बॉलीवुड एक्टर अर्जुन रामपाल ने मॉडल मेहर जेसिया से हुए अपने तलाक और उस दौरान के मुश्किल हालातों पर खुलकर बात की है। यूट्यूब शो कैंसिल्ड टू क्राउन' में अर्जुन ने बताया कि मेहर से अलग होने का समय उनकी जिंदगी का सबसे कठिन और अकेला दौर था। उस दौरान एक तरफ उनकी शादी टूट रही थी, वहीं दूसरी तरफ उनकी मां कैंसर से जंग लड़ रही थीं। अर्जुन के मुताबिक, इस मुसीबत के समय मॉडल और फैशन डिजाइनर गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स उनके जीवन में आईं और उन्होंने एक मजबूत सहारे की तरह उनका साथ दिया। मां और दोस्तों को खोने का था दुखअर्जुन रामपाल ने शो में अपने पुराने दिनों को याद किया। अर्जुन ने कहा, 'मुझे लगता है कि मैंने सबसे ज्यादा अकेलापन तब महसूस किया, जब मैं खुद से नहीं जुड़ा था। मेरी शादी सफल नहीं हो रही थी। यह देखना दुखद था क्योंकि प्यार हमेशा एक जैसा नहीं रहता। जिंदगी में कुछ भी स्थायी नहीं है। वह मेरी जिंदगी का सबसे अंधेरा दौर था। उसी वक्त मेरी मां कैंसर से पीड़ित थीं और मैं उन्हें खो रहा था। मेरे पिता का निधन उससे तीन साल पहले ही हुआ था। मैं अपने दोस्तों और उन सभी चीजों को खो रहा था, जिन्हें पाने के लिए मैंने कड़ी मेहनत की थी।' गैब्रिएला मुश्किल वक्त में बनीं सहारानिजी जिंदगी के इस बड़े उतार-चढ़ाव के बीच अर्जुन रामपाल की मुलाकात मॉडल और फैशन डिजाइनर गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स से हुई। अर्जुन ने बताया कि वे खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें गैब्रिएला जैसी पार्टनर मिली। उन्होंने कहा, 'गैब्रिएला मेरी जिंदगी में एक मजबूत एंकर की तरह आईं। वे खुद भी एक मुश्किल दौर से गुजर रही थीं। हम दोनों एक तूफान के बीच थे और हमें मिलकर इसका सामना करना था। अच्छा हुआ कि हमने इस मुश्किल वक्त का सामना साथ मिलकर किया और इसके बाद जिंदगी में खुशियां वापस आईं।' मेहर जेसिया से 2019 में हुआ था तलाकअर्जुन रामपाल ने साल 1998 में पूर्व मिस इंडिया और सुपरमॉडल मेहर जेसिया से शादी की थी। मॉडलिंग के दिनों में दोनों की मुलाकात हुई थी। इस शादी से उनकी दो बेटियां माहिका और मायरा हैं। करीब दो दशक तक साथ रहने के बाद साल 2018 में दोनों ने अलग होने की घोषणा की थी। नवंबर 2019 में कानूनी रूप से दोनों का तलाक हो गया। अर्जुन रामपाल और उनकी पूर्व पत्नी मेहर जेसिया के दो बेटियां हैं। उनकी बेटियों के नाम माहिका रामपाल और मायरा रामपाल हैं। दोनों के बाद वे अपनी मां मेहर जेसिया के साथ रहती हैं। मेहर से अलग होने के बाद साल 2018 में अर्जुन और गैब्रिएला की मुलाकात कॉमन फ्रेंड्स के जरिए हुई थी। अब अर्जुन और गैब्रिएला के दो बेटे हैं, जिनका जन्म 2019 और 2023 में हुआ था। दिसंबर 2025 में रिया चक्रवर्ती के पॉडकास्ट पर दोनों ने सगाई करने की बात भी कन्फर्म की थी। फिल्म 'धुरंधर' की सफलता से लौटे चर्चा मेंअगर वर्कफ्रंट की बात करें तो अर्जुन रामपाल को आखिरी बार डायरेक्टर आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर' और उसके सीक्वल 'धुरंधर: द रिवेंज' में देखा गया था। इस फिल्म में उन्होंने एक क्रूर आईएसआई (ISI) एजेंट मेजर इकबाल का किरदार निभाया था। उनके इस निगेटिव रोल को दर्शकों और समीक्षकों ने काफी पसंद किया और उनके अभिनय की जमकर तारीफ की गई। ये खबर भी पढ़ें अर्जुन रामपाल की 14 फिल्में फ्लॉप, किराया नहीं दे पाए:मॉडल से एक्टर बने; निगेटिव रोल्स से स्टारडम मिला, 'धुरंधर' ने किस्मत बदली एक समय बॉलीवुड में अपनी स्टाइल और शानदार स्क्रीन प्रेजेंस के लिए पहचाने जाने वाले अर्जुन रामपाल का करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा। मॉडलिंग से फिल्मों में आए अर्जुन ने शुरुआत में पहचान बनाई, लेकिन लंबे समय तक उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। पूरी खबर पढ़ें
मनोज बाजपेयी की ‘गवर्नर’ 12 जून को रिलीज हो रही है। इंटरव्यू में निर्देशक चिन्मय मंडलेकर ने फिल्म की रिसर्च, किरदारों और रेफरेंसेज पर खास बातें साझा कीं... फिल्म अब दर्शकों के सामने जाने को तैयार है, पूरी टीम में एक खास उत्साह हैचिन्मय कहते हैं...‘गवर्नर’ पर हम लंबे समय से काम कर रहे थे और अब जब फिल्म रिलीज के करीब है तो पूरी टीम में एक अलग तरह का उत्साह है। मनोज बाजपेयी देशभर में जाकर प्रचार कर रहे हैं। जब आप किसी कहानी पर वर्षों मेहनत करते हैं और वह आखिरकार दर्शकों तक पहुंचने वाली होती है, तो एक जिम्मेदारी और संतोष दोनों महसूस होते हैं। 'यह कोई डॉक्यूमेंट्री जैसी नहीं, पूरी रिसर्च पर आधारित एक इकोनॉमिक थ्रिलर है… बकौल चिन्मय...‘फिल्म का आधार पूरी तरह उन वास्तविक घटनाओं पर टिका है, जिनकी जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है। हालांकि हमें यह भी ध्यान रखना था कि हम कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं बना रहे हैं। कई बड़े फैसलों के नतीजे तो इतिहास में दर्ज हैं लेकिन उन फैसलों तक पहुंचने के लिए बंद कमरों में क्या चर्चाएं हुईं, किन मतभेदों और दबावों का सामना करना पड़ा, इसकी पूरी जानकारी कहीं उपलब्ध नहीं है। ऐसे में हमने गहन रिसर्च के आधार पर उन परिस्थितियों की कल्पना की और उन्हें सिनेमाई रूप दिया। हमारा प्रयास था कि तथ्य और ड्रामा के बीच संतुलन बना रहे। ’परिवारों से बातचीत और दस्तावेजों ने मजबूत की फिल्म की रिसर्चचिन्मय बताते हैं, ‘हमने केवल रिपोर्ट्स या पब्लिश कंटेंट पर भरोसा नहीं किया। हमारी टीम ने उन लोगों और परिवारों से भी बातचीत की, जो उस दौर और घटनाओं से किसी न किसी रूप में जुड़े रहे हैं। लेखक और सह-निर्माताओं ने स्क्रिप्ट के अलग-अलग स्टेज में उनसे संवाद किया। हमें असल परिस्थितियों और फैसलों के पीछे की नियत को समझना था। ’यह किसी एक व्यक्ति की बायोपिक नहीं, एक पूरे दौर की कहानी है चिन्मय ने बताया कि ‘कई लोग पूछते हैं कि क्या ‘गवर्नर’ बायोपिक है तो मेरा कहना साफ है कि नहीं। यह किसी एक व्यक्ति के जीवन की कहानी नहीं है। यह उस दौर की कहानी है, जब देश आर्थिक संकट के सबसे कठिन चरणों में से एक से गुजर रहा था। परिस्थितियों की वजह से कुछ पात्र कहानी के केंद्र में जरूर आते हैं लेकिन फिल्म केवल उन्हीं तक सीमित नहीं। इसमें कई ऐसे किरदार हैं, जिन्होंने उस दौर के फैसलों और घटनाओं को प्रभावित किया था।’ 2-3 वास्तविक लोगों को मिलाकर गढ़े गए हैं फिल्म के कई किरदार चिन्मय के मुताबिक, ‘अगर हम हर वास्तविक व्यक्ति को अलग-अलग प्रस्तुत करते, तो कहानी बहुत जटिल हो जाती। इसलिए कुछ पात्र ऐसे बनाए गए हैं जो 2 या 3 वास्तविक व्यक्तित्वों के अनुभवों और भूमिकाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। खासकर पत्रकारों और अन्य सहायक किरदारों के माध्यम से हमने उस समय की सोच, दबाव और सार्वजनिक विमर्श को सामने लाने की कोशिश की।’ मनोज ने एस वेंकटरमणन के व्यक्तित्व को पूरी गरिमा के साथ पेश किया है चिन्मय बताते हैं...‘फिल्म में कुछ संस्थानों और नामों को रचनात्मक कारणों से बदला गया है लेकिन जिस किरदार से कहानी प्रेरित है, उसकी आत्मा को पूरी ईमानदारी से प्रस्तुत किया गया है। मनोज ने इस भूमिका के लिए एस वेंकटरमणन के परिवार से मुलाकात करने के बजाय उपलब्ध डॉक्यूमेंट्स, स्क्रिप्ट और अपने अध्ययन पर भरोसा किया।'
विराट-अनुष्का ने फैन के लिए लिखा स्पेशल नोट:अहमदाबाद में आईपीएल फाइनल के बाद तस्वीरें भी खिचाईं
बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा और विराट कोहली ने अपने फैन को हाथ से लिखा एक स्पेशल नोट गिफ्ट किया है। हाल ही में यह कपल अहमदाबाद में आईपीएल फाइनल के बाद जहां उन्होंने अपनी एक फैन के साथ न सिर्फ तस्वीरें खिंचवाईं, बल्कि उसे नोट भी गिफ्ट किया। इस मुलाकात की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर सामने आई हैं, जिसमें दोनों अपने फैन के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। फैन के लिए लिखा थैंक्यू नोटआशी नाम की एक फैन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के साथ तस्वीरें शेयर की हैं। इसके साथ ही उसने कपल से मिले हाथ से लिखे नोट की फोटो भी पोस्ट की। इस नोट में लिखा है, 'आशी, सभी तरह की मदद के लिए थैंक्यू। हमारी तरफ से आपको शुभकामनाएं।' आशी ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि विराट और अनुष्का की सर्विस करना और उनसे मिलना हमेशा याद रहने वाला पल है। उन्होंने हॉस्पिटैलिटी (मेहमाननवाजी) के इस अनुभव के लिए स्टार कपल का आभार जताया। अहमदाबाद मैच के बाद पहुंचे वृंदावनआईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की अहमदाबाद में हुई जीत के बाद की है। मैच के कुछ घंटों बाद ही विराट कोहली और अनुष्का शर्मा प्रेमानंद महाराज का आशीर्वाद लेने के लिए वृंदावन पहुंचे थे। इसके बाद दोनों ने दिल्ली का दौरा भी किया और फिर वे लंदन के लिए रवाना हो गए। 2024 में लंदन शिफ्ट हो चुका है कपलविराट कोहली और अनुष्का शर्मा की शादी को 9 साल हो चुके हैं। दोनों साल 2017 में इटली में शादी के बंधन में बंधे थे। कपल के दो बच्चे हैं। साल 2021 में उनकी बेटी वामिका का जन्म हुआ था और साल 2024 में उनके बेटे अकाय का जन्म हुआ। साल 2024 में ही विराट और अनुष्का आधिकारिक तौर पर लंदन शिफ्ट हो गए थे और अब वे वहीं स्थायी रूप से रहते हैं। 8 साल से बड़े पर्दे से दूर हैं अनुष्काअनुष्का शर्मा लंबे समय से बड़े पर्दे से दूर हैं। उन्हें आखिरी बार साल 2018 में आई फिल्म 'जीरो' में देखा गया था, जिसमें शाहरुख खान और कैटरीना कैफ भी मुख्य भूमिका में थे। इसके बाद से वे किसी फिल्म में नजर नहीं आई हैं। हालांकि, वे पूर्व भारतीय महिला क्रिकेटर झूलन गोस्वामी की बायोपिक 'चकदा एक्सप्रेस' से फिल्मों में वापसी करने वाली हैं। इस फिल्म का पहला लुक कुछ समय पहले रिलीज किया गया था, लेकिन इसकी रिलीज डेट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आया है। -------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें विराट कोहली IPL जीतने के बाद प्रेमानंदजी से मिलने पहुंचे:पत्नी अनुष्का भी साथ थीं; वृंदावन आश्रम में दोनों नंगे पैर चलते नजर आए IPL जीतने के बाद क्रिकेटर विराट कोहली और पत्नी अनुष्का शर्मा ने वृंदावन में संत प्रेमानंद के दर्शन किए। दोनों मंगलवार सुबह 7 बजे केली कुंज आश्रम पहुंचे। चेहरे पर मास्क लगाकर कार से उतरे और नंगे पांव आश्रम के अंदर गए। पूरी खबर पढ़ें
एक्टर सलमान खान परिवार के साथ मंगलवार को अपनी फैमिली फ्रेंड कुमुद राणे के अंतिम संस्कार में पहुंचे। इस दौरान सलमान के भाई सोहेल, अरबाज और उनकी मां सलमा खान भी मौजूद थीं। अंतिम संस्कार के दौरान सलमान काफी इमोशनल नजर आए। कुमद के निधन पर मेकअप आर्टिस्ट शीबा इकबाल ने लिखा, आज मैं अपनी प्रिय बॉस कुमद राणे मैडम को गहरे सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद कर रही हूं। आप मेरे लिए सिर्फ एक बॉस नहीं थीं। आप एक दयालु लीडर, मार्गदर्शक और ऐसी इंसान थीं, जो हमेशा अपने आसपास के लोगों को प्रोत्साहित और सहयोग करती थीं।आपके साथ काम करते हुए मैंने सिर्फ अपने पेशे के बारे में ही नहीं, बल्कि समर्पण, प्रोफेशनल रवैये और दूसरों के प्रति दयालुता का महत्व भी सीखा। आपके मार्गदर्शन ने मेरे करियर को आकार दिया और आपके भरोसे ने मुझे अपने काम में आत्मविश्वास दिया। उन्होंने आगे लिखा, आपकी दयालुता और सहयोग की यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी। भले ही आज आप हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन हमारे जीवन पर आपका प्रभाव हमेशा बना रहेगा।ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे और आपको स्वर्ग में सर्वोच्च स्थान प्रदान करे। आप हमेशा हमारी यादों में जिंदा रहेंगी और आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। पिछले महीने भी सलमान के दोस्त का निधन हुआ था पिछले महीने सलमान खान ने अपने 42 साल पुराने करीबी दोस्त सुशील कुमार के निधन पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दुख जताया था। सलमान ने बताया था कि सुशील उनके लिए सिर्फ दोस्त नहीं बल्कि एक भाई की तरह थे। सुशील के लिए सलमान ने एक लंबा और इमोशनल नोट लिखा था। सलमान ने अपने और पिता सलीम खान के साथ सुशील की पुरानी तस्वीरें शेयर की हैं। एक्टर ने लिखा कि सुशील पिछले 42 सालों से उनके साथ भाई की तरह थे। वे एक बहुत ही दयालु और मददगार इंसान थे। सलमान के मुताबिक, चाहे आर्थिक तंगी हो, भावनात्मक परेशानी हो या शारीरिक बीमारी, सुशील के चेहरे से मुस्कान कभी कम नहीं होती थी। वे मुश्किल से मुश्किल हालात में भी डांस करते थे और मुस्कुराते रहते थे। 'की फरक नई पैंदा' कहते थे सुशीलसलमान ने सुशील की पॉजिटिव सोच को याद करते हुए बताया था कि वे हमेशा एक ही बात कहते थे- की फरक नई पैंदा, सब ठीक होगा (कोई फर्क नहीं पड़ता, सब ठीक हो जाएगा)। सलमान ने उन्हें एक ऐसा योद्धा बताया जिसने मौत का सामना किसी 'हैवीवेट चैंपियन' की तरह किया। एक्टर ने लिखा था, तुम्हारे लिए मेरी आंखों में आंसू नहीं हैं भाई, बल्कि सिर्फ तुम्हारी यादें और हंसी है। मेरा भाई चेहरे पर मुस्कान लिए दुनिया से गया। अंतिम विदाई पर भावुक हुए सलमानअपनी पोस्ट में सलमान ने जिंदगी की फिलॉसफी पर भी बात की थी। उन्होंने कहा था कि हम सभी को एक न एक दिन जाना है, बस कोई पहले जाता है और कोई बाद में। इसलिए जाने से पहले जीवन में कुछ ऐसा कर जाना चाहिए जिससे लोग आपको याद रखें। सलमान ने इमोशनल होते हुए लिखा कि वे सुशील को बहुत मिस करेंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे इस खबर के बाद गुस्सा करना चाहते थे और रोना चाहते थे, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला। 'मातृभूमि' फिल्म में नजर आएंगे सलमानवर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सलमा खान के बैनर सलमान खान फिल्म्स के तले हो रहा है। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं और इसमें चित्रांगदा सिंह लीड रोल में नजर आएंगी।
एक्टर सलमान खान अपने परिवार के साथ मंगलवार को अपने फैमिली फ्रेंड कुमुद राणे के अंतिम संस्कार में पहुंचे। इस दौरान सलमान के भाई सोहेल, अरबाज और उनकी मां सलमा खान भी मौजूद थीं। परिवार ने कुमुद को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार के दौरान सलमान काफी इमोशनल नजर आए। पिछले महीने भी सलमान के दोस्त का निधन हुआ था पिछले महीने सलमान खान ने अपने 42 साल पुराने करीबी दोस्त सुशील कुमार के निधन पर सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दुख जताया था। सलमान ने बताया था कि सुशील उनके लिए सिर्फ दोस्त नहीं बल्कि एक भाई की तरह थे। सुशील के लिए सलमान ने एक लंबा और इमोशनल नोट लिखा था। सलमान ने अपने और पिता सलीम खान के साथ सुशील की पुरानी तस्वीरें शेयर की हैं। एक्टर ने लिखा कि सुशील पिछले 42 सालों से उनके साथ भाई की तरह थे। वे एक बहुत ही दयालु और मददगार इंसान थे। सलमान के मुताबिक, चाहे आर्थिक तंगी हो, भावनात्मक परेशानी हो या शारीरिक बीमारी, सुशील के चेहरे से मुस्कान कभी कम नहीं होती थी। वे मुश्किल से मुश्किल हालात में भी डांस करते थे और मुस्कुराते रहते थे। 'की फरक नई पैंदा' कहते थे सुशीलसलमान ने सुशील की पॉजिटिव सोच को याद करते हुए बताया था कि वे हमेशा एक ही बात कहते थे- की फरक नई पैंदा, सब ठीक होगा (कोई फर्क नहीं पड़ता, सब ठीक हो जाएगा)। सलमान ने उन्हें एक ऐसा योद्धा बताया जिसने मौत का सामना किसी 'हैवीवेट चैंपियन' की तरह किया। एक्टर ने लिखा था, तुम्हारे लिए मेरी आंखों में आंसू नहीं हैं भाई, बल्कि सिर्फ तुम्हारी यादें और हंसी है। मेरा भाई चेहरे पर मुस्कान लिए दुनिया से गया। अंतिम विदाई पर भावुक हुए सलमानअपनी पोस्ट में सलमान ने जिंदगी की फिलॉसफी पर भी बात की थी। उन्होंने कहा था कि हम सभी को एक न एक दिन जाना है, बस कोई पहले जाता है और कोई बाद में। इसलिए जाने से पहले जीवन में कुछ ऐसा कर जाना चाहिए जिससे लोग आपको याद रखें। सलमान ने इमोशनल होते हुए लिखा कि वे सुशील को बहुत मिस करेंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे इस खबर के बाद गुस्सा करना चाहते थे और रोना चाहते थे, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला। 'मातृभूमि' फिल्म में नजर आएंगे सलमानवर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ की तैयारी कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्माण सलमा खान के बैनर सलमान खान फिल्म्स के तले हो रहा है। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं और इसमें चित्रांगदा सिंह लीड रोल में नजर आएंगी।
वेटरन एक्ट्रेस आशा पारेख ने हाल ही में बताया कि एक फिल्म के डांस नंबर के लिए उन्हें रिवीलिंग कॉस्ट्यूम पहनने का सुझाव दिया गया था, जिसका उन्होंने विरोध किया था। गौरतलब है कि फिल्म ‘पेद्दी’ में जान्हवी कपूर के प्रेजेंटेशन को लेकर बहस जारी है। फिल्म में जान्हवी के किरदार को कैमरे के कुछ एंगल्स और क्लोज-अप शॉट्स के जरिए ऑब्जेक्टिफाई किए जाने के आरोपों के बीच आशा पारेख और जया बच्चन ने फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की प्रस्तुति को लेकर अपने अनुभव शेयर किए। ‘डेक्कन क्रॉनिकल’ को दिए इंटरव्यू में आशा पारेख ने बताया, मुझे याद है, एक बार एक डायरेक्टर ने मुझसे एक डांस नंबर के लिए काफी रिवीलिंग ड्रेस पहनने को कहा था। मैंने उनकी आंखों में देखकर पूछा, 'अगर आपकी बेटी यह ड्रेस पहने तो क्या आपको अच्छा लगेगा?' इसके बाद वह ड्रेस चुपचाप हटा दी गई। आशा पारेख ने आगे कहा, आज की हीरोइनें बहुत खूबसूरत हैं। उन्हें खुद को इस तरह दिखाने की कोई जरूरत नहीं है। देखिए, संजय लीला भंसाली अपनी हीरोइनों को कितने खूबसूरत और सलीके से पेश करते हैं। उनकी फिल्मों में एक्ट्रेसेस बेहद सुंदर लगती हैं। लेकिन दूसरे कुछ डायरेक्टर उन्हीं एक्ट्रेसेस को अलग तरीके से दिखाते हैं और उनका गलत फायदा उठाते हैं। एक डायरेक्टर ने जया को ऑब्जेक्टिफाई किया था वहीं, जया बच्चन ने कहा कि उनके साथ किसी ने भी सीमाएं लांघने की कोशिश नहीं की। उन्होंने बताया कि केवल एक बार उन्हें किसी डायरेक्टर ने ऑब्जेक्टिफाई किया था, जिसके बाद उन्होंने उस फिल्ममेकर के साथ दोबारा काम नहीं किया। वहीं, करीना ने कहा, पर्दे पर आकर्षक दिखने का मतलब छोटे या रिवीलिंग कपड़े पहनना नहीं है। किसी एक्ट्रेस को सिर्फ उसके शरीर के जरिए दिखाना भी जरूरी नहीं है। गौरतलब है कि हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘पेद्दी’ के कुछ सीन्स को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना हुई, जिसके बाद डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने दर्शकों से माफी मांगी और विवादित सीन्स हटा दिए गए। यह भी खबर भी पढ़ें… पेद्दी से हटाए गए जाह्नवी कपूर के विवादित सीन: डायरेक्टर ने माना कुछ सीन मिसलीडिंग थे; जाह्नवी को बोल्ड दिखाने पर शुरू हुआ था विवाद साउथ स्टार राम चरण और जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘पेद्दी’ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म कर रही है, लेकिन फिल्म में जाह्नवी के किरदार को जरूरत से ज्यादा बोल्ड दिखाने पर विवाद खड़ा हो गया था। दर्शकों के विरोध के बाद फिल्म के डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने कन्फर्म किया है कि फिल्म से सभी विवादित सीन हटा दिए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
एक्ट्रेस कंगना रनोट की अपकमिंग फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। हालांकि, इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होगा। एक तरफ कंगना की पिछली कई फिल्में बुरी तरह फ्लॉप हुई हैं, वहीं, जिस दिन यानी 12 जून को 'भारत भाग्य विधाता' रिलीज होगी, उसी दिन 3 अन्य बॉलीवुड फिल्में भी रिलीज होंगी।, जिससे बॉक्स ऑफिस पर क्लैश की स्थिति बन रही है। कंगना की पिछली कई फिल्में फ्लॉप रहीं कंगना की पिछली पांच फिल्मों का प्रदर्शन बॉक्स ऑफिस पर खराब रहा है। पिछली फिल्म 'इमरजेंसी' (2025) में कंगना ने इंदिरा गांधी की भूमिका निभाई और खुद डायरेक्शन भी किया। लगभग 60 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने भारत में करीब 23.81 करोड़ रुपए की कमाई की और डिजास्टर साबित हुई। इससे पहले रिलीज हुई फिल्म 'तेजस' (2023) का बजट लगभग 70 करोड़ रुपए था। फिल्म ने मात्र 8.05 करोड़ रुपए की कमाई की और डिजास्टर साबित हुई। वह तमिल फिल्म 'चंद्रमुखी 2' में नजर आई थीं। 65 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 54:10 करोड़ रुपए कमाए और फ्लॉप रही। वहीं, 'धाकड़' (2022) में कंगना एक्शन हीरोइन बनीं। 85 करोड़ रुपए के बजट वाली यह फिल्म सिर्फ 4.01 करोड़ रुपए कमा सकी थी और बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। 'थलाइवी' (2021) तमिल-हिंदी बाइलिंगुअल बायोपिक थी, जिसमें कंगना ने जे. जयललिता का रोल किया। 100 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने करीब 8.50 करोड़ रुपए की कमाई की और फ्लॉप रही। रिलीज के दिन तीन फिल्मों से क्लैश फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून 2026 को रिलीज हो रही है। जून 2026 में कई बड़ी फिल्में रिलीज हो रही हैं। 12 जून को 'भारत भाग्य विधाता' के साथ इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा', मनोज बाजपेयी स्टारर 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' और विक्रम भट्ट की 'हॉन्टेड 3D: इकोज ऑफ द पास्ट' भी रिलीज हो रही हैं। इसके अलावा जून के बाकी दिनों में शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की 'कॉकटेल 2' (19 जून) तथा अक्षय कुमार की 'वेलकम टू द जंगल' (26 जून) जैसी बड़ी फिल्में भी रिलीज होने वाली हैं। इसके अलावा 4 जून को रिलीज हुई 'पेड्डी' और 5 जून को रिलीज हुई 'है जवानी है तो इश्क होना है' भी बॉक्स ऑफिस पर चल रही हैं। 'भारत भाग्य विधाता' की बात करें तो यह फिल्म 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की वास्तविक घटनाओं पर आधारित है। PEN स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म में कंगना नर्स की भूमिका में हैं। फिल्म में कंगना के अलावा गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे और आशा शेलार भी अहम भूमिकाओं में हैं।
एक्ट्रेस कंगना रनोट की अपकमिंग फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। हालांकि, इस फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होगा। एक तरफ कंगना की पिछली कई फिल्में बुरी तरह फ्लॉप हुई हैं, वहीं, जिस दिन यानी 12 जून को 'भारत भाग्य विधाता' रिलीज होगी, उसी दिन 3 अन्य बॉलीवुड फिल्में भी रिलीज होंगी।, जिससे बॉक्स ऑफिस पर क्लैश की स्थिति बन रही है। कंगना की पिछली कई फिल्में फ्लॉप रहीं कंगना की पिछली पांच फिल्मों का प्रदर्शन बॉक्स ऑफिस पर खराब रहा है। पिछली फिल्म 'इमरजेंसी' (2025) में कंगना ने इंदिरा गांधी की भूमिका निभाई और खुद डायरेक्शन भी किया। लगभग 60 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने भारत में करीब 23.81 करोड़ रुपए की कमाई की और डिजास्टर साबित हुई। इससे पहले रिलीज हुई फिल्म 'तेजस' (2023) का बजट लगभग 70 करोड़ रुपए था। फिल्म ने मात्र 8.05 करोड़ रुपए की कमाई की और डिजास्टर साबित हुई। वह तमिल फिल्म 'चंद्रमुखी 2' में नजर आई थीं। 65 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 54:10 करोड़ रुपए कमाए और फ्लॉप रही। वहीं, 'धाकड़' (2022) में कंगना एक्शन हीरोइन बनीं। 85 करोड़ रुपए के बजट वाली यह फिल्म सिर्फ 4.01 करोड़ रुपए कमा सकी थी और बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। 'थलाइवी' (2021) तमिल-हिंदी बाइलिंगुअल बायोपिक थी, जिसमें कंगना ने जे. जयललिता का रोल किया। 100 करोड़ रुपए के बजट वाली इस फिल्म ने करीब 8.50 करोड़ रुपए की कमाई की और फ्लॉप रही। रिलीज के दिन तीन फिल्मों से क्लैश फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून 2026 को रिलीज हो रही है। जून 2026 में कई बड़ी फिल्में रिलीज हो रही हैं। 12 जून को 'भारत भाग्य विधाता' के साथ इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा', मनोज बाजपेयी स्टारर 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' और विक्रम भट्ट की 'हॉन्टेड 3D: इकोज ऑफ द पास्ट' भी रिलीज हो रही हैं। इसके अलावा जून के बाकी दिनों में शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की 'कॉकटेल 2' (19 जून) तथा अक्षय कुमार की 'वेलकम टू द जंगल' (26 जून) जैसी बड़ी फिल्में भी रिलीज होने वाली हैं। इसके अलावा 4 जून को रिलीज हुई 'पेड्डी' और 5 जून को रिलीज हुई 'है जवानी है तो इश्क होना है' भी बॉक्स ऑफिस पर चल रही हैं। 'भारत भाग्य विधाता' की बात करें तो यह फिल्म 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की वास्तविक घटनाओं पर आधारित है। PEN स्टूडियोज द्वारा प्रस्तुत इस फिल्म में कंगना नर्स की भूमिका में हैं।
सोमवार को दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह मुंबई के बांद्रा वेस्ट स्थित अपने समुद्र किनारे बने नए क्वाड्रुप्लेक्स घर की बालकनी में नजर आए। दोनों घर के इंटीरियर के काम की प्रोग्रेस देखने पहुंचे थे। जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए, उनमें दीपिका सफेद को-ऑर्ड आउटफिट में दिखीं, जबकि रणवीर ने लाल टी-शर्ट, काली पैंट और काली कैप पहनी हुई थी। वहीं हाल ही में दूसरी बार प्रेग्नेंट दीपिका का बेबी बंप भी नजर आया। खबरों के अनुसार, दूसरे बच्चे के जन्म के बाद कपल नए आलीशान घर में शिफ्ट हो सकता है। समुद्र के सामने बना यह लग्जरी क्वाड्रुप्लेक्स अपार्टमेंट काफी बड़ा और शानदार बताया जा रहा है। अप्रैल में की थी प्रेग्नेंसी अनाउंसमेंट दीपिका पादुकोण ने 19 अप्रैल को अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी अनाउंस की थी। दीपिका और रणवीर के इंस्टाग्राम हैंडल पर उनकी बेटी दुआ की एक तस्वीर शेयर की गई थी, जिसमें बेटी ने एक प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़ी हुई है, जो पॉजिटिव रिजल्ट दिखा रहा है। तस्वीर में रणवीर बेटी को गोद में लिए हुए हैं, हालांकि उनका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। वहीं, तस्वीर में दुआ का आधा चेहरा नजर आ रहा था। 2024 में बेटी दुआ का जन्म हुआ था बता दें कि दीपिका और रणवीर ने 8 सितंबर 2024 को अपनी बेटी दुआ के जन्म की जानकारी दी थी। उस समय उन्होंने लिखा था, ‘वेलकम बेबी गर्ल। 8-9-2024। दीपिका और रणवीर।’ इससे पहले फरवरी 2024 में दीपिका ने प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी। दोनों की लव स्टोरी 2013 में फिल्म 'गोलियों की रासलीला राम-लीला' के सेट से शुरू हुई थी। कई सालों तक रिश्ते में रहने के बाद दोनों ने 2018 में इटली में शादी की थी। कपल के वर्कफ्रंट की बात करें तो रणवीर हाल ही में फिल्म धुरंधर और धुरंधर 2 में नजर आए थे। दोनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुईं। 'धुरंधर' के पहले पार्ट ने दुनियाभर में 1307 करोड़ रुपए का कारोबार किया था, जबकि इसके सीक्वल को भी दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला था। धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का रिकॉर्ड बनाया। सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने भारत में करीब ₹1149 करोड़ नेट कलेक्शन और दुनियाभर में लगभग ₹1813 करोड़ ग्रॉस कमाई की है। ग्रॉस कलेक्शन टिकट से कुल कमाई और नेट कलेक्शन टैक्स के बाद की कमाई होती है। वहीं, दीपिका शाहरुख खान के साथ फिल्म किंग में नजर आएंगी।
एक्ट्रेस मंजरी फडनिस ने एक स्ट्रीट कुत्ते की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले पर गहरा दुख जताया है। माइकी की देखभाल मंजरी और उनकी सोसायटी के अन्य निवासी पिछले सात सालों से कर रहे थे। मंजरी ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल वीडियो शेयर कर बताया कि माइकी नाम का लंबे बालों वाला स्ट्रीट कुत्ता था, जिसे उसके परिवार ने छोड़ दिया था। वह 2019-20 से सोसायटी में रह रहा था। कुछ समय पहले उसके अचानक लापता होने के बाद निवासी उसकी तलाश में जुट गए थे। उन्होंने बताया कि माइकी को खोजने के लिए पोस्टर लगाए गए, सुरक्षा गार्डों और स्टाफ से पूछताछ की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। मंजरी ने दावा किया- माइकी पर हमला हुआ मंजरी के अनुसार, बाद में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि माइकी पर उस समय हमला किया गया जब वह बिल्डिंग के बेसमेंट क्षेत्र के पास सो रहा था। एक्ट्रेस ने आरोप लगाया कि उसके सिर पर किसी बड़े डंडे या लोहे की रॉड से वार किया गया, जिसके बाद उसे सीढ़ियों के पास घसीटकर और मारा गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि घायल कुत्ते को बाद में एक बोरे में डालकर बिल्डिंग के पीछे स्थित खाड़ी क्षेत्र में फेंक दिया गया। मंजरी ने कहा कि फिलहाल उसके शव की तलाश की जा रही है। मंजरी ने माइकी के लिए न्याय मांगा वीडियो में इमोशनल होते हुए मंजरी ने स्ट्रीट एनिमल की सुरक्षा पर सवाल उठाए और इस मामले में न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि माइकी बेहद शांत स्वभाव का कुत्ता था और सोसायटी के लोग उसकी देखभाल करते थे। वे उसे घर ले जाकर नहलाते, ग्रूमिंग करते और उसके बाल सुलझाते थे। कई फिल्मों में भी बना चुकी हैं पहचान मंजरी फडनिस पशु प्रेमी हैं और सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी पोस्ट शेयर करती हैं। करियर की बात करें तो उन्हें इमरान खान और जेनेलिया डिसूजा के साथ फिल्म ‘जाने तू... या जाने ना’ से पहचान मिली। वह ‘ग्रैंड मस्ती’, ‘वार्निंग’, ‘किस किसको प्यार करूं’, ‘होटल मिलन’ समेत हिंदी और क्षेत्रीय सिनेमा के कई प्रोजेक्ट्स में काम कर चुकी हैं।
फिल्म हॉन्टेड 3डी: इकोस ऑफ द पास्ट के कलाकार मिमोह चक्रवर्ती और चेतना पांडे ने दैनिक भास्कर से बातचीत में अपने संघर्ष, फिल्म और निजी अनुभव साझा किए। चेतना ने बताया कि वह एक्टिंग का सपना लगभग छोड़ चुकी थीं, लेकिन विक्रम भट्ट के एक फोन ने उनकी जिंदगी बदल दी। मिमोह ने फिल्म की कहानी को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया। दोनों कलाकारों ने शूटिंग के किस्से, हॉरर फिल्मों के अनुभव, मिथुन चक्रवर्ती से मिली सीख और फिल्म की खासियतों पर बात की। सवाल: ‘हॉन्टेड 3डी: इकोस ऑफ द पास्ट’ तक पहुंचने का आपका सफर कैसा रहा? जवाब/चेतना पांडे: इस फिल्म से मेरा जुड़ाव किस्मत जैसा है। मुंबई आए मुझे काफी समय हो गया है और मेरी संघर्षभरी यात्रा रही है। आउटसाइडर होने पर बहुत मेहनत और ऑडिशन देने के बाद भी कई बार लगता है कि बड़े सपने पूरे नहीं होंगे। मैं नैनीताल से हूं। इंडस्ट्री में आने के बाद समझ आया कि यहां जगह बनाना आसान नहीं है। मैंने छोटे-छोटे रोल किए, जैसे शाहरुख खान की फिल्म दिलवाले में काम किया। कई बार लगा कि अब वह मौका नहीं मिलेगा, जिसका मैं इंतजार कर रही हूं। लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। करीब तीन साल पहले मेरी मुलाकात विक्रम भट्ट सर से हुई थी। उस समय मैं लगभग अपने सपने छोड़ चुकी थी। मैंने उनसे कहा था कि मैंने बहुत मेहनत की है, लेकिन अब लगता है कि मुझे वह मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैं टैलेंटेड हूं और एक दिन बड़ा काम करूंगी। फिर करीब एक साल तक हमारी बात नहीं हुई। मैं खतरों के खिलाड़ी सीजन 12 कर रही थी, तभी उनका फोन आया। उन्होंने कहा कि मुझसे मिलो, मेरे पास तुम्हारे लिए कुछ है। उस समय हॉन्टेड 3डी: इकोस ऑफ द पास्ट की शूटिंग शुरू हो चुकी थी और दूसरी अभिनेत्री फिल्म कर रही थी। विक्रम सर ने मेरी तस्वीर देखी और उन्हें लगा कि उन्हें उनकी ‘सुनहरी’ मिल गई है। अगले दिन उन्होंने मुझे बुलाया और मेरा कॉन्ट्रैक्ट साइन हो गया। दूसरे दिन से मैंने शूटिंग शुरू कर दी। पहले दिन के बाद सर ने मेरी तारीफ की। तभी मुझे लगा कि यह फिल्म मुझे ही करनी थी। सवाल: मिमोह, आप पहले भी हॉन्टेड का हिस्सा रह चुके हैं। इस फिल्म की कौन-सी बात आपको सबसे खास लगी? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: सबसे खास इसकी कहानी लगी। ‘हॉन्टेड 3डी’ 15 साल पहले आई थी और भारत की पहली स्टीरियोस्कोपिक 3डी फिल्म थी। उसके गाने और कहानी दर्शकों को पसंद आए थे। जब विक्रम सर ने मुझे इसके सीक्वल की कहानी सुनाई तो मुझे तुरंत समझ आ गया कि दर्शकों को यह फिल्म पसंद आएगी। इसमें हॉरर, शानदार गाने और मजबूत कहानी है। मुझे लगता है कि इस फिल्म का असली हीरो इसकी कहानी है। हमने कलाकारों के तौर पर अपना सौ प्रतिशत देने की कोशिश की है, लेकिन दर्शकों को सबसे ज्यादा इसकी कहानी पसंद आएगी। इसी वजह से मैंने तुरंत फिल्म के लिए हां कर दी। सवाल: चेतना को फिल्म में लेने से पहले तीन दिन की शूटिंग किसी और अभिनेत्री के साथ हो चुकी थी। फिर सब कुछ दोबारा शूट करना पड़ा। उस समय क्या महसूस हुआ? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: विक्रम सर इस फिल्म को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहते थे। हॉन्टेड के प्रशंसकों की उम्मीदें बड़ी हैं। लोग आज भी पूछते हैं कि क्या यह पहली फिल्म जैसी होगी, इसके गाने कैसे होंगे और प्रेम कहानी कैसी होगी। विक्रम सर के दिमाग में ‘सुनहरी’ का किरदार पूरी तरह साफ था। जब चेतना ने पहला सीन किया, तब हम सभी को लगा कि हमें हमारी सुनहरी मिल गई है। सवाल: चेतना, फिल्म का सबसे मुश्किल सीन कौन-सा था? जवाब/चेतना पांडे: वह सीन टीजर में भी दिखाया गया है। उसमें मेरी पहली मुलाकात देव से होती है। उस सीन में मुझे बिना कुछ बोले आंखों और एक्सप्रेशंस से बताना था कि क्या हो रहा है और सामने वाले को कैसे व्यवहार करना है, क्योंकि वहां एक भूत मौजूद होता है। यह मेरे लिए चुनौतीपूर्ण सीन था। सवाल: शूटिंग के दौरान कौन-सा सीन सबसे डरावना था और किस सीन में सबसे ज्यादा हंसी आई? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: हंसी वाला किस्सा एक गाने की शूटिंग के दौरान हुआ था। एक सीन में मुझे चेतना को देखते हुए बाहर निकलना था और कैमरे से नजर नहीं हटानी थी। मैं सीन में इतना डूबा था कि दीवार पर ध्यान नहीं गया। बाहर निकलते ही सीधे दीवार से टकरा गया और सिर लग गया। चेतना ने यह देखा तो जोर-जोर से हंसने लगीं। फिर पूरे सेट पर हंसी का माहौल बन गया। पूरे दिन हम लोग हंसते रहे। मजेदार बात यह थी कि हम हॉरर फिल्म शूट कर रहे थे, लेकिन उस दिन कॉमेडी ज्यादा हो गई। जहां तक डरावने सीन की बात है, हमारी फिल्म सिर्फ जंप स्केयर पर निर्भर नहीं करती। इसमें डर का एहसास माहौल और कहानी से आता है। फिल्म देखते समय दर्शकों को लगातार लगेगा कि कुछ बुरा होने वाला है और यही इसकी खासियत है। सवाल: चेतना, आपके लिए ‘सुनहरी’ का किरदार कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब/चेतना पांडे: मेरे लिए इस फिल्म का हर सीन चुनौतीपूर्ण था। मुझे नहीं लगता कि जिंदगी में फिर कभी इतना मुश्किल और परतदार किरदार मिलेगा। असल जिंदगी में मैं बहुत बातूनी और चंचल हूं, लेकिन सुनहरी बिल्कुल अलग है। वह शांत है, कम बोलती है और उसकी भावनाएं चेहरे और आंखों में नजर आती हैं। मैंने विक्रम सर से कई बार पूछा कि उन्होंने मुझमें ऐसा क्या देखा। उन्होंने कहा कि मेरे अंदर जो है, शायद मैं खुद भी नहीं जानती, लेकिन वह उसे देख सकते हैं। यह बात मेरे लिए बहुत खास थी। सवाल: क्या आप भूत-प्रेत या अलौकिक शक्तियों पर विश्वास करती हैं? जवाब/चेतना पांडे: पहले मैं इन चीजों पर ज्यादा विश्वास नहीं करती थी, लेकिन मेरे पिता ने अपने कुछ अनुभव बताए। उन्होंने कहा कि एक बार उनके साथ ऐसी घटना हुई थी, जिसमें उन्हें कुछ समय तक याद नहीं रहा कि क्या हुआ था। पहाड़ों में ऐसी कई कहानियां सुनने को मिलती हैं। मैंने आसपास भी कुछ घटनाएं देखी हैं, इसलिए अब मैं इन चीजों पर विश्वास करती हूं। हालांकि मेरे साथ अभी तक ऐसा कोई अनुभव नहीं हुआ है। सवाल: अगर सच में किसी भूत से सामना हो जाए, तो उससे क्या मांगेंगे? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: मैं उससे कुछ नहीं मांगूंगा, मैं तो वहां से भाग जाऊंगा। (हंसते हुए) मेरी जिंदगी बहुत अच्छी चल रही है, मुझे उससे कुछ लेने की जरूरत नहीं है। लोग कहते हैं कि काश ऐसा अनुभव हो, लेकिन सच में अगर सामने भूत आ जाए तो हालत खराब हो जाएगी। फिल्म में मैं भूत से लड़ रहा हूं, लेकिन रियल लाइफ में भूत दिख गया तो सबसे पहले मैं ही भागूंगा। सवाल: चेतना, अगर आपको किसी हॉन्टेड जगह पर जाना पड़े, तो अपने साथ किसे लेकर जाएंगी? जवाब/चेतना पांडे: मैं विक्रम भट्ट सर को अपने साथ लेकर जाऊंगी। (हंसते हुए) क्योंकि अगर वहां सच में कोई हॉरर घटना होने लगी, तो सर तुरंत कहेंगे- ये तो बहुत रियल है, इस पर एक और फिल्म बनाते हैं। वहीं नई फिल्म की तैयारी शुरू हो जाएगी। सवाल: विक्रम भट्ट की कौन-सी फिल्म आपको सबसे ज्यादा पसंद है? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: मुझे विक्रम सर की लगभग सभी फिल्में पसंद हैं। गुलाम मेरी पसंदीदा फिल्मों में से एक है। हॉन्टेड भी मुझे पसंद थी। बचपन में मैं अपने पिता के साथ हॉरर फिल्में देखता था और बहुत डर जाता था। कई बार आंखें बंद करके उंगलियों के बीच से स्क्रीन देखता था। तब सोचता था कि कलाकार ऐसे सीन कैसे शूट करते होंगे। अब हॉरर फिल्म करने के बाद समझ आया कि यह कितना मुश्किल काम है। सवाल: अगर इस फिल्म का कोई सीन दोबारा शूट करने का मौका मिले तो कौन-सा सीन करना चाहेंगे? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: देव और सुनहरी के लगभग सभी सीन खास हैं। उनकी प्रेम कहानी सीधी-सादी नहीं है। जितना वे करीब आना चाहते हैं, हालात उतना ही उन्हें दूर धकेलते हैं। अगर मौका मिले तो मैं गुफा वाला सीन दोबारा करना चाहूंगा। वह खूबसूरत और भावनात्मक सीन था। चेतना पांडे: उस दिन मिमोह के पिता मिथुन चक्रवर्ती भी सेट पर मौजूद थे। मैं बहुत नर्वस थी, लेकिन सीन खत्म होने के बाद उन्होंने और विक्रम सर ने हमारी तारीफ की। वह पल मैं कभी नहीं भूलूंगी। सवाल: मिथुन चक्रवर्ती आपको काम को लेकर क्या सलाह देते हैं? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: पापा हमेशा कहते हैं कि जो भी किरदार निभाओ, पूरी ईमानदारी से निभाओ। अगर आप किरदार के प्रति ईमानदार नहीं होंगे तो दर्शक तुरंत पकड़ लेंगे। वह कहते हैं कि सेट पर मिमोह नहीं, सिर्फ किरदार नजर आना चाहिए। यही उनकी सबसे बड़ी सीख है, जिसे मैं हमेशा याद रखता हूं। सवाल: अपने पिता मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ी कोई खास याद साझा करना चाहेंगे? जवाब/मिमोह चक्रवर्ती: मेरे लिए सबसे खास याद वह है, जब मुझे हॉन्टेड की पहली फिल्म मिली थी। मैं विक्रम भट्ट सर से मिला था। उसी शाम घर लौटते समय उनका मैसेज आया कि मैं फिल्म का हीरो हूं। पहले मुझे यकीन नहीं हुआ। मैंने सर को फोन करके पूछा कि क्या सच में मैं ही फिल्म कर रहा हूं। उन्होंने कहा, कल ऑफिस आओ और कॉन्ट्रैक्ट साइन करो। जब मैं घर पहुंचा, तो मां और पापा दोनों वहीं थे। मैंने उन्हें बताया कि मुझे फिल्म मिल गई है और मैं उसका हीरो हूं। उस पल उनके चेहरे की खुशी मैं कभी नहीं भूल सकता। खासकर पापा की आंखों में जो गर्व और खुशी थी, वह मेरे लिए बहुत मायने रखती है। उन्होंने ज्यादा कुछ नहीं कहा, बस मुस्कुराकर मेरी तरफ देखा। आज भी उनकी वह मुस्कान मुझे याद है। मेरे लिए वह किसी भी अवॉर्ड से बड़ी बात थी। पापा से जुड़ी यादें सिर्फ इसी एक पल तक सीमित नहीं हैं। बचपन में मैं उनसे काफी डरता था। उनकी पर्सनैलिटी इतनी मजबूत है कि उनके सामने हर कोई थोड़ा नर्वस हो जाता है। लेकिन समय के साथ हमारा रिश्ता बदल गया। आज वह सिर्फ मेरे पिता नहीं, बल्कि मेरे दोस्त भी हैं। हम ऊटी में होटल बिजनेस भी साथ संभालते हैं। कई फैसले मिलकर लेते हैं और जिंदगी की कई बातें शेयर करते हैं। वह अब मुझसे दोस्त की तरह बात करते हैं, सलाह देते हैं और अपने अनुभव साझा करते हैं। इसलिए मेरे लिए कोई एक याद चुनना मुश्किल है, लेकिन हॉन्टेड मिलने के बाद उनके चेहरे पर जो गर्व और खुशी मैंने देखी थी, वह पल मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत और भावुक यादों में हमेशा शामिल रहेगा।
9 जून 1975 अमीषा पटेल का जन्म गुजरात के रईस बिजनेसमैन अमित पटेल और पंजाबी NRI मां आशा के घर हुआ। मां और पिता का नाम जोड़कर उन्हें अमीषा नाम दिया गया। 5 की उम्र में उन्हें भरतनाट्यम की ट्रेनिंग दिलवाई गई। उनके दादाजी रजनी पटेल मशहूर बैरिस्टर और कांग्रेस के बड़े राजनेता थे। उनके नाम पर 1986 में मुंबई की रोड का नाम बैरिस्टर रजनी पटेल मार्ग रखा गया है। मनीष पॉल के पॉडकास्ट में अमीषा ने बताया था कि उनके दादाजी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तक बनने वाले थे। वो इंदिरा गांधी के करीबी थे। इंदिरा गांधी, अमीषा पटेल के पेरेंट्स की शादी में भी पहुंची थीं। उन्होंने खुद शादी ऐसी डेट पर रखी, जिस दिन वो काम में व्यस्त न हों और शादी अटेंड कर सकें। यहां तक की जब अमीषा का जन्म हुआ, इंदिरा गांधी वो पहली शख्स थीं, जो अस्पताल पहुंची थीं। 16 साल की उम्र में अमीषा अपने पिता के साथ सहेली के संगीत में पहुंची थीं। वहां पिता के साथ बोर्डिंग स्कूल में पढ़ चुके बचपन के दोस्त राकेश रोशन भी पहुंचे थे। जब अमीषा ने बिंदास अंदाज में डांस करना शुरू किया तो राकेश रोशन की उन पर नजर पड़ गई। वो सीधे उनके पिता के पास पहुंचे और पूछा- ये कौन है। गर्लफ्रेंड? जवाब मिला- नहीं राकेश, ये मेरी बेटी है अमीषा। अभी अभी बोस्टन से पढ़ाई कर लौटी है। राकेश ने उनसे कहा- जब मैं अपने बेटे ऋतिक को लॉन्च करूंगा, तो तुम्हारी बेटी को हीरोइन बनाऊंगा। पिता ने कहा- नहीं, वो तो पढ़ाई के लिए बॉस्टन जा रही है। फिल्मों में काम करने का तो सवाल ही नहीं उठता। शुरुआती पढ़ाई के बाद अमीषा ने बोस्टन की TUFT यूनिवर्सिटी से बायो जेनेटिक इंजीनियरिंग की और बाद में इकॉनोमिक्स की पढ़ाई की। अमीषा के पिता अमित पटेल का अक्सर फिल्मी दुनिया के लोगों के साथ उठना-बैठना होता था। एक दिन उन्होंने बॉस्टन में रह रहीं अमीषा को कॉल कर बताया कि विनोद अंकल (विनोद खन्ना) चाहते हैं कि तुम उनके बेटे अक्षय खन्ना की डेब्यू फिल्म हिमालय पुत्र से फिल्मों में डेब्यू करो, लेकिन हमने इनकार कर दिया। हम नहीं चाहते कि तुम्हारी पढ़ाई पर असर पड़े। अमीषा ने इस बात कर ध्यान नहीं दिया, क्योंकि फिल्मों में आने का उन्होंने खुद भी कभी सोचा नहीं था। कुछ दिन बीते, तो पिता ने फिर बताया फिरोज खान ने भी उन्हें बेटे फरदीन खान की फिल्म प्रेम अगन ऑफर की है, लेकिन इस बार भी उन्होंने इनकार कर दिया। जब वो फाइनल ईयर में बॉम्बे लौटीं, तो एक दिन राकेश रोशन ने उन्हें लंच पर इनवाइट किया। अमीषा पिता-मां के साथ गईं। वहां राकेश के बेटे ऋतिक भी मौजूद थे। उन्होंने पढ़ाई की खूब बातें कीं, अमीषा ने अपना सीवी और अमेरिका के मॉर्गन स्टेनली बैंक से मिली जॉब का लेटर भी दिखाया। कुछ देर बाद जब अमीषा वॉशरूम गईं तो राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक से पूछा कि क्या उन्हें अपकमिंग फिल्म कहो न प्यार है में कास्ट करना चाहिए। ऋतिक की हामी मिलने पर राकेश ने अमीषा के आते ही उन्हें फिल्म ऑफर कर दी। दरअसल, उस समय राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक रोशन और करीना कपूर के साथ फिल्म कहो न प्यार है शुरू की थी, लेकिन करीना ने राकेश रोशन और मां बबीता की अनबन होने पर फिल्म छोड़ दी थी। ऑफर मिलने पर अमीषा ने पूछा- आपकी फिल्म में तो हीरोइन फाइनल हो चुकी है। इस पर राकेश ने कहा- नहीं, मैं तुम्हें हीरोइन बनाना चाहता हूं। ये सुनकर अमीषा ने हामी भर दी। उन्होंने सोचा कि अगर पहली फिल्म फ्लॉप हुई, तो वो इकोनॉमिक्स में नौकरी शुरू कर देंगी, लेकिन खुशकिस्मती से फिल्म सुपरहिट रही और अमीषा पटेल एक स्टार बन गईं और आज भी फिल्मों से जुड़ी हुई हैं। आज अमीषा पटेल 51 साल की हो चुकी है। उनके बर्थडे के खास मौके पर जानिए, उनकी जिंदगी से जुड़ी रोचक कहानी, कुछ मजेदार किस्सों के साथ- कहो न प्यार है करते हुए मिली गदर, 12 घंटों तक दिया स्क्रीनटेस्ट अमीषा पटेल ने कुछ दिनों की एक्टिंग ट्रेनिंग लेने के बाद कहो न प्यार है की शूटिंग शुरू की। इसी समय उन्हें अनिल शर्मा की फिल्म गदर के ऑडिशन की जानकारी मिली। वो ऑडिशन के लिए गईं, जिसके लिए पहले ही 500 लड़कियां ऑडिशन दे चुकी थीं। 22 लड़कियों को स्क्रीनटेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिनमें अमीषा भी शामिल हुईं। उनका स्क्रीनटेस्ट 12 घंटे तक चला। आखिरकार अनिल शर्मा ने उन्हें गदर में कास्ट कर लिया। सिलेक्शन के बाद अमीषा पटेल को गदर साइन करने पर ताने मिले। सभी का मानना था कि करियर की शुरुआत में अमीषा को मां का रोल नहीं करना चाहिए, लेकिन वो ये रोल करने पर अड़ी थीं। अमीषा ने एक साथ कहो न प्यार है और गदर की शूटिंग की। एक फिल्म में वो चुलबुली लड़की थीं और दूसरी में एक भारत-पाकिस्तान के बीच हुए दंगों की सर्वाइवर। सबसे पहले उनकी फिल्म कहो न प्यार है रिलीज हुई। हर किसी ने राकेश रोशन को सलाह दी कि वो न्यूकमर ऋतिक और अमीषा की इस फिल्म को शाहरुख खान की फिल्म फिर भी दिल है हिंदुस्तानी और आमिर खान की फिल्म मेला के आसपास रिलीज न करें। कहो न प्यार है 14 जनवरी 2000 में रिलीज हुई, जबकि मेला 7 जनवरी 2000 और फिर भी दिल है हिंदुस्तानी 21 जनवरी 2000 को रिलीज हुई। बड़े क्लैश के बावजूद कहो न प्यार है ब्लॉकबस्टर रही और उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी। इसके बाद रिलीज हुई अमीषा पटेल की फिल्म गदर भी ब्लॉकबस्टर रही और उनकी गिनती टॉप एक्ट्रेस में होने लगी। गदर में अमीषा ने पाकिस्तानी सकीना का किरदार निभाया, जिसमें सनी देओल ने तारा सिंह का किरदार निभाया था। दोनों की जोड़ी काफी पसंद की गई थी। कुछ सालों बाद अमीषा पटेल को सनी देओल के भाई बॉबी देओल के साथ हमराज फिल्म मिली। फिल्म के क्लाइमैक्स सीन में अमीषा को अक्षय खन्ना को गोली मारकर, बॉबी से गले लगना था। फिल्म की शूटिंग जयपुर के किले में हुई, जहां शूटिंग देखने के लिए भारी भीड़ जमा थी। जैसे ही अमीषा ने बॉबी को गले लगाया, वैसे ही दर्शकों की भीड़ ने चिल्लाना शुरू किया। भीड़ के लोग चिल्लाकर बॉबी देओल से कह रहे थे- सकीना को छोड़ दे, वो तेरे भाई तारा सिंह की अमानत है। उसे छोड़ दे। ये सुनते ही सेट पर मौजूद पूरी टीम जोर से हंस पड़ी और सीन दोबारा करना पड़ा। कहो न प्यार है और गदर जैसी शुरुआती फिल्मों ने अमीषा को स्टार बनाया, लेकिन बाद में उनकी बैक-टु-बैक कई फिल्में फ्लॉप होने लगीं। इनमें आप मुझे अच्छे लगने लगे, क्रांति शामिल रहीं। ह्यूमर देख आमिर खान ने ऐश्वर्या को हटाकर किया अमीषा को कास्ट अमीषा की फ्लॉप हो रहीं फिल्मों के बीच एक रोज आमिर खान ने उनका बीबीसी को दिया एक इंटरव्यू देखा, जिसमें वो बेहतरीन अंदाज में ह्यूमरस जवाब दे रही थीं। आमिर को उनका ह्यूमर इतना पसंद आया कि उन्होंने तुरंत अपने प्रोड्यूसर को कॉल कर कहा कि उनकी अपकमिंग फिल्म मंगल पांडेः द राइजिंग में अमीषा को कास्ट किया गया। जबकि उस समय फिल्म में पहले ही ऐश्वर्या राय की कास्टिंग हो चुकी थी। ऐश्वर्या को रिप्लेस करने पर अमीषा चर्चा में रही थीं। ये फिल्म एवरेज रही, हालांकि आगे भी उनकी फिल्में जमीर, वादा, हमको तुमसे प्यार है, अनकही, आप की खातिर फ्लॉप होती रहीं और उन पर फ्लॉप एक्ट्रेस का ठप्पा लग गया। विक्रम भट्ट को किया डेट, परिवार को भेजा लीगल नोटिस 2002 में आई फिल्म आप मुझे अच्छे लगने लगे की शूटिंग के दौरान अमीषा पटेल और डायरेक्टर विक्रम भट्ट रिलेशनशिप में आ गए। अमीषा का परिवार इस रिश्ते से नाखुश था। समय के साथ अमीषा के परिवार से उनकी अनबन शुरू हो गई। विवाद तब बढ़ा, जब अमीषा ने 2004 में पिता को लीगल नोटिस भेजकर उनपर कमाई का गलत तरीके से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। नोटिस के अनुसार, अमीषा के पिता ने बिजनेस में नुकसान होने पर बिना इजाजत अमीषा की सारी जमापूंजी अपने बिजनेस में लगा दी। उन्होंने 12 करोड़ की रकम वापस भी मांगी। अमीषा ने घर छोड़ दिया और अकेले रहने लगीं। इसी समय खबरें रहीं कि अमीषा, विक्रम से शादी करने वाली हैं, लेकिन 2008 में अचानक दोनों अलग हो गए। इसी समय अमीषा के परिवार ने उनसे सुलह करनी चाही। विक्रम से ब्रेकअप के ठीक बाद अमीषा का नाम मार्च 2008 में अमेरिकन बिजनेसमैन कनव पुरी से जुड़ा। 2009 से अमीषा और परिवार से रिश्ते सुधरने लगे। कनव पुरी से शादी की खबरों के बीच ही अमीषा ने कनव से भी ब्रेकअप कर लिया और कहा कि वो करियर पर फोकस करना चाहती हैं। एयर इंडिया के कर्मचारी ने एक्ट्रेस के खिलाफ दर्ज करवाई शिकायत अगस्त 2006 में न्यूयॉर्क में होने वाली विक्ट्री परेड में शामिल होने के लिए रवाना हुईं अमीषा विवादों में घिर गईं। उन पर एयर इंडिया की एक कर्मचारी ने बदसलूकी करने के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई। भारत लौटने के बाद अमीषा के खिलाफ जांच शुरू हुई और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया। शिकायत के अनुसार, उन्होंने अपने साथी को फर्स्ट क्लास की टिकट न दिए जाने पर बदसलूकी की, हालांकि अमीषा ने इस सभी आरोपों को निराधार कहा। साथ ही उन्होंने कहा कि एयरलाइन के कर्मचारी खुद को बचाने के लिए उन्हें फंसा रहे हैं। विवाद तब खत्म हुआ, जब न्यूयॉर्क विक्ट्री परेड के ऑर्गेनाइजर्स ने एक्ट्रेस से माफी मांगते हुए कहा कि गड़बड़ उनकी तरफ से हुई थी। उन्होंने अमीषा के साथ ट्रेवल करने वालों की भी फर्स्ट क्लास में टिकट करवाई थी, लेकिन टेक्निकल दिक्कतों के चलते उनकी टिकट गलत बुक हो गई। ममता कुलकर्णी ने बहस कर कहा- तुम्हारी औकात क्या है 90 के दशक में ममता कुलकर्णी स्टार थीं, जबकि अमीषा पटेल मॉडलिंग किया करती थीं। तब दोनों को एक साथ एक हेयरऑइल का एड मिला था, जिसकी शूटिंग 4-5 दिनों तक मॉरिशियस में हुई थी। शूटिंग के बीच ऑर्गेनाइजर और बजाज सेवाश्रम के मालिक मिस्टर बजाज ने सभी के लिए एक डिनर आयोजित किया। डिनर के समय ममता कुलकर्णी, मिस्टर बजाज, अमीषा और उनकी मां अपनी-अपनी टीम के साथ एक ही टेबल पर बैठे थे। तभी ममता ने बुफे से एक डिश ली, जिसमें कोई नाम नहीं लिखा था। उन्हें चबाने में दिक्कत हुई, तो उन्होंने वेटर को बुलाकर डिश का नाम पूछा। वेटर ने उन्हें बताया कि ये हिरण का मांस है। इस पर ममता चिढ़ गईं और वेटर पर चिल्लाते हुए कहा- हिरण का मांस कौन खाता है, चिकन-मटन खाया जाता है। उन्होंने और उनकी सेक्रेटरी ने वेटर को गालियां देते हुए बदतमीजी की, तभी पास बैठीं अमीषा ने बीच-बचाव करते हुए कहा, यहां सभी लोग एक जैसा खाना खा रहे हैं, तो किसी को नखरे नहीं करना चाहिए। इस पर ममता भड़क गईं और चिल्लाते हुए कहा- तुम यहां हेयर ऑइल के एड के लिए आई हो ना। तुम्हें इसके 1 लाख रुपए मिले हैं और मुझे 15 लाख, तो स्टार कौन है बताओ, तुम्हारी औकात क्या है। इसके बाद अमीषा ने उन्हें जवाब दिया, तो उनकी सेक्रेटरी ने अमीषा से बदसलूकी करते हुए अग्रेसिव होकर उनके पास आने लगीं। तभी अमीषा की मां आशा तुरंत उठीं और सेक्रेटरी का हाथ पकड़कर कहा, मेरी बेटी को छूने की हिम्मत भी मत करना। ये झगड़ा काफी चर्चा में रहा। अमीषा पटेल एक इंटरव्यू में इस पर बात कर चुकी हैं। बीते साल आप की अदालत में पहुंचीं, ममता से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने मामले पर बात जरूर की, लेकिन सफाई में कहा कि उन्होंने सीधे तौर पर अमीषा को अपशब्द नहीं कहे, बल्कि उनकी मैनेजर की उनसे बहस हुई थी। अमीषा पटेल के हाथ से निकलीं ब्लॉकबस्टर तेरे नाम और लगान जैसी फिल्में शुरुआत में आमिर खान की फिल्म लगान अमीषा पटेल को ऑफर हुई थी। उस फिल्म में उन्हें गांव की लड़की का किरदार निभाना था। उनकी डेट्स भी फाइनल हो चुकी थीं, हालांकि बाद में डायरेक्टर आशुतोष गोवारिकर को एहसास हुआ कि एक गांव की लड़की के किरदार के लिए अमीषा अच्छा विकल्प नहीं हैं, क्योंकि वो बेहद खूबसूरत और पढ़ी-लिखी लगती हैं। यही वजह रही कि आखिरी समय में उनकी जगह ग्रेसी सिंह को कास्ट कर लिया गया। बता दें कि फिल्म गदरः एक प्रेम कथा और लगान एक ही दिन 14 जून 2001 को रिलीज हुई थीं। सलमान चाहते थे तेरे नाम करें अमीषा पटेल अमीषा पटेल, सलमान की करीबी दोस्त हैं। जिस समय उन्हें तेरे नाम की स्क्रिप्ट मिली, तब उन्होंने अमीषा को फिल्म ऑफर की थी। उन्होंने अमीषा को तेरे नाम के गाने सुनाए, जो पहले बन चुके थे। हालांकि तब फिल्म की शूटिंग डेट्स तय नहीं थीं और न ही ये तय हुआ था कि फिल्म कौन डायरेक्ट करेगा। जब तक सतीष कौशिक, फिल्म डायरेक्ट करने के लिए फाइनल हुए, तब तक अमीषा दूसरी फिल्मों में बिजी हो चुकी थीं। बाद में उनकी जगह भूमिका चावला को कास्ट किया गया। मुन्नाभाई एमबीबीएस में शाहरुख के साथ किया गया था कास्ट डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने शाहरुख खान और अमीषा के साथ फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस प्लान की थी। हालांकि शाहरुख दूसरी फिल्मों में बिजी होने पर ये फिल्म नहीं कर सके। बाद में उनकी जगह संजय दत्त आए। जब तक कास्टिंग फाइनल होती, अमीषा भी दूसरी फिल्मों में बिजी हो गईं और उन्होंने ये फिल्म छोड़ दी। एम एफ हुसैन को दादाजी ने दिया था मौका एक दौर में मशहूर पेंटर एम एफ हुसैन, सड़कों पर बिलबोर्ड पेंट करने का काम करते थे। वो अमीषा पटेल के दोस्त थे। शुरुआत में जब एमएफ हुसैन पेंटिंग में करियर बनाने की जद्दोजहद कर रहे थे, तब अमीषा के दादाजी ने उन्हें सपोर्ट किया और उनकी पेंटिंग्स अपने साथियों से खरीदवाई थीं। यही वजह रही कि एम एफ हुसैन का अमीषा के परिवार से करीबी रिश्ता रहा। अमीषा के घर में आज भी एम एफ हुसैन की दी हुईं कई लग्जरी पेंटिंग्स हैं।
राम चरण और जाह्नवी कपूर स्टारर फिल्म ‘पेड्डी’ इन दिनों विवादों में घिरी है। फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार और उनकी प्रस्तुति को लेकर सोशल मीडिया पर बहस चल रही है। कई लोगों का आरोप है कि फिल्म में महिला किरदार को जरूरत से ज्यादा ग्लैमराइज और ऑब्जेक्टिफाई किया गया है। अब इस विवाद पर अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनोट ने प्रतिक्रिया दी है। पीटीआई से बातचीत में कंगना ने कहा कि कई बार फिल्म निर्माता और निर्देशक यह नहीं समझ पाते कि वे महिलाओं को ऑब्जेक्टिफाई कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि अगर किसी कलाकार को लगता है कि उसके साथ ऐसा हो रहा है, तो उसे अपनी बात खुलकर रखनी चाहिए। कंगना इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। इसी दौरान पीटीआई से बातचीत में उनसे ‘पेड्डी’ विवाद पर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा, “कई बार डायरेक्टर को भी एहसास नहीं होता कि वे किसी महिला को ऑब्जेक्टिफाई कर रहे हैं। लेकिन अगर किसी अभिनेता या अभिनेत्री को ऐसा महसूस होता है, तो उसे अपनी बात रखनी चाहिए और विरोध जताना चाहिए।” उन्होंने कहा कि कलाकारों को अपनी सीमाएं तय करने का पूरा अधिकार है। यदि कोई सीन, कॉस्ट्यूम या प्रस्तुति उन्हें असहज लगती है तो वे उस पर अपनी राय रख सकते हैं। कंगना के मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री में संवाद और सहमति बहुत जरूरी है। क्या है ‘पेड्डी’ विवाद? हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘पेड्डी’ में जाह्नवी कपूर के किरदार अचियम्मा को जिस तरह पेश किया गया है, उस पर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि फिल्म के कुछ दृश्यों में कैमरा एंगल्स और प्रस्तुति महिला किरदार को ऑब्जेक्टिफाई करती नजर आती है। इसके अलावा एक रोमांटिक सीन को लेकर बहस छिड़ गई, जिसमें सहमति और रोमांस के चित्रण पर सवाल उठाए गए। विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के निर्देशक बुच्ची बाबू सना को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी महिला का अपमान करना नहीं था। उन्होंने दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए माफी मांगी और विवादित दृश्यों में बदलाव का आश्वासन दिया। कई सितारों ने रखी राय ‘पेड्डी’ विवाद पर सिर्फ कंगना ही नहीं, कई अन्य कलाकार भी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। अभिनेत्री नित्या मेनन ने कहा कि महिलाओं का ऑब्जेक्टिफिकेशन सिर्फ किसी एक इंडस्ट्री की समस्या नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर के सिनेमा में देखने को मिलता है। उन्होंने कलाकारों से जरूरत पड़ने पर अपनी बात मजबूती से रखने की अपील की। वहीं करीना कपूर खान ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि स्क्रीन पर आकर्षक या संवेदनशील दिखने के लिए महिलाओं का ऑब्जेक्टिफिकेशन जरूरी नहीं है। एक कलाकार बिना भड़काऊ प्रस्तुति के भी दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ सकता है। फिलहाल ‘पेड्डी’ को लेकर बहस जारी है। सोशल मीडिया पर एक बड़ा वर्ग फिल्म में महिलाओं की प्रस्तुति पर सवाल उठा रहा है, जबकि दूसरी ओर फिल्म की टीम विवाद को शांत करने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में पीटीआई को दिया गया कंगना रनोट का बयान इस चर्चा को और तेज कर सकता है कि फिल्मों में महिला किरदारों को किस नजरिए से दिखाया जाना चाहिए और कलाकारों की सहमति को कितना महत्व दिया जाना चाहिए। ____________________________ ये खबर भी पढ़ें जाह्नवी कपूर के सपोर्ट में आईं साउथ एक्ट्रेस:बोलीं- 'पेड्डी' विवाद में एक्ट्रेस को नहीं, मेकर्स को जिम्मेदार ठहराएं; मेकअप आर्टिस्ट ने भी किया बचाव एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘पेड्डी’ में उनके किरदार के जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हालांकि अब जाह्नवी के समर्थन में उनकी मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा और साउथ एक्ट्रेस डिंपल हयाती आ गई हैं। मेकअप आर्टिस्ट ने दावा किया है कि जाह्नवी ने पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने की मांग की थी, जिसे डायरेक्टर ने नजरअंदाज कर दिया।पूरी खबर पढ़ें.. जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था फिल्म 'पेड्डी' को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की एक कथित पर्सनल चैट सोशल मीडिया पर लीक हो गई है। जाह्नवी के फैन क्लब्स की तरफ से शेयर किए गए इन स्क्रीनशॉट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेत्री ने फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ आपत्तिजनक कैमरा एंगल पर चिंता जताई थी। पूरी खबर पढ़ें
एसएस राजामौली की ‘वाराणसी’ लगातार चर्चाओं में बनी हुई है। अब फिल्म से जुड़ी एक और अपडेट सामने आ रही है कि फिल्म में भगवान राम और कुंभकर्ण के बीच युद्ध का सीन दिखाया जाएगा। इससे पहले जानकारी आई थी कि फिल्म में रामायण से जुड़ा 30 मिनट लंबा सीक्वेंस होगा। फिल्मी फोकस द्वारा आयोजित एक इवेंट में राजामौली के पिता और फिल्म के लेखक विजयेंद्र प्रसाद ने फिल्म के बारे में अपडेट साझा की। जब उनसे फिल्म के 30 मिनट लंबे सीक्वेंस के बारे में पूछा गया कि यह पौराणिक है या राजनीतिक, तो उन्होंने कहा...‘यह राम और कुंभकर्ण के बीच युद्ध है, आपने ट्रेलर में देखा होगा, है ना? आपने राम और कुंभकर्ण को देखा। आपने भगवान हनुमान की पूंछ और उस पर रथ देखा। मैं उसी की बात कर रहा हूं। यह सीन हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देने वाला होगा।’ जब उनसे पूछा गया कि क्या फिल्म टाइम ट्रैवल पर आधारित है और यह विचार किसका था? इस पर उन्होंने कहा कि ‘हमें अब इस बारे में और बात नहीं करनी चाहिए।’ ‘वाराणसी’ में महेश, रुद्र के अलावा भगवान राम के किरदार में भी नजर आएंगे।
टीवी सीरियल 'भाभीजी घर पर हैं' फेम शिल्पा शिंदे के हालिया खुलासे के बाद विवाद बढ़ गया है। शिल्पा ने स्वीकार किया है कि उन्होंने प्रोड्यूसर संजय कोहली पर 10 साल पहले फर्जी सेक्शुअल हैरेसमेंट का केस दर्ज कराया था। इसके बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, एक्ट्रेस उपासना सिंह शिल्पा के समर्थन में आई हैं। इंडियन एक्सप्रेस से उपासना ने कहा कि शिल्पा से गलती हुई और उन्होंने इसे मान लिया है, इसलिए उन्हें विलेन नहीं बनाना चाहिए। सेट पर मददगार और साफ दिल इंसान हैं शिल्पाउपासना सिंह ने शिल्पा शिंदे के साथ 'मायका' और 'बेटियां अपनी या पराया धन' जैसे शोज में काम किया है। उपासना ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शिल्पा का एक पहलू ऐसा भी है जिस पर कोई बात नहीं कर रहा है। वे सेट पर स्पॉटबॉय, लाइटमैन और मेकअप मैन जैसे जूनियर स्टाफ के लिए हमेशा खड़ी रहती थीं। अगर कोई उनके पास आकर कहता था कि उसके पास खाने के लिए पैसे नहीं हैं, तो शिल्पा उसकी मदद जरूर करती थीं। वे बहुत ही दयालु स्वभाव की हैं। मजबूरी और गुस्से में उठाया था गलत कदमउपासना ने कहा कि वे शिल्पा की गलती को सही नहीं ठहरा रही हैं, लेकिन लोगों को उस समय के हालात को भी समझना चाहिए। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कई बार दो लोगों के बीच झगड़ा इतना बढ़ जाता है कि लोग गुस्से और फ्रस्ट्रेशन में सीमा पार कर जाते हैं। उस वक्त शिल्पा के पास शायद पैसे नहीं थे, वे शो छोड़ना चाहती थीं और काफी परेशान थीं। जब उन्हें लगा कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही है, तब उन्होंने यह कदम उठाया। उपासना ने कहा कि बाद में उसी प्रोड्यूसर ने शिल्पा के साथ दोबारा काम किया, जो दिखाता है कि वे भी समझ गए थे कि यह सब गुस्से में हुआ था। सच स्वीकार करने की हिम्मत की तारीफ होनी चाहिएइंटरव्यू में उपासना ने कहा कि शिल्पा को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने खुद पूरी दुनिया के सामने अपनी गलती स्वीकार की है। अगर वे चुप रहतीं, तो कोई कुछ नहीं कहता। उपासना के मुताबिक, गलती स्वीकार करने के लिए बहुत हिम्मत की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि शायद उनमें भी ऐसा सच बोलने का साहस नहीं होता। लोग उनकी गलती पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन उन्हें पूरी तरह से विलेन के रूप में पेश करना गलत है। भारती और हर्ष के शो में किया था खुलासायह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब शिल्पा शिंदे हाल ही में कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया के यूट्यूब चैनल पर शामिल हुईं। वहां उन्होंने स्वीकार किया कि 10 साल पहले उन्होंने 'भाभीजी घर पर हैं' के प्रोड्यूसर संजय कोहली के खिलाफ सेक्शुअल हैरेसमेंट का झूठा केस दर्ज कराया था। शिल्पा ने कहा कि उस समय उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था। प्रोड्यूसर्स उन पर एक ऐसा कॉन्ट्रैक्ट साइन करने का दबाव बना रहे थे, जिसके बाद वे किसी दूसरे प्रोडक्शन हाउस के साथ काम नहीं कर पातीं। 2016 में मेकर्स पर लगाए थे संगीन आरोप शिल्पा शिंदे ने 2015 में टीवी शो भाभीजी घर पर हैं में अंगूरी भाभी का किरदार निभाया था। एक साल बाद शिल्पा ने मेकर्स और प्रोड्यूसर के खिलाफ कई संगीन आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई और शो छोड़ दिया। शिल्पा शिंदे ने हाल ही में पॉडकास्ट के दौरान कहा था, यह बात कोई नहीं जानता। मैं अब सच बोलने से नहीं डरती। मैंने अपने प्रोड्यूसर के खिलाफ सेक्सुअल हैरेसमेंट का केस दर्ज कराया था क्योंकि मेरे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। कांट्रैक्ट के विवाद को सुलझाने के लिए मैंने ऐसा किया और बाद में सेटलमेंट करके मैं उस स्थिति से बाहर आ गई। शिल्पा ने आगे दावा किया कि वे खुद लॉ बैकग्राउंड से आती हैं और पुलिस का कहना था कि अगर एफआईआर दर्ज करानी है, तो गंभीर आरोप लिखने ही होंगे। ये खबर भी पढ़ें शिल्पा शिंदे पर सीएम फडणवीस से कानूनी कार्रवाई की मांग:प्रोड्यूसर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के झूठे आरोप लगाए; शिल्पा का पोस्ट- 'जो उखाड़ना है उखाड़ लो' टेलीविजन एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे के एक हालिया खुलासे पर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने कड़ी आपत्ति जताई है। शिल्पा ने कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में माना था कि उन्होंने टीवी शो 'भाभीजी घर पर हैं' के प्रोड्यूसर पर सेक्सुअल हैरेसमेंट (यौन उत्पीड़न) के झूठे आरोप लगाए थे। पूरी खबर पढ़ें
बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ऋषिकेश के जानकी सेतु पर स्कूटी पर घूमती नजर आईं। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान रवीना टंडन परमार्थ निकेतन पहुंची थीं। स्कूटी पर जानकी पुल पार करती नजर आईं रवीनारवीना टंडन साड़ी पहने और मुंह पर पीला गमछा ओढ़े स्कूटी पर जानकी पुल पार करती नजर आईं। इस दौरान वह 'हर हर गंगे' के जयकारे भी लगा रही थीं। उन्हें देखकर मौके पर मौजूद लोगों ने उनकी सादगी की सराहना की। सैकड़ों लोग उन्हें देखने के लिए जमा हो गए और रवीना ने कई प्रशंसकों के साथ सेल्फी भी ली। गंगा आरती में हुईं शामिलरवीना टंडन ने परमार्थ निकेतन में कथा सुनी, गंगा आरती में हिस्सा लिया और गौ पूजन भी किया। इन दो दिनों में रवीना पूरी तरह भक्ति में लीन दिखीं। उन्होंने परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती का आशीर्वाद भी लिया। प्रवास के बाद लौंटी मुंबईअपने प्रवास के बाद रवीना मुंबई लौट गई हैं। रवीना अक्सर परमार्थ निकेतन आती रहती हैं और उनका मानना है कि सभी को जीवन में एक बार ऋषिकेश का दौरा करना चाहिए।
बॉलीवुड के चर्चित प्रोजेक्ट्स में शामिल ‘कृष 4’ एक बार फिर सुर्खियों में है। पिछले कुछ महीनों से खबरें थीं कि फिल्म के बजट और निर्माण को लेकर ऋतिक रोशन और यशराज फिल्म्स (YRF) के बीच मतभेद चल रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ऋतिक अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘कृष 4’ के लिए करीब 500 करोड़ रुपए का बजट चाहते हैं, जबकि आदित्य चोपड़ा इसे 350 करोड़ रुपए के भीतर रखना चाहते हैं। अब इन अटकलों पर फिल्ममेकर राकेश रोशन ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऋतिक द्वारा 500 करोड़ रुपए की मांग किए जाने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। राकेश रोशन बोले- ऐसी बातें पूरी तरह बकवास मिड-डे को दिए इंटरव्यू में राकेश रोशन ने कहा कि यह कहना गलत है कि ऋतिक ने फिल्म के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट मांगा है। उन्होंने इन खबरों को “नॉनसेंस” यानी बकवास बताया। राकेश के मुताबिक, बड़ी और दर्शकों की उम्मीदों पर खरी उतरने वाली फिल्म बनाने में समय लगता है। ‘कृष’ फ्रेंचाइजी की हर फिल्म को तैयार करने में भी पर्याप्त समय लिया गया था। फिल्म बंद नहीं हुई, सही समय का इंतजार राकेश रोशन ने स्पष्ट किया कि फिल्म किसी विवाद या मतभेद की वजह से अटकी नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘कृष 4’ पर काम जारी है और फिल्म को लेकर कोई समस्या नहीं है। उनके मुताबिक, फिलहाल ऋतिक अपने दूसरे प्रोफेशनल कमिटमेंट्स और प्रोडक्शन हाउस के काम में व्यस्त हैं। इसलिए तारीखों को लेकर इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उनके, ऋतिक और आदित्य चोपड़ा के बीच किसी तरह का विवाद नहीं है। सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में कही जा रही बातों में सच्चाई नहीं है। पहले क्या थीं रिपोर्ट्स? इस साल की शुरुआत में कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ‘कृष 4’ का निर्माण बजट को लेकर फंस गया है। कहा गया था कि ऋतिक फिल्म को इंटरनेशनल सुपरहीरो फिल्मों के स्तर पर बनाना चाहते हैं, जिसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपए की जरूरत होगी। वहीं YRF लागत नियंत्रित रखना चाहता है। इसी वजह से फिल्म की शूटिंग आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि अब राकेश रोशन के बयान के बाद साफ हो गया है कि फिल्म बंद नहीं हुई है और बजट को लेकर कोई बड़ा टकराव भी नहीं है। ऋतिक करेंगे निर्देशन ‘कृष 4’ इसलिए खास है क्योंकि यह ऋतिक रोशन के करियर की पहली निर्देशित फिल्म होगी। पिछले साल राकेश रोशन ने घोषणा की थी कि ‘कृष 4’ के जरिए ऋतिक निर्देशन की दुनिया में कदम रखेंगे। फिल्म में वे अभिनय के साथ निर्देशन की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। फिलहाल फैंस को फिल्म की शूटिंग शुरू होने और आधिकारिक रिलीज डेट का इंतजार है। राकेश रोशन के ताजा बयान से साफ हो गया है कि ‘कृष 4’ अभी भी ट्रैक पर है और इससे जुड़ी कई अफवाहों में सच्चाई नहीं है। __________________________ ‘कृष 4’ से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें ऋतिक रोशन की ‘कृष 4’ अटकी:₹500 करोड़ के बजट पर आदित्य चोपड़ा से नहीं बनी सहमति, सुपरहीरो की फिल्म पर फिलहाल लगा ब्रेक बॉलीवुड के सबसे पॉपुलर सुपरहीरो फ्रेंचाइजी कृष की चौथी कड़ी ‘कृष 4’ को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से फिल्म की तैयारी जोरों पर थी, लेकिन अब इसे फिलहाल रोक दिया गया है और काम पर ब्रेक लगा दिया गया है।पूरी खबर पढ़ें..
करिश्मा कपूर अब ओटीटी पर अपने नए अवतार में नजर आ रही हैं। जी-5 की वेब सीरीज ‘ब्राउन’ में उन्होंने अपने किरदार, कोलकाता में मुश्किलों से भरी शूटिंग आदि पर खुलकर बात की... इस प्रोजेक्ट का हिस्सा कैसे बनीं? शुरुआत में मैंने इस प्रोजेक्ट के लिए साफ मना कर दिया था। कहानी और किरदार पसंद आए थे लेकिन 50-60 दिन कोलकाता में शूटिंग करने को लेकर मैं सहज नहीं थी। उस दौरान जी स्टूडियोज की टीम बार-बार मुझसे मिलती रही। मैं महबूब स्टूडियो में शूट कर रही थी, तब भी वे पहुंचे। आखिरकार मैंने 20 मिनट निकालकर निर्देशक अभिनय देव और टीम से बात की। रीटा ब्राउन के किरदार के बारे में सुनते ही मेरा नजरिया बदल गया और मैंने तुरंत हां कह दिया। रीटा ब्राउन जैसा किरदार निभाने के लिए कैसी तैयारी करनी पड़ी? रीटा मुझसे बिल्कुल अलग है। वह अल्कोहलिक है, चेन स्मोकर है और दवाइयों पर निर्भर रहती है। हमारा मकसद एक ऐसी महिला को दिखाना था जो अंदर से पूरी तरह टूट चुकी है। हमने मेकअप तक का इस्तेमाल नहीं किया। लगातार सिगरेट पीने की वजह से उसके होंठ तक खराब दिखाए गए हैं। यह मेरे करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण और सीख देने वाली भूमिका रही। यह वर्दीधारी रोल बाकी पुलिस किरदारों से कितना अलग है? यह कोई टिपिकल फिट और एक्शन से भरपूर पुलिस अधिकारी नहीं है। शुरुआत में रीटा इतनी अनफिट है कि ठीक से दौड़ भी नहीं पाती। हमने दिखाया है कि वह मानसिक और शारीरिक रूप से कितनी टूटी हुई है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है और मर्डर मिस्ट्री खुलती है, उसका व्यक्तित्व भी बदलता है। उसका खुद को फिर से संभालना और मजबूत बनना ही इस कहानी की आत्मा है। कोलकाता में शूटिंग का अनुभव कैसा रहा? सच कहूं तो हम कोलकाता की सर्दियां, क्रिसमस का माहौल और शहर की खूबसूरती को कैमरे में कैद करना चाहते थे लेकिन कोविड की वजह से पूरा शेड्यूल बदल गया और जब हम वहां पहुंचे, तब भीषण गर्मी पड़ रही थी। तापमान 48 से 50 डिग्री सेल्सियस के बीच था। उस मौसम में रियल लोकेशंस पर शूटिंग करना आसान नहीं था। हमें लंबे-लंबे चेज सीक्वेंस, इन्वेस्टिगेशन वाले सीन और घंटों बाहर रहकर शूट करना पड़ता था। क्या यह कोलकाता को करीब से देखने का आपका पहला अनुभव था? मैं पहले भी कई बार इवेंट्स और प्रमोशन के लिए कोलकाता गई हूं, लेकिन इस प्रोजेक्ट के दौरान जिस तरह हमने शहर को जिया और अलग-अलग लोकेशंस पर शूट किया, वह अनुभव बिल्कुल नया और यादगार था। आपकी प्राथमिकताएं आज के दौर में कितनी बदली हैं? मुझे लगता है कि समय के साथ हर कलाकार की सोच और उसकी प्राथमिकताएं भी बदलती हैं। 90 के दशक में हमारा सिनेमा अलग था, वहां स्टारडम, गाने, बड़े सेट और कमर्शियल अपील का अपना महत्व था। मैंने उस दौर को भी पूरी तरह जिया और दर्शकों से बहुत प्यार पाया लेकिन आज का समय कंटेंट और किरदारों का है, जहां कलाकारों को खुद को नए तरीके से एक्सप्लोर करने का मौका मिलता है। आज मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे ऐसे रोल मिल रहे हैं।
टीवी एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट जल्द ही दूसरी शादी कर सकती हैं। वे सिंगापुर के बिजनेसमैन विलियम इशमाइल के साथ रिलेशनशिप में हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक विलियम ने एक हॉलिडे के दौरान जेनिफर को प्रपोज किया था, जिसके लिए उन्होंने अपनी सहमति दे दी है। हालांकि, जेनिफर या विलियम की तरफ से अभी इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इंस्टाग्राम एक्टिविटी से शुरू हुई चर्चाजेनिफर की शादी की चर्चा तब शुरू हुई जब फैंस ने इंस्टाग्राम पर उनकी कुछ एक्टिविटी नोटिस की। जेनिफर ने सोशल मीडिया पर शादी के एक डांस रील वीडियो पर रिएक्ट किया था। इसके बाद फैंस ने देखा कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर शादी से जुड़े कई पेजों को फॉलो करना शुरू कर दिया है। इस एक्टिविटी के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनकी शादी को लेकर कयास लगाए जाने लगे। क्रिश्चियन रीति-रिवाज से हो सकती है शादीजेनिफर और विलियम एक साथ बहुत खुश हैं। विलियम के प्रपोजल के बाद जेनिफर ने शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। वे वेडिंग वेंडर्स को शॉर्टलिस्ट कर रही हैं और उन्होंने एक मूड बोर्ड भी तैयार किया है। दोनों क्रिश्चियन रीति-रिवाज से शादी करने की प्लानिंग कर रहे हैं। शादी के लिए इस साल सितंबर-अक्टूबर या फिर दिसंबर-जनवरी का समय तय किया जा सकता है। करीबी दोस्तों को है शादी की जानकारीरिपोर्ट में दावा किया गया है कि जेनिफर और विलियम अभी शादी के लिए वेन्यू (जगह) की तलाश कर रहे हैं। जेनिफर के करीबी दोस्तों को इस बात की पूरी जानकारी है। उनके टीवी और फिल्म इंडस्ट्री के दोस्त जैसे हरलीन सेठी और जेनेलिया देशमुख भी इस प्लानिंग के बारे में जानते हैं। हाल ही में जेनिफर का नाम उनके को-स्टार करण वाही के साथ भी जोड़ा गया था, लेकिन करण ने इन खबरों को पूरी तरह गलत और फेक बताया था। करण सिंह ग्रोवर से हुई थी पहली शादीजेनिफर विंगेट की पहली शादी एक्टर करण सिंह ग्रोवर से हुई थी। दोनों की मुलाकात टीवी सीरियल 'दिल मिल गए' के सेट पर हुई थी। इसके बाद अप्रैल 2012 में दोनों ने शादी कर ली, लेकिन यह रिश्ता लंबा नहीं चला और साल 2014 में उनका तलाक हो गया। इसके बाद करण सिंह ग्रोवर ने साल 2016 में फिल्म 'अलोन' में साथ काम करने के बाद एक्ट्रेस बिपाशा बसु से शादी कर ली थी। ये खबर भी पढ़ें जेनिफर विंगेट संग शादी पर करण वाही ने तोड़ी चुप्पी:एक्टर ने रूमर्स को खारिज करते हुए बताया फेक न्यूज; दोनों लंबे समय से दोस्त हैं एक्टर करण वाही और जेनिफर विंगेट इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। सोशल मीडिया पर दोनों की शादी को लेकर लगातार अफवाहें उड़ रही हैं और इंटरनेट पर इससे जुड़ी कई रिपोर्ट्स भी सामने आ रही हैं। हालांकि, इन खबरों की सच्चाई कुछ और ही है। पूरी खबर पढ़ें
अभिनेता आर माधवन और उनकी पत्नी सरिता ने हाल ही में अपनी शादी की 27वीं सालगिरह मनाई है। इस मौके पर माधवन का एक पुराना इंटरव्यू चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अपनी सफल शादीशुदा जिंदगी और वफादारी पर कई खुलासे किए हैं। इ-टाइम्स को दिए इंटरव्यू में माधवन ने बताया कि फिल्म इंडस्ट्री की खूबसूरत अभिनेत्रियों के साथ काम करने के बाद भी वे हमेशा अपनी पत्नी के प्रति वफादार रहे। उन्होंने खुद को एक 'डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास' आदमी बताया जो दिनभर काम करने के बाद घर लौटकर पत्नी के साथ समय बिताने को प्राथमिकता देता है। पत्नी सरिता को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा सहाराआर माधवन ने इंटरव्यू में बताया कि वे दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार अपनी पत्नी सरिता से करते हैं। सरिता उन्हें पूरी तरह से समझती हैं और हमेशा जमीन से जुड़े रहने में मदद करती हैं। माधवन के मुताबिक, सरिता उनके माता-पिता, बेटे वेदांत और उनके पैसों (फाइनेंस) का पूरा ध्यान रखती हैं। वे माधवन को एक बेहतर एक्टर बनने के लिए पूरी आजादी देती हैं। माधवन ने कहा कि वे बहुत किस्मत वाले हैं कि सरिता उनकी जिंदगी में हैं क्योंकि वे बिना कोई क्रेडिट चाहे परिवार के लिए बहुत मेहनत करती हैं। वफादार रहना पारिवारिक संस्कार का हिस्साफिल्म इंडस्ट्री में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स पर बात करते हुए माधवन ने कहा कि वफादार रहना उनके लिए बहुत आसान और स्वाभाविक रहा है। उन्होंने इसे अपने पारिवारिक संस्कारों से जोड़ा। माधवन ने अपने परिवार से जुड़ा एक किस्सा शेयर करते हुए बताया कि उनका पूरा परिवार आखिरी समय तक जमशेदजी टाटा के प्रति इतना वफादार था कि घर में भगवान की मूर्तियों के साथ टाटा की फोटो पर भी माला चढ़ाई जाती थी। इसलिए उनके लिए बेवफा होना अपनी पारिवारिक परंपरा के खिलाफ जाने जैसा है। खुद को बताया डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास मैनमाधवन ने खुलकर स्वीकार किया कि वे सुंदर लड़कियों की तरफ आकर्षित होते हैं, लेकिन आखिर में वे अपने घर लौटना ही पसंद करते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं एक डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी हूं। सुंदर लड़कियां मुझे अच्छी लगती हैं, लेकिन मैं बाहर रहने का कोई बहाना बनाने के बजाय घर जाकर पत्नी के साथ बैठना बेहतर समझता हूं।' माधवन ने बताया कि उनके रिश्ते में शुरू से ही पारदर्शिता रही है। उनका मोबाइल फोन और बैंक अकाउंट हमेशा उनकी पत्नी के पास ही रहते हैं। डायरेक्टर मणि रत्नम की सलाह ने किया काममाधवन ने मशहूर फिल्म डायरेक्टर मणि रत्नम की एक सलाह का भी जिक्र किया जो उनके वैवाहिक जीवन में बहुत काम आई। मणि रत्नम ने उनसे कहा था कि जब रिश्ता अच्छा चल रहा हो, तो उसे बार-बार यह देखने के लिए टेस्ट नहीं करना चाहिए कि पार्टनर आपसे कितना प्यार करता है। कई बार बेवजह परखने से ही रिश्ते खराब हो जाते हैं। माधवन ने इस सलाह को माना। जब वे तमिल सिनेमा के स्टार बने और उनकी फीमेल फैन फॉलोइंग बढ़ी, तो उन्होंने सबसे पहले अपने शादीशुदा होने की घोषणा की थी। वे अपने फैंस के खत भी सरिता के साथ मिलकर ही खोलते थे।
नेशनल फिल्म अवार्ड विजेता मलयालम अभिनेता सलीम कुमार का अंतिम संस्कार रविवार को केरल के एर्नाकुलम जिले में स्थित उनके आवास पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सलीम कुमार का निधन शनिवार को हुआ था। अंतिम संस्कार के दौरान वहां भारी भीड़ और पेपराजी की मौजूदगी से उनके बड़े बेटे चंदू असहज हो गए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के मुताबिक, चंदू ने वहां मौजूद फोटोग्राफर्स और कैमरामैन पर नाराजगी जताई। उन्होंने मीडिया से पीछे हटने और परिवार को शांति से अंतिम विदाई देने की अपील की। अंतिम संस्कार के समय कैमरामैन पर भड़के बेटे सलीम कुमार के निधन के बाद उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके रिश्तेदारों, करीबी दोस्तों और प्रशंसकों की भारी भीड़ उत्तरी परवूर स्थित उनके घर पर जमा हुई थी। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी भी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ और कैमरों से घिरे होने के कारण अभिनेता के बड़े बेटे चंदू काफी परेशान हो गए। उन्होंने वहां मौजूद फोटोग्राफर्स से दूरी बनाने को कहा। चंदू ने तेज आवाज में मीडिया से अपील की कि वे पीछे हट जाएं ताकि परिवार के लोग शांति से अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कर सकें। पीएम मोदी ने जताया दुख पीएम मोदी ने अभिनेता सलीम कुमार को एक ऐसे बेहतरीन कलाकार के रूप में याद किया जो हर तरह के रोल में आसानी से ढल जाते थे। एक्स (ट्विटर) पर अपनी बात साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा: दिग्गज एक्टर श्री सलीम कुमार जी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। अपने शानदार करियर के दौरान, उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाकर और अपनी यादगार एक्टिंग से लोगों के दिलों पर एक खास छाप छोड़ी। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और उनके अनगिनत चाहने वालों के साथ हैं। ओम शांति। शनिवार की हुआ था निधन सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया था। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरलम) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्होंने ‘आदामिन्टे मकन अबू’, ‘पुलिवाल कल्याणम’, ‘अचनुरंगथा वीडु’, ‘मीसा माधवन’ और ‘मायावी’ जैसी कई मलयालम फिल्मों में काम किया था। रविवार को पारावुर टाउन हॉल में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सलीम कुमार के निधन पर दुख जताया। वहीं केरलम सरकार ने अंतिम संस्कार और उससे जुड़े सभी खर्च वहन करने का फैसला किया। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के फेमस एक्टर थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में एक्ट किया। साथ ही कुछ तमिल (मरयां) और ओडिया (ऊंगा) फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल से की और अपनी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने गए। बाद में उन्होंने खुद को कैरेक्टर एक्टर के तौर पर स्थापित किया। केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हुए सलीम कुमार 2010 में ‘आदामिन्टे मकन अबू’ में अबू की भूमिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा ‘अचनुरंगथा वीडु’ (2005) के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, ‘अयालुम न्जानुम थम्मिल’ (2013) के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता और ‘करुथा जूथन’ (2017) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता, दो बेटे चंदू सलीम कुमार और आरोमल सलीम कुमार हैं। चंदू सलीम कुमार भी एक्टर हैं। चंदू सुपरहिट फिल्म मंजुम्मेल बॉयज (2024) में दिखाई दिए थे। डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था सलीम कुमार ने डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था। उन्होंने फिल्म ‘ओम शांति ओशाना’ में बतौर नैरेटर अपनी आवाज दी थी। वहीं, ‘यूटोपियायिले राजावु’ में उन्होंने एक कौवे के किरदार को आवाज दी। फिल्म ‘अलमारा’ में उन्होंने लकड़ी की अलमारी के किरदार के लिए डबिंग की थी। इसके अलावा ‘केशु ई वीडिंटे नाधन’ में उन्होंने नैरेटर की भूमिका निभाई। वहीं, ‘मुकुंदन उन्नी एसोसिएट्स’ में उन्होंने मुख्य किरदार मुकुंदन के दादा की आवाज दी थी। यह खबर भी पढ़ें… फिल्म प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी का निधन:सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष रहे, गोविंदा को ब्रेक दिया था; शोला और शबनम, आंखें जैसी फिल्में बनाईं फिल्म प्रोड्यूसर और CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) के अध्यक्ष रहे पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में 4 जून को निधन हो गया है। वह कई दिनों से बीमार थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
8 जून 1957 बॉम्बे के नामी इंडस्ट्रियलिस्ट चुन्नीभाई कपाड़िया के घर बेटी का जन्म हुआ। चुन्नीभाई एक रईस इस्माइल खोजा परिवार से ताल्लुक रखते थे। निजामी इस्लाइली के 41वें निजाम आगा खान 3 (फाउंडिंग फादर ऑफ पाकिस्तान) ने डिंपल के जन्म के ठीक बाद उन्हें अमीना नाम दिया। हालांकि, परिवार ने उन्हें डिंपल नाम से पहचान दी। पिता रईस घराने से थे, जिनका उठना-बैठना फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ था। डिंपल महज 14 साल की थीं, जब स्कूल में बैठे हुए एक रोज उनकी नजर अखबार में पड़ी। इश्तिहार में लिखा था- राज कपूर नई फिल्म बॉबी के लिए एक नए चेहरे की तलाश में हैं। डिंपल में पढ़ते ही साथ बैठीं दोस्तों से तुरंत कहा- ‘देखना, ये फिल्म मैं ही करूंगी।’ हैरत की बात थी क्योंकि इससे पहले भी डिंपल 13 साल की उम्र में ऋषिकेश मुखर्जी की मशहूर फिल्म ‘गुड्डी’ ठुकरा चुकी थीं, जिसमें बाद में जया भादुड़ी को लिया गया था। उनके पिता की दोस्त अंजना रवैल एक मशहूर स्क्रीनराइटर थीं, उनके रिश्तेदार डायरेक्टर एच.एस.रवैल की फिल्म संघर्ष (1968) में 11 साल की उम्र में डिंपल ने वैजयंतीमाला के बचपन का रोल निभाया था, हालांकि बाद में उनके सीन काट दिए गए थे। इश्तिहार पढ़ने के बाद स्कूल से घर लौटते ही उन्होंने पिता से कहकर सारी जानकारी इकट्ठा करवाई और अपनी दोस्त मुन्नी धवन के जरिए तस्वीरें राज कपूर के दफ्तर भिजवाईं। शक्ल देखकर राज कपूर ने उन्हें तुरंत रिजेक्ट कर दिया। वो फिल्म से बेटे ऋषि कपूर को लॉन्च कर रहे थे और डिंपल, उस समय ऋषि से बड़ी दिखती थीं। तब नीतू सिंह की मां चाहती थीं कि राज कपूर इस फिल्म से उनकी बेटी को लॉन्च करेंगे। लेकिन राज कपूर को नया चेहरा चाहिए था और नीतू बचपन में कई फिल्में कर चुकी थीं, तो बात नहीं बन सकी। डिंपल को रिजेक्ट किए जाने के कुछ दिनों बाद पिता की सिफारिश पर उन्हें फिर राज कपूर की एक फिल्म के सेट पर स्क्रीन टेस्ट के लिए बुलाया गया और इस बार वो चुनी गईं। ये फिल्म करना डिंपल का सपना था, लेकिन किसे पता था कि फिल्म बनते और रिलीज होते तक, उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी थी। एक नई लड़की ने भारत के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना को प्रपोज कर उनसे शादी कर ली थी। बॉबी रिलीज से पहले ही वो गर्भवती हो चुकी थीं। फिल्म बॉबी ब्लॉकबस्टर रही और डिंपल रातोंरात स्टार बन गईं, लेकिन शादी के लिए उन्हें इंडस्ट्री छोड़नी पड़ी। आज डिंपल कपाड़िया 69 साल की हो चुकी हैं। उनके जन्मदिन के खास मौके पर, जानिए उनकी जिंदगी से जुड़े मजेदार किस्से, जो उनकी शख्सियत का सार हैं- किस्सा-1 ऋषि कपूर की गर्लफ्रेंड की अंगूठी रखी, जिससे हुआ विवाद 14 साल की उम्र में डिंपल कपाड़िया को फिल्म बॉबी मिली। राज कपूर ने वो फिल्म लगातार फिल्में फ्लॉप होने से चढ़े कर्ज को उतारने के लिए बनाई थी। उन्होंने डिंपल को एक्टिंग की ट्रेनिंग दी और पूरी ग्रूमिंग करवाई। सेट पर ऋषि कपूर के साथ समय बिताते हुए दोस्ती गहरी होने लगी। ऋषि कपूर उन दिनों पारसी यास्मीन मेहता को डेट कर रहे थे। वो उनकी जिंदगी का पहला प्यार थीं। यास्मीन ने ऋषि कपूर को एक अंगूठी दी, जो वो हमेशा पहने रखते। एक दिन डिंपल को वो अंगूठी इतनी पसंद आई कि वो अक्सर पहनने के लिए उसे लेने लगीं। समय के साथ अंगूठी डिंपल के पास ही रहने लगी। शूटिंग के दौरान डिंपल और ऋषि की नजदीकियों की खबरें अखबारों और मैगजीन में छपने लगीं। बात यास्मीन तक पहुंची, तो उन्होंने ऋषि से रिश्ता तोड़ दिया। ऋषि कपूर कैसे भी यास्मीन से रिश्ता बरकरार रखना चाहते थे, तो मनाने के लिए कभी उनके घर जाते, तो कभी को-स्टार्स से उन्हें कॉल करवाते। देखिए फिल्म बॉबी से डिंपल की तस्वीरें- किस्सा- 2 बॉबी के सेट पर लग्जरी कारों से आती थीं डिंपल, ऋषि की टूटी-फूटी फिएट देख चिढ़ाते थे अमिताभ बच्चन डिंपल कपाड़िया के पिता रईस बिजनेसमैन थे। उनके पास कई लग्जरी कारें थीं। बॉबी के सेट पर भी डिंपल लग्जरी इंपोर्टेड गाड़ियों से आती थीं। जबकि ऋषि कपूर के घर की आर्थिक स्थिति तब ठीक नहीं थी और वो एक टूटी-फूटी फिएट कार से आते थे। उसी समय फिल्मों में नए-नए आए अमिताभ बच्चन की फिल्म बॉम्बे टू गोवा की शूटिंग चलती थी। वो भी फिएट से आते-जाते थे। सेट से गुजरते हुए अमिताभ, अक्सर ऋषि कपूर को चिढ़ाकर कहते थे- आपकी हीरोइन तो बड़ी-बड़ी कारों से आती है। जब इसी बात पर डिंपल को चिढ़ाया जाता था, तो वो बड़े स्टाइल और कॉन्फिडेंस में कहती थीं, मैं राज कपूर की हीरोइन हूं, मैं एक स्टार हूं। फिल्म चली तो ठीक और नहीं चली तो भी मैं स्टार ही रहूंगी। द मूवी मोथ को दिए इंटरव्यू में ऋषि कपूर ने ये किस्सा सुनाते हुए कहा था, ‘वाकई वो उस समय स्टार थीं।’ किस्सा- 3 राजेश खन्ना को करती थीं ब्लैंक कॉल, फिर फ्लाइट में किया प्रपोज बॉबी की शूटिंग के बीच डिंपल कपाड़िया को अहमदाबाद के नवरंगपुरा स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित एक इवेंट में पहुंची थीं। इस इवेंट के चीफ गेस्ट राजेश खन्ना था। आसपास से गुजरते हुए राजेश खन्ना की नजर डिंपल पर पड़ी, तो वो बार-बार उनकी ओर देखने लगे। डिंपल बचपन से राजेश खन्ना की फैन थीं। वो कई बार उनके नंबर पर कॉल किया करती थीं और हर बार उन्हें राजेश खन्ना के मैनेजर की डांट पड़ती थी। उस इवेंट में डिंपल भी राजेश खन्ना को छुप-छुपकर देख रही थीं। तभी राजेश खन्ना ने पास खड़े एक शख्स से डिंपल की पूरी डीटेल्स ले लीं। लौटते हुए राजेश खन्ना, ठीक डिंपल की साथ वाली सीट पर बैठे। डिंपल कपाड़िया कुछ न कुछ करके उनका ध्यान खींच रही थी। फिर एक दम से बोल उठीं- ‘हम जहां जा रहे हैं वहां भीड़ होगी, आप मेरा हाथ पकड़ोगे?’ राजेश खन्ना ने झट से कहा- ‘हां, बिल्कुल।’ डिंपल ने फिर कहा- ‘हमेशा के लिए।’ राजेश खन्ना ने उस वक्त तो कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन मुंबई पहुंचते ही उनके घर पहुंचे और शादी का प्रस्ताव रख दिया। डिंपल महज 16 साल की थीं और राजेश खन्ना उनसे 15 साल बड़े 31 साल के सुपरस्टार थे। परिवार ने बिना देर किए हामी भर दी, लेकिन तब राजेश खन्ना ने शर्त रखी कि शादी महज 1 हफ्ते में ही करनी होगी। परिवार इसके लिए भी राजी हो गया। किस्सा-4 ऋषि कपूर की गर्लफ्रेंड की अंगूठी पहनी थी, राजेश खन्ना ने डायमंड रिंग दी तो फेंकनी पड़ी शादी से पहले राजेश खन्ना एक रोज डिंपल को समुद्र किनारे सैर पर ले गए। उन्होंने वहां डिंपल को एक डायमंड रिंग पहनाई, लेकिन तब उन्होंने ऋषि कपूर से ली हुई उनकी गर्लफ्रेंड यास्मीन की अंगूठी पहनी हुई थी। ऐसे में राजेश खन्ना ने वो अंगूठी उतरवाकर समुद्र में फेंक दी और अपनी अंगूठी पहनाई। तब मैगजीन में खबर रही कि राजेश ने अपनी अंगूठी पहनाने के लिए ऋषि कपूर की उतरवा दी। ये खबर जब ऋषि कपूर की गर्लफ्रेंड ने पढ़ी, तो उन्हें गलतफहमी हुई कि ऋषि ने ही वो अंगूठी डिंपल को दी होगी। इस गलतफहमी से उनका और ऋषि का रिश्ता हमेशा के लिए टूट गया। 27 मार्च 1973 को राजेश खन्ना के बंगले में उनकी और डिंपल की शादी आर्य समाज रीति-रिवाजों से हुई। शादी के लिए डिंपल ने बॉबी फिल्म से ब्रेक लिया। शादी के बाद फिल्म इंडस्ट्री के लिए ग्रांड रिसेप्शन रखा गया। देखिए डिंपल कपाड़िया और राजेश खन्ना की शादी और रिसेप्शन की तस्वीरें- किस्सा-5 शादी के बाद मेहंदी लगाकर शूट किया बॉबी का गाना शादी के बाद जब डिंपल फिल्म बॉबी के सेट पर लौटीं तो उनके हाथों में मेहंदी रची हुई थी। शुरुआत में फिल्म के गाने मुझे कुछ कहना है के गाने की शूटिंग टाली गई, लेकिन प्रोडक्शन डिले से बचने के लिए डिंपल कपाड़िया के हाथों में रची मेहंदी के साथ ही शूटिंग करनी पड़ी। गाने में उनके हाथ में मेहंदी साफ नजर आई। डिंपल की शादी के 6 महीने बाद बॉबी रिलीज हुई। ये फिल्म बड़ी हिट साबित हुई जिसने डिंपल को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड दिलाया। फिल्म में डिंपल के पहने गए कपड़े देशभर में ट्रेंड बन गए थे। डिंपल की एक्टिंग को खूब तारीफें मिलीं। उन्हें लोगों ने एक उभरता हुआ चेहरा बताया। कई बड़े फिल्ममेकर उन्हें अपनी फिल्म में लेना चाहते थे, लेकिन राजेश खन्ना नहीं चाहते थे कि शादी के बाद वो फिल्मों में काम करें। डिंपल ने पति के कहने पर फिल्मी दुनिया छोड़ दी और अगले 17 की उम्र में पहली बेटी डिंपल को जन्म दिया। किस्सा- 6 राजेश खन्ना की फिल्मों के सेट पर अकेेले बैठकर पीती थीं शराब, हेमा से कहा- धर्मेंद्र तुमसे शादी नहीं करेगा राजेश खन्ना से शादी के बाद डिंपल पूरी तरह उन पर निर्भर हो गई थीं। वो अक्सर उनकी फिल्मों के सेट पर जातीं और घंटों अकेले बैठी रहतीं, जबकि राजेश शूटिंग में व्यस्त होते। हेमा मालिनी सेट पर हुईं मुलाकातों से उन्हें छोटी बहन मानने लगी थीं। अपनी ऑटो बायोग्राफी हेमा मालिनी- बियॉन्ड ड्रीम गर्ल में हेमा मालिनी ने लिखा कि डिंपल अकेलेपन में जिंदगी गुजार रही थीं। वो सेट पर एक किनारे बैठीं शराब और सिगरेट पीती रहती थीं। न कोई उनसे ज्यादा बात करता और न ही कोई मनोजरंन का जरिया था। वो तनाव से गुजर रही थीं। उस समय हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की शादी की चर्चा थी। एक रोज डिंपल ने उनसे कहा था, ‘ये आदमी (धर्मेंद्र) कभी आपसे शादी नहीं करेगा। बेहतर होगा, तुम खुद कुछ करो।’ किस्सा- 7 10 साल बाद कमबैक किया, कैमरा देखते ही कांपने लगीं शादी के कुछ सालों बाद डिंपल और राजेश के रिश्ते में अनबन होने लगी। जब राजेश खन्ना और टीना के अफेयर की खबरें उड़ीं तो झगड़े और बढ़ गए। शादी के 9 साल बाद 1982 में डिंपल, दोनों बेटियों ट्विंकल और सिंपल को लेकर पेरेंट्स के पास रहने आ गईं। बेटियों की परवरिश के लिए ट्विंकल ने फिल्मों में वापसी करने का फैसला किया। जब रमेश सिप्पी को इसकी खबर मिली, तो उन्होंने डिंपल को स्क्रीनटेस्ट के लिए बुलाया। उनका कॉन्फिडेंस इतना कम हो चुका था कि वो कैमरे के सामने आते ही कंपकंपाने लगीं और डायलॉग नहीं बोल पाईं। टेस्ट फेल रहा, लेकिन इसके बावजूद रमेश सिप्पी ने उन्हें फिल्म सागर में कास्ट कर लिया। फिल्म के हीरो, उनकी पहली फिल्म बॉबी के हीरो ऋषि कपूर और कमल हासन रहे। फिल्म बनने में देर होती रही और इससे पहले ही डिंपल की दूसरी फिल्म जख्मी शेर (1984) रिलीज हो गई। इसके अगले साल फिल्म सागर रिलीज हुई, जो ब्लॉकबस्टर रही। किस्सा-8 डिंपल के लिए सनी ने की थी सौतेली मां हेमा मालिनी से पहली बार बात मंजिल-मंजिल और एतबार जैसी फिल्मों में साथ काम करते हुए डिंपल कपाड़िया और सनी देओल की नजदीकियां बढ़ गईं। दोनों करीब 11 सालों तक रिलेशन में रहे, लेकिन जब इस रिश्ते से सनी की शादीशुदा जिंदगी में दिक्कतें बढ़ीं तो दोनों अलग हो गए। उस समय डिंपल की बेटियां सनी को छोटे पापा कहती थीं। हेमा मालिनी की ऑटो बायोग्राफी के अनुसार, सनी देओल ने उनसे पहली बार डिंपल की वजह से ही बात की थी। 1991 में हेमा मालिनी के प्रोडक्शन की फिल्म दिल आशना है की शूटिंग चल रही थी, जिसमें डिंपल कपाड़िया ने दिव्या भारती की मां का रोल किया था। उस समय डिंपल को मिथुन चक्रवर्ती के साथ हेलीकॉप्टर का एक सीन शूट करना था, लेकिन एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में पायलट की मौत होने से वो डरी हुई थीं। शूटिंग के दिन, डर से डिंपल ने बॉयफ्रेंड सनी देओल को कॉल कर पूरी बात बताई और कुछ ही देर में सनी सेट पर पहुंच गए। उन्होंने उस दिन पहली बार सौतेली मां हेमा मालिनी से बात की, वजह थीं डिंपल और उनका डर। सनी से बात करने के बाद हेमा ने उन्हें तसल्ली दी कि वो डिंपल से हेलीकॉप्टर का सीन शूट नहीं करवाएंगी। किस्सा- 9 सनी देओल की गर्लफ्रेंड थीं, फिल्म में न चाहते हुए भी करना पड़ा धर्मेंद्र को किस 1992 की फिल्म दुश्मन देवता में डिंपल कपाड़िया को सनी देओल के पिता धर्मेंद्र के साथ कास्ट किया गया था। दोनों का फिल्म में किसिंग सीन भी था, जबकि डिंपल धर्मेंद्र से 21 साल छोटी थीं। इस सीन के चर्चा में रहने का कारण ये भी था कि उसी समय डिंपल कपाड़िया सनी देओल को डेट कर रही थीं, हालांकि इस बात से धर्मेंद्र अनजान थे। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक जब डिंपल को ये स्क्रिप्ट दी गई थी, तो उसमें किसिंग सीन नहीं था। जब बाद में इसे जोड़ा गया तो डिंपल काफी नाराज हुईं। उन्होंने डायरेक्टर के दबाव में सीन शूट तो किया, लेकिन बाद में इसकी डबिंग करने से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में उन्हें मानना ही पड़ा। पत्नी के विरोध के चलते सनी देओल ने डिंपल से दूरियां बना लीं। हालांकि सालों बाद 2017 में उन्हें लंदन में साथ हाथ थामे हुए स्पॉट किया गया था। किस्सा- 10 अक्षय कुमार को समझती थीं गे, बेटी की शादी से पहले टेस्ट करवाया अक्षय कुमार ने साल 2000 में डिंपल कपाड़िया की बेटी ट्विंकल से शादी की थी। जिस समय अक्षय, ट्विंकल को डेट कर रहे थे, तब डिंपल की एक दोस्त ने उन्हें कहा कि अक्षय कुमार गे हैं। समय के साथ डिंपल, बेटी के लिए चिंतित रहने लगीं और पड़ताल शुरू कर दी। एक दिन उन्होंने अक्षय के सामने शर्त रखी कि अगर उन्हें ट्विंकल से शादी करनी है, तो पहले उन्हें जेनेटिक टेस्ट करवाना होगा। उनके कहने पर अक्षय ने टेस्ट भी करवाया था। ये किस्सा खुद अक्षय और ट्विंकल ने चैट शो कॉफी विद करण में शेयर किया था। किस्सा- 11 डिपंल पर भड़के राजेश खन्ना, कहा- तुम मुझे सिखाओगी राजेश खन्ना का घर छोड़ने के बाद भी डिंपल ने बेटियों के लिए उनसे रिश्ता रखा। दोनों कई पब्लिक इवेंट में साथ नजर आते थे। 1990 में राजेश खन्ना की फिल्म जय शिव शंकर रिलीज हुई थी। इस फिल्म में डिंपल कपाड़िया, राजेश खन्ना के साथ नजर आईं। शूटिंग के समय एक बार राजेश की तबीयत बिगड़ गई, लेकिन उनके होटल के बाहर चाहने वाले उनकी एक नजर पाने के लिए भीड़ लगाए बैठे थे। डिंपल ने रेडिफ डॉट कॉम से बातचीत में ये किस्सा शेयर करते हुए बताया था कि जब राजेश ने सबके सामने जाने का फैसला किया तो डिंपल ने उन्हें सनग्लासेस और शॉल दी। डिंपल ने उनसे कहा- ‘काकाजी, जब आप लोगों को देखो तो सामने मत देखना, आपकी साइड प्रोफाइल अच्छी लगती है।’ राजेश खन्ना ने गुस्से में डिंपल को देखा और जवाब दिया- ‘अब तुम मुझे सिखाओगी?’ राजेश का ये जवाब सुनकर वो डर गईं और सबके सामने हाथ जोड़कर माफी मांगने लगीं। साल 2012 में जब राजेश बीमार हुए तो डिंपल ने उनकी खूब सेवा की। जब राजेश का निधन हुआ तो डिंपल पूरे समय मौजूद रहीं।
फिल्म डायरेक्टर इम्तियाज अली ने अपने कॉलेज के दिनों का एक चौंकाने वाला किस्सा साझा किया है। समदिश भाटिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि दिल्ली में पढ़ाई के दौरान हॉस्टल की दीवार से एक पॉलिटिकल पोस्टर हटाने को लेकर उनका स्थानीय गैंग से विवाद हो गया था। इसके बाद गैंग के लोग आधी रात को हॉस्टल से उनका अपहरण कर ले गए थे। हालांकि, बाद में एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद वे सुरक्षित बचकर निकलने में कामयाब रहे। इम्तियाज अली इन दिनों अपनी अगली फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं। दीवार से पोस्टर हटाने पर हुआ था विवादइम्तियाज अली ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से साल 1993 में ग्रेजुएशन पूरा किया था। उन्होंने बताया कि उस समय यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में एनएसयूआई (NSUI) और एबीवीपी (ABVP) के बीच छात्र राजनीति का कड़ा मुकाबला रहता था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके हॉस्टल की मुख्य सामने वाली दीवार पर एक राजनीतिक पोस्टर लगा दिया था। इम्तियाज ने उन लोगों से पोस्टर को सामने की बजाय साइड की दीवार पर लगाने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद इम्तियाज ने उनके सामने ही पोस्टर को वहां से हटाकर साइड की दीवार पर लगा दिया, जिससे वे लोग नाराज होकर चले गए। आधी रात को साइकिल रिक्शा से लेने आई थी गैंगइम्तियाज ने बताया कि इस घटना के कुछ दिनों बाद रात के करीब 2 बजे उनके एक हॉस्टल साथी ने आकर उन्हें जगाया और वहां से भागने के लिए कहा। उसने बताया कि वे लोग वापस आ रहे हैं। कुछ ही देर में गैंग के लोग हॉस्टल पहुंचे और इम्तियाज से अपने साथ चलने को कहा। जब इम्तियाज ने उनसे पूछा कि कहां जाना है, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वे लोग इम्तियाज को जबरन एक साइकिल रिक्शा में बैठाकर एक सरकारी क्वार्टर जैसी जगह पर ले गए। वहां एक राजनीतिक संगठन से जुड़ा उनका गैंग लीडर मौजूद था, जिसने इम्तियाज से पूछताछ शुरू की। गैंग लीडर ने अपने ही आदमी को मारे थप्पड़गैंग लीडर ने इम्तियाज से पूछा कि उन्होंने पोस्टर क्यों फाड़ा। इम्तियाज ने उसे सच बताते हुए कहा कि उन्होंने पोस्टर फाड़ा नहीं था, बल्कि हॉस्टल की बिल्डिंग सामने से खराब न दिखे, इसलिए उसे केवल हटाकर दूसरी जगह लगाया था। इसके बाद गैंग लीडर ने अपने उस आदमी से पूछा जो इम्तियाज को पकड़कर लाया था कि क्या सच में पोस्टर फाड़ा गया था। उस आदमी ने जवाब दिया कि हटाना या फाड़ना एक ही बात है। यह सुनते ही गैंग लीडर नाराज हो गया और झूठ बोलने के लिए उसने अपने ही आदमी को दो थप्पड़ मार दिए। इस आपसी बहस के बीच इम्तियाज वहां से सुरक्षित बचकर निकल आए। 12 जून को रिलीज होगी नई फिल्मकॉलेज के दिनों के इस किस्से के अलावा इम्तियाज अली इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को लेकर चर्चा में हैं। यह फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना, शरवरी और नसीरुद्दीन शाह मुख्य भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म की कहानी भारत के विभाजन (पार्टीशन) के बैकग्राउंड पर आधारित एक गंभीर प्रेम कहानी है। इसमें बीते दौर और वर्तमान समय को आपस में जोड़कर प्यार, जुदाई और पीढ़ियों के संबंधों को पर्दे पर उतारा गया है।
द इंडिया स्टोरी:काजल अग्रवाल और श्रेयस की फिल्म का टीजर रिलीज, 24 जुलाई को होगी रिलीज
काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े की फिल्म ‘द इंडिया स्टोरी’ का टीजर रिलीज हो गया है। इस फिल्म की कहानी थोड़ी अलग होने वाली है। इसमें खाने पीने की चीजों में मिलावट और खेती में केमिकल के गलत इस्तेमाल पर प्रकाश डाला गया है। टीजर में फिल्म की झलक भी दिखी है। एक मिनट 26 सेकेंड के टीजर में देखा जा सकता है कि तरबूज में इंजेक्शन लगाया जा रहा है। दूध और पनीर में मिलावट की जा रही है। इसी तरह से फसल में कीटनाशक का इस्तेमाल किया जा रहा है। टीजर में यह भी दिखाया गया है कि मिलावटी और जहरीला खाना खाने से लोग बीमार पड़ रहे हैं और अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। ‘द इंडिया स्टोरी’ का टीजर एक ऐसी कहानी की झलक देता है, जिसमें आज के मुद्दे होंगे। इसमें दिखाया जाएगा कि खाने-पीने की चीजों में कैसे मिलावट की जाती और यह हमें कैसे बीमार कर रहा है। यह फिल्म लोगों को सोचने पर मजबूर करेगी और जागरूक करेगी। टीजर में किसी भी मुख्य कलाकार को नहीं दिखाया गया है। इसमें खाने-पीने में मिलावट की तस्वीरें और वीडियो दिखाई गई हैं। टीजर के आखिर में बताया गया है कि यह फिल्म 24 जुलाई को रिलीज होगी। इसके निर्देशक चेतन डीके हैं। इस फिल्म के अलावा श्रेयस जल्द ही ‘गोलमाल 5’ में भी दिखाई देंगे। इसमें अजय देवगन भी हैं।
एक्शन थ्रिलर:सलमान-नयनतारा मुंबई में पूरे करेंगे बड़े स्टंट, नया शूट 10 जून से होगा शुरू
सलमान खान की अगली फिल्म को लेकर हलचल तेज हो गई है। नयनतारा के साथ उनकी पहली ऑनस्क्रीन जोड़ी वाली इस एक्शन थ्रिलर की शूटिंग अब मुंबई के बांद्रा इलाके में होने जा रही है। मनाली शेड्यूल पूरा करने के बाद फिल्म की टीम 10 जून से मुंबई के नए शेड्यूल की शुरुआत करेगी, जहां सलमान और नयनतारा कई बड़े एक्शन सीक्वेंस फिल्माएंगे। सूत्रों के मुताबिक बांद्रा और उसके आसपास के कई वास्तविक लोकेशंस पर शूटिंग होगी, क्योंकि निर्देशक वामशी पेडिपल्ली इन सीन्स को पूरी तरह शहरी परिवेश और रियल टेक्सचर के साथ परदे पर उतारना चाहते हैं। फिल्म में चेज सीक्वेंस, व्हीकल बेस्ड स्टंट, क्लोज-कॉम्बैट फाइट्स और भीड़ के बीच फिल्माए जाने वाले हाई-वोल्टेज एक्शन सीन्स शामिल हैं। नए शेड्यूल की खासियत एक विशाल एक्शन सेट-पीस होगा फिल्म के इस नए शेड्यूल की सबसे बड़ी खासियत एक विशाल एक्शन सेट-पीस बताया जा रहा है, जिसे कहानी का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार यह सीक्वेंस एक पीछा करने वाली घटना से शुरू होगा और धीरे-धीरे बड़े टकराव में बदल जाएगा। निर्माता दिल राजू इस फिल्म को पैन-इंडिया स्तर पर डेवलप कर रहे हैं और इसके एक्शन हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मनाली के बाद मुंबई और फिर जुलाई में हैदराबाद में फिल्म का अगला बड़ा शेड्यूल रखा गया है। सलमान के खास लुक के लिए प्रीतीशील सिंह फिल्म से जुड़ीं फिल्म की तकनीकी तैयारियां भी बड़े स्तर पर चल रही हैं। सलमान के लुक के लिए चर्चित मेकअप और प्रॉस्थेटिक्स डिजाइनर प्रीतीशील सिंह को जोड़ा गया है, जो सुपरस्टार के लिए पहले कभी न देखे गए कई अलग-अलग लुक तैयार कर रही हैं। प्रीतीशील इससे पहले ‘धुरंधर’ फ्रेंचाइज, ‘करप्पु’, ‘छावा’, ‘खलनायक रिटर्न्स’ आदि में एक्टर्स के लुक पर काम कर चुकी हैं। म्यूजिक को लेकर भी चर्चा है कि अनिरुद्ध रविचंदर और थमन एस जैसे नाम प्रोजेक्ट से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल फिल्म को ईद 2027 पर रिलीज करने की योजना है। ऐसे में मुंबई में शुरू होने वाला यह नया एक्शन शेड्यूल फिल्म के सबसे अहम शेड्यूल्स में से एक माना जा रहा है। नयनतारा का किरदार भी सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं होगा फिल्म को लेकर हाल के हफ्तों में कई अन्य दिलचस्प जानकारियां भी सामने आई हैं। ट्रेड रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का संभावित टाइटल ‘द मैसेंजर्स’ बताया गया, हालांकि मेकर्स ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि यह एक इंटेंस स्पाई-एक्शन थ्रिलर होगी, जो सलमान की स्पाई ड्रामा फिल्म ‘टाइगर’ फ्रेंचाइज से अलग टोन और शैली में बनाई जा रही है। वहीं नयनतारा का किरदार भी सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं होगा, बल्कि उन्हें एक मजबूत और एक्शन-ओरिएंटेड भूमिका में पेश किया जाएगा। अप्रैल 2026 में मुंबई में फिल्म की शूटिंग आधिकारिक रूप से शुरू हुई थी और तभी से यह प्रोजेक्ट ट्रेड और दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘पेड्डी’ में उनके किरदार के जरूरत से ज्यादा बोल्ड बताने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। हालांकि अब जाह्नवी के समर्थन में उनकी मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा और साउथ एक्ट्रेस डिंपल हयाती आ गई हैं। मेकअप आर्टिस्ट ने दावा किया है कि जाह्नवी ने पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने की मांग की थी, जिसे डायरेक्टर ने नजरअंदाज कर दिया। वहीं डिंपल हयाती ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा है कि फिल्मों में महिलाओं के खराब चित्रण के लिए एक्ट्रेस को नहीं, बल्कि फिल्म मेकर्स और सिस्टम को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। मेकअप आर्टिस्ट बोलीं- डायरेक्टर ने मर्यादा की सीमा पार कीजाह्नवी कपूर की मेकअप आर्टिस्ट सवलिन कौर मनचंदा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है। इसमें बताया गया है कि जाह्नवी कपूर ने फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन चरण के दौरान कुछ दृश्यों के शामिल होने पर सीधे सवाल उठाए थे। सवलिन के मुताबिक, जाह्नवी ने शूटिंग के समय ही कुछ विशेष कैमरा एंगल को लेकर अपनी पेशेवर सीमाएं तय कर दी थीं, लेकिन फिल्म के फाइनल एडिट में उन दृश्यों को नहीं हटाया गया। मेकअप आर्टिस्ट ने आरोप लगाया कि डायरेक्टर ने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के चक्कर में अभिनेत्री की सहमति और उनकी तय सीमाओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। डिंपल हयाती ने मेकर्स और सिस्टम पर उठाए सवालतेलुगु और तमिल फिल्मों की अभिनेत्री डिंपल हयाती ने भी इस विवाद पर अपनी बात रखी है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि यह अच्छी बात है कि आज अभिनेत्रियों के किरदारों को लिखे जाने के तरीके पर खुलकर बात हो रही है। डिंपल ने कहा कि किसी फिल्म के आने के बाद लोग तुरंत एक्ट्रेस को दोषी ठहराने लगते हैं, जबकि उसे वही करना पड़ता है जो ऑफर किया जाता है। असली गलती मेकर्स और सिस्टम की है, जो सोचते हैं कि फिल्मों में अंग प्रदर्शन ही बिकता है। अभिनेत्रियों को बेहतर अनुभव मिलना चाहिएडिंपल हयाती ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि हमें अपनी पूरी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिलता और एक खास इमेज में बांध दिया जाता है। इसके विपरीत, हीरो-केंद्रित फिल्मों में पुरुषों को पूरी आजादी मिलती है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण किसी एक व्यक्ति के फैसले पर निर्भर नहीं होता, लेकिन हम सब मिलकर यह मांग उठा सकते हैं कि सेट पर अभिनेत्रियों को बेहतर अनुभव और अच्छी फिल्में मिलनी चाहिए। अगर किसी महिला का किरदार कमजोर लिखा गया है, तो उसकी जिम्मेदारी लेखन और फिल्म मेकर के फैसलों पर है, न कि किरदार निभाने वाली महिला पर। क्या है फिल्म 'पेड्डी' का पूरा विवादयह विवाद तब शुरू हुआ जब राम चरण स्टारर फिल्म 'पेड्डी' रिलीज हुई। दर्शकों ने फिल्म में जाह्नवी कपूर के किरदार 'अचियम्मा' के चित्रण पर नाराजगी जताई। लोगों का आरोप है कि फिल्म की कहानी से ज्यादा जाह्नवी के शारीरिक रूप को दिखाने पर ध्यान दिया है। इससे पहले जाह्नवी के फैन क्लब्स ने कुछ चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए थे, जिसमें जाह्नवी ने कैमरा एंगल पर आपत्ति जताई थी। विवाद बढ़ने पर डायरेक्टर बुच्ची बाबू सना ने जनता से सार्वजनिक माफी मांगी थी और आपत्तिजनक दृश्यों में बदलाव करने का वादा किया था। ये खबर भी पढ़ें जाह्नवी कपूर ने क्या विवादित शॉट्स पर जताई थी आपत्ति:एक्ट्रेस की कथित पर्सनल चैट लीक; दावा- पेड्डी में राम चरण ने डायरेक्टर को डांटा था फिल्म 'पेड्डी' को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की एक कथित पर्सनल चैट सोशल मीडिया पर लीक हो गई है। जाह्नवी के फैन क्लब्स की तरफ से शेयर किए गए इन स्क्रीनशॉट्स में दावा किया जा रहा है कि अभिनेत्री ने फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ आपत्तिजनक कैमरा एंगल पर चिंता जताई थी। पूरी खबर पढ़ें
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मलयालम एक्टर सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरलम) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्होंने ‘आदामिन्टे मकन अबू’, ‘पुलिवाल कल्याणम’, ‘अचनुरंगथा वीडु’, ‘मीसा माधवन’ और ‘मायावी’ जैसी कई मलयालम फिल्मों में काम किया था। रविवार को पारावुर टाउन हॉल में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। दोपहर 3 बजे एर्नाकुलम के नॉर्थ पारावुर स्थित उनके आवास पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। केरलम सरकार ने उनके निधन पर दुख जताया। सरकार ने अंतिम संस्कार और उससे जुड़े सभी खर्च वहन करने का फैसला किया। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के फेमस एक्टर थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में एक्ट किया। साथ ही कुछ तमिल (मरयां) और ओडिया (ऊंगा) फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल से की और अपनी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने गए। बाद में उन्होंने खुद को कैरेक्टर एक्टर के तौर पर स्थापित किया। केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हुए सलीम कुमार 2010 में ‘आदामिन्टे मकन अबू’ में अबू की भूमिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा ‘अचनुरंगथा वीडु’ (2005) के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, ‘अयालुम न्जानुम थम्मिल’ (2013) के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता और ‘करुथा जूथन’ (2017) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता, दो बेटे चंदू सलीम कुमार और आरोमल सलीम कुमार हैं। चंदू सलीम कुमार भी एक्टर हैं। चंदू सुपरहिट फिल्म मंजुम्मेल बॉयज (2024) में दिखाई दिए थे। डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था सलीम कुमार ने डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था। उन्होंने फिल्म ‘ओम शांति ओशाना’ में बतौर नैरेटर अपनी आवाज दी थी। वहीं, ‘यूटोपियायिले राजावु’ में उन्होंने एक कौवे के किरदार को आवाज दी। फिल्म ‘अलमारा’ में उन्होंने लकड़ी की अलमारी के किरदार के लिए डबिंग की थी। इसके अलावा ‘केशु ई वीडिंटे नाधन’ में उन्होंने नैरेटर की भूमिका निभाई। वहीं, ‘मुकुंदन उन्नी एसोसिएट्स’ में उन्होंने मुख्य किरदार मुकुंदन के दादा की आवाज दी थी। यह खबर भी पढ़ें… फिल्म प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी का निधन:सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष रहे, गोविंदा को ब्रेक दिया था; शोला और शबनम, आंखें जैसी फिल्में बनाईं फिल्म प्रोड्यूसर और CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) के अध्यक्ष रहे पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में 4 जून को निधन हो गया है। वह कई दिनों से बीमार थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
मलयालम एक्टर सलीम कुमार का 56 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट के कारण शनिवार रात निधन हो गया। वह अस्वस्थ होने के बाद कोच्चि (केरल) के अमृता अस्पताल में भर्ती कराए गए थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक पारावुर टाउन हॉल में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 3 बजे एर्नाकुलम के नॉर्थ पारावुर स्थित उनके आवास पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। केरल सरकार ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। सरकार ने अंतिम संस्कार और उससे जुड़े सभी खर्च वहन करने का फैसला किया है। सम्मान स्वरूप अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान भी दिया जाएगा। जिला कलेक्टर सरकार की ओर से पुष्पचक्र अर्पित करेंगे, जबकि जिला पुलिस प्रमुख पुलिस सम्मान और ब्यूगल सलामी की व्यवस्था करेंगे। 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के सबसे बहुमुखी कलाकारों में गिने जाते थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में अभिनय किया, साथ ही कुछ तमिल और ओडिया फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल से की और अपनी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने गए। बाद में उन्होंने खुद को एक जाने-माने कैरेक्टर एक्टर के तौर पर स्थापित किया। केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हुए सलीम कुमार 2010 में ‘आदामिन्टे मकन अबू’ में अबू की भूमिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा ‘अचनुरंगथा वीडु’ (2005) के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, ‘अयालुम न्जानुम थम्मिल’ (2013) के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता और ‘करुथा जूथन’ (2017) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का केरल राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला। सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीथा और दो बेटे, चंदू सलीम कुमार तथा आरोमल सलीम कुमार हैं। चंदू सलीम कुमार भी एक्टर हैं।
आशिकी फेम एक्टर राहुल रॉय टीवी रियलिटी शो ‘लाफ्टर शेफ्स - अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट सीजन 3’ के ‘90s नॉस्टैल्जिया स्पेशल’ एपिसोड में शनिवार को नजर आए। वह शो में स्पेशल गेस्ट के तौर पर शामिल हुए और कंटेस्टेंट निया शर्मा के साथ कुकिंग करते दिखाई दिए। एपिसोड के दौरान अंकिता लोखंडे और तेजस्वी प्रकाश ने राहुल रॉय के लोकप्रिय गानों पर उनके साथ डांस भी किया। शो में 90 के दशक की यादों को लेकर कई मजेदार बातचीत हुई। इसी दौरान कृष्णा अभिषेक ने राहुल रॉय से पूछा, “राहुल सर, हमने सुना है कि आपकी 300 गर्लफ्रेंड्स थीं।” यह सवाल सुनकर राहुल रॉय ब्लश करते नजर आए। वहीं विक्की जैन, अभिषेक कुमार, करण कुंद्रा और एल्विश यादव भी उनकी ओर देखने लगे। इसके बाद भारती सिंह ने मजाक में कहा, “समर्थ (समर्थ जुरेल) और अभिषेक, सुन लो, तुम्हें एक नहीं मिलती और इनके पास 300 गर्लफ्रेंड्स थीं।” इस पर कृष्णा ने भी चुटकी लेते हुए कहा, “इनको एक मिलती है तो वह भी दोनों को छोड़कर चली जाती है।” बातचीत के दौरान भारती सिंह ने राहुल रॉय से पूछा कि क्या वह कभी एक गर्लफ्रेंड के साथ दूसरी के आने पर पकड़े गए थे। इस पर राहुल रॉय ने जवाब में ‘नहीं’ कहा। तब कृष्णा अभिषेक ने मजाक करते हुए कहा कि उस समय सोशल मीडिया नहीं था, इसलिए वह नहीं फंसे। शो में कृष्णा ने यह भी जिक्र किया कि स्टारडम के दौर में फीमेल फैंस राहुल रॉय के कपड़े तक फाड़ देती थीं। इस बात पर राहुल रॉय ने सहमति जताई। राहुल रॉय हाल ही में सोशल मीडिया पर एक कंटेंट क्रिएटर के साथ कुछ रील्स में नजर आए थे। इसके चलते कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें ट्रोल किया था। इसके बाद राहुल रॉय ने एक इमोशनल पोस्ट लिखी थी। एक्टर ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा था, मैं अपना काम ईमानदारी और विनम्रता के साथ करता हूं। मुझे कुछ लीगल मामलों के लिए पेमेंट करना है और ये आज के नहीं हैं, ये उस समय के हैं जब ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, उससे पहले के। अगर आप मेरी सादगी का मजाक उड़ाते हैं या मेरे संघर्षों पर हंसते हैं, तो यह मेरे बारे में कम और आपके बारे में ज्यादा बताता है। उन्होंने आगे यह भी लिखा, अगर आप सच में इतने चिंतित हैं, तो मेरी मदद करें कि मुझे कोई सच्चा और अच्छा काम मिल सके, ताकि मैं इन मामलों का पेमेंट कर सकूं। कम से कम मैं मेहनत करके कमा रहा हूं, दूसरों का मजाक उड़ाकर नहीं और ब्रेन स्ट्रोक के बाद, मेरे लिए एक्टिव रहना जरूरी है। मैं जितने समय तक जीवित हूं, काम करना चाहता हूं। यह मेरे दिमाग को एक्टिव रखता है और मुझे उद्देश्य और जिम्मेदारी का एहसास कराता है कि मैं आज भी काम कर रहा हूं। हां, कभी-कभी थोड़ा दर्द हो सकता है, लेकिन आप मुझे तोड़ नहीं सकते। राहुल रॉय का यह वीडियो डॉ. वनिता घाडगे देसाई नाम के हैंडल से शेयर किया गया था। इसमें राहुल गाने ‘तेरे दर पे सनम’ पर कंटेंट क्रिएटर के साथ नजर आए। यह गाना 1993 की फिल्म ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ का है, जिसमें राहुल के साथ पूजा भट्ट थीं। पूरी खबर यहां पढ़ें… राहुल रॉय को फिल्म आशिकी से पहचान मिली थीराहुल रॉय ने 1990 में फिल्म ‘आशिकी’ से डेब्यू किया था। इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया था। इसके बाद उन्होंने ‘सपने साजन के’ और ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ जैसी फिल्मों में काम किया, जिनमें उनकी रोमांटिक इमेज देखने को मिली। हालांकि बाद की उनकी ‘गजब तमाशा’ और ‘गुमराह’ जैसी कई फिल्में चली नहीं और करियर धीमा पड़ गया। बिग बॉस से फिर मिली लोकप्रियताराहुल रॉय ने 2006 में टीवी शो ‘बिग बॉस’ का पहला सीजन जीतकर दोबारा लोकप्रियता हासिल की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्म प्रोडक्शन में भी कदम रखा और फिल्म ‘एलान’ (2011) प्रोड्यूस की। हाल के कुछ सालों में उन्होंने ‘अदा... ए वे ऑफ लाइफ’, ‘टू बी ऑर नॉट टू बी’, और ‘आगरा’ जैसी इंडिपेंडेंट फिल्मों में काम किया। वो आखिरी बार 2023 में फिल्म ‘आगरा’ में दिखे थे।
फिल्ममेकर विक्रम भट्ट ने हाल ही में कथित धोखाधड़ी के आरोप में उदयपुर जेल में बिताए 70 दिनों का अनुभव शेयर किया। विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी पर 30 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में भट्ट ने कहा कि जेल में उनका समय बहुत मुश्किल था, लेकिन वहां उन्हें अपने साथी कैदियों से उम्मीद से ज्यादा सपोर्ट मिला। उन्होंने बताया कि वह 60 से 80 कैदियों के साथ एक बैरक में रहते थे। उनके अनुसार, साथी कैदी उनका खास ध्यान रखते थे, उनके लिए खाना लाते थे और कपड़ों की देखभाल करते थे। भट्ट ने कहा कि कैदी उन्हें ‘भीष्म पितामह’ कहकर बुलाते थे और रात में उनसे डरावनी कहानियां सुनाने की मांग करते थे। जेल में भट्ट को पीलिया हो गया था भट्ट ने बताया कि जेल के दौरान उनकी तबीयत और बिगड़ गई तथा उन्हें पीलिया हो गया। उन्होंने कहा, मैं वहां लगभग मर ही गया था। अब मुझे नहीं पता कि वहां की राजनीति क्या थी, क्योंकि मेरे साथ तो लोग अच्छे थे, लेकिन मैं एक ऑटोइम्यून बीमारी, एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस से पीड़ित हूं। इसकी वजह से मेरे जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द रहता है। फिल्ममेकर ने आगे कहा कि दिसंबर-जनवरी का महीना था और बहुत ठंड पड़ रही थी। मैं जिस करवट सोता, उसी तरफ की हिप बोन में दर्द होने लगता। दूसरी करवट लेता तो वहां दर्द शुरू हो जाता। इसी दौरान मुझे पीलिया भी हो गया। विक्रम ने अस्पताल ले जाने में देरी का दावा किया भट्ट ने दावा किया कि तेज बुखार और कमजोरी के बावजूद उन्हें अस्पताल ले जाने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि बैरक के साथी कैदी उन्हें अपने कंबल ओढ़ाकर मदद करते थे, जबकि वे लगातार अस्पताल भेजे जाने की मांग कर रहे थे। रिहाई के बाद उन्हें फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों के फोन आए। भट्ट ने बताया कि मिथुन चक्रवर्ती और संजय दत्त ने उनका हालचाल पूछा। उन्होंने कहा कि संजय दत्त का फोन उनके लिए खास था क्योंकि उन्होंने कभी साथ काम नहीं किया था। जब उनसे पूछा गया कि क्या अक्षय कुमार ने भी संपर्क किया, तो उन्होंने कहा कि अक्षय उनके दोस्त नहीं हैं, इसलिए ऐसी उम्मीद नहीं थी। भट्ट ने अपने बचपन के दोस्त अजय देवगन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अजय का फोन आना नैचुरल था क्योंकि दोनों का रिश्ता सालों का पुराना है। भट्ट के अनुसार, हर रिश्ते का नेचर अलग होता है और सभी से समान अपेक्षा रखना उचित नहीं है। विक्रम भट्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… जेल से बाहर आए विक्रम भट्ट, बोले-सत्य पराजित नहीं होगा:अंदर एक दोस्त बना, मुझे मेवाड़ की मिट्टी की तासीर के बारे में बताया बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर विक्रम भट्ट 19 फरवरी 2026 को 2 महीने 11 दिन बाद उदयपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए गए थे। जेल से निकलते ही उन्होंने सबसे पहले कैंपस में स्थित भगवान शिव के दर्शन किए। पूरी खबर यहां पढ़ें…

