इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट की मल्टी-लेवल पार्किंग एवं अधिवक्ता (आवंटन एवं अधिभोग) नियमावली, 2026 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। याची विजय प्रताप सिंह, जो स्वयं इलाहाबाद हाईकोर्ट में पंजीकृत अधिवक्ता हैं, ने अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दाखिल कर नियमावली, 2026 को चुनौती दी थी। याचिका में नियमावली की वैधता, उसकी प्रयोज्यता और उसे बनाने के हाईकोर्ट के अधिकार पर सवाल उठाया गया था। न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ के समक्ष याची अधिवक्ता अरुण मिश्रा और हाईकोर्ट की ओर से अधिवक्ता राहुल श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। संवैधानिक या वैधानिक कमी नहीं कोर्ट ने पाया कि याचिका के आधार खंड में इस तरह की किसी संवैधानिक या वैधानिक कमी का उल्लेख ही नहीं था। याचिका में यह भी नहीं बताया गया था कि नियमावली किस अनुच्छेद के विपरीत है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ बयानों के आधार पर कानूनी दलील पर्याप्त नहीं होती, अगर याचिका में वैधता को चुनौती देने का ठोस आधार ही मौजूद न हो। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ठोस आधारों पर दुबारा याचिका दायर करने की छूट दी है।
छत्तीसगढ़ में मनरेगा के 18 साल पुराने कथित घोटाले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2006-07 और 2007-08 में हुई आर्थिक अनियमितताओं के मामले में EOW ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष अदालत, कांकेर में तत्कालीन जिला पंचायत CEO समेत 8 अधिकारियों के खिलाफ करीब 6 हजार पन्नों का चालान पेश किया है। मामला मनरेगा के तहत सामग्री खरीदी में 1,69,14,247 की गड़बड़ी से जुड़ा है। जिला स्तर पर कराई गई थी केंद्रीकृत खरीदी EOW की जांच में सामने आया कि तत्कालीन जिला पंचायत CEO केपी देवांगन ने शासन के नियमों को दरकिनार कर जिला स्तर पर सामग्री की केंद्रीकृत खरीदी कराई। जबकि नियमों के मुताबिक संबंधित जनपद पंचायत और ग्राम पंचायतों को अपने स्तर पर सामग्री खरीदने का अधिकार था। जांच में फ्लेक्सी बोर्ड, मस्टर रोल सत्यापन पत्रक, रोजगार गारंटी योजना की मार्गदर्शिका, रोजगार उपलब्धता पंजी, फाइल कवर, मस्टर रोल पत्रक और श्रमिक जानकारी पत्रक समेत कई सामग्रियों की खरीदी में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। 8 पंचायतों में मिली अनियमितता EOW के मुताबिक जिला पंचायत कांकेर और 7 जनपद पंचायतों में सरकारी राशि के अपव्यय और अनियमित खर्च के साक्ष्य मिले हैं। पूर्व CEO समेत 7 जनपद CEO आरोपी चालान में तत्कालीन जिला पंचायत CEO केपी देवांगन के अलावा तत्कालीन जनपद पंचायत CEO राधाकांत कर (कांकेर), गोवर्धन गजबल्ला (नरहरपुर), परदेशी राम मरकाम (चारामा), भारत राम नेताम (अंतागढ़), रामकिशुन ध्रुव (कोयलीबेड़ा), जीआर ठाकुर (भानुप्रतापपुर) और संवालदास बघेल (दुर्गकोंदल) को आरोपी बनाया गया है। EOW की जांच के अनुसार आरोपियों ने कथित तौर पर आपसी सांठगांठ कर निविदा प्रक्रिया और खरीद नियमों का पालन नहीं किया। शासकीय पद का दुरुपयोग कर सरकारी राशि के अनियमित उपयोग के आरोप हैं। इन धाराओं में हुई कार्रवाई मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B, 409 और 420 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(C), 13(1)(D) और 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है। मुख्य आरोपी पर पहले से 2 केस EOW के मुताबिक केपी देवांगन के खिलाफ भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े दो अन्य मामले भी दर्ज हैं। 2009 के एक मामले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए चयन प्रक्रिया में हेराफेरी कर अपात्र अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने का आरोप है। वहीं 2010 के एक अन्य मामले में खरीद नियमों के उल्लंघन और पद के दुरुपयोग के जरिए 8.44 करोड़ से अधिक के लोकधन के कथित दुरुपयोग का आरोप है। दोनों मामलों में न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से जुड़े एक बहुचर्चित हत्याकांड में सत्र अदालत द्वारा दी गई सजा को रद्द कर दिया। कोर्ट ने तीनों दोषियों अनूप दुबे, कपिल शर्मा और आकाश उर्फ अक्कू को बरी कर दिया। मालूम हो कि वर्ष 2013 में देवेंद्र उर्फ दीपक तोमर नामक व्यक्ति 14 मई को लापता हो गया था और 17 मई को उसका शव बरामद हुआ था। ट्रायल कोर्ट ने चार आरोपियों को धारा 302/34, 201/34 और 506 आईपीसी के तहत दोषी करार दिया था। इनमें से एक आरोपी गौरव झा की फैसले के तुरंत बाद मृत्यु हो गई थी, इसलिए बाकी तीन ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। इनका कहना था कि मृत्यु का कारण नहीं पता चला और आरोपियों के खिलाफ विश्वसनीय साक्ष्य के बगैर सजा सुनाई गई है। जो कानून के खिलाफ है। कोर्ट ने आदेश में कई खामियां गिनाईं हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कई अहम खामियां गिनाईं:कहा - शव इतनी सड़ी-गली अवस्था में मिला था कि केवल कंकाल बचा था, और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं हो सका था। कंकाल की कोई डीएनए जांच भी नहीं कराई गई, जिससे यह साबित नहीं हो सका कि वह देवेंद्र का ही शव था। घटनास्थल पर आखिरी बार आरोपियों के साथ देखे जाने के दोनों गवाह अदालत में मुकर गए थे।घटनास्थल से बरामद खोखा कारतूस के जब्ती ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले स्वतंत्र गवाहों से भी पूछताछ नहीं कराई गई थी। सभी आरोपियों का धारा 27 साक्ष्य अधिनियम के तहत एक ही साझा ज्ञापन तैयार किया गया था, जबकि प्रत्येक आरोपी का अलग-अलग होना चाहिए था। मृत्यु का कारण ही साबित नहीं हुआ कोर्ट ने कहा कि जब मृत्यु का कारण ही साबित नहीं हो सका, तो कारतूस और बैलिस्टिक रिपोर्ट का कोई खास मूल्य नहीं रह जाता। कोर्ट ने यह भी कहा कि कंकाल की बरामदगी सार्वजनिक स्थान से हुई थी, इसलिए महज आरोपियों के इशारे पर बरामदगी को दोष सिद्ध करने का आधार नहीं बनाया जा सकता। इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष संदेह से परे मामला साबित करने में विफल रहा और सभी तीन अपीलों को स्वीकार करते हुए दोषियों को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।
राजधानी रायपुर में एक बार फिर सोशल मीडिया पर प्राइवेट पूल पार्टी का पोस्टर वायरल होने से हलचल मच गई है। वायरल पोस्टर में 4,999 एंट्री फीस लेकर किसी गोपनीय स्थान पर पूल पार्टी आयोजित करने का दावा किया गया है। पोस्टर में मॉडल्स और एक्ट्रेस के साथ इंटरेक्शन, सीमित मेहमानों की एंट्री और पेमेंट के बाद आयोजन स्थल की लोकेशन शेयर करने जैसी बातें लिखी हैं। पोस्टर सामने आने के बाद रायपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टर में आयोजन स्थल की जानकारी नहीं सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर में पार्टी में सीमित संख्या में लोगों को प्रवेश देने की बात कही गई है। इसमें शामिल होने के लिए 4,999 फीस निर्धारित किए जाने का दावा है। खास बात यह है कि पोस्टर में आयोजन स्थल का नाम या पता सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसमें बताया गया है कि भुगतान करने के बाद ही पार्टी की लोकेशन संबंधित लोगों को दी जाएगी। आयोजकों और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वायरल पोस्टर वास्तविक है या किसी ने इसे केवल प्रचार के लिए तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पोस्टर को वायरल करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अगर ऐसा कोई आयोजन प्रस्तावित है तो उसके लिए संबंधित विभागों से जरूरी अनुमति ली गई है या नहीं। पुलिस आयोजन स्थल और आयोजकों की पहचान के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। बजरंग दल ने जताई आपत्ति कथित पूल पार्टी को लेकर बजरंग दल ने भी आपत्ति जताई है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि रायपुर में पहले भी इस तरह के आयोजनों से जुड़े पोस्टर सामने आ चुके हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा आयोजन किया गया तो इसका विरोध किया जाएगा। पुलिस ने शुरू की जांच फिलहाल पुलिस वायरल पोस्टर की प्रामाणिकता, आयोजकों की पहचान और प्रस्तावित आयोजन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह पोस्टर किसी वास्तविक आयोजन से जुड़ा है या सोशल मीडिया पर महज प्रचार के लिए वायरल किया गया है।
ग्वालियर के गिरवाई थाना क्षेत्र अंतर्गत सोमवार शाम भागवत कथा सुनकर पैदल अपने घर लौट रही एक वृद्ध महिला को तेज रफ्तार व लापरवाही से आ रहे बाइक चालक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला सड़क पर दूर तक घिसटती चली गई, जिससे उनके सिर, कंधे और कान के पास गंभीर चोटें आई हैं। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज चल रहा है। फिलहाल महिला की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। भागवत सुनकर लौट रही थीं ताई, पीछे से आई तेज रफ्तार बाइक फरियादी बृजेश कुशवाह पुत्र भगवान सिंह कुशवाह निवासी सरवटे की पहाड़िया, गिरवाई ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है कि सोमवार दोपहर में उनकी ताई रामवती कुशवाह और मोहल्ले की ऊषा कुशवाह गिरवाई थाने के पास स्थित 'बाबा गार्डन' में आयोजित भागवत कथा सुनने गई थीं। शाम करीब 05:45 बजे कथा समाप्त होने के बाद दोनों महिलाएं पैदल-पैदल अपने घर की ओर लौट रही थीं। उसी समय वह हादसे की शिकार हो गईं। अनियंत्रित बाइक ने मारी टक्कर, सड़क पर घिसटीं वृद्धा शाम के समय फरियादी बृजेश कुशवाह गिरवाई नाके पर गोपाल कुशवाह के मैरिज गार्डन के सामने किसी काम से खड़ा था। जैसे ही उसकी ताई रामवती और ऊषा कुशवाह मैरिज गार्डन के बगल में स्थित किराने की दुकान के सामने पहुंचीं, तभी पीछे से एक मोटरसाइकिल क्रमांक MP07 ND- 4307 का चालक अपनी बाइक को बेहद तेज गति और लापरवाही से चलाता हुआ आया। आरोपी बाइक चालक ने सड़क पर जा रही वृद्ध रामवती कुशवाह को सीधे पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही रामवती बाई सड़क पर बुरी तरह घिसट गईं, जिससे उनके सिर, दाहिने हाथ, दाहिने कंधे, दाहिने कान के पास और शरीर में जगह-जगह गंभीर चोटें आईं। वृद्ध महिला की हालत नाजुक हादसा होते ही फरियादी बृजेश और स्थानीय लोगों ने ताई रामवती को संभाला और तत्काल इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल (JAH) ले गए। जेएएच में 2-3 घंटे तक चले प्राथमिक इलाज के बाद, बेहतर उपचार के लिए परिजनों ने उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है और महिला की हालत नाजुक बनी हुई है।
इंदौर में एक वकील को ऑनलाइन ट्रैवल पैकेज के नाम पर 1.40 लाख रुपए की ठगी का शिकार बनाया गया। आरोपियों ने पहले अखबार में विज्ञापन के जरिए संपर्क कराया, फिर व्हाट्सएप पर यात्रा का पैकेज भेजकर एडवांस राशि जमा करवा ली। टिकट नहीं मिलने और रकम वापस नहीं करने पर पीड़ित ने एमजी रोड थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एमजी रोड थाना पुलिस के अनुसार, वकील राकेश लाड ने शिकायत दर्ज कराई कि करीब 15 दिन पहले उनके घर आने वाले सुबह के अखबार में 'स्वास्तिक टूर' के नाम से यात्रा पैकेज का एक पम्पलेट मिला था। इसमें दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर प्रवीण घोडके नामक व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से दक्षिण भारत यात्रा का पैकेज भेजा। राकेश लाड ने वाराणसी, अयोध्या, रामेश्वरम सहित अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा का अलग प्लान मांगा। 16 जुलाई को उन्हें चार लोगों के लिए 2.34 लाख रुपए का टूर पैकेज भेजा गया और कुल राशि का 60 प्रतिशत एडवांस जमा करने के लिए कहा गया। साथ ही एक क्यूआर कोड भेजा गया, जिस पर उन्होंने दो किश्तों में करीब 1.40 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। आरोपियों ने 24 घंटे के भीतर टिकट भेजने का भरोसा दिया, लेकिन टिकट जारी नहीं किए। संपर्क करने पर लगातार अलग-अलग बहाने बनाकर तारीख टालते रहे। जब पीड़ित ने राशि वापस मांगी तो आरोपियों ने खाते में प्रतीकात्मक रूप से 1 रुपया भेजकर शेष रकम आरटीजीएस से लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन न तो टिकट मिले और न ही पैसे वापस किए गए। इसके बाद 24 जुलाई को राकेश लाड ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। कोई कार्रवाई नहीं होने पर 26 जुलाई को एमजी रोड थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
इंदौर में करीब 8 करोड़ रुपए के शासकीय धन के गबन से जुड़े बहुचर्चित मामले में रावजी बाजार थाना पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी के बैंक खाते में शासकीय राशि ट्रांसफर की गई थी। कोर्ट से तीन दिन का पुलिस रिमांड मिलने के बाद उससे पूछताछ की जा रही है। रावजी बाजार थाना पुलिस के अनुसार, 23 मार्च 2023 को तत्कालीन संयुक्त कलेक्टर मुनीष सिंह सिकरवार की शिकायत पर इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रकरण में मिलाप चौहान, रंजीत करोड़, मनीषा चौहान, राहुल चौहान सहित अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने आपसी साजिश के तहत जिला कोषालय से विफल (फेल) बैंक खातों की जानकारी हासिल की। इसके बाद पात्र हितग्राहियों के खातों के स्थान पर अपने, परिजनों, दोस्तों और परिचितों के बैंक खातों के नंबर दर्ज कर फर्जी स्वीकृति आदेश तैयार किए। देयकों को दोबारा जनरेट कर शासकीय राशि विभिन्न निजी खातों में ट्रांसफर की गई, जिससे करीब 8 करोड़ रुपए का गबन किया गया। इसी मामले में पुलिस ने सोमवार को सर्वहारा नगर, परदेशीपुरा निवासी मनोज उर्फ हल्लू को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि सह-आरोपी रंजीत करोड़ ने शासकीय मद से मनोज के बैंक खाते में 13 लाख 72 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। पुलिस का दावा है कि इस राशि का उपयोग आरोपी और उसके साथियों ने किया। मामले में पुलिस अब रिमांड के दौरान राशि के उपयोग और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है।
शहर के सबसे पॉश इलाकों में शुमार सिटी सेंटर स्थित कैलाश विहार से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली और शर्मनाक वारदात का वीडियो सोमवार रात सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में एक सिरफिरा युवक सड़क पर ट्रॉली बैग लेकर जा रही युवती के साथ न केवल धक्का-मुक्की करता दिख रहा है, बल्कि बीच सड़क पर उसकी टी-शर्ट खींचकर फाड़ देता है, जिससे युवती सरेराह अर्धनग्न हो जाती है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। होटल के बाहर हुआ विवाद, सड़क पर की बदसलूकी मिली जानकारी के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम 12 जुलाई 2026 की शाम का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कैलाश विहार स्थित एक होटल से एक युवती अपना ट्रॉली बैग और हैंड बैग लेकर गुस्से में बाहर निकलकर जाती हुई दिख रही है। तभी होटल के अंदर से तीन-चार लड़के उसके पीछे आए। उनमें से एक सिरफिरा युवक युवती का हाथ पकड़कर उसे जबरन खींचते हुए काफी दूर तक ले गया। दोनों के बीच सड़क पर ही काफी देर तक तीखी बहसबाजी होती रही। देखिए युवती से बदसलूकी की तस्वीरें… सड़क पर गिर पड़ी युवती, युवक ने फाड़ दी टी-शर्ट विवाद के दौरान युवती का हाथ छुड़ाने की कोशिश में वह संतुलन खोकर सड़क पर गिर पड़ी। इसके बाद भी सिरफिरे युवक का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वह भी नीचे बैठ गया और उसका हाथ कसकर पकड़ लिया। युवक ने दरिंदगी की हदें पार करते हुए युवती की टी-शर्ट पकड़कर इतनी जोर से खींची कि कपड़े फट गए और युवती सरेराह अर्धनग्न हो गई। इस भयानक स्थिति में युवती ने किसी तरह खुद को संभाला और अपने फटे हुए कपड़ों को सही किया। इस पूरी वारदात के दौरान आरोपी युवक लगातार उससे झगड़ा और बदतमीजी करता रहा, जबकि आसपास लोग तमाशबीन बने रहे। पुलिस के पास नहीं पहुंची शिकायत घटना का वीडियो 27 जुलाई (सोमवार) की रात को तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो संज्ञान में आते ही ग्वालियर पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई है। पर कोई भी युवती शिकायत करने थाना तक नहीं पहुंची है। पुलिस ने आसपास पूछताछ की, लेकिन कोई हल नहीं निकला है। यूनिवर्सिटी थाना प्रभारी रवीन्द्र कुमार का कहना एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जिसमें एक युवक-युवती झगड़ते फिर आपसी खींचतान करते नजर आ रहे हैं। पर थाना पर अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है, जबकि वायरल सीसीटीवी फुटेज 12 जुलाई का बताया जा रहा है।
मेरठ में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है। शासन ने 41 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों के तबादले करते हुए पंकज दीक्षित को मेरठ का नया सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। वह इससे पहले आजमगढ़ में एसडीएम के पद पर तैनात थे। वहीं, निवर्तमान सिटी मजिस्ट्रेट नवीन कुमार श्रीवास्तव को मुरादाबाद मंडल का अपर आयुक्त बनाया गया है। आजमगढ़ से मेरठ भेजे गए पंकज दीक्षित सोमवार देर रात जारी तबादला सूची में पंकज दीक्षित को मेरठ की जिम्मेदारी सौंपी गई। इससे पहले वह आजमगढ़ में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) के रूप में कार्यरत थे। विभिन्न जिलों में प्रशासनिक अनुभव के चलते उन्हें मेरठ जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी दी गई है। नवीन कुमार श्रीवास्तव को नई जिम्मेदारी मेरठ के सिटी मजिस्ट्रेट रहे नवीन कुमार श्रीवास्तव का तबादला मुरादाबाद मंडल में अपर आयुक्त पद पर किया गया है। शासन के आदेश के बाद दोनों अधिकारियों की नई तैनाती प्रभावी हो गई है। प्रशासनिक कार्यों में तेजी की उम्मीद पंकज दीक्षित के कार्यभार संभालने के बाद शहर में कानून-व्यवस्था, राजस्व मामलों और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। शासन के इस तबादले को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
हरदोई के मझिला थाने में एक विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट कर घर से निकालने का गंभीर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने पति, सास, ससुर और जेठ-जेठानी समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह रिपोर्ट सोमवार की दोपहर 2:45 पर दर्ज की गई है। यह घटना मझिला थाना क्षेत्र के बसभेरवा निवासी चन्द्रपाल पाण्डेय की पुत्री नीरज कुमारी से संबंधित है। नीरज का विवाह 17 मई 2025 को लखीमपुर खीरी के ग्राम पटना (मैगलगंज) निवासी संदीप दीक्षित पुत्र नंद किशोर के साथ हुआ था। शादी में पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज, घरेलू सामान, जेवर और एक बुलेट मोटरसाइकिल के साथ 6 लाख रुपये नगद दिए थे। 2 लाख रुपए की मांग कर प्रताड़ित करते थे इसके बावजूद, आरोप है कि पति संदीप दीक्षित, ससुर नंद किशोर, जेठ रोहित व शैलेन्द्र, जेठानी शिवी व वर्षा और सास नंदरानी का लालच शांत नहीं हुआ। वे लगातार अतिरिक्त दहेज में एक कार और 2 लाख रुपये नगद की मांग करने लगे। नीरज कुमारी द्वारा असमर्थता जताने पर आरोपी उसे लगातार प्रताड़ित करने लगे। परिवार वालों ने मिलकर पीटा28 जून 2026 को दिन में करीब 11 बजे सभी आरोपियों ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई की। उन्होंने उसके सारे जेवर, जिनमें कुंडल, अंगूठियां, पेंडल और चांदी की पायल शामिल थे, छीन लिए। उसी रात करीब 10 बजे उसे गंभीर हालत में मारपीट कर गांव के बाहर छोड़ दिया गया। पीड़िता के पिता द्वारा समझाने पर आरोपियों ने धमकी दी कि कार और दो लाख रुपये न मिलने पर लड़की की विदाई नहीं होगी और वे दूसरी शादी कर लेंगे। थानाध्यक्ष वीर बहादुर सिंह नें बताया कि पीड़िता की तहरीर पर सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हाईकोर्ट के आदेश का 13 साल से नहीं हुआ पालन:नेत्रहीनों के बैकलॉग पदों पर सरकार से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित बैकलॉग पदों को भरने के अपने 2013 के आदेश का 13 साल से पालन न होने पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने पूछा है कि आदेश के बावजूद आरक्षित रिक्तियां क्यों नहीं भरी गईं और अनुपालन रिपोर्ट क्यों नहीं पेश की गई। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड, उत्तर प्रदेश की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। न्यायालय ने सरकार को जवाबी शपथपत्र दाखिल करने का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को निर्धारित की गई है। न्यायालय के समक्ष पेश रजिस्ट्री की रिपोर्ट से पता चला कि 17 जुलाई 2013 को दिए गए मूल फैसले में तत्कालीन मुख्य सचिव को छह महीने के भीतर व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया था। आदेश में सभी सरकारी विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों में दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए आरक्षित एक प्रतिशत बैकलॉग रिक्तियों को भी छह माह में भरने का निर्देश था। हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को आदेश के अनुपालन की निगरानी के लिए एक समिति गठित करने का भी निर्देश दिया था। हालांकि, 13 साल बीत जाने के बाद भी न तो मुख्य सचिव का व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल किया गया और न ही आदेश के अनुपालन की कोई रिपोर्ट न्यायालय में पेश की गई। न्यायालय ने अब राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है कि 2013 के आदेश का अब तक पालन क्यों नहीं हुआ और दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित बैकलॉग रिक्तियां अभी तक क्यों नहीं भरी गई हैं।
लखनऊ में बिरजू महाराज कथक संस्थान की ओर से 'कथक संध्या' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सुर, ताल और घुंघरुओं की झंकार ने दर्शकों को आनंदित कर दिया। नवाबों के शहर में राजस्थानी (जयपुर) घराने की पदचाप और शास्त्रीय कला का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम, संस्थान की अध्यक्ष डॉ. कुमकुम धर और उपाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश तिवारी ने दीप प्रज्वलन कर किया। इसके बाद संस्थान के युवा कलाकारों ने राग मियां मल्हार की प्रसिद्ध बंदिश 'बिजुरी चमके बरसे मेहरवा' पर कथक प्रस्तुत किया। स्वयं मिश्रा ने बांसुरी पर संगत दी इस प्रस्तुति में मीना वर्मा ने हारमोनियम, कृष्ण कुमार मौर्य ने सिंथेसाइजर, नीतीश भारती और आनंद दीक्षित ने तबला तथा स्वयं मिश्रा ने बांसुरी पर संगत दी। शाम का मुख्य आकर्षण जयपुर घराने के प्रसिद्ध नर्तक चेतन कुमार जवड़ा रहे। उन्होंने शिव स्तुति 'हे अमरनाथ, हे विश्वनाथ' से अपनी प्रस्तुति आरंभ की। इसके बाद उन्होंने 9 मात्राओं के ताल बसंत और राग बसंत में जयपुर घराने की बारीक लयकारी और भावभंगिमाएं पेश कीं। मेधावी छात्रों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया चेतन कुमार ने सुंदरलाल गंगानी की वर्षा ऋतु पर आधारित रचना और अंत में द्रुत तीनताल में जटिल पद-संचालन (फुटवर्क) और चक्करदार गतियों का प्रदर्शन किया। इस प्रस्तुति में रमेश मेवाल ने गायन-हारमोनियम, भावदीप जवड़ा ने पखावज-पढ़ंत और मोहित चौहान ने तबले पर उनका साथ दिया।कार्यक्रम के अंत में हॉबी कोर्स पूरा करने वाले मेधावी छात्रों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन तरूश्री ने किया।
बंदी माता मंदिर का 44वां वार्षिक उत्सव:लखनऊ के डालीगंज में कलश शोभायात्रा के साथ हुआ आगाज
लखनऊ गोमती किनारे डालीगंज स्थित पौराणिक बंदी माता मंदिर का 44वां वार्षिक उत्सव सोमवार को कलश शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत देवेंद्र पुरी महाराज की अगुआई में मंदिर परिसर से निकली इस यात्रा में सैकड़ों महिलाएं सिर पर कलश लिए शामिल हुईं। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ करीब 3 किलोमीटर लंबी यह यात्रा अयोध्या मार्ग, डालीगंज पुल, टैगोर मार्ग, मनकामेश्वर मंदिर, लम्बेश्वर मंदिर, जोशी टोला चौराहा और महर्षि वाल्मीकि आशीर्वाद मंडपम होते हुए वापस मंदिर पहुंची। रास्ते में कई जगह श्रद्धालुओं ने फूलों की बारिश कर यात्रा का स्वागत किया। 2 अगस्त तक चलेंगे धार्मिक कार्यक्रम भाजपा महानगर महामंत्री घनश्याम दास अग्रवाल ने पूजन-अर्चन और नारियल फोड़कर शोभायात्रा को रवाना किया। इस दौरान महंत मनोहर पुरी और महंत पूजा पुरी ने अतिथियों का चुनरी ओढ़ाकर सम्मान किया। महंत मनोहर पुरी ने बताया कि 27 जुलाई से 2 अगस्त तक चलने वाले इस 7 दिवसीय महोत्सव में सप्तचंडी महायज्ञ, श्रीमद्भागवत कथा, भजन संध्या, रासलीला और संत सम्मेलन जैसे कार्यक्रम होंगे। अंतिम दिन मानस सम्मेलन के साथ गोमती स्वच्छता अभियान के स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाएगा। प्रमुख उपस्थिति कार्यक्रम में पूर्व पार्षद रेखा रोशनी, उदय सिंह, विष्णु तिवारी, सुनील पटेल, सुशांत वर्मा, कृपा शंकर वर्मा, मुकेश चौरसिया, विशाल वाल्मीकि, भाजपा मीडिया प्रभारी अनुराग साहू, अशोक राठौड़, वीरू कश्यप समेत कई स्थानीय लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे।
जयपुर में आगामी पंचायत एवं निकाय चुनावों की तैयारियों को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के उद्देश्य से राजीव गांधी पंचायती राज संगठन, राजस्थान की ओर से सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में 'चुनाव प्रबंधन कार्यशाला' आयोजित की गई। कार्यशाला में प्रदेशभर के सभी जिलों से आए करीब 500 प्रतिनिधियों को बूथ प्रबंधन, मतदाता सूची की समीक्षा, जनसंपर्क, चुनावी संवाद और संगठनात्मक समन्वय का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी, संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुनाल बनर्जी, संगठन प्रभारी रीना वाल्मीकि और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सी.बी. यादव ने संबोधित किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि संगठन में सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को पंचायत और निकाय चुनावों में पूरा सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि टिकट वितरण पारदर्शी तरीके से कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनस्वीकृति के आधार पर होगा। साथ ही पार्टी का प्रयास 50 प्रतिशत टिकट 50 वर्ष से कम आयु के युवाओं को देकर नई पीढ़ी को नेतृत्व में अवसर देना है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि पंचायत और निकाय चुनाव लोकतांत्रिक संघर्ष, जनदबाव और न्यायिक हस्तक्षेप के कारण संभव हो सके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन में देरी, स्थानीय निकाय चुनाव टालने और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजनाएं बंद करने से जनता में असंतोष है। कार्यकर्ताओं से उन्होंने इस जनभावना को कांग्रेस के पक्ष में जनसमर्थन में बदलने का आह्वान किया। चुनाव जीतने की सबसे मजबूत इकाई बूथ :जोशी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने कहा कि चुनाव जीतने की सबसे मजबूत इकाई बूथ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर मतदाता सूची का गहन परीक्षण करने और सभी वर्गों से निरंतर संवाद बनाए रखने की अपील की। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सी.बी. यादव ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा के राजनीतिक विमर्श के बजाय कांग्रेस की विचारधारा, सत्य, अहिंसा, सद्भाव, सामाजिक न्याय और स्वराज के मुद्दों को जनता के बीच ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन के लिए शीघ्र ही प्रदेश स्तरीय चुनाव सहायता समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें अनुभवी जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। कार्यशाला में प्रतिनिधियों ने आगामी पंचायत एवं निकाय चुनावों में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कांग्रेस की नीतियों व लोकतांत्रिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
जयपुर में भारतीय जनता पार्टी शहर की ओर से संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में रविवार को 'समरसता संकल्प अभियान' की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि रहे। भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने उनका स्वागत किया। मदन दिलावर ने कहा कि भाजपा 'राष्ट्र प्रथम' की विचारधारा पर कार्य करती है, जहां भारत माता की प्रत्येक संतान समान है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने लगभग 650 वर्ष पहले समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, छुआछूत और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण किया था। समरसता संकल्प अभियान उसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को गुरु रविदास जी की जन्मस्थली वाराणसी से राष्ट्रीय स्तर पर समरसता यात्रा एवं कलश यात्रा का शुभारंभ होगा, जिसके माध्यम से देशभर में सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जाएगा। मंदिरों में होंगे कार्यक्रम कार्यशाला में बताया गया कि जयपुर शहर के प्रत्येक मंडल और वार्ड के प्रमुख मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनमें 251 दीप प्रज्वलित किए जाएंगे, गुरु रविदास जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी तथा स्थानीय संतों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर समाज के गुरुओं और मार्गदर्शकों के सम्मान में भी विशेष कार्यक्रम होंगे। जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का संदेश देता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभियान के माध्यम से संत रविदास के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। मीडिया सह-प्रभारी नयन माधाणी (अग्रवाल) के अनुसार, कार्यक्रम में जिला महामंत्री नवरत्न नराणिया, राजेश ताम्बी, रेखा राठौड़ सहित जिला पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र से करीब 10 महीने पहले लापता हुए किशोर को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने हरियाणा के यमुनानगर से सकुशल बरामद कर परिजनों से मिलवा दिया। किशोर डिलीवरी बॉय का काम करता था और कंपनी के मैनेजर से वेतन को लेकर विवाद होने के बाद बिना किसी को बताए घर छोड़कर चला गया था। एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने बताया तालकटोरा में 2025 में किशोर की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में विवेचना एएचटीयू को स्थानांतरित कर दी गई। जांच के दौरान पता चला कि किशोर एक डिलीवरी कंपनी में काम करता था। जहां उसका सैलरी को लेकर मैनेजर से विवाद हो गया था। इसके बाद किशोर लखनऊ से घर छोड़कर भाग गया। घर छोड़ने के बाद हरियाणा के यमुनानगर पहुंच गया था। वहां उसने अपनी पहचान छिपाकर बरकत डीलक्स वैष्णो ढाबा पर काम करना शुरू कर दिया। इसके बाद एएचटीयू टीम ने स्थानीय इंटेलिजेंस, मुखबिर तंत्र और अन्य तकनीकी व स्थानीय सुरागों के आधार पर लगातार तलाश जारी रखी। करीब 10 महीने की मेहनत के बाद टीम ने किशोर की लोकेशन यमुनानगर के एक ढाबे पर ट्रेस कर ली। सूचना की पुष्टि होने पर एएचटीयू ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से किशोर को सकुशल बरामद कर लखनऊ लाया। मेडिकल परीक्षण और अन्य वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के आदेश पर 21 जुलाई को किशोर को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत की गई, जिसका उद्देश्य गुमशुदा बच्चों की तलाश कर उन्हें सुरक्षित उनके परिवारों से मिलाना है।
महोबा में गर्भवती महिला की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अहम खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, मनीषा के गर्भ में आठ माह के दो जुड़वां बेटे थे, जिनकी भी मां के साथ ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार किया। वहीं हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। मामला पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बिजरारी गांव का है। यह घटना शनिवार रात बिजरारी गांव में हुई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि मृतक आठ माह की गर्भवती थी। उसके गर्भ में दो जुड़वां बेटे पल रहे थे। महिला की मौत के साथ दोनों अजन्मे बच्चों की भी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी पति हनीफ जांच को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान दंपति के चार वर्षीय बेटे फैजान ने पुलिस को बताया, मां को पापा ने मार डाला। बच्चे के इस बयान के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हसिया और खून से सने कपड़े बरामद किए। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने दहेज हत्या समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना जारी है।
UPPSC ने PCS में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई:सर्वर ठप होने के बाद अभ्यर्थियों को मिली राहत
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) परीक्षा- 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। सर्वर ठप होने और वेबसाइट में तकनीकी खराबी के कारण यह फैसला लिया गया है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिली है। अब उम्मीदवार 3 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत प्रांतीय सिविल सेवा (SDM, DSP, BDO और अन्य समकक्ष) के लगभग 500 रिक्त पदों पर चयन होना है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 जून से शुरू की गई थी। इस परीक्षा के माध्यम से राज्य के विभिन्न विभागों में ग्रुप 'ए' और ग्रुप 'बी' के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। आयोग के उपसचिव वीरेन्द्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी दिक्कतों के मद्देनजर तिथियों में बदलाव किया गया है। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 27 जुलाई निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 03 अगस्त कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन आवेदन-पत्र में त्रुटियों के सुधार और शुल्क समाधान के लिए संशोधित तिथि 10 अगस्त, 2026 तय की गई है। वे अभ्यर्थी जो वेबसाइट और सर्वर की सुस्ती के कारण समय पर अपना फॉर्म जमा नहीं कर पाए थे, वे अब इस बढ़ी हुई समय-सीमा का लाभ उठा सकते हैं और बिना किसी बाधा के अपना आवेदन पूरा कर सकते हैं।
लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में चोरों ने दो सप्ताह से बंद पड़े मकान को निशाना बनाकर नकदी और जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। परिवार नाती का पहला जन्मदिन मनाने के लिए बेंगलुरु गया हुआ था। रविवार शाम जब सभी वापस लौटे तो घर का ताला टूटा मिला और अंदर सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, एलडीए कॉलोनी सेक्टर-डी1 निवासी रीता सबरवाल अपने पति दीपक सबरवाल, छोटी बेटी और दामाद राहुल के साथ रहती हैं। उनकी बड़ी बेटी बेंगलुरु में रहती है। करीब दो सप्ताह पहले पूरा परिवार बड़ी बेटी के बेटे का पहला जन्मदिन मनाने के लिए बेंगलुरु गया था। इसी दौरान बंद पड़े मकान में चोरों ने धावा बोल दिया। रविवार शाम परिवार जब घर लौटा तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। अंदर अलमारी और कमरों का सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर नकदी और जेवरात गायब मिले। इसके बाद परिवार ने कृष्णानगर थाने में लिखित शिकायत दी। 5 हजार रुपए नकद और चांदी के जेवरात चोरी कृष्णानगर प्रभारी निरीक्षक पी.के. सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शिकायत में एक लिफाफे में रखे 5 हजार रुपए नकद और चांदी के जेवरात चोरी होने की बात कही गई है। चोरी गए अन्य सामान की जानकारी भी जुटाई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली है। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पुलिस का मानना है कि चोरों ने पहले बंद मकान की रेकी की और परिवार के बाहर रहने का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
लखनऊ के जैन मंदिर में सिद्धचक्र विधान:श्रद्धालुओं ने 1024 अर्घ समर्पित कर की सिद्ध भगवान की आराधना
लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर में चल रहे आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान में सोमवार को विशेष धार्मिक माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने 1024 अर्घ समर्पित कर सिद्ध भगवान की आराधना की। इस अवसर पर आचार्य सुबल सागर ने भगवान के गुणों का व्याख्यान करते हुए धर्म और संयम का संदेश दिया। प्रतिष्ठाचार्य आशीष जैन पुण्यांश ने बताया कि सिद्ध भगवान की आराधना से दुख और दरिद्रता का नाश होता है। सुबह प्रथम अभिषेक और शांतिधारा का सौभाग्य अक्षय और संचित को प्राप्त हुआ। जैन समाज के अध्यक्ष पी.के. जैन ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। प्रतिमा को इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर लाया गया इसी कार्यक्रम के दौरान, बरासो तीर्थक्षेत्र में स्थापित होने वाली भगवान महावीर स्वामी की प्रतिमा को इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर लाया गया। समिति के पदाधिकारियों ने प्रतिमा का अनावरण किया। समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने जानकारी दी कि बरासो तीर्थ में 414 फीट ऊंचे सुमेरु पर्वत का निर्माण कार्य चल रहा है। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रारंभ होगा अभिषेक जैन ने यह भी बताया कि आचार्य सुबल सागर का चातुर्मास 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रारंभ होगा। चातुर्मास स्थापना महोत्सव सुबह 8 बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में आयोजित किया जाएगा। चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन प्रवचन, धर्मसभा, स्वाध्याय, पूजन-अर्चन और समाजोत्थान से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अवधि में स्वतंत्रता दिवस, भगवान नेमिनाथ जन्म एवं तप कल्याणक, मोक्ष सप्तमी, रक्षाबंधन, पर्युषण महापर्व, क्षमावाणी, अहिंसा दिवस, नवरात्रि, दशहरा, नगर भ्रमण और दीपावली निर्वाण लाडू जैसे कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन भी शामिल होंगे।
गौ माता को राष्ट्रमाता बनाने की मांग उठी:लखनऊ में इस्कॉन भक्तों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा
लखनऊ में सोमवार को गौ सम्मान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर गौ संरक्षण और गौ सम्मान के समर्थन में एक शोभायात्रा निकाली गई। भक्तों ने गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग की और जनसमर्थन से जुटाए गए हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। यह शोभायात्रा 'गौ आह्वान अभियान' के तहत खाटू श्याम मंदिर से शुरू हुई। यह परिवर्तन चौराहे तक निकाली गई, जहां जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शोभायात्रा खाटू श्याम मंदिर से निकाली गई अपरिमेय श्याम प्रभु के नेतृत्व में शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए परिवर्तन चौक पहुंची। वहां एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) से मुलाकात की। उन्होंने जनसमर्थन से एकत्रित हस्ताक्षरों वाला प्रार्थना-पत्र सौंपा और गौ सम्मान अभियान को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। अपरिमेय श्याम प्रभु ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) के सभी भक्तों की इच्छा है कि गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान मिले। उन्होंने जोर दिया कि यह सम्मान केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में स्थापित होना चाहिए। गौ संरक्षण सनातन परंपरा में महत्वपूर्ण उन्होंने गौ मंत्रालय के गठन की आवश्यकता पर बल दिया, यह देखते हुए कि देश में मत्स्य मंत्रालय मौजूद है। प्रभु ने कहा कि गौ मंत्रालय की स्थापना से गौ माता को कानूनी अधिकार और प्रभावी संरक्षण मिल सकेगा। उन्होंने गौ संरक्षण को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए समाज से इस अभियान में सहयोग की अपील की।
लखनऊ विश्वविद्यालय के आठ दिवसीय 'दीक्षोत्सव-2026' के तीसरे दिन कला, साहित्य और बौद्धिक क्षमता का जबरदस्त संगम देखने को मिला। कैंपस में दिनभर युवा ऊर्जा का दबदबा रहा, जहां विद्यार्थियों ने छह प्रमुख प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। साहित्यिक सत्र में संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू की चर्चित किताबों की समीक्षा की गई। प्रो. विनीत मैक्सवेल डेविड, प्रो. ममता तिवारी सहित 5 सदस्यीय निर्णायक मंडल की मौजूदगी में आदित्य धनराज, अनन्या और नंदिता जैसे दर्जनों छात्रों ने समीक्षाएं पेश कीं। भारतीय संस्कृति के रंगों को कैनवास पर उकेरा वहीं, चित्रकला प्रतियोगिता में 'हमारी प्राचीन विरासत' थीम पर अर्चित, इशा और कर्णिका समेत कई युवाओं ने भारतीय संस्कृति के रंगों को कैनवास पर उकेरा। पोस्टर मेकिंग का विषय 'लखनऊ के स्वतंत्रता सेनानी' और 'काकोरी ट्रेन एक्शन' रखा गया। आकृति, सानिया और उदय समेत अन्य प्रतिभागियों ने पोस्टरों के जरिए इतिहास के इन स्वर्णिम पन्नों को जीवंत कर दिया। कथक की लय और तर्कों की जंग शास्त्रीय एकल नृत्य में कथक की दिलकश प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। प्रो. केया पाण्डेय व प्रो. मनिनी श्रीवास्तव के सामने अनुष्का, खुशी और ध्रुव जैसे कलाकारों ने मंच पर कदम थिरकाए। इसके अलावा, शिवेंद्र और उनकी टीम के संचालन में हुई क्विज और वाद-विवाद प्रतियोगिता में सैकड़ों छात्रों ने समसामयिक मुद्दों पर तीखे तर्क रखकर अपनी बौद्धिक क्षमता साबित की। 30 जुलाई को होगा विजेताओं का ऐलान कुलपति ने युवाओं के इस उत्साह की सराहना करते हुए इसे प्रतिभा निखारने का बेहतरीन मंच बताया। कार्यक्रम का समापन मुख्य छात्र समन्वयक प्रतीक मिश्रा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। दीक्षोत्सव की सभी 13 प्रतियोगिताओं के अंतिम परिणाम 30 जुलाई को होने वाले समापन समारोह में घोषित किए जाएंगे।
वेंटिलेटर पर लखनऊ हाईकोर्ट सख्त:जरूरत और उपलब्धता पर सरकार से पूछा सवाल, ACS तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने कहा कि उसके स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सरकार यह बताने में विफल रही है कि प्रदेश के अस्पतालों में वेंटिलेटर की वास्तविक आवश्यकता कितनी है और कितने मरीजों को समय पर यह सुविधा नहीं मिल पाती। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने सरकार के जवाब को अपर्याप्त और टालमटोल वाला करार दिया। इसके बाद, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा एवं चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को व्यक्तिगत रूप से 6 अगस्त को न्यायालय में उपस्थित होकर सभी सवालों का तथ्यात्मक जवाब देने का निर्देश दिया गया है। न्यायालय एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। न्यायालय ने बताया कि 22 अप्रैल के आदेश में सरकार से वेंटिलेटर की आवश्यकता, उपलब्धता और समय पर सुविधा न मिल पाने वाले मरीजों के संबंध में स्पष्ट आंकड़े मांगे गए थे। लगभग तीन महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने कोई ठोस जानकारी नहीं दी, बल्कि शपथपत्र में केवल यह बताया कि आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने स्वास्थ्य सेवाओं के बजटीय आवंटन और हाल के वर्षों में स्थापित मेडिकल कॉलेजों की स्थिति पर भी सरकार से जवाब मांगा। न्यायालय ने जानना चाहा कि ये मेडिकल कॉलेज स्थानीय स्वास्थ्य जरूरतों को किस हद तक पूरा कर रहे हैं। न्यायालय ने संजय गांधी पीजीआई सहित अन्य प्रमुख सरकारी अस्पतालों को पिछले दो वर्षों के आंकड़ों के आधार पर वेंटिलेटर की मांग और उपलब्धता का विश्लेषण करने का निर्देश दिया है। इन अस्पतालों को यह भी स्पष्ट करना होगा कि मरीजों की वास्तविक आवश्यकता पूरी करने के लिए कितने अतिरिक्त वेंटिलेटर की जरूरत है।
शाहपुर वार्ड में पीएम आवास की जांच हो:पार्षद का निर्वाचन निरस्त होने के बाद उठाई मांग
महानगर के शाहपुर वार्ड संख्या 43 में प्रधानमंत्री आवास की जांच करने की मांग की गई है। मोहल्ले के निवासी एवं अधिवक्ता सुशील कुमार शुक्ला ने अन्य अधिवक्ताओं के साथ पत्रकारवार्ता कर यह मांग रखी। उन्होंने कहा कि पार्षद का निर्वाचन शून्य करने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस वार्ड में प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में अनियमितता है इसकी जांच होनी चाहिए।एडवोकेट सुशील कुमार शुक्ला ने कहा कि कोर्ट की ओर से पारित आदेश एवं सरकारी अभिलेखों से यह प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत लाभ वितरण में गंभीर अनियमितता की आशंका है। इसकी जांच किसी स्वतंत्र एवं सक्षम एजेंसी से करानी चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि इस परिवार में पार्षद होने के बावजूद तीन लोगों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए गए। इसकी जांच होनी चाहिए। यदि यह नियमों के अनुसार नहीं है तो कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। अधिवक्ता ने मांग की कि पार्षद के कार्यकाल के दौरान विभिन्न विभागों से कराए गए विकास कार्यों की जांच कराई जाए। जांच में अनियमितता मिले तो सख्त कार्रवाई की जाए। यह जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।23 जुलाई को कोर्ट ने निरस्त किया था निर्वाचन एडीजे कोर्ट ने 23 जुलाई को लंबी सुनवाई के बाद शाहपुर वार्ड के पार्षद ज्ञानती देवी का निर्वाचन शून्य कर दिया था। इस बात की जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी को दी गई है। वहां से नगर निकाय निदेशालय को पत्र भेजा जाएगा। सीट रिक्त करने के बाद यहां उपचुनाव होंगे। हालांकि पार्षद पक्ष के पास अभी हाईकोर्ट जाने का अवसर है। माना जा रहा है कि यह पक्ष हाईकोर्ट में अपील करेगा और स्थगन लाने का प्रयास करेगा।
पीलीभीत को मिले नए सिटी मजिस्ट्रेट प्यारेलाल मौर्य:विजयवर्धन तोमर मेरठ एडीएम (प्रशासन) बनाए गए
पीलीभीत में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से शासन ने सोमवार देर रात बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले किए। इसी क्रम में पीलीभीत के सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर का तबादला कर उन्हें मेरठ में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नियुक्त किया गया है। उनकी जगह प्यारेलाल मौर्य को पीलीभीत का नया सिटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। प्यारेलाल मौर्य इससे पहले बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) में विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) के पद पर कार्यरत थे। अब वह पीलीभीत में सिटी मजिस्ट्रेट का दायित्व संभालेंगे। विजयवर्धन तोमर अपने कार्यकाल के दौरान सख्त प्रशासनिक फैसलों और प्रभावी कार्यशैली के लिए चर्चित रहे। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और भू-माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाए। उनके नेतृत्व में अवैध प्लाटिंग और बिना अनुमति विकसित की जा रही कई कॉलोनियों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। इसके अलावा, उन्होंने खिलाड़ियों के हित में पीलीभीत स्टेडियम में शूटिंग रेंज की स्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजा, जिसे मंजूरी भी मिली। उनके कार्यकाल में प्रशासनिक सख्ती और विकास कार्यों को लेकर कई महत्वपूर्ण पहल की गईं। तबादला आदेश जारी होने के बाद अब पीलीभीत में नए सिटी मजिस्ट्रेट प्यारेलाल मौर्य के कार्यभार संभालने को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। उनसे कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा विकास कार्यों को गति देने की अपेक्षा की जा रही है।
मेरठ में महिला से चेन स्नैचिंग:स्कूल से लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने बनाया निशाना
मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक महिला से चेन स्नैचिंग की घटना हुई। बच्चे को स्कूल छोड़कर घर लौट रही महिला को बाइक सवार दो बदमाशों ने निशाना बनाया। बदमाशों ने उसके गले से सोने की चेन झपटी, जिससे वह सड़क पर गिरकर घायल हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। नौचंदी थाना क्षेत्र के के-ब्लॉक निवासी पीड़िता सोमवार सुबह अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने के बाद घर लौट रही थी। इसी दौरान पीछे से आए बाइक सवार दो युवकों ने उसे रोका। पीछे बैठे बदमाश ने महिला के गले से सोने की चेन झपट ली। अचानक हुए इस हमले से महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर गई, जिससे उसे चोटें आईं। बदमाश कुछ ही सेकंड में वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बदमाश तेज रफ्तार से भाग चुके थे। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई। पीड़िता के पति अमित ने नौचंदी थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और लूटी गई चेन की बरामदगी की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बदमाशों के भागने के संभावित रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जुटाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
इटारसी के नाला मोहल्ला, भगत सिंह नगर में सोमवार रात करीब 10 बजे एक पागल सियार ने रिहायशी इलाके में घुसकर लोगों पर हमला कर दिया। इस घटना में महिला और बच्चे समेत करीब 10 से 12 लोग घायल हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। महिला के जबड़े पर किया हमला, आए 10 टांके हमले में 55 वर्षीय कौशल्या बाई प्रजापति गंभीर रूप से घायल हुई हैं। सियार ने उनके चेहरे और जबड़े को बुरी तरह नोच लिया। उन्हें तुरंत इटारसी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनके जबड़े पर करीब 10 टांके लगाए गए हैं। 10 साल के बच्चे समेत कई लोग घायल सियार ने रास्ते में आने वाले कई अन्य लोगों को भी काट कर घायल कर दिया। घायलों में शकील अहमद, महेंद्र साहू, अभय प्रजापति, संजय प्रजापति, सिमरन मौर्य और एक 10 वर्षीय बच्चा शामिल है। अस्पताल में चल रहा घायलों का इलाज सरकारी अस्पताल में तैनात डॉ. विकास जयपुरिया ने बताया कि 10 से 12 घायलों को अस्पताल लाया गया है। सभी मरीजों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें एंटी-रेबीज इंजेक्शन और ड्रेसिंग दी गई है। फिलहाल सभी को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। मोहल्ले में फैला खौफ, लाठी-डंडों के साथ पहरा स्थानीय निवासियों का मानना है कि सियार पास की झाड़ियों या जंगलों से भटककर बस्ती में आ गया था। घटना के बाद इलाके में खौफ का सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग सुरक्षा के लिए लाठी-डंडे लेकर पहरा दे रहे हैं। यह हुए घायल हमले में घायल होने वालों में कौशल्या बाई (54), सलमान शाह (31), अभिषेक पाल (30), इसराइल शाह (45), अनूप बरखने (50), शकील अहमद (52), दौलत प्रसाद (44), अभय प्रजापति (10), महेंद्र साहू (53), सिमरन मौर्य (26), बृजेश सिंह (30), अतीक अहमद (14) और सोनू (23) शामिल हैं। सियार ने सबसे गंभीर हमला कौशल्या बाई पर किया, जिनके चेहरे पर गहरे घाव आए हैं। अधिकांश मरीजों के कमर और पैर में सियार ने काटा है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सियार की तलाश शुरू कर दी। स्थानीय लोगों से रात में सतर्क रहने और अकेले बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल की 101 करोड़ रुपये मूल्य की 38 बीघा ग्रामसभा भूमि से जुड़े मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। संभल प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ सात लोगों द्वारा दायर याचिका से संबंधित है, जिस पर पिछले 20 दिनों से लगातार सुनवाई चल रही थी। बीती 24 जुलाई को न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की कोर्ट संख्या 50 में सुनवाई हुई थी और 27 जुलाई सोमवार को कोर्ट का आदेश आया है। इसी सप्ताह कोर्ट अपना अंतिम फैसला सुनाएगा। पूरा प्रकरण संभल तहसील के थाना रायसत्ती क्षेत्र के गांव तख्तगोसाईन में मुरादाबाद रोड पर स्थित पांच गाटा संख्या (206, 207, 238, 242/378, 279) से जुड़ा है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण विश्नोई ने 28 जून को इस जमीन का निरीक्षण किया था। 29 जून को लेखपाल स्पर्श गुप्ता की शिकायत पर संभल कोतवाली पुलिस ने 31 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। 01 जुलाई को क्षेत्राधिकारी कुलदीप कुमार ने लेखपाल के साथ मिलकर मुक्त कराई गई भूमि का नक्शा तैयार किया और संबंधित बयान दर्ज किए। याचिका दायर करने वालों में आलम वारसी (पुत्र मकसूद हुसैन, निवासी पानी टंकी, मोहल्ला मल्ली सराय), आजम खान (पुत्र साजिद खान, निवासी जिलानी अरबी कॉलेज, मोहल्ला देहली दरवाजा), मुजाहिद (पुत्र मौ. हशमत, निवासी मोहल्ला बेगम सराय), शाकिर अली (पुत्र गुलाम साबिर, निवासी नवाड़ा), मौ. रफीक (पुत्र जुम्मा), मौ. क़ासिम (पुत्र जहीर अहमद, निवासी मोहल्ला पंजू सराय) और शाकिर सबूर (पुत्र अब्दुल सबूर खान, निवासी बगीचा वाली मस्जिद, मोहल्ला चौधरी सराय, संभल) शामिल हैं। लेखपाल की जांच में सामने आया कि इस जमीन की पहले हेराफेरी की गई थी। दस्तावेजों की पड़ताल से पता चला कि वर्ष 2008 में उपसंचालक चकबंदी ने इस भूमि का नामांतरण एक फर्जी व्यक्ति के नाम कर दिया था। यह नामांतरण फर्जी पट्टे के आधार पर किया गया था, जिस पर नगर पालिका का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। नगर पालिका परिषद संभल के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी (वर्तमान में शाहजहांपुर नगर निगम में सहायक आयुक्त) राजकुमार गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पालिका के सेवानिवृत्त मानचित्रकार शहाबुद्दीन और पैरोकार माजिद खान सहित अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
फर्रुखाबाद में ई-रिक्शा चालक नाले में मिला:लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
फर्रुखाबाद में सोमवार शाम पांच बजे पश्चिमी रेलवे स्टेशन क्रॉसिंग के पास एक ई-रिक्शा चालक नाले में पड़ा मिला। राहगीरों की सूचना पर उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान रात 8 बजे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान अंगूरीबाग निवासी सूरज मिश्रा (पुत्र शिवकुमार) के रूप में हुई है। सूरज ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। जानकारी के अनुसार, वह अपनी बहन रजनी को नेकपुर स्थित एक डॉक्टर के पास दवा दिलाने लाया था। मृतक की मां पुष्पा देवी ने बताया कि सूरज अपनी बहन को डॉक्टर के पास छोड़ने के बाद किसी सवारी को लेकर चला गया था। कुछ देर बाद सूरज पश्चिमी रेलवे स्टेशन क्रॉसिंग के पास एक नाले में अचेत अवस्था में पड़ा मिला। राहगीरों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी। ईएमटी भानु प्रताप उसे एंबुलेंस से डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए, जहां इमरजेंसी में उसे भर्ती कर चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। स्वास्थ्य कर्मियों ने सूरज के पास मिले मोबाइल फोन से उसके परिवार को सूचना दी। सूचना मिलने पर उसकी मां पुष्पा देवी और भांजा लोहिया अस्पताल पहुंचे। रात 8 बजे उपचार के दौरान सूरज की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक छा गया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
राजधानी लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र में चोरों ने दो सप्ताह से बंद पड़े मकान को निशाना बनाकर नकदी और जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। परिवार नाती का पहला जन्मदिन मनाने के लिए बेंगलुरु गया हुआ था। रविवार शाम जब सभी वापस लौटे तो घर का ताला टूटा मिला और अंदर सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।बेटी का था पहला जन्मदिन जानकारी के मुताबिक, एलडीए कॉलोनी सेक्टर-डी1 निवासी रीता सबरवाल अपने पति दीपक सबरवाल, छोटी बेटी और दामाद राहुल के साथ रहती हैं। उनकी बड़ी बेटी बेंगलुरु में रहती है। करीब दो सप्ताह पहले पूरा परिवार बड़ी बेटी के बेटे का पहला जन्मदिन मनाने के लिए बेंगलुरु गया था। इसी दौरान बंद पड़े मकान में चोरों ने धावा बोल दिया।रविवार शाम परिवार जब घर लौटा तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। अंदर अलमारी और कमरों का सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर नकदी और जेवरात गायब मिले। इसके बाद परिवार ने कृष्णानगर थाने में लिखित शिकायत दी। 5 हजार रुपए नकद और चांदी के जेवरात चोरीकृष्णानगर प्रभारी निरीक्षक पी.के. सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शिकायत में एक लिफाफे में रखे 5 हजार रुपए नकद और चांदी के जेवरात चोरी होने की बात कही गई है। चोरी गए अन्य सामान की जानकारी भी जुटाई जा रही है।सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिसपुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली है। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पुलिस का मानना है कि चोरों ने पहले बंद मकान की रेकी की और परिवार के बाहर रहने का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
बिजनौर के गैंगस्टर एक्ट के 15 साल पुराने मामले में बिजनौर की विशेष सत्र न्यायाधीश अलका चौधरी की अदालत ने 3 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई। 5-5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी ठहराए गए आरोपियों में सरफराज उर्फ गामा, प्रेम कुमार उर्फ पप्पू सैनी और रईस कुरैशी शामिल हैं। मामले में चौथे आरोपी सलीम कुरैशी पुत्र यामीन की पत्रावली अलग होने के कारण उसका विचारण अलग से चल रहा है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) सलीम अख्तर ने बताया कि तत्कालीन थाना प्रभारी चांदपुर धनपाल सिंह ने 20 अप्रैल 2011 को गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि मोहल्ला शाहचंदन निवासी सरफराज उर्फ गामा ने अपने साथियों सलीम कुरैशी, प्रेम कुमार उर्फ पप्पू सैनी और रईस कुरैशी के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बना रखा था। अभियोजन के अनुसार, गिरोह के सदस्य समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त होकर आर्थिक और भौतिक लाभ अर्जित करते थे। उन पर चोरी, लूट समेत अन्य गंभीर आपराधिक वारदातों में शामिल होने के आरोप थे। विभिन्न थानों में उनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज थे और उनके भय के कारण आम लोग गवाही देने से कतराते थे। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
वाराणसी में तैनात एक महिला सब-इंस्पेक्टर की स्कूटी के रजिस्ट्रेशन नंबर का दुरुपयोग कर मध्य प्रदेश के इंदौर में यातायात नियम तोड़े जा रहे थे। हैरानी की बात यह है कि स्कूटी वाराणसी में ही मौजूद थी, जबकि उसके नंबर पर लगातार ई-चालान जारी हो रहे थे। शिकायत मिलने पर कैंट पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच मध्य प्रदेश पुलिस को सौंप दी है। कमिश्नरेट वाराणसी के पुलिस उपायुक्त (वरुणा जोन) कार्यालय में तैनात सब-इंस्पेक्टर आफरीन कुरैशी ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पिछले करीब दो वर्षों से उनके मोबाइल पर इंदौर से बिना हेलमेट वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के ई-चालान प्राप्त हो रहे थे। वाराणसी में रहती है स्कूटी, फिर भी इंदौर से आ रहे थे चालानमूल रूप से मध्य प्रदेश के सागर जिले की रहने वाली आफरीन कुरैशी ने बताया कि उनकी स्कूटी संख्या MP-09-UN-3023 हमेशा उनके पास वाराणसी में रहती है और वह उसी से ड्यूटी पर आती-जाती हैं। इसके बावजूद लगातार इंदौर से चालान आने पर उन्हें आशंका हुई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके वाहन नंबर का इस्तेमाल दूसरे वाहन पर कर रखा है। अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्जदारोगा की तहरीर के आधार पर कैंट पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वाहन नंबर का दुरुपयोग किसने और कैसे किया। पुलिस बोली- मध्य प्रदेश में होगी आगे की जांचकैंट थाना प्रभारी निरीक्षक राजकिशोर पाण्डेय ने बताया कि मामले का क्षेत्राधिकार मध्य प्रदेश से जुड़ा होने के कारण जीरो एफआईआर दर्ज कर अग्रिम विवेचना के लिए संबंधित पुलिस थाने को भेज दिया गया है। अब मध्य प्रदेश पुलिस नंबर क्लोनिंग और फर्जी वाहन के इस्तेमाल की जांच करेगी।
आगरा में 04 से 06 अगस्त तक होने वाली प्रदेश स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता के लिए प्रयागराज में मण्डलीय टीम का गठन किया गया है। मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में 27 जुलाई को मंडल स्तरीय चयन ट्रायल आयोजित किए गए थे, जिसमें 18 खिलाड़ियों का चयन हुआ। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी शिव कुमार यादव और कबड्डी प्रशिक्षक प्रियम त्रिपाठी की देखरेख में हुए इन ट्रायलों में प्रयागराज के अलावा फतेहपुर, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ से आईं महिला खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चयन प्रक्रिया सोमवार सुबह शुरू हुई थी, जिसमें पहले जिला स्तर और फिर मण्डल स्तर पर खिलाड़ियों के खेल कौशल का कड़ा परीक्षण किया गया। विभिन्न जनपदों से आए कड़े मुकाबले के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कुल 18 खिलाड़ियों को मण्डलीय टीम के लिए चुना गया है। चयनित खिलाड़ियों में तान्या मिश्रा, अमीषा, साक्षी मौर्य, लक्ष्मी, नीलू, श्वेता, आनंदी, खुशी, काजल, काजल कुमारी, अंशिका सिंह, प्रियंका कुशवाहा, काजल मौर्य, रुद्रिका, प्रांशी सिंह, रेशमा देवी, प्रियांशी और अंजली देवी शामिल हैं। ये सभी चयनित खिलाड़ी अब आगामी 04 से 06 अगस्त तक आगरा में होने वाली प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में प्रयागराज मण्डल का प्रतिनिधित्व करेंगी। खेल विभाग के अधिकारियों ने सभी चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी हैं।
आगरा के थाना बाह क्षेत्र के बड़ागांव में सोमवार रात कूलर में उतरे करंट की चपेट में आने से 12 वर्षीय बालक की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार बड़ागांव निवासी देवराज (12) पुत्र बंटी अपनी दादी कुसुवा देवी के साथ गांव में रहता था। उसके पिता दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। सोमवार शाम घर में रखे कूलर में अचानक करंट आ गया। इसी दौरान देवराज कूलर के संपर्क में आ गया और तेज करंट की चपेट में आकर उससे चिपक गया। परिजनों ने किसी तरह उसे करंट से अलग किया और तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाह पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पिता दिल्ली में करते हैं नौकरीदेवराज अपने परिवार के साथ गांव में रहता था, जबकि उसके पिता रोजगार के सिलसिले में दिल्ली में रहते हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस, जांच शुरूघटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं मासूम की असामयिक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यूपी सरकार ने 41 वरिष्ठ पीसीएस अफसरों के तबादले कर दिए। सोमवार देर रात करीब 10:30 बजे लिस्ट सामने आई। ट्रांसफर होने वालों में 10 ADM, 8 SDM और 5-5 नगर मजिस्ट्रेट और अपर आयुक्त शामिल हैं। मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO), और मंडलीय स्तर के अफसरों को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। महेंद्र कुमार सिंह को नगर मजिस्ट्रेट वाराणसी, बिंदु लता को एडीएम (न्यायिक) कानपुर नगर, संजय चावला को एडीएम (प्रशासन) आजमगढ़ और कुंवर पंकज को झांसी मंडल का अपर आयुक्त बनाया गया है। इंद्र नंदन सिंह को एडीएम (वित्त एवं राजस्व) महोबा, महिपाल सिंह को नगर मजिस्ट्रेट जौनपुर, महेंद्र प्रताप को मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) सुल्तानपुर और सौजन्य कुमार विकास को एसडीएम बहराइच नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विनय मिश्रा और राजेश कुमार को उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी संघ में प्रधान प्रबंधक की जिम्मेदारी दी गई है। सौजन्य कुमार विकास को बहराइच का एसडीएम बनाया गया है। साल 2019 में जालौन की एक छात्रा ने उनके खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, उत्पीड़न और वीडियो बनाने का आरोप लगाया था। इस मामले में उन्हें जेल हुई थी। ट्रांसफर लिस्ट देखिए… सौजन्य कुमार पर छात्रा ने लगाया था दुष्कर्म का आरोप यूपी सरकार ने सौजन्य कुमार विकास को विशेष कार्याधिकारी, राजस्व परिषद से बहराइच का एसडीएम नियुक्त किया है। उनका नाम पहले विवादों में रह चुका है। साल 2019 में जालौन की एक बीटीसी छात्रा ने झांसी के नवाबाद थाने में उनके खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, उत्पीड़न और वीडियो बनाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। इस मामले में सौजन्य कुमार विकास को निलंबित भी किया गया था। सौजन्य कुमार विकास करीब दो साल तक फरार रहे। इसके बाद 12 अप्रैल 2021 को उन्होंने झांसी की स्थानीय अदालत में सरेंडर किया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। 15 दिन में 404 PCS अफसरों के तबादले यूपी में पिछले 15 दिनों में तबादला किए गए पीसीएस अफसरों की संख्या 404 हो गई है। इससे पहले 13 जुलाई को दो सूची जारी हुई थीं। पहली सूची में 182 और दूसरी सूची में 181 पीसीएस अफसरों का तबादला किया गया था। सोमवार को जारी तीसरी सूची में 41 अफसरों के नाम हैं। बड़े पैमाने पर IAS-IPS तबादलों की तैयारी, CM आवास पर डेढ़ घंटे मंथन यूपी में जल्द बड़े पैमाने पर IAS-IPS अफसरों के ट्रांसफर होने की चर्चा है। सोमवार की शाम सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर बैठक की। जिसमें प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव स्तर के आईएएस अधिकारियों के साथ पुलिस कमिश्नर, आईजी और एडीजी जोन स्तर के आईपीएस अधिकारियों के संभावित तबादलों पर मंथन हुआ। सूत्रों के मुताबिक, सरकार को हाल के कुछ मामलों, जैसे राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण और जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक आंदोलन को लेकर संभावित राजनीतिक नुकसान का फीडबैक मिला है। इसी के मद्देनजर सरकार फील्ड और शासन में ऐसे अधिकारियों की तैनाती चाहती है, जो जनता की समस्याओं का प्रभावी समाधान करें, जनप्रतिनिधियों से बेहतर समन्वय बनाए रखें और 2027 के चुनावी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करें। ------------------------------ ये खबर भी पढ़िए…. यूपी सरकार बोली- 67 हजार शिक्षकों की नौकरी नहीं जाएगी:सुप्रीम कोर्ट में कहा- नए पात्र अभ्यर्थियों को भी भर्ती करेंगे यूपी सरकार ने 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया। सरकार ने बताया- 2020 में नियुक्त 67 हजार 867 शिक्षकों की नौकरी नहीं जाएगी। अगर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक नई मेरिट लिस्ट में कुछ नए कैंडिडेट पात्र पाए जाते हैं, तो उन्हें खाली पड़े पदों पर नियुक्ति दी जाएगी। पूरी खबर पढ़िए…
सरगुजा पुलिस ने एंटी करप्शन ब्यूरो के तीन फर्जी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। युवकों ने स्वयं को एंटी करप्शन का अधिकारी बताकर जिला आबकारी अधिकारी से छह बोतल शराब और एक लाख रुपये नगद उपलब्ध कराने कहा था। युवकों ने रेस्ट हाउस की व्यवस्था करने के लिए भी कहा था। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, सरगुजा जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मीकांत गायकवाड़ ने सोमवार को गांधीनगर थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई कि 27 जुलाई को उनके मोबाइल नंबर पर अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर स्वयं को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) का अधिकारी बताते हुए कहा कि बाहर से अधिकारी निरीक्षण हेतु आ रहे हैं, जिनके लिए रेस्ट हाउस में भोजन की व्यवस्था की जा रही है। तत्काल 06 बोतल शराब एवं नगद राशि उपलब्ध कराई जाए। पुलिस को दी सूचना, पकड़े गए तीन आरोपी लक्ष्मीकांत गायकवाड़ ने बातचीत संदिग्ध लगने पर कोई शराब या पैसे नहीं भेजे और सूचना गांधीनगर थाने को दी। पुलिस ने मोबाइल नंबर को ट्रेस कर संदेही सौरभ प्रजापति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सौरभ प्रजापति (24 वर्ष) निवासी ग्राम अरगोती, लखनपुर ने पुलिस को बताया कि वह अपने साथी राजेश गोस्वामी के साथ सुभाषनगर शराब भट्ठी दुकान पहुंचा था, जहां पर उनका साथी रंजित गुप्ता भी मिल गया। तीनों ने मिलकर प्लान बनाया कि आज शराब का पैसा नही देगे। सौरभ प्रजापति ने मोबाईल से जिला आबकारी अधिकारी को कॉल कर स्वयं को एसीबी का अधिकारी होने का धौंस दिखाकर 06 बोतल शराब और नगदी रकम मांगी। पुलिस ने सौरभ प्रजापति के साथ सहयोगी राजेशपुरी गोस्वामी (43 वर्ष) निवासी मुलमुला जिला जांजगीर-चांपा वर्तमान निवास गांधीनगर और रंजीत गुप्ता (40 वर्ष) निवासी गांधीनगर को गिरफ्तार किया। गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मारूती एक्सएल 6 कार भी जब्त की है। आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट मामले में आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सील की गई 44 संपत्तियों को डी-सील करना शुरू कर दिया है। सोमवार को लगभग 28 संपत्तियों की सील खोल दी गई। परिषद अधिकारियों के अनुसार, जिन भवन स्वामियों की ओर से डी-सीलिंग के लिए आवेदन दिया जा रहा है, उनकी संपत्तियों को नियमानुसार खोला जा रहा है, ताकि वे स्वयं अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई कर सकें। आवास विकास परिषद ने स्पष्ट किया है कि डी-सीलिंग के बाद भवन स्वामियों को 15 दिन का समय दिया जाएगा। इस अवधि में उन्हें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप सेटबैक खाली कराते हुए सभी अवैध निर्माण स्वयं ध्वस्त करने होंगे। यदि तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो आवास एवं विकास परिषद अपने स्तर से ध्वस्तीकरण अभियान चलाएगा। इस कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च संबंधित संपत्ति मालिकों से वसूला जाएगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवास एवं विकास परिषद ने शास्त्रीनगर आवासीय योजना संख्या-7 की 44 ऐसी संपत्तियों को सील किया था, जिनका उपयोग पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इन आवासीय भवनों में विवाह मंडप, निजी स्कूल, अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर, बैंक और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे थे। कई भवनों में 10 से 20 तक दुकानें बनाकर उन्हें व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का स्वरूप दे दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी भवनों में निर्धारित सेटबैक को खाली कराने और अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए हैं। परिषद का कहना है कि न्यायालय के आदेशों का हर हाल में पालन कराया जाएगा और समय सीमा समाप्त होने के बाद नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को करने से पहले आवास विकास द्वारा इन संपत्तियों का एक सर्वे भी कराया गया था जिसमें भू खंड़ों के कूल कितने मालिक हैं और एक भू खंड में कितनी दुकानें आदि हैं इन सभी बातों को नोट किया गया था। अब इस कार्रवाई के बाद शास्त्रीनगर में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में एक बार फिर तेजी आएगी।
सिरसा में दुकानदार पर तेजधार हथियारों से हमला:10-12 युवकों ने गर्दन पर किए वार; गंभीर रूप से घायल
सिरसा शहर के गुरु तेज बहादुर बाजार स्थित इंद्रजीत वाली गली में सोमवार रात करीब साढ़े 8 बजे एक दुकानदार पर 10 से 12 युवकों ने तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में दुकानदार रमेश गंभीर रूप से घायल हो गया। गर्दन पर गहरा वार होने से वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। वारदात के बाद हमलावर हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल भिजवाया। जानकारी के अनुसार, करीब 22 वर्षीय रमेश सिंह बाजार में गाड़ियों पर लैमिनेशन करने की दुकान चलाता है और वह बाजीगर मोहल्ला सिरसा का रहने वाला है। सोमवार रात वह दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान 10-12 युवक उसकी दुकान के पास पहुंचे और उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने पहले मारपीट की और फिर एक युवक ने तेजधार हथियार से उसकी गर्दन पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद हमलावर उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए। घटना से बाजार में दहशत आसपास के दुकानदारों ने बताया कि हमले के बाद जब वे मौके पर पहुंचे तो रमेश मुंह के बल जमीन पर पड़ा था और उसके शरीर से काफी खून बह रहा था। इसके बाद तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी गई। घटना के बाद बाजार के व्यापारियों में दहशत और रोष का माहौल है। पुलिस ने शुरू की जांच सिटी थाना पुलिस ने बताया कि घायल दुकानदार का अस्पताल में उपचार चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
उथमण टोल प्लाजा (पालड़ी एम., सिरोही) पर ट्रक ड्राइवर से अवैध रिश्वत वसूलने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जांच पूरी कर आरोपी तत्कालीन संविदा सुरक्षा गार्ड के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया है। वहीं, घटना के समय उड़न दस्ते के प्रभारी रहे परिवहन निरीक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा परिवहन विभाग को भेजी है। एसीबी के अनुसार, परिवादी ट्रक ड्राइवर अहमदाबाद से गुवाहाटी सामान लेकर जा रहा था। उथमण टोल प्लाजा पर जिला परिवहन कार्यालय, सिरोही की फ्लाइंग डीएफएस टीम गाड़ियों की जांच कर रही थी। आरोप है कि टीम में शामिल तत्कालीन संविदा सुरक्षा गार्ड जोगेन्द्रसिंह ने ट्रक को रोककर सामान की ऊंचाई अधिक होने का हवाला देते हुए चालान काटने की बात कही और एंट्री के नाम पर अवैध रूप से रिश्वत की मांग कर राशि वसूल ली। परिवादी ने रिश्वत वसूली का वीडियो अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर एसीबी मुख्यालय, जयपुर को भेजा। शिकायत के आधार पर एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर एसीबी चौकी जालोर से जांच कराई। जांच में आरोपी जोगेन्द्रसिंह पुत्र जब्बरसिंह, निवासी गुड़ा दुर्जन, थाना खिवाड़ा, जिला पाली (हाल उदयपुर) के विरुद्ध आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 7 के तहत एसीबी कोर्ट, पाली में चालान पेश किया है। एसीबी ने बताया कि घटना के समय उड़न दस्ते के प्रभारी रहे परिवहन निरीक्षक सुरेन्द्रसिंह की भूमिका को लेकर विभागीय कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग, जयपुर को टिप्पणी (अनुशंसा) भी भेजी गई है।
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र स्थित काशी नगर में पुलिस ने सोमवार दोपहर एक संदिग्ध एडवाइजरी कंपनी पर दबिश देकर 8 युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने मौके से युवकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर कार्रवाई एसडीओपी अजय मिश्रा ने बताया कि काशी नगर में संदिग्ध गतिविधियों वाली एडवाइजरी कंपनी चलने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर 8 युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस जांच कर रही है कि कंपनी किस तरह का काम कर रही थी। मामला सामने आने के बाद एसपी प्रियंका शुक्ला के निर्देश पर एएसपी घनश्याम मालवीय और एसडीओपी अजय मिश्रा ने घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की तकनीकी जांच के लिए साइबर पुलिस की टीम को भी शामिल किया गया है। हिरासत में 8 युवक, एक अन्य आरोपी की तलाश पुलिस ने मौके से धर्मेंद्र, गोविंद, राज, विकास, जपसिंह, कुलदीप, संदीप और आकाश को हिरासत में लिया है। वहीं जांच में सामने आए प्रवीण नाम के एक अन्य युवक की तलाश की जा रही है। दिसंबर में भी हुई थी ऐसी कार्रवाई इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को भी राज्य साइबर पुलिस उज्जैन ने लालघाटी थाना क्षेत्र के गिरवर में इसी तरह की गतिविधि पर कार्रवाई की थी, जहां से 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
मंदसौर के गांधी चौराहा पर सोमवार रात खाना लेने की लाइन में लगे एक मजदूर पर दो अज्ञात युवकों ने पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घायल की पहचान मंदसौर की कोठारी कॉलोनी निवासी लक्ष्मीनारायण शर्मा के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीनारायण पिछले करीब साढ़े पांच वर्षों से पारिवारिक कारणों से घर से अलग रहकर मजदूरी करते हैं। घटना के समय वह समाजसेवियों द्वारा वितरित किए जाने वाले भोजन को लेने के लिए गांधी चौराहा स्थित मंजू सोनोग्राफी सेंटर के पास लाइन में लगे थे। पहले गाली-गलौज फिर मारपीट कीलक्ष्मीनारायण के अनुसार, इसी दौरान वहां पहुंचे दो युवकों ने पहले उनके साथ गाली-गलौज की और फिर मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने पत्थरों से वार किए, जिससे लक्ष्मीनारायण गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। लक्ष्मीनारायण के सिर, चेहरे और आंख पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल लक्ष्मीनारायण ने बताया कि वह हमलावरों को नहीं जानते और उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
मैहर जिले के अमरपाटन जनपद अंतर्गत ग्राम खड़मसेड़ा में सोमवार को ग्रामीणों ने वर्षों से बदहाल पड़ी सड़क के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कीचड़ से सराबोर रास्ते पर धान का रोपा लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। 3 साल से जर्जर, बारिश में बनी खेत जैसी सड़क ग्रामीणों के अनुसार लोकनाथ चौराहे से बस्ती तक जाने वाला मार्ग पिछले तीन वर्षों से जर्जर स्थिति में है। बारिश के मौसम में पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे स्कूली बच्चों, मरीजों और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई प्रदर्शन में शामिल ग्रामीण शिवम पटेल ने बताया कि पक्की सड़क न होने के कारण मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार आवेदन दिए जाने के बाद भी सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पक्की सड़क निर्माण की मांग खड़मसेड़ा गांव के निवासियों ने शासन और प्रशासन से लोकनाथ चौराहे से बस्ती तक शीघ्र पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।
टीकमगढ़ जिले की बड़गांव तहसील अंतर्गत ककरवाहा में अघोषित बिजली कटौती से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार रात पावर हाउस का घेराव कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नियमित बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। एक-दो घंटे में कट रही बिजली ग्रामीण सत्येंद्र सिंह लोधी ने बताया कि क्षेत्र में हर एक-दो घंटे में बिजली बंद हो रही है। अघोषित कटौती से घरेलू कामकाज, खेती-किसानी, बच्चों की पढ़ाई और स्थानीय व्यापारियों का व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सुधार न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने ओआईसी जितेंद्र जाटव को फोन कर अपनी समस्याएं बताईं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय स्तर से नहीं, ऊपर से बंद हो रही सप्लाई ओआईसी जितेंद्र जाटव ने बताया कि ओवरलोडिंग के कारण तकनीकी समस्या आ रही है और ऊपर से ही सप्लाई बंद हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ककरवाहा पावर हाउस से स्थानीय स्तर पर कोई कटौती नहीं की जा रही है।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शहर के मालवीय चौक पर कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान परिषद के कार्यकर्ताओं ने देश के अमर शहीदों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी 'जेन जी' (Gen Z) को देशहित के प्रति जागरूक करना और भारत विरोधी ताकतों के मंसूबों को विफल करना था। मालवीय चौक पर जुटे कार्यकर्ताओं ने मां भारती के सम्मान में जेनजी मैदान में और वीरों के सम्मान में जेनजी मैदान में जैसे नारे लगाए। एबीवीपी प्रतिनिधियों ने कहा कि आज का युवा पूरी तरह से राष्ट्रभक्त है और वह किसी भी राष्ट्रविरोधी एजेंडे या बहकावे में नहीं आएगा। उन्होंने देश के स्वाभिमान और संप्रभुता की रक्षा के लिए युवा पीढ़ी की प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में विद्यार्थी परिषद के वक्ताओं ने दिल्ली में हुए पिछले आंदोलनों का उल्लेख करते हुए देश विरोधी नारे लगाने वालों की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारे लगाने वाले कुछ राष्ट्रविरोधी तत्वों के कारण पूरी युवा पीढ़ी (जेन जी) को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि देश का आम युवा अपनी सेना और भारत माता के प्रति अटूट निष्ठा रखता है। आयोजन के समापन पर विद्यार्थी परिषद के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पूर्ण भक्तिभाव के साथ भारत माता की महाआरती की। दीपक जलाकर और भारत माता के जयकारों के साथ कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस कार्यक्रम ने शहीदों की शहादत को नमन करने के साथ-साथ युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना का संचार भी किया।
सीकर जिले में एक हिस्ट्रीशीटर का मर्डर हो गया। यह वारदात दांतारामगढ़ पुलिस थाने के किशनगढ़ रेनवाल के पास रविवार देर रात करीब 1 बजे हुई। हिस्ट्रीशीटर बनवारीलाल मीणा पुत्र मोहनलाल मीणा पचार गांव ने जानलेवा हमले के बाद सोमवार दोपहर को दम तोड़ दिया। परिवार ने 7070 गैंग के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। शव को सीकर के एसके अस्पताल में मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों ने कहा- नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही शव लेंगे। बनवारीलाल के भाई सोहनलाल ने बताया- बनवारीलाल पिछली रात करीब 1 बजे बाइक से किशनगढ़ रेनवाल से किसी परिचित से रुपए लेकर गांव आ रहा था। उसके साथ गांव का वीरेंद्र मीणा भी था। जैसे ही वे गांव की तरफ पहुंचे तो पीछे से दो कैंपर गाड़ी आई। उन्होंने गाड़ियों को बाइक के आगे लगा दिया। इसके बाद गाड़ी में से नरेंद्र गोस्वामी, शंकर, सूरज, जयपाल, महेश, रामनिवास, मालीराम, गणपत, मुकेश, गजेंद्र, अशोक, महेंद्र, महेश, महेंद्र कुमार मीणा, रमेश के अलावा 5 से 7 लोग नीचे उतरे। इनके पास पिस्तौल सहित अन्य हथियार थे। उन्होंने बनवारीलाल पर जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद उसे कैंपर गाड़ी में डालकर खाटू की तरफ ले गए। साथी वीरेंद्र ने इसकी सूचना बनवारीलाल के परिवार को दी। सड़क पर गंभीर हालत में मिला सोहनलाल ने बताया- जब परिवार बनवारीलाल को तलाश करते हुए चारणवास नाडा की सड़क की तरफ पहुंचा तो वहां भाई गंभीर हालत में घायल पड़ा था। जिसे पहले इलाज के लिए खाचरियावास हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां स्टाफ नहीं होने की वजह से उसे सीकर रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई। आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग सोहनलाल ने कहा- जब तक नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वह शव नहीं लेंगे। सोहनलाल ने कहा- जयपुर की 7070 गैंग कई दिनों से बनवारीलाल और परिवार को धमकी दे रही थी। इस बारे में उन्होंने 112 पर भी सूचना दी थी, लेकिन पुलिस आई और औपचारिकता करके चली गई। मामले में दांतारामगढ़ DYSP कैलाश कंवर ने कहा- फिलहाल मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है। मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
फलोदी में चिंकारा शिकार मामले की जांच कर रही वन विभाग की टीम पर हमला करने के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने दो बार टीम पर हमला किया और मारपीट की थी। साथ ही सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की गई। चिंकारा के शिकार की सूचना पर गई थी टीम 25 जुलाई की रात फलोदी थाना क्षेत्र के सांवरीज गांव में चिंकारा के शिकार की सूचना मिली थी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो वहां एक मृत चिंकारा मिला। जांच के दौरान मोटरसाइकिल के निशानों के आधार पर टीम एक संदिग्ध के घर पहुंची। पूछताछ में चिंकारा का शिकार करने की बात सामने आई। जब वन विभाग की टीम आरोपी को हिरासत में लेने लगी, तो परिजनों और अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। अगले दिन वन विभाग की टीम दोबारा आरोपियों को पकड़ने गांव पहुंची, लेकिन इस बार भी टीम पर हमला किया गया। इस हमले में एक वनरक्षक की वर्दी फाड़ दी गई और एक होमगार्ड घायल हो गया। लगातार दो बार हुए हमलों के बाद वन विभाग ने फलोदी थाने में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ राजकार्य में बाधा, मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया। वन विभाग ने चिंकारा शिकार के मामले में भी एक अलग प्रकरण दर्ज किया है। दो दिनों तक दबिश देने के बावजूद आरोपी पकड़ में नहीं आए थे। हालांकि, अब वन विभाग की टीम ने मुख्य आरोपी नखताराम भील और भोमाराम भील को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत बनवार में समिति प्रबंधक के घर हुई लाखों की चोरी का एक माह बाद भी पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है। इस बीच सोमवार शाम पीड़ित ने स्वयं घटेरा के जंगल से चोरी गए सोने के आभूषणों के खाली बक्से और डिब्बे बरामद कर पुलिस को सौंपे। लोहे की खिड़की काटकर 20 तोला सोना चुराया 24 जून की रात चोरों ने सीढ़ी लगाकर समिति प्रबंधक राजेश सिंह के घर में प्रवेश किया। चोरों ने लोहे की खिड़की काटकर अलमारी से 1.90 लाख रुपये नकद और करीब 20 तोला सोने के जेवरात पार कर दिए थे। जंगल से बरामद हुए खाली डिब्बे और पासबुक पुलिस से सुराग न मिलने पर पीड़ित परिवार खुद तलाश में जुटा था। सोमवार शाम घटेरा रेलवे ट्रैक से 700 मीटर दूर जंगल में पीड़ित को खाली बैग, जेवरात के 6-7 प्लास्टिक डिब्बे और बैंक पासबुक मिली। सीसीटीवी बंद होने से रुकी जांच, पुलिस की तलाश जारी नोहटा थाना प्रभारी अभिषेक पटेल ने बताया कि घटनास्थल से 4 किलोमीटर दूर खाली बक्से मिले हैं। बनवार गांव में अधिकांश सीसीटीवी कैमरे बंद होने के कारण जांच में दिक्कत आ रही है। पुलिस साइबर और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद से चोरों की तलाश कर रही है।
दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 (NH-48) पर कोटपूतली के प्रागपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पावटा फ्लाईओवर के पास रॉन्ग साइड से आ रहे एक ट्रक ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक ट्रक में फंस गई और करीब 500 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। लगातार दूसरे दिन हुए बड़े हादसे ने हाईवे पर यातायात सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पावटा फ्लाईओवर के निकट इंडियन पेट्रोल पंप के सामने रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रक ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक ट्रक में फंस गई और काफी दूरी तक घिसटती रही। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। गंभीर घायल सौरभ सैनी को जयपुर किया गया रेफर हादसे में घायल युवक की पहचान आतेंला निवासी 38 वर्षीय सौरभ सैनी के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत राजकीय उप जिला अस्पताल, पावटा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया। ट्रक चालक हिरासत में, पुलिस कर रही जांच घटना की सूचना मिलते ही प्रागपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच अधिकारी एसआई धर्मेंद्र ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ट्रक रॉन्ग साइड पर कैसे पहुंचा और हादसे के पीछे क्या कारण रहे। दो दिन में दूसरा बड़ा हादसा, हाईवे सुरक्षा पर उठे सवाल गौरतलब है कि रविवार सुबह भी प्रागपुरा थाना क्षेत्र के पावटा फ्लाईओवर पर एक खराब खड़े कंटेनर से बाइक टकराने के कारण एक महिला और एक पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई थी। लगातार दूसरे दिन हुए इस गंभीर हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर रॉन्ग साइड वाहन संचालन, सड़क पर खड़े भारी वाहनों की निगरानी और यातायात सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई लगातार हो रहे सड़क हादसों के बाद स्थानीय लोगों ने हाईवे पर प्रभावी ट्रैफिक मॉनिटरिंग, रॉन्ग साइड वाहन संचालन पर सख्त कार्रवाई और सड़क सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इस तरह की दुर्घटनाएं आगे भी होती रह सकती हैं।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता है। उन्होंने कुल 199 किलोग्राम (88 किग्रा स्नैच + 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर भारत को खेलों का पांचवां पदक दिलाया। वेटलिफ्टिंग में यह भारत का चौथा पदक है। रजत पदक जीतने के बाद ज्ञानेश्वरी ने कहा कि, यह उनका पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था। उनका लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए पदक जीतना था, जिसे उन्होंने हासिल किया। बाकी खिलाड़ी भी काफी मजबूत थीं, इसलिए स्वर्ण पदक नहीं जीत सकीं, लेकिन रजत पदक से वह बेहद खुश हैं। दरअसल, 23 साल की ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया। क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 103, 107 और आखिरी प्रयास में 111 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। कुल 199 किलोग्राम के साथ उन्होंने रजत पदक पक्का किया। नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडीह ने 206 किलोग्राम (93+113) वजन उठाकर गोल्ड और नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड अपने नाम किया। प्रधानमंत्री बोले- ये सफलता युवाओं को प्रेरित करेगी ज्ञानेश्वरी की उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, रक्षा मंत्री और केंद्रीय खेल मंत्री ने उन्हें बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ देश का नाम रोशन किया है और उनकी सफलता देश के युवाओं को प्रेरित करेगी। भाई अस्पताल में, फिर भी निभाया पदक जीतने का वादा यह सफलता ज्ञानेश्वरी के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि प्रतियोगिता के दौरान उनके भाई रितेश यादव दुर्घटना में घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं। माता-पिता उनकी देखभाल में जुटे हैं। पिता दीपक यादव ने बताया कि प्रतियोगिता से पहले ज्ञानेश्वरी ने भाई से फोन पर बात कर उसका हालचाल लिया था और पदक जीतने का वादा किया था। उन्होंने वह वादा पूरा कर दिखाया। पिता की छोटी कमाई, बेटी के बड़े सपने ज्ञानेश्वरी की खेल यात्रा किसी बड़े स्पोर्ट्स सेंटर से नहीं, बल्कि राजनांदगांव की जय भवानी व्यायामशाला से शुरू हुई। उनके पिता दीपक यादव बॉडी बिल्डिंग करते थे। सातवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान ज्ञानेश्वरी भी उनके साथ जिम जाने लगीं। उनकी रुचि देखकर पिता ने कोच अजय लोहार से वेटलिफ्टिंग का प्रशिक्षण दिलाया। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। दीपक इलेक्ट्रिशियन का काम कर महीने में सिर्फ 3 से 5 हजार रुपए कमाते थे। इसी आय से घर का खर्च, दोनों बच्चों की पढ़ाई और ज्ञानेश्वरी की डाइट, जूते, किट और प्रतियोगिताओं का खर्च चलता था। कई बार परिवार ने अपनी जरूरतें टाल दीं, लेकिन बेटी के प्रशिक्षण में कभी कमी नहीं आने दी। एक साइकिल पर तय होता था संघर्ष का सफर परिवार ग्राम भोड़िया से रोज करीब 8 किलोमीटर साइकिल चलाकर राजनांदगांव पहुंचता था। बच्चे स्कूल जाते, फिर घंटों अभ्यास करते। रात करीब 11 बजे पूरा परिवार उसी साइकिल से गांव लौटता। मां दुर्गा यादव सीमित संसाधनों में पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभालती रहीं, जबकि पिता कई-कई घंटे अतिरिक्त काम कर बेटी की तैयारी का खर्च जुटाते रहे। एशियन चैंपियनशिप में भी दिखा चुकी हैं दम कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ज्ञानेश्वरी ने 2026 एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने स्नैच में रजत और कुल प्रदर्शन में कांस्य पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। अब कॉमनवेल्थ गेम्स का रजत पदक जीतकर उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाया। ज्ञानेश्वरी न केवल खेलों में देश का नाम रोशन कर रही हैं, बल्कि वे छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पद पर पदस्थ होकर अपनी सेवाएं भी दे रही हैं। सीएम बोले- छत्तीसगढ़ की बेटी ने देश का गौरव बढ़ाया ज्ञानेश्वरी की इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि 'विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी ने देश का गौरव बढ़ाया है। राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी, जो छत्तीसगढ़ पुलिस में एएसआई के रूप में कार्यरत हैं, की यह सफलता पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।' विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने भी फोन पर ज्ञानेश्वरी को बधाई दी, साथ भी उनके परिवार को इस जीत पर शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।
कॉमनवेल्थ पीस मीडिएशन एंड रूल्स ऑफ लॉ कॉन्फ्रेंस का आयोजन जयपुर में होगा। तीन दिवसीय इस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन सीजेआई सूर्यकांत 31 जुलाई को करेंगे। 2 अगस्त तक चलने वाली इस काॅन्फ्रेंस में 52 कॉमनवेल्थ देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उद्घाटन समारोह में सीजेआई सूर्यकांत के साथ जाम्बिया के सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश आभा नायर पटेल, हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और सीएम भजनलाल शर्मा भी मौजूद रहेंगे। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) की ओर से आयोजित इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य विवादों में मध्यस्थता (मीडिएशन) को बढ़ावा देना है। रालसा के सदस्य सचिव हरिओम अत्री ने बताया- जब कोई भी विवाद कोर्ट में पहुंचता है तो उसके निस्तारण में सालों लग जाते हैं। वहीं मध्यस्थता ऐसा माध्यम है, जिसमें विवाद का निस्तारण कुछ महीनों में ही हो सकता है। देश-विदेश के न्यायाधीश करेंगे शिरकत सम्मेलन में भारत के सुप्रीम कोर्ट और विभिन्न हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के साथ दूसरे देशों के न्यायाधीश भी शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस में जाम्बिया सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश आभा नायर पटेल, श्रीलंका सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एएचएम नवाज, बहमास कोर्ट ऑफ अपील के न्यायाधीश वशिष्ठ वी. कोकाराम शिरकत करेंगे। साथ ही सिंगापुर, जिम्बाब्वे, हांगकांग, यूनाइटेड किंगडम, मलेशिया, बांग्लादेश, इस्वातिनी, केन्या, मालदीव सहित अनेक देशों के न्यायविद और विधि विशेषज्ञ सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। जयपुर पीस मीडिएशन डिक्लेरेशन तीन दिन की कॉन्फ्रेंस में यह तय होगा कि कॉमनवेल्थ देश आने वाले सालों में मीडिएशन के किन सिद्धांतों पर काम करेंगे। इसके दस्तावेज 'जयपुर पीस मीडिएशन डिक्लेरेशन' पर इन देशों के न्यायाधीश, अटॉर्नी जनरल, वरिष्ठ अधिवक्ता और विधि विशेषज्ञ साइन करेंगे। यह डिक्लेरेशन मीडिएशन और रूल ऑफ लॉ का भविष्य का दस्तावेज होगा। आयोजकों ने कहा- यह सम्मेलन केवल अन्य देशों से सीखने का मंच नहीं है। राजस्थान ने जिस प्रकार कम समय में बड़ी संख्या में मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से समाधान किया है, वह अनुभव अन्य देशों के लिए भी उपयोगी है।
जोधपुर वेस्ट पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने NDPS मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 4000 के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं दूसरी तरफ लूणी थाना पुलिस ने अवैध हथियार के साथ एक हिस्ट्रीशीटर को धर दबोचा है। DCP कमल शेखावत की मॉनिटरिंग में टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। 4 हजार रुपर का इनामी बदमाश पकड़ा पहली कार्रवाई: प्रतापनगर थानाधिकारी भवानीसिंह मय टीम ने कार्रवाई करते हुए पाली जिले के रोहट थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहे इनामी बदमाश विजय प्रजापत को दस्तयाब किया है।आरोपी विजय प्रजापत (39) पुत्र अचलाराम प्रजापत, निवासी- गजानंद कॉलोनी, सूंथला थाना प्रतापनगर, जोधपुर का रहने वाला है। एसपी कार्यालय पाली की ओर से 31 मार्च 2026 को आरोपी पर 4000 का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी रोहट थाने में 22 जुलाई 2025 को दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले में फरार चल रहा था। कार्रवाई में थानाधिकारी भवानीसिंह, हेड कॉन्स्टेबल विश्वप्रतापसिंह, कॉन्स्टेबल बलवीर सिंह, सुभाष और कैलाश की विशेष भूमिका रही। आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए रोहट पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। मर्डर और जानलेवा हमले का आरोपी पिस्टल-कारतूस के साथ गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई: लूणी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति क्षेत्र में अवैध हथियार लेकर घूम रहा है। इस पर एसीपी (बोरानाड़ा) नरेंद्र पारीक के निकट सुपरविजन में थानाधिकारी हमीरसिंह भाटी की टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को घेरकर रोक लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 1 अवैध देशी पिस्टल, 1 खाली मैगजीन और 1 जिंदा कारतूस बरामद हुआ। आरोपी की पहचान महिपाल सिंह (31) पुत्र गिरेन्द्र सिंह, जाति- राजपूत, निवासी- पीपरली पुलिस थाना लूणी, जोधपुर के तौर पर हुई। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि आरोपी महिपाल सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ पहले से हत्या जानलेवा हमला और लूट जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। कार्रवाई में ASI मनफूलराम, कॉन्स्टेबल नरेंद्र सिंह, विकास, पदम सिंह और अमराराम शामिल रहे।
योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा, ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय, शिक्षक भर्ती, कौशल विकास और छात्र कल्याण योजनाओं को समझने के लिए हरियाणा विधानसभा की 30 सदस्यीय शिक्षा समिति सोमवार को लखनऊ पहुंची। समिति ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ करीब 11 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की और स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक लागू सुधारों, डिजिटल गवर्नेंस और नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की जानकारी ली। समिति ने उत्तर प्रदेश की कई पहलों को अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी और अनुकरणीय बताया। विधानसभा सभागार में समिति के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह यादव की मौजूदगी में ये बैठक हुई। इसमें यूपी सरकार की ओर से विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव और विभागीय अधिकारियों ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों की जानकारी दी। 11 बिंदुओं पर अध्ययन करने पहुंची है समिति प्रदेश में 81 विवि हैं संचालित अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 24 राज्य, 56 निजी, एक डीम्ड और एक मुक्त विश्वविद्यालय संचालित हैं। इसके अलावा 216 राजकीय, 330 सहायता प्राप्त और 7,526 स्ववित्तपोषित महाविद्यालय हैं। सरकार ने 71 नए राजकीय महाविद्यालय स्थापित किए हैं। इसमें 1,349 पद सृजित किए गए हैं। इनमें से 46 कॉलेजों में 2025-26 सत्र से पढ़ाई शुरू हो चुकी है। डिजिटल व्यवस्था ने खींचा ध्यान समिति को बताया गया कि उच्च शिक्षा निदेशालय में पूरा काम ई-ऑफिस के माध्यम से हो रहा है। सभी राज्य और निजी विश्वविद्यालयों में 'समर्थ' पोर्टल लागू हो चुका है। इसी के जरिए अब प्रवेश प्रक्रिया भी संचालित हो रही है। शिक्षकों और कर्मचारियों का सेवा विवरण मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध है। रोजगार और शोध पर फोकस राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विश्वविद्यालयों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट और रोजगारपरक पाठ्यक्रम लागू किए गए हैं। शोध को बढ़ावा देने के लिए 2026-27 में 5 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। शिक्षकों और छात्रों के लिए कई योजनाएं समिति को बताया गया कि मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत 1.28 लाख शिक्षकों और उनके आश्रितों समेत करीब 7.5 लाख लोगों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई है। वहीं स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत छात्रों को मुफ्त स्मार्टफोन और टैबलेट दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना में पात्र छात्रों को हर माह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और भारतीय ज्ञान प्रणाली वैश्विक उत्कृष्टता कोष की भी जानकारी दी गई। भर्ती प्रक्रिया में तेजी राजकीय महाविद्यालयों में 840 प्रवक्ताओं की ऑनलाइन तैनाती हो चुकी है, जबकि 1,253 पदों का अधियाचन लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में भी नियुक्ति प्रक्रिया जारी है। ऑपरेशन कायाकल्प से विद्या समीक्षा केंद्र तक की सराहना बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रजेंटेशन में बताए गए ऑपरेशन कायाकल्प, मुख्यमंत्री मॉडल एवं अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय, प्रोजेक्ट अलंकार, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, ड्रीम लैब, शिक्षक प्रशिक्षण, डायट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, विद्या समीक्षा केंद्र, मानव संपदा पोर्टल और निपुण भारत मिशन की जानकारी दी गई। हरियाणा समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने आधारभूत सुविधाओं, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, पारदर्शी निगरानी और छात्र-केंद्रित शिक्षा में उल्लेखनीय सुधार किए हैं। यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
दिल्ली में कचरा प्रबंधन सुधरेगा:एक जोन में लागू होगा इंदौर मॉडल: एलजी
दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टी.एस. संधू ने सोमवार को नगर निगम (एमसीडी) के कमिश्नर संजीव खिरवार, सभी अतिरिक्त आयुक्तों और जोनल आयुक्तों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर राजधानी की प्रमुख नागरिक सेवाओं का जायजा लिया। बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन, जलभराव, नालों की डी-सिल्टिंग, डंपसाइट से पुराने कचरे के निस्तारण और मानसून की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। एलजी ने कहा कि दिल्ली में अभी भी करीब 50% कचरे का स्रोत पर पृथक्करण (सेग्रिगेशन) नहीं हो रहा है, जिससे बड़ी मात्रा में कचरा सीधे डंपसाइट तक पहुंच रहा है। उन्होंने एमसीडी के एक जोन में इंदौर नगर निगम के कचरा प्रबंधन मॉडल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही, डंपसाइट से पुराने कचरे को हटाने की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिदिन आने वाले नए कचरे का भी वैज्ञानिक तरीके से तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि दोबारा कचरे का पहाड़ न बन सके। बैठक में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण से निपटने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। एलजी ने सड़कों की समयबद्ध मरम्मत, धूल नियंत्रण और एमसीडी की सड़कों का रोड सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। मानसून को देखते हुए जलभराव, डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, नालों की नियमित सफाई और त्वरित जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। टोल प्लाजा के आसपास लगने वाले ट्रैफिक जाम और उससे होने वाली नागरिक परेशानियों पर भी चर्चा हुई।
हरदा जिले में सोमवार शाम एक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम छोटी हरदा के पास हाइवे पर एक निजी स्कूल के सामने हुई। जानकारी के अनुसार, बाइक सवार युवक रॉन्ग साइड से आ रहा था। तभी बैतूल की ओर से आ रहे एक टॉले ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक के सिर में गंभीर चोटें आईं और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद भी करीब एक घंटे तक एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद पुलिस ने एक किसान के ट्रैक्टर की मदद से शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। वहीं शव के पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे है।
कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ जिलेभर में कांवड़ सेवा शिविर भी संचालित होने लगे हैं। सोमवार को दौराला क्षेत्र में लगे एक कांवड़ सेवा शिविर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब खाना बनाते समय अचानक सांप निकल आया। सांप दिखाई देते ही खाना बना रहे लोगों और शिविर में मौजूद अन्य लोगों में हड़कंप मच गया। मौजूद लोगों ने सावधानी बरतते हुए सांप को रसोई क्षेत्र से हटाने का प्रयास किया। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर दोबारा भोजन बनाने का कार्य शुरू किया गया। घटना के दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। बारिश के मौसम में खेतों और झाड़ियों से निकलकर सांप आबादी वाले इलाकों और अस्थायी शिविरों तक पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए कांवड़ सेवा शिविरों में भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं और सेवा में लगे लोगों की सुरक्षा बनी रहे। वहीं कांवड़ यात्रा को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कांवड़ियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिले में 32 स्वास्थ्य टीमों और हेल्थ कैंपों की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा 17 बाइक एंबुलेंस, 25 नामित निजी अस्पताल, एंटी स्नेक वेनम, डॉग बाइट इंजेक्शन और अन्य जरूरी दवाइयों की व्यवस्था की गई है। कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। शिविरों, स्वास्थ्य कैंपों और प्रमुख मार्गों का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
लूणी नदी में अवैध बजरी खनन के खिलाफ पुलिस ने सर्जिकल स्ट्राइक जैसी बड़ी कार्रवाई करते हुए चारों ओर से घेराबंदी कर 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बिलाड़ा थाना इलाके में कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अवैध बजरी का खनन और परिवहन करते 7 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया। ये कार्रवाई जोधपुर ग्रामीण पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने की। पुलिस का कहना है कि बजरी माफियाओं के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और अवैध खनन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अवैध खनन के खिलाफ चलाया जा रहा विशेष अभियान जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पंकज यादव ने बताया कि राज्य में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भोपालसिंह लखावत के सुपरविजन में DST प्रभारी श्रवणकुमार भंवरिया को इनपुट मिला था कि बिलाड़ा क्षेत्र में लूणी नदी में बड़े पैमाने पर अवैध खनन हो रहा है। इस पर DST और बिलाड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर नदी क्षेत्र को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस को अचानक सामने देख माफियाओं में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से जब्त सभी 7 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को थाने खड़ा करवा दिया है। सभी 16 आरोपियों के खिलाफ एमएमआरडी (MMRD) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
धार के समीप जेतपुरा गांव में पिछले पांच दिनों से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। शाम होते ही बिजली गुल होने से पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रतिदिन शाम करीब 7:30 बजे पूरे गांव की बिजली अचानक गुल हो जाती है। कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है। इस लगातार बिजली कटौती का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। इसके अलावा, बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य ग्रामीणों को भी अंधेरे के कारण दैनिक कार्यों और आवाजाही में कठिनाई हो रही है। कई बार शिकायत लेकिन समाधान नहींग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर बिजली विभाग में कई बार शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने का भी प्रयास किया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत कंपनी के अधिकारी युवराज सिंह ठाकुर को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। बिजली कटौती का कारण और बहाली का समय न पता चलने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली कंपनी से तत्काल समस्या का समाधान करने और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
बीकानेर में घर से खेत के लिए निकले दंपती का शव खेत के पास बनी डिग्गी में मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर मॉर्च्युरी में रखवाया। हादसा महाजन थाना क्षेत्र के बडेरन गांव में सोमवार की सुबह हुआ। पुलिस के अनुसार बडेरन निवासी सावंत राम(25) पुत्र हनुमान मेघवाल और उनकी पत्नी सुलोचना(19), जो मूल रूप से अनूपगढ़ के 89 जीबी गांव की रहने वाली थीं, खेत के पास बनी डिग्गी (जोहड़ी) में गिर गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों के शव बाहर निकलवाए। महाजन थानाधिकारी भजनलाल ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि दोनों सुबह घर से खेत में काम करने निकले थे, लेकिन दोनों के शव डिग्गी में मिले। दोनों ने सुसाइड किया है या डूबने के दौरान बचाने की मौत हुई है, इसकी जांच की जा रही है। महिला के पीहर पक्ष के परिजनों के आने का इंतजार किया जा रहा है। उनकी ओर से दी जाने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शहडोल के सोहागपुर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक होटल के बाहर गाड़ियां आपस में टकराने के मामूली विवाद में हिंसक झड़प हो गई। लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हुए हमले में कई लोग घायल हो गए, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया। सोमवार को घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने दोनों पक्षों पर केस दर्ज किया है। खाना लेने पहुंचे युवकों का हुआ विवाद न्यू बस स्टैंड निवासी आकाश पाठक अपने साथियों के साथ होटल में खाना लेने गए थे। वाहन बैक करते समय दूसरे पक्ष की गाड़ी से टच होने पर विवाद शुरू हुआ और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। लाठी-रॉड चलने से कई घायल, निजी अस्पताल में भर्ती मारपीट के दौरान जमकर लाठी-डंडे और लोहे की रॉड चलीं, जिसमें आकाश पाठक समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने आकाश पाठक की शिकायत पर नदीम, नियाजी, तनवीर, नावेद सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी मर्ग दर्ज कर पुलिस सीसीटीवी फुटेज से मामले की जांच कर रही है। कलेक्टर-एसपी ने घटनास्थल का लिया जायजा घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर डॉ. केदार सिंह और एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने देर रात मौके का निरीक्षण किया। इलाके में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
छतरपुर जिले के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय किसान की मौत हो गई। पृथ्वीपुर निवासी जागेश्वर पाल को गरेला-कुर्राहा के बीच एनएच-86 पर टोल टैक्स के पास एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। जागेश्वर पाल की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और मृतक के परिजन मौके पर पहुंचे। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने अज्ञात वाहन चालक की तत्काल गिरफ्तारी और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-86 पर जाम लगा दिया। इस कारण राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात कई घंटों तक बाधित रहा। सूचना मिलने पर गढ़ी मलहरा थाना प्रभारी रीता सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन और ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में थाना प्रभारी और वरिष्ठ नागरिकों की समझाइश के बाद जाम समाप्त किया गया। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी वाहन और चालक का जल्द पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ई-रिक्शा चार्ज करते समय लगा करंट,:युवक की मौत, फर्रुखाबाद में 5 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में सोमवार शाम साढ़े छह बजे एक ई-रिक्शा चालक की करंट लगने से मौत हो गई। 33 वर्षीय युवक अपने ई-रिक्शा को चार्जिंग पर लगा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। मृतक की पहचान कासिमबाग निवासी अनूप पुत्र मोहनलाल के रूप में हुई है। अनूप ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी रचना और पांच बच्चे मन्नत, आरिब, जन्नत, प्रिंस और कनक हैं। वह अपने भाइयों में दूसरे नंबर पर था। अनूप रोज की तरह शाम को ई-रिक्शा चलाकर घर लौटा था। घर आने के बाद उसने ई-रिक्शा को चार्जिंग पर लगाया। इसी दौरान अचानक ई-रिक्शा में करंट उतर आया और अनूप उसकी चपेट में आ गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। हादसा होते ही परिवार के सदस्य घबरा गए और आनन-फानन में अनूप को इलाज के लिए अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अनूप की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। अनूप की असामयिक मृत्यु से पत्नी रचना और पांच बच्चों के सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
महोबा जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का एक वीडियो सामने आया है। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक युवक और उससे मिलने आई प्रेमिका गले मिलकर रोई। यह घटना वार्ड में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। जानकारी के अनुसार, कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र के सेला गांव निवासी 18 वर्षीय नवल किशोर ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उससे मिलने एक युवती अस्पताल पहुंची। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ने इमरजेंसी वार्ड में अस्पताल की मर्यादा के विपरीत आपत्तिजनक व्यवहार किया। उस समय वार्ड में अन्य मरीज और उनके तीमारदार भी मौजूद थे, जिससे उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। घटना का पूरा दृश्य इमरजेंसी वार्ड में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और वार्ड में निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। साथ ही, अस्पताल परिसर में अनुशासन बनाए रखने की मांग भी उठ रही है। फिलहाल, वीडियो की जांच की जा रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
करनाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 अभियान के तहत 31 जुलाई को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि यह सूची 24 जुलाई तक प्राप्त गणना प्रपत्रों के आधार पर तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इसके बाद मतदाता अपने नाम से संबंधित दावे और आपत्तियां निर्धारित अवधि में दर्ज करवा सकेंगे। डीसी सोमवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित बैठक में जिला के सभी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विधानसभा वार प्राप्त गणना प्रपत्रों और शेष कार्य की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी प्रक्रियाएं तय समयसीमा में पूरी की जाएं, ताकि मतदाता सूची अपडेट करने में कोई देरी न हो। मैपिंग एरर वाले मतदाताओं को मिलेगा नोटिस डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम प्रारंभिक सूची 2026 में शामिल हैं, लेकिन वर्ष 2002 की मतदाता सूची से उनकी सही मैपिंग नहीं हो पाई है या किसी तकनीकी त्रुटि के कारण समस्या है, उन्हें संबंधित ईआरओ द्वारा नोटिस जारी किए जाएंगे। ऐसे मतदाता 31 जुलाई से 28 सितंबर 2026 तक अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपने फॉर्म का सत्यापन करवा सकते हैं। दावे-आपत्तियों की समयसीमा तय उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 31 जुलाई को होगा। इसके बाद 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। इन दावों और आपत्तियों का निपटान 31 जुलाई से 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके उपरांत 3 अक्टूबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। अपील और नए नाम जोड़ने की सुविधा डीसी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई मतदाता ईआरओ के निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो वह जिलाधीश के समक्ष अपील कर सकता है। इसके बाद भी असंतोष होने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास अपील का विकल्प रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी कारण से किसी मतदाता का नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाता है, तो वह फॉर्म नंबर 6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है। वहीं, मतदाता पहचान पत्र में सुधार के लिए फॉर्म नंबर 8 जमा किया जा सकता है। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर एडीसी डॉ. राहुल रईया, एसडीएम असंध सुमित सिहाग, एसडीएम घरौंडा राजेश सोनी, एसडीएम इंद्री रमन गुप्ता, एसडीएम नीलोखेड़ी अशोक कुमार, उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं नगराधीश सुरेश कुमार और चुनाव तहसीलदार सुदेश राणा भी मौजूद रहे।
लखनऊ के सआदतगंज स्थित यासीनगंज इलाके में 24 जुलाई को अब्दुल खान को गोली मारने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल .32 बोर की देशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, 24 जुलाई को यासीनगंज में अब्दुल खान निवासी शाहमीना शाह दरगाह, चौक को गोली मारी गई थी। इस मामले में सआदतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर दो पुलिस टीमों का गठन किया गया था। अलग-अलग जगह से पांच पकड़े गए पहली टीम ने 26 जुलाई को तिल्ली मिल मैदान के पास से तीन वांछित आरोपियों करीमगंज, किराए का मकान सहादतगंज निवासी वली शाह पुत्र शरीफ मियां (23), यासीनगंज सुभान कैंटीन के पास निवासी अब्दुल रहमान पुत्र मोहम्मद रफी (25), मुन्नी की ठेकी रामनगर निवासी मोहम्मद साहिल पुत्र पीर मोहम्मद उर्फ बबलू (25) को गिरफ्तार किया। वहीं दूसरी टीम ने सोमवार को मुखबिर की सूचना पर कोठारी बंधु चौराहा स्थित लाल पैथोलॉजी के पास से मुख्य आरोपी अमेठी गोसाईगंज निवासी मोहम्मद अमान अली उर्फ मुन्ना कुरैशी पुत्र सिराज अली (21) और यासीनगंज निवासी अमन पुत्र मोहम्मद इम्तियाज (20) को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी अमान अली के पास से .32 बोर की देशी पिस्टल और मैगजीन में तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में उसने इसी हथियार से गोली चलाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने मौके से सफेद रंग की पल्सर मोटरसाइकिल (UP32 RH 8755) भी कब्जे में ली गई है।इंस्पेक्टर सहादतगंज संतोष कुमार आर्य का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ नागौर ANTF टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 77.37 ग्राम अवैध MD (मादक पदार्थ) बरामद किया है। टीम ने कार्रवाई के दौरान 2 कार सवार युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 46 हजार 500 रुपए नकद भी जब्त किए गए हैं। कार्रवाई थांवला थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस के अनुसार ANTF टीम ने फॉर्च्यूनर और स्विफ्ट कार में सवार युवकों की तलाशी ली। इस दौरान उनके कब्जे से 77.37 ग्राम MD बरामद हुआ। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। सुदवाड़ और चुड़ियास के रहने वाले हैं आरोपी ANTF के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुदवाड़ निवासी सुनील और चुड़ियास निवासी रामप्रकाश के रूप में हुई है। दोनों से मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त और नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। आईजी के निर्देश पर टीम ने की कार्रवाई यह कार्रवाई ANTF IG विकास कुमार के निर्देश तथा DGP राजीव कुमार और ADG दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में की गई। टीम अब बरामद MD की सप्लाई कहां से हुई और इसे आगे किसे पहुंचाया जाना था, इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
मुरादाबाद में स्कॉलर डेन कोचिंग के संचालक विवेक ठाकुर के खिलाफ पुलिस ने आपराधिक विश्वासघात और गंभीर आपराधिक धमकी के मामले में आरोप पत्र दाखिल किया है। मुरादाबाद शहर के कटघर थाने में यह मामला सागर सिक्योरिटी कंपनी की मालकिन रमा भारद्वाज की ओर से दर्ज कराया गया था। विवेचना में पुलिस ने आरोपों को सही मानते हुए आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया है। विवेचक ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि अभियुक्त को तलब करके दंडित किया जाए।कटघर थाना क्षेत्र में पीतल नगरी ब्रज विहार कालोनी निवासी रमा भारद्वाज ने 8 जून 2026 को कटघर थाने में स्कॉलर डेन कोचिंग सेंटर के संचालक विवेक ठाकुर निवासी युवराज रेजीडेंसी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2)और बीएनएस 351(3) के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें रमा भारद्वाज ने आरोप लगाया था कि पिछले कई वर्षों से उनकी कंपनी विवेक ठाकुर की संस्था स्कॉलर्स डेन को बाउंसर, सिक्योरिटी गार्ड और हाउस कीपिंग स्टाफ प्रोवाइड करा रही थी। एफआईआर में रमा भारद्वाज का आरोप था कि विवेक ठाकुर ने उनके करीब 33.5 लाख रुपए का भुगतान लटका रखा है। बार-बार मांगने पर भी रकम नहीं दी और आरोप लगाया कि तकादा करने पर हत्या करा देने की धमकी दी गई। इस मामले की विवेचना कटघर थाने के वरिष्ठ उप निरीक्षक (SSI) वीरेंद्र सिंह द्वारा की गई। विवेचना के बाद विवेचक ने आरोपी विवेक ठाकुर को बीएनएस की धारा 316(2) और बीएनएस 351(3) का दोष्री पाते हुए अभियुक्त बनाया है। विवेचक ने कोर्ट को प्रेषित आरोप पत्र में कहा है कि, अभियुक्त विवेक ठाकुर पुत्र बलराम ठाकुर निवासी युवराज रेजीडेंसी के खिलाफ की धारा 316(2)और बीएनएस 351(3) के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। इसलिए अभियुक्त का चालान धारा 316(2)और बीएनएस 351(3) के जरिए माननीय न्यायालय को किया जाता है। विवेचक ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि अभियुक्त को तलब करके दंडित किया जाए।
बैतूल के लल्ली चौक (जय स्तंभ चौक) का जल्द ही व्यापक सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नगर पालिका ने इसके लिए कार्य शुरू करने की योजना बनाई है। इस परियोजना में चौक पर क्लॉक टावर लगाना, जय स्तंभ परिसर का रेड स्टोन से सौंदर्यीकरण और सड़क चौड़ीकरण के लिए गोल चौराहे (रोटरी) को स्थानांतरित करना शामिल है। नगर पालिका सीएमओ नवनीत पांडे ने सोमवार को अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण कर प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा की। सीएमओ नवनीत पांडे ने बताया कि बैतूल विधायक एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मंशा के अनुरूप इस प्रमुख चौक को नया और आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा। इस कार्य के लिए लगभग 9.94 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया है। सौंदर्यीकरण का कार्य अगले दो दिनों में शुरू होने की उम्मीद है और इसे लगभग डेढ़ माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अनुसार, जय स्तंभ के चारों ओर लगभग दो फीट ऊंची आकर्षक बाउंड्री बनाई जाएगी। पूरे परिसर में रेड स्टोन लगाया जाएगा, जिससे चौक को नया रूप मिलेगा। हाल ही में हटाए गए अतिक्रमण वाले स्थान पर मिट्टी भरकर दीवार बनाई जाएगी और हरियाली बढ़ाने के लिए पौधे लगाए जाएंगे। सड़क की चौड़ाई बढ़ने से आवाजाही आसान होगीयातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से वर्तमान गोल चौराहे (रोटरी) को पीछे की ओर स्थानांतरित किया जाएगा। इससे सड़क की चौड़ाई बढ़ेगी और वाहनों की आवाजाही आसान होगी। आवश्यकता पड़ने पर हाईमास्ट पोल को भी वर्तमान स्थान से हटाकर बाउंड्री के भीतर स्थापित किया जाएगा। लल्ली चौक पर लगभग 15 फीट ऊंचा क्लॉक टावर स्थापित किया जाएगा, जो इस चौक की नई पहचान बनेगा। इसके अतिरिक्त, मिसाइल मॉडल सहित अन्य आकर्षक संरचनाएं भी विकसित करने की योजना है, जिससे चौक का सौंदर्य और बढ़ेगा। नगर पालिका के पुराने भवन का भी कायाकल्प होगानगर पालिका अपने पुराने भवन का भी कायाकल्प करेगी। भवन की मूल ऐतिहासिक संरचना को सुरक्षित रखते हुए उसे हेरिटेज लुक दिया जाएगा। पुराने स्ट्रक्चर पर पीवीसी पैनल लगाए जाएंगे, जिससे भवन का स्वरूप संग्रहालय जैसा दिखाई देगा। साथ ही, ग्लास बोर्ड लगाए जाएंगे जिन पर बैतूल जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। सीएमओ नवनीत पांडे ने बताया कि कारगिल चौक की ओर सड़क चौड़ीकरण का कार्य बारिश के बाद शुरू किया जाएगा। इस दौरान करीब 80 एमएम मोटाई के ब्लॉक भी लगाए जा सकते हैं, जिससे सड़क अधिक मजबूत और आकर्षक बनेगी।
हरदोई में लोडर की टक्कर से दो युवकों की मौत:दूसरे को डाक्टर ने किया मृत घोषित, चालक फरार
हरदोई के पाली थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। गोपालपुर के पास तेज रफ्तार लोडर ने स्कूटी सवार दो दोस्तों को टक्कर मार दी। इस घटना से दो परिवारों में शोक छा गया। मृतकों की पहचान पाली के मोहल्ला काजी सराय उत्तरी निवासी बबलू (पुत्र स्व. सफी अहमद) और इशरत (पुत्र साबिर अली) के रूप में हुई है। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। बबलू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि इशरत गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद लोडर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाली भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने बबलू को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल इशरत को मेडिकल कॉलेज हरदोई रेफर किया गया, जहां उपचार शुरू होने से पहले ही उसकी भी मौत हो गई। बबलू अपने माता-पिता के निधन के बाद अपनी दो बहनों का इकलौता भाई था। वह बरगद तिराहे के पास एक जूते के कारखाने में काम कर परिवार का भरण-पोषण करता था। इशरत के परिवार में भी इस घटना से गहरा दुख है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त लोडर को कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
गुरुग्राम पुलिस ने एक वेयरहाउस से लगभग 6 लाख रुपए के इलेक्ट्रॉनिक सामान की चोरी और गबन के आरोप में कंपनी के डिलीवरी बॉय सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर रिटर्न किए गए पार्सलों से असली सामान निकालकर उसकी जगह अन्य वस्तुएं रखने का आरोप है। यूआर लॉजिस्टिक के एक अधिकारी ने 20 जुलाई को थाना सदर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि कंपनी ने 26 जून को साहिल अल्वी को डिलीवरी बॉय के रूप में नियुक्त किया था। 12 जुलाई को कंपनी के ऑडिट के दौरान यह खुलासा हुआ कि कई रिटर्न पार्सलों से मूल इलेक्ट्रॉनिक सामान गायब था और उनकी जगह अन्य वस्तुएं रखी गई थीं। संदिग्ध डिलीवरी और रिटर्न साहिल अल्वी की आईडी से किए जांच में पता चला कि सभी संदिग्ध डिलीवरी और रिटर्न साहिल अल्वी की आईडी से किए गए थे। रिकॉर्ड के अनुसार, गायब सामान की कुल कीमत लगभग 6 लाख रुपए आंकी गई। इसके बाद थाना सदर में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहम्मद साहिल अल्वी, चांद, विकास और गुरप्रीत उर्फ जोरावर को गिरफ्तार किया। साहिल को 22 जुलाई को गुरुग्राम के पलड़ा गांव से, चांद को 24 जुलाई को गाजियाबाद से, विकास को 24 जुलाई को दिल्ली से और गुरप्रीत को 26 जुलाई को दिल्ली से पकड़ा गया। पुलिस ने साहिल को 4 दिन और चांद व विकास को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। दो मार्शल स्पीकर भी बरामद पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि साहिल अपने साथियों चांद और विकास के साथ मिलकर रिटर्न पार्सलों से मूल इलेक्ट्रॉनिक सामान निकालता था। इसके बाद वे इन सामानों को गुरप्रीत को बेच देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मार्शल स्पीकर भी बरामद किए हैं। गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस अन्य बरामदगी और इस गिरोह में शामिल संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
खैरथल-तिजारा में सावन मास और आगामी कांवड़ यात्रा को देखते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने सोमवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। वीरेंद्र चौधरी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में धार्मिक आस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन से विशेष व्यवस्थाएं करने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि सावन मास सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं और कांवड़ यात्रा के माध्यम से पवित्र जल लाकर शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की कि कांवड़ यात्रा मार्गों, प्रमुख शिव मंदिरों और संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। साथ ही, नियमित गश्त बढ़ाकर असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जाए, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। खुले में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक की मांग ज्ञापन में सावन माह के दौरान कांवड़ मार्गों, धार्मिक स्थलों और राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के आसपास खुले में मांस, मछली, अंडा और अन्य मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अस्थायी रोक लगाने की मांग की गई। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर खुले में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी बजरंग दल पदाधिकारियों ने कहा कि यदि प्रशासन ने समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ये रहे मौजूद ज्ञापन सौंपने के दौरान वीरेंद्र चौधरी, नरेश मगनानी, कन्हैया लाल, अनिल सैनी, चिराग वशिष्ठ, यशपाल आचार्य, देशपाल यादव, डॉ. ग्यासीराम गुप्ता सहित विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारी, शिवभक्त और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि कोई भी ट्रायल कोर्ट केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी जांच एजेंसी को यह निर्देश नहीं दे सकती कि वह किसी लोक सेवक के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति हर हाल में सुनिश्चित करे।अदालत ने कहा कि ऐसा निर्देश वास्तव में सक्षम प्राधिकारी को अभियोजन स्वीकृति देने के लिए निर्देशित करने जैसा है, जिसकी कानून में अनुमति नहीं है। सहारनपुर के तत्कालीन डीएम का मामला जस्टिस राज बीर सिंह की सिंगल बेंच ने यह टिप्पणी सहारनपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी पवन कुमार की याचिका स्वीकार करते हुए की। अदालत ने विशेष सीबीआई अदालत गाजियाबाद के उस आदेश को रद्द कर दिया , जिसमें सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करने से इनकार करते हुए एजेंसी को पवन कुमार के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने का निर्देश दिया गया था। कार्यवाही समाप्त कर दी हाईकोर्ट ने पवन कुमार के संबंध में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही भी समाप्त की। वर्तमान में पवन कुमार दिल्ली के ग्रामीण विकास विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। मामला सहारनपुर में रेत खनन की 13 पट्टों के कथित अवैध नवीनीकरण से जुड़ा है। प्रारंभिक जांच के बाद इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई। जांच पूरी होने पर सीबीआई ने अपनी क्लोजर रिपोर्ट में कहा कि पवन कुमार के खिलाफ आरोपों की पुष्टि नहीं हुई और उनके विरुद्ध आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी या पद के दुरुपयोग का कोई साक्ष्य नहीं मिला। आदेश को चुनौती देते हुए याचिका हुई इसके बावजूद विशेष सीबीआई अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार नहीं की। अदालत ने निजी आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लेते हुए सीबीआई को पवन कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने का निर्देश दिया। इस आदेश को चुनौती देते हुए पवन कुमार ने हाईकोर्ट में कहा कि उन्होंने केवल अपने आधिकारिक दायित्वों का निर्वहन किया। राज्य सरकार के निर्देश पर उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों से तथ्यात्मक रिपोर्ट मंगाई और उसे बिना किसी टिप्पणी या सिफारिश के सरकार को भेज दिया। उनका कहना था कि खनन पट्टों के नवीनीकरण का अंतिम निर्णय राज्य सरकार को लेना था और उन्होंने इस संबंध में कोई स्वतंत्र राय या सिफारिश नहीं थी। सीबीआई बोली याचिका सुनवाई योग्य नहीं सीबीआई ने कहा कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि अभी तक पवन कुमार को समन जारी नहीं किया गया और ट्रायल कोर्ट ने केवल अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने का निर्देश दिया। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस आपत्ति को खारिज किया। अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट पहले ही यह राय दे चुकी है कि प्रथम दृष्टया मामला बनता है और अभियोजन स्वीकृति प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। ऐसे में यह आदेश याचिकाकर्ता के अधिकारों को प्रभावित करता है, इसलिए याचिका सुनवाई योग्य है। अभियोजन स्वीकृति के मुद्दे पर हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि अभियोजन स्वीकृति देने या न देने का अधिकार केवल सक्षम प्राधिकारी के पास है और उसे जांच में जुटाए गए साक्ष्यों पर स्वतंत्र रूप से विचार करना होता है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, न तो कोई अदालत और न ही कोई अन्य प्राधिकारी सक्षम प्राधिकारी को अभियोजन स्वीकृति देने या न देने का निर्देश दे सकता है। अवलोकन तथ्यात्मक रूप से गलत हाईकोर्ट ने माना कि विशेष अदालत का सीबीआई को दिया गया निर्देश वास्तव में सक्षम प्राधिकारी को ही अभियोजन स्वीकृति देने के लिए बाध्य करने जैसा था, जो कानून के अनुरूप नहीं है। मामले के गुण-दोष पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि सीबीआई जांच में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि पवन कुमार ने कोई गलत रिपोर्ट भेजी, किसी प्रकार की सिफारिश की या खनन पट्टों के नवीनीकरण में अनुचित भूमिका निभाई। अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा दूसरे नवीनीकरण को मंजूरी मिलने के बाद पवन कुमार ने केवल सरकार के निर्णय को अधीनस्थ अधिकारियों तक पहुंचाने का औपचारिक आदेश जारी किया। लेकिन इससे पहले कि कोई नया पट्टा निष्पादित होता, एक जनहित याचिका में हाईकोर्ट ने दूसरे नवीनीकरण पर रोक लगाई। इसलिए दूसरा पट्टा कभी निष्पादित ही नहीं हुआ। अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का इसके विपरीत किया गया अवलोकन तथ्यात्मक रूप से गलत था। जांच में कोई अहम साक्ष्य नहीं हाईकोर्ट ने कहा कि जांच में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे यह माना जा सके कि पवन कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग किया या किसी आपराधिक साजिश में शामिल थे। अदालत ने कहा, रिकॉर्ड पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे याचिकाकर्ता की किसी आपराधिक साजिश में भूमिका या भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत किसी प्रकार के कदाचार का संकेत मिलता हो। इन सभी तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने माना कि पवन कुमार के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता। अदालत ने उनके संबंध में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए विशेष अदालत की कार्यवाही रद्द कर याचिका मंजूर की।
संत गहिरा गुरु यूनिवर्सिटी और राजीव गांधी पीजी कॉलेज के छात्र-छात्राओं की समस्याओं को लेकर एनएसयूआई के दो दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल को पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने समर्थन दिया। वे अनशन स्थल पर पहुंचे। सोमवार को विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हो गया है। यूनिवर्सिटी और कालेज की समस्याओं को लेकर रविवार से एनएसयूआई के छात्रों ने क्रमिक अनशन शुरू किया था। सोमवार को धरना स्थल पर पहुंचे टीएस सिंहदेव ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। सिंहदेव ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस छात्रों के संघर्ष में पूरी मजबूती से साथ खड़ी होगी। ये हैं मांगें एनएसयूआई ने यूनिवर्सिटी में शिक्षक भर्ती में रोस्टर नियमों के पालन की उच्चस्तरीय जांच, अंबिकापुर-राजपुर मार्ग से विश्वविद्यालय तक जर्जर सड़क के निर्माण, मुख्य मार्ग पर संकेतक बोर्ड लगाने, परिसर में सीसीटीवी कैमरे और नियमित पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था की मांग की है। एनएसयूआई ने ऑनलाइन कॉपी जांच प्रणाली समाप्त कर पारंपरिक मूल्यांकन लागू करने, जर्जर भवन में संचालित कक्षाओं को नए भवन में स्थानांतरित करने, फीस वृद्धि पर रोक, टोल-फ्री हेल्पलाइन जारी करने तथा नई शिक्षा नीति के पाठ्यक्रम की पुस्तकों की शीघ्र उपलब्धता की मांग रखी है। कुलसचिव व तहसीलदार ने दिया आश्वासन सरगुजा यूनिवर्सिटी के कुलसचिव एसपी त्रिपाठी और अंबिकापुर तहसीलदार विकास जिंदल ने धरना स्थल पहुंचकर एनएसयूआई पदाधिकारियों से चर्चा की। अधिकारियों ने सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद एनएसयूआई ने अपनी क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की। एनएसयूआई पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह छात्रहित में था। यदि आश्वासन के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन और व्यापक आंदोलन करेगा। प्रदर्शन को कांग्रेस का समर्थन आंदोलन को कांग्रेस नेता शफी अहमद, द्वितेंद्र मिश्रा, शैलेंद्र प्रताप सिंह, मोहम्मद इस्लाम, जीवन यादव, आलोक सिंह, राजा तिवारी, सौरभ फिलिप सहित अन्य नेताओं ने भी पहुंचकर समर्थन दिया। क्रमिक भूख हड़ताल और आंदोलन में एनएसयूआई के ज्ञान तिवारी, सिफतैन रज़ा, अभिनव काशी, गौतम गुप्ता सहित छात्र-छात्राएं शामिल थे।
रायपुर में साइबर ठगी की रकम से सोने के सिक्के खरीदकर सराफा कारोबारियों को चूना लगाने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और टिकरापारा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों को पकड़ा। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 1 लाख 80 हजार रुपए कीमत के 12 ग्राम सोने के सिक्के बरामद किए हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के पैसों के स्रोत और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला पुलिस के मुताबिक, टिकरापारा क्षेत्र स्थित श्री ओम शांति ज्वेलर्स में 18 जुलाई को दो युवक पहुंचे थे। इनमें से एक युवक ने 7 ग्राम सोने का सिक्का खरीदने की बात कही। दुकान में एक साथ 7 ग्राम का सिक्का उपलब्ध नहीं होने पर उसे 1-1 ग्राम के सात सिक्के दिए गए। इनकी कीमत 99,900 रुपए थी। आरोपी ने JAGDAMBA TC नाम की UPI आईडी से ऑनलाइन भुगतान किया। दो दिन बाद ज्वेलर्स संचालक को बैंक से जानकारी मिली कि यह रकम साइबर फ्रॉड से जुड़ी होने के कारण फ्रीज कर दी गई है। जांच में पता चला कि जिस खाते से भुगतान हुआ था, उसमें साइबर ठगी की रकम जमा थी। दूसरे ज्वेलर्स से भी खरीदा सोना 17 जुलाई को अजय ज्वेलर्स में भी एक युवक पहुंचा और 5 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदा। इसके लिए 76,220 रुपए का भुगतान उसी UPI आईडी से किया गया। आरोपी ने बाद में 23,500 रुपए और ट्रांसफर किए और सोना नहीं लेने की बात कहकर यह रकम वापस ले ली। बैंक जांच में कुल 1,99,440 रुपए का लेन-देन विवादित पाया गया। तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने पकड़ा मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने UPI ट्रांजेक्शन, बैंक खातों, मोबाइल नंबर, CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर मनजीत मंडल, शाहिल नेताम और आयुष साहू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 ग्राम सोने के सिक्के जब्त किए हैं।
संभल में बिजली कनेक्शन काटने को लेकर हुए विवाद में एक उपभोक्ता के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, उपभोक्ता ने बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों पर मारपीट करने, रिश्वत मांगने और अवैध रूप से कनेक्शन काटने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। घटना 25 जुलाई की है। विद्युत विभाग के जेई अमिताभ गोंड की शिकायत पर संभल कोतवाली पुलिस ने चौधरी सराय निवासी नईम कुरैशी पुत्र मौ. यामीन के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और संविदा कर्मचारियों से मारपीट करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की है। एफआईआर दर्ज होने के बाद नईम कुरैशी ने आरोप लगाया कि नौशाद, नितिन, परमात्मा, सचिन, इमरान और रेहान अहमद नामक कर्मचारियों ने उनके घर आकर बिना किसी पूर्व सूचना या वैध दस्तावेज के उनका विद्युत कनेक्शन काट दिया। सोमवार शाम को नईम कुरैशी के अधिवक्ता ने कोतवाली संभल पहुंचकर इंस्पेक्टर सुधीर पंवार से मुलाकात की। अधिवक्ता ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों पर मारपीट और रिश्वत मांगने सहित कई गंभीर आरोप लगाए। इंस्पेक्टर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कर्मचारियों से कनेक्शन काटने के अधिकार और वरिष्ठ अधिकारी या आईडी कार्ड की अनुपस्थिति के बारे में सवाल किया था। यूपीपीसीएलटीएस से प्राप्त संदेश में भुगतान न करने पर कनेक्शन काटने की अंतिम तिथि 29 जुलाई दर्शाई गई थी, जबकि उनका कनेक्शन 25 जुलाई को ही काट दिया गया था। नईम कुरैशी का कहना है कि उनके सवाल करने पर कर्मचारी कथित तौर पर क्रोधित हो गए। जब वह घर के अंदर गए, तो सभी कर्मचारी उनके पीछे घर में घुस आए और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी। आरोप लगाया कि रेहान नामक कर्मचारी ने कनेक्शन जोड़ने के लिए 2,000 रुपये की रिश्वत मांगी। शोर सुनकर पड़ोसी शहजाद आलम और अरमान मौके पर पहुंचे। नईम कुरैशी ने बताया कि कर्मचारियों ने उन्हें किसी भी कार्रवाई की स्थिति में जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद नईम कुरैशी ने संभल के अधिशासी अभियंता कार्यालय जाकर इसकी जानकारी दी।
कटनी में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एक साल से फरार चल रहे स्थायी वारंटी समीम खान उर्फ नसीम खान को महिला थाना पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जिला जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर जिले में लंबे समय से फरार स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटियों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत महिला थाना प्रभारी निरीक्षक वर्षा सोनकर के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी। निरीक्षक वर्षा सोनकर और उनकी टीम ने समीम खान उर्फ नसीम खान (पिता शहीद खान, उम्र 26 वर्ष) को गिरफ्तार किया। आरोपी कटनी के अल्फर्टगंज (थाना कोतवाली) और बंधवा टोला (थाना रंगनाथ नगर) का निवासी है। उसके खिलाफ विशेष न्यायालय पॉक्सो अधिनियम में पांच वर्ष से अधिक समय से एक मामला लंबित है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम कटनी श्रीमती स्मृता सिंह ठाकुर की अदालत में सत्र प्रकरण क्रमांक 42/2021 लंबित है। उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376(3) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मामला दर्ज है। वह पिछले एक वर्ष से फरार चल रहा था। बंधवा टोला क्षेत्र में घूम मिला सोमवार को शाम महिला थाना प्रभारी निरीक्षक वर्षा सोनकर को मुखबिर से सूचना मिली कि स्थायी वारंटी समीम खान उर्फ नसीम खान बंधवा टोला क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश पर उसे कटनी जिला जेल भेज दिया गया है।
हाथरस में कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से आज शाम 6 बजे से लेकर सात बजे तक जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ हाथरस-कासगंज (मथुरा-बरेली) राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने हाथरस बाईपास (रुहेरी कट) से कासगंज जनपद की सीमा तक विभिन्न स्थलों का दौरा किया। उन्होंने सलेमपुर, रती का नगला, पंत चौराहा, सिकंदराराऊ बाईपास, फायर स्टेशन सिकंदराराऊ और अगसौली सहित प्रमुख स्थानों तथा प्रस्तावित शिविर स्थलों का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने एनएचएआई के अधिकारियों को जहां आवश्यक हो, वहां रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्ग पर क्षतिग्रस्त अथवा मरम्मत योग्य स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल ठीक कराने के भी निर्देश दिए, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पृथक लेन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उनकी आवाजाही सुरक्षित एवं सुगम बनी रहे और सामान्य यातायात भी बाधित न हो। जिलाधिकारी ने पंत चौराहा, सिकंदराराऊ बाईपास एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाने तथा पंत चौराहा एवं कांवड़ मार्गों पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक शिविर में पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, डस्टबिन, चिकित्सा सुविधा, मेडिकल किट एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही विद्युत सुरक्षा के दृष्टिगत विद्युत पोलों को आवश्यकतानुसार पॉलिथीन से कवर कराने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं तथा प्रत्येक व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियंता विद्युत, एनएचएआई के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जोधपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सत्येंद्र सिंह ने सोमवार को फलोदी जिले का दौरा कर पुलिस व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। दौरे के दौरान उन्होंने वृत्त कार्यालय और पुलिस थाना फलोदी का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण, मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए आवश्यक निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ब्रजराज सिंह चारण ने बताया कि आईजी सत्येंद्र सिंह ने फलोदी, नोख, जांबा, बाप, चाखू और महिला थाना प्रभारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में एससी-एसटी अत्याचार, महिला उत्पीड़न और अन्य संवेदनशील मामलों का निर्धारित समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय की ओर से संचालित विशेष अभियानों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण में रिकॉर्ड संधारण और अनुशासन पर दिया जोर पुलिस थाना फलोदी के निरीक्षण के दौरान आईजी ने रिकॉर्ड संधारण, कार्यालयी व्यवस्था और पुलिस अनुशासन का जायजा लिया। उन्होंने परिवादियों की शिकायतों की संवेदनशीलता के साथ सुनवाई करने और मुकदमों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। दौरे के दौरान आईजी ने कलेक्ट्रेट सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर, पुलिस अधिकारियों तथा सौर ऊर्जा, नमक और अन्य औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में बढ़ती चोरी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से अवगत कराया। चोरी रोकने के लिए विशेष टीमें, गश्त और सीसीटीवी पर जोर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए आईजी सत्येंद्र सिंह ने विशेष पुलिस टीमें गठित करने, संयुक्त गश्त बढ़ाने, प्रभावी नाकाबंदी करने और स्क्रैप कारोबारियों की निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने आदतन अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, सुरक्षा कर्मियों का अनिवार्य सत्यापन कराने, प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और आवश्यकता अनुसार नई पुलिस चौकियां स्थापित करने पर भी जोर दिया। औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षित माहौल पुलिस की प्राथमिकता आईजी सत्येंद्र सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस हर जरूरी कदम उठाएगी।
आदिवासी समाज से जुड़े मामलों में कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को राजगढ़ जिला मुख्यालय पर भील-भिलाला समाज ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। जिलेभर से आए समाजजन ब्यावरा नाका स्थित मंगल भवन से डीजे और बैनर-झंडों के साथ रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां मुख्य गेट के बाहर धरना देकर करीब डेढ़ घंटे तक नारेबाजी की। इस दौरान कुछ युवक कलेक्ट्रेट गेट के बाहर बने कमरे की छत पर भी चढ़ गए। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने में जुटे रहे। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि जिले में आदिवासी समाज से जुड़े कई मामलों में शिकायतें देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। इसी के विरोध में कलेक्टर को जनसमस्याओं और एसपी को आदिवासियों पर कथित अत्याचार से जुड़े मामलों का अलग-अलग ज्ञापन सौंपा गया। प्रमाण-पत्र सत्यापन से लेकर जमीन पर कब्जे तक उठाए मुद्देकलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में समाज ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जनजाति प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के नाम पर वास्तविक आदिवासी परिवारों को अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। इसके अलावा आदिवासियों को आवंटित शासकीय जमीनों पर अतिक्रमण, देवझिरी क्षेत्र के भूमि विवाद, खेजड़खो गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में जर्जर कुएं और जलभराव जैसी समस्याओं के समाधान की मांग भी उठाई गई। एसपी को सौंपे ज्ञापन में हमलों की जांच की मांगपुलिस अधीक्षक को दिए ज्ञापन में समाज ने पड़ोनिया, काशीखेड़ी और आंखखेड़ी (बोड़ा क्षेत्र) में आदिवासी परिवारों पर हुए कथित हमलों का उल्लेख किया। समाज का आरोप है कि इन घटनाओं में मारपीट, महिलाओं के साथ अभद्रता और घरों में तोड़फोड़ हुई, लेकिन आरोपियों पर अपेक्षित सख्त कार्रवाई नहीं हुई। कुछ मामलों में पीड़ितों पर ही प्रकरण दर्ज कर दिए गए। समाज ने निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और कथित रूप से गलत दर्ज एफआईआर की समीक्षा की मांग की। कलेक्टर और एसपी पहुंचे, तब खत्म हुआ धरनाप्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम निधि भारद्वाज, एडीएम प्रताप चौहान, एएसपी केएल बंजारे और एसडीओपी अरविंद सिंह सहित प्रशासन व पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ज्ञापन लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन समाज के लोग कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से सीधे चर्चा करने की मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक समझाइश का दौर चलता रहा, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा। करीब एक घंटे बाद कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा और एसपी अमित तोलानी कलेक्ट्रेट पहुंचे। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने दोनों अधिकारियों के सामने एक-एक कर अपनी शिकायतें और मांगें रखीं। अधिकारियों ने सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद समाज के पदाधिकारियों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। देखिए तस्वीरें…
बालाघाट में बहुचर्चित डबल मनी मामले में पुलिस ने सोमवार को 113 निवेशकों के नाम मीडिया को जारी किए हैं। इन निवेशकों में बालाघाट जिले के लांजी, बालाघाट सहित अन्य क्षेत्रों के अलावा छत्तीसगढ़ के भिलाई, धमतरी और मध्य प्रदेश के उज्जैन व सिवनी के लोग शामिल हैं। ये निवेशक डबल मनी के लालच में फंस गए थे। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह जानकारी नहीं दी है कि प्रत्येक निवेशक ने कितनी राशि का निवेश किया था। पुलिस का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया के बाद जब्त की गई नकदी और संपत्ति की कुर्की से प्राप्त राशि से निवेशकों को उनका पैसा वापस दिलाना है। पुलिस ने सभी 113 निवेशकों से अपील की है कि वे 28 और 29 जुलाई को सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक बालाघाट एसपी कार्यालय में अपने आवेदन जमा करें। आवेदनों के लिए एक निर्धारित प्रारूप जारी किया गया है। निवेशकों को अपने आवेदन के साथ चेक नंबर, बैंक खाता नंबर, बैंक का नाम, डबल मनी की राशि, निवेश की मूल राशि, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, आरोपियों द्वारा दिए गए चेक और ऑनलाइन भुगतान के दस्तावेज संलग्न करने होंगे। मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने बताया कि इन दस्तावेजों के आधार पर निवेशकों की सुनवाई की जाएगी, ताकि न्यायालय के निर्देशानुसार उन्हें उनकी राशि वापस मिल सके। इनको किया है पुलिस ने गिरफ्तार इस मामले में सभी आठ मुख्य आरोपी - सोमेंद्र कंकरायाने, तामेश मंसूरे, राकेश मंसूरे, प्रदीप कंकरायाने, दिनेश कंकरायाने, रामप्रसाद मंसूरे, प्रदुम कंकरायाने और रुखचंद हरदे - फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं। इन्हें 2022 से फरार होने के बाद 20 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।
तेज रफ्तार लोडर ने स्कूटी को मारी टक्कर:युवक की मौत, दो बहनों के सिर से उठा इकलौते भाई का साया
हरदोई के पाली थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम करीब 7:00 बजे एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार युवक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक के माता-पिता का पहले ही मौत हो चुकी थी मृतक की पहचान कस्बा पाली के मोहल्ला काजी सराय उत्तरी निवासी बबलू पुत्र स्व. सफी अहमद के रूप में हुई है। वह अपने साथी इशरत पुत्र साबिर अली के साथ सोमवार की दोपहर किसी काम से शाहाबाद गए थे। देर शाम को लौटते समय गोपालपुर के निकट पाली की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार लोडर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बबलू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि इशरत गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद लोडर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाली भिजवाया। वहां चिकित्सकों ने बबलू को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल इशरत को प्राथमिक इलाज के बाद हरदोई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, बबलू अपनी दो बहनों का इकलौता भाई था। वह कस्बे के बरगद तिराहे के पास एक जूते के कारखाने में काम करके परिवार का गुजारा करता था। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल लोडर को कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है।
सीकर शहर में दिनभर धरना, विरोध-प्रदर्शन और ज्ञापन का दौर चला। प्राइवेट स्कूलों के प्रदेशस्तरीय आह्वान पर 28 जुलाई को प्रस्तावित सामूहिक हड़ताल अब स्थगित हो गई है। इसे लेकर प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स का डेलीगेशन सोमवार को जिला कलेक्टर से मिला। वहीं, सीकर के ऑटो रिक्शा चालकों और टैक्सी ड्राइवर्स ने नए ऑटो स्टैंड बनाने, अवैध वसूली रोकने और सड़कों की मरम्मत करवाने की मांग की है। इसी तरह आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने धरना दिया। उन्होंने कहा- अब वे दूसरे विभागों के काम नहीं करेंगी और ऑफलाइन सेनेटरी नेपकिन नहीं बांटेंगी। वहीं, रोडवेज कर्मचारियों ने बीकानेर में रोडवेज कंडक्टर के साथ हुई मारपीट का विरोध जताया है। निजी स्कूलों की हड़ताल स्थगित प्राइवेट स्कूल यूनियन के डॉ. बलवंत सिंह चिराना ने बताया- 14 सूत्रीय मांगों को लेकर प्राइवेट स्कूलों की ओर से 28 जुलाई को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया था। वहीं सरकार ने सोमवार को पॉजिटिव रुख अपनाया। जिला कलेक्टर से मुलाकात के बाद 28 जुलाई की प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। यदि 15 दिन में प्राइवेट स्कूल संचालकों की मांगे पूरी नहीं हुई तो प्रदेश की प्राइवेट स्कूलें बंद रखने का निर्णय लिया जा सकता है। यूनियन के जिलाध्यक्ष बीएल रणवां ने बताया- शिक्षा संबलन एप की जांच स्थगित करने और RTE का बकाया भुगतान करने संबंधी कुल 14 मांगों पर अब सरकार ने पॉजिटिव रुख दिखाया है। आंगनबाड़ी ने शुरू किया धरना आंगनबाड़ी-सहायिका सीटू यूनियन जिलाध्यक्ष विमला देवी ने बताया- विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर सोमवार से धरना शुरू किया है। सभी आंगनबाड़ी कार्मिकों ने फैसला लिया कि दूसरे विभागों के काम नहीं करेंगे। ऑनलाइन-ऑफलाइन सेनेटरी नैपकिन (पेड्स) नहीं बांटेंगे। आंगनबाड़ी कार्मिकों ने मोबाइल और रिचार्ज की समस्या के समाधान की मांग की है। ऑटो-रिक्शा यूनियन ने मांगों को लेकर निकाली रैली ऑटो-रिक्शा यूनियन के जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्रा ने बताया- रैली निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन के जरिए नए ऑटो स्टैंड बनाने, ऑटो की फिटनेस को लेकर वसूली रोकने, ऑटो चालकों की फिटनेस RTO ऑफिस में चालू करवाने, पुराने ऑटो स्टैंड्स पर पानी और बैठने की व्यवस्था करने, SK स्कूल गेट और जनाना हॉस्पिटल गेट के पास ऑटो स्टैंड बनाने तथा ट्रैफिक मैनेजमेंट कमेटी के 2016 के अनुसार तय हुए स्टैंड से ही प्राइवेट सिटी बसें चलाने की मांग की है। प्राइवेट बस ऑपरेटर्स को गिरफ्तार करने की मांग राजस्थान रोडवेज वर्कर्स यूनियन सीटू के सीकर डिपो सेक्रेटरी अशोक मील ने बताया- बीकानेर के रायसिंह नगर में रोडवेज कंडक्टर से मारपीट का विरोध जताया गया। रोडवेज कार्मिकों ने आरोपी प्राइवेट बस ऑपरेटर्स को गिरफ्तार करने की मांग की। वहीं, सीटू के प्रदेश महासचिव श्योनाराम शेषमा ने कहा- रोडवेज के ड्राइवर-कंडक्टर से इसी तरह मारपीट की वारदातें होती रहेंगी तो ड्यूटी करना ही बंद कर देंगे। सीकर में भी रोजाना टकराव की स्थिति बन रही है। बजरंग कांटा तिराहे पर प्राइवेट बसों ने अवैध स्टैंड शुरू कर दिया है। सीटू से जुड़े कर्मचारियों ने कंडक्टर से मारपीट के आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार करने और सीकर में प्राइवेट बसों के अवैध स्टैंड पर लगाम लगाने की मांग की है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के निःशुल्क अन्न क्षेत्र में श्रद्धालुओं को अब तक दाल, चावल, रोटी-सब्जी के साथ मीठा खाने को मिलता था। अब मंदिर समिति पहली बार देश भर से आए भक्तों के लिए दक्षिण भारतीय व्यंजन सांभर, इडली, स्टीम चावल, मौसमी सब्जी, पोंगल के साथ पुलिहोरा, पायसम रसम, मौसमी सब्जी, स्टीम चावल भी खिलाने जा रही है। मंदिर समिति का अन्न क्षेत्र पूरी तरह दान से संचालित होता है। यहां रोजाना दो शिफ्ट में करीब 9 हजार श्रद्धालु भोजन प्रसादी ग्रहण करते हैं। भगवान महाकालेश्वर को रोजाना सुबह 10 बजे भोग अर्पित किया जाता है। थाली में गेहूं की रोटी, दाल-चावल और दो तरह की सब्जियां रहती थी। सप्ताह में दो दिन निर्धारित किए गएकई बार श्रद्धालु अपनी ओर से मिठाई अर्पित करते हैं, उसे भी भोग थाली में शामिल किया जाता है। महाकाल मंदिर समिति निःशुल्क अन्नक्षेत्र में मंगलवार से दक्षिण भारतीय पारंपरिक प्रसाद भी मिलने लगेगा। इसके लिए दो दिन निर्धारित किए हैं। देश भर से दर्शन करने आने वाले भक्तों के लिए अब प्रति मंगलवार सांभर, इडली, स्टीम चावल, मौसमी सब्जी, पोंगल और प्रत्येक शुक्रवार पुलिहोरा, पायसम, रसम, मौसमी सब्जी, स्टीम चावल प्रसादी के रूप में खाने को मिल सकेगा।
सोनीपत पुलिस लाइन में आज एक जनरल परेड का आयोजन किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) राजदीप मोर ने इस परेड का निरीक्षण किया, जिसमें जिला पुलिस के जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। निरीक्षण के दौरान, सहायक पुलिस आयुक्त राजदीप मोर ने परेड में शामिल पुलिसकर्मियों की वर्दी, अनुशासन और कार्यकुशलता का बारीकी से अवलोकन किया। इसके उपरांत, उन्होंने पुलिस लाइन परिसर में स्थित विभिन्न शाखाओं और कार्यालयों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उनके रख-रखाव, अभिलेखों तथा कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। साथ ही, पुलिस लाइन परिसर में खड़े सरकारी वाहनों की भी जांच की गई। उनके रख-रखाव, साफ-सफाई और तकनीकी स्थिति का निरीक्षण करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। परेड के दौरान, पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करने तथा पुलिस विभाग की गरिमा बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। सहायक पुलिस आयुक्त राजदीप मोर ने पुलिसकर्मियों को अनुशासन, समयबद्धता, शारीरिक दक्षता और जनसेवा के प्रति समर्पण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जोर दिया कि पुलिस बल की कार्यक्षमता, अनुशासन और पेशेवर दक्षता को बनाए रखने के लिए नियमित परेड और निरीक्षण अत्यंत आवश्यक हैं।
संतकबीरनगर डीएम आलोक कुमार ने प्रभारी मंत्री श्रीमती विजयलक्ष्मी गौतम की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक से बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले 18 अधिकारियों का जुलाई माह का वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराने पर प्रतिकूल प्रविष्टि देने की भी चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई को प्रभारी मंत्री के जनपद भ्रमण के दौरान दोपहर 1 बजे जनपदीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के लिए मुख्य विकास अधिकारी की ओर से मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम भी जारी किया गया था। प्रशासन के अनुसार, प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थिति अनिवार्य होती है। बैठक में जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहते हैं और विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों की समीक्षा कर क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान किया जाता है। जिलाधिकारी ने बताया कि यदि किसी अधिकारी को बैठक में अनुपस्थित रहना हो तो इसके लिए पूर्व में उनकी अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति अनुपस्थित रहने और जनपद से बाहर रहने के कारण कई विभागीय मामलों की समुचित समीक्षा नहीं हो सकी, जिस पर प्रभारी मंत्री ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को भविष्य के लिए सचेत किया। इसी को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों का जुलाई माह का वेतन अगले आदेश तक रोकने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि सहित अन्य विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। इन अधिकारियों का वेतन रोका गया वेतन अवरुद्ध किए जाने वाले अधिकारियों में अधिशासी अभियंता (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग), अधिशासी अभियंता (जल निगम, ग्रामीण), अधिशासी अभियंता (जल निगम, शहरी), अधिशासी अभियंता (बाढ़ खंड), अधिशासी अभियंता (सरयू नहर), अधिशासी अभियंता (ड्रेनेज खंड-2), अधिशासी अभियंता (सेतु निगम), अधिशासी अभियंता (विद्युत, खलीलाबाद), अधिशासी अभियंता (मेंहदावल), मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (मत्स्य), पर्यटन अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला दुग्ध विकास अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी, प्रधानाचार्य आईटीआई, प्रबंधक कौशल विकास तथा सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता शामिल हैं।
अयोध्या में अपहरण के बाद हत्या करने के करीब छह साल पुराने मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश-4/ईसी एक्ट की अदालत ने दोनों दोषियों पर 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला थाना महाराजगंज क्षेत्र का है। वर्ष 2020 में इस मामले में अपहरण, हत्या, साक्ष्य मिटाने और साझा आपराधिक आशय की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपियों ने वादी के पिता का पहले अपहरण किया, फिर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने की भी कोशिश की गई। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाई सजा विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के सामने पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों दोषियों पर जुर्माना भी सजा पाने वालों में महेश वर्मा निवासी दहलवा अमासिन, थाना गोसाईगंज और रमेश कुमार निषाद निवासी मूडाडीह, थाना महाराजगंज शामिल हैं। अदालत ने दोनों को आजीवन सश्रम कारावास के साथ 22-22 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। प्रभावी पैरवी से मिली सजा अयोध्या पुलिस ने बताया कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी लगातार की जा रही है। इस मामले में विवेचक उपनिरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह, लोक अभियोजक राहुल सिंह, पैरोकार हेड कांस्टेबल बृजेश यादव, कांस्टेबल श्रीनाथ, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल राहुल कुमार और मॉनीटरिंग सेल की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को कानपुर मंडल की पर्यटन और संस्कृति विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में साल 2026-27 की कार्ययोजना के तहत करीब 31.80 करोड़ की लागत वाली 25 पर्यटन विकास परियोजनाओं पर चर्चा हुई। मंत्री जयवीर सिंह ने दावा किया कि साल 2017 तक यूपी में प्रति वर्ष महज 23 करोड़ पर्यटक आते थे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनने के बाद प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार अब प्रदेश में हर साल करीब 165 करोड़ पर्यटक पहुंच रहे हैं। कानपुर नगर के लिए सात परियोजनाएं प्रस्तावित बैठक में परियोजनाओं का लाभ कानपुर मंडल के छह जिलों कानपुर नगर, कानपुर देहात, कन्नौज, फर्रुखाबाद, इटावा और औरैया को मिलेगा। सबसे अधिक सात परियोजनाएं कानपुर नगर के लिए प्रस्तावित की गई हैं। इसके अलावा इटावा और कानपुर देहात में पांच-पांच, कन्नौज और फर्रुखाबाद में तीन-तीन समेत औरैया में दो परियोजनाएं शामिल हैं। परियोजनाओं को नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों को सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि स्थानीय विरासत, संस्कृति और धार्मिक पहचान को भी संरक्षित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने एक करोड़ रुपये तक की लागत वाली सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को नवंबर तक पूरा करने के निर्देश भी दिए। कानपुर नगर और इटावा के मंदिरों का रखा प्रस्ताव कानपुर नगर में बिठूर के ज्वाला देवी मंदिर, बिल्हौर के शंखुला देवी मंदिर, कल्याणपुर के भूतेश्वर महादेव मंदिर और घाटमपुर के मां फूलमती मंदिर समेत अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन सुविधाओं से विकसित करने की योजना बनाई गई है। वहीं इटावा में गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब, श्री मां सती मंदिर और बलवंतेश्वर महादेव मंदिर के विकास का प्रस्ताव रखा गया। मंदिरों के विकास की बनाई योजना जबकि कानपुर देहात में रसूलाबाद के श्री हनुमान धाम मंदिर, अकबरपुर-रनियां स्थित मां परहुल देवी मंदिर और सिकंदरा के शिव बागेश्वर मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाने की तैयारी है। इसके अलावा कन्नौज में छिबरामऊ के प्राचीन शंकर मंदिर, तिर्वा के सिद्धपीठ डोलेश्वरनाथ शिव मंदिर और मां शीतला देवी मंदिर के विकास की योजना बनाई गई है। पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव फर्रुखाबाद में कायमगंज के प्राचीन शिव मंदिर, अमृतपुर के श्री सीताराम ठाकुरद्वारा मंदिर और भोजपुर के श्री राम जानकी मंदिर में पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं औरैया में राम जानकी मंदिर के विकास और दिबियापुर में जिला पर्यटन कार्यालय स्थापित करने की योजना दी गई। संस्कृति विभाग ने भी तीन प्रस्ताव रखे बैठक में संस्कृति विभाग ने भी तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। इनमें कमालगंज नगर पंचायत के रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण एवं पुनर्विकास, फर्रुखाबाद में संग्रहालय की स्थापना समेत कन्नौज में बाल संग्रहालय बनाने की योजना शामिल है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ शैक्षिक पर्यटन को भी बढ़ावा देना है। अधिकारियों ने बताया कि फर्रुखाबाद के आजाद नगर स्थित रामलीला मैदान में करीब 79.73 लाख की लागत से टिन शेड का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि औरैया में लगभग 14.10 करोड़ की लागत से ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य जारी है। ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए फर्रुखाबाद के दफरपुर वेटलैंड के पास करीब 4 करोड़ की परियोजना की भी समीक्षा की गई। सांसद रमेश अवस्थी ने रखे तीन बड़े प्रस्ताव कानपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद रमेश अवस्थी की ओर से उनके प्रतिनिधि उपेंद्र शुक्ला और दीपक शुक्ला ने बैठक में तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव सौंपे। उन्होंने फूलबाग के पास 'तीन मूर्ति सद्भाव चौक' बनाने का प्रस्ताव रखा। इसमें अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी, मौलाना हसरत मोहानी और ध्वज गीत 'विजयी विश्व तिरंगा प्यारा' के रचयिता पंडित श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' की प्रतिमाएं स्थापित करने की मांग की। इसके अलावा 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक अमर शहीद गंगू वाल्मीकि की शहादत स्थल चुन्नीगंज में विशाल प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी दिया गया। तीसरे प्रस्ताव में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की कानपुर के किसी प्रमुख स्थल पर भव्य प्रतिमा स्थापित करने का अनुरोध किया गया।
टोंक में महिला सुरक्षा संकल्प एवं साइबर जागरूकता अभियान के तहत सोमवार को एएसपी (पुलिस सतर्कता शाखा) मिताली गर्ग ने शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। उन्होंने छात्राओं को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, क्यूआर कोड धोखाधड़ी, ऑनलाइन निवेश ठगी और सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपाय विस्तार से बताए गए। साथ ही किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या आपात स्थिति में बिना घबराए तत्काल पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई। पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देश और एसपी रोशन मीना (आईपीएस) के निर्देशन में संचालित अभियान के तहत सेंट सोल्जर स्कूल, टोंक में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सहभागिता से जागरूकता रैली निकाली गई। एएसपी मिताली गर्ग ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली के माध्यम से महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर एएसआई अंजली, हेड कॉन्स्टेबल बीना चौधरी सहित महिला शक्ति टीम ने बालिकाओं को महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और कानूनी अधिकारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां दीं। इससे पूर्व न्यू स्कूल, टोंक में आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), पॉक्सो अधिनियम, घरेलू हिंसा अधिनियम और कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम से जुड़े कानूनों की जानकारी दी गई। एएसपी मिताली गर्ग ने छात्राओं को 112 आपातकालीन सेवा, महिला हेल्पलाइन 1090 और साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी देते हुए इनके प्रभावी उपयोग के बारे में भी जागरूक किया। इसके अलावा सेल्फ डिफेंस के व्यावहारिक उपाय, आपात स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
गोंडा के परसपुर थाने में रविवार देर रात सड़क हादसे में दीपक कुमार (22) की मौत हो गई थी। सोमवार देर शाम 6:30 बजे शव घर पहुंचने के बाद परिवार के लोग उसे लेकर परसपुर थाने पहुंचे। उन्होंने पिकअप गाड़ी के बोनट पर शव रखकर ट्रैक्टर चालक की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर 2 घंटे तक लगातार जमकर विरोध प्रदर्शन किया है। परिजनों ने थाना अध्यक्ष के खिलाफ भी नारेबाजी की और लगभग दो घंटे तक प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान उन्होंने ट्रैक्टर चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की, जिससे थाने के बाहर तनाव का माहौल बन गया। सीओ मौके पर पहुंचे, कार्रवाई का आश्वासन दियाविरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही करनैलगंज के सीओ आनंद राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद तत्काल ट्रैक्टर चालक राजू सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और एफआईआर की कॉपी परिजनों को सौंपी गई। सीओ ने आरोपी की गिरफ्तारी का भी आश्वासन दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद परिवार के लोगों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। वे थाने के गेट पर गाड़ी के बोनट पर रखे शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने घर ले गए। ट्रैक्टर की चपेट में आया था युवकपरसपुर थाने में दर्ज मुकदमे में पीड़ित पिता राम सिंह ने बताया कि उनका बेटा दीपक कुमार 26 जुलाई की रात करीब 9 बजे परसपुर से कुछ सामान लेने गया था। बाजार से लौटते समय रास्ते में जेसीबी से मिट्टी खोदकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से सड़क पर मिट्टी गिराई जा रही थी। दीपक अपनी साइड से घर वापस आ रहा था, तभी ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने लापरवाही से ट्रॉली को पीछे करते हुए उसे तेजी से टक्कर मार दी। राम सिंह ने आगे बताया कि टक्कर लगने के बाद दीपक को तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया गया। कुछ घंटों बाद 108 एंबुलेंस से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आरोपी घटना स्थल से अपने संसाधन लेकर फरार हो गए। पुलिस बोली- जांच की जा रही हैसीओ करनैलगंज आनंद राय ने बताया कि ट्रैक्टर चालक राजू सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। परिजन अपना धरना खत्म करके अंतिम संस्कार के लिए बॉडी को अपने घर पर लेकर के गए हुए हैं। जांच में जो भी निकाल कर आएगा उसके आधार पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी बिंदुओं पर परसपुर थाने की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर भी जांच की जा रही है। परिजनों की मांग थी कि ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज की गिरफ्तारी की जाए उनकी मांग मान ली गई है।
कोटा में जमीनों की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) ने बड़ा फैसला लिया है। अब जमीन की बिक्री के लिए अलग से सेल परमिशन लेने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे लोगों की फाइलें केडीए में लंबित नहीं रहेंगी। बैठक में लिए गए इस निर्णय से संपत्ति खरीदने और बेचने वालों को बड़ी राहत मिलने के साथ ही प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज और आसान होने की उम्मीद है। दरअसल, अब जमीनों और मकानों की खरीद-बिक्री के लिए बार-बार प्राधिकरण के चक्कर काटने और सेल परमिशन के नाम पर दफ्तरों में फाइल अटकने की परेशानी से निजात मिल सकेगी। सोमवार को संभागीय आयुक्त एवं केडीए अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित विकास प्राधिकरण की 7वीं बैठक में प्रक्रियाओं के सरलीकरण और आमजन को राहत देने के उद्देश्य से सेल परमिशन व्यवस्था को स्थायी रूप से समाप्त करने का निर्णय लिया गया। केडीए अध्यक्ष ने लंबे समय से अटके मामलों को निपटाने के दिए निर्देश अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल ने लंबे समय से अटके पड़े लीज डीड और विक्रय स्वीकृति के मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के सख्त निर्देश दिए। साथ ही कोटा में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण की तर्ज पर जल्द से जल्द ई-पट्टा प्रणाली शुरू करने को कहा गया है। बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि जिन योजनाओं में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं तक नहीं मिली हैं, वहां नियमानुसार कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को हरी झंडी बैठक में चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट को अनुमोदित किया गया, जिसमें शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और सौंदर्यीकरण पर मुख्य फोकस रहेगा। साथ ही प्रमुख प्रोजेक्ट मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर, सड़क चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण, कुन्हाड़ी क्षेत्र का कायाकल्प, भूमि अधिग्रहण व मुआवजा को भी मंजूरीदी गई है। आयुक्त ने अधिकारियों को दिए दिशा निर्देश आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान संपर्क, सीएमओ, पीएमओ और शहरी सेवा शिविरों से जुड़ी जनसमस्याओं का समय से निस्तारण किया जाए। इसके अलावा निविदा कार्मिकों के मानदेय निर्धारण का प्रस्ताव जल्द ही नगरीय विकास विभाग को भेजने पर सहमति बनी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मौलाना अली जौहर ट्रस्ट व अन्य की याचिका पर हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए निस्तारित कर दिया। कोर्ट ने कहा किसी बाहरी व्यक्ति को ट्रस्ट की तरफ से याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने पारित किया। मोहम्मद यूसुफ , जो पेशे से व्यवसायी हैं और उन्हें मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के पैरोकार के तौर पर नियुक्त किया गया था, उसने याचिका दायर की थी। याचिका में विश्वविद्यालय/ट्रस्ट के खिलाफ जारी किसी नोटिस को चुनौती दी गई थी। प्रदेश के अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने आपत्ति की कि विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व हमेशा उसके रजिस्ट्रार या संबंधित अधिकारी के जरिए ही होना चाहिए, और कोई अजनबी विश्वविद्यालय की ओर से याचिका दाखिल नहीं कर सकता। कोर्ट ने इस आपत्ति में दम पाया और कहा कि इस आधार पर याचिका खारिज भी की जा सकती थी। बावजूद इसके, अदालत ने न्याय हित को ध्यान में रखते हुए एक व्यावहारिक रास्ता निकाला। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ट्रस्ट/यूनिवर्सिटी के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए यह जरूरी है कि संबंधित विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार या ट्रस्ट के मैनेजर यदि नोटिस पर आपत्ति दाखिल करते हैं जिसमें क्षेत्राधिकार का मुद्दा भी शामिल है ,पर नियमानुसार विचार किया जाय। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पक्षों को सुनने के बाद राज्य प्राधिकारी सबसे पहले क्षेत्राधिकार के मुद्दे पर शीघ्रता से विचार करेगा। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एच.एन. सिंह सहयोगी: विनीत कुमार सिंह पेश हुए।

