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रणबीर कपूर@44, जूते पहनकर मंदिर में जाने पर पिटाई हुई:बचपन में शेविंग लोशन पिया, डॉक्टर ने कहा- पिता नहीं बचेंगे, तो आया पैनिक अटैक

बॉलीवुड के सबसे आला दर्जे के एक्टर माने जाने वाले रणबीर कपूर आज 44 साल के हो चुके हैं। 2007 की फ्लॉप फिल्म ‘सांवरिया’ से करियर शुरू करने वाले रणबीर कपूर ने ‘रॉकस्टार’ में टूटे दिल का दर्द जिया, ‘बर्फी’ में बिना बोले दिल जीत लिया और ‘संजू’ में संजय दत्त को पर्दे पर उतार दिया। ‘एनिमल’ से बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़े, तो विवादों में भी घिरे। पर्दे के बाहर माता-पिता के तनावपूर्ण रिश्ते, पिता ऋषि कपूर को खोने का दर्द और निजी जिंदगी के उतार-चढ़ाव भी उनकी कहानी का हिस्सा रहे। 19 साल के करियर में 21 फिल्मों के साथ रणबीर अब ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने जा रहे हैं। आज उनके 44वें जन्मदिन के मौके पर जानिए आखिर कैसा रहा एक स्टारकिड से सुपरस्टार बनने तक का उनका सफर- कपूर खानदान का चिराग, जिसे है दुर्लभ बीमारी रणबीर कपूर का जन्म 28 सितंबर 1982 को मुंबई में हुआ। वे अभिनेता ऋषि कपूर और नीतू कपूर के बेटे हैं। शोमैन राज कपूर दादा हैं। परिवार की 4 पीढ़ियां हिंदी सिनेमा में पहचान बना चुकी थीं। यूं तो रणबीर कपूर हर ऐशो-आराम में पले बढ़े, लेकिन उनके अपने निजी संघर्ष रहे। रणबीर को नेजल डिविएट सेप्टम नाम की बीमारी हो गई। ये एक रेयर बीमारी है, जिसके चलते उन्हें सांस लेने में तकलीफ होती है और वह जल्दी-जल्दी बोलते हैं। रणबीर कपूर के बचपन से- देखिए रणबीर कपूर के बचपन की चुनिंदा तस्वीरें- बचपन में अलमारी में रखते थे संजय दत्त की तस्वीरें रणबीर कपूर बचपन में एक्टर संजय दत्त के फैन थे। वो अपने कमरे की अलमारी में संजय दत्त की तस्वीरें छिपाकर रखते थे। जबकि उनकी बहन रिद्धिमा के पास सलमान की तस्वीरें होती थीं। संयोग की बात है कि रणबीर ने संजय दत्त की बायोपिक में उनका किरदार निभाया, जो उनके करियर की बेहतरीन फिल्मों में शामिल है। रणबीर कपूर बचपन में पिता की फिल्में देखा पसंद करते थे, जबकि उन्हें मां नीतू सिंह की फिल्में देखना अजीब लगता था। पिता के फिल्मों में निभाए गए अलग-अलग किरदार देखते हुए ही रणबीर ने एक्टर बनने का सोचा था। पिता के साथ देशभक्ति गाने में नजर आए थे रणबीर बाबरी मस्जिद टूटने के बाद देश में दंगे भड़क गए थे। इसी समय 1993 में सुभाष घई ने दूरदर्शन के लिए एकता पर गाना बनाया प्यार की गंगा बहे। इस गाने में उस दौर के बड़े सितारे अपने परिवार और बच्चों के साथ नजर आए थे। तब 11 साल के रणबीर कपूर भी पिता ऋषि कपूर के साथ एक सीन में दिखे। उनके अलावा बाल कलाकारों में सोनम कपूर, टाइगर श्रॉफ भी दिखे थे। वहीं बड़े कलाकारों में अनिल कपूर, सलमान खान, ऋषि कपूर, आमिर खान, जैकी श्रॉफ, नसीरुद्दीन शाह, गोविंदा, चिरंजीवी, रजनीकांत, ममूटी दिखे। रणबीर पर पेरेंट्स के तनाव भरे रिश्ते का भी बुरा असर पड़ा। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि कई रातें उन्होंने पेरेंट्स को झगड़ते देख सीढ़ियों पर बैठकर काटीं। रणबीर ने निखिल कामत को दिए इंटरव्यू में कहा था, कभी-कभी उनके बीच झगड़े बहुत बढ़ जाते थे। मैं सीढ़ियों पर बैठकर अपने घुटनों के बीच सिर छिपा लेता था और सुबह 5-6 बजे तक उनके झगड़े खत्म होने का इंतजार करता रहता था। पेरेंट्स के तनाव का असर रणबीर और ऋषि कपूर के रिश्ते पर पड़ा। रणबीर पिता से डरने लगे और मां से उनका लगाव बढ़ने लगा। एक वजह यह भी रही कि जिस समय रणबीर छोटे थे, ऋषि कपूर का ज्यादातर समय शूटिंग में घर से बाहर बीतता था। रणबीर कपूर का असिस्टेंट डायरेक्टर से हीरो बनने का सफर- 1996 में रणबीर कपूर के पिता ऋषि कपूर और अंकल रणधीर कपूर और राजीव कपूर ने मिलकर फिल्म प्रेम ग्रंथ प्रोड्यूस की। इसे राजीव कपूर ने डायरेक्ट किया और ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित लीड रोल में रहे। होम प्रोडक्शन की इस फिल्म में रणबीर को ऐसी रुचि रही कि उन्होंने बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर इसमें काम किया, जबकि तब वह महज 15 साल के थे। इसके बाद जब ऋषि कपूर ने ऐश्वर्या राय और बॉबी देओल स्टारर फिल्म आ अब लौट चलें डायरेक्ट की, तब भी रणबीर फिल्म के असिस्टेंट डायरेक्टर रहे। विदेश में की पढ़ाई, भारत लौटकर भंसाली के सेट पर लगाया पोछा एचआर कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद रणबीर कपूर फिल्ममेकिंग सीखने न्यूयॉर्क गए। वहां उन्होंने स्कूल ऑफ विजुअल आर्ट्स से फिल्ममेकिंग और ली स्ट्रासबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट से मेथड एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। मुंबई लौटने के बाद 2005 में उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म 'ब्लैक' में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया। इस दौरान उन्होंने सेट पर लाइटिंग से लेकर सफाई तक के काम किए। राज कपूरः द मास्टर एट वर्क बुक लॉन्च में रणबीर ने बताया था कि उन्हें फिल्म ब्लैक के सेट पर संजय लीला भंसाली से काफी डांट पड़ती थी। कई बार उन्हें सेट पर पोछा भी लगाना पड़ा था। लेकिन कहते हैं न कि मेहनत फल जरूर देती है। ऐसा ही रणबीर के साथ भी हुआ। उनका हुनर परखते हुए संजय लीला भंसाली ने उन्हें अगली फिल्म सांवरिया में कास्ट कर लिया। सोनम कपूर ने भी उनके साथ ही डेब्यू किया था। आलिया के साथ डेब्यू करने वाले थे रणबीर साल 2002 में 20 साल के रणबीर कपूर को संजय लीला भंसाली की फिल्म बालिका वधू में कास्ट किया गया था। इस फिल्म में 11-12 साल की रहीं आलिया भट्ट बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम कर रही थीं। दोनों का एक फोटोशूट भी हुआ था, जिसमें रणबीर, आलिया के कंधे पर सिर रखते हुए शर्मा गए थे। हालांकि बाद में ये फिल्म बंद हो गई। सांवरिया (2007) बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। हालांकि रणबीर कपूर की एक्टिंग की जमकर सराहना हुई। इस फिल्म के गाने भी चर्चा में रहे। फिल्म के एक सीन में टॉवेल लपेटे हुए रणबीर की भी चर्चा रही। सांवरिया फ्लॉप होने के बाद रणबीर कपूर बचना ऐ हसीनों (2008) में नजर आए, जो हिट रही। अगले साल उनकी तीन फिल्में आईं वेक अप सिड, अजब प्रेम की गजब कहानी और रॉकेट सिंह। तीन फिल्में लेकिन किरदार तीनों के अलग। 2009 में आईं तीन फिल्मों में रणबीर के किरदार- वेकअप सिड- सिद्धार्थ मेहरा (सिड) नाम का एक लापरवाह, अमीर लड़का, जो सेल्फ डिपेंडेंट बनना चाहता है। फिल्म हिट रही। अजब प्रेम की गजब कहानी- प्रेम शंकर शर्मा, एक मजाकिया, दिलदार और दूसरों की मदद करने वाला लड़का, जो जेनी से प्यार करता है और उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहता है। फिल्म सुपरहिट रही। रॉकेट सिंह- हरप्रीत सिंह बेदी, एक ईमानदार और मेहनती लड़का, जो सबसे बड़ा सेल्समैन बनना चाहता है। फिल्म फ्लॉप हो गई। राजनीति से एक्टिंग करियर की सीमाएं मिटाईं साल 2010 में रणबीर कपूर, प्रकाश झा के निर्देशन में बनी फिल्म राजनीति में नजर आए। किरदार था समर प्रताप सिंह। रणबीर का इंटेंस लुक और किरदार चर्चा में रहा और बड़ी आसानी से उन्होंने रोमांटिक, कॉमेडी हीरो की छवि धुंधली कर दी। इसी साल आई अनजाना अनजानी भी हिट साबित हुई। रॉकस्टार में जनार्दन उर्फ जेजे बनकर स्टार बने साल 2011 में रणबीर कपूर इम्तियाज अली की फिल्म रॉकस्टार में नजर आए। उन्होंने पीतम पुरा के एक सीधे-सादे जाट लड़के का किरदार निभाया, जो कॉलेज में रॉकस्टार बनने का सपना देखता है। कैंटीन के मालिक की सलाह पर वो आवाज में दर्द लाने के लिए नकली हार्टब्रेक का ड्रामा करते-करते वाकई एक ऐसी लड़की को पसंद करने लगता है, जिसकी शादी उसकी नजरों के सामने हुई। फिल्म रिलीज हुई, तो सिनेमाघर हाउसफुल हो गए। डेली न्यूज एंड एनालिसिस ने लिखा, रणबीर कपूर ने हिंदी सिनेमा की सबसे सधी हुई परफॉर्मेंस दी। उन्हें बेस्ट एक्टर क्रिटिक्स का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। इसके अलावा उन्हें बेस्ट एक्टर के दो और अवॉर्ड मिले। पिता नहीं चाहते थे फिल्म बर्फी करें रणबीर 2012 में रिलीज हुई बर्फी से रणबीर ने अपनी अलग ही पहचान बनाई। इसमें उन्होंने एक बोलने-सुनने में असमर्थ शख्स का रोल प्ले किया। इस फिल्म को इंडिया से ऑस्कर में ऑफिशियल एंट्री मिली थी। इस रोल को करने के लिए एक्टर ने चार्ली चैप्लिन और दादा राज कपूर से प्रेरणा ली थी। हालांकि पिता ऋषि कपूर नहीं चाहते थे कि रणबीर ये किरदार निभाएं। इस पर ऋषि कपूर ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मेरे भाई (रणधीर और राजीव कपूर) मुझसे कहते थे कि रणबीर को क्या हो गया है? ये सुसाइड कर रहा है.. एक फिल्म करता है उसमें भी ‘रॉकेट सिंह’ और ‘बर्फी’ जैसी.. जिसमें ये गूंगा है और सुनता भी नहीं है.. खत्म हो जाएगा। ये सब सुनकर मुझे भी फिक्र होती थी, पर रणबीर ने अपनी चॉइस से हम सभी को गलत साबित किया। ‘बर्फी’ हिट साबित हुई। रणबीर एक डेयरिंग एक्टर है। जब वो अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे ‘सांवरिया’ से तभी उन्होंने अपनी मां से कहा था कि मैं उस तरह का काम नहीं करना चाहता जो शाहरुख खान साहब और बाकी एक्टर्स कर चुके हैं। आगे रणबीर ने ये जवानी है दीवानी, तमाशा, ऐ दिल है मुश्किल, संजू, शमशेरा, ब्रह्मास्त्र, तू झूठी मैं मक्कार जैसी फिल्में कर स्टारडम कायम रखा। 19 साल के करियर में पिता की मौत के बाद पहली बार लिया ब्रेक 2007 में करियर शुरू करने वाले रणबीर की हर साल एक फिल्म जरूर होती है, हालांकि उन्होंने दो बार गैप किया। साल 2018 की ब्लॉकबस्टर फिल्म संजू के बाद रणबीर ने 4 साल का ब्रेक लिया। इस ब्रेक की दो वजह रहीं, पहली कोविड और दूसरी उनके पिता ऋषि कपूर की बिगड़ती तबीयत। 30 अप्रैल 2020 को कैंसर की वजह से ऋषि कपूर की मौत हो गई थी। रणबीर ने उस दिन को भी याद किया जब डॉक्टरों ने उन्हें बता दिया था कि ऋषि कपूर की मौत किसी भी वक्त हो सकती है। पिता के निधन की जानकारी मिलने पर आया पैनिक अटैक निखिल कामथ से बातचीत करते हुए रणबीर ने कहा था- मैंने बहुत पहले ही रोना छोड़ दिया था। पापा की मौत के बाद भी मैं रोया नहीं था। एक दिन जब मैं रात में हॉस्पिटल में था, तब डॉक्टर ने कहा था, ये उनकी (ऋषि कपूर) आखिरी रात है। वे कभी भी जा सकते हैं। मुझे याद है कि रूम में जाने के बाद मुझे पैनिक अटैक आ गया था। समझ नहीं आ रहा था कि खुद को एक्सप्रेस कैसे करूं। उस वक्त बहुत कुछ हो रहा था, जिसे मैनेज करना था। लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैंने शोक मनाया था, या मुझे उनकी कमी का एहसास था। इसके बाद उन्होंने सीधे 2022 में 2 फिल्मों से वापसी की। पहली शमशेरा जो फ्लॉप रही और दूसरी रही ब्रह्मास्त्र पार्ट-1। अगले साल यानी 2023 में रणबीर कपूर की लंबे समय बाद रोमांटिक कॉमेडी फिल्म तू झूठी मैं मक्कार रिलीज हुई। फिल्म एवरेज हिट रही। लेकिन इसी साल आई उनकी फिल्म एनिमल ने रिकॉर्ड कायम किए। ये उस साल की सबसे बड़ी फिल्म बनी, लेकिन रणबीर के हिस्से कुछ विवाद भी आए। फिल्म में टॉक्सिसिटी को बढ़ावा देने और महिलाओं के गलत चित्रण पर सवाल उठाए गए। हिंसक सीन की भी जमकर आलोचना हुई। लेकिन विवादों के बीच फिल्म ने रणबीर को चौथा बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर दिलाया। इसके बाद रणबीर ने अपने 3 साल नितेश तिवारी की रामायण में लगा दिए, जो इस साल रिलीज होने वाली है। फिल्म में रणबीर भगवान श्रीराम का किरदार निभा रहे हैं, जिस पर विवाद है। दरअसल, कुछ सालों पहले रणबीर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें बीफ पसंद है, जिसके बाद अब कहा जा रहा है कि बीफ खाने वाले को भगवान राम का रोल क्यों दिया गया। हालांकि रणबीर फिल्ममेकिंग के दौरान शाकाहारी बन चुके हैं। विवादों के बावजूद हिट हुईं रणबीर की फिल्में एनिमल (2023): हिंसा और महिलाओं के चित्रण पर विवाद एनिमलl में रणबीर कपूर ने रणविजय सिंह का किरदार निभाया था। फिल्म में अत्यधिक हिंसा, महिलाओं के प्रति व्यवहार और पुरुष प्रधान सोच को लेकर विवाद हुआ। एक दृश्य में रणविजय अपनी प्रेमिका जोया से जूते चाटने के लिए कहता है। पत्नी गीतांजलि के साथ उसके व्यवहार और विवाहेतर संबंधों को लेकर आलोचना हुई। फिल्म पर हिंसा और महिलाओं के प्रति अपमानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने के आरोप लगे। गीतकार जावेद अख्तर समेत कई लोगों ने फिल्म की आलोचना की। निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने फिल्म का बचाव किया। ब्रह्मास्त्र (2022): बीफ वाले बयान पर विवाद ब्रह्मास्त्र की रिलीज से पहले रणबीर कपूर का पुराना बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने बीफ खाने की बात कही थी। माइथोलॉजी से जुड़ी इस फिल्म में रणबीर कपूर के होने पर इसकी बॉयकॉट की मांग हुई। जब प्रमोशन के बीच रणबीर कपूर, अयान मुखर्जी और आलिया भट्ट उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे, तो उनकी एंट्री रोक दी गई। कहा गया कि बीफ खाने वाले शख्स को मंदिर में एंट्री नहीं दी जाएगी। दोनों ही फिल्मों पर विवाद हुआ, हालांकि फिल्म पर इन विवादों का असर नहीं बड़ा। ब्रह्मास्त्र और एनिमल दोनों सुपरहिट रहीं। दोनों ही फिल्में रणबीर की हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्मों में टॉप-3 में हैं। देखना होगा कि क्या अब रामायण विवादों के बीच ऐसा नतीजा दे पाएगी या नहीं। देखिए रामायण से रणबीर कपूर का लुक- भगवान राम के प्रति समर्पित लक्ष्मण के रोल में रवि दुबे का लुक दमदार नजर आया।

दैनिक भास्कर 28 Sep 2026 4:30 am

सिद्धार्थ मल्होत्रा की The Vvaan की बॉक्स ऑफिस पर बल्ले-बल्ले, दिखी छठी मैय्या की महिमा; तोड़े कई बड़े रिकॉर्ड

The Vvan Box Office Collection: सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया अभिनीत फिल्म 'द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है।

जागरण 27 Sep 2026 9:31 pm

हनुमान अंश को मिली The Paradise की चुनौती, संडे को Nani की पीरियड एक्शन ड्रामा ने किया धुआंधार कलेक्शन

साउथ फिल्म अभिनेता नानी की लेटेस्ट फिल्म द पैराडाइज ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी है।

जागरण 27 Sep 2026 9:02 pm

52वें दिन बॉक्स ऑफिस पर 'नोट छापने की मशीन' बनी Hanuman Ansh, आधे हुए शोज फिर भी कम नहीं हुआ बाबा का चमत्कार

विशाल चतुर्वेदी की डिवोशनल ड्रामा फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर 52 दिन पूरे कर चुकी है और अभी भी शानदार कमाई कर रही है।

जागरण 27 Sep 2026 7:33 pm

गोविंदा विवाद में कश्मीरा ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल को घेरा:सुनीता के सपोर्ट में कहा- को-स्टार को पर्सनल बातें कैसे पता; जानिए पूरा विवाद

बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा और उनकी कथित गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार के बीच विवाद गहराता जा रहा है। कोमल की ओर से सुनीता पर अपने ही पति को मारने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाने के बाद अब गोविंदा की भांजी कश्मीरा शाह मामी सुनीता के समर्थन में उतर आई हैं। कश्मीरा ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए कोमल पर निशाना साधते हुए कहा कि काम की जगह किसी को-स्टार को इतनी निजी बातें पता नहीं होती हैं। उन्होंने सुनीता को एक मजबूत महिला बताते हुए हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने की बात कही है। कश्मीरा बोलीं- 30 साल के करियर में ऐसा कभी नहीं सुना कश्मीरा शाह ने लिखा कि अपने 30 साल के करियर और 50 फिल्मों के अनुभव में किसी को-स्टार को उनकी निजी जिंदगी या भावनाओं की जानकारी नहीं रही। उन्होंने सिर्फ अपने पति कृष्णा से ही अपनी बातें शेयर की हैं। कश्मीरा ने सवाल उठाया कि काम करने की जगह ऐसा कोई रिश्ता उन्होंने कभी नहीं देखा, जहां किसी को-स्टार को इतनी पर्सनल बातें पता हों। 'परिवार बचाने वाली महिलाओं को कातिल कहा जा रहा' कोमल रानी के आरोपों का जवाब देते हुए कश्मीरा ने लिखा कि अपने परिवार का ध्यान रखने वाली महिलाओं को अक्सर घमंडी, हावी होने वाली या मतलबी कह दिया जाता है। लेकिन यह पहली बार है जब किसी को 'कातिल' कहा जा रहा है। कश्मीरा ने कहा कि अगर अपनों की सुरक्षा करने वाली मां, पत्नी या बहन को कातिल कहा जाता है, तो उन्हें इस पर गर्व है। उन्होंने सुनीता की तारीफ करते हुए कहा कि वे हमेशा उनके साथ खड़ी रहेंगी। कोमल रानी ने सुनीता पर लगाए थे गंभीर आरोप पति गोविंदा पर धोखा देने और कोमल रानी से एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर लगा रहीं सुनीता ने हाल ही में कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में कहा है कि जो औरत उनका घर तोड़ रही है, माता रानी उसे देखें। इस पर कोमल ने कहा है कि जो औरत पति को मारने की कोशिश कर रही है उसकी बद्दुआ किसी को नहीं लगती। साथ ही कोमल ने चेतावनी दी है कि सुनीता उनके नाम का इस्तेमाल न करें। कोमल रानी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से सुनीता के बयान पर पलटवार कर लिखा, ‘जो औरत सालों से अपने ही पति को मारने की कोशिश कर रही हो, ऐसी औरतों की बद्दूआएं किसी को नहीं लगतीं। कोई भी व्यक्ति पहले से टूट चुके घर को नहीं तोड़ सकता। हमारे देश के लोग इतने मूर्ख नहीं हैं कि वे किसी कौए के पीछे सिर्फ इसलिए भागने लगें, क्योंकि किसी ने उनसे कह दिया कि कौआ उनका कान लेकर उड़ गया है।’ आगे कोमल ने लिखा, ‘मैं समझ नहीं पा रही हूं कि वो औरत किस तरह के दर्द से गुजर रही है, जहां उसे उस दर्द से उबरने की कोशिश करने के बजाय उसे सार्वजनिक रूप से दिखाने में मजा आ रहा है। ये दर्द है या फिर एक सोची-समझी साजिश? लगातार एक आदमी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना, उसे काम करने से रोकना, घर पर बैठने और अपनी जिंदगी बर्बाद करने के लिए मजबूर करना, उसे पूरी तरह अकेला कर देना और यहां तक कि उसे मौत के करीब पहुंचा देना। मुझे नहीं लगता कि कोई भी अच्छी और समर्पित पत्नी अपने पति के साथ इतनी बुरी तरह पेश आ सकती है।’ अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में कोमल रानी ने लिखा है, ‘क्या ऐसी महिलाएं मानसिक रूप से अस्वस्थ होती हैं या फिर वे अपनी ही चालाकी में इतनी डूबी होती हैं कि उन्हें इस बात का पूरा एहसास होता है कि जो कुछ वे बंद दरवाजों के पीछे हासिल नहीं कर सकीं, उसे वे सार्वजनिक रूप से सामने आकर और लोगों की सहानुभूति हासिल करके पा सकती हैं? मेरे नाम का इस्तेमाल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए करना बंद करो। भगवान हर सभ्य पुरुष को ऐसी चालाक महिलाओं से बचाए।’ क्या था सुनीता का बयान? दरअसल, दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सुनीता आहूजा ने कहा कि मैं आज दक्षिणेश्वर काली माता रानी का दर्शन करने आई हूं। आप सब जानते हैं कि महाकाली राक्षसों का नाश करती हैं। मेरे भी जीवन में कुछ राक्षस हैं, माता द्वारा बोलने आई हूं कि उनका भी नाश करें। उन्होंने आगे कहा, जो मेरे साथ हो रहा है वो अच्छा नहीं हो रहा है, ये घर मेरा टूट रहा है बिना किसी मतलब और मैं चाहती हूं आप सब औरतें मेरे लिए स्टैंड लें, सारे जेन-जी बच्चे मेरे लिए स्टैंड लें और मीडिया से दरख्वास्त करती हूं कि प्लीज ये चीज को आप आगे न बढ़ाएं। आप लोग को भी कायदे से मुझे सपोर्ट करना चाहिए। मैं माता से यही मांगने आई हूं कि जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसे देखें। वो राक्षसों का नाश करने वाली माता रानी हैं, और मैं चाहती हूं मेरे जीवन से ये संकट हट जाए। जय मां काली, जय मां काली। गोविंदा ने भी दिया अफेयर रूमर्स पर रिएक्शन हाल ही में ANI को दिए इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा है कि लोग बिना वजह उनकी निजी जिंदगी को निशाना बना रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रखना चाहिए। गोविंदा ने कहा कि उनकी निजी जिंदगी किसी और के लिए चिंता या चर्चा का विषय नहीं होनी चाहिए। गोविंदा ने रूमर्ड गर्लफ्रेंड संग किए थे लालबागचा राजा के दर्शन गोविंदा हाल ही में कमबैक फिल्म रूपा की को-स्टार और रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पहुंचे थे। जबकि उनसे कुछ घंटों पहले ही सुनीता आहूजा अकेले दर्शन करने पहुंची थीं। साथ दर्शन करने पर गोविंदा ने दी थी सफाई कोमल रानी स्वर्णकार के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने पर सफाई देते हुए गोविंदा ने बताया कि वे अपनी आने वाली फिल्म रूपा के लिए लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे थे। उन्होंने कहा, इससे पहले भी मैं करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ मंदिरों में गया था और वे फिल्में बहुत बड़ी हिट साबित हुई थीं। मैं लंबे समय बाद नया काम शुरू कर रहा हूं, इसलिए प्रार्थना करने गया था। परिवार से दूर करने और इमेज खराब करने की साजिश इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने खिलाफ चल रही बातों को एक सोची-समझी चाल करार दिया। उन्होंने कहा, “यह किसी एक इंसान की गलती नहीं है, बल्कि बहुत सोच-समझकर बनाई गई योजना है। ऐसी चीजें आगे भी हो सकती हैं। यह मुझे मेरे परिवार से अलग करने और समाज में मेरी छवि खराब करने का प्लान है।” सुनीता आहूजा बोलीं- इंसान धोखा ही देते हैं गणपति उत्सव के दौरान गोविंदा को अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दिखने के बाद सुनीता आहूजा का एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने इंसानों को धोखेबाज बताते हुए जानवरों से प्यार को बेहतर बताया। हालांकि, सुनीता ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया था।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 7:28 pm

नेशनल अवॉर्ड में तिलक लगाने पर ममूटी की आलोचना:यूजर्स बोले- मुस्लिम होकर माथे पर तिलक क्यों; एक्टर यूसुफ बोले- नफरत फैलाने वाले कुएं के मेंढक

गुजरात में आयोजित नेशनल अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान नेशनल अवॉर्ड विनर एक्टर ममूटी का तिलक लगाकर पारंपरिक स्वागत किया गया। मुस्लिम होकर माथे पर तिलक लगवाने को लेकर सोशल मीडिया पर ममूटी की तीखी आलोचना की जा रही है। कई यूजर्स इसे इस्लाम का अपमान और धर्म के खिलाफ बता रहे हैं। इस विवाद पर मलयालम एक्टर और फिल्ममेकर हरिश्री यूसुफ ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर ट्रोलर्स को जवाब दिया है। हरिश्री ने कहा कि तिलक लगाना अतिथियों के स्वागत की भारतीय परंपरा है और धर्म का मकसद इंसानों को बेहतर बनाना है, न कि आपस में लड़ाना। ‘माथे पर तिलक लगाना इस्लाम का अपमान’ ममूटी को हाल ही में फिल्म 'भ्रमयुगम' के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला है। गुजरात यात्रा के दौरान उनके स्वागत में माथे पर तिलक लगाया गया था। इसका वीडियो सामने आने के बाद एक्स और इंस्टाग्राम पर कुछ यूजर्स ममूटी की आलोचना करने लगे। अब्बास नाम के एक यूजर समेत कई लोगों ने लिखा कि मुस्लिम होकर माथे पर तिलक लगाना इस्लाम के खिलाफ है और इससे धर्म का अपमान हुआ है। हालांकि कई प्रशंसकों ने ममूटी का बचाव करते हुए इसे सिर्फ एक सांस्कृतिक स्वागत बताया। ‘ट्रोल करने वाले कुएं के मेंढक’ सोशल मीडिया पर हो रही बयानबाजी पर मलयालम एक्टर हरिश्री यूसुफ ने एक वीडियो जारी कर आलोचना करने वालों को करारा जवाब दिया। यूसुफ ने ट्रोलर्स को 'कुएं का मेंढक' बताते हुए कहा, हम कलाकार संकीर्ण सोच के नहीं होते, हमारी सोच व्यापक होती है। जब आप किसी बड़े होटल या कार्यक्रम में जाते हैं, तो मेहमानों का स्वागत गुलदस्ता देकर और माथे पर तिलक लगाकर ही किया जाता है। यह किसी धर्म का प्रचार नहीं, बल्कि भारतीय आदर की परंपरा है। उन्होंने कहा, धर्म का असली मकसद इंसानों को आपस में लड़ाना नहीं, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान बनाना है। सोशल मीडिया पर आकर किसी के खिलाफ अपशब्द बोलना और फिर उसमें धर्म को घसीटना पूरी तरह गलत है। चार बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं ममूटी ममूटी मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता हैं। साल 2026 में उन्हें फिल्म 'भ्रमयुगम' में शानदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के नेशनल फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिसे उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन के साथ साझा किया। इसी साल भारत सरकार ने कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से भी नवाजा है। ममूटी अब तक चार बार नेशनल अवॉर्ड जीत चुके हैं। हाल ही में वे फिल्म 'पैट्रियट' में नजर आए थे और जल्द ही धनुष के साथ तमिल फिल्म 'ओम - चैप्टर 1: उधिरम' में दिखाई देंगे। शाहरुख-सलमान भी हो चुके आलोचना का शिकार बॉलीवुड के कई मुस्लिम अभिनेताओं को त्योहारों और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान माथे पर तिलक लगाने या पूजा-पाठ में शामिल होने पर सोशल मीडिया पर तीखी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा है। इनमें सबसे प्रमुख उदाहरण शाहरुख खान का है, जिन्हें दिवाली और गणेश चतुर्थी के मौकों पर माथे पर तिलक लगाए तस्वीरें शेयर करने पर निशाने पर लिया जाता रहा है। साल 2018 और 2019 में अपने छोटे बेटे अबराम के साथ माथे पर तिलक लगाए फोटो पोस्ट करने पर कई यूजर्स ने उनके इस कदम को इस्लाम के खिलाफ बताते हुए कमेंट्स किए थे। इसी तरह सलमान खान को भी गणेश पूजन और पारिवारिक धार्मिक आयोजनों में माथे पर तिलक लगाने पर ट्रोल किया जाता रहा है। सारा अली और आमिर खान की भी हो चुकी ट्रोलिंग सैफ अली खान और उनकी बेटी सारा अली खान को भी ऐसी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। सारा अली खान जब भी केदारनाथ, उज्जैन के महाकाल मंदिर या काशी विश्वनाथ दर्शन के दौरान माथे पर तिलक-चंदन लगाए तस्वीरें शेयर करती हैं, तो कुछ ट्रोलर्स ने उन्हें मुस्लिम होकर तिलक लगाने पर सवाल उठाए थे। इसके अलावा अभिनेता आमिर खान को भी अपनी फिल्म के ऑफिस पूजा समारोह और गृह प्रवेश के मौकों पर कलश-पूजन और माथे पर तिलक लगाने के बाद सोशल मीडिया पर धार्मिक आधार पर निशाना बनाया गया था।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 5:50 pm

भजन क्लबिंग में अचानक पहुंचे थे पीएम मोदी:'हनुमान अंश' के डायरेक्टर विशाल बोले- हमारे लिए सरप्राइज था; अचानक से आने की खबर मिली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में युवाओं के 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में शामिल होने अचानक पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में परफॉर्म करने पहुंचे फिल्म 'हनुमान अंश' के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बताया कि पीएम मोदी का आना उनके लिए एक बड़ा सरप्राइज था। वे वहां हनुमान चालीसा और भजन गाने गए थे। अचानक पीएम मोदी के वहां पहुंचने और युवाओं के बीच बैठकर वाद्ययंत्र बजाते देखने का अनुभव उनके लिए बेहद खास रहा। 'हम गाना गाने गए थे, अचानक पीएम के आने की खबर मिली' विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि यह भजन क्लबिंग का एक सामान्य कार्यक्रम था। वे अपनी टीम के साथ 'पार्वती', 'हनुमान चालीसा' और 'हृदय में जिनके सीताराम' जैसे भजन परफॉर्म करने पहुंचे थे। तभी अचानक खबर मिली कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे हैं। इस सूचना से वहां मौजूद कलाकार और युवा हैरान रह गए। विशाल के मुताबिक, पीएम मोदी ने वहां पहुंचकर खुद युवाओं के बीच बैठकर हाथ से मंजीरे जैसा वाद्ययंत्र बजाया और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर हुआ था आयोजन नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया। इस दौरान मोदी खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित किया गया था। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पीएम मोदी भजन सुनते और खंजरी बजाकर ताल देते दिखाई दिए। इसके बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रस्तुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया। कौन हैं विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। क्या है भजन क्लबिंग का नया ट्रेंड भजन क्लबिंग युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा एक नया सांस्कृतिक ट्रेंड है। इसमें जेन-जी और युवा कॉन्सर्ट जैसे माहौल में एकत्र होते हैं और पारंपरिक आध्यात्मिक भजनों को आधुनिक बीट्स के साथ गाते हैं। इसमें पारंपरिक भक्ति गीतों को हाई-एनर्जी म्यूजिक, गिटार और इलेक्ट्रॉनिक रिदम के साथ पेश किया जाता है, जिस पर युवा झूमते और तालियां बजाते हैं। एस. तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ गाया ‘हनुमान अंश’ के ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन को साधु एस. तिवारी ने आवाज देने के साथ इसके बोल और संगीत भी तैयार किए हैं। गाने में भगवान शिव और माता पार्वती की कथा को आसान शब्दों और देसी अंदाज में पेश किया गया है। साधु तिवारी ग्वालियर के पास करहिया गांव के रहने वाले हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव में करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए ग्वालियर आए। उन्होंने ग्वालियर के साइंस कॉलेज और कैंसर हॉस्पिटल से पढ़ाई की। संगीत की शिक्षा उन्होंने अपने गुरु संजय देवले से ली। साधु ने न्यूज नेशन को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह पिछले करीब 15-17 साल से संगीत के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हालांकि, उनका सफर सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने एक प्राइवेट कॉलेज में बायोकैमिस्ट्री के लेक्चरर के तौर पर भी काम किया। करीब चार साल तक उन्होंने छात्रों को पढ़ाया। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग जगहों पर प्राइवेट नौकरियां भी कीं। इसके बाद 2010 में साधु मुंबई पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात म्यूजिक डायरेक्टर संदेश शांडिल्य से हुई। साधु ने कुछ समय तक उनके साथ असिस्टेंट के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्हें फिल्मों में काम करने के मौके मिलने लगे। साधु ने कई फिल्मों के लिए काम किया। इनमें माधुरी दीक्षित की ‘गुलाब गैंग’ भी शामिल है। उन्होंने फिल्म के लिए ‘मौज की मलारे’ गाना गाया। वह इसके वीडियो में भी नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के लिए भी काम किया। साधु के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी उनके पुराने दोस्त हैं। विशाल ने उन्हें गाने की सिचुएशन बताई थी। इसके बाद साधु ने उसी हिसाब से गाना तैयार किया। साधु ने बताया कि वह इससे पहले भी कई फिल्मों के लिए गाने बना चुके हैं। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी पिछले करीब 7-8 साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। वह एक ऑनलाइन यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। उनके क्लब में करीब 10 हजार लोग रोज हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। साधु के मुताबिक, विशाल का हनुमान चालीसा से लंबे समय से गहरा जुड़ाव रहा है। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई सैकनिल्क के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 51वें दिन भारत में 6.50 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। इस दिन फिल्म के 3,979 शोज हुए। इसके साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 298.03 करोड़ रुपए हो गया है। भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 352 करोड़ रुपए पहुंच गया है। विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 37.75 करोड़ रुपए हो गया है। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 389.85 करोड़ रुपए हो चुका है। ‘हनुमान अंश’ दो राज्यों में टैक्स फ्री, अमित शाह से मिली थी फिल्म की टीम फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। फिल्म की सफलता के बीच 21 सितंबर को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, लीड एक्टर शोभिनव सतैया और टीम के दूसरे सदस्य दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 3:15 pm

जयपुर पहुंचे ORRY, शादी मुबारक कार्यक्रम में दूल्हा बनेंगे:मुंबई से साथ आए बाउंसर्स टी-शर्ट पर लिखा था ‘ओरी गार्ड’, एयरपोर्ट पर पहुंचे फैंस

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरहान अवत्रामणि उर्फ ओरी रविवार को एयर इंडिया की फ्लाइट से जयपुर पहुंचे। जयपुर एयरपोर्ट के बाहर ओरी को देखने के लिए फैंस की भीड़ जमा हो गई। ओरी के साथ मुंबई से बाउंसर्स की एक टीम भी पहुंची। बाउंसर्स ने खास टी-शर्ट पहन रखी थी, जिस पर ‘ओरी गार्ड’ लिखा हुआ था। एयरपोर्ट से बाहर निकलते समय ओरी अपने अलग अंदाज में नजर आए। उनके हाथ में पफकॉर्न का बॉक्स था। वह चलते-चलते पफकॉर्न खाते दिखाई दिए। इस दौरान फैंस ने तस्वीरें लेने की कोशिश की। ओरी बाउंसर्स की सुरक्षा के बीच बाहर निकले। दरअसल, जयपुर में 'फेक वेडिंग’ कॉन्सेप्ट पर एक इवेंट आयोजित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस आयोजन के जरिए किसी फैशन ब्रांड को लॉन्च या प्रमोट किया जाएगा। इसे ओरी की शादी नाम दिया गया है। शादी का कार्ड भी सामने आया ओरी की जयपुर में शादी की खबर सोशल मीडिया पर काफी शेयर की जा रही है। शादी का इनविटेशन कार्ड भी सामने आया है, जिसमें 27 सितंबर की रात ‘शादी मुबारक’ कार्यक्रम का जिक्र है। कार्ड सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स इसे ओरी की शादी का निमंत्रण मान रहे हैं। इनविटेशन के मुताबिक 26 सितंबर की रात 8 बजे से ‘महफिल-ए-सूफियाना’ कार्यक्रम हुआ। इसे संगीत और लाइव परफॉर्मेंस से सजी सुरमई शाम के तौर पर पेश किया गया है। 27 सितंबर को दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक ‘रंग-ए-इश्क’ कार्यक्रम होगा। इसके बाद रात 8 बजे से ‘शादी मुबारक’ सेलिब्रेशन रखा गया है। इसमें ओरी दूल्हा बनेंगे। इनविटेशन में सरप्राइज परफॉर्मेंस और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रमों का भी जिक्र है।वीडियो क्रेडिट: प्रिंस शर्मा ये भी पढ़ें… जयपुर में ORRY की शादी!:होटल में दो दिन अलग-अलग इवेंट होंगे; सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ओरहान अवत्रामणि उर्फ ओरी जयपुर में शादी करने जा रहे हैं। ओरी की शादी का इनविटेशन भी सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। देशभर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मॉडल भी जयपुर पहुंच रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 2:51 pm

सलमान के बाद रणबीर कपूर पैपराजी पर भड़के:बोले- बहुत बोल रहा है तू, आलिया को भीड़ से सुरक्षित कार तक ले गए

रणबीर कपूर शनिवार रात मुंबई में आलिया भट्ट, विक्की कौशल और डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के साथ डिनर के लिए पहुंचे। डिनर के बाद रणबीर एक पैपराजी पर नाराज हो गए। दरअसल, रणबीर, आलिया, विक्की और संजय लीला भंसाली शनिवार रात मुंबई में साथ नजर आए। चारों ‘लव एंड वॉर’ की टीम के साथ डिनर के लिए पहुंचे थे। फोटो सेशन के दौरान भंसाली कुछ देर के लिए फ्रेम से हटने लगे। रणबीर ने उन्हें वापस बुलाया और साथ में फोटो खिंचवाने के लिए कहा। इसके बाद चारों ने साथ में पोज दिए। फोटो सेशन खत्म होने के बाद रणबीर वहां से जाने लगे। इसी दौरान एक पैपराजी लगातार उन्हें आलिया और विक्की के साथ पोज देने के लिए कहने लगा। रणबीर ने पीछे मुड़कर पैपराजी से कहा, “बहुत बोल रहा है तू।” बता दें कि बाहर निकलते समय आलिया अपनी कार की ओर बढ़ीं, तभी रणबीर उनके करीब आए और कमर पर हाथ रखकर उन्हें भीड़ से सुरक्षित कार तक ले गए। रणबीर के इस प्रोटेक्टिव अंदाज पर आलिया मुस्कुराती और शर्माती नजर आईं। इस दौरान रणबीर ऑलिव-ग्रीन शॉर्ट कुर्ते और ब्लैक जींस में नजर आए। आलिया नियोन-ग्रीन आउटफिट में थीं, जबकि विक्की कौशल व्हाइट शर्ट और ब्लैक ट्राउजर में दिखाई दिए। इससे पहले शनिवार रात आलिया और विक्की मनीष मल्होत्रा के मिजवान शो में शोस्टॉपर बने थे। इसी हफ्ते ‘लव एंड वॉर’ से रणबीर, आलिया और विक्की के फर्स्ट-लुक पोस्टर भी जारी किए गए हैं। पूरी खबर यहां पढें… सलमान ने पैपराजी के रवैये पर नाराजगी जताई थी पिछले हफ्ते ‘बिग बॉस 20’ के ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान ने पैपराजी पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो गलत एंगल से लेने पर सवाल उठाए। सलमान ने कहा कि कई बार कैमरे महिलाओं की टांगों और पीछे से तस्वीरें लेने पर फोकस करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला इससे असहज है, तो उसे इसका विरोध करना चाहिए। सलमान ने सई मांजरेकर और नेहा धूपिया का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि नेहा भी ऐसे मामलों में पैपराजी पर नाराज हो चुकी हैं। सलमान ने सवाल किया कि महिलाओं की ऐसी तस्वीरों के साथ ‘पहचानो ये कौन है’ जैसे कैप्शन क्यों लगाए जाते हैं। उन्होंने महिलाओं से ऐसे मामलों में विरोध करने की अपील की। सलमान ने कहा कि बिग बॉस के घर में 108 कैमरे लगे हैं, लेकिन वहां महिलाओं को गलत एंगल से शूट नहीं किया जाता। पूरी खबर यहां पढें… कई सेलेब्स पैपराजी पर नाराज हो चुके हैं नेहा धूपिया: गोल्ड स्ट्रीमिंग अवॉर्ड सेरेमनी में नेहा धूपिया पैपराजी पर भड़क गई थीं। एक्ट्रेस ने बैक शॉट लेने और उन्हें पोस्ट करने पर नाराजगी जाहिर की और पैपराजी को कड़े शब्दों में वॉर्निंग भी दी थी। सेरेमनी से नेहा धूपिया अवॉर्ड लेकर निकल रही थीं। तभी पैपराजी ने उनके ग्रे हेयर पर कमेंट किया, जिसके जवाब में भड़कते हुए उन्होंने कहा है, ‘बोल लिया? कर लिया? ये बदतमीजी से बैक शॉट कौन लेता है तुम लोगों में से? कौन लेता है? छापता कौन है? मत करो। मेरा नहीं करना है, किसी का नहीं करना है। बोल-बोलकर थक गए हैं।’ पूरी खबर यहां पढ़ें… मलाइका अरोड़ाः कुछ दिनों पहले मलाइका का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वो एक शख्स से बात करती नजर आईं। जैसे ही पैपराजी उनके करीब जाने लगे, तो मलाइका गुस्सा हो गईं। मलाइका ने पैपराजी से कहा था , “बाबा, आप इधर आ जाओ।” पूरी खबर यहां पढ़ें… मौनी रॉयः हाल ही में मौनी रॉय को मुंबई में स्पॉट किया गया था। वो जैसे ही कार में बैठीं पैपराजी की फ्लैश लाइट उनके चेहर पर पड़ने लगी। इस पर एक्ट्रेस भड़क गईं और फटकार लगा दी। पूरी खबर यहां पढ़ें… जरीन खान: एक ब्रांड इवेंट के दौरान जरीन ने पैपराजी को फटकार लगाते हुए कहा था कि मेरे साथ फालतूगिरी की बातें नहीं करना। दरअसल, जरीन खान मुंबई में एक क्लोदिंग ब्रांड के प्रमोशन इवेंट में पहुंची थीं। इसी दौरान वहां मौजूद पैपराजी ने उनसे कहा था कि ड्रेस ट्राई करके दिखाओ। एक्ट्रेस को ये बात बिल्कुल पसंद नहीं आई थी। जरीन खान ने कहा था, फालतूगिरी की बातें नहीं करना मेरे साथ, क्योंकि मैं ऐसी चीजें बर्दाश्त करने वालों में से नहीं हूं। अपनी हद में रहकर बात करना। यह बात कहते हुए जरीन के चेहरे पर साफ तौर पर गुस्सा देखा जा सकता था। पूरी खबर यहां पढ़ें… तारा सुतारिया: हाल में दो बार तारा सुतारिया पैपराजी से नाराज होती नजर आईं। इसी महीने सामने आए वीडियो में तारा एक स्टोर के बाहर पहुंचीं। इस दौरान एक पैपराजी कैमरा लेकर उनके काफी करीब आ गया। तारा ने उसका कैमरा एक तरफ कर दिया और बिना रुके आगे बढ़ गईं। कुछ पैपराजी ने उन्हें पोज देने के लिए भी कहा, लेकिन वह नहीं रुकीं। इससे पहले पिछले महीने भी तारा का एक वीडियो सामने आया था। कार से उतरते ही पैपराजी की भीड़ देखकर उन्होंने कार का दरवाजा जोर से बंद कर दिया था। पैपराजी के आवाज देने के बावजूद तारा बिना पोज दिए अंदर चली गई थीं। पूरी खबर यहां पढ़ें… आलिया भट्ट: करीब 2 साल पहले आलिया भट्ट का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह पैपराजी पर नाराज हो गई थीं। दरअसल, आलिया कार से उतरकर एक बिल्डिंग में जा रही थीं। तभी कुछ पैपराजी उनका पीछा करते हुए बिल्डिंग के अंदर आने लगे। यह देखकर आलिया ने उन्हें रोकते हुए कहा था, “क्या कर रहे हो, यह प्राइवेट स्पेस है।” उनकी टीम ने भी पैपराजी को अंदर जाने से रोका था। इससे पहले भी आलिया प्राइवेसी को लेकर नाराजगी जता चुकी हैं। एक बार एक पैपराजी ने दूर की बिल्डिंग से उनकी तस्वीरें खींची थीं। राहा के जन्म के बाद भी कपल ने प्राइवेसी की अपील की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 2:03 pm

आलिया भट्ट-विक्की कौशल ने साथ में किया रैंप वॉक:मनीष मल्होत्रा के शो में बने शोस्टॉपर; स्टेज पर पल्लू संभालती नजर आईं एक्ट्रेस

फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के मिजवान शो में आलिया भट्ट और विक्की कौशल शोस्टॉपर बने। यह शो शनिवार को मुंबई में हुआ। मनीष मल्होत्रा ने अपना नया मिजवान कलेक्शन पेश किया। यह कलेक्शन मिजवान वेलफेयर सोसाइटी के साथ 15 साल के जुड़ाव को समर्पित है। वहीं, शो के अंत में स्टेज पर आलिया और विक्की के साथ मनीष मल्होत्रा और शबाना आजमी भी आए। इस दौरान आलिया के साथ एक छोटा-सा वाकया हुआ। रैंप पर चलते समय आलिया को अपना पल्लू संभालना पड़ा। इस दौरान शायद किसी का पैर गलती से उनके ही पल्लू पर चढ़ गया। हालांकि यह वीडियो में क्लियर नहीं दिखा। हालांकि, आलिया का संतुलन नहीं बिगड़ा और वह बिना किसी परेशानी के अपनी रैंप वॉक पूरी करती नजर आईं। आलिया भट्ट का लुक आलिया भट्ट ने रिया कपूर की स्टाइलिंग में पूरा कस्टम चिकनकारी कोचर लुक पहना था। वो आइवरी रंग की ब्राइडल ड्रेस में नजर आईं। उनके आउटफिट में शानदार साड़ी, ज्वेलरी और घूंघट शामिल था। आलिया का साड़ी का पल्लू कंधे पर ड्रेप किया गया था। इससे उनका स्टाइलिश मॉडर्न ब्लाउज और साड़ी की बारीक कारीगरी नजर आई। बैंडो स्टाइल ब्लाउज पर बारीक एप्लीक वर्क था। इसमें स्पेगेटी स्ट्रैप्स, स्क्वायर नेकलाइन, क्रॉप्ड हेम और फिटेड सिल्हूट था। रिया कपूर ने साड़ी के साथ मैचिंग पारदर्शी घूंघट स्टाइल किया। इसमें भी स्कैलप्ड बॉर्डर, चिकनकारी और सीक्विन का काम था। घूंघट की लंबाई फर्श तक थी। आलिया ने इसके साथ व्हाइट गोल्ड में डायमंड और मोती का बड़ा नेकलेस पहना। उन्होंने दोनों हाथों में डायमंड जड़े हाथफूल, स्टेटमेंट ईयररिंग्स और मांग टीका भी पहना। आलिया ने बीच की मांग के साथ स्लीक बन बनाया था। उनके मेकअप में ड्यूई बेस, ग्लॉसी पिंक लिप्स और स्मोकी आईज शामिल थीं। विक्की का आइवरी और मिडनाइट ब्लू लुक विक्की कौशल ने मनीष मल्होत्रा के मिजवान कलेक्शन का मिडनाइट ब्लू और आइवरी शेरवानी सेट पहना। उनके आउटफिट में व्हाइट कुर्ता, मैचिंग फ्लेयर्ड पैंट और बैंडगला जैकेट शामिल थी। उनके लुक का सबसे खास हिस्सा जैकेट था। इस पर बारीक चिकनकारी, सीक्विन का काम और फिटेड सिल्हूट था। स्प्लिट बैंडगला जैकेट में कॉलर्ड नेक, पैडेड शोल्डर्स और फुल-लेंथ स्लीव्स थीं। इसमें सिंगल बटन क्लोजर वाला ओपन फ्रंट और साइड स्लिट्स भी थे। उन्होंने सफेद जूती पहनी थी। बैक-स्वेप्ट हेयरस्टाइल और रफ दाढ़ी ने उनका लुक पूरा किया। गौरतलब है कि आलिया, रणबीर और विक्की ‘लव एंड वॉर’ में साथ नजर आएंगे। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बन रही यह फिल्म लव ट्राएंगल और युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म ‘लव एंड वॉर’ से तीनों मुख्य कलाकारों के फर्स्ट लुक इस हफ्ते जारी किए गए। सबसे पहले गुरुवार को रणबीर कपूर का पोस्टर सामने आया। इसमें वह मोटी मूंछों, गॉगल्स और खून के दाग वाली शर्ट में इंटेंस अंदाज में दिखे। शुक्रवार को आलिया भट्ट का फर्स्ट लुक जारी हुआ। वह 60-70 के दशक के रेट्रो और विंटेज अंदाज में नजर आईं। उनके लुक में ब्लिंग और क्लासिक स्टाइलिंग देखने को मिली। इसके बाद शनिवार को विक्की कौशल का पहला लुक सामने आया। पोस्टर में वह चेहरे पर चोट के निशान, मूंछों और गंभीर एक्सप्रेशन के साथ दिखे। उनके हाथ में लाइटर और मुंह में सिगरेट थी। पोस्टर का बैकग्राउंड डार्क ग्रीन टोन में रखा गया।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 11:50 am

आलिया भट्ट-विक्की कौशल ने साथ में किया रैंप वॉक:मनीष मल्होत्रा के शो में बने शोस्टॉपर, देखें तस्वीरें

फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के मिजवान शो में आलिया भट्ट और विक्की कौशल शोस्टॉपर बने। यह शो शनिवार को मुंबई में हुआ। मनीष मल्होत्रा ने अपना नया मिजवान कलेक्शन पेश किया। यह कलेक्शन मिजवान वेलफेयर सोसाइटी के साथ 15 साल के जुड़ाव को समर्पित है। कलेक्शन में चिकनकारी और धागे की कढ़ाई को आइवरी, गहरे हरे, कोरल और ओम्ब्रे रंगों में दिखाया गया। आलिया भट्ट ने रिया कपूर की स्टाइलिंग में पूरा कस्टम चिकनकारी कोचर लुक पहना था। वो आइवरी रंग की ब्राइडल ड्रेस में नजर आईं। उनके आउटफिट में शानदार साड़ी, ज्वेलरी और घूंघट शामिल था। आलिया का साड़ी का पल्लू कंधे पर ड्रेप किया गया था। इससे उनका स्टाइलिश मॉडर्न ब्लाउज और साड़ी की बारीक कारीगरी नजर आई। बैंडो स्टाइल ब्लाउज पर बारीक एप्लीक वर्क था। इसमें स्पेगेटी स्ट्रैप्स, स्क्वायर नेकलाइन, क्रॉप्ड हेम और फिटेड सिल्हूट था। रिया कपूर ने साड़ी के साथ मैचिंग पारदर्शी घूंघट स्टाइल किया। इसमें भी स्कैलप्ड बॉर्डर, चिकनकारी और सीक्विन का काम था। घूंघट की लंबाई फर्श तक थी। आलिया ने इसके साथ व्हाइट गोल्ड में डायमंड और मोती का बड़ा नेकलेस पहना। उन्होंने दोनों हाथों में डायमंड जड़े हाथफूल, स्टेटमेंट ईयररिंग्स और मांग टीका भी पहना। आलिया ने बीच की मांग के साथ स्लीक बन बनाया था। उनके मेकअप में ड्यूई बेस, ग्लॉसी पिंक लिप्स और स्मोकी आईज शामिल थीं। विक्की का आइवरी और मिडनाइट ब्लू लुक विक्की कौशल ने मनीष मल्होत्रा के मिजवान कलेक्शन का मिडनाइट ब्लू और आइवरी शेरवानी सेट पहना। उनके आउटफिट में व्हाइट कुर्ता, मैचिंग फ्लेयर्ड पैंट और बैंडगला जैकेट शामिल थी। उनके लुक का सबसे खास हिस्सा जैकेट था। इस पर बारीक चिकनकारी, सीक्विन का काम और फिटेड सिल्हूट था। स्प्लिट बैंडगला जैकेट में कॉलर्ड नेक, पैडेड शोल्डर्स और फुल-लेंथ स्लीव्स थीं। इसमें सिंगल बटन क्लोजर वाला ओपन फ्रंट और साइड स्लिट्स भी थे। उन्होंने सफेद जूती पहनी थी। बैक-स्वेप्ट हेयरस्टाइल और रफ दाढ़ी ने उनका लुक पूरा किया। वही शनिवार की रात को आलिया भट्ट, रणबीर कपूर, विक्की कौशल और निर्देशक संजय लीला भंसाली मुंबई में डिनर के लिए एक साथ पहुंचे। रेस्टोरेंट के बाहर पैपराजी और फैंस की भारी भीड़ मौजूद थी। बाहर निकलते समय आलिया अपनी कार की ओर बढ़ीं, तभी रणबीर उनके करीब आए और कमर पर हाथ रखकर उन्हें भीड़ से सुरक्षित कार तक ले गए। रणबीर के इस प्रोटेक्टिव अंदाज पर आलिया मुस्कुराती और शर्माती नजर आईं। गौरतलब है कि आलिया, रणबीर और विक्की ‘लव एंड वॉर’ में साथ नजर आएंगे। मेकर्स ने आलिया, रणबीर और विक्की के फर्स्ट-लुक पोस्टर जारी किए हैं। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बन रही यह फिल्म लव ट्राएंगल और युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 11:50 am

‘हनुमान अंश’ की पार्वती बोलीं- चाहती हूं, PM फिल्म देखें:आस्था को अंधविश्वास मानने से इनकार; बताया बुंदेली भाषा से कैसे मिला फिल्म में रोल

चर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’ में माता पार्वती का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री नेहा परांजपे रविवार को खंडवा पहुंचीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने फिल्म की कहानी, अपने किरदार के चयन, बुंदेली भाषा से जुड़े दिलचस्प किस्से, नीम करौली बाबा से प्रेरणा और फिल्म को लेकर अंधविश्वास जैसे सवालों पर खुलकर बात की। नेहा ने कहा कि फिल्म को दो साल के बच्चे से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक पसंद कर रहे हैं। उनका कहना था कि जिस दौर में ओटीटी और फिल्मों में अश्लील एवं वल्गर कंटेंट को लेकर चर्चा होती है, उस समय परिवार के साथ देखी जा सकने वाली धार्मिक और भावनात्मक कहानी को दर्शकों का पसंद करना खास बात है। PM मोदी की प्रतिक्रिया का इंतजार‘हनुमान अंश’ को मिल रहे प्यार पर अभिनेत्री नेहा परांजपे ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि फिल्म की चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचना टीम के लिए उत्साह की बात है। उनकी इच्छा है कि प्रधानमंत्री खुद यह फिल्म देखें और इसके गीत भी सुनें। नेहा ने कहा कि फिल्म को लेकर प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया पूरी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य ऐसी कहानी दर्शकों तक पहुंचाना है, जिसे परिवार के लोग साथ बैठकर देख सकें और उससे जुड़ाव महसूस कर सकें। बुंदेली भाषा ने दिलाया ‘पार्वती’ का किरदारफिल्म में नेहा और उनके बेटे विहान के चयन का किस्सा भी काफी दिलचस्प है। जबलपुर की रहने वाली नेहा ने बताया कि फिल्म में काम मिलने की शुरुआत एक एड शूट के दौरान हुई थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात लखनऊ के फिल्म मेकर विशाल से हुई। बातचीत के दौरान नेहा ने उनसे बुंदेली भाषा में संवाद किया। यह छोटा-सा बुंदेली टेस्ट ही उनके लिए फिल्म तक पहुंचने का जरिया बन गया। नेहा ने बताया कि उस समय उन्हें खुद भी अंदाजा नहीं था कि सफर के दौरान हुई यह सामान्य बातचीत आगे चलकर उन्हें इतनी बड़ी फिल्म में भूमिका दिला देगी। उन्होंने बताया कि भाषा और स्थानीय संवाद शैली से उनकी पकड़ ने मेकर्स को प्रभावित किया और इसके बाद उन्हें फिल्म में काम करने का मौका मिला। नीम करौली बाबा के विचारों से प्रेरित कहानीफिल्म की कहानी और इसकी लोकप्रियता पर बात करते हुए नेहा ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ किसी असाधारण या काल्पनिक चमत्कार को दिखाने के बजाय एक सामान्य इंसान की कहानी कहती है, जिसके पास दिव्य शक्तियां हैं, लेकिन उसके भीतर अहंकार नहीं है। अभिनेत्री के मुताबिक, फिल्म की कल्पना महान संत नीम करौली बाबा के विचारों और उनके आसपास रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़े सकारात्मक प्रभाव से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि फिल्म में सादगी, आस्था और मानवीय भावनाओं को प्रमुखता दी गई है। नेहा ने इसे आम आदमी से जुड़ी कहानी बताते हुए कहा कि फिल्म का किरदार अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करने के बजाय उन्हें सहजता से स्वीकार करता है। यही बात कहानी को बाकी फिल्मों से अलग बनाती है। उन्होंने यह भी बताया कि वे अभी कैंची धाम नहीं गई, लेकिन अब जाएंगी। ‘अंधविश्वास नहीं, सर्वोच्च शक्ति पर विश्वास है’फिल्म के धार्मिक कंटेंट को लेकर अंधविश्वास फैलाने के सवाल पर नेहा ने कहा कि इसे अंधविश्वास के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था और अंधविश्वास के बीच अंतर होता है। अभिनेत्री ने कहा कि जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति राम या गणेश जी को उसी रूप में माने, लेकिन हर व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी सर्वोच्च शक्ति पर विश्वास जरूर होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति मुश्किल समय में होता है और मन से यह कहता है कि ‘सब अच्छा हो जाए’, तो वह भी उसी सर्वोच्च शक्ति पर भरोसे का एक रूप है। नेहा के मुताबिक फिल्म किसी पर किसी विशेष धार्मिक विश्वास को थोपने की कोशिश नहीं करती, बल्कि आस्था, विश्वास और सकारात्मक सोच को कहानी के माध्यम से सामने रखती है। परिवार के साथ देखे जाने वाले कंटेंट की चर्चानेहा ने ओटीटी और मनोरंजन के मौजूदा दौर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज दर्शकों के सामने कंटेंट के कई विकल्प हैं। ऐसे समय में एक ऐसी फिल्म को दर्शकों का प्यार मिलना, जिसमें धार्मिक भावनाओं के साथ पारिवारिक जुड़ाव और सादगी है, पूरी टीम के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि ‘हनुमान अंश’ केवल धार्मिक कहानी के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे आम इंसान की कहानी के रूप में दर्शकों तक पहुंच रही है, जिसके पास असाधारण क्षमताएं होने के बावजूद वह सामान्य जीवन और मानवीय मूल्यों से जुड़ा रहता है।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 11:31 am

फातिमा सना शेख ने की सलमान खान की तारीफ:कहा- आपने जिस तरह ट्रोल्स को मुंहतोड़ जवाब दिया है वो बहुत बड़ी बात है

एक्ट्रेस फातिमा सना शेख ने ऑनलाइन ट्रोलिंग और बॉडी-शामिंग के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के लिए सलमान खान की तारीफ की। 'बिग बॉस 20' के 'वीकेंड का वार' आज के एपिसोड के प्रोमो में दिखा कि एक्ट्रेस अपनी हालिया सीरीज 'हुंकार: द रोर' के प्रमोशन के लिए शो में पहुंचेगी। इस दौरान सलमान के साथ बातचीत में फातिमा ने कहा- आपने जिस तरीके से ट्रोल्स को इस बार मुंह तोड़ जवाब दिया है। यह बहुत बड़ी बात है क्योंकि आपके पोजीशन में अगर कोई ऐसी बात करता है, कोई मुद्दों पर खड़ा होता है, वो बहुत ही बड़ा इम्पैक्ट देता है लोगों पर। हालांकि, फातिमा की इस बात पर सलमान ने क्या रिएक्शन दिया, यह प्रोमो में नहीं दिखा। सलमान खान ने ट्रोलिंग पर नाराजगी जताई थीसलमान खान ने पिछले हफ्ते टीवी शो ‘बिग बॉस 20’ में सोशल मीडिया ट्रोलिंग, बॉडी-शेमिंग और एज-शेमिंग पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया आज गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन और वीडियो एडिटिंग जैसे क्षेत्रों में रोजगार और पहचान का जरिया बन चुका है, लेकिन इसका एक नकारात्मक पहलू ट्रोलिंग भी है। सलमान ने सवाल उठाया था कि किसी दूसरे व्यक्ति को अपमानित करके पैसा कमाने की जरूरत क्यों पड़ती है। उन्होंने कहा कि लोग सोशल मीडिया पर किसी के शरीर, वजन, लुक्स, परिवार, उम्र, मुस्कान, करियर या निजी जिंदगी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने ट्रोलर्स से पूछा था कि जिस व्यक्ति को वे गाली दे रहे हैं, वे नहीं जानते कि वह निजी तौर पर किन परिस्थितियों से गुजर रहा है। सलमान ने यह भी कहा था कि ट्रोलर्स को सोचना चाहिए कि उनके अपने परिवार के किसी सदस्य के बारे में ऐसी टिप्पणी की जाए तो उन्हें कैसा लगेगा। उन्होंने बताया था कि उन्हें भी सोशल मीडिया पर ‘बूढ़ा हो गया’ जैसी टिप्पणियां सुनने को मिलती हैं। सलमान ने कहा कि 60 साल का होना स्वाभाविक है। इसके बाद उन्होंने शो के मंच पर अपनी टोपी, जैकेट और टी-शर्ट उतारकर अपने एब्स दिखाए थे। हालांकि, सलमान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी इस टिप्पणी को प्रेग्नेंसी के बाद कटरीना कैफ की सोशल मीडिया पर बॉडी-शेमिंग से जोड़कर देखा गया। पूरी खबर यहां पढ़ें… ऋचा चड्ढा ने सलमान खान के बयान की तारीफ की एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने सलमान खान के इस रुख की तारीफ की है। न्यूज18 से बातचीत में ऋचा ने कहा कि उन्हें पहले सलमान के बयान के बारे में जानकारी नहीं थी, लेकिन इसके बारे में जानकर उन्हें अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि ऐसी बात कहना एक बड़ी और उदार सोच को दिखाता है और लोगों को ट्रोलिंग पर ध्यान नहीं देना चाहिए। ऋचा ने उन पुरुषों पर भी सवाल उठाया जो महिलाओं के शरीर और उनके लुक्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरुष महिलाओं के बिना अस्तित्व में नहीं आ सकते, क्योंकि हर व्यक्ति मां की कोख से जन्म लेता है। उनके मुताबिक, अगर कोई मांओं का मजाक उड़ाता है, तो उसका असर उल्टा पड़ सकता है। ऋचा ने यह भी कहा कि जो लोग महिलाओं के शरीर पर टिप्पणी करते हैं, वे अक्सर खुद अपने शरीर को लेकर असंतुष्ट होते हैं। उन्होंने महिलाओं पर समाज और इंडस्ट्री की ओर से बनाए जाने वाले बॉडी इमेज के दबाव पर भी बात की है। ऋचा खुद भी पोस्टपार्टम बॉडी-शेमिंग का सामना कर चुकी हैं। वह 2024 में मां बनी थीं और इससे पहले शरीर को लेकर सामाजिक दबाव के बारे में खुलकर बात कर चुकी हैं। उन्होंने ऐश्वर्या राय बच्चन के पोस्टपार्टम वजन को लेकर हुई ट्रोलिंग पर भी सवाल उठाया था। …………… यह खबर भी पढ़ें... सलमान खान ने पैपराजी-ट्रोलर्स को फटकारा:वरुण धवन, नेहा धूपिया ने किया सपोर्ट, एक्स बिग बॉस कंटेस्टेंट सोफिया हयात बोलीं- सलमान पाखंडी हैं, मेरा मजाक उड़ाया सलमान खान के पैपराजी और ट्रोलिंग के खिलाफ बयान के बाद कई बॉलीवुड सितारों ने उनका समर्थन किया। नेहा धूपिया ने सलमान के बयान पर ‘टाइगर जिंदा है’ लिखकर प्रतिक्रिया दी। वरुण धवन ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर सलमान को सपोर्ट किया। डायरेक्टर कुणाल कोहली ने भी सलमान की तारीफ की और सोशल मीडिया ट्रोलिंग व पैपराजी के व्यवहार पर उनकी बात को जरूरी बताया। हालांकि, सोफिया हयात ने सलमान के बयान की आलोचना की। उन्होंने सलमान को पाखंडी बताया और अपने पुराने अनुभव का जिक्र किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 10:56 am

'छठी मैया' की कृपा से Vvaan पर हुई धनवर्षा, शनिवार को वर्ल्डवाइड कलेक्शन में मालामाल हुए मेकर्स

अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और अभिनेत्री तमन्ना भाटिया की लेटेस्ट फिल्म वन इन दिनों कमाई के मामले में शानदार प्रदर्शन कर रही है।

जागरण 27 Sep 2026 10:49 am

उज्ज्वल निकम ने बताया अजमल कसाब का दावा:बोला था- अमिताभ बच्चन से मिलने आया हूं, बिग बी बोले- घर आता तो गोली मार देता

पब्लिक प्रॉसिक्यूटर उज्ज्वल निकम ने हाल ही में बताया कि आतंकवादी अजमल कसाब ने जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए कहा था कि वह अमिताभ बच्चन से मिलने मुंबई आया था। यह सुनकर अमिताभ ने कहा कि अगर वह उनके घर आता तो उसे गोली मार देते। दरअसल, टीवी शो KBC में राजकुमार राव और वामिका गब्बी, उज्ज्वल निकम के साथ गेस्ट के तौर पर पहुंचे थे। बातचीत के दौरान 26/11 मुंबई आतंकी हमले और उसके बाद हुई कानूनी कार्रवाई का जिक्र हुआ। शो में निकम ने बताया कि अजमल कसाब ने जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए कई झूठ बोले थे। निकम ने दावा किया कि कसाब ने कहा था कि उसे 26/11 हमले के मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि 6 नवंबर को जुहू चौपाटी से पकड़ा गया था। निकम के अनुसार, कसाब ने यह भी कहा था कि वह अमिताभ बच्चन को देखने के लिए मुंबई आया था। इस पर अमिताभ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर वह उनके घर आया होता तो वहां से जाने वाला नहीं था और वहीं उसे गोली मार देते। निकम ने सुनवाई के दौरान कसाब के अन्य दावों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, कसाब ने खुद को नाबालिग बताया था और दावा किया था कि उसे RAW ने गिरफ्तार किया है। इससे मामले में कानूनी चुनौती खड़ी हुई थी, क्योंकि आगे की कार्रवाई से पहले उसकी उम्र साबित करना जरूरी था। शो में अमिताभ बच्चन ने उज्ज्वल निकम से पूछा कि क्या कसाब को ये सब पहले से इसका ज्ञान था? इस पर निकम ने कहा, “बिल्कुल। कोर्ट में मैंने बाकायदा अल-कायदा का मैनुअल दिखाया था कि जांच एजेंसी को किस तरह गुमराह करना है।” बता दें कि ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ उज्ज्वल निकम के जीवन और उनके चर्चित मुकदमों पर आधारित बायोग्राफिकल ड्रामा है। फिल्म में राजकुमार राव ने उज्ज्वल निकम की भूमिका निभाई है। कहानी उनके करियर के बड़े मामलों, खासकर 26/11 मुंबई आतंकी हमले के अजमल कसाब ट्रायल और 1993 बॉम्बे ब्लास्ट केस के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म अदालत में उनकी कानूनी लड़ाई के साथ-साथ इन मामलों के दौरान उनके सामने आई चुनौतियों और निजी जिंदगी की झलक भी दिखाएगी। वामिका गब्बी उनकी पत्नी ज्योति निकम की भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म का निर्देशन अविनाश अरुण ने किया है। 26/11 मुंबई आतंकी हमला 26 नवंबर 2008 को मुंबई में समुद्र के रास्ते आए 10 आतंकियों ने कई जगहों पर हमला किया। यह हमला करीब 60 घंटे तक चला और 29 नवंबर की सुबह खत्म हुआ। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, हमले में 166 लोगों की मौत हुई और 238 लोग घायल हुए। मरने वालों में 18 पुलिसकर्मी और सुरक्षा बलों के जवान तथा 26 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इन 10 हमलावरों में से अजमल आमिर कसाब एकमात्र आतंकी था, जिसे जिंदा पकड़ा गया। उसे 27 नवंबर 2008 को गिरफ्तार किया गया। बाकी 9 हमलावर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए। कसाब की गिरफ्तारी इस मामले की जांच में अहम साबित हुई। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, जांच में पुलिस की जांच के अलावा कसाब के बयान, फोरेंसिक सबूत, सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सबूत शामिल थे। अदालत ने माना कि हमले की साजिश और इसकी तैयारी पाकिस्तान में हुई थी। कसाब पर देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश, आतंकी गतिविधियों, हत्या, हत्या की साजिश और हथियारों से जुड़े कई आरोप लगाए गए। मई 2010 में मुंबई की विशेष अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने फरवरी 2011 में इस सजा को बरकरार रखा। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने 2012 में कसाब की अपील खारिज कर उसकी मौत की सजा बरकरार रखी। इसके बाद उसकी दया याचिका भी खारिज कर दी गई। 21 नवंबर 2012 को पुणे की यरवडा जेल में उसे फांसी दी गई।

दैनिक भास्कर 27 Sep 2026 9:18 am

ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर Hanuman Ansh का दबदबा कायम, शनिवार को डिवोशनल फिल्म ने दुनियाभर में की धांसू कमाई

7 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई डिवोशनल ड्रामा हनुमान अंश (Hanuman Ansh) घरेलू के साथ-साथ ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन कर रही है।

जागरण 27 Sep 2026 9:13 am

रामायण इवेंट में मीडिया ने किया साढ़े चार घंटे इंतजार:मिस्टर बीस्ट के आने में हुई देरी; रणबीर-साई पल्लवी समेत टीम पहले से मौजूद थी

रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर ‘रामायण’ के प्रचार को लेकर शनिवार को मुंबई के फिल्म सिटी स्थित प्राइम फोकस स्टूडियो में खास कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम का पहला समय दोपहर 12 बजे बताया गया था, जिसे बाद में दोपहर 1 बजे कर दिया गया। तय समय के अनुसार मीडिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया, लेकिन बातचीत शुरू होने में करीब साढ़े चार घंटे की देरी हुई। इस दौरान रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी समेत फिल्म की टीम मौजूद थी। देरी की वजह मिस्टर बीस्ट के कार्यक्रम में देर से पहुंचने को बताया गया। पहले 12 बजे था कार्यक्रम का समय मीडिया को भेजे गए निमंत्रण में शुरुआत में कार्यक्रम का समय दोपहर 12 बजे बताया गया था। बाद में समय बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया। साथ ही जानकारी दी गई थी कि बातचीत दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगी। पत्रकार और मीडिया प्रतिनिधि बदले हुए समय के अनुसार कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे। हालांकि, बातचीत तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। करीब साढ़े चार घंटे करना पड़ा इंतजार कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बातचीत शुरू होने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान फिल्म की मुख्य टीम के कई सदस्य पहले से ही वहां मौजूद थे। रणबीर कपूर, साई पल्लवी, निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी के कार्यक्रम स्थल पर समय से पहुंचने की जानकारी थी। इसके बावजूद मीडिया से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। मिस्टर बीस्ट की वजह से हुई देरी कार्यक्रम में मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को लेकर पहले से काफी उत्सुकता थी। उन्हें ‘रामायण’ की टीम के साथ विशेष बातचीत में शामिल होना था। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मीडिया को बताया गया कि मिस्टर बीस्ट इससे पहले दो उड़ानें मिस कर चुके थे और उनके देर से पहुंचने के कारण कार्यक्रम में देरी हुई। उनके पहुंचने के बाद ही फिल्म की टीम के साथ तय बातचीत आगे बढ़ी। मीडिया के समय को लेकर उठे सवाल करीब साढ़े चार घंटे के इंतजार के बाद मीडिया के बीच कार्यक्रम के प्रबंधन को लेकर नाराजगी देखने को मिली। सवाल यह भी उठा कि जब रणबीर कपूर, साई पल्लवी, नमित मल्होत्रा और नितेश तिवारी पहले से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे, तो उनके साथ बातचीत तय समय पर शुरू क्यों नहीं की गई। मीडिया के लिए आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों ने अपना समय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रखा था। ऐसे में लंबे इंतजार को लेकर कई मीडिया प्रतिनिधियों में असंतोष देखने को मिला। मिस्टर बीस्ट के साथ रणबीर की बातचीत मिस्टर बीस्ट के पहुंचने के बाद ‘रामायण’ की टीम के साथ उनकी विशेष बातचीत हुई। रणबीर कपूर के साथ मिस्टर बीस्ट की बातचीत के वीडियो भी सामने आए हैं। मिस्टर बीस्ट को रणबीर ने बताया राम का परिचय इवेंट के दौरान एक पैपराजी ने मिस्टर बीस्ट से ‘जय श्री राम’ कहा। मिस्टर बीस्ट जवाब देने को लेकर असमंजस में दिखे, जिसके बाद रणबीर कपूर ने उन्हें ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए कहा। मिस्टर बीस्ट ने भी रणबीर की बात दोहराई। इसके बाद रणबीर ने मिस्टर बीस्ट को भगवान राम के बारे में बताते हुए कहा कि वे राजकुमार थे और उनके पास सब कुछ था, लेकिन पिता के वचन और अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए उन्होंने सब त्याग दिया। रणबीर ने कहा कि भगवान राम को एक आदर्श पुरुष के रूप में जाना जाता है और उम्मीद है कि फिल्म के जरिए मिस्टर बीस्ट को भारतीय संस्कृति और इतिहास की झलक मिलेगी। इवेंट में रणबीर ने उठाया शिव धनुष कार्यक्रम में रणबीर कपूर शिव धनुष उठाते हुए भी नजर आए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनका उत्साह बढ़ाया। इवेंट में रणबीर के साथ साई पल्लवी, रवि दुबे, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा भी मौजूद रहे। मिस्टर बीस्ट की मौजूदगी को फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रचार अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी वैश्विक लोकप्रियता को देखते हुए निर्माताओं की कोशिश ‘रामायण’ को भारतीय दर्शकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की है। ‘रामायण’ में राम बने हैं रणबीर कपूर नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। साई पल्लवी माता सीता और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में यश रावण और सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं। फिल्म को दो हिस्सों में रिलीज किया जाएगा। वैश्विक प्रचार पर निर्माताओं का जोर निर्माता नमित मल्होत्रा की फिल्म ‘रामायण’ को बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश करने की तैयारी है। मिस्टर बीस्ट के साथ यह विशेष कार्यक्रम भी इसी वैश्विक प्रचार अभियान का हिस्सा है।

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 7:12 pm

रीति तिवारी को सलमान ने फटकारा:बोले- बिग बॉस से पहले कोई नहीं जानता था; एकम बावा ने खुद को बताया सौतेला पिता, रानी से शादी का दावा

‘बिग बॉस 20’ में रीति तिवारी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान ने कहा कि बिग बॉस में आने से पहले उन्हें कोई नहीं जानता था। सलमान ने उन्हें मनोज तिवारी की बेटी बताते हुए ‘भाई-भतीजावाद’ का जिक्र किया। इसी बीच पंजाबी गायक एकम बावा ने दावा किया है कि उन्होंने रीति की मां रानी तिवारी से शादी की थी और वह रीति के सौतेले पिता हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सलमान ने रीति से कहा- आपको कोई नहीं जानता था बिग बॉस 20’ में रीति तिवारी लगातार चर्चा में हैं। घर में साथी प्रतियोगियों के साथ बहस और कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा है। इसी बीच ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान ने रीति को उनके व्यवहार और पहचान को लेकर फटकार लगाई। सलमान ने कहा कि बिग बॉस में आने से पहले रीति को कोई नहीं जानता था। उन्होंने कहा कि रीति शो में इसलिए आईं क्योंकि वह मनोज तिवारी की बेटी हैं। इस दौरान सलमान ने ‘भाई-भतीजावाद’ शब्द का इस्तेमाल किया। सलमान बोले- मनोज तिवारी की बेटी होने की वजह से आईं शो के प्रचार वीडियो में सलमान खान रीति से कहते नजर आ रहे हैं कि बिग बॉस में आने से पहले उन्हें कोई नहीं जानता था। इसके बाद वह कहते हैं कि रीति मनोज तिवारी की बेटी होने की वजह से शो में आई हैं और इसे ‘भाई-भतीजावाद’ बताते हैं। सलमान की यह टिप्पणी रीति के घर में हुए हालिया विवादों के बीच सामने आई है। इससे पहले उदिति सिंह और काजी तौकीर के साथ रीति की बहस भी चर्चा में रही थी। एकम बावा ने किया बड़ा दावा रीति तिवारी को लेकर अब एक और विवाद सामने आया है। पंजाबी गायक एकम बावा ने सोशल मीडिया पर रीति और उनकी मां रानी तिवारी को लेकर कई दावे किए हैं। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, एकम बावा ने दावा किया है कि वह रानी तिवारी के साथ रिश्ते में थे और बाद में दोनों ने शादी की। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह रीति के ‘कानूनी तौर पर पिता’ हैं। उन्होंने रीति और रानी के साथ अपनी कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। 2020 से 2025 तक साथ रहने का दावा एकम बावा के मुताबिक, वह 2020 से 2025 के बीच रानी तिवारी और रीति के साथ एक ही घर में रहे थे। उन्होंने दावा किया कि शादी से पहले वह और रानी 2020 से 2022 तक साथ रह रहे थे। बावा ने यह भी कहा कि रीति अपनी मां और उनके रिश्ते के बारे में जानती थीं। हालांकि, ये सभी बातें एकम बावा के दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रीति के 25 हजार रुपए वाले दावे पर भी सवाल रीति तिवारी ने बिग बॉस के घर में अपने पिता मनोज तिवारी से मिलने वाली आर्थिक मदद के बारे में बात की थी। उन्होंने कथित तौर पर बताया था कि उन्हें हर महीने खर्च के लिए 25 हजार रुपए मिलते हैं। एकम बावा ने रीति के इस दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने रीति के महंगे हैंडबैग और गाड़ियों का जिक्र कर उनके आर्थिक संघर्ष के दावे को चुनौती दी। हालांकि, बावा के इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रानी तिवारी ने शादी की पुष्टि नहीं की आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, रानी तिवारी ने एकम बावा के साथ शादी की पुष्टि नहीं की है। उन्होंने बावा के दावों पर अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया भी नहीं दी है। ऐसे में एकम बावा के रिश्ते और शादी से जुड़े दावों को फिलहाल उनके दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है। बिग बॉस में रीति के व्यवहार को लेकर पहले से विवाद बिग बॉस में आने के बाद रीति तिवारी अपने व्यवहार को लेकर भी चर्चा में रही हैं। दूसरे प्रतियोगियों के साथ हुई उनकी बहस के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अब ‘वीकेंड का वार’ में सलमान खान की टिप्पणी और बाहर एकम बावा के दावों के बाद रीति तिवारी से जुड़ा विवाद और बढ़ गया है। इस मामले में रीति तिवारी और रानी तिवारी का पक्ष सामने आना बाकी है।

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 6:13 pm

‘द वन’ ने पहले दिन ₹8 करोड़ कमाए:सिद्धार्थ की पिछली 10 फिल्मों में दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग; ‘हनुमान अंश’ ने 50वें दिन ₹3.35 करोड़ कमाए

शुक्रवार को रिलीज हुई सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘द वन’ ने पहले दिन भारत में 8 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। सैकनिल्क के मुताबिक, 6,746 शोज में रिलीज हुई फिल्म की ऑक्यूपेंसी 26% रही। फिल्म का भारत में ग्रॉस कलेक्शन 9.6 करोड़ रुपए हो गया। वहीं अपने रिलीज के 50वें दिन भी ‘हनुमान अंश’ ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’, ‘वाइब’ जैसी कई फिल्मों से ज्यादा कमाई की। ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ का निर्देशन ‘पंचायत’ फेम दीपक कुमार मिश्रा ने किया है। यह उनका फीचर फिल्म डायरेक्शन डेब्यू है। फिल्म भारतीय लोककथाओं पर आधारित है और इसमें सुपरनैचुरल फैंटेसी, पौराणिक कथाओं, एक्शन और थ्रिलर के एलिमेंट्स हैं। इस महीने रिलीज हुई करीना कपूर की ‘दायरा’ और कुणाल खेमू की ‘वाइब’ की तुलना में ‘द वन’ की शुरुआत बेहतर रही। दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 1 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन ₹8 करोड़ का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ यह फिल्म एक्टर की पिछली 10 थिएट्रिकल रिलीज में दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई है। इस लिस्ट में ‘थैंक गॉड’ ₹8.10 करोड़ के साथ पहले स्थान पर है। ‘परम सुंदरी’ ने ₹7.25 करोड़, ‘मरजावां’ ने ₹7 करोड़ और ‘बार बार देखो’ ने ₹6.80 करोड़ की ओपनिंग की थी। फिल्म में तमन्ना भाटिया भी लीड रोल में हैं। यह सात साल बाद उनकी पहली हिंदी थिएट्रिकल फिल्म है, जिसमें वह लीड रोल में हैं। उनकी पिछली हिंदी फीचर फिल्म ‘खामोशी’ थी, जिसमें प्रभु देवा भी थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली थी। ‘खामोशी’ के बाद तमन्ना हिंदी फिल्मों में ज्यादातर स्पेशल सॉन्ग सीक्वेंस में नजर आईं। इनमें ‘स्त्री’ और ‘रेड 2’ शामिल हैं। ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ से हुआ सामना ‘द वन’ को हिंदी बॉक्स ऑफिस पर सोलो रिलीज मिली। इसके साथ रिलीज हुई एकमात्र बड़ी फिल्म ‘अवेंजर्स: एंडगेम-एन्कोर’ थी। इसने भारत में सभी भाषाओं में 8.68 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया, जिसमें इंग्लिश वर्जन की हिस्सेदारी 5.25 करोड़ रुपए रही। फिल्म को 3,635 शोज में दिखाया गया। ‘अवेंजर्स: एंडगेम - एन्कोर’ 2019 की मार्वल स्टूडियोज की फिल्म ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ की थिएट्रिकल री-रिलीज थी। इसमें कुछ अतिरिक्त फुटेज जोड़ा गया था, जो कहानी को ‘अवेंजर्स: डूम्सडे’ से जोड़ता है। ‘डूम्सडे’ दिसंबर में रिलीज होने वाली है। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ का कलेक्शन ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 23वें दिन 503 शोज में चल रही है। फिल्म ने आज लाइव कलेक्शन के तौर पर 0.28 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। इसके साथ फिल्म का भारत में कुल ग्रॉस कलेक्शन 266.70 करोड़ रुपए और कुल नेट कलेक्शन 224.08 करोड़ रुपए हो गया है। इससे पहले 25 सितंबर, 4वें शुक्रवार यानी 22वें दिन फिल्म ने 1.00 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया था। ‘हनुमान अंश’ ने 50वें दिन भी दिखाया दम भारतीय बॉक्स ऑफिस पर शुक्रवार को कई फिल्मों के बीच ‘हनुमान अंश’ की कमाई चर्चा में रही। फिल्म ने रिलीज के 50वें दिन भी 3.35 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। वहीं, ‘वाइब’ ने शुक्रवार को ₹85 लाख, ‘दायरा’ ने ₹13 लाख और ‘लव लॉटरी’ ने करीब ₹9 लाख का नेट कलेक्शन किया। सैकनिल्क के मुताबिक, भारत में ‘हनुमान अंश’ का कुल नेट कलेक्शन 291.53 करोड़ रुपए हो गया है। भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 344.35 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं, ओवरसीज में 50वें दिन फिल्म ने 50 लाख रुपए कमाए। इसके साथ विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 37 करोड़ रुपए हो गया है। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 381.35 करोड़ रुपए हो चुका है। नानी की फिल्म ‘द पैराडाइज’ ने दूसरे दिन भारत में 14.90 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। फिल्म को दूसरे दिन 7,049 शोज मिले। इसके साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 61.15 करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, भारत में इसका ग्रॉस कलेक्शन 72.50 करोड़ रुपए पहुंच चुका है। ओवरसीज में दूसरे दिन फिल्म ने 3 करोड़ रुपए कमाए। इसके साथ विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 25 करोड़ रुपए हो गया है। फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 97.50 करोड़ रुपए हो चुका है। वहीं, दूसरे दिन फिल्म के हिंदी वर्जन ने 1.50 करोड़ रुपए कमाए।

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 3:13 pm

कृति सेन ने पितृसत्ता पर उठाए सवाल:कहा- कब तक पूछेंगे कि लड़की ने क्या पहना, आदमियों को क्यों नहीं सिखाते कि शोषण, जबरदस्ती न करें

रक्षाबंधन से जुड़े एड में पहनावे के चलते विवादों में रहीं कृति सेनन ने अब देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे छेड़छाड़, रेप और शोषण के मामलों में पितृसत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ये लड़ाई आदमियों और औरतों के बीच नहीं बल्कि उन औरतों के साथ भी है, जो पितृसत्ता को ही संस्कार मानती हैं। कृति सेनन ने बिना किसी घटना का जिक्र किए आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, यह लड़ाई पुरुषों और महिलाओं के बीच नहीं है। यह महिलाओं और पितृसत्तात्मक सोच के बीच की लड़ाई है। उन पुरुषों के खिलाफ, जो महिलाओं को कमतर समझते हैं और उन महिलाओं के खिलाफ भी, जो पितृसत्ता को ही संस्कार मान बैठी हैं। आगे कृति ने लिखा, ‘आखिर कब तक महिलाओं को ही यह सिखाया जाता रहेगा कि वे खुद को यौन हिंसा से कैसे बचाएं? पुरुषों को यह क्यों नहीं सिखाया जाता कि वे महिलाओं के साथ छेड़छाड़, यौन शोषण और जबरदस्ती न करें?’ ‘जब किसी नाबालिग के साथ बलात्कार होता है, तो सवाल यह क्यों नहीं पूछा जाता कि ऐसा करने वाला इंसान किस तरह की सोच रखता है? इसके बजाय आज भी लोग यही पूछते हैं कि लड़की ने क्या पहना था, वह कहां थी, किसके साथ थी, बाहर क्यों गई थी और उसके परिवार ने उसे ऐसा करने की इजाजत क्यों दी?’ इसके अलावा कृति ने लिखा, ‘महिलाओं को हर बार यह समझाना बंद कीजिए कि वे खुद को सुरक्षित रखने के लिए ज्यादा सावधान रहें। जरूरत पुरुषों को यह सिखाने की है कि वे महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आएं और अपनी मर्यादा में रहें। लड़कों को सहमति और सम्मान का मतलब सिखाइए। उन्हें अपने व्यवहार की जिम्मेदारी लेना सिखाइए। जो पुरुष गलत व्यवहार करते हैं, उनकी गलती का बोझ महिलाओं पर डालना बंद कीजिए।’ आएशा खान बोलीं- ये देखकर घिन आती है धुरंधर के गाने शरारत में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस ने भी कुछ समय पहले जमुई में लड़की के साथ हुई बर्बरता पर लिखा था, बिहार में जो हुआ, उसे देखकर मुझे सच में घिन आती है। सोचिए, जब लोग आपको घेरकर खड़े हों, आप डरे हुए हों, अपमानित महसूस कर रहे हों और लोग आपकी मदद करने के बजाय खड़े होकर आपका वीडियो बना रहे हों। इसे नैतिकता का नाम देना बंद कीजिए। उत्पीड़न को संस्कृति की आड़ में छिपाना बंद कीजिए। यह बेहद शर्मनाक और घिनौना है। दिशा पाटनी की बहन खुशबू बोलीं- कोई साथ घूमे तो आपत्ति क्यों खुशबू पाटनी ने 22 सितंबर को एक वीडियो शेयर कर इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। खुशबू ने सवाल उठाया कि अगर कोई लड़का और लड़की अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं, साथ घूमना चाहते हैं या दोस्त बनना चाहते हैं, तो लोगों को इससे आपत्ति क्यों होनी चाहिए? जमुई केस के बारे में पढ़िए- 19 सितंबर को जमुई के मड़वा पहाड़ इलाके में 14 साल की छात्रा के साथ सड़क पर छेड़खानी और अभद्र व्यवहार किया गया था। इसका वीडियो 21 सितंबर को सामने आया। पुलिस के अनुसार, वीडियो की जानकारी 21 सितंबर को मिली, जिसके बाद पीड़िता की पहचान कर केस दर्ज किया गया। इसके लिए SIT बनाई गई। वीडियो में दिख रहे तीन नाबालिगों को पकड़ा गया, जबकि मुख्य आरोपियों के रूप में बताए जा रहे हरेराम यादव और नंदन यादव का 22 सितंबर को एनकाउंटर किया गया। एडीजी (विधि-व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि छेड़खानी मामले में तीन नाबालिगों को पकड़ा गया है जबकि वीडियो वायरल करने के आरोप में रामाशीष चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। पटना के मुख्य आरोपी नंदन यादव (लाल गमछा) और हरे राम यादव अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई है और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर चल रहे वीडियो को टेकडाउन कराया गया है। आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने को लेकर दो दर्जन से अधिक लोगों, ट्विटर हैंडलर, फेसबुक और इंस्टाग्राम को चिन्हित किया गया है। वीडियो प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ भी POSCO एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होगा।

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 1:48 pm

रीति तिवारी की आपत्तिजनक टिप्पणी पर भड़के सलमान:बोले- किसी का अपमान करने की भी एक सीमा होनी चाहिए; आपको इस पर गर्व क्यों है

सलमान खान ने रीति तिवारी को उदिति सिंह और काजी तौकीर के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर फटकार लगाई। बिग बॉस 20 के इस हफ्ते के वीकेंड का वार के प्रोमो में सलमान ने रीति से पूछा कि वह अपनी बातों पर गर्व क्यों कर रही हैं और कहा कि किसी का अपमान करने की भी एक लिमिट होनी चाहिए। दरअसल, हाल ही में एक डिस बैटल के दौरान रीति तिवारी ने उदिति सिंह और काजी तौकीर को लेकर टिप्पणी की थी। टास्क खत्म होने के बाद भी रीति अपने बयान पर कायम रहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने किए पर गर्व है और उन्हें भरोसा है कि उनके पिता भी उन पर गर्व करेंगे। सलमान ने पूछा- इस पर गर्व क्यों कर रही हैं? आने वाले वीकेंड का वार के प्रोमो में सलमान खान रीति के व्यवहार पर सवाल करते नजर आएंगे। सलमान ने कहा कि रीति काजी से जलती हैं और असुरक्षित महसूस करती हैं। इस पर रीति ने कहा कि वह काजी से नहीं जलतीं, बल्कि उन्हें एक व्यक्ति के तौर पर पसंद नहीं करतीं। इसके बाद सलमान ने टास्क के दौरान उदिति और काजी के खिलाफ की गई रीति की टिप्पणियों पर बात की। उन्होंने कहा, “डिस को भूल जाइए, मुझे समझ नहीं आता कि आपको इस पर गर्व क्यों है, लेकिन मुझे लगता है कि यह अब तक का सबसे खराब डिस था। किसी का अपमान करने की भी एक सीमा होनी चाहिए।” रीति ने सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा वह कहने का नहीं था, जो उन्होंने डिस के दौरान कहा। इस पर सलमान ने सवाल किया कि अगर उन्हें अपनी बात का मतलब ही नहीं पता था, तो उन्होंने ऐसी टिप्पणी क्यों की। सलमान ने बाकी घरवालों से भी सवाल किया सलमान ने घर के दूसरे सदस्यों से भी पूछा कि जब रीति लगातार ऐसी बातें कर रही थीं, तब किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश क्यों नहीं की। उन्होंने कहा, “क्या आपको नहीं लगा कि अपनी बातों से वह डिसरिस्पेक्ट की सीमा पार कर रही थीं? ये आपको चढ़ा रहे थे और ये चढ़ रही थीं।” सलमान ने आसिफ से भी इस मामले में सवाल किया। आसिफ ने रीति का समर्थन किया था, जब वह उदिति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर रही थीं। सलमान ने पूछा कि उन्होंने रीति को रोकने की कोशिश क्यों नहीं की। उन्होंने आसिफ से यह भी सवाल किया कि अगर यही डिस उनकी बहन को लेकर किया गया होता, तो क्या वह ऐसे शब्दों को बर्दाश्त करते। आखिर क्या था मामला? मामला बिग बॉस 20 के एक टास्क से शुरू हुआ। घर में दो टीमों के बीच एक-दूसरे को ‘डिस’ करने का टास्क रखा गया था। पहले रीति का मुकाबला उदिति सिंह से होना था। उदिति के इनकार के बाद काजी तौकीर सामने आए। टास्क के दौरान रीति ने उदिति और काजी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उनकी कुछ बातें शो के एडिट में म्यूट करनी पड़ीं। इसको लेकर घर में बहस भी हुई। रीति ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने ये शब्द सिर्फ राइमिंग के लिए इस्तेमाल किए थे। उन्होंने इन्हें स्लैंग बताया। मामला यहीं नहीं रुका। एक दूसरे टास्क के दौरान रीति ने काजी को धमकी भी दी। उन्होंने कहा, “अगर मेरे बाप आपको यह सब करते हुए देख लेते, तो आपको पता नहीं है आपका क्या हाल होता।” रीति ने काजी से यह भी कहा, तेरा म्यूट बटन दबा दूंगी मैं। कौन है तू, तू किससे बात कर रहा है? तेरे बाप की नौकर हूं? कौन हूं मैं, तू कौन है? मुझसे बात मत करना और मेरी तरफ देखना भी मत। शो में शामिल हो सकते हैं मनोज तिवारी इस बीच रीति के पिता और अभिनेता-राजनेता मनोज तिवारी के भी बिग बॉस 20 के वीकेंड का वार में पहुंचने की खबर है। इंडिया फोरम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मनोज तिवारी शो में अपनी बेटी के व्यवहार को लेकर उनसे बात कर सकते हैं। इससे पहले पैपराजी से बातचीत में मनोज तिवारी से पूछा गया था कि क्या वह बिग बॉस 20 में अपनी बेटी का सफर देख रहे हैं। उन्होंने रीति के गेम को लेकर कहा था, “डर-डर के देखता हूं।” इससे पहले ‘बिग बॉस 20’ के प्रीमियर के एपिसोड में मनोज तिवारी नजर आए थे। वह रीति तिवारी को शो में छोड़ने पहुंचे थे। मनोज तिवारी गाना गाते हुए स्टेज पर पहुंचे थे। सलमान खान ने उन्हें दोबारा शो में आने को लेकर मजाक किया था। इस पर मनोज ने बताया था कि वह खुद कंटेस्टेंट बनने नहीं, बल्कि बेटी को शो में छोड़ने आए हैं। प्रीमियर के दौरान रीति को सलमान ने घर के अंदर होने वाले झगड़ों को लेकर सलाह दी थी। उन्होंने मजाक में कहा था कि अंडों को लेकर लड़ाई मत करना। इसके बाद सलमान ने कहा था, “ऐ बाप पे मत जाना।”

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 12:56 pm

ममता कुलकर्णी बोली-आध्यात्मिक पुकार पर बनाई इंडस्ट्री से दूरी:48 सुपरहिट फिल्में दी, ब्रुनेई सुल्तान की बेटी ने मेरे लिए स्टेडियम खाली कराया; नेल्लोर में मेरा मंदिर

राजस्थान फिल्म फेस्टिवल में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित हुईं ममता कुलकर्णी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अपने फिल्मी करियर, ‘करण अर्जुन’ की शूटिंग और इंडस्ट्री से दूरी बनाने के फैसले पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि अलवर में ‘करण अर्जुन’ की शूटिंग के दौरान शाहरुख खान, सलमान खान और पूरी टीम के साथ करीब एक महीने बिताया था। ममता ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री छोड़ना उनके लिए मोहभंग नहीं, बल्कि भीतर से आई आध्यात्मिक जीवन की पुकार थी। ममता कुलकर्णी ने करीब 15 साल के फिल्मी करियर में 48 फिल्मों में काम किया। तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बंगाली और हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाने वाली ममता ने करियर के उस दौर में फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली थीं। राजस्थान लौटने पर उन्होंने अचानक इंडस्ट्री छोड़ने के फैसले और क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़ाव पर खुलकर बातचीत की। सवाल: राजस्थान की धरती पर आपको लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया जा रहा है। आप इस सम्मान को किस तरह देखती हैं? ममता कुलकर्णी: देखिए, मेरी 48 फिल्में रिलीज हुई हैं और मेरा करीब 15 साल का फिल्मी करियर रहा है। जिंदगी में भाग्य भी बहुत मायने रखता है। भगवान की कृपा और गुरु का आशीर्वाद रहा कि मेरे करियर में ज्यादातर फिल्में हिट या सुपरहिट रहीं। इसलिए जब इतने वर्षों बाद आपको कोई लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान देता है तो वह आपके पूरे सफर को याद करने जैसा होता है। मेरा फिल्मी सफर तमिलनाडु से शुरू हुआ था। मेरी पहली फिल्म एस. चंद्रशेखर की ‘ननबर्गल’ थी। इसके बाद मेरी दूसरी फिल्म ‘प्रेम शिकरम’ थी, जिसने काफी लोकप्रियता दिलाई। उन्होंने कहा कि नेल्लोर में लोगों ने मेरे नाम का मंदिर तक बना दिया था और इसकी खबर टाइम्स मैगजीन में प्रकाशित हुई थी। इसके बाद मैं बॉलीवुड में आई। मेरी पहली हिंदी फिल्म ‘तिरंगा’ थी। फिर ‘आशिक आवारा’ ‘क्रांतिवीर’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘आंदोलन’, ‘करण अर्जुन’, ‘घातक’ और ‘नसीब’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। तो जब आज इतने वर्षों के बाद मुझे लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान मिल रहा है तो मेरे लिए यह बहुत भावुक पल है। सवाल: राजस्थान से आपका गहरा जुड़ाव रहा है। आपकी कई फिल्मों की शूटिंग यहां हुई और आपकी एक बेहद लोकप्रिय फिल्म का गाना भी राजस्थान में शूट हुआ। इस जुड़ाव को आप किस तरह देखती हैं? ममता कुलकर्णी: मुझे राजस्थान का खाना बहुत पसंद है। मुझे गट्टे की कढ़ी-चावल और बाजरे की रोटी मेरे पसंदीदा हैं। मेरी कई फिल्मों की शूटिंग राजस्थान में हुई। खास तौर पर ‘करण अर्जुन’ की शूटिंग अलवर में हुई थी, जहां सलमान खान, शाहरुख खान और फिल्म के दूसरे कलाकारों के साथ वह करीब एक महीने तक रहीं। इसके बाद ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ का ‘भोली भाली लड़की’ वाला हिस्सा जयपुर में शूट हुआ था। ‘नसीब’ की शूटिंग उम्मेद भवन पैलेस में हुई। इसलिए राजस्थान मेरे लिए सिर्फ एक जगह नहीं है, बल्कि मेरे करियर की कई यादों से जुड़ा हुआ है। इतने साल बाद जब मैं राजस्थान वापस आई हूं तो अंदर से बहुत अच्छी और भावुक अनुभूति हो रही है। ऐसा लग रहा है जैसे अपने पुराने सफर के किसी हिस्से में वापस आ गई हूं। सवाल: ‘करण अर्जुन’ की शूटिंग की कोई खास याद, खासकर शाहरुख खान या सलमान खान के साथ, जिसे आप दर्शकों के साथ साझा करना चाहेंगी? ममता कुलकर्णी: देखिए, उस समय हम सब नए थे। हम सभी अपने-अपने करियर में आगे बढ़ रहे थे और हमारे अंदर बहुत ज्यादा उत्साह और मेहनत करने की भूख थी। जब कोई कलाकार नया होता है तो उसके अंदर खुद को साबित करने की एक अलग ऊर्जा होती है। 1995 मेरे करियर के लिए भी बहुत खास साल रहा। उस साल मेरी करीब 11 फिल्में रिलीज हुई थीं। ‘आंदोलन’ आई, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ आई, आमिर खान के साथ ‘बाजी’ आई, ‘बेकाबू’ आई, ‘करण अर्जुन’ आई और उसके बाद ‘घातक’ जैसी फिल्में भी आईं। ‘करण अर्जुन’ की शूटिंग के दौरान हम सभी ने जी-जान लगा दी थी। हम नए कलाकार थे और हमारे अंदर बहुत ज्यादा भूख थी कि कुछ अच्छा करना है, अपनी पहचान बनानी है। सुबह से लेकर शाम तक हम लोग बहुत मेहनत करते थे। इसलिए उस फिल्म की शूटिंग की बहुत सारी यादें आज भी मेरे साथ हैं। सवाल: करियर के चरम पर आपने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली। ऐसा क्या हुआ था? ममता कुलकर्णी: जिंदगी में एक समय आता है जब आपको लगता है कि अब कुछ और तलाशना है। मेरे जीवन में भी ऐसा ही समय आया। मेरे अंदर आध्यात्मिक जीवन को लेकर एक आवाज आई। मेरे गुरु मेरे जीवन में आए और उसके बाद मेरा रुझान अध्यात्म की तरफ बढ़ता चला गया। उस समय दुनिया के सबसे अमीर लोगों में ब्रुनेई के सुल्तान ने अपनी बेटी प्रिंसेस हमीदा के जन्मदिन पर मेरे लिए प्राइवेट जेट भेजा था। प्रिसेस मेरी प्रशंसक थीं। एक बार ब्रुनेई में प्रिंसेस हमीदा के जन्मदिन पर मैं गई थी। मैंने उनसे कहा था कि अक्टूबर में मैं शाहरुख के साथ एक शो के लिए आ रही हूं, तुम भी आना। इसके बाद जब हम अक्टूबर में वेम्बली स्टेडियम में शो करने पहुंचे तो मैं बैकस्टेज थी। तभी अली मोरानी दौड़ते हुए मेरे पास आए और बोले- ममता, ममता...। आपने जिस प्रिंसेस हमीदा को बुलाया था, वह अपनी मां और पूरी सिक्योरिटी के साथ आ गई हैं। उन्होंने स्टेडियम का एक पूरा हिस्सा सुरक्षा के लिए खाली करवा दिया था। वह अनुभव मेरे लिए बहुत अलग था। मैंने दुनिया का ग्लैमर, शोहरत और भौतिक जीवन बहुत करीब से देखा। शायद उसी के बाद मेरे भीतर अध्यात्म की तलाश और गहरी होती चली गई। सवाल: राजस्थान फिल्म फेस्टिवल क्षेत्रीय सिनेमा को एक बड़ा मंच देता है। आपको क्या लगता है कि क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करने की कितनी जरूरत है? ममता कुलकर्णी: बिल्कुल जरूरत है। फिल्म तो फिल्म होती है, चाहे वह किसी भी भाषा में बनाई गई हो। मैंने खुद कई भाषाओं में काम किया है। मेरी तीसरी फिल्म ‘शेष भोंक सो दो’ बंगाली भाषा की थी। उस समय मैं बहुत व्यस्त थी, लेकिन मुझे राष्ट्रपति की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार से जुड़ा पत्र भी मिला था कि आप आइए, हम आपको सम्मान देना चाहते हैं। मैं खुद एक बहुभाषी अभिनेत्री रही हूं। मेरी मातृभाषा मराठी है, लेकिन मैंने अभी तक मराठी में कोई फिल्म नहीं की। मैंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, बंगाली सहित कई भाषाओं में काम किया है। भारत की खूबसूरती ही यही है कि यहां अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां और कहानियां हैं। क्षेत्रीय सिनेमा इन्हीं कहानियों को सामने लाता है। इसलिए क्षेत्रीय फिल्मों और कलाकारों को मंच मिलना बहुत जरूरी है।

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 12:51 pm

कभी बायोकैमिस्ट्री के लेक्चरर थे साधु तिवारी:‘हनुमान अंश’ सिंगर ने भजन क्लबिंग में पीएम मोदी के सामने गाया ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’

नई दिल्ली में शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर आयोजित भजन क्लबिंग कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के सिंगर साधु तिवारी ने ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन पेश किया। इस दौरान मोदी खंजरी बजाते नजर आए। कार्यक्रम दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित किया गया था। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में पीएम मोदी भजन सुनते और खंजरी बजाकर ताल देते दिखाई दिए। इसके बाद फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने भी प्रस्तुति दी और हनुमान चालीसा का पाठ किया। ‘पार्वती’ गाने वाले साधु तिवारी कौन हैं? ‘हनुमान अंश’ के ‘जब जिद पर आ गई पार्वती’ भजन को साधु एस. तिवारी ने आवाज देने के साथ इसके बोल और संगीत भी तैयार किए हैं। गाने में भगवान शिव और माता पार्वती की कथा को आसान शब्दों और देसी अंदाज में पेश किया गया है। साधु तिवारी ग्वालियर के पास करहिया गांव के रहने वाले हैं। शुरुआती पढ़ाई गांव में करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए ग्वालियर आए। उन्होंने ग्वालियर के साइंस कॉलेज और कैंसर हॉस्पिटल से पढ़ाई की। संगीत की शिक्षा उन्होंने अपने गुरु संजय देवले से ली। साधु ने न्यूज नेशन को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह पिछले करीब 15-17 साल से संगीत के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। हालांकि, उनका सफर सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने एक प्राइवेट कॉलेज में बायोकैमिस्ट्री के लेक्चरर के तौर पर भी काम किया। करीब चार साल तक उन्होंने छात्रों को पढ़ाया। इसके अलावा उन्होंने अलग-अलग जगहों पर प्राइवेट नौकरियां भी कीं। इसके बाद 2010 में साधु मुंबई पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात म्यूजिक डायरेक्टर संदेश शांडिल्य से हुई। साधु ने कुछ समय तक उनके साथ असिस्टेंट के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्हें फिल्मों में काम करने के मौके मिलने लगे। साधु ने कई फिल्मों के लिए काम किया। इनमें माधुरी दीक्षित की ‘गुलाब गैंग’ भी शामिल है। उन्होंने फिल्म के लिए ‘मौज की मलारे’ गाना गाया। वह इसके वीडियो में भी नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ के लिए भी काम किया। साधु के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी उनके पुराने दोस्त हैं। विशाल ने उन्हें गाने की सिचुएशन बताई थी। इसके बाद साधु ने उसी हिसाब से गाना तैयार किया। साधु ने बताया कि वह इससे पहले भी कई फिल्मों के लिए गाने बना चुके हैं। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी पिछले करीब 7-8 साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। वह एक ऑनलाइन यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं। उनके क्लब में करीब 10 हजार लोग रोज हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। साधु के मुताबिक, विशाल का हनुमान चालीसा से लंबे समय से गहरा जुड़ाव रहा है। कौन हैं विशाल चतुर्वेदी फिल्म हनुमान अंश को 42 साल के विशाल चतुर्वेदी ने बनाया है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म है। फिल्मों में करियर शुरू करने से पहले विशाल एक डॉक्टर थे। ये उनके निर्देशन की दूसरी फिल्म है, इससे पहले उन्होंने 2012 की वॉर्निंग डायरेक्ट की थी। वह टीवी सीरीज और फिल्मों के डायलॉग राइटर के तौर पर काम कर चुके हैं। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई सैकनिल्क के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ ने रिलीज के 50वें दिन भारत में 3.35 करोड़ रुपए की नेट कमाई की। इस दिन फिल्म के 3,767 शोज हुए। इसके साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 291.53 करोड़ रुपए हो गया है। भारत में फिल्म का कुल ग्रॉस कलेक्शन 344.35 करोड़ रुपए पहुंच गया है। वहीं, ओवरसीज में 50वें दिन फिल्म ने 50 लाख रुपए कमाए। इसके साथ विदेशों में कुल ग्रॉस कलेक्शन 37 करोड़ रुपए हो गया है। सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 381.35 करोड़ रुपए हो चुका है। ‘हनुमान अंश’ दो राज्यों में टैक्स फ्री, अमित शाह से मिली थी फिल्म की टीम फिल्म ‘हनुमान अंश’ को उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री किया गया है। फिल्म बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी शिक्षाओं पर आधारित है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिल्म देखने के बाद इसे राज्य में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। फिल्म की सफलता के बीच 21 सितंबर को निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, लीड एक्टर शोभिनव सतैया और टीम के दूसरे सदस्य दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे।

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 11:11 am

गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने मांगा लोगों से सपोर्ट:काली मंदिर पहुंचीं, बोलीं- जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसको देखें

गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में अपने निजी जीवन की परेशानियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में भी कुछ राक्षस हैं और मां काली से उनसे मुक्ति की प्रार्थना की। दरअसल, दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सुनीता आहूजा ने कहा कि मैं आज दक्षिणेश्वर काली माता रानी का दर्शन करने आई हूं। आप सब जानते हैं कि महाकाली राक्षसों का नाश करती हैं। मेरे भी जीवन में कुछ राक्षस हैं, माता द्वारा बोलने आई हूं कि उनका भी नाश करें। सुनीता ने कथित तौर पर मीडिया में चल रही चर्चाओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, मीडिया में आने के चक्कर में वो पब्लिसिटी कर रहे हैं और मैं चाहती हूं, हाथ जोड़ के मैं विनती करती हूं मीडिया से भी कि आप लोग इन सबको सपोर्ट न करें। अगर आपके घर की बेटी हो या आपकी बहू हो, ये सब दिन देखना होता तो आप लोग क्या करते? उन्होंने आगे कहा कि जो मेरे साथ हो रहा है वो अच्छा नहीं हो रहा है, ये घर मेरा टूट रहा है बिना किसी मतलब और मैं चाहती हूं आप सब औरतें मेरे लिए स्टैंड लें, सारे जेन-जी बच्चे मेरे लिए स्टैंड लें और मीडिया से दरख्वास्त करती हूं कि प्लीज ये चीज को आप आगे न बढ़ाएं। आप लोग को भी कायदे से मुझे सपोर्ट करना चाहिए। मैं माता से यही मांगने आई हूं कि जो मेरा घर बर्बाद कर रही है, माता उसे देखें। वो राक्षसों का नाश करने वाली माता रानी हैं, और मैं चाहती हूं मेरे जीवन से ये संकट हट जाए। जय मां काली, जय मां काली। गोविंदा सात साल बाद कमबैक कर रहे हैं गौरतलब है कि गोविंदा लगभग 7 साल बाद फिल्म 'रूपा' से बॉलीवुड में कमबैक कर रहे हैं। इस फिल्म में उनकी सह-कलाकार कोमल रानी स्वर्णकार हैं। पिछले कुछ समय से गोविंदा का नाम कोमल रानी के साथ जोड़ा जा रहा है और दोनों को कई मौकों (जैसे एयरपोर्ट और मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन) पर एक साथ देखा गया है, जिससे उनके अफेयर की चर्चाओं को हवा मिली। वहीं इन अफवाहों पर रिएक्शन देते हुए गुरुवार को गोविंदा ने कहा कि उनकी निजी जिंदगी किसी और के लिए चिंता या चर्चा का विषय नहीं होनी चाहिए। ANI को दिए इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा कि यह किसी और के लिए चर्चा का विषय नहीं है, भले ही कोई अफेयर हो। मैं सिर्फ काम कर रहा हूं और एक पेशेवर रिश्ता बनाए हुए हूं। गोविंदा के मुताबिक, लोग बिना वजह उनकी निजी जिंदगी को निशाना बना रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रखना चाहिए। फिल्म 'रूपा' के लिए प्रार्थना करने पहुंचे थे कोमल रानी स्वर्णकार के साथ गणपति पंडाल में दिखने पर सफाई देते हुए गोविंदा ने बताया कि वे अपनी आने वाली फिल्म रूपा के लिए लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे थे। इस फिल्म में गोविंदा के साथ कोमल रानी मुख्य भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा, इससे पहले भी मैं करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ मंदिरों में गया था और वे फिल्में बहुत बड़ी हिट साबित हुई थीं। मैं लंबे समय बाद नया काम शुरू कर रहा हूं, इसलिए प्रार्थना करने गया था। परिवार से दूर करने और इमेज खराब करने की साजिश इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने खिलाफ चल रही बातों को एक सोची-समझी चाल करार दिया। उन्होंने कहा, यह किसी एक इंसान की गलती नहीं है, बल्कि बहुत सोच-समझकर बनाई गई योजना है। ऐसी चीजें आगे भी हो सकती हैं। यह मुझे मेरे परिवार से अलग करने और समाज में मेरी छवि खराब करने का प्लान है। गोविंदा ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने काम पर ध्यान दिया है और आगे भी काम करते रहेंगे। सुनीता आहूजा बोलीं- इंसान धोखा ही देते हैं गणपति उत्सव के दौरान गोविंदा को अभिनेत्री कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दिखने के बाद सुनीता आहूजा का एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने इंसानों को धोखेबाज बताते हुए जानवरों से प्यार को बेहतर बताया। हालांकि, सुनीता ने अपने बयान में किसी का नाम नहीं लिया था। दरअसल, मुंबई एयरपोर्ट पर पैपराजी से बातचीत के दौरान सुनीता अपने पालतू कुत्ते विंटर के साथ थीं। पैपराजी से बात करते हुए सुनीता ने कहा कि इंसानों को जितना भी प्यार करो, कोई फायदा नहीं है। धोखा ही देते हैं। इनको प्यार करो, देखो, हमेशा चिपके रहते हैं। जानवरों से प्यार करो, इंसानों से नहीं। धोखेबाज होते हैं इंसान।

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 9:00 am

नाव पलटी तो सुरैया को बचाने देव आनंद कूदे थे:शादी नहीं हुई तो पहली बार रोए, ‘गाइड’ को लेकर लोगों ने कहा था पागल

साल 1943 की बात है। एक युवा लड़का अपने सपनों को पूरा करने के लिए लाहौर से मुंबई पहुंचा। जेब में सिर्फ 30 रुपए थे और रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं था। फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाने का सपना था, लेकिन सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि मुंबई जैसे शहर में गुजारा कैसे हो। शुरुआत में उसे चॉल में रहना पड़ा। कुछ दिन बीते तो पैसे खत्म होने लगे। फिल्मों में काम मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही थी। आखिरकार पेट पालने के लिए उसे नौकरी करनी पड़ी। मिलिट्री सेंसर ऑफिस में क्लर्क की नौकरी मिली, जहां वह ब्रिटिश सरकार के लिए मिलिट्री सेंसर का काम करते थे। उसे महीने की 65 रुपए तनख्वाह मिलती थी। लेकिन जिस लड़के के पास मुंबई पहुंचने के लिए सिर्फ 30 रुपए थे, उसने हार नहीं मानी। कुछ साल बाद वही शख्स हिंदी सिनेमा का ऐसा सितारा बना, जिसे लोग ‘एवरग्रीन स्टार’ कहने लगे। हम बात कर रहे हैं देव आनंद की और उनकी 103वीं बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें… पिता स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े हुए थे देव आनंद का जन्म 26 सितंबर 1923 को ब्रिटिश भारत के पंजाब के गुरदासपुर जिले में धर्मदेव पिशोरीमल आनंद के रूप में हुआ था। उनके पिता पिशोरी लाल आनंद गुरदासपुर में वकील थे और स्वतंत्रता आंदोलन से भी जुड़े थे। देव आनंद चार भाइयों में तीसरे थे। उनके भाई चेतन आनंद और विजय आनंद भी फिल्म जगत से जुड़े रहे, जबकि उनकी बहन शील कांता कपूर फिल्म निर्देशक शेखर कपूर की मां थीं। उन्होंने शुरुआती पढ़ाई डलहौजी के सेक्रेड हार्ट स्कूल से की और बाद में लाहौर के गवर्नमेंट कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में बीए किया। पिता ने पढ़ाई के लिए पैसे देने से मना कर दिया था देव आनंद आगे पढ़ना चाहते थे और उच्च शिक्षा के लिए लंदन जाने का सपना देखते थे, जबकि उनके पिता चाहते थे कि वह किसी बैंक में नौकरी कर लें, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि उनकी आगे की पढ़ाई का खर्च उठाया जा सके। पिता ने साफ कह दिया कि अब उनकी पढ़ाई के लिए पैसे नहीं हैं। इसके बाद देव आनंद ने तय किया कि अगर जिंदगी में संघर्ष करना ही है, तो क्यों न अपने बचपन के सपने एक्टिंग के लिए संघर्ष किया जाए। इसी सपने को पूरा करने के लिए जून 1943 में वह लाहौर से ट्रेन पकड़कर मुंबई के लिए निकल पड़े। शुरुआत में काम नहीं मिला और पैसे खत्म हो गए तो उन्होंने चर्चगेट स्थित मिलिट्री सेंसर ऑफिस में 65 रुपए मासिक वेतन पर नौकरी की। बाद में एक अकाउंटिंग फर्म में 85 रुपए की तनख्वाह पर क्लर्क का काम भी किया। अभिनेता बनने की इच्छा उन्हें अशोक कुमार की फिल्मों से मिली। मिलिट्री सेंसर ऑफिस में करीब एक साल तक नौकरी करने के बाद देव आनंद अपने बड़े भाई चेतन आनंद के पास चले गए। चेतन उस समय भारतीय जन नाट्य संघ यानी इप्टा से जुड़े थे। उन्होंने छोटे भाई को भी अपने साथ जोड़ लिया। यहां से देव आनंद को थिएटर में काम करने और अभिनय सीखने का मौका मिला। फिर किस्मत ने साथ दिया। साल 1946 में उन्हें प्रभात टॉकीज की फिल्म ‘हम एक हैं’ में काम करने का मौका मिला। शर्ट की अदला-बदली, शुरू हुई देव आनंद और गुरु दत्त की दोस्ती फिल्म ‘हम एक हैं’ में देव आनंद बतौर हीरो काम कर रहे थे, जबकि गुरु दत्त वहां असिस्टेंट डायरेक्टर और कोरियोग्राफर के तौर पर काम कर रहे थे। स्टूडियो के सभी लोगों के कपड़े एक ही धोबी के पास जाते थे। एक दिन धोबी से ऐसी गलती हुई कि देव आनंद की सफेद शर्ट गुरु दत्त के कपड़ों के साथ चली गई। गुरु दत्त ने वह शर्ट पहन ली और स्टूडियो पहुंच गए। जब देव आनंद ने अपनी शर्ट गुरु दत्त के शरीर पर देखी, तो दोनों का आमना-सामना हुआ। लेकिन शर्ट को लेकर कोई नाराजगी नहीं हुई। दोनों इस अजीब संयोग पर खूब हंसे। यही छोटी-सी घटना आगे चलकर उनकी गहरी दोस्ती की शुरुआत बन गई। दोनों ने बाद में साथ काम भी किया। देव आनंद ने गुरु दत्त को फिल्म ‘बाजी’ के निर्देशन का मौका दिया। 1951 में रिलीज हुई यह फिल्म गुरु दत्त के निर्देशन करियर की महत्वपूर्ण शुरुआत बनी और देव आनंद के साथ उनकी दोस्ती भी सिनेमा के पर्दे पर नजर आई। फिल्म ‘जिद्दी’ ने देव आनंद के करियर की दिशा बदल दी। अशोक कुमार ने उन्हें इस फिल्म में काम करने का मौका दिया। फिल्म सफल रही और देव आनंद को पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने सिर्फ अभिनेता बनकर रुकने के बजाय खुद फिल्में बनाने का फैसला किया। 1949 में बड़े भाई चेतन आनंद के साथ नवकेतन फिल्म्स की शुरुआत की। इसी बैनर के तहत बनी ‘बाजी’ 1951 में रिलीज हुई। यह फिल्म सफल रही और देव आनंद की स्टार इमेज और मजबूत हो गई। 1950 के दशक में देव आनंद की कई फिल्में सफल रहीं। ‘जाल’, ‘टैक्सी ड्राइवर’, ‘सीआईडी’, ‘पेइंग गेस्ट’ और ‘काला पानी’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़े सितारों की कतार में खड़ा कर दिया। उनका बोलने का तेज अंदाज, संवाद अदायगी और कैमरे के सामने खास स्टाइल दर्शकों को पसंद आया। वह जिस तरह बात करते समय सिर हिलाते थे, वह भी उनकी पहचान बन गया। ‘गाइड’ ने करियर को दी नई पहचान 1960 का दशक देव आनंद के रोमांटिक हीरो वाले दौर के लिए खास रहा। ‘हम दोनों’, ‘तेरे घर के सामने’, ‘ज्वेल थीफ’ और ‘गाइड’ जैसी फिल्मों ने उनके स्टारडम को और मजबूत किया। 1965 में रिलीज हुई ‘गाइड’ उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हुई। फिल्म में उनके साथ वहीदा रहमान थीं। यह फिल्म आर.के. नारायण के उपन्यास पर आधारित थी और इसके फिल्म रूपांतरण में देव आनंद की महत्वपूर्ण भूमिका थी। फिल्म में उन्होंने एक ऐसे किरदार को निभाया, जो साधारण रोमांटिक हीरो की उनकी छवि से काफी अलग था। ‘गाइड’ ने उन्हें एक गंभीर अभिनेता के तौर पर भी स्थापित किया। हालांकि, डीडी नेशनल को दिए एक इंटरव्यू में देव आनंद ने फिल्म ‘गाइड’ को लेकर बताया था कि जब उन्होंने इस फिल्म की योजना बनाई थी, तब कई लोगों ने उन्हें पागल तक कहा था। देव आनंद के मुताबिक, लोगों को लगता था कि फिल्म सेंसर बोर्ड से पास नहीं होगी, क्योंकि इसकी कहानी में एडल्टरी यानी विवाहेतर संबंध का एंगल था। इसके अलावा उनकी रोमांटिक हीरो की इमेज को देखते हुए लोगों को यह भी डर था कि दर्शक उन्हें एक साधु के किरदार में स्वीकार नहीं करेंगे। देव आनंद ने बताया था कि फिल्म को लेकर शुरुआत में काफी आशंकाएं थीं। रिलीज के समय फिल्म को वैसी सफलता नहीं मिली और इसे बेचना भी मुश्किल हो रहा था। हालांकि, समय के साथ ‘गाइड’ को दर्शकों और आलोचकों के बीच अलग पहचान मिली और बाद में यह कल्ट फिल्म बन गई। नाव पलटी और शुरू हुई सुरैया से प्रेम कहानी देव आनंद और सुरैया की प्रेम कहानी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित और अधूरी प्रेम कहानियों में से एक है। देव आनंद और सुरैया की प्रेम कहानी की शुरुआत फिल्म ‘विद्या’ की शूटिंग के दौरान हुई। एक गाने की शूटिंग के दौरान नाव पलट गई और सुरैया पानी में गिर गईं। देव आनंद ने उन्हें बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। इस घटना के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया। देव आनंद ने बाद में एक इंटरव्यू में सुरैया को अपनी जिंदगी का पहला सच्चा प्यार बताया था। फिल्म ‘जीत’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने सुरैया को शादी के लिए प्रपोज किया। देव आनंद के मुताबिक, सुरैया ने उनका प्रस्ताव स्वीकार भी कर लिया था। देव आनंद ने सुरैया को 3,000 रुपए की हीरे की अंगूठी भेजी थी। इस अंगूठी को लेकर बाद में कई किस्से सामने आए। कहा गया कि सुरैया ने इसे समुद्र में फेंक दिया था। हालांकि, देव आनंद ने खुद कहा था कि उन्हें नहीं पता कि अंगूठी के साथ वास्तव में क्या हुआ था। परिवार को मंजूर नहीं था रिश्ता दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन सुरैया का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। देव आनंद ने सिमी गरेवाल के शो में बताया था कि उन्हें लगता था कि परिवार नहीं चाहता था कि सुरैया एक हिंदू युवक से शादी करें। देव आनंद के मुताबिक, सुरैया अपनी नानी और परिवार के काफी करीब थीं। उनकी नानी भी सुरैया के साथ शूटिंग पर मौजूद रहती थीं। एक फिल्म के सीन में देव आनंद को सुरैया की आंखों पर किस करना था। उस समय ऐसे सीन को लेकर सेंसर की आपत्तियां होती थीं। सुरैया की नानी सेट पर मौजूद थीं और वहां से हट नहीं रही थीं। देव आनंद ने बताया था कि शूटिंग टीम ने किसी तरह उन्हें कुछ देर के लिए सुरैया को बाहर ले जाकर बातचीत करने के लिए राजी किया। उनके जाते ही देव आनंद और सुरैया ने वह सीन जल्दी से शूट कर लिया। ‘मैं रोया और फिर खुद को मजबूत किया’ सिमी गरेवाल ने जब देव आनंद से पूछा कि क्या सुरैया ने कभी उन्हें बताया था कि परिवार शादी के खिलाफ है, तो उन्होंने कहा कि सुरैया ने उनसे कभी सीधे तौर पर ऐसा नहीं कहा। हालांकि, बाद में उन्हें महसूस हुआ कि वह परिवार के दबाव में थीं। एक समय ऐसा भी आया जब देव आनंद सुरैया से सीधे मुलाकात नहीं कर पा रहे थे। उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति के जरिए सुरैया को चिट्ठियां भेजनी पड़ती थीं। इस स्थिति से वह बेहद निराश हुए। उन्होंने बताया था कि वह रोए, लेकिन इसके बाद खुद को संभाला और जिंदगी में आगे बढ़ गए। उनके रिश्ते को लेकर उस समय अखबारों में भी काफी चर्चा हुई थी। देव आनंद ने बताया था कि उन्होंने लोगों ने कहा था कि सुरैया को शादी न करने के लिए कुरान की कसम भी दिलाई गई थी। हालांकि, उन्होंने कभी सुरैया से इसकी पुष्टि नहीं की थी। सुरैया के निधन पर भी नहीं गए अस्पताल देव आनंद ने बताया था कि सुरैया से रिश्ता खत्म होने के बाद उनकी मुलाकात उनसे केवल एक-दो बार हुई। इसके बाद दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए। जब सुरैया के निधन की खबर देव आनंद को मिली, तो वह काफी दुखी हुए। उन्होंने बताया था कि सुरैया अस्पताल में थीं, लेकिन वह उनसे मिलने नहीं गए। उनका कहना था कि वह अपने निजी दुख को दुनिया के सामने नहीं लाना चाहते थे। उन्हें डर था कि मीडिया उनके आसपास जमा हो जाएगा और उनसे लगातार सवाल पूछेगा। सुरैया से अलग होने के बाद कल्पना कार्तिक से शादी समय आगे बढ़ा और देव आनंद की जिंदगी में अभिनेत्री मोना सिंह आईं, जिन्हें फिल्म इंडस्ट्री में कल्पना कार्तिक के नाम से जाना जाता था। फिल्म 'टैक्सी ड्राइवर' (1954) की शूटिंग के दौरान दोनों को एक-दूसरे से प्यार हुआ। दोनों ने शूटिंग के लंच ब्रेक के दौरान सेट पर ही बेहद सादगी से गुपचुप तरीके से शादी कर ली और ब्रेक खत्म होने के बाद वापस कैमरे के सामने आकर शॉट देने लगे। देव आनंद का काला कोट उनके स्टाइल की पहचान बना था देव आनंद का काला कोट उनके स्टाइल की पहचान बन गया था। 1958 में आई फिल्म काला पानी में सफेद शर्ट और काले कोट में उनका लुक काफी पसंद किया गया। इसके बाद एक किस्सा खूब चर्चित हुआ। कहा गया कि लड़कियां देव आनंद की एक झलक पाने के लिए बेकाबू हो जाती थीं। यहां तक कि कुछ लड़कियों के छत से कूदने की बातें भी सामने आईं। इसी वजह से दावा किया गया कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने देव आनंद के सार्वजनिक जगहों पर काला कोट पहनने पर रोक लगा दी थी। हालांकि, इस दावे का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिलता। देव आनंद ने अपनी आत्मकथा रोमांसिंग विद लाइफ में इस कहानी को बेवकूफी भरा मिथक बताया था। अभिनय के बाद निर्देशन की ओर बढ़े 70 के दशक में देव आनंद ने निर्देशन की ओर भी कदम बढ़ाया। उनकी पहली निर्देशित फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ थी। फिल्म को शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर खास सफलता नहीं मिली, लेकिन समय के साथ इसे अलग पहचान मिली। इसके बाद 1971 में आई ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ ने उन्हें निर्देशक के तौर पर बड़ी सफलता दी। फिल्म में जीनत अमान भी थीं। इस फिल्म के बाद जीनत अमान रातोंरात चर्चित हो गईं। देव आनंद ने आगे भी अभिनय के साथ निर्देशन और निर्माण का सिलसिला जारी रखा। देव आनंद उन कलाकारों में थे जिन्होंने उम्र बढ़ने के बावजूद फिल्मों में बतौर हीरो काम करना जारी रखा। ‘अमीर गरीब’, ‘वारंट’, ‘हीरा पन्ना’, ‘डार्लिंग डार्लिंग’ और ‘देस परदेस’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अभिनय किया। 1978 में आई ‘देस परदेस’ की सफलता के बाद उनके लिए ‘एवरग्रीन स्टार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल होने लगा। 80 के दशक में भी उन्होंने ‘मन पसंद’, ‘लूटमार’, ‘स्वामी दादा’, ‘हम नौजवान’ और ‘लश्कर’ जैसी फिल्मों में काम किया। वह नई पीढ़ी के कलाकारों के साथ भी लगातार काम करते रहे और अपनी फिल्म निर्माण कंपनी के जरिए नए लोगों को मौके देते रहे। नवकेतन के जरिए नई प्रतिभाओं को मौका देव आनंद के लिए नवकेतन सिर्फ एक प्रोडक्शन हाउस नहीं था। यह उनके लिए नए विचारों और नई प्रतिभाओं को मौका देने का जरिया भी था। उन्होंने अपने करियर में अभिनय के साथ फिल्म निर्माण और लेखन पर भी काम किया। उन्होंने करीब 35 फिल्मों का निर्माण किया और 13 फिल्मों की कहानियां भी लिखीं। 2011 में आई ‘चार्जशीट’ उनकी आखिरी फिल्म थी, जिसे उन्होंने निर्देशित और प्रोड्यूस किया था। 3 दिसंबर 2011 को 88 साल की उम्र में लंदन में उनका निधन हो गया। उन्हें 2001 में पद्म भूषण और 2002 में दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ………………… यह खबर भी पढ़ें… अमजद खान की पुण्यतिथि:डिलीवरी के बाद बीवी को घर लाने के पैसे नहीं थे; ₹1.27 करोड़ की फीस अटकी, परिवार ने अंडरवर्ल्ड की मदद ठुकराई ‘मैं वो आदमी था, जो रोज 4–5 घंटे कसरत करता था। बैडमिंटन खेलता था, फ्री-हैंड एक्सरसाइज करता था, वेट उठाता था... लेकिन फिर एक एक्सीडेंट हुआ और मैं तीन महीने तक बिस्तर पर पड़ा रहा।’ एक पुराने इंटरव्यू में दिवंगत एक्टर अमजद खान ने अपनी जिंदगी का सबसे दर्दनाक दौर याद करते हुए यह बात कही थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 4:30 am

फिल्म में रोल गंवाने पर तापसी पन्नू का खुलासा:बोलीं- हीरो की पत्नी मुझे पसंद नहीं करती थी, इसलिए निकाला; बिना वजह हटाने का आरोप

बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने फिल्म इंडस्ट्री के अपने कड़वे अनुभवों को लेकर बड़ा खुलासा किया है। नयनदीप रक्षित को दिए इंटरव्यू में तापसी ने बताया कि उन्हें एक बार फिल्म की शूटिंग की तारीखें पक्की होने के बाद भी सिर्फ इसलिए निकाल दिया गया क्योंकि फिल्म के हीरो की पत्नी उन्हें पसंद नहीं करती थीं। तापसी के मुताबिक, जब उन्होंने फिल्म से बाहर किए जाने की वजह पूछी तो मेकर्स ने उन्हें यही कारण बताया। उन्होंने किसी एक्टर या फिल्म का नाम लिए बिना कहा कि करियर की शुरुआत में उन्हें बिना वजह रिप्लेस करने का सामना करना पड़ा था। 'हीरो की पत्नी को मैं पसंद नहीं थी' बातचीत में तापसी ने फिल्म से निकाले जाने का वाकया शेयर किया। तापसी ने कहा, मुझसे कहा गया कि फिल्म के हीरो ने मुझे रिप्लेस कर दिया है। भगवान ही वजह जानता है। मैं वजहों का अंदाजा लगाती रहती हूं। शायद उसमें असुरक्षा की भावना थी या वह किसी ऐसे इंसान को फिल्म में चाहता था जो उसके ज्यादा करीब हो। मुझे कोई ठोस वजह नहीं बताई गई। जब मैं बार-बार बाहर किए जाने का कारण पूछती रही, तो मुझे सिर्फ इतना कहा गया कि हीरो मुझे फिल्म में नहीं चाहता। तापसी ने आगे बताया, मुझे रिप्लेस करने की सबसे घटिया वजह यह दी गई कि 'हीरो की पत्नी तुम्हें पसंद नहीं करती।' मुझे आज तक नहीं पता कि वह मुझे पसंद क्यों नहीं करती थी। सीन्स को हाइपर-सेक्सुअलाइज किया जाता था तापसी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में सीन्स के शूटिंग पर भी बात की। उन्होंने कहा, जब आप नए होते हैं, तो आपको नहीं पता होता कि पर्दे पर किसी सीन को हाइपर-सेक्सुअलाइज किया जा रहा है। शूटिंग के वक्त यह समझ नहीं आता कि सीन किस तरफ जा रहा है। मुझे लगता था कि यह सीन बहुत एस्थेटिक होगा, लेकिन जब स्क्रीन पर देखा तो लगा कि इसकी बिल्कुल जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि आसपास के लोग कहते थे कि यह नॉर्मल है और सब ऐसा कर रहे हैं, इसलिए उन्हें लगा कि यह काम का हिस्सा है। बाद में समझ आया कि ग्लैमरस दिखे बिना भी काम किया जा सकता है और ग्लैमर के लिए हाइपर-सेक्सुअलाइजेशन जरूरी नहीं है। 'बचने के लिए फिल्मों को खुद रिजेक्ट कर रही हूं' इससे पहले न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में तापसी ने फिल्मों के चयन और एक ही तरह के रोल्स मिलने पर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री में ग्लैमरस और गंभीर मुद्दों वाली फिल्मों के लिए अलग-अलग 5-5 एक्ट्रेसेस का सेट तय कर दिया गया है। तापसी ने कहा, मैंने इसी वजह से फिल्में रिजेक्ट करना शुरू कर दिया है। मैं मेकर्स से साफ कह देती हूं कि दर्शक फिल्म का अंत आसानी से भांप लेंगे, इसलिए मुझे इस फिल्म में कास्ट न करें। मैं खुद मेकर्स को मना कर देती हूं ताकि एक ही तरह के रोल में न बंध जाऊं। 'गांधारी' फिल्म में नजर आईं एक्ट्रेस तापसी पन्नू ने बॉलीवुड में 'पिंक', 'थप्पड़', 'हसीन दिलरुबा', 'शाबाश मिठू' और 'डंकी' जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई है। हाल ही में वे फिल्म 'गांधारी' में नजर आई हैं। ये खबर भी पढ़ें नेटफ्लिक्स पर कहानी चोरी का आरोप:राइटर बोले- चोरी कर बनाई गई तापसी पन्नू की फिल्म 'गांधारी'; कंपनी को भेजा लीगल नोटिस तापसी पन्नू स्टारर अपकमिंग फिल्म 'गांधारी' के 3 सितंबर को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्क्रीनराइटर कल्याण बंदी ने नेटफ्लिक्स इंडिया और उसकी कंटेंट हेड मोनिका शेरगिल पर कहानी चोरी का आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 26 Sep 2026 4:30 am

जयपुर- फिल्म 'करण अर्जुन’ के गाने पर नाचीं ममता कुलकर्णी:कॉलेज स्टूडेंट्स के साथ किया डांस, बोलीं- डांस और एक्टिंग मनोरंजन नहीं साधना है

एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी जयपुर में अपने फेमस गाने पर डांस करती दिखीं। खास बात यह रही कि ममता ने सिर्फ मंच पर प्रस्तुति नहीं दी, बल्कि स्टूडेंंट्स के बीच जाकर उनके साथ भी कदम मिलाए। महारानी कॉलेज की छात्राओं के साथ उन्होंने अपने लोकप्रिय गानों पर डांस किया और कुछ गीत गाकर भी सुनाए। ममता कुलकर्णी राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के तहत शुक्रवार को मानसरोवर स्थित दीप स्मृति ऑडिटोरियम में आयोजित आरएफएफ सोशल स्पॉटलाइट 2026 और इंटर स्कूल-कॉलेज डांस कॉम्पिटिशन के फिनाले में पहुंची थीं। इस दौरान ममता कुलकर्णी ने फिल्म करण अर्जुन के गाने भंगडा पाले, ‘घातक’ के ‘कोई जाए तो ले आए’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ के ‘एक मुंडा मेरी उम्र का’ और ‘लंबा-लंबा घूंघट काहे को डाला’ जैसे गीतों पर डांस किया। इस दौरान स्टूडेंट्स भी उनके साथ शामिल हो गए। ममता ने अपने पुराने फिल्मी अंदाज की झलक दिखाते हुए गीतों की धुन पर डांस किया तो ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। यहां देखिए इवेंट के फोटोज… स्टूडेंट्स से बोलीं- डांस और एक्टिंग को साधना की तरह करें ममता कुलकर्णी ने स्टूडेंट्स से बातचीत करते हुए कहा कि डांस हो या एक्टिंग, इसे केवल मनोरंजन नहीं बल्कि साधना की तरह करना चाहिए। जब तक किसी कला में परफेक्शन नहीं आता, तब तक उसे स्टेज पर पेश करने से बचना चाहिए। उन्होंने स्टूडेंट्स को जिंदगी को लेकर भी एक दिलचस्प सलाह दी। उन्होंने कहा कि जो करना है, उसे आज की सोच के साथ करें। ममता ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई नए कपड़े लेकर आया है और सोच रहा है कि उन्हें किसी खास दिन पहनेगा तो उस दिन का इंतजार करने के बजाय कपड़े उसी दिन पहन लेने चाहिए, जिस दिन वे खरीदे हैं। सोशल मीडिया क्रिएटर्स को मिला सम्मान कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया के जरिए अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान बनाने वाले क्रिएटर्स को आरएफएफ सोशल स्पॉटलाइट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। आरएफएफ की फाउंडर डायरेक्टर संजना शर्मा ने बताया- नेहा एंड अंशु को बेस्ट फूड इन्फ्लुएंसर ऑफ द ईयर, सोमी शर्मा को इमर्जिंग डांस स्टार ऑफ द ईयर, निधि नरवाल को पोएट्री आइकन ऑफ द ईयर और विजय को फादर-डॉटर डिजिटल डुओ ऑफ द ईयर का सम्मान दिया गया। इसी क्रम में ब्यूटीफुल गुलाबी नगरी की अनिशा जैन को सिटी इन्फ्लुएंसर ऑफ द ईयर, प्रवीण प्रजापत को यूथ आइकन इन राजस्थानी फोक आर्ट्स, एडवोकेट अमृता वर्मा को लीगल अवेयरनेस क्रिएटर ऑफ द ईयर, द वाइज स्टोरीज की युवरागी राठौड़ को रीजनल स्टोरीटेलर ऑफ द ईयर और चारू असोपा को व्लॉगर ऑफ द ईयर की कैटेगरी में सम्मानित किया गया। प्रोग्रामिंग हेड अनिल जैन ने बताया कि सोशल मीडिया क्रिएटर्स की कैटेगरी उनके कंटेंट और डिजिटल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए तय की गई थीं। कार्यक्रम में खान-पान, कविता, डांस, राजस्थानी लोक कला, कानूनी जागरूकता और क्षेत्रीय कहानियों जैसे अलग-अलग विषयों पर काम करने वाले क्रिएटर्स को मंच मिला। 14 प्रस्तुतियों में दिखी विद्यार्थियों की क्रिएटिविटी इंटर स्कूल-कॉलेज कॉम्पीटिशन के फिनाले में जयपुर के तीन कॉलेज और 11 स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के तहत जयपुर के स्कूल-कॉलेजों में अब तक करीब 100 गतिविधियां आयोजित की जा चुकी हैं। फिनाले के लिए चयनित विद्यार्थियों ने सामाजिक सरोकार, संस्कृति, कला और रचनात्मकता से जुड़ी अलग-अलग थीम पर कुल 14 प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों को रचनात्मक अंदाज में मंच पर पेश किया। कार्यक्रम में प्रस्तुतियों के साथ विद्यार्थियों की ऊर्जा और उत्साह भी देखने को मिला। प्रतियोगिता में महारानी कॉलेज की टीम विजेता रही। विजेता टीम को 25 हजार रुपए और ट्रॉफी प्रदान की गई। वहीं कनोडिया कॉलेज की टीम दूसरे स्थान पर रही, जिसे 5 हजार रुपए और ट्रॉफी दी गई। विजेताओं को ममता कुलकर्णी और अतिथियों ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में आरएफएफ की फाउंडर डायरेक्टर संजना शर्मा और राजस्व, उपनिवेशन एवं सैनिक कल्याण विभाग के राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी सहित आयोजन से जुड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 25 Sep 2026 7:19 pm

'पर्सनल लाइफ पर बात न करें, भले ही अफेयर हो':गोविंदा बोले- कोमल के साथ फिल्म प्रमोशन के लिए लालबागचा राजा गया; मेरे खिलाफ सोची-समझी साजिश

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा ने अपनी पर्सनल लाइफ और अफेयर के आरोपों को लेकर चल रही चर्चाओं पर तीखा ऐतराज जताया है। ANI को दिए इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा कि उनकी निजी जिंदगी किसी और के लिए चिंता या चर्चा का विषय नहीं होनी चाहिए, भले ही कोई अफेयर ही क्यों न हो। हाल ही में अपनी अपकमिंग फिल्म 'रूपा' की एक्ट्रेस कोमल रानी स्वर्णकार के साथ लालबागचा राजा के दर्शन करने के बाद से उनकी पर्सनल लाइफ को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। उन्होंने इन खबरों को अपनी इमेज खराब करने और परिवार से दूर करने की सोची-समझी साजिश बताया है। 'भले ही अफेयर हो, किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं' अपनी पर्सनल लाइफ पर हो रही बयानबाजी का जवाब देते हुए गोविंदा ने कहा, यह किसी और के लिए चर्चा का विषय नहीं है, भले ही कोई अफेयर हो। मैं सिर्फ काम कर रहा हूं और एक पेशेवर रिश्ता बनाए हुए हूं। गोविंदा के मुताबिक, लोग बिना वजह उनकी निजी जिंदगी को निशाना बना रहे हैं, जबकि उन्हें सिर्फ अपने काम से मतलब रखना चाहिए। फिल्म 'रूपा' के लिए प्रार्थना करने पहुंचे थे कोमल रानी स्वर्णकार के साथ गणपति पंडाल में दिखने पर सफाई देते हुए गोविंदा ने बताया कि वे अपनी आने वाली फिल्म 'रूपा' के लिए लालबागचा राजा के दरबार पहुंचे थे। इस फिल्म में कोमल रानी मुख्य भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा, इससे पहले भी मैं करिश्मा कपूर और रवीना टंडन के साथ मंदिरों में गया था और वे फिल्में बहुत बड़ी हिट साबित हुई थीं। मैं लंबे समय बाद नया काम शुरू कर रहा हूं, इसलिए प्रार्थना करने गया था। परिवार से दूर करने और इमेज खराब करने की साजिश इंटरव्यू में गोविंदा ने अपने खिलाफ चल रही बातों को एक सोची-समझी चाल करार दिया। उन्होंने कहा, यह किसी एक इंसान की गलती नहीं है, बल्कि बहुत सोच-समझकर बनाई गई योजना है। ऐसी चीजें आगे भी हो सकती हैं। यह मुझे मेरे परिवार से अलग करने और समाज में मेरी छवि खराब करने का प्लान है। गोविंदा ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने काम पर ध्यान दिया है और आगे भी काम करते रहेंगे। कोमल संग दिखे गोविंदा, अकेली पहुंची थीं पत्नी सुनीता गोविंदा की पर्सनल लाइफ पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में है। हाल ही में गणेशोत्सव के दौरान मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में गोविंदा अपनी को-स्टार कोमल रानी स्वर्णकार के साथ गणपति के दर्शन करने पहुंचे थे। वहीं, उसी दिन उनसे पहले उनकी पत्नी सुनीता आहूजा अकेले ही दर्शन के लिए पहुंची थीं। दोनों के अलग-अलग पहुंचने और कोमल के साथ दिखने के बाद से उनके रिश्ते और कथित अफेयर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सुनीता आहूजा बोलीं- इंसान धोखा ही देते हैं गणपति उत्सव के दौरान गोविंदा को अभिनेत्री और रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार के साथ दिखने के बाद सुनीता आहूजा का एक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने इंसानों को धोखेबाज बताते हुए जानवरों से प्यार को बेहतर बताया। हालांकि, सुनीता ने अपने बयान में गोविंदा का नाम नहीं लिया। दरअसल, मुंबई एयरपोर्ट पर पैपराजी से बातचीत के दौरान सुनीता अपने पालतू कुत्ते विंटर के साथ थीं। पैपराजी से बात करते हुए सुनीता ने कहा कि इंसानों को जितना भी प्यार करो, कोई फायदा नहीं है। धोखा ही देते हैं। इनको प्यार करो, देखो, हमेशा चिपके रहते हैं। जानवरों से प्यार करो, इंसानों से नहीं। धोखेबाज होते हैं इंसान। आसपास के माहौल से परेशान हैं गोविंदा: अनुपम खेर वहीं अनुपम खेर ने कहा कि गोविंदा को अपनी आदतों या निजी परेशानियों को अपनी पूरी जिंदगी और काम पर हावी होने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। अनुपम ने बताया कि वे गोविंदा पर कोई फैसला या टिप्पणी करने वाले व्यक्ति नहीं हैं और गोविंदा अपनी जिंदगी को बेहतर समझते हैं। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने गोविंदा को फोन किया था, लेकिन उन्होंने वापस कॉल करने की बात कही। अनुपम उन्हें सिर्फ यह कहना चाहते थे कि यह मुश्किल दौर भी बीत जाएगा। अनुपम के मुताबिक, हर किसी की जिंदगी में परेशानियां आती हैं। गोविंदा अपने आसपास के माहौल और परिस्थितियों से थोड़े परेशान जरूर हैं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी है और वापसी की पूरी उम्मीद है। 'गोविंदा की एक्टिंग और डांस में कोई मुकाबला नहीं' अनुपम खेर ने गोविंदा के काम की तारीफ करते हुए कहा कि वे उन सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं, जिनके साथ उन्होंने काम किया है। दोनों ने साथ में 10 से 12 फिल्मों में काम किया है। अनुपम के मुताबिक, इम्प्रोवाइजेशन, एक्टिंग और डांस के मामले में गोविंदा का मुकाबला कोई नहीं कर सकता।

दैनिक भास्कर 25 Sep 2026 5:35 pm

'लव एंड वॉर' से आलिया भट्ट का फर्स्ट लुक रिलीज:ग्लैमरस रेट्रो और विंटेज अवतार में नजर आईं एक्ट्रेस; रणबीर कपूर का रौबदार अंदाज दिखा

संजय लीला भंसाली की फिल्म 'लव एंड वॉर' से आलिया भट्ट का पहला लुक सामने आ गया है। इस फिल्म में आलिया ग्लैमरस रेट्रो और विंटेज अवतार में नजर आ रही हैं। संजय लीला भंसाली ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'X' (ट्विटर) पर आलिया के इस लुक की पहली तस्वीर शेयर की है। ओल्ड-स्कूल फैशन, स्पार्कलिंग डिटेल्स और क्लासिक स्टाइलिंग के साथ आलिया का यह लुक काफी चर्चा में है। इस बड़े बजट की फिल्म में आलिया के साथ रणबीर कपूर और विक्की कौशल भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। सामने आई पहली तस्वीर में आलिया भट्ट 60 और 70 के दशक के रेट्रो फैशन में नजर आ रही हैं। उनके आउटफिट में ब्लिंग और विंटेज स्टाइलिंग का खास ध्यान रखा गया है। रणबीर कपूर का रौबदार अंदाज दिखा फिल्म ‘लव एंड वॉर’ से रणबीर कपूर का पहला लुक बुधवार को सामने आया। पोस्टर में रणबीर का इंटेंस और रॉ अंदाज नजर आ रहा है। रणबीर मोटी मूंछों, खून के दाग वाली शर्ट और गॉगल्स में दिखाई दे रहे हैं। उनका लुक किरदार के रफ और मजबूत अंदाज की झलक देता है। शर्ट पर खून के दाग फिल्म की डार्क और एक्शन से भरपूर कहानी की ओर इशारा करते हैं। वहीं, गॉगल्स उनके किरदार को स्टाइलिश लुक दे रहे हैं। ‘लव एंड वॉर’ दुनियाभर में 21 जनवरी 2027 को रिलीज होगी। यह फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषा में रिलीज की जाएगी। इसका निर्देशन संजय लीला भंसाली ने किया है। ‘लव एंड वॉर’ की रिलीज डेट कई बार बदली संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘लव एंड वॉर’ की रिलीज डेट अब तक कई बार बदली जा चुकी है। सबसे पहले इसकी रिलीज की घोषणा जनवरी 2024 में हुई थी। उस समय फिल्म को क्रिसमस 2025 पर रिलीज करने की योजना थी। बड़े स्तर पर हो रही शूटिंग और प्रोडक्शन में ज्यादा समय लगने के कारण रिलीज को आगे बढ़ाया गया। इसके बाद मार्च 2026 में फिल्म रिलीज होने की बात सामने आई। इस बीच 14 अगस्त 2026 की रिलीज डेट की भी चर्चा हुई थी। हालांकि, फिल्म का काम तय समय में पूरा नहीं हो सका। खास तौर पर बड़े वीएफएक्स और हवाई एक्शन सीन्स के कारण समय बढ़ा। इसके बाद मेकर्स ने फिल्म की नई रिलीज डेट तय की। 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज तय की गई है। भंसाली के साथ विक्की की पहली फिल्म संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल पहली बार एक साथ नजर आएंगे। हालांकि, रणबीर और आलिया इससे पहले भी भंसाली के साथ काम कर चुके हैं। रणबीर कपूर ने भंसाली के निर्देशन में ‘सांवरिया’ (2007) से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। फिल्म में उनके साथ सोनम कपूर भी मुख्य भूमिका में थीं। आलिया भट्ट ने भंसाली के साथ पहली बार ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ (2022) में काम किया। फिल्म में उन्होंने गंगूबाई का किरदार निभाया था। इस भूमिका के लिए आलिया को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला था। वहीं, विक्की कौशल ने ‘लव एंड वॉर’ से पहले भंसाली के निर्देशन में कोई फिल्म नहीं की है। ऐसे में यह उनके लिए भंसाली के साथ पहली फिल्म है। सेट से लीक हुए थे स्टारकास्ट के लुक, देखिए तस्वीरें- ‘लव एंड वॉर’ के सेट पर जून में हादसा हुआ फिल्म ‘लव एंड वॉर’ जून 2026 में सेट पर हुए एक हादसे के बाद चर्चा में आ गई थी। 17 जून को मुंबई के फिल्मसिटी के पास रॉयल पंप स्टूडियो में 42 वर्षीय कारपेंटर चंद्रधारी सिंह यादव की करंट लगने से मौत हो गई थी। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, हादसा शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ था। हादसे के बाद भंसाली प्रोडक्शंस ने मृतक के परिवार को 40 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की थी। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज यानी FWICE ने मुआवजा बढ़ाकर 50 लाख रुपए करने की मांग की थी। संगठन ने परिवार के बच्चों की पढ़ाई और मृतक की पत्नी को रोजगार देने की भी अपील की थी। इसके बाद ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन यानी AICWA ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा। संगठन ने हादसे की जांच और संजय लीला भंसाली के खिलाफ FIR की मांग की। AICWA ने मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की मांग भी रखी। संगठन ने सेट पर सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए। AICWA ने यह भी कहा था कि घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। साथ ही फिल्म सेट की सुरक्षा जांच कराने की मांग की गई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 25 Sep 2026 1:09 pm

आलिया-रणबीर कपूर ‘डोंट बी शाय’ की स्क्रीनिंग में पहुंचे:‘हुंकार’ की स्क्रीनिंग में रणवीर सिंह- अनीत पड्डा नजर आए

गुरुवार को मुंबई में आलिया भट्ट की प्रोड्यूस की हुई फिल्म ‘डोंट बी शाय’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। इस मौके पर आलिया भट्ट अपने पति रणबीर कपूर के साथ पहुंचीं। रणबीर की मां नीतू कपूर भी नजर आईं। वहीं, आलिया के पिता महेश भट्ट, मां सोनी राजदान और बहन शाहीन भट्ट भी स्क्रीनिंग में शामिल हुईं। दोनों परिवारों ने साथ में तस्वीरें भी खिंचवाईं। स्क्रीनिंग में करण जौहर, वरुण धवन, अयान मुखर्जी, शरवरी वाघ और समय रैना समेत कई सेलेब्स भी पहुंचे। ‘डोंट बी शाय’ को आलिया और शाहीन भट्ट ने अपने प्रोडक्शन हाउस एटरनल सनशाइन प्रोडक्शंस के तहत बनाया है। फिल्म 25 सितंबर को प्राइम वीडियो पर रिलीज हो गई है। अनीत पड्डा की वेब सीरीज ‘हुंकार’ की स्क्रीनिंग गुरुवार को वेब सीरीज ‘हुंकार: द रोअर’ की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। स्क्रीनिंग में एक्ट्रेस अनीत पड्डा और फातिमा सना शेख पहुंचीं। इनके अलावा श्वेता त्रिपाठी और रणवीर सिंह भी नजर आए। अनीत पड्डा की यह सीरीज फिल्म ‘सयारा’ की सफलता के बाद चर्चा में है। कोर्टरूम ड्रामा पर आधारित ‘हुंकार: द रोअर’ 25 सितंबर 2026 को रिलीज हुई है। इसमें अनीत पड्डा के अलावा रघुबीर यादव और फातिमा सना शेख भी अहम भूमिकाओं में हैं।

दैनिक भास्कर 25 Sep 2026 12:54 pm

‘लव लॉटरी’- मूवी रिव्यू:प्यार किया, शादी की और फिर पत्नी के कत्ल का इल्जाम पति पर; आखिर असली कातिल कौन है?

प्यार हुआ, शादी हुई और फिर बीवी का कत्ल! मामला जब कोर्ट पहुंचता है तो पति खुद कटघरे में खड़ा है। अब वह कातिल है या कहानी का सबसे बड़ा शिकार? ‘लव लॉटरी’ इसी सवाल को लेकर अपना खेल शुरू करती है। फिल्म की कहानी कैसी है कार्तिक सक्सेना (अक्षय ओबेरॉय) की जिंदगी में भरनी वर्मा (हेली दारूवाला) आती है। मुलाकात प्यार में बदलती है और दोनों शादी कर लेते हैं। लेकिन शादी के बाद वही रिश्ता धीरे-धीरे उलझने लगता है। भरोसा कम होता है, तनाव बढ़ता है और दोनों के बीच दूरियां आ जाती हैं। फिर एक दिन भरनी की हत्या हो जाती है। पुलिस की नजर सीधे कार्तिक पर जाती है और इंस्पेक्टर विक्रम बिष्ट (कबीर दूहन सिंह) उसे गिरफ्तार कर लेते हैं। कार्तिक खुद को बेगुनाह बताता है, लेकिन उसके खिलाफ हालात कम नहीं होते। इसके बाद वह अपने वकील प्रशांत बत्रा (विक्रम शर्मा) के सामने अपनी शादी की पूरी कहानी बताता है। पहली मुलाकात से लेकर प्यार, शादी और रिश्ते में आई दरार तक। फिल्म की दिलचस्पी यहीं है जितना कार्तिक अपनी कहानी बताता है, उतना ही शक बढ़ता जाता है। फिल्म में एक्टिंग कैसी है अक्षय ओबेरॉय फिल्म की असली ताकत हैं। कार्तिक के किरदार में डर भी है, गुस्सा भी और खुद को बचाने की बेचैनी भी। अक्षय इन भावनाओं को बिना ज्यादा शोर किए निभाते हैं। कई सीन में वह इतने सामान्य दिखते हैं कि इसी वजह से उन पर शक और बढ़ जाता है। क्लाइमैक्स का उनका मोनोलॉग भी असर छोड़ता है। हेली दारूवाला भरनी के किरदार में जरूरी रहस्य बनाए रखती हैं। वह पूरी फिल्म में आसानी से पढ़ी नहीं जातीं, जो इस किरदार के लिए जरूरी है। कबीर दूहन सिंह पुलिस अधिकारी के रोल में फिट हैं। विजयंत कोहली कहानी में हल्कापन लाते हैं, हालांकि शादी और महिलाओं पर उनके किरदार की कुछ बातें जरूरत से ज्यादा सीधी लगती हैं। अग्नि अग्यारी और विक्रम शर्मा भी अपनी भूमिकाओं में असर छोड़ते हैं। फिल्म का निर्देशन कैसा है अरविंद पांडेय ने गंभीर मुद्दे को सीधे भाषण में बदलने के बजाय मर्डर मिस्ट्री और कोर्टरूम ड्रामा के रास्ते पेश किया है। फिल्म का पहला हाफ इसी वजह से ज्यादा मजेदार है। रिश्ता टूट रहा है और साथ ही हत्या की गुत्थी भी उलझ रही है। हर थोड़ी देर में कोई नई बात सामने आती है और शक की सुई घूमती रहती है। लेकिन दूसरे हाफ में कहानी थोड़ी धीमी पड़ती है। कोर्टरूम वाले हिस्से में कुछ ट्विस्ट उतना असर नहीं छोड़ते और कुछ बातें किरदारों के अनुभव के बजाय सीधे संवादों से समझाई जाती हैं। यही जगह फिल्म को और बेहतर बनाया जा सकता था। फिल्म पुरुष के नजरिए से वैवाहिक विवाद और भावनात्मक दबाव की बात करती है। विषय नया नहीं है, लेकिन इसे मर्डर मिस्ट्री के साथ जोड़ना दिलचस्प है। दिक्कत यह है कि कुछ जगह बहस बारीक रहने के बजाय बहुत सीधी हो जाती है। नवीन वी. मिश्रा की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के गंभीर माहौल को सूट करती है। उत्तराखंड की लोकेशंस खूबसूरत हैं। प्रकाश झा की एडिटिंग पहले हाफ को रफ्तार देती है, लेकिन 2 घंटे 21 मिनट की फिल्म के दूसरे हिस्से में थोड़ी कैंची और चलती तो मजा बढ़ता। फिल्म के तकनीकी क्रेडिट्स में यही सिनेमैटोग्राफी और एडिटिंग दर्ज हैं। फिल्म का म्यूजिक कैसा है अरविंद पांडेय और वरुण मिश्रा का संगीत कहानी के इमोशनल हिस्से को सपोर्ट करता है। ‘नजर लग जाएगी’ और ‘बेवफा’ रिश्ते में आए प्यार और टूटन को आगे बढ़ाते हैं। गाने फिल्म पर भारी नहीं पड़ते, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि फिल्म खत्म होने के बाद सबसे पहले यही याद आएं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘लव लॉटरी’ का पहला हाफ बाजी मारता है। प्यार से शुरू हुई कहानी जब हत्या तक पहुंचती है तो फिल्म पकड़ बना लेती है। अक्षय ओबेरॉय इस पकड़ को अपने अभिनय से और मजबूत करते हैं। दूसरे हाफ में वही कसाव नहीं रह जाता। कोर्टरूम ड्रामा थोड़ा खिंचता है और जेंडर से जुड़ी बहस भी कुछ जगह ज्यादा सीधे तरीके से रखी गई है। फिर भी फिल्म में इतना सस्पेंस है कि आप अंत तक यह जानना चाहेंगे कि कातिल कौन है और कार्तिक की कहानी में कितना सच है। जैकपॉट नहीं, लेकिन ‘लव लॉटरी’ की टिकट पूरी तरह घाटे का सौदा भी नहीं है।

दैनिक भास्कर 25 Sep 2026 11:53 am

'द वन'- मूवी रिव्यू:वन देवी की लोककथा, छठी मइया की आस्था और रहस्य से भरी कहानी, जंगल में छिपा है कौन सा राज?

हमारे देश में कहानियों की कोई कमी नहीं है, कमी है उन्हें बड़े पर्दे पर नए अंदाज में सुनाने की। ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ बिहार की मिट्टी से निकली ऐसी ही एक लोककथा को लेकर आती है, जहां वन देवी, रहस्यमयी जंगल, छठी मइया की आस्था और इंसान की अपनी सोच आमने-सामने आती है। फिल्म की शुरुआत जितनी दिलचस्पी जगाती है, उतना ही सवाल भी छोड़ती है कि जंगल के अंदर आखिर है क्या? अच्छी बात यह है कि फिल्म काफी देर तक इस सवाल को जिंदा रखती है, बस बाद में जब जवाब मिलने शुरू होते हैं तो कुछ रहस्य उतने रहस्यमयी नहीं रह जाते। फिल्म की कहानी कैसी है कहानी ऋषि (सिद्धार्थ मल्होत्रा) की है, जो अपनी पत्नी ममता (तमन्ना भाटिया) के साथ बिहार के पुश्तैनी गांव आता है। शहर में पले ऋषि के लिए गांव और उसकी मान्यताएं पुरानी सोच का हिस्सा हैं। दोनों का अपना पारिवारिक दर्द भी है और छठ के लिए घर लौटने का रिश्ता भी। गांव के पास एक जंगल है, जिसके बीच वन देवी का मंदिर है। स्थानीय लोककथा के मुताबिक सूर्यास्त के बाद इस जंगल में जाना मना है। फिल्म की प्रेरणा बिहार के बिहटा स्थित वन देवी मंदिर से जुड़ी इसी लोककथा से ली गई है, जहां जंगल और देवी को लेकर पीढ़ियों से कई मान्यताएं चली आ रही हैं। ऋषि इन बातों को नहीं मानता। इसी बीच जंगल को लेकर विकास और प्रकृति के बीच खींचतान सामने आती है, लेकिन जब ऋषि जंगल में पहुंचता है और एक पुरानी मुहर टूटने के बाद अलौकिक ताकत जागती है, तब उसकी अपनी सोच भी सवालों के घेरे में आ जाती है। पहला हिस्सा यहीं सबसे ज्यादा पकड़ बनाता है। गांव का माहौल, रिश्ते, हल्का हास्य और जंगल का रहस्य साथ-साथ चलते हैं। लेकिन दूसरे हिस्से में कहानी प्रकृति और जमीन के सवाल से निकलकर सीधे अच्छाई बनाम बुराई की बड़ी लड़ाई की तरफ बढ़ जाती है। इससे शुरुआत में बना वह जमीन से जुड़ा संघर्ष थोड़ा पीछे छूटता है। कहानी में विचार कम नहीं हैं, बस कुछ विचारों को पूरी तरह खुलने का मौका नहीं मिलता। फिल्म में एक्टिंग कैसी है सिद्धार्थ मल्होत्रा ऋषि के किरदार में एक्शन के साथ भावनात्मक बदलाव भी संभालते हैं। उनका अविश्वास धीरे-धीरे विश्वास में बदलता है, हालांकि इस बदलाव को थोड़ा और समय मिलता तो किरदार और गहराता। तमन्ना भाटिया सहज लगती हैं और सिद्धार्थ के साथ उनकी पति-पत्नी वाली केमिस्ट्री फिल्म के फैंटेसी हिस्से को मानवीय आधार देती है। उनके किरदार में संभावनाएं हैं, लेकिन स्क्रीनप्ले उन्हें पूरी तरह इस्तेमाल नहीं करता। सुनील ग्रोवर फिल्म का अच्छा सरप्राइज हैं। गंभीर किरदार में उनका अंदाज अलग लगता है और उनकी कहानी खुलने के साथ उत्सुकता बढ़ती है। मनीष पॉल पहले हिस्से में हंसी और हल्कापन लाते हैं। श्वेता तिवारी और अनूप सोनी भी अपने किरदारों में ठीक बैठते हैं। फिल्म का निर्देशन कैसा है निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा की सबसे बड़ी कामयाबी यह है कि उन्होंने बिहार की एक कम सुनी गई लोककथा को सिर्फ डर की कहानी नहीं बनाया। इसमें परिवार है, प्रकृति है, आस्था है, विकास का सवाल है और फैंटेसी भी है। दिक्कत बस यही है कि इतनी सारी चीजों को साथ लेकर चलने की कोशिश में स्क्रीनप्ले कभी-कभी खुद अपनी रफ्तार से आगे निकल जाता है। शुरुआत में जो रहस्य धीरे-धीरे बनता है, बाद में उसके कई जवाब जल्दी मिल जाते हैं। कुछ चीजें अगर थोड़ी देर और छिपी रहतीं तो जंगल का रोमांच और टिक सकता था। सिनेमैटोग्राफी फिल्म की बड़ी ताकत है। जंगल की हरियाली, धुंध, अंधेरा और रोशनी मिलकर ऐसा माहौल बनाते हैं कि कई बार जंगल खुद कहानी का किरदार लगता है। प्रोडक्शन डिजाइन में बिहार की मिट्टी और गांव की पहचान बनी रहती है। रहस्यमयी जीवों और पुराने घटनाक्रम को समझाने वाला एनीमेशन भी फिल्म का दिलचस्प प्रयोग है। वीएफएक्स में पैमाना बड़ा रखा गया है। कुछ दृश्य शानदार लगते हैं, जबकि कुछ जगह कंप्यूटर से बने हिस्से उतने सहज नहीं बैठते। बड़े पर्दे पर फिल्म का स्केल जरूर दिखाई देता है। फिल्म का म्यूजिक कैसा है ‘समझो ना’ कहानी के रोमांटिक हिस्से को जगह देता है, जबकि ‘ठुमक ठुमक’ माहौल में मस्ती भरता है। लेकिन सबसे ज्यादा फिल्म की जड़ों से जुड़ता है ‘छठी मइया’। छठ के घाट, अर्घ्य और भक्ति वाला माहौल फिल्म को बिहार की संस्कृति से जोड़ता है। हां, यहां सिनेमा ने अपनी थोड़ी आजादी भी ली है—कुछ दृश्य असली छठ की सादगी से ज्यादा फिल्मी और सजाए हुए लगते हैं। असल छठ चार दिन की साधना, व्रत, अनुशासन और डूबते-उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा पर टिका है; फिल्म उसका भाव पकड़ती है, हर बारीकी नहीं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘द वन’ एक देसी फैंटेसी एडवेंचर है, जो बिहार की लोककथा, छठी मइया की आस्था और रहस्यमयी जंगल को अपनी दुनिया का आधार बनाती है। फिल्म का माहौल, सिनेमैटोग्राफी और कलाकार इसे देखने लायक बनाते हैं। दूसरे हिस्से में कहानी कुछ जानी-पहचानी राह पकड़ती है, लेकिन अपनी मिट्टी से जुड़ी दुनिया और बड़े पर्दे का स्केल इसका असर बनाए रखते हैं। रास्ता हर जगह बराबर मजबूत नहीं है, लेकिन ‘द वन’ की दुनिया में कदम रखना एक दिलचस्प सिनेमाई अनुभव जरूर है।

दैनिक भास्कर 25 Sep 2026 11:23 am

कभी घर-घर पहुंचाता था पिज्जा, आज 3 रेस्टोरेंट का मालिक; मेहनत से बदली इस भारतीय की जिंदगी

कहते हैं कि अगर इंसान में मेहनत करने और आगे बढ़ने का जुनून हो, तो मुश्किल हालात भी उसके रास्ते को ज्यादा लंबे समय तक नहीं रोक सकते।

खास खबर 23 Sep 2026 4:14 pm

मराठी गाने पर रोबोट ‘माया’ का शानदार क्लासिकल डांस, वीडियो देख हैरान रह गए लोग

तकनीक के तेजी से बदलते दौर में अब रोबोट सिर्फ इंसानों की तरह चलने या काम करने तक सीमित नहीं रह गए हैं

खास खबर 15 Sep 2026 1:28 pm

सीने में तेज दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला, सर्जरी में पेट से निकले 14 पेन, 5 चम्मच और मोमबत्ती

आंध्र प्रदेश के पलनाडु जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 33 वर्षीय महिला को सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके पेट के अंदर कई असामान्य वस्तुएं मौजूद होने का पता चला। सर्जरी के दौरान महिला के पेट से 14 पेन, 5 लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती निकाली गई।

खास खबर 9 Sep 2026 3:16 pm

ऑस्ट्रेलिया में बना दुनिया का सबसे भारी गोल्ड बार, 521 किलो वजन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

सोने की छोटी-सी ईंट या गोल्ड बार तो आपने कई बार देखी होगी

खास खबर 3 Sep 2026 11:41 am

Viral News : धरती का ‘सर्वाइवल एक्सपर्ट’ है बिच्छू! महीनों बिना खाना और कई दिनों तक पानी में रह सकता है जिंदा

धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।

खास खबर 1 Sep 2026 2:51 pm

'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।

खास खबर 22 Aug 2026 12:28 pm

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm