गाजियाबाद के नंदग्राम निवासी तथा असम राइफल्स के वीर जवान चंद्र मोहन सिंह का अंतिम संस्कार आज हिंडन घाट सैन्य सम्मान के साथ हुआ। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों, सैन्य अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व बड़ी संख्या में आसपास के लोगों ने शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बारिश के बीच भी अंतिम संस्कार में आसपास के लोग उमड़े। तीन दिन पहले मणिपुर में 2 जवान शहीद हुए। इनमें बलवंत सिंह का अंतिम संस्कार हल्द्वानी और चंद्रमोहन के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार गाजियाबाद में किया गया। गार्ड आर्फ ऑनर दिया अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों द्वारा शहीद जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्र की सेवा में उनके अद्वितीय योगदान को नमन करते हुए पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।इस अवसर पर साहिबाबाद से विधायक और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, एसडीएम सदर अरुण दीक्षित, 56 फील्ड रेजिमेंट मेरठ के कर्नल नवीन शर्मा व गणमान्य व्यक्तियों ने शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। 2 मिनट का मौन रखा अंतिम संस्कार के अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर शहीद की पावन स्मृति को नमन किया। वहीं आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। गाजियाबाद के शहीद के खबर पाकर आसपास के लोग भी अंतिम विदाई में पहुंचे, जहां साहस, देशभक्ति एवं सर्वोच्च बलिदान को विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। हवलदार चंद्रमोहन सिंह के सीने में 9 गोलियां लगीं उग्रवादियों के हमले में हवलदार चंद्रमोहन सिंह के सीने में 9 गोलियां लगीं, जबकि वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह के पीठ में तीन गोलियां लगीं। पार्थिव शरीर लेकर पहुंचे सेना के जवानों ने बताया कि मणिपुर में हुए हमले के दौरान वाहन चंद्रमोहन सिंह चला रहे थे, जबकि बलवंत सिंह उसमें बैठे थे। आईईडी ब्लास्ट के बाद दोनों जवान वाहन से कूद गए। इसी दौरान घात लगाए उग्रवादियों ने उन पर हमला कर दिया। जवानों के अनुसार, चंद्रमोहन सिंह ने अपने बचाव में करीब 25 राउंड फायरिंग की, जबकि बलवंत सिंह ने 13 राउंड गोलियां चलाईं। दोनों जवानों ने उग्रवादियों का सामना किया, लेकिन गोली लगने से वे शहीद हो गए। पत्नी शव से लिपटकर रोई शहीद चंद्र मोहन सिंह अपने पीछे पत्नी मंजू देवी रावत, पुत्र राहुल सिंह रावत तथा बेटी रितिका रावत व यशिका रावत सहित समस्त परिवार को छोड़ गए हैं। पत्नी मंजू अपने पति चंद्रमोहन के जवान से लिपटकर रोईं। जहां सेना के जवानों ने उन्होंने सांत्वना देते हुए संभाला।
महराजगंज में 2.5 किलो ड्रग्स बरामद:SSB-NSB की संयुक्त कार्रवाई में मणिपुर की महिला गिरफ्तार
महराजगंज में भारत-नेपाल सीमा पर सोनौली बॉर्डर पर एसएसबी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। शनिवार रात करीब 9 बजे लगभग 2.5 किलोग्राम मेथाक्वॉलोन ड्रग्स बरामद की गई। यह ड्रग्स एक ट्रॉली बैग में गुप्त रूप से कार्बन पेपर से लपेटकर छिपाई गई थी। इस मामले में मणिपुर की एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई 22वीं वाहिनी एसएसबी के कमांडेंट शक्ति सिंह के निर्देश पर की गई। सहायक कमांडेंट प्रिया यादव के नेतृत्व में एसएसबी की 'बी' समवाय सोनौली और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, गोरखपुर की संयुक्त टीम ने इसे अंजाम दिया। टीम सीमा स्तंभ संख्या 517/2 के पास नेपाल से भारत आने वाले यात्रियों की नियमित जांच कर रही थी। जांच के दौरान, नेपाल से भारत में प्रवेश कर रही एक महिला के ट्रॉली बैग को बैग स्कैनर से चेक किया गया। स्कैनिंग में संदिग्ध वस्तु दिखने पर सुरक्षाकर्मियों ने बैग की गहन तलाशी ली। तलाशी में बैग के अंदर बने विशेष खांचे से कार्बन पेपर में लिपटे पैकेट मिले। ड्रग डिटेक्शन किट से पुष्टि हुई कि यह पदार्थ मेथाक्वॉलोन ड्रग्स था, जिसका वजन लगभग 2.5 किलोग्राम था। गिरफ्तार महिला की पहचान मणिपुर के ग्राम पचाई निवासी टी. संग मार्गहिंग (30 वर्ष) के रूप में हुई है। सुरक्षा एजेंसियों ने मादक पदार्थ जब्त कर महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि यह खेप किस तस्कर गिरोह से संबंधित है और इसकी आपूर्ति का गंतव्य क्या था। एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं। सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि तस्करी के प्रयासों को समय रहते विफल किया जा सके।

