विचार: अराजकता के सहारे सत्ता परिवर्तन वाली हरकतें
संजय गुप्त। नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर चर्चा में आई काकरोच जनता पार्टी ने जब संसद मार्च का आयोजन किया था, तब उसमें कैसी हिंसा हुई थी, यह किसी से छिपा नहीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने के अपने मनमाने फैसले से पीछे हटकर भारत को राहत दी है
इस बरस का नोबेल सम्मान कनाडाई लेखिका और कवयित्री ऐनी कार्सन को उनके समग्र लेखन पर दिया गया है। इस तरह, नोबेल सम्मान कमेटी वालों ने हमारे जैसे हिंदी वालों को कुछ दिन के लिए एक ‘एजेंडा’ पकड़ा दिया है कि हम…
भारतीयों की राह में अनगिनत कांटे
वह दिन-रात सितारों के पीछे लगे रहते थे और ऐसा लगता था कि मानो, सितारे उन्हें पुकार रहे हैं। सितारे कहां से आते हैं? इनका जीवन कब पूरा होता है और कहां चले जाते हैं? क्या कुछ सितारे ऐसे भी हैं, जो अमर हैं…
जरूरतमंदों और मददगारों के बीच पुल बनी एक डॉक्टर
जिस पेशे से जुड़ने के लिए हर साल 20-22 लाख भारतीय बच्चे कठिन इम्तिहान में बैठते हैं; जिसकी डिग्रियों के लिए निजी कॉलेज करोड़ों में फीस वसूलते हैं; जिसके ज्यादातर पेशेवर अपनी महारत के लिए समाज और निजी संस्थानों में सिर-माथे…
नोएडा में टीम एनएनए की मनमोहक प्रस्तुति ने बांधा समां
सेक्टर-137 स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची है। सर्वजनिन पूजा समिति द्वारा आयोजित भव्य दुर्गा पूजा महोत्सव में शनिवार को टीम एनएनए के कलाकारों ने अपनी शानदार नृत्य प्रस्तुति से समां बांध दिया…
PF ट्रांसफर में आ रही है दिक्कत? अब घर बैठे UAN पोर्टल पर अपडेट करें Date of Exit
नौकरी बदलने के बाद कर्मचारियों को अक्सर अपने पुराने प्रोविडेंट फंड (PF) अकाउंट से नए अकाउंट में बैलेंस ट्रांसफर करने या विड्रॉल फाइल करने में दिक्कत होती है। इसका सबसे आम कारण यह है कि पुरानी कंपनी ने एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के रिकॉर्ड में डेट ऑफ एग्जिट (Date of Exit) रिकॉर्ड नहीं किया होता है। अगर यह डेट अपडेट नहीं होती है तो आपका PF ट्रांसफर और विड्रॉल दोनों प्रोसेस रुक सकते हैं। अगर पुरानी कंपनी का PF खाता नए खाते में ट्रांसफर नहीं हो पा रहा है तो इसकी एक वजह Date of Exit यानी नौकरी छोड़ने की तारीख का EPFO रिकॉर्ड में अपडेट न होना हो सकती है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए कर्मचारी को हमेशा पुराने नियोक्ता पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। EPFO सदस्य खुद UAN पोर्टल के जरिए Date of Exit अपडेट कर सकता है। इसे भी पढ़ें: कृषक समृद्धि योजना: किसानों को 6 लाख का लोन कैसे मिलेगा, किस्त कितनी होगी, ब्याज में छूट कितनी मिलेगी? PF ट्रांसफर के लिए Date of Exit क्यों जरूरी? EPFO के अनुसार, पिछली नौकरी की Date of Exit दर्ज होना ऑनलाइन PF ट्रांसफर के लिए जरूरी है। इसके बिना पुराने PF खाते की सेवा अवधि और खाते से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ने में परेशानी हो सकती है। EPFO ने कर्मचारियों को नियोक्ता पर निर्भरता कम करने के लिए खुद Date of Exit अपडेट करने की सुविधा दी है। कब कर सकते हैं Date of Exit अपडेट? इस सुविधा का इस्तेमाल तुरंत नौकरी छोड़ने के बाद नहीं किया जा सकता। EPFO के आधिकारिक FAQ के मुताबिक: - नौकरी छोड़ने के 60 दिन बाद कर्मचारी खुद Date of Exit अपडेट कर सकता है। - UAN एक्टिव होना जरूरी है। - UAN में आधार लिंक और सत्यापित होना चाहिए। - OTP प्राप्त करने के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय होना चाहिए। - Date of Exit उस महीने की किसी तारीख को रखा जा सकता है, जिसमें पुराने नियोक्ता ने अंतिम PF योगदान किया था। UAN पोर्टल पर Date of Exit कैसे अपडेट करें? इसके लिए कर्मचारी को EPFO के Member Portal पर लॉगिन करना होगा। प्रक्रिया इस प्रकार है: - EPFO Member Portal पर UAN और पासवर्ड से लॉगिन करें। - Manage विकल्प पर जाएं। - यहां Mark Exit विकल्प चुनें। - Select Employment में पुराने PF खाते को चुनें। - अपनी Date of Exit और Reason of Exit दर्ज करें। - Request OTP पर क्लिक करें। - आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें। - संबंधित चेकबॉक्स में सहमति देकर Update पर क्लिक करें। - इसके बाद Date of Exit अपडेट हो जाएगी। Date of Exit भरते समय इन बातों का रखें ध्यान Date of Exit मनमाने तरीके से नहीं डालनी चाहिए। EPFO के अनुसार यह उस महीने के भीतर की तारीख हो सकती है, जिसमें नियोक्ता ने आखिरी PF योगदान किया था। साथ ही, एक बार Date of Exit दर्ज होने के बाद उसे बदलने की सुविधा सीमित हो सकती है, इसलिए जानकारी भरने से पहले रिकॉर्ड अच्छी तरह जांच लें। इसके बाद PF ट्रांसफर कैसे करें? Date of Exit अपडेट होने के बाद कर्मचारी ऑनलाइन PF ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है। EPFO के अनुसार ट्रांसफर के लिए UAN एक्टिव होना तथा जरूरी KYC जानकारी, जैसे आधार और बैंक खाता, UAN से जुड़ा होना भी महत्वपूर्ण है। फ्रॉड से भी रहें सावधान Date of Exit अपडेट करने के नाम पर किसी एजेंट या अनजान व्यक्ति को UAN, पासवर्ड, OTP या बैंक संबंधी जानकारी न दें। EPFO अपने सदस्यों को ऐसे संवेदनशील विवरण साझा न करने की चेतावनी देता है। अगर पुराने PF खाते की Date of Exit दर्ज नहीं है और इसी वजह से ट्रांसफर अटका हुआ है, तो 60 दिन पूरे होने के बाद कर्मचारी खुद UAN Member Portal पर इसे अपडेट कर सकता है। इससे पुराने नियोक्ता के पीछे भागने की जरूरत कम होती है और PF ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। - जे. पी. शुक्ला
शिशुओं के खाद्य उत्पादों में चीनी मिलाने पर लगेगी रोक: एफएसएसएआई
नई दिल्ली, शिशुओं के लिए पोषण संबंधी सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 'खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थ) विनियम, 2020' में संशोधन का एक मसौदा प्रकाशित किया है। इसमें 6 महीने तक के शिशुओं के लिए बनाए गए खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रुक्टोज मिलाने पर रोक लगाने का प्रस्ताव है।
दशहराः शौर्य, साधना एवं नवसंकल्प का महापर्व
दशहरा विशेषः 20 अक्टूबर 2026 भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उसने जीवन के उत्सवों को केवल आनंद और उल्लास तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें आत्मचिंतन, साधना, संस्कार और जीवन-परिवर्तन का माध्यम बनाया है। यहां प्रत्येक पर्व अपने भीतर कोई न कोई शाश्वत संदेश समेटे हुए है। दशहरा अथवा विजयादशमी ऐसा ... Read more
मुजफ्फरपुर के बगलामुखी मंदिर में गर्भगृह के नीचे स्थापित है सहस्रदल महायंत्र: बिहार
मुजफ्फरपुर, बिहार के मुजफ्फरपुर में 250 साल से ज्यादा पुराना मां पीतांबरी बगलामुखी सिद्धपीठ इस नवरात्र के दौरान आस्था और साधना का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश में माता रानी के कई विशेष मंदिर: नवरात्र
नई दिल्ली, नवरात्र का पर्व आते ही देशभर के मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगती है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है।
पीएम मोदी ने शेयर किया देवी की स्तुति का भजन: नवरात्र का सातवां दिन
नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शनिवार को मां कालरात्रि को नमन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देवी स्तुति से जुड़े एक भजन को शेयर किया गया।
मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना करे और दूर करे हैं भय और बाधा
नोएडा, शारदीय नवरात्र के सातवें दिन शनिवार को मां भगवती के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाएगी। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना का विशेष महत्व है। इनमें मां कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत शक्तिशाली, व्यापक और अनंत माना गया है।
केंद्रीय मंत्री और सीएम योगी सहित कई नेताओं ने मां कालरात्रि के चरणों में किया नमन: नवरात्र 2026
नई दिल्ली, नवरात्र के सातवें दिन के पावन अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और उत्तर प्रदेश के सीएम सहित कई राज्य के मुख्यमंत्रियों की ओर से मां कालरात्रि के चरणों में नमन किया गया है।
सप्तमी की मध्य रात्रि में दी जाती है बलि: निशा पूजा
नई दिल्ली, शारदीय नवरात्र के सातवें दिन शनिवार को देशभर में मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जा रही है।
जनआंदोलनों के बीच: कैमरा और माइक से आगे पत्रकारिता का धर्म
राजनीतिक ध्रुवीकरण, सोशल मीडिया के व्यवसायीकरण और आंदोलनों की बदलती प्रकृति के बीच निष्पक्ष पत्रकारिता की कसौटी पर विचार करना आवश्यक है।
आरजी कर कांड: सत्ता बदली, समीकरण बदले, लेकिन क्या न्याय की तस्वीर बदली?
डॉ. संदीप घोष की जमानत से आरजी कर कांड एक बार फिर चर्चा में है। पीड़िता का परिवार न्याय के इंतजार में था ही, लेकिन इस घटनाक्रम ने आम जनमानस को भी झकझोर दिया है।
मानसून के कारण बारिश होने से छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट: तमिलनाडु
चेन्नई, तमिलनाडु के छह जिलों में शनिवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
चेहरे की झुर्रियों से हैं परेशान तो रोज करें कपोल शक्ति विकासक क्रिया
नई दिल्ली, प्राचीन भारतीय योग परंपरा में शरीर के प्रत्येक अंग को स्वस्थ, क्रियाशील और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए विशिष्ट क्रियाओं का विधान है।
जीवन धारा: मशीन रोशनी दे सकती है, आंख नहीं; कल्पना के अदृश्य धागे से सींचें अनदेखी संभावनाएं
जीवन धारा: मशीन रोशनी दे सकती है, आंख नहीं;कल्पना के अदृश्य धागे से सींचेंअनदेखी संभावनाएं
सरकार की बड़ी तैयारी!: इस महीने आयोजित हो सकता है संसद का विशेष सत्र; महिला आरक्षण, परिसीमन समेत क्या एजेंडा?- government preparing convene special session Parliament Women Reservation and Delimitation Bill be introduced
Smita Patil Birth Anniversary: अभिनेत्री स्मिता पाटिल ने बहुत कम उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनका फिल्मी सफर काफी छोटा रहा। मगर, जितने वक्त उन्होंने काम किया, कमाल ही किया। अभिनेत्री की जयंती पर पढ़िए उनसे जुड़ी बातें...
आदिवासी 'जेन जी' की नाराजगी को अनदेखा न करें
जुलाई से देश में दो बड़े विरोध-प्रदर्शन हुए हैं। पहला, 'जेन जी' के नेतृत्व में छात्रों का आंदोलन था जो जंतर-मंतर पर केंद्रित था
दवा बिक्री के गलत तरीकों पर सर्वोच्च न्यायालय का आदेश स्वागत योग्य
स्वास्थ्य क्षेत्र में गलत मार्केटिंग तरीकों के बारे में फेडरेशन ऑफ मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा दायर की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिया गया सर्वोच्च न्यायालय का आदेश एक स्वागत योग्य कदम है
छत्तीसगढ़ की एक पहचान की यहां की विविधता भी है। यहां न केवल कई धान की प्रजातियां हैं, बल्कि कई प्रकार की हरी पत्तेदार सब्जियां भी हैं
सामाजिक न्याय और सांविधानिक अनुशासन: निजी आस्था व धर्म चुनने की आजादी मौलिक अधिकार, सुप्रीम कोर्ट का फैसला मील का पत्थर
विरोध और अनुमति: प्रशासन के तर्क अपनी जगह, क्या हर समस्या का समाधान प्रदर्शन की जगह बदल देना है?
विरोध और अनुमति: प्रशासन के तर्क अपनी जगह, क्या हर समस्या का समाधान प्रदर्शन की जगह बदल देना है?
Porsche Mission S Concept Revealed: Previews Upcoming Mid-Engine Supercar Positioned Above the 911 पोर्शे ने मिशन एस कॉन्सेप्ट से उठाया पर्दा: 911 से ऊपर पोजीशन होगी नई मिड-इंजन सुपरकार, जानिए खूबियां
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर बांग्लादेश की तरह सत्ता परिवर्तन के प्रयास का आरोप लगाया, जिसमें राहुल गांधी के सहयोगी प्रशांत भूषण और नेहा बोरा जैसे लोग शामिल हैं
विचार: भारतीय आकांक्षाओं को समझे अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब व्यापार वार्ता और रूसी तेल खरीद को लेकर भारत-अमेरिका संबंध निर्णायक मोड़ पर हैं
कर्माशय का अर्थ है, समस्त संस्कारों की समष्टि। हम जो भी कार्य करते हैं, वह हमारे चित्त रूपी सरोवर में एक लहर उठा देता है। हम सोचते हैं कि इस काम के समाप्त होते ही वह लहर भी चली जाएगी…
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
भारत के अधिकांश ग्रामीण गरीबों की आर्थिक स्थिति को समझने का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना है, गांवों में मिलने वाली मजदूरी। कृषि और गैर-कृषि गतिविधियों से गहरे जुड़े होने के कारण ग्रामीण मजदूरी…
देश में सुधार की शुरुआत पुलिस के भीतर से होनी चाहिए। उसमें अनुशासन, महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और भीड़ से संवाद-कौशल का नियमित प्रशिक्षण आवश्यक है…
त्योहारों के दौरान नई दिल्ली और पटना के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा
नई दिल्ली से पटना जंक्शन के लिए वंदे भारत की एक विशेष सेवा (02252) शुक्रवार से शुरू की गई। इस ट्रेन का संचालन 17 नवंबर तक सप्ताह में तीन दिन किया जाएगा…
सत्ता विरोध के आईने में राहुल गांधी के समानांतर दिपके क्यों?
– निरंजन परिहार भारतीय राजनीति में लोकप्रियता का भी अपना अलग मायाजाल है। कोई बहुत कुछ होने के बाद भी लोकप्रिय बने रहने की उलझन में हैं, तो कोई कुछ न होकर भी लोकप्रियता का शिखर छू जाता है। देश में आज दो चेहरे, कांग्रेस के राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के अभिजीत ... Read more
5 लाख महिलाओं ने की 1.43 करोड़ जल नमूनों की जांच: यूपी
लखनऊ, नवरात्र में नारी शक्ति के सामर्थ्य और संकल्प की चर्चा के बीच उत्तर प्रदेश के गांवों में महिलाएं हर घर तक पहुंच रहे पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
प्रजनन अधिकार: अपने ही शरीर पर अधिकार का संघर्ष
संविधान से मिले समानता और स्वतंत्रता के अधिकारों के बावजूद, गर्भ से जुड़े फैसलों के लिए महिलाओं को परिवार, समाज और अदालतों पर निर्भर रहना पड़ता है।
कमर दर्द से हैं परेशान है, तो रोज करें कटिचक्रासन
नई दिल्ली, दफ्तर में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना, गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी कमर और पेट समेत कई तरह की शारीरिक समस्याओं का घर बन जाती हैं।
स्टारलिंक और राष्ट्रीय हित: यूक्रेन के अनुभव से भारत को क्या सबक लेना चाहिए?
स्टारलिंक और राष्ट्रीय हित: यूक्रेन के अनुभव से भारत को क्या सबक लेना चाहिए?
मुड़-मुड़ के न देख: नए अर्थ तलाशने का समय
मुड़-मुड़ के न देख: नए अर्थ तलाशने का समय
फ्रांस में कुछ ठीक नहीं हो रहा: बढ़ता कर्ज, नाराज युवा और राजनीतिक संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
फ्रांस में कुछ ठीक नहीं हो रहा: बढ़ता कर्ज, नाराज युवा और राजनीतिक संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
दूसरी पारी: उम्र भले बढ़े, जिंदगी न थमने पाए
दूसरी पारी: उम्र भले बढ़े, जिंदगी न थमने पाए
अंकिता भंडारी के लिए इंसाफ की मांग
नरेन्द्र मोदी ने एक 19 बरस की मासूम लड़की की नृशंस हत्या पर इंसाफ मांगने वाले उसके मां-बाप पर जो जुल्म ढाया है
नवरात्रि का छठा दिन 2026: जानें मां कात्यायनी की पूजा विधि, मंत्र, भोग, कथा और आरती
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की आराधना की जाती है। इस दिन भक्त मां को प्रिय पुष्प और भोग अर्पित करके सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा विधि, शुभ रंग, प्रिय भोग, मंत्र, पौराणिक कथा और आरती।
ललित सुरजन की कलम से - धर्म: पुल या खाई - 2
विश्व इतिहास की यदि थोड़ी भी समझ हम विकसित कर लें तो समझ सकते हैं कि पूंजीवादी लुटेरों के गिरोह किस तरह संगठित धर्म का सहारा लेकर समाज को तोड़ते रहे हैं।
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता कैसे बहाल होगी?
अब तक विपक्षी दल राज्यों में अपने हितों के हिसाब से अलग-अलग संघर्ष करते रहे हैं।
तिहाड़ जेल में शुरू हुई रंजिश का बदला लेने के लिए बदमाशों ने कालिंदी कुंज थाना इलाके में दिनदहाड़े शाहिद हुसैन की चाकू से गोदकर हत्या कर दी।
विचार: अमेरिका के लिए संकट की घड़ी
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका से हूतियों पर हमले की अपील की थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध और यूक्रेन में खुले मोर्चे के चलते हथियारों की किल्लत के कारण यमन में नया मोर्चा खोलने से मना कर दिया।
विचार: राष्ट्रीय हितों के आड़े न आए राजनीति
कई बार हम यह चर्चा विशेषज्ञों के जरिये सुनते हैं कि 1980 तक भारत और चीन लगभग बराबर ही थे, लेकिन हम ऐसी रणनीतिक परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में पीछे रह गए।
जागरण संपादकीय: एक आवश्यक निर्णय
भले ही एक के बाद एक राज्य सरकारें छल-कपट से होने वाले मतांतरण को रोकने के कानून बना रही हों या उन्हें कठोर कर रही हों, लेकिन मतांतरण थम नहीं रहा है।
पवनमुक्तासन से पाएं बिगड़ रही सेहत से तुरंत राहत
नई दिल्ली, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गलत खान-पान और घंटों एक जगह बैठकर काम करने की वजह से पेट संबंधी समस्या आम हो गई है।
यूट्यूब अब नया रोजगार है: क्रिएटर इकनॉमी का उभार: रोजगार के बदलते मायने
यूट्यूब ने देश में करीब 9.6 लाख रोजगार पैदा किए हैं। 2025 में इसका जीडीपी में योगदान 18,000 करोड़ रुपये रहा है।
क्या पौधे भी सुनते हैं संगीत की धुन?: मधुर धुनों से बढ़ती है वृद्धि या यह सिर्फ एक मिथक; जानें रोचक बातें
सफलता का मंत्र: हर अवसर के पीछे भागने के बजाय पहचानें अपनी ताकत, तभी बनेगी अलग पहचान
सफलता का मंत्र: हर अवसर के पीछे भागने के बजाय पहचानें अपनी ताकत, तभी बनेगी अलग पहचान
ललित सुरजन की कलम से मेरा चुनावी घोषणापत्र
इसका प्रमाण हमें वर्तमान में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौर में बखूबी मिल रहा है।
पहला राउंड तो राहुल के नाम रहा
मुख्य चुनाव आयुक्तज्ञानेश कु मार और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की गड़बड़ियों के खिलाफ चलाने वाले आंदोलन को झटका लगा।
राहुल गांधी का सच, जिससे भाजपा हार गई
राहुल गांधी को जब भाजपा किसी तरह हरा नहीं पाती है, तो आखिर में उनके चरित्र हनन पर उतर आती है।
विचार: कानूनों के दुरुपयोग से उपजा संकट
कानूनों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग देश में विधि के शासन पर स्थापित व्यवस्था के समक्ष विश्वास का संकट खड़ा करता है।
विचार: भारत के भविष्य से खिलवाड़
ऐसे लोग कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो रहे हैं, जो भ्रम और अराजकता फैलाकर देश के विकास को बाधित करने पर आमादा हैं।
जागरण संपादकीय: नशे से जूझता पंजाब
अनेक युवा असमय ही काल के गाल में समा जा रहे हैं या शारीरिक-मानसिक रूप से इतने अशक्त हो जा रहे हैं कि परिवार वालों के लिए बोझ बन जा रहे हैं। राज्य में नशे के आदी लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।
छात्रः सपनों की उड़ान से सृजन की पहचान तक
विश्व छात्र दिवस- 15 अक्टूबर, 2026 किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी संसदों में पारित कानूनों से कम और उसके शिक्षण संस्थानों में गढ़े जा रहे विद्यार्थियों के चरित्र से अधिक निर्धारित होता है। छात्र केवल किसी देश की युवा आबादी नहीं, बल्कि उसकी संभावनाओं, विचारों, मूल्यों और विकास की जीवंत पूंजी होते हैं। उनकी आंखों ... Read more
उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। इसके तहत पात्र किसानों को कृषि और कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिए 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण देने का प्रावधान है। खास बात यह है कि ऋण पर प्रभावी ब्याज दर 6 फीसदी सालाना रखी गई है। योजना का संचालन उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से किया जा रहा है। 6 लाख रुपये के लोन के लिए पात्रता योजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए है। बैंक की ओर से पात्रता और ऋण स्वीकृति की जांच की जाएगी। - आवेदक उत्तर प्रदेश का किसान होना चाहिए। - कृषि योग्य भूमि से जुड़े वैध दस्तावेज जरूरी होंगे। - लोन का इस्तेमाल कृषि या कृषि आधारित गतिविधियों के लिए होना चाहिए। - बैंक की ओर से दस्तावेज, भूमि और ऋण चुकाने की क्षमता की जांच की जाएगी। केवल आवेदन करने से 6 लाख रुपये का लोन मिलना तय नहीं है। अंतिम राशि बैंक की मंजूरी पर निर्भर करेगी। इसे भी पढ़ें: इधर विपक्ष बेकार का हो-हल्ला करता रहा, उधर Modi Cabinet ने बड़े फैसले लेकर महीने भर पहले ही जनता को दे दिया Diwali Gift ब्याज में कितनी छूट मिलेगी? इस योजना की सबसे बड़ी खासियत ब्याज में राहत है। पहले उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की दीर्घकालीन कृषि ऋण योजनाओं में ब्याज दर करीब 11 फीसदी या उससे अधिक थी। नई योजना में पात्र किसानों के लिए प्रभावी दर 6 फीसदी रखी गई है। यानी सरकार की ओर से 5 प्रतिशत अंक का ब्याज अनुदान दिया जा रहा है। यह लाभ निर्धारित समय पर किस्त चुकाने वाले पात्र किसानों को मिलता है। 6 लाख के लोन की किस्त कितनी होगी? किस्त की रकम लोन की अवधि और बैंक की repayment व्यवस्था पर निर्भर करेगी। उदाहरण के लिए, यदि 6 लाख रुपये पर 6% सालाना ब्याज और समान मासिक EMI मानकर गणना करें, तो अनुमानित किस्त इस तरह हो सकती है: - 5 साल: करीब 11,600 रुपये प्रति माह - 10 साल: करीब 6,660 रुपये प्रति माह - 15 साल: करीब 5,060 रुपये प्रति माह ये केवल उदाहरण के लिए EMI गणना हैं। किसान की वास्तविक किस्त बैंक द्वारा तय अवधि, ब्याज गणना और ऋण की शर्तों के अनुसार अलग हो सकती है। योजना के पोर्टल पर भी किस्त की गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किन कामों के लिए मिल सकता है लोन? योजना के तहत कृषि और कृषि आधारित गतिविधियों में निवेश के लिए दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें कृषि यंत्रीकरण, सिंचाई और अन्य उत्पादक कृषि गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। संबंधित ऋण श्रेणी के नियमों के अनुसार पात्रता तय होगी। ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? सरकार ने योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है: - आधिकारिक पोर्टल mksyldb.in पर जाएं। - ‘ऋण आवेदन करें’ विकल्प चुनें। - जनपद, बैंक शाखा, तहसील और ब्लॉक की जानकारी भरें। - ग्राम पंचायत और गांव का चयन करें। - कितनी ऋण राशि चाहिए, इसकी जानकारी दें। - मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से सत्यापन करें। - जरूरी व्यक्तिगत, भूमि और बैंक संबंधी जानकारी भरकर आवेदन पूरा करें। - इसके बाद बैंक दस्तावेजों और पात्रता की जांच करेगा। सरकार ने योजना के लिए 384 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है और अगले पांच वर्षों में करीब 5 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा है। योजना का शुभारंभ 23 सितंबर 2026 को किया गया। कृषक समृद्धि योजना के फ़ायदे कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों को कई फ़ायदे देती है, जिसका मकसद उनकी फ़ाइनेंशियल स्थिरता और प्रोडक्टिविटी को बेहतर बनाना है, जैसे - - सस्ता लॉन्ग-टर्म एग्रीकल्चरल क्रेडिट: यह स्कीम 6% सालाना की रियायती ब्याज दर पर ₹6 लाख तक का लोन देती है, जिससे किसानों को फ़ायदेमंद खेती की चीज़ों में इन्वेस्ट करने में मदद मिलती है। - इंटरेस्ट सब्सिडी: उत्तर प्रदेश सरकार एलिजिबल लोन पर 5% इंटरेस्ट सब्सिडी देती है, जिससे किसानों के लिए उधार लेने की कुल लागत कम हो जाती है। - कोऑपरेटिव बैंकिंग तक पहुँच: यह स्कीम कोऑपरेटिव बैंकिंग सिस्टम को सपोर्ट करती है, जो किसानों को एग्रीकल्चरल क्रेडिट देने के लिए बहुत ज़रूरी है। - लॉन्ग-टर्म क्रेडिट ऑप्शन: किसान एलिजिबल एग्रीकल्चरल इन्वेस्टमेंट के लिए एक अलग लॉन्ग-टर्म क्रेडिट ऑप्शन ले सकते हैं, जबकि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सिस्टम शॉर्ट-टर्म क्रेडिट के लिए है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत पात्र छोटे और सीमांत किसान 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कृषि ऋण 6 फीसदी प्रभावी ब्याज दर पर ले सकते हैं। समय पर किस्त चुकाने पर ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा। हालांकि, 6 लाख रुपये अधिकतम सीमा है, हर आवेदक को इतनी राशि मिलना तय नहीं है। लोन लेने से पहले किसान को अपनी भुगतान क्षमता, ऋण अवधि, कुल ब्याज और बैंक की अन्य शर्तों को समझ लेना चाहिए। आवेदन के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल या उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की शाखा का इस्तेमाल करें। - जे. पी. शुक्ला
मालगाड़ी की छत पर बैठकर दिल्ली प्रदर्शन में पहुंचने के दावे से बांग्लादेश का वीडियो वायरल
बूम ने जांच में पाया कि यह वीडियो बांग्लादेश का है. इसका दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है.
अगर आपके भी बाल सफ़ेद हो रहे है तो अपनाएं ये घरेलू उपाय
नई दिल्ली, आजकल कम उम्र में ही बालों का सफेद होना आम समस्या बनती जा रही है। कई लोगों के बाल 20 से 30 साल की उम्र में ही सफेद होने लगते हैं। सफेद बालों को देखकर लोग अक्सर परेशान हो जाते हैं और उन्हें छिपाने के लिए बार-बार हेयर कलर या डाई का इस्तेमाल करने लगते हैं। हालांकि, बालों का सफेद होना हमेशा किसी बीमारी का संकेत नहीं होता।
भारत में स्टारलिंक की एंट्री में देरी की क्या वजह है? भारत में स्टारलिंक की एंट्री में देरी क्यों?
तमाम मंजूरियां मिलने के बावजूद, स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा अब भी अनिश्चितता में फंसी हुई है.
दिवाली पर फ्री गिफ्ट मांगना पड़ा भारी, मदुरै के इन्फ्लुएंसर के घर पहुंच गए लाखों के COD पार्सल
दिवाली पर फॉलोअर्स से मिठाइयां और गिफ्ट मिलने की उम्मीद तमिलनाडु के मदुरै में रहने वाले इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वीरमणि के लिए बड़ी मुसीबत बन गई।
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में पर्यटक बर्फबारी का उठा रहे लुफ्त
श्रीनगर, पिछले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर के कई ऊंचे इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई है और मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी खराब मौसम का पूर्वानुमान लगाया है।
मन को शांत और शरीर को मजबूत बनाता है तो करे शीर्षासन
नई दिल्ली, आधुनिक जीवनशैली में तनाव, थकान और मानसिक अस्थिरता ने व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है। ऐसे में शीर्षासन एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है। सही तकनीक और सावधानी के साथ किया गया शीर्षासन शरीर को अंदर से मजबूत और मन को शांत करने में सक्षम है।
बॉक्स ऑफिस: दुनियाभर में 500 करोड़ पार हुई 'दृश्यम 3' की कमाई, 'हनुमान अंश' भी दिखा रही दम
Box Office Collection: बॉक्स ऑफिस पर वीकएंड के बाद वीकडेज में भी 'दृश्यम 3' का जलवा बरकरार है। 'हनुमान अंश' भी अच्छी कमाई कर रही है। जानिए बाकी फिल्मों का कलेक्शन।
ब्रह्मांड को समझने का नया फलक: प्रकाश से आगे, दुनिया को जानने की नई राह
भौतिकी नोबेल विजेता फ्रांसिस हैलजेन ने सदियों से ब्रह्मांड को केवल प्रकाश के जरिये देखने के एकाधिकार को तोड़कर नया फलक प्रदान किया है।
'तुम्हारे पास केवल वर्तमान है': भविष्य की चिंता में आज को मत गंवाओ, बीता समय लौटता नहीं और कल का भरोसा नहीं---Seneca Philosophy of Life: Why You Should Never Lose the Present While Planning for Tomorrow
ध्यान दें: आज आएगी लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त, जानें किसे मिलेंगे 1500 रुपये और किसे नहीं
लाड़ली बहना योजना से अगर आप भी बतौर लाभार्थी जुड़े हैं तो आज यानी 14 अक्तूबर 2026 को आपके खाते में इस किस्त की 41वीं किस्त आएगी। इसमें आपको 1500 रुपये का लाभ दिया जाएगा।
रहस्य: तूतनखामेन के मकबरे के पीछे छिपा है क्या कोई और राज? नई जांच में मिले गुप्त कमरों के संकेत
रहस्य: तूतनखामेन के मकबरे के पीछे छिपा है क्या कोई और राज? नई जांच में मिले गुप्त कमरों के संकेत---Tutankhamun Tomb Mystery: New Research Hints at Hidden Chambers Behind the Walls
ललित सुरजन की कलम से - वर्तमान समय और प्रगतिशील आंदोलन
'भारत में ऐसे विद्वतजनों की कमी नहीं है जो पाकिस्तान निर्माण के लिए गांधी-नेहरू को दोषी ठहराते हैं।
न्यायालय का कड़ा कदम और विपक्ष का दबाव हो सकते हैं इस्तीफ़े का कारण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात को लेकर बड़ी उलझन में हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की विपक्ष की मांग से कैसे निपटा जाए।
ज्ञान के समुद्र को सूखने मत दीजिए
1911 में सम्राट जॉर्ज पंचम द्वारा ब्रिटिश भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा के साथ 1891 में स्थापित इम्पीरियल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी भी दिल्ली लाई गई।
लोकतंत्र में जनता की नाराजगी की अभिव्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण स्थल बन चुके जंतर-मंतर पर अब मोदी सरकार की वक्र दृष्टि पड़ चुकी है।
विचार: उग्र आंदोलनों के आगे असहाय जनता
'भारत बंद' की पुकार पर कई आंदोलन और विरोध प्रदर्शन देशव्यापी भी होते हैं, लेकिन अब ऐसा करते हुए ऐसे नारे भी लगने लगे हैं, 'बंद दुकानें तुम्हारी, खुली दुकानें हमारी।'
जागरण संपादकीय: विपक्ष का विचित्र रवैया
राहुल गांधी के यह कहने का क्या मतलब कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है, क्योंकि वे तो उसके फैसले की प्रतीक्षा करने को तैयार ही नहीं। क्या वे यह चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट उनके हिसाब से निर्णय दे या फिर उनकी दिलचस्पी उन बिंदुओं पर उसकी राय जानने की है ही नहीं, जो उन्होंने अपनी याचिका में उठाए हैं?
सनातन ने शक्ति के साथ करुणा को जरूरी माना
भारतीय सनातन संस्कृति में नवरात्रि केवल देवी की उपासना का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और शक्ति के जागरण का महापर्व भी है। ये नौ रात्रियां मनुष्य को बाहरी आडंबरों से ऊपर उठकर अपने अंतर्मन में झांकने, विकारों पर विजय प्राप्त करने और जीवन को धर्ममय बनाने की प्रेरणा देती हैं…
रूस के आगे फिर नरम पड़ा अमेरिका
रूस से ‘डीजल समझौता’ करके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक साथ कई समस्याओं से पार पाने का प्रयास किया है। इस समझौते के तहत मॉस्को तुरंत तीन लाख टन डीजल वाशिंगटन को देगा और फिर नवंबर में पांच लाख टन। अगली आपूर्ति में यह आंकड़ा बढ़कर 10 लाख टन तक हो जाएगा…
पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या दुखद वारदात तो है ही, बेहद चिंताजनक भी है। इस घटना से पंजाब में ‘ड्रग्स’ की समस्या एक बार फिर उभरकर सामने आई है। जैसे कि प्रारंभिक ब्योरे हैं, झोटा को एक स्थानीय दवा…
दिल्ली की शूटर इशिका भारद्वाज ने स्वर्ण पदक पर साधा निशाना
तुगलकाबाद स्थित डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित इंडिया ओपन शॉटगन प्रतियोगिता में दिल्ली की इशिका भारद्वाज ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया…
बाज़ार से गोभी, गाजर और बैंगन आए। उन्हें बिना काटे नहाए फ्रिज में प्रवेश दिया गया ताकि पारिवारिक परम्परा का उचित सम्मान जारी रहे। इस प्रथा के अंतर्गत आधा दर्जन सब्जियां कई दिनों तक अडोस पड़ोस में रह सकती हैं लेकिन समझा नहीं जाता कि आज रात को कौन सी सब्जी खाएं । बनने, खाने और बचने के बाद सब्ज़ी फ्रिज में ठंडी रहती है और चर्चा गर्म कि दोपहर में क्या बनेगा। यह व्यव्हारिक समस्या राष्ट्रीय है। लाखों कुक खाना पकाते हुए रीलें पका रहे हैं, अखबार और पत्रिकाएं सिखा रही हैं लेकिन यह मसला फ्रिज का स्थाई वासी है। खैर, बात बैंगन की है जो बाज़ार से आकर, ठंड में इंतज़ार कर रहे हैं कि कब उनका भर्ता बनेगा। बैंगन उदास और उपेक्षित सही लेकिन चर्चा में रहते हैं। थाली के बैंगन हमेशा अपना रुतबा कायम रखते हैं और असामाजिक आलुओं को रिझाते रहते हैं। लीजिए, कई दिन बाद वह शुभ समय आया जब रात के खाने में बैंगन का भर्ता बनना सुनिश्चित हुआ। उस दिन कुछ साधारण खाना बनना था। भर्ता बनने की प्रक्रिया के दौरान जब हवा में भूने गए बैंगनों को आपस में मिलाने लगे तो उनके नाराज़ हिस्सों ने मिलने जुलने में हिचकिचाहट बरती। पत्नी ने घोषणा की, आज भर्ता ठीक से नहीं बन रहा है। बैंगन अच्छी तरह से फ्राय नहीं हुए, कहीं कहीं से कच्चे रह गए। मिक्स नहीं हो रहे। जब वह बैंगन के हिस्सों को आपस में मिला रही थी तब उसके चेहरे को भी अच्छा नहीं लग रहा था। सब्जी का रंग गहरा भूरा हो गया था। वह बोली, यह बैंगन तो अच्छे नहीं निकले। आज भर्ता अच्छा नहीं बनने वाला क्यूंकि इनमें बीज भी बहुत निकले, लगता है यह बैंगन पुराने होंगे। इसे भी पढ़ें: चुनाव उनके - व्यवस्था हमारी (व्यंग्य) पति ने कल्पना की कि पत्नी यह भी कह सकती है कि पता नहीं बैंगन कितने पुराने पौधे में लटके होंगे । उस पौधे को लगाने वाला व्यक्ति कैसा होगा जिसकी वजह से बैंगनों का ऐसा भर्ता बना। लेकिन पत्नी ने ठोक बजाकर कहा, इन बैंगनों का रंग भी कुछ उड़ा उड़ा सा था। कई टेढ़ी मेढ़ी लकीरें भी इन पर थी। जब मैनें इन्हें दबाकर देखा ठीक से दब भी नहीं रहे थे। हालांकि इन्हें मैंने अपनी पसंद के चाकू से ही काटा लेकिन अन्दर से इनका टेक्सचर भी कुछ जांच नहीं रहा था। इनके तो बीज भी अजीब से लगे। मैंने आज तक बैंगन में ऐसे बीज नहीं देखे तभी शायद इनका भर्ता ठीक नहीं बना। अगर बैंगन के साथ एक दो पत्ते भी होते तो स्वाद कुछ और ही होता। यदि इनका रंग लाल होता तो भर्ता स्वादिष्ट बनता। पति ने कहा, आपने पिछली बार ऐसे ही बैंगनों से स्वादिष्ट भर्ता बनाया था। पत्नी बोली, वो बैंगन ऐसे नहीं थे। पहली बार लगा..... क्या ऐसे भी बैंगन होते हैं। ये बैंगन तो बेगुण ही थे। इन बैंगनों में कोई विटामिन भी नहीं होगा। इन बैंगनों की तो शक्ल ही अजीब थी जिससे लगता था कि यह वज़न भी नहीं घटा सकते। पाचन सुधार नहीं सकते, दिल की सेहत बना नहीं सकते तभी इनका भर्ता ठीक नहीं बना। इनसे अच्छा भर्ता तो आलुओं का बन जाता। पत्नी द्वारा, कई हज़ार लाइक्स वाली रील में बताए, सुगम तरीके से पकाए भर्ते की, पति ने परम्परा अनुसार तारीफ की। बैंगन का भेजा फ्राय करने के लिए नए उपकरण का उद्घाटन पत्नी द्वारा किया गया। इस दौरान पति को याद आया कि इन बैंगनों ने नौ दिन पहले फ्रिज में प्रवेश किया था लेकिन उन्हें भर्ता होने का अवसर नहीं मिल रहा था। वे फ्रिज में पसरे हुए परेशान हो चुके थे तभी उनका भर्ता वैसा नहीं बना, जैसा बन सकता था। एक वजह यह भी रही कि पत्नी को बैंगन ज्यादा पसंद नहीं। - संतोष उत्सुक
जंतर-मंतर 2.0: RSS-BJP समर्थकों को वर्दी देने के दावे से पश्चिम बंगाल का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो पश्चिम बंगाल का है और इसका हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं है.
रामलीला मैदान: आंदोलन की गूंज और चुनाव में सत्ता की विदाई
दिल्ली का रामलीला मैदान केवल राजनीतिक रैलियों का स्थल नहीं रहा। यह उस जन-असंतोष का प्रतीक भी बना, जिसने सत्ता के सामने सवाल खड़े किए। यहां जुटी भीड़ ने कई बार देश का ध्यान उन मुद्दों की ओर खींचा, जिन्हें राजनीतिक व्यवस्था नजरअंदाज नहीं कर सकती थी।
विश्व साहित्य का आकाश: प्रसिद्धि के बावजूद आत्महत्या
कुछ लोग जिन्हें खूब प्रसिद्धि, सम्पत्ति, सम्मान मिला होता है ऐसे लोग भी आत्महत्या करते हैं। इसके उदाहरण हैं, कुछ नोबेल पुरस्कृत लेखक, जैसे हेमिंग्वे और कावाबाता यासूनारी।
सेतुबंधासन : दूर होगी कब्ज की समस्या और मजबूत होगी रीढ़ की हड्डी
नई दिल्ली, आजकल की व्यस्त दिनचर्या और दफ्तर में घंटों में बैठे रहने से कमर दर्द, तनाव और थकान होना आम समस्या बन गई है। ऐसे में सेतुबंधासन को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। इसके नियमित अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी लचीली रहती है और शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है।
जलवायु परिवर्तन से स्वास्थ्य का संकट भी, इंसानों की सेहत पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वायु प्रदूषण से प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख असमय मौतें होती हैं। प्रदूषित हवा के सूक्ष्म कण हृदय रोग, पक्षाघात, श्वसन संबंधी बीमारियों और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।
जीवन धारा: बाहर के शोर से ज्यादा भीतर की आवाज सुनें, खुद पर विश्वास रखना सार्थक सूत्र
जीवन धारा: बाहर के शोर से ज्यादा भीतर की आवाज सुनें,खुद पर विश्वास रखना सार्थक सूत्र

