विचार: क्यों अटके पड़े हैं कुछ आवश्यक काम
जैसे भाजपा अध्यक्ष के चुनाव में अनावश्यक देरी हुई थी, वैसे ही मोदी मंत्रिमंडल के फेरबदल-विस्तार में भी हो रही है।
मन की शांति में ही जीवन की सच्ची समृद्धि
अंतर्राष्ट्रीय तनाव जागरूकता दिवस (4 नवंबर 2026) पर विशेषः जीवन की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि मनुष्य ने संसार को सुविधाओं से भर दिया, लेकिन स्वयं के भीतर सुकून के लिए जगह कम कर ली। आज हमारे पास समय बचाने के असंख्य साधन हैं, पर समय का अभाव है, संवाद के अनगिनत माध्यम हैं, ... Read more
माता लक्ष्मी की स्थाई क्रपा प्राप्त करने का अचूक इलाज
दीपावली के पावन पर्व सौभाग्य धन,सम्पन्नता,सुख खुशी की कामना रखने वाले सभी व्यक्ति माता लक्ष्मी जी पूजा अर्चना और आराधना श्रद्धा के साथ करते हैं | साधारणतया हम अपने-अपने घरों की बाहरी सफाई करते हैं रंग रोशन भी करवाते हैं, घरों को सजाते भी हैं | हम दीपावली पर अपने आप से सवाल पूछें क्या ... Read more
सबसे दिलचस्प चुनाव परिणाम सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से आए। यहां 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में भाजपा छह, जबकि सपा पांच सीटें जीतने में सफल रही।
जागरण संपादकीय: प्रदूषण और पटाखे
यह सजगता दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के शासन-प्रशासन और लोगों को भी दिखानी होगी।
नशे में धुत दिख रहे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का डीपफेक वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो फेस स्वैप तकनीक की मदद से बनाया गया है. 2017 के मूल वीडियो में भगवंत मान नहीं, बल्कि कोई दूसरा व्यक्ति है.
चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने पार किया आंध्र तट
नई दिल्ली, चक्रवाती तूफान 'मुरासु' ने मंगलवार की सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार किया है।
Vivo Y32 5G Price: स्मार्टफोन निर्माता कंपनी वीवो (Vivo) ने अपना नया धांसू 5G स्मार्टफोन Vivo Y32 5G लॉन्च कर दिया है। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8,000mAh की बड़ी बैटरी और IP69 वॉटर और डस्ट रेजिस्टेंस रेटिंग है।
दूसरा पहलू: राजा हरिपाल की लोककथा, बौद्ध यात्रियों के वर्णनों से उलझन, हड़प्पा का महत्व समझनेसे चूके कनिंघम?
इलाज की सोच: जरूरत इस बात की है कि इस प्रगति का लाभ मरीज को एकसाथ मिले; इंसानी शरीर एक, तो इलाज अलग क्यों?
बॉलीवुड अभिनेता तुषार कपूर को धमकी भरा कॉल आया है। इसमें उनसे पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई।फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया। पुलिस ने जांच में क्या पता लगाया है? जानिए
चंद्रशेखर की पहल पर ट्रस्ट बना जेपी का घर: दशकों पहले हुआ कायाकल्प, अब कुप्रचार का विरोध हमारा दायित्व
जेपी की अंतिम गांव यात्रा और खर्च पर सवाल: गांव छोड़ने से पहले चंद्रशेखर से कहा- 'हमार गइयां देखत रहिह'
जेपी पर विशेष: उत्तर प्रदेश या बिहार... सिताबदियारा से जुड़ा उल्लेख कहां, मौजूदा घर की जमीन किसके अधीन थी?
अशांति की जड़ में नौकरियां, भोजन और भविष्य-किधर जा रहा भारत?
मौजूदा राजनीतिक अशांति, अगर इसे ऐसा कहा जाए, तो यह युवाओं और मध्यम व निम्न-मध्यम वर्ग के एक बड़े हिस्से के मन में भविष्य को लेकर छाई निराशा को दर्शाती है
...फिर भी संघ-भाजपा का राग 'घुसपैठिया' जारी!
मोदीशाही के अंत की शुरूआत हो गयी है। 1 नवंबर की इंडिया ब्लाक समेत तमाम विपक्ष की रामलीला मैदान की विशाल रैली ने, बिगुल बजाकर मोदीशाही के अंत की शुरूआत का ऐलान किया है
रैली खत्म हुई तो सड़कों से भीड़ छंटने लगी, लेकिन रविवार की कमाई का हिसाब दुकानदारों के पास रह गया। किसी ने दिनभर में 200 किलो संतरे का रस बेचकर अच्छी कमाई की, तो किसी की दूध वाली चाय की 20 लीटर तक बिक्री हुई।
अमेरिका मध्यावधि चुनाव: प्रचार में ट्रंप का आखिरी दांव; एक और मौके का जिक्र क्यों? 127 वादों की सूची में क्या?- US Midterm Elections Trump final gambit campaign trail mention another chance And what his list 127 promises
मौसमी दशाओं के प्रतिकूल होते ही सोमवार को दिल्ली की हवा एक बार फिर प्रदूषण की चपेट में आ गई। राजधानी में प्रदूषण बढ़ाने में पड़ोसी राज्यों के 19 जिलों से आने वाले प्रदूषकों और वाहनों के धुएं की प्रमुख भूमिका रही।
केंद्र में नरेन्द्र मोदी के बारह सालों के शासन का हासिल यह है कि सामान्य बुद्धि को ताक पर रखकर धर्म के नाम पर खुद को नुकसान पहुंचाने से भी लोग अब झिझक नहीं रहे हैं।
लंदन को मिलनसार बनाने में योगदान दे रहे भारतीय
लुप्त होती सांस्कृतिक विरासत का एक संकेत यह है कि विकसित देशों की सड़कों पर एक-दूसरे से अपरिचित दो भारतीय सामने पड़ने पर एक-दूजे से नजरें चुराएं, सिर झुकाएं और थोड़ा पीछे हट जाएं…
स्वच्छ आबोहवा सरकार की जिम्मेदारी
दीवाली से ऐन पहले दिल्ली में प्रदूषण चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। स्थिति यह है कि काम-धंधा के लिए घरों से बाहर निकलने वाले लोगों की आंखें जल रही हैं। फेंफड़ों की क्या स्थिति हो गई होगी, यह तो ईश्वर ही जानता होगा…
तेरी हँसी में सुबह मिले, तेरी नज़र में शाम करूँ, तू जो मिले तो ज़िंदगी को, हर पल तेरे नाम करूँ। आ जा ज़रा, मेरे करीब आ, कुछ अनकही सी बात करूँ, तू मेरी धड़कनों में रहे, मैं तुझसे ही शुरुआत करूँ। चुपके से जब हवा चले, तेरा ही एहसास आए, भीगी हुई इन पलकों ... Read more
बीते एक वर्ष में सीआरपीएफ अर्थात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के किसी भी जवान का किसी अभियान में शहीद न होना सुखद है। यह संयोग बीते 47 वर्षों में पहली बार बना है और 30 अक्तूबर, 2025 के बाद सीआरपीएफ…
जागरण संपादकीय: घुसपैठिए मतदाता
गृहमंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में विपक्ष के 'वोट चोरी' के आरोपों का खंडन किया, कहा कि मतदाता सूची शुद्धिकरण में हटाए गए 13 करोड़ नामों में घुसपैठिए भी शामिल हैं।
कांग्रेस का चुनिंदा विरोधाभास: सीएम माझी
मुख्य चुनाव आयुक्त के त्यागपत्र की मांग पर अड़ी कांग्रेस यदि वास्तव में चुनाव आयोग की स्वायत्तता को मजबूत बनाना चाहती है, तो उसे ठोस सुधारों पर सहमति बनानी चाहिए।
विचार: मुनाफाखोरी की गिरफ्त में मरीज
महंगी और साथ ही नकली दवाओं का बढ़ता कारोबार केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि नैतिक संकट भी है।
विचार: लोकतंत्र के नाम पर अलोकतांत्रिक आचरण
मतदाता सूची पुनरीक्षण बहाने 'रिजीम चेंज' की मांग लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। तख्तापलट का यह एजेंडा देश में अराजकता व अस्थिरता ला सकता है।
विचार: खत्म होना चाहिए शिक्षक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
संविधान में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का उद्देश्य अनुभवी व जानकार लोगों को सदन में लाना था, पर अब यह राजनीतिकरण का शिकार हो गया है। साक्षरता बढ़ने से इनकी प्रासंगिकता खत्म हो गई है और राज्यसभा की तरह विशेषज्ञता के आधार पर मनोनयन होना चाहिए।
विचार: उम्मीदवारों के चयन में हो मतदाताओं की भूमिका
वर्तमान में राजनीतिक दलों द्वारा अलोकतांत्रिक तरीके से टिकट वितरण के कारण उच्च सदनों में योग्य उम्मीदवार नहीं आ पाते हैं। मतदाताओं की भूमिका से उम्मीदवार चयन प्रक्रिया में सुधार कर लोकतंत्र को मजबूत किया जा सकता है, जैसा कि अमेरिका और यूरोपीय देशों में होता है।
'रामायण: पार्ट 1' की रिलीज में अब सिर्फ तीन दिन बाकी हैं।ऐसे में रणबीर कपूर इस फिल्म की एडवांस बुकिंग भी तेजी से आगे बढ़ रही है।भारत में एडवांस बुकिंग में फिल्म ने 50 करोड़ रुपये की कमाई के आंकड़े के करीब पहुंच गई।
जीवन धारा: बदलाव की शुरुआत खुद से हो, छोटे कदम उठाने का सूत्र सार्थक और कारगर
जीवन धारा:बदलाव की शुरुआतखुद से हो,छोटे कदम उठाने का सूत्र सार्थक और कारगर
शक्ति प्रदर्शन: रामलीला मैदान में 'मोदी बनाम सभी' का आख्यान गढ़ने की कोशिश, कैसे मजबूत होगा चुनावी लोकतंत्र?
दिवाली अलर्ट: लाइटिंग करते समय भूलकर न करें ये 4 गलतियां, वरना लग सकता है करंट
दिवाली पर घर को रोशनी से सजाते समय बिजली से जुड़ी छोटी सी लापरवाही भी करंट लगने या आग लगने का कारण बन सकती हैइसलिए घर में लड़ियां लगाते समय आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी हो जाता है
बच्चों को इंटरनेट से दूर करना ठीक नहीं:हानिकारक ऑनलाइन सामग्री से बचाना,डिजिटल दुनिया से बाहर करने में अंतर
विचारधारा ही काफी नहीं है: रचनात्मकता अहम, लोकप्रिय नेता वैचारिक लचीलेपन को अपने करिश्मे के साथ जोड़ लेते हैं
बदरीनाथ के सिर पर लटकते खतरनाक हिमनद
28 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका लैंडस्लाइड्स में प्रकाशित बताए गए अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बदरीनाथ के ऊपर लगभग 4,700 से 5,465 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तीन लटकते हिमनदों का आकलन किया।
OTT Release This Week: यह सप्ताह काफी खास है। दिवाली का उत्सव है।सिनेमाघरों में मेगा बजट फिल्म 'रामायण' लगने वाली है। मगर, ओटीटी पर भी आपको एंटरटेनमेंट का अच्छा डोज मिलेगा।
ललित सुरजन की कलम से सागौन के फूल और उदास नर्मदा
'प्रगतिशील लेखक संघ का कार्यक्रम तो घंटे-दो-घंटे का था, वह भी शाम के समय।
मानव जीवन के लिए हवा, पानी के बाद जिंदा रहने के लिए भोजन ही मूलभूत आवश्यकता है।
दस दिन में चार चुनाव : तानाशाही को आखिरकार मिल रहा है जवाब
स्टूडेंट स्ट्रीट पिछले 14 सालों में वुसिक शासन के तानाशाही रवैए को खत्म करके देश को असली लोकतंत्र में बदलने के लिए 11सूत्री योजना पर काम कर रहा है।
ललित सुरजन की कलम से - सागौन के फूल और उदास नर्मदा
'प्रगतिशील लेखक संघ का कार्यक्रम तो घंटे-दो-घंटे का था, वह भी शाम के समय। मैंने सोच रखा था कि दो दिन जबलपुर घूमने-फिरने में बिताऊंगा
विचार: लोकतंत्र के लिए खतरा है भीड़तंत्र
जब असहमति सार्वजनिक जीवन को बाधित करने का काम करने लगती है, तब लोकतंत्र भीड़तंत्र में बदलने लगता है।
विचार: ट्रंप प्रशासन को प्रभावित करने वाले चुनाव
मध्यावधि चुनावों में अगर अमेरिकी संसद में विपक्षी दलों का बहुमत हो गया तो ट्रंप के लिए शेष कार्यकाल में सरकार चलाना मुश्किल होगा।
स्कूली शिक्षा को परोपकार जैसे नैतिक मूल्य चाहिए
परोपकार और स्वार्थ मानव विकास के दौरान विकसित प्रवृत्तियां हैं, लेकिन हमने जो दुनिया बनाई है, उसमें स्वार्थ को तो सहेज लिया, लेकिन परोपकार को उसके हाल पर छोड़ दिया। जैसे, स्कूली शिक्षा को ही ले लें। पिछले दो दशकों में यह बात स्पष्ट हो…
खाताधारकों का नुकसान बैंक भरें
पंजाब नेशनल बैंक के ग्रेटर नोएडा स्थित शाखा में अभी जो घोटाला सामने आया है, यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले वर्षों में पीएनबी और दूसरे कई बैंकों में तरह-तरह के घोटाले सामने आ चुके हैं। निस्संदेह, आरबीआई को देखना चाहिए…
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर शनिवार को हुए प्रतीकात्मक ‘जन-महाभियोग’ कार्यक्रम में जिस तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध छह बिंदुओं का आरोप पत्र पेश किया गया, उससे तय था कि रविवार की महारैली में विपक्षी ‘इंडिया’ ब्लॉक केंद्र सरकार पर अधिक हमलावर रहेगा…
ई.एफ.आर. की 120 वर्षों की गौरवगाथा
वफादारी और बहादुरी की अमिट मिसाल पश्चिम बंगाल की सबसे पुरानी और गौरवशाली बटालियनों में से एक ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स (ई.एफ.आर.) की पहचान देश के प्रति निस्वार्थ समर्पण, अनुशासन, वफादारी और अदम्य बहादुरी से रही है। इस बटालियन ने अपने गौरवशाली सफर में ऐसे अनेक अध्याय लिखे हैं, जिन्हें इतिहास के पन्नों से कभी मिटाया ... Read more
पृथ्वी मुद्रा हर समस्या का रामबाण हल है, बाल झड़ने से लेकर कमजोर हड्डियों तक
नई दिल्ली, हमारे शरीर का निर्माण पंचमहाभूतों- पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से हुआ है। जब इन तत्वों में असंतुलन आ जाता है, तो शरीर में कई तरह की बीमारियां और कमजोरियां आने लगती हैं। योग में मुद्राओं को इन तत्वों को संतुलित करना का सबसे सरल और प्रभावी तरीका माना गया है। इन्हीं मुद्राओं में से एक है, पृथ्वी मुद्रा।
पंचांग : दोपहर 12:06 बजे तक रहेगा 'शुभ योग'
नई दिल्ली, हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना की एक पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।
योगाभ्यास : शारीरिक मुद्रा और सांस तकनीक तक सीमित नहीं है योग
नई दिल्ली, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को स्वस्थ रखने के लिए लोग योग का सहारा ले रहे हैं। सुबह उठकर योग मैट बिछाना, अलग-अलग आसन करना और प्राणायाम के जरिए सांसों को नियंत्रित करना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि योग का मतलब सिर्फ शरीर को लचीला बनाना या कुछ शारीरिक मुद्राएं करना नहीं है? योग इससे कहीं ज्यादा व्यापक है। यह शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने के साथ-साथ बेहतर जीवन जीने का तरीका भी सिखाता है।
जालंधर में सड़क हादसा: खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार, हनी सिंह के 'भतीजे' समेत दो की मौत
बर्थडे पार्टी से घर लौट रहे युवकों की कार खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई जिस कारण ये हादसा हुआ। हादसे में दो दोस्तों की मौत हो गई।
खुला आकाश: योग, लोक और भाषा के बीच चौरंगीनाथ, हिंदी की जनभाषायी चेतना कैसे आगे बढ़ी?
खुला आकाश:योग, लोक और भाषा के बीच चौरंगीनाथ,हिंदी की जनभाषायी चेतना कैसे आगे बढ़ी?
राजमोहन गांधी के पटेल: नेहरू के साथ राजनीतिक मतभेदों से आगे बढ़ना होगा, दोनों के संबंध-साझा संकल्प देखना जरूरी
जानना जरूरी है: मोह के कारण ब्राह्मण बना तोता, महर्षि च्यवन के पूर्वजन्म के वृत्तांत से जुड़ी कथा क्या?
जंग और वोट: खर्चा बढ़ता जाता है, शव लौटाए जाते हैं; राष्ट्रपति कहते हैं, बस कुछ हफ्ते और...
जंग और वोट: खर्चा बढ़ता जाता है, शव लौटाए जाते हैं; राष्ट्रपति कहते हैं, बस कुछ हफ्ते और...
विचार: असहनीय हो चुकी है न्याय में देरी
न्याय में देरी की विकट समस्या से निपटने के लिए केवल निचली अदालतों ही नहीं, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय सहित संपूर्ण न्याय तंत्र की जवाबदेही तय करना अनिवार्य हो गया है, ताकि लोगों को समय पर सही न्याय मिल सके।
जागरण संपादकीय: राजनीतिक तमाशा
दिखावटी संसद में एक तो सिविल सोसायटी के नाम पर आंदोलनजीवी किस्म के लोगों को भी स्थान दिया गया और दूसरे वोट चोरी के जुमले की आड़ में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग भी लाया गया।
चीन निर्मित वस्तुओं का भारतीयों की जिंदगी पर गहरा प्रभाव है, लेकिन चीनियों के जीवन पर हमारा असर अति-सीमित है। हमें अपनी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत करनी होगी कि चीन या कोई और हमारी तरफ आंख उठाने से पहले 50 बार सोचे। स्वदेशी के नारे के साथ हमने प्रगति तो की है, पर अभी लंबी दूरी तय करनी है…
बिहार में भारी बारिश और तूफान, जारी हुआ रेड अलर्ट
पटना, मौसम विभाग ने शनिवार को बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
मुट्ठी भर अमीरों की कीमत चुका रही हैं पूरी दुनिया
दुनिया आज एक ऐसे विरोधाभास के दौर से गुजर रही है, जहां एक ओर विकास, समृद्धि और आधुनिकता के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गरीबी, भुखमरी, हिंसा, विस्थापन और पर्यावरणीय विनाश की चुनौतियां लगातार विकराल होती जा रही हैं। प्रश्न यह है कि जब दुनिया के पास पर्याप्त संसाधन हैं, ... Read more
बढ़ते जलवायु संकट के बीच ‘वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित करने की मांग
बढ़ते जलवायु संकट के बीच ‘वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित करने की मांग
151वीं जयंती पर विशेष: यदि सरदार पटेल भारत के प्रथम प्रधानमंत्री होते तो...
वर्ष 1946 में कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव का प्रसंग इस चर्चा का आधार है। उस समय कांग्रेस अध्यक्ष का पद केवल संगठन का नेतृत्व नहीं था,
पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का 30 अक्तूबर को दिल्ली में कॉन्सर्ट हुआ, जहां फैंस की भीड़ उमड़ी।दिलजीत ने अपने हिट गानों पर परफॉर्म किया, जिन पर लोगों ने झूमकर डांस किया।
Rashifal 31 October 2026: 31 अक्तूबर का दिन मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा? जानें सभी राशियों का करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति, प्रेम जीवन और सेहत का हाल।
भरोसे में सेंध: पीएनबी मामला देश की बैंकिंग व्यवस्था के लिए आत्ममंथन का अवसर, ग्राहकों का भरोसे ही बुनियाद
मोटापे की चुनौतीसे घिरता बचपन: यूनिसेफ की रिपोर्टसंकट की ओर इशारा, क्या भारत जैसे देशों के लिए भी चिंताजनक?
साम, दाम, दंड, भेद:अकेली महसूस कर रही दुनिया, समझने और सुलझाने के लिए कौटिल्य के चार मंत्र बुनियादी टूलकिट
तेज़ विकास के दावे के बीच समृद्धि कहां गायब है?
एक उबर ड्राइवर का कहना है कि वह पहले से ज़्यादा घंटे काम करता है फिर भी उसके हाथ में कम पैसे आते हैं
हमारे समय की एक विडंबना है कि राजनीति, जो जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम होनी चाहिए, धीरे-धीरे इस तरह हावी होती जा रही है कि जीवन के दूसरे महत्वपूर्ण पक्ष पीछे छूटने लगे हैं। हम किसे पसंद करते हैं
कन्यादान से कन्या के नाम राशि हड़पने तक : दो दशक में बदल गया जमाना
करीब 15-20 वर्षों पहले कन्या दान का भारतीय संस्कृति में बड़ा धार्मिक महत्व था । *कन्यादान के बिना व्यक्ति के जीवन की सार्थकता नहीं मानी जाती थी।* हर माता पिता की भावना होती थी कि कन्यादान करके अपने जीवन के एक बड़े (ऋण)भार से मुक्त महसूस करे।जिन माता पिता के पुत्री नहीं होती वे अपने ... Read more
एनवीएस 03 उपग्रह: सबसे कम समय में पूरी हुई जीएसएलवी से भेजने की तैयारी, इसरो प्रमुख गगनयान मिशन पर क्या बोले?
विचार: संशोधन मांग रहा जनप्रतिनिधित्व कानून
जब मतदाता सूची और मतदाता पहचान पत्र दोनों ही चुनाव आयोग जारी करता है, तो फिर उनका स्तर और उनकी मान्यता एकसमान क्यों नहीं?
विचार: जोखिम बढ़ाता बढ़ता व्यापार घाटा
चीन से बढ़ता व्यापार घाटा भारत की आर्थिक स्थिरता, औद्योगिक क्षमता और संप्रभुता से जुड़ा एक संवेदनशील विषय है।
निर्धनता में लगातार कमी आने के पीछे भारत की अर्थव्यवस्था का पिछले अनेक वर्षों से सबसे तेज गति से बढ़ना भी रहा।
युवा अपेक्षाओं को आवाज देने के लिए छात्र संघ जरूरी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 13 दिसंबर, 1947 को तत्कालीन प्रधानमंंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था, विश्वविद्यालय मानवता, सहिष्णुता, विचारों की स्वतंत्रता और सत्य की खोज के प्रतीक हैं। उन्होंने यह बुनियादी सवाल भ….
छात्र राजनीति की अब बहुत प्रासंगिकता नहीं बची
निस्संदेह, भारत जैसे विविधतापूर्ण लोकतांत्रिक देश में छात्र राजनीति का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है, पर बदलते दौर में इसकी पहले जैसी प्रासंगिकता शायद ही रह बची है। आज अनेक शैक्षणिक संस्थानों में छात्र राजनीति का मूल…
आभासी आकर्षण से जनादेश नहीं मिलते
राजस्थान में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर 21 लाख फॉलोअर्स वाले ओमप्रकाश ज्योतिष को सरपंच चुनाव में महज 33 वोट मिले। सोशल मीडिया की लोकप्रियता और जनता के बीच स्वीकार्यता में फर्क समझने के लिए इस पंचायत का चुनाव…
इजरायल में खंडित जनादेश के मायने
इजरायली संसद ‘नेसेट’ के लिए 27 अक्तूबर को हुए चुनाव प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए बेशक निराशाजनक रहे हैं, पर उनकी जल्द विदाई होती नहीं दिख रही। यह सही है कि नेतन्याहू जिस गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं…
क्रिप्टोकरेंसी अर्थात डिजिटल मुद्रा की दुनिया में हुई महाचोरी ने साइबर संसार में सक्रिय लोगों के बीच सनसनी फैला दी है। दुनिया में क्रिप्टो मुद्रा के सबसे बड़े एक्सचेंज बायनेंस ने लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की चोरी की बात मानी है…
क्या कंपनी बिना किसी कारण के आपको निकाल सकती है? जानें अपने अधिकार
नौकरी जाने का डर लगभग हर कर्मचारी को रहता है। कई बार कंपनी अचानक कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के लिए कह देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियोक्ता बिना किसी नियम का पालन किए कर्मचारी को नौकरी से निकाल सकता है? इसका जवाब सीधा हां या ना में नहीं है। कर्मचारी को हटाने के नियम उसकी नौकरी की प्रकृति, सेवा अवधि, नियुक्ति की शर्तों और उस संस्थान पर लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करते हैं। भारत में 21 नवंबर 2025 से Industrial Relations Code, 2020 लागू है। सरकार के अनुसार इस कानून में कर्मचारियों के लिए रिट्रेंचमेंट नोटिस और मुआवजे जैसी सुरक्षा बरकरार रखी गई है। इसे भी पढ़ें: EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम? क्या कंपनी कर्मचारी को मनमाने तरीके से निकाल सकती है? अगर किसी कर्मचारी को कानून के तहत ‘worker’ माना जाता है और उसने नियोक्ता के साथ कम से कम एक साल की निरंतर सेवा पूरी की है तो सामान्य रिट्रेंचमेंट के मामले में कुछ अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होती हैं। नियोक्ता को सामान्य तौर पर: - कर्मचारी को एक महीने का लिखित नोटिस देना होता है और उसमें रिट्रेंचमेंट का कारण बताया जाना चाहिए। - नोटिस की जगह संबंधित अवधि का वेतन दिया जा सकता है। - कर्मचारी को प्रत्येक पूरी हुई सेवा के वर्ष के लिए 15 दिन के औसत वेतन के बराबर रिट्रेंचमेंट मुआवजा देना होता है। - निर्धारित तरीके से संबंधित सरकारी प्राधिकरण को भी नोटिस देना होता है। - इसलिए ऐसा नहीं है कि हर कर्मचारी को कंपनी किसी भी समय बिना किसी प्रक्रिया के नौकरी से निकाल सकती है। 300 या उससे ज्यादा कर्मचारियों वाली यूनिट में क्या नियम हैं? औद्योगिक प्रतिष्ठानों की कुछ श्रेणियों पर ज्यादा कड़े प्रावधान लागू होते हैं। सरकार के मुताबिक 300 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में रिट्रेंचमेंट के लिए संबंधित सरकार की पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में सामान्य एक महीने के बजाय कानून के तहत तीन महीने का नोटिस या उसके बदले वेतन और अन्य निर्धारित शर्तें लागू हो सकती हैं। इसका मतलब है कि बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कर्मचारी को हटाने की प्रक्रिया और अधिक विनियमित है। क्या हर कर्मचारी को रिट्रेंचमेंट का मुआवजा मिलेगा? जरूरी नहीं। यहां ‘worker’ और ‘employee’ की कानूनी परिभाषा महत्वपूर्ण है। हर सफेदपोश या प्रबंधकीय कर्मचारी पर रिट्रेंचमेंट के यही प्रावधान सीधे लागू हों, ऐसा जरूरी नहीं है। इसके अलावा इस्तीफा, तय अवधि की नौकरी समाप्त होना, अनुशासनात्मक कार्रवाई या नियुक्ति-पत्र की शर्तों के अनुसार सेवा समाप्ति को हर स्थिति में रिट्रेंचमेंट नहीं माना जाता। इसलिए कर्मचारी को अपना appointment letter, employment contract और कंपनी की service conditions भी देखनी चाहिए। नौकरी से निकालते समय कर्मचारी क्या देखे? अगर कंपनी नौकरी समाप्त करने का फैसला करती है तो कर्मचारी को जल्दबाजी में दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के बजाय ये बातें जांचनी चाहिए: - नौकरी समाप्त करने का कारण लिखित में दिया गया है या नहीं। - नोटिस अवधि और नोटिस पे का हिसाब सही है या नहीं। - रिट्रेंचमेंट मुआवजा लागू होता है या नहीं। - बकाया वेतन, छुट्टी का भुगतान और अन्य देय राशि का हिसाब किया गया है या नहीं। - नियुक्ति-पत्र में termination से जुड़ी शर्तें क्या हैं। - कंपनी ने ‘resignation’ देने का दबाव तो नहीं बनाया है। शिकायत कहां कर सकते हैं? अगर कर्मचारी को लगता है कि उसे कानून के विपरीत हटाया गया है या उसका वैधानिक भुगतान नहीं किया गया, तो वह संबंधित श्रम विभाग/श्रम अधिकारी के समक्ष शिकायत या विवाद निपटान की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। Industrial Relations Code में विवादों के समाधान के लिए conciliation और adjudication की व्यवस्था है। Fixed-Term कर्मचारी भी जानें अपना अधिकार अगर कोई कर्मचारी निश्चित अवधि यानी Fixed-Term Employment (FTE) के तहत काम करता है तो उसे भी कई वैधानिक लाभों में स्थायी कर्मचारियों के समान अधिकार दिए गए हैं। सरकार के अनुसार FTE कर्मचारियों को वेतन, काम के घंटे और अन्य वैधानिक लाभों में स्थायी कर्मचारियों के बराबर अधिकार मिलते हैं तथा एक वर्ष की सेवा पूरी होने पर ग्रेच्युटी का प्रावधान भी है। कंपनी का कर्मचारी को नौकरी से हटाने का अधिकार पूरी तरह असीमित नहीं है। खासकर रिट्रेंचमेंट के मामलों में कानून नोटिस, मुआवजे और कुछ प्रतिष्ठानों में सरकारी अनुमति जैसी शर्तें लगाता है। हालांकि हर termination को रिट्रेंचमेंट नहीं माना जाता और हर कर्मचारी पर एक जैसे नियम लागू नहीं होते। इसलिए नौकरी जाने की स्थिति में सबसे पहले अपने नियुक्ति-पत्र, सेवा शर्तों और लागू श्रम कानून को देखना जरूरी है। - जे. पी. शुक्ला
भारत में मॉडल वाई के लिए टेस्ला ने लॉन्च किया 'हैलोवीन मोड'
नई दिल्ली, टेस्ला इंडिया ने शुक्रवार को मॉडल वाई और मॉडल वाईएल के लिए एक नया सॉफ्टवेयर अपडेट लॉन्च करने की घोषणा की।
नागपुर MLC चुनाव में कांग्रेस की जीत के जश्न का बताकर पुराना वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 19 अक्टूबर 2026 का है. कोल्हापुर में मिल्क यूनियन चुनाव में कांग्रेस समर्थित सदस्यों की जीत के बाद यह जश्न मनाया गया था.
भारत को वित्त और टेक्नोलॉजी पर करना होगा फोकस: इंडस्ट्री
नई दिल्ली, भारत को अपने 500 गीगावाट की क्लीन एनर्जी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जलवायु निवेश, अनुकूलन वित्त (अडैप्टेशन फाइनेंस), टेक्नोलॉजी सहयोग और औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
आकर्ण धनुरासन : पैरों से लेकर रीढ़ तक को बनाता है मजबूत
नई दिल्ली, प्राचीन योग ग्रंथों में ऐसे कई सारे आसनों का वर्णन मिलता है, जो शरीर को हर तरह से निरोग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। योग के विभिन्न आसनों में आकर्ण धनुरासन है, जिसके नियमित अभ्यास से यह आसन पैरों, कंधों और कमर के लचीलेपन को बढ़ाता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला शुक्रवार को ऑकलैंड में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी है। इस दौरान अर्शदीप सिंह के पास एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम करने का मौका होगा।
AI Impact On Jobs: एआई के बढ़ते इस्तेमाल का असर अब अमेरिका में छात्रों के करियर चुनाव पर भी दिख रहा है। कंप्यूटर साइंस के अंडरग्रेजुएट कोर्स में दो साल के भीतर छात्रों की संख्या 18.4% और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में 27.1% घट गई है।
Rashifal 30 October 2026: 30 अक्टूबर का दिन मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा? जानें सभी राशियों का करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति, प्रेम जीवन और सेहत का हाल।
सिंगर दिलजीत दोसांझ नए कॉन्सर्ट टूर ‘ऑरा इंडिया टूर 2026’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। उनका लाइव कॉन्सर्ट आज दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होगा। अगर आप भी लाइव परफॉर्मेंस देखने जा रहे हैं, तो जान लीजिए कॉन्सर्ट से जुड़ी पूरी जानकारी।
गिरता राजनीतिक संवाद का स्तर:असंसदीय भाषा से लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुंचाती है, भाषणों को सभ्य बनाना होगा

