जीवन धारा: जीवन को भाग्य के हवाले मत करो
जीवन धारा: जीवन को भाग्य के हवाले मत करो
दूसरा पहलू: 'ओम जय जगदीश हरे' जिसने घर-घर पहुंचाई, उस शख्स की कहानी कितनी दिलचस्प है?
दूसरा पहलू: 'ओम जय जगदीश हरे' जिसने घर-घर पहुंचाई, उस शख्स की कहानी कितनी दिलचस्प है?
1 अक्तूबर से नए नियम: कल से होने जा रहे हैं ये जरूरी बदलाव, जानें क्या बदलेगा और क्या नहीं
1 अक्तूबर 2026 से LPG सब्सिडी, FD और जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं।
आज का राशिफल: वृश्चिक राशि वाले खानपान पर विशेष ध्यान दें, पढ़ें 30 सितंबर का राशिफल
आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। जरूरत और इच्छा के बीच अंतर समझकर खर्च करेंगे तो आने वाले समय में आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखने में मदद मिलेगी।
उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र के बदरपुर खादर गांव के करीब 4,000 लोग आज भी बिजली, पानी, स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा की जांच में करीब 30 से 40 छात्र पुलिस की जांच के घेरे में हैं।
भारत की नज़र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट पर
कई देशों से मज़बूत समर्थन के बावजूद, महत्वपूर्ण चुनौतियां बनी हुई हैं।
गांधी की भागीदारी उनके सभी अखबारों में भरपूर थी लेकिन इसमें शायद सबसे ज्यादा थी।
एआई से जुड़े महाविनाश के खतरेः नियंत्रित कमान जरूरी
कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आज मानव सभ्यता की सबसे प्रभावशाली तकनीकी उपलब्धियों में शामिल है। चिकित्सा, शिक्षा, अंतरिक्ष, विज्ञान, कृषि, उद्योग और प्रशासन से लेकर रोजमर्रा के जीवन तक इसके उपयोग ने विकास की गति को अभूतपूर्व बनाया है। लेकिन जितनी तेजी से एआई की क्षमताएं बढ़ रही हैं, उतनी ही गंभीरता से उसके दुरुपयोग ... Read more
विचार: एक और हारी हुई लड़ाई लड़ता विपक्ष
विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना अभियान तेज कर रहा है
विचार: अस्थिरता से घिरा पाकिस्तान
पाकिस्तान इस समय राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक दबाव और बिगड़ती आंतरिक सुरक्षा जैसी कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, जिसमें टीटीपी और बीएलए का बढ़ता आतंकवाद प्रमुख है
सुप्रीम कोर्ट ने महंगी दवाओं, खासकर कैंसर की दवाओं की मनमानी कीमतों पर कड़ी आपत्ति जताई है, इसे 'सामूहिक संहार' और 'दिनदहाड़े डकैती' बताया
इंसान और प्रकृति ने मिलकर बनाए जिंदा जड़ों वाले पुल
मेघालय, यानी ‘मेघों का घर’, अपनी असीम प्राकृतिक सुंदरता और रिमझिम बारिश के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। इस खूबसूरत राज्य में एक ऐसा आश्चर्य छिपा है, जो मानव बुद्धिमत्ता और प्रकृति के अद्भुत तालमेल की…
पाकिस्तान के खिलाफ फिर भड़का पीओके
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। लगभग 25,000 लोगों ने पीओके के नेता सरदार अमान खान की अपील पर नियंत्रण रेखा पर लगी बाड़बंदी को हटाकर भारत से जुड़ने की मांग की है, क्योंकि…
आधार कार्ड दिखाइए तीन लाख का लोन ले जाइए, जानें क्या है ये स्कीम और सच्चाई
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री लोन योजना’ के तहत सिर्फ आधार कार्ड के आधार पर हर व्यक्ति को 3 लाख रुपये तक का लोन दिया जा रहा है। वीडियो और विज्ञापनों में लोगों को आकर्षित करने के लिए कहा जा रहा है कि आधार कार्ड दिखाइए और आसानी से लाखों रुपये का कर्ज पाइए। लेकिन क्या वास्तव में केंद्र सरकार ऐसी कोई योजना चला रही है? इस दावे की सच्चाई जानना जरूरी है, क्योंकि फर्जी सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों से व्यक्तिगत और बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा सकती है। इसे भी पढ़ें: अटल पेंशन योजना: अगर 60 की आयु के बाद हर महीने 5 हजार रुपये की पेंशन लेना चाहते हैं तो ऐसे करें आवेदन क्या है वायरल दावा? सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे में कहा जा रहा है कि: - केंद्र सरकार ‘प्रधानमंत्री लोन योजना’ चला रही है। - हर व्यक्ति को 3 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। - लोन के लिए केवल आधार कार्ड की जरूरत है। - प्रक्रिया आसान और तुरंत लोन मिलने वाली बताई जा रही है। हालांकि, इस दावे को सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी ने फर्जी बताया है। PIB Fact Check ने क्या कहा? PIB Fact Check के अनुसार, ‘प्रधानमंत्री लोन योजना’ के तहत आधार कार्ड पर हर व्यक्ति को 3 लाख रुपये का लोन देने का दावा फर्जी है। केंद्र सरकार ऐसी कोई योजना नहीं चला रही है। ऐसे में सरकार ने लोगों को लुभावने दावों और फर्जी योजनाओं से सावधान रहने की सलाह दी है। क्या सिर्फ आधार कार्ड दिखाकर मिल सकता है 3 लाख का लोन? इस सवाल का सीधा जवाब है - नहीं, केंद्र सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है जिसमें सिर्फ आधार कार्ड दिखाने पर हर व्यक्ति को 3 लाख रुपये का लोन मिल जाए। किसी भी वैध बैंक या वित्तीय संस्था से लोन लेने के लिए आमतौर पर: - पहचान संबंधी दस्तावेज - पता प्रमाण - आय या कारोबार से जुड़ी जानकारी - बैंकिंग रिकॉर्ड - पात्रता की जांच जैसी प्रक्रियाएं हो सकती हैं। लोन की शर्तें संबंधित बैंक और योजना के अनुसार अलग-अलग होती हैं। फिर 3 लाख रुपये के लोन वाली बात कहां से आई? केंद्र सरकार की कुछ वास्तविक योजनाओं में पात्र लाभार्थियों को लोन की सुविधा मिलती है। उदाहरण के लिए, पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पात्र पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए बिना संपार्श्विक 3 लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान है। हालांकि, यह सभी लोगों के लिए केवल आधार कार्ड के आधार पर मिलने वाला लोन नहीं है। योजना के लिए तय पात्रता और अन्य शर्तें भी लागू होती हैं। इसलिए पीएम विश्वकर्मा जैसी वास्तविक योजना और फर्जी ‘प्रधानमंत्री लोन योजना’ के दावे में अंतर समझना जरूरी है। ऐसे फर्जी लोन ऑफर से कैसे बचें? यदि आपको सोशल मीडिया, WhatsApp, YouTube या SMS पर 3 लाख रुपये के सरकारी लोन का ऑफर मिले, तो: - किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। - आधार नंबर और बैंकिंग जानकारी साझा न करें। - OTP, ATM PIN या UPI PIN किसी को न बताएं। - लोन के नाम पर पहले पैसे जमा करने से बचें। - अनजान ऐप डाउनलोड न करें। - योजना की जानकारी आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर जांचें। असली सरकारी योजनाओं की जानकारी कहां देखें? केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी के लिए MyScheme पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, किसी संदिग्ध सरकारी दावे की सच्चाई जानने के लिए PIB Fact Check की आधिकारिक जानकारी देखना बेहतर है। सिर्फ आधार कार्ड दिखाकर ‘प्रधानमंत्री लोन योजना’ के तहत 3 लाख रुपये मिलने का वायरल दावा फर्जी है। केंद्र सरकार ऐसी कोई योजना नहीं चला रही है। PIB Fact Check ने भी इस दावे को गलत बताया है। हालांकि, पीएम विश्वकर्मा जैसी कुछ वास्तविक सरकारी योजनाओं में पात्र लोगों को 3 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है, लेकिन इसके लिए निर्धारित पात्रता और शर्तें पूरी करनी होती हैं। इसलिए किसी भी आकर्षक लोन ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी माध्यम से जरूर जांच लें। - जे. पी. शुक्ला
अटल पेंशन योजना (APY) केंद्र सरकार की गारंटीकृत पेंशन योजना है, जिसे पेंशन फण्ड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट ऑथोरिटी (PFRDA) संचालित करता है, जिसमें 60 वर्ष की उम्र के बाद चुनी गई योजना के अनुसार ₹1,000 से ₹5,000 तक की न्यूनतम मासिक पेंशन मिलती है। सवाल है कि अब कौन ले सकता है यह पेंशन? तो पात्रता की शर्तें हैं कि आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए। उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।उसके पास बचत बैंक खाता (SBA) या पोस्ट ऑफिस सेविंग्स एकॉउंट (POSA) होना चाहिए। खास बात यह है कि 1 अक्टूबर 2022 से आयकरदाता व्यक्ति APY में नया खाता नहीं खोल सकता। हालांकि, जो व्यक्ति उस तारीख से पहले APY में शामिल हो चुका था, उसके लिए अलग नियम लागू हैं। ₹5,000 पेंशन के लिए कितना योगदान? ₹5,000 की पेंशन के लिए योगदान आपकी उम्र और योगदान अवधि पर निर्भर करता है। उदाहरण के तौर पर आधिकारिक APY सामग्री में: इसे भी पढ़ें: Atal Pension Scheme: क्या आपको मिल सकती है 5000 रुपये की पेंशन? ये आधिकारिक प्रकाशित योगदान-सारणी के संकेतात्मक आंकड़े हैं। # जानिए, आवेदन कैसे करें? ऑफलाइन तरीका सबसे आसान है: एक, आप अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस की शाखा में जाएं। दो, APY Registration Form मांगें। तीन, नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, बैंक खाता, आधार आदि विवरण भरें। चार, ₹1,000/₹2,000/₹3,000/₹4,000/₹5,000 में अपनी पेंशन राशि चुनें। पांच, बैंक खाते से ऑटो-डेबिट की अनुमति दें। छह, फॉर्म जमा करने के बाद बैंक/पोस्ट ऑफिस से PRAN और पंजीकरण की पुष्टि प्राप्त करें। आधिकारिक फॉर्म में मासिक, त्रैमासिक या छमाही योगदान का विकल्प भी दिया गया है। सात, अटल पेंशन योजना की आधिकारिक जानकारी और फॉर्म सरकारी वेबसाइट https://jansuraksha.gov.in पर उपलब6 है। # जानिए, मृत्यु के बाद क्या होगा? APY की खास बात यह है कि सब्सक्राइबर की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को वही पेंशन राशि मिलती रहती है। सब्सक्राइबर और जीवनसाथी दोनों की मृत्यु के बाद निर्धारित पेंशन संपत्ति नामित व्यक्ति को मिलती है, यानी निर्धारित ₹8.5 लाख का कॉर्पस नामित व्यक्ति को मिलता है। बस इतना ध्यान रखें कि ₹5,000 कोई तत्काल मिलने वाली पेंशन नहीं है। इसके लिए पात्र उम्र में APY में शामिल होकर निर्धारित योगदान करना होता है और 60 वर्ष की उम्र के बाद गारंटीकृत न्यूनतम पेंशन मिलती है। # ₹5,000 मासिक गारंटीकृत पेंशन के लिए उम्र के हिसाब से पूरी APY गणना यहां पर मैं ₹5,000 मासिक गारंटीकृत पेंशन के लिए उम्र के हिसाब से पूरी APY गणना दी गई है। आधिकारिक APY तालिका के अनुसार योगदान उम्र बढ़ने के साथ काफी तेजी से बढ़ता है। # गणना: मासिक योगदान 12 योगदान के वर्ष. उदाहरण के लिए, 18 साल की उम्र में जुड़ने पर ₹210 12 42 = ₹1,05,840 कुल योगदान होगा। आधिकारिक APY दस्तावेज में भी 18 वर्ष पर ₹210 और 40 वर्ष पर ₹1,454 मासिक योगदान निर्धारित है। # अटल पेंशन योजना (APY) में 18 से 40 वर्ष की हर प्रवेश उम्र पर ₹1,000 से ₹5,000 तक की पेंशन के लिए मासिक योगदान के बारे में अवगत होइए अटल पेंशन योजना (APY) में 18 से 40 वर्ष की हर प्रवेश उम्र पर ₹1,000 से ₹5,000 तक की पेंशन के लिए मासिक योगदान दिया गया है। ये आंकड़े PFRDA की आधिकारिक APY तालिका से लिए गए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह हैं कि 18 साल की उम्र में शुरू करने पर ₹210/माह में ₹5,000 मासिक पेंशन का लक्ष्य है, जबकि 30 साल की उम्र में यही योगदान ₹577/माह हो जाता है। 40 साल की उम्र में ₹1,454/माह देना होगा। यानी जितनी कम उम्र में APY शुरू करेंगे, मासिक योगदान उतना कम रहेगा। तभी 60 वर्ष की उम्र के बाद चुनी गई राशि—₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000 या ₹5,000— की न्यूनतम गारंटीकृत मासिक पेंशन मिलती है। बस एक जरूरी सावधानी बरतिए : वह यह कि ऊपर के ₹1.06 लाख से ₹3.49 लाख तक के आंकड़े केवल आपके द्वारा किए जाने वाले निर्धारित योगदान का योग हैं। इसे निवेश पर मिलने वाले रिटर्न की तरह नहीं समझना चाहिए; APY में ₹5,000 पेंशन सरकार द्वारा गारंटीकृत न्यूनतम पेंशन है। बस इतना ध्यान रहे कि 1 अक्टूबर 2022 से जो व्यक्ति आयकरदाता है या रहा है, वह नया APY खाता नहीं खोल सकता है। PFRDA की आधिकारिक APY जानकारी विभागीय वेबसाइट https://pfrda.org.in/hi/schemes/atal-pension-yojana-apy) पर उपलब्ध रहती है, जहां पर जाकर आप खुद से चेक कर सकते हैं। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
LPU रेप-सुसाइड मामले में अमित शाह के रिश्तेदार की संलिप्तता बताते SP का AI वीडियो वायरल
वीडियो में एआई की मदद से छेड़छाड़ की गई है. मूल वीडियो में फगवाड़ा एसपी LPU मामले पर बात करते हुए अमित शाह के किसी संबंधी की संलिप्तता की बात नहीं कर रहे हैं.
सुरक्षा चिंताओं के चलते ओपनएआई ने नए मॉडल का लॉन्च रोका
वाशिंगटन, अमेरिकी एआई कंपनी ओपनएआई ने अपने नए एआई मॉडल के लॉन्च को रोक दिया है।
एशियन गेम्स पुरुष क्रिकेट में चारों क्वार्टर फाइनल बारिश की भेंट चढ़ गए। बिना एक भी गेंद खेले भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश ने सेमीफाइनल में जगह बनाई।
पेरिस फैशन वीक से अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन की कई तस्वीरें और वीडियो सामने आई हैं, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इनमें एक्ट्रेस का शानदार अंदाज देखने को मिल रहा है।
जीवन धारा: क्रोध को हावी मत होने दीजिए, विचार करके कदम बढ़ाने का कारगर सूत्र अपनाएं
जीवन धारा:क्रोध को हावी मत होने दीजिए, विचार करके कदम बढ़ाने का कारगर सूत्र अपनाएं
अब इस विवाद का अंत हो: सांविधानिक संस्थानों की स्वायत्तता को और मजबूत बनाने की जरूरत, यही लोकतंत्र के लिए शुभ
पितृ पक्ष: मौन होती मुंडेरें औरकौवे की लौटती याद,विज्ञान भी कौवे को साधारण पक्षी मानने से कहीं आगे जाता है
मौसम बेमौसम:कई राज्यों में लगातार बारिश असामान्य बदलाव के संकेत,समाधान की दिशा में गंभीर कदम उठाने ही होंगे
सिनेमाघरों में रिलीज हुई 'पैराडाइज' और 'द वन' के बीच सोमवार को कड़ी टक्कर देखने को मिली। इसके अलावा 'हनुमान अंश' थमने का नाम नहीं ले रही है। फिल्म 400 करोड़ से ज्यादा कमाई कर चुकी है। आइए जानते हैं फिल्मों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन।
ललित सुरजन की कलम से - मसीहा की तलाश?
'क्रिकेट प्रेमियों को यह प्रसंग अवश्य याद होगा। 1971 में अजीत वाडेकर की कप्तानी में भारत ने विदेश में दो टेस्ट श्रंखलाएं शानदार तरीके से जीती थीं
राजिंदर चौधरी पहले तो 'संसदीय समिति' की सिफ़ारिश के अनुरूप यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी तरह की परीक्षाएं न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के लिए आवश्यक पूर्व परीक्षा पर आधारित हों, यानी नीट/टीईई की परीक्षा विषय-वस्तु एवं स्तर, दोनों तरह से 12वीं की परीक्षा के अनुरूप हो। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों में से कुछ को चिह्नित करने के लिए न तो जवाब देने की गति को आधार बनाना चाहिए और न ही जटिलता को। कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) और युवाओं के हाल के आन्दोलन के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं का मुद्दा चर्चा में है। खबरें आ रही हैं कि भारत सरकार 'नीट' जैसी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार कर रही है। 'सुपर 30' से प्रोत्साहित होकर हरियाणा सरकार ने 'सुपर 100' शुरू किया जो अब 'सुपर 500' किया जा रहा है। इनमें चयनित बच्चों को होस्टल में रखकर परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाएगी और ख़र्च सरकार उठाएगी। ये उपाय समता-मूलक लग सकते हैं; जो बच्चे महंगी कोचिंग का बोझ नहीं उठा सकते, उनके लिए निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराना समता की ओर उठाया कदम लग सकता है, परन्तु कोचिंग (या ट्यूशन) की ज़रूरत ही क्यों पड़े? स्कूली शिक्षा ही पर्याप्त क्यों न हो? क्यों बच्चों पर दोहरा बोझ हो? क्यों स्वतन्त्र अध्ययन-मनन के स्थान पर बच्चे का अधिकांश समय कक्षा में ही बीते? इन प्रश्नों पर विचार करना ज़रूरी है। कोचिंग की ज़रूरत के दो ही कारण हो सकते हैं- या तो स्कूल अपना काम ठीक से नहीं करते या परीक्षाओं का स्तर स्कूल की पढ़ाई से ऊपर का है। दोनों परिस्थितियों में असफलता व्यवस्थागत है, न कि व्यक्तिगत। ऐसा नहीं है कि सरकार को इसका अहसास नहीं है। एक साल पहले ही, 17 जून 2025 को, भारत सरकार ने 'कोचिंग सम्बन्धी मुद्दों पर विचार करने और विद्यार्थियों की कोचिंग पर निर्भरता घटाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति' का गठन किया गया था। समिति को 'विद्यार्थियों की कोचिंग पर निर्भरता कम करने के उपाय सुझाने' थे और 'फर्जी' स्कूलों के पनपने की समस्या पर भी विचार करना था। इस कमेटी को हर माह मंत्री को रिपोर्ट करना था, परन्तु अब तक इसकी कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। खबरों में इसकी सिफारिशों का ज़िक्र अवश्य आया है, लेकिन संसद के पटल पर दिसंबर 25 में रखी गई 'संसदीय समिति' की 371वीं रिपोर्ट में स्पष्ट सिफ़ारिश की गई है कि 'यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रश्न-पत्र स्कूल परीक्षाओं के पाठ्यक्रम से मेल खाते हों, ताकि एक समानांतर पाठ्यक्रम और उससे जुड़े कोचिंग सेंटर उद्योग के पनपने से बचा जा सके।' असल में कोचिंग को बढ़ावा मिलने का बड़ा कारण यही है - दाखिला परीक्षाओं में प्रश्नों का स्तर स्कूल की किसी भी परीक्षा के स्तर से बहुत ऊपर का होता है। जिन परीक्षाओं में स्तर जटिल नहीं होता, वहां गति महत्वपूर्ण हो जाती है, यानी प्रश्न ज़्यादा और समय कम। इन दोनों कारणों से कोचिंग का रुझान दाखिलों और नौकरी के लिए बढ़ता जा रहा है। जटिल प्रश्नों, अपेक्षित न्यूनतम योग्यता से ऊपर के प्रश्नों या कम समय में ज़्यादा प्रश्नों की ज़रूरत क्यों पड़ती है? ताकि लाखों अभ्यर्थियों में से कुछ को चुना जा सके, परन्तु यह अंतर ही मुख्य समस्या है। इस अंतर को ख़त्म करना होगा। क्यों देश भर से लोग दिल्ली विश्वविद्यालय में ही आयें? क्या हर कालेज उच्च स्तरीय नहीं होना चाहिए? क्या हर डाक्टर और हर इंजीनियर को सक्षम नहीं होना चाहिए? क्या हर पीएचडी को समाज उपयोगी शोध नहीं करना चाहिए? क्या 'पीएम श्री' स्कूलों में जो सुविधाएं हैं (या होनी चाहिए), उनमें ऐसे क्या विशेष उपकरण हैं जो हर स्कूल में नहीं होने चाहिए? जब तक गरिमापूर्ण आजीविका के अवसर और उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थान सीमित रहेंगे, तब तक कोचिंग का बोलबाला रहेगा, स्कूल 'फर्जी स्कूल' बनकर रह जायेंगे और पेपर लीक माफिया सक्रिय रहेगा। क्या इसका अर्थ यह है कि जब तक ये बुनियादी प्रश्न हल नहीं होते तब तक कुछ नहीं हो सकता? नहीं, तात्कालिक रूप से भी काफ़ी कुछ हो सकता है। सबसे पहले तो 'संसदीय समिति' की सिफ़ारिश के अनुरूप यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी तरह की परीक्षाएं न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के लिए आवश्यक पूर्व परीक्षा पर आधारित हों, यानी नीट/टीईई की परीक्षा विषय-वस्तु एवं स्तर, दोनों तरह से 12वीं की परीक्षा के अनुरूप हो। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों में से कुछ को चिह्नित करने के लिए न तो जवाब देने की गति को आधार बनाना चाहिए और न ही जटिलता को। परीक्षक समझ और उस आधार पर अभ्यर्थी को जांचे जो सभी विद्यार्थियों को सहज उपलब्ध हो। ऐसा करना न केवल समता-मूलक है, अपितु बच्चों पर किशोरावस्था में पड़ने वाले अनावश्यक तनाव को भी कम करने के लिए ज़रूरी है। परीक्षाओं के प्रश्नों के स्वरूप का भी सुधार होना चाहिए। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के मूल्यांकन के लिए मशीनों के प्रयोग को सुलभ बनाने के लिए अधिकांशत: प्रतियोगी परीक्षायें बहुविकल्पीय प्रश्नों तक सीमित हो जाती हैं। पूरी तरह बहुविकल्पीय प्रश्नों पर निर्भर होने के स्थान पर संक्षिप्त उत्तर वाले प्रश्नों और लम्बे प्रश्नों का भी उपयोग किया जाए। क्यों स्वयं गणना करने के स्थान पर उपलब्ध विकल्पों में से ही चुनने को कहा जाए? विद्यार्थी की समझ और उपयोग की जांच हो, न कि याददाश्त और लिखने की गति की। ऐसे प्रश्न होने पर मूल्यांकन मशीन द्वारा नहीं हो पायेगा और व्यक्तियों की ज़रूरत होगी। ऐसा करने पर दो दिक्कतें हो सकती हैं, परन्तु उनका भी सहज उपाय है। एक समस्या भेदभाव की हो सकती है जिससे बचने के लिए हर उत्तर पुस्तिका को मूल्यांकन के पश्चात सार्वजनिक कर दिया जाए और पुनर्मूल्यांकन सुलभ बनाया जाए। इसके अलावा हर साक्षात्कार के वीडियो भी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध होने चाहिए। ऐसा करने से भेदभाव और सिफ़ारिश पर काफ़ी हद तक रोक लग सकती है। मशीनों से मूल्यांकन न करवाकर व्यक्तियों से मूल्यांकन करवाने से दूसरी समस्या यह होगी कि इसमें समय और संसाधन अधिक लगेंगे, परन्तु विचार करने पर आप पायेंगे कि ग़ैर-मशीनी मूल्यांकन में लगने वाला अतिरिक्त समय और संसाधन रटने और कोचिंग पर लगने वाले समय और संसाधनों से कम ही होगा। इन तात्कालिक उपायों से पेपर लीक करने-कराने का प्रलोभन ख़त्म तो नहीं होगा, परन्तु कम हो जाएगा। इसके साथ ही कोचिंग और ट्यूशन की ज़रूरत भी काफ़ी कम हो जायेगी, 'फर्जी' स्कूल भी कम हो जायेंगे। कोचिंग और ट्यूशन को बैन भले ही न किया जाए, परन्तु इनको शिक्षण संस्थाओं की असफलता का पैमाना माना जाए। जिस राज्य/जिले/शहर में कोचिंग संस्थान बढ़ें, इसे उस क्षेत्र के शिक्षा अधिकारियों की असफलता माना जाए। उपरोक्त उपायों के बिना पेपर लीक की मांग और आपूर्ति कराने वाले बने रहेंगे। अगर यह सब दूर की कौड़ी लगता है तो ऐसा समाज/सरकार अपनी शिक्षण संस्थाओं को ठीक से चला नहीं सकती, उससे यह आशा करना कि पेपर लीक पर रोक लगा लेगी सपना ही रहेगा। सरकारी स्कूलों को छोड़कर हम निजी स्कूलों की ओर गए, परन्तु क्या निजी स्कूलों में भी बिना ट्यूशन और कोचिंग के काम चल रहा है? सरकारें चंद बच्चों को मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराने की बजाय इस पर विचार करें कि कोचिंग कम कैसे हो? (लेखक सेवानिवृत प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय रोहतक हरियाणा हैं।)
ट्रंप-शी मुलाकात : भारतीय रणनीति की परीक्षा
ट्रंप-शी मुलाकात का केंद्रीय सबक यह है कि प्रतिद्वंद्विता कम नहीं हो रही, बल्कि अधिक व्यवस्थित ढंग से संभाली जा रही है
एक्सप्लेनर: उरी हमले के बाद कैसे एलओसी पारकर भारतीय सेना ने आतंकी ठिकानों को किया तबाह, 10 साल पहले क्या हुआ?
पाकिस्तान के बेतूके सवालः भारत के सटीक जबाव
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें अधिवेशन में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर वही पुराने सवाल सामने आए, जिनका समाधान दक्षिण एशिया की शांति और स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 81वां अधिवेशन 8 सितंबर 2026 से शुरू हुआ और इसकी सामान्य बहस 22 से 26 सितंबर के बीच ... Read more
विचार: अमेरिकी बाजार का विकल्प खोजे भारत
अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर जबरन श्रम से जुड़े टैरिफ पहले ही लगा रखा है, जिससे भारत पर अमेरिका के मौजूदा टैरिफ 10 प्रतिशत और हो गए हैं।
विचार: यूपी लिखेगा राष्ट्रीय राजनीति की पटकथा
आगामी विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में से सबसे अधिक राजनीतिक सरगर्मी उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रही है।
जागरण संपादकीय: कोचिंग पर निर्भरता
आखिर जब पाठ्यक्रम एक है तो स्कूली और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नों का स्तर अलग-अलग क्यों? निःसंदेह यह अंतर इसलिए आया, क्योंकि शिक्षा बोर्डों का उद्देश्य अधिक से अधिक छात्रों को 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में सफल बनाना होता है और वह भी अच्छे नंबरों से।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने असली और नकली पनीर के बीच स्पष्ट अंतर करने की दिशा में जो पहल की है, वह उपभोक्ता अधिकार, खाद्य सुरक्षा और ईमानदार डेयरी उद्योग- तीनों के हित में…
गुजरात से कन्या कुमारी तक फैले पश्चिमी घाट की चिंता
देश में बाढ़ और सूखे से सैकड़ों लोगों की मौत की खबरें अब लगभग आम बात हो गई हैं। कुछ समय के लिए सदमा लगता है, बेबसी महसूस होती है और गुस्सा भी आता है, लेकिन फिर सब कुछ सामान्य हो जाता है। समस्या की जड़ तक…
सर्जिकल स्ट्राइक से हुआ जो हासिल
वह 29 सितंबर, 2016 की भोर थी, जब भारतीय सेना द्वारा पीओके में घुसकर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने की खबर मीडिया में प्रसारित हुई। बेशक, पहले भी ऐसी सैन्य कार्रवाइयां होती रही हैं, मगर यह पहला मौका था…
राष्ट्रीय राजधानी और उत्तर भारत में प्रदूषण के चरम दिन फिर आ रहे हैं। इस मोर्चे पर समय रहते दिल्ली और हरियाणा की तैयारी खासतौर पर ध्यान खींच रही है। पराली जलाने पर रोक के लिए हरियाणा ने उपाय किए हैं, तो दिल्ली ने भी…
गर्म कपड़ों की खरीदारी के लिए बाजार पहुंच रहें पर्यटक: नैनीताल
नैनीताल, सरोवर नगरी नैनीताल में लगातार हो रही बारिश के बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली है। बीते तीन दिनों से जारी बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है।
हिमालय की ऊंचाइयों तक पहुंचा प्रदूषण, उत्तराखंड से एवरेस्ट तक प्रदूषण के मिले गंभीर संकेत
अधिक चौंकाने वाले प्रमाण नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र से मिले हैं। शोधकर्ताओं को खुंबू घाटी में 2,860 से 5,364 मीटर तक किए गए माप में आठ घंटे की ओजोन सांद्रता कुछ अवसरों पर 100 पीपीबी से ऊपर मिली।
दूसरा पहलू: एक पोटली में कश्मीर से कराची तक का भारत, तीर्थ पुरोहितों के पास दर्ज है इतिहास
दूसरा पहलू: एक पोटली में कश्मीर से कराची तक का भारत, तीर्थ पुरोहितों के पास दर्ज है इतिहास
विचार: भारत के लिए वरदान साबित हो सकता है एआई
एआई एक शक्तिशाली तकनीक है जो भारत के लिए वरदान साबित हो सकती है, बावजूद इसके कि इसके साथ कुछ डर और चुनौतियां जुड़ी हैं।
प्रकृति को लीलती भोजन की जूठन:भारत अब भी भोजन बर्बादी मामले में दूसरे नंबर पर,दंडनीय अपराध घोषित करे सरकार
विचार: जिम्मेदार एआई में है मानवता का हित
एआई अब हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुकी है, लेकिन इसके दुरुपयोग, स्वायत्तता और गलत सूचना के प्रसार से जुड़े संभावित खतरे भी हैं।
एसएससी सीजीएल 2026: 30 सितंबर को होने वाली टियर-1 परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी, ऐसे करें डाउनलोड
SSC CGL Tier 1 Admit Card 2026: एसएससी सीजीएल टियर-1 का प्रवेश पत्र जारी हो गया है। फिलहाल 30 सितंबर को परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी इसे डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा 30 सितंबर से 30 अक्तूबर तक तीन पालियों में होगी।
सिनेमाघरों में बीते हफ्ते सिद्धार्थ मल्होत्रा और नानी की फिल्में रिलीज हुई हैं। इसके अलावा 'हनुमान अंश', 'मिर्जापुर' जैसी फिल्में पहले से लगी हुई हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि इन सभी ने अभी तक कितना कलेक्शन किया है?
एक्सप्लेनर: भगत सिंह की कहानी; कैसे शुरू हुआ क्रांतिकारी बनने का सफर, किन घटनाओं ने बदली उनकी सोच?
एक्सप्लेनर: भगत सिंह की कहानी; कैसे शुरू हुआ क्रांतिकारी बनने का सफर, किन घटनाओं ने बदली उनकी सोच?
ललित सुरजन की कलम से हिमाचल प्रदेश-2 : आरामकुर्सी पर पसरा जलप्रपात
हम जब धर्मशाला पहुंचे थे तब मौसम खुला हुआ था, लेकिन रात अच्छी-खासी बारिश हुई थी, सुबह भी रिमझिम हो रही थी।
राजधानी में अन्य राज्यों के भवनों की तर्ज पर अब दिल्ली सरकार का अपना पहला भव्य स्टेट गेस्ट हाउस ‘दिल्ली सदन’ आकार लेने जा रहा है।
मैदान से लेकर पहाड़ तक भारी बारिश व बर्फबारी के चलते यूपी से लेकर नेपाल तक हालात खराब हैं।
अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन : राष्ट्रपति शी का दबदबा, और ट्रंप के पत्ते
एआई के मुद्दे पर, राष्ट्रपति शी ने एआई विकास पर ज़रूरत से ज़्यादा नियंत्रण का विरोध किया और ओपन-सोर्स एआई का समर्थन किया।
सपा-कांग्रेस मिलते हैं तो एक और एक ग्यारह, झगड़ते हैं तो जीरो!
ओवैसी तो बंगाल बिहार हर जगह थे मगर उत्तर प्रदेश में मायावती भी हैं। विपक्ष को यहां कई मोर्चों पर लड़ना है।
छात्रों के हिंसक विरोध के बाद लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए रेगुलर क्लास सस्पेंड कर दी हैं और मिड-टर्म परीक्षाएं टाल दी हैं।
सदैव प्रेरित करने वाले विराट व्यक्तित्व: पीएम नरेंद्र मोदी
अशोक सिंहल जी ने हर क्षण इस महान राष्ट्र के उत्कर्ष का ही स्वप्न देखा था। हम उनके सपनों को साकार करने के संकल्प को फिर दोहराएं।
विचार: बच्चों को मिले गलती सुधारने का अवसर
संरक्षण गृह एक ऐसी जगह होनी चाहिए, जो बच्चे को उसके कठिन अतीत से निकालकर एक बेहतर भविष्य तक पहुंचाए।
तनाव और खराब पाचन से परेशान? करें ये योगासन
नई दिल्ली, योग हमारे शरीर और मन को स्वस्थ रखने का सबसे प्राकृतिक तरीका है। ऐसे ही एक सरल और लाभकारी योगासन का नाम है शशकासन। शशक शब्द का अर्थ होता है खरगोश। इस आसन के अभ्यास के दौरान शरीर की आकृति खरगोश जैसी बन जाती है, इसलिए इसे शशकासन कहा जाता है। यह आसन दिखने में जितना सरल है, इसके लाभ उतने ही प्रभावशाली हैं।
15 Years Of Manish Malhotra Mijwan: बीती रात मुंबई में मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा का खास 'मिजवान वेलफेयर फैशन शो' आयोजित हुआ। यहां कई सेलेब्स ने शिरकत की। विक्की कौशल और आलिया भट्ट ने साथ में रैंप वॉक कर महफिल लूट ली।
श्राद्ध पक्ष 2026: पितृ कर्म के लिए कौन सा समय है सबसे शुभ? जानिए 4 खास मुहूर्त
पितृ पक्ष में पितरों की आत्मिक शांति और तृप्ति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है। शास्त्रों में इन कर्मों के लिए कुछ विशेष काल बताए गए हैं। आइए जानते हैं श्राद्ध कर्म के शुभ समय और मुहूर्त।
आज का राशिफल 27 सितंबर: मेष, मिथुन और कुंभ राशि वालों को मिल सकते हैं नए अवसर , पढ़ें दैनिक राशिफल
Aaj Ka Rashifal 27 September 2026: आज ग्रह-नक्षत्रों की चाल का असर सभी राशियों पर अलग-अलग देखने को मिल सकता है। जानें मेष से मकर तक किन राशियों के लिए दिन खास रहेगा और किन मामलों में सावधानी जरूरी होगी।
जानना जरूरी है: जरासंध से युद्ध में कृष्ण ने क्यों छोड़ा रण? महाभारत काल में भीम ने किया था वध, जानिए कथा
पितृपक्ष 2026: कितने प्रकार के होते हैं श्राद्ध कर्म? जानिए 12 प्रमुख प्रकार और उनका महत्व
पितृ पक्ष में पितरों की शांति और तृप्ति के लिए श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों में श्राद्ध के अलग-अलग प्रकार और उनके उद्देश्य बताए गए हैं।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा।
दुनिया बेहिसाब बड़ी है और बच्चों के लिए तो और भी अथाह रहस्यमय। फौज में रहे नाना जब अपने दुलारे नाती को दूर देश-प्रदेश के अनुभव सुनाते, तब नाती कान खड़े कर सुनता था। पूछता चला जाता कि वहां के लोग कैसे दिखते हैं…
विचार: चुनाव आयोग के विवाद पर विराम
किसी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान मतभेद होना स्वाभाविक हैं। इन्हें तूल देने का कोई औचित्य नहीं बनता, लेकिन ऐसा ही किया गया।
जागरण संपादकीय: संदेह का निराकरण
वैसे तो तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक और उसके बाद जारी बयान ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ छेड़े गए विपक्ष के अभियान की हवा निकाल दी है, लेकिन यह तय है कि वह चुप नहीं बैठने वाला।
इस दौर में निरंकुश सत्तानायकों को नियंत्रित करने के लिए न कोई अंतरराष्ट्रीय संस्था बची है और न विचार। यह अकारण नहीं है कि जंगें भड़क रही हैं और समूची दुनिया की अर्थव्यवस्था सतहगामी है। ऐसा लगता है, मौजूदा दुनिया को कमजोर और निर्धन मुल्कों या इंसानों की जरूरत नहीं रह बची है…
नॉमिनी नहीं बनाया है तो म्यूचुअल फंड का पैसा किस प्रक्रिया से मिलता है? यहां जानें जरूरी बातें
आजकल किसी भी बैंकिंग व्यवहार में नॉमिनी को दर्ज किया जाना आम बात है, फिर भी यदि किसी वजह से म्यूचुअल फंड निवेशक की नॉमिनी दर्ज नहीं है, तब भी निवेश का पैसा खत्म नहीं होता, बल्कि निवेशक की मृत्यु के बाद यूनिट्स/रिडेम्पशन की रकम कानूनी उत्तराधिकारी (legal heirs) को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मिलती है। हालांकि, नॉमिनी होने की तुलना में प्रक्रिया अधिक लंबी और दस्तावेज़-आधारित हो सकती है। इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि नॉमिनी नहीं होने पर पैसा कैसे मिलता है? इसके लिए किन-किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है। आइए जानते हैं क्रमबद्ध रूप से- पहला, सबसे पहले मृत्यु प्रमाणपत्र निवेशक के निधन का आधिकारिक Death Certificate प्रस्तुत करना होता है। दूसरा, उत्तराधिकारी की पहचान यदि नॉमिनी नहीं है, तो AMC/RTA आम तौर पर यह देखता है कि दावा करने वाला व्यक्ति मृतक का वैध उत्तराधिकारी है या नहीं। इसके लिए परिस्थितियों के अनुसार इनमें से दस्तावेज मांगे जा सकते हैं: (i) Legal Heir Certificate, (ii) Succession Certificate, (iii) Will/वसीयत, (iv) Probate/Letters of Administration, (v) अन्य आवश्यक कानूनी दस्तावेज। इसे भी पढ़ें: आधार में मोबाइल नंबर से लेकर पता तक घर बैठे बदलें: 2026 की पूरी प्रक्रिया, शुल्क और जरूरी दस्तावेज तीसरा, छोटे दावे में प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल हो सकती है, यदि निवेश की कुल रकम निर्धारित सीमा के भीतर है, तो संबंधित AMC/RTA अपनी policy के अनुसार indemnity/affidavit, declaration, KYC और अन्य दस्तावेजों के आधार पर भुगतान की प्रक्रिया कर सकता है। सीमा और दस्तावेज AMC/RTA के नियमों पर निर्भर करते हैं। चौथा, कई कानूनी वारिस हों तो यदि मृतक के एक से अधिक legal heirs हैं, तो सभी के दावे/सहमति की आवश्यकता पड़ सकती है। एक वारिस को पैसा देने के लिए दूसरे वारिसों की NOC/consent भी मांगी जा सकती है। पांचवां, वसीयत होने पर यदि मृतक ने वैध Will छोड़ी है, तो उसी के आधार पर अधिकार निर्धारित किया जा सकता है। बड़े या विवादित मामलों में probate अथवा succession-related court documents की जरूरत पड़ सकती है। एक महत्वपूर्ण फर्क समझिए। Nominee = हमेशा अंतिम मालिक नहीं। नॉमिनी की भूमिका मुख्यतः निवेश/संपत्ति को प्राप्त करने और आगे उचित प्रक्रिया में रखने/हस्तांतरित करने से जुड़ी होती है। वास्तविक उत्तराधिकार का निर्धारण लागू succession law और वैध वसीयत के आधार पर हो सकता है। उदाहरण: मान लीजिए किसी व्यक्ति के म्यूचुअल फंड में ₹10 लाख हैं और उन्होंने कोई nominee नहीं बनाया। मृत्यु के बाद उनकी पत्नी और दो बच्चे दावा करते हैं। ऐसे मामले में AMC/RTA सीधे किसी एक व्यक्ति को पैसा देने के बजाय: 1. मृत्यु प्रमाणपत्र, 2. KYC, 3. legal-heir/succession documents, 4. अन्य वारिसों की consent/NOC आदि मांग सकता है। दस्तावेज पूरे होने के बाद units को redeem/transfer करके निर्धारित बैंक खाते में राशि दी जा सकती है। सच कहूं तो म्यूचुअल फंड निवेशक की मृत्यु के बाद पैसा किसे और कैसे मिलेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि Nominee, Joint Holder और Will में से क्या मौजूद है। म्यूचुअल फंड निवेशक की मृत्यु के बाद पैसा पाने की पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:- एक, Nominee बना हुआ है, यह सबसे आसान स्थिति है। नॉमिनी को संबंधित AMC/RTA के पास मृत्यु की सूचना देकर दावा करना होता है। सामान्यतः मांगे जाने वाले दस्तावेज हैं: मृत्यु प्रमाणपत्र, नॉमिनी का PAN/KYC, बैंक खाते का विवरण, Claim/ Transmission Form, मृतक के म्यूचुअल फंड खाते/फोलियो की जानकारी और अन्य दस्तावेज, जैसा AMC/RTA मांगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद units को नॉमिनी के नाम transmit किया जा सकता है या लागू प्रक्रिया के अनुसार उनका redemption किया जा सकता है। हमेशा ये बात ध्यान रखें कि नॉमिनी होना और अंतिम कानूनी उत्तराधिकारी होना हमेशा एक ही बात नहीं है। उत्तराधिकार का अंतिम अधिकार लागू succession law और वैध Will के अनुसार तय हो सकता है। दो, Joint Holding है: यदि म्यूचुअल फंड folio में दो या अधिक joint holders हैं, तो मृत्यु के बाद प्रक्रिया holding mode पर निर्भर करती है। उदाहरण: A & B — Joint Holding. यदि A की मृत्यु हो जाती है, तो surviving holder B को मृत्यु प्रमाणपत्र और निर्धारित transmission documents देकर units अपने नाम कराने की प्रक्रिया करनी होती है। यह स्थिति सामान्यतः अकेले निवेशक के बिना nominee होने की तुलना में सरल होती है। तीन, Nominee नहीं है, लेकिन Will है: यहां मामला थोड़ा अलग हो जाता है। यदि निवेशक ने वैध Will (वसीयत) बनाई है, तो Will में बताए गए beneficiary/legatee के आधार पर दावा किया जा सकता है। सामान्यतः जरूरत पड़ सकती है: Death Certificate, Will की copy, Claim/Transmission Form, PAN/KYC, बैंक विवरण, अन्य legal documents. कुछ मामलों में Probate/Letters of Administration आदि की आवश्यकता हो सकती है—विशेषकर जब मामला बड़ा हो, विवाद हो या लागू कानून/क्षेत्राधिकार के अनुसार इसकी आवश्यकता हो। चार, Nominee भी नहीं और Will भी नहीं: यही स्थिति परिवार के लिए सबसे अधिक कागजी कार्रवाई वाली हो सकती है। तब दावा legal heirs द्वारा किया जाता है। परिवार को पहले यह स्थापित करना पड़ सकता है कि मृतक के वैध उत्तराधिकारी कौन हैं। हर मामले में सभी दस्तावेज जरूरी नहीं होते। दस्तावेजों की आवश्यकता निवेश की राशि, उत्तराधिकार की स्थिति, Will और AMC/RTA की लागू प्रक्रिया के अनुसार बदल सकती है। पांचवां, कई Legal Heirs हों तो क्या होगा?: मान लीजिए मृतक के पीछे: पत्नी, एक बेटा, एक बेटी, तीन संभावित legal heirs हैं। ऐसे में AMC/RTA यह सुनिश्चित करना चाहेगा कि किसी एक व्यक्ति को भुगतान करने से दूसरे वैध उत्तराधिकारियों के अधिकार प्रभावित न हों। इसलिए परिस्थितियों के अनुसार: सभी वारिसों की consent/NOC, एक व्यक्ति को transmission/payment या कानूनी उत्तराधिकार दस्तावेज, संबंधित वारिसों के अधिकार के अनुसार वितरण की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। यदि परिवार में विवाद है, तो मामला अदालत तक भी जा सकता है। छठा, अगर निवेशक पर कर्ज भी था?: यह महत्वपूर्ण बिंदु है। मृतक की संपत्ति का उत्तराधिकार मिलने का अर्थ यह नहीं कि उससे जुड़े वैध दायित्व स्वतः समाप्त हो जाते हैं। यदि कोई ऋण/कानूनी दावा है, तो उसकी स्थिति अलग से देखनी पड़ सकती है। इसलिए बड़ी रकम वाले निवेश में Will और Nomination और व्यवस्थित financial records रखना बहुत उपयोगी है। सातवां, सबसे जरूरी दस्तावेजों की Master Checklist: परिवार को पहले से एक सुरक्षित जगह पर ये रिकॉर्ड रखना चाहिए: निवेश से जुड़े दस्तावेज: AMC के नाम, Folio Number, Scheme Name, Statement of Account, PAN, Nominee details, Holding mode — Single/Joint, Distributor/Platform details. मृत्यु के बाद: Death Certificate, Claim/Transmission Form, Claimant का PAN, KYC documents, Bank proof/cancelled cheque, Legal Heir Certificate, जहां आवश्यक हो, Will, यदि मौजूद हो, Succession/Probate documents, जहां आवश्यक हो, NOC/Consent, जहां आवश्यक हो, Indemnity/Affidavit, जहां आवश्यक हो। # एक बहुत उपयोगी Financial Safety File बनाइए परिवार की सुविधा के लिए एक “Financial Information File” बनाकर उसमें यह सूची रखें: Bank Accounts, Mutual Funds, Insurance, PPF, EPF, NPS, Demat/Shares, Bonds, Property and Loans. हर निवेश के सामने लिखें: संस्था | Account/Folio No. | Nominee | Approx. Value | संबंधित दस्तावेज, लेकिन OTP, UPI PIN, ATM PIN, Internet Banking Password या अन्य संवेदनशील पासवर्ड इस फाइल में खुले रूप में न रखें। # सबसे बेहतर व्यवस्था क्या है? यदि आप चाहते हैं कि मृत्यु के बाद परिवार को कम से कम परेशानी हो, तो आदर्श रूप से: Nominee, Valid Will, Updated KYC, सही Bank Details और परिवार को investments की जानकारी- इन पांचों को व्यवस्थित रखें। Nominee अकेला पर्याप्त नहीं है, और Will होने पर भी nominee details अपडेट रखना उपयोगी है। # निवेशकों के लिए सबसे जरूरी सलाह अगर आपने अभी तक म्यूचुअल फंड में nomination नहीं किया है, तो इसे जल्द पूरा करना बेहतर है। इससे मृत्यु के बाद परिवार को अनावश्यक कागजी कार्रवाई और देरी से बचाया जा सकता है। और यदि आपके पास कई म्यूचुअल फंड हैं, तो हर folio में nominee की स्थिति जरूर जांचें—सिर्फ एक फंड में nominee दर्ज होना पर्याप्त नहीं है। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
सेहत के लिए वरदान है फाइबर, रोज कितना खाना चाहिए ? जाने सही मात्रा और फायदे
नई दिल्ली, सेहतमंद रहने के लिए सिर्फ भरपूर खाना जरूरी नहीं है, बल्कि संतुलित और पौष्टिक डाइट लेना बेहद जरूरी है। हमारी रोज की डाइट में फाइबर से भरपूर चीजों को शामिल करना हेल्दी ईटिंग प्लान का अहम हिस्सा है। फाइबर और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ-साथ लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है।
शरीर संतुलन में चले तो करे अष्टावक्रासन
नई दिल्ली, योग केवल शरीर को लचीला बनाने की क्रिय नहीं है, बल्कि यह मन और आत्मा को संतुलित करने का एक प्राचीन मार्ग है। भारतीय योग परंपरा में अष्टावक्रासन एक ऐसा योगासन है, जो बाजुओं में मजबूती, पेट की मांसपेशियों में कसाव और मानसिक स्थिरता लाने के लिए जाना जाता है।
Rashifal 26 September 2026: आज का दिन कुछ राशियों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में नए अवसर लेकर आ सकता है, तो कुछ लोगों को रिश्तों और फैसलों में सावधानी बरतनी होगी। जानें मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।
26 सितंबर 2026 को शनिवार होने के साथ-साथ आज महीने का चौथा शनिवार है। इस वजह से आज देशभर में बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी, हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी।
फिर हादसा, फिर सवाल: कागजी नियमों से सुरक्षा नहीं,जमीनी स्तर पर सख्त और निरंतर औचक निरीक्षण सबसे जरूरी कदम
राजनीतिक दखलंदाजी से खराब होता टाटा गु्रप का नाम
टाटा गु्रप में हुए हाल के घटनाक्रम से कई लोगों को बेचैनी महसूस हो सकती है।
सितंबर के आखिरी हफ्ते में पहाड़ से लेकर मैदान तक भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
27 सितम्बर विश्व नदी दिवस, नदियां बचेंगी तो बचेगा जीवन: नदी संरक्षण की चुनौती
भारत को नदियों का देश माना जाता है तथा यहां छोटी और बड़ी नदियों को मिलाकर लगभग 4000 से अधिक नदियां है।
पेड़ों के आसपास की मिट्टी में कई तरह के जंतु होते हैं। कीड़े-मकोड़ों का भी वास होता है।
जीवन के अन्तिम पड़ाव में- अपनों रिश्तो की अहमियत समझिये!
परिवार का इस दुनिया मे कोई भी सानी नही है। मगर रिश्ता यहाँ का कोई भी हो बेमानी नही है। कुछ लोग कहते है कि सभी साथ छोड़ जाते है। जीवनभर साथ देती किसी की भी जवानी नही है। आप है इसलिए अच्छा लगता हैं कहने के लिए , लिखने के लिए यह बात अच्छी ... Read more
विचार: तकनीक के मोर्चे पर छाप छोड़ता भारत
भारत भविष्य की तकनीकों, जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग, फोटोनिक्स, आप्टोइलेक्ट्रानिक्स और एआइ के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए चिप्स के क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को तत्पर है।
विचार: संवेदना के साथ न्याय भी सुनिश्चित हो
दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई हो और आरोप असत्य या दुर्भावनापूर्ण सिद्ध होने पर निर्दोष व्यक्ति का सम्मान लौटाया जाए।
भारत: स्कूलों के 50 मीटर दायरे से दूर होगा जंक फूड?
बच्चों में मोटापा रोकने के लिए भारत सरकार स्कूलों के आसपास हाई फैट, शुगर और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री सीमित करने पर विचार कर रही है
बेटियों को बुरी नजरों से कैसे बचाया जाए
यह खेद की बात है कि संस्कार के युग में व्यभिचार का दौर चल गया। खेद है कि समता पर आधारित हमारे भारत राष्ट्र में, असम्माननीय कर्म चलन-सा बनता जा रहा। खेद यह भी है कि जो बालिका साइकिल पर बैठ स्कूल चल पड़ी थी, उसी को दरिंदों ने समूह बनाकर अपना निशाना बनाया…
लड़कियों की असुरक्षा के लिए तंत्र जिम्मेदार
बिहार से लेकर राजधानी दिल्ली तक लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न और बलात्कार की कई घटनाओं ने एक बार फिर पूरे देश में महिला सुरक्षा के विषय को सुर्खियों में ला दिया है। जाहिर है, इस पर समाज में रोष है और लोग (खासकर बच्चियां, महिलाएं) इस स्थिति से जल्द से जल्द निजात चाहते हैं…
आधार में मोबाइल नंबर से लेकर पता तक घर बैठे बदलें: 2026 की पूरी प्रक्रिया, शुल्क और जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड आज लगभग हर महत्वपूर्ण सरकारी और वित्तीय काम में इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज है। बैंक खाता, मोबाइल कनेक्शन, पेंशन, सरकारी योजनाओं से लेकर आयकर और डिजिटल केवाईसी (KYC) तक कई सेवाओं में आधार से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि अगर आधार में मोबाइल नंबर, पता या ई-मेल बदल गया है तो क्या हर बार आधार केंद्र जाना जरूरी है? जवाब है—नहीं। 2026 में UIDAI ने नए Aadhaar App के जरिए कई महत्वपूर्ण सेवाओं को मोबाइल से उपलब्ध कराया है। फिलहाल ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि नाम, जन्मतिथि, लिंग और बायोमेट्रिक जैसी सभी जानकारी घर बैठे बदलने की सुविधा नहीं है। इनके लिए परिस्थितियों के अनुसार Aadhaar Enrolment/Update Centre जाना पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: स्टार्टअप के लिए 2 लाख तो PhD में हर महीने 10 हजार, बेटियों के लिए बिहार की सम्राट सरकार की बड़ी योजनाएं # 2026 में आधार में क्या-क्या घर बैठे बदल सकते हैं? एक, मोबाइल नंबर: यह 2026 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। UIDAI के नए Aadhaar App में Mobile Number Update की सुविधा उपलब्ध है। ऐप में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए Aadhaar number holder को ऐप पर रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करना और आवश्यक authentication पूरा करना होता है। UIDAI के अनुसार नए ऐप में Mobile Number Update और Address Update दोनों सेवाएं उपलब्ध हैं। ध्यान रखें कि आपकी स्थिति और authentication requirements के आधार पर प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए ऐप में दिखाई देने वाले निर्देशों का पालन करें। दो, पता: आधार में पता बदलने की सुविधा लंबे समय से myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है और अब नया Aadhaar App भी Address Update सुविधा देता है। ऑनलाइन Address Update के लिए सामान्यतः: Aadhaar Number, Registered Mobile OTP, नया पता, संबंधित दस्तावेज और Submit की प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI के अनुसार myAadhaar पर ऑनलाइन Address Update के लिए आधार से मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना जरूरी है और मांगे गए पते के प्रमाण (POA) का दस्तावेज अपलोड करना होता है। तीसरा, ई-मेल: ई-मेल अपडेट की सुविधा भी Aadhaar App में उपलब्ध है। खास बात यह है कि UIDAI ने Aadhaar App के जरिए ई-मेल एड्रेस अपडेट का शुल्क 31 दिसंबर 2026 तक माफ किया है। # अब जानिए कि किन चीजों के लिए आधार केंद्र जाना पड़ सकता है? हर Aadhaar detail को मोबाइल से बदलने की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। जैसे: नाम: नाम में परिवर्तन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत Aadhaar Enrolment/ Update Centre जाना पड़ सकता है और वैध supporting document देना होता है। जन्मतिथि: Date of Birth में बदलाव के लिए भी दस्तावेजों के साथ निर्धारित अपडेट प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI ने इसके लिए अलग Standard Operating Procedure भी जारी किया है। लिंग: Gender update के लिए भी Aadhaar Centre की assisted update प्रक्रिया उपलब्ध है। फोटो और बायोमेट्रिक: फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो जैसे biometric updates के लिए Aadhaar Centre जाना पड़ता है। UIDAI के अनुसार biometric update में fingerprint, iris और photograph शामिल हैं। सामान्य परिस्थितियों में biometric update का शुल्क ₹125 है, जबकि निर्धारित आयु-समूहों में Mandatory Biometric Update पर विशेष छूट लागू है। # 2026 में आधार अपडेट का शुल्क कितना है? UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची के अनुसार: सेवा-शुल्क Demographic Update अलग से ₹75, Biometric Update सामान्यतः ₹125, Demographic व Biometric Update एक साथ। Biometric update के नियमों के अनुसार, Aadhaar App से Email Update| 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त। myAadhaar से Document Update14 जून 2027 तक मुफ्त। Aadhaar Centre पर Document Updat ₹75. UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची में demographic update के अंतर्गत नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आदि शामिल किए गए हैं। अलग से demographic update कराने की फीस ₹75 है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों के Mandatory Biometric Update के लिए अलग शुल्क नियम हैं। 7–15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शुल्क-माफी की वर्तमान व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू है। # myAadhaar से पता कैसे बदलें? अगर आप वेबसाइट के माध्यम से पता बदलना चाहते हैं तो प्रक्रिया मोटे तौर पर इस प्रकार है: Step 1: UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर जाएं। Step 2: Aadhaar number से लॉगिन करें। Step 3: Registered mobile पर आए OTP से authentication करें। Step 4: Address Update विकल्प चुनें। Step 5: नया पता सावधानी से दर्ज करें। Step 6: मांगा गया Proof of Address दस्तावेज अपलोड करें। Step 7: जानकारी को Preview में अच्छी तरह जांचें। Step 8: आवश्यक शुल्क का भुगतान करें। Step 9: Request Submit करें। इसके बाद आपको Update Request Number/ Reference के जरिए स्थिति ट्रैक करने की सुविधा मिल सकती है। UIDAI के अनुसार ऑनलाइन Address Update में अपलोड किए गए दस्तावेजों का verification किया जाता है। # Aadhaar App से अपडेट कैसे करें? नया Aadhaar App Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। UIDAI के अनुसार ऐप में Aadhaar number डालकर, Terms/Privacy को स्वीकार करके और Face Authentication पूरा करके registration किया जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध सेवाओं में जाकर संबंधित update विकल्प चुना जा सकता है। Aadhaar App की प्रमुख सुविधाएं: Mobile Number Update, Address Update, Biometric Lock/Unlock, Authentication History, e-Aadhaar Download, Aadhaar Verifiable Credential Sharing, Contact Card Sharing and Update Request Tracking. UIDAI ने बताया है कि ऐप के लिए Android 9.0 या उससे ऊपर तथा iOS 16.0 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम आवश्यक है। # Document Update क्या है? यह समझना बहुत जरूरी है कि Document Update और Demographic Update एक ही चीज नहीं हैं। Document Update में पहचान और पते से संबंधित दस्तावेजों को आधार रिकॉर्ड के समर्थन में जमा किया जाता है। UIDAI ने myAadhaar portal पर Document Update की फीस 14 जून 2027 तक माफ की है। जबकि Aadhaar Centre पर Document Update के लिए ₹75 शुल्क निर्धारित है। इसलिए जिन लोगों ने लंबे समय से अपने आधार में पहचान या पते के प्रमाण से जुड़े दस्तावेज अपडेट नहीं किए हैं, उन्हें UIDAI की सलाह और अपने रिकॉर्ड के अनुसार Document Update पर भी ध्यान देना चाहिए। # कौन-कौन से दस्तावेज काम आ सकते हैं? पता अपडेट के लिए UIDAI द्वारा स्वीकार किए जाने वाले वैध Proof of Address दस्तावेजों की सूची में विभिन्न सरकारी और अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर UIDAI की जानकारी में पासपोर्ट, राशन कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों का उल्लेख है। कुछ परिस्थितियों में बिजली, पानी या लैंडलाइन टेलीफोन बिल भी निर्धारित शर्तों के तहत स्वीकार किए जा सकते हैं। लेकिन कोई भी दस्तावेज अपलोड करने से पहले UIDAI की वर्तमान Supporting Documents List में उसकी पात्रता जरूर जांचें। # घर बैठे अपडेट करते समय इन गलतियों से बचें:- एक, गलत मोबाइल नंबर न डालें: आधार में मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने पर OTP आधारित सेवाओं में परेशानी हो सकती है। दो, पता वही लिखें जो दस्तावेज में है। तीन, Address Update में spelling, house number, locality और PIN code को ध्यान से जांचें। तीन, खराब स्कैन/फोटो अपलोड न करें: दस्तावेज साफ और पढ़ने योग्य होना चाहिए। चार, एजेंट से सावधान रहें: आधार अपडेट के नाम पर अनधिकृत व्यक्ति को OTP या Aadhaar PIN जैसी संवेदनशील जानकारी न दें। पांच, OTP किसी से साझा न करें: UIDAI कभी भी फोन पर आपसे OTP बताने के लिए नहीं कहता। # सबसे आसान तरीके से समझिए: 2026 में आधार अपडेट की स्थिति: घर बैठे/मोबाइल से उपलब्ध: मोबाइल नंबर — Aadhaar App, पता — Aadhaar App / myAadhaar, ई-मेल — Aadhaar App और Document Update — myAadhaar. वहीं, केंद्र जाकर कराने वाली प्रमुख सेवाएं: फोटो/बायोमेट्रिक, कई नाम परिवर्तन मामले, जन्मतिथि से जुड़े निर्धारित अपडेट, अन्य ऐसे अपडेट जिनके लिए physical verification/biometric capture जरूरी है। ध्यान रहे कि UIDAI की सेवाओं और नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले UIDAI के आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान निर्देश देखना सबसे सुरक्षित तरीका है। वस्तुतः आधार अपडेट अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। 2026 में नया Aadhaar App नागरिकों को मोबाइल नंबर और पता जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करने की सुविधा दे रहा है। साथ ही ई-मेल अपडेट के लिए 31 दिसंबर 2026 तक शुल्क माफ है और myAadhaar पर Document Update की मुफ्त सुविधा 14 जून 2027 तक जारी है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आधार की हर जानकारी घर बैठे बदली जा सकती है। नाम, जन्मतिथि, लिंग और biometric information जैसे मामलों में अभी भी निर्धारित केंद्र-आधारित प्रक्रिया लागू है। इसलिए “आधार में सब कुछ घर बैठे बदलें” के बजाय सही संदेश है—आधार की कई महत्वपूर्ण जानकारियां अब घर बैठे अपडेट करें, लेकिन सभी नहीं। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
बच्चों की आंखों में दिखे ये लक्षण तो हो जाएं सावधान
नई दिल्ली, बच्चों की सेहत को लेकर माता-पिता अक्सर छोटी-छोटी बातों पर भी ध्यान देते हैं, लेकिन आंखों से जुड़े कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
'सुप्त पादांगुष्ठासन' शरीर को बनाता है लचीला
नई दिल्ली, आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में घंटों बैठकर काम करने से शरीर में अकड़न, कमर दर्द और पैरों में खिंचाव आम समस्या बन गई है।
6 जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार: राजस्थान
जयपुर, राजस्थान से भले ही मानसून विदा ले रहा हो, लेकिन गर्मी जोरदार वापसी कर रही है।
दिल्ली एनसीआर में मौसम ने ली करवट, 27 सितंबर को येलो अलर्ट जारी
नई दिल्ली, दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए एक बड़ा अपडेट जारी किया है।
चुनाव आयोग पर सवाल: 77 साल पहले डॉ. आंबेडकर ने किस खतरे से किया था आगाह?
16 जून 1949 को संविधान सभा में डॉ. भीमराव आंबेडकर ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर एक महत्वपूर्ण आशंका जताई थी।
विचार: असहमति लोकतंत्र की नियत और नियति
मुख्तार अब्बास नकवी का यह लेख भारतीय चुनाव प्रणाली के 1952 के पहले आम चुनाव से वर्तमान तक के सफर को दर्शाता है।
नई तकनीक सीखने की कोई उम्र नहीं होती: डर छोड़ें, छोटे कदमों से शुरुआत करें
मेरी उम्र 72 साल है और मुझे नई तकनीकें सीखने में डर लगता है कि कहीं कोई धोखा न हो जाए। यूपीआई, स्मार्टफोन चलाना व वीडियो कॉल करने की शुरुआत करना कैसे सीखूं?
उड़ान भरने का समय: उम्र नहीं, सीमित सोच संभावनाओं की राह रोकती है
उम्र कोई ऐसी ढलान नहीं है, जहां संभावनाओं के द्वार बंद होने लगें। यह तो अनुभवों की वह पराकाष्ठा है, जहां से नई उड़ान भरी जा सकती है।

