प्रयागराज के सलोरी में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने बुधवार को सड़क पर ही हजारों छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। युवा जब अपने अधिकारों और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर आवाज उठाते हैं तो उनका दमन किया जाता है और लाठियां बरसाई जाती हैं। लेकिन इस पर चुप नहीं रहा जाएगा। कांग्रेस पार्टी छात्रों की आवाज मजबूती से उठा रही है और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ती रहेगी। अनुमति नहीं मिलने पर बदला कार्यक्रम स्थलसुप्रिया श्रीनेत का कार्यक्रम पहले हॉलैंड हॉल हॉस्टल में प्रस्तावित था, लेकिन वहां अनुमति नहीं मिलने के कारण अंतिम समय में कार्यक्रम स्थल बदलकर सलोरी कर दिया गया। इसके बाद शाम सात बजे करीब ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के मुख्य गेट के पास सड़क किनारे मंच बनाया गया, जहां हजारों छात्र जुटे। सुप्रिया श्रीनेत ने वहीं छात्रों को संबोधित किया और शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी तथा छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।उन्होंने छात्रों से कहा, आज इस देश की जो परिस्थिति है, वह किसी से छिपी हुई नहीं है। पिछले 48 घंटे में इस देश ने जो देखा है और आप लोगों ने अपने टीवी चैनलों, यूट्यूब चैनलों, पोर्टलों और अखबारों के माध्यम से जो दिखाया है, वह इस देश की बड़ी बदसूरत और दुर्भाग्यपूर्ण तस्वीर है। आज देश का युवा उस मुहाने पर खड़ा है, जहां या तो उसे अपना भविष्य चुनना है या चुपचाप अन्याय सहते हुए अपना भविष्य ध्वस्त होते देखना है। बातचीत के बजाय दमन का रास्ता चुनाउन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं ने पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाई और अपने अधिकारों की बात की, लेकिन सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय दमन का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी की सरकार और अमित शाह की दिल्ली पुलिस ने छोटे-छोटे बच्चों को लाठियों से पीटा। आज एक बच्ची दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी की लड़ाई लड़ रही है और सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। '22 बच्चों की सिस्टम और सरकार ने हत्या की'सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि नीट का पेपर पहली बार नहीं, कई बार लीक हो चुका है। 22 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। पेपर लीक होने के बाद फिर परीक्षा हुई। लाखों छात्रों की मेहनत पर पानी फिर गया। मेरे हिसाब से जिन 22 बच्चों ने आत्महत्या की, वह आत्महत्या नहीं बल्कि सिस्टम और सरकार की ओर से की गई हत्या है। उन्होंने कहा कि बच्चे 18-18 और 20-20 घंटे पढ़ाई करते हैं, परिवार अपनी जमा-पूंजी और पेट काटकर उन्हें पढ़ाता है, लेकिन पेपर लीक होने के बाद उन्हें फिर उसी जगह से शुरुआत करनी पड़ती है। इस दर्द और हताशा को हर कोई सहन नहीं कर सकता। पेपर लीक माफिया को मिल रहा संरक्षणकांग्रेस प्रवक्ता ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा, अगर किसी सरकार में नैतिकता होती तो धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देते। आपकी देखरेख में पेपर लीक हो रहे हैं और पेपर लीक माफिया को संरक्षण मिल रहा है। करोड़ों बच्चों के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ बिना राजनीतिक संरक्षण के नहीं हो सकता।दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, आज जब युवा अपने हक की बात करता है तो 16-17 साल की बेटियों को डंडों से पीटा जाता है। आपने वीडियो देखे होंगे, जिनमें बच्चों के शरीर पर चोट के निशान हैं। शांतिपूर्वक खड़ी एक लड़की को पुलिस अधिकारी थप्पड़ मारता है। यह देश में क्या हो रहा है और क्या इस पर चुप रहा जा सकता है? सिर्फ छात्र नहीं, पूरा परिवार भुगतता हैउन्होंने कहा कि कांग्रेस, एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने देशभर में 250 से अधिक कार्यक्रम आयोजित कर छात्रों की आवाज उठाई है। धूप, गर्मी, बारिश और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद हम छात्रों के साथ खड़े रहे, क्योंकि जब परीक्षा रद्द होती है तो सिर्फ परीक्षा नहीं रद्द होती, पूरा परिवार तबाह हो जाता है। पूरी सरकार की जवाबदेही का सवालराहुल गांधी का जिक्र करते हुए सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि उन्होंने 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की और छात्रों के भविष्य, रोजगार तथा शिक्षा के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा, एक परिवार अपने बच्चे को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने में करीब नौ लाख रुपये खर्च कर देता है। सरकार को शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रणाली सुधारनी चाहिए, लेकिन वह सुधार करने के बजाय दमन पर उतर आई है। राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के बाहर इसलिए बैठे क्योंकि वह प्रधानमंत्री से जवाबदेही मांग रहे थे। यह केवल शिक्षा मंत्री का मामला नहीं है, बल्कि पूरी सरकार की जवाबदेही का सवाल है।कार्यक्रम के दौरान हाईकोर्ट के अधिवक्ता रजनीश सिंह रिशु, किशोर वार्ष्णेय, फुजैल हाशमी समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भास्कर अपडेट्स:मुंबई में बिना परमिशन के प्रदर्शन करने पर 5 दिन में 13 FIR; 400 लोगों पर एक्शन
मुंबई पुलिस ने 18 से 22 जुलाई के बीच बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में 13 एफआईआर दर्ज कर करीब 400 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, सभी मामलों में नोटिस देकर लोगों को छोड़ दिया गया। दिल्ली में CJP के छात्र आंदोलन के समर्थन में मुंबई के शिवाजी पार्क, चैत्यभूमि, चेंबूर और शिवसेना भवन समेत कई जगह प्रदर्शन हुए। पुलिस का कहना है कि इन प्रदर्शनों की अनुमति नहीं ली गई थी।
साइबर धोखाधड़ी के आरोपी की जमानत मंजूर:कानपुर नगर का मामला, आरोपी अक्षय खोडे को राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर नगर के साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक धोखाधड़ी मामले में आरोपी अक्षय खोडे को अग्रिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश पारित किया। मामला दो निजी कंपनियों एगोरा इंक और डीएसजीआरपी के बीच पैसों के विवाद से जुड़ा है। जानिये क्या है मामला आरोप है कि आवेदक, जो एगोरा इंक में कर्मचारी है, ने सह-आरोपी हेम राम और संदीप शाकुनिया के साथ मिलकर डीएसजीआरपी के सर्वर का दुरुपयोग किया और लगभग 21 लाख रुपये का गबन किया। शिकायतकर्ता कंपनी की फर्जी ई-मेल आईडी बनाने और अतिरिक्त धन ऐंठने की धमकी देने का भी आरोप है। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338 और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत दर्ज है।याची अधिवक्ता का कहना था कि यह मामला निजी विवाद है जिसे आपराधिक रंग दिया गया है, और याची के खिलाफ धोखाधड़ी या जालसाजी के अपराध का कोई ठोस आधार नहीं बनता। कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह जांच में पूरा सहयोग करेगा और जमानत की शर्तों का उल्लंघन नहीं करेगा। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी की शक्ति होने का मतलब यह नहीं कि हर मामले में गिरफ्तारी अनिवार्य है। मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, बिना गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए, कोर्ट ने सशर्त अग्रिम जमानत मंजूर की।
जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर सुनवाई करते हुए जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर नाराजगी जताई है। अदालत ने टिप्पणी की कि साइबर अपराधी कुछ ही मिनटों में लोगों की जीवनभर की कमाई हड़प लेते हैं, जबकि पुलिस की कार्रवाई अब भी बेहद धीमी गति से चल रही है। जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ जबलपुर निवासी एक बुजुर्ग के साथ हुई 6.25 लाख रुपए की साइबर ठगी से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अब समय आ गया है कि तकनीकी विशेषज्ञता और पुलिसिंग को एक मंच पर लाकर साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए। अदालत ने केंद्र सरकार, बैंकों और जांच एजेंसियों को साइबर अपराधों की जांच के लिए केंद्रीकृत तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने माना कि अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी के कारण जांच प्रभावित होती है और पीड़ितों को समय पर राहत नहीं मिल पाती। 31 जुलाई को पेश होंगे तीन राज्यों के डीजीपी हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम के पुलिस महानिदेशकों (DGP) को 31 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जबलपुर के पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा गया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूर्व आदेशों के बावजूद अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी असंतोष जताया। असम पुलिस की सराहना अदालत ने मामले के मुख्य आरोपी को महज 11 दिन में गिरफ्तार कर मध्य प्रदेश पुलिस को सौंपने पर असम पुलिस की सराहना की। कोर्ट ने कहा कि राज्यों के बीच इसी तरह के समन्वय से साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अवैध खनन को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) जैसे कड़े कदम उठाए जाएं, ताकि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त संदेश जाए। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध खनन और इससे संकटग्रस्त जलीय वन्यजीवों पर पड़ रहे प्रभाव से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि मुरैना जिले में अवैध रेत खनन में सहयोग करने वाले 551 लोगों की पहचान की जा चुकी है। इस पर पीठ ने सवाल किया कि जब इनकी पहचान हो गई है तो इन्हें हिरासत में क्यों नहीं लिया गया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ एहतियाती हिरासत के आदेश जारी किए जाएं और कुछ समय तक उन्हें हिरासत में रखा जाए, ताकि दूसरों के लिए भी यह कार्रवाई नजीर बने। प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वालों पर नरमी नहीं सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चंबल नदी और उसकी सहायक नदियों का प्राकृतिक प्रवाह तथा वन्यजीवन का संतुलन सुरक्षित रहना चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की कि प्रकृति अपने आप संतुलन बना सकती है, बशर्ते मानव हस्तक्षेप कम हो। जो लोग प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उनके प्रति किसी प्रकार की सहानुभूति नहीं दिखाई जानी चाहिए। तीनों राज्यों से मांगी कार्रवाई की जानकारी सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों ने अदालत को अवैध खनन रोकने के लिए दर्ज एफआईआर, जब्ती और अन्य कार्रवाई का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया। हालांकि कोर्ट ने कहा कि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए और सख्त कदम उठाने होंगे। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को निर्धारित की गई है।
मेरठ में दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट, हत्या के प्रयास और साइबर उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि पति ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से पत्नी की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। इतना ही नहीं, पीड़िता के नाम से फर्जी आईडी बनाकर अश्लील सामग्री भी पोस्ट की गई। मेडिकल थाना क्षेत्र के कमालपुर गांव निवासी सुनामी उर्फ भारती ने बताया कि उसकी शादी करीब तीन माह पहले हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर निवासी सत्यप्रकाश के साथ हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि विवाह में करीब 10 लाख रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद पति, सास, ससुर, जेठ, जेठानी, ननद और देवर संतुष्ट नहीं थे। दो लाख रुपये और प्लॉट की मांगविवाहिता के अनुसार ससुराल पक्ष लगातार उससे 100 गज का प्लॉट और दो लाख रुपये नकद लाने का दबाव बना रहा था। मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया गया। आरोप है कि जेठ भी उसके साथ आपत्तिजनक हरकतें करता था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। गला दबाकर हत्या का प्रयासपीड़िता ने आरोप लगाया कि 13 फरवरी 2026 को उसके पति और अन्य ससुरालियों ने मिलकर उसका गला दबाकर हत्या का प्रयास किया। साथ ही उस पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की भी कोशिश की गई। किसी तरह जान बचाकर वह गढ़मुक्तेश्वर थाने पहुंची और पुलिस को घटना की जानकारी दी। AI से बनाई अश्लील फोटो और वीडियोमहिला का आरोप है कि पति ने उसे बदनाम करने के उद्देश्य से एआई तकनीक का इस्तेमाल कर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो तैयार किए। बाद में इन्हें इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर दिया गया। इतना ही नहीं, उसके नाम से फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाकर अश्लील पोस्ट और आपत्तिजनक सामग्री भी साझा की जा रही है। साइबर या दहेज, दोनों पहलुओं की जांचपुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में दहेज उत्पीड़न, मारपीट, हत्या के प्रयास और साइबर अपराध से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित आपत्तिजनक सामग्री और फर्जी आईडी की भी तकनीकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर में भाजपा और कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हुए बवाल के बाद पुलिस ने कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर पथराव, कांच की बोतल, लकड़ी और जूते फेंके, जिससे 16 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए। खम्हारडीह थाना प्रभारी की शिकायत पर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना प देर रात रायपुर कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने अस्पताल पहुंचकर उनका हाल चाल लिया है। देखे घायल पुलिसकर्मियों का फोटो अब पढ़े क्या है पूरा मामला दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास घेराव के विरोध में भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन के घेराव का कार्यक्रम रखा था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खम्हारडीह थाना, रक्षित केंद्र और अन्य थानों के पुलिस बल की तैनाती की गई थी। एफआईआर में कहा गया है कि इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। आरोप है कि इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की और कांच की बोतल, पत्थर, लकड़ी तथा जूते फेंके। इस घटना में पीएसआई देवराज सिंह के सिर में चोट लगी, जबकि महिला आरक्षक सीमा बंजारे सहित कुल 16 पुलिसकर्मी घायल हुए। इन कांग्रेस नेताओं के खिलाफ केस हुआ दर्ज पुलिस ने इस मामले में सुनील कुकरेजा, विनोद तिवारी, सकलेन कामदार, आकाश तिवारी, अजीत कुकरेजा, हनी बग्गा, शांतनु झा, गावेश साहू, खुबी डहरिया, सागर दुल्हानी, अजीज भिंसरा और अमित तिवारी समेत अन्य प्रदर्शनकारियों को आरोपी बनाया है।
मेरठ में साइबर अपराधियों ने एक पेपर मिल के प्रबंधक का मोबाइल APK फाइल के जरिए हैक कर 1.80 करोड़ रुपये की ठगी कर डाली। साइबर ठगों ने मोबाइल से मिली जानकारी के आधार पर पेपर मिल के निदेशक के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार किया और उसी के जरिए प्रबंधक को अलग-अलग खातों में भुगतान करने के निर्देश भेजते रहे। प्रबंधक ने निदेशक का संदेश समझकर चार दिनों में करीब 1.80 करोड़ रुपये चार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। सोमवार को मामला तब खुला जब भुगतान का ब्यौरा सुनकर असली निदेशक हैरान रह गए। इसके बाद साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मवाना रोड स्थित डिफेंस कॉलोनी निवासी प्रज्ज्वल अग्रवाल ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनकी गंगोत्री पेपर मिल हरिद्वार जनपद के झबरेड़ा-नारसन क्षेत्र में संचालित है। मिल का बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक की न्यू मंडी, मुजफ्फरनगर शाखा में है, जिसका संचालन प्रबंधक संदीप गोयल करते हैं। 17 जुलाई को आई पहली APK फाइल पुलिस के अनुसार - 17 जुलाई को संदीप गोयल के व्हाट्सएप नंबर पर एक एपीके फाइल भेजी गई। फाइल खोलते ही उनका मोबाइल साइबर ठगों के नियंत्रण में चला गया। इसके बाद ठगों ने पेपर मिल के निदेशक नीरज अग्रवाल के नाम और प्रोफाइल का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार कर लिया। निदेशक बनकर भेजते रहे आदेशसाइबर ठगों ने फर्जी अकाउंट से संदीप गोयल को संदेश भेजकर विभिन्न बैंक खातों में भुगतान करने के निर्देश दिए। चूंकि पहले भी निदेशक नीरज अग्रवाल व्हाट्सएप के माध्यम से भुगतान संबंधी निर्देश देते रहे थे, इसलिए प्रबंधक को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। 17 जुलाई से 20 जुलाई के बीच उन्होंने चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से करीब 1.80 करोड़ रुपये बताए गए खातों में स्थानांतरित कर दिए। भुगतान की जानकारी देते ही खुला राजसोमवार को जब निदेशक नीरज अग्रवाल और प्रज्ज्वल अग्रवाल पेपर मिल पहुंचे तो संदीप गोयल ने उन्हें किए गए भुगतानों का पूरा विवरण दिया। यह सुनकर दोनों अधिकारी सन्न रह गए। उन्होंने ऐसे किसी भी भुगतान निर्देश को भेजने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई और बैंक खातों की डिटेल निकलवाई गई। साइबर पोर्टल पर शिकायत, मुकदमा दर्जघटना का पता चलते ही प्रबंधन ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय को मामले की जानकारी दी। एसएसपी के निर्देश पर साइबर क्राइम थाना मेरठ में प्रज्ज्वल अग्रवाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। खातों के जरिए ठगों तक पहुंचने की कोशिशएसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि साइबर ठगी के इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई, उन्हें चिन्हित कर संबंधित खाताधारकों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन-किन खातों में आगे ट्रांसफर की गई और इस गिरोह में कौन-कौन शामिल है।
प्रयागराज के कीडगंज में बुधवार को मनकामेश्वर मंदिर के पीछे यमुना नदी से एक युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई। जेब में मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान करछना के सुलमई गांव निवासी 22 वर्षीय मानसी के रूप में हुई। वह 16 जुलाई से घर से लापता थी। पुलिस ने बताया कि दोपहर में दो बजे के करीब कुछ लोग मनकामेश्वर मंदिर के पास थे। इसी दौरान पीछे की ओर नदी में एक शव उतराता दिखाई देने पर उन्होंने सूचना दी। मौके पर पहुंचकर गोताखोरों को उतारा गया और शव बाहर निकलवाया गया तो पता चला कि मृतका एक युवती है जिसकी उम्र 20 से 22 साल है। तलाशी में कपड़ों से आधार कार्ड मिला और फिर उसकी पहचान हुई। इसके बाद सूचना दी गई तो घरवाले आ गए। घर से कॉलेज जाने की बात कहकर निकली थीपुलिस के मुताबिक, परिवारवालों ने बताया कि मानसी घर से कॉलेज जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने पहले यह समझा कि वह झूंसी स्थित अपनी बड़ी बहन की ससुराल चली गई होगी, इसलिए तत्काल गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई। बुधवार को शव मिलने के बाद परिवारवाले स्तब्ध रह गए। इसी साल उसने स्नातक में दाखिला लिया था। छह भाई बहनों में सबसे छोटी मृतका के पिता दिलीप निषाद हैं। उनके चार बेटों व दो बेटियों में मानसी सबसे छोटी थी। परिवारवाले भी यह नहीं बता पाए कि यह सब कैसे हुआ। पुलिस खुदकुशी की जता रही आशंकाप्रथम दृष्टया पुलिस नए यमुना पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या की आशंका जता रही है। हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। कपड़ों से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। मृतका के कपड़ों से उसका मोबाइल मिला है। कीडगंज थानाध्यक्ष प्रीतम तिवारी ने बताया कि परिवारवालों ने काेई गुमशुदगी नहीं दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उन्होंने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
संभल जिले में एक डंपर की टक्कर से 11000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के चार बिजली के खंभे टूट गए। यह घटना बुधवार दोपहर 3 बजे हज़रतनगर गढ़ी क्षेत्र के गांव आबादवाली में हुई। हादसे के कारण विद्युत विभाग को 50,000 रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। टूटने वाले खंभों में से एक अर्टिगा कार पर गिर गया, जिससे कार को लगभग डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ। थाना असमोली क्षेत्र के गांव हरसिंहपुर निवासी अनीश पुत्र शाहिद हुसैन ने अपनी अर्टिगा कार से कूदकर जान बचाई। इस हादसे के कारण आबादवाली, मोहम्मदपुर मालनी, मिठौली और धीमरखेड़ी समेत चार गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बुधवार रात 10 बजे से इन गांवों में बिजली नहीं थी और पूरी रात आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। ग्रामीणों को गुरुवार सुबह तक बिजली मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, गांव आबादवाली में प्रतिदिन ओवरलोड मिट्टी से भरे डंपर गुजरते हैं। बुधवार को एक अनियंत्रित डंपर का जैक उठा हुआ था। ऊंचाई अधिक होने के कारण डंपर का जैक 11000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। चालक ने इस पर ध्यान नहीं दिया और तेज रफ्तार से बिजली की लाइन को खींचता हुआ चला गया, जिससे चार खंभे टूट गए। घटना की सूचना मिलने के बाद शाम 4 बजे विद्युत विभाग के जेई जुल्फिकार गांव पहुंचे और तुरंत मरम्मत का काम शुरू करवाया। विद्युत विभाग और कार मालिक दोनों ने डंपर चालक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। जेई जुल्फिकार ने बताया कि चार बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे 50,000 रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। उन्होंने पुष्टि की कि चार गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है और मरम्मत का काम जारी है, लेकिन बिजली गुरुवार सुबह तक ही बहाल हो पाएगी।
रामपुर के दिल्ली-लखनऊ हाईवे-24 पर रेडिको खेतान फैक्ट्री के सामने बुधवार रात करीब 10 बजे दो टेंपो की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दोनों टेंपो चालकों समेत पांच लोग घायल हो गए। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। राहगीरों की सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। मृतक की पहचान कराने और उसके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है। घायलों में मूंढापांडे थाना क्षेत्र के खबड़िया निवासी विशाल, एक टेंपो चालक तथा अन्य यात्री शामिल हैं। एक अन्य टेंपो चालक की पहचान शहजादनगर थाना क्षेत्र के ककरोआ निवासी अनिल के रूप में हुई है। दो घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया, जबकि तीन अन्य का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद घायल महिला यात्री वालेश (30) ने आरोप लगाया कि एक टेंपो चालक शराब के नशे में वाहन चला रहा था, जिसकी लापरवाही से दुर्घटना हुई। हालांकि पुलिस का कहना है कि इस दावे की जांच की जा रही है और मेडिकल जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। सिविल लाइंस इंस्पेक्टर ओंकार सिंह ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बहराइच जिले के महसी तहसील के बौंडी थाना क्षेत्र के ऊंच गांव में बुधवार दोपहर एक बजे हादसा हो गया। घर में लेटी मां गुड्डी (37) और उसकी 9 साल की बेटी प्रिया (9) की पंखा गिरने से करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना बुधवार दोपहर करीब चार बजे की है। मां-बेटी तख्त पर लेटी थीं और बगल में फर्राटा पंखा चल रहा था। अचानक पंखा बेटी प्रिया पर गिर गया, जिससे उसे करंट लग गया। प्रिया की चीख सुनकर मां गुड्डी उसे बचाने दौड़ीं, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आकर बेहोश हो गईं। उस समय घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। परिवार के पुरुष सदस्य धान की रोपाई के लिए खेत गए हुए थे। घर में किसी के न होने के कारण दोनों को तत्काल मदद नहीं मिल पाई। शाम करीब 5 बजे पड़ोस में रहने वाला एक युवक उनके घर पहुंचा। उसने मां-बेटी को बेसुध देखा तो गांव के अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी। ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों को इलाज के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना मिलने पर प्रभारी थाना प्रभारी प्रदीप गंगवार मौके पर पहुंचे। उन्होंने देर रात दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चरी में भिजवाया।
मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने बुधवार को बागपत का दौरा किया। उन्होंने मवीकला चेक पोस्ट पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान बागपत कोतवाली पुलिस और खेकड़ा कोतवाली पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। एडीजी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने नियमित वाहन चेकिंग, प्रतिबंधित वाहनों पर कार्रवाई और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, कई संदिग्ध वाहनों को रुकवाया गया और एडीजी ने स्वयं अपनी निगरानी में उनकी तलाशी कराई। उन्होंने पुलिसकर्मियों को वाहनों की नियमित चेकिंग करने और ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। इस दौरान बागपत एसपी सूरज राय सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एसपी सूरज राय ने बताया कि जिले में नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी जाती है और प्रतिबंधित वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है, जिससे जनपद में शांति व्यवस्था कायम है।
समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय 23 जुलाई को रामपुर दौरे पर रहेंगे। अपने दौरे के दौरान वह मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पहुंचकर पिछले पांच दिनों से धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे। इसके बाद वह समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ जिलाधिकारी को विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपेंगे। निजी सचिव आरएस यादव की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, माता प्रसाद पाण्डेय सुबह 7 बजे लखनऊ से सड़क मार्ग से रवाना होंगे। सुबह 11 बजे बरेली सर्किट हाउस में अल्प विश्राम के बाद दोपहर 12:30 बजे रामपुर स्थित लोक निर्माण विभाग अतिथि गृह पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। दोपहर 1 बजे वह जौहर विश्वविद्यालय पहुंचेंगे, जहां छात्रों के आंदोलन और उनकी मांगों की जानकारी लेंगे। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विश्वविद्यालय के 38 भवनों से जुड़े विवाद और छात्रों की मांगों सहित विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन सौंपने के बाद दोपहर 2 बजे वह रामपुर से लखनऊ के लिए रवाना होंगे और शाम करीब 7 बजे अपने सरकारी आवास पहुंचेंगे। उनके दौरे को देखते हुए लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, बरेली और रामपुर के प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा, यातायात और वीआईपी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट प्रयागराज इकाई 30 जुलाई को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेगा। यह प्रदर्शन शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण और विभिन्न मांगों को लेकर किया जाएगा। इस आंदोलन को व्यापक समर्थन देने के लिए बुधवार को संघ की दो टीमों ने शहर के 14 प्रमुख विद्यालयों का दौरा किया। इस दौरान शिक्षक नेताओं ने शिक्षकों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को सुना और संगठन के सदस्यता अभियान को आगे बढ़ाया। प्रदेश संरक्षक डॉ. हरि प्रकाश यादव ने विभिन्न विद्यालयों में शिक्षकों को संबोधित करते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि डीआईओएस कार्यालय में 'सिटिजन चार्टर' का बोर्ड केवल औपचारिकता है और उसके अनुसार कोई काम नहीं हो रहा है। डॉ. यादव ने शिक्षकों से 30 जुलाई को दोपहर डेढ़ बजे डीआईओएस कार्यालय पहुंचने का आह्वान किया, ताकि वे अपनी एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन कर सकें। इस जनसंपर्क अभियान के दौरान अग्रसेन इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य की उपस्थिति में विद्यालय इकाई का नया गठन भी किया गया। इस पूरी मुहिम में प्रदेश संरक्षक डॉ. हरि प्रकाश यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र वर्मा, प्रदेश मंत्री संदीप शुक्ला, प्रदेश आय-व्यय निरीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह, मंडलीय मंत्री लक्ष्मी नारायण सिंह, जिला संरक्षक लालमणि यादव, जिला अध्यक्ष देवराज सिंह और जिला मंत्री डीपी यादव सहित कई शिक्षक नेता सक्रिय रूप से शामिल रहे।
रेलवे स्टेशन के पास दिखा 15 फीट लंबा अजगर:वन विभाग की टीम 2 घंटे खोजती रही, कल फिर चलेगा सर्च ऑपरेशन
बाराबंकी शहर के रेलवे स्टेशन के पास बुधवार सुबह एक चाय की दुकान पर 15 फीट लंबा अजगर दिखने से हड़कंप मच गया। यह घटना सुबह करीब 9 बजे लल्ला की चाय की दुकान के पास हुई, जहां अजगर को देखते ही ग्राहकों और आसपास के दुकानदारों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अजगर की लंबाई लगभग 15 फीट थी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और अजगर की तलाश शुरू की। टीम ने लगभग दो घंटे तक खोजबीन की, लेकिन अजगर का पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान को रोकना पड़ा। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहा अजगर काफी बड़ा है। वह किसी सुरक्षित स्थान पर छिप गया होगा। अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह विशेषज्ञ टीम दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाएगी। अजगर के मिलने पर उसे सुरक्षित पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास, यानी जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
फिरोजाबाद में पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़:चोरी के आरोपी को पैर में लगी गोली, अस्पताल में कराया भर्ती
फिरोजाबाद के पचोखरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार रात मुठभेड़ के दौरान चोरी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीओ अरुण कुमार चौरसिया ने बताया कि यह कार्रवाई 21 जुलाई की रात को कोटकी निवासी मुकेश कुमार बघेल की दुकान 'जय अंबे ट्रेडर्स' में हुई चोरी के संबंध में की गई। चोरों ने दुकान की दीवार तोड़कर कॉपर लीड होल्डर और 10 हजार रुपये चुरा लिए थे। मामले के खुलासे के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई थीं। जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी का आरोपी श्रीनगर पैठ रोड पर चोरी का सामान बेचने आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। जब पुलिस ने आरोपी को आत्मसमर्पण करने को कहा, तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी अंग्रेज उर्फ शिवम (पुत्र ओमबाबू, निवासी कस्बा पचोखरा) के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 315 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक मिस कारतूस, एक खोखा कारतूस, तांबे के तार का बंडल और चोरी के 4,000 रुपये बरामद किए हैं। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अंग्रेज उर्फ शिवम का आपराधिक इतिहास भी है और उसके खिलाफ पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं।
कासगंज से फर्रुखाबाद जा रही पैसेंजर ट्रेन में बुधवार को 8 बजे बवाल हो गया। नेग मांगने को लेकर किन्नरों का दो यात्रियों से विवाद हो गया। इसके बाद किन्नरों ने दोनों यात्रियों चाकू से हमला कर दिया। इस घटना में हरसिंहपुर गोवा निवासी सुनील उर्फ अनूप और सौरभ घायल हो गए। घटना के बाद ट्रेन को हरसिंहपुर गोवा रेलवे क्रॉसिंग पर करीब 2 घंटे तक रोकना पड़ा। यह घटना शुकुल्लापुर रेलवे स्टेशन के पास हुई। ट्रेन जब शुकुल्लापुर स्टेशन के करीब पहुंची, तो किन्नरों ने यात्रियों से नेग मांगा। इसी दौरान यात्रियों और किन्नरों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद किन्नरों ने चाकू से हमला कर दिया। घायल यात्रियों ने अपने गांव के लोगों को सूचना दी। बड़ी संख्या में ग्रामीण हरसिंहपुर गोवा रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंच गए और किन्नरों की तलाश करने लगे। ग्रामीणों के पहुंचने के बाद ट्रेन पर पथराव भी हुआ, जिससे ट्रेन के दो शीशे टूट गए। सूचना मिलने पर जीआरपी और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित किया और एक बोगी में बंद दोनों किन्नरों को हिरासत में लेकर जीआरपी थाने ले गए। घायल यात्री भी जीआरपी थाने में ही मौजूद हैं। यात्रियों ने बताया कि किन्नरों ने बोगी का गेट अंदर से बंद कर लिया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किन्नरों ने बोगी में रखे आग बुझाने वाले सिलेंडरों का भी इस्तेमाल किया।
सीतापुर में युवक की संदिग्ध हालात में मौत:पारिवारिक कलह के बाद आत्महत्या की आशंका, पुलिस कर रही जांच
सीतापुर के महमूदाबाद कोतवाली इलाके में बुधवार देर रात करीब 9 बजे बिसवां रोड की कांशीराम कॉलोनी के कमरे में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में शोक का माहौल फैल गया। पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक कलह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। युवक ने कमरे की खिड़की में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। 32 साल राजकुमार के रूप में हुई है, जो अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कांशीराम कॉलोनी में रहता था। बताया जा रहा है कि पारिवारिक विवाद के चलते वह मानसिक तनाव में था। इसी बीच उसने कमरे की खिड़की में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उसे आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) महमूदाबाद लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली प्रभारी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। यदि जांच के दौरान कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र में गुरुदेव स्थित पॉलीटेक्निक चौराहे के सामने बुधवार शाम करीब 7 बजे तेज रफ्तार कंटेनर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया। हादसा उस समय हुआ जब चालक ने सामने आए ऑटो को बचाने की कोशिश की। गनीमत रही कि कंटेनर किसी राहगीर या अन्य वाहन से नहीं टकराया, जिससे बड़ा सड़क हादसा टल गया। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में छोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कंटेनर चौबेपुर की ओर से शहर की तरफ आ रहा था। गुरुदेव स्थित पॉलीटेक्निक चौराहे के पास अचानक सामने एक ऑटो आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कंटेनर सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराया। तेज टक्कर से मची अफरा-तफरी कंटेनर की पेड़ से जोरदार टक्कर होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। धमाके जैसी आवाज सुनकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। घटना की सूचना राहगीरों ने तुरंत रावतपुर पुलिस को दी। चालक को हिरासत में लेकर की पूछताछ सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कंटेनर चालक चौबेपुर निवासी सुशील सिंह को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पूछताछ में चालक ने बताया कि ऑटो को बचाने के दौरान कंटेनर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गया। कुछ देर प्रभावित रहा यातायात हादसे के कारण जीटी रोड पर कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहनों की आवाजाही सामान्य कराई। देर रात तक क्षतिग्रस्त कंटेनर घटनास्थल पर ही खड़ा रहा। थाना प्रभारी बोले- कोई जनहानि नहीं रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि हादसे में किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। मामले में किसी पक्ष की ओर से तहरीर भी नहीं मिली है। चालक से पूछताछ के बाद उसे हिदायत देकर छोड़ दिया गया। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव गुर्जरपुर जसपुर में बुधवार देर शाम 6 बजे पुरानी रंजिश के चलते फायरिंग की घटना हुई। इस दौरान एक महिला को गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस के अनुसार, गांव के सेवानिवृत्त सैनिक प्रवीण सिंह और चंद्रशेखर उर्फ शेखर के बीच लंबे समय से पुरानी रंजिश चल रही है। आरोप है कि बुधवार शाम करीब 6 बजे चंद्रशेखर उर्फ शेखर ने प्रवीण सिंह के घर के बाहर गेट पर फायरिंग कर दी। इस दौरान वहां मौजूद रेखा देवी (50), पत्नी स्व. रमेश सिंह, गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के तुरंत बाद, परिजनों और ग्रामीणों ने घायल रेखा देवी को जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद, डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेरठ रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी। सीओ सिटी अभय कुमार पांडेय ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
टोंक के देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। करीब 9 महीने बाद हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद झालावाड़ में प्रदर्शन के दौरान दोबारा गिरफ्तारी हुई। इसे जमानत की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए टोंक एससी/एसटी कोर्ट ने 13 जुलाई को उनकी जमानत रद्द कर दी थी। अब कोर्ट के आदेश पर नगरफोर्ट थाना पुलिस ने उनकी चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड मांगा है, जिसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। नरेश मीणा पर एसडीएम से मारपीट समेत कई धाराओं में केस दर्ज हैं। वहीं, उनके समर्थकों का आरोप है कि सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। कोर्ट के आदेश पर सरपंच से मांगी चल-अचल संपत्ति की जानकारी नगरफोर्ट थानाधिकारी राजेंद्र ताड़ा ने बताया कि एससी/एसटी कोर्ट के आदेश की पालना में नरेश मीणा की चल-अचल संपत्ति का रिकॉर्ड मांगा गया है। इसके लिए उनकी ग्राम पंचायत नयागांव उर्फ नानवता, तहसील मोठपुर (जिला बारां) के सरपंच (प्रशासक) को पत्र भेजा गया है। पत्र में नगरफोर्ट थाने में दर्ज मुकदमा का हवाला देते हुए जल्द संपत्ति का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि उसे न्यायालय में पेश किया जा सके। समर्थक बोले- सरकार अहंकार में, आवाज दबाने की कोशिश नरेश मीणा के सहयोगी राकेश बैंसला ने कहा कि सरकार अहंकार में है और नरेश मीणा की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है। उनका आरोप है कि पंचायत राज चुनाव से पहले सरकार उन्हें जेल में रखकर गरीबों, किसानों, मजदूरों और छात्रों की आवाज दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि पहले स्पेशल लोक अभियोजक नियुक्त कर जमानत रद्द कराई गई और अब संपत्ति का रिकॉर्ड मंगवाया जा रहा है। उनका दावा है कि जनता इसका जवाब पंचायत राज और नगर निकाय चुनाव में देगी। बात न्याय पालिका के आदेश की तो उसका हम सम्मान करते है, हमें न्याय पालिका में विश्वास है, वह हमारे साथ न्याय करेगी और राहत देगी। SDM को थप्पड़ मारने के मामले में गिरफ्तार हुए थे नरेश मीणा यह मामला 13 नवंबर को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के मतदान के दौरान शुरू हुआ था। समरावता गांव के लोगों ने गांव को उनियारा उपखंड में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था। उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे थे। आरोप है कि जबरन तीन लोगों से मतदान कराने का विरोध करते हुए नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। अगले दिन 14 नवंबर को पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से गिरफ्तार किया और 15 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया। इस मामले में 60 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। नरेश मीणा को छोड़कर बाकी सभी आरोपियों को जमानत मिल गई थी। करीब 9 महीने बाद हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत पर रिहा किया था। झालावाड़ प्रदर्शन के बाद रद्द हुई जमानत 25 जुलाई को झालावाड़ के पिपलोदी सरकारी स्कूल की इमारत का हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद नरेश मीणा एसआरजी हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद नगरफोर्ट थाना पुलिस ने इसे हाईकोर्ट की जमानत शर्तों के उल्लंघन का आधार बनाते हुए एससी-एसटी कोर्ट में उनकी जमानत रद्द करने की अर्जी लगाई। कोर्ट ने 13 जुलाई को उनकी जमानत रद्द कर दी। जज आरती माहेश्वरी ने माना कि हाईकोर्ट ने नरेश मीणा को सशर्त जमानत दी थी, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने उन शर्तों का पालन नहीं किया। जमानत रद्द होने के बाद अब उनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी हो सकता है। ..... SDM थप्पड़कांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए.... 1. राजस्थान थप्पड़कांड- महिलाएं बोलीं, पुलिस ने हमें लाठियों से पीटा:एसडीएम को थप्पड़ मारने वाले नरेश जिस घर में घुसे, वहां सबसे ज्यादा तोड़फोड़ थप्पड़कांड की आग में राजस्थान के देवली-उनियारा (टोंक) का समरावता गांव झुलस गया है। लपटें भले ही बुझ गईं, लेकिन कालिख लगभग हर घर पर है। सबसे बुरी हालत में है कई कच्चे-पक्के घरों के बीच बना एक तीन मंजिला मकान। गेट से लेकर पार्किंग में खड़ी कार और चौक, बरामदे किचन और कमरे, हर तरफ तोड़फोड़ के निशान। फर्श से लेकर दीवारों तक जगह-जगह खून के निशान। पूरी खबर पढ़िए... 2. बुजुर्ग के वोट डालने के बाद भड़के लोग:देवली-उनियारा के समरावता गांव में SDM थप्पड़ कांड के बाद आगजनी-पथराव की पूरी कहानी देवली-उनियारा में 13 नवंबर को एसडीएम थप्पड़ कांड और फिर देर रात हुई आगजनी-पथराव के बाद समरावता गांव खाली हो गया है। गांव के लोग पुलिस से बचने के लिए खेतों और ढाणियों में छुपे हैं। भास्कर टीम हालात जानने के लिए मौके पर पहुंची तो लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। पूरी खबर पढ़िए... 3. राजस्थान थप्पड़कांड; नरेश मीणा टोंक जेल में शिफ्ट:किरोड़ी ने कहा- टारगेटेड था मामला; वकील बोले- SDM ने थाने में निर्दलीय प्रत्याशी को पीटा राजस्थान के देवली-उनियारा (टोंक) में एसडीएम के थप्पड़कांड विवाद के बाद समरावता गांव में तीसरे दिन शुक्रवार को भी तनाव रहा। घटना के बाद जिला कलेक्टर डॉ सौम्या झा का पहला बयान सामने आया। इधर, नरेश मीणा को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया। पूरी खबर पढ़िए....
शाहजहांपुर में दबंगों ने बुधवार शाम छह बजे एक घर में घुसकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों को तिलहर सीएचसी ले जाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को रेफर कर दिया गया। यह घटना थाना तिलहर क्षेत्र के बराह मोहब्बतपुर गांव की है। बुधवार शाम गांव के ही कुछ दबंग लाठी-डंडों से लैस होकर मुकेश के घर में घुस गए और उन पर हमला कर दिया। हमले में मुकेश, उनकी पत्नी ममता, बेटा अमन और मुकेश के भाई वीरपाल घायल हो गए। मारपीट के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। इस हंगामे का एक वीडियो भी सामने आया है। घायलों ने आरोप लगाया है कि उनका दबंगों से कोई सीधा विवाद नहीं था, लेकिन आरोपी उन पर बात करने और अपनी मनमानी मानने का दबाव बनाते थे। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि बुधवार दोपहर को हुए एक विवाद के बाद उन्होंने पुलिस चौकी पर शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके बाद शाम को उन पर हमला किया गया। उन्होंने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई। सभी घायलों को पहले थाने लाया गया और फिर सीएचसी भेजा गया। इलाज के बाद मुकेश की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया गया। तिलहर के सीओ ने बताया कि मारपीट की घटना हुई है, जिसमें कुछ लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए भेजा गया है। सीओ ने कहा कि तहरीर प्राप्त होते ही आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई पुलिस ने श्रावण मास में होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने 22 जुलाई बुधवार देर शाम 8 बजे थाना मल्लावां क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध सुनासीनाथ मंदिर का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने मंदिर परिसर, प्रवेश-निकास मार्गों, कांवड़ियों के आवागमन वाले रास्तों और आसपास के संवेदनशील स्थानों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंदिर परिसर और कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त बैरिकेडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुचारु आवाजाही बनाए रखना और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकना है। एसपी मीणा ने श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल चिन्हित करने, यातायात को व्यवस्थित रखने और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रभावी कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रमुख स्थानों पर अस्थायी पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाए। प्रत्येक गतिविधि पर लगातार निगरानी रखने के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और संदिग्ध व्यक्तियों पर नज़र रखने के निर्देश दिए गए। किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने आपातकालीन सेवाओं के लिए मार्ग बाधित न होने देने पर विशेष ध्यान देने को कहा। श्रद्धालुओं को असुविधा न हो, इसके लिए पुलिसकर्मियों को सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने और उनकी हर संभव सहायता करने के निर्देश भी दिए गए। हरदोई पुलिस का मुख्य उद्देश्य श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना है। इसी क्रम में जिले के प्रमुख शिवालयों और कांवड़ मार्गों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल मिल सके और कानून व्यवस्था बनी रहे।
ललितपुर कोतवाली सदर क्षेत्र के स्टेशन रोड पर स्थित सिविल लाइन प्रथम में बुधवार शाम एक प्रवेश द्वार की टाइल्स अचानक टूटकर गिर गईं। इस घटना में दो छात्राएं घायल हो गईं, जिनमें से एक को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस कॉलोनी निवासी आरती देवी (20) अपनी सहेली रिया (21) के साथ वार्ड नंबर 9 स्थित लाइब्रेरी से पढ़कर लौट रही थीं। शाम करीब 6:30 बजे जब वे जिला पंचायत के पास नगर पालिका द्वारा निर्मित प्रवेश द्वार से गुजर रही थीं, तभी लगभग 15 फीट की ऊंचाई से टाइल्स टूटकर उन पर जा गिरीं। टाइल्स गिरने से आरती देवी के सिर में गंभीर चोट आई और उनका सिर फट गया, जबकि रिया के पैर में चोट लगी। दोनों छात्राओं को तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। आरती देवी को सिर में पांच टांके आने के बाद अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। रिया को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने प्रवेश द्वार के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह स्वागत द्वार नगर पालिका परिषद द्वारा कुछ साल पहले बनाया गया था। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पिछले दो दिनों में यह तीसरी बार है जब इस प्रवेश द्वार की टाइल्स गिरी हैं। लगातार टाइल्स गिरने से भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है।
फिरोजाबाद में एक 10 साल की लड़की से रेप का मामला सामने आया है। रामगढ़ पुलिस ने बुधवार को ई-रिक्शा चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।यह घटना रामगढ़ थाना क्षेत्र की है। पीड़िता की मां चूड़ी की सिट पर काम करती हैं और आने-जाने के लिए उन्होंने ई-रिक्शा लगाया हुआ था। 18 जुलाई की सुबह महिला ई-रिक्शा चालक भूपेन्द्र (निवासी भीकनपुर आश्रम के पास, थाना रामगढ़) के साथ काम पर गई थीं। महिला को काम पर छोड़ने के बाद भूपेन्द्र उनके घर पहुंचा। बालिका घर में अकेली थी और रोज आने-जाने के कारण उसने भूपेन्द्र को घर में आने दिया। घर में अकेला पाकर आरोपित ने बालिका के साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। मां के घर लौटने पर बालिका ने उन्हें पूरी घटना बताई। इसके बाद मां अपनी बेटी को लेकर थाने पहुंचीं, जहां पुलिस ने उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की और बालिका का मेडिकल कराया। रामगढ़ इंस्पेक्टर संजीव दुबे ने बताया कि आरोपित ई-रिक्शा चालक को शाम 8 बजे रैपुरा रोड से गिरफ्तार किया गया है।
केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए यूजीसी (UGC) के नियमों और कानूनों के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना एवं समस्त स्वर्ण समाज, राजस्थान मुखर हो गया है। झुंझुनूं में बुधवार को यात्रा पहुंची। जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। नियमों को वापस लेने और ईडब्ल्यूएस प्रक्रिया के सरलीकरण की मांग को लेकर करणी सेना द्वारा देशनोक (बीकानेर) स्थित श्री करणी माता मंदिर से राजधानी जयपुर तक 650 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली जा रही है। इसी क्रम में झुंझुनूं में जिला कलेक्टर के माध्यम से देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। कॉलेज परिसरों में असुरक्षा और मतभेद का अंदेशा श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने बताया कि यूजीसी के नए नियमों और कानूनों से सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों में भारी हतोत्साह और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। अब तक कॉलेज परिसरों में सभी जातियों और वर्गों के छात्र-छात्राएं अत्यंत सौहार्दपूर्ण और भाईचारे के साथ शिक्षा ग्रहण करते आए हैं, लेकिन इस नए कानून के लागू होने से विभिन्न वर्गों के बीच मतभेद और दूरियां बढ़ने की आशंका उत्पन्न हो गई है। उन्होंने मांग की है कि शिक्षा के मंदिर को ऐसी नीतियों से दूर रखा जाए ताकि आपसी प्रेम और भाईचारा बना रहे। ईडब्ल्यूएस (EWS) प्रक्रिया हो सरल ज्ञापन के माध्यम से यह भी मांग की गई है कि राजस्थान राज्य सरकार की तर्ज पर केंद्र सरकार को भी ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र बनवाने की प्रक्रिया को बेहद सरल करना चाहिए। इससे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर (गरीब) वर्ग के लोगों को केंद्र सरकार की नौकरियों और योजनाओं में आरक्षण का वास्तविक लाभ सुगमता से मिल सकेगा और वे आम जनजीवन में आर्थिक संबल प्राप्त कर सकेंगे। जब तक रोलबैक नहीं होता, जारी रहेगा संघर्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कड़े शब्दों में कहा कि यूजीसी द्वारा जो इक्विटी कमीशन के नाम पर समानता आयोग लाया गया है, उसमें समानता जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के तहत एससी, एसटी, ओबीसी, एक महिला और एक दिव्यांग को अलग रखकर सामान्य वर्ग (जनरल) को पूरी तरह अलग कर दिया गया है, जो कि न्यायसंगत नहीं है। मकराना ने चेतावनी देते हुए कहा हमारा बच्चा चार गुना फीस भरकर और तमाम कठिनाइयों के बावजूद पढ़ाई करने जाता है, लेकिन इस प्रकार के नियमों के जरिए हमारे बच्चों को एजुकेशन से दूर करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। हमारे 95%, 98% और 99% अंक लाने वाले बच्चों को अपराधी घोषित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि अभी यह केवल राजस्थान में एक झांकी और शुरुआत है। यदि इन मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लिया गया और यूजीसी के इन नियमों को वापस (रोलबैक) नहीं किया गया, तो यह पदयात्रा और विरोध प्रदर्शन अन्य राज्यों में भी शुरू किए जाएंगे तथा यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं।
कांग्रेस के छात्रों की गूंज अभियान के तहत इंदौर के रविंद्र नाट्यगृह में आयोजित संवाद कार्यक्रम में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लोकतंत्र, छात्र राजनीति और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह भी मौजूद रहे। दो नों नेताओं ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए और युवाओं की नीति निर्माण में भागीदारी पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार चुनने के बाद नागरिकों का अधिकार है कि वे उसके फैसलों पर सवाल करें। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र वही है, जहां सरकार जनता के सवालों का जवाब देने के लिए जवाबदेह हो। यदि सवालों का जवाब नहीं मिलता, तो असंतोष बढ़ता है और आंदोलन की स्थिति बनती है। इस दौरान पटवारी ने छात्र राजनीति और शोध उपाधियों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत समझ के अनुसार कई नेता प्रभाव और दबदबे के बल पर नकल करके पीएचडी पूरी कर लेते हैं। उन्होंने दावा किया कि राजनीति से जुड़े लोगों में ऐसे मामलों का प्रतिशत काफी अधिक है। उनका यह बयान कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय बना रहा। उच्च शिक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए पटवारी ने हाल ही में विश्वविद्यालय खोलने के नियमों में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि केवल दो कमरों में विश्वविद्यालय स्थापित करने की अनुमति दी जाती है, तो इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने वाली संस्था नहीं, बल्कि शोध, नवाचार और बेहतर शैक्षणिक वातावरण का केंद्र होना चाहिए। पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने भी लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जब विपक्ष प्रभावी नहीं रहता, तब जनता सवाल पूछने के बजाय व्यक्तिपूजा की ओर बढ़ने लगती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की सक्रिय भूमिका जरूरी है, क्योंकि जवाबदेही से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है। कार्यक्रम का आयोजन फेडरेशन ऑफ वर्ल्ड यूथ एसोसिएशन और युवक कांग्रेस से जुड़ी शांभवी शुक्ला की ओर से किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राहुल गांधी के संबोधन के वीडियो प्रदर्शन से हुई। संवाद के दौरान युवाओं की भागीदारी, शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) में प्रवक्ता (पुरुष/महिला) भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा-2025 का परिणाम जारी कर दिया है। 13 विषयों में हुई इस परीक्षा के तीन विषयों - अर्थशास्त्र, नागरिकशास्त्र और भौतिक विज्ञान - में कुल 4,822 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। ये अभ्यर्थी अब मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। आयोग इससे पहले दो विषयों के परिणाम भी जारी कर चुका है। यह परीक्षा 14 जून को आयोजित की गई थी। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट https://uppsc.up.nic.in पर अपना परिणाम देख सकते हैं। आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने बताया कि नागरिक शास्त्र विषय में कुल 27,366 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 12,211 परीक्षा में उपस्थित हुए। इस विषय में पुरुष वर्ग के 51, महिला वर्ग के 54 और दृष्टिबाधित श्रेणी के 06 पद रिक्त हैं। इसके सापेक्ष मुख्य परीक्षा के लिए कुल 2,323 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। भौतिक विज्ञान विषय के लिए कुल 19,134 अभ्यर्थी पंजीकृत थे और 6,679 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। पुरुष वर्ग की 86 और महिला वर्ग की 104 रिक्तियों के सापेक्ष कुल 1,575 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है। अर्थशास्त्र विषय में 17,828 अभ्यर्थी पंजीकृत थे और 5,602 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे। इसके अंतर्गत पुरुष वर्ग में 41, महिला वर्ग में 36 तथा स्पर्श दृष्टिबाधित/समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय श्रेणी में 06 रिक्तियां हैं। इन रिक्तियों के सापेक्ष कुल 924 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए औपबंधिक रूप से सफल घोषित किया गया है। आयोग के सचिव ने यह भी बताया कि निर्धारित न्यूनतम दक्षता मानक अंक प्राप्त न कर पाने के कारण कुछ श्रेणियों में निर्धारित संख्या से कम अभ्यर्थी ही सफल हो पाए हैं। सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने स्पष्ट किया कि यह परिणाम पूरी तरह से औपबंधिक है। मुख्य परीक्षा के आयोजन की तारीखों और सफल अभ्यर्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किए जाने की पूरी प्रक्रिया के संबंध में जल्द ही एक अलग प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों के व्यक्तिगत प्राप्तांक और श्रेणीवार कट-ऑफ अंक की जानकारी अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के बाद ही आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
भोपाल पुलिस कमिश्नर ने अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा और आरक्षक नंदकिशोर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बुधवार को कार्रवाई एक युवक की शिकायत पर की गई थी। उसने उसने थाना प्रभारी पर अपनी पत्नी से अनैतिक संबंध रखने और पद का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में आरक्षक की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे। शिकायतकर्ता ने पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत के साथ कथित साक्ष्य भी सौंपे थे। प्रारंभिक परीक्षण में शिकायत को गंभीर मानते हुए दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। आरोप है कि आरक्षक नंदकिशोर को थाना प्रभारी की गतिविधियों की पूरी जानकारी थी और उसने भी महिला पर दबाव बनाने में भूमिका निभाई। विभागीय जांच के भी दिए आदेशमामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी सुनील शर्मा के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। जांच में आरोपों की सत्यता, पुलिस आचरण नियमों के उल्लंघन और पद के दुरुपयोग जैसे पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। प्रारंभिक जांच में भूमिका संदिग्धडीपी विकास सेहवाल के मुताबिक महिला के पति की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। प्रारंभिक तौर पर थाना प्रभारी और आरक्षक की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जिसके आधार पर दोनों को निलंबित किया गया है।
बरेली मंडल में पर्यटन विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को बरेली मंडल के पर्यटन विकास से जुड़े 32 प्रस्तावों की समीक्षा की। बैठक में नाथ कॉरिडोर, सीबीगंज का 7 करोड़ रुपए का ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट और 'परंपरा' पर्यटन एवं संस्कृति सेंटर प्रमुख आकर्षण रहे। बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं के धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटक सुविधाएं विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं जन उपयोगिता, ऐतिहासिक प्रमाण और गुणवत्ता के आधार पर तय समय में पूरी हों, ताकि क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल सके। चार जिलों के 32 प्रस्तावों पर मंथनवित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में पर्यटन विभाग के 26 प्रस्ताव शामिल हैं। इनमें बरेली के 12, शाहजहांपुर के 8, पीलीभीत और बदायूं के 3-3 प्रस्ताव हैं। पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की संस्तुति पर तीन नए प्रस्ताव भी जोड़े गए हैं। इसके अलावा धार्मिक कार्य विभाग के दो और संस्कृति विभाग के तीन प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। पर्यटन और धार्मिक कार्य विभाग की परियोजनाओं पर 35 करोड़ रुपये से अधिक खर्च का अनुमान है। 'परंपरा' सेंटर से मिलेगी नई पहचानबैठक में बरेली मंडल के लिए प्रस्तावित 'परंपरा' पर्यटन एवं संस्कृति वन-स्टॉप सेंटर को विशेष महत्व दिया गया। इसका उद्देश्य चारों जिलों के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों को एक साझा पहचान देना है। इससे कम प्रसिद्ध स्थलों को भी पर्यटन परिपथ से जोड़ने में मदद मिलेगी। सीबीगंज में बनेगा ईको-टूरिज्म पार्कसीबीगंज क्षेत्र में करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ईको-टूरिज्म परियोजना पर भी चर्चा हुई। इसमें हरित क्षेत्र, गज़ेबो, प्राकृतिक भ्रमण पथ और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना है। धार्मिक स्थलों पर बढ़ेंगी सुविधाएंपर्यटन विभाग ने विभिन्न मंदिरों, आश्रमों, गुरुद्वारों और धार्मिक स्थलों पर बहुउद्देशीय भवन, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, साइनेज, क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली और सौंदर्यीकरण जैसे कार्य कराने का प्रस्ताव रखा। बरेली और शाहजहांपुर के प्रमुख स्थल शामिलबरेली के प्रस्तावों में बालाजी मंदिर, श्री चित्रगुप्त धाम, संजय नगर गुरुद्वारा, काली माता मंदिर और काली देवी मंदिर समेत कई स्थल शामिल हैं। शाहजहांपुर में सुनासिर नाथ मंदिर, बाबा विश्वनाथ मंदिर, हनुमंत धाम और परशुराम पुरी मंदिर परिसर के विकास पर चर्चा हुई। नाथ कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षामंत्री ने निर्माणाधीन नाथ कॉरिडोर परियोजना की भी समीक्षा की। अलखनाथ मंदिर, तुलसी मठ और तपेश्वर नाथ समेत अन्य नाथ मंदिरों में चल रहे कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवंबर के अंत या दिसंबर 2026 के मध्य तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को समेकित आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। रामलीला मैदान और ऑडिटोरियम पर भी फोकससंस्कृति विभाग ने शाहजहांपुर के कांट, पीलीभीत के पूरनपुर और बरेली के फतेहगंज पश्चिमी के रामलीला मैदानों के विकास का प्रस्ताव रखा। इन्हें वर्षभर सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पीलीभीत के ऐतिहासिक रामलीला मैदान का 72 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं बदायूं के दातागंज में 500 सीट क्षमता वाले ऑडिटोरियम और सार्वजनिक पुस्तकालय का 17 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जिसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ऐतिहासिक प्रमाण और गुणवत्ता पर जोरजयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावों के ऐतिहासिक और धार्मिक दावों का प्रमाणिक अभिलेखों से सत्यापन किया जाए। भूमि की स्थिति, वास्तविक लागत और रखरखाव की स्पष्ट योजना तैयार होने के बाद ही अंतिम स्वीकृति दी जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, नियमित निरीक्षण और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, महापौर डॉ. उमेश गौतम, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, कुंवर महाराज सिंह, विधायकगण, मंडलायुक्त, DM बरेली और पर्यटन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
फतेहपुर में पड़ोसी ने कोर्ट मैरिज के बाद पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को बोरे में रखकर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। लड़की के पिता ने शक जताते हुए पड़ोसी के खिलाफ शिकायत की थी। युवती पड़ोसी को चाचा कहती थी। पड़ोसी को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बताया- पत्नी उम्र में मुझसे 24 साल छोटी थी। लोग इसी का ताना मारते थे, इसलिए मार डाला। पुलिस ने पड़ोसी समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक आरोपी फरार है। बुधवार रात 9 बजे पुलिस ने मामले का खुलासा किया। मामला राधानगर थाना इलाके के भिखारीपुर डिग्री कॉलेज के पास का है। अब जानिए पूरा मामला… थरियांव थाना क्षेत्र के धारूपुर औरेई गांव निवासी महावीर ने 20 जुलाई को पुलिस को शिकायत दी थी। आरोप था कि कुछ दिन पहले उनकी 19 साल की बेटी पुष्पा देवी को मेरा पड़ोसी गंगासागर (45) बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। गंगासागर शादीशुदा है। उसके तीन बच्चे हैं। महावीर ने पुलिस को बताया- बेटी पुष्पा की आखिरी बार 16 जून को बड़ी बेटी से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हो सका। 19 जुलाई तक उसके बारे में कोई पता नहीं चला तो पुलिस में शिकायत दी। महावीर ने आशंका जताई थी कि गंगासागर ने बेटी की हत्या कर दी है। पुलिस ने गंगासागर को हिरासत लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया- करीब 2 साल से गंगासागर और पुष्पा में अफेयर था। दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली थी। दोनों साथ रहने लगे थे। गंगासागर उम्र में भी बड़ा था। इस कारण भी परिवार वाले इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे। इसी कारण दोनों परिवार में विवाद बढ़ गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर शव को ले गया 28 जून की रात गंगासागर ने पुष्पा का गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने 18 साल के बेटे राजकुमार, रिश्तेदार लवलेश और साथी शिवनारायण की मदद से शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर बीबीपुर के पास रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया, ताकि मामला ट्रेन हादसे का लगे। हत्या के सबूत मिट जाएं। शक से बचने के लिए उसने 19 जुलाई को खुद ही राधानगर थाने में उसकी की गुमशुदगी दर्ज करा दी। 29 जून को सुबह पुलिस ने रेलवे ट्रैक के किनारे पुष्पा का शव बरामद किया था। उसका चेहरा बुरी तरह से कुचला था। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर बुधवार शाम को गंगासागर, उसके बेटे राजकुमार और रिश्तेदार लवलेश को गिरफ्तार कर लिया। शिवनारायण की तलाश की जा रही है। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें गुलदार ने नहीं, बेटे ने मां को मारा था, बिजनौर में शव के पास बैठकर खूब रोया था, बोला- मुआवजे में 5 लाख मिलते, इसलिए की वारदात बिजनौर में जिस मौत को परिजन पहले गुलदार का हमला मान रहे थे, वह दरअसल हत्या निकली। 70 साल की महिला की हत्या उसके ही छोटे बेटे ने गला घोंटकर की थी। पूरी खबर पढ़ें
मधुबनी में सकरी के पूर्व मुखिया 10 साल की सजा:2018 के जानलेवा हमले मामले में कोर्ट ने दिया फैसला
मधुबनी जिले के सकरी थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में हुए जानलेवा हमले के मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पांडेय की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया। अदालत ने सकरी के पूर्व मुखिया अली अहमद उर्फ मुन्ना बॉस को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कई धाराओं में सुनाई गई सजा न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना, धारा 341 के तहत एक माह का कारावास, धारा 325 के तहत पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये का जुर्माना तथा धारा 504 के तहत दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये का जुर्माना तथा धारा 30 के तहत छह माह का कारावास और दो हजार रुपये का जुर्माना सुनाया गया। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया। अभियोजन और बचाव पक्ष ने रखे अपने तर्क सजा निर्धारण के दौरान लोक अभियोजक शिव शंकर प्रसाद राय ने आरोपी के गंभीर अपराध का हवाला देते हुए कठोर सजा की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिव कुमार ठाकुर ने आरोपी के लिए न्यूनतम सजा देने का अनुरोध किया। पुत्र के अपहरण की सूचना पर पहुंचे थे पीड़ित लोक अभियोजक के अनुसार, 17 सितंबर 2018 को उमर महमूद को सूचना मिली कि उनके पुत्र का अपहरण किया जा रहा है। सूचना मिलने पर जब वे घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि आरोपी अली अहमद उर्फ मुन्ना बॉस अपने सहयोगियों के साथ उनके पुत्र को जबरन वाहन में बैठाने का प्रयास कर रहा था। गोली लगने से घायल हुए थे उमर महमूद आरोप है कि उमर महमूद के पहुंचते ही आरोपी ने पिस्तौल से जान से मारने की नीयत से गोली चला दी, जो उनकी बांह में लगी। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी अपने साथियों के साथ फरार हो गया। इस मामले में सकरी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
ग्वालियर के वीरपुर बांध में युवक का शव मिला:विवाद के बाद घर से निकला था, बाइक भी पानी से बरामद
गिरवाई थाना क्षेत्र के वीरपुर बांध में बुधवार दोपहर एक युवक का शव मिला। स्थानीय लोगों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बांध से बाहर निकलवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरवाई थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह यादव ने बताया कि मृतक की पहचान वीरपुर बांध निवासी 43 वर्षीय मनोज कुशवाह के रूप में हुई है। मनोज मकानों में सेंटिंग लगाने का काम करता था। शव निकालने के बाद बांध में एक बाइक भी मिली, जिसकी पहचान मनोज की बाइक के रूप में हुई। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि मनोज की चार बेटियां और एक बेटा है। बीते दिन उसका अपनी पत्नी से विवाद हुआ था, जिसके बाद वह बाइक लेकर घर से निकला था। यह भी पता चला है कि घटना से पहले उसने शराब का सेवन किया था। पुलिस के अनुसार, मनोज का शव बांध में काफी अंदर मिला है। इस आधार पर पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि उसने आत्महत्या की है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर धरना-प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स के बीच बुधवार रात पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह तथा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पहुंचे। दोनों नेता स्टूडेंट्स के साथ धरना-प्रदर्शन में बैठे। इस दौरान यहां पीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई। पिछले कई दिनों से टंट्याभील चौराहे पर स्टूडेंट्स धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद इंदौर में भी स्टूडेंट्स की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यहां भी दिनभर में सैकड़ों की संख्या में स्टूडेंट्स धरना-प्रदर्शन में पहुंच रहे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। स्टूडेंट्स के बीच बैठे दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी बुधवार रात दिग्विजय सिंह और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी टंट्याभील चौराहे पर पहुंचे। दोनों स्टूडेंट्स के बीच जाकर धरना-प्रदर्शन में बैठे और उनके आंदोलन का समर्थन किया। कांग्रेस के इन नेताओं के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित कई कांग्रेस नेता भी धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। दिग्विजय सिंह बोले- 21 जून को ही यह बात कह चुका हूं दिग्विजय सिंह ने दैनिक भास्कर से चर्चा में कहा, 'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए। यह मांग कांग्रेस पिछले 25 दिनों से उठा रही है। मैं 21 जून को ही यह बात कह चुका हूं।'
बिहार सरकार इबोला वायरस रोग (Ebola Virus Disease) के संभावित खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गई है। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देश के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग ने इबोला से निपटने की तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। इसके तहत राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज, प्रमुख अस्पताल, आयुष संस्थान और सभी जिलों के सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों से निर्धारित प्रारूप में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। इसमें सभी संस्थानों को अपनी तैयारियों की अद्यतन जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। विभाग का उद्देश्य राज्यभर में उपलब्ध संसाधनों, स्वास्थ्यकर्मियों की तैयारियों और आपदा प्रबंधन की स्थिति का आकलन करना है। इसका लक्ष्य किसी भी संभावित आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देश एम्स पटना, आईजीआईएमएस, पीएमसीएच सहित राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, आयुष मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पतालों और सभी सिविल सर्जन कार्यालयों को भेजे गए हैं। सभी संस्थानों को एक निर्धारित फॉर्मेट में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। विभाग ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। सभी जिलों से प्राप्त जानकारी के आधार पर बिहार की समेकित रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार को भेजी जाएगी। PPE किट और बॉडी बैग की उपलब्धता की होगी समीक्षा स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों से उपलब्ध संसाधनों का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। रिपोर्ट में यह बताना होगा कि संबंधित संस्थान में कुल कितनी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं और उनमें से कितने संस्थानों में पर्याप्त मात्रा में पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) किट उपलब्ध हैं।इसके अलावा अस्पतालों को यह भी बताना होगा कि वर्तमान में उनके पास कितनी पीपीई किट और बॉडी बैग उपलब्ध हैं। यदि संसाधनों की कमी है तो अतिरिक्त आवश्यकता कितनी है और उसकी पूर्ति के लिए खरीद प्रक्रिया शुरू की गई है या नहीं, इसकी जानकारी भी अनिवार्य रूप से देनी होगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि किसी भी संक्रामक बीमारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सुरक्षा उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण होती है। इसी कारण इन संसाधनों का अलग से मूल्यांकन किया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल पर रहेगा विशेष फोकस केवल उपकरणों की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्यकर्मियों की तैयारी का भी विस्तृत आकलन किया जाएगा। विभाग ने सभी संस्थानों से संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण (Infection Prevention and Control) से जुड़े प्रशिक्षण की जानकारी मांगी है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख करना होगा कि डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई किट के सही उपयोग का प्रशिक्षण कब दिया गया था। साथ ही संस्थान में अंतिम बार मॉक ड्रिल कब आयोजित की गई, इसकी तारीख भी देनी होगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि किसी भी आपदा की स्थिति में केवल संसाधन पर्याप्त नहीं होते, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन और समय-समय पर होने वाले अभ्यास (मॉक ड्रिल) भी उतने ही आवश्यक हैं। इससे किसी भी संभावित संक्रमण की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने में आसानी होती है। केंद्र सरकार को भेजी जाएगी विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों को निर्धारित प्रारूप में सही एवं अद्यतन जानकारी जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। जिलों और अस्पतालों से प्राप्त सभी सूचनाओं का विश्लेषण करने के बाद राज्य स्तर पर एक समेकित रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद यह रिपोर्ट भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भेजी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस समीक्षा का उद्देश्य राज्य में उपलब्ध स्वास्थ्य संसाधनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था की जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिहार में फिलहाल इबोला वायरस संक्रमण का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। सरकार एहतियात के तौर पर तैयारियों की समीक्षा कर रही है ताकि भविष्य में यदि किसी प्रकार की चुनौती सामने आती है तो स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह तैयार रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी संक्रामक बीमारी के प्रसार को रोकने में शुरुआती तैयारी, पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और मजबूत निगरानी व्यवस्था सबसे प्रभावी उपाय होते हैं। इसी रणनीति के तहत बिहार सरकार ने समय रहते सभी स्वास्थ्य संस्थानों की तैयारियों का आकलन शुरू कर दिया है।
इटारसी में ग्राम चांदौन के अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद का चयन एफआईएच हॉकी विश्व कप-2026 के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम में किया गया है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में आयोजित होगा, जिसमें विवेक भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। बुधवार को कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने विवेक सागर प्रसाद को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह नर्मदापुरम और मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है और विवेक की सफलता प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। विवेक सागर बने भारतीय टीम की प्रमुख ताकत विवेक सागर प्रसाद लंबे समय से भारतीय हॉकी टीम के महत्वपूर्ण सदस्य रहे हैं। उनकी तेज रफ्तार, उत्कृष्ट मिडफील्ड नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय अनुभव टीम की प्रमुख ताकत मानी जाती है। अपने निरंतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने विश्व कप टीम में जगह बनाई है। हरमनप्रीत सिंह संभालेंगे टीम की कमान भारतीय टीम की कप्तानी अनुभवी डिफेंडर हरमनप्रीत सिंह करेंगे। वरिष्ठ मिडफील्डर मनप्रीत सिंह भी टीम का हिस्सा हैं। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने टीम को अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन संतुलन बताया है और विश्व कप में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। पूल-डी में भारत का मुकाबला विश्व कप में भारत को पूल-डी में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ रखा गया है। भारतीय टीम अपना अभियान 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ शुरू करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को पाकिस्तान से मुकाबला होगा। नर्मदापुरम जिला प्रशासन ने विवेक सागर प्रसाद और भारतीय टीम को विश्व कप में सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
मंडला जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली और प्रतिबंधित सिगरेट के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो प्रमुख दुकानों पर दबिश देकर करीब 3 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध व प्रतिबंधित सिगरेट जब्त की है। इस मामले में दोनों दुकानदारों के खिलाफ वैधानिक प्रकरण दर्ज किया गया है। नीलेश और पमनानी ट्रेडर्स से मिलीं संदिग्ध सिगरेट यह कार्रवाई आईटीसी लिमिटेड द्वारा अधिकृत 'सिक्योर ब्रांड आईपी एंड कॉपीराइट सर्विसेज, इंदौर' की शिकायत के बाद की गई। पुलिस ने कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ हागगंज बाजार स्थित नीलेश ट्रेडर्स और आंबेडकर वार्ड स्थित पमनानी ट्रेडर्स में जांच की, जहां से ब्रांड से मिलती-जुलती और प्रतिबंधित सिगरेट की खेप बरामद हुई। 3 लाख रुपए की सिगरेट जब्त, संचालक गिरफ्तार कोतवाली थाना प्रभारी शफीक खान ने बताया कि नीलेश ट्रेडर्स पर संचालक राजेश वीरानी के पास से लगभग 1.75 लाख रुपए की सिगरेट जब्त की गई। वहीं पमनानी ट्रेडर्स संचालक सनी पमनानी के पास से करीब 1.20 लाख रुपए की सिगरेट बरामद हुई। दोनों दुकान संचालकों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में शामिल टीम इस संयुक्त कार्रवाई में उप निरीक्षक संजीव उईके, मृदुल पटैल, यमुना सनोडिया, प्रियांश पाठक, रमेश सिंगरोरे, आशुतोष उपाध्याय तथा सिक्योर ब्रांड कंपनी के राज ठाकुर व गौरव कुमार श्रीवास्तव मुख्य रूप से शामिल रहे।
रेलवे प्रशासन द्वारा रेल परिचालन में सुधार के लिए जयपुर-जैसलमेर लीलण एक्सप्रेस के संचालन समय में आंशिक परिवर्तन किया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार, गाड़ी संख्या 12468 (जयपुर-जैसलमेर लीलण एक्सप्रेस) आगामी 27 जुलाई से जयपुर स्टेशन से अपने निर्धारित समय 16:30 बजे के स्थान पर परिवर्तित समय 16:25 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन कनकपुरा स्टेशन पर 16:37 बजे पहुंचकर 16:39 बजे प्रस्थान करेगी तथा आसलपुर जोबनेर स्टेशन पर 16:57 बजे पहुंचकर 16:59 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन अपने बदले हुए समय के अनुसार सुबह 05:05 बजे जैसलमेर पहुंचेगी। दूसरी ओर, पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के दरा-कंवलपुरा स्टेशनों के मध्य आरयूबी संख्या 148 पर चल रहे तकनीकी कार्य के कारण जोधपुर-इंदौर रेलसेवा प्रभावित रहेगी। गाड़ी संख्या 12466 (जोधपुर-इंदौर रेलसेवा) जो 23 जुलाई को जोधपुर से प्रस्थान करेगी, वह मार्ग में 1 घंटे 40 मिनट रेगुलेट (विलंबित) रहेगी। इसी तरह, 27 जुलाई को जोधपुर से प्रस्थान करने वाली यही ट्रेन पश्चिम मध्य रेलवे पर 3 घंटे 15 मिनट रेगुलेट रहेगी।
राजगढ़ पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले एक साइबर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक ऑटो चालक से ठगे गए 60 हजार रुपए की पूरी राशि वापस करा दी है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। यह जानकारी बुधवार शाम पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी अमित तोलानी ने दी। एसपी तोलानी ने बताया कि बांसवाड़ा मोहल्ला निवासी 38 वर्षीय जितेंद्र मेवाड़े ने 11 जुलाई को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जितेंद्र ने बताया कि 7 जुलाई को एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें फोन किया था। आरोपी ने जितेंद्र को अश्लील वीडियो देखने के नाम पर 'डिजिटल अरेस्ट' करने की धमकी दी। कार्रवाई से बचाने का झांसा देकर आरोपी ने जितेंद्र से 60 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जितेंद्र एक ऑटो चालक हैं और आरोपियों की धमकियों से घबराकर उन्होंने अपना ऑटो तक गिरवी रखकर यह रकम जुटाई थी। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 308(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना पुलिस और जिला साइबर सेल ने तत्काल संबंधित बैंक, वित्तीय संस्थानों और साइबर एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया। लगातार फॉलोअप के बाद ठगी गई पूरी 60 हजार रुपए की राशि रिकवर कर पीड़ित के बैंक खाते में वापस जमा करा दी गई। जांच के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के थाना मंगलपुर क्षेत्र के राजपुरा चौकी झींझक निवासी आलोक पाल (19) और ग्राम गिरधर सिंह का पुरा निवासी बृजेश सिंह पाल (26) को गिरफ्तार किया। इस मामले में एक नाबालिग को भी अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है। एसपी ने लोगों से कहा कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या बैंक अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाए और पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहे, तो उसकी बातों में बिल्कुल न आएं। भारत में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं है। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करें, ताकि समय रहते रकम वापस कराई जा सके।
सतना शहर के वार्ड क्रमांक-17 स्थित मुक्तिधाम तक पहुंचने का रास्ता बुधवार को प्रशासन ने बहाल कर दिया। वर्षों से सार्वजनिक मार्ग पर किए गए अतिक्रमण और बाउंड्रीवाल के कारण लोगों को अंतिम संस्कार के लिए परेशानी उठानी पड़ रही थी। मामले की शिकायत वार्ड पार्षद ऊषा गंगा कुशवाहा ने राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष से की थी। शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया और बुधवार को एसडीएम सिटी राहुल सिडालिया के नेतृत्व में राजस्व और नगर निगम की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान सार्वजनिक रास्ते पर बनी बाउंड्रीवाल और अन्य अवरोध हटाए गए, जिससे मुक्तिधाम तक जाने वाला मार्ग पूरी तरह से खुल गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक उपयोग के रास्तों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी अभियान के तहत वार्ड क्रमांक-22 के उतैली क्षेत्र में भी सार्वजनिक मार्ग पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। यहां सेना में कार्यरत एक जवान और उसके परिजनों द्वारा रास्ते पर टीन शेड बनाकर कब्जा किया गया था। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर टीन शेड हटवाया और मार्ग को आम लोगों के लिए मुक्त कराया। प्रशासन का कहना है कि शहर में सार्वजनिक रास्तों और शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
डबवाली में कार ने बाइक को मारी टक्कर:हादसे में बुजुर्ग किसान घायल, काम से जा रहे थे, सिरसा रेफर
सिरसा जिले के डबवाली-ऐलनाबाद रोड पर गांव मसीतां के मुख्य चौक के पास बुधवार दोपहर एक कार और बाइक की टक्कर हो गई। इस हादसे में 60 वर्षीय बाइक सवार किसान गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद सिरसा रेफर किया गया है। घायल किसान की पहचान हंसराज निवासी गांव मोड़ी के रूप में हुई है। उनके बेटे गुलजार सिंह ने बताया कि हंसराज खेती-बाड़ी करते हैं और बुधवार दोपहर किसी काम से गांव से डबवाली आ रहे थे। गंभीर हालत में सिरसा किया रेफर जब वह गांव मसीतां के मुख्य चौक पर पहुंचे, तभी गांव सांवतखेड़ा की ओर से आई एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से हंसराज बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से चोटिल हो गए। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत डबवाली एंबुलेंस ट्रस्ट को सूचना दी। एंबुलेंस ड्राइवर कुलवंत सिंह मौके पर पहुंचे और घायल हंसराज को उपमंडल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने हंसराज के सिर और घुटने पर गंभीर चोटें पाईं और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे के उपचार के लिए सिरसा रेफर कर दिया।
मऊगंज जिले के सगरा गांव में बुधवार शाम एक बिजली के पोल में उतरे करंट से अपनी भैंस को बचाने के प्रयास में 45 वर्षीय दयानिधि पटेल खुद करंट की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उनकी मौत हो गई। भैंस को बचाते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, सगरा निवासी दयानिधि पटेल (45) अपने घर के पास मौजूद थे। इसी दौरान पास स्थित एक विद्युत पोल में अचानक करंट आ गया, जिसकी चपेट में एक भैंस आ गई। भैंस को तड़पता देख दयानिधि उसे बचाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन वे भी बिजली के तेज प्रवाह की चपेट में आ गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया घटना के तुरंत बाद परिजन और स्थानीय ग्रामीण उन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल मऊगंज ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल मऊगंज के शवगृह में रखवा दिया है। पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
कपसाड़ कांड का आरोपी पारस बालिग है या नाबालिग, अब इसका फैसला 28 को आएगा। बुधवार को कागजी कार्रवाई पूरी ना होने के कारण कोर्ट अपना फैसला नहीं सुना सकी और अगली तारीख 28 जुलाई लगा दी गई। निर्णय ना आने के बाद दोनों पक्षों में बेचैनी बढ़ गई है। कपसाड़ गांव में आठ जनवरी को दलित महिला सुनीता जाटव की हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण की वारदात ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। घटना के बाद हालात इतने संवेदनशील हो गए थे कि गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर देना पड़ा। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और मीडिया की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी गई थी। करीब 48 घंटे बाद पुलिस ने रूबी को सकुशल बरामद कर आरोपी पारस सोम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसके बाद स्थिति सामान्य होने लगी थी। नाबालिग का दावा बना कानूनी लड़ाई का आधारमामले में नया मोड़ 14 जनवरी को आया, जब आरोपी पक्ष के अधिवक्ता बलराम सोम ने अदालत में याचिका दाखिल कर दावा किया कि घटना के समय पारस सोम नाबालिग था। उन्होंने मामले की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में कराए जाने की मांग की। एससी-एसटी कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित अभिलेख तलब किए और नौ फरवरी को मामला किशोर न्याय बोर्ड को स्थानांतरित कर दिया। ओसिफिकेशन टेस्ट से बालिग घोषितवादी पक्ष ने शुरू से ही इस दावे का विरोध किया और आरोपी को बालिग बताते हुए कार्रवाई की मांग की। दोनों पक्षों के बीच कई महीनों तक चली सुनवाई के बाद किशोर न्याय बोर्ड ने सात मई को आरोपी का ओसिफिकेशन टेस्ट कराए जाने के आदेश दिए। 12 मई को मेडिकल परीक्षण कराया गया और आठ जून को आई रिपोर्ट के आधार पर जेजे बोर्ड ने पारस सोम को बालिग घोषित कर दिया। जेजे बोर्ड के आदेश को दी गई चुनौतीजेजे बोर्ड के फैसले से असहमत पारस सोम पक्ष ने स्पेशल पोक्सो कोर्ट में क्रिमिनल अपील दाखिल कर दी। अपील में जेजे बोर्ड के आदेश को गलत बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने जेजे बोर्ड से ट्रायल कोर्ट रिकॉर्ड (टीसीआर) भी तलब किया। बुधवार को नहीं आ सका फैसला कोर्ट ने पिछली तारीख पर दोनों पक्षों को सुना और फैसला सुरक्षित रखते हुए 22 जुलाई की तिथि निर्धारित कर दी। बुधवार को दोनों पक्षों की नजर कोर्ट पर लगी थी। दोपहर बाद फैसला सुनाया जाना था लेकिन कागजी प्रक्रिया अधूरी रहने के कारण फैसला सुनाया नहीं जा सका। अब फैसला सुनाने के लिए 28 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई है।
बुरहानपुर में विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देश पर परिवहन विभाग द्वारा जिले में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को परिवहन विभाग की टीम ने खकनार क्षेत्र के विद्यालयों में संचालित स्कूली बसों सहित अन्य वाहनों की जांच की। विभाग ने कुल 37 वाहनों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने और कमियां पाए जाने पर संबंधित वाहन संचालकों से 10 हजार रुपये का शमन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया। इसके अतिरिक्त, एक बस की फिटनेस निरस्त कर दी गई, जबकि बिना परमिट संचालित एक अन्य बस को जब्त कर लिया गया। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनफिट और नियमों के विपरीत संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ भविष्य में भी प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हाईकोर्ट ने पाली के एक सिविल विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित एक डिक्री को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने यह कार्रवाई इसलिए की क्योंकि यह डिक्री मुकदमे के एकमात्र वादी की मृत्यु के बाद, उसके कानूनी प्रतिनिधियों को पक्षकार बनाए बिना ही पारित कर दी गई थी। इस फैसले के साथ ही, डिक्री के आधार पर शुरू की गई निष्पादन कार्यवाही भी स्वतः रद्द हो गई है। यह मामला पाली के रोहट क्षेत्र निवासी कालूराम की अपील से जुड़ा है। अपील में बताया गया कि अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, पाली ने 30 अप्रैल 2025 को लाला राम के पक्ष में एकपक्षीय डिक्री पारित की थी, जबकि लाला राम की मृत्यु 26 मई 2023 को ही हो चुकी थी। अपील में यह भी बताया गया कि लाला राम की मृत्यु के बावजूद, उनके कानूनी प्रतिनिधियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड पर नहीं लाया गया। इसके लिए न तो देरी माफी का आवेदन किया गया और न ही मुकदमे की समाप्ति को रद्द करने के लिए कोई अर्जी दी गई। जस्टिस फरजंद अली ने अपने फैसले में कहा- सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के ऑर्डर 22 के तहत निर्धारित अवधि में कानूनी प्रतिनिधियों को रिकॉर्ड पर नहीं लाने से मुकदमा स्वतः समाप्त हो जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुकदमे को कानूनी रूप से बहाल किए बिना ट्रायल कोर्ट आगे की कार्यवाही नहीं कर सकता। हाईकोर्ट ने कालूराम की अपील को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित डिक्री और उससे जुड़ी निष्पादन कार्यवाही को रद्द कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने कानूनी प्रतिनिधियों को कानून के तहत उपलब्ध अन्य कानूनी उपाय अपनाने की स्वतंत्रता दी है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की प्रयोगशाला परिचालक भर्ती परीक्षा 26 जुलाई रविवार को रायपुर जिले के 52 परीक्षा केंद्रों में आयोजित होगी। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक होगी। परीक्षा में 16,987 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में अपर कलेक्टर नवीन ठाकुर ने अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए।परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर उत्तम प्रसाद रजक को नोडल अधिकारी और विशेष रोजगार कार्यालय के रोजगार अधिकारी केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री का वितरण 26 जुलाई की सुबह 6 बजे जिला कोषालय से किया जाएगा। दिशा-निर्देशों का सख्ती से होगा पालन बैठक में सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, बैठने की व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही कर्मचारी चयन मंडल की ओर से जारी सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया। अपर कलेक्टर ने पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक परीक्षार्थी की परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अनिवार्य रूप से फ्रिस्किंग की जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था और सभी तैयारियां समय पर पूरी कर परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाए।
पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने शासन सचिवालय में पशुपालन विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में मंत्री ने 'मंगला पशु बीमा योजना' की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान लक्ष्यों को पूरा करने में लापरवाही बरतने और पिछड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बीमा के तय लक्ष्यों से पिछड़ने वाले जिलों के संयुक्त निदेशकों को तुरंत '17 सीसी' (17 CC) के तहत चार्जशीट देने के निर्देश दिए। बीमा लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए विभाग को विशेष कैंप लगाने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा, बीमाधारक मृत पशु के पोस्टमॉर्टम के समय संबंधित पशु चिकित्सक और बीमा सर्वेयर दोनों की उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया गया है। पशुओं के बीमा कार्य को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए पशु चिकित्सकों की सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। गौशालाओं के लिए अलग कलर कोडिंग बैठक के दौरान मंत्री कुमावत ने गौशालाओं के बीमाधारक पशुओं की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक गौशाला के टैग का कलर (रंग) अलग-अलग रखने के आदेश दिए। उन्होंने जोधपुर संभाग के बालोतरा, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में भेड़, बकरी व ऊंट के बीमा तथा पाली, जालौर व सिरोही जिलों में गाय व भैंस के बीमा कार्य में तेजी लाकर 42 लाख के लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए अधिकारियों को पाबंद किया। पशुपालन मंत्री ने विभाग में जितने भी पेंडिंग क्लेम और बीमा पॉलिसी के कार्य रुके हुए हैं, उन्हें शीघ्रातिशीघ्र पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। मंत्री कुमावत ने साफ किया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पशुपालकों तक पहुंचाने में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर शासन सचिव (पशुपालन) विकास सीताराम भाले, पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश कुमार मीणा, एसआईपीएफ की निदेशक हेमपुष्पा सहित पशुपालन व एसआईपीएफ विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार को राजगढ़ जिले में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। राजगढ़ के ब्यावरा नाके और खिलचीपुर के तहसील चौराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। इस दौरान खिलचीपुर में पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की भी हुई। खिलचीपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जैसे ही पुतला जलाने का प्रयास किया, पुलिसकर्मी पानी की केन लेकर आग बुझाने के लिए पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया, जिसके कारण पुलिस और उनके बीच धक्कामुक्की हुई। काफी देर तक मौके पर नारेबाजी जारी रही। विरोध के बावजूद, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंततः पुतला जलाकर अपना प्रदर्शन पूरा किया। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन दिल्ली में हुई हालिया घटनाओं के विरोध में किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को दिल्ली में छात्राओं द्वारा संसद घेराव के दौरान पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और मारपीट की। इसके बाद 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के समीप धरना दे रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी सहित अन्य विपक्षी सांसदों को गिरफ्तार किया गया था। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर छात्रों और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों पर कार्रवाई करना उचित नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि जब तक छात्रों और विपक्ष के साथ हुई कार्रवाई पर जवाबदेही तय नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा।
झुंझुनूं में कांग्रेस के 'छात्र गूंज' कार्यक्रम में छात्रों ने मंच से पेपर लीक, विश्वविद्यालयों की बढ़ती फीस, एडमिशन व्यवस्था और RSS की कथित दखलअंदाजी को लेकर खुलकर सवाल पूछे। छात्रों ने पूछा कि पेपर लीक कब रुकेगा? विधायक रफीक खान ने इन सभी सवालों के जवाब देते हुए कहा कि पेपर लीक और फीस से जुड़े मुद्दों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे और छात्रों की समस्याओं को सरकार व संगठन स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा। कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं, छात्रों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक कैंडल मार्च निकालकर हाल ही में सुसाइड करने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि दी। पेपर लीक, फीस और RSS की भूमिका पर उठे सवाल शेखावाटी विश्वविद्यालय के छात्र राहुल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में एडमिशन और नंबर संगठन विशेष से जुड़े छात्रों को प्राथमिकता देकर दिए जाते हैं। RSS का विश्वविद्यालय में प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इस पर विधायक रफीक खान ने कहा - भले ही आज का कार्यक्रम छात्र हितों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है, लेकिन इस तरह की व्यवस्थागत और वैचारिक गड़बड़ियों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा। राहुल गांधी के अभियान से जुड़ने का आह्वान कार्यक्रम के अंत में विधायक रफीक खान ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से राहुल गांधी के दृष्टिकोण से जुड़ने और 'छात्र गूंज' अभियान के जरिए छात्र हितों की आवाज मजबूत करने का आह्वान किया। कलेक्ट्रेट तक निकाला कैंडल मार्च, बच्चों को दी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सामुदायिक विकास भवन से जिला कलेक्ट्रेट तक कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च की अगुवाई विधायक रफीक खान, जिला अध्यक्ष रीटा चौधरी और अन्य कांग्रेस नेताओं ने की। इसमें बड़ी संख्या में छात्र, कांग्रेस कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस जाब्ता और डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी तैनात रहे। यहां हाल ही में सुसाइड करने वाले बच्चों के पोस्टरों के सामने मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
नीमच के मेसी शोरूम चौराहे स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष भारत आदिवासी पार्टी (BAP) और जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। यह विरोध प्रदर्शन NEET परीक्षा में अनियमितताओं और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। 'सच्चाई की लड़ाई' का पोस्टर लगाकर दर्ज कराया विरोध धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं ने एक बड़ा पोस्टर लगाया है, जिसमें दिल्ली में संसद घेराव और पुलिस कार्रवाई के दौरान घटी घटनाओं को दर्शाया गया है। प्रतिनिधियों का आरोप है कि 20 जुलाई को दिल्ली में अपने हक के लिए आवाज उठा रहे निर्दोष छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन जारी रहेगा। BAP और जयस की 6 मुख्य मांगे: CBI जांच: NEET परीक्षा में धांधली और पेपर लीक की उच्चस्तरीय सीबीआई जांच हो। दोषियों की गिरफ्तारी: पेपर लीक में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। मुफ्त इलाज: लाठीचार्ज में घायल हुए छात्रों को उचित और नि:शुल्क इलाज दिया जाए। पुलिसकर्मियों पर FIR: छात्राओं के साथ अभद्रता करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज हो। अधिकारियों पर कार्रवाई: छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्त कदम उठाए जाएं। छात्र अधिकारों की रक्षा: लोकतंत्र में युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास बंद किया जाए। आम आदमी पार्टी समेत अन्य संगठनों का मिला समर्थन इस अनिश्चितकालीन धरने को आम आदमी पार्टी (AAP) समेत कई अन्य सामाजिक व स्थानीय संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया है। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचकर छात्रों के हक की इस लड़ाई में शामिल हो रहे हैं।
शिवपुरी जिले के नरवर किले से चोरी हुई 400 साल पुरानी ऐतिहासिक तोप की तलाश अब राजस्थान के करौली जिले तक पहुंच गई है। शिवपुरी और राजस्थान पुलिस संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। आशंका है कि साढ़े तीन टन वजनी यह तोप करौली जिले के जंगलों में छिपाई गई है। इसी इनपुट के आधार पर बुधवार को करौली के गांवड़ा मीणा और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। तलाशी अभियान में शिवपुरी के नरवर थाना पुलिस के साथ करौली जिले के कई थानों का पुलिस बल शामिल है। पुलिस टीम संदिग्ध स्थानों, जंगलों और हाल ही में हुई खुदाई वाले इलाकों की गहन जांच कर रही है। इसके लिए मेटल डिटेक्टर से लैस विशेष टीम भी लगाई गई है, जो जमीन के भीतर धातु की मौजूदगी का पता लगा रही है। यह तोप नरवर किले की ओपन कचहरी से 15-16 जुलाई की दरम्यानी रात चोरी हुई थी। यह 16वीं शताब्दी की करीब साढ़े तीन टन वजनी ऐतिहासिक तोप है। जांच में पता चला है कि चोरों ने पहले भी इसे हटाने की कोशिश की थी। बाद में वे गद्दों, पाइप और अन्य संसाधनों की मदद से तोप को नीचे उतारकर वाहन में लादकर फरार हो गए। घटनास्थल से तोप को घसीटकर ले जाने के निशान भी मिले थे। नरवर थाना प्रभारी विनय यादव ने बताया कि मिले इनपुट के आधार पर शिवपुरी पुलिस की टीम राजस्थान पहुंची है। फिलहाल राजस्थान पुलिस के साथ संयुक्त रूप से तलाशी अभियान जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही ऐतिहासिक तोप बरामद कर आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
जोधपुर शहर के पूर्व और पश्चिम जिले के थानों में दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, बर्बरता और खुदकुशी के कई बड़े मामले दर्ज किए गए हैं। राजीव गांधी नगर थाना क्षेत्र में इंस्टाग्राम फ्रेंड द्वारा युवती से 5 साल तक दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो के दम पर 8 लाख रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। वहीं, डांगियावास क्षेत्र में पारिवारिक विवाद के चलते एक युवक की जीभ काटने की रोंगटे खड़े कर देने वाली हैवानियत उजागर हुई है। इसके अलावा, जालोरी गेट के पास एक व्यवसायी ने अपने कार्यालय में फंदा लगाकर जान दे दी। पढ़िए जोधपुर शहर की बड़ी खबरें…. 1. इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर 5 साल तक दुष्कर्म और 8 लाख की ब्लैकमेलिंग राजीव गांधी नगर थाना क्षेत्र में एक युवती को प्यार के जाल में फंसाकर 5 साल तक यौन शोषण करने और उससे 8 लाख रुपये ऐंठने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने कार में उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया और बाद में अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता रहा। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2. पारिवारिक विवाद में युवक की जीभ काटी, जीरो नंबर एफआईआर दर्ज मंडोर निवासी चंदूनाथ ने शिकायत दर्ज कराई है कि करीब 15 दिन पहले चूरू जिले के धीरवास (साहवा) में उसकी बुआ के पति और ससुराल वालों ने मिलकर उस पर जानलेवा हमला किया। आरोपियों ने बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए उसकी जीभ काट दी। चूंकि घटना चूरू जिले की है, इसलिए डांगियावास थाना पुलिस ने 'जीरो नंबर एफआईआर' दर्ज कर आगे की जांच के लिए मामला साहवा थानाधिकारी को भेज दिया है। 3. रील बनाने की बात कहकर घर से निकली विवाहिता लापता विवेक विहार थाना क्षेत्र के सालावास निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 29 वर्षीय पत्नी की गुमशुदगी दर्ज कराई है। पति के अनुसार, उसकी पत्नी घर से 'एनएस गार्डन' में सोशल मीडिया रील बनाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। पुलिस हुलिए के आधार पर महिला की तलाश कर रही है। 4. जालोरी गेट के पास व्यवसायी ने फांसी लगाकर दी जान खांडा फलसा थाना क्षेत्र के जालोरी गेट स्थित अपने कार्यालय में 46 वर्षीय व्यवसायी मनीष पुरोहित ने पंखे के हुक से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया और शव परिजनों को सौंप दिया। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। 5. बिना सी-फॉर्म विदेशी नागरिक को ठहराने पर होटल संचालक पर केस जोधपुर में सीआईडी (आसूचना) की शिकायत पर देवनगर थाना पुलिस ने 'होटल हिडन स्टे' के संचालक महिपाल बिश्नोई के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि होटल संचालक ने एक विदेशी नागरिक को बिना 'सी-फॉर्म' भरे और वीजा अवधि समाप्त होने के बावजूद अपने यहाँ अवैध रूप से ठहराया था। पुलिस ने विदेशी अधिनियम (फॉरेनर्स एक्ट) के तहत कार्रवाई की है।
पूर्णिया DM ऑफिस परिसर में घुसा पानी:जल निकासी की कमी से परिसर में हुआ जलजमाव, कर्मचारी परेशान
पूर्णिया स्थित जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय परिसर में बारिश का पानी भर गया है। नाले का पानी फुल होने की वजह से परिसर में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे कार्यालय पहुंचने वाले लोगों और कर्मचारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या नगर निगम के द्वारा बरसात से पहले नाले की समुचित सफाई न होने के कारण उत्पन्न हुई है। जानकारी के अनुसार, बुधवार को लगातार हुई बारिश के कारण समाहरणालय परिसर में जलजमाव हो गया। इससे राहगीरों और कार्यालय पहुंचने वाले कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों को सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ा। समाहरणालय परिसर पहुंचे स्थानीय निवासी कलाआनंद सिंह ने जलजमाव की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बरसात के पानी की निकासी का कोई उचित उपाय नहीं है, जिसके कारण पानी जमा हो जाता है। सिंह ने कहा कि जिला पदाधिकारी, एसपी, एडीएम, एसडीओ और डीडीसी जैसे सभी बड़े अधिकारी इसी परिसर में बैठते हैं, फिर भी हर साल यही स्थिति रहती है और समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में पूर्णिया नगर आयुक्त विजय प्रताप सिंह ने फोन पर बताया कि शहर में जलजमाव की समस्या उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि निजी सफाई एजेंसियों के माध्यम से बड़े और छोटे नालों की जल निकासी का कार्य करवाया जा रहा है, और जल्द ही शहरवासियों को इस समस्या से निजात दिलाई जाएगी। फिलहाल, आपातकालीन स्थिति में विभिन्न क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए मोटर पंप का उपयोग किया जा रहा है।
सतनाली में अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान:रिले सिस्टम लगाने की मांग, एसडीओ को दिया शिकायती पत्र
महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली कस्बे में अघोषित बिजली कटौती से परेशान स्थानीय निवासियों ने बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर डीएचबीवीएन एसडीओ कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ट्रांसफार्मरों पर रिले की व्यवस्था करने की मांग की, ताकि एक फॉल्ट से पूरे गांव की बिजली बाधित न हो। एसडीओ को सौंपे गए ज्ञापन में लोगों ने बताया कि सतनाली कस्बे में पिछले कुछ दिनों से बार-बार लंबे अघोषित बिजली कट लग रहे हैं। वर्तमान में एक स्थान पर तकनीकी खराबी आने से पूरे कस्बे की बिजली घंटों तक गुल रहती है, जिससे आमजन, व्यापारी, विद्यार्थी और किसान सभी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरी रात और दिनभर की कटौती से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ट्रांसफार्मरों पर रिले की व्यवस्था करने की मांग लोगों ने मांग की कि कस्बे में ट्रांसफार्मरों पर रिले की व्यवस्था की जाए। इससे किसी एक ट्रांसफार्मर में फॉल्ट आने पर पूरे गांव की बिजली बाधित नहीं होगी और केवल प्रभावित क्षेत्र की आपूर्ति बंद होगी। इस अवसर पर संतु शेखावत, एडवोकेट दिग्विजय शेखावत, एडवोकेट अंकित राठौड़, नगेन्द्र शेखावत, अनिल शेखावत, मनीष मित्तल, राजू गोठवाल (फौजी), मुकेश जांगड़ा, प्रिंस वालिया, सोहन पहलवान, आदित्य वालिया, बिनु, सतीश, दीपक और मोंटी सहित अनेक लोग उपस्थित थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो उन्हें धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी निगम की होगी।
चित्रकूट में बुधवार की शाम को घूमने आए प्रेमी जोड़े को 3 बाइक सवार युवकों ने पकड़ लिया। प्रेमी को बंधक बनाने के बाद किनारे ले जाकर दो युवकों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। टना के बाद आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए। राहगीरों की मदद से पीड़ित जोड़े ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मामला बहिलपुरवा थाना क्षेत्र स्थित देवांगना घाटी का है। पढ़िए पूरा मामला… सदर कोतवाली क्षेत्र के एक कस्बा निवासी प्रेमी-प्रेमिका बुधवार की शाम 4 बजे बाइक से देवांगना घाटी हवाई पट्टी की तरफ घूमने आए थे। युवती मध्य प्रदेश में रहकर नीट की तैयारी करती है। दोनों घाटी के ही एक स्थान पर बाइक खड़ी कर पत्थरों पर बैठे थे। इसी दौरान बाइक से 3 युवक आए और उनसे पूछताछ करने लगे। आरोप लगाया कि एक युवक ने प्रेमी को पकड़ लिया और दो युवकों ने प्रेमिका को डरा कर किनारे झाडि़यों में ले गए। दोनों ने युवती से दुष्कर्म किया। इसके बाद किसी को भी न बताने की धमकी देकर भाग निकले। प्रेमी जोड़े ने बताया कि दोनों परेशान हालत में खड़े रहे तो कुछ राहगीरों ने उनकी परेशानी पूछी। इसके बाद प्रेमी ने यूपी 112 को सूचना दी। पुलिस दोनों को लेकर बहिलपुरवा थाने पहुंची। आरोपितों को पकड़ने के लिए 2 टीम गठित थाना प्रभारी विवेक सिंह ने बताया कि प्रेमी जोड़े में प्रेमिका को बालिग और प्रेमी नाबालिग है। दोनों का मेडीकल परीक्षण कराया जाएगा। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपितों की तलाश के लिए राहगीरों की मदद ली जा रही है। इस रास्ते पर सीसीटीवी नहीं होने से पहचान करने में दिकक्त हो रही है। आरोपितों को पकड़ने के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही एसओजी और सर्विलांस टीम की मदद से आरोपितों को पकड़ा जाएगा। एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया- शाम करीब 4 बजे यूपी-112 पर देवांगना घाटी में युवती से दुष्कर्म की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि युवती अपने साथी के साथ जंगल क्षेत्र में गई थी, जहां तीन युवकों ने उन्हें धमकाकर पैसे मांगे और बाद में युवती के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… विराट-अनुष्का हाथ थामकर प्रेमानंदजी से मिलने पहुंचे, कीचड़ भरे रास्ते पर नंगे पैर चले विराट कोहली ने पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए। दोनों बुधवार तड़के 4 बजे महाराजजी के नए आश्रम यमुना विहार कुंज पहुंचे। चेहरे पर मास्क लगाकर नंगे पांव आश्रम के अंदर गए। बारिश की वजह से रास्ते में कीचड़ था। विराट, अनुष्का का हाथ थामकर कीचड़ में चलते नजर आए। पढ़ें पूरी खबर…
बाड़मेर में आंधी के बाद 20.8 MM बारिश:एक घंटे में सड़कों पर भरा पानी; 25 जुलाई तक अलर्ट
बाड़मेर और बालोतरा में लंबे इंतजार के बाद बुधवार शाम मौसम ने करवट ली। तेज आंधी के बाद बारिश शुरू हुई, जो करीब एक घंटे तक रुक-रुककर होती रही। बाड़मेर में रात साढ़े 8 बजे तक 20.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से शहर की कई सड़कें पानी से लबालब हो गईं। फिलहाल भी रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश का इंतजार कर रहे थे किसान, गर्मी से भी मिली राहत बारिश नहीं होने से किसान काफी दिनों से चिंतित थे। अच्छी बारिश की कामना के लिए यज्ञ और आहुतियां भी दी गई थीं। जुलाई के 21 दिन बीत जाने के बाद भी अच्छी बारिश नहीं होने से अकाल जैसे हालात की चिंता बढ़ रही थी। बुधवार सुबह से उमस ने लोगों को परेशान कर रखा था। शाम को तेज हवाएं चलीं और इसके बाद बारिश शुरू हो गई। बारिश से दिनभर की गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। मौसम विभाग ने बाड़मेर में 25 जुलाई तक मेघगर्जना, तेज हवाओं और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। बालोतरा के समदड़ी में बाजार की सड़कें पानी से भरीं बालोतरा जिले के समदड़ी कस्बे में भी बुधवार को पूरे दिन उमस और बादलों की आवाजाही बनी रही। शाम करीब 6:30 बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में मुख्य बाजार की सड़कों पर पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को आने-जाने में परेशानी हुई। बारिश से मौसम ठंडा हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। 6 जुलाई के बाद पहली अच्छी बारिश बाड़मेर में मानसून की एंट्री के दौरान 6 जुलाई को शहर और आसपास के कुछ इलाकों में बारिश हुई थी, लेकिन जिले के अधिकांश हिस्से सूखे रहे। इसके बाद करीब 18 दिन तक अच्छी बारिश नहीं हुई। बुधवार को शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में भी अच्छी बारिश होने की खबरें मिली हैं, जिससे किसानों और आम लोगों ने राहत की सांस ली।
NEET-UG 2026 के परिणाम में 241 अंकों के भारी अंतर का मामला अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंच गया है। झाबुआ के छात्र लोकेन्द्र सिंह खड़िया ने इंदौर बेंच में रिट याचिका दायर कर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्र का दावा है कि आधिकारिक OMR शीट और उत्तर कुंजी के आधार पर उसके 305 अंक बनते हैं, जबकि घोषित परिणाम में उसे मात्र 64 अंक दिए गए हैं। मामले की सुनवाई जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच के समक्ष हुई। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अभिनव पी. धनोडकर ने पक्ष रखा। OMR शीट में दिखी दो अलग-अलग तस्वीरें याचिका के अनुसार लोकेन्द्र सिंह ने 12वीं पास करने के बाद लगभग दो वर्षों तक इंदौर में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी की। पहली परीक्षा निरस्त होने के बाद उसने 21 जून 2026 को आयोजित रि-एक्जाम में हिस्सा लिया। छात्र का आरोप है कि 14 जुलाई को एनटीए द्वारा OMR शीट उपलब्ध कराए जाने पर पहली बार लॉगिन करने पर फिजिक्स और केमेस्ट्री के सभी उत्तर रिक्त दिखाई दिए। हालांकि कुछ समय बाद दोबारा लॉगिन करने पर दूसरी OMR शीट उपलब्ध हुई, जिसमें उसके सभी उत्तर दर्ज थे। याचिका में इसे एनटीए की ऑनलाइन प्रणाली में गंभीर तकनीकी त्रुटि बताया गया है। उत्तर कुंजी से मिलान पर बने 305 अंक याचिकाकर्ता के मुताबिक दूसरी OMR शीट का आधिकारिक उत्तर कुंजी से मिलान करने पर फिजिक्स में 104, केमेस्ट्री में 125 और बायलॉजी में 76 अंक प्राप्त होते हैं। इस तरह कुल अंक 305 बनते हैं। इसके बावजूद 16 जुलाई को घोषित अंतिम परिणाम में उसे केवल 64 अंक दिए गए। छात्र ने आरोप लगाया है कि OMR डेटा प्रोसेसिंग, मूल्यांकन प्रणाली या परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में गंभीर तकनीकी गड़बड़ी हुई है। शिकायत के बावजूद नहीं मिला समाधान याचिका में कहा गया है कि परिणाम जारी होने के बाद छात्र ने ई-मेल के माध्यम से एनटीए को शिकायत भेजी, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते वह एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस, बीवीएससी और बीएससी नर्सिंग सहित विभिन्न चिकित्सा पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया से वंचित होने की स्थिति में पहुंच गया है। हाईकोर्ट से स्वतंत्र जांच की मांग याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से मांग की है कि एनटीए को ओएमआर शीट, मूल्यांकन प्रक्रिया और अंक गणना का स्वतंत्र सत्यापन करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर परिणाम में आवश्यक संशोधन किया जाए। याचिका में स्पष्ट किया गया है कि यह पुनर्मूल्यांकन की मांग नहीं है, बल्कि एनटीए के रिकॉर्ड में मौजूद कथित विसंगति को दूर करने का अनुरोध है। एनटीए की वैधानिक स्थिति को भी दी चुनौती इस मामले में केवल अंक विवाद ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के कानूनी स्वरूप पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि एनटीए संसद द्वारा स्थापित कोई वैधानिक संस्था नहीं है, बल्कि सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत एक सोसायटी है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के संचालन के लिए एनटीए के अधिकारों और उसकी संवैधानिक वैधता की न्यायिक समीक्षा आवश्यक है। इस कारण मामला अब केवल एक छात्र के परिणाम विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि परीक्षा संचालन प्रणाली और एनटीए की वैधानिक स्थिति पर भी महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े कर रहा है।
जयपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में ही मौजूदा भवन की जगह नई मल्टी-स्टोरी (बहुमंजिला) बिल्डिंग बनेगी। इसकी जानकारी आज हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से दी गई। महाधिवक्ता (एजी) राजेन्द्र प्रसाद ने कोर्ट को बताया कि मौजूदा कोर्ट परिसर में ही महानगर प्रथम और एमएसीटी कोर्ट की बिल्डिंग की जगह मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग बनाने की प्लानिंग की जा रही है।इस पर कोर्ट ने कहा कि नई बिल्डिंग बनने में करीब दो साल का समय लगेगा। तब तक क्या कोर्ट परिसर के सामने स्थित होटल अशोका में कोर्ट संचालित की जा सकती है? कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश दीन दयाल खंडेलवाल की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अब मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। सरकार ने शहर से दूर जमीन चिन्हिंत की थीइससे पहले सरकार ने कोर्ट में जानकारी दी थी कि सैशन कोर्ट के लिए सीकर रोड पर नींदड़ में सौ बीघा और अजमेर रोड पर गांव पीपला भगतसिंह में कोर्ट के लिए जमीन चिन्हिंत की गई हैं। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सुझाव दिया था कि मौजूदा जगह से अगर कोर्ट को दूर भेजा गया तो पक्षकारों को काफी समस्या होगी। ऐसे में मौजूदा जगह पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाने पर विचार किया जाना चाहिए। वहीं बेसमेंट पार्किंग बनाकर वाहनों के पार्क करने की समस्या का हल भी निकाला जा सकता हैं। इस पर सरकार ने जवाब देने के लिए समय मांगा था। जनहित याचिका में कहा गया था कि कोर्ट परिसर में जगह कम होने से यहां आने वाले वकीलों, पक्षकारों और न्यायिक अधिकारियों के साथ ही न्यायिक कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।
बरेली के बहेड़ी कस्बा स्थित गन्ना उत्पादक महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर (वाणिज्य) को जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल होने पर नौकरी से निकाल दिया गया। असिस्टेंट प्रोफेसर और समाजवादी युवजनसभा के जिलाध्यक्ष डॉ. मोहित भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि न कोई कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही कोई विभागीय जांच की गई, बल्कि सीधे सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। डॉ. मोहित भारद्वाज का कहना है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उनके खिलाफ कभी कोई विभागीय जांच नहीं हुई और न ही किसी प्रकार की शिकायत दर्ज की गई। इसके बावजूद उन्हें बिना पूर्व सूचना के नौकरी से हटा दिया गया। 'वीडियो वायरल होने के बाद लिया गया फैसला' डॉ. भारद्वाज के अनुसार, वह 18 से 20 जुलाई तक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन में शामिल हुए थे। उनका आरोप है कि आंदोलन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महाविद्यालय प्रबंधन ने राजनीतिक आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की। गन्ना उत्पादक महाविद्यालय का संचालन गन्ना समिति के अधीन होता है और समिति के अध्यक्ष ही महाविद्यालय प्रबंधन से जुड़े हैं। उनका कहना है कि राजनीतिक विचारधारा के कारण उन्हें निशाना बनाया गया और लोकतांत्रिक आंदोलन में भाग लेने की वजह से नौकरी गंवानी पड़ी। ' कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया' डॉ. भारद्वाज का दावा है कि सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालय में किसी शिक्षक की सेवा समाप्त करने से पहले कारण बताओ नोटिस, स्पष्टीकरण का अवसर, विभागीय जांच और आवश्यक विश्वविद्यालयीय अनुमोदन जैसी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि उनके मामले में इनमें से किसी भी वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। डॉ. भारद्वाज ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सेवा समाप्ति आदेश की वैधानिक समीक्षा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन में भाग लेना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और केवल वैचारिक या राजनीतिक आधार पर किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और प्रशासन पर पूरा भरोसा है तथा उन्हें निष्पक्ष जांच के बाद न्याय मिलने की उम्मीद है।
बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्यव्यापी 'नया सवेरा अभियान 3.0' के तहत बेगूसराय सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, श्रीनिया (रामजानपुर) में बुधवार को एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम बेगूसराय पुलिस, मानव तस्करी निरोध इकाई और वैशाली समाज कल्याण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को मानव तस्करी, बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी, बाल विवाह और बाल यौन शोषण जैसे गंभीर अपराधों से बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का नेतृत्व पुलिस अवर निरीक्षक राजेश कुमार ने किया। इस दौरान एससी/एसटी थाना के थानाध्यक्ष रविरंजन कुमार और महिला थाना की पुलिस अवर निरीक्षक कुमारी शिवशती ने बच्चों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 और पुलिस हेल्पलाइन 112 के महत्व और उपयोग के बारे में भी बताया। इस अवसर पर पुलिसकर्मी, संस्थान के प्रतिनिधि, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
पटना में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के विरोध में बुधवार रात भारतीय जनता पार्टी के दरभंगा जिला इकाई ने लहेरियासराय टावर चौक पर विरोध-प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही हिंसा की घटना की निंदा की और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। इससे पहले जिला अतिथि गृह में भाजपा जिला अध्यक्ष प्रो. आदित्य नारायण मन्ना की अध्यक्षता में प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठनात्मक विषयों के साथ-साथ समसामयिक राजनीतिक घटनाक्रम और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। भाजपा ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष प्रो. आदित्य नारायण मन्ना ने आरोप लगाया कि पटना में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर कांग्रेस समर्थित कार्यकर्ताओं ने पथराव किया, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हुए। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसा, पथराव और अराजकता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह पाकिस्तानी मॉडल की तरह पत्थरबाजी की राजनीति अपना रही है। ऐसी हिंसक राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। राहुल गांधी के प्रदर्शन की भी आलोचना बैठक में नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं की ओर से किए गए धरना-प्रदर्शन की भी आलोचना की गई। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के मुद्दों पर सकारात्मक राजनीति करने के बजाय भ्रम और राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। 'मन की बात' कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के आगामी प्रसारण की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। निर्णय लिया गया कि जिले के सभी मंडलों, शक्ति केंद्रों और बूथों पर कार्यकर्ता एवं आमजन सामूहिक रूप से कार्यक्रम सुनेंगे। इसके लिए अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने मंगलवार को जैसलमेर के एक निजी कॉलेज श्री करणी कॉलेज में सामूहिक नकल का मामला पकड़ा था। बुधवार को विश्वविद्यालय ने इस पर एक्शन लेते हुए श्री करणी कॉलेज, कजोई (फलसुण्ड) का परीक्षा केन्द्र निरस्त कर दिया है। वहीं कॉलेज की अनियमितता की जांच को लेकर समिति का गठन किया गया है। विश्विविद्यालय ने वहां के सभी परीक्षार्थियों को राजकीय महाविद्यालय, फलसूण्ड के परीक्षा केन्द्र पर स्थानांतरित कर दिया गया है। अब इस उक्त परीक्षा केन्द्र के सभी शेष परीक्षाएं राजकीय महाविद्यालय, फलसूण्ड में आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही कॉलेज की संबद्धता शर्तों एवं परीक्षा संचालन संबंधी अनियमितताओं कही समुचित जांच के लिए कुलगुरु द्वारा समिति का गठन किया गया है। ये था मामला गौरतलब है कि जैसलमेर के एक श्री करणी कॉलेज कजोई में बीए सेकेंड ईयर के हिंदी साहित्य के पेपर में नकल करवाने का मामला सामने आया था। एग्जाम रूम में लेक्चरर (वीक्षक) ही स्टूडेंट्स को सवालों के आंसर लिखवा रहे थे। एग्जाम रूम में लेक्चरर (वीक्षक) जय करण और ओम प्रकाश स्टूडेंट्स को सामूहिक रूप से सवालों के जवाब लिखवाते मिले। कॉपियों की जांच में सभी के उत्तर लगभग समान पाए गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी लेक्चरर की ओर से परीक्षार्थियों को उत्तर डिक्टेट कर (बोल- बोलकर) नकल करवाने की पुष्टि हुई। इसके बाद फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने सभी 93 कॉपी सील कर दी और सामूहिक नकल का मामला दर्ज किया। देचू में प्रैक्टिकल के दौरान नकल का वीडियो वायरल वहीं, देचू के कॉलेज में प्रैक्टिकल एग्जाम में नकल करने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में स्टूडेंट मोबाइल से नकल करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में आया है और मामले की जांच करवाने की बात कही है। दरअसल, देचू के गवर्मेंट कॉलेज का भूगोल के प्रैक्टिकल आर्दश कॉलेज में चल रहा था। इस दौरान एग्जाम हॉल में मोबाइल फोन लेकर छात्र नकल कर रहे थे। इसका वहां किसी ने वीडियो बना लिया। इसके बाद इसे सर्कुलेट कर दिया। भूगोल का प्रैक्टिकल एग्जाम 8 जुलाई को था लेकिन इसका वीडियो अब सामने आया है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर जेएनवीयू कुलगुरु प्रो.पवन कुमार शर्मा ने कहा मामला हाल ही में संज्ञान में आया है,जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गवर्नमेंट कॉलेज का मामला है तो सरकार को भी कार्रवाई के लिए अवगत कराया जाएगा। वहीं देचू कॉलेज के नोडल ऑफिसर रमेश कुमार ने बताया कि वीडियो प्रेक्टिकल के पहले का है। छात्र भूगोल की फाइल तैयार कर रहे थे और प्रैक्टिकल के दौरान कोई नकल नहीं की गई।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बड़े बदलाव किए हैं। अब मान्यता के लिए भूमि के मानकों को आसान कर दिया। अब ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पूरे वर्ष खुले रहेंगे। 30 वर्ष की लीज पर मिली जमीन के एवज में भी अब स्कूलों की मान्यता दी जा सकेगी। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर परिषद के विनियम (अध्याय-7) में संशोधन कर मान्यता प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, व्यावहारिक और सरल बनाया है। शहर और गांव के लिए नए भूमि मानक शहरी क्षेत्र में विद्यालय के लिए न्यूनतम 3,000 वर्गमीटर भूमि जरूरी होगी। इसमें 1,000 वर्गमीटर का खेल मैदान शामिल होगा। खेल मैदान विद्यालय परिसर से 200 मीटर की दूर भी बनाए जा सकेंगे। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में 6,000 वर्गमीटर भूमि अनिवार्य होगी। इसमें 2,000 वर्गमीटर खेल मैदान के लिए होगा। सालभर खुला रहेगा आवेदन पोर्टल अब वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पूरे वर्ष खुला रहेगा। इससे संस्थाएं अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय आवेदन कर सकेंगी। पहले केवल पंजीकृत समिति, ट्रस्ट या 'नॉट फॉर प्रॉफिट' कंपनियां ही मान्यता के लिए आवेदन कर सकती थीं। अब इसमें भी संशोधन कर दिया गया है। ये भी स्कूल मान्यता के लिए आवेदन दे सकेंगे। 30 साल की लीज वाली जमीन पर भी मिलेगी मान्यता नए नियमों के तहत अब 30 वर्ष की पंजीकृत लीज डीड के आधार पर भी विद्यालयों को मान्यता दी जा सकेगी। इससे उन संस्थाओं को राहत मिलेगी, जिनके पास जमीन का स्वामित्व नहीं है, लेकिन 30 वर्ष या इससे अधिक वर्षों का लीज है। आवेदन प्रक्रिया को भी बनाया सरल परिषद ने आवेदन प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। अब बिना विलंब शुल्क आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई होगी। विलंब शुल्क के साथ भी निर्धारित अवधि तक आवेदन किए जा सकेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को अपनी आख्या और संस्तुति 20 अगस्त तक भेजनी होगी। पहले लागू 20 हजार रुपए का विलंब शुल्क समाप्त कर दिया गया है। पुराने स्कूलों को बड़ी राहत सबसे महत्वपूर्ण बदलाव उन संस्थाओं के लिए किया गया है, जिन्हें 26 दिसंबर 2022 से पहले मान्यता मिल चुकी है। ऐसे विद्यालयों के लिए जमीन का क्षेत्रफल उसी मानक के अनुसार माना जाएगा, जो 26 दिसंबर 2022 से पहले लागू था। इंटरमीडिएट स्तर पर नए वर्ग या अतिरिक्त विषय शुरू करने के लिए अब केवल अतिरिक्त कक्षा-कक्ष और प्रयोगशाला की उपलब्धता ही पर्याप्त होगी। नए सिरे से भूमि मानक लागू नहीं होंगे। परिषद सचिव बोले, शिक्षा के विस्तार को मिलेगा बढ़ावा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने कहा कि संशोधित विनियम उत्तर प्रदेश इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 की धारा 16(2) के तहत लागू किए गए हैं। सभी संबंधित संस्थाएं परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर संशोधित नियमों और विस्तृत दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर सकती हैं।
जोधपुर में कपड़ों के शोरूम में लगी आग:शॉर्ट सर्किट की वजह से उठने लगा धुआं, एसी तक पिघल गया
जोधपुर के पॉश इलाके सरदारपुरा में बुधवार शाम को एक कपड़ों के शोरूम में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण शोरूम में आग भड़की थी। आग की तपन इतनी तेज थी कि वहां लगा एसी (AC) तक पिघल गया। यह हादसा शाम करीब 6:30 बजे सरदारपुरा स्थित 'विदेशी' शोरूम में हुआ, जिसे शाम 7 बजे तक पूरी तरह बुझा दिया गया। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। फोटो में देखें आग से कितना हुआ नुकसान… एसी में लगी थी आग, धुंआ शोरूम में फैला चीफ फायर ऑफिसर जलज घासिया ने बताया कि वीदेसी नाम के कपड़े के शोरूम में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक तौर पर सामने आया कि आग एसी में लगी थी। इस आग से एसी तक पिघल गया। धुंआ भी शोरूम में फैल गया था। धुंआ उठता देख फायर सेफ्टी सिस्टम एक्टिव हो गया था, जिसकी वजह से आग नहीं फैल पाई। इस दौरान स्टाफ भी दौड़ा और आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि इस दौरान वहां रखे कुछ कपड़े और इलेक्ट्रीक सामान को नुकसान जरूर पहुंचा है। स्टाफ ने जिन कपड़ों में धुंआ उठ रहा था, उन्हें भी बुझाने का प्रयास किया। इसके साथ ही आग की वजह से शीशे भी टूट गए थे।
करनाल में खेतों से केबल चोरी करने वाला काबू:11.70 किलो तार बरामद किया, कोर्ट में पेश करके भेजा जेल
करनाल जिले में पुलिस ने खेतों में लगे ट्यूबवेलों से मोटरों की केबल चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना निसिंग पुलिस की टीम ने यह सफलता हासिल की है और आरोपी के कब्जे से 11.700 किलोग्राम चोरीशुदा केबल तार भी बरामद किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों को राहत मिली है। पुलिस के अनुसार गांव बरास निवासी संदीप कुमार पुत्र गुलाब चंद सहित अन्य किसानों ने बीती 21 जुलाई को थाना निसिंग में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि बीती 14 जुलाई की रात अज्ञात चोरों ने उनके खेतों में लगे ट्यूबवेलों से समर्सिबल मोटरों की केबल चोरी कर ली थी। काफी तलाश के बावजूद जब चोरी की केबल का कोई सुराग नहीं लगा तो किसानों ने पुलिस से मदद मांगी। जांच के दौरान आरोपी तक पहुंची पुलिस मामले की जांच के दौरान थाना निसिंग की पुलिस टीम ने मुख्य सिपाही राजेश के नेतृत्व में कार्रवाई की। पुलिस ने जांच के आधार पर आरोपी राहुल पुत्र भजन लाला निवासी गांव बरास, जिला करनाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात कबूल की और उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 11.700 किलोग्राम केबल तार बरामद किया। आरोपी को भेजा न्यायिक हिरासत में पुलिस ने आरोपी को नियमानुसार कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने अन्य वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुधवार को भिलाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सुपेला स्थित घड़ी चौक पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। राहुल गांधी को हिरासत में लेने का किया विरोधकांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया। नेताओं का कहना था कि छात्रों के समर्थन में आवाज उठाने वाले नेताओं को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। पुलिस की कार्रवाई को बताया गलत जिला कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली में छोटे-छोटे बच्चों और छात्रों के साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की। उनका दावा है कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों के अधिकारों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनकी आवाज उठाती रहेगी। मुकेश चंद्राकर ने कहा कि छात्रों के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर सरकार ने गलत संदेश दिया है। इसी के विरोध में भिलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों का समाधान करना चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफाप्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रहे परीक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। दुर्ग में निकाला गया कैंडल मार्च इधर, दुर्ग शहर में भी कांग्रेस ने छात्रों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया। राजेंद्र पार्क चौक पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर और दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राजेंद्र पार्क चौक से ग्रीन चौक तक कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जगदलपुर की छात्रा हरिका राव नायडू को श्रद्धांजलि अर्पित की और नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस ने कहा- आगे और उग्र होगा आंदोलप्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय के खिलाफ पार्टी का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को लखनऊ की सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ सम्मेलन आयोजित किए। इनमें प्रदेश सरकार के मंत्री, विधायक, एमएलसी और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, मतदाताओं से लगातार संपर्क बनाए रखने और सरकार की योजनाओं को घर-घर पहुंचाने का संदेश दिया। बूथ जीतने को चुनाव जीतने की पहली शर्त बताया कैंट विधानसभा में आयोजित सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि भाजपा का बूथ कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि पार्टी का मंत्र है, बूथ जीता तो चुनाव जीता। उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर बूथ पर नियमित जनसंपर्क बढ़ाने और संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने की अपील की। प्रदेश महामंत्री संजय राय ने कहा कि चुनावी सफलता की असली नींव बूथ होता है। उन्होंने पन्ना प्रमुख, बूथ समितियों और शक्ति केंद्रों को पूरी सक्रियता से काम करने का आह्वान किया। सरकार की योजनाएं घर-घर पहुंचाने पर जोर भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा कि संगठन का हर अभियान बूथ से शुरू होता है और वहीं सफल होता है। उन्होंने सदस्यता अभियान, जनसंपर्क और सरकार की उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उत्तर विधानसभा के सम्मेलन में अवध क्षेत्र अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी ने कहा कि प्रत्येक बूथ को सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाना संगठन की प्राथमिकता है। विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कार्यकर्ताओं से जनता और संगठन के बीच मजबूत कड़ी बनकर क्षेत्र की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। विकास और संगठन को लेकर नेताओं ने दिया संदेश मध्य विधानसभा के सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि भाजपा विकास और सुशासन की राजनीति करती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने और बूथ संगठन को और मजबूत बनाने की बात कही। पूरब विधानसभा में विधायक पंकज सिंह ने घर-घर संपर्क अभियान तेज करने और नए मतदाताओं से जुड़ने का आह्वान किया। विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव ने कहा कि सक्रिय बूथ समितियां ही मजबूत संगठन की पहचान हैं। सरोजनीनगर सम्मेलन में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे पश्चिम विधानसभा के सम्मेलन में विधान परिषद सदस्य अनूप गुप्ता ने कहा कि भाजपा को जनता का विश्वास उसके सेवा कार्यों के कारण मिला है और इसे बूथ स्तर तक और मजबूत करने की जरूरत है। वहीं सरोजनीनगर विधानसभा के सम्मेलन में एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ल, विधायक राजेश्वर सिंह, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, जिला अध्यक्ष विजय मौर्य समेत बड़ी संख्या में बूथ अध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे। गोविंद नारायण शुक्ल ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन को और मजबूत करना तथा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करना है।
औरंगाबाद में खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने कार्रवाई और तेज कर दी है। बुधवार को जिला कृषि पदाधिकारी संदीप राज के नेतृत्व में कुटुंबा प्रखंड के महाराजगंज में छापेमारी कर एक उर्वरक दुकान व गोदाम को सील कर दिया गया। टीम ने मौके से 51 बोरा सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) और 6 बॉक्स नैनो यूरिया जब्त किया। जब्त उर्वरकों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। छापेमारी के दौरान अंचल अधिकारी चंद्रप्रकाश दंडाधिकारी के रूप में मौजूद रहे। जांच दल में प्रखंड कृषि पदाधिकारी दीपक, सहायक कृषि पदाधिकारी मोहन कुमार, कृषि समन्वयक प्रबिंद सिंह, किसान सलाहकार दिलराज अशर्फी और राजस्व कर्मचारी ओमप्रकाश कुमार शामिल थे। लैब रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई डीएओ संदीप राज ने बताया कि प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि जब्त उर्वरक असली हैं या उनके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो गोदाम संचालक सतगावां निवासी घनश्याम प्रसाद के बेटे अभिषेक कुमार सहित अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। स्थानीय स्तर पर एसएसपी सहित अन्य रसायनों की मदद से कथित रूप से नकली डीएपी तैयार किए जाने की चर्चा भी है। हालांकि कृषि विभाग ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विभाग का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष केवल प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जाएगा। दो दिन में दो दुकानें सील, 12 प्रतिष्ठानों की जांच इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी कृषि विभाग ने कुटुंबा प्रखंड में विशेष जांच अभियान चलाकर 12 उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान चिरैयाटांड़ स्थित सरस्वती ट्रेडर्स के गोदाम में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए अनाधिकृत भंडारण पाया गया। इसके बाद दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। वहीं तीन अन्य उर्वरक विक्रेताओं के यहां रिकॉर्ड संधारण, स्टॉक विवरण और आवश्यक दस्तावेजों में अनियमितताएं मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएओ संदीप राज ने कहा कि किसानों को समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर उर्वरक बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले के सभी प्रखंडों में उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेगा। जहां भी नियमों का उल्लंघन या अवैध भंडारण मिलेगा, वहां उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि कोई दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलता है, बिल देने से इनकार करता है या खाद की कृत्रिम कमी पैदा करता है, तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग को दें। उन्होंने सभी प्रखंड कृषि अधिकारियों को भी खाद की बिक्री पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
खैरथल जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और राजमार्गों को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला सचिवालय में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश ने की। उन्होंने राज्य राजमार्गों पर अवैध अतिक्रमणों की पहचान और हटाने के लिए रोड सर्विलांस टीम गठित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आगामी सोमवार तक सड़क के राइट ऑफ वे (ROW) क्षेत्र में आने वाले सभी स्थायी और अस्थायी अवैध निर्माणों को चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने रिडकोर और आरएसआरडीसी को अनुबंध की शर्तों के अनुसार सड़क सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा। टोल प्लाजा पर सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश बैठक में कलेक्टर ने सभी टोल प्लाजा पर एम्बुलेंस, स्वच्छ शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सार्वजनिक निर्माण विभाग को टोल प्लाजा का नियमित निरीक्षण करने, राजमार्गों पर बने अवैध कट बंद कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी टोल प्लाजा पर सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। दुर्घटना संभावित स्थानों पर होंगे सुधार बैठक में पिछले माह हुई सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण करते हुए ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थानों पर रोड इंजीनियरिंग सुधार, चेतावनी संकेतक (साइनेज) और अन्य सुरक्षा उपाय जल्द लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय से सड़क दुर्घटनाओं का विवरण समय पर ई-डीएआर (e-DAR) एप पर दर्ज करने के लिए कहा। 302 बाल वाहिनियों की होगी जांच कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के सहयोग से जिले में पंजीकृत 302 बाल वाहिनियों की जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही उनके चालकों का चिकित्सा विभाग के माध्यम से नेत्र परीक्षण (आई टेस्ट) कराने को कहा। उन्होंने चिकित्सा विभाग को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल होकर अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज को प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रावधानों के अनुसार निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय, अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट, भिवाड़ी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमन, खैरथल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयासिंह, समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, सीएमएचओ डॉ. अरविंद गेट, नगर परिषद आयुक्त मुकेश शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार मेघ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
नीमच जिले के मोरवन क्षेत्र के ग्राम भोजपुरा में बुधवार को खेत में काम करते समय 32 वर्षीय मजदूर राजू पिता भेरुलाल भील की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। राजू बारा जी का खेड़ा (कंझार्ड़ा, थाना मनासा) का रहने वाला था और अपने ससुराल भोजपुरा में अपने ससुर गोटू भील के साथ रह रहा था। मृतक के ससुर गोटू भील और खेत मालिक रामस्वरूप जाट ने बताया कि राजू बुधवार को रामस्वरूप जाट के खेत में खाद छिड़कने का काम कर रहा था। काम के दौरान अचानक उसके सीने में तेज दर्द उठा और घबराहट होने लगी। उसने तुरंत खेत मालिक और साथ काम कर रहे मजदूरों को इसके बारे में बताया। अस्पताल ले जाते समय हुई मौत तबीयत बिगड़ते ही खेत मालिक और साथी मजदूर उसे फौरन मोरवन के अस्पताल ले गए। रास्ते में उसे दो बार उल्टियां भी हुईं। मोरवन में शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे नीमच जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ राजू अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। उसका 12 साल का बड़ा बेटा दिमाग से जुड़ी बीमारी से पीड़ित है। परिजनों ने बताया कि राजू और खेत मालिक महज 17 दिन पहले ही बेटे का इलाज अहमदाबाद से करवाकर लौटे थे। राजू की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और बीमार बच्चे की देखभाल को लेकर भी संकट खड़ा हो गया है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की खबर मिलते ही पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर बुधवार शाम को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। फिलहाल मर्ग कायम कर मौत की सही वजहों की जांच की जा रही है।
दरभंगा के बिरौल थाना पुलिस ने मंदिरों में लगातार हो रही चोरी की घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र से चोरी का सामान खरीदने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में मंदिरों से चोरी किए गए सामान बरामद किए हैं। मामले की जानकारी बुधवार को बिरौल के एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि 7 जुलाई को बिरौल थाना क्षेत्र के मजरगाही शिव मंदिर में चोरी की घटना हुई थी। 19 हजार रुपये में बेचे थे चोरी के सामान समस्तीपुर के खानपुर थाना से सूचना मिली कि विभूतिपुर थाना क्षेत्र के सिंघिया वार्ड-6 निवासी छोटू (पिता बुचु साह) और गुड्डू कुमार (पिता रामप्रकाश महतो) को खानपुर थाना क्षेत्र के एक मंदिर से चोरी की गई मूर्ति के साथ गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में दोनों ने बिरौल के मजरगाही शिव मंदिर में भी चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद वरीय अधिकारियों के निर्देश पर बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि, पुलिस अवर निरीक्षक मुकेश कुमार, अनुसंधानकर्ता अनिल तिवारी और सशस्त्र बल की टीम खानपुर पहुंची। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मजरगाही शिव मंदिर से चोरी किए गए बाल्टी, गमला, घंटी, लोटकी, छिपली सहित अन्य सामान 19 हजार रुपये में सिंघियाघाट निवासी राजा साह को बेच दिया था। दो खरीदार गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में सामान बरामद पुलिस ने राजा साह के घर छापेमारी कर चोरी का सामान बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आगे पूछताछ में खुलासा हुआ कि मंदिर के घड़ी घंट, घंटियां, लोटा और विजय घंटी रोसड़ा निवासी अनिल कुमार साह को बेचे गए थे। इसके बाद पुलिस ने रोसड़ा स्थित उसके घर पर छापेमारी कर चोरी का सामान बरामद करते हुए उसे भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मंदिरों से चोरी किए गए सामान बरामद किए हैं, जिनमें 6 एल्युमिनियम बाल्टी,8 एल्युमिनियम गमला,1 फुलहा थाला,1 पीतल की घंटी,2 पीतल के घड़ी घंट,2 पीतल की घंटियां,1 कंसा की छोटी लोटकी,1 पीतल की छोटी लोटकी,1 मंदिर की घंटी,1 पंचदीप,1 विजय घंटी शामिल हैं। मुख्य आरोपी रिमांड पर लिए जाएंगे गिरफ्तार आरोपियों राजा साह और अनिल कुमार साह को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। वहीं मुख्य आरोपी छोटू और गुड्डू कुमार को खानपुर थाना से रिमांड पर लाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस एक अन्य फरार आरोपी अनु कुमार उर्फ मेराज की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी गुड्डू कुमार और फरार अनु कुमार उर्फ मेराज केवल बिरौल ही नहीं, बल्कि दरभंगा के बहेड़ी और बहेड़ा और समस्तीपुर जिले के खानपुर, रोसड़ा, कर्पूरीग्राम और हथौड़ी थाना क्षेत्रों के मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहे हैं। पुलिस अब इन सभी मामलों के आपसी संबंधों की जांच कर रही है। एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने कहा कि तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर इस गिरोह का खुलासा किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि चोरी का सामान खरीदने से बचें। यदि किसी के पास संदिग्ध सामान दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चोरी का सामान खरीदने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रीवा जिले में एक ओर पुलिस नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान चलाकर युवाओं को नशा छोड़ने का संदेश दे रही है, वहीं दूसरी ओर अमहिया थाने का एक वीडियो इस अभियान पर सवाल खड़े कर रहा है। थाने में पदस्थ मुंशी अच्छेलाल सिंह का नशे की हालत में घंटों हंगामा करने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह खुद दो बोतल शराब पीने की बात स्वीकार करते नजर आ रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए हैं। थाने के भीतर घंटों चला हाईवोल्टेज ड्रामाघटना बुधवार शाम की बताई जा रही है। अमहिया थाने में पदस्थ मुंशी अच्छेलाल सिंह नशे की हालत में लड़खड़ाते हुए थाने के भीतर हंगामा करते दिखाई दिए। पूरे घटनाक्रम के तीन वीडियो सामने आए हैं, जिनमें उनका व्यवहार और बातचीत साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में खुद कबूली शराब पीने की बातवीडियो में मुंशी कहते सुनाई दे रहे हैं, मैंने आज दो बोतल शराब पी है... एक सफेद वाली पौआ और एक विदेशी वाली नंबर-1। अब पी है तो पी है। इसके बाद भी वह लगातार ऊंची आवाज में बोलते रहे और थाने में मौजूद लोगों के सामने हंगामा करते रहे। खुद को बताया पूर्व एएसपी का असिस्टेंटनशे की हालत में मुंशी ने कई और बयान भी दिए। उन्होंने कहा कि वह रीवा की पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के असिस्टेंट रह चुके हैं और पूर्व एसपी चौहान साहब के भक्त हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद को पुलिस लाइन का गुंडा बताते हुए कहा कि वह सूबेदार दिलीप तिवारी के अधीन काम कर रहे हैं। पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामलायह पहली बार नहीं है जब रीवा में किसी पुलिसकर्मी का थाने के भीतर नशे की हालत में वीडियो सामने आया हो। इससे पहले समान थाना क्षेत्र में भी एक मुंशी का ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ था। उस मामले में विभागीय कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारी को निलंबित किया गया था। अभियान पर उठे सवालरीवा पुलिस पिछले चार दिनों से नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान के तहत लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रही है। ऐसे समय में थाने के भीतर एक पुलिसकर्मी का शराब के नशे में हंगामा करना और स्वयं शराब पीने की बात स्वीकार करना विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल खड़े कर रहा है। एसपी ने दिए जांच के आदेशरीवा पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। वीडियो और पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के गांव खनियान में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। घर में रखे गेहूं को कीड़ों से बचाने के लिए डाली गई सल्फास (एल्युमिनियम फॉस्फाइड) की गोलियों से निकली जहरीली गैस के कारण एक ही परिवार के 2 मासूम बच्चों की मौत हो गई। वहीं, दो अन्य बच्चियों और एक महिला की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिन्हें इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर किया गया है। जांच में सामने आया है कि बेडरूम में चल रहे AC के कारण स्टोर रूम से जहरीली गैस खिंचकर सीधे कमरे में फैल गई थी। जानकारी के अनुसार, गांव खनियान में दो सगे भाई अपने-अपने परिवारों के साथ एक ही मकान में रहते हैं। कुछ दिन पहले परिवार ने स्टोर में रखे अनाज में सल्फास की गोलियां रखी थीं। जिस स्टोर रूम में गेहूं रखा था, उसका एक दरवाजा सीधे उस बेडरूम में खुलता था, जहां दोनों परिवार बच्चों के साथ सोते थे। 20 जुलाई की रात अचानक बच्चों की सेहत बिगड़ने लगी जानकारीक के अनुसार 13 दिन की मासूम हरसीरत कौर की हालत सबसे पहले बिगड़ी और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद 4 साल के मनराज सिंह को लगातार उल्टियां होने लगीं। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन बुधवार सुबह इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। हादसे में 13 साल और 8 साल की दो बच्चियां तथा एक महिला भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं, जिन्हें चंडीगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। AC ने खींची जहरीली गैस घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल टीम ने मौके का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाली वजह सामने आई। जांच में सामने आया कि गेहूं में रखी सल्फास की गोलियों से 'फॉस्फिन' जहरीली गैस लगातार बन रही थी। बेडरूम में लगा एयर कंडीशनर (AC) जब चला, तो उसने स्टोर रूम के बंद दरवाजे के गैप से जहरीली गैस को कमरे के अंदर खींच लिया। कमरा पूरी तरह बंद होने के कारण गैस बाहर नहीं निकल सकी और सो रहे परिवार के सदस्य सांस के जरिए इसका शिकार हो गए।
ललितपुर में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या:परिजनों ने कहा- पत्नी के मायके जाने के बाद से था परेशान
ललितपुर के कोतवाली सदर क्षेत्र के मोहल्ला जुगपुरा में बुधवार शाम एक युवक ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने उसे फंदे से उतारकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आशंका जताई है कि युवक ने पत्नी के मायके चले जाने से क्षुब्ध होकर यह कदम उठाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली सदर क्षेत्र के सिवनी जुगपुरा निवासी शिवम राजपूत (22) पुत्र ऊदल सिंह बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे परिजनों के साथ बैठे थे। इसके बाद वह अपने कमरे में चले गए और तेज आवाज में टीवी चला दी। लगभग आधे घंटे बाद जब उनकी मां ने आवाज दी और कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने अन्य परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो शिवम छत के कुंदे से तौलिए के फंदे पर लटका मिला। जिंदा होने की उम्मीद में परिजन उसे तुरंत फंदे से उतारकर शाम 4:40 बजे मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के चाचा ने बताया कि शिवम की शादी तीन साल पहले सीमा राजपूत से हुई थी और उनकी एक साल की बेटी है। करीब 15 दिन पहले सीमा अपने मायके चली गई थी। शिवम उसे मायके से वापस बुलाने के लिए अड़ा हुआ था। परिजनों ने आशंका जताई है कि पत्नी के मायके से न आने के कारण क्षुब्ध होकर उसने यह कदम उठाया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सदर अनुराग अवस्थी ने बताया कि युवक के शव को कब्जे में ले लिया गया है। मामले में पंचनामा की कार्रवाई की जा रही है।
सोनम वांगचुक ने कर दी घोषणा, वीडियो संदेश में कहा- 'आज अनशन तोड़ दूंगा, बस मेरी मांग मान ली जाए'
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से बुधवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा है कि अगर सरकार यह भरोसा दिला देती है कि छात्रों पर अब किसी भी तरह का बल प्रयोग नहीं किया जाएगा
नूरपुर पुलिस ने पंजाब-हिमाचल सीमा स्थित कंडवाल पुलिस बैरियर पर एक 19 वर्षीय युवक को 10.16 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया है। युवक पठानकोट से एचआरटीसी की बस में शाहपुर की टिकट लेकर बैठा था। जिसे कंडवाल नाके पर काबू कर लिया गया। पुलिस ने हेरोइन को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान कर्तव्य पठानिया निवासी गांव ठम्बां, डाकघर दुरगेला, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से पठानकोट से शाहपुर की बस टिकट और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पठानकोट से चंबा जा रही थी बस पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस जिला नूरपुर की सीआईए टीम क्षेत्र में गश्त, सुराग बरारी और यातायात चेकिंग पर तैनात थी। दोपहर करीब 1:50 बजे पठानकोट की ओर से चंबा जा रही एचआरटीसी बस (एचपी 31ए-8869) को कंडवाल पुलिस बैरियर पर जांच के लिए रोका गया। इस दौरान बस में बैठा एक युवक पुलिस टीम को देखकर घबरा गया और बस से उतरने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने उसे रोककर नियमानुसार तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवक की जेब से एक पारदर्शी प्लास्टिक लिफाफा बरामद हुआ, जिसमें 10.16 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) पाई गई। पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस थाना नूरपुर में आरोपी के खिलाफ एफआईआर संख्या 186/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि आरोपी चिट्टा कहां से लेकर आया था और इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी। नूरपुर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशा तस्करी से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
महोबा शहर में सुभाष पुलिस चौकी के पास बुधवार को छात्राओं के बीच सड़क पर मारपीट का मामला सामने आया। कोचिंग से लौटते समय मामूली कहासुनी के बाद चार छात्राओं ने एक छात्रा के साथ मारपीट कर दी। हैरानी की बात यह रही कि घटना पुलिस चौकी से महज 20 कदम की दूरी पर हुई, लेकिन काफी देर तक कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिससे पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित सुभाष चौकी के पास कोचिंग से घर लौट रही छात्राओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। आरोप है कि चार छात्राओं ने एक छात्रा के बाल पकड़कर उसे सड़क पर गिरा दिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। दिनदहाड़े सड़क पर हुई इस घटना को देखने के लिए राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। अधिकांश लोग हस्तक्षेप करने के बजाय मोबाइल फोन से वीडियो बनाते रहे। मारपीट के चलते व्यस्त सड़क पर कुछ देर के लिए जाम की स्थिति भी बन गई, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर छात्राओं को अलग कराया, तब जाकर विवाद शांत हुआ। हालांकि, पूरी घटना के दौरान पास में स्थित पुलिस चौकी से कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस वन-वे प्वाइंट पर सामान्य दिनों में पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, लेकिन घटना के समय उनकी अनुपस्थिति ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र स्थित भड़कुइया गांव के पास एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। एक अनियंत्रित पिकअप वाहन ने उसे टक्कर मार दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू की। मृतक की पहचान सिधवलिया थाना क्षेत्र के बखरौर गांव निवासी 38 वर्षीय राजीव पाण्डेय के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय मार्कण्डेय पाण्डेय के पुत्र थे। चालक पिकअप समेत मौके से फरार हो गयाराजीव पाण्डेय दानापुर स्थित राजीव टेलीकॉम प्राइवेट लिमिटेड में मार्केटिंग कर्मी थे। घटना के समय वह कंपनी का सामान लेकर अपने कार्यालय जा रहे थे। तभी सामने से आ रही पिकअप ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद चालक पिकअप समेत मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मांझागढ़ थाना पुलिस दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया। मृतक के परिजनों में गम का माहौल छा गया हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों में गम का माहौल छा गया। पुलिस ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मांझागढ़ पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसका उद्देश्य फरार पिकअप वाहन और उसके चालक की पहचान करना है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
ग्राम पंचायत भैंसड़ाखुर्द ने राजस्व ग्राम में बिलानाम और कृषि भूमि पर कथित अवैध प्लॉटिंग का आरोप लगाया है। पंचायत ने इस संबंध में एक प्रेस नोट जारी किया है। प्रेस नोट के अनुसार, भू-माफिया ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना बिलानाम और कृषि भूमि पर प्लॉटिंग का कार्य कर रहे हैं। पंचायत का दावा है कि इस गतिविधि की जानकारी किसी सक्षम अधिकारी को नहीं है और नियमों की अनदेखी की जा रही है। पंचायत ने बताया कि प्लॉटिंग के लिए बड़ी संख्या में पेड़-पौधों की कटाई की जा रही है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। ग्राम पंचायत ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित विभागों से जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। इसका उद्देश्य अवैध प्लॉटिंग पर रोक लगाना और सरकारी तथा कृषि भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उदयपुर एसपी डॉ. अमृता दुहन ने महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत स्टेक होल्डर्स के साथ मीटिंग की और स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स से ऑनलाइन संवाद किया। एसपी ने स्टूडेंट्स को कहा कि जागरूक समाज ही सुरक्षित समाज की पहचान है। उन्होंने छात्राओं से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। एसपी ने पॉक्सो एक्ट, गुड और बैड टच के बारे में जानकारी दी। साथ ही महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षा देने वाले पोश एक्ट के बारे में भी बताया। एसपी ने कहा- स्टूडेंट्स को राजकॉप एप, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन और साइबर हेल्पलाइन का नंबर पता होना चाहिए। ताकि वे अपने साथ होने वाले अपराध के बारे में तुरंत शिकायत कर सके। एसपी ने स्टूडेंट्स को कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, महिला बीट अधिकारी योजना, सेल्फ डिफेंस और छात्राओं के लिए महिला शक्ति आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना के बारे में भी जानकारी दी। महिला कल्याण की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने की रणनीति बनाई एसपी ने कलेक्ट्रेट में स्टेक होल्डर्स के साथ मीटिंग की। बैठक में अंतर विभागीय तालमेल बैठाकर महिला कल्याण की योजनाओं को जल्द आमजन तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई। एसपी ने कहा- महिला सुरक्षा हर विभागी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी तालमेल से पीड़ित महिलाओं को तुरंत राहत पहुंचाने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। बैठक में एडीजे राहुल चौधरी, एएसपी लखमन राय, एएसपी अंजना सुखवाल, एएसपी चेतना भाटी और डीएसपी नीतू सिंह सहित 15 विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
दरभंगा को मिली अत्याधुनिक पैथोलॉजी लैब की सौगात:अब 87 तरह की जांच होगी मुफ्त; डीएम ने किया उद्घाटन
दरभंगा के मरीजों को अब एक ही केंद्र पर आधुनिक और निःशुल्क पैथोलॉजी जांच की सुविधा मिलेगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (सदर), दरभंगा परिसर में स्थापित अत्याधुनिक जिला पैथोलॉजी लैब (रक्त जांच हब) का बुधवार को उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने लैब का निरीक्षण कर उपलब्ध मशीनों, जांच सुविधाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। यह सुविधा राज्य सरकार की ओर से लोक-निजी साझेदारी (पीपीपी) के तहत हब एंड स्पोक मॉडल पर शुरू की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना सिटी स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल से राज्यभर में इस योजना का शुभारंभ किया। 26 स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़ेगा हब लैब इंचार्ज ने बताया कि जिला स्तरीय इस हब से जिले के 26 सरकारी स्वास्थ्य संस्थान जुड़े हैं, जिनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रेफरल अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल और उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इन संस्थानों से प्रतिदिन रक्त और अन्य जांच नमूने रनर बॉय के माध्यम से जिला लैब तक पहुंचाए जाएंगे। 87 प्रकार की जांच पूरी तरह मुफ्त इस अत्याधुनिक लैब में कुल 87 प्रकार की पैथोलॉजी जांच मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT), किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT), टी-3, टी-4, टीएसएच (TSH), सीबीसी (CBC), यूरिन रूटीन सहित कई महत्वपूर्ण जांच शामिल हैं। सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि जांच पूरी होने के बाद मरीज की रिपोर्ट सीधे उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए बार-बार अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। डीएम बोले- बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हमारी प्राथमिकता जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। टीबी मुक्त भारत अभियान में तेजी लाने के निर्देश इधर, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी कौशल कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने निर्देश दिया कि प्रतिदिन 30 हजार लोगों की गुणवत्तापूर्ण स्क्रीनिंग, एक्स-रे एवं सीबीएनएएटी (CBNAAT) जांच सुनिश्चित की जाए और सभी रिपोर्ट समय पर निक्षय पोर्टल पर अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि केवल संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हर स्क्रीनिंग प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि दो दिनों के भीतर टीबी मरीजों के लिए टीपीटी दवाएं आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाई जाएं। साथ ही निक्षय पोषण योजना की राशि शनिवार तक सभी पात्र मरीजों के खातों में भेजने के निर्देश भी दिए। डीएम ने जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी (एनसीडीओ) को अभियान की लगातार निगरानी करने और आरबीएसके टीम को महादलित टोलों में विशेष अभियान चलाकर घर-घर स्क्रीनिंग करने और संभावित मरीजों की पहचान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में एनसीडीओ सत्येंद्र प्रसाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
पन्ना जिले के रैपुरा थाने में खड़ी शासकीय कार (बोलेरो) में चाबी लगी देख एक शराबी युवक गाड़ी लेकर भाग निकला। आरोपी ने साप्ताहिक हाट बाजार में तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हुए जमकर तांडव मचाया, जिसमें 6 से अधिक लोग गंभीर घायल हो गए और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है। थाने में चाबी लगी कार देख ले भागा आरोपी जानकारी के अनुसार, इमलिया निवासी सुखेन्द्र बुंदेला शराब के नशे में किसी काम से रैपुरा थाने पहुंचा था। पुलिसकर्मियों के बाहर निकाले जाने पर उसकी नजर प्रांगण में खड़ी पुलिस की गाड़ी पर पड़ी, जिसमें चाबी लगी हुई थी। शाम करीब 7 बजे मौका मिलते ही आरोपी कार लेकर कटनी तिराहे की ओर भाग निकला। 3 तस्वीरों में देखें घटनाक्रम… हाट बाजार में मची भगदड़, वाहनों को मारी टक्कर बुधवार को साप्ताहिक हाट बाजार होने के कारण सड़क पर भारी भीड़ थी। बेकाबू कार चला रहे शराबी ने कई लोगों को टक्कर मारी और एक मोटरसाइकिल को करीब 200 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। इसके बाद उसने सड़क किनारे खड़ी कार और बस में भी टक्कर मार दी। पीछा कर पकड़ा गया आरोपी, थाने में घुसी आक्रोशित भीड़ घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पीछा कर आरोपी को अवंतीबाई चौक के पास दबोच लिया। इसके बाद करीब 100 से 150 लोगों की उग्र भीड़ थाने में घुस गई और आरोपी से मारपीट की कोशिश की। दो आरक्षकों ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को लॉकअप में बंद कर सुरक्षित किया। अस्पताल में भर्ती घायलों में रमेश चौधरी, जलसा बाई, प्रमोद नायक, हेमलता बाल्मीकि और बेबी बाई शामिल हैं। गुस्साई भीड़ ने पीटने की कोशिश की सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, इसमें शराबी हाट बाजार में तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हुए दिख रहा है। वहीं गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पीटने की कोशिश की जिसे पुलिस ने बचा लिया। आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ कर रही पुलिस रैपुरा थाना प्रभारी स्मिता सिंह बघेल ने बताया कि शराबी युवक थाने के बाहर खड़ी पुलिस वाहन को लेकर भाग गया था और हाट बाजार में उसने वाहनों व लोगों को टक्कर मारी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कटिहार रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सघन अभियान चलाया। इस दौरान आरपीएफ ने एक मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया, 47 रेल अधिनियम उल्लंघनकर्ताओं से ₹55 हजार का जुर्माना वसूला और 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत एक नाबालिग बच्ची को बचाया। आरपीएफ कमांडेंट के निर्देश पर आरपीएफ ईस्ट पोस्ट कमांडर विक्रम कुमार के नेतृत्व में पिछले तीन दिनों में चोरी, तस्करी, मानव सुरक्षा और रेल अधिनियम के उल्लंघन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई। यात्रियों के सामान की चोरी रोकने के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत आरपीएफ टीम ने स्टेशन परिसर से मोहम्मद सगीर नामक एक मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया। उसके पास से लगभग ₹20 हजार मूल्य का चोरी का मोबाइल फोन बरामद किया गया। आरोपी को जीआरपी कटिहार को सौंप दिया गया है, जहां उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अभियान के दौरान, आरपीएफ ने रेल अधिनियम का उल्लंघन करने वाले 47 लोगों से कुल ₹55 हजार का जुर्माना वसूला। यह कार्रवाई बिना टिकट यात्रा करने वालों, प्लेटफॉर्म पर अवैध वेंडिंग करने वालों और परिसर में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ की गई। इसी दिन, 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत रेल मदद से मिली सूचना पर आरपीएफ ईस्ट की टीम ने कटिहार स्टेशन पर खोजबीन की। टीम ने एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची को सकुशल बरामद किया, जो रास्ता भटककर गलत ट्रेन से कटिहार पहुंच गई थी। आगे की कार्रवाई जारी है। आरपीएफ ने रेल यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपने सामान का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेल मदद 139 या नजदीकी आरपीएफ पोस्ट पर दें।
इंदौर शहर में बढ़ते ध्वनि और पर्यावरण प्रदूषण को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने प्रशासनिक अधिकारियों के जवाब पर नाराजगी जताई है। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंट ने स्पष्ट कहा कि केवल यह कहना पर्याप्त नहीं है कि प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन को शपथपत्र के साथ यह बताना होगा कि अब तक कितने मामलों में कार्रवाई हुई, किस कानून के तहत हुई और उसका क्या परिणाम निकला। जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अमिताभ उपाध्याय और अन्य की ओर से एडवोकेट अभिनव पी. धनोड़कर ने तर्क रखा कि शहर में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का प्रभावी पालन नहीं हो रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की कार्रवाई अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं दे रही है। इस पर हाई कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट के निर्देश पर खजराना जोन के एसीपी आशीष पटेल, मल्हारगंज जोन के एसीपी एएस जादौन और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सतीश चौकसे व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हुए। राज्य शासन की ओर से एडवोकेट प्रद्युम्न किबे और एक प्रतिवादी की ओर से एडवोकेट श्रेय राज सक्सेना ने पक्ष रखा। कोर्ट ने कहा सिर्फ दावा नहीं, कार्रवाई का पूरा ब्यौरा दें अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि ध्वनि और पर्यावरण प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन बेंच इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। कोर्ट ने कहा कि मौखिक दावे पर्याप्त नहीं हैं। अधिकारियों को विस्तृत शपथपत्र प्रस्तुत कर यह बताना होगा कि किन व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई, कार्रवाई की वर्तमान स्थिति क्या है और भविष्य में प्रदूषण रोकने के लिए कौन-कौन से प्रभावी कदम प्रस्तावित हैं। कोलाहल नियंत्रण कानून के पालन पर भी मांगी रिपोर्ट कोर्ट ने सरकारी एडवोकेट को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई तक यह जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए कि मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 की धारा-18 के तहत जिला दंडाधिकारी द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने संकेत दिया कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होना आवश्यक है। ध्वनि प्रदूषण नागरिकों के जीवन के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ध्वनि एवं पर्यावरण प्रदूषण केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, शांतिपूर्ण जीवन और संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत प्रदत्त जीवन के अधिकार से सीधे जुड़ा हुआ मामला है। ऐसे मामलों में औपचारिक जवाब देकर जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। प्रशासन को यह साबित करना होगा कि कानून का वास्तविक और प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगस्त तीसरे हफ्ते में निर्धारित की है। ये खबर भी पढ़ें… 'गर्भ रखना या नहीं, महिला को निर्णय लेने का अधिकार' मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने महिलाओं के प्रजनन अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 13 सप्ताह की गर्भवती विवाहित महिला को गर्भपात की अनुमति दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि कानून द्वारा निर्धारित अवधि के भीतर गर्भावस्था है तो महिला खुद तय कर सकती है कि वह गर्भ रखना चाहती है या नहीं। उसे गर्भपात के लिए पति की सहमति आवश्यक नहीं है।पूरी खबर पढ़ें
जशपुर जिले में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे पुलिस के ऑपरेशन शंखनाद के तहत सोमवार को तपकरा थाना और मनोरा चौकी क्षेत्र में दो बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस ने कुल 37 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। तपकरा में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि मनोरा में पुलिस को देखकर तस्कर जंगल के रास्ते फरार हो गए। तपकरा में 28 गौवंश के साथ 7 आरोपी गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, 21 जुलाई की सुबह मुखबिर से सूचना मिली थी कि सड़वा जंगल के रास्ते 28 गौवंशों को झारखंड ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया और सभी गौवंश को सुरक्षित छुड़ा लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान जगन्नाथ खड़िया (41), गणेश राणा (30), रमेश बेहरा (29), कह रु बेहरा (35), मनोरंजन बेहरा (51) निवासी ग्राम चांपा डांड, थाना कुरडेग, जिला सिमडेगा (झारखंड), मोहन यादव (33) निवासी गहिरा दोहर, चौकी दोकड़ा, जिला जशपुर तथा मग दुम खान (25) निवासी उलूडीह, तलसरा, जिला सुंदरगढ़ (ओडिशा) के रूप में बताई। पशुओं के परिवहन से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मनोरा में 9 गौवंश और 7 भैंस छुड़ाई इसी दिन सुबह मनोरा चौकी पुलिस ने ग्राम इंदा घाट जंगल में दबिश देकर 9 गौवंश और 7 भैंसों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया। हालांकि पुलिस टीम को देखते ही तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। उनके खिलाफ भी मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है। एसएसपी बोले- तस्करों पर लगातार होगी कार्रवाई एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत गौ तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि तपकरा से 28 गौवंश के साथ 7 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मनोरा से 9 गौवंश और 7 भैंसों को सुरक्षित छुड़ाया गया। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और गौ तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
कटिहार पुलिस का बड़ा एक्शन:हत्या के प्रयास और POCSO समेत 8 आरोपी गिरफ्तार, सभी को भेजा जाएगा जेल
कटिहार पुलिस ने जिले में अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न थानों में दर्ज मामलों में 8 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों में हत्या के प्रयास, पॉक्सो अधिनियम और उत्पाद अधिनियम से संबंधित मामले शामिल हैं। पोठिया थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास से जुड़े कांड संख्या 138/26 के प्राथमिक अभियुक्त छोटू साहनी और बिट्टू कुमार को गिरफ्तार किया। इसी थाने ने उत्पाद अधिनियम के तहत दर्ज कांड संख्या 175/26 के प्राथमिक अभियुक्त सुबोध मंडल को भी दबोचा। अभियुक्त रूपेश मंडल को गिरफ्तार कियाबरारी थाना पुलिस ने कांड संख्या 149/26 के संबंध में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनमें 46 वर्षीय अब्दुल मतीन, पुत्र स्व० हबीबुर रहमान, और 64 वर्षीय अमजद अली, पुत्र स्व० स्वेब अली, शामिल हैं। दोनों सिमराहा कान्तनगर, थाना बरारी, जिला कटिहार के निवासी हैं। बरारी थाना ने ही पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज कांड संख्या 193/26 के प्राथमिकी अभियुक्त रूपेश मंडल को गिरफ्तार किया। रूपेश मंडल, पुत्र सुबोध मंडल, कालिकापुर, थाना बरारी का निवासी है। न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरूकदवा थाना पुलिस ने कांड संख्या 323/26 में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें 26 वर्षीय सन्नी कुमार ठाकुर, पुत्र दुर्गेश ठाकुर, और पूनम देवी, पत्नी दुर्गेश ठाकुर, शामिल हैं। दोनों कुम्हारी, थाना कदवा, जिला कटिहार के निवासी हैं। पुलिस ने सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
औरंगाबाद में नेपाल की 20 साल की महिला के साथ मंगलवार को गैंगरेप हुआ है। इस मामले में पुलिस ने एक नाबालिग सहित 3 को पकड़ा है। पीड़िता ने बताया कि दो ऑटो ड्राइवर सहित एक नाबालिग उसे और उसके बच्चों को घुमाने के बहाने अपने साथ ले गए, फिर सिंचाई कॉलोनी स्थित एक खंडहरनुमा मकान में उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। पीड़िता और उसके पति ने बुधवार को नगर थाना में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो युवकों और एक नाबालिग को पकड़ लिया है। पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच कराई है। इसके बाद मामले की आगे की जांच जारी है। अब जानिए क्या है पूरा मामला… बच्चों को घुमाने का झांसा देकर ले गए पीड़िता का कहना है कि नाबालिग उसे एक ऑटो में लेकर गया, जिसमें शहर के महुआ शहीद मोहल्ला निवासी जीतू उर्फ पाली और अभिषेक कुमार पहले से मौजूद थे। तीनों उसे शहर में घुमाने के बाद खंडहर दिखाने के नाम पर सिंचाई कॉलोनी स्थित एक सुनसान मकान में ले गए। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। जबकि, बच्चों का ध्यान भटकाने के लिए उन्हें मोबाइल फोन दे दिया गया था। थाने के पास छोड़कर फरार हुए आरोपी पीड़िता ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी उसे नगर थाना के पास छोड़कर फरार हो गए। आरोपियों ने महिला को खाने के लिए 100 रुपए भी दिए और कहा कि घर जाओ तुम्हारा पति ढूंढ रहा होगा। रात में घर पहुंच कर उसने अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी। बुधवार को पति-पत्नी नगर थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपितों पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों में महुआ शहीद मोहल्ला निवासी जीतू उर्फ पाली और अभिषेक कुमार शामिल हैं, जबकि तीसरा आरोपित नाबालिग है। दोनों बालिग आरोपी शहर में ऑटो चलाने का काम करते हैं। 3 महीने पहले औरंगाबाद आई थी पीड़िता पीड़िता के नेपाली पति ने बताया कि उनकी पहली पत्नी की मौत हो चुकी है और दोनों बच्चे पहली पत्नी से हैं। बाद में 3 साल पहले उन्होंने पीड़िता से दूसरी शादी की। वह 8 सालों से औरंगाबाद में रह रहा है और शहर में घूम-घूमकर नींबू चाय बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। 3 महीने पहले ही उसकी पत्नी नेपाल से औरंगाबाद पहुंची थी। बच्चों से मिली जानकारी के बाद उन्हें घटना का पता चला। कोर्ट में दर्ज कराया गया पीड़िता का बयान नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की मेडिकल जांच कराई गई है। साथ ही कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया गया है। दोनों बालिग आरोपितों को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद आज जेल में भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत सुरक्षित स्थान भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है।
पठानकोट के ब्लॉक विकास एवं पंचायत कार्यालय में ब्लॉक समिति की चेयरपर्सन और उप चेयरमैन के पदभार ग्रहण समारोह का बुधवार को आयोजन किया गया। इस अवसर पर गीता देवी ने चेयरपर्सन और सोनिया शर्मा ने उपचेयरपर्सन का पदभार संभाला। कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कटारूचक्क ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने हमेशा सामान्य परिवारों से आने वाले लोगों को जनसेवा का अवसर दिया है। उन्होंने गीता देवी और सोनिया शर्मा को मिली इस जिम्मेदारी को पार्टी के कार्यकर्ताओं और महिलाओं के प्रति विश्वास का प्रतीक बताया। आम लोगों को मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां: कटारूचक्क मंत्री कटारूचक्क ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगी तथा लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आम लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर एक नई राजनीतिक परंपरा स्थापित की जा रही है। इस मौके पर हलका इंचार्ज रोहित स्याल ने कहा कि गीता देवी और सोनिया शर्मा की नियुक्ति पूरे पठानकोट के लिए गर्व की बात है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों जनप्रतिनिधि पूरी लगन और मेहनत से जनसेवा करते हुए संगठन को और मजबूत बनाएंगी। गीता देवी और सोनिया शर्मा ने पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को वे पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगी और जनसेवा को अपनी प्राथमिकता बनाए रखेंगी। ये रहे मौजूद इस अवसर पर हलका इंचार्ज रोहित स्याल, महिला विंग प्रमुख रेखा मणि शर्मा, जिला परिषद सदस्य भूपिंदर सिंह मुन्ना, सरपंच राणा (दर्शोपुर), कोऑर्डिनेटर प्रदीप कुमार, नगर सुधार ट्रस्ट पठानकोट के ट्रस्टी हरजीत सिंह, पूर्व सरपंच दर्शन लाल भूर सहित आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे।
कानपुर देहात में समाजवादी पार्टी ने छात्र हितों, पेपर लीक और हाल की छात्र घटनाओं के विरोध में बुधवार को पुखरायां और अकबरपुर समेत विभिन्न स्थानों पर कैंडल मार्च निकाला। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। छात्र हितों और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी ने बुधवार को जिले में विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। पुखरायां और जिला मुख्यालय अकबरपुर समेत विभिन्न स्थानों पर सपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने कैंडल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान हाल की घटनाओं में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। पुखरायां में आयोजित कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में मोमबत्तियां और तख्तियां लेकर शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने 'हक की लड़ाई जारी रहेगी', 'संविधान का सम्मान करो' और 'बच्चों का अधिकार सुनिश्चित करो' जैसे संदेश लिखे पोस्टर लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई। वहीं जिला मुख्यालय अकबरपुर में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर तथा छात्र-छात्राओं की तस्वीरों वाले बैनर के साथ कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और सरकार से छात्रों की सुरक्षा व भविष्य को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की गई। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अरुण यादव उर्फ बबलू राजा ने कहा कि जंतर-मंतर से लेकर पूरे देश में छात्र और नौजवान अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है और सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने मांग की कि हाल की घटनाओं में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही पेपर लीक के मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। सपा नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों और युवाओं को न्याय नहीं मिलता और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, तब तक पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा।

