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तीसरे दिन Spider-Man Brand New Day की हुई चांदी, धुरंधर और द ओडिसी को कमाई में छोड़ा पीछे

टॉम हॉलैंड की फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है, तीन दिनों में फिल्म ने रणवीर सिंह की 'धुरंधर' और नोलन की 'द ओडिसी' जैसी फिल्मों को कमाई के मामले में पीछे छोड़ दिया है।

जागरण 1 Aug 2026 9:59 pm

आध्यात्मिक शरण में एक्ट्रेस टिस्का चोपड़ा:पालमपुर में 30 साल बाद गुरु से मिलीं; बोलीं-'घर वापसी' जैसा आध्यात्मिक अनुभव मिला

बॉलीवुड एक्ट्रेस एवं निर्देशक टिस्का चोपड़ा इन दिनों हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में आध्यात्मिक सुकून की तलाश में हैं। गुरु पूर्णिमा पर उन्होंने पालमपुर के कंदवाड़ी स्थित महावतार बाबा मेडिटेशन सेंटर का दौरा किया। यहां उन्होंने अपने आध्यात्मिक गुरु योगीराज अमर ज्योति से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। दोनों की यह मुलाकात लगभग तीन दशकों (30 वर्षों) के लंबे अंतराल के बाद हुई है। 30 साल बाद मुलाकात को बताया 'घर वापसी' दैनिक भास्कर से बातचीत में टिस्का चोपड़ा ने नुभव को बेहद भावुक और आत्मिक बताया। उन्होंने कहा कि लगभग 30 वर्षों के बाद अपने गुरु योगीराज अमर ज्योति से दोबारा मिलना उनके लिए किसी 'घर वापसी' जैसा अनुभव था। आश्रम प्रवास के दौरान उन्होंने ध्यान (मेडिटेशन), पवित्र हवन और गुरु के सान्निध्य में समय बिताया। टिस्का चोपड़ा ने कहा कि कुछ अनुभव शोर के साथ नहीं आते, बल्कि चुपचाप जीवन में उतरते हैं। वे अपने साथ अधिक स्पष्टता, विनम्रता और यह एहसास छोड़ जाते हैं कि जीवन की सबसे गहरी यात्राएं हमेशा भीतर की ओर होती हैं। — तनाव और भागदौड़ से दूर पहाड़ों का रुख आश्रम प्रवास के बाद टिस्का ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने स्वीकार किया कि जब जीवन में तनाव, अत्यधिक सोच और लगातार भागदौड़ बढ़ जाती है, तब उनकी रचनात्मकता फीकी पड़ने लगती है। ऐसे समय में परिस्थितियों से उलझने के बजाय वे सुकून की तलाश में सीधे पहाड़ों की ओर रुख कर लेती हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि देवदार के वृक्षों की महक, बर्फीली धाराओं का शीतल जल और बादलों के बीच बिताए कुछ दिन उनकी आत्मा को फिर से तरोताजा और शांत कर देते हैं। गुरु पूर्णिमा पर पाया गुरु आशीर्वाद टिस्का ने साझा किया कि इस बार की हिमाचल यात्रा केवल विश्राम तक सीमित नहीं थी। ईश्वर की कृपा से उन्हें गुरु पूर्णिमा के विशेष दिन बाबाजी के आश्रम में रहने, हवन यज्ञ में हिस्सा लेने और अपने गुरु का प्रत्यक्ष आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला, जिसने उन्हें मानसिक व आत्मिक रूप से नई ऊर्जा से भर दिया है।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 6:58 pm

'5 महीने की प्रेग्नेंसी में बदला ले रहे थे':अनुराग डोभाल के आरोपों पर पत्नी रितिका का जवाब, बोलीं- चीटिंग नहीं की, मुझे बदनाम किया

यूट्यूबर अनुराग डोभाल के चीटिंग के आरोपों पर उनकी पत्नी रितिका चौहान ने पहली बार जवाब दिया है। एक इंटरव्यू में रितिका ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि प्रेग्नेंसी के दौरान भी अनुराग उनसे बदला लेने की कोशिश कर रहे थे। यूट्यूबर और बिग बॉस 17 फेम अनुराग डोभाल की निजी जिंदगी इन दिनों सुर्खियों में है। हाल ही में अनुराग ने पत्नी रितिका चौहान पर चीटिंग और धोखा देने के आरोप लगाए थे। अब रितिका ने इन आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। नव भारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक रितिका ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने कभी भी अनुराग के साथ धोखा नहीं किया। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया पर कही जा रही बातें पूरी तरह एकतरफा हैं। उन्होंने दावा किया कि रिश्ते की सच्चाई सिर्फ एक पक्ष की बात सुनकर नहीं समझी जा सकती। इंटरव्यू के दौरान रितिका ने प्रेग्नेंसी का जिक्र करते हुए कहा, जब मैं पांच महीने की प्रेग्नेंट थी, तब भी वह मुझसे बदला लेने की कोशिश कर रहे थे। उनके मुताबिक, उस दौर में उन्हें पति के सहयोग की जरूरत थी, लेकिन मानसिक रूप से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रितिका ने कहा कि वह लंबे समय तक चुप रहीं क्योंकि निजी रिश्ते को सोशल मीडिया की बहस नहीं बनाना चाहती थीं। हालांकि, जब उन पर लगातार बेवफाई के आरोप लगे और छवि खराब करने की कोशिश हुई, तब उन्होंने अपनी बात सामने रखने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि किसी भी रिश्ते की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति के बयान से तय नहीं की जा सकती। लोगों को दोनों पक्षों की बात सुननी चाहिए। उनका कहना है कि वह किसी पर आरोप लगाने के बजाय अपनी सच्चाई सामने रख रही हैं। इससे पहले अनुराग डोभाल ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और बयानों में दावा किया था कि रितिका ने उनके भरोसे को तोड़ा है। इसके बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और दोनों के रिश्ते को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। रितिका के इंटरव्यू के बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। फिलहाल दोनों अपने-अपने दावे कर रहे हैं। किसी भी आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामला दोनों पक्षों के बयानों पर आधारित है। __________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. UK07 राइडर ने रितिका के दोस्त संग जारी किया VIDEO:बोला- रितिका की मां चाहती थीं एबॉर्शन, शादी के खिलाफ थे घरवाले देहरादून के फेमस यूट्यूबर UK07 राइडर उर्फ अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान के बीच चल रहे विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। अनुराग डोभाल ने रितिका और अभिषेक पर गंभीर आरोप लगाने के एक दिन बाद फिर से एक वीडियो जारी किया है।पूरी खबर पढ़ें.. UK07 राइडर बोले-बेटे से मिलने के लिए दिए ₹37 लाख:रितिका अपने दोस्त के साथ मिलकर दे रही धोखा; 4 महीने पहले बने थे पिता देहरादून के फेमस यूट्यूबर UK 07 राइडर अनुराग डोभाल और उनकी पत्नी रितिका चौहान के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अनुराग ने 26 जुलाई को यूट्यूब पर 5 मिनट का एक वीडियो अपलोड किया, जिसमें उन्होंने रितिका पर धोखा देने का आरोप लगाया। (पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 5:40 pm

'फिल्मों के किरदार से मुझे जज मत करो':Gen Z विवाद पर कंगना रनोट का पलटवार, बोलीं- रील और रियल लाइफ में फर्क समझिए

Gen Z को लेकर दिए गए बयान पर घिरीं कंगना रनोट ने अब ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों के किरदारों की क्लिप्स शेयर कर उन्हें निशाने पर लेने वालों पर कंगना ने पलटवार करते हुए कहा कि फिल्मों में निभाए गए किरदार और असल जिंदगी के विचारों की तुलना करना गलत है। उन्होंने लोगों से रील और रियल लाइफ का फर्क समझने की अपील की। Gen Z को लेकर हाल ही में दिए गए बयान के बाद कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उनके बयान के विरोध में कई ट्रोल पेजों और सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी फिल्मों के अलग-अलग किरदारों की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। इन पोस्ट्स के जरिए यह सवाल उठाया गया कि अगर कंगना फिल्मों में ऐसे किरदार निभा सकती हैं तो फिर वह Gen Z की सोच और व्यवहार पर सवाल कैसे उठा सकती हैं। अब इस पूरे विवाद पर कंगना ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर संसद में दिए गए अपने एक पुराने भाषण का वीडियो साझा करते हुए आलोचकों को जवाब दिया। कंगना ने कहा कि फिल्मों में निभाया गया किरदार किसी अभिनेता की निजी सोच या जीवन का प्रतिबिंब नहीं होता। अभिनय एक पेशा है और कलाकार अलग-अलग तरह के किरदार निभाते हैं, इसलिए उन्हें उनकी फिल्मों के आधार पर जज करना गलत है। कंगना ने अपने बयान में कहा कि कुछ लोग जानबूझकर युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, फिल्मी किरदारों और किसी अभिनेता के वास्तविक विचारों को एक जैसा बताना न सिर्फ गलत है, बल्कि यह दर्शकों के बीच भ्रम भी पैदा करता है। उन्होंने कहा कि फिल्मों का मकसद मनोरंजन करना होता है, न कि लोगों को वही व्यवहार अपनाने की सीख देना। किसी कलाकार ने पर्दे पर जो किरदार निभाया है, उसका मतलब यह नहीं कि वह असल जिंदगी में भी वैसा ही सोचता या व्यवहार करता है। कंगना ने लोगों से अपील की कि वे मनोरंजन और वास्तविक जीवन के बीच का फर्क समझें। कंगना का यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर उनके पुराने फिल्मी किरदारों की क्लिप्स तेजी से वायरल हो रही हैं। कई यूजर्स का कहना था कि कंगना के ऑन-स्क्रीन किरदार और उनके हालिया बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। इसी आलोचना के जवाब में उन्होंने अपना पक्ष सार्वजनिक किया। कंगना ने यह भी संकेत दिया कि सोशल मीडिया पर किसी मुद्दे को आधी-अधूरी जानकारी के साथ पेश करना युवाओं के बीच गलत संदेश पहुंचा सकता है। उनका कहना है कि किसी अभिनेता के निजी विचारों पर बहस की जा सकती है, लेकिन उसके फिल्मी किरदारों को उससे जोड़ना उचित नहीं है। कंगना के इस जवाब के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई है। एक तरफ उनके समर्थक उनकी बात का समर्थन कर रहे हैं और अभिनय व निजी जीवन को अलग मानने की दलील दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचक अब भी उनके हालिया बयान पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में Gen Z को लेकर शुरू हुआ यह विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा। ___________________________ कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा है':संजय सिंह ने कंगना रनोट पर साधा निशाना, बोले- जेपी नड्डा जी अपनी सांसद को समझाइए संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनोट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा।पूरी खबर पढ़ें.. 'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 4:01 pm

सलमान खान ने घटाई फीस:रिपोर्ट में दावा- SVC63 के लिए ₹120 करोड़ की जगह ₹70 करोड़ ले रहे, जानिए क्यों लिया यह फैसला

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने वामशी पेडिपल्ली के निर्देशन में बन रही फिल्म SVC63 के लिए कथित तौर पर ₹70 करोड़ की फीस तय की है। फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक, सलमान खान आमतौर पर एक फिल्म के लिए ₹120 करोड़ या उससे अधिक फीस लेते हैं। ऐसे में यह रकम उनकी नॉर्मल फीस का लगभग 60% बताई जा रही है। रिपोर्ट में एक सोर्स के हवाले से बताया गया है कि सलमान के पुराने दोस्त रफी काजी इस प्रोजेक्ट में मीडिएटर का काम कर रहे हैं। उनका नाम फिल्म के प्रोड्यूसर्स में भी शामिल रहेगा। इसी दोस्ती की वजह से सलमान अपनी अपफ्रंट फीस कम करने के लिए तैयार हुए हैं। हालांकि, सूत्र ने यह साफ नहीं किया कि क्या इस समझौते में सलमान खान को फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी भी मिलेगी। पिछले कई सालों से उनकी फिल्मों में इस तरह की व्यवस्था होने की बात सामने आती रही है। बता दें कि सलमान इन दिनों फिल्म 'SVC63' की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन में बन रही इस एक्शन फिल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस प्रोड्यूस कर रही है। फिल्म में नयनतारा पहली बार सलमान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। 2010 के बाद कई फिल्मों में रही हिस्सेदारी रिपोर्ट के अनुसार, दबंग (2010) के बाद सलमान खान ने अधिकतर फिल्मों में अपनी हिस्सेदारी रखी है। दबंग का निर्माण उनके भाई अरबाज खान ने किया था, जबकि बॉडीगार्ड (2011) उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री ने बनाई थी। बाद की कई फिल्मों में उनके होम बैनर SKF की मौजूदगी रही। वहीं, बाहरी प्रोड्यूसर्स के साथ काम करने पर भी उन्होंने कई बार फिल्म के IPR या OTT और सैटेलाइट अधिकारों में हिस्सेदारी रखी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2010 से उनकी फिल्मों के OTT और सैटेलाइट अधिकारों का मूल्य लगभग ₹120 करोड़ से ₹140 करोड़ तक रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि YRF ने सलमान खान को एक था टाइगर (2012), टाइगर जिंदा है (2017) और टाइगर 3 (2023) जैसी फिल्मों में दूसरे एक्टर्स के मुकाबले बेहतर टर्म्स ऑफर किए, जिसमें शाहरुख खान को भी एक एक्सेप्शन बताया गया। दोस्तों के लिए बिना फीस भी किया काम रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान ने कई मौकों पर अपने दोस्तों के लिए कैमियो और स्पेशल रोल बिना कोई फीस लिए किए हैं। इसमें अजय देवगन और रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी भी शामिल है। अजय देवगन ने पहले बताया था कि सन ऑफ सरदार (2012) के 'पो पो' गाने में अपनी मौजूदगी के लिए उन्होंने सलमान को चेक दिया था, लेकिन सलमान ने यह कहते हुए चेक वापस कर दिया, “आप दोस्त हैं। मैं दोस्तों से पैसे नहीं लेता।” सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 2:46 pm

सलमान खान ने घटाई फीस:रिपोर्ट में दावा- SVC 63 के लिए ₹120 करोड़ की जगह ₹70 करोड़ ले रहे, जानिए क्यों लिया यह फैसला

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने वामशी पेडिपल्ली के निर्देशन में बन रही फिल्म SVC 63 के लिए कथित तौर पर ₹70 करोड़ की फीस तय की है। फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक, सलमान खान आमतौर पर एक फिल्म के लिए ₹120 करोड़ या उससे अधिक फीस लेते हैं। ऐसे में यह रकम उनकी नॉर्मल फीस का लगभग 60% बताई जा रही है। रिपोर्ट में एक सोर्स के हवाले से बताया गया है कि सलमान के पुराने दोस्त रफी काजी इस प्रोजेक्ट में मीडिएटर का काम कर रहे हैं। उनका नाम फिल्म के प्रोड्यूसर्स में भी शामिल रहेगा। इसी दोस्ती की वजह से सलमान अपनी अपफ्रंट फीस कम करने के लिए तैयार हुए हैं। हालांकि, सूत्र ने यह साफ नहीं किया कि क्या इस समझौते में सलमान खान को फिल्म के मुनाफे में हिस्सेदारी भी मिलेगी। पिछले कई सालों से उनकी फिल्मों में इस तरह की व्यवस्था होने की बात सामने आती रही है। बता दें कि सलमान इन दिनों फिल्म 'SVC63' की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन में बन रही इस एक्शन फिल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस प्रोड्यूस कर रही है। फिल्म में नयनतारा पहली बार सलमान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। 2010 के बाद कई फिल्मों में रही हिस्सेदारी रिपोर्ट के अनुसार, दबंग (2010) के बाद सलमान खान ने अधिकतर फिल्मों में अपनी हिस्सेदारी रखी है। दबंग का निर्माण उनके भाई अरबाज खान ने किया था, जबकि बॉडीगार्ड (2011) उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री ने बनाई थी। बाद की कई फिल्मों में उनके होम बैनर SKF की मौजूदगी रही। वहीं, बाहरी प्रोड्यूसर्स के साथ काम करने पर भी उन्होंने कई बार फिल्म के IPR या OTT और सैटेलाइट अधिकारों में हिस्सेदारी रखी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2010 से उनकी फिल्मों के OTT और सैटेलाइट अधिकारों का मूल्य लगभग ₹120 करोड़ से ₹140 करोड़ तक रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि YRF ने सलमान खान को एक था टाइगर (2012), टाइगर जिंदा है (2017) और टाइगर 3 (2023) जैसी फिल्मों में दूसरे एक्टर्स के मुकाबले बेहतर टर्म्स ऑफर किए, जिसमें शाहरुख खान को भी एक एक्सेप्शन बताया गया। दोस्तों के लिए बिना फीस भी किया काम रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान खान ने कई मौकों पर अपने दोस्तों के लिए कैमियो और स्पेशल रोल बिना कोई फीस लिए किए हैं। इसमें अजय देवगन और रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी भी शामिल है। अजय देवगन ने पहले बताया था कि सन ऑफ सरदार (2012) के 'पो पो' गाने में अपनी मौजूदगी के लिए उन्होंने सलमान को चेक दिया था, लेकिन सलमान ने यह कहते हुए चेक वापस कर दिया, “आप दोस्त हैं। मैं दोस्तों से पैसे नहीं लेता।” सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 2:46 pm

4,000 मीटर की ऊंचाई पर खिलता है 'हिमालयी हीरा', 7 से 15 साल में सिर्फ एक बार आता है फूल

प्रकृति अपने अनोखे और दुर्लभ चमत्कारों से समय-समय पर लोगों को हैरान करती रहती है।

खास खबर 1 Aug 2026 12:53 pm

शाहरुख की फिल्मों में सबसे ज्यादा मेहनत करते थे:ललित पंडित बोले- आज के संगीत में अच्छे गीतकारों की सबसे ज्यादा कमी खलती है

'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'कुछ कुछ होता है', 'जो जीता वही सिकंदर', 'फना' और 'हम तुम' जैसी फिल्मों का संगीत देने वाले ललित पंडित गुरु पूर्णिमा पर साईं बाबा को समर्पित भक्ति गीत 'साई नाम सांचा' लेकर आए हैं। इसमें हरिहरन, उदित नारायण, शान, जावेद अली, बेला शेंडे के साथ नई पीढ़ी के कलाकारों को भी मौका मिला है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने नए भजन, 90 के दशक के संगीत, बेटों के करियर, शाहरुख खान और आज की म्यूजिक इंडस्ट्री पर बात की। सवाल: आपने रोमांटिक गानों से लोगों का दिल जीता। अब साईं बाबा पर भक्ति गीत 'साईं नाम सांचा' लेकर आए हैं। इसे बनाने का विचार कैसे आया? क्या इसके पीछे कोई निजी अनुभव या आस्था जुड़ी है? जवाब: मैं और मेरी पत्नी अक्सर साईं बाबा के मंदिर जाते हैं। काफी समय से मन था कि साईं बाबा के लिए ऐसा बनाया जाए, जो सिर्फ गाना नहीं, बल्कि श्रद्धा का भाव हो। उसी दौरान मेरे दोनों बेटे संगीत निर्देशन में आगे बढ़ रहे थे। उन्होंने हाल ही में फिल्म 'अल्फा' का संगीत तैयार किया है। एक पिता होने के नाते मैंने सोचा कि उनके नए सफर की शुरुआत साईं बाबा के आशीर्वाद से हो। यही भावना इस भजन के पीछे रही। धुन तैयार होने पर मुझे वह पसंद आई और लगा कि इसे रिकॉर्ड कर लोगों तक पहुंचाना चाहिए। सवाल: इस भजन में कई बड़े गायकों के साथ नए गायक भी हैं। इसकी क्या वजह रही? जवाब: मैं चाहता था कि यह सिर्फ बड़े नामों वाला एल्बम न बने। इसमें हरिहरन, उदित नारायण, शान, जावेद अली और बेला शेंडे के साथ नई आवाजों को भी मौका दिया। मीना मंगेशकर की पोती सांजली, मेरे भाई के बेटे स्वर और सारिका कंसारा ने भी गाया है। स्वर पंडित जसराज के आखिरी शिष्यों में रहे हैं। मेरा मानना है कि संगीत तभी आगे बढ़ेगा, जब नई प्रतिभाओं को बड़े कलाकारों के साथ मंच मिलेगा। सवाल: आजकल भक्ति संगीत भी काफी कमर्शियल हो गया है। आपने इसे किस नजरिए से बनाया? जवाब: मैंने इस भजन को कभी कमर्शियल प्रोजेक्ट नहीं माना। इसे पूरी श्रद्धा से बनाया। पूरा खर्च भी मैंने खुद उठाया। कई लोगों ने बड़ी म्यूजिक कंपनी के साथ रिलीज करने की सलाह दी, लेकिन वहां कई सुझाव आने लगते हैं कि किस गायक को लेना है। मैं अपनी रचनात्मक आजादी से समझौता नहीं करना चाहता था। यह फिल्म का गाना नहीं था, इसलिए वही किया जो मुझे सही लगा। मेरा उद्देश्य था कि यह भजन साईं मंदिरों में बजे और लोगों को शांति दे। सवाल: जतीन-ललित की जोड़ी ने 90 के दशक को यादगार बनाया। आज पीछे मुड़कर देखते हैं तो सबसे बड़ी उपलब्धि क्या लगती है? जवाब: बहुत संतोष होता है। हमने सिर्फ हिट गाने नहीं, बल्कि ऐसा संगीत बनाने की कोशिश की जो वर्षों तक जिंदा रहे। आज नई पीढ़ी भी 'पहला नशा', 'तुझे देखा तो', 'कुछ कुछ होता है' और 'चांद छुपा बादल में' सुनती है तो लगता है कि मेहनत सफल हुई। कई लोग कहते हैं कि आर.डी. बर्मन के बाद कल्ट संगीत में जतिन-ललित का नाम भी शामिल है। यह सुनकर खुशी होती है। सवाल: अगर आज दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे या कुछ कुछ होता है का संगीत बनाना हो, तो क्या वह वैसा ही होगा या मुश्किल होगा? जवाब: उस समय भी यह आसान नहीं था। हमने हर धुन पर घंटों मेहनत की। किसी अरेंजर पर निर्भर नहीं रहते थे। हर नोट और ऑर्केस्ट्रेशन खुद तैयार करते थे। इसी वजह से हमारे संगीत की पहचान बनी। आज भी ऐसा संगीत बन सकता है, लेकिन इसके लिए निर्देशक का वैसा विजन और निर्माता का भरोसा जरूरी है। सिर्फ अच्छा संगीतकार होना काफी नहीं। सवाल: क्या आज भी निर्देशक 90 के दशक जैसा संगीत मांगते हैं? जवाब: बिल्कुल। आज भी कई निर्देशक वैसी ही मेलोडी की मांग करते हैं। लेकिन काम शुरू होने पर कुछ नया जोड़ने की बात करते हैं। यही सबसे बड़ी चुनौती है। फिल्म संगीत में अपनी नहीं, निर्देशक के विजन के मुताबिक काम करना पड़ता है। इसलिए फिल्म संगीत सबसे मुश्किल काम है। प्राइवेट म्यूजिक या भजन में अपनी सोच के मुताबिक काम किया जा सकता है, लेकिन फिल्मों में नहीं। सवाल: आज के संगीत में आपको सबसे ज्यादा किस चीज की कमी महसूस होती है? जवाब: मुझे लगता है कि आज सबसे ज्यादा कमी अच्छे गीतकारों की है। पहले आनंद बख्शी और मजरूह सुल्तानपुरी जैसे बड़े लेखक थे। उनके शब्दों में गहराई होती थी। आज अच्छे संगीतकार और गायक हैं, लेकिन वैसी लेखनी कम दिखाई देती है। मजबूत शब्द धुन का असर और बढ़ा देते हैं। सवाल: करियर का सबसे मुश्किल गाना कौन-सा रहा, जिस पर सबसे ज्यादा मेहनत करनी पड़ी? जवाब: अगर एक गाने का नाम लूं तो वह 'पहला नशा' है। उस समय हम इंडस्ट्री में नए थे। कई लोग हमारे काम करने के तरीके से सहमत नहीं थे और नई सोच स्वीकार नहीं करते थे। उस गाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। 'पहला नशा' का पूरा अरेंजमेंट मैंने खुद किया था। उस समय कोई अरेंजर नहीं था। मेरे दिमाग का वही साउंड रिकॉर्ड हुआ। शायद यही वजह है कि आज भी वह गाना वैसा ही महसूस होता है। मेरा मानना है कि कुछ गाने दोबारा नहीं बन सकते और 'पहला नशा' हमारे लिए ऐसा ही गाना है। सवाल: क्या कभी ऐसा लगा कि कोई गाना और बेहतर बनाया जा सकता था? जवाब: ऐसे कई गाने हैं। आज भी उन्हें सुनता हूं तो लगता है कि कुछ चीजें बेहतर हो सकती थीं। कई बार तकनीकी वजहों या साथ काम करने वाले लोगों के कारण वैसा रिजल्ट नहीं मिला जैसा हम चाहते थे। लेकिन यही संगीत की खूबसूरती है। हर गाना कुछ नया सिखाकर जाता है। सवाल: शाहरुख खान के साथ आपकी बॉन्डिंग कैसे बनी? जवाब: हमारी और शाहरुख खान की शुरुआत लगभग एक साथ हुई थी। हमारी शुरुआती बड़ी फिल्मों में 'राजू बन गया जेंटलमैन' थी और शाहरुख भी उसी दौर में करियर बना रहे थे। वहीं से रिश्ता बना। इसके बाद उनकी हर फिल्म में मैं और जतिन अपना सबसे बेहतरीन काम देने की कोशिश करते थे। शायद इसी वजह से उनकी फिल्मों के लिए हम सबसे ज्यादा मेहनत करते थे। सवाल: शाहरुख खान क्या म्यूजिक सिटिंग में भी शामिल होते थे? जवाब: बिल्कुल। सिर्फ शाहरुख ही नहीं, जूही चावला भी बैठकों में आती थीं, क्योंकि वह प्रोडक्शन से जुड़ी थीं। कई दिन तक गानों पर चर्चा होती थी। हम धुनें सुनाते और वे सुझाव देते थे। शाहरुख की सबसे बड़ी खूबी थी कि अगर उन्हें किसी पर भरोसा हो जाए तो पूरा विश्वास करते थे। कई बार वे कहते थे, अगर तुम्हें लग रहा है कि यह सही है, तो करो। एक कलाकार के लिए इससे बड़ा भरोसा नहीं होता। सवाल: शाहरुख, आमिर और सलमान के साथ काम करने का अनुभव कितना अलग था? जवाब: तीनों का अपना-अपना अंदाज था, लेकिन तीनों संगीत को गंभीरता से लेते थे। शाहरुख के साथ सबसे ज्यादा फिल्में कीं, इसलिए उनके साथ भावनात्मक रिश्ता बन गया। आमिर खान हर गाने को ध्यान से सुनते थे। सलमान खान भी संगीत में रुचि लेते थे। अजय देवगन और सनी देओल भी अपने संगीत को लेकर सजग रहते थे। बड़े कलाकार भी गानों पर उतना ही ध्यान देते हैं, जितना निर्देशक। सवाल: क्या कभी कलाकार यह भी बताते थे कि किस गायक से गाना गवाना चाहिए? जवाब: हां, कई बार कलाकारों के सुझाव सही साबित होते थे। रानी मुखर्जी चाहती थीं कि उनके गाने अलका याज्ञनिक गाएं, क्योंकि उनकी आवाज उन पर सबसे ज्यादा सूट करती थी। हमने 'हम तुम' में यही किया और परिणाम शानदार रहा। फिल्म संगीत टीमवर्क है। कलाकार की बात सही लगे तो उसे जरूर मानना चाहिए। सवाल: पहले लाइव रिकॉर्डिंग होती थी, अब सब डिजिटल हो गया है। कितना फर्क आया है? जवाब: बहुत बड़ा फर्क आया है। पहले स्टूडियो में 100 से 200 म्यूजिशियन एक साथ रिकॉर्डिंग करते थे। एक व्यक्ति की गलती पर पूरी रिकॉर्डिंग दोबारा करनी पड़ती थी। इसलिए हर कलाकार पूरी तैयारी और रियाज के साथ आता था। आज तकनीक आसान हो गई है। गलती होने पर लोग बाद में सुधार की सोचते हैं। इससे तैयारी और अनुशासन पर असर पड़ा है। लाइव रिकॉर्डिंग की ऊर्जा आज भी मुझे याद आती है। सवाल: क्या आज के संगीतकारों को पहले जैसी आजादी मिलती है? जवाब: नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता। आज के संगीतकार प्रतिभाशाली हैं, लेकिन उन्हें उतनी रचनात्मक स्वतंत्रता नहीं मिलती, जितनी हमें मिली थी। आज प्रोड्यूसर, म्यूजिक कंपनी और दूसरी राय देने वाले लोग बीच में आ जाते हैं। इससे कई बार संगीत की मूल सोच बदल जाती है। अच्छा संगीत तभी निकलता है, जब संगीतकार पर भरोसा किया जाए। सवाल: AI के दौर में क्या आपको लगता है कि संगीतकार की भूमिका बदलने वाली है? जवाब: तकनीक को रोका नहीं जा सकता। जब हम इंडस्ट्री में आए थे, तब भी नई तकनीक आ रही थी। हमें उसे सीखकर अपने काम का हिस्सा बनाना पड़ा। एआई भी उसी बदलाव का हिस्सा है। असली बात यह है कि उसका इस्तेमाल कैसे किया जाए। अगर सोच, धुन और संवेदनाएं मजबूत हैं तो कोई तकनीक उन्हें खत्म नहीं कर सकती। तकनीक सिर्फ माध्यम है, संगीत की आत्मा आज भी इंसान के भीतर से निकलती है। सवाल: आज के नए संगीतकारों में कितना भविष्य देखते हैं? जवाब: आज के लड़कों में टैलेंट की कमी नहीं है। समस्या सिर्फ यह है कि उन्हें हमारी तरह खुलकर काम करने की आजादी नहीं मिलती। हमारे समय में निर्देशक और निर्माता हम पर भरोसा करते थे। आज संगीत बनने से पहले ही कई राय आने लगती हैं। इससे संगीतकार का आत्मविश्वास प्रभावित होता है। खुला माहौल मिले तो आज की पीढ़ी भी यादगार संगीत बना सकती है। सवाल: आपके बेटे रोहांश और अबीर पंडित अब संगीत निर्देशन कर रहे हैं। उन्हें क्या सलाह देते हैं? जवाब: मेरे दोनों बेटे बचपन से संगीत सीखते आए हैं। दोनों गाते हैं और कई वाद्ययंत्र बजाते हैं। सालों तक उन्होंने मेरे लाइव शो में मेरे साथ काम किया। अब वे खुद संगीत बना रहे हैं। उन्होंने फिल्म 'अल्फा' का संगीत तैयार किया है। मुझे उनके काम पर गर्व है। मैं उनसे कहता हूं कि किसी की नकल मत करो। अपना संगीत बनाओ, अपनी पहचान बनाओ। उनका संगीत हमारी पीढ़ी से अलग है और यही अच्छी बात है। मैं उनके साथ बैठकर उनका काम सुनता हूं और कई बार उनसे नई चीजें सीखता हूं। सवाल: अब आगे आपके कौन-कौन से प्रोजेक्ट आने वाले हैं? जवाब: अब मैं इंडिपेंडेंट म्यूजिक पर ज्यादा काम करना चाहता हूं। फिल्मों के साथ ऐसे गाने बनाना चाहता हूं, जहां पूरी रचनात्मक आजादी हो। 'साई नाम सांचा' उसी दिशा में शुरुआत है। आगे भी ऐसे कई प्रोजेक्ट लेकर आऊंगा। सवाल: गुरु पूर्णिमा आपके लिए कितनी खास है? जवाब: मेरे लिए गुरु पूर्णिमा सिर्फ त्योहार नहीं है। यह गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है। मेरे और जतिन के सबसे बड़े गुरु हमारे पिता पंडित प्रताप नारायण थे। उन्होंने हमें संगीत सिखाया। हम पांचवीं पीढ़ी से संगीत से जुड़े हैं। हमारा परिवार शास्त्रीय संगीत की परंपरा से आता है। जो सीखा, उन्हीं से सीखा। आज भी मानता हूं कि हर कलाकार का गुरु होना चाहिए। सीखना कभी खत्म नहीं होता। सवाल: आपने अपने गुरु को गुरु दक्षिणा में क्या दिया था? जवाब: सच कहूं तो मैंने अपने पिता को क्या दिया होगा? उन्होंने पूरी जिंदगी हमें ही दिया। गंडा बंधन के समय परंपरा के अनुसार नारियल और मिठाई चढ़ाई थी। लेकिन असली गुरु दक्षिणा यही है कि गुरु की शिक्षा का सम्मान करें और उसे आगे बढ़ाएं। मैं आज भी वही कोशिश करता हूं। सवाल: आपने 'गंडा बंधन' का जिक्र किया। यह परंपरा क्या होती है? जवाब: हमारे यहां जब गुरु किसी शिष्य को औपचारिक रूप से स्वीकार करते हैं, तो उसे 'गंडा बंधन' कहते हैं। मेरे पिताजी ने मेरा और जतिन का गंडा बांधा था। वे कहते थे कि जब तक गुरु शिष्य को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं करते, तब तक उनका पूरा आशीर्वाद नहीं मिलता। गंडा बंधने के बाद जीवनभर गुरु के शिष्य रहते हैं। यह सिर्फ धागा नहीं, बल्कि गुरु और शिष्य के बीच विश्वास और समर्पण का रिश्ता है। सवाल: आखिर में अपने प्रशंसकों से क्या कहना चाहेंगे? जवाब: गुरु पूर्णिमा पर 'साई नाम सांचा' रिलीज करना मेरे लिए संतोष की बात है। उम्मीद है कि यह भजन लोगों को सुकून देगा। मैं सभी श्रोताओं का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने पिछले तीन दशकों से हमारे संगीत को प्यार दिया। उसी प्यार की वजह से आज भी नए उत्साह के साथ संगीत बना रहा हूं। उम्मीद है कि आगे भी अच्छे गीत लेकर आता रहूंगा।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 12:37 pm

रश्मिका मंदाना शूटिंग के दौरान हुईं चोटिल:डांस सीक्वेंस में हिप का टेंडन अलग हुआ, डॉक्टर ने दी 6 हफ्ते आराम की सलाह

रश्मिका मंदाना अपनी एक अपकमिंग फिल्म के डांस सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान चोटिल हो गई हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चोट उन्हें डांस और एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान लगी। हालांकि, रश्मिका या उनकी टीम की तरफ से इसको लेकर कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी नहीं किया गया है। चोट की वजह से रश्मिका का शूटिंग शेड्यूल रोक दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, रश्मिका मंदाना अपनी एक अपकमिंग फिल्म के डांस सीक्वेंस की शूटिंग कर रही थीं। इसी दौरान उनकी हिप से जुड़ा एक टेंडन पूरी तरह अलग हो गया। डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह की चोट आमतौर पर प्रोफेशनल एथलीट्स में देखी जाती है। मेडिकल जांच के बाद उन्हें छह हफ्ते तक पूरी तरह आराम करने और फिर बताए गए रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम को शुरू करने की सलाह दी गई है। शूटिंग और ब्रांड कमिटमेंट्स पर पड़ सकता है असर इस चोट की वजह से रश्मिका के आने वाले शूटिंग शेड्यूल और दूसरे प्रोफेशनल कमिटमेंट्स पर असर पड़ सकता है। वह अभी राणाबली और माइसा जैसी कई बड़े बजट की फिल्मों पर काम कर रही हैं और कई एंडोर्समेंट कैंपेन भी मैनेज कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी अभी की शूटिंग और कमर्शियल असाइनमेंट्स को रीशेड्यूल किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर फैंस उनके जल्दी ठीक होने की दुआ कर रहे हैं। कई भाषाओं की फिल्मों में एक्टिव रश्मिका मंदाना अभी इंडियन सिनेमा की सबसे बिजी एक्ट्रेसेस में से एक हैं। वह कई भाषाओं की फिल्मों में काम कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अभी चार बड़ी फिल्मों की शूटिंग कर रही हैं और लगभग 30 नेशनल और इंटरनेशनल ब्रांड्स को प्रमोट कर रही हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो वह आखिरी बार हिंदी फिल्म 'कॉकटेल 2' में नजर आई थीं। वहीं, रश्मिका की साल 2025 में पांच फिल्में रिलीज हुईं। उन्होंने हिंदी फिल्म 'छावा' में महारानी येसूबाई का किरदार निभाया। इसके बाद वह 'सिकंदर' में सैसरी राजकोट की भूमिका में नजर आईं। वहीं, रश्मिका ने तेलुगु-तमिल द्विभाषी फिल्म 'कुबेरा' और हिंदी फिल्म 'थामा' में भी काम किया। इसके अलावा वह तेलुगु फिल्म 'द गर्लफ्रेंड' में भी नजर आईं। वहीं, पर्सनल लाइफ की बात करें तो 26 फरवरी 2026 को रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी राजस्थान के उदयपुर स्थित ITC मेमेंटोस होटल में हुई थी। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 11:12 am

सलमान ने संजय दत्त के लिए इमोशनल नोट लिखा:बड़े भाई बताते हुए भगवान से मांगी दुआ, दोनों गले मिलते नजर आए

सलमान खान ने शुक्रवार देर रात अपने सबसे करीबी दोस्त संजय दत्त के साथ 2 तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कीं, जिनमें दोनों गले मिल रहे हैं। तस्वीरों के साथ सलमान ने कैप्शन में लिखा, ‘बाबा फॉरएवर... बाबा और बाबा, बाबा होता है। संजू बाबा है हम सबका बाबा और अब अपने बच्चों का भी बाबा। मेरा बड़ा भाई संजय दत्त। अल्लाह, भगवान और जीसस सब इस आदमी को हमेशा खुश रखें। आई लव यू बाबा।’ फैंस को सलमान और संजय के बीच यह बॉन्ड बहुत पसंद आ रहा है। कई लोगों ने इस पर रिएक्ट किया। संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त ने पोस्ट पर कमेंट किया, ‘ब्रदर्स फॉर लाइफ।' वहीं, संजय दत्त की बड़ी बेटी त्रिशाला दत्त ने हार्ट इमोजी कमेंट किए। सलमान की BMW की चाबी समुद्र में फेंक दी थी संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड में मिसाल मानी जाती है। हालांकि, एक बार ऐसा भी हुआ था जब संजय दत्त, सलमान से नाराज हो गए थे। इस किस्से का खुलासा खुद सलमान ने रजत शर्मा के शो में किया था। सलमान ने बताया था कि सोहेल खान की फिल्म 'मैंने दिल तुझको दिया' में संजय दत्त ने दोस्ती की खातिर गेस्ट अपीयरेंस किया था। शूटिंग पूरी होने के बाद संजय दत्त सलमान के घर पहुंचे, जहां पार्टी चल रही थी। उसी दौरान सलमान के पास नई BMW M5 आई थी। वह संजय दत्त को बाहर ले गए और बोले, ‘बाबा, यह देश की पहली BMW M5 है और मैं चाहता हूं कि यह आपके पास हो।’ इतना सुनते ही संजय दत्त ने सलमान को धन्यवाद कहा, लेकिन अगले ही पल कार की चाबी उठाकर सीधे समुद्र में फेंक दी। चाबी समंदर में चली गई और क्योंकि कार की केवल एक ही चाबी थी, इसलिए वह कई दिनों तक घर के बाहर ही खड़ी रह गई। सलमान ने बताया था कि उस चाबी को ढूंढकर निकालने में पूरे चार दिन लगे थे। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म 'मातृभूमि: मे रेस्ट इन पीस' में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। …………… सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 8:57 am

फिल्म फ्लॉप हुई तो रोती हुई घर गईं सोनाली सहगल:हिमांश कोहली ने कहा- ‘यारियां’ के बाद लगा, अब सब खत्म हो गया

फिल्म 'आर्य भट्ट का जीरो' खुद पर भरोसा और सपनों के लिए संघर्ष की कहानी है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सोनाली सहगल, हिमांश कोहली और डायरेक्टर कमल चंद्रा ने ऐसे अनुभव साझा किए, जब लोगों ने उन पर भरोसा नहीं किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सोनाली ने बताया कि एक फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह कार में रोते हुए घर गई थीं। हिमांश ने कहा कि 'यारियां' के बाद लगातार फिल्में नहीं चलीं तो लगा कि करियर खत्म हो गया। सवाल: फिल्म का संदेश है कि खुद पर भरोसा सबसे जरूरी है। आपकी जिंदगी में ऐसा कब हुआ? जवाब/सोनाली सहगल: मेरे अंदर हमेशा आत्मविश्वास था, लेकिन मुझसे ज्यादा भरोसा मेरी मम्मी को था। उन्होंने मेरे मिस इंडिया बनने से पहले ही कहा था कि उनकी बेटी मिस इंडिया बनेगी। लोग हंसते थे, लेकिन उनका विश्वास कभी नहीं डगमगाया। आज मुझे लगता है कि परिवार का एक इंसान भी आप पर पूरा भरोसा करे, तो आधी लड़ाई वहीं जीत जाती है। इसलिए सेल्फ बिलीफ के साथ परिवार का भरोसा भी जरूरी है। सवाल: हिमांश, आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ था? जवाब/हिमांश कोहली: बचपन से मुझे फिल्मों का शौक था। जब लोगों से कहता था कि मुझे एक्टर बनना है, तो ज्यादातर लोग सपना छोड़ने की सलाह देते थे। स्कूल में मैंने झूठ बोल दिया कि मैं धारा तेल के विज्ञापन वाला बच्चा हूं। पूरे स्कूल ने भरोसा कर लिया, लेकिन बाद में सच सामने आ गया। इसके बाद मुझे बुलिंग झेलनी पड़ी। सीनियर्स मजाक उड़ाते थे और सजा भी देते थे। तभी मैंने तय किया कि सच में एक्टर बनकर दिखाऊंगा। सवाल: उस घटना ने आपको कितना बदला? जवाब/हिमांश कोहली: उस वक्त बहुत बुरा लगा था, लेकिन आज लगता है कि अगर वह घटना नहीं होती तो शायद मैं इतनी मेहनत नहीं करता। मैंने थिएटर शुरू किया, एक्टिंग सीखी और कई संस्थानों में ट्रेनिंग ली। मेरे माता-पिता ने हर कदम पर साथ दिया। आज पुराने दोस्त कहते हैं, 'यार, तूने सच में अपना सपना पूरा कर लिया।' सवाल: परिवार का साथ कितना जरूरी रहा? जवाब/हिमांश कोहली: अगर मेरे माता-पिता साथ नहीं देते तो मैं एक्टिंग की पढ़ाई नहीं कर पाता। उन्होंने सिर्फ पढ़ाई नहीं, मेरे सपने पर भी भरोसा किया। वही भरोसा मुझे यहां तक लेकर आया। सवाल: कमल जी, आपकी कहानी भी कुछ ऐसी ही है? जवाब/कमल चंद्रा: बिल्कुल। मैं इंजीनियर था। अच्छी नौकरी थी, लेकिन एक्टिंग वर्कशॉप के बाद लगा कि मुझे फिल्मों में काम करना है। मैंने चार सरकारी नौकरियां छोड़ दीं। रिश्तेदारों ने मना किया, लेकिन पिता ने कहा, 'तूने मेरा सपना पूरा कर दिया, अब अपना सपना जी।' उसी बात ने मुझे कभी पीछे मुड़कर नहीं देखने दिया। सवाल: हिमांश क्या आप भी अपने माता-पिता का कोई अधूरा सपना भी जी रहे हैं? जवाब/हिमांश कोहली: बिल्कुल। मेरी मां कलाकार बनना चाहती थीं। उन्हें गायन, पेंटिंग और अभिनय का शौक था, लेकिन कम उम्र में शादी होने से उनका सपना अधूरा रह गया। आज फिल्मों में काम करते हुए लगता है कि मैं अपना ही नहीं, मां का सपना भी पूरा कर रहा हूं। उन्होंने एक बार ऋषि कपूर और जितेंद्र से मिलने की इच्छा जताई थी। जब मैं उन्हें दोनों कलाकारों से मिलवा पाया तो लगा कि मेरी मेहनत सफल हो गई। उनके चेहरे की खुशी मेरे लिए किसी अवॉर्ड से कम नहीं थी। सवाल: कमल जी, आपकी जिंदगी का सबसे भावुक पल कौन-सा रहा? जवाब/कमल चंद्रा: मेरी पहली फिल्म के दौरान महेश भट्ट ने मेरे पिता से फोन पर मेरी तारीफ की थी। फोन कटने के बाद पापा की खुशी देखने लायक थी। उन्होंने कहा, मुझे पता था, मेरा बेटा कुछ अच्छा करेगा। माता-पिता की आंखों में अपने लिए गर्व देखना सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। सवाल: 'आर्य भट्ट का जीरो' की कहानी में ऐसी क्या बात थी, जिसने आपको सबसे ज्यादा प्रभावित किया? जवाब/हिमांश कोहली: मुझे 'बग्गू' का किरदार बहुत पसंद आया। वह सिखाता है कि जिंदगी मंजिल से भटका सकती है, लेकिन सपना और मेहनत नहीं छोड़ें तो एक दिन मंजिल जरूर मिलती है। हालात जैसे भी हों, उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे बड़ी सीख क्या मिली? जवाब/हिमांश कोहली: इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी टीम है। रवि किशन, राजेश शर्मा, गोपाल दत्त, नीरज सूद और बाकी कलाकारों के साथ बातचीत करना एक एक्टिंग स्कूल जैसा था। हर कलाकार अपने संघर्ष और अनुभव साझा करता था। उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। सवाल: कमल जी, शूटिंग से जुड़ा कोई दिलचस्प किस्सा? जवाब/कमल चंद्रा: जिस घर में शूटिंग हुई, उसके मालिक बाद में उसे रेनोवेट करने वाले थे। लेकिन फिल्म पूरी होने के बाद उन्होंने फैसला बदल दिया। उन्हें लगा कि यह घर फिल्म की यादों से जुड़ गया है, इसलिए इसे जैसा है, वैसा ही रहने देना चाहिए। यह हमारे लिए बहुत खास पल था। सवाल: फिल्म का सबसे बड़ा संदेश क्या है? जवाब/कमल चंद्रा: हर इंसान जिंदगी में कभी न कभी खुद को 'जीरो' महसूस करता है। हमारी फिल्म कहती है कि खुद पर भरोसा और मेहनत बनी रहे, तो वही इंसान एक दिन हीरो बन सकता है। सवाल: सोनाली, आपने 'आर्य भट्ट का जीरो' के लिए हां क्यों कहा? जवाब/सोनाली सहगल: मेरे लिए किसी भी फिल्म में सबसे अहम उसकी कहानी होती है। कमल ने स्क्रिप्ट सुनाई तो उसमें बनावटीपन नहीं, बल्कि सच्चाई दिखी। हर किरदार असली लगा और यही बात सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: रिंकू का किरदार आपके लिए कितना चुनौतीपूर्ण था? जवाब/सोनाली सहगल: इस फिल्म से पहले मैं अलग जॉनर की फिल्म कर रही थी। वहां मेरा किरदार और दुनिया अलग थे। 'रिंकू' छोटे शहर की साधारण लड़की है, इसलिए उसके हावभाव, बोलने के तरीके और सोच पर अलग तरह से काम करना पड़ा। एक कलाकार के तौर पर यही चुनौती सबसे ज्यादा पसंद आई। सवाल: इस फिल्म में सबसे खास बात क्या लगी? जवाब/सोनाली सहगल: मुझे लगा कि इस फिल्म का हर किरदार कुछ न कुछ सिखाता है। कोई उम्मीद देता है, कोई रिश्तों की अहमियत समझाता है और कोई संघर्ष से लड़ना सिखाता है। यही इसकी सबसे बड़ी खूबी है। सवाल: दर्शक 'आर्य भट्ट का जीरो' देखकर क्या महसूस करेंगे? जवाब/हिमांश कोहली: अगर लगे कि जिंदगी योजना के मुताबिक नहीं चल रही, तब भी हार मत मानिए। सपनों पर भरोसा रखिए और मेहनत करते रहिए। देर हो सकती है, लेकिन मंजिल जरूर मिलेगी। कमल चंद्रा: यह फिल्म सिर्फ एक इंसान या एक कुत्ते की कहानी नहीं है। यह उन सभी लोगों की कहानी है, जिन्हें कभी न कभी 'जीरो' कहा गया। अगर आप खुद पर भरोसा रखते हैं, तो एक दिन वही लोग आपकी सफलता की मिसाल देंगे। सोनाली सहगल: हम चाहते हैं कि लोग थिएटर से सिर्फ फिल्म देखकर नहीं, बल्कि अपने सपनों पर दोबारा भरोसा करके निकलें। अगर फिल्म देखने के बाद एक भी इंसान हार मानने की बजाय फिर कोशिश करने लगे, तो हमारी मेहनत सफल हो जाएगी। सवाल: क्या कभी ऐसा वक्त आया, जब आपका खुद पर भरोसा डगमगाया? उससे बाहर कैसे निकले? जवाब/सोनाली सहगल: इस इंडस्ट्री में रास्ता आसान नहीं है। मेहनत से कभी डर नहीं लगा, लेकिन शुरुआत में मौके मिलना सबसे मुश्किल होता है। सबसे बड़ा झटका 'जय मम्मी दी' का बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलना था। शायद पहली बार कैमरे पर यह बात कह रही हूं। मैंने उस फिल्म के लिए अपना सब कुछ लगा दिया था। वह मेरी पहली सोलो लीड फिल्म थी और उससे बहुत उम्मीदें थीं। लेकिन कोविड की शुरुआत की वजह से फिल्म थिएटर में वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाई। मुझे आज भी याद है, पहले दिन के बॉक्स ऑफिस नंबर देखकर मैं इवेंट से लौटते समय कार में रो रही थी। मेरी नई मैनेजर समझ नहीं पा रही थी कि मुझे कैसे संभाले। मैं कुछ दिनों के लिए डिप्रेशन में चली गई थी। लेकिन मैं जल्दी संभल जाती हूं। मैंने खुद से कहा कि मुझे अपने काम पर गर्व है। बाद में फिल्म नेटफ्लिक्स पर लोगों ने खूब पसंद की। तब समझ आया कि हर फिल्म अपनी किस्मत लेकर आती है। हौसला टूटता जरूर है, लेकिन उसे दोबारा खड़ा भी आपको ही करना पड़ता है। जीरो लगने के बाद खुद को फिर हीरो भी आपको ही बनाना पड़ता है। सवाल: हिमांश, आपने भी उतार-चढ़ाव देखे हैं। उस दौर को कैसे संभाला? जवाब/हिमांश कोहली: मेरे साथ शुरुआत उलटी हुई। 'यारियां' सुपरहिट रही, लेकिन उसके बाद दो-तीन फिल्मों को वैसा रिस्पॉन्स नहीं मिला। उस वक्त समझ नहीं आता था कि आगे क्या करना है। कई लोग कहने लगे थे, 'अब सब खत्म हो गया... अब यहां कुछ नहीं रखा।' सच कहूं तो मुझे भी लगने लगा था कि शायद बैग पैक करके घर लौट जाना चाहिए। लेकिन आज समझ आता है कि वह सिर्फ एक दौर था। उस समय जो फिल्में नहीं चलीं, वही आज टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। मैं उनके रिजल्ट देखकर हैरान हो जाता हूं। इसलिए अब लगता है कि हर चीज का अपना समय होता है। अगर मेहनत और भरोसा बना रहे तो मुश्किल दौर भी हमेशा नहीं रहता।

दैनिक भास्कर 1 Aug 2026 5:30 am

Spider-Man Brand New Day के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में दूसरे दिन आया उछाल, धमाल 4 और जन नायकन की हो गई छुट्टी

टॉम हॉलैंड और जेंडया की 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' ने पहले दिन ही 'एवेंजर्स: एंडगेम' का रिकॉर्ड तोड़कर कमाल कर दिया। वहीं वीकेंड पर ये कमाई और भी ऊपर जा सकती है।

जागरण 31 Jul 2026 8:23 pm

किडनी-लिवर की रिपोर्ट को लेकर डरे पवन सिंह:खुद डॉक्टर बन इंटरनेट पर मेडिकल टर्म्स सर्च किए, मेडिकल रिपोर्ट टेबल पर फेंकी

भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह अपनी सेहत और मेडिकल रिपोर्ट को लेकर काफी हैं। आगामी शो 'भोजपुरी बवाल' के सेट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पवन सिंह अपनी किडनी और लिवर की टेस्ट रिपोर्ट को लेकर चिंता जताते दिख रहे हैं। अपनी ज्यादा सोचने (ओवरथिंकिंग) की आदत की वजह से पवन सिंह डॉक्टर की सलाह का इंतजार करने के बजाय खुद ही इंटरनेट और एलेक्सा पर मेडिकल टर्म्स सर्च करने लगे। यह शो 2 अगस्त से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम होने जा रहा है। रिपोर्ट सही आएगी ना? टीम से पूछते दिखे पवन सिंहवीडियो में पवन सिंह अपने साथियों के साथ सोफे पर बैठे नजर आ रहे हैं। वे परेशान होकर पूछते हैं, रिपोर्टवा सही आई ना रे? इस पर उनकी टीम के सदस्य उन्हें दिलासा देते हैं कि लाखों लोगों का आशीर्वाद उनके साथ है, उन्हें कुछ नहीं होगा। हालांकि, पवन सिंह अपनी ओवरथिंकिंग की आदत को स्वीकार करते हुए कहते हैं कि उन्हें जरूरत से ज्यादा सोचने की बीमारी है। जैसे ही टीम का एक सदस्य हाथ में रिपोर्ट की फाइल लेकर आता है, पवन सिंह तुरंत पूछते हैं कि इसमें कोई डराने वाली बात तो नहीं है। एलेक्सा से पूछा TLC और हीमोग्लोबिन का मतलबरिपोर्ट खुद समझने की कोशिश में पवन सिंह की टीम फोन पर एलेक्सा से मेडिकल शब्दों के मतलब पूछने लगती है। जब टीम ने 'TLC' का मतलब पूछा, तो एलेक्सा ने इसका जवाब ‘टेंडर लविंग केयर’ दिया। यह सुनकर पवन सिंह और उनकी पूरी टीम सोच में पड़ गई। इसके बाद पवन सिंह ने किडनी और लिवर की रिपोर्ट देखते हुए हीमोग्लोबिन के बारे में पूछा। रिपोर्ट देखकर भड़के, टेबल पर पटक दी फाइलफाइल देखते समय पवन सिंह खुद ही डॉक्टर की तरह रिपोर्ट का विश्लेषण करने लगे। उन्होंने रिपोर्ट में 10,700 का आंकड़ा देखकर कहा कि जब नॉर्मल रेंज 6,000 से 15,000 के बीच होती है, तो यह रिपोर्ट ठीक होनी चाहिए। फिर उन्होंने सवाल उठाया कि इसे काला (हाईलाइट) क्यों किया गया है। रिपोर्ट में लिखे मेडिकल शब्दों को समझ न पाने और असमंजस की स्थिति बनने पर पवन सिंह इतने चिढ़ गए कि उन्होंने फाइल टेबल पर पटक दी। डॉक्टर के सवाल पर बोले- पता नहीं एलेक्सा मौसी है या भौजीमाहौल में हंसी-मजाक तब बढ़ गया जब डॉक्टर का फोन आया। पवन सिंह ने फोन पर डॉक्टर से कहा कि रिपोर्ट उन्होंने खुद देख ली है और एलेक्सा ने भी सब बता दिया है। इस पर जब डॉक्टर ने पूछा कि मुझे बताओ यह एलेक्सा कौन है?, तो पवन सिंह ने हंसते हुए जवाब दिया, अब हमको क्या पता सर कि एलेक्सा मौसी हैं, चाची हैं या भौजी हैं! यह सुनते ही कमरे में मौजूद सभी लोग जोर-जोर से हंस पड़े। 2 अगस्त से जियोहॉटस्टार पर शुरू होगा 'भोजपुरी बवाल'पवन सिंह का यह पूरा वाकया उनके नए शो 'भोजपुरी बवाल' के दौरान का है। यह शो 2 अगस्त से विशेष रूप से जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम किया जाएगा। इसमें दर्शकों को भोजपुरी इंडस्ट्री के सितारों के काम और निजी जिंदगी से जुड़े कई मजेदार पल देखने को मिलेंगे।

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 6:32 pm

'रामायण' ट्रेलर के बाद सीता बनकर कंगना का तंज:स्कूल के दिनों में बनी थीं सीता, तस्वीर शेयर कर लिखा- सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद

नितेश तिवारी की बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होने के बाद अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने अपना एक पुराना फोटो शेयर किया है। कंगना ने अपनी स्कूल के दिनों की एक थ्रोबैक फोटो इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट की है, जिसमें वे माता सीता के रूप में तैयार नजर आ रही हैं। फोटो के साथ कंगना ने तंज कसते हुए लिखा कि सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद। वहीं रामायण में एक्ट्रेस साई पल्लवी का सीता का रूप में लुक भी चर्चा में बना हुआ है। लाल साड़ी पहने सीता बनीं कंगनाकंगना रनोट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर स्कूल के दिनों के नाटक की फोटो शेयर की। पहली फोटो में कंगना लाल रंग की साड़ी पहने नजर आ रही हैं। उनके पास भगवान राम के रूप में तैयार एक लड़की खड़ी है, जबकि एक बच्चा हनुमान का रूप धरकर उनके चरणों के पास बैठा हुआ है। कंगना ने कैप्शन में इस नाटक में हिस्सा लेने वाले अपने सभी दोस्तों के नाम लिखे। 'सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद', दूसरी फोटो में कसा तंजकंगना ने इसके बाद एक और क्लोज-अप फोटो शेयर की। इस फोटो में उनके बाल खुले हैं और वे अपने दाएं हाथ से आशीर्वाद देने की मुद्रा में खड़ी हैं। इस फोटो के कैप्शन में कंगना ने हंसने वाला इमोजी बनाकर लिखा, सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद। कंगना की इस पोस्ट 'रामायण' के ट्रेलर में साई पल्लवी के सीता वाले लुक से जोड़कर देखा जा रहा है। साई पल्लवी के लुक पर भी हो रही चर्चाफिल्म 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी के लुक और उनके हिंदी उच्चारण को लेकर काफी चर्चा देखने को मिल रही है। कुछ लोग उनके लुक और हिंदी बोलने के अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं। इसी चर्चा के बीच कंगना रनोट की यह थ्रोबैक पोस्ट सामने आई है। जेन-जी को गटर जनरेशन बताकर विवाद में फंसी कंगना दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। वहीं, कंगना के 'जनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर सोनू सूद ने कहा कि अगर कंगना ने ऐसा कहा है, तो यह बहुत शर्मनाक है। मीडिया से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सोनू ने कहा, ये युवा ही हैं जो कलाकारों को बनाते हैं और आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं। जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप आगे बढ़ते रहेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 5:33 pm

‘रामायण’ के ट्रेलर की पाकिस्तान में हुई तारीफ:कंटेंट क्रिएटर्स ने VFX और मेकिंग को बताया शानदार, रणबीर कपूर की भी सराहना की

रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज होने के बाद भारत के साथ पाकिस्तान में भी इसकी चर्चा हो रही है। पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर और फिल्म क्रिटिक्स ने ट्रेलर पर प्रतिक्रिया देते हुए इसके VFX, स्टार कास्ट और मेकिंग की तारीफ की। पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर ‘काम वाली बात’ के नाम से पहचाने जाने वाले माविया उमर फारूकी ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर की समीक्षा करते हुए कहा कि फिल्म का बड़ा बजट उसके विजुअल्स में साफ नजर आता है। फारूकी ने हॉलीवुड स्टूडियोज के साथ VFX पर किए गए काम की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘एक पाकिस्तानी के तौर पर मैं बोलूंगा कि भाई, मैं ट्रेलर देखकर तो एक्साइटेड हो गया हूं कि फिल्म के अंदर क्या है, फिल्म के अंदर क्या देखने को मिलेगा।’ साथ ही उन्होंने रणबीर कपूर और यश की परफॉर्मेंस की भी तारीफ की। वहीं, पाकिस्तानी यूट्यूबर और फिल्म क्रिटिक हस्नात खान ने भी अपने यूट्यूब रिव्यू में ट्रेलर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि फिल्म को लेकर जो हाइप बनी थी, ट्रेलर उसे पूरी तरह सही साबित करता है। उनके मुताबिक, ट्रेलर का हर सीन शानदार है और मेकर्स ने विजुअल्स, CGI, लाइटिंग, एनिमेशन और स्टंट्स पर बेहतरीन काम किया है। उन्हें कहीं भी लो क्वालिटी या कमजोर VFX नहीं दिखे। हस्नात खान ने यश की एक्टिंग और उनके एक्शन सीन्स की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रेलर की शुरुआत ही यश के दमदार अंदाज से होती है। नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के पहले पार्ट का ट्रेलर कल रिलीज हो गया। मेकर्स ने इसे 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। 'रामायण' के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया। देखें ट्रेलर की झलक- ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिकफिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 2:42 pm

'बिरयानी खाते हुए सलमान सिर में लगवा रहे थे इंजेक्शन':प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह बोले- तब PRP हेयर ट्रीटमेंट की प्रोसेस इललीगल थी

सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। शैलेन्द्र ने आगे बताया, अचानक एक शख्स कमरे में आया। उसने दस्ताने पहने, एक सिरिंज निकाली और सलमान की स्कैल्प में इंजेक्शन लगाने लगा। उस समय सलमान आराम से बिरयानी खा रहे थे। हम दोनों अब भी शीशे के जरिए बात कर रहे थे और मैं यह सब देखकर हैरान था। मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर हो क्या रहा है। मैंने पूछा, 'भाई, यह क्या चल रहा है?' इस पर सलमान ने कहा, 'स्टार बनने की एक कीमत चुकानी पड़ती है, भाई' और वह खाना खाते हुए सामान्य तरीके से बातचीत करते रहे। बाद में उन्हें पता चला कि यह PRP (प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा) थेरेपी थी, जिसका इस्तेमाल बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें इस ट्रीटमेंट की जानकारी नहीं थी। उस समय यह प्रोसेस इललीगल थी। उनके मुताबिक, अब कई लोग PRP थेरेपी करवाते हैं और उम्र बढ़ने के साथ बाल पतले होने पर इसका इस्तेमाल किया जाता है। क्या होता है PRP हेयर ट्रीटमेंट? यह एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है, जिसे प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (PRP) थेरेपी कहा जाता है। इसमें व्यक्ति का थोड़ा-सा खून (ब्लड) निकालकर मशीन में प्रोसेस किया जाता है। इसके बाद खून से प्लेटलेट्स से भरपूर प्लाज्मा अलग किया जाता है और उसे इंजेक्शन की मदद से सिर के उन हिस्सों में लगाया जाता है, जहाँ बाल पतले हो रहे हों या झड़ रहे हों। इसका उद्देश्य बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देना और हेयर फॉल कम करने में मदद करना होता है। …………… शैलेन्द्र सिंह से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… विवेक ओबेरॉय की कॉन्फ्रेंस के बाद गुस्से में थे सलमान:प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने एक्टर को शांत रहने की सलाह दी थी फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने बताया था कि विवेक ओबेरॉय द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान पर आरोप लगाने के बाद सलमान बहुत गुस्से में थे। शैलेन्द्र ने कहा था कि उन्होंने सलमान को सलाह दी थी कि जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। उन्होंने एक्टर से कहा, “जिंदगी में हमें रिएक्ट नहीं, बल्कि एक्ट करना चाहिए। जो करना है, वह बाद में भी किया जा सकता है। अभी शांति से बैठो और समय को अपना काम करने दो।” शैलेन्द्र के मुताबिक, सलमान ने उनकी बात मानी और उस समय कोई रिएक्शन नहीं दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 12:43 pm

नीतीश भारद्वाज ने रणबीर कपूर को दी सलाह:रामायण का ट्रेलर देखने के बाद बोले- कृपया अपनी वाणी को अब और प्रदूषित न करें

टीवी सीरियल 'महाभारत' में भगवान श्रीकृष्ण का किरदार निभाने वाले एक्टर नीतीश भारद्वाज ने गुरुवार को नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के ट्रेलर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX), कलाकारों की परफॉर्मेंस और संगीत की तारीफ करते हुए रणबीर कपूर को सलाह दी। नीतीश भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर 'रामायण' का ट्रेलर शेयर करते हुए लिखा, बेस्ट फॉरेन फिल्म के लिए यह 100% ऑस्कर की हकदार है। बधाई हो नमित। नितेश तिवारी, सत्यजीत रे और शेखर कपूर के बाद भारतीय सिनेमा की दुनिया को भारत का अगला बड़ा तोहफा हैं। प्रोडक्शन डिजाइन और सिनेमैटोग्राफी (DOP) के लिए यह फिल्म कई पुरस्कार जीत सकती है। VFX और AI की मदद से बनाया गया इसका पीरियड वर्ल्ड शानदार है। भारतीय सिनेमा के साथ कोलेबोरेट करने के लिए महान संगीतकार हैंस जिमर का भी धन्यवाद। रणबीर कपूर को सलाह देते हुए उन्होंने लिखा, रणबीर अब रणवीर के साथ अगली पीढ़ी के दो बेजोड़ धुरंधरों की बराबरी पर हैं। यश, ग्लोबल सिनेमा में आपका स्वागत है। आरके, मैं आपको हमेशा एक एक्टर के रूप में पसंद करता रहा हूं, लेकिन अब आपकी सामाजिक जिम्मेदारी शुरू होती है कि आप भारत की विरासत, संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं को आगे बढ़ाएं। इसलिए अब 'एनिमल' जैसी फिल्में नहीं, चाहे उसके लिए कितना भी बड़ा ऑफर क्यों न मिले। कृपया अपनी वाणी को अब और प्रदूषित न करें। भारत के पास आपकी अभिनय क्षमता को दिखाने के लिए कहानियों की कोई कमी नहीं है। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, मुझे सिर्फ यही उम्मीद है कि भारतीय दर्शक साई पल्लवी को सीता के रूप में स्वीकार करेंगे। साथ ही, मैं चाहता हूं कि फिल्म में कहीं न कहीं मृदंगम और मंजीरे की धुनों के बीच गोस्वामी तुलसीदास जी की चौपाइयां भी सुनाई दें। यही इस महाकाव्य की वह ध्वनि है, जो हर भारतीय की आत्मा में बसती है। मैं नितेश तिवारी की इस भव्य फिल्म को बनाने की मेहनत के सम्मान में 'रामायण' कम से कम 5 बार देखना चाहूंगा। नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के पहले पार्ट का ट्रेलर कल रिलीज हो गया। मेकर्स ने इसे 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। 'रामायण' के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया। देखें ट्रेलर की झलक- ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिकफिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 10:25 am

'अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा है':संजय सिंह ने कंगना रनोट पर साधा निशाना, बोले- जेपी नड्डा जी अपनी सांसद को समझाइए

संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनोट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। संजय सिंह ने सदन में कहा, इनकी एक सांसद हैं। उन्होंने किसान आंदोलन में किसानों को गालियां दीं। नौजवानों के आंदोलन में नौजवानों के लिए इतनी भद्दी टिप्पणी की, मान्यवर, इस सदन के अंदर मैं कह नहीं सकता। उन्होंने आगे कहा, हमारी बच्चियों के चरित्र के ऊपर सवाल उठाया गया। इसके बाद संजय सिंह ने कहा, मैं जेपी नड्डा जी से निवेदन करना चाहता हूं, समझाइए अपने उस सांसद को। अपने भाषण के दौरान संजय सिंह ने कहा, अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा। सिर्फ पांच उंगलियों के निशान पड़े थे। ऐसी बात करोगे... तो तुम्हारी सरकार को इस देश का नौजवान... पकड़ के गटर में डालने का काम करेगा। कंगना ने क्या कहा था दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। वहीं, कंगना के 'जनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर सोनू सूद ने कहा कि अगर कंगना ने ऐसा कहा है, तो यह बहुत शर्मनाक है। मीडिया से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सोनू ने कहा, ये युवा ही हैं जो कलाकारों को बनाते हैं और आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं। जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप आगे बढ़ते रहेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 9:06 am

सोनू सूद ने बच्चों के साथ मनाया जन्मदिन:केक काटकर बांटी खुशियां, ऑफिस के बाहर उमड़े फैंस; तस्वीरें खिंचवाईं

बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने अपना जन्मदिन सादगी के साथ मनाया। मुंबई स्थित उनके कार्यालय के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रशंसक उन्हें बधाई देने पहुंचे। सोनू सूद ने अपने चाहने वालों से मुलाकात कर उनके प्यार और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। जन्मदिन का सबसे खास पल तब रहा, जब उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। सोनू सूद के जन्मदिन पर उनके कार्यालय के बाहर उत्सव जैसा माहौल नजर आया। अभिनेता ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया, उनसे बातचीत की और कई लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। फैंस का उत्साह दिखाता है कि सोनू सूद केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि लोगों के बीच अपनी अलग पहचान रखने वाले शख्स भी हैं। बच्चों के साथ बांटी खुशियां इस जन्मदिन की सबसे भावुक तस्वीरें उस समय सामने आईं, जब सोनू सूद ने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें अपने खास दिन का हिस्सा बनाया। यह पहल उनके सामाजिक सरोकारों और लोगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। समाजसेवा से बनाई अलग पहचान 30 जुलाई 1973 को पंजाब के मोगा में जन्मे सोनू सूद ने फिल्मों के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद कर उन्होंने लाखों लोगों का भरोसा जीता। आज भी वे शिक्षा, इलाज और रोजगार जैसी जरूरतों में लोगों की सहायता के लिए सक्रिय रहते हैं।

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 7:32 am

'खतरों के खिलाड़ी' की स्टारकास्ट ने किए बड़े खुलासे:शगुन ने बताया सबसे फियरलेस कंटेस्टेंट का नाम; जैस्मीन बोलीं- हेल्थ खराब हुई तो सबसे दूर हो जाऊंगी

स्टंट आधारित रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी' के नए सीजन को लेकर दर्शकों में जबरदस्त बज बना हुआ है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो के पॉपुलर कंटेस्टेंट्स जैस्मीन भसीन, करण वाही और शगुन शर्मा ने अपने इस एडवेंचरस सफर, डर और पर्सनल लाइफ पर खुलकर बात की। बातचीत के दौरान जैस्मीन भसीन ने अपने हालिया हेल्थ इश्यू के बाद आए मानसिक बदलाव पर कहा कि वे अब खुद को प्राथमिकता देती हैं ताकि किसी पर बोझ न बनें। वहीं, करण वाही ने एक्टिंग, होस्टिंग और रियलिटी शो के प्रेशर के अंतर को समझाया, जबकि शगुन शर्मा ने बताया कि डेली सोप की स्क्रिप्टेड दुनिया से अलग रियलिटी शो में काम करना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। सबसे पहले पढ़िए जैस्मीन भसीन से बातचीत के प्रमुख अंश…. सवाल: इस बार 'खतरों के खिलाड़ी' में आपका कमबैक हुआ है। क्या यह सिर्फ एक कम्पटीशन था या खुद को कुछ साबित करने का मौका?जैस्मीन भसीन: मेरे लिए यह शो हमेशा खुद को कुछ साबित करने और खुद को यह याद दिलाने का जरिया रहा है कि जिंदगी आसान नहीं होने वाली है। आपको लगातार चुनौतियों से गुजरना होगा और अपने डर का सामना करना सीखना होगा। मेरे लिए हमेशा से यही सोच रही है और इस बार भी यही था। सवाल: हाल ही में आपने अपनी हेल्थ प्रॉब्लम का सामना किया। उस अनुभव के बाद जिंदगी को देखने का नजरिया कितना बदला है?जैस्मीन भसीन: मेरा नजरिया अब इस मामले में बदल गया है कि मेरे लिए मेरी सेहत ही मेरी पहली प्राथमिकता (First Priority) होनी चाहिए। मुझे कभी भी खुद को, अपनी सेहत को और अपनी जरूरतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर कल को मेरी सेहत खराब होती है, तो मैं दूसरों पर बोझ बन जाऊंगी। जिन लोगों के लिए या जिस प्रोफेशन के लिए मैं अपनी सेहत को नजरअंदाज करती हूं, अगर सेहत ही ठीक नहीं रही तो न मैं काम कर पाऊंगी और न उन लोगों के साथ रह पाऊंगी जो मेरे लिए मायने रखते हैं। इसलिए इस साल मैंने तय किया है कि सबसे पहले अपना ख्याल रखूंगी। सवाल: इस सफर में अली गोनी ने आपको क्या ऐसी सलाह दी जो आज भी याद है?जैस्मीन भसीन: अली ने मुझसे बस इतना ही कहा था कि स्ट्रेस (तनाव) मत लेना। जो स्टंट तुमसे हो पाए वो कर लेना, और जो न हो पाए, उसके लिए बिल्कुल परेशान मत होना। सवाल: अगर आपको इस शो का कोई एक स्टंट दोबारा करने का मौका मिले, तो कौन सा चुनेंगी?जैस्मीन भसीन: अगर मुझे कोई एक स्टंट दोबारा करने का मौका मिले, तो वो एयरप्लेन वाला स्टंट होगा, जिसे आप सभी ने प्रोमो में भी देखा है। अब पढ़िए करण वाही से हुई खास बातचीत.… सवाल: इतने सालों बाद इस शो में वापसी की है। क्या इस बार आपने अपने एक्सपीरियंस के दम पर खेल खेला या रिस्क लेने की क्षमता बढ़ गई थी?करण वाही: मुझे लगता है कि 'खतरों के खिलाड़ी' जैसे शो में एक्सपीरियंस एक हद तक ही काम आता है। आखिरकार आपको रिस्क तो लेना ही पड़ता है। वक्त के साथ आपकी रिस्क लेने की क्षमता बढ़ती है या घटती है, यह आपकी पर्सनैलिटी पर निर्भर करता है। तो हां, कई जगहों पर मैंने ज्यादा रिस्क लिया और कई जगहों पर संभालकर खेला। सवाल: आप होस्टिंग, एक्टिंग और रियलिटी शो तीनों कर चुके हैं। सबसे ज्यादा प्रेशर किसमें महसूस होता है?करण वाही: सबसे ज्यादा प्रेशर रियलिटी शो में ही महसूस होता है। एक्टिंग और होस्टिंग में वैसा प्रेशर नहीं होता। जहां भी आपको किसी से मुकाबला करना पड़ता है, दबाव वहीं बनता है। एक्टिंग और होस्टिंग में आप अपना काम कर रहे होते हैं, वहां कोई डायरेक्ट कम्पटीशन नहीं होता। सवाल: इस सीजन में किस कंटेस्टेंट ने आपको सबसे ज्यादा इम्प्रेस किया और किसने सरप्राइज किया?करण वाही: मुझे सबसे ज्यादा सरप्राइज ओरी (Orry) ने किया और सबसे ज्यादा इम्प्रेस फराना ने किया। सवाल: रोहित शेट्टी की कौन सी एडवाइस या बात हमेशा आपके साथ रहेगी?करण वाही: रोहित सर का पूरा औरा और उनका तरीका ही अपने आप में कमाल का है। वे हमेशा सही वक्त पर सही बात कहते हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। वे शो की बैकबोन (रीढ़ की हड्डी) हैं। ऐसा कोई एक पर्टिकुलर वाक्य नहीं है, लेकिन उनका जो भरोसा मुझ पर रहा, वही मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। सवाल: अगर बॉलीवुड के किसी एक्टर के साथ पार्टनर स्टंट करना हो, तो किसे चुनेंगे?करण वाही: बॉलीवुड एक्टर में... मैं रवि दुबे को चुनूंगा! अब तो वह हमारा दोस्त बॉलीवुड एक्टर बन चुका है, उसकी 'रामायण' आ रही है। शो पर शगुन शर्मा के खुलासे… सवाल: शो से पहले लोग आपको टीवी एक्ट्रेस के तौर पर जानते थे। क्या इस शो के बाद आपकी इमेज पूरी तरह बदल जाएगी?शगुन शर्मा: पूरी तरह से तो नहीं बदलेगी, लेकिन लोगों को यह जरूर समझ आ जाएगा कि जो किरदार मैं टीवी पर निभाती हूं और रियल लाइफ में शगुन जैसी है, वे दोनों बहुत अलग हैं। दर्शकों को मेरी असली पर्सनैलिटी की झलक मिल जाएगी। सवाल: रियलिटी शो और डेली सोप (सीरियल्स) में सबसे बड़ा डिफरेंस कहां महसूस हुआ?शगुन शर्मा: सबसे बड़ा अंतर यही है कि रियलिटी शो में कैमरे आपके रॉ और असली इमोशंस को कैप्चर करते हैं। सीरियल्स में आपके पास एक लिखी हुई स्क्रिप्ट होती है। सीरियल्स में काम करते हुए आप खुद को उतना नहीं जान पाते, जबकि रियलिटी शो में आप अपने उन इमोशंस और ताकतों से रूबरू होते हैं, जिनके बारे में आपको खुद भी पता नहीं होता। सवाल: सबसे मुश्किल स्टंट कौन सा था, जिसे देखकर लगा कि 'बस अब नहीं होगा'?शगुन शर्मा: चूंकि अभी शो का टेलीकास्ट शुरू नहीं हुआ है, इसलिए मैं किसी खास स्टंट का नाम नहीं ले सकती। लेकिन इतना जरूर कहूंगी कि सभी स्टंट्स बहुत ज्यादा मुश्किल थे। सवाल: अगर आपको इस सीजन का 'मोस्ट फियरलेस कंटेस्टेंट' चुनना हो, तो किसका नाम लेंगी?शगुन शर्मा: मैं नए बैच में से अविनाश का नाम लूंगी। उसे किसी भी चीज से डर नहीं लगता था और वह हर स्टंट के लिए हमेशा एक्साइटेड और तैयार रहता था।

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 4:30 am

मुमताज@79, अमिताभ के लिए छोड़ी मर्सिडीज:शम्मी कपूर का प्रपोजल ठुकराया लेकिन सालों बाद उनकी पत्नी के कहने पर आखिरी बार मिलने पहुंची, जानिए किस्से

70-80 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस मुमताज आज 79 साल की हो चुकी हैं। उस दौर में मुमताज की वो पॉपुलैरिटी थी कि उनके फिल्मों में पहने गए कपड़े ट्रेंड बन जाते थे। खूबसूरती ऐसी थी कि यश चोपड़ा, शम्मी कपूर जैसे लोग भी उन्हें शादी का प्रस्ताव देने से कतराते नहीं थे। लेकिन काम और करियर के लिए जुनूनी मुमताज हर प्रस्ताव ठुकरा देती थीं। हालांकि एक समय ऐसा भी था जब कुछ बी-ग्रेड फिल्मों में काम करने की वजह से शशि कपूर, जीतेंद्र जैसे बड़े एक्टर्स उनके साथ फिल्में करने से इनकार कर दिया करते थे। आज मुमताज के बर्थडे के खास मौके पर पढ़िए, उनके करियर और जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से- किस्सा-1 लता मंगेशकर की गोद में बैठकर देखीं फिल्में, कहती थीं- आंटी अगली बार भी बुलाना 31 जुलाई 1947 में मुमताज का जन्म हैदराबाद के ड्रायफ्रूट वेंडर अब्दुल समाज अख्सरी के घर हुआ। परिवार ईरान से ताल्लुक रखता था। पिता ईमामों के खानदान से थे। मुमताज महज एक साल की थीं, जब माता-पिता अलग हो गए। मां ने ही फिल्मों में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम कर मुमताज और बड़ी बहन मलका की अकेले परवरिश की। कुछ समय बाद मां बॉम्बे आकर बसीं। मुमताज भी अक्सर उनके साथ सेट पर जातीं। सेट पर हंसती खेलतीं मुमताज को महज 5 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार फिल्म संसार में काम करने मिला। आगे वो चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर यास्मीन (1955), सोने की चिड़िया (1958), लाजवंती (1958), तलाक (1958) जैसी कई फिल्मों में नजर आईं। फिल्मों में काम मिलने से घर की आर्थिक स्थिति सुधरी और मुमताज मां के साथ वाल्केश्वर स्थित बिल्डिंग में आकर रहने लगीं। उनके ठीक ऊपर लता मंगेशकर का घर था, जहां 16MM पर फिल्में दिखाई जाती थीं। एक ही इंडस्ट्री से होने के चलते लता नन्हीं मुमताज को काफी लाड़ देती थीं। जब भी घर में फिल्म शुरू करतीं तो मुमताज को भी घर बुला लेतीं। लता उन्हें गोद में बैठाकर फिल्म दिखातीं और वो जल्द ही सो जाती थीं। लेकिन जाते हुए हर बार कहतीं- आंटी जब भी फिल्म देखो, मुझे भी बुला लेना। कई बार तो लता मंगेशकर के भाई उन्हें सोती हुई हालत में घर छोड़ने जाते थे। किस्सा-2 सेट पर मिली मां की मौत की खबर, डायरेक्टर से पूछा- क्या मैं जा सकती हूं दिन भर फिल्मों के सेट पर बिताते हुए जल्द ही उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी उठानी शुरू कर दी। 12 की उम्र में उन्हें जमीन के तारे (1960) में कैरेक्टर रोल मिल गया। इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस देखने के बाद मशहूर डायरेक्टर वी.शांताराम ने उन्हें फिल्म स्त्री में अच्छा रोल दिया। एक दिन मुमताज फिल्म स्त्री के सेट पर पहुंचीं। मुमताज डांस का शॉट दे ही रही थीं कि घर से खबर आई- ‘मां नहीं रहीं।’ 13 साल की मुमताज चुप खड़ी हो गईं और थोड़ी देर बाद डायरेक्टर वी.शांताराम से कहा- 'क्या करूं अन्ना?' वी.शांताराम हड़बड़ाए और कहा- ‘तुम्हें जरूर जाना चाहिए।’ मुमताज तुरंत हैदराबाद के लिए रवाना हुईं। जनाजे में शामिल हुईं और अगले दिन ही फिर सेट पर आ गईं। इस पर मुमताज ने रेडियो नशा को दिए इंटरव्यू में कहा था, उस जमाने में कोई मर भी जाए और अगर प्रोड्यूसर का सेट लगा है, तो आपको जाना ही पड़ेगा। आप प्रोड्यूसर को कंगाल नहीं कर सकते, क्योंकि उनके बाद दूसरे प्रोड्यूसर का सेट लगना है। किस्सा- 3 महमूद ने खूबसूरती देख फिल्म ऑफर की, शशि कपूर ने बी-ग्रेड एक्ट्रेस कहकर ठुकराया 14 साल की उम्र में मुमताज ने फिल्म गहरा दाग में काम किया था। फिल्म में उन्होंने हीरो राजेंद्र कुमार की बहन का रोल किया था। इसी समय उन्हें 1963 की फिल्म फौलाद में रेसलर दारा सिंह के साथ पहला लीड रोल मिला। दारा सिंह का कद देखकर कोई हीरोइन काम करने के लिए तैयार नहीं थीं, ऐसे में मुमताज को ये रोल दिया गया। जोड़ी हिट रही और फिर मुमताज को दारा सिंह के साथ एक के बाद एक कुल 16 फिल्में मिलीं। इन फिल्मों के अलावा मुमताज ने कई बी-ग्रेड फिल्मों में भी काम किया, हालांकि उन्हें खास पहचान नहीं मिली। मुमताज की बड़ी बहन मलका भी फिल्मों में आईं और कॉमेडियन-एक्टर महमूद के साथ कई फिल्में कीं। एक दिन महमूद काम के सिलसिले में मलका से मिलने पहुंचे, तो उनकी नजर मुमताज पर पड़ी। देखने में बेहद खूबसूरत मुमताज को वो एक टक देखते रहे। जब महमूद को फिल्म प्यार किए जा में शशि कपूर, किशोर कुमार के साथ कास्ट किया गया, तो उन्होंने अपने अपोजिट मुमताज को ही कास्ट किया। हालांकि फिल्म में उनका रोल छोटा था। एक दिन फिल्म की शूटिंग के दौरान महमूद ने शशि कपूर से कहा कि वो अपनी आने वाली फिल्मों में मुमताज को कास्ट करें। शशि कपूर ने तल्ख अंदाज में जवाब दिया, नहीं, मैं उस एक्ट्रेस को कभी अपनी हीरोइन नहीं बनाऊंगा, जिसने दारा सिंह के साथ बी-ग्रेड फिल्म की। किसे पता था कि ये बी-ग्रेड फिल्मों की वो एक्ट्रेस जल्द ही टॉप और हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस बन जाएगी। किस्सा- 4 महमूद की जिद पर दिलीप कुमार की हीरोइन बनीं मुमताज प्यार किए जा फिल्म में साथ काम करने के बाद महमूद अपनी हर फिल्म में मुमताज को अपोजिट रोल देने लगे। वो भांप चुके थे कि मुमताज में टॉप एक्ट्रेस बनने का हुनर और जज्बा है। वो दूसरे हीरो को भी मुमताज के साथ काम करने की सलाह देते थे। जब महमूद को पता चला कि दिलीप कुमार फिल्म राम और श्याम कर रहे हैं, जिसमें उनका डबल रोल है, तो वो सीधे मुमताज की सिफारिश करने पहुंच गए। तब दिलीप कुमार आरके स्टूडियो में शूट कर रहे थे। महमूद उनके पास गए और कहा- एक नई लड़की है, बहुत टैलेंटेड है, उसके साथ काम कर लीजिए। दिलीप कुमार ने जवाब दिया- ‘अभी मैं व्यस्त हूं, लंच ब्रेक में लड़की की फोटो लेकर आना।’ महमूद हड़बड़ाहट में एक स्टूडियो गए और मुमताज के गाने की पूरी रील उठा लाए। लंच ब्रेक में उन्होंने दिलीप कुमार को मुमताज की रील दिखाई तो उन्होंने कहा- ‘यार महमूद, लड़की तो बहुत अच्छी दिखती है, खूबसूरत है, डांस भी करती है, बड़ी प्यारी लड़की है। मैं करूंगा। डबल रोल है, एक वहीदा है, दूसरी मुमताज होगी।’ फिल्म राम और श्याम हिट रही और मुमताज को देशभर में पहचान मिल गई। किस्सा- 5 जीतेंद्र ने साथ काम करने से किया इनकार, डायरेक्टर बोले- ऐतराज है तो हीरो बदलूंगा, हीरोइन नहीं फिल्म राम और श्याम रिलीज होने से पहले मुमताज को फिल्म बंद जो बन गए मोती (1967) में काम मिला, जीतेंद्र और डायरेक्टर वी.शांताराम की बेटी राजश्री लीड रोल में थीं और मुमताज को साइड रोल मिला था। फिल्म की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले राजश्री की शादी तय हो गई और उन्होंने फिल्म छोड़ दी। ऐसे में वी.शांताराम ने मुमताज को ही फिल्म में लीड रोल दिया। जैसे ही ये खबर जीतेंद्र को मिली, तो उन्होंने तुरंत डायरेक्टर को कॉल कर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा- ‘उसको हीरोइन क्यों बनाया, कोई और हीरोइन ढूंढिए।’ जवाब मिला- ‘हीरोइन तो मुमताज ही होगी, आपको दिक्कत है, तो आप फिल्म छोड़ दो।’ वो वी.शांताराम ही थे, जिन्होंने जीतेंद्र को हीरो बनाया था, तो जीतेंद्र को मजबूरन फिल्म करनी ही पड़ी। इसी तरह साल 1969 की फिल्म दो रास्ते में शशि कपूर को कास्ट किया गया। बाद में जब मुमताज की कास्टिंग हुई तो शशि कपूर ने फिल्म छोड़ दी। इस फिल्म में बाद में राजेश खन्ना को साइन किया गया। फिल्म का गाना बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी काफी हिट हुआ था। किस्सा-6 अमिताभ के लिए छोड़ दी अपनी मर्सिडीज अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री में नए थे, जब उन्हें मुमताज के साथ फिल्म बंधे हाथ में काम मिला। मुमताज तब काफी पॉपुलर हो चुकी थीं। उनकी कामयाबी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब अमिताभ बच्चन साधारण कार से आते थे, तब मुमताज मर्सिडीज से सेट पर आती थीं। अमिताभ को उनकी कार बहुत पसंद थी। एक दिन उन्होंने साथ काम करने वालों से कहा- मुझे ये कार पसंद है, देखना एक दिन मैं भी मर्सिडीज चलाऊंगा। किसी तरह ये बाद मुमताज के कानों तक पहुंची। उस दिन जब वो शूटिंग पूरी कर निकलीं, तो अमिताभ की कार ले गईं और अपनी वहीं सेट पर छोड़ दी। अमिताभ बाहर आए, तो उन्हें अपनी कार नहीं मिली। आसपास पूछा, तो गार्ड ने बताया कि मुमताज अपनी कार आपके लिए छोड़ गई हैं, जिससे आप इसे चला लें। अमिताभ उनकी कार घर ले गए और इस तरह मुमताज ने अमिताभ की इच्छा पूरी कर दी। किस्सा- 7 शम्मी कपूर ने प्रपोज किया, तो राज कपूर ने मेरा नाम जोकर से निकाला हिट फिल्में देते हुए मुमताज बड़ी एक्ट्रेस बन गईं। इसी समय 1968 में उन्हें शम्मी कपूर के साथ फिल्म ब्रह्मचारी में कास्ट किया गया। साथ काम करते हुए दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे।। रिलीज के बाद फिल्म सुपरहिट हुई और इसके गाने आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे, चक्के में चक्का, चक्के पे गाड़ी काफी हिट हुए। फिल्म रिलीज के कुछ समय बाद शम्मी कपूर और मुमताज रिलेशनशिप में आ गए। कुछ समय बाद शम्मी कपूर ने उन्हें शादी का प्रस्ताव दिया। मुमताज भी शादी करना चाहती थीं, लेकिन राज कपूर ने शर्त रखी कि अगर शादी करनी है, तो मुमताज को फिल्मों में काम करना बंद करना पड़ेगा, हमारे घर की बहुएं काम नहीं करेंगी। मुमताज उस समय करियर के पीक पर थीं और घर की जिम्मेदारी होने के चलते वो काम नहीं छोड़ना चाहती थीं। शम्मी कपूर ने उनके परिवार को आर्थिक मदद देने का वादा भी किया, लेकिन मुमताज ने करियर के लिए प्यार की कुर्बानी दे दी। जिस समय मुमताज और शम्मी कपूर की शादी की बात चल रही थी, तभी राज कपूर ने उन्हें फिल्म मेरा नाम जोकर में फिरंगी महिला के रोल में कास्ट किया था। जैसे ही उन्हें पता चला कि शम्मी उनसे शादी करना चाहते हैं, राज कपूर ने मुमताज को फिल्म से निकाल दिया। राज कपूर ने मुमताज से कहा था- मैं तुम्हें नहीं ले सकता। घर के लोगों को ऐसा खुला रोल नहीं दूंगा। मुमताज की जगह बाद में रशियन एक्ट्रेस सेनिया को कास्ट किया गया था। किस्सा- 8 फिल्म में देव आनंद की बहन बनने से किया इनकार मुमताज ने 1971 की फिल्म तेरे मेरे सपने में देव आनंद के साथ काम किया। कुछ साल बाद उन्हें फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा मिली, लेकिन कहा गया कि उन्हें देव साहब की बहन का किरदार निभाना है। मुमताज ने तुरंत मना कर दिया। कहा- मैं इतने रोमांटिक हीरो की बहन का रोल हरगिज नहीं करूंगी। उनकी ये बात सुनकर देव आनंद खूब हंसे और कहा- फिल्म में काम तो तुम करोगी, लेकिन मेरी हीरोइन बन कर। बाद में जीनत अमान को बहन का रोल दिया गया और मुमताज ने देव आनंद के साथ लीड रोल किया। ये फिल्म जबरदस्त हिट रही थी। किस्सा- 9 दूसरे हीरो के साथ काम करने पर नाराज हो जाते थे राजेश खन्ना राजेश खन्ना और मुमताज की दोस्ती बहुत गहरी थी। जब कभी मुमताज किसी दूसरे एक्टर के साथ फिल्म साइन कर लेतीं तो राजेश खन्ना इस बात से नाराज हो जाते थे। इस पर मुमताज उनसे कहतीं- आप भी तो दूसरी एक्ट्रेस के साथ फिल्में साइन कर लेते हैं, मैं तो नाराज नहीं होती। अपनी इसी आदत से वो राजेश खन्ना को मना लेती थीं। किस्सा-10 24 की उम्र में शादी कर छोड़ी फिल्में, ससुराल ने काम करने से रोका मुमताज करियर के पीक पर थीं, जब घरवालों ने उनका रिश्ता युगांडा के रईस बिजनेसमैन मयूर माधवानी से तय कर दिया। रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार में जल्दी शादी करवाने का रिवाज था। घरवालों ने दबाव दिया, तो मुमताज न नहीं कह सकीं। उन्होंने ज्यादातर फिल्मों का साइनिंग अमाउंट लौटा दिया और जो अधूरी फिल्में थीं, उनकी शूटिंग पूरी की। 1974 में उनकी मयूर से शादी हुई और वो युगांडा जाकर बस गईं। शादी से पहले ही उनके पति के भाई ने साफ कह दिया कि मुमताज को फिल्मों में काम करना छोड़ना होगा। शादी के बाद उनका 3-4 बार मिसकैरेज हुआ था। उनकी दो बेटियां हैं, जिनका नाम नताशा और तान्या है। उनकी बड़ी बेटी नताशा की शादी एक्टर फरदीन खान से हुई है। फरदीन के पिता फिरोज खान और मुमताज करीबी दोस्त हैं। किस्सा- 11 मौत से पहले शम्मी कपूर ने रखी मुमताज से मिलने की इच्छा, मिलीं तो रो पड़ीं साल 2010 में मुमताज भारत में थीं, जब उनके पास शम्मी कपूर की पत्नी नीला देवी का कॉल आया। नीला ने उन्हें कहा कि शम्मी कपूर की इच्छा है कि आप उनकी बर्थडे पार्टी में आएं। मुमताज ने जवाब दिया- मैं जरूर आऊंगी। जैसे ही वो पार्टी में पहुंची, तो देखा शम्मी कपूर शराब पी रहे हैं। इस बात की जानकारी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हर शख्स को थी कि शम्मी कपूर की तबीयत कई महीनों से बिगड़ी हुई है। मुमताज पास पहुंचीं और कहा- ‘अगर आपकी तबीयत ठीक नहीं है तो आप शराब क्यों पी रहे हैं।’ शम्मी कपूर ने जवाब में कहा- ‘मैं ज्यादा दिनों तक नहीं जीने वाला।’ मुमताज को उस दिन ही पता चला कि शम्मी कपूर चंद महीनों के ही मेहमान हैं। वो भावुक हो गईं और कहा- ‘आप पी सकते हैं। एंजॉय योरसेल्फ। ’ कुछ देर बाद मुमताज वहां से चली गईं। जाते हुए बस कहा- ‘अपना ख्याल रखना।’

दैनिक भास्कर 31 Jul 2026 4:30 am

लंदन में मिस्ट्री गर्ल के साथ दिखे आर्यन खान:फिर डेटिंग की चर्चा शुरू; ब्राजीलियन मॉडल के साथ भी जुड़ा था नाम

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में आ गए हैं। लंदन में आर्यन को एक मिस्ट्री गर्ल के साथ देखा गया, जिनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। यूजर्स ने इस मिस्ट्री गर्ल की पहचान आर्टिस्ट विनी तकायर के रूप में की है। दोनों को लंदन के एक कसीनो से बाहर निकलते हुए देखा गया, जिसके बाद से दोनों के डेटिंग की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, इस पर दोनों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लंदन कसीनो के बाहर साथ दिखे आर्यन और विनीतस्वीरों में आर्यन खान कैजुअल लुक में नजर आ रहे हैं। वे लंदन के एक कसीनो से बाहर निकलते दिख रहे हैं। उनके ठीक पास में विनी तकायर खड़ी हैं, जिन्होंने ऑल-ब्लैक आउटफिट पहना हुआ है। दोनों के एक साथ कसीनो से बाहर निकलने के बाद ही फैंस के बीच उनके रिश्ते को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। विनी ने शेयर की तस्वीरें, लिखा- 'लंदन, आई एल वाई'तस्वीरें वायरल होने के तुरंत बाद विनी तकायर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लंदन ट्रिप की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। उन्होंने इन तस्वीरों के साथ कैप्शन लिखा, लंदन, आई एल वाई (London, ily)। विनी के इस पोस्ट के बाद दोनों के अफेयर की चर्चा और तेज हो गई। आर्यन और विनी इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फॉलो भी करते हैं। फिलहाल दोनों में से किसी ने भी इन खबरों पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है। पहले मॉडल लरिसा बोनेसी के साथ जुड़ा था नामयह पहली बार नहीं है जब आर्यन खान अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। इससे पहले उनका नाम ब्राजीलियन मॉडल और एक्ट्रेस लरिसा बोनेसी के साथ जोड़ा जा चुका है। लरिसा, आर्यन के लक्जरी कपड़ों के ब्रांड 'डी'यावोल एक्स' (D'YAVOL X) के कई विज्ञापनों में नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा वे आर्यन की बतौर डायरेक्टर पहली सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' के प्रीमियर पर भी दिखाई दी थीं। डायरेक्शन और बिजनेस में करियर बना रहे हैं आर्यनशाहरुख खान के बड़े बेटे आर्यन खान एक्टिंग की जगह डायरेक्शन और बिजनेस में अपना करियर बना रहे हैं। उन्होंने अपने लक्जरी स्ट्रीटवियर ब्रांड के साथ बिजनेस की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने वेब सीरीज 'द बास्टर्ड्स ऑफ बॉलीवुड' से बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया है। आर्यन मीडिया और लाइमलाइट से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं, लेकिन उनके सोशल मीडिया आउटिंग्स अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं।

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 5:03 pm

सुदेश बेरी ने पीएम मोदी को बताया विष्णु का अवतार:'बॉर्डर' एक्टर बोले- मुझे प्रधानमंत्री के पैर धोकर उनका पानी पीना है

एक्टर सुदेश बेरी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने उन्हें भगवान विष्णु का अवतार बताया और कहा कि अगर मौका मिला, तो वह उनके पैर धोकर उनका पानी पीना चाहेंगे। वहीं, उन्होंने CJP पार्टी पर भी निशाना साधा। सुदेश बेरी ने कहा कि जंतर-मंतर पर बैठी CJP देश को आगे नहीं, बल्कि पीछे खींच रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पार्टी का नाम तक ठीक से नहीं पता। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता एजीपी, सीजीपी... मैं तो इन लोगों को पहचानता भी नहीं हूं। मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि ये देश को पीछे खींच रहे हैं।' CJP पर निशाना साधते हुए सुदेश बेरी ने कहा, 'ये सब बेकार लोग हैं। इनके पास देश के लिए कोई काम नहीं है। अगर सच में समाज की सेवा करनी है, तो बच्चों के लिए गार्डन बनाएं, बुजुर्गों के लिए ओल्ड एज होम बनाएं और लोगों का इलाज कराएं। सिर्फ जंतर-मंतर पर बैठकर विरोध करने से कुछ नहीं होगा।' उन्होंने पार्टी के नाम पर भी तंज कसा। सुदेश बेरी ने कहा, 'कुछ अजीब से जानवर का नाम लेकर पार्टी बना दी। लकड़बग्घा पार्टी क्यों नहीं बनाते?' सुदेश बेरी ने मोदी की जमकर तारीफ की इंटरव्यू में सुदेश बेरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'नरेन्द्र मोदी ने बेचारे ने क्या बिगाड़ा है? उनको चाय बेचने दो। वो पूरी दुनिया में चाय बेचकर आए हैं।' बातचीत के दौरान इंटरव्यूअर ने सुदेश बेरी को याद दिलाया कि उन्होंने पहले अपनी मां के चरण धोकर उनका जल पिया था। इस पर उन्होंने कहा, 'अब मुझे मोदी जी के पैर धोकर पीना है। अगर आप मुझे मोदी जी से मिला दें। मैं तो उनसे मिला नहीं, मैं उनको जानता नहीं हूं। जैसे हमने ईश्वर को देखा नहीं है, फिर भी उनकी पूजा करते हैं, तो मैं भी उतनी ही इज्जत मोदी जी की करता हूं। तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है। कोई बुरी बात तो नहीं है? करता हूं तो करता हूं। पार्टियों से परे, राजनीति से परे, एक इंसान के तौर पर।' रामराज्य आने का भी दावा किया सुदेश बेरी ने यह भी कहा कि उनके मुताबिक देश में 'रामराज्य आ चुका है।' जब उनसे पूछा गया कि ऐसा कैसे, तो उन्होंने जवाब दिया, 'रामराज्य आ चुका है। जो मैं देख सकता हूं, वो आप नहीं देख पा रहे हैं। शब्दों में नहीं बता सकते, ये महसूस करने वाली बात है।' इंटरव्यू में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये लोग देश के लिए काम कर रहे हैं और इनके खिलाफ बिना वजह बोलना ठीक नहीं है।

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 1:00 pm

मूवी रिव्यू- 'भाई तेरा स्टार है':कहानी में दम नहीं, कॉमेडी में हंसी नहीं, राघव जुयाल की पहली सोलो लीड ने किया सिरदर्द

कॉमेडी फिल्म की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है दर्शकों को हंसाना। फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' इसी सबसे जरूरी काम में बुरी तरह नाकाम रहती है। फिल्म शुरुआत से आखिर तक यह भरोसा दिलाती रहती है कि अब कुछ मजेदार होने वाला है, लेकिन हर अगले सीन के साथ निराशा ही हाथ लगती है। शोर है, भागदौड़ है, गलतफहमियां हैं, लेकिन हंसी कहीं दिखाई नहीं देती। राघव जुयाल की पहली सोलो लीड फिल्म से जिस धमाके की उम्मीद थी, वह शुरुआत में ही हवा हो जाती है। फिल्म की कहानीकहानी लंदन में रहने वाले स्ट्रगलिंग एक्टर अजय सिंह (राघव जुयाल) की है। क्रिकेट की एक शर्त हारने के बाद उस पर क्लब मालिक फैटी (संजय कपूर) का दस हजार पाउंड का कर्ज चढ़ जाता है। पैसे लौटाने के लिए उसके पास सिर्फ एक रात है, लेकिन सच बोलने की बजाय अजय एक के बाद एक झूठ बोलता चला जाता है। उसकी गर्लफ्रेंड रोशनी (निहारिका एन एम), बहन नताशा (पार्वती ओमनाकुट्टन) और रोशनी का भाई सिड (विवान भटेना) भी इस झूठ के जाल में फंसते चले जाते हैं। कहानी का आइडिया सुनने में दिलचस्प लगता है। एक रात, ढेर सारी गलतफहमियां और भागदौड़ वाली कॉमेडी, लेकिन स्क्रीन पर सब कुछ इतना बिखरा हुआ है कि कुछ देर बाद यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कहानी आखिर जाना कहां चाहती है। कई सीन सिर्फ समय भरने के लिए जोड़े गए लगते हैं और क्लाइमैक्स तक पहुंचते पहुंचते फिल्म पूरी तरह थका देती है। फिल्म में एक्टिंगराघव जुयाल ने किल जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से प्रभावित किया था, लेकिन यहां वह पूरी तरह लड़खड़ा जाते हैं। यह उनकी पहली सोलो लीड फिल्म है, लेकिन पूरी फिल्म में वह लीड हीरो से ज्यादा किसी साइड किरदार जैसे महसूस होते हैं। उनके चेहरे के हावभाव जरूरत से ज्यादा बनावटी लगते हैं और कई जगह ओवरएक्टिंग कॉमेडी को पूरी तरह खत्म कर देती है। कॉमिक टाइमिंग भी बार बार चूकती है, जिससे उनका किरदार दर्शकों से जुड़ ही नहीं पाता। संजय कपूर अपने अनुभव से कुछ दृश्यों को संभालने की कोशिश करते हैं, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट उनके हाथ भी बांध देती है। विवान भटेना अपने सीमित स्क्रीन टाइम में असर छोड़ते हैं और कई जगह राघव से ज्यादा सहज नजर आते हैं। पार्वती ओमनाकुट्टन ने फिल्म में सबसे बैलेंस्ड परफॉर्मेंस दी है। निहारिका एन एम ईमानदार कोशिश करती हैं, लेकिन कमजोर राइटिंग उन्हें भी ज्यादा मौका नहीं देता। चन्दन रॉय सान्याल और निकी वालिया जैसे शानदार एक्टर्स के टैलेंट का फिल्म में बहुत कम इस्तेमाल हुआ है। फिल्म में डायरेक्शननिर्देशक विवेक बी अग्रवाल की सबसे बड़ी गलती यह है कि उन्होंने शोर को कॉमेडी समझ लिया। पूरी फिल्म में किरदार लगातार भागते हैं, चिल्लाते हैं और एक दूसरे के पीछे दौड़ते रहते हैं, लेकिन कोई भी सिचुएशन ऐसी नहीं बनती जिस पर खुलकर हंसी आए। स्क्रीनप्ले जरूरत से ज्यादा उलझा हुआ है। नए किरदार आते रहते हैं, लेकिन कहानी को मजबूत करने के बजाय उसे और बिखेर देते हैं। कई पंचलाइन बिना असर छोड़े निकल जाती हैं। गलतफहमियों पर टिकी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसकी राइटिंग होती है, लेकिन यहां वही सबसे कमजोर कड़ी साबित होती है। क्लाइमैक्स तक पहुंचते पहुंचते फिल्म पूरी तरह अपनी पकड़ खो देती है। फिल्म का तकनीकी पहलूलंदन की लोकेशन अच्छी लगती है और सिनेमैटोग्राफी भी ठीक ठाक है। एडिटिंग अगर थोड़ी और कसी हुई होती तो फिल्म का असर कुछ बेहतर हो सकता था, लेकिन कमजोर कहानी और ढीले स्क्रीनप्ले के सामने तकनीकी पक्ष भी बेबस नजर आता है। फिल्म में म्यूजिकअमित त्रिवेदी का म्यूजिक फिल्म की कुछ गिनी चुनी अच्छी बातों में शामिल है। हालांकि गाने कहानी की रफ्तार को रोकते हैं। सबसे अजीब फैसला आखिर में लगातार गाने रखने का है, जिससे फिल्म खत्म होने के बाद भी खत्म होती हुई महसूस नहीं होती। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट'भाई तेरा स्टार है' एक ऐसी कॉमेडी फिल्म है, जिसमें सबसे ज्यादा कमी हंसी की है। कमजोर कहानी, बिखरा हुआ स्क्रीनप्ले, फीका निर्देशन और राघव जुयाल की निराशाजनक लीड परफॉर्मेंस मिलकर इस फिल्म को बेहद थका देने वाला अनुभव बना देते हैं। जिस फिल्म से राघव को बतौर सोलो हीरो नई पहचान मिलनी थी, वही फिल्म उनके करियर के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। अगर अच्छी कॉमेडी देखने की उम्मीद लेकर थिएटर जा रहे हैं, तो यह फिल्म आपकी उम्मीद और आपका धैर्य दोनों तोड़ देगी।

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 11:59 am

'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं

भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। दरअसल, 'द मोजो स्टोरी' पर पत्रकार बरखा दत्त से बातचीत में सौरव ने कहा कि उनके मन में कंगना के प्रति कोई निजी दुश्मनी नहीं है। सौरव ने कहा कि उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए भी कंगना से शांत रहने और बैठकर बातचीत करने की अपील की थी। उनके मुताबिक, मतभेदों का समाधान संवाद से होना चाहिए क्योंकि देश में चर्चा और बहस की संस्कृति लगातार कमजोर होती जा रही है। सौरव ने कहा कि उनके दोस्तों ने भी इस पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया, ‘मेरे दोस्त भी मुझे मैसेज कर रहे थे कि अब वो तुम्हारे पीछे क्यों पड़ी है? उनमें से एक ने कहा कि मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं।’ हालांकि, इस पर सौरव ने हैरानी जताई। जब सौरव से पूछा गया कि क्या वह कंगना के साथ कॉफी पर मिलना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। उनके मुताबिक, उनके मन में किसी के लिए, यहां तक कि भाजपा सांसदों के प्रति भी, कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। सौरव दास के बयान पर कंगना भड़क गईं बता दें कि इससे पहले लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा था। पूरी खबर यहां पढ़ें… दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, प्रदर्शनकारियों को आम लोग उनकी गंदी और अपमानजनक रीलों की वजह से सड़कों पर पीट रहे हैं और गालियां दे रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा। अगर तुम सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हो, तो वही जनता भी तुम्हें नुकसान पहुंचाएगी। अगर तुम्हें देश और नेतृत्व से समस्या है और तुमने सार्वजनिक रूप से खूब गंदी-गंदी गालियां दी हैं, तो अब उनकी भी सुनो जो इस देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की ताकत से लेकर आए हैं। क्योंकि बोलने का हक उन्हें भी है। अब रोने वाली कोई बात नहीं है। इसके अलावा कंगना ने एक और इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। उन्होंने आगे लिखा था, इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं और उनकी सोच इतनी बदसूरत तथा मानसिकता इतनी भ्रष्ट है कि वे अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं। फिर भी वे नशा करने, शराब पीने या कई लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाने की अपनी तथाकथित आजादी का खुलेआम प्रदर्शन करती हैं। वे बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर निर्भर रहती हैं और वास्तव में आत्मनिर्भर हुए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की मांग करती रहती हैं। एक विनम्र याद दिलाना: स्वतंत्र जीवन कमाना पड़ता है। अगर आप जिम्मेदारी उठाए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की कोशिश करते हैं, तो आप सिर्फ एक विकृत व्यक्तित्व हैं - 'गटर छाप'।

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 11:19 am

रेणुका शहाणे को मिली थी खून से लिखी चिट्ठी:बोलीं- मैं डर गई, यह प्यार नहीं बल्कि डराने वाली दीवानगी थी

90 के दशक में टीवी शो 'सुरभि' ने रेणुका शहाणे को घर-घर तक पहुंचा दिया था। उस दौर में सोशल मीडिया नहीं था, लेकिन लाखों चिट्ठियां कलाकारों तक पहुंचती थीं। दैनिक भास्कर से बातचीत में रेणुका शहाणे ने 'सुरभि' के दिनों की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि फैंस के खत उनके लिए खास होते थे। एक दिन उन्हें खून से लिखा पत्र मिला, जिसने उन्हें बुरी तरह डरा दिया था। उन्होंने 'हम आपके हैं कौन' के बाद फिल्मों के बजाय टीवी चुनने की वजह भी बताई। सवाल: आप करीब 10 साल तक 'सुरभि' जैसे ऐतिहासिक शो का हिस्सा रहीं। आज जब हर चीज सोशल मीडिया पर आ गई है, तो क्या आपको चिट्ठियों वाला दौर याद आता है? जवाब: बहुत याद आता है। वह बेहद खूबसूरत एहसास था, जिसे आज हम मिस करते हैं। उस समय फैंस लंबे खत लिखा करते थे। उन चिट्ठियों में सिर्फ हमारे लिए प्यार नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी की बातें भी होती थीं। ऐसा लगता था कि हमारा उनसे व्यक्तिगत रिश्ता बन गया है। आज लोगों से संपर्क करना आसान हो गया है, लेकिन उस इंतजार की मिठास खो गई है। किसी जवाब का इंतजार करना भी अपने आप में खुशी होती थी। पुराने पोस्ट ऑफिस बॉक्स देखती हूं तो लगता है कि एक पूरा दौर वहीं छूट गया। सवाल: उस दौर में फैंस के खतों से जुड़ा कोई ऐसा किस्सा जो आज भी याद हो? जवाब: बहुत सारे हैं। सबसे ज्यादा मुझे स्कूल के बच्चों की चिट्ठियां याद आती हैं। 'सुरभि' उस समय बच्चों का भी पसंदीदा कार्यक्रम था। कई बच्चे नौवीं-दसवीं से मुझे खत लिखना शुरू करते थे और कॉलेज तक लिखते रहे। उनकी पढ़ाई, दोस्त और सपने, सब उन चिट्ठियों में होते थे। ऐसा रिश्ता आज शायद सोशल मीडिया पर बन पाना मुश्किल है। एक घटना मैं कभी नहीं भूल सकती। बचपन में सुनते थे कि राजेश खन्ना जी को खून से लिखे खत आते थे। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे साथ भी ऐसा होगा। एक दिन मेरे घर पर खून से लिखा खत आया। उसे देखकर मैं सचमुच डर गई थी। मुझे लगा कि अगर कोई इंसान इस हद तक जा सकता है, तो ये प्यार नहीं बल्कि डराने वाली दीवानगी है। उस खत ने मुझे बहुत असहज कर दिया था। सवाल: इतना प्यार, इतनी लोकप्रियता, फिर भी क्या कभी लगा कि अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है? जवाब: नहीं। सच कहूं तो मुझे जितना मिला, उसकी मैंने कभी कल्पना नहीं की थी। मैंने कभी आईने के सामने खड़े होकर अवॉर्ड लेने की स्पीच की प्रैक्टिस नहीं की। मैं इस क्षेत्र में इसलिए आई थी क्योंकि मुझे थिएटर से प्यार था। कब थिएटर मेरा पेशा बन गया और कब मुझे ऐसे मौके मिले जिन्होंने इतिहास रच दिया, यह मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। इसलिए मुझे कभी नहीं लगा कि कुछ छूट गया। सवाल: 'हम आपके हैं कौन' के बाद भी आपने कई फिल्में ठुकरा दीं। ऐसा फैसला लेना आसान नहीं रहा होगा? जवाब: उस समय फिल्मों में लगभग एक जैसे किरदार मिल रहे थे। एक भूमिका पसंद आने के बाद उसी तरह के रोल बार-बार मिलने लगते थे। मुझे लगा कि टेलीविजन पर महिलाओं के लिए ज्यादा मजबूत और अर्थपूर्ण किरदार लिखे जा रहे हैं। वहां हर बार कुछ नया करने का मौका मिलता था। इसलिए मैंने फिल्मों की बजाय टीवी को प्राथमिकता दी। सवाल: लेकिन उस दौर में फिल्मों को मना करना बहुत बड़ी बात मानी जाती थी? जवाब: शायद इसलिए कि मेरी महत्वाकांक्षा अलग थी। मेरा लक्ष्य सिर्फ लोकप्रिय होना नहीं था। मैं अच्छा काम करना चाहती थी। थिएटर ने मुझे सिखाया कि दर्शक पांच हों या पांच हजार, काम पूरी ईमानदारी से करना है। सफलता का मतलब सिर्फ स्टार बनना नहीं, बल्कि हर काम से कुछ नया सीखना भी है। मैंने हमेशा उसी सोच के साथ काम किया। सवाल: यानी आपके लिए लोकप्रियता से ज्यादा काम की गुणवत्ता मायने रखती थी? जवाब: बिल्कुल। मैं प्रशिक्षित अभिनेत्री नहीं थी। मैंने हर काम करते हुए सीखा। हर नए प्रोजेक्ट ने मुझे कुछ नया सिखाया। लोकप्रियता अपने आप मिलती चली गई। इसलिए मैंने कभी नहीं सोचा कि मुझे क्या हासिल करना है। मेरे लिए अच्छा काम करना ही सबसे बड़ी उपलब्धि रही। __________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. शाहरुख फिल्मों के बारे में नहीं सोचते थे:रेणुका शहाणे बोलीं- टीवी के बड़े स्टार थे, उन्हें देखने हजारों की भीड़ जुटती थी थिएटर से अभिनय की शुरुआत, पीएचडी छोड़कर एक्टिंग को करियर बनाना, शाहरुख खान के साथ 'सर्कस' में काम करने का अनुभव, निर्देशन की नई पारी और सोशल मीडिया पर बेबाक राय। दैनिक भास्कर से बातचीत में रेणुका शहाणे ने करियर के कई किस्से साझा किए, जिनसे पता चलता है कि उन्होंने लोकप्रियता से ज्यादा अच्छे काम को महत्व दिया।पूरा इंटरव्यू पढ़ें.. सास मां बन जाए तो रिश्ते खूबसूरत बनते हैं:रेणुका शहाणे बोलीं- नहीं तो बेटा और पति सास-बहू के झगड़ों में पिसेंगे मराठी वेब सीरीज 'अगं आई अहो आई' में रेणुका शहाणे ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं, जो रिश्तों को जोड़ने में विश्वास रखती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि 'अगं आई' और 'अहो आई' का मतलब क्या है, सास-बहू के रिश्तों को लेकर धारणाएं कैसे बदल सकती हैं, परिवार क्यों टूट रहे हैं और बेटी की शादी के बाद मां किन भावनाओं से गुजरती है।पूरा इंटरव्यू पढ़ें...

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 11:07 am

सलमान खान की शो 'अलायंस' में एंट्री होगी:भाई सोहेल का सपोर्ट करने पहुंचेंगे, काउबॉय हैट और ऑल-डेनिम लुक में दिखे

सलमान खान बुधवार को रियलिटी शो 'अलायंस' के सेट पर पहुंचे। यहां वह अपने भाई सोहेल खान को सपोर्ट करने आए थे। सोहेल खान की पूर्व पत्नी सीमा सजदेह वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर शो में शामिल हुई थीं। हालांकि, हाल ही में वह शो से बाहर हो गईं। सीमा के एलिमिनेट होने के बाद सोहेल भावुक नजर आए थे। अब सलमान शो में गेस्ट के रूप में दिखाई देंगे। सेट पर जाने से पहले सलमान ने पैपराजी के लिए भी पोज दिए। इस दौरान उनका ऑल-डेनिम लुक और काउबॉय हैट लोगों का ध्यान खींचता नजर आया। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान जल्द ही फिल्म 'मातृभूमि: मे रेस्ट इन पीस' में दिखाई देंगे। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। सोहेल ने सीमा की तारीफ की थी बता दें कि रियलिटी गेम शो 'अलायंस' में जब सीमा की एंट्री हुई, तब सोहेल ने उनकी तारीफ की थी। उस दौरान होस्ट कुणाल खेमू ने सोहेल से सीमा को लेकर सवाल किया था, जिस पर उन्होंने अपनी शादी और रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। कुणाल खेमू ने पूछा था कि सीमा को शो में देखकर उन्हें कैसा लग रहा है। इस पर सोहेल खान ने कहा था कि उन्होंने सीमा के साथ अपनी जिंदगी के 25 साल बिताए हैं। उन्होंने सीमा को एक खूबसूरत और अच्छे दिल वाली महिला बताया। सोहेल ने यह भी कहा था कि अगर उनके रिश्ते में कभी कोई गलती हुई होगी, तो वह उनकी तरफ से हुई होगी। शो में सोहेल खान और सीमा के बीच बातचीत और बॉन्डिंग देखकर अन्य प्रतियोगियों ने तालियां बजाकर दोनों का हौसला बढ़ाया था। सोहेल और सीमा ने भागकर शादी की थी सोहेल और सीमा की पहली मुलाकात चंकी पांडे की सगाई की पार्टी में हुई थी। सोहेल पहली नजर में ही सीमा को दिल दे बैठे। जल्द ही दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू कर दिया। लेकिन अलग-अलग धर्म होने की वजह से सीमा का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। परिवार के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया। 15 मार्च 1998 को, जिस दिन सोहेल की पहली डायरेक्टेड फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' रिलीज हुई, उसी दिन दोनों ने घर से भागकर शादी कर ली। पहले आर्य समाज मंदिर में फेरे लिए और फिर निकाह किया। उनका पहला बेटा निर्वाण 2000 में और दूसरा बेटा योहान 2011 में हुआ। दोनों 2022 में अलग हो गए। रियलिटी गेम शो 'अलायंस' को कुणाल खेमू होस्ट कर रहे हैं। शो में रिश्तों और दोस्ती के समीकरण हर दिन बदलते रहते हैं। यह शो प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है, जिसमें फिल्म और टीवी कलाकारों के साथ कई इंफ्लुएंसर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें सोहेल खान, मिनी माथुर, कुशल टंडन, नीति टेलर और पायल गेमिंग शामिल हैं।

दैनिक भास्कर 30 Jul 2026 9:00 am