Vijay Hazare Trophy:विजय हजारे ट्रॉफी प्लेट ग्रुप में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में मणिपुर को 6 विकेट से हरा दिया. इस जीत के साथ ही उसने अगले सीजन के एलीट लीग में अपनी जगह पक्की कर ली. बिहार ने प्लेट ग्रुप में जबरदस्त वर्चस्व दिखाया और अपने सभी 5 लीग राउंड मैच जीते.
विजय हजारे ट्रॉफी: शब्बीर का 'सत्ता'! बिहार ने मणिपुर को हराकर एलीट लीग में बनाई जगह
बिहार ने विजय हजारे ट्रॉफी प्लेट 2025-26 के फाइनल में मंगलवार को मणिपुर के खिलाफ 6 विकेट से जीत दर्ज की। इसी के साथ बिहार ने अगले सीजन के लिए एलीट लीग में जगह पक्की कर ली। इस जीत ने प्लेट ग्रुप में बिहार के पूरे दबदबे को दिखाया। बिहार ने फाइनल से पहले पांच लीग-स्टेज मुकाबलों में जीत हासिल करते हुए सीजन का अंत किया। इस अभियान में भविष्य के लिए भी अच्छे संकेत दिखे, जिसमें किशोर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने दो मुकाबलों में हिस्सा लिया और 221 रन बनाए। इसमें अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ शानदार 190 रन की पारी भी शामिल है। प्लेट ग्रुप का खिताब जीतकर और प्रमोशन हासिल करने के बाद बिहार अगले सीजन से विजय हजारे ट्रॉफी के एलीट ग्रुप में खेलेगा, जो टीम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम और बिहार क्रिकेट के लिए गर्व का पल है। जेएससीए इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेले गए इस मुकाबले में टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी मणिपुर 47.5 ओवरों में 169 रन पर सिमट गई। इस टीम के चार बल्लेबाज अपना खाता तक नहीं खोल सके। प्लेट ग्रुप का खिताब जीतकर और प्रमोशन हासिल करने के बाद बिहार अगले सीजन से विजय हजारे ट्रॉफी के एलीट ग्रुप में खेलेगा, जो टीम के लिए एक महत्वपूर्ण कदम और बिहार क्रिकेट के लिए गर्व का पल है। Also Read: LIVE Cricket Score आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिहार की टीम ने 31.2 ओवरों में जीत दर्ज कर ली। इस टीम के लिए आयुष लोहारुका ने 11 चौकों के साथ 75 रन की पारी खेली। वहीं, मंगल महरौर ने 32 रन अपने खाते में जोड़े। इस बीच आकाश राज ने आयुष लोहारुका के साथ चौथे विकेट के लिए 62 गेंदों में 57 रन जुटाए। विपक्षी खेमे से बिश्वोरजित कोंथौजम, फिरोजम जोतिन, किशन थोकचोम और किशन सिंघा ने 1-1 विकेट हासिल किया। Article Source: IANS
जोधपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक क्रेटा कार से 28.503 किलोग्राम अफीम का दूध बरामद किया। इसकी कीमत करीब 1 करोड़ 25 लाख बताई जा रही है। पुलिस ने तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि, उसके दूसरे साथी को डिटेन किया है। तस्कर ने पुलिस से बचने के लिए कार के दरवाजों के नीचे विशेष खांचे बनवाया था। यह नशे की खेप मणिपूर से जोधपुर लाई जा रही थी। पुलिस ने तस्कर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पूछताछ में खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है। 5 पॉइंट्स में समझिए, मणिपुर से जोधपुर नशा लाने की पूरी कहानी... 1. पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को पकड़ापुलिस आयुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि डीएसटी (जिला विशेष टीम) और करवड़ थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लोरड़ी पंडितजी गांव में दबिश दी। यहां से आरोपी नरपत सिंह राजपुरोहित (निवासी लोरड़ी पंडितजी) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पहले पंजाब में मिठाई की दुकान चलाता था। 2. पुलिस के पूछने पर नहीं दिए सही जवाबडीसीपी (ईस्ट) पी.डी. नित्या ने बताया कि डीएसटी प्रभारी खेतसिंह को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। इस पर कार्यवाहक थानाधिकारी किशनलाल के नेतृत्व में टीम ने नरपत सिंह के घर पर दबिश दी। मौके पर मिली क्रेटा कार की तलाशी लेने पर पुलिस को शुरू में कुछ नहीं मिला। आरोपी द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस टीम कार को मंडलनाथ चौराहा स्थित 'मां आशापुरा गैराज' ले गई। वहां मिस्त्री की मदद से जब कार की बारीकी से जांच की गई। 3. नशा लाने के लिए तस्कर ने अपनाया ये तरीकाडीसीपी (ईस्ट) पी.डी. नित्या ने बताया- तस्करी का तरीका देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। तस्कर ने कार के दोनों फाटकों (दरवाजों) के नीचे प्लास्टिक की विशेष जगह बना रखी थी। इसे खोलने पर उसमें छिपाकर रखा गया 28.503 किलो अवैध अफीम का दूध बरामद हुआ। 4. मणिपुर से जोधपुर तक नेटवर्कपुलिस पूछताछ में सामने आया है कि नशे की यह खेप मणिपुर से लाई गई थी। तस्करों ने जोधपुर पहुंचने के लिए लंबा रास्ता अपनाया। वे मणिपुर, नागालैंड, असम (गुवाहाटी), मेघालय, पश्चिम बंगाल (सिलीगुड़ी), बिहार, गोरखपुर (यूपी), जयपुर, सीकर और बालोतरा होते हुए जोधपुर पहुंचे। 5. सीकर से भी जुड़े हैं तारपुलिस जांच में सामने आया है कि इस तस्करी में अंतरराज्यीय गिरोह शामिल है। मामले में एक अन्य सह-अभियुक्त शीशपाल (37) पुत्र मोहनलाल गुर्जर निवासी देवगढ़ (सीकर) की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस टीम ने उसे हिरासत में ले लिया है और उसे जोधपुर लाया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी नरपत सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 और 25 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुश्किल मुद्दों की वजह से मणिपुर समस्या के समाधान में हो रही है देरी
मणिपुर का पूरा इलाका- पहाड़ियां और घाटियां दोनों- हमेशा मणिपुर के राजाओं, राज्य दरबार और बाद में, राज्य सरकार के प्रशासन में था

