केंद्र सरकार के आदेश पर गूगल प्ले स्टोर से हटाया गया टेलीग्राम
नई दिल्ली, नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया।
फैक्ट चेक: ट्रेन के अंदर परीक्षार्थी की मौत के दावे का वीडियो बिहार का नहीं है
वायरल वीडियो को शूट करने वाले मुबारक हुसैन ने बूम को बताया कि घटना 11 जून को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्टेशन के पास की है.
फिर वही मौसम बुलाए, फिर वही शामें मिलें, तेरी बातों की महक से, ये हवाएँ फिर खिलें। खामोश बैठे देखते रहें, चाँदनी के सिलसिले, दिल के इन रास्तों पर, तेरे कदमों के काफ़िले। धूप की नरम उँगलियाँ जब छू लें आँगन की ज़मीं, याद की चादर बिछाकर सोएँ कुछ पल हम यहीं। तेरी हँसी के ... Read more
जंगल जलेबी हैं सेहत में फायदेमंद, जानिए क्या हैं फायदे
नई दिल्ली, प्रकृति ने हमें अनेक ऐसे पेड़-पौधे दिए हैं जो स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का खजाना हैं। जंगल जलेबी भी उन्हीं में से एक है।
जलवायु परिवर्तन से लड़ने में सक्षम कोरल रीफ मिले
वैज्ञानिकों ने लगभग 166,000 वर्ग किलोमीटर में फैले कोरल रीफ की पहचान की है जो जलवायु परिवर्तन के दौर में अपना अस्तित्व बचाने और उससे उबरने में सक्षम हैं
भविष्य बचाना है तो भूमि बचानी होगी, विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा निवारण दिवस का यही संदेश
जरा कल्पना कीजिए उस धरती की, जिसने सदियों से आपको भोजन, जल और जीवन देने का काम किया, लेकिन वही धरती अब अपनी उर्वरता खो रही है
ललित सुरजन की कलम से- मोदी, हिन्दी और संस्कृत
'मेरा कहना है कि जो लोग संस्कृत पर मुग्ध हैं अथवा जो हिन्दी का वर्चस्व चाहते हैं उन्हें सांकेतिकता से आगे बढ़कर कुछ बिन्दुओं पर विचार करना चाहिए।
किफायत तो छोड़िए नाटक भी नहीं चलेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी युद्ध से पैदा आर्थिक हालात का जिक्र करते हुए लोगों को चेताया और कुछ कड़े कदम उठाने का संकेत दिया तब तक युद्ध ढलान पर आ गया था और सुलह की बात काफी आगे बढ़ गई थी।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले मुंबई के वर्ली समुद्र तट पर 'फिट इंडिया साइक्लोथॉन' का आयोजन
देश 21 जून को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के समारोहों की तैयारी में जुटा है। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया बुधवार की सुबह मुंबई के प्रतिष्ठित वर्ली साइकिल ट्रैक पर एक 'विशेष फिट इंडिया साइक्लोथॉन - साइक्लिंग बाय द सी' का नेतृत्व करेंगे।
तनाव, अवसाद या चिंता से मुक्त करने मे सहायक सिद्ध होती है Cognititve Defusion
वर्तमान समय मे भाग दौड़ भरी जीवन शैली के बीच नकारात्मक विचारों का उमड़ना आम बात है। कई बार व्यक्ति इन्ही मे उलझ कर रह जाता है, जिस से उसका व्यक्तिगत, सामाजिक एवं प्रोफेशनल जीवन भी प्रभावित होता है। Cognititve Defusion यानि संज्ञानात्मक अलगाव Acceptance and Commitment Therapy (ACT) technique अर्थात स्वीकृति और प्रतिबद्धता चिकित्सा ... Read more
सरकार ने नया सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम क्यों किया सस्पेंड? जानें वजह
सरकार ने हाल ही में शुरू किए गए 'सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम' (सीबीएस) यानी देशव्यापी आपात सार्वजनिक चेतावनी नेटवर्क को अस्थायी रूप से रोक दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह कदम देर रात भेजे गए एक गलत अलर्ट के बाद उठाया गया, जिससे सिस्टम की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
चिन्ताजनक है महंगी होती दवाइयां, महंगा होता इलाज
भारत आज विकसित राष्ट्र बनने के स्वप्न के साथ आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना बार-बार दोहराई जा रही है। बड़े-बड़े बुनियादी ढांचे, डिजिटल क्रांति, अंतरिक्ष उपलब्धियां और आर्थिक विकास के दावों के बीच एक प्रश्न बार-बार सामने खड़ा हो जाता है-क्या ऐसा भारत वास्तव में विकसित कहलाएगा, ... Read more
बांग्लादेश में खसरे ने छीनी एक और बच्चे की जान, 657 लोगो की मौत
ढाका, बांग्लादेश में खसरा या उससे मिलते-जुलते लक्षण वाली बीमारी हर बीतते दिन के साथ एक बच्चे को अपना शिकार बना रही है। पिछले 24 घंटों में (मंगलवार 8 बजे तक) एक और मौत के साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 657 हो गई है।
मेवाड़ का सूर्य पुत्र जिसने कभी अधीनता स्वीकार नहीं की
प्रातः स्मरणीय वीरशिरोमणि महाराणा प्रताप की जयन्ती पर विशेष – महाराणा प्रताप का नाम लेते ही हमारे सामने स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानी राष्ट्र्वीर की भव्य मूर्ति आ जाती है। प्रातः स्मरणीय प्रणवीर प्रताप ने अपनी कष्ट सहिष्णुता,त्याग,संगठन शक्ति,प्रतिज्ञा पालन,देश प्रेम,कुशल नेतृत्व और अपार वीरता से इतिहास में एक उज्जवल,अनुकरणीय आदर्श की स्थापना की है,जिससे ... Read more
निवेश की दुनिया में अक्सर लोगों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर में अपनी गाढ़ी कमाई से बमुश्किल की जाने वाली बचत का रुपया-पैसा कहाँ लगाएं, जहां पर वह डूबे नहीं, बल्कि सुरक्षित भी रहे। ऐसे में आप अपना रुपया-पैसा पीपीएफ (Public Provident Fund) में लगाएं या एमएफ (Mutual Fund) में। क्योंकि सच यह है कि दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और सही समय पर सही विकल्प चुनना ही आपके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए आइए आज आपको बताते हैं कि कब पीपीएफ में निवेश करें और कब एमएफ में। पहले हम बात करते हैं कि पीपीएफ (PPF) में निवेश कब न करें? आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि Public Provident Fund (PPF) उन लोगों के लिए बेहतर है जो अपनी पूंजी की सुरक्षा चाहते हैं। साथ ही एक निश्चित और जोखिम-मुक्त रिटर्न पसंद करते हैं। इसके अलावा, टैक्स भी बचाना चाहते हैं। और तो और, 15 वर्ष या उससे अधिक की लंबी अवधि के लिए निवेश कर सकते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि PPF में हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसा जमा करने पर उस महीने का ब्याज भी मिलता है। इसलिए यदि आप मासिक निवेश करते हैं तो 1 से 5 तारीख के बीच जमा करना अधिक फायदेमंद माना जाता है। इसे भी पढ़ें: FIR कराना हो जाएगा आसान, जब जानेंगे 2026 के कानून अब हम बात करते हैं कि Mutual Fund (MF) में कब निवेश करें? तो यह गांठ बांध लीजिए कि Mutual Fund उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो महंगाई को मात देने वाला रिटर्न चाहते हैं। साथ ही लंबी अवधि (10-15 वर्ष या अधिक) के लिए निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, कुछ उतार-चढ़ाव (रिस्क) सहन कर सकते हैं। और तो और संपत्ति निर्माण (Wealth Creation) का लक्ष्य रखते हैं। चूंकि इसका महत्वपूर्ण फंडा यह है कि Mutual Fund में सही समय पकड़ने की बजाय SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए नियमित निवेश करना अधिक प्रभावी माना जाता है। जो कि बाजार ऊपर हो या नीचे, SIP लागत को औसत कर देती है। सवाल है कि किसे चुनें? आपके निवेशक का लक्ष्य क्या है? आपके पास बेहतर विकल्प क्या है? आपकी पूंजी सुरक्षा कितनी है। चूंकि पीपीएफ से टैक्स बचत होती है, रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड रहता है और लंबी अवधि में अधिक रिटर्न रिटर्न मिलता है। जबकि म्युचुअल फंड धन सृजन (Wealth Creation) के लिए अच्छा है, बशर्ते कि आप संतुलित रणनीति अपनाएं। जहां तक PPF और Mutual Fund में सबसे असरदार रणनीति की बात है तो वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि निवेशक दोनों का संयोजन रखें। एक ओर सुरक्षा और टैक्स लाभ के लिए PPF अच्छा है तो संपत्ति निर्माण और महंगाई से आगे निकलने के लिए Equity Mutual Fund SIP बेहतर है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति हर महीने ₹10,000 निवेश करना चाहता है, तो वह ₹3,000–₹4,000 PPF में और शेष राशि अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड की SIP में लगा सकता है। इससे सुरक्षा और वृद्धि दोनों का लाभ मिल सकता है। निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि यदि आपका लक्ष्य पूंजी की सुरक्षा है तो PPF बेहतर है। और यदि आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा धन बनाना है तो Mutual Fund अधिक उपयुक्त हो सकता है। वहीं, दोनों का संतुलित मिश्रण अधिकांश निवेशकों के लिए व्यावहारिक और प्रभावी रणनीति साबित हो सकता है। हाँ, यहां पर यह सदैव ध्यान रखें कि Mutual Fund बाजार जोखिमों के अधीन हैं, जबकि PPF अपेक्षाकृत सुरक्षित सरकारी योजना है। लिहाजा, निवेश का निर्णय अपनी आयु, लक्ष्य, जोखिम क्षमता और समयावधि को ध्यान में रखकर करें। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानें शुरू, इंडिगो ने रचा इतिहास
नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश के नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वाणिज्यिक उड़ानें शुरू हो गईं, जिससे उत्तरी भारत में हवाई संपर्क को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है।
श्रीलंका में डेंगू का बढ़ा खतरा, अधिकारियों ने शुरू किया अभियान
कोलंबो, श्रीलंका में डेंगू के मामलों में साल 2026 में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रहा है। हंसाका विजेमुनी ने कहा डेंगू वायरस का एक नया स्ट्रेन फैल रहा है।
शरीफा हैं पोषक तत्वों का खजाना, स्वाद में भी कमाल
नई दिल्ली, प्रकृति ने ऐसे कई फल-फूल दिए हैं, जिनके सेवन से सेहत को भला चंगा रखा जा सकता है।
हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्षों की यात्रा- ‘भाषा‘ पत्रिका का विशेषांक
30 मई 1826 में कलकत्ता से हिंदी का पहला समाचार पत्र उदंत मार्त्तंड का प्रकाशन होता है। 8 पृष्ठों में छपने वाला यह समाचार पत्र सूर्य की वह रोशनी थी जिसके प्रकाश ने ज्ञान के पथ को आलोकित करने का ऐतिहासिक कार्य किया। पराधीन भारत में बंगाल की धरती पर हिंदी समाचार पत्र का प्रकाशन महत्त्वपूर्ण घटना थी। इस समाचार पत्र के संपादक युगल किशोर शुक्ल ने हिंदुस्तानियों के हित के हेत यह साहसिक और प्रेरणादायी पहल की। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को रेखांकित करते हुए केंद्रीय हिंदी निदेशालय के निदेशक प्रोफेसर हितेंद्र कुमार मिश्र के कुशल नेतृत्व और प्रधान संपादकत्व में केंद्रीय हिंदी निदेशालय ने भाषा पत्रिका के विशेषांक ''हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष (हिंदीतरभाषी हिंदी पत्रकारिता के विशेष संदर्भ में)“ का मई-जून 2026 अंक प्रकाशित किया है। केंद्रीय हिंदी निदेशालय भाषा पत्रिका के माध्यम से समस्त भारतीय भाषाओं के मध्य एकसूत्रता और समरसता को दर्शाता है। केंद्रीय हिंदी निदेशालय संविधान की समस्त भाषाओं के उत्कृष्ट साहित्य को संकलित, संपादित कर पाठकों तक पहुँचाने का प्रयत्न करता है। इस क्रांतिकारी और राष्ट्रीय भाव के अवसर को अविस्मरणीय बनाने और मजबूती प्रदान करने के लिए केंद्रीय हिंदी निदेशालय ने अपनी स्थापना के 66वें वर्ष में इस लोकोपयोगी और विशिष्ट विशेषांक का प्रकाशन कर राष्ट्र को समर्पित किया है। जहाँ इस विशेषांक में हिंदी पत्रकारिता के पुरोधा संपादकों और पत्रकारों पर केंद्रित आलेखों को स्थान दिया गया है वहीं विशेष बल हिंदीतरभाषी हिंदी पत्रकारिता को दिया गया है। यह प्रयास अखंड भारत और भारतीयता के भाव को मजबूती प्रदान करता है। अभी हाल ही में हिंदी पत्रकारिता के बहुचर्चित व्यक्तित्व विजयदत्त श्रीधर जी का अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज़ “समग्र भारतीय पत्रकारिता“ ग्रंथ के रूप में प्रकाशित हुआ है। विशेषांक का प्रथम लेख विजयदत्त श्रीधर जी का “उदंत मार्तण्ड की द्विशताब्दी (हिंदी पत्रकारिता के दो सौ साल“ है। विजयदत्त श्रीधर की लेखनी से प्रसूत यह आलेख पाठकों के लिए अत्यंत उपादेय और जानकारियों से लैस है। संजीव भानावत के ‘गैर हिंदी कलम की ताक़त से समृद्ध हुई हिंदी पत्रकारिता’ हिंदीतरभाषी हिंदी पत्रकारिता के योगदान को रेखांकित करता है। संजय द्विवेदी के ‘स्वतंत्रता आंदोलन में भारतीय भाषाओं की पत्रकारिता का योगदान’ शीर्षक लेख में स्वाधीनता आंदोलन की भयावह परिस्थितियों में सामाजिक चेतना जगाने के उत्तरदायित्व का निर्वहन करने में भारतीय भाषाओं के मुखर पक्षों को दर्शाया गया है। मणिपुर की हिंदी पत्रकारिता को आगे बढ़ाने में स्थानीय पत्र पत्रकारिता के योगदान का उल्लेख करता हुआ लोंगजम रोमी देवी का आलेख महत्वपूर्ण है। बहुचर्चित लेखक और विचारक मोहनदास नैमिशराय का महत्त्वपूर्ण लेख “सामाजिक न्याय से जुड़ी पत्रकारिता” इस अंक को समृद्ध करता है। बंगाल की धरती से सोमा बंद्योपाध्याय का आलेख ‘नवजागरणकालीन भारतीय पत्रकारिता: बांग्ला एवं हिंदी के विशेष संदर्भ में‘ नवजागरण काल की परिस्थितियों में पत्रकारिता की यात्रा और योगदान की विशेष रूप से व्याख्या प्रस्तुत करता है। इसे भी पढ़ें: हमारी किताब का विमोचन (व्यंग्य) संस्मरण स्तंभ में पत्रकारिता जगत का जाना-पहचाना चेहरा अरुण कुमार नैथानी का लेख “बदलते परिदृश्य में नए साँचे में ढलती पत्रकारिता“ परंपरागत पत्रकारिता के सफ़र और आधुनिक पत्रकारिता के पेशेवर स्वरूप को दर्शाता हुआ नवीन पहलुओं पर बात करता है। ‘भाषा‘ पत्रिका में आलेख के साथ-साथ ‘परख’ स्तंभ में पुस्तक समीक्षा प्रकाशित की जाती है। हिंदीतरभाषी हिंदी पत्रकारिता के इस विशेषांक में यह प्रयास रहा है कि समग्र भारतीय पत्रकारिता: 3 खंडों के इस विशाल ग्रंथ में संचित ज्ञानकोश को सधे शब्दों और प्रभावी रूप में पाठकों तक पहुँचाया जाए। इस ग्रंथ की हिंदी के सशक्त हस्ताक्षर प्रोफेसर अमरनाथ द्वारा की गई समीक्षा इस अंक में प्रकाशित हुई है। यह पाठकों के विशाल वर्ग के लिए हिंदी पत्रकारिता के वृहत कालखंड को प्रथमदृष्टया जानने और समझने की दिशा में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। भाषा पत्रिका के इस अंक में भारत के पूर्वोत्तर की हिंदी पत्रकारिता में असम की पत्रकारिता को दर्शाते हुए अनुशब्द का लेख है। पूर्वोत्तर की हिंदी पत्रकारिता के विस्तृत कालखंड को दर्शाते हुए नूरजहाँ रहमातुल्लाह का आलेख सम्मिलित है। अखिलेश शंखधर का मणिपुर की ‘महिप‘ पत्रिका पर केंद्रित लेख मणिपुर की हिंदी पत्रकारिता के योगदान को दर्शाता है। हैदराबाद से प्रकाशित होनेवाली ‘कल्पना’ पत्रिका को केंद्र में रखकर प्रदीप त्रिपाठी का लेख ‘कविता के विकास में कल्पना पत्रिका की भूमिका’ दक्षिण की पत्रकारिता को दर्शाता है। सुधा सिंह का ‘विशाल भारत के सन् 1947 के अंक’ तत्कालीन समय का दस्तावेज प्रस्तुत करता है। खोजी पत्रकारिता, फ़ीचर पत्रकारिता, स्त्री पत्रकारिता, राष्ट्रीय चेतना का ज्वलंत पत्र ‘हिंदी केसरी', सुनील तिवारी का लेख ‘हिंदी पत्रकारिता की वृहत्रयी के महत् रत्न पं. लक्ष्मण नारायण गर्दे‘ हिंदीतरभाषी पत्रकारों के अविस्मरणीय योगदान को पाठकों के समक्ष रखता है, अंजुम शर्मा का ‘हिंदी पत्रकारिता में सोशल मीडिया की सेंध’ वर्तमान समय में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर अपना मत रखता है, भारत भूषण अरजारिया का लेख ‘भारतीय स्वातंत्र्य समर और गणेश शंकर विद्यार्थी की क्रांतिधर्मी पत्रकारिता‘ भारतीय पत्रकारिता के पुरोधा गणेश शंकर विद्यार्थी के संघर्ष और बलिदान को रेखांकित करता है। बाल पत्रकारिता, आदिवासी पत्रकारिता, कर्नाटक तथा महाराष्ट्र में हिंदी पत्रकारिता का स्वरूप और प्रदेय जैसे महत्त्वपूर्ण लेखों को इस विशेषांक में स्थान दिया गया है। साक्षात्कार स्तंभ के अंतर्गत “अच्युतानंद मिश्र से इष्टदेव सांकृत्यायन की बातचीत: समाज में आई नैतिक गिरावट का असर पत्रकारिता पर भी” जानकारियों और घटनाओं के गवाक्ष खोलते हैं जिससे पाठक समय के उस कालखंड और घटनाओं के उस वृत्त के आसपास की परिस्थितियों से साधारणीकरण कर पाता है। वरिष्ठ हिंदी लेखक और पत्रकार त्रिलोकदीप का संस्मरणात्मक लेख साहित्यानुरागियों और शोधार्थियों के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराता है। केंद्रीय हिंदी निदेशालय की ‘भाषा‘ पत्रिका का मई-जून 2026 (विशेषांक) “हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्ष (हिंदीतरभाषी प्रांतों की हिंदी पत्रकारिता के विशेष संदर्भ में) ''पाठकों, शोधार्थियों, साहित्यानुरागियों के लिए समग्र भारत की तस्वीर को समेटते हुए उत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम की हिंदी पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं और योगदान को रेखांकित करता है। केंद्रीय हिंदी निदेशालय, उच्चतर शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय की ‘भाषा’, द्वैमासिक पत्रिका हिंदी और भारतीय भाषा सरोकारों के प्रति समर्पित पत्रिका है। समय-समय पर भाषा पत्रिका में साहित्यिक, भाषाई तथा लोक और संस्कृति के चिंतन को समस्त भारतीय भाषाओं के कलेवर में पाठकों के हित में प्रस्तुत किया जाता है। - डॉ. किरण झा (संपादन मंडल, भाषा पत्रिका) सहायक निदेशक केंद्रीय हिंदी निदेशालय उच्चतर शिक्षा विभाग शिक्षा मंत्रालय
अभी नहीं थमेगी बारिश-आंधी, दिल्ली-यूपी से लेकर राजस्थान तक एक हफ्ते का अलर्ट जारी
दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले एक सप्ताह तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट
आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more
ललित सुरजन की कलम से तीसरा मोर्चा बनाम वामदल
'1952 में पहले आम चुनाव के बाद भारत की कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख विपक्षी दल के रूप में उभरी थी।
महिला आरक्षण को लागू करने की आड़ में, परिसीमन लागू करने के इस खेल को, संसद के पिछले सत्र में एकजुट विपक्ष ने शिकस्त दे दी थी।
फैक्ट चेक: खान सर को अरेस्ट करने आए पुलिसकर्मी ने उनके साथ बनाया वीडियो? जानिए सच
बूम ने वीडियो में दिख रहे सब इंस्पेक्टर सुशांत यादव से संपर्क किया जिन्होंने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि उन्होंने यह वीडियो साल 2025 में रिकॉर्ड किया था.
एनसीआर में मौसम का कहर - येलो अलर्ट जारी
दिल्ली-एनसीआर के लोगों को एक बार फिर मौसम के बदले हुए तेवरों का सामना करना पड़ेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 15 जून के लिए येलो अलर्ट जारी किया है
ललित सुरजन की कलम से देवयानी के बहाने भारत का अपमान
'भारतीय राजनयिक देवयानी खोब्रागड़े की अमेरिका में गिरफ्तारी एक ऐसा स्तब्ध कर देने वाला प्रसंग है, जिसके जख्म भारत की राष्ट्रीय स्मृति को लंबे समय तक सालते रहेंगे।
पंजाब में 2027 के चुनावों से पहले भाजपा की सांप्रदायिक धु्रवीकरण की कोशिश
केंद्र में आरएसएस-भाजपा सरकार ने चुनाव आयोग के माध्यम से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू की है।
इस समय परेशान तो सब हैं। मगर यह पहली बार है कि छात्र सामने आए हैं। खासतौर से सीबीएसई की परीक्षा में धांधली के बाद।
निपाह वायरस के खतरे को मद्देनजर रखते हुए तमिलनाडु के नीलगिरि में बढ़ाई गई सुरक्षा
कोयंबटूर, पड़ोसी कोझिकोड जिले में निपाह वायरस के एक संदिग्ध मामले की सूचना मिलने के बाद नीलगिरि जिला प्रशासन ने केरल-तमिलनाडु सीमा पर प्रमुख चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण को तमिलनाडु में फैलने से रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
तेज धूप से झूलस रही त्वचा, तो अपनाये ये आसान घरेलू उपाय
नई दिल्ली, आजकल तेज गर्मी और कड़ी धूप लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। दोपहर के समय सूरज की किरणें इतनी तेज होती हैं कि थोड़ी देर बाहर रहने पर भी त्वचा जलने लगती है। कई लोगों की त्वचा लाल हो जाती है और उसमें जलन होने लगती है। इसे ही सनबर्न कहा जाता है। यह समस्या तब होती है जब सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें हमारी त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाती हैं।
शहरी जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि गृहणियाँ बाई के काम से संतुष्ट भी नहीं हैं और उसे छोड़ने का साहस भी नहीं कर पा रही हैं।
पुराने लखनऊ की एक तंग लेकिन बेहद जीवंत गली में सुबह की शुरुआत एक अलग ही सुकून के साथ होती थी।
FSSAI और फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के बीच हुई बैठक
नई दिल्ली, फूड सेफ्टी नियमों का बेहतर पालन करने के मकसद से (एफएसएसएआई) ने फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के साथ एक इंटरैक्टिव कांफ्रेंस आयोजित की।
सदी का सबसे ताकतवर अल नीनो दे रहा है दस्तक
इस साल बहुत ही ताकतवर ‘अल नीनो’ मौसम चक्र की चेतावनी मिली है. इसका मतलब है कि हमें सूखे, बाढ़ और भीषण गर्मी जैसी मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है. क्या हम इस बुरे दौर से निपटने के लिए खुद को पहले से तैयार कर सकते हैं
यूपी-बिहार समेत 16 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज
दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान समेत 16 राज्यों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के असर से मौसम में बड़ा बदलाव, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की चेतावनी।
स्वस्थ जीवन के लिए हेल्दी लिवर जरूरी, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया 'सुरक्षा कवच' का महत्व
स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को लिवर के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए बताया है कि स्वस्थ लिवर अच्छे स्वास्थ्य की बुनियाद है। शरीर के कई जरूरी कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में लिवर की अहम भूमिका होती है
रामलौटेहैंअयोध्यामें,फिरदीपोंकामेलाहै, सदियोंकीसूनीपलकोंपर,सपनोंकाउजियालाहै। रामलौटेहैंअयोध्यामें… सरयूगाएमंगल-गाथा,नभजय-जयकारेंकरताहै, हरपत्थरमेंराम-नामका,अक्षयस्वरझरताहै। तपकीअग्नि,त्यागोंकीबेला,श्रद्धाकाअभिनंदनहै, यहकेवलमंदिरनहीं,राष्ट्र-आत्माकावंदनहै। हरआहटमेंआजसुनाई,मर्यादाकारेलाहै, सदियोंकीसूनीपलकोंपर,सपनोंकाउजियालाहै। रामलौटेहैंअयोध्यामें… राम न केवल राजतिलक हैं, जन-जन की अभिलाषा हैं, शबरी की आँखों की प्रतीक्षा, केवट की परिभाषा हैं। वन की पगडंडी पर चलकर, मानवता को मान दिया, टूटे मन के हर कोने को, अपनेपन का दान दिया। आज अयोध्या के कण-कण में, युग का नव-उद्घोष ... Read more
गृहिणी राष्ट्रनिर्माता है तो हिंसा की शिकार क्यों?
भारतीय समाज में महिलाओं को सशक्त बनाने के दावे लंबे समय से किए जाते रहे हैं। उन्हें ‘आधी आबादी’ और विकास की समान भागीदार कहा जाता है। शिक्षा, रोजगार, राजनीति और नेतृत्व के क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं बनाई जाती हैं। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने ... Read more
गांधी के मुताबिक : छल-कपट से फिलिस्तीन यहूदियों को नहीं दिया जा सकता
'पिछले युद्ध में मुसलमान सैनिकों ने अपना खून इसलिए नहीं बहाया कि वे फिलिस्तीन को मुसलमानी नियंत्रण से बाहर किसी दूसरे को अर्पित कर दें।
मरूभूमि में आत्मनिर्भरता की राह
उरमूल यानी उत्तरी राजस्थान मिल्क यूनियन लिमिटेड। 90 के दशक में उरमूल का विकेन्द्रीकरण हुआ। उरमूल ट्रस्ट बना।
दिनभर रहती है थकान और सुस्ती? नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में थकान और सुस्ती को लोग आम समस्या मानकर अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। कई लोग इसे काम के दबाव, कम नींद या मौसम का असर समझकर छोड़ देते हैं
विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया
गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।
केरल में निपाह और शिगेला के बढ़ाते मामले पर हाई कोर्ट सख्त
नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम, केरल में जहां एक ओर निपाह वायरस का खतरा पैदा हो गया है, तो वहीं वायनाड में शिगेला बैक्टीरिया का प्रकोप जारी है। शिगेला के नए मामले दूसरे जिलों से सामने आने लगे हैं।
पूरे महीने रहेगा 'प्लैनेट परेड' का जादू, ‘एक्लिप्टिक’ का नजारा
नई दिल्ली, जून का महीना इस बार खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास है। ग्रहों की 'प्लैनेट परेड' सिर्फ 11 से 15 जून के बीच ही नहीं बल्कि इस पूरे महीने दिखेगा।
चाय के साथ गलत फूड कॉम्बिनेशन बढ़ा सकते हैं पेट की परेशानी, बढ़ सकती हैं गैस और एसिडिटी की समस्या
भारत में चाय रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। सुबह की शुरुआत से लेकर शाम की थकान तक, एक कप चाय लोगों को आराम देने का काम करती है
ललित सुरजन की कलम से साथ-साथ चुनाव करवाने का विचार
लोकसभा में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत है। वह अगले आम चुनाव में भी अपनी दुबारा विजय के प्रति खासी आश्वस्त है।
कई लड़ाइयों में लड़ने वाली ममता बनर्जी क्या बागियों से हार गई?
ममता बनर्जी अभी भी बहुत लोकप्रिय हैं। टीएमसी के बड़े हिस्से में, उनके नेतृत्व पर सीधे हमले से ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ता दूर हो सकते हैं।
बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें
बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस-12 जून 2026 हर वर्ष 12 जून को मनाया जाने वाला बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का कोई भी बच्चा मजदूर बनने के लिए पैदा नहीं होता। ... Read more
मासूम बचपन पर मजदूरी का बोझ: क्या बच्चों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित हैं?
12जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस -बाबूलाल नागा जब किसी होटल में चाय परोसता,किसी ढाबे पर बर्तन साफ करता या ईंट-भट्टे पर काम करता बच्चा दिखाई देता है,तब केवल एक बच्चा मजदूरी नहीं कर रहा होता,बल्कि संविधान की आत्मा भी कहीं न कहीं घायल होती है। बच्चों के हाथों में किताबों और खिलौनों ... Read more
राजस्थान से राज्यसभा में अनुभव, सादगी और समर्पण की नई तिकड़ी
–राकेश दुबे राजस्थान की राजनीति में राज्यसभा चुनाव प्रायः राजनीतिक गणित,रणनीति और शक्ति प्रदर्शन के लिए चर्चा में रहते हैं,लेकिन इस बार का चुनाव एक अलग ही संदेश देकर गया। प्रदेश से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नीरज डांगी तथा भारतीय जनता पार्टी के डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अलका सिंह गुर्जर का निर्विरोध निर्वाचन केवल ... Read more
भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का आईएन-स्पेस ने चयन किया
नई दिल्ली, सरकारी एजेंसी इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को अपने वित्तीय सहायता के लिए चुना है।
इबोला से बचाव के लिए युगांडा ने उठाए महत्वपूर्ण कदम
कंपाला, इबोला संक्रमण के प्रसार की आशंका के चलते युगांडा ने अतिरिक्त एहतियाती कदमों की घोषणा की है।
*आवाजों का छायादार चेहरा* *रात घर से निकलते हुए डर लगता है* *चांद दीवार पर रखा कटा सर लगता है* *अब्बास ताबिश का यह शे’ र हर उस समय के लिए माैजू बैठता है जब अंधेरे समूह चांद की चांदनी को डसने लगते हैं ।* *मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा जाने के रस्ते को बाधित ... Read more
दिल्ली में आंधी-तूफान के बाद ट्रैफिक पुलिस ने रातभर चलाया राहत अभियान
दिल्ली में 9 जून की देर शाम अचानक आए तेज धूल भरे तूफान और उसके बाद आधी रात के बाद खराब हुए मौसम ने राजधानी में जनजीवन को प्रभावित कर दिया।
अंतिम तीर्थयात्रा के द्वार पर खड़ा होना आत्मा की उस सूक्ष्म कंपन को महसूस करना है, जो उड़ान भरने से पहले एक पक्षी के पंखों में होती है।
बारह साल बेमिसाल की गठरी खुल गई
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर इस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सत्ता पर 12 साल पूरे करने की खुशियां उमड़ी जा रही हैं।
असम में आंधी और भारी बारिश की आशंका, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले सात दिनों में असम के विभिन्न जिलों में आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई है
राज्यसभा में निर्विरोध चयन से निखरी नीरज डांगी की राजनीतिक प्रतिष्ठा
अपने पिता की तरह नीरज भी आलाकमान के करीबी, दिनेश राय डांगी का भीथा जनता से गहरा लगाव -विशेष संवाददाता- जयपुर। राजस्थान से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद नीरज डांगी सहित बीजेपी के डॉ सतीश पूनिया और डॉ अलका गुर्जर का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है। लेकिन दूसरी बार राज्यसभा में जा रहे नीरज डांगी ... Read more
लिवर,किडनी और तनाव को कम करे मंडूकासन
नई दिल्ली,आधुनिक जीवन की भागदौड़ और अनियमित जीवनशैली ने मानव के खान-पान और रहन-सहन को पूरी तरह बदल दिया है। इस बदलाव का सीधा और सबसे प्रतिकूल प्रभाव हमारे आंतरिक अंगों पर पड़ता है, जिनमें मुख्य रूप से लिवर और किडनी सर्वाधिक प्रभावित होते हैं।
'भारत इनोवेट्स 2026' मे अपनी ताकत दिखायेगा आईआईटी मद्रास
नई दिल्ली,भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) ने मंगलवार को कहा कि वह फ्रांस में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी शोकेस 'भारत इनोवेट्स 2026' में डीप-टेक नवाचारों, रणनीतिक शोध परियोजनाओं और अपने इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स का प्रदर्शन करेगा।
ये रहे भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाने वाले नेचुरल ड्रिंक्स
नई दिल्ली, देश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। तपती धूप, उमस भरी हवाएं और तेज गर्मी से जनजीवन पूरी तरह बेहाल है।
सर्वाइकल कैंसर भारत में एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा है। हर साल लगभग 1,27,000 नए मामले सामने आते हैं और करीब 80,000 महिलाओं की इस बीमारी से मौत हो जाती है। 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की नियमित जांच 3–5 साल के अंतराल पर करने से इस बीमारी का जल्दी पता लगाया जा सकता है। इसके लिए 'विजुअल इंस्पेक्शन विद एसीटिक एसिड' नामक जांच राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल है, लेकिन इसके बावजूद जांच का दायरा बहुत कम है।
विश्व नेत्रदान दिवस : मौत के बाद भी जिंदा रहती हैं आंखें, किसी की अंधेरी दुनिया में ला सकता है उजाला
क्या आप जानते हैं कि इंसान की मृत्यु के बाद भी उसकी आंखें इस खूबसूरत दुनिया को देख सकती हैं? चिकित्सा विज्ञान का यह प्रमाणित सच किसी चमत्कार से कम नहीं है कि मौत के बाद भी हमारी आंखें जीवित रहती हैं और एक एकल मृत दाता की आंखों से आज की आधुनिक 'घटक सर्जरी' तकनीक के जरिए दो या उससे अधिक नेत्रहीन लोगों के जीवन में रोशनी लौटाई जा सकती है।
हम तो डूबेंगे, तुम्हें भी ले डूबेंगे
खुद की उपेक्षा और पायलट को आगे बढ़ते देखना गहलोत को बर्दाश्त नहीं, शीर्ष पर रहे राजनीतिक क्षत्रप उतार आने पर बौखला जाते हैं *ओम माथुर* जब किसी राज्य में कोई राजनीतिक क्षत्रप लगातार शीर्ष पर रहता है, तो उसे ये बर्दाश्त नहीं होता है कि कोई उसे वहां से हटा दें। ... Read more
*फूलों का बिखरना तो तय था लेकिन* *कुछ इसमें हवाओ की सियासत बहुत थी* *ममता बनर्जी की तृणमूल या फूल की पत्तियां के बिखरने पर परवीन शाकिर का उक्त शे’र कुछ इस तरह मानस में कौंधता है गोया शायरा ने इसी मौके के लिए यह कहा हो।* *ममता के साथ जो क्या ... Read more
नेत्रदान: अंधकार से प्रकाश की ओर सबसे बड़ा सेतु
विश्व नेत्रदान दिवस (10 जून, 2026) पर विशेषः मानव जीवन में आंखों का महत्व केवल देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे हमारी चेतना, संवेदना, ज्ञान और जीवन के सौंदर्य का द्वार हैं। आंखों के माध्यम से ही हम प्रकृति की विविधता, परिवार का स्नेह, समाज की गतिविधियों और संसार की अनंत संभावनाओं का अनुभव ... Read more
शोर्य पराक्रम मेवाड़ रत्न महाराणा प्रताप
इतिहास गवाह है कि मुगल सम्राट अकबर के द्वारा दिये गये झूठे आश्वासन, उच्चस्थान, पदाधिकार आदि प्रलोभनों और भय से वशीभूत होकर कई राजपतू राजाओं ने सम्राट अकबर सत्ता के सामने नतमस्तक होकर उनकी अधीनता मंजूर कर ली थी जिससे यह स्थापित हो गया कि अधिकतर राजपूत अपना गौरव खो चुके थे ऐसा प्रतीत होता ... Read more
तेरीयादोंकामौसमरहापहर-दर-पहर, दिलमेंइकदर्दपलतारहापहर-दर-पहर। चाँदख़ामोशथा,चाँदनीभीउदास, कोईसायाभटकतारहापहर-दर-पहर। नींदआँखोंकीचौखटपेआकररुकी, ख़्वाबतेराहीसजतारहापहर-दर-पहर। तेरीख़ुशबूकिसीनरमझोंकेकीतरह, मेरेकमरेमेंठहरतारहापहर-दर-पहर। दिलनेचाहाकितुझकोभुलादूँमगर, नामतेराहीउभरतारहापहर-दर-पहर। कुछदुआएँलबोंतकतोआईंमगर, दर्दचुपचापसुनतारहापहर-दर-पहर। ‘राहत’उसशख़्सकीयादकाक्याकहें, रूहमेंरंगभरतारहापहर-दर-पहर। ”राहतटीकमगढ़”
नरेंद्र मोदी, जनादेश की निरंतरता और भारतीय लोकतंत्र का बदलता स्वरूप
10जून2026भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि का दिन नहीं है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार4,399दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। किंतु इतिहास केवल संख्याओं से नहीं बनता;इतिहास ... Read more
तेल के बदले एथेनॉल : समाधान जब समस्या बन जाए?
विकास का वास्तविक अर्थ केवल आर्थिक वृद्धि या आयात बिल में कमी नहीं है। विकास वह है जो प्रकृति, समाज और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित करे।
इंडिया गठबंधन की बैठक का संदेश- 'हम नहीं सुधरेंगे'
लोकसभा में संख्याबल के लिहाज से जितना मजबूत विपक्ष इस समय है, उतना पहले कभी नहीं रहा,
आरआरबी भर्ती : तकनीशियन के 6,565 पदों पर वैकेंसी का नोटिफिकेशन जारी, जल्द शुरू होंगे आवेदन
भारतीय रेलवे में नौकरी करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने तकनीशियन के विभिन्न 6,565 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं
केरल में सेना अधिकारी पर हुए हमले का पुराना वीडियो गलत दावे से वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो दिसंबर 2024 का है, तब केरल के एक NCC कैंप में लेफ्टिनेंट कर्नल करनैल सिंह पर फूड पॉइजनिंग से जुड़े आरोपों के बाद हमला हुआ था.
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में उमड़ी भीड़ के दावे से AI एडिटेड विजुअल हुए वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो और तस्वीर प्रदर्शन के वास्तविक दृश्य नहीं दिखाते, बल्कि इनमें एआई की मदद से छेड़छाड़ की गई है.
ललित सुरजन की कलम से यह तो पहिला फेरबदल है
होशियारपुर के दलित सांसद विजय सांपला को मंत्री बनाने से यही संकेत मिलता है।
अमेरिका-ईरान युद्ध में ट्रंप की अनदेखी कर इजरायल ने तोड़ा संघर्षविराम
जब तक तेहरान अपने क्षेत्रीय अभियानों को रोकने से पहले आर्थिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाने की मांग करता रहेगा,
जनसांख्यिकी परिवर्तन आयोग या 'हिंदू राज' की ओर लंबी छलांग!
जनसांख्यिकी परिवर्तन आयोग, जिसका हाल में गठन किया गया है, इस तरह पहचाने गए संदिग्ध घुसपैठियों को 'डिपोर्ट' करने का रास्ता तैयार करने के लिए है।
अनूप-शुभ्रा के सृजन के पच्चीस वर्ष
कला केवल रंगों, रेखाओं और आकृतियों का संयोजन नहीं होती, वह जीवन की अनुभूतियों, संबंधों और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति भी होती है। जब दो कलाकार अपने-अपने स्वतंत्र व्यक्तित्व, दृष्टि और शैली के साथ जीवन की यात्रा में सहयात्री बनते हैं, तब उनकी रचनात्मकता एक नए आयाम को जन्म देती है। डॉ. अनूप कुमार चांद और ... Read more
चुनाव सुधार के लिए लोकतांत्रिक ताकतों को ज़ोरदार संघर्ष शुरू करना होगा
बिहार में चुनाव आयोग के एसआईआर आदेशों के खिलाफ याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि 'आयोग को अपने संवैधानिक अधिकार के तहत नागरिकता की सीमित जांच करने का अधिकार है, ताकि वह मतदाता सूची में शामिल होने की पात्रता के बारे में खुद को संतुष्ट कर सके
देश गंभीर स्थिति में इंडिया की बैठक पर सबकी निगाह
जनता की समस्याओं का हल उसके बाद ही होना शुरू होगा। मोदी को जनता की समस्याएं हल करने में कोई दिलचस्पी नहीं है
मिलावट-मुक्त भारत से ही विकसित भारत संभव
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (7 जून 2026) पर विशेषः हर वर्ष 7 जून को मनाया जाने वाला विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस केवल सुरक्षित भोजन की आवश्यकता का स्मरण कराने वाला दिवस नहीं है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, आर्थिक समृद्धि और सतत विकास के लिए एक वैश्विक संकल्प का अवसर भी है। वर्ष 2026 ... Read more
परीक्षा के सवाल, परीक्षा पर सवाल
देश में परीक्षाएँ अब केवल विद्यार्थियों की नहीं रहीं, बल्कि स्वयं परीक्षाओं की भी परीक्षा होने लगी है।
इस्लामाबाद : एक अलग तरह की राजधानी
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के बारे में बड़ा मज़ा लेकर पाकिस्तानी कहता है इस्लामाबाद में न तो इस्लाम है और न आबादी! मगर हम उसे इस्लामाबाद कहते हैं।
पर्यावरण क्षरण और इंसानी लालच पर केंद्रित बसंत राघव की लघुकथाएं
मेरे गाँव के बाहर कच्ची सड़क के किनारे एक विशाल नीम का वृक्ष निस्पृह-निरपेक्ष भाव से झूमता हुआ खड़ा था।
फायदेमंद ही नहीं, हर उम्र के लिए मजेदार भी है योगासन, आयुष मंत्रालय ने बताया कैसे
योग दिवस को अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इस बीच भारत सरकार का आयुष मंत्रालय रोजाना नए योगासनों के बारे में जानकारी देते हुए इसे दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दे रहा है
तृणमूल कांग्रेस में टूट और ममता की बढ़ती चिन्ताएं
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), जिसने पिछले डेढ़ दशक से बंगाल की राजनीति पर लगभग एकाधिकार स्थापित कर रखा था, आज आंतरिक असंतोष, नेतृत्व संबंधी प्रश्नों और जनविश्वास के संकट से जूझती दिखाई दे रही है। पार्टी के भीतर असंतुष्ट नेताओं और विधायकों ... Read more
एसआईआर को हरी झंडी और बाहर हुए लोगों की मुश्किलें
एक गहरे स्तर पर एसआईआर प्रक्रिया की यह अव्यवस्था भारतीय लोकतंत्र के कामकाज में मौजूद एक बड़ी समस्या की ओर भी इशारा करती है।
फीफा वर्ल्ड कप 26: कौन बनेगा चैंपियन!
11 जून से शुरू होने जा रहा फीफा विश्व कप फुटबॉल 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक है।
उत्तराखंड के जड़धार में जंगल बचाने, पानी-मिट्टी का संरक्षण, परम्परागत खेती और देशी बीज बचाने का अनूठा काम हुआ है और आज भी जारी है।
इतना गर्म कैसे हो गया यूपी का बांदा जिला?
उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड इलाका यूं तो गर्मी और सूखे की खबरों को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है लेकिन इसी इलाके का एक जिला बांदा, पिछले कुछ साल से देश के सबसे गर्म जिलों में शामिल होने का रिकॉर्ड बनाता जा रहा है

