आईसीयू के अमानवीय एवं अनैतिक पक्षों की निगरानी जरूरी
देश में स्वास्थ्य सेवा की वर्तमान स्थिति पर विचार करते समय एक अत्यंत चिंताजनक, मानवीय और संवेदनशील प्रश्न सामने आता है-क्या चिकित्सा अब सेवा न रहकर व्यवसाय का कठोर रूप एवं एक त्रासदी बनती जा रही है? विशेष रूप से निजी अस्पतालों के आईसीयू (गहन चिकित्सा कक्ष) से जुड़े मामलों ने इस प्रश्न को और ... Read more
मीडिया की स्वतंत्रता आज की सबसे बड़ी जरूरत
3मई विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस हर साल 3 मई को मनाया जाता है। विश्वभर में यह दिन मीडिया के योगदानों को याद करने के लिए समर्पित किया जाता है। यह दिवस हमें मीडिया की स्वतंत्रता के महत्व के बारे में बताता है और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने के ... Read more
आज से जेठ मास, क्या खाएं क्या न खाएं
भारतीय संस्कृति के हिन्दू सनातन धर्म में धार्मिक व पौराणिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास को अत्यन्त पावन मास माना गया है। इस मास में गंगा स्नान, दान अनन्त पुण्य फलदायी है। ज्योतिषविद् श्री विमल जैन जी ने बताया कि स्कन्दपुराण के अनुसार ज्येष्ठ मास के समान दूसरा कोई मास नहीं, गंगा के समान कोई ... Read more
जब साँसों का धागा टूट गया, तन का हर बंधन छूट गया। जब हाथों की ताकत हार गई, जीवन की नैया पार गई। जब देह ने रिश्ता तोड़ दिया, हर नस ने चलना छोड़ दिया। तब भी देखो यह ममता थी, सीने से चिपकी जन्नत थी। मृत्यु जहाँ सब हर लेती है, माँ बाँहों में ... Read more
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के हबल अंतरिक्ष दूरबीन ने तारों के झुंडों से जगमगाती एक खूबसूरत सर्पिल आकाशगंगा की शानदार तस्वीर ली है
जम्मू-कश्मीर: नियमों के उल्लंघन पर बिजबेहारा में मिल्क यूनिट का लाइसेंस निलंबित
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के बिजबेहारा कस्बे में एक दूध यूनिट का लाइसेंस शुक्रवार को नियमों के उल्लंघन के कारण निलंबित कर दिया गया
नेपाल की अर्थव्यवस्था : संरचनात्मक चुनौतियां और सुधार की राह
लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता ने आर्थिक नीतियों की निरंतरता और निवेश वातावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला है।
देसी बीजों के साथ शब्द बचाने की पहल
पिछले कुछ वर्षों से बाबूलाल दाहिया ने देसी बीजों को बचाने का अभियान शुरू किया है।
दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन में डेंटल सर्जन समेत 141 पद खाली, 12 मई तक भरें फॉर्म
चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन (डीएसएचएम) ने डेंटल सर्जन समेत विभिन्न 141 पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं।
आज भी आंधी-बारिश और ओले के आसार, जानें दिल्ली NCR से पंजाब-हरियाणा तक कैसा रहेगा मौसम
1 May Weather Update: मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR में शुक्रवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 24 डिग्री और अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
गुजरात: अहमदाबाद नगर निगम का ब्यौरा, शहर को साफ रखने में 18,000 से अधिक सफाईकर्मी जुटे
1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस से पहले अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने अपनी स्वच्छता प्रणाली के पैमाने और संरचना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 18,000 से अधिक सफाईकर्मी मिलकर शहर में प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले 5,000 मीट्रिक टन से अधिक कचरे का प्रबंधन करते हैं।
'अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस' मजदूर आंदोलन : वेतन से आगे, सामाजिक न्याय की लड़ाई?
इतिहास बताता है कि श्रमिक वर्ग केवल वेतन और सुविधाओं की लड़ाई नहीं लड़ता, बल्कि लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के आंदोलनों का प्रमुख वाहक रहा है।
बंगाल का चुनाव: लोकतंत्र पर हावी चुनावतंत्र
बंगाल चुनाव में हिंसा की परंपरा बनाने में वाम दलों की भी भूमिका रही है और अगर कभी बिहार के चुनाव हिंसा के लिए बदनाम थे तो आज वह बदल चुका है।
विपक्ष के आगे लाचार सत्तारुढ़ भाजपा
कांग्रेस समेत विपक्ष को घेरने के लिए जो शब्दावली इस्तेमाल में लायी जा रही है, वो एक ही कलम से निकली हुई लग रही है।
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की
भोपाल स्थित भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के केंद्र ने मध्य प्रदेश में मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव की चेतावनी जारी की है
सुबह उठते ही जोड़ों में जकड़न और दर्द को न करें नजरअंदाज, शरीर दे रहा गंभीर बीमारी का संकेत
कई लोग सुबह उठते समय शरीर में जकड़न और कमर में खिंचाव जैसी समस्या को महसूस करते हैं और इसे आम बात मानकर अनदेखा कर देते हैं
गर्मियों में रात के समय लगती है बहुत ज्यादा प्यास, जानें क्या कहता है आयुर्वेद
गर्मियों में शरीर को पानी की मात्रा ज्यादा चाहिए होती है क्योंकि गर्म तापमान शरीर की नमी को कम करता है और बाहरी वातावरण और खान-पान की वजह से भी अधिक प्यास लगती है।
करुणा, शांति और आत्मजागरण के प्रकाशस्तंभ हैं गौतम बुद्ध
बुद्ध पूर्णिमा (1 मई 2026) पर विशेषः मानव सभ्यता के इतिहास में कुछ ऐसे महापुरुष हुए हैं, जिनका जीवन केवल एक युग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि युगों-युगों तक मानवता के पथ को आलोकित करता है। गौतम बुद्ध ऐसे ही एक अद्वितीय प्रकाशस्तंभ हैं, जिनका करुणा, अहिंसा और आत्मजागरण का संदेश आज भी उतना ही ... Read more
गुलाब की पत्तियों से बना शीतल गुलकंद, त्वचा-पेट की समस्या से मिलेगी निजात
गर्मियों की तेज तपिश से बचने के लिए लोग प्राकृतिक चीजों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं
रात को ज्यादा खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, इन बातों का रखें खास ख्याल
पेट भरकर भोजन करना सेहत को पौष्टिकता नहीं देता, बल्कि कई बार नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर रात में ज्यादा खाना स्वास्थ्य के लिए जहर के समान है
ललित सुरजन की कलम से तालाब सुखाने और पेड़ काटने का सुख
रायपुर से बिलासपुर के एक सौ पन्द्रह किलोमीटर लम्बे रास्ते पर कुछ बातें नोट करने लायक लगीं।
रघु राय : बे-जुबां कैमरे का बोलना...
अप्रैल 2026 को जब रघु राय ने अपने कैमरे का शटर दबाया होगा, तब उन्हें इल्म हुआ होगा कि उनका कैमरा बंद हो गया है।
यूएई का ओपेक छोड़ने का यह फै़सला लगभग 59 साल बाद आया है और इसे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले तेल कार्टेल ओपेक के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी को झालमुड़ी परोसने वाला व्यक्ति एसपीजी कमांडो नहीं है
बूम से बातचीत में झालमुड़ी विक्रेता विक्रम शॉ ने पुष्टि की है कि वायरल दावा गलत है और वह एसपीजी का हिस्सा नहीं हैं.
बंगाल चुनाव: बक्सों से भरे ट्रक का पुराना वीडियो EVM बदलने के दावे से वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान का है, जहां सासाराम स्थित मतगणना केंद्र पर बक्सों से भरा एक ट्रक अचानक स्ट्रांग रूम परिसर के अंदर घुस गया था. हालांकि जांच में बक्से खाली पाए गए थे.
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है
बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.
आशा, करुणा और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत उत्सव
विश्व इच्छा दिवस- 29 अप्रैल 2026 पर विशेषः हर वर्ष 29 अप्रैल को मनाया जाने ‘विश्व इच्छा दिवस’ मानवता के उन कोमल स्पंदनों को अभिव्यक्त करता है, जो हमें एक-दूसरे से जोड़ते हैं। यह केवल एक दिवस नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, करुणा और आशा का वैश्विक अभियान है। इस दिन का मूल उद्देश्य उन बच्चों के ... Read more
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का वैश्विक अर्थ
युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान और महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा ने विश्व अर्थव्यवस्था के सामने कई प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। ऐसे समय में भारत और न्यूजीलैंड के ... Read more
चुनावी हिंसा रोकने में नाकाम आयोग
प. बंगाल चुनाव के दूसरे और आखिरी दौर के मतदान से पहले भाजपा और चुनाव आयोग पर नए सवाल खड़े हो गए हैं
ललित सुरजन की कलम से - देशबन्धु के साठ साल-7
'सितंबर 1979 में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम भारत दौरे पर आई थी। तब हमने कुछ सप्ताह पूर्व ही ऑफसेट मशीन पर छपाई प्रारंभ की थी
गुणात्मक जीवन के बजाय बाहुल्य को विकास माना जाने लगा। प्रकृति के साथ दुर्व्यवहार का एक अंतहीन सिलसिला आरंभ हो गया।
केजरीवाल की विचारहीन राजनीति का यही अंजाम होना था
राजनीति को हिकारत से देखने वाले केजरीवाल इस पार्टी के माध्यम से राजनीति में आए और छा भी गए।
किचन के बर्तन भी तय करते हैं सेहत, जानें दूध उबालने में सही विकल्प चुनना क्यों हैं जरूरी
दूध हमारे रोजमर्रा के जीवन का एक जरूरी हिस्सा है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं
TMC हेडक्वाटर में देखे जाने के दावे से BJP नेता लॉकेट चटर्जी की वायरल तस्वीर AI है
बूम ने जांच में पाया कि लॉकेट चटर्जी की यह तस्वीर गूगल एआई की मदद से निर्मित की गई है.
बंगाल: मताधिकार पर डाका या जनतंत्र का अपहरण!
अनेक संगठनों तथा व्यक्तियों ने, सर की पूरी प्रक्रिया को ही चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
ललित सुरजन की कलम से अब्बास और कृश्न चन्दर
मुझे कृश्न चंदर की जो पहली पुस्तक याद आती है वह है 'बावन पत्ते'। यह शायद उनका एकमात्र पूर्णाकार उपन्यास है,
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की विश्वसनीयता में कमी एक प्रणालीगत विफलता
चुनाव आयोग का अधिकार जनता के इस विश्वास पर टिका है कि सभी पार्टियां उसके समक्ष समान शर्तों पर खड़ी हैं।
नेताओं के सोशल मीडिया पर गर्मी की चर्चा
नेताओं के बहाने ही सही लेकिन पूरे देश में भीषण गर्मी का मसला अब सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है।
टीएमसी उम्मीदवार बायरन बिस्वास द्वारा हार स्वीकारने वाला वीडियो क्रॉप्ड है
बूम ने पाया कि बायरन बिस्वास एक रिपोर्टर के सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने जंगीपुर ईवीएम स्ट्रांग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाया था.
बंगाल चुनाव: TMC सांसद सायनी घोष का अधूरा वीडियो भ्रामक दावे से वायरल
बूम ने पाया कि पूरे वीडियो में सायनी घोष भवानीपुर को 'मिनी इंडिया' बताते हुए मंच से विभिन्न धर्मों की प्रार्थनाओं का पाठ करती और इसके जरिए एकता व भाईचारे का संदेश देती नजर आ रही हैं.
ललित सुरजन की कलम से दलबदल: गलत कब और क्यों?
'विगत तीस वर्षों में अनेक प्रदेशों में दल-बदल के अनेक कुत्सित प्रयास जनता ने देखे हैं।
तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड वोटिंग के नतीजे असल में क्या संकेत देते हैं?
ज्यादातर लोकतंत्रों में भारी मतदान को एक अच्छी बात माना जाता है, जो चुनाव प्रणाली में भरोसे की निशानी है।
ट्रंप ने कहा भारत को नरक मगर मोदी को चुनाव से फुरसत नहीं!
कभी कांग्रेस का केन्द्र सहित सभी राज्यों में राज था। कांग्रेसी कोई छोटा मोटा संस्थान भी छोड़ना नहीं चाहते थे।
महिलाओं के लिए सुनहरा मौका: एएनएम के 51 पदों पर भर्ती, 6 मई आवेदन का आखिरी मौका
अंडमान-निकोबार स्वास्थ्य विभाग ने सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) पदों के लिए भर्ती निकाली है
दिल की धड़कन कैंसर के खिलाफ बनती है 'सुरक्षा कवच', स्टडी में चौंकाने वाला खुलासा
शरीर के विभिन्न अंगों में कैंसर प्रकोप की खबरें हम आए दिन पढ़ते सुनते हैं लेकिन दिल के कैंसर को लेकर चर्चा कम होती है
एक गंभीर भूल के गंभीर परिणाम!!
लचकलाल इधर घर से बाहर पाँव रखे नहीं कि उसे घरवाली के भयंकर ताने घेरने शुरू कर देते हैं।
(संदर्भ : 26 अप्रैल 2026, विश्व बौद्धिक संपदा दिवस)-वाग्दायिनी
विरासत सिर्फ वह नहीं जो बंद तिजोरियों में रखी रहे,विरासत वह भी है जो चेतना में उतरकर सोच बन जाए।
भारतीय ज्ञान-संपदा और वैश्विक नवाचार के बीच संवाद
विश्व बौद्धिक संपदा दिवस, 26 अप्रैल 2026 पर विशेषः प्रतिवर्ष 26 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व बौद्धिक संपदा दिवस केवल किसी कानूनी अधिकार की औपचारिक स्मृति नहीं है, बल्कि यह मानव मस्तिष्क की उस सृजनशील शक्ति का उत्सव है जिसने सभ्यता को अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर किया। इस वर्ष का विषय खेल ... Read more
बंगाल चुनाव: वोटिंग के दिन TMC कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के दावे से पुराना वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो जुलाई 2023 का है. इसका पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से कोई संबंध नहीं है.
एक असफल विधेयक के पीछे की गहरी कहानी
लोकसभा में महिला रिजर्वेशन का मुद्दा सीधा-सादा होना चाहिए था। सरकार कहती है कि वह महिला आरक्षण चाहती है; विपक्ष पूरी तरह इसके साथ है।
महिला आरक्षण विधेयक : नाम भर में है 'वंदन'
विपक्ष ने वृहद नारी समता और न्याय के चलते विधेयक के नामकरण पर अटकना रणनीतिक तौर पर आवश्यक नहीं समझा होगा।
देसी बीज, पशुपालन और जंगल बचाने का जतन!
ग्रामीणों ने अपना बांज का जंगल बचाया है और उसी जंगल के जलस्रोत से वर्ष भर ठंडा पानी मिलता है।
ग्राउंड रिपोर्ट: नोएडा में महिलाओं की पिटाई के वीडियो पर पुलिस के दावे की पड़ताल
बूम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि वीडियो नोएडा के सेक्टर 6 स्थित Motherson फैक्ट्री के पास का है, जहां पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी की थी.
आचार्य महाश्रमण की निर्गुण-चेतना से विश्व-शांति की नई दिशा
आचार्य महाश्रमण का 65 वांजन्मदिवस, 25 अप्रैल 2026 मानव इतिहास के इस अशांत और संक्रमणकालीन दौर में जब विश्व का परिदृश्य युद्ध, हिंसा, आतंकवाद और वैचारिक टकरावों से आच्छादित है, तब शांति, सह-अस्तित्व और मानवीय मूल्यों की पुकार पहले से कहीं अधिक तीव्र हो उठी है। ऐसे समय में आचार्य महाश्रमण एक ऐसे आध्यात्मिक प्रकाशस्तंभ ... Read more
बूथ पर हंगामा कर रहे TMC कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के दावे से बांग्लादेश का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि फरवरी 2026 का यह वीडियो बांग्लादेश के दिघिनाला (Dighinala) उपजिला में बांग्लादेश सेना द्वारा आयोजित एक ड्रिल को दिखाता है.
मनोरंजन और ज्ञान ही नहीं बीमारियों को दूर करने में भी कारगर किताबें, जानें बिब्लियोथेरेपी के फायदे
23 अप्रैल को दुनिया भर में किताबों के महत्व को रेखांकित करते हुए विश्व पुस्तक दिवस हर साल मनाया जाता है
यूपी बोर्ड रिजल्ट : आराध्या जायसवाल ने 12वीं में 96.33 प्रतिशत लाकर पाई 9वीं रैंक, वकील बनना सपना
यूपी बोर्ड ने कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम गुरुवार को जारी कर दिए, जिसके बाद से छात्रों में खुशी और उमंग का माहौल देखा जा रहा है
ललित सुरजन की कलम से हिमाचल प्रदेश- अंतिम: स्वर्ग से वापस धरती पर
राष्ट्रपति निवास में एक प्रशस्त उद्यान है। इसके भीतर एक गुलाब वाटिका भी है, जिसमें कोई सौ किस्म के गुलाब थे।
भारत के क्षेत्रीय दिग्गज कर रहे 'उत्तर के शासकों' की घेराबंदी का सामना
हम यहां भारतीय संघ के बारे में दो बिल्कुल अलग-अलग दृष्टिकोणों के टकराव को देख रहे हैं।
आने को है आर्थिक दिक्कतों का दौर
जब सरकार के फैसलों से उसके ऊपर बोझ बढ़ेगा तो वह एक के बदले तीन पैसे की वसूली अपने ग्राहकों और उपभोक्ताओं से शुरू कर देगा
नरेन्द्र मोदी पहले हैं या देश?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जब भी फोन पर बात होती है, फौरन उसकी सुर्खियां बन जाती हैं।
राजस्थान कांग्रेस में खेल अभी बाकी है मेरे दोस्त…
सियासत में मुस्कानें कभी-कभी शब्दों से ज्यादा बोलती हैं। संकेत मौन से ज्यादा मुखरित होते हैं। और इशारे अक्सर नई कहानी कहते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री रहे सचिन पायलट जब पद के बिना आमने-सामने आए,तो हाथ सिर्फ मिले नहीं, ठहरे। मुस्कानें सिर्फ ... Read more
अब प्रधानमंत्री मोदी बता सकते हैं। हुगली नदी ने राजनीति के कितने रंग-रूप बंगाल में देखे हैं।
ललित सुरजन की कलम से, अडवानी या मोदी :फर्क क्या है?
'1952 के पहले आम चुनाव से लेकर 2009 के चुनावों तक संघ के इस राजनीतिक मंच ने बहुत से उतार-चढ़ाव देखे हैं।
1 मई से लागू होंगे ऑनलाइन गेमिंग के नए नियम, सरकार ने तैयार किया सख्त फ्रेमवर्क
सरकार ने बुधवार को कहा कि देश में तेजी से बढ़ते ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को नियंत्रित करने के लिए 1 मई 2026 से नए नियम लागू होंगे
अस्थिर विश्व में भारत:अर्थनीति, कूटनीति और छवि का पुनर्पाठ
इज़रायल के प्रति रुख में आया बदलाव यह संकेत देता है कि वैश्विक राजनीति में अब अंध-समर्थन के बजाय मानवीय और नैतिक प्रश्न अधिक प्रभावी हो रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में ठीक एक साल पहले आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की हत्या कर दी थी।
पुस्तकें हैं जीवन का दीप, समाधान का सेतु
विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस, 23 अप्रैल 2026 पर विशेषः हर वर्ष 23 अप्रैल को समूचा विश्व ज्ञान, सृजनशीलता और मानवीय सभ्यता की अमूल्य धरोहर पुस्तकों का उत्सव मनाता है। यूनेस्को द्वारा 1995 में प्रारंभ किया गया यह दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि लेखकों के सम्मान, सृजनाधिकार की रक्षा और पठन संस्कृति के संवर्धन ... Read more
RSS के कार्यक्रम में जाने से प्रमोशन होने की बात जस्टिस स्वर्णकांता ने नहीं कही
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो साल 2024 में काशी विद्यापीठ में आयोजित एक कार्यक्रम का है, जहां भाषण में स्वर्णकांता शर्मा ने अपने आगे बढ़ने का श्रेय भगवान शिव और विश्वविद्यालय को दिया था.
राजस्थान कांग्रेस में दिग्गजों को दरकिनार करने की साजिश
राजस्थान कांग्रेस रणभूमि बनी हुई है। खतरा डिजिटल खेल का है। तीर बाहर अंदर से चल रहे हैं। केंद्र में हैं गोविंद सिंह डोटासरा, जो अपने समर्थकों की हरकतों की हवा से घिरते हुए, धीरे-धीरे कमजोर पड़ते हुए और दूसरों को दरकिनार ठिकाने लगाने की कोशिश में खुद ठिकाने लगते हुए।यह परिदृश्य इसलिए बना क्योंकि ... Read more
महिला आरक्षण की आड़ में लोकतंत्र के एन्काउंटर का खेल
महिला आरक्षण का रास्ता साफ करने के नाम पर बुलायी गयी संसद की तीन दिन की विशेष बैठक में, जब संसद में सरकार की ओर से पेश, संविधान संशोधन समेत तीन विधेयकों पर चर्चा शुरू हो रही थी
ललित सुरजन की कलम से आई बी और आई बी
भारत सरकार के ये दोनों अभिकरण अलग-अलग कारणों से चर्चा में आए इसलिए इनकी चर्चा करना गैरमुनासिब न होगा।
मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन उर्फ़ घटिया चुनावी भाषण
सरकार का इरादा भी विधेयक पारित कराने से ज्यादा इस विधेयक को लेकर विपक्ष को बदनाम करने का था।
तुम मुझे वोट दो, मैं तुम्हें गलत इतिहास बताऊंगा
प.बंगाल चुनाव में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने एक रैली में कहा कि, 'स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा'
लपटों ने लपेटा, तो विकास के बजाय राजनीति में भी झुलस रही रिफाइनरी
पचपदरा।रेत काविस्तार।तेल की रिफाइनरी। उम्मीदों का आसमान। रोजगार की फैक्ट्री औरऊर्जा का स्वप्न।लेकिन अचानक आग। सपलपाती लपटों नेरिफाइनरी को लपेट लिया।वह भी प्रधानमंत्री के आने से कुछ घंटे पहले।आग से भी तेज, आग की खबर फैली। सियासत उससे भी तेज़ भागी।क्योंकियह कोई साधारण परियोजना नहीं।राजस्थान के औद्योगिक भविष्य की धुरी।लेकिन एक लपट नेसबको लपेटे में ... Read more
छात्रों का आत्मघातः सपनों का बोझ है या सिस्टम की नाकामी?
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनमें देश की ... Read more
महामृत्युंजय: मृत्यु के पार चेतना का विज्ञान
मानव सभ्यता के इतिहास में कुछ ऐसे सूत्र, ध्वनि-विन्यास और आध्यात्मिक प्रयोग विद्यमान हैं, जो सामान्य धार्मिक आस्था की सीमाओं से परे जाकर कहीं अधिक गहरे और व्यापक अर्थों को धारण करते हैं। महामृत्युंजय मंत्र ऐसा ही एक विरल सूत्र है—एक ऐसा मंत्र जो मात्र प्रार्थना नहीं, बल्कि चेतना, ऊर्जा और जीवन के गहन रहस्यों ... Read more
पश्चिम बंगाल के चुनाव में महिलाओं की होगी निर्णायक भूमिका
— तीर्थंकर मित्रा ‘लक्ष्मी भंडार’ महज़ एक आर्थिक हस्तक्षेप से कहीं ज़्यादा है। यह एक सामाजिक-राजनीतिक पुनर्संतुलन का प्रयास है। इस योजना ने महिलाओं को, सिर्फ अपने लिंग के आधार पर ही, इस योजना का लाभार्थी बनने का अवसर प्रदान किया है। इसके परिणामस्वरूप, मतदान का अधिकार अब महिला मतदाताओं के लिए अपनी पहचान और अपनी बात को ज़ोरदार ढंग से रखने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। बयानबाजी, नए गठजोड़ और आपसी आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच, पश्चिम बंगाल की महिला मतदाताएं पिछले एक दशक में एक शक्तिशाली ताकत के रूप में उभरी हैं, क्योंकि उनके फैसले अब सरकारों के भविष्य को तय करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस, जिसका पिछले 15 सालों से राज्य पर एकछत्र राज रहा है, ने इस चुनावी मुकाबले में सबसे ज़्यादा महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। कुल मिलाकर, पिछली राज्य विधानसभा में टीएमसी की ओर से 41 महिला विधायकों ने प्रतिनिधित्व किया था। तेज़-तर्रार नेता ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली इस राजनीतिक पार्टी ने देश भर की अन्य राजनीतिक पार्टियों की तुलना में ज़्यादा महिलाओं को चुनाव में उतारा है। यह विधानसभा की कुल सदस्य संख्या का 13.94 प्रतिशत है, जो कि देश भर की अन्य राज्य विधानसभाओं के 8 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से काफी ज़्यादा है। टीएमसी की बदौलत, महिला मतदाताएं अब चुनावी समीकरणों में सिर्फ एक सहायक भूमिका नहीं निभा रही हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में 3,76,00,611 महिला मतदाताएं हैं। आने वाले चुनावों में सभी उम्मीदवार इस वर्ग को अपने पक्ष में करने की पूरी कोशिश करेंगे, ताकि वे राजनीतिक माहौल को अपने पक्ष में मोड़ सकें। टीएमसी सरकार की प्रमुख सामाजिक कल्याण योजना, ‘लक्ष्मी भंडार’ ने लोगों की राजनीतिक निष्ठाओं और उनकी आर्थिक वास्तविकताओं को पूरी तरह से बदल दिया है। 2021 में शुरू की गई इस योजना के 2.2 करोड़ लाभार्थी हैं, और इस पर खर्च किए गए हज़ारों करोड़ रुपये की राशि ने टीएमसी को लगातार चुनावों में ज़बरदस्त राजनीतिक फ़ायदा पहुंचाया है, जिससे विपक्षी दलों के लिए अपनी जगह बना पाना और भी मुश्किल हो गया है। ‘लक्ष्मी भंडार’ महज़ एक आर्थिक हस्तक्षेप से कहीं ज़्यादा है। यह एक सामाजिक-राजनीतिक पुनर्संतुलन का प्रयास है। इस योजना ने महिलाओं को, सिर्फ अपने लिंग के आधार पर ही, इस योजना का लाभार्थी बनने का अवसर प्रदान किया है। इसके परिणामस्वरूप, मतदान का अधिकार अब महिला मतदाताओं के लिए अपनी पहचान और अपनी बात को ज़ोरदार ढंग से रखने का एक सशक्त माध्यम बन गया है। आंकड़े खुद-ब-खुद अपनी कहानी बयां करते हैं। जहां टीएमसी ने 52 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, वहीं वामपंथी दलों ने 34 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है; जबकि 2026 के राज्य विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और भाजपा ने क्रमश: 35 और 33 महिला उम्मीदवारों को चुनाव में उतारा है। इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि टीएमसी ने बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने के मुद्दे पर अपनी आवाज़ बुलंद की है। राज्य टीएमसी की महिला विंग की प्रमुख चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि महिला मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मकसद उनकी पार्टी के वोट बैंक को नुकसान पहुंचाना है। लेकिन राज्य में महिलाओं के लिए चलाई जा रही सामाजिक कल्याण योजनाएं ही टीएमसी के पक्ष में महिलाओं के वोटों में आए बदलाव का एकमात्र कारण नहीं हैं। पश्चिम बंगाल की महिला मतदाताएं लंबे समय से अपनी गहरी राजनीतिक समझ के लिए जानी जाती रही हैं। उनके फैसले लेने का तरीका पारिवारिक चर्चाओं, सामाजिक दायरों और आखिर में वोटिंग बूथ की एकांत जगह में सामने आता है। यह पूरी तरह से राजनीतिक होता है और राज्य तथा महिला नागरिकों के बीच बदलते आपसी तालमेल से तय होता है। लेकिन महिला मतदाताओं के समर्थन को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यह न तो एक जैसा होता है और न ही इसका पहले से अंदाज़ा लगाया जा सकता है। लक्ष्मी भंडार, कन्याश्री, रूपाश्री जैसी महिलाओं पर केंद्रित कुछ सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभार्थियों के वोट टीएमसी को ही मिलेंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है। ये योजनाएं बस इस बात को पक्का करती हैं कि टीएमसी के राजनीतिक परिदृश्य में महिलाओं की मौजूदगी को सम्मान की नजऱ से देखा जाए। महिला मतदाताओं के एक बड़े हिस्से को अपने पाले में करने के लिए, चुनावी प्रचार के तरीके में एक सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। चुनाव प्रचार संभालने वालों को इस बात को नजऱअंदाज़ नहीं करना चाहिए कि कोलकाता की महिला मतदाताओं की प्राथमिकताएं, ग्रामीण इलाकों की महिलाओं की प्राथमिकताओं से अलग होंगी। इस विविधता को देखते हुए, महिलाओं से जुड़े मुद्दों को और भी बारीकी से समझने की ज़रूरत है। महिला मतदाताओं का यह समूह कई तरह के लोगों से मिलकर बना है, इसलिए उम्मीदवार और उनके चुनाव प्रचारकों को अपनी बात रखने से पहले इस बात को ध्यान में रखना होगा। रैलियां, गठबंधन और ज़ोरदार चुनावी अभियान हर चुनाव का एक अहम हिस्सा होते हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल की महिला मतदाताओं को अपना मन बनाने में मदद करने के लिए, एक ज़्यादा संवेदनशील और जवाबदेह रवैया अपनाना ज़रूरी है; महिलाओं पर केंद्रित सामाजिक कल्याण योजनाओं के अलावा, सबसे ज़्यादा महिला उम्मीदवारों को टिकट देना भी टीएमसी की लैंगिक संवेदनशीलता को दिखाता है। महिला मतदाताएं—या और भी साफ़ शब्दों में कहें तो उनमें से ज़्यादातर महिलाएं—‘खामोश किंगमेकर’ (सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली) होती हैं। कुछेक को छोडक़र, ज़्यादातर महिलाएं राजनीतिक मंच के सबसे शक्तिशाली मंच से अपनी बात नहीं रखतीं। हो सकता है कि उनकी आवाज़ सबसे ज़्यादा सुनाई देने वाली आवाज़ न हो। लेकिन यह एक सच्चाई है कि ज़्यादातर महिला मतदाताएं तृणमूल की मुखिया ममता बनर्जी के साथ खुद को जुड़ा हुआ महसूस करती हैं। यही वजह है कि उनका समर्थन उन चुनावी क्षेत्रों में भी, जहां कोई महिला उम्मीदवार नहीं है, भले ही ऊपरी तौर पर कम दिखे, लेकिन असल में वह बहुत ही निर्णायक और महत्वपूर्ण होता है। जब 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, तो पश्चिम बंगाल की महिला मतदाताओं की यह खामोश लेकिन मज़बूत भूमिका, उनके राज्य के भविष्य को तय करने में एक अहम किरदार निभाएगी।
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर कुछ वक्त की घोषित शांति के बाद एक बार फिर से सुलग उठा है।
ललित सुरजन की कलम से - अध्यक्ष राहुल: कांग्रेस की ज़रूरत
राजनीति के अध्येता देख रहे हैं कि कांग्रेस के ऊपर लंबे समय से उचित-अनुचित वार हो रहे हैं
अष्टद्रव्यसेपूजाकरें,भावोंकाविस्तार, प्रभुचरणोंमेंअर्पितकरें,श्रद्धाअपार। जल-चंदन-अक्षत-पुष्प,नैवेद्यदीपउजियार, धूप-फलसेपूर्णहो,प्रभुकासत्कार॥ जलचढ़ाऊँचरणोंमें,समर्पणकाभाव, जैसेबहतानिर्मलजल,नम्रबनेस्वभाव। हेप्रभु!ऐसाविनयदे,मनहोनिर्मल-नीर, तेरेचरणोंमेंबसूँ,मिटेअहंकारकीपीर॥ चंदनतिलकलगाऊँमैं,श्रद्धाकाआधार, हृदयमेंतेरास्मरण,होजीवनसाकार। तेरेप्रतिविश्वाससे,भरजाएयहमन, हरश्वासमेंबसजाए,प्रभुतेराहीध्यान॥ अक्षतअर्पणकरूँमैं,भेद-विज्ञानकाप्रकाश, सत्य-असत्यकाभानहो,मिटेअज्ञानकात्रास। शुद्धचेतनाजागेअब,अंतरकाहोसुधार, तेरीवाणीसेमिले,जीवनकोआधार॥ पुष्पचढ़ाऊँप्रेमसे,हृदयकीयहपुकार, भावोंकीसुगंधसे,महकेसारासंसार। प्रेमहीपूजासच्चीहै,प्रेमहीतेराद्वार, तेरेचरणोंमेंमिले,जीवनकासार॥ नैवेद्यअर्पितकरूँ,तुझकोहीसमर्पण, जोकुछपायाहैप्रभु,तुझकोहीअर्पण। तेरीकृपासेमिलासब,हेपतित-पावन, सेवामेंहीसुखमिले,धन्यहोयहजीवन॥ दीपजलाऊँज्ञानका,मिटेअज्ञानअंधेरा, तेरीकृपासेजागे,अंतरकासवेरा। ज्ञान-ज्योतिजलतीरहे,हरपलहरबार, तेरेमार्गपरचलूँ,होजीवनकाउद्धार॥ धूपचढ़ाऊँभावसे,सद्गुणकीमहक, जैसेसुगंधफैलती,वैसेगुणचमक। करुणा,दया,क्षमाभरदे,ऐसाहोव्यवहार, तेरीभक्तिमेंढलेजीवन,होभव-पार॥ फलअर्पितकरूँ,प्रभुकृपाबरसाए, सार्थकहोयहजीवन,मिटेजन्मकाजाल। तेरेचरणोंमेंमिले,कर्मोंकाविश्राम, फलवानहोआराधना,पूर्णहोंसबकाम॥ अष्टद्रव्यकीयहपूजा,भावोंकीपहचान, समर्पणसेफलतकका,सुंदरयहविधान। हेजिनवर!कृपाकरो,रहेअटलयहप्रीति, प्रभुचरणोंमें“राहत”,बसतीरहेभक्ति॥ ”राहतटीकमगढ़”
कृत्रिम बुद्धिमत्ता: सुविधा का वरदान या मूल्यों का संकट
मानव सभ्यता के विकास का इतिहास यदि देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि हर नई तकनीक अपने साथ संभावनाओं और संकटों का एक द्वंद्व लेकर आती है। आज का समय भी इसी द्वंद्व से गुजर रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के रूप में विकसित हो रही नवीन तकनीक ने जीवन को सरल, तीव्र और ... Read more
बहुत खुश होगा दुनिया बनाने वाला। बहुत रोया सबको हंसाने वाला।। मुद्दत से ढूंढ रहे यार हम अपनों को। काश वो मिल जाए रिश्ते बनाने वाला।। केसे गुजरे हैं मेरे शाम ओ सहर। काश जान भी ले सच सितम ढाने वाला।। बेवफा कहकर जो रुसवा करता रहा। मिलना नही हम सा ... Read more
ललित सुरजन की कलम से जेम्स बॉन्ड की राजनीति
1962 में बनी पहली फिल्म का निर्माण उस समय हुआ था जब शीतयुद्ध अपनी चरमसीमा पर था।
हंसा मेहता ने महिलाओं को 'मानव' का दर्जा दिलाया
केंद्र सरकार ने साल 2023 में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' कानून बनाया था।
राहुल ने मोदी का जादू खत्म किया
राहुल ने बिल्कुल सही कहानी सुनाई थी। जादूगर का जादू खत्म हो गया और जादूगर भी खत्म हो गया।
देश में अब एक बार फिर सच को नकारने की कोशिश और झूठ को बढ़ावा देने की राजनीति शुरु हो गई है। शनिवार का प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन ऐसी ही एक कोशिश थी।
बाबू गोपालचंद्र बड़े नेता थे, क्योंकि उन्होंने लोगों को समझाया था और लोग समझ भी गए थे कि अगर वे स्वतंत्रता-संग्राम में दो बार जेल - 'ए क्लास' में - न जाते, तो भारत आजाद होता ही नहीं।
अक्षय तृतीया पर्व है लोक से लोकोत्तर की दिव्य यात्रा
अक्षय तृतीया- 19 अप्रैल, 2026 अक्षय तृतीया महापर्व का न केवल सनातन परम्परा में बल्कि जैन परम्परा में विशेष महत्व है। इसका लौकिक और लोकोत्तर-दोनों ही दृष्टियों में महत्व है। अक्षय शब्द का अर्थ है कभी न खत्म होने वाला। संस्कृत में, अक्षय शब्द का अर्थ है ‘समृद्धि, आशा, खुशी, सफलता’, जबकि तृतीया का अर्थ ... Read more
मांगलिक कार्यो को आरंभ करने का अबूझ मुहूर्त है -अक्षय तृतीया
परशुराम जयन्ती भी मनायी जाती है धूमधाम से ऐसा दिन जिसका सभी बेसर्बी से इंतजार करते है वह है – अक्षय तृतीया का दिन। यही ऐसा अबूझ मुहूर्त है जिसमें हर सामान्य नागरिक अपने शुभ कार्य निपटाना चाहता है। इस दिन से ब्याह-परिणय करने का आरम्भ हो जाता है। बड़े-वृद्ध अपने पुत्र-पुत्रियों के लगन का ... Read more

