दिल्ली क्राइम ब्रांच ने संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा के गिरोह के एक प्रमुख सदस्य जुम्मा खान को मणिपुर से गिरफ्तार किया है। जुम्मा खान पर 1000 से अधिक लग्जरी गाड़ियां चोरी करने और उन्हें बेचने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, वह शारिक साठा और उसके भतीजे आमिर पाशा के लिए वाहन चोरी का काम करता था। पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि पूछताछ में आरोपी जुम्मा खान ने स्वीकार किया है कि उसने अब तक एक हजार से ज्यादा गाड़ियां चोरी की हैं। यह गिरोह चोरी की गई लग्जरी कारों को पांच से छह लाख रुपये में बेच देता था। चोरी की अधिकांश वारदातें दिल्ली से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक सामने आई हैं। शारिक साठा इस पूरे नेटवर्क का सरगना है और दुबई में बैठकर गिरोह को चला रहा है। उस पर संभल हिंसा की साजिश रचने और विदेशी हथियारों की तस्करी का भी आरोप है। साठा दिल्ली की जेल से छूटने के बाद फर्जी नाम-पते पर पासपोर्ट बनवाकर दुबई भाग गया था। उसकी लगभग ₹20 लाख की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है। जुम्मा खान संभल आता-जाता रहता था और साठा के रिसीवर प्रमुख के रूप में काम करता था। साठा के देश छोड़कर भागने के बाद भी जुम्मा खान वाहन चोरी में सक्रिय रहा। दिल्ली क्राइम ब्रांच और संभल पुलिस अब साठा के भतीजे आमिर पाशा की तलाश कर रही है, जिसके भी दुबई भागने की जानकारी मिली है। पुलिस अधिकारी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर वाहन चोरी का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। देशभर में होने वाली कुल वाहन चोरी की 56 प्रतिशत से ज्यादा घटनाएं इसी इलाके में होती हैं। राजधानी में औसतन हर 14 मिनट में एक वाहन चोरी हो रहा है। अब तक दिल्ली से चोरी की गई 25 से ज्यादा महंगी गाड़ियों की बरामदगी हो चुकी है। इसके साथ ही फर्जी नंबर प्लेट, नकली आरसी और डुप्लीकेट रिमोट भी जब्त हुए हैं। 19 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं और कई मामलों में मकोका जैसी सख्त धाराएं भी लगाई गई हैं।
आज रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप फाइनल मुकाबले का दूसरा दिन है। पहले दिन बिहार की टीम ने मणिपुर के खिलाफ अच्छी पारी खेली। इस मैच को जीतने के बाद बिहार एलीट ग्रुप में पहुंच जाएगा। बिहार ने पहली पारी में 7 विकेट के नुकसान पर 328 रन बना लिए हैं। कप्तान साकिबुल गनी ने 155 गेंदों पर 108 रनों की प्रभावी पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। वहीं, बिपिन सौरभ 75 रन बनाकर नाबाद लौटे। दोनों के बीच बनी साझेदारी ने बिहार को 300 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। शुरुआती ओवरों में टीम को कुछ विकेट गंवाने पड़े हालांकि, शुरुआती ओवरों में टीम को कुछ विकेट गंवाने पड़े। हिमांशु सिंह और पियूष कुमार सिंह जल्दी पवेलियन लौट गए। जबकि मंगलमय महरौर ने 43 रन और आकाश राज ने 101 गेंदों पर 50 रन बनाकर पारी को स्थिरता प्रदान की। मणिपुर की ओर से गेंदबाजी में रेक्स और जोतिन फेइरोइजाम ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी अनुशासित लाइन और लेंथ के साथ प्रयास किया। 3 साल पहले बिहार थी एलीट ग्रुप में 3 साल पहले मोइनुल हक स्टेडियम में मणिपुर को ही हराकर बिहार एलीट ग्रुप में पहुंची थी। 2022-23 से लगातार दो वर्ष टीम एलीट ग्रुप का हिस्सा रही। पिछले सत्र में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसी टीमों के सामने हार हुई। कुछ मुकाबले खराब मौसम के कारण ड्रा भी रहे। कम अंक की वजह से बिहार टीम प्लेट ग्रुप में आ गई। इस बार एलीट में वापसी का बेहतर अवसर है। इस सत्र में बिहार के बल्लेबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा है। दो मैच में जीत मिली, तीन मैच रही ड्रॉ बिहार ने पहले ही मुकाबले में जीत का खाता खोला था। अरुणाचल को एक पारी और 165 रनों से पराजित किया था। इसके बाद गुजरात नाडियाड में बिना टॉस के हुआ मैच ड्रा रहा था। मोइनुल हक स्टेडियम में दो दिन का ही खेल हो सका था, जो बराबरी पर रहा। सिक्किम के खिलाफ भी मैच ड्रा हुआ था। उसके 429 रनों के जवाब में बिहार ने पहली पारी में 265 और दूसरी पारी में 115.1 ओवर में छह विकेट 392 रन बनाए।
त्रिपुरा, मेघालय और मणिपुर का स्थापना दिवस: पूर्वोत्तर की पहचान का उत्सव
पूर्वोत्तर भारत के तीन अहम राज्यों (त्रिपुरा, मेघालय और मणिपुर) को साल 1972 को भारतीय संघ में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था, जिसने पूर्वोत्तर क्षेत्र के राजनीतिक और प्रशासनिक ढांचे में एक नया अध्याय जोड़ा
राजस्थान के खिलाड़ियों से मणिपुर में उग्रवादियों ने लूटपाट की। खिलाड़ियों से सारे पैसे ले लिए। टीम के बच्चों ने एक वीडियो जारी कर आपबीती बताई। इसके बाद मणिपुर सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए। दरअसल, राजस्थान की टीम 69वीं नेशनल स्कूल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने गई मणिपुर गई थी। एक खिलाड़ी के पिता ने बताया-13 जनवरी की रात दीमापुर से इंफाल जा रहे थे। इसी दौरान रात 12:30 बजे रास्ते में एक समुदाय से जुड़े कुछ उग्रवादियों ने खिलाड़ियों की गाड़ी को रास्ते में रोक लिया। वहां मौजूद कुछ बंदूकधारियों ने गाड़ी में मौजूद खिलाड़ियों को धमकाया। उन्हें काफी देर तक रोके रखा। उनसे उनके पास मौजूद नकद राशि ले ली। वहीं इसको लेकर अब खिलाड़ियों के परिजनों ने शिक्षा मंत्री से भी शिकायत की है। ट्रेन में बाथरूम के बाहर बैठकर परेशान हुए खिलाड़ी परिजनों ने कहा- 52 खिलाड़ियों को मणिपुर जाना था, लेकिन सरकार ने सिर्फ 24 की टिकट करवाई। 24 की टिकट भी कंफर्म नहीं थी, खिलाड़ियों को ट्रेन में बाथरूम के बाहर बैठकर परेशान होना पड़ा। मणिपुर में भी बच्चों के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। बड़ी संख्या में टीम के साथ महिला खिलाड़ी भी थी। ऐसे में सरकार को खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर कुछ पुख्ता व्यवस्था करनी चाहिए थी। इसके साथ ही जो भी लोग इसमें दोषी है उनके खिलाफ सख्त एक्शन भी लिया जाना चाहिए। टीम के कोच सोहनराम ने बताया- घटना में किसी को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा। सभी खिलाड़ी सुरक्षित हैं। टीम 11 जनवरी को धौलपुर से रवाना हुई थी। दिल्ली से दीमापुर के लिए ट्रेन थी। जो देरी से चली और 13 जनवरी की शाम को दीमापुर पहुंची। वहां से कार द्वारा इम्फाल जाते समय यह घटना हुई। सोहनराम ने बताया- वीडियो में बयान देने वाली बच्ची फ्लाइट से आई थी। उस समय टीम के साथ मौजूद नहीं थी। कोई बड़ी अव्यवस्था नहीं हुई और कुछ खिलाड़ी पहले ही राजस्थान लौट चुके हैं। इम्फाल के पुलिस अधीक्षक को जांच के आदेश दिए इस मामले में वीडियो सामने आने के बाद मणिपुर सरकार ने इम्फाल के पुलिस अधीक्षक को जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही सेनापति और कांगपोक्पी जिलों के अधिकारियों को भी जांच में सहयोग करने के लिए कहा है। आदेश में वीडियो की सत्यता की जांच कर जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है। वहीं, राजस्थान के शिक्षा विभाग से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
मुश्किल मुद्दों की वजह से मणिपुर समस्या के समाधान में हो रही है देरी
मणिपुर का पूरा इलाका- पहाड़ियां और घाटियां दोनों- हमेशा मणिपुर के राजाओं, राज्य दरबार और बाद में, राज्य सरकार के प्रशासन में था

