असम में ट्रैक खराब होने से त्रिपुरा, मिजोरम और मणिपुर के लिए रेल सेवा एक महीने से बाधित
गुवाहाटी/अगरतला, 10 अगस्त . भारी बारिश और जमीन धंसने के कारण असम के रणनीतिक रूप से अहम लुमडिंग-बदरपुर पहाड़ी सेक्शन में रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचा है, जिससे दक्षिणी असम, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और देश के बाकी हिस्सों के बीच रेल सेवा लगभग एक महीने से बाधित है. नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) के एक वरिष्ठ ... Read more
'बड़े भाई की भूमिका निभाएं मैतेई...', मणिपुर में शांति के लिए CM की अपील
मणिपुर में शांति की अपील करते हुए मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने मैतेई समुदाय से 'बड़े भाई' की भूमिका निभाने को कहा. उन्होंने सभी समुदायों से मिलकर राज्य के विकास के लिए काम करने की अपील की.
Manipur में SoO समूहों ने 7 शिविर स्थानांतरित करने पर जताई सहमति, घटाई जाएगी संख्या
इंफाल, आठ अगस्त मणिपुर में ‘अभियान निलंबन’ (एसओओ) समझौते में शामिल उग्रवादी संगठनों ने संघर्ष प्रभावित इलाकों से सात नामित शिविरों को स्थानांतरित करने और ऐसे शिविरों की कुल संख्या घटाने पर शनिवार को सहमति जताई। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। बयान के मुताबिक, यह फैसला नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय, राज्य सरकार और दो उग्रवादी संगठनों-कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (केएनओ) तथा यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (यूपीएफ)-के प्रतिनिधियों के बीच हुई त्रिपक्षीय बैठक में लिया गया। बयान के अनुसार, बैठक एक संशोधित त्रिपक्षीय एसओओ समझौते पर हस्ताक्षर के साथ संपन्न हुई, जिसमें नयी शर्तें और नियम शामिल हैं, जो हस्ताक्षर वाले दिन से एक साल की अवधि के लिए लागू होंगे। एसओओ संघर्ष-विराम के लिए तीन पक्षों के बीच हुआ एक समझौता है, जिसमें केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और केएनओ तथा यूपीएफ जैसे संगठनों के तहत काम करने वाले कुकी और जोमी उग्रवादी समूह शामिल हैं। यह समझौता पहली बार 2008 में किया गया था। बयान के मुताबिक, बैठक में मणिपुर में स्थायी शांति और स्थिरता लाने के लिए बातचीत के जरिये समाधान निकालने पर भी सहमति बनी। इसमें कहा गया है कि बैठक में “केएनओ और यूपीएफ सात शिविरों को संघर्ष की आशंका वाले इलाकों से दूर दूसरी जगह ले जाने और तय शिविरों की संख्या घटाने पर भी सहमत हो गए हैं”, साथ ही हथियारों को भी पास के सीआरपीएफ/बीएसएफ शिविरों में ले जाया जाएगा। सरकारी अनुमान के अनुसार, एसओओ में शामिल संगठन पहाड़ी जिलों-खासकर चूड़ाचांदपुर और कांगपोकपी-में 14 शिविर संचालित कर रहे हैं, जिनमें केएनओ और यूपीएफ के लगभग 2,200 कैडर रह रहे हैं। ये शिविर निगरानी वाली रिहायशी जगहें हैं, जहां उन उग्रवादी गुटों के सदस्यों को रखा जाता है, जिन्होंने सरकार के साथ एसओओ या शांति समझौते पर दस्तखत किए हैं। ऐसे शिविर हथियारबंद गुटों को तय नियमों के दायरे में सीमित और नियंत्रित रखते हैं।
Manipur में सभी समुदायों के लिए खुलेंगे National Highway, CM का ऐलान
इंफाल, आठ अगस्त मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत, मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह और उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों को सभी समुदायों के लोगों की निर्बाध आवाजाही के लिए फिर से खोल दिया जायेगा। सिंह ने कुकी-बहुल कांगपोकपी जिले के दौरे के दौरान यह घोषणा की, जहां उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। मई 2023 में राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (इंफाल-दीमापुर) और राष्ट्रीय राजमार्ग-37 (इंफाल-सिलचर) पर कुछ समुदायों के लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित रही है। दोनों राजमार्ग कांगपोकपी जिले से होकर गुजरते हैं। कांगपोकपी पहुंचने पर सिंह का किपगेन, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया। विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए सिंह ने कहा कि मणिपुर का इतिहास लगभग तीन हजार साल पुराना है और राज्य की सीमाओं को आकार देने में सभी समुदायों का योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के भू-भाग की रक्षा के लिए विभिन्न समुदायों के लोगों ने बलिदान दिया है। सिंह ने कहा, ‘‘जो संघर्ष हुआ है, उसके कारण आने वाली पीढ़ियां प्रभावित हुई हैं। इसके प्रभाव को कम करने के लिए इंफाल-दीमापुर बस सेवा बहुत जल्द सभी समुदायों के लोगों के लिए फिर से शुरू की जायेगी।’’उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्वार्थपूर्ण हितों वाले कुछ समूह लोगों के बीच भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर संकट का कोई न कोई समाधान जरूर होता है। उन्होंने सभी समुदायों के लोगों से एक-दूसरे पर भरोसा करने और एक-दूसरे का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों को पहले खुद को भारतीय और उसके बाद मणिपुरी मानना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के विकास के बिना भारत का विकास अधूरा रहेगा और कांगपोकपी जिले के विकास के बिना मणिपुर की प्रगति अधूरी रहेगी। कांगपोकपी जिला मुख्यालय में एक डायलिसिस केंद्र का उद्घाटन करते हुए सिंह ने कहा कि सभी लोगों को पुरानी बातों को भूलकर एक-दूसरे को माफ कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार संघर्ष से उत्पन्न स्थिति को गंभीरता से ले रही है। सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज मणिपुर में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और राजग के विधायकों की मौजूदगी में यह निर्णय लिया गया कि इंफाल-गुवाहाटी बस सेवा जल्द ही फिर से शुरू की जायेगी और राष्ट्रीय राजमार्ग सभी समुदायों के लोगों के लिए खोल दिया जायेगा।’’मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इन कदमों से आवागमन और संपर्क बेहतर होगा, आपसी विश्वास फिर से कायम होगा और लोगों के बीच संबंध और मजबूत होंगे। आइए, हम सभी शांति, मेल-मिलाप और उम्मीद के साथ एक शांतिपूर्ण और एकजुट मणिपुर के लिए मिलकर आगे बढ़ें।’’इस मौके पर किपगेन ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पूरे देश की संपत्ति हैं और उन पर सभी लोगों की पहुंच होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय राजमार्ग किसी एक व्यक्ति या समूह की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की संपत्ति हैं। मैं भी इस बात से सहमत हूं कि राजमार्गों पर सभी लोगों की आवाजाही की अनुमति होनी चाहिए।
Kushinagar News: मणिपुरम में बन रहा पार्क, बच्चों और बुजुर्गों को मिलेगा लाभ
Park being built in Manipuram; children and the elderly to benefit.
विकसित भारत के सपने को साकार करने में एनआईटी निभाएंगे अहम भूमिका : मणिपुर सीएम
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