अयोध्या में महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए शासन की ओर से जनपद में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को निशुल्क टीका लगाया जा रहा है। जिले को इस अभियान के लिए कुल 28 हजार 836 किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीकाकरण अभियान 6 अप्रैल से शुरू किया गया था, लेकिन अब तक अभियान की गति अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। अब तक जिले में केवल 521 किशोरियों को ही एचपीवी का टीका लगाया जा सका है। लक्ष्य की तुलना में कम प्रगति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को पत्र जारी कर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि एएनएम अपने-अपने क्षेत्रों में आशा और संगिनी के साथ नियमित बैठकें करें तथा अधिक से अधिक किशोरियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही रोस्टर दिवस पर नामित प्रत्येक एएनएम को कम से कम दस लाभार्थियों को टीका लगाने का लक्ष्य अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता बढ़ने से अभियान में तेजी आएगी और अधिक किशोरियां इसका लाभ उठा सकेंगी। एचपीवी टीकाकरण अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. पी सी भारती ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिन परिवारों में 14 से 15 वर्ष की किशोरियां हैं, वे उन्हें अवश्य टीका लगवाएं। यह टीका महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में प्रभावी माना जाता है।
हरदा में पूर्व मंत्री कमल पटेल की जनसुनवाई में बेरोजगार युवक-युवतियों ने रोजगार के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत की है। पीड़ितों ने बताया कि सर्व शिक्षा मिशन के तहत नौकरी दिलाने का झांसा देकर प्रदेशभर के 3200 से अधिक युवाओं से करीब 10 लाख रुपए ठगे गए हैं। पूर्व मंत्री ने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा है। शिकायतकर्ता गणेश चौहान और कंचन लोनिया ने बताया कि कुछ अखबारों में 'ग्लोबल ह्यूमन एम्पावरमेंट एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन' और 'ग्लोबल हेड फाउंडेशन' के नाम से विज्ञापन प्रकाशित हुए थे। इनमें बिना पलायन किए अपने ही गांव या शहर में रोजगार देने का दावा किया गया था। पूरे प्रदेश से युवाओं से पंजीयन शुल्क लियाग्राम मोहनपुर निवासी संस्था के डायरेक्टर वीरेंद्र मालवीय और उनकी पत्नी ज्योति मालवीय पर आरोप है कि उन्होंने प्रति व्यक्ति 290 रुपए पंजीकरण शुल्क के रूप में पूरे प्रदेश के 3200 से अधिक बेरोजगार युवाओं से जमा कराए। कुछ युवाओं से दो महीने तक काम भी करवाया गया, लेकिन उन्हें वेतन नहीं दिया गया। अब संस्था के लोग पीड़ितों के फोन भी नहीं उठा रहे हैं। इस संबंध में पीड़ितों ने पहले कलेक्टर की जनसुनवाई में भी शिकायत की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया था। टीमों को टारगेट दे दिया गया थासंस्था ने 18 फरवरी 2026 से रीजनल प्रोग्राम मैनेजर, जिला प्रोग्राम मैनेजर, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर और एफएम यूनिट मैनेजर जैसे पदों के लिए हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, खंडवा और बुरहानपुर को कार्यक्षेत्र बताया था। उन्हें यह भी आश्वासन दिया गया था कि पूरे मध्य प्रदेश में कार्य शुरू हो रहा है और यह मध्य प्रदेश शासन के साथ मिलकर किया जा रहा है। भरोसे के आधार पर लगभग 40-50 दिनों तक काम चला। इसके बाद प्रत्येक जिले में जिला और ब्लॉक स्तर पर कार्यरत टीमों को एक-एक लक्ष्य (टारगेट) दे दिया गया। इसी आधार पर उनकी सैलरी रोक दी गई। पीड़ितों ने मांग की कि इस मामले को संज्ञान में लेकर संस्था के संबंधित अधिकारियों से बात की जाए और सभी व्यक्तियों को उनका रिफंड उपलब्ध करवाया जाए। वहीं इस मामले को लेकर वीरेंद्र मालवीय से संपर्क करना चाहा लेकिन बात नहीं हो सकी।
अलवर जिले के कठूमर कस्बे की इंद्रा कॉलोनी में घर की दीवार बनाने को लेकर दो पक्षों के बीच देर रात जमकर मारपीट हो गई। चाचा-ताऊ के परिवारों के बीच हुए इस विवाद में एक पक्ष का बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया, जिनके सिर में करीब 12 टांके आए हैं। घटना रात करीब 3 बजे की है। घायल लीलाराम (65) को परिजन तत्काल कठूमर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां हालत गंभीर होने पर उन्हें अलवर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है। देखे PHOTOS… घायल के बेटे भीम सिंह ने बताया कि उनके घर पर पिछले 15 दिनों से निर्माण कार्य चल रहा था और वे अपनी जगह पर दीवार बना रहे थे। इसी दौरान उनके पिता के चचेरे भाइयों ने दीवार बनाने का विरोध किया। दिन में गाली-गलौच और धक्का-मुक्की के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन देर रात करीब 3 बजे प्रकाश, विजय समेत करीब 8 लोग दोबारा आए। आरोप है कि सभी ने मिलकर सो रहे परिवार पर हमला कर दिया। इस हमले में लीलाराम के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि उनकी पत्नी मीना (60) और बेटा भीम सिंह चोटे लगी हैं। परिजनों का कहना है कि घायल को लेकर जब वे थाने पहुंचे तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से यह कहकर मना कर दिया कि पहले घायल को थाने लाया जाए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग मारपीट और गाली-गलौच करते नजर आ रहे हैं। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आयोजित द्वितीय अखिल भारतीय पुलिस बैडमिंटन क्लस्टर (बैडमिंटन एवं टेबल टेनिस) 2025-26 प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन बाबू बनारसी दास यू.पी. बैडमिंटन अकादमी में किया गया। प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर स्मारिका का विमोचन भी किया गया। इस आयोजन में देशभर की विभिन्न पुलिस इकाइयों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।प्रतियोगिता के माध्यम से पुलिस बल के जवानों में खेल भावना, फिटनेस और आपसी समन्वय को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन के दौरान पुलिस अधिकारियों और खिलाड़ियों में उत्साह देखने को मिला।
सिरोही में जनगणना 2027 के प्रशिक्षण शिविर में भोजन, नाश्ते और पेयजल की गुणवत्ता को लेकर प्रशिक्षणार्थियों में भारी असंतोष है। 1 मई से 11 मई 2026 तक जिला परिषद सभा कक्ष और विधि महाविद्यालय में चल रहे इस कार्यक्रम में कार्मिकों को मिल रही सुविधाओं पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशिक्षणार्थियों ने आरोप लगाया है कि भोजन और नाश्ते की गुणवत्ता बेहद खराब है और सरकारी मानकों की अनदेखी की जा रही है। नाश्ते में लगातार कचौरी, समोसा जैसे तले हुए खाद्य पदार्थ परोसे जा रहे हैं, जिससे उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित कार्मिकों को परेशानी हो रही है। चाय और पेयजल व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की गई है। चाय के लिए प्लास्टिक कोटेड कागजी कपों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है। इसके अलावा, सिंगल यूज प्लास्टिक का खुलेआम उपयोग स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण के सरकारी निर्देशों का उल्लंघन है। कर्मचारी नेता गोपाल सिंह राव और प्रशिक्षणार्थी अमृत माली ने बताया कि जनगणना विभाग ने प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के लिए 600 रुपए का बजट निर्धारित किया है, जिसमें भोजन और अल्पाहार के लिए 200 रुपए शामिल हैं। हालांकि, मौके पर मिल रही भोजन और नाश्ते की व्यवस्था 100 रुपए के स्तर की भी नहीं लगती। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल, पौष्टिक भोजन और स्वास्थ्यवर्धक नाश्ते की उचित व्यवस्था न होने से प्रशिक्षणार्थियों में असंतोष बढ़ रहा है। राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के नेता गोपाल सिंह राव ने चेतावनी दी है कि इन अव्यवस्थाओं की तथ्यात्मक शिकायत भारत सरकार के जनगणना विभाग और राज्य सरकार से की जाएगी। प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशासन से मांग की है कि भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया जाए और स्वच्छ तथा स्वास्थ्य अनुकूल व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने आगामी जनगणना और चुनाव प्रशिक्षण कार्यों के सुचारू संचालन के लिए यह आवश्यक बताया और अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मुरादाबाद में महाराणा प्रताप जयंती रैली से लगा जाम:शहर के मुख्य मार्गों पर घंटों तक यातायात प्रभावित
मुरादाबाद में शनिवार को महाराणा प्रताप जयंती पर शोभायात्रा और बाइक रैली निकाली गई। महाराणा प्रताप चौक से शुरू हुई इस रैली के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर घंटों तक लंबा जाम लगा रहा, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस रैली में हजारों की संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों और क्षत्रिय समाज के लोगों ने भाग लिया। युवाओं ने हाथों में भगवा ध्वज लेकर महाराणा प्रताप के जयकारे लगाए। डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर लोग झूमते हुए शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरे। रैली के पीलीकोठी चौराहे पर पहुंचने के बाद वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दिल्ली रोड, कपूर कंपनी, इंपीरियल तिराहा और आसपास के मार्गों पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। कार्यालय जाने वाले लोगों, स्कूली बच्चों और आम राहगीरों को इस दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट पर था। प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिसकर्मी यातायात को सुचारु बनाए रखने का प्रयास करते रहे, लेकिन रैली में उमड़ी भारी भीड़ के कारण यातायात नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण रहा। कार्यक्रम के दौरान माहौल शांतिपूर्ण बना रहा और प्रशासन की निगरानी में रैली सकुशल संपन्न हुई।
भिंड शहर में देर रात दो नकाबपोश युवकों ने एक मोबाइल दुकान में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना शहर के नंबर-1 स्कूल के पास स्थित भानू सेलकॉम दुकान की बताई जा रही है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी सफेद कार में बैठकर फरार हो गए। मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच कर शनिवार दोपहर एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मामला भिंड शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार रात करीब 10 बजकर 37 मिनट पर दो युवक मुंह बांधकर दुकान के पास पहुंचे। आरोप है कि दोनों अपने साथ पेट्रोल लेकर आए थे। उन्होंने दुकान के अंदर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। अचानक हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों ने आग की लपटें देखीं तो तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि दोनों युवक चेहरा ढंककर दुकान के पास पहुंचते हैं और कुछ ही सेकंड में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास करते हैं। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास की दुकानों तक भी आग फैल सकती थी।पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। सफेद कार की भी जानकारी जुटाई जा रही है। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।
रामपुर में भारत और मध्य-पूर्व के सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शनिवार को रामपुर रज़ा पुस्तकालय एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संवाद का केंद्र बना। लेबनान के राजदूत हादी जाबेर ने अपने परिवार के साथ पुस्तकालय का भ्रमण किया और यहां संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों, ऐतिहासिक कलाकृतियों तथा सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान राजदूत हादी जाबेर ने पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र से मुलाकात की। दोनों के बीच मध्य-पूर्व की वर्तमान परिस्थितियों, वैश्विक घटनाक्रम, भारत-लेबनान संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस वार्ता में दोनों पक्षों ने भविष्य में शैक्षणिक और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की। निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने राजदूत को पुस्तकालय के गौरवशाली इतिहास, यहां संरक्षित दुर्लभ अरबी एवं फारसी पांडुलिपियों, संरक्षण प्रयोगशाला की कार्यप्रणाली और डिजिटलीकरण परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे प्रयासों से भी अवगत कराया। इस अवसर पर डॉ. मिश्र ने राजदूत को पुस्तकालय द्वारा प्रकाशित अरबी पांडुलिपियों का कैटलॉग और विजन डॉक्यूमेंट भेंट किया। राजदूत हादी जाबेर ने दरबार हॉल में आयोजित दुर्लभ कलाकृतियों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शित संग्रहों को भारत और मध्य-पूर्व की साझा सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि रामपुर रज़ा पुस्तकालय केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है, जो इतिहास और ज्ञान के संरक्षण में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने पुस्तकालय के समृद्ध संग्रह और संरक्षण कार्यों की सराहना की। राजदूत ने कहा कि ऐसे संस्थान देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को नई दिशा देते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भारत और लेबनान के बीच सांस्कृतिक सहयोग और आदान-प्रदान के नए आयाम स्थापित होंगे।
धौलपुर में आंगई थाना पुलिस ने अवैध पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक मैक्स पिकअप वाहन से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे 11 पशुओं को मुक्त कराया और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल कुमार जांगिड़ और वृत्ताधिकारी नरेंद्र कुमार मीणा के सुपरविजन में थाना प्रभारी कृपाल सिंह के नेतृत्व में की गई। आंगई बायपास पर हेड कॉन्स्टेबल जगदीश प्रसाद अपनी टीम के साथ नाकाबंदी कर रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध मैक्स पिकअप वाहन को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन में 3 भैंस और 8 पाड़े (कुल 11 पशु) बेहद क्रूरता से ठूंस-ठूंस कर भरे हुए मिले। पुलिस ने तत्काल वाहन को जब्त कर पशुओं को मुक्त कराया और मौके से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साहिद पुत्र नबाब, निवासी इस्लामपुरा, थाना कोतवाली, जिला मुरैना (मध्यप्रदेश) और सोहिल पुत्र साकिर, निवासी फरह, थाना फरह, जिला मथुरा (उत्तरप्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कृपाल सिंह, हेड कॉन्स्टेबल जगदीश प्रसाद, रिक्रूट कॉन्स्टेबल राहुल और ड्राइवर कॉन्स्टेबल देवेंद्र सिंह की टीम शामिल थी। आंगई थाना पुलिस अवैध पशु तस्करी के खिलाफ अपना अभियान लगातार जारी रखे हुए है।
श्रीगंगानगर में घर के बाहर खेल रहे 4 साल के मासूम पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ते ने बच्चे के पीठ और बाजू पर काट लिया। घटना श्रीगंगानगर जिले के गजसिंहपुर में पदमपुर रोड स्थित वार्ड नंबर-8 की है। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुत्ता बच्चे को काट रहा है। घटना गुरुवार शाम 7:17 बजे की है। मणि (4) अपने घर के बाहर अकेला खेल रहा था। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता वहां से गुजर रहा था। अचानक कुत्ते ने बच्चे पर हमला बोल दिया। कुत्ते ने मणि की पीठ और बाजू पर दांत गड़ा दिए। बच्चा जोर-जोर से चीखने लगा। कुत्ते ने उसे जमीन पर पटक दिया और घसीटकर ले जाने लगा। भयभीत मणि ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार शोर मचाता रहा। उसकी चीखें सुनकर कुत्ता घबरा गया और बच्चे को छोड़कर भाग निकला। बच्चा किसी तरह घर की तरफ भागा। चीख-पुकार सुनकर घर से महिलाएं और आस-पास के लोग दौड़े आए। परिजनों ने तुरंत बच्चे को सरकारी अस्पताल ले जाकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाए। बच्चे को बाजू व पीठ पर चोट लगी है। हालांकि, बच्चे की हालत नॉर्मल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक साल में इस इलाके में आवारा कुत्तों ने दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया है। बच्चों और महिलाओं पर बार-बार हमले हो चुके हैं। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। न तो कुत्तों की नसबंदी (स्टेरलाइजेशन) का कोई अभियान चलाया गया और न ही उन्हें पकड़कर सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करने की कोई ठोस कार्यवाही हुई। वार्डवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। घटना के बाद पूरे कस्बे में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते आवारा कुत्तों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
सीकर जिले की नेछवा थाना पुलिस ने वाहन चोरी की वारदातों में कार्रवाई करते हुए इंटर स्टेट चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कुमास जागीर से चोरी हुए ट्रेलर और ट्रॉली को 70 घंटों के भीतर बरामद कर चोर गिरोह के 5 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि कुमार जागीर गांव से चोरी हुए ट्रेलर-ट्रॉली की तलाश में जिन आरोपियों को पकड़ा है, वे कई जगह वाहन चोरी की वारदातों में शामिल रहे हैं। सभी आरोपी पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं। नेछवा सीआई कैलाश यादव ने बताया कि आरोपियों ने ट्रेलर की पहचान छुपाने के लिए ट्रैक्टर यूनिट और ट्रॉली को अलग-अलग कर दिया था। पुलिस टीम ने चोरी के बाद आरोपियों के रूट पर लगे 80 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और 70 घंटे तक आरोपियों का पीछा किया। ट्रेलर के हॉर्स को पंजाब के जिला फतेहाबाद से और ट्रॉली को हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना से बरामद किया गया है। पुलिस ने चाेरों की कार को भी कुरूक्षेत्र से जब्त कर लिया है। सीआई कैलाश यादव ने बताया कि गत 4 मई को नेछवा तहसील के सेवदा की ढाणी निवासी गिरधारी लाल का ट्रेलर सीकर-सालासर रोड पर स्थित मरुधर फिलिंग स्टेशन (कुमास जागीर) पर खड़ा था। रात करीब 10:56 बजे अज्ञात चोर इस ट्रेलर को स्टार्ट करके चुराकर नेछवा की तरफ ले गए। पीड़ित के भाई भागीरथ मल सेवदा ने पुलिस थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पेट्रोल पंप पर लगे CCTV कैमरों में चोरी कैद हो गई थी। पुलिस टीम ने चोरों के रूट के काफी CCTV कैमरों को खंगाला और आरोपियों के रूट को ट्रैक किया। पुलिस ने इंटर स्टेट चोर गिरोह के बदमाश मोहाली, पंजाब निवासी जगमोहन सिंह (37) और सिमरनजीत सिंह, झज्जर, हरियाणा निवासी सुशील (37), रूपनगर, पंजाब निवासी परमेंद्र सिंह (34), फतेहगढ़, पंजाब निवासी मनींद्र सिंह (33) को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पेशेवर चोर हैं। आरोपियों ने कुमास जागीर से चोरी किए ट्रेलर-ट्रॉली को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर अलग-अलग राज्यों में बेचने का प्लान बनाया जा सके, ताकि पुलिस ना पकड़ सके। गौरतलब है कि इससे पहले भी नेछवा पुलिस ने एक अन्य ट्रेलर चोरी के मामले में महज 48 घंटे में बरामदगी कर अपनी कार्यकुशलता साबित की थी।
आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र के फरिहा पुलिस चौकी पर तैनात सब इंस्पेक्टर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी सब इंस्पेक्टर पर इंस्पेक्टर के नाम पर ₹15000 रिश्वत मांगने के आरोप लगे थे। जिसकी शिकायत पीड़ित शहजाद अहमद ने की थी। मामले का संज्ञान मिलने के बाद जब मामले की जांच कराई गई तो यह आरोप सच पाए गए। जिसके आधार पर चौकी इंचार्ज परमात्मा यादव के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि मकान निर्माण कार्य प्रारंभ करने के नाम पर रिश्वत की डिमांड की गई थी। इंस्पेक्टर के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत पुलिस को दिए शिकायती पत्र में पीड़ित शहजाद अहमद ने आरोप लगाया कि प्रार्थी ने थाना अध्यक्ष निजामाबाद के यहां प्रार्थना पत्र दिया तो विपक्षियों के प्रभाव में होकर थाना प्रभारी ने प्रार्थी के मकान के निर्माण को रोकवा दिया। प्रार्थी को पुलिस चौकी फरिहा से नायब दरोगा परमात्मा यादव और सिपाही प्रशांत फोन करके बुलाए। परमात्मा यादव ने प्रार्थी से कहां की मेरी बड़े साहब थाने के प्रभारी राकेश कुमार सिंह से बात हो गई है। 10000 लेकर आओ तुम्हारा काम शुरू करवा दिया जाएगा। इसके बाद पीड़ित से ₹2500 लिया गया और दूसरे दिन फोन करके कहा कि 10000 लेकर आओ तथा ₹5000 अलग से लेकर आना। प्रार्थी ने जब ₹5000 के बारे में पूछा तो सब इंस्पेक्टर ने बताया कि थाने पर आओगे तो सब बता दिया जाएगा। मामले का संज्ञान मिलने के बाद आरोपी सब इंस्पेक्टर के विरुद्ध निजामाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक दिन पूर्व विवादित सब इंस्पेक्टर परमात्मा यादव को निजामाबाद से बिलरियागंज थाने के लिए ट्रांसफर किया गया था। आरोपी सब इंस्पेक्टर के विरुद्ध लंबे समय से कई शिकायतें मिल रही थी। इस पूरे मामले में निजामाबाद थाने के इंस्पेक्टर की भी भूमिका सवालों के घेरे में है। देवगांव थाने पर तैनात सब इंस्पेक्टर को भी भेजा जा चुका है जेल जिले के देवगांव कोतवाली क्षेत्र के लालगंज पुलिस चौकी पर तैनात सब इंस्पेक्टर लाल बहादुर द्वारा जेल भेजने की धमकी देने के नाम पर ₹5000 की डिमांड के मामले में 1 दिसंबर 2025 को जेल भेजा जा चुका है। मामले की जानकारी मिलते ही एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने सब इंस्पेक्टर लाल बहादुर को 25 नवंबर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। लाल बहादुर पर पुरानी रंजिश में हुई मारपीट के मामले में जेल भेजने की धमकी देकर चार्जशीट लगाने के नाम पर ₹5000 की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। जो कि कदाचार में आता है। आरोपी सब इंस्पेक्टर लाल बहादुर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के तहत मुकदमा भी देवगांव कोतवाली में दर्ज कराया गया था।
महेंद्रगढ़ में फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को 32वें दिन भी जारी रही। उनके समर्थन में नगर पालिका के सफाई कर्मचारी भी नौ दिनों से हड़ताल पर हैं। दोनों विभागों के कर्मचारियों ने शनिवार केा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, हड़ताल जारी रहेगी। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। यदि यह हड़ताल और लंबी खिंचती है, तो शहर में बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाएगी। स्थानीय लोगों ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर हड़ताल समाप्त कराने की अपील की है। सरकार के खिलाफ की नारेबाजी महेंद्रगढ़ फायर ब्रिगेड यूनियन के प्रधान राम सिंह ने बताया कि हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर राज्य स्तर पर यह हड़ताल 8 अप्रैल से जारी है। शनिवार को यह 32वें दिन में प्रवेश कर गई। उन्होंने यह भी बताया कि नगर पालिका सफाई कर्मचारी भी अपनी मांगों के समर्थन में नौ दिनों से हड़ताल पर हैं। आज फायर ब्रिगेड और सफाई कर्मचारियों ने मिलकर शहर के बालाजी चौक, सीएसडी कैंटीन, अंबेडकर चौक और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से प्रदर्शन शुरू किया। वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए। महेंद्रगढ़ में ठप हुई सफाई व्यवस्था नगर पालिका सफाई कर्मचारी प्रधान पूरण कुमार ने बताया कि उनकी हड़ताल 1 मई से जारी है और आज इसे नौ दिन हो गए हैं। उन्होंने दोहराया कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, हड़ताल जारी रहेगी। उनकी हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कर्मचारियों ने फरीदाबाद के गुजेसर स्थित कालकाजी स्टील कंपनी में 16 फरवरी 2026 को लगी आग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस भीषण आग को बुझाते समय फायर ब्रिगेड के दो कर्मचारी कर्तव्य निभाते हुए झुलस गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। सरकार पर दोहरा व्यवहार करने का आरोप कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार ने इस मामले में दोहरा व्यवहार किया, क्योंकि इस घटना में एक पुलिस कर्मचारी को शहीद का दर्जा दिया गया, लेकिन फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को नहीं। फायर कर्मचारी भवीचंद शर्मा व रणवीर सिंह को ना तो शहीद का दर्जा दिया गया और ना ही कोई आर्थिक सहायता की गई। जिसको लेकर आज फायर कर्मचारी पूरे प्रदेश मे हड़ताल पर बैठ हुए हैं।
बालाघाट में अतिथि शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव किया और सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि वे साल भर मेहनत से पढ़ाते हैं, लेकिन गर्मी की छुट्टियों (मई-जून) में उन्हें काम से निकाल दिया जाता है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। शनिवार को अतिथि शिक्षकों ने बताया कि वे 1 जुलाई से 30 अप्रैल तक स्कूलों में अपनी सेवाएं देते हैं, लेकिन जैसे ही मई का महीना आता है, उन्हें सेवामुक्त कर दिया जाता है। इस वजह से उन्हें हर साल दो महीने बेरोजगार रहना पड़ता है। शिक्षकों ने डिप्टी कलेक्टर प्रदीप कौरव को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि उनकी नौकरी पूरे साल के लिए पक्की की जाए और उन्हें समय पर वेतन दिया जाए। पुरानी घोषणाओं को पूरा करने की जिद अतिथि शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पंकज डोंगरे ने कहा कि पिछले 10-15 सालों से वे बहुत कम पैसों में बच्चों का भविष्य बना रहे हैं, फिर भी सरकार उनके बारे में नहीं सोच रही। उन्होंने याद दिलाया कि 2 सितंबर 2023 को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वादा किया था कि 'गुरुजी' की तरह विभागीय परीक्षा लेकर उन्हें नियमित किया जाएगा, लेकिन वह वादा आज तक अधूरा है। शिक्षकों की मुख्य मांगें शिक्षकों ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों में कुछ बड़े मुद्दे उठाए हैं- नए शिक्षकों की भर्ती के बजाय पुराने अनुभवी शिक्षकों को ही काम पर रखा जाए। शिक्षकों के लिए 10 लाख रुपए का बीमा और आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जाए। हर साल मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाए। ऑनलाइन हाजिरी के चक्कर में रुका हुआ वेतन तुरंत दिया जाए और मई-जून का पैसा भी मिले। शिक्षकों ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो वे अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए आगे और बड़ा आंदोलन करेंगे।
प्रसिद्ध विचारक और लेखक भास्कर राव रोकड़े के नेतृत्व में निकाली जा रही 'इंदिरा ज्योति यात्रा' निवाड़ी जिले के ओरछा पहुंची। इस यात्रा का उद्देश्य प्रदेश में रामराज्य की अवधारणा और सामाजिक समानता का संदेश प्रसारित करना है। यात्रा के ओरछा आगमन पर संयोजक भास्कर राव रोकड़े ने देश की वर्तमान सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों पर चर्चा की। 19 नवंबर को हुई थी अभियान की शुरुआत भास्कर राव रोकड़े ने बताया कि 'रामराज्य की ओर' अभियान की शुरुआत 19 नवंबर 2025 को की गई थी। इसके बाद 6 जनवरी 2026 से 'रामराज्य की ओर संकल्प यात्रा' और 'इंदिरा ज्योति यात्रा' प्रारंभ हुई। यह यात्रा अब तक प्रदेश के सभी जिलों का भ्रमण कर चुकी है। इस यात्रा के पहले चरण का समापन आगामी 5 जून 2026 को सागर में आयोजित किया जाएगा। बढ़ती बेरोजगारी और युवा अवसरों पर जताई चिंता पत्रकारों से चर्चा के दौरान रोकड़े ने देश में बढ़ती बेरोजगारी पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यात्रा का प्रमुख लक्ष्य युवाओं को सम्मानजनक अवसर प्रदान करना है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षित बेरोजगारों के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए थे, जिसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। समतामूलक समाज और सम्यक विकास पर जोर रोकड़े ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के माध्यम से समतामूलक सामाजिक व्यवस्था और समतामूलक शासन व्यवस्था का मार्ग प्रशस्त करना है। यात्रा के दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेश यादव, जगदीश तिवारी और अभिषेक दुबे सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। प्रथम चरण के समापन के बाद यात्रा के दूसरे चरण की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को एनसीसी की एक छात्रा ने दुपट्टे के सहारे पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी उस समय हुई, जब स्कूल से घर लौटे छोटे भाई को मुख्य गेट अंदर से बंद मिला। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला तो उसने पड़ोसी के फोन से पिता को सूचना दी। मौके पर पहुंचे पिता पड़ोसी के मकान के रास्ते घर के अंदर दाखिल हुए। कमरे का दरवाजा खोलते ही बेटी का शव फंदे से लटका देख उनके होश उड़ गए। इसके बाद उन्होंने 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाने की पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एनसीसी की तैयारी कर रही थी छात्राकल्याणपुर के बारासिरोही निवासी सुशील कुमार प्राइवेट नौकरी करते हैं। परिवार में पत्नी रूचि पाल, बेटी श्रेया पाल (18), बेटा कृष्ण और तीन वर्षीय बेटा गणेश हैं। सुशील कुमार की पहली पत्नी प्रियंका की करीब पांच साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। पहली पत्नी से श्रेया और कृष्ण हैं, जबकि दूसरी पत्नी से गणेश हुआ। पिता सुशील कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह वह रोज की तरह काम पर चले गए थे। बेटा कृष्ण सुबह करीब आठ बजे स्कूल चला गया था। करीब 11 बजे पत्नी सामान लेने बाजार चली गई थीं और घर पर श्रेया अकेली थी। इसी दौरान उसने मुख्य गेट बंद कर कमरे में जाकर फांसी लगा ली। करीब 12 बजे स्कूल से लौटे बेटे कृष्ण ने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने पड़ोसी के फोन से पिता को सूचना दी। पिता मौके पर पहुंचे और पड़ोसी के घर के रास्ते अंदर जाकर देखा तो श्रेया का शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटक रहा था। पहली पत्नी के परिजनों ने लगाए प्रताड़ना के आरोपघटना की सूचना मिलते ही पहली पत्नी के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पिता और सौतेली मां पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि दूसरी शादी के बाद श्रेया को परेशान किया जाता था। उन्होंने दावा किया कि छात्रा ने कई बार अपनी नानी को फोन कर प्रताड़ना की बात बताई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से पूछताछ की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कल्याणपुर थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पहली पत्नी के परिजनों ने पिता पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती परीक्षा के मद्देनजर जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने राम सहाय इंटर कॉलेज और एन.ए.एस. डिग्री कॉलेज सहित अन्य केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों और विद्यालय स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की प्रवक्ता (PGT) भर्ती-2022 परीक्षा मेरठ में आज से शुरू हो गई है। जिले के 23 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से प्रारंभ हुई। प्रशासन ने परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मेरठ में कुल 37,072 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। 9 मई को 19,763 और 10 मई को 17,309 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा के लिए जिले में 4 डिग्री कॉलेज, 18 माध्यमिक विद्यालय और 1 राजकीय स्कूल को केंद्र बनाया गया है। आज पहली पाली में फिजिक्स, बायोलॉजी, होम साइंस और हिंदी विषयों की परीक्षा आयोजित की गई। दूसरी पाली में अंग्रेजी, एग्रीकल्चर, कॉमर्स और सामाजिक विज्ञान विषयों की परीक्षा होगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की कड़ी तलाशी ली गई। कई केंद्रों पर विद्यार्थियों के जूते और मोजे उतरवाकर भी जांच की गई। महिला अभ्यर्थियों की तलाशी के लिए अलग से चेकिंग रूम बनाए गए थे, जहां महिला कर्मियों ने जांच की। अभ्यर्थियों के कड़े, स्टिक और अन्य संदिग्ध सामान परीक्षा केंद्र के बाहर ही रखवा लिए गए। प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमें दो पुरुष और एक महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ परीक्षा केंद्र में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा के दौरान लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की याचिका समिति के सभापति अशोक कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा है, याचिका समिति को संदर्भित प्रकरण विधानपरिषद की कार्यवाही के कई चरणों से गुजरते हुए समिति के समक्ष पहुंचते हैं। संबंधित विभाग सभी प्रकरणों पर अविलंब कार्रवाई कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा-जनप्रतिनिधि गांव गरीब, आमजन से जुड़े मुद्दे सदन में रखते हैं। ऐसे में उनका प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा-सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों पर कार्रवाई जरूरी है। अशोक कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में शनिवार को सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक हुई। अब विस्तार से पढ़िये...उत्तर प्रदेश विधान परिषद की याचिका समिति के सभापति अशोक कुमार अग्रवाल, समिति के सदस्य उमेश द्विवेदी, ऋषिपाल सिंह, मुकुल यादव, रमा निरंजन, विजय शिवहरे और आकाश अग्रवाल की उपस्थित में अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक हुई। इसमें बताया गया कि जिला पंचायत के 8, पंचायती राज विभाग के 9, पीडब्ल्यूडी के 8, नगर निगम के 14, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के 2 लंबित प्रकरणों के बारे में जानकारी ली गई। सभापति अशोक कुमार अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा है, याचिका समिति को संदर्भित प्रकरण विधानपरिषद की कार्यवाही के कई चरणों से गुजरते हुए समिति के समक्ष पहुंचते हैं। संबंधित विभाग सभी प्रकरणों पर अविलंब कार्रवाई कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा-जनप्रतिनिधि गांव गरीब, आमजन से जुड़े मुद्दे सदन में रखते हैं। ऐसे में उनका प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण कराएं। बैठक में डीएम मनीष बंसल ने समिति को आश्वस्त करते हुए कहा-सभापति द्वारा दिए गए निर्देशों, सलाह सुझाव का संज्ञान लेकर याचिका समिति में आए प्रकरणों पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में सभी कार्यों के टेंडर, वर्क-ऑर्डर, कार्य प्रारंभ की तिथि, कार्य पूर्ण होने की तिथि, कार्य न प्रारंभ होने के कारण, कार्यों के निर्माण की लागत, कार्यों का स्थलीय निरीक्षण आख्या आदि की जानकारी ली।
हनुमानगढ़ शहर और आसपास के कई क्षेत्रों में रविवार को लगभग आठ घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) ने रखरखाव कार्य के चलते राधा स्वामी जीएसएस टाउन से निकलने वाले 11 केवी फैक्ट्री फीडर नंबर-3 की विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया है। विभाग के अनुसार, रविवार को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक रखरखाव और तकनीकी सुधार कार्य किया जाएगा। इस दौरान फीडर से जुड़े शहरी, ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी। जेईएन जयपाल सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में बढ़ते लोड को देखते हुए बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यह रखरखाव कार्य आवश्यक है। फीडर पर लाइन मरम्मत, उपकरणों की जांच और अन्य तकनीकी सुधार किए जाएंगे, ताकि उपभोक्ताओं को भविष्य में बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सके। बिजली कटौती से नंदराम की ढाणी, गुरुसर चौराहा, टोल टैक्स क्षेत्र, रावतसर रोड, 12 एचएमएच, 10 एचएमएच, करतारपुर कॉलोनी, माता किताब कौर आईटीआई और मां करणी नगर के आसपास का पूरा क्षेत्र प्रभावित होगा। इसके अतिरिक्त, फीडर से जुड़े फैक्ट्री एरिया में भी विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी, जिससे औद्योगिक इकाइयों का कामकाज प्रभावित हो सकता है। विभाग ने संबंधित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय के दौरान अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें और बिजली उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करें। लंबी बिजली कटौती से पेयजल आपूर्ति और घरेलू कार्यों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह मजदूरों से भरी बस के डंपर से टकराकर रामगंगा नहर में गिरने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। हादसे के बाद फरार बताए जा रहे बस चालक का शव शनिवार को साढ़ थाना क्षेत्र के दरगाही लाल नहर पुल के पास बरामद हुआ। परिजन गुरुवार शाम से उसकी तलाश कर रहे थे। दो दिन पहले बिधनू कस्बा स्थित नहर पुल के पास तेज रफ्तार डंपर से टक्कर के बाद बस नहर में जा गिरी थी। हादसे में करीब 20 मजदूर घायल हुए थे, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई गई थी। ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर सभी घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया था। तलाश में जुटे परिजनमृतक चालक की पहचान इंद्रपाल (65) निवासी हंसपुरम, थाना नौबस्ता के रूप में हुई है। बेटे अनूप सिंह ने बताया कि पिता गुरुवार शाम तक घर नहीं पहुंचे। सोशल मीडिया पर हादसे का वीडियो देखने के बाद वह बिधनू थाने पहुंचे और पुलिस को उनके लापता होने की जानकारी दी, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद परिवार के लोग खुद नहर किनारे उनकी तलाश में जुट गए। शनिवार दोपहर दरगाही लाल नहर पुल के पास परिजनों को एक शव दिखाई दिया, जिसकी पहचान इंद्रपाल के रूप में हुई। सूचना पर साढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के दौरान चालक को बस से कूदते हुए देखा गया था। आशंका जताई जा रही है कि वह सड़क पर गिरने के बजाय सीधे नहर में जा गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई। माना जा रहा है कि यदि वह बस के भीतर ही रहता तो अन्य मजदूरों की तरह उसकी जान बच सकती थी। मामले में साढ़ थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या जिले के कुमारगंज थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग से नाराज होकर एक युवक द्वारा जहरीला पदार्थ खा लेने का मामला सामने आया है। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे गंभीर स्थिति में मेडिकल कॉलेज दर्शननगर रेफर कर दिया। युवक का इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार कुमारगंज थाना क्षेत्र के दुर्गंध गांव निवासी प्रवेश पुत्र रमेश ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। युवक की हालत खराब होते देख परिवार के सदस्यों में हड़कंप मच गया। परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज लेकर पहुंचे। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने युवक का प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज दर्शननगर रेफर कर दिया गया। युवक के भाई और बहन ने बताया कि प्रवेश की बातचीत खण्डासा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती से होती थी और वह उससे शादी करना चाहता था। परिजनों के मुताबिक युवती के घर वालों को इस संबंध की जानकारी नहीं थी। बताया गया कि गांव में एक शादी समारोह था, जहां जाने से युवक ने युवती को मना किया था, लेकिन इसके बावजूद वह शादी समारोह में चली गई। इसी बात से नाराज होकर प्रवेश ने जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों का कहना है कि युवक ने पूछने पर खुद बताया था कि उसने सल्फास खाया है। घटना के बाद परिवार के लोग काफी परेशान हैं। वहीं चिकित्सकों का कहना है कि युवक की हालत गंभीर बनी हुई थी, इसलिए उसे उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर किया गया। फिलहाल मेडिकल कॉलेज में उसका उपचार चल रहा है। घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर जांच की जाएगी।
सीतापुर में शनिवार दोपहर जिलाधिकारी राजागणपति आर ने विकासखंड पहला स्थित संसारपुर अस्थाई गौशाला का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में पेयजल, हरा चारा, भूसा, स्वच्छता, सिक वार्ड तथा पशुओं की देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं की पड़ताल की गई। डीएम ने संबंधित अभिलेखों और पंजिकाओं का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान कई व्यवस्थाओं में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने एडीओ पंचायत पहला तथा संबंधित पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 15 दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं, अन्यथा विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने पशुओं की टैगिंग व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी पशुओं का सही तरीके से पंजीकरण किया जाए। उन्होंने गौशाला में पशुओं को उपलब्ध कराए जा रहे पानी और हरे चारे की जानकारी लेते हुए पर्याप्त मात्रा में पानी, हरा चारा और भूसा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बीमार और अत्यंत कमजोर पशुओं की समुचित देखभाल सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने चिकित्सकों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए नियमित उपचार व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने गौशाला में लगे सीसीटीवी कैमरों को निरंतर संचालित रखने तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने पर जोर दिया। इसके अलावा फंड रिक्वेस्ट समय से भेजने और संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी महमूदाबाद डॉ. अंजली सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
धौलपुर में पुलिस विभाग द्वारा कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल पदोन्नति परीक्षा शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में आयोजित इस परीक्षा में सामान्य वर्ग के 5 पदों के लिए जिले के 48 कांस्टेबलों को शामिल होना था। यह परीक्षा दो पारियों में आयोजित की गई। पहली पारी सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चली, जिसमें 48 में से 13 कांस्टेबल अनुपस्थित रहे। शेष अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। दूसरी पारी दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित हुई। इस पारी में भी 48 अभ्यर्थियों में से 15 कांस्टेबल अनुपस्थित पाए गए। परीक्षा के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा स्वयं मौजूद रहे। उन्होंने परीक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित किया। बल शाखा प्रभारी राहुल कंसाना ने बताया कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और अनुशासन के साथ संपन्न हुई। परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और अभ्यर्थियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी गई। पुलिस विभाग की इस पदोन्नति परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह देखा गया। विभागीय स्तर पर इसे पुलिसकर्मियों के करियर उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जा रहा है।
जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित प्रेक्षागृह में शनिवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पर राजपूत सेवा समिति ने मेधावी प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर राजपूत समाज के 11 आईएएस और पीसीएस चयनित मेधावियों के साथ-साथ यूपी बोर्ड में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. महेंद्र सिंह थे। अपने संबोधन में डा. महेंद्र सिंह ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप अदम्य साहस और वीरता के प्रतीक थे। उन्होंने घास की रोटी खाई, लेकिन मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की। वे देश के हर दिल में बसे हैं और उनकी गौरव गाथा को दुनिया याद कर रही है। डा. सिंह ने आगे कहा कि महाराणा प्रताप ने जिस भारत का सपना देखा था, जिस भारत की वे कल्पना करते थे, वह आज फिर से खड़ा हो गया है। दुनिया में भारत का परचम फहर रहा है। उन्होंने बंगाल चुनाव परिणामों का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व गृहराज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि राजपूत समाज को अदम्य साहस और वीरता के प्रतीक महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आगे बढ़ना चाहिए। मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले इस महान योद्धा को युगों-युगों तक याद किया जाएगा। अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सलमान शेख की टीम ने गणेश वंदना के बाद महाराणा प्रताप के जीवन पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। राजपूत सेवा समिति के सदस्य ओम प्रकाश सिंह ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने समिति द्वारा समाज हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी और महाराणा प्रताप पार्क के पास एक संग्रहालय हॉल के निर्माण का प्रस्ताव रखा। अतिथियों द्वारा पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले मेधावी अभिषेक सिंह, विशाल सिंह, राजिता सिंह, हिमालय सिंह, आदित्य सिंह, विनीत सिंह, किशन सिंह और प्रमय सिंह को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही यूपी बोर्ड की हाईस्कूल परीक्षा में जनपद में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र राजशेखर सिंह को भी सम्मान पत्र व अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।
अशोकनगर जिला अस्पताल में सार्थक ऐप के माध्यम से हाजिरी लगाने में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक डॉक्टर की गैरमौजूदगी में टैबलेट पर उनकी फोटो दिखाकर हाजिरी लगाई जा रही थी। इस घटना का एक वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में जिला अस्पताल के डीआरपी (डिस्ट्रिक्ट रेजिडेंस प्रोग्राम) पद पर तैनात डॉ. आशुतोष दिखाई दे रहे हैं। वे एनेस्थीसिया विशेषज्ञ भी हैं। वीडियो में डॉ. आशुतोष अपने हाथ में एक टैबलेट लिए हुए हैं, जिस पर वे अपने साथी डॉ. अभिषेक प्रजापति का चेहरा स्कैन कर उनकी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सार्थक ऐप बनाया था। हालांकि, इस घटना से पता चलता है कि कुछ कर्मचारी ऐप का दुरुपयोग कर कार्यालय में अनुपस्थित रहते हुए भी अपनी हाजिरी लगवा रहे हैं। इस प्रकार अनुपस्थित डॉक्टर को सरकारी वेतन मिल रहा है, जबकि उनकी हाजिरी मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रालय के पोर्टल पर दर्ज हो रही है। यह ऐप के दुरुपयोग और सरकारी नियमों के उल्लंघन का एक स्पष्ट उदाहरण है। इस संबंध में जिला अस्पताल के डॉक्टर बी एल टैगोर ने बताया कि, अगर सार्थक अप का दुरुपयोग पाया जाता है तो चेतावनी नोटिस जारी करेंगे साथ ही जब तक अनुपस्थित हैं तब तक की अटेंडेंस अनुपस्थित लगाई जाएगी।
प्रदेश में अब राजस्व निरीक्षक, पटवारी और महिला बाल विकास की सुपरवाइजर को बाल विवाह रोकने के लिए अपने क्षेत्र में कलेक्टर जैसे पॉवर मिल गए हैं। राज्य सरकार ने इन सभी को बाल विवाह के मामलों में सतर्क रहने और सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। महिला और बाल विकास विभाग ने इसके लिए गजट नोटिफिकेशन करके पटवारी, राजस्व निरीक्षक और सुपरवाइजर समेत अन्य अधिकारियों को कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकारी घोषित किया है। प्रदेश सरकार ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य में राजधानी से लेकर ग्राम स्तर तक बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों की नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार जिला स्तर पर कलेक्टर, अतिरिक्त कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी होंगे। वहीं अनुविभागीय स्तर पर एसडीएम, तहसील स्तर पर तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को इसके लिए सक्षम अधिकारी घोषित किया गया है। अब इन्हें भी सरकार ने कलेक्टर, एसडीएम की तरह दिए पॉवर विभाग ने कहा है कि इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सेक्टर स्तर पर राजस्व विभाग के निरीक्षक तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षकों को सक्षम अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा ग्राम स्तर पर पटवारी को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा शहरी इलाकों में नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर परिषद क्षेत्रों में भी ऐसी ही व्यवस्था तय की गई है। नगर निगम क्षेत्र में जोनल अधिकारी, राजस्व अधिकारी, सहायक राजस्व अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, नगरपालिका क्षेत्र में मुख्य नगरपालिका अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक, स्वच्छता निरीक्षक और नगर परिषद क्षेत्र में मुख्य नगर परिषद अधिकारी, राजस्व निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक और स्वच्छता निरीक्षक को इसके लिए अधिकृत किया गया है।
अयोध्या जिले की रुदौली कोतवाली में तैनात निरीक्षक संतोष कुमार यादव और आरक्षी अजीत कुमार को लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर ने यह कार्रवाई की है। इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों के कार्य व्यवहार और ड्यूटी के दौरान उनके रवैये को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रारंभिक समीक्षा कराई। समीक्षा में प्रथम दृष्टया लापरवाही और अनुशासनहीनता की पुष्टि होने के बाद यह कदम उठाया गया। निरीक्षक संतोष कुमार यादव और आरक्षी अजीत पर ड्यूटी के दौरान अपनी जिम्मेदारियों का ठीक से निर्वहन न करने और विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप हैं। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, लापरवाही या स्वेच्छाचारिता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आमजन को बेहतर कानून व्यवस्था और पारदर्शी पुलिसिंग उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एसएसपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल है। अधिकारियों ने बताया कि विभागीय जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई भी संभव है। इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन को मजबूत करने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वालों को सख्त संदेश देने वाला कदम माना जा रहा है।
डिंडोरी में रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली विभाग 33/11 केवी उपकेंद्र में खराब ट्रांसफार्मर को बदलने की तैयारी कर रहा है। इस दौरान लगभग आठ घंटे तक बिजली बंद रहेगी, जिससे 11 फीडर प्रभावित होंगे। कार्यपालन अभियंता आर.के. बघेल ने बताया कि मई माह में आए आंधी-तूफान और बारिश के कारण ट्रांसफार्मर खराब हो गया था, जबकि उसका नियमित रखरखाव किया गया था। नए ट्रांसफार्मर को ट्रक के माध्यम से उपकेंद्र तक लाया गया है और रविवार को उसे बदला जाएगा। यह कदम नगर और जिले में बिजली की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है। इस बिजली कटौती से डिंडोरी टाउन, साकेत नगर, पुरानी डिंडोरी, सुबखार, आईटीआई, शाहपुर, कूड़ा मुड़की, सारस ताल, चौबीसा और किसलपुरी फीडर के अंतर्गत आने वाले उपभोक्ताओं के घरों में बिजली प्रभावित रहेगी। विभाग ने इस असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। आवश्यकता पड़ने पर बिजली कटौती का समय घटाया या बढ़ाया जा सकता है। बिजली संबंधी किसी भी शिकायत के लिए उपभोक्ता 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।
कानपुर देहात में पिकअप ने मुनीम को रौंदा, मौत:खाना खाने घर जाते समय हादसा, राइस मिल में करते थे काम
कानपुर देहात के रसूलाबाद-बेला मार्ग पर पिकअप ने बाइक सवार बुजुर्ग को कुचल दिया। हादसे के बाद मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना गुलपीर शाह बाबा की मजार के पास हुई। घटना शनिवार दोपहर की है। मृतक की पहचान मुनीम रामसिंह (60) के रूप में हुई। देखिए घटना की तस्वीरें… राइस मिल में करते थे काम कस्बा रसूलाबाद के विकास नगर स्थित कटियार राइस मिल में मुनीम के पद पर कार्यरत रामसिंह पुत्र विश्राम सिंह निवासी चितई चौबे उर्फ मटेरा गांव, शनिवार दोपहर करीब एक बजे अपनी बाइक से तुलसी नगर स्थित अपने घर खाना खाने जा रहे थे। बताया गया कि गुलपीर शाह बाबा की मजार के पास अचानक उनकी बाइक में एक बोरी फंस गई, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक पिकअप ने सड़क पर गिरे रामसिंह को कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि रामसिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई। सीएचसी में कराया गया भर्ती सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस से रामसिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसूलाबाद पहुंचाया। वहां चिकित्सक डॉ. दिलदार ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। रामसिंह की मौत की खबर मिलते ही उनके छोटे भाई यदुनाथ सिंह, पत्नी कुसमा, मां राम जानकी और विवाहित पुत्रियां बीनू प्रीति सहित अन्य परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। एक बेटा पीएसी में है तैनात परिजनों के अनुसार, मृतक का एक पुत्र शिवा उर्फ सोनू इटावा में पीएसी में तैनात है। उनकी दो विवाहित पुत्रियां बीनू यादव और प्रीति यादव हैं। रामसिंह खेती-किसानी भी करते थे और उनके पास लगभग चार बीघा कृषि भूमि थी। कोतवाल एसएन सिंह ने बताया- शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। दुर्घटना में शामिल पिकअप वाहन को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है; तहरीर मिलने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
डूंगरपुर में गीली लकड़ियों से भरे 3 ट्रक जब्त:अवैध परिवहन करते पकड़े गए, तीन ड्राइवर हिरासत में
डूंगरपुर जिले में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए गठित डीएसटी टीम ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने गीली लकड़ियों का अवैध परिवहन कर रहे तीन ट्रकों को जब्त किया है। यह कार्रवाई बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर की गई। पुलिस ने तीन ड्राइवरों को भी हिरासत में लिया है। डीएसटी प्रभारी मदनलाल ने बताया कि टीम को बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में अवैध रूप से गीली लकड़ियों के परिवहन की सूचना मिली थी। इस सूचना पर टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। जांच के दौरान, बिना वैध दस्तावेजों के गीली लकड़ियों का परिवहन करते हुए तीन ट्रक पकड़े गए। पुलिस ने ट्रकों के चालकों को हिरासत में लिया है। इनमें भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर थाना क्षेत्र के सम्बलपुरा निवासी रघुराज राज सिंह, भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के नील की खेड़ी निवासी शेरू उर्फ नानालाल मीणा और उदयपुर जिले के मावली निवासी मनीष शर्मा शामिल हैं। डीएसटी टीम ने तीनों ट्रकों को जब्त कर अग्रिम कार्रवाई के लिए बिछीवाड़ा थाने को सुपुर्द कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। डीएसटी टीम ने अब तक पर्यावरण संबंधी अवैध गतिविधियों में शामिल छह क्रेन, चौदह ट्रक और तीन ट्रैक्टर जब्त किए हैं। यह कार्रवाई अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के प्रयासों का हिस्सा है।
घाटमपुर में निकली 10 किमी लंबी महाराणा प्रताप रैली:बुलडोजर पर सजी तस्वीर, युवाओं ने लगाए जयघोष
कानपुर के घाटमपुर में शनिवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर युवाओं, सामाजिक संगठनों और क्षेत्रीय लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राहा क्षेत्र से हुई, जहां महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद बुलडोजर पर महाराणा प्रताप का चित्र स्थापित कर करीब 10 किलोमीटर लंबी विशाल रैली निकाली गई। रैली राहा से शुरू होकर घाटमपुर नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए मठ पंप पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। पूरे रास्ते युवाओं का उत्साह देखने लायक था। हाथों में भगवा ध्वज लिए युवा महाराणा प्रताप के जयघोष लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। जगह-जगह स्थानीय लोगों ने रैली का स्वागत किया, जिससे पूरे नगर में देशभक्ति और शौर्य का माहौल बना रहा। मठ पंप पहुंचने के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक सरोज कुरील ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि हल्दीघाटी का युद्ध आज भी आजादी, आत्मसम्मान और मातृभूमि के लिए संघर्ष की गाथा सुनाता है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और उनका जीवन आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। विधायक ने युवाओं से आह्वान किया कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज व राष्ट्रहित में सकारात्मक भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। इस दौरान सीमा परिहार, पंकज पांडेय, मनीष तिवारी, सत्यम चौहान, छब्बू सिंह, इंद्रजीत सिंह, शेखर ठाकुर, संगम ठाकुर, शिवनाथ सिंह चौहान और रामनारायण सिंह चौहान समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सहरसा पुलिस ने 448 तस्करों को किया गिरफ्तार:3 करोड़ के नशीले पदार्थ और शराब जब्त, अभियान जारी
सहरसा पुलिस ने जिले में चलाए जा रहे 'नशा मुक्ति अभियान' के तहत अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है। कोशी प्रक्षेत्र के डीआईजी और सहरसा एसपी के नेतृत्व में जनवरी 2026 से 8 मई 2026 तक चले विशेष अभियान में पुलिस ने कुल 448 तस्करों और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इस दौरान लगभग 2 करोड़ 92 लाख 64 हजार रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ और शराब बरामद किए गए हैं। इसकी जानकारी सहरसा पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने शनिवार को प्रेस वार्ता में दी। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मद्यनिषेध कानून के तहत दर्ज नए मामलों में 217 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि पुराने मामलों में फरार चल रहे 164 आरोपियों को भी दबोचा गया। इसके अतिरिक्त, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत 67 ड्रग तस्करों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने 672.850 ग्राम स्मैक जब्त किया अभियान के दौरान सबसे बड़ी बरामदगी स्मैक की हुई। पुलिस ने 672.850 ग्राम स्मैक जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1 करोड़ 34 लाख 57 हजार रुपये बताई गई है। इसके अलावा, 44.222 किलोग्राम गांजा और 1442.300 लीटर कोडीनयुक्त कफ सिरप भी बरामद किया गया। पुलिस ने 2386 नशीली टैबलेट, जिनमें स्लमैनिक टैबलेट और पेस्टीज गोलियां शामिल हैं, भी जब्त कीं। अवैध शराब निर्माण में उपयोग होने वाला 13 क्विंटल 20 किलोग्राम गुड़ रावा भी बरामद किया गया। कुल 10,671 लीटर से अधिक शराब जब्त की गई शराब माफियाओं के खिलाफ भी पुलिस ने कड़ा अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कुल 10,671 लीटर से अधिक शराब जब्त की गई, जिसमें 3651.150 लीटर देशी और 7020.060 लीटर विदेशी शराब शामिल है। इसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 12 लाख 88 हजार रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस ने 20 अवैध शराब भट्ठियों को ध्वस्त किया, जबकि मौके पर मिले 31,585 लीटर अर्धनिर्मित जावा महुआ को नष्ट कर दिया गया। तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए पुलिस ने 62 वाहनों को भी जब्त किया है। इनमें 2 ट्रक, 14 तीन और चार पहिया वाहन तथा 46 दोपहिया वाहन शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
अशोकनगर जिले में अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बहादुरपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से धारदार बका बरामद किया गया है। पुलिस को आशंका है कि वह किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मोलाडेम स्थित दमदमा रोड के सामने एक व्यक्ति धारदार हथियार लेकर संदिग्ध हालत में घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी में मिला धारदार बका पूछताछ में आरोपी की पहचान सचिन पिता पूरन खटीक (37) निवासी ग्राम अथाईखेड़ा, थाना बहादुरपुर, जिला अशोकनगर के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास से धारदार बका बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 141/2026 के तहत धारा 25(बी) आयुध अधिनियम में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह कंवर और एसडीओपी महेश शर्मा के मार्गदर्शन में बहादुरपुर थाना पुलिस ने यह सफलता हासिल की।
सरगुजा में क्रिकेट का आनलाइन सट्टा खेलने के शौकीन व्यवसायी ने लाखों रुपये हारने के बाद सल्फास का सेवन कर लिया। उसे निजी हॉस्पिटल के बाद मिशन हॉस्पिटल में दाखिल किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। व्यवसायी लंबे सयम से क्रिकेट पर ऑनलाइन सट्टा खेलता रहा था। घटना से परिजन सदमें में हैं। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पुराना बस स्टैंड के पास अंश ड्राई फ्रूट्स दुकान के संचालक संदीप अग्रवाल (40 वर्ष) ने शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे दुकान में सल्फास खा लिया। उसने घर पहुंचकर अपने पिता राजेंद्र बंसल से कहा कि उसने परिवार को बहुत परेशान किया, अब और परेशान नहीं करेगा। उसने जहर सेवन कर लेने की जानकारी दी। इलाज के दौरान हो गई मौत संदीप अग्रवाल लेकर तत्काल परिजन लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल पहुंचे, जहां से उन्हें मिशन हॉस्पिटल भेज दिया गया। मिशन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शनिवार को गमगीन महौल में उसका अंतिम संस्कार शंकरघाट में किया गया। संदीप अग्रवाल अपने चार बहनों में एकलौता भाई था। अंश ड्राई फ्रूट्स की दुकान भी अच्छे से चल रही थी। घर में माता-पिता के अलावे पत्नी एवं दो छोटे बच्चे उसपर आश्रित थे। परिचितों के अनुसार सट्टे की आदत के कारण वह लाखों रुपये के कर्जे में आ गया था। आईपीएल के मैचों में बड़ा दांव लगाने के कारण वह लाखों रुपये हार गया था, जिसके कारण वह दबाव में था। बुकी उससे पैसे मांग रहे थे। कोतवाली पुलिस ने परिजनों को बयान दर्ज किया है। हालांकि मृत्यु के तत्काल बाद दर्ज बयान में परिजनों ने सिर्फ घटना की ही जानकारी दी है। कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। रोज लग रहा करोड़ों का सट्टा आईपीएल के मैचों में रोज करोड़ों रुपये का सट्टा लग रहा है। जानकारों के अनुसार पुराने सभी सटोरिये सट्टा खिलाने में सक्रिय हैं। सट्टा में महादेव बुकिंग एप के सटोरिये भी शामिल हैं। महादेव बुकिंग एप का नाम बदलकर रेडीबुक एप कर दिया गया है। सरगुजा पुलिस आईपीएल के सटोरियों तक पहुंचने में अब तक नाकाम रही है।
पूर्णिया GMCH में फायर सेफ्टी वीक के तहत मॉक ड्रिल हुआ। टीम फायर ब्रिगेड की गाड़ी और सेफ्टी उपकरणों के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंची। मॉक ड्रिल की अगुवाई फायर ब्रिगेड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट और प्रभारी अग्निशमन पदाधिकारी त्रिलोकी नाथ झा ने की। पूरी मॉक ड्रिल के दौरान GMCH के सुप्रिटेंडेंट डॉ संजय कुमार खुद मौजूद रहे। यहां डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, नर्स, गार्ड, इंटर्न, छात्र और आमलोगों को आग लगने की स्थिति में खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखने के तरीके सिखाए गए। इसका उद्देश्य लोगों को आग से बचाव, सतर्कता और आपात स्थिति में सही कदम उठाने के प्रति जागरूक करना था। मॉक ड्रिल में अग्निशमन विभाग पूर्णिया सदर के अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अबुल बरकात और उनकी टीम ने फायर सेफ्टी उपकरणों का लाइव प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल की सबसे खास बात रही कि सुप्रिटेंडेंट डॉ संजय कुमार ने खुद मोर्चा संभालते हुए सेफ्टी उपकरणों के जरिए आगलगी से बचाव के तरीके सीखे। मौके पर फायर ब्रिगेड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट और प्रभारी अग्निशमन पदाधिकारी त्रिलोकी नाथ झा ने बताया कि आग लगने पर घबराने की बजाय तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचना सबसे जरूरी होता है। साथ ही फायर एक्सटिंग्विशर यानी अग्निशमन यंत्र को सही तरीके से इस्तेमाल करने की पूरी जानकारी दी गई। मॉक ड्रिल के दौरान रसोई गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति से निपटने का भी अभ्यास कराया गया। सही तकनीक अपनाना बेहद जरूरी मॉक ड्रिल में आग बुझाने के चार मुख्य तरीकों की भी जानकारी दी गई। इसमें कूलिंग यानी पानी से आग को ठंडा करना, स्मदरिंग यानी ऑक्सीजन की सप्लाई रोकना, स्टार्वेशन यानी ईंधन हटाना और केमिकल के जरिए रिएक्शन रोकना शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि आग के प्रकार के अनुसार सही तकनीक अपनाना बेहद जरूरी होता है, तभी बड़े हादसों को रोका जा सकता। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय भीगे कपड़े या सूती बोरे से आग को नियंत्रित किया जा सकता है। बिजली के शॉर्ट सर्किट, चूल्हे की चिंगारी और गैस लीकेज से होने वाली आग से बचाव के उपाय भी विस्तार से समझाए गए। अग्निशमन टीम ने लोगों को कई जरूरी सावधानियां भी बताईं। कहा गया कि खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग पूरी तरह बुझा दें, घर के आसपास सूखी घास और पत्तों का ढेर जमा न होने दें और गैस पाइप व रेगुलेटर की समय-समय पर जांच जरूर कराते रहें। समय पर सावधानी बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती GMCH के सुप्रिटेंडेंट डॉ संजय कुमार ने कहा कि सही जानकारी और समय पर सावधानी बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते राहत और बचाव काम शुरू किया जा सके। इस मौके पर GMCH में अग्नि सुरक्षा सप्ताह भी मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ. हरिशंकर मिश्रा ने अग्नि के आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और व्यवहारिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आग के कुप्रभाव, उससे होने वाली बड़ी दुर्घटनाओं और घरेलू स्तर पर बचाव के उपायों पर भी जानकारी दी। कार्यक्रम की शुरुआत में स्किल डेवलपमेंट लैब के नोडल पदाधिकारी डॉ. सुधांशु कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से चलाए जा रहे फायर सेफ्टी वीक के उद्देश्य और अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण की जरूरत पर विस्तार से जानकारी दी। डीन फैकल्टी प्रोफेसर डॉ. ए के झा ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में 4 से 10 मई तक फायर सेफ्टी वीक मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अस्पतालों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर आगलगी की घटनाओं को रोकना और लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है।
कानोड़ लोक अदालत में 56 मामलों का निपटारा:आपसी सहमति से ₹5.41 लाख के अवार्ड जारी
उदयपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर शनिवार, 09 मई 2026 को कानोड़ में वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 56 मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण किया गया और ₹5,41,890 के अवार्ड जारी किए गए। तालुका विधिक सेवा समिति के सचिव गिरधारी लाल नायक ने बताया कि लोक अदालत बेंच की अध्यक्षता वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती मनिता प्रकाश ने की। बेंच में सदस्य के रूप में तहसीलदार वगताराम पुरोहित और अधिवक्ता गजेंद्र सिंह गौड़ शामिल रहे। कानोड़ और भींडर न्यायालय की संयुक्त बेंच ने एसीजेएम कानोड़ के 24 लंबित और 10 प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा किया, जिसके तहत ₹1,50,890 के अवार्ड जारी हुए। इसी तरह, सीजेजेएम भींडर के 15 लंबित और 7 प्री-लिटिगेशन मामलों का भी आपसी राजीनामे से निस्तारण किया गया, जिसमें ₹3,91,000 के अवार्ड शामिल हैं। इस राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में न्यायालय के सभी कर्मचारियों और कानोड़ बार एसोसिएशन का विशेष सहयोग रहा।
चरखी दादरी के सीए से फर्रुखनगर टोल पर विवाद:टोल गेट से गाड़ी निकालने को कहासुनी, बोले- बतमीजी की
चरखी दादरी के रहने वाले सीए के साथ फर्रुखनगर टोल पर गाड़ी निकालने के दौरान विवाद होने का मामला सामने आया है। जिसके बाद सीए ने एचएसआईडीसी के अधिकारी से बात की, लेकिन उसे वहां भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया। चरखी दादरी के गांधी नगर निवासी सचिन ने बताया कि वह वृंदावन गया हुआ था, वहां से अपनी गाड़ी में वापस आ रहा था। इसी दौरान वह फुर्रुखनगर केएमपी टोल पर पहुंचा तो वहां टोल पर 6 लाइनें थी, जिनमें से 2 लाइनें ही चल रही थी। जिनमें लंबी लाइन लगी हुई थी। सचिन ने आरोप लगाया कि जब उसने टोल लाइन से अपनी गाड़ी निकालने का प्रयास किया तो उसे रोक दिया। जबकि उसकी गाड़ी पर फास्ट टैग भी लगा हुआ था। इस बात को लेकर उसका विवाद भी हो गया। सीए सचिन गोयल ने कहा कि उसने एचएसआईआईडीसी के अधिकारी से भी बातचीत की। उसने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उल्टा धमकाते हुए कहने लगा कि जो होता है वह कर लें, कहीं भी जाकर शिकायत कर लें। सचिन ने कहा कि अब वह इस मामले को लेकर कोर्ट का सहारा लेंगे और टोल वालों को नोटिस भी भेजा जाएगा।
करनाल में केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के आवासीय परिसर में शुक्रवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। एक स्कूल वैन चालक ने वैज्ञानिक के घर में घुसकर अकेली बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया और गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की। वारदात के दौरान लूटपाट का भी प्रयास किया गया, लेकिन महिला की चीख सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। शनिवार आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। झूठ बोलकर घर में घुसा आरोपी पुलिस के अनुसार, डॉ. अमरेश चौधरी का ढाई साल का बेटा कैम्ब्रिज मोंटेसरी पब्लिक स्कूल में पढ़ता है। उसे लाने-ले जाने का काम कृष्णकांत नामक वैन ड्राइवर करता था। शुक्रवार की सुबह करीब 11 बजे जब घर में 62 वर्षीय सुमन देवी अकेली थीं, तब कृष्णकांत चारदीवारी फांदकर क्वार्टर डी-15 में पहुंचा। उसने दरवाजे की घंटी बजाकर झूठ बोला कि पोते की तबीयत खराब है और कपड़े बदलने हैं, फिर शौचालय जाने का बहाना बनाकर अंदर चला गया। गला दबाकर हत्या की कोशिश, चेन लूटने का प्रयास शिकायत के मुताबिक, शौचालय से बाहर आते ही कृष्णकांत ने जेब से कपड़ा निकालकर पीछे से सुमन देवी पर हमला कर दिया। उसने उनका गला दबाया और सोने की चेन लूटने की कोशिश की। इस दौरान हुई मारपीट में महिला के चेहरे, सिर और गले पर गंभीर चोटें आईं। पड़ोसियों ने दिखाई सूझबूझ, मौके पर पकड़ा महिला की चीख-पुकार सुनकर पड़ोस में रहने वाले डॉ. असीम दत्ता और माण्डवी यादव तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्हें देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन संस्थान की बाहरी दीवार पर लगे सुरक्षात्मक तारों में उसका हाथ फंस गया। इस दौरान लोगों ने उसे पकड़ लिया और तुरंत पुलिस को सूचना देकर आरोपी को रामनगर पुलिस के हवाले कर दिया। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। पुलिस को फुटेज सौंप दी गई है, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। डॉ. अमरेश चौधरी की शिकायत पर रामनगर थाने में मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि आरोपी कृष्णकांत को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
बेतिया के लौरिया थाना क्षेत्र के बगही देवराज गांव में शनिवार को एक JDU नेता और उनके दो बेटों पर ससुराल पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब वे अपनी बेटी को मायके ले जाने पहुंचे थे। मारपीट में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए लौरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां मौजूद चिकित्सक डॉ. रामु कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया। शराब के नशे में पत्नी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप घायलों की पहचान रामनगर थाना क्षेत्र के सबुनी गांव निवासी मो. नुरैन और उनके बेटे आशिफ अली तथा आजम अली के रूप में हुई है। मो. नुरैन जनता दल यूनाइटेड के जिला सचिव भी बताए जा रहे हैं। घायल आजम अली ने बताया कि उनकी बहन नाजिया परवीन की शादी करीब 14 वर्ष पहले बगही देवराज निवासी खबीरुद्दीन के बेटे ज्याउद्दीन से हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही नाजिया के साथ मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं होने लगी थीं। ज्याउद्दीन पर शराब के नशे में पत्नी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप है। पति पिछले 10 सालों से दुबई में रह रहा था परिजनों के अनुसार, पिछले वर्ष ज्याउद्दीन के शराब न पीने को लेकर एक एकरारनामा भी तैयार कराया गया था। बताया जा रहा है कि ज्याउद्दीन पिछले लगभग 10 सालों से दुबई में रह रहा था। कुछ दिन पहले नाजिया परवीन के ससुर खबीरुद्दीन का निधन हो गया था, जिसके बाद वह ससुराल आई हुई थी। इसी दौरान फिर से विवाद और मारपीट की बात सामने आई। शनिवार को जब पिता मो. नुरैन और दोनों भाई नाजिया को वापस घर लाने पहुंचे, तभी विवाद बढ़ गया और मारपीट की घटना हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
पानीपत CIA-3 पुलिस ने जीटी रोड स्थित मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड गोल्ड लोन ब्रांच में ग्राहकों के गहने बदलकर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और पूर्व ब्रांच मैनेजर राजेसाब महबूब यलगार निवासी कर्नाटक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कबूल किया है कि उसने बैंककर्मी के साथ मिलकर लॉकर में रखे असली सोने के कड़े को निकालकर उसकी जगह पीतल का कड़ा रख दिया था। इंसार बाजार के सुनार ने खोला नकली कड़े का राज मामले का खुलासा शिमला मौलाना निवासी सुनील की शिकायत पर हुआ। सुनील ने मई 2024 में 19 तोला सोना गिरवी रखकर लोन लिया था। जुलाई 2025 में जब वह लोन चुकता कर अपने गहने वापस लेने पहुंचा, तो उसे कड़े के वजन में कुछ फर्क महसूस हुआ। जब उसने इंसार बाजार में अपने पारिवारिक सुनार से जांच कराई, तो पता चला कि कड़ा पीतल का है, जिस पर सिर्फ सोने की परत (अर्क) चढ़ी हुई थी। कारीगर ने उगला सारा सच सुनार ने जब कड़े की फोटो कारीगरों के ग्रुप में डाली, तो राज खुला कि दीपक भोला नाम के कारीगर के पास यह कड़ा बनने आया था। पूछताछ में दीपक ने बताया कि मणप्पुरम गोल्ड लोन का तत्कालीन मैनेजर राजेश्वर (राजेसाब) और एक अन्य कर्मी उसके पास आए थे। उन्होंने असली कड़ा दिखाकर उसकी हूबहू नकल तैयार करने को कहा था। पानीपत के कारीगरों के मना करने पर आरोपियों ने दिल्ली से यह नकली कड़ा बनवाया था। साजिश- 40% सोना निकालकर बेच दिया सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राजेसाब महबूब यलगार ने प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। 3 दिन के रिमांड पर आरोपी, साथी की तलाश जारी पुलिस ने आरोपी को सिवाह बस अड्डे के पास से गिरफ्तार किया। शनिवार को उसे माननीय न्यायालय में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस फरार साथी आरोपी की गिरफ्तारी, चोरी किए गए सोने की बरामदगी और यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपियों ने और कितने ग्राहकों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी की है।
जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान सांसद कुलदीप इंदौरा ने आमजन की समस्याएं सुनीं। इस जनसुनवाई में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। लोगों ने बिजली, पानी, कृषि, रोजगार और खरीद व्यवस्था से संबंधित मुद्दे उठाए। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनीष मक्कासर और मनमोहन सोनी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे। सांसद इंदौरा ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और आम नागरिक विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकारें उनके समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रही हैं। इंदौरा ने विशेष रूप से हनुमानगढ़ जैसे कृषि प्रधान जिले में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी न मिलने का मुद्दा उठाया, जिससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इंदौरा ने मंडियों में गेहूं और धान की खरीद व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि बारदाने की कमी के कारण किसान मंडियों में परेशान हो रहे हैं और समय पर खरीद न होने से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। सांसद ने बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्थायी रोजगार देने के बजाय संविदा और ठेका व्यवस्था में रखा जा रहा है, जिससे उनका भविष्य असुरक्षित हो रहा है। इंदौरा ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ते नशे और ड्रग्स तस्करी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार सख्त कार्रवाई के दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ क्षेत्र में रेल सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया, विशेषकर सुपरफास्ट ट्रेनों जैसी सुविधाओं का अभाव। दूषित पेयजल की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त इंदौरा ने किसानों को नकली खाद और बीज मिलने की बढ़ती शिकायतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रशासन से इन जनसमस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने और लोगों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन स्पोर्ट्स महोत्सव 2026 के तहत शहर में भव्य इंटर-हॉस्पिटल क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है। यह पूरी तरह डे-नाइट टूर्नामेंट होगा, जिसे लेकर डॉक्टरों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों के बीच फिटनेस, खेल भावना और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है। डॉक्टरों की व्यस्त दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए टूर्नामेंट के सभी मुकाबले शनिवार और रविवार को रखे गए हैं। मैच शाम 7 बजे से शुरू होंगे, ताकि डॉक्टर दिनभर मरीजों को देखने के बाद मैदान पर उतर सकें। आयोजकों का कहना है कि इससे डॉक्टरों को तनाव से राहत मिलेगी और उनकी फिटनेस भी बेहतर बनी रहेगी। चार बड़े अस्पतालों के बीच होगी टक्करटूर्नामेंट में शहर के चार प्रमुख अस्पतालों की टीमें हिस्सा लेंगी। इसमें केकेआर हॉस्पिटल, हेरिटेज हॉस्पिटल, एचपीएम हॉस्पिटल और जीआरएस हॉस्पिटल की टीमें मैदान पर एक-दूसरे को चुनौती देंगी। पहले लीग मुकाबले खेले जाएंगे, जिसके आधार पर सेमीफाइनल की टीमें तय होंगी। 31 मई को होगा फाइनल मुकाबलाटूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 31 मई 2026 को खेला जाएगा। शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक चलने वाले इस डे-नाइट मैच में दो सर्वश्रेष्ठ टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी। चार घंटे तक चलने वाले इस महामुकाबले में यह तय होगा कि इस बार क्रिकेट के मैदान पर किस अस्पताल का दबदबा रहेगा। आईएमए का कहना है कि इस आयोजन के जरिए डॉक्टरों के बीच संवाद और तालमेल को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। व्यस्त दिनचर्या के बीच यह टूर्नामेंट डॉक्टरों को एक-दूसरे के करीब आने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का मंच देगा। आयोजकों के मुताबिक, खेल भावना के जरिए समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए खेलकूद भी उतना ही जरूरी है, जितना नियमित कामकाज।
सवाई माधोपुर मुख्यालय पर शनिवार को दो दिवसीय लैब असिस्टेंट (प्रयोगशाला सहायक) सीधी भर्ती परीक्षा के पहले दिन 27 परीक्षा सेंटरों पर परीक्षा हुई। यहां पहले दिन 8,359 रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों में से 6,509 स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी, जबकि 18,50 स्टूडेंट्स अनुपस्थित रहे। परीक्षा में कुल 77.87 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। प्रशासन ने कड़ी जांच और ड्रेस कोड की पालना के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाई। 9 बजे शुरू हुई एंट्री एडीएम और परीक्षा समन्वयक सुदर्शन सिंह तोमर ने बताया कि परीक्षा के लिए पांच उड़नदस्ते बनाए गए थे। यहां स्टूडेंट्स सुबह करीब 8 बजे से परीक्षा सेंटरों पर पहुंचने लगे थे। सुबह 9 बजे से प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई। यहां कड़ी जांच के बाद ही स्टूडेंट्स को सेंटरों में एंट्री दी गई।प्रयोगशाला सहायक भूगोल सीधी भर्ती परीक्षा शनिवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक पारी में हुई।10 बजे बंद कर दिए गए सेंटरों के गेट परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले यानी सुबह 10 बजे सभी परीक्षा सेंटरों के गेट बंद कर दिए गए। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को एंट्री नहीं दी गई। परीक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से सेंटरों पर लगातार निगरानी रखी गई। कानों की बालियां व अन्य आभूषण उतरवाएं परीक्षा सेंटरों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। महिला कैंडिडेट्स के हाथों के कंगन, कान की बालियां, बिछिया और अन्य प्रतिबंधित सामान उतरवाए गए। ड्रेस कोड की सख्ती से पालना करवाई गई। सवाई माधोपुर शहर के रणथंभौर चिल्ड्रन एकेडमी स्कूल में एक महिला अंतिम समय में भागकर परीक्षा केंद्र पर पहुंची। जिसे 9.58 मिनट पर प्रवेश दिया गया।
धार शहर में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए यातायात पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। 26 अप्रैल से चल रहे अभियान के तहत अब तक 2710 वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई करते हुए 10 लाख 85 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया है। यातायात पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों, मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान दो पहिया और चार पहिया वाहनों की सघन जांच की जा रही है। पुलिस टीम ने प्रमुख स्थानों के साथ यातायात थाने के सामने भी विशेष चेकिंग अभियान चलाया। हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों पर कार्रवाई अभियान के दौरान बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने वाले, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले और बिना वैध दस्तावेज के वाहन चला रहे चालकों पर कार्रवाई की गई। यातायात थाना प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि अभियान का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। नियम तोड़ने वालों पर आगे भी रहेगी सख्ती थाना प्रभारी ने कहा कि लापरवाही से वाहन चलाने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि पुलिस लोगों को लगातार समझाइश भी दे रही है, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यातायात पुलिस ने लोगों से दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने की अपील की है। साथ ही वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने और सभी यातायात नियमों का पालन करने को कहा है।
गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में इन दिनों पढ़ाई के साथ अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक मुद्दों की गूंज सुनाई दे रही है। कॉलेज में आयोजित ‘JSVM मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN)’ के जरिए मेडिकल छात्रों को वैश्विक नेतृत्व, कूटनीति और नीति निर्माण की ट्रेनिंग दी जा रही है। आमतौर पर मेडिकल कॉलेजों का माहौल किताबों और अस्पतालों तक सीमित रहता है, लेकिन GSVM मेडिकल कॉलेज ने इस परंपरा को बदलते हुए नई पहल की है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पहली बार इस तरह का सिमुलेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के सेक्रेटरी सौम्य राज पांडे ने बताया कि इसका उद्देश्य मेडिकल छात्रों को सिर्फ डॉक्टरी तक सीमित न रखकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जोड़ना है। लोकसभा से लेकर WHO तक पर बहसकार्यक्रम को चार प्रमुख कमेटियों में बांटा गया है। इसमें लोकसभा में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर चर्चा हो रही है, जबकि UNGA (संयुक्त राष्ट्र महासभा) और UNSC (संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद) में अंतरराष्ट्रीय संकटों पर बहस चल रही है। इसके अलावा WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) कमेटी में वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों और स्वास्थ्य नीतियों पर मंथन किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य छात्रों की रिसर्च क्षमता, कम्युनिकेशन स्किल और लीडरशिप क्वालिटी को मजबूत करना है। डॉक्टरों के साथ इंजीनियर और वकील भी शामिलइस आयोजन की खास बात इसकी विविधता रही। कार्यक्रम में सिर्फ मेडिकल छात्र ही नहीं, बल्कि एम्स, केजीएमयू समेत कई संस्थानों के छात्र शामिल हुए। इसके अलावा लॉयर्स, इंजीनियर्स और 11वीं-12वीं के स्कूली छात्र भी इस चर्चा का हिस्सा बने। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों के युवाओं ने एक मंच पर बैठकर भविष्य की नीतियों और वैश्विक चुनौतियों पर अपने विचार रखे। रविवार को होगा समापनइंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सहयोग से आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन रविवार को होगा। शाम 4 से 6 बजे के बीच आयोजित होने वाली वैलेडिक्ट्री सेरेमनी में बेहतर प्रदर्शन करने वाले डेलीगेट्स और बोर्ड सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि इस सफल पहल के बाद प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज भी भविष्य में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रेरित होंगे।
भागलपुर में सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना सबौर प्रखंड के राजंदीपुर पंचायत के वार्ड संख्या-2 में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। यहां करीब 200 घरों के लोग पिछले छह साल से शुद्ध पेयजल के लिए परेशान हैं। गर्मी बढ़ते ही स्थिति और भयावह हो गयी है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद आज तक नियमित रूप से पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। जगह-जगह पाइपलाइन फटी हुई है, नल टूटकर बिखरे पड़े हैं और सड़क भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। ग्रामीण सुमित मंडल ने बताया कि जब पानी टंकी बनकर तैयार हुई थी, तब मात्र 15 दिनों तक पानी मिला। इसके बाद से आज तक नियमित जलापूर्ति नहीं हो सकी। मजबूरी में लोग चापाकल का गंदा और दुर्गंधयुक्त पानी पीने को विवश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत मुखिया, वार्ड सदस्य और संबंधित अधिकारियों से की गयी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीण सुलेखा देवी ने बताया कि पानी की समस्या के कारण लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि “हम लोग छह साल से परेशानी झेल रहे हैं। घर के नल टूट चुके हैं, पाइपलाइन फट गयी है, लेकिन कोई देखने नहीं आता। चापाकल का पानी गंदा और बदबूदार निकलता है, फिर भी मजबूरी में उसी पानी का उपयोग करना पड़ता है। छोटे-छोटे बच्चे और बुजुर्ग कई बार बीमार पड़ चुके हैं।” उन्होंने बताया कि शादी-विवाह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में पानी की समस्या सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है। कई परिवारों को दूसरे के घर जाकर चापाकल से पानी लाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी के कारण बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। जनप्रतिनिधि पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप वार्ड संख्या-2 के पंच सुमित कुमार ने बताया कि योजना की स्थिति खराब है और कई जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि “फंड आने के बाद ही मरम्मत का काम कराया जा सकेगा। फिलहाल विभाग की ओर से राशि नहीं मिलने के कारण काम प्रभावित है।” पानी उपलब्ध कराने के नाम पर लोगों से 30 रुपये की मांग की गयी थी, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा ने ग्राम पंचायत झाखरी के सीनियर स्कूल में दो नवीन कक्षा कक्षों का लोकार्पण किया। इसी क्रम में उन्होंने ग्राम पंचायत सेलोता के सीनियर स्कूल में एक नए कक्षा कक्ष का शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर विधायक ने विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विधायक शंकरलाल डेचा ने बताया कि वर्तमान सरकार का मुख्य ध्येय शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना है। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। डेचा ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा से जुड़े लगभग 50 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत हुए हैं। इसके तहत 40 से अधिक स्कूलों में नए कमरों का निर्माण किया जा रहा है, और 100 स्कूलों को विधायक मद से लैपटॉप व प्रिंटर प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए 1350 करोड़ रुपए की योजनाएं प्रगति पर हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु 60 करोड़ रुपए की लागत से पीएचसी-सीएचसी भवनों का निर्माण जारी है। इसके अतिरिक्त, 100 करोड़ रुपए की लागत से ग्रामीण सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, और किसानों के हित में 500 करोड़ रुपए के सिंचाई प्रोजेक्ट्स पर भी काम चल रहा है। विधायक ने जोर देते हुए कहा कि सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना से सभी 36 कौमों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय अब सिर्फ डिग्री देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं को तराशने वाला बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। विश्वविद्यालय का शारीरिक शिक्षा विभाग तेजी से अपनी अलग पहचान बना रहा है। कैंपस में विकसित आधुनिक खेल सुविधाएं किसी प्रोफेशनल स्पोर्ट्स एकेडमी से कम नहीं हैं। यहां छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ सुबह और शाम विशेष प्रशिक्षण सत्रों में कोच की निगरानी में प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढांचा तैयार किया गया है। विभाग के पास सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक और 50 मीटर का स्विमिंग पूल है, जहां खिलाड़ी ओलंपिक स्तर की तैयारी का अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा क्रिकेट और फुटबॉल के मैदान, बास्केटबॉल और हैंडबॉल कोर्ट के साथ आधुनिक बॉक्सिंग हॉल भी मौजूद है। कैंपस में आर्चरी (धनुर्विद्या) के लिए अलग रेंज और अत्याधुनिक जिम्नेजियम भी बनाया गया है। इन सुविधाओं का लाभ विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ बाहरी खिलाड़ी भी उठा रहे हैं। खो-खो और फुटबॉल में शानदार प्रदर्शनइस साल विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि खो-खो में सामने आई। पुरुष टीम ने सत्र 2025-26 की नॉर्थ जोन खो-खो चैंपियनशिप और अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर संस्थान का नाम रोशन किया। फुटबॉल टीम ने भी सेंट्रल जोन टूर्नामेंट में पहला स्थान हासिल किया। खिलाड़ियों के लगातार बेहतर प्रदर्शन से साफ है कि विश्वविद्यालय का ट्रेनिंग सिस्टम तकनीक और फिटनेस पर गंभीरता से काम कर रहा है। क्रिकेट और मार्शल आर्ट्स में भी बढ़ा दबदबाविश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन किया है। क्रिकेट में यहां के खिलाड़ियों का चयन अंडर-19 भारतीय टीम और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में हुआ है। बॉक्सिंग में खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीते हैं। वहीं ताइक्वांडो नेशनल चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल और शतरंज में नॉर्थ जोन उपविजेता बनने जैसी उपलब्धियां भी विश्वविद्यालय के खाते में दर्ज हुई हैं। एथलेटिक्स, जूडो और कराटे में भी प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। खेलो इंडिया में बड़ी पहचान बनाने की तैयारीविश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि खिलाड़ियों को केवल खेल कौशल ही नहीं, बल्कि अनुशासन और नेतृत्व क्षमता की भी ट्रेनिंग दी जा रही है। “खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स” जैसे बड़े आयोजनों में विश्वविद्यालय की बढ़ती भागीदारी और खिलाड़ियों की सफलता यह संकेत दे रही है कि आने वाले समय में CSJMU देश में खेल उत्कृष्टता का बड़ा केंद्र बन सकता है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक अवसंरचना और नियमित प्रशिक्षण के चलते आने वाले वर्षों में यहां से कई खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
पंजाब के मानसा शहर में नशे की ओवरडोज से 20 वर्षीय बॉक्सिंग खिलाड़ी की मौत हो गई। नवदीप सिंह ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर कई मेडल जीते थे। इस घटना के बाद परिवार ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक के पिता जसपाल सिंह ने बताया कि नवदीप दो बहनों का इकलौता भाई था। उन्होंने मजदूरी कर बेटे को बॉक्सिंग खिलाड़ी बनाया था, ताकि वह आगे चलकर परिवार का सहारा बन सके। भगवंत मान की शुकराना यात्रा के समय घटना जसपाल सिंह के अनुसार, नवदीप की मौत शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री भगवंत मान की शुकराना यात्रा के दौरान आर्य स्कूल के पीछे हुई। उन्होंने सरकार से नशा बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। घटना ने मानसा में नशे की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में खुलेआम नशा बिक रहा नशा: परमिंदर सिंह एंटी ड्रग टास्क फोर्स के संचालक परमिंदर सिंह झोटा ने आरोप लगाया कि शहर में खुलेआम नशा बिक रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल नशे की चपेट में आए युवाओं पर कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, जबकि तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। झोटा ने प्रशासन से नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की। वहीं, थाना सिटी-2 के प्रभारी गुरतेज सिंह ने बताया कि परिवार के बयानों के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
लुधियाना के ऋषि नगर इलाके में आर्थिक तंगी से परेशान एक प्रॉपर्टी कारोबारी ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 48 वर्षीय सोनू कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कारोबार में मंदी और आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के कारण वह पिछले काफी समय से मानसिक तनाव में चल रहे थे। हालत बिगड़ने पर DMC में करवाया था भर्ती थाना पीएयू के प्रभारी इंस्पेक्टर राजेंद्र पाल चौधरी ने बताया कि पुलिस को आज सुबह सूचना मिली थी कि ऋषि नगर निवासी सोनू कुमार ने जहरीली निगल ली है। परिजनों ने बताया कि जब सोनू की हालत बिगड़ी तो उन्हें तुरंत डीएमसी (DMC) अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों का बुरा हाल, पत्नी के बयानों पर कार्रवाई पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सोनू कुमार प्रॉपर्टी का काम करते थे। पिछले कुछ समय से काम में लगातार हो रहे घाटे और आर्थिक तंगी के चलते वह काफी परेशान रहने लगे थे। सोनू अपने पीछे पत्नी और 2 बच्चों को छोड़ गया। पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतक की पत्नी ज्योति के बयानों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। सोनू कुमार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे थे जिसके चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र शनिवार को जमुई पहुंचे। बांका जिले के बौसी में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान कार्यक्रम में शामिल होने जाते समय उन्होंने जमुई में पड़ाव डाला। इस दौरान परिषद भवन में भाजपा जिला अध्यक्ष दुर्गा केसरी सहित पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंत्री को बुके भेंट कर अभिनंदन किया और क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया। स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही भाजपा जिला अध्यक्ष दुर्गा केसरी ने बताया कि मंत्री के जमुई आगमन पर उनसे मांगो बंदर और नरियाना स्थित क्षतिग्रस्त पुलों के शीघ्र निर्माण की मांग की गई। उन्होंने बताया कि ये दोनों पुल लंबे समय से जर्जर स्थिति में हैं, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। जिला अध्यक्ष ने मंत्री से यह भी आग्रह किया कि डायवर्सन निर्माण की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, अतः कार्य जल्द शुरू कराया जाए ताकि लोगों को आवागमन में राहत मिल सके। निविदा प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने भाजपा नेताओं को आश्वासन दिया कि दोनों पुलों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि डायवर्सन निर्माण से संबंधित निविदा प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार क्षेत्र की सड़क और पुल संबंधी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है। गौरतलब है कि भागलपुर पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद जमुई जिले के मांगो बंदर और नरियाना पुल, जो करीब पांच वर्ष पहले ही क्षतिग्रस्त हो चुके थे, लोगों के लिए जोखिम भरा मार्ग बने हुए थे। इसके बावजूद ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पुल से आवाजाही कर रहे थे। दोनों पुलों पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया हाल ही में जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से दोनों पुलों पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया है। इससे सैकड़ों गांवों का संपर्क मुख्यालय से लगभग टूट गया है। फिलहाल लोग नदी के रास्ते आवाजाही करने को मजबूर हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
भाजपा कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल के औरैया आगमन पर भाजपाइयों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। पाल ने कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रवाद, विकास और नारी सम्मान की राजनीति के साथ खड़ी है, जबकि विपक्ष केवल भ्रम फैला रहा है। शहर में एक निजी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने सपा के 'पीडीए' अभियान पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, सपा का नाम बदलकर पीडीए इसलिए रखा गया है क्योंकि पीडीए का अर्थ है 'पावर ऑफ डिंपल अखिलेश'। आज समाजवादी पार्टी केवल परिवारवाद और सत्ता की राजनीति तक सीमित होकर रह गई है। पाल ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा शासन का दौर भूली नहीं है। सपा सरकार के समय प्रदेश में अपराध, गुंडागर्दी और अराजकता चरम पर थी। इसी कारण अखिलेश यादव अब सपा का नाम लेने से बचते हैं और पीडीए का नारा देते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सपा का इतिहास आतंक और अराजकता से जुड़ा रहा है, इसलिए जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध को भी मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि संसद में महिलाओं को सम्मान और भागीदारी देने वाले इस ऐतिहासिक विधेयक का विरोध करने की कीमत विपक्षी दलों को चुकानी पड़ी है। उन्होंने बंगाल, असम और पुडुचेचेरी में विपक्ष की हार को इसी का परिणाम बताया। प्रकाश पाल के साथ भाजपा कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी भी औरैया आए थे। इस अवसर पर जिला महामंत्री यशवीर सिकरवार, विशाल शुक्ला, जिला मीडिया प्रभारी भूरे चौबे, लल्ला शर्मा, सौरभ भूषण शर्मा, अवधेश भदोरिया, रजनीश पाण्डेय, अवध चतुर्वेदी, राहुल गुप्ता, राघव मिश्रा, शिवा सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कानपुर के रामादेवी स्थित जगदंबा गेस्ट हाउस में शनिवार को महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय सभा के सैकड़ों सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के सम्मान में राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने और उनके इतिहास को शैक्षिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग उठाई गई। क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष लाल सिंह तोमर ने कहा कि देश को आजाद हुए 79 वर्ष हो गए हैं, लेकिन महाराणा प्रताप जैसे योद्धा के बलिदान को शैक्षिक पाठ्यक्रम में लागू करने की ठोस पहल अब तक नहीं हुई है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि महाराणा प्रताप की जीवनी और उनके संघर्ष वाले इतिहास को समस्त क्षेत्रीय भाषाओं के शैक्षिक पाठ्यक्रम में अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए। विकास खंड सरसौल की प्रमुख डॉ. विजय रत्ना ने महाराणा प्रताप की स्मृतियों को ताजा करते हुए कहा कि उनके समाज की क्षत्राणियां अपनी मर्यादा में रहकर समाज को चला रही हैं। उन्होंने महिला-पुरुष समानता पर जोर देते हुए कहा, एक नारी सब पर भारी होती है, वह माता, पत्नी और बेटी का रूप लेती है। डॉ. रत्ना ने समाज के सभी संगठनों को एक मंच पर एकजुट होने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि नए लोकतंत्र में नए कानूनों के माध्यम से मौलिक अधिकारों को नष्ट किया जा रहा है और समाज को उपेक्षित किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ी का भविष्य चिंतनीय है। उन्होंने भारतीय क्षत्रियों से अपनी संस्कृति, संस्कृत और संस्कारों के प्रचार-प्रसार के लिए अपने परिवार से पहल करने की अपील की। इस समारोह में क्षत्रिय समाज की 19 प्रमुख विभूतियों को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में मनोज भदौरिया, गजेंद्र सिंह, बलराम सिंह, राहुल तोमर सहित कई गणमान्य व्यक्ति और सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
कासगंज शहर के कासगंज-एटा रोड स्थित ब्रज बाटीका में शनिवार को महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय विकास फाउंडेशन ने एक गोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री रघुराज सिंह और क्षत्रिय समाज के प्रमुख नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में अतिथियों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया। इस दौरान उनके शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद किया गया। क्षत्रिय विकास फाउंडेशन के संयोजक अनिल कुमार सिंह पुंडीर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कासगंज शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग उपस्थित रहे। भाजपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष केपी सिंह सोलंकी, क्षत्रिय फाउंडेशन की संरक्षक डॉ. शाशीलता चौहान और राज्यमंत्री रघुराज सिंह ने अपने संबोधन में महाराणा प्रताप के आदर्शों को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इतिहास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन को साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बताया। उन्होंने समाज से एकजुट होकर समाजहित और राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में समाज की मजबूती और युवाओं को अपने इतिहास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में मानवेन्द्र प्रताप सिंह सनातक् एमएलसी, ठाकुर यशपाल सिंह चौहान पूर्व विधायक,सुरेश प्रताप गांधी पूर्व विधायक, धीरेन्द्र सिंह सोलंकी, विजेंद्र गौर, विमल कुमार सिंह सहित अन्य क्षत्रीय समाज के नेता मौजूद रहे।
बुरहानपुर शहर में रविवार 10 मई को सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। 33-11 केवी शनवारा उपकेंद्र पर पावर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि के कार्य के चलते सात घंटे का शटडाउन लिया जाएगा। इससे शहर के कई प्रमुख इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी। बिजली कंपनी के अनुसार कार्य के दौरान 11 केवी मंडी फीडर, हरीरपुरा फीडर, मोटर स्टैंड फीडर और रेस्ट हाउस फीडर सहित कुल सात फीडरों से बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। इन प्रमुख क्षेत्रों में बंद रहेगी बिजली कटौती से शनवारा गेट, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया क्षेत्र, उर्दू स्कूल, लोहार मंडी, खानभाई आइस फैक्ट्री, साड़ी बाजार, सब्जी मंडी, सुभाष चौक, मिलन चौराहा, दीदार टॉवर, फव्वारा चौक, सिटी कोतवाली, अंडा बाजार, कृषि उपज मंडी, हरीरपुरा, शाह एन शाह मॉल, बीएसएनएल ऑफिस, गुरूसिख मॉल और गोटिया पीर क्षेत्र प्रभावित होंगे। इसके अलावा सिलमपुरा, जड़ियावाड़ी, राजपुरा, मेन पोस्ट ऑफिस, तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, जय स्तंभ, गुजराती मार्केट, टेम्पो स्टैंड, प्रकाश टॉकीज, शिकारपुरा पानी की टंकी, प्रतापपुरा, पंचमुखी हनुमान, एलआईसी ऑफिस, मीरा हॉस्टल और संजय नगर पार्ट में भी बिजली सप्लाई बंद रहेगी। बिजली कंपनी ने बताया कि मेंटेनेंस कार्य विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिए किया जा रहा है। कार्य की प्रगति और आवश्यकता के अनुसार बिजली कटौती की अवधि में बदलाव भी किया जा सकता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में 49 प्रकरणों का निस्तारण:54.18 लाख रुपये के अवॉर्ड पारित
वल्लभनगर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 49 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में 54 लाख 18 हजार 550 रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। यह लोक अदालत राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित की गई थी। तालुका विधिक सेवा समिति, वल्लभनगर के अध्यक्ष प्रेम गढ़वाल (वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने अधिवक्ता लेहरीलाल डांगी और न्यायालय कर्मचारियों के साथ मिलकर पक्षकारों को लोक अदालत का महत्व समझाया। उन्होंने आपसी समझाइश से प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रेरित किया। 22 लाख रुपये के अवॉर्ड पारित लोक अदालत में राजीनामे के आधार पर विभिन्न प्रकार के मामलों का निपटारा किया गया। इसमें सिविल प्रकृति के 2 और भरण-पोषण से संबंधित 1 प्रकरण का निस्तारण हुआ, जिनमें कुल 22 हजार रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। धारा 138 एन.आई. एक्ट से संबंधित 6 प्रकरणों का निस्तारण कर 22 लाख 70 हजार रुपये के अवॉर्ड पारित हुए। इसके अतिरिक्त, नियमित फौजदारी के 4 प्रकरणों का भी निपटारा किया गया। 36 प्रकरणों का समझाइश से निस्तारण प्री-लिटिगेशन के 36 प्रकरणों का भी आपसी समझाइश के माध्यम से निस्तारण किया गया, जिनमें कुल 31 लाख 26 हजार 550 रुपये के अवॉर्ड पारित हुए। इस प्रकार, 13 लंबित और 36 प्री-लिटिगेशन मामलों सहित कुल 49 प्रकरणों का निपटारा कर 54 लाख 18 हजार 550 रुपये के अवॉर्ड पारित किए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों और ए.वी.वी.एन.एल. के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इनमें एसबीआई वल्लभनगर से जयंत मेनारिया, बैंक ऑफ बड़ौदा वल्लभनगर से प्रियंका चंडालिया और राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक शाखा वल्लभनगर से रोहित जैन शामिल थे। इस दौरान अधिवक्ता मुकेश गोपावत, नारायणलाल गाडरी, दुर्गाशंकर मेनारिया, योगेन्द्र माली और शांतिलाल डांगी ने भी पक्षकारों को लोक अदालत का महत्व समझाते हुए आपसी समझौते से प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रेरित किया।
मुरादाबाद में प्रवक्ता भर्ती परीक्षा के पहले दिन दोनों पालियां शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गईं। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित की गई। शहर के 18 परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे थे। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। सभी केंद्रों पर पुलिस बल तैनात किया गया था और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही थी। अभ्यर्थियों को गहन जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। कई केंद्रों पर अभ्यर्थी निर्धारित समय से पहले ही पहुंच गए थे, जिसके कारण परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। कुछ छात्रों ने इसे आसान और सामान्य स्तर का बताया, वहीं कई अभ्यर्थियों का कहना था कि प्रश्नपत्र लंबा होने के कारण सभी सवालों को निर्धारित समय में हल करना चुनौतीपूर्ण रहा। जीव विज्ञान विषय के छात्रों ने बताया कि प्रश्नपत्र में कुल 125 सवाल पूछे गए थे, जिन्हें दो घंटे की समय-सीमा में पूरा करना कठिन था। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, दोनों दिनों में कुल 22,639 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। रविवार को भी यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
गोंडा जिले में मोबाइल चोरी और झपट्टामारी की घटनाओं पर पुलिस ने कार्रवाई की है। देहात कोतवाली पुलिस ने झपट्टामारी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वहीं रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने भी मोबाइल चोरी के दो आरोपियों को पकड़ा है। देहात कोतवाली पुलिस ने अल्लारक्खा और दादू नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक चोरी का मोबाइल फोन और एक अवैध तमंचा बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, इन दोनों ने बादशाह उर्फ अयान के साथ मिलकर 6 मई को पल्सर मोटरसाइकिल से झपट्टामारी की घटना को अंजाम दिया था। गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। दूसरी ओर, गोंडा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म पर सो रहे यात्रियों के मोबाइल फोन चुराने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नफीस और मोहम्मद तोहिद के रूप में हुई है। इनके कब्जे से तीन चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 65,000 रुपये बताई जा रही है। आरपीएफ ने इन दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गोंडा रेलवे न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अनिरुद्ध राय ने बताया कि पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिन पर आगे की जांच की जा रही है। गोंडा देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने उनके थाना क्षेत्र में एक झपट्टामारी की घटना को अंजाम दिया था और पिछले दो दिनों से फरार चल रहे थे। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
बिहार में शराबबंदी की सख्ती के बीच उत्पाद विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की है। भरगामा थाना क्षेत्र के पेकवार गांव से एक सरपंच को 16 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है। जब्त शराब की कुल मात्रा 165 लीटर है। उत्पाद अधीक्षक निरंजन कुमार झा ने बताया कि पेकवार गांव के वार्ड संख्या 10 के सरपंच राजकुमार मेहता के खिलाफ लंबे समय से अवैध शराब की खरीद-बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों में आरोप था कि सरपंच अपने घर और आसपास के क्षेत्र में अवैध रूप से अंग्रेजी शराब की आपूर्ति कर रहे थे। सरपंच के नए आवास पर छापेमारी सूचना की गंभीरता को देखते हुए उत्पाद विभाग की टीम ने तुरंत सत्यापन किया और कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम गठित की। शनिवार को टीम ने सरपंच के नए आवास पर अचानक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान घर के पीछे खाली जमीन पर पॉलीथिन से ढकी हुई 16 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। उत्पाद टीम की मौजूदगी में शराब को जब्त कर लिया गया और आरोपी सरपंच राजकुमार मेहता को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में बिहार निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है। बिक्री के लिए रखी गई थी शराब आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि शराब की आपूर्ति श्रृंखला और अन्य संदिग्धों का पता लगाया जा सके। विभाग का मानना है कि यह शराब बड़े स्तर पर बिक्री के लिए रखी गई थी। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद कुछ क्षेत्रों में अवैध शराब की तस्करी और बिक्री की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिन पर प्रशासन सख्ती बरत रहा है।
शाजापुर लोक अदालत में दंपती का मिलन:दो साल से अलग रह रहे थे, फिर साथ रहने को हुए तैयार
शाजापुर में शनिवार को आयोजित लोक अदालत में दो साल से अलग रह रहे एक दंपती ने आपसी समझौते के बाद फिर से साथ रहने का निर्णय लिया। लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद के कारण उनके बच्चे भी मानसिक रूप से परेशान थे। ग्राम कूड़ाना, तहसील गुलाना निवासी घनश्याम सौराष्ट्रीय ने अपनी पत्नी को वापस लाने के लिए कुटुंब न्यायालय में हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 9 के तहत दांपत्य जीवन की पुनर्स्थापना हेतु वाद दायर किया था। यह प्रकरण लोक अदालत में सुनवाई के लिए पहुंचा। लोक अदालत में न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराई गई और उन्हें समझाया गया। काफी देर तक चली चर्चा और समझाइश के बाद पति-पत्नी ने पुराने मतभेद भुलाकर पुनः साथ रहने पर सहमति जताई। दोनों ने आपसी राजीनामा प्रस्तुत करते हुए अपने वैवाहिक जीवन को नई शुरुआत देने का निर्णय लिया। इस दौरान अदालत परिसर में सौहार्दपूर्ण माहौल रहा। इस प्रकरण में घनश्याम सौराष्ट्रीय की ओर से अधिवक्ता गिरीश लवरिया, राहुल यादव और सोना बेकी उपस्थित थे। वहीं, दूसरी ओर से अधिवक्ता रीना सक्सेना और पैनल लॉयर विधिक सहायता अधिकारी सईद पठान ने पक्ष रखा। न्यायाधीश की समझाइश के बाद दोनों खुशी-खुशी साथ रहने के लिए तैयार हो गए।
फ़रीदाबाद स्थित इंडिया हैबिटैट सेंटर में शनिवार को राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद द्वारा कंक्रीट निर्माण की गुणवत्ता और टिकाऊपन पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का विषय था- आईएस 456:2025 (मसौदा) के अनुसार कंक्रीट के टिकाऊपन का डिज़ाइन और गुणवत्ता सुनिश्चित करना। इस कार्यक्रम में निर्माण क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और भारतीय मानक ब्यूरो के अधिकारियों ने भाग लेकर नए मसौदे पर विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि सीएसआईआर सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट रुड़की के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप कुमार रामनचारला ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि देश में टिकाऊ और मजबूत निर्माण के लिए कंक्रीट की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना बहुत जरूरी है। विशेषज्ञों ने कंक्रीट निर्माण से जुड़े विषयों पर जानकारी साझा की इस अवसर पर भारतीय मानक ब्यूरो के उप महानिदेशक ( मानकीकरण) इंजीनियर संजय पंत विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं कार्यक्रम में राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद के महानिदेशक डॉ. एलपी सिंह भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कई तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विशेषज्ञों ने कंक्रीट निर्माण से जुड़े अलग-अलग विषयों पर जानकारी साझा की। इन सत्रों में परिषद के संयुक्त निदेशक इंजीनियर पीएन ओझा, आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर मनु संथनम, परिषद के पूर्व संयुक्त निदेशक इंजीनियर वीवी अरोरा और टीसीपीएल के अध्यक्ष प्रोफेसर महेश टंडन ने अपने विचार रखे। विशेषज्ञों ने कंक्रीट के टिकाऊपन का डिज़ाइन, निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री, गुणवत्ता की जांच और नियंत्रण प्रणाली तथा पूर्व-तनावग्रस्त कंक्रीट से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में बच्चा न होने और दहेज की मांग को लेकर एक महिला की कथित तौर पर जहर देकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में महिला के पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के चौधकियापुर गांव की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पति अंशुमान (27 वर्ष), सास माया देवी (50 वर्ष) और ससुर विजय को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। इन पर पत्नी राधा देवी को जहर देकर मारने का आरोप है, क्योंकि वह संतानहीन थी और दहेज की मांग पूरी नहीं हो रही थी। यह घटना बुधवार शाम को सामने आई, जब चौधकियापुर निवासी अंशू की पत्नी राधा देवी ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर ससुरालियों ने उसे शहर के लोधीगंज स्थित नैंसी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से उसे कानपुर रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के मामा लालमन (निवासी बेरूईहार, थाना कोतवाली) ने पोस्टमार्टम हाउस में पति और ससुरालियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उनकी भांजी राधा की शादी 5 जून 2020 को हुई थी और उन्होंने अपनी हैसियत के अनुसार अच्छा दहेज भी दिया था। हालांकि, संतान न होने के कारण पति उसे पीटता था। लालमन ने आरोप लगाया कि घटना से दो दिन पहले राधा गांव में ही एक रिश्तेदारी में शादी में गई थी। उसका पति शराब के नशे में वहां आया और जबरन उसे ससुराल ले गया। वहां उसने पानी के पाइप से राधा की पिटाई की और जबरन उसके मुंह में जहर डाल दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। मामा ने यह भी बताया कि हालत बिगड़ने पर पति उसे अपने जान-पहचान वाले नैंसी अस्पताल ले गया, जहां उसकी हालत और बिगड़ गई। सुबह कानपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
भागलपुर. विक्रमशिला सेतु के स्लैब टूटने के बाद सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। ऐसे में लोग नाव से ही नवगछिया और भागलपुर आवागमन कर रहे हैं। इस बीच बरारी घाट पर इन दिनों जीविका दीदियों की एक अनूठी पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय लोगों को कम कीमत पर शुद्ध और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यहां सार्वजनिक रसोई की शुरुआत की गयी है। इस पहल के माध्यम से जहां लोगों को सस्ता भोजन मिल रहा है, वहीं महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी हासिल हो रहा है। बरारी घाट पर संचालित इस रसोई की जिम्मेदारी ‘गंगा जीविका स्वयं सहायता समूह’ की महिलाओं ने संभाल रखी है। समूह की सदस्य लक्ष्मी देवी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और घाट पर आने वाले लोगों को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पहले दिन से ही लोगों का अच्छा सहयोग और समर्थन मिल रहा है। जीविका दीदियों की ओर से संचालित इस रसोई की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सस्ती दरें हैं। महंगाई के दौर में जहां सामान्य होटलों में भोजन की कीमत काफी अधिक होती है, वहीं यहां मात्र 50 रुपये में भरपेट शुद्ध शाकाहारी भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस थाली में चावल, दाल, सब्जी, पापड़ और सलाद शामिल है। भोजन पूरी तरह घरेलू स्वाद और स्वच्छता का ध्यान रखकर तैयार किया जाता है। इसके अलावा बिहार के पारंपरिक व्यंजन भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। यहां 20 रुपये में दो पीस लिट्टी-चोखा और चटनी उपलब्ध है। 30 रुपये प्रति प्लेट की दर से चूड़ा फ्राई और घुघनी 30 रुपये प्रति प्लेट की दर से चूड़ा फ्राई और घुघनी भी परोसी जा रही है। शाम के समय घाट पर आने वाले लोगों के लिए 25 रुपये में प्याज पकौड़ा की प्लेट उपलब्ध करायी जाती है। चाय प्रेमियों के लिए 10 रुपये में चाय और गर्मी से राहत के लिए 20 रुपये में सत्तू का शरबत भी दिया जा रहा है। राहगीर राजीव चौबे ने बताया गंगा किनारे इतनी कम कीमत पर स्वच्छ और स्वादिष्ट भोजन मिलना बड़ी राहत की बात है। पहले घाटों पर खाने-पीने की चीजों के लिए अधिक पैसे देने पड़ते थे, लेकिन यहां तय दर सूची के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सभी खाद्य पदार्थों की कीमत बोर्ड पर स्पष्ट रूप से लिखी गयी है, जिससे पारदर्शिता बनी हुई है। लक्ष्मी देवी ने बताया कि समूह की महिलाएं सुबह से ही भोजन बनाने और साफ-सफाई की तैयारी में जुट जाती हैं। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि जीविका के माध्यम से महिलाएं अब घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर स्वरोजगार से जुड़ रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। इधर देर शाम आने वाले मजदूर यहीं पर खाना खा रहे हैं। बता दें कि 6 दिन पहले विक्रमशिला सेतु धराशाई हो जाने के कारण लोग लोग बरारी गंगा घाट पर ही पहुंचाते हैं और वहां से नाव पड़कर नवगछिया की तरफ जाते हैं।
शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में शनिवार सुबह बारातियों से भरी एक बस सड़क किनारे महुआ के पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में बस में सवार सभी बाराती सुरक्षित बच गए, लेकिन चालक मौके से फरार हो गया। बारातियों ने चालक पर शराब के नशे में बस चलाने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, ब्यौहारी क्षेत्र के ग्राम जमोड़ी से बारात बहेरिया गई थी। दादू एंड संस की बस क्रमांक एमपी 18 पी 0655 दूल्हा-दुल्हन और बारातियों को लेकर वापस जमोड़ी लौट रही थी। रास्ते में तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाई जा रही बस अचानक अनियंत्रित होकर पेड़ से जा भिड़ी। बारातियों का आरोप है कि चालक शुक्रवार रात बारात निकासी के दौरान भी शराब पी रहा था। विरोध करने पर उसने शराब पीना बंद कर दिया था, लेकिन शनिवार सुबह वह फिर नशे की हालत में बस चला रहा था। यात्रियों ने बताया कि उन्होंने कई बार चालक को धीरे चलाने के लिए कहा, लेकिन उसने बात नहीं मानी। फंसे बारातियों को निकाला गया हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। गनीमत रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि, महिलाएं और बच्चे काफी देर तक सहमे रहे। चालक घटना के तुरंत बाद मौके से फरार हो गया। बाद में दूसरी बस और चालक की व्यवस्था कर सभी बारातियों को सुरक्षित जमोड़ी भेजा गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने प्रशासन से नशे में वाहन चलाने वाले चालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश जारी है।
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार बेकाबू होकर बिजली के खंभे से टकरा गई थी। घायल युवक अलीगढ़ के भाजपा जिलाध्यक्ष का भतीजा बताया जा रहा है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार रात को हुई। स्कॉर्पियो कार (यूपी 14 डीजेड 3100) बेकाबू होकर एक बिजली के पोल से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी कई बार सड़क पर ही घूम गई और उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद काफी देर तक गाड़ी का सायरन बजता रहा। कार में अलीगढ़ के दो युवक सवार यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें कार की तेज रफ्तार साफ दिख रही है। सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। कार में अलीगढ़ के जट्टारी निवासी दो युवक सवार थे। उपचार के दौरान ऋषभ पुत्र दिनेश की मौत हो गई। उसका शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है। वहीं, उसका साथी गुरुदेव गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उपचाराधीन है। पुलिस ने बताया कि घायल युवक गुरुदेव अलीगढ़ भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह का भतीजा है। थाना प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि मामले की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रथम दृष्टया गाड़ी तेज रफ्तार से अनियंत्रित होकर पोल से टकराई है। हादसे के अन्य पहलुओं पर भी जांच जारी है।
रोहतक बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान लोकेंद्र फौगाट व पूर्व महासचिव रोहित सुहाग के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं, रिकॉर्ड में कथित हेरफेर एवं करोड़ों रुपए के गबन से जुड़े बहुचर्चित मामले में थाना आर्य नगर में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ के आदेशों पर कार्रवाई की है। बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक हुड्डा ने 1 करोड़ 33 लाख रुपए के गबन मामले में शिकायत दी थी। शिकायत में बार एसोसिएशन के वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताओं, रिकॉर्ड में कथित फेरबदल, वित्तीय प्रक्रियाओं की अनदेखी व बड़ी धनराशि के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने 16 जनवरी 2026 को एसपी को शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की निगरानी में हुई जांच प्रधान दीपक हुड्डा ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों एवं बार काउंसिल ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के बाद विस्तृत जांच एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की निगरानी में करवाई गई। जांच के दौरान ऑडिट रिपोर्ट, बैंक लेजर, भुगतान रिकॉर्ड, चेक विवरण, बिल एवं अन्य वित्तीय दस्तावेजों का तकनीकी एवं तथ्यात्मक परीक्षण किया। पुलिस जांच में कई गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताएं उजागर हुई। साधारण कागजों पर मिले थे बिल प्रधान दीपक हुड्डा ने बताया कि जांच रिपोर्ट के अनुसार अनेक बिल क्रमवार एवं तिथि अनुसार उपलब्ध नहीं पाए गए, जबकि कुछ बिल साधारण कागजों पर तैयार किए गए थे। कई दस्तावेजों पर जारीकर्ता एवं प्राप्तकर्ता के हस्ताक्षर तक नहीं थे। कुछ भुगतान ऐसे व्यक्तियों के नाम दर्शाए गए, जो किसी पद पर नहीं थे। विभिन्न खर्चों के लिए निर्धारित कोटेशन प्रक्रिया का पालन नहीं किया व जमा पूंजी रजिस्टर भी नियमानुसार नहीं मिला। 1 करोड़ 33 लाख रुपए के गबन का था आरोप प्रधान दीपक हुड्डा ने बताया कि पुलिस जांच के दौरान लगभग 1,33,01,773 रुपए के कथित गबन का मामला सामने आया। इसके आधार पर थाना आर्य नगर में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 204, 414, 406 व 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार घटनाक्रम की अवधि 1 नवंबर 2022 से 31 दिसंबर 2023 तक की बताई गई है। FIR दर्ज होने का मेरे संज्ञान में नहीं मामलाबार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान लोकेंद्र सिंह फौगाट ने कहा कि उनके खिलाफ FIR दर्ज होने का कोई मामला अभी तक संज्ञान में नहीं है। अगर कोई केस दर्ज हुआ है तो उसकी जानकारी लेंगे और जो भी लीगल कार्रवाई बनेगी, वह करेंगे। आर्य नगर थाने में हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ केसपुलिस पीआरओ मनीष ने बताया कि बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान लोकेंद्र फौगाट के खिलाफ आर्य नगर थाने में केस दर्ज हुआ है। केस हाई कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।
इटावा की यमुना में बिना शोधन गिर रहा अपशिष्ट जल:डीएफओ ने जताई नाराजगी, कार्रवाई के निर्देश
इटावा में शनिवार को डीएफओ विकास नायक की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति, वृक्षारोपण समिति और पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में यमुना नदी में बिना शोधन के अपशिष्ट जल छोड़े जाने, कूड़ा निस्तारण, एमआरएफ केंद्रों के संचालन और आगामी वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। डीएफओ ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लंबे समय से चालू न होने पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के दौरान डीएफओ विकास नायक ने एसटीपी की प्रगति पर जानकारी मांगी। उन्होंने बताया कि पिछले आठ से नौ महीनों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन एसटीपी अब तक संचालित नहीं हो सकी है। इसके परिणामस्वरूप, बिना शोधन किया हुआ अपशिष्ट जल सीधे यमुना नदी में मिल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आउटलेट से पानी के नमूने लेकर जांच कराई जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। डीएफओ ने नदी में ठोस अपशिष्ट बहने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने नगर निगम को यमुना किनारे फैले कूड़े-कचरे की जल्द से जल्द सफाई कराने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि बारिश का मौसम नजदीक है और यदि समय पर सफाई नहीं हुई तो सारा कचरा नदी में बह जाएगा, जिससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। बैठक में मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्रों के संचालन की भी समीक्षा की गई। डीएफओ ने पूछा कि क्या सभी केंद्र सही तरीके से काम कर रहे हैं। भरथना क्षेत्र के संबंध में नगर निगम के ईओ को सभी एमआरएफ केंद्र चालू रखने और बाईपास क्षेत्र की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा करते हुए डीएफओ ने कहा कि सभी विभागों को लक्ष्य दिए जा चुके हैं। उन्होंने भूमि चिन्हित करने, पौधों की सुरक्षा और सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पीडब्ल्यूडी विभाग को एक सड़क का चयन कर वहां ट्री गार्ड के साथ पौधारोपण कराने को कहा गया। डीएफओ ने विशेष रूप से इमली के अधिक पौधे लगाने पर जोर दिया। बैठक में नगर निगम परिषद के अधिशासी अधिकारी श्याम बचन सरोज, एआरटीओ प्रदीप देशमणि समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
संभल में नगर पालिका परिषद ठेकेदार यूनियन संघ के चुनाव संपन्न हो गए हैं। इस चुनाव में अध्यक्ष, सचिव और दो उपाध्यक्षों का निर्वाचन हुआ, जबकि कोषाध्यक्ष निर्विरोध चुने गए।संभल नगर पालिका परिषद से जुड़े ठेकेदारों ने 'ठेकेदार इंडियन संघ नगर पालिका परिषद संभल' का गठन किया है। शनिवार सुबह 9:30 बजे से मतदान शुरू हुआ, जिसमें कुल 35 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव अधिकारी मोहम्मद मशकूर जिलानी की देखरेख में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।यह पहली बार है जब नगर पालिका परिषद संभल में ठेकेदार इंडियन संघ बना और चुनाव कराए गए। चुनाव को लेकर ठेकेदारों में काफी उत्साह देखा गया। अध्यक्ष पद के लिए नजारुल हुसैन व वाहिद हुसैन बबलू, उपाध्यक्ष के लिए नितिन यादव व तेजराम, सचिव के लिए मोहम्मद अथर व तस्लीम और कोषाध्यक्ष पद के लिए मोहम्मद मुकीम मैदान में थे।शाम 4 बजे घोषित चुनाव परिणामों के अनुसार, अध्यक्ष पद पर नजारुल हुसैन ने 21 वोट प्राप्त कर 10 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। सचिव पद पर तस्लीम ने 19 वोट हासिल कर 6 वोटों से विजय प्राप्त की।उपाध्यक्ष पद के लिए नितिन यादव और तेजराम को 16-16 मत मिले। संघ यूनियन ने आपसी सहमति से दोनों को उपाध्यक्ष नियुक्त किया। कोषाध्यक्ष पद पर मोहम्मद मुकीम निर्विरोध चुने गए। चुनाव प्रक्रिया के दौरान नगर पालिका परिषद के 37 सभासद भी वहां मौजूद रहे।चुनाव अधिकारी मोहम्मद मशकूर जिलानी ने बताया कि इस संगठन का मुख्य उद्देश्य ठेकेदारों के साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी या शोषण को रोकना है। उन्होंने कहा कि संघ सभी ठेकेदारों को साथ लेकर उनके हितों के लिए कार्य करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कुल 35 वोटों में से 97% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
सूरजपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। जिले में अब तक 25,369 लोगों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 219 मामलों में न्यायालय ने कुल 20 लाख 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष यातायात अभियान के तहत की गई। पुलिस लगातार जिलेभर में सघन वाहन चेकिंग कर रही है और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। 219 मामलों में कोर्ट ने लगाया जुर्माना पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक शराब पीकर वाहन चलाने के 219 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में संबंधित वाहनों को जब्त कर चालान न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय द्वारा इन मामलों में कुल 20 लाख 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि शराब के नशे में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनता है, इसलिए ऐसे मामलों में सख्ती बरती जा रही है। हेलमेट और सीट बेल्ट उल्लंघन पर भी कार्रवाई यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर भी बड़ी संख्या में कार्रवाई की गई है। बिना हेलमेट वाहन चलाने के 2,250 प्रकरण दर्ज किए गए, वहीं बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाने के भी 2,250 मामलों में चालानी कार्रवाई हुई। कुल मिलाकर 25,369 प्रकरणों में पुलिस ने 86 लाख 65 हजार 200 रुपये का समन शुल्क वसूला है। दो ड्राइवरों पर हालिया कार्रवाई इसी अभियान के तहत 6 और 7 मई 2026 को यातायात प्रभारी ने कर्मा चौक और अग्रसेन चौक में वाहन चेकिंग की। इस दौरान इनोवा वाहन क्रमांक CG 13 AE 1810 और पिकअप वाहन क्रमांक CG 15 CY 6344 के ड्राइवर शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। दोनों वाहनों को जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई और प्रकरण न्यायालय में पेश किया गया। इनमें इनोवा चालक पर 10,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। लाइसेंस निरस्त करने की भी कार्रवाई सूरजपुर पुलिस का कहना है कि शराब पीकर वाहन चलाना केवल ड्राइवर के लिए ही नहीं, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। इसी को देखते हुए पुलिस लगातार जांच अभियान चला रही है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ जुर्माने के साथ ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने जैसी सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस की अपील सूरजपुर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और शराब पीकर वाहन न चलाएं। पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा जनहित से जुड़ा विषय है और इसे लेकर अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस अभियान में जिले के सभी थाना और चौकी स्तर की पुलिस टीमें सक्रिय रूप से शामिल रही हैं।
लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में शुक्रवार रात बीसीए छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक़्त वह अपने कमरे में अकेले था। मां बुलाने पहुंची तो फंदे से लटका मिला। जिसे देखकर माँ की चीख निकल गई। शोर सुनकर पहुंचे परिजनों ने आनन फानन में लोकबंधु अस्पताल पहुंचाया। जहाँ डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बालकृष्ण नगर केसरी खेड़ा कृष्णा नगर निवासी आर्यन दीक्षित (21) पुत्र अमित दीक्षित निजी कॉलेज में बीसीए थर्ड ईयर का छात्र था। पिता अमित ने बताया वह निजी काम से रायबरेली गए थे। वहां से लौटने के बाद नीचे कमरे में बैठे हुए थे। तभी आर्यन का एक दोस्त उससे मिलने के लिए घर आया। दोस्त के कहने पर पत्नी अनामिका आर्यन को बुलाने ऊपर कमरे में चली गई। काफी दरवाजा खटखटाने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इस पर जोर से दरवाजे पर मारा तो दरवाजे की सिटकनी टूट गई और दरवाजा खुल गया। अंदर देखा तो आर्यन चादर के सहारे पंखे से लटका मिला। बेटे को फंदे से लटका देख माँ की चीख निकल गई। इस पर परिवार के बाकी सदस्य भी वहां पहुंच गए। आर्यन को आनन फानन में फंदे से उतारकर लोकबंधु अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है न ही परिवार ने किसी पर आरोप लगाया है। पिता ने बताया शनिवार को बीसीए थर्ड ईयर का पहला एग्जाम था। जिसकी वह काफी तैयारी कर रहा था। मामले में इंस्पेक्टर कृष्णा नगर का कहना है पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। शिकायत के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
बिजनौर जिले में महाराणा प्रताप की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर धामपुर में कार्यक्रम आयोजित कर एक बाइक रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। धामपुर के राजपूताना रिसॉर्ट में सैकड़ों लोग जयंती समारोह के लिए एकत्र हुए। उन्होंने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इसके बाद, सौरभ ठाकुर के नेतृत्व में युवकों ने बाइक रैली निकाली। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा। कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. इंद्रदेव सिंह भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हम सभी को एक बड़ा संदेश देता है। डॉ. सिंह ने बताया कि महाराणा प्रताप युवाओं और मातृभूमि के लिए कुछ करने की इच्छा रखने वाले सभी लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महाराणा प्रताप ने केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अपना स्थान बनाया है। पूर्व विधायक ने आगे कहा कि महाराणा प्रताप ने समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर अकबर के खिलाफ युद्ध लड़ा। इसमें हिंदू समाज की सभी जातियों के लोग शामिल थे। उनका जीवन हिंदू समाज में समरसता और एकजुटता का एक उदाहरण है, जिससे प्रेरणा लेकर समाज को एकजुट करना चाहिए।
डीडवाना में गंदे पानी की निकासी का स्थायी समाधान:भाजपा नेता जोधा ने जयपुर में अधिकारियों से की चर्चा
डीडवाना शहर में लंबे समय से चली आ रही गंदे पानी की निकासी और जलभराव की समस्या के समाधान की दिशा में अब ठोस पहल शुरू हो गई है। भाजपा नेता जितेंद्र सिंह जोधा ने इस गंभीर जनहित के मुद्दे को लेकर जयपुर में RUIDP के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान जोधा ने शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव के कारण आमजन को हो रही परेशानियों, गंदगी और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि बरसात के दिनों में यह स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। चर्चा के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि डीडवाना शहर में ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने और गंदे पानी की निकासी के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इस योजना के तहत शहर में आधुनिक ड्रेनेज व्यवस्था विकसित कर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। मुलाकात के बाद जितेंद्र सिंह जोधा ने कहा कि शहर की यह समस्या वर्षों पुरानी है और इसके समाधान के लिए तकनीकी पहलुओं पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही योजना को अंतिम रूप देकर कार्य शुरू किया जाएगा, जिससे शहरवासियों को गंदगी और जलजमाव से राहत मिल सकेगी।
शेखपुरा में डीएम शेखर आनंद की अध्यक्षता में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के क्रियान्वयन पर समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में शनिवार को आयोजित की गई। इसमें सभी नगर निकायों और पंचायतों में चापाकलों के किनारे सोखता निर्माण कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के प्रावधानों को कड़ाई से लागू करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों पर जिले की स्थिति को मजबूत बनाना है। सभी संबंधित अधिकारियों को समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। कूड़ा अनिवार्य रूप से चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटना होगा DM ने निर्देश दिया कि अब जिले के हर घर, दुकान और संस्थान को कूड़ा अनिवार्य रूप से चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटना होगा। इसके लिए रंगों के आधार पर डस्टबिन निर्धारित किए गए हैं। गीला कूड़ा (हरा डस्टबिन) में फल-सब्जी के छिलके और बचा हुआ खाना, सूखा कूड़ा में प्लास्टिक, कागज, कांच और धातु, तथा सैनिटरी कचरा (डायपर, सैनिटरी पैड) को अलग थैली में बंद कर रखना अनिवार्य है। यह नियम सभी विद्यालयों और कार्यालयों पर भी लागू होगा। डीएम ने स्पष्ट किया कि प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले या 20,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले संस्थानों को 'बल्क वेस्ट जनरेटर' माना जाएगा। इन सभी को केंद्रीय ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ऐसे संस्थानों को गीले कचरे की प्रोसेसिंग स्वयं के परिसर में कम्पोस्टिंग या बायोगैस प्लांट के माध्यम से करनी होगी और प्रतिवर्ष 30 जून तक अपनी वार्षिक रिपोर्ट जमा करनी होगी। कूड़ा जलाना, नालियों या सड़क पर फेंकना अब दंडनीय अपराध बैठक में 'प्रदूषक भरे सिद्धांत' (Polluter Pays Principle) पर भी चर्चा हुई। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि कूड़ा जलाना, नालियों या सड़क पर फेंकना अब दंडनीय अपराध है। नियमों का पालन न करने वाले व्यक्तियों और संस्थानों पर स्पॉट फाइन लगाया जाएगा। जिले के सभी ग्राम पंचायतों को कचरा प्रबंधन के बुनियादी ढांचे, जैसे ई-रिक्शा और बेलिंग मशीन की खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने 'अपशिष्ट से धन' (Waste to Wealth) की अवधारणा को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों को कचरा प्रसंस्करण इकाइयों से जोड़ने का निर्देश दिया, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हो सकें।
उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत क्षेत्र में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने शनिवार को औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम पंचायत सेहरा के निर्माणाधीन पंचायत भवन और ग्राम नौगवां स्थित गेहूं खरीदी केंद्र का दौरा किया। इस दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्यों और किसानों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्राम पंचायत सेहरा में बन रहे पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इसमें हॉल, सचिव कक्ष और सरपंच कक्ष का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के समय भवन में बिजली व्यवस्था न होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पंचायत भवन तक पहुंचने वाली सड़क की मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए, ताकि बारिश में ग्रामीणों को असुविधा न हो। उन्होंने भवन में लगे बिजली के स्विच भी चालू कर व्यवस्थाओं की जांच की। इसके बाद कलेक्टर राखी सहाय ग्राम नौगवां स्थित गेहूं खरीदी केंद्र पहुंचीं। यहां उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। केंद्र प्रबंधक ने बताया कि अब तक 3126.5 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। खरीदी केंद्र को 4 हजार बारदाने मिले हैं, जिनमें से 1880 का उपयोग किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान खरीदी केंद्र में किसानों के लिए पेयजल और बैठक व्यवस्था नहीं पाई गई। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए तत्काल व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। खुले में रखे गेहूं को देखकर उन्होंने खराब मौसम की आशंका को देखते हुए तिरपाल की व्यवस्था करने और खरीदे गए गेहूं का शीघ्र परिवहन कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 13 मई को नरसिंहपुर जिले के विकासखंड नरसिंहपुर स्थित ग्राम मुंगवानी के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की मासिक किस्त हितग्राही महिलाओं के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित करेंगे। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। विधायक-कलेक्टर ने लिया कार्यक्रम स्थल का जायजा मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के लिए शनिवार को गोटेगांव विधायक महेंद्र नागेश, कलेक्टर रजनी सिंह और एसपी डॉ. रिषिकेश मीना ने संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मुंगवानी में सभा स्थल, हेलिपैड निर्माण और वाहनों की पार्किंग के लिए निर्धारित स्थानों का भौतिक सत्यापन किया। कानून व्यवस्था और जनसुविधाओं के निर्देश निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सुरक्षा बेरीकेटिंग, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और फायर ब्रिगेड की तैनाती के संबंध में कड़े निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सत्कार, भोजन और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए ताकि कार्यक्रम का संचालन सुचारु रूप से हो सके। विधायक महेंद्र नागेश ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से विशेष अनुरोध कर इस कार्यक्रम को अपने विधानसभा क्षेत्र के मुंगवानी में आयोजित कराने का आग्रह किया था। योजना के तहत हर महीने की तरह इस बार भी प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में निर्धारित सहायता राशि भेजी जाएगी।
नाबालिग को ले जाने वाला युवक गिरफ्तार:शादी का झांसा देकर फरार हुआ था आरोपी, किशोरी बरामद
फतेहपुर जिले के गाजीपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी को शादी का झांसा देकर भगा ले जाने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने किशोरी को भी बरामद कर लिया है। किशोरी की मां की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक सचिन पुत्र स्वर्गीय सर्वेश रैदास पर 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी को शादी का झांसा देकर अपने साथ भगा ले जाने का आरोप है। घटना के बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन किशोरी का पता न चलने पर उसकी मां ने गाजीपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी हनुमान प्रताप सिंह के निर्देशन में एक पुलिस टीम गठित की गई। वरिष्ठ उपनिरीक्षक हरिनाथ सिंह, कांस्टेबल अभिजीत पाण्डेय और महिला कांस्टेबल पूनम सिंह को सूचना मिली कि फरार युवक नाबालिग किशोरी के साथ गांव के पास देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, नाबालिग किशोरी को बरामद कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी प्रखंड स्थित अवैध क्लीनिक सन लाइफ हेल्थ केयर में ऑपरेशन के दौरान मीरा मालतो की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। प्रशासन ने इस मामले में सहिया सारा मालतो को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है। इसके अतिरिक्त, ममता वाहन संचालक के साथ किया गया समझौता ज्ञापन MOU भी रद्द कर दिया गया है। गोड्डा एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी के नेतृत्व में गठित एक टीम ने छापेमारी कर घटना में शामिल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सहिया सारा मालतो, क्लिनिक संचालक मोहम्मद अंसारी (उम्र करीब 58 वर्ष, ग्राम-लीलातरी, थाना- राजाभीठा, जिला गोड्डा) और झोलाछाप डॉ. मो. हेमायतुल्ला (उम्र करीब 27 वर्ष, ग्राम- रन्सी, थाना- बसंतराय, जिला गोड्डा) शामिल हैं। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। बड़ी छोटी 34 कैंची बरामद छापेमारी के दौरान कई सामान जब्त किए गए हैं। इनमें 8 लोहे के बेड, 7 लोहे की कुर्सी, 1 लोहे का ओटी बेड, 1 ओटी लाइट, 6 लोहे के स्लाइन स्टैंड, 1 मीटर लगा हुआ ऑक्सीजन सिलेंडर, 1 लोहे का सिलेंडर स्टैंड, 1 एल्युमिनियम का ऑटोक्लेव मशीन, 4 लाल रंग के अग्निशमन यंत्र, 1 स्टील का छोटा ड्रम, ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली बड़ी छोटी 34 कैंची, 1 स्टील ट्रे, 2 सिंगल बेड के गद्दे और 1 मेट्रोला कंपनी का लैंडलाइन फोन शामिल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में बिना निबंधन संचालित निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटरों, पैथोलॉजी लैब और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सघन जांच के निर्देश दिए हैं। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और थाना प्रभारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
APHC में डॉक्टर नहीं, ANM ने लिखी दवा:सुपौल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल, स्थानीय लोग नाराज
सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड अंतर्गत टेकुना पंचायत स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) में डॉक्टर की अनुपस्थिति में एएनएम द्वारा मरीज देखने और दवा लिखने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और मामले की जांच की मांग की जा रही है। जानकारी के अनुसार टेकुना गांव निवासी जगदीश दास इलाज कराने एपीएचसी पहुंचे थे। उस समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. ललित कुमार अवकाश पर थे। आरोप है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में ड्यूटी पर मौजूद एएनएम सोनी दास ने मरीज की जांच की और पुर्जा पर दवा लिख दी। बताया जा रहा है कि अस्पताल में मौजूद एक अन्य एएनएम भी बिना निर्धारित ड्रेस कोड के ड्यूटी कर रही थी, जिससे स्वास्थ्य केंद्र की कार्यशैली पर और सवाल खड़े हो गए हैं। ''एएनएम को मरीजों को दवा लिखने का अधिकार नहीं'' स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि एएनएम को मरीजों को दवा लिखने का अधिकार नहीं है। उनका आरोप है कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में मरीजों का इलाज एएनएम के भरोसे किया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। लोगों ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में अक्सर डॉक्टर अनुपस्थित रहते हैं, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में लापरवाही लगातार बढ़ रही घटना की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में लापरवाही लगातार बढ़ रही है और आम मरीजों की सुरक्षा के साथ समझौता किया जा रहा है। ऐसे मामलों से स्वास्थ्य व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है। इधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) प्रतापगंज के प्रभारी डॉ. आनंद कुमार सिंह ने बताया कि एएनएम द्वारा दवा लिखे जाने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
बागपत के संस्कार किड इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित मदर्स डे समारोह सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि मां और बच्चों के अटूट रिश्ते का भावनात्मक उत्सव बन गया। नन्हे बच्चों ने गीत, नृत्य, कविताओं और भावुक संदेशों के जरिए अपनी माताओं के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया। बच्चों की मासूम अभिव्यक्तियों ने ऐसा माहौल बना दिया कि कई माताओं की आंखें नम हो गईं। पूरे कार्यक्रम के दौरान स्कूल परिसर तालियों, मुस्कानों और भावनाओं से गूंजता रहा। दीप प्रज्वलन के साथ हुई शुरुआत कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने मां की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मां केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली पहली गुरु होती है। शुरुआत से ही समारोह में उत्साह और अपनापन दिखाई दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां नर्सरी से लेकर बड़ी कक्षाओं तक के बच्चों ने मंच पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। किसी ने मां के त्याग को कविता में पिरोया तो किसी ने गीतों के माध्यम से मां के प्रेम को अभिव्यक्त किया। बच्चों के मासूम शब्द और अभिनय देखकर उपस्थित अभिभावक भावुक हो उठे। कई बच्चों ने अपनी माताओं के लिए विशेष संदेश भी पढ़े, जिन्हें सुनकर माहौल भावनात्मक हो गया। मंच पर उतरा मां-बेटे का अनमोल रिश्ता कार्यक्रम में प्रस्तुत नृत्य और गीतों में मां-बच्चे के रिश्ते की झलक साफ दिखाई दी। बच्चों ने बताया कि मां हर परिस्थिति में अपने बच्चों का सहारा बनती है। प्रस्तुतियों के जरिए यह संदेश दिया गया कि मां का प्यार निस्वार्थ और अनमोल होता है। दर्शकों ने बच्चों की प्रस्तुति पर जमकर तालियां बजाईं। माताओं ने भी दिखाया उत्साह विद्यालय प्रशासन की ओर से माताओं के लिए म्यूजिकल चेयर, डांस और अन्य मनोरंजक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। माताओं ने भी पूरे उत्साह के साथ इनमें भाग लिया। बच्चों ने अपनी माताओं का उत्साह बढ़ाया और पूरा परिसर पारिवारिक माहौल में बदल गया। विजेता माताओं को सम्मानित भी किया गया। ‘मां बच्चों की पहली पाठशाला’ विद्यालय की प्रधानाचार्या ने कहा कि मां बच्चों के जीवन की पहली पाठशाला होती है। बच्चे सबसे पहले मां से ही संस्कार, अनुशासन और प्रेम सीखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों और अभिभावकों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाते हैं। साथ ही बच्चों को अपने माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव भी सिखाते हैं। सेल्फी, मुस्कान और यादगार पल कार्यक्रम के समापन पर बच्चों और माताओं ने साथ मिलकर सेल्फी लीं और इस दिन को यादगार बना लिया। पूरे आयोजन के दौरान बच्चों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। स्कूल प्रबंधन ने सभी माताओं को मदर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां का स्थान जीवन में सबसे ऊंचा होता है और उनका सम्मान हर परिस्थिति में किया जाना चाहिए।
हरदोई में एक अज्ञात शव की शिनाख्त बुजुर्ग के मोबाइल फोन से हुई है। मृतक की पहचान बघौली थाना क्षेत्र के बरखेरवा गांव निवासी सुरेश पाल सिंह के रूप में हुई है, जो खेती-किसानी का काम करते थे। उनके चचेरे भाई सुरेंद्र सिंह ने शुक्रवार रात शव की पहचान की। शनिवार दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। परिजनों ने बताया कि सुरेश पाल सिंह हरियावां थाना क्षेत्र के देवरिया गांव में अपनी बेटी के घर गए थे। घर लौटते समय पिहानी ओवरब्रिज के पास वे घायल अवस्था में मिले। उन्हें एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने शिनाख्त न होने के कारण शव को मोर्चरी में रखवा दिया था। पुलिस ने बुजुर्ग के पास मिले मोबाइल फोन से परिजनों को सूचना दी। इसके बाद मृतक के चचेरे भाई सुरेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे और शव की शिनाख्त की। परिजनों की उपस्थिति में पुलिस ने शनिवार दोपहर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव का पंचनामा भरवारा गया है। परिजनों के शिकायती पत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई। पहले दिन भूगोल की परीक्षा थी, जो शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चली इस परीक्षा के लिए जिले में 65 केंद्र बनाए गए थे। पहले दिन कुल 19,992 कैंडिडेट रजिस्टर्ड थे। इनमें से 71 फीसदी यानी करीब 14,246 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। वहीं, 5,746 उम्मीदवार अपसेंट रहे। एग्जाम सेंटर पर अभ्यर्थियों को सुबह 10 बजे तक प्रवेश दिया गया। अभ्यर्थियों को कड़ी जांच के बाद ही अंदर प्रवेश दिया गया। महिला अभ्यर्थियों से उनकी चुन्नियां उतरवाई गईं। परीक्षा को देखते हुए हर केंद्र पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई। शहर से सबसे दूर परीक्षा सेंटर 18 किमी दूर कैलाशपुरी गांव में था। बाकि लगभग सेंटर्स शहर के सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज में थे। रविवार को विज्ञान विषय और कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायक के पदों के लिए परीक्षा होगी। यह एग्जाम दो पारियों में आयोजित किया जाएगा। पहली पारी सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पारी दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक होगी। 124 केंद्रों पर यह परीक्षा होगी। जहां 39,330 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्थाएं की गई है। जिला प्रशासन ने नकल रोकने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही एडीएम दीपेंद्र सिंह राठौड़ ने जानकारी दी कि सभी केंद्रों पर फेस ऑथेंटिकेशन और सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है। हर कमरे में अधिकतम 24 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था है। दो इनविजिलेटर (वीक्षकों) की ड्यूटी लगाई गई है। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। बिना ई-एडमिट कार्ड के एंट्री नहीं मिलेगी। मोबाइल या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना पूरी तरह बैन है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले के आरोपी और कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के ड्राइवर की जमानत अर्जी को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि वह सिर्फ ड्राइवर नहीं, बल्कि पूरे वसूली नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था। कोयला घोटाले के सरगना व कारोबारी सूर्यकांत ने उसके नाम पर संपत्ति की खरीदी की है। बता दें कि कोयला घोटाला केस में ईओडब्ल्यू आरोपी नारायण साहू की दो साल से तलाश कर रही थी। उसे करीब दो माह पहले गिरफ्तार किया गया था। वह आरोपी सूर्यकांत तिवारी का करीबी सहयोगी रहा है। केस में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कोयला लेवी की राशि के कलेक्शन और पैसों के ट्रांसफर का भी काम करता था। हाईकोर्ट में लगाई थी जमानत अर्जीईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी के बाद उसे जेल दाखिल गया था, जिसके बाद आरोपी नारायण साहू ने ईडब्ल्यू की विेशेष अदालत में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया, जिसे खारिज कर दी गई। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी। इसमें कहा गया कि ईओडब्ल्यू को उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। वह केवल कोराबारी का ड्राइवर था। कोयला घोटाले में उसका कोई हाथ नहीं है। पहले उसे खिलाफ में बयान देने के लिए दबाव बनाया गया, जिसके बाद उसे फंसाने के लिए आरोपी बना दिया गया है। राज्य शासन ने जमानत का किया विरोध राज्य शासन की तरफ से कहा गया कि जांच में यह सामने आया कि नारायण साहू कथित कोल लेवी सिंडिकेट के जरिए करीब 13 करोड़ रुपए की नकद अवैध वसूली में शामिल था। आरोपी पिछले करीब ढाई साल से फरार चल रहा था। एजेंसी की पूछताछ से लगातार बचने की कोशिश कर रहा था। साथ ही जांच में सहयोग नहीं कर रहा था। इस मामले में पहले ही न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था। हाईकोर्ट ने माना-एजेंसी के खिलाफ है पर्याप्त सबूतइस मामले में सभी पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने माना कि नारायण साहू सिर्फ ड्राइवर नहीं, बल्कि पूरे वसूली नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में माना कि जांच एजेंसियों को नारायण साहू के खिलाफ गंभीर और ठोस सबूत मिले हैं। कोर्ट के अनुसार, नारायण साहू सूर्यकांत तिवारी का भरोसेमंद व्यक्ति था और कथित अवैध वसूली तंत्र में अहम भूमिका निभा रहा था। जांच के दौरान जब्त की गई हैंड रिटन डायरी में भी नारायण साहू के नाम से कई एंट्रियां मिलने का दावा किया गया है। एजेंसियों के मुताबिक, इन दस्तावेजों से करोड़ों रुपए की अवैध वसूली के लेन-देन का लिंक सामने आया है। इसी आधार पर कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोपी की भूमिका गंभीर है और उसे जमानत दिए जाने का आधार नहीं बनता।
डीडवाना में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती 'शौर्य दिवस' के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय समाज सहित सर्वसमाज द्वारा विशाल वाहन रैली का आयोजन किया गया, जिससे पूरा शहर भगवामय हो गया। रैली का शुभारंभ रहमान गेट स्थित तिरंगा सर्कल से हुआ। यहां महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा वाली एक विशेष झांकी को रथ पर सजाया गया था। विधि-विधान से पूजा-अर्चना और जयकारों के साथ रैली को रवाना किया गया। रैली में सैकड़ों की संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन शामिल थे। हाथों में भगवा ध्वज लिए युवा महाराणा प्रताप अमर रहें और जय राजपूताना के नारे लगा रहे थे, जिससे पूरे शहर में उत्साह का माहौल बन गया। वाहन रैली तिरंगा सर्कल से शुरू होकर चुंगी चौकी, अशोक स्तंभ, बस स्टैंड और हॉस्पिटल चौराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों और शहरवासियों ने पुष्प वर्षा कर रैली का स्वागत किया। भीषण गर्मी को देखते हुए जगह-जगह शीतल जल और शरबत की व्यवस्था भी की गई थी। रैली के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन और आयोजकों ने अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया। रैली का समापन राजपूत सभा भवन में आयोजित एक गोष्ठी के साथ हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। अंत में उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
अंबिकापुर के कमोदा बिहार रिसार्ट में करीब 45 डिसमिल सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने पहुंची टीम को हंगामें के बाद कार्रवाई रोकनी पड़ी। रिसार्ट के संचालकों ने कहा कि उन्हें नोटिस नहीं मिला है। रिसार्ट संचालक के समर्थन में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने उनसे लिखित में आवेदन लिया है और कहा कि दो दिनों की मोहलत दी गई है। दो दिनों बाद कार्रवाई होगी। जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर के फुंदुरडिहारी में संचालित कमोदा बिहार रिसार्ट में शासकीय भूमि का अतिक्रमण किए जाने की शिकायत पर इसकी जांच की गई थी। अंबिकापुर तहसीलदार के न्यायालय में इसका प्रकरण चला। प्रकरण में अतिक्रमण पाते हुए धारा 248 के तहत बेदखली का नोटिस संचालक को जारी किया जा चुका है। संचालक को दो दिन पूर्व कब्जा हटाने का नोटिस भी दिया गया था। बुलडोजर लेकर पहुंची टीम, संचालकों का हंगामा शनिवार को एसडीएम वन सिंह नेताम के साथ राजस्व एवं नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची तो कमोदा बिहार के संचालकों ने हंगामा कर दिया। घंटों हंगामे के बाद भी कार्रवाई शुरू नहीं हो सकी। संचालकों ने दावा किया कि उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस नहीं दिया गया है। मौके पर पूर्व मंत्री अमरजीत भगत भी पहुंचे और दलील दी कि नियमों का पालन करते हुए अतिक्रमण हटाया जाना चाहिए। एसडीएम ने संचालकों से लिखित में अपना पक्ष रखने को कहा। संचालकों ने अतिक्रमण हटाने दो दिनों का समय मांगा है। एसडीएम बोले-अतिक्रमण हटाने होगी कार्रवाई एसडीएम वन सिंह नेताम ने कहा कि कमोदा विहार रिसार्ट के संचालकों को नोटिस दिया गया था। उनकी मांग पर दो दिनों का समय दिया जा रहा है। तहसील न्यायालय के आदेश पर कहीं से कोई स्टे नहीं है और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी जमीन पर कब्जा होना पाया गया है। पुनर्वास की जमीन पर रिसार्ट, जमीन मालिक की भी शिकायत कमोदा रिसार्ट पुनर्वास की जमीन पर बना हुआ है। इसके भू-स्वामि दीपक राय ने गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराने की भी शिकायत कलेक्टर सरगुजा से की है। इसकी भी जांच की जा रही है। दीपक राय ने आरोप लगाया है कि उनके पिता को 7 एकड़ जमीन मिली थी। इसमें दो भाईयों का हिस्सा था। एक रिश्तेदार ने गलत तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कर दी है, जिसके लिए वे कई सालों से शिकायत कर रहे हैं और परेशान हो रहे हैं।
मावली की 250 साल पुरानी ऐतिहासिक 'बाईजी राज की बावड़ी' के दिन अब संवरने वाले हैं। लंबे समय से उपेक्षा और बदहाली का शिकार रही इस प्राचीन धरोहर को बचाने के लिए स्थानीय युवाओं ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने बावड़ी का कायाकल्प करने के लिए व्यापक सफाई अभियान शुरू किया है। बावड़ी से जुड़ा है रियासतकाल का इतिहास मावली कस्बे में स्थित यह बावड़ी मेवाड़ की प्राचीन जल संरक्षण प्रणाली और स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। लगभग 250 से 300 साल पुरानी इस बावड़ी में नक्काशीदार खंभे, कलात्मक सीढ़ियां और सुंदर झरोखे बने हुए हैं, जो इसकी भव्यता को दर्शाते हैं। रियासतकाल में मेवाड़ के राजपरिवार ने महिलाओं (बाईजी राज) की सुविधा के लिए इस भव्य बावड़ी का निर्माण करवाया था। एक समय यह पूरे कस्बे की प्यास बुझाती थी। हालांकि, समय के साथ देखरेख के अभाव में यह अनमोल जल-धरोहर कचरे के ढेर और कंटीली झाड़ियों में बदल गई थी, जिससे इसका ऐतिहासिक महत्व धीरे-धीरे कम होता जा रहा था। युवा समूह में कर रहे सफाई स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से इस धरोहर के जीर्णोद्धार की मांग की जा रही थी। अब मावली के युवाओं के एक समूह ने इस जिम्मेदारी को अपने हाथों में लिया है। युवाओं ने दस्ताने पहनकर, झाड़ू, फावड़े और कचरा बैग के साथ बावड़ी की सीढ़ियों से वर्षों पुराना मलबा, प्लास्टिक और कंटीली झाड़ियां हटाना शुरू कर दिया है। अपनी प्राचीन विरासत को सहेजने के लिए आगे आए इन युवाओं की पहल की पूरे कस्बे में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि स्थानीय प्रशासन भी इस मुहिम में सहयोग करे, तो बावड़ी अपना पुराना गौरव फिर प्राप्त कर सकती है।
शाजापुर स्थित गायत्री शक्तिपीठ का 39वां स्थापना दिवस शनिवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः गायत्री यज्ञ से हुई, जिसके बाद सुबह 8:45 बजे वेदमाता गायत्री, मां सरस्वती और मां दुर्गा को छप्पन भोग अर्पित किया गया। इस कार्यक्रम में नगर के गायत्री परिजनों, श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने अपने-अपने घरों से भोग तैयार कर देवी को अर्पित किया। इसके उपरांत सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान, उपस्थित जनसमूह ने गायत्री शक्तिपीठ की धार्मिक, सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया। स्थापना दिवस समारोह में प्रतिदिन गायत्री उपासना करने और शुद्ध सात्विक भोजन अपनाने का संदेश दिया गया। साथ ही, आगामी अधिकमास में गरासिया घाट स्थित हर्बल गार्डन में आयोजित होने वाले दैनिक यज्ञ में सहभागिता का आह्वान किया गया। इसके अतिरिक्त, गायत्री जयंती-गंगा दशहरा तक अधिक से अधिक बच्चों को गायत्री चालीसा कंठस्थ कराने का संकल्प भी लिया गया। इस अवसर पर शाजापुर की बेटी छवि सक्सेना को पायलट बनने और रागिनी भावसार को एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक मनोरमा सोनी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
नमस्कार,ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. लसूड़िया के बाद अब बाणगंगा पुलिस कटघरे में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लसूड़िया थाने के बाद अब बाणगंगा थाना पुलिस पर एक 64 वर्षीय बुजुर्ग को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अनुचित दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। पढ़ें पूरी खबर... 2. नशे में धुत ड्राइवर रोड पर दौड़ा रहा था ट्रैक्टर ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार को एक ऐसे ट्रैक्टर चालक को पकड़ा, जो नशे में धुत होकर भी ट्रैक्टर चला रहा था। खास बात तो यह है कि उसके साथ के दोनों लोग भी इसी हालत में थे। ड्राइवर की हालत ऐसी थी कि वह ठीक से बैठ भी नहीं पा रहा था और ट्रैक्टर चलाते हुए शहर के व्यस्ततम चौराहे पर पहुंच गया। पढ़ें पूरी खबर... 3. एक हफ्ते बाद पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार एक हफ्ते तक दिन और रात को गर्मी से कुछ राहत मिलने के बाद शुक्रवार से फिर मौसम बदलना शुरू हुआ है। एक हफ्ते बाद फिर दिन का पारा फिर करीब 2 डिग्री उछलकर 41 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। पढ़ें पूरी खबर... 4. पुलिस ने किया मॉल्स का सिक्योरिटी ऑडिट विजय नगर थाना क्षेत्र में आने वाले C-21 मॉल और मल्हार मॉल में पुलिस ने शनिवार को सिक्योरिटी ऑडिट किया। यहां सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और क्राइम कंट्रोल करने के लिए एसीपी विजय नगर पराग सैनी और टीआई चंद्रकांत पटेल के नेतृत्व में विजय नगर पुलिस टीम ने मॉल की सिक्योरिटी टीम के साथ बैठक की। पढ़ें पूरी खबर... 5. शादी से मुकरा युवक, युवती पक्ष ने किया अपहरण बाणगंगा थाना क्षेत्र में युवक के अपहरण के मामले में पुलिस ने युवती के भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया, जिसके बाद पुलिस उसे लेकर उज्जैन पहुंची है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पढ़ें पूरी खबर... 6. चोरों ने बनाया पान की दुकान को निशाना कनाडिया इलाके में एक पान दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। चोर पेड़ से ऊपर चढ़े और दुकान की चादर हटाकर वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने दुकान से सिगरेट, पान मसाला, नगदी सहित अन्य सामान ले गए। संचालक ने पुलिस में शिकायत की है। पढ़ें पूरी खबर... 7. राजा रघुवंशी मर्डर-चारों आरोपियों की 4 पाइंट पर जमानत नामंजूर ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के चर्चित हत्याकांड के 4 प्रमुख आरोपियों को लंबे समय तक जेल में ही रहना पड़ सकता है। शिलॉन्ग सेशन कोर्ट ने मामले के मुख्य आरोपी राज कुशवाह समेत 4 आरोपियों की जमानत याचिकाएं गुरुवार (7 मई) को खारिज कर दी थीं। पढ़ें पूरी खबर... 8. MPPSC ने जारी की 1220 पदों की चयन सूची मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने पहली बार एक साथ 1220 पदों के लिए चयन सूची जारी की है। शुक्रवार को 1832 मेडिकल ऑफिसर पदों के लिए यह परिणाम घोषित किया गया। करीब 10 दिन के इंतजार के बाद जारी हुई इस सूची में 186 अभ्यर्थियों के नाम सप्लीमेंट्री सूची में भी शामिल किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर... 9. जटिल सर्जरी 17 इंच का कैंसर ट्यूमर निकाला 50 वर्षीय व्यक्ति की जटिल और दुर्लभ कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। मरीज पिछले करीब डेढ़ से दो साल से छाती में बढ़ रहे ट्यूमर से परेशान था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह समय पर ऑपरेशन नहीं करा सका, जिससे कैंसर तेजी से फैलकर फेफड़े, डायफ्राम, लिवर और किडनी तक पहुंच गया। पढ़ें पूरी खबर... 10. 22 जोन और निगम मुख्यालय पर नेशनल लोक अदालत शनिवार को नगर निगम के 22 जोनल ऑफिस सहित नगर निगम मुख्यालय और रजिस्टार ऑफिस में नेशनल लोक अदालत होगी। जिसमें बकायादारों को संपत्तिकर और जलकर के सरचार्ज में छूट मिलेगी। पढ़ें पूरी खबर...
अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बेअदबी कानून पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर अंतिम निर्णय अकाल तख्त साहिब और जत्थेदार साहिब ही लेंगे। धामी ने जोर दिया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कड़ा कानून बनाने पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हालांकि, धार्मिक मामलों से जुड़े अन्य बिंदुओं पर पंथक संगठनों और विद्वानों से विचार-विमर्श आवश्यक है। गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती पर धार्मिक समागमों की घोषणा एक अन्य घोषणा में, एसजीपीसी प्रधान धामी ने गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में बड़े स्तर पर धार्मिक समागमों की घोषणा की। एसजीपीसी की सब-कमेटी ने 18, 19 और 20 फरवरी, 2027 को तीन दिवसीय विशाल धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन समागमों के लिए तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब की धरती पर विचार किया जा रहा है, हालांकि अंतिम स्थान अभी तय नहीं हुआ है। रविदास जी के जन्म स्थान से एक नगर कीर्तन निकाला जाएगा इन आयोजनों के तहत रविदास जी के जन्म स्थान से एक विशाल नगर कीर्तन निकाला जाएगा। इसकी रूपरेखा तैयार करने के लिए एस जी पी सी अधिकारियों और सदस्यों की एक टीम गठित की गई है। पंजाब के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में गुरबाणी दर्शन और जीवन शैली विषय पर कम से कम छह सेमिनार आयोजित होंगे, साथ ही ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों में कीर्तन दरबार भी सजाए जाएंगे। 202 पन्नों की एक शोध पुस्तक प्रकाशित होगी इसके अतिरिक्त, पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में रविदास जी के जीवन और गुरबाणी पर आधारित 202 पन्नों की एक शोध पुस्तक प्रकाशित की जाएगी। इसे नगर कीर्तन और समागमों के दौरान वितरित किया जाएगा। धामी ने परीक्षा केंद्रों में सिख विद्यार्थियों से कड़ा और श्री साहिब उतरवाने के मामलों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि SGPC इस मुद्दे को सरकारी अधिकारियों के समक्ष फिर से उठाएगी ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फरीदाबाद जिला कोर्ट में शनिवार को लगने वाली लोक अदालत वकीलों की हड़ताल के कारण तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। सुबह 9 बजे से शुरू होने वाली लोक अदालत वकीलों के विरोध के चलते प्रभावित रही। करीब छह घंटे बाद दोपहर करीब 3 बजे जाकर शुरू हो पाई। इस दौरान अपने लंबित चालान और अन्य मामलों के निपटारे के लिए अदालत पहुंचे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, जिला अदालत में लोक अदालत के लिए तीन अदालतें तय की गई थीं, जहां पेंडिंग चालान और अन्य मामलों का निपटारा किया जाना था। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों को लेकर अदालत पहुंच गए थे, लेकिन कोर्ट गेट पर ही उन्हें रोक दिया गया। वकीलों की हड़ताल के कारण कई लोगों को कोर्ट परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया और लोग बाहर ही खड़े होकर इंतजार करते रहे। घंटों कोर्ट के बाहर खड़े रहे लोग काफी देर तक लोगों को यह भी उम्मीद रही कि थोड़ी देर बाद लोक अदालत शुरू हो जाएगी, इसलिए कई लोग घंटों तक कोर्ट के गेट के बाहर ही खड़े रहे। कुछ लोग मायूस होकर वापस भी लौट गए। कई लोगों का कहना था कि उन्हें पहले से यह जानकारी नहीं थी कि वकीलों की हड़ताल के कारण लोक अदालत समय पर नहीं लगेगी। बताया जा रहा है कि वकील पिछले तीन दिनों से हड़ताल पर थे। वकीलों का आरोप था कि एक जज द्वारा बार एसोसिएशन के प्रधान और अन्य वकीलों के साथ दुर्व्यवहार किया गया था। इसी बात को लेकर वकीलों ने अदालत का कामकाज बंद कर दिया था और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। वकीलों की हड़ताल के चलते शनिवार को लगने वाली लोक अदालत भी प्रभावित हो गई और तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। बार और बैंच के बीच हुई मीटिंग इस बीच मामले को सुलझाने के लिए बैंच और बार के बीच बातचीत की गई। बातचीत के बाद जज द्वारा वकीलों से अपने व्यवहार को लेकर माफी मांग ली गई। इसके बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया और दोबारा काम पर लौट आए। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान राजेश बैसला ने बताया कि जज द्वारा माफी मांगने के बाद बैंच और बार के बीच आपसी सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि वकीलों की हड़ताल अब समाप्त हो चुकी है और सभी वकील अपने काम पर लौट आए हैं। दोपहर बाद शुरू हुई कार्रवाई हड़ताल खत्म होने के बाद अदालत का कामकाज फिर से शुरू कर दिया गया और दोपहर करीब 3 बजे लोक अदालत की कार्यवाही भी शुरू हो गई। इसके बाद अदालत में पहुंचे लोगों के चालान और अन्य मामलों की सुनवाई शुरू हुई, जिससे लोगों को राहत मिली। हालांकि कई लोगों को सुबह से दोपहर तक लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, लेकिन लोक अदालत शुरू होने के बाद लोगों के मामलों का निपटारा किया गया। वकीलों की हड़ताल खत्म होने के बाद अब अदालत का कामकाज सामान्य रूप से चलने लगा है।
औरैया में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने शनिवार को महाराणा प्रताप जयंती मनाई। यह कार्यक्रम जालौन रोड स्थित महाराणा प्रताप भवन में आयोजित किया गया। इसमें समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के जीवन संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान को याद किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने किया। उन्होंने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित किया। उपस्थित लोगों ने 'महाराणा प्रताप अमर रहें' के जयघोष लगाए। अपने संबोधन में नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने महाराणा प्रताप को भारतीय संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्र गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने कठिन परिस्थितियों में भी आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। गुप्ता ने युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। संरक्षक एवं विशिष्ट अतिथि कुँवर रविन्द्र सिंह कुशवाह ने महाराणा प्रताप के जीवन को त्याग, संघर्ष और साहस का उदाहरण बताया। राजेश सिंह कुशवाह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन समाज को एकता, संघर्ष और स्वाभिमान का संदेश देता है। अध्यक्ष रामकृपाल सिंह सेंगर ने महाराणा प्रताप को भारतीय इतिहास का ऐसा महानायक बताया, जिनकी वीरता और स्वाभिमान देशवासियों को प्रेरित करते रहेंगे। नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने समारोह में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि दिबियापुर तिराहा पर जल्द ही महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस अवसर पर रामबाबू सिंह सेंगर, दिनेश सिंह सेंगर, पूर्व अध्यक्ष शिवपाल सिंह जादौन, माधव सिंह राजावत, रामवीर चौहान, विनोद सिंह सेंगर, बड़े सिंह गौर, शैलेंद्र प्रधान, मुन्ना सिंह राजावत और पुष्पेंद्र राजावत सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम में 200 से अधिक लोग मौजूद रहे।

