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माता-पिता हैं वर्तमान की शक्ति और भविष्य की प्रेरणा

विश्व माता-पिता दिवस- 1 जून, 2026 विश्व के अधिकतर देशों की संस्कृति में माता-पिता का रिश्ता सबसे बड़ा एवं प्रगाढ़ माना गया है। भारत में तो इन्हें ईश्वर का रूप माना गया है। माता-पिता को उनके बच्चों के लिए किए गए उनके काम, बच्चों के प्रति उनकी निस्वार्थ प्रतिबद्धता और इस रिश्ते को पोषित करने ... Read more

अजमेरनामा 31 May 2026 7:06 am

त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज

भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more

अजमेरनामा 31 May 2026 6:42 am

अभी कई सारे गीत उन पर लिखे जाने की प्रतीक्षा में हैं

स्वरांगी साने किताब - गीत ​फ़िल्मी है लेकिन... लेखक - डॉ. सुनील देवधर मूल्य - 450 रुपए प्रथम संस्करण - सन् 2025 प्रकाशक - भावना प्रकाशन, दिल्ली। पृष्ठ - 263 समीक्षक - स्वरांगी साने पुणे डा.सुनील देवधर आकाशवाणी से सहायक निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। वे उस दौर के साक्षी रहे हैं, जिसे आकाशवाणी का स्वर्ण युग कह सकते हैं। आकाशवाणी पर काम करने से विविध भारती पर बजते गीत सालों-साल कई घंटों तक उनके कानों में रस घोलते रहे होंगे। कहने को तो उस दौर में पनवारी और धोबी-परचून की दुकानों पर भी दिेन भर रेडियो बजता था लेकिन रेडियो के बजने और रेडियो सुनने में अंतर है। जब किसी संवेदनशील व्यक्ति का गंभीर मन उसे सुनता है और वह रचनात्मक लेखन भी करता हो तो वे गीत उसकी लेखनी में उतर आते हैं। संयोग ही रहा कि जब वे पहले-पहल कागज़ों पर उतरने लगे तो मैं एक अख़बार में नियमित कार्यरत थी और उनकी गीतों की उस श्रृंखला को हमने स्तंभ के रूप में प्रकाशित किया। तब उन गीतों से गुज़रते हुए कई बार मन अवाक् रह गया कि इस गीत के बारे में ऐसा तो कभी सोचा ही नहीं था। उस स्तंभ ने आगे चलकर 51 गीतों की किताब का रूप लिया, जिसे स्तंभ की तरह ही काफी पसंद किया गया। उसका नाम भी वही था, जो उस स्तंभ का था 'बड़े अनमोल गीतों के बोल'। इसके बाद गीतों पर आधारित उनकी यह दूसरी किताब है 'गीत फ़िल्मी हैं, लेकिन...'। पहली किताब पढ़ी तब पाठक से पहले एक अख़बारी संपादक के तौर पर उसमें छपे गीतों की 'बिटवीन द लाइंस' से गुज़र चुकी थी। दूसरी किताब पढ़ते हुए संपादक का चश्मा आँखों पर नहीं था और बिना उस चश्मे के किताब पढ़ना अधिक आनंददायक रहा। रस ग्रहण करते हुए अध्ययन अपने आप हो गया क्योंकि हर गीत को लेखक ने नए सिरे से तराशकर एक नगीने के रूप में सामने रखा है। इस किताब में भी लगभग उतने ही गीत है। इंस्टाग्राम पर बनने वाली रील्स और यू ट्यूब के शॉर्ट्स के इस दौर में आप इन गीतों को तसल्ली से पढ़िए, हफ्ते में एक गीत, इस विलंबित गति तक से उन गीतों का आनंद लेते चलिए, देखिए आप एक साल में अनुभवों से कितने अधिक समृद्ध हो जाएँगे। किताब में हर ​फ़िल्म का उस ज़माने का पोस्टर दिया गया है, उसके बाद वह पूरा गीत है और उसके बाद उसे पंक्ति दर पंक्ति खोला गया है। इन गीतों पर लिखते हुए दुनियाभर के लेखकों, कवियों, शायरों से लेकर वेद-पुराण और ऐतिहासिक संदर्भ भी दिए गए हैं। गीतों को भारतीय दर्शन से जोड़ा गया है। भारतीय दर्शन के साथ उर्दू साहित्य के संदर्भ में इन गीतों के विश्लेषण में मिलते हैं। डॉ. देवधर का भाषा सामर्थ्य और ज्ञान उनके द्वारा किए गए हर गीत के विश्लेषण में दिखता है। इसे महज़ विश्लेषण न कहकर मीमांसा कहना अधिक सही होगा। इस किताब का हर गीत गहरे अर्थों को समेटने वाला है। पहला गीत 'मेला' ​​फ़िल्म का 'ये जि़ंदगी के मेले...'। गीतकार और संगीतकार का नाम भी हर गीत के प्रारंभ में दिया जाता है। दूसरा गीत 'आवारा' ​​फ़िल्म का है। हर पोस्टर के नीचे कुछ वाक्यों में सिनोपसिस की तरह दिया गया है। शैलेंद्र की गीत 'आवारा हूँ' को उस दौर में कितना पसंद किया गया था। लेखक उससे जुड़े प्रसंग का जिक्र करता है कि शैलेंद्र आजादी के संघर्ष और सामाजिक क्रांति के विषय में कविताएँ लिखते थे, उन्होंने राजकपूर से सवाल किया था 'मैं पैसों के लिए नहीं लिखता, मैं क्यों लिखूँ'? राजकपूर ने न केवल 'आवारा' ​​फ़िल्म का बल्कि 'बरसात' ​​फ़िल्म का 'बरसात में हमसे मिले तुम'...भी शैलेंद्र से लिखवाया। 'दो बीघा ज़मीन' के पुराने पोस्टर के नीचे लेखक का वक्तव्य है कि 'रीमिक्स, पॉप और हिप-हॉप,रैप संगीत के दौर में भी पुराना गीत संगीत आज भी पसंद किया जाता है'। इस फिल्म के 'धरती कहे पुकार' को किताब में शामिल किया गया है। शैलेंद्र की कलम को संगीतबद्ध मदन मोहन ने किया है। सन् 1953 में आई विमल राय की इस ​​फ़िल्म में बलराज साहनी के उत्कृष्ट अभिनय को देखा जा सकता है। ​​फ़िल्मी गीतों के मर्म को सामने रखते हुए लेखक बताते हैं कि इन गीतों में कैसे आध्यात्मिकता और दार्शनिकता है जो कई बार निस्संगता तक ले जाती है। 'दो आँखें बारह हाथ' के पोस्टर के नीचे लेखक अपनी बात कहते हुए बड़ा सीधा सवाल पूछते हैं कि 'कई फ़िल्मी गीतकारों के साहित्यिक अवदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, फिर उन गीतों-कहानियों की चर्चा साहित्य में क्यों नहीं होती'? 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम' गीत को ही ले लीजिए। भरत व्यास के शब्द कितने ही सार्थक क्यों न हों, डॉ. देवधर तो गीता का उद्धरण भी यहाँ देते हैं कि 'देशेकाले च पात्रेच तद्दानं सात्विकं स्मृतम्'...पर वे महर्षि वेद व्यास तक इसलिए नहीं पहुँच सकते क्योंकि हमने शुरू से ही फ़िल्मों को और फ़िल्मी गीतों या कह लीजिए फ़िल्मी दुनिया को निकृष्ट, ओछा माना है। वी. शांताराम की इस फ़िल्म का यह गीत आज भी कई संस्कार केंद्रों और संस्थाओं में प्रार्थना की तरह गाया जाता है लेकिन केवल फ़िल्मी होने से वह हमारे घरों के मंदिरों-पूजा गृहों में न आ सका। हमने फ़िल्मों को हमेशा ग्लैमर से जोड़ा भले ही उनमें से कई फ़िल्में नेकी और भलाई के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करती हों तब भी। फ़िल्मों को ओछा माना जाता था तो उन्हें कला और जनसंचार के माध्यम का दर्जा किसने दिया होगा। इसका जवाब भी लेखक 'मदर इंडिया' फ़िल्म के पोस्टर के नीचे दिए अपने वक्तव्य में देते हैं कि साप्ताहिक धर्मयुग ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई थी। समांतर सिनेमा को धर्मयुग पत्रिका ने स्थापित किया तो रेडियो ने उन्हें बार-बार बजाकर या प्रसारित कर प्रतिष्ठित किया। लोगों को भले ही न पता हो कि ठुमरी, चैती, होरी, कजरी शास्त्रीय संगीत के प्रकार हैं या शास्त्रीय संगीत के कितने राग हैं पर उस दौर में उन पर आधारित गीत सबकी ज़ुबान पर चढ़े थे तो वह आकाशवाणी की ही देन है। अस्तु, 'मदर इंडिया' का गीत 'दुनिया में हम आए हैं तो जीना ही पड़ेगा' कब लोकोक्ति में बदल गया होगा कहा नहीं जा सकता। शकील बदायूँनी ने इसे जिस तरीके से लिखा और नौशाद ने जिस तरह संगीत दिया वह इतिहास बन गया है। डॉ. देवधर इस गीत के साथ उस किस्से का भी जिक्र करते हैं जब मिस्र के राष्ट्रपति नासिर भारत आए थे। तब उन्हें मदर इंडिया दिखाई गई थी। फिल्म खत्म होने के बाद भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. नेहरू ने संकोचवश उनसे पूछ लिया कि उन्हें फ़िल्म कैसी लगी? नासिर साहब का जवाब हैरान करने वाला था कि वे उससे पहले तीन बार इसे काहिरा में देख चुके थे। गीत की पंक्ति 'जल जाएँ मगर आग पे चलते ही रहेंगे' को डॉ. देवधर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता की पंक्तियों 'विपदाएँ आती हैं आएँ, हम न रुके हैं, हम न रुकेंगे' से जोड़ते हैं। श्रम के महत्व को प्रतिपादित करते हुए वे पंजाबी की कहावत लिखते हैं कि 'ऊँट न रुन्ने, बोरे रून्ने' अर्थात् सामान ढोने वाला ऊँट न रोया बल्कि बोरे ही रोने लगे। डॉ. देवधर का अथाह अध्ययन संस्कृत-उर्दू के संदर्भ इस किताब में कई बार प्रत्यक्षे किं प्रमाणम् की तरह उनकी विद्वत्ता के साक्षी बनते हैं। वे वर्तमान समय को भी अपनी लेखनी पर तौलते हैं कि पहले लिखा जाता था इश्क ईमान है, इश्क कुरआन है और अब इश्क कमीना लिखा जा रहा है। 'घर संसार' फ़िल्म के पोस्टर के नीचे वे अपनी यह बात कहते हैं। गीतकार एस.एच. बिहारी के इस फ़िल्म के लिखे गीत 'भला करने वाले भलाई किए जा' की जब वे बात करते हैं तो उनके द्वारा लिखे कई गीतों की याद दिला देते हैं जैसे 'कजरा मुहब्बतवाला', 'रातों को चोरी-चोरी', 'हौले-हौले चलो मोरे साजना', 'मेरा प्यार वो है', 'दीवाना हुआ बादल', 'इशारों-इशारों में', 'तारीफ करूँ क्या'...। 'घर-संसार' के गीत की बानगी देते हुए वे कबीर-रहीम, कवि बेकन, खलील जिब्रान तक को उद्धृत करते हैं। ऐसा लगता है जैसे वे अपने हाथों को लंबा पसार रहे हैं और जितना समेट सकते हैं सब चीज़ों को समेटते जा रहे हैं। 'अनाड़ी' के गीत 'सब कुछ सीखा हमने, ना सीखी होशियारी' तो जैसे उनके व्यक्तित्व का हिस्सा है। उनकी विद्वत्ता उनकी लेखनी, वाणी में झलकती है लेकिन व्यवहार में वे किसी को कमतर नहीं आँकते। वे इस गीत को कबीरदास से जोड़कर कहते हैं कि 'जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोई तू फूल'। किताब की विशेषता है कि हर गीत की व्याख्या उतनी ही लयात्मकता से की गई है। कहीं भी यह लय टूटती नहीं है। किताब का प्रकाशन भी साफ-सुधरा और त्रुटिविहीन है। 'दीदी' फ़िल्म के गीत 'हमने सुना था एक है भारत' के साथ वे सामाजिक परिवेश में होते बदलाव कैसे साहित्य और सिनेमा में भी दिखते हैं, यह बताते हैं। 'छलिया' फ़िल्म के 'छलिया मेरा नाम' गीत के संदर्भ वे जोश मलीहाबादी की पंक्तियों में भी देते हैं और सूरदास के पद भी कि 'खेलत में कऊ काको गुसइयाँ' यानी खेल में कोई किसी का स्वामी कैसे हो सकता है। डॉ. देवधर द्वारा चुने हर गीत में उनका फलसफा दिखता है लेकिन वे 'जिस देश में गंगा बहती है' के गीत को याद करते हुए कहते हैं कि साहिर लुधियानवी के गीत अपने में एक फलसफा लिये होते थे। वैसे इस फ़िल्म के जिस गीत को वे रखते हैं वह शैलेंद्र का 'मेरा नाम राजू' है, जिसका संगीत शंकर-जयकिशन ने दिया था। इस गीत की व्याख्या करते हुए वे बिहारी कवि, गंग कवि, कवि मान, कविराज, महाकवि पद्माकर की याद करते चलते हैं। 'हमारी याद आएगी' के गीत 'सोचता हूँ ये क्या किया मैंने' लिखा। जबकि 'हम दोनों' के गीत 'अल्लाह तेरो नाम' को चुना। यह गीत सन् 1965 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर लिखा गया था। 'बंदिनी' के गीत 'अब के बरस भेज' ने कितनों को रुलाया होगा कहा नहीं जा सकता। शैलेंद्र के शब्द और सचिन देव बर्मन का संगीत इस गीत को अधिक मर्मस्पर्शी बना देता है। 'फूल बने अंगारे' के गीत 'वतन पर जो फिदा होगा' फिर पाठकों को देशभक्ति की ओर ले जाता है। समझ नहीं आता कि देशभक्ति के गीतों को अलग से सिलसिलेवार क्यों नहीं दिया गया। हो सकता है पाठकों का जायका बदलता रहे इसलिए ऐसा किया गया होगा। साहिर के इस गीत में भी देशभक्ति की भावना दिखती है जिसे कल्याणजी-आनंदजी ने संगीतबद्ध किया था। भारत-चीन के सन् 1962 के युद्ध की याद इस गीत में है। इसके बाद 'दोस्ती' फ़िल्म का मजरूह का लिखा गीत है कोई जब राह न पाए'। इस गीत में भी वेदों की पंक्तियों का हवाला दिया गया है तो इतिहास भी रखा गया है कि कैसे तात्या टोपे को उनके ही साथी ने पकड़वाया था और चंद्रशेखर आज़ाद की मुखबिरी भी उनके साथी ने ही की थी। इस गीत के साथ सन् 1971 के युद्ध की पृष्ठभूमि को भी तौला गया है। 'साँझ-सवेरा' फ़िल्म के गीत 'अजहुँ न आए बालमा', को हसरत जयपुरी ने लिखा है और शंकर जयकिशन ने संगीत दिया है। डॉ. देवधर के शब्दों में कहें तो पहले के गीतों में शब्दों की अपनी ताकत होती थी, उनकी उपस्थिति एक लय बनाती थी। पहले के गीतों में लोक बोलियों के शब्द और उनकी मिठास थी जैसे 'अजहूँ न आए'...। इस गीत पर लिखते हुए डॉ. देवधर प्रकृति के चितेरे कवि पंत और रीतिकाल के कवि सेनापति की पंक्तियों को याद करते हैं। कालिदास के मेघदूत की पंक्तियाँ भी इस लेख में आ जाती हैं तो पं. नरेंद्र शर्मा भी। अगला गीत 'जहाँआरा' फ़िल्म का 'वो चुप रहें तो मेरे दिल के दाग' है। गीतकार राजेंद्र कृष्ण के शब्दों के साथ मदन मोहन का संगीत न्याय करता सा लगता है। भाषा, भाव और बयान एक साथ इस गीत के कहन में है। आप इस गीत में डूबते-उतरते हैं कि किताब में अगला गीत 'शहीद' फ़िल्म का 'मेरा रंग दे बसंती चोला' आ जाता है। इसके गीतकार-संगीतकार प्रेम धवन हैं। इस फ़िल्म के अन्य गीतों का उल्लेख भी यहाँ मिलता है जैसे 'ए वतन, ए वतन', 'हमको तेरी कसम', 'सरफरोशी की तमन्ना', 'पगड़ी सम्हाल जट्टा' और 'जोगी हम तो लुट गए तेरे प्यार में'..। डॉ. देवधर इस गीत के साथ भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरु, महाराणा प्रताप, लक्ष्मीबाई, गुरू गोविंद सिंह, दुर्गावती, रानी चेनम्मा, राणा सांगा, पृथ्वीराज चौहान, बाजीराव आदि का जिक्र करते हैं। 'सिकंदर-ए-आजम' फ़िल्म के गीत 'जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़िया' के बारे में अधिक जानना हो तो भी आप इस किताब को पढ़ सकते हैं। इतना ही क्यों 'वक्त' मूवी के 'वक्त से दिन और रात', 'बादल' मूवी का 'ख़ुदगज़र् दुनिया में ये' जैसे कई गीत इस किताब से खुलते चले जाते हैं। 'तीसरी कसम' फ़िल्म के पोस्टर के नीचे लेखक ने जानकारी दी कि सन् 1910 में दादासाहेब फालके ने दि लाइफ ऑफ क्राइस्ट देखकर भारतीय सिनेमा रचने का संकल्प किया और सन् 1913 में फ़िल्म आई राजा हरिश्चंद्र। वैसे यह बात भी समझ से परे है कि फिल्म के पोस्टर के नीचे दी जानकारी इतनी असंगत क्यों है, भले ही महत्वपूर्ण हो। मतलब फ़िल्म के पोस्टर से उसके नीचे चस्पा की गई जानकारी का वैसे कोई लेना-देना नहीं है। जबकि गीतों पर लिखते हुए वे अपनी बात पर टिके हुए लगते हैं। 'तीसरी कसम' फ़िल्म का 'दुनिया बनाने वाले' गीत लिया गया है। सर्वज्ञात है कि यह फ़िल्म फणीश्वरनाथ रेणु की कथा 'मारे गए गुलफाम' पर आधारित है। हसरत जयपुरी के इस गीत में पूछे सवाल पर डॉ. देवधर की कलम बृहदारण्यक उपनिषद का वाक्य देते हैं कि 'स वै नैव रेमे, तस्मात एकाकी न रमते, सद्वितीयम्इच्छत' अर्थात् वह अकेला नहीं रमा। ज्याँ पॉल सार्त्र का उद्धरण देते हैं कि यदि मनुष्य न भी होता, तब भी सृष्टि होती और शायद कुछ बेहतर होती। इसके बाद 'ममता' फ़िल्म के 'छुपा लो यूँ दिल में यूँ प्यार मेरा, कि जैसे मंदिर में लौ दिये की', को लिया गया है। सन् 1966 में ये फ़िल्म रिलीज़ हुई थी। मजरूह सुलतानपुरी ने गीत लिखे थे और रोशन का संगीत था। 'इक कली मुस्काई' के पोस्टर के बाद 'ना तुम बेवफा हो, ना हम' को लिया गया है। 'नीलकमल' के पोस्टर के बाद उन दिनों को याद किया गया है जब सिनेमाघरों में 5 से 10 मिनट का वृत्तचित्र दिखाया जाता था और याद हो आया कि फ़िल्म प्रभाग की डॉक्युमेंट्रीज का प्रदर्शन अब बहुत कम होता है। इस फ़िल्म का गीत 'हे रोम-रोम में बसने वाले राम' है। इसके बाद सन् 1968 में आई फ़िल्म 'सरस्वतीचंद्र' का गीत 'मैं तो भूल चली बाबुल का देस' का वर्णन अपने आपमें सामाजिक दस्तावेज है। वहाँ से चलते हुए फ़िल्म 'जीने की राह' का 'एक बंजारा गाए' गीत आता है। फिर फ़िल्म 'मेरा नाम जोकर' का 'ए भाई, जरा देख के चलो' गीत वर्णित है। गीतकार नीरज ने इसे लिखा है, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे फ़िल्मी दुनिया में बतौर गीतकार केवल पाँच साल ही थे। इसके बाद योगेश का लिखा 'आनंद' फ़िल्म का गीत है 'जि़ंदगी कैसी है पहेली'। 'पहचान' फ़िल्म का गीत 'बस यही अपराध' अगली बानगी है। यहाँ गीतों के नाम इसलिए दिए जा रहे हैं ताकि पढ़ने वालों के मन में उत्सुकता जगी रहे। आदमी और इंसान के अंतर को स्पष्ट करते हुए लेखक मिर्जा गालिब का हवाला देता है कि 'बस कि दुश्वार है हर काम का आसां होना, आदमी को मयस्सर नहीं इंसां होना'। मतलब आदमी से इंसान होना एक प्रक्रिया है। फ़िल्म 'सीमा' के गीत 'जब भी ये दिल उदास होता है' को भी इस किताब से करीबी से जाना जा सकता है। फ़िल्म 'पिया का घर' के गीत 'ये जीवन है, इस जीवन का', के फलसफे को भी इस किताब से समझा जा सकता है। 'दाग' फिल्म के गीत 'जब भी जी चाहे नई दुनिया बसा'...साहिर के शब्दों को लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने स्वर दिए लेकिन उस आवाज़ का भी जिक्र होना था, जिसने इसमें दर्द भरा। इस गीत के बहाने डॉ. देवधर, मोहन राकेश, और अज्ञेय को भी याद करते हैं। गीत जहाँ ख़त्म होता है, वहाँ नायिका के मुँह से सिसकी निकलती है। इस गीत के बारे में पढ़ने के बाद वह सिसकी याद आती है,या कहिए ज़ेहन में अटक जाती है। इसके बाद दिल के भाव को बनाए रखने के लिए 'दिल की राहें' की गज़ल 'रस्म-ए-उल्फत को निभाएँ' को दिया गया है। नक्श लायलपुरी ने जैसे इसे लिखा है, वैसे ही मदन मोहन ने संगीत से इसे तराशा है। इस गज़ल के साथ निकहत नसीम, जयशंकर प्रसाद और गालिब भी आ जाते हैं। फ़िल्म 'परिणय' का गीत 'जैसे सूरज की गर्मी से', को तो भजनों में स्थान मिल गया है। रामानंद शर्मा की लेखनी और जयदेव के संगीत ने इसे उस स्थान तक पहुँचाया है। यह स्थान दिलाने में उज्जैन के शर्मा बंधुओं यानी पं. गोपाल शर्मा, सुखदेव शर्मा, पं. कौशलेंद्र और पं. राघवेंद्र शर्मा का भी योगदान है। राम दरबार गायकों के रूप में जाने जाते इन बंधुओं में से पं. गोपाल शर्मा और शुकदेव कुमार ने इसे गाया था। इसमें तरूवर क्यों लिखा गया है इसका उत्तर देते हुए डॉ. देवधर; रहीम का दोहा बताते हैं कि 'तरूवर फल नहीं खात है, सरवर करै न पान, कह रहीम पर काज हित, संपत्ति संचहि सुजान'। भक्तिभाव को ही आगे बढ़ाते हुए फ़िल्म 'मेहमान' का गीत आता है 'राम रहीम, कृष्ण करीम'। साहिर ने यह गीत लिखा है और डॉ. देवधर रेखांकित करते हैं कि साहिर की कलम से ही 'तोरा मन दर्पण कहलाए', 'हे रोम रोम में बसने वाले राम', 'प्रभु तेरो नाम जो ध्याए' के साथ रोमांटिक गीत व कई कव्वालियाँ लिखी हैं। बालकवि बैरागी के 'क्षितिज' फ़िल्म के गीत 'अंधे सफर में हम भी' है। इसके तुरंत बाद फ़िल्म 'चोर मचाए शोर' का वह गीत है जिसे लिखा भी और संगीतबद्ध भी किया रवींद्र जैन ने- 'ले जाएँगे, ले जाएँगे, दिलवाले दुल्हनियाँ'। पैसे वालों के देखते रहने की बात के साथ डॉ. देवधर; प्रेमचंद का लिखा भी रखते हैं कि 'बरात का बराती कभी खुश नहीं होता'। फ़िल्म 'वरदान' का गीत 'हे गिरिधारी, मेरे कृष्ण मुरारी' भी इस किताब में है। 'इम्तेहाँ' फ़िल्म का गीत 'रुक जाना नहीं तू कहीं हार के' की अभिव्यक्ति भी इस किताब में है, जिसके साथ वे प्रसाद की 'कामायनी' पर भी बात करते हैं कि 'अपने सुख को विस्तृत कर लो'। फ़िल्म 'घटना' के गीत 'हज़ार बातें कहे ज़माना' को लेखक ने गज़लनुमा गीत कहा है। गीतकार का नाम रविशंकर शर्मा आता है और संगीत रवि का। रविशंकर शर्मा ही संगीतकार रवि हैं। भारतीय फ़िल्मों में जितने गीत मिलते हैं, उतने शायद दुनिया के किसी देश की किसी भाषा में नहीं। ये गीत केवल मनोरंजन नहीं बल्कि जि़ंदगी की बात भी करते हैं जैसे फ़िल्म 'रफ़्तार' का गीत 'संसार है एक नदिया, सुख-दु:ख दो किनारे'। फ़िल्म 'फकीरा' का गीत 'फकीरा चल चला चल' भी इसी दार्शनिकता को बया करता है। फ़िल्म 'कर्मा' का लिया गीत 'समय तू धीरे-धीरे चल' भी उसी तर्ज पर है, तो फ़िल्म 'अपनापन' का गीत 'आदमी मुसाफ़िर है, आता है जाता है' भी और फिर 'गोलमाल' का यह गीत भी 'आनेवाला पल, जाने वाला' है। गुलज़ार के इस गीत के बाद किताब में निदा फाजली का गीत है 'कभी पलकों में आँसू हैं, कभी लब पे शिकायत है' (फ़िल्म हरजाई)। 'प्रेम तपस्या' फ़िल्म का गीत 'आदमी दीवाना है, एतबार करता है' भी जीवन, प्रकृति, मौसम, समाज, अध्यात्म और दर्शन की बात करता है। गीतकार आनंद बख्शी के इस गीत के बाद दूसरा गीत भी इसी तर्ज पर है। वह गीत है- 'रोते रोते हँसना सीखो, हँसते-हँसते रोना'। 'राम तेरी गंगा मैली' फ़िल्म के शीर्षक गीत पर लिखते हुए डॉ. देवधर गंगा के अवतरण की पौराणिक कथा बताते हैं। जीवन की दूसरी सच्चाई अगले गीत में आती है, जो 'मेरी जंग' का है। गीत है 'जि़ंदगी हर कदम एक नई जंग है'। हर नए गीत को नए तरीके से रखने का सिलसिला इस किताब में इस गीत के साथ खत्म होता है पर हम चाहते हैं कि गीतों पर अगली किताब भी शीघ्र आए क्योंकि अभी कई सारे गीत उन पर लिखे जाने की प्रतीक्षा में हैं।

देशबन्धु 31 May 2026 3:22 am

न जाने किस गली में जिंदगी की....

सैयद मोहम्मद बशीर जो बाद में बशीर बद्र के नाम से मशहूर हुए तो कह उठे कि

देशबन्धु 31 May 2026 3:20 am

असम: सैनिक स्कूल में कोच बनने का मौका, 18 और 19 जून को होगा वॉक-इन इंटरव्यू

सैनिक स्कूल गोलपारा, असम ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कोच/क्लब शिक्षक के विभिन्न 13 पदों पर भर्ती के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।

देशबन्धु 31 May 2026 2:49 am

एस्ट्रोनॉट्स की पहचान 'मिशन पैच', शुभांशु शुक्ला ने किया भावुक पोस्ट

भारतीय एयरफोर्स के ऑफिसर और एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला अक्सर अपनी स्पेस यात्रा से जुड़ी रोचक और मजेदार पोस्ट कर जानकारी देते रहते हैं

देशबन्धु 30 May 2026 11:17 pm

नाज़ुक आर्थिक दौर में संरचनात्मक बदलावों का समय

भारत को अनुसंधान और नवाचार में निवेश, श्रम उत्पादकता में सुधार, व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत और क्षेत्रीय व्यापार एकीकरण को सुदृढ़ करना चाहिए।

देशबन्धु 30 May 2026 3:20 am

उदन्त मार्तण्ड से लुप्त मेरुदण्ड तक हिंदी पत्रकारिता के दो सौ बरस

अभी हाल में मोदी विदेश दौरे से लौटे हैं: कायदे से तो प्रेस का काम था कि वह पांचों देशों की यात्रा के कारणों और परिणामों का विश्लेषण करती।

देशबन्धु 30 May 2026 3:10 am

साइकिल की सवारी में बेहतरी हमारी

गांव में स्थित स्वयंसेवी संस्था के कार्यकर्ता साइकिल से चलते थे। संस्था की ओर से सचल पुस्तकालय (मोबाइल लाइब्रेरी) संचालित किया जाता था।

देशबन्धु 30 May 2026 3:00 am

“उजाले अपनी यादों के…” : बशीर बद्र की शायरी में मोहब्बत, विस्थापन और इंसानियत का दर्द

91 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले मशहूर शायर बशीर बद्र ने उर्दू ग़ज़ल को आम लोगों की ज़ुबान बनाया। मेरठ दंगों, विस्थापन, मोहब्बत और इंसानियत के दर्द से भरी उनकी शायरी आज भी समाज को आईना दिखाती है।

देशबन्धु 29 May 2026 8:49 pm

अवैध घुसपैठियों के बांग्लादेश लौटने के दावे से बंगाल इत्जिमा का वीडियो वायरल

बूम ने वीडियो को शूट करने वाले शेख अली से संपर्क किया जिन्होंने पुष्टि की कि फुटेज में लोग इस साल जनवरी में आयोजित हुए हुगली इज्तिमा में भाग लेते नजर आ रहे हैं.

बूमलाइव 29 May 2026 5:18 pm

31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स

31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।

देशबन्धु 29 May 2026 12:08 pm

एसी ऑन करने से पहले आजमाएं ये छोटी की ट्रिक, कमरा तेजी से होगा ठंडा, बिजली की भी होगी बचत

गर्मियों में बाहर तेज धूप से परेशान लोग जैसे ही घर पहुंचते हैं, सबसे पहले एयर कंडीशनर चालू करते हैं

देशबन्धु 29 May 2026 4:30 am

ललित सुरजन की कलम से बिलासपुर की पांच बहनें

'हमारे समाज में न जाने क्यों लड़कियों को शुरु से ही बोझ मान लिया जाता है।

देशबन्धु 29 May 2026 3:30 am

डिजिटल आक्रोश या नया राजनीतिक विकल्प: 'कॉकरोच जनता पार्टी' के उभार के मायने

देश के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए इस आंदोलन के पीछे एक और गहरी राजनीतिक साजिश या प्रोपेगैंडा होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

देशबन्धु 29 May 2026 3:10 am

दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक के साथ हुई बारिश, भीषण गर्मी से मिली राहत

भीषण गर्मी और लगातार चल रही लू से परेशान दिल्ली-एनसीआर के लोगों को गुरुवार की शाम को राहत मिली। राजधानी दिल्ली और आसपास के कई इलाकों में तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने लंबे समय बाद ठंडी हवाओं का एहसास किया।

देशबन्धु 29 May 2026 1:50 am

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष : जनचेतना से लोकतंत्र तक

–बाबूलाल नागा 30मई1826को जब पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने कोलकाता से हिंदी के पहले समाचार पत्रउदन्त मार्तण्डका प्रकाशन शुरू किया,तब शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि यह छोटा-सा प्रयास आने वाले समय में करोड़ों लोगों की आवाज बन जाएगा। वर्ष2026हिंदी पत्रकारिता के लिए ऐतिहासिक पड़ाव है,क्योंकि यह केवल200वर्षों का उत्सव नहीं,बल्कि लोकतंत्र,जनसंघर्ष ... Read more

अजमेरनामा 28 May 2026 10:01 pm

बकरा ईद इसका महत्व क्या है

बकरा ईद (ईद-उल-अजहा) इस्लाम धर्म को मानने वालो का प्रमुख पर्व है जो त्याग, समर्पण और अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है । यह पर्व पैगंबर इब्राहिम द्वारा अपने पुत्र हज़रत इस्माइल की अल्लाह की राह में दी जाने वाली सर्वोच्च कुर्बानी की याद में मनाया जाता है ।बकरा ईद से जुड़ी बातें ... Read more

अजमेरनामा 28 May 2026 1:50 pm

चोर चुप ही रहता तो कम पिटता..

चोर चुप ही रहता तो कम पिटता..यह लतीफा इस समय उन लोगों के लिए बड़ा मौजू बैठता है तो इन दिनों की महंगाई और आर्थिक बदहाली का अजब-गजब तर्कों से बचाव कर रहे हैं और अपना बिना बात मखौल उड़वा रहे हैं। बहुत संभव है उन्हें मंहगाई से होने वाली दुर्गति का अहसास ना हो। ... Read more

अजमेरनामा 28 May 2026 1:26 pm

मानसिक शांति के लिए फायदेमंद रोजमेरी, तनाव कम कर देती है बेहतर नींद

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अच्छी नींद लेना बहुत बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल, काम का दबाव, तनाव और चिंता जैसी समस्याएं धीरे-धीरे लोगों की नींद को प्रभावित कर रही हैं

देशबन्धु 28 May 2026 6:10 am

मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे : पीरियड्स को लेकर चुप्पी तोड़ना जरूरी, स्वच्छता और जागरूकता से बनेगी बात

पीरियड्स या मासिक धर्म महिलाओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण चरण होता है, लेकिन कई बार उन्हें इस दौरान सामाजिक भेदभाव और असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है

देशबन्धु 28 May 2026 5:30 am

ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा

'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।

देशबन्धु 28 May 2026 3:20 am

परीक्षा पर चर्चा का झांसा

पाठक जानते हैं कि सीबीएसई बारहवीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे इस बार सात सालों में सबसे खराब रहे, केवल 85.20 प्रतिशत बच्चे ही उत्तीर्ण हो पाए।

देशबन्धु 28 May 2026 3:00 am

क्या आम आदमी विकास से बाहर छूट रहा है?

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद नए भारत के निर्माण के जिन आधार स्तंभों की कल्पना की गई थी, उनमें शिक्षा और चिकित्सा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई थी। यह माना गया था कि यदि देश के नागरिक शिक्षित, स्वस्थ और जागरूक होंगे तो लोकतंत्र मजबूत होगा, सामाजिक असमानताएं कम होंगी और राष्ट्र विकास के पथ पर ... Read more

अजमेरनामा 27 May 2026 10:12 pm

क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक शैली को लेकर बहस तेज

भाजयुमो की नई प्रदेश कार्यकारिणी पर उठे सवाल जयपुर। राजस्थान भाजपा युवा मोर्चा की नई 63 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी घोषित होते ही संगठन और राजनीतिक हलकों में क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक प्रतिनिधित्व और कार्यकर्ता उपेक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा द्वारा घोषित इस टीम में प्रदेश उपाध्यक्ष, महामंत्री, मंत्री, मीडिया, आईटी ... Read more

अजमेरनामा 27 May 2026 10:04 pm

नेहरू एक गर्वोक्ति

आज भारत के पहले प्रधानमंत्री प जवाहरलाल नेहरू की पुण्य तिथि है। उन्हें याद करते हुए मैं राजनीति से इतर एक दृष्टा या पथ प्रदर्शक के रूप में देखता हूँ। अपनी कल्पना की उड़ान को जब देश की आजादी के मुहाने पर खड़ा करता हूँ तो भीतर तक सिहरन उठ जाती ... Read more

अजमेरनामा 27 May 2026 9:50 pm

क्या एआई मानवता के महाविनाश का कारण बनेगी?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आज केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं रह गई है, बल्कि वह मानव सभ्यता के भविष्य का निर्णायक मोड़ बनती जा रही है। जिस गति से यह तकनीक विकसित हुई है, उसने दुनिया को आश्चर्यचकित भी किया है और चिंतित भी। अभी तक विज्ञान और तकनीक मनुष्य के हाथों में उपकरण थे, ... Read more

अजमेरनामा 27 May 2026 6:05 am

प्यार-प्यार में फर्क क्यों ?

–श्रीमती संतोष शर्मा स्वतंत्र पत्रकार साकेत नगर ढाई अक्षर के प्रेम शब्द में वह शक्ति है जिससे दो आत्माओं का पवित्र मिलन होता है। जो प्यार करने वाले दो दिलों को हमेशा हमेशा के लिए एक दूसरे से बांध देता है। यह प्रेम दो आत्माओं में अपनापन होने पर स्वतः ही पैदा होता है। प्रेम ... Read more

अजमेरनामा 27 May 2026 5:47 am

ललित सुरजन की कलम से- स्वच्छ प्रशासन की चिंता

'देश की जनता को अपने अफसरों से यह सवाल करना चाहिए कि आप तो लोक सेवक हैं; जो भी सरकारी संस्थाएं हैं वे ठीक से काम करें यह देखना आपकी अपनी जिम्मेदारी है

देशबन्धु 27 May 2026 2:57 am

नेहरू की पुण्यतिथि आज : नेहरू और पटेल को बैलों की एक जोड़ी के रूप में देखते थे गांधीजी

नेहरू और पटेल एक दूसरे के पूरक थे। नेहरू का वैचारिक आधार फेबियन समाजवाद की विचारधारा थी जिसके अनुसार संसदीय लोकतंत्र मानवीय आकांक्षाओं की पूर्ति का सबसे अधिक शक्तिशाली साधन है

देशबन्धु 27 May 2026 2:51 am

मोदी सरकार में बच्चों का भविष्य खतरे में!

नरेन्द्र मोदी के हिंदू-मुस्लिम एजेंडे को धर्म की रक्षा मानना और हिंदू जाग गया है जैसे बेतुके दावों पर यकीन करके इस देश ने किस तरह अपना भविष्य बर्बाद कर लिया है

देशबन्धु 27 May 2026 2:45 am

कॉकरोच जनता पार्टी के भ्रष्ट दरोगा को पकड़ने और पथराव के दावे वायरल वीडियो का सच जानिए

बूम ने पाया कि वायरल हो रहे दोनों वीडियो फरवरी 2026 से इंटरनेट पर मौजूद हैं और अलग-अलग घटनाओं से संबंधित हैं.

बूमलाइव 26 May 2026 5:45 pm

विपक्ष से सत्ता पक्ष में आने के लिये संगठित होकर शंखनाद तो करना ही होगा

अजमेर कांग्रेस :-पूरे राजस्थान प्रदेश की कांग्रेस और उसमें अजमेर की कांग्रेस हमेशा से ही एक अहम भूमिका मैं अपना वर्चस्व अपनी अलग पहचान प्रदेश ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी बनाए हुए हैं, कार्यशील है, प्रगतिशील है भले ही 20-25 वर्षों से तो लगातार अजमेर के दोनों विधानसभा क्षेत्र हारते आ रहै है। लोकसभा ... Read more

अजमेरनामा 26 May 2026 10:53 am

डैंड्रफ और खुजली से राहत दिलाने में छाछ मददगार, बालों की कई समस्याओं से दिलाती है छुटकारा

आजकल बहुत से लोग बालों के झड़ने, रूखेपन, डैंड्रफ, खुजली और ऑयली स्कैल्प जैसी समस्याओं से परेशान हैं

देशबन्धु 26 May 2026 9:21 am

यह कैसा समाज है, जिसमें अदालतें समझाएं रिश्तों का धर्म

किसी भी सभ्यता की वास्तविक पहचान उसकी ऊँची इमारतों, चमकती सड़कों, आर्थिक प्रगति या तकनीकी उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों, माता-पिता और निर्बल वर्ग के प्रति कितना संवेदनशील है। लेकिन आज का सबसे पीड़ादायक प्रश्न यही है कि जिस भारत ने “मातृ देवो भवः, पितृ देवो ... Read more

अजमेरनामा 26 May 2026 3:50 am

ललित सुरजन की कलम से अडवानी या मोदी : फर्क क्या है?

अगर अटल बिहारी वाजपेयी की बात सुनी गई होती तो 2002 में ही नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री के पद से हट जाना चाहिए था।

देशबन्धु 26 May 2026 3:16 am

जब सरकारें हास्य से डरती हैं, तो यह दिखाता है कि बहुत कुछ गलत है

'कॉकरोच जनता पार्टी' की लोकप्रियता यह भी दिखाती है कि राजनीतिक सोच बदल रही है।

देशबन्धु 26 May 2026 3:12 am

पेट काटकर जनता बचाए, मोदीशाही अमेरिका की भेंट चढ़ाए!

नरेंद्र मोदी के राज ने जिस एक चीज में सबसे ज्यादा महारत हासिल की है, वह यह है कि वास्तव में यह सरकार जो करती है, उससे ठीक उल्टा करने का ढोल पीटती है।

देशबन्धु 26 May 2026 3:10 am

नए भारत के जन्म पर सोहर गायन- मनीष मिश्रा (अध्यक्ष, पहल)

भारत की सनातन परम्परा में, किसी भी आँगन में जब कोई मांगलिक बयार बहती है, तो वह किसी न किसी सुर, ताल और गीत का आँचल पकड़कर ही आती है।

देशबन्धु 25 May 2026 7:41 am

ऐसा भ्राता नही हूं मैं

स्वयं को होशियार समझता ऐसा भ्राता नहीं हूं मैं, गले मिलकर ही गला काटें ऐसी-मात्रा नहीं हूं मैं। गैरों का भी जो दर्द समझते ऐसा एक इंसान हूं मैं, क्या होता है यें प्रेम भली-भांति से समझता हूं मैं ।। दिल में अपनें दुःख समेटे उम्र भर जीता रहा हूं मैं, सब देखकर भी अनजानों ... Read more

अजमेरनामा 25 May 2026 5:56 am

ललित सुरजन की कलम से भ्रष्टाचार तो आज़ादी के पहले से है

अरेबियन नाइट्स याने सहस्र रजनीचरित अथवा कथा सरित्सागर की तर्ज पर हर दिन एक नया किस्सा सुनाया जा रहा है ।

देशबन्धु 25 May 2026 3:30 am

रुपये की गिरावट एक गंभीर चेतावनी, सरकार नजरअंदाज नहीं कर सकती

भारत का रुपया सिर्फ़ कमजोर ही नहीं हो रहा है बल्कि यह एक ऐसी अर्थव्यवस्था की ढांचागत कमज़ोरियों के बारे में एक चेतावनी का संकेत दे रहा है,

देशबन्धु 25 May 2026 3:20 am

गोदी मीडिया का विकल्प यू ट्यूब और सोशल मीडिया

जब बीजेपी विपक्ष में थी तब भी अखबारों में उसे ही प्राथमिकता दी जाती थी। इसके लिए नई-नई अवधारणाएं लाई जाती थीं।

देशबन्धु 25 May 2026 3:10 am

भरोसे का हिसाब

सिंडिकेट बैंक की बेगमपेट शाखा में उस सोमवार को सुबह से ही भीड़ थी। मार्च का आखिरी पड़ाव और हर कोई किसी जरूरी काम के बोझ तले दबा हुआ था

देशबन्धु 24 May 2026 4:36 am

लोकचेतना और मानवीय संवेदना के कवि भगवती लाल सेन

२३ मई छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना के लिए केवल एक जन्मतिथि नहीं बल्कि लोकसंवेदना, सामाजिक सरोकार और जनपक्षधर काव्यधारा के स्मरण का दिन है

देशबन्धु 24 May 2026 4:33 am

धूप, तनाव और गलत खानपान से बिगड़ता है स्किन का पीएच बैलेंस, हो सकती है मुंहासे-रूखेपन की समस्या

आजकल लोग चमकदार और स्वस्थ त्वचा पाने के लिए तरह-तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं, लेकिन सिर्फ बाहरी चमक ही अच्छी स्किन की निशानी नहीं होती

देशबन्धु 24 May 2026 3:36 am

पीरियड्स में खतरनाक हो सकती है लापरवाही, इन 3 बातों का रखें खास ख्याल

मासिक धर्म महिलाओं की सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान साफ-सफाई का ध्यान न रखने पर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं

देशबन्धु 23 May 2026 4:30 am

चिंता पैदा करती है 'न्याय की भाषा'

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत शर्मा द्वारा भरी अदालत में कुछ समूहों को 'परजीवी' और 'तिलचट्टे' के रूप में वर्गीकृत करना दुर्भाग्यपूर्ण, चिंताजनक और परेशान करने वाला है।

देशबन्धु 23 May 2026 3:20 am

आर्थिक संयम की अपील : राष्ट्रवाद या संकट प्रबंधन?

यह अपील सतही तौर पर 'आर्थिक राष्ट्रवाद' लगती है, पर संदर्भ में यह वैश्विक अस्थिरता और घरेलू दबावों की आपात प्रतिक्रिया प्रतीत होती है।

देशबन्धु 23 May 2026 3:10 am

परंपरागत अनाजों के साथ पशुपालन भी

छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। धान ही यहां की प्रमुख फसल है, जो बारिश की फसल है।

देशबन्धु 23 May 2026 3:00 am

शॉर्ट रेंज की ‘अग्नि-1’ बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण

भारत ने शुक्रवार को अपनी सामरिक क्षमता को और मजबूत करते हुए शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-1’ का सफल परीक्षण किया

देशबन्धु 23 May 2026 2:24 am

हेले लिंग द्वारा प्रेस फ्रीडम को लेकर पूछा गया सवाल ऑपरेशन सिंदूर से जोड़कर वायरल

बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो में नॉर्वे की पत्रकार हेले लिंग (Helle Lyng) का सवाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान विमानों को हुए नुकसान के बारे में नहीं बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़ा था.

बूमलाइव 22 May 2026 6:22 pm

उत्तर भारत में भीषण गर्मी से कब मिलेगी राहत, यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में जानिए कब आएगा मॉनसून

Monsoon 2026, IMD Rain Alert: उत्तर भारत में भीषण गर्मी के बीच कई राज्यों में हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लोग मॉनसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जानिए, यूपी-बिहार, दिल्ली समेत तमाम राज्यों में मॉनसून की एंट्री कब तक होगी।

देशबन्धु 22 May 2026 4:23 pm

अमेरिकी घेराबंदी में क्यूबा, लेकिन शी जिनपिंग और पुतिन भी चुप

क्यूबा में राष्ट्रपति स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी भी अपनी सीमाएं हैं।

देशबन्धु 22 May 2026 3:30 am

मोदीशाही : नाकामियों के लिए अब युद्घ की ओट

मोदी राज के अधिकांश हिस्से में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम, यूपीए के दस वर्ष के दौरान रहे औसत दाम से आधे या उससे थोड़े ही ज्यादा रहे थे।

देशबन्धु 22 May 2026 3:10 am

ही ही-खी खी कूटनीति ने भारत का बनाया मजाक

इस महंगाई की सबसे पहली मार पोषण पर ही पड़ती है, खासकर महिलाओं और बच्चों के कुपोषित होने की आशंका सबसे अधिक रहती है।

देशबन्धु 21 May 2026 5:51 am

ललित सुरजन की कलम से प्रधानमंत्री मोदी: प्रारंभिक चुनौतियॉं

'नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि राजनीति में कोई दुश्मन नहीं होता। केवल प्रतिस्पर्धा होती है।

देशबन्धु 21 May 2026 4:24 am

घरेलू तेल खपत को कम करने का समय आ गया

दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद खुदरा तेल की खपत के तरीके पर रोक लगाने में भारत की लगातार हिचकिचाहट, अगर मंज़ूर नहीं है, तो समझ से बाहर है।

देशबन्धु 21 May 2026 4:22 am

NEET एग्जाम लीक की आरोपी की धर्मेंद्र प्रधान के साथ तस्वीर का दावा गलत है

बूम ने जांच में पाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ नजर आ रही यह महिला मॉडर्न कॉलेज पुणे की प्रिंसिपल निवेदिता एकबोटे हैं.

बूमलाइव 20 May 2026 5:01 pm

ललित सुरजन की कलम से नक्सलवाद - क्या सेना की जरूरत है

'भारत में ऐसा सोचने वालों की कमी नहीं है कि यह देश जनतंत्र के उपयुक्त नहीं है। उनके बीच एक छोटा वर्ग यह मानकर भी चलता है कि भारत को स्वतंत्र ही नहीं होना चाहिए था।

देशबन्धु 20 May 2026 3:30 am

सतीशन का मुख्यमंत्री बनना कांग्रेस में एकजुटता का परिचय

वेणुगोपाल को राहुल गांधी का समर्थन मिलने में एक पेंच यह था कि विधायक बनने के लिए वेणुगोपाल को अपने सांसद पद से इस्तीफ़ा देना पड़ता।

देशबन्धु 20 May 2026 3:20 am

लो शुरू हो गया उनका असली कारोबार!

पैसा हमारा आपका और निवेश का फैसला इन कंपनियों के हाथ में जाने से कुछ कंपनियों की आश्चर्यजनक तेज वृद्धि का रहस्य समझा जा सकता है।

देशबन्धु 20 May 2026 3:10 am

बैंक जॉब अलर्ट: एसआईडीबीआई में स्पेशलिस्ट ऑफिसर बनने का अवसर, 29 मई तक फटाफट करें आवेदन

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (एसआईडीबीआई) ने संविदा आधार पर विशेषज्ञ अधिकारियों (स्पेशलिस्ट ऑफिसर) की नियुक्ति हेतु अलग-अलग कुल 5 रिक्त पदों पर एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके पात्र उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।

देशबन्धु 20 May 2026 2:50 am

हर गुस्सा जिद नहीं, बच्चों में दिखें ये 6 लक्षण तो हो जाएं सावधान, हो सकते हैं एंग्जायटी-डिप्रेशन के संकेत

बचपन बहुत नाजुक और संवेदनशील समय होता है। माता-पिता अक्सर बच्चों के गुस्से, चिड़चिड़ेपन या उदासी को जिद या शरारत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट बच्चों के कुछ असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देते हैं।

देशबन्धु 20 May 2026 12:13 am

प्रधानमंत्री रहते हुए राजीव गांधी ने कई महत्वपूर्ण काम किए

डिजिटल इंडिया के आर्किटेक्ट और सूचना तकनीक दूरसंचार क्रांति के जनक एवं पंचायती राज के सशक्तिकरण के प्रणेता तथा युवाओं को 18 वर्ष की आयु में मताधिकार देने वाले राजीव गांधी प्रधानमंत्री रहते हुए स्व गांधी ने कई महत्वपूर्ण काम किए जिन्होंने देश के विकास को नई दिशा प्रदान की | राजीव गांधी को डिजिटल ... Read more

अजमेरनामा 19 May 2026 8:42 pm

दवा के नाम पर मौत, इलाज के नाम पर भय कब तक?

किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी सेना, अर्थव्यवस्था, तकनीकी उपलब्धियों या ऊंची इमारतों से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि वह अपने नागरिकों के जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति कितना संवेदनशील है। स्वास्थ्य व्यवस्था किसी भी देश की आत्मा होती है। अस्पताल केवल भवन नहीं होते, वे जीवन ... Read more

अजमेरनामा 19 May 2026 8:25 pm

मामूली सूखी टहनी हो और बरगद नापते हो तुम

एकतरफा सोच के गुलाम और दो-मुँही बातें –अमित टण्डन यूं तो लेखक, पत्रकार, साहित्यकार, कवि आदि को एकतरफा राजनीतिक दलगत सोच का गुलाम होकर विचार व्यक्त करना ही नहीं चाहिए। और इस जमात में अब रिटायर पत्रकार और नौकरियों से निकाले हुए पत्रकार भी ब्लॉगर व व्लोगर बन कर शामिल हो गए हैं। जो निष्पक्ष ... Read more

अजमेरनामा 19 May 2026 4:01 am

विश्व दूरसंचार दिवस –जीवन में संचार प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका

युवा शक्ति को तकनिकी दृष्टि से अधिक सशक्त बनाना आज की आवश्यकता बनती जा रही है। उसी उद्देश्य से नयी शिक्षा नीति के साथ कौशल एवं तकनीकी विकास और स्टार्ट अप पर फोकस कर युवा विकसित भारत के संकल्प के भागीदार बनते जा रहे है। इसमें संचार प्रौद्योगिकी की भी महत्ती भूमिका है। दूरसंचार सेवाओं ... Read more

अजमेरनामा 19 May 2026 3:40 am

ललित सुरजन की कलम से दंतेवाड़ा रैली का संदेश

दंतेवाड़ा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और आदिवासी महासभा ने संयुक्त रूप से जिस रैली का आयोजन किया उसे ऐतिहासिक ही कहा जा सकता है।

देशबन्धु 19 May 2026 3:30 am

ईरान और इजरायल के बीच है, असली अदावत

ईरान ने मध्य-पूर्व में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए इजरायल की सीमाओं के निकट 'प्रतिरोध की धुरी' (एक्सिस ऑफ रेसिसटेंस) का गठन किया,

देशबन्धु 19 May 2026 3:20 am

सर्वोच्च न्यायालय ने पूछा - चुनाव आयोग की 'स्वतंत्रता को लेकर यह दिखावा क्यों?'

अब भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने पूछा है कि ईसीआई की 'स्वतंत्रता को लेकर यह दिखावा क्यों?' यह सवाल हमें फिर से सोचने पर मजबूर करता है

देशबन्धु 19 May 2026 3:10 am

सत्य का स्वराज

शोर से परे पत्रकारिता : सत्य, समाज और राष्ट्र की नई चुनौती तकनीक, विचारधारात्मक संघर्ष और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में पत्रकारिता को पुनः सत्य, लोकहित और नैतिक उत्तरदायित्व के अपने मूल आदर्शों की ओर लौटना होगा… * * आज का समय सूचना-विस्फोट का समय है। हर क्षण खबरें बन रही हैं, फैल रही हैं ... Read more

अजमेरनामा 19 May 2026 3:09 am

क्या अदालत में भूल सुधार हो पाएगा

न्याय का यह बड़ा सिद्धांत सोमवार को एक बार फिर सर्वोच्च न्यायालय में सुनाया गया और इसके साथ ही पिछले पांच सालों से जेल में बंद उमर खालिद की जमानत का प्रकरण भी चर्चा में आ गया।

देशबन्धु 19 May 2026 3:00 am

हीटवेव से सतर्क रहने की अपील, आयुष मंत्रालय की पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी

देश के कई हिस्सों में बढ़ते तापमान और लू की मौजूदा स्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अंतर्गत आयुष प्रभाग ने आयुष मंत्रालय के समन्वय से एक व्यापक पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी जारी की है।

देशबन्धु 19 May 2026 12:12 am

शारीरिक-मानसिक समस्याओं पर लगेगी लगाम, छोटे-छोटे बदलाव से बनेगी बात

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियंत्रित खान-पान सेहत के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। समय की कमी की वजह से कहीं दो मिनट में खाना बन जाता है तो कहीं बाहर का खाना ऑर्डर हो जाता है

देशबन्धु 18 May 2026 11:52 pm

तनाव मुक्त जीवन और मजबूत शरीर के लिए अपनाएं त्रिकोणासन

आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक सक्रियता लगातार घट रही है और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए योग एक बेहतरीन विकल्प है।

देशबन्धु 18 May 2026 9:59 am

यूएई के परमाणु संयंत्र पर‍िसर में ड्रोन हमले के बाद लगी आग, कोई हताहत नहीं

संयुक्त अरब अमीरात के अल धफरा क्षेत्र में स्थित बराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के परिसर में रविवार को एक ड्रोन हमले के बाद आग लग गई

देशबन्धु 18 May 2026 3:40 am

ललित सुरजन की कलम से अपनी बेगुनाही की पैरवी

राजनैतिक दल जानते हैं कि किसान से चंदा वसूल करना कठिन काम है।

देशबन्धु 18 May 2026 3:30 am

इंसान को कीड़ा बनाकर उस पर राज करना आसान है

चुपमाएं वह होती हैं जो आदमी को बड़ा बनाएं। उदात्त। और खास तौर से जब वे ऊपर से आ रही हों। लेकिन आज तो तिरस्कार अपमान करने वाले शब्द ही कहे जा रहे हैं।

देशबन्धु 18 May 2026 3:10 am

विसंगतियों का शिकार नयी पीढ़ी

नरेन्द्र मोदी बार-बार देश के भविष्य की बात करते हैं, उसमें वे भाजपा की भूमिका भी रेखांकित करते हैं। लेकिन इस भविष्य में युवा कहां हैं, यह इस समय देश के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय होना चाहिए।

देशबन्धु 18 May 2026 3:00 am

तारे के आकार का नारायण को समर्पित विशेष मंदिर, देवालय में विराजमान 'सुंदर केशव'

दुनिया भर में नारायण को समर्पित कई देवालय हैं, जिनकी बनावट मनमोहक है तो भक्ति से भरी कथा भक्तों के विश्वास को और भी मजबूत बनाती है

देशबन्धु 18 May 2026 2:54 am

शैतानो की कांफ्रेंस

शैतानो के सरदार इब्लीस ने अल्प सूचना पर शैतानो की आपातकाल बैठक बुलाई।

देशबन्धु 17 May 2026 3:20 am

अथातो घुमक्कड़ जिज्ञासा

प्राणियों की उत्पत्ति और मानव-वंश के विकास पर ही अद्वितीय खोज नही की, बल्कि सारे ही विज्ञानों को उससे सहायता मिली। कहना चाहिए, कि सभी विज्ञानों को डार्विन के प्रकाश में दिशा बदलनी पड़ी

देशबन्धु 17 May 2026 3:10 am

गौशाला और शांति कुंज

गाड़ी के आने तक मिश्राइन ने उस गाय के साथ अलग-अलग कोणों से दो-चार सेल्फी खींचीं।

देशबन्धु 17 May 2026 3:00 am

Monsoon: लो आ गई खुशखबरी, इस दिन होने जा रही मॉनसून की एंट्री; झमाझम बरसेंगे बादल

देशभर में भीषण गर्मी पड़ रही है। इस बीच, समय से पहले मॉनसून की एंट्री होने जा रही है। 26 मई को केरल में मॉनसून दस्तक दे सकता है, जिसके बाद झमाझम बारिश होगी।

देशबन्धु 16 May 2026 3:42 pm

खाड़ी युद्ध से निपटने की मोदी की तजबीज

मोदीजी ने एक बार फिर राष्ट्र की जनता को उसके कर्तव्यों के प्रति सचेत किया है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:20 am

सोना न खरीदने की अपील : तब और अब का भारत

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने पूरी दुनिया के ऊर्जा बाज़ार को अस्थिर कर दिया है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:10 am

सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य

शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:00 am

नासा की नई एलईएसटीआर तकनीक, जो करेगी चंद्रमा के -388 फारेनहाइट तापमान का परीक्षण

चंद्रमा पर दिन में चिलचिलाती गर्मी और रात में कड़ाके की ठंड पड़ती है। ऐसे में अब चंद्रमा, मंगल और अन्य ग्रहों पर भविष्य के मिशनों के लिए सामग्रियों को तैयार करने की दिशा में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है।

देशबन्धु 15 May 2026 3:30 pm

नीट पेपर लीक यानी ख़्वाबों से खिलवाड़!

नीट पेपर लीक मामला केवल एक परीक्षा रद्द होने तक सीमित नहीं है। दरअसल, यह देश के युवाओं के भविष्य, परिश्रम और विश्वास पर सीधा आघात है।

देशबन्धु 15 May 2026 3:20 am