Porsche Mission S Concept Revealed: Previews Upcoming Mid-Engine Supercar Positioned Above the 911 पोर्शे ने मिशन एस कॉन्सेप्ट से उठाया पर्दा: 911 से ऊपर पोजीशन होगी नई मिड-इंजन सुपरकार, जानिए खूबियां
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस पर बांग्लादेश की तरह सत्ता परिवर्तन के प्रयास का आरोप लगाया, जिसमें राहुल गांधी के सहयोगी प्रशांत भूषण और नेहा बोरा जैसे लोग शामिल हैं
विचार: भारतीय आकांक्षाओं को समझे अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब व्यापार वार्ता और रूसी तेल खरीद को लेकर भारत-अमेरिका संबंध निर्णायक मोड़ पर हैं
विचार: गरीबी से भी बचा रही आयुष्मान योजना
आयुष्मान भारत योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो न केवल स्वास्थ्य बीमा बल्कि गरीबी और कर्ज से बचाने वाली एक सामाजिक नीति है
कर्माशय का अर्थ है, समस्त संस्कारों की समष्टि। हम जो भी कार्य करते हैं, वह हमारे चित्त रूपी सरोवर में एक लहर उठा देता है। हम सोचते हैं कि इस काम के समाप्त होते ही वह लहर भी चली जाएगी…
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
भारत के अधिकांश ग्रामीण गरीबों की आर्थिक स्थिति को समझने का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना है, गांवों में मिलने वाली मजदूरी। कृषि और गैर-कृषि गतिविधियों से गहरे जुड़े होने के कारण ग्रामीण मजदूरी…
त्योहारों के दौरान नई दिल्ली और पटना के बीच वंदे भारत ट्रेन चलाने की घोषणा
नई दिल्ली से पटना जंक्शन के लिए वंदे भारत की एक विशेष सेवा (02252) शुक्रवार से शुरू की गई। इस ट्रेन का संचालन 17 नवंबर तक सप्ताह में तीन दिन किया जाएगा…
सत्ता विरोध के आईने में राहुल गांधी के समानांतर दिपके क्यों?
– निरंजन परिहार भारतीय राजनीति में लोकप्रियता का भी अपना अलग मायाजाल है। कोई बहुत कुछ होने के बाद भी लोकप्रिय बने रहने की उलझन में हैं, तो कोई कुछ न होकर भी लोकप्रियता का शिखर छू जाता है। देश में आज दो चेहरे, कांग्रेस के राहुल गांधी और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के अभिजीत ... Read more
5 लाख महिलाओं ने की 1.43 करोड़ जल नमूनों की जांच: यूपी
लखनऊ, नवरात्र में नारी शक्ति के सामर्थ्य और संकल्प की चर्चा के बीच उत्तर प्रदेश के गांवों में महिलाएं हर घर तक पहुंच रहे पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
प्रजनन अधिकार: अपने ही शरीर पर अधिकार का संघर्ष
संविधान से मिले समानता और स्वतंत्रता के अधिकारों के बावजूद, गर्भ से जुड़े फैसलों के लिए महिलाओं को परिवार, समाज और अदालतों पर निर्भर रहना पड़ता है।
कमर दर्द से हैं परेशान है, तो रोज करें कटिचक्रासन
नई दिल्ली, दफ्तर में घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना, गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी कमर और पेट समेत कई तरह की शारीरिक समस्याओं का घर बन जाती हैं।
Box Office Collection: फिल्म 'जेलर 2' 15 अक्तूबर को सिनेमाघरों में लगी। रजनीकांत की इस फिल्म ने बंपर ओपनिंग ली है। देश ही नहीं, दुनियाभर में फिल्म का दर्शकों ने खुली बाहों से स्वागत किया। इसके आने से 'दृश्यम 3' पर क्या असर पड़ा? जानिए
स्टारलिंक और राष्ट्रीय हित: यूक्रेन के अनुभव से भारत को क्या सबक लेना चाहिए?
स्टारलिंक और राष्ट्रीय हित: यूक्रेन के अनुभव से भारत को क्या सबक लेना चाहिए?
मुड़-मुड़ के न देख: नए अर्थ तलाशने का समय
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दूसरी पारी: उम्र भले बढ़े, जिंदगी न थमने पाए
दूसरी पारी: उम्र भले बढ़े, जिंदगी न थमने पाए
अंकिता भंडारी के लिए इंसाफ की मांग
नरेन्द्र मोदी ने एक 19 बरस की मासूम लड़की की नृशंस हत्या पर इंसाफ मांगने वाले उसके मां-बाप पर जो जुल्म ढाया है
नवरात्रि का छठा दिन 2026: जानें मां कात्यायनी की पूजा विधि, मंत्र, भोग, कथा और आरती
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की आराधना की जाती है। इस दिन भक्त मां को प्रिय पुष्प और भोग अर्पित करके सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा विधि, शुभ रंग, प्रिय भोग, मंत्र, पौराणिक कथा और आरती।
ललित सुरजन की कलम से - धर्म: पुल या खाई - 2
विश्व इतिहास की यदि थोड़ी भी समझ हम विकसित कर लें तो समझ सकते हैं कि पूंजीवादी लुटेरों के गिरोह किस तरह संगठित धर्म का सहारा लेकर समाज को तोड़ते रहे हैं।
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता कैसे बहाल होगी?
अब तक विपक्षी दल राज्यों में अपने हितों के हिसाब से अलग-अलग संघर्ष करते रहे हैं।
भारत की ताकत एकरूपता नहीं, विविधता है
टैक्सी में बैठी 'जेन-जी' बेटी ने थोड़ा बचाव करते हुए कहा- जातिवाद है तो सही, पर शहरों में अब यह तेजी से खत्म हो रहा है।
तिहाड़ जेल में शुरू हुई रंजिश का बदला लेने के लिए बदमाशों ने कालिंदी कुंज थाना इलाके में दिनदहाड़े शाहिद हुसैन की चाकू से गोदकर हत्या कर दी।
विचार: अमेरिका के लिए संकट की घड़ी
सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका से हूतियों पर हमले की अपील की थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध और यूक्रेन में खुले मोर्चे के चलते हथियारों की किल्लत के कारण यमन में नया मोर्चा खोलने से मना कर दिया।
जागरण संपादकीय: एक आवश्यक निर्णय
भले ही एक के बाद एक राज्य सरकारें छल-कपट से होने वाले मतांतरण को रोकने के कानून बना रही हों या उन्हें कठोर कर रही हों, लेकिन मतांतरण थम नहीं रहा है।
पवनमुक्तासन से पाएं बिगड़ रही सेहत से तुरंत राहत
नई दिल्ली, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में गलत खान-पान और घंटों एक जगह बैठकर काम करने की वजह से पेट संबंधी समस्या आम हो गई है।
यूट्यूब अब नया रोजगार है: क्रिएटर इकनॉमी का उभार: रोजगार के बदलते मायने
यूट्यूब ने देश में करीब 9.6 लाख रोजगार पैदा किए हैं। 2025 में इसका जीडीपी में योगदान 18,000 करोड़ रुपये रहा है।
क्या पौधे भी सुनते हैं संगीत की धुन?: मधुर धुनों से बढ़ती है वृद्धि या यह सिर्फ एक मिथक; जानें रोचक बातें
सफलता का मंत्र: हर अवसर के पीछे भागने के बजाय पहचानें अपनी ताकत, तभी बनेगी अलग पहचान
सफलता का मंत्र: हर अवसर के पीछे भागने के बजाय पहचानें अपनी ताकत, तभी बनेगी अलग पहचान
निष्पक्षता की नसीहत: दोहरे मानदंड छोड़ें, संप्रभुता का सम्मान करें
निष्पक्षता की नसीहत: दोहरे मानदंड छोड़ें, संप्रभुता का सम्मान करें
ललित सुरजन की कलम से मेरा चुनावी घोषणापत्र
इसका प्रमाण हमें वर्तमान में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौर में बखूबी मिल रहा है।
पहला राउंड तो राहुल के नाम रहा
मुख्य चुनाव आयुक्तज्ञानेश कु मार और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की गड़बड़ियों के खिलाफ चलाने वाले आंदोलन को झटका लगा।
विचार: कानूनों के दुरुपयोग से उपजा संकट
कानूनों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग देश में विधि के शासन पर स्थापित व्यवस्था के समक्ष विश्वास का संकट खड़ा करता है।
विचार: भारत के भविष्य से खिलवाड़
ऐसे लोग कुछ ज्यादा ही सक्रिय हो रहे हैं, जो भ्रम और अराजकता फैलाकर देश के विकास को बाधित करने पर आमादा हैं।
जागरण संपादकीय: नशे से जूझता पंजाब
अनेक युवा असमय ही काल के गाल में समा जा रहे हैं या शारीरिक-मानसिक रूप से इतने अशक्त हो जा रहे हैं कि परिवार वालों के लिए बोझ बन जा रहे हैं। राज्य में नशे के आदी लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।
छात्रः सपनों की उड़ान से सृजन की पहचान तक
विश्व छात्र दिवस- 15 अक्टूबर, 2026 किसी राष्ट्र का भविष्य उसकी संसदों में पारित कानूनों से कम और उसके शिक्षण संस्थानों में गढ़े जा रहे विद्यार्थियों के चरित्र से अधिक निर्धारित होता है। छात्र केवल किसी देश की युवा आबादी नहीं, बल्कि उसकी संभावनाओं, विचारों, मूल्यों और विकास की जीवंत पूंजी होते हैं। उनकी आंखों ... Read more
उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। इसके तहत पात्र किसानों को कृषि और कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिए 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण देने का प्रावधान है। खास बात यह है कि ऋण पर प्रभावी ब्याज दर 6 फीसदी सालाना रखी गई है। योजना का संचालन उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से किया जा रहा है। 6 लाख रुपये के लोन के लिए पात्रता योजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए है। बैंक की ओर से पात्रता और ऋण स्वीकृति की जांच की जाएगी। - आवेदक उत्तर प्रदेश का किसान होना चाहिए। - कृषि योग्य भूमि से जुड़े वैध दस्तावेज जरूरी होंगे। - लोन का इस्तेमाल कृषि या कृषि आधारित गतिविधियों के लिए होना चाहिए। - बैंक की ओर से दस्तावेज, भूमि और ऋण चुकाने की क्षमता की जांच की जाएगी। केवल आवेदन करने से 6 लाख रुपये का लोन मिलना तय नहीं है। अंतिम राशि बैंक की मंजूरी पर निर्भर करेगी। इसे भी पढ़ें: इधर विपक्ष बेकार का हो-हल्ला करता रहा, उधर Modi Cabinet ने बड़े फैसले लेकर महीने भर पहले ही जनता को दे दिया Diwali Gift ब्याज में कितनी छूट मिलेगी? इस योजना की सबसे बड़ी खासियत ब्याज में राहत है। पहले उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की दीर्घकालीन कृषि ऋण योजनाओं में ब्याज दर करीब 11 फीसदी या उससे अधिक थी। नई योजना में पात्र किसानों के लिए प्रभावी दर 6 फीसदी रखी गई है। यानी सरकार की ओर से 5 प्रतिशत अंक का ब्याज अनुदान दिया जा रहा है। यह लाभ निर्धारित समय पर किस्त चुकाने वाले पात्र किसानों को मिलता है। 6 लाख के लोन की किस्त कितनी होगी? किस्त की रकम लोन की अवधि और बैंक की repayment व्यवस्था पर निर्भर करेगी। उदाहरण के लिए, यदि 6 लाख रुपये पर 6% सालाना ब्याज और समान मासिक EMI मानकर गणना करें, तो अनुमानित किस्त इस तरह हो सकती है: - 5 साल: करीब 11,600 रुपये प्रति माह - 10 साल: करीब 6,660 रुपये प्रति माह - 15 साल: करीब 5,060 रुपये प्रति माह ये केवल उदाहरण के लिए EMI गणना हैं। किसान की वास्तविक किस्त बैंक द्वारा तय अवधि, ब्याज गणना और ऋण की शर्तों के अनुसार अलग हो सकती है। योजना के पोर्टल पर भी किस्त की गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। किन कामों के लिए मिल सकता है लोन? योजना के तहत कृषि और कृषि आधारित गतिविधियों में निवेश के लिए दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें कृषि यंत्रीकरण, सिंचाई और अन्य उत्पादक कृषि गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। संबंधित ऋण श्रेणी के नियमों के अनुसार पात्रता तय होगी। ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? सरकार ने योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है: - आधिकारिक पोर्टल mksyldb.in पर जाएं। - ‘ऋण आवेदन करें’ विकल्प चुनें। - जनपद, बैंक शाखा, तहसील और ब्लॉक की जानकारी भरें। - ग्राम पंचायत और गांव का चयन करें। - कितनी ऋण राशि चाहिए, इसकी जानकारी दें। - मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से सत्यापन करें। - जरूरी व्यक्तिगत, भूमि और बैंक संबंधी जानकारी भरकर आवेदन पूरा करें। - इसके बाद बैंक दस्तावेजों और पात्रता की जांच करेगा। सरकार ने योजना के लिए 384 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है और अगले पांच वर्षों में करीब 5 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा है। योजना का शुभारंभ 23 सितंबर 2026 को किया गया। कृषक समृद्धि योजना के फ़ायदे कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों को कई फ़ायदे देती है, जिसका मकसद उनकी फ़ाइनेंशियल स्थिरता और प्रोडक्टिविटी को बेहतर बनाना है, जैसे - - सस्ता लॉन्ग-टर्म एग्रीकल्चरल क्रेडिट: यह स्कीम 6% सालाना की रियायती ब्याज दर पर ₹6 लाख तक का लोन देती है, जिससे किसानों को फ़ायदेमंद खेती की चीज़ों में इन्वेस्ट करने में मदद मिलती है। - इंटरेस्ट सब्सिडी: उत्तर प्रदेश सरकार एलिजिबल लोन पर 5% इंटरेस्ट सब्सिडी देती है, जिससे किसानों के लिए उधार लेने की कुल लागत कम हो जाती है। - कोऑपरेटिव बैंकिंग तक पहुँच: यह स्कीम कोऑपरेटिव बैंकिंग सिस्टम को सपोर्ट करती है, जो किसानों को एग्रीकल्चरल क्रेडिट देने के लिए बहुत ज़रूरी है। - लॉन्ग-टर्म क्रेडिट ऑप्शन: किसान एलिजिबल एग्रीकल्चरल इन्वेस्टमेंट के लिए एक अलग लॉन्ग-टर्म क्रेडिट ऑप्शन ले सकते हैं, जबकि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सिस्टम शॉर्ट-टर्म क्रेडिट के लिए है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत पात्र छोटे और सीमांत किसान 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कृषि ऋण 6 फीसदी प्रभावी ब्याज दर पर ले सकते हैं। समय पर किस्त चुकाने पर ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा। हालांकि, 6 लाख रुपये अधिकतम सीमा है, हर आवेदक को इतनी राशि मिलना तय नहीं है। लोन लेने से पहले किसान को अपनी भुगतान क्षमता, ऋण अवधि, कुल ब्याज और बैंक की अन्य शर्तों को समझ लेना चाहिए। आवेदन के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल या उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की शाखा का इस्तेमाल करें। - जे. पी. शुक्ला
विश्व सफेद छड़ी दिवस - सिर्फ एक सहारा नहीं, नेत्रहीन लोगों की सुरक्षा और स्वतंत्रता का भी प्रतीक
हर साल 15 अक्टूबर को विश्व सफेद छड़ी दिवस मनाया जाता है। यह दिन खासतौर पर नेत्रहीन और दृष्टिबाधित लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
मालगाड़ी की छत पर बैठकर दिल्ली प्रदर्शन में पहुंचने के दावे से बांग्लादेश का वीडियो वायरल
बूम ने जांच में पाया कि यह वीडियो बांग्लादेश का है. इसका दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है.
अगर आपके भी बाल सफ़ेद हो रहे है तो अपनाएं ये घरेलू उपाय
नई दिल्ली, आजकल कम उम्र में ही बालों का सफेद होना आम समस्या बनती जा रही है। कई लोगों के बाल 20 से 30 साल की उम्र में ही सफेद होने लगते हैं। सफेद बालों को देखकर लोग अक्सर परेशान हो जाते हैं और उन्हें छिपाने के लिए बार-बार हेयर कलर या डाई का इस्तेमाल करने लगते हैं। हालांकि, बालों का सफेद होना हमेशा किसी बीमारी का संकेत नहीं होता।
दिवाली पर फ्री गिफ्ट मांगना पड़ा भारी, मदुरै के इन्फ्लुएंसर के घर पहुंच गए लाखों के COD पार्सल
दिवाली पर फॉलोअर्स से मिठाइयां और गिफ्ट मिलने की उम्मीद तमिलनाडु के मदुरै में रहने वाले इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर वीरमणि के लिए बड़ी मुसीबत बन गई।
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में पर्यटक बर्फबारी का उठा रहे लुफ्त
श्रीनगर, पिछले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर के कई ऊंचे इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई है और मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए भी खराब मौसम का पूर्वानुमान लगाया है।
मन को शांत और शरीर को मजबूत बनाता है तो करे शीर्षासन
नई दिल्ली, आधुनिक जीवनशैली में तनाव, थकान और मानसिक अस्थिरता ने व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाला है। ऐसे में शीर्षासन एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है। सही तकनीक और सावधानी के साथ किया गया शीर्षासन शरीर को अंदर से मजबूत और मन को शांत करने में सक्षम है।
बॉक्स ऑफिस: दुनियाभर में 500 करोड़ पार हुई 'दृश्यम 3' की कमाई, 'हनुमान अंश' भी दिखा रही दम
Box Office Collection: बॉक्स ऑफिस पर वीकएंड के बाद वीकडेज में भी 'दृश्यम 3' का जलवा बरकरार है। 'हनुमान अंश' भी अच्छी कमाई कर रही है। जानिए बाकी फिल्मों का कलेक्शन।
ब्रह्मांड को समझने का नया फलक: प्रकाश से आगे, दुनिया को जानने की नई राह
भौतिकी नोबेल विजेता फ्रांसिस हैलजेन ने सदियों से ब्रह्मांड को केवल प्रकाश के जरिये देखने के एकाधिकार को तोड़कर नया फलक प्रदान किया है।
चुनौतियां बाकी हैं: सात फीसदी की विकास दर, समावेशी तरक्की जरूरी
पश्चिम एशियाई तनाव से उपजी अनिश्चितताओं के बीच आईएमएफ का वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक विकास दर के अनुमान को बढ़ाना इस बात का संकेत है कि देश की अर्थव्यवस्था मुश्किलों के बावजूद आगे बढ़ रही है। लेकिन, चुनौतियां अब भी बाकी हैं।
'तुम्हारे पास केवल वर्तमान है': भविष्य की चिंता में आज को मत गंवाओ, बीता समय लौटता नहीं और कल का भरोसा नहीं---Seneca Philosophy of Life: Why You Should Never Lose the Present While Planning for Tomorrow
ध्यान दें: आज आएगी लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त, जानें किसे मिलेंगे 1500 रुपये और किसे नहीं
लाड़ली बहना योजना से अगर आप भी बतौर लाभार्थी जुड़े हैं तो आज यानी 14 अक्तूबर 2026 को आपके खाते में इस किस्त की 41वीं किस्त आएगी। इसमें आपको 1500 रुपये का लाभ दिया जाएगा।
ललित सुरजन की कलम से - वर्तमान समय और प्रगतिशील आंदोलन
'भारत में ऐसे विद्वतजनों की कमी नहीं है जो पाकिस्तान निर्माण के लिए गांधी-नेहरू को दोषी ठहराते हैं।
न्यायालय का कड़ा कदम और विपक्ष का दबाव हो सकते हैं इस्तीफ़े का कारण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात को लेकर बड़ी उलझन में हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की विपक्ष की मांग से कैसे निपटा जाए।
ज्ञान के समुद्र को सूखने मत दीजिए
1911 में सम्राट जॉर्ज पंचम द्वारा ब्रिटिश भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित करने की घोषणा के साथ 1891 में स्थापित इम्पीरियल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी भी दिल्ली लाई गई।
लोकतंत्र में जनता की नाराजगी की अभिव्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण स्थल बन चुके जंतर-मंतर पर अब मोदी सरकार की वक्र दृष्टि पड़ चुकी है।
विचार: उग्र आंदोलनों के आगे असहाय जनता
'भारत बंद' की पुकार पर कई आंदोलन और विरोध प्रदर्शन देशव्यापी भी होते हैं, लेकिन अब ऐसा करते हुए ऐसे नारे भी लगने लगे हैं, 'बंद दुकानें तुम्हारी, खुली दुकानें हमारी।'
विचार: मनमानी सजा पर दुर्भाग्यपूर्ण मौन
सारी दुनिया के हिंदुओं के लिए सिवारसा को मृत्युदंड की घोषणा कोई अप्रासंगिक विदेशी घटना नहीं है। ठीक वैसी घटनाएं यहां भी होती रही हैं, जिन पर भारतीय राजनीतिक और बौद्धिक वर्ग की चुनी हुई चुप्पियों और चुने हुए शोर-शराबों से एकतरफा विशेषाधिकार और एकतरफा जुल्म को शह मिलती है।
जागरण संपादकीय: विपक्ष का विचित्र रवैया
राहुल गांधी के यह कहने का क्या मतलब कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है, क्योंकि वे तो उसके फैसले की प्रतीक्षा करने को तैयार ही नहीं। क्या वे यह चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट उनके हिसाब से निर्णय दे या फिर उनकी दिलचस्पी उन बिंदुओं पर उसकी राय जानने की है ही नहीं, जो उन्होंने अपनी याचिका में उठाए हैं?
सनातन ने शक्ति के साथ करुणा को जरूरी माना
भारतीय सनातन संस्कृति में नवरात्रि केवल देवी की उपासना का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, साधना और शक्ति के जागरण का महापर्व भी है। ये नौ रात्रियां मनुष्य को बाहरी आडंबरों से ऊपर उठकर अपने अंतर्मन में झांकने, विकारों पर विजय प्राप्त करने और जीवन को धर्ममय बनाने की प्रेरणा देती हैं…
पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या दुखद वारदात तो है ही, बेहद चिंताजनक भी है। इस घटना से पंजाब में ‘ड्रग्स’ की समस्या एक बार फिर उभरकर सामने आई है। जैसे कि प्रारंभिक ब्योरे हैं, झोटा को एक स्थानीय दवा…
दिल्ली की शूटर इशिका भारद्वाज ने स्वर्ण पदक पर साधा निशाना
तुगलकाबाद स्थित डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित इंडिया ओपन शॉटगन प्रतियोगिता में दिल्ली की इशिका भारद्वाज ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया…
बाज़ार से गोभी, गाजर और बैंगन आए। उन्हें बिना काटे नहाए फ्रिज में प्रवेश दिया गया ताकि पारिवारिक परम्परा का उचित सम्मान जारी रहे। इस प्रथा के अंतर्गत आधा दर्जन सब्जियां कई दिनों तक अडोस पड़ोस में रह सकती हैं लेकिन समझा नहीं जाता कि आज रात को कौन सी सब्जी खाएं । बनने, खाने और बचने के बाद सब्ज़ी फ्रिज में ठंडी रहती है और चर्चा गर्म कि दोपहर में क्या बनेगा। यह व्यव्हारिक समस्या राष्ट्रीय है। लाखों कुक खाना पकाते हुए रीलें पका रहे हैं, अखबार और पत्रिकाएं सिखा रही हैं लेकिन यह मसला फ्रिज का स्थाई वासी है। खैर, बात बैंगन की है जो बाज़ार से आकर, ठंड में इंतज़ार कर रहे हैं कि कब उनका भर्ता बनेगा। बैंगन उदास और उपेक्षित सही लेकिन चर्चा में रहते हैं। थाली के बैंगन हमेशा अपना रुतबा कायम रखते हैं और असामाजिक आलुओं को रिझाते रहते हैं। लीजिए, कई दिन बाद वह शुभ समय आया जब रात के खाने में बैंगन का भर्ता बनना सुनिश्चित हुआ। उस दिन कुछ साधारण खाना बनना था। भर्ता बनने की प्रक्रिया के दौरान जब हवा में भूने गए बैंगनों को आपस में मिलाने लगे तो उनके नाराज़ हिस्सों ने मिलने जुलने में हिचकिचाहट बरती। पत्नी ने घोषणा की, आज भर्ता ठीक से नहीं बन रहा है। बैंगन अच्छी तरह से फ्राय नहीं हुए, कहीं कहीं से कच्चे रह गए। मिक्स नहीं हो रहे। जब वह बैंगन के हिस्सों को आपस में मिला रही थी तब उसके चेहरे को भी अच्छा नहीं लग रहा था। सब्जी का रंग गहरा भूरा हो गया था। वह बोली, यह बैंगन तो अच्छे नहीं निकले। आज भर्ता अच्छा नहीं बनने वाला क्यूंकि इनमें बीज भी बहुत निकले, लगता है यह बैंगन पुराने होंगे। इसे भी पढ़ें: चुनाव उनके - व्यवस्था हमारी (व्यंग्य) पति ने कल्पना की कि पत्नी यह भी कह सकती है कि पता नहीं बैंगन कितने पुराने पौधे में लटके होंगे । उस पौधे को लगाने वाला व्यक्ति कैसा होगा जिसकी वजह से बैंगनों का ऐसा भर्ता बना। लेकिन पत्नी ने ठोक बजाकर कहा, इन बैंगनों का रंग भी कुछ उड़ा उड़ा सा था। कई टेढ़ी मेढ़ी लकीरें भी इन पर थी। जब मैनें इन्हें दबाकर देखा ठीक से दब भी नहीं रहे थे। हालांकि इन्हें मैंने अपनी पसंद के चाकू से ही काटा लेकिन अन्दर से इनका टेक्सचर भी कुछ जांच नहीं रहा था। इनके तो बीज भी अजीब से लगे। मैंने आज तक बैंगन में ऐसे बीज नहीं देखे तभी शायद इनका भर्ता ठीक नहीं बना। अगर बैंगन के साथ एक दो पत्ते भी होते तो स्वाद कुछ और ही होता। यदि इनका रंग लाल होता तो भर्ता स्वादिष्ट बनता। पति ने कहा, आपने पिछली बार ऐसे ही बैंगनों से स्वादिष्ट भर्ता बनाया था। पत्नी बोली, वो बैंगन ऐसे नहीं थे। पहली बार लगा..... क्या ऐसे भी बैंगन होते हैं। ये बैंगन तो बेगुण ही थे। इन बैंगनों में कोई विटामिन भी नहीं होगा। इन बैंगनों की तो शक्ल ही अजीब थी जिससे लगता था कि यह वज़न भी नहीं घटा सकते। पाचन सुधार नहीं सकते, दिल की सेहत बना नहीं सकते तभी इनका भर्ता ठीक नहीं बना। इनसे अच्छा भर्ता तो आलुओं का बन जाता। पत्नी द्वारा, कई हज़ार लाइक्स वाली रील में बताए, सुगम तरीके से पकाए भर्ते की, पति ने परम्परा अनुसार तारीफ की। बैंगन का भेजा फ्राय करने के लिए नए उपकरण का उद्घाटन पत्नी द्वारा किया गया। इस दौरान पति को याद आया कि इन बैंगनों ने नौ दिन पहले फ्रिज में प्रवेश किया था लेकिन उन्हें भर्ता होने का अवसर नहीं मिल रहा था। वे फ्रिज में पसरे हुए परेशान हो चुके थे तभी उनका भर्ता वैसा नहीं बना, जैसा बन सकता था। एक वजह यह भी रही कि पत्नी को बैंगन ज्यादा पसंद नहीं। - संतोष उत्सुक
जंतर-मंतर 2.0: RSS-BJP समर्थकों को वर्दी देने के दावे से पश्चिम बंगाल का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो पश्चिम बंगाल का है और इसका हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं है.
रामलीला मैदान: आंदोलन की गूंज और चुनाव में सत्ता की विदाई
दिल्ली का रामलीला मैदान केवल राजनीतिक रैलियों का स्थल नहीं रहा। यह उस जन-असंतोष का प्रतीक भी बना, जिसने सत्ता के सामने सवाल खड़े किए। यहां जुटी भीड़ ने कई बार देश का ध्यान उन मुद्दों की ओर खींचा, जिन्हें राजनीतिक व्यवस्था नजरअंदाज नहीं कर सकती थी।
विश्व साहित्य का आकाश: प्रसिद्धि के बावजूद आत्महत्या
कुछ लोग जिन्हें खूब प्रसिद्धि, सम्पत्ति, सम्मान मिला होता है ऐसे लोग भी आत्महत्या करते हैं। इसके उदाहरण हैं, कुछ नोबेल पुरस्कृत लेखक, जैसे हेमिंग्वे और कावाबाता यासूनारी।
सेतुबंधासन : दूर होगी कब्ज की समस्या और मजबूत होगी रीढ़ की हड्डी
नई दिल्ली, आजकल की व्यस्त दिनचर्या और दफ्तर में घंटों में बैठे रहने से कमर दर्द, तनाव और थकान होना आम समस्या बन गई है। ऐसे में सेतुबंधासन को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। इसके नियमित अभ्यास करने से रीढ़ की हड्डी लचीली रहती है और शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है।
जलवायु परिवर्तन से स्वास्थ्य का संकट भी, इंसानों की सेहत पर मंडरा रहा बड़ा खतरा
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वायु प्रदूषण से प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख असमय मौतें होती हैं। प्रदूषित हवा के सूक्ष्म कण हृदय रोग, पक्षाघात, श्वसन संबंधी बीमारियों और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।
दुर्गासप्तशती और वह अंग्रेज:इंग्लैंड में जन्म, कलकत्ता हाईकोर्ट में जज बने; क्यों खास हैं फेडरिक ईडन पार्जिटर
पर्यटन में चिकित्सा यात्रा का बढ़ता दायरा: भारत आर्थिक शक्ति बन सकता है, सामाजिक शक्ति की पहचान का रास्ता क्या?
तमिलनाडु की सियासत बदल रही है: सीएम विजय करिश्माई नेता जैसे, महत्वाकांक्षाओं के साथ वैचारिक ढांचे में भी बदलाव
पश्चिम एशिया तनाव: रियाद चिंतित, सऊदी का शाही परिवार बंकर में; भारत से अजीत डोभाल ने ईरान में किसे फोन किया?
आतंकवाद को मानवता के खिलाफ अपराध मानने की मांग: यूएन में भारत ने उठाया मुद्दा, 2028 की संधि में क्या होगा?india United Nations terrorism crimes against humanity conventionR Mythili
आरजे मिट्टे: 'ब्रेकिंग बैड' फेम अभिनेता का 34 साल की उम्र में हुआ निधन, इस बीमारी से थे पीड़ित
34 साल के अभिनेता आरजे मिट्टे का निधन हो गया है। उनके प्रतिनिधि ने यह जानकारी दी। वह 'ब्रेकिंग बैड' में अपने किरदार के लिए मशहूर थे।
ललित सुरजन की कलम से - देहलीज पर चुनाव
'चुनावी माहौल में रायपुर के किसी अन्य अखबार में इसी सोमवार को यह खबर पढ़कर मुझे आश्चर्य हुआ कि सरकार का खजाना खाली हो चुका है और उसे बार-बार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से ओवर ड्रॉफ्ट लेना पड़ रहा है
चुनावी लोकतंत्र बहाल करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय को निर्णायक कदम उठाने होंगे
भारत का चुनावी लोकतंत्र एक ऐसे नाजुक मोड़ पर है जहां न्यायिक दखल सिर्फ प्रक्रिया की जांच और चिंता जताने तक सीमित नहीं रह सकता
नीट पीजी काउंसलिंग 2026 में कॉलेज और कोर्स चुनते समय केवल अपनी रैंक पर निर्भर न रहें। पिछले वर्ष की कटऑफ, पाठ्यक्रम, कॉलेज की मान्यता, पूरी फीस, छात्रावास, अस्पताल में मरीजों की संख्या और प्रशिक्षण की सुविधाएं भी जांचें।
एक्सप्लेनर: समुद्री लुटेरों के झंडे से जोकर के मेकअप तक; विरोध में ऐसे प्रतीकों का इस्तेमाल क्यों करते जेन जी?
इंसानी दिमाग का अध्ययन:दुनिया में पहली बार 100+ दिमागों का 3डी एटलस बनाने की पहल, आईआईटी मद्रास का मकसद क्या?
पंचकूला में पुलिस और क्राइम ब्रांच-2 की संयुक्त टीम ने लॉरेंस बिश्नोई और अर्जू बिश्नोई गैंग के दो कुख्यात शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
विचार: माता-पिता के रहते भी अनाथ होते बच्चे
इन दिनों पति और बच्चों के रहते कुछ महिलाओं का दूसरे पुरुष के साथ शादी करने के मामले बढ़ने लगे हैं।
विचार: भरोसे के संकट से जूझता विपक्ष
राजनीतिक दल यह समझें कि बगैर विश्वसनीयता के न तो आंदोलन लंबा खिंच सकता है और न ही राजनीति।
जागरण संपादकीय: एक जरूरी इनकार
वैसे तो राहुल गांधी एक लंबे अर्से से एसआईआर को वोट चोरी बताने में लगे हुए हैं, लेकिन जबसे यह समाचार आया कि एसआईआर के कुछ पहलुओं पर दोनों चुनाव आयुक्त मुख्य चुनाव आयुक्त से असहमत थे, तबसे राहुल गांधी नए सिरे से आक्रामक हो गए।
...और मैंने अमिताभ बच्चन को भेंट की अपनी पुस्तक
अमिताभ बच्चन। नाम एक, उपमाएं अनेक। वह आवाज दें तो पल में हजारों की भीड़ उमड़ पड़े। वह हंसें तो लाखों चेहरे खिलखिला उठें
लोकतंत्र में सबको विरोध का अधिकार
लोकतंत्र केवल चुनाव कराने, सरकार बनाने और शासन करने की व्यवस्था का नाम नहीं है। इसकी वास्तविक शक्ति नागरिकों को अपनी बात कहने, असहमति जतानेे और अपनी सरकार से प्रश्न पूछने की आजादी में निहित है…
तमिलनाडु उप-चुनावों में मिली जीत विजय के लिए संदेश
तमिलनाडु में हाल ही में संपन्न हुए दोनों विधानसभा उप-चुनावों में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की टीवीके पार्टी को जीत तो मिल गई है, लेकिन इसके लिए पार्टी को जी-तोड़ मशक्कत करनी पड़ी। ये सीटें- पश्चिमी तमिलनाडु की धारापुरम और उत्तर…
रासायनिक प्रतिक्रिया को जिस तरह कोई ‘उत्प्रेरक’ गति दे देता है, ठीक वही काम मौजूदा राजनीति में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने किया है। उसने सियासत में एक नई ऊर्जा भर दी है, जिसका लाभ अब विपक्ष को मिल रहा है…
विश्व राजनय में विडंबना या विरोधाभास की पराकाष्ठा बेहद दुखद और शर्मनाक है। अमेरिका ने रूस के साथ डीजल आयात के लिए समझौता किया है। वह रूस से पहले ही यूरेनियम और उर्वरक आयात करता रहा है। स्वयं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने…
सुधारों को तेजी से लागू करके ही भारत बनेगा समृद्ध
भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, जिसमें बुनियादी ढांचे और डिजिटल भुगतान में प्रगति हुई है।
सबको बेहतर अवसर मुहैया कराना - आय बढ़ाना है चुनौती
विकसित भारत 2047 का संकल्प पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों से मजबूत हुआ है, जिसमें जन-कल्याण और डिजिटल सेवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कंधे-पीठ के दर्द चाहते है राहत तो रोज करें गोमुखासन
नई दिल्ली, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को स्वस्थ और तनावमुक्त रखने के लिए योग करना एक अच्छा विकल्प है। योग के विभिन्न आसनों में गोमुखासन शरीर को लचीला और मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद करता है।
जीवन धारा: हर दिन यों जिएं, जैसे अंतिम हो; आज करें, अभी करें का सूत्र बेहद सार्थक
जीवन धारा: हर दिन यों जिएं, जैसे अंतिम हो; आज करें, अभी करें का सूत्र बेहद सार्थक
दोहरे तर्क: कटघरे में अमेरिकी नीतियों की विश्वसनीयता, खुद जरूरत पड़ी तो रूस से डीजल आयात करने को राजी हुए ट्रंप
अमेरिका में वीजा का एक पहलू यह भी: जेडी वेंस की बात अपमानजनक, लेकिनजिस निर्भरता की ओर इशारा किया, वह असली
साहस बिन करुणा के अधूरा है: कैप्टन स्मित, बिट्टू असाधारण मनुष्य बने, बच्चों को पढ़ाने के लिए मैराथन दौड़ीं मां
नरेंद्र मोदी सरकार के समक्ष वैधता और भरोसे का गंभीर संकट
भारत की भाजपा सरकार अपनी वैधता के संकट का सामना कर रही है।

