राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेज प्रताप यादव रियलिटी शो 'भोजपुरी बवाल' में शामिल हो रहे हैं। शो के सेट से उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे यूनिवर्सिटी में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो में तेज प्रताप एक यूनिवर्सिटी के क्लासरूम और लाइब्रेरी में छात्रों के बीच मौजूद हैं। वे छात्रों से यूनिवर्सिटी की बदहाली और सुविधाओं की कमी पर बातचीत कर रहे हैं। इस दौरान तेज प्रताप ने कहा कि एग्जाम होते ही पेपर लीक हो जाता है और करोड़ों का फंड गायब हो जाता है। बिना किताब की लाइब्रेरी देख हैरान हुए वीडियो में तेज प्रताप यादव क्लासरूम में छात्रों के पास जाकर उनसे पढ़ाई और यूनिवर्सिटी के माहौल के बारे में पूछते हैं। तेज प्रताप वहां मौजूद खाली रैक्स को देखकर कहते हैं कि बिना किताब वाली लाइब्रेरी वे पहली बार देख रहे हैं। इसके बाद वे यूनिवर्सिटी के फंड और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर सवाल उठाते हुए पूछते हैं कि सरकार से आने वाला करोड़ों का फंड आखिर कहां चला जाता है। पेपर लीक पर जताई चिंतातेज प्रताप ने आगे कहा कि जब भी यूनिवर्सिटी या किसी परीक्षा का आयोजन होता है, तो पेपर लीक हो जाता है। उन्होंने यूनिवर्सिटी की जर्जर इमारतों और सुविधाओं की कमी पर चिंता जाहिर की। बातचीत के दौरान उन्होंने छात्रों से पूछा कि क्या ऐसे भ्रष्टाचारियों को भगाना चाहिए या नहीं, जिस पर क्लास में मौजूद सभी छात्रों ने हाथ उठाकर और तालियां बजाकर उनका समर्थन किया। क्या है 'भोजपुरी बवाल' शो, जहां पहुंचे तेज प्रताप यादवयह पूरा वाकया एक नए शो 'भोजपुरी बवाल' का हिस्सा है, जो जियोहॉटस्टार और कलर्स टीवी पर प्रसारित हो रहा है। इस शो में भोजपुरी क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों, राजनेताओं और कलाकारों से जुड़ी अनफिल्टर्ड बातचीत को दिखाया जाता है। शो के इसी एपिसोड में तेज प्रताप यादव छात्रों के बीच पहुंचकर शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के मुद्दों पर बात करते दिखे हैं। पवन सिंह, निरहुआ और तेज प्रताप यादव एक साथ आएंगे नजर इस शो में भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह, अभिनेता दिनेश लाल यादव (निरहुआ), आम्रपाली दुबे, काजल राघवानी और पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक साथ नजर आने वाले हैं। शो का प्रसारण 2 अगस्त को जियो हॉटस्टार पर शुरू हो चुका है। वहीं इस शो की मेजबानी मनीषा रानी और कृष्णा अभिषेक करेंगे। ये खबर भी पढ़ें भोजपुरी एक्ट्रेसेज ने उड़ाया बॉलीवुड अभिनेत्रियों की सर्जरी का मजाक:कहा- हमारा सब कुछ नैचुरल, बॉलीवुड में होते तो बतख जैसे होंठ कराने पड़ते भोजपुरी एक्ट्रेसेज आम्रपाली दुबे और रानी चटर्जी ने बॉलीवुड अभिनेत्रियों के सर्जरी कराने का मजाक उड़ाया है। वे रियलिटी शो 'भोजपुरी बवाल' के सेट पर ये बातें करती नजर आईं। दैनिक भास्कर के पास इस बात बातचीत का अनकट वीडियो पहुंचा है। इसमें रानी चटर्जी, आम्रपाली दुबे और उनकी साथी एक्ट्रेस मेकअप रूम में बैठी नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें
CJP प्रदर्शन और उसमें इस्तेमाल भाषा पर अपने बयान को लेकर चर्चा में आईं अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने सोशल मीडिया पर एक और नया वीडियो शेयर किया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने इंटरनेट पर एक वीडियो देखा, जिसमें एक युवा लड़की, जो प्रदर्शन का हिस्सा थी, इंटरव्यू दे रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद से उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने लोगों से ऑनलाइन उत्पीड़न बंद करने, मानसिक सेहत का ध्यान रखने और नफरत के बजाय एकजुट होकर अपनी बात रखने की अपील की है। दरअसल एक नाबालिग छात्रा ने पीएम नरेंद्र मोदी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। जिसके बाद से उसे लगातार धमकियां दी जा रही हैं। वायरल इंटरव्यू के बाद छात्रा को मिल रही धमकियांभूमि पेडनेकर ने अपने वीडियो में बताया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही एक युवा छात्रा का इंटरव्यू वायरल होने के बाद उसे सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा रहा है। उसे डरावनी धमकियां और भद्दे मैसेज भेजे जा रहे हैं। भूमि ने कहा कि इस तरह का ऑनलाइन उत्पीड़न किसी भी इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। उन्होंने कहा कि लोगों को आपसी बातचीत में संवेदनशीलता, सम्मान और सहानुभूति रखनी चाहिए, न कि किसी की जान के पीछे पड़ जाना चाहिए। ‘एकजुट होकर बात रखेंगे, तभी बदलाव दिखेगा’वीडियो के आखिर में भूमि ने नफरत खत्म कर सही तरीके से अपनी बात रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, हम सब सिर्फ एक ही चीज चाहते हैं कि देश की प्रोग्रेस हो और देश का भला हो। अगर हम सब एकजुट होकर, एकता के साथ अपनी बात सही तरीके से रखेंगे, तभी हम सच में पॉजिटिव बदलाव देख पाएंगे। भूमि के इस बयान के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी, विरोध के तरीके और ऑनलाइन बर्ताव को लेकर बहस तेज हो गई है। PM पर बयान देकर आलोचना का शिकार हुई थींइससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ जारी CJP प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर भूमि ने सवाल उठाए थे। तब उन्होंने एक वीडियो पोस्ट कर कहा था कि विरोध करने का हक सबको है, लेकिन देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के लिए ऐसी भाषा बोलना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक वर्ग ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया था। आंदोलन पर चुप रहने का लगा था आरोपभूमि के पिछले बयान को कई सोशल मीडिया यूजर्स ने 'एकतरफा' बताया था। आलोचकों का आरोप था कि भूमि ने 20 जुलाई को हुए 'संसद मार्च' के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, पुलिस कार्रवाई और उनकी मांगों पर कोई बात नहीं की, बल्कि सिर्फ नारेबाजी पर ध्यान दिया। ये खबर भी पढ़ें PM मोदी को गाली देने पर नाराज हुईं भूमि पेडनेकर:बोलीं- यह हमारी संस्कृति नहीं; प्रदर्शनकारियों को मुकेश खन्ना ने कहा 'कॉकरोच' कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने कड़ा एतराज जताया है। पूरी खबरे पढ़ें
टीवी एक्ट्रेस जैनिफर विंगेट ने अपनी हल्दी सेरेमनी की अनसीन तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। ब्रिटेन के बिजनेसमैन विलियम इशमेल संग शादी रचाने के कुछ हफ्तों बाद उन्होंने अपनी प्री-वेडिंग रस्मों की यादें साझा की हैं। फ्रेंडशिप डे के मौके पर पोस्ट की गई इन तस्वीरों में जैनिफर के करीबी दोस्त और टीवी एक्टर्स करन वाही, हरलीन सेठी और सहबान अजीम नजर आ रहे हैं। सेरेमनी में जैनिफर हरे रंग के लहंगे में दिखीं, जबकि विलियम ने सफेद रंग की शेरवानी पहनी थी। लिखा- मेरी हल्दी प्यार से भरी थीजैनिफर विंगेट ने इंस्टाग्राम पर हल्दी सेरेमनी की कई कैंडिड तस्वीरें पोस्ट की हैं। उन्होंने अपने दोस्तों का शुक्रिया अदा करते हुए लिखा कि उनकी हल्दी सिर्फ एक फंक्शन नहीं थी, बल्कि प्यार से भरा हुआ एक कमरा थी। जब भी वे इन तस्वीरों को देखती हैं, उन्हें कोई न कोई खूबसूरत लम्हा याद आ जाता है। उन्होंने आगे लिखा कि वे बहुत खुशकिस्मत हैं कि उन्हें इतने अच्छे दोस्त मिले। एक्ट्रेस हरलीन सेठी ने भी इस सेरेमनी की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा- 'यारी दोस्ती हल्दी'। देखें हल्दी की तस्वीरें यूके में क्रिश्चियन रीति-रिवाज से हुई थी प्राइवेट वेडिंगजैनिफर और विलियम ने हाल ही में यूके के वेस्ट वेल्स में एक निजी समारोह में शादी की थी। शादी की जानकारी दोनों ने सोशल मीडिया पर एक जॉइंट पोस्ट के जरिए दी थी। अपनी वेडिंग में जैनिफर ने व्हाइट स्ट्रैपलेस गाउन और वेल पहना था। वहीं उनके पति विलियम ने नेवी ब्लू सूट के साथ क्रीम कलर का वेस्टकोट पहना था। दोनों ने अपने परिवार और बेहद करीबी दोस्तों की मौजूदगी में एक-दूसरे को रिंग पहनाकर शादी की। देखें शादी की तस्वीरें … कौन हैं जैनिफर के पति विलियम इशमेल?जैनिफर विंगेट के पति विलियम इशमेल सिंगापुर में रहने वाले एक बिजनेसमैन हैं। वे 'एमएचसी डिजिटल ग्रुप' में बिजनेस डेवलपमेंट और ट्रेडिंग के डायरेक्टर पद पर कार्यरत हैं। विलियम ने यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क से इकोनॉमिक्स और फाइनेंस की पढ़ाई की है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत यूबीएस इन्वेस्टमेंट बैंक से की थी। उनके पास फाइनेंस, फॉरेन एक्सचेंज, ट्रेडिंग और बिजनेस डेवलपमेंट के क्षेत्र का लंबा अनुभव है। करन सिंह ग्रोवर से हुई थी पहली शादीयह जैनिफर विंगेट की दूसरी शादी है। इससे पहले उन्होंने अप्रैल 2012 में टीवी एक्टर करन सिंह ग्रोवर से शादी की थी। दोनों की मुलाकात मशहूर टीवी शो 'दिल मिल गए' के सेट पर हुई थी। हालांकि, यह शादी ज्यादा लंबी नहीं चल सकी और साल 2014 में दोनों अलग हो गए। इसके बाद करन सिंह ग्रोवर ने साल 2016 में बॉलीवुड एक्ट्रेस बिपाशा बासु से शादी कर ली थी।
बेंगलुरु में स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने अपने शो रद्द कर दिए हैं। व्हाइटफील्ड इलाके में होने वाले इन शो का हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया था। पुलिस ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, कुणाल कामरा ने रविवार को खुद व्हाइटफील्ड पुलिस स्टेशन जाकर अधिकारियों को सूचित किया कि वे अपने निर्धारित शो आगे नहीं बढ़ाएंगे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि कामरा ने हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते व्हाइटफील्ड में होने वाला इवेंट रद्द करने का फैसला लिया है। कोरमंगला में शिफ्ट किए गए शो कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि सोमवार, मंगलवार, बुधवार और गुरुवार के शो अब कोरमंगला के एक वेन्यू में शिफ्ट कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि व्हाइटफील्ड शो के लिए खरीदे गए टिकटों का रिफंड बुकमायशो (BookMyShow) प्लेटफॉर्म द्वारा प्रोसेस किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने दर्शकों से कोरमंगला वेन्यू के लिए टिकट बुक करने का आग्रह किया है, जहां सीटों की संख्या सीमित है। इससे पहले कुणाल कामरा ने उनके शोज की आलोचना करने वाले एक ट्रोलर को सोशल मीडिया चेतावनी भी दी थी। साथ ही उन्होंने बताया था कि वो 2 अगस्त को पुलिस स्टेशन जाएंगे। हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने के थे आरोप यह घटनाक्रम तब हुआ जब हाल ही में हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने बेंगलुरु पुलिस को एक याचिका सौंपी थी। इसमें 3 अगस्त को यूआरयू (URU) व्हाइटफील्ड में होने वाले कामरा के स्टैंड-अप शो को रद्द करने की मांग की गई थी। समिति ने तर्क दिया था कि कामरा के शो से कानून-व्यवस्था और धार्मिक सद्भाव बिगड़ने का खतरा है। उनका आरोप था कि कामरा ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है। CJP प्रोटेस्ट के बयान से भी लगे थे धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप 15 जुलाई को कुणाल कामरा जंतर-मंतर में हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मंच पर भगवान राम और माता सीता पर बयान दिया। बयान सामने आने के बाद कुणाल कामरा के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में शिकायत दर्ज हुई थी। हाईकोर्ट के वकील विभु वीरभद्र सैनी ने याचिका में कहा कि 15 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कुणाल कामरा ने भगवान राम और माता सीता को लेकर कथित विवादित टिप्पणी की, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील विभु वीरभद्र सैनी ने 24 जुलाई को कुणाल कामरा के खिलाफ याचिका दायर की। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया गया कि जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान कॉमेडियन कुणाल कामरा ने भगवान राम व माता सीता के प्रति अभद्र टिप्पणी की। याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वकील की याचिका पर चंडीगढ़ पुलिस से रिपोर्ट तलब कर ली है। कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि आरोपों में प्रथम दृष्टया कोई आधार बनता है या नहीं और एफआईआर दर्ज करने की जरूरत है या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। कुणाल कामरा के ये विवाद भी पढ़िए- 2025- एकनाथ शिंदे पर 'गद्दार' टिप्पणी: अपने स्टैंड-अप शो नया भारत में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर व्यंग्य किया और उन्हें कथित तौर पर गद्दार कहकर संबोधित किया। वीडियो वायरल होने के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं ने मुंबई के द हैबिटेट कॉमेडी क्लब में तोड़फोड़ की। कामरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। 2025- सलमान खान पर जोक: एक शो में सलमान खान के 1998 के काला हिरण शिकार और 2002 के हिट-एंड-रन मामले पर चुटकुले सुनाए। विवाद के बावजूद कुणाल कामरा ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। 2022- गुरुग्राम शो रद्द: विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के विरोध के बाद उनका 2022 में होने वाला गुरुग्राम शो रद्द कर दिया गया। इसके बाद कामरा ने सार्वजनिक रूप से VHP को नाथूराम गोडसे की निंदा करने की चुनौती दी, जिससे विवाद और बढ़ गया। 2022- पीएम मोदी के लिए गाना गाने वाले बच्चे का एडिटेड वीडियो: जर्मनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गाना गाने वाले एक बच्चे के वीडियो को एडिट कर सोशल मीडिया पर शेयर किया। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने वीडियो हटाने को कहा। बाद में कामरा ने वीडियो हटा दिया और कहा कि उनका उद्देश्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर व्यंग्य करना था, बच्चे पर नहीं। 2020- सुप्रीम कोर्ट पर 'ब्राह्मण-बनिया' टिप्पणी: एक स्टैंड-अप शो में सुप्रीम कोर्ट को लेकर ब्राह्मण-बनिया संबंधी टिप्पणी की। इस पर भी अदालत की अवमानना की याचिकाएं दायर हुईं। 2020- इंडिगो फ्लाइट में अर्नब गोस्वामी से बहस: मुंबई-लखनऊ इंडिगो फ्लाइट में पत्रकार अर्नब गोस्वामी से सवाल-जवाब करते हुए उनका वीडियो रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर साझा किया। इंडिगो ने पहले 6 महीने का फ्लाइट बैन लगाया, जिसे बाद में घटाकर 3 महीने किया गया। एयर इंडिया, स्पाइसजेट और गोएयर ने भी कुछ समय के लिए उड़ान प्रतिबंध लगाए थे।
स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे ने कमाई के मामले में दुनियाभर में गर्दा उड़ा रखा है। ओपनिंग वीकेंड में धुआंधार कलेक्शन करके इस मूवी ने इतिहास रचा दिया है।
अक्षय कुमार की कॉमेडी फिल्म से आगे निकल गई Dhamaal 4, तोड़ दिया कमाई का रिकॉर्ड
अभिनेता अजय देवगन की कॉमेडी फिल्म धमाल 4 ने कमाई के मामले में अक्षय कुमार की फिल्म को पीछे छोड़ दिया है।
आज की तेज़-तर्रार दुनिया में, जहाँ ज़िंदगी महज 'स्क्रॉलिंग' और 'ट्रोलिंग' के बीच सिमट कर रह गई है, ऐसे में नेटफ्लिक्स की नई वेब सीरीज 'मुसाफिर कैफ़े' एक ताज़ा हवा के झोंके की तरह आती है। रुचिर अरुण द्वारा निर्देशित और 8 एपिसोड्स में बंटी यह श्रृंखला दिव्या प्रकाश दुबे के मशहूर हिंदी उपन्यास पर आधारित है। यह कहानी हमें याद दिलाती है कि जिंदगी में कभी-कभी रुकना, ठहराव लेना और पलों को जीना कितना ज़रूरी है। कहानी: प्यार, सपने और अधूरे अहसास कहानी की शुरुआत भोपाल में अरेंज्ड मैरिज के लिए मिले चंदर (विक्रांत मैसी) और सुधा (वेदिका पिंटो) से होती है। पहली मुलाकात में एक-दूसरे को रिजेक्ट करने के बाद भी किस्मत उन्हें बार-बार आमने-सामने लाती है। दोनों में गहरा और सच्चा प्यार हो जाता है, लेकिन सुधा अपने लॉ फर्म के सपनों को पूरा करने के लिए शादी से इनकार कर देती है। सालों बाद, चंदर अपनी नौकरी छोड़कर पहाड़ों में एक कैफ़े खोलने का सपना पूरा करता है और उसकी ज़िंदगी में प्रीति (महिमा मकवाना) की एंट्री होती है। प्रीति एक आत्मनिर्भर, प्रैक्टिकल और समझदार महिला है जो चंदर के साथ एक खूबसूरत रिश्ता बनाती है। हालांकि, चंदर के दिल के किसी कोने में सुधा की यादें अब भी बाकी हैं। यह कहानी किसी एक को सही या गलत ठहराने के बजाय प्यार, महत्वाकांक्षा और गलत समय के ताने-बाने को बहुत ही खूबसूरती से पेश करती है। मुसाफिर कैफ़े: परफॉर्मेंस 'मुसाफिर कैफ़े' की आत्मा क्या है, यह किसी एक चीज़ के बारे में कहना मुश्किल है। चाहे परफॉर्मेंस हो, कहानी हो या सेटिंग, सब कुछ मिलकर एक ऐसा फ़्लेवर बनाते हैं जो बिल्कुल अनोखा है। चंदर के रोल में विक्रांत मैसी ने ऐसे आदमी का किरदार निभाया है जैसा हर औरत चाहती है। वे मिलनसार, सब्र रखने वाले और इमोशनली साथ देने वाले इंसान हैं; वे एक 'सेफ़ स्पेस' (सुरक्षित जगह) की मिसाल हैं। कई बार विक्रांत और चंदर के बीच फ़र्क करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि यह किरदार उन पर बहुत स्वाभाविक लगता है। वे अपनी एक्टिंग को बहुत आसान और सहज बना देते हैं। आप यह सोचना छोड़ देते हैं कि वे एक्टिंग कर रहे हैं या नहीं, क्योंकि वे पूरी तरह से उस किरदार में ढल जाते हैं। सुधा के रोल में वेदिका पिंटो भी उतनी ही प्रभावशाली हैं। वे एक जोश से भरी युवा महिला के रोल में आसानी से ढल जाती हैं, जो प्यार और अपने सपनों के करियर के बीच फंसी हुई है। उनकी परफॉर्मेंस स्वाभाविक लगती है और विक्रांत के साथ उनकी केमिस्ट्री फ़िल्म की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है। दोनों के बीच का हर पल सच्चा और असल लगता है। महिमा मकवाना का 'प्रीति' वाला किरदार शायद फ़िल्म का एक सुखद सरप्राइज़ है। वह कॉन्फिडेंट है, इमोशनली मज़बूत है और उसे पता है कि उसे ज़िंदगी से क्या चाहिए। वह सफलतापूर्वक एक बिज़नेस चलाती है, राइटर बनने का सपना भी पूरा करती है और रिश्ते (या अपने बिज़नेस) में खुद को खोए बिना प्यार के लिए भी जगह बनाती है। खासकर एक सीन बहुत यादगार है, जिसमें वह मानती है कि चंदर और सुधा का रिश्ता बहुत गहरा था और वह उसकी ज़िंदगी के उस हिस्से में दखल न देने का फैसला करती है। अतीत से मुकाबला करने के बजाय, वह अपनी बनाई ज़िंदगी और रिश्ते में सुकून पाती है। ठीक उसी पल प्रीति आपका दिल जीत लेती है। कास्ट के अलावा, कैफ़े और पहाड़ भी बराबर क्रेडिट के हकदार हैं। वे लगभग खामोश किरदारों की तरह हैं, जो बिना कुछ कहे माहौल बनाते हैं। चाहे भोपाल की जानी-पहचानी गलियां हों या पहाड़ों के बीच बसा आरामदायक कैफ़े, हर लोकेशन कहानी में गर्माहट और एक अलग पहचान जोड़ती है। एक्टिंग, सेटिंग और राइटिंग मिलकर कुछ सुकून देने वाला अनुभव बनाते हैं, जैसे एक बेहतरीन कप कॉफ़ी। मुसाफिर कैफ़े: म्यूज़िक और डायलॉग्स 'मुसाफिर कैफ़े' डायलॉग्स के बजाय राइटिंग और स्क्रीनप्ले पर ज़्यादा निर्भर करती है। यह बातचीत का एक सिलसिला है - ऐसी बातचीत जो लंबे समय तक याद रहती है और आपको सोचने पर मजबूर करती है। हालांकि, 'मुसाफिर कैफ़े' में म्यूज़िक अहम भूमिका निभाता है। यह बहुत ही सुकून देने वाला है और सही पलों पर इस्तेमाल किया गया है। 'तेरा हुआ साहिबा', 'काफ़ी है ना', 'दरमियां', 'रोज़ाना', 'टूटा रहूंगा' और 'रोज़ाना रिप्राइज़' जैसे गाने कहानी को आगे बढ़ाने और खास पलों को और बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। मुसाफिर कैफे: निर्देशन रुचिर अरुण द्वारा निर्देशित, 8 एपिसोड की यह श्रृंखला लगभग पूरी तरह से तैयार केक की तरह लगती है। सरल कहानी को अनावश्यक रूप से जटिल नहीं बनाया गया है, और यही बात फिल्म की सफलता का कारण है। वे नाटकीय मोड़ों पर निर्भर रहने के बजाय संवादों और मौन को भावनाओं को व्यक्त करने का अवसर देते हैं। कभी-कभी गति धीमी लग सकती है, लेकिन यह जीवन के एक पहलू को दर्शाती है और ध्यान भटकाने के बजाय उसे और निखारती है। तीनों मुख्य पात्रों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार के लिए अरुण प्रशंसा के पात्र हैं। किसी को भी नायक या खलनायक के रूप में चित्रित नहीं किया गया है। यह श्रृंखला इस बारे में नहीं है कि किसे सबसे अधिक स्क्रीन टाइम मिलता है। इसके बजाय, वे उन्हें त्रुटिपूर्ण लेकिन फिर भी प्रासंगिक लोगों के रूप में प्रस्तुत करते हैं। मुसाफिर कैफ़े: क्या अच्छा है और क्या नहीं अगर ज़िंदगी आपसे थोड़ा रुककर ऐसा शो देखने के लिए कह रही है जो आपकी आत्मा को सुकून दे, तो 'मुसाफिर कैफ़े' बिल्कुल वैसा ही शो है। इसमें कोई सस्पेंस या अगले एपिसोड में किसी धमाकेदार कहानी का वादा नहीं है। फिर भी, आप तीनों मुख्य किरदारों की कहानी में दिलचस्पी लेंगे क्योंकि आप उन तीनों में कहीं न कहीं खुद की झलक पाएंगे। इसमें पहाड़ हैं; बढ़िया कॉफ़ी और अच्छी चाय का ज़िक्र है, किताबें हैं और प्यार भी है - तो भला क्या पसंद नहीं आएगा! 'मुसाफिर कैफ़े' की कुछ कमियों में से एक यह हो सकती है कि यह कहानी बहुत ज़्यादा सुरक्षित रास्ते पर चलती है। जब कहानी में इमोशनल उलझनें आती भी हैं, तो वे शायद ही कभी ऐसे पलों में बदलती हैं जो शो खत्म होने के बाद भी आपके ज़हन में बने रहें। उलझनों को उसी नरमी से सुलझाया जाता है जो इस फ़िल्म की पहचान है; यह इसके मूड के हिसाब से तो ठीक है, लेकिन इससे उनका असर भी कम हो जाता है। मुसाफिर कैफ़े: आखिरी राय 'मुसाफिर कैफ़े' देखना शनिवार की धीमी दोपहर या रविवार की शांत सुबह जैसा लगता है - ऐसा सुकून भरा पल जिसकी चाहत हमें भागदौड़ भरे हफ़्ते के बाद होती है। अगर आप कोई सुकून देने वाली, दिल को छू लेने वाली कहानी देखना चाहते हैं, तो इसे अपनी वॉचलिस्ट में ज़रूर शामिल करें। वैसे भी, 'मुसाफिर कैफ़े' आपका समय देने लायक है। सिर्फ़ इसलिए नहीं कि इसमें बेहतरीन कलाकार और दिल को छू लेने वाली कहानी है, बल्कि इसलिए भी क्योंकि यह आपको धीरे चलने, सोच-समझकर ब्रेक लेने और ज़िंदगी में कुछ छूट जाने की चिंता न करने की याद दिलाता है। रेटिंग: 3.5 / 5 स्टार
टीवी शो अपोलीना- सपनों की उड़ान एक्ट्रेस अदिति शर्मा ने हाल ही में पति और ससुराल वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। गोरेगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में एक्ट्रेस ने पति पर मारपीट, घरेलू हिंसा, चरित्र पर सवाल उठाने जैसे कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने शिकायत पति अभिनीत विद्यानंद कौशिक, सास उर्मिला कौशिक और नंद कीर्ति कौशिक का नाम भी शिकायत में लिखवाया है। मुंबई के गोरेगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, अदिति शर्मा जून 2021 में एक ऑनलाइन एक्टिंग क्लास में अभिनीत से मिली थीं। दोनों की दोस्ती हुई और कुछ समय बाद दोनों रिलेशनशिप में आ गए। 3 सालों तक डेट करने के बाद उन्होंने 12 नवंबर 2024 में परिवार की रजामंदी से अभिनीत से शादी की। शादी से पहले ही दोनों सितंबर 2024 से गोरेगांव के एक फ्लैट में साथ रह रहे थे। अदिति के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही अभिनीत का व्यवहार बदल गया। पति उनके कपड़ों और छोटी-छोटी बातों पर उनसे झगड़ने लगे। एक्ट्रेस ने दावा किया है कि वो खुद घर का पूरा खर्च उठाती थीं, इसके बावजूद पति बार-बार उनसे पैसे मांगते थे। 1 जनवरी 2025 में कॉफी पर दोनों का झगड़ा हुआ, जिस समय अभिनीत ने एक्ट्रेस को गालियां देना शुरू कर दिया और उनके कैरेक्टर पर सवाल उठाने लगे। अदिति ने आरोप लगाया है कि पति उन पर बार-बार दूसरे पुरुषों से संबंध होने का आरोप लगाते थे और उनका मोबाइल चेक करते थे। झगड़े इतने बढ़ने लगे कि दोनों अलग-अलग सोने लगे। एक्ट्रेस ने शिकायत में ये भी दावा किया है शादी के बाद उनके सारे गहने सास ने रख लिए, जिसमें सोने की चेन, सोने और हीरे की कई अंगूठियां, मंगलसूत्र, चूड़ियां भी शामिल हैं। बार-बार मांगने के बावजूद सास ने गहने नहीं लौटाए। पुलिस जांच जारी, कोई गिरफ्तारी नहीं एक्ट्रेस की शिकायत के बाद गोरेगांव पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल करीबियों से पूछताछ जारी है। इस मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पति ने लगाए थे को-स्टार से अफेयर के आरोप अदिति द्वारा शिकायत दर्ज करवाए जाने से पहले उनके पति अभिनीत ने को-स्टार सामर्थ से अफेयर के आरोप लगाए थे। 2025 में अभिनीत कौशिक ने भी इंडिया फोरम से बातचीत में कहा था, अदिति के सभी करीबी हमारे बारे में जानते थे। मैं उसके मैनेजर की तरह रहता था, लेकिन मैं अब वाकई उसका सारा काम संभालता हूं। वो शादी के लिए डेढ़ साल से मेरे पीछे पड़ी थी। मैं उससे कहता था कि मैं इसके लिए तैयार नहीं हूं। शुरुआत में मैं शादी के लिए एक्साइटेड था, लेकिन समय के साथ चीजें बदल गई थीं। डेढ़ साल बाद वो दबाव बनाने लगी और हमने नवंबर 2024 में शादी कर ली। आगे अभिजीत ने कहा, उसने शर्त रखी थी कि करियर की खातिर हमें इस शादी को राज रखना है। मैंने अपने पार्टनर के लिए सारी बातें मान लीं। हमने घर में उसके और मेरे भाई-बहनों, पेरेंट्स, पंडित जी के सामने सारे रीति-रिवाजों से शादी की। मेरे पास इस शादी के 1000 फोटोज हैं। वो उस समय वो अपोलीना शो की शूटिंग शुरू कर रही थी। उस शो की प्रोड्यूसर करिश्मा को इस बारे में पता चल गया था। आरोप- अदिति को एक्टर के साथ रंगे हाथों पकड़ा बातचीत में अभिनीत के लीगल एडवाइजर राकेश शेट्टी ने बताया है कि एक बार अभिनीत ने अदिति को सामर्थ गुप्ता (अपोलीना को-स्टार) के साथ घर में रंगे हाथ पकड़ा था। एक बार अभिनीत पुणे गए थे, तब अदिति ने समर्थ को घर बुलाया था। बिल्डिंग में म्यूचल फ्रैंड्स ने जब इसकी जानकारी दी, तब अभिनीत लौटा। इसके बाद पुलिस बुलाई गई थी। जब बाद में अदिति के पेरेंट्स को बुलाया गया तो अदिति ने कहा कि उनकी शादी मान्य नहीं है। ये एक मॉक ट्रायल था।
Box Office Report: स्पाइडर मैन ब्रांड न्यू डे रिलीज के बाद से ही भारतीय बॉक्स ऑफिस पर जमकर नोट छाप रही है। संडे को इसने धमाल 4 और जन नायकन के साथ कितना कमाया, जानिए...
ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर Jana Nayagan का कब्जा, संडे को आया कमाई का बवंडर
साउथ फिल्म अभिनेता विजय थलापति की फिल्म जन नायकन कमाई के मामले में दुनियाभर में धमाल मचा रही है।
'खतरों के खिलाड़ी 15' में नजर आ रहीं एक्ट्रेस फरहाना भट्ट ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें शो में हिस्सा लेने से मना किया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने शो के मुश्किल स्टंट्स, अपनी बीमारी, फैंस की उम्मीदों, रुबीना दिलैक के साथ दोस्ती और होस्ट रोहित शेट्टी से मिले हौसले पर खुलकर बात की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश… सवाल: 'खतरों के खिलाड़ी' का अनुभव कैसा रहा? जवाब: यह मेरी जिंदगी का 'वन्स इन अ लाइफटाइम' अनुभव रहा। शायद मैं दोबारा लाख कोशिश करूं, तब भी ऐसा अनुभव नहीं मिल पाएगा। इस सीजन के स्टंट बेहद मुश्किल और पहले से अलग हैं। पुराने स्टंट्स को भी नए ट्विस्ट के साथ पेश किया गया है। कई बार ऐसा लगा कि अब शरीर और दिमाग दोनों जवाब दे देंगे, लेकिन खुद को एक कदम और आगे बढ़ाने की हिम्मत ही सबसे बड़ी जीत थी। शो से लौटने के बाद जिंदगी काफी व्यस्त हो गई है, लेकिन यह सफर पूरी तरह यादगार रहा। सवाल: आपकी पहचान एक निडर इंसान की है। क्या कोई ऐसा डर था, जिसे आपने इस शो में हराया? जवाब: स्टंट करते समय हर किसी को डर लगता है, चाहे वह ऊंचाई हो, पानी हो, कीड़े हों या मगरमच्छ। लेकिन मेरा सबसे बड़ा डर यह था कि मेरे फैंस मुझसे निराश न हों। मैं नहीं चाहती थी कि उन्हें कभी लगे कि यह स्टंट मैं कर सकती थी, लेकिन मैंने कोशिश ही नहीं की। मेरे लिए जीत-हार से ज्यादा जरूरी हर स्टंट में अपना 100 प्रतिशत देना था। अगर मैं पूरी कोशिश करती हूं तो वही मेरे लिए सबसे बड़ी जीत है। सवाल: फैंस की उम्मीदों का दबाव कितना महसूस हुआ? जवाब: मुझे इस बात की चिंता नहीं थी कि मैं कमजोर दिखूंगी। मैं चाहती थी कि लोग यह देखें कि मैंने पूरी ईमानदारी से कोशिश की। स्टंट करते समय डर चेहरे पर दिखना स्वाभाविक है, लेकिन पीछे हटना मुझे मंजूर नहीं था। मेरे फैंस को हमेशा लगे कि फरहाना ने अपनी पूरी ताकत लगा दी। सवाल: शो में सबसे अच्छी दोस्ती किसके साथ हुई? जवाब: रुबीना दिलैक, ऑरी, करण, रित्विक, अविनाश और रुहानिका सभी के साथ अच्छा रिश्ता बना। रुहानिका उम्र में छोटी हैं, लेकिन बेहद मजबूत और फोकस्ड हैं। कई बार उनके स्टंट देखकर मुझे भी चिंता होती थी कि कहीं वह डर न जाएं। इस शो में सभी एक-दूसरे की तकलीफ समझते हैं, इसलिए रिश्ते अपने आप बन जाते हैं। सवाल: रुबीना दिलैक ने आपका खास ख्याल रखा। उसके बारे में बताइए? जवाब: शो से पहले ही मुझे पेट से जुड़ी गंभीर समस्या थी। डॉक्टर ने साफ कहा था कि इस साल शो मत करो, लेकिन मैंने दवाइयों के भरोसे जाने का फैसला किया। केपटाउन में शूटिंग इतनी व्यस्त थी कि मैं समय पर दवा भी नहीं ले पाई। भारत लौटने के बाद हालत बिगड़ गई और मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। जैसे ही रुबीना को पता चला, वह अस्पताल मिलने पहुंच गईं। सेट पर भी वह हमेशा पूछती थीं कि मैंने खाना खाया या नहीं, दवा ली या नहीं। वह जबरदस्ती घी खिलाती थीं ताकि मेरी सेहत ठीक रहे। उनका यह अपनापन मैं कभी नहीं भूलूंगी। सवाल: डॉक्टर ने मना किया था, फिर भी आपने शो क्यों किया? जवाब: सच कहूं तो आज भी नहीं पता कि मैं इस शो को लेकर इतनी उत्साहित क्यों थी। मुझे पता था कि मेरी तबीयत ठीक नहीं है। मैं जिम भी नहीं जाती और न ही खुद को बहुत फिट मानती हूं। एक स्टंट के बाद मेरी पूरी बॉडी टूट गई थी। तब वहां के एक स्टंटमैन ने मुझसे कहा, 'तुम जितना सोचती हो, उससे कहीं ज्यादा मजबूत हो।' शायद मेरी सबसे बड़ी ताकत मेरा दिमाग था। कई बार शरीर जवाब दे देता था, लेकिन मेरा मन हार मानने को तैयार नहीं होता था। मुझे लगता था कि अब मुझसे नहीं होगा, लेकिन फिर भी मैं खुद को आगे बढ़ाती रही। सवाल: क्या कभी ऐसा लगा कि अब यह स्टंट नहीं हो पाएगा? जवाब: हां, कई बार ऐसा लगा कि अब बस यहीं रुक जाऊंगी। कुछ स्टंट इतने मुश्किल थे कि डर अपने चरम पर था। लेकिन मैंने खुद से कहा कि बस एक कदम और बढ़ाना है। मुझे हमेशा भरोसा था कि शो की मेडिकल टीम हमारे साथ है और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसी भरोसे ने मुझे हर बार हिम्मत दी। सवाल: होस्ट रोहित शेट्टी से क्या सीखने को मिला? जवाब: रोहित सर की तारीफ सुनना अपने आप में बहुत बड़ी बात होती है। जब वह किसी स्टंट के बाद कहते हैं, 'आई एम प्राउड ऑफ यू', तो लगता है जैसे सारी मेहनत सफल हो गई। कई बार मैं सिर्फ इसलिए और बेहतर करने की कोशिश करती थी ताकि उनके मुंह से ये शब्द सुन सकूं। अगर कभी लगता था कि मैं और अच्छा कर सकती थी, तो सबसे ज्यादा अफसोस इसी बात का होता था। रोहित सर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह बिना कोई खास टिप दिए भी आपका आत्मविश्वास बढ़ा देते हैं। अगर कोई डर रहा हो तो वह इस तरह हौसला बढ़ाते हैं कि मुश्किल स्टंट भी आसान लगने लगता है। सवाल: क्या रोहित शेट्टी के साथ फिर काम करने की इच्छा है? जवाब: बिल्कुल। मैं पहले भी उनके साथ काम कर चुकी हूं। अगर भविष्य में उनकी किसी फिल्म में मेरे लिए जगह बनती है तो वह मेरे करियर का सबसे बड़ा मौका होगा। मैं उम्मीद करती हूं कि दोबारा उनके साथ काम करने का अवसर जरूर मिलेगा। सवाल: आपके हिसाब से इस सीजन के मजबूत फाइनलिस्ट कौन हो सकते हैं? जवाब: इस शो में कई मजबूत खिलाड़ी हैं। रुबीना, अविनाश, ऑरी, करण, रित्विक और मैं खुद भी फाइनल तक पहुंच सकते हैं। सभी की पर्सनैलिटी अलग है, लेकिन एक चीज सबमें समान थी-हर कोई जीतने के इरादे से आया था। यही इस सीजन की सबसे बड़ी खासियत है। सवाल: 'खतरों के खिलाड़ी' ने आपको क्या सिखाया? जवाब: मैंने सीखा कि जिंदगी में कितनी भी मुश्किल स्थिति आ जाए, सबसे पहले खुद को शांत रखना चाहिए। कोई भी परिस्थिति उतनी कठिन नहीं होती, जितना हम उसे अपने दिमाग में बना लेते हैं। अगर आप अपने मन को समझा लें कि यह मुश्किल नहीं है, तो आधी लड़ाई वहीं जीत जाते हैं। इंसान अगर अपने दिमाग पर काबू पा ले, तो वह किसी भी डर का सामना कर सकता है। सवाल: आगे किस तरह के प्रोजेक्ट्स में नजर आएंगी? जवाब: मेरा पूरा फोकस अब एक्टिंग पर है। मैं अच्छे एक्टिंग प्रोजेक्ट्स करना चाहती हूं। रियलिटी शो से मुझे बहुत कुछ मिला है, लेकिन बतौर कंटेस्टेंट यह मेरा आखिरी रियलिटी शो होगा। अब मैं अपनी एक्टिंग, हेल्थ और दूसरी जरूरी स्किल्स पर काम करना चाहती हूं। मेरा मानना है कि चाहे इंसान कितना भी सफल हो जाए, उसे अपने हुनर को लगातार निखारते रहना चाहिए। सवाल: शगुन ने कुछ कंटेस्टेंट्स पर उनका मजाक उड़ाने का आरोप लगाया था। इस पर आपकी क्या राय है? जवाब: कुछ मौके ऐसे आए, जब मुझे भी लगा कि कुछ बातें जरूरत से ज्यादा कही गईं। हो सकता है सामने वाले का इरादा मजाक का रहा हो, लेकिन शब्दों का चुनाव बहुत मायने रखता है। मुझे लगा कि शगुन उन बातों से असहज थीं। अच्छी बात यह रही कि उन्होंने खुद अपने लिए आवाज उठाई। उन्होंने किसी और से अपने लिए लड़ने की उम्मीद नहीं की। मैं खुद इन चीजों से थोड़ा दूर रहती थी क्योंकि मेरा पूरा ध्यान सिर्फ स्टंट्स पर था। हालांकि शगुन ने मुझसे भी कहा था कि कुछ बातें मेरे बारे में भी कही जा रही हैं, लेकिन मैंने उन्हें नजरअंदाज किया और अपना फोकस सिर्फ खेल पर रखा। हर इंसान का स्वभाव अलग होता है। अगर शगुन ने यह बात कही है, तो जरूर उन्होंने कुछ महसूस किया होगा। किसी एक व्यक्ति को बार-बार निशाना बनाना या ऐसे शब्द इस्तेमाल करना, जिससे सामने वाला असहज हो, सही नहीं है।
रणबीर कपूर, सनी देओल और यश स्टारर फिल्म 'रामायण' को लेकर विवाद शुरू हो गया है। श्री रामलीला महासंघ ने फिल्म के डायरेक्टर नितेश तिवारी और प्रोडक्शन कंपनी को एक पत्र लिखकर चेतावनी दी है। महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने मांग की है कि इस दिवाली पर देश-विदेश में रिलीज होने से पहले यह फिल्म उनके प्रतिनिधिमंडल को दिखाई जाए। महासंघ का कहना है कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक फिल्म में ऐसे कई सीन हो सकते हैं, जो हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। अगर विवादित सीन नहीं हटाए गए तो सिनेमाघरों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। हालांकि अब तक डायरेक्टर नितेश तिवारी या फिल्म के प्रोडक्शन हाउस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। रिलीज से पहले स्पेशल स्क्रीनिंग की मांगश्री रामलीला महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने पत्र में कहा कि फिल्म को सिनेमाघरों में उतारने से पहले एक विशेष शो में महासंघ को दिखाया जाए। महासंघ यह तय करना चाहता है कि फिल्म में भगवान राम, रामायण के पात्रों या सनातन धर्म से जुड़ा कोई गलत चित्रण या संवाद तो नहीं है। अर्जुन कुमार ने चेतावनी दी है कि मेकर्स ने उनकी मांग नहीं मानी, तो दिल्ली समेत देश के अन्य राज्यों में सिनेमाघरों के बाहर हिंदू संगठनों के साथ मिलकर हजारों कार्यकर्ता विरोध-प्रदर्शन और धरना देंगे। 'आदिपुरुष' गलत चित्रण से फ्लॉप हुई थी फिल्ममहासंघ ने अपने पत्र में साल 2023 में आई फिल्म 'आदिपुरुष' का उदाहरण दिया है। अर्जुन कुमार ने याद दिलाया कि भूषण कुमार के प्रोडक्शन और प्रभास-सैफ अली खान स्टारर इस फिल्म के कई दृश्यों पर सनातन समाज और रामलीला से जुड़े लोगों ने कड़ा विरोध जताया था। उस फिल्म में सोने की लंका को काला दिखाया गया था और महाज्ञानी रावण व उसकी सेना का चित्रण मंगोल लुटेरों की तरह किया गया था। इस भारी विरोध के कारण करोड़ों के बजट में बनी वह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी। देखें फिल्म के ट्रेलर की झलक- रणबीर कपूर बने हैं भगवान राम, यश निभा रहे रावण का रोलफिल्म 'रामायण' में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बड़े कलाकार एक साथ नजर आने वाले हैं। रणबीर कपूर फिल्म में भगवान राम की भूमिका में हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। साउथ सुपरस्टार यश इस फिल्म में रावण के रोल में दिखेंगे। इसके अलावा सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं, जबकि रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में शामिल हैं। ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिकफिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म के पहले पार्ट की शूटिंग पूरी हो चुकी है और इस समय इसके पोस्ट-प्रोडक्शन का काम तेजी से चल रहा है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
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टॉम हॉलैंड और जेंडया स्टारर 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर चार दिनों से धमाल मचा रखा है। जानिए कितनी रही चौथे दिन की कमाई।
बॉक्स ऑफिस पर ‘वेलकम टू द जंगल’ की सफलता के बाद अक्षय कुमार और निर्देशक अहमद खान की जोड़ी एक बार फिर बड़े परदे पर लौट सकती है। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के मुताबिक ‘दोनों नई फिल्म को लेकर शुरुआती स्तर पर चर्चा कर रहे हैं। अभी तक किसी एक कहानी या जॉनर पर अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन कई अलग-अलग विषयों पर विचार-विमर्श जारी है। यदि सब कुछ योजना के अनुरूप रहा तो आधिकारिक घोषणा तारीखों और स्क्रिप्ट के अंतिम रूप लेने के बाद की जा सकती है।’ शेड्यूल और स्क्रिप्ट सबसे बड़ी चुनौती अक्षय और अहमद के नए प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही कहानी और शूटिंग शेड्यूल तय करना है। अक्षय पहले से कई फिल्मों की शूटिंग और रिलीज की तैयारियों में बिजी हैं। वहीं, अहमद भी अपने दूसरे प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। ऐसे में नई फिल्म की घोषणा से पहले दोनों अपनी उपलब्ध तारीखों और प्रोडक्शन टाइमलाइन पर काम कर रहे हैं। पिछले कुछ समय से ऐसी चर्चाएं भी थीं कि अहमद खान अपनी अगली फिल्म टाइगर श्रॉफ और शनाया कपूर के साथ एक ज़ॉम्बी कॉमेडी के रूप में शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा ‘वेलकम’ फ्रेंचाइज की अगली फिल्म को लेकर भी अलग-अलग तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। एक्शन फिल्मों में हिट रही है जोड़ी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि अहमद की निर्देशन शैली और अक्षय की स्क्रीन प्रेजेंस एक्शन फिल्मों में अच्छा तालमेल बनाती है। दोनों पहले भी साथ काम कर चुके हैं और एक-दूसरे की कार्यशैली से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में अगर नया प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है, तो उसमें बड़े स्तर के एक्शन देखने की संभावना जताई जा रही है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में दर्शकों की पसंद में काफी बदलाव आया है। अब सिर्फ एक्शन या सिर्फ कॉमेडी के बजाय ऐसी फिल्मों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है, जिनमें एक्शन, कॉमेडी, ड्रामा और मनोरंजन के दूसरे तत्वों का संतुलित मेल हो। यही वजह है कि अक्षय और अहमद की संभावित नई फिल्म को भी एक बड़े कमर्शियल एंटरटेनर के रूप में तैयार किए जाने की चर्चा है। निर्माता को लेकर भी जारी हैं चर्चाएं सूत्रों के मुताबिक...‘अक्षय और अहमद की संभावित नई फिल्म के निर्माता को लेकर भी इंडस्ट्री में कई तरह की चर्चाएं हैं। दोनों लंबे समय से कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करते रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट किसी बड़े बैनर के तहत बन सकता है। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने किसी निर्माता के नाम की घोषणा नहीं की है।’ नए प्रोजेक्ट के लिए कई जॉनर पर विचार कर रहे हैं दोनों ‘वेलकम टू द जंगल’ की सफलता ने निर्माता-निर्देशकों का भरोसा अक्षय और अहमद की जोड़ी पर और मजबूत किया है। यही वजह है कि दोनों अब एक नए प्रोजेक्ट पर साथ काम करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। शुरुआती चर्चाओं में एक्शन कॉमेडी, रोमांटिक एक्शन ड्रामा और पूरी तरह एक्शन आधारित फिल्म जैसे कई जॉनर पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार ‘अक्षय के पास भी एक ऐसी कहानी है, जिस पर दोनों के बीच शुरुआती स्तर पर चर्चा हो चुकी है। हालांकि अभी तक किसी प्रोजेक्ट की घोषणा नहीं की गई है। पिछले कुछ वर्षों में हिंदी सिनेमा में सफल अभिनेता-निर्देशक जोड़ियों का दोबारा साथ आना एक आम ट्रेंड बन गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने कड़ा एतराज जताया है। भूमि ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल बिल्कुल गलत है। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी इस प्रदर्शन में नारेबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भूमि पेडनेकर, अभिनेता मुकेश खन्ना और सांसद कंगना रनोट समेत कई बड़ी हस्तियों की प्रतिक्रिया सामने आई है। यह हमारी संस्कृति नहीं, युवाओं को संयम बरतने की जरूरत भूमि पेडनेकर ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि शिक्षा और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने का हक सभी को है, लेकिन अपनी बात रखने का तरीका सही होना चाहिए। उन्होंने कहा, सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हमारे देश के युवा कर रहे हैं, वह बेहद चिंताजनक है। हम अपने देश के सबसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में बात कर रहे हैं। क्या हम अपने घर के बड़ों से कभी इस तरह बात करते हैं? भूमि ने जेन-जी (Gen Z) से देश की संस्कृति और संवाद की परंपरा का सम्मान करने की अपील की। मुकेश खन्ना ने प्रदर्शनकारियों को बताया ‘कॉकरोच’ अभिनेता मुकेश खन्ना ने भी इस मुद्दे पर इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर प्रदर्शनकारियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदर्शन का समर्थन करने वालों को 'कॉकरोच' बताते हुए देश से बाहर फेंकने की बात कही। मुकेश खन्ना ने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन असली छात्रों का नहीं है, बल्कि सरकार को अस्थिर करने के अजेंडे के तहत छात्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों में शामिल होने से भविष्य में नौकरी और वीजा मिलने में परेशानी हो सकती है, इसलिए वे समय रहते इससे दूर हो जाएं। NEET पेपर लीक से शुरू हुआ विवाद पूरा मामला NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने की घटना के बाद शुरू हुआ। इसके विरोध में छात्रों और राजनीतिक संगठनों ने प्रदर्शन शुरू किए थे। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों और राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ कथित तौर पर इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा के बाद यह मामला देश भर में चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक तरफ छात्र निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन के तरीकों पर बॉलीवुड हस्तियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। ये खबर भी पढ़ें काला चश्मा पहनकर पूजा करने पर ट्रोल हुईं भूमि पेडनेकर:सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुंची; गॉगल्स ना उतारने पर नाराज हुए लोग अभिनेत्री भूमि पेडनेकर अपने एक मंदिर दौरे के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल्स के निशाने पर आ गई हैं। सावन महीने की शुरुआत पर भूमि एक शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने और शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुंची थीं। इस दौरान उनके काले चश्मे (सनग्लासेज) पहनने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए हैं। पूरी खबर पढ़ें
लहर-लहर:खदानें, इमारतें, कारखाने नहीं... मुल्क की सबसे बड़ी दौलत नौजवान होते हैं
जब मैंने काम शुरू किया, तब मैं अपने से बड़ों के बीच था। मैंने सिप्पी फिल्म्स जॉइन की थी। रमेश सिप्पी साहब की ‘अंदाज’ बन रही थी। उस वक्त मेरी उम्र पच्चीस साल थी और रमेश जी छब्बीस के थे। लेकिन हमारे आसपास लगभग सभी हमसे उम्र में बड़े थे। उनसे हमने सीखा, उन्हें देखा, उनकी बातें सुनीं। फिर वक्त बदला। धीरे-धीरे हमारी उम्र के लोग इंडस्ट्री में आए। उसके बाद हमसे कम उम्र के लोग आने लगे। और आज जिन लोगों के साथ मैं काम करता हूं, उनमें से कई तो मेरे पोती-पोतों की उम्र के हैं। लोग अक्सर पूछते हैं कि इतने साल बाद भी आप अपने आपको प्रासंगिक कैसे बनाए हुए हैं। इसका कोई फॉर्मूला नहीं है, कोई जादू नहीं है। बस एक बात है- अगर आपके भीतर यह विनम्रता बची हुई है कि आप नई पीढ़ी की बात सुन सकें, उनसे सीख सकें और यह मान सकें कि दुनिया बदल रही है, तभी आप समय के साथ चल सकते हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि आदमी यह मान बैठे कि ‘मुझे सब पता है।’ जिस दिन आपको यह यकीन हो जाए कि ‘मैं ही सबसे ज्यादा जानता हूं’, उसी दिन आपकी सीखने की उम्र खत्म हो जाती है। अगर आप यह समझने लगें कि आपसे छोटों को दुनिया की कोई समझ नहीं है और बड़े भी आपसे ज्यादा नहीं जानते थे, तो आप अपने चारों तरफ दीवार खड़ी कर लेते हैं। आप तभी प्रासंगिक बने रह सकते हैं जब आपके भीतर इतनी विनम्रता हो कि यह स्वीकार कर सकें कि दुनिया बदल रही है। अगर आप नौजवानों की बात सुन सकते हैं, उनसे सीखने के लिए तैयार हैं और उन्हें समझने की कोशिश करते हैं, तो आप कभी अप्रासंगिक नहीं होंगे। किसी भी मुल्क की सबसे बड़ी दौलत उसकी खदानें, इमारतें या कारखाने नहीं होते; उसके नौजवान होते हैं। अगर नौजवानों के पास खुला दिमाग है, नई बातें सीखने की बेचैनी है और दुनिया को बेहतर बनाने का जज्बा है, तो उस देश का भविष्य सुरक्षित है। हमें नई पीढ़ी का सम्मान करना होगा। सच तो यह है कि हम इस दुनिया में ठहरने की अपनी बारी से कुछ ज्यादा ही ‘ठहर गए’ हैं; यह दुनिया असल में नई जेनरेशन की है। हां, यह भी सच है कि कुछ बातें अनुभव ने हमें सिखाई हैं, जो उन्हें अभी नहीं मालूम हैं, लेकिन उतना ही बड़ा सच यह भी है कि आज की दुनिया के बारे में बहुत-सी बातें वे जानते हैं, जिनकी हमें पूरी खबर नहीं। अगर दोनों पीढ़ियां एक-दूसरे से सीखने के लिए तैयार हों, तभी दोनों आगे बढ़ेंगे। हर नई पीढ़ी अपने साथ कुछ नया लेकर आती है। वह अपने बड़ों से कुछ सीखती है, लेकिन उनकी गलतियों को दोहराने के लिए पैदा नहीं होती। उसका काम है उनसे आगे जाना। अगर हर पीढ़ी पिछली पीढ़ी से ज्यादा समझदार, संवेदनशील और आजाद न बने, तो तरक्की का मतलब ही क्या रह जाएगा? एक बड़ी दिक्कत ये भी है कि लोग सुनते नहीं हैं, यानी जब आप बात कर रहे हैं तो मैं सुन नहीं रहा हूं, मैं ‘वेट’ कर रहा हूं कि जब ये चुप हों तो मैं अपनी बात कहूं। तो हम ‘वेटिंग टु टॉक’ हैं, ‘वेटिंग टु लिसनिंग’ नहीं। लेकिन वो एक बात है न कि- हमीं हम हैं तो क्या हम हैं, तुम्हीं तुम हो तो क्या तुम हो। तो दूसरे के भी ‘पॉइंट ऑफ व्यू’ को देखो। इतना सेल्फ सेंटर्ड एट्टिट्यूड और सेल्फिशनेस होगी तो दुनिया गड़बड़ हो जाएगी। मैं नौजवानों से हमेशा यही कहता हूं- दुनिया को अपनी आंखों से देखिए और उन लोगों की बात भी सुनिए जो आपसे अलग सोचते हैं। किसी बात को सिर्फ इसलिए सच मत मान लीजिए कि उसे बहुत लोग मानते हैं और किसी नए खयाल को सिर्फ इसलिए खारिज मत कर दीजिए कि वह नया है। मैं यह नहीं कहता कि हर पुरानी बात गलत है। मेरा सिर्फ इतना कहना है कि हर विचार- चाहे वह कितना ही पुराना क्यों न हो- तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखा जाना चाहिए। जो बात सही होगी, वह और मजबूत होकर सामने आएगी; जो गलत होगी, उसे बदल देना चाहिए। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)
बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने शनिवार को असम के शिवसागर में ग्लोबल सिख्स द्वारा आयोजित बाढ़ राहत वितरण कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को राशन और अन्य जरूरी सामान वितरित किया। रणदीप हुड्डा ने शिवसागर में गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेका और बाढ़ प्रभावित असम के लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना की। उन्होंने एनजीओ के साथ राहत कार्य में भी भाग लिया। लंगर सेवा के दौरान रणदीप हुड्डा ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि शिवसागर रेलवे स्टेशन पर आसपास के इलाकों से प्रभावित परिवार पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सात दिनों से हर दिन भोजन तैयार कर लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से ग्लोबल सिख्स के साथ जुड़े हैं। रणदीप हुड्डा ने लोगों से अपील की कि वे सीधे राहत कार्यों में भाग लेकर, प्रार्थना करके या राहत संगठनों को आर्थिक सहायता देकर जरूरतमंदों की मदद करें। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक बाढ़ के कारण 82 लोगों की मौत हो चुकी है। कई बॉलीवुड सेलेब्स मदद के लिए आगे आए रणदीप हुड्डा के अलावा असम में आई विनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों की सहायता के लिए कार्तिक आर्यन और सलमान खान जैसे बॉलीवुड सेलेब्स भी मदद के लिए आगे आए हैं। सलमान खान ने अपनी चैरिटेबल संस्था 'बीइंग ह्यूमन' के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में बहु-स्तरीय राहत अभियान शुरू किया है। मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान की संस्था 'बीइंग ह्यूमन' ने असम में जमीनी स्तर पर काम करने के लिए अपने स्थानीय फैन क्लब के साथ हाथ मिलाया है। अभियान के पहले चरण में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैयार भोजन के पैकेट और अन्य जरूरी सामान बांटे जा रहे हैं। कार्तिक आर्यन ने असम के मुख्यमंत्री राहत कोष (CM Relief Fund) में 1 करोड़ रुपए की राशि दी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर इस समय की गई इस बड़ी मदद के लिए उनका आभार व्यक्त किया था। असम में आई भीषण बाढ़ पर अभिनेत्री आलिया भट्ट ने दुख जताया है। आलिया ने कहा कि हर साल यह त्रासदी आती है, फिर भी लोग तैयार नहीं होते। उन्होंने जल्द राहत संगठनों की जानकारी साझा करने का वादा किया था। वहीं, आयुष्मान खुराना और ताहिरा कश्यप ने असम मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक मदद दी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
टीवी और रियलिटी शोज में अपनी अलग पहचान बना चुके अविनाश मिश्रा अब 'खतरों के खिलाड़ी' में नजर आने वाले हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने शो के मुश्किल स्टंट्स, अपने डर, रोहित शेट्टी से मिली सीख और शो के दौरान हुए भावनात्मक बदलावों पर खुलकर बात की। सवाल: 'खतरों के खिलाड़ी' को लेकर लोगों का जबरदस्त एक्साइटमेंट है। हर कोई आपको मजबूत खिलाड़ी और फाइनलिस्ट बता रहा है। कैसा लग रहा है? जवाब: बहुत अच्छा लग रहा है। सबसे पहले आपका शुक्रिया। 'खतरों के खिलाड़ी' वाकई शानदार शो है। मेरे लिए यह भारत का सबसे बेहतरीन रियलिटी शो है। मैं जब भी किसी शो में जाता हूं, चाहता हूं कि लोग मुझे एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में देखें। खुशी है कि लोगों के बीच मेरी वही छवि बन रही है। हर शो में मैं अपना असर छोड़ना चाहता हूं और इस बार भी लोगों को वह महसूस हो रहा है। सवाल: बिग बॉस हो या 'खतरों के खिलाड़ी', हर बार आप मजबूत खिलाड़ी बनकर सामने आते हैं। इसका राज क्या है? जवाब: यह पूरी तरह माइंडसेट पर निर्भर करता है। 'खतरों के खिलाड़ी' सिर्फ आपकी शारीरिक ताकत नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, इच्छाशक्ति और जुनून की भी परीक्षा लेता है। अगर आपकी मानसिक ताकत मजबूत है, तो आप बड़े से बड़ा डर भी जीत सकते हैं। यही इस शो की सबसे बड़ी चुनौती है। सवाल: शो में जाने से पहले किसी खास चीज से डर लगता था? जवाब: असल डर तब महसूस होता है, जब आप स्टंट करने के लिए उस जगह पर खड़े होते हैं। चाहे ऊंचाई हो या गहरा पानी, उस वक्त लगता है कि यह कैसे होगा। लेकिन जब आप स्टंट पूरा कर लेते हैं, तब एहसास होता है कि आपने अपने डर पर जीत हासिल कर ली। सवाल: कीड़े-मकोड़ों और दूसरे जीवों वाले स्टंट्स कितने मुश्किल थे? जवाब:शुरुआत के दो-तीन सेकंड काफी मुश्किल होते हैं। मन में कई तरह के डर आते हैं कि कहीं काट न लें या कुछ हो न जाए। लेकिन कुछ मिनट बाद सब सामान्य लगने लगता है। यह भी पूरी तरह माइंडसेट का खेल है। सवाल: रोहित शेट्टी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब:बहुत शानदार। वह बेहद प्रेरित करने वाले इंसान हैं। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा। उनका अनुशासन और मेहनत देखकर मैं प्रभावित हुआ। लगातार 45 दिन बिना किसी छुट्टी के शूटिंग हुई। हर दिन सुबह जल्दी सेट पर पहुंचना और देर शाम तक काम करना आसान नहीं था। रोहित सर भी पूरे समय हमारे साथ मौजूद रहते थे। उनका जुनून ही इस शो को इतना खास बनाता है। सवाल: शो में आपकी तुलना विराट कोहली से भी की गई। इस पर क्या कहेंगे? जवाब:यह बात विशाल ने वहां कही थी। विराट कोहली हम सभी के पसंदीदा खिलाड़ी हैं और मैं भी उनका बहुत बड़ा फैन हूं। अगर किसी ने मेरी तुलना उनसे की है, तो यह मेरे लिए खुशी की बात है। सवाल: क्या आपको लगता है कि आपने शो में अपना सौ फीसदी दिया? जवाब: बिल्कुल। मैंने अपनी तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ी। इस शो में कुछ ऐसे पल आए, जब मैंने कैमरे पर अपने बारे में ऐसी बातें शेयर कीं, जो शायद पहले कभी नहीं की थीं। स्टंट पूरा करने के बाद कई भावनाएं बाहर आती हैं। मैं आमतौर पर अपनी फीलिंग्स जाहिर नहीं करता, लेकिन इस शो ने मुझे ऐसा करने पर मजबूर किया। मुझे उम्मीद है कि दर्शक मुझे पहले से बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। सवाल: क्या शो में कुछ अच्छे दोस्त भी बने? जवाब:हां, मेरी करण और ऋत्विक जैसे दोस्तों के साथ अच्छी बॉन्डिंग बनी। ओरी भी इस शो का सबसे बड़ा सरप्राइज पैकेज है। लोग उन्हें देखकर काफी हैरान होंगे। वह इस सीजन के हिडन जेम हैं। सवाल: आपके ओटीटी प्रोजेक्ट को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। इस पर क्या कहना चाहेंगे? जवाब:दर्शकों ने हमेशा मुझे बहुत प्यार दिया है। मेरे ओटीटी प्रोजेक्ट को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला। मैं सभी का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। सवाल: परिवार का क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरे माता-पिता बहुत उत्साहित थे। उन्हें शो का इंतजार है। खासकर वे यह देखना चाहते हैं कि मैंने किस तरह खतरनाक स्टंट किए और उन मुश्किल हालात का सामना कैसे किया। सवाल: आखिर में अपने फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे? जवाब:बस इतना कहना चाहूंगा कि आपने हमेशा मुझे प्यार दिया है। उम्मीद है, इस बार भी 'खतरों के खिलाड़ी' में मेरा सफर आपको पसंद आएगा। आगे भी मैं आपको इसी तरह एंटरटेन करता रहूंगा।
धुरंधर और पठान की टांय-टांय फिस्स, Spider-Man Brand New Day ने तोड़ डाला कमाई का रिकॉर्ड
हॉलीवुड मूवी स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे भारत में कमाई के मामले में अच्छा प्रदर्शन कर रही है।
प्राइम वीडियो के शो 'द अलायंस' के आने वाले एपिसोड के नए प्रोमो में सलमान खान की घर में एंट्री दिखाई गई। इस दौरान उन्होंने डेनिम शर्ट, चारकोल ट्राउजर और काउबॉय हैट पहनी हुई थी। सलमान के आते ही कंटेस्टेंट्स खुशी और हैरानी से भर गए। सोहेल खान अपने भाई सलमान खान को देखकर सबसे ज्यादा हैरान नजर आए। उनके चेहरे के भाव हैरानी से खुशी में बदल गए और वह सलमान को गले लगाने के लिए आगे बढ़े। सलमान ने उन्हें गले लगाते हुए मुस्कुराकर पूछा, 'क्या भाई?' सोहेल के सपोर्ट के लिए पहुंचे सलमान प्रोमो के मुताबिक, सलमान की एंट्री उस समय हुई, जब सोहेल खान पूर्व पत्नी सीमा सचदेह के शो से बाहर होने और ग्रोइन में चोट लगने के बाद 'अलायंस' हाउस में उदास महसूस कर रहे थे। हाल के एपिसोड में सोहेल खान ने खुद को एलिमिनेशन के लिए नॉमिनेट किया था। उन्होंने कहा कि चोट की वजह से वह टास्क में योगदान नहीं दे पाए, जबकि दूसरे कंटेस्टेंट चोटिल होने के बावजूद मुकाबला कर रहे थे। उन्हें लगा कि वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। सलमान खान की 'अलायंस' हाउस में एंट्री वाला एपिसोड आज यानी रविवार को प्रीमियर होने की उम्मीद है। सोहेल ने सीमा की तारीफ की थी रियलिटी गेम शो 'अलायंस' को कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं। शो में रिश्तों और दोस्ती के समीकरण हर दिन बदलते रहते हैं। यह शो प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है, जिसमें फिल्म और टीवी कलाकारों के साथ कई इंफ्लुएंसर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सोहेल खान, मिनी माथुर, कुशाल टंडन और नीति टेलर शामिल हैं। शो में सीमा सचदेह की वाइल्ड कार्ड एंट्री हुई थी। वहीं, जब शो में सीमा की एंट्री हुई, तब सोहेल ने उनकी तारीफ की थी। उस दौरान होस्ट कुणाल ने सोहेल से सीमा को लेकर सवाल किया था, जिस पर उन्होंने अपनी शादी और रिश्ते को लेकर खुलकर बात की थी। कुणाल खेमू ने पूछा था कि सीमा को शो में देखकर उन्हें कैसा लग रहा है। इस पर सोहेल खान ने कहा था कि उन्होंने सीमा के साथ अपनी जिंदगी के 25 साल बिताए हैं। उन्होंने सीमा को एक खूबसूरत और अच्छे दिल वाली महिला बताया। सोहेल ने यह भी कहा था कि अगर उनके रिश्ते में कभी कोई गलती हुई होगी, तो वह उनकी तरफ से हुई होगी। शो में सोहेल खान और सीमा के बीच बातचीत और बॉन्डिंग देखकर अन्य प्रतियोगियों ने तालियां बजाकर दोनों का हौसला बढ़ाया था। सोहेल और सीमा ने भागकर शादी की थी सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए।
कंगना रनोट ने ऋतिक रोशन से उनके नाम का इस्तेमाल कर उन्हें ट्रोल करने वालों की आलोचना करने की अपील की और कहा कि आग में घी डालने और अपनी पार्टनर को शर्मिंदा करने से बचना चाहिए। हाल ही में सोशल मीडिया पर ‘द वर्ल्ड ओज एन अपोलॉजी टू ऋतिक रोशन’ ट्रेंड सामने आया। यह ट्रेंड उस बयान के बाद चर्चा में आया, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने बरखा दत्त के साथ बातचीत में कहा था, मेरे दोस्त भी मुझे मैसेज कर रहे थे कि अब वो तुम्हारे पीछे क्यों पड़ी है? उनमें से एक ने कहा कि मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं। पूरी खबर यहां पढ़ें… इस ट्रेंड के बीच कई सोशल मीडिया यूजर्स ने कंगना रनोट को ट्रोल करते हुए यही हैशटैग इस्तेमाल किया। इस पर ऋतिक रोशन ने प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी कहा था मेरे दोस्त, सिर्फ इसलिए किसी 'A' का पक्ष लेना क्योंकि अब आप 'B' को पसंद नहीं करते, हमारे समाज को नुकसान पहुंचाने वाली एक बड़ी प्रणालीगत समस्या का एक छोटा सा हिस्सा है। मैं तब तक इंतजार करूंगा, जब तक इसके पीछे का संदर्भ सही न हो और वह तथ्यों से प्रेरित न हो। वह सही होगा, लेकिन फिर से, अब किसे परवाह है, है ना? ऋतिक के इस रिएक्शन के बाद कंगना रनोट ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, प्रिय ऋतिक, मुझे खुशी है कि आपको अपना परफेक्ट पार्टनर मिल गया है। सबा आजाद के साथ आपकी जोड़ी बहुत अच्छी लगती है और आप दोनों एक गंभीर रिश्ते में हैं। कंगना ने आगे कहा कि ऐसे में किसी महिला को इस तरह चिढ़ाना या उसका मजाक उड़ाना आपको शोभा नहीं देता। इसके बजाय, आपको उन लोगों की निंदा करनी चाहिए, जो आपके नाम का इस्तेमाल करके मुझे परेशान कर रहे हैं और बुली कर रहे हैं। अपनी पोस्ट के अंत में कंगना ने लिखा, कृपया आग में घी डालने जैसा व्यवहार बंद करें और अपने पार्टनर को भी इस तरह शर्मिंदा न करें। उम्मीद है कि आप समझदारी से काम लेंगे और इस तरह की अनुचित टिप्पणियां करना बंद करेंगे। गौरतलब है कि कंगना और ऋतिक के बीच विवाद कई वर्षों से चर्चा में रहा है। कंगना ने ऋतिक को पिंकविला को दिए इंटरव्यू में अपना सिली एक्स कहा था। वहीं, ऋतिक ने सार्वजनिक रूप से किसी भी रिलेशनशिप से इनकार किया और अभिनेत्री को लीगल नोटिस भेजा था। एक्टर का दावा था कि उनके नाम से एक फर्जी ईमेल आईडी बनाकर कंगना से बातचीत की गई थी, जबकि कंगना का कहना था कि वह ईमेल आईडी स्वयं ऋतिक ने उन्हें उपलब्ध कराई थी। कंगना से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें... 'फिल्मों के किरदार से मुझे जज मत करो':Gen Z विवाद पर कंगना रनोट का पलटवार, बोलीं- रील और रियल लाइफ में फर्क समझिए Gen Z को लेकर दिए गए बयान पर घिरीं कंगना रनोट ने अब ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों के किरदारों की क्लिप्स शेयर कर उन्हें निशाने पर लेने वालों पर कंगना ने पलटवार करते हुए कहा कि फिल्मों में निभाए गए किरदार और असल जिंदगी के विचारों की तुलना करना गलत है। उन्होंने लोगों से रील और रियल लाइफ का फर्क समझने की अपील की। पूरी खबर यहां पढ़ें… 'अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा है':संजय सिंह ने कंगना रनोट पर साधा निशाना, बोले- जेपी नड्डा जी अपनी सांसद को समझाइए संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनोट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। संजय सिंह ने सदन में कहा, इनकी एक सांसद हैं। उन्होंने किसान आंदोलन में किसानों को गालियां दीं। नौजवानों के आंदोलन में नौजवानों के लिए इतनी भद्दी टिप्पणी की, मान्यवर, इस सदन के अंदर मैं कह नहीं सकता। पूरी खबर यहां पढ़ें…
विजय थलापति की फिल्म जन नायकन कमाई के मामले में स्पाइडर-मैन ब्रांड न्यू डे की रिलीज के बाद भी हार नहीं मान रही है।
गुरु पूर्णिमा के मौके पर सिंगर शान का नया साईं भजन 'साई नाम सांचा' रिलीज हुआ है। इसे संगीतकार ललित पंडित ने कंपोज किया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में शान ने अपने गुरु, मां से जुड़ी साईं बाबा की यादें, ललित पंडित के साथ काम करने के किस्से, AI के बढ़ते असर और अपने बेटों के म्यूजिक करियर पर बात की। सवाल: गुरु पूर्णिमा के मौके पर सबसे पहले आपके गुरु के बारे में जानना चाहेंगे। आपकी जिंदगी में सबसे बड़ा गुरु कौन रहा है? जवाब: मेरे कई गुरु रहे हैं, लेकिन अगर एक नाम लेना हो तो उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान साहब का लूंगा। मैंने उनसे संगीत की तालीम ली। आज भी उनके परिवार से सीखना जारी है। मैं जो भी गा पा रहा हूं, वह उन्हीं की देन है। सवाल: आपने कहा कि जो कुछ सीखा, वह गुरु की देन है। क्या अब तक उनकी गुरु दक्षिणा चुका पाए हैं? जवाब: बिल्कुल नहीं। मैं आज तक कोई खास गुरु दक्षिणा नहीं दे पाया। मेरे लिए सबसे बड़ी गुरु दक्षिणा यही होगी कि मेरी गायकी हर दिन बेहतर होती रहे। अगर गुरुजी मुझे कहीं से सुन रहे होंगे, तो यही चाहेंगे कि मैं और मेहनत करूं और अच्छा गाऊं। सवाल: इसी गुरु पूर्णिमा पर आपका साईं भजन भी रिलीज हुआ है। आपने बताया था कि आपकी मां साईं बाबा में बहुत आस्था रखती थीं। यह भजन गाते वक्त उनकी कौन-सी याद सबसे ज्यादा आई? जवाब: मेरी मां बहुत ज्यादा धार्मिक नहीं थीं, लेकिन साईं बाबा में उनकी गहरी आस्था थी। हर गुरुवार हम दोनों साईं मंदिर जाते थे और अगरबत्ती जलाते थे। उस समय हमारी जिंदगी बहुत साधारण थी। यह भजन गाते समय वही पल याद आए। मां की याद के साथ साईं मंदिरों की याद भी ताजा हो गई। सवाल: इस भजन की रिकॉर्डिंग का किस्सा क्या है? जवाब: मैं जापान छुट्टियों पर जाने वाला था। तभी ललित जी का फोन आया। उन्होंने कहा कि अगर अभी रिकॉर्ड नहीं किया तो बात रह जाएगी। मैं तुरंत स्टूडियो पहुंचा, अपनी लाइनें रिकॉर्ड कीं और चला गया। उस दिन मेरी आवाज पूरी तरह ठीक नहीं थी, इसलिए चार लाइनें गाने में काफी मेहनत करनी पड़ी। पूरा गाना तैयार हुआ तो बहुत खुशी हुई। सवाल: आपने ललित पंडित के साथ कई सुपरहिट गाने गाए हैं। उनके साथ काम करने का अनुभव बाकी संगीतकारों से कितना अलग होता है? जवाब: उनके साथ काम करना हमेशा खास होता है। उन्होंने मुझसे हर तरह के गाने गवाए हैं। टेक्नोलॉजी आगे बढ़ गई है, लेकिन ललित जी आज भी शुद्ध गायकी पर भरोसा करते हैं। उनके साथ रिकॉर्डिंग करना ऐसा लगता है जैसे फिर से स्कूल पहुंच गए हों। सवाल: फिल्म ‘फना’ के गीत 'चांद सिफारिश' की रिकॉर्डिंग के दौरान ऑटो-ट्यून को लेकर क्या हुआ था? जवाब: गाने की शुरुआत में जो आलाप है, उसे रिकॉर्ड करने के बाद ललित जी को लगा कि उसे और बेहतर किया जा सकता है। मैंने मजाक में कहा कि ट्यूनर से ठीक कर दीजिए। यह सुनते ही ललित जी बोले, 'तुम जैसे सिंगर से ऐसी बात की उम्मीद नहीं थी।' फिर मैं तुरंत स्टूडियो पहुंचा और पूरा आलाप दोबारा रिकॉर्ड किया। सवाल: जतिन-ललित के साथ काम करते हुए आपने सबसे बड़ी सीख क्या ली? जवाब: मेरे शुरुआती गानों से लेकर आज तक प्लेबैक सिंगिंग की बहुत सारी बारीकियां मैंने उन्हीं से सीखी हैं। मैं उनके 90 के दशक के संगीत का बड़ा प्रशंसक हूं। आज भी उनके काम का फैन हूं। सवाल: अब AI भी म्यूजिक इंडस्ट्री का हिस्सा बनता जा रहा है। इसे आप किस नजरिए से देखते हैं? जवाब: AI एक अच्छा रेफरेंस टूल हो सकता है, लेकिन उसे पूरी तरह क्रिएटिव काम का विकल्प नहीं बनाना चाहिए। मैंने अपने कुछ म्यूजिक वीडियो AI की मदद से बनाए हैं, लेकिन गाने का संगीत और रिकॉर्डिंग पूरी तरह असली है। AI समय और पैसा बचाता है, लेकिन इससे कई लोगों का रोजगार प्रभावित हो रहा है। आने वाले समय में यह बड़ा मुद्दा बन सकता है। सवाल: ललित पंडित की अगली पीढ़ी के काम को कैसे देखते हैं? जवाब: मैंने रोहांश और अबीर को बचपन से देखा है। दोनों संस्कारी, मेहनती और प्रतिभाशाली हैं। संगीत उन्हें विरासत में मिला है। मुझे वे अपने बच्चों जैसे लगते हैं। सवाल: आपके दोनों बेटे भी म्यूजिक में हैं। इस समय वे क्या कर रहे हैं? जवाब: मेरे दोनों बेटे संगीत से जुड़े हैं। छोटे बेटे माही ने फिल्मों के लिए गाने गाए हैं। बड़ा बेटा सोहम म्यूजिक प्रोड्यूसर और म्यूजिक डायरेक्टर है। वह 'नेवर सोबर' नाम से काम करता है और ज्यादातर पर्दे के पीछे रहकर संगीत बनाता है। दोनों बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।
तीसरे दिन Spider-Man Brand New Day की हुई चांदी, धुरंधर और द ओडिसी को कमाई में छोड़ा पीछे
टॉम हॉलैंड की फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है, तीन दिनों में फिल्म ने रणवीर सिंह की 'धुरंधर' और नोलन की 'द ओडिसी' जैसी फिल्मों को कमाई के मामले में पीछे छोड़ दिया है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस एवं निर्देशक टिस्का चोपड़ा इन दिनों हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में आध्यात्मिक सुकून की तलाश में हैं। गुरु पूर्णिमा पर उन्होंने पालमपुर के कंदवाड़ी स्थित महावतार बाबा मेडिटेशन सेंटर का दौरा किया। यहां उन्होंने अपने आध्यात्मिक गुरु योगीराज अमर ज्योति से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। दोनों की यह मुलाकात लगभग तीन दशकों (30 वर्षों) के लंबे अंतराल के बाद हुई है। 30 साल बाद मुलाकात को बताया 'घर वापसी' दैनिक भास्कर से बातचीत में टिस्का चोपड़ा ने नुभव को बेहद भावुक और आत्मिक बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 30 वर्षों के बाद अपने गुरु योगीराज अमर ज्योति से दोबारा मिलना उनके लिए किसी 'घर वापसी' जैसा अनुभव था। आश्रम प्रवास के दौरान उन्होंने ध्यान (मेडिटेशन), पवित्र हवन और गुरु के सान्निध्य में समय बिताया। टिस्का चोपड़ा ने कहा कि कुछ अनुभव शोर के साथ नहीं आते, बल्कि चुपचाप जीवन में उतरते हैं। वे अपने साथ अधिक स्पष्टता, विनम्रता और यह एहसास छोड़ जाते हैं कि जीवन की सबसे गहरी यात्राएं हमेशा भीतर की ओर होती हैं। — तनाव और भागदौड़ से दूर पहाड़ों का रुख आश्रम प्रवास के बाद टिस्का ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने स्वीकार किया कि जब जीवन में तनाव, अत्यधिक सोच और लगातार भागदौड़ बढ़ जाती है, तब उनकी रचनात्मकता फीकी पड़ने लगती है। ऐसे समय में परिस्थितियों से उलझने के बजाय वे सुकून की तलाश में सीधे पहाड़ों की ओर रुख कर लेती हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि देवदार के वृक्षों की महक, बर्फीली धाराओं का शीतल जल और बादलों के बीच बिताए कुछ दिन उनकी आत्मा को फिर से तरोताजा और शांत कर देते हैं। गुरु पूर्णिमा पर पाया गुरु आशीर्वाद टिस्का ने साझा किया कि इस बार की हिमाचल यात्रा केवल विश्राम तक सीमित नहीं थी। ईश्वर की कृपा से उन्हें गुरु पूर्णिमा के विशेष दिन बाबाजी के आश्रम में रहने, हवन यज्ञ में हिस्सा लेने और अपने गुरु का प्रत्यक्ष आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला, जिसने उन्हें मानसिक व आत्मिक रूप से नई ऊर्जा से भर दिया है।
यूट्यूबर अनुराग डोभाल के चीटिंग के आरोपों पर उनकी पत्नी रितिका चौहान ने पहली बार जवाब दिया है। एक इंटरव्यू में रितिका ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि प्रेग्नेंसी के दौरान भी अनुराग उनसे बदला लेने की कोशिश कर रहे थे। यूट्यूबर और बिग बॉस 17 फेम अनुराग डोभाल की निजी जिंदगी इन दिनों सुर्खियों में है। हाल ही में अनुराग ने पत्नी रितिका चौहान पर चीटिंग और धोखा देने के आरोप लगाए थे। अब रितिका ने इन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। नव भारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक रितिका ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने कभी भी अनुराग के साथ धोखा नहीं किया। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया पर कही जा रही बातें पूरी तरह एकतरफा हैं। उन्होंने दावा किया कि रिश्ते की सच्चाई सिर्फ एक पक्ष की बात सुनकर नहीं समझी जा सकती। इंटरव्यू के दौरान रितिका ने प्रेग्नेंसी का जिक्र करते हुए कहा, जब मैं पांच महीने की प्रेग्नेंट थी, तब भी वह मुझसे बदला लेने की कोशिश कर रहे थे। उनके मुताबिक, उस दौर में उन्हें पति के सहयोग की जरूरत थी, लेकिन मानसिक रूप से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रितिका ने कहा कि वह लंबे समय तक चुप रहीं क्योंकि निजी रिश्ते को सोशल मीडिया की बहस नहीं बनाना चाहती थीं। हालांकि, जब उन पर लगातार बेवफाई के आरोप लगे और छवि खराब करने की कोशिश हुई, तब उन्होंने अपनी बात सामने रखने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि किसी भी रिश्ते की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति के बयान से तय नहीं की जा सकती। लोगों को दोनों पक्षों की बात सुननी चाहिए। उनका कहना है कि वह किसी पर आरोप लगाने के बजाय अपनी सच्चाई सामने रख रही हैं। इससे पहले अनुराग डोभाल ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और बयानों में दावा किया था कि रितिका ने उनके भरोसे को तोड़ा है। इसके बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और दोनों के रिश्ते को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। रितिका के इंटरव्यू के बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। फिलहाल दोनों अपने-अपने दावे कर रहे हैं। किसी भी आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामला दोनों पक्षों के बयानों पर आधारित है। __________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. UK07 राइडर ने रितिका के दोस्त संग जारी किया VIDEO:बोला- रितिका की मां चाहती थीं एबॉर्शन, शादी के खिलाफ थे घरवाले देहरादून के फेमस यूट्यूबर UK07 राइडर उर्फ अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान के बीच चल रहे विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। अनुराग डोभाल ने रितिका और अभिषेक पर गंभीर आरोप लगाने के एक दिन बाद फिर से एक वीडियो जारी किया है।पूरी खबर पढ़ें.. UK07 राइडर बोले-बेटे से मिलने के लिए दिए ₹37 लाख:रितिका अपने दोस्त के साथ मिलकर दे रही धोखा; 4 महीने पहले बने थे पिता देहरादून के फेमस यूट्यूबर UK 07 राइडर अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अनुराग ने 26 जुलाई को यूट्यूब पर 5 मिनट का एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें उन्होंने रितिका पर धोखा देने का आरोप लगाया। (पढ़ें पूरी खबर)
Gen Z को लेकर दिए गए बयान पर घिरीं कंगना रनोट ने अब ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों के किरदारों की क्लिप्स शेयर कर उन्हें निशाने पर लेने वालों पर कंगना ने पलटवार करते हुए कहा कि फिल्मों में निभाए गए किरदार और असल जिंदगी के विचारों की तुलना करना गलत है। उन्होंने लोगों से रील और रियल लाइफ का फर्क समझने की अपील की। Gen Z को लेकर हाल ही में दिए गए बयान के बाद कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उनके बयान के विरोध में कई ट्रोल पेजों और सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी फिल्मों के अलग-अलग किरदारों की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। इन पोस्ट्स के जरिए यह सवाल उठाया गया कि अगर कंगना फिल्मों में ऐसे किरदार निभा सकती हैं तो फिर वह Gen Z की सोच और व्यवहार पर सवाल कैसे उठा सकती हैं। अब इस पूरे विवाद पर कंगना ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर संसद में दिए गए अपने एक पुराने भाषण का वीडियो साझा करते हुए आलोचकों को जवाब दिया। कंगना ने कहा कि फिल्मों में निभाया गया किरदार किसी अभिनेता की निजी सोच या जीवन का प्रतिबिंब नहीं होता। अभिनय एक पेशा है और कलाकार अलग-अलग तरह के किरदार निभाते हैं, इसलिए उन्हें उनकी फिल्मों के आधार पर जज करना गलत है। कंगना ने अपने बयान में कहा कि कुछ लोग जानबूझकर युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, फिल्मी किरदारों और किसी अभिनेता के वास्तविक विचारों को एक जैसा बताना न सिर्फ गलत है, बल्कि यह दर्शकों के बीच भ्रम भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि फिल्मों का मकसद मनोरंजन करना होता है, न कि लोगों को वही व्यवहार अपनाने की सीख देना। किसी कलाकार ने पर्दे पर जो किरदार निभाया है, उसका मतलब यह नहीं कि वह असल जिंदगी में भी वैसा ही सोचता या व्यवहार करता है। कंगना ने लोगों से अपील की कि वे मनोरंजन और वास्तविक जीवन के बीच का फर्क समझें। कंगना का यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर उनके पुराने फिल्मी किरदारों की क्लिप्स तेजी से वायरल हो रही हैं। कई यूजर्स का कहना था कि कंगना के ऑन-स्क्रीन किरदार और उनके हालिया बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। इसी आलोचना के जवाब में उन्होंने अपना पक्ष सार्वजनिक किया। कंगना ने यह भी संकेत दिया कि सोशल मीडिया पर किसी मुद्दे को आधी-अधूरी जानकारी के साथ पेश करना युवाओं के बीच गलत संदेश पहुंचा सकता है। उनका कहना है कि किसी अभिनेता के निजी विचारों पर बहस की जा सकती है, लेकिन उसके फिल्मी किरदारों को उससे जोड़ना उचित नहीं है। कंगना के इस जवाब के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। एक तरफ उनके समर्थक उनकी बात का समर्थन कर रहे हैं और अभिनय व निजी जीवन को अलग मानने की दलील दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचक अब भी उनके हालिया बयान पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में Gen Z को लेकर शुरू हुआ यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा। ___________________________ कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा है':संजय सिंह ने कंगना रनोट पर साधा निशाना, बोले- जेपी नड्डा जी अपनी सांसद को समझाइए संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनोट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा।पूरी खबर पढ़ें.. 'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने वामशी पेडिपल्ली के निर्देशन में बन रही फिल्म SVC63 के लिए कथित तौर पर ₹70 करोड़ की फीस तय की है। फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक, सलमान खान आमतौर पर एक फिल्म के लिए ₹120 करोड़ या उससे अधिक फीस लेते हैं। ऐसे में यह रकम उनकी नॉर्मल फीस का लगभग 60% बताई जा रही है। रिपोर्ट में एक सोर्स के हवाले से बताया गया है कि सलमान के पुराने दोस्त रफी काजी इस प्रोजेक्ट में मीडिएटर का काम कर रहे हैं। उनका नाम फिल्म के प्रोड्यूसर्स में भी शामिल रहेगा। इसी दोस्ती की वजह से सलमान अपनी अपफ्रंट फीस कम करने के लिए तैयार हुए हैं। हालांकि, सूत्र ने यह साफ नहीं किया कि क्या इस समझौते में सलमान खान को फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी भी मिलेगी। पिछले कई सालों से उनकी फिल्मों में इस तरह की व्यवस्था होने की बात सामने आती रही है। बता दें कि सलमान इन दिनों फिल्म 'SVC63' की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन में बन रही इस एक्शन फिल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस प्रोड्यूस कर रही है। फिल्म में नयनतारा पहली बार सलमान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। 2010 के बाद कई फिल्मों में रही हिस्सेदारी रिपोर्ट के अनुसार, दबंग (2010) के बाद सलमान खान ने अधिकतर फिल्मों में अपनी हिस्सेदारी रखी है। दबंग का निर्माण उनके भाई अरबाज खान ने किया था, जबकि बॉडीगार्ड (2011) उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री ने बनाई थी। बाद की कई फिल्मों में उनके होम बैनर SKF की मौजूदगी रही। वहीं, बाहरी प्रोड्यूसर्स के साथ काम करने पर भी उन्होंने कई बार फिल्म के IPR या OTT और सैटेलाइट अधिकारों में हिस्सेदारी रखी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2010 से उनकी फिल्मों के OTT और सैटेलाइट अधिकारों का मूल्य लगभग ₹120 करोड़ से ₹140 करोड़ तक रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि YRF ने सलमान खान को एक था टाइगर (2012), टाइगर जिंदा है (2017) और टाइगर 3 (2023) जैसी फिल्मों में दूसरे एक्टर्स के मुकाबले बेहतर टर्म्स ऑफर किए, जिसमें शाहरुख खान को भी एक एक्सेप्शन बताया गया। दोस्तों के लिए बिना फीस भी किया काम रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान ने कई मौकों पर अपने दोस्तों के लिए कैमियो और स्पेशल रोल बिना कोई फीस लिए किए हैं। इसमें अजय देवगन और रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी भी शामिल है। अजय देवगन ने पहले बताया था कि सन ऑफ सरदार (2012) के 'पो पो' गाने में अपनी मौजूदगी के लिए उन्होंने सलमान को चेक दिया था, लेकिन सलमान ने यह कहते हुए चेक वापस कर दिया, “आप दोस्त हैं। मैं दोस्तों से पैसे नहीं लेता।” सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने वामशी पेडिपल्ली के निर्देशन में बन रही फिल्म SVC 63 के लिए कथित तौर पर ₹70 करोड़ की फीस तय की है। फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक, सलमान खान आमतौर पर एक फिल्म के लिए ₹120 करोड़ या उससे अधिक फीस लेते हैं। ऐसे में यह रकम उनकी नॉर्मल फीस का लगभग 60% बताई जा रही है। रिपोर्ट में एक सोर्स के हवाले से बताया गया है कि सलमान के पुराने दोस्त रफी काजी इस प्रोजेक्ट में मीडिएटर का काम कर रहे हैं। उनका नाम फिल्म के प्रोड्यूसर्स में भी शामिल रहेगा। इसी दोस्ती की वजह से सलमान अपनी अपफ्रंट फीस कम करने के लिए तैयार हुए हैं। हालांकि, सूत्र ने यह साफ नहीं किया कि क्या इस समझौते में सलमान खान को फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी भी मिलेगी। पिछले कई सालों से उनकी फिल्मों में इस तरह की व्यवस्था होने की बात सामने आती रही है। बता दें कि सलमान इन दिनों फिल्म 'SVC63' की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन में बन रही इस एक्शन फिल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस प्रोड्यूस कर रही है। फिल्म में नयनतारा पहली बार सलमान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। 2010 के बाद कई फिल्मों में रही हिस्सेदारी रिपोर्ट के अनुसार, दबंग (2010) के बाद सलमान खान ने अधिकतर फिल्मों में अपनी हिस्सेदारी रखी है। दबंग का निर्माण उनके भाई अरबाज खान ने किया था, जबकि बॉडीगार्ड (2011) उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री ने बनाई थी। बाद की कई फिल्मों में उनके होम बैनर SKF की मौजूदगी रही। वहीं, बाहरी प्रोड्यूसर्स के साथ काम करने पर भी उन्होंने कई बार फिल्म के IPR या OTT और सैटेलाइट अधिकारों में हिस्सेदारी रखी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2010 से उनकी फिल्मों के OTT और सैटेलाइट अधिकारों का मूल्य लगभग ₹120 करोड़ से ₹140 करोड़ तक रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि YRF ने सलमान खान को एक था टाइगर (2012), टाइगर जिंदा है (2017) और टाइगर 3 (2023) जैसी फिल्मों में दूसरे एक्टर्स के मुकाबले बेहतर टर्म्स ऑफर किए, जिसमें शाहरुख खान को भी एक एक्सेप्शन बताया गया। दोस्तों के लिए बिना फीस भी किया काम रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान ने कई मौकों पर अपने दोस्तों के लिए कैमियो और स्पेशल रोल बिना कोई फीस लिए किए हैं। इसमें अजय देवगन और रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी भी शामिल है। अजय देवगन ने पहले बताया था कि सन ऑफ सरदार (2012) के 'पो पो' गाने में अपनी मौजूदगी के लिए उन्होंने सलमान को चेक दिया था, लेकिन सलमान ने यह कहते हुए चेक वापस कर दिया, “आप दोस्त हैं। मैं दोस्तों से पैसे नहीं लेता।” सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल
प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।
'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'कुछ कुछ होता है', 'जो जीता वही सिकंदर', 'फना' और 'हम तुम' जैसी फिल्मों का संगीत देने वाले ललित पंडित गुरु पूर्णिमा पर साईं बाबा को समर्पित भक्ति गीत 'साई नाम सांचा' लेकर आए हैं। इसमें हरिहरन, उदित नारायण, शान, जावेद अली, बेला शेंडे के साथ नई पीढ़ी के कलाकारों को भी मौका मिला है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने नए भजन, 90 के दशक के संगीत, बेटों के करियर, शाहरुख खान और आज की म्यूजिक इंडस्ट्री पर बात की। सवाल: आपने रोमांटिक गानों से लोगों का दिल जीता। अब साईं बाबा पर भक्ति गीत 'साईं नाम सांचा' लेकर आए हैं। इसे बनाने का विचार कैसे आया? क्या इसके पीछे कोई निजी अनुभव या आस्था जुड़ी है? जवाब: मैं और मेरी पत्नी अक्सर साईं बाबा के मंदिर जाते हैं। काफी समय से मन था कि साईं बाबा के लिए ऐसा बनाया जाए, जो सिर्फ गाना नहीं, बल्कि श्रद्धा का भाव हो। उसी दौरान मेरे दोनों बेटे संगीत निर्देशन में आगे बढ़ रहे थे। उन्होंने हाल ही में फिल्म 'अल्फा' का संगीत तैयार किया है। एक पिता होने के नाते मैंने सोचा कि उनके नए सफर की शुरुआत साईं बाबा के आशीर्वाद से हो। यही भावना इस भजन के पीछे रही। धुन तैयार होने पर मुझे वह पसंद आई और लगा कि इसे रिकॉर्ड कर लोगों तक पहुंचाना चाहिए। सवाल: इस भजन में कई बड़े गायकों के साथ नए गायक भी हैं। इसकी क्या वजह रही? जवाब: मैं चाहता था कि यह सिर्फ बड़े नामों वाला एल्बम न बने। इसमें हरिहरन, उदित नारायण, शान, जावेद अली और बेला शेंडे के साथ नई आवाजों को भी मौका दिया। मीना मंगेशकर की पोती सांजली, मेरे भाई के बेटे स्वर और सारिका कंसारा ने भी गाया है। स्वर पंडित जसराज के आखिरी शिष्यों में रहे हैं। मेरा मानना है कि संगीत तभी आगे बढ़ेगा, जब नई प्रतिभाओं को बड़े कलाकारों के साथ मंच मिलेगा। सवाल: आजकल भक्ति संगीत भी काफी कमर्शियल हो गया है। आपने इसे किस नजरिए से बनाया? जवाब: मैंने इस भजन को कभी कमर्शियल प्रोजेक्ट नहीं माना। इसे पूरी श्रद्धा से बनाया। पूरा खर्च भी मैंने खुद उठाया। कई लोगों ने बड़ी म्यूजिक कंपनी के साथ रिलीज करने की सलाह दी, लेकिन वहां कई सुझाव आने लगते हैं कि किस गायक को लेना है। मैं अपनी रचनात्मक आजादी से समझौता नहीं करना चाहता था। यह फिल्म का गाना नहीं था, इसलिए वही किया जो मुझे सही लगा। मेरा उद्देश्य था कि यह भजन साईं मंदिरों में बजे और लोगों को शांति दे। सवाल: जतीन-ललित की जोड़ी ने 90 के दशक को यादगार बनाया। आज पीछे मुड़कर देखते हैं तो सबसे बड़ी उपलब्धि क्या लगती है? जवाब: बहुत संतोष होता है। हमने सिर्फ हिट गाने नहीं, बल्कि ऐसा संगीत बनाने की कोशिश की जो वर्षों तक जिंदा रहे। आज नई पीढ़ी भी 'पहला नशा', 'तुझे देखा तो', 'कुछ कुछ होता है' और 'चांद छुपा बादल में' सुनती है तो लगता है कि मेहनत सफल हुई। कई लोग कहते हैं कि आर.डी. बर्मन के बाद कल्ट संगीत में जतिन-ललित का नाम भी शामिल है। यह सुनकर खुशी होती है। सवाल: अगर आज दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे या कुछ कुछ होता है का संगीत बनाना हो, तो क्या वह वैसा ही होगा या मुश्किल होगा? जवाब: उस समय भी यह आसान नहीं था। हमने हर धुन पर घंटों मेहनत की। किसी अरेंजर पर निर्भर नहीं रहते थे। हर नोट और ऑर्केस्ट्रेशन खुद तैयार करते थे। इसी वजह से हमारे संगीत की पहचान बनी। आज भी ऐसा संगीत बन सकता है, लेकिन इसके लिए निर्देशक का वैसा विजन और निर्माता का भरोसा जरूरी है। सिर्फ अच्छा संगीतकार होना काफी नहीं। सवाल: क्या आज भी निर्देशक 90 के दशक जैसा संगीत मांगते हैं? जवाब: बिल्कुल। आज भी कई निर्देशक वैसी ही मेलोडी की मांग करते हैं। लेकिन काम शुरू होने पर कुछ नया जोड़ने की बात करते हैं। यही सबसे बड़ी चुनौती है। फिल्म संगीत में अपनी नहीं, निर्देशक के विजन के मुताबिक काम करना पड़ता है। इसलिए फिल्म संगीत सबसे मुश्किल काम है। प्राइवेट म्यूजिक या भजन में अपनी सोच के मुताबिक काम किया जा सकता है, लेकिन फिल्मों में नहीं। सवाल: आज के संगीत में आपको सबसे ज्यादा किस चीज की कमी महसूस होती है? जवाब: मुझे लगता है कि आज सबसे ज्यादा कमी अच्छे गीतकारों की है। पहले आनंद बख्शी और मजरूह सुल्तानपुरी जैसे बड़े लेखक थे। उनके शब्दों में गहराई होती थी। आज अच्छे संगीतकार और गायक हैं, लेकिन वैसी लेखनी कम दिखाई देती है। मजबूत शब्द धुन का असर और बढ़ा देते हैं। सवाल: करियर का सबसे मुश्किल गाना कौन-सा रहा, जिस पर सबसे ज्यादा मेहनत करनी पड़ी? जवाब: अगर एक गाने का नाम लूं तो वह 'पहला नशा' है। उस समय हम इंडस्ट्री में नए थे। कई लोग हमारे काम करने के तरीके से सहमत नहीं थे और नई सोच स्वीकार नहीं करते थे। उस गाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। 'पहला नशा' का पूरा अरेंजमेंट मैंने खुद किया था। उस समय कोई अरेंजर नहीं था। मेरे दिमाग का वही साउंड रिकॉर्ड हुआ। शायद यही वजह है कि आज भी वह गाना वैसा ही महसूस होता है। मेरा मानना है कि कुछ गाने दोबारा नहीं बन सकते और 'पहला नशा' हमारे लिए ऐसा ही गाना है। सवाल: क्या कभी ऐसा लगा कि कोई गाना और बेहतर बनाया जा सकता था? जवाब: ऐसे कई गाने हैं। आज भी उन्हें सुनता हूं तो लगता है कि कुछ चीजें बेहतर हो सकती थीं। कई बार तकनीकी वजहों या साथ काम करने वाले लोगों के कारण वैसा रिजल्ट नहीं मिला जैसा हम चाहते थे। लेकिन यही संगीत की खूबसूरती है। हर गाना कुछ नया सिखाकर जाता है। सवाल: शाहरुख खान के साथ आपकी बॉन्डिंग कैसे बनी? जवाब: हमारी और शाहरुख खान की शुरुआत लगभग एक साथ हुई थी। हमारी शुरुआती बड़ी फिल्मों में 'राजू बन गया जेंटलमैन' थी और शाहरुख भी उसी दौर में करियर बना रहे थे। वहीं से रिश्ता बना। इसके बाद उनकी हर फिल्म में मैं और जतिन अपना सबसे बेहतरीन काम देने की कोशिश करते थे। शायद इसी वजह से उनकी फिल्मों के लिए हम सबसे ज्यादा मेहनत करते थे। सवाल: शाहरुख खान क्या म्यूजिक सिटिंग में भी शामिल होते थे? जवाब: बिल्कुल। सिर्फ शाहरुख ही नहीं, जूही चावला भी बैठकों में आती थीं, क्योंकि वह प्रोडक्शन से जुड़ी थीं। कई दिन तक गानों पर चर्चा होती थी। हम धुनें सुनाते और वे सुझाव देते थे। शाहरुख की सबसे बड़ी खूबी थी कि अगर उन्हें किसी पर भरोसा हो जाए तो पूरा विश्वास करते थे। कई बार वे कहते थे, अगर तुम्हें लग रहा है कि यह सही है, तो करो। एक कलाकार के लिए इससे बड़ा भरोसा नहीं होता। सवाल: शाहरुख, आमिर और सलमान के साथ काम करने का अनुभव कितना अलग था? जवाब: तीनों का अपना-अपना अंदाज था, लेकिन तीनों संगीत को गंभीरता से लेते थे। शाहरुख के साथ सबसे ज्यादा फिल्में कीं, इसलिए उनके साथ भावनात्मक रिश्ता बन गया। आमिर खान हर गाने को ध्यान से सुनते थे। सलमान खान भी संगीत में रुचि लेते थे। अजय देवगन और सनी देओल भी अपने संगीत को लेकर सजग रहते थे। बड़े कलाकार भी गानों पर उतना ही ध्यान देते हैं, जितना निर्देशक। सवाल: क्या कभी कलाकार यह भी बताते थे कि किस गायक से गाना गवाना चाहिए? जवाब: हां, कई बार कलाकारों के सुझाव सही साबित होते थे। रानी मुखर्जी चाहती थीं कि उनके गाने अलका याज्ञनिक गाएं, क्योंकि उनकी आवाज उन पर सबसे ज्यादा सूट करती थी। हमने 'हम तुम' में यही किया और परिणाम शानदार रहा। फिल्म संगीत टीमवर्क है। कलाकार की बात सही लगे तो उसे जरूर मानना चाहिए। सवाल: पहले लाइव रिकॉर्डिंग होती थी, अब सब डिजिटल हो गया है। कितना फर्क आया है? जवाब: बहुत बड़ा फर्क आया है। पहले स्टूडियो में 100 से 200 म्यूजिशियन एक साथ रिकॉर्डिंग करते थे। एक व्यक्ति की गलती पर पूरी रिकॉर्डिंग दोबारा करनी पड़ती थी। इसलिए हर कलाकार पूरी तैयारी और रियाज के साथ आता था। आज तकनीक आसान हो गई है। गलती होने पर लोग बाद में सुधार की सोचते हैं। इससे तैयारी और अनुशासन पर असर पड़ा है। लाइव रिकॉर्डिंग की ऊर्जा आज भी मुझे याद आती है। सवाल: क्या आज के संगीतकारों को पहले जैसी आजादी मिलती है? जवाब: नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता। आज के संगीतकार प्रतिभाशाली हैं, लेकिन उन्हें उतनी रचनात्मक स्वतंत्रता नहीं मिलती, जितनी हमें मिली थी। आज प्रोड्यूसर, म्यूजिक कंपनी और दूसरी राय देने वाले लोग बीच में आ जाते हैं। इससे कई बार संगीत की मूल सोच बदल जाती है। अच्छा संगीत तभी निकलता है, जब संगीतकार पर भरोसा किया जाए। सवाल: AI के दौर में क्या आपको लगता है कि संगीतकार की भूमिका बदलने वाली है? जवाब: तकनीक को रोका नहीं जा सकता। जब हम इंडस्ट्री में आए थे, तब भी नई तकनीक आ रही थी। हमें उसे सीखकर अपने काम का हिस्सा बनाना पड़ा। एआई भी उसी बदलाव का हिस्सा है। असली बात यह है कि उसका इस्तेमाल कैसे किया जाए। अगर सोच, धुन और संवेदनाएं मजबूत हैं तो कोई तकनीक उन्हें खत्म नहीं कर सकती। तकनीक सिर्फ माध्यम है, संगीत की आत्मा आज भी इंसान के भीतर से निकलती है। सवाल: आज के नए संगीतकारों में कितना भविष्य देखते हैं? जवाब: आज के लड़कों में टैलेंट की कमी नहीं है। समस्या सिर्फ यह है कि उन्हें हमारी तरह खुलकर काम करने की आजादी नहीं मिलती। हमारे समय में निर्देशक और निर्माता हम पर भरोसा करते थे। आज संगीत बनने से पहले ही कई राय आने लगती हैं। इससे संगीतकार का आत्मविश्वास प्रभावित होता है। खुला माहौल मिले तो आज की पीढ़ी भी यादगार संगीत बना सकती है। सवाल: आपके बेटे रोहांश और अबीर पंडित अब संगीत निर्देशन कर रहे हैं। उन्हें क्या सलाह देते हैं? जवाब: मेरे दोनों बेटे बचपन से संगीत सीखते आए हैं। दोनों गाते हैं और कई वाद्ययंत्र बजाते हैं। सालों तक उन्होंने मेरे लाइव शो में मेरे साथ काम किया। अब वे खुद संगीत बना रहे हैं। उन्होंने फिल्म 'अल्फा' का संगीत तैयार किया है। मुझे उनके काम पर गर्व है। मैं उनसे कहता हूं कि किसी की नकल मत करो। अपना संगीत बनाओ, अपनी पहचान बनाओ। उनका संगीत हमारी पीढ़ी से अलग है और यही अच्छी बात है। मैं उनके साथ बैठकर उनका काम सुनता हूं और कई बार उनसे नई चीजें सीखता हूं। सवाल: अब आगे आपके कौन-कौन से प्रोजेक्ट आने वाले हैं? जवाब: अब मैं इंडिपेंडेंट म्यूजिक पर ज्यादा काम करना चाहता हूं। फिल्मों के साथ ऐसे गाने बनाना चाहता हूं, जहां पूरी रचनात्मक आजादी हो। 'साई नाम सांचा' उसी दिशा में शुरुआत है। आगे भी ऐसे कई प्रोजेक्ट लेकर आऊंगा। सवाल: गुरु पूर्णिमा आपके लिए कितनी खास है? जवाब: मेरे लिए गुरु पूर्णिमा सिर्फ त्योहार नहीं है। यह गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। मेरे और जतिन के सबसे बड़े गुरु हमारे पिता पंडित प्रताप नारायण थे। उन्होंने हमें संगीत सिखाया। हम पांचवीं पीढ़ी से संगीत से जुड़े हैं। हमारा परिवार शास्त्रीय संगीत की परंपरा से आता है। जो सीखा, उन्हीं से सीखा। आज भी मानता हूं कि हर कलाकार का गुरु होना चाहिए। सीखना कभी खत्म नहीं होता। सवाल: आपने अपने गुरु को गुरु दक्षिणा में क्या दिया था? जवाब: सच कहूं तो मैंने अपने पिता को क्या दिया होगा? उन्होंने पूरी जिंदगी हमें ही दिया। गंडा बंधन के समय परंपरा के अनुसार नारियल और मिठाई चढ़ाई थी। लेकिन असली गुरु दक्षिणा यही है कि गुरु की शिक्षा का सम्मान करें और उसे आगे बढ़ाएं। मैं आज भी वही कोशिश करता हूं। सवाल: आपने 'गंडा बंधन' का जिक्र किया। यह परंपरा क्या होती है? जवाब: हमारे यहां जब गुरु किसी शिष्य को औपचारिक रूप से स्वीकार करते हैं, तो उसे 'गंडा बंधन' कहते हैं। मेरे पिताजी ने मेरा और जतिन का गंडा बांधा था। वे कहते थे कि जब तक गुरु शिष्य को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं करते, तब तक उनका पूरा आशीर्वाद नहीं मिलता। गंडा बंधने के बाद जीवनभर गुरु के शिष्य रहते हैं। यह सिर्फ धागा नहीं, बल्कि गुरु और शिष्य के बीच विश्वास और समर्पण का रिश्ता है। सवाल: आखिर में अपने प्रशंसकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब: गुरु पूर्णिमा पर 'साई नाम सांचा' रिलीज करना मेरे लिए संतोष की बात है। उम्मीद है कि यह भजन लोगों को सुकून देगा। मैं सभी श्रोताओं का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने पिछले तीन दशकों से हमारे संगीत को प्यार दिया। उसी प्यार की वजह से आज भी नए उत्साह के साथ संगीत बना रहा हूं। उम्मीद है कि आगे भी अच्छे गीत लेकर आता रहूंगा।
रश्मिका मंदाना अपनी एक अपकमिंग फिल्म के डांस सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान चोटिल हो गई हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चोट उन्हें डांस और एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान लगी। हालांकि, रश्मिका या उनकी टीम की तरफ से इसको लेकर कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है। चोट की वजह से रश्मिका का शूटिंग शेड्यूल रोक दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, रश्मिका मंदाना अपनी एक अपकमिंग फिल्म के डांस सीक्वेंस की शूटिंग कर रही थीं। इसी दौरान उनकी हिप से जुड़ा एक टेंडन पूरी तरह अलग हो गया। डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह की चोट आमतौर पर प्रोफेशनल एथलीट्स में देखी जाती है। मेडिकल जांच के बाद उन्हें छह हफ्ते तक पूरी तरह आराम करने और फिर बताए गए रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम को शुरू करने की सलाह दी गई है। शूटिंग और ब्रांड कमिटमेंट्स पर पड़ सकता है असर इस चोट की वजह से रश्मिका के आने वाले शूटिंग शेड्यूल और दूसरे प्रोफेशनल कमिटमेंट्स पर असर पड़ सकता है। वह अभी राणाबली और माइसा जैसी कई बड़े बजट की फिल्मों पर काम कर रही हैं और कई एंडोर्समेंट कैंपेन भी मैनेज कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी अभी की शूटिंग और कमर्शियल असाइनमेंट्स को रीशेड्यूल किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर फैंस उनके जल्दी ठीक होने की दुआ कर रहे हैं। कई भाषाओं की फिल्मों में एक्टिव रश्मिका मंदाना अभी इंडियन सिनेमा की सबसे बिजी एक्ट्रेसेस में से एक हैं। वह कई भाषाओं की फिल्मों में काम कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अभी चार बड़ी फिल्मों की शूटिंग कर रही हैं और लगभग 30 नेशनल और इंटरनेशनल ब्रांड्स को प्रमोट कर रही हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो वह आखिरी बार हिंदी फिल्म 'कॉकटेल 2' में नजर आई थीं। वहीं, रश्मिका की साल 2025 में पांच फिल्में रिलीज हुईं। उन्होंने हिंदी फिल्म 'छावा' में महारानी येसूबाई का किरदार निभाया। इसके बाद वह 'सिकंदर' में सैसरी राजकोट की भूमिका में नजर आईं। वहीं, रश्मिका ने तेलुगु-तमिल द्विभाषी फिल्म 'कुबेरा' और हिंदी फिल्म 'थामा' में भी काम किया। इसके अलावा वह तेलुगु फिल्म 'द गर्लफ्रेंड' में भी नजर आईं। वहीं, पर्सनल लाइफ की बात करें तो 26 फरवरी 2026 को रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी राजस्थान के उदयपुर स्थित ITC मेमेंटोस होटल में हुई थी। पढ़िए पूरी खबर…
सलमान खान ने शुक्रवार देर रात अपने सबसे करीबी दोस्त संजय दत्त के साथ 2 तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं, जिनमें दोनों गले मिल रहे हैं। तस्वीरों के साथ सलमान ने कैप्शन में लिखा, ‘बाबा फॉरएवर... बाबा और बाबा, बाबा होता है। संजू बाबा है हम सबका बाबा और अब अपने बच्चों का भी बाबा। मेरा बड़ा भाई संजय दत्त। अल्लाह, भगवान और जीसस सब इस आदमी को हमेशा खुश रखें। आई लव यू बाबा।’ फैंस को सलमान और संजय के बीच यह बॉन्ड बहुत पसंद आ रहा है। कई लोगों ने इस पर रिएक्ट किया। संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त ने पोस्ट पर कमेंट किया, ‘ब्रदर्स फॉर लाइफ।' वहीं, संजय दत्त की बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त ने हार्ट इमोजी कमेंट किए। सलमान की BMW की चाबी समुद्र में फेंक दी थी संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड में मिसाल मानी जाती है। हालांकि, एक बार ऐसा भी हुआ था जब संजय दत्त, सलमान से नाराज हो गए थे। इस किस्से का खुलासा खुद सलमान ने रजत शर्मा के शो में किया था। सलमान ने बताया था कि सोहेल खान की फिल्म 'मैंने दिल तुझको दिया' में संजय दत्त ने दोस्ती की खातिर गेस्ट अपीयरेंस किया था। शूटिंग पूरी होने के बाद संजय दत्त सलमान के घर पहुंचे, जहां पार्टी चल रही थी। उसी दौरान सलमान के पास नई BMW M5 आई थी। वह संजय दत्त को बाहर ले गए और बोले, ‘बाबा, यह देश की पहली BMW M5 है और मैं चाहता हूं कि यह आपके पास हो।’ इतना सुनते ही संजय दत्त ने सलमान को धन्यवाद कहा, लेकिन अगले ही पल कार की चाबी उठाकर सीधे समुद्र में फेंक दी। चाबी समंदर में चली गई और क्योंकि कार की केवल एक ही चाबी थी, इसलिए वह कई दिनों तक घर के बाहर ही खड़ी रह गई। सलमान ने बताया था कि उस चाबी को ढूंढकर निकालने में पूरे चार दिन लगे थे। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म 'मातृभूमि: मे रेस्ट इन पीस' में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। …………… सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
फिल्म 'आर्य भट्ट का जीरो' खुद पर भरोसा और सपनों के लिए संघर्ष की कहानी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनाली सहगल, हिमांश कोहली और डायरेक्टर कमल चंद्रा ने ऐसे अनुभव साझा किए, जब लोगों ने उन पर भरोसा नहीं किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सोनाली ने बताया कि एक फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह कार में रोते हुए घर गई थीं। हिमांश ने कहा कि 'यारियां' के बाद लगातार फिल्में नहीं चलीं तो लगा कि करियर खत्म हो गया। सवाल: फिल्म का संदेश है कि खुद पर भरोसा सबसे जरूरी है। आपकी जिंदगी में ऐसा कब हुआ? जवाब/सोनाली सहगल: मेरे अंदर हमेशा आत्मविश्वास था, लेकिन मुझसे ज्यादा भरोसा मेरी मम्मी को था। उन्होंने मेरे मिस इंडिया बनने से पहले ही कहा था कि उनकी बेटी मिस इंडिया बनेगी। लोग हंसते थे, लेकिन उनका विश्वास कभी नहीं डगमगाया। आज मुझे लगता है कि परिवार का एक इंसान भी आप पर पूरा भरोसा करे, तो आधी लड़ाई वहीं जीत जाती है। इसलिए सेल्फ बिलीफ के साथ परिवार का भरोसा भी जरूरी है। सवाल: हिमांश, आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ था? जवाब/हिमांश कोहली: बचपन से मुझे फिल्मों का शौक था। जब लोगों से कहता था कि मुझे एक्टर बनना है, तो ज्यादातर लोग सपना छोड़ने की सलाह देते थे। स्कूल में मैंने झूठ बोल दिया कि मैं धारा तेल के विज्ञापन वाला बच्चा हूं। पूरे स्कूल ने भरोसा कर लिया, लेकिन बाद में सच सामने आ गया। इसके बाद मुझे बुलिंग झेलनी पड़ी। सीनियर्स मजाक उड़ाते थे और सजा भी देते थे। तभी मैंने तय किया कि सच में एक्टर बनकर दिखाऊंगा। सवाल: उस घटना ने आपको कितना बदला? जवाब/हिमांश कोहली: उस वक्त बहुत बुरा लगा था, लेकिन आज लगता है कि अगर वह घटना नहीं होती तो शायद मैं इतनी मेहनत नहीं करता। मैंने थिएटर शुरू किया, एक्टिंग सीखी और कई संस्थानों में ट्रेनिंग ली। मेरे माता-पिता ने हर कदम पर साथ दिया। आज पुराने दोस्त कहते हैं, 'यार, तूने सच में अपना सपना पूरा कर लिया।' सवाल: परिवार का साथ कितना जरूरी रहा? जवाब/हिमांश कोहली: अगर मेरे माता-पिता साथ नहीं देते तो मैं एक्टिंग की पढ़ाई नहीं कर पाता। उन्होंने सिर्फ पढ़ाई नहीं, मेरे सपने पर भी भरोसा किया। वही भरोसा मुझे यहां तक लेकर आया। सवाल: कमल जी, आपकी कहानी भी कुछ ऐसी ही है? जवाब/कमल चंद्रा: बिल्कुल। मैं इंजीनियर था। अच्छी नौकरी थी, लेकिन एक्टिंग वर्कशॉप के बाद लगा कि मुझे फिल्मों में काम करना है। मैंने चार सरकारी नौकरियां छोड़ दीं। रिश्तेदारों ने मना किया, लेकिन पिता ने कहा, 'तूने मेरा सपना पूरा कर दिया, अब अपना सपना जी।' उसी बात ने मुझे कभी पीछे मुड़कर नहीं देखने दिया। सवाल: हिमांश क्या आप भी अपने माता-पिता का कोई अधूरा सपना भी जी रहे हैं? जवाब/हिमांश कोहली: बिल्कुल। मेरी मां कलाकार बनना चाहती थीं। उन्हें गायन, पेंटिंग और अभिनय का शौक था, लेकिन कम उम्र में शादी होने से उनका सपना अधूरा रह गया। आज फिल्मों में काम करते हुए लगता है कि मैं अपना ही नहीं, मां का सपना भी पूरा कर रहा हूं। उन्होंने एक बार ऋषि कपूर और जितेंद्र से मिलने की इच्छा जताई थी। जब मैं उन्हें दोनों कलाकारों से मिलवा पाया तो लगा कि मेरी मेहनत सफल हो गई। उनके चेहरे की खुशी मेरे लिए किसी अवॉर्ड से कम नहीं थी। सवाल: कमल जी, आपकी जिंदगी का सबसे भावुक पल कौन-सा रहा? जवाब/कमल चंद्रा: मेरी पहली फिल्म के दौरान महेश भट्ट ने मेरे पिता से फोन पर मेरी तारीफ की थी। फोन कटने के बाद पापा की खुशी देखने लायक थी। उन्होंने कहा, मुझे पता था, मेरा बेटा कुछ अच्छा करेगा। माता-पिता की आंखों में अपने लिए गर्व देखना सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। सवाल: 'आर्य भट्ट का जीरो' की कहानी में ऐसी क्या बात थी, जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब/हिमांश कोहली: मुझे 'बग्गू' का किरदार बहुत पसंद आया। वह सिखाता है कि जिंदगी मंजिल से भटका सकती है, लेकिन सपना और मेहनत नहीं छोड़ें तो एक दिन मंजिल जरूर मिलती है। हालात जैसे भी हों, उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे बड़ी सीख क्या मिली? जवाब/हिमांश कोहली: इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी टीम है। रवि किशन, राजेश शर्मा, गोपाल दत्त, नीरज सूद और बाकी कलाकारों के साथ बातचीत करना एक एक्टिंग स्कूल जैसा था। हर कलाकार अपने संघर्ष और अनुभव साझा करता था। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। सवाल: कमल जी, शूटिंग से जुड़ा कोई दिलचस्प किस्सा? जवाब/कमल चंद्रा: जिस घर में शूटिंग हुई, उसके मालिक बाद में उसे रेनोवेट करने वाले थे। लेकिन फिल्म पूरी होने के बाद उन्होंने फैसला बदल दिया। उन्हें लगा कि यह घर फिल्म की यादों से जुड़ गया है, इसलिए इसे जैसा है, वैसा ही रहने देना चाहिए। यह हमारे लिए बहुत खास पल था। सवाल: फिल्म का सबसे बड़ा संदेश क्या है? जवाब/कमल चंद्रा: हर इंसान जिंदगी में कभी न कभी खुद को 'जीरो' महसूस करता है। हमारी फिल्म कहती है कि खुद पर भरोसा और मेहनत बनी रहे, तो वही इंसान एक दिन हीरो बन सकता है। सवाल: सोनाली, आपने 'आर्य भट्ट का जीरो' के लिए हां क्यों कहा? जवाब/सोनाली सहगल: मेरे लिए किसी भी फिल्म में सबसे अहम उसकी कहानी होती है। कमल ने स्क्रिप्ट सुनाई तो उसमें बनावटीपन नहीं, बल्कि सच्चाई दिखी। हर किरदार असली लगा और यही बात सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: रिंकू का किरदार आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब/सोनाली सहगल: इस फिल्म से पहले मैं अलग जॉनर की फिल्म कर रही थी। वहां मेरा किरदार और दुनिया अलग थे। 'रिंकू' छोटे शहर की साधारण लड़की है, इसलिए उसके हावभाव, बोलने के तरीके और सोच पर अलग तरह से काम करना पड़ा। एक कलाकार के तौर पर यही चुनौती सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: इस फिल्म में सबसे खास बात क्या लगी? जवाब/सोनाली सहगल: मुझे लगा कि इस फिल्म का हर किरदार कुछ न कुछ सिखाता है। कोई उम्मीद देता है, कोई रिश्तों की अहमियत समझाता है और कोई संघर्ष से लड़ना सिखाता है। यही इसकी सबसे बड़ी खूबी है। सवाल: दर्शक 'आर्य भट्ट का जीरो' देखकर क्या महसूस करेंगे? जवाब/हिमांश कोहली: अगर लगे कि जिंदगी योजना के मुताबिक नहीं चल रही, तब भी हार मत मानिए। सपनों पर भरोसा रखिए और मेहनत करते रहिए। देर हो सकती है, लेकिन मंजिल जरूर मिलेगी। कमल चंद्रा: यह फिल्म सिर्फ एक इंसान या एक कुत्ते की कहानी नहीं है। यह उन सभी लोगों की कहानी है, जिन्हें कभी न कभी 'जीरो' कहा गया। अगर आप खुद पर भरोसा रखते हैं, तो एक दिन वही लोग आपकी सफलता की मिसाल देंगे। सोनाली सहगल: हम चाहते हैं कि लोग थिएटर से सिर्फ फिल्म देखकर नहीं, बल्कि अपने सपनों पर दोबारा भरोसा करके निकलें। अगर फिल्म देखने के बाद एक भी इंसान हार मानने की बजाय फिर कोशिश करने लगे, तो हमारी मेहनत सफल हो जाएगी। सवाल: क्या कभी ऐसा वक्त आया, जब आपका खुद पर भरोसा डगमगाया? उससे बाहर कैसे निकले? जवाब/सोनाली सहगल: इस इंडस्ट्री में रास्ता आसान नहीं है। मेहनत से कभी डर नहीं लगा, लेकिन शुरुआत में मौके मिलना सबसे मुश्किल होता है। सबसे बड़ा झटका 'जय मम्मी दी' का बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलना था। शायद पहली बार कैमरे पर यह बात कह रही हूं। मैंने उस फिल्म के लिए अपना सब कुछ लगा दिया था। वह मेरी पहली सोलो लीड फिल्म थी और उससे बहुत उम्मीदें थीं। लेकिन कोविड की शुरुआत की वजह से फिल्म थिएटर में वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाई। मुझे आज भी याद है, पहले दिन के बॉक्स ऑफिस नंबर देखकर मैं इवेंट से लौटते समय कार में रो रही थी। मेरी नई मैनेजर समझ नहीं पा रही थी कि मुझे कैसे संभाले। मैं कुछ दिनों के लिए डिप्रेशन में चली गई थी। लेकिन मैं जल्दी संभल जाती हूं। मैंने खुद से कहा कि मुझे अपने काम पर गर्व है। बाद में फिल्म नेटफ्लिक्स पर लोगों ने खूब पसंद की। तब समझ आया कि हर फिल्म अपनी किस्मत लेकर आती है। हौसला टूटता जरूर है, लेकिन उसे दोबारा खड़ा भी आपको ही करना पड़ता है। जीरो लगने के बाद खुद को फिर हीरो भी आपको ही बनाना पड़ता है। सवाल: हिमांश, आपने भी उतार-चढ़ाव देखे हैं। उस दौर को कैसे संभाला? जवाब/हिमांश कोहली: मेरे साथ शुरुआत उलटी हुई। 'यारियां' सुपरहिट रही, लेकिन उसके बाद दो-तीन फिल्मों को वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला। उस वक्त समझ नहीं आता था कि आगे क्या करना है। कई लोग कहने लगे थे, 'अब सब खत्म हो गया... अब यहां कुछ नहीं रखा।' सच कहूं तो मुझे भी लगने लगा था कि शायद बैग पैक करके घर लौट जाना चाहिए। लेकिन आज समझ आता है कि वह सिर्फ एक दौर था। उस समय जो फिल्में नहीं चलीं, वही आज टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। मैं उनके रिजल्ट देखकर हैरान हो जाता हूं। इसलिए अब लगता है कि हर चीज का अपना समय होता है। अगर मेहनत और भरोसा बना रहे तो मुश्किल दौर भी हमेशा नहीं रहता।
टॉम हॉलैंड और जेंडया की 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने पहले दिन ही 'एवेंजर्स: एंडगेम' का रिकॉर्ड तोड़कर कमाल कर दिया। वहीं वीकेंड पर ये कमाई और भी ऊपर जा सकती है।
भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह अपनी सेहत और मेडिकल रिपोर्ट को लेकर काफी हैं। आगामी शो 'भोजपुरी बवाल' के सेट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पवन सिंह अपनी किडनी और लिवर की टेस्ट रिपोर्ट को लेकर चिंता जताते दिख रहे हैं। अपनी ज्यादा सोचने (ओवरथिंकिंग) की आदत की वजह से पवन सिंह डॉक्टर की सलाह का इंतजार करने के बजाय खुद ही इंटरनेट और एलेक्सा पर मेडिकल टर्म्स सर्च करने लगे। यह शो 2 अगस्त से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होने जा रहा है। रिपोर्ट सही आएगी ना? टीम से पूछते दिखे पवन सिंहवीडियो में पवन सिंह अपने साथियों के साथ सोफे पर बैठे नजर आ रहे हैं। वे परेशान होकर पूछते हैं, रिपोर्टवा सही आई ना रे? इस पर उनकी टीम के सदस्य उन्हें दिलासा देते हैं कि लाखों लोगों का आशीर्वाद उनके साथ है, उन्हें कुछ नहीं होगा। हालांकि, पवन सिंह अपनी ओवरथिंकिंग की आदत को स्वीकार करते हुए कहते हैं कि उन्हें जरूरत से ज्यादा सोचने की बीमारी है। जैसे ही टीम का एक सदस्य हाथ में रिपोर्ट की फाइल लेकर आता है, पवन सिंह तुरंत पूछते हैं कि इसमें कोई डराने वाली बात तो नहीं है। एलेक्सा से पूछा TLC और हीमोग्लोबिन का मतलबरिपोर्ट खुद समझने की कोशिश में पवन सिंह की टीम फोन पर एलेक्सा से मेडिकल शब्दों के मतलब पूछने लगती है। जब टीम ने 'TLC' का मतलब पूछा, तो एलेक्सा ने इसका जवाब ‘टेंडर लविंग केयर’ दिया। यह सुनकर पवन सिंह और उनकी पूरी टीम सोच में पड़ गई। इसके बाद पवन सिंह ने किडनी और लिवर की रिपोर्ट देखते हुए हीमोग्लोबिन के बारे में पूछा। रिपोर्ट देखकर भड़के, टेबल पर पटक दी फाइलफाइल देखते समय पवन सिंह खुद ही डॉक्टर की तरह रिपोर्ट का विश्लेषण करने लगे। उन्होंने रिपोर्ट में 10,700 का आंकड़ा देखकर कहा कि जब नॉर्मल रेंज 6,000 से 15,000 के बीच होती है, तो यह रिपोर्ट ठीक होनी चाहिए। फिर उन्होंने सवाल उठाया कि इसे काला (हाईलाइट) क्यों किया गया है। रिपोर्ट में लिखे मेडिकल शब्दों को समझ न पाने और असमंजस की स्थिति बनने पर पवन सिंह इतने चिढ़ गए कि उन्होंने फाइल टेबल पर पटक दी। डॉक्टर के सवाल पर बोले- पता नहीं एलेक्सा मौसी है या भौजीमाहौल में हंसी-मजाक तब बढ़ गया जब डॉक्टर का फोन आया। पवन सिंह ने फोन पर डॉक्टर से कहा कि रिपोर्ट उन्होंने खुद देख ली है और एलेक्सा ने भी सब बता दिया है। इस पर जब डॉक्टर ने पूछा कि मुझे बताओ यह एलेक्सा कौन है?, तो पवन सिंह ने हंसते हुए जवाब दिया, अब हमको क्या पता सर कि एलेक्सा मौसी हैं, चाची हैं या भौजी हैं! यह सुनते ही कमरे में मौजूद सभी लोग जोर-जोर से हंस पड़े। 2 अगस्त से जियोहॉटस्टार पर शुरू होगा 'भोजपुरी बवाल'पवन सिंह का यह पूरा वाकया उनके नए शो 'भोजपुरी बवाल' के दौरान का है। यह शो 2 अगस्त से विशेष रूप से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम किया जाएगा। इसमें दर्शकों को भोजपुरी इंडस्ट्री के सितारों के काम और निजी जिंदगी से जुड़े कई मजेदार पल देखने को मिलेंगे।
नितेश तिवारी की बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होने के बाद अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने अपना एक पुराना फोटो शेयर किया है। कंगना ने अपनी स्कूल के दिनों की एक थ्रोबैक फोटो इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट की है, जिसमें वे माता सीता के रूप में तैयार नजर आ रही हैं। फोटो के साथ कंगना ने तंज कसते हुए लिखा कि सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद। वहीं रामायण में एक्ट्रेस साई पल्लवी का सीता का रूप में लुक भी चर्चा में बना हुआ है। लाल साड़ी पहने सीता बनीं कंगनाकंगना रनोट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर स्कूल के दिनों के नाटक की फोटो शेयर की। पहली फोटो में कंगना लाल रंग की साड़ी पहने नजर आ रही हैं। उनके पास भगवान राम के रूप में तैयार एक लड़की खड़ी है, जबकि एक बच्चा हनुमान का रूप धरकर उनके चरणों के पास बैठा हुआ है। कंगना ने कैप्शन में इस नाटक में हिस्सा लेने वाले अपने सभी दोस्तों के नाम लिखे। 'सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद', दूसरी फोटो में कसा तंजकंगना ने इसके बाद एक और क्लोज-अप फोटो शेयर की। इस फोटो में उनके बाल खुले हैं और वे अपने दाएं हाथ से आशीर्वाद देने की मुद्रा में खड़ी हैं। इस फोटो के कैप्शन में कंगना ने हंसने वाला इमोजी बनाकर लिखा, सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद। कंगना की इस पोस्ट 'रामायण' के ट्रेलर में साई पल्लवी के सीता वाले लुक से जोड़कर देखा जा रहा है। साई पल्लवी के लुक पर भी हो रही चर्चाफिल्म 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी के लुक और उनके हिंदी उच्चारण को लेकर काफी चर्चा देखने को मिल रही है। कुछ लोग उनके लुक और हिंदी बोलने के अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं। इसी चर्चा के बीच कंगना रनोट की यह थ्रोबैक पोस्ट सामने आई है। जेन-जी को गटर जनरेशन बताकर विवाद में फंसी कंगना दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। वहीं, कंगना के 'जनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर सोनू सूद ने कहा कि अगर कंगना ने ऐसा कहा है, तो यह बहुत शर्मनाक है। मीडिया से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सोनू ने कहा, ये युवा ही हैं जो कलाकारों को बनाते हैं और आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं। जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप आगे बढ़ते रहेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज होने के बाद भारत के साथ पाकिस्तान में भी इसकी चर्चा हो रही है। पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर और फिल्म क्रिटिक्स ने ट्रेलर पर प्रतिक्रिया देते हुए इसके VFX, स्टार कास्ट और मेकिंग की तारीफ की। पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर ‘काम वाली बात’ के नाम से पहचाने जाने वाले माविया उमर फारूकी ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर की समीक्षा करते हुए कहा कि फिल्म का बड़ा बजट उसके विजुअल्स में साफ नजर आता है। फारूकी ने हॉलीवुड स्टूडियोज के साथ VFX पर किए गए काम की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘एक पाकिस्तानी के तौर पर मैं बोलूंगा कि भाई, मैं ट्रेलर देखकर तो एक्साइटेड हो गया हूं कि फिल्म के अंदर क्या है, फिल्म के अंदर क्या देखने को मिलेगा।’ साथ ही उन्होंने रणबीर कपूर और यश की परफॉर्मेंस की भी तारीफ की। वहीं, पाकिस्तानी यूट्यूबर और फिल्म क्रिटिक हस्नात खान ने भी अपने यूट्यूब रिव्यू में ट्रेलर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि फिल्म को लेकर जो हाइप बनी थी, ट्रेलर उसे पूरी तरह सही साबित करता है। उनके मुताबिक, ट्रेलर का हर सीन शानदार है और मेकर्स ने विजुअल्स, CGI, लाइटिंग, एनिमेशन और स्टंट्स पर बेहतरीन काम किया है। उन्हें कहीं भी लो क्वालिटी या कमजोर VFX नहीं दिखे। हस्नात खान ने यश की एक्टिंग और उनके एक्शन सीन्स की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रेलर की शुरुआत ही यश के दमदार अंदाज से होती है। नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के पहले पार्ट का ट्रेलर कल रिलीज हो गया। मेकर्स ने इसे 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। 'रामायण' के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया। देखें ट्रेलर की झलक- ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिकफिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। शैलेन्द्र ने आगे बताया, अचानक एक शख्स कमरे में आया। उसने दस्ताने पहने, एक सिरिंज निकाली और सलमान की स्कैल्प में इंजेक्शन लगाने लगा। उस समय सलमान आराम से बिरयानी खा रहे थे। हम दोनों अब भी शीशे के जरिए बात कर रहे थे और मैं यह सब देखकर हैरान था। मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर हो क्या रहा है। मैंने पूछा, 'भाई, यह क्या चल रहा है?' इस पर सलमान ने कहा, 'स्टार बनने की एक कीमत चुकानी पड़ती है, भाई' और वह खाना खाते हुए सामान्य तरीके से बातचीत करते रहे। बाद में उन्हें पता चला कि यह PRP (प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा) थेरेपी थी, जिसका इस्तेमाल बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें इस ट्रीटमेंट की जानकारी नहीं थी। उस समय यह प्रोसेस इललीगल थी। उनके मुताबिक, अब कई लोग PRP थेरेपी करवाते हैं और उम्र बढ़ने के साथ बाल पतले होने पर इसका इस्तेमाल किया जाता है। क्या होता है PRP हेयर ट्रीटमेंट? यह एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है, जिसे प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (PRP) थेरेपी कहा जाता है। इसमें व्यक्ति का थोड़ा-सा खून (ब्लड) निकालकर मशीन में प्रोसेस किया जाता है। इसके बाद खून से प्लेटलेट्स से भरपूर प्लाज्मा अलग किया जाता है और उसे इंजेक्शन की मदद से सिर के उन हिस्सों में लगाया जाता है, जहाँ बाल पतले हो रहे हों या झड़ रहे हों। इसका उद्देश्य बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देना और हेयर फॉल कम करने में मदद करना होता है। …………… शैलेन्द्र सिंह से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… विवेक ओबेरॉय की कॉन्फ्रेंस के बाद गुस्से में थे सलमान:प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने एक्टर को शांत रहने की सलाह दी थी फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने बताया था कि विवेक ओबेरॉय द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान पर आरोप लगाने के बाद सलमान बहुत गुस्से में थे। शैलेन्द्र ने कहा था कि उन्होंने सलमान को सलाह दी थी कि जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। उन्होंने एक्टर से कहा, “जिंदगी में हमें रिएक्ट नहीं, बल्कि एक्ट करना चाहिए। जो करना है, वह बाद में भी किया जा सकता है। अभी शांति से बैठो और समय को अपना काम करने दो।” शैलेन्द्र के मुताबिक, सलमान ने उनकी बात मानी और उस समय कोई रिएक्शन नहीं दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
टीवी सीरियल 'महाभारत' में भगवान श्रीकृष्ण का किरदार निभाने वाले एक्टर नीतीश भारद्वाज ने गुरुवार को नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के ट्रेलर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX), कलाकारों की परफॉर्मेंस और संगीत की तारीफ करते हुए रणबीर कपूर को सलाह दी। नीतीश भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर 'रामायण' का ट्रेलर शेयर करते हुए लिखा, बेस्ट फॉरेन फिल्म के लिए यह 100% ऑस्कर की हकदार है। बधाई हो नमित। नितेश तिवारी, सत्यजीत रे और शेखर कपूर के बाद भारतीय सिनेमा की दुनिया को भारत का अगला बड़ा तोहफा हैं। प्रोडक्शन डिजाइन और सिनेमैटोग्राफी (DOP) के लिए यह फिल्म कई पुरस्कार जीत सकती है। VFX और AI की मदद से बनाया गया इसका पीरियड वर्ल्ड शानदार है। भारतीय सिनेमा के साथ कोलेबोरेट करने के लिए महान संगीतकार हैंस जिमर का भी धन्यवाद। रणबीर कपूर को सलाह देते हुए उन्होंने लिखा, रणबीर अब रणवीर के साथ अगली पीढ़ी के दो बेजोड़ धुरंधरों की बराबरी पर हैं। यश, ग्लोबल सिनेमा में आपका स्वागत है। आरके, मैं आपको हमेशा एक एक्टर के रूप में पसंद करता रहा हूं, लेकिन अब आपकी सामाजिक जिम्मेदारी शुरू होती है कि आप भारत की विरासत, संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं को आगे बढ़ाएं। इसलिए अब 'एनिमल' जैसी फिल्में नहीं, चाहे उसके लिए कितना भी बड़ा ऑफर क्यों न मिले। कृपया अपनी वाणी को अब और प्रदूषित न करें। भारत के पास आपकी अभिनय क्षमता को दिखाने के लिए कहानियों की कोई कमी नहीं है। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, मुझे सिर्फ यही उम्मीद है कि भारतीय दर्शक साई पल्लवी को सीता के रूप में स्वीकार करेंगे। साथ ही, मैं चाहता हूं कि फिल्म में कहीं न कहीं मृदंगम और मंजीरे की धुनों के बीच गोस्वामी तुलसीदास जी की चौपाइयां भी सुनाई दें। यही इस महाकाव्य की वह ध्वनि है, जो हर भारतीय की आत्मा में बसती है। मैं नितेश तिवारी की इस भव्य फिल्म को बनाने की मेहनत के सम्मान में 'रामायण' कम से कम 5 बार देखना चाहूंगा। नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के पहले पार्ट का ट्रेलर कल रिलीज हो गया। मेकर्स ने इसे 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। 'रामायण' के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया। देखें ट्रेलर की झलक- ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिकफिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनोट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। संजय सिंह ने सदन में कहा, इनकी एक सांसद हैं। उन्होंने किसान आंदोलन में किसानों को गालियां दीं। नौजवानों के आंदोलन में नौजवानों के लिए इतनी भद्दी टिप्पणी की, मान्यवर, इस सदन के अंदर मैं कह नहीं सकता। उन्होंने आगे कहा, हमारी बच्चियों के चरित्र के ऊपर सवाल उठाया गया। इसके बाद संजय सिंह ने कहा, मैं जेपी नड्डा जी से निवेदन करना चाहता हूं, समझाइए अपने उस सांसद को। अपने भाषण के दौरान संजय सिंह ने कहा, अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा। सिर्फ पांच उंगलियों के निशान पड़े थे। ऐसी बात करोगे... तो तुम्हारी सरकार को इस देश का नौजवान... पकड़ के गटर में डालने का काम करेगा। कंगना ने क्या कहा था दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। वहीं, कंगना के 'जनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर सोनू सूद ने कहा कि अगर कंगना ने ऐसा कहा है, तो यह बहुत शर्मनाक है। मीडिया से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सोनू ने कहा, ये युवा ही हैं जो कलाकारों को बनाते हैं और आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं। जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप आगे बढ़ते रहेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने अपना जन्मदिन सादगी के साथ मनाया। मुंबई स्थित उनके कार्यालय के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रशंसक उन्हें बधाई देने पहुंचे। सोनू सूद ने अपने चाहने वालों से मुलाकात कर उनके प्यार और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। जन्मदिन का सबसे खास पल तब रहा, जब उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। सोनू सूद के जन्मदिन पर उनके कार्यालय के बाहर उत्सव जैसा माहौल नजर आया। अभिनेता ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया, उनसे बातचीत की और कई लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। फैंस का उत्साह दिखाता है कि सोनू सूद केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि लोगों के बीच अपनी अलग पहचान रखने वाले शख्स भी हैं। बच्चों के साथ बांटी खुशियां इस जन्मदिन की सबसे भावुक तस्वीरें उस समय सामने आईं, जब सोनू सूद ने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें अपने खास दिन का हिस्सा बनाया। यह पहल उनके सामाजिक सरोकारों और लोगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। समाजसेवा से बनाई अलग पहचान 30 जुलाई 1973 को पंजाब के मोगा में जन्मे सोनू सूद ने फिल्मों के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद कर उन्होंने लाखों लोगों का भरोसा जीता। आज भी वे शिक्षा, इलाज और रोजगार जैसी जरूरतों में लोगों की सहायता के लिए सक्रिय रहते हैं।

