ललित सुरजन की कलम से स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्गति-1
'केन्द्र सरकार को एक नीतिगत निर्णय लेकर शहरी क्षेत्र में निजी अस्पताल खोलने के लिए बैंक ऋण देने पर पाबंदी लगा देना चाहिए
जन-विरोधी है केंद्र की चीनी नीति, गरीबों के लिए इसे खरीदना मुश्किल
भारत की एथनॉल नीति ने असल में पेट्रोल और खाने-पीने की चीज़ों के इस्तेमाल के बीच प्रतिस्पर्धा पैदा कर दी है।
राहुल गांधी की एक महत्वपूर्ण पहल को केवल राजनैतिक खांचे में फिट करके उसे खराब करने की कोशिश भाजपा कर रही है।
रक्षा बंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधने और परिवार के साथ त्योहार मनाने की खुशी इस बार महंगे सफर के बोझ तले दबती नजर आ रही है।
विचार: आकाश छूने को तैयार नई पीढ़ी
हमारे अपने ही जिगर के टुकड़े, हमारे बच्चे हैं। स्वाभाविक है कि उनकी हर बात हमेशा सही नहीं होगी, ठीक वैसे ही जैसे हमारी भी हर बात अपने समय में सही नहीं हुआ करती थी। वे अपने जीवन में तमाम गलतियां करेंगे, बिल्कुल वैसे जैसे गलतियां हमने भी की थीं।
विचार: खतरनाक है वंदे मातरम् का विरोध
वैश्विक उदाहरणों को देखें तो 87 प्रतिशत से ज्यादा मुसलमान होने के बावजूद इंडोनेशिया ने अपने उन प्राचीन प्रतीकों को पूर्ण सम्मान दिया है, जो हिंदू धर्म से जुड़े हैं। इंडोनेशिया का राष्ट्रीय प्रतीक भगवान विष्णु का वाहन 'गरुड़' है, तो नोट पर गणेश भगवान का चित्र है।
जागरण संपादकीय: अमेरिका की मनमानी
एक समय जो अमेरिका यह सुनिश्चित करता था कि विश्व भर से प्रतिभाएं उसके यहां आएं, वह ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद फिर से महान बनने के नाम पर अपना अहित करने के साथ मित्र एवं सहयोगी देशों को तंग करने वाले फैसले ले रहा है।
आयुष्मान कार्ड कौन बनवा सकता है? क्या Taxpayers, PF, ESIC वाले इसके पात्र होंगे?
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी PM-JAY सरकार का हेल्थकेयर प्रोग्राम है जो हर परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देता है, जो एम्पैनल्ड सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होता है। आयुष्मान कार्ड क्या है? आयुष्मान कार्ड एक डिजिटल हेल्थ कार्ड है जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PMJAY) के तहत जारी किया जाता है। योग्य लाभार्थी आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल करके पूरे भारत में पैनल वाले अस्पतालों में हर परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज का फ़ायदा उठा सकते हैं। यह कार्ड सभी योग्य लाभार्थियों के लिए सस्ती और आसानी से मिलने वाली हेल्थकेयर पक्का करता है और सेकेंडरी और टर्शियरी केयर हॉस्पिटलाइज़ेशन तक पहुँच देता है। इसे भी पढ़ें: Credit Card Closure: क्या आपने लंबे समय तक क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया? तो जानिए कैसे हो सकता है आपका नुकसान? आयुष्मान कार्ड की एलिजिबिलिटी PM-JAY के लिए एलिजिबल होने के लिए व्यक्ति को सोशियो-इकोनॉमिक कास्ट सेंसस (SECC) 2011 के डेटा के साथ-साथ राज्य-स्पेसिफिक बेनिफिशियरी डेटाबेस और तय ऑक्यूपेशनल कैटेगरी में आना चाहिए। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के लिए अलग-अलग हैं। आयुष्मान कार्ड के लिए एलिजिबल शहरी और ग्रामीण परिवारों की लिस्ट ये है: I. शहरी परिवार - कचरा बीनने वाले - भिखारी - घरेलू कामगार - स्ट्रीट वेंडर, फेरीवाले, मोची या सड़कों पर काम करने वाले दूसरे सर्विस प्रोवाइडर - कंस्ट्रक्शन वर्कर, राजमिस्त्री, प्लंबर, लेबर, वेल्डर, पेंटर, कुली, सिक्योरिटी गार्ड और दूसरे सिर पर बोझा ढोने वाले वर्कर - सफाई कर्मचारी, सैनिटेशन वर्कर और माली - घर से काम करने वाले वर्कर, हैंडीक्राफ्ट वर्कर, कारीगर और दर्जी - ट्रांसपोर्ट वर्कर, कंडक्टर, ड्राइवर, गाड़ी खींचने वाले, ड्राइवर और कंडक्टर के हेल्पर और रिक्शा चलाने वाले - असिस्टेंट, दुकान में काम करने वाले, छोटी जगहों पर चपरासी, डिलीवरी असिस्टेंट, हेल्पर, वेटर और अटेंडेंट - इलेक्ट्रीशियन, असेंबलर, मैकेनिक और रिपेयर वर्कर - धोबी और चौकीदार II. ग्रामीण परिवार - एक कमरे वाले कच्चे घरों में रहने वाले परिवार - जिन परिवारों में 16-59 साल की उम्र का कोई एडल्ट सदस्य नहीं है - SC/ST परिवार - जिन परिवारों में एक विकलांग सदस्य है, लेकिन कोई गैर-विकलांग एडल्ट सदस्य नहीं है - जिन परिवारों में 16-59 साल की उम्र का कोई एडल्ट पुरुष सदस्य नहीं है - बिना ज़मीन वाले परिवार जो हाथ से काम करके रोज़ाना काम करते हैं III. सीनियर सिटिज़न - ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के 70 साल से ज़्यादा उम्र के सभी सीनियर सिटिज़न जो सीनियर सिटिज़न पहले से आयुष्मान भारत PMJAY (AB PMJAY) के तहत कवर हैं, वे हर साल ₹5 लाख तक का एक्स्ट्रा टॉप-अप कवर पाने के लिए एलिजिबल हैं - जो सीनियर सिटिज़न पहले से ही दूसरी पब्लिक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम, जैसे कि एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS), सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS), या आयुष्मान सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) का फायदा ले रहे हैं, वे अपनी मौजूदा स्कीम जारी रख सकते हैं या AB PMJAY में बदल सकते हैं - प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी या एम्प्लॉई स्टेट इंश्योरेंस (ESI) स्कीम के तहत कवर सीनियर सिटिज़न AB PMJAY के लिए एलिजिबल हैं आयुष्मान भारत योजना के तहत क्या कवर होता है? PMJAY लिस्टेड सेकेंडरी और टर्शियरी केयर कंडीशन के लिए परिवार के सभी सदस्यों को ₹5,00,000 तक का कैशलेस कवर देता है। आयुष्मान भारत योजना स्कीम इलाज के इन हिस्सों पर होने वाले खर्चों को कवर करती है: - मेडिकल जांच, इलाज और कंसल्टेशन - इंटेंसिव और नॉन-इंटेंसिव केयर सर्विस - दवा और मेडिकल कंज्यूमेबल्स - डायग्नोस्टिक और लैबोरेटरी जांच - इलाज के दौरान होने वाली दिक्कतें - रहने के फायदे - मेडिकल इम्प्लांटेशन सर्विस - मरीज़ को खाना - हॉस्पिटल में भर्ती होने से पहले का चार्ज 3 दिन तक - हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद 15 दिन तक फॉलो-अप केयर आयुष्मान कार्ड के लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स आयुष्मान कार्ड रजिस्ट्रेशन, बेनिफिशियरी वेरिफिकेशन या e-KYC के दौरान इन डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरत पड़ सकती है: - पहचान वेरिफिकेशन और आधार-बेस्ड ऑथेंटिकेशन के लिए आधार कार्ड - OTP वेरिफिकेशन के लिए आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर - एलिजिबल राज्यों में बेनिफिशियरी सर्च के लिए राशन कार्ड या फैमिली ID - एड्रेस प्रूफ - PAN कार्ड या दूसरा पहचान प्रूफ - इनकम सर्टिफिकेट, अगर लागू हो - जाति सर्टिफिकेट, जहाँ ज़रूरी हो - फैमिली-बेस्ड वेरिफिकेशन के लिए फैमिली रिलेशनशिप प्रूफ - पासपोर्ट-साइज़ फोटो क्या Taxpayer आयुष्मान कार्ड बनवा सकता है? केवल आयकरदाता होने या न होने से पात्रता तय नहीं होती। सामान्य PM-JAY में निर्धारित लाभार्थी सूची और पात्रता शर्तें देखी जाती हैं। केंद्र सरकार ने आय की परवाह किए बिना सभी 70+ नागरिकों को AB PM-JAY के तहत स्वास्थ्य कवर देने का फैसला किया है। यानी इस आयु वर्ग के लिए आयकरदाता होना बाधा नहीं है। क्या PF कटने वाले कर्मचारी आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं? सिर्फ किसी कर्मचारी के वेतन से EPF/PF का पैसा कटना यह तय नहीं करता कि वह आयुष्मान योजना का पात्र है या नहीं। यानी PF खाता होना अपने आप में न पात्रता देता है और न ही अपात्र बनाता है। 70 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति की पात्रता योजना के निर्धारित रिकॉर्ड और राज्य के नियमों के आधार पर जांची जानी चाहिए। क्या ESIC वाले कर्मचारी पात्र हैं? ESIC (Employees' State Insurance Corporation) एक अलग सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था है। इसलिए केवल ESIC में पंजीकरण होने से किसी व्यक्ति को अपने आप AB PM-JAY का लाभार्थी नहीं माना जा सकता। - जे. पी. शुक्ला
फैक्ट चेक: महिलाओं पर विवादित बयान देते राहुल गांधी का यह वीडियो एडिटेड है
बूम ने पाया कि वीडियो पुणे में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का है. इस दौरान राहुल गांधी मोहन भागवत और मनोहर लाल खट्टर के बयानों का हवाला देते हुए यह बात कह रहे थे.
योग साधना : मन की शांति से एकाग्रता तक, जानें फायदे
नई दिल्ली, योग सिर्फ शरीर को लचीला बनाने का अभ्यास नहीं है, बल्कि यह शरीर, सांस और मन के बीच संतुलन बनाने का भी एक तरीका है। योग में कई ऐसी मुद्राएं और बंध बताए गए हैं, जिन्हें मन को स्थिर करने और एकाग्रता बढ़ना में मददगार माना जाता है।
ताड़ासन से स्पाइन में सारी परेशनी होगी दूर, पोस्चर सुधारने के साथ बढ़ता है आत्मविश्वास
नई दिल्ली, भारतीय योग संस्कृति में ताड़ासन को सभी आसनों का आधार माना जाता है। इस आसन में शरीर को ताड़ के वृक्ष की तरह सीधा और संतुलित रखा जाता है। नियमित अभ्यास से शरीर में स्फूर्ति आती है और सही ढंग से खड़े होने की आदत विकसित होती है।
नशा, ओवरडोज और विदड्रॉल से कैसे पीछा छुड़ाए : सामाजिक न्याय मंत्रालय
नई दिल्ली, भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने नशा मुक्ति को लेकर एक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत हेल्पलाइन नंबर 14446 जारी करते हुए मंत्रालय ने कहा, नशे को ना कहने, जागरूकता फैलाने और नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करने की शपथ लें। इसके साथ ही नशा करने से होने वाले प्रभाव के बारे में बताया है।
एमएसएमई के जरिए मजबूत हो रही स्वदेशी रक्षा की आपूर्ति : एसोचैम
नई दिल्ली, एसोचैम की राष्ट्रीय रक्षा और एयरोस्पेस परिषद (नेशनल काउंसिल ऑन डिफेंस एंड एयरोस्पेस) के चेयरमैन राजीव गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि वैश्विक रक्षा बाजार में भारत की बढ़ती भूमिका इस बात पर निर्भर करेगी कि देश उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए कितना दृढ़ संकल्प दिखाता है।
जीवन धारा: जिसे हम जानते नहीं उससे भय कैसा? डर का सामना करने का सूत्र अपनाना कारगर विकल्प
जीवन धारा:जिसे हम जानते नहीं उससे भय कैसा? डर का सामना करने का सूत्र अपनाना कारगर विकल्प
कल की बीमारी बदल रही आज का पता: गंभीर पारिस्थितिक बदलावों से खराब हो रही सेहत; स्वास्थ्य व्यवस्था को भी बदलना होगा रास्ता
साझा विरासत बनाम प्रतीकों की राजनीति: स्वतंत्रता आंदोलन के राष्ट्रीय प्रतीक क्यों पैदा हुए? आज याद करना जरूरी
आतंक के ठिकाने: पाकिस्तान को किसी भी नए प्रमाण की जरूरत नहीं, भारत के लिए भी संदेश स्पष्ट
आतंक के ठिकाने: पाकिस्तान को किसी भी नए प्रमाण की जरूरत नहीं, भारत के लिए भी संदेश स्पष्ट
आज का राशिफल: कुंभ और मकर राशि वालों की किस्मत देगी साथ, नौकरी-कारोबार में होंगे सकारात्मक बदलाव
26 अगस्त 2026 का आज का राशिफल जानें और देखें मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए करियर, धन, प्रेम और सेहत के लिहाज से दिन कैसा रहेगा।
राजस्थान में बीजेपी के बजाय आपस में ही लड़ती कांग्रेस
राजस्थान कांग्रेस आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां उसकी सबसे बड़ी चुनौती भाजपा नहीं,बल्कि उसकी अपनी उलझती हुई आंतरिक राजनीति है। अशोक गहलोतऔरसचिन पायलट अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र रखते हैं,लेकिन इन दोनों बड़े नेताओं की शक्तियों के समन्वय में खालीपन देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने खुद को ताकतवर दिखाना करना शुरू ... Read more
विकसित भारत की राह में जर्जर शिक्षा व्यवस्था सबसे बड़ा सवाल
भारत आज वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। एक शिक्षक, टूटती दीवारें और घटते सरकारी स्कूल-क्या शिक्षा के बिना 2047 का सपना पूरा होगा? दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में देश की प्रगति, डिजिटल क्रांति, अंतरिक्ष उपलब्धियां, आधारभूत ढांचे का विस्तार और वैश्विक मंच पर ... Read more
ललित सुरजन की कलम से अटल: संघ के होकर संघ से दूर
हिन्दी क्षेत्र में दो ऐसे राजनेता हुए हैं जिनका लेखकों, पत्रकारों और अकादमिकों से जीवंत संवाद रहा है।
वंदे मातरम् : राष्ट्रगीत से विभाजन का हथियार
24 जुलाई को राज्यसभा में पेश किया गया और बिना किसी विस्तृत चर्चा का मौका दिए और विपक्ष के कड़े विरोध के बावजूद, 29 जुलाई को राज्य सभा से और 30 जुलाई को लोक सभा से इस पर मोहर लगवा ली गयी।
विचार: हटाने नहीं, सुधारने की आवश्यकता
किसी भी व्यवस्था की समीक्षा में कोई हर्ज नहीं, यदि उसका उद्देश्य उसे और प्रभावी-बेहतर बनाना हो। पता नहीं इससे क्यों बचा जा रहा है। जितना यह सच है कि असमानता दूर करने के लिए आरक्षण की जरूरत है, उतना ही यह भी कि वह सुधार की भी मांग कर रहा है।
विचार: सच से मुंह मोड़ते राहुल गांधी
भारत जैसे उदार देश में संविधान के स्पष्ट निर्देश के बावजूद अभी तक समान नागरिक कानून नहीं बना, क्योंकि उलेमा विरोध करते हैं। समान कानून के लिए तसलीमा नसरीन बार-बार आग्रह करती रही हैं।
जागरण संपादकीय: कामचलाऊ कौशल विकास
इस अंतर को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के लिए नीति आयोग के इस सुझाव पर यथाशीघ्र अमल किया जाए कि स्कूल से लेकर कालेज स्तर तक रोजगार और उद्यमिता से जुड़े कौशल की सीख दी जाए।
पानी की कमियां और गुस्ताखियां (व्यंग्य)
कमियां तो सभी में होती हैं लेकिन कमियों के साथ गुस्ताखियां भी बढ़ती जाएं तो नाराज़गी जायज़ है। पानी अब ऐसा ही कर रहा है। गांव, गलियां और बाज़ारों में तो घुस ही जाता है इसने तो महासमझदारी से बनाए एक्सप्रेस वे नहीं छोड़े। बारिश का मौसम आया और जनाब सड़क पर आराम से तैरने लगते हैं। अब तो हद कर दी, उधर पहाड़ों में धुंध छाई हुई थी। पर्यटक दूर दूर से रोमांटिक मौसम का मज़ा लेने आए हुए थे। पिछले दिनों इस गुस्ताख़ ने ग्यारह हज़ार करोड़ रुपयों की भी परवाह नहीं और बिना किसी को सूचित किए प्रवेश कर गए सीना चौड़ा किए हुए। नियमानुसार कहीं भी खड़े गार्ड से अनुमति लेनी चाहिए थी। अगर वहां सुरक्षा कर्मी नहीं था तो सम्बंधित विभाग से अग्रिम स्वीकृति लिखित में लेनी चाहिए थी। कुछ लोग हर कहीं बिना पूछे घुस जाते हैं और चुपचाप उत्पात मचाने लगते हैं, अगर पूछो तो कुटिल मुस्कुराहट के साथ कहते हैं आपने हमें पहचाना नहीं। हमें कौन रोक सकता है या कह सकते हैं आज तक किसी ने हमें रोकने की कोशिश नहीं की जिसने की हमने उसे बख्शा नहीं। पानी ऐसा कर रहा है। छोटे मोटे शहर और गांवों में पानी ने पिछले कई दशकों से परेशान कर रखा है। दर्जनों सड़कें उखाड़ दी, लोहे के पाइप तोड़ दिए, बड़े बड़े पत्थर लुढका दिए, मिटटी के तोंदे सड़कों पर ला दिए। इतना भी क्या गुस्सा। इंसान ने जहां रोका इसने वहीँ पंगा लिया, वहीँ रास्ता बना लिया। किसी आभूषण जैसी लगने वाली खुबसूरत ईमारत का उदघाटन होना होता है, उसमें हज़ारों रूपए के नलके लाखों रूपए में लगाए जाते है। आम आदमी उन्हें खोलकर पानी को आने देना चाहता है लेकिन इतनी गुस्ताख़ी कि उदघाटन से पहले वहां तालाब बना दिया। इसे भी पढ़ें: डिमांड एंड सप्लाई (व्यंग्य) पानी ने यह भी नहीं सोचा कि यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर की जगह है। यहां की मिटटी ही कितनी महंगी है। करोड़ों रूपए की शानदार गाड़ियां आकर यहां पार्क होने वाली हैं। वह सीमेंट में भी प्रवेश कर गया। इंतजाम का मौका नहीं दिया और निर्माण की गुणवत्ता को सवालों की बारिश से पहले तैरा दिया। पानी तो सहयोगी माना जाता है इसलिए इंसान को बख्श देना चाहिए क्यूंकि अब वह नैसर्गिक बुद्धि से नहीं, नकली बुद्धि से काम चला रहा है । उसका प्रबंधन राजनीति की गिरफ्त में आ चुका है। समझदारी में भ्रष्टाचार का कीचड़ घुस गया है लेकिन पानी तो कुदरत का हिस्सा है फिर भी उसने करुणा, सदभावना, सहयोग सब बहा दिया और प्रकृति की अदभुत रचना इंसान को परेशान करता रहता है। पानी को वहां जाना चाहिए जहां घर घर में नलके लगे हैं और उसका इंतज़ार कर रहे हैं। वह अनधिकृत निर्माण गिराने में भी सहयोग कर सकता है वह बात दीगर है कि वहां प्रशासन के प्रबंधन का सीमेंट ज़रूर लगा है। पानी की विशेषताएं अब उसकी कमियां बन चुकी हैं। खाने पीने के जिस सामान में प्रवेश करता है अपने जैसा दूषित कर देता है। कहते हैं रंग, गंध और स्वाद हीन होता है लेकिन अब तो उसमें यह तीनों गुण हैं। पानी की कमियां और गुस्ताखियां बढ़ती जा रही हैं। - संतोष उत्सुक
बाबा रामदेव के नाम पर फर्जी बयान हो रहे वायरल, जानें क्या है सच
बूम ने पाया कि बाबा रामदेव का वायरल वीडियो AI जनरेटेड है. इसके अलावा रामदेव ने पीएम मोदी को लेकर वायरल पोस्टकार्ड जैसा कोई बयान नहीं दिया है.
तनाव घटाने से लेकर आंखों की सफाई तक 'रोना' हो सकता है फायदेमंद, जानें आंसुओं के फायदे
नई दिल्ली, रोते हुए किसी को देखकर हम अक्सर मान लेते हैं कि वह बहुत कमजोर है या अपनी इमोशन्स को संभाल नहीं पा रहा। खासकर बचपन से हमें कई बार कहा जाता है कि 'रोओ मत, मजबूत बनो', लेकिन सच यह है कि रोने से शरीर और मन पर इसके कुछ अच्छे असर भी हो सकते हैं। जब इंसान बहुत ज्यादा परेशान या तनाव में होता है, तो उसका शरीर भी इसका असर महसूस करता है।
रोज माउथवॉश करते हो, तो जान लें जरूरी बातें नहीं तो हो सकता है नुकसान
नई दिल्ली, सुबह उठते ही ब्रश करना और फिर मुंह की ताजगी के लिए माउथवॉश का इस्तेमाल करना अब कई लोगों की रोज की आदत बन चुका है। कुछ लोग इसे सांसों की बदबू दूर रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ को लगता है कि माउथवॉश करने से दांत और मसूड़े ज्यादा साफ रहेंगे।
सांप काटने के बाद एक घंटे में इलाज जरूरी, जानिए सर्पदंश के लक्षण
लखनऊ, मानसून शुरू होते ही देश के कई हिस्सों से सांप दिखाई देने लगते हैं। घरों, खेतों, बगीचों और सड़कों तक पर सांप दिखाई देते हैं। वहीं, कई जगहों पर सर्पदंश की खबरे आ रही हैं। ऐसे में सर्पदंश से तुरंत बचाव के लिए उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने एडवाइजरी जारी की है।
मुद्दा: आम लोगों में व्यवस्था के प्रति असंतोष... नौकरशाह नए सामंत हैं?
मुद्दा:आम लोगों में व्यवस्था के प्रति असंतोष... नौकरशाह नए सामंत हैं?
पहले ढांचागत सुधारों पर बात हो: भारतीयों को बेहतर प्रतिनिधित्व की जरूरत, लेकिन अभी केवल राजनीतिक कमी पूरी होगी
नीति आयोग की रिपोर्ट और 2047 का भारत
प्रधानमंत्री मोदी आज के हालात सुधारने की जगह या तो हजार साल पुराने भारत की बात करते हैं या फिर 2047 की बात करते हैं।
दूसरा पहलू: मशीनों की चौपाल बनता इंटरनेट
दूसरा पहलू: मशीनों की चौपाल बनता इंटरनेट
जीवन धारा: जीवन की भी तो हमसे अपेक्षाएं हैं
जीवन धारा: जीवन की भी तो हमसे अपेक्षाएं हैं
ललित सुरजन की कलम से परिभाषा और आंकड़ों में उलझी गरीबी
'महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी का ही उदाहरण लें।
सरकारी भर्तियों में यह सालों की देरी महज़ लाल फीताशाही का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह युवाओं के मनोविज्ञान को तोड़ने का एक क्रूर हथियार है।
बांग्लादेश मक्का समझौते में शामिल होगा?
बंग्लादेश का कहना है कि वह सऊदी-तुर्की-पाकिस्तान रक्षा समझौते में शामिल होने के लिए 'खुला है।
विचार: एथनॉल नीति पर फिर से विचार हो
खाद्य संकट बनाए रखने के कारणों में यह एक प्रमुख कारण है। यदि जैविक ईंधन के लिए अनाज के प्रयोग को खुली छूट दे दी जाती है तो भारत में भूख का संकट गहरा सकता है। ऐसे में वाहनों के उत्पादन को बढ़ाना और बैंकों के कर्ज के जरिये उनकी बिक्री आसान करना भूख की स्थिति को और गंभीर बनाएगी।
जागरण संपादकीय: निरंकुश साइबर ठग
सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना होगा कि साइबर अपराधों की छानबीन करने वाली पुलिस और अन्य एजेंसियां तकनीकी कौशल में कहीं अधिक समर्थ बनें। अभी वे डाल-डाल हैं तो साइबर ठग पात-पात।
अंतरिक्ष में भारत की निजी शक्ति एवं वैज्ञानिक सामर्थ्य की उड़ान
भारत की अंतरिक्ष यात्रा अब केवल सरकारी संस्थानों और वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रह गई है। यह यात्रा आज नवाचार, उद्यमिता, युवा प्रतिभा, निजी पूंजी और वैश्विक महत्वाकांक्षा के ऐसे संगम में बदल रही है, जिसने भारत को अंतरिक्ष महाशक्ति बनने की दिशा में एक नई गति प्रदान की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ... Read more
शार्क टैंक से PM मोदी तक: दृष्टिबाधित किशोर प्रथमेश सिन्हा दूसरों के लिए बने प्रेरणा, घर को ही बना लिया स्कूल
जिद की कीमत: जीवन ही अर्थहीन लगने लगे, कोई भी गैजेट इतना महत्वपूर्ण नहीं
जिद की कीमत: जीवन ही अर्थहीन लगने लगे,कोई भी गैजेट इतना महत्वपूर्ण नहीं
राजनीति की बदलती भाषा: सियासत में जब तकनैतिकता रही, तब तक दलों व नेताओं में कुछ ‘शर्म-लिहाज’ बची रही
Today Horoscope August 24 : सोमवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आएगा। ग्रहों की चाल का असर करियर, धन, प्रेम और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। जानें मेष से मीन तक सभी राशियों का आज का भविष्यफल।
ऑनलाइन कोचिंग की सीमाएं: एआई की ट्रेनिंग और मुफ्त कोचिंग सराहनीय, क्या देश में तकनीक का प्रभावी नेटवर्क है?
जीवन धारा: दुख जीवन के नए द्वार भी खोलता है; हर चोट में छिपा है कोई नया रास्ता
जीवन धारा: दुख जीवन के नए द्वार भी खोलता है; हर चोट में छिपा है कोई नया रास्ता
ललित सुरजन की कलम से - आशीष अवस्थी की आत्महत्या
'पिछले कुछ बरसों में हमने किसानों द्वारा आत्महत्या करने की खबरें बारंबार पढ़ी हैं। इस हद तक कि नागर समाज ने तो उनकी तरफ ध्यान देना, उस बारे में बात करना तक बंद कर दिया है। लेकिन किसान मर रहे हैं
देश के भूजल में आर्सेनिक और क्रोमियम से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम का उजागर होना बेहद डरावना और चिंतित करने वाला है
दलित पिछड़े के बाद महिला की आवाज, राहुल देश बदल रहे हैं
राहुल के कई भाषणों के बाद हमने सुना लोग कहते हैं यह उनका सबसे अच्छा भाषण है। सच यह है कि उनके सभी भाषण बहुत अच्छे होते हैं
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का खुलासा करने वाले स्वतंत्र पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने गाजियाबाद पुलिस की ओर से उनके खिलाफ दर्ज रोड रेज के एक मामले की एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
मौसम की चुनौतियों के बावजूद चारधाम यात्रा में आस्था के कदम नहीं रुक रहे हैं। इस साल भी यात्रा नए रिकॉर्ड बनाने की तरफ बढ़ रही है। अब तक दर्शन करने वालों का आंकड़ा 48 लाख पार हो चुका है। सबसे अधिक तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे हैं।
विचार: दिमागी नक्सल पर व्यर्थ की बौखलाहट
मोदी ने तंत्र में छिपे जिन लोगों के लिए इस शब्द का प्रयोग किया, उनसे अधिक आहत तो कांग्रेस के कई नेता हो गए।
विचार: इस्लामीकरण की राह पर ब्रिटेन
मजहबी मुद्दों पर गजब की एकजुटता वाला मुस्लिम समुदाय ब्रिटेन में भी भारत की तरह ही एकतरफा वोट करता है और उनकी आबादी भी सबसे तेजी से बढ़ रही है
चाहते है खांसी से राहत तो करे अनुलोम-विलोम प्राणायाम
नई दिल्ली, बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी आम है। खांसी लगातार बनी रहे तो काफी परेशानी होती है। आमतौर पर लोग राहत के लिए दवाएं लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनुलोम-विलोम प्राणायाम से भी खांसी में आराम मिल सकता है? इसके अलावा यह एकाग्रता बढ़ाने और तनाव व चिंता को कम करने में भी मददगार है।
अमर उजाला नेशनल ओलंपियाड: एक विषय में नहीं, बहुविषयक समझ में छिपी है कल की सफलता, रजिस्टर करें और परखें तैयारी
घर के काम से अलग भी होता है 'मेंटल लोड', रिश्तों में बढ़ा सकता है तनाव
घर के काम से अलग भी होता है 'मेंटल लोड', रिश्तों में बढ़ा सकता है तनाव
विचार: वंदे मातरम् पर घिरी कांग्रेस
संसद में वंदे मातरम् के सभी पदों के गायन को कानूनी स्वीकृति मिलने के बावजूद कांग्रेस द्वारा केवल दो पद गाने पर अड़े रहने से विवाद गहरा गया है
संपादकीय: सरकारी विद्यालयों की दशा
सरकारी विद्यालयों की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की कमी के कारण छात्र निजी स्कूलों की ओर रुख कर रहे हैं
फाइलों के लगातार बढ़ते बोझ के बाद
फाइलों की दुनिया अजीब थी। एक काम के लिए एकाधिक फाइलें थीं। काम भले न संभले, फाइल संभालना वैश्विक मजबूरी थी। दफ्तर-दफ्तर की यही व्यथा थी। स्विट्जरलैंड स्थित यूरोपीय परमाणु शोध संगठन अर्थात सर्न के दफ्तर में भी…
मानवता की पाठशाला के सबसे उत्तम विद्यार्थी
अपनी संतान को शिक्षित और स्वावलंबी बनते देखकर हर माता-पिता को गर्व होता है। होना भी चाहिए। चंद संततियों को छोड़ दें, तो बेटे-बेटी भी माता-पिता के त्याग और योगदान को ताउम्र याद रखते हैं। कभी आपने सोचा है कि…
आंकड़ों से साफ जाहिर हो जाता है कि किशोर और नौजवान व्यथित क्यों हैं? हमारेराजनेता सियासी कलह छोड़कर इस मुद्दे पर कुछ गंभीर मंत्रणा क्यों नहीं करते हैं? परीक्षा के मुद्दे पर सदन न चलने देना आसान है,लेकिन…
पारस्परिक प्रेम सोहार्द स्नेह का अटूट बंधन राखी
रक्षाबंधन का अर्थ है किसी को अपनी रक्षा के लिए बांध लेना। इसीलिए इस पर्व पर राखी बांधते समय बहन कहती है ‘हे भैया! मैं तुम्हारी शरण में हूँ, मेरी सब प्रकार से रक्षा करना।’ फलस्वरूप भाई भी अपनी बहन को जीवन पर्यन्त रक्षा करने का वचन देते हैं। भारतीय परम्परा में विश्वास का बन्धन ... Read more
स्वाइन फ्लू को ना करे नजरअंदाज, ख्याल रखें इन बातों का
नई दिल्ली, मौसम बदलने के साथ बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसी परेशानियां आम लग सकती हैं। कई बार लोग इन्हें सामान्य वायरल या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ऐसे लक्षण लगातार बने रहें या बढ़ने लगें, तो सावधान होना जरूरी है। ये लक्षण स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण में भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में घबराने के बजाय सही सावधानी बरतना और डॉक्टर से सलाह लेना ज्यादा जरूरी है।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
साधारण में असाधारण: हमारे आसपास की दुनिया रहस्यों से भरी है,प्रश्न पूछें और उत्तर खोजने का साहस रखें
Aaj Ka Rashifal 22 August: इन 4 राशि वालों को होगा धन लाभ, काम को लेकर मिलेगी बड़ी खुशखबरी
Aaj Ka Rashifal 22 August 2026: आज का दिन मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ सहित सभी के लिए कैसा रहेगा, आइए जानते हैं।
सीट का समीकरण: पहले कांग्रेस, फिर भाजपा; अब सपा का है कब्जा, जानिए ठाकुरद्वारा सीट का पूरा सियासी इतिहास
Kanwar Yatra: क्या कांवड़ यात्रा सिर्फ धार्मिक यात्रा है या एक कठिन तपस्या भी, कैसे बदल गई है आस्था की तस्वीर?
चीनी की कड़वाहट: दस साल में पहली बार आयात की मजबूरी, कीमत नियंत्रित रखने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे
चीनी की कड़वाहट:दस साल में पहली बार आयात की मजबूरी, कीमत नियंत्रित रखने के लिएठोस कदम उठाने होंगे
जब भक्ति के सुर हों, कृष्ण की कथा हो और पूरा सभागार एक साथ हरिनाम में डूब जाए, तो संगीत महज प्रस्तुति नहीं रहता, वह अनुभव बन जाता है एक दिव्य यात्रा की।
उद्योगों में भी उत्तम है, 'लघु'
भारतीय समाज को आमतौर पर कृषि प्रधान माना जाता है, किंतु यह अर्धसत्य है।
जवाबदेही का मुद्दा फिर से एजेंडे पर
खुद मुख्य न्यायाधीश ने बीसीआई अध्यक्ष को बिना अधिकार के बोलने के लिए फटकार लगाई।
बरसात में प्रकृति की अनुपम छटा!
बरसात का मौसम आते ही धरती के सौंदर्य की छटा देखती ही बनती है।
Imran Khan Health: 'जेल में टॉर्चर, आंखों के इलाज के लिए इंजेक्शन'; पूर्व PM इमरान की बहन के दावे में और क्या?
आयुर्वेद के विज्ञान और विरासत पर आधारित वेलनेस को रोजमर्रा की जिंदगी का सरल और सुलभ हिस्सा बनाने के उद्देश्य से कार्यरत Cura ने 21 से 23 अगस्त तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं वेलनेस एक्सपो 2026 में भाग लिया
चीनी के बढ़ते मूल्यों पर सरकार ने खराब मौसम और अंतरराष्ट्रीय दामों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि विपक्ष एथनॉल नीति को कारण बता रहा है
खुद को दिमागी नक्सल क्यों बता रहे कुछ नेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ का जो शब्द इस्तेमाल किया, उसने देश में एक बड़ी बहस छेड़ दी है। भारत में नक्सलवाद केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं रहा है। यह लगभग छह दशकों…
अपने विरोधियों को ऐसे निशाना बनाना गलत
बीते 15 अगस्त, 2026 को देश की आजादी के जलसे को लाल किले के प्राचीर से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक नया जुमला उछाला- ‘दिमागी नक्सल’। उन्होंने इस जुमले को ‘डी कोड’ भी किया…
बांग्लादेश का ताजा रुख विरोधाभासी
भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तीस्ता नदी का विवाद दशकों पुराना है, लेकिन ढाका का ताजा रुख इसलिए विवादास्पद माना जा रहा है, क्योंकि उसके बयान और कदम एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। एक ओर बांग्लादेश भारत को…
विचार: बार-बार चेतावनी देता हिमालय
हिमालय में लगातार हो रहे सुरंग हादसों से निर्माण एजेंसियों की लापरवाही और भूगर्भीय अनदेखी उजागर हुई है
वायरल तस्वीर में राजीव गांधी का सूटकेस पकड़े शख्स खरगे नहीं हैं, यह है सच
बूम ने फैक्ट चेक में पाया कि तस्वीर में राजीव और राहुल गांधी के साथ दिख रहे शख्स सिद्धार्थ रेड्डी हैं जो राजीव गांधी के करीबी दोस्तों में शामिल थे.
महिलाओं के लिए मुफ्त कानूनी सलाह, कैसे और कहां मिलेगी मदद? जानें
कानूनी विवाद में वकील की फीस और अन्य खर्च कई बार लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाते हैं। खासकर घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद, तलाक, भरण-पोषण, कार्यस्थल पर उत्पीड़न या अन्य कानूनी मामलों में महिलाओं को जानकारी और कानूनी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सरकार की मुफ्त कानूनी सहायता व्यवस्था महिलाओं के लिए काफी उपयोगी है। सबसे खास बात यह है कि किसी महिला को मुफ्त कानूनी सहायता पाने के लिए केवल कम आय वाली होना जरूरी नहीं है। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत महिला होने के आधार पर भी मुफ्त कानूनी सेवाएं ली जा सकती हैं। NALSA के अनुसार आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिला भी मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकती है। इसे भी पढ़ें: Masked Aadhaar Card क्या है, जानें कैसे यह आपके बैंक अकाउंट को फ्रॉड से रखता है सेफ? किन मामलों में मिल सकती है मदद? मुफ्त कानूनी सहायता केवल अदालत में वकील उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसमें जरूरत के अनुसार निम्नलिखित चीज़ें शामिल हो सकती है: - कानूनी सलाह और मार्गदर्शन - अदालत में वकील की सहायता - कानूनी दस्तावेज तैयार कराने में मदद - अपील या अन्य कानूनी प्रक्रिया में सहायता - उपयुक्त मामलों में कोर्ट फीस और अन्य कानूनी खर्च - विवाद को समझौते या लोक अदालत के माध्यम से सुलझाने में सहायता किन महिलाओं को मिल सकती है मुफ्त कानूनी सहायता? महिला होने के आधार पर पात्रता मिलती है। यानी केवल यह वजह कि महिला आर्थिक रूप से सक्षम है, उसे इस सुविधा से बाहर नहीं करती। NALSA में यह स्पष्ट किया गया है कि महिला अपनी आय या आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकती है। कहां मिलेगी मुफ्त कानूनी मदद? महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार इन संस्थाओं से संपर्क कर सकती हैं: - जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA): आमतौर पर जिला अदालत परिसर में कार्यालय होता है। - तालुका/तहसील विधिक सेवा समिति (TLSC): स्थानीय स्तर पर कानूनी सहायता के लिए संपर्क किया जा सकता है। - राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (SLSA): राज्य स्तर पर सहायता उपलब्ध होती है। - NALSA (National Legal Services Authority): राष्ट्रीय स्तर पर मार्गदर्शन और सहायता मिल सकती है। - Legal Aid Clinic: कई स्थानों पर पैरालीगल वॉलंटियर और पैनल वकील प्रारंभिक सहायता देते हैं। ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन मुफ्त कानूनी सहायता के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। NALSA के पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट से भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन में सामान्य तौर पर अपनी पहचान, संपर्क विवरण और कानूनी समस्या से जुड़ी जानकारी देनी होती है। जरूरत के अनुसार संबंधित दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं। 15100 पर भी मिल सकती है कानूनी सहायता जरूरी कानूनी मदद के लिए NALSA की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क किया जा सकता है। वहां से महिला को आगे की प्रक्रिया और संबंधित विधिक सेवा संस्था के बारे में मार्गदर्शन मिल सकता है। उत्तर प्रदेश में कहां संपर्क करें? उत्तर प्रदेश में महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (UPSLSA) या अपने जिले के DLSA से संपर्क कर सकती हैं। UPSLSA के अनुसार महिला और बच्चे मुफ्त कानूनी सेवाओं के पात्र वर्ग में शामिल हैं। आवेदन लिखित रूप से, निर्धारित फॉर्म के जरिए या कुछ परिस्थितियों में मौखिक रूप से भी किया जा सकता है। क्या आवेदन के लिए कोई फीस लगती है? नहीं। NALSA के अनुसार मुफ्त कानूनी सहायता के आवेदन फॉर्म को लेने या जमा करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। पात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जाने वाली कानूनी सेवाएं भी मुफ्त होती हैं। कानूनी परेशानी में आर्थिक स्थिति को मदद लेने की राह में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। महिलाओं के लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त कानूनी सलाह, वकील और अन्य कानूनी सहायता का प्रावधान है। जरूरत पड़ने पर नजदीकी DLSA/TLSC से संपर्क करें या 15100 पर कानूनी सहायता के लिए मार्गदर्शन लें। आवेदन करने से पहले संबंधित संस्था से अपने मामले की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर ले लें। - जे. पी. शुक्ला
Raksha Bandhan 2026: भद्रा नही इस रक्षाबंधन राहू बिगाड़ेगा खेल, जानें भाई को राखी बांधने का सबसे शुभ समय
एका पाद राजकपोतासन करे और दूर करे कूल्हों की जकड़न और तनाव
नई दिल्ली, प्राचीन भारतीय परंपरा में योग एक ऐसी प्रभावशाली पद्धति है, जो तन और मन के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है। योग के इन्हीं आसनों में 'एका पाद राजकपोतासन' एक महत्वपूर्ण उन्नत आसन है, जो कूल्हों और जांघों की जकड़न दूर करने में मदद करता है।
लहसुन की 1-2 कलियां रोज खाये, दिल से लेकर पेट तक फायदे ही फायदे
नई दिल्ली, हमारे घर की रसोई में ऐसी कई चीजें होती हैं, जिन्हें हम रोज खाते हैं, लेकिन उनके फायदे के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। लहसुन भी ऐसी ही एक चीज है। सब्जी हो, दाल हो या चटनी, लहसुन खाने का स्वाद बढ़ा देता है। लेकिन लहसुन सिर्फ स्वाद के लिए ही खास नहीं है। इसमें ऐसे कई गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी होते हैं।
बीजेपी ने पंजाब के स्कूलों की बदहाल स्थिति का पुराना वीडियो हाल का बताकर शेयर किया
बूम ने पाया कि पंजाब बीजेपी द्वारा आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाते हुए शेयर किया गया वीडियो असल में 2018 का है. उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी.
Gen-Z का असर या सियासी डर? बाबा रामदेव बोले, मायावती की भी टूटी चुप्पी!
Gen-Z को लेकर छिड़ी बहस अब नेताओं के बयानों से आगे निकल चुकी है। बाबा रामदेव के बाद मायावती का मुखर होना बताता है कि नई पीढ़ी के सवालों को अब नजरअंदाज करना आसान नहीं। जिस
'विदेश में अब तो अनगिनत इंडियन रेस्तरां खुल गए हैं। इनके नाम हिन्दी या उर्दू में होते हैं।
'videsh mein ab to anginat indian restaurant khul gaye han. inke naam hindi ya urdu mein hote han. lekin adhiktar aap payenge ki inke malik bangladesh ke han.
दूसरी पारी: फ्रॉड हो गया, तो घबराएं नहीं; जल्द से जल्द शिकायत दर्ज कराएं
Second Innings: Don't panic if you've been defrauded; file a complaint as soon as possible- दूसरी पारी: फ्रॉड हो गया, तो घबराएं नहीं; जल्द से जल्द शिकायत दर्ज कराएं

