल फिल्म होने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/अरुणाभ कुमार: यह फिल्म हमने किसी प्लान के तहत शुरू नहीं की थी। पहले कहानियां सुनाते-सुनाते यह आइडिया आया। एकता को कहानी पसंद आई, फिर हमने इसे लिखना शुरू किया और धीरे-धीरे फिल्म बनती चली गई। टीवीएफ की कहानियों में जो रिलेटेबलनेस है, वह इस फिल्म में भी रहेगी। साथ ही दर्शकों को बड़े पर्दे का सिनेमैटिक अनुभव मिलेगा। छठ पर्व, लोककथाएं, जंगल और एनीमेशन जैसे कई तत्व फिल्म को अलग बनाते हैं। सवाल: आपकी कौन-सी वेब सीरीज है, जिस पर आपको लगता है कि बेहतर फिल्म बनाई जा सकती है? जवाब/अरुणाभ कुमार: मुझे लगता है कि ‘ट्रिपलिंग’ पर फिल्म बन सकती है। ‘सपने वर्सेस एवरीवन’ पर भी फिल्म बनाई जा सकती है। ‘पंचायत’ पर भी अगर फिल्म बनानी हो तो बनाई जा सकती है। बनाने को तो हमारी कई कहानियों पर फिल्म बन सकती है, लेकिन आपने पूछा तो फिलहाल ये दो नाम मेरे दिमाग में आए। सवाल: ‘पंचायत’ के सीजन 5 को लेकर कोई अपडेट देना चाहेंगे? जवाब/दीपक कुमार मिश्रा: सीजन 5 आने वाला है। मैं भी उसका इंतजार कर रहा हूं। मैं भी उसे देखने के लिए उत्साहित हूं।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 1:48 pm

नॉर्थ से साउथ तक Hanuman Ansh की हुंकार, धुरंधर-पुष्पा समेत 5 फिल्मों को किया परास्त; रचा कमाई का नया इतिहास

फिल्म हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में पांचवें वीकेंड पर ऐतिहासिक कारनामा करके दिखाया है।

जागरण 7 Sep 2026 1:43 pm

संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार पर विवाद:बोले- 6 साल जेल में रहा, तब भी नहीं सीखी; शिवसेना नेता हंसे; शख्स ने धक्का दिया

महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद के बीच बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त ने मराठी में बोलने से इनकार कर दिया। रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “मैं 6 साल तक येरवडा जेल में रहा, तब भी मराठी भाषा नहीं सीख पाया।” संजय दत्त के बयान पर अब विवाद हो गया है। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर मंत्री ने उन्हें मराठी में बोलने के लिए कहा, लेकिन 67 साल के एक्टर ने मजाकिया अंदाज में ऐसा करने से मना कर दिया। संजय दत्त और प्रताप सरनाईक मंच पर खड़े थे तभी मंत्री ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” रैली में संजय दत्त को शख्स ने दिया धक्का, एक्टर ने हाथ पकड़कर खींचा मंच पर कुछ समय रहने के बाद संजय दत्त अपनी टीम के साथ रवाना होने लगे। वह उतर रहे थे, तभी एक शख्स तेजी से उन्हें धक्का देते हुए पास से गुजरा। संजय दत्त ने इसे नजरअंदाज नहीं किया और उस शख्स का हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया। जैसे ही शख्स ने देखा कि वह संजय दत्त हैं, उसने तुरंत माफी मांग ली। मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया 'एरोगेंट' संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने 'एरोगेंट' कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: 'धुरंधर' के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म 'धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 12:58 pm

क्या बिग बॉस की कास्टिंग है TRP का असली फॉर्मूला:माही विज, मैरी कॉम कंटेस्टेंट बनीं, बिग बॉस-20 की कास्टिंग से समझिए मेकर्स की 'कंट्रोवर्सी स्ट्रेटेजी'

बिग बॉस 20, 6 सितंबर से शुरू हो गया है। हर साल की तरह इस बार भी शो में कई ऐसे कंटेस्टेंट्स आए हैं, जिसकी जिंदगी किसी न किसी तरह विवादों में रही है। सवाल फिर उठता है कि बिग बॉस के घर में कंटेस्टेंट्स चुने जाते हैं या विवाद? पिछले कई सीजन्स को देखें तो एक पैटर्न साफ नजर आता है। मेकर्स ऐसे चेहरों का लाते हैं, जिनमें कुछ बेहद लोकप्रिय हों, कुछ सोशल मीडिया पर पहले से चर्चा में हों और कुछ ऐसे हों जिनकी पर्सनैलिटी, रिश्ते या पुराना विवाद घर के अंदर टकराव की जमीन तैयार कर सके। या कुछ ऐसे जिन्हें करियर रिवाइव करने या पहचान बनाने की जरुरत हो। बिग बॉस 20 में भी यही फॉर्मूला दिखाई दे रहा है। 15 कंटेस्टेंट्स ने घर में एंट्री ली, जिनमें माही विज, ईशा रिखी, आम्रपाली दुबे, मैरी कॉम, कनिका मान, गुल्लू, स्काउट, अर्शिफा खान और मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी जैसे नाम शामिल हैं। बिग बॉस 20 की शुरुआत के साथ जानिए क्या है विवादित कंटेस्टेंट्स चुनने पर मेकर्स की स्ट्रेटेजी- बिग बॉस 20 के सबसे विवादित कंटेस्टेंट्स ईशा रिखी- बादशाह से अलगावईशा रिखी ने फरवरी में सिंगर और रैपर बादशाह से सीक्रेट शादी की थी। कुछ हफ्तों बाद ईशा और उनके परिवार ने शादी की तस्वीरें पोस्ट कर शादी की कन्फर्मेशन दी, जबकि बादशाह ने इसका कन्फर्मेशन नहीं किया था। जल्द ही ईशा क्रिप्टिक पोस्ट भी शेयर करने लगीं, जिससे अनबन की खबरें रहीं। विवादों के चलते इसी हफ्ते बादशाह ने ईशा रिखी से तलाक की अनाउंसमेंट की है। उनका कहना है कि तलाक आपसी सहमति से हुआ है। तलाक अनाउंस करने के महज चंद दिनों बाद ही ईशा शो में पहुंच गई हैं। माही विज- जय भानुशाली से अलगावमाही और जय भानुशाली टीवी इंडस्ट्री के पॉपुलर कपल थे, हालांकि 2026 में दोनों ने तलाक ले लिया है। माही कई बार व्लॉग के जरिए शादी और पर्सनल विवाद पर सफाई दे चुकी हैं। दोनों इस साल काफी चर्चा और विवादों में रहे हैं। आम्रपाली- निरहुआ से रिश्ते की अफवाह आम्रपाली का नाम लंबे समय से निरहुआ (दिनेश लाल यादव) के साथ रिश्ते की अफवाहों से जोड़ा जाता रहा है। इसके अलावा उनके हिजाब वाले वीडियो को लेकर उनके धर्म परिवर्तन की अफवाह भी चली थी, जिसे फिल्म से जुड़ा बताया गया। मैरी कॉम- निजी जिंदगी का विवाद ओलंपिक मेडलिस्ट और छह बार की वर्ल्ड चैंपियन मैरी कॉम की निजी जिंदगी पिछले कुछ समय से सुर्खियों में है। मैरी कॉम और उनके पति करुंग ओनलर कोम ने दिसंबर 2023 में आपसी सहमति से तलाक लिया था। शुरुआत में दोनों ने तलाक की वजह नहीं बताई, हालांकि जनवरी 2026 में PTI को दिए इंटरव्यू में दावा किया कि उन्हें अपने पति की तरफ से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि ओनलर ने उनके नाम पर लोन लिए, उनकी संपत्तियों को अपने नाम ट्रांसफर किया और उनकी कमाई से जुड़े पैसों का गलत इस्तेमाल किया। अर्शिफा खान- दानिश जेहन डेथ पर विवाद दिसंबर 2018 में 21 वर्षीय दानिश जेहन की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। वह MTV ऐस ऑफ स्पेस का हिस्सा थे। उनकी मौत के बाद अर्शिफा ने सोशल मीडिया पर बेहद भावुक पोस्ट शेयर किया और खुद को उनका करीबी दोस्त बताया। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि वह उनकी गर्लफ्रेंड थीं। हालांकि अर्शिफा की मां ने इस दावे को खारिज कर दिया। विवाद तब और बढ़ गया, जब दानिश के भाई गुफरान ने अर्शिफा पर उनके भाई की मौत को लेकर पब्लिसिटी हासिल करने का आरोप लगाया। अर्शिफा ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए गुफरान पर उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने और उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया। अर्शिफा विवादित और बोल्ड बयानों से भी चर्चा में रहती हैं, जिससे बिग बॉस 20 को भी फायदा मिल सकता है। गुल्लू- स्प्लिट्सविला विवादरोडीज डबल क्रॉस और स्प्लिट्सविला 16 जीतने के बाद गुल्लू पहले से जाना-पहचाना चेहरा हैं। स्प्लिट्सविला में प्रीत सिंह के साथ उनके पुराने लगाव ने काफी चर्चा बटोरी थी। वह इन शोज में झगड़ों से भी सुर्खियों में रहे हैं। बिग बॉस 20 की टीआरपी के लिए बड़ा बदलाव पिछले सभी सीजन में देखा गया है कि शो में वोट आउट होने के डर से कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे की गुड बुक्स में रहते हैं और झगड़े मोल नहीं लेते। लेकिन इस साल इस रीत को बदलने के लिए फॉर्मेट में बड़ा बदलाव किया गया है। इस साल शो की थीम तथास्तु रखी गई है, यानी हर कंटेस्टेंट को 2 लाइफ मिलेंगी। शो के प्रीमियर के साथ ही सभी कंटेस्टेंट्स से कहा गया है कि अगर एलिमिनेट होने का खतरा कम है, तो वो फ्रंट फुट पर खेलें यानी जमकर पर्सनैलिटी दिखाएं और झगड़े करें। रिया अहीर को शो से जोड़ना पब्लिसिटी स्टंट कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में वैन रोककर चर्चा में आईं रिया अहीर को भी शो में लाने की खबरें थीं। इससे शो के प्रमोशन में फायदा मिला। रिया को शो से जोड़ने के लिए वोटिंग भी करवाई गई। प्रीमियर में रिया मंच तक तो पहुंचीं, लेकिन जनता का फैसला सुनाते हुए कहा कि कम वोट्स के चलते वो शो में नहीं जाएंगी। पिछले सीजन यानी बिग बॉस 19 में क्या हुआ था? बिग बॉस 19 में भी विवाद शो की सबसे बड़ी USP में से एक रहे। मेकर्स ने अलग-अलग तरह की पर्सनैलिटी को एक साथ रखा और देखते ही देखते घर में रिश्ते, झगड़े, आरोप और सोशल मीडिया बहसें शुरू हो गईं। तान्या मित्तल इसका सबसे बड़ा उदाहरण रहीं। शो में वह खुद को 'Ma'am' या 'बॉस' कहकर बुलाने की बात करती थीं और अपनी लाइफस्टाइल व कथित 150 बॉडीगार्ड्स को लेकर किए गए दावों की वजह से लगातार चर्चा में रहीं। मीडिया ने उन्हें सीजन के सबसे ज्यादा बात किए जाने वाले चेहरों में गिना। दूसरी तरफ फरहाना भट्ट अपनी बेबाक और कई बार तीखी टिप्पणियों के कारण चर्चा में रहीं। टीवी के पॉपुलर एक्टर गौरव खन्ना के साथ उनके टकराव ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। बिग बॉस 18 में भी यही फॉर्मूला चला बिग बॉस 18 में रजत दलाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले चेहरों में रहे। उनकी सोशल मीडिया फैन फॉलोइंग बड़ी थी। घर के अंदर उनका अग्रेसिव व्यवहार भी लगातार चर्चा का विषय बना। करणवीर मेहरा का गेम इससे बिल्कुल अलग था। वह सीधे तौर पर सबसे विवादित कंटेस्टेंट नहीं थे, लेकिन उनकी बहस, झगड़े, रिश्ते और कई मुद्दों पर स्टैंड लेने की वजह से वह लगातार स्क्रीन पर बने रहे। यानी मेकर्स को हमेशा सिर्फ 'गाली-गलौज करने वाला' कंटेस्टेंट नहीं चाहिए। उन्हें ऐसे चेहरे चाहिए जो किसी न किसी वजह से कहानी पैदा करें और अग्रेसिव कंटेस्टेंट से भिड़ जाएं। आखिर मेकर्स विवादित कंटेस्टेंट्स क्यों चुनते हैं? 1. विवाद, चर्चा, फ्री पब्लिसिटी बिग बॉस के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज सिर्फ TRP नहीं, बल्कि चर्चा में बना रहना है। कंटेस्टेंट के किसी बयान पर सोशल मीडिया पर बहस होती है, तो शो के क्लिप वायरल होते हैं। मीडिया उस पर खबर बनाता है।यूट्यूब पर वीडियो बनते हैं। X और इंस्टाग्राम पर रिएक्शन आने लगते हैं। यानी एक कंटेस्टेंट का झगड़ा कई प्लेटफॉर्म पर शो की मुफ्त पब्लिसिटी बन जाता है। 2. हर सीजन को 'विलेन' चाहिए रियलिटी शो की कहानी में अक्सर एक ऐसा किरदार जरूरी होता है जिससे दर्शक नाराज हों। बिग बॉस 19 में तान्या मित्तल और फरहाना भट्ट जैसे चेहरों ने यह भूमिका निभाई। उनके व्यवहार से दर्शक सहमत हों या नहीं, लेकिन वे चर्चा का विषय जरूर बनीं। दर्शक जिस कंटेस्टेंट से सबसे ज्यादा नाराज होता है, कई बार वही कंटेस्टेंट सबसे ज्यादा स्क्रीन टाइम हासिल कर लेता है। 3. 'गुड वर्सेस बेड' की कहानी बनाना मेकर्स को सिर्फ अच्छे लोगों का समूह नहीं चाहिए। उन्हें पर्सनालिसिटी क्लैश चाहिए। शो में अक्सर शांत लोगों और अग्रेसिव लोगों के बीच क्लैश देखने मिलता है। जैसे हिना खान वर्सेस शिल्पा शिंदे, गौहर खान वर्सेस तनिषा मुखर्जी, करिश्मा तन्ना वर्सेस गौतम गुलाटी, मुनव्वर फारूकी वर्सेस अभिषेक। हैरानी की बात ये है कि ऐसी जोड़ियां अक्सर टॉप-2 तक जगह भी बनाती हैं। 4. सोशल मीडिया फैन बेस भी अब बड़ी ताकत आज बिग बॉस सिर्फ टीवी ऑडियंस का शो नहीं है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और दूसरे सोशल प्लेटफॉर्म पर कंटेस्टेंट की फैन फॉलोविंग भी महत्वपूर्ण हो गई है। जैसे, एल्विश यादव, जो भले ही वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट रहे, लेकिन फैन फॉलोविंग का फायदा उठाते हुए, उन्होंने ट्रॉफी हासिल की। मुनव्वर फारूकी, अभिषेक मल्हान उर्फ फुकरा इंसान, अंकिता लोखंडे, आएशा खान, विवियन डिसेना, ईशा मालवीय जैसे कंटेस्टेंट्स भी अपने फैंस को शो से जोड़ने में सफल रहे। इसका फायदा यह है कि कंटेस्टेंट घर में कुछ करता है तो उसके समर्थक और विरोधी दोनों सोशल मीडिया पर सक्रिय हो जाते हैं। असल में मेकर्स 'विवादित' नहीं, 'कंटेंट देने वाले' लोग चुनते हैं यह अंतर समझना जरूरी है। हर विवादित इंसान अच्छा बिग बॉस कंटेस्टेंट नहीं होता और हर शांत इंसान खराब कंटेस्टेंट नहीं होता। मेकर्स को असल में चाहिए होती है, स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी, कॉन्फ्लिक्ट, फैन बेस, इमोशनल लगाव और एक इंस्पायरिंग कहानी। इसीलिए बिग बॉस में एक तरफ स्वामी ओम जैसे बेहद कंट्रोवर्शियल चेहरे आए, तो दूसरी तरफ सिद्धार्थ शुक्ला, आसिम रियाज, मुनव्वर फारुकी, करणवीर मेहरा जैसे अलग-अलग लोग भी लोकप्रिय हुए। बिग बॉस के इतिहास के सबसे विवादित कंटेस्टेंट अगर पूरे बिग बॉस इतिहास की बात करें तो कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने विवाद को शो की पहचान का हिस्सा बना दिया। राखी सावंत- विवाद को एंटरटेनमेंट में बदलने वाली कंटेस्टेंट राखी सावंत बिग बॉस के पहले सीजन में ही यह दिखा चुकी थीं कि छोटी-सी बात भी कैसे बड़े टीवी मोमेंट में बदली जा सकती है। कॉफी मग से शुरू हुआ विवाद हो या कश्मीरा शाह के साथ टकराव, राखी ने कैमरे के सामने अपनी मौजूदगी लगातार महसूस कराई। बाद के सीजन्स में भी वह बिग बॉस की सबसे चर्चित और बार-बार लौटने वाली पर्सनैलिटी बनीं। स्वामी ओम- जब विवाद कंट्रोल से बाहर हो गया बिग बॉस 10 के स्वामी ओम को शो के इतिहास के सबसे विवादित कंटेस्टेंट्स में गिना जाता है। उनके बयानों और व्यवहार ने कई बार घर का माहौल बिगाड़ा। शो में उन्होंने एक टास्क के बीच बानी जे पर यूरीन फेंका। उनका विवाद इतना बढ़ा कि शो से बाहर निकलने के बाद भी वह लगातार बिग बॉस और सलमान खान को लेकर बयान देते रहे। जुबैर खान- सलमान खान से टकराव बिग बॉस 11 में जुबैर खान का सफर बेहद विवादित रहा। उनकी भाषा और घर में व्यवहार को लेकर सलमान खान ने उन्हें फटकार लगाई। इसके बाद जुबैर और सलमान के बीच भी विवाद बढ़ गया और शो से बाहर आने के बाद उन्होंने सलमान के खिलाफ शिकायत तक की। अरमान कोहली- आक्रामकता का चेहरा अरमान कोहली का नाम बिग बॉस के पुराने विवादित चेहरों में लिया जाता है। उनके सीजन में गुस्सा, झगड़े और आक्रामक व्यवहार लगातार चर्चा का हिस्सा रहे। उनके और सोफिया हयात के बीच विवाद ने भी शो के बाहर काफी सुर्खियां बटोरी थीं। प्रियंका जग्गा- वीकेंड का वार का बड़ा विवाद बिग बॉस 10 की प्रियंका जग्गा भी अपनी बेबाक और कई बार बेहद विवादित टिप्पणियों के लिए जानी गईं। सलमान खान के साथ उनका टकराव इतना बढ़ गया कि उन्होंने उन्हें शो से बाहर जाने के बाद दोबारा काम न देने तक की बात कह दी थी।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 11:24 am

रानी पद्मावती का जौहर कायरता नहीं बहादुरी:स्वरा भास्कर के बयान पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री, धर्म परिवर्तन पर भी तंज कसा

धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के उस बयान की निंदा की है, जिसमें उन्होंने रानी पद्मावती के जौहर को कायरता कहा था। स्वरा बयान पर सफाई दे चुके हैं, लेकिन विवाद जारी है। अब बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने स्वरा भास्कर के जौहर को ‘कायरता’ कहने वाले बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जौहर कायरता नहीं, बल्कि बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। यह बयान पश्चिम बंगाल के लीलुआ वर्कशॉप ग्राउंड में चल रही ‘हनुमत कथा’ के दूसरे दिन दिया गया। कार्यक्रम में दिए बयान के मुताबिक, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि उनसे इस मुद्दे पर बिना बात किए रहा नहीं जा रहा था। धीरेंद्र शास्त्री- आप संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं? धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, ‘एक तथाकथित महिला ने रानी पद्मावती के बारे में बयान दिया। उस महिला ने जौहर को कायरता कहा। ऐ नाककटु, चंडालन, जौहर कायरता नहीं है, यह बहादुरी, भक्ति और पति के प्रति समर्पण है। आप जौहर की संस्कृति के बारे में क्या जानते हैं?’ आगे उन्होंने कहा, ‘जो लोग आस्था का विरोध करते हैं, वे जौहर को समझ ही नहीं सकते। कुछ लोग तो भईया को सईयां बना देते हैं, वे जौहर के बारे में क्या जानेंगे? अगर मेरी बातों से किसी को बुरा लगे या उनकी भावनाएं आहत हों, तो भी मैं सच ही कहूंगा।’ क्या था स्वरा भास्कर का पूरा बयान, क्यों हुआ विवाद? 31 अगस्त को दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'वुमन, लाइफ, फ्रीडम' टॉक में स्वरा ने फिल्म पद्मावत के जौहर सीन का जिक्र करते हुए कहा की इससे रेप सर्वाइवर्स तक गलत संदेश जा सकता है। उन्होंने आगे कहा 'क्या हम सर्वाइवर्स को यही बताना चाहते हैं कि वे जीने के लायक नहीं हैं, कि अगर आप सच में इज्जतदार और बहादुर महिला होतीं, तो आपने खुद को मार लिया होता? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की जिंदगी का अंत है?' एक सीन में गर्भवती महिला का पेट दिखाया गया है जो जौहर करने जा रही है। स्वरा ने कहा था, यह देखकर मुझे बहुत गुस्सा आया था और मैंने थियेटर में ही 'छी' कह दिया था। 5 दिन विचार करने के बाद मैंने डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था। स्वरा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन पर ऐतिहासिक बलिदान का अपमान करने का आरोप लगाया था। विवाद बढ़ने पर स्वरा ने दी सफाईस्वरा के बयान पर विवाद हो गया। कुछ समय बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है। मुझसे पूछा गया था कि पद्मावत देखने के बाद मैंने ओपन लेटर क्यों लिखा था। मैं साफ करना चाहती हूं कि मैंने रानी पद्मावती या महल की बाकी महिलाओं को कायर नहीं कहा। अगर गाली देनी है तो सही बात पर दीजिए। मैंने कहा था कि अगर मैं रेप पीड़िता होती, तो क्लाइमेक्स देखकर मुझे लगता कि रेप के बाद जिंदा बचकर मैंने कायरता दिखाई है। 'क्या महिला की पवित्रता उसकी जान से ज्यादा कीमती है?'स्वरा ने कहा कि देश में आज भी रेप एक महामारी जैसा बन चुका है। हाल ही में दिल्ली में चलती बस में हुए गैंगरेप का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हमें ऐसी फिल्में बनानी चाहिए जो संदेश दें कि महिला की पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा कीमती है? उन्होंने निर्भया केस का उदाहरण देते हुए कहा कि निर्भया ने आखिरी सांस तक अपनी जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ी थी। किसी भी महिला की जीने की इच्छा को कम नहीं आंकना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी से सोशल मीडिया पर हुई बहसस्वरा के बयान पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रियंका ने लिखा- ‘अगर विकल्प विजेताओं की गुलाम बनने और उनके हरम में रखी जाने वाली सेक्स स्लेव बनने के बीच हो, तो कई महिलाएं पहला विकल्प चुनेंगी। कुछ महिलाएं दूसरा विकल्प चुन सकती हैं। हालांकि, आप अपनी पसंद के अनुसार इनमें से किसी एक को चुन सकते हैं। आपकी इस पसंद से कोई सहमत हो या असहमत, इस पर बहस की जा सकती है, लेकिन यह एक चॉइस थी।’ इस पर जवाब देते हुए स्वरा ने लिखा, प्रियंका जी, आप असल बात नहीं समझ रही हैं। बात जौहर करने वाली महिलाओं की पसंद की नहीं, बल्कि इस बात की है कि हम किस चीज को महिमामंडित कर रहे हैं। क्या रेप के बाद किसी सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है? क्या है पद्मावत का जौहर सीन फिल्म में जौहर का सीन क्लाइमैक्स के पास आता है। अलाउद्दीन खिलजी की सेना राजपूतों को हरा देती है और चित्तौड़ के किले में घुस जाती है। दीपिका पादुकोण का किरदार 'रानी पद्मावती' किले की महिलाओं के साथ जौहर करती हैं। फिल्म में इसे पकड़े जाने से बचने के लिए खुद को आग के हवाले करने की घटना के तौर पर दिखाया गया है।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 9:04 am

अजय देवगन ने इललीगल सॉफ्टवेयर से किया था प्रैंक:अमिताभ बच्चन के नंबर से किसी और को भेजा मैसेज, लिखा- सुबह साढ़े 5 बजे मिलो

बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन अक्सर मीडिया के सामने गंभीर नजर आते और कम बोलते हैं। हालांकि फिल्म के सेट पर सह-कलाकारों और क्रू मेंबर्स के साथ मजाक-मस्ती करते हैं और उनकी गिनती बॉलीवुड के सबसे बड़े प्रैंकस्टारों में होती है। यहां तक कि अजय देवगन ने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के साथ भी प्रैंक किया था। ‘द कपिल शर्मा शो’ में अजय देवगन ने बताया था कि बहुत साल पहले एक ऐसा इललीगल सॉफ्टवेयर आया था, जिससे किसी दूसरे नंबर से मैसेज भेजा जा सकता था। यानी मैसेज पाने वाले को लगता था कि उसे असली नंबर से ही मैसेज आया है। अजय ने इसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल अपने दोस्त और पब्लिक रिलेशन (PR) एक्सपर्ट पराग देसाई के साथ प्रैंक करने के लिए किया। पराग देसाई अमिताभ बच्चन के भी PR थे। अजय ने रात करीब 10 बजे अमिताभ बच्चन के नंबर से पराग को मैसेज भेजा। मैसेज में लिखा था, “सुबह 5:30 बजे आकर मिलो।” मैसेज देखकर पराग टेंशन में आ गए कि क्या हुआ होगा और वो सुबह साढ़े पांच बजे अमिताभ बच्चन के घर पहुंच गए। उस समय अमिताभ बच्चन जिम में थे और उन्होंने पराग से बोला, इतनी सुबह-सुबह? जिस पर पराग ने उनसे कहा कि आपने उन्हें बुलाया है। अमिताभ बच्चन ने हैरानी से पूछा, “मैं क्यों बुलाऊंगा?” इसके बाद पराग ने उन्हें वही मैसेज दिखाया। मैसेज देखकर अमिताभ बच्चन भी परेशान हो गए। उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर उनके नंबर से यह मैसेज किसने भेजा। शो पर अजय देवगन ने बताया कि बाद में उन्होंने अमिताभ बच्चन को पूरे प्रैंक की सच्चाई बता दी। अजय ने मजाकिया अंदाज में आगे बताया कि अमिताभ बच्चन ने उनसे वही सॉफ्टवेयर मांग लिया। जावेद जाफरी के खाने में भांग मिला दी थी अजय देवगन ने एक प्रैंक एक्टर जावेद जाफरी के साथ भी किया था। जावेद जाफरी ने मिर्ची प्लस को दिए इंटरव्यू में अजय के प्रैंक से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया था। यह किस्सा फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ की शूटिंग का है। जावेद जाफरी ने बताया था कि महाशिवरात्रि के मौके पर अजय ने मजाक में सेट पर मौजूद खाने में भांग मिला दी थी। जावेद, जो न शराब पीते हैं और न सिगरेट, उन्होंने अनजाने में वही खाना ज्यादा खा लिया। कुछ देर बाद उन्हें अजीब महसूस होने लगा। उन्होंने बताया कि ऐसा लग रहा था जैसे वे ब्लैक होल में गिर रहे हों और आसपास सब कुछ हिल रहा हो। हालत इतनी खराब हो गई कि वे घबरा गए और लगा कि वे बच नहीं पाएंगे। घबराहट में जावेद अपने कमरे में चले गए। उन्होंने अपने असिस्टेंट, पत्नी और बेटे मीजान जाफरी को फोन किया। उन्हें लगा यह उनका आखिरी समय है, इसलिए वे वसीयत लिखवाने को तैयार हो गए थे। बाद में पता चला कि यह अजय देवगन का मजाक था। फिल्म पब्लिसिस्ट को ड्रग्स केस का आरोपी बना दिया अजय देवगन के प्रैंक्स से जुड़ा एक और दिलचस्प किस्सा है। फिल्म पब्लिसिस्ट राजेंद्र राव को अजय ने प्रैंक कर नकली ड्रग्स के केस में फंसा दिया था। मिड डे को दिए इंटरव्यू में अजय ने इसे स्वीकार किया था। बता दें कि फिल्म पब्लिसिस्ट वह व्यक्ति होता है जो किसी फिल्म या कलाकार की पब्लिसिटी और प्रमोशन संभालता है। राजेंद्र राव ने लगान, स्वदेस और सरफरोश जैसी फिल्मों का प्रमोशन किया था। साल 2003-2004 में अजय देवगन दीव (दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव) में एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे, जिसमें अमीषा पटेल भी थीं। शूटिंग दीव फोर्ट के आसपास चल रही थी। उसी दौरान राजेंद्र राव भी मौजूद थे। वो हंसमुख और मजाकिया इंसान थे, लेकिन उस दिन उनका मूड थोड़ा खराब था क्योंकि उनका एक बैग मुंबई एयरपोर्ट पर छूट गया था। वे बार-बार बैग छूटने वाली बात कर रहे थे। अजय ने सोचा कि क्यों न इस पर एक प्रैंक किया जाए। उन्होंने दीव के सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस से संपर्क किया और पूरा प्लान तैयार किया। उन्होंने चुपके से राजेंद्र राव की जेब में नमक का एक छोटा पैकेट डाल दिया, ताकि बाद में उसे ड्रग्स बताया जा सके। शूटिंग के दौरान अचानक सेट पर पुलिस की एक वैन पहुंची। साथ में सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस भी थे, जो राजेंद्र राव को ढूंढ रहे थे। राजेंद्र को लगा कि उनका बैग मिल गया है, लेकिन मामला अलग निकला। पुलिस ने बताया कि उनके बैग में भारी मात्रा में ड्रग्स मिली है और उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। सबके सामने उन्हें पकड़कर ले जाया गया। माहौल एकदम सीरियस हो गया। राजेंद्र राव को थाने ले जाकर पूछताछ की गई। उनसे सवाल पूछे गए। तलाशी में उनकी जेब से नमक का पैकेट निकला। पुलिस ने उसे चखकर कहा, “यह कोकीन है।” यह सुनते ही राजेंद्र बहुत घबरा गए। शाम होते-होते हालत इतनी खराब हो गई कि पुलिस अधिकारी ने अजय देवगन को फोन करके कहा कि अब यह मजाक ज्यादा हो रहा है और इसे खत्म करना चाहिए। करीब 8 बजे शाम को सच्चाई सामने आई और राजेंद्र राव को छोड़ दिया गया। जब राजेंद्र वापस आए, तो वे बेहद नाराज थे। उन्होंने अजय को खूब डांटा और कहा कि ऐसा मजाक कभी किसी के साथ नहीं करना चाहिए। यहां तक कि उन्होंने खुद को होटल के कमरे में करीब 24 घंटे के लिए बंद कर लिया। बाद में दोनों ने साथ बैठकर ड्रिंक पी और मामला शांत हुआ। ………………….. अजय देवगन के प्रैंक से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... प्रैंक के लिए मशहूर थे अजय देवगन:सेट पर मजाक करना पड़ा था भारी, को-स्टार की पत्नी ने की थी सुसाइड की कोशिश अजय देवगन के प्रैंक के चलते उनके को-स्टार की पत्नी ने आत्महत्या तक करने की कोशिश की थी। साल 2018 में अजय देवगन ने मिड-डे को दिए एक इंटरव्यू में बिना किसी का नाम लिए एक किस्सा बताया था। उन्होंने बताया था कि एक बार वो अपनी एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। उस समय उनके को-स्टार की नई-नई शादी हुई थी और पूरी यूनिट नाइट शूट करती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 4:30 am

बॉक्स ऑफिस पर Mirzapur The Movie का कब्जा, छा गए मुन्ना भैया और गुड्डू पंडित; सेंचुरी के करीब गैंगस्टर ड्रामा

Mirzapur Box Office Collection : मिर्जापुर द मूवी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म मात्र तीन दिनों सेंचुरी के बेहद करीब पहुंच गई है।

जागरण 6 Sep 2026 8:36 pm

पंजाबी सिंगर परमीश वर्मा का पत्नी से तलाक:2021 में शादी की थी; लिखा- एक्स-वाइफ और जिंदगी की महिला का सम्मान करना मर्दानगी

पंजाबी सिंगर व एक्टर परमीश वर्मा ने आखिरकार अपनी शादी और तलाक को लेकर चल रही चर्चाओं पर चुप्पी तोड़ दी है। परमीश ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए कन्फर्म किया कि वह अपनी पत्नी गीत ग्रेवाल से तलाक ले चुके हैं। एक्स-वाइफ और जिंदगी की महिला का सम्मान करना ही मर्दानगी है। परमीश की पत्नी गीत ग्रेवाल एक कनाडाई राजनीतिज्ञ और वकील हैं। उन्होंने कनाडा में चुनाव भी लड़ा था। दोनों 21 अक्टूबर 2021 को कनाडा में शादी की थी। जिसके बाद उन्होंने भारत में भी एक ग्रैंड रिसेप्शन पार्टी रखी थी। उनकी एक बेटी भी है। लेकिन पिछले एक साल से दोनों के अलग होने की खबरे आ रही थी। जनवरी 2026 में दोनों के अलग होने का कथित दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस समय परमीश और गीत ने इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया था। अब परमीश के बयान के बाद तलाक की पुष्टि हो गई है। परमीश वर्मा ने ये पोस्ट शेयर की.. पंजाबी सिंगर ने पोस्ट में ये बातें लिखी. ट्रोलिंग के बीच परमीश ने दिया जवाब तलाक के बाद परमीश वर्मा की निजी जिंदगी भी चर्चा में है। पिछले कुछ समय से उनका नाम एक्ट्रेस और मॉडल हरमन बराड़ के साथ जोड़ा जा रहा है। दोनों के वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद फैंस उनके रिश्ते को लेकर सवाल कर रहे हैं। हरमन के बर्थडे पर परमीश की ‘Happy Birthday Love’ पोस्ट के बाद ये चर्चाएं और बढ़ गईं। ट्रोलिंग के बीच परमीश ने कहा कि रिश्ता टूटने पर पुरुष को आसानी से विलेन बना दिया जाता है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि असली मर्दानगी अपनी पूर्व पत्नी और आज जिंदगी में मौजूद महिला, दोनों का सम्मान करने में है। उन्होंने कहा कि मुश्किल दौर उन्होंने खुद झेला और अपने फैसलों की जिम्मेदारी भी ली। हरमन से रिश्ते पर सस्पेंस परमीश ने अपनी पोस्ट में जिंदगी में मौजूद महिला का नाम नहीं बताया। हालांकि, सोशल मीडिया यूजर्स इसे हरमन बराड़ से जोड़ रहे हैं। दोनों के रिश्ते की चर्चा लगातार हो रही है, लेकिन परमीश और हरमन ने आधिकारिक तौर पर डेटिंग की पुष्टि नहीं की है। इसलिए फिलहाल इसे सिर्फ कयास माना जा रहा है। यानी परमीश वर्मा ने तलाक की पुष्टि कर दी है और अपनी जिंदगी में किसी महिला के होने की बात भी कही है, लेकिन उन्होंने उस महिला का नाम नहीं बताया। ************ ये खबर भी पढ़ें: बादशाह का दूसरी पत्नी से तलाक: चंडीगढ़ की पंजाबी मॉडल से 5 महीने पहले की थी शादी; रैपर भी PEC में पढ़ाई कर चुके रैपर बादशाह और पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी ने शादी के 5 महीने बाद ही एक-दूसरे से अलग होने का ऐलान कर दिया है। दोनों ने सोमवार रात अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक जैसी पोस्ट शेयर कर तलाक की बात कही। जिसमें दोनों ने लिखा- यह फैसला दोनों की आपसी सहमति से लिया गया है। उन्होंने फैंस और मीडिया से इस समय में उनकी प्राइवेसी का सम्मान करने और किसी भी तरह का अंदाजा न लगाने का अनुरोध किया है। (पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 4:27 pm

अक्षय कुमार की फिल्म के सामने 'बाहुबली' बनी Hanuman Ansh, कमाई में तोड़ दिया रिकॉर्ड

फिल्म हनुमान अंश ने कमाई के मामले में सुपरस्टार अक्षय कुमार की एक लोकप्रिय फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

जागरण 6 Sep 2026 4:04 pm

कंगना रनोट ने यूजर को जवाब दिया:जन्माष्टमी के भोग के लिए गैस न चलाने के सवाल पर बोलीं- खाना बनाने की चिंता मत करो

एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने जन्माष्टमी पर मनाली स्थित अपने घर में भोग तैयार करने का एक वीडियो शेयर किया था। जिसके बाद उनके वीडियो को शेयर करते हुए एक X यूजर ने सवाल उठाया था कि खाना बनाते समय उन्होंने गैस चलाई भी थी या नहीं। यूजर ने कहा कि कंगना जिस बर्तन का इस्तेमाल कर रही थीं, वह पहले से काला था। जिसके बाद कंगना ने इस टिप्पणी का जवाब दिया। कंगना ने लिखा, “यह हलवा नहीं, भोग है। इस डिश की कई चीजें अलग-अलग तैयार की जाती हैं। इसके बाद इस स्टेज पर सभी चीजों को मिलाया जाता है। फिर इसे जमने के लिए रखा जाता है और टुकड़ों में काटा जाता है।” इसके बाद कंगना ने कहा, “उन लोगों से खाना बनाने की उम्मीद नहीं की जा सकती, जो अपने माता-पिता और इस धरती पर बोझ हैं। तुम सिर्फ खाने पर ध्यान दो, खाना बनाने की चिंता मत करो।” बता दें कि कंगना अक्सर त्योहारों और खास मौकों पर अपने घर की जिंदगी की झलक शेयर करती हैं। जन्माष्टमी पर उन्होंने अपने फॉलोअर्स को मनाली स्थित घर में हुए जश्न और भोग तैयार करने की झलक दिखाई थी। कंगना ने अधिकारियों को डांट लगाई कल कंगना रनोट का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को डांट लगाई थी। हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना ने जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद निधि का इस्तेमाल नहीं होने पर कहा था कि यह एक मजाक बनकर रह गया है। उन्होंने बैठक में सभी BDO को खड़ा कर कहा कि मैं नेशनल मीडिया में इस बारे में कुछ बोल नहीं पा रही हूं। लोग रील बना रहे हैं। मुझे निठल्ला कह रहे हैं। उन्होंने कहा- सांसद का काम फंड देना है, उसे खर्च करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। अधिकारी केवल खानापूर्ति के लिए बैठकों में न आएं, बल्कि पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर भी काम करें। उन्होंने सवाल किया कि पिछली बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई थी, उन पर अब तक काम क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि केवल सुझाव और योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा। इन्हें लागू करना जरूरी है। 11 करोड़ रुपए में से अभी आधी राशि का इस्तेमाल भी नहीं हुआ। आप लोग यहां केवल सैलरी उठाने आ जाते हैं। पढ़िए बैठक में और क्या बोलीं कंगना… हमने अब तक क्या किया, टाइम वेस्ट क्योंकंगना ने कहा, 'मीटिंग में जो भी बातें होती हैं, उन पर हमने अब तक क्या किया है। उसकी प्रोग्रेस भी होनी चाहिए। क्यों टाइम वेस्ट किया जा रहा है? कोई फॉर्मेलिटी है क्या ये? पिछली बार जो कहा था, इस बार भी वही कह रहे हैं। मैं ये पैटर्न हर चीज में, हर डिपार्टमेंट में देख रही हूं। पिछली बार मैंने कहा था आप लोगों से कि जो हम बात करते हैं, वो आगे बढ़नी चाहिए। हम वहीं रुककर नहीं रह सकते।' इसे लागू कर रहे या सिर्फ सजेशन दे रहेकंगना ने कहा- ऐसा लगता है कि हम संकट की ओर जा रहे हैं। आप लोगों को किसी भी विषय पर मेरा सजेशन चाहिए? आपको इसे लागू करना होगा, ताकि हम अगले चरण पर जा सकें और यह देख सकें कि इसे लागू करने के बाद हमारे सामने क्या-क्या चुनौतियां आती हैं। क्या हम सिर्फ सजेशन दे रहे हैं, जिनमें केवल आइडिया हैं और कोई प्रैक्टिकेलिटी और ग्राउंड नहीं है? हम ये कैसे एक्सेप्ट करेंगे? हम ये कैसे पता लगाएंगे, जब तक हम अगले चरण पर नहीं बढ़ते। पूरे देश की नजर मंडी पर, सभी BDO खड़े हो जाएंकंगना ने कहा- पूरे देश की नजर मंडी पार्लियामेंट की परफॉर्मेंस पर है। हमें इतनी मीडिया रिपोर्ट आती हैं। ये सारे डिपार्टमेंट में जो घोटाला चलता है, एक के बाद एक…यह स्वीकार्य नहीं है। पूरे देश में हम मजाक बनकर रह गए हैं। बीडीओ कौन-कौन है? सभी खड़े हो जाएं। जो भी एमपी लैड की पुअर परफॉर्मेंस के लिए जिम्मेदार है, सभी खड़े हो। मुझे निठल्ली कह रहे, क्या जवाब दूंकंगना ने कहा- सारे देश में ये खबर चल रही है कि कंगना ने 11 करोड़ दिए हैं और काम एक भी नहीं हुआ। इतनी निठल्ली है, इतनी निकृष्ट है। क्या बोलूं मैं वहां मीडिया के सामने कि यहां पर ये सिर्फ तनख्वाह खाने के लिए आते हैं? हमारे प्रदेश के लोगों के बारे में क्या बोलूं मैं? कंगना और रामदेव का विवाद चर्चा में रहा पिछले महीने कंगना रनोट और गुरु बाबा रामदेव के बीच का विवाद भी चर्चा में रहा। दोनों के बीच बयानबाजी हुई थी और दोनों ने एक-दूसरे पर निजी टिप्पणियां भी कीं। हालांकि, रक्षाबंधन के मौके पर दोनों के बीच सुलह हो गई। विवाद की शुरुआत कंगना के एक बयान से हुई थी। दरअसल, नीट परीक्षा लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान युवाओं की भाषा और जीवनशैली को लेकर कंगना ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी की थी। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी यानी Gen Z को ‘गटर जेनरेशन’ कहा था। कंगना के इस बयान पर बाबा रामदेव से न्यूज चैनल टीवी 9 भारतवर्ष को दिए इंटरव्यू में सवाल किया गया। जिस पर रामदेव ने कंगना के बयान की आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटर’ कहना गलत है। उन्होंने इसे बिगड़े दिमाग की निशानी बताया। इसके साथ ही रामदेव ने कंगना के बचपन और जवानी का भी जिक्र किया। उनके इस बयान से विवाद और बढ़ गया। बाबा रामदेव की टिप्पणी पर कंगना ने सोशल मीडिया पर तीखा जवाब दिया। कंगना ने लिखा कि उन्हें उनकी जवानी और बेडरूम के बारे में दिन में सपने नहीं देखने चाहिए। कंगना ने इस दौरान पतंजलि से जुड़े विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर से पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों और दवाओं से जुड़े दावों पर हुई कार्रवाई का हवाला दिया था। हालांकि, रक्षाबंधन के मौके पर बाबा रामदेव की ओर से कंगना के लिए मिठाई और उपहार भेजे गए। कंगना ने भी इसे सकारात्मक तरीके से लिया। उन्होंने कहा कि त्योहार का दिन पुरानी भूल-चूक माफ करने का होता है। उन्होंने बाबा रामदेव की बात को स्वीकार किया कि विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए। इस तरह दोनों के बीच का विवाद खत्म हुआ। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 3:10 pm

‘किंग’ का फाइनल कट लॉक नहीं:शूटिंग खत्म, लेकिन म्यूजिक-वीएफएक्स में काम अभी बाकी

शाहरुख खान स्टारर फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन फिल्म का फाइनल कट अभी लॉक नहीं हुआ है। फिल्म से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एडिटिंग के साथ म्यूजिक, बैकग्राउंड स्कोर, साउंड डिजाइन और वीएफएक्स का काम अभी जारी है। बड़े स्तर की एक्शन फिल्म में शूटिंग खत्म होने के बाद एडिटिंग टेबल पर कई अहम फैसले लिए जाते हैं। इसमें तय होता है कि कौन-सा सीन कितना लंबा रहेगा, किस शॉट पर कट होगा और एक्शन सीक्वेंस की रफ्तार कैसी रखी जाएगी। ‘किंग’ के कुछ प्रमुख सीक्वेंस की फाइनल लेंथ पर अभी काम चल रहा है। म्यूजिक लॉक नहीं, नए गानों की शूटिंग बाकी फिल्म के म्यूजिक पर भी अभी काम चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग धुनों और ट्रैक पर काम किया जा रहा है और फिल्म के सभी गाने अभी फाइनल नहीं हुए हैं। अब तक फिल्म की घोषणा के दौरान इस्तेमाल की गई थीम ट्यून ही सार्वजनिक तौर पर सामने आई है। नए गानों की शूटिंग अभी शुरू नहीं हुई है। पहली नजर में यह प्रोडक्शन में देरी लग सकती है, लेकिन बड़े बजट की फिल्मों में ऐसा क्रिएटिव वजहों से भी किया जाता है। गाना शूट करने से पहले कहानी पर फोकस बॉलीवुड में बड़े गानों की शूटिंग कई बार फिल्म की मुख्य कहानी के हिस्सों के बाद की जाती है। इसके बाद एडिटिंग टेबल पर फिल्म की असली रफ्तार और मूड सामने आता है। इससे यह तय करना आसान होता है कि गाना कहानी में कहां फिट होगा और उसका ट्रीटमेंट कैसा रखा जाए। अगर किसी हिस्से में इमोशनल असर बढ़ाने की जरूरत है तो गाने का म्यूजिक और विजुअल उसी हिसाब से तैयार किया जा सकता है। विजुअल्स पर काम अभी बाकी ‘किंग’ जैसी एक्शन-हैवी और इंटरनेशनल लोकेशन वाली फिल्म में वीएफएक्स का काम सिर्फ पोस्ट-प्रोडक्शन के आखिरी चरण में नहीं होता। शूटिंग के दौरान ही यह तय किया जाता है कि स्क्रीन पर क्या वास्तविक दिखेगा और किस हिस्से को डिजिटल तरीके से तैयार या बदला जाएगा। सेट का विस्तार, बैकग्राउंड बदलना, माहौल को बेहतर दिखाना, भीड़ बढ़ाना, गाड़ियों में डिजिटल बदलाव करना और दूसरे विजुअल सुधार जैसे काम वीएफएक्स का हिस्सा हो सकते हैं। एक्शन का फाइनल असर एडिटिंग और साउंड से बनेगा ‘किंग’ का फाइनल टोन और रफ्तार काफी हद तक एडिटिंग टेबल पर तय होगी। शाहरुख खान के एक्शन सीक्वेंस, अभिषेक बच्चन से जुड़े अहम नैरेटिव मोमेंट्स और दीपिका पादुकोण से जुड़े फ्लैशबैक को किस क्रम में रखा जाएगा, इसका सीधा असर फिल्म के सस्पेंस, इमोशनल इम्पैक्ट और पेसिंग पर पड़ेगा। यही वजह है कि सिर्फ शूट किए गए फुटेज के आधार पर किसी कलाकार के स्क्रीन टाइम का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 2:47 pm

महिला क्रिकेट लीग के लिए जयपुर पहुंचे अभिनेता मनोज जोशी:बोले- जयपुर आना हमेशा खास, महिलाओं का खेलों से जुड़ना बेहद जरूरी

बॉलीवुड और रंगमंच के दिग्गज अभिनेता मनोज जोशी रविवार को एयर इंडिया की उड़ान से जयपुर पहुंचे हैं। जयपुर एयरपोर्ट पर बेटी प्रीमियर लीग के आयोजकों की ओर से उनका स्वागत किया गया। जोशी जयपुर में आयोजित होने वाली महिला क्रिकेट लीग के प्रचार-प्रसार के सिलसिले में पहुंचे हैं। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने जयपुर से अपने पुराने जुड़ाव को याद किया और महिलाओं के खेलों से जुड़ने को महत्वपूर्ण बताया। मनोज जोशी ने कहा कि जयपुर आना हमेशा उनके लिए खास रहा है। इससे पहले भी वह शूटिंग और रंगमंच की प्रस्तुतियों के सिलसिले में जयपुर आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का खेलों से जुड़ना बेहद खास है और इसी पहल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वह जयपुर पहुंचे हैं। आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम है खेल उन्होंने महिला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के अवसर देने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का भी माध्यम है। रंगमंच से शुरू हुआ अभिनय का सफर मनोज जोशी का अभिनय सफर रंगमंच से शुरू हुआ। उन्होंने मराठी रंगमंच के साथ-साथ गुजराती और हिंदी रंगमंच पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन और फिल्मों की दुनिया में कदम रखा। उनकी शुरुआती चर्चित टेलीविजन भूमिकाओं में ‘चाणक्य’, ‘एक महल हो सपनों का’ और मराठी धारावाहिक ‘राऊ’ शामिल रहे। फिल्मों में उन्होंने ‘सरफरोश’ से अपनी पहचान बनानी शुरू की। इसके बाद ‘हंगामा’, ‘हलचल’, ‘धूम’, ‘फिर हेरा फेरी’, ‘चुप चुप के’, ‘भागम भाग’, ‘भूल भुलैया’ और ‘बिल्लू’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदारों ने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। ‘कचरा सेठ’ से मिली अलग पहचान मनोज जोशी को हास्य और चरित्र भूमिकाओं के लिए खास तौर पर जाना जाता है। ‘फिर हेरा फेरी’ में निभाया गया ‘कचरा सेठ’ का किरदार उनके सबसे लोकप्रिय किरदारों में शामिल है। इसके अलावा ‘हंगामा’, ‘भूल भुलैया’ और ‘ढोल’ जैसी फिल्मों में भी उनके अभिनय और हास्य अंदाज को दर्शकों ने पसंद किया। उन्होंने केवल हास्य भूमिकाओं तक खुद को सीमित नहीं रखा। गंभीर और ऐतिहासिक किरदारों में भी उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता दिखाई। टेलीविजन धारावाहिक ‘चक्रवर्ती सम्राट अशोक’ में उन्होंने चाणक्य की भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें भारतीय टेलीविजन अकादमी पुरस्कार में सहायक अभिनेता का सम्मान मिला। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित मनोज जोशी को मराठी फिल्म ‘दशक्रिया’ में अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा उन्हें टेलीविजन और गुजराती सिनेमा के लिए भी पुरस्कार मिले हैं। वर्ष 2018 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। अभिनय के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान और रंगमंच, टेलीविजन और फिल्मों में उनकी सक्रियता ने उन्हें भारतीय मनोरंजन जगत में एक अलग पहचान दिलाई है। मनोज जोशी ने अभिनय के अलावा टेलीविजन पर एंकर के रूप में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। ‘स्वराज : भारत के स्वतंत्रता संग्राम की समग्र गाथा’ कार्यक्रम में उन्होंने एंकर की भूमिका निभाई और इसके लिए वर्ष 2023 में भारतीय टेली पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ एंकर का सम्मान प्राप्त किया।

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 2:47 pm

हनुमान अंश पार्ट-2 में दिखेगा नैनीताल का कैंची धाम:1960 के बाद की कहानी; 2006 में डायरेक्टर ने टेका था माथा, कमाई 107 करोड़ के पार

बाबा नीब करौरी के जीवन पर बनी फिल्म हनुमान अंश के पार्ट-2 की तैयारी शुरू हो गई है। फिल्म के डायरेक्टर डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने इसकी घोषणा की है। पार्ट-2 में कैंची धाम की कहानी भी दिखाई जाएगी। बाबा 1960 के दशक की शुरुआत में कैंची पहुंचे थे और 15 जून 1964 को यहां हनुमान मंदिर व आश्रम की स्थापना हुई। जीवन के अंतिम वर्षों में कैंची उनका प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र रहा। डॉ. विशाल चतुर्वेदी 2006 के आसपास अपनी पोस्टिंग के दौरान कई बार कैंची धाम गए थे। यहीं उनका पहली बार नीम करोली बाबा की शिक्षाओं से परिचय हुआ। इस अनुभव का उन पर गहरा असर पड़ा और करीब दो दशकों बाद यही जुड़ाव 'हनुमान अंश' की कहानी की प्रेरणा बना। नैनीताल में भवाली के पास शिप्रा नदी के किनारे स्थित कैंची धाम बाबा से जुड़े प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में शामिल है। नैनीताल में उनसे जुड़े चार प्रमुख धाम बताए जाते हैं- कैंची धाम, काकड़ीघाट, हनुमानगढ़ी और भूमियाधार। 2 करोड़ के बजट में बनी, 107 करोड़ के पार पहुंची कमाई ‘हनुमान अंश’ की सफलता ने फिल्म इंडस्ट्री को भी चौंका दिया। करीब 2 करोड़ रुपए के बजट में बनी यह फिल्म शुरुआत में सीमित स्क्रीन पर रिलीज हुई थी। पहले सप्ताह में इसके शो और स्क्रीन घटकर करीब 25 रह गए थे। इसके बाद दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और वर्ड ऑफ माउथ ने फिल्म की किस्मत बदल दी। चौथे सप्ताह तक फिल्म करीब 1,200 स्क्रीन तक पहुंच गई। अलग-अलग उद्योग स्रोतों में कमाई के आंकड़ों में अंतर है, लेकिन 4 सितंबर तक फिल्म करीब 107 करोड़ रुपए का कारोबार कर चुकी थी। यानी फिल्म ने अपनी लागत से 50 गुना से ज्यादा कमाई की। इस तरह ‘हनुमान अंश’ बेहद कम बजट में बड़ी कमाई करने वाली हिंदी फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है। फिल्म के अहम चेहरों के बारे में जानिए… डायरेक्टर- विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2013 की फिल्म वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। एक्टर- शोभिनव सत्या एक्टर शोभिनव सत्या ने हनुमान अंश में नीम करोली बाबा का किरदार निभाया। उन्होंने FTII, पुणे से पढ़ाई की है। एक्टिंग के साथ वह असिस्टेंट डायरेक्टर, सेकंड यूनिट डायरेक्टर, स्क्रिप्ट और कंटिन्यूटी विभाग में काम कर चुके हैं। उन्होंने ‘महापौर’, ‘CID’, ‘रागिनी एमएमएस’ और ‘हैप्पीली एवर आफ्टर’ जैसे प्रोजेक्ट्स में काम किया है। एक्टर- चंदन के.आनंद चंदन आनंद ने फिल्म में डॉ. राम नंदन भोसले का अहम रोल निभाया है। इससे पहले वो कई फिल्मों और टीवी शो में साइड रोल कर चुके हैं। वह आलू चाट, पार्च्ड, लव आज कल, गुंजन सक्सेना, फाइटर, होमबाउंड जैसी फिल्मों के अलावा टीवी शो बैरिस्टर बाबू, ये प्यार न होगा कम, मीत जैसे कई शो कर चुके हैं। सिंगर-सुनील लोधी फिल्म 'हनुमान अंश' के चर्चित वायरल गाने 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' को सिंगर सुनील लोधी ने गाया है। 25 वर्षीय सुनील नेत्रहीन (दिव्यांग) हैं और वे मध्य प्रदेश के सागर जिले के छोटे से गांव 'अगरा' के रहने वाले हैं। वर्षों तक सुनील ने अपने गांव, स्थानीय मेलों और यहां तक कि ट्रेनों में भी भजन व बुंदेली लोकगीत गाए हैं। सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल हुए, जिसके बाद उन्हें फिल्म 'हनुमान अंश' में गाने का मौका मिला। स्टीव जॉब्स से विराट कोहली तक बाबा नीम करोली के भक्त स्टीव जॉब्स: 1974 में बाबा से मिलने की चाह लेकर एप्पल कंपनी के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स भारत आए। तब तक बाबा के निधन को एक साल हो चुका था। जॉब्स कुछ दिन कैंची धाम में रहे। फिर वापस लौटकर 1976 में एप्पल की शुरुआत की। मार्क जकरबर्ग: 2015 में फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग ने भारत यात्रा के दौरान बताया था कि स्टीव जॉब्स ने फेसबुक के शुरुआती दिनों में उन्हें भारत के एक मंदिर जाने की सलाह दी थी। यह नीम करौली बाबा का कैंची धाम ही था। जूलिया रॉबर्ट्स: हॉलीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स हिंदू धर्म मानती हैं। उन्होंने 2010 में एक इंटरव्यू में बताया था कि नीम करौली बाबा की एक तस्वीर देखकर उनकी हिंदू धर्म में रुचि जागी थी। अनुष्का शर्मा और विराट कोहली: एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा नीम करौली बाबा को अपना गुरु बता चुकी हैं। 2022 में विराट कोहली और अनुष्का शर्मा बेटी के साथ कैंची धाम गए थे। मनोज बाजपाई: एक्टर मनोज बाजपाई ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वेब सीरीज 'द फैमिली मैन' से पहले करीब एक साल तक उनके पास कोई काम नहीं था। इसी समय वे फिल्म डायरेक्टर राम रेड्डी के साथ जुगनुमा फिल्म की रिसर्च के लिए कैंची धाम गए थे। यहां ध्यान करके उन्हें शांति और नई राह मिली। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… बाबा नीब करौरी के थप्पड़ ने बदल दी जिंदगी:हाथ जलने पर कंबल में दबाया, पलभर में गायब हुआ दर्द; बस हादसे में बची पूरी बारात कैंची धाम और बाबा नीब करौरी (आम बोलचाल में बाबा नीम करौली के नाम से भी जाने जाते हैं) से जुड़ी उनके भक्तों के जीवन में ऐसी अनेक घटनाएं दर्ज हैं, जिन्हें वे गुरु कृपा का प्रत्यक्ष अनुभव मानते हैं। ऐसी ही एक कहानी दिल्ली निवासी रवींद्र जोशी उर्फ ‘रब्बू दादा’ की है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन महाराजजी की सेवा में समर्पित कर दिया। (पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 2:18 pm

मिर्जापुर: द मूवी ने दूसरे दिन ₹32 करोड़ कमाए:हनुमान अंश ने 5वें शनिवार को ₹16.50 करोड़ कमाकर धुरंधर का रिकॉर्ड तोड़ा

फिल्म हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस पर पांचवें हफ्ते में भी मजबूत प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने हिंदी में 5वें शनिवार की सबसे बड़ी कमाई दर्ज करते हुए धुरंधर का पिछला रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शनिवार फिल्म के लिए अब तक का सबसे बड़ा कमाई वाला दिन भी रहा। सैकनिल्क के मुताबिक, हनुमान अंश ने पांचवें शनिवार को हिंदी भाषा में 16.50 करोड़ रुपए नेट का कलेक्शन किया। जबकि धुरंधर ने 5वें शनिवार को 11.75 करोड़ रुपए कमाए थे। हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 10 लाख रुपए नेट की ओपनिंग की थी। पहले दो हफ्तों में फिल्म ने करीब 1.50 करोड़ रुपए नेट कमाए। तीसरे हफ्ते में कमाई बढ़कर 10.40 करोड़ रुपए नेट हुई और चौथे हफ्ते में फिल्म ने 61 करोड़ रुपए नेट का कलेक्शन किया। पांचवें हफ्ते के पहले दो दिनों में ही फिल्म 26.25 करोड़ रुपए नेट कमा चुकी है। आगे भी इसके कलेक्शन में बढ़ोतरी की उम्मीद है। पांचवें शनिवार की कमाई के बाद हनुमान अंश भारत में 100 करोड़ रुपए नेट के आंकड़े के करीब पहुंच गई। फिल्म का कुल नेट कलेक्शन ₹99.38 करोड़ हो गया है। आज पूरी उम्मीद है कि फिल्म 100 करोड़ रुपए नेट का आंकड़ा पार कर लेगी। जिसके बाद यह पहली भारतीय फिल्म बनेगी जिसने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 1 करोड़ रुपए से कम की ओपनिंग के बाद 100 करोड़ रुपए नेट क्लब में जगह बनाई है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने दूसरे दिन ₹32 करोड़ कमाए वहीं, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने बॉक्स ऑफिस पर दूसरे दिन भी अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने दूसरे दिन भारत में ₹32.00 करोड़ नेट कलेक्शन किया। फिल्म का अब तक का इंडिया ग्रॉस कलेक्शन ₹69.30 करोड़ और इंडिया नेट कलेक्शन ₹57.75 करोड़ हो गया है। वहीं, ओवरसीज में दूसरे दिन फिल्म ने ₹6.00 करोड़ कमाए, जिससे कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन ₹10.25 करोड़ हो गया है। दो दिनों में ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹79.55 करोड़ पहुंच गया है। करण जौहर ने कहा- ‘सॉलिड, कड़क और मसालेदार फिल्म’फिल्ममेकर करण जौहर ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’ देखने के बाद फिल्म की तारीफ की है। फिल्म रिलीज होने के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इसका ट्रेलर शेयर किया और अपना रिएक्शन दिया। करण ने लिखा, “मिर्जापुर एक सॉलिड, कड़क और मसालेदार फिल्म है। मुझे यह सीरीज बहुत पसंद है और मैंने फिल्म को भी खूब एंजॉय किया। सभी पुराने और फेमस किरदार शानदार हैं और नए किरदारों के लिए भी जगह बनाते हैं। अगर आपने सीरीज नहीं भी देखी है, तब भी आपको फिल्म पसंद आएगी।” गौरतलब है कि मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। 'मिर्जापुर' सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। 'मिर्जापुर' का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आ रहे हैं। .........… यह खबर भी पढ़ें… मूवी रिव्यू- मिर्जापुरः द फिल्म:मुन्ना का पागलपन, कालीन भैया का ठहराव और गुड्डू का गुस्सा, ‘मिर्जापुर’ में फिर गरजी बंदूकें, लेकिन कहानी हुई लंबी मिर्जापुर की दुनिया में कानून से ज्यादा ताकतवर है बंदूक और बंदूक से ज्यादा ताकतवर है सही वक्त पर चली गई चाल। तीन सीजन तक ओटीटी पर इस दुनिया का भौकाल देखने के बाद अब गुरमीत सिंह इसे बड़े पर्दे पर लेकर आए हैं। अच्छी बात यह है कि फिल्म को सिर्फ सीरीज का लंबा एपिसोड बनाने की कोशिश नहीं की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 1:11 pm

लहर-लहर:हम अलग भी हैं और आपस में जुड़े हुए भी, जनरेशन गैप कोई समस्या नहीं

पीढ़ियों के बीच में आपसी इज्जत बहुत जरूरी है। हम ये न सोचें कि जो हमसे बाद में पैदा हुआ है, उसमें हमसे ज्यादा अक्ल कैसे हो सकती है। इसी तरह युवा पीढ़ी ये न सोचे कि जो कल पैदा हुए थे, उनमें आज की अक्ल कहां से आ सकती है। दोनों गलत बातें हैं। चलिए, हम दो समझदार लोगों को लेते हैं- एक बुजुर्ग और एक युवा। समझदार बुजुर्ग आदमी ने ज़िंदगी गुजारी है, सर्द-गर्म देखा है, कई तरह के मौसम देखे हैं, अजीब-अजीब दौर देखे हैं। उसकी भी कुछ अंडरस्टैंडिंग है; वो भी कुछ जानता है। लेकिन ये दुनिया अब नई हो गई है। इस दुनिया में जो युवा इंसान है- औरत हो या मर्द- उसको पता है कि अब यहां नया क्या हो रहा है। लेकिन ये जो पुराना आदमी था, वो थोड़ा किनारे लग गया है। इस बूढ़े आदमी को हर बात की खबर नहीं है। दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि आपकी एक नजर किसी मंजर पर पड़े कि दूसरा आ जाता है। दूसरे को ठीक से देखें तब तक तीसरा आ जाता है। और वक्त के साथ बदलने की स्पीड बढ़ रही है। जो आज दुनिया में हो रहा है, वो हम नहीं जानते-समझते, वो यंग लोग समझते हैं। जब दुनिया बदलती है, तो सबकुछ बदलता है। तब हमें यंग लोगों की बातों पर ध्यान देना चाहिए। कल तक जो एक औरत घर में चौका-चूल्हा करती रहती थी, उसकी हिम्मत भी जागी है, उसके भी सपने जागे हैं। और हो सकता है, पुराने लोग जरा ठीक से न समझ पाए हों कि वो औरत क्या चाहती है। तो उनको अपने दिमाग के दरवाजे खुले रखना चाहिए। यह भी चाहिए कि वो यंग लोगों से इज्जत से बात करें और उनकी बातें ध्यान से सुनें। हालांकि मैं ये नहीं कहता कि उनकी सारी बातें मान जाओ, या मैं यंग लोगों से भी नहीं कह रहा कि जो बड़े हैं, वे जो कहें वो सब मान जाओ। मगर सुनो कि वे पुराने लोग क्या कह रहे हैं। सारी बातें मानना भी संभव नहीं है क्योंकि सच वक्त के साथ बदल रहा है। अगर हम एक-दूसरे की जो हमारी दौलत है- कुछ उनके पास है; कुछ हमारे पास है- उन दोनों को इकट्ठा कर सकें तो अच्छी बात है। पच्चीस-तीस साल बाद यही समस्या यंग जनरेशन को भी होने वाली है। जब उनसे नए लोग आ जाएंगे तो ये पुराने युवा लोग हमारी जगह आ जाएंगे। जब वो आएंगे तब इन्हें ये मालूम होगा कि नहीं, ये बात तो सही है। तो दोनों तरफ से जनरेशनों को यकीन और भरोसा होना चाहिए, ताकि वो एक-दूसरे से सीख सकें। ये सोचना- कि मैं बड़ा हूं और मैं पहले पैदा हुआ था इसलिए मैं ही सिखा सकता हूं, मुझे कुछ सीखना नहीं है- गलत है। ये सोचना भी- कि ये तो आउटडेटेड हो गए हैं, इन्हें क्या मालूम है, दुनिया तो कुछ और है- गलत है। एयरपोर्ट पर आपने कन्वेयर बेल्ट देखा होगा, जिस पर आपके सामान बेल्ट के साथ चलते रहते हैं। वो कन्वेयर बेल्ट चल रही है; चीजें नई-नई आती जा रही हैं। ये थोड़ी है कि आगे वाली बेल्ट अलग थी और पीछे वाली बेल्ट अलग थी। बेल्ट एक ही चल रही है, मगर उसमें सामान बदलता जा रहा है। ऐसे ही कुछ चीजें लगातार चल रही हैं। कुछ चीजें बदल रही हैं। ज़िंदगी एक कन्वेयर बेल्ट है, उस पर नए-नए विचार, जीने के नए-नए तरीके, नई अंडरस्टैंडिंग, नई साइंस, नॉलेज चल रही होती हैं। हम इन सब बातों को समझें तो मैं नहीं समझता कि जिसे हम जनरेशन गैप कहते हैं, वह कोई समस्या है। हम अलग भी हैं और जुड़े हुए भी हैं। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 1:10 pm

अमित दुबे की साइबर कहानियां पहुंचीं हिरानी-नीरज पांडे तक:बोले- क्रिमिनल डिवाइस नहीं, पहले इंसान को हैक करता है, ऐसे बचें साइबर ठगी से

साइबर क्राइम एक्सपर्ट और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अमित दुबे ने करियर में ऐसे कई मामलों की जांच की है, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थे। उनकी वास्तविक इन्वेस्टिगेशन की कहानियां राजकुमार हिरानी की वेब सीरीज 'प्रीतम एंड पेड्रो' और नीरज पांडे की 'हैक क्राइम्स ऑनलाइन' तक पहुंचीं। एटीएम चोरी, किडनैपिंग और एक एक्ट्रेस के इंस्टाग्राम अकाउंट से फॉलोअर्स गायब होने जैसे मामलों से अमित ने साइबर क्राइम की बदलती दुनिया को करीब से देखा है। उनका कहना है कि अपराधी हर बार डिवाइस को हैक नहीं करता, कई बार पहले इंसान के भरोसे को हैक करता है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अमित ने साइबर क्राइम की अपनी इन्वेस्टिगेशन, फिल्ममेकर्स के साथ काम करने के अनुभव और आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियों पर खुलकर बात की। सवाल: आपकी वास्तविक साइबर इन्वेस्टिगेशन राजकुमार हिरानी की वेब सीरीज तक पहुंची। उनसे यह कनेक्शन कैसे बना? जवाब: कोविड के दौरान राजू सर से मेरा कनेक्शन हुआ। उस समय साइबर क्राइम को लेकर हमारी बातचीत शुरू हुई और फिर वीडियो कॉल पर कई बार चर्चा हुई। मैंने उन्हें अपने काम और अलग-अलग इन्वेस्टिगेशन से जुड़ी कहानियां बताईं। उन्हें लगा कि इन केसों में सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि इंसानी व्यवहार और भावनाओं की भी काफी संभावनाएं हैं। इसके बाद हमने इन कहानियों पर काम करना शुरू किया। यह कोई छोटा प्रोसेस नहीं था। 6 साल तक कहानी और स्क्रिप्ट पर काम हुआ, कई ड्राफ्ट तैयार हुए और चीजों को लगातार बेहतर किया गया। सवाल: 'प्रीतम एंड पेड्रो' में एटीएम चोरी वाला सीन भी है। क्या यह आपके किसी वास्तविक केस से जुड़ा है? जवाब: हां, एटीएम चोरी का मामला मेरे वास्तविक अनुभवों से जुड़ा है। साइबर क्राइम की इन्वेस्टिगेशन में कई बार कोई केस शुरुआत में बहुत जटिल दिखाई देता है। आपको लगता है कि इसके पीछे बहुत हाईटेक तरीका होगा, लेकिन जब आप घटनाओं के पैटर्न और डिजिटल फुटप्रिंट को जोड़ते हैं तो तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगती है। यही चीज इस केस में भी थी। वास्तविक घटना को स्क्रीन पर उसी रूप में रखना संभव नहीं होता, इसलिए कहानी के हिसाब से उसमें बदलाव किए जाते हैं, लेकिन उसका बेस और इन्वेस्टिगेशन का अनुभव वास्तविक होता है। सवाल: इस केस से आम लोगों के लिए भी एक सीख निकलती है कि साइबर क्राइम हमेशा बहुत हाईटेक नहीं होता, क्या कहना चाहेंगे? जवाब: बिल्कुल। हम अक्सर मान लेते हैं कि साइबर क्रिमिनल कोई बहुत बड़ा कंप्यूटर एक्सपर्ट होगा और वह ऐसी तकनीक इस्तेमाल करेगा, जिसे समझना हमारे लिए मुश्किल है। जबकि कई मामलों में अपराध बहुत साधारण तरीके से शुरू होता है। छोटी-सी लापरवाही, किसी व्यक्ति पर भरोसा या जानकारी शेयर करना आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकता है। इन्वेस्टिगेशन में भी कई बार बड़ी सफलता किसी बहुत बड़े सुराग से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी चीजों को जोड़ने से मिलती है। सवाल: राजकुमार हिरानी के बाद आपका जुड़ाव नीरज पांडे से भी हुआ। दोनों के काम करने के तरीके में क्या अंतर महसूस किया? जवाब: दोनों की अपनी अलग स्टोरीटेलिंग लैंग्वेज है। नीरज सर थ्रिल और सस्पेंस को बहुत मजबूत तरीके से बिल्ड करते हैं। उनके साथ काम करते हुए यह ध्यान रहता है कि दर्शक लगातार अगला मोड़ जानना चाहे। राजू सर का तरीका थोड़ा अलग है। वे गंभीर विषय में भी ह्यूमन इमोशन, ह्यूमर और रिश्तों की परतें तलाशते हैं। लेकिन एक चीज दोनों में समान है- दोनों कहानी को विश्वसनीय बनाना चाहते हैं। खासकर जब विषय साइबर क्राइम हो तो तकनीकी चीजें सही होना बहुत जरूरी है। सवाल: नीरज पांडे की ‘हैक क्राइम्स ऑनलाइन’ में साइबर क्राइम को पर्दे पर उतारना कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब: सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि साइबर क्राइम को बहुत तकनीकी भी न बना दें और इतना सरल भी न कर दें कि वह अविश्वसनीय लगे। अगर आप सिर्फ कंप्यूटर स्क्रीन, कोड या टेक्निकल शब्द दिखाएंगे तो आम दर्शक कहानी से जुड़ नहीं पाएगा। इसलिए यह जरूरी है कि टेक्नोलॉजी के साथ इंसान की कहानी भी दिखाई जाए- अपराधी ऐसा क्यों कर रहा है, पीड़ित कैसे फंसता है और जांच करने वाला किस तरह चीजों को जोड़ता है। यही संतुलन सबसे महत्वपूर्ण है। सवाल: आपकी इन्वेस्टिगेशन में ऐसा कौन-सा केस रहा, जो आपको आज भी याद है? जवाब: किडनैपिंग का एक केस काफी दिलचस्प था। उसमें डिजिटल लोकेशन और दूसरी ऑनलाइन जानकारियों को जोड़कर पुलिस उस व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। बीच में लोकेशन से जुड़ी जानकारी बदलती रही, जिससे जांच मुश्किल हुई। लेकिन अलग-अलग डिजिटल संकेतों को जोड़ते हुए पुलिस आगे बढ़ती रही। आखिरकार उस व्यक्ति को सुरक्षित बरामद किया गया। इस तरह के मामलों में टेक्नोलॉजी अकेले काम नहीं करती। टेक्नोलॉजी से मिले संकेतों को सही तरीके से समझना और उन्हें ग्राउंड इन्वेस्टिगेशन से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। सवाल: यानी अपराधी अपनी डिजिटल मौजूदगी छिपाने की कोशिश करे, फिर भी कुछ न कुछ सुराग बच जाता है? जवाब: डिजिटल दुनिया में पूरी तरह गायब होना आसान नहीं है। हम फोन, ईमेल, सोशल मीडिया, क्लाउड और कई दूसरी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। इन सबके बीच कहीं न कहीं डिजिटल फुटप्रिंट बनते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर केस तुरंत सुलझ जाएगा। कई बार एक सुराग दूसरे सुराग से जुड़ता है और फिर धीरे-धीरे पूरी तस्वीर सामने आती है। इन्वेस्टिगेशन में धैर्य बहुत जरूरी है। सवाल: एक्ट्रेस के इंस्टाग्राम अकाउंट से फॉलोअर्स गायब होने वाला मामला भी काफी अलग था। आखिर उसमें क्या हुआ? जवाब : उस एक्ट्रेस की डिजिटल पहचान के साथ छेड़छाड़ हुई थी। अकाउंट का नाम और पहचान बदलने के बाद स्थिति ऐसी बन गई कि पुराना अकाउंट अलग रूप में दिखाई देने लगा। सबसे दिलचस्प बात यह थी कि उनके पुराने फॉलोअर्स उसी डिजिटल पहचान से जुड़े हुए थे। हमने अलग-अलग डिजिटल सुरागों और अकाउंट से जुड़ी जानकारियों को जोड़कर पुराने अकाउंट तक पहुंचने का रास्ता निकाला। इस केस से यह समझ आता है कि सोशल मीडिया अकाउंट सिर्फ एक यूजरनेम और पासवर्ड नहीं है। उसके पीछे आपकी पूरी डिजिटल पहचान और वर्षों की मेहनत जुड़ी होती है। सवाल: क्या सेलिब्रिटी के सोशल मीडिया अकाउंट पर आम यूजर के मुकाबले ज्यादा खतरा रहता है? जवाब: खतरा इसलिए ज्यादा हो सकता है क्योंकि सेलिब्रिटी के अकाउंट की वैल्यू ज्यादा होती है। उनके लाखों फॉलोअर्स होते हैं और उनके नाम से कोई गलत जानकारी या ऑफर तेजी से फैल सकता है। लेकिन अकाउंट से जुड़ी गलतियां सेलिब्रिटी और आम आदमी दोनों से होती हैं। पुराने फोन में लॉगिन रह जाना, किसी दूसरे व्यक्ति के डिवाइस पर अकाउंट खुला छोड़ देना, पासवर्ड शेयर करना या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना- ये सभी चीजें खतरा बढ़ाती हैं। सवाल: सेशन हाईजैकिंग जैसे खतरे से आम यूजर किस तरह बच सकता है? जवाब: सबसे पहले अपने अकाउंट में लॉगिन डिवाइस और एक्टिविटी पर नजर रखें। आपने कभी किसी पुराने फोन, लैपटॉप या दूसरे डिवाइस में अपना अकाउंट इस्तेमाल किया था तो यह देखना जरूरी है कि वहां अभी भी एक्सेस तो नहीं है। पुराने और अनजान डिवाइस से लॉगआउट करें। जहां संभव हो, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन इस्तेमाल करें और पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें। कई बार यूजर को लगता है कि पासवर्ड सुरक्षित है, लेकिन समस्या किसी पुराने लॉगिन से पैदा हो रही होती है। सवाल: लोग अक्सर कहते हैं कि ‘मेरा फोन हैक हो गया।’ क्या हर बार वास्तव में फोन हैक होता है? जवाब: नहीं। कई बार फोन हैक नहीं हुआ होता, बल्कि किसी अकाउंट, क्लाउड सर्विस या पुराने डिवाइस का एक्सेस बना रहता है। उदाहरण के लिए आपका ईमेल या क्लाउड किसी दूसरे डिवाइस में लॉगिन है और आपको उसकी जानकारी नहीं है। ऐसी स्थिति में आपको लगता है कि फोन में कोई समस्या है, जबकि असली समस्या अकाउंट एक्सेस की हो सकती है। इसलिए घबराने के बजाय पहले यह पता लगाना चाहिए कि समस्या फोन में है, अकाउंट में है या किसी पुराने डिवाइस में। सवाल: फ्री ब्लू टिक जैसे ऑफर आज भी लोगों को आसानी से फंसा लेते हैं। ऐसे मैसेज को कैसे पहचानें? जवाब: साइबर क्रिमिनल अक्सर ऐसी चीज का इस्तेमाल करते हैं, जिसे देखकर यूजर तुरंत उत्साहित हो जाए या डर जाए। फ्री ब्लू टिक, अकाउंट बंद होने की चेतावनी, इनाम या किसी जरूरी सर्विस का ऑफर- ये सभी लालच या डर पैदा करने वाले तरीके हो सकते हैं। अगर कोई मैसेज आपको तुरंत लिंक पर क्लिक करने के लिए कह रहा है तो रुकिए। संबंधित ऐप या वेबसाइट खुद खोलिए और वहीं जाकर जानकारी चेक कीजिए। किसी मैसेज में आए लिंक को सच मान लेना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। सवाल: डीपफेक को लेकर आपकी सबसे बड़ी चिंता क्या है? जवाब: डीपफेक का खतरा सिर्फ फर्जी वीडियो या ऑडियो बनने तक सीमित नहीं है। इससे भी बड़ा खतरा यह है कि लोगों का वास्तविक कंटेंट पर भरोसा खत्म हो जाए। भविष्य में कोई असली वीडियो सामने आए और लोग कहें कि यह भी डीपफेक है, तो समस्या और गंभीर होगी। इसलिए किसी वायरल वीडियो को सिर्फ देखकर सच या झूठ तय करने के बजाय उसके स्रोत और संदर्भ की पुष्टि करना जरूरी है। सवाल: आपकी नजर में साइबर क्रिमिनल का सबसे मजबूत हथियार क्या है? जवाब: इंसान का भरोसा। हम अक्सर सोचते हैं कि अपराधी पहले डिवाइस को हैक करता है, जबकि कई मामलों में वह पहले इंसान को हैक करता है। वह आपको विश्वास दिलाता है कि वह बैंक से बोल रहा है, किसी कंपनी से बोल रहा है या कोई फायदा देने वाला है। जब आप उसकी बात पर भरोसा कर लेते हैं तो कई बार जानकारी आप खुद दे देते हैं। इसलिए साइबर सिक्योरिटी की शुरुआत तकनीक से नहीं, जागरूकता से होती है। सवाल: अगर कोई साइबर फ्रॉड का शिकार हो जाए तो सबसे पहले क्या करना चाहिए? जवाब: सबसे पहले घबराकर चुप नहीं बैठना चाहिए। जितनी जल्दी घटना की जानकारी संबंधित बैंक या सर्विस प्रोवाइडर को दी जाए, उतना बेहतर है। आधिकारिक साइबर क्राइम चैनल पर शिकायत करें और घटना से जुड़े सभी सबूत संभालकर रखें- मैसेज, फोन नंबर, ईमेल, स्क्रीनशॉट, ट्रांजैक्शन डिटेल आदि। साइबर क्राइम में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है, इसलिए शर्म या डर के कारण शिकायत करने में देरी नहीं करनी चाहिए। सवाल: इतने सालों की इन्वेस्टिगेशन के बाद आम लोगों के लिए आपका सबसे जरूरी संदेश क्या है? जवाब: डिजिटल दुनिया में सुविधा के साथ जिम्मेदारी भी आती है। किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी या पासवर्ड शेयर न करें, पुराने डिवाइस से अकाउंट लॉगआउट करें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें। कोई मैसेज आपको डराए या लालच दे और तुरंत फैसला लेने के लिए कहे तो सबसे पहले रुकिए और उसकी पुष्टि कीजिए। मेरी नजर में साइबर क्राइम से बचने का सबसे मजबूत हथियार जागरूकता है। सवाल: आगे आपका फोकस किस दिशा में है? जवाब: मैं चाहता हूं कि भारत में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित और प्रमाणित साइबर प्रोफेशनल तैयार हों। अभी जरूरत सिर्फ अपराध होने के बाद उसकी जांच करने की नहीं है, बल्कि अपराध होने से पहले लोगों को जागरूक करने की भी है। अगर हमारी एक कहानी, एक ट्रेनिंग या एक छोटी-सी जानकारी किसी व्यक्ति को साइबर फ्रॉड से बचा देती है तो वही सबसे बड़ी सफलता है। पैसा और तारीफ कमाना आसान हो सकता है, लेकिन लोगों का भरोसा और प्यार कमाना सबसे मुश्किल है।

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 5:30 am

बिपाशा बसु ने प्रेग्नेंसी के बाद ट्रोलिंग झेली:पैपराजी ने खींचीं अजीब तस्वीरें; बोलीं- 40 की उम्र में 20 जैसे फिगर की उम्मीद गलत

एक्ट्रेस बिपाशा बसु ने हाल ही में बताया कि उनकी बेटी के जन्म के बाद वजन और शरीर को लेकर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। बिपाशा ने ‘एल इंडिया’ से बातचीत में कहा कि महिलाओं से उम्मीद की जाती है कि वे बच्चे को जन्म देने के बाद भी 20 साल की उम्र जैसा शरीर बना लें। बिपाशा बोलीं- महिलाओं के शरीर को लेकर सोच अजीब बिपाशा ने कहा, “आज भी महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली बातें काफी अजीब हैं। ऐसा लगता है कि बच्चे को जन्म देने के बाद 40 की उम्र में भी आपको 20 साल की उम्र जैसी बॉडी में वापस आ जाना चाहिए।” उन्होंने कहा, “20 साल की महिला से जो उम्मीद की जाती है, वही 40 साल की महिला से भी की जाती है। अगर आप जल्दी अपनी पुरानी शेप में नहीं लौटतीं, तो आपको ट्रोल किया जाएगा। लोग बहुत बेरहमी से पेश आएंगे।” बिपाशा बोलीं- पैपराजी ने मेरी अजीब तस्वीरें खींचीं बिपाशा ने बेटी देवी के जन्म के बाद खुद इसका सामना किया। उन्होंने कहा, “मुझे बहुत ज्यादा ट्रोलिंग झेलनी पड़ी। कुछ पैपराजी ने मेरी बेहद अजीब तस्वीरें खींचीं। वे यह नहीं देखते कि एक महिला कितनी मेहनत कर रही है। बच्चे के साथ उसे कितना कुछ संभालना पड़ता है। उसकी जिंदगी, लाइफस्टाइल और निजी परेशानियां भी होती हैं, लेकिन किसी को इसकी परवाह नहीं होती। हर कोई बस यही चाहता है कि महिला जल्दी अपनी पुरानी बॉडी शेप में लौट आए।” बिपाशा बोलीं- ट्रोलिंग उन्हें तोड़ नहीं सकती बिपाशा ने कहा, “मैं बेहद आत्मविश्वासी इंसान हूं, इसलिए किसी भी तरह की ट्रोलिंग मुझे तोड़ नहीं सकती। मुझे पता है कि मेरा सफर क्या है, मुझे पता है कि मुझे कौन-सी मेहनत करनी है और कब करनी है। मैं उसी के हिसाब से आगे बढ़ूंगी।” बिपाशा ने यह भी कहा कि मैंने सभी से खुद से प्यार करो की बात कहना शुरू किया, क्योंकि मुझे एहसास हुआ कि बात सिर्फ अच्छा दिखने की नहीं है। यह उससे कहीं ज्यादा अंदर की चीज है। आपको हेल्दी रहना जरूरी है। शादी के 6 साल बाद बेटी का जन्म हुआ था बिपाशा बसु और करण सिंह ग्रोवर ने शादी के 6 साल बाद बेटी का स्वागत किया था। उनकी बेटी देवी का जन्म 12 नवंबर 2022 को हुआ था। बिपाशा कुछ समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। प्रेग्नेंसी के बाद उनके वजन बढ़ने को लेकर भी काफी चर्चा हुई है। इसी बीच उन्होंने बच्चे के जन्म के बाद हुई ट्रोलिंग का अनुभव साझा किया। इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया था बेटी का नाम बिपाशा ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर बेटी के जन्म की जानकारी दी थी। इसी पोस्ट में उन्होंने बेटी का नाम भी बताया था। पोस्ट में लिखा था, “12.11.2022. देवी बसु सिंह ग्रोवर। हमारे प्यार और मां के आशीर्वाद का साकार रूप अब हमारे साथ है और वह दिव्य है।” इंटरव्यू में बेटी पर बात करते हुए बिपाशा ने कहा, “मैं अपनी जिंदगी के कुछ हिस्से शेयर करती हूं, क्योंकि मुझे ऐसा करना अच्छा लगता है और मुझे अपनी जिंदगी पर गर्व है, लेकिन मैं नहीं चाहती कि इतनी कम उम्र में मेरी बेटी को किसी तरह के जजमेंट का सामना करना पड़े। मुझे लगता है कि यह हर किसी की अपनी पसंद है। आप जितना प्राइवेट रहना चाहें, रह सकते हैं और जितना पब्लिक रहना चाहें, रह सकते हैं।” एक्ट्रेस ने आगे कहा कि जब देवी अचानक मुझे खूबसूरत कहती है, तो यह बात सीधे दिल को छू जाती है। मुझे लगता है कि अब मुझे किसी और से कॉम्प्लिमेंट की जरूरत नहीं है, क्योंकि मेरी बेटी मुझे खूबसूरत मानती है।” ……………. यह खबर भी पढ़ें… मृणाल ठाकुर ने बिपाशा पर किए कमेंट्स पर माफी मांगी:पुराने वीडियो पर सफाई देते हुए कहा- बॉडी शेमिंग करने का इरादा नहीं था पिछले साल मृणाल ठाकुर ने पुराने वायरल वीडियो में बिपाशा बसु पर किए कमेंट्स को लेकर माफी मांगी थी। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा था कि 19 साल की उम्र में उन्होंने कई बेवकूफी भरी बातें की थीं। उन्हें तब अपने शब्दों के असर का अंदाजा नहीं था। मृणाल ने कहा था कि उनका किसी की बॉडी शेमिंग करने का इरादा नहीं था। वह इंटरव्यू में मजाक कर रही थीं, जो ज्यादा हो गया था। उन्होंने माना था कि उन्हें अपने शब्द अलग तरह से चुनने चाहिए थे। मृणाल ने यह भी कहा था कि समय के साथ उन्होंने समझा कि खूबसूरती हर रूप में होती है। वीडियो वायरल होने के बाद उनकी आलोचना हुई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 5:00 am

शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड को दिया था जवाब:बोले थे- ‘पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो’; फिल्म नहीं करूंगा; डायरेक्टर ने सुनाया किस्सा

फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने हाल ही में बताया कि 1990 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड से बॉलीवुड को धमकियां मिलती थीं। उन्होंने बताया कि धमकी मिलने के बावजूद शाहरुख खान ने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार किया और कहा था- “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो।” यह बात फिल्ममेकर ने राइटर हुसैन जैदी के यूट्यूब चैनल पर बताई। सेट पर पहुंच जाते थे अंडरवर्ल्ड के लोग संजय गुप्ता ने बताया कि 1990 के दशक में मुंबई में अंडरवर्ल्ड से फिल्म इंडस्ट्री भी अछूती नहीं थी। कई प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, एक्टर और एक्ट्रेस लगातार डर के माहौल में काम कर रहे थे। अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग कभी फोन करते थे तो कभी सीधे शूटिंग सेट पर पहुंच जाते थे। संजय गुप्ता ने बताया कि उस समय कई बार ऐसे लोग फिल्म के सेट पर आकर बैठ जाते थे। उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं होती थी कि वहां कौन शूटिंग कर रहा है। वे आराम से सेट पर मौजूद रहते और अपनी बात मनवाने की कोशिश करते थे। उन्होंने बताया कि अंडरवर्ल्ड की तरफ से फिल्म बनाने और कलाकारों को कास्ट करने तक में दखल दिया जाता था। एक बार उनके पास एक प्रोड्यूसर आया और उसने कई बड़े कलाकारों के साइन किए हुए लेटर दिखाए। संजय के मुताबिक, ये साइनिंग लेटर थे, जिनमें लिखा था कि संबंधित कलाकार उस प्रोड्यूसर की फिल्म में काम करेंगे। प्रोड्यूसर ने उनसे कहा था कि उसके पास लगभग सभी बड़े कलाकारों के साइन हैं और वह जिस अभिनेता के साथ संजय को काम करना हो, उसका नाम बता दें। इसके पीछे अंडरवर्ल्ड का दबाव बताया गया। शाहरुख ने झुकने से इनकार किया था इसी बातचीत में संजय गुप्ता ने शाहरुख का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में वह ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने अंडरवर्ल्ड के सामने झुकने से इनकार कर दिया था। संजय के मुताबिक, जब शाहरुख को धमकी दी गई तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह अंडरवर्ल्ड के लिए कोई फिल्म नहीं करेंगे और न ही उनके कहने पर शो करेंगे। उन्होंने शाहरुख के रवैये को याद करते हुए कहा कि उनका जवाब था- “पठान हूं, गोली मारनी है तो मार दो। उससे डरता नहीं हूं।” संजय गुप्ता ने कहा कि शाहरुख ने सीधे तौर पर उनके साथ काम करने से इनकार कर दिया। फिल्ममेकर के मुताबिक, इसी वजह से अंडरवर्ल्ड के लोग भी शाहरुख की इज्जत करने लगे थे। संजय ने कहा कि उन्हें लगा कि इंडस्ट्री में कम से कम एक ऐसा व्यक्ति है, जो सीधे उनके सामने खड़ा है। संजय गुप्ता को भी धमकी मिली थी बातचीत में संजय गुप्ता ने अपना एक पुराना अनुभव भी सुनाया। उन्होंने बताया कि साल 1992-93 में उन्हें अंडरवर्ल्ड की तरफ से फोन आया था। उस समय वह अपनी फिल्म ‘आतिश’ और ‘रामशास्त्र’ पर काम कर रहे थे। एक सुबह उनके घर पर फोन आया। दूसरी तरफ से व्यक्ति ने खुद को ‘नाना’ बताया। संजय को समझ नहीं आया कि कौन नाना है? बाद में उन्हें पता चला कि फोन छोटा राजन का था। संजय के मुताबिक, फोन पर उन्हें गालियां दी गईं। इसके बाद एक प्रोड्यूसर के जरिए उन्हें पता चला कि मामला सीरियस है। उन्हें बताया गया कि उनके खिलाफ कुछ लोगों को भेजा गया है। उन्होंने तुरंत संजय दत्त को फोन किया और कहा कि उन्हें घर से बाहर निकालने में मदद करें। इसके बाद संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की सरकारी गाड़ी उनके घर भेजी। संजय गुप्ता पीछे के रास्ते से उस गाड़ी में बैठकर वहां से निकल गए। इसके बाद कहानी में एक बड़ा मोड़ आया। संजय दत्त के घर पर रहते हुए संजय गुप्ता को अभिनेता आदित्य पंचोली का फोन आया। उन्होंने पूछा कि संजय कहां हैं और कहा कि उन्हें उनसे तुरंत मिलना है। कुछ देर बाद आदित्य पंचोली वहां पहुंचे और संजय गुप्ता को गले लगाकर कहा- “आई एम सॉरी यार, ये सब मेरी गलती है।” संजय ने उनसे पूछा कि उनकी गलती कैसे? तब आदित्य ने बताया कि पिछली रात वह दोस्तों के साथ शराब पी रहे थे। बातचीत में आदित्य ने कहा था कि ‘आतिश’ में उनका रोल बहुत अच्छा है और इससे उनका करियर बन सकता है, लेकिन ‘रामशास्त्र’ में उनका रोल उतना अच्छा नहीं है। आदित्य ने कहा था कि अगर संजय गुप्ता पर थोड़ा दबाव डाला जाए तो शायद वह ‘रामशास्त्र’ में उनका रोल बेहतर कर देंगे। संजय के मुताबिक, आदित्य ने सीधे फोन नहीं किया था, लेकिन किसी तरह उनकी यह बात आगे पहुंची और मामला धमकी तक पहुंच गया। इसके बाद संजय गुप्ता को फोन कर डराया गया। फोन पर फिर मांगा गया सिर्फ एक बदलाव आखिरकार संजय गुप्ता की अंडरवर्ल्ड से दोबारा बात कराई गई। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें लगा था कोई उनके साथ मजाक कर रहा है और उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि सामने से ऐसा फोन आएगा। संजय के मुताबिक, दूसरी तरफ से उन्हें शांत रहने को कहा गया। फिर कहा गया कि ‘रामशास्त्र’ में आदित्य पंचोली का रोल थोड़ा और अच्छा कर दें। संजय ने बताया कि उन्होंने कहा कि रोल पहले से अच्छा है लेकिन सामने से फिर कहा गया कि जितना हो सके, रोल को और बेहतर कर दें।

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 4:25 am

मिर्जापुर द मूवी ने बनाया रिकॉर्ड:₹25.75 करोड़ की ओपनिंग के साथ एक्सेल एंटरटेनमेंट की सबसे बड़ी ओपनर बनी; 'गोल्ड', 'रईस' को पीछे छोड़ा

मिर्जापुर द मूवी ने पहले दिन ₹25.75 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। जिसके बाद यह एक्सेल एंटरटेनमेंट के 25 साल के इतिहास में सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई। सैक्निल्क के मुताबिक, फिल्म ने 8 साल से कायम फिल्म गोल्ड का रिकॉर्ड तोड़ा है। गोल्ड ने पहले दिन ₹25.25 करोड़ कमाए थे। इस तरह मिर्जापुर द मूवी ने नया रिकॉर्ड ₹0.50 करोड़ के अंतर से बनाया है। एक्सेल की बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ा मिर्जापुर द मूवी ने एक्सेल एंटरटेनमेंट की पिछली बड़ी फिल्मों गोल्ड, रईस, गली बॉय और फुकरे 3 से बेहतर शुरुआत की है। यह स्टूडियो के 25 साल के इतिहास में नंबर-1 ओपनर बन गई। फिल्म की ओपनिंग रईस से ₹5 करोड़ से ज्यादा, गली बॉय से ₹6 करोड़ से ज्यादा और डॉन 2 से ₹10 करोड़ से ज्यादा आगे है। एक्सेल एंटरटेनमेंट की प्रमुख फिल्में एक्सेल एंटरटेनमेंट ने 2001 में दिल चाहता है के साथ शुरुआत की थी। इसके बाद स्टूडियो ने लक्ष्य, डॉन और रॉक ऑन!! जैसी फिल्में दीं। 2011 से 2019 के दौर में स्टूडियो की प्रमुख फिल्मों में जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, फुकरे, दिल धड़कने दो, रईस और गली बॉय शामिल रहीं। 2020 से 2023 के OTT दौर में तूफान, हैलो चार्ली, फोन भूत और फुकरे 3 रिलीज हुईं। 2024 से 2026 के थिएट्रिकल रिसर्जेंस दौर में मडगांव एक्सप्रेस, सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव और मिर्जापुर द मूवी प्रमुख फिल्में हैं। मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। 2018 में शुरुआत के बाद मिर्जापुर भारतीय स्ट्रीमिंग की सबसे ज्यादा चर्चित, मीम्स में इस्तेमाल होने वाली और दोबारा देखी जाने वाली सीरीज में शामिल रही है। फिल्म की रिलीज से पहले नेशनल चेन्स में एडवांस बुकिंग 55,000 से ज्यादा टिकट तक पहुंच गई थी। शुरुआती ट्रैकर्स ने फिल्म के ₹25 करोड़ से ज्यादा की ओपनिंग करने की संभावना जताई थी। फिल्म ने यह आंकड़ा लगभग उसी स्तर पर हासिल किया। दूसरी ओर शुक्रवार को ‘हनुमान अंश’ ने 5,055 शोज के साथ ₹10.00 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹97.77 करोड़ और नेट कलेक्शन ₹82.88 करोड़ हो गया। करण जौहर ने कहा- ‘सॉलिड, कड़क और मसालेदार फिल्म’फिल्ममेकर करण जौहर ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’ देखने के बाद फिल्म की तारीफ की है। फिल्म रिलीज होने के बाद उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इसका ट्रेलर शेयर किया और अपना रिएक्शन दिया।करण जौहर ने लिखा, “मिर्जापुर एक सॉलिड, कड़क और मसालेदार फिल्म है। मुझे यह सीरीज बहुत पसंद है और मैंने फिल्म को भी खूब एंजॉय किया। सभी पुराने और फेमस किरदार शानदार हैं और नए किरदारों के लिए भी जगह बनाते हैं। अगर आपने सीरीज नहीं भी देखी है, तब भी आपको फिल्म पसंद आएगी।” गौरतलब है कि मिर्जापुर द मूवी एक्सेल एंटरटेनमेंट की पहली बड़ी थिएट्रिकल फिल्मों में से एक है, जो एक सफल स्ट्रीमिंग फ्रेंचाइजी से आई है। 'मिर्जापुर' सीरीज अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई थी। 'मिर्जापुर' का पहला सीजन 16 नवंबर 2018 को रिलीज हुआ था, जिसमें कुल 9 एपिसोड थे। इसके बाद दूसरा सीजन 23 अक्टूबर 2020 को आया, जिसमें 10 एपिसोड शामिल थे। वहीं, तीसरा सीजन 5 जुलाई 2024 को रिलीज किया गया। इस सीजन में भी कुल 10 एपिसोड थे। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु शर्मा के अलावा श्वेता त्रिपाठी, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, अभिषेक बनर्जी, रसिका दुग्गल, श्रिया पिलगांवकर, हर्षिता गौर, सुशांत सिंह, मोहित मलिक, शीबा चड्ढा, राजेश तैलंग, कुलभूषण खरबंदा, सोनल चौहान, प्रमोद पाठक और अनंग्शा बिस्वास भी नजर आ रहे हैं। .............यह खबर भी पढ़ें… मूवी रिव्यू- मिर्जापुरः द फिल्म:मुन्ना का पागलपन, कालीन भैया का ठहराव और गुड्डू का गुस्सा, ‘मिर्जापुर’ में फिर गरजी बंदूकें, लेकिन कहानी हुई लंबी मिर्जापुर की दुनिया में कानून से ज्यादा ताकतवर है बंदूक और बंदूक से ज्यादा ताकतवर है सही वक्त पर चली गई चाल। तीन सीजन तक ओटीटी पर इस दुनिया का भौकाल देखने के बाद अब गुरमीत सिंह इसे बड़े पर्दे पर लेकर आए हैं। अच्छी बात यह है कि फिल्म को सिर्फ सीरीज का लंबा एपिसोड बनाने की कोशिश नहीं की गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 3:51 pm

हनुमान अंश 2 करोड़ में बनी-कमाई 72 करोड़ से ज्यादा:भारत में बनी 6 फिल्मों ने बजट के मुकाबले औसतन 7 गुना कमाए

इन दिनों छोटे बजट की फिल्मों का ट्रेंड है। ‘हनुमान अंश’ ने भारत में ₹72.88 करोड़ नेट और ₹85.97 करोड़ ग्रॉस कलेक्शन किया है। वहीं, इस फिल्म का बजट 1.8-2 करोड़ रु. के बीच रहा। फिल्म ने 500% से ज्यादा रिटर्न दिया है। हनुमान अंश ने बड़े बजट की फिल्मों को भी प्रदर्शन के मामले में पीछे छोड़ दिया। इसी तरह हाल ही में रिलीज हुई ‘अवारापन 2’ ने भारत में ₹148.40 करोड़ नेट कलेक्शन किया है। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस ₹210.20 करोड़ रहा। करीब ₹65 करोड़ के बजट वाली फिल्म ने 128% रिटर्न हासिल किया है। भारत में बनी 6 फिल्मों का संपूर्ण बजट 102 करोड़ रु. रहा, इनकी कुल कमाई करीब 756 करोड़ रु. पहुंच गई है, यानी बजट से औसतन 7 गुना कमाई। इनमें हॉलीवुड फिल्में शामिल नहीं हैं। साउथ की इन 4 फिल्मों ने बनाए रिकॉर्ड अनगनागा ओका राजू: 8 करोड़ रुपए के बजट में बनी थी। फिल्म ने भारत में लगभग ₹53.4 करोड़ का नेट कलेक्शन किया, वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹100.20 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। वाजा-2: मलयालम फिल्म ‘वाजा II’ करीब ₹13 करोड़ रुपए के बजट में बनी। फिल्म ने दुनियाभर में करीब ₹235.26 रुपए करोड़ कमाए और ब्लॉकबस्टर साबित हुई। थाई किझावी: तमिल फिल्म ‘थाई किझावी’ करीब ₹10 करोड़ रुपए के बजट में बनी। दुनियाभर में इस फिल्म ने करीब ₹80-85 करोड़ रु. का कलेक्शन किया। इसे स्लीपर ब्लॉकबस्टर कहा गया। विथ लव: तमिल रोमांटिक ड्रामा ‘विथ लव’ को बनाने में करीब ₹4 करोड़ खर्च हुए। इस फिल्म ने दुनियाभर में करीब ₹39-40 रुपए करोड़ का कलेक्शन किया। हॉलीवुड में भी यही चलन ऑब्सेशन: यह ₹6.29 करोड़ ($7.5 लाख) के बजट में बनी थी। इसने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर ₹3,381.97 करोड़ की रिकॉर्ड कमाई की। बैकरूम्स: यह हॉरर फिल्म ₹83.92 करोड़ के मामूली बजट में बनी थी और इसका वैश्विक कलेक्शन ₹3,307.28 करोड़ तक पहुंचा। पेगासस 3: बजट ₹62.94 करोड़ था, जिसके मुकाबले फिल्म ने दुनियाभर में ₹5,508.00 करोड़ का विशाल ग्रॉस कलेक्शन खड़ा किया। यह फिल्म मेगा ब्लॉकबस्टर घोषित हुई हैं।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 3:18 pm

ईशा रिखी ने बादशाह से तलाक पर चुप्पी तोड़ी:कहा- निजी जिंदगी का तमाशा नहीं बनाऊंगी, कहने को बहुत कुछ; 5 महीने में टूटी सीक्रेट शादी

पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी ने रैपर-सिंगर बादशाह से अलग होने की पहली बार पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दोनों अलग हो चुके हैं, लेकिन वह अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक तमाशा नहीं बनाना चाहतीं। ईशा रिखी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा, “कहने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहती। यह सब अतीत में है और मैं अपनी जिंदगी के इस अध्याय को सम्मान के साथ खत्म करना चाहती हूं।” ईशा ने कहा, “मैं सार्वजनिक तौर पर अपनी निजी जिंदगी का तमाशा नहीं बनाना चाहती। मैं लोगों के सामने अपने निजी रिश्ते की गंदगी नहीं फैलाऊंगी, क्योंकि मैं ऐसी नहीं हूं।” जब उनसे बादशाह के साथ मौजूदा रिश्ते के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “यह बहुत जटिल है। मैं उस दिन का इंतजार कर रही हूं, जब मैं इस बारे में पूरी तरह बात कर सकूं। जब मुझमें सभी सवालों का सामना करने और उनके जवाब देने की ताकत होगी। लेकिन अभी मैं ऐसी लड़ाई लड़ रही हूं।” ईशा ने कहा, “मैं सिर्फ इसलिए कड़वी इंसान नहीं बनना चाहती, क्योंकि मेरे साथ कुछ खराब चीजें हुईं। लेकिन मुझे पता है कि मुझे ठीक होने में काफी समय लग सकता है।” सोशल मीडिया के जरिए की तलाक की घोषणा रैपर बादशाह और पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी ने सोशल मीडिया के जरिए सीक्रेट शादी के 5 महीने बाद ही एक-दूसरे से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बादशाह ने लिखा, हमारा यह फैसला आपसी सहमति से लिया गया है। हम सभी से गुजारिश करते हैं कि इस समय हमारी प्राइवेसी का ध्यान रखें। इस मुद्दे पर हमारा यह पहला और आखिरी बयान है, इसलिए हमारी रिलेशनशिप को लेकर आगे कोई अंदाजा न लगाया जाए। ईशा रिखी ने भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर यही बयान शेयर किया है। जुलाई से सामने आ रही थीं अनबन की खबरेंबादशाह और ईशा रिखी के रिश्ते में तनाव की खबरें जुलाई के महीने में आनी शुरू हुई थीं। 26 जुलाई को ईशा ने बादशाह के साथ अपनी कई तस्वीरें और वीडियो शेयर करते हुए एक पोस्ट लिखी थी। इसमें उन्होंने 'हर तूफान एक सीख है' लिखकर दिल टूटने वाला इमोजी लगाया था। इसके बाद ईशा ने एक नोट में लिखा था कि वे लंबे समय तक डर की वजह से चुप रहीं, लेकिन अब वे अपने आत्मसम्मान के लिए बोल रही हैं। इसी बीच ईशा की मां पूनम रिखी ने भी सोशल मीडिया पर कर्म से जुड़ी पोस्ट शेयर की थीं। जून में ही किया था शादी का खुलासाईशा रिखी ने इसी साल जून में इंस्टाग्राम पर 'आस्क मी एनीथिंग' सेशन के दौरान बादशाह के साथ अपनी शादी की पुष्टि की थी। हालांकि शादी के बाद भी दोनों सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के बारे में ज्यादा बात करने से बचते रहे। वहीं अब रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ईशा रिखी जल्द ही सलमान खान के रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' का हिस्सा बन सकती हैं। बादशाह का दूसरा तलाक, पहली पत्नी से है एक बेटीयह रैपर बादशाह का दूसरा तलाक है। इससे पहले उन्होंने 2012 में जैस्मिन मसीह से शादी की थी। साल 2017 में दोनों की एक बेटी हुई, जिसका नाम जेसेमी ग्रेस मसीह सिंह है। हालांकि मतभेदों के बाद बादशाह और जैस्मिन साल 2020 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। इसके बाद बादशाह की जिंदगी में ईशा रिखी की एंट्री हुई थी। तलाक के ऐलान के बीच बादशाह का नया गाना रिलीजबादशाह, जिनका असली नाम आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया है, ने अपने संगीत सफर की शुरुआत साल 2006 में 'माफिया मुंडीर' ग्रुप से की थी। साल 2013 में दिलजीत दोसांझ के साथ आए पंजाबी गाने 'प्रॉपर पटोला' और साल 2015 के 'डीजे वाले बाबू' से उन्हें देशभर में बड़ी पहचान मिली। इसके बाद साल 2014 में उन्होंने फिल्म 'हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया' के गाने 'सैटरडे सैटरडे' और 'खूबसूरत' के गाने 'अभी तो पार्टी शुरू हुई है' से बॉलीवुड में कदम रखा। पर्सनल लाइफ में चल रही हलचल के बीच बादशाह का नया मराठी हिप-हॉप गाना 'चिमना' 31 अगस्त को रिलीज हुआ है। इसमें उन्होंने दिव्या कुमार और मराठी लोक कलाकार नागेश मोरवेकर के साथ काम किया है। बादशाह के करियर से जुड़े विवाद ……………………………………. ये खबर भी पढ़ें हनी सिंह ने बादशाह को नालायक औलाद कहा:बादशाह बोले थे- मैंने अपना नाम खुद चुना; यो यो ने पुरानी क्लिप शेयर कर सच बताया रैपर बादशाह और यो यो हनी सिंह का पुराना विवाद एक बार फिर सामने आ गया है। कॉमेडियन समय रैना के शो के दौरान समय ने बादशाह से उनके स्टेज नाम 'बादशाह' को लेकर सवाल किया। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 12:54 pm

रामायण मेकर्स ने जन्माष्ठमी पर रावण का पोस्टर शेयर किया:जमकर हुई आलोचना; क्या ये मेकर्स की प्रमोशनल स्ट्रेटेजी, जानिए नेगेटिव पब्लिसिटी से कैसे होता है फायदा-नुकसान

रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण के मेकर्स ने जन्माष्ठमी के दिन रावण का पोस्टर शेयर कर दिया, जिसके चलते उनकी जमकर आलोचना की जा रही है। कुछ यूजर्स इस चूक से हैरान हैं, तो वहीं कुछ का मानना है कि चर्चा में आने के लिए मेकर्स जानबूझकर ऐसी गलतियां करते हैं। सवाल ये है कि अगर मेकर्स जानबूझकर ऐसी गलती करें, तो नेगेटिव पब्लिसिटी से उन्हें क्या फायदा मिलेगा। दरअसल, फिल्मों से जुड़ी ट्रोलिंग या विवाद अगर सिर्फ चर्चा पैदा करता है तो फिल्म को फायदा मिल सकता है, लेकिन अगर विवाद इतना बढ़ जाए कि दर्शकों की धारणा फिल्म के खिलाफ हो जाए, तो नुकसान भी हो सकता है। एक नजर जानिए, कैसे पड़ता है नेगेटिव पब्लिसिटी का फिल्म पर असर- रामायण मेकर्स ने पोस्ट किया रावण का पोस्टर ये पोस्टर फिल्म रामायण के पेज से शुक्रवार शाम को पोस्ट किया गया था। साथ लिखा गया था, देव लोक, पृथ्वी लोक, पाताल लोक, तीनों लोकों में एख ही राज होगा, रावण राज। पोस्टर आते ही सोशल मीडिया पर मेकर्स की आलोचना शुरू होने लगी। लोगों ने इस पर कई सवाल खड़े किए। पोस्टर से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं पहला सवाल- क्या मेकर्स जानबूझकर, पब्लिसिटी बटोरने और चर्चा में आने के लिए ऐसा कर रहे हैं? दूसरा सवाल- क्या फिल्म से जुड़ी सोशल मीडिया टीम ने गलती से पोस्टर शेयर किया? क्या 4 हजार करोड़ के मेगा बजट की इस फिल्म की रिसर्च टीम इतनी कमजोर है, जिन्हें ये भी नहीं पता कि जन्माष्ठमी में क्या पोस्ट करना चाहिए? इन सवालों के जवाब जानिए- नेगेटिव पब्लिसिटी से फिल्मों को कैसे फायदा होता है? 1. फिल्म की फ्री पब्लिसिटी किसी फिल्म का ट्रेलर, गाना या स्टार उतनी चर्चा न पैदा करे, जितनी कोई विवाद पैदा कर देता है। तो मेकर्स को इसका फायदा मिलता है। मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया बहस फिल्म का नाम लगातार लोगों के सामने रखती है। 2. लोगों की उत्सुकता बढ़ती है अगर फिल्म लगातार विवादों में रहती है, तो दर्शक के मन में सवाल उठता है कि आखिर फिल्म में ऐसा क्या है कि इतना विवाद हो रहा है? यही उत्सुकता कई बार टिकट खरीदने की वजह बन जाती है। इसे इन फिल्मों के उदाहरण से समझिए- 'द कश्मीर फाइल्स' (2022):फिल्म की रिलीज से पहले और बाद में इसके कंटेंट और राजनीतिक इंटरप्रेटेशन को लेकर जबरदस्त बहस हुई। विवाद ने फिल्म को लगातार हैडलाइन में बनाए रखा। नतीजा यह हुआ कि कम बजट की फिल्म को कई लोगों ने देखा, जिससे फिल्म हिट हुई। अगर फिल्म से जुड़ा कोई विवाद न होता, तो फिल्म चर्चा में न आती। 'पद्मावत' (2018): फिल्म को लेकर राजपूत संगठनों का विरोध, कर्णी सेना का आंदोलन, शूटिंग के दौरान तोड़फोड़ और रिलीज रोकने की मांग तक हुई। विवाद इतना बड़ा हुआ कि फिल्म की रिलीज से पहले ही इसका नाम देशभर में चर्चा का विषय बन गया। लगातार टलने वाली फिल्म जब रिलीज हुई, तो लोग विवाद समझने के लिए ही बढ़-चढ़कर फिल्म देखने गए, जिससे फिल्म के कलेक्शन में फायदा हुआ। 'द केरला स्टोरी' (2023): फिल्म के कथानक और उसके आंकड़ों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद हुआ। कुछ राज्यों में इसे लेकर विरोध और प्रतिबंध की खबरें आईं, जबकि दूसरी तरफ समर्थकों ने इसे देखने की अपील की। इससे फिल्म को जबरदस्त एक्सपोजर मिला और फिल्म हिट रही। नेगेटिव पब्लिसिटी हमेशा काम नहीं करती? कंट्रोवर्सी तभी फायदा देती है जब दर्शकों की उत्सुकता, फिल्म के खिलाफ बनी नेगेटिविटी से ज्यादा मजबूत हो। इसके उलट कुछ फिल्मों में विवाद ने दर्शकों को फिल्म से दूर भी किया। 'लक्ष्मी' (2020): फिल्म के टाइटल और कथित धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपों को लेकर विवाद हुआ। बॉयकॉट की मांग हुई और सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। फिल्म विवाद से चर्चा में रही, लेकिन विवाद इतना बड़ा नहीं था, जो उत्सुकता पैदा कर सके। 'आदिपुरुष' (2023): फिल्म के डायलॉग, VFX और रामायण के किरदारों को मॉडर्नाइजेशन कर दिखाने को लेकर रिलीज के बाद भारी आलोचना हुई। यहां नेगेटिव पब्लिसिटी, फिल्म के कॉन्सेप्ट से आगे निकल गई। दर्शकों का एक बड़ा हिस्सा फिल्म की आलोचना करने लगा और वर्ड ऑफ माउथ खराब हुआ। लगातार हो रही है रामायण की आलोचना कास्टिंग पर विवादः बीफ विवाद में रहे रणबीर कपूर को रामायण में भगवान श्री राम का किरदार दिए जाने की लंबे समय से आलोचना हो रही है। इसके अलावा ठीक से हिंदी नहीं बोलने वालीं साई पल्लवी के सीता बनने पर भी विवाद है। रकुलप्रीत सिंह के शूर्पणखा वाले 'ग्लैमरस लुक' पर मीम बन रहे। ट्रेलर में स्टारकास्ट के पहनावे पर सवालः फिल्म का ट्रेलर आने के बाद कैकेयी का किरदार निभा रहीं लारा दत्ता के पहनावे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। फैंस का मानना है कि लारा दत्ता फिल्म में किसी मॉडर्न डेली सोप की बहु के गेटअप में लग रही हैं। फिल्म के VFX, बजट की भी आलोचनाः ट्रेलर लॉन्च होने के बाद फिल्म के ग्राफिक्स की आलोचना की जा रही थी। इस पर रणबीर कपूर ने सफाई में कहा कि स्मार्टफोन और खराब इंटरनेट कनेक्शन पर लोग ट्रेलर देखकर विजुअल इफेक्ट्स को जज कर रहे हैं। मेकर्स ने दर्शकों से फिल्म को IMAX 3D में देखने का आग्रह किया है। रामलीला महासंघ ने उठाए सवालः श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म के डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोडक्शन कंपनी को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है। महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने मांग की है कि इस दिवाली पर देश-विदेश में रिलीज होने से पहले यह फिल्म उनके प्रतिनिधिमंडल को दिखाई जाए। महासंघ का कहना है कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक फिल्म में ऐसे कई सीन हो सकते हैं, जो हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। अगर विवादित सीन नहीं हटाए गए तो सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ ने अपने पत्र में साल 2023 में आई फिल्म 'आदिपुरुष' का उदाहरण दिया है। अर्जुन कुमार ने याद दिलाया कि भूषण कुमार के प्रोडक्शन और प्रभास-सैफ अली खान स्टारर इस फिल्म के कई दृश्यों पर सनातन समाज और रामलीला से जुड़े लोगों ने कड़ा विरोध जताया था। उस फिल्म में सोने की लंका को काला दिखाया गया था और महाज्ञानी रावण व उसकी सेना का चित्रण मंगोल लुटेरों की तरह किया गया था। इस भारी विरोध के कारण करोड़ों के बजट में बनी वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 11:37 am

रामायण मेकर्स ने जन्माष्ठमी में रावण का पोस्टर शेयर किया:जमकर हुई आलोचना; क्या ये मेकर्स की प्रमोशनल स्ट्रेटेजी, जानिए नेगेटिव पब्लिसिटी से कैसे होता है फायदा-नुकसान

रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायण के मेकर्स ने जन्माष्ठमी के दिन रावण का पोस्टर शेयर कर दिया, जिसके चलते उनकी जमकर आलोचना की जा रही है। कुछ यूजर्स इस चूक से हैरान हैं, तो वहीं कुछ का मानना है कि चर्चा में आने के लिए मेकर्स जानबूझकर ऐसी गलतियां करते हैं। सवाल ये है कि अगर मेकर्स जानबूझकर ऐसी गलती करें, तो नेगेटिव पब्लिसिटी से उन्हें क्या फायदा मिलेगा। दरअसल, फिल्मों से जुड़ी ट्रोलिंग या विवाद अगर सिर्फ चर्चा पैदा करता है तो फिल्म को फायदा मिल सकता है, लेकिन अगर विवाद इतना बढ़ जाए कि दर्शकों की धारणा फिल्म के खिलाफ हो जाए, तो नुकसान भी हो सकता है। एक नजर जानिए, कैसे पड़ता है नेगेटिव पब्लिसिटी का फिल्म पर असर- रामायण मेकर्स ने पोस्ट किया रावण का पोस्टर ये पोस्टर फिल्म रामायण के पेज से शुक्रवार शाम को पोस्ट किया गया था। साथ लिखा गया था, देव लोक, पृथ्वी लोक, पाताल लोक, तीनों लोकों में एख ही राज होगा, रावण राज। पोस्टर आते ही सोशल मीडिया पर मेकर्स की आलोचना शुरू होने लगी। लोगों ने इस पर कई सवाल खड़े किए। पोस्टर से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं पहला सवाल- क्या मेकर्स जानबूझकर, पब्लिसिटी बटोरने और चर्चा में आने के लिए ऐसा कर रहे हैं? दूसरा सवाल- क्या फिल्म से जुड़ी सोशल मीडिया टीम ने गलती से पोस्टर शेयर किया? क्या 4 हजार करोड़ के मेगा बजट की इस फिल्म की रिसर्च टीम इतनी कमजोर है, जिन्हें ये भी नहीं पता कि जन्माष्ठमी में क्या पोस्ट करना चाहिए? इन सवालों के जवाब जानिए- नेगेटिव पब्लिसिटी से फिल्मों को कैसे फायदा होता है? 1. फिल्म की फ्री पब्लिसिटी किसी फिल्म का ट्रेलर, गाना या स्टार उतनी चर्चा न पैदा करे, जितनी कोई विवाद पैदा कर देता है। तो मेकर्स को इसका फायदा मिलता है। मीडिया कवरेज और सोशल मीडिया बहस फिल्म का नाम लगातार लोगों के सामने रखती है। 2. लोगों की उत्सुकता बढ़ती है अगर फिल्म लगातार विवादों में रहती है, तो दर्शक के मन में सवाल उठता है कि आखिर फिल्म में ऐसा क्या है कि इतना विवाद हो रहा है? यही उत्सुकता कई बार टिकट खरीदने की वजह बन जाती है। इसे इन फिल्मों के उदाहरण से समझिए- 'द कश्मीर फाइल्स' (2022):फिल्म की रिलीज से पहले और बाद में इसके कंटेंट और राजनीतिक इंटरप्रेटेशन को लेकर जबरदस्त बहस हुई। विवाद ने फिल्म को लगातार हैडलाइन में बनाए रखा। नतीजा यह हुआ कि कम बजट की फिल्म को कई लोगों ने देखा, जिससे फिल्म हिट हुई। अगर फिल्म से जुड़ा कोई विवाद न होता, तो फिल्म चर्चा में न आती। 'पद्मावत' (2018): फिल्म को लेकर राजपूत संगठनों का विरोध, कर्णी सेना का आंदोलन, शूटिंग के दौरान तोड़फोड़ और रिलीज रोकने की मांग तक हुई। विवाद इतना बड़ा हुआ कि फिल्म की रिलीज से पहले ही इसका नाम देशभर में चर्चा का विषय बन गया। लगातार टलने वाली फिल्म जब रिलीज हुई, तो लोग विवाद समझने के लिए ही बढ़-चढ़कर फिल्म देखने गए, जिससे फिल्म के कलेक्शन में फायदा हुआ। 'द केरला स्टोरी' (2023): फिल्म के कथानक और उसके आंकड़ों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विवाद हुआ। कुछ राज्यों में इसे लेकर विरोध और प्रतिबंध की खबरें आईं, जबकि दूसरी तरफ समर्थकों ने इसे देखने की अपील की। इससे फिल्म को जबरदस्त एक्सपोजर मिला और फिल्म हिट रही। नेगेटिव पब्लिसिटी हमेशा काम नहीं करती? कंट्रोवर्सी तभी फायदा देती है जब दर्शकों की उत्सुकता, फिल्म के खिलाफ बनी नेगेटिविटी से ज्यादा मजबूत हो। इसके उलट कुछ फिल्मों में विवाद ने दर्शकों को फिल्म से दूर भी किया। 'लक्ष्मी' (2020): फिल्म के टाइटल और कथित धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपों को लेकर विवाद हुआ। बॉयकॉट की मांग हुई और सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। फिल्म विवाद से चर्चा में रही, लेकिन विवाद इतना बड़ा नहीं था, जो उत्सुकता पैदा कर सके। 'आदिपुरुष' (2023): फिल्म के डायलॉग, VFX और रामायण के किरदारों को मॉडर्नाइजेशन कर दिखाने को लेकर रिलीज के बाद भारी आलोचना हुई। यहां नेगेटिव पब्लिसिटी, फिल्म के कॉन्सेप्ट से आगे निकल गई। दर्शकों का एक बड़ा हिस्सा फिल्म की आलोचना करने लगा और वर्ड ऑफ माउथ खराब हुआ। लगातार हो रही है रामायण की आलोचना कास्टिंग पर विवादः बीफ विवाद में रहे रणबीर कपूर को रामायण में भगवान श्री राम का किरदार दिए जाने की लंबे समय से आलोचना हो रही है। इसके अलावा ठीक से हिंदी नहीं बोलने वालीं साई पल्लवी के सीता बनने पर भी विवाद है। रकुलप्रीत सिंह के शूर्पणखा वाले 'ग्लैमरस लुक' पर मीम बन रहे। ट्रेलर में स्टारकास्ट के पहनावे पर सवालः फिल्म का ट्रेलर आने के बाद कैकेयी का किरदार निभा रहीं लारा दत्ता के पहनावे पर सवाल उठाए जा रहे हैं। फैंस का मानना है कि लारा दत्ता फिल्म में किसी मॉडर्न डेली सोप की बहु के गेटअप में लग रही हैं। फिल्म के VFX, बजट की भी आलोचनाः ट्रेलर लॉन्च होने के बाद फिल्म के ग्राफिक्स की आलोचना की जा रही थी। इस पर रणबीर कपूर ने सफाई में कहा कि स्मार्टफोन और खराब इंटरनेट कनेक्शन पर लोग ट्रेलर देखकर विजुअल इफेक्ट्स को जज कर रहे हैं। मेकर्स ने दर्शकों से फिल्म को IMAX 3D में देखने का आग्रह किया है। रामलीला महासंघ ने उठाए सवालः श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म के डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोडक्शन कंपनी को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है। महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने मांग की है कि इस दिवाली पर देश-विदेश में रिलीज होने से पहले यह फिल्म उनके प्रतिनिधिमंडल को दिखाई जाए। महासंघ का कहना है कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक फिल्म में ऐसे कई सीन हो सकते हैं, जो हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। अगर विवादित सीन नहीं हटाए गए तो सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ ने अपने पत्र में साल 2023 में आई फिल्म 'आदिपुरुष' का उदाहरण दिया है। अर्जुन कुमार ने याद दिलाया कि भूषण कुमार के प्रोडक्शन और प्रभास-सैफ अली खान स्टारर इस फिल्म के कई दृश्यों पर सनातन समाज और रामलीला से जुड़े लोगों ने कड़ा विरोध जताया था। उस फिल्म में सोने की लंका को काला दिखाया गया था और महाज्ञानी रावण व उसकी सेना का चित्रण मंगोल लुटेरों की तरह किया गया था। इस भारी विरोध के कारण करोड़ों के बजट में बनी वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी।

दैनिक भास्कर 5 Sep 2026 11:37 am

ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी

खास खबर 3 Sep 2026 11:41 am

Once More Movie Review | अर्जुन दास और अदिति शंकर की केमिस्ट्री एक उतार-चढ़ाव वाली रोमांटिक कहानी में जान डालती है

अगर आप किस्मत में यकीन रखते हैं, तो ज़िंदगी का सीधा सा मतलब है—'दूसरा मौका'। इसी सोच और उम्मीद पर टिकी है निर्देशक विग्नेश श्रीकांत की रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'वन्स मोर' (Once More)। यह कहानी एक ऐसे इंसान के इर्द-गिर्द घूमती है जो डिप्रेशन के अंधियारे में खुशियों का मतलब भूल चुका है। रघुवरन की बेरंग जिंदगी में जब खुशियों से लबरेज अंजलि की एंट्री होती है, तो कहानी एक नया मोड़ लेती है। क्या है फिल्म की कहानी? फिल्म का मुख्य किरदार रघुवरन (अर्जुन दास) पिछले आठ सालों से एक दुखद अतीत के साए में जी रहा है। एक पुरानी त्रासदी ने प्यार और जीवन के प्रति उसके नजरिए को पूरी तरह बदल दिया है। वह खुद में सिमटा रहता है, तभी उसकी कॉलेज जूनियर अंजलि (अदिति शंकर) अचानक उसकी दुनिया में वापस आती है। अंजलि का उत्साही और चुलबुला स्वभाव रघुवरन के शांत और अकेले रहने की आदत के बिल्कुल उलट है। रघुवरन उसे खुद से दूर करने की हरसंभव कोशिश करता है, लेकिन अंजलि का निश्छल प्यार धीरे-धीरे उसकी खामोशी की दीवार को तोड़ने लगता है। क्या रघुवरन अपने अतीत को भुलाकर अंजलि के साथ जिंदगी को 'एक और मौका' दे पाएगा? फिल्म इन्हीं संवेदनशील सवालों के जवाब तलाशती है। संवेदनशील मुद्दों पर परिपक्व दृष्टिकोण 'वन्स मोर' की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह डिप्रेशन, आत्महत्या, सेम-सेक्स रिलेशनशिप (समलैंगिक संबंध) और इंटिमेसी जैसे संवेदनशील विषयों को बहुत ही सहजता और परिपक्वता से पर्दे पर उतारती है। बिना किसी जजमेंट के चित्रण: फिल्म इन गंभीर विषयों को सिर्फ ड्रामे या सनसनी के लिए इस्तेमाल नहीं करती, बल्कि ये किरदारों की जिंदगी का एक स्वाभाविक हिस्सा लगते हैं। नैतिक सीख से दूरी: कहानी किरदारों को अपनी भावनाएं व्यक्त करने, गलतियां करने और मदद मांगने की पूरी आजादी देती है, बिना उन पर कोई मोरल पुलिसिंग थोपे। अभिनय और किरदारों की केमिस्ट्री अर्जुन दास और अदिति शंकर: अपनी गंभीर छवि के लिए जाने जाने वाले अर्जुन दास ने एक टूटे हुए इंसान से लेकर फिर से मुस्कुराना सीखने वाले प्रेमी के किरदार को बेहद शिद्दत से निभाया है। वहीं, अदिति शंकर अपनी ऊर्जावान और स्क्रीन प्रेजेंस से अंजलि के किरदार को जीवंत बना देती हैं। शुरुआत में उनका तरीका भले ही थोड़ा जोर-जबरदस्ती वाला लगे, लेकिन धीरे-धीरे दर्शक उनकी मासूमियत से जुड़ जाते हैं। इंद्रा और सहायक कलाकार: सोना ओलिकल (इंद्रा के रूप में) रोमांटिक और ड्रामेटिक दोनों दृश्यों में अपना प्रभाव छोड़ती हैं। हालांकि, रघुवरन और इंद्रा के रिश्ते के अचानक खत्म होने की वजह बहुत ठोस नहीं लगती, जो फिल्म को थोड़ा कमजोर बनाती है। देवदर्शिनी, द्रविड़ सेल्वम और अनुषा प्रभु जैसे सहायक कलाकारों ने कहानी को जरूरी हास्य और अपनापन दिया है। तकनीकी पक्ष: संगीत और सिनेमैटोग्राफी फिल्म को संभालने में इसके तकनीकी पहलुओं का बड़ा योगदान रहा है: हेशम अब्दुल वहाब का संगीत: फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और ट्रैक—खासकर 'वा कन्नाम्मा' और 'इधयम' बेहद कर्णप्रिय हैं, जो थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी आपके दिल में बसे रहते हैं। अरविंद विश्वनाथन की सिनेमैटोग्राफी: कैमरे का काम कहानी के मूड और इमोशंस को बहुत खूबसूरती से फ्रेम करता है। अंतिम फैसला 'वन्स मोर' निर्देशक विग्नेश श्रीकांत की एक अच्छी शुरुआत है। फिल्म में संवेदनशीलता, अपनापन और बेहतरीन परफॉर्मेंस का सुंदर मेल है। हालांकि, कहीं-कहीं फिल्म जानी-पहचानी और घिसी-पिटी रोमांटिक-ड्रामा की लीक पर चलने लगती है, जिससे यह पूरी तरह से अपनी क्षमता को नहीं छू पाती। इसके बावजूद, अर्जुन दास और अदिति शंकर की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री के लिए इसे एक बार जरूर देखा जा सकता है।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 3:48 pm

Viral News : धरती का ‘सर्वाइवल एक्सपर्ट’ है बिच्छू! महीनों बिना खाना और कई दिनों तक पानी में रह सकता है जिंदा

धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।

खास खबर 1 Sep 2026 2:51 pm

'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।

खास खबर 22 Aug 2026 12:28 pm

नदी में मगरमच्छ के सामने बच्चे का बेखौफ अंदाज, वीडियो ने मचाई सनसनी

नदी के पानी में मगरमच्छ को देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक बच्चे का बिल्कुल अलग ही अंदाज देखने को मिला। वीडियो में बच्चा नदी में एक छोटी नाव के पास बने फ्लोटिंग बोर्ड पर आराम से नजर आ रहा है। इसी दौरान एक मगरमच्छ तैरता हुआ उसके बेहद करीब पहुंच जाता है।

खास खबर 12 Aug 2026 2:30 pm

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm