बलरामपुर जिले में महान नदी के छिंदियाडांड रेत घाट से बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन का मामला सामने आया है। इस अवैध खनन के कारण महान नदी पर पांच साल पहले बने 10 करोड़ रुपये के पुल की नींव कमजोर हो गई है। पुल के पिलर का करीब पांच फीट हिस्सा जमीन से बाहर दिखाई देने लगा है, जिससे बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई है। राजपुर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत धंधापुर में रेत माफिया हर दिन सैकड़ों वाहनों से रेत की तस्करी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह 5 बजे से देर शाम तक ट्रैक्टर और भारी वाहन नदी में उतरकर रेत निकालते हैं। रोजाना लाखों रुपये की रेत का अवैध कारोबार बताया जा रहा है कि हर दिन लगभग 200 वाहनों के माध्यम से रेत निकालकर अंबिकापुर, बरियों, आरा, धौरपुर और लूड्रा क्षेत्रों में सप्लाई की जा रही है। अनुमान है कि रोजाना लाखों रुपये की रेत का अवैध कारोबार हो रहा है, जो पूरे गर्मी सीजन में 8 से 10 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसके बावजूद, खनिज और राजस्व विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सरकारी योजनाओं और निर्माण के नाम पर अवैध खनन कर रेत बेच रहे स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत तस्कर प्रधानमंत्री आवास योजना और सरकारी निर्माण कार्यों के नाम पर अवैध खनन कर खुलेआम रेत बेच रहे हैं। अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग से लगातार रेत से भरे वाहन गुजरने के बावजूद पुलिस और संबंधित विभाग कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कार्रवाई की जाएगी:एसडीएम मामले में राजपुर एसडीएम देवेंद्र प्रधान ने कहा है कि अवैध रेत खनन पर रोक लगाने के लिए राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नदी और पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया।
मंदसौर जिले के पिपलियामंडी में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर राजपूत समाज द्वारा एक वाहन रैली निकाली गई। नगर कांग्रेस कमेटी और मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस ने फुलेबा चौराहे पर इस रैली का जोरदार स्वागत किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली में शामिल समाजजनों और युवाओं पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह और गौरव का माहौल बना रहा। मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया राजवंश के महान राजा थे। उनका नाम इतिहास में वीरता, शौर्य, त्याग, पराक्रम और दृढ़ संकल्प के लिए अमर है। शर्मा ने बताया कि महाराणा प्रताप ने मुगल बादशाह अकबर की अधीनता कभी स्वीकार नहीं की। उन्होंने वर्षों तक संघर्ष करते हुए अपनी स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा की। अंततः अकबर भी उन्हें झुकाने में असफल रहा। उन्होंने यह भी कहा कि महाराणा प्रताप की नीतियां और उनका संघर्ष आगे चलकर छत्रपति शिवाजी महाराज सहित ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ने वाले अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणास्रोत बना। प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त सचिव मुकेश पोरवाल ‘निडर’ ने बताया कि महाराणा प्रताप (1540-1597) मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश के 54वें शासक थे। उन्होंने मुगलों के सामने आत्मसमर्पण करने के बजाय संघर्ष का मार्ग चुना। पोरवाल ने कहा कि वर्ष 1572 में गोगुंदा में राज्याभिषेक के बाद उन्होंने हल्दीघाटी के युद्ध (1576) सहित कई युद्धों में अकबर की सेना को कड़ी टक्कर दी। उन्होंने चावंड को अपनी राजधानी बनाकर मेवाड़ के पुनर्निर्माण का कार्य भी किया और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। इस अवसर पर नगर कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उणियारा, नेता प्रतिपक्ष सरफराज मेव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अनिल बोराना, कमल परसिंधिया, भूपेंद्र महावर, किशनलाल चौहान, अनिता खोखर, दिलीप मोहनलाल गुप्ता, विष्णु ररोतिया, अनिल उस्ताद, छोटेलाल सैनी, पार्षद बाबू भाई मंसूरी, अशोक कोहली, रामप्रसाद पोरवाल और मोतीलाल जाधव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं समाजजन उपस्थित थे। देखें तस्वीरें
पन्ना में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसान और आदिवासी शनिवार शाम से एसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शन पूरी रात जारी रहा। लोग वहीं रुके और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। विक्रांत भूरिया आंदोलन में शामिलझाबुआ से कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया भी प्रदर्शन में पहुंचे। उन्होंने प्रभावित लोगों के साथ रात बिताई। विधायक ने कहा कि प्रशासन किसानों और आदिवासियों के साथ दबाव की कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार हुआ। मुआवजे में अंतर का मुद्दाप्रदर्शनकारियों का कहना है कि पन्ना और छतरपुर जिलों में एक ही परियोजना के लिए अलग-अलग मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने इसे गलत बताते हुए समान मुआवजे की मांग की। साथ ही गिरफ्तार लोगों की रिहाई और कार्रवाई की जांच की मांग भी उठाई। एसपी ने सुनी शिकायतेंरविवार सुबह एसपी निवेदिता नायडू ने आंदोलनकारियों और कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने शिकायतों की जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।प्रभावित लोगों ने कहा है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन आगे बढ़ाया जाएगा। कांग्रेस नेता जीतू पटवारी के भी पन्ना पहुंचने की संभावना है। फिलहाल प्रदर्शनकारी कलेक्टर से मुलाकात की तैयारी कर रहे हैं।
ग्वालियर के इंदरगंज थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ धोखाधड़ी और दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने पहले महिला को प्रेमजाल में फंसाया, फिर निकाह का भरोसा देकर उसका पति से तलाक करवा दिया। इसके बाद होटल ले जाकर दुष्कर्म किया और अब शादी से इनकार कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 30 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को बताया कि करीब पांच महीने पहले एक शादी समारोह के दौरान उसकी मुलाकात आपागंज निवासी अमन खान से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने उससे प्यार का इजहार किया। अमन ने महिला को भरोसा दिलाया कि वह उससे निकाह करेगा और जिंदगीभर साथ रखेगा। निकाह का झांसा देकर करवाया तलाक महिला पहले से शादीशुदा थी। आरोप है कि अमन ने उसे अपने प्रेम और शादी के वादों में उलझाकर पति से तलाक लेने के लिए तैयार किया। तलाक होने के बाद 25 मार्च 2026 को आरोपी उसे नई सड़क स्थित होटल एसआर इन लेकर पहुंचा। वहां उसने निकाह का भरोसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी लगातार शादी का हवाला देकर उसे शांत कराता रहा और लंबे समय तक उसका शोषण करता रहा। शादी की बात पर बदले तेवर जब महिला ने आरोपी पर निकाह के लिए दबाव बनाना शुरू किया तो अमन अपने वादे से मुकर गया। आरोपी ने महिला से कहा कि उसके परिवार ने उसकी सगाई कहीं और तय कर दी है और अब वह उससे शादी नहीं कर सकता। खुद को ठगा हुआ महसूस करने के बाद पीड़िता शुक्रवार को इंदरगंज थाने पहुंची और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार इंदरगंज थाना प्रभारी दीप्ति तोमर ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी अमन खान को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस होटल के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
फतेहाबाद जिले के टोहाना शहर में पुलिस ने नाके पर बाइक चोर गिरोह को पकड़ा है। गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपी जींद जिले के निवासी हैं। इनसे चोरी की आठ मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। मामले का खुलासा डीएसपी जयभगवान ने शनिवार को प्रेसवार्ता में किया। डीएसपी ने बताया कि सीआईए टीम ने चंडीगढ़ मोड़ पर सुबह 6 से 10 बजे तक नाका लगाया था। इस दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोका गया। पूछताछ में उसने अपना नाम जींद निवासी निर्मल सिंह बताया, लेकिन पहचान संबंधी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। बाइक के कागजात मांगने पर निर्मल कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। चार हजार रुपए में खरीदी चोरी हुई बाइक कड़ी पूछताछ के बाद उसने खुलासा किया कि उसने यह बाइक जींद के गांव कालवन निवासी अजय और विक्रम से चार हजार रुपए में खरीदी थी। जांच में सामने आया कि वह अब तक ऐसी आठ चोरी की बाइक खरीद चुका था। पुलिस ने कालवन निवासी अजय और विक्रम के साथ-साथ जींद के नारायणगढ़ निवासी निर्मल को गिरफ्तार कर लिया। सीआईए और एसएचओ सिटी की टीमों ने सभी आठ चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कीं। ये सभी बाइकें टोहाना से चोरी की गई थीं। आरोपी नशे के आदी, एक-डेढ़ साल पुरानी बाइकों को बनाते थे निशाना डीएसपी ने बताया कि आरोपी नशे के आदी हैं। वे एक-डेढ़ साल पुरानी बाइकों को निशाना बनाते थे, क्योंकि उनमें कोई भी चाबी लग जाती थी। आरोपियों ने चाबियों का एक गुच्छा बना रखा था और आसानी से बाइक खोलकर ले जाते थे। चोरी करने के बाद वे एक बाइक को चार हजार रुपए में बेचते थे। फिलहाल, उनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। पुलिस रिमांड पर लेकर उनसे आगे की पूछताछ करेगी ताकि पता चल सके कि ये गिरोह अब तक किन-किन जगहों से कितनी और बाइक चुरा चुके हैं।
लुधियाना नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी और पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के निर्देशों पर आज (9 मई) जिले में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण हरप्रीत कौर रंधावा की देखरेख में रही। लुधियाना मुख्यालय सहित जगराओं, समराला, खन्ना और पायल की सब-डिवीजनों में सुबह से ही पक्षकारों की भारी भीड़ उमड़ी। आंकड़ों में आज की लोक अदालत कुल बेंच 58 (48 जिला मुख्यालय और 10 सब-डिवीजन में) टेक-अप केस करीब 1,15,000 मामले। लक्ष्य- शाम तक लगभग 1,10,000 मामलों के निपटारे की उम्मीद। अकेले चेक बाउंस (Section 138) के 1.25 लाख से ज्यादा मामले लंबित। जड़ से खत्म होती है मुकदमेबाजी, न अपील न दलील। मुकदमेबाजी जड़ से खत्म हो जाती है मीडिया से मुखातिब होते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरप्रीत कौर रंधावा ने कहा कि लोक अदालत का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां होने वाले फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती। लोक अदालत में जब दो पक्ष आपसी सहमति से राजीनामा करते हैं तो मुकदमेबाजी जड़ से खत्म हो जाती है। इससे न केवल समय बचता है बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है। चेक बाउंस मामलों के लिए लगेगी स्पेशल अदालत न्यायाधीश ने बताया कि लुधियाना में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट (138) के मामलों की संख्या बहुत अधिक है। इसे देखते हुए भविष्य की योजना भी साझा की गई 18 जुलाई 2026 विशेष रूप से चेक बाउंस (138 NI Act) के मामलों के लिए स्पेशल लोक अदालत लगेगी। 12 सितंबर 2026 अगली बड़ी नेशनल लोक अदालत आयोजित होगी, जिसमें सभी श्रेणियों के केस लिए जाएंगे। टूटते घरों को बचाने की अपील: शादी में सब्र और समझ जरूरी शादी के महज दो-तीन साल के भीतर कोर्ट पहुंच रहे युवाओं को न्यायाधीश रंधावा ने भावुक व व्यावहारिक सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज मैंने खुद कई जोड़ों की काउंसलिंग की है। शादी की शुरुआत में दिक्कतें आना स्वाभाविक है। अगर पति-पत्नी थोड़े सब्र और समझदारी से काम लें, तो तलाक की नौबत नहीं आएगी और घर हँसते-बसते रहेंगे। इन मामलों का होगा निपटारा: लोक अदालत में मुख्य रूप से वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस के मामले, दीवानी (Civil), और समझौते योग्य आपराधिक (Compoundable Criminal) मामलों की सुनवाई की गई। बार एसोसिएशन के वकीलों ने भी इस मुहिम में पूरा सहयोग दिया ताकि आम जनता को त्वरित न्याय मिल सके।
सीतापुर के लहरपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित भदफर चौकी अंतर्गत टिकौना गांव में बेखौफ चोरों ने शुक्रवार को एक ही रात में पांच घरों को निशाना बनाकर लाखों रुपये के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार चोरों ने सबसे पहले प्रदीप पुत्र निर्मल वर्मा के घर को निशाना बनाया, जहां चोरों ने अलमारी और बख्शे का ताला तोड़कर यहां से करीब 5 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए गए। इसके बाद राकेश पुत्र राजेंद्र प्रसाद के घर से लगभग 5 लाख रुपये के जेवरात और 50 हजार रुपये की नकदी पार कर दी गई। वहीं रामनरेश पुत्र रामसनेही के घर से एक सोने की चेन और करीब 20 हजार रुपये नकद चोरी हुए। चोरों ने राजकिशोर पुत्र रामसनेही के घर में भी घुसकर वहां रखे बर्तन उठा ले गए। एक अन्य घर में भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। सुबह जब परिवार के लोगों की आंख खुली तो घरों के ताले टूटे और सामान बिखरा देख उनके होश उड़ गए। देखते ही देखते गांव में भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ लहरपुर, भदफर चौकी प्रभारी राजेश निषाद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मोबाइल फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस को एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक कीपैड मोबाइल मकान के पीछे पड़ा मिला है, जिसे जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और मिले मोबाइल फोन के आधार पर चोरों की तलाश की जा रही है। लगातार हुई चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
भिलाई में सिम्पलेक्स कास्टिंग लिमिटेड की डायरेक्टर संगीता केतन शाह और उनके पति केतन शाह के खिलाफ पुलिस ने जमीन बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। संगीता केतन शाह ने ग्राम कोहका की जमीन को विवाद मुक्त बताकर उसका सौदा किया, एडवांस रकम ली और बाद में जमीन की रजिस्ट्री करने से मना कर दिया। इतना ही नहीं, एडवांस लेने के बाद भी उस जमीन पर 4.5 करोड़ रुपए का लोन भी ले लिया। प्रार्थी सुनील कुमार सोमन कई महीनों से इस मामले की शिकायत को लेकर थाने और जिम्मेदारों के यहां जा रहे थे, लेकिन रसूखदार होने की वजह से सुनवाई नहीं हो रही थी। बाद में प्रार्थी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले में अपराध दर्ज करने का आदेश दिया है। अब सुपेला थाना पुलिस मामले में धारा 406, 420, 468 और 471 समेत अन्य संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच करेगी। जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी। 50 लाख में जमीन का किया था सौदा, 10 लाख एडवांस लिएप्रार्थी ने कोर्ट को बताया कि उसने आरोपी पक्ष ने ग्राम कोहका स्थित करीब 0.10 हेक्टेयर जमीन को पूरी तरह साफ और बिना किसी विवाद वाली जमीन बताकर 50 लाख रुपए में बेचने का सौदा किया था। इसके लिए 13 मार्च 2023 को इकरारनामा किया गया और 10 लाख रुपए एडवांस लिए गए। रकम लेने के बाद भी संगीता केतन शाह और उसके पति केतन शाह ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं की। बाद में पता चला कि जिस जमीन को विवाद मुक्त बताया गया था, वह पहले से ही किराये और लीज विवाद में फंसी हुई थी। यह जानकारी खरीदार से छिपाई गई थी। उसी जमीन पर 4 करोड़ से ज्यादा का लिया लोनमामले में यह भी सामने आया कि उसी जमीन के दस्तावेजों को बंधक रखकर एक्सीस फाइनेंस लिमिटेड से करीब 4 करोड़ 50 लाख रुपए का लोन भी लिया गया। प्रार्थी का कहना है कि अगर जमीन पहले से विवादित और बैंक में गिरवी थी तो इसकी जानकारी पहले ही दी जानी चाहिए थी। कोर्ट ने दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद माना कि मामले में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला बनता है। इसके बाद पुलिस को संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। अब मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। धोखाधड़ी का अपराध दर्ज होने के बाद नेताओं के साथ हो रहा फोटो वायरल कई नेताओं के साथ फोटो हो रही वायरलसंगीता केतन शाह और उसके पति केतन शाह के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध होने के बाद कई नेताओं के साथ अब फोटो वायरल हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि संगीता खुद भी पिछले विधानसभा चुनाव में वैशाली नगर विधानसभा से चुनाव लड़ चुकी हैं। राजनीतिक रसूखदार की वजह से नहीं हो रही थी सुनवाईप्रार्थी ने बताया कि संगीता केतन शाह सिम्पलेक्स कास्टिंग लिमिटेड की डायरेक्टर हैं। इसके अलावा उसकी पहुंच काफी उपर तक है, जिसकी वजह से पुलिस भी इस मामले में सीधे कार्रवाई नहीं कर रही थी। 4-5 महीने घुमा हूं। मुख्यमंत्री के पास भी गया था शिकायत लेकर गया था। सभी के पास मैंने आवेदन दिया है, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। रसूखदार होने की वजह से कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। इस वजह से मुझे कोर्ट जाना पड़ा, जहां से एफआईआर के निर्देश आए हैं।
बसपा छोड़कर पहले कांग्रेस और फिर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी मुरादाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान उखड़ गए। मुरादाबाद में जो नेता नसीमुद्दीन के लिए लंच की मेजबानी कर रहा था, उसी ने समर्थकों से अपने लिए टिकट देने की पैरोकारी शुरू करा दी। नेता के समर्थक दबाव बनाने लगे कि नसीमुद्दीन वादा करें कि टिकट के लिए अखिलेश से पैरवी करेंगे। यह देख नसीमुद्दीन का मूड उखड़ गया और वे बगैर खाना खाए ही लंच टेबल से उठ गए। मुरादाबाद में रामगंगा विहार कालोनी में लिप्टन क्लब में नसीमुद्दीन के लिए स्थानीय सपा नेता सलीम अख्तर ने लंच पार्टी का आयोजन किया था। नसीमुद्दीन पीडीए की महापंचायत की तैयारियों के सिलसिले में मुरादाबाद आए थे। सलीम अख्तर पहले कांग्रेस में थे। नसीमुद्दीन से उनके करीबी रिश्ते हैं और नसीमुद्दीन के साथ ही उन्होंने कांग्रेस छोड़कर सपा जॉइन की थी। इस कार्यक्रम में मौजूद रहे सपा के जिलाध्यक्ष जयवीर यादव कहते हैं- नसीमुद्दीन सीनियर लीडर हैं। हम सभी स्थानीय नेता उनके आने की सूचना पर लिप्टन क्लब में कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में सलीम अख्तर की ओर से लंच का आयोजन किया गया था। जिस वैंक्वेट हाल में कार्यक्रम था, वह भी सलीम अख्तर का ही है। लंच शुरू ही हुआ था कि अचानक सलीम अख्तर के कुछ समर्थकों ने यह कहना शुरू कर दिया कि मुरादाबाद शहर से सलीम अख्तर को ही सपा से टिकट मिलना चाहिए। वे लोग नसीमुद्दीन सिद्दीकी से ये कहलवाना चाहते थे कि वे सलीम अख्तर के नाम का ऐलान करें और राष्ट्रीय अध्यक्ष से उनके नाम की पैरवी करें। इससे अचानक उनका मूड खराब हो गया और वे कार्यक्रम से निकल गए। नसीमुद्दीन ने कहा-होश में रहो, घर बुलाकर बेइज्जत करते होनसीमुद्दीन बगैर खाना खाए लंच टेबल से उठे तो मेजबान सलीम अख्तर और उनके समर्थकों के होश उड़ गए। लोग उन्हें मनाने के लिए पीछे दौड़े। उन्हें हाथ पकड़कर रोकने की कोशिश भी की। लेकिन नसीमुद्दीन नहीं रुके। उन्होंने सलीम अख्तर और उनके समर्थकों का हाथ झटक दिया और अपनी गाड़ी की ओर बढ़ गए। नसीमुद्दीन ने सलीम अख्तर से कहा- होश में रहो, घर बुलाकर बेइज्जत करते हो। मैं क्या यहां टिकट बांटने आया हूं। मैं टिक्ट बांटने वाला कौन होता हूं। माया सरकार में पॉवरफुल मिनिस्टर रहे हैं नसीमुद्दीनमायावती सरकार में नसीमुद्दीन सिद्दीकी बेहद पावरफुल मिनिस्टर रहे हैं। यहां तक कि वेस्ट यूपी में उनकी तूती बोलती थी। पूरे पश्चिम में नसीमुद्दीन के इशारे पर ही सरकारी मशीनरी काम करती थी। एक वक्त वे मायावती के सबसे भरोसेमंद लोगों में शुमार थे। लेकिन यूपी से बसपा की सत्ता जाने के बाद नसीमुद्दीन ने पहले बसपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा, इसके बाद वे हाल ही में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं।
रोहतक की दादा लखमीचंद राज्य प्रदर्शन एवं दृश्य कला यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों ने एबीवीपी के प्रस्तावित कार्यक्रम और सदस्यता अभियान के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया। यूनिवर्सिटी परिसर में ABVP Go Back के नारे लगाए। साथ ही पूरे परिसर में हजारों पोस्टर वितरित करते हुए कहा कि सुपवा की पहचान कला, संस्कृति, संवाद और स्वतंत्र अभिव्यक्ति से है, किसी राजनीतिक संगठन या वैचारिक एजेंडे से नहीं। प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स ने कहा कि आगामी दो दिनों में एबीवीपी द्वारा यूनिवर्सिटी परिसर में कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं, जिनमें सदस्यता अभियान चलाने की भी योजना है। इसकी सूचना मिलते ही स्टूडेंट्स में असंतोष देखने को मिला। स्टूडेंट्स ने कहा कि विद्यार्थियों ने कभी भी किसी राजनीतिक प्रभाव वाले छात्र संगठन को अपनी रचनात्मक और सांस्कृतिक जमीन पर हावी नहीं होने दिया। राजनीतिक संगठन को नहीं होने देंगे हावीप्रदर्शनकारी स्टूडेंट़्स ने कहा कि सुपवा केवल एक यूनिवर्सिटी नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक और कलात्मक स्पेस है, जहां देशभर से युवा कलाकार अपने सपनों, विचारों और संवेदनाओं के साथ आते हैं। ऐसे में किसी राजनीतिक संगठन का प्रवेश यूनिवर्सिटी की मूल आत्मा और उसके स्वतंत्र वातावरण पर सीधा हस्तक्षेप माना जाएगा। शिक्षण संस्थानों में छात्र राजनीति के नाम पर खराब कर रहे माहौलस्टूडेंट्स ने कहा कि देश के कई शिक्षण संस्थानों में छात्र राजनीति के नाम पर जिस प्रकार ध्रुवीकरण, वैचारिक दबाव और हिंसक वातावरण पैदा हुआ है, सुपवा को उस दिशा में नहीं जाने दिया जाएगा। वे यूनिवर्सिटी का भगवाकरण नहीं होने देंगे और उसकी सांस्कृतिक पहचान व रचनात्मक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक स्तर पर आवाज उठाते रहेंगे। सुपवा में संवाद पैदा होते हैं, नफरत नहींप्रदर्शनकारियों ने कहा कि सुपवा में संवाद पैदा होता है, नफरत नहीं। यह परिसर कलाकारों का है, किसी राजनीतिक एजेंडे का नहीं। पिछले कुछ समय से देशभर के सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्थानों में वैचारिक हस्तक्षेप बढ़ा है, जिससे स्वतंत्र सोच और रचनात्मकता प्रभावित हो रही है। कलाकार का पहला दायित्व सत्ता का प्रचार करना नहीं, बल्कि समाज की सच्चाइयों को सामने लाना होता है। वीसी से जल्द करेंगे मुलाकात प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल जल्द ही इस मामले में वाइस चांसलर से मुलाकात करेगा और अपनी चिंताओं को औपचारिक रूप से रखेगा। स्टूडेंट्स ने मांग की कि यूनिवर्सिटी प्रशासन परिसर को किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों और बाहरी वैचारिक हस्तक्षेप से मुक्त रखे। सुपवा की स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और कलात्मक पहचान को सुरक्षित बनाए।
सतना में स्मार्ट सिटी और सीवर परियोजना के तहत खोदी गई सड़कों पर बने गड्ढों को लेकर व्यापारियों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। जय स्तम्भ चौक पर हुए इस प्रदर्शन में व्यापारियों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि या तो शहर को गड्ढा मुक्त किया जाए या उन्हें इन्हीं गड्ढों में डाल दिया जाए। व्यापारियों का कहना है कि शहर में पहले जलावर्धन योजना और फिर सीवर लाइन बिछाने के नाम पर जगह-जगह सड़कें खोदी गईं। काम पूरा होने के बाद सड़क मरम्मत केवल औपचारिकता बनकर रह गई। कई इलाकों में मिट्टी डालकर खानापूर्ति की गई, जो हल्की बारिश में ही धंस जाती है, जिससे सड़कें बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने बताया कि इन गड्ढों के कारण रोजाना वाहन फंस रहे हैं और दुर्घटनाएं हो रही हैं। सबसे ज्यादा असर उन दुकानदारों पर पड़ा है जिनकी दुकानों के सामने सड़कें खोदी गई हैं। ग्राहकों की आवाजाही कम होने से व्यापार चौपट होने की स्थिति में पहुंच गया है। कई व्यापारियों के लिए दुकान का किराया, बिजली बिल और कर्मचारियों का वेतन निकालना भी मुश्किल हो रहा है। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन शहरवासियों को सुविधा के बजाय परेशानी मिली। उनका कहना है कि बरसात शुरू होते ही शहर की गलियां और सड़कें आवागमन के लिए खतरनाक हो जाती हैं, जिससे लोगों को हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है। व्यापारी संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क सुधार और गड्ढों की स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से समयबद्ध कार्रवाई कर शहरवासियों को राहत देने की मांग की है। व्यापारियों के समर्थन में विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा और समाजवादी पार्टी के नेता राजेश दुबे भी प्रदर्शन में शामिल रहे।
भोपाल के पिपलानी इलाके में शनिवार देर रात घर के बाहर टहल रहे युवक को ई-रिक्शा ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद आरोपी चालक फरार हो गया जबकि घायल की उपचार के दौरान आज सुबह मौत हो गई। पिपलानी पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 48 वर्षीय हटे सिंह जादव पिता काशीनाथ जादव शो क्वार्टर बी सेक्टर पिपलानी के रहने वाले थे, एक ठेकेदार के साथ बतौर साइट सुपरवाइजर काम करते थे। शुक्रवार देर रात घर के बाहर खाना खाने के बाद टहल रहे थे। इसी बीच ई-रिक्शा चालक ने तेज गति से वाहन चलते हुए उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मोहल्ले के लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान आज सुबह उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी ई रिक्शा चालक मौके पर ही वाहन को छोड़कर फरार हो गया। शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। पिपलानी पुलिस आरोपी चालक की तलाश कर रही है। रिक्शा में सवार थी आरोपी की मां मृतक के भाई भाव सिंह जादव ने बताया कि घटना के समय ई-रिक्शा में आरोपी चालक की मां सवार थी। हालांकि बेटा उन्हें छोड़कर फरार हो गया, मां ने बताया कि रिक्शा में ब्रेक काम आ रहे थे। इस कारण हादसा हुआ है हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
धौलपुर के सैंपऊ क्षेत्र के सहरौली गांव में छप्परपोश झोपड़ियों और पशुबाड़ों में भीषण आग लग गई। आग में गृहस्थी का सामान और एक दुधारू भैंस जिंदा जल गई, जिससे भारी नुकसान हुआ। जानकारी के अनुसार अटल सेवा केंद्र के सामने स्थित जाटव बस्ती में रमेश जाटव और रामबाबू जाटव की झोपड़ियों में अचानक आग लगी। तेज हवाओं और घास-फूस से बने छप्परों के कारण आग तेजी से फैली और विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटों ने देखते ही देखते दो झोपड़ियों और एक पशुबाड़े को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शी कुलदीप परमार ने बताया कि आग इतनी तीव्र थी कि लोगों को अपना सामान बचाने का मौका नहीं मिला। रमेश जाटव के पशुबाड़े में बंधी दुधारू भैंस आग में जिंदा जल गई। उनके घर में मोटर चक्की, अनाज, भूसे से भरे कूप, चारपाई, कूलर, पंखे, तख्त और कपड़े सहित पूरा घरेलू सामान राख हो गया। वहीं, रामबाबू जाटव के घर में रखी हाल ही की फसल का अनाज, भूसा, चारपाई, कपड़े और अन्य घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। पास में स्थित परमाल परमार के पशुबाड़े में रखा पशुओं का चारा, अनाज और अन्य सामान भी पूरी तरह जल गया। आग की लपटें उठती देख ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और हैंडपंप और सबमर्सिबल पंपों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, आग की भयावहता के कारण उनके सभी प्रयास नाकाम साबित हुए। ग्रामीणों ने पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी, लेकिन दमकल पहुंचने से पहले ही सब कुछ जल चुका था। ग्रामीणों ने अग्निशमन सेवाओं की कमी को एक बड़ी समस्या बताया। उनके अनुसार, सैंपऊ को नगर पालिका का दर्जा मिले काफी समय हो चुका है, लेकिन अब तक यहां अग्निशमन वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया है। आग लगने की घटनाओं में जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर से दमकल पहुंचती है, जिससे अक्सर भारी नुकसान हो जाता है।
बाड़मेर जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने शनिवार को जिला हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। इस दौरान सीटी स्कैन मशीन बंद होने को लेकर पीएमओ और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से जानकारी ली। प्रिंसिपल ने कहा कि टेंडर होने के बाद बार-बार अपील करने की वजह से सीटी स्कैन मशीन अभी तक लगी नहीं है। वहीं हॉस्पिटल में कैंटीन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं रेडियोग्राफर छुट्टी पर होने के कारण रजिस्टर एडीएम ऑफिस मंगवाए गए हैं। इसकी छुट्टी अब एडीएम ऑफिस से स्वीकृत की जाएगी। कलेक्टर ने कहा- हीटवेव को देखते हुए आने वाले दिनों में मॉक ड्रिल की जाएगी। जिससे नर्सिंग कर्मियों को ट्रेनिंग भी हो जाएगी। जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने शनिवार को बाड़मेर जिला हॉस्पिटल पहुंची। निरीक्षण के दौरान सीटी स्कैन मशीन नहीं होने पर प्रिंसिपल ने बताया- सीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए टेंडर किया। इसको रोका जा रहा है। रोक कौन रहा है मैं नहीं जानता हूं। इस पर कलेक्टर ने कहा- फाइल को लेकर मेरे पास आइए। फाइल स्टडी करने के बाद जल्द सीटी स्कैन मशीन लगवाएंगे जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने कहा- हॉस्पिटल की व्यवस्थाएं अच्छी हैं। निरीक्षण के दौरान मेरे सामने सीटी स्कैन का इश्यू आया था। सीटी सेंटर का रूम देखा है उसमें मशीन सैटअप नहीं हुई है। उसमें कोई अपील का इश्यू है। मैं एक बार फाइल को स्टडी करके उस इश्यू का समाधान करके जल्दी से जल्द सिटी स्कैन मशीन को शुरू करवाई जाए। सोनोग्राफी रेडियोलॉजी की छुट्टी एडीएम करेंगे स्वीकृत सोनोग्राफी रेडियोलॉजी के जो लोग है वो छुट्टी पर ज्यादा रहते हैं। मैंने एडीएम साहब को डायरेक्शन दिया है कि इन लोगों के रजिस्टर अपने पास मंगवाकर छुट्टी जो भी सेंक्शन होगी वो एडीएम के परमिशन के बाद होगी। दो ओपीडी काउंटर बढ़ाने के निर्देश हॉस्पिटल के वेटिंग एरिया में अच्छी व्यवस्था है वहां पर कूलर वगैरह लगे हुए हैं। मैंने पीएमओ को बैठने के बैंच लगाने के लिए निर्देश दिए हैं। जहां पर हम एंटर करते है वहां पर चार ओपीडी काउंटर हैं। चार ओपीडी काउंटर और शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जो पीक टाइम होता है उसमें मरीज का चेकअप जल्दी हो जाए। यहां पर कोई कैंटीन की व्यवस्था यहां पर मुझे दिखी नहीं है। मैंने पीएमओ कैंटीन शुरू करने के निर्देश पीएमओ को दिए है। एमआरआई मशीन को लेकर मुझे बताया गया है कि लेकिन जब नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो जाएगी। तब वहां पर हो जाएगी। जो भी चीजें हमारे सामने आएगी उसको बेहतर करने का प्रयास करेंगे। आगामी दो-तीन में होगी मॉकड्रिल कलेक्टर ने कहा कि हीटवेव को देखते हुए जो वार्ड बनाए गए हैं, वहां पर सारी सुविधाएं है। इमरजेंसी केयर के हिसाब से होनी चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि हॉस्पिटल में हीटवेव को लेकर मॉक ड्रिल भी करवाने वाले हैं। नर्सिंग स्टाफ की एक बार ट्रेनिंग हो जाए।
सुल्तानपुर में लकड़ी विवाद, युवक पर कुल्हाड़ी से हमला:अयोध्या में इलाज के दौरान मौत, दो आरोपी नामजद
सुल्तानपुर जिले के हलियापुर थाना क्षेत्र के उमरा गांव में लकड़ी के विवाद को लेकर हुए हमले में एक युवक की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल युवक ने अयोध्या में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह विवाद 29 अप्रैल को आए तूफान से शुरू हुआ था। तूफान के कारण शिवकुमार तिवारी का एक नीम का पेड़ अयोध्या प्रसाद अग्रहरि की छत पर गिर गया था। शिवकुमार ने बाद में पेड़ की लकड़ी एक ठेकेदार को बेच दी, जिसने वह लकड़ी अयोध्या प्रसाद को दे दी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद गहरा गया। घटना 6 मई की शाम करीब 6 बजे की है। शिवकुमार तिवारी और पुत्तन तिवारी लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर अयोध्या प्रसाद के घर पहुंचे। उन्होंने अयोध्या प्रसाद के भाई विजय कुमार अग्रहरि पर हमला कर दिया। हमलावरों ने विजय के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। बीच-बचाव करने आईं विजय की पत्नी उषा को भी पीटा गया। गंभीर रूप से घायल विजय को पहले पिठला, कुमारगंज स्थित 100 शैय्या अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान मौत प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दर्शन नगर अस्पताल, अयोध्या रेफर कर दिया गया, जहां शुक्रवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अयोध्या प्रसाद अग्रहरि की तहरीर पर पुलिस ने शिवकुमार तिवारी और पुत्तन तिवारी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटना की आगे की जांच शुरू कर दी है।
उज्जैन में शनिवार को शनि मंदिर परिसर के पास एक संदिग्ध बैग रखे होने की सूचना मिली। डॉग स्क्वाॅड और बम निरोधक दस्ते के साथ पहुंची पुलिस ने तुरंत सर्चिंग शुरू की। सबसे पहले डॉग स्क्वॉड ने संदिग्ध बैग की प्रारंभिक जांच की, फिर बग निरोधक दस्ते ने विभिन्न उपकरणों से जांच की। यह गतिविधि पुलिस की मॉक ड्रिल का हिस्सा थी, जो सिंहस्थ 2028 में सुरक्षा व्यवस्था दुरस्त करने के मद्देनजर की गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे क्षेत्र को चारों तरफ से घेर लिया और सुरक्षा प्रक्रिया शुरू की। सबसे पहले डॉग स्क्वॉड द्वारा संदिग्ध बैग की प्रारंभिक जांच की गई। इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने आधुनिक उपकरणों की मदद से बैग की जांच की। संदिग्ध वस्तु होने की आशंका पर BDDS टीम के जवान विशेष सुरक्षा सूट पहनकर मौके पर पहुंचे और सर्चिंग अभियान चलाया। नए उपकरण भी खरीद रही पुलिस उज्जैन पुलिस का कहना है कि आने वाले सिंहस्थ में भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के सभी इंतजाम अपडेट किए जा रहे हैं। इसके लिए नए उपकरण भी खरीदे जा रहे हैं, जिन्हें भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था में लगाया जाएगा। ड्रिल के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय एवं आपदा प्रबंधन क्षमता का परीक्षण किया गया। उज्जैन पुलिस द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सतत रूप से सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। श्रद्धालु घबरा गए, लोगों की भीड़ जमा हो गई मॉक ड्रिल के दौरान मंदिर में दर्शन करने पहुंचे कई श्रद्धालु शुरुआत में घबरा गए। वहीं घटनास्थल पर कार्रवाई देखने के लिए लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। हालांकि बाद में पुलिस ने लोगों को बताया कि यह केवल सुरक्षा अभ्यास है, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली और मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। इन उपकरणों एवं तकनीकों का उपयोग किया
सीकरी में अवैध खनन पर पुलिस का प्रहार:'ऑपरेशन पृथ्वी' के तहत 3 गिरफ्तार, JCB और ट्रॉली जप्त
डीग जिले के सीकरी क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष अभियान 'ऑपरेशन पृथ्वी' के तहत सीकरी थाना पुलिस ने पीरुका के पहाड़ों में छापेमारी कर तीन लोगों को अवैध खनन करते हुए गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी (SHO) मुकेश चैची ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पीरुका के पहाड़ों में अवैध रूप से पत्थर का खनन किया जा रहा है। इस सूचना पर एएसआई हंसराम सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया और मौके पर भेजा गया। पुलिस टीम जब बताए गए स्थान पर पहुंची, तो वहां जेसीबी मशीन से पहाड़ों को खोदकर पत्थरों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरा जा रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को मौके से पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पीरूका (गोपालगढ़) निवासी वसीम पुत्र कमरू, माजिद पुत्र ईसरी और तालीम पुत्र ईसरी के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से एक जेसीबी मशीन और पत्थरों से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 'ऑपरेशन पृथ्वी' के तहत आने वाले दिनों में भी अवैध खनन रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि प्राकृतिक संपदा का दोहन रोका जा सके।
देवरिया DM ने विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण:शिक्षक बनकर छात्रों को गणित-अंग्रेजी का पाठ पढ़ाया
देवरिया के जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शनिवार सुबह प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता जांचने के लिए प्राथमिक विद्यालय दानोपुर और उच्च प्राथमिक विद्यालय परासिया मिश्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए छात्रों से सवाल पूछे और उन्हें पढ़ाया भी। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था, पठन-पाठन और छात्रों के शैक्षिक स्तर का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों से गणित, अंग्रेजी और अन्य विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और छात्रों में मेहनत व लगन की भावना विकसित करने के निर्देश दिए। सबसे पहले जिलाधिकारी प्राथमिक विद्यालय दानोपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कक्षा दो और पांच के विद्यार्थियों से बातचीत की। कक्षा दो के बच्चों से अंग्रेजी पढ़वाई गई, जबकि कक्षा पांच के छात्रों से ब्लैकबोर्ड पर गणित के सवाल हल करवाए गए। छात्रों द्वारा सही जवाब दिए जाने पर जिलाधिकारी ने शिक्षकों की सराहना की और शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इसके बाद जिलाधिकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय परासिया मिश्र पहुंचे। उन्होंने यहां नामांकन की स्थिति की समीक्षा की और कक्षा सात के विद्यार्थियों से गणित व अंग्रेजी विषय के प्रश्न पूछे। छात्रों के संतोषजनक उत्तर देने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और शिक्षकों को समर्पण के साथ अध्यापन कार्य जारी रखने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय दानोपुर में बाउंड्रीवाल न होने की जानकारी मिली। इस पर जिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी से फोन पर बात कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापक दिनेश सिंह, नीलम मौर्य, शिक्षामित्र पिंकी राय, प्रधानाध्यापिका अर्चना सिंह और सहायक अध्यापिका पूनम सिंह उपस्थित रहे।
फतेहाबाद जिले में अब प्रशासन दहेज प्रथा के खिलाफ सख्ती बढ़ाएगी। जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाते हुए अब दहेज मांगने की शिकायत मिलने पर तुरंत कानूनी कार्रवाई करेगा। एडीसी अनुराग ढालिया ने स्पष्ट किया कि दहेज मांगने, लेने या देने से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का दबाव किसी पक्ष पर न हो, इसका विशेष ध्यान रखेंगे। एडीसी ने कई विभागों के अधिकारियों की मीटिंग में इसको लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। एडीसी ने बताया कि दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत दहेज लेना, देना या इसके लिए उकसाना एक दंडनीय अपराध है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनुपालना में जिला स्तर पर दहेज निषेध अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। हेल्पलाइन नंबरों पर दे सकेंगे शिकायत एडीसी अनुराग ढालिया ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि दहेज मामलों में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और आमजन को इस संबंध में अधिक से अधिक जागरूक किया जाए। दहेज से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत पीड़ित महिला या उसके परिजन जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जिले के सभी एसडीएम को दहेज निषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है, जहां भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। एडीसी ने महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दहेज से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए। दहेज सामाजिक कुप्रथा और कानूनन अपराध एडीसी ने कहा कि दहेज न केवल एक सामाजिक कुप्रथा है, बल्कि यह कानूनन अपराध भी है, जिसे जड़ से खत्म करने के लिए सभी विभागों को मिलकर कार्य करना होगा। दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और पंचायत विभाग के सहयोग से समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए।
बुलंदशहर पुलिस ने 30 लाख के 123 गुम मोबाइल खोजे:विशेष अभियान चलाकर मालिकों को वापस सौंपे गए फोन
बुलंदशहर पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए गए एक विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अप्रैल माह में 123 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये है। इन फोनों को उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन मोबाइल फोनों को बरामद करने के लिए सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का उपयोग किया गया। आधुनिक तकनीक और विशेष अभियान के तहत पुलिस टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए इन फोनों को ट्रेस किया। इस अभियान में नगर कोतवाली, खुर्जा और गुलावठी थाना पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों ने खुशी व्यक्त की। कई मालिकों ने बताया कि उन्हें अपने खोए हुए फोन के दोबारा मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन बुलंदशहर पुलिस के प्रयासों से उन्हें उनका फोन वापस मिल गया। मोबाइल स्वामियों ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए इस अभियान की सराहना की। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि गुम हुए मोबाइल फोन की सूचना तत्काल दर्ज कराने और सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत करने से उनकी बरामदगी में काफी सहायता मिलती है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि लोगों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने के लिए भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।
अक्सर लोग छोटी-छोटी मुश्किलों के आगे घुटने टेक देते हैं, लेकिन बरेली के अनुज सक्सेना ने साबित कर दिया कि मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं जिनके सपनों में जान होती है। पेशे से अधिवक्ता अनुज ने एक भीषण सड़क हादसे में अपना हाथ गंवाने और दोनों पैरों में रॉड होने के बावजूद हिमाचल प्रदेश की दुर्गम पहाड़ियों पर 2200 किलोमीटर का सफर तय किया। यह कोई सामान्य यात्रा नहीं थी, बल्कि खुद को फिर से साबित करने की एक जंग थी। मौत को मात देकर पकड़ी स्टेयरिंगव्यवसायी अजीत सक्सेना के बेटे अनुज के लिए यह सफर इतना आसान नहीं था। कुछ साल पहले हुए एक हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी थी। जान बचाने के लिए 11 बड़े ऑपरेशन हुए और महीनों अस्पताल के बिस्तर पर बीत गए। शरीर में दर्द और एक हाथ न होने के बाद भी अनुज के भीतर का ड्राइवर कभी नहीं सोया। पिता के साहस और पत्नी श्वेता के अटूट साथ ने उन्हें हिम्मत दी और उन्होंने अपने ड्राइविंग के शौक को ही जीने का जरिया बना लिया। माइनस तापमान में भी नहीं डगमगाए कदमसमुद्र तल से करीब 12 से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित स्पीति घाटी, जिसे 'लिटिल तिब्बत' कहा जाता है, वहां की चढ़ाई अच्छे-अच्छों के पसीने छुड़ा देती है। कड़कड़ाती ठंड और बर्फीली हवाओं के बीच अनुज अपनी कार से पत्नी और दो बच्चों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने काजा, ताशीगंग और मांजा जैसे इलाकों को करीब से देखा और हिमालय के अजंता कहे जाने वाले ताबो मठ के दर्शन भी किए। मुश्किलों को बनाया अपनी ताकतस्पीति घाटी का तापमान अक्सर शून्य से काफी नीचे रहता है, लेकिन अनुज का जुनून उससे कहीं ज्यादा गर्म था। बरेली से हिमाचल की इस रोमांचक यात्रा के दौरान उन्होंने साबित किया कि शारीरिक अक्षमता महज एक सोच है। उनकी यह कहानी आज हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में हार मान लेते हैं। अनुज की यह जीत सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि इंसानी जज्बे की हिमालयी विजय है।
इंदौर ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार को एक ऐसे ट्रैक्टर चालक को पकड़ा, जो नशे में धुत होकर भी ट्रैक्टर चला रहा था। खास बात तो यह है कि उसके साथ के दोनों लोग भी इसी हालत में थे। ड्राइवर की हालत ऐसी थी कि वह ठीक से बैठ भी नहीं पा रहा था और ट्रैक्टर चलाते हुए शहर के व्यस्ततम चौराहे पर पहुंच गया। अगर ट्रैफिक पुलिस नहीं रोकती तो कोई हादसा हो सकता था। ट्रैफिक पुलिस ने जब उसे ट्रैक्टर से नीचे उतारा वह डिवाइडर पर जाकर लेट गया। बाद में उसे भंवरकुआं थाने भेजा। शनिवार को मामले का वीडियो सामने आया है। दरअसल, ये घटनाक्रम शहर के व्यस्ततम नवलखा चौराहे का है। यहां पर ट्रैफिक पुलिस ड्यूटी पर थी। तभी अचानक वहां अग्रसेन चौराहे की तरफ से एक ट्रैक्टर चालक लहराते हुए आया। स्थिति की गंभीरता को देखते एएसआई अनिल चौहान और उनकी टीम ने तुरंत ही ट्रैक्टर को रुकवाया। नशे में धुत मिला ड्राइवर, बैठा भी नहीं जा रहा ड्राइवर की स्थिति ऐसी थी कि उसे सामान्य रूप से बैठा भी नहीं जा रहा था। उसके साथ दो लोग और बैठे थे, वे भी नशे की हालत में थे। जिसके बाद ट्रैक्टर चालक को ट्रैफिक पुलिस ने नीचे उतारा, बाद में वह डिवाइडर पर ही लेट गया। ट्रैफिक पुलिस ने भंवरकुआं बीट को सूचना दी और कार्रवाई के लिए ट्रैक्टर और चालक को थाने भेज दिया। देखा जाए तो अगर पुलिस उसे नहीं रोकती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रैक्टर पर लिखा नगर निगम के काम हेतु पुलिस ने जब ट्रैक्टर को चेक किया तो उसके आगे एक प्लेट लगी थी, जिस पर लिखा था इंदौर नगर निगम पालिका कार्य हेतु, आज्ञा से जोनल अधिकारी झोन 12। हालांकि पुलिस जांच कर रही है कि ट्रैक्टर अटैच है या नहीं। देखा जाए तो अगर ट्रैक्टर नगर निगम से अटैच है तो ये भी एक बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।
सुलतानपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन दहन' के तहत 14.012 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों का विनष्टीकरण किया है। इनकी अनुमानित कीमत 88 लाख 76 हजार 200 रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी (DDC) की उपस्थिति में संपन्न हुई। जयसिंहपुर के सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जिले के विभिन्न थानों में NDPS एक्ट के तहत दर्ज कुल 23 मामलों से संबंधित जब्त मादक पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 13.620 किलोग्राम अवैध गांजा, 188 टैबलेट डायजापाम (कुल 0.094 किलोग्राम), 0.394 किलोग्राम स्मैक और 0.012 ग्राम हेरोइन शामिल थी। इन सभी की कुल अनुमानित कीमत 88,76,200 रुपये थी। इन मादक पदार्थों का निस्तारण सुलतानपुर के चांदपुर सैदोपट्टी स्थित मेसर्स रॉयल पॉल्यूशन कंट्रोल सर्विसेज में स्थापित इंसीनरेटर/बॉयलर मशीन के माध्यम से किया गया। यह प्रक्रिया जनपद स्तरीय मादक पदार्थ विनष्टीकरण कमेटी के सदस्यों और अन्य पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में नियमानुसार पूरी की गई। ड्रग डिस्पोजल कमेटी में प्रभारी निरीक्षक संत कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल घनश्याम मिश्रा और कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार पटेल भी शामिल थे। सीओ सुनील सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई जनपद को मादक पदार्थ मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में अवैध नशे के कारोबारियों पर नकेल कसने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
फर्रुखाबाद में तीन बुलेट बाइकें सीज:मोडिफाइड साइलेंसर पर 48 हजार जुर्माना लगा, अभियान जारी
फर्रुखाबाद में मोडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तीन बुलेट मोटरसाइकिलों को सीज किया गया है। इन तीनों बाइकों पर कुल 48 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। यह कार्रवाई एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष राजपूत और यातायात प्रभारी सतेंद्र कुमार के नेतृत्व में रोडवेज बस स्टैंड के पास पुलिस चौकी के निकट की गई। अभियान के दौरान, मोडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करते पाए जाने पर इन तीन बुलेट मोटरसाइकिलों को थाना कादरीगेट में सीज किया गया। इन वाहनों पर कुल 48 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित किया अधिकारियों ने बताया कि मोडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न/हूटर के खिलाफ यह सघन चेकिंग अभियान उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चलाया जा रहा है। मोडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निलंबित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, ऐसे वाहनों के पंजीकरण प्रमाण-पत्र (RC) को भी निलंबित करने की कार्रवाई की जा रही है। परिवहन विभाग ने जानकारी दी कि मोडिफाइड साइलेंसर का उपयोग कर रहे वाहनों के संबंध में हेल्पलाइन नंबर 1800 1800 151 और 149 पर शिकायत की जा सकती है, जिस पर तत्काल संज्ञान लिया जाएगा। यह अभियान जिले में 13 मई तक व्यापक स्तर पर जारी रहेगा।
छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री लागू करने के फैसले ने आबकारी विभाग की सप्लाई व्यवस्था बिगाड़ दी है। आधी-अधूरी तैयारी के बीच लागू की गई नई व्यवस्था के कारण प्रदेशभर की शराब दुकानों में देसी और किफायती अंग्रेजी शराब की भारी कमी हो गई है। हालत यह है कि कई दुकानों में ब्रांड स्टॉक की कमी है। डिस्टलर्स-बॉटल सप्लाई लॉबी शराब सप्लाई में अडंगा लगा रहे है। कैबिनेट में निर्णय होने के बावजूद लॉबी की मनमानी को छुपाने के लिए आबकारी अफसरों द्वारा प्लास्टिक बोतलों में शराब सप्लाई के तिथियों को लगातार बढ़ाया जा रहा है। पूरे मामलें में आबकारी अधिकारियों ने सप्लाई व्यवस्था पर मॉनीटरिंग करने की बात कही है। आयुक्त के अनुसार अधीनस्थ अधिकारियों समेत सप्लायरों को बैठक लेकर निर्देश दिया है। 31 मई के बाद पूर्ण सप्लाई शुरु नहीं होगी तो लापरवाही करने वाले डिस्टलर्स का लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा। दो बार जारी हुआ अलग-अलग आदेश प्रदेश की करीब 800 शराब दुकानों तक सप्लाई करने वाली डिस्टिलरियों में 1 अप्रैल से पीईटी प्लास्टिक बोतलों में बॉटलिंग का आदेश लागू किया गया था। अचानक लागू हुए फैसले से डिस्टिलर्स और बॉटल सप्लायर लॉबी में हड़कंप मच गया। कांच की बोतलों में बॉटलिंग करने वाले कई कारोबारी कोर्ट पहुंच गए, वहीं बड़े पैमाने पर प्लास्टिक बोतलों की व्यवस्था भी नहीं हो सकी। स्थिति बिगड़ने पर विभाग को 31 मई तक फिर से कांच की बोतलों में बॉटलिंग की अनुमति देनी पड़ी। इस बीच करीब 10 दिनों तक कई डिस्टिलरियों में उत्पादन और बॉटलिंग बंद रही। पुराने स्टॉक खत्म होने के बाद अब दुकानों तक मांग के मुकाबले सप्लाई कम है। राजस्व में आएगी कमी आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में रोजाना करीब 70 करोड़ रुपए की देसी और किफायती अंग्रेजी शराब की बिक्री होती है। सप्लाई बाधित होने से सरकार को प्रतिदिन 40 से 50 करोड़ रुपए तक के राजस्व नुकसान का अनुमान है। प्लास्टिक बोतलों में शराब सप्लाई का निर्णय कैबिनेट ने इसलिए लिया था, ताकि शराब में मिलावट ना हो। लेकिन कारोबारियों की मनमानी के चलते आबकारी विभाग के अधिकारियों को अपना फैसला बार-बार बदलना पड़ रहा है। अब पढ़े आबकारी आयुक्त ने क्या कहा आबकारी आयुक्त पदुम एल्मा ने बताया, कि लगातार डिस्टलर्स की बैठक ली जा रही है। वर्तमान में प्लास्टिक और कांच बोतल दोनों में सप्लाई जारी है। 15 मई से प्लास्टिक बोतलों में सप्लाई की एक्सरसाइज डिस्टलर्स करेंगे, कई लोगों ने रिफलिंग पट्टा भी बदलवा लिया है। 31 मई को बाद जो डिस्टलर्स सप्लाई में लापरवाही बरतेगा, उसका लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा।
प्रतापगढ़ में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा आज से शुरू हो गई। जिले के 22 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 6000 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की कड़ी तलाशी ली गई। दो दिन तक चलेगी परीक्षा अतिरिक्त जिला कलेक्टर विजयेश कुमार पंड्या ने बताया कि प्रतापगढ़ जिले में यह भर्ती परीक्षा दो दिनों तक चलेगी। पहले दिन आज एक पारी में परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसमें पुलिसकर्मियों की तैनाती भी शामिल थी। चार उड़न दस्तों का किया गठन नकल रोकने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। चार उड़न दस्तों का गठन किया गया है, जिनमें प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं। ये दस्ते परीक्षा केंद्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। पंड्या ने बताया कि 10 मई को भी दो पारियों में परीक्षा होगी, जिसके लिए 25 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
नालंदा कोर्ट परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ हुआ। औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि पटना हाईकोर्ट के जज सह नालंदा के इंस्पेक्टिव जज न्यायमूर्ति राजीव रंजन राय ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं और आमजनों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत उन लोगों के लिए वरदान है जो अपने विवादों का त्वरित, सुलभ और अंतिम समाधान चाहते हैं। यह मंच आपसी समझौते के आधार पर बिना किसी हार-जीत के मामलों के निष्पादन का एक सशक्त और पारदर्शी माध्यम है, जिससे समाज में सद्भाव बना रहता है। इस बार ट्रैफिक चालानों के सुगम निपटारे के लिए विशेष काउंटरों की व्यवस्था की गई है, ताकि आम जनता को सहूलियत हो सके। समाधान के लिए 14 बेंच का गठन जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष गुरविंदर सिंह मल्होत्रा ने बताया कि इस बार कुल 17,076 मामलों को सूचीबद्ध किया गया है। इनमें विभिन्न बैंकों के 10,500 और न्यायालयों में लंबित 6,576 मामले शामिल है। सुचारू संचालन के लिए व्यवहार न्यायालय के विभिन्न भवनों में कुल 14 बेंचों का गठन किया गया है, जहां न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्ता सदस्य के रूप में तैनात होकर सुबह से ही मामलों की सुनवाई कर रहे हैं। इन सभी बेंच पर पारा विधिक स्वयंसेवकों और न्यायालय कर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि पक्षकारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। लोगों में उत्साह कार्यक्रम के दौरान मंच पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह मल्होत्रा और प्राधिकार के सचिव राजेश कुमार गौरव सहित कई वरिष्ठ न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे। उद्घाटन सत्र के बाद विभिन्न बेंचों पर समझौता प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें बिजली विभाग, बैंक ऋण, माप-तोल, वन विभाग, एक्ट और वैवाहिक विवादों जैसे सुलहनीय मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जा रहा है। लोक अदालत के प्रति लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
काशी के पंडित अब स्वीडन के मंदिर में राग-भोग पुजारी बन रहे हैं। काशी के अपने पैतृक देवालय में नियमित पूजा पाठ करने वाले पंडित आचार्य कृष्ण कांत तिवारी अब स्वीडन के हिंदू मंदिर में नियमित पुजारी बनाए गए हैं। बकायदा इंटरव्यू में कर्मकांड, राग-भोग, आरती आदि से पूछे गए सवालों का सही जवाब दिया। मगर योग और कराटे के ज्ञान ने बाकी प्रतिस्पर्धियों से इनको अलग किया। करीब डेढ़ लाख रुपये मासिक वेतन भी पा रहे हैं और वहां रहना और भोजन बिल्कुल फ्री, वहीं दक्षिणा अलग इसमें नहीं जुड़ा है। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में बने मंदिर में भगवान विष्णु-महेश सहित 13 देवताओं को पूजने की जिम्मेदारी इनके पास है। हालांकि धार्मिक वीजा कटेगरी के तहत साल के छह महीने ही कार्य कर सकते हैं। आचार्य कृष्ण कांत के पास 10 साल के वैदिक कर्मकांड और धार्मिक अनुष्ठान कराने का अनुभव था। इसके पहले उन्होंने काशी से ही संस्कृत विषय में शास्त्री और आचार्य की उपाधि ली है। बीएचयू के पूर्व छात्र ने दिया था सुझाव बीएचयू के पूर्व छात्र और स्वीडन में वैज्ञानिक डॉ. अंशुमान सिंह ने पंडित कृष्णशास्त्री को आवेदक बनने का सुझाव दिया था। डॉ. सिंह ने बताया कि इनकी योग्यता के बारे में सुनकर स्वीडन में पूजा कराने के लिए आवेदन करने की बात कही गई थी। हिंदू मंदिर स्टॉकहोम हिंदू सोसायटी की ओर स्थापित है। यहां रोज 200 और त्योहारों पर 2000 भक्त आते हैं। ये कर्मकांड, अनुष्ठान के साथ आरती आदि करा रहे हैं। अब यहां पर कई सहयोगी पंडित भी नियुक्त किए जाने हैं। स्वीडिश हिंदुओं का पूजा पाठ करा रहे स्वीडन में मंदिर की नियमित पूजा के साथ ही स्वीडन के हिंदुओं की पूजा-पाठ की जिम्मेदारी अब आचार्य ही संभाल रहे हैं। यहां के लोगों का कर्मकांड, राग भोग, यज्ञोपवीत आदि सब कुछ करते हैं जो हिंदू सोसायटी कराना चाहती है। 10 साल से वाराणसी में की पढाई आचार्य कृष्ण कांत तिवारी स्टॉकहोम स्थित हिंदू मंदिर में सेवारत पुजारी एवं वैदिक विद्वान हैं। उनका कार्य स्टॉकहोम की हिंदू मंदिर सोसायटी के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो स्वीडन तथा अन्य समाजों के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और धर्मशास्त्रीय आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है। आचार्य कृष्ण कांत तिवारी आध्यात्मिक संवाद को सुदृढ़ करने और विभिन्न मंदिरों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। वे हिंदू धर्म के सार्वभौमिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार करते हुए वैश्विक समझ, सद्भाव और शांति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने संस्कृत विषय में स्नातक एवं परास्नातक की उपाधि प्राप्त की है तथा पिछले 10 वर्षों से वाराणसी में वैदिक कर्मकांड एवं धार्मिक अनुष्ठानों का अभ्यास और संचालन कर रहे हैं।
बहादुरगढ़ शहर के लाइनपार थाना क्षेत्र में नाबालिग पर चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक अजय ने बताया कि 23 अप्रैल को पैसे मांगने को लेकर हुए विवाद में आरोपी ने नाबालिग पर चाकू से हमला कर दिया था। वारदात के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया। घायल नाबालिग को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पीड़ित की शिकायत पर थाना लाइनपार में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान एएसआई सुभाष के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी आनंद निवासी उत्तर प्रदेश, हाल निवासी छोटू राम नगर लाइनपार बहादुरगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयोग किया गया चाकू बरामद किया।
पंचकूला में नगर निगम चुनाव को लेकर सेक्टर-14 स्थित गर्ल्स कॉलेज में ईवीएम मशीन वितरण कार्य चल रहा है। जहां ड्यूटी देने के लिए तैनात पोलिंग पार्टियां पहुंची हुई हैं। कुछ पार्टियों को सामान मिल चुका है और वे बूथ के लिए रवाना भी हो चुके हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी सतपाल शर्मा ने कहा कि पंचकूला नगर निगम चुनाव-2026 की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेयर तथा सभी 20 वार्डों के पार्षद पदों के लिए मतदान 10 मई को निर्धारित मतदान केंद्रों पर सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। कॉलेज परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं और कर्मचारियों को चुनाव संबंधी जरूरी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। मतों की गिनती 13 मई 2026 को राजकीय कन्या महाविद्यालय, सेक्टर-14 में प्रातः 8 बजे से शुरू की जाएगी। मतगणना पूरी होते ही परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। 41 मशीनें रखी गई हैं रिजर्वमेयर पद के लिए 204 ईवीएम मशीनें तथा 41 रिजर्व मशीनों का चयन किया गया है। वहीं, पार्षद पदों के लिए 204 ईवीएम मशीनें तथा 58 रिजर्व मशीनें निर्धारित की गई हैं। उन्होंने बताया कि पोलिंग स्टाफ की अंतिम रेंडमाइजेशन प्रक्रिया आयोजित की गई, जिसके उपरांत कल मतदान केंद्रों के लिए ईवीएम का वितरण किया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, शांतिपूर्ण और समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने के लिए वार्ड-वार ड्यूटी मजिस्ट्रेट और सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। मोबाइल फोन और टेंट लगाने पर पाबंदी निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। मतदान के दौरान फोटो खींचने की भी अनुमति नहीं होगी। यदि कोई कर्मचारी या मतदाता नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को टेंट लगाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने इस पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात नगर निगम चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए पुलिस विभाग ने भी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पुलिस कमिश्नर खुद मैदान में उतरेंगे। चुनाव ड्यूटी में 2 डीसीपी, 8 एसीपी, 20 इंस्पेक्टर और करीब 100 पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा शहर और आसपास के क्षेत्रों में 27 पुलिस नाके लगाए गए हैं तथा एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। कांग्रेस-बीजेपी के बीच मुकाबला पंचकूला नगर निगम चुनाव में इस बार कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधा और दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। दोनों दलों के नेताओं और प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार के दौरान एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए और अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। खास बात यह है कि नगर निगम क्षेत्र में करीब 40 हजार वैश्य व 50 हजार से अधिक पंजाबी वोटर हैं, जिन्हें चुनाव में निर्णायक माना जा रहा है। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रशासन की अपील जिला प्रशासन लगातार लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए हर मतदाता का वोट बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव पूरी निष्पक्षता और शांति के साथ संपन्न करवाया जाएगा तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या गड़बड़ी फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
कार ने बाइक को टक्कर मारी 50 मीटर तक घिसटी:एक की मौत, दूसरे की हालत नाजुक, आरोपी कार चालक फरार
भोपाल के बैरसिया इलाके में बाइक से पूजन सामग्री लेकर घर लौट रहे पुजारी और उसके साथी को तेज रफ्तार कार ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई। घटना में घायल पुजारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि उसके साथी की हालत नाजुक बनी हुई है। आरोपी कार चालक फरार बताया जा रहा है। 28 वर्षीय संजू शर्मा पिता रामबाबू शर्मा बरेला खेड़ा बैरसिया का रहने वाला था और पूजा पाठ का काम करता था। शुक्रवार शाम को पूजन सामग्री लेना बैरसिया मार्केट आया था, खरीदारी करने के बाद साथी के साथ घर के लिए लौट रहा था। घर के करीब ही मुख्य मार्ग पर उनकी बाइक को रेनॉल्ट क्विड कार ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में संजू की इलाज के दौरान शनिवार तड़के अस्पताल में मौत हो गई। जबकि संजू का साथी बाइक चालक रणवीर की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद कार भी सड़क से उतरने के बाद एक खेत में जाकर पलट गई। बताया जा रहा है कि आरोपी चालक कार में अकेला था गाड़ी से निकलकर फरार हो गया। बैरसिया थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। 5 साल पहले हुई थी शादी संजू का विवाह 5 साल पहले परिजनों ने कराया था। 3 साल का उसका बेटा है। उसकी मौत की सूचना के बाद से ही पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में डिज्नीलैंड मेला में कर्मचारियों ने पति-पत्नी और उनके एक साथी के साथ जमकर मारपीट की है। एक कर्मचारी ने महिला को लात मारी, जिससे वो नीचे गिर गई। जिसका वीडियो भी सामने आया है। मामला मानिकपुर चौकी क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि, परिवार के लोग झूले में तेजी से एक और राउंड झुलाने के लिए बोल रहे थे। जिसे लेकर विवाद हुआ और नौबत मारपीट तक पहुंच गई। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मेला मैनेजर समेत 3 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया है। इससे दो साल पहले मेले में 3 व्यापारियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जिसकी जांच रिपोर्ट अभी तक लंबित है। वहीं, झूला गिरने से कई लोग घायल हो गए थे। इस तरह डिज्नीलैंड मेला में यह तीसरी घटना है। देखिए तस्वीरें… अब जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, बुधवारी में एक मई से डिज्नीलैंड मेले का आयोजन किया गया है। जहां 7 मई को पति-पत्नी अपने एक साथी के साथ मेले घूमने गए थे। इसी दौरान ऊंचे वाले झूले में भी झूलने गए। झूला रुकने के बाद वो एक बार तेजी से और झुलाने कह रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर कर्मचारियों के साथ विवाद हो गया। विवाद के बाद मेले के कर्मचारियों ने तीनों के साथ जमकर मारपीट कर दी। एक कर्मचारी ने महिला को भी लात मार दिया। इस घटना का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो अब वायरल हो रहा है। पुलिस ने खुद संज्ञान में लेकर 8 मई को कार्रवाई की है। वहीं, इस मामले में मेले के कर्मचारियों ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने की कार्रवाई इस मामले में मानिकपुर चौकी प्रभारी परमेश्वर राठौर ने बताया कि, वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है। डिज्नीलैंड के मैनेजर समसुद्दीन खान, आकाश झूला के मालिक राहुल कुमार पासवान और कर्मचारी आनंद कुमार पासवान के खिलाफ धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। 2 साल पहले 3 लोगों की हुई थी संदिग्ध मौत बता दें कि, डिज्नीलैंड मेले में 2 साल पहले यूपी के 3 लोगों की संदिग्ध मौत हो गई थी। तीनों व्यापारियों ने डिज्नीलैंड मेले में स्टॉल खोला था। रात में तीनों ने अंडा और चिकन बनाकर खाया था। खाने के बाद तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और उल्टी-दस्त होने लगी। उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। तीनों की फूड पॉइजनिंग की वजह से मौत की आशंका जताई गई थी। यूपी के सोहेल खान (12), अनिल कुमार पांडेय (28) और समीर खान (21) डिज्नीलैंड मेले में कारोबार करने आए थे। पढ़ें पूरी खबर… आकाश झूला का एक ट्राली ऊपर लटक गया था एक साल पहले बुधवारी के डिज्नीलैंड मेले में आकाश झूला का एक ट्राली ऊपर लटक गया था। जिसमें कई लोग सवार थे। चीख-पुकार मचाने पर काफी मशक्कत के बाद झूले को नीचे उतर गया था।बड़ा हादसा होने से टल गया था। फूड लाइसेंस नहीं, खतरनाक स्टंट भी इस मेले में मौत का कुआं खेल चल रहा है। यहां स्टंटबाजी किए जाते हैं। वहीं, मेले में खाद्य सामग्री भी बेची जा रही है, जिसके लिए लाइसेंस नहीं लिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि, किसी तरह का कोई लाइसेंस या फिर अनुमति नहीं ली गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ……………………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… देवी-देवताओं पर अभद्र कमेंट, निगम कमिश्नर के PA की पिटाई,VIDEO:वॉट्सएप चैट वायरल हुई, हिंदू संगठन ने निगम ऑफिस में घुसकर पीटा, कपड़े फाड़े छत्तीसगढ़ के दुर्ग नगर निगम कमिश्नर के निज सहायक की कपड़ा फटते तक पिटाई की गई है। कर्मचारी ने वॉट्सएप पर देवी देवताओं और धर्म गुरुओं पर गलत कमेंट किए थे। इसका स्क्रीनशॉट जब बजरंग दल, हिंदू संगठनों को मिला तो वे भड़क उठे। पढ़ें पूरी खबर…
नर्मदापुरम में धनबाद तिराहे पर औबेदुल्लागंज-बैतूल नेशनल हाईवे 46 पर एक आम से भरा ट्रक पलट गया। जो सड़क पर ही आड़ा गिर गया। जिससे हाईवे पर वाहनों के पहिए थम गए। देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही केसला थाना प्रभारी मदन लाल पवार स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। क्रेन मशीन बुलाकर करीब ढ़ाई घंटे की मशक्कत के बाद ट्रक को हटाया जा सका। जिसके बाद 9.30 बजे जाम खुलवाकर वाहनों को निकलना शुरू कराया। ढाई घंटे पूरी तरह जाम लगे रहने से दोनों तरफ तीन किमी तक वाहनों की लम्बी कतार लग गई। वाहनों की लम्बी कतार होने से दोपहर 1 बजे तक भी हाईवे पर यातायात सुचारू नहीं हो पाया। कुछ वाहन चालक जल्दबाजी कर बीच में गाड़ी फंसा रहे। जिससे यातायात बाधित हो रहा है। केसला थाना प्रभारी पवार ने बताया ट्रक में आम की पेटियां रखी थी। जिसे हैदराबाद से भोपाल ले जाया जा रहा था। रास्ते में अचानक से ट्रक पलट गया। जिससे आम की पेटियां सड़क पर बिखर गई। पुलिसकर्मी भीषण गर्मी में खड़े रहकर खुलवा रहे जाम हाईवे पर सुबह से जाम की स्थिति बनी है। इस जाम को खुलवाने और यातायात को सुचारू करने के लिए केसला थाना प्रभारी मदन लाल पवार खुद स्टाफ के साथ में खड़े रहकर वाहनों को निकलवा रहे है।
फिरोजाबाद के एडिशनल एसपी अनुज चौधरी के जीवन पर अब फिल्म या वेब सीरीज बनने की तैयारी है। अपनी दबंग कार्यशैली और अपराधियों के खिलाफ सख्त रवैये के कारण सुर्खियों में रहने वाले अनुज चौधरी को 'सुपरकॉप' के नाम से भी जाना जाता है। कई प्रोडक्शन हाउस उनकी कहानी को बड़े पर्दे पर उतारने में रुचि दिखा रहे हैं। मुजफ्फरनगर के बझेड़ी गांव से निकलकर अनुज चौधरी ने कुश्ती के अखाड़े में देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने 2004 के एथेंस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई प्रतियोगिताओं में कई पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। स्पोर्ट्स कोटे से उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए अनुज चौधरी ने अपनी मेहनत और बहादुरी से पुलिस सेवा में भी अलग पहचान बनाई। उन्हें अगस्त 2025 में एडिशनल एसपी पद पर पदोन्नति मिली है। संभल में तैनाती के दौरान उनके बेबाक अंदाज और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ने उन्हें विशेष पहचान दिलाई। अनुज चौधरी सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं। उनकी फिटनेस और पुलिसिंग शैली युवाओं को आकर्षित करती है। निर्माता उनके खिलाड़ी से पुलिस अधिकारी बनने तक के संघर्षपूर्ण सफर को पर्दे पर दिखाना चाहते हैं। इस संबंध में अनुज चौधरी ने कहा है कि यदि कोई प्रोडक्शन हाउस उनके देश के लिए खेलने और समाज की सुरक्षा के लिए पुलिस सेवा में आने के सफर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है, तो वह स्क्रिप्ट पर विचार करेंगे। यह भी उल्लेखनीय है कि अर्जुन पुरस्कार को लेकर एक समय अनुज चौधरी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया था। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सुनील दत्त ने पहुंचकर उनका अनशन खत्म कराया था, जिसके बाद अगले वर्ष उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अनुज चौधरी 84 किलोग्राम भार वर्ग में लंबे समय तक राष्ट्रीय चैंपियन रहे हैं और प्रो कुश्ती लीग के ब्रांड एंबेसेडर भी रह चुके हैं।
प्रतापगढ़ में सिलेंडर फटने से महिला की मौत:खाना बनाते समय हुआ हादसा, घर की दीवार भी गिरी
प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र में घरेलू एलपीजी सिलेंडर फटने से एक महिला की मौत हो गई। यह घटना पूरे गड़ेरियान गांव में हुई। जहां सिलेंडर में विस्फोट के बाद आग लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, पूरे गड़ेरियान गांव निवासी रेनू देवी (पत्नी राजू पाल) अपने घर में खाना बना रही थीं। इसी दौरान अचानक घरेलू गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर की एक दीवार और छत का कुछ हिस्सा भी ढह गया। इस हादसे में रेनू देवी गंभीर रूप से झुलस गईं और उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच घटना की सूचना मिलते ही हथिगवां थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। काफी प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह हादसा घरेलू एलपीजी सिलेंडर फटने के कारण होना बताया गया है। पुलिस ने मृतका के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
आजमगढ़ के निजामाबाद थाने पर तैनात रहे सिपाही से सब इंस्पेक्टर बने परमात्मा यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। सब इंस्पेक्टर परमात्मा यादव पर रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं। इस मामले की शिकायत पीड़ित शहजाद अहमद ने जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार से की थी। रिश्वत मांगने का ऑडियो भी सामने आया था जो कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने सब इंस्पेक्टर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था। जिसके क्रम में यह कार्रवाई की गई है। हालांकि इस दौरान सब इंस्पेक्टर मामले में सुलह समझौते का प्रयास करता रहा पर थाने की टीम भी आरोपी सब इंस्पेक्टर को बचाने में जुटी रही पर पूरी तरह से असफल रही इंस्पेक्टर के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत पुलिस को दिए शिकायती पत्र में पीड़ित शहजाद अहमद ने आरोप लगाया कि प्रार्थी ने थाना अध्यक्ष निजामाबाद के यहां प्रार्थना पत्र दिया तो विपक्षियों के प्रभाव में होकर थाना प्रभारी ने प्रार्थी के मकान के निर्माण को रोकवा दिया। प्रार्थी को पुलिस चौकी फरिहा से नायब दरोगा परमात्मा यादव और सिपाही प्रशांत फोन करके बुलाए। परमात्मा यादव ने प्रार्थी से कहां की मेरी बड़े साहब थाने के प्रभारी राकेश कुमार सिंह से बात हो गई है। 10000 लेकर आओ तुम्हारा काम शुरू करवा दिया जाएगा। इसके बाद पीड़ित से 2500 लिया गया और दूसरे दिन फोन करके कहा कि 10000 लेकर आओ तथा ₹5000 अलग से लेकर आना। प्रार्थी ने जब ₹5000 के बारे में पूछा तो सब इंस्पेक्टर ने बताया कि थाने पर आओगे तो सब बता दिया जाएगा। मामले का संज्ञान मिलने के बाद आरोपी सब इंस्पेक्टर के विरुद्ध निजामाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एक दिन पूर्व विवादित सब इंस्पेक्टर परमात्मा यादव को निजामाबाद से बिलरियागंज थाने के लिए ट्रांसफर किया गया था। आरोपी सब इंस्पेक्टर के विरुद्ध लंबे समय से कई शिकायतें मिल रही थी। हालांकि इस दौरान थाने पर तैनात प्रभारी आरोपी सब इंस्पेक्टर को बचाते रहे। यही कारण है कि लगातार शिकायत मिलने के बाद आरोपी लंबे समय तक बचता रहा। इस पूरे मामले में निजामाबाद थाने के इंस्पेक्टर की भी भूमिका सवालों के घेरे में है।
एटा में नगर पालिका और तहसील प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाया गया और 5000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। यह अभियान तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय और नगर पालिका एटा के ईओ निहाल सिंह के नेतृत्व में चलाया गया। प्रशासनिक अधिकारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचे, जिसके बाद अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई से अवैध अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। अभियान जिले के सीओ ऑफिस से लेकर जलकल ऑफिस तक चलाया गया। इस दौरान प्रशासन ने सड़क किनारे रखे खोखे और नर्सरी बोर्ड हटवाए। जुर्माने की रकम को राजकोष में जमा करवाया जाएगा। कार्रवाई से पूर्व नगर पालिका प्रशासन द्वारा लाउडस्पीकर से मुनादी करवाई गई थी। नगर पालिका ईओ निहाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एटा के जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देश पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि तहसीलदार एटा सदर नीरज वार्ष्णेय और पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर के माध्यम से अवैध अतिक्रमण हटवाया गया है। यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
धमतरी जिले में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। कानून व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 8 निरीक्षक, 3 उप निरीक्षक और 2 सहायक उप निरीक्षकों सहित कुल 13 अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस फेरबदल के तहत 10 थाना और 1 चौकी प्रभारियों के प्रभार में भी परिवर्तन किया गया है। पुलिस अधीक्षक धमतरी द्वारा जारी आदेश में निरीक्षक राजेश जगत को अर्जुनी थाना प्रभारी से धमतरी सिटी कोतवाली का नया प्रभारी बनाया गया है। देखिये पूरी लिस्ट खाली पदों की पूर्ति के लिए किया गया फेरबदल यह फेरबदल कई पदों के रिक्त होने और साइबर सेल के उन्नयन के कारण आवश्यक हो गया था। टीआई कोतवाली के रायपुर स्थानांतरण और एसपी रीडर के कवर्धा स्थानांतरण से महत्वपूर्ण पद खाली हो गए थे। इसके अतिरिक्त, साइबर सेल को साइबर थाना में अपग्रेड किए जाने के बाद निरीक्षक स्तर के अधिकारी की पदस्थापना अनिवार्य थी। इन सभी कारणों से व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जाने किसे मिली क्या ज़िम्मेदारी तबादला सूची के अनुसार, निरीक्षक अवधराम साहू को रक्षित केंद्र धमतरी से कुरूद थाना प्रभारी बनाया गया है। निरीक्षक शरद ताम्रकार सिहावा से भखारा, निरीक्षक चक्रधर बाघ नगरी से दुगली, और निरीक्षक अरुण साहू मेचका से नगरी थाना प्रभारी का पदभार संभालेंगे। निरीक्षक टुमनलाल डडसेना को रक्षित केंद्र धमतरी से खल्लारी थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। निरीक्षक चंद्रकांत साहू कुरूद से अर्जुनी थाना प्रभारी के साथ साइबर पुलिस थाना का अतिरिक्त प्रभार भी देखेंगे। निरीक्षक रामकिशन मरकाम दुगली से रक्षित केंद्र धमतरी स्थानांतरित किए गए हैं। उप निरीक्षकों में लक्ष्मीशंकर मंडलेश्वर को नगरी से केरेगाँव थाना प्रभारी, अजय सिंह को बिरेझर चौकी से सिहावा थाना प्रभारी, और बलवीर सिंह को केरेगाँव से मेचका थाना प्रभारी बनाया गया है। सहायक उप निरीक्षकों में प्रदीप सिंह को साइबर पुलिस थाना से बिरेझर चौकी प्रभारी और प्रकाश नाग को खल्लारी से दुगली थाना स्थानांतरित किया गया है।
मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस बार ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग मौके पर ही अपने लंबित ई-चालान का निष्पादन करा सकें। इसके लिए सिकंदरपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 23 काउंटर और 10 विशेष बेंच लगाए गए हैं। सुबह 8 बजे से ही लोग पहुंचने लगे। 12 बजते-बजते लोगों की लाइन करीब 150 मीटर लंबी हो गई। लोक अदालत में जनवरी 2023 से जनवरी 2026 तक के करीब 5 लाख लंबित ई-चालानों का निपटारा होगा। परिवहन विभाग की 'एकमुश्त चालान निपटान योजना' के तहत लोगों को चालान राशि में बड़ी राहत मिलेगी। महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था DTO कुमार सत्येंद्र ने बताया कि लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। कई मामलों में चालान राशि में करीब 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। जिससे वाहन मालिकों पर आर्थिक बोझ कम होगा। इसके कुल लिए 23 काउंटर बनाए गए हैं। 1 और 2 को हेल्प डेस्क सह टोकन काउंटर बनाया गया है, जहां लोगों को सहायता और टोकन उपलब्ध कराया जाएगा। काउंटर 3 से 12 तक ई-चालान का सत्यापन और राशि संशोधन का कार्य होगा। काउंटर 13 से 23 तक भुगतान काउंटर बनाए गए हैं, जहां नकद और यूपीआई दोनों माध्यमों से भुगतान किया जा सकेगा। विशेष रूप से काउंटर 13, 21, 22 और 23 पर डिजिटल भुगतान की व्यवस्था रहेगी। सुनवाई के बाद मौके पर ही अवार्ड लेटर यानी फैसले की प्रति भी दी जाएगी, जिससे मामला तुरंत समाप्त माना जाएगा। स्टेडियम में एक काउंटर एस्पेशली महिला दिव्यांग और बुजुर्ग के लिए लगाया गया है। लोगों को इंतजार करने के लिए कुर्सी की व्यवस्था की गई है, साथ ही नाश्ता-पानी के लिए जीविका दीदी का काउंटर लगाया गया है। अधिकारियों की तैनाती, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पूरे आयोजन के लिए जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की बड़ी टीम तैनात की गई है। विभिन्न काउंटरों पर परिवहन विभाग के अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और तकनीकी कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सॉफ्टवेयर या भुगतान संबंधी समस्या के त्वरित समाधान के लिए अलग से तकनीकी टीम भी मौजूद है।
पनियाला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोरी के एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 15 महीने बाद चोरी का माल भी बरामद कर लिया है, जिसमें बड़ी गाड़ियों के 10 टायर शामिल हैं। चोरी की घटना में प्रयुक्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी जब्त किया गया है। थानाधिकारी रणवीर सिंह ने बताया - 26 फरवरी को विवेक कुमार (40) पुत्र रमेश चंद सोनी निवासी तिरुपति लॉजिस्टिक्स, सांगटेड़ा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी नई गाड़ियों के लिए रिम सहित 10 टायर वर्कशॉप के बाहर रखे थे, जिन्हें 25 फरवरी की रात अज्ञात व्यक्तियों ने चुरा लिया था। मामले की जांच शुरू की गई और पहले पवन कुमार, इंद्रपाल, सुरेश उर्फ आडू और मंजीत उर्फ पटवारी को गिरफ्तार किया गया था। इस चोरी का मुख्य सरगना भजन उर्फ राजू बावरिया घटना के बाद से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। हरियाणा से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वांछित आरोपी भजन उर्फ राजू बावरिया (39) पुत्र हुकुम चंद बावरिया निवासी कलरभैणी, उकलाना, हिसार (हरियाणा) भौंडसी जेल, गुरुग्राम (हरियाणा) में बंद है। पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर उसे नियमानुसार गिरफ्तार किया और पूछताछ की। आरोपी भजन उर्फ राजू बावरिया से गहन पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर चोरी किए गए 10 टायर (8 रिम सहित और 2 बिना रिम के) हरियाणा के हिसार जिले से बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी भजन उर्फ राजू बावरिया के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कुल 45 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
बांदा पुलिस ने ऑपरेशन दहन अभियान के तहत 60.19 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए। इन मादक पदार्थों में सूखा गांजा, स्मैक, नशीला पाउडर और गोलियां शामिल थीं। इन्हें एक भस्मक भट्ठी में नियमानुसार जलाकर नष्ट किया गया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन दहन” का हिस्सा है। यह अभियान एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में जब्त मादक पदार्थों के विनष्टीकरण के लिए चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देश पर और क्षेत्राधिकारी राजवीर सिंह गौर की उपस्थिति में यह प्रक्रिया पूरी की गई। नष्ट किए गए मादक पदार्थ जनपद के विभिन्न थानों में पंजीकृत कुल 36 एनडीपीएस एक्ट के अभियोगों से संबंधित थे। इनमें 53.9 किलोग्राम सूखा गांजा, 40 ग्राम स्मैक और 6.25 किलोग्राम नशीला पाउडर/गोलियां शामिल थीं। जिन थानों के मामलों से संबंधित माल नष्ट किया गया, उनमें कोतवाली देहात के 10, तिन्दवारी के 4, चिल्ला का 1, बबेरू के 9, बिसण्डा के 5 और कमासिन के 7 एनडीपीएस एक्ट के अभियोग शामिल हैं।
डीग जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत डीग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 40 हजार रुपए के इनामी बदमाश डालचंद उर्फ डालू को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पर फायरिंग करने वाले इस बदमाश के पैर में जवाबी कार्रवाई के दौरान गोली लगी, लेकिन घायल होने के बावजूद उसने भागने की कोशिश की। आखिरकार पुलिस टीम ने जान जोखिम में डालकर उसे दबोच लिया। आरोपी पर चोरी समेत कई गंभीर मामलों के 15 मुकदमे दर्ज हैं और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। बड़ी वारदात की फिराक में घूम रहा था बदमाश पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. के निर्देश पर जिले में अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) और कामां थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। शुक्रवार रात डीएसटी प्रभारी उप निरीक्षक बीरेन्द्र सिंह को कामां थाने के कांस्टेबल बृजेश से पुख्ता सूचना मिली कि कामां थाने के मुकदमा नंबर 136/2026 में वांछित और भरतपुर रेंज के महानिरीक्षक द्वारा घोषित इनामी अपराधी डालचंद उर्फ डालू क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा है। पुलिस ने की घेराबंदी, भागते समय बाइक से गिरा आरोपी सूचना मिलते ही डीएसटी प्रभारी बीरेन्द्र सिंह अपनी टीम के साथ सक्रिय हो गए। पुलिस ने कलावटा के पहाड़ों के पास खूनी नहर की पुलिया के आसपास घेराबंदी कर दी। इसी दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपी भागने लगा। भागने की जल्दबाजी में आरोपी का संतुलन बिगड़ गया और वह बाइक सहित सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस पर तीन राउंड फायर, जवाबी कार्रवाई में लगी गोली गिरने के बाद बदमाश डालू ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने अपने पास मौजूद अवैध देशी कट्टे से पुलिस पर सीधे तीन राउंड फायर किए। अचानक हुई फायरिंग से मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई, लेकिन पुलिस टीम ने साहस और सतर्कता दिखाते हुए खुद को सुरक्षित रखा। आत्मरक्षा और पुलिस जाप्ते की सुरक्षा के लिए डीएसटी प्रभारी एसआई बीरेन्द्र सिंह ने अपनी सरकारी पिस्टल से जवाबी फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में चली गोली आरोपी के बाएं पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। घायल होने के बाद भी भागने लगा, कांस्टेबल बृजेश ने दबोचा गोली लगने के बावजूद बदमाश ने मौके से भागने की कोशिश की। इस दौरान कांस्टेबल बृजेश ने अपनी जान जोखिम में डालकर आरोपी का पीछा किया और उसे दबोच लिया। पुलिस की इस कार्रवाई की क्षेत्र में चर्चा हो रही है। मौके से हथियार और कारतूस बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा (315 बोर), चैंबर में फंसा एक खाली खोखा, मौके पर पड़े दो खाली खोखे, जेब से दो जिंदा कारतूस और एक बिना नंबर की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। ई-साक्ष्य ऐप से की गई वीडियोग्राफी घटनास्थल पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 105 के तहत ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से वीडियोग्राफी कर डिजिटल साक्ष्य भी सुरक्षित किए गए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 121(1), 109(1), 32 तथा आर्म्स एक्ट के तहत कामां थाने में मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी का इलाज राजकीय उप जिला अस्पताल, कामां में पुलिस निगरानी में चल रहा है। मामले की आगे की जांच उप निरीक्षक अन्तूलाल कर रहे हैं। ऑपरेशन में शामिल रही पुलिस टीम कार्रवाई में उप निरीक्षक बीरेन्द्र सिंह, डीएसटी प्रभारी, कांस्टेबल बृजेश, थाना कामां (विशेष भूमिका), कांस्टेबल रामबीर, कांस्टेबल परशराम शामिल रहे।
मानवाधिकार, सामाजिक न्याय एवं VR स्टूडियो की ओर से बनाया गया शॉर्ट फिल्म रक्तबीज को फिल्मी जगत का सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के फिल्म पुरस्कार मिला है। यह फिल्म बहुत ही गंभीर और सेंसिटिव मुद्दे ब्लड डोनेशन ,ब्लड ब्लैक मार्केटिंग की थीम पर बनी है। इसे दादा साहब फाल्के फिल्म पुरस्कार 2025- 26 से नवाजा गया है। दादा साहब फिल्म पुरस्कार पाने वाले देश के 12 बेहतरीन फिल्म मेकर में रक्तबीज के लेखक, निर्देशक एवं मुख्य अभिनेता रोहित कुमार सिंह एवं फिल्म के प्रोड्यूसर विजय कुमार जुमनानी भी शामिल रहे। सामाजिक सेवा की मुहिम का बड़ा पड़ाव: 'रक्तबीज' रक्तबीज भारत की पहली ऐसी फिल्में है जो ब्लड डोनेशन और ब्लड ब्लैक मार्केटिंग के विषय पर बनी है। भारत में प्रत्येक दिन 12000 लोग खून के कमी के कारण मर जाते हैं , प्रत्येक साल का यह आंकड़ा 15 लाख से अधिक है, उसके अलावा महिलाएं गंभीर प्रसव के दौरान , थैलेसीमिया के कारण ,सर्जरी में अत्यधिक खून बहने के कारण भी लोगों की मौत हो जाती होती है। आज भी भारत में प्रत्येक साल 15 लाख यूनिट खून की कमी होती है। इसका सबसे बड़ा कारण लोगों में जागरूकता नहीं होना है। रक्तबीज के लेखक ,निर्देशक रोहित कुमार सिंह मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। पिछले 14 साल से लगातार समाज सेवा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं साथ ही विजय कुमार जुमनानी जो इस फिल्म के प्रोड्यूसर है वह भी मानवाधिकार में सामाजिक न्याय के व्यापार प्रकोष्ठ दरभंगा के जिला अध्यक्ष है सामाजिक सेवा के मुहिम का ही एक बड़ा पड़ाव है रक्तबीज फिल्म का निर्माण। रक्तबीज फिल्म में ब्लड से जुड़े ब्लैक मार्केटिंग, ब्लड डोनेशन को लेकर के लोगों के बीच फैले हुए भ्रम पर जोरदार प्रहार किया गया है। ब्लड डोनेशन जैसे गंभीर विषय को देश भर में मजबूती के साथ उठाने के लिए इस विषय में बेहतरीन कहानी लिखने और फिल्म फिल्मांकन करने के लिए रक्तबीज के टीम को भारत फिल्म जगत का सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के फिल्म पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया । फिल्म एक सशक्त माध्यम: रोहित कुमार सिंह फिल्म के लेखक ,निर्देशक,मुख्य अभिनेता रोहित कुमार सिंह ने कहा कि फिल्म एक ऐसा माध्यम है जिस माध्यम से हम एक बार में देश के हर एक नागरिक से जुड़ सकते हैं और अपनी कहानी कह सकते हैं। समाज के प्रति हम सभी उत्तरदाई हैं। मैंने पिछले 14 ,15 सालों में यह महसूस किया है कि हर सप्ताह ब्लड की जरूरतमंद लोगों का कॉल आता रहता है, कभी-कभी रेयर ब्लड ग्रुप के अगर ब्लड की जरूरत पड़ जाए तो संघर्ष काफि बड़ा हो जाता है। इसीलिए मैंने यह तय किया कि इस विषय पर एक फिल्म बनाऊंगा और आज टोटल 17 फिल्म फेस्टिवल में हमारी फिल्म को बेस्ट फिल्म, बेस्ट स्टोरी, बेस्ट स्क्रीनप्ले का अवॉर्ड मिल चुका है । 17 अवॉर्ड पाने के बाद दादा साहब फिल्म पुरस्कार मिलना हमारी पूरी टीम के लिए अद्भुत क्षण है। आने वाले समय में हम और भी समाज के गंभीर मुद्दों पर फिल्म बनाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके।फिल्म के प्रोड्यूसर विजय कुमार जुमनानी ने कहा कि समाज को जागरूक को बनाने के लिए कई सारे माध्यम है फिल्म भी उसी में से एक माध्यम है और हमारे संगठन देशभर में सामाजिक क्रांति के लिए जानी जाती है और रक्तबीज भी उनमें से एक है । कई शहरों में हुई स्क्रीनिंग मुंबई ,लखनऊ ,कोच्चि ,नागपुर, कोलकाता इत्यादि शहरों में फिल्म का फिल्म फेस्टिवल के माध्यम से स्क्रीनिंग किया जा चुका है ।जिन्होंने इस फिल्म को देखा है सब ने खूब तारीफ की है। फिल्म के निर्देशक ने कहा कि विशेष रूप से दरभंगा के जाने-माने चिकित्सक,प्रख्यात समाजसेवी डॉ मृदुल कुमार शुक्ला जी का विशेष धन्यवाद क्योंकि उनके बिना यह फिल्म बना पाना संभव नहीं था। उन्होंने अपना हॉस्पिटल, अपना ब्लड बैंक, जब तक फिल्म शूट हुई तब तक पूरी तरह से सौंप दिया। पूरी टीम ने की मेहनत इस फिल्म की विशेष बात यह भी रहेगी इस फिल्म के निर्देशक और प्रोड्यूसर के अलावा टेक्नीशियन, क्रू एवं अभिनेता अभिनेत्री सभी बिहार से ही है। फिल्म के असिस्टेंट डायरेक्टर विवेक कुमार चौधरी हैं। नवीन कुमार अमूल,जया अग्रवाल,भारती नारायण, विवेक कुमार चौधरी, ईरा बिंदवार ने अपने अभिनय से हर फिल्म फेस्टिवल में देश के बड़े बड़े फिल्म मेकर का दिल जीता है। इस फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर रिया जुमननी और शिल्पी सिंह हैं। प्रोडक्शन मैनेजर दिनेश कुमार गुलयानी काकाहै, कास्टिंग डायरेक्टर जया अग्रवाल,डायरेक्टर ऑफ़ फोटोग्राफी श्रवण कुमार एवम राहुल हैं। फिल्म में अंकित कश्यप और अजय कुमार अन्नपूर्णा का भी योगदान रहा।
पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार बनने और नए मुख्यमंत्री सुवेंदू अधिकारी के शपथ ग्रहण की खुशी कानपुर में भी देखने को मिली। बीजेपी कानपुर-बुंदेलखंड इकाई की ओर से घंटाघर स्थित भारत माता प्रतिमा के पास एलईडी स्क्रीन लगाकर शपथ ग्रहण समारोह का लाइव प्रसारण दिखाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। बाद में लोगों के बीच झालमुड़ी भी बांटी गई। कार्यक्रम में क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, जिला उत्तर अध्यक्ष अनिल दीक्षित और जिला दक्षिण अध्यक्ष शिवराम सिंह मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए बंगाल में बीजेपी की जीत का जश्न मनाया। “झालमुड़ी भई झालमुड़ी, ममता की सरकार उड़ी”क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने नया नारा दिया “झालमुड़ी भई झालमुड़ी, ममता की सरकार उड़ी।” उन्होंने कहा कि बंगाल में अब राष्ट्रवादी सरकार ने शपथ ली है। इससे पहले वहां ऐसी सरकारें थीं, जिन्होंने बंगाल को बांग्लादेश बनाने की कोशिश की और घुसपैठियों को संरक्षण दिया।उन्होंने कहा कि जनता के वोट ने घुसपैठियों की राजनीति को जवाब दिया है और अब बंगाल में सुशासन का कमल खिला है। गंगोत्री से गंगासागर तक सुशासन की धारा बह रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा को भी शांति मिली होगी।महिला आरक्षण बिल के विरोधियों का यही हस्र होगाप्रकाश पाल ने महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले नेताओं पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिन्होंने “नारी शक्ति वंदन” का विरोध किया, जनता ने उन्हें चुनाव में जवाब दिया। उन्होंने ममता बनर्जी, गौरव गोगोई और स्टालिन का नाम लेते हुए कहा कि विरोध करने वालों का हश्र सबके सामने है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव का भी यही हाल होगा।
गिरिडीह जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र स्थित करेंदो नदी में अवैध बालू उठाव के दौरान हुए एक हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। मृतक की पहचान चतरुडीह थाना खुखरा निवासी 30 वर्षीय जीतन कोल के रूप में हुई है। यह घटना शुक्रवार देर रात की है। जानकारी के अनुसार, जीतन कोल शुक्रवार देर रात करेंदो नदी से बालू लादकर ट्रैक्टर से बाहर निकल रहे थे। नदी घाट से ऊपर चढ़ने के दौरान ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया। बताया जाता है कि ट्रैक्टर का अगला हिस्सा अचानक ऊपर उठ गया, जिससे चालक जीतन कोल नीचे गिर पड़े। उन्हें गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। देर रात तक जीतन के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनके मोबाइल पर लगातार फोन किया। कुछ देर बाद एक राहगीर ने फोन उठाया और दुर्घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पहुंचे। पीरटांड़ थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गिरिडीह सदर अस्पताल भेज दिया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि करेंदो नदी से लंबे समय से अवैध बालू का उठाव जारी है। बालू लदे ट्रैक्टरों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि कई बार नाबालिग और शराब के नशे में धुत चालक भी ट्रैक्टर चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। बताया गया है कि प्रशासन द्वारा समय-समय पर अवैध बालू ढुलाई के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया जाता है और कई ट्रैक्टर जब्त भी किए जाते हैं। इसके बावजूद, बालू का अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अवैध बालू उठाव पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सिरसा जिले में रानियां विधानसभा क्षेत्र के अबोली गांव के पास शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे एक सड़क हादसा हो गया। चलती बाइक पर सड़क किनारे खड़ा एक पेड़ गिर जाने से बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, बाइक सवार रानियां से सिरसा की ओर जा रहा था। अबोली गांव के पास पहुंचने पर अचानक पेड़ उस पर गिर गया। बताया जा रहा है कि बीती रात सड़क किनारे लगते खेतों में किसी किसान द्वारा लगाई गई आग के कारण यह पेड़ जल रहा था। घायल की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती पेड़ गिरने से बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर जाम की स्थिति बन गई। राहगीरों ने तुरंत डायल 112 को सूचना दी और घायल व्यक्ति को सिरसा के सिविल अस्पताल पहुंचाया। घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। घायल व्यक्ति ऐलनाबाद के अमृतसर कलां का निवासी बताया जा रहा है। उसकी बाइक का नंबर HR 51 AA 5068 है। हादसे की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और गिरे हुए पेड़ को हटाने और घायल की पहचान कराने की कोशिश कर रही है।
कौशांबी में कार्यालय जिला कमांडेंट होमगार्ड्स भवन का शिलान्यास किया गया। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा धर्मवीर प्रजापति ने शनिवार को मंझनपुर मुख्यालय स्थित महिला थाना के पास वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन किया। राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि नए भवन के निर्माण से विभागीय कार्यों में आसानी होगी और आम जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। कार्यालय जिला कमांडेंट होमगार्ड्स भवन का निर्माण कार्य लगभग ₹284.46 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। यह भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा, जिससे विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण प्राप्त होगा। शिलान्यास कार्यक्रम में जिला कमांडेंट होमगार्ड्स विनोद कुमार द्विवेदी, उप जिलाधिकारी आकाश सिंह और क्षेत्राधिकारी यातायात भैय्या संतोष कुमार सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। तस्वीरें देखिए…
बठिंडा के तलवंडी साबो उपमंडल के गांव चठ्ठेवाला में एक कथित नशा तस्कर के घर छापेमारी करने गई पुलिस टीम पर हमला हुआ है। इस हमले में एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) और एक सिपाही घायल हो गए। घटना आज सुबह करीब 7:30 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, एएसआई जगसीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम कथित नशा तस्कर जीतू के घर पर रेड करने पहुंची थी। इसी दौरान घर में मौजूद लोगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। हमले में एएसआई जगसीर सिंह और सिपाही नीरज कुमार घायल हो गए। सिर में गंभीर चोट आने के कारण रेफर दोनों को तुरंत तलवंडी साबो के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। एएसआई जगसीर सिंह के सिर में गंभीर चोटें आने के कारण उन्हें आगे के इलाज के लिए बठिंडा रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद पुलिस ने कथित हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी भदोही शाखा ने महाराजा चेत सिंह चिकित्सालय, ज्ञानपुर में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में कुल 12 यूनिट रक्त एकत्र किया गया। रेड क्रॉस सोसायटी कार्यालय पर आयोजित विश्व रेड क्रॉस दिवस समारोह में जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युद्ध और आपदा के समय रेड क्रॉस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। रेड क्रॉस को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े समाज के हर वर्ग तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य करना चाहिए। इसी अवसर पर जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने 100 क्षय रोग (टीबी) पीड़ितों को रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से पोषण आहार (पोषण पोटली) वितरित किया। उन्होंने क्षय रोग पीड़ितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि दवा और नियमित पोषण आहार से जल्द लाभ मिलेगा। जनपद में रेड क्रॉस सोसाइटी और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से अब तक 2000 से अधिक पोषण पोटली का वितरण किया जा चुका है। पोषण पोटली वितरण में आर्थिक सहयोग प्रदान करने वाले आर डी डायग्नोस्टिक, सौरभ डायग्नोस्टिक, कान्हा अल्ट्रासाउंड और सुभद्रा डायग्नोस्टिक के सदस्यों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार चक ने रेड क्रॉस के कार्यों में चिकित्सा विभाग की ओर से हर तरह के सहयोग का आश्वासन दिया। हरेन्द्र प्रताप सिंह ने रेड क्रॉस भदोही की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जबकि मोहम्मद इरशाद खान ने रेड क्रॉस की स्थापना और उद्देश्यों पर जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, डॉ. ओ पी शुक्ला, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, अभय श्रीवास्तव, एम आई खान, सौरभ जायसवाल, डॉ. आर एन सिंह, डॉ. राजेश कुमार और श्वेता सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित थे।
बहराइच के जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने उर्वरक निगरानी समिति की बैठक की। इस दौरान उन्होंने उर्वरक वितरण और बिक्री में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देश दिया कि किसानों को खतौनी की कॉपी देखकर ही उनके खेत के क्षेत्रफल और बोई गई फसल के अनुसार उर्वरक वितरित किया जाए। साथ ही, किसानों से घोषणा पत्र भी भरवाया जाए कि वे प्राप्त उर्वरक का उपयोग केवल अपने खेत में संतुलित मात्रा में करेंगे और कहीं और नहीं बेचेंगे। डीएम ने न्याय पंचायत, ब्लॉक और तहसील स्तर पर नोडल अधिकारियों से सभी उर्वरक बिक्री केंद्रों की जांच कराने को कहा। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उप कृषि निदेशक और कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी को न्याय पंचायत स्तर पर उर्वरक निगरानी समितियों की बैठकें आयोजित कर किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरक के उपयोग के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने एसएसबी की 42वीं और 59वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और कस्टम अधीक्षक रुपईडीहा, नानपारा एवं मिहींपुरवा को भी निर्देश दिए। उन्होंने मिहींपुरवा और नवाबगंज के सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन निगरानी रखने और अवांछित गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। बैठक में संबंधित अधिकारी, पीसीएफ प्रबंधक, इफको क्षेत्रीय अधिकारी और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक उपस्थित रहे।
समस्तीपुर में ठनका की चपेट में आने से एक पशुपालक की मौत हो गई। शुक्रवार को भैंस चराने के लिए बनबीरा चौर गए हुए थे। इस दौरान तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। मृतक की पहचान लखन देव राय(60) के तौर पर हुई है। घटना जिले के हलई थाना क्षेत्र की है। भतीजा पंकज कुमार राय ने बताया कि चाचा देर रात तक घर नहीं लौट, जबकि भैंस शाम में ही वापल आ गई थी। खोजबीन के दौरान चौर में अचेत अवस्था में मिले। आनन-फानन में उठाकर अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया। घर पर गिरा पेड़, पति की मौत, पत्नी घायल मुफस्सिल थाना क्षेत्र के छतौना वार्ड 7 मोहल्ला में शुक्रवार देर रात ब्रह्मस्थान के पास बरगद का विशाल पेड़ राम महतो के घर पर गिर पड़ा जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी आरती देवी और पड़ोसी सविता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों के सहयोग से पेड़ काटकर हटाया गया। जिसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। पेड़ से नीचे दबने से गई जान मृतक के पुत्र दीपक कुमार ने बतलाया कि तेज आंधी-बारिश के दौरान पेड़ नहीं गिरा था। रात करीब 11:30 और 12:00 के बीच अचानक ही तेज आवाज सुनाई पड़ी। जब घर से बाहर निकले तो देखा कि उनके दलान पर पेड़ गिरा हुआ है। मां और पिताजी पेड़ के नीचे दबे थे। शोर मचाने पर ग्रामीण पहुंचे। पेड़ काटकर बाहर निकाला, तब तक पिताजी की मौत हो गई थी। चाची भी घायल हुईं हैं। मदद का दिया आश्वासन मामले की सूचवा पर जिला परिषद सदस्य मजहर आलम, उपप्रमुख संजय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। परिवार को भरोसा दिलाया है कि आपदा के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
बाराबंकी में एक बुजुर्ग दंपति अपने 22 वर्षीय बेटे सचिन सैनी की तलाश में पिछले दो महीनों से दर-दर भटक रहे हैं। बेटे का कोई सुराग न मिलने पर पीड़ित मां उर्मिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मदद की गुहार लगाई। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बेटे को तलाशने की अपील की है। मामला नगर कोतवाली क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-4 का है। यहां रहने वाले गंगाराम सैनी का बेटा सचिन सैनी 10 मार्च 2026 से लापता है। परिवार के मुताबिक, सचिन चार भाइयों में सबसे छोटा है। पीड़ित मां उर्मिला ने बताया कि पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर सचिन के दोस्त सुंदरम यादव, अभिनव सिंह और रोहित कन्नौजिया से पूछताछ की थी। “चाहे जिस हालत में हो, बेटा मिल जाए” सचिन की आखिरी मोबाइल लोकेशन लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र में मिली थी। इसके बावजूद अब तक उसका कोई पता नहीं चल सका है। मां उर्मिला ने भावुक होकर कहा कि उनका बेटा चाहे जिस भी स्थिति में हो, बस उसे उनके सामने लाया जाए। बेटे की चिंता में पूरा परिवार परेशान है और पिछले दो महीनों से लगातार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रहा है। पुलिस पर लापरवाही के आरोप परिवार का आरोप है कि पुलिस को कई अहम जानकारियां देने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि अगर समय रहते सक्रियता दिखाई जाती तो युवक का सुराग लगाया जा सकता था। मामले में पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने परिवार को आश्वासन दिया है कि युवक की तलाश के लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम लगातार युवक का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
देवघर में प्राचीन धरोहरों का संरक्षण शुरू:बाबा मंदिर के साथ ऐतिहासिक स्थल भी बनेंगे आकर्षण का केंद्र
देवघर अब केवल धार्मिक पर्यटन का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि यहां की प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरें भी पर्यटकों को आकर्षित करेंगी। जिला प्रशासन ने इन पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण की पहल तेज कर दी है। इस पहल के तहत देवघर के जलसार पार्क के पास 17वीं शताब्दी की मलूटी परंपरा से मिलती-जुलती प्राचीन इमारतें चिन्हित की गई हैं। इसके अतिरिक्त, डीसी आवास के पीछे भी 17वीं शताब्दी का एक पुराना मकबरा मौजूद है, जिसके संरक्षण की योजना बनाई जा रही है। जिले के खेल एवं सांस्कृतिक पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि राज्य के कला, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग से प्राचीन धरोहरों की पहचान और संरक्षण के लिए निर्देश प्राप्त हुए हैं। इन निर्देशों के बाद विभागीय स्तर पर सर्वेक्षण और निरीक्षण का कार्य शुरू कर दिया गया है। संतोष कुमार के अनुसार, इन प्राचीन धरोहरों के व्यवस्थित संरक्षण और विकास से देवघर धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ऐतिहासिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन सकता है। उनका मानना है कि बाबा मंदिर आने वाले श्रद्धालु इन ऐतिहासिक स्थलों का भी दौरा करेंगे, जिससे जिले के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में इन स्थलों के विकास और संरक्षण कार्य में तेजी लाई जाएगी। इसका उद्देश्य झारखंड की समृद्ध संस्कृति, कला और परंपरा को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
मुरादाबाद में मदरसे पर चला बुलडोजर:1980 से चला आ रहा विवाद; MDA की जमीन पर कर रखा था अवैध कब्जा
मुरादाबाद में नेशनल हाईवे किनारे करीब 10 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा करके बनाए गए मदरसे को शनिवार को जिला प्रशासन और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन में बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। मदरसे की जमीन पर पिछले करीब 5 दशक से विवाद था। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण इसका केस डेढ़ दशक पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जीत चुका था। इसके बाद भी बार-बार तमाम तकनीकि और कानूनी पेंचों के चलते एमडीए इस पर कब्जा नहीं ले पा रहा था। शनिवार को यहां बुलडोजर से मदरसे को ध्वस्त कर दिया गया। जिलाधिकारी डॉ.राजेंद्र पैंसिया, एसएसपी सतपाल अंतिल और वीसी अनुभव सिंह ने एक ज्वाइंट टीम गठित करके मदरसे के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कराई। भारी फोर्स की मौजूदगी में मदरसे को ध्वस्त करने का ऑपरेशन शुरू हुआ। मझोला थाने से कुछ ही दूरी पर हाईवे किनारे मंगूपरा में बने इस मदरसे की जमीन पर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण का मालिकाना हक है। लेकिन इस जमीन पर मदरसा कमेटी ने अपना कब्जा जमा रखा है। जामिया अरबिया हयातुल उलूम मदरसा जिस जमीन पर बनाया गया था वह मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की जमीन थी। स्थानीय कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा जीतने के बाद भी मदरसा कमेटी एमडीए को जमीन पर कब्जा नहीं दे रही थी। जब भी यहां एमडीए ने कब्जा लेने की काेशिश की तो कोई न कोई विवाद खड़ा करके इसे रोक दिया गया। खबर अपडेट की जा रही है…….
हाथरस में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन:जिला न्यायाधीश ने किया उद्घाटन, समझौते से मामलों का निस्तारण
हाथरस में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय कुमार ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर अन्य न्यायिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। लोक अदालत में सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, स्थायी लोक अदालत, उपभोक्ता फोरम, कलेक्ट्रेट और सभी तहसील मुख्यालयों सहित विभिन्न स्थानों पर किया गया। जनपद न्यायालय परिसर में विभिन्न बैंकों और विभागों ने अपने शिविर लगाए। इस दौरान कई प्रकार के मामलों का निपटारा किया गया। इनमें आपराधिक शमनीय वाद, चेक बाउंस के मामले, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले शामिल थे। लघु आपराधिक वादों का निस्तारण.... इसके अतिरिक्त, विद्युत और जल बिल विवाद, वैवाहिक मामले, राजस्व वाद, आरबिट्रेशन के मामले, किराया, सुखाधिकार और विशिष्ट अनुतोष वाद जैसे सिविल मामलों का भी समाधान हुआ। लघु आपराधिक मामलों का निस्तारण अर्थदंड लगाकर किया गया। सभी मामलों का निपटारा आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर हुआ।
गुरुग्राम के सेक्टर-9 थाना क्षेत्र में बसई के जंगल में एक 55 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति का लहूलुहान शव बरामद हुआ है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना शुक्रवार रात करीब 9 बजे मिली, जब जंगल के रास्ते से गुजर रहे कुछ राहगीरों को तेज बदबू महसूस हुई। शक होने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही सेक्टर-9 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जिसके बाद फोरेंसिक और सीन-ऑफ-क्राइम की टीमों को भी जांच के लिए बुलाया गया। पुलिस ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पहचान छुपाने के लिए शव को जंगल में फेंका प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अज्ञात हमलावरों ने व्यक्ति की हत्या उसके सिर पर भारी पत्थर से वार कर की। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने और पहचान छुपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में फेंक दिया गया था। शव की हालत काफी खराब बताई जा रही है। मृतक के पास से कोई पहचान पत्र या मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ है, जिसके चलते उसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और लापता लोगों के रिकॉर्ड भी जांचे जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मृतक की पहचान कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और मामले का खुलासा किया जाएगा।
उन्नाव में आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। थाना कोतवाली परिसर में राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने बताया कि समाधान दिवस में उनके साथ पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी सहित राजस्व एवं पुलिस विभाग के कर्मचारी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि तत्काल निस्तारित की जा सकने वाली शिकायतों में दोनों पक्षों को बुलाकर मौके पर समाधान कराने के लिए थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए। जिन मामलों में विस्तृत जांच की आवश्यकता है, उनमें गहन छानबीन कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने जोर दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता में सुरक्षा का वातावरण मजबूत करना और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है। समाधान दिवस का उद्देश्य समस्याओं का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करना है। इस समाधान दिवस में लगभग 10 मामले सामने आए। इनमें से दो मामले राजस्व विभाग से संबंधित थे, जबकि अन्य शिकायतें चोरी और विभिन्न घटनाओं से जुड़ी थीं। अधिकारियों ने सभी शिकायतों को दर्ज कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस की त्वरित कार्रवाई का एक उदाहरण भी सामने आया। जिलाधिकारी ने बताया कि टेनरी में काम करने वाले मजदूर उमेश प्रताप का लगभग 11 हजार रुपये की नकदी वाला पर्स कहीं गिर गया था। मजदूर द्वारा सूचना दिए जाने पर सदर थाना पुलिस ने तत्काल छानबीन शुरू की और पर्स बरामद कर लिया। शनिवार को थाना समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में मजदूर उमेश प्रताप को उनका खोया हुआ पर्स वापस सौंपा गया। अपना पर्स वापस मिलने पर मजदूर ने खुशी व्यक्त की और पुलिस प्रशासन का आभार जताया।
कोरबा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां ड्रेसिंग रूम में स्टाफ के मौजूद न होने का आरोप लगाते हुए एक मरीज के दोस्त द्वारा खुद ड्रेसिंग करने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के रामपुर निवासी हुकुम कुमार का कुछ दिन पहले जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के टांके खुलने के बाद दर्द बढ़ने पर वह अपने दोस्त चंदन कुमार के साथ अस्पताल पहुंचे। ‘काफी देर इंतजार किया, कोई कर्मचारी नहीं मिला’ दोनों ने पहले पर्ची कटवाई और डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने ड्रेसिंग कराने की सलाह दी, जिसके बाद वे ड्रेसिंग रूम पहुंचे। हुकुम कुमार का आरोप है कि ड्रेसिंग रूम में काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। दर्द अधिक होने के कारण उनके दोस्त चंदन कुमार ने ड्रेसिंग कक्ष में रखी दवाइयों से ऑपरेशन वाली जगह पर खुद ड्रेसिंग कर दी। चंदन का कहना है कि वह स्टाफ को खोजने के लिए पर्ची लेकर इधर-उधर घूमते रहे, लेकिन कोई नहीं मिला। मजबूरी में उन्होंने खुद ही ड्रेसिंग की। VIDEO वायरल होने के बाद हरकत में आया प्रबंधन घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सह अधीक्षक रविकांत जाटवर ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी। अस्पताल प्रबंधन का दावा-स्टाफ मौजूद था रविकांत जाटवर ने बताया कि वीडियो के आधार पर जांच की गई है। उनके मुताबिक, वीडियो में मरीज का भाई/दोस्त खुद ड्रेसिंग करते दिखाई दे रहा है। उन्होंने दावा किया कि उस समय ड्रेसिंग रूम में कर्मचारी मौजूद था और उसने मरीज के दोस्त को ऐसा करने से मना भी किया था, लेकिन इसके बावजूद उसने खुद ड्रेसिंग कर दी। बयान अलग-अलग, सवालों में अस्पताल व्यवस्था इस मामले में मरीज और अस्पताल प्रबंधन के बयान अलग-अलग हैं। मरीज का कहना है कि ड्रेसिंग रूम में कोई स्टाफ मौजूद नहीं था, जबकि प्रबंधन कर्मचारी की मौजूदगी का दावा कर रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। जांच और कार्रवाई का आश्वासन अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि भविष्य में मरीजों को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।
कटनी जिले से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक अधिवक्ता तत्कालीन एसडीएम विनकी उइके को कथित तौर पर जातिगत टिप्पणी करते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में अधिवक्ता एसडीएम से कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, आदिवासी महिला हो, कायदे में रहना होगा। यह वीडियो आज शनिवार को सामने आया है। हालांकि घटना साल पुरानी बताई जा रही है। दरअसल, घटना के समय विनकी उइके ढीमरखेड़ा की एसडीएम के पद पर कार्यरत थीं। जानकारी के अनुसार, एक मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता जयप्रकाश शुक्ला और एसडीएम के बीच विवाद हुआ था। महिला एसडीएम को दी थी मारने की धमकी विवाद के बाद अधिवक्ता ने कोर्ट परिसर के बाहर एसडीएम का नाम लेकर उन्हें कथित तौर पर मारने की धमकी दी और जातिगत अपमानजनक टिप्पणी की। इस पूरी घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर एसडीएम को सौंप दिया था। वीडियो सामने आने के बाद, तत्कालीन एसडीएम विनकी उइके ने अधिवक्ता को अपने चैंबर में बुलाकर फटकार लगाई थी। उन्होंने अधिवक्ता से इस टिप्पणी का कारण पूछा था, जिसके बाद अधिवक्ता ने सामूहिक रूप से क्षमा याचना की थी। महिला अधिकारी बोलीं-ये वीडियो एक साल पुराना वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत विनकी उइके ने पुष्टि की है कि यह वीडियो पुराना है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि इसे किसने रिकॉर्ड किया या अब कौन इसे वायरल कर रहा है। अगर मुझे आवश्यकता महसूस हुई तो मैं खुद एफआईआर दर्ज कराऊंगी। फिलहाल मुझे इस विषय पर अधिक कुछ नहीं कहना है। वकील बोले-हमारे बीच समझौता हो गया था दूसरी ओर, अधिवक्ता जयप्रकाश शुक्ला ने इस मामले पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने संक्षिप्त में बताया कि यह मामला अब पुराना हो चुका है और उनके बीच आपसी समझौता हो गया है। इसलिए अब इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है। भले ही दोनों पक्ष इसे पुराना मामला' बताकर शांत रहने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद लोग महिला अधिकारी के प्रति की गई टिप्पणी को लेकर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। एक संवैधानिक पद पर बैठी महिला अधिकारी के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान के दावों पर सवाल खड़े करता है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बैंक खातों को फ्रीज करने के मामलों में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि मामूली संदिग्ध लेनदेन के आधार पर किसी व्यक्ति का पूरा बैंक खाता बंद करना गैरकानूनी है। अदालत ने एचडीएफसी बैंक को खाताधारक का खाता दोबारा चालू करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस जगमोहन बंसल की बेंच ने त्रिपत जीत सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि केवल 5 हजार रुपए के संदिग्ध लेनदेन के कारण पूरा खाता फ्रीज करना सही नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं है और मजिस्ट्रेट का आदेश भी नहीं है, तो इस तरह की कार्रवाई कानून के खिलाफ मानी जाएगी। खाता बिना किसी सूचना के फ्रीज किया याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि उनका बैंक खाता बिना किसी सूचना के फ्रीज कर दिया गया था। खाते में 5 हजार रुपए की एक संदिग्ध एंट्री आई थी, जिसके बाद बैंक ने कार्रवाई की। हालांकि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और न ही किसी धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप था। सुनवाई के दौरान बैंक की ओर से कहा गया कि कार्रवाई कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निर्देश पर की गई थी। बैंक ने यह भी माना कि उसके पास मजिस्ट्रेट का कोई आदेश नहीं था और याचिकाकर्ता की किसी आपराधिक भूमिका की जानकारी भी नहीं है। कमाई पर पड़ता है असर हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 106 के तहत बैंक खाते को सीधे फ्रीज नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि बैंक खाता फ्रीज करने के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी है। बिना वजह किसी निर्दोष व्यक्ति का पूरा खाता बंद करना गलत है, क्योंकि इससे उसकी रोजमर्रा की जिंदगी और कमाई पर असर पड़ता है। कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता का बैंक खाता तुरंत बहाल किया जाए। हालांकि विवादित 5 हजार रुपए की राशि फिलहाल फ्रीज रहेगी और उसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा। अदालत ने कहा भविष्य में जांच के दौरान यदि खाताधारक की संलिप्तता सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए नागरिकों के अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता।
लखनऊ में एक युवक की सिर और चेहरा कूंचकर हत्या कर दी गई है। उसका शव प्लॉट में झाड़ियों के बीच पड़ा मिला। एक दिन पहले वह रात को घर नहीं आया था। घरवाले उसे ढूंढ़ रहे थे। इसी बीच सूचना मिली कि किसी की डेडबॉडी प्लॉट में पड़ी है। उसका सिर और चेहरा समझ में नहीं आ रहा है। सूचना पाकर पहुंचे परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। मामला बिजनौर थाना क्षेत्र का है। शनिवार दोपहर अशरफ नगर इठुरिया गांव के बाहर झील के किनारे शव मिला। मृतक की पहचान सूरज गौतम (28) के रूप में हुई। परिजनों के अनुसार, सूरज SGPGI में काम करता ता। उसकी मां भी वहीं कार्यरत हैं। वे दोनों किस पद पर कार्यरत थे, इसकी जानकारी ली जा रही है। 3 तस्वीरें देखिए- कल रात घर से निकला, मोबाइल स्विच ऑफ हुआ परिजनों के अनुसार, सूरज शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे घर से बिजनौर जाने की बात कहकर निकला था। काफी देर तक उसके वापस न लौटने पर रात करीब 10 बजे परिजनों ने उसके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। शनिवार सुबह गांव के बाहर झील किनारे एक खाली प्लॉट में युवक का शव मिलने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक के चेहरे को किसी भारी वस्तु से बुरी तरह कूंचा गया था, जिससे उसकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गहन जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
3धार जिले के राजगढ़ थाने में एक युवक के खिलाफ शादी का झांसा देकर 6 साल तक शारीरिक शोषण करने का मामला दर्ज किया गया है। युवती ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने उससे सगाई करने के बाद भी शादी नहीं की और अब 14 मई को दूसरी युवती से विवाह करने जा रहा है। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी भूपेंद्र सिंह भूरिया पूर्व भाजपा विधायक वेलसिंह भूरिया का भतीजा बताया जा रहा है और पेशे से वकील है। पीड़िता ने शिकायत में पुलिस को बताया कि भूपेंद्र ने करीब 6 साल पहले पीड़िता को मैसेज कर दोस्ती की थी। उस वक्त पीड़िता राजगढ़ की संजय कॉलोनी में अपने चाचा के घर रहकर बीए सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रही थी। भूपेंद्र ने इस बीच शादी का प्रस्ताव रखा। युवती का कहना है कि बातों में आकर वह उससे प्रेम करने लगी, जिसके बाद भूपेंद्र ने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। 2024 में हुई सगाई, शादी के नाम पर देता रहा धमकीलगातार शोषण के बाद वर्ष 2024 में दोनों की सामाजिक रीति-रिवाजों से सगाई हो गई। इसके बाद भी आरोपी शादी का वादा कर संबंध बनाता रहा, लेकिन बीते एक साल से उसने शादी करने में आनाकानी शुरू कर दी। जब पीड़िता ने पुलिस से शिकायत करने की बात कही, तो आरोपी उसे जान से मारने और खुद आत्महत्या करने की धमकी देने लगा। विवाद बढ़ने पर पीड़िता के परिजनों ने आरोपी के परिवार से मुलाकात कर शादी कराने की बात रखी, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया। दूसरी जगह बंट गए कार्ड, 14 मई को है शादीपीड़िता को तीन दिन पहले पता चला कि भूपेंद्र 14 मई को ग्राम झकनावदा निवासी किसी अन्य युवती से शादी कर रहा है। जब उसके हाथ में भूपेंद्र की शादी का कार्ड आया, तो उसने हिम्मत जुटाकर थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोपी के गांव नयापुरा भिलखेड़ी में उसके विवाह की तैयारियां चल रही हैं। मामले में राजगढ़ थाना पुलिस ने भूपेंद्र सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा 69, 351(3) और 332(बी) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। थाने में शिकायत न करने का बनाया गया दबावपीड़िता का आरोप है कि जब वह रिपोर्ट दर्ज कराने राजगढ़ थाने पहुंची, तो आरोपी के समर्थक वहां पहले से मौजूद थे। उन्होंने शिकायत दर्ज न कराने को लेकर उस पर भारी दबाव बनाया। युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया के रसूख और दबाव के कारण पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही है। वहीं, राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया, युवती की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। भास्कर ने भूपेंद्र का पक्ष लेने के लिए कई बार कॉल किया पर भूपेंद्र ने कॉल नहीं उठाया। विवादों में रहा है पूर्व विधायक वेलसिंह का कार्यकालसरदारपुर के पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया का विवादों से पुराना नाता रहा है। वे 2013 में मोदी लहर के दौरान विधायक चुने गए थे, लेकिन अपने कार्यकाल में विवादित बयानों और परिजनों द्वारा पुलिसकर्मियों से अभद्रता के मामलों के कारण चर्चा में रहे। उनकी विवादित छवि के कारण 2018 के विधानसभा चुनाव में उनका टिकट काटकर संजय बघेल को दे दिया गया था, हालांकि उस चुनाव में भाजपा को हार मिली थी। इसके बाद 2023 में पार्टी ने वेलसिंह को दोबारा मैदान में उतारा, लेकिन वे फिर चुनाव हार गए। सार्वजनिक मंचों से विवादित टिप्पणियां करने वाले पूर्व विधायक अब भतीजे पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में हैं।
लखनऊ के मड़ियाव क्षेत्र में एक सीएनजी फिलिंग स्टेशन पर शुक्रवार का रात कतार तोड़ने का विरोध करने पर एक परिवार पर कुछ युवकों और महिलाओं ने हमला कर दिया। हमलावर जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। इस घटना की लिखित शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है। शनिवार सुबह घटना का सीसीटीवी फूटेज सामने आया। देखिए घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें… जानिए पूरा मामला… मड़ियाव स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के ग्रीन गैस लिमिटेड (इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप) सीएनजी स्टेशन पर रात करीब 11:30 बजे महाराजा अग्रसेन नगर के रहनेवाले अनुपम जैन अपनी बहन प्रिया जैन और बहनोई ऋषभ अग्रवाल के साथ अपनी कार में सीएनजी भरवाने गए थे। जब वे लाइन खड़े होकर में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, तभी एक सफेद रंग की कार ने कतार तोड़कर जबरन उनकी गाड़ी के आगे खड़ी कर दी। पीड़ित परिवार ने जब इस नियम तोड़ने का विरोध किया, तो कार में सवार युवक नीचे उतर आए और गाली-गलौज करने लगे। अनुपम का आरोप है कि हमलावर नशे की हालत में थे। विरोध बढ़ने पर आरोपियों ने अनुपम जैन, उनकी बहन और बहनोई के साथ मारपीट शुरू कर दी। तहरीर में बताया गया है कि आरोपियों ने परिवार को बुरी तरह पीटा और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए अपनी गाड़ी लेकर भाग निकले। पीड़ित अनुपम जैन ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मड़ियाव पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। पीड़िता ने वाडियो जारी कर मांगा न्याय वहीं, पीड़िता प्रिया ने एक वीडियो जारी कर घटना की जानकारी देते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। प्रिया ने बताया कि सीएनजी भरावाते समय एक कार पर सवार 4 युवकों और 3 महिलाओं ने लाइन तोड़कर सीएनजी भरने की कोशिश की। जब इसका विरोध किया तो सभी ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। कहासुनी बढ़ने पर युवकों ने प्रिया के भाई अनुपम जैन और पति ऋषभ अग्रवाल पर हमला कर दिया। भाई को गंभीर चोटें आई हैं। प्रिया की मांग है कि सभी को सजा दिलाई जाए और उन्हें न्याय मिले। चौकी प्रभारी रामराम बैंक अखिलेश कुमार यादव- प्राप्त तहरीर के आधार पर जांच की जा रही ह। घटना का सीसीटीवी भी प्राप्त हुआ है, जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी
सीमावर्ती क्षेत्र जैसलमेर के यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री और जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत ने मांग रखी थी। रेल मंत्रालय ने जैसलमेर के भादरिया लाठी रेलवे स्टेशन पर दो महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों, लीलन एक्सप्रेस-बांद्रा-जैसलमेर एक्सप्रेस के ठहराव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पत्र लिखकर गजेंद्र सिंह शेखावत को सूचित किया है कि जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए उनकी मांग को स्वीकार कर लिया गया है। अब प्रसिद्ध 'भादरिया राय मंदिर' जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों को यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी। इन दो ट्रेनों का होगा ठहराव रेल मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, श्री भादरिया लाठी रेलवे स्टेशन पर अब निम्नलिखित दो जोड़ी ट्रेनों का नियमित ठहराव होगा: पर्यटन और जनसुविधा को मिलेगा बढ़ावा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस मांग को लेकर लंबे समय से पैरवी की थी। भादरिया लाठी स्टेशन धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां विख्यात भादरिया राय माता जी का मंदिर और एशिया की सबसे बड़ी भूमिगत लाइब्रेरी स्थित है। ट्रेनों के रुकने से अब मुंबई और जयपुर जैसे बड़े शहरों से सीधे आने वाले पर्यटकों और भक्तों को लाठी स्टेशन पर ही उतरने की सुविधा मिलेगी। इससे पहले यात्रियों को जैसलमेर या पोकरण उतरकर लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। रेल मंत्री का आभार जताया शेखावत ने इस जनहितकारी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राजस्थान के रेल नेटवर्क और यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने पत्र में कहा कि शेखावत के साथ हुई पिछली चर्चा के संदर्भ में यह निर्णय लिया गया है ताकि आम जनता को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गजेंद्र सिंह शेखावत ने उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करवाकर क्षेत्र के विकास में बड़ा योगदान दिया है। व्यापारिक दृष्टि से भी यह फैसला काफी मददगार साबित होगा। रेलवे जल्द ही इन ट्रेनों के ठहराव की निश्चित समय-सारणी (टाइम टेबल) जारी कर देगा।
शहर और प्रदेश के निर्यातकों के लिए पिछला एक साल किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रहा है। पहले अमेरिकी टैरिफ की मार और फिर मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध ने कारोबार की कमर तोड़ रखी थी, और अब रही-सही कसर इटली के कारोबारियों की छुट्टियों ने पूरी कर दी है। इटली के कारोबारी इस बार तय समय से पहले ही एक महीने की लंबी छुट्टी पर जा रहे हैं, जिसका सीधा असर कानपुर सहित पूरे देश के करोड़ों रुपए के एक्सपोर्ट ऑर्डर्स पर पड़ने वाला है। अगस्त की जगह जुलाई में ही छुट्टियां, फंस गया पेमेंट आमतौर पर इटली में हर साल अगस्त के महीने में बाजार बंद रहते हैं और लोग छुट्टियों पर जाते हैं। लेकिन इस बार वहां के कारोबारियों ने जुलाई में ही काम बंद करने का फैसला लिया है। जानकारों का मानना है कि इस कदम से एक्सपोर्ट का पहिया लगभग 100 दिनों के लिए पटरी से उतर सकता है। कानपुर की चमड़ा कारोबारी प्रेरणा वर्मा का कहना है कि एक महीने तक काम न होने से मुश्किलें तो बढ़ेंगी ही, साथ ही पेमेंट भी अब एक महीने बाद ही रिलीज हो पाएंगे। निर्यातकों के पास अब इंतजार के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। नए बाजार तलाशने की मजबूरी फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव के मुताबिक, मौजूदा हालात को देखते हुए अब भारतीय निर्यातकों को इटली पर निर्भरता कम करनी होगी। उन्हें अब यूरोप के अन्य देशों की ओर अपना रुख करना होगा ताकि कारोबार को गति मिल सके। हालांकि, राहत की बात यह है कि जनवरी में भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच 'फ्री ट्रेड एग्रीमेंट' हुआ है, जिससे भविष्य में संभावनाएं बेहतर हैं, लेकिन फिलहाल 3 महीने का संकट गहरा दिख रहा है। वैश्विक मंदी और युद्ध के हालातों ने दुनिया भर के बाजारों को डरा दिया है। फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल का कहना है कि मिडिल ईस्ट वॉर की वजह से कई देश अपने व्यापार को बहुत सावधानी से यानी 'कछुआ चाल' से चला रहे हैं। ऐसे में उन्होंने सलाह दी है कि निर्यातकों को अब 'इन-हाउस ट्रेड' यानी घरेलू व्यापार पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए ताकि वैश्विक झटकों का असर कम किया जा सके।कानपुर पर सबसे ज्यादा असरउत्तर प्रदेश और खासकर कानपुर से बड़ी मात्रा में लेदर उत्पाद, फुटवियर, केमिकल, इंजीनियरिंग और गारमेंट्स इटली भेजे जाते हैं। इटली के साथ भारत के व्यापारिक रिश्ते बेहद मजबूत हैं, लेकिन एक महीने की यह छुट्टी एक्सपोर्टर्स के करोड़ों रुपए के माल को होल्ड पर डाल देगी। जब तक वहां बाजार दोबारा नहीं खुलते, तब तक नए ऑर्डर्स और शिपमेंट का काम ठप ही रहेगा।
घाटमपुर के परास में ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक की भिड़ंत हो गई। हादसे में बाइक सवार दो सगे भाई घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से घाटमपुर सीएचसी पहुंचाया। वहां डाॅक्टर ने प्राथमिक इलाज कर गंभीर हालत में कानपुर जिलास्पताल रेफर कर दिया। पुलिस घटना की जांच-पड़ताल में जुटी है। फतेहपुर जिले के लाला गांव निवासी 19 वर्षीय सचिन और 22 वर्षीय रवि दोनों सगे भाई जेसीबी चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। शनिवार सुबह दोनों निजी काम से बाइक से घाटमपुर आ रहे थे। तभी भोगनीपुर-चौडगरा मार्ग पर स्थित घाटमपुर थाना क्षेत्र के परास चौराहा के पास पहुंचते ही बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत हो गई। हादसे में दोनों भाई घायल हो गए। यहां से निकल रहे राहगीरों ने घटना की सूचना फोनकर पुलिस को दी। जानकारी मिलते मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को एंबुलेंस से घाटमपुर सीएचसी पहुंचाया। डाॅक्टर ने प्राथमिक इलाज के बाद दोनों सगे भाइयों को गंभीर हालत में कानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घाटमपुर थाने के क्राइम इंस्पेक्टर खुर्शीद अहमद ने बताया कि सूचना मिलते पुलिस मौके पर पहुंची थी, घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर में तेज रफ्तार पिकअप सड़क किनारे खड़ी ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप का अगला हिस्सी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। ड्राइवर केबिन में फंस गया। करीब चार घंटे तक मदद की गुहार लगाता रहा, 'मेरा दम घुट रहा है, मुझे जल्दी निकालो।' मदद करने के लिए आसपास के लोग पहुंचे। काफी कोशिश के बाद भी बाहर नहीं निकल सका। आखिरकार दम घुटने से उसकी मौत हो गई। मृतक दिलीप यादव समस्तीपुर के रहने वाले थे। खलासी मनोज की हालत गंभीर बनी हुई है। रेफरल अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना भवानीपुर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे-31की है। गाड़ी की रफ्तार ज्यादा थी देवघर निवासी ट्रक ड्राइवर सर्वेश कुमार ने बताया कि गाड़ी में मक्का लोड करके कुरसेला से छत्तीसगढ़ जा रहा था। रात करीब 12:00 बजे गाड़ी का ब्रेकडाउन हो गया। रात में कोई मैकेनिक नहीं मिला। जिसके चलते सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर सो गया। शनिवार सुबह 4 बजे के करीब पिकअप नारायणपुर से नवगछिया की तरफ तेज रफ्तार में जा रही थी। इस दौरान खड़े ट्रक से टकरा गई। पिकअप का डोर तोड़कर निकालने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं रहे। पुलिस चार घंटे बाद मौके पर पहुंची। जिसके बाद किसी तरह निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में जुटी पुलिस भवानीपुर थानाध्यक्ष ने बताया को पिकअप में गाजर और चुकंदर लोड था। एक ड्राइवर की मौत हुई है। घायल खलासी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दोनों क्षतिग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
झाबुआ कलेक्टर डॉ. भरसट ने उठाया कचरा:खुद सफाई कर अमले को दिया कर्तव्य का संदेश, दिलाई शपथ
झाबुआ कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने शनिवार को कलेक्टर कार्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। उन्होंने गंदगी और अव्यवस्था देखकर केवल निर्देश नहीं दिए, बल्कि खुद कचरे की तगारी उठाकर श्रमदान किया। कलेक्टर को स्वयं सफाई करते देख, वहां मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी अभियान में जुट गए और पूरे परिसर की सफाई की। दरअसल, शुक्रवार को कलेक्टर ने कई शाखाओं के निरीक्षण के दौरान गंदगी पर नाराजगी व्यक्त की थी और सुधार के निर्देश दिए थे। शनिवार को उन्होंने उद्यान क्षेत्र, गलियारों और कार्यालय कक्षों की सफाई करवाई। इस दौरान झाड़ू लगाने के साथ-साथ कार्यालयों के पुराने रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और अनुपयोगी फर्नीचर को हटाने के निर्देश भी दिए गए। डॉ. भरसट ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा होनी चाहिए। सफाई अभियान के बाद कलेक्टर ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी कर्मचारियों से न तो स्वयं गंदगी करने और न ही दूसरों को ऐसा करने देने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि एक स्वच्छ और व्यवस्थित कार्यस्थल सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है और आम जनता के लिए बेहतर अनुभव सुनिश्चित करता है। कलेक्टर ने अब हर सप्ताह नियमित रूप से स्वच्छता अभियान चलाने और अनुपयोगी दस्तावेजों का नियमानुसार निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। ये भी रहे मौके पर मौजूद इस अभियान में जिला पंचायत सीईओ जितेंद्रसिंह चौहान, अपर कलेक्टर सीएस. सोलंकी, सहायक कलेक्टर आयुषी बंसल, एसडीएम महेश मंडलोई, डिप्टी कलेक्टर रितिका पाटीदार सहित राजस्व विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने अपने कार्यस्थल और शहर को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया। सफाई अभियान की अन्य तस्वीरें…
रोहतक में सीटू नेता के घर मानसेर क्राइम ब्रांच टीम द्वारा देर रात को रेड मारने के विरोध में सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने शहर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जनसंगठनों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर में जुलूस निकाला और डीसी के माध्यम से सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान किसान सभा के नेता प्रीत सिंह व सुमित दलाल ने बताया कि सरकार मजदूरों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास कर रही है। मजदूरों की आवाज उठाने पर सीटू नेताओं के घर रेड मारी जा रही है। साथ ही सीटू नेताओं को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके परिवारों को डराने के साथ धमकाया जा रहा है। देर रात को घर में घुसी थी टीम सीटू के जिला सचिव विनोद देशवाल ने बताया कि 4 मई की देर रात करीब डेढ़ बजे कुछ लोग उनके घर में घुसे। उनके रिश्तेदारों को भी घरों से उठाया गया। घर पर पत्नी व 6 साल की बच्ची थी, जिन्हें डराया गया। काफी पूछने के बाद उन्हें बताया कि मानेसर क्राइम ब्रांच से आए है, जबकि उनके पास कोई आईकार्ड नहीं था। सिविल ड्रेस व बिना नंबर की गाड़ी थी। विनोद ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम अपराधियों की तरह घर में घुसी थी। घर में पत्नी व छोटी बच्ची को एक प्रकार से बंधक बनाया गया। उसी दिन एसपी को एक लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन आज तक उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आंदोलन को दबाने की साजिश विनोद ने बताया कि सरकार मजूदरों के आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है। पुलिस के माध्यम से मजदूर संगठनों के नेताओं को डराने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है। लेकिन मजदूरों का आंदोलन रूकने वाला नहीं है। 12 मई को पूरे प्रदेश में होगा बड़ा आंदोलन विनोद ने बताया कि 12 मई को पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के सभी सामाजिक संगठन, कर्मचारी संगठन, मजदूर व किसान संगठन शामिल होंगे। प्रदेशभर में आंदोलन करके सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जाएगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
कैमूर में राष्ट्रीय लोक अदालत आज:भभुआ-मोहनिया में 15 बेंच गठित, ई-ट्रैफिक चालान पर 50% छूट
कैमूर में आज शनिवार को भभुआ और मोहनिया व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में सुबह 10 बजे से शुरू होने वाली इस अदालत में लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह के आधार पर निपटारा किया जाएगा। प्राधिकार के सचिव डॉ. शैल ने बताया कि इस बार रिकॉर्ड 11,355 वादों के लिए 10,102 पक्षों को नोटिस जारी किए गए हैं। लोक अदालत के सुचारू संचालन के लिए कुल 15 न्यायिक बेंचों का गठन किया गया है। इन बेंचों में बैंक ऋण, वैवाहिक विवाद, दीवानी व आपराधिक मामले, बिजली बिल और श्रम विवाद जैसे मामलों की सुनवाई होगी। लंबित चालानों पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही इस लोक अदालत की एक मुख्य विशेषता ई-ट्रैफिक चालानों का निपटारा है। जिला परिवहन पदाधिकारी रवि रंजन कुमार ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की 'एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना 2026' के तहत 31 मार्च 2026 तक के लंबित चालानों पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। विशेष रूप से 90 दिनों से अधिक पुराने चालानों को प्राथमिकता मिलेगी। राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आम जनता को कानूनी जटिलताओं से बचाकर उनके समय और धन की बचत सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने नागरिकों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।
पलामू जिले के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवक बीरेंद्र राम की मौत हो गई। वह भकासी गांव का निवासी था और एक तिलक समारोह में शामिल होने जा रहा था। मृतक के जीजा अशोक राम ने बताया कि बीरेंद्र अपने गांव भकासी निवासी लक्खू भुईयां की बेटी के तिलक समारोह में शामिल होने के लिए जा रहा था। रात करीब 9:30 बजे वे तीन टेंपू में सवार होकर पोलपोल के पास पोखराहा गांव के लिए निकले थे। बीरेंद्र सबसे पीछे वाले टेंपू में बैठा था। पोखराहा गांव पहुंचने से ठीक पहले पोलपोल के पास एक अनियंत्रित बाइक ने उनके टेंपू को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में टेंपू के किनारे बैठे बीरेंद्र को गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में टेंपू चालक बीरेंद्र को लेकर पहले तिलक समारोह स्थल पर पहुंचा। वहां से उसे तत्काल मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में कुछ देर इलाज चलने के बाद बीरेंद्र ने दम तोड़ दिया। शनिवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बीरेंद्र राम अपने पीछे तीन साल की बेटी छोड़ गया है। वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था।
सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रेस कांफ्रेंस कर केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उनके बयान से जिले की राजनीति गरमा गई है। उन्होंने बंगाल चुनाव, बेरोजगारी, महंगाई, देवबंद, किसानों और व्यापारियों के मुद्दों को उठाते हुए कहा कि सरकार जनता के असली सवालों से ध्यान भटकाने में लगी है। इमरान मसूद ने कहा कि पार्टी पूरे प्रदेश में लगातार कार्यकर्ता सम्मेलन और संगठन अभियान चला रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 की तैयारी के लिए कांग्रेस उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर कार्यक्रम चला रही है और हजारों प्रस्तावित बैठकों के जरिए संगठन को मजबूत किया जा रहा है। सांसद ने पश्चिम बंगाल चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि वहां लोकतंत्र की चोरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं के अधिकारों को रोका गया और चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि वीडियो फुटेज तक सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे कई संदेह पैदा होते हैं। इमरान मसूद ने कहा कि देश में फिल्मों और दूसरे माध्यमों के जरिए नफरत का माहौल खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बेरोजगारी, महंगाई और जनता की परेशानियों पर बात नहीं करना चाहती। उनके अनुसार, लोगों के असली मुद्दों से ध्यान हटाकर भावनात्मक राजनीति की जा रही है। सांसद ने मुख्यमंत्री के हालिया देवबंद दौरे पर भी तंज कसते हुए कहा कि अब सरकार के पास नाम बदलने के अलावा कोई काम नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि भाषणों में पलायन, कारोबार, गन्ना, आलू और व्यापारियों का जिक्र तो होता है, लेकिन जमीनी समाधान कहीं नजर नहीं आता। उन्होंने पेट्रोल-डीजल और कच्चे तेल की कीमतों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता था, तब भी जनता को राहत नहीं दी गई। अब महंगाई चरम पर है और आम आदमी परेशान है। बंगाल और अन्य राज्यों में हिंसा की घटनाओं पर इमरान मसूद ने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा गलत है और कांग्रेस इसका समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि जहां भी सरकार है, वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है।
महाराणा प्रताप जयंती पर अमेठी में शौर्य यात्रा:सैकड़ों लोग शामिल हुए, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे
महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर अमेठी में एक विशाल शौर्य यात्रा निकाली गई। इस यात्रा का संचालन क्षत्रिय समाज द्वारा किया गया, जिसमें सर्वसमाज के सैकड़ों लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह शौर्य यात्रा अमेठी कस्बे के देवी पाटन मंदिर से शुरू हुई और कस्बे के रामलीला मैदान में जाकर समाप्त हुई। डीजे की अगुवाई में निकली इस यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए। कार्यक्रम में अमेठी की पूर्व विधायक गरिमा सिंह के पुत्र अनंत विक्रम सिंह, पत्नी शाम्भवी सिंह,उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला अध्यक्ष महेश सोनी और अनुज सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था।
पश्चिम बंगाल में भाजपा युग की शुरुआत। शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। समारोह में पीएम मोदी और अमित शाह सहित कई दिग्गज मौजूद रहे।
फरीदाबाद के सेक्टर-59 स्थित एसेंट प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बाहर शनिवार सुबह वर्करों ने सैलरी नहीं बढ़ाए जाने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का कहना है कि महंगाई के इस दौर में कम वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो गया है, इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन के अनुसार सैलरी नहीं दे रहा है। इसी मांग को लेकर सुबह करीब 8 बजे से ही बड़ी संख्या में मजदूर कंपनी के गेट के बाहर इकट्ठा हो गए और काम बंद कर अपना विरोध जताया। जानकारी के अनुसार, कंपनी में काम करने वाले 100-150 मजदूर, जिनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल थे, कंपनी गेट के बाहर खड़े होकर सैलरी बढ़ाने की मांग करने लगे। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन को लेकर गाइडलाइन जारी की जा चुकी है, लेकिन कंपनी में काम कर रहे कर्मचारियों को उसके अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारी बोले- इस महीने भी नहीं बढ़ाई सैलरी कंपनी के वर्कर राजा ने बताया कि इस महीने मिलने वाली सैलरी में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। उनका कहना है कि ओवरटाइम मिलाकर उनकी कुल सैलरी करीब 15 हजार रुपये बनती है, लेकिन उसमें से पीएफ और ईएसआई की कटौती के बाद उन्हें करीब 13 हजार 500 रुपए ही हाथ में मिलते हैं। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार के माध्यम से उन्हें काम पर रखा गया है, लेकिन ठेकेदार भी इस मामले में उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। पिछले चार साल से नहीं बढ़ाया वेतन : ऑपरेटर वहीं, कंपनी में ऑपरेटर के पद पर काम करने वाले अंशुल ने बताया कि वह पिछले चार साल से कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी सैलरी में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अर्ध-कुशल कर्मचारियों के लिए लगभग 19 हजार 400 रुपए वेतन तय किया गया है, जबकि कंपनी द्वारा उन्हें कटौती के बाद करीब 16 हजार 780 रुपए ही दिए जा रहे हैं। वर्करों का कहना है कि जब तक कंपनी लिखित में यह नहीं बताएगी कि सैलरी कितनी बढ़ाई जाएगी, तब तक वे कंपनी के अंदर जाकर काम नहीं करेंगे। आश्वासन मिलने के बाद काम पर लौटे कर्मचारी मामले की सूचना मिलने पर सेक्टर-58 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सब-इंस्पेक्टर अजय कुमार ने बताया कि कर्मचारियों और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत करवाई गई। कंपनी प्रबंधन द्वारा मजदूरों को लिखित आश्वासन दिया गया, जिसके बाद सभी कर्मचारी दोबारा काम पर लौट गए। पुलिस के अनुसार मजदूर करीब दो घंटे तक ही कंपनी गेट के बाहर खड़े रहे और प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया गया।
लखनऊ में यूजीसी लागू करने की मांग को लेकर जोरदार हंगामा विरोध प्रदर्शन । अपना दल कमेरावादी के सैकड़ो कार्यकर्ता चारबाग में प्रदर्शन कर रहे हैं। चारबाग से निकलकर यह विधान भवन का घेराव करने जाएंगे। प्रदर्शन का नेतृत्व विधायक पल्लवी पटेल कर रही है। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्ती झंडा पोस्टर लेकर जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा कर रहे हैं। नारा लगा रहे हैं 'यूजीसी लागू करो या कुर्सी खाली करो', शैक्षणिक संस्थानों में एससी एसटी ओबीसी का दामन बंद करो नारा लगा रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है और अलग-अलग रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई। प्रदर्शन कर रही पल्लवी पटेल ने कहा कि यूजीसी को हम लागू करवा कर रहेंगे। लगातार सड़कों पर ऊपर उतरकर संघर्ष कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। हम लोग सड़क पर उतर कर उत्तर प्रदेश की सरकार और न्यायपालिका से जवाब मांगने आए हैं कि आखिर क्यों पिछड़ों का अधिकार छीना जा रहा है। अगर मामला सुप्रीम कोर्ट में है तो सही पैरवी होनी चाहिए और सही लोगों की आवाज वहां तक पहुंचना चाहिए। स्वर्ण समाज के द्वारा यूजीसी का विरोध करने पर उन्होंने कहा कि जो विरोध कर रहे हैं करते रहें हम इसका समर्थन कर रहे हैं और करते रहेंगे लागू करवा लेंगे। बिना किसी देरी के यह यूजीसी इस देश के तमाम कॉलेज , यूनिवर्सिटी में बिना किसी देरी के लागू होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा रोक लगने पर इन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बहुत चालाक है। यह खुद ही कोर्ट से रोक लगवाती है। जब इसे कोई अधिकार पिछड़े और वंचितों को नहीं देना होता है तब यह कोर्ट से इस तरह का खेल खेलती है। भाजपा वाले एक तीर से दो काम कर रहे हैं अपने लोगों से सड़कों पर प्रदर्शन करवा रहे हैं और कोर्ट से रोक भी लगवा रहे हैं और दूसरी तरफ कह रहे हैं कि हम अधिकार देना चाहते हैं। पल्लवी पटेल ने कहा कि यूजीसी को लेकर हम पिछले 3 महीने से संघर्ष कर रहे हैं। पुलिस चाहे हमारा सर फोड़ दे हड्डियां , तोड़ दे या फिर जेल भेज दे यह आंदोलन नहीं रुकेगा। यूजीसी लागू करके जब तक इस समाज के वंचित बच्चों को अधिकार नहीं मिलेगा हम सड़क से सदन तक लड़ेंगे। हम कमेरा समाज वाले किसी बैरिकेडिंग से डरने वाले नहीं है आज सभी बैरीगेटिंग टूटेंगे और हम विधानसभा पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि जनगणना का हाल भी SIR की तरह होगा पश्चिम बंगाल के बाद यूपी में जो चुनाव है।
सक्ती में दो कारों की भीषण टक्कर:एक की मौत, बारात जा रहे दो लोग गंभीर घायल
सक्ती जिले में 7 मई देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना नंदेली बस स्टैंड के पास दो कारों की आमने-सामने की टक्कर से हुई। घटना जैजैपुर थाना क्षेत्र की है। मृतक की पहचान छिर्राडीह निवासी पुनिराम टंडन (52) के रूप में हुई है। हादसे में आमाकोनी निवासी ओमकार प्रसाद चंद्रा (40) और अंजोर चंद्रा (27) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ये तीनों ट्राइबर कार (क्रमांक CG 11 BN 6925) से ग्राम ठठारी में एक बारात में शामिल होने जा रहे थे। कार सावकर की मौके पर ही मौत,दो अन्य गंभीर घायल प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नंदेली बस स्टैंड के पास पहुंचते ही उनकी ट्राइबर कार को सामने से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो (क्रमांक CG 04 HA 5832) ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। इस दौरान ट्राइबर में सवार पुनिराम टंडन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, दो लोग वाहन में फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज जारी दुर्घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जैजैपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल इलाज के लिए हॉस्पिटल पहुंचाया। दोनों घायलों का इलाज जारी है। हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही:थाना प्रभारी जैजैपुर थाना प्रभारी भूपेंद्र चंद्रा ने बताया कि मृतक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
अनपरा पुलिस ने मंदिर में चोरी के आरोप में फरार दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया इनके पास से चोरी का सामान और 2100 रुपये नकद बरामद भी किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अनपरा पुलिस टीम ने 8 मई को चेकिंग अभियान चला रही थी तभी शाम करीब 7:21 बजे मुखबिर ने सूचना दिया कि मंदिर में चोरी के आरोपी रेलवे क्रॉसिंग के पास खड़े हैं इस सूचना पर अनपरा पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर अभियुक्तों को बिछड़ी अंडरपास ब्रिज रेलवे क्रॉसिंग के पास से पकड़ा लिया गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान सागर उर्फ टाफी (उम्र करीब 20 वर्ष) पुत्र राजेश कुमार और घमड़ी (उम्र करीब 22 वर्ष) पुत्र समायन धरिकार के रूप में हुई है। दोनों धरिकार बस्ती डिबुलगंज, थाना अनपरा, जनपद सोनभद्र के निवासी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से मंदिर से चोरी किए गए सफेद धातु के दो सर्पनुमा टुकड़े और दानपात्र से चुराए गए 2100 रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में भेज दिया। अभियुक्त घमड़ी का आपराधिक इतिहास भी है। उसके खिलाफ अनपरा थाना पर एनडीपीएस,आईपीसी और बीएनएस के तहत के तहत दर्जनों मुकदमा दर्ज है। वहीं, अभियुक्त सागर उर्फ टाफी के खिलाफ अनपरा थाना में BNS और NDPS Act के तहत आधा दर्जन मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में अनपरा उपनिरीक्षक संतोष कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सच्चिदानंद दास, कांस्टेबल रमेश गौड़, कांस्टेबल अजीत यादव, कांस्टेबल संतोष कुमार और कांस्टेबल पंकज यादव शामिल थे,
उज्जैन के उन्हेल थाना क्षेत्र के सरवना गांव में एक युवक की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घर से बदबू आने पर ग्रामीणों को घटना की जानकारी लगी। बताया जा रहा है कि मृतक परिवार से अलग रहता था। हत्या किसने और किन कारणों से की, इसका फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है। उन्हेल थाना प्रभारी संतोष चौहान ने बताया कि सरवना गांव के चौकीदार ने सूचना दी थी कि गांव की एक टापरी में खून से लथपथ शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मृतक की पहचान मजदूरी करने वाले 40 वर्षीय रतनलाल के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार मृतक के सिर पर डंडे से वार किए जाने के निशान मिले हैं। हत्या कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। थाना प्रभारी ने बताया कि रतनलाल कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा था और करीब 11 महीने पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था। उसकी पत्नी उसे छोड़कर मायके में रहने लगी थी। मृतक के चार बच्चे भी हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों की तलाश में जुटी है।
शाहजहांपुर में एक युवक अपनी भाभी द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे से परेशान होकर ऊंचे टावर पर चढ़ गया। उसने आरोप लगाया कि उसकी भाभी ने उस पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया है, जिसके कारण उसकी शादी नही हो पाई। युवक ने मुकदमा वापस लेने और अपनी शादी कराने की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उसे नीचे उतारा जा सका। यह घटना शनिवार सुबह चौक कोतवाली क्षेत्र के चांदापुर रोड पर हुई। युवक की पहचान सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के देवकली निवासी कौशल के रूप में हुई है। कौशल की भाभी ने लगभग एक सप्ताह पहले उस पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। भाभी से चल रहा था अफेयरबताया जा रहा है कि कौशल के भाई की कुछ साल पहले मौत हो गई थी। उसके बाद कौशल का अपनी भाभी के साथ प्रेम प्रसंग हो गया था। हालांकि, उसकी शादी कहीं और तय हो गई थी और शुक्रवार रात उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान उसकी भाभी वहां पहुंच गई और हंगामा किया, जिसके चलते कौशल की शादी नहीं हो पाई। पुलिस ने नीचे उताराशनिवार सुबह जब कौशल टावर पर चढ़ा, तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सेहरामऊ दक्षिणी पुलिस भी कौशल की तलाश कर रही थी। चौक कोतवाली पुलिस ने सेहरामऊ दक्षिणी पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद दोनों थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कौशल को आश्वासन देकर नीचे उतारा। सेहरामऊ दक्षिणी थाना प्रभारी उमेश मिश्रा ने बताया कि कौशल की भाभी ने एफआईआर दर्ज कराई थी और इस मुकदमे में उसकी तलाश की जा रही थी। टावर से उतारने के बाद उसे थाने लाया गया और अब उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। चौक कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार ने पुष्टि की कि युवक उनके क्षेत्र में टावर पर चढ़ा था और उसे सेहरामऊ दक्षिणी पुलिस अपने साथ ले गई है।
मुंबई से लौटे युवक ने घर में लगाई फांसी:सुबह कमरे में लटका मिला शव ; पुलिस ने फोन जब्त किया
रीवा के गुढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सिलचट में 22 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का हृदय विदारक मामला सामने आया है। मृतक की पहचान राज खान पिता इस्लाम खान उर्फ लल्लू के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार राज खान शुक्रवार रात महाराष्ट्र के मुंबई से अपने गांव सिलचट लौटा था। परिजनों ने बताया कि घर पहुंचने के बाद उसने सामान्य रूप से भोजन किया और फिर अपने कमरे में सोने चला गया। शनिवार सुबह जब परिजन उसे जगाने के लिए कमरे में पहुंचे तो अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। राज का शव कमरे में फांसी के फंदे से लटकता मिला। घटना की जानकारी लगते ही घर में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद परिजनों ने तत्काल गुढ़ पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद पंचनामा और आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक मौत का राज फोन में छिपा हुआ है। जिसे खंगाला जा रहा है।
गिरिडीह के बगोदर थाना क्षेत्र स्थित चौधरीबांध गांव में जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया। मामूली कहासुनी के बाद भतीजे ने अपने सगे चाचा पर लाठी और ईंट से हमला कर दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया है। जानकारी के अनुसार, विवादित जमीन पर लगे नल को हटाने को लेकर दो पक्षों के बीच बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते यह विवाद उग्र हो गया। मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी दिनेश ठाकुर ने पहले अपने चचेरे भाई मुंशी ठाकुर पर हमला किया, जिससे वह घायल हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचे बुजुर्ग पर हमला मारपीट होते देख 65 वर्षीय भोला ठाकुर बीच-बचाव करने पहुंचे। लेकिन आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया। बताया जाता है कि आरोपी ने लाठी और ईंट से उनके सिर पर वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजन अभिषेक कुमार ठाकुर ने बताया कि भोला ठाकुर लाठी के सहारे चलते थे। विवाद शांत कराने पहुंचे थे, लेकिन उन्हीं की लाठी से उन पर हमला कर दिया गया। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूर्व विधायक ने की गिरफ्तारी की मांग घटना की सूचना मिलते ही बगोदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि जमीन विवाद को लेकर यह घटना हुई है। इधर, घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक विनोद सिंह भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि भूमि विवाद के मामलों में समय रहते हस्तक्षेप जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बुलंदशहर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन:1.25 लाख से अधिक मामलों के निस्तारण की संभावना
बुलंदशहर में शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर सहित तहसील और विभिन्न न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में वादकारी पहुंचे, जहां आपसी समझौते के आधार पर मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू हुई। न्यायिक अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों और विभागीय कर्मचारियों ने लोगों की समस्याओं का समाधान किया। अधिकारियों के अनुसार, शाम तक लगभग 1.25 लाख वादों के निस्तारण की संभावना है। लोक अदालत में सर्वाधिक मामले पंजाब नेशनल बैंक सहित अन्य बैंकों के ऋण संबंधी विवादों और बिजली विभाग के बकाया बिलों से संबंधित थे। बैंक अधिकारियों ने ऋण खातों के समझौते कर ग्राहकों को राहत प्रदान की, जबकि बिजली विभाग ने बकाया जमा करने पर सरचार्ज में छूट जैसी सुविधाएं दीं। इसके अतिरिक्त, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक विवाद, राजस्व, श्रम, नगर निकाय और छोटे आपराधिक मामलों का भी निस्तारण किया गया। न्यायिक अधिकारियों ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। यह पहल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने और वादकारियों को लंबी मुकदमेबाजी से राहत दिलाने में सहायक होती है। लोक अदालत के आयोजन से न्यायालय परिसर में पूरे दिन चहल-पहल बनी रही और बड़ी संख्या में लोगों ने इस अवसर का लाभ उठाया।
जीरकपुर में बलटाना पुलिस चौकी के बाहर खुद को आग लगाने वाली युवती की पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवती पंचकूला की निवासी थी। वो शादी का झांसा देकर रेप और लाखों रुपए ठगने के मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रही थी। युवती (28) एक युवक के साथ रिलेशन में थी। आरोपी ने सैलून खोलने के बहाने उससे करीब 5 लाख रुपए की मांग की थी। युवती से पहले उसने 2 लाख रुपए नगद लिए फिर बाकी की रकम उसके नाम पर लोन करवाकर ली। पैसों और किश्तों को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ा तो दोनों में झगड़ा हो गया। युवती ने पुलिस में कंप्लेंट कर आरोप लगाया कि उसने रेप कर पैसे भी ठग लिए। हालांकि, पुलिस ने युवक पर केस कर उसे गिरफ्तार कर लिया। लेकिन युवती ने पुलिस पर आगे कोी कार्रवाई न करने का आरोप लगाकर खुद को आग लगा ली। जानिए युवती ने क्या आरोप लगाए थे… निजी होटल में ले जाकर युवक ने रेप किया युवती ने आरोप लगाया था कि आरोपी उसे बलटाना क्षेत्र के एक निजी होटल में ले जाकर दुष्कर्म करता रहा। इस संबंध में शिकायत दर्ज होने के बाद मामला पंचकूला पुलिस से बलटाना चौकी पहुंचा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया था। 28 अप्रैल को पुलिस चौकी के बाहर लगाई थी आग पीड़िता का आरोप था कि पुलिस इस मामले में ढिलाई बरत रही है और उसकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की जा रही। बताया जा रहा है कि 28 अप्रैल को युवती फिर बलटाना चौकी पहुंची थी। कथित तौर पर सुनवाई न होने और चौकी से बाहर निकाले जाने से आहत होकर उसने चौकी के बाहर खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा ली। इलाज के दौरान तोड़ा दम गंभीर रूप से झुलसी युवती को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया था। यहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पीजीआई में एसडीएम की मौजूदगी में युवती के वीडियो बयान भी दर्ज किए गए थे। मोहाली के DC और SSP से रिपोर्ट तलब इस घटना के बाद पंजाब राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मोहाली के डीसी और एसएसपी से रिपोर्ट तलब की है। वहीं, बलटाना चौकी प्रभारी और जांच अधिकारी को लाइन हाजिर कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। युवती की मौत के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
रामगढ़ जिले के कुज्जू ओपी क्षेत्र के पेंकी चौक पर एक सड़क हादसे में एक साइकिल सवार की मौत हो गई। यह घटना तब हुई, जब गिट्टी लदा एक 18 चक्का ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसकी चपेट में एक साइकिल सवार आ गया। मृतक की पहचान नरेश साव के रूप में हुई है, जो बड़की टुंडी टोला भुइया डीह के निवासी सुरेश साव के पुत्र थे। बताया जा रहा है कि नरेश साव ड्यूटी जाने के लिए सड़क किनारे साइकिल के साथ खड़े थे, तभी रामगढ़ से हजारीबाग की ओर जा रहा अनियंत्रित ट्रक पलट गया और उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने नरेश साव को तत्काल वहां से निकाला। उन्हें गंभीर हालत में रामगढ़ के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक के चालक और खलासी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इधर, इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर रांची-पटना मुख्य मार्ग (फोरलेन) जाम कर दिया है। वे मृतक के परिजनों के लिए तत्काल मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
ललितपुर जिले के जखौरा कस्बे में देर रात एक घर में पांच फीट लंबा मगरमच्छ घुस गया। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर बिजली के खंभे से बांध दिया। सुबह वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर बेतवा नदी में छोड़ दिया। यह घटना तालबेहट बाईपास मार्ग स्थित सोन सिंह राजपूत के घर में रात करीब 12 बजे हुई। सोन सिंह ने अपने घर के मुख्य द्वार पर मगरमच्छ को देखा और तुरंत परिजनों व वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सोन सिंह के परिजन और मोहल्ले के लोग उनके घर पर जमा हो गए। सभी ने मिलकर मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने मगरमच्छ को रस्सी से बांधा और उसके चेहरे पर बोरा डालकर ढक दिया। इसके बाद उसे घर के बाहर सड़क पर लगे एक विद्युत खंभे से सुरक्षित बांध दिया गया। सुबह वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और मगरमच्छ को अपने कब्जे में लिया। टीम ने उसे बेतवा नदी में ले जाकर सुरक्षित छोड़ दिया। जखौरा के वन रेंजर ने बताया कि मगरमच्छ की लंबाई लगभग पांच फीट थी। उन्होंने संभावना जताई कि यह पास से निकली नहर के रास्ते रिहायशी इलाके में आ गया होगा।
जमुई में युवक को 2 बदमाशों ने बीच सड़क पीटा:कचरा चुनने का काम करता है पीड़ित, हॉस्पिटल में एडमिट
जमुई शहर के महिसौड़ी चौक पर शुक्रवार रात एक युवक की बेरहमी से पिटाई की गई। दो बदमाशों ने बीच सड़क पर कचरा चुनने वाले युवक को पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे स्थानीय लोगों की मदद से सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घायल युवक की पहचान झाझा निवासी सहदेव रविदास के पुत्र लक्ष्मण रविदास के रूप में हुई है। लक्ष्मण अपने माता-पिता के साथ जमुई में रहकर कचरा चुनने का काम करता है। घटना के समय वह रोज की तरह कचरा चुनते हुए महिसौड़ी चौक पहुंचा था। दो युवकों ने लक्ष्मण को लात-घूंसे से लगातार पीटा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो युवकों ने लक्ष्मण को लात-घूंसे से लगातार पीटा। मारपीट इतनी गंभीर थी कि वह सड़क पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना के दौरान चौक पर लोगों की भीड़ मौजूद थी, लेकिन काफी देर तक किसी ने बीच-बचाव नहीं किया। बाद में कुछ स्थानीय लोगों ने हस्तक्षेप कर बदमाशों को भगाया और घायल युवक को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, युवक की हालत गंभीर है और वह फिलहाल कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है। इस कारण हमलावरों की पहचान और मारपीट के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और बदमाशों की तलाश कर रही है।
सोनीपत के मुरथल में जीटी रोड पर एक युवक से मोबाइल लूटने की कोशिश की गई। युवक ने बहादुरी दिखाते हुए बदमाशों की बाइक गिरा दी, जिसके बाद लुटेरे मोबाइल छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बाइक बरामद कर मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना 8 मई 2026 को दिन के समय हुई। मधुबनी, बिहार के रहने वाले मिथलेश, जो अरावत ढाबा पर रोटी बनाने का काम करते हैं, जीटी रोड पर ढाबे के सामने खड़े थे। तभी एक काले रंग की बाइक पर सवार दो युवक आए। बाइक पर बैठे युवक ने छीना मोबाइल बाइक पर पीछे बैठे युवक ने मिथलेश के हाथ से मोटोरोला कंपनी का आसमानी रंग का मोबाइल फोन छीन लिया। मिथलेश ने तुरंत शोर मचाया और लुटेरों की बाइक को को पीछे से पकड़कर गिरा दिया। ढाबे से और आने-जाने वाले लोग दौड़कर आने लगे। यह देखकर दोनों बदमाश बाइक छोड़कर भागने लगे। भागते समय उन्होंने छीना हुआ मोबाइल फोन भी मौके पर फेंक दिया और फरार हो गए। पुलिस ने शिकायत दर्ज की, लुटेरों की तलाश मिथलेश ने थाना मुरथल में लुटरों की मोटरसाइकिल के नंबर HR790631 सहित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने दोनों अज्ञात युवकों के खिलाफ मोबाइल छीनने की कोशिश के लिए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस के अनुसार, थाना मुरथल में शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके आधार पर मुकदमा धारा 62 और 304(2) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस जब्त मोटरसाइकिल के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
ग्रेटर नोएडा में दो मालियों की हत्या के आरोपी से पुलिस की मुठभेड़ हुई है। नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह हुई इस मुठभेड़ में बदमाश अभिषेक के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान आरोपी अभिषेक ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। इसमें एक पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली अभिषेक के पैर में लगी। इसके बाद उसे दबोच लिया गया। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला शुक्रवार को निर्माणाधीन हॉस्टल में आरोपी अभिषेक अपने दो साथी मजदूरों, शीशपाल (25) और इंद्रपाल (50) के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर तीनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर अभिषेक ने पहले एक मजदूर के सिर पर फावड़े से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद, दूसरे मजदूर द्वारा पुलिस को सूचना देने के डर से, उसने दूसरे मजदूर को भी फावड़े से सिर पर वार कर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या के बाद आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और जानकारी जुटाई। पता चला कि ये तीनों लोग तीन दिन पहले मेरठ से निर्माणाधीन हॉस्टल में माली का काम करने आए थे। पुलिस ने आरोपी अभिषेक के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त फावड़ा, एक तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी प्रेस वार्ता के माध्यम से साझा की जाएगी।
हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में एक सगे भाई द्वारा बहन से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस घटना से इलाके में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पीड़िता ने बड़कागांव थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उसने बताया कि बीती रात वह अपने बच्चे के साथ घर में सो रही थी। उसका पति दवा लेने बड़कागांव गया हुआ था। वारदात के वक्त पति नहीं था घर परइसी दौरान उसका सगा भाई अनुज कुमार घर आया और उसके साथ जबरदस्ती की। पीड़िता के विरोध के बावजूद आरोपी ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, माता-पिता की मृत्यु के बाद पीड़िता ही अपने भाई का पालन-पोषण कर रही थी। उसने भाई को अपने साथ रखा और उसकी देखभाल की थी। टीपी-5 के पास छापेमारी कर आरोपी को किया गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर हजारीबाग रोड स्थित टीपी-5 के पास छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी ने बताया कि मेडिकल जांच और प्रारंभिक साक्ष्यों से घटना की पुष्टि हुई है। आरोपी को नशे का आदी बताया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।

