शाहजहांपुर के खुटार थाना क्षेत्र में एक युवक को पेड़ से बांधकर पीटने का मामला सामने आया है। युवक को अपनी रिश्तेदार महिला से बात करने पर ग्रामीणों ने रस्सी से बांधकर पीटा। इस घटना का आज वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, लखीमपुर जिले का रहने वाला युवक अपने एक रिश्तेदार के साथ खुटार थाना क्षेत्र के एक गांव आया था। दोनों युवक अपने एक रिश्तेदार के घर की महिला से बातचीत कर रहे थे। ग्रामीणों को आशंका हुई कि दोनों युवक महिला को भगाकर ले जा रहे हैं। ग्रामीणों ने दोनों को पकड़ने की कोशिश की, तभी एक युवक बाइक लेकर भाग गया। दूसरे युवक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। उसे रस्सी से लपेटकर एक पेड़ से बांध दिया गया और फिर उसकी जमकर पिटाई की गई। यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। महिला के ससुर को सूचना दी गई कि दोनों युवक उसकी बहू से बातें कर रहे थे। ससुर के पहुंचने पर ग्रामीणों ने फिर से दोनों को पकड़ने का प्रयास किया, जिसमें एक युवक भागने में सफल रहा, जबकि दूसरा पकड़ा गया। पुलिस ने महिला के ससुर की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। खुटार थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दोनों पक्ष रिश्तेदार हैं और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
आजमगढ़ जिले में पुत्र प्राप्ति का झांसा देकर महिलाओं को ठगी का शिकार बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से ठगी के तीन हजार रुपए, चांदी की एक जोड़ी पायल और पर्स बरामद हुआ है। आरोपियों की निशानदेही पर ठगी के सोने के जेवर खरीदने वाले चंदौली के एक सोनार को भी गिरफ्तार किया गया है। यह घटना 19 अगस्त की है। रानी की सराय थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला बिलरिया की चुंगी स्थित सोगरा सोनोग्राफी सेंटर पर सोनोग्राफी कराने गई थी। शाम करीब 4:45 बजे वह सेंटर से निकलकर चाय पीने के लिए बिलरिया की चुंगी तिराहे की तरफ जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में दो लोगों ने उसे रोक लिया और बातचीत शुरू कर दी।आरोपियों ने महिला को पूजा-पाठ और पुत्र प्राप्ति की बातें बताकर अपने विश्वास में लिया। इसके बाद उसे बहला-फुसलाकर उसके कानों के सोने के झाले, गले का लॉकेट और पर्स में रखे पांच हजार रुपए निकलवा लिए। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सर्विलांस से आरोपियों तक पहुंची पुलिस महिला की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने 19 अगस्त को धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया। घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। शुक्रवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि घटना से जुड़े आरोपी रोडवेज बंधा के पास मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान असलम खां (50), अरशद वारसी (27) और इरफान अली (39) के रूप में हुई। तीनों मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के जावरा क्षेत्र के रहने वाले हैं।इस बारे में क्षेत्राधिकारी शुभम तोदी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी असलम खां ने बताया कि 19 अगस्त को बिलरिया की चुंगी पर महिला को पुत्र प्राप्ति का झांसा देकर ठगी की गई थी। महिला के कान के सोने के झाले और गले का मंगलसूत्र चंदौली के दुल्हीपुर स्थित हर्ष ज्वैलर्स पर करीब 58 हजार रुपए में बेचा गया। पुलिस के मुताबिक, जेवर को दुकान पर ही गला दिया गया।आरोपियों ने महिला के पर्स में रखे रुपए निकाल लिए थे। पर्स में मौजूद चांदी की पायल को पर्स समेत झाड़ियों में छिपा दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीन हजार रुपए नकद, एक जोड़ी चांदी की पायल और पर्स बरामद कर लिया। मामले में चंदौली पुलिस से समन्वय कर ठगी के जेवर खरीदने वाले सोनार सुरेश सेठ (50) निवासी मडया नई बस्ती पड़ाव, थाना मुगलसराय, चंदौली को भी गिरफ्तार किया गया है।
फिरोजाबाद में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ब्रज की कृष्ण भक्ति से जुड़े पांच धार्मिक स्थलों को पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित इन राधा-कृष्ण एवं ठाकुर जी मंदिरों के पर्यटन विकास और सौंदर्यीकरण पर लगभग 7.26 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। पर्यटन विभाग द्वारा नगला पीरिया, बड़ा गांव, असवाई, गौंछ और रामनगर स्थित धार्मिक स्थलों का विकास कराया जा रहा है। इन परियोजनाओं के तहत मंदिर परिसरों का सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। ग्राम नगला पीरिया स्थित रामकृष्ण धाम मंदिर (गंगा सागर गरियारी) के विकास के लिए 1.10 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम चल रहा है। नारखी ब्लॉक के बड़ा गांव स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर के लिए 1.49 करोड़ रुपये, असवाई के ऐतिहासिक श्री राधाकृष्ण मंदिर के पर्यटन विकास पर 1.35 करोड़ रुपये और गौंछ स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर के सौंदर्यीकरण पर 1.36 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, रामनगर स्थित ठाकुर जी महाराज मंदिर के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए 1.96 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य जारी है। इस प्रकार, पांचों धार्मिक स्थलों पर कुल 7.26 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि ब्रज की पहचान भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से है और फिरोजाबाद में कृष्ण भक्ति से जुड़े स्थलों का विकास इसी विरासत को व्यापक पहचान देगा। इन धार्मिक स्थलों के विकसित होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा लाभ स्थानीय दुकानदारों, खान-पान, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य सेवा क्षेत्रों को मिलेगा। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्नाव जिला अस्पताल ओपीडी में एक हजार मरीज:मौसम बदलाव से बढ़ा वायरल संक्रमण, लंबी कतारें दिखीं
उन्नाव। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और उमस के कारण वायरल संक्रमण का प्रकोप बढ़ गया है। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ देखी गई। अस्पताल खुलने के साथ ही पर्चा बनवाने और चिकित्सकों से परामर्श के लिए लंबी कतारें लग गईं। शनिवार को ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीजों का पंजीकरण हुआ, जिनमें अधिकांश जुकाम, बुखार और वायरल संक्रमण की शिकायत लेकर पहुंचे थे। शनिवार को जिला अस्पताल में सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या काफी अधिक थी। ओपीडी के विभिन्न कक्षों के बाहर मरीज और उनके तीमारदार अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी आयु वर्ग के लोग सर्दी-जुकाम, बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी और गले में खराश जैसी समस्याओं से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंचे थे। कई मरीजों ने बताया कि दो-तीन दिन से बुखार और जुकाम की शिकायत थी, और घरेलू उपचार से राहत न मिलने पर वे डॉक्टर को दिखाने आए। चिकित्सकों के अनुसार,मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका रहती है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संक्रमण का खतरा अधिक होता है। अस्पताल में पहुंचे मरीजों की चिकित्सकों ने गहन जांच की और लक्षणों के आधार पर उनका उपचार शुरू किया।डॉ. शोभित अग्निहोत्री और डॉ. कौशलेंद्र ने मरीजों की जांच के उपरांत उन्हें आवश्यक दवाएं प्रदान कीं। चिकित्सकों ने मरीजों को पर्याप्त आराम करने और अधिक पानी पीने की सलाह भी दी। अस्पताल में जुकाम-बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर चिकित्सक लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि बुखार आने पर बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाएं लेने से बचना चाहिए। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों में लगातार तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना आवश्यक है। एक हजार से अधिक मरीजों के ओपीडी में पहुंचने के कारण अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। पंजीकरण काउंटर से लेकर चिकित्सकों के कक्षों तक मरीजों की भारी भीड़ थी। कई मरीजों को डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए अपनी बारी का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद अस्पताल के चिकित्सक लगातार मरीजों की जांच और उपचार में जुटे रहे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बारिश और उमस के बाद वायरल संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। लोगों को साफ-सफाई रखने, दूषित पानी और खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचने तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने तक लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
हाथरस में गर्भवती महिला की मौत:मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया
हाथरस के सहपऊ कोतवाली क्षेत्र के नगला बेनी गांव में शुक्रवार की देर रात एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका सात माह की गर्भवती थी।मृतका की पहचान फिरोजाबाद के नगला गुलाल निवासी 23 वर्षीय नीरू के रूप में हुई है। उसकी शादी करीब डेढ़ साल पहले नगला बेनी निवासी राधेरमण से हुई थी, जो एक मंदिर में पुजारी है। सूचना मिलने पर नीरू के मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मायके वालों का कहना है कि ससुराल के लोगों ने नीरू का सही तरीके से इलाज नहीं कराया और इसमें लापरवाही बरती, जिसके कारण उसकी मौत हुई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा... कुछ लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर रही है।
मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत शनिवार को लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने जबलपुर की कैंट विधानसभा के रांझी क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने सिविल अस्पताल, जल शोधन केंद्र, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र, राशन दुकान और छात्रावास समेत कई सरकारी संस्थानों का निरीक्षण किया। वे करीब 2 घंटे क्षेत्र में रहे। इस दौरान विधायक अशोक रोहाणी, महापौर जगत बहादुर अन्नू सहित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। जल शोधन केंद्र में फिल्टर प्रक्रिया देखी मंत्री राकेश सिंह ने जल शोधन केंद्र पहुंचकर पानी फिल्टर होने की प्रक्रिया देखी और लैब का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि क्या आम नागरिक अपने पानी की गुणवत्ता की जांच करा सकते हैं। निगम कमिश्नर ने बताया कि निर्धारित शुल्क जमा कर निगम की किसी भी लैब में पानी का टेस्ट कराया जा सकता है। मंत्री ने अधिकारियों को पानी के सैंपल की जांच तय समय-सीमा में कराने और नियमित निगरानी के निर्देश दिए, ताकि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल मिल सके। उन्होंने अमृत 2.0 योजना की प्रगति को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली। सिविल अस्पताल के नए भवन का काम देखा राकेश सिंह ने रांझी स्थित सिविल अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल के नवीन भवन के निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की। नागरिकों से सीधे संवाद, समस्याओं पर दिए निर्देश अभियान के दौरान मंत्री, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने क्षेत्र के नागरिकों से सीधे संवाद किया। लोगों से शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय समस्याओं की जानकारी ली गई। संबंधित अधिकारियों को नागरिकों की समस्याओं के निराकरण और जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
फतेहाबाद के जंडी मोहल्ला में एक बंद मकान में चोरी की वारदात हुई है। अज्ञात चोरों ने हजारों रुपए की नकदी और लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए। पीड़ित परिवार रक्षाबंधन पर अपने रिश्तेदार के घर राजस्थान गया हुआ था। पुलिस को दी गई शिकायत में मुकेश कुमार ने बताया कि, 28 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे वे अपने मकान के कमरों और मेन गेट पर ताला लगाकर बच्चों के साथ अपनी ससुराल गांव अजीतपुरा भादरा, राजस्थान गए थे। पड़ोसी ने दी चोरी होने की सूचना पीछे से चोरों ने रात में ताले तोड़ दिए। 29 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे पड़ोसी राजकुमार ने फोन कर सूचना दी कि उनके मकान के दरवाजे खुले पड़े हैं। सूचना मिलते ही मुकेश कुमार सुबह करीब 8 बजे फतेहाबाद स्थित अपने घर पहुंचे। पीड़ित के अनुसार, मकान के मेन गेट का ताला लगा हुआ था, लेकिन अंदर कमरे के दरवाजे पर लगा ताला टूटा हुआ मिला। कमरे का सारा सामान बिखरा पड़ा था। चार लाख के जेवर ले गए चोर अलमारी के लॉकर की जांच करने पर उसमें रखी 31 हजार की नकदी, सोने की कान की बालियां, सोने का मंगलसूत्र, एक ताबीजी, सोने की नोजपिन, चांदी की पॉजेब और चांदी का बाजूबंध गायब मिले। चोरी हुए सामान की कुल कीमत करीब 4 लाख रुपए आंकी गई है। पीड़ित ने बताया कि चोरी की यह वारदात 28 अगस्त की सुबह 9 बजे से 29 अगस्त की सुबह 6 बजे के बीच अंजाम दी गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
एटा में सड़क हादसे में युवक की मौत:दीवार से टकराई बाइक, ससुराल जा रहा था युवक, टक्कर मारकर चालक फरार
एटा जिले के मिरहची थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। गणेशपुर गांव की मोड़ के समीप अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वह दीवार से जा टकराया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना देर रात की बताई जा रही है। सुबह जब ग्रामीण निकले तो उन्होंने दीवार के किनारे युवक का शव पड़ा देखा। सूचना तत्काल मिरहची थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लिया। युवक की पहचान जारथल निवासी सौरभ पुत्र गेंदालाल (26) के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, सौरभ देर रात करीब 10:30 बजे अपने घर से ससुराल के लिए बाइक पर निकला था। रास्ते में वह इस हादसे का शिकार हो गया। भाई राजीव ने बताया कि सौरभ रात को ससुराल जा रहा था, तभी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय लाया है। मिरहची थाना प्रभारी विदेश राठी ने जानकारी दी कि युवक देर रात घर से निकला था और उसकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
रायपुर में अब घर के बाहर मवेशी खुले छोड़ना भारी पड़ सकता है। नगर निगम ने मवेशी मालिकों को चेतावनी दी है कि वे अपने मवेशियों को बांधकर रखें। सड़क पर खुले में मवेशी मिलने पर संबंधित मालिक के खिलाफ नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को पकड़ने के लिए नगर निगम की टीम लगातार अभियान चला रही है। शनिवार को भी शहर के अलग-अलग इलाकों में काउकैचर टीम और विशेष टीम ने सड़कों पर घूम रहे मवेशियों की धरपकड़ की। इन इलाकों में पकड़े गए आवारा मवेशी नगर निगम की टीम ने पेंशनबाड़ा, संतोषी नगर चौक से अंतरराज्यीय बस टर्मिनल भाठागांव, दुर्गा चौक, मतपारा रोड और तरुण बाजार समेत कई इलाकों में कार्रवाई की। नगर निगम के सभी 10 जोनों में यह अभियान लगातार जारी है। टीम सड़क पर घूम रहे मवेशियों को पकड़कर कार्रवाई कर रही है। सड़क पर मवेशी छोड़ने से हादसे का खतरा नगर निगम ने मवेशी मालिकों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों को घर या सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखें। सड़क पर खुले मवेशियों के कारण वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बना रहता है। कई बार अचानक सड़क पर आ जाने वाले मवेशियों से दुर्घटनाएं भी होती हैं। निगम ने साफ किया है कि अब सड़क पर खुले में मवेशी मिलने पर मालिक के खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। मवेशी को सड़क पर छोड़ने से होने वाली किसी भी परेशानी के लिए संबंधित मालिक को जिम्मेदार माना जाएगा। 10 जोनों में रोज चलेगा अभियान यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है। नगर निगम के मुताबिक, आवारा मवेशियों की धरपकड़ का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
चूरू में प्लॉट विवाद में दो युवक गिरफ्तार:अग्रसेन नगर में शांतिभंग के आरोप में पुलिस ने की कार्रवाई
चूरू के अग्रसेन नगर में प्लॉट विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची सदर थाना पुलिस ने शांति भंग के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया। पुलिस के सामने ही दोनों पक्षों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि वे एक-दूसरे को धमकियां देने लगे। सदर थाना पुलिस को अभय कमांड सेंटर से वार्ड संख्या 22 अग्रसेन नगर में झगड़े की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने देखा कि मोहम्मद जुबैर (निवासी अग्रसेन नगर) और जाहिद अली (निवासी घांघू) तेज आवाज में झगड़ रहे थे और मारपीट पर उतारू थे। पुलिस ने दोनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मोहम्मद जुबैर और जाहिद अली को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा के तहत कार्रवाई की। उन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां पाबंद करने की कार्रवाई की गई।
पलवल जिले के नेशनल हाईवे-19 पर मितरोल बस स्टैंड के पास कैंटर की टक्कर से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। कैंटर महिला को टक्कर मारने के बाद काफी दूर तक घसीटता ले गया। पुलिस ने एक प्रत्यक्षदर्शी की शिकायत पर अज्ञात कैंटर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुंडकटी थाना प्रभारी कैलाश चंद के अनुसार, कौंडल गांव निवासी राजेंद्र ने पुलिस को शिकायत दी है। राजेंद्र की मितरोल बस स्टैंड पर परचून की दुकान है। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे एक बुजुर्ग महिला नेशनल हाईवे-19 को पैदल पार कर मितरोल गांव की तरफ जा रही थी। महिला को दूर तक घसीटा इसी दौरान आगरा से दिल्ली की ओर आ रहे एक आयसर कैंटर ने महिला को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कैंटर महिला को सड़क पर काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। दुर्घटना के बाद कैंटर ड्राइवर वाहन सहित फरार हो गया, हालांकि प्रत्यक्षदर्शी ने कैंटर का नंबर नोट कर लिया। भीड़ ने एम्बुलेंस को बुलाया भीड़ में से किसी ने एम्बुलेंस को फोन कर बुलाया और महिला को जिला नागरिक अस्पताल भिजवाया। सूचना मिलने पर मुंडकटी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल पर खून के निशान देखे और अस्पताल के लिए रवाना हो गई। मृत महिला की पहचान नहीं हो सकी है। उसके हाथ पर हिंदी में 'संतोष' गुदा हुआ मिला, लेकिन इससे भी पहचान सुनिश्चित नहीं हो पाई। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस मुंडकटी थाना पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शी कौंडल निवासी राजेंद्र के बयान पर अज्ञात कैंटर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शव को कब्जे में लेकर पहचान के लिए जिला नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
महू-नसीराबाद हाईवे पर शनिवार को मालखेड़ा स्थित संयोग होटल के पास एक लोडिंग टेम्पो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में वाहन चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों की मदद से 108 एम्बुलेंस द्वारा उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद चालक के पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि की है, जहाँ उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, यह लोडिंग टेम्पो महाराष्ट्र के रावेर से कच्चे केले लेकर राजस्थान के विजयनगर जा रहा था। नीमच सिटी थाना क्षेत्र के मालखेड़ा स्थित संयोग होटल के पास चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे टेम्पो सड़क पर पलट गया। दुर्घटना के बाद टेम्पो में लदे कच्चे केले सड़क पर बिखर गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ। राहगीरों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचित किया और घायल चालक को वाहन से बाहर निकालने में मदद की। घायल चालक की पहचान जीवराज पिता लादूसिंह (32 वर्ष), निवासी सिखरानी, जिला अजमेर (राजस्थान) के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर नीमच सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क से हटाकर यातायात को सामान्य करवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर के लखनऊ के दुबग्गा स्थित आवास पर हुई। बैठक प्रदेश अध्यक्ष भूपेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में बकाया मानदेय, मानदेय बढ़ोतरी, कैशलेस इलाज, HR पॉलिसी और मृतक आश्रित को न्याय दिलाने जैसे गंभीर मुद्दों पर रणनीति बनाई गई। प्रदेश प्रवक्ता एवं जिलाध्यक्ष अरुण कुमार मिश्र ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी कि बैठक में निर्णय लिया गया कि 02 सितंबर से 06 सितंबर तक प्रदेश के माननीय विधायकों को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके तहत 2 सितंबर, बुधवार को सुबह 9 बजे देवरिया सदर के विधायक डाॅ. शलभ मणि त्रिपाठी के आवास पर जनपद के सभी रोजगार सेवक अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौपेंगे। श्री मिश्र ने संगठन के सभी जनपदीय पदाधिकारियों, ब्लाक अध्यक्षों और विधानसभा क्षेत्र देवरिया सदर के सभी ग्राम रोजगार सेवकों से उक्त कार्यक्रम में उपस्थित होने का आग्रह किया है।
कुशीनगर के खड्डा तहसील क्षेत्र में नारायणी नदी के किनारे नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद उसकी भयावह तस्वीर अब दिखाई दे रही है। नेपाल से बहकर आने वाले शवों के नारायणी नदी में मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। शनिवार को एक बार फिर मदनपुर-सुकरौली स्थित ठोकर नंबर-2 और ठोकर नंबर-3 के बीच नदी से एक शव बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना के बाद स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को नदी से बाहर निकाला। बरामद शव की तत्काल पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में भी जानकारी जुटाई जा रही है। लगातार शव मिलने की घटनाओं ने नारायणी नदी के किनारे बसे ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। दोपहर 12 बजे नदी में दिखाई दिया शव जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 12 बजे स्थानीय लोगों की नजर नारायणी नदी में एक शव पर पड़ी। शव पानी की धारा में बहते हुए ठोकर नंबर-2 और 3 के बीच पहुंचा था। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम और एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे। नदी में तेज बहाव होने के बावजूद टीम ने सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया और शव को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारी इस बात की भी जानकारी जुटा रहे हैं कि शव किस स्थान से बहकर आया और क्या इसका संबंध नेपाल में आई आपदा से है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। एक दिन पहले भी मिला था महिला का शव नारायणी नदी में लगातार शव मिलने का यह सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार रात ठोकर नंबर-3 के पास एक महिला का शव बरामद किया गया था। रात में शव दिखाई देने की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची थी और उसे नदी से बाहर निकाला गया था। लगातार दो दिनों में शव मिलने के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि नेपाल में आई आपदा के बाद नदी के पानी के साथ बहकर आने वाली चीजों पर लगातार नजर रखनी पड़ रही है। 26 अगस्त से लगातार मिल रहे शव नारायणी नदी में शव मिलने की घटनाएं 26 अगस्त से लगातार सामने आ रही हैं। 26 अगस्त की शाम नदी से एक साथ तीन शव बरामद किए गए थे। इनमें दो महिलाओं और एक पुरुष का शव शामिल था। इसके बाद अगले दिन भी एक महिला का शव नदी से मिलने की बात सामने आई और अब शनिवार को एक और शव बरामद हुआ है। लगातार हो रही इन बरामदगियों ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। तटवर्ती गांवों के लोगों में आशंका है कि नेपाल की आपदा में लापता हुए लोगों में से कई लोग नदी के तेज बहाव में बह गए होंगे और उनके शव आगे चलकर नारायणी के रास्ते भारत की सीमा में पहुंच रहे हैं। हालांकि, बरामद शवों का आपदा से सीधा संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने कई स्थानों पर भारी तबाही मचाई। बाढ़ का पानी तेज धारा के साथ नीचे की ओर बढ़ा। नेपाल के नदी क्षेत्रों और प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों के बहने या लापता होने की सूचनाओं के बीच अब नारायणी नदी में लगातार शव दिखाई दे रहे हैं। नारायणी नदी आगे बढ़ते हुए कुशीनगर के खड्डा क्षेत्र से होकर गुजरती है। नदी की तेज धारा में बहकर आने वाले शव कई स्थानों पर ठोकरों और नदी किनारे फंस जा रहे हैं। प्रशासन ऐसी सूचनाओं पर तत्काल मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकाल रहा है। इंसानों के साथ जानवरों के शव भी बहकर आ रहे नारायणी नदी में केवल इंसानों के शव ही नहीं, बल्कि जानवरों और मवेशियों के शव भी बहते हुए दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई स्थानों पर नदी की धारा में पशुओं के शव दिखाई दिए हैं। नदी में इंसानों और पशुओं के शवों की लगातार मौजूदगी नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा की गंभीरता को दर्शा रही है। नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों में इस बात की चिंता भी है कि आगे आने वाले दिनों में नदी के साथ और शव या मलबा यहां तक पहुंच सकता है। नदी की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है। मदनपुर ठोकर क्षेत्र में खड्डा उपजिलाधिकारी, खड्डा क्षेत्राधिकारी, खड्डा थाना अध्यक्ष समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं एसडीआरएफ की टीम भी नदी में लगातार गश्त कर रही है। नदी की धारा, ठोकरों और किनारे के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है। किसी भी शव या संदिग्ध वस्तु के दिखाई देने पर तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य नदी में बहकर आने वाले शवों को समय पर बरामद करने के साथ तटवर्ती गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ग्रामीणों को भी नदी के पास न जाने और किसी संदिग्ध वस्तु या शव के दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई है। तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता लगातार शव मिलने के बाद नारायणी नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की तेज धारा और आपदा के बाद लगातार बहकर आ रहा मलबा स्थिति को गंभीर बना रहा है। लोगों को इस बात की भी चिंता है कि नेपाल में लापता लोगों में से कितने लोग नदी के रास्ते भारत तक पहुंच सकते हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी यह नहीं बताया गया है कि शनिवार को बरामद शव समेत अब तक मिले सभी शव नेपाल की बाढ़ में लापता लोगों के ही हैं। पुलिस ने शनिवार को बरामद शव को कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई के साथ शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास के थाना क्षेत्रों और संबंधित एजेंसियों से भी जानकारी साझा की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बरामद शवों की पहचान और उनकी मौत के कारणों की पुष्टि जांच तथा पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकेगी। नेपाल की आपदा से इन शवों का संबंध है या नहीं, यह भी आधिकारिक जांच के बाद स्पष्ट होगा। नारायणी बनी नेपाल की त्रासदी की गवाह नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद नारायणी नदी का बदलता रूप खड्डा क्षेत्र के लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। नदी का तेज बहाव जहां लगातार लोगों को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर रहा है, वहीं पानी के साथ बहकर आ रहे इंसानों और जानवरों के शव इस आपदा की भयावहता को सामने ला रहे हैं। फिलहाल प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही हैं। नदी के किनारे लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी सूचना पर तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार को मिले शव की पहचान होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वह किसका है और किन परिस्थितियों में नारायणी नदी तक पहुंचा।
बैतूल जिले में इस वर्ष कम बारिश के कारण बांधों का जलस्तर चिंताजनक स्थिति में है। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बैतूल डिवीजन के 19 बांधों में से कोई भी 50 प्रतिशत तक नहीं भरा है। सबसे बड़ी सांपना मध्यम परियोजना भी केवल 40.08 प्रतिशत भरी है, जबकि शेष 18 छोटे बांधों में से अधिकांश में जलभराव 30 प्रतिशत से भी कम है। जिले में आज (शनिवार) सुबह तक कुल औसत बारिश 598.2 मिमी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 749.8 मिमी बारिश हुई थी, जो इस साल की तुलना में 151.6 मिमी अधिक थी। बारिश की इस कमी का सीधा असर बांधों में पानी के स्तर पर दिख रहा है। बैतूल डिवीजन की रिपोर्ट के अनुसार, सांपना बांध में 5.74 मिलियन क्यूबिक मीटर (MCM) लाइव पानी है, जो इसकी लाइव स्टोरेज क्षमता का 40.08 प्रतिशत है। इसके बाद कोलगांव बांध 37.27 प्रतिशत, झाड़ेगांव 32.70 प्रतिशत और कोसमी 29.93 प्रतिशत भरे हुए हैं। नागझिरी में 27.16 प्रतिशत और चोरनी-मोरनी में 25.24 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। कोलगांव बांध में केवल 6.61 प्रतिशत पानी बचाअन्य बांधों में जलभराव का स्तर और भी कम है। बोरगांव 23.72 प्रतिशत, झगड़िया 22.94 प्रतिशत और गौलिबर्गी 20.70 प्रतिशत भरे हैं। सरनदाई गोराखार में 17.30 प्रतिशत, अपर जौरा में 17.03 प्रतिशत, रावनवाड़ी में 16.69 प्रतिशत, गोंडीगौला में 15.12 प्रतिशत और उरदन में 14.96 प्रतिशत पानी शेष है। सबसे कम जलभराव चौकी कोलगांव बांध में है, जहां केवल 6.61 प्रतिशत पानी बचा है। जगधर में 8.40 प्रतिशत, खंडारा में 10.60 प्रतिशत, लाखापुर में 10.13 प्रतिशत और सेहरा में 13.74 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। हालांकि, भैंसदेही और शाहपुर क्षेत्रों की रिपोर्ट में कुछ बांध 100 प्रतिशत भरकर अपनी पूर्ण जलस्तर क्षमता (FTL) तक पहुंच चुके हैं। शाहपुर में देऊपुर और पाताखेड़ा, तथा भैंसदेही में कोलगांव और पाताखेड़ा बांध पूरी तरह भरे हुए हैं। इसके विपरीत, बैतूल डिवीजन के बांधों में ऐसी स्थिति नहीं है, जहां सांपना बांध भी केवल 40.08 प्रतिशत पर है। एक भी बांध आधे से ज्यादा नहीं भराजिले में बारिश की स्थिति भी क्षेत्रवार भिन्न है। चिचोली में 807 मिमी और घोड़ाडोंगरी में 780.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि जिले का कुल औसत 598.2 मिमी है। यानी इस बार बारिश की कमी का सबसे बड़ा असर बैतूल डिवीजन के बांधों में दिख रहा है- एक भी बांध आधे से ज्यादा नहीं भरा और कई बांधों में 10% से भी कम पानी है। यह दर्शाता है कि कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश के बावजूद, पूरे जिले के बांधों में जलस्तर की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
लखनऊ के सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज, डी-ब्लॉक, इंदिरानगर में रक्षाबंधन के पूर्व राखी बनाओ एवं मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रधानाचार्य सीमा कुशवाहा ने छात्राओं को रक्षाबंधन के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन बहन भाई को तिलक लगाकर राखी बांधती है। भाई बहन को उपहार देकर जीवनभर रक्षा का वचन देते हैं। राखी बनाओ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मान्या (कक्षा 1), द्वितीय स्थान चंद्या (कक्षा 4) और तृतीय स्थान शिवान्वी (कक्षा 4) ने प्राप्त किया। मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता में प्रथम प्रिंसी (कक्षा 8), द्वितीय आरोही (कक्षा 6) और तृतीय स्थान आर्या विश्वकर्मा ने प्राप्त किया। सीनियर ग्रुप में दीपमाला (कक्षा 10) ने प्रथम, सुहानी (कक्षा 11) ने द्वितीय और विनीताश्री (कक्षा 10) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
करनाल की जाणी नहर में शनिवार को बोरी में बंद एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। बोरी को नीचे से भी सिला हुआ था और बाहर सिर्फ एक टांग दिखाई दे रही थी। आसपास के लोगों ने टांग दिखाई देने पर गोताखोरों को सूचना दी। इसके बाद गोताखोर सुभाष व पुलिस टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से शव को नहर से बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बोरी खोलने पर सामने आया शवगोताखोर सुभाष ने बताया कि जाणी नहर में युवक का शव बोरी के अंदर मिला था। बोरी नीचे से भी सिली हुई थी और उसमें से केवल मृतक की टांग नजर आ रही थी। आसपास के लोगों ने इसे देखकर उन्हें कॉल किया। उन्होंने अन्य लोगों की मदद से शव को नहर से बाहर निकाला। सुभाष के अनुसार, प्राथमिक तौर पर ऐसा लग रहा है कि युवक की हत्या करने के बाद शव को बोरी में डालकर नहर में फेंका गया हो सकता है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चलेगा। गले में काला डोरा, हाथ में कड़ा और चेनजुंडला चौकी इंचार्ज ने बताया कि शव की उम्र करीब 30 से 35 साल है और देखने में वह नेपाली मूल का लग रहा है। मृतक के गले में काला डोरा, हाथ में एक कड़ा और चेन मिली है। कड़े पर ‘जयश्री श्याम’ लिखा हुआ है। उसके पास ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे पहचान हो सके। पुलिस ने शव को पहचान के लिए मोर्च्युरी हाउस में रखवा दिया है। पुलिस मृतक की पहचान कराने के साथ-साथ नहर में शव पहुंचने के कारणों और संभावित हत्या के पहलू से भी जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की स्थिति और कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है।
प्रयागराज में यमुना बैंक रोड स्थित हेलीपैड पर बाइक से खतरनाक स्टंटबाजी का वीडियो सामने आया है। वीडियो में दो युवक तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाते नजर आ रहे हैं। अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ता है और वह फिसल जाती है। बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर गिरने के बाद काफी दूर तक घिसटते चले जाते हैं। गनीमत रही कि इस दौरान कोई दूसरा व्यक्ति या वाहन उनकी चपेट में नहीं आया। तेज रफ्तार में करतब, मोबाइल से बनाते हैं रील स्थानीय लोगों के मुताबिक, यमुना किनारे बने इस हेलीपैड पर रोजाना स्टंटबाजों का जमावड़ा लगता है। खासकर शाम होते ही बड़ी संख्या में युवक यहां पहुंचते हैं। तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाने, अचानक ब्रेक लगाने और बाइक को फिसलाकर करतब दिखाने के साथ मोबाइल से वीडियो बनाए जाते हैं। बाद में इन्हें इंटरनेट मीडिया पर रील के तौर पर प्रसारित किया जाता है। लोगों का कहना है कि रील बनाने के चक्कर में युवक अपनी ही नहीं, बल्कि आसपास से गुजरने वाले लोगों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। हेलीपैड का खुला क्षेत्र स्टंटबाजों के लिए आसान जगह बन गया है। बाइक फिसली, सड़क पर दूर तक घिसटते गए सामने आए वीडियो में बाइक सवार दोनों युवक तेज रफ्तार में बाइक चलाते दिखाई देते हैं। इसी दौरान बाइक अनियंत्रित होकर फिसल जाती है। दोनों युवक सड़क पर गिरते हैं और काफी दूर तक घिसटते चले जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर उसी समय कोई राहगीर या वाहन वहां से गुजर रहा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। स्टंट करने वाले युवकों के खुद गंभीर रूप से घायल होने का खतरा भी बना रहता है। पुलिस चौकी पास, फिर भी नहीं लग रहा अंकुश स्थानीय लोगों के मुताबिक, हेलीपैड से कुछ ही दूरी पर पुलिस चौकी है। इसके बावजूद स्टंटबाजी पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। लोगों का आरोप है कि कई बार पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन इसके बाद भी देर शाम और रात में युवकों का जमावड़ा जारी रहता है। लोगों के मुताबिक, यहां देर रात तक अड्डेबाजी भी होती है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है और किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। महाकुंभ से पहले तैयार हुआ था हेलीपैड यमुना बैंक रोड पर त्रिवेणी दर्शन होटल के पास यमुना किनारे यह हेलीपैड महाकुंभ से पहले तैयार किया गया था। महाकुंभ के दौरान यहां से हवाई सेवा देने वाली निजी कंपनियों के हेलीकॉप्टरों का लैंडिंग और टेकऑफ होता था। महाकुंभ समाप्त होने के बाद से हेलीपैड का नियमित इस्तेमाल नहीं हो रहा है। खाली पड़े इस स्थान का फायदा अब स्टंटबाज उठा रहे हैं। समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हो सकता है बड़ा हादसा हेलीपैड के आसपास लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में तेज रफ्तार बाइक से स्टंटबाजी के दौरान किसी राहगीर के चपेट में आने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन से हेलीपैड पर नियमित निगरानी कराने, स्टंटबाजों के खिलाफ कार्रवाई करने और रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते स्टंटबाजी पर रोक नहीं लगाई गई तो किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी।
मेरठ में इलाज के दौरान मरीज की मौत:परिजनों ने किया हंगामा, कहा- एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने से जान गई
मेरठ के टीपीनगर स्थित सिरोही हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गई। शनिवार सुबह मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि मरीज के इलाज के दौरान एक्सपायरी इंजेक्शन लगाया गया था। हालत बिगड़ने पर उसे दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया, जहां शनिवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पर 112 पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया। छह दिन पहले डेंगू-बुखार के चलते भर्ती हुआ था मरीज जानी थाना क्षेत्र के सिसौला गांव के रहने वाले हारून पुत्र अली हसन को करीब छह दिन पहले डेंगू और बुखार की शिकायत के चलते बागपत रोड स्थित सिरोही हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान हालत बिगड़ने पर परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर एक्सपायरी इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया था। उस समय भी परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया था। सूचना पर पहुंची टीपीनगर पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन और परिजनों से बातचीत कर मामला शांत कराया था। बताया गया कि अस्पताल प्रबंधन ने उपचार का पूरा बिल माफ करने के बाद हारून को दूसरे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया था। इसके बाद परिजन उसे दूसरे अस्पताल लेकर चले गए थे। मौत के बाद फिर भड़का परिजनों का गुस्सा शनिवार सुबह दूसरे अस्पताल में उपचार के दौरान हारून की मौत हो गई। इसके बाद परिजन दोबारा सिरोही हॉस्पिटल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने एक्सपायरी इंजेक्शन लगाए जाने के आरोप को भी दोहराया। मृतक के परिजनों ने 112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण हारून की हालत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई। जांच के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। मरीज की मौत का वास्तविक कारण और एक्सपायरी इंजेक्शन लगाए जाने के आरोप जांच के बाद स्पष्ट होंगे। पुलिस ने परिजनों से शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया है।
गुरुग्राम जिले में अरावली की पहाड़ियों की तलहटी में बसे मोहम्मदपुर गुर्जर गांव में इन दिनों दो तेंदुओं के आतंक ने ग्रामीणों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। तेंदुओं की लगातार आवाजाही से गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, तेंदुए अब तक दो बछियों और एक बछड़े को अपना शिकार बना चुके हैं। पशुओं पर लगातार हो रहे हमलों के बाद ग्रामीणों में दहशत इस कदर है कि शाम ढलते ही खेतों की ओर जाने वाले रास्ते सूने पड़ जाते हैं। सूरज ढलते ही खेतों से लौट आते हैं किसान तेंदुओं के आतंक का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले किसान देर शाम तक खेतों में काम करते थे, लेकिन अब अंधेरा होने से पहले ही घर लौट आते हैं। शाम के बाद खेतों में जाना ग्रामीणों ने लगभग बंद कर दिया है। अरावली की पहाड़ियों से सटा होने के कारण गांव के आसपास का क्षेत्र तेंदुओं की आवाजाही के लिए अनुकूल माना जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय पहाड़ियों और झाड़ियों से निकलकर तेंदुए गांव की ओर आ जाते हैं। यही आशंका लोगों के मन में लगातार भय पैदा कर रही है। पशुओं की सुरक्षा के लिए रातभर पहरा तेंदुओं के डर ने पशुपालकों की परेशानी और बढ़ा दी है। ग्रामीण अपने पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। पशुओं को बांधने वाले स्थानों के आसपास ग्रामीण निगरानी रखते हैं, ताकि तेंदुए के दिखाई देने पर समय रहते उसे भगाया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि रात में जरा सी आहट होते ही लोग सतर्क हो जाते हैं। कई परिवारों की रात पशुओं की रखवाली करते हुए गुजर रही है। ग्रामीण ने बताया कैसे उठा ले गए तेंदुए पशु गांव में गाय चराने वाले लाला नामक व्यक्ति ने बताया कि तेंदुए उसके दो बछियों और एक बछड़े को उठाकर ले गए। उनका घर अरावली की पहाड़ियों के नीचे बना हुआ है और वहीं वे अपने पशुओं को बांधते हैं। लाला के अनुसार, रात होते ही तेंदुए के गांव के आसपास आने का डर सताने लगता है। पशुओं को बांधने के बाद भी उन्हें चैन नहीं मिलता और पूरी रात उनकी निगरानी करनी पड़ती है। उनका कहना है कि तेंदुओं के आतंक के कारण पशुपालन करना भी अब चुनौती बनता जा रहा है। आज पशु निशाने पर हैं, कल इंसान भी हो सकता है ग्रामीणों में तेंदुओं को लेकर भय के साथ चिंता भी बढ़ रही है। उनका कहना है कि अभी तक तेंदुए पालतू पशुओं का शिकार कर रहे हैं, लेकिन यदि समय रहते इन्हें नहीं पकड़ा गया तो किसी दिन ग्रामीण भी इनके निशाने पर आ सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल टीम भेजी जाए। गांव और आसपास के अरावली क्षेत्र में तेंदुओं की तलाश कर उन्हें सुरक्षित रूप से पकड़ा जाए। ग्रामीणों की मांग- अब और इंतजार नहीं ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुओं की मौजूदगी के कारण गांव में भय का वातावरण लगातार बढ़ रहा है। बच्चों को अकेले बाहर भेजने से लोग बच रहे हैं और महिलाएं तथा बुजुर्ग भी शाम के बाद घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के आसपास निगरानी बढ़ाई जाए, वन विभाग की टीम को तैनात किया जाए और तेंदुओं को पकड़ने के लिए आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं। मोहम्मदपुर गुर्जर में इस समय सवाल केवल पशुओं की सुरक्षा का नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा का भी है। अरावली की तलहटी से निकलकर आबादी तक पहुंच रहे तेंदुओं ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया है।
दतिया में इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्वालियर रोड इलाके में शुक्रवार रात घर में अकेली बैठी करीब 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला से मारपीट करने और उनके मुंह पर एसिड फेंकने का मामला सामने आया है। घटना के समय महिला का बेटा सुबरन झा रक्षाबंधन पर्व के चलते डबरा में अपनी बहन के घर गया हुआ था। महिला के साथ मारपीट और एसिड फेंके जाने की सूचना मिलने पर उनका भतीजा उदयराम मौके पर पहुंचा। उसने घायल महिला को तत्काल इंदरगढ़ अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दतिया, फिर ग्वालियर रेफर इंदरगढ़ अस्पताल में महिला को प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल दतिया रेफर कर दिया। यहां चिकित्सकों ने महिला की स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। महिला का ग्वालियर में उपचार जारी है। मेडिकल रिपोर्ट के बाद होगी एसिड की पुष्टि इंदरगढ़ थाना प्रभारी गौरव शर्मा ने बताया कि घायल महिला की पहचान शांति झा, उम्र करीब 85 वर्ष, के रूप में हुई है। उनका ग्वालियर में उपचार चल रहा है। थाना प्रभारी के मुताबिक, महिला के मुंह पर एसिड फेंके जाने की बात सामने आई है, लेकिन इसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल घटना को अंजाम देने वाले आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है। मेडिकल रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
झांसी की पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पहली बार ‘हर घर जल योजना’ उत्तर प्रदेश को मिलने का किस्सा सुनाया। झांसी में उन्होंने कहा- इस योजना को लेकर हम गुस्सा हो गए थे। तब मैं सांसद थी और प्रधानमंत्री मोदी की झांसी में आखरी सभा हुई थी। तब जो शिलापट्ट बना था। उसमें हर घर में नल और नल में जल योजना नहीं थी। तब मैंने कहा कि फिर तो प्रधानमंत्री को अपना दौरा स्थगित कर देना चाहिए। मैंने प्रधानमंत्री कार्यालय को सूचना दी कि योजना नहीं है तो स्थगित कर दीजिए। तब उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का दौरा स्थगित नहीं होगा, ये योजना नहीं होगी और आपको आना पड़ेगा। आज तक मुझे याद है कमिश्नर-डीएम का चेहरा, जब मैंने प्रधानमंत्री के सबसे वरिष्ठतम सहयोगी को फोन किया था। तब मैंने कहा कहा था कि ठीक है मैं प्रोग्राम में नहीं आउंगी। तो वह बोले- आप मिनिस्टर-सांसद है, आपको आना पड़ेगा। मैंने कहा कि मैं रिजाइन कर दूंगी। लेकिन बुंदेलखंड में हर घर नल और नल में जल योजना चाहिए। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को कहा होगा कि उमा भारती गुस्सा हो गई। फिर रातों-रात मोदी को सूचना गई और केबिनेट में अप्रूवल हुआ। उसके लिए बजट हुआ। फिर प्रधानमंत्री के शिलांयास पट्ट को बदलकर उसमें वो योजना एड की गई। हंसते हुए बोली- आज मैं किस्सा सुना रही है, इसमें कोई झूठ नहीं है। प्रधानमंत्री ने भाषण में दी थी हिंट शुक्रवार रात को उमा भारती ट्रेन से झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन पहुंची थी। उन्होंने आगे कहा- आप उस समय का प्रधानमंत्री का भाषण भी सुनिए कि वो कह गए थे कि हमसे लड़-लड़कर काम कराती है। वो इसी बात पर हिंट कर रहे हैं। मैं उनकी 10 साल छोटी बहन हैं। वो मेरी जिद्दो पर झुक जाते हैं तो झुकने में क्या भलाई है। देश का भला होगा, प्रधानमंत्री वो करेंगे। उमा भारती ने यह किस्सा यूथ के मोदी को झुकाने के बयानों पर सुनाया। उन्होंने कहा- हमारे मोदी तो सबके सामने झुक जाते हैं। एक छोटे बच्चे की भी मांगे मान लेते हैं। पत्रकारों से बातचीत करने के बाद उमा भारती मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गई। आंबेडकर के संविधान से चलेगा देश उमा भारती ने कहा- हमारा देश आज बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान से चल रहा है। मनु स्मृति से लाखों साल पहले चला होगा तो चला होगा। राहुल को कोई बीमारी हो गई है, जिससे वो अचानक लाखों साल पीछे चले गए हैं। उन्हें ये ध्यान नहीं रहा कि वर्तमान में जो देश की संविधानिक और कानून की व्यवस्था है, वो बाबा साहेब आंबेडकर के हिसाब से चल रही है। यहां मनु स्मृति का वजूद नहीं है। कंगना रनौत-बाबा रामदेव विवाद पर कहा- बाबा रामदेव अच्छे आदमी और योगी हैं। मुझे पता था कि वो बात को संभाल लेंगे और देखिए उन्होंने संभाल भी लिया। आरक्षण को लेकर भी बयान दिया जंतर-मंतर पर आरक्षण को लेकर चल रहे आंदोलन पर उन्होंने कहा- आरक्षण में रिफार्म तभी हो सकता है, जब एससी एसटी वर्ग के लोग जनरल सीट से चुनाव जीतने लग जाएं। इतनी बड़ी संख्या में जीतने लग जाए, जब वो कहे कि हमें आरक्षण नहीं चाहिए। जब तक वो जनरल सीट से जीतेंगे नहीं, तब तक आरक्षण जारी रहेगा। चाहे एक लाख साल बीत जाएं। नेपाल बाढ़ पर उन्हों कहा- बहुत दुखद है, मैं बहुत चिंता में हूं। नेपाल के लोग पहले से ही गरीब हैं, दीनहीन हैं। हमारी सरकार उनकी यथासंभव मदद कर रही है। चीन निर्दयी है, अगर दुनिया में सबसे क्रूर कोई देश है, जिसके अंदर हृदय नाम की चीज नहीं है तो वो चीन है। अलर्ट समय पर दे देते तो पूरा नेपाल बच जाता। जब तक गंदगी रहेगी, कॉकरोच जन्म लेगा जेन-जी के प्रदर्शन पर उमा भारती ने कहा- ये उफान है, जैसे दूध गर्म होने पर आता है। लेकिन उनका अपमान नहीं करना चाहिए। उनके लिए बुरे शब्द नहीं बोलना चाहिए। हमारे प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र की मर्यादा का सम्मान किया। उनके लिए अपमानजनक शब्द नहीं बोले। उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए लोकतंत्र की मर्यादा रखी। एक बहुत बड़े कवि, मैं उनका नाम नहीं लूंगी। उन्होंने कहा था- इनको चप्पल से मार दो। हिट छिड़क दो। उनको ये बुद्धि नहीं है कि कॉकरोच जब तक जन्म लेगा, तब तक गंदगी रहेगी। हमको गंदगी खत्म करनी है। इस बात को हमारे प्रधानमंत्री ने समझ लिया। चप्पल से मिटाने की धमकी देना अपमान करना है। किसी को हिट छिड़कने की धमकी देना अपने आपको बहुत छोटा कर लेना है। इस अंहकारी स्वभाव में व्यंग करने वाला व्यक्ति समाज में आदर नहीं पा सकता।
अशोकनगर के देहात थाना क्षेत्र के देरखा गांव में शनिवार सुबह सांप के काटने से 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान विद्या बाई रघुवंशी के रूप में हुई है। महिला सुबह नहाने के लिए कपड़े निकाल रही थीं। इसी दौरान बक्से के पास छिपे सांप ने उनके हाथ में काट लिया। जानकारी के अनुसार, विद्या बाई रोजाना की तरह शनिवार सुबह जल्दी उठी थीं। नहाने के लिए कपड़े निकालने के लिए उन्होंने बक्से का ताला खोला। जैसे ही उन्होंने कपड़े बाहर निकाले, पास में छिपे सांप ने उनके हाथ में काट लिया। अस्पताल ले जाते समय बिगड़ी हालत सांप के काटने की जानकारी मिलते ही परिजन महिला को तत्काल जिला अस्पताल लेकर रवाना हुए। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी हालत बिगड़ने लगी थी। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन कुछ ही देर बाद जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव महिला की मौत के बाद अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव रवाना हुए। परिजनों ने बताया कि विद्या बाई प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करती थीं और इसके बाद भगवान की पूजा-पाठ करती थीं। वह अपने कपड़े एक बक्से में रखती थीं। शनिवार सुबह भी वह रोज की तरह स्नान की तैयारी कर रही थीं, लेकिन कपड़े निकालते समय बक्से के पास छिपे सांप ने उन्हें काट लिया।
9 साल की अंजलि इस दुनिया से जाते-जाते तीन लोगों को नई जिंदगी दे गई। सड़क हादसे में घायल होने के बाद उसका जोधपुर के एम्स में इलाज चल रहा था। 27 अगस्त को डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित किया। इसके बाद परिवार ने अंगदान का फैसला लिया। आज अंजलि की दोनों किडनी और लीवर डोनेट किए गए। एक किडनी और लीवर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल भेजा गया है। वहीं दूसरी किडनी यही जोधपुर एम्स में पेशेंट को ट्रांसप्लांट की जाएगी। 19 अगस्त को स्कूल जाते वक्त हुआ था हादसा अंजलि के पिता अशोक दास ने बताया कि वे पचपदरा के रहने वाले हैं। 19 अगस्त को अंजलि स्कूल जा रही थी। इसी दौरान सड़क पार करते समय एक डंपर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बच्ची दूर जाकर गिरी। उसके सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद अंजलि को इलाज के लिए जोधपुर एम्स में भर्ती कराया गया, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। अशोक दास ने बताया कि वह ड्राइवर है और उनकी पत्नी हाउस वाइफ हैं। शादी के 12 साल बाद उनके बच्चे हुए थे। अंजलि के बाद उनका एक बेटा भी है। उन्होंने बताया की शुरुआत में परिजन अंगदान के लिए राजी नहीं हुए थे, लेकिन समझाने के बाद वे मान गए थे। AIIMS जोधपुर में अब तक 37 अंगदान SOTTO, ROTTO और NOTTO के समन्वय से परिवार को अंगदान के लिए प्रेरित किया गया। AIIMS जोधपुर ने मार्च 2024 में मृतक अंगदान कार्यक्रम की शुरुआत की थी। अंजलि का अंगदान यहां का 12वां कैडैवरिक डोनेशन है। खास बात यह है कि तीसरी बार किसी बच्चे ने यहां अंगदान किया है। अब तक यहां 37 ऑर्गन डोनेट किए जा चुके हैं। वेंटिलेटर के जरिए अंगों को सुरक्षित रखा जाता है ब्रेन शरीर के सभी अंगों को कंट्रोल करता है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण सांस लेने वाला फंक्शन है। सांस लेने वाला फंक्शन यदि चला जाता है तो वेंटिलेटर के जरिए ऑक्सीजन शरीर के अंगों तक आर्टिफिशियल तरीके से पहुंचाई जाती है। इससे अंगों को कुछ समय तक के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है, ताकि उसे दूसरों के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जा सके। --- ये खबर भी पढ़ें… जयपुर में 19 साल के रोहन ने 3 जिंदगियां बचाई:परिवार ने किए किडनी-लिवर डोनेट; बाइक से घर लौटते समय ट्रेलर ने मारी थी टक्कर जयपुर में एक्सीडेंट के कारण ब्रेनडेड युवक मौत से पहले 3 लोगों को नई जिंदगियां दे गया। सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) के डॉक्टर्स की समझाइश के बाद परिवार ने युवक की किडनी-लिवर डोनेट कर दी। हालांकि, उन्होंने उसका हार्ट डोनेट करने से इनकार कर दिया। कॉलेज स्टूडेंट रोहन शर्मा (18) जयपुर के चौमूं का रहने वाला था। (पूरी खबर पढ़ें)
अमरोहा में दो सड़क हादसों में एक की मौत:तीन घायल; आवारा सांड और ट्रैक्टर से हुई बाइक की टक्कर
अमरोहा में बीती रात हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। पहला हादसा नेशनल हाईवे पर हुआ, जिसमें एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। दूसरा हादसा तिगरी मार्ग पर हुआ, जहां एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला हादसा नेशनल हाईवे पर हुआ। मुरादाबाद निवासी रोहित पुत्र इंद्रेश अपनी ससुराल गजरौला थाना क्षेत्र के भीकनपुर शुमाली गांव जा रहे थे। उनकी बाइक एक आवारा सांड से टकरा गई। इस टक्कर में रोहित गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है और उन्हें रेफर किया गया है। दूसरा हादसा रात करीब एक बजे तिगरी मार्ग पर कुमराला गांव के पास हुआ। तिगरी निवासी गजेंद्र पुत्र तारा सिंह अपने चचेरे भाई राजेश और फुफेरे भाई नीटू निवासी बहलोलपुर के साथ बाइक से गजरौला से तिगरी लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि कुमराला गांव के निकट सामने से गलत दिशा से आ रहे एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गजेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। राजेश और नीटू गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। गजेंद्र के परिजनों ने ट्रैक्टर चालक गुलशेर निवासी बछरायूं के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
ग्वालियर अंचल में अगस्त के अंतिम सप्ताह में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। शुक्रवार और शनिवार सुबह शहरवासियों के लिए राहत भरी रही। आसमान में छाए घने काले बादलों और ठंडी हवाओं के साथ हुई हल्की से मध्यम बारिश ने उमस और गर्मी से काफी हद तक राहत दिलाई है। मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, शुक्रवार (28 अगस्त) की सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रही और शहर के विभिन्न हिस्सों में झमाझम व छिटपुट बौछारों का दौर चला, जिसके चलते बीते 24 घंटों में 47.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं शनिवार (29 अगस्त) की सुबह की शुरुआत भी सुहावने मौसम और हल्की ड्रिजलिंग (रिमझिम) के साथ हुई। दिन में राहत, रात में ठंडक 28 अगस्त शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 28.0C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 से 4 डिग्री कम रहा। वहीं रात (न्यूनतम) का तापमान 25.2C रिकॉर्ड हुआ। हवा में नमी का स्तर (Humidity) 96% तक पहुंचने के कारण सुबह के समय धुंध जैसी स्थिति भी बनी रही। 29 अगस्त शनिवार को दिन के अधिकतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी का अनुमान है और यह 29.0C के आसपास दर्ज किया जा सकता है। वहीं शनिवार तड़के का न्यूनतम तापमान 26.0C के लगभग रहा। आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं। सीजन की कुल बारिश का आंकड़ा मानसून सीजन में अब तक ग्वालियर जिले और आसपास के अंचल में कुल वर्षा का आंकड़ा 534.5 मिलीमीटर से अधिक हो चुका है। हालांकि, मानसून के शुरुआती चरण में कमजोर पड़े सिस्टम के कारण यह आंकड़ा औसत (751 मिमी) से अभी थोड़ा पीछे है, लेकिन अगस्त के आखिरी दिनों में एक्टिव हुए नए वेदर सिस्टम से किसान और आम नागरिक आने वाले दिनों में और बेहतर बारिश की उम्मीद जता रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से में बनी नमी के कारण 30 और 31 अगस्त को भी ग्वालियर-चंबल अंचल में रुक-रुक कर रिमझिम बारिश और बादलों की गर्जना का दौर जारी रहने की संभावना है।
रोहतक में आर्य प्रतिनिधि सभा हरयाणा की तरफ से दयानंद मठ में पाखंड खंडन सम्मेलन का आयोजन 30 अगस्त को किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न राज्यों से आर्य समाज के दिग्गज शामिल होंगे। सम्मेलन के दौरान रामपाल दास के पाखंड का पर्दाफाश किया जाएगा। साथ ही कोई बड़ी घोषणा भी मंच से हो सकती है। आर्य प्रतिनिधि सभा हरयाणा के उपप्रधान उमेद सिंह ने बताया कि पाखंड के खिलाफ कल एक बिगुल बजाया जाएगा। देश में बढ़ रहे पाखंड को समाप्त करने के लिए सम्मेलन में निर्णय लिया जाएगा। उमेद सिंह ने कहा कि अगर पाखंड फैलता है तो युवा पीढ़ी के संस्कार भी गलत होते हैं। कुरीतियां फैलती है और युवा भ्रमित होता है। आर्य समाज हमेशा पाखंड के खिलाफ खड़ा उमेद सिंह ने कहा कि आर्य समाज हमेशा पाखंड के खिलाफ खड़ा है, चाहे पाखंड कोई भी फैलाए। पाखंड का विरोध हर स्तर पर किया जाएगा। लोगों को जागरूक करना आर्य समाज का उद्देश्य है। देश की युवा पीढ़ी को पाखंड में फंसने से बचाने के लिए सम्मेलन किया जा रहा है। लोगों के संस्कार परिवर्तित करने की जरूरत उमेद सिंह ने कहा कि पाखंड कौन फैला रहा है, कौन उनके पास जा रहा है, इस पर ध्यान देने की जरूरत है। जब तक लोगों के संस्कारों को परिवर्तित नहीं करेंगे, तब तक पाखंड बढ़ता रहेगा। ऐसे पाखंडवादी भी बढ़ते रहेंगे। समाज में भ्रम फैला दिया जाता है, रातों रात आश्रम खड़े कर देते है। अधिक लोग पढ़े लिखे नहीं है, इसलिए उनके झांसे में आ जाते है। सरकार को पाखंडियों के खिलाफ करनी चाहिए कार्रवाई उमेद सिंह ने कहा कि सरकार को ऐसे पाखंडियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। वरना समाज खत्म हो जाएगा। समाज नाना प्रकार के पाखंड में लोग फंस जाएंगे। सरकार से अपील करेंगे कि पाखंडवाद के खिलाफ कार्रवाई करे। कुछ राजनेताओं की अपनी सोच है जो ऐसे लोगों के पास जाते हैं। उनका अपना स्वार्थ हो सकता है। 3 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था उमेद सिंह ने बताया कि दयानंद मठ में सम्मेलन के लिए 3 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। आर्य समाज से जुड़े 7 दिग्गजों को आमंत्रित किया गया है, जो लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे। सुबह हवन किया जाएगा, जिसके बाद भजन होंगे और उसके बाद सम्मेलन को शुरू किया जाएगा।
वेदर सिस्टम सक्रिय होने से सागर जिले में बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे में जिलेभर में झमाझम बारिश हुई। लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। पिछले 24 घंटे में राहतगढ़ में 80 मिमी, जैसीनगर में 72 मिमी, मालथौन में 72 मिमी, गढ़ाकोटा में 75 मिमी और सागर में 37 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी बारिश हुई। इस दौरान जिले में औसतन करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के साथ जिले में अब तक सीजन की औसत बारिश का 56.6 प्रतिशत पानी गिर चुका है। सीजन में अब तक 27.5 इंच औसत बारिश बारिश के इस सीजन में अब तक सागर जिले में 697.6 मिमी यानी 27.5 इंच औसत बारिश हो चुकी है। पिछले वर्ष 29 अगस्त तक जिले में 984.7 मिमी यानी 38.8 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इस तरह पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 29 अगस्त तक जिले में करीब 29.1 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं, जिले की सामान्य औसत बारिश की तुलना में अब तक 56.6 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। 31 अगस्त से फिर बारिश का दौर शुरू होने की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर होकर समाप्त होने की स्थिति में है। इसके चलते शनिवार को जिले में बारिश का जोर कम होने की संभावना है। हालांकि आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। बारिश के बीच कुछ समय के लिए धूप भी निकलने की संभावना है। उत्तर बंगाल की खाड़ी में शनिवार-रविवार के आसपास एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच जिले में बादल छाने के साथ गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और तेज बौछारें पड़ सकती हैं। फिलहाल जिले में बादल छाए रहने और मौसम के परिवर्तनशील बने रहने की संभावना है।
महराजगंज के नेशनल हाईवे पर शनिवार को लोहारपुरवा स्टेशन मोड़ के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार आर्टिगा कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक बाइक सवार को टक्कर मारने के बाद जंगल में जा घुसी। हादसे में कार चालक और बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आर्टिगा कार फरेंदा की ओर से तेज गति में आ रही थी। लोहारपुरवा स्टेशन मोड़ के पास अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया। चालक कार को संभाल नहीं सका और सड़क किनारे खड़े बाइक सवार से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद कार सड़क से बाहर निकलकर जंगल की तरफ जा घुसी और वहां टकराने के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार चालक ने भी घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। कार में सवार दो लोग गंभीर घायल हादसे के समय कार में दो अन्य लोग भी सवार थे। टक्कर के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। फरेंदा पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। समाचार लिखे जाने तक दोनों घायलों की पहचान नहीं हो सकी थी। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी बताया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए महराजगंज भेज दिया गया। पुलिस मृतकों और घायलों की पहचान कराने में जुटी है। कार और बाइक से मिले दस्तावेजों तथा अन्य सामान के आधार पर पहचान का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही हादसे से संबंधित प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ली जा रही है। तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और कार के अनियंत्रित होने को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वाहन की गति कितनी थी और हादसे से ठीक पहले किन परिस्थितियों में कार अनियंत्रित हुई। घटनास्थल की भौगोलिक स्थिति और सड़क पर वाहनों की आवाजाही की भी जानकारी जुटाई जा रही है। दुर्घटना के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। क्षतिग्रस्त कार और बाइक को देखकर लोग हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाते रहे। पुलिस ने मौके पर व्यवस्था संभाली और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। मृतकों की पहचान और घायलों के संबंध में जानकारी सामने आने के बाद घटना की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
लखनऊ के अमीनाबाद स्थित जनाना पार्क में शनिवार को बज्म-ए-ख्वातीन की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। संगठन के हर महीने होने वाले कार्यक्रम में इस बार पैगंबर मोहम्मद साहब के जीवन और संदेश पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में संगठन की अध्यक्ष शहनाज सिदरत समेत बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। अध्यक्ष शहनाज सिदरत ने बताया कि संगठन की ओर से हर महीने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कार्यक्रम किया जाता है। इसमें उस महीने आने वाले पर्व या किसी खास दिन से जुड़े विषय पर चर्चा होती है। साथ ही महिलाओं की स्थिति, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और सशक्त करने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया जाता है। ‘महिलाओं के अधिकारों कि लड़ाई लड़ी’ सहना ने कहा कि 26 अगस्त को पूरे विश्व में पैगंबर मोहम्मद साहब कि पैदाइश मनाई गई। पैगंबर सिर्फ एक समुदाय के नहीं है बल्कि पूरी मानवता के लिए हैं। उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ने हमेशा हमदर्दी, भलाई , शिक्षा और महिला सम्मान पर जोर दिया। पैगंबर मोहम्मद के आने से पहले अरब देशों में महिलाओं का बुरा हाल था जिंदा दफन कर दी जाती थी। मगर जब पैगंबर मक्का शहर में आए उसके बाद महिलाओं की सुरक्षा , सम्मान और शिक्षा के लिए आवाज उठाई और लोगों को जागरूक किया। महिलाओं को बराबर से मिले हिस्सेदारी मौजूदा समय में महिलाओं का सम्मानजनक जीवन गुजार पाना मुश्किल हो रहा है, जरूरत इस बात की है कि पैगंबर की शिक्षा को जीवन में लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं दर-दर की ठोकर खाती है। मगर कोई सहयोग करने वाला नहीं। सरकार, अफसरशाही और संसद में उनकी संख्या अभी भी बहुत कम है। राजनीतिक दल अपने मंचों पर नारों और वादों की बात करते हैं। महिलाओं को वास्तविक सुरक्षा और अधिकार देने में असफल हैं।
सीतापुर ने आदर्श तहसील महोली परिसर में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब कमरा नंबर दो में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग की चपेट में आने से भूलेख अनुभाग में रखा लैपटॉप, प्रिंटर, सीपीयू समेत अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण बुरी तरह जल गए। प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, तहसील के कमरा नंबर एक और दो में भूलेख अनुभाग संचालित होता है। यहां किसानों को खसरा, खतौनी और अंश भाग की छायाप्रतियां सरकारी शुल्क पर उपलब्ध कराई जाती हैं। शनिवार सुबह करीब नौ बजे कमरा नंबर दो से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। तहसील कर्मचारियों की नजर धुएं पर पड़ी तो उनमें अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर कमरे का ताला खुलवाया तो अंदर इलेक्ट्रिक उपकरण जलते हुए मिले। कमरे में आग लगी देखकर कर्मचारियों ने तत्काल आग बुझाने की कोशिश शुरू की। इसी दौरान तहसील परिसर के आसपास मौजूद कुछ लोगों ने भी मदद के लिए पहुंचकर आग बुझाने में सहयोग किया। भूलेख अनुभाग के दोनों कमरों में धुआं भर गया था। तहसील कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने फायर ब्रिगेड सिलेंडरों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान तहसील परिसर में रखे चार बड़े और तीन छोटे अग्निशमन सिलेंडर खाली हो गए। आग की सूचना 112 पुलिस और कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस टीम के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आग से क्षतिग्रस्त इलेक्ट्रिक उपकरणों से जुड़े जले हुए साक्ष्य इकट्ठे किए। एसडीएम शैलेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि प्रथम दृष्टया शॉर्ट-सर्किट से आग लगने की बात सामने आ रही है। हादसे में लैपटॉप, सीपीयू, प्रिंटर समेत अन्य उपकरण जल गए हैं। मामले की जांच-पड़ताल जारी है।
शिवपुरी नगर पालिका के सफाईकर्मियों और अन्य कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से शुरू हुई हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। मुख्य मार्गों, कॉलोनियों और गली-मोहल्लों में पांच दिनों से कचरा नहीं उठने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। इससे नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी नगर पालिका परिसर में धरने पर बैठे हैं। कर्मचारियों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग को लेकर सोमवार से हड़ताल शुरू की थी। उनका कहना है कि कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन मांगों को लेकर कर्मचारी पहले भी कलेक्टर को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने हड़ताल का निर्णय लिया। हड़ताल में नगर पालिका के नियमित, आउटसोर्स और सफाईकर्मी शामिल हैं। कर्मचारियों के काम पर नहीं आने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई है। 8 मांगों पर प्रशासन सहमत, दो मांगों पर कर्मचारी अड़े नगर पालिका प्रशासन ने कर्मचारियों की 11 में से 8 मांगों को मानने पर सहमति जताई है। इसके बावजूद कर्मचारी हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हैं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण और पदोन्नति शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक नियमितीकरण और पदोन्नति की मांग पर तत्काल कार्रवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। 250 कर्मचारियों के रिकॉर्ड की तलाश में जुटा प्रशासन नियमितीकरण और पदोन्नति की प्रक्रिया में कर्मचारियों के रिकॉर्ड की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन गई है। बताया जा रहा है कि करीब 250 कर्मचारियों को इसका लाभ मिलना है, लेकिन नगर पालिका के पास कई कर्मचारियों के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण प्रशासन के सामने यह समस्या है कि नियमितीकरण और पदोन्नति की प्रक्रिया को किस तरह पूरा किया जाए। नगर पालिका प्रशासन अब कर्मचारियों से संबंधित गायब या अनुपलब्ध रिकॉर्ड की तलाश में जुटा है। कचरा नहीं उठने से शहर में बढ़ी परेशानी इधर, पांच दिनों से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण शहर में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्य मार्गों के साथ कॉलोनियों और गली-मोहल्लों में कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। समय पर कचरा नहीं उठने से नागरिकों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। एक ओर नगर पालिका प्रशासन कर्मचारियों के रिकॉर्ड जुटाने और मांगों के समाधान की कोशिश में है, वहीं कर्मचारी अपनी प्रमुख मांगों पर अड़े हुए हैं। ऐसे में हड़ताल कब समाप्त होगी, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। यदि हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था और बिगड़ने की आशंका है।
जामताड़ा जिले के मिहिजाम थाना क्षेत्र अंतर्गत गोवाकोला स्थित तालाब में शनिवार को नहाने के दौरान 32 वर्षीय मंगल राय की डूबने से मौत हो गई। वह तलवड़िया गांव का निवासी था और दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। बताया गया कि मंगल राय शनिवार को गोवाकोला स्थित तालाब में नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने से उसकी मौत हो गई। इस हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में चीख-पुकार मच गई। मंगल राय के पीछे एक दुधमुंही बच्ची है, जिसके सिर से पिता का साया उठ गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही मिहिजाम पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकाला गया। पुलिस ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जामताड़ा भेज दिया। मृतक के भाई तुलसी राय और तरुण राय ने बताया कि मंगल की मौत से उनके परिवार का सहारा छिन गया है। मामले को लेकर थाना प्रभारी प्रदीप राणा ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
प्रयागराज में स्काउट-गाइड शिविर का समापन:छात्रों ने अनुशासन और टीम भावना का प्रदर्शन किया
प्रयागराज के सीएवी इंटर कॉलेज में प्रथम एवं द्वितीय सोपान स्काउट-गाइड शिविर का समापन हो गया। विद्यालय के सीएवी स्काउट दल और एनी बेसेंट गाइड कंपनी द्वारा आयोजित इस शिविर में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। स्काउट्स की स्वराज और आजाद टोली तथा गाइड्स की दुर्गावती, आनंदी और कस्तूरबा टोली ने अनुशासन और टीम भावना का प्रदर्शन किया। शिविर का आयोजन विद्यालय के प्रधानाचार्य मेजर केके प्रसाद के मार्गदर्शन में किया गया। समापन अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों के प्रदर्शन, सेवा भावना और अनुशासन की सराहना की। प्रधानाचार्य ने स्काउट-गाइड्स को राष्ट्र निर्माण और चरित्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हुए अनुशासित जीवन जीने का संदेश दिया। मेजर प्रसाद ने विद्यार्थियों से भविष्य में उच्च योग्यताएं हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहने का भी आह्वान किया। उन्होंने बताया कि शिविर का उद्देश्य केवल गतिविधियों में सहभागिता तक सीमित नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा भावना, टीमवर्क और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना भी था। शिविर को सफल बनाने में स्काउट मास्टर नन्द जी यादव, सहायक स्काउट मास्टर टीपी सिंह, नरेश कुमार और सीनियर ट्रूप लीडर ने सक्रिय भूमिका निभाई। समापन कार्यक्रम में राज्य पुरस्कार प्राप्त स्काउट प्रिंस के शेरवानी ने साथी विद्यार्थियों और स्काउट-गाइड्स से भविष्य में भी एकजुट होकर कार्य करने की अपील की। उन्होंने साथियों के राज्य पुरस्कार और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने की कामना की। कार्यक्रम के अंत में शिविर को सफल बनाने वाले सभी स्काउट-गाइड्स, टोली नायक-नायिकाओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी गईं।
फरीदाबाद जिले सारन गांव में शुक्रवार रात प्रॉपर्टी विवाद ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। संपत्ति को लेकर चल रहे पुराने विवाद में दो सगे भाइयों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि बड़े भाई ने कथित तौर पर छोटे भाई पर तीन राउंड फायर कर दिए। दो गोलियां तो निशाना चूक गईं, लेकिन तीसरी गोली छोटे भाई अभिषेक के पेट में जा लगी। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। वारदात के बाद आरोपी बड़ा भाई तुषार मौके से फरार हो गया। परिजनों ने घायल अभिषेक को आनन-फानन में निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। चार साल पहले हो चुकी पिता की मौत जानकारी के अनुसार, सारन गांव निवासी तुषार और अभिषेक के पिता की करीब चार साल पहले मौत हो चुकी है। पिता की मौत के बाद से ही दोनों भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। परिवार के मुताबिक, प्रॉपर्टी को लेकर दोनों भाइयों में आए दिन कहासुनी और झगड़ा होता रहता था। विवाद इतना बढ़ चुका था कि दोनों एक-दूसरे को गोली मारने तक की धमकी देते थे। शुक्रवार रात इसी पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गोली चलने से मची अफरा- तफरी घायल अभिषेक के बाबा रामलाल ने बताया कि शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे वह अपने घर के पास मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वह तुरंत मौके पर पहुंचे तो देखा कि अभिषेक को गोली लगी हुई थी और वह गंभीर रूप से घायल था। परिवार के लोग उसे उठाकर अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। पूछताछ करने पर उन्हें पता चला कि अभिषेक के बड़े भाई तुषार ने उस पर तीन राउंड फायरिंग की है।रामलाल के अनुसार, तुषार अपने दूसरे घर से सारन गांव स्थित बृजवासी मिठास भंडार वाली गली में अभिषेक के घर पहुंचा था। दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। तीन राउंड किए फायर, दो गाली लगी आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद तुषार ने अभिषेक पर तीन राउंड फायर कर दिए। दो गोलियां अभिषेक को नहीं लगीं, जबकि तीसरी गोली उसके पेट में जा लगी। गोली लगने के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद तुषार वहां से फरार हो गया। अभिषेक शादीशुदा है और पिछले साल नवंबर में उसकी शादी हुई थी। वह फाइनेंस का काम करता है। परिवार के लोग इस घटना से सदमे में हैं। उनका कहना है कि संपत्ति को लेकर दोनों भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, लेकिन मामला गोलीबारी तक पहुंच जाएगा, इसका अंदाजा नहीं था। मौके पर पहुंची पुलिस, कर रही जांच घटना की सूचना मिलते ही सारन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल अभिषेक की स्थिति और घटना से जुड़ी जानकारी ली। सारन थाना प्रभारी हुकुम सिंह ने बताया कि सारन गांव में युवक को गोली लगने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दो भाइयों के बीच विवाद हुआ था और बड़े भाई ने छोटे भाई पर गोली चलाई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घायल अभिषेक के होश में आने के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस गोली चलाने की वजह, घटनास्थल के हालात और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस कार्रवाई कर रही है।
बस्ती में महिला सिपाही की मौत:सिर में चोट लगी थी, एसपी ऑफिस के कर्मचारियों ने नहीं दी छुट्टी
बस्ती के लालगंज थाने में तैनात 30 वर्षीय महिला आरक्षी केसरी वर्मा की शनिवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। महिला सिपाही के पति नागेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया है कि सिर में चोट लगने के बाद इलाज के लिए छुट्टी मांगी गई थी, लेकिन एसपी ऑफिस के दो कर्मियों ने छुट्टी देने से मना कर दिया। उनका कहना है कि समय पर छुट्टी मिल जाती तो उनकी पत्नी का बेहतर इलाज हो सकता था और शायद उसकी जान बच जाती। पत्नी की मौत के बाद सिपाही नागेंद्र वर्मा पोस्टमार्टम हाउस पर फूट-फूटकर रोते रहे। उन्होंने लालगंज थाने के एसओ को लिखित तहरीर देकर एसपी ऑफिस के दो कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस दौरान सीओ रुधौली अनिल सिंह, सीओ हर्रैया स्वर्णिमा सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे। हालांकि, नागेंद्र एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिसकर्मियों और परिजनों के अनुसार, केसरी वर्मा कुछ दिन पहले छुट्टी पर अपने घर प्रतापगढ़ गई थीं। 22 अगस्त को छुट्टी पूरी होने के बाद वह बस्ती लौट रही थीं। उनका भाई उन्हें स्टेशन छोड़ने के लिए बाइक से साथ आ रहा था। इसी दौरान रास्ते में हादसा हो गया, जिसमें केसरी के सिर में गंभीर चोट लगी। हादसे के बाद प्रतापगढ़ में उनका इलाज कराया गया। सिर में चोट लगने के कारण डॉक्टरों ने चार टांके लगाए थे। बाद में वह बस्ती लौट आईं। यहां भी उनका इलाज चल रहा था और उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी। 27 अगस्त को इलाज के लिए मांगी थी छुट्टी केसरी के पति नागेंद्र वर्मा का आरोप है कि सिर में चोट लगने के बाद भी उन्हें उपचार के लिए पर्याप्त छुट्टी नहीं मिल सकी। नागेंद्र के मुताबिक, केसरी 27 अगस्त को छुट्टी के लिए एसपी ऑफिस गई थीं। वहां कथित तौर पर उन्हें यह कहते हुए छुट्टी देने से मना कर दिया गया कि ईएल नहीं होगा और मेडिकल लीव भी नहीं मिलेगी। नागेंद्र ने कहा कि छुट्टी के आवेदन के साथ मेडिकल रिपोर्ट और सीटी स्कैन भी लगाए गए थे। रिपोर्ट में सिर में चोट और टांके लगने का उल्लेख था। उनका कहना है कि उस समय कम से कम मेडिकल दस्तावेज देखकर केसरी को इलाज के लिए छुट्टी दे दी जाती तो उन्हें समय पर उपचार मिल सकता था। शनिवार भोर में अचानक बिगड़ी तबीयत शनिवार सुबह करीब चार बजे केसरी वर्मा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उनके पति और अन्य पुलिसकर्मी उन्हें आनन-फानन में ओपेक चिकित्सालय कैली ले जाने लगे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों और पुलिसकर्मियों की भीड़ जुट गई। 2018 बैच की थीं केसरी, पति भी पुलिस में केसरी वर्मा 2018 बैच की आरक्षी थीं और मूल रूप से प्रतापगढ़ की रहने वाली थीं। करीब दो वर्ष पहले उनकी शादी 2020 बैच के सिपाही नागेंद्र वर्मा से हुई थी। नागेंद्र मूल रूप से अमेठी के रहने वाले हैं। दोनों पति-पत्नी बस्ती के लालगंज थाने में तैनात थे और बनकटी कस्बे में किराए के मकान में रह रहे थे। पति ने कहा- छुट्टी मिल जाती तो आज पत्नी जिंदा होती पोस्टमार्टम हाउस पर नागेंद्र वर्मा ने अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी के सिर में चोट लगी थी और इलाज के लिए छुट्टी मांगी गई थी। आवेदन के साथ मेडिकल और सीटी स्कैन की रिपोर्ट भी लगाई गई थी। उनका आरोप है कि अगर उसी समय छुट्टी मिल जाती तो पत्नी का समय पर इलाज कराया जा सकता था। नागेंद्र ने एसपी ऑफिस के दो कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। वह पोस्टमार्टम हाउस के बाहर काफी देर तक रोते रहे और अधिकारियों से एफआईआर दर्ज करने की मांग करते रहे। अधिकारी समझाते रहे, जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट मौके पर मौजूद सीओ रुधौली अनिल सिंह, सीओ हर्रैया स्वर्णिमा सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने सिपाही को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, नागेंद्र अपनी मांग पर अड़े रहे। उन्होंने तहरीर देकर पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि महिला आरक्षी की मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिरडी के साईं बाबा मंदिर, एलोरा की विश्व प्रसिद्ध गुफाओं और ज्योतिर्लिंगों के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। रेलवे और आईआरसीटीसी पटना की ओर से विशेष भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन का संचालन 1 सितंबर से किया जाएगा। ट्रेन संख्या 00391 का ठहराव दिलदारनगर रेलवे स्टेशन पर भी निर्धारित किया गया है। ट्रेन बिहार के बिहटा से रवाना होकर पटना, आरा और बक्सर के रास्ते दिलदारनगर पहुंचेगी। यहां शाम 7:10 बजे ट्रेन पहुंचेगी और पांच मिनट रुकने के बाद 7:15 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के लिए रवाना होगी। वापसी में ट्रेन संख्या 00392 आठ सितंबर की रात 11:40 बजे दिलदारनगर पहुंचेगी और पांच मिनट के ठहराव के बाद 11:45 बजे पटना के लिए रवाना होगी। आईआरसीटीसी पटना के क्षेत्रीय प्रबंधक कन्हैया शर्मा के अनुसार, पैकेज कोड ईजेडबीजी-32 के तहत संचालित इस ट्रेन में बेतिया से प्रयागराज छिवकी तक कुल 14 स्टेशनों से यात्रियों को बोर्डिंग की सुविधा मिलेगी। आठ रात और नौ दिन की इस यात्रा में श्रद्धालुओं को धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। 14 स्टेशनों से ट्रेन में सवार हो सकेंगे यात्री भारत गौरव ट्रेन में बेतिया, सुगौली, रक्सौल, सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, दिलदारनगर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन और प्रयागराज छिवकी से यात्री बोर्डिंग कर सकेंगे। तीन ज्योतिर्लिंगों के साथ शिरडी और एलोरा का दर्शन यात्रा के दौरान उज्जैन के महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग, नासिक के त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे। इसके अलावा शिरडी स्थित श्री साईं बाबा मंदिर और छत्रपति संभाजीनगर के घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी पैकेज में शामिल हैं। यात्रियों को एलोरा की ऐतिहासिक गुफाओं का भ्रमण भी कराया जाएगा। 18,160 रुपए से शुरू होगा किराया यात्रियों के लिए इकोनॉमी क्लास का किराया 18,160 रुपए प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है। स्टैंडर्ड क्लास के लिए 32,550 रुपए और कम्फर्ट क्लास के लिए 39,425 रुपए प्रति यात्री किराया रखा गया है। पैकेज में रेल यात्रा के साथ आवास, शाकाहारी भोजन, स्थानीय भ्रमण, सुरक्षा और यात्रा बीमा की सुविधा शामिल है। बुकिंग और पैकेज से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यात्री आईआरसीटीसी की वेबसाइट या हेल्पलाइन से संपर्क कर सकते हैं।
झालावाड़ में बाइक भिड़ंत, एक की मौत:रक्षाबंधन पर घर लौटते समय तीन घायल, पनवाड़ क्षेत्र में हादसा
झालावाड़ के पनवाड़ थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। घायलों को खानपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा पनवाड़ थाना क्षेत्र के उम्मेदपुरा गांव के पास खानपुर-कनवास मार्ग पर रात करीब 8 बजे हुआ। जानकारी के अनुसार, सड़क पर दो बाइकें आमने-सामने आ गईं और उनमें जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों पर सवार सभी लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। हादसे में उम्मेदपुरा निवासी 40 वर्षीय महावीर किराड़ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ग्रामीणों की सूचना पर घायलों को तुरंत खानपुर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने महावीर किराड़ को मृत घोषित कर दिया। दूसरी बाइक पर सवार सोजपुर गांव के तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार खानपुर अस्पताल में चल रहा है। पनवाड़ थानाधिकारी संपत राज ने बताया कि सड़क हादसे में महावीर किराड़ की मौत हुई है और तीन लोग घायल हुए हैं। मृतक के शव का शनिवार को खानपुर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने घटना के संबंध में जानकारी जुटाते हुए हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों पक्षों के लोग रक्षाबंधन के त्योहार के चलते अपने गांव की ओर लौट रहे थे।
श्राविका मंजुला जैन का हुआ केश लोचन:बड़वानी में मोक्ष मार्ग की ओर बढ़ाया कदम, पहली श्राविका बनीं
बड़वानी दिगंबर जैन समाज की श्राविका मंजुला जैन ने शनिवार दोपहर को स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर में केश लोचन की क्रिया संपन्न की। वह जैन धर्म के अनुसार 8 प्रतिमा के नियम धारण किए हुए हैं और गृहस्थ अवस्था में हैं। बड़वानी के इतिहास में वह पहली श्राविका हैं जिन्होंने केश लोचन किया है। यह क्रिया आर्यिका संघ की क्षुल्लिका संभाव मति माताजी के केश लोचन को देखकर मंजुला जैन के मन में वैराग्य के भाव उत्पन्न होने के बाद हुई। बड़वानी में विराजित चतुर्थ पट्टाचार्य सुनील सागर जी महाराज जी की शिष्या आर्यिका सुप्रज्ञ मति जी माताजी ससंघ से उन्होंने केश लोचन का निवेदन किया। पूज्य सुप्रज्ञ मति जी माताजी ने अपने वरद हस्त से यह क्रिया संपन्न कराई। मंजुला जैन ने विगत 9 वर्षों से त्याग का जीवन प्रारंभ किया था। उन्होंने पहले 2 प्रतिमा, फिर 7 प्रतिमा और अंततः आचार्य श्री विद्या सागर जी से 8वीं प्रतिमा के व्रत धारण कर मोक्ष मार्ग पर कदम बढ़ाया है। इस अवसर पर आर्यिका सुप्रज्ञ मति जी माताजी ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुनि और आर्यिका के केश लोचन तथा आहार की क्रिया प्रत्येक श्रावक को देखनी चाहिए, जिससे वैराग्य की भावना उत्पन्न होती है। माताजी ने दान और प्रभावना के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दान और प्रभावना ऐसी वस्तुओं का करना चाहिए जिससे जीव हिंसा न हो। अहिंसक वस्तुओं का दान करने से होने वाली सभी क्रियाओं का 6 प्रतिशत पुण्य नियम से प्राप्त होता है। यदि किसी हिंसक वस्तु का दान किया गया है और उससे कोई जीव घात या पापाचार हुआ है, तो उसका पाप भी नियम से दान करने वाले को लगता है। अतः दान ऐसी वस्तु का करें जिससे पुण्य की प्राप्ति हो। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर में दिए गए दान का उपयोग केवल मंदिर के निर्माण और धार्मिक कार्यों में ही होना चाहिए, न कि किसी अन्य कार्य के लिए। श्रावक को पूजा की सामग्री स्वयं लानी चाहिए और मंदिर में भी रखनी चाहिए। मंदिर के द्रव्य से की गई पूजा निर्मालय हो जाती है। भगवान के परिमार्जन के लिए उपयोग किए जाने वाले अंगोछे (वस्त्र) भी बगैर सिलाई के होने चाहिए। माताजी ने ऐसी कई अन्य बारीकियां भी बताईं।
मथुरा में टीवी चैनल की लाइव डिबेट के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता को अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास की ओर से अपशब्द कहने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस के विरोध के बीच अब निषाद समाज भी प्रदर्शन पर उतर आया है। शनिवार को निषाद समाज के लोग कांग्रेस नेताओं के साथ सिविल लाइंस से कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां जमकर नारेबाजी की और महंत राजू दास के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पैदल मार्च करते हुए पहुंचे कलेक्ट्रेट शनिवार को निषाद समाज और कांग्रेस के नेता मथुरा सिविल लाइन इलाके में एकत्रित हुए। जहां से उन्होंने DM ऑफिस तक पैदल मार्च किया। करीब आधा किलोमीटर तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों का आरोप है कि गाली केवल कुंवर सिंह निषाद को नहीं बल्कि पूरे निषाद समाज की मां को दी है। इस मामले में महंत राजू दास के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए। DM ऑफिस पर की जमकर नारेबाजी ज्ञापन देने पहुंचे प्रदर्शनकारी DM ऑफिस पहुंचे। जहां जिलाधिकारी के न मिलने पर वह आक्रोशित हो गए और DM ऑफिस पर ही धरने पर बैठ गए। जहां उन्होंने महंत राजू दास के खिलाफ अपने आक्रोश का इजहार करते हुए जमकर नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक प्रदर्शन कर रहे लोग नारेबाजी करते रहे। लेकिन उनसे बात करने कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। जिससे निषाद समाज के लोग और अधिक आक्रोशित हो गए। DM के न मिलने पर फाड़ा ज्ञापन जिलाधिकारी को महंत राजू दास के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे कुंवर सिंह निषाद और अन्य लोगों को जब कार्यालय पर DM नहीं मिले तो वह आक्रोशित हो गए। इस दौरान कुंवर सिंह निषाद ने DM को देने के लिए लाए गए ज्ञापन को फाड़ दिया। कुंवर सिंह निषाद ने कहा उन्होंने 4 बार एसएसपी से समय लेने का प्रयास किया लेकिन अभी तक नहीं मिले। अब जिलाधिकारी को ज्ञापन देने आए तो वह नहीं मिले। उन्होंने यह कहते हुए ज्ञापन फाड़ दिया और कहा अब बड़ा आंदोलन करेंगे।
हरदोई के पिहानी में रक्षाबंधन का त्योहार एक परिवार के लिए दुखद घटना लेकर आया। राखी बांधने आई बहन के साथ लाए गए जहरीले सांप के डंसने से भाई की मौत हो गई। सांप के डंसने से हुई भाई की मौत पिहानी कस्बे के कटरा बाजार निवासी विनोद रस्तोगी (पुत्र विजय रस्तोगी) की शुक्रवार को सर्पदंश से मृत्यु हो गई। जानकारी के अनुसार, विनोद की बहन अनीता रस्तोगी और बहनोई राजू रस्तोगी (निवासी बबराला, जिला संभल) रक्षाबंधन पर भाई को राखी बांधने पिहानी आए थे। राजू रस्तोगी सांप पकड़ने का काम करते हैं और वे अपने साथ एक डिब्बे में काला नाग लेकर आए थे। परिजनों ने बताया कि विनोद सांप को देखकर उससे मजाक करने लगा। उसने नाग को अपने हाथ में लपेट लिया, तभी सांप ने उसे डंस लिया। कुछ ही देर में विनोद की हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद बहनोई राजू उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पिहानी ले गए। झाड़-फूंक से बिगड़ी हालत सीएचसी ले जाने के बाद परिजन विनोद को झाड़-फूंक के लिए ले गए, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। बाद में उसे दोबारा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। विनोद अविवाहित था। इस घटना से पूरे मोहल्ले में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, मृतक की मां ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई या पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। परिवार के सदस्यों के बीच इस संबंध में आपसी सहमति बन गई है। विशेषज्ञों ने ऐसी घटनाओं के प्रति आगाह किया है। जहरीले सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाना जानलेवा हो सकता है। सर्पदंश होने पर पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। सांपों को पकड़ने, उनके साथ मजाक करने या फोटो खिंचवाने से बचना चाहिए।
संभल में प्रेम-प्रसंग के चलते एक युवक की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। बाद में उसके शव को जामुन के पेड़ पर फांसी पर लटका दिया गया। फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के 90 दिन बाद पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। घटना तहसील गुन्नौर के थाना धनारी क्षेत्र के गांव रुस्तमपुर पीपलवाड़ा की है। युवक की पहचान गोपाल (22) पुत्र ऋषिपाल के रूप में हुई थी। गोपाल 29 मई की शाम करीब 4:30 बजे घर से निकला था और देर रात तक वापस नहीं लौटा। 30 मई की सुबह उसका शव गांव के बाहर एक जामुन के पेड़ से लटका मिला था। मृतक के पिता ने भी बेटे की हत्या का संदेह जताया था और आत्महत्या की बात से इनकार किया था। शनिवार को थाना प्रभारी नरेश पाल सिंह ने बताया कि युवक की हत्या के मामले में रुस्तमपुर पीपलवाड़ा निवासी सुलदीप उर्फ संदीप शर्मा पुत्र राजाराम शर्मा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थाना प्रभारी नरेश पाल सिंह के अनुसार, मृतक के पिता की शिकायत पर 5 अगस्त को राम खिलाड़ी पुत्र नौरंगीलाल, धर्मेंद्र व रविंद्र पुत्र रामवीर, कुलदीप उर्फ संदीप शर्मा पुत्र राजाराम शर्मा, शाहपुर सोत थाना असमोली निवासी गौरव और बहजोई निवासी राजू के खिलाफ धारा 103(1) के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मुकदमे की विवेचना के दौरान इसमें 238 BNS की धारा भी बढ़ाई गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त से पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक युवक का गांव की एक लड़की से प्रेम प्रसंग था। युवक की मौत से कुछ समय पहले दोनों को एक साथ पकड़े जाने के बाद गांव में एक पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत में गोपाल को लड़की से दूर रहने की चेतावनी दी गई थी और लड़की को उसकी ननिहाल भेज दिया गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक रस्सी टूटने के बाद दूसरी रस्सी का इस्तेमाल कर शव को फांसी पर लटकाया था।
नगर निकाय चुनाव-2026 के तहत नामांकन प्रक्रिया के तीसरे दिन शनिवार को सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद झुंझुनूं एसडीएम कोर्ट खुला रहा। सुबह से ही एसडीएम कोर्ट परिसर के बाहर संभावित प्रत्याशियों, उनके समर्थकों, वकीलों और चुनावी सलाहकारों की भीड़ जुट गई। हालांकि दोपहर 12 बजे तक एक भी नया नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ। अधिकांश संभावित प्रत्याशी नामांकन पत्र और जरूरी दस्तावेजों की जांच कराने के लिए पहुंचे। उन्होंने वकीलों और चुनावी सलाहकारों के साथ फॉर्म में संभावित कमियों को दूर कराया। कई प्रत्याशियों ने दस्तावेजों की दोबारा जांच करवाई, ताकि अंतिम दिनों में स्क्रूटनी के दौरान किसी तकनीकी कमी के कारण नामांकन निरस्त न हो। अलग-अलग काउंटर पर दस्तावेजों की जांच नामांकन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए एसडीएम कोर्ट परिसर में वार्डवार अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं। इन काउंटरों पर कर्मचारी प्रत्याशियों के नामांकन फॉर्म, आवश्यक दस्तावेज और अन्य औपचारिकताओं की जांच कर रहे हैं। इस व्यवस्था से प्रत्याशियों को एक ही परिसर में नामांकन से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने में सुविधा मिल रही है। भीड़ के बावजूद प्रशासन की ओर से व्यवस्था बनाए रखी गई छुट्टी का दिन तैयारी में लगाया सार्वजनिक अवकाश के बावजूद एसडीएम कोर्ट खुला रहने से संभावित प्रत्याशियों को नामांकन से पहले कागजात दुरुस्त कराने का अतिरिक्त समय मिला। कई दावेदारों ने शनिवार का उपयोग दस्तावेजों की कमियां दूर करने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में किया। सोमवार को बढ़ सकती है नामांकन की रफ्तार अधिकांश प्रत्याशी शुभ मुहूर्त और चुनावी रणनीति के अनुसार सोमवार को नामांकन दाखिल करने की तैयारी में हैं। प्रमुख राजनीतिक दलों के अधिकृत उम्मीदवारों के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों के भी बड़ी संख्या में एसडीएम कोर्ट पहुंचने की संभावना है। अंतिम दिनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
सागर के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व को वन और वन्यजीव संरक्षण से जोड़ते हुए वन विभाग मना रहा है। विभाग की ओर से टाइगर रिजर्व से लगे आसपास के गांवों में बाघ राखी कार्यक्रम का आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान गांव की महिलाएं और युवतियां वन विभाग में कार्यरत कर्मचारियों, जिन्हें विभाग की ओर से ‘ग्रीन वारियर’ कहा जा रहा है, की कलाई पर बाघ की आकृति वाली विशेष राखियां बांध रही हैं। राखी बांधने के साथ ही बहनें अपने वनकर्मी भाइयों के साथ वन और वन्यजीवों की सुरक्षा का संकल्प ले रही हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल रक्षाबंधन के त्योहार को मनाना नहीं, बल्कि ग्रामीणों और वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों को जंगल और वन्यजीवों के संरक्षण से भावनात्मक रूप से जोड़ना है। त्योहार के लिए 10 हजार बाघ राखियां बनवाई रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि अभियान के लिए वन विभाग की टीम ने करीब 10 हजार बाघ राखियां तैयार करवाई हैं। इन राखियों पर बाघ,चीता और अन्य वन्य प्राणियों की आकृतियां बनाई गई हैं। इन राखियों को वन विभाग के कर्मचारी टाइगर रिजर्व से लगे गांवों में लेकर पहुंच रहे हैं। रिजर्व से सटे गांव में बंधवाईं जा रही बाघ राखी बाघ राखी अभियान के तहत टीम इन राखियों को लेकर आसपास के गांवों में पहुंच रही है। ग्रामीणों के साथ संवाद कर उन्हें बाघों और दूसरे वन्य प्राणियों के महत्व के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही वन क्षेत्र में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों की जानकारी वन विभाग तक पहुंचाने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।
रिफंड के बहाने फोन हैक, साइबर ठगों ने 3.23 लाख:चूरू साइबर पुलिस ने 1.42 लाख रुपए करवाए होल्ड
चूरू में रिफंड का झांसा देकर साइबर ठगों ने अमरपुरा निवासी श्रीचंद जाट (63) का मोबाइल फोन हैक कर तीन बैंक खातों से 3 लाख 23 हजार 439 रुपए निकाल लिए। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल और साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से 1 लाख 42 हजार रुपए होल्ड करवा दिए हैं। रिफंड के नाम पर आया था कॉल साइबर थाना पुलिस के अनुसार, श्रीचंद जाट ने 18 अगस्त को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 5 अगस्त को उनके मोबाइल पर एक कॉल आया था। कॉल करने वालों ने रिफंड के नाम पर उनसे बातचीत की। इसी दौरान ठगों ने उनके मोबाइल फोन को हैक कर लिया और बैंक खातों से ऑनलाइन रकम निकाल ली। तीन बैंक खातों को बनाया निशाना ठगों ने श्रीचंद जाट के पंजाब नेशनल बैंक खाते से 34,996 रुपए, एसबीआई खाते से 98,545 रुपए और राजस्थान ग्रामीण बैंक खाते से 1,89,898 रुपए निकाल लिए। तीनों खातों से कुल 3 लाख 23 हजार 439 रुपए की ऑनलाइन ठगी हुई। पीड़ित ने घटना के संबंध में साइबर क्राइम पोर्टल पर भी तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं। पुलिस ने 1.42 लाख रुपए होल्ड करवाए रिपोर्ट मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने बैंकिंग चैनलों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई करते हुए 1 लाख 42 हजार रुपए की राशि होल्ड करवा दी। इससे ठगी की रकम का एक हिस्सा सुरक्षित होने की उम्मीद बनी है। मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच पुलिस अब ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और संबंधित लेन-देन की जांच कर रही है। पुलिस का प्रयास है कि रकम को ट्रेस कर साइबर ठगों तक पहुंचा जा सके। मामले की जांच पुलिस इंस्पेक्टर कमल कुमार को सौंपी गई है।
बलरामपुर टाउन की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। बिजनेस प्लान 2026-27 के तहत टाउन पावर हाउस क्षेत्र में यूपीटी होटल के पास 100 केवीए क्षमता का एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसे चालू कर दिया गया है। इससे आसपास के उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है। इस नए ट्रांसफार्मर की स्थापना से क्षेत्र में विद्युत भार का वितरण अधिक संतुलित हो सकेगा। यह पहले से कार्यरत ट्रांसफार्मर पर पड़ रहे अतिरिक्त भार को कम करेगा, जिससे ओवरलोडिंग, लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाले विद्युत व्यवधानों पर अंकुश लगने की संभावना है। विद्युत व्यवस्था को केवल अतिरिक्त क्षमता देने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि तकनीकी स्तर पर भी इसे मजबूत किया गया है। कार्य के दौरान कॉपर एल-साइज पटिया भी लगाया गया है, जिससे विद्युत संयोजन और वितरण प्रणाली की गुणवत्ता तथा विश्वसनीयता बेहतर होगी। बिजनेस प्लान 2026-27 के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसमें अतिरिक्त ट्रांसफार्मरों की स्थापना, क्षमता वृद्धि और आवश्यक तकनीकी सुधार शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप आधारभूत ढांचे को तैयार करना और उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। यूपीटी होटल के पास इस अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के कार्यशील होने से अब इस क्षेत्र की बिजली व्यवस्था पर दबाव कम होगा। विशेषकर बिजली की अधिक मांग के समय वोल्टेज में गिरावट और ओवरलोडिंग की समस्या से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। यह बलरामपुर टाउन के उपभोक्ताओं के लिए बिजली आपूर्ति सुधार की दिशा में एक अहम कदम है।
इंदौर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को प्रदर्शन किया। इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र सिंह यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शैलू सेन, नीतिश भारद्वाज और लवेश यादव के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान रेलवे अधिकारियों से व्यवस्था को लेकर तीखी नोकझोंक भी हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक व निदेशक के नाम क्षेत्रीय अधिकारी हरिराम मीणा और स्टेशन अधीक्षक रवि बदवर को ज्ञापन सौंपा। एसी कोच में बुजुर्ग यात्री को चूहे के काटने का मुद्दा उठाया कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर बड़े दावे करता है, लेकिन ट्रेनों के एसी कोच में चूहे, कॉकरोच और खटमलों की समस्या बनी हुई है। नेताओं ने 80 वर्षीय बुजुर्ग यात्री को एसी कोच में सोते समय चूहे द्वारा नाक पर काटे जाने की घटना का हवाला देते हुए रेलवे की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। ट्रेनों में गंदे और बदबूदार बेडशीट, तकिए व कंबल मिलने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। 262 करोड़ के ठेके के बाद भी व्यवस्था पर सवाल कांग्रेस ने दावा किया कि जून 2026 में ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग और पेस्ट कंट्रोल का करीब 262 करोड़ रुपए का दो वर्षीय ठेका दिए जाने के बावजूद चूहों और कीटों की समस्या बनी हुई है। कांग्रेस नेताओं ने बंद एसी कोच में कीटनाशक स्प्रे किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे यात्रियों को सांस लेने में परेशानी हुई। जांच और कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने की मांग ज्ञापन में चूहों के काटने की घटनाओं की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई, लापरवाही बरतने वाली पेस्ट कंट्रोल व लॉन्ड्री कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने, कोचिंग डिपो व लॉन्ड्री व्यवस्था की स्वतंत्र जांच और नियमित डीप क्लीनिंग की मांग की गई।
आजमगढ़ का इनामी बदमाश लखनऊ से गिरफ्तार:दोस्त से मिलने ग्लोब पार्क पहुंचा था, एसटीएफ ने पकड़ा
यूपी एसटीएफ और शहर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी प्रमोद कुमार को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आजमगढ़ शहर कोतवाली में 2026 में गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस और एसटीएफ लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। पुलिस को सूचना मिली कि प्रमोद कुमार लखनऊ कमिश्नरेट क्षेत्र के ग्लोब पार्क के पास किसी से मिलने पहुंचने वाला है। सूचना के आधार पर आजमगढ़ पुलिस ने स्थानीय पुलिस को जानकारी दी और एसटीएफ के साथ बताए गए स्थान पर पहुंच गई। टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। जेल जाने से बचने के लिए लखनऊ में छिपा था पूछताछ में प्रमोद कुमार ने पुलिस को बताया कि उसके खिलाफ शहर कोतवाली में गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज हुआ था। जेल जाने से बचने के लिए वह लखनऊ में छिपकर रह रहा था। शुक्रवार को वह ग्लोब पार्क के पास अपने दोस्त से मिलने जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, प्रमोद कुमार के खिलाफ आजमगढ़ शहर कोतवाली में गंभीर धाराओं में 12 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। गिरोह के छह आरोपी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार शहर कोतवाली पुलिस इस गिरोह के छह सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें मोनू चौहान, बबलू चौहान, प्रमोद कुमार, मुनचुन चौहान, कमलेश चौहान और अंकित यादव के नाम शामिल हैं। गिरफ्तार प्रमोद कुमार को पुलिस न्यायालय में पेश करेगी, जहां से उसे जेल भेजे जाने की कार्रवाई की जाएगी। एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने पकड़ा कार्रवाई में शहर कोतवाली प्रभारी यादवेंद्र पांडेय, उपनिरीक्षक सौरभ त्रिपाठी तथा एसटीएफ की ओर से उपनिरीक्षक देवेंद्र पाल सिंह और मुख्य आरक्षी नीरज पांडेय शामिल रहे।
छतरपुर में रक्षाबंधन की छुट्टी के दौरान चोरों ने थोक किराना दुकानों को निशाना बनाया। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के चौक बाजार स्थित प्रताप मार्केट में कई दुकानों के ताले तोड़कर नकदी और सामान चोरी कर लिया गया। शनिवार सुबह लगभग 10 से 11 बजे जब व्यापारी अपनी दुकानें खोलने पहुंचे, तब उन्हें चोरी की घटना का पता चला। व्यापारियों के अनुसार, रक्षाबंधन के त्योहार के कारण शुक्रवार को बाजार बंद था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने दुकानदारों से प्रारंभिक जानकारी ली और आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू कर दी है। चोरी हुई कुल रकम का आकलन अभी नहीं हो पाया है। व्यापारियों द्वारा नुकसान का मूल्यांकन करने और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक राशि स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस फिलहाल आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की जानकारी जुटा रही है। व्यापारियों में आक्रोश शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र चौक बाजार और सिटी कोतवाली के नजदीक हुई इस वारदात से व्यापारियों में आक्रोश है। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों का पता लगाकर कार्रवाई करने की मांग की है।
बिजनौर के खेत में मिला 14 फीट लंबा अजगर:एक घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू
बिजनौर के मोमिनपुर गांव में शनिवार सुबह एक किसान के खेत में 14 फीट लंबा अजगर मिलने से ग्रामीणों में हलचल मच गई। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। यह घटना बिजनौर वन क्षेत्र के मोमिनपुर गांव की है। खेत में विशाल अजगर देखकर किसान हैरान रह गया। अजगर मिलने की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को काबू किया। रेस्क्यू किया गया अजगर काफी भारी था और उसकी लंबाई लगभग 14 फीट बताई गई है। क्षेत्रीय वन अधिकारी महेश गौतम ने बताया कि जंगल के पास अजगर होने की सूचना मिली थी। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अजगर का सफल रेस्क्यू किया। वन विभाग की टीम अजगर को सुरक्षित वन आरक्षित जंगल में छोड़ने के लिए ले गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अजगर ने एक गाय के बच्चे का शिकार करने का प्रयास किया था, जिसे टीम ने सुरक्षित बचा लिया।
भिंड के मेहगांव क्षेत्र में बस का किराया लेने को लेकर कंडक्टर से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना 25 अगस्त की बताई जा रही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बरहद के पास बस रुकवाकर कुछ लोगों ने उसे नीचे उतारा और बेल्ट, लात-घूंसों से मारपीट की। घटना के चार दिन बाद शनिवार को पीड़ित ने मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया। वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ग्राम पड़कोली निवासी भगवान सिंह भदौरिया ने मेहगांव थाने में दिए आवेदन में बताया कि वह बालाजी कंपनी की बस क्रमांक एमपी07-6382 में कंडक्टर के रूप में काम करता है। यह बस भिंड से ग्वालियर के बीच संचालित होती है। शिकायत के मुताबिक, 25 अगस्त को दोपहर करीब 12.38 बजे बस भिंड से ग्वालियर के लिए रवाना हुई थी। बस बरहद के पास पहुंची तो कुछ लोगों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि केपी भदौरिया और उसके साथ मौजूद लोगों ने भगवान सिंह को बस से नीचे उतार लिया। कंडक्टर के अनुसार, यात्रियों से किराया लेने और उन्हें मुफ्त में यात्रा नहीं कराने की बात को लेकर विवाद हुआ। इसके बाद आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और मारपीट करने लगे। बेल्ट से पीटने और जमीन पर पटकने का आरोप भगवान सिंह का आरोप है कि आरोपियों ने उसकी बेल्ट से पिटाई की। इसके बाद उसे जमीन पर पटककर लात-घूंसों से भी मारा गया। उसने खुद को बचाने के लिए काफी देर तक आरोपियों से मारपीट नहीं करने की गुहार लगाई, लेकिन आरोपी नहीं माने। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के दौरान बस में मौजूद यात्रियों के साथ भी अभद्रता की गई। यात्रियों ने बनाया VIDEO, चार दिन बाद आया सामने पीड़ित के मुताबिक, मारपीट के दौरान बस में बैठे कुछ यात्रियों ने घटना का वीडियो बना लिया था। घटना के चार दिन बाद शनिवार को भगवान सिंह ने यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया। वीडियो में मारपीट का घटनाक्रम दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सोने की चेन और 27 हजार रुपए ले जाने का भी आरोप शिकायतकर्ता ने मारपीट के अलावा आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उसके गले में पहनी सोने की चेन टूट गई। उसने बस की दो दिन की करीब 27 हजार रुपए की रोकड़ ले जाने का भी आरोप लगाया है। भगवान सिंह का कहना है कि घटना के बाद उसने पुलिस से शिकायत की, लेकिन अब तक उसकी सुनवाई नहीं हुई है। उसने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करने के साथ ही अपनी सुरक्षा की मांग की है। मामले में पुलिस की ओर से आरोपों की पुष्टि या अब तक की गई कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही मारपीट, नकदी और सोने की चेन से जुड़े आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कोरबा के उरगा-भौंसमा ओवरब्रिज के पास शनिवार सुबह रेलवे ट्रैक किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान हैं। ट्रेन से गिरने या ट्रेन की चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। घटना उरगा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह ग्रामीण खेत में काम करने जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर रेलवे ट्रैक के किनारे पड़े शव पर पड़ी। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना उरगा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। अब तक नहीं हो सकी पहचान मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। उसकी उम्र करीब 45 वर्ष बताई जा रही है। उसने टी-शर्ट और पैंट पहन रखी थी। सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जो प्रथम दृष्टया ट्रेन हादसे की ओर इशारा कर रहे हैं। ट्रेन से गिरने या चपेट में आने की आशंका पुलिस के अनुसार, संभव है कि रात के समय ट्रेन में यात्रा करते दौरान व्यक्ति गिर गया हो या रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आया हो। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फोटो साझा कर पहचान की कोशिश उरगा थाना पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए उसका फोटो व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा किया है। आसपास के गांवों में मुनादी भी कराई जा रही है। इसके अलावा आसपास के रेलवे स्टेशनों और थानों में भी मृतक की जानकारी भेजी गई है। मर्चुरी में रखा गया शव पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पहचान के लिए मर्चुरी में रखवा दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि वे इस हुलिए के व्यक्ति को पहचानते हैं या उसके संबंध में कोई जानकारी रखते हैं, तो उरगा थाना पुलिस को सूचना दें।
अलीगढ़ में युवती की मौत:भाई को राखी बांधने जा रही थी, टेंपो पलटने से गई जान
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने की उम्मीद घर से निकली एक बहन की सांसें रास्ते में ही थम गईं। अलीगढ़ के गभाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिल्ली-कानपुर हाईवे पर चूहरपुर के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में टेंपो से गिरकर 45 वर्षीय सुमन देवी की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिंदगी का आखिरी सफर वीरपुरा निवासी सुरेशचंद्र की पत्नी सुमन देवी 45 वर्ष शुक्रवार दोपहर अपने भाई देवेंद्र को राखी बांधने के लिए क्वार्सी क्षेत्र के नगला भाई वेग जाने के लिए गभाना से टेंपो पर सवार हुई थीं। भाई-बहन के पवित्र प्रेम और स्नेह के प्रतीक इस पर्व पर घर में उत्सव का माहौल था। किसी को इस बात का अंदेशा नहीं था कि कुछ देर पहले हसमुख चेहरे के साथ घर से निकली सुमन का यह सफर उनकी जिंदगी का अंतिम सफर साबित होगा। चूहरपुर के निकट अचानक टेंपो से असंतुलित होकर उनके नीचे गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। अस्पताल पहुंचते-पहुंचते टूटी सांसें हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें इलाज के लिए एक नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आने के कारण उनकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए परिजन उन्हें तुरंत जेएन मेडिकल कॉलेज लेकर भागे, जहां चिकित्सकों ने अथक प्रयासों के बाद भी उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुमन देवी अपने पीछे दो बच्चों और रोते-बिलखते परिवार को छोड़ गईं हैं। मातम में बदलीं पर्व की खुशियां एक तरफ जहां पूरा देश रक्षाबंधन के उल्लास और उमंग में डूबा हुआ था, वहीं इस परिवार की खुशियां एक झटके में मातम और चीख-पुकार में बदल गईं। त्यौहार के दिन हुई इस आकस्मिक दुर्घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों की कमी और सफर के दौरान बरती जाने वाली जरा सी असावधानी के गंभीर परिणामों को दर्दनाक तरीके से उजागर करती है।
रक्षामंत्री राजनाथ से मिले लक्ष्मीकांत बाजपेयी:छावनी और मेरठ के विकास समेत 4 मांगें रखीं
राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की। इस दौरान उन्होंने छावनी परिषदों और रक्षा क्षेत्र से संबंधित चार महत्वपूर्ण मांगों पर चर्चा की। रक्षामंत्री ने सभी विषयों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने और समाधान सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। डॉ. बाजपेयी ने अपनी मांगों में कहा कि वित्त आयोग द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली धनराशि में छावनी परिषदों को भी उनका उचित हिस्सा प्रदान किया जाए। उन्होंने देश के कैंटोनमेंट बोर्डों के आवासीय क्षेत्रों में भवन निर्माण उपविधियों (बिल्डिंग बाय-लॉज) को लागू करने की भी मांग की, ताकि वहां रहने वाले लोगों को सहूलियत मिल सके। इसके अतिरिक्त, उन्होंने रक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाले क्षेत्रों में भारत सरकार की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। डॉ. बाजपेयी ने मेरठ क्षेत्र के विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेरठ में नई रक्षा उत्पादन इकाइयों की स्थापना की भी मांग रखी। डॉ. बाजपेयी ने बताया कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इन सभी विषयों पर सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया और संबंधित अधिकारियों को इन कार्यों के समाधान को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए हैं।
वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर क्षेत्र स्थित पार्क के सामने समाजवादी पार्टी के बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के महानगर अध्यक्ष अमन यादव ने सड़क पर जमा पानी में स्नान कर विरोध जताया। वह सड़क पर लेट गये जब प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। उन्होंने नगर निगम और प्रशासन पर शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं करने का आरोप लगाया। अमन यादव ने आरोप लगाया कि 29 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान उनके आवागमन को देखते हुए सड़क से पानी निकालने की अस्थायी व्यवस्था की गई थी। उनके अनुसार, कार्यक्रम समाप्त होने के बाद नगर निगम की ओर से जलनिकासी की व्यवस्था को पाट दिया गया। इसके बाद से मुख्य मार्ग पर लगातार पानी जमा है। उन्होंने दावा किया कि करीब एक महीने से सड़क पर लगभग एक फुट तक नाले का पानी भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग लगातार अधिकारियों से पानी निकलवाने की मांग कर रहे हैं। कई बार हाथ जोड़कर अधिकारियों से अनुरोध किया गया कि जनरेटर लगाकर पानी बाहर निकलवा दिया जाए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। अमन यादव का आरोप है कि जब कभी जनरेटर लाया भी जाता है तो कुछ समय के लिए उसे चलाकर पानी निकालने की कोशिश की जाती है। इसके बाद फोटो और वीडियो बनाकर अधिकारियों को भेज दिए जाते हैं और मशीन बंद कर दी जाती है। ‘आश्वासन देते-देते एक महीना बीत गया’ अमन यादव ने कहा कि अधिकारियों की ओर से कभी 10 मिनट तो कभी एक घंटे में पानी निकलवाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब एक महीना बीत चुका है। उन्होंने कहा कि जलभराव के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ इस मार्ग से गुजरने वाले बुजुर्गों, बच्चों और राहगीरों को भी परेशानी हो रही है। सड़क पर पानी और कीचड़ के कारण लोगों के गिरने की शिकायत भी सामने आ रही है। विरोध प्रदर्शन से पहले जारी मीडिया सूचना में अमन यादव ने कहा कि समस्या से परेशान होकर सीर गोवर्धनपुर के निवासी सड़क पर जमा नाले के पानी में स्नान कर विरोध करने के लिए मजबूर हुए हैं। उन्होंने इसे क्षेत्र की बदहाल जलनिकासी व्यवस्था के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन बताया। नगर आयुक्त और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत का दावा अमन यादव के मुताबिक, जलभराव की समस्या को लेकर नगर आयुक्त को शिकायत की गई है। क्षेत्र की व्यवस्था से जुड़े अधिकारी पंकज पटेल के समक्ष भी समस्या रखी गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने का दावा उन्होंने किया। उनका आरोप है कि कई स्तरों पर शिकायत के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह मार्ग संत रविदास मंदिर और काशी हिंदू विश्वविद्यालय को जोड़ता है। उन्होंने कहा जिलाधिकारी, मंडलायुक्त समेत तमाम अधिकारी इस रास्ते से गुजरते हैं, इसके बावजूद लंबे समय से सड़क पर जमा पानी की समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अमन यादव ने नगर निगम और जिला प्रशासन से मांग की कि सड़क पर जमा पानी को तत्काल निकलवाया जाए और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ अस्थायी तौर पर जनरेटर चलाने के बजाय उस व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना चाहिए, जिससे भविष्य में बारिश या नाले का पानी मुख्य मार्ग पर जमा न हो।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज (शनिवार को) नूंह का दौरे पर पहुंचे। नायब सिंह सैनी नूंह की अनाज मंडी पहुंच गए हैं। उन्होंने सबसे पहले यहां पर शिक्षा विभाग की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सीएम सैनी के साथ हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा,विधायक मोहम्मद इलियास, विधायक मोहम्मद इसराइल, पूर्व मंत्री संजय सिंह, पूर्व विधायक चौधरी जाकिर हुसैन, पूर्व विधायक नसीम अहमद, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, पूर्व विधायक दीपक मंगला,विधायक सोहना तेजपाल तंवर, कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह और जिला प्रमुख जान मोहम्मद भी नजर आ रहे हैं। बता दें कि, निमंत्रण के बावजूद गुरुग्राम लोकसभा सांसद राव इंद्रजीत सिंह मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। सीएम सैनी 155.49 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 100 बेड का जिला सामान्य अस्पताल की आधारशिला रखेंगे। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस यह अस्पताल जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को महत्वपूर्ण विस्तार देगा। 163 करोड़ की 11 परियोजनाओं का उदघाटन करेंगे सीएम बता दें कि, स्वास्थ्य विभाग की कुल 163 करोड़ रुपए की 11 परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इनमें पुन्हाना में बीपीएचयू भवन और मांडीखेड़ा नागरिक अस्पताल में टीबी कार्यालय भवन का उद्घाटन शामिल है। अडबर, छारोड़ा, कंकर खेड़ी, नई, सिरौली और इंडरी में उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों की नींव रखी जाएगी। पढ़ेनी और पिनगवां में बीपीएचयू भवनों का निर्माण भी शुरू होगा। मेवात विकास अभिकरण की 11.18 करोड़ रुपए की परियोजनाएं भी जिले में शुरू होंगी। इनमें नूंह में सार्वजनिक पार्क, पिनगवां खेल स्टेडियम का नवीनीकरण, 100 मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र, सरकारी स्कूलों में बालिका शौचालय और सोलर पावर प्लांट जैसी योजनाएं शामिल हैं। 16 सरकारी स्कूलों में विकसित होंगे खेल मैदान इसके अतिरिक्त, 16 सरकारी स्कूलों में खेल मैदान विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री मेवात गरीब मेधावी छात्रवृत्ति और मुख्यमंत्री मेवात छात्र प्रतिभा सम्मान योजना के तहत विद्यार्थियों को लगभग 92 लाख रुपये की छात्रवृत्ति भी वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री पिनगवां खंड के लाहबास गांव में 86.17 लाख रुपए की लागत से बनने वाले अल्वी भवन का भी शिलान्यास करेंगे। यह भवन सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए एक सामुदायिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा। मुख्यमंत्री नवनियुक्त प्राथमिक अध्यापकों के राज्य स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इसके उपरांत, वे मेवात विकास बोर्ड के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे और जिले में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लेंगे।
भीलवाड़ा भारतीय जनता पार्टी में प्रत्याशियों की लिस्ट आने से पहले शुरू हुआ घमासान दूसरे दिन भी जारी है। लिस्ट आने से पहले महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने पार्टी नेतृत्व पर टिकट वितरण में परिवारवाद का आरोप लगाते हुए बीजेपी कार्यालय में शुक्रवार से प्रदर्शन पर शुरू किया था। पूरी रात बीजेपी कार्यालय में धरना प्रदर्शन के बाद शनिवार को भी बड़ी संख्या में महिलाएं धरने पर बैठी हैं। प्रदेश नेतृत्व से बातचीत के लिए जयपुर रवाना महिला मोर्चा की पूर्व पदाधिकारी और पूर्व पार्षद ज्योति आशीर्वाद ने बताया कि उनकी सुबह प्रदेश नेतृत्व से बातचीत हुई है। सकारात्मक संदेश प्रदेश कार्यालय से मिला है। इसी के चलते भाजपा महिला मोर्चा की 4 कार्यकर्ता जयपुर जा रही है। बातचीत के बाद आगे की रणनीति वहां कितना सकारात्मक माहौल रहता है। उसके बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल शनिवार को होने वाला आत्मदाह को कैंसल कर दिया गया है, लेकिन भाजपा कार्यालय में महिला मोर्चा का धरना जारी है। फेक लिस्ट देखने के बाद विरोध शुरू इससे पहले शुक्रवार को रक्षाबंधन के दिन महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय पहुंची। विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। इन्होंने एक फेक लिस्ट देखकर महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को दरकिनार कर अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं की पत्नियों, उनकी बहनों और उनकी भाभियों को टिकट देने का आरोप लगाया था। आत्मदाह की चेतावनी दी थी महिला कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संगठन ने महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं को तवज्जो नहीं दी गई तो वे शनिवार को भाजपा के झंडे के साथ कार्यालय परिसर में आत्मदाह करेंगी।
रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने मायके जाने वाली बहनों के लिए एआईसीटीएसएल की मुफ्त बस यात्रा की सुविधा राहत लेकर आई। दो दिन तक महिलाओं को दी गई निःशुल्क यात्रा का 56 हजार से अधिक महिलाओं ने लाभ उठाया। इनमें करीब 50 हजार महिलाओं ने इंटरसिटी चार्टर बसों और 6 हजार से अधिक महिलाओं ने सिटी व आई-बस में बिना किराया सफर किया। 48 घंटे तक महिलाओं के लिए फ्री रही इंटरसिटी बस यात्रा एआईसीटीएसएल की पीआरओ माला सिंह ठाकुर ने बताया कि रक्षाबंधन को देखते हुए महिलाओं के लिए 27 अगस्त सुबह 6 बजे से 29 अगस्त सुबह 6 बजे तक 48 घंटे मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई थी। इस दौरान इंदौर से दूसरे शहरों में जाने और अन्य शहरों से इंदौर आने वाली महिलाओं से किराया नहीं लिया गया। इन शहरों के लिए चलीं बसें इंदौर से भोपाल, उज्जैन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, खरगोन, धार, झाबुआ, शाजापुर, गुना, अशोकनगर और ब्यावरा समेत प्रमुख मार्गों पर चलने वाली चार्टर बसों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सफर किया। त्योहार पर 8-9 हजार तक पहुंची सिटी बस यात्रियों की संख्या एआईसीटीएसएल के अनुसार सामान्य दिनों में सिटी बसों से रोजाना करीब 5 से 6 हजार यात्री सफर करते हैं। त्योहारों पर यह संख्या बढ़कर 8 से 9 हजार तक पहुंच जाती है। इनमें महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत रहती है। वहीं, चार्टर बसों के रोजाना 150 से अधिक फेरे संचालित होते हैं। सुबह से बस स्टॉप पर बढ़ी महिलाओं की भीड़ रक्षाबंधन के दिन सुबह से ही प्रमुख बस स्टॉप और मार्गों पर महिलाओं की आवाजाही बढ़ गई थी। मायके जाने वाली महिलाओं के साथ परिवार के अन्य सदस्यों के आवागमन के कारण बसों में भीड़ रही। शहर के भीतर भी बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिटी और आई-बस में मुफ्त यात्रा का लाभ उठाया।
चंडीगढ़ के बुड़ैल गांव में नौकरी छूटने के बाद नया काम नहीं मिलने से परेशान एक युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता गुरुवार देर शाम उस समय चला, जब युवक के माता-पिता अपने काम से वापस घर पहुंचे। घर का गेट अंदर से बंद था। उन्होंने काफी देर तक आवाजें लगाईं, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खुलवाया। घर के अंदर युवक को फंदे से लटका और बेहोश हालत में देखकर परिवार के होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत उसे नीचे उतारा और इलाज के लिए सेक्टर-32 स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-32 अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में परिवार ने बताया है कि युवक पहले एक सामान डिलीवरी कंपनी में काम करता था। नौकरी छूटने के बाद वह नई नौकरी की तलाश कर रहा था, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उसे काम नहीं मिल रहा था। इसी वजह से वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला... अंदर से बंद था गेट: घटना गुरुवार देर शाम की है। युवक के माता-पिता अपने काम से घर लौटे तो घर का मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। उन्होंने युवक को आवाज लगाई और दरवाजा खोलने के लिए कहा, लेकिन काफी देर तक कोई जवाब नहीं आया। पड़ोसियों की मदद से खुलवाया: लगातार आवाज देने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पड़ोसियों को बुलाया और उनकी मदद से घर का दरवाजा खुलवाया गया। घर के अंदर पहुंचने पर परिजनों ने युवक को फंदे से लटका हुआ देखा। वह बेहोश हालत में था। यह देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तुरंत उसे नीचे उतारा और अस्पताल ले जाने की तैयारी की। डॉक्टरों ने मृत घोषित किया: परिवार युवक को इलाज के लिए सेक्टर-32 स्थित अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने उसकी जांच की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-32 अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंपा जाएगा। परिजनों ने पुलिस को बताया कि युवक नौकरी नहीं मिलने को लेकर परेशान जरूर रहता था, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकता है। घटना के बाद परिवार सदमे में है। पुलिस सभी पहलुओं से कर रही जांच: पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है। परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक की परेशानी की वास्तविक वजह क्या थी और घटना से पहले उसकी किसी से कोई बातचीत या विवाद हुआ था या नहीं। पुलिस युवक के मोबाइल फोन और अन्य उपलब्ध जानकारी की भी जांच कर सकती है, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। फिलहाल मामले में किसी तरह के आपराधिक आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।
रीवा के जवा थाना पुलिस ने नाबालिग से गैंगरेप के मामले में करीब एक साल से फरार चल रहे मुख्य आरोपी राहुल उर्फ दीपक कुमार चर्मकार को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी रक्षाबंधन के मौके पर अपनी बहन के घर पहुंचा था। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के खीरी थाना क्षेत्र के पालपट्टी गांव में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। जवा थाना प्रभारी अरविंद राठौर के मुताबिक, जवा थाना क्षेत्र में आरोपी ने एक नाबालिग को अकेला पाकर अपने साथी की मदद से उसके साथ दुष्कर्म किया था। घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को धमकी भी दी थी। पीड़िता के गर्भवती होने पर परिजनों को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद परिजनों ने जवा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने राहुल और उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। एक साल से फरार था मुख्य आरोपी पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद से मुख्य आरोपी राहुल फरार चल रहा था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी और संभावित ठिकानों पर दबिश भी दे रही थी। थाना प्रभारी के अनुसार, रक्षाबंधन के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि फरार आरोपी उत्तर प्रदेश के पालपट्टी गांव स्थित अपनी बहन के घर आया हुआ है। सूचना की पुष्टि के बाद जवा पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश पहुंची। पुलिस टीम ने पालपट्टी गांव में दबिश देकर आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे रीवा लाया गया और न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया।
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत भठरिया मार्ग पर स्थित एक पेड़ से लटककर पिछले 12 सालों में पांच लोगों ने आत्महत्या की है। मंगलवार को भी इसी पेड़ से एक युवक का शव मिला, जिसके बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई है और वे प्रशासन से पेड़ कटवाने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को हिनौती गांव निवासी 40 वर्षीय मजदूर मनोज साहू का शव भठरिया मार्ग पर लगे इस पेड़ से लटका हुआ मिला था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोगों में डर का माहौल है। अंधेरा होने पर लोग इस रास्ते से गुजरने से कतराते हैं। तेंदूखेड़ा एसडीएम ने बताया कि उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली है और आवेदन प्राप्त होते ही पेड़ कटवाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। तीन दिन पहले युवक ने लगाया फंदा प्रत्यक्षदर्शी गुड्डा अहिरवार ने बताया कि मनोज साहू को मंगलवार सुबह 11 बजे सड़क किनारे उसी पेड़ के पास बैठा देखा गया था। दोपहर में उनका शव उसी पेड़ से लटका मिला। अहिरवार ने बताया कि पहले भी तीन-चार लोगों ने इसी पेड़ से लटककर आत्महत्या की है, इसलिए इसे कटवाया जाना चाहिए। ग्रामीणों के अनुसार, 12 साल पहले समनापुर गांव निवासी पप्पू यादव ने भी इसी पेड़ से लटककर आत्महत्या की थी। इसके अलावा, आठ साल पहले ठाकुर समाज के एक व्यक्ति ने भी यहां आत्महत्या की थी। दो अन्य लोगों की पहचान नहीं हो सकी है, जिन्होंने इसी पेड़ से लटककर अपनी जान दी थी। डर लगने लगाभटरिया गांव में रहने वाली ममता केवट ने बताया कि हम लोग सुबह वहां पर घूमने के लिए जाते थे, लेकिन अब वहां जाने में डर लगने लगा है। क्योंकि चार से पांच लोगों ने उसे पेड़ से लटक कर आत्महत्या की है।पूर्व जिला पंचायत सदस्य बीएल सिंह का कहना है कि अब तक चार से पांच लोगों ने उस पेड़ से लटक कर आत्महत्या की है। वहां पर पहले सभी लोग घूमने जाते थे अब लोगों में भय व्याप्त हो गया है। अंधेरा होते ही लोग वहां से निकलने में डरने लगे हैं। क्योंकि पेड़ सड़क किनारे लगा हुआ है इसलिए अब पेड़ को काटना बहुत जरूरी है।6 से अधिक गांव का आवागमनजिस स्थान पर यह पेड़ लगा है यह मार्ग तेंदूखेड़ा से इमलीडोल की ओर जाता है। इसके आगे रैयत खकरिया, नयागांव, हाथी डोल, जरुआ जैसे गांव बसे हुए हैं। 40 साल पुराना है पेड़ग्रामीणों के अनुसार यह 40 साल पुराना भीरा का पेड़ है जो जंगली पेड़ कहा जाता है। जिस स्थान पर यह पेड़ लगा है उसके सामने ही वन विभाग की तेंदू पत्ता की गोदाम है। 100 मीटर दूर शासकीय कालेज और संदीपनी स्कूल संचालित होता हैं।कटवाया जाएगा पेड़तेंदूखेड़ा एसडीएम सीजी गोस्वामी का कहना है कि उन्हें भी इस प्रकार की जानकारी प्राप्त हुई है कि खकरिया मार्ग पर लगे पेड़ से चार से पांच लोगों ने आत्महत्या की है। यदि उनके पास आवेदन आता है तो उस पेड़ को कटवाने की कार्रवाई की जाएगी। यदि पेड़ वन विभाग की भूमि में है तो वन विभाग को भी पत्र लिखा जाएगा
बालोतरा में 2.045 किलो MD के साथ 4 गिरफ्तार:मुंबई NDPS मामले में संयुक्त कार्रवाई, SUV भी जब्त
बालोतरा में मुंबई पुलिस और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार कथित ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान उनके कब्जे से 2.045 किलोग्राम एमडी (मेफेडोन) बरामद की गई। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक एसयूवी भी जब्त की गई है। यह कार्रवाई शुक्रवार को बालोतरा जिले के पाटोदी इलाके में हुई। एसयूवी को जब्त किया बालोतरा एसपी राजेश कुमार कांवट ने बताया कि यह कार्रवाई मीरा-भायंदर (मुंबई) के काशीमीरा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले से जुड़ी है। इस मामले में नवोड़ा बेड़ा, पचपदरा निवासी कमे खान वांछित था। उसकी तलाश में मुंबई पुलिस की टीम शुक्रवार को बालोतरा पहुंची थी। मुंबई पुलिस की टीम ने बालोतरा पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद पाटोदी चौकी पुलिस के साथ एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने वांछित आरोपी की तलाश शुरू की और इस दौरान एक एसयूवी के बारे में जानकारी मिली। पुलिस टीम ने वाहन को रोककर उसमें सवार चार लोगों को हिरासत में लिया। नियमों के अनुसार तलाशी लेने पर आरोपियों के कब्जे से कुल 2.045 किलोग्राम एमडी (मेफेडोन) बरामद हुई। पुलिस ने मादक पदार्थ के साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एसयूवी को भी जब्त कर लिया। इनको गिरफ्तार किया पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें नवोड़ा बेड़ा, पचपदरा निवासी कमे खान (36), रडवा, बाखासर निवासी विरधाराम (20), प्रजापतों का वास, परेऊ, गिड़ा निवासी नरेंद्र कुमार (29) , सदर थाना बाड़मेर निवासी अशोक कुमार (19) शामिल हैं। सप्लाई नेटवर्क खंगाल रही पुलिस 2.045 किलो एमडी की बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मादक पदार्थ आरोपियों तक कहां से पहुंचा और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था। आरोपियों से ड्रग्स की खरीद-फरोख्त, सप्लाई चेन और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में इनके अलावा अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं और मुंबई में दर्ज एनडीपीएस मामले से इन आरोपियों का क्या सीधा संबंध है। जांच के आधार पर आने वाले दिनों में मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
एनएच स्थित एक रिसॉर्ट में 24 अगस्त को दिन-दहाड़े कदमा विजया हेरिटेज निवासी कारोबारी निखार सबलोक की हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां पुलिस की संयुक्त जांच टीम को जब्त मोबाइल के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस का दावा है- अगले एक से दो दिनों में इस पूरे मर्डर केस का आधिकारिक खुलासा कर दिया जाएगा। एसआईटी की तफ्तीश में सामने आया है कि शूटरों ने निखार सबलोक को गोली मारने के बाद भागते समय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर भी दो राउंड हवाई फायरिंग की थी। इसके बाद वे सड़क की दूसरी ओर खड़ी लाल रंग की कार से रांची की तरफ फरार हो गए। रांची में एक सुनसान जगह पर कार छोड़कर शूटर दूसरे वाहन से बिहार की ओर भागने की आशंका है। बिहार और पश्चिम बंगाल में छापेमारीइधर, जांच के दौरान सोनारी के अपराधी रविदास और दारा को रेकी के संदेह में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी, लेकिन कोई साक्ष्य न मिलने पर शुक्रवार को दोनों को छोड़ दिया गया। हत्या में प्रयुक्त लाल रंग की कार को रांची से बरामद कर चांडिल पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। शूटरों की गिरफ्तारी के लिए बिहार और पश्चिम बंगाल के कई ठिकानों पर पुलिस ने छापे मारे। मानगो का अपराधी सिंटू सिंह था घटनास्थल के पास जांच में एसआईटी को पता चला है कि मानगो का अपराधी सिंटू सिंह इस पूरी साजिश से वाकिफ था और वारदात के वक्त घटनास्थल के आसपास ही मौजूद था। फिलहाल पुलिससिंटू और लाल कार के मालिक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। निखार सबलोक की सुपारी देकर हत्या कराने के बिंदू पर भी जांच जारी है। विक्रम शर्मा का सहयोगी हिरासत मेंपुलिस विक्रम शर्मा के एक करीबी सहयोगी से चांडिल थाने में लगातार चौथे दिन भी पूछताछ कर रही है। हालांकि हत्याकांड में उसकी सीधी संलिप्तता के साक्ष्य अभी तक सामने नहीं मिले हैं। इसके अलावा विक्रम शर्मा के इस करीबी का दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह के साथ लगातार संपर्क में रहने और बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस के हाथ लगी है। इसी आधार पर जांच की दिशा आगे बढ़ाई जा रही है।
अवैध जिप्सम से भरा ट्रक जब्त, ड्राइवर गिरफ्तार:हनुमानगढ़ में 50 लाख की जिप्सम का हो रहा था परिवहन
हनुमानगढ़ की भादरा थाना पुलिस ने गश्त के दौरान अवैध जिप्सम से भरे एक ट्रक को जब्त कर ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई जिप्सम की कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। जिला पुलिस अधीक्षक आदित्य ने बताया कि थाना प्रभारी राधेश्याम के नेतृत्व में पुलिस टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध ट्रक नंबर HR 39 E 4469 को रोककर जांच की गई। तलाशी के दौरान ट्रक में अवैध जिप्सम का परिवहन करते हुए पाया गया, जिसके बाद ट्रक को जब्त कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान राकेश पुत्र संतलाल बिश्नोई (31) के रूप में हुई है। वह सदलपुर, तहसील एवं थाना मंडी आदमपुर, जिला हिसार का निवासी है। आरोपी के खिलाफ प्रकरण संख्या 342/2026, धारा 4/21 एमएमडीआर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब अवैध जिप्सम के स्रोत, इसे कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इस संबंध में आरोपी से पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई में थाना भादरा के हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार (113), कॉन्स्टेबल महावीर (543) और कॉन्स्टेबल अशोक कुमार (1042) शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर नामांकन के दूसरे दिन शनिवार को आज कलेक्ट्रेट में रेलमपेल है। भाजपा और कांग्रेस ने सूची जारी नहीं की लेकिन आज कई उम्मीदवारों के नामांकन करने का कार्यक्रम है। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर आज बड़ी संख्या में पुलिस के जवान लगा रखे है और बड़ी संख्या में अंदर किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। नामांकन दाखिल करने जो आए उनके साथ जो समर्थक आए उनको बाहर ही रोक दिया गया। कांग्रेस से नामांकन किया माकपा से नामांकन किया कोर्ट चौराहा और देहलीगेट से कलेक्ट्रेट की तरफ वाले रास्तों पर वन वे कर दिया गया है और कलेक्ट्रेट के गेट की तरफ आने वाले रास्तों को बैरिकेडिंग कर दिया गया है। यहां पर कई दावेदार नामांकन पत्र लेने आए है तो कुछ उम्मीदवार नामांकन भरने के लिए भी आए है। कलेक्ट्रेट में वार्डवार बनाए गए अलग-अलग पांच केंद्रों पर नामांकन दाखिल करने की व्यवस्था की गई है। नामांकन सुबह साढ़े दस से दोपहर 3 बजे तक लिए जाएंगे। जहां नामांकन ले रहे है वहां सीसीटीवी कैमरें लगाए गए है, वीडियोग्राफी की जा रही है। इसके अलावा 100 मीटर की दूरी तक बैरिकेडिंग करवा दिए है और पुलिस जाब्ता लगा रखा है।
झालावाड़ की सड़कों पर गोवंश का ‘कब्जा’:प्रशासन की अनदेखी से आमजन परेशान, हादसों में जा चुकी कई जानें
झालावाड़ शहर की सड़कों पर घूम रहा बेसहारा गोवंश अब सिर्फ यातायात में बाधा नहीं, बल्कि लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। गत मंगलवार अस्पताल के गेट पर 80 वर्षीय महिला पुष्पा बाई पर गोवंश ने हमला कर दिया। घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो दिन बाद शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। इससे पहले भी गोवंश और आवारा कुत्तों के हमलों तथा सड़क हादसों में कई लोग जान गंवा चुके हैं। जिला प्रशासन के बार-बार निर्देश और बैठकों के बावजूद शहर की सड़कों से बेसहारा पशुओं को हटाने का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। गढ़ परिसर से मामा भानेज चौराहे तक रात में दिखा जमावड़ा बीती रात शहर की सड़कों पर बेसहारा पशुओं की स्थिति का जायजा लिया गया। गढ़ परिसर से लेकर मामा भानेज चौराहे तक करीब डेढ़ किलोमीटर के सड़क मार्ग पर बड़ी संख्या में गोवंश सड़क पर बैठे और घूमते नजर आए। कई जगहों पर सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण वाहन सवारों को इन पशुओं को देख पाना भी मुश्किल हो रहा था। मंगलपुरा, मामा भानेज चौराहा, जयराज पार्क और अस्पताल के सामने भी दिन-रात गोवंश का जमावड़ा आम है। यही स्थिति नेशनल हाईवे-52 पर भी बनी हुई है। अंधेरे में बाइक सवारों के लिए बढ़ा खतरा सड़क पर बैठे काले या गहरे रंग के गोवंश रात के अंधेरे में वाहन सवारों को देर से दिखाई देते हैं। अचानक सामने आए पशुओं को बचाने के प्रयास में कई बाइक सवार अनियंत्रित होकर गिरकर चोटिल हो चुके हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में गोवंश के कारण हुए कई सड़क हादसों में लोगों की मौत भी हो चुकी है। गोवंश के साथ घोड़े और आवारा कुत्ते भी सड़कों पर आमजन के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। अस्पताल गेट पर 80 वर्षीय महिला पर हमला, दो दिन बाद मौत गत मंगलवार खानपुर कस्बे से बीमारी का इलाज कराने झालावाड़ अस्पताल पहुंची 80 वर्षीय पुष्पा बाई अस्पताल के अंदर जाने के लिए गेट पर पहुंची ही थीं कि एक गोवंश ने उन पर हमला कर दिया। हमले में महिला घायल हो गई। गार्ड और मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने उनकी मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। यहां उनका दो दिन तक उपचार चला, लेकिन शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। महिला के पुत्र ने अस्पताल में पोस्टमार्टम की कार्रवाई से इनकार कर दिया और शव लेकर चले गए। आवारा कुत्तों ने भी ली जान शहर में समस्या सिर्फ गोवंश तक सीमित नहीं है। बालजी की छतरी के सामने अस्थाई डेरे लगाकर रहने वाले परिवारों की एक बेटी पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया था। कुत्तों के हमले में बच्ची की मौत हो गई थी। खानपुर सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में भी आवारा कुत्तों के कारण बच्चों के शिकार होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। गोवंश और बकरी को बचाने में तीन लोग घायल ग्रामीण इलाकों में भी सड़क पर पशुओं की मौजूदगी लोगों के लिए खतरा बनी हुई है। 23 अगस्त को रामदयाल मेघवाल, सचिन राठौर और मध्यप्रदेश निवासी मांगीलाल भील गोवंश और बकरी को बचाने के दौरान घायल हो गए। तीनों को झालावाड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि बेसहारा पशुओं की समस्या शहर के साथ ग्रामीण सड़कों पर भी हादसों का कारण बन रही है। बैठकों में चर्चा, कार्रवाई के बाद फिर वही स्थिति बेसहारा गोवंश को सड़कों से हटाने को लेकर जिला प्रशासन की बैठकों में कई बार चर्चा हो चुकी है। नगर परिषद ने भी गोवंश को सड़कों से हटाने के लिए कार्रवाई की, लेकिन यह व्यवस्था स्थायी साबित नहीं हुई। कुछ समय बाद पशु फिर सड़कों पर नजर आने लगे। ऐसे में प्रशासन और नगर परिषद की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बार-बार अभियान चलने के बावजूद समस्या खत्म क्यों नहीं हो रही। जागरूक नागरिकों ने मांगा स्थायी समाधान शहर के जागरूक नागरिक ललित शर्मा, सौरभ, पुष्पेंद्र शर्मा और राधेश्याम सोलंकी सहित अन्य लोगों ने प्रशासन से बेसहारा पशुओं के खिलाफ प्रभावी और स्थायी कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि हादसों के बाद कुछ समय के लिए कार्रवाई करने के बजाय गोवंश को सड़कों से स्थायी रूप से हटाने, सुरक्षित स्थान पर रखने और उनकी निगरानी की व्यवस्था की जानी चाहिए। सवाल: आखिर कब खत्म होगा सड़कों पर पशुओं का खतरा? झालावाड़ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का गृह जिला रहा है। इसके बावजूद शहर लंबे समय से बेसहारा पशुओं की समस्या से जूझ रहा है। सड़क हादसों, अस्पताल के सामने हुए हमले और पशुओं के कारण लोगों के घायल होने की घटनाओं के बाद अब जरूरत केवल बैठकों और अस्थायी अभियानों की नहीं, बल्कि ऐसी ठोस व्यवस्था की है जिससे सड़कों पर गोवंश, आवारा कुत्तों और अन्य पशुओं की मौजूदगी से आमजन की जान खतरे में न पड़े।
दुर्ग जिले के पेंड्रावन और सेलूद में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर छात्रों के सड़क पर उतरने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भी इस मुद्दे को लेकर एक्टिव हो गई है। CJP की ओर से दोनों जगहों पर हुए छात्र प्रदर्शनों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। पेंड्रावन में करीब 400 से 500 छात्रों ने शिक्षकों की कमी और स्कूल की अव्यवस्थाओं को लेकर करीब 12 घंटे तक प्रदर्शन किया। वहीं, सेलूद में करीब 200 छात्र-छात्राओं ने शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर दुर्ग-पाटन मार्ग पर चक्काजाम किया था। इन घटनाओं के बाद CJP की ओर से महेंद्र भारद्वाज ने राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम पत्र सौंपा। पत्र के माध्यम से प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की गई है। CJP की ओर से तीन प्रमुख मांगें रखी गई… पहली मांग: बरसात और स्वच्छ भारत अभियान को ध्यान में रखते हुए 10 दिन के भीतर प्रदेश के सभी स्कूलों का सर्वे कराया जाए। जिन स्कूलों में उपयोग योग्य शौचालय और साफ पेयजल की व्यवस्था नहीं है, उनकी सूची सार्वजनिक की जाए। दूसरी मांग: हर स्कूल में बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएं। इनमें पानी और बिजली की पर्याप्त व्यवस्था हो और इन्हें हमेशा उपयोग के लायक रखा जाए। साथ ही बच्चों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी साफ करने की मशीनें लगाई जाएं। इसके लिए तत्काल बजट जारी कर काम शुरू करने की मांग की गई है। तीसरी मांग: सरकार यह सुनिश्चित करे कि एक साल के भीतर छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल ऐसा न रहे, जहां बच्चों को साफ शौचालय और सुरक्षित पेयजल की सुविधा उपलब्ध न हो। 2 स्कूलों के प्रदर्शन ने खोली बड़ी तस्वीर पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के करीब 400 छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर दो बार खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया। उनकी मांग थी कि स्कूल में पढ़ाई के लिए पर्याप्त शिक्षक मुहैया कराए जाएं। प्रदर्शन देर रात तक चला। शिक्षा मंत्री से बातचीत और आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। फिलहाल स्कूल में चार शिक्षक और नए प्राचार्य की व्यवस्था की गई है। इसी दिन सुबह दुर्ग जिले के सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय के करीब 200 छात्र शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सड़क पर उतर गए। उनका कहना था कि स्कूल में पर्याप्त संख्या में उपयोग योग्य शौचालय नहीं हैं। छात्रों ने पहले स्कूल का गेट बंद किया और बाद में मुख्य सड़क पर बैठकर चक्काजाम किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि ये केवल दो स्कूलों की घटनाएं नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के अन्य सरकारी स्कूलों में भी बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की स्थिति की जांच की जरूरत है। बच्चों को सड़क पर नहीं, स्कूल में मिलनी चाहिए सुविधा CJP की ओर से महेंद्र भारद्वाज ने कहा कि बच्चों को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए सड़क पर उतरना पड़े, यह शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। पेंड्रावन में शिक्षकों की कमी और सेलूद में शौचालय की समस्या सामने आई है। ऐसे में जरूरी है कि सरकार केवल सामने आई शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति की जांच कराए। सीजेपी ने कहा कि विकसित भारत की बात तभी सार्थक होगी, जब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ साफ पानी, शौचालय और सुरक्षित वातावरण भी मिले। रक्षाबंधन के मौके पर सरकार से की गई यह मांग बच्चों के सम्मान, स्वास्थ्य और शिक्षा की रक्षा से जुड़ी है।
पन्ना जिले के बृजपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार रात से हुई तेज बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। रात करीब 12 बजे से शनिवार सुबह तक लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए। कई संपर्क मार्ग बंद हो गए, जबकि निचले इलाकों में पानी भरने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुल के ऊपर से बह रहा पानी, वाहनों की कतार धरमपुर स्थित नाले के पुल पर करीब 2 फीट ऊपर से पानी बहने लगा। इससे पन्ना-पहाड़ीखेड़ा मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्री करीब 3 घंटे तक फंसे रहे। सूचना मिलने पर बृजपुर पुलिस मौके पर पहुंची। ASI अयोध्या प्रसाद और आरक्षक संजय ने पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाला। पुलिस ने पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर वाहनों की आवाजाही रोक दी। स्थिति को देखते हुए SDRF की रेस्क्यू टीम को भी रवाना किया गया। बृहस्पति कुंड का रास्ता भी बंद लगातार बारिश के कारण प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड को जोड़ने वाला मार्ग भी दोनों ओर से बंद हो गया। वहीं, उमरी गांव से भी संपर्क टूट गया है। निचले ग्रामीण इलाकों में नाले का पानी कई घरों में घुस गया। अचानक जलभराव होने से राशन, कपड़े और घरेलू सामान पानी में डूब गए। ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और पुलिस की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
हनुमानगढ़ जिले में नशे की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत पीलीबंगा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गश्त के दौरान एक व्यक्ति को 150 प्रतिबंधित प्रेगाबालिन कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक आदित्य ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने, तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सभी पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नोहर गीता चौधरी और वृत्ताधिकारी रावतसर विक्रम चौहान के निकटतम सुपरविजन में पीलीबंगा थाना प्रभारी रायसिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, एसआई मदनलाल अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। मंडी पीलीबंगा क्षेत्र में एक व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसे रोका गया और तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 150 प्रतिबंधित प्रेगाबालिन कैप्सूल बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भागूराम पुत्र भोमाराम मेघवाल (45 वर्ष) निवासी वार्ड नंबर 25, पीलीबंगा, जिला हनुमानगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 223(बी) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एसआई राजकुमार, पुलिस थाना पीलीबंगा द्वारा की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये प्रतिबंधित कैप्सूल आरोपी तक कहां से पहुंचे और इन्हें आगे कहां सप्लाई किया जाना था। इस कार्रवाई में एएसआई मदनलाल और कांस्टेबल मनीष कुमार शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
उमरिया जिले में लगातार बारिश के बीच महिला एवं बाल विकास विभाग के करकेली परियोजना कार्यालय की जर्जर हालत सामने आई है। पुराने भवन की छत से लगातार पानी टपक रहा है। बारिश का पानी कार्यालय के अंदर पहुंचने से कर्मचारियों को काम करने में परेशानी हो रही है। बैठने की जगह पर जमा हो जाता है पानी पिछले करीब 17 दिनों से हो रही बारिश और धूप नहीं निकलने के कारण भवन की स्थिति और खराब हो गई है। छत से पानी टपकने के कारण कर्मचारियों के बैठने की जगह पर पानी जमा हो जाता है। ऐसे में जरूरी फाइलों और दस्तावेजों को सुरक्षित रखना चुनौती बन गया है। बारिश के दौरान कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री को पानी से बचाने के लिए ढककर रखा जा रहा है। कर्मचारियों को डर है कि लगातार पानी टपकने से उपकरण खराब हो सकते हैं। प्रभारी बोले-बजट मिलने का इंतजार महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रभारी परियोजना अधिकारी रुचि बागरी ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए फिलहाल बजट उपलब्ध नहीं है। बजट की मांग को लेकर पत्र भेजा गया है। बजट मिलने के बाद आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर किराए के भवन में कार्यालय संचालित करने का सुझाव भी वरिष्ठ अधिकारियों को दिया गया है। फिलहाल बारिश के बीच कर्मचारी इसी जर्जर भवन में काम करने को मजबूर हैं।
बंदूक लूटकांड का 24 घंटे में खुलासा, आरोपी गिरफ्तार:315 बोर बंदूक, 13 राउंड और स्कॉर्पियो जब्त
गसवानी थाना क्षेत्र के बैंचाई जंगल में एक ग्रामीण से बंदूक और कारतूस लूटने के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लूटी गई बंदूक, 13 कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो बरामद की।आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने आरोपी रामअवतार उर्फ छोटा बेटा धीरज सिंह यादव को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसके साथियों कृष्णा गुर्जर, गोलू यादव और भूरा यादव के नाम भी उसने बताए हैं। वारदात के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने मामले का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार किया।पुलिस ने हथियार बरामद किएघटना बैंचाई जंगल में हुई थी। आरोपी की निशानदेही पर हथियार और कारतूस भी बैंचाई जंगल से बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी और उसके साथी, गिरोह बनाकर लूट और भैंस चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। पुलिस गिरोह के नेटवर्क और आपराधिक मामलों की जांच कर रही है।सायबर सेल की मदद से पकड़ाया पुलिस ने साइबर सेल, तकनीकी साक्ष्यों और इंटेलिजेंस नेटवर्क की मदद से संदिग्धों की जानकारी जुटाई। इसके बाद अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर लूटी गई बंदूक, कारतूस और स्कॉर्पियो जब्त की गई।
सीधी के कुसमी थाना क्षेत्र के टमसार चौराहे पर शनिवार सुबह करीब 7 बजे यात्री बस और बाइक की टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार चमनलाल सिंह(32) घायल हो गए। दरअसल, बघेल कोच बस शनिवार सुबह सीधी से कुसमी की ओर जा रही थी। चमनलाल सिंह मोटरसाइकिल से टिकरी की ओर जा रहे थे। टमसार चौराहे पर दोनों वाहनों की टक्कर हो गई। हादसे के बाद चमनलाल सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इस बीच ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। बस में सवार करीब 32 यात्री भी 3 घंटे तक परेशान रहे। हादसे के बाद चालक-परिचाल कफरार दुर्घटना के बाद चालक और परिचालक के बस छोड़कर चले जाने की बात सामने आई है। उस समय बस में करीब 32 यात्री सवार थे। चालक-परिचालक के नहीं होने से यात्री करीब 3 घंटे तक बस में ही रहे। बाद में बस मालिक ने दूसरे चालक को मौके पर भेजा। इसके बाद बस को आगे रवाना किया गया और यात्रियों को उनके स्थानों तक पहुंचाया गया। पुलिस बोली- घटना की जांच जारी हादसे की जानकारी कुसमी पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी अरुणा द्विवेदी ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से भी घटना की जानकारी मिली थी। पुलिस हादसे के कारणों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीग जिले के सीकरी थाने की हवालात से एक हार्डकोर अपराधी फरार हो गया है। आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार यह अपराधी 28 अगस्त को हवालात से बाहर निकाले जाने के बाद मौका पाकर भागा। घटना के बाद ड्यूटी पर तैनात हेड कॉन्स्टेबल हरवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है और मिलीभगत के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया है। फरार हुए अपराधी की पहचान बलदेव वास निवासी विक्रम उर्फ टिल्ला (28) के रूप में हुई है। सीकरी थाना पुलिस ने उसे 27 अगस्त को 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत आर्म्स एक्ट के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे थाने की हवालात में रखा गया था। पुलिस के अनुसार, 28 अगस्त को हेड कॉन्स्टेबल हरवीर सिंह ने आरोपी विक्रम उर्फ टिल्ला को हवालात से बाहर निकाला था। इसी दौरान, आरोपी ने मौका पाकर थाना परिसर से भागने में सफलता प्राप्त की। हार्डकोर अपराधी के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में सक्रियता बढ़ गई और उसकी तलाश में विभिन्न पुलिस टीमों को रवाना किया गया। घटना की जानकारी मिलने पर डीग जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ स्वयं सीकरी थाने पहुंचे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से हेड कॉन्स्टेबल हरवीर सिंह को निलंबित कर दिया। बाद में, आरोपी से मिलीभगत के आरोप में उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया गया। यह घटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस फरार अपराधी की तलाश में जुटी हुई है।
कई क्षेत्रों में पांच घंटे बिजली बंद:रखरखाव कार्य के चलते आज आपूर्ति बाधित
विद्युत विभाग द्वारा आवश्यक रखरखाव कार्य के कारण शनिवार, 29 अगस्त को शहर के कई क्षेत्रों में लगभग पांच घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग के अनुसार, 33/11 केवी सबस्टेशन गोविंदपुरा से निकलने वाले 11 केवी हाउसिंग बोर्ड फीडर पर यह रखरखाव कार्य किया जाएगा। इसके चलते दोपहर 3 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। इस दौरान गणपति नगर, जय अम्बे कॉलोनी, श्रीराम नगर, चारभुजा कॉलोनी, विद्या भारती स्कूल के पास का क्षेत्र, बीएम शर्मा नगर, शनि महाराज मंदिर व टेम्पो स्टैंड के आसपास का क्षेत्र, गायत्री नगर लिंक रोड, 80 फीट रोड, गायत्री नगर द्वितीय, लिंक रोड, टीसी मालानी नगर, सिद्धि विनायक कॉलोनी, विद्या नगर, गांधी नगर, कृष्णा कॉलोनी, टीपी पारीक आईटीआई के पास का क्षेत्र, रामचंद्र कॉलोनी और जैन कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली नहीं रहेगी। विद्युत विभाग ने प्रभावित उपभोक्ताओं से रखरखाव कार्य के दौरान सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
आजमगढ़ में युवक से 12 लाख की ठगी:दूसरे की जमीन खुद का बताकर पैसे लिए थे, दो भाइयों पर FIR
अहरौला थाना क्षेत्र में प्लॉटिंग के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आलमपुर गांव निवासी नरेन्द्र नाथ सिंह ने मतलूपुर निवासी दो भाइयों पर कूटरचित खतौनी दिखाकर दूसरे की जमीन को अपनी बताने और रुपये लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर अहरौला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। नरेन्द्र नाथ सिंह के मुताबिक, मतलूपुर निवासी शोभनाथ सेठ और सुधीर सेठ प्लॉटिंग का काम करते हैं। दोनों ने उन्हें अहरौला थाने के पीछे जमीन दिखाई। इस दौरान गाटा संख्या 24 और 25 की खतौनी दिखाकर जमीन को अपना बताया। जमीन पसंद आने के बाद चार लाख रुपये प्रति बिस्सा के हिसाब से सौदा तय हुआ। पीड़ित का आरोप है कि 1 मार्च 2018 को उन्होंने दो लाख रुपये नकद बयाने के तौर पर दिए। इसके बाद 5 मार्च 2018 को अपनी फर्म के खाते से कृष्णा मोटर्स के खाते में 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इस तरह कुल 12 लाख रुपये देने के बाद जब उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए कहा तो दोनों भाई लगातार टालमटोल करने लगे। खतौनी निकलवाई तो किसी और के नाम मिली जमीन नरेन्द्र नाथ सिंह के अनुसार, बाद में गांव के लोगों से जानकारी मिली कि जिस जमीन का सौदा किया गया है, वह शोभनाथ सेठ की है ही नहीं। इसके बाद उन्होंने जमीन की खतौनी निकलवाई तो जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज मिली। पीड़ित का आरोप है कि दोनों भाइयों ने साजिश के तहत कूटरचित खतौनी दिखाकर दूसरे की जमीन को अपना बताया और उनसे 12 लाख रुपये ले लिए। रुपये मांगने पर धमकी देने का आरोप नरेन्द्र नाथ सिंह का आरोप है कि जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो दोनों आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। साथ ही फर्जी मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित वर्तमान में पुणे में रहकर निजी व्यवसाय करते हैं। उनकी शिकायत के आधार पर अहरौला थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निवाड़ी जिले के ओरछा में 30 और 31 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित होगी। VVIPs के आगमन को देखते हुए यातायात पुलिस ने दो दिनों के लिए रूट डायवर्जन और पार्किंग की विशेष व्यवस्था की है। ओरछा मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित 30 और 31 अगस्त को ओरछा मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। झांसी से ओरछा होते हुए पृथ्वीपुर और टीकमगढ़ जाने वाले वाहनों को ओरछा कस्बे से प्रवेश नहीं मिलेगा। ऐसे वाहनों को निवाड़ी होकर जाना होगा। इसी तरह टीकमगढ़ और पृथ्वीपुर से ओरछा होते हुए झांसी जाने वाले वाहनों को भी निवाड़ी मार्ग का उपयोग करना होगा। झांसी, निवाड़ी और ओरछा तिगैला की ओर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक अपने वाहन थाना पार्किंग और होटल राजमंदिर पार्किंग में खड़े कर सकेंगे। टीकमगढ़ और पृथ्वीपुर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए सेंचुरी पार्किंग निर्धारित की गई है। वहीं, ललितपुर, बबीना और चकरपुर की ओर से ओरछा आने वाले वाहनों की पार्किंग लक्ष्मी मंदिर पार्किंग में रहेगी। VVIP काफिले के दौरान वैकल्पिक मार्ग महत्वपूर्ण व्यक्तियों का काफिला निकलने के दौरान श्रीराम राजा मंदिर जाने वाले श्रद्धालु और पर्यटक आजादपुरा और रामनगर मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। VVIP मूवमेंट के समय यातायात व्यवस्था में जरूरत के अनुसार अस्थायी बदलाव भी किया जा सकता है। यातायात पुलिस ने आमजन और श्रद्धालुओं से निर्धारित रूट और पार्किंग का ही उपयोग करने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने और VVIP मूवमेंट के दौरान यातायात व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।
जयपुर में पड़ोसी के 16 साल की नाबालिग से रेप करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोसी युवक ने नाबालिग को मिलने के बहाने बुलाकर धोखे से किडनैप कर लिया। और पिछले 2 महीने तक बंधक बनाकर रेप किया। मामले में पुलिस ने नाबालिग को ढूंढ निकालने के बाद मेडिकल व बयान दर्ज कर आरोपी पड़ोसी को अरेस्ट किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रविवार को कोर्ट में पेश करेगी। पड़ोसी ने नाबालिग से किया रेप थानाधिकारी ने बताया कि परिजनों की ओर से आरोपी पड़ोसी के खिलाफ शिकायत दी गई। रिपोर्ट के अनुसार जयपुर की रहने वाली एक नाबालिग से पड़ोसी युवक ने रेप किया। एक ही कॉलोनी में रहने के कारण आरोपी की नाबालिग से बोलचाल थी। आरोप है करीब 2 महीने पहले आरोपी पड़ोसी ने उसे मिलने के बहाने बुलाया और मिलने जाने पर उसे धोखे से किडनैप कर लिया। आरोपी ने नाबालिग को डरा-धमकाकर रेप किया। वह लगातार उसका देहशोषण करता रहा। नाबालिग को 300 किलोमीटर दूर छिपाकर रखा था परिजनों की ओर से दर्ज गुमशुदगी के दौरान पुलिस को पीड़िता के नाबालिग होने के प्रमाण मिले। पुलिस की ओर से तुरंत किडनैपिंग का मामला दर्ज कर नाबालिग लड़की की तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने जयपुर से करीब 300 किलोमीटर दूर छिपाकर रखा नाबालिग को ढूंढ निकाला। पुलिस की ओर से नाबालिग पीड़िता के बयान दर्ज कर मेडिकल करवाया गया। पुलिस की ओर से रेप का पता चलने पर पोक्सो एक्ट के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस की ओर से मामले में आरोपी पड़ोसी को अरेस्ट किया।
दमोह कोतवाली थाना क्षेत्र के बजरिया वार्ड 8 बड़ापुरा में शुक्रवार रात एक 11वीं कक्षा की छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने उसे फंदे पर झूलते देखा और तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान ईशा अहिरवार (17) के रूप में हुई है, जो एमएलबी स्कूल में पढ़ती थी। उसके चचेरे भाई रोशन अहिरवार ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 8 बजे छात्रा खाना बना रही थी। इसी दौरान वह बगल के कमरे में गई और फंदे पर झूल गई। फंदे से उतारकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जब मां ने छात्रा को किचन में नहीं देखा और बगल के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया, तो खिड़की से झांकने पर फंदे पर लटकी मिली। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर छात्रा को नीचे उतारा और इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फोन की कॉल हिस्ट्री डिलीट मिली परिवार को घटना को लेकर संदेह है क्योंकि छात्रा के मोबाइल से शुक्रवार के सभी कॉल डिलीट कर दिए गए थे। भाई रोशन ने बताया कि घटना से कुछ देर पहले कहा था कि वह अपनी बड़ी बहन संजना से बात कर रही है, लेकिन संजना ने ऐसी किसी बातचीत से इनकार किया है। शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब छात्रा के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
दूदू के गैंजी स्थित श्रीचारभुजा मंदिर से शनिवार को कल्याण मित्र मंडल विकास समिति द्वारा डिग्गी कल्याण महाराज की 26वीं पदयात्रा शुरू हुई। यात्रा से पहले ध्वज पूजन और रामधुनी का आयोजन किया गया। पं. विष्णु कुमार शास्त्री ने विधि-विधान से ध्वज पूजन संपन्न कराया, जबकि महंत महेशदास महाराज ने हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया। मंडल के प्रचार-प्रसार मंत्री विष्णु शास्त्री ने बताया कि यह पदयात्रा रविवार को डिग्गी स्थित श्रीकल्याण महाराज के दरबार में पहुंचेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए डिग्गी कल्याण महाराज के दर्शन के लिए आगे बढ़ रहे हैं। पदयात्रा के रात्रि विश्राम के लिए शनिवार रात नाडे वाले बाबा के स्थान पर सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भजनों और सत्संग का लाभ लिया। इस पदयात्रा में मंडल अध्यक्ष राजवीर कांटवा, महावीर प्रसाद शर्मा, चिरंजीलाल शर्मा, कालूराम शर्मा, सुरेश खांडल, लक्ष्मण, सुरेश पुरी गोस्वामी, गोपाल गुर्जर, राजू प्रसाद खांडल, रामजीलाल दाधीच सहित कई श्रद्धालु शामिल हैं।
टीकमगढ़ जिले में बान सुजारा बांध के 8 गेट 0.75 मीटर तक खोल दिए गए हैं। बांध से 792 घन मीटर प्रति सेकंड पानी धसान नदी में छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। बांध प्रबंधन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। बान सुजारा बांध अपनी पूर्ण भराव क्षमता 316.50 मीटर के करीब पहुंच गया है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 315.25 मीटर है। बांध में 450 घन मीटर प्रति सेकंड पानी की आवक लगातार जारी है, जिसके चलते गेट खोलने का निर्णय लिया गया। धसान नदी के निचले हिस्सों में जलस्तर बढ़ा धसान नदी के निचले हिस्सों में जलस्तर में लगभग 8 फीट की वृद्धि होने की संभावना है। इसी के मद्देनजर, बांध प्रबंधन ने संबंधित निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। जिले में पिछले एक सप्ताह बाद बारिश से कुछ राहत मिली है। इस वर्ष अब तक औसत 29.2 इंच बारिश हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि तक 48.2 इंच बारिश दर्ज की गई थी। जिले का सामान्य औसत बारिश का आंकड़ा 40 इंच है। पिछले 24 घंटों में टीकमगढ़ 0.5 इंच बारिश पलेरा तहसील में सर्वाधिक 1051 मिमी (42 इंच) और टीकमगढ़ तहसील में 975 मिमी (39 इंच) बारिश हुई है। इसके विपरीत, लिधौरा तहसील में सबसे कम 356 मिमी (14 इंच) और बड़ागांव तहसील में 544 मिमी (22 इंच) बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में टीकमगढ़ और मोहनगढ़ तहसील में लगभग आधा इंच बारिश हुई, जबकि अन्य तहसीलों में कोई बारिश नहीं हुई। लगातार हुई बारिश के कारण उड़द की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
विदिशा-कोटा एक्सप्रेस-वे को मंजूरी मिलने पर चाचौड़ा विधायक प्रियंका पैंची ने वरिष्ठ नेतृत्व का आभार जताया है। वहीं, विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों ने विधायक निवास पहुंचकर उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया। विधायक प्रियंका पैंची ने बताया कि मध्यप्रदेश के विदिशा से राजस्थान के कोटा के बीच प्रस्तावित नए एक्सप्रेस-वे को मंजूरी मिलने की खबर से चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र में खुशी की लहर है। इस महत्वपूर्ण मार्ग को लेकर क्षेत्रीय विधायक प्रियंका पैंची द्वारा लगातार की गई पहल और केंद्र सरकार के समक्ष रखी गई मांग अब धरातल पर साकार होती दिखाई दे रही है। विधायक प्रियंका पैंची ने वर्ष 2024 में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री को पत्र लिखकर चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र के मकसूदनगढ़ से अकलेरा (राजस्थान) तक राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत किए जाने की मांग प्रमुखता से रखी थी। पत्र में उन्होंने बताया था कि इस मार्ग के बनने से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच आवागमन सुगम होगा तथा यात्रियों, व्यापारियों और आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। अब सामने आई जानकारी के अनुसार, विदिशा-कोटा के बीच करीब 275 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे के निर्माण का प्रस्ताव आगे बढ़ा है। प्रस्तावित मार्ग कोटा-झालावाड़-अकलेरा-मकसूदनगढ़-बैरसिया-विदिशा को जोड़ेगा। इस परियोजना पर लगभग 5,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया है। चाचौड़ा क्षेत्र के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है यह मार्ग प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे से मकसूदनगढ़, अकलेरा और आसपास के क्षेत्रों को तेज और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ विद्यार्थियों, मरीजों, व्यापारियों और आम यात्रियों को आवागमन में सुविधा होगी। वर्तमान में विदिशा और कोटा के बीच सड़क मार्ग की दूरी लगभग 349 किलोमीटर बताई जा रही है और यात्रा में करीब 7 घंटे 40 मिनट लगते हैं। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद दूरी घटकर करीब 275 किलोमीटर और यात्रा का समय अधिकतम करीब साढ़े चार घंटे रहने की उम्मीद है। विधायक प्रियंका पैंची द्वारा केंद्र सरकार के समक्ष रखी गई सड़क की मांग में मकसूदनगढ़ से अकलेरा तक राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत करने का आग्रह किया गया था। उन्होंने पत्र में इस मार्ग को क्षेत्र के लिए अतिआवश्यक बताते हुए कहा था कि इससे मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान के लोगों को भी लाभ मिलेगा। विधायक प्रियंका पैंची ने कहा कि क्षेत्र के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए सड़क एवं परिवहन सुविधाओं को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता रही है। केंद्र सरकार के समक्ष लगातार रखी गई मांगों का परिणाम अब क्षेत्र को मिलने वाली इस बड़ी सौगात के रूप में सामने आ रहा है। यह एक्सप्रेस-वे चाचौड़ा क्षेत्र को राजस्थान और मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों से जोड़ने के साथ ही क्षेत्र के आर्थिक और व्यापारिक विकास को नई गति देने वाला साबित होगा।
सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 15 में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने एक घर में धावा बोलकर लाखों रुपए के जेवरात, नकदी और घरेलू सामान चोरी कर लिया। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य घर के अंदर सो रहे थे। पीछे की दीवार तोड़कर घुसे चोर परिजनों के अनुसार, रात में चोरों ने राम लल्लू उपाध्याय के कच्चे मकान की पिछली दीवार तोड़ दी और अंदर दाखिल हो गए। इसके बाद पेटी और अलमारी के ताले तोड़कर उनमें रखे जेवरात और नकदी निकाल ली। चोर घर में रखा अन्य सामान भी ले गए। सुबह परिवार के लोगों की नींद खुली तो पिछली दीवार टूटी मिली। घर के अंदर सामान बिखरा हुआ था और पेटी-अलमारी के ताले टूटे पड़े थे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। डॉग स्क्वॉड ने की जांच सूचना मिलते ही सरई पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। सरई थाना प्रभारी प्रहलाद मर्सकोले ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच की जा रही है। पुलिस चोरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के क्षेत्र में भी पूछताछ शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार ने चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
रक्षाबंधन का त्यौहार मनाकर बाइक से घर लौट रहे मां-बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार गिर गए। घायलों को कोटा हॉस्पिटल में लाया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों मां-बेटे की मौत हो गई। घटना 28 अगस्त की शाम 7 बजे भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया थाना क्षेत्र की है। मृतक लाड देवी (68) व मनीष कुमार जैन (44) एमपी के नीमच जिले के सिंगोली के रहने वाले थे। बिजोलिया थाना ASI नरेश कुमार ने बताया की पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। परिजनों ने शिकायत दी है। जिसकी जांच की जा रही है। राखी मनाकर ननिहाल से घर लौट रहे थे चचेरे भाई दीपेश ने बताया की मनीष का ननिहाल 35 किमी दूर बिजोलिया में है। राखी के दिन दोपहर 12 बजे करीब मनीष अपनी मां लाड देवी क़ो बाइक पर लेकर ननिहाल आया था। ननिहाल में लाड देवी ने राखी बांधी। खाना खाने के बाद शाम 7 बजे करीब दोनों बाइक से सिगोली के लिए रवाना हुए। लाड़देवी बाइक पर पीछे बैठी हुई थी। सिंगोली घाटा से पहले ढलान पर अज्ञात वाहन ने बाइक क़ो टक्कर मार दी। दोनों सड़क पर गिर गए। राहगीरों ने उन्हें संभाला और सिंगोली हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां से उन्हें गंभीर हालात में कोटा रेफर किया। जिसके बाद दोनों क़ो कोटा के निजी हॉस्पिटल लाए। जहां से दोनों क़ो न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर किया। दोनों की इलाज के दौरान मौत हो गई। मनीष सिंगोली में कपड़े व बर्तन की दुकान है। परिजनों का आरोप है कि सिंगोली में अस्पताल में इलाज प्रॉपर नहीं मिला। एंबुलेंस की व्यवस्था में भी देरी से हुई।
बीकानेर नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अंदरूनी विरोध से बचने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। दोनों पार्टियों ने अभी तक प्रत्याशियों की अधिकृत सूची जारी नहीं की है। इसके बजाय दावेदारों को फोन कर नामांकन दाखिल करने के लिए कहा जा रहा है। कुछ वार्डों में टिकट को लेकर दोनों दलों के भीतर खींचतान चल रही है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व अचानक विरोध प्रदर्शन या हंगामे की स्थिति से बचने के लिए दावेदारों को सीधे नामांकन दाखिल करने के निर्देश दे रहा है। भाजपा में 50 से ज्यादा दावेदारों को फोन भाजपा ने 50 से ज्यादा दावेदारों को फोन कर नामांकन दाखिल करने के लिए कहे जाने की बात सामने आई है। हालांकि अधिकृत सूची जारी नहीं होने से कुछ वार्डों में पार्टी के सामने बागी प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में उतरने की स्थिति भी बन रही है। भाजपा इस बार कई बड़े चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी में है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने अपने पिता के लिए टिकट मांगा था, लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिलने की बात सामने आ रही है। वहीं पूर्व विधायक के परिजन को टिकट के लिए फोन आने की सूचना है। ऐसे में, वार्ड की महिलाओं ने यहां थाली बजा कर आभार जताया। कई दिग्गज दावेदारों को भी अब तक कोई सूचना नहीं दी गई। कांग्रेस में भी फोन पर नामांकन के निर्देश कांग्रेस में भी भाजपा जैसी स्थिति बनी हुई है। पार्टी की ओर से अधिकृत सूची जारी करने के बजाय दावेदारों को फोन कर नामांकन दाखिल करने के लिए कहा जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता खुद दावेदारों को फोन कर रहे हैं और शनिवार को ही नामांकन दाखिल करने के निर्देश दे रहे हैं। इसके साथ ही दावेदारों से वोटर लिस्ट में दर्ज उनके नाम की फोटो प्रति भी मांगी जा रही है, ताकि नामांकन और टिकट में नाम उसी के अनुसार दर्ज किया जा सके। कांग्रेस में डॉ. बी.डी. कल्ला और पूर्व प्रत्याशी रहे यशपाल गहलोत टिकट वितरण की प्रक्रिया में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नूंह दौरे से पहले कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। इसी वजह है पुलिस का एक्शन, जिसमें युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुबीन तेडिया सहित कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया। नूंह विधायक और कांग्रेस दल के उपनेता चौधरी आफताब अहमद ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो डालकर सरकार की आलोचना करते हुए लिखा- जब जब मुख्यमंत्री डरता है, पुलिस को आगे करता है। युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुबीन खान को हाउस अरेस्ट करना निंदनीय है। बता दें कि मुख्यमंत्री आज शनिवार को अनाज मंडी में मेवात कैडर के टीचरों के कार्यक्रम और मेवात विकास एजेंसी की बैठक में भाग लेने आ रहे हैं। यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुबीन पहले भी बसों पर मुख्यमंत्री के पोस्टर पर कालिख पोत चुके हैं। इससे पहले गुरुग्राम में भी कांग्रेसियों ने सीएम सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाए थे। आठ नेताओं के खिलाफ केस दर्ज होने पर कांग्रेस ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय घेर लिया था। नूंह पुलिस ने भी इसी डर से आज कई कांग्रेसियों को हाउस अरेस्ट किया हुआ है। कांग्रेस विधायक की ओर से सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट गुरुग्राम में सीएम के काफिले में ये हुआ था… प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने ये कहा था… ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… गुरुग्राम से लापता कांग्रेस के दोनों जिलाध्यक्ष पहुंचे DCP दफ्तर:मौके से जमानत, आज दिनभर चला ड्रामा; CM को काले झंडे दिखाने के बाद से अंडरग्राउंड थे हरियाणा सीएम नायब सैनी को काले झंडे दिखाने के बाद से लापता हुए कांग्रसे दो जिलाध्यक्ष वर्धन राव और पंकज डावर देर रात अचानक गुरुग्राम पहुंच गए। दोनों सीधे डीसीपी वेस्ट करन गोयल के दफ्तर पहुंचकर पेश हुए, जहां से उन्हें जमानत दे दी गई। (पूरी खबर पढ़ें)
जोधपुर के डांगियावास थाना क्षेत्र में एक दुकान पर सामान खरीदने के लिए आए बुजुर्ग की जेब काटने की वारदात सामने आई है। जेब में 11 हजार रुपए रखे हुए थे, जिन्हें जेबकतरों ने चुरा लिया।। इस पूरी घटना से जुड़ा हुआ सीसीटीवी भी सामने आया है। जिसमें जेब काटने वाला अपने साथियों के साथ बुजुर्ग के आसपास खड़ा रहता है और मौका पाकर उनकी जेब काट लेता है। इसके बाद सभी वहां से निकल जाते हैं। जेब काटने का पता चलने के बाद बुजुर्ग की ओर से थाने पहुंचकर रिपोर्ट दी गई है फिलहाल फुटेज के आधार पर पुलिस जेब काटने वालों की तलाश में जुटीहुई है। मोटर का सामान लेने आया था बुजुर्ग बुजुर्ग ने बताया कि वह शुक्रवार की दोपहर थाना क्षेत्र के डांगियावास में एक दुकान पर मोटर का सामान लेने के लिए पहुंचे थे। उसी दौरान जेबकतरों ने जेब काट दी। जेब काटने वाला गिरोह सक्रिय बता दें कि इन दिनों बाबा रामदेव मेले को लेकर श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी है। उसकी आड़ में अब जेब काटने वाला गिरोह भी सक्रिय हो चला है। जो जातरुओं के वेश में इस तरह की वारदातों को अंजाम देता है।
गौरेला के मंगली बाजार में चोरी और झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह पर गौरेला पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1), 121(1), 132, 221 और 333 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पहला मामला ग्राम तेंदूमूड़ा निवासी कमला बाई सोनवानी का है। वह मंगली बाजार में सामान खरीदने गई थीं। शाम करीब 4 बजे वह मनिहारी की दुकान पर सामान देख रही थीं। इसी दौरान एक महिला अपने छोटे बच्चे के साथ वहां पहुंची और भीड़ का फायदा उठाकर कमला बाई के गले से करीब 8 हजार रुपए कीमत के दो सोने के लॉकेट झपटकर भाग गई। रिपोर्ट कराने पहुंची तो थाने में ही मिली आरोपी कमला बाई शिकायत दर्ज कराने गौरेला थाने पहुंचीं। इसी दौरान आरोपी महिला भी थाने में मौजूद थी। पुलिस ने उसकी पहचान संतोषी बंसल के रूप में की। पूछताछ और तलाशी में उसके पास से कमला बाई के दोनों सोने के लॉकेट बरामद हो गए। दूसरी महिला का पर्स झपटने की कोशिश दूसरी घटना ज्योतिपुर निवासी कौशिल्या ध्रुर्वे के साथ हुई। शाम करीब 4:30 बजे वह डॉक्टर के क्लीनिक के सामने फल खरीद रही थीं। इसी दौरान संतोषी बंसल ने उनके कंधे पर टंगा गुलाबी रंग का पर्स झपट लिया और भागने लगी। पर्स में 1,550 रुपए रखे थे। लोगों ने दौड़ाकर पकड़ा पर्स झपटकर भाग रही महिला को आसपास मौजूद लोगों ने दौड़ाकर पकड़ लिया। इसके बाद डायल-112 की मदद से उसे पुलिस के हवाले किया गया। गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार दोनों महिलाओं की शिकायत पर गौरेला पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए संतोषी बंसल समेत गिरोह के कुल तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
खरगोन में कल (30 अगस्त) श्री सिद्धनाथ-महाबलेश्वर महादेव का शिवडोला निकलेगा। इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। समिति का अनुमान है कि लगभग 4 किलोमीटर के भ्रमण में 3 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल होंगे। शोभायात्रा में धार्मिक प्रसंगों पर आधारित 27 झांकियां, अखाड़े, नृत्य दल, ढोल-ताशा और नगाड़ा दल मुख्य आकर्षण होंगे। पुलिस बैंड भगवान को सलामी देगा। शिवडोला मार्ग पर स्वागत मंच नहीं लगाए जाएंगे, लेकिन 80 से अधिक सेवा स्टॉल श्रद्धालुओं का स्वागत करेंगे। शिवडोला समिति के संरक्षक मनोहर भावसार और प्रवक्ता प्रकाश भावसार ने बताया कि इन स्टॉलों पर भगवान को विभिन्न व्यंजनों का भोग लगाकर भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। मुख्य झांकी से लगभग 12 क्विंटल महाप्रसाद बांटा जाएगा। समिति के धर्मेंद्र भावसार के अनुसार, महाप्रसाद तैयार करने के लिए 10 क्विंटल शकर, 40 किलो भांग, 45 किलो काजू, 45 किलो शुद्ध घी, 15 किलो इलायची और 8 किलो काली मिर्च का उपयोग किया गया है। शहर में 5 अस्थाई बस स्टैंड बनाए गएएसपी रवींद्र वर्मा ने बताया कि शिवडोले के मद्देनजर शहर में 5 अस्थाई बस स्टैंड बनाए गए हैं। डोला भ्रमण के दौरान यातायात व्यवस्था के लिए अलग-अलग रूट डायवर्ट किए जाएंगे। भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा। बजरंगी अखाड़ा दल के 40 सदस्य भी तैयारियों में जुटे हैं। शिवडोला की व्यवस्थाओं में अध्यक्ष नवनीतलाल भंडारी, उपाध्यक्ष राजेश धारे, धर्मेंद्र भावसार लाला, राजेश भावसार, कोषाध्यक्ष राधाकृष्ण महाजन सहित समिति के अन्य पदाधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हैं।
कोडरमा में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने जुलाई और अगस्त माह में जिले के 100 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों, मिठाई दुकानों और फूड स्टॉलों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों की जांच की। इस दौरान लाखों रुपए के मिलावटी और खराब खाद्य पदार्थों को जब्त कर नष्ट किया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि जांच के दौरान अखाद्य रंगों से तैयार मिठाई, मिलावटी हल्दी, छोले, चटनी सहित कई अन्य खाद्य सामग्रियों में गड़बड़ी मिली। कार्रवाई के दौरान संबंधित खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कराया गया। खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले में संबंधित प्रतिष्ठानों से जुर्माना भी वसूला गया है। विभाग की कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप है और उन्हें खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी दी गयी है। डोमचांच में 10 किलो रंगीन मिठाई व 50 किलो हल्दी नष्ट अभिषेक आनंद के अनुसार, 30 जुलाई को डोमचांच बाजार में दो दर्जन से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों और फूड स्टॉलों की जांच की गयी। इस दौरान कई मिठाई दुकानों में अखाद्य रंगों से तैयार लड्डू और बर्फी बिक्री के लिए रखे मिले। विभाग ने करीब 10 किलोग्राम ऐसी मिठाइयां जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दीं। इसी कार्रवाई के दौरान एक किराना दुकान से 50 किलोग्राम मिलावटी हल्दी भी बरामद हुई। इसे भी मौके पर नष्ट कराया गया। इसके बाद सतगांवां प्रखंड के पसाडीह बाजार में खाद्य प्रतिष्ठानों और फूड स्टॉलों की जांच की गई। यहां करीब 20 प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान लगभग 10 किलोग्राम अखाद्य रंगों से तैयार मिठाई और बर्फी मिली, जिसे विभाग ने नष्ट करा दिया। विभाग ने कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं करने की हिदायत दी। तिलैया डैम के पास छोले-चटनी में मिली मिलावट 20 अगस्त को चंदवारा प्रखंड के तिलैया डैम के पास स्थित बाजार में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। यहां करीब 25 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। ठेले और दुकानों पर बिक रहे छोले, चटनी और हल्दी की जांच के दौरान इनमें अखाद्य रंगों की मिलावट पाई गई । विभाग ने मिलावटी खाद्य सामग्रियों को तत्काल नष्ट करा दिया। साथ ही दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी गयी कि भविष्य में इस तरह की मिलावट पाये जाने पर उनके फूड लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। इसके अलावा कोडरमा, मरकच्चो और जयनगर प्रखंडों में भी अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। कार्रवाई के साथ प्रशिक्षण भी दिया जा रहा खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच और कार्रवाई के साथ जागरूकता पर भी जोर दिया है। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने बताया कि बीते महीनों में विभाग की ओर से कार्रवाई के साथ लोगों और खाद्य कारोबारियों को यह जानकारी देने का प्रयास किया गया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट की समस्या को कैसे रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से अलग-अलग प्रखंडों के फूड वेंडरों के लिए 13 अगस्त को सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय के सभागार में नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्ट्रीट फूड वेंडरों को खाद्य सुरक्षा से संबंधित जरूरी जानकारी दी गई।
देशभर में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी। इस बार 15 साल बाद जन्माष्टमी पर ऐसा विशेष संयोग बन रहा है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पंडित अक्षत व्यास के अनुसार द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भी मध्यरात्रि में अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस बार जन्माष्टमी पर भी इसी तरह का संयोग बन रहा है। पंडित व्यास के मुताबिक कई बार जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि तो रहती है, लेकिन रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं बनता। इस बार दोनों एक ही दिन मिल रहे हैं। यही वजह है कि इस जन्माष्टमी को विशेष माना जा रहा है। रामानंदी संप्रदाय में जन्मोत्सव के लिए रोहिणी नक्षत्र को विशेष महत्व दिया जाता है। इस बार वैष्णव और रामानंदी समेत सभी प्रमुख संप्रदायों में 4 सितंबर को ही जन्माष्टमी मनाई जाएगी। मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र का संयोग ज्योतिषाचार्य के अनुसार जन्माष्टमी की अर्धरात्रि में अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का एक साथ होना विशेष फलदायी माना जाता है। कई वर्षों में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर वृष राशि में चंद्रमा तो रहता है, लेकिन रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं बन पाता। इस बार सभी प्रमुख ज्योतिषीय तत्व एक साथ आ रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं में भी ऐसे संयोग में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। उज्जैन के मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन जन्माष्टमी पर उज्जैन के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में विशेष सजावट, अभिषेक और पूजन-अर्चन किया जाएगा।

