ललित सुरजन की कलम से आत्मकथा लिखना आसान नहीं
'एक आत्मकथा में समृद्ध अनुभव, सघन विचार और समर्थ अभिव्यक्ति से मिलकर वह आकर्षण होना चाहिए जो दूर-दूर तक प्रभावित कर सके।
हाथ में 50 पैसे का सिक्का और मन में गायिका बनने का सपना।
पूर्वोत्तर भारत के ईसाई संगठनों ने कहा एफसीआरए में प्रस्तावित बदलाव दमनकारी
इस बातचीत की प्रक्रिया में पूर्वोत्तर के कई चर्च काउंसिल और उनके मुख्य संगठन शामिल हैं।
दुुनिया जब बुरे दौर में है तब भारत के आर्थिक उजाले
दुनिया आज जिस दौर से गुजर रही है, वह आर्थिक और सामरिक दोनों दृष्टियों से असाधारण चुनौतियों का दौर है। रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभाव, पश्चिम एशिया में तनाव, अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा, वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता, आपूर्ति शृंखला में व्यवधान और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने दुनिया की बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ... Read more
कौशल मिलेगा, रोजगार कहां मिलेगा?
विकसित भारत ञ्च2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए नीति आयोग ने कौशल विकास को पुर्नव्यवस्थित करने की पहल की है।
विचार: अति की हदों को पार करती असहमति
यह एक तथ्य है कि जनभागीदारी वाले कई सामाजिक अभियान महज मोदी सरकार के अभियान बनकर रह गए हैं। यह स्थिति तब है, जब देश में कई समस्याएं ऐसी हैं, जिनका समाधान जनता की सामूहिक भागीदारी से ही किया जा सकता है।
जागरण संपादकीय: स्वदेशी का मंत्र
आम तौर पर ऐसी सुविधाएं भारत में उपलब्ध नहीं होतीं और यदि होती भी हैं तो वे विदेश के मुकाबले महंगी पड़ती हैं। ऐसा क्यों है, इसके कारणों का निवारण करने की आवश्यकता है।
चौतरफा चुनौतियों के बावजूद बढ़ी भारत की विकास दर
अप्रैल से जून 2026 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में 7.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गई। यह उस विकास यात्रा की अगली कड़ी है, जिसमें वास्तविक जीडीपी 2023-24 में 7.2, 2024-25 में…
वैश्विक झंझावात में भी मजबूत भारत
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 7.8 प्रतिशत रहना सुखद आश्चर्य है। यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि अप्रैल से जून की इस अवधि में दुनिया की अर्थव्यवस्था…
किर्गिस्तान में कूटनीतिक कामयाबी
सोमवार को यह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) नहीं, दिल्ली सहयोग संगठन था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कुशल कूटनीति और शांति-प्रयासों के जरिये माहौल को भारत के पक्ष में बना दिया…
ऐसी खबर का जलवा कई दिन तक बरकरार रहता है जिसमें सामाजिक स्तर पर प्रसिद्ध, बहुत ज्यादा पहुंच वाला, खूब प्रभाव पैदा कर सकने वाला व्यक्ति किसी भी मुश्किल सवाल का जवाब संयम और मुस्कुराते हुए देता रहे। इससे देश के काफी बड़े हिस्से की तबीयत ठीक रहती है। वैसी खबर का जलवा एक दम बिखरा सा रहता है जब उसी तरह का व्यक्ति एक ही साक्षात्कार में कई सवालों के जवाब न दे पाए। ऐसा होना स्वाभाविक है जब परीक्षा से पहले सम्बंधित विषय की भरपूर तैयारी न की जाए। अपने गुरुओं और वरिष्ठ जनों की बातों को ठीक से सुना और समझा न हो। कक्षा या ज़िंदगी की कक्षा में बैठे हों लेकिन ध्यान कहीं और हो और नोट्स न लिए हों। अभ्यास करने के दौरान संजीदगी न बनाए रखो तो उचित समय पर सवालों के जवाब भूल ही जाते हैं, जिसे जवाब देते नहीं बना भी कहते हैं। इसे भी पढ़ें: पानी की कमियां और गुस्ताखियां (व्यंग्य) इम्तिहान से पहले व्यक्ति सोचता है कि मुझे सब कुछ पता है, सब याद है, मुझसे ज्यादा चतुर कोई नहीं। कोई कैसा, ऐसा या वैसा सवाल आएगा तो हल कर लूंगा। कई बार ऐसा हो जाता है कि परीक्षा की घड़ी बिना बताए मुख्य दरवाज़े पर आन खड़ी होती है। सुना है, तब याद किया सब कुछ भूल जाता है। कई सवाल सामने बैठ जाते हैं, एक दो सवाल को तो खड़े रहना पड़ता है इसलिए वे नाराज़ भी हो जाते हैं। जब जवाब सूझता नहीं तो बंदा सोचता है कि मुझे जवाब देने की तैयारी निरंतर रखनी चाहिए थी। अभ्यास करते रहना चाहिए था। दूसरे अनुभवी लोगों से पूछ लेना चाहिए था। परीक्षा में तो कुछ भी प्रत्याशित या अप्रत्याशित पूछा जा सकता है इसलिए यह पता होना चाहिए कि अगर सवाल का रंग लाल या नीला हो तो जवाब कौन से रंग का देना है। कई सवाल ऐसे होते हैं कि पोल खोल दें जिससे तबीयत अविलंब खराब हो जाती है। अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है। सवाल घबराहट का माहौल बन देते हैं। इस दौरान यह कह देना ज़रूरी होता है कि जिस सम्बन्ध में सवाल पूछे जा रहे हैं उसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। साथ साथ यह भी कह देना चाहिए कि जो लोग गलत करते हैं उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। उनसे ऐसा करने की उम्मीद नहीं थी। अच्छी राजनीतिक जलवायु हो तो यह एक उम्दा जवाब माना जाता है और समाज में प्रसिद्ध भी है। यह हमारे सामाजिक जीवन का आधार कार्ड भी है। असल में सवाल तो वही असली सवाल माने जाते हैं जिनका जवाब न दिया जा सके। बड़ों बड़ों की बोलती बंद कर दें। सवाल ऐसे होते हैं तो जवाब भी ऐसे होते हैं या हो सकते हैं जो बड़ी से बड़ी बोलती बंद कर दें। सवालों ने अपने बीच से हमेशा कई ऐसे सवाल खड़े किए जिन्हें कोई जवाब बिठा न सका। कितने सवाल अपने जवाब ढूंढते रहे अभी भी ढूंढ रहे होंगे। पुलिस की मदद ली, सुप्रसिद्ध समझदारों, सिद्धहस्त महात्माओं और जाने माने ज्योतिशिओं की सलाह ली लेकिन न असली जवाब मिले न नकली। आखिर में यही मानना पडेगा कि जवाब जिनका नहीं, वो सवाल होते हैं असली सवाल। - संतोष उत्सुक
फैक्ट चेक: नेपाल में आई बाढ़ के CCTV फुटेज के दावे से AI जनित क्लिप वायरल
बूम ने जांच में पाया कि इनमें से ज्यादातर क्लिप नेपाल बाढ़ के वास्तविक दृश्य को नहीं दिखाते. इन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से क्रिएट किया गया है.
धरती पर कई ऐसे जीव पाए जाते हैं, जिनकी क्षमताएं इंसानों को हैरान कर देती हैं।
किडनी को हेल्दी रखने के लिए करे योगासन
नई दिल्ली, किडनी (गुर्दा) हमारे शरीर के बेहद महत्वपूर्ण अंग हैं। ये खून को साफ करने, शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालने और पानी व इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में किडनी की सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित जीवनशैली के साथ कुछ योगाभ्यास भी शरीर को सक्रिय और स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं।
घर का खाना भी बढ़ा सकता है कोलेस्ट्रॉल, ये गलतियां न करे
नई दिल्ली, कोलेस्ट्रॉल का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में सबसे पहले बाहर का खाना, बर्गर, पिज्जा, समोसा और ज्यादा तेल वाली चीजें आती हैं। यही वजह है कि बहुत से लोग मानते हैं कि अगर वे घर का खाना खा रहे हैं तो उनका कोलेस्ट्रॉल कभी नहीं बढ़ सकता। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। घर का बना खाना सेहत के लिए अच्छा हो सकता है, लेकिन खाने के साथ-साथ हमारी रोज की आदतें भी शरीर पर असर डालती हैं। कई बार अच्छी डाइट लेने के बाद भी रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल ज्यादा आ सकता है। इसकी वजह ज्यादा वजन, कम चलना-फिरना या खाने में कुछ चीजों की ज्यादा मात्रा हो सकती है।
भारत को खुद अपनी राह बनानी होगी: ग्लोबल फॉर्च्यून 500 में शामिल होना आसान नहीं, घरेलू क्षमता मजबूत करनी होगी
दूसरा पहलू: वह मंदिर, जहां सूर्य की पहली किरण करती है अभिषेक, उत्तराखंड में है ये विशिष्ट जगह
दूसरा पहलू:वह मंदिर, जहां सूर्य की पहली किरण करती है अभिषेक, उत्तराखंड में है ये विशिष्ट जगह
मजबूती के संकेत: निजी निवेश और निर्यात के जरिये रफ्तार बनाए रखनी होगी; ताकि विकास पर भारी न पड़े बाहरी दबाव
आज से सितंबर महीने की शुरुआत हो चुकी है और ऐसे में आपके लिए ये जानना जरूरी हो जाता है कि इस महीने बैंक कब-कब और कहां-कहां कितने दिन बंद रहेंगे।
नए महीने की शुरुआत से यानी आज सितंबर महीने की शुरुआत से ही कई बदलाव होने जा रहे हैं। अब ये देखना होगा कि इनका आपकी जेब पर क्या असर पड़ता है। आप इन नए बदलावों के बारे में यहां जान सकते हैं।
सीमा विवाद की कठिन डगर: हालिया वार्ताएं संबंधों में एक नए चरण की शुरुआत कर सकती हैं, भारत-चीन के बीच राह लंबी
चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर किसानों का आज से पक्का मोर्चा: जाम करेंगे रोड, ये हैं मुद्दे
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि चंडीगढ़ बॉर्डर पर एसकेएम का यह पहला बड़ा प्रदर्शन है। इस दिन-रात के मोर्चे के दौरान किसानों की मांगों पर प्रतिदिन चर्चा होगी।
युवाओं के नेतृत्व में एक क्रांतिकारी बदलाव से गुज़र रहा है भारत
एक खास तौर पर सकारात्मक बात यह है कि युवा सांप्रदायिक राजनीति को नकार रहे हैं।
अमेरिका में भागवत: विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन!
हिंदू की यह परिभाषा और पहचान, किसी और ने नहीं, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयार्क के अपने दौरे पर पेश की है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित चन्न खत्रियां इलाके में एक कबूतर पकड़ा गया है।
शहरों को ठंडा रखने के लिए जरूरी हैं पेड़, पर अब इन्हें भी चाहिए मदद
रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और सूखे की वजह से शहरों के पेड़ खतरे में पड़ गए हैं. पर्यावरण की इस बड़ी ताकत को कैसे सुरक्षित रखा जाए और कैसे ऐसे शहरी जंगल लगाए जाएं, जो भविष्य में मौसम से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर सकें
विचार: सप्तधारा बनाएगी विकसित भारत
हरित और नीली अर्थव्यवस्था: भारत आज जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का नेतृत्व कर रहा है। हमारी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 76.38 गीगावाट से बढ़कर 288.58 गीगावाट हो गई है।
विचार: भारत-चीन रिश्तों की नई दिशा
स्पष्ट है कि भारत कूटनीतिक उम्मीदों के फेर में पड़कर अपनी रणनीतिक चौकसी और तैयारियों में कोई ढिलाई नहीं बरतेगा।
जागरण संपादकीय: आर्थिकी के अच्छे दिन
7.8 प्रतिशत विकास दर के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था एक बार फिर सबसे तेज बढ़ती आर्थिकी बनी, लेकिन भारत को इससे संतुष्ट नहीं होना चाहिए।
विकसित राष्ट्रीय राजधानी बनाने का मास्टर प्लान
महान शहर केवल बड़ी-बड़ी इमारतों और आधुनिक सुविधाओं से नहीं बनते, उनकी असल पहचान इस बात से होती है कि वे अपनी प्रकृति, इतिहास और विरासत को कितना सहेजते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए क्या छोड़कर…
मतदाता सूची से शिकायत और सियासत
दक्षिण के दो राज्यों- कर्नाटक और तेलंगाना में क्रमश: मई 2028 और मई 2029 में विधानसभा के चुनाव निर्धारित हैं और इन दोनों राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में लगभग 2.5 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से…
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित हो रहा शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन मौजूदा समय के हिसाब से बहुत महत्वपूर्ण है। एससीओ की यह 25वीं वर्षगांठ और 26वां सम्मेलन पूरी दुनिया का ध्यान खींच…
रटने से रचने तक: आधुनिक भारतीय शिक्षा प्रणाली से मेरा एक सवाल
हाल ही में अजमेर में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सृजनात्मक प्रतियोगिता के समापन समारोह में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच बैठने का अवसर मिला। वहां से लौटते हुए मन में एक सवाल बार-बार लौटता रहा, जो शायद हम सबको बार-बार पूछना चाहिए — क्या हम अपने विद्यार्थियों को केवल परीक्षा में अच्छे अंक ... Read more
पुरानी कार या बाइक खरीदने के बाद RC (Registration Certificate) अपने नाम ट्रांसफर कराना बेहद जरूरी है। अब केंद्र सरकार ने वाहन के मालिकाना हक के ट्रांसफर और अधिकृत डीलरों के जरिए पुराने वाहनों की बिक्री को लेकर नए नियमों का मसौदा पेश किया है। इसमें छह महीने की समय सीमा का प्रावधान चर्चा में है। हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि छह महीने बाद मालिकाना हक बदलने का प्रस्ताव आम व्यक्ति द्वारा खरीदे गए वाहन पर सीधे लागू होने वाला नियम नहीं है। यह मुख्य रूप से उस वाहन के लिए प्रस्तावित है, जिसे पंजीकृत मालिक ने अधिकृत डीलर को सौंप दिया है और Form 29C के जरिए इसकी सूचना दी गई है। क्या है सरकार का नया प्रस्ताव? सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Central Motor Vehicles Rules, 1989 में बदलाव का मसौदा जारी किया है। इसका उद्देश्य खासकर संगठित सेकंड-हैंड वाहन कारोबार में वाहन के एक डीलर से दूसरे डीलर तक जाने और अंतिम खरीदार के नाम ट्रांसफर होने की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाना है। इसे भी पढ़ें: आयुष्मान कार्ड कौन बनवा सकता है? क्या Taxpayers, PF, ESIC वाले इसके पात्र होंगे? प्रस्ताव के मुताबिक : - अधिकृत डीलर को वाहन मिलने के बाद उसकी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। एक डीलर से दूसरे अधिकृत डीलर के पास वाहन जाने पर Form 29CA का इस्तेमाल प्रस्तावित है। - डीलर से डीलर वाहन ट्रांसफर की संख्या अधिकतम दो रखने का प्रस्ताव है। - Form 29C दाखिल होने के बाद वाहन छह महीने से ज्यादा समय तक डीलर के पास बिना Form 30 के नहीं रखा जा सकेगा। छह महीने बाद क्या होगा? प्रस्तावित नियम के अनुसार, यदि Form 29C दाखिल होने की तारीख से छह महीने के भीतर वाहन का मालिकाना हक Form 30 के जरिए किसी खरीदार को ट्रांसफर नहीं होता है तो वाहन का मालिकाना हक आखिरी अधिकृत डीलर के नाम अपने आप ट्रांसफर होने का प्रस्ताव है। यह बदलाव VAHAN सिस्टम में दर्ज किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी वाहन को मालिक ने डीलर A को सौंपा और बाद में वह डीलर B के पास चला गया, तो छह महीने की समयसीमा के भीतर अंतिम खरीदार के नाम Form 30 से ट्रांसफर होना जरूरी होगा। ऐसा नहीं होने पर प्रस्ताव के मुताबिक आखिरी डीलर के नाम मालिकाना हक दर्ज हो सकता है। क्या आम वाहन खरीदार को छह महीने में RC ट्रांसफर कराना होगा? यहां भ्रम दूर करना जरूरी है। मौजूदा सामान्य RC ट्रांसफर प्रक्रिया में खरीदार के लिए अलग समयसीमा लागू है। एक ही राज्य में वाहन की बिक्री होने पर सामान्यतः ट्रांसफर की सूचना और आवेदन निर्धारित समय में करना होता है। संबंधित परिवहन विभाग के अनुसार, सामान्य ट्रांसफर के लिए Form 29 और Form 30 का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए नए मसौदे की छह महीने वाली शर्त को सीधे यह कहना कि “हर खरीदार छह महीने में RC ट्रांसफर नहीं कराएगा तो गाड़ी का मालिकाना हक बदल जाएगा”, सही नहीं होगा। Form 29CA क्यों लाया जा रहा है? नए मसौदे में Form 29CA को अधिकृत डीलरों के बीच वाहन की आवाजाही दर्ज करने के लिए प्रस्तावित किया गया है। इससे क्या होगा : - किस डीलर के पास वाहन है, इसका रिकॉर्ड रहेगा। - वाहन के एक डीलर से दूसरे डीलर तक जाने की जानकारी VAHAN पर दर्ज होगी। - वाहन के अंतिम खरीदार तक पहुंचने की प्रक्रिया ज्यादा ट्रैक योग्य होगी। - पुराने वाहनों की बिक्री में पारदर्शिता बढ़ सकती है। - किन वाहनों के ट्रांसफर पर रोक लग सकती है? मसौदे में प्रस्ताव है कि कुछ परिस्थितियों में वाहन का डीलर को ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। इनमें शामिल हैं: - RC वैध नहीं होना - इंश्योरेंस वैध नहीं होना - PUC प्रमाणपत्र वैध नहीं होना - पेंडिंग ट्रैफिक चालान - बकाया टैक्स या यूजर फीस - वाहन से जुड़ा कुछ कानूनी या आपराधिक मामला - वाहन पर हायर-पर्चेज, लीज या हाइपोथिकेशन जैसी देनदारी होना। अभी क्या है स्थिति? सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ये अभी प्रस्तावित नियम हैं, अंतिम कानून नहीं। मंत्रालय ने मसौदे पर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कौन-से प्रावधान किस रूप में लागू होंगे। वाहन मालिक और खरीदार क्या करें? - वाहन खरीदने के बाद RC ट्रांसफर को टालें नहीं। - Form 29 और Form 30 की प्रक्रिया समय पर पूरी करें। - खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखें। - वाहन का इंश्योरेंस और PUC वैध रखें। - पेंडिंग चालान और टैक्स की स्थिति जांचें। - सेकंड-हैंड वाहन खरीदते समय VAHAN रिकॉर्ड की जांच करें। सरकार के नए मसौदे का मुख्य उद्देश्य पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री में मालिकाना हक और डीलर-से-डीलर वाहन की आवाजाही का डिजिटल रिकॉर्ड मजबूत करना है। छह महीने की प्रस्तावित सीमा खासतौर पर अधिकृत डीलर के पास रखे वाहन से जुड़ी है। इसे हर निजी खरीदार पर लागू होने वाला नया छह महीने का RC नियम समझना सही नहीं होगा। फिलहाल यह एक मसौदा है, इसलिए वाहन मालिकों और खरीदारों को अंतिम अधिसूचना का इंतजार करना चाहिए। हालांकि, मौजूदा नियमों के तहत भी वाहन खरीदने के बाद RC अपने नाम कराने में देरी करना उचित नहीं है। - जे. पी. शुक्ला
ऑस्ट्रेलियाई डांसर्स की तस्वीर शेयर कर गलत तरीके से किया गया सोनिया गांधी की ओर इशारा
बूम ने जांच में पाया कि वायरल तस्वीर में AI की मदद से हेरफेर की गई है. मूल तस्वीर 1967 की है, जिसमें गो-गो डांसर्स परफॉर्म करती नजर आ रही हैं.
मनुस्मृति की आलोचना आज केवल राजनीति
हाल ही में पुणे के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में बोलते हुए, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पितृसत्ता को बढ़ावा देने के लिए मनुस्मृति की आलोचना की और लोगों, खासकर महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ने का आह्वान किया…
महिलाओं से हक छीनने वाले ग्रंथ का बचाव क्यों
बीते 22 अगस्त को पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंच से तीन शब्द कहे ‘स्मैश द पैट्रियार्की’ यानी पितृसत्ता को खत्म करो। यह एक बेबाक बयान है, जो भारत के किसी भी राजनीतिक व्यक्ति ने किसी बड़े…
India Post GDS 2026: डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक के 23,757 पदों पर भर्ती के लिए आज से पंजीकरण शुरू हो रहा है। 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण 19 सितंबर तक और आवेदन व शुल्क जमा करने की प्रक्रिया 21 सितंबर तक चलेगी।
विचार: बिखरा हुआ है खतरों पर नजर रखने वाला तंत्र
हिमालय में प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूस्खलन और हिमस्खलन के लिए एक एकीकृत निगरानी तंत्र की सख्त आवश्यकता है
द बोनस मार्केट अपडेट: बाजार में गिरावट; सेंसेक्स 200 अंक से अधिक लुढ़का, निफ्टी भी कमजोर
31 अगस्त 2026 को सेंसेक्स प्री-ओपनिंग सत्र में 100 अंक से अधिक गिरा, निफ्टी 24,150 से नीचे। ब्रेंट कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और एशियाई बाजारों में गिरावट ने निवेशकों को सतर्क रखा।
जीवन धारा: सुख विलासिता में नहीं, अपने भीतर ही है; लालच से बचने का सूत्र कारगर
जीवन धारा:सुख विलासिता में नहीं, अपने भीतर ही है;लालच से बचने कासूत्र कारगर
दूसरा पहलू:उदमीराम की जांबाजी और अंग्रेजों का खूनी कोल्हू,1857 में दिल्ली में कत्लेआम से दहशतजदा थी हुकूमत
ताशकंद में मोदी: यात्रा का अपना व्यापक क्षेत्रीय महत्व, यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति व्यवस्था पर सहमति अहम
मुद्दा:ज्वलंत सवालों पर लंबे समय तक खामोश रहना घातक, क्या यमुना अपनी प्राकृतिक क्षमता खो चुकी है
भावनाएं फॉरवर्ड नहीं होतीं: अब एक ही कमरे में है बाजार भी, घर भी! क्यों न कुछ कदम चलकर बातचीत कर ली जाए...
टॉक्सिक कलेक्शन: 200 करोड़ पार हुई 'टॉक्सिक' की कमाई, जानें 'इरुमुडी' और 'हनुमान अंश' का कलेक्शन
इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर कई फिल्में चल रही हैं। वीकएंड पर सभी फिल्मों के कलेक्शन में बढ़ोतरी हुई है।
हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र: सरकार लाएगी 7255 करोड़ का अनुपूरक बजट, आज सदन में होगी चर्चा
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को सरकार वर्ष 2026-27 की पहली अनुपूरक बजट मांगें सदन में पेश करेगी। वित्त मंत्री के तौर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 7,255.42 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बजट मांगें रखेंगे।
ललित सुरजन की कलम से क्या तिलिस्म टूट रहा है?
वह एक ऐसे अभेद्य किले के रूप में सामने था जिस पर कितने भी तीर बरसें, कितनी भी तोपें चलें, कोई असर होने वाला नहीं है।
अंतरिक्ष जैसे अहम सेक्टर में निजीकरण पर विवाद
निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए अक्सर अच्छे सरकारी संगठनों की नाकामियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है।
देशभक्ति के बाद अब हिन्दू होने का भी सर्टिफिकेट !
राहुल ने देश की राजनीति से हिन्दू मुसलमान के सवाल को हटाकर शिक्षा, स्कूल, नौकरी, गरीबी, महंगाई जैसे असली सवालों को ला खड़ा किया है।
युवाचार्य महावीर कुमार : अध्यात्म-जगत में एक नवीन युग-संभावना का उद्घाटन
कुछ घटनाएं इतिहास में दर्ज होती हैं और कुछ घटनाएं इतिहास की दिशा बदलने की क्षमता रखती हैं। तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान आचार्य श्री महाश्रमणजी द्वारा मुख्य मुनि महावीर कुमारजी को अपने उत्तराधिकारी के रूप में युवाचार्य मनोनीत किया जाना ऐसी ही घटना है। 27 जुलाई 2026, आषाढ़ शुक्ला त्रयोदशी को लाडनूं स्थित जैन विश्व ... Read more
महिलाओं की मजबूती के खुले कई रास्ते
साल 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने कुछ धार्मिक रस्में निभाई थीं, जैसा कि कोई भी आस्थावान भारतीय करता है। उस समय पवित्र कलश को ले जाने के लिए किसी पुरोहित या महात्मा को चुनना सबसे…
यह सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग
भारतीय रेलवे को देश की आम जनता की जीवन-रेखा कहा जाता है। करोड़ों यात्री रोजाना ट्रेन से सफर करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जिन्हें कन्फर्म टिकट, साफ-सुथरे शौचालय, समय पर ट्रेन और पर्याप्त सीट जैसी सुविधाओं…
मध्यवर्ग को फिर परेशान करने लगी महंगाई
सन् 1974 में आई सुपरहिट फिल्म रोटी कपड़ा और मकान का एक गाना-और बाकी कुछ बचा तो महंगाई मार गई, शायद फिल्म से भी ज्यादा हिट हुआ। इसकी यह पंक्ति तब से आज तक किसी न किसी रूप में बार-बार सामने आती ही….
विचार: हर मिनट का हिसाब दे संसद
भारत को सरकार, विपक्ष और पीठासीन अधिकारियों की सहमति से एक ‘संसदीय कार्य-निष्पादन संकल्प’ चाहिए। इसका पहला नियम सरल होना चाहिए: बिना भरपाई के कोई घंटा बर्बाद नहीं होगा।
विचार: एससीओ का तीसरा स्तंभ बने भारत
एससीओ में भारत के उत्थान से रूस आश्वस्त हो सकता है कि संगठन में आर्थिक मुद्दों को प्राथमिकता देने में कोई हर्ज नहीं है, क्योंकि भारत उनमें विविधीकरण ला सकता है। ऐसे में एससीओ के अंदर रूस-भारत तालमेल को नए अंदाज से आगे ले जाना अनिवार्य होगा।
जागरण संपादकीय: हिमालय की निगरानी
हिंदूकुश-हिमालय क्षेत्र में हजारों ग्लेशियर और झीलें हैं। इन सभी की निगरानी की आवश्यकता कहीं अधिक बढ़ गई है। एक समय हिमालय की चोटियों पर होने वाले बदलाव की निगरानी करना कठिन था, लेकिन आज ऐसी तकनीक उपलब्ध है, जिससे यह काम कहीं अधिक आसानी से किया जा सकता है। अब इसे किया ही जाना चाहिए।
क्या आपकी कैल्शियम की पूर्ति पर्याप्त है? जानिए स्रोत, फायदे और रोजाना कितनी जरूरत
नई दिल्ली, हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है और कैल्शियम उनमें से एक बेहद जरूरी खनिज है। आमतौर पर कैल्शियम का नाम सुनते ही सबसे पहले हड्डियों और दांतों का ख्याल आता है, लेकिन इसकी भूमिका सिर्फ इतनी ही नहीं है। इसलिए रोज की डाइट में पर्याप्त कैल्शियम लेना जरूरी है।
NEET-PG परीक्षा के दौरान जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर बिजली की खराबी के कारण परीक्षा प्रभावित हुई। अब एनबीईएमएस ने इस मामले में जवाब देते हुए बताया है कि प्रभावित उम्मीदवारों के लिए परीक्षा दोबारा कब आयोजित की जाएगी।
किताबें तैयार हैं, कैमरा भी तैयार है: ओटीटी से बदल रहा परिदृश्य, हिंदी लेखकों और नई कहानियों के लिए शुभ संकेत
जानना जरूरी है: विष्णु ने कैसे किया कालनेमि का अंत, चक्र से क्यों काटने पड़े सौ भयंकर मस्तक?
जानना जरूरी है: विष्णु ने कैसे किया कालनेमि का अंत,चक्र से क्यों काटने पड़े सौ भयंकर मस्तक?
कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन विवाद मामले पर अब ज्वेलरी ब्रांड ने सफाई दी है। उन्होंने कृति सेनन का समर्थन करते हुए बताया है कि उन्होंने अपना विज्ञापन क्यों हटाया है।
विचार: रोजगारपरक शिक्षा का अभाव
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, देश में रोजगारपरक शिक्षा की कमी है, जिससे 8.7 करोड़ युवा NEET श्रेणी में हैं और अधिकांश स्नातकों को योग्यतानुसार नौकरी नहीं मिल रही
राहुल गांधी ने संविधान और आरएसएस के बीच लड़ाई का आरोप लगाते हुए अनुसूचित जातियों पर अत्याचार का मुद्दा उठाया।
एक दिन जंतर मंतर पर साहित्यिक गोष्ठी हुई, जिसका विषय था- ‘आज साहित्य खिड़की में ही क्यों रहता है, खिड़की साहित्य में क्यों नहीं रहती?’ यानी जब सबका साथ, सबका विकास हो चुका है और सबको आवास मिल चुका है…
तुम्हारे महल-चौबारे यहीं रह जाएंगे सारे
हवाओं में फैली खुशबू बताने लगी थी कि आजादी के फूल खिलने वाले हैं, पर अफसोस, उनकी डालियों में कांटे भी थे। उनकी चुभन ही थी, जो एक कवि की कविता में फूट रही थी- जलता है पंजाब हमारा प्यारा, भगत सिंह की आंखों का…
काश! हर महकमे को एक तुकाराम मिल जाएं
भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बारे में कहा जाता है कि हमने जो शासन-प्रणाली अपनाई है, उसमें असली ‘राजा’ वही हैं। यह जन-धारणा उन्हें संविधान से मिले निर्णायक अधिकारों के कारण बनी है…
जितनी तेजी से ‘गिग वर्कर्स’ की तादाद बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से उनकी दिक्कतें भी पनप रही हैं। समय आ गया है कि सरकार यूरोपीय यूनियन की तरह यहां भी गिग वर्कर्स की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के लिए कड़े नियम…
नई दिल्ली, योग शरीर और मन को स्वस्थ रखने की एक प्राचीन पद्धति है, जिसके हर आसन का अपना विशेष महत्व है।
सोनिया गांधी की किताब: सत्ता, शब्द और ‘किताबी विद्रोह’ का इतिहास
सोनिया गांधी की प्रस्तावित आत्मकथा को लेकर विवाद ने किताब, सत्ता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुराने सवाल फिर खड़े कर दिए हैं।
कैदी जब आजादी का अर्थ लिखता है: रिहाई के बाद बंदियों का पुनर्वास समाज की जवाबदेही; अपराधमुक्त बन सकेगा समाज
पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दौरान इमरान खान के बेटों के स्काई स्पोर्ट्स इंटरव्यू को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
दूसरा पहलू: एआई का इस्तेमाल करें, लेकिन इन्सान बने रहें
दूसरा पहलू: एआई का इस्तेमाल करें, लेकिन इन्सान बने रहें
भाषा राजनीतिक हथियारों में से एक: राजनीति में कुछ भी यों ही नहीं कहा जाता, दिमागी नक्सली कहने का मतलब ‘गैर-भारतीय’ बौद्धिक वर्ग से
जीवन धारा: तकनीक के साथ नैतिक विवेक भी जरूरी है
जीवन धारा: तकनीक के साथ नैतिक विवेक भी जरूरी है
यूजीसी-नेट का रिजल्ट जारी: 4000 से अधिक उम्मीदवार JRF के लिए पात्र, 84 विषयों के परीक्षा परिणाम जारी
यूजीसी-नेट का रिजल्ट जारी: 4000 से अधिक उम्मीदवार JRF के लिए पात्र, 84 विषयों के परीक्षा परिणाम जारी
आरएसएस के सामने है खड़गे के सवालों की चुनौती!
संघ के लिए हालात पहले से कहीं बेहतर हैं। उसकी गतिविधियां बढ़ रही हैं, सत्ता के गलियारों में संघ की चिंताओं को सुना और उन पर अमल किया जाता है।
टोक्यो ने चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया को पीछे छोड़ते हुए भारत में भारी निवेश किया
जापानी निवेशक कम लागत वाले विनिर्माण और निर्यात के बजाय अपने निवेश के लिए घरेलू मांग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
खेलों की उड़ान, विकसित भारत की पहचान
राष्ट्रीय खेल दिवस-29 अगस्त, 2026 पर राष्ट्रीय खेल दिवस केवल एक महान खिलाड़ी की स्मृति को नमन करने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र की खेल-चेतना को जगाने एवं खेल आयामों को नये शिखर देने का दिन है। 29 अगस्त को मनाया जाने वाला यह दिवस हॉकी के महानायक मेजर ध्यानचंद की जयंती से जुड़ा है। ... Read more
दिल्ली के 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को अब अपने आसपास ही मेलजोल, मनोरंजन और स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए बेहतर जगह मिल सकेगी। दिल्ली सरकार ‘वयो आनंद’ योजना शुरू करने जा रही है।
झारखंड: सीआईडी ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा पास करने वाले चार लोगों को पकड़ा; क्या है पूरा मामला?
झारखंड: सीआईडी ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा पास करने वाले चार लोगों को पकड़ा; क्या है पूरा मामला?
विचार: अपनी सुविधा से शब्दों के चयन की होड़
भारतीय परिप्रेक्ष्य में ‘माओवाद’ हिंसा का पर्याय है, पर ‘माओवाद’ को केवल हथियारों की भाषा में समझना उसके व्यापक स्वरूप को सीमित करता है
यदि 60 करोड़ लोग रोज एक घंटा भी दें तो हम हर दिन लगभग 68 हजार वर्षों के बराबर मानवीय-समय अंगूठे से स्क्राल करने में झोंक रहे हैं
संपादकीय: पारित हो परिसीमन बिल
मानसून सत्र के बाद, सरकार महिला आरक्षण के लिए परिसीमन विधेयक पारित करने हेतु विशेष सत्र बुला सकती है
फैक्ट चेक: नेपाल बाढ़ से जोड़कर पुराने और असंबंधित वीडियो हो रहे वायरल
बूम ने पाया कि ये वीडियो 2026 की नेपाल बाढ़ से संबंधित नहीं हैं. वीडियो अलग-अलग घटनाओं के हैं, जिन्हें नेपाल में बाढ़ आने से पहले रिकॉर्ड किया गया था.
ऑफिस में घंटों बैठने से हो जाता है कमर दर्द ? अर्धचक्रासन करे मिलेगा तुरंत आराम
नई दिल्ली, आजकल लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने, मोबाइल चलाने और शारीरिक गतिविधि कम होने की वजह से पीठ, गर्दन और कंधों में अकड़न आम हो गई है। ऐसे में योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना काफी मददगार हो सकता है। अर्धचक्रासन एक सरल योगासन है, जिसमें शरीर को पीछे की ओर मोड़ा जाता है।
बांग्लादेश में परिवार के चार सदस्यों की हत्या के मामले में नहीं है सांप्रदायिक एंगल
बांग्लादेश पुलिस ने इस मामले में मुग्धा दास और सिद्धार्थ दास नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया है.
विपरीतकरणी मुद्रा : पाचन से लेकर मानसिक सतर्कता तक
नई दिल्ली, योग शरीर और मन को संतुलित करने की प्राचीन विद्मा है। रोजमर्रा की भागदौड़ से शारीरिक थकान, तनाव और पाचन संबंधित समस्या आम हैं। इन्हीं आसनों में विपरीतकरणी है, जो न सिर्फ शरीर को नई ऊर्जा देता है, बल्कि थके हुए मन को भी शांत करता है।
दांत दर्द और मुंह की बदबू से परेशान है? तो इस्तेमाल करे घर के किचन में रखी लौंग
नई दिल्ली, लौंग भारतीय किचन में इस्तेमाल होने वाला ऐसा मसाला है, जो भले ही साइज में छोटा दिखे, लेकिन इसमें कई तरह के प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं। चाय से लेकर सब्जी तक, लौंग का इस्तेमाल स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। सर्दी-जुकाम या दांत में दर्द होने पर भी लोग अक्सर लौंग का इस्तेमाल करते हैं।
रक्षाबंधन: रक्षाबंधन के लिए नहीं बना था ये गाना, बने थे दो वर्जन; आज भी सबकी जुबान पर रहता है ये गीत
Bollywood Song: भारत में कोई त्योहार हो लगभग सभी पर बॉलीवुड ने गाने बनाए हैं। रक्षाबंधन भी इससे अछूता नहीं है। भाई-बहन के इस त्योहार पर रक्षाबंधन पर खूब गाने बने हैं।

