New Delhi/इंफाल, 8 अक्टूबर . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने Thursday को मणिपुर के Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह को भरोसा दिलाया कि केंद्र Government राज्य में शांति बहाल करने, विकास सुनिश्चित करने और वहां के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने में पूरा सहयोग देगी. इंफाल में Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) के एक ... Read more
खुफिया एजेंसियों ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश, पंजाब और मणिपुर में पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा अस्थिरता फैलाने की साजिश की चेतावनी दी है।
New Delhi/इंफाल, 8 अक्टूबर . सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने Thursday को मणिपुर के Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह को भरोसा दिलाया कि राज्य Government द्वारा उठाए गए सभी प्रोजेक्ट और मुद्दों पर काम किया जाएगा, जिसमें दो अहम नेशनल हाईवे का विकास भी शामिल है. इंफाल में Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) ... Read more
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मणिपुर के मुख्यमंत्री को एनएच प्रोजेक्ट और अन्य मुद्दों पर केंद्र के समर्थन का भरोसा दिलाया
UNLF P शांति समझौता मणिपुर में स्थिरता की राह में बड़ा कदम: सरकार
इंफाल, छह अक्टूबर मणिपुर सरकार का मानना है कि प्रतिबंधित संगठन यूएनएलएफ (पी) के साथ 2023 में हुआ शांति समझौता राज्य में शांति और स्थिरता स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास था। राज्य सरकार के प्रवक्ता टी. राधेश्याम सिंह ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए यह बात कही। नवंबर 2023 में जातीय संघर्ष के चरम के दौरान यूएनएलएफ (पाम्बेई), केंद्र और मणिपुर सरकार के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। उस समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे संगठन के छह दशक लंबे उग्रवाद के अंत के तौर पर बताया था। मणिपुर की 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव अगले साल प्रस्तावित हैं। सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में संपर्क और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने निर्माणाधीन जिरीबाम-इंफाल रेलवे लाइन परियोजना का भी उल्लेख किया, जिसमें नोनी पुल का निर्माण शामिल है। उन्होंने इसे दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पियर पुल बताया। भाजपा विधायक ने कहा कि राज्य के लिए करीब 16,000 करोड़ रुपये के निवेश से लगभग 1,100 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य में संपर्क व्यवस्था और बेहतर होगी तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। सरकार के एक अन्य प्रवक्ता एस. रंजन सिंह ने कहा कि मणिपुर में दिसंबर 2019 में इनर लाइन परमिट (आईएलपी) व्यवस्था लागू की गई थी, जबकि अनुमानित 3,223 करोड़ रुपये की लागत से भारत-म्यांमा सीमा के करीब 240 किलोमीटर हिस्से में बाड़ लगाने की मंजूरी दी गई है।
Manipur के इंफाल पूर्व में सुरक्षा बलों ने अवैध हथियार बेचने वाले युवक को पकड़ा
इंफाल, छह अक्टूबर मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले में अवैध हथियारों की बिक्री में कथित तौर पर शामिल 23 वर्षीय व्यक्ति को सरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने एक बयान में बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षा कर्मियों के एक दल ने सोमवार को थम्बालनू बाजार में अभियान चलाया और संदिग्ध को पकड़ लिया। इसमें कहा गया कि वह अवैध हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की खरीद तथा बिक्री में शामिल है। जांच में पता चला कि आरोपी ने जुलाई में दो महिलाओं के जरिए 10,000 रुपये में एक व्यक्ति को एक हथगोला मुहैया कराया था। आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए एंड्रो पुलिस थाने को सौंपा गया। एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने सोमवार को चुराचांदपुर जिले के कुकिमुन गांव में बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जब्त किए। पुलिस के अनुसार, “दो 9 एमएम कार्बाइन मशीन गन, तीन 9 एमएम पिस्तौल, सात सिंगल बैरल बोल्ट-एक्शन राइफल, एक हैंड ग्रेनेड, एक मोर्टार बम और दो देसी मोर्टार बरामद किए गए।”पुलिस ने बताया कि जब्त हथियार और गोला-बारूद जिले के हेंगलेप पुलिस थाने को सौंप दिए गए हैं। मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से सुरक्षा बल मणिपुर के सभी जिलों के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान तथा क्षेत्र पर नियंत्रण के लिए अभियान चला रहे हैं। घाटी में रहने वाले मेइती और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच मई 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्ष में कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।
Faridabad News: दोस्त से गांजा खरीदकर बेचने आया मणिपुर का युवक गिरफ्तार
Manipur youth arrested for selling cannabis bought from a friend
फरीदाबाद क्राइम ब्रांच AVTS भूपानी की टीम ने नशा तस्करी के मामले में मणिपुर निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 5 किलो गांजा बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी दिल्ली में रह रहा था और वहां से गांजा लेकर फरीदाबाद में सप्लाई करने के लिए पहुंचा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उसे शनिवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि क्राइम ब्रांच AVTS भूपानी की टीम को सूचना मिली थी कि सेक्टर-29 के पास एक युवक कट्टे में गांजा लेकर खड़ा है। वह नशे की खेप को फरीदाबाद में सप्लाई करने की फिराक में है। सूचना मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर निगरानी शुरू की और बताए गए हुलिए के आधार पर युवक को काबू कर लिया। मणिपुर का रहने वाला, दिल्ली में रह रहा था पुलिस जांच में आरोपी की पहचान गॉफ्लुंग निवासी इम्फाल, मणिपुर के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि वह पिछले कुछ समय से दिल्ली में रह रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले फरीदाबाद के एक होटल में काम कर चुका है, जिसके कारण शहर के कुछ इलाकों से वह परिचित भी था। दोस्त से 50 हजार में खरीदा था गांजा प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने 5 किलो गांजा अपने एक दोस्त से करीब 50 हजार रुपए में खरीदा था। इसके बाद वह इस गांजे को सप्लाई करने के लिए दिल्ली से फरीदाबाद आया था। आरोपी सेक्टर-29 के पास ग्राहक या संपर्क का इंतजार कर रहा था, इसी दौरान पुलिस को उसकी गतिविधि की सूचना मिल गई। नेटवर्क और पुराने रिकॉर्ड की जांच पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर गांजा सप्लाई करने वाले उसके साथी और फरीदाबाद में नशे की खेप लेने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह इससे पहले कितनी बार फरीदाबाद में नशे की सप्लाई कर चुका है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। रिमांड के दौरान गांजा सप्लाई करने वाले नेटवर्क और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी।
Manipur के Loktak Lake पर बसा Floating Village Champu Khangpok पानी पर तैरता है
क्या आप कभी ऐसी जगह पर घूमने के लिए गए हैं, जहां पर कदम रखते ही जमीन डगमगाने लगे। आपको ऐसा महसूस हो, जैसे आप चल नहीं बल्कि तैर रहे हैं। ऐसा दृश्य सोचने पर एकदम सपने जैसा महसूस होता है। ऐसा ही कुछ मणिपुर का फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको अनोखे और रोमांच से भरपूर जगह फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक के बारे में बताने जा रहे हैं। फ्लोटिंग विलेज है चंपू खंगपोक भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में एक तैरता हुआ गांव है। जिसका नाम चंपू खंगपोक है। यह भारत की फेमस लोकटक झील पर बसा है, जोकि करीब 240 वर्ग किमी के आकार में फैली है। इस गांव के लोगों ने पानी के साथ जीना सीख लिया है, तभी तो आपको इस गांव में पानी पर चलते लोग, तैरते घर और द्वीप देखने को मिलेंगे। इसे भी पढ़ें: Gaya Ji में Pind Daan का पूरा बजट: Train टिकट, होटल स्टे और पूजा फीस की डिटेल जानें डगमगाती जमीन का रहस्य चंपू खंगपोक गांव के तैरने के पीछे कोई जादू नहीं हैं। बल्कि इसके पीछे साइंस का कमाल है। इसके पीछे की वजह इस स्थान की प्रकृति और बायोमास का प्रोसेस है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस गांव की जमीन किसी चट्टान या मिट्टी से नहीं बनी है, बल्कि यह फुम्डी नाम की प्राकृतिक जमीन है। फुम्डी जमीन जड़ों, सड़े-गले पौधों, मिट्टी और जैविक पदार्थों की परत से बनी होती है। वहीं साल-दर-साल जब इन सभी चीजों का जमावड़ा शुरू होकर एक जगह पर एकत्र होता है। तो इसकी परत से जमीन बन जाती है। यह जमीन इतनी ज्यादा मजबूत होती है कि इन पर घरों तक का निर्माण किया जा सकता है। बदलती है घरों की लोकेशन यहां पर रहने वाले लोगों के घरों को फुमशंग कहा जाता है, जो अपनी लोकेशन को बदलते रहते हैं। क्योंकि यह घर जमीन पर नहीं बल्कि फुम्डी पर बने हैं, तो पानी के बहाव और हवा के दबाव की वजह से इनकी लोकेशन बदलती रहती है। यही कारण है कि चंपू खंगपोक दुनियाभर में अपनी इसी विशेषता की के कारण आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। देख सकेंगे तैरता हुआ नेशनल पार्क अनोखे गांव के अलावा आप लोकटक झील में तैरता हुआ कीबुल लामजाओ नेशनल पार्क भी देख सकेंगे। यह पार्क विष्णुपुर जिले में हैं, जोकि लोकटक झील के दक्षिण पश्चिम में करीब 40 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र फैला है। इस जगह की खासियत यह है कि यहां पर विलुप्त हो रहे संगाई हिरण रहते हैं, यह उनका अकेला आवास स्थल है।
Imphal Trip: Kangla Fort से लेकर Ima Market तक, Imphal में देखने लायक हैं ये प्रमुख स्थल
इंफाल एयरपोर्ट को देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा और बेहद खूबसूरत एयरपोर्ट इतना सहज है कि विमान से उतरकर पैदल ही आप भवन में दाखिल हुआ जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर इस शहर की अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा है। यहां के युवा जहां आधुनिक लिबास में नजर आता है, तो वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे अपने पारंपरिक परिधानों में दिखते हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। इमा मार्केट समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक शहर के बीचों-बीच बनी इमा मार्केट है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला बाजार। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। यहां पर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे- ब्लाउज, शॉल, चादर, दुपट्टे, गमछे और भी कई तरह की चीजें हैं। वहीं मार्केट के एक हिस्से में सिर्फ पूजा का सामान है। इसे भी पढ़ें: Imphal Airport से अगवा पश्चिम बंगाल का युवक Bishnupur से सुरक्षित बचाया गया एक्सप्लोर करें कांगला किला इंफाल में दो जगहें आपको जरूर देखनी चाहिए। जिसमें पहला कांगला किला है और दूसरा लोकताक लेक है। कांगला फोर्ट या किला शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे स्थित है। मणिपुरी भाषा की भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। वहीं आज भी मणिपुर के निवासियों के लिए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां बनी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। इसे भी पढ़ें: मणिपुर के Kangpokpi में 7 ग्रामीणों को हिरासत में लेने पर बवाल, रिहाई के बाद शांत हुआ प्रदर्शन सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर इसके साथ ही आप सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर देख सकते हैं। सानामाही मेतेई वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी है। इसको मेतेई लोग बेहद शुभ और पवित्र स्थल मानते हैं। यहां पर आपको कई और दर्शनीय स्थल भी देखने को मिल जाएंगे, जैसे महाराज नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति, राजा बोधचंद्र की समाधि आदि। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर बनवाया गया है, जोकि इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। लोकताक लेक अगले दिन आप लोकताक लेक जा सकते हैं। यह पूरे नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी फ्रेश वाटर लेक है और इसकी खासियत झील के ऊपर आपको तैरते भूखंड दिखेंगे, जिनको स्थानीय भाषा में 'फुम्डी' कहते है। लोकताक झील मोइरांग के पास स्थित है, जहां INA का एक संग्रहालय है। इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी सेना से संबंधित वस्तुएं दिखाई जाती हैं। यहां से लौटने के दौरान आप इंडियन पीस मेमोरियल देख सकते हैं। रेड हिल के पास स्थित यह स्मारक उन भारतीय शहीदों की याद में बनाया गया है। जोकि सेंकेंड वर्ल्ड वॉर में आजाद हिंद फौज के तहत जापानी सेना के साथ मिलकर लड़े थे। इसी रेड हिल के पास उन्होंने ब्रिटिश सेना को हराया था। इंफाल में कई मंदिर, संग्रहालय, पार्क, झीलें, चिड़ियाघर और दर्शनीय स्थल हैं। अगर समय रहे, तो आप इन सबको भी देख सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Manipur के Kangpokpi में 6 ग्रामीणों की हिरासत पर हिंसक विरोध, बाद में हुए रिहा कुछ जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल जाने के लिए गुवाहाटी या दीमापुर जाना होगा। यहां पर इंफाल के लिए बस मिल जाएगी। वहीं भारत के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा सीधे पहुंच सकते हैं। इन बातों का रखें ध्यान मणिपुर में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइप परमिट लेना जरूरी है। यह सुविधा अब ऑनलाइन भी मौजूद है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा कोलकाता, दिल्ली और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मिल जाएगी। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की कॉपी की जरूरत है। इसका शुल्क 100 रुपए है और विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होगी।
Travel Tips: मणिपुर की सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक है Kangla Fort, जानें कैसे पहुंचे Imphal
इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही खुला आसमान और हवा की ताजगी आपका मोह लेगी। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरने के बाद पैदल भवन में एंटर किया जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर बसा इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा के लिए जाना जाता है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं। वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे पारंपरिक आउटफिट में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इमा मार्केट यह समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है। शहर के बीचो-बीच इमा मार्केट स्थित है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला मार्केट। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kashi Tirtha Yatra Package: 17 हजार में वाराणसी और Ayodhya घूमने का बजट फ्रेंडली अवसर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और अन्य कई तरह की चीजें शामिल हैं। वहीं एक हिस्से सिर्फ पूजा का सामान है। कांगला किला की सैर इसके अलावा इंफाल में आपको दो जगहें और देखनी चाहिए। जिनमें पहला कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक है। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। आज भी मणिपुर के निवासियों के िए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद थी। लेकिन हमने पैदल घूमने का फैसला किया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं। कांगला संग्रहालय यहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और इसका इतिहास देख सकते हैं। बोट म्यूजियम यहां पर प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी। पुरातत्व संग्रहालय पुरातत्व संग्रहालय को देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है। जिसको मेतेई लोग शुभ और पवित्र मानते हैं। यहां पर कई और दर्शनीय स्थल है। जैसे - महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि है। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल पहुंचने के लिए आपको दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां पर आप सीधे पहुंच सकते हैं। यहां पर जाने के लिए सिंतबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा है। क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। हालांकि यह सुविधा अब ऑनलाइन भी है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसको प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मौजूद है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।
Manipur Music Teacher Killed: Chongtham Vikram Singh को Delhi में पीट-पीटकर मारा, लोगों में गुस्सा!
आरोप है कि घर के बाहर शोर-शराबे को लेकर हुए विवाद के बाद उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के विरोध में मणिपुर के लोगों ने दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला…
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

