मुद्दा: मानसून का बदलना अब एक स्थायी संकट, जलवायु परिवर्तन की कहानी भी छिपी
मुद्दा:मानसून का बदलना अब एक स्थायी संकट,जलवायु परिवर्तन की कहानी भी छिपी
Mental Strength: दूसरों की नजरों से खुद को देखना छोड़िए, कमियों और खूबियों को स्वयं पहचानना क्यों जरूरी?
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
Parliament Monsoon Session: संसद चलती रहे, सवाल भी उठें और सरकार जवाब भी दे; आखिर लोकतंत्र में गतिरोध कब तक?
गीतों के राज कुमार गोपाल सिंह नेपाली के ११६वें जन्मदिन (११ अगस्त) पर विशेष
सुप्रसिद्ध कवि, लेखक और पत्रकार स्व. गोपाल सिंह नेपाली का आज जन्म दिन है। आज ११ अगस्त १९११ के दिन बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया में उनका जन्म हुआ था।चूंकि उनका जन्म जन्माष्टमी के दिन हुआ था इसलिए पिता रेल बहादुर ने इनका नाम गोपाल रखा, गोपाल बहादुर सिंह। बाद में इन्होंने अपना ... Read more
ललित सुरजन की कलम से देशबन्धु : चौथा खंभा बनने से इंकार- 24
'यह एक अटपटी सच्चाई है कि दिग्विजय सिंह एक ओर जहां नौकरशाहों के सहारे प्रदेश चला रहे थे;
शाह से जवाबदेही की मांग की बाढ़ में बहा मानसून सत्र
हैरानी की बात नहीं है कि संसद के मानसून सत्र का तीसरा और आखिरी सप्ताह भी गतिरोध पर ही खत्म होने की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
जंतर मंतर के बाद रांची में लाठीचार्ज: झारखंड के छात्र आंदोलन पर पुलिस की सख्ती, CM हेमंत की अगली रणनीति क्या?
जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप
यूरोप में जो लोग समझते थे कि जलवायु परिवर्तन भविष्य की पीढ़ियों के लिए समस्या है उन्हें इस बार की गर्मियों ने सच्चाई बता दी है. जलवायु परिवर्तन के महंगे और जीवन बदलने वाले आर्थिक नतीजे यूरोप को अपनी चपेट में ले चुके हैं
विचार: कब मिलेगी भाषाई पराधीनता से मुक्ति
किसी के उच्चारण का उपहास करना उपहास करने वाले व्यक्ति की मानसिक पराधीनता का सबसे बड़ा प्रमाण होता है और विश्व की किसी भी संस्कृति में मानसिक रूप से पराधीन व्यक्ति कभी भी सम्मान योग्य नहीं होता।
विचार: सुधार की मांग करता लोकतंत्र
विपक्ष को समझना होगा कि जनता की रुचि इसमें नहीं है कि आप मोदी सरकार को हटाएं, उसकी रुचि इसमें अधिक होगी कि आप उससे बेहतर क्या करेंगे?
जागरण संपादकीय: छात्र हित की अनदेखी
यदि झारखंड सरकार छात्रों का भरोसा हासिल नहीं कर सकी तो इसके लिए वही जिम्मेदार है। वह इसके लिए भी जिम्मेदार है कि छात्रों के आंदोलन को लेकर दलगत राजनीति शुरू हो गई और पुलिस बल प्रयोग भी एक मुद्दा बन गया।
कुंभिनासी : लंका से मथुरा तक जाती एक विस्मृत पौराणिक गाथा
भारतकीपौराणिकस्मृतिमेंकुछकथाएँऐसीहैं,जोमुख्यआख्यानोंकेपीछेरहजातीहैं।रामायणकानामआतेहीहमारेसामनेराम,सीता,लक्ष्मण,भरत,हनुमानऔररावणकेविराटचरित्रउभरतेहैं।विभीषण,कुंभकर्णऔरशूर्पणखाभीहमारीसामूहिकस्मृतिकाहिस्साहैं।लेकिनउसीविशालकथा-परंपरामेंएकस्त्रीऐसीभीहै,जिसकीकहानीलंकाकेराजमहलसेआरंभहोकरयमुनाकेकिनारेबसेमधुवनतकपहुँचतीहैऔरअंततःमथुराकीप्राचीनस्मृतिसेजुड़जातीहै। उसकानामहै“कुंभिनासी”। कहींउन्हेंकुंभिनीकहागयाहै,कहींकुम्भीनसी।लोकप्रियकथाओंमेंउन्हेंरावणकीबहनकेरूपमेंयादकियाजाताहै।लेकिनजबरामायणकीअलग-अलगपरंपराओंऔरवंश-विवरणोंकोसाथरखकरदेखाजाताहै,तोउनकासंबंधकुछअधिकजटिलदिखाईदेताहै।यहीजटिलताइसकथाकोऔररोचकबनातीहै।कुंभिनासीकीकहानीकेवलएकराक्षसीस्त्रीकीकथानहींहै।यहपरिवार,सत्ता,प्रेम,प्रतिशोध,विवेकऔरनियतिकीऐसीकहानीहै,जिसकेएकछोरपरलंकाहैऔरदूसरेछोरपरमथुरा। औरइनदोनोंकेबीचखड़ीहै–एकस्त्री। लंकाकेराजवंशसेजुड़ीएकस्त्री रामायणकीवंश-परंपरामेंकुंभिनासीकासंबंधलंकाकेराक्षस-कुलसेअत्यंतनिकटबतायागयाहै।विभीषणजबरावणकोउनकेअपहरणकासमाचारदेतेहैं,तोउनकेसंबंधकोमातृकुलकेमाध्यमसेसमझातेहैं।वेउन्हेंभाइयोंकीबहनकेसमानबतातेहैं।इसीकारणबादकीलोकप्रियपरंपरामेंकुंभिनासीकोरावणकीबहनकेरूपमेंजानागया।लेकिनरामायणकीकथामेंएकदूसरावंश-विवरणभीमिलताहै,जिसमेंकुंभिनासीकोविश्वावसुऔरअनलाकीपुत्रीतथामधुकीपत्नीकहागयाहै।उन्हींसेलवणनामकपुत्रकाजन्मबतायागयाहै।इसलिएकुंभिनासीकोलेकरसबसेसावधानीपूर्णबातयहीहोगीकिउन्हेंरावणकेमातृकुलसेअत्यंतनिकटतारखनेवालीस्त्रीकहाजाए,जिसेकथामेंबहनकेसमानसंबोधितकियागयाहै। भारतीयप्राचीनआख्यानोंमेंरिश्तोंकीभाषाहमेशाआधुनिकजैविकसंबंधोंजैसीसीधीरेखामेंनहींचलती।मातृकुल,पितृकुलऔरकुल-संबंधोंकीअपनीसामाजिकसंरचनाथी।संभवतःइसीकारणकुंभिनासीकीपहचानअलग-अलगपाठ-परंपराओंमेंकुछभिन्नरूपोंमेंदिखाईदेतीहै। लेकिनउनकेजीवनकीअगलीघटनाबिल्कुलस्पष्टहै;औरयहींसेकहानीमेंएकनयामोड़आताहै। मधुकाआगमन उससमयलंकामेंशक्तिकाकेंद्ररावणथा।उसकीमहत्वाकांक्षासीमाओंसेपरेफैलचुकीथी।वहविजय-अभियानपरथाऔरउसकेपीछेलंकाकीसत्ता,सेनाऔरराजकीयप्रतिष्ठाकाभारथा। इसीसमयएकशक्तिशालीराक्षसलंकापहुँचा। उसकानामथा“मधु”। मधुकेवलबलवानहीनहींथा।रामायणकीपरंपरामेंउसकाचित्रणलवणासुरसेबिल्कुलअलगदिखाईदेताहै।वहब्राह्मणोंकासम्मानकरताथा,शरणागतकीरक्षाकरताथाऔरदेवताओंकेसाथभीमैत्रीपूर्णसंबंधरखनेवालाबतायागयाहै।उसकेव्यक्तित्वमेंशक्तिथी,लेकिनवहशक्तिअभीतकअनियंत्रितहिंसामेंनहींबदलीथी। लेकिनकुंभिनासीकोदेखकरमधुकामनबदलगया। उसनेकुंभिनासीकोबलपूर्वकअपनेसाथलेलिया। यहघटनाउससमयहुईजबलंकाकेराजपरिवारकेप्रमुखसदस्यअलग-अलगकार्योंमेंव्यस्तथे।रावणविजय-अभियानपरथा,विभीषणअपनेधार्मिककर्ममेंलगेथेऔरकुंभकर्णनिद्रामेंथा।मधुनेअवसरकालाभउठायाऔरकुंभिनासीकोअपनेसाथमधुपुरीलेगया।कुंभिनासीकायहहरणकेवलएकस्त्रीकेजीवनमेंआएसंकटकीघटनानहींथी।यहआनेवालेएकबड़ेसंघर्षकाबीजथा। क्योंकिकुंभिनासीजिसपरिवारसेआतीथीं,वहाँअपमानकाउत्तरप्रायःतलवारसेदियाजाताथा। औररावणकोजबयहसमाचारमिला,तोउसकाक्रोधस्वाभाविकहीथा। रावणकेलिएयहकेवलकिसीस्त्रीकाअपहरणनहींथा। यहउसकेकुलकोदीगईचुनौतीथी। उसनेअपनीसेनासंगठितकीऔरमधुकीनगरीकीओरबढ़चला। मधुपुरीपहुँचकररावणनेमधुकोखोजा,लेकिनवहवहाँउपस्थितनहींथा।वहाँउसेअपनीहीसंबंधिनीकुंभिनासीदिखाईदी। रावणकाक्रोधअभीशांतनहींहुआथा। लेकिनकुंभिनासीनेउसेदेखतेहीभयसेउसकेचरणपकड़लिए। उनकेसामनेदोपुरुषथे—एकउनकाभाईऔरदूसराउनकापति। औरदोनोंकेबीचशीघ्रहीरक्तपातहोनेवालाथा। कुंभिनासीनेरावणसेअपनेपतिकेप्राणोंकीरक्षाकीप्रार्थनाकी। उन्होंनेअपनेलिएकुछनहींमाँगा। उन्होंनेकेवलइतनाकहाकियदिमधुमारागयातोउनकाजीवनविधवाकेरूपमेंसमाप्तहोजाएगा।उन्होंनेअपनेपतिकेअपराधकेबावजूदउसकेप्राणोंकीयाचनाकी। रावणकाहृदयपिघलगया। उसनेअपनीसंबंधिनीकीप्रार्थनास्वीकारकरली। मधुकोक्षमाकरदियागया। लेकिनबातयहींसमाप्तनहींहुई। रावणनेमधुकोअपनाशत्रुबनानेकेबजायअपनासहयोगीबनालिया।वहचाहताथाकिमधुउसकेसाथदेवताओंकेविरुद्धहोनेवालेअभियानमेंसहयोगकरे। कुंभिनासीनेमधुकोजगायाऔरउसेरावणकेप्रस्तावसेअवगतकराया। मधुनेप्रस्तावस्वीकारकरलिया। इसप्रकारजिसघटनाकीशुरुआतअपहरणऔरप्रतिशोधसेहुईथी,उसकाअंतसंबंधऔरराजनीतिकमैत्रीमेंहुआ।यहकुंभिनासीकेचरित्रकासबसेमहत्वपूर्णक्षणथा। उन्होंनेयुद्धनहींलड़ा। उन्होंनेकोईअस्त्रनहींउठाया। लेकिनउन्होंनेदोशक्तिशालीपुरुषोंकेबीचहोनेवालायुद्धरोकदिया। उनकाहथियारथा–संबंधऔरसंवाद। शिवकावरदान मधुकीशक्तिकेवलउसकीसेनायाउसकेव्यक्तिगतपराक्रममेंनहींथी। उसकेपासभगवानशिवकादियाहुआएकअद्भुतअस्त्रभीथा। रामायणकीकथाकेअनुसारमधुनेघोरतपस्यासेरुद्रकोप्रसन्नकियाथा।उसकीतपस्यासेप्रसन्नहोकरशिवनेउसेएकदिव्यशूलप्रदानकिया। उसअस्त्रकीशक्तिअसाधारणथी। जबतकवहअस्त्रमधुकेहाथमेंरहता,उसेयुद्धमेंपराजितकरनाअत्यंतकठिनथा।वहउसव्यक्तिकाविनाशकरदेताजोमधुकोयुद्धकेलिएचुनौतीदेताऔरफिरवापसअपनेस्वामीकेपासलौटआता। मधुनेशिवसेप्रार्थनाकीकियहशक्तिउसकेवंशमेंबनीरहे। तबउसेबतायागयाकियहवरदानउसकेपुत्रतकपहुँचेगा। जबतकवहदिव्यशूलउसकेपुत्रकेहाथमेंरहेगा,वहसंसारकेप्राणियोंकेलिएलगभगअवध्यरहेगा।मधुनेउसवरदानकोस्वीकारकिया। लेकिनउसेशायदयहपतानहींथाकिभविष्यमेंयहीवरदानउसकेपुत्रकेलिएशक्तिसेअधिकअहंकारकाकारणबननेवालाहै। कुंभिनासीऔरलवणासुर मधुऔरकुंभिनासीकेघरएकपुत्रकाजन्महुआ। ... Read more
विदेशी फंडिंग के नियमन में एक अहम मोड़: प्रावधानों को लेकर जो थोड़े संदेह हैं, उन्हें दूर किया जाना चाहिए
मुस्लिम नाटो की राह: बदलती सामरिक तस्वीर में नए आयाम के संकेत से PAK उत्साहित, भारत को सतर्क रहने की जरूरत
प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए साल 2026 का अगस्त महीना एक अविस्मरणीय और अद्भुत अनुभव लेकर आ रहा है।
ललित सुरजन की कलम से परीक्षा की एक और घड़ी
'असम और पूर्वोत्तर प्रांतों की समस्या आज की नहीं है। वहां सिर्फ हिन्दू और मुसलमान का प्रश्न नहीं है, बात सिर्फ बंगलादेशियों के अवैध अप्रवासन की नहीं है।
असोहा/अचलगंज क्षेत्र में रविवार को हुई बारिश के चलते कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवेपर फिर दस जगहों पर सड़क धंस गई।
उपभोक्तावादी विनाश से आदिवासी आर्थिकी ही बचाएगी
कथित मुख्यधारा ने जनजातीय राजवंशों का राजपूतीकरण किया तो जनजातीय देवी-देवताओं का ब्राह्मणीकरण।
मोदी करते हैं बाबा बागेश्वर की बात, राहुल करते हैं छात्र-युवा की!
इस इलाहाबाद के खुद राहुल हैं। नेहरू थे। चन्द्रशेखर आजाद जिन्होंने कहा था- जीते जीते जी मुझे अंग्रेज नहीं पकड़ सकते।
विधानसभा घेराव से पहले रांची में पुलिस अलर्ट, छात्रों को रोकने के लिए कंटीले तारों की बैरिकेडिंग
जागरण संपादकीय: मेटा को चेतावनी
अभी हाल में मेटा ने प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो को हटाने को लेकर जो माफी मांगी, उसे खारिज कर सरकार ने उचित ही किया।
विचार: खाड़ी पर ऊर्जा निर्भरता के खतरे
असली और स्थायी समाधान ऊर्जा की आत्मनिर्भरता हासिल करने में है, जो स्वच्छ ऊर्जा से ही हासिल हो सकती है।
शिक्षा व्यवस्था अब सुधरेगी या नए संकट में डूब जाएगी
देश में परीक्षा-प्रणाली में सुधार की मांग व्यापक छात्र आंदोलन के बाद तेज हुई है। छात्र पेपर लीक से कहीं अधिक नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने से आक्रोशित थे। दरअसल, उपलब्ध तथ्यों और जांच के आधार पर सरकार और एनटीए ने स्वयं…
आभासी दुनिया में टूट रहे आधुनिक परिवार
सभ्यता को सबसे गहरा घाव किसी युद्ध, महामारी या आर्थिक संकट ने नहीं, उस चमकती स्क्रीन ने दिया है, जिसे हमने सुविधा समझकर जीवन का केंद्र बना लिया। इतिहास में पहली बार संवाद के साधन सबसे अधिक हैं, पर संवाद सबसे कम है…
साइबर अपराध रोकने की सर्वोच्च पहल
मुंबई में एक व्यक्ति ने आतंक-निरोधी एजेंसी का कथित अधिकारी बनकर एक रिटायर डॉक्टर को फोन किया और आतंकियों को धन देने का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। पीड़ित डॉक्टर ने डरकर उस ‘अधिकारी’ को…
भारतीय आकाश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सेवा का सपना साकार होने की ओर बढ़ चला है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने विश्वास जताया है कि भारत में 2028 तक इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सेवा शुरू हो जाएगी…
सुबह खाली पेट एक्सरसाइज : वजन घटाने में मदद या नुकसान ? न करें ये गल
नई दिल्ली, आज के समय में वजन बढ़ना बहुत आम समस्या हो गई है। खराब खान-पान, घंटों बैठकर काम करना, कम चलना-फिरना और बिगड़ी हुई दिनचर्या की वजह से बड़ी संख्या में लोग अपने बढ़ते वजन को लेकर परेशान हैं। ऐसे में लोग वजन कम करने के लिए डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज का सहारा लेते हैं। खासकर सुबह के समय वर्कआउट करना काफी लोगों को पसंद होता है।
आपकी एक गलती ला सकती है डायरिया, जानिए बचाव का सही तरीका
नई दिल्ली, डायरिया यानी दस्त एक आम बीमारी लग सकती है, लेकिन अगर समय रहते सही देखभाल न की जाए तो यह खासकर छोटे बच्चों के लिए गंभीर समस्या बन सकती है। हालांकि डायरिया से बचाव कोई मुश्किल काम नहीं है। हमारी रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतें बच्चों और पूरे परिवार को इस बीमारी से काफी हद तक सुरक्षित रख सकती हैं।
आयुर्वेद का राज : सुबह जल्दी उठकर ऐसे पाए हेल्दी और एनर्जेटिक दिन
नई दिल्ली, आजकल देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना आम बात हो गई है। लेकिन यही आदत आगे चलकर बीमारियों का कारण बन जाती है। आयुर्वेदिक परंपरा में ब्रह्ममुहूर्ते उत्तिष्ठेत् यानी ब्रह्ममुहूर्त में उठने की सलाह दी गई है। माना जाता है कि दिन की शुरुआत अगर सही तरीके से हो, तो उसका सकारात्मक असर शरीर और मन दोनों पर पड़ सकता है।
नशे के खिलाफ लड़ाई को जनआंदोलन बनाएं:सरकार की कोशिश के साथ परिवार, स्कूल भी जुड़ें,संयुक्त प्रयास ही समाधान
'राष्ट्र विरोधी' अवधारणा की यात्रा: शब्दों या लेखन में असहमति से कमजोरी नहीं, अधिक न्यायपूर्ण, नैतिक बनेगा देश
नेपाल को दोबारा वैदिक सनातन हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग तेज हो गई है।
मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र के जुल्हैंदी स्थित चित्रगुप्त पीठ में रविवार को हवन यज्ञ और शिला पूजन के साथ ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर कारसेवा का शंखनाद होगा। इसकी तैयारियां जोरों पर चल रहीं हैं और साधु-संत भी पहुंचना शुरू हो गए हैं।
09 August 2026 Rashifal: आज का दिन आपके लिए कैसा रहने वाला है, आइए इस राशिफल से जानते हैं।
क्या स्वस्थ रहने के लिए 8 घंटे सोना सच में जरूरी है?
अक्सर हम बड़े लोगों के बारे में सुनते हैं कि वे बहुत कम सोते हैं. कुछ तो रात में सिर्फ तीन घंटे की नींद ही लेते हैं. अगर वे स्वाभाविक रूप से कम नींद वालों में नहीं हैं, तो भविष्य में उन्हें दिक्कत हो सकती है
शिरोमणि अकाली दल ने महिला आरक्षण से जुड़े परिसीमन विधेयक का समर्थन किया है, जो भाजपा के साथ उनके संबंधों में सुधार का संकेत है। यह कदम मोदी सरकार की विधेयक को शीघ्र पारित कराने की गंभीरता को दर्शाता है, जिससे महिला आरक्षण लागू होने का मार्ग प्रशस्त होगा।
विचार: दोयम दर्जे के निर्माण का सिलसिला
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के तुरंत बाद धंसने से देश में बुनियादी ढांचे के निर्माण की खराब गुणवत्ता उजागर हुई है
स्वतंत्रता दिवस के बारे में क्या मैं बताऊं कैसे कह दूं कि, आजाद भारत में मैं रहता हूं, स्वतंत्रता दिवस को, किस खुशी में मैं मनाऊं देखकर देश की हालत, चिन्ता में मैं रहता हूं। कहां खो गए वे हंसते-खेलते आपसी भाईचारे उन खुशी के हर पल को याद मैं करता हूं, माना बहुत विकास, ... Read more
भारत की आत्मा एवं प्रकृति के संरक्षक हैं आदिवासी
विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त 2026) पर विशेषः विश्व आदिवासी दिवस केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजनभर नहीं है, बल्कि यह उस मूल चेतना का अभिनंदन है जिसने मानव सभ्यता को प्रकृति के साथ संतुलित जीवन जीने की कला सिखाई। भारत के आदिवासी समुदाय केवल जनसंख्या का एक वर्ग नहीं हैं, बल्कि वे इस राष्ट्र की सांस्कृतिक ... Read more
अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ की ओर खिसकते हमारे देश की सबसे बड़ी चुनौती यही है। हमें अपनी प्रतिभाओं के संरक्षण और संवर्द्धन पर ईमानदारी से काम करना होगा। इसी पर हमारी तरक्की, सामाजिक विकास और सीमाओं की सुरक्षा का भार टिका हुआ है…
टेलीमैटिक्स के सहारे अब आपके गाड़ी चलाने के तरीके से तय होगा बीमा प्रीमियम, समझिए कैसे?
किसी भी वाहन धारक के लिए थर्ड पार्टी बीमा बहुत जरूरी होता है, ताकि दुर्घटना की स्थिति में तीसरे व्यक्ति को हुई जान-माल की क्षति की भरपाई की जा सके। लेकिन बीमा कम्पनियों ने अब जो नया रुख अख्तियार किया है, उसका सार-सत्य यह है कि अब आपके गाड़ी चलाने के तरीके से ही यह तय होगा कि आपको कितना बीमा प्रीमियम देना होगा। यानी कि रफ ड्राइविंग करने वालों को अब ज्यादा बीमा प्रीमियम अदा करना पड़ेगा। इस हेतु बीमा कम्पनियों ने टेलीमैटिक्स तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया है। वस्तुतः टेलीमैटिक्स (Telematics) एक ऐसी तकनीक है, जिसमें वाहन में लगे सेंसर, जीपीएस, मोबाइल ऐप या OBD (On-Board Diagnostics) डिवाइस के जरिए गाड़ी चलाने से जुड़ा डेटा एकत्र किया जाता है। फिर बीमा कंपनियां इस डेटा का विश्लेषण करके यह तय करती हैं कि चालक कितना सुरक्षित वाहन चलाता है और उसी के आधार पर अब बीमा प्रीमियम भी तय किया जा सकता है। इससे वाहन धारकों और चालकों की जेब कटनी स्वाभाविक है। इसे भी पढ़ें: बैलेंस होने के बाद भी इन वजहों से ब्लैकलिस्ट हो सकता है फास्टैग कार्ड, ऐसे कर सकते हैं ठीक # जानिए, टेलीमैटिक्स कैसे काम करती है? आपको पता होना चाहिए कि दिन प्रतिदिन तकनीकी दुनिया में नए नए बदलाव आ रहे हैं। इसी तरह से टेलीमैटिक्स तकनीक भी है जो आपके वाहन में लगी होती है और निम्नलिखित जानकारियां रिकॉर्ड करती है:- वह वाहन की गति (Speed), अचानक ब्रेक लगाने या तेज एक्सेलरेशन की आदत, तीखे मोड़ (Harsh Cornering), रात में वाहन चलाने की आवृत्ति, प्रतिदिन या प्रतिवर्ष तय की गई दूरी, दुर्घटना या टक्कर की जानकारी, वाहन की लोकेशन और यात्रा का पैटर्न भी समझती है और उसका विश्लेषण करती है। # समझिए, इससे बीमा प्रीमियम कैसे तय होगा? सुरक्षित चालक: यदि आप नियमों का पालन करते हैं, सीमित गति रखते हैं और सावधानी से वाहन चलाते हैं, तो प्रीमियम कम हो सकता है। जोखिमपूर्ण चालक: तेज रफ्तार, बार-बार अचानक ब्रेक, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन जैसी आदतें प्रीमियम बढ़ा सकती हैं। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं- अच्छे ड्राइवरों को कम प्रीमियम का लाभ। सड़क सुरक्षा को बढ़ावा। दुर्घटना होने पर तेज क्लेम प्रक्रिया। चोरी होने पर वाहन की लोकेशन ट्रैक करने में मदद। ड्राइविंग व्यवहार सुधारने के लिए फीडबैक। इससे जुड़ी संभावित चुनौतियां इसप्रकार हैं- निजता (Privacy) को लेकर चिंता। हर समय लोकेशन और ड्राइविंग डेटा रिकॉर्ड होना। डेटा सुरक्षा और उसके दुरुपयोग का जोखिम। भारत में स्थिति निम्नलिखित है:- भारत में कुछ बीमा कंपनियां Usage-Based Insurance (UBI) और Pay As You Drive/Pay How You Drive जैसे मॉडल पर टेलीमैटिक्स आधारित मोटर बीमा योजनाएं शुरू कर चुकी हैं। भविष्य में यह व्यवस्था और व्यापक होने की संभावना है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि टेलीमैटिक्स मोटर बीमा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। अब केवल वाहन का मॉडल या इंजन क्षमता ही नहीं, बल्कि आप वाहन कितनी जिम्मेदारी से चलाते हैं, यह भी आपके बीमा प्रीमियम को प्रभावित कर सकता है। इससे सुरक्षित ड्राइविंग को प्रोत्साहन मिलेगा और जिम्मेदार चालकों को आर्थिक लाभ भी मिल सकता है। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
रोज 5 मिनट पिंच मयूरासन और मिलेंगे मजबूत कंधे और फिट बॉडी
नई दिल्ली, बढ़ती उम्र और कामकाज के बीच शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। आगे चलकर यही शारीरिक समस्याएं बड़ी बीमारियों का कारण बनती है। हालांकि, योग और नियमित खान-पान से इस पर सुधार किया जा सकता है। ऐसे ही चुनौतीपूर्ण और शक्तिशाली आसनों में से एक है पिंच मयूरासन, जिसे अंग्रेजी में 'फेदर पीकॉक पोज' भी कहा जाता है।
हर मच्छर का अपना 'फेवरेट' इंसान! 119 लोगों पर हुई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा
नई दिल्ली, अगर आपको लगता है कि मच्छर आपको दूसरों से ज्यादा काटते हैं, तो हो सकता है कि आप किसी खास प्रजाति के मच्छर के 'फेवरेट' हों। लेकिन जरूरी नहीं कि हर मच्छर आपको पसंद करे। एक नई स्टडी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि मच्छरों की अलग-अलग प्रजातियां अलग-अलग इंसानों की तरफ आकर्षित होती हैं।
बच्चों की ग्रोथ के लिए फल और सब्जियां जरुरी, उम्र के हिसाब से दें मात्रा
नई दिल्ली, बच्चों की अच्छी सेहत और सही विकास के लिए फल और सब्जियां बहुत जरूरी हैं। छोटी उम्र में बच्चे जो खाना सीखते हैं, उसका असर उनकी आगे की खाने की आदतों पर भी पड़ता है। इसलिए शुरुआत से ही बच्चों को अलग-अलग तरह की सब्जियां और फल खिलाने की कोशिश करनी चाहिए।
अगस्त क्रांति विशेष: जब बिना सेनापति के जीती गई जंग
जब औपनिवेशिक सत्ता ने नेतृत्व को सलाखों के पीछे धकेला, तो भारत का आम नागरिक स्वयं अपना नेता बन गया।
यह गतिरोध टूटे:लोकतंत्र में जीत केवल विधेयक पारित कराने में नहीं, असहमति के बावजूद, सहमति का रास्ता खोजने में
मनोनयन की संवैधानिक मर्यादा: सत्ता बचाने का रास्ता या विशेषज्ञों के लिए संवैधानिक खिड़की?
संविधान में मनोनयन का उद्देश्य विशेषज्ञता और विशिष्ट अनुभव वाले लोगों को विधायिका में लाना था।
Aaj Ka Rashifal: इन 4 राशि वालों का किस्मत देगी साथ, धन लाभ से लेकर मान-सम्मान तक बनेंगे योग
8 August 2026 Rashifal: आज का दिन आपके लिए कैसा रहने वाला है, आइए इस राशिफल से जानते हैं।
जीवन धारा: तकनीक मशीनों की मोहताज नहीं होती, समझें नवाचार की ताकत
जीवन धारा: तकनीक मशीनों की मोहताज नहीं होती, समझें नवाचार की ताकत--Great Technology Emerge Without Big Machines? C V Raman Lesson on Innovation
एआई एक नशे जैसा है: आसान जवाबों की लत कहीं युवाओं से संघर्ष की सीख तो नहीं छीन रही; उठ रहे गंभीर सवाल--AI Becoming an Addiction, How Overdependence May Affect Thinking and Learning
मुद्दा: क्या हर मानसून में बारिश ही दोषी है? नई सड़कें धंसने और शहरों के डूबने से निर्माण व्यवस्था पर उठे सवाल-Monsoon and Infrastructure: Why Are Roads Sinking and Cities Flooding Every Year
अनुसंधान अब रफ्तार पकड़ेगा: निजी क्षेत्र पहली बार सरकारी से अधिक, पहिया घूमना शुरू हुआ है, अब और तेजी से...
असहमति से नफ़रत तक: लोकतंत्र की नैतिक परीक्षा
सत्याग्रह का उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी को पराजित करना नहीं, बल्कि उसके भीतर सोई हुई नैतिक संवेदना को जगाना है।
सडाको के कागज के पक्षी याद दिलाते हैं हिरोशिमा की
उसकी कक्षा के दोस्तों ने शेष 356 चिड़ियाएं बनाई और हजार चिड़ियों के साथ दफना दिया गया। उसके बाद सडाको के मित्रो ने उसकी याद में स्मारक बनाया।
दिल्ली-एनसीआर में हो रही बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
राधाकुंड क्षेत्र के जुल्हैंदी स्थित चित्रगुप्त पीठ में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के इरादे से मंगाए गए गुलाबी पत्थरों की पहली खेप शुक्रवार की देर रात पहुंच गई।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित होगा।
निम्न-आय वाले देशों में घूसखोरी ज्यादा
संयुक्त राष्ट्र की सतत विकास लक्ष्य रिपोर्ट- 2026 के अनुसार, दुनिया भर में सार्वजनिक अधिकारियों से संपर्क करने वाले लगभग 17 प्रतिशत लोगों ने बताया कि पिछले 12 महीनों के दौरान उनसे रिश्वत मांगी गई या सार्वजनिक सेवा प्राप्त…
राजनीतिक दल बने बिना सार्थकता नहीं
तीन महीने से भी कम समय में, अभिजीत दीपके की इंस्टाग्राम पर बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने वह कर दिखाया, जो कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी पार्टियां मोदी सरकार के इन 12 सालों में नहीं कर पाई। नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में शिक्षा...
हमारे लोकतंत्र को ऐसे दबाव समूह चाहिए
भारत के हालिया इतिहास पर नजर डालें, तो पता चलता है कि कुछ आंदोलन सफल राजनीतिक पार्टियों में तब्दील हो गए, मगर कुछ सफल तो हुए, पर राजनीतिक दल नहीं बन पाए, वहीं कुछ आंदोलन बहुत सफल नहीं हो सके…
विचार: असहमति से असहिष्णुता तक
लोकतंत्र में कोई चुनाव हार सकता है, कोई बहस हार सकता है, कोई आंदोलन भी अपने तात्कालिक लक्ष्य में असफल हो सकता है, लेकिन यदि इस प्रक्रिया में भरोसा हार गया, तो अंततः हार लोकतंत्र की होगी।
विचार: पुलिस को भी है प्रतिकार का अधिकार
प्रदर्शन के नाम पर पुलिस पर हमला, उनके वाहन जलाना अथवा उनकी जान को खतरे में डालना केवल किसी व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि राज्य की विधिक व्यवस्था और कानून के शासन को चुनौती देना है।
जागरण संपादकीय: बाड़ खेत को खाए
खराब बात यह भी रही कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया की सीसीटीवी से सटीक निगरानी भी नहीं की गई। समझना कठिन है कि आरोपित शिक्षकों को पूरा प्रश्नपत्र तैयार करने और उनका अनुवाद करने की सुविधा क्यों दी गई?
पेट की समस्या और मोटापे से पाए छुटकारा
नई दिल्ली, आज की आधुनिक और व्यस्त जीवनशैली में पेट संबंधित शारीरिक और मानसिक समस्या होना आम हो गया है।
राज्यसभा में नीरज डांगी सचेतक नियुक्त, संसद में कद बढ़ा
राजस्थान में अशोक गहलोत के विश्वस्त डांगी, संसद में सोनिया, राहुल और खड़गे के भी नजदीक -विशेष संवाददाता नई दिल्ली। कांग्रेस ने अपनी संसदीय रणनीति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्यसभा सांसद नीरज डांगी को राज्यसभा में पार्टी का सचेतक (व्हिप) नियुक्त किया है। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष श्रीमती ... Read more
The Bonus Market Update: शेयर बाजार में बिकवाली; सेंसेक्स 235 अंक फिसला, निफ्टी 24600 के करीब पहुंचा
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 235.36 अंक गिरकर 78,699.80 पर आ गया; निफ्टी 24.30 अंक गिरकर 24,608.25 पर पहुंच गया।
Aaj Ka Rashifal 7 Aug: इन 5 राशि वालों का भाग्य रहेगा मजबूत, सारे अटके काम होंगे पूरे
7 August 2026 Rashifal: आज का दिन आपके लिए कैसा रहने वाला है, आइए इस राशिफल से जानते हैं।
AMC: अब 20 अगस्त तक करें अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन, 95 शहरों में होगी परीक्षा
AMC: अब 20 अगस्त तक करें अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन, 95 शहरों में होगी परीक्षा AMC: Apply for Atul Maheshwari Scholarship 2026 by August 20; Exam in 95 Cities
बुजुर्गों के चेहरे पर लौट रही मुस्कान: युवाओं की पहल से मिल रहा अपनापन; सामाजिक इंटर्नशिप क्यों बन रही मिसाल?
खुद को जानने का वक्त: वृद्धावस्था नहीं, आत्मिक परिपक्वता का समय है जीवन का संध्याकाल
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एक वापसी, कई सवाल: क्या बांग्लादेश की राजनीति में फिर शुरू होगा नया संघर्ष?
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माफी और जवाबदेही: सोशल मीडिया की बढ़ती ताकत, एल्गोरिदम और लोकतंत्र के सामने नई चुनौती
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ललित सुरजन की कलम से - दफा 499 और 500
वर्तमान समय के अधिकतर नेताओं का पढ़ने-लिखने से कोई वास्ता नहीं है। ऐसे में उनके पास अगर अपनी बात कहने के लिए सही शब्दों का अभाव है तो इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है
डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन : भारत की हरित क्रांति के जनक
जैविक खेती, सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर), मृदा परीक्षण तथा जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना तथा एवरग्रीन रिवोल्यूशन की अवधारणा को व्यवहार में उतारने के लिए किसानों को जलवायु-अनुकूल कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाना भी जरूरी है
भारत में बढ़ती असमानता और सिकुड़ते अवसर
भारत को हमेशा चमकीली संभावनाओं का देश माना जाता है। पुराने दौर में उसके लिए सोने की चिड़िया विशेषण का इस्तेमाल होता था
पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के साथ ही देश के अन्य हिस्सों में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहा है।
कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण को देखते हुए शुक्रवार शाम से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर आम वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी।
जागरण संपादकीय: एनटीए में सुधार
नीट पेपर लीक के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के कामकाज में सुधार अनिवार्य हो गया है।
विचार: जजों की संख्या बढ़ाना कितना कारगर
न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि सुप्रीम कोर्ट तक ही सीमित न रहे। उच्च न्यायालयों में भी जजों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए
विचार: मंदिर प्रबंधक तैयार करने का समय
राम मंदिर में दान की चोरी धर्म की विफलता नहीं, बल्कि व्यवस्थापन की असफलता है। इसलिए समाधान मंदिर को कारपोरेट तरीके से चलाना नहीं है
हथकरघा से देश का समृद्ध भविष्य बुनते बुनकर
एक विकसित राष्ट्र का निर्माण सिर्फ तकनीक से निर्धारित नहीं होता, बल्कि अपनी स्थायी खूबियों को प्रगति के वाहक के रूप में बदल सकने की उसकी क्षमता से भी होता है। अब जब हमारा देश ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में तेजी…
शेख हसीना ने ढाका की बेचैनी बढ़ाई
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का बुधवार का संबोधन एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बयान होने के साथ-साथ अपने समर्थकों के मन को टटोलने का एक गंभीर प्रयास था। उन्होंने एलान किया कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी…
आखिरकार बॉम्बे उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने पूर्व मीडिया हस्ती तरुण तेजपाल को यौन दुराचरण मामले में दस साल कठोर कारावास की सजा सुना दी है। आरोपी पक्ष सजा को सर्वोच्च न्यायालय में जरूर चुनौती देगा…
स्तनपान शिशु का पहला टीका : डॉ. संदीप कौशिक
विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर एनडीएमसी पालिका मैटरनिटी हॉस्पिटल ने गर्भवती एवं नवप्रसूता माताओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया…
खालिस्तान समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू के साथ राहुल गांधी और दीपके की तस्वीर फेक है
बूम ने पाया कि राहुल गांधी और अभिजीत दीपके की वायरल तस्वीर वास्तविक नहीं है. इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है.
जंतर मंतर पर दोबारा प्रदर्शन शुरू होने के दावे से पुराने वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के पुराने वीडियो को भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.
मेटा के एआई मॉडल ने बाहरी सिस्टम को किया हैक
नई दिल्ली, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल ने साइबर सिक्योरिटी टेस्ट के दौरान इंटरनेट तक पहुंच बनाई और एक बाहरी सर्विसेज सिस्टम को हैक कर लिया।
Dream Home का सपना होगा सच: Home Loan और Smart Financial Planning की पूरी विस्तृत जानकारी
भारत जैसे देश में अपना घर होना न केवल एक बुनियादी आवश्यकता है, बल्कि यह सामाजिक सुरक्षा और व्यक्तिगत गौरव का प्रतीक भी माना जाता है। आज के समय में संपत्ति की बढ़ती कीमतों को देखते हुए, अधिकांश मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अपनी जमा पूंजी से सीधा घर खरीदना लगभग असंभव सा हो गया है। इसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए विभिन्न बैंक और वित्तीय संस्थान हाउसिंग लोन की सुविधा प्रदान करते हैं। यह ऋण न केवल आपको घर खरीदने में मदद करता है, बल्कि आपको वित्तीय रूप से व्यवस्थित भी बनाता है। संक्षिप्त सारांश: - ऋण की सीमा: बैंक आमतौर पर संपत्ति के कुल बाजार मूल्य का 75% से 90% तक ही हाउसिंग लोन प्रदान करते हैं; शेष राशि का प्रबंध स्वयं करना होता है। - वित्तीय योजना: घर खरीदने से पहले अपने बजट का सही आकलन करें और होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर का उपयोग करके अपनी मासिक किश्तों की योजना बनाएं। - पात्रता मानदंड: ऋण की स्वीकृति मुख्य रूप से आपकी आय की स्थिरता, आयु और 650 से अधिक के अच्छे क्रेडिट स्कोर पर निर्भर करती है। - कर में छूट: भारत सरकार आयकर अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आवास ऋण के मूलधन और ब्याज भुगतान पर महत्वपूर्ण टैक्स लाभ प्रदान करती है। - आवश्यक दस्तावेज: आवेदन के लिए पहचान पत्र, आय के प्रमाण (वेतन पर्ची/आयकर रिटर्न) और संपत्ति के कानूनी कागजात तैयार रखना अनिवार्य है। - अवधि का चयन: अपनी पुनर्भुगतान क्षमता के अनुसार ऋण की अवधि चुनें। लंबी अवधि में ईएमआई कम होती है, जबकि छोटी अवधि में कुल ब्याज का भुगतान कम करना पड़ता है। इस लेख में हम विस्तार से चर्चा करेंगे कि भारत में आवास ऋण की प्रक्रिया क्या है, इसके लाभ क्या हैं और आप कैसे अपनी किश्तों का प्रबंधन कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: जानिए, 1 अगस्त से किन-किन नियमों में बदलाव आएगा? कीमतें होंगी ऊपर नीचे या रहेंगी स्थिर! आवास ऋण: एक महत्वपूर्ण वित्तीय कदम जब आप अपने लिए एक घर चुनने की प्रक्रिया शुरू करते हैं, तो सबसे पहले मन में वित्तीय बजट का विचार आता है। भारत में हाउसिंग लोन लेने की प्रक्रिया पिछले एक दशक में काफी सरल और पारदर्शी हो गई है। डिजिटल क्रांति ने इसे और भी सुगम बना दिया है, जहाँ आप घर बैठे विभिन्न बैंकों की ब्याज दरों की तुलना कर सकते हैं। ऋण लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति का सही आकलन करना अनिवार्य है। आपको यह समझना होगा कि आपकी मासिक आय का कितना हिस्सा ऋण की अदायगी में जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की सलाह होती है कि आप ऑनलाइन उपलब्ध होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर का उपयोग करें। यह उपकरण आपको यह समझने में मदद करता है कि ऋण की राशि, ब्याज दर और समय सीमा के आधार पर आपकी मासिक किश्त कितनी बनेगी। इससे आप भविष्य में आने वाले वित्तीय दबाव से बच सकते हैं। ऋण के लिए पात्रता और मापदंड भारत में ऋणदाता संस्थान किसी भी आवेदन को स्वीकार करने से पहले आवेदक की साख की गहन जांच करते हैं। मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान दिया जाता है: 1. आय की स्थिरता: बैंक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि आप ऋण चुकाने में सक्षम हैं। यदि आप किसी प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत हैं या आपका अपना सफल व्यवसाय है, तो ऋण मिलने की संभावना अधिक होती है। 2. साख अंक (क्रेडिट स्कोर): आपका पिछला वित्तीय व्यवहार कैसा रहा है, यह आपके साख अंक से पता चलता है। 650 से अधिक का अंक आदर्श माना जाता है। 3. आयु सीमा: आमतौर पर 21 वर्ष से 60-65 वर्ष की आयु तक के लोगों को ऋण दिया जाता है। युवा आवेदकों को लंबी अवधि के लिए ऋण मिलने की सुविधा होती है। हाउसिंग लोन के प्रकार और चयन भारतीय बाजार में कई तरह के ऋण विकल्प उपलब्ध हैं। आप अपनी आवश्यकता के अनुसार इनका चयन कर सकते हैं: - नया घर खरीदने के लिए ऋण: यह सबसे प्रचलित प्रकार है, जो नई बनी हुई संपत्ति या निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए दिया जाता है। - गृह सुधार ऋण: यदि आप अपने पुराने घर की मरम्मत या नवीनीकरण करना चाहते हैं, तो इसके लिए भी बैंक धन उपलब्ध कराते हैं। - भूमि खरीद ऋण: कई लोग निवेश के उद्देश्य से या भविष्य में घर बनाने के लिए खाली जमीन खरीदना चाहते हैं, बैंक इसके लिए भी विशिष्ट योजनाएं प्रदान करते हैं। वित्तीय योजना और प्रबंधन ऋण लेना केवल धन प्राप्त करना नहीं है, बल्कि अगले 15 से 30 वर्षों के लिए एक जिम्मेदारी स्वीकार करना है। इसलिए, आवेदन करने से पहले आपको अपनी बचत और खर्चों का एक खाका तैयार करना चाहिए। जब आप हाउसिंग लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक संपत्ति के कुल मूल्य का केवल 75 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक ही वित्त पोषित करते हैं। शेष राशि, जिसे 'डाउन पेमेंट' कहा जाता है, उसका प्रबंध आपको अपनी बचत से करना होता है। अपनी किश्तों की योजना बनाने के लिए होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर का सही उपयोग करना बहुत लाभदायक सिद्ध हो सकता है। आप अलग-अलग ब्याज दरों और समय अवधि को डालकर देख सकते हैं कि कौन सा विकल्प आपके मासिक बजट में सटीक बैठता है। उदाहरण के लिए, यदि आप लंबी अवधि चुनते हैं तो आपकी मासिक किश्त कम हो जाएगी, लेकिन कुल ब्याज भुगतान बढ़ जाएगा। इसके विपरीत, छोटी अवधि में किश्तें भारी होंगी परंतु आप कर्ज से जल्दी मुक्त हो पाएंगे। आवश्यक दस्तावेजों की सूची भारत में हाउसिंग लोन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपको एक सुव्यवस्थित दस्तावेजीकरण की आवश्यकता होती है। इनमें प्रमुख हैं: - पहचान पत्र: आधार कार्ड, पैन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र। - आय प्रमाण: वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए पिछले 3 महीनों की वेतन पर्ची और पिछले 2 वर्षों का आयकर रिटर्न। व्यवसायियों के लिए लाभ-हानि खाता और बैलेंस शीट। - संपत्ति के कागजात: विक्रेता के साथ किया गया अनुबंध, संपत्ति की श्रृंखला के दस्तावेज और स्थानीय निकाय से प्राप्त अनुमति पत्र। कर लाभ और सरकारी प्रोत्साहन भारत सरकार देश के नागरिकों को अपना घर लेने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिसके कारण आयकर अधिनियम के तहत कई छूट प्रदान की जाती हैं। आवास ऋण के मूलधन और ब्याज, दोनों के भुगतान पर आयकर में महत्वपूर्ण कटौती प्राप्त की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, 'प्रधानमंत्री आवास योजना' जैसी सरकारी पहलों ने ब्याज पर सब्सिडी प्रदान करके निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए हाउसिंग लोन को और अधिक किफायती बना दिया है। अंतिम सुझाव और निष्कर्ष अपना घर खरीदना एक बड़ा निवेश है। जल्दबाजी में कोई भी निर्णय लेने से बचें। बाजार में प्रचलित ब्याज दरों पर नजर रखें और समय-समय पर अपने ऋण को कम ब्याज दर वाले बैंक में स्थानांतरित करने (बैलेंस ट्रांसफर) के विकल्पों पर भी विचार करें। याद रखें, एक अच्छी तरह से नियोजित हाउसिंग लोन आपके भविष्य की नींव को मजबूत करता है। अपनी क्षमता का आकलन करें, सही संपत्ति का चुनाव करें और वित्तीय अनुशासन बनाए रखें। सही योजना के साथ, आपके अपने घर का सपना अवश्य पूरा होगा। अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) प्रश्न 1. हाउसिंग लोन की अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है? भारत में अधिकांश बैंक और वित्तीय संस्थान 30 वर्ष तक की अधिकतम अवधि के लिए हाउसिंग लोन प्रदान करते हैं। यह अवधि आपकी सेवानिवृत्ति की आयु और आपकी ऋण चुकाने की क्षमता पर निर्भर करती है। लंबी अवधि चुनने से आपकी मासिक किश्त कम हो जाती है। प्रश्न 2. क्या मैं समय से पहले अपने ऋण का भुगतान कर सकता हूँ? हाँ, आप अपनी सुविधा के अनुसार ऋण का समय से पहले भुगतान (प्री-पेमेंट) कर सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार, फ्लोटिंग ब्याज दर वाले ऋणों पर बैंक कोई अतिरिक्त जुर्माना या शुल्क नहीं वसूल सकते। भुगतान से पहले अपनी बचत का आकलन करने के लिए होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर की सहायता लेना उपयोगी रहता है। प्रश्न 3. सह-आवेदक होने के क्या लाभ हैं? यदि आप अपने जीवनसाथी या परिवार के किसी सदस्य को सह-आवेदक के रूप में जोड़ते हैं, तो आपकी कुल आय बढ़ जाती है, जिससे अधिक ऋण राशि मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, यदि सह-आवेदक एक महिला है, तो कई बैंक ब्याज दरों में विशेष छूट भी प्रदान करते हैं।
Sensex climbs 201.43 points to 78,782.43 in opening trade; Nifty marginally up by 16.35 points to 24,641 - The Bonus Market Update: शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 201 अंक चढ़ा; निफ्टी भी बढ़त के साथ खुला

