पृथ्वी मुद्रा हर समस्या का रामबाण हल है, बाल झड़ने से लेकर कमजोर हड्डियों तक
नई दिल्ली, हमारे शरीर का निर्माण पंचमहाभूतों- पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से हुआ है। जब इन तत्वों में असंतुलन आ जाता है, तो शरीर में कई तरह की बीमारियां और कमजोरियां आने लगती हैं। योग में मुद्राओं को इन तत्वों को संतुलित करना का सबसे सरल और प्रभावी तरीका माना गया है। इन्हीं मुद्राओं में से एक है, पृथ्वी मुद्रा।
पंचांग : दोपहर 12:06 बजे तक रहेगा 'शुभ योग'
नई दिल्ली, हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना की एक पद्धति है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।
योगाभ्यास : शारीरिक मुद्रा और सांस तकनीक तक सीमित नहीं है योग
नई दिल्ली, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को स्वस्थ रखने के लिए लोग योग का सहारा ले रहे हैं। सुबह उठकर योग मैट बिछाना, अलग-अलग आसन करना और प्राणायाम के जरिए सांसों को नियंत्रित करना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि योग का मतलब सिर्फ शरीर को लचीला बनाना या कुछ शारीरिक मुद्राएं करना नहीं है? योग इससे कहीं ज्यादा व्यापक है। यह शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने के साथ-साथ बेहतर जीवन जीने का तरीका भी सिखाता है।
जालंधर में सड़क हादसा: खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार, हनी सिंह के 'भतीजे' समेत दो की मौत
बर्थडे पार्टी से घर लौट रहे युवकों की कार खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई जिस कारण ये हादसा हुआ। हादसे में दो दोस्तों की मौत हो गई।
खुला आकाश: योग, लोक और भाषा के बीच चौरंगीनाथ, हिंदी की जनभाषायी चेतना कैसे आगे बढ़ी?
खुला आकाश:योग, लोक और भाषा के बीच चौरंगीनाथ,हिंदी की जनभाषायी चेतना कैसे आगे बढ़ी?
राजमोहन गांधी के पटेल: नेहरू के साथ राजनीतिक मतभेदों से आगे बढ़ना होगा, दोनों के संबंध-साझा संकल्प देखना जरूरी
जानना जरूरी है: मोह के कारण ब्राह्मण बना तोता, महर्षि च्यवन के पूर्वजन्म के वृत्तांत से जुड़ी कथा क्या?
जंग और वोट: खर्चा बढ़ता जाता है, शव लौटाए जाते हैं; राष्ट्रपति कहते हैं, बस कुछ हफ्ते और...
जंग और वोट: खर्चा बढ़ता जाता है, शव लौटाए जाते हैं; राष्ट्रपति कहते हैं, बस कुछ हफ्ते और...
विचार: असहनीय हो चुकी है न्याय में देरी
न्याय में देरी की विकट समस्या से निपटने के लिए केवल निचली अदालतों ही नहीं, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय सहित संपूर्ण न्याय तंत्र की जवाबदेही तय करना अनिवार्य हो गया है, ताकि लोगों को समय पर सही न्याय मिल सके।
जागरण संपादकीय: राजनीतिक तमाशा
दिखावटी संसद में एक तो सिविल सोसायटी के नाम पर आंदोलनजीवी किस्म के लोगों को भी स्थान दिया गया और दूसरे वोट चोरी के जुमले की आड़ में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग भी लाया गया।
चीन निर्मित वस्तुओं का भारतीयों की जिंदगी पर गहरा प्रभाव है, लेकिन चीनियों के जीवन पर हमारा असर अति-सीमित है। हमें अपनी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत करनी होगी कि चीन या कोई और हमारी तरफ आंख उठाने से पहले 50 बार सोचे। स्वदेशी के नारे के साथ हमने प्रगति तो की है, पर अभी लंबी दूरी तय करनी है…
बिहार में भारी बारिश और तूफान, जारी हुआ रेड अलर्ट
पटना, मौसम विभाग ने शनिवार को बिहार के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
मुट्ठी भर अमीरों की कीमत चुका रही हैं पूरी दुनिया
दुनिया आज एक ऐसे विरोधाभास के दौर से गुजर रही है, जहां एक ओर विकास, समृद्धि और आधुनिकता के नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गरीबी, भुखमरी, हिंसा, विस्थापन और पर्यावरणीय विनाश की चुनौतियां लगातार विकराल होती जा रही हैं। प्रश्न यह है कि जब दुनिया के पास पर्याप्त संसाधन हैं, ... Read more
बढ़ते जलवायु संकट के बीच ‘वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित करने की मांग
बढ़ते जलवायु संकट के बीच ‘वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित करने की मांग
151वीं जयंती पर विशेष: यदि सरदार पटेल भारत के प्रथम प्रधानमंत्री होते तो...
वर्ष 1946 में कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव का प्रसंग इस चर्चा का आधार है। उस समय कांग्रेस अध्यक्ष का पद केवल संगठन का नेतृत्व नहीं था,
पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का 30 अक्तूबर को दिल्ली में कॉन्सर्ट हुआ, जहां फैंस की भीड़ उमड़ी।दिलजीत ने अपने हिट गानों पर परफॉर्म किया, जिन पर लोगों ने झूमकर डांस किया।
Rashifal 31 October 2026: 31 अक्तूबर का दिन मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा? जानें सभी राशियों का करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति, प्रेम जीवन और सेहत का हाल।
भरोसे में सेंध: पीएनबी मामला देश की बैंकिंग व्यवस्था के लिए आत्ममंथन का अवसर, ग्राहकों का भरोसे ही बुनियाद
मोटापे की चुनौतीसे घिरता बचपन: यूनिसेफ की रिपोर्टसंकट की ओर इशारा, क्या भारत जैसे देशों के लिए भी चिंताजनक?
साम, दाम, दंड, भेद:अकेली महसूस कर रही दुनिया, समझने और सुलझाने के लिए कौटिल्य के चार मंत्र बुनियादी टूलकिट
तेज़ विकास के दावे के बीच समृद्धि कहां गायब है?
एक उबर ड्राइवर का कहना है कि वह पहले से ज़्यादा घंटे काम करता है फिर भी उसके हाथ में कम पैसे आते हैं
हमारे समय की एक विडंबना है कि राजनीति, जो जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम होनी चाहिए, धीरे-धीरे इस तरह हावी होती जा रही है कि जीवन के दूसरे महत्वपूर्ण पक्ष पीछे छूटने लगे हैं। हम किसे पसंद करते हैं
कन्यादान से कन्या के नाम राशि हड़पने तक : दो दशक में बदल गया जमाना
करीब 15-20 वर्षों पहले कन्या दान का भारतीय संस्कृति में बड़ा धार्मिक महत्व था । *कन्यादान के बिना व्यक्ति के जीवन की सार्थकता नहीं मानी जाती थी।* हर माता पिता की भावना होती थी कि कन्यादान करके अपने जीवन के एक बड़े (ऋण)भार से मुक्त महसूस करे।जिन माता पिता के पुत्री नहीं होती वे अपने ... Read more
एनवीएस 03 उपग्रह: सबसे कम समय में पूरी हुई जीएसएलवी से भेजने की तैयारी, इसरो प्रमुख गगनयान मिशन पर क्या बोले?
विचार: संशोधन मांग रहा जनप्रतिनिधित्व कानून
जब मतदाता सूची और मतदाता पहचान पत्र दोनों ही चुनाव आयोग जारी करता है, तो फिर उनका स्तर और उनकी मान्यता एकसमान क्यों नहीं?
विचार: जोखिम बढ़ाता बढ़ता व्यापार घाटा
चीन से बढ़ता व्यापार घाटा भारत की आर्थिक स्थिरता, औद्योगिक क्षमता और संप्रभुता से जुड़ा एक संवेदनशील विषय है।
निर्धनता में लगातार कमी आने के पीछे भारत की अर्थव्यवस्था का पिछले अनेक वर्षों से सबसे तेज गति से बढ़ना भी रहा।
युवा अपेक्षाओं को आवाज देने के लिए छात्र संघ जरूरी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 13 दिसंबर, 1947 को तत्कालीन प्रधानमंंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था, विश्वविद्यालय मानवता, सहिष्णुता, विचारों की स्वतंत्रता और सत्य की खोज के प्रतीक हैं। उन्होंने यह बुनियादी सवाल भ….
छात्र राजनीति की अब बहुत प्रासंगिकता नहीं बची
निस्संदेह, भारत जैसे विविधतापूर्ण लोकतांत्रिक देश में छात्र राजनीति का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है, पर बदलते दौर में इसकी पहले जैसी प्रासंगिकता शायद ही रह बची है। आज अनेक शैक्षणिक संस्थानों में छात्र राजनीति का मूल…
आभासी आकर्षण से जनादेश नहीं मिलते
राजस्थान में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर 21 लाख फॉलोअर्स वाले ओमप्रकाश ज्योतिष को सरपंच चुनाव में महज 33 वोट मिले। सोशल मीडिया की लोकप्रियता और जनता के बीच स्वीकार्यता में फर्क समझने के लिए इस पंचायत का चुनाव…
इजरायल में खंडित जनादेश के मायने
इजरायली संसद ‘नेसेट’ के लिए 27 अक्तूबर को हुए चुनाव प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए बेशक निराशाजनक रहे हैं, पर उनकी जल्द विदाई होती नहीं दिख रही। यह सही है कि नेतन्याहू जिस गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं…
क्रिप्टोकरेंसी अर्थात डिजिटल मुद्रा की दुनिया में हुई महाचोरी ने साइबर संसार में सक्रिय लोगों के बीच सनसनी फैला दी है। दुनिया में क्रिप्टो मुद्रा के सबसे बड़े एक्सचेंज बायनेंस ने लगभग 60 हजार करोड़ रुपये की चोरी की बात मानी है…
क्या कंपनी बिना किसी कारण के आपको निकाल सकती है? जानें अपने अधिकार
नौकरी जाने का डर लगभग हर कर्मचारी को रहता है। कई बार कंपनी अचानक कर्मचारी को नौकरी छोड़ने के लिए कह देती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियोक्ता बिना किसी नियम का पालन किए कर्मचारी को नौकरी से निकाल सकता है? इसका जवाब सीधा हां या ना में नहीं है। कर्मचारी को हटाने के नियम उसकी नौकरी की प्रकृति, सेवा अवधि, नियुक्ति की शर्तों और उस संस्थान पर लागू श्रम कानूनों पर निर्भर करते हैं। भारत में 21 नवंबर 2025 से Industrial Relations Code, 2020 लागू है। सरकार के अनुसार इस कानून में कर्मचारियों के लिए रिट्रेंचमेंट नोटिस और मुआवजे जैसी सुरक्षा बरकरार रखी गई है। इसे भी पढ़ें: EPFO की नई WhatsApp सेवा शुरू, जानें कैसे काम करता है यह सिस्टम? क्या कंपनी कर्मचारी को मनमाने तरीके से निकाल सकती है? अगर किसी कर्मचारी को कानून के तहत ‘worker’ माना जाता है और उसने नियोक्ता के साथ कम से कम एक साल की निरंतर सेवा पूरी की है तो सामान्य रिट्रेंचमेंट के मामले में कुछ अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होती हैं। नियोक्ता को सामान्य तौर पर: - कर्मचारी को एक महीने का लिखित नोटिस देना होता है और उसमें रिट्रेंचमेंट का कारण बताया जाना चाहिए। - नोटिस की जगह संबंधित अवधि का वेतन दिया जा सकता है। - कर्मचारी को प्रत्येक पूरी हुई सेवा के वर्ष के लिए 15 दिन के औसत वेतन के बराबर रिट्रेंचमेंट मुआवजा देना होता है। - निर्धारित तरीके से संबंधित सरकारी प्राधिकरण को भी नोटिस देना होता है। - इसलिए ऐसा नहीं है कि हर कर्मचारी को कंपनी किसी भी समय बिना किसी प्रक्रिया के नौकरी से निकाल सकती है। 300 या उससे ज्यादा कर्मचारियों वाली यूनिट में क्या नियम हैं? औद्योगिक प्रतिष्ठानों की कुछ श्रेणियों पर ज्यादा कड़े प्रावधान लागू होते हैं। सरकार के मुताबिक 300 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में रिट्रेंचमेंट के लिए संबंधित सरकार की पूर्व अनुमति की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में सामान्य एक महीने के बजाय कानून के तहत तीन महीने का नोटिस या उसके बदले वेतन और अन्य निर्धारित शर्तें लागू हो सकती हैं। इसका मतलब है कि बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कर्मचारी को हटाने की प्रक्रिया और अधिक विनियमित है। क्या हर कर्मचारी को रिट्रेंचमेंट का मुआवजा मिलेगा? जरूरी नहीं। यहां ‘worker’ और ‘employee’ की कानूनी परिभाषा महत्वपूर्ण है। हर सफेदपोश या प्रबंधकीय कर्मचारी पर रिट्रेंचमेंट के यही प्रावधान सीधे लागू हों, ऐसा जरूरी नहीं है। इसके अलावा इस्तीफा, तय अवधि की नौकरी समाप्त होना, अनुशासनात्मक कार्रवाई या नियुक्ति-पत्र की शर्तों के अनुसार सेवा समाप्ति को हर स्थिति में रिट्रेंचमेंट नहीं माना जाता। इसलिए कर्मचारी को अपना appointment letter, employment contract और कंपनी की service conditions भी देखनी चाहिए। नौकरी से निकालते समय कर्मचारी क्या देखे? अगर कंपनी नौकरी समाप्त करने का फैसला करती है तो कर्मचारी को जल्दबाजी में दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने के बजाय ये बातें जांचनी चाहिए: - नौकरी समाप्त करने का कारण लिखित में दिया गया है या नहीं। - नोटिस अवधि और नोटिस पे का हिसाब सही है या नहीं। - रिट्रेंचमेंट मुआवजा लागू होता है या नहीं। - बकाया वेतन, छुट्टी का भुगतान और अन्य देय राशि का हिसाब किया गया है या नहीं। - नियुक्ति-पत्र में termination से जुड़ी शर्तें क्या हैं। - कंपनी ने ‘resignation’ देने का दबाव तो नहीं बनाया है। शिकायत कहां कर सकते हैं? अगर कर्मचारी को लगता है कि उसे कानून के विपरीत हटाया गया है या उसका वैधानिक भुगतान नहीं किया गया, तो वह संबंधित श्रम विभाग/श्रम अधिकारी के समक्ष शिकायत या विवाद निपटान की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। Industrial Relations Code में विवादों के समाधान के लिए conciliation और adjudication की व्यवस्था है। Fixed-Term कर्मचारी भी जानें अपना अधिकार अगर कोई कर्मचारी निश्चित अवधि यानी Fixed-Term Employment (FTE) के तहत काम करता है तो उसे भी कई वैधानिक लाभों में स्थायी कर्मचारियों के समान अधिकार दिए गए हैं। सरकार के अनुसार FTE कर्मचारियों को वेतन, काम के घंटे और अन्य वैधानिक लाभों में स्थायी कर्मचारियों के बराबर अधिकार मिलते हैं तथा एक वर्ष की सेवा पूरी होने पर ग्रेच्युटी का प्रावधान भी है। कंपनी का कर्मचारी को नौकरी से हटाने का अधिकार पूरी तरह असीमित नहीं है। खासकर रिट्रेंचमेंट के मामलों में कानून नोटिस, मुआवजे और कुछ प्रतिष्ठानों में सरकारी अनुमति जैसी शर्तें लगाता है। हालांकि हर termination को रिट्रेंचमेंट नहीं माना जाता और हर कर्मचारी पर एक जैसे नियम लागू नहीं होते। इसलिए नौकरी जाने की स्थिति में सबसे पहले अपने नियुक्ति-पत्र, सेवा शर्तों और लागू श्रम कानून को देखना जरूरी है। - जे. पी. शुक्ला
भारत में मॉडल वाई के लिए टेस्ला ने लॉन्च किया 'हैलोवीन मोड'
नई दिल्ली, टेस्ला इंडिया ने शुक्रवार को मॉडल वाई और मॉडल वाईएल के लिए एक नया सॉफ्टवेयर अपडेट लॉन्च करने की घोषणा की।
नागपुर MLC चुनाव में कांग्रेस की जीत के जश्न का बताकर पुराना वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 19 अक्टूबर 2026 का है. कोल्हापुर में मिल्क यूनियन चुनाव में कांग्रेस समर्थित सदस्यों की जीत के बाद यह जश्न मनाया गया था.
भारत को वित्त और टेक्नोलॉजी पर करना होगा फोकस: इंडस्ट्री
नई दिल्ली, भारत को अपने 500 गीगावाट की क्लीन एनर्जी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जलवायु निवेश, अनुकूलन वित्त (अडैप्टेशन फाइनेंस), टेक्नोलॉजी सहयोग और औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
आकर्ण धनुरासन : पैरों से लेकर रीढ़ तक को बनाता है मजबूत
नई दिल्ली, प्राचीन योग ग्रंथों में ऐसे कई सारे आसनों का वर्णन मिलता है, जो शरीर को हर तरह से निरोग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। योग के विभिन्न आसनों में आकर्ण धनुरासन है, जिसके नियमित अभ्यास से यह आसन पैरों, कंधों और कमर के लचीलेपन को बढ़ाता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला शुक्रवार को ऑकलैंड में खेला जाएगा। भारतीय टीम पहले ही सीरीज अपने नाम कर चुकी है। इस दौरान अर्शदीप सिंह के पास एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम करने का मौका होगा।
Rashifal 30 October 2026: 30 अक्टूबर का दिन मेष, कर्क, सिंह, कन्या, कुंभ और मकर राशि वालों के लिए कैसा रहेगा? जानें सभी राशियों का करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति, प्रेम जीवन और सेहत का हाल।
सिंगर दिलजीत दोसांझ नए कॉन्सर्ट टूर ‘ऑरा इंडिया टूर 2026’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। उनका लाइव कॉन्सर्ट आज दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होगा। अगर आप भी लाइव परफॉर्मेंस देखने जा रहे हैं, तो जान लीजिए कॉन्सर्ट से जुड़ी पूरी जानकारी।
गिरता राजनीतिक संवाद का स्तर:असंसदीय भाषा से लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुंचाती है, भाषणों को सभ्य बनाना होगा
ललित सुरजन की कलम से - जनतांत्रिक संस्थाओं की साख का सवाल
'कुछ माह पूर्व सर्वोच्च न्यायालय ने गुजरात के राज्यपाल द्वारा मनोनीत लोकायुक्त की नियुक्ति को जब वैध ठहराते हुए इस प्रदेश के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की राय को जो वजन दिया तब उसे भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने उचित नहीं माना था
सड़कों पर ज़बरन चुप्पी करवाने पर जनता की सहमति नहीं होगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी गलती यह हो सकती है कि वे सड़कों की चुप्पी को लोगों की सहमति समझ लें
भारत को चीन के प्रति सख्त रवैया अपनाने की जरूरत
दुनिया की दो बड़ी ताकतों भारत और चीन के बीच रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच 1962 में भीषण युद्ध के अलावा सीमा पर अक्सर झड़प होती रहती है
सुप्रीम कोर्ट ने साइबर धोखाधड़ी में बैंकों की लापरवाही पर उन्हें जिम्मेदार ठहराया है, जबकि बैंक असामान्य लेनदेन रोकने में विफल रहे हैं
विचार: प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने का समय
राजस्थान जैसे राज्यों द्वारा प्रशासनिक सुधारों की पहल के बावजूद, केंद्र सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाया गया है
विचार: स्वच्छ ऊर्जा की ओर अग्रसर
भारत ग्लोबल वार्मिंग और ऊर्जा असुरक्षा के बीच विकास और पर्यावरण संतुलन का मार्ग अपना रहा है। देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 300 GW पार कर चुकी है, जिसका लक्ष्य आत्मनिर्भरता और सतत विकास है।
कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कई दवाओं की कीमतों में 93 फीसदी तक की कमी इसके मरीजों को बड़ी राहत पहुंचाएगी। भारत में कैंसर की दवाओं और इलाज पर एक मरीज औसतन 3.15 लाख रुपये सालाना खर्च करता है…
एआई के रचनात्मक उपयोग से सबको होगा फायदा
इस साल की शुरुआत में कोलंबिया में एक दिलचस्प घटना घटी। वहां की सर्वोच्च अदालत ने एक अपील इसीलिए खारिज कर दी, क्योंकि उसके मुताबिक, याचिका में महज सात फीसदी सामग्री ही इंसान द्वारा लिखी गई थी…
ठेका आधारित व्यवस्था से बढ़ रहा भ्रष्टाचार
सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग, यानी ठेका आधारित व्यवस्था लाने का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को अधिक कुशल, लचीला और कम-खर्च बनाना था, पर असलियत में ठेका के बहाने सरकारी विभागों और आउटसोर्सिंग कंपनियों…
बंगाल की खाड़ी से उपजे चक्रवात अर्नब की वजह से आधे से ज्यादा भारत में मौसम बिगड़ा हुआ है। कहीं तेज हवाएं चल रही हैं, कहीं बादल छाए हुए हैं, तो कहीं बारिश हो रही है। भारतीय मौसम विभाग ने देश के करीब 14 राज्यों के…
याद रखूँगा मैं ये कृपा तेरी, ओ देव मेरे सिर पे सजाया तूने हाथ मेरे, ओ नाथ मेरे मैं मन को समझा लूँगा, मैं मन को समझा लूँगा प्रभु चरणों में ही रखना… जिहाल-ए-किस्मत बदल दे आकर, शरण में तेरी बेचारा दिल है… सुनाई देती है जिसकी धड़कन, वो नाम तेरा महावीर प्रभु है! सुनाई ... Read more
क्योंकि 96 घंटे में पानी सप्लाई की खबर पर हार्ट अटैक ना आ जाए
इसलिए 72 घंटे की सप्लाई का ट्रायल चल रहा है स्मार्ट सिटी अजमेर में इन दोनों शहर वासियों को पानी सप्लाई के जिस दौर से गुजरना पड़ रहा है वह भविष्य की तैयारी है! 24 से 48 घंटे के अंतराल में दिए जाने वाली पानी सप्लाई की चेन अब 72 एवं 96 घंटों के अभ्यास ... Read more
अनुकम्पा नौकरी आरक्षण पाने के लिए टूट रहे रिश्ते
*बर्बाद हो रहे परिवार* *परित्यक्ता और तलाकशुदा महिलाओं को आरक्षण का ग़लत इस्तेमाल बन रहा भारतीय परिवार संस्कृति का दुश्मन* *हीरालाल नाहर पत्रकार* परित्यता और तलाकशुदा महिलाओं को स्वावलंबन, आर्थिक-सामाजिक सहायता के लिए सरकार द्वारा नौकरी में आरक्षण देना तय किया गया है। लेकिन इसका बड़े पैमाने पर दुरुपयोग शादी के आपसी रिश्तों का दुश्मन ... Read more
मध्य प्रदेश में भारी बारिश के लिए जारी ऑरेंज अलर्ट
भोपाल, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव के चलते गुरुवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
कार्तिक मास में दामोदर पूजा का विशेष महत्व: प्रयागराज
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में कार्तिक मास के साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई है।
बंगाल : नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश
चेन्नई, मौसम विशेषज्ञों ने बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम बनने का अनुमान लगाया है, जिससे 1 और 2 नवंबर को चेन्नई में भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, इस सिस्टम की तीव्रता, दिशा और इसके तट से टकराने की संभावना को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।
गैरसैंण: राजधानी के नाम पर कब तक रस्म अदायगी?
भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की आवाजाही होती है।
डीपफेक के दौर में राजनीति: कहीं विपक्ष दुश्मन का हथियार तो नहीं बन रहा?
किसी गंभीर आरोप को सार्वजनिक करने से पहले मूल वीडियो, संबंधित अधिकारी का वास्तविक बयान और आधिकारिक स्पष्टीकरण देखना सामान्य सावधानी होनी चाहिए।
मुख्यमंत्रियों ने करवा चौथ पर्व की दी बधाई
नई दिल्ली, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने करवा चौथ पर महिलाओं को बधाई एवं शुभकानाएं दी हैं।
बिग बॉस 20: यंग से हुई गुल्लू की हाथापाई, मचा हंगामा; फैंस कर रहे इस प्रतिभागी को बाहर करने की मांग
Bigg Boss 20: शो 'बिग बॉस 20' में आए दिन हंगामा होता है। इस बार गुल्लू की यंग से लड़ाई हो गई है।इससे पहले गुल्लू की नकुल से लड़ाई हुई थी और नकुल को शो से बाहर कर दिया गया था।
बिहार: केके पाठक से भिड़े, शिक्षकों के हक में लड़े, अब फिर बने MLC, कौन हैं वंशीधर बृजवासी?
बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्दलीय प्रत्याशी वंशीधर बृजवासी ने दोबारा जीत दर्ज कर जेडीयू, आरजेडी और जन सुराज के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ दिया।
करवा चौथ पर पत्नी के लिए गिफ्ट खरीदते समय फर्जी वेबसाइट, नकली डिस्काउंट और संदिग्ध पेमेंट लिंक से सावधान रहें। जल्दबाजी में की गई एक छोटी-सी गलती आपकी बैंकिंग जानकारी साइबर ठगों तक पहुंचा सकती है और आप अपनी मेहनत की कमाई को गंवा सकते हैं।
सुरक्षा और चिंताएं: बैंक खाते तक पहुंच रहे एआई एजेंट, सुविधा के साथ बढ़ा खतरा; पैसे कटे तो जिम्मेदार कौन होगा?--AI Agents in Banking: Digital Payment Convenience Raises Cybersecurity and Privacy Concerns
उत्साहजनक संकेत: भारत पर विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसा, एफडीआई 100 अरब डॉलर पार होने की उम्मीद
उत्साहजनक संकेत: भारत पर विदेशी निवेशकों का बढ़ा भरोसा, एफडीआई 100 अरब डॉलर पार होने की उम्मीद--India FDI Growth: Foreign Investment May Cross $100 Billion for the First Time
जलवायु परिवर्तन से चमगादड़ों के घरों पर संकट: 2070 तक घट सकते हैं 64% अनुकूल इलाके; गुफाएं मिलना भी मुश्किल
जीवन धारा: मन की प्रयोगशाला में बनता है भविष्य, इच्छाशक्ति और सही सोच से बदल सकती है जिंदगी
जीवन धारा: मन की प्रयोगशाला में बनता है भविष्य, इच्छाशक्ति और सही सोच से बदल सकती है जिंदगी-The Human Mind: How Willpower and Rational Thinking Shape Your Future
ललित सुरजन की कलम से मोदी : हवा में तलवारबाजी
भाजपा के एक वर्ग ने की है और इसमें उसे उद्योग जगत, मीडिया तथा कथित विचार समूहों या थिंक टैंक्स के एक हिस्से का समर्थन मिल रहा है।
बदलती विश्व व्यवस्था के बीच बढ़ते परमाणु खतरे
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वाशिंगटन को यह विश्वास दिलाया था कि ईरान कुछ ही दिनों में आत्मसमर्पण कर देगा।
भारत में कुछ समय पहले जेन ज़ी आंदोलन के कारण बड़ी हलचल मची।
दिल्ली को दस वर्षीय स्वच्छ वायु योजना चाहिए
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता अक्तूबर का अंतिम सप्ताह आते ही एक बार फिर चिंता बढ़ाने लगी है। गत 21 अक्तूबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 245 पहुंच गया, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को…
विधान परिषद चुनावों ने हमें क्या बताया
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन और विपक्ष के जमीनी संघर्ष की वजह से क्या राजनीति की हवा बदलती हुई दिख रही है? क्या यह कहना सही होगा कि केंद्र सरकार के लिए आगे के दिन मुश्किल भरे होंगे? क्या उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव…
लंबे समय से देश में सबसे अव्वल रहे टाटा समूह का 28 अक्तूबर, 2026 को रिलायंस समूह से पिछड़ जाना एक निर्णायक घटना है। रिलायंस समूह को यह बादशाहत अपनी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के शेयर के सूचीबद्ध होते…
विचार: प्रदूषण के खिलाफ लड़नी होगी साझा लड़ाई
विश्व स्वास्थ्य संगठन के वायु गुणवत्ता दिशानिर्देशों के अनुसार, पीएम 2.5 का वार्षिक औसत स्तर पांच माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए, जबकि उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में यह स्तर अक्सर 80 से 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक दर्ज किया जाता है।
संपादकीय: कांग्रेस को एक और सबक
मत पत्रों से हुए चुनावों में भी कांग्रेस की विफलता यही सिद्ध करती है कि कांग्रेस जिस तरह एसआईआर को वोट चोरी का नाम देकर लोगों को गुमराह करने के साथ अपना वक्त जाया कर रही है
केरल की वृद्ध संरक्षण पहल से जगेगी नई चेतना
भारत की संस्कृति में माता-पिता को देवतुल्य माना गया है। यहाँ कहा गया है-‘मातृदेवो भव, पितृदेवो भव।’ जिस देश में माता-पिता के चरणों में स्वर्ग देखने की परंपरा रही हो, उसी देश में यदि वृद्धावस्था में माता-पिता अपने ही घर में उपेक्षा, अपमान, अकेलेपन और असुरक्षा का दंश झेलने को विवश हों, तो यह केवल ... Read more
कॉस्मेटिक टेस्टिंग पर प्रतिबंध में ढील और आवारा व वन्यजीवों पर प्रयोग की आशंका पर जताई चिंता
श्रमण डॉ. पुष्पेन्द्र ने केंद्र सरकार से की पुनर्विचार की माँग 28 अक्टूबर 2026। केंद्र सरकार द्वारा पशुओं पर वैज्ञानिक प्रयोगों से जुड़े नियमों में बदलाव के लिए जारी किए गए प्रस्तावित ड्राफ्ट पर चिंता व्यक्त करते हुए श्रमण डॉ. पुष्पेन्द्र ने इसे बेज़ुबान जीवों की सुरक्षा और जीवदया के सिद्धांतों के लिए गंभीर चुनौती ... Read more
सीनियर्स सिटीजन्स ( वरिष्ठ नागरिक ) के लिए मेरी कविता ” बोनस लाइफ “ बुढ़ापा उम्र की वो अंतिम पड़ाव है जहां हर इंसान पहुंच नही सकते है, ईश्वर उन्हीं पर मेहरबान होते है जिन्हें ये बोनस लाइफ लिख देते है। बचपन गुजरा गुज़र गई सारी जवानी आहिस्ता-आहिस्ता छा गया बुढ़ापा, सौभाग्यशाली होते है वे ... Read more
पति पत्नी और करवा चौथ (व्यंग्य)
पति की उम्र बढ़ाने के लिए पत्नी को पटाने, करवा चौथ का व्रत ज़िंदगी में फिर आ गया है। एक राष्ट्रीय अखबार ने एक बढ़िया खबर छापी कि चांद देखे बगैर भी खोला जा सकता है व्रत। एक पीएचडी ज्योतिषाचार्य ने समझाया कि अगर मौसम खराब हो, बादल छाए रहने के कारण चांद दिखाई न दे तो भी चिंता करने की ज़रूरत नहीं। कहीं से भी चांद देखने की सूचना मिलते ही व्रत खोला जा सकता है। वीडियो काल पर चांद देखना वैध माना गया है। ज्योतिषी सरगी का समय सुबह छ बजे के बाद बताते हैं लेकिन बहुत सी पत्नियां सुबह चार बजे ही उठ जाती हैं क्यूंकि उन्हें अपनी सास के ज़माने से आदत है। करवा चौथ के व्रत से सास इफेक्ट जाता नहीं। जब हम असली बुद्धि के ज़माने में थे तो कई नकली परिवर्तन किए अब नकली बुद्धि के युग में हैं तो त्योहार मनाने की शैली में असली परिवर्तन होना चाहिए यानि जैसे प्राचीन काल में स्त्रियां व्रत रखती थी वैसे रखें ताकि पति की जान वास्तव में सलामत रहे और पति से भी सम्मान मिले। इसे भी पढ़ें: सैटिंग, बैटिंग और रेटिंग (व्यंग्य) इंसान ने अपनी बनाई कृत्रिम बुद्धि के कारण कुदरत द्वारा दी नैसर्गिक बुद्धि को नकारना शुरू कर दिया है लेकिन दूसरी तरफ पूरे होश और जोश के साथ परम्परा और संस्कृति की लकीरों को पीटा जा रहा है। काफी कोशिश करने पर भी परम्पराएं छूट नहीं पा रही। परिस्थितियों में निरंतर बदलाव, ज़िंदगी में उगती जा रही वक़्त की कमी के कारण कुछ परम्पराएं बदल भी रही हैं। करवा चौथ की रात को खाने का तरीका बदला है। रिसोर्ट और होटल में जाकर व्रत खोल रहे हैं जोकि पौराणिक पारम्परिक संस्कृति के अनुसार गलत माना जाना चाहिए। पूजा समय पर नहीं करते लेकिन पूरा दिन त्यौहार मान लिया जाता है। पतियों ने भी व्रत रखना शुरू कर दिया गया है लेकिन मनोरंजक दिखावा और रिश्तों में छलावा बढ़ रहा है। इसलिए लगता नहीं अब इस व्रत से पति की जान बच सकती है। क्या वैवाहिक संस्था की व्यवस्था परिवर्तन चाहती है । पति की लम्बी आयु के लिए रखा जाने वाला व्रत बदलाव के कई रास्ते तय कर चुका है। करवा खरीदने बारे सोशल मीडिया पर अफवाहें उग रही हैं जिससे महिलाएं धोखा खा रही हैं। उधर धार्मिक नियमों के रखवालों को गुस्सा आ रहा है। उनके अनुसार धर्म पुस्तकों की पंडिताई गौण हो गई है क्यूंकि लोगों फेस टू फेस न होकर फेस बुक पर विशवास कर रहे हैं। धर्म और धर्म शास्त्र के प्रति निष्ठा कम करने में एंटी सोशल पंडिताई का सर्वश्रेष्ठ अविस्मरणीय योगदान है। हालांकि वे वहम न करने को कह रहे हैं। विदेश में करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए दिलचस्प दुविधा है। वहां का समय भारतीय समय के असमानांतर है। उनका व्रत शुरू करने का समय कुछ और होता है जो भारतीय समय से बिलकुल अलग होता है। क्या उन्हें व्रत का फल मिलता होगा। वैसे व्रत रखना स्वास्थ्य के लिए हमेशा लाभदायक रहा है। उसमें बाज़ार के दखल की ज़रूरत नहीं होती लेकिन बाज़ार शातिर होता है किसी भी अवसर उत्सव त्यौहार यहां तक कि दुःख के अवसरों को भी नहीं बख्शता। बदलाव लाना मुश्किल काम है। - संतोष उत्सुक
करवा चौथ : सरगी सिर्फ रस्म नहीं, सेहत के लिए भी जरुरी है
नई दिल्ली, करवाचौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत की शुरुआत की जाती है और रात में चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद व्रत खोला जाता है। सरगी की परंपरा सिर्फ धार्मिक मान्यताओं से ही नहीं जुड़ी है बल्कि सेहत के लिहाज से भी इसका खास महत्व है।
विधानपरिषद चुनाव: अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों और कैसे हारे बाहुबली अनंत सिंह?
बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट का चुनाव उम्मीदवारों की लड़ाई से आगे बढ़कर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच प्रतिष्ठा का मुकाबला बन गया।
बिहार लोक सेवा आयोग ने बीपीएससी एएसओ मुख्य परीक्षा 2026 का परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। संतोष कुमार ने पहला,
ललित सुरजन की कलम से -प्रायोजित पत्रकारिता की चुनौतियां- 3
'यूं तो यह स्थिति लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन अभी हाल में इसका ज्यादा खुला रूप सामने आया है
त्यौहार के समय जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतें परिवारों के बजट पर भारी
भारत में त्यौहार एक महत्वपूर्ण परम्परा है, सिर्फ जश्न मनाने का मौका नहीं। इसलिए इस दौरान परिवार नए कपड़े, मिठाइयां, सजावट के सामान और उपहार खरीदने पर काफी पैसा खर्च करते हैं
महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक विकास की चुनौती
अर्थव्यवस्था की चर्चा होते ही महंगाई, ब्याज दर, जीडीपी, राजकोषीय घाटा और आर्थिक विकास जैसे शब्द सामने आने लगते हैं
दूसरा पहलू: जापान में अंतिम संस्कार पर लाखों का खर्च, कब्र के लिए भी जगह नहीं; अब पेड़ों के पास दफन हो रही राख
अपनी सोच पर सवाल उठाना भी साहस है: जब अहंकार छोड़ दूसरों को समझेंगे, तभी रिश्तों में आएगी गहराई-Why Questioning Your Own Beliefs Is Courage: Lessons on Love, Ego and Relationships
बदलाव के संकेत: तकनीकी तरक्की की कीमत कहीं नौकरियां तो नहीं?
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चुनौतियां दूर होने के बाद ही दौड़ेंगी एथेनॉल गाड़ियां
सौ फीसदी एथेनॉल वाले ईंधन को मंजूरी देने का केंद्र सरकार का फैसला विवेचना की मांग करता है। इस ईंधन में पेट्रोल नहीं होता, जिसका मतलब है, गाड़ियां ‘हाइड्रो-कार्बन’ से नहीं, बल्कि ‘बायो फ्यूल’ से चलेंगी। निश्चय ही, ई-100 ईंधन वाली गाड़ियों को मंजूरी…
न्यायपालिका की प्रतिष्ठा सबसे जरूरी
देश के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश रह चुके न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की आने वाली पुस्तक विदाउट फीयर ऑर फेवर से जुड़े कुछ अंशों और खुद उनके साक्षात्कारों ने भारतीय न्यायपालिका की आंतरिक कार्यशैली को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है…

