40वें से 21वें स्थान पर पहुंचा उदयपुर; वर्कबुक में फुल' तो रिजल्ट में जीरो'
उदयपुर| राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने मार्च 2026 की स्टेट डिस्ट्रिक्ट रैंकिंग जारी कर दी है। इस बार रैंकिंग में लेकसिटी (उदयपुर) के लिए बड़ी राहत की खबर है। पिछली बार जहां उदयपुर 11 स्थान फिसलकर सीधे 40वें नंबर पर पहुंच गया था, वहीं इस बार जिले के प्रदर्शन में बड़ा सुधार देखने को मिला है। प्रदेश के कुल 41 जिलों की इस सूची में उदयपुर अब 27 के स्कोर के साथ छलांग लगाकर 21वें स्थान पर आ गया है। शिक्षा विभाग द्वारा तय किए गए विभिन्न मापदंडों (पैरामीटर्स) में उदयपुर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। कुछ क्षेत्रों में जिले ने शानदार काम किया, तो वहीं कई महत्वपूर्ण मापदंडों में जिले का खाता तक नहीं खुला और उसे शून्य अंकों से संतोष करना पड़ा। इन मापदंडों में मिले अंक- टेक्स्टबुक और वर्कबुक करेक्शन में उदयपुर ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 5 में से पूरे 5 अंक हासिल किए हैं। .41वां स्थान: नागौर - 19.00 .40वां स्थान: बारां - 19.00 .39वां स्थान: सिरोही- 20.00 .38वां स्थान: जोधपुर - 22.00 .37वां स्थान: प्रतापगढ़ - 22.00 रैंकिंग के सुधार के बावजूद कई महत्वपूर्ण मापदंडों में उदयपुर का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। छात्र उपस्थिति (स्टूडेंट अटेंडेंस) के निर्धारित 10 अंकों में से जिले को 0 अंक मिले। इसके अलावा बोर्ड रिजल्ट और सीबीए (सीबीए) रिजल्ट के 7 अंकों में भी जिला शून्य पर रहा। इसी तरह 'मिशन स्टार्ट' के 5 अंकों और 'शिक्षक एप एंगेजमेंट' के लिए तय 15 अंकों में भी उदयपुर को 0 अंक ही मिले हैं। ^ विभाग लगातार बेहतर करने के लिए प्रयासरत है। इस बार जिला रैंक में बड़ा सुधार हुआ है, जल्द ही इसमें हम प्रयास कर और बेहतर पायदान पर पहुंचेंगे। - प्रतिभा गुप्ता, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी उदयपुर करौली - 51.00 .डूंगरपुर - 42.00 . सवाई माधोपुर - 39.00 . हनुमानगढ़ - 34.00 . झुंझुनू - 32.00 स्कूलों में शौचालय व पानी की उपलब्धता (टॉयलेट व वाटर एवलेबिलिटी) में जिले को 10 में से 5 अंक प्राप्त हुए हैं। इसी तरह विजिट टारगेट में 15 में से 5 अंक मिले हैं। एबीएल किट उपयोग में 3 में से 1 अंक, होमवर्क में 3 में से 1 अंक और ओआरएफ रिजल्ट में 7 में से 1 अंक हासिल किया गया है।
हीरामंडी को लेकर संजय लीला भंसाली ने खोले ये राज़
संजय लीला भंसाली की बहुप्रतीक्षित सीरीज़ हीरामंडी नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हो गई है, जिसमें सोनाक्षी सिन्हा, अदिति राव हैदरी, और मनीषा कोईराला जैसे सितारों की कास्ट शामिल है। इस श्रृंखला ने काफी ध्यान आकर्षित किया है, हालांकि भंसाली ने खुलासा किया कि उनकी प्रारंभिक कास्टिंग विकल्प फाइनल कास्ट से अलग थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने मूल रूप से हीरामंडी को रेखा, करीना कपूर और रानी मुखर्जी के साथ एक फिल्म के रूप में देखा था। हालांकि, स्टोरी के बड़े होनेके कारण इसे फिल्म के बजाय एक सीरीज़ में बदल दिया गया। भंसाली ने बताया कि वह पिछले 18 वर्षों से हीरामंडी के कॉसेप्ट पर काम कर रहे थे। श्रृंखला स्वतंत्रता से पहले के लाहौर में स्थित हीरा मंडी जिले में दरबारऔर नवाबों पर है। शुरू में, कास्टिंग ने वर्षों में कई बदलावों का सामना किया, जिसमें माहिरा खान, इमरान अब्बास, और फवाद खान जैसे नाम विभिन्न समयों पर विचार किए गए। अंततः, प्रोडक्शन ने एक नई कास्ट पर फैसला किया । हीरामंडी एक पीरियड ड्रामा है जिसका निर्देशन संजय लीला भंसाली और मिताक्षरा कुमार ने किया है। कहानी लाहौर के हीरा मंडी जिले में तवायफों के जीवन पर है, फिल्म की कहानीब्रिटिशकाल के दौरान की कहानी है, जहां एक वैश्यालय की महिलाएं आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों से लड़ रही होती हैं।। प्रमुख अभिनेताओं के साथ, श्रृंखला में मनीषा कोईराला, ऋचा चड्ढा, संजीदा शेख, महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। फरदीन खान, शेखर सुमन और अध्ययन सुमन भी नवाबों की भूमिका में हैं। जियो फाइबर को कड़ी टक्कर दे रहा है एयरटेल एक्सट्रीम फाइबर, जानिए सभी फ्री ओटीटी प्लान्स की लिस्ट ₹10,000 से कम में मिलेंगे ये 5 बेहतरीन स्मार्ट टीवी, पूरा दिन देखने का मन करेगा जियो सिनेमा के दो नए प्रीमियम प्लान लॉन्च, सिर्फ ₹29 में मिलेंगे इतने फायदे

