पंचकूला में 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। सोमवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस को दी शिकायत में पंचकूला निवासी एक महिला ने बताया कि उसकी 14 वर्षीय बेटी शहर की एक कोठी में बच्चों की देखभाल का काम करती है। 5 जून को वह निर्धारित समय पर घर नहीं पहुंची तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू कर दी। देर रात घर लौटने पर किशोरी ने रोते हुए अपनी मां को पूरी घटना बताई। पीड़िता के अनुसार उसकी पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से पंचकूला निवासी एक युवक से हुई थी। बातचीत के दौरान युवक ने उसे प्रेमजाल में फंसाया और शादी का वादा किया। आरोप है कि इसी बहाने उसने नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाए। मेडिकल करवा कर बयान करवाए महिला सेल पंचकूला की इंचार्ज महिला सब-इंस्पेक्टर पूजा और उनकी टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज करवाए गए तथा नागरिक अस्पताल में उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। जांच अधिकारी ASI चिरंजी लाल ने पुलिस टीम के सहयोग से कार्रवाई करते हुए 7 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। डीसीपी बोलीं- बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पंचकूला की सृष्टि गुप्ता ने कहा कि पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज इस संवेदनशील मामले में महिला सेल और स्थानीय पुलिस ने आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए बच्चों को बहलाने-फुसलाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की मजबूत पैरवी की जाएगी ताकि आरोपी को अदालत से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
इस बार नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत एक जुलाई से नहीं बल्कि 16 जून से हो रही है। इसके लिए शिक्षा विभाग तैयारियों में अभी से जुट गया है। अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देश के क्रम में स्कूल चलो अभियान, निपुण मिशन व साक्षरता मिशन पर फोकस किया जा रहा है। निपुण भारत से नव भारत साक्षरता तक विभाग ने नए सत्र का रोडमैप तैयार कर लिया है। जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 16 जून से विद्यालयों में शैक्षणिक कार्य शुरू हो जाएंगी। नए शैक्षिक सत्र को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। विद्यालयों के संचालन व छात्र नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी परिषदीय विद्यालयों में पाठ्य पुस्तकें भेजी जा चुकी हैं। स्कूलों में नए छात्रों के नामांकन बढ़ाने पर जोर दरअसल, विभाग के अपर मुख्य सचिव ने ‘स्कूल चलो अभियान’ को नए सत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल किया है। सभी पात्र बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने तथा एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में शत-प्रतिशत ट्रांजिशन कराने के निर्देश दिए गए है। निर्देशित किए गए हैं कि विद्यालय खुलने के बाद अकादमिक कैलेंडर के अनुरूप नियमित पठन-पाठन, विद्यार्थियों की उपस्थिति, सतत मूल्यांकन और सीखने के परिणामों पर विशेष ध्यान दिया जाए। RTE के लंबित प्रवेशों को समय से पूरा कराएं विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण को समृद्ध बनाने के लिए RTE अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रवेशों को पूरा करने, नियमित पुस्तक एवं समाचार पत्र पठन को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में स्वतंत्र लेखन की प्रवृत्ति विकसित करने पर भी बल दिया जाएगा। शिक्षक संकुल बैठकों को अधिक सार्थक बनाने तथा ऑपरेशन कायाकल्प के 19 मानकों को पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए हैं। विद्यालय खुलने के पहले विशेष रूप से छात्राओं के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ शौचालय, विद्युत व्यवस्था, दिव्यांग बच्चों के लिए सीडब्ल्यूएसएन शौचालय और रैंप जैसी सुविधाओं को ठीक कराया जाएगा।
हरदोई में मत्स्य विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य मत्स्य पालन को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक लोगों को इन योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। सहायक निदेशक मत्स्य डॉ. मुनीस कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना और सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम की स्थापना योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन योजनाओं के लिए विभागीय पोर्टल 8 जून 2026 से 28 जून 2026 तक खुला रहेगा। इच्छुक आवेदक इस निर्धारित अवधि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग का लक्ष्य मत्स्य पालन से जुड़े लोगों, मछुआरों और इस क्षेत्र में रोजगार व स्वरोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को इन योजनाओं से जोड़ना है। डॉ. मुनीस कुमार के अनुसार, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लक्ष्य मत्स्य उत्पादन बढ़ाना, आधुनिक तकनीकों को प्रोत्साहित करना और मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि करना है। निषादराज बोट सब्सिडी योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को नाव खरीदने के लिए अनुदान मिलेगा, जबकि सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम की स्थापना योजना मत्स्य उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहायक होगी। योजनाओं से संबंधित परियोजनाओं का विवरण, इकाई लागत, पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों की सूची और अन्य विस्तृत जानकारी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध है। आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन कर लें, ताकि आवेदन प्रक्रिया में कोई कठिनाई न हो। सहायक निदेशक मत्स्य ने पात्र व्यक्तियों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर इन योजनाओं का लाभ उठाएं। किसी भी प्रकार की जानकारी, मार्गदर्शन या सहायता के लिए कार्यालय सहायक निदेशक मत्स्य, हरदोई में किसी भी कार्य दिवस पर संपर्क किया जा सकता है। विभाग लाभार्थियों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा।
जैसलमेर की रानीसर बस्ती में रविवार शाम करीब 5 बजे दबंगों द्वारा जबरन घर कब्जाने और बुजुर्ग महिला से मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कुछ युवक अपने साथियों के साथ दो गाड़ियों में घरेलू सामान भरकर घर पर कब्जा करने पहुंचा था। आरोपियों ने घर में घुसकर जसाराम विश्नोई की बुजुर्ग माता के साथ मारपीट की, जिसका वीडियो सामने लगे सीसीटीवी (CCTV) में कैद हो गया। शोर सुनकर जुटे पड़ोसियों ने बीच-बचाव करते हुए आरोपियों को मारपीट कर खदेड़ दिया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस के एएसआई राजकुमार ने मौके से गाड़ी छोड़ भागे युवकों की गाड़ी को बरामद किया, वहीं घटना में शामिल नेपाल सिंह और वीरेंद्र सिंह को बीएनएस (BNS) की धारा 170 के तहत दबोच लिया। शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ के अनुसार शेष आरोपियों की तलाश जारी है और पीड़िता पक्ष महिला थाने में मुकदमा दर्ज करवा रहा है। गाड़ियों में सामान भरकर कब्जा करने पहुंचे थे दबंग जानकारी के अनुसार, रानीसर बस्ती निवासी जसाराम विश्नोई अपने घर के सामने स्थित बाड़े में मकान का निर्माण कार्य करवा रहे थे। रविवार शाम करीब 5 बजे के बाद धोबा गांव निवासी नेपाल सिंह अपने कुछ साथियों के साथ दो गाड़ियों में सवार होकर वहां पहुंचा। आरोपी अपनी गाड़ियों में घरेलू सामान भरकर लाए थे। एक स्कॉर्पियो गाड़ी कुछ दूरी पर खड़ी रही, जबकि चार लोग सीधे घर के भीतर दाखिल हो गए। बुजुर्ग महिला से मारपीट, पड़ोसियों ने सिखाया सबक घर में घुसते ही आरोपियों ने सामान डालना शुरू किया, तभी महिलाओं ने उनको रुका। आरोपियों ने जसाराम की बुजुर्ग माता के साथ भी मारपीट की। शोर-शराबा सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मौके पर जमा हो गए। पड़ोसियों ने बीच-बचाव करते हुए कब्जा करने आए बदमाशों को आड़े हाथों लिया और उनकी धुनाई कर दी। ग्रामीणों का भारी विरोध देख आरोपी अपनी गाड़ियां और सामान छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए। यह पूरी घटना जसाराम के घर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जो अब सोशल मीडिया पर भी सामने आई है। पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा, गाड़ी जब्त घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस के एएसआई (ASI) राजकुमार दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से आरोपी नेपाल सिंह और वीरेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया और उनकी गाड़ी को भी जब्त कर थाने ले आई। शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ ने बताया- रानीसर बस्ती में हुई घटना के संबंध में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो युवकों (नेपाल सिंह और वीरेंद्र सिंह) को पकड़ा है। इनके पास से एक गाड़ी भी बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत निवारक निरोध में लिया गया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है। पीड़ित पक्ष की ओर से महिला थाने में शिकायत दी जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना इलाके के कोदईडाड़ गांव में सोमवार दोपहर मजदूरों से भरी एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली बेकाबू होकर सड़क किनारे पलट गई। इस हादसे में पांच मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिनमें से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, यह ट्रैक्टर-ट्रॉली बिजली के टावर बनाने के काम में लगे मजदूरों को लेकर चुरहट की तरफ जा रही थी। दोपहर करीब 3 बजे कोदईडाड़ के पास एक मोड़ पर ड्राइवर ने गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो दिया, जिसकी वजह से ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि ट्रैक्टर की रफ्तार बहुत तेज थी, इसी वजह से यह हादसा इतना बड़ा हो गया। 108 एंबुलेंस से घायलों को पहुंचाया अस्पताल हादसे की खबर मिलते ही 108 एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंची। सभी घायलों को रामपुर नैकिन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। 108 एंबुलेंस के ईएमटी रवि शुक्ला ने बताया कि कुल पांच गंभीर रूप से जख्मी लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है। दो मजदूरों की हालत नाजुक, रीवा रेफर घायलों में शामिल शिव प्रसाद रावत और आशा रावत के सिर और पेट में गंभीर चोटें आई हैं। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टर्स ने प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया है। इसके अलावा मुन्ना, रामनाथ और सानू रावत भी इस हादसे में जख्मी हुए हैं, जिनका इलाज रामपुर नैकिन अस्पताल में ही चल रहा है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली में 15 से ज्यादा मजदूर सवार थे, जिनमें से कई लोगों को मामूली चोटें भी आई हैं। हादसे के बाद ट्रैक्टर लेकर भागा ड्राइवर इस पूरे हादसे के बाद एक हैरान करने वाली बात सामने आई। ट्रैक्टर का ड्राइवर पलटे हुए वाहन को सीधा करने में कामयाब रहा और इसके बाद वह ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
थाने में फरियादी से मारपीट के आरोप:धाकड़ समाज ने कार्रवाई की मांग की, एएसपी को सौंपा ज्ञापन
बारां शहर के कोतवाली थाने में एक फरियादी से कथित अभद्रता और मारपीट के आरोपों को लेकर धाकड़ समाज ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। समाज के सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक के नाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने निष्पक्ष जांच न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कलमंडा निवासी सुरेंद्र नागर 4 जून को एक मामले में फरियादी के रूप में अपने परिजनों के साथ कोतवाली थाना पहुंचे थे। कार्रवाई पूरी होने के बाद जब वे थाने में रखे कैंपर से पानी पी रहे थे, तभी ड्यूटी पर मौजूद एसआई चंद्रभान सिंह ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता की और मारपीट की। समाज के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना का वीडियो बनाए जाने पर एसआई ने मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट करवा दिया। समाज के लोगों ने कहा कि यदि फरियादी के साथ थाने में ऐसा व्यवहार होता है, तो इससे आमजन का पुलिस पर विश्वास प्रभावित होता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान धाकड़ समाज के जिलाध्यक्ष महावीर माथोडिया, सरपंच महेंद्र नागर, पंचायत समिति सदस्य सिद्धार्थ नागर, नरेश नागर, कशिश धाकड़, पूर्व पार्षद लीलाधर, गजेंद्र, नवीन नागर, निशांत, महेश, राधे अन्ना, चंद्र प्रकाश, रोहतास, निखिल, बालकिशन, गुलाबचंद, अजय, दीपक और संतु सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। वहीं, एसआई चंद्रभान सिंह ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि थाने में दो पक्षों के बीच समझाइश चल रही थी, तभी सुरेंद्र नागर ने दूसरे पक्ष के व्यक्ति के साथ मारपीट का प्रयास किया। विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए उन्हें कक्ष के बाहर ले जाया गया था। एसआई ने मारपीट और अभद्रता के आरोपों को गलत बताया।
जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा ने सोमवार को जिले के साहवा फिल्टर प्लांट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने जिले में समुचित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सुराणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की टीम मुस्तैदी से काम करे। उन्होंने फिल्टर प्लांट, डब्ल्यूटीपी और आवश्यक उपकरणों का समुचित प्रबंधन करने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से फिल्टर प्लांट में साफ-सफाई का ध्यान रखने और क्षेत्र में पेयजल सप्लाई सुचारू रखने को कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ग्रीष्मकाल को देखते हुए पेयजल व्यवस्था में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाए। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने फिल्टर प्लांट की कार्यप्रणाली, जल शोधन प्रक्रिया और क्षेत्र में की जा रही पेयजल आपूर्ति संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने आरडब्ल्यूआर के लिए चिन्हित भूमि का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर पीएचईडी एडिशनल चीफ इंजीनियर रमेश राठी ने व्यवस्थाओं की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान आईजीएनपी एक्सईएन आनंद सिंह, राजेश, सुखपाल सिंह, अनिरूद्ध, ऋतु स्वामी और लोकेश सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
लखनऊ में विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता माह के तहत एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गाइड समाज कल्याण संस्थान और गिरी विकास अध्ययन संस्थान द्वारा अलीगंज स्थित प्रेक्षागार में आयोजित किया गया। संगोष्ठी का मुख्य विषय 'बियॉन्ड अवेयरनेस: मेकिंग एल्डर एब्यूज प्रिवेंशन वर्क' था। इसमें वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। शोधार्थियों, विद्यार्थियों, समाजसेवियों और वरिष्ठ नागरिकों ने बड़ी संख्या में इसमें भाग लिया। बुजुर्गों की सेवा ही सच्ची नर सेवा और नारायण सेवा मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद प्रो. दिनेश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा ही सच्ची नर सेवा और नारायण सेवा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिस समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वह अधिक संवेदनशील और संस्कारित बनता है। उन्होंने युवाओं से अपने वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और सेवा का भाव बनाए रखने की अपील की। संगोष्ठी में बुजुर्गों के साथ बढ़ते दुर्व्यवहार, घरेलू हिंसा, अकेलेपन, साइबर अपराधों और पीढ़ियों के बीच संवाद की कमी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध टोल फ्री हेल्पलाइन 1800-180-0060 और डिजिटल पंजीकरण प्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने का संदेश पूर्व मुख्य न्यायाधीश विष्णु सहाय ने बुजुर्गों के प्रति सम्मानजनक भाषा और व्यवहार अपनाने को हर व्यक्ति का दायित्व बताया। शतायु न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ ने युवाओं को समाज और राष्ट्र के लिए प्रतिदिन सकारात्मक कार्य करने की प्रेरणा दी, जबकि पद्मश्री डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने का संदेश दिया। गाइड समाज कल्याण संस्थान की संस्थापक डॉ. इंदु सुभाष ने वरिष्ठ नागरिकों की बढ़ती जरूरतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मोहल्ला स्तर पर डे-केयर सेंटर, एक्टिव एजिंग सेंटर और बेहतर वृद्धाश्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया। कमलेश्वर नाथ 'वयोश्रेष्ठ सम्मान' से सम्मानित किया डॉ. सुभाष ने वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन और रेल यात्रा में मिलने वाली रियायतों को बहाल करने की भी मांग की। कार्यक्रम के दौरान न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ को 'वयोश्रेष्ठ सम्मान' से सम्मानित किया गया। 'वरिष्ठ जन सेवा सम्मान-2026' संदीप आहूजा और डॉ. नीतू बत्रा को प्रदान किया गया।
गोंडा के नंदनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय अंडर-17 ओपन नेशनल रैंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप सोमवार को संपन्न हो गई। प्रतियोगिता में हरियाणा ने 9 स्वर्ण, 7 रजत और 6 कांस्य समेत कुल 22 पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखा। महिला वर्ग की टीम रैंकिंग में भी हरियाणा 225 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि महाराष्ट्र दूसरे और उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा। तीन दिवसीय अंडर-17 ओपन नेशनल रैंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप का समापन सोमवार शाम नंदनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में हुआ। प्रतियोगिता में देशभर से आई 500 से अधिक महिला पहलवानों ने 10 भार वर्गों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबलों के बाद घोषित परिणामों में हरियाणा ने सबसे अधिक 22 पदक जीतकर पहला स्थान हासिल किया। हरियाणा को 9 स्वर्ण, 7 रजत और 6 कांस्य पदक मिले। महाराष्ट्र दूसरे और उत्तर प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा। महाराष्ट्र ने एक रजत और चार कांस्य पदक जीते, जबकि उत्तर प्रदेश को दो कांस्य पदकों से संतोष करना पड़ा। 40 किलोग्राम भार वर्ग में हरियाणा की वंशिका ने स्वर्ण और दूसरी वंशिका ने रजत पदक जीता। 43 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा की मानसी ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि महाराष्ट्र की श्रावणी शरद शिंदे को रजत मिला। 46 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा की चेष्टा विजेता रहीं। 49 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा की जन्नत ने स्वर्ण पदक हासिल किया। 53 किलोग्राम वर्ग में रूपांशी, 57 किलोग्राम वर्ग में निकिता सेहरावत, 61 किलोग्राम वर्ग में अवंशिका, 65 किलोग्राम वर्ग में निकिता तथा 69 किलोग्राम वर्ग में कीर्ति ने हरियाणा के लिए स्वर्ण पदक जीते। 73 किलोग्राम वर्ग में पंजाब की सुखदीप कुमारी ने पहला स्थान प्राप्त किया। महिला टीम रैंकिंग में हरियाणा ने 225 अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया। महाराष्ट्र 112 अंकों के साथ दूसरे, उत्तर प्रदेश 60 अंकों के साथ तीसरे, पंजाब 55 अंकों के साथ चौथे और राजस्थान 38 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहा। समापन समारोह में करण भूषण सिंह और संजय सिंह ने विजेता खिलाड़ियों को पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। प्रतियोगिता के सफल आयोजन को लेकर खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने आयोजकों की सराहना की।
पंचकूला जिले में जीरकपुर-शिमला नेशनल हाईवे पर पिंजौर के गांव बिटना के समीप एक टाइल्स एवं ग्रेनाइट शोरूम के बाहर खड़े ट्रक में ड्राइवर ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर स्थित गांव बाड़नु निवासी बीनू (30) पुत्र जीतराम के रूप में हुई है। बीनू ने ट्रक की पिछली बॉडी में रस्सी से फंदा लगाकर खुदकुशी की। ट्रक के सहचालक और बीनू के साथी पंकज कुमार ने बताया कि वे बिलासपुर के बरमाना से यहां आए थे। रात में बीनू अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत कर रहा था। सुबह उठने पर पंकज ने बीनू को फंदे पर लटका पाया। पत्नी 6 महीने की गर्भवती पंकज ने यह भी बताया कि बीनू की यह दूसरी शादी थी और उसकी पत्नी 6 महीने की गर्भवती है। बीनू का पहली शादी से एक बेटा भी है। पंकज मृतक का रिश्तेदार भी है। ट्रक बरमाना, बिलासपुर से सीमेंट लोड करके आया था। सीमेंट बद्दी पन्जेरा के पास खाली किया गया था और ट्रक को यहां से ब्लॉक लेकर वापस जाना था। परिजनों से मनमुटाव चल रहा था घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। हेड कांस्टेबल अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस जांच में परिजनों से मनमुटाव की बात भी सामने आ रही है। मामले में आगे की जांच जारी है। मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया, जिसने जांच के लिए कई नमूने एकत्र किए। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए कालका अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कालका अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है। मृतक के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रीवा शहर में आग से सुरक्षा के मानकों को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के लगभग 70 प्रतिशत सरकारी और निजी अस्पताल, बियर बार, होटल, मॉल, शोरूम, बैंक तथा शैक्षणिक संस्थान बिना वैध फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के संचालित हो रहे हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। शहर में रोजाना हजारों लोग इन भवनों में आते-जाते हैं, लेकिन आग लगने की स्थिति में कई स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा और बचाव के इंतजाम नहीं हैं। शहर के प्रमुख अस्पताल, मॉल, होटल भी शामिलसबसे अधिक चिंता अस्पतालों को लेकर है, जहां मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों की बड़ी संख्या मौजूद रहती है। यदि किसी अस्पताल में आग लगती है, तो मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना बड़ी चुनौती बन सकता है। इसके अलावा कई निजी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, होटल और मॉल भी फायर सुरक्षा मानकों को पूरी तरह पूरा नहीं कर पा रहे हैं। नियमों के अनुसार ऐसे संस्थानों में फायर फाइटिंग सिस्टम, आपातकालीन निकास द्वार, अलार्म सिस्टम और नियमित सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य हैं। दिल्ली हादसे के बाद बढ़ी चिंताहाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हादसे में 22 लोगों की मौत हो चुकी है। जांच में सामने आया कि होटल में गंभीर सुरक्षा खामियां थीं। फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं किया गया था और फायर एनओसी को लेकर भी सवाल उठे थे। हादसे के दौरान कई लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदने को मजबूर हो गए थे। दिल्ली की घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फायर सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी घातक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे भवनों की जांच नहीं की गई, तो रीवा में भी किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर अस्पतालों, होटलों और भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की तत्काल समीक्षा आवश्यक है। महापौर बोले- विभाग सहयोग नहीं कर रहेइस मामले में रीवा महापौर अजय मिश्रा ने कहा कि नगर निगम अपने स्तर पर कार्रवाई और निरीक्षण का कार्य कर रहा है, लेकिन संबंधित विभाग अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को विशेष रूप से अस्पतालों की फायर सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। जिन संस्थानों में फायर एनओसी नहीं है या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। महापौर का कहना है कि आग लगने की घटनाएं केवल भवन मालिकों की जिम्मेदारी नहीं होतीं, बल्कि प्रशासन और संबंधित विभागों की भी जवाबदेही होती है। इसलिए सभी विभागों को समन्वय बनाकर नियमित निरीक्षण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। शहरवासियों का भी मानना है कि प्रशासन को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर स्थिति की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। यदि समय रहते सुरक्षा मानकों को लागू नहीं किया गया, तो रीवा भी किसी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है।
भिवानी के स्पेशल स्टाफ ईशरवाल ने गांव बड़वा में घर से चोरी की वारदात करने के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनसे चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण व नकदी बरामद की है। गांव बड़वा निवासी रोहतास ने थाना सिवानी पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 28 मई को अपने परिवार सहित पंजाब गया हुआ था। 31 मई की रात को जब वह वापस अपने घर पहुंचा तो देखा कि घर के ताले टूटे हुए थे तथा घर में रखे लॉकर से आरोपी सोने-चांदी के आभूषण व 5000 रुपए नगद चोरी करके ले गए थे। शिकायत पर थाना सिवानी में केस दर्ज किया गया। गांव बड़वा के रहने वाले आरोपीस्पेशल स्टाफ ईशरवाल के मुख्य सिपाही तेजपाल ने घर में चोरी की वारदात में शामिल दो आरोपियों को गांव बड़वा से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गांव बड़वा निवासी गिरधारी पुत्र ओमप्रकाश तथा समीर पुत्र सुरजीत के रूप में हुई है। पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने चोरी किए गए आभूषण एक ज्वैलर्स को बेच दिए थे। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने चोरी के आभूषण खरीदने के मामले में एक ज्वैलरी शॉप संचालक को 7 जून को सिवानी से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान गांव बड़वा निवासी नरेंद्र पुत्र रोहतास के रूप में हुई। गहने व नकदी बरामदपुलिस टीम ने आरोपियों से चोरी किए गए लगभग 4 लाख 95 हजार कीमत के सोने-चांदी के आभूषण तथा 5000 नगद बरामद किए हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी गिरधारी व समीर नशा करने के आदी हैं जो अपने नशे की पूर्ति के लिए घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।पुलिस टीम ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से आरोपी गिरधारी व समीर को जिला कारागार भेजने के आदेश दिए हैं, जबकि आरोपी नरेंद्र को जमानत पर रिहा किया गया है।
डीडवाना में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज इंजीनियर्स एसोसिएशन राजस्थान के आह्वान पर सोमवार को कनिष्ठ अभियंताओं (जेईएन) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा। अभियंताओं ने विभागीय आदेशों को अधिकारों का हनन बताते हुए 11 सूत्रीय मांगें रखीं और चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग ने 15 मई 2026 को आदेश संख्या 364 और 365 जारी किए थे। इनके तहत महात्मा गांधी नरेगा योजना में नियुक्त संविदा कनिष्ठ तकनीकी सहायकों को नियमित कनिष्ठ अभियंताओं के समान क्लस्टर आवंटित कर वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां दी जा रही हैं। अभियंताओं का तर्क है कि संविदाकर्मियों को सरकारी धन के व्यय और मापन पुस्तिका (एमबी) भरने का अधिकार देना वित्तीय नियमों और राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1996 के विपरीत है। इससे विकास कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका बढ़ सकती है। ज्ञापन में अभियंताओं ने विभाग में लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पर भी रोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 के बाद से विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें आयोजित नहीं हुई हैं, जिससे बड़ी संख्या में पात्र अभियंता पदोन्नति से वंचित हैं। इसके अतिरिक्त, पंचायती राज विभाग के 223 स्वीकृत पदों को जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग में प्रतिनियुक्ति पर दिए जाने का भी विरोध किया गया। अभियंताओं ने इन पदों को वापस मूल विभाग में लाकर वहां के अभियंताओं से भरने की मांग की। एसोसिएशन ने ई-पंचायत पोर्टल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। अभियंताओं का कहना है कि पोर्टल पर तकनीकी स्वीकृति से पहले ही वित्तीय स्वीकृति जारी होने की व्यवस्था तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है। साथ ही, कनिष्ठ अभियंताओं को तकनीकी कार्यों के बजाय विभिन्न गैर-तकनीकी और प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं, जिससे वे अपने मूल दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। विकास कार्यों के बहिष्कार की चेतावनीअभियंताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी 11 सूत्रीय मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे विभाग की निर्माण एवं विकास योजनाओं का पूर्ण बहिष्कार करेंगे और चरणबद्ध आंदोलन के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान डीडवाना, लाडनूं, मौलासर, कुचामन क्षेत्र के कनिष्ठ अभियंता और एसोसिएशन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। आंदोलन को लेकर अभियंताओं में सरकार के प्रति नाराजगी देखने को मिली।
डीडवाना में पंचायती राज संस्थाओं के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री और संबंधित अधिकारियों के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। आंदोलन के अंतिम चरण में जयपुर के जल महल तक पदयात्रा कर सामूहिक जल समाधि देने की भी घोषणा की गई है। दो सालों से उपेक्षा का आरोप पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन, राजस्थान की डीडवाना-कुचामन जिला शाखा ने आरोप लगाया है कि पिछले दो वर्षों से विभाग मंत्रालयिक संवर्ग के करीब 16 हजार कर्मचारियों के प्रति पक्षपातपूर्ण और उदासीन रवैया अपना रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 की जांच का हवाला देकर उनकी न्यायसंगत मांगों को लगातार टाला जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। 'स्वाभिमान बचाओ आंदोलन' के तहत चरणबद्ध संघर्ष संगठन ने अपनी मांगों को लेकर 'स्वाभिमान बचाओ आंदोलन' की घोषणा की है। इसके तहत 10 से 16 जून तक राज्यभर की पंचायती राज संस्थाओं के तीनों स्तरों पर पेन डाउन हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 17 से 19 जून तक सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया जाएगा तथा मंत्रियों और विधायकों के आवासों का घेराव किया जाएगा। 24 और 25 जून को प्रदेशभर के पदाधिकारी और कर्मचारी जयपुर कूच करेंगे। जुलाई में होगा आंदोलन का निर्णायक चरण संगठन के अनुसार 1 जुलाई से विभागीय कार्यों का पूर्ण बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। इसके बाद 6 जुलाई को जयपुर में मुख्यमंत्री का घेराव किया जाएगा। यदि इसके बावजूद मांगों पर कोई निर्णय नहीं हुआ तो 7 जुलाई को कर्मचारी जल महल तक पदयात्रा निकालेंगे और सामूहिक जल समाधि देकर विरोध दर्ज कराएंगे। आठ सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी जिला अध्यक्ष भवानी सिंह ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ग्राम पंचायतों में कार्यरत कनिष्ठ एवं वरिष्ठ सहायकों को ग्राम विकास अधिकारी के समान अधिकार प्रदान करना शामिल है। इसके साथ ही सिंगल ओटीपी व्यवस्था समाप्त कर मेकर-चेकर-अप्रूवर प्रणाली बहाल करने की मांग भी की गई है। पदोन्नति, स्थानांतरण और भत्तों की भी मांग कर्मचारियों ने कैडर पुनर्गठन, पदोन्नति के अवसर बढ़ाने, अंतरजिला स्थानांतरण की अनुमति देने, नोशनल लाभ प्रदान करने, ग्रेजुएशन योग्यता एवं 3600 ग्रेड पे लागू करने तथा हार्ड ड्यूटी अलाउंस स्वीकृत करने की मांग उठाई है। इसके अलावा मंत्रालयिक संवर्ग के कर्मचारियों को ग्रामीण विकास राज्य सेवा में पदोन्नति का लाभ देने के लिए अधीनस्थ सेवा के 50 प्रतिशत पद आरक्षित करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है। ग्रामीण विकास कार्यों पर पड़ सकता है असर कर्मचारियों का कहना है कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन लगातार जारी रहेगा। संगठन के इस ऐलान से आने वाले दिनों में पंचायतों और ब्लॉक स्तर पर ग्रामीण विकास से जुड़े कई प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
श्रावस्ती जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 9 से 17 जून तक नाइट ब्लड सर्वे (एनबीएस) कराया जाएगा। इस सर्वे के माध्यम से जिले में फाइलेरिया संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की रणनीति और नियंत्रण उपाय निर्धारित किए जाएंगे। इसकी तैयारियों के तहत सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, भिनगा में ब्लॉक स्तरीय लैब टेक्नीशियनों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम में लैब टेक्नीशियनों को रक्त नमूना संग्रहण, स्लाइड निर्माण, माइक्रोफाइलेरिया की जांच प्रक्रिया और रिपोर्टिंग से जुड़ी तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। सीएमओ डॉ. सिंह ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे के तहत जनपद के चार विकास खंडों के 12 चयनित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की उंगली से रक्त की बूंद लेकर जांच के लिए स्लाइड तैयार करेंगी। प्रत्येक ब्लॉक में दो रैंडम और एक सेंटीनल गांव का चयन किया गया है। इनमें इकौना ब्लॉक के मदरा, कैलाशपुर व कंजरवा; हरिहरपुर रानी ब्लॉक के भंगहा, कोकल व पटना खरगौरा; सिरसिया ब्लॉक के भगवानपुर, चिल्हरिया व पड़वालिया; तथा जमुना ब्लॉक के शिकारचौड़ा, हरिहरपुर बाद व बधनी गांव शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान नोडल संचारी रोग अधिकारी डॉ. उदयनाथ ने बताया कि फाइलेरिया फैलाने वाले सूक्ष्म परजीवी दिन के समय शरीर की गहरी रक्त वाहिकाओं में रहते हैं और रात में सतही रक्त प्रवाह में सक्रिय होते हैं। इसी कारण रक्त के नमूने केवल रात 10 बजे से तड़के 2 बजे के बीच ही लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि नाइट ब्लड सर्वे से संक्रमण की वास्तविक स्थिति सामने आती है, जिससे दवा वितरण और अन्य नियंत्रण गतिविधियों की प्राथमिकता तय करने में मदद मिलती है। जिला मलेरिया अधिकारी आलोक कुमार ने सर्वे के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, रिकॉर्ड संधारण और समयबद्ध रिपोर्टिंग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जनसहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए कहा कि लोगों को बिना किसी संकोच के जांच करानी चाहिए, ताकि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके।
बुरहानपुर में 40 एकड़ वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुबह से शाम के 5 बजे तक की गई। इसके लिए 4 परिक्षेत्रों के 70 से ज्यादा वन कर्मी 20 सुरक्षा समेत 90 लोग पहुंचे। वन विभाग ने यह कार्रवाई परिक्षेत्र नावरा की बीट डेहरिया कक्ष क्रमांक 260 में की है। कार्रवाई के दौरान कुछ लोग विरोध करने पहुंचे, लेकिन नावरा, असीर, नेपानगर और धूलकोट परिक्षेत्रों के बल को देखकर वापस लौट गए। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। गौरतलब है कि बाहरी अतिक्रमणकारी बारिश से पहले जिले में एक बार फिर घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं। पिछले दिनों नावरा रेंज में ही एक स्थान पर कुआं खोदे जाने की जानकारी मिली थी। जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी, तो उसका विरोध भी किया गया था। डीएफओ विद्याभूषण सिंह ने बताया कि पिछली घटना के बाद ही यह तय कर लिया गया था कि अतिक्रमणकारियों को जल्द खदेड़ा जाएगा। सोमवार को चलाए गए इस अभियान के तहत वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। डीएफओ विद्याभूषण सिंह के निर्देशन और एसडीओ नेपानगर विक्रम सुलिया के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। नावरा रेंजर पुष्पेंद्र सिंह जादौन के नेतृत्व में इसे पूरा किया गया।
अयोध्या के नाका दुर्गापुरी विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में विद्युत कार्य के दौरान हादसे में जान गंवाने वाले रामबली के परिजनों से सोमवार देर शाम विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और एक नाबालिग पुत्री कोमल को छोड़ गए हैं। विधायक ने मौके पर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता मनीष कुमार चौबे को बुलाकर पीड़ित परिवार को मुआवजे की राशि शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आश्रित को नियमानुसार नौकरी दिलाई जाएगी अधिशासी अभियंता ने बताया कि मुआवजे की धनराशि मंगलवार तक मृतक के परिजनों के खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी। विधायक ने यह भी कहा कि मृतक के एक आश्रित को नियमानुसार नौकरी दिलाई जाएगी। इसके साथ ही विधायक ने एसडीएम सदर अरविंद कुमार से वार्ता कर मृतक के परिजनों को किसान दुर्घटना बीमा योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। एसडीएम ने आश्वस्त किया कि सर्वे कराकर जल्द ही योजना का लाभ दिलाने की कार्रवाई पूरी की जाएगी। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है। एक परिवार ने अपना कमाने वाला सदस्य खो दिया है। सरकार और प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ परिवार को दिलाया जाएगा उन्होंने कहा- मुआवजा, नौकरी और अन्य सभी पात्र सरकारी सहायता योजनाओं का लाभ परिवार को दिलाया जाएगा। उन्होंने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता हिमांशु सिंह को निर्देशित किया कि परिवार के संपर्क में रहकर यथासंभव मदद करते रहें। मामले में विद्युत विभाग के जेई राजेश कुमार को निलंबित किया जा चुका है और विभागीय जांच भी चल रही है। मौके पर महानगर उपाध्यक्ष हरभजन गौड़, मीडिया प्रभारी अमित कुमार मिश्र सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
बालोतरा जिले की ग्राम पंचायत आकड़ली बख्शीराम के ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने गौचर भूमि को नगर विकास न्यास (यूआईटी) के नाम दर्ज किए जाने का विरोध करते हुए इसे सुरक्षित रखने और इस प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लगभग 1600 बीघा भूमि उनके पूर्वजों द्वारा गौचर के लिए समर्पित की गई थी। इसके अतिरिक्त, कुछ ग्रामीणों ने अपनी निजी कृषि भूमि भी पशुओं और गौवंश के संरक्षण हेतु गौचर में दान की थी। यह भूमि वर्षों से गांव के पशुओं के चरागाह के रूप में उपयोग की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अब सरकार द्वारा इसे यूआईटी के नाम दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनमें भारी रोष है। पशुपालकों और ग्रामीणों को समस्याओं का सामना ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया- गौचर भूमि गांव की एक अमूल्य धरोहर है, जिसके संरक्षण से हजारों पशुओं को चारे की सुविधा मिलती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस भूमि का स्वरूप बदला गया, तो पशुपालकों और ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। 2900 बीघा गौचर भूमि को यथावत रखा जाए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आकड़ली बख्शीराम क्षेत्र की करीब 2900 बीघा गौचर भूमि को यथावत रखा जाए। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि इसे किसी अन्य विभाग या यूआईटी के नाम दर्ज न किया जाए। साथ ही, ग्रामीणों ने गौचर भूमि को अतिक्रमण और अन्य अनुपयोगी इस्तेमाल से मुक्त कर संरक्षित करने की भी मांग उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अलीगढ़ में हुए एक सड़क हादसे में 32 वर्षीय कारपेंटर की मौत हो गई। वह गाजियाबाद से अपने घर मैनपुरी लौट रहा था। इस दुर्घटना में उसका 16 वर्षीय भतीजा भी घायल हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान किशनी थाना क्षेत्र के ग्राम हिरोली निवासी 32 वर्षीय अजीत कुमार पुत्र संतोष कुमार के रूप में हुई है। अजीत गाजियाबाद में फर्नीचर का काम करता था और अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। रविवार रात वह अपने 16 वर्षीय भतीजे अभिषेक के साथ बाइक से घर लौट रहा था। अलीगढ़ क्षेत्र में हाईवे पर पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अजीत और अभिषेक दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया घायल अभिषेक ने किसी तरह परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अलीगढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी हालत में सुधार बताया और उन्हें घर जाने की सलाह दी। परिजनों के अनुसार, अजीत हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जब वे मैनपुरी लौट रहे थे, तभी रास्ते में अजीत की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। मैनपुरी पहुंचने पर परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है और हादसे की परिस्थितियों की जांच जारी है। अजीत की शादी लगभग नौ वर्ष पहले हुई थी और उसके दो छोटे बच्चे हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उसी पर थी। उसकी मौत के बाद पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है।
कोटा में एसीबी कोर्ट ने होमगार्ड ड्यूटी लगाने की एवज में रिश्वत मांगने के 15 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने तत्कालीन हेड कांस्टेबल अल्ताफ हुसैन व रामचरण यादव, कार्यालय होमगार्ड, छत्रपुरा, कोटा को दोषी मानते हुए 3-3 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। सहायक निदेशक अभियोजन जया गौतम ने बताया साल 2011 में परिवादी जुगराज एवं बुधराज ने कोटा एसीबी चौकी में शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि वो होमगार्ड सदस्य है। ड्यूटी लगाने को लेकर जब हेड कांस्टेबल अल्ताफ हुसैन से फोन पर बात की तो उन्होंने ड्यूटी लगाने की एवज में अन्य साथी रामचरण, बुधराज व अब्दुल हफीज से 500 -500 रूपए लेकर आने की डिमांड की। कहा इनसे पैसा लेकर आएगा। तभी तेरी ड्यूटी लगाऊंगा। शिकायत सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जिसके बाद एसीबी ने ट्रेप कार्रवाई की। हेड कांस्टेबल अल्ताफ हुसैन और सहयोगी हेड कांस्टेबल रामचरण यादव को 1500 रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ साल 2013 में चालान पेश किया। कोर्ट में 21 गवाहों के बयान करवाए गए।
शाजापुर के मक्सी में केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़ा एक मामला सामने आया है। यहां एक पिता को अपनी 11 वर्षीय बेटी के खाते में ऑनलाइन राशि जमा कराने में मदद मांगने पर पोस्टमास्टर ने सहयोग करने से इनकार कर दिया। पोस्टमास्टर ने कथित तौर पर कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है और उपभोक्ता यूट्यूब पर देखकर खुद जमा करे। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर को जॉनसन डेविड नामक व्यक्ति अपनी बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में राशि जमा कराने मक्सी पोस्ट ऑफिस पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें ऑनलाइन जमा प्रक्रिया में तकनीकी सहायता की आवश्यकता थी। लेकिन, पोस्ट ऑफिस में पदस्थ पोस्टमास्टर धर्मेंद्र सोनी ने उनकी समस्या सुनने के बजाय कहा, यह मेरी जवाबदारी नहीं है, यूट्यूब पर जाकर देख लो और खुद जमा कर दो। सुकन्या योजना हमारी जवाबदारी नहीं है। उपभोक्ता जॉनसन डेविड का आरोप है कि वे पोस्ट ऑफिस से तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन लेने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें समाधान देने के बजाय टालने का प्रयास किया गया। उन्होंने इसे सरकारी योजना की भावना के विपरीत बताया, जहां बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मक्सी पोस्ट ऑफिस के अधिकारी अक्सर उपभोक्ताओं को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने या अन्य सेवाओं, जैसे आधार कार्ड बनवाने, में परेशान करते हैं। उपभोक्ताओं को सेवा देने के बजाय उन्हें बेवजह भटकाया जाता है। आम नागरिकों का कहना है कि पोस्ट ऑफिस का उद्देश्य जनता को सेवाएं उपलब्ध कराना है, न कि उन्हें इंटरनेट और यूट्यूब के भरोसे छोड़ देना। यदि सरकारी कार्यालयों में बैठे कर्मचारी ही अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने लगें, तो आम जनता आखिर किससे मदद की उम्मीद करे। समय पर मार्गदर्शन नहीं मिलने और कर्मचारियों के असहयोगात्मक रवैये के कारण लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। मामले को लेकर भास्कर ने जब पोस्ट विभाग उज्जैन हेड ऑफिस के एएसपी बीएके सचान से बात की तो उन्होंने बताया की पोस्ट विभाग की सभी योजनाओं के लिए सभी अधिकारियों ओर कर्मचारियों को ट्रेनिंग देकर ही पोस्टिंग दी जाती है।अधिकारी ने मक्सी पोस्ट ऑफिस के पोस्ट मास्टर धर्मेंद्र सोनी को उनके इस रवैये के लिए जमकर फटकार लगाते हुए उन्हें उपभोक्ताओं से अच्छे से पेश आने ओर काम करने की सख्त लहजे में चेतावनी दी।
सिरसा जिले में ब्लैक स्कॉर्पियो गाड़ी की चपेट में आने से 8 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मृतक बच्ची पंजाब के बठिंडा की रहने वाली थी और यहां सिरसा में अपने नैनिहाल आई हुई थी। बच्ची अपनी मां के साथ नेशनल हाईवे पर दूसरी साइड जा रही थी। स्कॉर्पियो डबवाली साइड से आ रही थी। उसी वक्त बच्ची गाड़ी की चपेट में आ गई और महिला डिवाइडर पर चढ़ने से बच गई। हादसे में बच्ची को सिर व शरीर पर कई जगह चोटें आई, जिसके बाद गाड़ी चालक ने गंभीर रूप से घायल बच्ची को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर बड़ागूढा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कागजी कार्रवाई शुरू की। आज सोमवार को बच्ची के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। ग्रामीणों के अनुसार, यह हादसा साहुवाला प्रथम गांव में रविवार शाम को हुआ। महिला सुमन अपनी बच्ची सुखमनदीप कौर को लेकर अपने ननिहाल साहूवाल में नानी से मिलने आई हुई थी। यहां नानी के घर से अपने मायके गुड़ियाखेड़ा जाने के लिए साहूवाला बस स्टैंड पर पहुंची। यहां हाईवे के दूसरी साइड बस आई हुई थी। उस बस में जाने को महिला बच्ची संग रोड पार कर रही थी। महिला डिवाइडर पर जा चढ़ी, बच्ची अचानक चढ़ नहीं पाई। बताया जा रहा है कि महिला के हाथ से उंगुली छूट गई। स्कॉर्पियो चालक ने बच्ची को चपेट में ले लिया। नैनिहाल-गांव वालों ने जताया शोक मृतक बच्ची की पहचान सुखमनदीप कौर (8) के रूप में हुई है। जिसकी मौत पर नैनिहाल व गांव वालों ने शोक जताया है। उसकी मां का नाम सुमन रानी और पिता का नाम मनजीत सिंह है। सुमन रानी पंजाब के बठिंडा जिले के मशाणा गांव में विवाहित हैं। बच्ची सुखमनदीप का ननिहाल गुड़ियाखेड़ा में है। स्कॉर्पियो चालक पर केस दर्ज इस मामले में बड़ागूढा थाना पुलिस ने महिला सुमन के बयान पर स्कॉर्पिया चालक पर केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी लाभ सिंह ने बताया, मामले में जांच जारी है और चालक पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में 27 वर्षीय महिला सुमन पत्नी मनजीत सिंह ने बताया, वह पंजाब के बठिंडा के मशाना में शादी-शुदा है। घरेलू कार्य करती है। वह अपनी बच्ची सुखमनदीप कौर (8) के साथ अपने नैनिहाल साहूवाला में आई थी। आरोप है कि गाड़ी चालक ने उसकी बेटी को गफलत लापरवाही से टक्कर मारी है और वह अपनी साइड में चल रही थी। साइड में टक्कर लगने से बच्ची की मौत हो गई।
मऊ जनपद में केंद्र सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 5 जून से 21 जून 2026 तक समेकित जन कल्याण एवं जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा सरकार की जनहितकारी योजनाओं, उपलब्धियों और कार्यक्रमों को आम जनता तक पहुंचाया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अभियान की शुरुआत 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत एक बड़े वृक्षारोपण कार्यक्रम से हुई। उन्होंने यह भी बताया कि 8 जून से 14 जून तक विशेष जनसंपर्क और जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी के अनुसार, 11 जून से 14 जून तक मीडिया संवाद और संबोधन कार्यक्रम होंगे। इनमें विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों और जनहित में किए गए कार्यों की जानकारी साझा की जाएगी। इसके बाद, 16 और 17 जून को विकसित भारत संकल्प सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों तथा योजनाओं से आमजन के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी ने आगे बताया कि 17 जून से 20 जून तक एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन होगा। इस प्रदर्शनी में युवा, महिला और गरीब कल्याण से संबंधित उपलब्धियां प्रमुखता से दिखाई जाएंगी। प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं, आध्यात्मिक केंद्रों का विकास, मजबूत आंतरिक सुरक्षा मॉडल और 'विकसित उत्तर प्रदेश-2047' जैसे विषयों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। 18 और 19 जून को प्राकृतिक खेती कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें किसानों को जीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक खाद और जैविक कीटनाशक तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला के साथ ही जल संरक्षण, किसान संवाद, सफल किसानों का सम्मान, स्थानीय कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी और तकनीकी सिंचाई से संबंधित कार्यशालाओं एवं स्टॉलों का भी आयोजन होगा। इस अभियान का समापन 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के भव्य आयोजन के साथ होगा।
सोमवार को मैथन स्थित मुकुल पंप के पास एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना रॉन्ग साइड से आ रहे एक टेंपो और तेज रफ्तार बाइक की आमने-सामने की टक्कर के कारण हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टेंपो चालक गलत दिशा से पुल पर आ रहा था, जबकि पश्चिम बंगाल की ओर से आ रही बाइक तेज गति में थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल मैथन पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक मृतक युवक की पहचान नहीं हो पाई थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने यातायात व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि पुल पर अक्सर रॉन्ग साइड से वाहन चलते हैं और यातायात नियमों का उल्लंघन होता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल पर सख्त यातायात व्यवस्था, निगरानी बढ़ाने और गलत दिशा में वाहन चलाने पर रोक लगाने की मांग की है। मैथन पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पानीपत में कबूतरबाज को पुलिस ने पकड़ा:विदेश भेजने के नाम पर हड़पे थे ₹30 लाख, 4 दिन के रिमांड पर
हरियाणा के पानीपत में विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए CIA वन पुलिस टीम ने एक आरोपी अनिल को रविवार को सोनीपत के खरखौदा से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह पूरा मामला पानीपत की बिशन स्वरूप कॉलोनी के रहने वाले सौरभ की शिकायत पर उजागर हुआ। सौरभ सुखदेव नगर में ईटरनल वर्ल्ड इमिग्रेशन नाम से आईलेट्स और पीटीई (PTE) की कोचिंग का एक इंस्टीट्यूट चलाते हैं। इस संस्थान में झज्जर के चिमनी गांव के रहने वाले अनिल और उसके बेटे जतिन का अक्सर आना-जाना था। दोनों ने सौरभ को अपने झांसे में लेते हुए कहा कि वे हायरिंगस्टर हब प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक कंपनी चलाते हैं, जिसके माध्यम से वे युवाओं को सुनहरे भविष्य के लिए विदेश भेजने का काम करते हैं। उन्होंने दावा किया कि वे पहले भी कई बच्चों को विदेश भेज चुके हैं और उनके साथ कभी कोई धोखाधड़ी नहीं होगी। उन्होंने सौरभ से कहा कि यदि उनके संस्थान का कोई बच्चा विदेश जाने का इच्छुक हो, तो वे उनसे संपर्क करवाएं। क्रोएशिया का सपना दिखाकर ₹30 लाख में तय हुआ सौदा सौरभ के दोस्त सुभाष के परिचित रजत निवासी रामशरण माजरा, कुरुक्षेत्र और जसविंदर निवासी फतेहगढ़, अंबाला विदेश जाने के इच्छुक थे और वे सौरभ के इसी संस्थान में कोचिंग ले रहे थे। छात्रों के अनुरोध पर मार्च 2024 में सौरभ ने अपने कार्यालय में अनिल और जतिन के साथ उनकी एक बैठक करवाई। इस मीटिंग के दौरान दोनों छात्रों को क्रोएशिया भेजने की बात तय हुई और इसके बदले कुल 30 लाख रुपए की रकम निर्धारित की गई। सौदा तय होने के बाद आरोपियों ने दोनों छात्रों के पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र, शैक्षणिक दस्तावेज और तस्वीरें अपने कब्जे में ले लीं और कई कागजातों पर उनके हस्ताक्षर करवा लिए। दिल्ली और मुंबई एंबेसी के नाम पर किश्तों में ऐंठे रुपये आरोपियों ने पूरी योजना के तहत धोखाधड़ी को अंजाम दिया और अलग-अलग तारीखों पर पैसे ऐंठे। वीजा रिजेक्ट होने का बहाना और जान से मारने की धमकी दिसंबर 2024 में आरोपियों ने पीड़ितों को बताया कि दोनों छात्रों का वीजा रिजेक्ट हो गया है, लेकिन वे जल्द ही नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करेंगे। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी वीजा नहीं लगा, तो छात्रों और उनके परिजनों को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने आरोपियों से अपने मूल दस्तावेज और दिए गए पैसे वापस मांगे। इस पर आरोपियों ने अपना असली रूप दिखाते हुए पीड़ितों को पैसे भूल जाने की चेतावनी दी और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस प्रकार दोनों आरोपियों ने मिलकर विदेश भेजने के नाम पर कुल 30 लाख रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। मामले की प्राथमिक जांच के बाद 1 अप्रैल को थाना शहर पानीपत में सौरभ की शिकायत पर कानूनन मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस रिमांड के दौरान होंगे अन्य खुलासे सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फुल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी अनिल ने अपने बेटे जतिन के साथ मिलकर इस पूरी ठगी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली है। सोमवार को पुलिस ने आरोपी अनिल को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपी से वारदात में शामिल उसके फरार बेटे जतिन को काबू करने और ठगी की गई भारी-भरकम नकदी को बरामद करने का प्रयास करेगी।
कटनी जिले के बड़वारा थाना इलाके के पथवारी महानदी डैम में रविवार को एक 24 साल के युवक की डूबने से मौत हो गई। युवक बलराम चौधरी की लाश को करीब 14 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सोमवार को एनडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाला। कुठला थाना इलाके के खरखरी गांव का रहने वाला बलराम चौधरी (24) रविवार को छुट्टी के दिन अपने दोस्तों के साथ घूमने और नहाने के लिए पथवारी महानदी डैम आया था। नहाते समय वह गहरे पानी की तरफ चला गया और डूबने लगा। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके। अंधेरे की वजह से रोकना पड़ा था काम हादसे की खबर तुरंत बड़वारा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और लोकल गोताखोरों की मदद से रविवार शाम को ही पानी में खोजबीन शुरू की। हालांकि, अंधेरा हो जाने की वजह से रात में बचाव काम को रोकना पड़ा। 14 घंटे की मशक्कत के बाद मिली लाश सोमवार सुबह एनडीआरएफ (NDRF) की टीम को मौके पर बुलाया गया। लोकल प्रशासन और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने करीब 14 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार को युवक की लाश को डैम से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बड़वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की अपील- गहरे पानी में जाने से बचें बड़वारा थाना प्रभारी के. के. पटेल ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों और युवाओं से अपील की है कि वे ऐसे गहरे और खतरनाक जलाशयों में नहाने या पिकनिक मनाने न जाएं, क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। दो महीने में दूसरा बड़ा हादसा, सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं पथवारी महानदी डैम में हुआ यह कोई पहला हादसा नहीं है। गांव वालों के मुताबिक, यह डैम अब एक खतरनाक जाल बनता जा रहा है। पिछले दो महीनों के भीतर ही यहां डूबने से यह दूसरी मौत है। 21 अप्रैल की घटना अभी डेढ़ महीना पहले ही, बीते 21 अप्रैल को कोतवाली थाना इलाके के राहुल बाग के रहने वाले अंशुल सिंह (पिता आर. एस. तोमर) की भी इसी डैम में डूबने से मौत हो गई थी। डैम के आस-पास न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही कोई गार्ड तैनात किया गया है। इसकी वजह से अनजान युवा गहरे पानी में उतर जाते हैं और अपनी जान गंवा बैठते हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसे खतरनाक हिस्सों की तुरंत घेराबंदी की जाए।
श्योपुर में 15 दिन से बिजली गुल:ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे, बिजली कंपनी को उग्र आंदोलन की चेतावनी
श्योपुर जिले की बड़ौदा तहसील के ग्राम महाराजपुरा की आदिवासी बस्ती में पिछले 15 दिनों से बिजली गुल होने के विरोध में सोमवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ग्रामीण दो खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने और विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि बस्ती में लगे 63 केवी और 25 केवी के दोनों ट्रांसफार्मर 15 दिन से खराब पड़े हैं। इससे पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। बिजली न होने से पेयजल संकट गहरा गया है, और भीषण गर्मी में बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद बिजली विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली कंपनी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राधेश्याम मीणा ने धरने को संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ट्रांसफार्मर नहीं बदले गए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली कंपनी और प्रशासन पर डाली। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस धरने की सूचना मिलने पर बिजली कंपनी के महाप्रबंधक लक्ष्मी नारायण पाटीदार, डिप्टी कलेक्टर संजय कुमार जैन और कराहल एसडीएम बी.एस. श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की और एक-दो दिन के भीतर दोनों ट्रांसफार्मर बदलवाकर बिजली आपूर्ति सुचारू करने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इस प्रदर्शन में किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला, छात्र नेता अभिषेक मीणा, महेंद्र मीणा सहित बड़ी संख्या में आदिवासी ग्रामीण उपस्थित रहे।
करनाल में वाहन चोर गिरफ्तार:चोरी बाइक बरामद, कई आपराधिक मामलों में शामिल, कोर्ट में पेश कर जेल भेजा
करनाल शहर में दुपहिया वाहन चोरी के मामलों पर कार्रवाई करते हुए एंटी ऑटो व्हीकल थेफ्ट स्टाफ टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उसके कब्जे से चोरीशुदा बाइक बरामद की गई। पुलिस जांच में आरोपी के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। जिला पुलिस करनाल की एंटी ऑटो व्हीकल थेफ्ट स्टाफ टीम ने एएसआई सुरेश कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। आरोपी को सोमवार (8 जून) को कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पहचान और ठिकाना गिरफ्तार आरोपी की पहचान करनाल के रामनगर निवासी कुलवन्त सिंह उर्फ कान्ता पुत्र जीत सिंह के रूप में हुई है। वह फिलहाल कुरुक्षेत्र के कीर्ति नगर टावर वाली गली में रह रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से एक चोरीशुदा बाइक बरामद की है। 7 मई को दर्ज हुआ था मामला इस संबंध में थाना रामनगर करनाल में 7 मई को मुकदमा दर्ज किया गया था। उसी मामले में आरोपी को शामिल जांच के दौरान पकड़ा गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी चोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। पुलिस टीम ने आरोपी से गहन पूछताछ की और बाद में उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है और अन्य कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।
शेखपुरा में सोमवार को संयुक्त कृषि भवन में खरीफ महाअभियान के तहत जिलास्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका औपचारिक शुभारंभ एडीएम लखींद्र पासवान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक (आत्मा) ने एडीएम को 'जल-जीवन-हरियाली' के प्रतीक के रूप में पौधा भेंट कर सम्मानित किया। एडीएम लखींद्र पासवान ने जिले के सभी किसानों से अनिवार्य रूप से किसान पंजीकरण कराने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण ही सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की पहली और आवश्यक शर्त है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पंजीकरण कराएं ताकि सरकारी सहायता सीधे उन तक पहुंच सके। कार्यशाला में जमीन के कागजात और मालिकाना हक के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। एडीएम ने सभी जमीन मालिकों को निर्देश दिया कि यदि जमीन दादा-परदादा के नाम पर है, तो उसे तत्काल अपने नाम पर दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) करवाएं। इसके लिए संबंधित सरपंच से वंशावली निर्गत करवाएं, नामांतरण फॉर्म भरकर खाता, खसरा, रकवा और जमीन के आवश्यक कागजात संलग्न करें। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन कर अंचलाधिकारी के माध्यम से रसीद काटने की प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने कहा कि जमीन का रिकॉर्ड दुरुस्त रहने से भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं और ऋण लेने में कोई कठिनाई नहीं होगी। जिले के किसानों को खरीफ सीजन के लिए उन्नत बीज की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि किसान शंकर धान और शंकर मक्का के बीज जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्यशाला में कृषि विभाग के कई वरीय पदाधिकारी, कर्मी, किसान समन्वयक और जिले के अनेक प्रगतिशील किसान उपस्थित थे। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को खरीफ फसल की बुवाई के लिए तैयार करना और उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना था।
चित्रकूट में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो में आशुतोष ब्रह्मचारी ने तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज और उनके उत्तराधिकारी जय महाराज पर कथित तौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रशासन से जांच की मांग की है। रामभद्राचार्य महाराज ने बताया कि इस प्रकरण की जानकारी मिलने पर उन्हें मानसिक आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि वे देश-विदेश में कथा और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए जाते हैं और अनेक लोगों से संपर्क में रहते हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी के इन बयानों से उन्हें आश्चर्य हुआ है। जगद्गुरु ने आशंका व्यक्त की कि उनकी और उनके उत्तराधिकारी जय महाराज की छवि खराब करने के लिए कोई सुनियोजित षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि संभव है आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहीं और दीक्षा ली हो, लेकिन उन्हें ऐसे विचारों की अपेक्षा नहीं थी। सभी तथ्यों की वैधानिक पड़ताल करने की मांग जगद्गुरु ने इस प्रकार की बयानबाजी की कड़ी निंदा की। उन्होंने प्रशासन से मामले की सघन जांच कराने और सभी तथ्यों की वैधानिक पड़ताल करने की मांग की। उन्होंने जोर दिया कि यदि कोई दुष्प्रचार किया जा रहा है, तो उसके पीछे की सच्चाई सामने आनी चाहिए। रामभद्राचार्य महाराज ने दावा किया कि ये बयान उनकी प्रतिष्ठा और पीठ की गरिमा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हो सकते हैं। उन्होंने अपनी पीठ और उत्तराधिकारी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। महाराज ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, वायरल वीडियो और उससे जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन द्वारा इस मामले में उठाए जाने वाले कदमों पर सभी की नजर बनी हुई है।
जोधपुर में कूड़ेदान में मिला नवजात बच्ची का शव:पुलिस हॉस्पिटल लेकर पहुंची, माता-पिता की तलाश करेगी
जोधपुर में सोमवार सुबह डस्टबिन (कूड़ेदान) में नवजात का शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को हॉस्पिटल पहुंचाया गया। मामला शहर के प्रतापनगर सदर थाना क्षेत्र के गीता भवन के सामने का है। सुबह करीब 7 बजे पुलिस को नवजात मिलने की सूचना मिली थी। मृत बच्ची को कचरे के डिब्बे में फेंक गया पुलिस के अनुसार सोमवार सुबह लोगों ने सूचना दी थी कि कोई नवजात बच्ची को डस्टबिन में डालकर चला गया। इस पर एएसआई सूरता राम मौके पर पहुंचे। एएसआई सूरता राम ने बताया कि कोई बच्ची को कचरे के ढेर में फेंक कर चला गया था। इसके बाद पुलिस अधिकारियों और कंट्रोल रूम को सूचना दी गई थी। कुछ देर में एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। इसके बाद बच्ची को मथुरादास माथुर हॉस्पिटल लाया गया। आसपास लगे सीसटीवी खंगाले जा रहे हैं। लोगों से पूछाताछ की जा रही है। इधर, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। बच्ची के मां-बाप के बारे में भी पता लगाया जा रहा है कि उसे कौन फेंक कर चला गया।
रामपुर में 40 डिग्री तापमान, जनजीवन प्रभावित:भीषण गर्मी से सड़कें और हाईवे सूने, लोग घरों में कैद
रामपुर में सोमवार को भीषण गर्मी का प्रकोप देखा गया। जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। शहर की सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर गर्मी का स्पष्ट असर दिखाई दिया। पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। रविवार को 39 डिग्री सेल्सियस, शनिवार को 37 डिग्री और शुक्रवार को 36 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। सोमवार को दर्ज 40 डिग्री सेल्सियस इस सप्ताह का सर्वाधिक तापमान रहा। सोमवार दोपहर करीब चार बजे दिल्ली-लखनऊ हाईवे-24 पर सामान्य दिनों की तुलना में चहल-पहल कम दिखी। आमतौर पर वाहनों की लंबी कतारें और लोगों की आवाजाही रहती है, लेकिन आज इक्का-दुक्का वाहन ही गुजरते नजर आए। रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन के आसपास भी अपेक्षाकृत शांति रही। दिल्ली-नैनीताल हाईवे-87 पर भी गर्मी का स्पष्ट प्रभाव देखा गया। शहर की प्रमुख सड़कें जैसे राधा पिक्चर हॉल रोड, रामनाथ कॉलोनी, ज्वाला नगर, गांधी समाधि रोड, राहे रजा रोड, राहे मुर्तजा रोड और मंडी मार्ग सहित कई क्षेत्रों में सन्नाटा पसरा रहा। गलियों और बाजारों में भी लोगों की आवाजाही बेहद कम रही। भीषण गर्मी और तेज धूप से बचने के लिए अधिकांश लोग घरों में ही रहे। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। लोगों को धूप से बचाव और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जा रही है।
सिंगरौली में दो आपत्तिजनक रीलें वायरल:छात्राओं को परेशान करने, पुलिस छवि से खिलवाड़ पर कार्रवाई
सिंगरौली जिले में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही दो रीलों ने विवाद खड़ा कर दिया है। इन आपत्तिजनक वीडियो को लेकर पुलिस ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं। पहली रील 'दीपक डांसर' नामक आईडी से अपलोड की गई है। यह वीडियो बैढ़न थाना क्षेत्र के मल्हार पार्क के पास सड़क पर फिल्माया गया है। इसमें एक युवक मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति का अभिनय करते हुए कॉलेज की दो छात्राओं को परेशान करता दिख रहा है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसे अब तक 3 हजार से अधिक व्यूज और लगभग 500 शेयर मिल चुके हैं। तस्वीरें देखिेए… दूसरी रील 'माई पागल दीवाना' आईडी से अपलोड की गई है। इस वीडियो में एक युवक कुर्सी पर बैठा है और उसके पीछे पांच पुलिसकर्मी खड़े दिखाई देते हैं। सामने रखी टेबल पर 'सरई थाना सिंगरौली' लिखा हुआ है। वीडियो में 'दबदबा था, दबदबा है और दबदबा रहेगा' गीत का उपयोग किया गया है। प्रथम दृष्टया यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बनाई गई प्रतीत होती है। इन दोनों वीडियो के सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने सिंगरौली के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) से बात की। एएसपी ने दोनों रीलों को 'बेहद आपत्तिजनक' बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर संबंधित सोशल मीडिया आईडी संचालकों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की सामग्री सामाजिक और कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है। एएसपी ने मामले को संज्ञान में लाने के लिए दैनिक भास्कर का आभार व्यक्त किया।
न्यू रुन्नीसैदपुर हॉल्ट को रेलवे स्टेशन का दर्जा देने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने सोमवार को रुन्नीसैदपुर चौक पर मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने हॉल्ट पर यात्री सुविधाओं की कमी को लेकर नाराजगी व्यक्त की और रेलवे प्रशासन से इसे जल्द स्टेशन में बदलने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि न्यू रुन्नीसैदपुर हॉल्ट पर यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। धूप और बारिश से बचाव की समुचित व्यवस्था न होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ताइसके अतिरिक्त, प्लेटफॉर्म और आवागमन से जुड़ी कई समस्याओं के कारण लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुविधाओं के अभाव में यहां कई बार हादसे भी हो चुके हैं। यह क्षेत्र घनी आबादी वाला है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री इस हॉल्ट का उपयोग करते हैं। इस संबंध में सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा कि न्यू रुन्नीसैदपुर हॉल्ट को स्टेशन बनाने की मांग उचित है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दिशा में प्रयास जारी हैं और लोगों को आंदोलन करने की आवश्यकता नहीं है। सांसद ने भरोसा दिलाया कि वे हॉल्ट को स्टेशन बनाने के लिए लगातार पहल कर रहे हैं और क्षेत्र के लोगों की मांग पूरी कराने का प्रयास करेंगे।
पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र के बिशनपुर गांव से प्रेम प्रसंग का एक मामला सामने आया है। यहां एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़का पड़ोस में रहने वाली 20 वर्षीय युवती के साथ घर छोड़कर राजस्थान चला गया। इस घटना के बाद लड़के के पिता ने अपने ही बेटे के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, लड़के के पिता ने धमदाहा थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका 15 वर्षीय पुत्र पड़ोस की 20 वर्षीय युवती के संपर्क में था। आशंका है कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। आरोप है कि इसी संबंध के चलते नाबालिग अपने घर से निकल गया और युवती को भी साथ लेकर राजस्थान चला गया। इस मामले में एक असामान्य बात यह है कि आमतौर पर ऐसे मामलों में परिजन युवती या उसके परिवार पर आरोप लगाते हैं। हालांकि, यहां लड़के के पिता ने अपने ही नाबालिग पुत्र के विरुद्ध थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिससे यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने पहले अपने स्तर पर दोनों की तलाश की। कोई सुराग नहीं मिलने पर उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। धमदाहा थाना पुलिस के अनुसार, दोनों की लोकेशन और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। तकनीकी सहायता से उनकी तलाश की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में धमदाहा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) संदीप गोल्डी ने बताया कि आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। उन्होंने दोनों की शीघ्र बरामदगी के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शाहजहांपुर में 22 वर्षीय अंजनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर मारपीट कर हत्या करने और दहेज मांगने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अंजनी की शादी दो महीने पहले सीतापुर जिले के झापड़ी गांव से तिलहर थाना क्षेत्र के गोबरसंडा निवासी अरुण से हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के लोग उसे प्रताड़ित करते थे। मायके पक्ष के अनुसार, अरुण शराब पीने के बाद अंजनी के साथ मारपीट करता था और दहेज की मांग करता था। उन्हें यह भी आरोप है कि पति उसे पुलिस में अपनी अच्छी पहचान होने की धमकी देता था। रविवार सुबह अंजनी की अपने मायके पक्ष से बात हुई थी, जिसके बाद कोई संपर्क नहीं हुआ। सोमवार सुबह दामाद अरुण ने फोन कर बताया कि अंजनी ने फांसी लगा ली है। जब अंजनी के मायके वाले ससुराल पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि अंजनी का शव एक गाड़ी में रखा था। उनके अनुसार, मौके पर पुलिस भी मौजूद थी और गाड़ी में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां भी रखी हुई थीं। परिजनों ने उस वाहन को रोका और शव दिखाने की मांग की, लेकिन पुलिस ने उन्हें शव नहीं देखने दिया। मायके पक्ष का आरोप है कि पति और ससुराल वालों ने अंजनी के साथ मारपीट कर उसकी हत्या की और फिर शव को फांसी पर लटका दिया। तिलहर की सीओ इशिता सिंह ने बताया कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। मायके पक्ष की तहरीर पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मथुरा में राज्य सरकार द्वारा निबंधन कार्य को निजी कंपनी के माध्यम से संचालित करने की प्रस्तावित व्यवस्था के विरोध में मथुरा दस्तावेज लेखक संघ ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, ई-स्टांप वेंडर और टाइपिस्ट भी शामिल हैं। आंदोलन के कारण रजिस्ट्री कार्यालय में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ, जिससे विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दस्तावेज लेखक संघ द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि सरकार निबंधन कार्य को ठेके पर निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी कर रही है। संघ का आरोप है कि इस निर्णय से प्रदेश भर में निबंधन कार्य से जुड़े लाखों अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, ई-स्टांप वेंडरों और टाइपिस्टों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। इससे उनकी आजीविका प्रभावित होगी। सर्वसम्मति से अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया संघ पदाधिकारियों के अनुसार, अपने हितों की रक्षा और रोजगार बचाने के लिए सर्वसम्मति से अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार नहीं करती और संबंधित पक्षों की चिंताओं का समाधान नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के दौरान सभी सदस्य निबंधन कार्य से पूरी तरह विरत रहेंगे। संबंधित कर्मचारी भी विरोध प्रदर्शन कर रहे दस्तावेज लेखकों ने दावा किया है कि यह विरोध केवल मथुरा तक सीमित नहीं है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी दस्तावेज लेखक संघों ने इस निर्णय के खिलाफ समर्थन जताया है। कई जिलों में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और अन्य संबंधित कर्मचारी भी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के कारण रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामा और अन्य निबंधन संबंधी कार्य प्रभावित हुए। कार्यालय पहुंचे लोगों को जरूरी दस्तावेजों के पंजीकरण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि निबंधन व्यवस्था के निजीकरण का निर्णय वापस लिया जाए और इससे जुड़े लोगों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
बाराबंकी में केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद में विशेष जन-जागरूकता एवं जनकल्याण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को स्वच्छता, जनसंवाद, जनसमस्या निस्तारण तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह अभियान 5 जून से 21 जून 2026 तक चलेगा। विधानसभा दरियाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत सनौली के गड़रियन पुरवा स्थित मंदिर परिसर में प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने विशेष स्वच्छता अभियान में भाग लिया। उन्होंने स्वयं साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर 'सरकार आपके द्वार' शिविर का भी आयोजन किया गया, जहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनी गईं। राज्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। राज्यमंत्री शर्मा ने इस दौरान कहा कि स्वच्छ वातावरण स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी का आधार है। उन्होंने लोगों से अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की अपील की। इसके बाद, ग्राम पंचायत कंधईपुर स्थित वृहद गौशाला परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। मंत्री ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने गौशाला में गौवंश को हरा चारा, गुड़ और केला खिलाकर गौसेवा भी की तथा गौशाला के केयरटेकर को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। मंत्री ने जोर देकर कहा कि 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भावी पीढ़ियों के लिए हरित और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने का संकल्प है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया। इसी क्रम में, नगर पालिका परिषद नवाबगंज के वाल्मीकि नगर मलिन बस्ती क्षेत्र में विधान परिषद सदस्य अंगद सिंह के नेतृत्व और नगर पालिका परिषद अध्यक्षा शीला सिंह की अध्यक्षता में एक बृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान लोगों को साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया।
महराजगंज में बारिश होने पर गर्मी से मिली राहत:किसानों के चेहरे खिले, धान की नर्सरी को मिला लाभ
महराजगंज में सोमवार को हुई बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। पिछले कई दिनों से तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और ठंडी हवाएं चलने से लोगों ने राहत महसूस की। इस बारिश का सबसे अधिक लाभ किसानों को हुआ है। धान की नर्सरी तैयार करने और खेतों की जुताई में लगे किसानों ने बताया कि यह वर्षा फसलों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगी। खेतों में पर्याप्त नमी बढ़ने से बुवाई की तैयारियों में तेजी आएगी और सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा। हालांकि, कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखी गई। इसके बावजूद, अधिकांश लोगों ने बारिश का स्वागत किया। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान मौसम के इस बदलाव से काफी उत्साहित दिखे। किसानों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में भी इसी तरह नियमित बारिश होती रही, तो खरीफ फसलों की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। इस बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए कृषि कार्यों में सहायक साबित हुई है।
सहरसा नगर निगम के वार्ड संख्या 26 स्थित सहरसा बस्ती और मिल्लत नगर में सड़क निर्माण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि मोहम्मद अली खान ने निर्माण कार्य रुकवाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए सदर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। मोहल्ले में रहते हैं 40 से 50 परिवार आवेदन के अनुसार, वार्ड संख्या 26 के मोहल्ले में लगभग 40 से 50 गरीब परिवार रहते हैं। इनके आवागमन को सुगम बनाने के लिए नगर निगम ने सड़क निर्माण योजना स्वीकृत की थी। यह प्रस्तावित सड़क अली बाबू के घर से मोहम्मद शहजाद अली के घर होते हुए सहरसा-मधेपुरा मुख्य मार्ग (एनएच-107) तक जानी है। नगर निगम की निविदा (एनआईटी संख्या-14, ग्रुप-12) के तहत संवेदक महबूब आलम द्वारा पिछले तीन दिनों से ट्रैक्टरों के माध्यम से मिट्टी भराई का कार्य शांतिपूर्वक चल रहा था। विरोध करने पर गाली-गलौज मोहम्मद अली खान ने आरोप लगाया है कि मो. करामत अली, मो. तारिक और मो. अबू बकर उर्फ मुन्ना अपने कुछ सहयोगियों के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचे। उन्होंने जबरन कार्य बंद करा दिया और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी सड़क निर्माण से पहले जमीन की मापी कराने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, उनका दावा है कि संबंधित भूमि की चौहद्दी और दस्तावेजों में रास्ते का स्पष्ट उल्लेख है। करामत अली ने अपनी जमीन को पहले से ही चारदीवारी से घेर रखा है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग पिछले करीब 20 वर्षों से मोहल्ले के विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करते रहे हैं। सरकारी अमीन द्वारा भूमि मापी के प्रयासों को भी पूर्व में विरोध और धमकी देकर प्रभावित किया जाता रहा है। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि आवेदन प्राप्त हो गया है। आवेदन के आलोक में जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने सोमवार को डीडवाना जिला मुख्यालय पर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, पानी-बिजली संकट, किसानों के लंबित मुआवजे और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा बहाल करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर राज्यपाल के नाम 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा और चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर पूरे राजस्थान में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के मद्देनजर जिला कलेक्टर कार्यालय के आसपास पुलिस के कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए और पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील नजर आया। किसान विश्राम गृह से शुरू हुआ विरोध मार्च आरएलपी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी बस स्टैंड स्थित किसान विश्राम गृह में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अस्पताल चौराहे तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद कार्यकर्ता वाहनों के जरिए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां प्रदर्शन किया गया और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया। राज्यपाल के नाम सौंपा 12 सूत्रीय मांगपत्र प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल को 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। इसमें सांसद हनुमान बेनीवाल की सुरक्षा पुनः बहाल करने, कुचामन में प्रदर्शन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा वर्ष 2023 से 2025 तक किसानों के लंबित फसल खराबा मुआवजे का भुगतान करने की मांग की गई। बिजली, पानी, रोजगार और कानून व्यवस्था के मुद्दे भी उठाए ज्ञापन में कृषि कार्य के लिए नियमित बिजली आपूर्ति, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुधारने, जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत कराने तथा विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच करवाने की मांग भी शामिल रही। इसके अलावा लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, चोरी-लूट और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने, खराब सड़कों की मरम्मत कराने तथा स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव समय पर करवाने की मांग उठाई गई। बड़ी संख्या में जुटे पार्टी पदाधिकारी प्रदर्शन में खींवसर के पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल, मेड़ता की पूर्व विधायक इंदिरा देवी बावरी, आरएलपी नेता मदन बलारा, गुलशेर खान, वसीम अकरम और अब्दुल मलिक बालिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सरकार पर साधा निशाना प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत में पूर्व विधायक नारायण बेनीवाल ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं और भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। महाभारत का उदाहरण देकर दी नसीहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को नसीहत देते हुए नारायण बेनीवाल ने महाभारत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि धृतराष्ट्र को अपने पुत्र दुर्योधन की गलतियों का अहसास तब हुआ जब पूरा कौरव वंश समाप्त हो गया था। मुख्यमंत्री को भी अपने मंत्रियों और विधायकों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी आरएलपी नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठा रही है, लेकिन यदि प्रशासन के जरिए आवाज दबाने का प्रयास किया गया तो पूरे राजस्थान में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी।
मथुरा में यमुना पुल से युवक ने लगाई छलांग:12 घंटे बाद मिला शव, रातभर चला रेस्क्यू अभियान
मथुरा में रविवार देर रात यमुना पुल से एक युवक ने नदी में छलांग लगा दी। पुलिस, गोताखोरों और नाविकों की टीम ने रातभर उसकी तलाश की। सोमवार सुबह चलाए गए सर्च अभियान के दौरान युवक का शव यमुना नदी से बरामद कर लिया गया। जानकारी के अनुसार, राया क्षेत्र के गांव गोंगा निवासी 23 साल के जितेंद्र उर्फ छोटू पुत्र राजवीर सिंह ने रविवार देर रात यमुना पुल से छलांग लगाई थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। युवक की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों, नाविकों और पीएसी की टीम को लगाया गया। रातभर चले रेस्क्यू अभियान में अंधेरा और नदी का तेज बहाव बाधा बने, जिससे युवक का पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब 10 बजे गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक का शव नदी से बाहर निकाला। नाविकों ने भी इस कार्य में सहयोग किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। युवक द्वारा यमुना में छलांग लगाने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
मुज़फ़्फ़रनगर में प्रेम विवाह करने वाले एक दंपति ने अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से गुहार लगाई है। देहरादून निवासी युवती सिमरन ने आरोप लगाया है कि उसके परिजन इस विवाह से नाराज़ हैं और उन्हें लगातार धमकियां दे रहे हैं। एसएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में सिमरन ने बताया कि उसकी जन्मतिथि स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार 29 सितंबर 2006 है और वह बालिग है। उसने 24 मार्च 2025 को मुज़फ़्फ़रनगर के ककरौली थाना क्षेत्र के गांव चौरावाला निवासी शिवान्त पुत्र जलसिंह के साथ हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह किया था। युवती का कहना है कि दोनों हिंदू धर्म को मानने वाले हैं और यह विवाह पूरी तरह उनकी सहमति से हुआ है। सिमरन ने आरोप लगाया कि उसके पिता पवन, माता सोनिया और भाई मोहित इस विवाह के खिलाफ थे। उनके अनुसार, परिजन उसकी इच्छा के विरुद्ध अधिक उम्र के व्यक्ति से शादी कराना चाहते थे। सिमरन ने बताया कि विरोध के चलते उसके साथ कई बार मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। 3 जून 2026 को वह अपना मायका छोड़कर पति के पास आ गई थी और वर्तमान में अपने पति के साथ गांव चौरावाला में रह रही है। आरोप है कि 7 जून को उसके माता-पिता सहित अन्य रिश्तेदार उनके घर पहुंचे और दोनों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर गए। युवती ने अपनी माता, पिता, भाई, मामी, मौसी और मौसा के नाम प्रार्थना पत्र में दर्ज करते हुए अपनी और अपने पति की सुरक्षा को लेकर भय व्यक्त किया है। दंपति ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
झाबुआ में युवागच्छाधिपति आचार्य विज्ञानप्रभ सुरीश्वर महाराज साहेब का मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर उन्होंने श्री ऋषभदेव बावन जिनालय उपाश्रय में आयोजित धर्मसभा को संबोधित किया। अपने प्रवचन में आचार्य श्री ने श्रद्धालुओं को संसार के चक्र से मुक्त होने और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। भव-भ्रमण के चक्र को समाप्त करने की आवश्यकता आचार्य ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह संसार एक अंतहीन चक्र के समान है, जिसका न कोई प्रारंभ है और न ही अंत। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनुष्य को इस संसार का अंत करने के बजाय स्वयं के भव-भ्रमण के चक्र को समाप्त करने का पुरुषार्थ करना चाहिए। लोभ की प्रवृत्ति से दूर रहने का आह्वान युवागच्छाधिपति ने लोभ की प्रवृत्ति के प्रति सचेत करते हुए कहा कि लालच की कोई सीमा नहीं होती है। जीव इसी मोह-माया में फंसकर अपने अमूल्य मानव जीवन को व्यर्थ गंवा देता है, इसलिए मनुष्य को सदैव लोभ से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने देव, गुरु और धर्म पर सच्ची श्रद्धा रखने तथा भगवान की वाणी पर अटूट विश्वास कर मोक्ष मार्ग का अनुसरण करने की बात कही। पिटोल से 15 किलोमीटर की पदयात्रा कर पहुंचे झाबुआ आचार्य श्री का इस वर्ष का चातुर्मास इंदौर में निर्धारित है। वे पालीताणा (गुजरात) के तीर्थों एवं विभिन्न गांवों में विचरण करते हुए पिटोल से विहार कर झाबुआ पहुंचे हैं। पिटोल से झाबुआ तक की लगभग 15 किलोमीटर की पदयात्रा में रचित कटारिया, अन्तिम जैन, सौरभ पोखरना, संजय मेहता और प्रतीक मुथा सहित कई श्रावकों ने गुरु भगवंतों के साथ विहार किया। अक्षत और श्रीफल से श्री संघ ने की अगवानी श्री बावन जिनालय पहुंचने पर श्री संघ के अध्यक्ष संजय मेहता, उपाध्यक्ष मुकेश लोढ़ा, जयेश संघवी, उल्लास जैन, मनोज नाकोडा, नरेन्द्र संघवी, रत्नदीप सकलेचा और अंकित कटारिया सहित सभी वर्षीतप तपस्वियों ने अक्षत एवं श्रीफल से गुरुदेव की गहुली कर अगवानी की। इस दौरान साधर्मिक भक्ति का लाभ राजेन्द्र कुमार कटारिया परिवार द्वारा लिया गया।
दो साल पहले रतनगढ़ सड़क हादसे में हुई थी मौत:बेटे ने जताई हत्या की आशंका, SP से दोबारा जांच की मांग
नीमच के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में दो साल पहले हुई एक सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मौत का मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। मृतक भेरूलाल रैगर के पुत्र रामरतन रैगर ने अपने पिता की मौत को संदिग्ध बताते हुए मानवाधिकार आयोग और पुलिस अधीक्षक से दोबारा जांच की मांग की है। रामरतन रैगर, जो राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शक्करगढ़ निवासी हैं, ने पुलिस की उस आधिकारिक कहानी को खारिज कर दिया है जिसमें इस मौत को सामान्य सड़क दुर्घटना बताया गया था। उनका आरोप है कि घटना के बाद पिता के शव पर मिले चोटों के निशान और पुलिस द्वारा तैयार की गई दुर्घटना की थ्योरी मेल नहीं खाती। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, भेरूलाल की मृत्यु एक पिकअप वाहन के नीचे दबने से हुई थी। हालांकि, शव पर वैसी गंभीर चोटें नहीं थीं जो आमतौर पर किसी भारी वाहन के नीचे कुचलने से लगती हैं। इसके अलावा, जिस पिकअप से दुर्घटना होना बताया गया था, उसमें भी कोई बड़ी क्षति या टूट-फूट नहीं मिली। पीड़ित पुत्र ने मामले में किसी बड़ी साजिश या सच को दबाने की आशंका जताई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सच सामने लाने के लिए घटनास्थल का दोबारा बारीकी से निरीक्षण किया जाए, दुर्घटना में शामिल वाहन की गहन तकनीकी जांच हो, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की उच्च स्तरीय विशेषज्ञों से समीक्षा कराई जाए और उस समय जांच करने वाले अधिकारियों के बयान भी दोबारा दर्ज किए जाएं। रामरतन रैगर ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी मांग की है कि यदि पुनः जांच के दौरान किसी भी स्तर पर पुलिसिया लापरवाही, साक्ष्यों को छिपाने या जांच को प्रभावित करने की साजिश का पर्दाफाश होता है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाए क्योंकि उनका एकमात्र मकसद अपने पिता की संदिग्ध मौत का कड़वा सच सामने लाना और न्याय पाना है।
भिवानी में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर परिषद भिवानी की टीम ने छापेमारी की और दुकानों में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान प्रतिबंधित पॉलीथिन प्रयोग करते मिले दुकानदारों पर कार्रवाई की गई और चालान भी किए गए। जेईई चंचल के नेतृत्व में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री एवं पॉलीथिन का उपयोग पर रोक लगाने एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से शहर में विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाया गया। इस दौरान हांसी गेट और घंटाघर चौक भिवानी में 3 दुकानदारों के चालान काटे। वहीं उन पर 4000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि शहर के प्रमुख स्थानों पर जागरूकता बैनर भी लगाए गए हैं। जिनके माध्यम से सिंगल यूज प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के बारे में आम जनता को जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री एवं पॉलीथिन का उपयोग पर्यावरण के लिए खतरा है। प्रदूषित पर्यावरण से हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने अभियान के दौरान दुकानदारों से अपील की कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन का प्रयोग ना करें।
सिरसा जिले के गोरीवाला में सोमवार को नशे के खिलाफ एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। गांव के भोमिया मंदिर में हुई इस महापंचायत में ग्रामीणों ने नशे के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया। इस दौरान गांव के 13 वार्डों में 4 से 5 सदस्यों वाली नशा विरोधी कमेटियों का गठन किया गया। इन कमेटियों के सदस्यों और ग्रामीणों ने गांव को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस को हर संभव सहयोग देने की घोषणा की। ये कमेटियां नशा तस्करों, संदिग्ध गतिविधियों और अवैध कारोबार से संबंधित सूचनाएं पुलिस तक पहुंचाएंगी। साथ ही, युवाओं को जागरूक करने और नशा पीड़ितों को उपचार के लिए प्रेरित करने में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। समाज और पुलिस मिलकर काम करेंगे महापंचायत में पहुंचे डीएसपी योगेश कटारिया ने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई तभी सफल होगी जब समाज और पुलिस मिलकर काम करेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से अपने क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों और उनके ठिकानों की सूचना निडर होकर पुलिस को देने की अपील की। डीएसपी ने आश्वासन दिया कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि आमजन मानस पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1933, डबवाली पुलिस के मोबाइल नंबर 9138999748 या नजदीकी थाना/पुलिस चौकी के माध्यम से नशा तस्करी से संबंधित जानकारी साझा कर सकते हैं। कटारिया ने ग्रामीणों से नशे की गिरफ्त में आए व्यक्तियों को उपचार के लिए प्रेरित करने का भी आह्वान किया। डबवाली पुलिस की नशा मुक्ति टीम द्वारा गांव-गांव डोर-टू-डोर अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत नशा प्रभावित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें परामर्श, उपचार और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। नशा तस्करों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही वहीं डबवाली पुलिस द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जिले में नियमित रूप से नाकाबंदी, कॉम्बिंग ऑपरेशन, विशेष चेकिंग अभियान और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य केवल नशा तस्करी पर अंकुश लगाना ही नहीं, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें शिक्षा, खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। महापंचायत के अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने नशे को जड़ से मिटाने और नशा मुक्त समाज की स्थापना का सामूहिक संकल्प लेते हुए डबवाली पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने का भरोसा दिलाया। जनभागीदारी से सफल बनाया जाएगा अभियान ग्रामीणों ने कहा कि नशे के खिलाफ यह अभियान केवल पुलिस का नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है। इसे जनभागीदारी से सफल बनाया जाएगा। महापंचायत में उप पुलिस अधीक्षक योगेश कटारिया, थाना सदर के प्रबंधक उप निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार, चौकी प्रभारी गोरीवाला एएसआई जगपाल सिंह सहित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि जयपाल सिंह, गांव के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।
सिद्धार्थनगर जिले के कठेला समय माता थाना क्षेत्र के विशुनपुर खुर्द गांव में रविवार रात एक घटना सामने आई। शराब के नशे में अपनी पत्नी से मारपीट कर रहे एक युवक ने बीच-बचाव करने पहुंची अपनी मां को जमीन पर पटक दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया। मृतका कैलाशी देवी (लगभग 60 वर्ष) के पति छोट्टन गिरी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका सबसे छोटा बेटा सुनील गिरी रविवार रात शराब के नशे में अपनी पत्नी रूपा के साथ मारपीट कर रहा था। शोर सुनकर कैलाशी देवी मौके पर पहुंचीं और विवाद शांत कराने का प्रयास करने लगीं। आरोप है कि इससे नाराज सुनील ने अपनी पत्नी को छोड़कर मां के साथ अभद्रता शुरू कर दी। उसने मां को घसीटते हुए जमीन पर पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों के संभालने के करीब एक घंटे बाद उनकी मौत हो गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलने पर कठेला समय माता पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मृतका के पति की तहरीर पर आरोपी सुनील गिरी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों ने बताया कि कैलाशी देवी के चार बेटे थे, जिनमें पप्पू, दयाराम, अर्जुन और सुनील शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सुनील अक्सर शराब के नशे में अपनी पत्नी से मारपीट करता था, जिससे परिवार में आए दिन झगड़े होते रहते थे। कठेला समय माता के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई है और मामले की जांच जारी है।
महेंद्रगढ़ जिले के कनीना शहर से एक 23 वर्षीय विवाहिता के लापता होने का मामला सामने आया है। महिला के पति की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में वार्ड नंबर 13, कनीना निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसकी शादी झज्जर जिले के गांव कोका कुलाना निवासी लड़की के साथ हुई थी। दोनों की एक छह वर्षीय बेटी भी है। पांच हजार मिले गायब उसने बताया कि वह 5 से 6 बजे जब वह उठा तो उसकी पत्नी घर में नहीं मिली। उसने घर और आसपास तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसी दौरान घर में रखे करीब 5 हजार रुपये भी गायब मिले। कई जगह की तलाश शिकायतकर्ता ने बताया कि पत्नी की तलाश के लिए उसने अपने सभी रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन कहीं से भी उसकी कोई जानकारी नहीं मिली। काफी खोजबीन के बाद भी जब चीनू का पता नहीं चला तो उसने पुलिस को शिकायत दी। बेटी हुई बीमार पति ने बताया कि पत्नी की उम्र करीब 23 वर्ष, कद लगभग 5 फुट 1 इंच, रंग गेहुआं है। घर से जाते समय उसने घाघरा-लुगड़ी पहन रखी थी। महिला के अचानक लापता होने से परिवार चिंतित है। वहीं छह वर्षीय बेटी भी मां के गायब होने के बाद से परेशान और बीमार बताई जा रही है। मामला दर्ज पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(6) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है तथा महिला की तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर सूचना भेजी जा रही है।
देवरिया के ग्रेट निकोबार द्वीप समूह की वन संपदा और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सोमवार को जन-जागरण एवं हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। शहर के सुभाष चौक पर आयोजित कार्यक्रम में भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भाग लिया। अभियान के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोगों को ग्रेट निकोबार की जैव विविधता, वन संपदा और पर्यावरणीय महत्व की जानकारी दी। साथ ही प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। पर्यावरण और आदिवासी हितों की अनदेखी का आरोप जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय शेखर मल्ल ने कहा कि विकास परियोजनाओं के नाम पर ग्रेट निकोबार की बहुमूल्य वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता देते हुए पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास योजना में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वहां निवास करने वाले आदिवासी समुदायों के अधिकारों और हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। जल, जंगल और जमीन हमारी धरोहर विजय शेखर मल्ल ने कहा कि जल, जंगल और जमीन केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से पर्यावरण संरक्षण की लड़ाई जारी रखेगी। सैकड़ों लोगों ने किए हस्ताक्षर अभियान के दौरान सैकड़ों नागरिकों ने हस्ताक्षर कर ग्रेट निकोबार की वन संपदा बचाने और पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि जन-जागरण और हस्ताक्षर अभियान को जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भी चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस विषय से जोड़ा जा सके। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष बिस्मिल्लाह लारी, राधवेंद्र सिंह 'राकेश', रामजी गिरी, आनंददेव गिरी चुन्नू, सुनील कुमार तिवारी, भरत मणि त्रिपाठी, जयप्रकाश धनगर, अब्दुल जब्बार, अरविंद शाही, रामअशीष साहनी, संजीव कुमार मिश्रा, मार्कण्डेय मिश्रा, रत्नेश मल्ल पिंटू, शहनाज जफर, धर्मेंद्र कुमार पाण्डेय, शिव शंकर सिंह, कुलदीप सिंह यादव, रीता देवी, विनोद दुबे, परमानंद प्रसाद, विजय शंकर मिश्रा, धनंजय यादव, विनोद त्रिपाठी, डॉ. सी.पी. चौहान, मुजफ्फर हुसैन मंसूरी और रमाशंकर यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विदिशा के लटेरी थाना क्षेत्र में 5 लाख रुपए की डकैती के मामले में पुलिस ने सोमवार को सफलता हासिल की है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई नकदी सहित करीब 8 लाख रुपए का सामान बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 30 मई की रात मधुसूदनगढ़-लटेरी मार्ग पर स्थित बड़ी मदागन के जंगल में हुई थी। बदमाशों ने लक्ष्मण सिंह बंजारा और उसके साथी को रोककर मारपीट की थी। इसके बाद आरोपी 5 लाख रुपए नकद, दो बाइक, मोबाइल फोन और अन्य सामान लूटकर फरार हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के जरिए आरोपियों की तलाश शुरू की। जंगल क्षेत्र में सघन कॉम्बिंग अभियान चलायाजांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस रायपुरा के जंगलों तक पहुंची। एसडीओपी लटेरी और एसडीओपी सिरोंज के नेतृत्व में लगभग 100 सदस्यीय पुलिस बल ने इस जंगल क्षेत्र में सघन कॉम्बिंग अभियान चलाया। कई दिनों तक घेराबंदी और तलाशी के बाद पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 5 लाख रुपए नकद, चार मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन, पर्स, डीजल कैन और अन्य सामान बरामद किया गया है। बरामद सामग्री की कुल कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि वे जिले या आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य वारदातों में शामिल रहे हैं या नहीं।
बाड़मेर सदर थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने मादक-पदार्थ के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 45 किलो 300 ग्राम डोडा-पोस्त जब्त और कार जब्त की है। एसपी चूनाराम जाट ने बताया- पुलिस मुख्यालय और आईजी जोधपुर रेंज के निर्देशानुसार नशा मुक्त बाड़मेर के तहत अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी नितेश आर्य के सुपरविजन में सदर थानाधिकारी करतारसिंह डीएसटी इंचार्ज आदेश कुमार के नेतृत्व में टीम बनाई गई। कार में मिला 45 किलो डोडा चूरा डीएसटी टीम की सूचना पर टीमों ने सरणू गांव के पास नाकाबंदी की गई। कार को रुकवाया गया। उसमें सवार तीन युवकों से पूछताछ की गई। लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार की तलाशी ली गई। तो कार में से 45 किलो 300 ग्राम अवैध डोडा-पोस्त मिले। इस पर टीम ने कार सवार लुंभाराम पुत्र रूपाराम निवासी आदर्श चवा, मूलाराम पुत्र हड़मानाराम निवासी डाबली सरा, अशोक कुमार पुत्र रिड़मलराम निवासी आदर्श चवा को गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में पुलिस ने तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है। कार्रवाई डीएसटी टीम के नींबसिंह और कांस्टेबल शंकरसिंह की विशेष भूमिका रही।
नगर पालिका अध्यक्ष ने किया भूमि पूजन:ललितपुर के तालाबपुरा में नाला-नाली निर्माण कार्य शुरू
ललितपुर। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सोनाली जैन ने सोमवार को वार्ड संख्या-20 के मोहल्ला तालाबपुरा में नाला एवं नाली निर्माण कार्यों का भूमि पूजन किया। इस दौरान उन्होंने वार्ड पार्षद और नगर पालिका टीम के साथ क्षेत्र का भ्रमण कर विकास कार्यों, सड़कों की स्थिति और साफ-सफाई व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। भूमि पूजन के साथ ही शनि मंदिर के पास नाला निर्माण एवं मरम्मतीकरण, शारदा माता मंदिर के पास नाला निर्माण और सिंचाई विभाग कॉलोनी से तालाबपुरा जाने वाले मार्ग पर नाली निर्माण कार्य का शुभारंभ हुआ। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा। पालिका अध्यक्ष सोनाली जैन ने संबंधित अवर अभियंता निधि पाण्डेय और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं, ताकि जनता को इन विकास कार्यों का लाभ जल्द मिल सके। इस अवसर पर वार्ड पार्षद जगदीश यादव, अवर अभियंता निधि पाण्डेय, प्रभारी सफाई निरीक्षक महेंद्र सिंह यादव, सेवानिवृत्त वरिष्ठ लिपिक रमाकांत तिवारी, गैराज प्रभारी अमित कुमार (रिंकू) सहित नगर पालिका परिषद के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
मेरठ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने किन्नरों पर उत्पीड़न और अवैध वसूली का आरोप लगाया है। उन्होंने डीएम से उनकी जांच कराने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने बताया कि किन्नर बधाई के नाम पर जबरन रकम वसूलते हैं। मनमुताबिक पैसा न देने पर मारपीट करते हैं, बद्दुआ की धमकी देते हैं। किन्नरों के समूह ने बस कंडक्टर से की मारपीट कार्यकर्ताओं ने बताया कि पैसा न देने पर बद्दुआ का डर दिखाया जाता है और विरोध करने पर मारपीट भी की जाती है। हाल ही में मेरठ में किन्नरों के एक समूह ने एक बस कंडक्टर के साथ मारपीट की थी। बधाई लेने का कोई मानक न होने के कारण जबरन वसूली की जाती है। पहले यह वसूली शादी, बच्चे के जन्म या नया घर लेने जैसे अवसरों तक सीमित थी, लेकिन अब ये समूह बसों और ट्रेनों में भी सक्रिय हो गए हैं। रात के समय शादियों में पहुंचकर भी ये मनमुताबिक बधाई न मिलने पर हंगामा करते हैं। विशेष समुदाय के लोग बन रहे किन्नर भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भारतीय जनता युवा मोर्चा और पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अंकित चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता डीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह को एक पत्र सौंपा। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि पैसा कमाने के लिए एक विशेष समुदाय के लोग किन्नर बन रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने ऐसे लोगों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चौराहों पर भीख मांग रहे लोगों की भी पहचान करने की बात कही, क्योंकि ये लोग छावनी क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। डीएम बोले- गठित करेंगे समिति जिलाधिकारी ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कहा कि एक समिति गठित की जाएगी। ऐसे लोग फर्जी तरीके से बधाई लेने का काम कर रहे हैं और चौराहों पर भीख मांग रहे हैं, उनकी जांच की जाएगी।
दमोह में युवक पर पत्थरों से हमला, गंभीर घायल:पूरे शरीर पर गंभीर जख्म हुए, छोटी सी बात हुआ था विवाद
दमोह के बड़ापुरा में सोमवार दोपहर मामूली विवाद के चलते एक युवक पर पत्थरों से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घायल युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां से उसे जबलपुर रेफर कर दिया गया। घायल की पहचान बड़ापुरा निवासी 28 वर्षीय कल्लू उर्फ कमलेश पिता राजकुमार अहिरवार के रूप में हुई है। आरोपी ने कमलेश के सिर, मुंह और शरीर के अन्य हिस्सों पर पत्थरों से हमला किया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। जिला अस्पताल में डॉक्टर ऐश्वर्य प्रताप राजपूत और डॉक्टर आशुतोष पटेल ने कमलेश का प्राथमिक उपचार किया। सिर और मुंह में गंभीर चोटों के कारण उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है और वह बोलने की स्थिति में नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली टीआई मनीष कुमार अस्पताल पहुंचे और घायल से जानकारी लेने का प्रयास किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
डिंपल खत्री हत्याकांड पर पटियाला में रोष मार्च:फास्ट ट्रैक सुनवाई और आरोपी को फांसी देने की उठी मांग
मोहाली में डिंपल खत्री की हत्या के विरोध में पटियाला में एक रोष प्रदर्शन और मार्च निकाला गया। इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने डिंपल खत्री के लिए न्याय और दोषी को फांसी की सजा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान डिंपल खत्री के परिजनों ने प्रशासन से मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करवाने की मांग की। उनका कहना था कि आरोपी को ऐसी सख्त सजा मिलनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी निर्दोष लड़की के साथ ऐसा जघन्य अपराध करने की हिम्मत न कर सके। भाजपा की महिला मोर्चा अध्यक्ष रही मौजूद इस मौके पर भाजपा महिला मोर्चा पंजाब की अध्यक्ष बीबा जय इंद्र कौर, शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता अमित सिंह राठी, कांग्रेस नेता नरेश दुग्गल और पूर्व एडीजीपी गुरिंदर पाल सिंह ढिल्लों सहित कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं। डिंपल की मासी की बेटी सुचेता ने भावुक होकर कहा कि उनके परिवार को अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक आरोपी को फांसी की सजा नहीं मिल जाती। परिवार न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेगा। प्रदर्शन में विशेष तौर पर पहुंचे एसपी सिटी पलविंदर सिंह ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया। SP सिटी बोले- परिजनों से ज्ञापन सौंपा उन्होंने कहा कि पटियाला पुलिस कानून के दायरे में रहकर मामले से जुड़े सभी तथ्यों को मजबूती से पेश करेगी और दोषी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए हर संभव सहयोग करेगी। एसपी सिटी ने यह भी बताया कि परिजनों की ओर से आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग संबंधी एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन केवल कानून के अनुसार ही कार्रवाई कर सकता है। कानूनी प्रक्रिया के तहत जो भी आदेश प्राप्त होंगे, उसी के अनुरूप कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अंत में कहा कि पुलिस और प्रशासन इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हैं। डिंपल को इंसाफ दिलाने के लिए कानून के तहत हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
बेगूसराय के दियारा इलाके में आज दो लोगों को गोली मारी गई है। इस गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया है। घायल का कहना है कि पुलिस के सामने 15 राउंड गोली चली है। लेकिन, पुलिस ने कोई मदद नहीं की और पुलिसकर्मी भाग गए। दूसरी ओर डीएसपी निखिलने कहा है कि घायल और मृतक युवक के चाचा का आरोपियों से झगड़ा था। इसी में पत्थरबाजी हुई है। युवक के विरोध करने पर उसका मर्डर हुआ है। घटना बछवाड़ा थाना क्षेत्र के चमथा दियारा की है। मृतक की पहचान बछवाड़ा थाना क्षेत्र के चमथा रजौली लक्ष्मण टोल निवासी भरत राय के बेटे अजीत राय (35) के रूप में की गई है। इस गोलीबारी में अजीत का भाई दीपक राय (33) घायल हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही एसपी मनीष मौके पर पहुंचे और मामले की जांच-पड़ताल चल रही है। खेत जोतने को लेकर हुआ था झगड़ा घायल दीपक का कहना है कि लक्ष्मण राय और प्रमोद राय के बीच आज चमथा के दियारा बहियार में खेत जोतने को लेकर विवाद हुआ था। जिसमें दूसरे पक्ष के प्रमोद राय और उसके समर्थकों ने 15 राउंड फायरिंग की। इसके बाद लक्ष्मण राय घर चला आया। तभी प्रमोद राय सहित उसके पक्ष के अन्य लोग गांव आ गए और यहां भरत राय के घर के आगे ईंट चलाने के साथ गाली-गलौज करने लगे। भरत राय के बेटों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जिससे झगड़ा हुआ है, उसके घर पर जाकर झगड़ा कीजिए। इससे प्रमोद राय और उसके पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए और ताबड़तोड़ गोली चलाने लगे। जिसमें अजीत के गर्दन में गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, हाथ में गोली लगने से दीपक राय घायल हो गया। दोनों को लेकर परिजन हॉस्पिटल आए। घायल दीपक राय का कहना है कि हमारे चाचा लक्ष्मण और प्रमोद राय के बीच झगड़ा था। हम लोगों को इससे कोई लेना-देना नहीं था। आज प्रमोद राय और उसके पक्ष के लोग मेरे दरवाजा पर आकर ईंट-पत्थर चलाने लगे। पुलिस के सामने गोली चलाने का आरोप विरोध किया, तो फायरिंग शुरू कर दी। पहले एक गोली मेरे हाथ में लग गई और दूसरी बुलेट मेरे भइया के गर्दन में लग गई। दीपक का आरोप है कि पहले से हो रहे झगड़े के कारण मेरे चाचा लक्ष्मण राय ने फोन करके डायल-112 को बुलाया था। जिस समय गोलीबारी हो रही थी, उस समय पुलिस वहीं मौजूद थी और पुलिस के सामने ही उन लोगों ने गोली चलाई। लेकिन पुलिस रोकने के बदले भाग गई। एसपी मनीष के नेतृत्व में पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर सभी पहलुओं पर जांच-पड़ताल में जुटी हुई है। मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार ने कहा है कि आज एक ही जाति के 2 पक्षों के बीच फायरिंग हुई है। जिसमें एक की गले में गोली लगने से मौत हो गई है। दूसरे का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई हो रही है। घटनास्थल पर पुलिस पहुंच रही थी। इसी बीच ये घटना हुई है।
जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जावर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 157 किलो 100 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा और 2 लाख 35 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। जब्त किए गए डोडा चूरा की अनुमानित कीमत करीब 24 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मनोहरथाना डीवाईएसपी अशोक कुमार के सुपरविजन और जावर थानाधिकारी सुनील वर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गश्त पर थी। इसी दौरान टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि सादला निवासी मोहन पुत्र बद्धालाल लोधा ने अपने मकान में अफीम डोडा चूरा से भरे कट्टे रखे हुए हैं और उन्हें बेचने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सादला में दबिश दी। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से बरदाना सहित कुल सात कट्टों में भरा 157 किलो 100 ग्राम अफीम डोडा चूरा और 2.35 लाख रुपए की नकदी बरामद की गई। इसके बाद आरोपी मोहन पुत्र बद्धालाल लोधा (32) निवासी सादला, थाना जावर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जावर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी से अवैध मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त, परिवहन और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि जिले में मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सहरसा नगर निगम क्षेत्र की सहरसा बस्ती में सड़क निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। एक स्थानीय युवक ने कुछ लोगों पर निर्माण कार्य रोकने, मारपीट करने और पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने सोमवार को थाने में शिकायत किया है। पुलिस ने कहा कि आवेदन आलोक में जांच किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, वार्ड संख्या 10 में एनएच-107 स्थित मसरफ चौक से शहजाद अली के घर तक सड़क का निर्माण नगर निगम की स्वीकृति से हो रहा है। स्थानीय निवासी मो. मोहिउद्दीन ने बताया कि यह सड़क पिछले 40 वर्षों से दर्जनों परिवारों के लिए आवागमन का मुख्य मार्ग रही है। मो. मोहिउद्दीन ने आरोप लगाया है कि सहरसा बस्ती निवासी मो. करामत अली और उनके बेटों मो. अबू बकर उर्फ मुन्ना तथा मो. तारीख उर्फ नन्हें ने निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार को काम बंद करने की धमकी दी। उन्होंने कथित तौर पर चेतावनी दी कि यदि काम जारी रहा तो मारपीट की जाएगी और निर्माण सामग्री हटा दी जाएगी। मो. मोहिउद्दीन के अनुसार, जब वह अन्य स्थानीय लोगों के साथ विरोध का कारण जानने पहुंचे, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने उनका कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारा और जान से मारने की धमकी दी। दूसरे आरोपी पर कमर से पिस्तौल निकालकर उनकी कनपटी पर तानने और मौके से चले जाने की धमकी देने का आरोप है। घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग और महिलाएं मौके पर पहुंचे, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि पुलिस कार्रवाई की बात उठने पर आरोपियों ने अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए धमकाने का प्रयास किया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भदोही तहसील के जमुनीपुर अठगवां सर्कल के लेखपाल मोहम्मद इरफान पर ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा कराने के लिए पैसे लेने का आरोप लगा है। पीड़ित राजन ने इस संबंध में जिलाधिकारी (DM) को एक शिकायत पत्र सौंपा है। पत्र के साथ लेखपाल द्वारा पैसे लेते समय की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी संलग्न की गई है। पीड़ित राजन ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि लेखपाल ने उससे 23,000 रुपये की मांग की थी, जिसमें से 20,000 रुपये दिए जा चुके थे। शेष 3,000 रुपये न मिलने पर लेखपाल कथित तौर पर उसके घर आकर जबरदस्ती पैसे मांगने लगा। जब पीड़ित ने लेखपाल को ऑडियो रिकॉर्डिंग की बात बताई, तो लेखपाल ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। लेखपाल ने कथित तौर पर कहा कि यदि यह ऑडियो किसी अधिकारी को दिया गया, तो वह पूरे परिवार को खत्म कर देगा। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री दोनों ही भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम करने के निर्देश जारी कर चुके हैं। लेखपाल के कथित कृत्य इन निर्देशों की अवहेलना करते प्रतीत होते हैं, जहां मनमाने तरीके से पैसे लेकर ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा दिलाया जा रहा है। इस संबंध में भदोही के उप जिलाधिकारी (SDM) अरुण गिरी से जानकारी ली गई। उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। SDM ने आश्वासन दिया कि यदि ऐसा मामला है, तो तहसीलदार और कानूनगो से जांच कराकर संबंधित लेखपाल के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
महाकाल मंदिर में एक युवक पुष्पा फिल्म के हीरो अल्लू अर्जुन की तरह साड़ी-ब्लाउज पहनकर, पैरों में पायल, गले में नींबू की माला और हार, कानों में टॉप्स, नाक में नथनी और हाथों में चूड़ियां पहनकर दर्शन करने पहुंचा। उसके इस अलग अंदाज और पुष्पा स्टाइल को देखकर मंदिर समिति के कर्मचारी भी उसके साथ फोटो खिंचवाते नजर आए। जबकि मंदिर समिति ने मंदिर परिसर में फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद इस वेशभूषा में दर्शन करने आए युवक को प्रोटोकॉल भी मिला और उसने पूरे मंदिर परिसर का वीडियो भी बनाया। इस दौरान समिति के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी उसकी मदद करते दिखाई दिए। महाकाल मंदिर में आए दिन वीडियो बनाने को लेकर विवाद सामने आते रहते हैं। मंदिर समिति ने परिसर में फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगा रखा है, लेकिन दो दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में मंदिर के सुरक्षाकर्मी ही नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। दरअसल, पुष्पा फिल्म में अल्लू अर्जुन की ड्रेस की हूबहू नकल कर एक युवक महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचा था। यहां मानसरोवर गेट के पास तैनात आधा दर्जन से अधिक सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोकने के बजाय उसके साथ फोटो खिंचवाई। इसके बाद मंदिर का एक कर्मचारी उसे वीआईपी श्रद्धालु की तरह गणेश मंडपम तक दर्शन कराने ले गया। इस दौरान युवक ने पूरे मंदिर परिसर का वीडियो भी शूट किया। चार तस्वीरें देखिए पुष्पा स्टाइल में पहुंचा युवक, श्रद्धालु भी रह गए हैरान युवक के पुष्पा स्टाइल में मंदिर में प्रवेश करने के दौरान दर्शन के लिए लाइन में लगे श्रद्धालु भी उसे देखकर हैरान रह गए। यह वीडियो दो दिन पहले इंस्टाग्राम और फेसबुक पर Ankit Astoliya की आईडी से अपलोड किए गए हैं। उसकी आईडी पर पुष्पा की ड्रेस में बने कई अन्य वीडियो भी दिखाई दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिन कर्मचारियों की जिम्मेदारी मोबाइल से वीडियो बनाने पर रोक लगाने और इस तरह की आपत्तिजनक वेशभूषा में आने वाले लोगों को मंदिर में प्रवेश से रोकने की थी, वही कर्मचारी मंदिर की सुरक्षा और नियमों को ताक पर रखकर उसके साथ वीडियो बनाते नजर आ रहे थे। वीडियो वायरल होने पर हटाया गया सुपरवाइजर पूरे मामले में महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह वीडियो 5 फरवरी का है। वीडियो वायरल होने के बाद मंदिर के सुपरवाइजर को हटा दिया गया था। उन्होंने कहा कि इस तरह किसी को प्रवेश देना और मंदिर परिसर में फोटोग्राफी करना मंदिर की मर्यादा का उल्लंघन है।
हापुड़ के थाना हाफिजपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार दोपहर एक सड़क दुर्घटना हो गई। हाफिजपुर रेलवे स्टेशन के सामने एक अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में उपचार के दौरान 17 वर्षीय किशोर की मृत्यु हो गई, जबकि पिता की हालत स्थिर बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम महमूदपुर निवासी हरेंद्र सिंह अपने 17 वर्षीय पुत्र गगन के साथ सोमवार को हापुड़ आए थे। दोपहर में जब वे मोटरसाइकिल से अपने गांव महमूदपुर लौट रहे थे, तभी हाफिजपुर रेलवे स्टेशन के सामने हाईवे पर पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों पिता-पुत्र सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद राहगीरों ने तुरंत दोनों घायलों को उपचार के लिए हापुड़ के देवनंदी अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में उपचार के दौरान किशोर गगन (17) की मृत्यु हो गई। घायल पिता हरेंद्र की हालत में सुधार है और उनका उपचार जारी है। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद चौधरी ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। हादसे के बाद मौके पर यातायात और कानून व्यवस्था सामान्य रही।
बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन राजनीतिक सरगर्मियां तेज रहीं। इसी बीच राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के नेता दीपक प्रकाश के नामांकन दाखिल न होने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हो गईं। इस मुद्दे पर बक्सर पहुंचे बिहार सरकार के मंत्री श्रीभगवान कुशवाहा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। मंत्री श्रीभगवान कुशवाहा ने कहा कि दीपक प्रकाश के भविष्य का अंतिम फैसला एनडीए नेतृत्व और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा करेंगे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि एनडीए एक मजबूत और संगठित गठबंधन है, जहां सभी महत्वपूर्ण निर्णय आपसी सहमति और शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में लिए जाते हैं। कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि दीपक प्रकाश को एमएलसी बनाया जाएगा या नहीं, यह निर्णय एनडीए नेतृत्व और उपेंद्र कुशवाहा के स्तर पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वहीं अधिकृत रूप से कुछ कह सकते हैं। एनडीए में सभी सहयोगी दलों का सम्मान उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन की राजनीति में कई बार संगठनात्मक और रणनीतिक कारणों से निर्णय लिए जाते हैं, जिनकी जानकारी समय आने पर सार्वजनिक की जाती है। मंत्री ने किसी भी प्रकार की अटकलों या अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि एनडीए में सभी सहयोगी दलों का सम्मान है और हर निर्णय गठबंधन के व्यापक हित को ध्यान में रखकर लिया जाता है। दरअसल, बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन एनडीए और महागठबंधन के उम्मीदवारों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। इसी दौरान दीपक प्रकाश के नामांकन न होने से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। राजनीतिक विश्लेषक भी इसे लेकर अलग-अलग कयास लगा रहे थे। राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर फैसला पत्रकारों ने जब मंत्री से पूछा कि क्या दीपक प्रकाश को एमएलसी बनाए जाने की संभावना खत्म हो गई है, तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने दोहराया कि गठबंधन की ओर से जो भी फैसला लिया जाएगा, वह संगठन की रणनीति और राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। मंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें एनडीए नेतृत्व और उपेंद्र कुशवाहा के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस संबंध में तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है।
खैर की लकड़ी की तस्करी पकड़ी:पिकअप और दो बाइक जब्त; दो आरोपी गिरफ्तार
पेटलावद वन परिक्षेत्र में खैर की लकड़ी की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। वन विभाग की टीम ने खैर की लकड़ी से भरे एक बोलेरो पिकअप वाहन और दो मोटरसाइकिलों को जब्त किया है। इस मामले में दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। वन परिक्षेत्र पेटलावद के अमले को मुखबिर से खैर कीमती लकड़ी के अवैध परिवहन की सटीक सूचना मिली थी। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने घेराबंदी की और बोलेरो पिकअप (पंजीकरण क्रमांक MP43ZJ 5397) को रोका। तस्करी में पायलट और रेकी कर रहे दो बाइक सवारों को भी मौके से पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पप्पू पिता तेरु मुनिया (निवासी रतनाली, तहसील थांदला) और कालूसिंह पिता हरचंद डिंडोर (निवासी संगेसरा कुंदनपुर बाजना) के रूप में हुई है। वन विभाग ने जब्त की गई खैर की लकड़ी और तीनों वाहनों के खिलाफ वन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक इंदौर पी. एन. मिश्रा के निर्देश पर, वन मंडलाधिकारी (DFO) भारत सोलंकी और उप वन मंडलाधिकारी (SDO) दिनेश गौड़ के मार्गदर्शन में की गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी पेटलावद ओम प्रकाश बिरला ने इस अभियान का नेतृत्व किया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों और कड़ियों की तलाश जारी है।
मऊ जिले के दुबारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) की जर्जर स्थिति और वहां तक पहुंचने के लिए सड़क न होने का गंभीर मुद्दा अब गरमा गया है।
मधुबनी में बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के काफिले पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। इस घटना के बाद खजौली थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह और एक चौकीदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह घटना रविवार देर शाम खजौली थाना क्षेत्र के ठाहर गांव में एक शोक संवेदना सभा के दौरान हुई थी। भीड़ ने मंत्री के वाहन पर हमला कर उसका शीशा क्षतिग्रस्त कर दिया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था। इस मामले में 17 अन्य नामजद आरोपी और कई अज्ञात लोग अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सोमवार दोपहर लगभग दो बजे मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेन्द्र कुमार ने एक प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया। प्रारंभिक जांच में सुनील कुमार सिंह को इस घटना का मुख्य साजिशकर्ता पाया गया है। जांच में सामने आया कि सुनील सिंह ने ही वहां मौजूद लोगों को उकसाया था, जिसके बाद भीड़ ने मंत्री के वाहन पर हमला किया। गिरफ्तार आरोपी की तस्वीरें… एसपी ने बताया कि घटना के बाद मुख्य आरोपी सुनील सिंह फरार होने की तैयारी में था। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय स्रोतों की सहायता से उसे नगर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर वीणा देवी, शीतला देवी, रंजू देवी, बद्री मंडल, विवेक कुमार यादव और राजदेव यादव को भी गिरफ्तार किया गया। मंत्री की सुरक्षा में हुई गंभीर चूक को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने सख्त कार्रवाई करते हुए खजौली थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह और एक चौकीदार को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और घटनास्थल व आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। एसपी योगेन्द्र कुमार ने आम लोगों से अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से बचने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में कानून को अपने हाथ में लेना गंभीर अपराध है और मधुबनी पुलिस ऐसे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए जनपद बहराइच में परीक्षा शुरू हो गई है। पहले दिन 11 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा संपन्न हुई, जिसमें 2006 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जिले के आर्य कन्या इंटर कॉलेज, आजाद इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज और भगवान दीन वैध इंटर कॉलेज सहित कुल 11 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। कुल 8448 परीक्षार्थियों में से 2006 अभ्यर्थी पहले दिन परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परीक्षा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों को गहन जांच के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने अधिकारियों के साथ विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए।
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों (एक उपचुनाव) पर होने वाले MLC चुनाव में सोमवार को कैंडिडेट्स ने नॉमिनेशन किया। महागठबंधन की ओर से RJD के सुनील सिंह ने पर्चा भरा। इसके बाद बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और RJD के SC-ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवचंद्र राम की नाराजगी सामने आई। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। शिवचंद्र राम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा, पार्टी ने मुझे वादा किया था कि MLC बनाएंगे, लेकिन मेरे साथ वादाखिलाफी की गई है। रोते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं 4 रात सो नहीं पाया, ऐसी जिंदगी भगवान किसी को ना दें।’ शिवचंद्र राम के भावुक होने की तस्वीरें.., सुनील सिंह के नामांकन के बाद बढ़ी नाराजगी राजद की ओर से MLC चुनाव के लिए सुनील सिंह के आज नामांकन के बाद शिवचंद्र राम की नाराजगी खुलकर सामने आई। उन्होंने SC/ST प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि वह केवल संगठनात्मक पद छोड़ रहे हैं, पार्टी की सदस्यता नहीं। वह आगे भी राजद के सक्रिय सदस्य बने रहेंगे। 1990 से राजद और सामाजिक न्याय की राजनीति से जुड़े उन्होंने कहा कि वो साल 1990 से सामाजिक न्याय की विचारधारा और राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने का काम किया और कठिन समय में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पूरे बिहार में दलित, रविदास और वंचित समाज के बीच पार्टी की विचारधारा को पहुंचाने का काम किया। दलित समाज की उपेक्षा का लगाया आरोप आगे शिवचंद्र राम ने कहा, विधान परिषद की सीट को लेकर दलित और रविदास समाज के लोगों में काफी उम्मीद थी। लेकिन हाल के फैसले से समाज में निराशा फैल गई है। उन्होंने पत्र में लिखा, जहां भी जाते हैं, लोग उनसे सवाल पूछते हैं और जवाब मांगते हैं। समाज की पीड़ा देखकर उनका मन व्यथित हो जाता है। राजद से की बड़ी मांग शिवचंद्र राम ने राजद नेतृत्व से मांग की है कि पार्टी विधान परिषद और राज्यसभा में दलित, आदिवासी, पिछड़ा, अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाएं और इस मुद्दे पर आंदोलन खड़ी करें। इस्तीफे के लास्ट में शिवचंद्र राम ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनके मन में किसी व्यक्ति के प्रति कोई कटुता नहीं है, लेकिन समाज और कार्यकर्ताओं की पीड़ा को देखते हुए इस पद पर बने रहना उनके लिए नैतिक रूप से संभव नहीं था। रेस में थे शिवचंद्र राम बता दें कि MLC टिकट की रेस में शिवचंद्र राम भी थे। जेडीयू और बीजेपी ने इस बार किसी दलित नेता को उम्मीदवार नहीं बनाया है। ऐसे में चर्चा थी कि तेजस्वी बड़ा दलित कार्ड खेल सकते हैं। सम्राट सरकार ने राबड़ी आवास दलित मंत्री को दिया है। राबड़ी द्वारा बंगला खाली नहीं करने पर सत्ता पक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि दलित मंत्री को घर नहीं दिया जा रहा है। सत्ता पक्ष के इस दांव की काट के लिए उम्मीद थी कि तेजस्वी शिवचंद्र के रूप में एक दलित नेता को उच्च सदन भेज सकते हैं। सुनील सिंह ने किया नॉमिनेशन सुनील सिंह ने आज RJD की ओर से नॉमिनेशन किया। उन्होंने कहा, पार्टी ने जो जिम्मेदारी सौंपी है उसे निभाएंगे। गरीब, किसानों की बात सदन में उठाऊंगा। पार्टी की उम्मीद पर खरा उतरूंगा। कुछ भी हो जाए पार्टी का झंडा झुकने नहीं दूंगा।
रायसेन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को सातवें दिन भी जारी रही। कर्मचारी अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर 2 जून से आंदोलन कर रहे हैं। इस हड़ताल के कारण जिले में कई स्वास्थ्य सेवाएं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं। सोमवार को कर्मचारियों ने शासन के खिलाफ विरोध जताने के लिए प्रतीकात्मक रूप से भैंस के आगे बीन बजाकर प्रदर्शन किया। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा 30 जनवरी 2026 को की गई नियमितीकरण की घोषणा के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में जिले के सभी संविदा कर्मचारी ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यों का बहिष्कार कर रहे हैं। इस बहिष्कार से स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर पड़ रहा है। सार्थक एप को बंद करने की मांग कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सभी संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, सामान्य प्रशासन विभाग की नीति के अनुसार एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा का लाभ, अन्य राज्यों की तर्ज पर 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि, नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन में पीबीआई का समायोजन, वेतन विसंगतियों का निराकरण तथा नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश सुविधा शामिल हैं। संघ ने समान कार्य के लिए समान वेतन और सुविधाएं मिलने तक सार्थक एप को बंद करने की मांग भी उठाई है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष हरि अहिरवार ने बताया कि आंदोलन की सूचना पूर्व में ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दे दी गई थी। अगले चरण में सीएम आवास घेरेंगेउन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद मांगों के निराकरण की दिशा में कोई पहल नहीं हुई। कर्मचारियों का कहना है कि यदि हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आंदोलन के अगले चरण में प्रदेशभर के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि नियमितीकरण सहित अन्य लंबित मांगों के निराकरण तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
अजमेर में सिविल लाइंस थाना पुलिस ने फर्जी डॉक्यूमेंट से चरक प्रेस का लाइसेंस बनवाने के मामले में ई-मित्र संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 13 हजार 500 रुपए लेकर फर्जी स्टांप पेपर से लाइसेंस बनाया था। पुलिस गिरफ्तार ई-मित्र संचालक से पूछताछ में जुटी है। बता दें कि पुलिस ने इस मामले में पहले दो भाइयों को गिरफ्तार किया था। दोनों भाइयों ने मिलकर अपनी बड़ी मां के नाम से फर्जी स्टांप पेपर बनवा कर लाइसेंस बनवाया था। सब-इंस्पेक्टर गिरिराज कुमार ने बताया- साल 2025 में पीड़ित महिला मधु चौहान ने थाने में कोर्ट के जरिए मुकदमा दर्ज करवाया था। इसमें पीड़िता ने बताया- दिवेश चौहान की ओर से फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर चरक प्रेस का लाइसेंस बनवाया गया। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर टीम का गठन किया गया और कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ई-मित्र संचालक गिरफ्तार, 2 भाई भी पहले पकडे़ जा चुके सब-इंस्पेक्टर गिरिराज कुमार ने बताया- मामले में पहले कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी गुलाब बाड़ी निवासी दिवेश चौहान को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में बताया कि रिश्ते में लगने वाले भाई मुकेश चौहान के जरिए फर्जी स्टांप पेपर बनवाकर यह लाइसेंस बनवाया था। इसके बाद मुकेश चौहान को भी 6 जून को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ करते हुए ई-मित्र संचालक महेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि दिवेश चौहान ने भाई मुकेश से कहा था। इसके बाद मुकेश ने महेंद्र सिंह के जरिए फर्जी स्टांप पेपर बनवाकर यह लाइसेंस तैयार करवाया था। इसके लिए महेंद्र सिंह को 13500 भी दिए गए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि दिवेश चौहान का अपनी बड़ी मां मधु चौहान से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। इसके चलते यह फर्जी दस्तावेजों से लाइसेंस बनवाया था। 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने दी दबिश अजमेर एसपी के निर्देश पर जिले में आपराधिक गतिविधियों में शामिल बदमाशों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत रामगंज थाना पुलिस ने 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर बस्ती में दबिश दी। यहां बिना नंबर प्लेट चल रहे वाहनों पर कार्रवाई करने के साथ ही एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न अपराध में शामिल बदमाशों के घर पर भी तलाशी दी गई। दबिश के दौरान क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
गुरुग्राम में एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में घर खरीदारों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने रियल्टी फर्म मैसर्स नाइनेक्स डेवलपर्स और उसके निदेशक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस कड़ी में सीबीआई द्वारा दायर की गई यह 11वीं चार्जशीट है। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि बिल्डर ने घर खरीदारों को पजेशन और सुविधाओं के झूठे आश्वासन दिए और गुमराह करने वाले वादों के जरिए उनके साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद सीबीआई देश भर में बिल्डरों द्वारा की गई धोखाधड़ी के ऐसे करीब 50 मामलों की सघन जांच कर रही है। झूठे वादों के जाल में फंसे खरीदार सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की गई जांच के अनुसार, नाइनेक्स डेवलपर्स लिमिटेड ने गुरुग्राम में अपने एक प्रमुख हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए विज्ञापन और मार्केटिंग के जरिए बड़े-बड़े दावे किए थे। मध्यमवर्गीय परिवारों और निवेशकों ने अपनी जीवनभर की पूंजी इस प्रोजेक्ट में लगा दी। तय समय में पूरा नहीं किया प्रोजेक्ट आरोप है कि पैसे लेने के बाद भी बिल्डर ने तय समय सीमा के भीतर प्रोजेक्ट पूरा नहीं किया। जब खरीदारों ने देरी पर सवाल उठाए, तो उन्हें लगातार गुमराह किया गया और पजेशन की झूठी तारीखें दी गईं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, कंपनी और उसके निदेशक का मुख्य उद्देश्य खरीदारों को धोखे में रखकर उनसे फंड इकट्ठा करना था, जिसे बाद में अन्य उद्देश्यों के लिए डायवर्ट कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक्शन रियल एस्टेट क्षेत्र में घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत के आदेश के बाद ही सीबीआई को देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय डिफाल्टर और धोखाधड़ी करने वाले बिल्डरों के खिलाफ मामले दर्ज करने का जिम्मा सौंपा गया था। नाइनेक्स डेवलपर्स के खिलाफ की गई यह कार्रवाई इसी का हिस्सा है। सीबीआई देश भर में ऐसे 50 बड़े मामलों की पड़ताल कर रही है, जहां बिल्डरों ने प्रोजेक्ट अधूरे छोड़ दिए या खरीदारों का पैसा हड़प लिया। इस मामले में दाखिल 11वीं चार्जशीट अदालती कार्यवाही को आगे बढ़ाने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। रियल एस्टेट सेक्टर प्रभावित दिल्ली-एनसीआर सहित देश के रियल एस्टेट सेक्टर में काफी लोग इस तरह के बिल्डरों से प्रभावित हुए हैं। गुरुग्राम को देश का प्रमुख रियल एस्टेट हब माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ सालों में यहां खरीदारों के साथ धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा लगातार दाखिल की जा रही चार्जशीट से उन डिफाल्टर बिल्डरों पर दबाव बढ़ेगा जो रेरा (RERA) के नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इस कार्रवाई से उन हजारों घर खरीदारों में उम्मीद की किरण जगी है, जो सालों से अपने आशियाने के लिए अदालतों और पुलिस स्टेशनों के चक्कर काट रहे हैं। सीबीआई अब इस मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सख्त सजा और पीड़ितों के रिफंड या पजेशन की प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास करेगी।
सड़क पर सोई युवती, पुलिस को हाथ बांधने पड़े:रोका तो हमला करने लगी, राहगीरों ने दी थी सूचना
पाली में सोमवार को करीब 30 साल की एक युवती नशे में गांधी मूर्ति के पास बीच सड़क पर सो गई। ऐसे में राहगीरों और वाहनों चला रहे लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। हादसे की संभावना को देखते हुए लोगों ने ही पुलिस को इसकी सूचना दे दी। 1090 गाड़ी की हेड कॉन्स्टेबल पार्वती देवी चार-पांच महिला कांस्टेबल लेकर मौके पर पहुंची। लेकिन, युवती काबू में नहीं आई और सड़क पर ही सोने की जिद करने लगी और पुलिस पर भी हमला करने लगी। इसके बाद पुलिस को उसके हाथ बांध कर काबू में करना पड़ा। उसके बाद उसे सदर थाने निकट स्थित मुख्यमंत्री आश्रय स्थल में छोड़ा। महिला ने नशा कर रखा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि महिला पाली शहर की नहीं है। पूर्व में भी नशे की हालत में सोजत सिटी, बांगड़ कॉलेज के पास हंगामा कर चुकी है। महिला के होश में आने पर पुलिस उसके परिवार के बारे में पता लगाएगी।
जालंधर में मेरिटन होटल के पास सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक दुर्घटना में एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। घटना के समय कार में युवतियां सवार थीं, जिन पर परिजनों और चश्मदीदों ने नशे में होने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं कि उन्होंने बिना किसी कड़े मेडिकल टेस्ट या सख्त कार्रवाई के आरोपियों को छोड़ दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इस हादसे में बाइक पर सवार दोनों नौजवान गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और कार का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के तुरंत बाद लहूलुहान हालत में दोनों युवकों को इलाज के लिए नजदीकी जौहल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उपचार के दौरान एक युवक ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक नौजवान की पहचान प्रशोत्तम लाल के रूप में हुई है, जो पेशे से बिजली (इलेक्ट्रिशियन) का काम करता था। वह शादीशुदा था और अपने पीछे तीन छोटे बच्चों और परिवार को छोड़ गया है। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए दूसरे युवक की पहचान मंदीप उर्फ मुकेश के रूप में हुई है। मुकेश की दोनों टांगों में गंभीर फ्रैक्चर आया है और अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में उसकी सर्जरी की गई है। इस घटना के बाद से ही दोनों पक्षों के परिवार स्थानीय थाने में एकत्रित हैं।ओवरटेक करने के चक्कर में हुआ हादसा मामले की जानकारी देते हुए चश्मदीद कमलेश कुमार ने बताया कि देर रात उसे घटना की सूचना मिलते ही वह महज 5 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गया था। कुछ ही समय बाद पुलिस भी वहां आ गई। चश्मदीद के अनुसार, सफेद रंग की बलेनो कार अत्यंत तेज गति में थी और एक रिक्शा को ओवरटेक करने के चक्कर में कार चालक युवती ने नियंत्रण खो दिया और बाइक को सामने से सीधे टक्कर मार दी। चश्मदीद ने आरोप लगाया कि कार चला रही युवती और उसकी सहेलियां नशे में धुत्त लग रही थीं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हादसे के बाद घायल युवक काफी समय तक सड़क पर तड़पते रहे और खून बहता रहा, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस कार्रवाई करने के बजाय कार सवार युवतियों के भाइयों के साथ करीब 45 मिनट तक बातचीत करने में व्यस्त रही। कार में कुल 4 युवतियां सवार थीं, जिन्हें कथित तौर पर बिना किसी ठोस कानूनी प्रक्रिया या ऑन-द-स्पॉट मेडिकल टेस्ट के मौके से जाने दिया गया।हादसे में एक की मौत, एक घायल घायल मुकेश कुमार ने अस्पताल में होश आने पर बताया कि वे दोनों नंदिनी से वापस लौट रहे थे, तभी सामने से आई तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वे दोनों बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े। जौहल अस्पताल के डॉक्टर अमित चौधरी ने बताया कि जब दोनों को अस्पताल लाया गया, तब प्रशोत्तम की हालत बहुत गंभीर थी और अत्यधिक खून बह जाने के कारण देर रात करीब 1:50 बजे उसने दम तोड़ दिया। वहीं, मुकेश की सुबह 5 बजे सर्जरी की गई है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।दोनों पक्षों के बयान के आधार पर होगी कार्रवाई वहीं,एएसआई सुखदेव ने बताया कि पुलिस को देर रात करीब 10 बजे इस हादसे की सूचना मिली थी। पुलिस ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। एएसआई ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। परिजनों के आधिकारिक बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। युवतियों के मेडिकल न करवाए जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित पक्ष इस संबंध में लिखित शिकायत देता है तो इसकी भी पूरी जांच होगी। फिलहाल पुलिस ने कार सवार युवती का ड्राइविंग लाइसेंस जब्त कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
पानीपत जिले के अंतर्गत आने वाले गांव गढ़ सरनाई में 7-8 जून की दरमियानी रात को गांव के ही एक मकान में 38 वर्षीय इलेक्ट्रिशियन खून से लथपथ हालत में पाए गए। घटना देर रात करीब 1 बजे की है, जब घर के लोग अचानक जगे और उन्होंने मदन को इस खौफनाक स्थिति में देखा। जब परिजनों की नजर मदन पर पड़ी, तो वह फर्श पर पड़े हुए थे और उनके शरीर से तेजी से खून बह रहा था। हालांकि, उस वक्त उनकी सांसें चल रही थीं, जिससे परिवार के लोगों में एक उम्मीद जागी। आनन-फानन में बिना समय गंवाए परिजन उन्हें गाड़ी में डालकर पानीपत के सिविल अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया, लेकिन मदन के शरीर से काफी खून बह चुका था और उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। आखिरकार, कुछ ही देर के इलाज के बाद डॉक्टरों ने मदन सैनी को मृत घोषित कर दिया। गले में लिपटा कपड़ा: हत्या या आत्महत्या? मदन सैनी की मौत की खबर के बाद जब पुलिस को सूचित किया गया, तो मामले में एक ऐसा मोड़ सामने आया जिसने जांच अधिकारियों को भी चकरा कर रख दिया है। परिजनों ने पुलिस को दी प्राथमिक जानकारी में बताया कि जब उन्होंने मदन को कमरे में देखा, तो उनके गले में एक कपड़ा दो बार कसकर लपेटा हुआ था। गले में कपड़ा लिपटा होना और शरीर पर खून के निशान मिलना, ये दो ऐसी परिस्थितियां हैं जो एक साथ कई सवाल खड़े कर रही हैं। यही वजह है कि इस मामले में हत्या और आत्महत्या की गुत्थी पूरी तरह उलझ गई है। पुलिस दोनों ही पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही है। किसी से नहीं था कोई विवाद, पीछे छोड़ गए रोता-बिलखता परिवार मदन सैनी के स्वभाव और गांव में उनकी स्थिति को लेकर परिजनों ने साफ किया है कि उनका किसी के साथ कोई मनमुटाव या रंजिश नहीं थी। वह एक शांत किस्म के व्यक्ति थे और गांव या आस-पड़ोस में उनका कभी किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। मदन अपने पीछे दो बेटियों और एक बेटे सहित पूरे हंसते-खेलते परिवार को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। सीबीआई में तैनात भाई ट्रेनिंग छोड़ पानीपत के लिए रवाना घटना की गंभीरता को देखते हुए मृतक के भाई दिनेश को तुरंत मामले की सूचना दी गई। दिनेश भारतीय जांच एजेंसी CBI में पोस्टेड हैं और इस समय अपनी एक विभागीय ट्रेनिंग पर थे। भाई की मौत और मामले के संदिग्ध होने की खबर मिलते ही दिनेश अपनी ट्रेनिंग बीच में ही छोड़कर पानीपत के लिए रवाना हो गए हैं।
किसान पंजीकरण (फार्मर रजिस्ट्री) के क्षेत्र में कैमूर ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए बिहार के टॉप-10 जिलों में अपनी जगह बनाई है। किसान रजिस्ट्रेशन की तेज गति को लेकर जिला प्रशासन और कृषि विभाग के प्रयासों की सराहना की गई है। जिला प्रशासन के अनुसार, बिहार सरकार के मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यभर में चल रहे ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अभियान की समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न जिलों की प्रगति रिपोर्ट देखी गई, जिसमें कैमूर जिले का प्रदर्शन बेहतर पाया गया। लक्ष्य के मुकाबले 74.2 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण पूरा समीक्षा के दौरान सामने आया कि कैमूर जिले में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 74.2 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण पूरा किया जा चुका है। इस उपलब्धि के साथ कैमूर राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल हो गया है। जिला प्रशासन ने बताया कि किसान पंजीकरण का उद्देश्य जिले के सभी पात्र किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और आसान तरीके से उपलब्ध कराना है। प्रशासन और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयास से मिली सफलता इस उपलब्धि पर जिला पदाधिकारी ने कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि किसानों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री बेहद महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो किसान अभी तक पंजीकरण से वंचित हैं, उनका रजिस्ट्रेशन जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। शेष किसानों के लिए चलेगा अभियान मोड में काम जिला पदाधिकारी ने कहा कि अब लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए काम को और तेज किया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग की टीम को अभियान मोड में काम करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने सभी पात्र किसानों से अपील की कि वे जल्द अपना किसान पंजीकरण कराएं, ताकि उन्हें सरकार की कृषि योजनाओं, अनुदान और अन्य सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके। किसानों को योजनाओं से जोड़ने में मददगार होगी फार्मर रजिस्ट्री प्रशासन के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों का एक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इससे किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ देने में पारदर्शिता आएगी और योजनाओं का क्रियान्वयन भी आसान होगा। कैमूर जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में पंजीकरण की रफ्तार और तेज होगी तथा जिले का लक्ष्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन योजनान्तर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित वर्मी कम्पोस्ट वितरण एवं भुगतान कार्यक्रम ग्राम पंचायत रानीपुर रजमों के अस्थाई गौशाला, विकास खण्ड मोहम्मदपुर, आजमगढ़ में किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जिले के मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना के नेतृत्व में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में गोधन संकल्प कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को एक करोड़ 7 लाख रुपए से अधिक का डेमो चेक वितरित किया गया। गो-धन संकल्प कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विजय बहादुर पाठक विधान परिषद सदस्य द्वारा वर्मी का कार्य कर रही समूह की महिलाओं को 1,07,04,170 का डेमोचेक देकर सम्मानित करते हुए ग्राम पंचायत रानीपुर रजमों, बैराडीह, सिंघडा, उत्तरगांवा के प्रधान को वर्मी कम्पोस्ट किट भी अपने शुभ हाथों से प्रदान किया गया। इस अवसर एमएलसी ने कहा यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हमारी ग्रामीण माताओं बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त करने का एक बेहतरीन माध्यम है। गौशालाओं के गोबर से वर्मी कम्पोस्ट बनाकर स्वयं सहायता समूह की दीदियां आत्मनिर्भरता की नयी कहानी लिखेंगी। सीडीओ बोले जुलाई तक 3 करोड़ से अधिक का कंपोस्ट होगा तैयारकार्यक्रम में उपस्थित जिले के मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना के निर्देश के क्रम में वित्तीय वर्ष 2026-27 में बृहद वृक्षारोपण पंचायती राज और राजस्व विभाग के साथ-साथ विकास विभाग को कुल 2713713 पौधरोपण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। लक्ष्य के सापेक्ष प्रत्येक पौधा 1 किग्रा की दर से 2713713 किग्रा वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण कराया जा रहा है। वर्मी कम्पोस्ट का सम्पूर्ण उत्पादन एवं आपूर्ति स्वयं सहायता समूहों द्वारा किया जायेगा। जनपद के समस्त स्थाई एवं अस्थाई गौशालाओं को समूह से मैप करते हुए 50 पैसे प्रति किग्रा की दर से गोबर का क्रय कर वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण कराया जा रहा है। समूहों द्वारा उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट को 10 प्रति किग्रा की दर से ग्राम पंचायतों को आपूर्ति समूह द्वारा की जायेगी। जिसका भुगतान ग्राम पंचायतों से सीधे समूह के खाते में किया जायेगा। वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन एवं आपूर्ति से स्वयं सहायता समूह सदस्यों को लगभग 2 करोड़ 71 लाख की अतिरिक्त आय होगी तथा समस्त गौशालाओं को लगभग 32.30 लाख की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना का कहना है कि समूह की महिलाएं गौशालाओं के गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार कर रही हैं। जुलाई माह तक तीन करोड़ से अधिक का लक्ष्य और जो भी पैसा आएगा इन महिलाओं के खाते में सीधे ट्रांसफर किया जाएगा। उपस्थित सभी से अपील करते हुए कहा कि इस सरकारी स्कीम की तरह न रखकर ज्यादा से ज्यादा आगे बढ़ाना है। जिससे हमारी बहनों को इसका फायदा मिल सके और जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लखपति दीदी बनाने का सपना है वह सरकार किया जा सके।
चित्रकूट के राजापुर तहसील क्षेत्र में औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों ने अधिकारियों पर पुराने सर्किल रेट पर जमीन लेने का आरोप लगाया है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के बैनर तले सैकड़ों किसान सोमवार सुबह 11:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष बृजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राजापुर तहसील क्षेत्र में औद्योगिक गलियारे के लिए लोहदा, नोनार और पथरा गांवों की जमीन तीसरे चरण में अधिग्रहित की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह जमीन समतल, द्विफसलीय और उपजाऊ है। सिंह के अनुसार, इन जमीनों का मौजूदा सर्किल रेट 5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से अधिक है, लेकिन प्रशासन इसे पुराने सर्किल रेट 11 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिग्रहित कर रहा है। किसानों का कहना है कि इस दर पर जमीन देने से वे भूमिहीन हो जाएंगे। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी जमीन देने को तैयार हैं, बशर्ते उन्हें 25 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाए। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
रेप के आरोपी को 10 साल जेल:कोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना लगाया, 8 गवाहों ने दिए बयान
बांसवाड़ा के जिला एवं सत्र न्यायालय ने रेप के आरोपी को 10 साल जेल और 50 हजार जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने ये फैसला सुनाया। पीड़िता ने थाने में लिखित शिकायत दी थी। न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को मजबूती से रखने के लिए कुल 8 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। इसके साथ ही अपराध को साबित करने के लिए 28 महत्वपूर्ण दस्तावेजी सबूत भी कोर्ट के सामने प्रदर्शित किए गए। कोर्ट ने आए हुए सभी साक्ष्यों और गवाहों का गहन अध्ययन करने के बाद आरोपी दिनेश को दोषी करार देते हुए 10 साल की कड़ी सजा सुनाई। इस पूरे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने की।
कोरबा के कटघोरा वनमंडल में जंगली सुअर के शिकार के मामले में वन विभाग ने छापा मारा। इस दौरान कुछ लोगों पर वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। लेकिन इसी बीच यह भी आरोप लगे हैं कि कुछ आरोपियों को बचाने के नाम पर पैसे वसूले गए। मामले में डिप्टी रेंजर का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसके बाद डीएफओ कुमार निशांत ने जांच के आदेश दे दिए हैं। अब जानिए पूरा मामला यह मामला पसान वन परिक्षेत्र के लैंगा बीट के करी गांव का है। कुछ दिन पहले गांव वालों ने मिलकर जंगली सुअर का शिकार किया था और गांव में पार्टी की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच इसकी जानकारी फॉरेस्ट गार्ड राम कुमार कोराम को लग गई, जिसके बाद वह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई की। वन विभाग ने शिकार में शामिल कुछ लोगों पर मामला दर्ज किया है। साथ ही, शिकार में इस्तेमाल की गई सामग्री भी जब्त कर ली गई है। इसी बीच इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में डिप्टी रेंजर उषा सोनवानी कुछ ग्रामीणों के साथ बैठी नजर आ रही हैं। वीडियो में उषा सोनवानी यह कहते हुए सुनी जा रही हैं कि वन रक्षक ने शिकारियों से पैसे लिए थे। साथ ही कुछ आरोपियों को बचाने के लिए लेन-देन होने की बात भी सामने आ रही है। वायरल वीडियो के बाद वन विभाग ने शुरू की जांच कोरबा के डीएफओ कुमार निशांत ने वायरल वीडियो की जानकारी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए पसान रेंजर मनीष सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। डीएफओ ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि कोरबा जिले में जंगली जानवरों के शिकार के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। वन विभाग ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई करता रहा है और वन्य जीवों का शिकार पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व के अवसर पर पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से 541 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान जाएगा। शिरोमणि कमेटी के अनुसार, इस जत्थे को 10 जून को अमृतसर स्थित कमेटी कार्यालय से रवाना किया जाएगा। इसके लिए कुल 561 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट पाकिस्तान दूतावास को भेजे गए थे, जिनमें से 541 श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया गया है, जबकि 20 श्रद्धालुओं को वीजा नहीं मिल सका। 18 जून को पाकिस्तान में होंगे गुरु अर्जन देव जी के शहीदी समागम धर्म प्रचार कमेटी के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि पाकिस्तान में 18 जून को श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस से संबंधित मुख्य धार्मिक समागम आयोजित किए जाएंगे। जत्था विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन करने के बाद इन समागमों में शामिल होगा और 19 जून को भारत वापस लौटेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिन श्रद्धालुओं को वीजा प्राप्त हो चुका है, वे कल 9 जून को कार्यालय समय के दौरान शिरोमणि कमेटी कार्यालय से अपने पासपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, 20 श्रद्धालुओं को वीजा नहीं मिल पाया है। शिरोमणि कमेटी ने संबंधित श्रद्धालुओं की सूची भी जारी कर दी है। शहीदी पर्व यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह गौरतलब है कि हर वर्ष श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए जाते हैं और धार्मिक समागमों में भाग लेते हैं। इस बार भी श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।
बुरहानपुर में अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खकनार पुलिस ने ₹5 हजार के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक अंतरराज्यीय हथियार तस्करी रैकेट के खुलासे का हिस्सा है। मामले में अब तक पंजाब के पटियाला निवासी एक तस्कर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने कुल 10 अवैध देशी पिस्टल और 2 खाली मैगजीन बरामद की हैं। मुखबिर की सूचना पर पंजाब का तस्कर गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर थाना प्रभारी खकनार अभिषेक जाधव की टीम ने कार्रवाई की। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर ग्राम बोरखेड़ा फाटा स्थित यात्री प्रतीक्षालय के पास से रणजीत पिता शम्भूनाथ कुंज (32 साल, निवासी पटियाला, पंजाब) को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से 7 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल, 2 खाली मैगजीन और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब ₹1.38 लाख बताई गई है। पूछताछ में सप्लाई चेन का खुलासा हुआ पूछताछ के दौरान रणजीत ने बताया कि उसने ये हथियार पाचौरी निवासी इंडिया उर्फ ईडा से लिए थे। इसके बाद पुलिस ने 15 मई को घेराबंदी कर इंडिया उर्फ ईडा पिता अमरसिंह भिलाला (28 साल, निवासी पाचौरी) को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 3 देशी पिस्टल बरामद हुई थीं। ईडा ने पूछताछ में बताया था कि उसे हथियार हरदीपसिंह पिता तेहरसिंह जुनेजा सिकलीगर (21 साल, निवासी पाचौरी) ने दिए थे। इसके आधार पर पुलिस ने सोमवार को पांगरी फाटे से फरार चल रहे ₹5 हजार के इनामी आरोपी हरदीपसिंह को गिरफ्तार कर लिया। 10 पिस्टल और 2 मैगजीन देने की बात कबूली पुलिस पूछताछ में हरदीपसिंह ने बताया कि उसने इंडिया उर्फ ईडा को 10 देशी पिस्टल और 2 मैगजीन दी थीं। इनमें से 7 पिस्टल पंजाब भेजी गई थीं। पुलिस के अनुसार हरदीपसिंह के खिलाफ खकनार थाने में पहले से भी आर्म्स एक्ट का एक मामला दर्ज है। मामले में पुलिस पहले ही रणजीत पिता शम्भूनाथ कुंज (32 साल, निवासी पटियाला, पंजाब) और इंडिया उर्फ ईडा पिता अमरसिंह भिलाला (28 साल, निवासी पाचौरी) को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब तीसरे आरोपी हरदीपसिंह पिता तेहरसिंह जुनेजा (21 साल, निवासी पाचौरी) की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हथियार तस्करी नेटवर्क के अन्य संभावित कड़ियों की जांच कर रही है।
निवाड़ी में प्री-मानसून की दस्तक:तापमान में भी आई गिरावट, उमस से लोग परेशान
निवाड़ी जिले में सोमवार दोपहर मौसम में बदलाव आया। प्री-मानसून गतिविधियों के कारण हुई बारिश से लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, वातावरण में नमी बढ़ने से उमस ने नई परेशानी खड़ी कर दी है। जिले का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से घटकर 40 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट से लोगों ने राहत महसूस की है, लेकिन दिनभर पसीने और चिपचिपाहट से लोग परेशान रहे। मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय हो रही हैं। इसका असर बुंदेलखंड क्षेत्र सहित निवाड़ी जिले में भी दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने तक ऐसी स्थिति बनी रह सकती है। यह मौसम किसानों के लिए भी अनुकूल माना जा रहा है। बारिश की शुरुआती गतिविधियों से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे खरीफ फसलों की तैयारी करने वाले किसानों में उत्साह है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश का दौर जारी रह सकता है, जिससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। बदलते मौसम के चलते चिकित्सकों ने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी है।
शाहजहांपुर में करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह ने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में 50 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा है कि हम बीजेपी के गुलाम नहीं है। अपने समर्थकों के सम्मान के लिए स्वतंत्र राजनीतिक भूमिका निभाएगी। करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा- क्यों ना लड़ें जब राजभर जैसे व्यक्ति को मंत्री बना देते हो, अपना दल टाइप के लोगों को आप सीटें दे देते हो, हमारे साथ ये बनिया, ब्राह्मण, ये 36 बिरादरी खड़ी हैं, क्यों, हम लोग चुनाव ना लड़े... राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल सिंह ने कहा भाजपा को 37 साल दिए हैं, लेकिन पार्टी को उन लोगों की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। जिनके समर्थन से वह मजबूत हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को संबोधित करते हुए कहा कि करणी सेना को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। वे मुख्यमंत्री का सम्मान करते हैं, लेकिन भाजपा के गुलाम नहीं हैं। अब सत्ता में भागीदारी चाहती है करणी सेना करणी सेना अब उत्तर प्रदेश की सत्ता में भागीदारी चाहती है। करणी सेना मुख्य रूप से क्षत्रिय और सवर्ण समुदाय के अधिकारों, सांस्कृतिक संरक्षण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए काम करने वाला सामाजिक-राजनीतिक संगठन है। हालांकि अब यह संगठन राजनीति में आने लगे की तैयारी कर रहा है। करणी सेना के अध्यक्ष सूरज पाल सिंह अम्मू ने अपने संगठन की अपेक्षा साफ-साफ जाहिर कर दी है। गाय को राष्ट्र माता घोषित किया जाए करणी सेना के अध्यक्ष सूरज पाल सिंह अम्मू शाहजहांपुर में आयोजित करणी सेना के सम्मेलन में भाल लेने के लिए आए थे। यह सम्मेलन रविवार को शहर के मोहल्ला अंटा में स्थित अटल ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था। सूरज पाल सिंह अम्मू ने सम्मेलन में कहा कि मुस्लिम गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं। हमारे पूर्वजों ने जब से जन्म लिया। तब से गाय को माता कहा जाता है, इसलिए गाय को राष्ट्र माता घोषित किया जाए। शाहजहांपुर का नाम बदलने की मांग सम्मेलन में सूरजपाल सिंह ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। उन्होंने कहा कि करणी सेना ने अयोध्या में विवादित ढांचे को ढहाया और योगी आदित्यनाथ की सरकार ने वहां भव्य मंदिर बनाया। सूरजपाल सिंह ने शाहजहांपुर का नाम बदलने की मांग की। उन्होंने एमएलए अरविंद सिंह से कहा कि वे जिले का नाम बदलने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजें। करणी सेना को सम्मान देने की मांग करणी सेना के अध्यक्ष सूरजपाल सिंह ने बीजेपी और योगी सरकार से संगठन के सदस्यों को सम्मान देने की मांग की। उन्होंने सम्मेलन में कहा कि करणी सेना को विधानसभा चुनाव में 25 टिकट दिए जाएं। देश की माटी से प्रेम करने वाले संगठन में सिर्फ क्षत्रिय ही नहीं, बल्कि ब्राह्मण और वैश्य समेत कई बिरादरियों के लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बंटोगे तो कटोगे, यदि एकजुट नहीं रहे तो हमारा अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। सूरजपाल सिंह ने रविवार को करणी सेना के सम्मेलन में विधानसभा चुनाव में 25 टिकटों की मांग बीजेपी से की थी, हालांकि सोमवार को उन्होंने 50 सीटों पर चुनाव लड़ने की ही घोषणा कर दी। उनके तेवर बगावती हैं जो कि यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। --------------------------------------- ये भी पढ़ें… सुभासपा के 44 सीटों पर दावेदार तय:भाजपा की 8, निषाद पार्टी की 2 सीटों पर भी दावा; 5 सीटों पर ओपी राजभर ने बढ़ाई टेंशन यूपी विधानसभा चुनाव समय से पहले होने की चर्चा के बीच राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछली बार सपा के साथ 19 सीटों पर चुनाव लड़ चुकी सुभासपा 2027 में 44 सीटों पर लड़ने की तैयारी में है। इनमें 8 पर अभी भाजपा के विधायक हैं। 2 सीटें ऐसी हैं, जहां पिछली बार निषाद पार्टी के प्रत्याशी चुनाव में उतरे थे। यूपी सरकार में मंत्री दारा सिंह चौहान की घोसी और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की मधुबन सीट पर भी ओपी राजभर ने दावेदार तय किए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
हांसी जिले के चैनत गांव में पिछले 24 दिनों से पीने के पानी के कनेक्शन की मांग को लेकर ग्रामीण धरने पर बैठे हैं। सोमवार को इस आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन मिला। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, आदमपुर विधायक चंद्र प्रकाश, नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़, पूर्व मंत्री सुभाष गोयल और सुमन शर्मा सहित कई कांग्रेस नेता धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मांग को जायज बताया। कांग्रेस नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण केवल अपने गांव के लिए पीने के पानी की व्यवस्था चाहते हैं। उन्होंने सरकार से बिना किसी देरी के इस समस्या का समाधान करने का आग्रह किया। नेताओं ने जोर दिया कि पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। 'ग्रामीणों को पानी उपलब्ध करा दे, तो राजनीति खत्म हो जाएगी' नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़ ने विधायक विनोद भयाना के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने आंदोलन में राजनीति होने की बात कही थी। पेटवाड़ ने कहा कि यदि सरकार ग्रामीणों को पानी उपलब्ध करा दे, तो राजनीति अपने आप समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि चैनत और माजरा गांव के लोग अपने अधिकार के लिए शांतिपूर्ण ढंग से संघर्ष कर रहे हैं और उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। 'समस्या का समाधान तुरंत कर सकती है सरकार' आदमपुर विधायक चंद्रप्रकाश ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रदेश में ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां शहरों को जाने वाली पेयजल लाइन से आसपास के गांवों को भी पानी दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई नियम नहीं है जो शहर की पाइपलाइन से गांवों को पानी देने से रोकता हो। विधायक ने कहा कि सरकार चाहे तो इस समस्या का समाधान तुरंत कर सकती है। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी उनकी इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस विधायक इस मुद्दे को हरियाणा विधानसभा में और सांसद लोकसभा में मजबूती से उठाएंगे, ताकि ग्रामीणों को उनका हक मिल सके। 'चैनत और माजरा गांव की समस्या का जल्द समाधान हो' हुड्डा ने सरकार से मांग की कि चैनत और माजरा गांव की समस्या का जल्द समाधान किया जाए और ऐसा रास्ता निकाला जाए जिससे हांसी शहर के लोगों को भी पर्याप्त पानी मिलता रहे। साथ ही दोनों गांवों को भी उनके हिस्से का पेयजल उपलब्ध हो सके। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने दोहराया कि उनकी मांग हांसी शहर का पानी रोकने या किसी का हक छीनने की नहीं है, बल्कि हांसी को जाने वाली भाखड़ा पाइपलाइन से अपने गांवों के लिए पेयजल कनेक्शन लेने की है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धार शहर में प्री-मानसून बारिश के बाद सफाई व्यवस्था की स्थिति सामने आ गई है। पहली बारिश में कई स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आने के बाद नगर पालिका ने मानसून से पहले नाले-नालियों की सफाई का अभियान तेज कर दिया है। चोक नालों से गाद और कचरा हटाया जा रहा है, ताकि पानी की निकासी सुचारु हो सके। इसके बावजूद, शहर की कई निचली बस्तियों में जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के दौरान पानी घरों में घुस जाता है, जिससे निवासियों को परेशानी होती है। मायापुरी कॉलोनी का बड़ा नाला लंबे समय से समस्या का मुख्य कारण है, जो तेज बारिश में लबालब भर जाता है। मायापुरी में जलभराव होने पर नगर पालिका को पानी निकालने के लिए मोटर और पाइप का उपयोग करना पड़ता है। तब तक कॉलोनी के कई हिस्सों में पानी भर चुका होता है। जानकीनगर, चाणक्यपुर, बस स्टैंड क्षेत्र, छतरी, हटवाड़ा, किला मैदान की बस्ती और कन्या महाविद्यालय के सामने भी हर वर्ष ऐसी ही स्थिति बनती है। स्थानीय निवासी इन क्षेत्रों में जलभराव के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। शहर का आदर्श रोड-धारेश्वर मार्ग भी बारिश में तालाब में बदल जाता है, जिससे यातायात बाधित होता है। नागरिकों का कहना है कि मानसून से पहले इन प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष योजना बनाई जानी चाहिए। स्वच्छता प्रभारी शकीरा जलील ने बताया कि मानसून को देखते हुए नाले-नालियों की सफाई का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि अधिकांश स्थानों पर सफाई पूरी हो चुकी है, और शेष क्षेत्रों में भी कार्य जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा। नगर पालिका का लक्ष्य है कि शहर में कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो।
उमरिया में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल एसडीएम की जान बचाने वाले ग्राम पठारी के सरपंच गोविंद प्रसाद गौतम को 'राह-वीर' सम्मान से सम्मानित किया गया है। मध्य प्रदेश परिवहन आयुक्त की ओर से प्रदान किए गए इस सम्मान का प्रशस्ति पत्र कलेक्टर राखी सहाय ने उन्हें सौंपा। यह घटना 16 नवंबर 2025 को हुई थी, जब एसडीएम अंबिकेश प्रताप सिंह एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना के बाद, सरपंच गोविंद प्रसाद गौतम ने 'गोल्डन ऑवर' के दौरान तत्परता दिखाते हुए घायल अधिकारी को तत्काल नजदीकी अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने की व्यवस्था की। समय पर उपचार मिलने के कारण एसडीएम अंबिकेश प्रताप सिंह की जान बचाई जा सकी। उनके इस साहसिक और मानवीय कार्य को देखते हुए मध्य प्रदेश परिवहन आयुक्त ने उन्हें 'राह-वीर' सम्मान से नवाजा है। साथ ही, 'राहवीर योजना' के तहत 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी स्वीकृत की गई है। इस अवसर पर कलेक्टर राखी सहाय ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ा मानवीय कर्तव्य है। उन्होंने जोर दिया कि 'गोल्डन ऑवर' के दौरान मिली सहायता किसी भी व्यक्ति को नया जीवन दे सकती है। कलेक्टर ने यह भी कहा कि ऐसे प्रेरणादायी उदाहरण समाज में दूसरों को भी जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इस कार्यक्रम में जिला परिवहन अधिकारी रमा दुबे भी उपस्थित रहीं।
विवाहिता का शव फंदे से लटका मिला:पिता ने हत्या का आरोप लगाया, पति हिरासत में
हरदोई शहर के ऊंचा थोक देविन पुरवा मोहल्ले में सोमवार सुबह एक विवाहिता का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। जीवित होने की आस लिए परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पिता ने दामाद और ससुराल वालों पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है। यह घटना सोमवार सुबह करीब 10 बजे की है। पिहानी कोतवाली क्षेत्र के लीला पुरवा जमुई गांव के मूल निवासी विकेट बहादुर, जो हरदोई शहर में किराए के मकान में रहते हैं और एक निजी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर हैं, काम पर गए थे। घर में उनकी 24 वर्षीय पत्नी अंजू, डेढ़ साल का बेटा विराज और उनकी छोटी बहन शिल्पी मौजूद थीं। कुछ देर बाद शिल्पी ने फोन कर बताया कि अंजू ने कमरे में रस्सी से फंदा लगा लिया है। परिजनों ने अंजू को फंदे से उतारा और जीवित होने की उम्मीद में मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। शाहजहांपुर के सेरामऊ थाना क्षेत्र के ग्राम अहमदपुर निवासी अंजू के पिता अमर सिंह ने बताया कि उन्होंने 5 जून 2023 को अंजू की शादी विकेट बहादुर से की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अंजू का विकेट बहादुर और उसके परिजनों से अक्सर विवाद होता रहता था, जिससे अंजू परेशान रहती थी। अमर सिंह ने दावा किया कि अंजू के ससुराल वालों ने उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया है। सूचना मिलने पर शहर कोतवाल संजय त्यागी मेडिकल कॉलेज परिसर पहुंचे और विकेट बहादुर को हिरासत में ले लिया। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हिरासत में लिए गए पति विकेट बहादुर ने पुलिस को बताया कि अंजू मायके जाने की जिद कर रही थी। उन्होंने अंजू से कहा था कि वह 12 जून को ईसीसीई एजुकेटर का एग्जाम देने के बाद मायके चली जाए। विकेट बहादुर के अनुसार, अंजू इसी बात से नाराज थी।
एडीजी कानपुर जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ ने फर्रुखाबाद में पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उनके साथ जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह भी मौजूद थीं। अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद मिलीं। यह निरीक्षण 8, 9 और 10 जून तक फर्रुखाबाद जनपद में आयोजित होने वाली पुलिस भर्ती परीक्षा को नकलविहीन और सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से किया गया। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन इस परीक्षा को लेकर लगातार सक्रिय है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि जनपद के 19 केंद्रों पर पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। इसमें प्रति पाली लगभग 6720 अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। परीक्षा दो पालियों में तीन दिनों तक चलेगी। प्रशासन द्वारा सभी केंद्रों पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। ड्यूटी पर तैनात सभी कर्मचारियों को पहचान पत्र दिए गए हैं और उनकी फिस्टिंग (शारीरिक जांच) की गई है। परीक्षार्थियों के लिए भी फिस्टिंग की व्यवस्था है। सभी केंद्रों पर कंट्रोल रूम स्थापित हैं और सीसीटीवी कैमरे संचालित हैं। सुबह सभी सेंटरों का दौरा किया गया था, जहां सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में दो युवतियों की दोस्ती और साथ रहने की इच्छा को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी सहेली के परिजन ने घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की। मामले में द्वारकापुरी पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पढ़िए पूरी खबर। आईपीएल सट्टे में 4.50 लाख हारे युवक ने खाया जहर इंदौर के नालिया बाखल क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने आईपीएल सट्टे में लाखों रुपए हारने के बाद जहरीला पदार्थ खा लिया। युवक को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें युवक ने आईपीएल सट्टे में करीब साढ़े चार लाख रुपए हारने का जिक्र किया है। पढ़िए पूरी खबर। पिता की फटकार के बाद युवक ने लगाई फांसी इंदौर के हीरानगर क्षेत्र में एक रोलिंग मिल कर्मचारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि युवक शराब पीकर घर पहुंचा था, जिसके बाद पिता ने उसे समझाइश दी थी। इसके कुछ देर बाद उसने कमरे में फांसी लगा ली। पढ़िए पूरी खबर। इंदौर में युवती से दोस्ती पर विवाद इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में युवती से बातचीत और दोस्ती को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि युवती के भाई ने एक ड्राइवर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवक घायल हो गया, जिसे उसके दोस्त निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़िए पूरी खबर। इंदौर में ऑनलाइन पेमेंट को लेकर सीएनजी पंप पर विवाद इंदौर के भंवरकुआ में अवंतिका कंपनी के सीएनजी पंप पर ऑनलाइन पेमेंट नहीं होने के चलते कार सवार दो युवकों का स्टाफ से विवाद हो गया। इस दौरान मैनेजर ने मारपीट कर दी। वहीं, मौके पर मौजूद गार्ड ने बंदूक की बट से एक युवक के सिर पर हमला कर दिया। घायल युवक को उसका साथी निजी अस्पताल लेकर पहुंचा। पढ़िए पूरी खबर। इंदौर में प्रॉपर्टी ब्रोकर से 17.84 लाख की ठगी इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में रहने वाले एक प्रॉपर्टी ब्रोकर के साथ शेयर मार्केट और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 17.84 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों और संबंधित बैंक खाताधारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़िए पूरी खबर। इंदौर के स्ट्रेचर वाले बच्चे को दुर्लभ बीमारी इंदौर के एमवाय अस्पताल और सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के बीच भीषण गर्मी में स्ट्रेचर पर एक बीमार बच्चे को ले जाते उसके माता-पिता का वीडियो वायरल होने के बाद इसके पीछे का एक दर्दभरा सच सामने आया है। पढ़िए पूरी खबर। इंदौर में कल से ब्रिक्स देशों का सम्मेलन भारत इस साल ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता कर रहा है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस बड़े आयोजन की विस्तृत रूपरेखा साझा की। पढ़िए पूरी खबर। इंदौर में तापमान में इजाफा...अब उमस भी बढ़ी इंदौर में दो दिन से मौसम साफ है। इसके साथ ही पिछले 24 घंटों में दिन और रात के तापमान में 1 डिग्री का इजाफा हुआ है और उमस भी बढ़ी है। सोमवार सुबह से मौसम पूरी तरह साफ है। मौसम वैज्ञानिकों ने एक-दो दिन ऐसा ही मौसम बने रहने के आसार जताए हैं। पढ़िए पूरी खबर। चलती कार में लगी आग, चार लोगों ने कूदकर बचाई जान महू के बड़गोंदा थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध पर्यटक स्थल जाम गेट पर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे चलती कार में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी कार लपटों की चपेट में आ गई। कार में सवार चार लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। पढ़िए पूरी खबर।
श्योपुर पुलिस में 80 अधिकारी-कर्मचारियों का तबादला:एसपी ने जारी किए आदेश, कई थानों में बदली तैनाती
श्योपुर जिले के पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल ने 80 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों के तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण के आदेश जारी किए हैं। यह फेरबदल पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों के पालन में किया गया है। इन आदेशों के तहत जिले के कई थानों में पुलिसकर्मियों की तैनाती बदली गई है। किस को कहां भेजा गया

