Manipur CM ने संगीतकार Chongtham Vikram के परिवार से मिलकर दिया न्याय का भरोसा
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने बृहस्पतिवार को मारे गए संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह के परिवार को आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन इंफाल पश्चिम जिले के थांगमेइबंद स्थित चोंगथाम के आवास पर पहुंचकर दिया। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से बातचीत करते हुए इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि इसमें एक ऐसे निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई, जिसने कोई गलत काम नहीं किया था। सिंह ने चोंगथाम के माता-पिता, पत्नी और बेटे से मुलाकात की तथा उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव सहायता और सहयोग का भरोसा दिया। दिल्ली के किलोकरी इलाके में मंगलवार को 54 वर्षीय संगीतकार की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उन्होंने अपने घर के बाहर एक ढाबे से आ रहे शोर पर आपत्ति जताई थी। पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। किलोकरी में दो दशक से भी अधिक समय से रह रहे सिंह एक जाने-माने संगीतकार और गिटारवादक थे। वह 1980 के दशक की शुरुआत में मणिपुर रॉक बैंड फीनिक्स के मुख्य गिटारवादक थे। उन्होंने बाद में दिल्ली में एक संगीत शिक्षक और कलाकार के रूप में काम किया।
नई दिल्ली में मणिपुर के चर्चित गिटारवादक चोंगथाम विक्रम सिंह की कथित मॉब लिंचिंग ने सिर्फ एक परिवार को नहीं तोड़ा है, बल्कि राजधानी में पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले भेदभाव पर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हम आपको बता दें कि 55 वर्षीय चोंगथाम विक्रम सिंह की 6 सितंबर की देर रात अश्रम इलाके में कथित तौर पर आठ लोगों ने बेरहमी से पिटाई की। अगले दिन सुबह उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने सात लोगों और एक 15 वर्षीय किशोर को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच मॉब लिंचिंग के तौर पर कर रही है। चोंगथाम विक्रम सिंह की पत्नी जोशना चोंगथाम ने मंगलवार को चाणक्यपुरी में मीडिया के सामने जो घटनाक्रम बताया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। उनके मुताबिक, 6 सितंबर की रात करीब 11.30 बजे चोंगथाम विक्रम सिंह नीचे गए थे। कुछ देर बाद वह आठ लोगों से पीछा छुड़ाते हुए सीढ़ियां चढ़कर घर पहुंचे। हमलावरों ने उन्हें घर के दरवाजे तक पीटा। पत्नी और बेटे के सामने हुई इस हिंसा के बाद चोंगथाम विक्रम सिंह को सांस लेने में तकलीफ हुई और परिवार उन्हें होली फैमिली अस्पताल ले गया। उनका ब्लड प्रेशर बेहद कम था और करीब सुबह छह बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। जोशना ने कहा कि उन्होंने अपना पति और उनके बेटे ने अपना पिता खो दिया। इसे भी पढ़ें: Kiren Rijiju ने कहा: मणिपुरी संगीतकार हत्याकांड में Delhi Police 8-9 दिन में दाखिल करेगी चार्जशीट पुलिस के मुताबिक विवाद की शुरुआत घर के आसपास स्थित ढाबों से आने वाले तेज शोर को लेकर हुई थी। परिवार का कहना है कि चोंगथाम विक्रम सिंह ने पहले भी इस शोर और इलाके में होने वाली आवाजाही पर आपत्ति जताई थी और कुछ लोगों ने उन्हें धमकाया भी था। बेटे याइफाबा के पुलिस बयान के अनुसार, हमले के दौरान उसके पिता ने बताया था कि वह कुछ हमलावरों को पहचानते हैं और वे पहले भी उन्हें धमका चुके थे। याइफाबा ने पुलिस को यह भी बताया कि उसने दरवाजा खोलकर हमलावरों को अपने पिता को लात-घूंसों से पीटते देखा था और वह उनके चेहरों की पहचान कर सकता है। अस्पताल ले जाते समय सिंह ने कथित तौर पर बताया कि हमलावर सामने वाले ढाबे की तरफ से आए थे। बताया जा रहा है कि यह परिवार करीब नौ वर्षों से उसी मकान की तीसरी मंजिल पर रह रहा था। पड़ोसी के मुताबिक उस रात अचानक चीख-पुकार सुनाई दी। सामान्य तौर पर सिंह रात के खाने के बाद टहलने या कूड़ा बाहर डालने निकलते थे और माना जा रहा है कि उस रात भी वह इसी तरह नीचे गए थे। लेकिन वापस लौटते समय सीढ़ियां उनके लिए मौत का रास्ता बन गईं। घटना के बाद असली विवाद सिर्फ हत्या के आरोपियों तक सीमित नहीं रहा। पूर्वोत्तर के नागरिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे व्यापक नस्ली भेदभाव के संदर्भ में देखने की मांग की है। मणिपुर वीमेन गन सर्वाइवर्स नेटवर्क की संस्थापक सदस्य बिनालक्ष्मी नेप्राम ने आरोप लगाया कि यह नस्ली हिंसा का मामला है और सवाल उठाया कि आखिर पूर्वोत्तर के लोगों को अपने ही देश की राजधानी में ऐसी हिंसा का सामना क्यों करना पड़ता है। वहीं दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने घटना को भयावह बताते हुए इसमें नस्ली कोण से इंकार किया और विपक्ष पर ‘गंदी राजनीति’ नहीं करने की अपील की। उधर, मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इसे बेहद पीड़ादायक घटना बताते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में निष्पक्ष, समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने पूर्वोत्तर के छात्रों और कामकाजी लोगों की बड़ी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं को महज अलग-थलग अपराध मानकर छोड़ना ठीक नहीं होगा। हत्या के बाद नागरिक संगठनों के विरोध-प्रदर्शन के बीच एफआईआर में मॉब लिंचिंग से संबंधित प्रावधान लगाए जाने की बात सामने आई। दरअसल, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(2) में पांच या उससे अधिक लोगों द्वारा मिलकर किसी व्यक्ति की हत्या करने की स्थिति में, यदि आधार नस्ल, जाति, समुदाय, लिंग, जन्मस्थान, भाषा, व्यक्तिगत विश्वास या अन्य आधार हो, तो कठोर सजा का प्रावधान है, जिसमें उम्रकैद से लेकर मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है। देखा जाये तो चोंगथाम विक्रम सिंह की हत्या ने पूर्वोत्तर के लोगों के बीच पुराने डर और असुरक्षा की भावना को फिर सामने ला दिया है। नागरिक संगठनों ने इस घटना को इसी वर्ष फरवरी में मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश की कुछ युवतियों के साथ कथित नस्ली गाली-गलौज जैसी घटनाओं के संदर्भ में देखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर पूर्वोत्तर के लोगों ने सवाल उठाया कि दिल्ली जैसे महानगर में आखिर उनकी सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है। परिवार की मांग हालांकि बेहद साफ है कि बदला नहीं, न्याय चाहिए। उधर पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। दिल्ली बीजेपी ने जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने और सरकार की ओर से मुकदमे को विशेष अदालत में तेजी से चलाने की सिफारिश की बात कही है। अब असली कसौटी यही है कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है, आरोपियों के खिलाफ कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और क्या यह मामला सिर्फ एक और सनसनीखेज खबर बनकर रह जाएगा। क्योंकि सवाल अब सिर्फ चोंगथाम विक्रम सिंह की हत्या का नहीं है। सवाल यह है कि दिल्ली में रहने वाला कोई व्यक्ति अगर अपने आसपास के शोर पर आपत्ति जताता है, तो क्या उसकी शिकायत का जवाब लात-घूंसों और भीड़ की हिंसा से दिया जाएगा? और अगर पीड़ित पूर्वोत्तर से आता है, तो क्या समाज को उसके साथ होने वाली हिंसा के नस्ली पहलू पर भी उतनी ही गंभीरता से विचार नहीं करना चाहिए?
Manipur के दो जिलों से प्रतिबंधित संगठनों के चार उग्रवादी गिरफ्तार
मणिपुर के दो घाटी जिलों से सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, ये सभी गिरफ्तारियां बुधवार को की गईं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि असम राइफल्स और गढ़वाल राइफल्स को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले के माना इंगखोल में ‘नेशनल रिवोल्यूशनरी फ्रंट ऑफ मणिपुर’ के 28 वर्षीय एक सक्रिय सदस्य को पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि इंफाल पश्चिम जिले में चिंगमेइरोंग से प्रतिबंधित कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी के 44 वर्षीय एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी के अनुसार, पकड़े गए दो अन्य लोगों में एक प्रतिबंधित कांगलेई याओल कन्ना लुप का सक्रिय सदस्य है, जिसे इंफाल पश्चिम के सागोलटोंगबा स्थित उसके घर से पकड़ा गया। वहीं, दूसरा व्यक्ति इंफाल पूर्व के अहल्लुप से पकड़ा गया, जो केसीपी (नोंगद्रेनखोंबा) का सदस्य है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए उग्रवादियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
बीसी रॉय ट्रॉफी: मणिपुर ने पश्चिम बंगाल को हराकर बरकरार रखा जूनियर बॉयज एनएफसी ताज
Bengaluru, 9 सितंबर . मणिपुर ने डॉ. बीसी रॉय ट्रॉफी के लिए जूनियर बॉयज नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप का खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा. Wednesday को Bengaluru फुटबॉल स्टेडियम में खेले गए टियर-1 फाइनल में मणिपुर ने पश्चिम बंगाल को 3-1 से हराकर लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. इसी के साथ मणिपुर ने ... Read more
Travel Tips: मणिपुर की सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक है Kangla Fort, जानें कैसे पहुंचे Imphal
इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही खुला आसमान और हवा की ताजगी आपका मोह लेगी। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरने के बाद पैदल भवन में एंटर किया जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर बसा इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा के लिए जाना जाता है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं। वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे पारंपरिक आउटफिट में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इमा मार्केट यह समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है। शहर के बीचो-बीच इमा मार्केट स्थित है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला मार्केट। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kashi Tirtha Yatra Package: 17 हजार में वाराणसी और Ayodhya घूमने का बजट फ्रेंडली अवसर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और अन्य कई तरह की चीजें शामिल हैं। वहीं एक हिस्से सिर्फ पूजा का सामान है। कांगला किला की सैर इसके अलावा इंफाल में आपको दो जगहें और देखनी चाहिए। जिनमें पहला कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक है। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। आज भी मणिपुर के निवासियों के िए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद थी। लेकिन हमने पैदल घूमने का फैसला किया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं। कांगला संग्रहालय यहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और इसका इतिहास देख सकते हैं। बोट म्यूजियम यहां पर प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी। पुरातत्व संग्रहालय पुरातत्व संग्रहालय को देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है। जिसको मेतेई लोग शुभ और पवित्र मानते हैं। यहां पर कई और दर्शनीय स्थल है। जैसे - महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि है। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल पहुंचने के लिए आपको दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां पर आप सीधे पहुंच सकते हैं। यहां पर जाने के लिए सिंतबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा है। क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। हालांकि यह सुविधा अब ऑनलाइन भी है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसको प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मौजूद है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।
दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार पर 4-5 युवकों ने किया था लात-घूसों से हमला, बेटे ने दर्ज कराई एफआईआर
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'राज्य में एनआरसी के लिए आधार वर्ष होगा 1951', बोले मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम
मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजम ने घोषणा की कि राज्य में एनआरसी के लिए आधार वर्ष 1951 होगा और सरकार केंद्र के साथ इस मामले को आगे बढ़ाएगी।
विक्रम हत्याकांड का मामला गरमाया, मणिपुर सीएम ने दिल्ली CM को लिखी चिट्ठी
दिल्ली के किलोकरी में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की है.
दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की हत्या पर मणिपुर के सीएम खेमचंद सिंह ने जताया दुख, जल्द न्याय की मांग
इंफाल, 8 सितंबर . दिल्ली के किलोकरी इलाके में मणिपुर के मशहूर संगीतकार और संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम की हत्या के मामले में मणिपुर Government ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए जल्द न्याय की मांग की है. Chief Minister सचिवालय, इंफाल की ओर से ... Read more
Manipur Music Teacher Killed: Chongtham Vikram Singh को Delhi में पीट-पीटकर मारा, लोगों में गुस्सा!
आरोप है कि घर के बाहर शोर-शराबे को लेकर हुए विवाद के बाद उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के विरोध में मणिपुर के लोगों ने दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला…
'इसमें भाजपा कहां से आई?' मणिपुर के कलाकार की हत्या पर भिड़े राहुल गांधी-किरेन रिजिजू
विक्रम सिंह का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने अपने घर के पास स्थित ढाबे पर शराब पीकर देर रात तेज आवाज में हो-हल्ला कर रहे डिलीवरी बॉयज और कर्मचारियों को शोर कम करने की हिदायत दी थी।
‘आपको न्याय मिलेगा’, गौरव गोगोई ने मणिपुर के म्यूजिशियन की हत्या पर जाहिर किया दुख
गुवाहाटी, 8 सितंबर . कांग्रेस सांसद और Lok Sabha में उपनेता गौरव गोगोई ने Tuesday को मणिपुर के म्यूजिशियन चोंगथम विक्रम सिंह की मृत्यु पर दुख जाहिर किया. विक्रम सिंह ने दक्षिण दिल्ली स्थित अपने आवास के बाहर तेज आवाज में म्यूजिक चलाने पर आपत्ति जताई, तो कथित तौर उन्हें पीट-पीट कर मौत के घाट ... Read more
'आपको न्याय मिलेगा', गौरव गोगोई ने मणिपुर के म्यूजिशियन की हत्या पर जाहिर किया दुख
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई ने मंगलवार को मणिपुर के म्यूजिशियन चोंगथम विक्रम सिंह की मृत्यु पर दुख जाहिर किया।
'आपको न्याय मिलेगा', गौरव गोगोई ने मणिपुर के म्यूजिशियन की हत्या पर जाहिर किया दुख
'आपको न्याय मिलेगा', गौरव गोगोई ने मणिपुर के म्यूजिशियन की हत्या पर जाहिर किया दुख
दिल्ली के किलोकरी गांव में मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि उन्होंने डिलीवरी बॉय और ढाबा कर्मचारियों द्वारा घर के बाहर शोर मचाने और शराब पीने का विरोध किया था। पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। दिल्ली में पूर्वोत्तर के संगीतकार की हत्या पर बवाल मच गया।राहुल से कोनराड संगमा तक दिग्गजों ने पूछा सवाल? ALSO READ: दिल्ली सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: हरिराम का बेटा पुलिस कस्टडी में, अन्य को न्यायिक हिरासत क्या है मामला? 7 सितंबर को सनलाइट कॉलोनी पुलिस स्टेशन में GD नंबर 10A के तहत एक PCR कॉल मिली। यह कॉल किलोकारी गांव के रहने वाले 54 वर्षीय सी.विक्रम सिंह के साथ मारपीट के बारे में थी। जब विक्रम सिंह ने नीचे उतरकर उन लोगों को मना किया और आपत्ति जताई तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। उनके साथ लात-घूंसों से जमकर मारपीट की गई। बेटे उन्हें अस्तपाल ले गए जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 7 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें भरत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा, विजय और मन्नू शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 19 से 36 साल के बीच है। एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखते थे सी विक्रम सिंह विक्रम सिंह पिछले कई वर्षों से किलोकरी में परिवार के साथ रह रहे थे। वह मूल रूप से मणिपुर के रहने वाले और मैतेई समुदाय से ताल्लुक रखते थे। वह एक संस्थान के लिए संगीतकार के तौर पर काम करते थे। ALSO READ: सत्या निकेतन बिल्डिंग हादसा : 7 मौतों के बाद CJP की बड़ी मांग, दिल्ली के सभी PG का होगा सेफ्टी ऑडिट राहुल नेपूर्वोत्तर परिवार की ओर से पूछा सवाल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, मणिपुर के एक प्रतिष्ठित संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह जी घर के बाहर हो रहे शोर को कम करने के लिए नीचे गए थे, और इसके लिए उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया। एक पिता, जिसकी उसके अपने देश की राजधानी में, उसके अपने घर के बाहर हत्या कर दी गई। ऐसी कई घटनाओं के बाद, दिल्ली का हर पूर्वोत्तर परिवार आज यही सवाल पूछ रहा है - क्या हम यहां सुरक्षित हैं? बढ़ती अराजकता, खासकर पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ हो रहे अपराधों को रोकने के लिए शाह का गृह मंत्रालय (MHA) और दिल्ली पुलिस क्या कर रही है? मामले की जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। विक्रम जी के परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। Disturbed by the assault incident that led to the tragic demise of musician Chongtham Vikram Singh from Manipur in Delhi. This incident has once again reopened the painful wounds of atrocities faced by people from the North East in the capital. Call upon the authorities and… — Conrad K Sangma (@SangmaConrad) September 8, 2026 क्या बोले मेघालय CM कॉनराड संगमा? मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा कि दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मारपीट के कारण हुई दुखद मौत की घटना से मैं बहुत आहत हूं। इस घटना ने राजधानी में नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के साथ होने वाले अत्याचारों के दर्दनाक घावों को एक बार फिर ताजा कर दिया है। मैं अधिकारियों और दिल्ली पुलिस से अपील करता हूं कि वे यह सुनिश्चित करें कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मणिपुर निवासी सी. विक्रम सिंह कई वर्षों से किलोकरी गांव में रह रहे थे। घटना के समय उनके घर के सामने कुछ लोग शराब पी रहे थे और तेज आवाज में शोर-शराबा कर रहे थे।
Manipur School Closed: एनआरसी विवाद के बीच मणिपुर में स्कूल-कॉलेज बंद, 22 अगस्त तक जारी रहेगा आदेश
School Closed: एनआरसी विवाद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच मणिपुर सरकार ने स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का फैसला लिया है। राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान 22 अगस्त तक बंद रहेंगे।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

