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यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज

भारतीय राजनीतिक गलियारों में इस समय चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुँच चुकी है, क्योंकि देश के पांच अहम राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों का काउंटडाउन आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है। चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने इन राज्यों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के लिए अपनी प्रशासनिक तैयारियों को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों की उच्च स्तरीय टीम जल्द ही इन सभी चुनावी राज्यों का व्यापक दौरा करने वाली है, जिसके तहत ज़मीनी प्रशासनिक तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्थाओं और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। इस घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों ने भी अपनी कमर कस ली है और राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक बैठकों का दौर तेज हो गया है, जिससे यह साफ हो गया है कि आने वाले कुछ महीने देश की सियासत के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।किन राज्यों में होने हैं अगले साल विधानसभा चुनाव और क्या है चुनावी टाइमलाइनभारतीय निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, अगले साल की शुरुआत में जिन पांच प्रमुख राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें उत्तर प्रदेश (UP), पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और पूर्वोत्तर का संवेदनशील राज्य मणिपुर शामिल हैं। इन सभी राज्यों में चुनावी हवा तेजी से बहने लगी है और राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया है। चुनावी जानकारों और विश्लेषकों का मानना है कि फरवरी-मार्च के दौरान इन राज्यों में मतदान की प्रक्रिया संपन्न कराई जा सकती है, जिसके लिए चुनाव आयोग ने प्रशासनिक स्तर पर जनगणना से जुड़ी गतिविधियों और मतदाता सूचियों (Voter List Revision) के पुनरीक्षण का काम भी युद्धस्तर पर शुरू करवा दिया है। हर राज्य का अपना अलग राजनीतिक मिजाज और भौगोलिक समीकरण है, जिसके चलते चुनाव आयोग की यह समीक्षा यात्रा इन राज्यों के संवेदनशील बूथों और सुरक्षा आवश्यकताओं का आकलन करने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के दौरे का मुख्य उद्देश्य और प्रशासनिक बैठकेंमुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में चुनाव आयोग का यह आगामी दौरा इस बात की रूपरेखा तय करेगा कि मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के क्या इंतज़ाम रहेंगे और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMS) की सुरक्षा व आवाजाही को कैसे पुख्ता किया जाएगा। सीईसी (CEC) अपने इस दौरे के दौरान संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों (DGP), जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ मैराथन उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) को सख्ती से लागू करने, धनबल और बाहुबल के इस्तेमाल पर रोक लगाने तथा स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य के प्रशासनिक तंत्र को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या गड़बड़ी न हो, विशेष तौर पर संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती समय पर पूरी कर ली जाए।राजनीतिक दलों की बढ़ी हलचल, टिकट बंटवारे और रैलियों की रणनीति पर मंथनचुनाव आयोग की तैयारियों के साथ ही इन पांचों राज्यों में राजनीतिक दलों की राजनीतिक गतिविधियाँ भी अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुकी हैं। उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब और उत्तराखंड तक, तमाम छोटी-बड़ी पार्टियाँ जनता को साधने के लिए रैलियों, जनसभाओं और विजय यात्राओं की योजना बना रही हैं। बैठकों का दौर शुरू हो चुका है जहाँ उम्मीदवारों के चयन, संभावित गठबंधनों और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर चर्चा की जा रही है। सत्ताधारी दल अपनी विकास योजनाओं और कल्याणकारी नीतियों के दम पर दोबारा वापसी का दावा कर रहे हैं, तो वहीं विपक्षी दल बेरोजगारी, महँगाई और स्थानीय कुप्रबंधन जैसे मुद्दों को हथियार बनाकर मतदाताओं के बीच जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस बहुकोणीय राजनीतिक मुकाबले ने इन राज्यों के चुनावी माहौल को बेहद रोमांचक और संघर्षपूर्ण बना दिया है, जहाँ हर एक राजनीतिक दल अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रहा है।चुनावी सुरक्षा, निष्पक्षता और मतदाताओं की भागीदारी को लेकर आयोग का खास फोकसभारतीय निर्वाचन आयोग का इस बार का पूरा जोर इस बात पर है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इसके लिए विशेष मतदाता जागरूकता अभियानों (SVEEP) के जरिए युवाओं और नए मतदाताओं को जोड़ने का काम किया जा रहा है। साथ ही, दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए घर से ही वोट डालने (Postal Ballot) की सुविधा को और अधिक सुगम बनाने के निर्देश भी जिला प्रशासन को दिए गए हैं। डिजिटल युग और सोशल मीडिया के दौर में फेक न्यूज और भड़काऊ बयानों पर नकेल कसने के लिए चुनाव आयोग की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल भी पूरी तरह से मुस्तैद कर दी गई है। जैसे-जैसे मुख्य चुनाव आयुक्त का दौरा नजदीक आ रहा है, प्रशासनिक मशीनरी और राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं, और आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि देश के ये पाँच अहम राज्य किस राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ने वाले हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 12:34 pm

कुकी महिलाओं की हत्या से मणिपुर में तनाव: उग्रवादियों ने रातभर की गोलीबारी- दो घर फूंके, सीआरपीएफ हुई तैनात

कुकी महिलाओं की हत्या से मणिपुर में तनाव: उग्रवादियों ने रातभर की गोलीबारी- दो घर फूंके, सीआरपीएफ हुई तैनात Tension Manipur over killing Kuki women Militants engage in overnight firing, torch two houses; CRPF deployed.

अमर उजाला 16 Sep 2026 11:48 am

Manipur के कांगपोकपी में उग्रवादियों का हमला, दो घरों में आग लगाई और CRPF ने की जवाबी फायरिंग

मणिपुर के कांगपोकपी जिले के एक पहाड़ी गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला कर कम से कम दो घरों में आग लगा दी जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलियां चलाईं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। एक अधिकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में अत्याधुनिक हथियारों से लैस उग्रवादियों ने मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे चावांगकिनिंग नगा गांव पर हमला किया। यह हमला तमेंगलोंग जिले के लीसांगफाई में दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ घंटे बाद हुआ। अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद, पास के इलाके में तैनात सीआरपीएफ के जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने कहा, ‘‘बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे तक लगभग छह घंटे रुक-रुककर गोलीबारी होती रही। सीआरपीएफ ने जवाबी गोलीबारी की और उग्रवादियों को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया।’’हालांकि, गांव के बाहरी हिस्से में बने लकड़ी के दो घरों में उग्रवादियों ने आग लगा दी। गांव के निवासी डेनियल चारेनमई ने कहा, ‘‘ हमारे गांव पर रात करीब साढ़े दस बजे हमला हुआ और सुबह चार बजे तक गोलीबारी जारी रही। गांव में तैनात सीआरपीएफ कर्मियों ने जवाबी गोलीबारी की और गांव पर कब्जा होने से रोक लिया।’’वरिष्ठ नगा नेता और नगा पीपुल्स फ्रंट के विधायक अवांगबो न्यूमई ने दो महिलाओं की हत्या और चावांगकिनिंग में घरों को जलाए जाने की घटना की बुधवार को निंदा की। एक बयान में न्यूमई ने कहा, ‘‘ इस तरह की बर्बर और बेवजह की हिंसक घटनाओं से किसी भी समुदाय का कभी भला नहीं हो सकता।’’कांगपोकपी जिले के सैकुल विधानसभा क्षेत्र की कुकी विधायक ने भी दोनों महिलाओं की हत्या की निंदा की। उन्होंने बताया कि पीड़ितों में से एक ने हाल ही में नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की थी। उन्होंने हत्या में एनएससीएन-आईएम और जेड़यूएफ-के , के लोगों के शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘निर्दोष महिलाओं की हत्या बेहद क्रूर कृत्य है, जिसे किसी भी राजनीतिक उद्देश्य या विचारधारा के आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 11:13 am

Manipur Home Minister का बयान, हिंसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी

मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने सोमवार को कहा कि हिंसा की किसी भी घटना को राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की राह में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। मंत्री के इस बयान से एक दिन पहले रविवार को मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में संदिग्ध उग्रवादियों के हमलों में दो महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई थी। ये हत्याएं ‘साहनित नी’ या ‘ब्लैक डे’ पर की गईं। मणिपुर का कुकी समुदाय 1990 के दशक में राज्य में हुए कुकी-नगा जातीय संघर्ष के पीड़ितों की याद में हर साल 13 सितंबर को यह दिन मनाता है। कोंथौजम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह टोल्लेन कुकी गांव में हुई दुखद घटना से ‘‘बेहद व्यथित’’ हैं। इस हमले में लिंगनगाई सिंगसिट नामक महिला की मौत हो गई और उसके पति सेइनैह सिंगसिट और नवजात बेटा घायल हो गए। सेइनैह ने पड़ोसी राज्य असम के सिलचर में एक अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। कोंथौजम ने कहा, ‘‘निर्दोष नागरिकों के खिलाफ हिंसा अस्वीकार्य है और इससे सख्ती से निपटा जाएगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने संबंधित प्राधिकारियों को तथ्यों का पता लगाने, जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं कि कानून बिना किसी भय या पक्षपात के अपना काम करे।’’उन्होंने कहा कि इस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। कोंथौजम ने कहा, ‘‘इस महत्वपूर्ण समय में हिंसा की किसी भी घटना को मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की राह में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा... कानून का शासन कायम रहेगा, न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और शांति की रक्षा की जाएगी।’’हथियारबंद उग्रवादियों ने एक अन्य घटना में रविवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे नोन्गबा थाने के अंतर्गत आने वाले लॉन्गपी गांव में एक महिला और एक पुरुष की गोली मारकर हत्या कर दी।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 10:23 am

पिटाई से पसलियां टूटीं, तिल्ली फटने से हुई मौत; मणिपुर के संगीतकार की हत्या में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा

दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत छाती और पेट पर गंभीर चोटों के कारण हुई, जिसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। शोर-शराबे का विरोध करने पर हुए हमले में उनकी पसलियां टूटीं और तिल्ली फट गई।

जागरण 11 Sep 2026 10:25 am

Travel Tips: मणिपुर की सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक है Kangla Fort, जानें कैसे पहुंचे Imphal

इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही खुला आसमान और हवा की ताजगी आपका मोह लेगी। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरने के बाद पैदल भवन में एंटर किया जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर बसा इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा के लिए जाना जाता है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं। वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे पारंपरिक आउटफिट में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इमा मार्केट यह समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है। शहर के बीचो-बीच इमा मार्केट स्थित है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला मार्केट। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kashi Tirtha Yatra Package: 17 हजार में वाराणसी और Ayodhya घूमने का बजट फ्रेंडली अवसर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और अन्य कई तरह की चीजें शामिल हैं। वहीं एक हिस्से सिर्फ पूजा का सामान है। कांगला किला की सैर इसके अलावा इंफाल में आपको दो जगहें और देखनी चाहिए। जिनमें पहला कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक है। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। आज भी मणिपुर के निवासियों के िए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद थी। लेकिन हमने पैदल घूमने का फैसला किया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं। कांगला संग्रहालय यहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और इसका इतिहास देख सकते हैं। बोट म्यूजियम यहां पर प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी। पुरातत्व संग्रहालय पुरातत्व संग्रहालय को देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है। जिसको मेतेई लोग शुभ और पवित्र मानते हैं। यहां पर कई और दर्शनीय स्थल है। जैसे - महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि है। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल पहुंचने के लिए आपको दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां पर आप सीधे पहुंच सकते हैं। यहां पर जाने के लिए सिंतबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा है। क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। हालांकि यह सुविधा अब ऑनलाइन भी है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसको प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मौजूद है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।

प्रभासाक्षी 9 Sep 2026 2:50 pm

Manipur School Closed: एनआरसी विवाद के बीच मणिपुर में स्कूल-कॉलेज बंद, 22 अगस्त तक जारी रहेगा आदेश

School Closed: एनआरसी विवाद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच मणिपुर सरकार ने स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का फैसला लिया है। राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान 22 अगस्त तक बंद रहेंगे।

अमर उजाला 20 Aug 2026 12:44 pm

अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

बूमलाइव 14 Aug 2026 6:24 pm