द बोनस मार्केट अपडेट: शेयर बाजार में बढ़त, सेंसेक्स 400 अंक चढ़ा तो निफ्टी 22500 के पार; जानिए पूरा हाल
भारत में नया राजनीतिक आख्यान-'प्रधानमंत्री मोदी के मोहरे हैं ज्ञानेश कुमार'
चुनावी आख्यान में बदलाव साफ़ दिख रहा है। अगले साल की शुरुआत में होने वाले अहम राज्य चुनावों से ठीक पहले 'वोट चोरी का नारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाता है।
जनता को अब बंटना नहीं है, जंतर-मंतर से आई एकता को बनाए रखना है
प्रधानमंत्री मोदी ने ही देश को हिन्दू-मुस्लिम में बांटा था। और अब उन्होंने ही न केवल हिन्दू-मुस्लिम को बल्कि बाकी जाति और अन्य दूसरे जितने भी आधारों पर जनता को बांटा था सबको फिर एक कर दिया।
हम चीन-जापान के बराबर कब पहुंचेंगे
जान बची तो लाखों पाए। यह कहावत पूरी तरह खरी उतरती है भारतीय दल पर, जिसने नागोया एशियाई खेलों के आखिरी दो दिनों में कई तमगे जीतकर पदक-तालिका में चौथा स्थान प्राप्त कर लिया। शनिवार को ही उसके खाते में पांच …
विचार: भ्रामक इतिहास को सुधारने की पहल
एक समाज जो अपने अतीत में केवल पराजय देखता है, वह भविष्य में भी केवल अनुकरणजीवी बनता है।
चुनाव आयोग में पारदर्शिता की मांग सही
नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में 30 सितंबर को हुई ‘इंडिया’ ब्लॉक की आठवीं बैठक के बाद विपक्ष ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी एसआईआर को लेकर अपने आंदोलन का खाका सामने रखा है…
एआई के भरोसे भविष्य को दांव पर लगाना ठीक नहीं
दुनिया के धनकुबेरों में से एक ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की दुनिया में बच्चों को जोड़, घटाव, गुणा, भाग सीखने की कोई जरूरत नहीं है; इन सबको अब भूल जाएं। हालांकि, अगर एआई का बुलबुला फूटा, तो बहुत मुमकिन है कि यह धनकुबेर खुद ताकतवर लोगों की सूची से बाहर हो जाएं और दुनिया उनके…
जापान में खेलों के एशियाई महाकुंभ का सुखद समापन उत्सव और समीक्षा का समय है। जो पदक जीते हैं, वे उत्सव मना रहे हैं और इस बार जिनका संघर्ष सफल न हुआ, वेे समीक्षा कर रहे हैं। उत्सव जितना जरूरी है, उससे ज्यादा जरूरी है…
जागरण संपादकीय: हताशा भरा अभियान
विपक्षी दल इसकी जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं कि चुनाव आयुक्तों के बीच असहमति को लेकर जो नैरेटिव खड़ा किया गया था, वह भोथरा पड़ चुका है।
योगाभ्यास के कितनी देर बाद नहाना और खाना चाहिए ?
नई दिल्ली, आजकल खुद को फिट और स्वस्थ रखने के लिए बड़ी संख्या में लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं। सुबह उठकर योग करना न सिर्फ शरीर को सक्रिय रखने में मदद करता है, बल्कि मानसिक तनाव और थकान को कम करने में भी सहायक माना जाता है। अक्सर लोग योगाभ्यास पूरा होते ही अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों में लग जाते हैं। ऐसे में आयुष मंत्रालय ने योग के बाद शरीर को आराम देने और नहाने व भोजन के बीच उचित अंतर रखने की सलाह दी है।
शिक्षकों पर है नई सृष्टि और दृष्टि गढ़ने की जिम्मेदारी
विश्व शिक्षक दिवस- 5 अक्टूबर 2026 शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं होता, वह मनुष्य के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानकर उन्हें आकार देने वाला शिल्पकार होता है। वह केवल ज्ञान नहीं देता, जीवन को दिशा देता है; केवल परीक्षा के लिए तैयार नहीं करता, बल्कि परिस्थितियों से संघर्ष करने की क्षमता देता है। ... Read more
चिंताजनक: मानसिक अवसाद, सामाजिक अकेलापन और बिखरती युवा चेतना
किसी आत्महत्या को एक ही कारण से जोड़ना न वैज्ञानिक रूप से उचित है और न सामाजिक रूप से। डब्ल्यूएचओ के अनुसार इसके पीछे मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, व्यक्तिगत संकट, रिश्तों में टूटन, आर्थिक कठिनाइयां और अन्य परिस्थितियां जुड़ी हो सकती हैं।
धनुरासन करते समय न करें ये 5 गलतियां, वरना हो सकता है नुकसान
नई दिल्ली, योग में धनुरासन यानी 'बो पोज' को सबसे प्रभावी आसनों में से एक माना जाता है। यह आसन शरीर को धनुष के आकार में मोड़ता है और पूरे शरीर को स्ट्रेच करता है। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के अनुसार यह पाचन सुधारने, पीठ दर्द कम करने और शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है। लेकिन अक्सर लोग इसे गलत तरीके से करते हैं, जिससे फायदे की जगह कंधे, घुटने और पीठ में चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप भी धनुरासन का अभ्यास करते हैं तो इन 5 बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट क्या अंतर है, जाने लक्षण
नई दिल्ली, कभी-कभी हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों पर ध्यान न देना आसान होता है, खासकर तब जब लक्षण धीरे-धीरे शुरू हों या आते-जाते रहें। नए या असामान्य लक्षणों को गंभीरता से लेना और जल्द मदद लेना जरूरी हो सकता है।
अशोक सिंघल एक निष्काम कर्मयोगी थे, जिन्होंने भारत के आत्मगौरव और राम जन्मभूमि आंदोलन को मजबूत करने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था
खुला आकाश:किसान आंदोलनों से गांधी की राह तक....राकेश रफीक ने किसान आंदोलनों में भी सक्रिय भूमिका निभाई
गांधी के ‘स्वराज’ को याद करने का वक्त:‘स्वराज’ की पूरी संरचना के चार स्तंभ क्या,लैंगिक असमानता पर कैसे विचार?
जानना जरूरी है: शिव कैसे कहलाए अरुणाचलेश्वर? स्थावरलिंग में महादेव का प्रचंड तेज
जानना जरूरी है: शिव कैसे कहलाए अरुणाचलेश्वर? स्थावरलिंग में महादेव का प्रचंड तेज
तीन दिन की छुट्टियों के कारण दिल्ली एनसीआर के पास के पहाड़ी राज्यों हिमाचल और उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का हुजूम उमड़ पड़ा है।
एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में फिर रविवार को इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक नागरिक मार्च निकाला जाएगा।
विचार: खतरे की घंटी है अप्रत्याशित मौसम
अल नीनो और बढ़ते वैश्विक तापमान के कारण दुनिया भर में अप्रत्याशित मौसम पैटर्न भारत की कृषि और अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नेस्ले के डेयरी व्हाइटनर को घटिया पाया, जिससे उसकी बिक्री पर रोक लगी और खाद्य गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं
क्रॉसिंग्स रिपब्लिक में ‘आवाहन’ से गूंजेगा दुर्गा पूजा का शंखनाद
शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर क्रॉसिंग्स रिपब्लिक में भक्ति, महिला सशक्तिकरण और क्षेत्रीय एकजुटता का प्रतीक ‘आवाहन’ दुर्गा पूजा महोत्सव आयोजित होने जा रहा है…
तय है, उड़ान और उड़ाकों के बारे में नए और व्यावहारिक सुधारों को अब और नहीं टाला जा सकता। इसके साथ ही हमें समूची धरती के पैमाने पर उस नफरती जहरबाद के बारे में भी गंभीरता से सोचना होगा, जो अब शिक्षित ‘एलीट’ को अपना शिकार बनाने लगा है। ओमानी उड़ाका इसका नवीनतम उदाहरण है…
एसआईआर: लोकतंत्र की शुचिता और विश्वास की कसौटी
भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसका मतदाता है और मतदाता की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पहचान उसका मताधिकार है। इसलिए मतदाता सूची केवल नामों का प्रशासनिक दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। जिस व्यक्ति का नाम पात्र होते हुए मतदाता सूची में नहीं है, उसकी लोकतांत्रिक भागीदारी अधूरी रह जाती है और जिस ... Read more
फ्लाईदुबई मामला: आखिर एक उड़ान में चार पायलट क्यों सवार थे, कॉकपिट में पांच सेकंड की देरी से क्या हो सकता था?
देव की डायरी: अपने-अपने जाम में अपनी-अपनी दिल्ली
दिल्ली में जाम एक परंपरा है। इससे मुक्ति के लिए दिल्ली ने दनादन फ्लाईओवर बनाकर जाम को खत्म नहीं किया, उसका वास्तु बदल दिया। पहले गाड़ियां एक ही स्तर पर फंसी रहती थीं।
न दुकानदार, न CCTV और न ताला… मिजोरम के गांवों में भरोसे से चलती हैं ये अनोखी दुकानें
आज के समय में किसी दुकान की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, ताले और दुकानदार की मौजूदगी आम बात है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा: फीस से कैंटीन तक यूपीआई से लेनदेन, सीबीएसई ने स्कूलों को क्या निर्देश दिए?
सीबीएसई ने संबद्ध स्कूलों को डिजिटल भुगतान बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। फीस, कैंटीन, पुस्तकालय और दूसरी सेवाओं के भुगतान में यूपीआई और रुपे कार्ड को बढ़ावा देना होगा। कम नेटवर्क वाले क्षेत्रों के लिए भी वैकल्पिक डिजिटल माध्यम बताए गए हैं।
ऑस्ट्रेलिया में बड़ा हादसा: रग्बी फैंस की भीड़ में घुसी कार, कई लोग घायल; टीम बस का इंतजार कर रहे थे प्रशंसक---Australia: Car Drives Into Crowd of Rugby Fans Near Newcastle, Several Injured
चुनाव आयोग में हलचल : मुख्य मुद्दों पर नज़र रखनी ज़रूरी
भारत के चुनाव आयोग में मतभेदों को लेकर हुए चौंकाने वाले खुलासों ने इसकी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
आदिवासी स्कूल : बड़े बजट की बचकानी उपलब्धियां
आदिवासी शिक्षा की सबसे बड़ी चुनौती शायद यही है कि यहां स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं होती।
गांधी के संदेश की जरूरत क्यों है
कल गांधी जयंती थी। इस मौके पर देश भर में कार्यक्रम होते हैं, और हम सब गांधी जी को याद करते हैं
'हमले के बावजूद अडिग': यूएन में कैप्टन स्मित के साहस की गूंज, भारत के प्रतिनिधि ने अहिंसा की सच्ची मिसाल बताया--FlyDubai Captain Smit Courage Embodies Ahimsa: India UN Envoy Recalls PM Modi Call With Pilot
किशोरों के लिए एआई: पढ़ाई में मदद से लेकर सुरक्षा तक, कैसे हो सही इस्तेमाल
किशोरों के लिए एआई: पढ़ाई में मदद से लेकर सुरक्षा तक, कैसे हो सही इस्तेमाल
समुद्री गलियारों में बढ़ते खतरे: ओमान के पास टैंकर पर हमला, पांच भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला गया
ग्वालियर जूलॉजिकल पार्क से सफेद बाघ ‘तेजस’ को बाघ विनिमय कार्यक्रम के तहत देहरादून चिड़ियाघर लाया गया है।
सेब इस बार महंगा बिकेगा।
जितिया पर्व पर यमुना में स्नान करने पहुंची दो युवतियों की शुक्रवार सुबह डूबने से मौत हो गई।
विचार: विश्व को चिंतित करने वाली घटना
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित ने फ्लाई दुबई की उड़ान में सह-पायलट के हमले को नाकाम कर एक बड़े विमान हादसे को टाल दिया
विचार: गिरफ्तारी के आधार जानना मौलिक अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी के आधारों की लिखित सूचना को मौलिक अधिकार बताया है, जिसमें कहा गया है कि यह जानकारी आरोपी को अपनी भाषा में और जल्द से जल्द दी जानी चाहिए
संपादकीय: एसआईआर का बेजा विरोध
विपक्ष चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध कर रहा है, जबकि आयोग छूटे हुए मतदाताओं को शामिल करने की तैयारी में है
आतिशबाजी पर पूरी तरह रोक लगाई जाए
सर्वोच्च न्यायालय ने हरित पटाखे चलाने की अनुमति को लेकर जो आदेश दिया है, वह निराशाजनक है। पटाखे चाहे किसी तरह के हों, उन पर पूर्ण रोक लगनी चाहिए। ये हमारी संस्कृति, सभ्यता या धार्मिक परंपरा की चीज नहीं हैं…
हरित पटाखों को लेकर इतनी हाय-तौबा क्यों
नई पीढ़ी के हरित पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति देने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुखद है। अदालत ने तय मानक और संरचना का पालन करने वाले हरित पटाखों को बनाने और बेचे जाने की बात कही है…
पढ़ाई का दबाव नहीं झेल पाते विद्यार्थी
शिक्षा का उद्देश्य अब सिर्फ ज्ञान प्राप्त करना नहीं रह गया है। अच्छे अंक, प्रवेश परीक्षा, डिग्री, नौकरी और करियर की होड़ में यह लगातार बदलता जा रहा है। इसका सबसे गंभीर असर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है…
लिवींग लेजेंड नेपाली संगीतकार रंजीत गजमेर के 86 वें जन्मदिन पर विशेष
हिंदी फिल्म जगत के ‘कांछा भाई’ और नेपाली संगीत जगत के लीविंग लेजेंड नेपाली संगीतकार रंजीत गजमेर जी के 86वें जन्मदिन के अवसर पर समस्त गोरखा- नेपाली समुदाय के गीत-संगीतप्रेमी जनों द्वारा हार्दिक बधाई एवं अशेष शुभकामनाएं देते हैं आज 3 अक्टूबर का दिन है। आज का दिन हम गोरखाओं के लिए खास दिन है। ... Read more
बापू को संगीतमय नमन : इंडियन ओशन ने नए अंदाज़ में पेश किया 'वैष्णव जन'
नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर देश के प्रतिष्ठित फ्यूजन-रॉक बैंड ‘इंडियन ओशन’ ने बापू को एक बेहद अनूठी और संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की है…
एआई एजेंट से जुड़ी घटनाओं को लेकर 100 से अधिक संगठनों को किया अलर्ट: ओपनएआई
नई दिल्ली, अमेरिका स्थित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ओपनएआई ने कहा है कि उसने अपने एआई एजेंट्स से जुड़ी अनधिकृत गतिविधियों की घटनाओं के बारे में 100 से अधिक संगठनों को सूचित किया है।
मन को शांत करना चाहते है तो करे गोमुखासन, जानें इसके फायदे
नई दिल्ली, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना और गलत खानपान की वजह से कंधे, पीठ और कूल्हों में जकड़न एक आम समस्या बन गई है। ऐसे में 'गोमुखासन' शरीर को लचीला और मन को शांत करने का काम करता है। नियमित अभ्यास से यह न सिर्फ शरीर की अकड़न दूर करता है बल्कि एकाग्रता और संतुलन भी बढ़ाता है।
महात्मा गांधी जयंती विशेष: गांधी की हत्या के बाद जब प्रतिशोध की आग भड़की
30 जनवरी की शाम पांच बजे के कुछ समय बाद नई दिल्ली के बिड़ला भवन में प्रार्थना सभा के लिए जाते समय गांधी की हत्या कर दी गई।
विचार: ऐसी प्रगति किस काम की, जो इंसान को मशीन का गुलाम बना दे
विचार: ऐसी प्रगति किस काम की, जो इंसान को मशीन का गुलाम बना दे
जीवन धारा: जो राह गांधी ने दिखाई, वह हिंसा और आत्मविनाश से मुक्ति की राह
जीवन धारा: जो राह गांधी ने दिखाई, वह हिंसा और आत्मविनाश से मुक्ति की राह
आखिर हम कैसा समाज बना रहे हैं?: खो रहा है इंसानियत का सुर, हिंसा के दौर में प्रेम और अहिंसा की पुकार
आखिर हम कैसा समाज बना रहे हैं?: खो रहा है इंसानियत का सुर, हिंसा के दौर में प्रेम और अहिंसा की पुकार chongtham-vikram-singh-murder-gandhi-ahimsa-violence-social-harmony-mohankauns
'परमाणु हथियारों का भी करेंगे इस्तेमाल': पुतिन की पश्चिमी देशों को चेतावनी, पीएम मोदी की तारीफ में क्या कहा? putin-praises-pm-modi-efforts-ukraine-conflict-india-economic-corridor-warns-use-all-weapons-nato-kaliningrad
ललित सुरजन की कलम से पिंक : एक उत्तर-आधुनिक फिल्म
'हर समाज आज की तारीख में कुछेक परंपराओं, प्रथाओं और रीतियों से संचालित हो रहा है।
गांधी के लिए स्वराज के क्या मायने थे?
गांधी का हिन्द स्वराज किसी बहुसंख्यक समुदाय का नहीं, सबका और न्याय का राज्य था
सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल
चुनाव आयोग ने अधिकृत बयान के माध्यम से अपनी कुछ गलतियों को स्वीकार तो कर लिया है।
डिजिटल पेमेंट पर बढ़ते विवाद के बीच दिल्ली के कई व्यापारिक संगठनों ने 2 अक्तूबर को नो यूपीआई डे मनाने का एलान किया है।
विचार: गांधी के मार्ग से भटकने के दुष्परिणाम
आज लोभासक्त उपभोगमय जीवन की दुर्दांत स्थिति से सारी दुनिया छटपटाती हुई कराह रही है तो जरूरी हो रहा है कि हम अपने भ्रमों को तोड़ने की हिम्मत करें। गांधी इसके लिए आंख खोलने वाले गुरु सरीखे हैं।
विचार: लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं संस्थाओं पर हमले
कुल मिलाकर भारतीय राजनीतिक परिदृश्य इस समय एक नाजुक स्थिति में है। यह और नाजुक न बने, उससे बचने के लिए आवश्यक होगा कि चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की आड़ में राजनीति न की जाए।
जागरण संपादकीय: विमानों के लिए नया खतरा
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाई दुबई की उड़ान में ओमानी सह पायलट ने भारतीय मुख्य पायलट स्मित मछार पर हमला कर विमान गिराने की कोशिश की। स्मित मछार ने साहस दिखाते हुए 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाई।
अच्छी भाषा-बोली के पैरोकार गांधी
महात्मा गांधी पर रामधारी सिंह ‘दिनकर’ लिखते हैं- तू कालोदधि का महास्तंभ, आत्मा के नभ का तुंग केतु बापू! तू मर्त्य, अमर्त्य, स्वर्ग, पृथ्वी, भू, नभ का महासेतु तेरा विराट यह रूप कल्पना पट पर नहीं समाता है…
गांधी का पुनर्जन्म ही नहीं, गांधी-दृष्टि का पुनर्जागरण हो
गांधी जयंती – 2 अक्टूबर, 2026 पर विशेष महात्मा गांधी को याद करना केवल अतीत के एक महान व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि देना नहीं है, बल्कि अपने वर्तमान की दिशा और भविष्य की दशा पर विचार करना भी है। गांधी किसी एक कालखंड, राजनीतिक दल या विचारधारा की संपत्ति नहीं हैं। वे एक ऐसे जीवन-दर्शन का ... Read more
अहिंसा है जीवन का सौन्दर्य एवं सृष्टि का आधार
अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस (2 अक्टूबर 2026) पर विशेषः -स्वामी देवेंद्र ब्रह्मचारी- आज दुनिया विज्ञान, तकनीक और आर्थिक प्रगति के जिस दौर में पहुंची है, उसी के समानांतर हिंसा, आतंकवाद, युद्ध, तनाव, असहिष्णुता और प्रतिस्पर्धा की प्रवृत्तियां भी बढ़ी हैं। मनुष्य ने प्रकृति पर विजय पाने की कोशिश में स्वयं अपने भीतर अशांति पैदा कर ली ... Read more
रिस्पेक्ट इंडिया ने दौलत राम कॉलेज से ‘मेक एन एल्डर स्माइल’ अभियान शुरू किया
नई दिल्ली। रिस्पेक्ट इंडिया ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज में ‘मेक एन एल्डर स्माइल’ अभियान शुरू किया है…
वाराणसी में डांस रिकॉर्डिंग का वीडियो असली, AI होने का पुलिस का दावा गलत
बूम ने कार्यक्रम के अलग-अलग एंगल से रिकॉर्ड किए गए वीडियो की पड़ताल करने पर पाया कि वायरल क्लिप असली है. कई एआई डिटेक्शन टूल भी इसकी पुष्टि करते हैं.
सादगी की प्रतिमूर्ति शास्त्री जी के मर्मस्पर्शी प्रेरणादायक संस्मरण
नाटे कद और हमेशा मुस्कराता हुवा चेहरा रखने वाले शास्त्री जी जवाहर लाल के उतराधिकारी बन कर देश के दुसरे प्रधानमंत्री बने | वास्तव में शास्त्री जी जहाँ एक तरफ आजादी के लिये अपना सर्वस्व कुर्बान करने का संकल्प रखते थे वहीं दसरी तरफ वो मितभाषी और आत्मसम्मान के धनी थे | मात्र 17 साल ... Read more
Hanuman Ansh song Parvat: फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर जबर्दस्त कामयाबी हासिल की है। साथ ही फिल्म के गाने भी खूब हिट हुए हैं। 'पार्वती..' गाने ने तो सफलता के मामले में नई उपलब्धि हासिल की है। यह भारत में यूट्यूब चार्ट पर पहले पायदान पर है।
यूपीएससी ने 1 अक्तूबर 2026 को अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर लिए। जानें 1855 की आईसीएस परीक्षा से लेकर 1926 में सार्वजनिक सेवा आयोग की स्थापना और संवैधानिक संस्था बनने तक का पूरा इतिहास।
बड़ी कामयाबी: जम्मू-कश्मीर में आतंक मूसा का मारा जाना अहम सफलता, स्थायी शांति के लिए इसी आक्रामकता जरूरी
केवल आप ही नहीं, चोर भी ऑनलाइन हैं: सोशल मीडिया पर जिंदगी साझा करना सामान्य, अपराधियों से सतर्क रहें
केवल आप ही नहीं, चोर भी ऑनलाइन हैं:सोशल मीडिया पर जिंदगी साझा करना सामान्य, अपराधियों से सतर्क रहें
द बोनस मार्केट अपडेट: शेयर बाजार में गिरावट जारी, सेंसेक्स 97 अंक लुढ़का; निफ्टी 22600 से नीचे
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 97 अंक और निफ्टी 53 अंक लुढ़ककर बंद हुए। वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों को सतर्क रखा। जानें बाजार की मौजूदा स्थिति और आगे की संभावनाएं।
नीट पीजी 2026 का स्कोरकार्ड 1 अक्टूबर से डाउनलोड किया जा सकता है। एनबीईएमएस ने बताया है कि उम्मीदवार अपनी उत्तर कुंजी भी व्यक्तिगत लॉगिन के जरिए देख सकेंगे। जानें स्कोरकार्ड और आंसर की से जुड़ी पूरी जानकारी।
1 अक्तूबर से नए नियम: आज से हो रहे ये जरूरी बदलाव, जान लें क्या बदल रहा और क्या नहीं
आज यानी 1 अक्तूबर 2026 से कई नए नियम लागू हो रहे हैं। ऐसे में आपके लिए ये जानना जरूरी हो जाता है कि कौन-कौन से बदलाव आज से हो रहे हैं। LPG सब्सिडी, FD और जन्म-मृत्यु पंजीकरण से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं।
चुनावी तानाशाही से खालिस तानाशाही की ओर!
इन रहस्योद्घाटनों में यह जानकारी खास थी कि पिछले दस महीनों में ही कम से कम 14 मौकों पर, मुख्य चुनाव आयुक्त के इतर, अन्य चुनाव आयुक्तों ने आयोग के अलग-अलग निर्णयों पर अपनी आपत्तियां/ असहमतियां दर्ज करायी थीं।
हिंदुस्तान को बदलने का घातक मंसूबा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सत्ता पर भाजपा का शिकंजा कस रहे हैं,
हिमाचल प्रदेश सिर्फ बाहरी पर्यटकों की पसंद नहीं, बल्कि घरेलू यात्रा संस्कृति के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
विचार: कितने भरोसे लायक है एआई
जब एआई और अधिक शक्तिशाली होगी, तब यह सुनिश्चित करना होगा कि हम उसे परखने में भी उतने ही सक्षम बन सकें।
जागरण संपादकीय: बाज नहीं आ रहा पाक
पाकिस्तान को यह आभास लगातार कराते रहना होगा कि वह यदि भारत विरोधी हरकतें नहीं छोड़ता तो उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।
अपनों से बेगानापन झेलने को मजबूर हमारे बुजुर्ग
पंकज चतुर्वेदी,वरिष्ठ पत्रकार हर साल 1 अक्तूबर को ‘अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस’ के अवसर पर गोष्ठियां आयोजित होती हैं, वक्तव्य दिए जाते हैं और बुजुर्गों को समाज के लिए अमूल्य बताने वाले नारों की बौछार कर दी जाती है, पर इन…
वृद्धजनों के साथ दुर्व्यवहार कब रुकेगा
बुजुर्गों के योगदान को सम्मान देने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए 1 अक्तूबर को ‘अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस’ मनाने की शुरुआत 1991 से हुई। आज भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई दूसरे देशों में भी वृद्धजन उपेक्षा के…
संजीदा फैसलों से ही बदलेगा समाज
यह खबर जिसने भी पढ़ी होगी, उसकी आंखों में आंसू न आए हों, ऐसा हो नहीं सकता। यह एक ऐसा अदालती फैसला है, जिसकी जितनी भी तारीफ की जाए, कम है। इस फैसले में न्याय सिर्फ कानूनी शब्दावली में दर्ज नहीं हुआ है…
चुनाव उनके - व्यवस्था हमारी (व्यंग्य)
दुनिया जानती है, हमारे यहां चुनाव आन, बान और शान से होते हैं। किसी भी स्तर का चुनाव कराने की व्यवस्था करने में हम सिद्धहस्त हैं। हर तरह का चुनाव इतने सौम्य, सरल, सहज, सहयोगी, नैतिक और मानवीय तरीके से होता है कि हमारी व्यवस्था महान मानी जाने लगी है। विश्वगुरुओं की पवित्र धरती के वासी हैं हम। स्वाभाविक है इन वजहों से दुनिया भर में इज्ज़त बढ़ जाती है। विद्वान लोग अपने अपने नजरिए से इसे देखते और समझते हैं। दूसरे देशों के राजनेता और शक्तिशाली शासक हमारी कई व्यवस्थाओं को पसंद करने लगते हैं और चाहते हैं कि उनके देश में ऐसी चुनाव व्यवस्था हो ताकि उनके यहां भी हमारी जैसी आन, बान और शान रहने लगे। पिछले दिनों दुनिया के सबसे ज़्यादा ताक़तवर शासक ने अपनी मानसिक इच्छा ज़ाहिर की कि उनके देश में भी विश्वगुरुओं के देश जैसी चुनाव व्यवस्था होनी चाहिए। ‘अपना देश बचाओ’ अभियान के अंतर्गत कहा कि मतदान के लिए वैध पहचान पत्र ज़रूरी है। वे हमारी चुनाव व्यवस्था से बहुत खुश हैं लगता है वे हमारी दूसरी विशेषताएं भी समाहित करना चाहते हैं। जैसा शोर शराबा, जुलूस, पोस्टर, बैनर, अपशब्द, मार पिटाई वगैरा यहां होते हैं वैसे ही वहां भी हों। चुनावी उम्मीदवार एक दूसरे पर व्यक्तिगत, पारिवारिक, क्षेत्रीय, धार्मिक और जातीय छींटाकशी करें। ऐसे प्रभावशाली नारों से उदगार प्रकट करें कि खूब सारी भावनाओं को ठेस पहुंचे। इसे भी पढ़ें: बरसात में तैरते अवसर (व्यंग्य) वे यह भी चाहते होंगे कि चुनाव में ऐसे वायदे किए जाएं जिनको पूरा करने की उम्मीद न हो। ऐसा लगे रंगीन ख़्वाब दिखाए जा रहे हैं। ऐसे लोग चुनाव लड़ सकें जिनकी कोई सामाजिक, नैतिक और शैक्षिक योग्यता न हो। ऐसे लोगों को उम्मीदवार बना दिया जाए जिनकी जाति, सम्प्रदाय और धर्म के इतने वोटर उनके चुनाव क्षेत्र में हों कि चुनाव हारने की कोई गुंजाइश न हो। अधिकतर उम्मीदवारों का स्वच्छता, पर्यावरण और जन सुविधाओं से कोई नाता न हो। उन पर संजीदा किस्म के दर्जनों मुकदमे दायर हों जिनकी लिस्ट जारी की जाए तो उनके क्षेत्र वासियों को गर्व महसूस हो कि क्या आन, बान और शान वाला उम्मीदवार खड़ा किया है। अगर ऐसा व्यक्ति जीत जाए तो मनमाने काम करे। जनता की पीठ पर अपनी इच्छाओं की कीलें ठोके। सबसे नकली प्यार से बोले और झूठे सहयोग की जफ्फियां डालें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उल्लू बन सकें। ऐसी पार्टी टिकट दे जिसे घोड़ों के व्यापार का अच्छा खासा अनुभव हो। चुनावी सभाओं में महिलाओं को टिकट देने की बात जोर शोर से करे लेकिन वास्तव में ऐसा बिलकुल न करे। महिलाओं की वोट हथियाने के लिए जो हो सके करे। अनपढ़ कुबुद्धि लोग चुनाव लड़ें और जीत भी जाएं और पढ़े लिखे प्रशासकों को पढाएं और समझाएं। चुनाव में जितना धन खर्च करें उससे बहुत कम बताया जाए ताकि भ्रष्टाचार जैसी ज़रूरी संस्कृति निरंतर पनपती रहे। आशा है शक्तिशाली शासक चुनावी सफलता के लिए विश्वगुरुकुल के ख्याति प्राप्त सुझाव ज़रूर अपनी चुनाव प्रणाली में सम्मिलित करेंगे और अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी मानते हुए हमारा शुक्रिया अदा भी करेंगे। - संतोष उत्सुक
‘बिका हुआ माल वापस नहीं होगा’ लिखकर दुकानदार आपको नहीं कर सकता परेशान! जानिए आपका असली अधिकार
दुकानों पर अक्सर एक बोर्ड लगा दिखाई देता है- “बिका हुआ माल वापस नहीं होगा”, “No Return, No Exchange” या “No Refund”। ऐसे बोर्ड देखकर कई ग्राहक मान लेते हैं कि सामान में खराबी निकलने पर भी दुकानदार उसे वापस लेने, बदलने या पैसा लौटाने के लिए बाध्य नहीं है। लेकिन यह बात पूरी तरह सही नहीं है। भारत में उपभोक्ताओं को Consumer Protection Act, 2019 के तहत कई अधिकार मिले हैं। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) के उपभोक्ता हैंडबुक में भी स्पष्ट किया गया है कि “Goods once sold will not be taken back”, “No exchange” या “No refund under any circumstances” जैसे बोर्ड अनुचित व्यापार व्यवहार (Unfair Trade Practice) की श्रेणी में आ सकते हैं और ऐसे बोर्ड अपने आप उपभोक्ता के कानूनी अधिकार खत्म नहीं कर देते। क्या दुकानदार हर सामान वापस लेने के लिए बाध्य है? यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। केवल इसलिए कि ग्राहक ने सामान खरीदने के बाद अपना मन बदल लिया, हर स्थिति में दुकानदार को सामान वापस लेकर रिफंड देना अनिवार्य नहीं हो जाता। लेकिन यदि सामान में: - निर्माण संबंधी खराबी हो, - सामान विज्ञापन या बताए गए विवरण के अनुरूप न हो, - गलत उत्पाद दिया गया हो, - सामान नकली या दोषपूर्ण हो, - गुणवत्ता, मात्रा या कीमत को लेकर गलत जानकारी दी गई हो, तो उपभोक्ता को शिकायत और उचित राहत मांगने का अधिकार है। दुकानदार का ‘नो रिफंड’ बोर्ड क्यों हमेशा अंतिम फैसला नहीं है? दुकानदार अपनी दुकान की रिटर्न पॉलिसी बना सकता है, लेकिन वह ऐसी पॉलिसी के जरिए कानून के तहत मिलने वाले उपभोक्ता अधिकारों को खत्म नहीं कर सकता। यदि वस्तु में वास्तविक दोष है या उपभोक्ता के साथ अनुचित व्यापार व्यवहार हुआ है तो केवल “बिका हुआ माल वापस नहीं होगा” लिख देने से दुकानदार की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। इसे भी पढ़ें: क्या आपने ज़ीरो बैलेंस पर खुलवाया पीएम जन धन खाता? 10000 तक ओवरड्राफ्ट की सुविधा, संख्या 59 करोड़ के पार उपभोक्ता को क्या राहत मिल सकती है? Consumer Protection Act के तहत उपभोक्ता आयोग, मामले की परिस्थितियों के आधार पर: - सामान की खराबी दूर करने, - दोषपूर्ण सामान बदलने, - भुगतान की गई राशि वापस करने, - हुए नुकसान के लिए मुआवजा देने, - अनुचित व्यापार व्यवहार बंद करने जैसे आदेश दे सकता है। खरीदारी के बाद क्या संभालकर रखें? किसी विवाद की स्थिति में ये चीजें आपके काम आ सकती हैं: - खरीद का बिल या कैश मेमो - ऑनलाइन ऑर्डर की रसीद - भुगतान का प्रमाण - प्रोडक्ट की फोटो या वीडियो - दुकानदार या कंपनी के साथ हुई बातचीत - वारंटी या गारंटी कार्ड बिल लेना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि शिकायत के दौरान यह खरीदारी का महत्वपूर्ण प्रमाण बन सकता है। दुकानदार सामान बदलने या पैसा लौटाने से मना करे तो क्या करें? सबसे पहले दुकानदार या कंपनी को लिखित या डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायत बताएं। यदि समाधान नहीं मिलता है तो National Consumer Helpline (NCH) के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकती है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता क्या करें: - टोल-फ्री नंबर 1915 पर संपर्क कर सकते हैं। - 1800-11-4000 पर भी शिकायत संबंधी सहायता ली जा सकती है। - WhatsApp नंबर 8800001915 का उपयोग किया जा सकता है। - NCH पोर्टल, मोबाइल ऐप और UMANG ऐप के जरिए भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। NCH देशभर के उपभोक्ताओं के लिए प्री-लिटिगेशन शिकायत निवारण मंच के रूप में काम करता है और 17 भाषाओं में शिकायत दर्ज करने की सुविधा देता है। उपभोक्ता आयोग में कब जा सकते हैं? यदि कंपनी या दुकानदार से समस्या का समाधान नहीं होता तो उपभोक्ता उचित Consumer Commission में शिकायत कर सकता है। Consumer Protection Act के तहत उपभोक्ता को दोषपूर्ण सामान, सेवा में कमी, अनुचित व्यापार व्यवहार और अन्य उपभोक्ता विवादों में राहत मांगने का अधिकार है। एक कंज्यूमर के तौर पर कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत आपके पास कई अधिकार हैं: 1. सुरक्षा का अधिकार: आप उन सामानों से सुरक्षित हैं जो जान और माल के लिए खतरनाक हैं। 2. जानकारी पाने का अधिकार: आपको सामान खरीदने से पहले उसकी क्वालिटी, मात्रा और कीमत जानने का अधिकार है। 3. चुनने का अधिकार: आपको अच्छी कीमतों पर अलग-अलग तरह के सामान और सर्विस मिलनी चाहिए। 4. सुने जाने का अधिकार: आपके हितों पर सही फोरम में विचार किया जाना चाहिए। 5. मुआवजे का अधिकार: अगर आपको खराब सामान या गलत तरीकों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो आप मुआवज़ा मांग सकते हैं। अगर कोई दुकानदार आपको परेशान करता है या आपके अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो आप दुकानदार को लीगल नोटिस देकर कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं, जो सुधार की मांग करने के लिए एक फॉर्मल कम्युनिकेशन का काम करता है। कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट ऐसी शिकायतों को दूर करने और यह पक्का करने के लिए एक फ्रेमवर्क देता है कि आपके अधिकारों का सम्मान किया जाए। हालांकि, केवल पसंद बदल जाने या बिना किसी दोष के सामान वापस करने का अधिकार हर मामले में स्वतः नहीं मिलता। इसलिए खरीदारी से पहले रिटर्न और एक्सचेंज पॉलिसी पढ़ें, बिल जरूर लें और समस्या होने पर पहले दुकानदार या कंपनी से संपर्क करें। समाधान न मिलने पर National Consumer Helpline या Consumer Commission का सहारा लिया जा सकता है। - जे. पी. शुक्ला
देश में बैंकिंग सुविधाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) आज दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजनाओं में शामिल है। इस योजना के तहत बिना बैंक खाता रखने वाले लोगों को जीरो बैलेंस पर बैंक खाता खोलने की सुविधा दी जाती है। इसके साथ ही पात्र खाताधारकों को 10,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा समेत कई अन्य लाभ मिल सकते हैं। वित्त मंत्रालय की ताजा जानकारी के अनुसार, 26 अगस्त 2026 तक देश में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 59.15 करोड़ खाते खोले जा चुके थे। इससे पहले 19 अगस्त 2026 तक खातों की संख्या 59.09 करोड़ दर्ज की गई थी। क्या है प्रधानमंत्री जन धन योजना? प्रधानमंत्री जन धन योजना को 28 अगस्त 2014 को राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन के रूप में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य बैंकिंग सुविधा से वंचित लोगों को बचत खाता, बीमा, पेंशन, ऋण और अन्य वित्तीय सेवाओं से जोड़ना है। इसे भी पढ़ें: आधार कार्ड दिखाइए तीन लाख का लोन ले जाइए, जानें क्या है ये स्कीम और सच्चाई योजना के तहत पात्र व्यक्ति बैंक शाखा या बैंक मित्र के माध्यम से बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBD Account) खोल सकता है। क्या जन धन खाता जीरो बैलेंस पर खुलता है? हां। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खोले जाने वाले बेसिक बैंक खाते में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की अनिवार्यता नहीं होती। योजना की मुख्य सुविधाएं: - जीरो बैलेंस पर बैंक खाता। - जमा राशि पर बैंक के नियमों के अनुसार ब्याज। - RuPay डेबिट कार्ड की सुविधा। - सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे खाते में पाने के लिए DBT की सुविधा। - पात्र खाताधारकों को 10,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा। - बीमा और पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने का अवसर। क्या हर खाताधारक को मिलेंगे 10,000 रुपये? यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। जन धन खाता खोलते ही सभी लोगों को 10,000 रुपये नहीं मिल जाते। जन धन योजना में 10,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा केवल पात्र खाताधारकों के लिए उपलब्ध है। ओवरड्राफ्ट का मतलब बैंक द्वारा तय शर्तों के आधार पर खाते में उपलब्ध बैलेंस से अधिक राशि निकालने की सुविधा है। यह मुफ्त सरकारी सहायता नहीं, बल्कि एक प्रकार की बैंकिंग क्रेडिट सुविधा है, जिसे नियमों के अनुसार वापस करना होता है। ओवरड्राफ्ट सुविधा के लिए क्या है नियम? ओवरड्राफ्ट की सुविधा बैंक की पात्रता शर्तों के अधीन होती है। बैंक खाते के संचालन, ग्राहक की पात्रता और अन्य नियमों के आधार पर फैसला करते हैं कि खाताधारक को कितनी ओवरड्राफ्ट सीमा मिलेगी। इसलिए - - सभी जन धन खाताधारकों को अपने आप 10,000 रुपये नहीं मिलते। - ओवरड्राफ्ट की राशि बैंक की मंजूरी और पात्रता पर निर्भर करती है। - यह राशि बाद में चुकानी होती है। - खाते से जुड़ी शर्तों की जानकारी अपने बैंक से लेना जरूरी है। कितनी महिलाओं के पास हैं जन धन खाते? वित्त मंत्रालय की 19 अगस्त 2026 तक की जानकारी के अनुसार, देश में 32.92 करोड़ महिला लाभार्थियों के जन धन खाते थे। वहीं, बड़ी संख्या में खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। 26 अगस्त 2026 के आंकड़ों के अनुसार कुल 59.15 करोड़ खातों में से लगभग 32.96 करोड़ खाते महिला लाभार्थियों के थे। RuPay कार्ड पर कितना बीमा मिलता है? PMJDY के तहत RuPay डेबिट कार्ड की सुविधा भी दी जाती है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 28 अगस्त 2018 के बाद खोले गए नए पात्र PMJDY खातों के RuPay कार्ड पर नियमों और शर्तों के अनुसार 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध है। पुराने खातों के लिए अलग शर्तें और कवर लागू हो सकते हैं। जन धन खाता कहां खुलवाएं? जन धन खाता खुलवाने के लिए: - नजदीकी बैंक शाखा जाएं। - बैंक मित्र या Business Correspondent से संपर्क करें। - बैंक से जरूरी दस्तावेजों की जानकारी लें। - खाता खोलने से पहले KYC नियमों को समझें। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक PMJDY पोर्टल और टोल-फ्री नंबर 1800 11 0001 तथा 1800 180 1111 का उपयोग किया जा सकता है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत जीरो बैलेंस पर बैंक खाता खोलने की सुविधा उपलब्ध है और योजना के खातों की संख्या अब 59 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। पात्र खाताधारकों को 10,000 रुपये तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा भी मिल सकती है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि 10,000 रुपये सभी खाताधारकों को स्वतः नहीं मिलते और ओवरड्राफ्ट एक क्रेडिट सुविधा है, जिसे बैंक की शर्तों के अनुसार वापस करना होता है। इसलिए ओवरड्राफ्ट लेने से पहले अपने बैंक से ब्याज, पात्रता और भुगतान की शर्तों की पूरी जानकारी जरूर लें। - जे. पी. शुक्ला
क्या ऑफिस में प्रमोशन नहीं चाहती महिलाएं?
कुछ वैश्विक स्टडी दिखाती हैं कि कई महिलाएं अपने वर्कप्लेस में आगे बढ़कर 'लीन इन' होने के बजाए 'लीन आउट' हो रही हैं.
शाकाहार है स्वस्थ और संतुलित दुनिया का आधार
विश्व शाकाहार दिवस (1 अक्टूबर 2026) पर विशेषः बढ़ती बीमारियों, तनावपूर्ण जीवन और पर्यावरणीय संकटों के बीच मनुष्य को अपने खानपान पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। जीवन की गुणवत्ता और निरोगता के लिए आहार में परिवर्तन के स्वर आज दुनिया के अनेक हिस्सों में सुनाई दे रहे हैं। ... Read more
पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने पांच विभागों में ग्रुप-बी के विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली है। इच्छुक उम्मीदवार 22 अक्तूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। भर्ती से जुड़ी योग्यता और आयु सीमा की जानकारी यहां देखें।
प्रसाद समझकर 3 तोले की सोने की चेन निगल गया बैल, 15 दिन बाद सर्जरी से निकली
महाराष्ट्र के मालेगांव तालुका के वनपत गांव से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।

