‘प्रीतम एंड पेड्रो’ में दिलचस्प किरदार निभा रहे अरशद वारसी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सीरीज के साथ अपने काम के नजरिए और करियर पर बात की। उन्होंने बताया कि कहानी में क्या खास लगा, राजकुमार हिरानी के साथ काम करना क्यों आसान और मजेदार है और क्यों उनके लिए अच्छी स्क्रिप्ट के साथ अच्छा माहौल भी जरूरी है। उन्होंने गोवा शूट के किस्से, एक्टिंग प्रोसेस और सफलता की सोच भी साझा की। सवाल: जब आपने ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ की स्क्रिप्ट पढ़ी तो ऐसी कौन-सी बात थी जिसने आपको इस प्रोजेक्ट के लिए तुरंत तैयार कर दिया? जवाब: सबसे पहले इसका विषय मुझे महत्वपूर्ण लगा। साइबर क्राइम आज का बड़ा मुद्दा है और इसके बारे में ज्यादा जागरूक होने की जरूरत है। लेकिन सिर्फ यही वजह नहीं थी। मुझे राजू ( राजकुमार हिरानी) की कहानी कहने की शैली पसंद है। उनके किरदार मानवीय होते हैं। ‘पेड्रो’ का किरदार बहुत प्यारा लगा, जिसमें ह्यूमर, खुशी और भावनाएं हैं। यह कहानी बाहर से आसान लगती है, लेकिन अंदर कई परतें हैं और यही बात मुझे सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: राजकुमार हिरानी के साथ काम करने में सबसे ज्यादा क्या पसंद आता है? जवाब:दो बातें हैं। पहली प्रोफेशनल और दूसरी पर्सनल। प्रोफेशनल तौर पर उन्हें स्क्रिप्ट की शानदार समझ है और वे हर सीन को बेहतर बनाते हैं। उनके साथ काम करते हुए बहुत कुछ सीखने को मिलता है। पर्सनल तौर पर उनके साथ काम करना मजेदार होता है। सेट पर बातचीत और हंसी-मजाक का अच्छा माहौल रहता है। लोग उन्हें गंभीर समझते हैं, लेकिन उनका सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा है। सवाल: शूटिंग के दौरान कोई ऐसा पल जो हमेशा याद रहेगा? जवाब: इस बार मैंने राजू से ऐसा काम करवाया जो उन्होंने पहले कभी नहीं किया होगा। मेरे पास एक खुला पिकअप ट्रक है। हम दोनों पीछे बैठकर गोवा घूमने गए, जैसे कॉलेज के दिनों की मस्ती हो। गोवा में हमने टीनएजर वाली हरकतें कीं। वह अनुभव बहुत मजेदार था और आज भी याद रहेगा। सवाल: क्या कभी ऐसा लगा कि करियर आपकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं चल रहा? जवाब: हर इंसान की जिंदगी में ऐसा समय आता है। कुछ काम दिल से होते हैं और कुछ जिम्मेदारियों की वजह से करने पड़ते हैं। लेकिन समय के साथ मैंने सीखा कि मेरे लिए अच्छे लोगों के साथ काम करना ज्यादा जरूरी है। अगर माहौल अच्छा हो तो काम का अनुभव बेहतर होता है। मैं ऐसे लोगों के साथ काम करना पसंद करता हूं जहां बेवजह का तनाव न हो। सवाल: एक एक्टर के तौर पर आप किसी प्रोजेक्ट में कितना इन्वॉल्व रहते हैं? जवाब: मेरे हिसाब से एक्टिंग सिर्फ डायलॉग बोलना नहीं है। अगर आपके पास कोई आइडिया है या सीन को बेहतर बनाने की सोच है, तो उसे टीम के साथ साझा करना चाहिए। मुझे लगता है जितनी ज्यादा भागीदारी होगी, उतना बेहतर काम निकलेगा। सवाल: अगर एक लाइन में ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ को बताना हो तो क्या कहेंगे? जवाब: यह दो लोगों की कहानी है जो मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं। उनके बीच एक रिश्ता बनता है और वे एक-दूसरे की जिंदगी बदल देते हैं। इस कहानी में दोस्ती, इमोशन और हंसी है। इसमें ऐसे पल हैं जो दर्शकों को छू जाएंगे। लोगों को यह सफर पसंद आएगा। __________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. राजकुमार हिरानी का ओटीटी डेब्यू:बोले- नई कहानी की तलाश में फ्रस्ट्रेशन होना तय, यही बेचैनी नई कहानी तक ले जाती है साइबर क्राइम जैसे गंभीर विषय को मनोरंजक अंदाज में पर्दे पर लाने की तैयारी कर रहे राजकुमार हिरानी अपनी पहली वेब सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ से ओटीटी डेब्यू कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहानी के आइडिया, फिल्म और ओटीटी में फर्क, क्रिएटिव प्रोसेस, दर्शकों की उम्मीदों और सीरीज के भावनात्मक संदेश पर बात की। पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
फिल्म डायरेक्टर प्रियदर्शन अब कॉमेडी फिल्म 'हेरा फेरी 3' का हिस्सा नहीं हैं। फिल्म के प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला के बाद खुद प्रियदर्शन ने भी इस बात की पुष्टि की है। हिंदुस्तान टाइम्स को प्रियदर्शन ने बताया कि वे इस प्रोजेक्ट से अलग हो चुके हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कई कानूनी विवादों और आपसी मतभेदों के चलते यह फिल्म शायद कभी सिनेमाघरों में रिलीज ही नहीं हो पाएगी। फिल्म के राइट्स और कास्ट को लेकर पिछले काफी समय से विवाद चल रहा है। प्रियदर्शन बोले- फिल्म का बनना ही तय नहींप्रियदर्शन ने बताया कि प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने जो कहा है, वह सच है। मैं इस समय 'हेरा फेरी 3' से नहीं जुड़ा हूं। उन्होंने आगे कहा कि जहां तक मेरी जानकारी है, कई कानूनी उलझनों और आपसी विवादों के कारण यह फिल्म कभी पर्दे पर नहीं आ पाएगी। इसमें मेरा शामिल होना या न होना अब कोई मायने नहीं रखता। क्या है फिल्म के राइट्स का कानूनी विवाद'हेरा फेरी 3' पिछले काफी समय से कानूनी मामलों में फंसी हुई है। साउथ के एक प्रोडक्शन हाउस 'सेवन आर्ट्स इंटरनेशनल' ने दावा किया है कि इस फ्रेंचाइजी और इसके किरदारों के अधिकार उनके पास हैं, न कि फिरोज नाडियाडवाला के पास। उनका आरोप है कि फिरोज के पास सिर्फ मलयालम फिल्म 'रामजी राव स्पीकिंग' का हिंदी रीमेक (हेरा फेरी, 2000) बनाने के सीमित अधिकार थे। उन्होंने 'फिर हेरा फेरी' बनाकर और इसके अधिकार अक्षय कुमार की कंपनी 'केप ऑफ गुड फिल्म्स' को ट्रांसफर करके कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा है। म्यूजिक राइट्स को लेकर भी फंसा पेंचफिल्म के सिर्फ रीमेक राइट्स ही नहीं, बल्कि इसके म्यूजिक राइट्स को लेकर भी विवाद चल रहा है। प्रियदर्शन ने पहले बताया था कि कुछ लोग फिल्म के अधिकार का दावा कर रहे हैं, तो कुछ म्यूजिक राइट्स पर अपना हक जता रहे हैं। टी-सीरीज के भूषण कुमार ने भी सार्वजनिक रूप से 'हेरा फेरी 3' के म्यूजिक राइट्स पर अपना मालिकाना हक बताया है। परेश रावल के अलग होने पर हुआ था विवादफिल्म की स्टारकास्ट को लेकर भी काफी उथल-पुथल रही है। साल 2025 के मई महीने में अभिनेता परेश रावल अचानक इस फिल्म से अलग हो गए थे। इसके बाद अक्षय कुमार ने उन पर 25 करोड़ रुपए के हर्जाने का केस दर्ज करा दिया था। हालांकि, बाद में बातचीत से इस आपसी विवाद को सुलझा लिया गया। अक्षय कुमार ने अपना केस वापस ले लिया और परेश रावल एक बार फिर इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गए। बता दें कि इस फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म 'हेरा फेरी' साल 2000 में आई थी जिसका डायरेक्शन प्रियदर्शन ने किया था। इसके बाद साल 2006 में इसका सीक्वल 'फिर हेरा फेरी' आया, जिसे नीरज वोरा ने डायरेक्ट किया था।
नमस्कार दोस्तों, मनोरंजन जगत से आज कई खबरें सुर्खियों में हैं। श्रद्धा कपूर की अपकमिंग फिल्म टाइटल के चलते विवादों में है। वहीं इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 1 की क्लिप वायरल होने के बाद समय रैना विवादों से घिरते दिख रहे हैं। उर्फी जावेद ने भी धर्म परिवर्तन के दावों पर रिएक्शन दिया है। मनोरंजन और फिल्मों से जुड़ीं आज की टॉप खबरें पढ़िए- 1. समय रैना के पुराने बयान पर भड़कीं शिव सेना नेता, कहा- सबक नहीं मिला समय रैना के इंडियाज गॉट लेटेंट से जुड़ा एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वो मेडिकल इमरजेंसी के चलते शो छोड़कर जा रहीं एक लड़की पर आपत्तिजनक कमेंट करते दिखे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद शिव सेना नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे रीपोस्ट कर लिखा- कोई सबक नहीं सीखा गया। अब तो इन्हें इस तरह के घटिया और महिलाओं का अपमान करने वाले कंटेंट को 'ह्यूमर' के नाम पर दिखाने के लिए नेटफ्लिक्स और यूट्यूब का भी साथ मिल गया है। अब बस उनके Gen Z फैंस का इंतजार है, जो मेरे कमेंट्स में आकर बवाल मचाना शुरू करेंगे। वीडियो की जांच करने में सामने आया है कि ये क्लिप इंडियाज गॉट लेटेंट के नए सीजन का नहीं बल्कि पिछले विवादित सीजन का है, जिसके एपिसोड पहले ही डिलीट करवा दिए गए हैं। पूरी खबर पढ़िए… 2. श्रद्धा कपूर की फिल्म टाइटल के चलते विवादों से घिरी श्रद्धा कपूर की अपकमिंग फिल्म ईठा पर विवाद हो गया है। ये फिल्म लीजेंड्री नृत्यांगना और कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की जिंदगी पर बनी है। NCP (नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी) ने टाइटल पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर फिल्म विठाबाई पर बनी है, तो इसके टाइटल में उनका नाम क्यों नहीं है। विठाबाई के परिवार ने भी फिल्ममेकर्स से टाइटल बदलने की मांग की है। पूरी खबर पढ़िए… 3. कंगना ने किसिंग सीन में बेकाबू होने के दावे पर तोड़ी चुप्पी सिद्धार्थ कानन के पॉडकास्ट में जर्नलिस्ट सिमी चंडोक ने दावा किया है कि फिल्म रिवॉल्वर रानी की शूटिंग के दौरान किसिंग सीन में कंगना ने को-एक्टर वीर दास के होंठ काट लिए। वीर दास ने कंगना का बचाव किया तो कंगना ने सोशल मीडिया पर रिएक्शन देते हुए कहा है कि महिला उनके नाम से अपनी गंदी कल्पनाएं पूरी कर रही हैं। कंगना ने लिखा, ये महिला है कौन? छी... लगता है कोई अजीब इंसान है, जो हम दोनों का नाम इस्तेमाल करके अपनी डरावनी और गंदी कल्पनाओं को पूरा कर रही है। कभी लिखती है कि मैं तुम्हारा खून पी रही हूं, तो कभी कहती है कि 10 साल बाद भी तुम उस घटना से सदमे में हो और रोते हो। कितनी अजीब और बेवजह की बातें हैं। पूरी खबर पढ़िए… 4. जन्मदिन के रोज अस्पताल में भर्तीं जैस्मिन भसीन, अली गोनी ने वहीं केक कटवाया टीवी एक्ट्रेस जैस्मिन भसीन की दुबई में बर्थडे सेलिब्रेशन के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। जैस्मिन अपने बॉयफ्रेंड अली गोनी के साथ जन्मदिन मनाने दुबई गई थीं। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर अस्पताल से तस्वीरें और वीडियो शेयर कर बताया कि जैस्मिन को एक गंभीर इन्फेक्शन हुआ है और वे अभी डॉक्टरों की देखरेख में रिकवर कर रही हैं। अली ने प्रशंसकों से जैस्मिन के जल्द ठीक होने के लिए दुआ करने की अपील की है। पूरी खबर पढ़िए… 5. कन्नड़ एक्ट्रेस ने फ्लैट में सुसाइड करने वाले बिजनेसमैन के मामले पर चुप्पी तोड़ी कुछ समय पहले ही कन्नड़ एक्ट्रेस कृषि थापंदा के घर में एक नामी बिजनेसमैन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद कई लोग इस आत्महत्या से एक्ट्रेस का नाम जोड़ रहे हैं। अब एक्ट्रेस ने अटकलों पर चुप्पी तोड़ते हुए भावुक अपील की है। एक्ट्रेस ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे ऐसा कुछ लिखना पड़ेगा। मेरे पास न तो ताकत बची है और न ही मानसिक हिम्मत कि मैं यह सब लिख सकूं या दुनिया के सामने रख सकूं। इस मुश्किल समय में आखिरी चीज जो मैं करना चाहती थी, वह कोई सार्वजनिक बयान देना था।’ एक्ट्रेस ने अपील की है कि उन्हें प्राइवेसी दी जाए और शोक मनाने दिया जाए। पूरी खबर पढ़िए… 6. उर्फी जावेद ने धर्म परिवर्तन के आरोपों पर चुप्पी तोड़ी हाल ही में एक जर्नलिस्ट ने दावा किया है कि उर्फी जावेद ने धर्म परिवर्तन कर लिया है और अब उनका नाम रीता भारद्वाज हो चुका है। इस दावे पर उर्फी जावेद भड़क गईं। उन्होंने जर्नलिस्ट को फटकार लगाते हुए कहा है कि ऐसी फेक न्यूज फैलान पर उन्हें शर्म आनी चाहिए। 7. केतन हत्याकांड पर भड़के सिंगर अमाल मलिक पुणे में हुए केतन हत्याकांड पर सिंगर अमाल मलिक भड़क गए हैं। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘उसे मारने के लिए उसने जितनी कोशिशें कीं, उतनी की ज़रूरत ही नहीं थी। उसका बस इतना कहना ही काफी था, मेरा दिल किसी और के लिए धड़कता है और मैं किसी दूसरे आदमी से प्यार करती हूं। अगर इसके बाद भी वह नहीं समझता और जबरदस्ती करता, तो वह अपने परिवार को बता सकती थी और उन्हें भी इसमें शामिल कर सकती थी। दुनिया में कोई भी किसी पढ़ी-लिखी और कमाने वाली महिला को उसकी इच्छा के विरुद्ध रहने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। भारत में कानून महिलाओं के पक्ष में काफी मजबूत हैं, लेकिन उनका गलत इस्तेमाल करके व्यवस्था से खिलवाड़ क्यों किया जाए?’ 8. सलमान खान छोड़ सकते हैं गैलेक्सी अपार्टमेंट एक्टर सलमान खान और उनका परिवार मुंबई के बांद्रा इलाके में नया घर बनवाने जा रहा है। ऐसा दावा हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में किया गया है। जिसके बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि सलमान का परिवार गैलेक्सी अपार्टमेंट छोड़ देगा। हालांकि, अभी तक इस बात की ऑफिशियल कन्फर्मेशन नहीं हुई है। बता दें कि साल 2024 में अपार्टमेंट के बाहर फायरिंग हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 16 जून को महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) ने बांद्रा के चिम्बई इलाके में छह मंजिला सी-फेसिंग रेजिडेंशियल बिल्डिंग बनाने को मंजूरी दी। एक नजर आज की चर्चित तस्वीरों पर-
प्रख्यात फिल्मकार राम माधवानी की पत्नी और क्रिएटिव प्रोड्यूसर अमिता माधवानी इन दिनों अपने नए प्रोजेक्ट ‘मोहिनी: खुद से प्यार’ को लेकर चर्चा में हैं। इसे भारत का पहला AI-पावर्ड म्यूजिकल माइक्रो-ड्रामा बताया जा रहा है, जिसे सोशल मीडिया के लिए 12 एपिसोड की सीरीज के रूप में तैयार किया गया है। अमिता के मुताबिक, तकनीक बदल सकती है लेकिन कहानी कहने का मूल अब भी इंसान ही रहेगा। मोहिनी’ की पहले कहानी लिखी गई और बाद में AI का यूज हुआ अमिता कहती हैं कि ‘AI को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि लोग उसे रचनात्मक निर्णय लेने वाली इकाई मानने लगे हैं। AI खुद कुछ तय नहीं करता, बल्कि इंसान तय करता है कि उससे क्या करवाना है। ‘मोहिनी’ के मामले में भी पहले कहानी लिखी गई और बाद में AI को एक क्रिएटिव टूल की तरह इस्तेमाल किया गया। जैसे मोबाइल, कंप्यूटर और डिजिटल कैमरे ने फिल्म निर्माण की प्रक्रिया बदली थी, उसी तरह AI भी नई संभावनाएं लेकर आया है। हालांकि संवेदनशीलता, भावनाएं और कहानी की आत्मा अब भी इंसानी सोच से ही आती है। आज AI को लेकर जितनी उत्सुकता है, उतना ही भ्रम भी है।’ कहानी का उद्देश्य तकनीक नहीं, कला का नया रूप दिखाना है अमिता के अनुसार...‘मोहिनी: खुद से प्यार’ का मकसद केवल AI का प्रदर्शन नहीं है। मैं इसके जरिए भारतीय कला, कथक, संगीत और कहानी को नई तकनीक के साथ जोड़कर एक नया अनुभव देना चाहती हूं। मेरे लिए AI मंजिल नहीं, एक माध्यम है। अंत में वही कंटेंट टिकेगा जिसमें सच्चाई, इमोशन और मजबूत कहानी होगी।’ माइक्रो-ड्रामा की पूरी मेकिंग प्रोसेस में इंसानों ने ही काम किया है ‘मोहिनी’ की पूरी मेकिंग में इंसानों ने ही काम किया। अमिता बोलीं...‘AI अकेले कोई फिल्म नहीं बना सकता। AI हालांकि के कारण कलाकारों और तकनीकी टीमों की जरूरत कम होने वाली आशंकाओं से भी मैं सहमत नहीं हूं। आज बहस सिर्फ इतनी नहीं होनी चाहिए कि टीम का आकार कितना कम होगा, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि तकनीक से कंटेंट आउटपुट कितना बढ़ेगा। अगर एक टीम पहले एक साल में एक प्रोजेक्ट करती थी और अब कई प्रोजेक्ट कर सकती है, तो नए अवसर भी पैदा होंगे। AI कहानी नहीं लिखेगा, बल्कि उसे कहने का तरीका बदलेगा।’ टाइगर स्टारर नई फिल्म के विजुअल्स पर भी ली जा रही AI की मदद बकौल अमिता, ‘हमारी टीम फिलहाल AI का इस्तेमाल फिल्म बनाने के लिए नहीं, बल्कि प्री-प्रोडक्शन और विजुअल डेवलपमेंट में कर रही है। राम माधवानी भी टाइगर श्रॉफ के साथ अगली फिल्म की तैयारी में AI आधारित विजुअल प्लानिंग का उपयोग कर रहे हैं। पहले सीन और फ्रेम की कल्पना स्केच व रेफरेंस से समझाई जाती थी, जबकि अब AI तेजी से विजुअल रेफरेंस तैयार कर देता है। इससे प्रोडक्शन, सिनेमैटोग्राफी और कॉस्ट्यूम टीम बेहतर तालमेल के साथ काम कर पाती है। AI एक सहयोगी टूल है, विकल्प नहीं।’
बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान ने अपनी पत्नी करीना कपूर और दोनों बेटों, तैमूर और जेह की परवरिश को लेकर खुलकर बात की है। वी द वीमेन्स इवेंट में सैफ ने बताया की वे अपने बच्चों को धर्म को लेकर एक खुला नजरिया देना पसंद करते हैं। सैफ के मुताबिक, वे अपने बेटों से कहते हैं की भगवान एक ही है और उसके कई अलग-अलग नाम हैं। उन्होंने यह भी साझा किया की वे खुद बहुत ज्यादा धार्मिक नहीं हैं, लेकिन घर में अध्यात्म को लेकर हमेशा सकारात्मक बातचीत होती रहती है। वहीं उन्होंने अपने 9 साल के बेटे तैमूर के साथ हुई एक हालिया बातचीत का भी जिक्र किया, जिसने उन्हें हैरान कर दिया। मां शर्मिला टैगोर से मिली सीखसैफ अली खान ने बताया कि धर्म को लेकर यह सीख उन्हें अपनी मां शर्मिला टैगोर से मिली थी। उन्होंने कहा कि मेरी मां ने मुझे सिखाया था और वही बात मैं अपने बच्चों को सिखा रहा हूं। बात बहुत साधारण है कि भगवान एक है और उसके नाम अनेक हैं। आप उसे अलग-अलग जगहों पर पूजते हैं। अगर आपका धर्म दूसरे इंसानों के प्रति प्यार और माफी सिखाता है, तो बस यही सबसे जरूरी बात है। स्कूल में मनाते थे दिवाली और क्रिसमसअपनी खुद की परवरिश का जिक्र करते हुए सैफ ने कहा कि वे क्रिश्चियन संस्थानों के बीच बड़े हुए हैं। उन्होंने अपना काफी समय चर्च में बिताया है और ऐसे स्कूलों में पढ़ाई की है जहां दिन की शुरुआत प्रार्थना से होती थी। वहां बच्चे प्रार्थना करते थे और उसके बाद दूसरे धर्मों की प्रार्थनाएं भी होती थीं। सैफ ने बताया कि उनके स्कूल के दिनों में दिवाली और क्रिसमस दोनों को एक ही तरह से बराबर उत्साह के साथ मनाया जाता था। तैमूर ने बताया धर्म और मेथोडोलॉजी में अंतरसैफ ने अपने 9 साल के बेटे तैमूर के साथ हुई एक हालिया बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने तैमूर से रिलीजन (धर्म) और मेथोडोलॉजी (पद्धति) के बीच का अंतर पूछा था। इस पर तैमूर ने जवाब दिया कि रिलीजन में हम प्रार्थना करते हैं और मेथोडोलॉजी में हम ऐसा नहीं करते। सैफ बेटे के इस जवाब से काफी प्रभावित हुए। सैफ ने कहा कि वे खुशकिस्मत हैं कि उनकी मां और पत्नी करीना कपूर दोनों का दिमाग इन चीजों को लेकर खुला हुआ है। साल 2012 में हुई थी सैफ-करीना की शादीसैफ अली खान और करीना कपूर के रिश्ते की शुरुआत साल 2007-08 में फिल्म 'टशन' की शूटिंग के दौरान हुई थी। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। लगभग 5 साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद, दोनों ने 16 अक्टूबर 2012 को मुंबई में एक निजी समारोह में शादी कर ली थी। अब दोनों के दो बेटे तैमूर अली खान और जेह अली खान हैं। फिल्म 'हम हिंदुस्तानी' में दिखेंगे सैफवर्कफ्रंट की बात करें तो सैफ अली खान जल्द ही फिल्म 'हम हिंदुस्तानी' में नजर आएंगे। राहुल ढोलकिया के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में प्रतीक गांधी, दीपक डोबरियाल, मीमी चक्रवर्ती, सारिका और श्रद्धा डांगर भी अहम किरदारों में हैं। यह फिल्म इसी साल नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली है। इसके अलावा सैफ के पास प्रियदर्शन की फिल्म 'हैवान' भी है, जिसमें उनके साथ अक्षय कुमार और सैयामी खेर नजर आएंगे। सैफ को आखिरी बार फिल्म 'कर्तव्य' में देखा गया था।
साइबर क्राइम जैसे गंभीर विषय को मनोरंजक अंदाज में पर्दे पर लाने की तैयारी कर रहे राजकुमार हिरानी अपनी पहली वेब सीरीज ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ से ओटीटी डेब्यू कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहानी के आइडिया, फिल्म और ओटीटी में फर्क, क्रिएटिव प्रोसेस, दर्शकों की उम्मीदों और सीरीज के भावनात्मक संदेश पर बात की। सवाल: ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ की कहानी का आइडिया कैसे आया? कब लगा कि यही कहानी बनानी चाहिए? जवाब: इस कहानी की शुरुआत कुछ छोटी कहानियों से हुई। मैंने साइबर क्राइम पर लिखी कुछ शॉर्ट स्टोरी पढ़ी थीं। उनसे समझ आया कि साइबर क्राइम कैसे होता है, उसे कैसे सुलझाया जाता है और उससे कैसे बचा जा सकता है। उसी दौरान लगा कि इस विषय में एक बड़ी और दिलचस्प कहानी बन सकती है। फिर किरदारों पर काम शुरू किया। धीरे-धीरे कहानी विकसित हुई, गोवा की सेटिंग आई, एक क्राइम ब्रांच का पुलिस ऑफिसर और एक हैकर जुड़ा। इस तरह पूरी दुनिया तैयार होती चली गई। सवाल: आपकी फिल्मों में अक्सर ह्यूमर के साथ एक गहरा मैसेज भी होता है। क्या इस सीरीज में भी दर्शकों को वैसा कुछ देखने मिलेगा? जवाब: देखिए, हमारी कोशिश हमेशा पहले दर्शकों का मनोरंजन करने की होती है। हम यह सोचकर कहानी नहीं बनाते कि हर बार कोई संदेश देना है। लेकिन इंसानी रिश्तों और समाज से जुड़ी कहानी में कुछ बातें अपने आप सामने आ जाती हैं। इस सीरीज में भी ऐसा ही है। यह साइबर क्राइम की कहानी है, लेकिन इसे हल्के और मनोरंजक अंदाज में बताया गया है। कहानी के आखिर में एक छोटा सा मैसेज जरूर आता है, लेकिन वह थोपा हुआ नहीं लगेगा। सवाल: फिल्मों और ओटीटी के लिए कहानी लिखने में सबसे बड़ा फर्क क्या होता है? जवाब: कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जिन्हें आप दो या ढाई घंटे में कह सकते हैं, लेकिन कुछ कहानियों को ज्यादा समय चाहिए होता है। ओटीटी आपको किरदारों को गहराई से दिखाने, उनके सफर को विस्तार देने और कई ट्रैक साथ चलाने का मौका देता है। फिल्मों में यह आजादी कम होती है। इसलिए कुछ कहानियां वेब सीरीज के लिए ज्यादा सही होती हैं। सवाल 4: इस बार ह्यूमर में नया क्या देखने को मिलेगा? जवाब: ह्यूमर हमेशा किरदारों से निकलता है। नए किरदारों का व्यवहार और सोच भी अलग होती है। इस सीरीज में ‘पेड्रो’ ऐसा किरदार है जिसकी अपनी अलग दुनिया है। वह लोगों से जिस तरह बात करता है और केस को देखता-सुलझाता है, उसी से ह्यूमर निकलता है। सवाल: गोवा इस कहानी का हिस्सा कैसे बना? जवाब: दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में कहानी गोवा में नहीं थी। हमने पहला ड्राफ्ट हरियाणा को ध्यान में रखकर में लिखा था। लेकिन बाद में मैं और अभिजीत लिखने के लिए गोवा गए। वहां का माहौल, लोग और अनुभव अलग लगे, जिससे कहानी धीरे-धीरे बदलती गई और आखिर में इसे गोवा में सेट कर दिया। कई बार जगह खुद कहानी बदल देती है। सवाल: गोवा में शूटिंग का कोई ऐसा किस्सा जो आज भी याद आता हो? जवाब: एक मजेदार किस्सा यह हुआ कि हमारा एक असिस्टेंट गोवा पहुंचते ही छुट्टी वाले मूड में आ गया। एक रात वह दोस्त की कार लेकर घूमने गया और सुबह कार की हालत खराब करके लौटा। सबसे मजेदार बात यह थी कि अगले दिन वह ऐसे बैठा था जैसे कुछ हुआ ही नहीं। तब समझ आया कि गोवा ऐसी जगह है जहां कहानी अपने आप बनने लगती है। सवाल: सेट पर एक्टर्स और टीम के सुझावों को कितना महत्व देते हैं? जवाब: सिनेमा पूरी तरह टीमवर्क है। यह किसी एक इंसान का काम नहीं है। आप कहानी लिख लेते हैं, लेकिन उसके बाद कैमरा, म्यूजिक, डायरेक्शन और एक्टर्स मिलकर उसे बेहतर बनाते हैं। हर इंसान अपना नजरिया लेकर आता है। जितना खुलकर आप सबकी राय लेते हैं, काम उतना बेहतर होता जाता है। सवाल: आपकी फिल्मों से दर्शकों की उम्मीदें बहुत ज्यादा रहती हैं। क्या इसका दबाव महसूस होता है? जवाब: दबाव से ज्यादा यह एक चुनौती होती है। हर बार आपको नई कहानी खोजनी पड़ती है। मेरा मानना है कि फिल्म ऐसी चीज नहीं है जिसे लोग बार-बार एक जैसा देखना चाहें। हर बार कुछ नया देना जरूरी होता है। इसी वजह से स्क्रिप्ट को लेकर लगातार सोच चलता रहता है कि क्या नया किया जाए। कई बार फ्रस्ट्रेशन भी होता है। लगता है कि सही आइडिया क्यों नहीं मिल रहा। लेकिन जब कहानी का कोई हिस्सा खुलता है तो उसकी खुशी भी उतनी ही बड़ी होती है। राइटिंग ऐसा काम है जो कभी खत्म नहीं होता। आप काम बंद कर देते हैं, लेकिन दिमाग कहानी में लगा रहता है। कई बार नई कहानी की तलाश आपको सोने भी नहीं देती। सवाल: अगर एक लाइन में ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ को बताना हो तो क्या कहेंगे? जवाब: यह दो बिल्कुल अलग तरह के लोगों की कहानी है, जो एक साथ आते हैं। उनके जरिए हम साइबर क्राइम की दुनिया दिखाते हैं। यह एक हार्ट-वॉर्मिंग कहानी है, जिसमें मनोरंजन, रिश्ते और एक खूबसूरत सफर भी है।
टीवी एक्ट्रेस जैस्मिन भसीन की दुबई में बर्थडे सेलिब्रेशन के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। जैस्मिन अपने बॉयफ्रेंड अली गोनी के साथ जन्मदिन मनाने दुबई गई थीं। अली गोनी ने सोशल मीडिया पर अस्पताल से तस्वीरें और वीडियो शेयर कर बताया कि जैस्मिन को एक गंभीर इन्फेक्शन हुआ है और वे अभी डॉक्टरों की देखरेख में रिकवर कर रही हैं। अली ने प्रशंसकों से जैस्मिन के जल्द ठीक होने के लिए दुआ करने की अपील की है। बर्थडे मनाने गए थे, अस्पताल पहुंच गएअली गोनी ने इंस्टाग्राम पर अस्पताल के कमरे से कई तस्वीरें शेयर की हैं। एक तस्वीर में वे अस्पताल के बेड पर आराम कर रही जैस्मिन को गले लगाते दिख रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में जैस्मिन व्हीलचेयर पर बैठी नजर आ रही हैं। अली ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें जैस्मिन अस्पताल के कमरे के अंदर ही अपना बर्थडे केक काट रही हैं। इन तस्वीरों के साथ अली ने एक भावुक नोट लिखकर जैस्मिन के बीमार होने की जानकारी दी। बोले- दर्द में देखना सबसे मुश्किल कामअली गोनी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि हम यहां तुम्हारा जन्मदिन मनाने आए थे, लेकिन जिंदगी की कुछ और ही प्लानिंग थी। जन्मदिन की अच्छी यादें बनाने के बजाय हम इस समय अस्पताल के कमरे में हैं। तुम्हें इस तरह दर्द में देखना इस पूरी ट्रिप का सबसे मुश्किल हिस्सा रहा है। अली ने आगे लिखा कि वे जैस्मिन को फिर से स्वस्थ और मुस्कुराते हुए देखने के लिए किसी भी तरह का सेलिब्रेशन छोड़ने को तैयार हैं। अली ने कहा- गंभीर इन्फेक्शन से जूझ रही हैं जैस्मिनलगातार आ रहे फोन और मैसेज के बाद अली गोनी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर हेल्थ अपडेट शेयर किया। उन्होंने लिखा कि मैसेज और कॉल करने के लिए सभी का शुक्रिया। जैस्मिन अचानक बहुत बीमार हो गईं और गंभीर इन्फेक्शन की वजह से उन्हें अस्पताल में एडमिट करना पड़ा। पिछले कुछ दिन हमारे लिए बहुत मुश्किल और भावुक रहे हैं। अली ने माफी मांगते हुए कहा कि वे अभी किसी का फोन नहीं उठा पा रहे हैं, क्योंकि उनका पूरा ध्यान जैस्मिन की देखभाल पर है। अर्जेंटीना में हुई थी दोनों की पहली मुलाकातजैस्मिन भसीन और अली गोनी की लव स्टोरी की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। दोनों पहली बार अर्जेंटीना में रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी' के सेट पर मिले थे। शुरुआत में दोनों के बीच गहरी दोस्ती हुई। इसके बाद साल 2020 में जब दोनों रियलिटी शो 'बिग बॉस 14' में शामिल हुए, तब उनका यह रिश्ता प्यार में बदला। इस शो से बाहर आने के बाद दोनों ने अपने रिलेशनशिप को ऑफिशियल किया था और तब से वे लगातार साथ हैं।
श्रद्धा कपूर की अपकमिंग फिल्म ईठा, टाइटल के चलते विवादों से घिर चुकी है। ये फिल्म लीजेंड्री लावणी नृत्यांगना, गायिका और कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर पर बनी है। फिल्म का टीजर जारी होने के बाद NCP (नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी) ने फिल्म का टाइटल ईठा रखने पर नाराजगी जाहिर की। उनका मानना है कि फिल्म जिस महान कलाकार पर बनी है, टाइटल भी उनसे मिलता जुलता होना चाहिए। अब विठाबाई के परिवार ने भी आपत्ति जाहिर की है। टीवी 9 की रिपोर्ट के अनुसार, NCP के विरोध को विठाबाई के परिवार का समर्थन मिला है। विठाबाई के बेटों कैलाश और राजेश नारायणगांवकर और पोते मोहित ने ईठा नाम पर आपत्ति जताते हुए फिल्ममेकर्स से टाइटल बदलने की मांग की है। हालांकि इस पूरे विवाद पर मेकर्स की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। बता दें कि NCP के अलावा सांस्कृतिक विभाग के महाराष्ट्र अध्यक्ष बाबा साहेब पाटिल ने टाइटल पर सवाल उठाया है कि लावणी और तमाशा के क्षेत्र में विठाबाई ने बड़ा योगदान दिया है। ऐसे में अगर फिल्म उन पर बनी है, तो टाइटल में उनका नाम क्यों नहीं है। फिल्म के बारे में- लीजेंड्री कलाकार विठाबाई के बारे में- इन फिल्मों के टाइटल भी विवादों के बाद बदले गए- पुराना टाइटल: पद्मावतीनया टाइटल: पद्मावतविवाद: राजपूत संगठनों ने फिल्म में रानी पद्मावती के कथित चित्रण पर आपत्ति जताई। सेंसर बोर्ड की सलाह के बाद फिल्म का नाम बदलकर 'पद्मावत' कर दिया गया। पुराना टाइटल: लक्ष्मी बॉम्बनया टाइटल: लक्ष्मीविवाद: देवी लक्ष्मी के नाम के साथ 'बॉम्ब' शब्द जोड़ने पर धार्मिक संगठनों ने विरोध किया। विवाद बढ़ने के बाद मेकर्स ने टाइटल बदल दिया। पुराना टाइटल: राम-लीलानया टाइटल: गोलियों की रासलीला राम-लीलाविवाद: भगवान राम के नाम के इस्तेमाल पर कई धार्मिक संगठनों ने आपत्ति जताई। इसके बाद फिल्म के नाम में बदलाव किया गया। पुराना टाइटल: सत्यनारायण की कथानया टाइटल: सत्यप्रेम की कथाविवाद: भगवान सत्यनारायण के नाम के उपयोग को लेकर विरोध हुआ। धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए निर्माताओं ने टाइटल बदल दिया। पुराना टाइटल: पृथ्वीराजनया टाइटल: सम्राट पृथ्वीराजविवाद: करणी सेना सहित कई संगठनों ने कहा कि महान शासक पृथ्वीराज चौहान के नाम के साथ 'सम्राट' जोड़ा जाना चाहिए। विरोध के बाद फिल्म का नाम बदल दिया गया। पुराना टाइटल: मेंटल है क्यानया टाइटल: जजमेंटल है क्याविवाद: मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संगठनों ने 'मेंटल' शब्द को अपमानजनक बताया। इसके बाद सेंसर बोर्ड के निर्देश पर नया टाइटल रखा गया। पुराना टाइटल: लवरात्रिनया टाइटल: लवयात्रीविवाद: 'लवरात्रि' नाम को नवरात्रि पर्व का अपमान बताते हुए विरोध हुआ। कानूनी विवाद के बाद मेकर्स ने फिल्म का नाम बदल दिया। पुराना टाइटल: बैटल ऑफ गलवाननया टाइटल: मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीसविवाद: गलवान संघर्ष जैसे संवेदनशील सैन्य विषय पर टाइटल को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद फिल्म का नाम बदल दिया गया। पुराना टाइटल: घूसखोर पंडतनया टाइटल: (बाद में बदला गया, नया नाम अलग घोषित किया गया)विवाद: ब्राह्मण समाज और कई संगठनों ने टाइटल पर आपत्ति जताई। विरोध बढ़ने के बाद निर्माताओं ने टाइटल बदलने का फैसला लिया।
सिद्धार्थ कानन के पॉडकास्ट में जर्नलिस्ट सिमी चंडोक ने दावा किया है कि फिल्म रिवॉल्वर रानी की शूटिंग के दौरान किसिंग सीन में कंगना ने को-एक्टर वीर दास के होंठ काट लिए। महिला ने दावा किया है कि वीर दास आज भी इस सदमे को भूल नहीं सके हैं। पॉडकास्ट का वीडियो वायरल होने के बाद एक यूजर ने लिखा है कि वीर दास हर मुद्दे पर बोलते हैं, तो इस महिला के बयान पर चुप क्यों हैं, क्या महिला सच कह रही है। वीर दास ने इस दावे को खारिज करते हुए कंगना रनोट का बचाव किया। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, बिल्कुल। बस साफ कर दूं कि यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है। कंगना पूरी तरह प्रोफेशनल थीं और आज भी मैं मानता हूं कि वह बेहद टैलेंटड आर्टिस्ट हैं। उनके बारे में इस तरह की झूठी बातें फैलाना गलत है। हालांकि, कुछ साल बाद उन्होंने मेरी कॉमेडी को लेकर मुझे 'आतंकवादी' तक कह दिया था। लेकिन फिल्म के सेट पर हमारे बीच कभी कोई दिक्कत या विवाद नहीं हुआ। जर्नलिस्ट के बयान पर कंगना रनोट भी भड़क गई हैं। उन्होंने वीर दास की पोस्ट के जवाब में लिखा है- थैंक्स वीर, लेकिन ये महिला है कौन? छी... लगता है कोई अजीब इंसान है, जो हम दोनों का नाम इस्तेमाल करके अपनी डरावनी और गंदी कल्पनाओं को पूरा कर रही है। कभी लिखती है कि मैं तुम्हारा खून पी रही हूं, तो कभी कहती है कि 10 साल बाद भी तुम उस घटना से सदमे में हो और रोते हो। कितनी अजीब और बेवजह की बातें हैं। क्या है महिला का पूरा दावा? सिद्धार्थ कानन के पॉडकास्ट में जर्नलिस्ट सिमी चंडोक ने कहा, कंगना को क्यों भूल रहे हैं आप। जब वो रिवॉल्वर रानी शूट कर रही थी, पूछिए बेचारे वीर दास से। आप उसे आज भी पॉडकास्ट में बुलाएंगे तो वो अपने साथ हुए उस ट्रॉमा को याद कर रो पड़ेगा। रिवॉल्वर रानी के लिए उसे वीर दास को किस करना था। वो भूल गई। सीन खत्म हो गया, लेकिन वो तब भी किस करती रहीं। बेचारे (वीर दास) का लिप काटकर खूनाखून कर दिया उसको। कभी कंगना ने वीर दास को कहा था आतंकवादी बता दें कि एक समय कंगना रनोट और वीर दास के बीच बड़ा विवाद हुआ था। दरअसल, कुछ सालों पहले वीर ने अपने यूट्यूब चैनल पर 'आई कम फ्रॉम टू इंडिया' टाइटल से एक वीडियो अपलोड किया था, जो वाशिंगटन डीसी के 'जॉन एफ कैनेडी सेंटर' में उनके परफार्मेंस का एक हिस्सा था। शो में उन्होंने कहा था कि मैं एक ऐसे देश से आता हूं, जहां दिन में महिलाओं को पूजा जाता है और रात को उनके साथ सामूहिक बलात्कार होता है। उनके इस बयान से विवाद हो गया और उनके खिलाफ देश भर में कई शिकायतें भी दर्ज हुईं। इसी बीच कंगना रनोट ने वीर दास के बयान की आलोचना करते हुए आतंकवादी कहा था। कंगना ने लिखा था, जब आप सभी भारतीय पुरुषों को सामूहिक बलात्कारी के रूप में सामान्यीकृत करते हैं, तो यह दुनिया भर में भारतीयों के खिलाफ नस्लवाद को बढ़ावा देता है... बंगाल में पड़े अकाल के बाद चर्चिल कहा था, 'ये भारतीय खरगोश की तरह हैं, और इसी तरह मरने के लिए बाध्य हैं...चर्चिल ने भूख के कारण लाखों लोगों की मौत के लिए भारतीयों की प्रजनन क्षमता(सेक्स ड्राइव) को दोषी ठहराया... पूरी जाति को टारगेट करने वाला ऐसा क्रिएटिव काम एक सॉफ्ट टेरेरिज्म(आतंकवाद) है... वीर दास जैसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
कॉमेडियन समय रैना फिर एक बार विवादों से घिर सकते हैं। दरअसल, उन्होंने इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड में एक लड़की पर लगभग वैसा ही कमेंट किया है, जिससे प्रणीत मोरे विवादों में घिरे थे और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई थी। दरअसल, हाल ही में इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2 के दूसरे एपिसोड से जुड़ा एक क्लिप वायरल हो गया है। एक कंटेस्टेंट को स्कोर दे रहे समय के सामने से शो देख रही एक लड़की रोती हुई गुजरी। समय ने उसके साथ आए शख्स से लड़की के जाने पर सवाल किया। जबकि साथ आया लड़का बेहद आराम से बैठा हुआ था। समय ने दबाव देकर पूछा तो लड़के ने बताया कि उसके साथ आई लड़की के पिता को माइनर हार्ट अटैक आया है। इस पर समय ने उस लड़के से कहा, ‘तुम भी साथ जाओ, कंधा दो उसे। कंधा दोगे तभी तो हेड देगी।’ सेंसिटिव मेडिकल कंडीशन पर दिया गया समय रैना का ये बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कई लोग उनके बयान की कड़ी निंदा कर रहे हैं। ऐसे ही बयान पर फंसे थे कॉमेडियन प्रणीत मोरे कुछ समय पहले ही स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने गुरुग्राम में लाइव क्राउड वर्क कॉमेडी का एक क्लिप शेयर किया था। इस क्लिप में हिमांशू जांगड़ा नाम के एक शख्स ने डेटिंग पर बात करते हुए कहा था कि उसने महिला को 370 रुपए की बिरयानी खिलाई थी, लेकिन इसके बावजूद वो लड़की बिना फिजिकल हुए वहां से चली गई। शो में उन्होंने कहा था कि 370 रुपए वसूल नहीं हो सके। वीडियो वायरल होने के बाद हिमांशू को नौकरी से निकाल दिया गया, जबकि प्रणीत मोरे के खिलाफ साइबर सेल में शिकायत दर्ज की गई। विवाद बढ़ने के बाद प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। आलिया भट्ट बनी थीं पहले एपिसोड की गेस्ट समय रैना के शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ के पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर गेस्ट शामिल हुईं। एपिसोड के दौरान समय रैना और आलिया भट्ट ने एक-दूसरे पर मजाकिया अंदाज में तंज कसे और रोस्ट किया। शो में समय रैना ने आलिया भट्ट का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा कि आलिया शो के पहले एपिसोड में गेस्ट बनकर आई हैं। इस दौरान आलिया ने हंसते हुए कहा, मुझे अब थोड़ा पछतावा हो रहा है। पहले भी विवादों में रहा लेटेंट-
म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की सीईओ काव्या मारन की शादी की खबरें एक बार फिरचर्चा में हैं। अनिरुद्ध के अंकल और तमिल एक्टर वाई जी महेंद्रन ने दोनों की शादी का दावा किया है। महेंद्रन ने तमिल चैनल केपीटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें जो बताया गया है, उसके मुताबिक यह शादी पक्की है। काव्या और अनिरुद्ध की जोड़ी बहुत अच्छी है। हालांकि, अनिरुद्ध और काव्या मारन की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। अंकल बोले- यह शादी बिल्कुल पक्की हैएक्टर वाई जी महेंद्रन ने एक तमिल चैनल केपीटीवी को दिए इंटरव्यू में इस रिश्ते पर बात की। उन्होंने अनिरुद्ध की तारीफ करते हुए कहा कि वह बहुत ही शांत स्वभाव का लड़का है। मैं उसे बधाई देना चाहता हूं। वह एक बहुत बड़ी शादी करने जा रहा है। मुझे जो जानकारी मिली है, उससे यह बिल्कुल पक्की बात है कि दोनों शादी कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने शादी की तारीख या जगह के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की। काव्या साधारण लड़की नहीं हैंमहेंद्रन ने सन ग्रुप के चेयरमैन कलानिधि मारन की बेटी काव्या मारन की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि काव्या कोई साधारण लड़की नहीं हैं। उनमें इतनी बड़ी आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद को संभालने की क्षमता है। उन्हें अपने पिता से बिजनेस के गुण मिले हैं। दोनों की जोड़ी बहुत अच्छी रहेगी और उन्हें साथ आकर म्यूजिकल बिजनेस में हाथ आजमाना चाहिए। साल 2025 में भी फैली थी अफवाहअनिरुद्ध और काव्या मारन के अफेयर की चर्चा पहली बार नहीं हुई है। साल 2025 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक पोस्ट वायरल हुई थी। इसमें दावा किया गया था कि दोनों एक साल से ज्यादा समय से रिलेशनशिप में हैं और जल्द ही शादी करने वाले हैं। उस पोस्ट में यह भी कहा गया था कि अनिरुद्ध के रिश्तेदार और सुपरस्टार रजनीकांत ने इस सिलसिले में काव्या के पिता कलानिधि मारन से मुलाकात भी की थी। अनिरुद्ध ने पहले किया था इनकारसाल 2025 में जब शादी की खबरें वायरल हुई थीं, तब अनिरुद्ध रविचंदर ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर इसका खंडन किया था। उन्होंने लिखा था, 'शादी? मजेदार है। लोग शांत रहें और अफवाहें फैलाना बंद करें।' उस समय अनिरुद्ध ने शादी की बात को पूरी तरह खारिज कर दिया था, लेकिन काव्या मारन को डेट करने के सवाल पर कोई कमेंट नहीं किया था। अब उनके अंकल के बयान के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है। तमिल सिनेमा के बड़े म्यूजिक कंपोजर हैं अनिरुद्ध दोनों के बैकग्राउंड की बात करें तो अनिरुद्ध रविचंदर तमिल सिनेमा के बड़े म्यूजिक कंपोजर्स में से एक हैं, जिन्होंने साल 2012 में आई फिल्म '3' के गाने 'व्हाई दिस कोलावेरी डी' से अपनी खास पहचान बनाई थी। वे सुपरस्टार रजनीकांत के रिश्तेदार भी हैं और उन्होंने 'लियो' और 'कूली' जैसी कई बड़ी फिल्मों में संगीत दिया है। दूसरी तरफ, काव्या मारन देश के बड़े मीडिया हाउसेज में से एक 'सन ग्रुप' के फाउंडर और चेयरमैन कलानिधि मारन की बेटी हैं। काव्या वर्तमान में सन टीवी नेटवर्क की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं और आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का पूरा काम संभालती हैं।
फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' सिनेमाघरों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हाल ही में फिल्म के मुख्य कलाकार शरवरी और वेदांग रैना दर्शकों के साथ एक स्पेशल स्क्रीनिंग में शामिल होने थिएटर पहुंचे। फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स को देखकर शरवरी ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल नोट शेयर कर फैंस का शुक्रिया अदा किया है। यह फिल्म भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौर के बैकग्राउन्ड पर आधारित एक इमोशनल ड्रामा है, जिसमें नसीरुद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ भी अहम किरदारों में हैं। देखें थिएटर में एक्टर्स की तस्वीरें.… शरवरी ने लिखा इमोशनल नोटथिएटर विजिट की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए शरवरी ने दर्शकों का आभार जताया। उन्होंने लिखा कि कुछ कहानियां क्रेडिट रोल होने के बाद खत्म नहीं होतीं। वे हर इमोशन, हर बातचीत और सोशल मीडिया रील्स में जिंदा रहती हैं। शरवरी ने आगे लिखा कि दर्शकों ने जिया और कीनू (फिल्म के किरदार) को अपने दिल में जगह दी और इस फिल्म को पूरी तरह अपना बना लिया। उन्होंने प्रशंसकों के एक सोशल मीडिया ट्रेंड को रीक्रिएट करके उन्हें थैंक्यू कहा। फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इससे पहले 'मैं वापस आऊंगा' को पाकिस्तान से भी तारीफ मिल चुकी है। पाकिस्तानी फिल्ममेकर उमर नासिर अली ने इस फिल्म की जमकर तारीफ करते हुए इसे एक बेहद खूबसूरत और गहरी भावनात्मक फिल्म बताया है। उमर नासिर के मुताबिक, यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है क्योंकि वे खुद भी इसी विषय के आसपास एक फिल्म बना रहे हैं। इस बीच फिल्म को मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स का असर इसके बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी दिख रहा है और फिल्म की कमाई सोमवार को कामकाजी दिन होने के बावजूद बढ़ गई है। सिनेमाघरों में आम दर्शकों के अलावा फिल्म इंडस्ट्री के लोग भी इस पीरियड ड्रामा की तारीफ कर रहे हैं। फिल्ममेकर जोया अख्तर, अनुराग कश्यप और अनुभव सिन्हा ने भी फिल्म की सराहना की है। जोया अख्तर ने सोशल मीडिया पर पूरी टीम को बधाई दी। अनुभव सिन्हा ने लिखा कि इम्तियाज की फिल्म का हर फ्रेम उनके कला के प्रति विश्वास को दिखाता है। तीन पीढ़ियों के अधूरे सफर की कहानी फिल्म की कहानी तीन पीढ़ियों के भावनात्मक सफर को दिखाती है, जिसमें बंटवारे के जख्मों को एक प्रेम कहानी के साथ पेश किया गया है। कहानी पाकिस्तान के सरगोधा से भारत आए एक सिख परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। बंटवारे के समय युवा कीनू (वेदांग रैना) अपनी प्रेमिका अफसाना (शरवरी) से अलग हो जाता है। करीब 70 साल बाद, 95 साल के हो चुके कीनू (नसीरुद्दीन शाह)अपने जीवन के आखिरी पड़ाव पर एक आखिरी बार सरगोधा वापस जाना चाहते हैं। इस यात्रा में उनका पोता निरवैर (दिलजीत दोसांझ) उनकी मदद करता है। ये खबर भी पढ़ें 'मैं वापस आऊंगा' को एंटी-नेशनल बताने पर हंसे एआर रहमान:इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया पोस्ट; फिल्म को पाकिस्तान से मिल चुकी तारीफ इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को एंटी-नेशनल बताए जाने पर संगीतकार एआर रहमान ने रिएक्शन दिया है। दरअसल सोशल मीडिया पर फिल्म को एक वर्ग एंटी-नेशनल बता रहा है, क्योंकि इसमें पाकिस्तान को जासूसों और आतंकवादियों के बिना दिखाया गया है। पूरी खबर पढ़ें
यशराज फिल्म्स की अगली एक्शन फिल्म ‘अल्फा’ 3 जुलाई को दुनियाभर के थिएटर्स में रिलीज होगी। फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी वाघ लीड रोल में हैं। आलिया ने कहा कि इस फिल्म की शूटिंग उनके करियर के सबसे यादगार और आनंददायक अनुभवों में से एक रही। आलिया ने कहा,‘अल्फा की शूटिंग करते हुए मैंने बहुत अच्छा समय बिताया। यह किसी फिल्म के सेट पर मेरे सबसे मजेदार अनुभवों में से एक था। एक्शन, और रोमांच से भरी इस दुनिया का हिस्सा बनना मेरे लिए नया अनुभव था। इस फिल्म ने मुझे कई नए तरीकों से चुनौती दी और मुझे इसका हर पल पसंद आया।’ उन्होंने आगे कहा कि फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसकी कहानी दो महिला किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है। उनके मुताबिक‘मुझे सबसे ज्यादा यह पसंद आया कि पूरी एक्शन कहानी को दो महिलाएं आगे बढ़ा रही हैं। ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है। ‘अल्फा’ लिंग से परे जाकर एक सोच और एटीट्यूड का जश्न मनाने वाली फिल्म है।’ आलिया ने फिल्म की टीम की सराहना करते हुए यह भी कहा कि निर्देशक, कलाकार, एक्शन टीम और पूरे क्रू के बीच फिल्म को लेकर उत्साह था। मैं हर दिन सेट पर जाने का इंतजार करती थीं और शूटिंग के हर पल का आनंद लिया। बता दें कि इस फिल्म का निर्माण आदित्य चोपड़ा ने किया है। वहीं फिल्म का निर्देशन शिव रवैल ने किया है, जिन्हें वेब सीरीज ‘द रेलवे मेन’ के लिए भी जाना जाता है। यह सीरीज नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हुई थी।
अक्षय कुमार स्टारर कॉमेडी एडवेंचर फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' ने रिलीज के शुरुआती दो दिनों में ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली है। अहमद खान के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म के निर्माताओं के मुताबिक, फिल्म ने पहले दिन दुनिया भर में 27.60 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। वहीं दूसरे दिन इसकी कमाई में बढ़त देखी गई और इसने 31.80 करोड़ रुपए कमाए। दो दिनों में फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 59.40 करोड़ रुपए हो गया है। ट्रेड एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि रविवार के कलेक्शन के बाद यह फिल्म अपने पहले वीकेंड पर और बेहतर आंकड़े छू सकती है। 'वेलकम' फ्रेंचाइजी की तीसरी कड़ी'वेलकम टू द जंगल' साल 2007 में आई सुपरहिट फिल्म 'वेलकम' और 2015 में आई 'वेलकम बैक' की अगली कड़ी है। यह इस फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म है। फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले दिवंगत लेखक नीरज वोरा की ओरिजिनल स्टोरी पर आधारित है। हालांकि, पिछली फिल्मों के मुकाबले इस बार बजट को काफी बड़ा रखा गया है। फिल्म की कुल अवधि 2 घंटे 45 मिनट है, जिसमें कई मजेदार ट्विस्ट देखने को मिलते हैं। 30 से ज्यादा एक्टर्स की बड़ी स्टार कास्ट अहमद खान के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, दलेर मेहंदी, आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, किरण कुमार, जाकिर हुसैन, विंदू दारा सिंह, उर्वशी रौतेला, हेमंत पांडे, बृजेंद्र काला, फिरोज खान (अर्जुन), दिवंगत पंकज धीर, पुनीत इस्सर, सुदेश बेरी, जीतू वर्मा, वृहि कोडवारा, आदित्य सिंह और भाग्य भानुशाली नजर आएंगे। फिल्म को ए.ए. नाडियाडवाला, केप ऑफ गुड फिल्म्स और स्टार स्टूडियोज ने सीता फिल्म्स के साथ मिलकर प्रेजेंट किया है। इसका प्रोडक्शन बेस इंडस्ट्रीज ग्रुप के बैनर तले राकेश डांग और वेदांत विकास बाली ने किया है, जबकि प्रोड्यूसर फिरोज ए. नाडियाडवाला हैं। फिल्म की कहानी एक ऐसे बिजनेसमैन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो टैक्स चोरी के लिए एक फ्लॉप फिल्म बनाने की योजना बनाता है, लेकिन बाद में पूरी टीम अनजाने में एक असली मिशन में फंस जाती है। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यूः वेलकम टू द जंगल:लॉजिक छुट्टी पर, लेकिन हंसी का ओवरडोज, सालों बाद रवीना-अक्षय की जोड़ी ने जीता दिल 2 घंटे 44 मिनट 'वेलकम टू द जंगल' का मकसद सिर्फ और सिर्फ मनोरंजन करना है और फिल्म शुरुआत से ही यह बात साफ कर देती है, यहां लॉजिक भी छुट्टी पर है और हंसी ड्यूटी पर। करीब तीन दर्जन कलाकारों से सजी यह कॉमेडी हर कुछ मिनट बाद नया किरदार, कॉमेडी और बवाल लेकर आती है। पूरी खबर पढ़ें
फिल्म बजरंगी भाईजान के सेट से जुड़ा एक किस्सा एक्टर मनोज बख्शी ने हाल ही में शेयर किया। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान चाइल्ड आर्टिस्ट हर्षाली मल्होत्रा को सीन की जरूरत के चलते कई बार सलमान खान के हाथ पर थूकना पड़ा। मनोज ने बताया कि सलमान ने बिना किसी हिचक के करीब 20 बार अपना हाथ आगे कर दिया। मनोज बख्शी ने द वी टी शो पॉडकास्ट में बजरंगी भाईजान की शूटिंग का एक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्हें एहसास हुआ कि सुपरस्टार होने के बावजूद सलमान खान का व्यवहार बेहद सहज और विनम्र है। हर्षाली को नॉनवेज खाते हुए सीन करना था मनोज के अनुसार, फिल्म के एक सीन में मुन्नी का किरदार निभा रहीं हर्षाली मल्होत्रा को कैमरे की ओर देखकर नॉन-वेज खाते हुए दिखाना था। निर्देशक कबीर खान के निर्देशानुसार उन्हें चबा-चबाकर खाना था, लेकिन कई बार उनके मुंह में बड़ा टुकड़ा आ जाता था, जिसे वह चबा नहीं पाती थीं। ऐसी स्थिति में शूटिंग रोकने के बजाय सलमान खान ने अपना हाथ आगे बढ़ाकर हर्षाली से कहा था कि वह उसमें थूक दें। मनोज बख्शी के मुताबिक, सीन के दौरान ऐसा करीब 20 बार हुआ और सलमान ने एक बार भी असहजता नहीं जताई। मनोज ने बताया कि यह देखकर उन्होंने सलमान से कहा कि वह दूसरे के बच्चे के लिए ऐसा क्यों कर रहे हैं। इस पर सलमान ने जवाब दिया कि वह ऐसे ही हैं। बजरंगी भाईजान साल 2015 में रिलीज हुई थी। फिल्म में सलमान खान और हर्षाली मल्होत्रा की बॉन्डिंग को दर्शकों ने काफी पसंद किया था और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता साबित हुई। मनोज बख्शी जब तक है जान, दिल्ली बेली, मदारी, नो वन किल्ड जेसिका, गदर 2 और अन्य फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं। वहीं, हर्षाली मल्होत्रा को बजरंगी भाईजान के लिए करीब 5,000 लड़कियों के ऑडिशन के बाद चुना गया था। फिल्म के समय वह छह साल की थीं और अब 18 साल की हो गई हैं। वह दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी काम कर रही हैं।
किसी भी पेशे में और खास तौर पर लेखन तथा कला के क्षेत्र में अहम चीज इंटेग्रिटी है। टैलेंट से भी ज्यादा क्योंकि प्रतिभा आपको पहचान दिला सकती है, लेकिन असली पहचान इस बात से बनती है कि आप अपने काम और अपने आप से कितने ईमानदार हैं। इंटेग्रिटी का मतलब सिर्फ सच बोलना नहीं है, बल्कि अपने विश्वासों और अपने व्यवहार के बीच कोई फासला न होने देना है। जो बात आप दूसरों से कहते हैं, वही बात अपने लिए भी लागू करना- यही इंटेग्रिटी है। इसका मतलब है विचारों, संवेदना, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति के प्रति सच्चा होना। कलाकार का पहला फर्ज यह नहीं है कि वह लोगों को वही दे जो वे सुनना चाहते हैं; उसका पहला फर्ज है कि वो कहे जिसे वह सच मानता है। इंसान की अपनी सीमाएं, कमजोंरियां हो सकती हैं, वह गलतियां भी कर सकता है; लेकिन अगर उसमें ईमानदारी है तो अपनी गलतियों को पहचान लेगा और उनसे सीख लेगा। परफेक्शन एक भ्रम है, लेकिन ईमानदारी वह चीज है जो आपको जिंदा और प्रासंगिक बनाए रखती है। इंटेग्रिटी का मतलब जिद नहीं, बल्कि सत्य के प्रति निष्ठा है। विनम्रता और आत्म-परीक्षण भी इसका हिस्सा हैं। जब मैंने पहली बार फिल्म ‘लगान’ की कहानी सुनी थी, तो मुझे लगा था कि यह फिल्म शायद नहीं चलेगी। बाद में वही फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिनी गई। मुझे अपनी उस राय को गलत मानने में कोई झिझक नहीं हुई। अपनी गलती स्वीकार करने का साहस भी बौद्धिक ईमानदारी में शामिल है। जो आदमी अपनी भूल मानने को तैयार नहीं, वह सच तक नहीं पहुंच सकता। आज भी मुझे कभी यह भ्रम नहीं होता कि मैं दुनिया के बाकी लोगों से ज्यादा योग्य हूं। अपने बारे में झूठे भ्रम पाल लेना भी एक तरह की बेईमानी है। कला में ईमानदारी का एक और अर्थ है- अपने विश्वास और सांस्कृतिक पहचान के प्रति निष्ठा। मुझे कभी-कभी यह देखकर अफसोस होता है कि कुछ फिल्मकार समाज, तहजीब और सांस्कृतिक विरासत से कटते जा रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे उन्हें अपनी ही परंपराओं से संकोच होने लगा है। मेरे खयाल में किसी कलाकार की पहली जिम्मेदारी यह है कि वह अपनी सच्चाई के प्रति ईमानदार रहे। केवल ज्यादा आधुनिक या अंतरराष्ट्रीय दिखाई देने के लिए अपनी जड़ों से दूरी बना लेना मुझे कलात्मक ईमानदारी के खिलाफ लगता है। मुझे हमेशा यह लगा है कि महान सिनेमा की कोई राष्ट्रीयता नहीं होती, उसकी अपनी एक सच्चाई होती है। आप अकिरा कुरोसावा, इंगमार बर्गमैन, फेदेरिको फेलिनी को देख लीजिए, या फिर सत्यजित राय को। इन सबकी फिल्मों की भाषा, संस्कृति और परिवेश अलग हैं, लेकिन एक चीज साझा है- अपने अनुभव और अपनी दृष्टि के प्रति अटूट ईमानदारी। सत्यजित राय की फिल्मों में मुझे यही ईमानदारी दिखाई देती है। उन्होंने कभी दर्शकों पर प्रभाव डालने के लिए कृत्रिम भावुकता का सहारा नहीं लिया। उनके पात्र ज़िंदगी से आते हैं और ज़िंदगी की तरह ही हमारे सामने उपस्थित होते हैं। दिलचस्प है जितनी ईमानदारी से वे स्थानीय रहे, उतने ही वैश्विक, ग्लोबल हो गए। और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान पर पूरा भरोसा था। उन्होंने बंगाल की मिट्टी, वहां के लोगों और दुनिया को पूरी सच्चाई के साथ दिखाया। सत्तर के दशक में स्क्रिप्ट पर काम करते हुए सलीम साहब और मेरी हमेशा यही कोशिश रही कि कहानी के साथ बेईमानी न हो। इंटेग्रिटी केवल व्यक्तिगत गुण नहीं; यह संस्थागत और पेशेवर नैतिकता का भी प्रश्न है। ‘दीवार’ में विजय को हमने संत नहीं बनाया, क्योंकि वह था नहीं। ‘शक्ति’ में हमने किसी एक पात्र को पूरी तरह सही और दूसरे को पूरी तरह गलत नहीं ठहराया, क्योंकि ज़िंदगी इतनी सरल नहीं होती। ‘जंजीर’ में हमने जानबूझकर कथा को कसा हुआ रखा। उस दौर में हर फिल्म में एक्स्ट्रा गीत, हास्य और रोमांस जोड़ने का दबाव था, लेकिन अगर हर दृश्य केवल दर्शकों को खुश करने के लिए लिखा जाए, तो कहानी की रीढ़ टूट जाती है। मेरे लिए फिल्म अच्छी है या बुरी, यह अलग बहस है। असली सवाल यह है कि क्या फिल्मकार को अपनी बनाई हुई फिल्म पर खुद यकीन है। मेरा मानना है कि हर कलाकार को वही काम करना चाहिए जिस पर उसका दिल और दिमाग दोनों राजी हों। लोकप्रियता और सच्चाई के बीच चुनाव का क्षण ही कलाकार की असली परीक्षा है। आसान रास्ता चुनकर शायद आप सफलता हासिल कर लें, लेकिन अगर उस सफलता की कीमत आपकी रचनात्मक ईमानदारी है तो वह सौदा बहुत महंगा है। और सबसे बड़ी बेईमानी तब होती है जब आप ऐसी चीज बनाने लगते हैं जिस पर आपका अपना विश्वास ही नहीं है। महान कला और सिनेमा को ईमानदारी से अपने समय, समाज और अनुभव को व्यक्त करना चाहिए, न कि केवल दर्शकों को खुश करने के लिए बनाया जाना चाहिए। सिनेमा अंतत: समाज से निकलता है और समाज के मनोभावों को प्रतिबिंबित करता है। यही वजह है कि कुरोसावा की जापान में बनी हुई फिल्म हमें भारत में भी छूती है, और राय की बंगाल में बनी हुई फिल्म दुनिया के दूसरे छोर पर बैठे दर्शक को भी अपनी लगती है। स्थानीय होने और सार्वभौमिक होने के बीच कोई विरोध नहीं है। सच्चाई से कही गई स्थानीय कहानी ही अंततः सार्वभौमिक बनती है। दक्षिण भारतीय सिनेमा की सफलता का कारण भी उसकी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव बताया है। मेरे खयाल में कलाकार की असली इंटेग्रिटी इसी में है कि वह अपनी मिट्टी से जुड़ा रहे और अपनी सच्चाई पर भरोसा रखे। जो कलाकार अपनी पहचान से भागता है, वह अक्सर दुनिया तक भी नहीं पहुंच पाता। लेकिन जो अपनी सच्चाई के साथ खड़ा रहता है, उसकी आवाज सीमाओं और भाषाओं से बहुत आगे तक सुनाई देती है। आज की समस्या यह नहीं है कि हमारे फिल्मकार अंतरराष्ट्रीय सिनेमा देखते हैं। समस्या तब पैदा होती है जब वे उससे सीखने के बजाय उसकी नकल करने लगते हैं। प्रभाव लेना और बात है, अपनी पहचान खो देना दूसरी बात। मेरा मानना है कि दुनिया की खिड़कियां खुली रखिए, लेकिन अपने घर की नींव को मत उखाड़िए। यदि आप हर समय सबको खुश करने की कोशिश करेंगे, तो अंततः अपने आप से बेईमानी करने लगेंगे। यदि हर बात केवल तालियां पाने के लिए कही जाए, तो वह बौद्धिक ईमानदारी नहीं रह जाती। इंसान की कीमत उसकी कामयाबी से नहीं, उसकी विश्वसनीयता से तय होती है। आपसे गलती हो सकती है, आपकी राय गलत हो सकती है, आपका काम कभी-कभी कमजोर भी हो सकता है। लेकिन अगर आप अपने काम, शब्द और जमीर के प्रति ईमानदार हैं, तो लोग आपसे इत्तफाक न रखते हुए भी आप पर भरोसा करेंगे। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)
शाहरुख खान और शिल्पा शेट्टी की फिल्म बाजीगर का एक सीन आज भी लोगों के बीच चर्चा में रहता है। फिल्म में शाहरुख का किरदार शिल्पा के किरदार को छत से धक्का देता है। खास बात यह है कि नीचे गिरते वक्त शिल्पा के चेहरे पर मुस्कान दिखाई देती है। अब इस आइकॉनिक सीन के पीछे की कहानी शिल्पा शेट्टी ने करीब 32 साल बाद पहली बार शेयर की। दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत में शिल्पा से पूछा गया कि उस सीन में गिरते समय वह क्यों मुस्कुरा रही थीं। इसके जवाब में उन्होंने बताया कि उस समय VFX या CGI (कंप्यूटर-जनरेटेड इमेजरी) जैसी आधुनिक तकनीक नहीं थी। पूरा सीन स्ट्रिंग वर्क के सहारे फिल्माया गया था। सीन की शूटिंग पूरी होने में लगे 4 दिन शिल्पा ने कहा कि इस एक सीन को शूट करने के लिए उन्हें 15 से 20 टेक देने पड़े और इसकी शूटिंग में करीब 4 दिन लगे। उन्होंने बताया कि अगर आज उस सीन को ध्यान से देखा जाए तो जिस स्ट्रिंग पर वह लटकी हुई थीं, वह आज भी फ्रेम में दिखाई देती है। आज की तकनीक से उसे आसानी से हटाया जा सकता है, लेकिन उस समय ऐसा संभव नहीं था। शिल्पा ने बाजीगर को अपने दौर से काफी आगे की फिल्म बताया। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में एक अलग ही आत्मा थी। 'बाजीगर' से शिल्पा ने फिल्मों में डेब्यू किया था 'बाजीगर' (1993) शिल्पा शेट्टी की पहली फिल्म है। इस फिल्म का निर्देशन प्रसिद्ध डायरेक्टर जोड़ी अब्बास-मुस्तान ने किया था। फिल्म में शिल्पा शेट्टी के साथ मुख्य भूमिकाओं में शाहरुख खान और काजोल थे। फिल्म की रिलीज (12 नवंबर 1993) के समय शिल्पा की उम्र केवल 18 साल थी। अपनी पहली ही फिल्म में बेहतरीन अभिनय के लिए शिल्पा शेट्टी को फिल्मफेयर 'बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस' के पुरस्कार के लिए नामिनेट किया गया था। फिल्म में शिल्पा शेट्टी और शाहरुख खान पर फिल्माया गया गाना ऐ मेरे हमसफर आज भी बेहद लोकप्रिय है। इसके अलावा किताबें बहुत सी गाना भी काफी पसंद किया गया था। लगभग ₹4 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ₹32 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी और यह उस साल की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी। शिल्पा शेट्टी से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ‘मॉम, क्या लगती हैं आप?’:14 साल के बेटे की बात सुनकर शिल्पा शेट्टी बोलीं- लगा, अब सच में जिंदगी में कुछ हासिल किया है हर सफलता की कहानी सिर्फ तालियों और शोहरत से नहीं बनती। इसके पीछे ऐसे दौर भी होते हैं जब मौके छूटते हैं, फैसले गलत साबित होते हैं और फिर खुद को साबित करना पड़ता है। शिल्पा शेट्टी की कहानी भी ऐसी ही रही। पूरी खबर यहां पढ़ें…
शाहरुख खान और शिल्पा शेट्टी की फिल्म बाजीगर का एक सीन आज भी लोगों के बीच चर्चा में रहता है। फिल्म में शाहरुख का किरदार शिल्पा के किरदार को छत से धक्का देता है। खास बात यह है कि नीचे गिरते वक्त शिल्पा के चेहरे पर मुस्कान दिखाई देती है। अब इस आइकॉनिक सीन के पीछे की कहानी शिल्पा शेट्टी ने करीब 32 साल बाद पहली बार शेयर की है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शिल्पा से पूछा गया कि उस सीन में वह मुस्कुराते हुए क्यों गिर रही थीं, क्योंकि इस पर आज भी लोग चर्चा करते हैं। इसके जवाब में उन्होंने बताया कि उस समय VFX या CGI (कंप्यूटर-जनरेटेड इमेजरी) जैसी आधुनिक तकनीक नहीं थी। पूरा सीन स्ट्रिंग वर्क के सहारे फिल्माया गया था। शिल्पा ने कहा कि इस एक सीन को शूट करने के लिए उन्हें 15 से 20 टेक देने पड़े और इसकी शूटिंग में करीब 4 दिन लगे। उन्होंने बताया कि अगर आज उस सीन को ध्यान से देखा जाए तो जिस स्ट्रिंग पर वह लटकी हुई थीं, वह आज भी फ्रेम में दिखाई देती है। आज की तकनीक से उसे आसानी से हटाया जा सकता है, लेकिन उस समय ऐसा संभव नहीं था। शिल्पा ने बाजीगर को अपने दौर से काफी आगे की फिल्म बताया। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में एक अलग ही आत्मा थी। बाजीगर' (1993) शिल्पा शेट्टी की डेब्यू (पहली) फिल्म है। इस सुपरहिट रोमांटिक क्राइम थ्रिलर फिल्म का निर्देशन प्रसिद्ध डायरेक्टर जोड़ी अब्बास-मुस्तान ने किया था। इस फिल्म में शिल्पा शेट्टी के साथ मुख्य भूमिकाओं में शाहरुख खान और काजोल थे। फिल्म की रिलीज (12 नवंबर 1993) के समय शिल्पा की उम्र केवल 18 साल थी। अपनी पहली ही फिल्म में बेहतरीन अभिनय के लिए शिल्पा शेट्टी को फिल्मफेयर 'बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस' के पुरस्कार के लिए नामिनेट किया गया था। फिल्म में शिल्पा शेट्टी और शाहरुख खान पर फिल्माया गया गाना ऐ मेरे हमसफर आज भी बेहद लोकप्रिय है। इसके अलावा किताबें बहुत सी गाना भी काफी पसंद किया गया था। लगभग ₹4 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ₹32 करोड़ से ज्यादा की बंपर कमाई की थी और यह उस साल की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी।
फिल्ममेकर रोहित शेट्टी को कथित तौर पर लॉरेंस गैंग की ओर से ₹20 करोड़ की रंगदारी मांगने की धमकी मिली है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह धमकी एक ऑडियो क्लिप के जरिए दी गई, जिसमें कहा गया है कि यदि रकम नहीं दी गई तो इस बार निशाना सीधे रोहित शेट्टी होंगे। यह घटना उनके जुहू स्थित घर पर चार महीने पहले हुई फायरिंग के बाद सामने आई है। पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह रोहित शेट्टी के स्टाफ को करीब 90 सेकंड का एक ऑडियो क्लिप मिला। इसमें कथित तौर पर लॉरेंस के करीबी सहयोगी शुभम लोणकर की आवाज है। शुभम लोणकर 2024 में नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और फरवरी 2026 में रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के मामले में वांटेड है। मुंबई क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि स्टाफ ने धमकी वाला ऑडियो पुलिस को सौंप दिया है। जुहू पुलिस मामला दर्ज कर रही है। प्रारंभिक जांच में आवाज शुभम लोणकर की लग रही है और क्लिप को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। 4 महीने पहले हुई थी फायरिंग इससे पहले 31 जनवरी की देर रात जुहू स्थित महमूद चौक के पास रोहित शेट्टी के घर के बाहर पांच गोलियां चलाई गई थीं। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी। बाइक सवार दीपक शर्मा ने फायरिंग की थी, जिसे बाद में आगरा से गिरफ्तार किया गया। जांच में दीपक शर्मा ने बताया था कि वह सोशल मीडिया पर लॉरेंस गैंग से जुड़े पोस्ट से प्रभावित होकर गैंग से जुड़ा था। अप्रैल में क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 1,624 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 15 लोगों को आरोपी बनाया गया। वहीं, प्रवीण लोणकर और आरजू बिश्नोई को फरार घोषित किया गया। रोहित शेट्टी की पिछली रिलीज फिल्म सिंघम अगेन थी, जो 1 नवंबर 2024 को रिलीज हुई थी। फिल्म ने दुनियाभर में ₹372.4 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया था। वहीं, उनकी प्रमुख अपकमिंग फिल्म गोलमाल 5 है, जिसकी शूटिंग 2026 की शुरुआत में शुरू हुई। फिल्म के 2027 की शुरुआत में सिनेमाघरों में रिलीज होने की उम्मीद है।
‘वेलकम टू द जंगल’ की स्टारकास्ट- अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, आफताब शिवदसानी, दिशा पाटनी और डायरेक्टर अहमद खान ने दैनिक भास्कर के रैपिड फायर राउंड में मस्ती की। कलाकारों ने ‘जंगल सेगमेंट’ खेला, जिसमें जानवरों के नाम के आधार पर एक-दूसरे की खूबियां बताईं। किसी को लायन, किसी को फॉक्स और किसी को ईगल बताया गया। अक्षय ने दिशा की खिंचाई की। अरशद ने परेश रावल और फिरोज नाडियाडवाला को अलग-अलग जानवरों से जोड़ा। सुनील शेट्टी के मजेदार जवाबों ने माहौल हल्का बनाए रखा। सभी ने फिल्म से जुड़ी इमोशनल यादें भी साझा कीं। लायन और टाइगर पर दिलचस्प जवाब सबसे पहले ‘लायन’ का नाम आया, जिसे ताकत, नेतृत्व और दबदबे से जोड़ा गया। सुनील शेट्टी ने डायरेक्टर अहमद खान का नाम लेते हुए मजाक में कहा कि इनके बिना फिल्म नहीं बनती। ‘टाइगर’ पर अक्षय कुमार ने दिशा पाटनी का नाम लिया, जबकि अरशद वारसी ने प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला को टाइगर बताया। फॉक्स के सवाल पर सामने आया परेश रावल का नाम ‘फॉक्स’ यानी चालाक और तेज दिमाग वाले जानवर पर अक्षय कुमार और अरशद वारसी ने परेश रावल का नाम लिया। बाकी कलाकारों ने भी रिएक्शन दिए। एलिफेंट और हॉर्स पर हुई हंसी-मजाक वाली बातचीत ‘एलिफेंट’ को भरोसेमंद, लंबी याददाश्त और मजबूत व्यक्तित्व से जोड़ा गया। इस दौरान अक्षय कुमार ने अरशद वारसी की तरफ इशारा करते हुए मजाक में कहा कि अगर सिर्फ शरीर देखकर फैसला किया जाए तो यह बॉडी शेमिंग हो जाएगी। वहीं अरशद ने साफ किया कि उन्होंने एलिफेंट को उसकी मेमोरी और भरोसेमंद स्वभाव से जोड़ा है। ‘हॉर्स’ पर अरशद वारसी ने अक्षय कुमार को घोड़े की तरह मेहनती बताया। अक्षय ने मजाक में कहा कि शायद इसी वजह से किसी का इंट्रोडक्शन घोड़े पर कराया गया था। पिकॉक, वुल्फ और ईगल के लिए किसका नाम लिया गया ‘पिकॉक’ यानी मोर की बारी आने पर ग्लैमर और प्रेजेंस की बात हुई। इस पर अरशद वारसी ने जैकलीन और दिशा पाटनी का नाम लिया। ‘वुल्फ’ के लिए टीम लीडर क्वालिटी चुनी गई। सुनील शेट्टी ने फिरोज नाडियाडवाला का नाम लिया। ‘ईगल’ को लॉन्ग विजन से जोड़ा गया और अक्षय कुमार ने भी फिरोज नाडियाडवाला को फिट बताया। 20 साल बाद क्या याद रहेगा? कलाकारों ने दिए इमोशनल जवाब आखिर में पूछा गया कि 10–20 साल बाद वे इस फिल्म और टीम को याद करेंगे तो सबसे बड़ा हासिल और इमोशनल याद क्या होगी। इस पर सुनील शेट्टी ने मजाक करते हुए कहा, “क्या 10 साल बाद हम लोग जिंदा रहेंगे?” बाकी कलाकारों ने रिएक्ट किया तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि यह बात वह सिर्फ अपने लिए कह रहे हैं। अक्षय कुमार ने दिशा पाटनी की खिंचाई करते हुए कहा कि दिशा 20 साल बाद अपनी उम्र का हिसाब लगाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि फिल्म से जुड़ी सबसे खास बात सभी के साथ काम करना रही। ‘कभी लगा ही नहीं कि काम पर जा रहा हूं’-अरशद वारसी दिशा पाटनी ने कहा कि सभी के साथ समय बिताना और साथ बैठकर खाना खाना उनकी सबसे प्यारी याद रहेगी। वहीं अरशद वारसी ने कहा कि वे सभी को बहुत मिस करेंगे। सेट पर इतने मजेदार लोग थे कि कभी ऐसा महसूस ही नहीं हुआ कि वे काम पर जा रहे हैं। उन्होंने अहमद खान की तारीफ की और कहा कि उनका टेंपरामेंट कमाल का है और वह इस अनुभव को मिस करेंगे। ____________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. आफताब बोले- शूटिंग से ज्यादा खाने का इंतजार रहता था:डायरेक्टर ने कहा- ऐसा लग रहा था जैसे हम फिल्म नहीं, यादें बना रहे हों डायरेक्टर अहमद खान और अभिनेता आफताब शिवदासानी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि लंबे शूटिंग शेड्यूल के दौरान फिल्म का सेट सिर्फ काम की जगह नहीं रहा, बल्कि ऐसा स्पेस बन गया जहां कलाकारों ने साथ समय बिताया, पुरानी केमिस्ट्री दोबारा जी और कई नई यादें बनाई।पूरा इंटरव्यू पढ़ें.. दिशा बोलीं- बड़े कलाकारों से बहुत कुछ सीखा:अरशद वारसी ने कहा- शूटिंग कभी काम नहीं, दोस्तों के साथ बिताया वक्त लगा ‘वेलकम टू द जंगल’ में बड़ी स्टारकास्ट के बीच काम करने का अनुभव कलाकारों के लिए सिर्फ शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। दिशा पाटनी ने इसे सीखने और समझने का मौका बताया, जबकि अरशद वारसी के मुताबिक सेट का माहौल इतना सहज था कि काम का दबाव महसूस ही नहीं हुआ। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों कलाकारों ने बताया कि इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत कलाकारों के बीच बना तालमेल और साथ बिताया समय रहा।पूरा इंटरव्यू पढ़ें.. अक्षय कुमार बोले- हिट-फ्लॉप बाद की बात:ढाई साल साथ काम कर बना खास रिश्ता; सुनील शेट्टी बोले- ऐसी स्टारकास्ट फिर शायद न मिले फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ सिर्फ मल्टीस्टारर फिल्म नहीं, बल्कि कलाकारों के लिए यादों और रिश्तों का सफर भी रही। दैनिक भास्कर से बातचीत में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी ने फिल्म से जुड़े किस्से साझा किए। अक्षय ने बताया कि बड़े स्टारकास्ट के साथ काम करना पिकनिक जैसा अनुभव था, जहां शूटिंग के साथ मस्ती भी हुई।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..
एक्टर सैफ अली खान ने हाल ही में उन पर हुए चाकू हमले को याद करते हुए कहा कि उस रात उन्हें लगा था कि शायद वह बच नहीं पाएंगे। उन्होंने बताया कि वह हमलावर को माफ करना चाहते हैं, लेकिन जिस तरह उन पर हमला हुआ, उसे भूलना उनके लिए आसान नहीं है। सैफ अली खान ने 'मोजो स्टोरी' को दिए इंटरव्यू में बताया कि हमले के दौरान उनका सफेद कुर्ता-पायजामा खून से लथपथ हो गया था। सैफ ने कहा, एक समय मैं जमीन पर पड़ा था। उस वक्त मुझे लगा कि शायद मैं मर जाऊंगा। उन्होंने आगे कहा, उस समय शरीर में इतना जोश था कि डर कम लग रहा था। मुझे ऐसा महसूस हुआ कि मैंने अपनी जिंदगी पूरी तरह जी ली है। बस एक बार अपने बच्चों से मिलकर उनका हाथ पकड़ना और उन्हें अलविदा कहना चाहता था। मुझे लगा कि मेरी जिंदगी बहुत अच्छी रही है, लेकिन कुछ देर बाद मैंने खुद से कहा, नहीं, अभी सब खत्म नहीं हुआ है। मुझे अभी और जीना है। सैफ हमलावर को माफ करना चाहते हैं सैफ ने यह भी कहा कि वो उन पर हमला करने वाले शख्स को माफ भी करना चाहते हैं। जब उनसे पूछा गया, आप उसे माफ क्यों करना चाहते हैं? तो उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई। मेरा नहीं मानना कि वह लड़ाई करने आया था। शायद मुझे भी उस पर झपटना नहीं चाहिए था। सैफ आगे बोले, मुझे लगता है कि मैं उससे बात करके उसे समझा सकता था। शायद मामला वहीं खत्म हो जाता। अब वह शायद कई साल जेल में रहेगा। मैं उसे माफ करना चाहता हूं। लेकिन जिस तरह उसने मुझे मारने की कोशिश की, उसे भूलना मेरे लिए आसान नहीं है। काश मैं यह सब भूल पाता और उसे माफ कर पाता। सैफ ने अंत में यह भी कहा, मुझे लगता है कि समाज में अमीर और गरीब के बीच की दूरी और असमानता भी ऐसी घटनाओं की एक वजह है। इसलिए मैं उसकी बात कुछ हद तक समझ सकता हूं। दरअसल, 15 जनवरी 2025 को सैफ के बांद्रा स्थित घर में हमलावर ने चोरी के प्रयास के दौरान उन पर चाकू से हमला किया था। घटना के बाद सैफ को तुरंत लीलावती अस्पताल ले जाया गया था। घटना वाले दिन की 2 तस्वीरें, जिनमें आरोपी दिखा था पांच घंटे की सर्जरी में उनकी रीढ़ से चाकू का टुकड़ा निकाला गया था। वहीं, वो करीब एक हफ्ते तक अस्पताल में एडमिट थे। इलाज के बाद एक्टर को 21 जनवरी को डिस्चार्ज किया गया। पुलिस ने मामले में बांग्लादेशी नागरिक शरीफुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था। शो में सैफ ने यह भी बताया कि अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने व्हीलचेयर का इस्तेमाल इसलिए नहीं किया ताकि फैंस को लगे कि वह ठीक हैं। 6 ग्राफिक्स से समझिए हमले की पूरी कहानी
तमिल एक्टर, डायरेक्टर और स्क्रीनराइटर के. भाग्यराज का शनिवार को चेन्नई में कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। वे 73 साल के थे। कार्डियोपल्मोनरी कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें चेन्नई के ग्रीनवेज़ इलाके के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 7 जनवरी, 1953 को जन्मे कृष्णस्वामी भाग्यराज को तमिल सिनेमा के सबसे प्रभावशाली फिल्ममेकर्स में से एक माना जाता था। उन्हें उनके खास स्क्रीनराइटिंग स्टाइल के लिए स्क्रीनप्ले का किंग कहा जाता था। भाग्यराज ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत डायरेक्टर भारतीराजा के असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर की थी। बाद में वे तमिल सिनेमा के जाने-माने लेखकों और डायरेक्टरों में से एक बन गए। उन्होंने 75 से ज़्यादा फ़िल्मों में एक्टिंग की और 25 से ज़्यादा डायरेक्ट कीं। वे एक प्रोड्यूसर, नॉवेलिस्ट और मैगज़ीन एडिटर भी थे। उन्हें मुंडनई मुदिचू में अपने रोल के लिए फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला था। सीएम विजय ने भाग्यराज के घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शनिवार को चेन्नई स्थित दिवंगतके. भाग्यराज के आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। विजय ने भाग्यराज के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की इस दौरान उन्होंने भाग्यराज की पत्नी पूर्णिमा भाग्यराज तथा उनके बेटे शंतनु भाग्यराज से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। के. भाग्यराज के निधन पर तृषा और चिरंजीवी ने जताया दुख के. भाग्यराज के निधन पर अभिनेत्री तृषा कृष्णन ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा, प्रिय भाग्यराज सर, आपको भावभीनी श्रद्धांजलि। यकीन नहीं हो रहा कि कल ही हम साथ बैठकर खाना खा रहे थे और आज आपके निधन की खबर सुनने को मिली। इस मुश्किल घड़ी में पूर्णिमा मैम, शांतनु, अमलू और किकी के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति दें। वहीं, अभिनेता चिरंजीवी ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करते हुए बताया कि दो दिन पहले ही उनकी भाग्यराज से गोवा में मुलाकात हुई थी। उन्होंने लिखा, मैं बेहद स्तब्ध और दुखी हूं। अभी परसों ही हम गोवा में खुशबू सुंदर की बेटी की शादी में साथ थे। हम हंस रहे थे, मजाक कर रहे थे और साथ में तस्वीरें खिंचवा रहे थे। भाग्यराज गरु पूरी तरह से जिंदगी और खुशियों से भरपूर नजर आ रहे थे। आज सुबह उनके निधन की खबर सुनकर यकीन नहीं हो रहा। बता दें कि के. भाग्यराज का निधन उनके गुरु और दिग्गज फिल्मकार भारतीराजा के निधन के महज 17 दिन बाद हुआ है। फिल्मकार भारतीराजा का लंबी बीमारी और उम्र संबंधी दिक्कतों के कारण 10 जून, 2026 को 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।
मुंबई में जल्द मंचित होने जा रहे नाटक ‘वो सुबह हम से ही आएगी’ को लेकर फिल्ममेकर महेश भट्ट और संगीतकार अनु मलिक ने दैनिक भास्कर से बात की। यह नाटक बदलाव, उम्मीद और इंसान की भीतर की ताकत की कहानी है। इसे महेश भट्ट प्रजेंट कर रहे हैं। नाटक दिनेश गौतम ने लिखा है, तारिक हमीद डायरेक्ट कर रहे हैं। इसके गीत IPS अधिकारी कैसर खालिद ने लिखे हैं और संगीत अनु मलिक ने दिया है। मंच पर इमरान जाहिद और नमिता सचदेवा अभिनय करते नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत में महेश भट्ट ने कहा कि आज लोगों के पास मोबाइल, स्ट्रीमिंग और डिजिटल कंटेंट के कई विकल्प हैं, लेकिन रंगमंच की ताकत अब भी अलग है। उन्होंने कहा, “रंगमंच में आप किसी कलाकार की सांस महसूस करते हैं। वहां जो अनुभव मिलता है, वह किसी स्क्रीन पर नहीं मिल सकता। हम दुनिया से जुड़े हुए दिखते हैं, लेकिन भीतर से कटते जा रहे हैं। ऐसे दौर में थिएटर इंसान को इंसान से जोड़ता है।” नाटक के मूल विचार पर बात करते हुए महेश भट्ट ने कहा कि असली बदलाव बाहर से नहीं, भीतर से आता है। उन्होंने कहा, “जब तक आप अपने अंदर की रोशनी नहीं जगाएंगे, तब तक उधार की रोशनी पर चलते रहेंगे। सबसे बुरा वक्त ही कई बार आपको अपनी असली ताकत से मिलाता है।” भट्ट ने अपनी जिंदगी के संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि करियर और निजी जीवन के कठिन दौर ने उन्हें बदला और उसी से कई यादगार कहानियां निकलीं। उन्होंने कहा, “अगर इस नाटक को देखकर दर्शकों को लगे कि अगर कहानी का किरदार कर सकता है तो हम भी कर सकते हैं, तो यही इसकी सबसे बड़ी सफलता होगी।” वहीं, नाटक के संगीत को लेकर अनु मलिक ने कहा कि वह शुरुआत से इस प्रोजेक्ट से भावनात्मक रूप से जुड़ गए थे। अनु मलिक ने कहा, “इस नाटक का शीर्षक ही इतना असरदार था कि मैं उससे तुरंत जुड़ गया। इमरान जाहिद ने जब कहानी सुनाई और गीत भेजे तो मैंने उसी वक्त धुन बना ली।” उन्होंने थिएटर और फिल्मों के संगीत के फर्क पर कहा, “थिएटर के लिए संगीत बनाना ज्यादा मुश्किल है, क्योंकि सब कुछ रियल टाइम में होता है। जो दर्शक उस पल महसूस करता है, वही उसके साथ घर तक जाता है।” महेश भट्ट के साथ अपने रिश्ते पर अनु मलिक ने कहा, “महेश भट्ट मेरे लिए सिर्फ निर्देशक नहीं हैं। उन्होंने हमेशा मुझ पर भरोसा किया। उनका नाम सुनते ही मेरे दिमाग में धुन बनने लगती है। यही उनका जादू है।” नाटक ‘वो सुबह हम से ही आएगी’ उम्मीद, आत्मविश्वास और भीतर की रोशनी की बात करता है। इसके जरिए टीम संदेश देना चाहती है कि बदलाव किसी और से नहीं, खुद से शुरू होता है।
विपिन अनेजा बोले- रहमान से मांगा अपनी आवाज का गाना:हनी सिंह ने फोन कर कहा- आपकी गजल दिल छू गई
सिंगर विपिन अनेजा इन दिनों फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के गाने ‘तेरे पास मैं’ को लेकर चर्चा में हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि यह गाना उनके लिए नया प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि लंबे इंतजार और संगीत सफर का अहम पड़ाव है। उन्होंने ‘जाने तेरे शहर का’, ए.आर. रहमान के साथ अनुभव, हनी सिंह के साथ प्रयोग और बदलते संगीत पर बात की। उनका कहना है कि हर नया गाना उन्हें आगे बढ़ने का मौका देता है। सवाल: फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ का गाना ‘तेरे पास मैं’ आपके लिए कितना खास है? जवाब: यह गाना मेरे लिए बहुत खास है। ‘तेरे पास मैं’ और ‘जाने तेरे शहर का’ दोनों की भावनात्मक दुनिया एक जैसी है। दोनों न्यू एज गजल जैसे लगते हैं। लोगों ने पहले गाने की तरह इसे भी अपनाया है और यह लंबे समय तक साथ रहेगा। सवाल: लोग आज भी फिल्म ‘जज्बा’ के गाने ‘जाने तेरे शहर का’ को याद करते हैं, उस सफर को कैसे देखते हैं? जवाब: इस गाने ने मुझे पहचान दी। फिल्म में यह गाना इरफान खान और ऐश्वर्या राय पर फिल्माया गया है। शुरुआत में लगा था कि इसे ज्यादा प्रमोशन नहीं मिलेगा, लेकिन बाद में यह अपने दम पर लोगों तक पहुंचा। आज भी युवा इसे सुनते हैं और अपनी प्लेलिस्ट में रखते हैं। सवाल: ‘जाने तेरे शहर का’ गाने तक पहुंचने की कहानी क्या रही? जवाब: मुंबई में एक संगीत महफिल के दौरान मेरी मुलाकात आर्को से हुई। उन्होंने मुझे लाइव सुना और मेरी आवाज पसंद आई। वहीं से मुझे मौका मिला और बाद में यह गाना फिल्म का हिस्सा बना। सवाल: ‘मैं वापस आऊंगा’ और ए.आर. रहमान के साथ जुड़ने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: रहमान साहब के साथ मेरा जुड़ाव काफी पुराना है। मैंने उनसे कहा था कि मेरी आवाज की अपनी पहचान है और उसके हिसाब से कुछ बनाएं। बाद में इस प्रोजेक्ट में मैंने अलग-अलग वर्जन रिकॉर्ड किए। उनके साथ काम करना सपना पूरा होने जैसा है। सवाल: ए.आर. रहमान से पहली मुलाकात कैसे हुई थी? जवाब: रहमान साहब से मेरी मुलाकात करीब 20 साल पहले कजाकिस्तान के वर्ल्ड पॉप म्यूजिक फेस्टिवल में हुई थी। मैं भारत को सिंगर के तौर पर रिप्रेजेंट कर रहा था और वह जज थे। उन्होंने मेरी परफॉर्मेंस सुनी और बाद में इंटरनेशनल कॉन्सर्ट्स में भी मौका दिया। वहीं से जुड़ाव शुरू हुआ। ‘मैं वापस आऊंगा’ से पहले मैंने उनकी साउथ की कुछ फिल्मों में गाए हैं। सवाल: आपने रहमान से अपनी आवाज के लिए अलग तरह का संगीत बनाने की बात भी कही थी? जवाब: मैंने उनसे कहा था कि मेरी आवाज मिड और लो रेंज में ज्यादा सहज रहती है। मेरी आवाज की अपनी पहचान है। इसके बाद लंबी बातचीत हुई और मैंने उन्हें देर रात तक गजलें सुनाईं। यह मेरे लिए खास अनुभव था। सवाल: हनी सिंह के साथ जुड़ी कौन-सी बात सबसे ज्यादा यादगार रही? जवाब: हनी सिंह ने मेरा गाना सुनकर मुझे फोन किया और कहा कि उन्हें ‘जाने तेरे शहर का’ पसंद आया। वह मेरे साथ कुछ अलग करना चाहते थे। बाद में हमने गजल और रैप को मिलाकर प्रयोग किया। सवाल: हनी सिंह के साथ गजल और रैप का प्रयोग कैसे हुआ? जवाब: हमारी पहचान पुरानी है। हमने साथ काम किया और गजल-रैप का नया प्रयोग किया। संगीत में नए रास्ते तलाशते रहना जरूरी है। सवाल: ओटीटी आने के बाद संगीत में क्या बदलाव महसूस हुआ? जवाब: ओटीटी ने संगीत को ज्यादा आजादी दी है। अब सिर्फ पारंपरिक फिल्मी साउंड तक सीमित नहीं रहना पड़ता। नए विषय और अलग तरह के गानों को जगह मिल रही है। सवाल: क्या आज के दौर में मेलोडी पीछे छूट रही है? जवाब: मुझे ऐसा नहीं लगता। ट्रेंड बदलते रहते हैं, लेकिन अच्छी धुन, अच्छे बोल और अच्छी आवाज लोगों के दिल तक पहुंचती है। मेलोडी कभी खत्म नहीं होती। सवाल: हजारों लाइव शोज के बाद कौन-सा मंच सबसे यादगार रहा? जवाब: रहमान साहब के साथ इंटरनेशनल स्टेज पर परफॉर्म करना यादगार रहा, लेकिन महाकाल में गाना सबसे भावुक अनुभव था। वहां भजन और स्तोत्र गाना अलग अनुभव था। सवाल: अपने पूरे सफर को आज किस तरह देखते हैं? जवाब: मैं अपने परिवार का पहला इंसान हूं जिसने प्रोफेशनल म्यूजिक को करियर बनाया। रास्ते में कई बार गिरा, सीखा और आगे बढ़ा। जब लोग कहते हैं कि मेरी सफलता उन्हें अपनी लगती है, तो लगता है कि मेहनत सही दिशा में जा रही है। सवाल: इतने सालों बाद भी क्या आज सीखना जारी है? जवाब: बिल्कुल। मैं आज भी खुद को संगीत का छात्र मानता हूं। 27 साल से मंच पर हूं, लेकिन हर नया गाना और कंपोजर कुछ नया सिखाता है।
सैफ अली खान ने जनवरी 2025 में घर में घुसकर हुए डरावने, जानलेवा हमले पर बात की है। एक्टर ने बताया है कि जब वो बच्चों के कमरे में पहुंचे तो वो हमलावर जेह और नैनी को पहले ही चोट पहुंचा चुका था। जैसे ही सैफ ने उसे रोकने की कोशिश की, उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मार दिया और उनका सफेद कुर्ता खून से लाल हो गया। सैफ ने ये भी बताया है कि हमले के बाद वो फर्श पर गिर पड़े और उन्हें लगा कि वो अब जिंदा नहीं बच सकेंगे। तभी बेटे तैमूर ने उनसे पूछा था कि क्या वो मरने वाले हैं। हमले पर बात करते हुए सैफ ने ये भी कहा कि वो उस शख्स को माफ करने के लिए तैयार हैं। सैफ अली खान ने मोजो स्टोरी को दिए इंटरव्यू में हमले पर बात करते हुए कहा, 'वह बहुत ही भयावह घटना थी। एक चोर बाथरूम की खिड़की से घर में घुस आया। हम सो रहे थे, तभी नैनी ने आकर कहा, “जेह बाबा के कमरे में कोई आदमी है, जिसके हाथ में छुरी है और वह पैसे मांग रहा है।” 'मैं तुरंत बच्चों के कमरे में गया। वह शख्स बच्चे (जेह) को पकड़े हुए था। उसने बच्चे को हल्की चोट पहुंचाई थी और हमारी मेड को भी जख्मी कर दिया था। शायद अगर मैं पहले लाइट जला देता और उससे बात करने की कोशिश करता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। लेकिन उस समय मैंने बिना सोचे-समझे उस पर हमला कर दिया और हमारी हाथापाई शुरू हो गई।' ‘इसके बाद वह चाकू लेकर बेकाबू हो गया। चारों तरफ खून और अफरा-तफरी मच गई। फिर मेरी नेपाली मेड गीता वहां आई, उसने उसे जोर से धक्का देकर कमरे के दूसरी तरफ फेंक दिया।’ आगे सैफ ने कहा, 'कुछ देर बाद मैंने नोटिस किया कि मैं सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए था, जो खून से पूरी तरह भीग चुका था। एक समय ऐसा आया जब मैं फर्श पर पड़ा था और मुझे लगा कि शायद मैं मर जाऊंगा। मैं सोच रहा था कि मैंने अपनी जिंदगी अच्छी तरह जी ली है। मैं बस अपने बच्चे का हाथ पकड़कर दुनिया को अलविदा कहना चाहता था। फिर मेरी आंख खुली और मैंने सोचा ऐसा नहीं होगा। फिर मैं हॉस्पिटल गया। मैं वाकई तैमूर के साथ रहना चाहता था। मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरे साथ हॉस्पिटल आओगे। उसने मुझे देखा और पूछा, 'क्या आप मरने वाले हैं?' मैंने कहा, 'नहीं, मेरी पीठ में बहुत दर्द है, लेकिन मैं ठीक हो जाऊंगा', उसने कहा, हां मैं चलूंगा।' सैफ ने ये भी कहा कि उस शख्स ने उन्हें पूरी ताकत से चाकू मारा था। चाकू का 6 इंच का टुकड़ा उनकी पीठ में रह गया था। वो टुकड़ा रीड़ की हड्डी के पास लगा था। सैफ ने कहा, ‘मेरा एक पैर सुन्न हो रहा था, मैं पैरालाइस होने के बेहद करीब था।’ मैं उसे माफ करना चाहता हूं- सैफ अली खान आखिर में सैफ ने कहा, मैं उस आदमी को माफ भी करना चाहता था, क्योंकि मुझे लगता है कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई थी और वह लड़ाई करने नहीं आया था। मैं उसे माफ करने के लिए तैयार हूं, लेकिन जिस हिस्से में उसने मुझे मारने की कोशिश की, उसे भुला पाना मेरे लिए अब भी मुश्किल है। मुझे लगता है कि समाज में अमीरी-गरीबी और असमानता जैसी चीजों ने भी ऐसी परिस्थितियां पैदा की हैं। जनवरी 2025 में हुआ था हमला सैफ अली खान पर बीते साल 15 जनवरी को उनके घर सतगुरु शरण अपार्टमेंट में घुसकर हमला हुआ था। इसके बाद सैफ खुद ऑटो कर बच्चों के साथ अस्पताल पहुंचे थे। लीलावती हॉस्पिटल की मेडकिल रिपोर्ट के अनुसार, एक्टर सैफ अली खान को पांच जगहों पर चाकू घोंपा गया था। उनको पीठ, कलाई, गर्दन, कंधे और कोहनी पर चोटें लगी थीं। इलाज के बाद एक्टर को 21 जनवरी को डिस्चार्ज किया गया। पुलिस ने 2 दिन बाद बांग्लादेशी नागरिक शरीफुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था। आरोपी अब भी पुलिस की हिरासत में है।
पैपराजी पर भड़कीं मलाइका अरोड़ा:किसी से बात कर रही थीं; ज्यादा करीब आने पर बोलीं- बाबा, आप इधर आ जाओ
मलाइका अरोड़ा का हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह किसी से बात करती नजर आ रही हैं। इस दौरान पैपराजी उनके काफी करीब आ जाते हैं, जिससे वे नाराज हो गईं। मलाइका पैपराजी से कहती हैं, बाबा, आप इधर आ जाओ। जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, अब तक यह जानकारी सामने नहीं आ पाई कि यह वीडियो कब और कहां का है। मलाइका ने बिना जरूरत तस्वीरें खींचने पर नाराजगी जताई थी बता दें कि मलाइका अरोड़ा ने कहा था कि उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब पैपराजी उनकी बिना जरूरत वाली तस्वीरें क्लिक करते हैं। दिसंबर 2022 में कॉमेडियन भारती सिंह से बातचीत के दौरान मलाइका ने कहा था, मैंने कभी किसी को नहीं डांटा, जब तक किसी ने मुझे धक्का न दिया हो या गलत व्यवहार न किया हो, लेकिन मुझे सबसे ज्यादा गुस्सा तब आता है, जब फोटोग्राफर्स मेरे चेहरे की बजाय मेरे शरीर के अलग-अलग हिस्सों की तस्वीरें लेने लगते हैं। कैमरा ऊपर-नीचे घूमता रहता है और मुझे इससे दिक्कत होती है। मलाइका ने आगे कहा था, वे मेरे शरीर के कुछ खास हिस्सों पर ही फोकस क्यों करते हैं? मुझे अपने शरीर पर गर्व है। फिर लोग कहते हैं कि अगर नहीं दिखाना है, तो पूरे कपड़े पहन लो। लेकिन मैं क्या पहनूं, यह मेरा फैसला है। मुझे जैसे कपड़े पसंद हैं, मैं वैसे ही पहनूंगी। उन्होंने यह भी कहा था कि ऐसी तस्वीरों की वजह से उन्हें अपने परिवार को भी जवाब देना पड़ता है। इसलिए यह बात उन्हें परेशान करती है। सलमान भी पैपराजी पर भड़के थे वहीं, पिछले महीने सलमान खान भी पैपराजी पर भड़क गए थे। दरअसल, वे हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे, जहां से निकलते समय पैपराजी के शोर से एक्टर भड़क गए थे। हालांकि, बाद में जब सलमान फिल्म राजा शिवाजी की सक्सेस पार्टी में पहुंचे, तब सभी पैपराजी ने उनसे माफी मांगी थी। सलमान जैसे ही पार्टी में पहुंचे, वैसे ही सभी पैपराजी ने उन्हें घेर लिया और माफी मांगने लगे। सभी एक साथ, सॉरी भाईजान, जोर से बोलो सॉरी, कहते दिखे। इसके बाद सलमान ने भी उनकी माफी कबूल कर ली थी। बता दें कि इस पहले गोविंदा के बॉडीगार्ड्स की भी पैपराजी से बहस हो चुकी है। दरअसल, गोविंदा पिछले एक इवेंट में पहुंचे थे। वहां से निकलते हुए उन्हें पैपराजी ने घेर लिया था। जब उनके गार्ड्स ने निकलने की जगह बनाने के लिए लोगों को पीछे किया, तो पैपराजी ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया। विवाद बढ़ने पर गोविंदा को खुद बीच-बचाव करना पड़ा था।
किसी फिल्म या वेब सीरीज की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि किस किरदार के लिए किस कलाकार को चुना गया। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सिनेमा में कास्टिंग की सोच पूरी तरह बदल गई है। एक दौर ऐसा भी था, जब कलाकार एक ही तरह के किरदारों में सिमट जाते थे। कभी जगदीश राज खुराना ने 144 फिल्मों में पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका निभाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन अब हर किरदार के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा तलाशा जाता है। हाल ही में ओटीटी पर स्ट्रीम हुई ‘मेड इन इंडिया ए टाइटन स्टोरी’ में नसीरुद्दीन शाह का जेआरडी टाटा बनना हो, ‘छावा’ में अक्षय खन्ना का औरंगजेब, ‘स्कैम 1992’ में प्रतीक गांधी का हर्षद मेहता या ‘सैम बहादुर’ में विक्की कौशल... इन किरदारों ने साबित किया कि सटीक कास्टिंग कहानी को नई ऊंचाई दे सकती है। आइए, इन्हीं फिल्मों के कास्टिंग डायरेक्टर्स से जानते हैं कि सही कलाकार चुनने की यह प्रक्रिया कैसे पूरी होती है...। देश के तीन चर्चित कास्टिंग डायरेक्टर्स बता रहे कैसे बदली कास्टिंग की प्रक्रिया टेस जोसेफ, प्रोजेक्ट्स - सितारे जमीन पर, द नेमसेक, द वाइट टाइगर, द मंकी मैन कास्टिंग महीनों चलती है। जैसे ‘सितारे जमीन पर’ की कास्टिंग करीब नौ महीने चली थी। टीम ने न्यूरोडाइवर्जेंट समुदाय को समझने के लिए पहले ऑस्ट्रेलिया की संस्था ‘बस स्टॉप फिल्म्स’ के साथ वर्कशॉप की। इसके बाद 800-1000 ऑडिशन टेप देखे गए। कई बार ‘टू एक्टर्स, टू मिनट्स, वन सीन’ सेशन कराया जाता है, जिसमें दो कलाकारों को एक सीन देकर देखा जाता है कि वे एक-दूसरे को कितना सुनते हैं, कैसे रिएक्ट करते हैं और साथ मिलकर अभिनय कितना सहज बना पाते हैं। यश नागरकोटी प्रोजेक्ट्स - मेड इन इंडिया- ए टाइटन स्टोरी, डब्बा कार्टल किसी बायोग्राफी में कास्टिंग फोटो देखकर नहीं होती। पहले किताबें और उपलब्ध स्रोतों से शख्स को समझते हैं, फिर ऐसा कलाकार चुना जाता है, जो किरदार में सबसे स्वाभाविक लगे। 'मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी’ में नसीरुद्दीन शाह का व्यक्तित्व पहले से ही जेआरडी टाटा के काफी करीब था, इसलिए भारी मेकअप की जरूरत नहीं पड़ी। वहीं जिम सरभ ने जेरक्सेस देसाई का किरदार निभाने के लिए विग पहनने के बजाय पूरे शूट के दौरान रोज अपने बाल शेव किए, ताकि स्क्रीन पर वास्तविक लगे। वैभव विशांत, प्रोजेक्ट्स: छावा, मामला लीगल है, इक्कीस, राख, मैदान, काला-पानी करीब 15 साल पहले तक फिल्मों में कास्टिंग का अलग विभाग नहीं होता था। कलाकार चुनने की जिम्मेदारी निर्देशक और उनकी टीम ही संभालती थी। लेकिन फिल्मों का दायरा बढ़ा, नए चेहरों की जरूरत बढ़ी और कास्टिंग एक अलग प्रोफेशन बन गया। अब कास्टिंग टीमें छोटे शहरों और स्थानीय कलाकारों तक पहुंचती हैं। मामला लीगल है जैसी सीरीज में भी अलग-अलग राज्यों के थिएटर कलाकारों को मौका मिला। आज सही कलाकार ढूंढ़ने के लिए उस दुनिया तक जाना पड़ता है, जहां वह किरदार वास्तव में मौजूद है। अब ऑस्कर में भी सही कास्टिंग के लिए अवॉर्ड ऑस्कर अवॉर्ड्स में भी अब कास्टिंग के लिए अलग श्रेणी शुरू की गई है। इसका पहला सम्मान 2026 के ऑस्कर समारोह में दिया गया। हॉलीवुड फिल्म ‘वन बैटल आफ्टर एनोदर’ के लिए कास्टिंग करने पर कैसेंड्रा कुलुकुंडिस को कास्टिंग की श्रेणी में पहला ऑस्कर अवॉर्ड मिला। एंटरटेनमेंट ‘टाइटन’ में जेआरडी बने नसीर... ‘छावा’ और ‘सैम बहादुर’ जैसी फिल्मों की बड़ी ताकत रहे किरदार
डॉन 3 विवाद में सुनील शेट्टी ने रणवीर सिंह का बचाव किया है। फिल्म छोड़ने की शिकायत के बाद उन्हें FWICE (फिल्म फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एम्प्लॉय्ज) द्वारा बैन किया गया था। यानी विवाद खत्म होने तक फेडरेशन से जुड़ा कोई शख्स उनके साथ काम नहीं कर सकता था। इस पर सुनील शेट्टी का कहना है कि किसी के पास किसी एक्टर को बैन करने का अधिकार नहीं है। उनका कहना है कि रणवीर ने फिल्म इंडस्ट्री के रेवेन्यू में बड़ा योगदान दिया है। उन्हें ऐसे ही कोई बैन नहीं कर सकता। हाल ही में टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने डॉन 3 विवाद पर कहा है, ‘कोई भी किसी एक्टर को बैन नहीं कर सकता। कोई आर्ट को बैन नहीं कर सकता है। किसी के पास ये अधिकार नहीं। सुप्रीम कोर्ट इस मामले को एक सेकेंड में खारिज कर देगा। देखिए, दिक्कत ये है कि दोनों (फरहान और रणवीर) ही सेंसिबल हैं। फरहान भी एक बहुत सेंसिबल एक्टर, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर हैं। और रणवीर भी। उसने अच्छा टाइम देखा है। मुझे लगता है कि अगर दोनों साथ बैठेंगे, तो मामला सुलझ जाएगा।’ मैं इसमें दखल नहीं दूंगा- सुनील शेट्टी जब उनसे पूछा गया कि क्या वो ये मामला सुलझा सकते हैं, तो जवाब में उन्होंने कहा, ‘नहीं मैं इस मामले में दखल नहीं दूंगा, क्योंकि कई लोग पहले ही बात कर चुके हैं। लेकिन फरहान और रणवीर को जानते हुए मैं यही कहना चाहूंगा कि अगर दोनों साथ बैठें तो जादू कर सकते हैं। रणवीर शिखर पर है और डॉन एक ऐसा प्रोजेक्ट है, जिसका हिस्सा रहना बहुत अच्छा होगा। ये फ्रैंचाइजी अमिताभ बच्चन से शुरू हुई, फिर शाहरुख जुड़े, इससे बेहतर और क्या हो सकता है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘अगर कोई कह रहा है कि मैं इसे बैन कर दूंगा, उसे बैन कर दूंगा, आप किसी को ऐसे ही बैन नहीं कर सकते। आप होते कौन हैं किसी को बैन करने वाले। समझने की कोशिश करें कि इस बच्चे ने आपको करोड़ों का रेवेन्यू दिया है। आप उसे बैन क्यों करना चाहते हैं। बिकने वाली चीज को अगर आप बैन करोगे, तो आप क्या मांग रहे हो। बैन तो बस बोलने की बातें होती हैं।’ जानिए क्या है पूरा मामला? फरहान अख्तर ने 3 साल पहले डॉन फ्रैंचाइजी की तीसरी फिल्म डॉन 3 की घोषणा रणवीर सिंह के साथ की थी। फिल्म में उनके साथ कियारा आडवाणी को कास्ट किया गया था, हालांकि मेटरनिटी लीव के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी। ये फिल्म कास्टिंग के चलते टलती गई और फिर रणवीर सिंह ने फिल्म धुरंधर पर काम शुरू कर दिया। धुरंधर की सक्सेस के बाद रणवीर सिंह ने क्रिएटिव डिफरेंस का हवाला देते हुए फिल्म छोड़ने का फैसला किया, जिस पर फरहान अख्तर ने आपत्ति जताई। विवाद के बीच रणवीर सिंह ने साइनिंग अमाउंट लौटाने की बात कही, लेकिन प्रोडक्शन ने दावा किया कि फिल्म में अब तक 45 करोड़ खर्च हो चुके हैं। विवाद के बीच फरहान अख्तर ने पहले प्रोड्यूसर गिल्ड और बाद में FWICE में शिकायत भेज हस्तक्षेप की मांग की थी, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।
सुनील शेट्टी ने हाल ही में बताया है कि उनकी 15 महीने की नातिन इवारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भक्त है। वो रोज उनकी तस्वीर देखती है और उन्हें गणेश मंदिर पर चढ़े लड्डू लाकर खिलाती है। सुनील शेट्टी ने हाल ही में टाइम्स नाऊ को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘मैंने हमेशा कहा है कि मैं नरेंद्र मोदी का बहुत बड़ा फैन हूं। मैं किसी पार्टी की बात नहीं कर रहा, मैं लीडर की बात कर रहा हूं, जो मुझमें जोश भरता है। मुझे जितना मेरे देश से प्यार है, उतना उस इंसान से प्यार है। उनमें कुछ तो बात है। आप मानोगे नहीं, मेरी पोती 15 महीने की है। उसकी नैनी ने एक बार एयरपोर्ट में उसे उनकी (मोदी जी की) तस्वीर दिखाई थी। आज वो हर रोज सुबह आती है, उसके पास एक साईं बाबा की बुक है, जिसमें मोदी जी की बड़ी सी फोटो है, वो उसे खोलती है, मोदी जी-मोदी जी बोलती है।’ आगे उन्होंने कहा, ‘वो रोज गणपति की मूर्ति के पास जाती है, वहां से लड्डू लेकर आती और उन्हें खिलाती है। न मैंने कभी बोला, न नैनी ने कुछ बोला। नैनी ने सिर्फ उसे फोटो दिखाई थी। कुछ तो बात होगी। कुछ तो है। वो अकेली बच्ची नहीं है। हमने आज तक उसे एक वर्ड नहीं कहा, लेकिन फिर भी वो मोदी जी बोलती है। उनमें कुछ तो जादुई है। मुझ पर उनका जादू तब शुरू हुआ, जब मैं पहली बार उनसे अहमदाबाद में मिला, मैं वहां किसी काम से गया था। ये 2010 की बात है।’ वेलकम टू द जंगल में नजर आए सुनील शेट्टी सुनील शेट्टी की फिल्म वेलकम टू द जंगल 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म में अक्षय कुमार, रवीना टंडन, जैकलीन फर्नांडिस, दिशा पाटनी, परेश रावल, राजपाल यादव समेत कई कलाकार हैं। फिल्म ने पहले ही दिन भारत में 15 करोड़ रुपए का नेट बॉक्स ऑफिस ओपनिंग कलेक्शन किया है। वहीं फिल्म ने वर्ल्डवाइड 29 करोड़ की कमाई की है। इस फिल्म का क्लैश हॉलीवुड फिल्म सुपर गर्ल से हुआ है। 15 महीने की हैं सुनील शेट्टी की नातिन इवारा सुनील शेट्टी की बेटी और एक्ट्रेस अथिया शेट्टी ने 23 जनवरी 2023 में क्रिकेटर के.एल.राहुल से शादी की थी। शादी के बाद मार्च 2025 में अथिया ने बेटी इवारा को जन्म दिया था। अथिया, बेटी के लिए नो फोटो पॉलिसी फॉलो करती हैं। उन्होंने आज तक बेटी की झलक नहीं दिखाई है।
सीनियर एक्टर मुकेश खन्ना राम मंदिर में हुए चढ़ावा घोटाले पर भड़क गए हैं। उनका कहना है कि मंदिर में चोरी करने वाले चोर, डाकू या किसी बेइमान से भी ऊपर हैं। उन्होंने अपील की है कि भक्तों को मंदिर में चढ़ावा देना ही बंद कर देना चाहिए। मुकेश खन्ना ने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से लिखा है, ‘क्या आप जानते हैं, मंदिरों में आपका नकदी चढ़ावा, भगवान तक नहीं पहुंचता। बीच में कहीं खो जाता है। लूट मची पड़ी है। कहावत है ना, लूट सके तो लूट। और लूटने वाले यहां भरे पड़े हैं। मैंने एक बार कहा था- भरे पड़े हैं चोर, डाकू और बेईमान, फिर भी मेरा देश है महान। लेकिन इन चढ़ावा लूटने वालों को मैं क्या नाम दूं? चोर, डाकू या बेईमान? इनमें से कोई नहीं। क्योंकि ये इन सबसे ऊपर हैं। ये भक्तों को ही नहीं, भगवान को भी लूट रहे हैं।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘मैं सिर्फ भक्तों को सलाह दूंगा कि- ना रहेगा बांस,ना बजेगी बांसुरी, वैसे ही- ना चढ़ेगा चढ़ावा, ना होगा घोटाला। सो चढ़ावा चढ़ाना बंद कीजिए। खास तौर पर पैसों और गहनों का। भगवान खुश होंगे।’ क्या है पूरा मामला? 7 जून को राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आया था। योगी सरकार के आदेश पर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए SIT बनी। शुरुआती जांच में दान, चढ़ावे और प्रबंधन से जुड़े मामलों में अनियमितताओं के संकेत मिले। SIT की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा। इससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया। इसी बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मंदिर की व्यवस्था से बाहर कर दिया गया है।

