एमसीबी जिले के जनकपुर नगर पंचायत क्षेत्र में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर की जर्जर सड़क और खराब सफाई व्यवस्था के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जनकपुर बस स्टैंड परिसर की गड्ढों से भरी सड़क पर धान का रोपा लगाकर नगर पंचायत के खिलाफ विरोध जताया और जल्द सुधार की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनकपुर बस स्टैंड नगर का सबसे व्यस्त स्थान है, जहां रोज बड़ी संख्या में यात्री, छात्र, व्यापारी और आम लोग आते-जाते हैं। इसके बावजूद सड़क लंबे समय से जर्जर है। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सफाई व्यवस्था पर भी उठाए सवाल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी फैली हुई है। नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत पर लगाए अनदेखी के आरोप प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद नगर पंचायत ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। उग्र आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बस स्टैंड की सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई और सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो नगर पंचायत कार्यालय का घेराव कर चरणबद्ध और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
महेंद्रगढ़ जिले के कनीना क्षेत्र के लिए मंगलवार का दिन दुखद समाचार लेकर आया। लेह-लद्दाख में देश की सेवा के दौरान भारतीय सेना में सूबेदार पद पर तैनात वीरेंद्र सिंह का निधन हो गया। ड्यूटी के दौरान बर्फीले क्षेत्र में पैर फिसलने से उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। सेना की ओर से उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सूबेदार वीरेंद्र सिंह के निधन की सूचना मिलते ही उनके पैतृक कस्बा कनीना में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं रिश्तेदारों, मित्रों और क्षेत्रवासियों ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। क्षेत्र के लोगों ने वीरेंद्र सिंह को एक साहसी, कर्तव्यनिष्ठ और देशभक्त सैनिक बताते हुए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है। पूरे सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार सूबेदार वीरेंद्र सिंह का गुरुवार को उनके पैतृक कस्बा कनीना में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई देने के लिए कनीना कस्बे सहित आसपास के गांवों से हजारों लोग पहुंचे और नम आंखों से वीर सैनिक को श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस भी निकाला सेना के जवानों द्वारा उनके पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक घर तक लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। इसके बाद पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि जुलूस के रूप में श्मशान घाट तक ले जाया गया। आंखे दिखी नम पूरे मार्ग में लोगों ने भारत माता की जय और वीरेंद्र सिंह अमर रहें के नारों के साथ अपने वीर सपूत को भावभीनी विदाई दी। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्र का माहौल गमगीन रहा और हर आंख नम दिखाई दी। 2001 में हुए थे भर्ती सूबेदार वीरेंद्र सिंह का जन्म वर्ष 1980 में कनीना नगर के वार्ड नंबर-1 में जगमाल सिंह के घर हुआ था। बचपन से ही अनुशासन, मेहनत और देशभक्ति की भावना से प्रेरित वीरेंद्र सिंह ने वर्ष 2001 में मात्र 21 वर्ष की आयु में भारतीय सेना ज्वाइन की थी। सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने अहमदनगर में प्रारंभिक सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया और विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर अपनी सेवाएं दीं। गंभीर चोट आई थी वर्तमान में वे भारतीय सेना की आर्म्ड यूनिट में तैनात थे तथा लेह-लद्दाख के दुर्गम और अत्यंत चुनौतीपूर्ण बर्फीले क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे। इसी दौरान एक हादसे में उनका पैर फिसल गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद उन्हें चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। पत्नी व तीन बच्चे छोड़ गए वीरेंद्र सिंह का विवाह वर्ष 2002 में हुआ था। अपने पीछे वे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके छोटे भाई मनोज और बहन बबली सहित पूरा परिवार इस असमय हुए निधन से गहरे सदमे में है। पूरा परिवार सेना में विशेष बात यह है कि वीरेंद्र सिंह का परिवार लंबे समय से सेना और देश सेवा की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा रहा है। उनके पिता, चाचा, चचेरे भाई-बहन तथा सगे भाई भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं या वर्तमान में दे रहे हैं। ऐसे सैन्य परिवार के वीर सपूत के निधन को क्षेत्र के लोग अपूरणीय क्षति मान रहे हैं। युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत क्षेत्र के गणमान्य लोगों और ग्रामीणों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सूबेदार वीरेंद्र सिंह ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति सदैव युवाओं को प्रेरित करती रहेगी। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र ने एक बहादुर, समर्पित और कर्तव्यपरायण सैनिक को खो दिया है।
कोटा संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को नैनवां का सघन दौरा कर उपखंड अधिकारी कार्यालय, राजस्व न्यायालय और नगरपालिका परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर (फॉलोअप) का निरीक्षण किया। राजस्व न्यायालय के निरीक्षण के दौरान संभागीय आयुक्त ने पत्रावलियों की जांच की और पांच साल से अधिक समय से लंबित राजस्व प्रकरणों पर नाराजगी जताई। उन्होंने ऐसे मामलों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही तरमीम शुद्धि, भूमि रूपांतरण और धारा 251-ए के तहत रास्ता दिलाने से जुड़े प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुछ न्यायालयीन मामलों की सुनवाई भी की। इस दौरान उनके साथ कोटा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) हरेन्द्र कुमार महावर, बूंदी जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव और पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा भी मौजूद रहे। उपखंड कार्यालय की कार्यप्रणाली परखी संभागीय आयुक्त ने उपखंड कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कर कर्मचारियों से रिकॉर्ड और कार्यप्रणाली की जानकारी ली तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सीएलजी बैठक में साइबर अपराध और नशे पर चिंता नैनवां थाना परिसर में आयोजित सीएलजी बैठक को संबोधित करते हुए आईजी हरेन्द्र कुमार महावर ने कहा कि सीएलजी सदस्य पुलिस और प्रशासन के 'आंख-कान' हैं। उन्होंने समाज में होने वाली छोटी-बड़ी घटनाओं की सूचना समय पर प्रशासन तक पहुंचाने की अपील की। आईजी ने साइबर अपराध और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक के लिए जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए दुगारी पुलिस चौकी पर जल्द स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी तथा अपराध नियंत्रण के लिए संसाधनों की कमी नहीं रहने दी जाएगी। स्थानीय समस्याएं उठीं, समाधान का भरोसा बैठक में पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रमोद जैन ने कीरों का झोंपड़ा से नैनवां शहर तक सड़क सुधार की मांग रखी। अन्य सदस्यों ने उपजिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी दूर करने, नैनवां थाने में पुलिस बल बढ़ाने और देई थाने के लिए अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराने की मांग की। संभागीय आयुक्त ने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान का भरोसा देते हुए शहर की पेयजल व्यवस्था सुधारने के भी निर्देश दिए। शिविरों में उसी दिन हो शिकायतों का समाधान नगरपालिका परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर (फॉलोअप) के निरीक्षण के दौरान संभागीय आयुक्त ने विभिन्न विभागों की स्टॉलों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक प्रकरण की सूची बनाकर उसका उसी दिन निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आवासीय पट्टे जारी करने, बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने, अतिक्रमण हटाने, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के पात्र लाभार्थियों को आवास स्वीकृत करने तथा लंबित किश्तें जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही रीको के लिए आवंटित भूमि का सीमांकन कराने को भी कहा। पेयजल आपूर्ति के लिए समन्वय से बने कार्ययोजना संभागीय आयुक्त ने पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को आपसी समन्वय से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती से पहले जलदाय विभाग को सूचना दी जाए, ताकि जलापूर्ति बाधित न हो। लाभार्थियों को वितरित किए चेक शिविर के दौरान प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए। इस अवसर पर नैनवां उपखंड अधिकारी भागचंद रैगर, पुलिस उपाधीक्षक ओम प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
थाना सेक्टर-126 क्षेत्र के शाहपुर गांव में शराब पीने के दौरान हुए विवाद में एक मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर । मामले में हत्या का मुकदमा गुरुवार को दर्ज किया गया। थाना सेक्टर-126 प्रभारी निरीक्षक सोमनेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक शिशुपाल (35) पुत्र मक्खन सेक्टर-87 फेस-2 में किराये पर रहकर मजदूरी करता था। बुधवार रात वह अपने गांव के साथी टीटू पुत्र परशुराम और अन्य मजदूरों के साथ शाहपुर गांव में शराब पी रहा था। इसी दौरान टीटू के रिक्शे को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। नशे की हालत में दिया धक्कानशे की हालत में टीटू ने शिशुपाल को धक्का दे दिया। धक्का लगने से वह पास में पड़े पत्थर पर गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आ गई। साथी मजदूर उसे उपचार के लिए भंगेल स्थित सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हिरासत में लिया गया आरोपीगुरुवार को मृतक के परिजन सत्यपाल की तहरीर पर थाना सेक्टर-126 में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मिले तथ्यों के आधार पर अभियोग दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। घटनास्थल से वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आरोपी टीटू को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। विवेचना में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर नगर निगम ने जोन-3 क्षेत्र में गंदगी फैलाने और सिंगल यूज प्लास्टिक (एसयूपी) का इस्तेमाल करने वाले शराब ठेकों के खिलाफ गुरुवार को अभियान चलाकर कार्रवाई की। खाड़ेपुर स्थित वार्ड-21 में तीन शराब दुकानों- एक कैंटीन संचालक पर चालान और जुर्माना लगाया गया है। कार्रवाई की शुरुआत जोन-3 की बैठक में वार्ड-21 के पार्षद धीरेंद्र कुमार की शिकायत के बाद हुई। पार्षद ने बताया था कि कर्रही बंबा रोड पर तीन शराब ठेकों का कूड़ा सीधे नाले में डाला जा रहा है, जिससे नाला जाम रहता है और आसपास गंदगी फैलती है। महापौर प्रमिला पांडेय ने शिकायत के बाद अधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसके नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई की। 5 हजार रुपये का शमन शुल्क वसूला, चालान काटा इस अभियान के दौरान मुन्नालाल साहू की कम्पोजिट शराब दुकान पर गंदगी मिलने पर चालान किया गया। वहीं पाल चौराहे पर प्रशांत सिंह के नाम से संचालित देशी शराब की दुकान पर भी सफाई व्यवस्था खराब मिलने पर चालान की कार्रवाई की गई है। इसी परिसर में कैंटीन संचालक राजू को सिंगल यूज प्लास्टिक के डिस्पोजल गिलास का इस्तेमाल करते पाए जाने पर 5 हजार रुपये का शमन शुल्क वसूला गया और चालान काटा गया। गंदगी फैलाने पर काटा चालान इसके अलावा सैनिक मार्केट में संजीव कटियार की शराब दुकान पर गंदगी फैलाने और सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने पर भी चालान किया गया। नगर निगम अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को भविष्य में नियमों का पालन करने और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फैलाने की सख्त चेतावनी दी है। कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी जोन-3 रवींद्र कुमार, जोनल स्वच्छता अधिकारी आशीष बाजपेई, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक अरविंद भारती समेत नगर निगम का प्रवर्तन दल मौजूद रहा। अधिकारियों ने कहा कि शहर में स्वच्छता और सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।
पलवल जिले में एसटीएफ टीम ने नीरज फरीदपुरिया गैंग के 50 हजार के इनामी सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर रिमांड के दौरान 10 लाख रुपए से अधिक कीमत की एक विदेशी पिस्टल सहित 2 अन्य पिस्टल और एक डबल बैरल पौना बंदूक बरामद की गई है। एसटीएफ ने इस गिरफ्तारी से नीरज फरीदपुरिया द्वारा फिरौती मांगने वाले लोगों के खिलाफ होने वाली एक बड़ी वारदात को टाल दिया। एसटीएफ के डीएसपी प्रीतपाल ने बताया कि एसटीएफ पलवल प्रभारी अनिल छिल्लर की टीम ने अलीगढ़ के बजौता निवासी सोनू उर्फ प्रमोद को गिरफ्तार किया। सोनू नीरज फरीदपुरिया गैंग का सदस्य और अवैध हथियार सप्लायर है। उसकी गिरफ्तारी पर बुलंदशहर पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था। आरोपी से पहले एक अवैध पिस्टल, 42 राउंड, एक अवैध रिवाल्वर, 54 राउंड और 315 बोर, 12 बोर, 32 बोर के कुल 130 राउंड बरामद किए गए थे। हरियाणा और उत्तर प्रदेश में 16 मुकदमे दर्ज सोनू उर्फ प्रमोद के खिलाफ हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, फिरौती और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में कुल 16 मुकदमे दर्ज हैं। वह बुलंदशहर (यूपी) के काकोड थाना में दर्ज एक हत्या के मुकदमे में फरार चल रहा था। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 2 दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान उसकी निशानदेही पर 10 लाख रुपए से अधिक कीमत की एक विदेशी पिस्टल पीएक्स-3, एक .32 बोर की पिस्टल, 4 राउंड और एक डबल बैरल पौना बंदूक बरामद हुई। डीएसपी ने बताया कि बरामद विदेशी पिस्टल एक बहुत खतरनाक हथियार है। आरोपी नीरज फरीदपुरिया गैंग के निर्देश पर पलवल और आसपास के इलाकों में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।
मुख्तार अंसारी की फरार पत्नी अफशां पर FIR:गैंग के शस्त्र लाइसेंस जांच में दस्तावेज गायब करने का आरोप
गाजीपुर में मुख्तार अंसारी की फरार पत्नी अफशां अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी पर मुकदमा दर्ज होने के एक दिन बाद हुई है। मामला मुख्तार अंसारी के आईएस-191 गैंग से जुड़े शस्त्र लाइसेंसों की जांच से संबंधित है। पुलिस का आरोप है कि अफशां अंसारी के शस्त्र लाइसेंस से संबंधित मूल अभिलेख और क्रय-विक्रय पत्रावली को जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से कथित तौर पर गायब कराया गया है। यह आपराधिक षड्यंत्र शस्त्र लिपिकों की मिलीभगत से किया गया, जिससे हथियारों के सत्यापन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। डीआईजी, वाराणसी परिक्षेत्र के निर्देश पर आईएस-191 गैंग के सदस्यों, सहयोगियों और मुख्तार अंसारी के परिजनों को जारी शस्त्र लाइसेंसों की जांच चल रही है। जांच के दौरान, अफशां अंसारी के नाम पर जारी शस्त्र लाइसेंस से संबंधित मूल पत्रावली और क्रय-विक्रय के कागजों के रिकॉर्ड से गायब पाए गए। इसी लाइसेंस पर खरीदी गई एनपीबी रिवॉल्वर संख्या एबीएम-4299 की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका है। इस मामले में अफशां अंसारी के साथ तत्कालीन प्रथम पटल सहायक बृजनारायण राम (सेवानिवृत्त, मृतक) और द्वितीय पटल सहायक भीष्म सिंह यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता/आईपीसी की धारा 409, 120-बी, 419 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 21/25/30 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा ने बताया- आईएस-191 गैंग से जुड़े लोगों के शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन लगातार जारी है। जांच में यह भी सामने आया कि अफशां अंसारी के लाइसेंस पर पहले एक रिवॉल्वर खरीदी गई थी, जिसे बाद में बेचकर दूसरा हथियार लिया गया। हालांकि, पहले खरीदे गए हथियार की वर्तमान स्थिति का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके अतिरिक्त, जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के शस्त्र लेखागार से संबंधित क्रय-विक्रय पत्रावली भी गायब मिली है। जांच में ऐसे संकेत भी मिले हैं कि एक ही लाइसेंस पर अलग-अलग समय में कई हथियारों की खरीद-बिक्री हुई। इन्हीं तथ्यों के आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई है। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले इसी जांच के दौरान गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी तथा तत्कालीन शस्त्र लिपिकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस अब आईएस-191 गैंग से जुड़े शेष शस्त्र लाइसेंसों और हथियारों का भी भौतिक सत्यापन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जहां-जहां अनियमितताएं सामने आएंगी, वहां संबंधित लोगों के खिलाफ भी इसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नागौर कृषि उपज मंडी समिति में गुरुवार को बोली में अधिकांश कृषि जिंसों के भाव सीमित रहे। बुधवार की तुलना में जीरे में हल्की नरमी देखने को मिली, जबकि मूंग और ग्वार के भाव में सुधार दर्ज किया गया। सौंफ और इसबगोल मजबूत बने रहे। वहीं चना, मेथी, असालिया, सुवा और तारामीरा के भाव लगभग स्थिर रहे। मंडी में किसानों की आवक सामान्य रही और खरीदारों की मांग गुणवत्ता वाली उपज पर केंद्रित रही। सबसे अधिक चर्चा जीरे की रही। बुधवार को जीरे का अधिकतम भाव 21,500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचा था, जबकि गुरुवार को यह घटकर 21,400 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। हालांकि न्यूनतम भाव 17,000 रुपये पर स्थिर रहा है। जिससे बाजार में हल्की नरमी का संकेत मिला। मूंग में सुधार, ग्वार में तेजी मूंग में सुधार देखने को मिला। बुधवार को अधिकतम भाव 7,400 रुपए था, जो गुरुवार को बढ़कर 7,500 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गया। ग्वार में भी तेजी रही और अधिकतम भाव 5,700 रुपए से बढ़कर 5,730 रुपए हो गया। सौंफ के बाजार में मजबूती बनी रही। अधिकतम भाव 14,000 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा, जबकि इसबगोल भी 13,500 रुपए प्रति क्विंटल के उच्च स्तर पर टिका रहा। दोनों जिंसों में अच्छी गुणवत्ता की उपज को बेहतर भाव मिले। जीरे में मामूली नरमी, सौंफ और इसबगोल में मजबूती चना के भाव में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। इसका अधिकतम भाव 5,650 रुपए प्रति क्विंटल रहा। वहीं असालिया 6,100 रुपए, दाणा मेथी 6,050 रुपए, सिद्धी सुवा 7,500 रुपए और तारामीरा 6,250 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर कारोबार करती रही। अन्य जिंसों में ज्वार का अधिकतम भाव 6,000 रुपए, काला तिल 11,200 रुपए और सफेद तिल 12,000 रुपए प्रति क्विंटल रहा। सरसों (रायड़ा) का औसत 40 प्रतिशत तेल वाली उपज का भाव 7,600 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। कुल मिलाकर गुरुवार की मंडी में बड़े उतार-चढ़ाव नहीं रहे। जीरे में मामूली नरमी के बावजूद मूंग और ग्वार में सुधार ने किसानों को कुछ राहत दी, जबकि सौंफ और इसबगोल ने अपनी मजबूती बरकरार रखी।
बारां में भारतीय मजदूर संघ का 72वां स्थापना दिवस गुरुवार को कृषि उपज मंडी स्थित कार्यालय में मनाया गया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने श्रमिक हितों की रक्षा, संगठन की कार्यशैली और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया। समारोह का समापन कार्यालय पर ध्वजारोहण के साथ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शंकरलाल सुमन ने की। सह संभाग संगठन मंत्री सतीश नामा मुख्य अतिथि रहे। विशिष्ट अतिथियों में ओमप्रकाश शर्मा प्रदेश मंत्री, सेवानिवृत्त विद्युत कर्मचारी संघ, ब्रजमोहन गोयल प्रदेश उपाध्यक्ष, राजस्थान विद्युत कर्मचारी महासंघ और देवेंद्र मीणा जिलाध्यक्ष, राजस्थान राज्य कर्मचारी संघ शामिल थे। जिलामंत्री पंकज राठौर ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ की स्थापना 23 जुलाई 1955 को संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी ने भोपाल में की थी। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन आज देश-विदेश में अपनी शाखाओं के माध्यम से श्रमिकों के हितों की आवाज उठा रहा है। वक्ताओं ने संगठन की राष्ट्रवादी विचारधारा और श्रमिक कल्याण की नीतियों पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर जलदाय कर्मचारी संघ के महामंत्री गजेंद्र कुमार राठौर, हमाल संघ के अध्यक्ष रमेशचंद सुमन, मुनीम संघ के अध्यक्ष हंसराज कुशवाह, जयपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ के अध्यक्ष रामकेश मीणा, सुरक्षा गार्ड श्रमिक संघ के ओमप्रकाश, नर्सिंग कर्मचारी संघ के बुद्धिप्रकाश और भंवरगढ़ से हरिओम चंदेल सहित विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
खंदारी से टाटा गेट तक अतिक्रमण पर चला बुलडोजर:नगर निगम ने सीएम के प्रस्तावित रूट पर चलाया अभियान
आगरा को अतिक्रमण मुक्त और स्वच्छ बनाए रखने के लिए नगर निगम ने गुरुवार को खंदारी कैंपस से लेकर टाटा गेट तक व्यापक अभियान चलाया। अभियान के दौरान सड़क और फुटपाथ पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाया गया। जबकि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ 25-26 जुलाई को आगरा में होंगे। वे 26 जुलाई को यूनिवर्सिटी के खंदारी कैंपस में कार्यक्रम में भाग लेने के बाद टाटा गेट से खेरिया हवाई अड्ड़े तक जा सकते हैं। इसके मद्देनजर नगर निगम ने इस रूट पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। नगर निगम की कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार स्वयं ही अपना सामान हटाते नजर आए। अवैध ढांचों का हटवायानगर निगम की टीम ने खंदारी कैंपस, खंदारी चौराहा, सिकंदरा-बोदला चौराहा, रामनगर पुलिया तथा टाटा गेट के आसपास सड़क और फुटपाथ पर कब्जा कर लगाए गए ठेले, टिन शेड, काउंटर और अन्य अवैध ढांचों को हटवाया। अभियान के दौरान एक दर्जन से अधिक ठेल-धकेल, टिन शेड और काउंटर जब्त कर नगर निगम के कब्जे में ले लिए गए। कार्रवाई के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध भी जुर्माना लगाया गया। नगर निगम की टीम ने विभिन्न दुकानदारों से कुल सात हजार रुपये से अधिक का अर्थदंड वसूलते हुए भविष्य में दोबारा अतिक्रमण या गंदगी फैलाने पर और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। स्वच्छ बनाए रखने की अपीलअभियान के चलते कई स्थानों पर यातायात भी सुचारु हुआ और सड़क किनारे फैले अतिक्रमण हटने से राहगीरों एवं वाहन चालकों को राहत मिली। निगम अधिकारियों ने दुकानदारों से अपील की कि वे फुटपाथ और सड़क पर सामान रखकर अतिक्रमण न करें तथा शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करें। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में अतिक्रमण और गंदगी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना, जब्ती और अन्य विधिक कार्रवाई आगे भी निरंतर की जाएगी। अभियान का नेतृत्व जोनल स्वच्छता अधिकारी (जेडएसओ) मनोज पाल ने किया। उनके साथ एसएफआई इन्द्रजीत और जोगेन्दर सहित नगर निगम की प्रवर्तन एवं स्वच्छता टीम मौजूद रही। अभियान के दौरान निगम कर्मियों ने अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ संबंधित क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई।
उदयपुर में सड़कों पर स्टंटबाजी कर लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ चार थानों की पुलिस ने 50 पावर बाइक जब्त की है। पुलिस ने स्टंट करने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले युवकों पर कार्रवाई करते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। झाड़ोल डीएसपी विवेकसिंह ने बताया कि झाड़ोल, फलासिया, ओगणा और बाघपुरा के थानाधिकारियों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में यह कार्रवाई की। पुलिस ने गश्त के दौरान देखा कि पावर बाइक लेकर युवक सार्वजनिक जगह और रोड पर स्टंटबाजी कर रहे थे। स्टंट करने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई रहेगी जारी उन्होंने कहा कि इससे अन्य वाहन चालकों में अचानक भय का माहौल होने से दुर्घटना की संभावना बन रही थी। पुलिस ने इनके खिलाफ अभियान चलाते हुए ये कार्रवाई की। सभी की बाइक को जब्त करते हुए एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। डीएसपी ने बताया कि आगे भी इस तरह स्टंट करने वालों के खिलाफ नियमित कार्रवाई जारी रहेगी। इनपुट: दुष्यंंत पूर्बिया, झाड़ोल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक 8 साल का बच्चा अपने पिता के साथ प्रोटेस्ट में पहुंचा। उसके हाथों पर पोस्टर भी था। अबीर नाम के बच्चे ने कहा कि बदमाश लोग नीट का एग्जाम खराब कर रहे। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
मेरठ के सरधना से समाजवादी पार्टी विधायक अतुल प्रधान दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन में पहुंचे। उन्होंने धरनास्थल पर छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं। इस दौरान सपा नेता बिल्लू प्रधान भी उनके साथ मौजूद रहे। अतुल प्रधान अपने साथ आंदोलनरत छात्रों के लिए फल, दवाएं और अन्य जरूरी सामग्री लेकर पहुंचे। उन्होंने छात्रों के बीच सामग्री वितरित करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर देश का भविष्य बैठा है और उनका संघर्ष शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग से जुड़ा है। विधायक ने कहा, “यह आंदोलन केवल कुछ छात्रों की व्यक्तिगत मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर और न्यायपूर्ण शिक्षा व्यवस्था की लड़ाई है। समाज के सभी लोगों को छात्रों के इस संघर्ष में सहयोग करना चाहिए।” उन्होंने छात्रों की एकजुटता, आत्मविश्वास और अपने उद्देश्य के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारों की राह में मुश्किलों से टकराने वाले ही इतिहास में अपनी पहचान बनाते हैं। अतुल प्रधान ने सोशल मीडिया पर भी आंदोलन का समर्थन जताया। उन्होंने लिखा कि जो युवा अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते हैं, वही बदलाव की नींव रखते हैं। उन्होंने दोहराया कि वह छात्र और नौजवानों के साथ हमेशा खड़े रहेंगे। धरनास्थल पर मौजूद छात्रों ने विधायक को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन और समस्याओं की जानकारी भी दी। अतुल प्रधान ने उनकी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
धमतरी में NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को धमतरी जिले के सभी ब्लॉकों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। प्रदर्शन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सचिव एवं सह-प्रभारी डॉ. एस.ए. संपत कुमार शामिल हुए। प्रदर्शन से पहले डॉ. एस.ए. संपत कुमार ने कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इसके बाद कार्यकर्ताओं के साथ धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। राहुल गांधी के समर्थन में उठाई आवाज डॉ. संपत कुमार ने आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया। उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करते हुए संबंधित मंत्रियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। छात्रों के भविष्य का उठाया मुद्दा कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले एक महीने से छात्र और युवा अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सरकार जवाब देने के बजाय प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग कर रही है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग डॉ. संपत कुमार ने कहा कि कांग्रेस की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उनका आरोप है कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
हरियाणा सरकार के सिविल एविएशन डिपार्टमेंट की ओर से हिसार एयरोस्पेस प्रोजेक्ट्स और प्रदेश के एविएशन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए बनाई जा रही प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के टेंडर में निजी एजेंसियों ने फिलहाल कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। यही वजह है कि विभाग को एक के बाद एक दो बार बिड जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ानी पड़ी है। विभाग ने सबसे पहले 9 जून को टेंडर आमंत्रित किए थे, जिसकी अंतिम तिथि 30 जून थी। तय समय सीमा में एजेंसियों से पर्याप्त रिस्पॉन्स न मिलने पर पहली बार अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जुलाई की गई। इसके बावजूद बात न बनने पर अब विभाग ने दूसरी बार आवेदन जारी कर अंतिम तारीख 30 जुलाई तक बढ़ा दी है। अब तकनीकी बोलियां 3 अगस्त सुबह 11:00 बजे खोली जाएंगी। सरकार को इसलिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की जरूरत सिविल एविएशन डिपार्टमेंट हरियाणा और हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HADC) को तकनीकी, कमर्शियल और रणनीतिक स्तर पर विशेषज्ञता की जरूरत है। इसी कमी को पूरा करने के लिए 24 महीने के अनुबंध पर एक सलाहकार एजेंसी (PMU) हायर की जा रही है। इस PMU में 5 वरिष्ठ विशेषज्ञ (टीम लीडर, स्ट्रैटेजी एक्सपर्ट, मार्केटिंग एक्सपर्ट, पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट, प्रोक्योरमेंट एक्सपर्ट, आईटी एक्सपर्ट और कमर्शियल एक्सपर्ट) शामिल होंगे, जो विभाग के साथ मिलकर सीधे काम करेंगे। सलाहकार एजेंसी के पास ये जिम्मेदारियां रहेंगी हिसार में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) और एयरोस्पेस/डिफेंस पार्क के लिए बिजनेस प्लान व मार्केटिंग रणनीति तैयार करना। कार्गो सेवाएं, एमआरओ, इन-फ्लाइट कैटरिंग और फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल शुरू करने के लिए बिडिंग प्रोसेस संभालने और हरियाणा एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी 2022 का प्रभावी क्रियान्वयन और नई सिविल एविएशन पॉलिसी ड्राफ्ट करने की जरूरत है। इतना ही नहीं विभाग और HADC के कामकाज को डिजिटल व पेपरलेस बनाने के लिए IT सिस्टम और डैशबोर्ड तैयार करने की जरूरत है। सलाहकार एजेंसी की नियुक्ति से क्या फायदा मिलेगा
भारत एनपीके नाम से उर्वरक बिक्री का विरोध:बागपत में भाकियू ने डीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की
बागपत में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने 'भारत एनपीके' नाम से अमोनियम सल्फेट उर्वरक की कथित बिक्री का विरोध किया है। संगठन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि किसानों के हितों की रक्षा की जा सके। गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के पदाधिकारी जिलाध्यक्ष सहदेव प्रधान के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया कि बाजार में अमोनियम सल्फेट उर्वरक को 'भारत एनपीके' नाम से बेचा जा रहा है, जिससे किसान भ्रमित हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि पैकेजिंग और नामकरण इस प्रकार किया गया है कि वास्तविक उर्वरक की पहचान करना कठिन हो रहा है। संगठन ने दावा किया कि इस तरह की बिक्री उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की भावना के विपरीत है। किसान यूनियन का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो बड़ी संख्या में किसान गलत जानकारी के आधार पर उर्वरक खरीदने को मजबूर होंगे, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होगा और फसलों की उत्पादकता भी प्रभावित हो सकती है। भाकियू (अराजनीतिक) ने प्रशासन से संबंधित उर्वरक की गुणवत्ता, पैकेजिंग और बिक्री की गहन जांच कराने की मांग की है। यदि किसी स्तर पर अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, ऐसे उत्पादों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाकर किसानों को सही और प्रमाणित उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब इस पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
शाहजहांपुर में गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कुछ युवकों ने इसे अपनी जान जोखिम में डालकर मनोरंजन का साधन बना लिया। ककरा पुल पर पहुंचे पांच युवक पुल के ऊपर से नदी में छलांग लगाकर नहाते देखे गए। यह मामला तब सामने आया जब ककरा पुल को 80 सेंटीमीटर ऊंचा उठाने का कार्य चल रहा है। इन युवकों ने पुल से सीधे नदी में छलांग लगाई और नदी में लटकी रस्सी का उपयोग करके वापस ऊपर आ रहे थे। आसपास मौजूद लोगों ने युवकों की इस हरकत को खतरनाक मानते हुए स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पांचों युवकों को पुल पर बुलाया और उनकी लापरवाही के लिए फटकार लगाई। पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाया कि ऐसी हरकतें उनकी जान के लिए खतरनाक हो सकती हैं। चेतावनी देकर उन्हें जाने दिया गया। दरअसल, गर्रा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है, जिससे नदी में काफी पानी आ गया है। हालांकि, अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। ककरा पुल को ऊंचा करने का काम इसलिए किया जा रहा है ताकि पिछली बार की तरह इस बार बाढ़ का पानी आसपास के क्षेत्रों में न घुसे। बताया जा रहा है कि ये पांचों युवक क्षेत्र के ही रहने वाले हैं और सभी को तैरना आता है। उन्होंने नदी में नहाने की योजना बनाई थी। बढ़े हुए जलस्तर में पुल से छलांग लगाना खतरनाक साबित हो सकता था, जिसे देखते हुए लोगों ने पुलिस को सूचित करना उचित समझा।
मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइंस क्षेत्र में एक बंद गली से अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान हंगामा हुआ और एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गई। आरोप है कि एक परिवार ने अपने निजी फायदे के लिए सड़क पर फाइबर शीट का शेड डालकर कब्जा कर रखा था। प्रशासन ने पहले नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने का मौका दिया था, लेकिन कब्जा नहीं हटाए जाने पर कार्रवाई शुरू की गई। यह घटना थाना सिविल लाइंस क्षेत्र के नुमाइश कैंप स्थित गणेशपुरम पंजाबी कॉलोनी की है। कुटिया वाली बंद गली के अंतिम मकान में रहने वाले भोला नामक व्यक्ति पर अपने घर के बाहर सड़क पर फाइबर शीट का शेड डालकर अतिक्रमण करने का आरोप है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस शेड के नीचे कार खड़ी की जाती थी, जिससे गली संकरी हो गई थी। पड़ोसियों को अपने घर तक वाहन ले जाने में परेशानी हो रही थी। सामने रहने वाले देवेश चौधरी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि अतिक्रमण के कारण वे अपने घर के सामने वाहन खड़ा नहीं कर पा रहे थे। गुरुवार को दोपहर करीब 3 बजे नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची। जैसे ही शेड हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, परिवार के सदस्यों ने विरोध करना शुरू कर दिया। महिलाओं ने जेसीबी के सामने खड़े होकर कार्रवाई रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और परिवार के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसमें एक महिला पुलिसकर्मी गिर गई और उसके पैर में हल्की चोट आई। काफी देर तक चले हंगामे के बाद नगर पालिका की टीम ने अतिक्रमण हटाकर सड़क को खाली करा दिया। इस दौरान गेटवे चौकी प्रभारी उधम सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे और कानून व्यवस्था बनाए रखी।
झांसी में शादी के महज दो साल बाद एक महिला ने सुसाइड कर लिया। वो सास के तानों से परेशानी थी। इसलिए चूहा मारने वाली दवा का सेवन कर लिया। ससुराल वालों ने एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां इलाज के दौरान गुरुवार दोपहर 2 बजे उसकी मौत हो गई। मृतका के ताऊ का आरोप है- लड़के ने अपनी पसंद से शादी की थी। जबकि सास चाहती थी कि शादी न हो। कहती थी कि ये लड़की ठिंनगी (बौनी) कद की है। शादी के लगभग 8 महीने बाद ताने देने लगी कि बौनी है। इसलिए बच्चा नहीं हो रहा। न ही प्रेग्नेंसी आई। रोज-रोज के टॉर्चर की वजह से भतीजे ने जान दी है। पुलिस शव कब्जे में लेकर मामले की जांच कर रही है। पूरा मामला टीकमगढ़ के चंदेरा कस्बे की है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए 2 साल पहले शादी की थी महानगर के नवाबाद थाना क्षेत्र के न्यू गल्ला मंडी निवासी परमानंद साहू ने बताया- मेरी भतीजे रितू उर्फ रूबि (31) का रिश्ता मुकेश साहू से तय हुआ था। मुकेश टीकमगढ़ के चंदेरा का रहने वाला है। लड़के ने रूबि को पसंद कर लिया था, लेकिन उसकी मां नहीं चाहती थी कि शादी हो। क्योंकि रितू ठिंनगे कद की थी और उसकी हाइट साढ़े 4 फीट थी। जबकि लड़का की हाइट लगभग साढ़े 5 फीट है। फिर भी लड़के ने अपनी मर्जी से 4 फरवरी 2024 को शादी कर ली थी। रूबि के पिता नहीं थे तो भाइयों और रिश्तेदारों ने मिलकर लगभग 8 लाख रुपए की शादी की थी। रूबि पढ़ी लिखी थी। वो बीए कर चुकी थी और जॉब करती थी। शादियों में साथ नहीं ले जाती थी ताऊ ने आगे बताया- शादी के लगभग 8 महीने बाद ही सास ताने देने लगी कि तुम्हारे बच्चे नहीं होने हैं। तुम बहुत ठिंनगे कद की हो, इसलिए अभी तक प्रेग्नेंट नहीं हुई हो। सास शादी-पार्टियों में जाती थी तो अपने बहू रूबि को साथ नहीं ले जाती थी। ताने देती थी कि शादी में भी पैसे कम दिया, हमारे बेटे के लिए कई रिश्ते आ रहे थे। इन ताने की वजह से रितू बहुत परेशान रहती थी और अपनी नानी व घरवालों को सबकुछ बताती थी। 28 घंटे बाद घरवालों को बताया ताऊ ने आगे बताया- 3 दिन पहले टॉर्चर की वजह से रितू ने जहर खा लिया। मगर हम लोगों को सूचना नहीं दी। घर के आसपास के अस्पतालाें में दिखाते रहे। हम लोगों ने कॉल लगाया तो बात नहीं कराई। 21 की रात को झांसी लाए तो भी खबर नहीं थी। जबकि हम लोग झांसी में ही रहते हैं। 22 जुलाई की सुबह फोन किया। तब भी जहर की बात छुपा ली। बोले कि रितू सीरियस हैं, उसके पेट में दर्द है और शुगर है। वो प्राइवेट अस्पताल में भर्ती है। जब हम लोग आए तो डॉक्टर ने बताया कि जहर खाया है। इलाज के दौरान रितू की आज मौत हो गई। हम चाहते हैं कि इन सभी लोगों के खिलाफ केस दर्ज हो और गिरफ्तार किया जाए। पति बोला- आखरी बार बच्चे को लेकर बात हुई थी पति मुकेश साहू ने बताया- पत्नी रूबि के बच्चे नहीं हो रहे थे, उसी को लेकर आखरी बार बात हुई थी। मैंने कहा कि बंधेज कराएंगे तो तुम एक साल तक घर से बाहर नहीं निकल पओगी। ये सुनते ही पत्नी ने मना कर दिया। इसी बात को लेकर बातचीत हुई। इसके बाद हम लोग सो गए। रात में पत्नी बाहर उल्टी कर रही थी तो जाकर देखा। तबीयत ज्यादा खराब होने पर स्थानीय अस्पताल ले गए। तब रूबि ने डॉक्टर को बताया कि उसने गुस्से में चूहा मारने वाली दवा खा ली। तबीयत बिगड़ने पर झांसी लाए। यहां पर इलाज के दौरान रूबि की मौत हो गई। सास काव्या बाई का कहना है कि मैं सो रही थी, जब बहू उल्टी करने लगी तो पता चला। पूछने पर बोली कि पेट दर्द कर रहा है। तब अस्पताल ले गए। मेरी भी बहू थी तो मैं कोई ताने नहीं मारती थी। अब उनकी लड़की मर गई तो वे आरोप लगा रहे हैं। जो सही नहीं हैं।
बेतिया के प्राइवेट क्लीनिक में 20 जुलाई की सुबह एक नर्स की लाश मिली थी। इस मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने सर्जरी प्लास्टिक पाइप से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी की पहचान के रूप में हुई है। वो पिछले 5 साल से उसी क्लीनिक में स्टाफ के तौर पर काम कर रहा था। वहीं, मृतका की पहचान 23 साल की ममता कुमारी के रूप में हुई है। ममता और रितेश के बीच पिछले 2 साल से अफेयर चल रहा था। ममता, रितेश पर शादी का दबाव बना रही थी, इसी वजह से आरोपी ने गला घोंटकर नर्स की हत्या कर दी।
अशोकनगर में तीन कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के समर्थन में 24 घंटे का अनशन किया। यह अनशन शहर के गांधी पार्क में बुधवार दोपहर 3 बजे से गुरुवार दोपहर तक चला। कांग्रेस पार्षद रीतेश जैन आजाद, सुधीर चौधरी और शिवा सरवैया अनशन पर बैठे थे। रीतेश जैन ने इस दौरान पानी भी नहीं पिया। कांग्रेस नेता रीतेश जैन ने बताया कि उनका अनशन पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के समर्थन में था। इस दौरान जिला सचिव राणाजी रातीखेड़ा सहित कई अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। गुरुवार दोपहर को बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया गया। छात्रों से मारपीट करने वालों को गुंडा कहाकांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के साथ मारपीट की गई और उनकी नाक से खून निकला। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुशवाह ने दावा किया कि छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि आरएसएस के गुंडे थे। कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। विरोध प्रदर्शन के दौरान, सभी कार्यकर्ता हाथों में काली पट्टी बांधे हुए थे। एक-एक कार्यकर्ता प्रतीकात्मक रूप से हाथों में हथकड़ी, गले में रस्सी का फंदा और खून से रंगी पट्टियां बांधकर आए थे। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अभिजीत रघुवंशी, जो गले में फंदा बांधकर आए थे, उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक के कारण 21 परीक्षार्थियों की मृत्यु हुई है, जो एक तरह से उनके गले में फंदा डालने जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में कई बार पेपर लीक हुए हैं। रघुवंशी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ-साथ पेपर लीक में शामिल कोचिंग संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कलेक्ट्रेट के बाहर पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पहले से ही बैरिकेडिंग कर दी थी और गेट बंद कर दिया था। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए थे।
नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में पशु तस्करी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। इन मामलों में कुल 9 ऊंट और 13 गोवंश को तस्करों से मुक्त कराया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में, पुलिस को सूचना मिली थी कि एक आयशर कैंटर में ऊंटों को क्रूरतापूर्वक रस्सियों से बांधकर फरीदाबाद की ओर ले जाया जा रहा है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हिरवाड़ी-बाबनठेड़ी के पास वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी। कुछ दूरी पर वाहन रुकने के बाद उसमें सवार तीन लोगों में से दो अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि ड्राइवर अंसार निवासी नावली को पुलिस ने पकड़ लिया। कैंटर की तलाशी लेने पर उसमें 9 ऊंट मिले, जिनके मुंह और पैर रस्सियों से बंधे हुए थे। फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस इन ऊंटों को कब्जे में लेकर पशु क्रूरता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है। दूसरे मामले में, आंध्र प्रदेश निवासी ट्रक ड्राइवर अमित करुर ने स्वयं पुलिस को सूचना दी। उसने बताया कि उसे दूध देने वाली गायों के परिवहन के नाम पर झांसा देकर संदिग्ध स्थान तक गोवंश पहुंचाने के लिए कहा गया था। रास्ते में उसे लगातार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लोकेशन भेजी जा रही थी, जिससे उसे संदेह हुआ और उसने वाहन रोककर पुलिस को सूचित किया। अृमतसर से इंदौर भेजा जा रहा ट्रक ड्राइवर महूं चौपड़ा रोड पर ट्रक की जांच के दौरान उसमें 13 गाय मिलीं। ड्राइवर अमित करुर के अनुसार, उसे अमृतसर से इंदौर तक परिवहन का काम दिया गया था, लेकिन बीच रास्ते में उसे आशंका हुई कि गोवंश को अवैध उद्देश्य से ले जाया जा रहा है। इसके बाद उसने संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि ट्रक और सभी 13 गायों को कब्जे में लेकर हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गौसंवर्धन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दोनों मामलों में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पशुओं को कहां और किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था, और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
भोजपुर में गुरुवार को करंट से महिला समेत 2 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में बसंती देवी (46) और हरिवंश यादव का बेटा शाहुल कुमार (23) है। परिजन उपेंद्र कुमार ने कहा कि शाहुल खेत में बिचड़ा डालने गया था। खेत के पास बिजली का खंभा है। खेत में चारों ओर पानी भरा है। बिजली के खंभे पर हाईटेंशन लाइन था। नीचे पानी में करंट आ रहा था। पानी में शाहुल जैसे ही गया, उसे करंट लग गया। वो छटपटा रहा था। बसंती देवी उसे बचाने गई तो उसे भी करंट लग गया। घटना जगदीशपुर थाना क्षेत्र के मुंगौल बरदपरवा गांव की है। बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप हादसे की सूचना ग्रामीणों ने परिजन और पुलिस को दी गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। परिजन उपेंद्र कुमार ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया जाता है कि बसंती देवी को एक बेटा अंकित कुमार और एक बेटी लखा कुमारी है। मृतक शाहुल कुमार अपने तीन भाई में छोटा था। उसके परिवार में मां राजकुमारी देवी, पत्नी पूजा देवी व बहन पूजा कुमारी है। परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सोनीपत में गुरुवार तड़के चार वर्षीय मासूम बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है। बच्ची रात तक पूरी तरह सामान्य थी, लेकिन देर रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे तत्काल नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद जब परिवार वापस घर लौटा तो घर के अंदर एक सांप दिखाई दिया, जिससे बच्ची की मौत को लेकर कई तरह की आशंकाएं पैदा हो गईं। हालांकि बच्ची के शरीर पर सांप के काटने के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में मौत का वास्तविक कारण अभी रहस्य बना हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि चिकित्सकों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्ची की मौत किस वजह से हुई। तड़के अचानक बिगड़ी मासूम की तबीयत सोनीपत की इन्द्रा कॉलोनी के रहने वाले अमीर ने बताया कि उनकी चार वर्षीय बेटी सिदरा रात तक बिल्कुल स्वस्थ थी। गुरुवार तड़के करीब तीन बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार ने बिना देर किए उसे इलाज के लिए नागरिक अस्पताल, सोनीपत पहुंचाया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत के बाद 2 साल का बेटा रह गया है। घर लौटने पर मिला सांप, बढ़ी आशंका पिता के अनुसार अस्पताल से लौटने के बाद सुबह करीब चार बजे जब परिवार घर पहुंचा तो घर के अंदर एक सांप दिखाई दिया। परिजनों ने उसे वहीं मार दिया। इसके बाद परिवार को आशंका हुई कि कहीं बच्ची की मौत सांप के काटने से तो नहीं हुई। हालांकि बच्ची के शरीर पर किसी भी प्रकार के स्पष्ट डंसने के निशान नहीं मिले हैं। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ परिजनों ने बताया कि मृतक बच्ची परिवार की बड़ी संतान थी। उसका एक छोटा भाई भी है। मासूम की अचानक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोग भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राजफिलहाल बच्ची की मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चिकित्सकों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। यदि जरूरत पड़ी तो विसरा जांच सहित अन्य वैज्ञानिक परीक्षण भी कराए जा सकते हैं। पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच जारी है।
कमीशन में लगातार हो रही कटौती से नाराज जिले के छह ब्लॉकों की स्व-सहायता समूह की महिलाएं गुरुवार को देवास कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने हाथों में पीडीएस मशीनें लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि कमीशन कटौती व बकाया भुगतान की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे मशीनें जमा कर उचित मूल्य की दुकानों का संचालन बंद कर देंगी। महिलाओं ने बताया कि शुरुआत में उन्हें निर्धारित कमीशन मिलता था, लेकिन बाद में बिना किसी स्पष्ट कारण के इसमें लगातार कटौती की जाने लगी। उन्हें कटौती की जानकारी भी नहीं दी जाती, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी विरोध के चलते महिलाएं पीडीएस मशीनें जमा करने पहुंची थीं।महिला प्रतिनिधि पूजा डोरिया ने जानकारी दी कि जिले में लगभग 450 उचित मूल्य की दुकानों का संचालन स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमीशन का भुगतान नियमित नहीं हो रहा है और करीब 75 हजार रुपये का बकाया लंबित है। महिलाओं ने मांग की कि बकाया राशि तत्काल जारी की जाए और कमीशन में हो रही कटौती पर रोक लगाई जाए। महिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वे राशन दुकानों का संचालन पूरी तरह बंद कर देंगी और अपनी मशीनें प्रशासन के पास जमा कर देंगी।
आजमगढ़ जिले की महाराजगंज थाने की पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त रूप से वेब सीरीज फिल्म डाउनलोड करने के नाम पर मोबाइल हैक करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने दो आईफोन और एक बुलेट भी बरामद की है। इस मामले में 22 जुलाई को साइबर सेल और जिले के महाराजगंज थाने की पुलिस को सूचना मिली कि एक आरोपी जो कि साइबर अपराधी है साइबर ठगी से जो भी पैसे ठगी करता है। उसे एटीएम के माध्यम से विड्रोल करता है। इस सूचना पर मौके पर पहुंची साइबर सेल ने गुरुवार दोपहर 2 बजे आरोपी को हिरासत में ले लिया। जब आरोपी की चेकिंग की तो आरोपी की चेकिंग दो मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। जांच में अभी तक 17 अकाउंट सामने आए हैं। इसके साथ ही 22 लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी भी की गई है। फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से निकालता था पैसे इस बारे में जिले एसएसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि वह कूटरचित आधार कार्ड का उपयोग कर जनसेवा केंद्रों के माध्यम से साइबर ठगी की धनराशि निकालता था। बरामद आईफोन उसके साथी आशीष कुमार पुत्र अशोक कुमार, निवासी 3-बी अनिमा कॉम्प्लेक्स, मछली गली, न्यू जक्कनपुर, मीठापुर, पटना (बिहार) का है, जिसका उपयोग म्यूल खातों में फर्जी तरीके से पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर प्राप्त होने वाले ओटीपी हासिल करने के लिए किया जाता था। अभियुक्त कृष्ण कुमार ने यह भी बताया कि वह अपने साथियों के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फ्री में नई फिल्म/वेब सीरीज डाउनलोड कराने के नाम पर एपीके (APK) फाइल युक्त लिंक पोस्ट करता था। उक्त लिंक पर क्लिक करते ही पीड़ितों के मोबाइल हैक हो जाते थे, जिसके बाद उनके बैंक खातों से धनराशि म्यूल खातों में स्थानांतरित कर एटीएम के माध्यम से निकालकर आपस में बांट ली जाती थी। इस टीम में प्रभारी साइबर सेल रवि प्रकाश गौतम, हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश जायसवाल, मुकेश भारती और सत्येंद्र यादव शामिल रहे।
डीडवाना में राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार से शिष्टाचार भेंट की। संघ के जिला मंत्री मोहन प्रजापत और अध्यक्ष राकेश मिर्धा ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम रतन कुमार का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुलाकात के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास, पर्यावरण संरक्षण और ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सभी ग्राम पंचायतों में सघन वृक्षारोपण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही 'कर्मभूमि से मातृभूमि' विजन के तहत विभिन्न विकासात्मक संरचनाओं के निर्माण में तेजी लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर एडीएम रतन कुमार ने ग्राम विकास अधिकारियों से पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आह्वान किया। बैठक में ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष राकेश मिर्धा, जिला मंत्री मोहन प्रजापत, रामनिवास मंडा, किसन सियाक, पूर्ण सिंह, हरिराम, युवराज, परमानंद, मोहनराम चाहर, मुकेश दूधवाल सहित कई विभागीय कार्मिक उपस्थित रहे।
सिरोही जिले में राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के तत्वावधान में चार दिवसीय पशु सखी रिफ्रेशर प्रशिक्षण का शुभारंभ झाड़ोली (पिंडवाड़ा) स्थित सीएमटीसी सेंटर में हुआ। प्रशिक्षण के पहले दिन विभिन्न गांवों की 30 पशु सखियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य पशु सखियों के ज्ञान और व्यावहारिक कौशल को मजबूत बनाकर ग्रामीण पशुपालकों तक बेहतर सेवाएं और मार्गदर्शन पहुंचाना है। आधुनिक पशुपालन की दी जानकारी प्रशिक्षण के दौरान एएसआरपी सुनील प्रजापति ने पशुपालन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उन्नत नस्लों के चयन, नस्ल सुधार, संतुलित एवं पोषक आहार के महत्व और आधुनिक पशुपालन पद्धतियों पर प्रशिक्षण दिया, ताकि पशुपालक बेहतर उत्पादन हासिल कर सकें। स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर विशेष जोर प्रशिक्षण में पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, सामान्य रोगों की रोकथाम, स्वच्छ पशुपालन पद्धतियों और दूध उत्पादन बढ़ाने के प्रभावी उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को इन विषयों के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया जाएगा, जिससे वे गांवों में इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग कर सकें। ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा सशक्तिकरण राजीविका का यह प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। प्रशिक्षित पशु सखियां गांवों में पशुपालकों को बेहतर तकनीकी सलाह और सेवाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगी। ये रहे मौजूद प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आरपीआरपी मणिलाल और प्रवीण रोत भी मौजूद रहे।
मैनपुरी में नवविवाहिता शिवानी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने पति समेत छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। कार्रवाई मृतका के पिता कृष्ण मुरारी की तहरीर पर की गई है। मायका पक्ष का आरोप है कि अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर शिवानी की हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के उखरा गांव निवासी शिवानी (22) की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले किशनी थाना क्षेत्र के हिरोली गांव निवासी प्रशांत सिंह शाक्य से हुई थी। मृतका के पिता के अनुसार, विवाह के बाद से ही उनकी बेटी को अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। आरोप है कि पिछले रक्षाबंधन पर दामाद ने सोने की चेन की मांग की थी, जिसे आर्थिक तंगी के बावजूद खेत गिरवी रखकर पूरा किया गया। इसके बाद भी प्रताड़ना नहीं रुकी और ससुराल पक्ष चार पहिया वाहन की मांग करने लगा। मृतका के भाई दीपचंद ने बताया कि सोमवार शाम गांव के लोगों से सूचना मिली कि शिवानी की तबीयत खराब है और उसे जिला अस्पताल लाया गया है। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो शिवानी का शव अस्पताल के गेट के बाहर पड़ा मिला। आरोप है कि ससुराल पक्ष शव को अस्पताल के बाहर छोड़कर फरार हो गया था। परिजनों का कहना है कि शिवानी की गर्दन पर चोट के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई। उनका आरोप है कि चार पहिया वाहन की मांग पूरी न होने पर उसकी हत्या कर दी गई। शिवानी अपने पीछे डेढ़ वर्ष की एक बेटी छोड़ गई है। पुलिस ने पिता कृष्ण मुरारी की शिकायत पर पति प्रशांत सिंह शाक्य, सास सुमन लता, ससुर जवाहरलाल, देवर सूरज, देवर मोहित और ननद विनीता के खिलाफ दहेज हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कैथल में भाजपा पूर्व विधायक पर जमीन कब्जाने का आरोप:ग्रामीणों ने प्रशासन को शिकायत दी, जांच की मांग
कैथल में गुहला से भाजपा के पूर्व विधायक व परिजनों पर गांव भूना में पंचायती जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगे हैं। गांव भूना के ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला प्रशासन को शिकायत दी है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि मामले की जांच करवाई जाएगी और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। 11-11 एकड़ जमीन खेती करने के लिए दी ग्रामीण परमेश्वरी देवी, रोहताश, सुनील, संतोष, भतेरी, पाला, ओमप्रकाश व मीना ने बताया कि गांव भूना में ग्राम पंचायत ने करीब पांच साल पहले एससी वर्ग के कुछ लोगों को 11-11 एकड़ जमीन खेती करने के लिए दी थी। कुछ दिन पहले पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर के बेटे साहब सिंह ने अन्य लोगों के साथ मिलकर खेतों में उगाई गई पौध को ट्रैक्टर से नष्ट कर दिया। वे अपने हाथों में डंडे, गंडासी और तलवारें लेकर आए थे, जिस कारण ग्रामीणों ने उनका विरोध नहीं किया। गांव में बना आधार व वोट कार्ड ग्रामीणों ने कहा कि कुलवंत बाजीगर की माता भ्रांवा देवी जमीन पर कब्जे की कोशिश कर रही है। उनकी माता की शादी करीब 60 साल पहले हो चुकी है, लेकिन उनका वोट और आधार कार्ड गांव भूना के नाम पते से बनवाया गया है। भ्रांवा देवी एक भी बोली में शामिल नहीं हुई, फिर भी उनके नाम की रसीद सरपंच पर दबाव बनाकर कटवाई जा रही है। पूर्व विधायक बोले- आरोप निराधार वहीं दूसरी ओर पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर ने सभी आरोपों को नकार दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग आरोप लगा रहे हैं, वे पिछले कुछ वर्षों में उक्त जमीन पर दी गई एक भी बोली की रसीद दिखा दें तो वे मानें। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ राजनीति से प्रेरित कुछ लोग सक्रिय हैं, जो लगातार झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके परिवार के लोग पहले गांव में रहकर बोली देते हैं, इसी प्रकार अब बोली दी है। उधर मामले को लेकर एडीसी सुशील कुमार ने कहा कि शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड देखने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। जांच के आधार पर जो कार्रवाई होगी, वह प्रशासन की ओर से की जाएगी।
राज्यपाल से मिले मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल:मंत्रालय में नीति आयोग के सीईओ बने अनुराग जैन की विदाई
नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बनाए गए अनुराग जैन से आज दिन भर मंत्रालय में अफसरों की मेल मुलाकात चलती रही। इधर राज्य शासन द्वारा नए मुख्य सचिव नियुक्त किए गए अशोक बर्णवाल ने आज चार्ज संभाल लिया है और इसके बाद वे राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात करने लोकभवन भी पहुंचे हैं। नए सीएस बर्णवाल सीएम डॉ. मोहन यादव से कल ही मुलाकात कर चुके हैं। मुख्य सचिव ने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से भी मुलाकात की। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने आज नीति आयोग के सीईओ के पद से विदाई के पहले मंत्रालय पहुंचने वालों से मुलाकात कर सभी की बधाइयां स्वीकार कीं। इस दौरान उन्होंने अनौपचारिक चर्चा में कहा कि नए पद की जिम्मेदारी संभालने के पहले वे कुछ दिन अवकाश पर रहेंगे क्योंकि जब नए पद की जिम्मेदारी संभालेंगे तो फिर छुट्टी मिलना मुश्किल होगा। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए बधाई देने पहुंचने वाले अफसरों को धन्यवाद भी किया। दूसरी ओर नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने भी आज नई जिम्मेदारी संभाल ली है। इसके बाद अब वे आगामी कार्यदिवस से प्रशासनिक जमावट और प्रशासनिक बैठकों का दौर शुरू करेंगे। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल आज दोपहर बाद लोकभवन पहुंचे। यहां उन्होंने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात की और मुख्य सचिव के रूप में निभाई जाने वाली जिम्मेदारी के लिए उनका मार्गदर्शन लिया। बर्णवाल को बुधवार को मुख्य सचिव बनाने का आदेश जारी करने के पहले वे मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ सीएम निवास पहुंचे थे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की थी। इसके बाद रात में उन्हें मुख्य सचिव बनाए जाने के आदेश जारी हो गए थे। दूसरी ओर आज मंत्रालय में मुख्य सचिव अनुराग जैन की विदाई का कार्यक्रम हुआ जिसमें अक्टूबर 2024 से अब तक उनके कार्यों की चर्चा अधिकारियों ने की।
दिल्ली के जंतर-मंतर के पास स्थित पुलिस चौकी पर बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने फूल बरसाए। इससे पहले 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया था। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…
देवरिया में समाजवादी छात्र सभा ने गुरुवार को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया। यह अभियान बीआरडीपीजी कॉलेज परिसर में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया गया। छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा के निर्देशन में हुए इस अभियान में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और विश्वविद्यालय के संरक्षण तथा शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता के समर्थन में अपनी आवाज उठाई। समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा संस्थानों को विवाद का विषय बनाने के बजाय उनके संरक्षण और विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि विश्वविद्यालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा के अधिकार को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यादव ने विश्वविद्यालय पर हुई बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे शिक्षा के हितों के विरुद्ध बताया। कार्यक्रम में मौजूद अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शिक्षा संस्थानों की गरिमा और स्वायत्तता बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने छात्रों से शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक रहने का आह्वान किया। इस अभियान के दौरान समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव, यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष खुर्शीद आलम अंसारी, समाजवादी लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष दिव्यांश श्रीवास्तव, हरिओम लाला, बलवंत, धीरज कुमार, विकास यादव, अंकुल, अभिषेक, रवि यादव, बिट्टू, दिलीप, प्रेम और दुर्गेश कुमार सहित कई छात्र और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास क्रूज मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले यमुनानगर के गांव पंजेटो निवासी मर्चेंट नेवी के नाविक गुरप्रीत सिंह बाठ की मौत के बाद अब उन्हें शहीद का दर्जा देने और उनके परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग उठने लगी है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने इस मामले में वीडियो जारी कर केंद्र और हरियाणा सरकार से गुरप्रीत के परिवार को 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की मांग की है। सरकार को दिखानी चाहिए संवेदनशीलता चढूनी ने कहा कि यूक्रेन में हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत बेहद दुखद है, जिनमें यमुनानगर का गुरप्रीत सिंह भी शामिल था। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद अब तक स्थानीय प्रशासन और सरकार की ओर से पीड़ित परिवार की कोई सुध नहीं ली गई है। उन्होंने कहा कि गुरप्रीत अपने परिवार का इकलौता बेटा और दिव्यांग पिता का सहारा था, इसलिए सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत आर्थिक सहायता और रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि मिसाइल हमले में मारे गए सभी भारतीय नागरिकों के शव जल्द से जल्द भारत लाए जाएं। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में काफी देरी हो रही है, जिससे पीड़ित परिवारों की पीड़ा और बढ़ रही है। चढूनी ने मांग की कि सभी मृतकों के परिवारों को कम से कम पांच-पांच करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। डीएनए जांच के बाद होगी शव की पहचान गुरप्रीत सिंह का शव अभी तक भारत नहीं पहुंच सका है। मिसाइल विस्फोट इतना भीषण था कि कई शव बुरी तरह झुलस गए, जिसके चलते सामान्य तरीके से पहचान संभव नहीं हो सकी। शिपिंग कंपनी ने मृतकों के परिजनों से डीएनए सैंपल मांगे हैं। गुरप्रीत के पिता किर्तन सिंह अपना डीएनए सैंपल दे चुके हैं। रिपोर्ट का मिलान होने के बाद ही शव की औपचारिक पहचान पूरी होगी और फिर पार्थिव शरीर भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। परिवार ने प्रशासन की उदासीनता पर जताई नाराजगी गुरप्रीत के मामा अमरीक सिंह ने कहा कि अभी तक न जिला प्रशासन और न ही राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि परिवार से मिलने पहुंचा है। उन्होंने गुरप्रीत को शहीद का दर्जा देने की मांग करते हुए कहा कि वह विदेश में रहते हुए भारतीय नागरिक के रूप में अपनी ड्यूटी निभा रहा था और युद्ध की विभीषिका का शिकार हुआ। उन्होंने सरकार से परिवार को हरसंभव सहायता देने और अधिकारियों को तुरंत पीड़ित परिवार से मिलने भेजने की मांग की। परिवार का इकलौता सहारा था गुरप्रीत गुरप्रीत सिंह गांव पंजेटो के रहने वाले थे और 12 जून को तुर्की गए थे। 19 जुलाई को उनका जहाज यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ था। इसी दौरान क्रूज मिसाइल हमले में जहाज तबाह हो गया। हमले में गुरप्रीत समेत चार भारतीयों और कुल 10 लोगों की मौत हुई थी। करीब डेढ़ साल पहले गुरप्रीत की शादी हुई थी और छह महीने पहले वह एक बेटे के पिता बने थे। 2016 में सड़क हादसे में उनके पिता किर्तन सिंह का एक पैर कट गया था। इसके बाद पूरे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी गुरप्रीत पर ही थी। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव पंजेटो में शोक का माहौल है।
बलरामपुर में एक ही कृषि भूमि का कई बार बैनामा कर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में महराजगंज तराई पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले से बेची जा चुकी जमीन को दोबारा बेचकर अलग-अलग लोगों से करीब 2.81 लाख रुपये वसूल लिए। मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना की धाराओं में कार्रवाई की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय ने बताया कि ग्राम दुन्दरा निवासी शाहजहां की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार तीरथ राम पुत्र दयाराम ने गाटा संख्या 646 की 0.1300 हेक्टेयर कृषि भूमि को अपना हिस्सा बताकर 28 मार्च 2024 को उनके नाम बैनामा कर दिया और इसके बदले 2,01,230 रुपये ले लिए। बाद में पता चला कि उक्त भूमि पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेची जा चुकी थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने पैसों के लालच में पहले से बेची गई जमीन का दोबारा बैनामा किया। जांच में यह भी सामने आया कि 4 अप्रैल 2024 को उसने उसी भूमि के हिस्से का अजय सिंह के नाम भी बैनामा कर 80 हजार रुपए वसूल किए। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार तिवारी के नेतृत्व में गठित टीम ने गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर कौवापुर मोड़ के पास से आरोपी तीरथ राम को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक नागेश्वर नाथ पटेल और कांस्टेबल नीरज कुमार शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। जांच के दौरान यदि अन्य तथ्य या पीड़ित सामने आते हैं तो उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पन्ना में पिकअप चालक की हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आने से कुछ सेकंड में ही मौत हो गई। घटना बुधवार अमानगंज हरिओम असाटी के गोदाम के पास की है। जिसका वीडियो गुरुवार को सामने आया। जानकारी के मुताबिक, ग्राम मझगवा कलिंजर के रहने वाले रवि सिंह ठाकुर, उमा साहू की पिकअप गाड़ी चलाते थे। बुधवार शाम को वे अमानगंज में हरिओम असाटी के गोदाम पर सामान लोड करने आए थे। गाड़ी को गोदाम के पीछे खड़ा करते वक्त रवि के हाथ में मौजूद लोहे का पाइप ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। मौके पर ही तोड़ा दम लोहे का पाइप बिजली के तार से छूते ही तेज चिंगारी उठी और रवि सिंह को जोरदार करंट लग गया। करंट का झटका इतना खतरनाक था कि कुछ ही पलों में उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के तुरंत बाद वहां भगदड़ मच गई। आसपास के लोगों ने किसी तरह रवि सिंह को अमानगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। पुलिस कर रही जांच सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि चालक को संभलने का जरा सा भी मौका नहीं मिला। मृतक के भाई भारत सिंह ठाकुर की रिपोर्ट पर अमानगंज थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया है और हादसे की वजहों और लापरवाही की जांच में जुट गई है।
पंजाब में नशे के खात्मे और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत तरनतारन पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पंजाब के डीजीपी श्री गौरव यादव के निर्देशों तथा फिरोजपुर रेंज के डीआईजी श्री स्नेहदीप शर्मा और तरनतारन के एसएसपी श्री सुरेंद्र लांबा की सीधी देखरेख में पुलिस ने जिले भर में ताबड़तोड़ छापेमारी कर 8 अलग-अलग मामलों में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए श्री रिप्तपन सिंह पीपीएस/स्पेशल (डी) तरनतारन के नेतृत्व में गठित टीमों ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत ये कार्यवाहियां की हैं। विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों का ब्योरा थाना गोइंदवाल साहिब: जंडियाला गुरु निवासी अनमोलप्रीत सिंह पुत्र राजिंदरपाल को गिरफ्तार किया गया। इसके कब्जे से भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल, गोलियां, चरस, दो मोबाइल, नकद राशि और एक आई-20 कार जब्त की गई। वारिंग सूबा सिंह निवासी लवप्रीत सिंह पुत्र हरविंदर सिंह को एक पाइप लाइटर और 10 रुपये के नोट (नशा सेवन सामग्री) के साथ गिरफ्तार किया गया। थाना वल्टोहा (सब-डिवीजन भिखीविंड): नारली गांव के निवासी साहिबजीत सिंह पुत्र कुलदीप सिंह और जगरूप सिंह पुत्र हरपाल सिंह को गिरफ्तार कर उनके पास से 100 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। थाना भिखीविंड: डल निवासी बिक्रमजीत सिंह उर्फ बिक्रमजीत पुत्र गुरपाल सिंह को गिरफ्तार कर उससे 30 बोर पिस्टल, 01 मैगजीन और 3 जिंदा राउंड बरामद किए गए। थाना खेमकरण: गांव मेहंदीपुर निवासी रछपाल सिंह उर्फ पाला पुत्र परगट सिंह को एक ग्लॉक 9mm पिस्टल, 01 मैगजीन और 2 जिंदा राउंड के साथ दबोचा गया। थाना पट्टी): असल भट्टा पट्टी निवासी करनदीप सिंह उर्फ घंटी को 06 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया। थाना सदर पट्टी : गांव भाई लाधू निवासी कारज सिंह पुत्र मुख्तियार सिंह को 06 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया गया। थाना वैरोवाल : मुगलानी निवासी हरजीत सिंह उर्फ रैम्बो पुत्र बलविंदर सिंह को गिरफ्तार किया गया, जिससे हेरोइन लगा चांदी का सिक्का, 10 रुपये के नोट की पाइप और तिल का डिब्बा बरामद हुआ। क्या क्या हुआ बरामद
भोपाल के जयप्रकाश जिला चिकित्सालय (जेपी अस्पताल) में जिला रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के माध्यम से कार्यरत 21 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित कर्मचारियों ने इस कार्रवाई को मनमाना और नियमों के विपरीत बताते हुए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। 22 जुलाई 2026 को सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक एवं सचिव, जिला रोगी कल्याण समिति की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय और लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के निर्देशों के पालन में कार्यकारिणी समिति के निर्णय के बाद कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। कर्मचारियों का दावा- 20 से 25 सालों से दे रहे सेवाएं सेवामुक्त किए गए कर्मचारियों ने स्वास्थ्य मंत्री को दिए आवेदन में दावा किया है कि वे पिछले 20 से 25 सालों से रोगी कल्याण समिति के माध्यम से जेपी अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, वाहन चालक, टिकट राइटर, सफाईकर्मी और अन्य पदों पर कार्यरत हैं और वर्षों से अस्पताल की व्यवस्थाओं का हिस्सा रहे हैं। 2019 के आदेश की गलत व्याख्या का आरोप कर्मचारियों का कहना है कि सेवा समाप्ति के आदेश में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं के 18 जुलाई 2019 के आदेश का हवाला दिया गया है, जबकि उस आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि आदेश जारी होने के बाद रोगी कल्याण समिति द्वारा सीधे संविदा अथवा अन्य किसी माध्यम से नई नियुक्तियां नहीं की जाएंगी। कर्मचारियों का आरोप है कि उनकी नियुक्तियां वर्ष 2019 से कई वर्ष पहले तत्कालीन नियमों और कलेक्टर दर के प्रावधानों के तहत हुई थीं। ऐसे में 2019 में लागू हुए नियम को पूर्व प्रभाव (रेट्रोस्पेक्टिव) से लागू कर वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को हटाना पूरी तरह अनुचित है। 'बिना नोटिस और सुनवाई के हटा दिया' आवेदन में कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें सेवा समाप्त करने से पहले न तो कोई कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। उनका कहना है कि 22 जुलाई को कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई और उसी दिन तत्काल प्रभाव से सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। 21 कर्मचारी हुए प्रभावित आदेश के अनुसार कंप्यूटर ऑपरेटर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, वाहन चालक, टिकट राइटर, जेंटल असिस्टेंट, सफाईकर्मी और माली सहित 21 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई हैं। इन कर्मचारियों में राकेश यादव, भूपेंद्र दीक्षित, युसुफ खान, रचना मालवीय, दिलीप कुमार साहू, शोभनाथ दुबे, रमेश शर्मा, अनिल पांडे, विनय मालवीय, अनिल मालवीय, सुनीता यादव, सरिता सक्सेना, आशा पाठक, सुरेंद्र पाटिल, रीना कुशवाहा, सुमन मिश्रा, धर्मेश कोरव, राजेंद्र दांगी, शिवांगी श्रीवास, दीपक कुमार और रामदयाल जाटव शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्री से निष्पक्ष जांच और सेवाएं बहाल करने की मांग कर्मचारियों ने अपने आवेदन में स्वास्थ्य मंत्री से सेवा समाप्ति के आदेश की निष्पक्ष जांच कराने, 18 जुलाई 2019 के आदेश की सही व्याख्या लागू करने तथा वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों की सेवाएं बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि यह कार्रवाई नहीं रोकी गई तो लंबे समय से अस्पताल में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
जौनपुर के 6 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति अवैध करार:हाईकोर्ट का फैसला, सभी नियुक्तियां अवैध पाई गईं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जौनपुर में सहायक अध्यापक पद पर हुई छह नियुक्तियों को अवैध करार दिया है। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने यह आदेश दिया है। यह मामला 2006 से लंबित था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इन छह शिक्षकों की नियुक्ति बिना किसी स्वीकृत पद के, कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी करते हुए की गई थी ,जिसके चलते राजकीय कोष से करीब 2,74,030 रुपये का भुगतान हुआ। कोर्ट ने जांच के आदेश दिए थेअदालत ने मूल अभिलेख तलब कर जांच कराने के निर्देश दिए थे। 2011 में हुई जांच रिपोर्ट में भी इन नियुक्तियों को फर्जी बताया गया था, हालांकि मूल रिकॉर्ड बाद में गुम हो गए। हाल ही में अतिरिक्त शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा कराई गई ताज़ा जांच में भी पुष्टि हुई कि नियुक्तियां कानून सम्मत प्रक्रिया के तहत नहीं हुई थीं। इसके आधार पर कोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए संबंधित प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रतिवादी संख्या 7 से 12 को कोई भी सेवा लाभ न दिया जाए, क्योंकि उनकी नियुक्तियां अवैध पाई गई हैं।
रेसलर सौरभ गुर्जर बालाघाट पहुंचे:स्कूली बच्चों से बोले- नशे से दूर रहें; एसपी ने भी किया जागरूक
रेसलर सौरभ गुर्जर उर्फ सांगा गुरुवार को बालाघाट पहुंचे। उन्होंने खुली जीप पर रोड-शो कर शहर और जिले को 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान का संदेश दिया। लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबे इस रोड-शो में ढाई से तीन सौ छात्र-छात्राओं ने नशामुक्त भारत के लिए लोगों को जागरूक किया। यह रोड-शो गोंदिया रोड स्थित एक निजी लॉन में जागरूकता कार्यक्रम में बदल गया। यहां रेसलर सौरभ गुर्जर उर्फ सांगा और एसपी आदित्य मिश्रा ने छात्र-छात्राओं से नशे की आदत और उसके दुष्परिणामों पर चर्चा की। दरअसल, बालाघाट पुलिस जिले में 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रमों के साथ ही पुलिस का मुख्य फोकस स्कूली विद्यार्थियों के माध्यम से भविष्य की पीढ़ी को नशामुक्त बनाना है। इसी उद्देश्य से पुलिस ने गुरुवार, 23 जुलाई को ग्वालियर के डबरा से आने वाले और वर्तमान में देश के बड़े रेसलर सौरभ गुर्जर उर्फ सांगा को बच्चों के बीच बुलाया। नशे से सब कुछ होगा नाश रेसलर सौरभ गुर्जर उर्फ सांगा ने बताया कि 'नशा' शब्द 'नाश' से आया है, जिसका अर्थ है सब कुछ नष्ट हो जाना। नशे से केवल व्यक्ति का ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ी भी प्रभावित होती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि वे देश और प्रदेश का भविष्य हैं, और यदि वे नशे से दूर रहते हैं तो निश्चित रूप से देश का भविष्य नशामुक्त होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और नशा करने वालों को भी इससे दूर रखने में पुलिस व समाज की मदद करने का आग्रह किया। शौक से आदत में बदल जाता है नशा एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि कब नशा शौक से आदत में बदल जाता है, इसका पता ही नहीं चलता। पहली बार जब कोई शौक से नशा करता है तो उसे अच्छा लगता है। फिर वह सोचता है कि वह दूसरी बार करके देख लेगा और खुद को नियंत्रित कर लेगा, लेकिन धीरे-धीरे वह नशे की गिरफ्त में आता जाता है।
गरियाबंद के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में 20 एकड़ से अधिक वनभूमि पर अवैध रूप से मक्का की खेती करने और बड़ी संख्या में पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामला उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अभयारण्य परिक्षेत्र रिसगांव के सहायक फरसगांव अंतर्गत गाताबाहरा परिसर के आरक्षित वन कक्ष क्रमांक-158 का है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 132 इमारती साल, बीजा और अन्य प्रजातियों के हरे पेड़ों की गर्डलिंग (छाल निकालकर सुखाने) कर उन्हें नुकसान पहुंचाया और वनभूमि पर हल चलाकर मक्का की बुवाई कर दी। 4.129 हेक्टेयर वनभूमि पर किया अतिक्रमण उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन ने बताया कि आरोपियों ने करीब 4.129 हेक्टेयर (20 एकड़ से अधिक) वनभूमि पर अवैध खेती की। इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचा और पर्यावरण भी प्रभावित हुआ। धमतरी जिले के निवासी हैं आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समारू (53), मयाराम (38), श्रवण (35), डोमार (55), राजेंद्र (51), राजू (47) और सरजू (44) के रूप में हुई है। सभी आरोपी धमतरी जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र के निवासी हैं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है। न्यायालय ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वन विभाग का कहना है कि संरक्षित वन क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
केंद्र सरकार की कमेटी ऑफ एयर पॉल्यूशन की कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नोएडा प्राधिकरण ने शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए कार्यों, भविष्य की रणनीति और तकनीक आधारित प्रबंधन प्रणाली का विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। यह प्रस्तुति नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक एस.पी. सिंह ने दी। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2025 में नोएडा ने देश के 131 नॉन-अटेनमेंट शहरों में 9वां स्थान हासिल किया है। वहीं 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में भी उसकी रैंकिंग में लगातार सुधार हुआ है। वर्ष 2018 में जहां नोएडा 324वें स्थान पर था, वहीं अब देश के शीर्ष शहरों में शामिल हो गया है। इसके अलावा नोएडा उत्तर प्रदेश का एकमात्र शहर है, जिसे सुपर स्वच्छ लीग में स्थान मिला है। आईआईटी के अध्यन का दिया हवालाप्राधिकरण के अनुसार शहर में पीएम-10 का स्तर 2020-21 के 197 से घटकर 2024-25 में 155 पर पहुंच गया है। यानी चार वर्षों में करीब 21.31 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया है। प्रस्तुति में आईआईटी कानपुर के अध्ययन का हवाला देते हुए बताया गया कि नोएडा में वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण सड़क की धूल (रोड डस्ट) और वाहनों से होने वाला उत्सर्जन है। रोड डस्ट से सबसे अधिक PM-10 और PM-2.5 कण वातावरण में पहुंचते हैं, जबकि वाहनों से NOx और CO का उत्सर्जन प्रमुख प्रदूषक है। प्राधिकरण ने बताया कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए ग्रेप और सीएक्यूएम के दिशा-निर्देशों के तहत विशेष निरीक्षण टीमें लगातार काम कर रही हैं। धूल से निपटने के लिए प्रभावी कदमये टीमें निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों की जांच, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, नियमित वाटर स्प्रिंकलिंग, एंटी-स्मॉग गन के संचालन, खुले में कूड़ा और गार्डन वेस्ट जलाने पर रोक, डीजल जेनरेटर सेट की निगरानी तथा निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को सुनिश्चित कर रही हैं। इसके अलावा धूल और कचरे से जुड़ी शिकायतों का त्वरित निस्तारण भी किया जा रहा है। 10 प्रमुख हॉटस्पॉट पर होगा कामप्रेजेंटेशन में शहर के 10 प्रमुख एयर पॉल्यूशन हॉटस्पॉट भी चिन्हित किए गए। इनमें सेक्टर-116/117, सेक्टर-150 से 158, यमुना पुश्ता रोड, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दादरी रोड, सेक्टर-62 से सेक्टर-104 मार्ग, सेक्टर-62, सेक्टर-50/51, एमिटी यूनिवर्सिटी परिसर तथा सेक्टर-140 से 143 शामिल हैं। इन क्षेत्रों में नियमित मैकेनिकल स्वीपिंग, वाटर स्प्रिंकलिंग, निर्माण सामग्री को ढककर रखने, अंडरपास और निर्माण स्थलों के आसपास विशेष सफाई, सीएंडडी कचरे के समयबद्ध निस्तारण, ट्रैफिक डायवर्जन और गड्ढा मुक्त सड़कों के रखरखाव जैसे उपाय किए जा रहे हैं। ICCC के बारे में अवगत करायाबैठक में नोएडा प्राधिकरण ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) की कार्यप्रणाली भी प्रस्तुत की। इसके माध्यम से डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति, वाहनों के रूट चार्ट, मैकेनिकल स्वीपिंग तथा निर्माण एवं विध्वंस कचरे के निस्तारण की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। सभी घरों और रूट मैप को सिस्टम से जोड़ा गया है, जबकि कचरा उठाने वाले वाहनों और मशीनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग के साथ उनकी तकनीकी स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। ITMS की जानकारी दीप्राधिकरण ने इंटीग्रेटेड सिस्टम ऑफ ट्रैफिक मैनेजमेंट (ISTMS) की भी जानकारी दी। इसके तहत शहर के 82 स्थानों पर हाई-टेक फिक्स्ड बुलेट और पीटीजेड कैमरे, एएनपीआर कैमरे, एडेप्टिव ट्रैफिक सिग्नल, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सेंट्रल कंट्रोल रूम के जरिए ट्रैफिक संचालन किया जा रहा है। इससे ट्रैफिक जाम कम करने, ईंधन की बचत और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को घटाने में मदद मिल रही है।
बिजनौर में दो सड़क हादसों में दो की मौत:एक की घोड़ी से टकराकर दूसरे की बाइक की टक्कर से गई जान
बिजनौर में दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति मामूली रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। ये हादसे शहर कोतवाली और नांगल थाना क्षेत्र में हुए। एक हादसा गुरुवार सुबह करीब 10 बजे शहर कोतवाली क्षेत्र के नजीबाबाद रोड पर हुआ। बरुकी निवासी 25 वर्षीय मोहित अपनी पत्नी और एक छोटी बच्ची के साथ बाइक पर सवार होकर किरतपुर क्षेत्र के गाजीपुर कुम्हेड़ा स्थित अपनी ससुराल जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक की दूसरी बाइक से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे में मोहित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी मामूली रूप से घायल हो गईं। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मोहित के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई। बताया जा रहा है कि मृतक मोहित मजदूरी करते थे और उनकी आठ माह की एक बच्ची है। दूसरा हादसा देर रात नांगल थाना क्षेत्र के ग्राम हरचंदपुर में हुआ। नजीबाबाद की हिमालयन कॉलोनी निवासी 26 वर्षीय रोहित पुत्र बाबूराम लगभग 7:30 बजे चंदक-नांगल मार्ग से अपने घर लौट रहे थे। ग्राम हरचंदपुर के पास जंगल की ओर से अचानक एक घोड़ी सड़क पर आ गई, जिससे उनकी बाइक टकरा गई। इस भीषण टक्कर के कारण रोहित की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक रोहित नजीबाबाद में एक मेडिकल स्टोर चलाते थे और उनकी शादी दो वर्ष पहले हुई थी।
मोहनिया थाना पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से मवेशियों को ले जा रहे एक कंटेनर को जब्त किया है। इस दौरान कंटेनर से 28 मवेशी बरामद किए गए हैं और मौके से तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। मोहनिया के डीएसपी गोपाल कृष्णा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को सुबह करीब 10:30 बजे गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि एक कंटेनर में अवैध रूप से मवेशियों को लादकर ले जाया जा रहा है। ठूंस-ठूंस कर भरे गए 28 मवेशी पाए गएसूचना मिलते ही मोहनिया थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समेकित परिवहन जांच चौकी (चेकपोस्ट) के पास सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। चेकिंग के दौरान जब संदिग्ध कंटेनर को रोककर उसकी तलाशी ली गई, तो उसमें ठूंस-ठूंस कर भरे गए 28 मवेशी पाए गए। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए तस्करों की पहचान कामिल, राजा बुरहान और मोनी यादव के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी रोहतास जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ जारीडीएसपी गोपाल कृष्णा ने आगे बताया कि यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसपी) के कड़े निर्देशों और मार्गदर्शन में की गई है। पुलिस लगातार मवेशी तस्करी पर पैनी नजर बनाए हुए है और इस तरह के अवैध कार्यों के खिलाफ 'मिशन मोड' में काम कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ये मवेशी उत्तर प्रदेश से लाए जा रहे थे। हालांकि, इन्हें बिहार के किस इलाके में या आगे कहां भेजा जा रहा था, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस तस्करी गिरोह के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
बारां शहर में बारिश ने सड़कों की बदहाली उजागर कर दी है। तेल फैक्ट्री से दीनदयाल पार्क जाने वाले रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के नीचे स्थिति गंभीर है, जहां पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सीवरेज लाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं होने से पाइपलाइन के ऊपर डाली गई मिट्टी धंस गई है। इसके चलते सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ फैल गया है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़े हादसे का डर सता रहा है। क्षेत्रवासियों के अनुसार आरओबी के नीचे बने नालों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण वे मिट्टी से भर गए हैं। इसका परिणाम यह है कि महज 10 मिनट की बारिश में ही पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है। आरओबी के ड्रेनेज पाइपों का पानी भी सीधे नीचे कच्चे रास्ते पर गिरता है, जिससे कीचड़ और अधिक फैलता है और आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि घरों से बाहर निकलना एक चुनौती बन गया है, और छोटे बच्चों को स्कूल भेजने में रोज़ाना परेशानी होती है। घर के बाहर हर तरफ कीचड़ फैला रहता है, जिससे गंदे जूते-चप्पलों के साथ ही घर में प्रवेश करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि उन्हें इस बदहाल स्थिति में जीवन यापन करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने बारां नगर परिषद प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, नालों की सफाई कर जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश के दौरान लोगों को राहत मिल सके और किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
रायसेन में गुरुवार को युवा कांग्रेस ने नीट पेपर लीक और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में जेल भरो आंदोलन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले सागर तिराहे पर धरना दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सभी कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और कुछ सड़क पर लेट गए, जिससे कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष हर्षवर्धन सोलंकी ने पुलिस वाहनों में अपना सिर मारा। उन्होंने कहा, हमें गोली और डंडे खाना है। सोलंकी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने छात्रों के साथ अन्याय किया है और छात्रों पर लाठीचार्ज कराया गया, जिसमें तीन छात्रों की मौत हुई। उन्होंने इसे तानाशाही बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की। स्थिति को देखते हुए एसडीओपी प्रतिभा शर्मा, कोतवाली थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। प्रदर्शन उग्र होने पर पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों में बैठाया और जेल भेज दिया।
मऊ में गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे अधिवक्ताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-युवाओं के आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया। अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए पेपर लीक मामले में मंत्री के इस्तीफे की मांग की। अधिवक्ताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-युवा अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन पर किया गया कथित लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। अधिवक्ताओं ने जोर दिया कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को है और छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाना उचित नहीं है। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसे मामलों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। अधिवक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि सरकार का मौजूदा रवैया युवाओं में असंतोष और आक्रोश बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि छात्र-युवाओं के आंदोलन को अब विभिन्न सामाजिक संगठनों और अधिवक्ताओं का भी समर्थन मिल रहा है। अधिवक्ताओं ने सरकार से उनकी बात सुनकर उचित निर्णय लेने का आह्वान किया। इस प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर अधिवक्ता संघ के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
मोहाली के सेक्टर-82 में सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया। यहां एक निर्माणाधीन इमारत के खुले और गहरे पानी के टैंक में एक नंदी रातभर फंसा रहा। सूचना मिलने के बाद गौ ग्रास सेवा समिति की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नंदी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद मौके पर ही नंदी का स्वास्थ्य परीक्षण और प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर चोट नहीं होने पर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। गौ ग्रास सेवा समिति के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार सुबह उनकी टोल-फ्री हेल्पलाइन पर नंदी के गहरे टैंक में गिरने की सूचना मिली थी। इसके बाद समिति की विशेष रेस्क्यू टीम तुरंत सेक्टर-82 स्थित निर्माणाधीन साइट पर पहुंची। बताया गया कि साइट पर पानी का एक गहरा टैंक खुला पड़ा था। रात के समय अंधेरा होने के कारण नंदी का संतुलन बिगड़ गया और वह टैंक में गिर गया। इसके बाद वह पूरी रात वहीं फंसा रहा। रस्सियों और उपकरणों की मदद से 4 घंटे चला रेस्क्यू टैंक काफी गहरा होने के कारण नंदी को बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। रेस्क्यू टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सावधानीपूर्वक बचाव अभियान शुरू किया। रस्सियों और अन्य उपकरणों की सहायता से करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद नंदी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू टीम ने इस दौरान विशेष सावधानी बरती, ताकि नंदी को किसी तरह की गंभीर चोट न पहुंचे। खुले टैंक और गड्ढों को लेकर लोगों ने जताई चिंता घटना के बाद लोगों ने निर्माणाधीन साइट्स पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि खुले पड़े गहरे टैंक और गड्ढे आवारा पशुओं के साथ-साथ इंसानों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि निर्माणाधीन साइट्स पर खुले टैंकों और गड्ढों को ढकने या उनके आसपास सुरक्षा बैरिकेड लगाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। हेल्पलाइन पर बेसहारा पशुओं की सूचना देने की अपील गौ ग्रास सेवा समिति ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी भी इलाके में घायल, दुर्घटनाग्रस्त या बेसहारा गोवंश दिखाई दे, तो तुरंत समिति की हेल्पलाइन पर सूचना दें। जरूरत पड़ने पर समिति की एंबुलेंस और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंचती है। गंभीर मामलों में गोवंश को फेज-1 स्थित गौ अस्पताल एवं गौशाला में भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
27 जुलाई तक मांगें पूरी करो, वरना होगा आंदोलन:कानपुर देहात में भाकियू का प्रशासन को अल्टीमेटम
कानपुर देहात के रसूलाबाद में भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) ने प्रशासन को 27 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है। यह अल्टीमेटम किसानों, विद्यार्थियों और आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान को लेकर है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो तहसील स्तर से बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा। गुरुवार को रसूलाबाद तहसील में भाकियू (महात्मा टिकैत) के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी के नाम एक 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उपजिलाधिकारी की अनुपस्थिति के कारण, ज्ञापन उनके स्टेनो और सदर लेखपाल को दिया गया। जिला अध्यक्ष रणवीर यादव के नेतृत्व में पहुंचे किसानों ने प्रशासन को 27 जुलाई तक इन मांगों के समाधान का समय दिया है। फसलों की खरीद पर MSP सुनिश्चित करें भाकियू ने अपने ज्ञापन में किसानों से जुड़ी कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित करना, एमएसपी को कानूनी गारंटी प्रदान करना, किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना और खाद की कालाबाजारी व ओवररेटिंग पर सख्त कार्रवाई करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, संगठन ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, जर्जर विद्युत लाइनों और ट्रांसफार्मरों को बदलने, नहरों की नियमित सफाई, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने तथा छुट्टा गोवंशों से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम करने की भी मांग की। दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग संगठन ने विद्यार्थियों से संबंधित मुद्दों पर भी ध्यान आकर्षित किया। नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए, भाकियू ने कठोर कानून बनाने, दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करने और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। भाकियू ने गौशालाओं की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए। संगठन का आरोप है कि गौशालाओं में अव्यवस्था, चारे की अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। भाकियू ने इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिला अध्यक्ष रणवीर यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 27 जुलाई तक इन मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो तहसील स्तर से एक व्यापक, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
15 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा 10 दिनों तक कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप का समापन गुरुवार को हो गया। एनसीसी कैडेट्स की कड़ी ट्रेनिंग, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास का शानदार प्रदर्शन सामने आया। समापन समारोह की शुरुआत कैंप कमांडेंट के स्वागत भाषण से हुई। कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रितु श्रीवास्तव रावत ने कैंप के दौरान बेहतरीन अनुशासन, समर्पण और उत्साह दिखाने के लिए सभी कैडेट्स को बधाई दी। उन्होंने आदर्श वाक्य एकता और अनुशासन को बनाए रखने और पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ देश की सेवा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। सैन्य प्रशिक्षण भी हुआइस कैंप के दौरान, कैडेट्स ने ड्रिल, हथियार चलाने की ट्रेनिंग, मैप रीडिंग, फील्ड क्राफ्ट, फिजिकल ट्रेनिंग, बायोमेट्रिक अटेंडेंस, सांस्कृतिक गतिविधियों, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों और लीडरशिप, टीमवर्क व आत्मविश्वास बढ़ाने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स और विजेता टीमों को पुरस्कार और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। कैडेट्स द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने आयोजन में रंग भर दिया और दर्शकों व गणमान्य अतिथियों ने इसकी खूब सराहना की। साथ ही कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रितु श्रीवास्तव रावत ने आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं और कैडेट्स को उत्तर प्रदेश डायरेक्टरेट टीम में चुने जाने के लिए अपनी पूरी क्षमता से प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। फाइनल ड्रिल कंटिजेंट प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण फाइनल ड्रिल कंटिजेंट प्रतियोगिता रही, जिसमें विभिन्न कंटिजेंटों ने उत्कृष्ट ड्रिल, तालमेल, अनुशासन, स्मार्ट टर्नआउट एवं प्रभावी कमांड का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता ने शिविर के दौरान दिए गए कठोर प्रशिक्षण एवं कैडेटों के उच्च मनोबल को प्रदर्शित किया। इसके साथ ही क्वार्टर गार्ड प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें कैडेटों का मूल्यांकन औपचारिक सैन्य अनुशासन, स्मार्ट टर्नआउट, शस्त्र संचालन, सतर्कता एवं समग्र सैन्य व्यक्तित्व के आधार पर किया गया। सभी कंटिजेंटों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं उत्साह देखने को मिला। इंटर ग्रुप प्रतियोगिता थल सैनिक कैंप टीम के चयनित कैडेटों का विशेष प्रशिक्षण एवं अभ्यास भी पूरे उत्साह के साथ जारी रहा। प्रशिक्षकों द्वारा उन्हें विभिन्न सैन्य विषयों पर केंद्रित प्रशिक्षण देकर आगामी प्रतियोगिताओं के लिए और अधिक सक्षम बनाया गया। शिविर में आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण के अंतर्गत ड्रोन प्रशिक्षण भी निरंतर जारी रहा। कैडेटों ने ड्रोन संचालन, उसकी कार्यप्रणाली तथा रक्षा एवं आपदा प्रबंधन में उसके उपयोग से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की। साथ ही लाइव फायरिंग अभ्यास के अंतिम बैच का सफलतापूर्वक आयोजन प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की देखरेख में किया गया, जिससे सभी कैडेटों को सुरक्षित शस्त्र संचालन एवं निशानेबाजी का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। ट्रैफिक नियम भी समझा ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी द्वारा व्याख्यान-सह-प्रदर्शन आयोजित किया गया। उन्होंने कैडेटों को सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन, जिम्मेदार नागरिक होने के दायित्व तथा सुरक्षित वाहन संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से उन्होंने कैडेटों को सदैव यातायात नियमों का पालन करने तथा समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।
शामली में मेरठ-करनाल राष्ट्रीय राजमार्ग-709ए से ढिंढाली, रंगाना होते हुए गंदेवड़ा संगम मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य को लेकर किसानों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि उनकी खेतों से मनमाने ढंग से मिट्टी उठाई जा रही है और बिना मुआवजे के उनकी भूमि का उपयोग किया जा रहा है। इस संबंध में किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने और खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। किसानों द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि सरकारी अभिलेखों के अनुसार, संबंधित मार्ग की चौड़ाई केंद्र से दोनों ओर 20-20 फुट, यानी कुल 40 फुट निर्धारित है। हालांकि, किसानों का आरोप है कि ठेकेदार निर्धारित सीमा से अधिक क्षेत्र में, लगभग 40 फुट तक मिट्टी का भराव कर रहा है। इसके लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग करके किसानों के खेतों से बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि इस अवैध खनन से उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसके अतिरिक्त, सड़क निर्माण के लिए उनकी निजी भूमि भी बिना उनकी सहमति और बिना किसी उचित मुआवजे के ली जा रही है। किसानों ने यह भी बताया कि जब वे इसका विरोध करते हैं, तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। किसानों ने जानकारी दी कि वे इस संबंध में पहले भी अधिकारियों को शिकायत पत्र दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, खेतों से मिट्टी का खनन तुरंत बंद कराने और सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही निजी भूमि का नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
छतरपुर जिले के सटई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में समय पर डॉक्टर न मिलने के कारण एक युवक की कथित तौर पर मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यदि उसे तत्काल उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। यह घटना गुरुवार सुबह हुई, जब युवक को सीने में दर्द के बाद अस्पताल लाया गया था। मृतक की पहचान बहारगंज निवासी 35 वर्षीय मथू पाल, पिता धरमदास पाल के रूप में हुई। परिजनों ने बताया कि गुरुवार सुबह उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द उठा, जिसके बाद उन्हें तुरंत सटई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। आरोप- जिला अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ दमआरोप है कि प्राथमिक उपचार दिए बिना ही मथू पाल को जिला अस्पताल छतरपुर रेफर कर दिया गया। लेकिन, जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। मृतक के परिजनों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सटई बस स्टैंड पर चक्काजाम कर दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सटई अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति एक आम समस्या है। उनका कहना था कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिसका खामियाजा अब लोगों को अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों को समझाइश, नहीं मानेसूचना मिलने पर थाना प्रभारी सुनीता बिदुआ सहित चार थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण अस्पताल में डॉक्टरों की नियमित तैनाती, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
बहराइच में आगामी कांवड़ यात्राओं, चेहल्लुम, रक्षाबंधन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता डीएम अक्षय त्रिपाठी ने की। डीएम अक्षय त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों और आमजन से अपील की। उन्होंने कहा कि सभी पर्वों को पारंपरिक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया जाए। शांति व्यवस्था से संबंधित किसी भी सूचना को तत्काल जिम्मेदार अधिकारियों के संज्ञान में लाने का निर्देश दिया गया। डीएम ने जोर देकर कहा कि जिले की कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से आगामी त्योहार भी पूर्व की भांति सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न होंगे। डीएम ने कांवड़ यात्रा के मार्गों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत को कांवड़ यात्रा के रास्तों पर बिजली के तारों को दुरुस्त कराने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, जलाभिषेक स्थलों को चिह्नित कर संबंधित एसडीएम को सूची उपलब्ध कराने को कहा गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर, जिलाधिकारी ने ताज़ियादारों से ताज़िया और अलम की ऊंचाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की। इसका उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को टालना है। डीएम ने बैठक में बिजली, पानी, साफ-सफाई, जुलूस मार्गों और प्रकाश व्यवस्था के संबंध में प्राप्त सुझावों पर भी चर्चा की। उन्होंने इन सभी व्यवस्थाओं को जनपद में बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने कहा कि त्यौहारों के दौरान गुड पुलिसिंग व्यवस्था रहेगी। संवेदनशील तथा अतिसंवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जायेगी और कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसा कार्य न करें कि जिससे एक दूसरे समुदाय की भावनाएं आहत हों। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अमित कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी सौरभ दुबे, अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष विक्रम सिंह व ग्रामीण के दुर्गा प्रसाद तिवारी, नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी, उप जिलाधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी तथा थानाध्यक्ष तथा आयोजन समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे ।
चित्रकूट में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए डीएम पुलकित गर्ग ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। भवन हस्तांतरण का प्रचार-प्रसार गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल), लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम, आवास एवं विकास परिषद, राजकीय निर्माण निगम, यूपी सिडको, सीएनडीएस, पर्यटन विभाग, सिंचाई विभाग और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग सहित विभिन्न संस्थाओं ने अपनी-अपनी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को न्यू सर्किट हाउस परिसर में शेष मिट्टी भराई और बाउंड्रीवाल का कार्य अतिरिक्त मैनपावर लगाकर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। संयुक्त जिला चिकित्सालय में अग्निशमन प्रणाली से संबंधित लंबित कार्य तत्काल पूर्ण कर एनओसी प्राप्त करने तथा 50 शैय्या वाले क्रिटिकल केयर अस्पताल का निर्माण सितंबर तक पूरा कराने को भी कहा। निबंधन कार्यालय भवन के निर्माण और हस्तांतरण की समीक्षा करते हुए उन्होंने प्रत्येक भवन पर संबंधित कार्यालय का नाम स्पष्ट रूप से अंकित करने और भवन हस्तांतरण का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संबंधित संस्था के खिलाफ कारण बताओ नोटिस यूपी सिडको द्वारा जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, सरधुआ के मरम्मत कार्य का उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूसी) समय पर प्रस्तुत न किए जाने पर जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को संबंधित संस्था के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि शीघ्र यूसी उपलब्ध न कराने पर संबंधित अधिकारी का वेतन भी रोका जाएगा। बैठक में श्रीराम वाटिका इको पार्क में गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण, मडफा किला में विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था शीघ्र पूर्ण कराने, शिलापट्ट पर किले का इतिहास अंकित कराने तथा परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उच्च गुणवत्ता का साउंड सिस्टम लगाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा सीएमआईएस पोर्टल पर लंबित मामलों के निस्तारण, निर्माण कार्यों में बेहतर गुणवत्ता की सामग्री के उपयोग, नियमित निरीक्षण और सभी निर्माण श्रमिकों का श्रम विभाग में अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जयपुर से रूपवास (भरतपुर) जा रहे RPS अधिकारी रविंद्र मीणा की कार के सामने अचानक भैंस आ गई। उसे बचाने के प्रयास में उनकी कार आगे चल रहे डंपर से टकरा गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने कार से निकालकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर कर दिया गया। हादसा गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे भरतपुर के सेवर थाना क्षेत्र में आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर मलाह पुल के पास हुआ। पहले देखें … हादसे की दो तस्वीरें जानकारी के अनुसार, RPS रविंद्र मीणा अपनी निजी कार से जयपुर से रूपवास जा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी कार के सामने एक भैंस आ गई। भैंस को बचाने के प्रयास में उनकी कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे डंपर से जा भिड़ी। राहगीरों ने कार से निकालकर पहुंचाया अस्पताल टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसा देखकर राहगीर मौके पर रुके और रविंद्र मीणा को कार से बाहर निकालकर एक निजी अस्पताल पहुंचाया। वहां से उन्हें आरबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर रेफर कर दिया गया। भरतपुर SHO में रह चुके हैं कोतवाल RPS रविंद्र मीणा वर्ष 2024 में अपने प्रोबेशन पीरियड के दौरान भरतपुर कोतवाली में SHO के पद पर तैनात रह चुके हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है।
पलवल में सदर थाना क्षेत्र के एक गांव में सुबह की सैर पर निकली एक महिला के साथ छेड़छाड़ और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोपी ने महिला को जातिसूचक गालियां भी दीं। पुलिस ने महिला की शिकायत पर एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। सदर थाना प्रभारी हरी किशन ने बताया कि थाना क्षेत्र की निवासी एक महिला ने शिकायत दी है। महिला के अनुसार, वह 21 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे अपनी पड़ोसन के साथ सैर करने घर से बाहर निकली थी। आरोपी की तलाश में दबिश दे रही पुलिस आरोप है कि रास्ते में बच्चू नामक युवक ने महिला के साथ अभद्रता की। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और जातिसूचक अपशब्द कहे। इसके बाद आरोपी खेत की तरफ भाग गया। पीड़िता ने घटना के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
महोबा के चरखारी से अयोध्या धाम तक सीधी रोडवेज बस सेवा शुरू हो गई है। बस का शुभारंभ करने के लिए खुद चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ड्राइवर सीट पर बैठ गए और स्टीयरिंग संभाल ली। 12 साल की छात्रा ने बस को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान वह आवाज लगाकर यात्रियों को भी बुला रहे थे। विधायक के इस अंदाज में बस सेवा शुरू करने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस दौरान विधायक ने भीड़भाड़ वाले ड्योढ़ी दरवाजे से वी-पार्क तक करीब 800 मीटर तक बस चलाकर उसकी कार्यक्षमता और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। बस चलाते समय विधायक किसी अनुभवी चालक की तरह नजर आए। रास्ते में उन्होंने यात्रियों का अभिवादन स्वीकार किया और खिड़की से हाथ निकालकर अयोध्या... अयोध्या... कहकर सवारियों को बुलाते भी दिखाई दिए। उनका यह अंदाज देखकर आसपास मौजूद लोग हैरान रह गए, जबकि बस में बैठे यात्रियों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। देखें 2 तस्वीरें… अब विस्तार से जानें पूरा मामला चरखारी कस्बा से अयोध्या धाम की दूरी 372 किलोमीटर है। इस दूरी को तय करने में कार या बस द्वारा लगभग 7 घंटे और 37 मिनट का समय लगता है। वीडियो में बस चलाते हुए विधायक बोले कि ऐसे वैसे विधायक नहीं हूं बस, ठेला सब चला लेता हूं। बस में मौजूद सवारी बोलती दिखी आप बस अच्छी चला रहे है। बस में लगे हार्न के लिए मौजूद एआरएम से कहा कि इसके हॉर्न अच्छे कराओ। रोड पर चलने वाली सभी गाड़ियों की कमी की होनी चाहिए। बस चलाते हुए विधायक लोगो का अभिवादन स्वीकार करते दिखाई दिए। यही नहीं सवारियां बुलाते हुए ड्राइवर की तरह अयोध्या अयोध्या की आवाज भी लगाई। बोलें देख लो कोई सवारी है क्या अयोध्या के लिए। बस चलाने के दौरान विधायक ने केवल प्रतीकात्मक ड्राइविंग ही नहीं की, बल्कि वाहन की तकनीकी स्थिति पर भी नजर रखी। सफर के दौरान उन्होंने महसूस किया कि बस का हॉर्न ठीक से काम नहीं कर रहा है। इस पर उन्होंने साथ मौजूद परिवहन निगम के एआरएम को तुरंत हॉर्न दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि जिस बस में उनके क्षेत्र के लोग सफर करेंगे, उसकी सुरक्षा और सुविधाएं बेहतर होना सबसे जरूरी है। उन्होंने माना कि उन्होंने जीवन में पहली बार बस चलाई, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर खुद व्यवस्था परखना जरूरी समझा। ‘रामलला तक सीधी सुविधा क्षेत्र के लिए सौगात’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा, कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और अब चरखारी के श्रद्धालुओं को सीधे रामलला के दरबार तक पहुंचने की सुविधा मिलना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के धाम जाने वाली बस के लिए यात्रियों को पुकारना उनके जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण रहा। उन्होंने इस बस सेवा के लिए प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा केवल परिवहन सेवा नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी धार्मिक भावना और जरूरत को पूरा करने वाली पहल है। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि इस सेवा से अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी और बुंदेलखंड क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन से भी नई पहचान मिलेगी। विधायक ब्रजभूषण राजपूत राजपूत ने कहा कि सबसे पहले मंत्री दयाशंकर भाई को बहुत बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं, कि उन्होंने हमारी क्षेत्रीय मांग थी कि चरखारी से अयोध्या बस चलनी चाहिए। उसके लिए उन्होंने हम लोगों को बस दिए उसके लिए उनका दिल से क्षेत्रीय जनता की तरफ से धन्यवाद करता हूं। ये बहुत महत्वपूर्ण अयोध्या अपने आप में महत्वपूर्ण हो जाता है। रामलला का दर्शन हर कोई करना चाहता है और जब ये बस चलेगी तो निश्चित रूप से हमारे क्षेत्र के लोगों को धार्मिक यात्रा करने का अवसर मिलेगा। पहली बार मैने बस चलाई है जीवन में। और हमारे क्षेत्र के लोग जिस बस से चले तो उसे चेक करना भी जरूरी है। क्योंकि अयोध्या दर्शन करने जाएंगे चलाकर देखना भी मुझे लगा जरूरी है देख लेते है कैसी चलती है बस। देखा करते थे सुना करते थे कि इस तरह तरीके से बस चलती थी बस में हम लोगों ने सफर तो नहीं किया मगर ये देखते थे कि कंडेक्टर आवाज देता है। अयोध्या भगवान राम हम सबकी आस्था का केंद्र है। प्रभु के प्रति हम सबका भाव बहुत है। हम सब लोग भगवान राम को दिल से बहुत चाहते है तो भगवान के धाम पर जाने वाले बस के लिए यात्रियों को पुकारना अपने आप में एक सौभाग्यशाली विषय हो जाता है। भगवान की सेवा के लिए हम लोग किसी भी प्रकार काम आ सकें तो उसमें हम लोग अपना बहुत सौभाग्य समझते है। बस चलाई है क्योंकि वो ट्रैफिक वाला वो एरिया था ईश्वर की कृपा सबस सकुशल चली। -------------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- पति को सांप डसवाने वाली बोली-ऐसी हत्या करो, नेचुरल लगे, गूगल पर जहरीला सांप खोजा मेरठ में पति को सांप से डसवाने वाली दामिनी की कहानी के पहले पार्ट में आपने उसके और पति अतुल के अफेयर के बारे में पढ़ा। दामिनी की लाइफ में कैसे शादीशुदा बॉयफ्रेंड तुषार एंट्री होती है? दूसरे और आखिरी पार्ट में पढ़िए…कैसे दामिनी और तुषार ने सपेरों से डील की। हत्या को नेचुरल मौत दिखाने की साजिश रची… यहां पढ़ें पूरी खबर
मोतिहारी के राधाकृष्णन भवन सभागार में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला स्तरीय पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने 15 अगस्त 2024 को होने वाले समारोह को भव्य और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह ऐतिहासिक गांधी मैदान में सुबह 9:00 बजे आयोजित होगा। इसमें जिला प्रभारी मंत्री ध्वजारोहण करेंगे। समारोह को आकर्षक बनाने के लिए गांधी मैदान की साफ-सफाई, रंग-रोगन, बैरिकेडिंग और परेड मार्ग की मरम्मत के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं। बरसात के मौसम को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने को भी कहा गया है। प्रमुख मार्गों की साफ-सफाई पर जोर दिया गयाशहर की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए समाहरणालय परिसर और प्रमुख मार्गों की साफ-सफाई पर जोर दिया गया। नगर निगम को महापुरुषों की मूर्तियों की साफ-सफाई और रंग-रोगन का जिम्मा सौंपा गया है। गांधी मैदान स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा और समाहरणालय में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण की तैयारी के निर्देश भी दिए गए। परेड की बेहतर तैयारी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। 15 अगस्त से पहले फुल ड्रेस रिहर्सल कराने की बात कही गई है ताकि समारोह सुचारू रूप से संपन्न हो सके। इस वर्ष जिले के महादलित टोलों में बुजुर्गों के हाथों झंडारोहण कराने की विशेष पहल की जाएगी। साथ ही, इन क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। समारोह का लाइव प्रसारण सोशल मीडिया और जिला प्रशासन के प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। शाम 5 बजे महात्मा गांधी प्रेक्षा गृह में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा, जिसमें सरकारी और निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राएं अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
औरंगाबाद में डीएम अभिलाषा शर्मा और एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने समाहरणालय सभागार में विधि-व्यवस्था की समीक्षा के लिए बैठक की। जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी और सभी थानाध्यक्ष शामिल रहे। सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका होने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया। संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने और स्थानीय स्तर पर प्रशासन-पुलिस के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी बल दिया गया। औरंगाबाद में उपद्रव या अनधिकृत धरना-प्रदर्शन को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी सार्वजनिक स्थल पर बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन या भीड़ जुटने की अनुमति नहीं दी जाए। यदि कोई व्यक्ति, संगठन या समूह नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई हो। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी सदर एवं अनुमंडल पदाधिकारी दाउदनगर को अपने-अपने क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने और आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता विशेष शार्दुल हसन खां, अपर समाहर्ता लोक शिकायत निवारण जयप्रकाश नारायण, उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह तथा जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी उपस्थित रहे। वहीं अनुमंडल पदाधिकारी दाउदनगर अमित राजन, भूमि सुधार उप समाहर्ता दाउदनगर, सभी बीडीओ और नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
दिल्ली में नीट परीक्षा के मुद्दे पर जारी छात्र आंदोलन के बीच जालंधर में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा नेता विजय सांपला ने वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश में हर नागरिक को विरोध जताने और प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसके लिए कुछ स्थान और सीमाएं निर्धारित की जाती हैं। प्रदर्शनकारियों को तय सीमा से आगे जाने की अनुमति नहीं होती, परंतु हालिया प्रदर्शनों के दौरान नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया गया। छात्रो को ढाल बना कर हो रहा राजनीति सांपला ने आरोप लगाया कि इस पूरे आंदोलन में छात्रों को ढाल बनाकर कुछ राजनीतिक दलों द्वारा उकसाया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा के जिम्मेदार सदस्य हैं और उन्हें देश के कानून तथा नियमों की भली-भांति जानकारी है। राहुल गांधी के पास इस महत्वपूर्ण मुद्दे को संसद के पटल पर उठाने का पूरा अवसर था, लेकिन उन्होंने संसद में सार्थक बहस करने के बजाय सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करना चुना और नियमों की अनदेखी की।विपक्ष संवेदनशील विषय पर केवल राजनीति चमकाना चाहती भाजपा नेता ने आगे कहा कि विपक्षी दल पहले संसद में चर्चा कराने के लिए समय की मांग करते थे, लेकिन जब उन्हें चर्चा का समय दिया गया तो वे पीछे हट गए। इससे यह साफ जाहिर होता है कि विपक्ष संसद के भीतर चर्चा नहीं करना चाहता, बल्कि इस संवेदनशील विषय पर केवल राजनीति चमकाना चाहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार देश के युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह चिंतित है और उनके हित में कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। बजट का उल्लेख करते हुए सांपला ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में युवाओं से जुड़ा बजट मात्र 8 लाख करोड़ था, लेकिन भाजपा सरकार के समय इसे व्यवस्थित कर डेढ़ लाख करोड़ किया गया। नीट परीक्षा विवाद पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि पेपर लीक मामले में कड़ी कार्रवाई की जा रही है और अब तक कई दोषियों की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इतना ही नहीं, नीट परीक्षा का आयोजन दोबारा करवाकर इसके नतीजे भी पारदर्शी तरीके से घोषित किए जा चुके हैं। कांग्रेस शासित राज्यों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्यों में जब पेपर लीक की घटनाएं सामने आती हैं, तो कांग्रेस पार्टी पूरी तरह चुप क्यों रहती है? दरअसल, संसद में विपक्ष से इन्हीं राज्यों के पेपर लीक मामलों पर सवाल पूछे जाने थे, जिनसे बचने के लिए कांग्रेस ने संसद की कार्यवाही में भाग लेने के बजाय सड़क पर प्रदर्शन का रास्ता चुना।सरकार नीट पेपर लीक मामले की जांच CBI को सौपी सांपला ने बताया कि केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी है। इसके अलावा, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए तेजी से चलाने के सख्त आदेश दिए हैं। सरकार की ओर से युवाओं से अपील की गई है कि यदि उनके पास पेपर लीक से जुड़ी कोई भी पुख्ता जानकारी है, तो वे निसंकोच होकर प्रशासन के साथ साझा करें। प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के संदर्भ में सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र अनुमति का उल्लंघन करते हुए संसद भवन की ओर कूच करने लगे। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए। इसके बावजूद, केंद्र सरकार ने पूरी संवेदनशीलता दिखाते हुए घटना की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित उप निरीक्षक (SI)/प्लाटून कमांडर सीधी भर्ती परीक्षा-2025 के लिखित एग्जाम के बाद अब अगला चरण शुरू होने जा रहा है। लिखित परीक्षा में सफल 20,798 अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता (फिजिकल टेस्ट) परीक्षा (PET) 3 अगस्त से 12 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न रेंज मुख्यालयों पर आयोजित की जाएगी। उप महानिरीक्षक पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड मनोज कुमार ने बताया- आरपीएससी ने लिखित परीक्षा 5 और 6 अप्रैल को आयोजित की थी, जबकि इसका परिणाम 19 जून को घोषित किया गया था। अब पुलिस मुख्यालय स्तर पर गठित बोर्ड द्वारा सफल अभ्यर्थियों की फिजिकल टेस्ट कराया जाएगा। आठ रेंज मुख्यालयों पर होगी PET फिजिकल टेस्ट जयपुर (दो परीक्षा केंद्र), उदयपुर, कोटा, जोधपुर, भरतपुर, बीकानेर और अजमेर रेंज मुख्यालयों पर आयोजित होगा। सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि, समय और परीक्षा केंद्र पर समय से उपस्थित होना होगा। पुलिस मुख्यालय ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा के दिन सभी आवश्यक दस्तावेज साथ लेकर आएं, ताकि परीक्षा का संचालन सुचारु रूप से कराया जा सके। जल्द जारी होंगे प्रवेश-पत्र डीआईजी मनोज कुमार ने बताया- शारीरिक दक्षता परीक्षा के प्रवेश-पत्र शीघ्र जारी किए जाएंगे। अभ्यर्थी इन्हें अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से डाउनलोड कर सकेंगे। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश-पत्र के साथ फोटोयुक्त पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा। इन मानकों के अनुसार करें तैयारी अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे महानिदेशक पुलिस, राजस्थान के स्थायी आदेश संख्या-10/2025 में निर्धारित शारीरिक दक्षता परीक्षा के मानकों एवं पाठ्यक्रम के अनुसार तैयारी करें। व्यक्तिगत सूचना नहीं भेजी जाएगी पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अभ्यर्थी को व्यक्तिगत रूप से सूचना नहीं भेजी जाएगी। शारीरिक दक्षता परीक्षा से जुड़ी सभी सूचनाएं केवल राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट तथा प्रमुख समाचार पत्रों के माध्यम से जारी की जाएंगी। इसलिए अभ्यर्थियों को नियमित रूप से वेबसाइट का अवलोकन करने की सलाह दी गई है।
कैमूर पुलिस ने टॉप-10 अपराधी को किया अरेस्ट:मोहनिया पुलिस और एसटीएफ ने दबोचा,गुप्त सूचना पर कार्रवाई
कैमूर की मोहनिया थाना पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने जिले के टॉप-10 कुख्यात अपराधियों की सूची में शामिल साहेब पासवान उर्फ गणेश पासवान और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। मोहनिया के डीएसपी गोपाल कृष्णा ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि 22 तारीख की रात पुलिस को वांछित अपराधी के ठिकाने पर होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने साहेब पासवान के घर पर छापेमारी कर उसे और उसके साथी मुन्ना पासी को दबोच लिया। डीएसपी ने बताया कि साहेब पासवान कैमूर जिले के टॉप-10 अपराधियों में शामिल था और लंबे समय से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ कैमूर जिले के विभिन्न थानों में करीब 8 गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के 4, आर्म्स एक्ट के 5 और डकैती का 1 मामला शामिल है। उसका आपराधिक इतिहास साल 2015 से दर्ज है। गिरफ्तार मुन्ना पासी मोहनिया थाना में दर्ज कांड संख्या 983/25 में वांछित था। साहेब पासवान पिछले 5-6 महीनों से फरार था और बिहार एसटीएफ भी उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत थी। छापेमारी के दौरान कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। पुलिस दोनों अपराधियों से आगे की पूछताछ कर रही है, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।
देवरिया में अमर स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आजाद की जयंती गुरुवार को मनाई गई। इस अवसर पर भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज गेट स्थित उनकी प्रतिमा की साफ-सफाई कर माल्यार्पण किया और पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यकर्ताओं ने आजाद के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष पवन कुमार मिश्र ने चंद्रशेखर आजाद के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्य प्रदेश के भाबरा में हुआ था। मिश्र ने कहा कि आजाद ने संकल्प लिया था कि वे जीवित रहते अंग्रेजों के हाथ नहीं आएंगे, जिसके कारण उन्हें 'आजाद' की उपाधि मिली। पवन कुमार मिश्र ने आगे कहा कि काकोरी कांड में चंद्रशेखर आजाद की महत्वपूर्ण भूमिका थी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय साहस और बलिदान का परिचय दिया और देश को आजाद कराने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। भाजपा नेता अम्बिकेश पांडेय ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का नाम भारतीय इतिहास में वीरता, साहस और देशभक्ति के प्रतीक के रूप में सदैव स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने युवाओं से आजाद के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने चंद्रशेखर आजाद अमर रहें और भारत माता की जय के नारे लगाए। इस अवसर पर अरुण मिश्र, विजेंद्र चौहान, डॉ. विनोद पांडेय, विजय कुशवाहा, वीरेंद्र पाठक, अशोक उपाध्याय, सोनू और सुमंत चतुर्वेदी सहित भाजपा किसान मोर्चा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लेने और नीट के कथित पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में उदयपुर में कांग्रेस ने सत्याग्रह शुरू किया। हाथीपोल पर गुरुवार से शुरू किए दो दिन के सत्याग्रह में कांग्रेस के दो कार्यकर्ता अनशन पर बैठे। हालांकि प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम का स्थान बदलना पड़ा। उदयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ ने कहा- देश के युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए उठने वाली आवाज को दबाने का हर प्रयास लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर अधिकारों और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे छात्रों के साथ बर्बरता की गई। वहीं उनके समर्थन में पहुंचे राहुल गांधी के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। इसी के विरोध में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन की ओर से यह सत्याग्रह किया गया है। पेपरलीक ने युवाओं का सपना तोड़ा सत्याग्रह में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के शहर जिलाध्यक्ष हिदायत तुल्ला और कांग्रेस सेवादल के नेता गोपाल नागर अनशन पर बैठे। दोनों नेताओं ने कहा- लगातार हो रही पेपरलीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के सपनों को तोड़ा है। मौजूदा सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। सत्याग्रह के दौरान पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, कांग्रेस नेता सुरेश श्रीमाली, केके शर्मा, नजमा मेवाफरोश, सिद्धार्थ सोनी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गुरुवार सुबह 10 बजे का समय चेतक सर्कल का दिया गया था, लेकिन प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली तो वहां सत्याग्रह नहीं हो सका। इसके बाद हाथीपोल की स्वीकृति मिली और वहां अनशन किया गया।
जमुई के टाउन थाना क्षेत्र स्थित हरला गांव में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में पांच लोग घायल हो गए। इस दौरान दोनों ओर से काफी देर तक पत्थरबाजी भी हुई, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर डायल-112 और टाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों पक्षों ने थाने में आवेदन देकर एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। सभी का प्राथमिक उपचार सदर अस्पताल में घायलों में एक पक्ष से संजय मंडल, उनकी पुत्री सोनी कुमारी और सतीश कुमार शामिल हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से शंकर मंडल और रामबती देवी को हल्की चोटें आई हैं। सभी का प्राथमिक उपचार सदर अस्पताल में किया गया। घायल संजय मंडल ने आरोप लगाया कि फर्जी वंशावली तैयार कर अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी की मिलीभगत से उनके हिस्से की जमीन दामोदर मंडल, शंकर मंडल समेत अन्य लोगों के नाम दर्ज करा ली गई है। उन्होंने इस संबंध में डीसीएलआर, एडीएम, थाना और अन्य अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही। कार्रवाई नहीं होने से आरोपितों का मनोबल बढ़ा संजय मंडल का यह भी आरोप है कि कुछ दिन पहले आरोपितों ने ट्रैक्टर से उनके खेत में लगी मूंग की फसल नष्ट कर दी थी और जबरन जुताई का प्रयास किया था। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से आरोपितों का मनोबल बढ़ा हुआ है। दूसरे पक्ष का कहना है कि विवादित जमीन उनकी निजी संपत्ति है और विरोधी पक्ष जबरन उसमें हिस्सा मांग रहा है। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और मारपीट हुई। टाउन थाना पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों से आवेदन प्राप्त हुए हैं। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिवपुरी के रन्नौद थाना क्षेत्र के ग्राम विजयपुरा में गुरुवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में दो आदिवासी बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 भैंस और 9 बकरियां भी बिजली की चपेट में आकर मर गईं। हादसे से पशुपालकों को करीब 15 से 17 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर दी है। बकरियां चराने गए थे दोनों बच्चे जानकारी के अनुसार, ग्राम विजयपुरा निवासी 14 वर्षीय दशरथ आदिवासी पुत्र बाबू आदिवासी अपने रिश्तेदार 10 वर्षीय अभिषेक आदिवासी के साथ जंगल में बकरियां चराने गया था। दोपहर के समय अचानक बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए दोनों बच्चे एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान पेड़ पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में 9 बकरियों की भी मौत आकाशीय बिजली गिरने की इस घटना में दशरथ आदिवासी के परिवार की 9 बकरियां भी मर गईं। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना पुलिस को दी। ग्रामीणों ने बताया कि अचानक हुए इस हादसे से परिवार और पूरे गांव में मातम फैल गया। 17 भैंसों की भी गई जान इसी दौरान जंगल में आसपास के अन्य पशुपालकों की भैंसें भी चर रही थीं। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 17 भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई। मृत पशुओं में मुन्नालाल पाल की 5 भैंस, चंद्रभान पाल की 5, राकेश पाल की 2, शोभाराम पाल की 2, जगदीश लोधी की 2 और सीताराम पाल की 1 भैंस शामिल है। पुलिस और राजस्व टीम ने शुरू की कार्रवाई घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराई जा रही है। वहीं मृत पशुओं से हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है, ताकि प्रभावित पशुपालकों को नियमानुसार सहायता मिल सके।
दमोह के पूर्व भाजपा सांसद चंद्रभान सिंह और उनके भाई केसरी सिंह ने अपनी बहू रश्मि सिंह के लगाए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। गुरुवार दोपहर अपने घर पर बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व सांसद ने इन सभी आरोपों को मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताया। पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह और उनके भाई केसरी सिंह ने कहा कि बहू की तरफ से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने इन सभी बातों का सिरे से खंडन किया। मंदिर प्रबंधन और ट्रस्ट के गठन पर दी सफाई मंदिर के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों पर पूर्व सांसद ने स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि मंदिर के व्यवस्थापक कलेक्टर होते हैं, इसलिए एक ट्रस्ट बनाया गया है जिसमें परिवार के हर सदस्य को जगह दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि उनके भाई स्वर्गीय चंदन सिंह के जाने के बाद, नियमों के मुताबिक 'महत्तमकारी' पद परिवार के पास नहीं रह सकता था, इसी वजह से ट्रस्ट बनाना जरूरी हो गया था। भाई केसरी सिंह ने स्वर्गीय चंदन सिंह पर लगाए गंभीर आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व सांसद के भाई केसरी सिंह ने अपने दिवंगत भाई चंदन सिंह (रश्मि सिंह के ससुर) पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। केसरी सिंह ने कहा कि वे और चंद्रभान सिंह, दोनों ही अपने बड़े भाई चंदन सिंह की प्रताड़ना से परेशान थे। उन्होंने दावा किया कि चंदन सिंह की दहशत से पूरा गांव परेशान था और कई लोग तो डर के मारे गांव छोड़कर चले गए थे। 43 एकड़ जमीन का जिक्र और आरोपों का अंत चंद्रभान सिंह ने एक बार फिर दोहराया कि उनकी बहू रश्मि सिंह के सारे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बहू के पास 43 एकड़ जमीन मौजूद है, जिससे उनके परिवार का गुजर-बसर अच्छी तरह होता है।
घाटमपुर नगर पालिका क्षेत्र के बसंत विहार मोहल्ले में गुरुवार दोपहर सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की गई। नगर पालिका की टीम ने पुलिस फोर्स, लेखपाल और पालिका कर्मचारियों की मौजूदगी में अवैध पक्के निर्माण को ध्वस्त कर भूमि को कब्जामुक्त कराया। पालिका के अनुसार खाली कराई गई भूमि की अनुमानित बाजार कीमत करीब 10 लाख रुपए है। जानकारी के अनुसार बसंत विहार स्थित गाटा संख्या 321 एवं 322 राजस्व अभिलेखों में खलिहान और खाद के गड्ढे के रूप में दर्ज सरकारी भूमि है। कुछ माह पहले नगर पालिका ने इसी भूमि पर एक नलकूप की स्थापना भी कराई थी। इसके बावजूद शेष खाली पड़ी जमीन पर जलाला निवासी रजत सिंह द्वारा पक्की बाउंड्री बनाकर कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया गया। नगर पालिका प्रशासन ने कब्जे की जानकारी मिलने पर संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। नोटिस की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद गुरुवार को पालिका प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को गिरा दिया। कार्रवाई के दौरान अधिशासी अधिकारी महेंद्र कुमार स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं हटाने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी डॉ महेंद्र कुमार ने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि की बाजार कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके।
गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने सलूंबर जिला मुख्यालय पर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट अभ्यर्थियों के समर्थन में रैली निकाली, केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष परमानंद मेहता और ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है और केंद्र सरकार युवाओं के सवालों से बच रही है। पंचायत चुनावों की तैयारी भी तेज इस प्रदर्शन के साथ ही कांग्रेस ने आगामी नगर परिषद और पंचायत चुनावों के लिए भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए विभिन्न पंचायत समितियों में प्रभारियों की नियुक्ति की गई है, साथ ही पदाधिकारियों के कार्यों का विभाजन और चुनावी जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। जिलाध्यक्ष परमानंद मेहता ने बताया कि आगामी नगर परिषद चुनाव को लेकर महेंद्र सिंह चौहान एडवोकेट को प्रभारी तथा गबीलाल दमावत एडवोकेट एवं दिनेश जैन एडवोकेट को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। चुनावी तैयारियों, संगठन विस्तार और कार्यभार वितरण को लेकर 30 जुलाई को सुबह 11 बजे जिला कांग्रेस कार्यालय में जिला पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक भी रखी है।
जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को मादक पदार्थों की रोकथाम, सड़क सुरक्षा और रामदेवरा मेले से पूर्व की व्यवस्थाओं पर समीक्षा बैठक हुई। इसमें ऑपरेशन उजास के तहत जागरूकता गतिविधियों के साथ अवैध मादक पदार्थों का उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। नशे के उपयोग और कुरीतियों को बढ़ावा देने पर मामला दर्ज हो जिला कलेक्टर ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सामाजिक कार्यक्रमों में नशे के उपयोग और कुरीतियों को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ संयुक्त रूप से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि वे सामाजिक समारोहों में नशे का उपयोग न करें और ऐसे लोगों की सूचना दें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। कृषि और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कृषि व मेडिकल दुकानों का औचक निरीक्षण करने और मादक पदार्थों का विक्रय करने वालों के लाइसेंस रद्द करने के निर्देश दिए गए। सड़क सुरक्षा के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग और एनएचएआई अधिकारियों को सड़कों का निरीक्षण कर ब्लैक स्पॉट चिह्नित करने, बबूल की झाड़ियों की कटाई करने और क्षतिग्रस्त सड़कों को दुरुस्त करने को कहा गया। हाईवे के समीप अवैध ढाबों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। रामदेवरा मेले की तैयारियों को लेकर भी निर्देश दिए रामदेवरा मेले से पहले उचित सड़क प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों को मेले के दौरान लगाए जाने वाले टेंट सड़क किनारे से थोड़ी दूरी पर लगाने को कहा गया। नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस को रेलवे स्टेशन मार्ग पर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह, अतिरिक्त जिला कलेक्टर प्रियंका तलानिया, एसीईओ गौतम चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
फतेहाबाद जिले की टोहाना सिटी थाना पुलिस ने 7 लाख रुपए की चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी मध्यप्रदेश जबकि दूसरा राजस्थान का रहने वाला है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर चोरी की गई नकदी की बरामदगी एवं मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।टोहाना सिटी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि 10 जून को गांव कमालवाला निवासी सुरेश कुमार ने शिकायत दी थी कि उसने टोहाना में रेलवे रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक में अपने खाते से 7 लाख रुपए नकद निकाले थे। नकदी से भरा थैला, जिसमें बैंक पासबुक भी थी, उसने अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी की डिग्गी में रखकर लॉक कर दिया। इसके बाद वह कुछ समय के लिए बैंक के पास से ही सामान लेने चला गया। सीसीटीवी में नजर आया था चोर लौटकर जब उसने स्कूटी की डिग्गी की जांच की तो नकदी से भरा थैला गायब मिला। बैंक के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर पता चला कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी स्कूटी से नकदी चोरी कर ले गया। शिकायत के आधार पर सिटी थाना में 10 जून को ही बीएनएस की धारा 303(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। एसएचओ कुलदीप ने बताया कि जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के कादिया निवासी रितिक उर्फ काला और राजस्थान के बारां जिले के लक्ष्मीपुरा निवासी सुमित को गिरफ्तार कर लिया।
गोंडा में यूरिया खाद के लिए किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला कृषि विभाग के पर्याप्त खाद उपलब्ध होने के दावों के बावजूद, किसान गुरुवार को सुबह 4 बजे से ही साधन सहकारी समितियों और निजी दुकानों पर लंबी कतारों में खड़े हैं। गुरुवार को सुबह से शाम 4:30 बजे तक किसानों की लंबी लाइनें देखी गईं। 7 से 8 घंटे तक इंतजार करने के बाद भी कई किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल पाई। खाद पाने की जद्दोजहद में किसान एक-दूसरे को धक्का-मुक्की करते भी नजर आए। रुपईडीह विकासखंड की परना बगुलहा ग्राम पंचायत स्थित साधन सहकारी समिति में भी ऐसी ही तस्वीरें सामने आईं। यहां सुबह 4, 5 और 6 बजे से ही किसान कतारों में लगे थे, लेकिन शाम 4:30 बजे तक भी उन्हें खाद नहीं मिली। समिति पर अभी भी 200 से अधिक किसान खाद के इंतजार में खड़े हैं। कई किसानों को 'फार्मर रजिस्ट्री' न होने के कारण खाद नहीं मिल रही है। कुछ किसानों ने रजिस्ट्री जमा भी की, लेकिन फिर भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। सुबह से भूखे पेट लाइन में लगे ये किसान मायूस होकर घर लौटने को मजबूर हैं। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने पहले ही सभी साधन सहकारी समितियों पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए थे, ताकि किसानों को परेशानी न हो। वहीं, गोंडा के जिला कृषि अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है कि किसानों को खाद क्यों नहीं मिल रही है और कतारें क्यों लग रही हैं।
बस्ती में सुभासपा ने गुरुवार दोपहर 1 बजे डीएम और एसपी को एक ज्ञापन दिया। पार्टी ने पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित और अतिदलित समाज के खिलाफ कथित जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। यह ज्ञापन जिलाध्यक्ष मनोज राजभर के नेतृत्व में दोपहर 1 बजे दिया गया। मुख्यमंत्री को संबोधित इस ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के लिए संघर्ष करने वाले वंचित वर्गों के खिलाफ कुछ राजनीतिक नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों द्वारा लगातार जातिसूचक भाषा का प्रयोग किया जा रहा है। इससे समाज में आक्रोश और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि किसी व्यक्ति का उसकी जाति के आधार पर अपमान संविधान की मूल भावना और सामाजिक समरसता के खिलाफ है। पार्टी ने राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग कर कमजोर वर्गों को प्रताड़ित करने, धमकाने और सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर भी चिंता व्यक्त की। सुभासपा के राष्ट्रीय सचिव विनोद कुमार राजभर और प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष वृजभूषण मिश्र ने प्रशासन से मांग की। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री एवं सपा नेता शिवपाल यादव सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाली पोस्टों पर प्रभावी कार्रवाई, पीड़ितों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच, कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की। जिलाध्यक्ष मनोज राजभर ने जोर देकर कहा कि समाज के किसी भी वर्ग के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बिलासपुर में वन विभाग ने अवैध सागौन तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है। कोटा परियोजना मंडल के भैंसाझार परिक्षेत्र में सागौन की लकड़ी से लोड एक महिंद्रा पिकअप और उसके साथ चल रही एक बाइक जब्त की है। इस कार्रवाई के दौरान पिकअप से सागौन के 11 लट्ठे बरामद हुए, जिनकी कीमत करीब 50 से 60 हजार आंकी गई है। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत वन अपराध दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार कलमीटार बीट के जोगीपुर-रतनपुर मार्ग पर वन विभाग की टीम रात्रिकालीन गश्त पर थी। इस दौरान संदिग्ध महिंद्रा पिकअप (CG-10 CA-5582) को रोककर टीम ने जांच की। वाहन में सागौन की लकड़ी छिपाकर रखी गई थी। जंगल में बेखौफ चल रही इमारती लकड़ियों की कटाई बताया जा रहा है कि कोटा क्षेत्र के जंगल में सागौन समेत इमारती लकड़ियों की बेखौफ अवैध कटाई चल रही है। बताते हैं कि लकड़ी तस्कर पहले पेड़ों को काटकर छिपाकर रखते हैं। फिर मौका मिलते ही उसे जंगल से लाकर आसपास के गांव में छिपाकर रख देते हैं, जिसके बाद उसे शहर या दूसरी जगहों पर परिवहन किया जाता है। अवैध कटाई में वन कर्मियों की मिलीभगत के भी आरोप हैं। कोटा क्षेत्र में सागौन की अवैध तस्करी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी यहां इस तरह से अवैध कटाई और परिवहन के कई मामले आ चुके हैं। वैध दस्तावेज नहीं, वन अधिनियम के तहत केस दर्ज जांच के दौरान चालक और साथ मौजूद लोग लकड़ी परिवहन से संबंधित दस्तावेज की मांग की गई। लेकिन, उनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं था। न ही बिल व रसीद रखा था। इस कार्रवाई में तस्करी में रेकी और सहयोग के लिए इस्तेमाल की जा रही होंडा लीवो बाइक (CG-28 C-3192) भी मौके से जब्त की गई। वन अमले ने जब्त लकड़ी, पिकअप और बाइक को अभिरक्षा में लेकर नीलकुमार घृतलहरे, ललित साहू, लालसिंह और दुर्गेश पाली के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
बुरहानपुर में नेशनल-हाईवे द्वारा सिंधी बस्ती से लोनी तक, जो मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र सीमा पर स्थित है, 8.65 किलोमीटर लंबे सीमेंट कांक्रीट रोड का निर्माण किया जा रहा है। 54.13 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस सड़क के लिए पांच से सात फीट गहरे गड्ढे खोदे गए हैं। स्थानीय लोगों ने इन गड्ढों को लेकर सुरक्षा चिंताएं जताई हैं, खासकर बारिश के मौसम में इनके कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। काम की गति भी धीमी बताई जा रही है। 8 जुलाई को बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने अधिकारियों के साथ इस सड़क का निरीक्षण किया था। उन्होंने डायवर्जन प्लान तैयार करने और आम जनता को यातायात में कोई परेशानी न होने देने के निर्देश दिए थे। हालांकि, सड़क के एक हिस्से में खोदे गए बड़े गड्ढे बारिश के दौरान समस्या पैदा कर सकते हैं। गड्ढों के किनारे फिलहाल बोरियां और पतले लोहे के एंगल रखे गए हैं। यह सड़क मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ती है, जिससे यहां बड़ी संख्या में मालवाहक वाहनों के साथ-साथ अन्य छोटे-बड़े वाहन और महाराष्ट्र की ओर जाने वाली बसें भी गुजरती हैं। इसी कारण यहां दुर्घटना की आशंका अधिक है। लोगों ने मांग की है कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर अश्विनी सोनरिश ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य लोक निर्माण विभाग का नहीं है। इस सड़क का निर्माण कार्य नेशनल हाईवे (एनएच) विभाग द्वारा किया जा रहा है। एक मार्ग से लोग आवागमन कर रहेएक रोड को एनएच विभाग की ओर से खोदा गया है। दूसरे हिस्से से वाहन आवागमन कर रहे हैं। ऐसे में यहां आए दिन जाम की स्थिति भी बनती है। रोड निर्माण के लिए एक हिस्से में 5-7 से फिट के गड्ढे किए गए हैं। निर्माण की गति धीमी भी है। इस रूट से कईं छोटे गांव, महाराष्ट्र राज्य की ओर से आवागमन होता है। रास्ता फिसलन भरा हो गया है। लोग सवाल उठा रहे है कि ऐन बारिश में वक्त इतने बड़े गड्ढे क्यों खोदे गए। यहां बारिश का पानी भर जाएगा तो हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि अधिकांश लोग महाराष्ट्र से मप्र की सीमा में यहीं से प्रवेश करते हैं। उन्हें रास्ते की सही जानकारी न होने पर बारिश के समय में परेशानी खड़ी हो सकती है। सिंधी बस्ती से लोनी स्थित मप्र महाराष्ट्र की सीमा तक 8.65 किमी सीमेंट कांक्रीट रोड का निर्माण होना है। इसकी लागत 54.13 करोड़ है। अक्टूबर 2024 में इस रोड की प्रारंभिक स्वीकृति मिली थी। डीपीआर के बाद 54.13 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई। अब इसका निर्माण चल रहा है। इसके तहत सिंधी बस्ती से कलेक्टर कार्यालय तक 14 मीटर चौड़ा फोरलेन मार्ग्र निर्माण् किया जाएगा। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय से लोनी स्थित मप्र महाराष्ट्र सीमा तक 7 मीटर चौड़ा टू लेन सीमेंट कांक्रीट रोड बनेगा। तीन नई सहित 11 पुलियाएं बनेगी। 4 नए बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद मप्र के बुरहापुर और महाराष्ट्र के बीच आवागमन आसान होगा।
मऊगंज में नशीली कफ सिरप की तस्करी का खुलासा:85 शीशी सिरप जब्त; 3 गिरफ्तार, 2 की तलाश जारी
मऊगंज पुलिस ने नशीली कफ सिरप की तस्करी के खिलाफ गुरुवार को कार्रवाई की है। पुलिस ने 85 शीशी ऑनरेक्स कफ सिरप जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। जब्त सिरप की अनुमानित कीमत 17,127 रुपए है, और आरोपियों के पास से मिले दो मोबाइल फोन की कीमत लगभग 30,000 रुपए बताई गई है। मऊगंज पुलिस के अनुसार, गुरुवार को थाना प्रभारी निरीक्षक राम सिंह की टीम अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर नजर रख रही थी। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि बरया कला स्थित दुबे चौराहा रोड पर दो युवक अपने घर के सामने नीले रंग के बैग में नशीली कफ सिरप ग्राहकों को बेच रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम गवाहों और हमराह बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही दो संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। इनको किया गिरफ्तार पूछताछ में उनकी पहचान रोशन गुप्ता (23), निवासी वार्ड क्रमांक 8 सुंदर पूर्वा, थाना मऊगंज और शिवेंद्र त्रिपाठी उर्फ शिब्बू (21), निवासी बरया कला, थाना मऊगंज के रूप में हुई। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से 85 शीशी ऑनरेक्स कफ सिरप और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए। इस मामले में संजय उर्फ आनंद उर्फ दीपक पटेल (20), निवासी घुमा, थाना गढ़, जिला रीवा को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस फरार हुए दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने इस संबंध में अपराध क्रमांक 465/26 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 8, 21, 22 एनडीपीएस एक्ट और 5/13 ड्रग्स कंट्रोल एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
फाजिल्का के सदर थाना पुलिस ने एक किराना दुकान के गोदाम से घी चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 4 पेटी घी भी बरामद कर ली है। पकड़े गए आरोपी अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी बलकार सिंह ने बताया कि मंडी लाधुका निवासी साजन सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता की मंडी लाधुका में किराना (करियाना) की दुकान है और दुकान के ठीक पीछे सामान रखने के लिए एक गोदाम बनाया हुआ है। चोरों ने गोदाम में अनधिकृत रूप से दाखिल होकर वहाँ से घी की पेटियाँ व अन्य सामान चोरी कर लिया था। शिकायत मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। गुप्त सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सिकंदर सिंह उर्फ गोल्डी पुत्र सुभाष चंद्र, निवासी राधा स्वामी कॉलोनी, फाजिल्का, संदीप सिंह पुत्र दिलीप सिंह, निवासी चक्कर वाले झुग्गे, फाजिल्का के रूप में हुई है। नशे की लत बनी चोरी की वजह पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और अपनी नशे की पूर्ति के लिए पैसों का इंतजाम करने के लिए ऐसी चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उनसे आगे की पूछताछ की जा रही है ताकि क्षेत्र में हुई अन्य संभावित चोरियों का भी पता लगाया जा सके।
मधेपुरा में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत गुरुवार को सदर प्रखंड की मठाही पंचायत के दुबियाही महादलित टोला वार्ड-8 एवं 9 में मानचित्र आधारित स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व स्टेट रिसोर्स पर्सन (SRP) गुड्डू कुमार बैठा ने किया। इस दौरान ग्रामीणों ने अपने गांव को स्वच्छ, स्वस्थ और खुले में शौच मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों की सहभागिता से गांव का सामाजिक मानचित्र तैयार किया गया। गंदगी और खुले में शौच से बचें इसमें खुले में शौच वाले स्थान, नालियां, कचरा जमा होने वाले क्षेत्र और अन्य अस्वच्छ स्थानों को चिह्नित कर लोगों को बताया गया कि गंदगी और खुले में शौच से डायरिया, हैजा, पीलिया और टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों से घरों में बने शौचालय का नियमित उपयोग करने और स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की गई। घर, आंगन और सार्वजनिक स्थान साफ रखें एसआरपी गुड्डू कुमार बैठा ने कहा कि स्वच्छ गांव का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संभव है। उन्होंने लोगों से घर, आंगन, गली और सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने तथा कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान पर भी विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि घर में शौचालय होने और उसके नियमित उपयोग से महिलाओं एवं बच्चियों को सुरक्षा, सुविधा और सम्मान मिलता है। साथ ही सभी से खुले में शौच की प्रथा पूरी तरह समाप्त करने का आह्वान किया गया। स्वच्छ गांव, स्वस्थ गांव की बात दोहराई अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने स्वच्छ गांव, स्वस्थ गांव और खुले में शौच मुक्त वातावरण बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली। कार्यक्रम में स्वच्छता पर्यवेक्षक सबिता कुमारी, स्वच्छता कर्मी अमरेश कुमार, बृजेश कुमार, नितीश कुमार, सुमित कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने स्वच्छता अभियान को जन आंदोलन बनाने और गांव को आदर्श स्वच्छ गांव बनाने में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प भी लिया।
करनाल में आज भाजपा की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने मीडिया से बातचीत में पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह गंभीर है और जांच जारी है। पूर्व कंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आंदोलन की पवित्रता बनाए रखना जरूरी साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि भाजपा छात्रों की भावनाओं और उनकी समस्याओं के साथ खड़ी है। लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि किसी आंदोलन की आड़ में असामाजिक या अराजक तत्व माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं, तो उन पर नजर रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी जन आंदोलन की पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और इसे भटकने नहीं देना चाहिए। उन्होंने छात्रों और युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी मांगों को मजबूती से रखें, लेकिन आंदोलन हमेशा संविधान और कानून के दायरे में रहकर ही होना चाहिए। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन इस अधिकार का प्रयोग शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। पीएम पहले ही रख चुके हैं अपना पक्ष दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के सवाल पर साध्वी निरंजन ज्योति ने विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही अपनी बात स्पष्ट कर चुके हैं। यदि किसी स्तर पर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आंदोलन पर राजनीति का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि यह आंदोलन मूल रूप से छात्रों का था, लेकिन अब कुछ राजनीतिक दल इसकी आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दों पर राजनीति करना सही नहीं है और सभी दलों को युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। साध्वी निरंजन ज्योति ने दोहराया कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा।
फतेहपुर में NEET सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश है। इसी मुद्दे पर राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने गुरुवार को राष्ट्रपति से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। संगठन ने फतेहपुर कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया। यह ज्ञापन जिलाध्यक्ष राजीव मिश्रा के नेतृत्व में शाम 3 बजे दिया गया, जिसमें दोषियों पर कठोर कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि भारत का हर छात्र अपने माता-पिता के सपनों, सालों की मेहनत और त्याग के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होता है। किसान अपनी जमीन बेचकर, मजदूर दिन-रात मेहनत करके, और माताएँ गहने गिरवी रखकर बच्चों को पढ़ाती हैं। जब नीट सहित विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होते हैं, तो यह केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों, माता-पिता की तपस्या और देश की शिक्षा व्यवस्था पर से विश्वास का टूटना होता है। इन घटनाओं के कारण कई छात्र-छात्राएं मानसिक तनाव और अवसाद का शिकार हुए हैं, और कुछ ने निराशा में अपना जीवन तक खो दिया है। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वे दिल्ली में हुए प्रदर्शन का समर्थन नहीं करते, लेकिन यदि किसी भी निर्दोष छात्र-छात्रा पर अनावश्यक बल प्रयोग, लाठीचार्ज या अमानवीय व्यवहार किया गया है, तो उसकी निंदा की जानी चाहिए। संगठन ने राष्ट्रपति से नीट और अन्य परीक्षाओं के पेपर लीक की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने, छात्रों को न्याय दिलाने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन में देश की शिक्षा व्यवस्था को बचाने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की गई है। इस अवसर पर जगत मिश्रा, सर्वेश शुक्ला, दिनेश सिंह, सचिन कुमार, इंद्रेश तिवारी, रमेश पटेल, प्रकाश पासवान और सपना सिंह सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड में बाल श्रम के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खेत में धान की रोपाई करते मिले चार नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू किया। चाइल्डलाइन 1098 पर मिली शिकायत के बाद जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्डलाइन, श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही। जांच के दौरान दो लड़के और दो लड़कियां खेत में बड़ों के साथ धान की रोपाई करते मिले। सभी बच्चे कक्षा 5वीं, 6वीं और 7वीं के विद्यार्थी हैं। रोज 450 रुपये मजदूरी कराने की जानकारी जांच में सामने आया कि बच्चों से प्रतिदिन 450 रुपये मजदूरी पर काम कराया जा रहा था। टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर चारों बच्चों का तत्काल रेस्क्यू किया। बाल कल्याण समिति के सामने होंगे पेश प्रशासन ने बताया कि बच्चों को आगे की कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), सूरजपुर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं श्रम विभाग ने बच्चों से मजदूरी कराने वाले नियोक्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। बाल श्रम कानून का उल्लंघन प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी कराना दंडनीय अपराध है। साथ ही उन्हें शिक्षा से वंचित करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम का भी उल्लंघन है। लोगों से की अपील जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बच्चों से मजदूरी कराई जाती दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्डलाइन 1098 पर दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
चैती पिपर गोलीकांड पर माले ने डीएम को सौंपा ज्ञापन:पीड़ितों के लिए न्याय, सुरक्षा और मुआवजे की मांग
जहानाबाद जिले के चैती पिपर गांव में 4 जुलाई को हुई गोलीबारी की घटना के संबंध में भाकपा (माले) जिला कमेटी ने गुरुवार को जिलाधिकारी को पांच सूत्री मांगपत्र सौंपा। पार्टी ने पीड़ित परिवारों के लिए न्याय, सुरक्षा और राहत की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि घटना के बाद से गांव में भय और असुरक्षा का माहौल है। पीड़ित परिवार अभी भी दहशत में जी रहे हैं। माले नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ आरोपियों पर कार्रवाई हुई है, लेकिन मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने निष्पक्ष और त्वरित जांच कर सभी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। मांगपत्र में प्रत्येक प्रभावित परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कही गई है। इसके अतिरिक्त, सभी घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर कराने और उनके पूर्ण स्वस्थ होने तक समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। गांव में स्थायी पुलिस कैंप स्थापित करने की मांग ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गांव में एक स्थायी पुलिस कैंप स्थापित करने की मांग भी रखी गई है। माले नेताओं ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी से ग्रामीण सुरक्षित महसूस करेंगे। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई पर हुए असर को देखते हुए गांव में अस्थायी विद्यालय की व्यवस्था कर शिक्षा बाधित न होने देने की मांग की। बुनियादी सुविधाओं के तहत सार्वजनिक शौचालय और स्वच्छ पेयजल के लिए चापाकल की व्यवस्था कराने की मांग भी की गई है। भाकपा (माले) नेताओं ने प्रशासन से संवेदनशीलता और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय, सुरक्षा और आवश्यक राहत प्रदान करने की अपील की। उन्होंने जोर दिया कि दोषियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने तक गांव में भय का माहौल बना रहेगा।
सीवान के दरौंदा प्रखंड में पदस्थापित कृषि समन्वयक शशि रंजन के निलंबन के विरोध में गुरुवार को जिले के सभी कृषि समन्वयक एकजुट होकर जिला कृषि कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कृषि समन्वयकों ने जमकर नारेबाजी की और निलंबन की कार्रवाई को तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि विभाग ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया तो जिले के सभी कृषि समन्वयक सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार कर लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेंगे। अरहर और मक्का के गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध नहींप्रदर्शन कर रहे कृषि समन्वयकों का कहना है कि किसानों द्वारा बीज नहीं लेने का मुख्य कारण बीज की खराब गुणवत्ता और अंकुरण क्षमता है। उन्होंने बताया कि दरौंदा प्रखंड के सभी कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों ने 3 जून को ही लिखित रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को सूचित कर दिया था कि धान, मडुवा, अरहर और मक्का के गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में किसानों ने बाजार से ही बीज खरीदकर रोपनी पूरी कर ली। उनका आरोप है कि 22 जुलाई को जूम के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में भी यही जानकारी दी गई थी, लेकिन जिला कृषि पदाधिकारी ने तथ्यों को तोड़-मरोड़कर विभाग को भेज दिया, जिसके आधार पर शशि रंजन को निलंबित कर दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह अन्यायपूर्ण और नियमों के विरुद्ध बताया। सरकारी योजनाओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी कीदूसरी ओर, जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने निलंबन की कार्रवाई को पूरी तरह उचित ठहराया। उन्होंने बताया कि शशि रंजन की पत्नी द्वारा दो विवाह से संबंधित शिकायत जिला पदाधिकारी को दी गई थी, जिसकी जांच जिला प्रोग्राम पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी (घरेलू हिंसा) को सौंपी गई थी। जांच के दौरान शशि रंजन ने टीम का सहयोग नहीं किया और अधिकारियों के प्रति असहयोगात्मक रवैया अपनाया। इसके अलावा बीज वितरण को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में भी उन्होंने अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया तथा सरकारी योजनाओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस संबंध में उन्हें शो कॉज किया गया था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद विभागीय नियमों के तहत उन्हें निलंबित किया गया। जिला कृषि पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निलंबन की कार्रवाई नियमानुसार की गई है और किसी भी दबाव में इसे वापस नहीं लिया जाएगा। वहीं कृषि समन्वयकों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी देकर विभाग के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। अब इस मामले को लेकर विभाग और कृषि समन्वयकों के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है।
फरीदाबाद में बुधवार देर रात नेशनल तंबाकू कंट्रोल प्रोग्राम की टीम ने ई-सिगरेट की होलसेल की दुकान पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान दो अलग-अलग दुकानों से करीब 1 लाख 40 हजार रुपए कीमत की प्रतिबंधित विदेशी ई-सिगरेट बरामद की गई। स्वास्थ्य विभाग ने सभी ई-सिगरेट जब्त कर ली हैं और संबंधित दुकानदारों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. मान सिंह के नेतृत्व में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम के साथ की गई। टीम ने पहले एनआईटी-4 क्षेत्र में स्थित एक होलसेल दुकान पर छापा मारा। यहां से करीब 1 लाख रुपए कीमत की विदेशी ई-सिगरेट बरामद हुई। इसके बाद टीम ने सेक्टर-28-30 के पास स्थित एक अन्य दुकान पर छापेमारी की, जहां से करीब 40 हजार रुपए की ई-सिगरेट जब्त की गई। हरियाणा में पूरी तरह प्रतिबंधित है ई-सिगरेट डॉ. मान सिंह ने बताया कि भारत और पूरे हरियाणा में ई-सिगरेट की बिक्री, भंडारण और वितरण पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद कुछ दुकानदार चोरी-छिपे इनकी बिक्री कर रहे हैं। जैसे ही इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को मिलती है, तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि ई-सिगरेट बेचने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि एनआईटी-4 में पकड़े गए मामले की जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 कर रही है, जबकि सेक्टर-28-30 में पकड़े गए मामले में बदरपुर बॉर्डर क्राइम ब्रांच आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। दोनों दुकानदारों के खिलाफ संबंधित कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सामान्य सिगरेट से ज्यादा खतरनाक है ई-सिगरेट : डॉ. मान सिंह डॉ. मान सिंह ने कहा कि आजकल बड़ी संख्या में युवा ई-सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई लोग इसे सामान्य सिगरेट से कम नुकसानदायक समझते हैं, जबकि यह धारणा गलत है। ई-सिगरेट का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है और इससे कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं ई-सिगरेट का इस्तेमाल न करें और यदि कहीं भी इसकी अवैध बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग या पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने और तंबाकू नियंत्रण कानून का सख्ती से पालन कराने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। कैसी होती है ई-सिगरेट ई-सिगरेट (वेप) बैटरी से चलने वाला एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो असली सिगरेट जैसा दिखता है या एक पेन के आकार का होता है। इसमें तंबाकू नहीं जलता है, इसके बजाय, यह एक तरल (ई-लिक्विड) को गर्म करके भाप या एरोसोल बनाता है, जिसे उपयोगकर्ता सांस के जरिए अंदर लेते हैं। यह सामान्य सिगरेट से ज्यादा नुकसानदेह होती है।
जंतर-मंतर पर लोग बोले- हिंदू-मुस्लिम नहीं; हम सब भारतीय:एक मकसद के लिए जमा हुए, धर्म इसमें बाधा नहीं
जंतर-मंतर पर गुरुवार को अलग-अलग धर्मों के लोग जमा हुए। उन्होंने कहा कि संविधान में कहा गया है कि हम सब भारतीय नागरिक हैं, इसमें हिंदू-मुस्लिम का भेद नहीं है। खबर का वीडियो देखने के लिए खबर के ऊपर लगी कवर इमेज पर क्लिक करें।
कटिहार में गुरुवार को नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। यह घटना जिलाधिकारी (DM) कार्यालय के बाहर हुई, जिसमें कई छात्रों को हिरासत में लिया गया। इस दौरान सदर अंचलाधिकारी (CO) सोनू भगत घायल हो गए। पुलिस बल और मीडियाकर्मियों पर पथराव प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर DM कार्यालय के मुख्य द्वार पर नारेबाजी कर रहे थे। उन्होंने जबरन कार्यालय में घुसने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस द्वारा रोके जाने के दौरान, भीड़ में शामिल कुछ छात्रों ने पुलिस बल और मीडियाकर्मियों पर पथराव किया। एहतियातन समाहरणालय के आसपास की दुकानें बंद करा दी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। एहतियातन समाहरणालय के आसपास की दुकानें बंद करा दी गईं। पथराव में सदर अंचलाधिकारी सोनू भगत घायल हो गए। उनकी आंखों में चोट आई है। लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ छात्र संगठनों का आरोप है कि नीट पेपर लीक से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा DM आशुतोष द्विवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने छात्रों से संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि, ''उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अगर गलत तरीके से कोई प्रदर्शन करेगा, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाएगा तो पुलिस कार्रवाई करेगी।'' क्या हुआ कटिहार में? बुधवार को NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर DM कार्यालय के बाहर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों के अंदर जाने की कोशिश करने पर पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और ईंट-पत्थर भी चले। प्रशासन ने इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। DM ने कहा कि प्रशासन अभ्यर्थियों की जायज मांगों को लेकर संवेदनशील है, लेकिन कानून हाथ में लेना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जदयू प्रवक्ता इम्तियाज हैदर ने घटना की तीव्र निंदा करते हुए कहा कि यह छात्र हो ही नहीं सकते जिन्होंने पथराव किया है। इसके पीछे जरूर राजनीतिक साजिश है। छात्र की आड़ में राजनीति कर रहे गंदी मानसिकता वाले टूट पूंजी लोगों ने छात्र के प्रदर्शन में शामिल असामाजिक तत्वों का सहारा लेकर अपना रोटी सेक रहे हैं ।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी को लेकर नाराज कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जबलपुर शहर के मालवीय चौक पर दो दिन पहले जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा और चिंटू चौकसे की कोतवाली टीआई मानस द्रिवेदी से तीखी बहस हो गई। हालात ऐसे बन गए कि दोनों ने एक दूसरे की कालर पकड़ ली, जिसके बाद दोनों नेताओं के खिलाफ लार्डगंज थाने में एफआईआर दर्ज हो गई। कांग्रेस के सीनियर नेताओं पर हुई एफआईआर के विरोध में आज दोपहर को युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता आचानक ही एसपी आफिस पहुंचे जहां मौजूद पुलिस ने एसपी आफिस का गेट बंद कर कार्यकर्ताओं को रोक लिया। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने एसपी आफिस के सामने पहले जमकर प्रदर्शन किया, थोड़ी देर बाद आचानक ही कुछ कार्यकर्ता गेट के ऊपर चढ़ गए और फिर गेट खोलकर एसपी केबिन के सामने पहुंच गए, और प्रदर्शन करते हुए मांग की है, कि कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा और चिंटू चौकसे के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर को फौरन रद्द किया जाए। दरअसल सोमवार की रात को मालवीय चौक पर प्रदर्शन चल रहा था, उसी दौरान आलोक मिश्रा और टीआई कोतवाली मानस द्रिवेदी के बीच तीखी बहस हो गई, बीच-बचाव करने चिंटू चौकसे भी पहुंच गए। बताया जा रहा है कि नेताओं और पुलिस ने एक दूसरे की कालर पकड़ ली, जिसका कि वीडियो सामने आया तो लार्डगंज थाने में शासकीय कार्य में बाधा डालने की एफआईआर दर्ज की गई। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सचिन रजक का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान टीआई ने पहले आलोक मिश्रा को धक्का दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गए, और फिर विवाद बढ़ा। सचिन रजक का कहना है कि जांच के बाद दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे के भीतर पुलिसकर्मीयों पर कार्रवाई नहीं होती तो एसपी आफिस के साथ-साथ कोतवाली थाने का घेराव किया जाएगा। एएसपी आयुष जाखड़ का कहना था कि 21 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पुतला जलाया, इस दौरान कुछ वीडियो सामने आए, जिसमें कि कांग्रेस के सीनियर नेता और पुलिस इंस्पेक्टर के बीच विवाद और झूमा झटकी हुई, जिसका कि वीडियो भी सामने आया था। इसी के विरोध में दोनों कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एएसपी का कहना था कि एफआईआर के विरोध में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए शिकायत की गई है, उनकी मांग की है, कि मौके पर मौजूद पुलिस कर्मचारी-अधिकारियों की भी जांच होनी चाहिए। एएसपी आयुष जाखड़ ने बताया कि वह स्वयं इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे है। उन्होंने बताया कि अगर जांच में जरा भी पुलिसकर्मीयों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद में आलू निर्यात, विपणन को बढ़ावा:एफपीओ गठन, ग्रेडिंग-तकनीकी सहायता पर डीएम का जोर
फर्रुखाबाद में आलू के बेहतर विपणन, गुणवत्ता संवर्धन और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार, फतेहगढ़ में बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में हुई बैठक में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), वाराणसी के अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक में एपीडा के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर ने कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं, आवश्यक गुणवत्ता मानकों और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने जनपद के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-जीएम (e-GM) पोर्टल पर जनपद का डाटा शीघ्र अपलोड कराने और गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। डॉ. लाठर ने निर्यात योग्य गुणवत्ता वाले आलू के उत्पादन को बढ़ावा देने, आलू आधारित कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन, आधुनिक ग्रेडिंग, पैकेजिंग और सॉर्टिंग व्यवस्था विकसित करने तथा किसानों और व्यापारियों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि आलू उत्पादन, गुणवत्ता संवर्धन और विपणन के लिए विशेष एफपीओ गठित किया जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके। बैठक में मैंगो पल्प यूनिट स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि जनपद में लगभग 43,400 हेक्टेयर क्षेत्र में आलू और 16.75 हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है। जिले में प्रतिवर्ष करीब 15.53 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है, जिससे फर्रुखाबाद प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक जनपदों में शामिल है। एपीडा द्वारा पंजीकरण, तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार विश्लेषण, प्रशिक्षण और विपणन संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। अधिकारियों ने बताया कि निर्यात के लिए 45 से 80 मिलीमीटर आकार के साफ, चिकने, बिना दाग-धब्बे और बिना कटे-फटे आलू की अधिक मांग रहती है। साथ ही निर्यातकों को परिवहन भाड़े पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी का भी प्रावधान है। आलू विकास अधिकारी ने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का संतुलित उपयोग करने तथा वर्मी कम्पोस्ट, गोबर की खाद और ढैंचा जैसी हरित खादों के प्रयोग को बढ़ाने की अपील की। बैठक में यह भी बताया गया कि फर्रुखाबाद का आलू वर्तमान में सऊदी अरब, नेपाल, ओमान, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और श्रीलंका सहित कई देशों को निर्यात किया जा रहा है। हाल ही में रूस से 'कुफरी बहार' किस्म के आलू की मांग प्राप्त हुई है, जबकि इराक ने भी भारत से आलू आयात को मंजूरी दी है। इससे जिले के किसानों के लिए निर्यात की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी समेत कृषि, उद्यान और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
गयाजी शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस ने बाइक चोरी के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कोर्ट कैंपस और पास के अंबेडकर मार्केट में कई दिनों से बाइक चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थी। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में कोर्ट परिसर, रजिस्ट्री ऑफिस और अंबेडकर मार्केट के आसपास लगातार बाइक चोरी हो रही थीं। लगातार हो रही इन घटनाओं से इलाके के लोगों में डर का माहौल था। बीते दिन भी अंबेडकर मार्केट से बाइक चोरी होने का मामला सामने आया था। इससे स्थानीय दुकानदारों और वाहन चालकों में पुलिस के प्रति नाराजगी बढ़ रही थी। बाइक का लॉक तोड़ते वक्त एक आरोपी को पुलिसकर्मी ने दबोचा चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सिविल लाइन थाने की पुलिस काफी सतर्क थी। पुलिस टीम सादी वर्दी में अंबेडकर मार्केट और कोर्ट परिसर के आसपास लगातार निगरानी रख रही थी। गुरुवार दोपहर पुलिस टीम को एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उस पर नजर रखनी शुरू कर दी। इसी दौरान वह युवक एक खड़ी बाइक का लॉक तोड़ने की कोशिश करने लगा। जैसे ही उसने लॉक तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस ने उसे तुरंत रंगे हाथ धर दबोचा। पुलिस टीम आरोपी को फौरन थाने ले आई। आरोपी की निशानदेही पर पकड़े गए 3 अन्य थाने में जब पुलिस ने पकड़े गए आरोपी से कड़ी पूछताछ की, तो उसने गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। उसने अपने तीन अन्य साथियों के नामों का खुलासा किया। उसने बताया कि उसके तीनों साथी भी शहर के अलग-अलग इलाकों में बाइक चोरी करने की फिराक में हैं। इस जानकारी के मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने पकड़े गए युवक की निशानदेही पर अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की। पुलिस ने एक-एक करके उसके तीनों साथियों को भी दबोच लिया। पुलिस कर रही है कड़ी पूछताछ फिलहाल पुलिस चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस उनसे चोरी की गई पुरानी बाइकों और गिरोह के अन्य नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से चोरी के कई अन्य मामलों का खुलासा हो सकता है। वहीं सिविल लाइंस थाना इंस्पेक्टर शमीम अहमद ने बताया कि सभी पकड़े गए लड़के फिलहाल संदिग्ध है। पूछताछ की जा रही है। उनके बारे में पता किया जा रहा है।
सहारनपुर में बेटी के साथ खाना खाने के बाद टहल रही महिला के कानों से कुंडल लूटने वाले दो बदमाशों को सदर बाजार पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सोने के कुंडल, तमंचा, कारतूस, छुरा, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद हुई है। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। सदर बाजार थाना प्रभारी चंद्रसैन सैनी ने बताया कि 20 जुलाई को न्यू आवास विकास कॉलोनी निवासी रजनी ने दो युवकों के खिलाफ कानों से कुंडल लूटने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। उन्होंने बताया कि 22 जुलाई की रात दिल्ली रोड स्थित छिदबाना कट पर वाहन चेकिंग के दौरान स्कूटी पर सवार दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों भाग निकले और स्कूटी को न्यू आवास विकास कॉलोनी की ओर मोड़ दिया। पीछा करने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी कर दी। इसी दौरान न्यू आवास विकास तिराहे के पास उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर फिसल गई। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित सैनी उर्फ छोटू निवासी गली नंबर-4, केएलजी स्कूल के पास, शारदा नगर, थाना कुतुबशेर और आयुष शर्मा निवासी दरबारी चाय वाली गली, थाना कुतुबशेर के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे आपस में दोस्त हैं और सड़क पर अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर झपट्टा मारकर कीमती सामान लूटते थे। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी चल रही थी, जिसके चलते उन्होंने कुंडल लूट की वारदात को अंजाम दिया। लोगों को डराने-धमकाने के लिए वे अपने साथ तमंचा, कारतूस और चाकू रखते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए कुंडल, तमंचा, कारतूस, छुरा, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद कर ली है। आवश्यक कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

