टीवी सीरियल 'अनुपमा' फेम एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने यूट्यूबर ध्रुव राठी की एक पोस्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। ध्रुव राठी ने 19 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। इस बयान के छह दिन बाद सोमवार को बीजेपी नेता और एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने ध्रुव राठी पर निशाना साधते हुए एक लंबा नोट लिखा। उन्होंने पीएम मोदी को दुनिया का सबसे सम्मानित नेता बताया और कहा कि भारत को विदेश में बैठकर देश का मजाक उड़ाने वाले यूट्यूबर की जरूरत नहीं है। बोलीं- पीएम मोदी को दुनिया से मिला सम्मानरूपाली गांगुली ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के चुने हुए नेता हैं। वे पिछले 25 सालों से लगातार चुनाव जीत रहे हैं, पहले मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री के रूप में। दुनियाभर के देश उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज चुके हैं। भारत के करोड़ों लोग उनसे बेहद प्यार और सम्मान करते हैं। ऐसे सम्मानित नेता के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है। ध्रुव राठी ने लिखा- मोदी को शर्मिंदा करें यूट्यूबर ध्रुव राठी ने 19 मई को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया था। इसमें उन्होंने लिखा था कि मोदी जहां भी जाएं, उन्हें हर जगह शर्मिंदा किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 12 साल में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। ध्रुव राठी ने आगे लिखा कि वे दूसरे देशों के विदेशी पत्रकारों से भी कहेंगे कि वे पीएम मोदी से जहां भी मिलें, उनसे सवाल जरूर पूछें। उन्हें लोगों के सामने जवाब देने के लिए मजबूर करें। ध्रुव राठी के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई थी। पत्रकार के वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद यह पूरा विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नॉर्वे दौरे के बाद शुरू हुआ। ओस्लो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लेंग ने प्रधानमंत्री से भारत में मानवाधिकारों और लोकतंत्र को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की थी। इस दौरान पीएम मोदी बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए थे। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था, जिसके बाद ध्रुव राठी ने पत्रकार के समर्थन में यह पोस्ट लिखा था। विदेश में बैठकर प्रोपेगैंडा चलाने का लगाया आरोपएक्ट्रेस ने ध्रुव राठी पर निशाना साधते हुए आगे लिखा कि भारत की प्रगति का फैसला करने के लिए देश के 140 करोड़ नागरिक पूरी तरह सक्षम हैं। देश को विदेश में रहने वाले किसी ऐसे यूट्यूबर की सलाह की जरूरत नहीं है, जो भारत की जमीनी हकीकत से पूरी तरह दूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि ध्रुव राठी का पूरा ऑनलाइन करियर भारत की आलोचना करने, उसका मजाक उड़ाने और लोगों के बीच डर फैलाने पर ही टिका हुआ है। साल 2024 में बीजेपी में शामिल हुई थीं एक्ट्रेसरूपाली गांगुली एक्टिंग के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हैं। वे साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हुई थीं। 1 मई 2024 को दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली थी। उस समय उन्होंने कहा था कि वे पीएम मोदी के विकास कार्यों और उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर राजनीति में आ रही हैं। एक्ट्रेस गुल पनाग भी कर चुकीं आलोचना इससे पहले एक्ट्रेस गुल पनाग भी ध्रुव राठी के इस पोस्ट की आलोचना कर चुकी हैं। गुल पनाग ने ध्रुव राठी के पोस्ट पर लिखा कि आप किसी प्रधानमंत्री को नापसंद कर सकते हैं, सरकार से असहमत हो सकते हैं, डिबेट कर सकते हैं और अलग तरह से वोट कर सकते हैं। यही लोकतंत्र है। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री के ऑफिस और विदेश में वे जिसे रिप्रेजेंट करते हैं, उसका विदेशी धरती पर मजाक बनाना सही नहीं है। यह विरोध का सही तरीका नहीं है, बल्कि इससे हमारा ही नुकसान होता है।
धुरंधर की सक्सेस के बाद शूटिंग से ठीक पहले डॉन 3 छोड़ने से रणवीर सिंह विवादों में घिर गए हैं। फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर फरहान अख्तर की शिकायत के बाद अब FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एंप्लॉय्ज) उनके खिलाफ सख्त एक्शन ले सकती है। फेडरेशन के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित का कहना है कि इस तरह इंडस्ट्री बर्बाद नहीं होने दी जाएगी। अशोक पंडित ने इस मामले पर बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में कहा- यह बेहद गंभीर मामला है, और यह ट्रेंड बिल्कुल गलत है। शूट शुरू होने से सिर्फ 10 दिन पहले आप किसी प्रोजेक्ट से पीछे नहीं हट सकते। पहले हम अंदरूनी बैठक करेंगे, उसके बाद ही कोई फैसला लेंगे। आगे उन्होंने कहा, “अब हम वही करेंगे जो सही और न्यायसंगत होगा। हम इंडस्ट्री को इस तरह बर्बाद नहीं होने देंगे। कल को कोई भी फिल्म छोड़कर चला जाएगा। हम जो भी कदम उठाएंगे, वह इंडस्ट्री के हित में ही होगा।” आज होगी मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस डॉन 3 कास्टिंग विवाद पर आज 4 बजकर 30 मिनट पर मुंबई में फेडरेशन द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है। प्रेस नोट में फेडरेशन ने लिखा है, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस FWICE द्वारा अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ दायर शिकायत पर लिए गए निर्णय के संबंध में आयोजित की जा रही है, जिसमें उन पर आगामी फिल्म डॉन 3 से कथित तौर पर अलग होने का आरोप है। FWICE को यह शिकायत श्री फरहान अख्तर से मिली है, जो इसकी संबद्ध संस्था इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के सदस्य भी हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, FWICE इस मामले पर आधिकारिक रूप से अपनी बात रखेगा और शिकायत तथा उससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच के बाद अपना रुख और निर्णय साझा करेगा। क्या है डॉन 3 का पूरा विवाद? फरहान अख्तर ने साल 2023 में फिल्म डॉन 3 की घोषणा, एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 1978 में आई अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म डॉन और शाहरुख स्टारर डॉन (2006) के बाद ये डॉन फ्रैंचाइजी की तीसरी फिल्म है। अनाउंसमेंट के समय कियारा आडवाणी को फिल्म में कास्ट किया गया था। लेकिन प्रेग्नेंसी और मेटरनिटी ब्रेक के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी, जिसके बाद कृति सेनन को कास्ट करने की खबरें रहीं। ये फिल्म फरहान अख्तर, होम प्रोडक्शन एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बना रहे थे। डॉन 3 को जारी रखने लिए फरहान ने अपनी दूसरी फिल्म जी ले जरा पोस्टपोन कर दी। फिल्म डिले होने पर रणवीर सिंह धुरंधर में व्यस्त हो गए। रिपोर्ट्स थीं कि 2025 में डॉन 3 की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन फिर अचानक रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में हस्तक्षेप कर रहे थे। वो गाली-गलौज और हिंसक सीन की मांग कर रहे थे, लेकिन मेकर्स इस पर राजी नहीं हुए। मिड डे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि रणवीर ने फिल्म छोड़ दी है और वो जल्द ही फिल्म का साइनिंग अमाउंट भी लौटा देंगे। जबकि मेकर्स पहले ही प्री-प्रोडक्शन, डिले और री-वर्क के चलते फिल्म पर खर्च कर चुके थे। इस पर फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर 40 करोड़ हर्जाने की मांग की। उनका कहना था कि प्री-प्रोडक्शन, शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के चलते उनका भारी नुकसान हुआ है। तब आमिर खान ने भी बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रोड्यूसर गिल्ड ने दोनों पक्षों को सुलह का समय भी दिया, लेकिन हल तब भी नहीं निकला। अब फरहान अख्तर द्वारा FWICE को शिकायत की गई है, जिस पर जल्द ही कोई एक्शन लिया जाएगा।
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान का इंस्टाग्राम अकाउंट अचानक बंद होने के बाद अब दोबारा चालू हो गया है। कुछ घंटों पहले सर्च करने पर उनका ऑफिशियल अकाउंट 'बीइंगसलमानखान' दिखाई नहीं दे रहा था। मोबाइल पर उनके फॉलोअर्स की संख्या जीरो दिख रही थी, जबकि डेस्कटॉप पर पेज उपलब्ध न होने का एरर मैसेज आ रहा था। अब उनका अकाउंट फिर से एक्टिव हो गया है, जिस पर 7.2 करोड़ (72 मिलियन) फॉलोअर्स हैं। अकाउंट गायब होने की यह घटना उनके एक हालिया विवाद के बाद हुई है। कुछ दिन पहले सलमान खान ने मुंबई के एक अस्पताल में पैपराजी पर परेशान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लगातार कई पोस्ट शेयर करके अपना गुस्सा जाहिर किया था। मोबाइल और डेस्कटॉप पर आ रहा था एरर मैसेजसोमवार को कुछ समय के लिए सलमान खान का सोशल मीडिया अकाउंट पूरी तरह से गायब हो गया था। कुछ यूजर्स को उनका प्रोफाइल तो दिख रहा था, लेकिन फॉलोअर्स और पोस्ट की संख्या जीरो हो गई थी। वहीं डेस्कटॉप वर्जन पर 'सॉरी, दिस पेज इज नॉट अवेलेबल' लिखा आ रहा था। सलमान सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं और अपनी फिल्मों से जुड़े अपडेट्स शेयर करते हैं। पैपराजी पर भड़क गए थे सलमान अकाउंट गायब होने से पहले सलमान इंस्टाग्राम पर पैपराजी भड़क गए थे। दरअसल पिछले हफ्ते मंगलवार को सलमान खान हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे। उन्हें देखते ही पैपराजी ने उनकी अपकमिंग फिल्म मातृभूमि चिल्लाना शुरू कर दिया। पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए। सलमान करीब आए और सभी को सुनाने लगे। उन्होंने पैपराजी को जमकर खरी-खोटी सुनाई और फिर बाद में सीरीज में पोस्ट शेयर कर सभी को चेतावनी दी थी। कुछ देर बाद उन्होंने आधिकारिक X अकाउंट से एक-एक कर 4 पोस्ट कीं। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा, “अगर मैं किसी प्रेस वाले को अस्पताल में मेरी पीड़ा का मजा लेते देखूं। उस प्रेस वाले के लिए मैंने खड़ा होकर बात की है, उनका ध्यान रखा है ताकि वो भी अपनी रोजी-रोटी कमा सकें।” दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “लेकिन अगर वो मेरे नुकसान से पैसा कमाना चाहते हैं, तो करते रहें। भाई भाई मातृभूमि पिक्चर की मां की आंख, पिक्चर इंपोर्टेंट है या लाइफ।” तीसरी पोस्ट में सलमान लिखते हैं, “ऐसे मैं सौ जला दूंगा। भाई का एक भाई के दुख पर अगली बार कोशिश कर लेना मेरे साथ। बस कोशिश कर लेना, जब भी तुम्हारा कोई अस्पताल में होगा, क्या मैं ऐसा रिएक्ट करूंगा?” 'लोनली' पोस्ट पर मां सलमा खान ने पूछा था हालसलमान खान ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक डार्क रूम में सोफे पर लेटे हुए अपनी तस्वीर शेयर की थी, जिसमें वे अपनी मस्कुलर बॉडी दिखाते नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने एक पोस्ट में खुद को 'लोनली' (अकेला) बताया था। इस पोस्ट को देखकर उनकी माता सलमा खान भी चिंतित हो गई थीं और उन्होंने फोन करके उनका हालचाल पूछा था। एक्टर ने 'मी टाइम' की बात कहकर दी थी सफाईअकेलेपन वाले पोस्ट पर चर्चा बढ़ने के बाद सलमान खान ने खुद आगे आकर सफाई दी थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वे कभी-कभी लोगों के बीच बोर हो जाते हैं, इसलिए उन्हें अपने लिए थोड़ा समय (मी टाइम) चाहिए होता है। सलमान इन दिनों अपनी आने वाली फिल्मों की तैयारियों में व्यस्त हैं और सोशल मीडिया के जरिए लगातार अपने विचार साझा करते रहते हैं।
मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के अमृतसर स्थित घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई है। शुरूआती जांच के मुताबिक बदमाश बाइक पर आए थे। जिसके बाद अमृतसर के पॉश इलाके हॉली सिटी में उन्होंने कपिल शर्मा के घर के बाहर 2 राउंड फायर किए। इसके बाद वह मौके से फरार हो गए। फायरिंग का पता चलते ही पुलिस टीमें उनके घर पहुंची। पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। पुलिस की ओर से आसपास के लोगों के बयान दर्ज किया जा रहे हैं। इसके साथ ही सिक्योरिटी गार्ड से भी पूछताछ की जा रही है। फायरिंग के वक्त घर पर कौन-कौन था, इसके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। कपिल फिलहाल परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं। पुलिस ने CCTV फुटेज को कब्जे में लियाफायरिंग के बाद पुलिस ने कपिल शर्मा के घर और आसपास के VIP घरों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में ले ली है। इसके जरिए हमलावरों के रूट और उनकी पहचान के बारे में सुराग जुटाए जा रहे हैं। अभी हमलावरों की मंशा के बारे में नहीं चल पाया है। कनाडा में स्थित 'Kap's Cafe' पर भी हो चुकी है गोलीबारीयह पहली बार नहीं है जब कपिल शर्मा या उनसे जुड़ी किसी प्रॉपर्टी को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले कनाडा के सरे शहर में स्थित उनके मशहूर 'Kap’s Cafe' के बाहर भी कई बार गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी हैं। कनाडा में हुई उन वारदातों की जिम्मेदारी कुछ खालिस्तानी समर्थक तत्वों ने ली थी। अब घर पर हुई फायरिंग में पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के तार भी उन्हीं पुराने मामलों या किसी अंतरराष्ट्रीय फिरौती/धमकी से जुड़े हैं। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
हिंदी और तमिल सिनेमा जगत में आर.माधवन आज न सिर्फ एक स्थापित अभिनेता, बल्कि जाने-माने निर्माता-निर्देशक भी हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 25 मई को उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। जानते हैं उनकी संघर्ष से सफलता की कहानी… जमशेदपुर में एक मध्यमवर्गीय तमिल परिवार में 1 जून 1970 को जन्मे आर.माधवन का जीवन आर्थिक व शारीरिक संघर्षों और करिअर की चुनौतियों से भरा रहा है। माधवन कॉलेज के दिनों में सर्वश्रेष्ठ एनसीसी कैडेट थे। फौज में अफसर बनना उनका सपना था, लेकिन उम्र संबंधी नियमों के चलते वह परीक्षा में अयोग्य कर दिए गए। संघर्ष -गुजारे के लिए कोचिंग देते, फिल्मों में रिजेक्शन झेले 1993 में माधवन मुम्बई आए तो उनके पास पैसे नहीं थे। वे पब्लिक स्पीकिंग की कोचिंग और छोटी-मोटी मॉडलिंग से गुजारा करते थे। तमिल फिल्म इरुवर' के लिए स्क्रीन टेस्ट में मणिरत्नम ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया। चॉकलेटी छवि के कारण उन्हें गंभीर भूमिकाओं के लिए कई रिजेक्शन झेलने पड़े। माधवन जब करिअर के शिखर पर थे तो थ्री ईडियट्स की शूटिंग में उनके घुटने में चोट आई। डॉक्टरों की सलाह को अनदेखा कर वे तमिल फिल्म शूट करने लगे और वापस उसी घुटने में इतनी गंभीर चोट लगी कि उनकी ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में दो सर्जरी करनी पड़ीं। यह कॅरिअर का सबसे बुरा दौर था। 3 साल तक वे फिल्मों से दूर रहे। फिर रॉक्रेट्री' की शूटिंग के दौरान कोरोना आ गया। माधवन बताते हैं कि तब चार साल तक उनकी कोई कमाई नहीं हुई। सफलता - तमिल सिनेमा से चमके, रहना है से बने स्टारमाधवन उन गिने-चुने अभिनेताओं में हैं, जो अंग्रेजी, हिंदी और दक्षिण भारतीय भाषाओं में 70 से ज्यादा फिल्में कर चुके हैं। सबसे पहले 1997 में माधवन ने अंग्रेजी फिल्म इन्फर्नो' में छोटी-सी भूमिका निभाई। इससे पहले वे टीवी एड और धारावाहिक करते थे। 1998 में शांति,शांति,शांति' से कन्नड डेब्यू किया। 2000 में तमिल ब्लाॅकबस्टर अलाईपायुथे' उनके कॅरिअर का टर्निंग पॉइंट रही। इससे पहचान मिली और माधवन ने रहना है तेरे दिल में' से धमाकेदार बॉलीवुड डेब्यू किया। 2006 से 2015 के बीच माधवन ने रंग देे बसंती, थ्री ईडियट्स, तनु वेड्स मनु में दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता। रॉक्रेट्री: द नंबी इफेक्ट' से वो निर्माता भी बन गए। माधवन को आइफा, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, टेलीविजन अकादमी अवॉर्ड के अलावा कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं।
फिल्म वेलकम टू द जंगल का गाना घिस घिस घिस आज रिलीज हो चुका है। ये एक भोजपुरी गाना है, जिसमें अक्षय कुमार भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह संग, वल्गर और डबल मीनिंग लिरिक्स पर थिरकते दिखे हैं। जाहिर तौर पर लगातार फ्लॉप फिल्में दे रहे अक्षय कुमार अब इस नई स्ट्रेटेजी के साथ भोजपुरी ऑडियंस को टारगेट करते हुए भोजपुरी स्टार्स का सहारा ले रहे हैं। अक्षय कुमार ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से फिल्म वेलगम टू द जंगल गाने की एक झलक शेयर की है। गाने के कैप्शन में अक्षय कुमार ने लिखा है, फटेगा स्पीकर और ब्रेक होगा पूरा डांस फ्लोर। घिस घिस घिस सॉन्ग आज रिलीज हो रहा है। एक नजर अक्षय कुमार के भोजपुरी गाने पर- फ्लॉप के डर से अक्षय कुमार ने लेनी पड़ी भोजपुरी स्टार्स की मदद! अक्षय कुमार लंबे समय से एक हिट फिल्म की तलाश में हैं। उनकी इस साल रिलीज हुई फिल्म भूत बंगला बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी है। इससे पहले 2025 में आईं उनकी फिल्में कनप्पा, स्काई फोर्स, हाउसफुल 5 और जॉली एलएल बी 3 भी कोई खास इम्पैक्ट नहीं छोड़ सकीं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या अक्षय कुमार अब हिट की तलाश के लिए भोजपुरी स्टार्स और भोजपुरी गानों का सहारा ले रहे हैं। अक्षय कुमार की पिछली पिछली 6 फिल्में और उनका बजट गाने के बारे में- फिल्म वेलकम टू द जंगल गाने का टाइटल है, घिस घिस घिस। गाने की लिरिक्स में रगड़के नहला देब साबुन से, होंठवा पे काटे जैसे मधुमक्खी, रगड़े जवानी जैसे भर-भर के, जैसे बोल इस्तेमाल किए गए हैं। गाने को विक्रम मोन्तरोज, सुप्रिया पाठक ने आवाज दी है, जबकि इसकी लिरिक्स अभिनव शेखर ने लिखी है। ऐसे ही गाने से फंसे संजय दत्त-नोरा फतेही नोरा फतेही और संजय दत्त भी एक ऐसे ही बोल वाले गाने सरके चुनरिया तेरी के चलते विवादों में हैं। दोनों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कर समन भी किया गया और महिला आयोग द्वारा दोनों को फटकार भी लगाई गई है। महिला आयोग के सामने पेश हुए संजय दत्त और नोरा फतेही दोनों ने कहा कि उन्हें लिरिक्स की जानकारी नहीं थी। आयोग के सामने माफी मांगते हुए 50 आदिवासी बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाई। वहीं दूसरी तरफ नोरा ने ऐलान किया कि वो अब से आइटम सॉन्ग में काम नहीं करेंगी। विवाद के बाद इस गाने को डिलीट किया गया था।
एक्ट्रेस कंगना रनोट ने हाल ही में ऐश्वर्या राय को ट्रोल करने वालों की फटकार लगाई है। दरअसल, ऐश्वर्या हर साल की तरह इस साल भी कांस फिल्म फेस्टिवल का हिस्सा बनी थीं। उनकी तस्वीरें जमकर वायरल हुईं। जहां कुछ लोग उनके ग्लोबल स्टारडम की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ उनके लुक्स को ट्रोल भी कर रहे हैं। अब कंगना रनोट ने उन ट्रोलर्स पर भड़कते हुए कहा है कि ऐश्वर्या को किसी को खुश करने की जरुरत नहीं है। कंगना रनोट ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से ऐश्वर्या राय की तस्वीर शेयर कर लिखा है, ‘फैशन और स्टाइल इंसान की अपनी पहचान और खुद को जाहिर करने का तरीका होता है। हर व्यक्ति अपनी जिंदगी और सोच को अपने तरीके से दिखाता है। कोई भी महिला किसी को कुछ साबित करने या खुश करने की जिम्मेदार नहीं है।’ आगे कंगना ने लिखा है, ‘ऐश्वर्या बेहद खूबसूरत लग रही हैं। जिन्हें उन्हें किसी और तरह देखना है, वो पहले खुद दिखाएं कि उनमें क्या खास है। वो यहां किसी को खुश करने नहीं आई हैं। वो शानदार हैं। अगर आपको रेड कार्पेट पर उम्रदराज महिलाओं को देखने की आदत नहीं है, तो अब इसकी आदत डाल लीजिए। धन्यवाद।’ ये वही कंगना है, जो अक्सर जया बच्चन पर निशाना साधती रहती हैं। कभी उन्होंने जया बच्चन के संसद पर दिए गए बयान पर उन्हें एरोगेंट कहा, तो कभी उन्होंने कहा था कि लोग जया बच्चन को सिर्फ इसलिए झेलते हैं, क्योंकि वो अमिताभ बच्चन की वाइफ हैं। ऐश्वर्या इस साल कांस में देरी से पहुंचीं। वो हर साल लोरियल पेरिस की तरफ से पहुंचती हैं। जब इस साल उनसे पहले आलिया भट्ट लोरियल की तरफ से कांस पहुंचीं, तो हर किसी का कहना था कि उन्होंने ऐश्वर्या को रिप्लेस कर दिया है। हालांकि क्लोजिंग सेरेमनी से पहले ऐश्वर्या ने कांस में पहुंचकर सभी दावों को गलत साबित कर दिया। ऐश्वर्या के साथ उनकी बेटी आराध्या भी कांस के इवेंट का हिस्सा बनीं। उन्होंने अमित अग्रवाल की डिजाइनर गाउन से रेड कार्पेट पर वॉक की, जिसके बाद वो ब्लश पिंक ड्रेस में इवेंट में पहुंचीं। देखिए कांस से ऐश्वर्या के लुक्स- बीते साल चर्चा में रहा कांस से ऐश्वर्या का लुक ऐश्वर्या राय ने साल 2002 में कांस में डेब्यू किया था। इसके बाद से ही वो लगातार कांस में मौजूद रहती हैं। बीते साल ऐश्वर्या ने मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन की गई सफेद-गोल्डन साड़ी पहनी थी। रेड डायमंड जूलरी और सिंदूर के साथ ऐश्वर्या बेहद खूबसूरत दिखीं। उनका ट्रेडिशनल लुक काफी चर्चा में रहा था। कांस के दूसरे लुक में ऐश्वर्या राय ने गौरव गुप्ता के कलेक्शन की ब्लैक सिक्वल गाउन के साथ ट्रेल कैरी की थी। खुले बालों और मिनिमल जूलरी में एक्ट्रेस बेहद ग्लैमरस लगी थीं। कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय के ये लुक भी देखिए- कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। आलिया भट्ट का कांस लुक भी चर्चा में रहा तीसरे लुक में आलिया डिजाइनर तरुण तहिलियानी की आइवरी साड़ी में दिखाई दीं। वे फ्रेंच रिवेरा में भारत पैवेलियन पहुंचीं, जहां उन्होंने फिल्म मेकर आशुतोष गोवारिकर के साथ 57वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) का पोस्टर और क्रिएटिव विजन लॉन्च किया।
टीवी एक्ट्रेस रुबीना दिलैक इन दिनों अपने रियलिटी शो 'द वार्ड' को लेकर चर्चा में हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में रुबीना ने मदरहुड, पोस्टपार्टम डिप्रेशन, महिलाओं की मानसिक सेहत और परिवार के सपोर्ट जैसे अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि मां बनना सिर्फ खुशियों का सफर नहीं, बल्कि भावनात्मक और मानसिक बदलावों से भरा दौर भी होता है, जिस पर समाज में कम बात होती है। रुबीना ने यह भी कहा कि नई मांओं को सबसे ज्यादा समझ, सपोर्ट और सही काउंसिलिंग की जरूरत होती है, ताकि वे खुद को फिर से संभाल सकें। सवाल: ‘द वार्ड’ एक इमोशनल एक्सपेरिमेंट जैसा शो है। इस शो ने आपको कैसे प्रभावित किया? जवाब: मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकती हूं कि मैंने इस शो को खुद अपनी जिंदगी में महसूस किया था। जब मैं मां बनी, तब मुझे एहसास हुआ कि मदरहुड सिर्फ खुशियां नहीं लाता, बल्कि इसके साथ शरीर, दिमाग और भावनाओं में बहुत बदलाव आते हैं। लेकिन इन बातों पर लोग खुलकर बात नहीं करते। मुझे हमेशा लगता था कि काश किसी ने मुझे पहले यह सब समझाया होता। इसी सोच के साथ मैंने चाहा कि एक ऐसी कम्युनिटी बने, जहां नई मांएं और प्रेग्नेंट महिलाएं खुलकर अपने अनुभव और परेशानियां साझा कर सकें। जब ‘द वार्ड’ शो आया, तो लगा कि यही वो मंच है जिसकी मैं कल्पना कर रही थी। हमने अलग-अलग महिलाओं को एक साथ लाकर उनकी कहानियां, संघर्ष और भावनाएं समझने की कोशिश की। तब महसूस हुआ कि हर महिला की प्रेग्नेंसी अलग हो सकती है, लेकिन भावनाएं लगभग एक जैसी होती हैं। सवाल: भारत में मदरहुड और उसके त्याग को तो सेलिब्रेट किया जाता है, लेकिन मां बनने के बाद एक महिला की अपनी पहचान खो जाती है। इस शो में इस मुद्दे पर कैसे बात की गई? जवाब: हमने इस शो के जरिए यही समझाने की कोशिश की है कि बच्चा पैदा होने के बाद परिवार तो अपनी जिंदगी में आगे बढ़ जाता है, लेकिन सबसे ज्यादा बदलाव एक नई मां की जिंदगी में आते हैं। उसे खुद को दोबारा पहचानने में समय लगता है। इसलिए हमने अलग-अलग शहरों और गांवों से आई महिलाओं की कहानियां सामने रखीं। किसी को परिवार का साथ मिला, तो किसी को नहीं मिला। अलग-अलग संस्कृतियों और परिवारों की सोच भी देखने को मिली। इन कहानियों के जरिए हमने यह दिखाने की कोशिश की कि महिलाओं को इस समय सबसे ज्यादा सपोर्ट की जरूरत होती है और परिवार मिलकर उनका सहारा बन सकता है। सवाल: मदरहुड के दौरान महिलाओं को हर तरफ से सलाह मिलती है। आपने खुद इन सलाहों को कैसे संभाला? जवाब: मदरहुड में हर कोई आपको सलाह देता है और खुद को एक्सपर्ट समझता है। लेकिन मैंने यह सीखा कि हर महिला की जर्नी अलग होती है। मैंने सबकी बातें सुनीं, लेकिन वही किया जो मुझे और मेरे बच्चों के लिए सही लगा। मैं शो में आई महिलाओं से भी यही कहती थी कि खुद पर भरोसा करें। अपने मन की आवाज सुनें। आपका दिल आपको बता देगा कि आपके लिए क्या सही है और क्या गलत। हमारा मकसद हर महिला को इतना मजबूत बनाना था कि वह अपनी पहचान के साथ इस सफर को तय कर सके। सवाल: प्रेग्नेंसी में शारीरिक स्वास्थ्य पर तो बात होती है, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य और काउंसिलिंग को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। आपने इस पर कितना ध्यान दिया? जवाब: हमने इस बात पर बहुत ध्यान दिया। क्योंकि अगर कोई महिला मानसिक रूप से कमजोर महसूस करने लगे, तो उसके लिए आगे बढ़ना मुश्किल हो जाता है। प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के दौरान शरीर में बहुत बदलाव आते हैं, जिनका असर मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है। अगर सही समय पर काउंसिलिंग और सपोर्ट न मिले, तो महिला पोस्टपार्टम डिप्रेशन जैसी स्थिति में जा सकती है। पहले लोग इन बातों पर खुलकर चर्चा नहीं करते थे, लेकिन अब जागरूकता बढ़ रही है। हमारा मकसद यही है कि महिलाएं अपने भावनात्मक बदलावों को पहचानें और जरूरत पड़ने पर मदद लेने से न हिचकें। सवाल: आपने खुद पोस्टपार्टम डिप्रेशन का सामना किया। उस दौर से कैसे बाहर निकलीं? जवाब: पोस्टपार्टम डिप्रेशन एक ऐसा दौर है, जो हर महिला के लिए अलग होता है। यह कुछ दिनों से लेकर कई महीनों तक रह सकता है। इससे पूरी तरह बचना मुश्किल है, लेकिन अगर आपको इसकी जानकारी हो, तो इसे संभालना आसान हो जाता है। मेरी न्यूट्रिशनिस्ट ने मुझे पहले ही समझा दिया था कि बच्चे के जन्म के बाद अलग-अलग समय पर हार्मोनल बदलाव आएंगे। इसलिए मैंने खुद पर ध्यान देना शुरू किया। अगर मूड खराब हो रहा है, बिना वजह रोना आ रहा है या लोगों से बात करने का मन नहीं है, तो यह संकेत हो सकते हैं। ऐसे समय में मैंने छोटी-छोटी चीजें कीं, जैसे थोड़ी वॉक करना, स्ट्रेचिंग करना और खुद को एक्टिव रखने की कोशिश करना। जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत है। सवाल: इस दौर में पति का सपोर्ट कितना जरूरी होता है? जवाब: पति का सपोर्ट बहुत जरूरी होता है। अगर आपका पार्टनर आपको समझने के बजाय लगातार शिकायत करे, तो महिला की परेशानी और बढ़ जाती है। पोस्टपार्टम के दौरान कई बार महिला मानसिक रूप से बहुत थकी हुई होती है। उसे अकेले समय की जरूरत होती है। अगर पति समझदारी दिखाए और महिला पर दबाव न डाले, तो वह इस दौर से बेहतर तरीके से बाहर निकल सकती है। सवाल: छोटे शहरों और गांवों में आज भी मानसिक स्वास्थ्य और काउंसिलिंग को लेकर जागरूकता कम है। वहां की महिलाओं और परिवारों से क्या कहना चाहेंगी? जवाब: हम इस शो के जरिए छोटे-छोटे कदम उठाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे शो में गांवों और छोटे शहरों की महिलाएं भी आईं, जिन्होंने खुलकर अपनी परेशानियां बताईं। आज भी कई लोग काउंसलर या थेरेपिस्ट के पास जाने को गलत मानते हैं, लेकिन हम यही कहना चाहते हैं कि अगर मदद की जरूरत हो, तो उसे लेने में शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। महिलाओं को एक सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, जहां वे खुलकर अपनी बात कह सकें। सवाल: प्रेग्नेंसी में खान-पान को लेकर भी कई गलत धारणाएं होती हैं। इस पर आपका क्या कहना है? जवाब: हमारे शो में डॉक्टर, न्यूट्रिशनिस्ट और गायनेकोलॉजिस्ट लगातार मौजूद थे। हर मां के खान-पान का खास ध्यान रखा गया। सही न्यूट्रिशन सिर्फ मां के लिए नहीं, बल्कि बच्चे के लिए भी जरूरी होता है। हम मानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान मां जो खाती है और जैसा माहौल रखती है, उसका असर बच्चे पर भी पड़ता है। इसलिए गर्भ संस्कार का मतलब सिर्फ पूजा-पाठ नहीं, बल्कि सही खान-पान और अच्छे विचार भी हैं। सवाल: आज भी समाज में बेटे और बेटी में फर्क किया जाता है। आप इस सोच को कैसे देखती हैं? जवाब: आज हम विज्ञान और तकनीक में बहुत आगे बढ़ गए हैं, लेकिन सोच कई जगह अब भी पुरानी है। बेटा-बेटी का फर्क आज भी गांवों से लेकर शहरों तक देखने को मिलता है। मैं खुद तीन बहनों में से हूं और हमने बहुत कुछ सुना है। इसलिए हमने तय किया कि अगर हमारी बेटियां होंगी, तो हम उन्हें गर्व के साथ पालेंगे। आज मेरी दो बेटियां हैं और हम खुद को बहुत खुशकिस्मत मानते हैं। हमने हमेशा अपने माता-पिता का उतना ही ख्याल रखा है, जितना बेटों से उम्मीद की जाती है। हम अपनी अगली पीढ़ी को यही सिखाना चाहते हैं कि बेटियां भी परिवार की जिम्मेदारी उतनी ही अच्छे से निभा सकती हैं। सवाल: मां बनने के बाद आपने खुद में क्या बदलाव महसूस किए? जवाब: मां बनने के बाद इंसान भावनात्मक रूप से ज्यादा मजबूत हो जाता है। पहले अगर मेरी नींद पूरी नहीं होती थी, तो मेरा पूरा मूड खराब हो जाता था। लेकिन अब दो घंटे की नींद भी मिल जाए, तो मैं फ्रेश महसूस करती हूं। मेरे ट्विन्स थे, इसलिए शुरुआती छह महीने बहुत मुश्किल थे। रातों की नींद पूरी नहीं होती थी, लेकिन फिर भी शरीर और दिमाग खुद आपको संभाल लेते हैं। मुझे लगता है कि भगवान मां बनने के साथ एक अलग ताकत भी देता है। सवाल: खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट कैसे रखती हैं? जवाब: मैं अपनी सेहत को बहुत गंभीरता से लेती हूं। मैं क्या खाती हूं, कितना आराम करती हूं और अपनी बॉडी को कैसे एक्टिव रखती हूं, इन सबका ध्यान रखती हूं। अच्छा दिखना और फिट रहना उसी का नतीजा है। मैं अपने खाने, आराम और सेल्फ-केयर में समझौता नहीं करती। क्योंकि अगर मैं खुद अच्छा महसूस नहीं करूंगी, तो अपने काम और परिवार दोनों को ठीक से समय नहीं दे पाऊंगी। सवाल: आखिर में इस शो के जरिए आप लोगों को क्या संदेश देना चाहेंगी? जवाब: एक महिला परिवार की रीढ़ होती है और एक मां पूरे समाज की ताकत होती है। जब एक औरत मां बनती है, तो वह सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक नई शुरुआत करती है। अगर आप चाहते हैं कि आपका परिवार खुशहाल और मजबूत बने, तो सबसे पहले नई मां का ख्याल रखिए।
बचपन से ही करण जौहर की चाल, बोलने का तरीका और बॉडी लैंग्वेज मजाक का कारण बनी। जिसके चलते करण धीरे-धीरे इतने डर गए कि लोगों के बीच जाने से कतराने लगे। घरवालों से झूठ बोला कि वो कंप्यूटर क्लास जा रहे हैं, जबकि असल में वो आवाज बदलने की ट्रेनिंग ले रहे थे। माता-पिता नहीं चाहते थे कि वो फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनें। फिर एक दिन उसी अंडरकॉन्फिडेंट लड़के से शाहरुख खान ने कहा कि तुम्हें फिल्म डायरेक्ट करना चाहिए। मैं तुम्हारी फिल्म में एक्टिंग करूंगा और उनकी पहली ही फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ आई, जो ब्लॉकबस्टर रही। बाद में करण ने ‘कभी खुशी कभी गम’ और ‘ऐ दिल है मुश्किल’ जैसी कई हिट फिल्में डायरेक्ट की। करण नेपोटिज्म को लेकर ट्रोल भी हुए, लेकिन संघर्ष, ताने और आलोचनाओं के बीच उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और उनकी गिनती बॉलीवुड के टॉप फिल्ममेकर्स में होती है। आज करण जौहर 54 साल के हो चुके हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े किस्से- बचपन में करण जौहर का मजाक उड़ता था आज करण जौहर भले ही बॉलीवुड के सबसे कॉन्फिडेंट और स्टाइलिश फिल्ममेकर माने जाते हों, लेकिन बचपन में वो बेहद डरे हुए और अंडरकॉन्फिडेंट बच्चे थे। करण ने निखिल तनेजा को दिए इंटरव्यू में कहा था, 'मेरे माता-पिता भी परेशान रहते थे क्योंकि मैं बहुत शर्मीला और इंट्रोवर्ट था। आज शायद लोग इस बात पर भरोसा नहीं करेंगे, लेकिन मैं लोगों के बीच जाने से डरता था। मैं बचपन में बहुत एफेमिनेट (लड़कियों जैसा) था और ओवरवेट भी था। जब भी मैं कोई खेल खेलने जाता था तो लोग मेरा मजाक उड़ाते थे। लोग कहते थे कि मैं अजीब तरीके से दौड़ता हूं या मेरे हाथों के हाव-भाव अलग हैं।' उन्होंने कहा था, ‘80 के दशक में लोग ‘पैंसी’ शब्द इस्तेमाल करते थे। आज जिस तरह ‘गे’ या ‘होमो’ शब्दों को गलत तरीके से कहा जाता है, उस वक्त 'पैंसी' कहा जाता था। इस शब्द ने मुझे पूरी तरह एक खोल में धकेल दिया। जब भी मैं फुटबॉल, बास्केटबॉल या क्रिकेट खेलने की कोशिश करता था, लोग मेरी बॉडी लैंग्वेज का मजाक उड़ाते थे। इसी वजह से मैं बहुत ज्यादा इंट्रोवर्ट हो गया था।’ पैरेंट्स से झूठ बोलकर वॉइस ट्रेनिंग लीकरण ने जय शेट्टी के पॉडकास्ट में बताया था कि कॉलेज में उन्हें महसूस हुआ कि वह पब्लिक स्पीकिंग में अच्छे हैं, इसलिए वह इसे और बेहतर बनाना चाहते थे। इसी दौरान उन्होंने एक पब्लिक स्पीकिंग अकादमी जॉइन की। वहां के हेड ने उनसे कहा कि उनकी आवाज काफी गर्लिश (लड़कियों जैसी) लगती है और दुनिया उनके साथ सख्त हो सकती है। उन्होंने करण को आवाज में बैरीटोन लाने की सलाह दी ताकि उनकी आवाज ज्यादा मर्दाना लगे। करण ने बताया था कि उन्होंने उनसे 3 साल तक ट्रेनिंग ली थी। हालांकि, करण ने अपने माता-पिता को बताया था कि वह कंप्यूटर क्लास जा रहे हैं, क्योंकि वह असल वजह बताने में झिझकते थे।तीन साल बाद जब करण के पिता के ऑफिस में कंप्यूटर आया तो उन्होंने करण से कहा कि अब वह इसे इस्तेमाल करके दिखाएं, क्योंकि उन्होंने इतने साल कंप्यूटर सीखा है। फिल्ममेकर ने बताया था कि उन्होंने जिंदगी में एक दिन भी कंप्यूटर क्लास नहीं की थी, इसलिए उन्हें कंप्यूटर देखकर ऐसा लगा जैसे कोई एलियन सामने खड़ा हो। उस वक्त वह कोई जवाब नहीं दे पाए। पिता फिल्मों में आने के खिलाफ थे, मां ने एक महीने तक बात नहीं कीआज करण जौहर फिल्म इंडस्ट्री के टॉप फिल्ममेकर हैं, लेकिन एक समय ऐसा था जब उनके अपने माता-पिता नहीं चाहते थे कि वो इंडस्ट्री में आएं। करण के फिल्मी करियर की शुरुआत फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' (DDLJ - 1995) से ही हुई थी। फिल्म में वो असिस्टेंट डायरेक्टर (AD) थे। करण ने जय शेट्टी के साथ बातचीत में बताया था कि उनके पिता यश जौहर और मां हीरू जौहर नहीं चाहते थे कि वह फिल्म इंडस्ट्री में आएं। जब आदित्य चोपड़ा ने करण से अपनी पहली फिल्म DDLJ में असिस्ट करने के लिए कहा, तब करण उस वक्त पेरिस जाकर फ्रेंच भाषा की पढ़ाई आगे बढ़ाना चाहते थे। करण ने बताया था कि उनके पिता का छोटा एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बिजनेस भी था और फ्रांस उनके बड़े क्लाइंट्स में शामिल था। इसलिए परिवार चाहता था कि वह फ्रेंच सीखकर बिजनेस संभालें। उनके पिता फिल्में बनाते जरूर थे, लेकिन उन्हें फिल्मों में लगातार नुकसान हुआ था। इसी वजह से वह नहीं चाहते थे कि उनका बेटा भी उसी इंडस्ट्री में जाए। करण ने यह भी बताया था कि जब उन्होंने फिल्मों में जाने का फैसला लिया तो उनकी मां ने उनसे करीब एक महीने तक बात नहीं की थी। करण के मुताबिक, आदित्य ने उनसे कहा था, ‘तुम फिल्मों के लिए बने हो। तुम ओवरड्रामैटिक हो, मेलोड्रामैटिक हो, तुम्हें गाने और डांस पसंद हैं। तुम फिल्मों से दूर क्यों भाग रहे हो?’ इसके बाद करण ने अपने परिवार से सिर्फ एक साल मांगा। उन्होंने कहा कि अगर वह फिल्म इंडस्ट्री में कोई पहचान नहीं बना पाए तो दूसरा रास्ता चुन लेंगे। इसी दौरान उन्होंने DDLJ के सेट पर काम किया, जहां उनकी मुलाकात शाहरुख खान और काजोल से और करीब से हुई। बाद में यही फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई और करण जौहर का फिल्मी करियर भी शुरू हो गया। शाहरुख ने करण को डायरेक्शन की सलाह दी करण ने गलाटा प्लस को दिए इंटरव्यू में बताया था कि DDLJ की शूटिंग के दौरान शाहरुख खान ने उनसे कहा था कि उन्हें खुद की फिल्म डायरेक्ट करनी चाहिए और वो उसमें काम भी करेंगे। वहीं पास में मौजूद काजोल ने भी इस बात में दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन करण को लगा कि दोनों सिर्फ मजाक में या यूं ही ये बातें कर रहे हैं। जब उन्होंने ये बात अपने पिता को बताई, तो उन्हें भी यकीन नहीं हुआ। करण ने बताया था कि उनके पिता ने कहा, 'ये लोग पागल हो गए हैं।' वहीं उनकी मां को भी लगा कि दोनों मजाक कर रहे हैं। इसके बाद शाहरुख ने खुद यश जौहर को फोन किया और कहा कि वो फिल्म ‘डुप्लीकेट’ के बाद करण की डायरेक्ट की हुई फिल्म में काम करेंगे। इस पर यश जौहर ने करण से कहा था, ‘ये पागल हो गया है, कह रहा है कि तुम्हारी डायरेक्ट की हुई फिल्म करेगा। तुम्हें डायरेक्शन के बारे में क्या पता है?’ बाद में शाहरुख ने ‘कुछ कुछ होता है’ की स्क्रिप्ट सुनी और 1997 में फिल्म की शूटिंग के लिए अपनी डेट्स दे दीं। 1998 में रिलीज हुई ये फिल्म सुपरहिट साबित हुई। ‘कुछ कुछ होता है’ की कहानी राहुल (शाहरुख खान), अंजलि (काजोल) और टीना (रानी मुखर्जी) के लव ट्रायंगल पर आधारित थी। अमिताभ बच्चन को डायरेक्ट करने के डर से सेट पर बेहोश हुएकरण जौहर अपनी दूसरी फिल्म ‘कभी खुशी कभी गम’ में अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, शाहरुख खान, काजोल, ऋतिक रोशन और करीना कपूर जैसे बड़े स्टार्स को डायरेक्ट कर रहे थे। लेकिन फिल्म शुरू होते ही करण की हालत खराब हो गई थी। राजीव मसंद के शो ‘पिक्चर के पीछे’ में करण ने खुद बताया था कि फिल्म का पहला शूट ‘बोले चूडियां’ गाना था। इतने बड़े सितारों को एक साथ डायरेक्ट करने का दबाव उन पर इतना ज्यादा था कि वो लगातार घबराए हुए थे। करण ने कहा था, ‘मैं बार-बार यही सोच रहा था- हे भगवान, मैं अमिताभ बच्चन को डायरेक्ट कर रहा हूं।’ उन्होंने बताया कि शूटिंग शुरू होते ही घबराहट इतनी बढ़ गई कि उनका पेट खराब हो गया। वो बार-बार बाथरूम भाग रहे थे। तीसरे दिन हालत इतनी बिगड़ गई कि वो पूरी तरह कमजोर होकर गिर पड़े। करण ने बताया कि वो बाथरूम से बाहर निकले, फराह खान को आवाज दी और वहीं बेहोश होकर गिर गए। जब उन्हें होश आया, तो सामने अमिताभ बच्चन बैठे थे। करण के हाथ में ड्रिप लगी हुई थी और डॉक्टर आसपास खड़े थे। करण के मुताबिक, अमिताभ बच्चन ने उनसे कहा, ‘करण, चिंता मत करो… हम अच्छा डांस करेंगे, मैं वादा करता हूं।’ फिल्ममेकर ने कहा था कि उस पल उन्हें एहसास हुआ कि इतने बड़े कलाकार होने के बावजूद अमिताभ बच्चन कितने विनम्र इंसान हैं। ओजेम्पिक के आरोपों पर बोले- अगर लेता, तो छिपाता नहीं पिछले कुछ सालों से करण जौहर अपने अचानक वजन घटाने को लेकर भी खूब चर्चा में रहे। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया कि करण ने वजन घटाने वाली दवा ओजेम्पिक का इस्तेमाल किया है। राज शमानी को दिए इंटरव्यू में करण ने कहा था, ‘मैं सिंगल पेरेंट हूं, मेरे दो बच्चे हैं। ये बात मैंने कभी छुपाई नहीं। मैंने अपनी किताब में भी अपनी जिंदगी की कई बातें खुलकर लिखी हैं। मैं ना चीजें डिनाई करता हूं और ना ही झूठ बोलता हूं।’ करण ने आगे कहा था, ‘लोग कहते हैं कि मेरी जिंदगी खुली किताब है। कुछ बातें ऐसी भी हैं जो मैंने नहीं लिखीं, लेकिन जब मैं अपनी जिंदगी के इतने बड़े सच नहीं छुपाता तो फिर मैं ये क्यों छुपाऊंगा कि मैंने ओजेम्पिक या मुनजारो लिया है?’ उन्होंने मजाकिया अंदाज में आगे कहा था, ‘अगर मैंने ये दवाइयां ली होतीं तो मैं डंके की चोट पर कहता कि हां, मैंने लिया है और मेरे लिए ये अच्छा है। मैं लोगों से ये भी कहता कि आप भी ले लो। शायद बाद में वो लोग मुझे अपना ब्रांड एंबेसडर भी बना लें। मैं तो उस दौर से भी गुजर जाता कि शायद मैं इसे मोनेटाइज भी कर लूं।’ करण बोले थे- उन्होंने कभी किसी का करियर बर्बाद नहीं किया करण जौहर को पिछले कई सालों से बॉलीवुड में नेपोटिज्म यानी भाई-भतीजावाद का सबसे बड़ा चेहरा माना जाता रहा है। सोशल मीडिया पर अक्सर उन्हें स्टार किड्स को बढ़ावा देने और बाहरी कलाकारों को नजरअंदाज करने के आरोपों का सामना करना पड़ा। इन आरोपों को लेकर करण ने राज शमानी को दिए पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा था कि वह फिल्म इंडस्ट्री के इंसाइडर रहे हैं, क्योंकि उनके पिता इंडस्ट्री का हिस्सा थे। उन्होंने कहा था, ‘लोग मुझे नेपोटिज्म का ब्रांड एंबेसडर कहते हैं, लेकिन मेरे पिता ने सिर्फ संघर्ष देखा था। हां, मुझे पहला मौका उनकी वजह से मिला, लेकिन ऐसा हर प्रोफेशन में होता है।’ करण ने बताया था कि उनके पिता ने उन पर भरोसा करके बड़ा जोखिम उठाया था। उन्होंने कहा था, ‘अगर मेरी पहली फिल्म फ्लॉप हो जाती तो शायद हमें अपना घर तक बेचना पड़ जाता।’ फिल्ममेकर ने यह भी कहा था कि वह किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट नहीं मांगते। उनके लिए कर्म सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा था, ‘मैं सिर्फ मेहनत, जुनून और ईमानदारी से अपना काम करना चाहता हूं। मैंने कभी किसी का करियर बर्बाद नहीं किया, मैंने सिर्फ अपना काम किया है।’ दो बार टूटा है करण जौहर का दिलकरण जौहर ने फिल्म ऐ दिल है मुश्किल सिर्फ 9 दिनों में लिखी थी। जय शेट्टी के साथ बातचीत में करण ने बताया था कि उनका दिल दो बार टूटा था और दूसरी बार का दर्द इतना गहरा था कि उसी से फिल्म ऐ दिल है मुश्किल की कहानी पैदा हुई। जब करण से पूछा गया था, 'क्या आपका दिल कभी टूटा है?' इस पर करण ने जवाब दिया था, ‘हां, दो बार। दूसरी बार ज्यादा मुश्किल था।’ करण ने बताया था कि उनका दूसरा रिश्ता काफी लंबा था और उस एकतरफा प्यार के दर्द को उन्होंने ऐ दिल है मुश्किल में उतार दिया। उन्होंने कहा था, ‘एकतरफा प्यार की कहानी मेरी अपनी कहानी है। उस फिल्म में रणबीर कपूर वाला किरदार मैं खुद हूं, क्योंकि मैं किसी ऐसे इंसान के पीछे था जिसे मैं पा नहीं सका।’ 'मेट गाला' में शामिल एकमात्र भारतीय डायरेक्टरफिल्मों के अलावा करण जौहर के लुक्स और फैशन सेंस की भी काफी चर्चा होती है। बड़े-बड़े डिजाइनर आउटफिट्स, यूनिक जैकेट्स, स्टाइलिश चश्मे और लग्जरी लाइफस्टाइल की वजह से वो बॉलीवुड के सबसे फैशनेबल सेलिब्रिटीज में गिने जाते हैं। फिल्ममेकर करण जौहर साल 2026 के इंटरनेशनल फैशन इवेंट मेट गाला के रेड कार्पेट पर चलने वाले पहले भारतीय फिल्म डायरेक्टर बने। करण के लुक का नाम 'फ्रेम्ड इन इटर्निटी' रखा गया था। यह आउटफिट भारत के महान चित्रकार राजा रवि वर्मा की ऐतिहासिक कलाकृतियों और पेंटिंग्स (जैसे 'हंस दमयंती' और 'अर्जुन और सुभद्रा') से प्रेरित था। …………………………………… फिल्मी हस्तियों से जुड़ी ये स्टोरीज भी पढ़ें… नवाजुद्दीन सिद्दीकी@52:वॉचमैन बने तो मालिक बोले- इस मरे हुए को किसने रखा, दोस्त की गुमशुदगी से मिली सरफरोश, सीन कटे तो थिएटर में रोए नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने संघर्ष, मेहनत और दमदार अभिनय से बॉलीवुड में पहचान बनाई। वॉचमैन से लेकर छोटे रोल तक निभाकर वो बेहतरीन कलाकार बने। पूरी खबर यहां पढ़िए…
बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन के संडे दर्शन के दौरान एक व्यक्ति बेहोश हो गया। अमिताभ बच्चन के बंगले 'जलसा' के बाहर से इस घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति भीड़ के बीच जमीन पर गिरा दिखाई दे रहा है। आसपास मौजूद लोग उसे संभालते नजर आते हैं। हालांकि, व्यक्ति की पहचान और उसकी हालत को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बता दें कि अमिताभ बच्चन हर रविवार अपने घर के बाहर फैंस से मुलाकात करते हैं। यह 'संडे दर्शन' के नाम से जाना जाता है, जहां बड़ी संख्या में लोग एक्टर की झलक पाने पहुंचते हैं। अमिताभ बच्चन के अस्पताल में भर्ती होने का दावा किया गया था अमिताभ बच्चन के मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती होने की खबर सामने आई थी। पत्रकार विक्की ललवानी ने यूट्यूब अकाउंट से दावा किया था कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। वो अस्पताल के ए-विंग में हैं। यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में विक्की ललवानी ने कहा था कि वो खबर कन्फर्म करने मंगलवार (19 मई) शाम नानावटी अस्पताल पहुंचे थे। बिग बी को ए-विंग, तीसरी मंजिल में रखा गया है। उन्होंने ये भी दावा किया था कि अभिषेक बच्चन भी पिता को देखने मंगलवार शाम साढ़े 4 बजे अस्पताल पहुंचे थे। विक्की ललवानी के अनुसार, अमिताभ बच्चन लंबे समय से पेट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। दैनिक भास्कर ने खबर कन्फर्म करने के लिए परिवार के करीबी सूत्र से संपर्क किया, तो सामने आया था कि बिग बी को रूटीन चेकअप के लिए शनिवार (16 मई) को नानावटी अस्पताल ले जाया गया था। वो हर महीने रूटीन चेकअप करवाते रहते हैं। इसके ठीक बाद वो घर लौट आए थे। पिछले रविवार को भी फैंस से मिलने आए थे अमिताभ बच्चन विक्की ललवानी का दावा था कि अमिताभ बच्चन 16 मई यानी शनिवार से अस्पताल में भर्ती हैं,लेकिन फैक्ट चेक में ये भी सामने आया था कि 17 मई यानी रविवार को बिग बी हमेशा की तरह फैंस से मिलने के लिए जलसा से बाहर आए थे। इसका वीडियो भी सामने आया था। एडमिट होने की खबरों के बीच किया व्लॉग और पोस्ट अमिताभ बच्चन ने मंगलवार देर रात आधिकारिक X अकाउंट से कुछ अजीबोगरीब शब्दों के साथ बेमायने वाली पोस्ट की। उन्होंने रात 12 बजकर 3 मिनट पर लिखा था- पिलोरी बडुंबा। इसके ठीक बाद उन्होंने 12 बजकर 20 मिनट पर ब्लॉग में लिखा था- चील जब होवे शांत तो भैया, तोते बोलन सुरु करें, इर बीर फत्ते, कहन ,चल हमऊ, पिलावे सुरु करें। बाजरे दी रोटी खा दी, फू पड़ियों दा, साग रे, मुंह में डालन लागै जैसे , बोलन लागे काग रे। एक रहे ‘हिल’ भैया की पढ़ाई का दर्पण; औ दूसर विलिंग्टन की याद। लव, प्रेयर एंड मोर।
साउथ सुपरस्टार राम चरण शनिवार को भोपाल में अपनी अपकमिंग फिल्म ‘पेड्डी’ के म्यूजिक लॉन्च इवेंट में पहुंचे थे। इस दौरान उनसे भारतीय क्रिकेटरों को कुछ शब्दों में बताने के लिए कहा गया। बातचीत में उन्होंने गलती से तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को फुटबॉल से जोड़ दिया। वीडियो वायरल होने के बाद राम चरण ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी और इसे भीड़ और उत्साह में हुई गलती बताया। अब इस मामले से जुड़ी सोशल मीडिया पर एक और पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि बुमराह ने राम चरण की फोटो शेयर कर अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ‘कोई बात नहीं यश भाई, मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं… ‘टॉक्सिक’ का बेसब्री से इंतजार है।’ हालांकि, यह पोस्ट पूरी तरह फेक और एडिटेड है। बुमराह ने ऐसी कोई स्टोरी पोस्ट नहीं की। कई यूजर इसे सटायर और मीम के तौर पर शेयर कर रहे हैं। क्रिकेटरों को बताया लीजेंड और फायरदरअसल, राम चरण अपनी आने वाली फिल्म 'पेड्डी' के म्यूजिक लॉन्च के लिए भोपाल पहुंचे थे। इस इवेंट में उनके साथ एआर रहमान और जान्हवी कपूर भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान राम चरण से भारतीय क्रिकेटरों को कुछ शब्दों में बताने के लिए कहा गया था। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के करियर को 'लंबा और महान सफर' बताया। महेंद्र सिंह धोनी को 'शांत और कूल' कहा, जबकि रोहित शर्मा को 'हर किसी का पसंदीदा इंसान' बताया। विराट कोहली का नाम सामने आने पर उन्होंने सिर्फ एक शब्द 'फायर' कहा। वहीं इवेंट के दौरान जसप्रीत बुमराह का नाम आने पर उन्होंने कहा, ‘बुमराह जी, मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं। मुझे फुटबॉल बहुत पसंद है और आप फुटबॉल को इतना आगे ले जा रहे हैं। लव यू सर।’ मांगी माफी, खुद को बताया भुलक्कड़वीडियो सामने आने के बाद राम चरण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर बुमराह से माफी मांगी। उन्होंने लिखा, उफ्फ... मैं कभी-कभी नामों को लेकर चीजें भूल जाता हूं। इस गड़बड़ी के लिए जसप्रीत बुमराह जी से माफी मांगता हूं। इतने उत्साह और भारी भीड़ के बीच यह सिर्फ एक इंसानी भूल थी। राम चरण ने आगे लिखा कि वे बुमराह का बहुत सम्मान करते हैं और उनके खेल की सराहना करते हैं। फिल्म 'पेड्डी' के बारे में जानिएफिल्म 'पेड्डी' एक बड़ी पैन-इंडिया फिल्म है, जिसकी स्टारकास्ट भोपाल में इसके संगीत को प्रमोट करने आई थी। इस फिल्म में राम चरण के साथ जान्हवी कपूर मुख्य भूमिका में हैं, जबकि संगीत ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने तैयार किया है। राम चरण की पिछली फिल्म 'आरआरआर' की सफलता के बाद से ही उत्तर भारत में भी उनकी फिल्मों को लेकर दर्शकों में काफी दिलचस्पी रहती है। यह फिल्म 4 जून को रिलीज होगी। ये खबर भी पढ़ें रैपिड फायर विद राम चरण:सलमान खान को कहा मोस्ट स्टाइलिश, जानिए विलेन बनने के हाईपोथेटिकल सवाल का क्या था मजेदार जवाब साउथ सुपरस्टार राम चरण, RRR, मगधीरा, रंगस्थल जैसी बेहतरीन फिल्मों के बाद अब जल्द ही फिल्म पेद्दी ला रहे हैं। ये फिल्म 4 जून को रिलीज होने वाली है, जिसका ट्रेलर भी जारी किया जा चुका है। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने रैपिड फायर के कई बेहतरीन सवालों का मजेदार जवाब दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
डायरेक्टर डेविड धवन के सिनेमाई सफर को शनिवार को मुंबई में हुए 'डेविड धवन फिल्म फेस्टिवल' में सेलिब्रेट किया गया। इस खास मौके पर सलमान खान, अर्जुन कपूर, साजिद नाडियाडवाला समेत कई बॉलीवुड सेलेब्रिटीज इवेंट में शामिल हुए। डेविड धवन की कई फिल्मों के हीरो रहे गोविंदा के बेटे यशवर्धन आहूजा और बेटी टीना आहूजा भी इवेंट में पहुंचे, लेकिन गोविंदा खुद नजर नहीं आए। गौरतलब है कि 90 के दशक में गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी ने कुली नंबर 1 और हीरो नंबर 1 जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी थीं। फिल्म फेस्टिवल में गोविंदा की गैरमौजूदगी ने एक बार फिर उनके रिश्ते को लेकर अटकलों को हवा दे दी। साल 2013-14 के दौरान दोनों के रिश्तों में दूरियां आने की खबरें सामने आई थीं। 2019 में ‘आप की अदालत’ में गोविंदा ने कहा था कि राजनीति छोड़ने के बाद जब वे दोबारा काम की तलाश में थे, तब उनके सेक्रेटरी डेविड धवन के साथ बैठे थे। गोविंदा ने अपने सेक्रेटरी से फोन का स्पीकर ऑन रखने को कहा, ताकि वह सुन सकें कि डेविड उनके बारे में क्या सोचते हैं। तब डेविड धवन ने सेक्रेटरी से कहा, 'चीची (गोविंदा) अब बहुत ज्यादा सवाल पूछने लगा है। इतने सवालों के बाद मेरा उसके साथ काम करने का दिल नहीं है। उसे बोलो कि कहीं कोई छोटा-मोटा काम ढूंढ ले।' गोविंदा ने शो में भावुक होते हुए कहा था कि डेविड धवन की यह बात उनके दिल पर लग गई थी, जिसके बाद उन्होंने ठान लिया कि वे अब कभी डेविड के साथ काम नहीं करेंगे। डेविड धवन की नई फिल्म 5 जून को रिलीज होगी यह फिल्म फेस्टिवल PVR INOX की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें डेविड धवन की सुपरहिट फिल्मों 'पार्टनर', 'मुझसे शादी करोगी', 'राजा बाबू' और 'आंखें' को दोबारा सिनेमाघरों में रिलीज किया गया है। साथ ही उनकी आगामी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ की भी चर्चा हुई, जो 5 जून को रिलीज होने वाली है। देखें इवेंट की तस्वीरें- सलमान बोले- इसने मेरा एक और गाना उठा लियाइवेंट के दौरान सलमान खान ने वरुण धवन की आने वाली फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' में उनकी फिल्म के आइकॉनिक गाने 'चुनरी चुनरी' को रीक्रिएट करने पर मजाक में उनकी खिंचाई की। सलमान की इस बात पर वरुण शर्माने लगे। अब इस बातचीत के वीडियो सामने आए हैं। सलमान ने वरुण की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘इसने मेरा एक और गाना उठा लिया।’ सलमान की यह बात सुनकर वरुण धवन शर्मा गए और हंसने लगे। उन्होंने हाथ जोड़कर सलमान से कहा, ‘भाई रहने दो।’ -------------ये खबर भी पढ़ें…. डायरेक्टर डेविड धवन हुए इमोशनल:बेटे वरुण की तारीफ करते हुए छलके आंसू, बोले- हर माता-पिता को ऐसा बेटा मिलना चाहिए फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में डायरेक्टर डेविड धवन इमोशनल हो गए। बेटे वरुण धवन के बारे में बात करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। डेविड धवन ने कहा, ‘हर किसी को वरुण जैसा बेटा मिलना चाहिए। जब मैं अस्पताल में था, तब भी वह मेरे साथ वहीं सोता था। पूरी खबर पढ़ें
राजकुमार राव और साउथ एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश स्टारर फिल्म ‘रफ्तार’ अब 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को पहले जुलाई में रिलीज किया जाना था, लेकिन अब इसे दशहरे के लंबे वीकेंड पर दर्शकों के बीच लाने का फैसला किया गया है। फिल्म को अमेजन एमजीएम स्टूडियोज का समर्थन प्राप्त है। फिल्म का निर्माण पत्रलेखा ने अपने बैनर ‘कम्पा फिल्म’ के तहत किया है। यह पत्रलेखा और राजकुमार राव की बतौर निर्माता पहली थिएट्रिकल फिल्म होगी। फिल्म का निर्देशन आदित्य निम्बालकर ने किया है। फिल्म के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर तरुण बाली हैं, जबकि कहानी और स्क्रीनप्ले रोहन नारुला ने लिखा है। फिल्म के वितरण की जिम्मेदारी पीवीआर आईनॉक्स पिक्चर्स संभालेगी। फिल्म में अनुराग ठाकुर, रोहन वर्मा, तान्या मानिकतला और रजत कपूर भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। महत्वाकांक्षा, सत्ता और सफलता की दौड़ ‘रफ्तार’ एक ड्रामा फिल्म है, जो महत्वाकांक्षा, सत्ता और सफलता की दौड़ में चुकाई जाने वाली भावनात्मक कीमत को दर्शाती है। कहानी भारत की तेजी से बढ़ती एड-टेक इंडस्ट्री की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां एक स्टार्टअप की तेज सफलता और उसके बाद आने वाले उतार-चढ़ाव को दिखाया जाएगा। फिल्म यह भी बताती है कि बड़े सपनों की चाहत किस तरह नैतिक सीमाओं को धुंधला कर देती है और निजी रिश्तों को प्रभावित करती है।
फिल्मों और ओटीटी पर अपनी अदाकारी से अलग पहचान बना चुके कुमुद मिश्रा अब जी 5 की वेब सीरीज ‘सतरंगी’ में एक जटिल और रसूखदार किरदार निभाते दिख रहे हैं। उन्होंने सीरीज, अपने को-एक्टर्स, सेट के माहौल और अभिनय के नजरिए पर खुलकर बात की... अच्छी स्क्रिप्ट और निर्देशक का विजन सबसे ज्यादा प्रभावित करता है कुमुद ने बताया...‘किसी भी प्रोजेक्ट को हां कहने की पहली वजह हमेशा स्क्रिप्ट होती है। ‘सतरंगी’ में निर्देशक का विजन और कहानी को लेकर उनका जुनून सबसे ज्यादा असर छोड़ गया। जब मुझे पता चला कि टीम में अंशुमन जैसे कलाकार हैं, तो भरोसा और बढ़ गया। वहीं आरजे महविश शुरुआत में भले वह थोड़ी संकोची लगीं, लेकिन कैमरे के सामने आते ही उनकी प्रतिभा साफ नजर आने लगी।’ काम के बाद जिंदगी को हल्केपन से जीना भी बहुत ज्यादा जरूरी है अपनी गंभीर छवि पर कुमुद ने कहा कि ‘कैमरे के सामने पूरी शिद्दत से काम करता हूं, लेकिन काम खत्म होने के बाद खुद को बहुत ज्यादा गंभीरता से लेना सही नहीं मानता। जब शॉट खत्म होता है, तो जिंदगी को हल्केपन से जीना चाहिए। सेट पर मजाक, बातचीत और एक-दूसरे की खिंचाई भी जरूरी है। ‘जॉली एलएलबी 2’ और ‘सतरंगी’ के किरदारों की कमजोरी अलग है... अपने किरदारों की तुलना पर कुमुद ने कहा कि ‘जॉली एलएलबी 2’ का इंस्पेक्टर सिंह और ‘सतरंगी’ का मौजूदा किरदार दोनों अलग दुनिया के लोग हैं। ‘सतरंगी’ का किरदार रसूखदार जरूर है, लेकिन भीतर से वह एक संवेदनशील पिता और भाई भी है।’ अक्षय के प्रैंक्स से अभी तक बचा हूं... अक्षय कुमार के साथ अपने रिश्ते पर बात करते हुए कुमुद ने कहा- अब तक उनके मशहूर प्रैंक्स से बचता आया हूं। अभी तक तो मै साफ बच गया हूं, लेकिन अब आप मुझे याद मत दिलाइए, वरना अगली बार वो कसर पूरी कर देंगे। बाकी सतरंगी के सेट पर माहौल ज्यादा सीखने और नए लोगों को समझने वाला था, न कि सिर्फ प्रैंक्स और मस्ती वाला।
मुंबई में शनिवार को आयोजित एक फिल्म फेस्टिवल में सलमान खान, डायरेक्टर डेविड धवन और वरुण धवन के साथ शामिल हुए। पीवीआर आईनॉक्स के इस इवेंट में सलमान खान ने वरुण धवन की आने वाली फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' में उनके आइकॉनिक गाने 'चुनरी चुनरी' को रीक्रिएट करने पर मजाक में उनकी खिंचाई की। सलमान की इस बात पर वरुण शर्माने लगे। अब इस बातचीत के वीडियो सामने आए हैं। सलमान बोले- इसने मेरा एक और गाना उठा लियाकार्यक्रम के दौरान माहौल उस समय और मजेदार हो गया जब सलमान खान ने वहां मौजूद लोगों के सामने वरुण धवन का मजाक उड़ाया। सलमान ने वरुण की तरफ इशारा करते हुए कहा, इसने मेरा एक और गाना उठा लिया। सलमान की यह बात सुनकर वरुण धवन शर्मा गए और हंसने लगे। उन्होंने हाथ जोड़कर सलमान से कहा, भाई रहने दो। इवेंट में ब्लैक लेदर जैकेट में दिखे सलमानपीवीआर आईनॉक्स ने डायरेक्टर डेविड धवन के सिनेमाई सफर के सम्मान में इस खास फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया था। इवेंट में सलमान खान ब्लैक टी-शर्ट, लेदर जैकेट और डेनिम जींस पहनकर पहुंचे थे। उनका यह लुक फैंस को 1990 के दशक के आखिरी और 2000 के दशक के शुरुआती दौर की याद दिला रहा था। इवेंट के कई वीडियो सोशल मीडिया पर आए हैं, जिनमें डेविड धवन और वरुण धवन खुद सलमान को वेन्यू के अंदर ले जाते दिख रहे हैं। तीनों ने मीडिया के कैमरों के सामने कई पोज भी दिए। साल 1999 की फिल्म 'बीवी नंबर 1' का है गानासलमान खान का यह तंज साल 1999 में आई उनकी सुपरहिट फिल्म 'बीवी नंबर 1' के प्रसिद्ध गाने 'चुनरी चुनरी' को लेकर था। इस गाने को मूल रूप से सलमान खान और सुष्मिता सेन पर फिल्माया गया था। रिलीज के इतने साल बाद भी यह गाना दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय है। अब इस गाने को वरुण धवन की आने वाली फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' के लिए दोबारा तैयार किया गया है। नए वर्जन में वरुण धवन के साथ पूजा हेगड़े और मृणाल ठाकुर नजर आने वाली हैं। सलमान के गानों को पहले भी रीमेक कर चुके हैं वरुणयह पहली बार नहीं है जब वरुण धवन ने सलमान खान के किसी पुराने लोकप्रिय गाने को अपनी फिल्म में शामिल किया है। इससे पहले वे सलमान की फिल्म 'जुड़वा' के दो गानों 'चलती है क्या 9 से 12' और 'ऊंची है बिल्डिंग' के रीमेक वर्जन पर परफॉर्म कर चुके हैं। इन गानों को साल 2017 में आई फिल्म 'जुड़वा 2' में इस्तेमाल किया गया था, जिसका डायरेक्शन भी डेविड धवन ने ही किया था। ---------------------------------ये खबर भी पढ़ें डायरेक्टर डेविड धवन हुए इमोशनल:बेटे वरुण की तारीफ करते हुए छलके आंसू, बोले- हर माता-पिता को ऐसा बेटा मिलना चाहिए फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में डायरेक्टर डेविड धवन इमोशनल हो गए। बेटे वरुण धवन के बारे में बात करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। डेविड धवन ने कहा, ‘हर किसी को वरुण जैसा बेटा मिलना चाहिए। जब मैं अस्पताल में था, तब भी वह मेरे साथ वहीं सोता था। पूरी खबर पढ़ें डेविड धवन पर भड़के वाशु भगनानी:बोले- कुली नंबर 1 से ₹27 करोड़ का घाटा हुआ; नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा प्रोड्यूसर वाशु भगनानी ने शुक्रवार को फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' में गाने 'चुनरी चुनरी' के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई। फिल्म को डेविड धवन ने डायरेक्ट किया है और रमेश तौरानी के टिप्स बैनर ने इसे प्रोड्यूस किया है। पूरी खबर पढ़ें
बॉलीवुड एक्टर जैकी श्रॉफ ने पीएम मोदी की पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने की अपील का समर्थन किया है। जैकी ने लोगों से ईंधन बचाने और संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया भर के कई देशों में आर्थिक और संसाधनों का संकट चल रहा है, जबकि भारत में स्थिति काफी बेहतर है। जैकी श्रॉफ के मुताबिक, जब देश में पेट्रोल और गैस जैसी जरूरी चीजें आसानी से मिल रही हैं, तो नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और फिजूलखर्ची से बचना चाहिए। दुनिया भर में संकट, भारत में हालात बेहतरसोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में जैकी श्रॉफ मीडिया के सवालों का जवाब देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में हालात खराब हैं, लेकिन हिंदुस्तान में लोग अब भी आराम से खा-पी रहे हैं। एक्टर ने कहा कि जब हमें बिना किसी परेशानी के पेट्रोल और गैस मिल रही है, तो हमें शिकायत करने के बजाय चीजों को संभालकर इस्तेमाल करना सीखना चाहिए। मोदी बोले- भारत में तेल के कुएं नहीं इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आज के समय में पेट्रोल, गैस और डीजल का इस्तेमाल कम करना होगा। पड़ोस में चल रहे युद्ध के असर से दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल के दाम कई गुना बढ़ गए हैं। पीएम ने हैदराबाद में भाजपा की रैली में कहा- भारत पर इस वैश्विक संकट का असर ज्यादा है, हमारे पास तेल के बड़े कुएं नहीं हैं। आज हमें वर्क फ्रॉम होम जैसे उपायों की जरूरत है। जिन शहरों में मेट्रो है, वहां लोग मेट्रो का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि पहले जब युद्ध होता था लोग सोना दान में दे देते थे। आज दान की जरूरत नहीं है लेकिन हमें आज ये संकल्प लेना होगा कि अगले 1 साल तक कोई भी कार्यक्रम हो, सोना न खरीदें। इससे विदेशी मुद्रा भी बचेगी। चार दशकों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं जैकी जैकी श्रॉफ पिछले चार दशकों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं। उन्होंने साल 1982 में फिल्म 'स्वामी दादा' से एक छोटे रोल से शुरुआत की थी। इसके बाद साल 1983 में आई सुभाष घई की फिल्म 'हीरो' से उन्हें मुख्य अभिनेता के तौर पर बड़ी सफलता मिली। उन्होंने 'परिंदा', 'राम लखन', 'खलनायक' और 'मिशन कश्मीर' जैसी कई बड़ी फिल्मों में काम किया है। फिल्मों के अलावा वे अपनी ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए भी जाने जाते हैं। ------------------------------------------- जैकी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें स्टार बनने के बाद चॉल में रहे जैकी:सक्सेस के बाद दिवालिया हुए, दोगुनी मेहनत से कर्ज उतारा, पिता की मौत के बाद शूटिंग की बॉलीवुड के 'जग्गू दादा' के नाम से मशहूर जैकी श्रॉफ की कहानी संघर्ष, दृढ़ता और स्मार्ट निवेश का एक शानदार उदाहरण है। मुंबई के तीन बत्ती इलाके की चॉल में जन्मे जैकी ने जिंदगी के हर मोड़ पर चुनौतियों का सामना किया, लेकिन हार नहीं मानी। 'हीरो' की रिलीज के बाद भी जैकी श्रॉफ पांच-छह साल तक उसी चॉल में रहे। पूरी खबर पढ़ें
कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय बच्चन के तीन ग्लैमरस लुक सामने आ चुके हैं। फेस्टिवल की क्लोजिंग सेरेमनी में वे डिजाइनर चेनी चान के कस्टम फेदर सूट में नजर आईं। इसे डिजाइनर चेनी चान ने डिजाइन किया था। इससे पहले वे सैफायर ब्लू गाउन और पिंक ड्रेस में भी दिखाई दी थीं। उनके साथ बेटी आराध्या भी कांस पहुंची हैं, जिन्होंने अनऑफिशियली कांस में ग्लैमरस लुक में डेब्यू किया है। देखिए व्हाइट कस्टम फेदर सूट ऐश्वर्या की तस्वीरें- देखिए कांस से ऐश्वर्या की तस्वीरें- बीते साल चर्चा में रहा कांस से ऐश्वर्या का लुक ऐश्वर्या राय ने साल 2002 में कांस में डेब्यू किया था। इसके बाद से ही वो लगातार कांस में मौजूद रहती हैं। बीते साल ऐश्वर्या ने मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन की गई सफेद-गोल्डन साड़ी पहनी थी। रेड डायमंड जूलरी और सिंदूर के साथ ऐश्वर्या बेहद खूबसूरत दिखीं। उनका ट्रेडिशनल लुक काफी चर्चा में रहा था। कांस के दूसरे लुक में ऐश्वर्या राय ने गौरव गुप्ता के कलेक्शन की ब्लैक सिक्वल गाउन के साथ ट्रेल कैरी की थी। खुले बालों और मिनिमल जूलरी में एक्ट्रेस बेहद ग्लैमरस लगी थीं। कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय के ये लुक भी देखिए- कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। आलिया भट्ट का कांस लुक भी चर्चा में रहा तीसरे लुक में आलिया डिजाइनर तरुण तहिलियानी की आइवरी साड़ी में दिखाई दीं। वे फ्रेंच रिवेरा में भारत पैवेलियन पहुंचीं, जहां उन्होंने फिल्म मेकर आशुतोष गोवारिकर के साथ 57वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) का पोस्टर और क्रिएटिव विजन लॉन्च किया।
साउथ फिल्म स्टार रामचरण अपनी आने वाली फिल्म 'पेड्डी' के म्यूजिक लॉन्च के लिए भोपाल पहुंचे थे। इस इवेंट में उनके साथ एआर रहमान और जान्हवी कपूर भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान रामचरण ने भारतीय क्रिकेटरों की तारीफ की, लेकिन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का जिक्र करते हुए उनसे एक भूल हो गई। उन्होंने क्रिकेट की जगह गलती से फुटबॉल से जोड़ दिया। इसका वीडियो सामने आने के बाद रामचरण ने तुरंत बुमराह से माफी मांगी और इसे भीड़ के बीच हुई उत्साह में हुई गलती बताया है। क्रिकेटरों को बताया लीजेंड और फायरभोपाल में हुए इस कार्यक्रम के दौरान रामचरण से भारतीय क्रिकेटरों को कुछ शब्दों में बताने के लिए कहा गया था। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के करियर को 'लंबा और महान सफर' बताया। महेंद्र सिंह धोनी को 'शांत और कूल' कहा, जबकि रोहित शर्मा को 'हर किसी का पसंदीदा इंसान' बताया। विराट कोहली का नाम सामने आने पर उन्होंने सिर्फ एक शब्द 'फायर' कहा। वहीं कार्यक्रम के दौरान एक बार उन्होंने मध्यप्रदेश को बिहार कहकर पुकारा। जब वे स्टेज से जनता को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने कहा हमारे, बिहार के लोगों को, बिहार के लोग, मेरे आप साथ हो आप? मांगी माफी, खुद को बताया भुलक्कड़वीडियो सामने आने के बाद रामचरण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर बुमराह से माफी मांगी। उन्होंने लिखा, उफ्फ... मैं कभी-कभी नामों को लेकर चीजें भूल जाता हूं। इस गड़बड़ी के लिए जसप्रीत बुमराह जी से माफी मांगता हूं। इतने उत्साह और भारी भीड़ के बीच यह सिर्फ एक इंसानी भूल थी। रामचरण ने आगे लिखा कि वे बुमराह का बहुत सम्मान करते हैं और उनके खेल की सराहना करते हैं। हालांकि रामचरण की इस गलती के बाद उनके की फैंस उनका सपोर्ट करते दिखाई दिए। एक यूजर ने लिखा कि “रामचरण ने बुमराह को फुटबॉल का लेजेंड बना दिया। लेकिन मुझे पसंद आया जिस आत्मविश्वास के साथ उन्होंने ये बात कही।” फिल्म 'पेड्डी' के बारे में जानिएफिल्म 'पेड्डी' एक बड़ी पैन-इंडिया फिल्म है, जिसकी स्टारकास्ट भोपाल में इसके संगीत को प्रमोट करने आई थी। इस फिल्म में रामचरण के साथ जान्हवी कपूर मुख्य भूमिका में हैं, जबकि संगीत ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने तैयार किया है। रामचरण की पिछली फिल्म 'आरआरआर' की सफलता के बाद से ही उत्तर भारत में भी उनकी फिल्मों को लेकर दर्शकों में काफी दिलचस्पी रहती है। यह फिल्म 4 जून को रिलीज होगी। ये खबर भी पढ़ें रैपिड फायर विद राम चरण:सलमान खान को कहा मोस्ट स्टाइलिश, जानिए विलेन बनने के हाईपोथेटिकल सवाल का क्या था मजेदार जवाब साउथ सुपरस्टार राम चरण, RRR, मगधीरा, रंगस्थल जैसी बेहतरीन फिल्मों के बाद अब जल्द ही फिल्म पेद्दी ला रहे हैं। ये फिल्म 4 जून को रिलीज होने वाली है, जिसका ट्रेलर भी जारी किया जा चुका है। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने रैपिड फायर के कई बेहतरीन सवालों का मजेदार जवाब दिया है। पूरी खबर पढ़ें… भोपाल में गूंजी AR रहमान की आवाज, झूम उठे फैंस:फिल्म ‘पेद्दी’ का प्रमोशन करने पहुंचे राम चरण और जाह्नवी कपूर, भेल दशहरा मैदान पर उमड़े फैंस भोपाल के भेल दशहरा मैदान में मशहूर संगीतकार और ऑस्कर विजेता गायक एआर रहमान लाइव कॉन्सर्ट करने पहुंचे। कॉन्सर्ट शुरू होने से पहले ही मैदान में फैंस की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दूर से पहुंचे लोग एआर रहमान की आवाज सुनने के लिए घंटों से इंतजार करते नजर आए। रहमान ने तेलुगू फिल्म पेद्दी के गाने ‘होलु लू’ गाया। पूरी खबर पढ़ें…
एक्टर रणदीप हुड्डा ने हाल ही में बताया कि उनको फिल्म ‘छावा’ में औरंगजेब का रोल ऑफर हुआ था, लेकिन उन्होंने करने से मना कर दिया था। रणदीप ने जूम को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मैं लक्ष्मण उतेकर को एक डायरेक्टर और इंसान, दोनों तौर पर बहुत पसंद करता हूं। वो मेरे पास फिल्म ‘छावा’ में औरंगजेब के रोल के लिए आए थे। उस समय मेरा वजन काफी कम हो गया था और मैंने अपना सिर भी मुंडवा लिया था। एक्टर ने आगे कहा, ‘मैंने उस समय फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ की शूटिंग खत्म की थी और उसके पोस्ट-प्रोडक्शन पर काम कर रहा था। इसी दौरान मैं एक कोर्ट केस से भी गुजर रहा था। उस वक्त हिंदू-मुस्लिम को लेकर काफी बातें हो रही थीं। इसलिए मैंने उस रास्ते पर आगे बढ़ने से मना कर दिया।’ ‘छावा’ में औरंगजेब का रोल अक्षय खन्ना ने निभाया था साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म ‘छावा’ मराठा साम्राज्य के दूसरे छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित थी। फिल्म में संभाजी महाराज का किरदार विक्की कौशल ने निभाया है, जबकि महारानी येशुबाई का रोल रश्मिका मंदाना ने प्ले किया था। औरंगजेब के रोल में अक्षय खन्ना नजर आए थे। फिल्म का डायरेक्शन लक्ष्मण उतेकर ने किया है और इसे मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले दिनेश विजान ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही और इसने दुनिया भर में ₹795 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी। लक्ष्मण उतेकर की फिल्म में नजर आएंगे रणदीप रणदीप हुड्डा के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह हाल ही में वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश 2' में नजर आए हैं, जिसका प्रीमियर 15 मई को जियोसिनेमा पर हुआ है। इसके अलावा, वह जल्द ही लक्ष्मण उतेकर की अपकमिंग फिल्म 'ईथा' में भी मुख्य भूमिका में दिखाई देंगे, जिसका हिस्सा श्रद्धा कपूर भी हैं। फिल्म ईथा मशहूर लावणी डांसर और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ नारायणगांवकर की बायोपिक है।
रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण: पार्ट वन’ दिवाली 2026 ( 8 नवंबर) से एक हफ्ते पहले रिलीज हो सकती है। दरअसल, बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि ‘रामायण: पार्ट वन’ अब 30 अक्टूबर 2026 को रिलीज हो सकती है। पहले इसे दिवाली 2026 पर रिलीज करने की योजना थी। रिपोर्ट के अनुसार, निर्माता चाहते हैं कि फिल्म दिवाली वीक से पहले थिएटर्स में आ जाए, ताकि पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ बने और दूसरे हफ्ते में फिल्म का बिजनेस और बढ़े। दावा- डिस्ट्रीब्यूटर्स ने 450 करोड़ का ऑफर दिया सूत्र के मुताबिक, रिलीज डेट पर अंतिम फैसला जल्द लिया जाएगा। यह घोषणा डिस्ट्रीब्यूशन डील फाइनल होने के बाद की जा सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मेकर्स को टॉप डिस्ट्रीब्यूटर्स से 450 करोड़ रुपए का ऑफर मिला है। हनुमान जयंती के मौके पर फिल्म से रणबीर का भगवान राम के रूप में लुक भी सामने आया था। इस टीजर में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में दिव्य और शांत लुक में दिखे थे। देखें भगवान राम के लुक की झलक- फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
मशहूर कोरियोग्राफर और फिल्म निर्देशक रेमो डिसूजा शनिवार को अपनी पत्नी लिजेल डिसूजा के साथ आगर मालवा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नलखेड़ा पहुंचे। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में सपत्नीक हवन अनुष्ठान भी संपन्न किया। दो घंटे तक चली विशेष पूजा और अनुष्ठान रेमो और लिज़ेल डिसूजा मंदिर परिसर में लगभग दो घंटे से अधिक समय तक रहे। उन्होंने धार्मिक परंपराओं के अनुसार आयोजित हवन में श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इस दौरान मंदिर की अन्य धार्मिक गतिविधियों में भी दोनों शामिल हुए। लिज़ेल डिसूजा भारतीय फिल्म जगत में फिल्म निर्माता और कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर के रूप में सक्रिय हैं। प्रशंसकों और श्रद्धालुओं में दिखी उत्सुकता फिल्म जगत की बड़ी हस्ती के मंदिर पहुंचने की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं और प्रशंसकों में उत्सुकता देखी गई। नलखेड़ा का मां बगलामुखी मंदिर देश भर में अपनी विशेष धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, जहां समय-समय पर राजनीति और फिल्म जगत की हस्तियां दर्शन के लिए पहुंचती हैं।
फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में डायरेक्टर डेविड धवन इमोशनल हो गए। बेटे वरुण धवन के बारे में बात करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। डेविड धवन ने कहा, ‘हर किसी को वरुण जैसा बेटा मिलना चाहिए। जब मैं अस्पताल में था, तब भी वह मेरे साथ वहीं सोता था। एक एक्टर के तौर पर भी उसमें लगातार सुधार हो रहा है। आप जो चाहोगे, वह आपको देगा, लेकिन एक पिता के तौर पर मैं कहूंगा कि हर किसी को ऐसा बेटा मिलना चाहिए।’ फिल्म में वरुण धवन के साथ मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े लीड रोल में नजर आएंगी। फिल्म में राजपाल यादव, जॉनी लीवर, चंकी पांडे और मनीष पॉल भी दिखाई देंगे। डेविड धवन और वरुण धवन की यह चौथी फिल्म है। इससे पहले दोनों की जोड़ी ‘मैं तेरा हीरो’, ‘जुड़वां 2’ और ‘कुली नंबर 1’ में नजर आ चुकी है। प्रेम में असफल युवक का किरदार फिल्म की कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी प्रेम कहानी हर बार असफल हो जाती है और फिर उसे किस्मत बदलने के लिए मदद मिलती है। दिलचस्प बात यह है कि वरुण इस फिल्म में डबल रोल में नजर आएंगे। एक तरफ बॉय-नेक्स्ट-डोर लुक, तो दूसरी ओर ज्यादा मैच्योर अवतार। वर्कफ्रंट की बात करें तो इससे पहले वरुण धवन फिल्म ‘बॉर्डर 2’ में नजर आए थे। फिल्म में उन्होंने 'मेजर होशियार सिंह दहिया' का किरदार निभाया था। इस सुपरहिट फिल्म ने दुनिया भर में ₹450 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया था।
प्रोड्यूसर वाशु भगनानी ने शुक्रवार को फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' में गाने 'चुनरी चुनरी' के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई। फिल्म को डेविड धवन ने डायरेक्ट किया है और रमेश तौरानी के टिप्स बैनर ने इसे प्रोड्यूस किया है। वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में भगनानी ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन से फिल्मा बीवी नंबर 1 का रीमेक बनाने की बात की थी। उन्होंने दावा किया कि कुली नंबर 1 (2020) से उन्हें करीब 27 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। उनके मुताबिक फिल्म की पूरी प्रोडक्शन और खर्च की जिम्मेदारी डेविड धवन संभाल रहे थे। उन्होंने कहा, 'मैं सिर्फ नाम का प्रोड्यूसर था। मैंने डेविड जी को इस फिल्म के लिए करीब 70 करोड़ रुपए दिए थे। कोविड के समय डेविड जी ने कहा था कि भविष्य में नुकसान की भरपाई करेंगे और फिर बीवी नंबर 1 पर काम शुरू हुआ।' वाशु ने डेविड धवन को फोन कर सवाल पूछा वाशु भगनानी के मुताबिक, करीब छह महीने तक फिल्म पर काम चला। बाद में डेविड धवन के बड़े बेटे रोहित धवन ने उन्हें बताया कि स्क्रिप्ट तैयार नहीं है, जिसके बाद उन्होंने प्रोजेक्ट में जल्दबाजी नहीं की। इसके बाद उन्हें पता चला कि रमेश तौरानी और डेविड धवन एक नई फिल्म बना रहे हैं, जिसमें गाने 'चुनरी चुनरी' का इस्तेमाल किया गया है। वाशु ने कहा कि उन्होंने डेविड धवन को फोन कर इस पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि बीवी नंबर 1 के ऑडियो राइट्स रिलीज के समय टिप्स को बेचे गए थे, लेकिन उनकी अनुमति के बिना वीडियो इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में उनकी कंपनी ने कोर्ट में पत्र दिया, जिसके बाद बिहार के कटिहार कोर्ट ने स्टेटस क्वो का आदेश दिया। नुकसान के बाद वरुण ने हालचाल नहीं पूछा: भगनानी वाशु भगनानी ने कहा, 'डेविड धवन मेरे प्रोडक्शन की फिल्म का वही गाना अपने बेटे की फिल्म में इस्तेमाल कर रहे हैं। कम से कम उन्हें मुझे पहले बताना चाहिए था। अगर वह बात करते तो मैं एनओसी दे देता।' वाशु ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरुण धवन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फिल्म कुली नंबर 1 के नुकसान के बाद वरुण धवन ने कभी उनका हालचाल नहीं पूछा।
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आवारा कुत्तों के काटने के मामले पर आदेश दिया है कि खतरनाक कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जाए। इसके बाद 22 मई से पंजाब में आवारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इसकी जानकारी दी है। अब रवीना टंडन ने उनसे इंसानियत का ध्यान रखते हुए दूसरे रास्ते चुनने की अपील की है। रवीना ने कहा है कि बेजुबानों के साथ कैसा सलूक किया जाता है, वही बताता है कि हम कैसे इंसान हैं। रवीना टंडन ने शनिवार को आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, “माननीय मुख्यमंत्री भगवंत मान जी, आवारा जानवरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर पूरे देश में चर्चा हो रही है। लोगों की सुरक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन उम्मीद है कि इस फैसले को लागू करते समय इंसानियत और संतुलन का भी ध्यान रखा जाएगा। नसबंदी, टीकाकरण, अच्छे शेल्टर और सही तरीके से पुनर्वास जैसे उपाय लोगों और जानवरों, दोनों की सुरक्षा में मदद कर सकते हैं।” आगे रवीना ने लिखा है, “मुझे पूरा विश्वास है कि प्रशासन, पशु कल्याण संगठनों और विशेषज्ञों के सहयोग से पंजाब इस संवेदनशील मुद्दे को जिम्मेदारी और इंसानियत के साथ संभालने की मिसाल बन सकता है। हम बेजुबान जानवरों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, वही आखिरकार बताता है कि हम एक समाज के रूप में कैसे इंसान हैं।” क्या है पूरा मामला? देश में आवारा कुत्तों के काटने के मामले बढ़ते जा रहे हैं, जिसका असर सरकारी खजाने पर भी पड़ रहा है। कई बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर आवारा कुत्तों की चपेट में आते रहते हैं। इस मामले पर नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और उन्हें शेल्टर हाउस भेजे जाने का आदेश दिया था। कई एनजीओ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की। अब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक और आदेश दिया और कहा कि जानलेवा कुत्तों को इंजेक्शन देकर मारा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि खतरनाक या रेबीज से संक्रमित आवारा कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है, लोगों की जान की हिफाजत जरूरी है और गरिमा के साथ जीने में कुत्तों के खतरे से मुक्त होकर रहने का अधिकार भी शामिल है। 19 मई को दिए गए इस मामले पर आखिरी फैसले के साथ ही कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के आदेश के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाएं खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों के पुनर्वास और नसबंदी पर नवंबर 2025 में दिए गए निर्देश ही लागू होंगे। जो अफसर इनका पालन न करें, उन पर अवमानना का केस चले। इसके बाद से सुप्रीम कोर्ट के फैसले की जमकर आलोचना हो रही है। नवजोत सिंह सिद्धू, सोनम बाजवा समेत कई सेलेब्स इसके खिलाफ बयान दे रहे हैं।
बॉबी देओल ने हाल ही में बताया है कि फिल्म एनिमल में बॉबी के विलेन बनने से पिता धर्मेंद्र ज्यादा खुश नहीं थे। लेकिन बाद में सोशल मीडिया के जरिए उन्हें पता चला था कि बॉबी देओल का निभाया गया किरदार बेहद हिट हो चुका है। इसके अलावा उन्होंने सलमान की मदद से कमबैक करने और आश्रम सीरीज में लीड रोल मिलने से हुई हैरानी पर भी बात की है। शेखर सुमन के शो शेखर टुनाइट में पहुंचे बॉबी देओल ने बताया है कि उनके पास लंबे समय से काम नहीं था। एक दिन अचानक उनके पास सलमान खान का कॉल आया। सलमान ने उनसे पूछा- ‘तुम फिल्म में शर्ट उतारोगे?’ बॉबी ने जवाब दिया, ‘हां, मैं सब कुछ कर लूंगा।’ इस पर सलमान ने कहा कि स्क्रिप्ट सुनने आ जाना। और इस तरह बॉबी देओल ने रेस 3 से कमबैक किया। इसके कुछ दिन बाद ही उन्हें फिल्म आश्रम सीरीज की कास्टिंग के लिए कॉल आया। वो गए उन्होंने डायरेक्टर से पूरी स्क्रिप्ट सुनी। उस समय बॉबी देओल को लगा कि उन्हें इंस्पेक्टर का साइड रोल दिया जाने वाला होगा, क्योंकि उनका करियर सेटबैक का सामना कर रहा था। लेकिन फिर डायरेक्टर ने उन्हें बताया कि उन्हें निराला बाबा का लीड रोल करना है। ये सीरीज हिट रही। एक हफ्ते बाद मां ने बॉबी को बुलाकर कहा, ‘तून कोई शो किया है आश्रम? मेरी कुछ सहेलियां कह रही थीं कि आपके बेटे ने आश्रम में बहुत अच्छा काम किया है।’ ये सुनकर बॉबी देओल खुश हो गए कि उनका रोल पसंद किया जा रहा है। इसके बाद जब उन्हें एनिमल मिली, तो उन्होंने धर्मेंद्र को ये बात बताई। इस पर वो खास खुश नहीं हुए, उन्होंने बस इतना पूछा, ‘तू एनिमल में विलेन बनेगा?’ इस पर बॉबी ने कहा- ‘हां पापा।’ उन्होंने फिर पूछा- ‘तेरा रोल कितना है।’ बॉबी ने कहा- 'अच्छा रोल है पापा।' आगे बॉबी ने कहा, ‘उनको बहुत शौक था इंस्टाग्राम का। हमारे हॉल में जैसे ही एंटर करो, वहां एक सोफा है, वहां बैठे रहते थे। एक दिन जैसे ही मैं आया काम से, तो कहते हैं, बॉब, लोग तो तेरे दीवाने हो गए हैं। वो मुझे देखकर बहुत खुश थे।' एक तस्वीर की बदौलत बॉबी को मिला था एनिमल में काम बॉबी देओल ने बातचीत में ये भी बताया है कि उन्हें CCL (सेलिब्रिटी क्रिकेट लीग) की एक तस्वीर की बदौलत फिल्म एनिमल में काम मिला था। एक दिन संदीप रेड्डी वांगा ने किसी अखबार या मैगजीन में छपी बॉबी की क्रिकेट खेलते हुए एक तस्वीर देखी और उनकी कास्टिंग का फैसला किया। जब बॉबी उनसे मिलने गए, तो संदीप रेड्डी ने कहा था, मैंने तेरी एक फोटो देखी, इस फोटो में जो तुम्हारे एक्सप्रेशन हैं, वही देखकर मैंने तुम्हें चुना।
पंजाब में खूंखार लावारिस कुत्तों के खिलाफ मुहिम चलाने को लेकर की गई सीएम की एक्स पोस्ट के बाद अब पंजाबी और बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद कुत्तों को बचाने के पक्ष में आ गए हैं। सोनू सूद ने अपने इंस्टा पर वीडियो शेयर कर कहा कि कुत्तों को मारा नहीं जाना चाहिए। पंजाब के मोगा के रहने वाले सोनू सूद ने कहा कि वह प्रयास करेंगे कि कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनावा सकें। सूद ने कहा कि अगर वफादारी की बात करें तो वो डॉग्स ही होते हैं जिनसे वफादारी हमें मिलती है। बहुत सारे ऐसे स्ट्रे डॉग्स जिन्हें घर वाले लोग अडॉप्ट करते हैं, उनका ध्यान रखते हैं और वो उतने हार्मफुल नहीं होते, लेकिन बहुत सारे ऐसे इंसिडेंट्स होती भी हैं जहां पर इन स्ट्रे डॉग्स ने बच्चों पर अटैक किया। उन मोहल्लों में उन घरों के पास ये लोगों को पता होता है कि कौन से ऐसे डॉग्स हैं जो नुकसान पहुंचा सकते हैं और फिर हम उनके बारे में एक शिकायत करते हैं और उन्हें पकड़ भी लिया जाता है। सोनू सूद ने कहा कि एक बहुत वफादार कौम है जो सड़कों पर घूम रही है। हम उसे भूल जाते हैं और एक ऑर्डर पास करते हैं कि आप इन्हें पकड़ के मार दिया जाए तो मेरी यह रिक्वेस्ट है हमें इस ऑर्डर को रुकवाना है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्ट्रे डॉग्स को अडॉप्ट कराना है। उनके गले में कोई पट्टा डाल दीजिए ताकि पता चले कि आपका यह डॉग है जिसकी आप केयर करते हैं जिसे आप खाना देते हैं। सो आई थिंक अगर मिलकर यह हम आवाज उठाएंगे तो बहुत सारे बेजुबानों को जुबान मिलेगी और एक नई जिंदगी मिलेगी। भगवंत मान ने लावारिस कुत्तों को लेकर की थी पोस्ट बता दें कि सीएम 21 मई की रात भगवंत मान ने लावारिस कुत्तों को लेकर पोस्ट की थी जिसमें लिखा था कि 22 मई से पंजाब में मुहिम शुरू करने जा रहे हैं। इसे लेकर पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री से लेकर नेताओं ने विरोध कर दिया। भाजपा नेता और भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेशनल जनरल सेक्रेटरी तजिंदर बग्गा ने चीफ जस्टिस को मेल लिखी, तो पंजाबी एक्टर्स सोनम बाजवा और सिंगर रुपिंदर हांडा और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने कुत्तों को न मारने के लिए आवाज बुलंद की। जानें सोनू सूद ने वीडियो में क्या कहा..वफादारी हम कुत्तों से ही सीखते हैं- मैंने आज ही सुबह एक ट्वीट देखा जिसमें हमारे ऑनरेबल सीएम पंजाब ने एक आर्डर दिया था कि जितने रोड साइड यू नो डॉग्स हैं उन्हें पकड़ कर ले जाया जाए। पता नहीं फिर उनके साथ क्या होगा। बहुत सारे वीडियोस ऐसे देखे जो बहुत सारे डिस्टर्बिंग थे। मैं यही कहना चाहता हूं कि इंसान सिर्फ किताबें लिख सकता है, लेकिन अगर वफादारी की बात करें तो वो डॉग्स ही होते हैं जिनसे वफादारी सीखने को मिलती है। बहुत सारे ऐसे स्ट्रे डॉग्स हैं जिन्हें लोग अडॉप्ट करते हैं, उनका ध्यान रखते हैं वो उतने हार्मफुल नहीं होते। बहुत सारे ऐसे इंसिडेंट्स होते भी हैं जहां पर इन स्ट्रे डॉग्स ने बच्चों पर अटैक किया और उन मोहल्लों में उन घरों के पास ये लोगों को पता होता है कि कौन से ऐसे डॉग्स हैं जो नुकसान पहुंचा सकते हैं और फिर हम उनके बारे में एक शिकायत करते हैं और उन्हें पकड़ भी लिया जाता है। पता नहीं इस आर्डर से इन कुत्तों के साथ क्या होगा: आप सोचिए कि कोर्ट से एक ऐसा आर्डर पास होता है जिसमें आप कहते हैं कि हर गली-मोहल्ले में जो डॉग बैठा हुआ है उसे पकड़ कर मार दिया जाए, ले जाया जाए और पता नहीं क्या कुछ उनके साथ होगा? तो मैं आप सब से यह रिक्वेस्ट करूंगा कि आप इस मैसेज को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं ताकि हम इसे रोक सकें। मैं अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा हूं कि इन स्ट्रे एनिमल्स को या डॉग्स को उनके घर मिल सकें। मुझे लगता है कि सरकार को ऐसे बहुत सारे घर बनाने चाहिए जहां पे इन बेजुबानों को भी घर मिल सके। सबको मिलकर आवाज उठानी होगी: ये जो वफादार कौम सड़कों पर घूम रही है, हम उसे भूल जाते हैं और एक ऑर्डर पास करते हैं कि इन्हें पकड़ के मार दिया जाए। मेरी यह रिक्वेस्ट है हमें इस ऑर्डर को रुकवाना है और ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्ट्रे डॉग्स को अडॉप्ट करना है। उनके गले में कोई पट्टा डाल दीजिए ताकि पता चले कि आपका यह डॉग है जिसकी आप केयर करते हैं जिसे आप खाना देते हैं। सो आई थिंक अगर हम मिलकर यह आवाज उठाएंगे तो बहुत सारे बेजुबानों को जुबान मिलेगी और एक नई जिंदगी मिलेगी।
साउथ और बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर प्रकाश राज ने खुद को कॉकरोच कहा है। ये बयान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए दिया है। प्रकाश राज अक्सर भाजपा और नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देते रहते हैं। दरअसल, एक्टर अक्षय कुमार को दिए पुराने इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वो आम खाते हैं और उन्हें आम खाना काफी पसंद है, लेकिन वो बचपन में गरीब थे, तो आम खरीदना उनके लिए मामूली बात नहीं थी। उनके इसी बयान को हाईलाइट करते हुए प्रकाश राज ने अपने आधिकारिक X (पहले ट्विटर) अकाउंट से आम को अनोखे अंदाज में खाते हुए वीडियो पोस्ट किया है। प्रकाश राज ने आम की गुठली निकाली और उसमें आइसक्रीम मिलाकर चम्मच से खाया। इसके साथ उन्होंने कहा है, ‘ये क्या है मोदी जी, आम को न ऐसे कट करके इमाम पसंद है। इसमें आइसक्रीम डालकर कॉकरोच ऐसे खाते हैं।’ इस वीडियो के साथ प्रकाश राज ने लिखा है, ‘कॉकरोच ईटिंग मैंगो। हैशटैग कॉकरोच जनता पार्टी।’ प्रकाश राज, लगातार भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी के खिलाफ बयान देते रहे हैं। अब वो खुलेआम, कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन दे रहे हैं। नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए गए एक्टर प्रकाश राज के हालिया बयान-
कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय बच्चन के ग्लैमरस लुक लगातार सामने आ रहे हैं। ऐश्वर्या ने कांस रेड कार्पेट पर गौरव गुप्ता का डिजाइनर सफायर गाउन पहना। उनके साथ बेटी आराध्या भी कांस पहुंची हैं, जिन्होंने अनऑफिशियली कांस में ग्लैमरस लुक में डेब्यू किया है। देखिए कांस से ऐश्वर्या की तस्वीरें- बीते साल चर्चा में रहा कांस से ऐश्वर्या का लुक ऐश्वर्या राय ने साल 2002 में कांस में डेब्यू किया था। इसके बाद से ही वो लगातार कांस में मौजूद रहती हैं। बीते साल ऐश्वर्या ने मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन की गई सफेद-गोल्डन साड़ी पहनी थी। रेड डायमंड जूलरी और सिंदूर के साथ ऐश्वर्या बेहद खूबसूरत दिखीं। उनका ट्रेडिशनल लुक काफी चर्चा में रहा था। कांस के दूसरे लुक में ऐश्वर्या राय ने गौरव गुप्ता के कलेक्शन की ब्लैक सिक्वल गाउन के साथ ट्रेल कैरी की थी। खुले बालों और मिनिमल जूलरी में एक्ट्रेस बेहद ग्लैमरस लगी थीं। कांस फिल्म फेस्टिवल से ऐश्वर्या राय के ये लुक भी देखिए- कांस की ज्यूरी बनने वाली पहली इंडियन एक्ट्रेस रहीं ऐश्वर्या राय हर साल दुनियाभर के चुनिंदा लोगों को ज्यूरी में शामिल किया जाता है। मृणाल सेन पहले भारतीय थे, जिन्हें 1982 में ज्यूरी में शामिल किया गया था। इसके अलावा ज्यूरी बनने वाली पहली भारतीय महिला डायरेक्टर मीरा नायर थीं। ऐश्वर्या राय पहली इंडियन एक्ट्रेस हैं, जिन्हें कांस में ज्यूरी बनाया गया। हालांकि अब दीपिका पादुकोण, विद्या बालन और शर्मिला टैगोर भी इस लिस्ट में शामिल हैं। आलिया भट्ट का कांस लुक भी चर्चा में रहा तीसरे लुक में आलिया डिजाइनर तरुण तहिलियानी की आइवरी साड़ी में दिखाई दीं। वे फ्रेंच रिवेरा में भारत पैवेलियन पहुंचीं, जहां उन्होंने फिल्म मेकर आशुतोष गोवारिकर के साथ 57वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) का पोस्टर और क्रिएटिव विजन लॉन्च किया।
रॉकस्टार का सीक्वल नहीं बनाएंगे इम्तियाज अली, लेकिन उनकी आगामी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में एक बार फिर अधूरे प्यार, बिछड़ने और लौटकर आने की कसक देखने को मिलेगी। दिलजीत दोसांझ, शरवरी, वेदांग रैना और नसीरुद्दीन शाह स्टारर यह फिल्म सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि यादों, माइग्रेशन और इमोशनल टूटन की कहानी है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इम्तियाज अली ने बताया कि वह ‘रॉकस्टार’ का सीक्वल क्यों नहीं बनाना चाहते। वहीं उन्होंने दिलजीत दोसांझ, ए.आर. रहमान और अपनी फिल्मों में बार-बार दिखने वाले दर्द व बिछड़ने के एहसास पर भी खुलकर बात की। शरवरी और वेदांग ने भी फिल्म से अपने भावनात्मक जुड़ाव और किरदारों की तैयारी के अनुभव साझा किए। सवाल: आपकी फिल्मों में इश्क मिलने से ज्यादा बिछड़ने में दिखता है। क्या ये आपकी निजी सोच से आता है? जवाब/इम्तियाज अली: जब मैं फिल्म बनाता हूं, तब अपने बारे में नहीं सोच रहा होता। शायद मैं कहानियां बनाकर खुद से भागने की कोशिश करता हूं। लेकिन ये सच है कि जब आप किसी शहर को छोड़ रहे होते हैं, तभी उसकी सबसे ज्यादा याद आती है। मुझे याद है, जब मैं दिल्ली और जमशेदपुर के बीच ट्रेन से सफर करता था, तो अपना शहर सबसे खूबसूरत तब लगता था जब उसे छोड़ रहा होता था। कहते हैं, “A city looks most beautiful from the light of the burning bridge.” यानी जब वापसी का रास्ता खत्म हो जाता है, तब उस जगह के लिए प्यार और बढ़ जाता है। सवाल: वेदांग, ‘मैं वापस आऊंगा’ आपके लिए क्या मायने रखती है? जवाब/वेदांग रैना: शुरुआत में मेरे लिए सबसे बड़ी बात सिर्फ इम्तियाज सर के साथ काम करना था। लेकिन जब स्क्रिप्ट आगे बढ़ी, तब महसूस हुआ कि यह कहानी मुझसे बहुत जुड़ी हुई है, क्योंकि मैं भी कश्मीरी पंडित हूं। मेरी फैमिली ने माइग्रेशन देखा है। इसलिए इस फिल्म से मेरा भावनात्मक जुड़ाव हो गया। ये सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। सवाल: शरवरी, आपके लिए इस फिल्म का मतलब क्या है? जवाब/शरवरी: ये एक सिंपल लव स्टोरी है। प्यार सिर्फ किसी इंसान से नहीं, अपनी मिट्टी और अपनेपन से भी हो सकता है। इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत उसका प्यार है। एक एक्टर के तौर पर भी ये मेरे लिए नया अनुभव था। इस किरदार को निभाते हुए मैंने खुद को भी थोड़ा और समझा। सवाल: इम्तियाज, आपके लिए इश्क क्या है? क्या आप ‘लव एट फर्स्ट साइट’ में भरोसा करते हैं? जवाब/इम्तियाज अली: जैसे-जैसे मैं बड़ा हो रहा हूं, प्यार को लेकर और कन्फ्यूज होता जा रहा हूं। शायद फिल्मों के जरिए ही उसे समझने की कोशिश करता हूं। मुझे लगता है प्यार कुछ भी हो सकता है। पहली नजर में भी हो सकता है, बार-बार भी हो सकता है और सिर्फ एक बार भी हो सकता है। जैसे भगवान को हर इंसान अपने तरीके से समझता है, वैसे ही प्यार भी है। सवाल: आपकी फिल्मों में टूटना, बिछड़ना और फिर लौटकर आना बार-बार क्यों दिखता है? जवाब/इम्तियाज अली: ये सब बचपन की यादों और लोगों की कहानियों से आता है। पंजाब में शूटिंग के दौरान कई बुजुर्गों ने मुझे पार्टिशन के किस्से सुनाए। किसी ने बताया कि उनके बुजुर्ग वाघा बॉर्डर तक पहुंच गए थे और कह रहे थे, “मुझे लाहौर जाना है,” क्योंकि उन्हें याद नहीं था कि पार्टिशन हो चुका है। किसी ने वीडियो कॉल पर अपने बचपन की जगह का रास्ता समझाया, जहां वो खुद नहीं जा सकते थे। ऐसी कई छोटी-छोटी बातें मेरे दिमाग में जमा होती गईं और फिर इस फिल्म की कहानी बन गई। सवाल: वेदांग, आपके लिए इश्क क्या है? जवाब/वेदांग रैना: अगर प्यार को सिर्फ रोमांटिक तरीके से ना देखें, तो कोई चीज आपको बहुत गहराई से छू जाए, वो भी प्यार हो सकता है। मुझे नहीं पता कि मुझे ‘लव एट फर्स्ट साइट’ हुआ है या नहीं, लेकिन किसी चीज से गहराई से प्रभावित होना शायद प्यार ही है। सवाल: क्या आपका दिल टूटा है? जवाब/वेदांग रैना: हां, जरूर टूटा है। शायद उस वक्त लगा था कि दिल टूट गया है, लेकिन अब मैच्योर नजरिए से देखूं तो शायद वो कुछ और था। लेकिन वो एहसास मैंने महसूस किया है। सवाल: दिल टूटने ने आपको कितना बदला? जवाब/वेदांग रैना: हर अनुभव इंसान को बदलता है और दिल टूटना जिंदगी का बड़ा मोड़ होता है। उसके बाद लोगों, रिश्तों और दुनिया को देखने का नजरिया बदल जाता है। शायद वही चीज इंसान को और समझदार बनाती है। सवाल: शरवरी, आपके लिए प्यार क्या है? जवाब/शरवरी: हम सब जिंदगी भर प्यार को समझते रहते हैं। बचपन से लेकर परिवार और रिश्तों तक, हर जगह प्यार मौजूद होता है। मेरे लिए प्यार का मतलब एक वादा है, एक सच्चाई है। हमारी फिल्म भी इसी भावना पर बनी है, एक ऐसा प्यार जो बहुत प्योर है। सवाल: क्या कभी दिल टूटा? और उससे कैसे बाहर निकलीं? जवाब/शरवरी: जब मैं इम्तियाज सर की फिल्में देखती हूं, तो उनमें दर्द के साथ एक खूबसूरती भी दिखती है। मैं मानती हूं कि कोई रिश्ता कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता। शायद उनकी फिल्मों ने मुझे यही सिखाया है। सवाल: इम्तियाज अली के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ शरवरी: हमने शूटिंग से पहले उनके साथ रेकी की थी। वहीं हमें समझ आया कि फिल्म क्या है और किरदार कैसे सोचते हैं। पंजाब में शूटिंग के दौरान वहां के लोगों और खाने से भी बहुत प्यार मिला। सवाल: रेकी के दौरान की क्या खास यादें है? जवाब/वेदांग रैना: हम लोग लोकेशन पर सिर्फ साथ घूम रहे थे और समझ रहे थे कि फिल्म कैसे बनती है। तभी एहसास हुआ कि असली मेहनत डायरेक्टर और उनकी टीम करती है। सवाल: पंजाब शूट के दौरान सबसे मजेदार चीज क्या रही? जवाब/शरवरी: हमने रेकी के दौरान खूब स्टफ्ड कुलचे खाए। मुझे अभी भी पनीर-छोले याद हैं। वहां का खाना और लोग दोनों बेहद प्यारे थे। उसी दौरान हमने फिल्म और किरदारों को बेहतर तरीके से समझा। सवाल: आपकी फिल्मों में ट्रेन का सफर हमेशा खास क्यों होता है? जवाब/इम्तियाज अली: मुझे ट्रेन में शूटिंग और सफर करना हमेशा अच्छा लगता है। इस फिल्म के लिए हमने रेवाड़ी से पुराना स्टीम इंजन मंगवाया था, जो पार्टिशन के दौर जैसा दिखता था। एक सीन में जब वेदांग का किरदार चिल्लाता है, “मैं वापस आऊंगा,” तभी मुझे लगा कि यही फिल्म का सही टाइटल है। सवाल: क्या इस फिल्म के किरदारों से बाहर निकलना मुश्किल था? जवाब/ वेदांग रैना: हां, कई बार मुश्किल लगा। मैंने खुद पर बहुत जिम्मेदारी ले ली थी कि इस दौर और दर्द को सही तरीके से दिखा सकूं। इम्तियाज सर शूट से पहले पार्टिशन की असली कहानियां सुनाते थे। वो बातें आज भी मेरे दिमाग में हैं। सवाल: इम्तियाज अली एक्टर्स से इतने रॉ और रियल इमोशन्स कैसे निकलवाते हैं? जवाब/ वेदांग रैना: एक सीन में मुझे सिर्फ लेटकर छत की तरफ देखना था। लेकिन उससे पहले इम्तियाज सर ने 10-15 मिनट तक पार्टिशन की असली घटनाएं सुनाईं। उन्होंने जो बातें बताईं, उनके विजुअल आज भी मेरे दिमाग में हैं। उसी वजह से वो सीन इतना इमोशनल बन पाया। सवाल: शरवरी, आपके किरदार जिया के बारे में क्या कहेंगी? जवाब/शरवरी: जिया एक रहस्यमयी लड़की है। पूरी फिल्म में लोग उसे समझने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन उसके दिल में सिर्फ सच्चा प्यार है। यही बात उसे खास बनाती है। सवाल: इम्तियाज जी, आप जिया के किरदार को कैसे देखते हैं? जवाब/ इम्तियाज अली: जिया उस फूल की तरह है जिसके चारों तरफ पूरी फिल्म घूमती है। हर किरदार उसे समझने की कोशिश करता है, लेकिन वो आखिर तक एक रहस्य बनी रहती है। सवाल: फिल्म के संगीत पर कितना रिसर्च किया गया? जवाब/ इम्तियाज अली: रिसर्च के दौरान पता चला कि उस दौर के युवा काफी वेस्टर्न म्यूजिक सुनते थे। इसलिए हमने उसी तरह का संगीत और गायकी रखने की कोशिश की। ‘मस्कारा’ गाने में भी वही वेस्टर्न स्टाइल दिखाई देता है। सवाल: ए.आर. रहमान के साथ फिर काम करना कैसा रहा? जवाब/ इम्तियाज अली: रहमान साहब के साथ काम हमेशा अलग अनुभव होता है। हमने हर गाने और इंस्ट्रूमेंट को उस दौर के हिसाब से डिजाइन किया। कई गानों में उस समय का स्विंग और डांस स्टाइल भी देखने को मिलेगा। सवाल: दिलजीत दोसांझ अब ग्लोबल स्टार बन चुके हैं। उनके बारे में क्या कहना चाहेंगे? जवाब/ इम्तियाज अली: दिलजीत बहुत प्यारे इंसान हैं। हर कोई उनसे प्यार करता है। उनके साथ पहली और दूसरी बार काम करके भी मुझे बहुत अच्छा लगा। वो बेहद सच्चे और प्योर इंसान हैं, उनमें कोई मिलावट नहीं है। उनके साथ काम करना हमेशा खुशी देता है और उम्मीद है आगे भी साथ काम होगा। सवाल: वेदांग और शरवरी आप दोनों बताएं, दिलजीत और नसीरुद्दीन शाह जैसे कलाकारों के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब/ इम्तियाज अली: वेदांग का नसीर साहब के साथ कोई सीन नहीं था, क्योंकि वो उनके यंग वर्जन का किरदार निभा रहे हैं। शरवरी ने उनके साथ काम किया और उनका पहला सीन ही नसीर साहब के साथ था। सवाल: शरवरी, नसीरुद्दीन शाह के साथ पहला सीन कैसा रहा? जवाब/ शरवरी: मैं बहुत नर्वस थी। लेकिन कैमरा ऑन होते ही उनकी आंखों में एक अलग दुनिया दिखने लगती है। उनके साथ काम करना मेरे लिए बहुत प्रेरणादायक अनुभव रहा। सवाल: क्या ‘रॉकस्टार 2’ बनने की संभावना है? जवाब/ इम्तियाज अली: मैं लोगों से कहूंगा कि “रॉकस्टार” को भूलकर आगे बढ़ो। जावेद साहब ने भी कहा था, “मैं शोले बना चुका हूं, अब आप बनाओ।” तो जिसे “रॉकस्टार” पसंद है, वो खुद अपनी “रॉकस्टार” बनाए।
एक्टर अंजुम शर्मा इन दिनों वेब सीरीज ‘कप्तान’ में अपने किरदार ‘मुन्ना’ को लेकर चर्चा में हैं। ‘मिर्जापुर’ के शरद शुक्ला के बाद अंजुम ने इस बार एक बिल्कुल अलग और मस्तमौला किरदार निभाया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अंजुम शर्मा ने इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने के संघर्ष, स्टार्स की इनसिक्योरिटी, ओटीटी के बदलते दौर पर बात की। सवाल: क्या ओटीटी ने बॉलीवुड और मेनस्ट्रीम सिनेमा की कहानी कहने का तरीका बदल दिया है? जवाब: बिल्कुल। ओटीटी मेनस्ट्रीम सिनेमा का ही एक्सटेंशन है। वही फिल्ममेकर आए, जिन्होंने फिल्मों का अनुभव लेकर ‘मिर्जापुर’, ‘सेक्रेड गेम्स’ जैसी सीरीज बनाई। फर्क सिर्फ इतना था कि यहां लॉन्ग फॉर्मेट मिला, इसलिए कहानियों को ज्यादा गहराई और खुलकर दिखाया जा सका। सवाल: इंडस्ट्री में आउटसाइडर होने की वजह से कभी इनसिक्योरिटी या पॉलिटिक्स फेस करनी पड़ी? जवाब:कभी-कभी ऐसा भी होता है कि किसी फिल्म या किरदार में कास्टिंग का पूरा मामला कॉम्बिनेशन पर निर्भर करता है। मैं इसमें किसी को दोष नहीं देता। कई बार मेकर्स ये देखते हैं कि दो कलाकार स्क्रीन पर साथ कैसे दिखेंगे, चाहे सामने बड़ा स्टार हो या कोई और एक्टर। ऐसे में अगर किसी एक कलाकार की प्रेजेंस या परफॉर्मेंस ज्यादा डोमिनेटिंग लगती है, तो हो सकता है कि वो उस किरदार या कहानी के लिए सही फिट न हो। कई बार कहानी को ऐसे एक्टर की जरूरत होती है, जो दूसरे किरदार पर हावी न पड़े और स्क्रीन पर बैलेंस बना रहे। मेरे साथ भी शुरुआत में एक-दो बार ऐसा हुआ, लेकिन मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि जिन लोगों के साथ काम किया, उन्होंने हमेशा बहुत सुरक्षित और सहयोग वाला माहौल दिया। चाहे ‘मिर्जापुर’ में अली फजल हों, पंकज त्रिपाठी जी हों या विजय वर्मा। मैं उस वक्त काफी नया था, जबकि वो लोग काफी अनुभवी थे, लेकिन उन्हें देखकर मुझे लगा कि जितना सहज हो सकते हो, उतना सहज हो जाओ। क्योंकि सामने वाला कलाकार पूरी तरह सिक्योर होकर काम कर रहा है, आपको सपोर्ट कर रहा है और एप्रिशिएट भी कर रहा है। मुझे हमेशा ऐसा महसूस हुआ कि वो लोग आपको नीचे नहीं दिखाना चाहते, बल्कि अपने साथ लेकर आगे बढ़ाना चाहते हैं। सवाल: लेकिन इंडस्ट्री में ऐसा भी सुनने को मिलता है कि अच्छे सीन्स काट दिए जाते हैं या अच्छे एक्टर्स को रिप्लेस कर दिया जाता है? जवाब: बहुत पहले की बात है। एक फिल्म में एक ऐसे एक्टर को कास्ट किया गया था, जो पहले से फिल्मों में काम कर रहे थे और इंडस्ट्री से जुड़े हुए थे, लेकिन जिस लहजे और जिस जोन के किरदार के लिए उन्हें चुना गया था, उससे वो पूरी तरह वाकिफ नहीं थे। मुझे बिना ज्यादा कुछ बताए बुलाया गया और कहा गया कि उनकी आवाज डब करनी है। मैंने बिना यह पूछे कि क्यों, कैसे या कितने पैसे मिलेंगे, तुरंत हां कर दी। मैंने सोचा कि बुलाया है, तो जरूर कोई वजह होगी। मैंने डबिंग की और बाद में जब फिल्म रिलीज हुई, तो मैंने देखा कि फाइनल डबिंग काफी हद तक वैसी ही थी जैसी मैंने की थी। तब लगा कि शायद मेरी डबिंग को रेफरेंस की तरह इस्तेमाल किया गया होगा। ऐसे अनुभव बहुत कुछ सिखाते हैं। खासकर अगर आप इंडस्ट्री में बाहर से आए हैं, तो आपको समझ आ जाता है कि यहां मौके खुद आपके पास नहीं आते, आपको खुद उन्हें बनाना पड़ता है। सवाल: धुरंधर 2 में ऐसी कौन-सी चीज थी, जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब: धुरंधर 2 देखकर मुझे बहुत समय बाद ऐसा लगा कि इतनी लंबी, करीब साढ़े तीन घंटे की फिल्म को मैं दोबारा देखना चाहूंगा। खासकर रणवीर सिंह का गांव वाला शुरुआती सीक्वेंस आपको पूरी तरह बांध लेता है। फिल्म में वो सारी चीजें हैं, जो अच्छे सिनेमा को यादगार बनाती हैं। सवाल: ‘एनिमल’ और ‘धुरंधर’ जैसे मेकर्स के साथ काम करने की इच्छा है? जवाब: बिल्कुल। संदीप रेड्डी वांगा, विशाल भारद्वाज, आदित्य धर जैसे मेकर्स के साथ काम करने का बहुत मन है। मुझे लगता है कि मेरे अंदर अभी बहुत कुछ एक्सप्लोर होना बाकी है। सही डायरेक्टर और सही कहानी आपकी एनर्जी को सही दिशा देते हैं। सवाल: ‘धुरंधर’ में कोई ऐसा किरदार लगा, जिसे आप करना चाहते? जवाब: नहीं, मतलब यह तो मैं नहीं कह सकता कि मैं अलग फ्लेवर डाल सकता था। मुझे धुरंधर के पार्ट वन में रहमान डकैत एक ऐसा कैरेक्टर था, जिसको देख कर लगा कि मतलब बखूबी उन्होंने निभाया है। अक्षय खन्ना ने बहुत अच्छे से किया है। उनको देख कर आपको लगता है कि अरे, यह आप करते तो इसमें दो-चार चीजें आप और एड कर सकते थे। रणवीर सिंह ने तो कमाल किया है। सबसे बड़ी बात ये है कि वो बहुत सिक्योर एक्टर हैं। वो कहानी और बाकी किरदारों के साथ पूरी तरह घुल-मिल जाते हैं। सवाल: क्या आज इंडस्ट्री में टैलेंट से ज्यादा पीआर और सोशल मीडिया को अहमियत मिलती है? जवाब: देखिए, मैं ये नहीं कहूंगा कि इंडस्ट्री पूरी तरह ऐसी है, लेकिन हां, आज एक गैप जरूर आ गया है। एक तरफ आपका टैलेंट, क्राफ्ट और काम है और दूसरी तरफ ये बात कही जाती है कि आपकी पीआर बहुत स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए, आपको खुद को मार्केट करना आना चाहिए। मेरा मानना है कि एक्टर या किसी भी क्रिएटिव इंसान का असली काम अपना काम ईमानदारी और मेहनत से करना है। अगर आपने तमाम मुश्किलों के बावजूद अच्छा काम किया है, तो वही सिलसिला आगे बढ़ना चाहिए। आपकी पहचान आपके टैलेंट, क्रेडिबिलिटी और क्राफ्ट के आधार पर बननी चाहिए।

