पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के लिए हुक्का बनाते मुलायम सिंह की तस्वीर फेक है
बूम ने पाया कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और दिवंगत सपा नेता मुलायम सिंह यादव की यह तस्वीर OpenAI के AI टूल्स की मदद से बनाई गई है.
एक भूखंड पर 150 से अधिक दावेदार, 109 आवेदकों को मिला भूखंड
मधुबन बापूधाम योजना में अपनी जमीन, अपना आसमान के तहत बुधवार को हिंदी भवन में ऑनलाइन ई-लॉटरी का आयोजन किया, जिसमें 109 भूखंडों को आवंटित किया गया। इसके लिए 16,436 आवेदक पात्र पाए गए थे। ऐसे में एक भूखंड पर 150 से अधिक आवेदकों ने दावेदारी की…
जीवन धारा: सत्य तो हमारे भीतर ही छिपा है, अपने मन पर विजय पाना ही सार्थक सूत्र
जीवन धारा: सत्य तो हमारेभीतर ही छिपा है, अपने मन पर विजय पाना ही सार्थक सूत्र
बुढ़िया के ताल में सदियों पुराने राज:इमारत पहली नजर में रहस्यमय लगती है, ASI को मिलीं बौद्ध और जैन मूर्तियां!
पीढ़ी तो यही काम करेगी: जेन-जी और जेन अल्फा के कंधे पर विकसित भारत का सपना, क्या हम अवसर दे रहे हैं?
पीढ़ी तो यही काम करेगी: जेन-जी और जेन अल्फा के कंधे पर विकसित भारत का सपना, क्या हम अवसर दे रहे हैं?
उन्नीस साल बाद कोलकाता लौटना: अपने खोए हुए जीवन के एक जरूरी अध्याय में वापसी; लिखती रहूंगी, सच कहती रहूंगी
Aaj Ka Rashifal 20 August: मेष और सिंह राशि वालों की बढ़ेगी तरक्की, मिलेंगे नए अवसर
Aaj Ka Rashifal 20 August 2026: आज का दिन मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए खास रहने वाला है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का असर करियर, कारोबार, धन और रिश्तों पर देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा।
युवाओं को 18 वर्ष की आयु में मताधिकार देने वाले राजीव गांधी
डिजिटल इंडिया के आर्किटेक्ट और सूचना तकनीक दूरसंचार क्रांति के जनक एवं पंचायती राज के सशक्तिकरण के प्रणेता तथा युवाओं को 18 वर्ष की आयु में मताधिकार देने वाले राजीव गांधी प्रधानमंत्री रहते हुए स्व गांधी ने कई महत्वपूर्ण काम किए जिन्होंने देश के विकास को नई दिशा प्रदान की | राजीव गांधी को डिजिटल ... Read more
मौत की सज़ा बरकरार, लेकिन पूरी तरह खुला है इसे खत्म करने का रास्ता
अदालत ने मौत की सज़ा देने के राज्य के मौजूदा तरीके को सही ठहराया है, साथ ही यह भी माना है कि उस तरीके का समर्थन करने वाले वैज्ञानिक आधार पुराने पड़ सकते हैं।
ललित सुरजन की कलम से- देशबन्धु: चौथा खंभा बनने से इंकार- 9
1950 के दशक में नागपुर से 'प्रतिभा' शीर्षक एक बेहतरीन साहित्यिक पत्रिका प्रकाशित होती थी, जिसमें संपादक के रूप में वीरेंद्र कुमार तिवारी का नाम छपता था।
भारतीय राजनीति में सोनिया गांधी का जीवन हमेशा ही चर्चा का विषय रहा है।
मेरठ-करनाल हाईवे पर बिडौली गुरुद्वारे के सामने बुधवार को हादसा हो गया।
टीकरी मेट्रो स्टेशन के पास सीएनजी पंप पर हुए भीषण ब्लास्ट ने ट्रांसपोर्ट कंपनियों की लापरवाही पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विचार: राष्ट्रीय गीत के प्रति दुर्भाग्यपूर्ण रवैया
चूंकि केरलम में मुस्लिम लीग के साथ कांग्रेस चुनाव लड़ती है और वह सरकार में शामिल है, इसलिए वहां राष्ट्रीय गीत का गायन नहीं हुआ। कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में यह स्थिति नहीं है, इसलिए इसे वहां गाया गया।
यह सही है कि सुधारों का सिलसिला सदैव कायम ही रहता है, लेकिन जो सुधार बहुत पहले हो जाने चाहिए थे, उनका भी लंबित रहना अफसोस और चिंता की बात है।
किसी साधक ने सवाल किया है कि क्या वाकई यह जगत स्वप्न से अधिक कुछ नहीं है? स्वप्न जब तक रहे, तब तक उसे सत्य मानने में क्या गलती है? आप पूर्णतया असंभव घटना स्वप्न में देखते ही हो। उदाहरण के लिए, आप किसी मृत व्यक्ति से…
सावन में कजरी से पूरबिया तक लोक संगीत परंपरा
कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया/ बदरिया घेरि आइल ननदी/ तू त जात हउ अकेली/ कौनो संग न सहेली... जी हां, ऐसे मधुर कजरी गीत सावन के महीने में ही सुनाई पड़ते हैं। बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, सावन और कजरी... यह आपस में बिंधा…
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने वाली पहल
अक्षय ऊर्जा दिवस 20 अगस्त को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य अक्षय ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाना है। वर्ष 2004 में इस दिवस को मनाने का शुभारंभ किया गया था। अक्षय ऊर्जा का मतलब समझना जरूरी है, इस ऊर्जा…
अपनी पत्रकारिता के दौर में मैं राजीव गांधी से अक्सर मिला करता था। इन मुलाकातों के दरम्यान कई बार उन्होंने यह कहा कि तुम पत्रकार हो, मेरी आलोचना भी लिखा करो। एक बार मैंने पूछ ही लिया कि आप ऐसा क्यों कहते हैं…
शासन-प्रशासन की छोटी-बड़ी कमियों के विरोध में देश भर में विरोध-प्रदर्शनों का माहौल बनना चिंता की बात है। दोराय नहीं कि जंतर मंतर पर हुए आंदोलन से प्रेरित प्रदर्शनों की बाढ़ आई हुई है। स्वाभाविक है, छात्रों की नाराजगी को भुनाने…
फिल्म टॉक्सिक के लिए नयनतारा ने मुंडवा लिया सिर? नहीं, तस्वीर AI की मदद से एडिट की गई है
बूम ने पाया कि वायरल हो रही नयनतारा की दोनों तस्वीरें गूगल AI का उपयोग करके बनाई गई हैं.
बदलते मौसम में फ्लू को हल्के में न ले, बीमारी में गलती से भी ना करे ये काम
नई दिल्ली, मौसम बदलने के साथ सर्दी, खांसी और बुखार जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं। इन्हीं में से एक है फ्लू। यह एक तरह का वायरस से होने वाला संक्रमण है, जो नाक और गले के साथ-साथ फेफड़ों पर भी असर डालता है। कई बार फ्लू के लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग इसे मामूली सर्दी-जुकाम समझ लेते हैं और अपनी मर्जी से दवाएं लेने लगते हैं। यही छोटी-छोटी गलतियां कई बार बीमारी को बढ़ा सकती हैं।
तनाव से राहत से लेकर दिमाग तेज करने तक, मेडिटेशन के फयदे जाने
नई दिल्ली, आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में लोगों के पास खुद के लिए समय काफी कम होता जा रहा है। काम का दबाव, घर की जिम्मेदारियां, भविष्य की चिंता और लगातार भागती दिनचर्या का असर मन पर भी पड़ता है। कई बार बिना किसी खास वजह के बेचैनी महसूस होने लगती है, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है या किसी काम में मन लगाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कुछ मिनट खुद के लिए निकालना काफी मददगार हो सकता है।
धूल-धुएं से बचाव के साथ फॉलो करे ये हेल्थ टिप्स
नई दिल्ली, हवा में बढ़ता धुआं, धूल और पार्टिकुलेट प्रदूषण सिर्फ बाहर निकलने में परेशानी नहीं पैदा करता, बल्कि सांस से जुड़ी दिक्कतों को भी बढ़ा सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से अस्थमा या किसी दूसरी सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को प्रदूषित हवा में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। ऐसे में थोड़ी सी सतर्कता और रोजमर्रा की कुछ आसान आदतें सांस की सेहत को बेहतर रखने में मदद कर सकती हैं।
भरोसे की परीक्षा:एनटीए पर लगातार उठ रहे सवाल,चुनौती दोबारा परीक्षा कराने भर की नहीं, विश्वसनीयता की बहाली भी
Aaj Ka Rashifal 19 August: इन 5 राशि वालों के लिए लकी रहेगा दिन, बनेंगे सभी अटके काम
Rashifal 19 August:जानिए मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए आज का दिन कैसा रहेगा।
असफलता से सीख: जीवन सीधी रेखा नहीं, निरंतर सृजन है; क्या बदलते रास्ते ही हमें बेहतर इंसान बनाते हैं?
असफलता से सीख: जीवन सीधी रेखा नहीं, निरंतर सृजन है; क्या बदलते रास्ते ही हमें बेहतर इंसान बनाते हैं?
ललित सुरजन की कलम से - शीशे का मसीहा
'शीशे के मसीहाओं की इस लंबी कतार में सबसे ताजा नाम देश के महालेखानियंत्रक वी.के. राय का है. जनता को ऐसा बताया जा रहा है मानो भ्रष्टाचार से खात्मे के लिए वे ही देश की आखिरी उम्मीद हैं
चीन का 'आइस सिल्क रोड': आर्कटिक में सबसे पहले पहुंचना क्यों मायने रखता है
पिघलती बर्फ और सुलगते मध्य पूर्व ने चीन को एक नया व्यापारिक मार्ग और एक शुरुआती बढ़त दे दी है
भारी वर्षा और धराशायी होती हरियाली
भारतीय मानसून केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत नहीं है; यह जीवन और विनाश, दोनों का एक साथ आगमन है।
विचार: सत्ताधारी दल के संगठन की चुनौतियां
किसी सत्तारुढ़ दल के संगठन का काम तब आसान होता है, जब उसकी सरकार सुशासन के हर मोर्चे पर मजबूत दिखे
विचार: भारतीय ज्ञान परंपरा को मिली महत्ता
भारतीय ज्ञान की खोज हमें औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त करने के साथ ही विकसित भारत के लिए ज्ञान-लोक गढ़ने वाली भी है।
जागरण संपादकीय: स्वदेशी रक्षा सामग्री
रक्षा मंत्रालय ने 400 से अधिक सैन्य सामग्री के स्वदेशी निर्माण की छठी सूची जारी की, जिसमें उन्नत हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान शामिल हैं।
संकट में सहायता करने वालों की कमी नहीं
हर वर्ष 19 अगस्त को ‘विश्व मानवतावादी दिवस’ मनाया जाता है। यह दिवस केवल उन लोगों के स्मरण का अवसर नहीं है, जिन्होंने युद्ध, हिंसा, प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकटों के बीच दूसरों की सहायता करते हुए अपने प्राण…
रेलवे की तरह सड़क परिवहन को भी डीजल मुक्त बनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के प्राचीर से कहा, ‘भारतीय रेल का सौ फीसदी नेटवर्क अब बिजली से चलने लगा है।’ मतलब, भारत ऐसा करने वाला स्विटजरलैंड के बाद दुनिया का दूसरा देश बन गया और बड़े…
टीम नवीन से भाजपा ने बांधी नई उम्मीद
एक लंबे इंतजार के बाद आखिरकार खबर आ ही गई। भारतीय जनता पार्टी के नए से पुराने हो चुके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया गया। नवीन को बड़े जोर-शोर से पीढ़ीगत बदलाव के नाम पर पटना से…
Masked Aadhaar Card क्या है, जानें कैसे यह आपके बैंक अकाउंट को फ्रॉड से रखता है सेफ?
आधार आज कई सरकारी और निजी सेवाओं में पहचान के दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल होता है। बैंकिंग और दूसरी सेवाओं में KYC के लिए भी आधार का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में आधार नंबर को अनावश्यक रूप से सार्वजनिक करने से बचना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए Masked Aadhaar का विकल्प दिया गया है। इसमें आधार नंबर के ज्यादातर अंक छिपे रहते हैं और केवल आखिरी चार अंक दिखाई देते हैं। क्या होता है Masked Aadhaar? UIDAI के मुताबिक, Masked Aadhaar में आधार नंबर के पहले आठ अंक ‘xxxx-xxxx’ से छिपा दिए जाते हैं, जबकि केवल अंतिम चार अंक दिखाई देते हैं। यानी 12 अंकों का पूरा आधार नंबर दस्तावेज पर नजर नहीं आता। यह e-Aadhaar का ही एक रूप है। इसका मकसद जरूरत के मुताबिक पहचान का दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए आधार नंबर के अनावश्यक खुलासे को कम करना है। इसे भी पढ़ें: Atal Pension Scheme: क्या आपको मिल सकती है 5000 रुपये की पेंशन? क्या Masked Aadhaar से बैंक अकाउंट सुरक्षित रहता है? यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। Masked Aadhaar अपने आप बैंक अकाउंट को फ्रॉड से सुरक्षित नहीं करता। इसका फायदा मुख्य रूप से यह है कि आपका पूरा आधार नंबर हर जगह साझा नहीं होता। UIDAI स्पष्ट करता है कि केवल आधार नंबर की जानकारी से कोई व्यक्ति बैंक खाते से पैसे नहीं निकाल सकता। बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए बैंक का PIN, OTP और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। इसलिए Masked Aadhaar को सुरक्षा की एक अतिरिक्त सावधानी के तौर पर देखा जा सकता है, न कि बैंक फ्रॉड से बचाव की गारंटी के रूप में। Masked Aadhaar इस्तेमाल करने के फायदे - पूरा 12 अंकों का आधार नंबर सामने नहीं आता। - दस्तावेज की कॉपी साझा करते समय आधार नंबर के अनावश्यक खुलासे का जोखिम कम होता है। - पहचान सत्यापन के लिए जरूरत के मुताबिक इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। - आधार नंबर को सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचने में मदद मिलती है। Masked Aadhaar कैसे डाउनलोड करें? Masked Aadhaar को UIDAI की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। - UIDAI के MyAadhaar पोर्टल पर जाएं। - Download Aadhaar विकल्प चुनें। - अपना आधार नंबर या उपलब्ध अन्य विवरण दर्ज करें। - OTP के जरिए सत्यापन करें। - डाउनलोड के विकल्प में Masked Aadhaar चुनें। - PDF डाउनलोड करके सुरक्षित रखें। UIDAI के अनुसार e-Aadhaar को MyAadhaar पोर्टल या mAadhaar ऐप के जरिए डाउनलोड किया जा सकता है। बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान Masked Aadhaar इस्तेमाल करने के साथ इन सावधानियों का भी ध्यान रखें: - बैंक का OTP किसी के साथ साझा न करें। - ATM PIN, UPI PIN और इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड गोपनीय रखें। - अनजान लिंक पर क्लिक करके बैंकिंग जानकारी न भरें। - किसी अनजान व्यक्ति को आधार की कॉपी जरूरत से ज्यादा साझा न करें। - सार्वजनिक जगहों या सोशल मीडिया पर आधार की पूरी कॉपी पोस्ट न करें। - संदिग्ध बैंक कॉल आने पर खुद बैंक के आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें। UIDAI यह भी बताता है कि आधार नंबर का इस्तेमाल अपने आप बैंकिंग फ्रॉड करने के लिए नहीं किया जा सकता; बैंक खाते की सुरक्षा के लिए PIN और OTP जैसी गोपनीय जानकारी को सुरक्षित रखना जरूरी है। ज्यादा सुरक्षा चाहिए तो UID लॉक कर सकते हैं। अगर आप आधार की सुरक्षा को और मजबूत करना चाहते हैं तो UIDAI की Aadhaar Lock/Unlock सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। UIDAI के अनुसार Aadhaar (UID) लॉक करने के बाद UID, UID Token और VID के जरिए बायोमेट्रिक, डेमोग्राफिक और OTP आधारित authentication नहीं किया जा सकता। जरूरत पड़ने पर इसे बाद में अनलॉक किया जा सकता है। Masked Aadhaar उन लोगों के लिए उपयोगी विकल्प है, जिन्हें पहचान दस्तावेज साझा करने की जरूरत पड़ती है लेकिन वे अपना पूरा आधार नंबर सार्वजनिक नहीं करना चाहते। इसमें पहले आठ अंक छिपे रहते हैं और केवल आखिरी चार अंक दिखाई देते हैं। हालांकि, इसे बैंक खाते की सुरक्षा की गारंटी नहीं समझना चाहिए। बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए OTP, PIN, पासवर्ड और अन्य संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखना सबसे जरूरी है। जरूरत के अनुसार Masked Aadhaar और UIDAI की अन्य सुरक्षा सुविधाओं का इस्तेमाल करके आधार संबंधी जोखिम को कम किया जा सकता है। - जे. पी. शुक्ला
405 रक्षा उत्पाद : लड़ाकू विमान से बख्तरबंद प्लेटफॉर्म तक अब भारत में होगा विकास
नई दिल्ली, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश के रक्षा उत्पादन क्षेत्र को बड़ी मजबूती मिली है। रक्षा उत्पादन विभाग ने 405 रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रक्षा वस्तुओं की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची जारी की है।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मैच जारी है। तीन दिन का खेल हो चुका है।
AI Voice Technology: एलेक्सा और सिरी कैसे करते हैं इन्सानों से बातें, आवाज के पीछे कौन सी तकनीक करती है काम?
Moral Values: भीतर की नैतिक आवाज कैसे बनती है जीवन की सबसे बड़ी ताकत, हर फैसला लेने से पहले क्यों सोचना चाहिए?
ललित सुरजन की कलम से न्यायमूर्ति दवे के उद्गार
श्री दवे पहली कक्षा से ही बच्चों को गीता और रामायण पढ़ा देना चाहते हैं।
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
लाल किले का भाषण और फासीवादी एजेंडा की खुलती परतें
'दिमागी नक्सल के नाम पर किस तरह मौजूदा निजाम की तमाम वास्तविक आलोचनाओं को मोदीशाही निशाने पर रखने जा रही है,
विचार: फिर से पटरी पर आता बंगाल
नए बंगाल को आधुनिक बनना है, लेकिन अपनी जड़ों को छोड़कर नहीं। सौ दिन मंजिल नहीं, शुरुआत हैं।
विचार: सुविधा की कीमत चुकाने का समय
समग्रता में देखें तो हर किसी सेवा-सुविधा के साथ कुछ शुल्क तो जुड़ा ही रहता है। अगर यह शुल्क स्पष्ट है तो उसमें ईमानदारी का भाव रहेगा, लेकिन दबे-छिपे रूप में शायद ऐसा संभव न हो।
दिमागी नक्सलियों पर पूरे देश में चर्चा के मायने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘दिमागी नक्सल’ के खतरे से सावधान किया है। यह चेतावनी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि नक्सलवाद केवल जंगलों में हथियार उठाने से नहीं फैलता, बल्कि….
आधुनिक समाज में मर रही संवेदना
माता-पिता अपने बच्चों की परवरिश में जिंदगी का हर दुख भूल जाते हैं। उनकी आंखों में बस एक सपना होता है कि बच्चे बड़े होकर सफल हों और जीवन की ढलती शाम में उनका सहारा बनें। इसी उम्मीद को लेकर वे अपनी इच्छाओं को…
विजय सरकार में सौ दिन का हासिल
अभिनेता से नेता बने सी जोसेफ विजय की सरकार ने तमिलनाडु की सत्ता में 100 दिन पूरे कर लिए। इसमें कोई शक नहीं कि उनके सुपरस्टार होने की वजह से उन्हें अपनी पार्टी बनाने के दो साल के अंदर ही सत्ता मिल गई, मगर क्या फिल्मी…
पीएम मोदी द्वारा राष्ट्रगान के अपमान के दावे से एडिटेड वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि मूल वीडियो में पीछे राष्ट्रगान नहीं चल रहा है. 20 जून 2025 को बिहार के सीवान में आयोजित एक कार्यक्रम के वीडियो में राष्ट्रगान की धुन अलग से एडिट करके जोड़ी गई है.
लोअर बैक दर्द है तो करे शलभासन, नियमित अभ्यास से मिलेंगे कई लाभ
नई दिल्ली, आजकल लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करना, मोबाइल पर झुककर रहना और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण कमर और पीठ से जुड़ी परेशानियां आम होती जा रही हैं। ऐसे में योग शरीर को एक्टिव रखने का एक आसान तरीका हो सकता है। योग के कई आसनों में शलभासन (लोकस्ट पोज) को खास माना जाता है। यह आसन मुख्य रूप से पीठ, जांघों और हिप्स की मांसपेशियों को सक्रिय करता है।
सोशल मीडिया के प्रभाव में छात्र, हार्मोन बिगाड़ने वाले प्रोडक्टस की डिमांड बढ़ी : रिसर्च
नई दिल्ली, सोशल मीडिया आज सिर्फ मनोरंजन या दोस्तों से जुड़े रहने का जरिया नहीं रह गया है। खासकर किशोरों की रोजमर्रा की दिनचर्या का एक अहम हिस्सा बन गया है। अब एक नई रिसर्च ने सोशल मीडिया के एक और पहलू पर ध्यान खींचा है। अमेरिका में हुई इस स्टडी के मुताबिक, जो हाई स्कूल के छात्र सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताते हैं और ब्यूटी, हेयर केयर या मेकअप से जुड़ा कंटेंट ज्यादा देखते हैं, वे पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स का भी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। चिंता की बात यह है कि इनमें से कुछ प्रोडक्ट्स में ऐसे केमिकल हो सकते हैं जो शरीर के हार्मोन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं।
बिना दूध के बनने वाले एनालॉग पनीर पर एमपी, गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बाद उत्तर प्रदेश ने भी कार्रवाई का फैसला किया है। जानें असली, नकली और एनालॉग पनीर में अंतर और एफएसएसएआई के नियम।
विचार: जेन-जी के सपनों को मिले पंख
प्रधानमंत्री के डिजिटल भारत के सपने के बावजूद, जेन-जी और जेन-अल्फा युवा बेरोजगारी, पेपर लीक और कोचिंग संस्कृति जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं
मुद्दा: तकनीक का जिम्मेदार इस्तेमाल जरूरी, ताकि जनता का भरोसा कायम रहे; सोशल मीडिया के साथ चुनौती भी बढ़ी
MP: पिस्टल के साथ फोटो वायरल हुई तो घर पहुंची पुलिस, अलमारी खोली तो मिले तीन करोड़ रुपये; जांच शुरू
सागर के तिली तिगड्डा इलाके में सोशल मीडिया पर पिस्टल के साथ फोटो वायरल होने के बाद पुलिस ने दो भाइयों के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान हथियार तो नहीं मिला, लेकिन अलमारी से नोटों के बंडल बरामद हुए हैं।
Nag Panchami 2026: शुभ संयोग में नाग पंचमी आज, इन संदेशों से दें सभी को शुभकामनाएं
Nag Panchami 2026: आज नाग पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर आप इन प्यार भरे संदेशों के जरिए अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और प्रियजनों को नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं दे सकते हैं।
ललित सुरजन की कलम से - 'स्मार्ट सिटी' का सपना
स्मार्ट सिटी की चर्चा करते हुए एक भय भी मन में उपजता है। अनेक वर्ष पूर्व इरविंग वालेस का उपन्यास आया था- द आर डाक्यूमेंट
संगठित राजनीति से भी आगे बढ़ रही है जंतर मंतर प्रदर्शन की भावना
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में अचानक होने वाले छात्र आन्दोलन एक ऐसी कमज़ोरी को सामने ला रहे हैं जिसे पारंपरिक राजनीति पहचानने में धीमी रही है
Gen Z दिमागी नक्सल या देश का भविष्य?
दिमागी नक्सल एक ऐसा शब्द प्रधानमंत्री ने यूज कर दिया जो केवल उनके भक्तों, जिनके लिए अब राहुल ने अंध भक्तों का नाम दे दिया है और गोदी मीडिया के अलावा किसी के भी गले नहीं उतर रहा है
सावन के तीसरे सोमवार को लगता है आगरा का सुप्रसिद्ध कैलाश मेला (विशेष आलेख)
हमारेभारतदेशमेंएकसमृद्धआध्यात्मिकऔरधार्मिकविरासतकेसाथ,कईधर्मोंकापालनकियाजाताहै।नतीजतनधार्मिकत्योहारोंकीएकबड़ीसंख्याकोमनायाजाताहै।ऐसाहीएकत्योहारआगराकासुप्रसिद्धकैलाशमेलाहै।आगराकायहसुप्रसिद्धकैलाशमेलाहरवर्षसावनमहीनेकेतीसरेसोमवारकोलगताहै।कैलाशमेलाहरसालबड़ीधूमधामसेआगराकेसिकंदराक्षेत्रमेंयमुनाकेकिनारेस्थितकैलाशमंदिरपरलगताहै।कैलाशमेलासावनमहीनेमेंभगवानशिवकेसम्मानमेंमनायाजाताहै।वैसेतोसालकेहरसोमवारकोआगराकेकैलाशमंदिरपरभक्तोंकाजमावड़ालगताहै,लेकिनसावनमहीनेमेंकैलाशमंदिरकामनमोहकनजाराहोताहै।हरतरफभक्तिकीबयारबहीहोतीहैऔरभगवानशिवकेभक्तदूरदराजकेक्षेत्रोंसेदर्शनकरनेकेलिएआतेहैं।ऐसीमान्यताहैकिआगराकेकैलाशमंदिरपरमांगीगयीहरमनौतीभगवानशिवपूर्णकरतेहैं।कैलाशमेलेपरआगराकामाहौलबहुतहंसमुखहोताहै।आगराकेलोगकैलाशमेलेकोएकपर्वकीतरहमनातेहैं। कैलाशमेलेकेदिनआगराकेस्थानीयप्रशासनद्वारासार्वजनिकअवकाशघोषितकियाजाताहैऔरइसदिनआगराकेसभीस्कूल-कॉलेज,सरकारीऔरगैरसरकारीकार्यालयोंमेंछुट्टीहोतीहै।मेलेकेअवसरपरजोबड़ीभीड़इकट्ठाहोतीहै,उनकीभक्तिऔरखुशीदेखनेलायकहोतीहै।इसदिनकैलाशमंदिरकेकई-कईकिलोमीटरदूरतकखेल-खिलौनों,खाने-पीनेसहितअनेकोंदुकानोंकीस्थापनाकीजातीहै।इसदिनयमुनाकिनारेकैलाशमंदिरपरहजारोंकांवड़ियेदूर-दूरसेकांवड़लाकरभगवानशिवकीभक्तिसेओत-प्रोतहोकरबम-बमभोलेऔरहर-हरमहादेवकेजयकारेलगातेहुएकांवड़चढ़ातेहैं।वैसेतोसावनकेहरसोमवारकोआगराकेसभीसुप्रसिद्धशिवमंदिरोंमेंकांवड़चढ़ाईजातीहैंलेकिनसावनकेतीसरेसोमवारकोकैलाशमंदिरपरकांवड़चढानेकाअपनाअलगहीमहत्वहै।इसदिनकैलाशमंदिरकेकिनारेसेगुजरनेवालीयमुनामेंस्नानकरनाभीकाफीशुभमानाजाताहै,इसलिएभक्तमंदिरमेंशिवलिंगोंकेदर्शनकरनेसेपहलेयमुनामेंजरूरस्नानकरतेहैं। मानाजाताहैकिआगराकेकैलाशमहादेवकामंदिरपांचहजारवर्षसेभीअधिकपुरानाहै।मंदिरमेंस्थापितदोशिवलिंगमंदिरकीमहिमाकोऔरभीबढ़ादेतेहैं।कहाजाताहैकिकैलाशमंदिरकेशिवलिंगभगवानपरशुरामऔरउनकेपिताजमदग्निकेद्वारास्थापितकिएगएथे।महर्षिपरशुरामकेपिताजमदग्निऋषिकाआश्रमरेणुकाधामभीयहांसेपांचसेछहकिलोमीटरकीदूरीपरस्थितहै।हिंदूपौराणिककथाओंकेअनुसारइसमंदिरकाअपनाअलगहीएकमहत्वहै।त्रेतायुगमेंभगवानविष्णुकेछठवेंअवतारभगवानपरशुरामऔरउनकेपिताऋषिजमदग्निकैलाशपर्वतपरभगवानशिवकीआराधनाकरनेगए।दोनोंपिता-पुत्रकीकड़ीतपस्यासेप्रसन्नहोकरभगवानशिवनेउन्हेंवरदानमांगनेकोकहा।इसपरभगवानपरशुरामऔरउनकेपिताऋषिजमदग्निनेउनसेअपनेसाथचलनेऔरहमेशासाथरहनेकाआशीर्वादमांगलिया। इसकेबादभगवानशिवनेदोनोंपिता-पुत्रकोएक-एकशिवलिंगभेंटस्वरूपदिया।जबदोनोंपिता-पुत्रयमुनाकिनारेअग्रवनमेंबनेअपनेआश्रमरेणुकाकेलिएचले(रेणुका धामकाअतीतश्रीमद्भागवतगीतामेंवर्णितहै)तोआश्रमसे6किलोमीटरपहलेहीरात्रिविश्रामकोरुके।फिरसुबहहोतेहीदोनोंपिता-पुत्रहररोजकीतरहनित्यकर्मकेलिएगए।इसकेबादज्योर्तिलिंगोंकीपूजाकरनेकेलिएपहुंचे,तोवहजुड़वाज्योर्तिलिंगवहींस्थापितहोगए।इनशिवलिंगोंकोमहर्षिपरशुरामऔरउनकेपिताऋषिजमदग्निनेकाफीउठानेकाप्रयासकिया,लेकिनउसजगहसेउठानहींपाए।हारकरदोनोंपिता-पुत्रनेउसीजगहपरदोनोंशिवलिंगोंकीपूजाअर्चनाकरपूरेविधि-विधानसेस्थापितकरदियाऔरतबसेइसधार्मिकस्थलकानामकैलाशपड़गया।यहमंदिरभगवानशिवऔरपवित्रयमुनानदीजोकिमंदिरकेकिनारेसेहोकरगुजरतीहैकेलिएप्रसिद्धहै।कभी-कभारजबयमुनाकाजल-स्तरबढ़ाहुआहोताहैऔरयमुनामेंबाढ़कीस्थितिहोतीहैतोयमुनाकापवित्रजलकैलाशमहादेवमंदिरकेशिवलिंगोंतककोछूजाताहै।यहअत्यंतमनमोहकदृश्यहोताहै।इसबारयहमेला17अगस्त2026कोलगायाजारहाहै।कैलाशमंदिरपरआनेवालाहरव्यक्तिइसखूबसूरतऐतिहासिकजगहकीसराहनाकरेवगैरहनहींरहताहै। लेखक –डॉ.ब्रह्मानंद राजपूत (Brahmanand Rajput) On twitter @33908rajput On facebook –facebook.com/rajputbrahmanand E-Mail –brhama_rajput@rediffmail.com Mob/WhatsApp- 08864840607
वैश्विक खेल स्पर्द्धाओं में खूब तिरंगा लहरा रहे हमारे एथलीट
भारतीय एथलीटों ने पहले राष्ट्रमंडल खेलों में और फिर यूजीन अंडर-20 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करके जता दिया है कि अब हम भी विश्व स्तर पर धाक जमाने का माद्दा रखते हैं…
महंगाई की बढ़ती रफ्तार कैसे घटेगी
जिसका डर था, वही खतरा अब सामने आ खड़ा हुआ है। बरसों से काबू में चल रही महंगाई ने धीरे-धीरे ही सही, मगर सिर उठाना शुरू कर दिया है। खुदरा महंगाई जुलाई में 4.45 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो पिछले उन्नीस महीनों में सबसे ज्यादा…
संपादकीय: वंदे मातरम् पर विवाद
स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में संपूर्ण वंदे मातरम् के गायन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
विचार: भारत के लिए सतर्क रहने का समय
सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का समझौते से पश्चिम एशिया में पाकिस्तान की स्थिति मजबूत हो सकती है, जिससे भारत को सतर्क रहने की आवश्यकता है
विचार: डाटा सेंटर के लिए बने राष्ट्रीय नीति
भारत में तेजी से बढ़ते डेटा सेंटरों की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया है, लेकिन बिजली, पानी और पर्यावरण पर उनके बढ़ते दबाव को भी उजागर किया गया है
Pregnant Deepika Padukone Video: दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह जल्द अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने वाले हैं। इससे पहले कपल को हाल ही में एयरपोर्ट पर देखा गया। इस दौरान दीपिका कूल लुक में नजर आईं।
विचार: संसद ठप करने की राजनीति
संसद का मानसून सत्र नीट पेपर लीक और विपक्षी हंगामे के कारण बाधित रहा, जिससे जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा नहीं हो पाई।
प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से विकसित भारत के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और 'सप्तधारा' का खाका प्रस्तुत किया। इसमें एक करोड़ युवाओं को एआई प्रशिक्षण और छात्रों को ऑनलाइन कोचिंग जैसी नई पहलें शामिल हैं, जिनके सफल क्रियान्वयन में केंद्र-राज्य सहयोग महत्वपूर्ण है।
एक दिन उसने धमकी दी, मैं तुम्हें ब्लॉक कर दूंगा। मैंने कहा, कर दो ब्लॉक, उससे क्या हो जाएगा? तुम हो कौन? अपने को क्या समझते हो? क्या तुम खुदा हो? बात तो तुमने ही शुरू की थी, तुमसे जवाब न बन पड़ा, तो खिसियाकर अपनी पर उतर…
ऑफिस ब्वॉय से उद्यमी बनने की प्रेरक यात्रा
हम सुधरेंगे, जग सुधरेगा- यह कोई नारा नहीं है, हालांकि इसे उपदेश देने या नारे के रूप में ही ज्यादा इस्तेमाल किया गया, जबकि यह तो विशुद्ध जीवन-दर्शन है। अध्यात्म में सूक्ष्म धरातल पर ही नहीं, एक सभ्य नागरिक, मनुष्य बनने की कसौटी…
हम अगले दशक में बुढ़ाने लगेंगे। क्या हम उस चुनौती के लिए तैयार हैं? इस मुद्दे पर अभी से सोचना होगा। क्यों न इस विचार यात्रा का आरंभ आज से ही किया जाए?हमें यह भी सोचना होगा कि जो पीछे छूट गया है,उसे कैसे संजोएं…
उत्तर प्रदेश में पनीर और दुग्ध उत्पादों में मिलावट के खिलाफ योगी सरकार ने बड़ा अभियान चलाया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की 24 विशेष टीमों ने गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर में 25 विनिर्माण इकाइयों पर कार्रवाई की। जांच के दौरान पनीर बनाने में औद्योगिक प्रयोग वाले रसायनों और पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के इस्तेमाल के साथ अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के निर्माण के मामले सामने आए। अभियान में 72 नमूने लिए गए, 7,686 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई और गंभीर मामलों में छह एफआईआर दर्ज की गईं।
जश्न-ए-आजादी: अब जेन-जी का जमाना, भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी, बड़े अवसरों के साथ चुनौतियां भी
विचार: देश से जुड़ने की प्रवृत्ति है स्वतंत्रता
स्वतंत्रता सभ्य समाज का सर्वोत्तम आविष्कार है, जो देश से जुड़ने की प्रवृत्ति है न कि केवल व्यक्तिगत भोग। औपनिवेशिक सोच से मुक्ति और युवा पीढ़ी को सही शिक्षा व रोजगार देना आज के भारत की प्रमुख चुनौतियां हैं।
विचार: भाषा की मर्यादा का गिरता स्तर
जंतर-मंतर पर जेन-जी आंदोलन के दौरान भाषा के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त की गई है। लेख डिजिटल संस्कृति के प्रभाव और लोकतांत्रिक मर्यादा के क्षरण पर प्रकाश डालता है, संयम की अपील करता है।
आजादी अधिकार ही नहीं, कर्तव्य भी: प्रशासन में ईमानदारी, सेवा-भाव से ही भारत का लोकतंत्र अजेय रहेगा; सहमति अहम
संपादकीय: भावी भारत का निर्माण
स्वतंत्रता दिवस हमें आजादी के संघर्ष और विकसित भारत के लक्ष्य की याद दिलाता है। अनुशासन, एकजुटता और सकारात्मकता के साथ नागरिक कर्तव्य निभाना ही सशक्त भारत के निर्माण की कुंजी है।
केवल झंडा फहराना ही काफी नहीं: एक बार मिली आजादी हमेशा के लिए सुरक्षित नहीं हो जाती...उसे बचाकर रखना पड़ता है
अब यह देश प्रतीक्षा नहीं करता: भारत का जवाब अब सिर्फ शब्दों में नहीं, लोकतंत्र पर उपदेश पश्चिम की पुरानी आदत
‘अर्बन नक्सल’ के बाद ‘दिमागी नक्सली’: प्रधानमंत्री के लालकिले की प्राचीर से संबोधन के गहरे हैं मायने
वर्ष 2024 के लालकिले संबोधन में उन्होंने स्पष्ट रूप से ‘राष्ट्र प्रथम’ को सर्वोच्च संकल्प बताया और 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक शक्ति से विकसित भारत बनाने का आह्वान किया। वर्ष 2025 के संबोधन में और व्यापक दिखाई दिया।
कदम मिलाकर चलना होगा: भारत को एक मंच पर एकजुट करना तभी संभव है, जब लोगों में आपसी सद्भाव और एकता हो
कदम मिलाकर चलना होगा: भारत को एक मंच पर एकजुट करना तभी संभव है, जब लोगों में आपसी सद्भाव और एकता हो
80 वें स्वतन्त्रता दिवस के पावन अवसर पर नहीं चाहिए मुझे सम्मान-पत्र, न ही वीरता का कोई पदक। सरकार मेरे, मेरे माई-बाप, मेरे क्षेत्र के सांसद, विधायक और छुटभैये नेतागण, बस आप सबसे मेरी इतनी-सी विनती है। यदि सचमुच मेरे बलिदान से आपके हृदय को पीड़ा पहुँची है, और आप मेरे बलिदान का सम्मान करना ... Read more
Independence Day 2026: तिरंगे पर बनीं 24 तीलियों का क्या होता है अर्थ? जानिए यहां
अशोक चक्र पर बनी 24 तीलियों का क्या अर्थ होता है? आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं।
आजादी का संकल्प : भारत के लिए कुछ करें
– श्रमण डॉ पुष्पेंद्र स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि यह उस संकल्प को याद करने का दिन है, जिसके लिए असंख्य वीरों ने अपना जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया। आज जब हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, तो हमारे सामने यह प्रश्न भी होना चाहिए कि इस स्वतंत्रता को ... Read more
विभाजन की त्रासदी: इतिहास के कटघरे में नेहरू की भूमिका!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
15 अगस्त 1947: करोड़ों लोगों को नहीं मालूम था कि वे किस देश के नागरिक हैं
भारत-पाकिस्तान विभाजन की यह अमानवीय त्रासदी काफी हद तक औपनिवेशिक ब्रिटिश शासकों की आपराधिक जल्दबाजी और गैर-जिम्मेदारी का नतीजा थी।
15 August 2026 विशेष: स्वाधीनता आंदोलन की प्रमुख केन्द्र रही दून घाटी
इस देहरादून ने मुगलों, अफगानियों, सिखों, गुज्जरों और राजपूतों के हमले झेले तो गोरखों के हाथों सन् 1804 में गढ़वाल नरेश प्रद्युम्न शाह की शहादत और पराजय भी देखी और सन् 1914 में खलंगा के युद्ध में आतताई गोरखा शासन का अंत भी देखा।
आजाद देश में आजादी के अधूरे सवाल
–बाबूलाल नागा 15अगस्त हमारे लिए केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं,बल्कि आत्ममंथन का अवसर भी है।1947में देश ने औपनिवेशिक शासन से मुक्ति पाई थी। आज हम स्वतंत्र भारत की80वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ की ओर बढ़ रहे हैं। इन वर्षों में देश ने विज्ञान,तकनीक,शिक्षा,कृषि,उद्योग,सड़क,संचार और लोकतांत्रिक संस्थाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। दुनिया में भारत की ... Read more
चीन कई मोर्चों पर भारत के लिए मुश्किल खड़ी करता है
हाई टेक्नालॉजी जैसे क्षेत्रों को छोड़कर सामान्य चीजों पर कर की दरें बढ़ाने से भारत में इन्हें बनाने का प्रोत्साहन मिलेगा।

