लखनऊ से कानपुर आकर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले मामा-भांजे को कलक्टरगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। आरोपियों ने कलक्टरगंज बाजार से एक व्यापारी के दो सिगरेट का गत्ता पार कर दिया था। 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची। 16 मई को बांदा के व्यापारी से चोरी की थी कलक्टरगंज थाना प्रभारी विनय तिवारी ने बताया कि बीती 16 मई को बांदा के रहने वाले व्यापारी रोहित गुप्ता कलक्टरगंज बाजार आए थे। इस दौरान किसी ने उनका सिगरेट का एक गत्ता चोरी कर लिया, जिसकी शिकायत उन्होंने थाने में की। जिसके बाद टीम ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखा तो स्कूटी सवार दो युवक गत्ता चोरी करके ले जाते दिखे। पुलिस ने 100 सीसीटीवी कैमरे जांचे पुलिस टीम ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखकर स्कूटी का नंबर निकाला। जिसके आधार पर टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। इस बीच शुक्रवार देर रात आरोपी दोबारा शहर में चोरी की वारदात को अंजाम देने पहुंचे। तभी टीम ने घंटाघर चौराहा स्थित शराब के ठेके के पास से लखनऊ के मानक नगर निवासी शाहबाज और उसके मामा हकीकत निवासी न्यू हिण्डन विहार गाजियाबाद को गिरफ्तार किया।
सरगुजा में रिश्तों को शर्मशार करने वाले एक मामले में पिता ने अपनी ही 11 वर्षीय बेटी के साथ रेप किया। घटना के दौरान पीड़िता की मां घर में नहीं थी। मां के लौटने पर बेटी ने मामले की जानकारी दी। पीड़िता को लेकर मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। लोगों के आक्रोश को देखते हुए आरोपी को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट लाया गया। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, घटना 20 मई दोपहर की है। पीड़ित बच्ची की मां घर पर नहीं थी। आरोपी ने किसी को घटना की जानकारी देने पर मारने की धमकी भी दी। 21 मई को जब आरोपी पिता घर पर नहीं था तो बालिका ने रोते हुए घटना की जानकारी अपनी मां को दी। पीड़िता को साथ लेकर मां गांधीनगर थाने पहुंची और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोपी पिता भेजा गया जेल मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। घटना की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंच गए। लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस कड़ी सुरक्षा में आरोपी को लेकर कोर्ट पहुंची। गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी एक अन्य बालिका के साथ छेड़छाड़ के मामले में पहले भी जेल जा चुका है। अधिवक्ता नहीं करेंगे पैरवी पिता द्वारा हैवानियत किए जाने की घटना को लेकर अधिवक्ताओं में भी आक्रोश है। जिला अधिवक्ता संघ ने मामला सही मिलने पर मामले में पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया है। वहीं लोगों ने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की है।
दरभंगा डीएम कौशल कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में 2 जून को आयोजित होने वाले सहयोग शिविर की तैयारियों और पोर्टल पर हासिल आवेदनों के निपटारे को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में 19 मई को आयोजित सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों और शिकायतों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि 44 विभागों में कुल 2759 आवेदन हासिल हुए थे, जिनमें से अधिकांश 1095 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। सभी आवेदनों और उनके समाधान को पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लंबित आवेदनों का ससमय निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले सहयोग शिविर में सबसे अधिक 440 आवेदन ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित हासिल हुए, जबकि कमर्शियल टैक्स और पर्यटन विभाग में एक-एक आवेदन मिले। जिलाधिकारी ने कहा कि सहयोग शिविर का उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का समाधान करना है, इसलिए सभी विभाग गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही लोगों की सुविधा के लिए शिविर से पहले भी आवेदन हासिल किए जाएंगे। प्रत्येक पंचायत में 15 काउंटर लगेंगे जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत में 15 काउंटर लगाए जाएं। इसके अलावा आवेदन लिखने में असमर्थ लोगों की सहायता के लिए अलग काउंटर और हेल्पलाइन काउंटर भी उपलब्ध रहेगा। उन्होंने सभी प्रखंड विकास अधिकारियों को शिविर स्थल पर पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिविर के दिन सभी पदाधिकारी और कर्मी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। प्रत्येक स्टॉल पर आवेदनों के संधारण के लिए अलग-अलग पंजी उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।
छतरपुर शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत छत्रसाल चौराहे पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब बीच सड़क पर दो महिलाओं के बीच जमकर मारपीट हो गई। दोनों महिलाएं एक-दूसरे के बाल पकड़कर सड़क पर ही भिड़ गईं। घटना को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों महिलाएं एक-दूसरे को पकड़कर सड़क पर घसीटते हुए मारपीट करती रहीं। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की, लेकिन काफी देर तक दोनों के बीच विवाद चलता रहा। इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों महिलाएं सार्वजनिक स्थान पर एक-दूसरे से उलझती दिखाई दे रही हैं, जबकि आसपास खड़े लोग तमाशबीन बने नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद हरकत में आई पुलिसमामले का वीडियो सामने आने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर घटना की जानकारी जुटाई जा रही है और महिलाओं की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, मारपीट की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दोनों महिलाओं के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जो देखते ही देखते सड़क पर झगड़े में बदल गया। चौराहे पर लगा रहा जाम जैसा माहौलघटना के दौरान छत्रसाल चौराहे पर कुछ देर के लिए जाम जैसे हालात बन गए। राहगीर रुककर घटना देखने लगे, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने लोगों से सार्वजनिक स्थानों पर विवाद और कानून व्यवस्था बिगाड़ने जैसी घटनाओं से बचने की अपील की है।
भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र में आज एक महिला ने घर में घुसकर रेप के प्रयास करने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना, उस समय हुई जब महिला अपने घर के बाहर खड़ी थी और उसके दोनों बच्चे घर के अंदर मोबाइल देख रहे थे। महिला का आरोप है कि देवर चार साथियों के साथ उसके घर पहुंचा और बंद ताला तोड़कर जबरन अंदर घुस गया। ताला टूटने की आवाज सुनकर जब वह घर की ओर दौड़ी, तो तब तक सभी आरोपी अंदर प्रवेश कर चुके थे। महिला के अनुसार विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और अनवर ने उसका हाथ पकड़कर कमरे में ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान उसके कपड़े भी खींचे गए और रेप का प्रयास किया गया। शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटे महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुट गए, जिसके बाद आरोपी भागने लगे। ग्रामीणों ने चार आरोपियों को पकड़ लिया और उनकी पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह आरोपियों को लोगों के चंगुल से छुड़ाकर थाना ले गई। पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी साल 2021 में हुई थी। उसने आरोप लगाया कि शादी के बाद पति अक्सर अपनी मां के कहने पर उससे झगड़ा करता था। लगभग पांच माह पहले पति समेत ससुराल पक्ष के अन्य लोग घर छोड़कर चले गए। महिला मूल रूप से खगड़िया जिले की रहने वाली है और उसके पिता राजू मंडल को घटना की सूचना मिलने पर वे भी मौके पर पहुंचे। महिला ने बताया कि उसके पति पिछले करीब तीन साल से उसके साथ नहीं रह रहे हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे और उसके बच्चों को अपनाने से इनकार कर दिया है। महिला के अनुसार वह बीते 5 फरवरी से इसी घर में रह रही है। उसने आरोप लगाया कि अनवर पूर्व में भी उसे धमकी दे चुका था और घटना वाले दिन जबरन घर में घुसकर उसके साथ गलत करने का प्रयास किया। महिला ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की मांग की है। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
बिहार के कृषि मंत्री सह लखीसराय विधायक विजय कुमार सिन्हा ने अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान लखीसराय रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं की कमी देखकर नाराजगी जताई। स्टेशन पहुंचते ही यात्रियों ने मंत्री से पेयजल, साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव की शिकायत की। यात्रियों की शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने तत्काल रेलवे के वरीय अधिकारियों को फोन किया। उन्होंने स्टेशन पर बदहाल व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाई और जल्द से जल्द यात्रियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी - कृषि मंत्री कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि लखीसराय स्टेशन से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री यात्रा करते हैं। ऐसे में यहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने जोर दिया कि यात्रियों को बेहतर सुविधा देना रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों को स्टेशन परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य यात्री सुविधाओं को तुरंत दुरुस्त करने का निर्देश दिया। इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का अधिक से अधिक उपयोग करने का आग्रह इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को दोहराते हुए लोगों से ईंधन की खपत कम करने तथा ट्रेन और इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का अधिक से अधिक उपयोग करने का आग्रह किया। कृषि मंत्री अपने एक दिवसीय लखीसराय दौरे के बाद विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर ट्रेन से देवघर के लिए रवाना हो गए।
फर्रुखाबाद में शनिवार शाम 7 बजे के करीब एक बंदर को बिजली का करंट लग गया। वह पोल से नीचे गिर गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने उसे 15 मिनट तक थपथपाकर बचाया। होश आने पर वहां मौजूद लोगों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए। यह घटना फर्रुखाबाद शहर के लाल सराय पानी की टंकी के पास शाम 7 बजे के करीब हुई। बंदर एक विद्युत पोल से चिपक गया और करंट लगने के बाद सड़क पर आ गिरा। पास की दुकान पर बैठे सब्जी विक्रेता कमलू ने तुरंत बोरिया डालकर बंदर को रगड़ना और दबाना शुरू कर दिया। वहां से गुजर रहे आशीष भदौरिया भी मदद के लिए रुक गए और बंदर के हाथ-पैरों को तेजी से रगड़ने लगे। करीब 15 मिनट तक चले इस प्रयास के बाद बंदर ने हल्का झटका लिया और उठने की कोशिश की। इस पर वहां मौजूद लोगों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए। हालांकि, बंदर एक बार फिर गिर गया, जिसके बाद उसे दोबारा रगड़ा गया। कुछ देर बाद बंदर उठकर चला गया।बंदर की जान बचाने के लिए दोनों युवकों, कमलू और आशीष भदौरिया की लोगों ने खूब सराहना की। लाल सराय पानी की टंकी वाला रास्ता फर्रुखाबाद शहर में अंदर की ओर जाता है। बंदर गिरा और वहां दो युवक उसको रगड़ने लगे। ऐसे में लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ लगने पर सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। वहां मौजूद पिकेट ने लोगों को सड़क से हटाया। तब जाकर वाहनों का आवागमन शुरू हुआ।
संभल में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे। इस दौरान कथा श्रवण कर भक्तों ने धर्म लाभ प्राप्त किया और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। वृंदावन से आए कथावाचक आचार्य अनंत दास जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। आचार्य जी ने मंगलाचरण के साथ कथा का शुभारंभ किया और सृष्टि वर्णन के माध्यम से भगवान की दिव्य लीलाओं का विस्तार से उल्लेख किया। कथा के क्रम में आचार्य अनंत दास ने नारद जी के पूर्व जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि सत्संग और भक्ति से सामान्य व्यक्ति भी ईश्वर की कृपा प्राप्त कर सकता है। इसके बाद महाभारत प्रसंग का वर्णन करते हुए धर्म और अधर्म के संघर्ष को विस्तार से समझाया गया। आचार्य जी ने शुकदेव जी के जन्म की कथा का वर्णन करते हुए वैराग्य और ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भगवान शिव के प्रकट होने की कथा भी सुनाई और शिव भक्ति का संदेश दिया। कथा के समापन पर राजा परीक्षित के जन्म का प्रसंग प्रस्तुत किया गया, जिससे पंडाल में भक्तिमय माहौल बन गया। इस दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन में भी शामिल हुए। कथा के दूसरे दिन अजय रस्तोगी और मंजू रस्तोगी यजमान रहे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस आयोजन को सफल बनाने में अजय कुमार गुप्ता, मनोज कुमार गुप्ता, शुभम गुप्ता, मयंक गुप्ता, पंकज अग्रवाल, कुलदीप ऐरन, प्रमिला गुप्ता, योगिता गुप्ता, रजनीकांता चौहान और मीनू रस्तोगी सहित कई श्रद्धालुओं ने सहयोग किया। मनोज गुप्ता ने बताया कि यह कथा अगले दिनों में भी जारी रहेगी, जिसमें अन्य धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।
मुजफ्फरनगर में शनिवार रात नई मंडी क्षेत्र में पैदल मार्च के दौरान CO नई मंडी राजू कुमार साव ने सड़क किनारे खड़ी एक कार में शराब पीते तीन युवकों को रंगे हाथ पकड़ा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, CO राजू कुमार साव पुलिसकर्मियों के साथ क्षेत्र में कानून व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। भोपा रोड स्थित श्रीराम समोसे वाले के सामने कैनरा बैंक के पास उनकी नजर एक संदिग्ध रूप से खड़ी स्विफ्ट डिज़ायर कार पर पड़ी। शक होने पर CO साव कार के पास पहुंचे और अंदर देखा। कार में तीन युवक शराब का सेवन करते पाए गए। बताया गया कि ये तीनों आपस में दोस्त थे और कार के भीतर ही शराब पी रहे थे। CO ने तुरंत तीनों युवकों को फटकार लगाई और मौके पर मौजूद नई मंडी पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने CO के निर्देश पर कार सवार युवकों का चालान काटा। वायरल वीडियो में CO नई मंडी युवकों को फटकार लगाते हुए दिख रहे हैं। CO राजू कुमार साव ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पूर्णिया के बनमनखी में 20 मई की रात लव ट्रायंगल में महिला का मर्डर हुआ था। कोई और नहीं बल्कि प्रेमी ही महिला की हत्या का कातिल निकला। बॉयफ्रेंड को अपने शादीशुदा गर्लफ्रेंड के ऊपर गैर मर्द से नजदीकियों का शक था। यही महिला की हत्या की वजह बनी। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने महिला के प्रेमी मो. सहाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला बनमनखी थाना क्षेत्र के हरिपुरमादी बिकोदर टोला और धरहरा चकला भुनाई वार्ड 1 से जुड़ा है। मृतका की पहचान बबलू राम की पत्नी पूनम देवी (35) के रूप में हुई थी। उसका पति बाहर रहकर मजदूरी करता है, जबकि महिला अपने दो बेटों के साथ घर में रहती थी। मामले का खुलासा करते हुए एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि महिला का जानकीनगर के रहने वाले मो. सहाद के बीच अवैध संबंध था। दोनों के बीच पैसों का भी लेनदेन होता था। महिला का किसी दूसरे शख्स से भी संपर्क था जांच में यह भी सामने आया कि महिला का किसी दूसरे शख्स से भी संपर्क था। इसी बात को लेकर आरोपी मो. सहाद को महिला का गैर मर्द से भी अवैध संबंध होने का शक था। 20 मई की रात इसी विवाद को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। गुस्से में आरोपी ने पहले महिला के साथ मारपीट की और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। घटना के बाद हत्याकांड के खुलासे के लिए बनमनखी एसडीपीओ और थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। जांच में पुलिस आरोपी तक पहुंची। पुलिस की कड़ी पूछताछ में मो. सहाद टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि शक और विवाद के कारण उसने इस वारदात को अंजाम दिया था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
शाहपुर नवीन मंडी में लगी आग:सात दुकानें जलकर राख, लाखों का सामान खाक
सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज क्षेत्र स्थित शाहपुर नवीन मंडी में शनिवार शाम लगभग 5:00 बजे भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने सात दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दे रहा था। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक दुकानों में रखे फल, नगदी और अन्य सामान जलकर राख हो चुके थे। सातों दुकानें पूरी तरह तबाह हो गईं। पीड़ित दुकानदारों ने बताया कि वे रात में खाना खाने के लिए घर गए थे। इसी दौरान उन्हें मंडी से दुकानों में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि दुकानों में रखा फल, नगदी और लाखों रुपये का सामान जल चुका था। व्यापारियों के अनुसार, इस घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग से प्रभावित दुकानदारों में वहाब और मोहम्मद उसमान सहित कई अन्य शामिल हैं। दुकानदारों ने बताया कि उनकी पूरी पूंजी इसी कारोबार में लगी हुई थी, जो आग में नष्ट हो गई। शाहपुर नवीन मंडी के सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही वह तत्काल मौके पर पहुंचे। सात दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं। उन्होंने लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है और प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में सातवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वारदात के बाद जब पीड़िता के पिता आरोपी के परिवार को समझाने पहुंचे, तो आरोपी के माता-पिता और परिजनों ने उल्टा पीड़िता के परिवार पर ही हमला कर दिया। मारपीट में लड़की के पक्ष से कई लोगों को चोटें आई हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी बेटे के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट, जबकि उसके माता-पिता और चाचा के खिलाफ मारपीट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। घर में अकेली थी नाबालिगजानकारी के मुताबिक, बीती 4 मई को पीड़िता के माता-पिता और अन्य रिश्तेदार दूसरे गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। घर पर नाबालिग छात्रा अपनी बुजुर्ग दादी की देखभाल के लिए अकेली रुकी हुई थी। सूने घर का फायदा उठाकर गांव का ही आरोपी नेपालसिंह सौंधिया जबरन घर में घुस गया। आरोप है कि उसने नाबालिग को जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। चचेरे भाई ने वीडियो बनाया तो आरोपी ने धमकायाइसी दौरान पीड़िता का चचेरा भाई अचानक वहां पहुंच गया, और उसने दुष्कर्म करते हुए आरोपी का वीडियो बना लिया। फिर पीड़िता का चचेरा भाई घर के अंदर गया, जिसे देखकर भी आरोपी डरा नहीं और दोनों को मुंह बंद रखने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। डर के मारे सहमे भाई-बहन ने कई दिनों तक यह बात किसी को नहीं बताई। समझाने गए तो लाठी-डंडों से पीटा22 मई को पीड़िता के पिता को जब मामले की थोड़ी भनक लगी, तो इसी बाद को लेकर दोनो के बीच विवाद हो गया। आरोपी के पिता, मां और चाचा ने पीड़िता के पिता और उनके साथ आए परिजनों पर लात घुसो से हमला कर दिया और उनके साथ जमकर मारपीट की। इस घटना में पीड़िता के पक्ष के लोगों को चोटें आईं, जिसके बाद परिजन सीधे खिलचीपुर थाने पहुंचे। वहां उन्होंने पहले बेटी के साथ हुई दरिंदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और फिर मारपीट का मामला पंजीबद्ध कराया। दुष्कर्म-पॉक्सो और माता-पिता सहित 4 पर FIRपुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल दोनों पक्षों की कड़ियों को जोड़ा और नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की। मुख्य आरोपी (नेपालसिंह सौंधिया): इसके खिलाफ दुष्कर्म (IPC/BNS की सुसंगत धाराएं), पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और हरिजन एक्ट (SC/ST Act) के तहत गंभीर मामला दर्ज किया गया है। मारपीट और हमला करने के मामले में पुलिस ने आरोपी नेपालसिंह के पिता फुलसिंह (पिता पूरसिंह), मां सुगनबाई (पति फुलसिंह) और चाचा नारायणसिंह (पिता पूरसिंह सौंधिया) के खिलाफ केस दर्ज किया है। ख़िलचीपुर टीआई कमल सिंह गहलौत ने बताया कि दुष्कर्म की घटना क्रम हुआ था, उसी बात को लेकर कल शुक्रवार को दोनों पक्षो में मारपीट भी हुई है। ये जो आरोपी है, उसके पिता सहित उसके परिवार के दो से तीन लोगो पर मारपीट की धाराओं में अपराध दर्ज हुआ है। मारपीट के मामले में चार आरोपी है, इसमें महिलाओं को छोड़ कर आरोपी पुलिस कस्टडी में है। पूछताछ की जा रहीं है।
200 ग्राम स्मैक के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार:सहरसा रेलवे स्टेशन के पास DIU का एक्शन, कीमत 10 लाख
सहरसा पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। जिला सूचना इकाई (DIU) की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सहरसा रेलवे स्टेशन के पास से एक महिला को 200 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 10 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने शनिवार शाम इसकी पुष्टि की। डीआईयू टीम को जानकारी मिली थी कि स्टेशन रोड स्थित एक चाय दुकान के पास मादक पदार्थों की बड़ी खेप के साथ एक तस्कर आने वाला है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने चाय दुकान के आसपास घेराबंदी की। कुछ देर बाद एक संदिग्ध महिला वहां पहुंची, जिसे पुलिस टीम ने हिरासत में ले लिया। 200 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुआ महिला की तलाशी लेने पर उसके पास से 200 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुआ, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार महिला की पहचान नगर थाना क्षेत्र के झपड़ा टोला निवासी सुनीता देवी के रूप में हुई है, जो संतोष ठाकुर की पत्नी बताई जा रही है। न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू सहरसा पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि गिरफ्तार महिला से पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क के मुख्य सरगना और अन्य तस्करों का पता लगाया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि स्मैक की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे स्थानीय स्तर पर किन लोगों को बेचा जाना था। आरोपी महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सहरसा कोर्ट ने पॉक्सो मामले में सुनाया फैसला:दोषी को 4 साल का सश्रम कारावास ,5,000 रुपये जुर्माना
सहरसा व्यवहार न्यायालय के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-षष्ठम सह विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) राकेश कुमार की अदालत ने शनिवार को पॉक्सो और भारतीय न्याय संहिता (BNS) से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने अभियुक्त मो० सिराज को दोषी करार देते हुए सश्रम कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय के आदेशानुसार, दोषी को अधिकतम 4 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने दोषी मो सिराज को विभिन्न धाराओं के तहत सजा और आर्थिक दंड सुनाया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा-75 के तहत उसे 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदंड दिया गया है। जुर्माना अदा न करने पर 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। पॉक्सो एक्ट की धारा-8 के तहत, मो० सिराज को 4 वर्ष का सश्रम कारावास और 10,000 रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है। जुर्माना जमा न करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास होगा। इसी प्रकार, पॉक्सो एक्ट की धारा-12 के अंतर्गत, दोषी को 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये का अर्थदंड दिया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास होगा। यह मामला सहरसा सदर थाना क्षेत्र से संबंधित है। बिहरा थाना क्षेत्र के सतरकटैता (वार्ड नंबर-04) निवासी मो यूनूस के पुत्र मो सिराज के खिलाफ बीते 17 सितंबर 2024 को सदर थाना कांड संख्या-982/24 (Spl.pocso-94/24) के तहत मामला दर्ज किया गया था। अभियुक्त पर नए कानून (BNS) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। अदालत में चार्जशीट प्रस्तुत की पुलिस अनुसंधानकर्ता, सब-इंस्पेक्टर पूनम कुमारी ने मामले की वैज्ञानिक जांच करते हुए अदालत में पुख्ता साक्ष्य और समय पर चार्जशीट प्रस्तुत की। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) शिवेन्द्र प्रसाद ने न्यायालय में प्रभावी तरीके से पक्ष रखा। पुलिस के ठोस अनुसंधान और अभियोजन की मजबूत दलीलों के कारण घटना के दो वर्षों के भीतर दोषी को सजा दिलाई जा सकी।
शिवहर में जिला पदाधिकारी ने शुक्रवार को भू-अर्जन से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में गोरखपुर-सिल्लीगुड़ी एक्सप्रेसवे और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने दोनों एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में जल्द से जल्द 3A अधिसूचना प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि गोरखपुर-सिल्लीगुड़ी एक्सप्रेसवे के तहत शिवहर और पिपराही अंचल के कुल 12 गांवों में भू-अर्जन प्रक्रिया जारी है। वहीं, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे के लिए 27 गांवों में भूमि अधिग्रहण का कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, शिवहर-बेलवा पथ निर्माण परियोजना के लंबित मुआवजा भुगतान के लिए 25 मई 2026 को एक विशेष शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी ने संबंधित भू-धारियों से इस शिविर में पहुंचकर अपने आवेदन जमा करने की अपील की है। अधिकारियों को सीतामढ़ी-शिवहर नई रेल लाइन परियोजना से संबंधित लंबित मुआवजा मामलों को भी शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिए गए।
राजधानी रायपुर में बढ़ रही अवैध शराब बिक्री को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल एक बार फिर सख्त तेवर में नजर आए। सुशासन तिहार शिविर के दौरान उन्होंने मंच से ही पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। सांसद ने कहा कि शहर के कई इलाकों में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने अधिकारियों से तुरंत सख्त कदम उठाने को कहा। सांसद ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि अगर आम लोगों और जनप्रतिनिधियों को यह पता है कि कहां-कहां अवैध शराब बेची जा रही है, तो पुलिस और आबकारी विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस कारोबार में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। इस दौरान मंच पर रायपुर की महापौर मीनल चौबे भी मौजूद थीं। कार्यक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में सांसद अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए कहते दिखाई दे रहे हैं, “कोई बड़े से बड़ा आदमी हो उसको उठाकर बंद करो। 3 महीना जमानत नहीं होगी ना, बंद हो जाएगा तो... करो ना बंद, क्यों नहीं बंद करते?” वीडियो में बृजमोहन अग्रवाल भाठागांव, मठपुरैना, चंगोराभाठा, संतोषी नगर और टिकरापारा जैसे इलाकों का नाम लेते हुए कहते सुनाई दे रहे हैं कि इन क्षेत्रों में बहुत ज्यादा अवैध शराब बिक रही है और इसे रोकना जरूरी है। वे अधिकारियों से यह भी कहते हैं, “हमें मालूम है क्या, वह शराब कहां बिक रही है, तो क्या पुलिस वालों को नहीं मालूम?” सांसद का यह वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। इससे पहले भी वे अलग-अलग कार्यक्रमों में अधिकारियों को सख्त लहजे में नसीहत देते नजर आ चुके हैं। ………………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें….. अधिकारी पर भड़के बृजमोहन, ग्रामीणों ने बजाई ताली, VIDEO:कहा- सबसे ज्यादा शिकायत आपकी है, अभिनंदन करें कि क्या करें; सुशासन तिहार में फटकारा रायपुर के आरंग के नगर पंचायत समोदा में सुशासन तिहार कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें सांसद बृजमोहन अग्रवाल शिकायत मिलने पर भड़क गए। उन्होंने नायब तहसीलदार गजानंद सिदार को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि, आपका अभिनंदन करें कि क्या करें बताओ। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
शामली के कांधला थाना क्षेत्र के रामपुर खेड़ी गढ़ गोसाई गांव में बंदरों के हमले से एक महिला की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब महिला घर के पास गोबर के उपले बना रही थी। इस हादसे के बाद पूरे गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी मिंटू की पत्नी पिंकेश घर के पास उपले बना रही थीं। इसी दौरान अचानक बंदरों का एक झुंड वहां आ पहुंचा और उन पर हमला कर दिया। हमले में पिंकेश गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। मृतका के पति मिंटू, जो एक भट्ठा मजदूर हैं, ने बताया कि उनके दो बेटे अरविंद और शिव हैं, जबकि बेटी रूपा की शादी हो चुकी है। इस हादसे से परिवार सदमे में है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ हंगामा करते हुए आवारा बंदरों से निजात दिलाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बंदरों का आतंक बना हुआ है, लेकिन इस संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्राम प्रधान सोमगिरि ने बताया कि गांव में अब तक बंदरों को पकड़ने के लिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया गया है। उन्होंने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई करते हुए इन बंदरों को पकड़ने की मांग की है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल गांव में भय और गुस्से का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के मौके पर दिल्ली के लाल किला मैदान में जनजातीय समाज का एक बड़ा राष्ट्रीय सांस्कृतिक समागम होगा। कल रविवार को होने वाले इस विशाल कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उदयपुर संभाग से करीब 8 हजार लोग शनिवार को ट्रेनों और बसों के जरिए दिल्ली के लिए रवाना हुए। इन सभी लोगों के लिए खाने-पीने और पानी की पूरी व्यवस्था सर्व समाज की तरफ से की गई। उदयपुर से दिल्ली जा रहे इन लोगों के साथ उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी रवाना हुए। सांसद डॉ. रावत ने बताया कि शनिवार सुबह पौने चार बजे और फिर सुबह 9 बजे की ट्रेन से बहुत बड़ी संख्या में जनजाति कार्यकर्ता दिल्ली के लिए रवाना हुए। इसके अलावा कई कार्यकर्ता बसों के जरिए भी दिल्ली के लिए रवाना हुए। जब ये लोग रवाना हो रहे थे, तब रेलवे स्टेशन पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें विदाई दी। यह ऐतिहासिक कार्यक्रम जनजाति सुरक्षा मंच और जनजाति जागृति समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें पूरे देश से दो लाख से ज्यादा जनजातीय प्रतिनिधियों के जुटने की उम्मीद है। जनजाति सुरक्षा मंच राजस्थान के राज्य संयोजक लालूराम कटारा ने बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ दूर-दराज के उत्तर-पूर्वी इलाकों और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह से करीब 567 जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि इस समागम में हिस्सा ले रहे हैं। इस कार्यक्रम में आने वाले सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा और बुद्धिजीवी अपनी पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ शामिल होंगे। देश के इतिहास में यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में भारत की अलग-अलग जनजातियों के लोग अपनी पारंपरिक पोशाक और वाद्ययंत्रों के साथ देश की राजधानी दिल्ली में एक साथ जुट रहे हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज की आस्था, संस्कृति, परंपरा और सनातन मूल्यों की रक्षा करना और समाज में जागरूकता को मजबूत करना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह होंगे, जो लाल किला मैदान से इस जनसभा को संबोधित करेंगे। इस मौके पर जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक गणेशराम भगत और वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहेंगे।
मिर्जापुर के कछवा थाना क्षेत्र स्थित जमुआ बाजार में जिलाधिकारी से नाली के गंदे पानी की शिकायत करना एक स्थानीय दुकानदार को महंगा पड़ गया। शिकायत से नाराज प्रधान पुत्रों ने दुकानदार आशु गुप्ता को दुकान से बाहर खींचकर बीच सड़क पर जमकर पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, बाजार में कई दिनों से नाली का गंदा पानी सड़क पर बह रहा था। इससे राहगीरों और व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नाली व्यवस्था सुधारने की मांग की बदबू और जलभराव के कारण लोगों का सड़क से गुजरना तक मुश्किल हो गया था।आरोप है कि इस समस्या के समाधान के लिए दुकानदार आशु गुप्ता ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में सड़क पर फैले गंदे पानी और नाली व्यवस्था सुधारने की मांग की गई थी। बताया जा रहा है कि जैसे ही ग्राम प्रधान पक्ष को शिकायत की जानकारी मिली, प्रधान के पुत्र आक्रोशित हो गए।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्रधान पुत्र दुकानदार की दुकान पर पहुंचे और उसे बाहर बुलाकर सड़क पर मारपीट शुरू कर दी। बाजार के व्यापारियों में गहरा आक्रोश बीच बाजार हुई इस घटना से अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। इसी दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो में कुछ लोग दुकानदार के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास खड़े लोग घटना को देखते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद बाजार के व्यापारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जनसमस्याओं की शिकायत करने पर लोगों के साथ इस तरह मारपीट होगी तो आमजन अपनी बात प्रशासन तक कैसे पहुंचाएंगे।पीड़ित दुकानदार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर पीड़ित को न्याय दिलाया जाए।
बैतूल में दुष्कर्म के दो आरोपी गिरफ्तार:शादी और उधारी चुकाने के बहाने किया था रेप
बैतूल जिले में महिला संबंधी अपराधों पर पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देश पर कोतवाली और बोरदेही पुलिस ने दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पहले मामले में, थाना कोतवाली बैतूल पुलिस ने शादी का झांसा देकर एक महिला के साथ संबंध बनाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। फरियादिया की शिकायत पर मामला दर्ज होने के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने आरोपी राहुल माकोडे (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम सोहागपुर, थाना बैतूल बाजार) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उपनिरीक्षक चित्रा कुमरे और पुलिस टीम की विशेष भूमिका रही। दूसरे मामले में, थाना बोरदेही पुलिस ने एक महिला से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार किया। पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उधार के पैसे वापस देने के बहाने उसे अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर कई बार दुष्कर्म किया। इस मामले में थाना बोरदेही में अपराध क्रमांक 96/26 के तहत विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी तुलाराम अखंडे (उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम बिसीघाट, थाना बोरदेही) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में उपजेल मुलताई भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम वट्टी, सउनि मिंतलाल धुर्वे, आरक्षक रामकिशन नागोतिया, महिला आरक्षक आरती पवार सहित साइबर सेल बैतूल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
श्योपुर में तरबूज खाने के बाद पिता-पुत्र की तबीयत बिगड़ने के मामले में अब बेटे ने भी दम तोड़ दिया। 15 मई को हुए इस घटनाक्रम में पिता इंदर सिंह की मौत के 9 दिन बाद शनिवार सुबह कोटा के अस्पताल में उपचार के दौरान विनोद की भी मौत हो गई। अब इस दोहरी मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को विसरा रिपोर्ट का इंतजार है। कोटा में तोड़ा दम गंभीर हालत में श्योपुर से रेफर किए गए विनोद (25) को शुक्रवार रात करीब 11 बजे कोटा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह लगभग 8 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर अपने पैतृक गांव सुसनेर के लिए रवाना हो गए हैं। कोतवाली टीआई सत्यम गुर्जर ने मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच गहनता से की जा रही है। सीने में जलन से शुरू हुआ मामला घटनाक्रम के अनुसार, 15 मई की सुबह पिता इंदर सिंह और पुत्र विनोद को सीने में जलन महसूस हुई थी। इसी दौरान उन्होंने तरबूज खाया और उसके कुछ ही देर बाद दोनों की हालत बिगड़ गई। इंदर सिंह की मौत अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही हो गई थी, जबकि विनोद पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर पर था। पोल्ट्री फार्म और केमिकल एक्सपोजर का संदेह जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि पिता-पुत्र एक पोल्ट्री फार्म में काम करते थे। इस जानकारी के बाद स्वास्थ्य विभाग 'केमिकल एक्सपोजर' (कीटनाशक या रसायनों का प्रभाव) के नजरिए से भी जांच कर रहा है। हालांकि, ग्वालियर भेजे गए विनोद के सैंपलों में H1N1 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, जिससे संक्रामक बीमारी का खतरा कम हुआ है। एफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा विसरा टीआई सत्यम गुर्जर ने बताया कि पिता इंदर सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल चुकी है। अब पिता और पुत्र दोनों के विसरा को सोमवार को एफएसएल (FSL) जांच के लिए भेजा जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि विसरा की मेडिकल ओपिनियन आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत तरबूज में मौजूद किसी जहरीले तत्व से हुई या पोल्ट्री फार्म में किसी केमिकल के संपर्क में आने से।
औरैया में संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत:दोस्तों के साथ घूमने गया था, कुछ समय बाद बिगड़ी तबीयत
अछल्दा थाना क्षेत्र के छछूंद गांव में 25 वर्षीय कुलदीप पुत्र सूरज प्रसाद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना शुक्रवार शाम की है, जब कुलदीप अपने तीन दोस्तों के साथ गांव के बाहर घूमने गया था। कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। इसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। कुलदीप की अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार, वह परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था। कुलदीप की शादी करीब दो वर्ष पूर्व हुई थी। उसकी मौत की खबर सुनते ही घर में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुरेश चंद्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी सुरेश चंद्र ने बताया कि युवक की मौत के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह सामने आ सकेगी। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और कुलदीप के साथ गए तीनों दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है।
नीमच जिले के ग्राम अरनिया ढाणी में शनिवार को गांधी सागर बांध के डूब क्षेत्र में कपड़े और रजाई-गद्दे धोने गईं एक ही परिवार की दो महिलाओं की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान 14 वर्षीय पायल और 45 वर्षीय कचरीबाई के रूप में हुई है। पैर फिसलने से हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, अरनिया ढाणी निवासी जेतराम रावत मीणा की पुत्री पायल और उनके भतीजे की पत्नी कचरीबाई गांव के पास जलाशय पर गई थीं। कपड़े धोने के दौरान अचानक पायल का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समाने लगी। उसे डूबता देख कचरीबाई ने उसे बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण दोनों ही पानी की चपेट में आ गईं। ग्रामीणों और पुलिस ने निकाले शव चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल रामपुरा थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस बल ने ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों के शवों को पानी से बाहर निकाला। हादसे के बाद से पूरे गांव में शोक है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए रामपुरा सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टर अभिषेक चौहान ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी विपिन मसीह ने बताया- हादसा कपड़े धोने के दौरान हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को भविष्य की आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। शनिवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में समग्र शिक्षा (माध्यमिक) विभाग और टाटा एंटरप्राइज की कंपनी नेल्को लिमिटेड के बीच एक बड़ा समझौता ज्ञापन (MoU) साइन हुआ। इसके तहत प्रदेश के 600 राजकीय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक 'ड्रीम लैब्स' स्थापित की जाएंगी, जहाँ बच्चे अब किताबों के साथ-साथ रोबोट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बनाना सीखेंगे। क्या हैं 'ड्रीम लैब्स' और इनमें बच्चे क्या सीखेंगे? ये ड्रीम लैब्स (डिजाइन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) स्कूलों में आधुनिक नवाचार और कौशल विकास केंद्र के रूप में काम करेंगी। इसमें कक्षा 9 से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को निम्नलिखित एडवांस कोर्सेज का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। आधुनिक तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT)। फ्यूचर स्किल्स: 3D प्रिंटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग। ग्रीन एनर्जी: बैटरी चालित इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) और मॉडर्न एग्रीकल्चर साइंस। 'हब एंड स्पोक' मॉडल: तीन चरणों में बिछेगा लैब्स का जाल तकनीकी शिक्षा को हर इलाके तक पहुंचाने के लिए सरकार इस परियोजना को हब एवं स्पोक मॉडल पर लागू कर रही है। इसके तहत पूरे प्रदेश में 150 हब स्कूल और उनके साथ 450 स्पोक स्कूल जोड़े जाएंगे। यह पूरा प्रोजेक्ट तीन फेज में पूरा होगा: प्रथम चरण: 18 हब और 54 स्पोक स्कूल (कुल 72 स्कूल) द्वितीय चरण: 36 हब और 108 स्पोक स्कूल (कुल 144 स्कूल) तृतीय चरण: 96 हब और 288 स्पोक स्कूल (कुल 384 स्कूल) 'यह उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य में निवेश है' एमओयू साइन होने के दौरान बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा, तेजी से बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए राज्य के विद्यार्थियों को इंडस्ट्री 4.0 के कौशलों से लैस करना समय की मांग है। यह समझौता केवल एक स्कूल प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि यूपी के भविष्य में बड़ा निवेश है। वहीं, स्कूल शिक्षा की महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा कि यह पहल नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) और स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप है। विशेषकर आकांक्षी (पिछड़े) जनपदों के स्कूलों में इस योजना को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा ताकि गरीब बच्चों को भी ग्लोबल लेवल की शिक्षा मिल सके। 5 साल तक टाटा ग्रुप की कंपनी रखेगी ख्याल, ग्लोबल ब्रांड्स भी शामिल यह पार्टनरशिप 5 साल के मॉडल पर आधारित है। नेल्को लिमिटेड और उसके सहयोगी औद्योगिक समूह इन लैब्स के लिए अत्याधुनिक मशीनें, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर और मेंटेनेंस का पूरा खर्च उठाएंगे। इतना ही नहीं, दुनिया की जानी-मानी टेक कंपनियां जैसे यास्कावा, मास्टरकैम, 3डी सिस्टम्स, अज्नालेंस और एसीई माइक्रोमैटिक के इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स खुद सरकारी स्कूलों में आकर बच्चों को ट्रेनिंग देंगे और सरकारी शिक्षकों का भी क्षमता निर्माण (ट्रेनिंग) करेंगे। इस योजना के जमीन पर उतरने के बाद उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों से निकलने वाली नई पीढ़ी सीधे रोजगार और उद्यमिता के वैश्विक अवसरों से जुड़ सकेगी।
सिंगरामऊ थाना क्षेत्र के बहरीपुर गांव में एक विवाहिता का शव कमरे में पंखे से लटकता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी गुड्डू खान की 22 वर्षीय पत्नी इरम उर्फ रानी घर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में थी। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आई, तो उसकी सास ऊपर देखने पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद आसपास के लोगों को बुलाया गया। दरवाजा खोलने पर विवाहिता दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी हुई मिली। घटना की सूचना मिलते ही घर में शोक छा गया। परिजनों ने बताया कि मृतका का पति रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर रहता है। घर पर सास-ससुर और उसकी दो वर्षीय बेटी ही मौजूद थे। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना प्रभारी सैयद हुसैन मुन्तजर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सलूंबर के कूण में व्यापारी से लूट का खुलासा:तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, माल बरामद; बाइक जब्त
सलूंबर पुलिस ने एक व्यापारी से हुई लूट की वारदात का 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। कूण थाना क्षेत्र में हुई इस घटना में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटे गए चांदी के जेवरात और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई है। हालांकि, दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस की लगातार दबिश के बाद आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। दो बाइक पर आए बदमाशों ने रोका यह घटना 17 मई 2026 की शाम करीब 5 बजे हुई थी। कारोबारी मनोहर लाल लक्षकार अपनी चांदी की दुकान बंद कर गांव लौट रहे थे। रास्ते में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने उन्हें बाइक से नीचे गिरा दिया और लगभग 5 किलोग्राम चांदी के जेवरात से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। लूट का माल किया बरामद गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटा गया माल बरामद कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी जब्त कर ली है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पुलिस उनसे जुड़े अन्य सुराग भी जुटा रही है। साइबर सेल की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में साइबर सेल और थाना पुलिस की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर नेटवर्क की मदद से पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर नज़र रखी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधिकारियों ने इसे जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है। इनकी रही मुख्य भूमिका इस सफल कार्रवाई में कूण थानाधिकारी निलेश कुमार, सहायक उप निरीक्षक रमेशचन्द्र, हेड कॉन्स्टेबल धर्मेन्द्र सिंह, कॉन्स्टेबल गजेन्द्र सिंह, सूर्यवीर सिंह, चन्दूलाल के साथ साइबर सेल के हेमेन्द्र सिंह और युवराज सिंह की विशेष भूमिका रही।
संतकबीरनगर जिले के सांथा ब्लॉक में तैनात ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत को निलंबित कर दिया गया है। उन पर पौली ब्लॉक में तैनाती के दौरान कार्य में लापरवाही, अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और शासकीय कार्यों में शिथिलता बरतने का आरोप है। यह कार्रवाई शनिवार देर शाम जिला विकास अधिकारी द्वारा की गई। शासकीय कार्यों के प्रति लगातार लापरवाही बरत रहे थे निलंबन पत्र में जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) ने बताया कि रमाकांत पर पौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत गौवापार में अरविंद सिंह की पत्नी अनुराधा सिंह का राशनकार्ड बनवाने में एक महीने तक हीलाहवाली करने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, वे प्रत्येक शुक्रवार को होने वाले चौपाल कार्यक्रमों में भी रुचि नहीं ले रहे थे और शासकीय कार्यों के प्रति लगातार लापरवाही बरत रहे थे। पूरे मामले की जांच खंड विकास अधिकारी खलीलाबाद राजेश श्रीवास्तव को सौंपी गई है। निलंबन के बाद रमाकांत को नाथनगर ब्लॉक मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजेश श्रीवास्तव को जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी सरकारी अस्पतालों में आमजन को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) सहित सभी अस्पतालों में साफ-सफाई, पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। मरीजों के उपचार में संवेदनशीलता और तत्परता बरतने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सभी सीएचसी, पीएचसी और सरकारी अस्पतालों के नियमित निरीक्षण के भी निर्देश दिए। बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए गए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सके। जननी सुरक्षा योजना के तहत लंबित भुगतानों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल भुगतान सुनिश्चित कराने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से लाभ पहुंचाने पर बल दिया। आयुष्मान भारत योजना की नई गाइडलाइन के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को विभागीय कार्यप्रणाली में निरंतर सुधार लाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। अच्छा कार्य करने वाले कर्मियों को प्रोत्साहित करने और लापरवाही बरतने वालों पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया। सक्षम पोर्टल के सभी इंडिकेटरों में अपेक्षित सुधार लाने तथा हीटवेव के मद्देनजर समग्रता के साथ कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। सभी अस्पतालों में आवश्यक स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रखने और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में बिल भुगतान, उपकरण खरीद, यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ और यूएनडीपी से संबंधित प्रगति रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई। निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुजफ्फरनगर में शिव चौक स्थित भगवान शिव मंदिर और तिरंगे पर बने फूड व्लॉगिंग वीडियो का विवाद गहरा गया है। विवादित वीडियो हटाने और माफी मांगने के बावजूद फूड व्लॉगर अनस को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस बीच, हवालात में हाथ जोड़े खड़े अनस की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह विवाद कुछ दिन पहले शुरू हुआ, जब मुजफ्फरनगर निवासी फूड व्लॉगर अनस ने अल यामीन होटल का फूड रिव्यू वीडियो बनाया। वीडियो की शुरुआत शिव चौक से हुई थी, जिसमें भगवान शिव मंदिर और उस पर लगा तिरंगा भी दिखाया गया था। वीडियो वायरल होने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। विश्व हिंदू परिषद (विहिप), बजरंग दल और अन्य हिंदूवादी संगठनों ने इस मामले पर खुलकर विरोध प्रदर्शन किया। विहिप-बजरंग दल के जिला संयोजक रवि चौधरी, प्रहलाद पाहुजा और शैंकी शर्मा सहित कई नेताओं ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। बीजेपी नेता राजेश गोयल ने भी इस मामले को गंभीर बताया था। विवाद बढ़ने पर अनस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर माफी मांगी। उसने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी भी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। अनस के अनुसार, उसने मंदिर पर लगे तिरंगे की सुंदरता देखकर उस दृश्य को वीडियो में शामिल किया था। माफी मांगने के साथ ही उसने विवादित वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से हटा दिया था। हालांकि, इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ। बढ़ते दबाव और विरोध के बीच खालापार पुलिस ने अनस के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया और जेल भेज दिया। अब हवालात में हाथ जोड़े खड़े अनस की तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग बंटे हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग पुलिस कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे अत्यधिक सख्त कदम बता रहे हैं। पुलिस ने पहले जारी प्रेस नोट में कहा था कि वीडियो को लेकर कई भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं और संबंधित युवक ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए माफी भी मांग ली है। पुलिस ने लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की थी। फिलहाल पूरा मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों ने इस विवाद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
अररिया में उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना और जिला प्रशासन अररिया के सौजन्य से एक दिवसीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता 'उर्दू भाषा विद्यार्थी प्रोत्साहन राज्य योजना' के तहत समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभा भवन में संपन्न हुई। इसका मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को उर्दू भाषा की ओर आकर्षित करना और इसके विकास तथा प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी अररिया विनोद दूहन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अररिया रोजी कुमारी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने अपने संबोधन में कहा कि वाद-विवाद लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करता है और ज्ञान के नए द्वार खोलता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उर्दू भाषा के विकास में ऐसी प्रतियोगिताएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कुल 38 विद्यार्थियों ने भाग लिया यह प्रतियोगिता तीन स्तरों पर आयोजित की गई। पहले स्तर में मैट्रिक एवं समकक्ष के कुल 38 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसमें फरहान ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इरम, सुम्बुल नाज और मोहम्मद शादाब द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि आफरीन फातिमा, शबिस्तान प्रवीण, सलमान और नजराना प्रवीण ने तृतीय स्थान हासिल किया। दूसरे स्तर की प्रतियोगिता इंटर एवं समकक्ष विद्यार्थियों के लिए थी, जिसमें कुल 35 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस स्तर में अरबाज आलम प्रथम रहे। तरन्नुम आरा, समरीन खातून और शगुफा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि आशियाना नाज, नूर सबा, चांदनी और फातिमा कशिश तृतीय स्थान पर रहीं। इरफान हसन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया स्नातक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आयोजित तीसरे स्तर में इरफान हसन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। हसन कमर, शमा परवीन और सबा आलम द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि काशिफ इकबाल और बीबी गुलिस्ता ने तृतीय स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, पुरस्कार राशि आरटीजीएस के माध्यम से संबंधित विद्यार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका अररिया महाविद्यालय के व्याख्याता डॉ. मोहम्मद तंजील अतहर, उर्दू पत्रकार जसीमुद्दीन तथा अररिया के काजी अतिकुल्लाह ने निभाई।कार्यक्रम के अंत में जिला उर्दू भाषा कोषांग, अररिया के प्रभारी पदाधिकारी जुल्फिकार अली अंसारी ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के नामों की घोषणा की तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।धन्यवाद ज्ञापन उर्दू अनुवादक, जिला उर्दू भाषा कोषांग अररिया, ताजिम अहमद द्वारा किया गया।
घरेलू विवाद के बाद युवक ने लगाई आग:घर का सामान जलकर राख, बिस्तर तक फूंक दिया, लोगों ने बुलाई पुलिस
बस्ती के हर्रैया थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 में शुक्रवार सुबह एक घरेलू विवाद के बाद एक व्यक्ति ने अपने घर के सामान में आग लगा दी। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक, वार्ड नंबर 7 निवासी दुर्गा प्रसाद पुत्र काली प्रसाद का परिवार के सदस्यों से किसी बात पर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर दुर्गा प्रसाद ने घर में रखी चौकी, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान में आग लगा दी। देखते ही देखते कमरे से धुआं और आग की लपटें उठने लगीं। आसपास के लोगों ने धुआं देखकर तत्काल हर्रैया पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय निवासियों की सहायता से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, हालांकि घर का घरेलू सामान जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यह आसपास के घरों तक भी फैल सकती थी। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल रहा।
मानसा शहर की सड़कों की हालत बेहद खराब है, जिससे गहरे गड्ढों और बिखरी बजरी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासी सरकार से तुरंत सड़कों की मरम्मत की मांग कर रहे हैं और नगर कौंसिल चुनावों के दौरान किए जा रहे विकास के दावों पर सवाल उठा रहे हैं। शहर के मुख्य बाजार की सड़क की स्थिति इतनी दयनीय है कि दिन के समय भी यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है। सड़क पर पड़े गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। मुकेश कुमार गोल्डी गांधी, शिदरपाल सिंह, निक्का सिंह और अंकुश जिंदल जैसे शहरवासियों ने बताया कि मानसा शहर की सड़कें बेहद खराब हो चुकी हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इसी सड़क पर सिविल अस्पताल, स्कूल और कॉलेज स्थित हैं, जिससे रोजाना एंबुलेंस और अन्य वाहन गुजरते हैं। इस कारण यहां से गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। निवासी बोले- किसी ने नहीं दिया ध्यान निवासियों ने आरोप लगाया कि सड़क बनवाने की मांग कई बार सरकारी प्रतिनिधियों तक पहुंचाई गई, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि नगर कौंसिल चुनावों के दौरान सरकार नई सड़कें बनाने और विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, जो मानसा के मुख्य बाजार की इस सड़क की हकीकत से मेल नहीं खाते। शहरवासियों ने यह भी कहा कि शहर में कोई खास विकास कार्य नहीं हुआ है और शहर के मुख्य प्रवेश द्वारों की हालत भी बेहद खराब है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही मानसा शहर की सड़कों और गलियों की हालत नहीं सुधारी तो आने वाले समय में उन्हें शहरवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र शहर से चोर रिटायर्ड असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) की कार चोरी कर ले गए। उनकी स्विफ्ट डिजायर कार घर के बाहर ही खड़ी थी। परिवार को कार चोरी होने का पता तब चला, जब मोबाइल पर ओवरस्पीड चालान का मैसेज आया। चोरी की पूरी वारदात आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज के दिख रहे दो चोर पहले बड़ी सफाई से कार का लॉक खोलते हैं। इसके बाद वे कार को घर से कुछ दूरी तक धक्का देकर ले जाते हैं ताकि किसी को आवाज न सुनाई दे। फिर कार लेकर फरार हो जाते हैं। शुक्रवार को ज्योति नगर से ब्रेजा कार चोरी हुई थी। उस कार भी चालान का मैसेज आने के बाद चोरी का पता चला था। घर के बाहर खड़ी थी कार सेक्टर-8 के रिटायर्ड ASI कृष्ण कुमार ने बताया कि उनकी सफेद रंग की 2019 मॉडल स्विफ्ट डिजायर कार घर के बाहर खड़ी थी। शुक्रवार देर रात करीब 2:30 बजे अज्ञात चोर कार चोरी करके ले गए। सुबह उनके बेटे अनुज के मोबाइल पर ओवरस्पीड चालान का मैसेज आया। पहले उन्हें लगा कि शायद किसी गलती की वजह से हुआ। कार घर के बाहर से गायब मिली फिर भी अपनी तसल्ली के लिए बाहर जाकर देखा तो कार गायब थी। इसके बाद आसपास लगे CCTV कैमरे चेक किए गए, जिसमें पूरी चोरी की घटना सामने आ गई। चोर बेहद प्रोफेशनल तरीके से आए थे। पूरी वारदात का तरीका बिल्कुल वैसा ही रहा जैसा शुक्रवार सुबह ज्योति नगर में हुई ब्रेजा कार चोरी में देखने को मिला था। रिटायरमेंट के बाद खरीदी थी कार कृष्ण कुमार ने बताया कि पूरी नौकरी मोटरसाइकिल चलाकर निकाली थी। 2024 में रिटायरमेंट के बाद ये पुरानी 2019 मॉडल स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी थी। परिवार के लिए यह सिर्फ एक गाड़ी नहीं, बल्कि लंबे समय की मेहनत का सपना थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोटा में एसीबी कोर्ट में राजस्व हानि करने व धोखाधड़ी के 28 साल पुराने मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नगर निगम के तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी प्रकाश चंद, मैंसर्स मयूर ट्रेड लिंकर्स कोटा के प्रोपराइटर ललित, मैंसर्स थोनेट सेंटर प्रोपराइटर ललित की पत्नी मधु व मैंसर्स क्राफ्ट वे इंजिनियर्स लिमिटेड मुंबई के मैनेजिंग डायरेक्टर हरविंदर सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है। सुनवाई के दौरान एसीबी शिकायतकर्ता का परिवाद कोर्ट में पेश नहीं कर सकी। मामला नगर निगम में फाइबर ग्लास बोट से खरीद से जुडा था। आरोप था की फाइबर ग्लास पेसेंजर बोट खरीद में अधिकारियों ने फर्म से मिलीभगत कर सरकार को 2,96,658 रूपए का राजस्व नुकसान पहुंचा। इस मामले अज्ञात शिकायतकर्ता के परिवाद पर जून 1998 में जयपुर एसीबी मुख्यालय ने मामला दर्ज किया था। प्रकाश चंद व मैंसर्स क्राफ्ट वे इंजिनियर्स लिमिटेड के और से वकील दीपक मित्तल ने बताया कि अज्ञात शिकायतकर्ता के परिवाद में आरोप था कि नगर मिगम की और से फाइबर ग्लास बोट टेंडर जारी किया गया था। टेंडर में तीन फर्म शामिल हुई। अधिकारियों ने फर्म से मिलीभगत करके नियम विरुद्ध 4 लाख कीमत की फाइबर ग्लास पेसेंजर बोट 7 लाख रुपए में खरीदी। मामले की जांच कोटा एसीबी द्वारा की गई। मामले तत्कालीन आयुक्त लोकनाथ सोनी, तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी मीठा राम, लेखा अधिकारी कपिल देव शर्मा, सहायक लेखा अधिकारी प्रकाश चंद जैन, उद्यान अधीक्षक कृष्ण मोहन प्रधान, स्टोर कीपर कन्हैयालाल व टेंडर में शामिल तीन फर्मो पर मिली भगत करने के आरोप लगे। साल 2008 में कोर्ट ने प्रसंज्ञान लिया। तत्कालीन आयुक्त लोकनाथ सोनी एसीबी के गवाह बन गए, तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी मीठाराम पर कार्रवाई के लिए सरकार ने अभियोजन स्वीकृति जारी नहीं की। कृष्ण मोहन व कन्हैया लाल पर कार्रवाई के लिए तत्कालीन निगम में मेयर ने अभियोजन स्वीकृति जारी नहीं की। एसीबी ने निगम के तत्कालीन अधिकारी प्रकाश चंद, कपिल देव के साथ साथ मैंसर्स मयूर ट्रेड लिंकर्स कोटा के प्रोपराइटर ललित, मैंसर्स थोनेट सेंटर प्रोपराइटर ललित की पत्नी मधु व मैंसर्स क्राफ्ट वे इंजिनियर्स लिमिटेड मुंबई के मैनेजिंग डायरेक्टर हरविंदर सिंह के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कपिल देव शर्मा ने हाई कोर्ट की शरण ली। इसके बाद कोर्ट ने कपिल खिलाफ कार्रवाई ड्रॉप कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष टेंडर में मिलीभगत व राजस्व हानि साबित नहीं कर पाया। एसीबी भी शिकायतकर्ता का परिवाद कोर्ट में पेश नहीं कर सकी। कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए तत्कालीन सहायक लेखा अधिकारी प्रकाश चंद, फर्म के प्रोपराइटर ललित, मधु व हरविंदर को दोष मुक्त कर दिया। मामले में 14 गवाह व 28 दस्तावेज पेश किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक सटीक, तेज और जनकेंद्रित बनाने के कड़े निर्देश दिए हैं। शनिवार को राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समय पर मिलने वाली सही सूचना अनमोल जिंदगियां बचा सकती है। इसलिए मौसम के पूर्वानुमान को सिर्फ फाइलों और तकनीकी दफ्तरों तक सीमित न रखकर, गांवों के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए। 13 मई के तूफान की हुई समीक्षा, 130 किमी/घंटा तक थी रफ्तार बैठक में पिछले दिनों 13 मई 2026 को आए भीषण आंधी-तूफान की समीक्षा रिपोर्ट पेश की गई। अधिकारियों ने बताया कि मौसम विभाग (IMD) का सिस्टम इस आपदा पर 7 दिन पहले से नजर रखे हुए था। शुरुआत में 'येलो वार्निंग' जारी हुई थी, जिसे बाद में 'ऑरेंज' और फिर 'रेड अलर्ट' में बदला गया। कई इलाकों में हवा की गति 80 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। भदोही, प्रयागराज, फतेहपुर, लखनऊ, मिर्जापुर, रायबरेली, कानपुर और उन्नाव जैसे जिलों में 'सचेत' प्लेटफॉर्म के जरिए कलर-कोडेड नाउकास्ट (3 घंटे का एडवांस) अलर्ट भेजा गया था। अब लाउडस्पीकर और मोबाइल बनेंगे सुरक्षा कवच मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अलर्ट सिस्टम को सीधे जनता से जोड़ा जाए। इसके लिए लास्ट माइल कनेक्टिविटी फॉर्मूले पर काम होगा: स्थानीय माध्यम: आईवीआरएस (IVRS) कॉल, पंचायत स्तर पर लगे लाउडस्पीकर, लोकल एफएम रेडियो और सोशल मीडिया का पूरा इस्तेमाल हो। ग्राउंड टीम एक्टिव: ग्राम प्रधान, लेखपाल, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए चेतावनी तुरंत नीचे तक पहुंचे। जागरूकता अभियान: स्कूलों और पंचायतों में लोगों को सिखाया जाए कि बिजली कड़कने या आंधी आने पर क्या करें और क्या न करें। कमजोर होर्डिंग्स, पेड़ों और बिजली के खंभों का पहले से सुरक्षा ऑडिट हो। रडार और वेदर स्टेशनों का बिछेगा जाल यूपी को मौसम विज्ञान के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रदेश में 450 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और 2000 ऑटोमैटिक रेन गेज (वर्षा मापी केंद्र) काम कर रहे हैं। लखनऊ, वाराणसी, अलीगढ़, झांसी और आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा बरेली, देवरिया और प्रयागराज में भी अतिरिक्त रडार लगाने की प्रक्रिया चल रही है। लखनऊ और प्रयागराज में हवा की गति और दिशा भांपने वाले विंड प्रोफाइलर रडार लगाए जा रहे हैं। 15 विभागों का बनेगा अलग 'डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान' यूएनडीपी (UNDP) के सहयोग से उत्तर प्रदेश के 15 सरकारी विभागों, सभी 75 जिलों और 20 प्रमुख शहरों के लिए कस्टमाइज्ड 'डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान' तैयार हो रहा है। इसके तहत जमीनी स्तर पर बड़ी तैयारी की गई है। वर्ष 2025 में 44 जिलों की 118 तहसीलों में करीब 1800 स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को आपदा प्रबंधन की ट्रेनिंग दी गई, जिन्होंने 2361 गांवों में जागरूकता फैलाई। बोट हादसों को रोकने के लिए 38 संवेदनशील जिलों में 66,077 लाइफ जैकेट बांटे गए हैं और 'आपदा मित्र' वॉलंटियर्स को बीमा सर्टिफिकेट दिए गए हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को उदयपुर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। वे शाम को करीब 6 बजे सीधे सर्किट हाउस पहुंचे। यहां भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने उनका स्वागत किया। सर्किट हाउस में शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ और देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली समेत कई नेताओं ने उन्हें मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। बिरला शनिवार रात को उदयपुर के एक निजी होटल में आयोजित शादी समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद रविवार सुबह उनका वापस कोटा लौटने का कार्यक्रम है। लोकसभा अध्यक्ष बिरला से मिलने कई लोग सर्किट हाउस पहुंचे। उन्होंने आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और उनकी बातें सुनीं। इसी दौरान वन्य जीव संरक्षण के लिए काम करने वाले अनिल रोजर्स ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। उन्होंने ओम बिरला को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मेवाड़ के कुंभलगढ़ को जल्द से जल्द टाइगर रिजर्व घोषित करने की मांग की। रोजर्स ने बताया कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी एनटीसीए ने 22 अगस्त 2023 को ही कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व बनाने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। इस मंजूरी को मिले लंबा समय बीत चुका है, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और ढीले रवैए के कारण यह पूरा प्रोजेक्ट अभी तक अटका हुआ है। अगर वन विभाग थोड़ी फुर्ती दिखाए तो मेवाड़ को जल्द ही अपना नया टाइगर रिजर्व मिल सकता है। इससे इलाके में पर्यटन और रोजगार के नए मौके भी बढ़ेंगे। शिकायत सुनने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस मामले में सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया। उन्होंने वन्य जीव संरक्षण करता अनिल रोजर्स को आश्वासन दिया कि वे कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व बनाने के इस जरूरी मुद्दे पर राजस्थान की राज्य सरकार से सीधे बात करेंगे। उन्होंने कहा कि वे सरकार से कहेंगे कि इस प्रोजेक्ट में आ रही दिक्कतों को दूर कर काम में तेजी लाई जाए। इस मुलाकात के दौरान सर्किट हाउस में कई स्थानीय नेता और वन्यजीव प्रेमी भी मौजूद रहे।
बेगूसराय मे आध्यात्मिक केंद्रों में से एक श्री राधा कुंज बिहारी मठ (हरे कृष्णा सेंटर) में भव्य आम महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। ग्रीष्म ऋतु के इस विशेष पर्व पर मठ परिसर हरे कृष्णा के महामंत्र और भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। इस उत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान को अर्पित किया गया विभिन्न प्रजातियों के आमों का छप्पन भोग और दिव्य श्रृंगार रहा। महोत्सव के अवसर पर गर्भगृह में विराजमान भगवान श्री जगन्नाथ, भ्राता बलदेव एवं बहन सुभद्रा महारानी को देश के कोने-कोने से मंगाए गए स्वादिष्ट, रसीले और चुनिंदा आमों का विशेष भोग अर्पित किया गया। इसमें अलफोंसो, दशहरी, लंगड़ा, चौंसा और सफेदा जैसी विभिन्न प्रसिद्ध प्रजातियों के आम शामिल थे। भोग अर्पण के बाद भगवान का मनमोहक और अलौकिक श्रृंगार किया गया। जिसे देखकर वहां उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। आम से सजे दरबार में भगवान के दर्शन पाने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। यह भव्य उत्सव प्रमोद भागवत स्वामी, ईश्वर नाम प्रभु एवं रक्षक गिरिधारी प्रभु के सान्निध्य और कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उत्सव के दौरान महोत्सव के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। फल भगवान को अर्पित करना सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बताया गया कि प्रकृति द्वारा प्रदत्त सर्वश्रेष्ठ और प्रथम फल भगवान को अर्पित करना हमारी सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। भगवान केवल भाव के भूखे हैं और जब श्रद्धापूर्वक उन्हें कोई वस्तु अर्पित की जाती है, तो वह उसे सहर्ष स्वीकार करते हैं। इस दौरान पूरा परिसर हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे के महामंत्र से गूंज उठा। सैकड़ों भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन का आनंद लिया। महोत्सव के समापन पर आरती की गई, जिसके बाद सभी उपस्थित भक्तों और आगंतुकों के बीच भगवान जगन्नाथ को अर्पित किया गया विशेष आम महाप्रसाद और भंडारे का वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बेहद अनुशासित तरीके से प्रसाद ग्रहण किया। मठ प्रबंधन की ओर से आए हुए सभी अतिथियों और भक्तों का आभार व्यक्त किया गया।
हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर 19 मई की रात एक तेज रफ्तार सफेद ऑडी कार ने यातायात शाखा प्रभारी अनिल चिंदा के बेटे को टक्कर मार दी। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पहले हनुमानगढ़ और बाद में श्रीगंगानगर रेफर किया गया। घटना के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। चार दिन बीतने के बावजूद पुलिस आरोपी ड्राइवर और कार तक नहीं पहुंच पाई है। इस पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। स्टंट कर रही थी ऑडी कार पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, यातायात शाखा प्रभारी अनिल कुमार चिंदा 19 मई की रात गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि अल्फा सिटी क्षेत्र में एक सफेद ऑडी कार तेज रफ्तार से स्टंट कर रही है। बताया गया कि यह कार पहले भी कई बार स्टंट करते देखी गई है और हर बार उसका नंबर बदला जाता है। बेटे को गेट पर बुलाया, तभी हुआ हादसा सूचना मिलने के बाद अनिल चिंदा अपने स्टाफ के साथ अल्फा सिटी पहुंचे। उन्होंने अपने बेटे को भी अल्फा सिटी के मुख्य गेट पर आने के लिए कहा था। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तब उनका बेटा गेट के पास खड़ा था। इसी दौरान अल्फा सिटी के अंदर से तेज गति और लापरवाही से निकल रही सफेद ऑडी कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। रोकने का इशारा किया तो और बढ़ा दी रफ्तार जानकारी के अनुसार, पुलिस टीम ने कार को रोकने का इशारा भी किया था, लेकिन ड्राइवर ने वाहन की गति कम करने के बजाय और बढ़ा दी। इसके बाद कार ड्राइवर टक्कर मारकर मौके से फरार हो गया। श्रीगंगानगर में चल रहा इलाज घायल युवक को तुरंत टाउन के बेनीवाल अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर जनसेवा अस्पताल, श्रीगंगानगर रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। सीसीटीवी फुटेज वायरल, जांच जारी टाउन थाना पुलिस ने अज्ञात ऑडी ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई कमलजीत सिंह को सौंपी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर वाहन और ड्राइवर की तलाश में जुटी है। हालांकि शनिवार देर शाम तक पुलिस को कार ड्राइवर के संबंध में कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था।
खंडवा शहर संभाग के अंतर्गत 33/11 केवी सिविल लाइन उपकेंद्र पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किए जाने के कारण रविवार 24 मई को शहर के कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बंद रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से पहले से जरूरी तैयारी करने की अपील की है। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (मेंटेनेंस) महेश कुमार सोलंकी ने बताया कि उपकेंद्र पर तकनीकी सुधार और रखरखाव कार्य के चलते सुबह 7 बजे से 10 बजे तक विद्युत प्रदाय बंद रखा जाएगा। इन क्षेत्रों में रहेगा असरबंद रहने वाले क्षेत्रों में एनवीडीए कॉलोनी, रतागढ़, कृष्ण सरोवर फेस-1, कृष्ण सरोवर फेस-2, हरिअंश कॉलोनी, दादाजी ग्रीन सिटी, साईरूप गंगा, समृद्धि टाउनशिप, कनक नगर, साकेत नगर, काकड़ गांव, दक्ष परिसर, कलेक्टर चौराहा, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी सहित आसपास के इलाके शामिल हैं। बिजली कंपनी ने बताया कि मेंटेनेंस कार्य के दौरान लाइन और उपकरणों की जांच, मरम्मत एवं तकनीकी सुधार किए जाएंगे, ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके। आवश्यकतानुसार समय में बदलाव संभवविभाग के अनुसार कार्य की स्थिति को देखते हुए बिजली बंद रहने की अवधि घटाई या बढ़ाई भी जा सकती है। ऐसे में उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की गई है।
रायपुर के गुढ़ियारी रोड चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में मुआवजा भुगतान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। सड़क चौड़ीकरण के लिए जमीन देने वाले 17 जमीन मालिकों के मुआवजे के चेक बाउंस हो गए हैं। इसके बाद प्रभावित परिवारों में नाराजगी बढ़ गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पहाड़ी चौक से रेलवे अंडरब्रिज तक सड़क चौड़ीकरण के लिए लोगों की जमीन ली गई थी। जमीन मालिकों ने शासन और PWD विभाग के नाम पर रजिस्ट्री भी कर दी थी। लंबे इंतजार के बाद 12 मई को उन्हें मुआवजे के चेक दिए गए, लेकिन बैंक में जमा करने पर सभी चेक बाउंस हो गए। मामले को लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने राज्य सरकार और लोक निर्माण विभाग पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने विकास कार्य के लिए अपनी जमीन दी, आज वही लोग भुगतान के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कांग्रेस ने स्थानीय विधायक और PWD मंत्री राजेश मूणत पर भी सवाल उठाए हैं। नेताओं का कहना है कि सरकार की कार्यप्रणाली पर इससे बड़ा सवाल क्या होगा कि मुआवजे के चेक ही बाउंस हो जाएं। इससे आम लोगों का सरकार पर भरोसा टूट रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ घोषणाओं और टेंडर तक सीमित रह गई है, जबकि जमीन देने वाले लोग आर्थिक संकट झेल रहे हैं। प्रभावित लोगों ने जल्द भुगतान की मांग की है। वहीं इस मामले में PWD से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। हालांकि पीड़ितों का कहना है कि उन्हें सोमवार तक मुआवजे की राशि खाते में आने का आश्वासन दिया गया है।
भिंड के गोहद क्षेत्र स्थित वार्ड क्रमांक 17 के गोहद चौराहा क्षेत्र में शनिवार शाम को उस समय हाईवोल्टेज ड्रामा खड़ा हो गया, जब एक युवक शराब के नशे में मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक काफी देर तक टावर के ऊपर बैठा रहा और नीचे उतरने से इनकार करता रहा। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। जानकारी के अनुसार रामदास जाटव पुत्र रामस्वरूप जाटव उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम मनोहर का पूरा थाना एंडोरी, वर्तमान में गोहद चौराहा क्षेत्र में किराये के मकान में रहकर सेटिंग लगाने का कार्य करता है। बताया जा रहा है कि वह शराब पीने का आदी है। अत्यधिक शराब सेवन के बाद परिवार से विवाद हो गया, जिसके बाद वह मोबाइल टावर पर चढ़ गया और ऊपर से हंगामा करने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चौराहा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने एहतियातन टावर के नीचे जाल बिछवाया, ताकि किसी हादसे की स्थिति में युवक को बचाया जा सके। वहीं तीन थानों का पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया और आसपास लोगों की भीड़ को नियंत्रित किया गया। करीब तीन घंटे तक पुलिस और स्थानीय लोग युवक को समझाने का प्रयास करते रहे। काफी मशक्कत और सूझबूझ के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। घटना के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा रहे। तहसीलदार राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि युवक की पत्नी ने जानकारी दी है कि वह लंबे समय से शराब की लत का शिकार है, जिससे परिवार परेशान रहता है। युवक को नीचे उतारने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोहद भेजा गया, जहां उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव ने बताया कि युवक शराब के नशे में टावर पर चढ़ गया था। उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है तथा मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। खेसारी लाल यादव आज अचानक नितिन नवीन के आवास पर पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान वहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। आवास से निकलने के बाद खेसारी लाल यादव ने मुलाकात को पूरी तरह से व्यक्तिगत बताया। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन मेरे बड़े भाई जैसे हैं। आज उनका जन्मदिन है, इसलिए मैं उन्हें बधाई देने और उनका आशीर्वाद लेने आया था। इस मुलाकात का कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। जब उनसे भाजपा नेताओं के साथ बढ़ती नजदीकियों और भविष्य की राजनीति पर सवाल पूछा गया तो खेसारी लाल ने कहा, मैं राष्ट्रीय जनता दल के साथ हूं और वहीं रहूँगा। मेरे राजनीतिक स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आया है। भविष्य में कभी कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा भले ही खेसारी लाल यादव बाहर आकर इसे महज एक शिष्टाचार मुलाकात बता रहे हों, लेकिन अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बंद कमरे की कहानी कुछ और ही थी। बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान खेसारी लाल यादव ने नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने हाथ जोड़ लिए। उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में कहा, अध्यक्ष जी, अब मैं भविष्य में कभी कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा। मुझे राजनीति से दूर ही रखिए। विस चुनाव में हार गए थे खेसारी खेसारी लाल यादव अक्टूबर 2025 में आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में शामिल हुए। उन्होंने लालू प्रसाद यादव का आशीर्वाद लेकर और तेजस्वी यादव की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उनके साथ उनकी पत्नी चंदा देवी ने भी पार्टी की सदस्यता ली। आरजेडी में शामिल होने के तुरंत बाद पार्टी ने उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उनके गृह जिले की छपरा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। कड़े मुकाबले में वे चुनाव हार गए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार छोटी कुमारी ने उन्हें लगभग 7,600 वोटों के अंतर से पराजित किया। चुनाव हारने के बाद खेसारी लाल यादव ने कहा था कि राजनीति मेरे बस की नहीं है। राजनीति में बहुत झूठ बोलना पड़ता है, जबकि वे सच बोलने वाले इंसान हैं।
दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में आज कुलपति प्रो लक्ष्मीनिवास पांडेय की अध्यक्षता में नामांकन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नामांकन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें उपशास्त्री और शास्त्री पाठ्यक्रमों के नामांकन शुल्क में वृद्धि का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। आचार्य पाठ्यक्रम के शुल्क में वृद्धि पर अंतिम निर्णय अगली बैठक में लिया जाएगा। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि समर्थ पोर्टल के माध्यम से इसी महीने के अंत तक उपशास्त्री, शास्त्री और आचार्य कक्षाओं में नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बैठक में साल 2024 और 2025 में लिए गए नामांकन समेत पिछली बैठक के निर्णयों का भी अनुमोदन किया गया। हेड मास्टर के साथ ऑनलाइन बैठक होगी सोमवार को कुलपति सभी हेड मास्टर के साथ ऑनलाइन बैठक करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सत्र नियमितीकरण को लेकर पाठ्यक्रमों को समय पर पूरा करने की रणनीति तय करना होगा। ग्रीष्मावकाश के दौरान विशेष ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन पर भी चर्चा की जाएगी, ताकि छात्रों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराया जा सके। बैठक में डीन प्रो पुरेन्द्र वारिक, प्रो दिलीप कुमार झा, डॉ शिवलोचन झा, डॉ ए के आजाद, परीक्षा नियंत्रक डॉ निहार रंजन सिन्हा, डॉ संतोष पासवान, डॉ रामसेवक झा और डॉ ध्रुव मिश्र समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे। डॉ निहार रंजन सिन्हा ने संभाला परीक्षा नियंत्रक का पदभार इधर, संस्कृत विश्वविद्यालय के नवनियुक्त परीक्षा नियंत्रक डॉ निहार रंजन सिन्हा ने शनिवार को अपना पदभार ग्रहण कर लिया।उन्होंने कुलपति कार्यालय में विभागीय औपचारिकताएं पूरी कीं। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ दिनेश झा ने उन्हें पाग, चादर और फूल माला देकर सम्मानित किया। कुलपति प्रो लक्ष्मीनिवास पांडेय ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सत्र नियमितीकरण और लंबित आवश्यक काम को मिशन मोड में पूरा करना प्राथमिकता होगी। पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि डॉ सिन्हा बाबा साहेब राम संस्कृत महाविद्यालय, पचाढ़ी, दरभंगा में हिंदी विषय के सह-हेड मास्टर हैं और अब वे परीक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ सिन्हा ने कहा कि राजभवन और कुलपति के निर्देशानुसार सभी कार्य समय पर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सत्र नियमित करना, शैक्षणिक पंचांग का क्रियान्वयन और छात्र हित उनके कार्यकाल की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। मौके पर डॉ ध्रुव मिश्र ने विभागीय कार्यों की विस्तृत जानकारी उन्हें दी।
झज्जर के बहादुरगढ़ में MIE पार्ट-B स्थित प्लॉट नंबर-2224 में बनी एडहेसिव और कैमिकल फैक्ट्री में हुए बॉयलर ब्लास्ट ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। शुक्रवार को हुए धमाके में दो मंजिला इमारत का लेंटर भरभराकर गिर गया और पूरी फैक्ट्री आग की चपेट में आ गई। कल हुए हादसे के बाद शनिवार को मलबे से एक श्रमिक का शव बरामद हुआ है, जिसकी पहचान बिहार के खगड़िया निवासी करीब 25 वर्षीय शैलेश के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री बिना किसी वैध लाइसेंस और सरकारी अनुमति के संचालित की जा रही थी। हादसे के बाद से लापता था शैलेश जानकारी के अनुसार, शैलेश बहादुरगढ़ के छोटूराम नगर में रहकर दिहाड़ी मजदूरी करता था। वह पिछले दो दिनों से फैक्ट्री में चिनाई मजदूरी करने आ रहा था। हादसे के समय वह भी फैक्ट्री के अंदर मौजूद था और मलबे में दब गया। शुक्रवार को उसका कोई सुराग नहीं लग पाया था। घर नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिवार के लोग उसे घायलों में तलाशते हुए पीजीआई रोहतक तक पहुंचे। शनिवार को सर्च अभियान के दौरान उसका शव बरामद हुआ। एक बच्चे का पिता था, मजदूरी कर परिवार पालता था बताया जा रहा है कि शैलेश एक बेटे का पिता था और मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। शैलेश का शव देखते ही परिजनों में मातम छा गया। शव को बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है, जहां रविवार को पोस्टमॉर्टम होगा। हादसे के बाद लगी आग में 5 श्रमिक झुलसे से इस हादसे में पांच अन्य श्रमिक झुलस गए थे, जिनमें चार पीजीआई रोहतक और एक निजी अस्पताल में भर्ती है। हादसे के बाद से शनिवार दोपहर तक मलबा हटाकर लगातार सर्च अभियान चलाया गया। एसीपी बोले- मलबे में शैलेश का शव बरामद हुआ मौके पर एसीपी प्रदीप खत्री, एसएचओ महेंद्र सिंह, चौकी प्रभारी संदीप हुड्डा समेत पुलिस और एफएसएल टीम ने जांच की। एसीपी प्रदीप खत्री ने बताया कि एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मजदूर बुलाकर मलबा हटवाया गया और इस दौरान शैलेश का शव बरामद हुआ। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आज मौके पर पहुंची डीसी हादसे के बाद डीसी झज्जर वर्षा खांगवाल भी मौके पर पहुंचीं और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। डीसी ने अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की गहन जांच के निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री में बिना अनुमति के बॉयलर चलाया जा रहा था। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। SDM की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की डीसी ने बताया कि एसडीएम की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी गई है, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। कमेटी हादसे के कारणों, सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक लापरवाही की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। उन्होंने कहा कि अब पूरे औद्योगिक क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर फैक्ट्रियों की जांच की जाएगी। जिन इकाइयों में बिना लाइसेंस संचालन, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या अन्य खामियां मिलेंगी, उनके खिलाफ तुरंत प्रभाव से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फैक्ट्री मालिक का मोबाइल बंद, फरार जांच में यह भी सामने आया है कि फैक्ट्री ने श्रम विभाग से फैक्ट्री एक्ट के तहत जरूरी लाइसेंस नहीं लिया था। वहीं हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी संचालन की अनुमति नहीं ली गई थी। हादसे के बाद फैक्ट्री मालिक का मोबाइल बंद मिला और वह फरार बताया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी उसकी तलाश में जुटे हैं। पहले भी हुआ था ऐसा हादसा स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2020 में भी इसी औद्योगिक क्षेत्र में इसी तरह का बड़ा बॉयलर ब्लास्ट हुआ था, जिसमें 11 लोगों की मौत हुई थी। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए। अब छह साल बाद फिर हुए इस हादसे ने प्रशासनिक निगरानी और औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय में शनिवार को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर सेक्टर पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार ने राजस्थान को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनाने का रोडमैप पेश किया। कार्यक्रम में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, निवेशक और विशेषज्ञ शामिल हुए।संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में राजस्थान के लिए अपार संभावनाएं हैं और निवेशक उद्योग स्थापना का लक्ष्य तय करें, सरकार उनका पूरा सहयोग करेगी। वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत अब उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जो खुद सेमीकंडक्टर का उत्पादन कर रहे हैं और राजस्थान इस सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। दो साल में 450 फैक्ट्रियों का रास्ता साफअश्विनी वैष्णव ने कहा कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले दो वर्षों में 450 फैक्ट्रियों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत एक साल में 75 फैक्ट्रियों को मंजूरी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में नए उद्योग लगने से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।भिवाड़ी में शुरू हुआ पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टरमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर भिवाड़ी में शुरू किया गया है। करीब 50 एकड़ में विकसित इस क्लस्टर में हर साल लगभग 6 करोड़ चिप का उत्पादन होगा। इसके जरिए अब तक 20 कंपनियों से 1200 करोड़ रुपये से अधिक इनवेस्टमेंट प्रस्ताव आकर्षित किए जा चुके हैं। ट्रिपल-एस फैक्टर बनेगा राजस्थान की ताकतभजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान का सिलिका, स्किल और सोलर यानी ट्रिपल-एस फैक्टर सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए बड़ी ताकत साबित होगा। राज्य सरकार ने राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी लागू की है, वहीं इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी के जरिए सेमीकंडक्टर, डाटा सेंटर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।जोधपुर-पाली क्षेत्र बनेगा सिलिकॉन वैलीमुख्यमंत्री ने कहा कि जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल क्षेत्र और कांकाणी क्षेत्र को “सिलिकॉन वैली ऑफ राजस्थान” के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां चिप डिजाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी इकाइयों के लिए आधुनिक इंडस्ट्रियल वातावरण तैयार किया जाएगा।निवेशकों को मिलेगी विशेष राहत और सब्सिडीउद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार ओएसएटी और एटीएमपी इकाइयों के लिए बिजली शुल्क छूट, स्टांप ड्यूटी राहत, पूंजीगत सब्सिडी और ब्याज अनुदान जैसी सुविधाएं दे रही है। वहीं 500 करोड़ रुपये से अधिक इनवेस्टमेंट करने वाली कंपनियों को कस्टमाइज्ड पैकेज का लाभ भी मिलेगा।
सहरसा जिले के बलवाहाट थाना क्षेत्र में 27 वर्षीय विवाहिता रौनक खातून की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मृतका की मां के आवेदन पर पति समेत ससुराल पक्ष के सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। बता दें कि शुक्रवार के अहले सुबह एक महिला की मौत सुसराल मे हुई और सुसराल पक्ष फरार है। इधर, सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र के धकजरी गांव की निवासी मृतका की मां नूरानी खातून ने बलवाहाट थाने में दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी का पति मो. जफर किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध रखता था। रौनक खातून इसका विरोध करती थी, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। बदचलन कहकर बेरहमी से पति ने पीटा परिजनों के अनुसार, रौनक लगभग छह महीने बाद अपने मायके से ससुराल लौटी थी। वहीं, उसका पति मो. जफर भी 14 मई को राजस्थान से घर वापस आया था। घर लौटने के बाद दोनों के बीच तनाव बढ़ गया। आरोप है कि बीते गुरुवार को पड़ोस में एक शादी समारोह में रौनक खातून ने डांस किया था, जिससे नाराज होकर उसके पति ने उसे 'बदचलन' कहकर बेरहमी से पीटा। घटना के बाद सभी आरोपी घर छोड़कर फरार बताया जा रहा है कि रौनक ने मारपीट की जानकारी फोन पर अपनी मां को दी थी, लेकिन मायके वालों ने इसे सामान्य घरेलू विवाद समझकर गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि बाद में पति जफर ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर रौनक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद सभी आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए। मामले में अनुसंधान जारी - एसडीपीओ इस संबंध में बलवाहाट थानाध्यक्ष राजू कुमार ने बताया कि मृतका की मां के आवेदन पर पति समेत अन्य ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने कहा कि इस मामले में अनुसंधान जारी है।
अबोहर के खिप्पांवाली गांव में शनिवार एक घर में हवन यज्ञ के दौरान बरामदे का छज्जा अचानक गिर गया। इस हादसे में महिलाओं और बच्चों सहित करीब एक दर्जन लोग मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर घायलों को मलबे से बाहर निकाला। यह घटना गांव निवासी जयवीर के घर पर हुई, जहां धार्मिक आयोजन के तहत हवन यज्ञ रखा गया था। जयवीर की पत्नी संतोष रानी कई दिनों से व्रत रख रही थीं, जिसके कारण परिवार और पड़ोसी हवन में शामिल होने आए थे। सुबह हवन की तैयारियां चल रही थीं और श्रद्धालु बरामदे में बैठे थे, तभी अचानक छज्जा गिर गया। घायलों में रोशन लाल, जयवीर, संतोष रानी, उनकी बेटी सुमन रानी, बेटा अमनदीप और अमनदीप की पत्नी शबनम शामिल हैं। दो बच्चे साजन और अंकुश गंभीर रूप से घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल बच्चों को निजी वाहनों से एम्स अस्पताल बठिंडा भेजा गया है, जबकि अन्य घायलों को अबोहर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
औरंगाबाद के अंबा थाना क्षेत्र में आज सड़क हादसे में 17 साल के किशोर की मौत हो गई, जबकि ऑटो चालक समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना जौड़ा और करमडीह गांव के बीच संडा बालुगंज रोड पर हुई, जहां तेज रफ्तार इनोवा कार ऑटो से टकराने के बाद सड़क किनारे खेत में पलट गई। हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।मृतक की पहचान कुटुंबा थाना क्षेत्र के बरवाडीह गांव निवासी मुन्ना भुइयां के 17 साल के बेटे दीना भुइयां के रूप में की गई है। घायलों में गांव के ही दिनेश भुइयां, गौतम भुइयां और लवकुश भुइयां शामिल हैं। दुर्घटना में घायल ऑटो चालक की पहचान नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दीना भुइयां की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ऑटो को ओवरटेक करने के दौरान अनियंत्रित हुआ कार बरवाडीह गांव निवासी स्वर्गीय विमलेश भुइयां के बेटे सुनील भुइयां की शादी तय हुई थी। शुक्रवार को लड़की पक्ष के लोग लड़का देखने गांव आए थे। इसके बाद शनिवार को लड़का पक्ष के लोग लड़की देखने के लिए देव थाना क्षेत्र के केताकी के पास स्थित ढाबी गांव जा रहे थे। गांव का ही नन्हकु भुइयां भाड़े पर इनोवा कार चलाता था और उसी वाहन से सभी लोग लड़की देखने निकले थे। परिजनों के अनुसार, जब इनोवा जौड़ा और करमडीह गांव के बीच पहुंची, तब चालक ने आगे चल रहे ऑटो को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान इनोवा और ऑटो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि इनोवा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग राहत और बचाव काम में जुट गए। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस घटना की सूचना मिलने के बाद अंबा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त इनोवा और ऑटो को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं सदर अस्पताल में किशोर की मौत की सूचना मिलने के बाद नगर थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। दीना भुइयां अपने दो भाइयों में सबसे छोटा था और इंटर का छात्र था।
जयपुर में बीटू बाइपास से द्रव्यवती नदी तक 2200 करोड़ रुपए कीमत की 42 बीघा अवाप्तशुदा जमीन पर आज हाउसिंग बोर्ड ने कब्जा कर लिया। बोर्ड की टीम ने आज मौके पर पहुंचकर बुलडोजर से वहां बनी बाउंड्रीवाल, कच्चे-पक्के मकान तोड़े और जमीन खाली करवाकर कब्जे के साइनेज लगाए। इसकी आगे की कार्रवाई अब रविवार को की जाएगी, जिसमें इस जमीन पर बने कई बड़े स्ट्रक्चर तोड़े जाएंगे। आज की कार्रवाई हाउसिंग बोर्ड के उप आवासन आयुक्त संजय शर्मा, राजस्थान आवासन बोर्ड कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहन सिंह, महामंत्री रमेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोविन्द नाटाणी के नेतृत्व में अधिकारियों, कर्मचारियों और पुलिस प्रशासन के सहयोग से की गई। इससे पहले बोर्ड प्रशासन ने 16 अप्रैल को भी यहां कब्जा लेने की कार्रवाई की थी, लेकिन तब विरोध और ऊपर के स्तर पर दखल के बाद कार्रवाई को बीच में छोड़ दिया गया था। इसके बाद कॉलोनी के कुछ लोग इस कार्रवाई के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में चले गए थे, जहां कोर्ट ने स्टे दे दिया था। लेकिन हाल ही में हाईकोर्ट में दोबारा हुई सुनवाई के बाद स्टे को खारिज करते हुए बोर्ड प्रशासन को कब्जा लेने के आदेश दिए थे। 1989 में शुरू हुई थी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया बता दें कि हाउसिंग बोर्ड प्रशासन ने वर्ष 1989 में इस जमीन को अवाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद वर्ष 1991 में प्रक्रिया पूरी कर ली गई, लेकिन तब कब्जा नहीं लिया गया। भूमाफियाओं ने कौड़ियों के दाम बेचे भूखंड इस बीच जमीन पर कुछ भूमाफियाओं ने जवाहरपुरी भवन निर्माण सहकारी समिति के पट्टे के आधार पर कॉलोनी बसा दी और भूखंडों का बेचान दिखा दिया। ये बेचान वर्ष 1981 में जमीन खरीद के आधार पर बताया गया। बताया जा रहा है कि इसमें कई बड़े रसूखदार लोगों को भूखंड कौड़ियों के दाम बेचे गए। 2019 में एनओसी देने से इनकार साल 2019 में कॉलोनी के नियमन को लेकर जेडीए ने एनओसी मांगी, लेकिन आवासन मंडल के तत्कालीन आयुक्त ने एनओसी देने से इनकार कर दिया। मंडल ने तर्क दिया कि जब जमीन पर 50 फीसदी निर्माण ही नहीं है तो नियमन क्यों किया जा रहा है? सोसाइटी के खिलाफ FIR भी दर्ज करवाई गई और मामला एसीबी को भेज दिया गया।
डूंगरपुर के चौरासी थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई। हादसा चौकी फला धावड़ी गांव में हुआ, जहां किराना सामान लेने पैदल जा रहे युवक को पीछे से आ रही बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी। युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दुकान जाते समय हुआ हादसा पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान चौकी फला धावड़ी निवासी दिनेश कुमार रोत (41) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दिनेश गांव में किराना सामान लेने के लिए पैदल दुकान की ओर जा रहा था। इसी दौरान दुकान के पास पीछे से तेज गति में आई बाइक ने उसे टक्कर मार दी। ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद ग्रामीण जीवा मीणा और बाबूलाल मीणा तुरंत घायल दिनेश की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद घायल को जिला अस्पताल डूंगरपुर पहुंचाया गया। अस्पताल में तोड़ा दम जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद दिनेश कुमार को मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक का माहौल है। पुलिस ने शुरू की जांच मृतक के बड़े भाई प्रभुलाल रोत ने चौरासी थाने में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। साथ ही टक्कर मारने वाले बाइक चालक की तलाश की जा रही है।
कानपुर में आईटीबीपी जवानों के पुलिस कमिश्नर कार्यालय घेरे जाने के चंद घंटे बाद ही पार्षद पति का दर्द सामने आया। बकरीद से पहले क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटें ठीक नहीं होने पर पार्षद जेई के सामने शर्ट उतारकर जमीन पर बैठ गए। बोले कि मेरे साथ भेदभाव हो रहा है। जब तक लाइटें ठीक नहीं होंगी मैं शर्ट नहीं पहनूंगा। मेरे साथ जेई भेदभाव कर रहे हैं। अब मैं खुद सीढ़ी लगाकर इन लाइटों को ठीक करूंगा। बकरीद से पहले स्ट्रीट लाइटें बनवाने की मांग कर रहे पार्षद पतिकानपुर साउथ सिटी के बेगमपुरवा वार्ड-102 से निशा अकील शानू पार्षद हैं। इनके पति अकील शानू ही उनका काम काज देखते हैं। पार्षद पति अकील शानू ने बताया कि उनके वार्ड में साउथ सिटी की सबसे बड़ी बगाही ईदगाह है। यहां पर एक से डेढ़ लाख नमाजी नमाज पढ़ते हैं। 15 से 20 स्ट्रीट लाइटें और 6 हाई मास्ट लाइटें खराब हैं। बीते एक महीने से वह जोन-3 के मार्ग प्रकाश विभाग में चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जेई राधाकृष्ण उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। बकरीद के चलते इलाके के लोग लाइट ठीक कराने के लिए लगातार उनसे शिकायत कर रहे और चक्कर काट रहे हैं। इस वजह से उन्होंने भी जोन-3 के साथ ही नगर आयुक्त से मामले की शिकायत की, लेकिन लाइटें ठीक नहीं हो रही हैं। इससे अक्रोशित होकर वह शनिवार शाम को जेई के दफ्तर में पहुंचे और शर्ट उतारकर जमीन पर बैठ गए। भेदभाव के चलते काम नहीं होने का लगाया आरोप पार्षद पति अकील शानू ने जेई राधाकृष्ण के सामने हाथ जोड़ते हुए कहा कि बकरीद का त्योहार आने वाला है, मेरे वार्ड में दक्षिण का सबसे बड़ी ईदगाह है। यहां पर 1 लाख से ज्यादा नमाजी नमाज पढ़ते हैं। वार्ड में 15 से 20 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। 6 हाई मास्ट लाइटें खराब हैं। मैं बीते एक महीने से लाइट ठीक करवाने के लिए जोन-3 के मार्ग प्रकाश विभाग से प्रार्थना कर रहा हूं। हाईमास्ट लाइटें ठीक कराने के लिए क्रेन की जरूरत होती है। मैं बीते एक महीने से लाइटे ठीक कराने के लिए गाड़ी मांग रहा हूं, लेकिन मेरे वार्ड में लाइट ठीक करने के लिए गाड़ी नहीं दी जा रही है। मैं किसी भी काम के लिए मार्ग प्रकाश विभाग में आता हूं तो मेरी कोई सुनवाई नहीं होती है। राधाकृष्ण जेई मेरी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। मेरे वार्ड में कोई काम नहीं करना चाहते हैं। मेरा हाथ जोड़कर नगर आयुक्त महोदय से निवेदन है कि मेरी मदद कीजिए। हम लोगों को परेशान कर लिया गया है। मेरे वार्ड में ईदगाह, कर्बला, हिन्दू कब्रिस्तान हैं, इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 27 मई को बकरीद है, इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। मेरा नगर आयुक्त से निवेदन है कि त्योहार के समय तो मेरे वार्ड की लाइटों को ठीक कर दिया जाए। मैं शर्ट उतार दे रहा हूं, मैं कपड़ा नहीं पहनूंगा जब तक मेरे वार्ड की लाइटें ठीक नहीं होंगी। अब मैं खुद खंभे पर चढ़कर लाइटें ठीक करने जा रहा हूं। पार्षद ने जेई के दफ्तर में शर्ट उतारकर हाथ जोड़कर विनती की और अपना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पार्षद पति ने बताया कि उन्होंने जेई से लेकर नगर आयुक्त और महापौर को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद भी किसी ने संज्ञान नहीं लिया।
उत्तर प्रदेश: विश्वविद्यालयों में लागू होगा ड्रेस कोड, छात्रों और शिक्षकों ने फैसले का किया स्वागत
उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में यूनिफॉर्म कोड लागू करने के राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के निर्देश के बाद शिक्षा जगत में इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। शिक्षकों, छात्रों और जनप्रतिनिधियों ने इसे अनुशासन, समानता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
जलदाय विभाग की 13 टीमों ने 9 अवैध कनेक्शन काटे:14 बड़े पाइपलाइन लीकेज और 9 हैंडपंप शुरू करवाए
भीषण गर्मी और जल संकट को देखते हुए बाड़मेर जलदाय विभाग भी अब एक्टिव नजर आ रहा है। शनिवार को 13 टीमों ने 70 जगहों पर पहुंचकर पानी सप्लाई को देखा। इस दौरान 9 स्थानों पर अवैध कनेक्शन को काटा गया। वहीं 14 बड़े पाइपलाइन लीकेज को ठीक किया गया। वहीं 9 हैंडपंपों को ठीक करवाकर वापस शुरू करवाया गया। इससे लोगों काफी राहत मिलेगी। दरअसल, बाड़मेर लिफ्ट केनाल में क्लोजर की वजह से नहर में पानी अभी तक बाड़मेर जीरो पाइंट पहुंचा नहीं है। हालांकि मोहनगढ़ से पानी नजर से शुरू हो गया। आगामी एक-दो दिन में बाड़मेर जीरो पाइंट पहुंचने की संभावना है। इससे बाड़मेर शहर समेत ग्रामीण इलाकों में पानी की भयंकर किल्लत हो गई। जिला प्रशासन व जलदाय विभाग ने इस किल्लत को देखते हुए आवश्यकतानुसार पानी टैंकरों को शुरू करवाया गया। इधर जलदाय विभाग अवैध कनेक्शनों और पाइप लीकेज को लेकर टीम बनाकर उनको ठीक करने का काम कर रही है। 9 कनेक्शन काटे पीएचईडी एसई हजारीलाल बालवा ने बताया- पानी की बर्बादी को रोकने और दूसरी तरफ अंतिम छोर तक बैठे ग्रामीणों तक पानी पहुंचाने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। शनिवार को विभाग ने 13 टीमे ने एक साथ बाड़मेर शहर से लेकर गांव तक 70 जगहों पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान मुख्य लाइनों से अवैध रूप से लिए गए 9 कनेक्शनों को मौके पर ही काट दिया गया। इससे वैध कंज्यूमर को पूरे प्रेशर से पानी मिल सकेगा। 14 पाइप लाइन लीकेज और 9 हैडपंप को किया ठीक पानी बर्बादी को रोकने के लिए 14 बड़े पाइप लाइन लीकेज को ठीक किया गय। निरीक्षण के दौरान 9 हैंडपंप को ठीक करवाकर चालू करवाया गया। अभियान के दौरान 50 से अधिक अन्य तकनीकी समस्याओं का समाधान किया गया। इसमें नलकूपों और ओपन वेल को ठीक करना, कम प्रेशर से पानी आने की शिकायत को दूर करना तथा जिन ढाणियों या घरों में पानी नहीं पहुंच रहा था। वहां जलापूर्ति सुचारू करना शामिल रहा।
हांसी के चैनत गांव में पीने के पानी की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना जारी है। ग्रामीण पिछले कई दिनों से गांव में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। शनिवार शाम को हिसार से सांसद और कांग्रेस नेता जयप्रकाश ने धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों को अपना समर्थन दिया। सांसद जयप्रकाश ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से भी बात की है। उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस पार्टी ग्रामीणों के साथ खड़ी है और चैनत के लोगों की पीने के पानी की मांग पूरी तरह जायज है। उन्होंने सरकार से तुरंत समाधान करने का आग्रह किया। ग्रामीण लंबे समय से कर रहे संघर्ष : जय प्रकाश जयप्रकाश ने यह भी कहा कि केवल चैनत ही नहीं, बल्कि भाटला गांव को भी इसी लाइन से पानी उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण लंबे समय से अपनी मूलभूत जरूरत के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस बीच, हांसी के विधायक विनोद भयाना ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि संबंधित लाइन शहरी क्षेत्र की अमृत-2 योजना के बजट से स्वीकृत हुई है, इसलिए कानूनी रूप से इस लाइन से ग्रामीण क्षेत्रों को पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। विधायक ने कहा कि अधिकारियों से बातचीत में भी यही स्थिति स्पष्ट हुई है। विधायक भयाना बोले- कनेक्शन देने में आपत्ति नहीं विधायक भयाना ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस लाइन से कनेक्शन देने पर कोई आपत्ति नहीं है और वे गांव के लोगों के साथ हैं। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिस दिन भाखड़ा-हांसी लाइन का पानी हांसी पहुंचेगा, उससे पहले चैनत गांव को पानी उपलब्ध कराने का काम पूरा कर लिया जाएगा। विधायक ने यह भी जानकारी दी कि गांव के वाटर वर्क्स की मरम्मत के लिए टेंडर मंजूर हो चुका है। इस पर जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को स्थायी समाधान मिल सके।
मेरठ में बीएड प्रवेश परीक्षा 31 मई को:13 केंद्रों पर 6 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी देंगे परीक्षा
बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 31 मई को आयोजित होगी। जनपद में परीक्षा के लिए 13 केंद्र बनाए गए हैं, जहां छह हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों के साथ सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं। परीक्षा के नोडल कोऑर्डिनेटर प्रो. राकेश शर्मा ने बताया कि तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 29 मई को डीएम डॉ. वीके सिंह की अध्यक्षता में बैठक आयोजित होगी। इसमें परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारी शामिल रहेंगे। प्रदेशभर में बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए 4.44 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। बुधवार दोपहर प्रवेश पत्र अपलोड होने के बाद अब तक करीब 40 फीसदी अभ्यर्थी अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं। परीक्षा प्रदेश के मेरठ समेत 72 जिलों में बनाए गए 1011 केंद्रों पर कराई जाएगी।
गया कॉलेज में बीएससी सेमेस्टर परीक्षा के दौरान पहली मंजिल से छलांग लगाने वाली छात्रा नैना कुमारी के मामले में नया मोड़ आया है। गंभीर रूप से घायल छात्रा ने शनिवार को अस्पताल में ही अपनी बीएससी हिंदी की परीक्षा दी। इस बीच, गया नगर निगम के मेयर गणेश पासवान और पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने व्हाइट हाउस स्थित निजी नर्सिंग होम पहुंचकर छात्रा और उसके परिजनों से मुलाकात की। अस्पताल में भर्ती नैना कुमारी ने घटना के बारे में बताया कि परीक्षा के दौरान उसके पास मोबाइल फोन मिला था, जिसे उसने स्वयं वीक्षक को सौंप दिया था। छात्रा ने स्पष्ट किया कि वह मोबाइल लेकर जरूर आई थी, लेकिन उसने किसी प्रकार की नकल नहीं की थी। इसके बावजूद, परीक्षा के दौरान कुछ लोग कमरे में आए और उससे लगातार पूछताछ करने लगे। शिक्षक पर वीडियो बनाने का आरोप छात्रा ने आरोप लगाया कि उसे परीक्षा कक्ष से बाहर धूप में खड़ा कर दिया गया और उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई। नैना के अनुसार, कुछ शिक्षक उसका वीडियो भी बनाने लगे थे। इस पूरे घटनाक्रम से वह बेहद घबरा गई और तनाव में आकर उसने पहली मंजिल से छलांग लगा दी। दर्द से कराहती छात्रा ने कहा, मेरे शरीर में काफी दर्द है, मैं ठीक से उठ भी नहीं पा रही हूं। एग्जाम सेंटर में मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद कुछ लोगों ने उसे 'पागल' तक कह दिया और सीटी स्कैन कराने की बात कही। छात्रा ने खुद को सामान्य बताते हुए कहा कि उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। जनप्रतिनिधियों ने छात्रा के बेहतर इलाज, आर्थिक सहयोग और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पीड़िता को हर हाल में न्याय मिलना चाहिए और इस मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए। छात्रा की इस आपबीती ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात के दौरान मेयर गणेश पासवान ने कहा कि छात्रा ने उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला मानसिक प्रताड़ना का प्रतीत होता है और इसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मेयर ने कहा- छात्रा दवाब महसूस कर रही मेयर ने कहा, “एक छात्रा परीक्षा देने गई थी, लेकिन जिस परिस्थिति में उसने यह कदम उठाया, वह बेहद चिंताजनक है। छात्रा ने बताया है कि वह मानसिक दबाव और प्रताड़ना महसूस कर रही थी। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।” उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों से भी बातचीत कर छात्रा के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया। साथ ही छात्रा के पिता को आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए कहा कि परिवार को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज छात्रा और उसके परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि छात्रा के इलाज में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए और इसके लिए उन्होंने चिकित्सकों से विशेष रूप से बात की है। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुखद घटना है। एक छात्रा को ऐसी परिस्थिति में पहुंचना पड़े, यह शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। हमारी कोशिश है कि छात्रा जल्द स्वस्थ हो और उसे न्याय मिले।” गौरतलब है कि शुक्रवार को गया कॉलेज गया में सेमेस्टर परीक्षा के दौरान यह घटना हुई थी। छात्रा द्वारा पहली मंजिल से छलांग लगाने के बाद कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी। गंभीर रूप से घायल छात्रा को तत्काल शहर के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। इस घटना के बाद छात्र-छात्राओं और विभिन्न छात्र संगठनों के बीच भी नाराजगी देखी जा रही है। कई छात्र संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वहीं पुलिस भी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गई है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सच सामने आता है और छात्रा को न्याय कब तक मिल पाता है।
कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र में एक 32 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला के पति पर हत्या का आरोप है, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह घटना ग्राम पंचायत मानिकपुर के गांधी चौक इलाके में हुई। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात बलिराम मरावी और उनकी पत्नी संगीता मरावी के बीच शराब के लिए पैसे न देने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। स्थानीय लोगों ने भी पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़े होने की जानकारी दी है। शनिवार सुबह संगीता अपने कमरे में मृत पाई गईं। मृतका के शरीर पर चोट के निशान पाए गए घटना की सूचना मिलते ही बांगो थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लिया। जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। जांच में मृतका के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी बांगो थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के पति बलिराम मरावी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, यह मामला घरेलू विवाद से जुड़ा है। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
माछीवाड़ा के जंगल में लगी भीषण आग:कई पेड़ जलकर राख, दो घंटे बाद काबू; शरारती तत्वों पर जताई आशंका
लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब के निकट गांव मंड जोधवाल के जंगल में आज आग लग गई। इस घटना में कई पेड़ जलकर राख हो गए। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि यह किसी शरारती तत्व या लकड़ी चोरों का काम हो सकता है। आग लगने की सूचना मिलते ही गांव के निवासियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया। फायर ब्रिगेड की टीम कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गई, लेकिन जंगल के अंदरूनी हिस्से में आग होने के कारण गाड़ी भीतर नहीं जा सकी। इसके बाद, दमकल कर्मियों ने पानी की पाइपों को लंबा करके आग बुझाने का प्रयास किया। जब यह तरीका कारगर नहीं हुआ, तो फायर कर्मी गांव वालों के साथ मिलकर पारंपरिक तरीकों से आग बुझाने में जुट गए। दो घंटे बाद आग पर पाया जा सका काबू करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। यह जंगल कई जानवरों का निवास स्थान है, जिनमें छोटे जानवर भी शामिल हैं जो अपने बिलों में रहते हैं। आशंका है कि कुछ जानवर अपनी जान बचाकर भाग गए होंगे, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए कुछ जानवरों के आग की चपेट में आने की भी संभावना है, जिसका पता धीरे-धीरे चलेगा। वन्य विभाग ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आग किसने लगाई, क्योंकि घटनास्थल पर न तो कोई बिजली की तारें गुजर रही हैं और न ही यह आग किसी खेत से फैली है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आग जंगल के बिल्कुल बीच में लगी थी। गांव के सरपंच गुरचरण सिंह व गांव निवासियों ने मांग की कि जंगल के अंदर काफी मात्रा में सरकडा सुका खड़ा है जो बहुत जल्द आग को पकड़ता है। उसकी सफाई करवानी बेहद जरूरी है और साथ में जंगल में रहते जानवरों के पानी का भी प्रबंध होना चाहिए और जंगल के चारों तरफ कांटे दार तार लगा देनी चाहिए।
जमुई में जमीन विवाद, 2 पक्षों में मारपीट:फरसे से हमला, 6 घायल; पुलिस ने हथियार बरामद किया
जमुई के खैरा थाना क्षेत्र के रायपुरा पंचायत के भौंड गांव में जमीनी विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान फरसे के हमले से छह लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही खैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पांच लोगों को हिरासत में लिया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खैरा भेजा गया। लंबे समय से जमीन बंटवारे को लेकर चल रहा था विवाद पहले पक्ष से मुन्ना मांझी, जिम्मेदार मांझी और सियाशरण मांझी घायल हुए हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से मिश्री मांझी और नागेश्वर मांझी गंभीर रूप से जख्मी हुए, जिनका इलाज खैरा अस्पताल में जारी है। घायलों ने बताया कि उनके बीच लंबे समय से जमीन बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। शनिवार को एक पक्ष द्वारा एक कट्ठा जमीन पर अवैध कब्जे का प्रयास किया गया, जिसका विरोध करने पर मारपीट शुरू हो गई। दूसरे पक्ष के लोगों ने फरसे से हमला किया, जिससे सभी को सिर और पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। इस घटना को लेकर दोनों पक्षों द्वारा अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए घटना में प्रयुक्त फरसे को बरामद कर जब्त कर लिया है।
आलीराजपुर में 65 लाख की 800 पेटी बीयर जब्त:तस्कर ट्रक छोड़ जंगल में भागे, पंजाब लाई गई थी खेप
आबकारी विभाग ने जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जोबट क्षेत्र के रामपुरा जंगल में विभाग ने लगभग 65 लाख रुपए मूल्य की 800 पेटी अवैध बीयर जब्त की। इस दौरान तस्कर एक ट्रक, पिकअप वाहन और एक टैंक मौके पर छोड़कर जंगल के रास्ते फरार हो गए। आबकारी विभाग के अफसरों का कहना है कि बीयर की ये खेप पंजाब से लाई गई थी। जानकारी के मुताबिक, आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रामपुरा क्षेत्र में रवि के घर के पास नाले के समीप अवैध बीयर उतारी जा रही है। इस सूचना पर जिला आबकारी अधिकारी राधेश्याम राय के निर्देश पर एक टीम गठित कर तत्काल दबिश दी गई। दूसरे वाहनों में की जा रही थी अनलोड छापेमारी के दौरान, आबकारी अधिकारियों ने पाया कि एक ट्रक से माउंट बीयर, लेमोंट और पावर कैन बीयर की पेटियां उतारकर पिकअप तथा अन्य छोटी गाड़ियों में भरी जा रही थीं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह शराब पंजाब और मध्यप्रदेश से लाई गई थी। इसे जिले और आसपास के क्षेत्रों में बेचने की तैयारी थी। आबकारी टीम के मौके पर पहुंचते ही तस्करों में भगदड़ मच गई। आरोपी अपने वाहन, टैंक और बड़ी मात्रा में शराब छोड़कर जंगल के रास्ते भाग निकले। विभाग ने ट्रक और पिकअप वाहन को जब्त कर टोचन की सहायता से जिला आबकारी गोदाम पहुंचाया। मौके पर मौजूद टैंक को खाली करवाकर पूरा अवैध माल भी जब्त कर लिया गया। 800 पेटी माल बरामद विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल 800 पेटी अवैध बीयर बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 65 लाख रुपए है। मामले में प्रकरण दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान शराब तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों और उनकी सप्लाई चेन का भी खुलासा हो सकता है। इस कार्रवाई में आबकारी विभाग की टीम के जयश्री त्रिपाठी, मोहित बिरला और गंभीर सिंह वास्कले ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब कारोबार करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा खेलते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने पीजी कॉलेज मैदान में एक कार के भीतर मोबाइल ऐप के जरिए सट्टा लगाते हुए उन्हें पकड़ा। आरोपियों से लगभग 5.40 लाख रुपये का सामान जब्त किया गया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस को सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति पीजी कॉलेज मैदान में खड़ी टाटा नेक्सॉन कार के अंदर मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन आईपीएल सट्टा खेल रहे हैं और पैसों का लेनदेन कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर कुछ लोग मौके से फरार हो गए, जबकि कार के भीतर बैठे दो व्यक्तियों को सट्टा खेलते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम अमीत वाधवानी (30 वर्ष, नीलकमल गली आमापारा, हाल अर्जुन रेसिडेंसी शांति कॉलोनी) और विजय ग्वालानी उर्फ बब्बू (30 वर्ष, विवेकानंद कॉलोनी झूलेलाल नगर धमतरी) बताया। पुलिस जांच में उनके मोबाइल फोन में 'All Panel Exchange' नामक ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म की आईडी संचालित पाई गई, जिसके माध्यम से आईपीएल मैचों में हार-जीत पर दांव लगाया जा रहा था। आरोपियों अमीत वाधवानी और विजय ग्वालानी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। दोनों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो आईफोन मोबाइल, दो रियलमी मोबाइल, 5,200 रुपये नकद और एक टाटा नेक्सॉन कार जब्त की। जब्त किए गए सामान का कुल मूल्य लगभग 5 लाख 40 हजार 200 रुपये आंका गया है।
पानीपत जिले में सीआईए-3 पुलिस ने 504 ग्राम अफीम तस्करी मामले में मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के बिसरतगंज गांव निवासी वाजिद खान के रूप में हुई है। इसके अलावा एक बाइक चोर को भी अरेस्ट किया गया है। सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने बताया कि उनकी टीम ने बीते बुधवार को बरसत रोड स्थित गंदा नाला पुलिया के पास नूरवाला निवासी मोहम्मद इमरान को 504 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। इमरान के खिलाफ थाना सेक्टर 13/17 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। 70 हजार में बेची थी अफीम पूछताछ के दौरान मोहम्मद इमरान ने पुलिस को बताया कि उसने चार-पांच दिन पहले वाजिद खान से 600 ग्राम अफीम कम कीमत पर खरीदी थी। उसने कुछ अफीम अज्ञात ड्राइवरों को बेच दी थी और बची हुई 504 ग्राम अफीम बेचने के लिए बरसत रोड पर ग्राहक की तलाश में था। इमरान से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार देर शाम सप्लायर वाजिद खान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में वाजिद खान ने मोहम्मद इमरान को 600 ग्राम अफीम 70 हजार रुपए में बेचने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि इमरान ने 50 हजार रुपए नकद दिए थे और 20 हजार रुपए अफीम बेचने के बाद देने को कहा था। कोर्ट में पेश कर भेजा जेल शनिवार को पुलिस ने मोहम्मद इमरान को रिमांड अवधि पूरी होने पर और वाजिद खान को प्रारंभिक पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने मोहम्मद इमरान को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया, जबकि वाजिद खान को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस वाजिद खान से नशा तस्करी में शामिल अन्य आरोपियों के ठिकानों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास करेगी। बाइक चोर पकड़ा इसके अलावा एंटी व्हीकल थेप्ट टीम ने सेक्टर 11/12 में गंदा नाला पुलिया पर नाकाबंदी के दौरान एक युवक को चोरी की बाइक के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान समालखा की म्यूर विहार गांधी कॉलोनी निवासी राजेश के रूप में हुई है। शाम को सेक्टर 11/12 में गंदा नाला पुलिया पर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक युवक स्पलेंडर बाइक पर ट्रक यूनियन की ओर से गंदा नाला पटरी होते हुए आया। पुलिस टीम ने नाके पर बाइक रुकवाकर युवक से पूछताछ की। पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान राजेश के रूप में बताई। जब पुलिस ने उससे बाइक के कागजात मांगे तो वह बहाने बनाने लगा। गहनता से पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने यह बाइक 2 मार्च को तामशाबाद टोल प्लाजा के नजदीक स्थित लाल मंदिर परिसर से चोरी की थी। इस बाइक चोरी की वारदात के संबंध में थाना सनौली में बापौली निवासी रवि की शिकायत पर पहले ही एक मामला दर्ज है।
भीषण गर्मी के बीच आमजन को निर्बाध और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभाग के अधीक्षण अभियंता (SE) सुनील मानवताल ने शनिवार को डीडवाना-कुचामन जिला कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण कर पेयजल व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि पानी की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जल गुणवत्ता जांच, टैंकर वितरण व्यवस्था, पाइपलाइन लीकेज और अवैध जल कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया। निरीक्षण के समय अधिशासी अभियंता गिरिराज चौधरी, सहायक अभियंता सुरेंद्र कुमार धोबी और कनिष्ठ अभियंता महिपाल बुड़ानिया सहित विभागीय तकनीकी टीम मौजूद रही। कंट्रोल रूम में शिकायत निस्तारण पर जोर SE सुनील मानवताल ने कंट्रोल रूम में शिकायत रजिस्टर और अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी से जुड़ी शिकायतों का तय समय सीमा में त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में आमजन तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। कायमनगर में जल वितरण और गुणवत्ता की जांच निरीक्षण के बाद विभागीय टीम ने डीडवाना शहर के कायमनगर क्षेत्र का दौरा कर जल वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। यहां पानी के सैंपल लेकर गुणवत्ता की जांच की गई। SE ने नियमित क्लोरिनेशन और पानी की टेस्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि मुख्य पाइपलाइनों में लीकेज को तत्काल ठीक किया जाए ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। टैंकर व्यवस्था पर भी रखी नजर निरीक्षण के दौरान निशुल्क टैंकर जल वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन इलाकों में पाइपलाइन से जलापूर्ति संभव नहीं है, वहां समय पर और निष्पक्ष तरीके से टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जाए। अवैध कनेक्शनों पर चला विभाग का अभियान विभाग ने पानी चोरी और अवैध बूस्टर मोटर लगाकर पानी खींचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निरीक्षण दल ने ग्रामीण क्षेत्रों के सिंगरावट कला और ललासरी गांवों में औचक छापेमारी कर मुख्य पाइपलाइन से जुड़े कई अवैध कनेक्शनों को मौके पर ही काट दिया। संबंधित लोगों के खिलाफ जब्ती कार्रवाई करते हुए नोटिस भी जारी किए गए हैं। नियमित कार्रवाई के निर्देश SE मानवताल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अवैध जल कनेक्शनों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि विभाग का उद्देश्य भीषण गर्मी में आमजन को राहत पहुंचाना है।
मोतिहारी के हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मटियारिया उपाध्याय टोला में 16 दिनों से लापता एक युवक का शव उसके घर के पीछे स्थित मक्का के खेत से बरामद किया गया है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय विवेक कुमार मिश्रा के रूप में हुई है, जो विजयकांत मिश्र के पुत्र थे। बताया जा रहा है कि शव पूरी तरह सड़-गल चुका था। सूचना मिलते ही हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को खेत से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसे जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। हरसिद्धि थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी परिजनों ने बताया कि विवेक कुमार मिश्रा 7 मई को घर से लापता हो गए थे। अगले दिन 8 मई को उनके बड़े भाई बृजेश मिश्र ने हरसिद्धि थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और विवेक के मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाला। जांच में सामने आया कि उनकी अंतिम बातचीत अपनी बहन से हुई थी। लापता होने के दिन विवेक ने अपनी बहन को मोबाइल के जरिए 4100 रुपये भी ट्रांसफर किए थे। उसी दिन उन्होंने फोन पर बहन से कहा था कि वे अब कभी घर वापस नहीं लौटेंगे, हालांकि बहन ने उन्हें समझाने का प्रयास किया था। परिवार के अनुसार, विवेक कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज गोरखपुर में हो रहा था। बीमारी के कारण वे मानसिक रूप से भी परेशान रहते थे। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी विवेक का विवाह गांव के पांडेय टोला निवासी विक्की देवी से हुआ था। उनके दो छोटे बच्चे हैं। इस घटना के बाद से पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। वृद्ध पिता, भाई और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों के बीच इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग बीमारी और मानसिक तनाव के कारण इसे आत्महत्या का मामला मान रहे हैं। जबकि परिजन हत्या की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है। थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही पूरे मामले का सच सामने लाया जाएगा।
बिलासपुर के सरकंडा स्थित शास्त्री नगर, कपिल नगर और नेपाली मोहल्ले के 200 से अधिक घरों में पिछले पांच दिनों से गंदा, मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है। इस समस्या से प्रभावित परिवार अब नगर निगम के टैंकरों या ट्यूबवेल के पानी पर निर्भर हैं। शनिवार को नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे, अपर आयुक्त खजांची कुम्हार, पार्षद विजय ताम्रकार और सीमा राजेश शुक्ला ने प्रभावित घरों का दौरा किया। उन्होंने स्वयं देखा कि लगातार गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है, जबकि लीकेज दुरुस्त करने के बाद एक दिन साफ पानी आने की बात कही गई थी। समस्या की वजह तलाशने में जुटा निगम जोन कमिश्नर विभा सिंह ने बताया कि पाइपलाइन में लीकेज की आशंका वाले स्थानों पर जांच की जा रही है। हालांकि, अब तक गंदे पानी की आपूर्ति का सटीक कारण पता नहीं चल पाया है। पार्षद सीमा राजेश शुक्ला ने बताया कि शास्त्री नगर और कपिल नगर में गंदे पानी की समस्या का यह छठवां दिन है। उन्होंने नागरिकों की शिकायत पर जोन कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान का आग्रह किया था। एमआईसी मेंबर विजय ताम्रकार ने जानकारी दी कि वार्ड क्रमांक 60 और 62 के कई घरों में पिछले 4-5 दिनों से अत्यधिक गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में चांटीडीह पानी टंकी से सप्लाई के लिए कनेक्शन जोड़ा गया है, इसके बावजूद गंदे पानी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। चटर्जी गली में जल संकट वार्ड क्रमांक 61 पं देवकीनंदन दीक्षित नगर के पार्षद राजेश दुसेजा ने बताया कि पिछले दो दिनों से महामाया चौक सरकंडा में बोर का पंप जल जाने के कारण चटर्जी गली क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर दो दिनों से मोहल्ले में टेंकर सप्लाई किया जा रहा है। जोन में मोटर पंप नहीं.. दुसेजा ने बताया कि जोन में पंप उपलब्ध नहीं होने के कारण पंप को रिपेयरिंग के लिए दिया गया है, पंप आने पर जल्द ही पानी की सप्लाई सुचारू रूप होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि तिर्थानी गली और गुजराती चौक के पास पाइप लाइन में जंक लगने के बाद उसमें लीकेज हो गया है, इसकी शिकायत मिलने पर पाइप लाइन बदलने का कार्य कराया जा रहा है।
छत्तीसगढ़: दंतेवाड़ा में आईईडी बरामद कर सुरक्षा बलों ने माओवादियों की साजिश नाकाम की
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान के बीच सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के हिडपाल गांव के घने जंगलों में सुरक्षा बलों ने करीब 5 किलो वजनी प्रेशर कुकर आईईडी बरामद किया और फिर उसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया। समय रहते इस विस्फोटक को नष्ट किए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।
हरियाणा सरकार ने राज्य के करीब 21 लाख नीट अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए 20 और 21 जून को पूरे प्रदेश में मुफ्त रोडवेज बस सेवा देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह घोषणा करते हुए कहा कि सरकार विद्यार्थियों की सुविधा और उनके उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए लगातार फैसले ले रही है, ताकि किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में परेशानी न हो। सरकार के फैसले के अनुसार, 21 जून को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के मद्देनज़र सभी परीक्षार्थी 20 और 21 जून को हरियाणा रोडवेज की किसी भी बस में निशुल्क यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को केवल अपना नीट एडमिट कार्ड दिखाना होगा। राज्य सरकार का मानना है कि इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से परीक्षा देने जाने वाले छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा। बसों की संख्या पूरी करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार परीक्षा केंद्र दूसरे जिलों या शहरों में होने के कारण विद्यार्थियों को परिवहन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सरकार की यह पहल अभ्यर्थियों के लिए काफी मददगार साबित होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दिनों में बसों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी छात्र को परेशानी न हो। CET अभ्यर्थियों को भी सीएम दे चुके राहत मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले सरकार द्वारा कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के अभ्यर्थियों के लिए भी मुफ्त बस सेवा उपलब्ध करवाई गई थी। उसी तर्ज पर अब नीट उम्मीदवारों को यह सुविधा दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को बेहतर सुविधाएं देकर उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दें। उन्होंने सभी नीट अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल और सफल भविष्य की कामना की।
ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में सरकारी और निजी जमीनों की फर्जी रजिस्ट्री का बड़ा खेल सामने आया है। एक शातिर ठग ने खुद को जमीन मालिक बताकर ‘साईं बाबा एग्रो एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड’ के डायरेक्टर को 34 लाख 5 हजार रुपए में जमीन बेच दी और फर्जी दस्तावेज थमा दिए। मामले का खुलासा तब हुआ, जब खरीदार जमीन का नामांतरण कराने राजस्व विभाग पहुंचा। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित महीनों तक थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। आखिरकार उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। कोर्ट के आदेश के बाद विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का मामला दर्ज किया है। मार्च 2024 में हुई रजिस्ट्री, जून में खुला फर्जीवाड़ा पुलिस के मुताबिक, माधव नगर निवासी भावेश वाधवानी ‘साईं बाबा एग्रो एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड’ के डायरेक्टर हैं। वर्ष 2024 की शुरुआत में उन्होंने आरोपी रामपाल सिंह तोमर से ग्राम गिरवाई स्थित कृषि भूमि (सर्वे नंबर 1149 और 1150, कुल रकबा 0.1872 हेक्टेयर) खरीदने का सौदा किया था। सौदा 34 लाख 5 हजार रुपए में तय हुआ और 2 मार्च 2024 को रजिस्ट्रार कार्यालय में बाकायदा रजिस्ट्री भी करा दी गई। पूरी रकम चुकाने के बाद भावेश ने जमीन अपने नाम कराने के लिए तहसीलदार कार्यालय में आवेदन दिया। लेकिन 13 जून को आई पटवारी की जांच रिपोर्ट ने पूरा मामला खोल दिया। रिपोर्ट में सामने आया कि जिन सर्वे नंबरों की जमीन बेची गई, उतनी जमीन आरोपी रामपाल तोमर के नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में बची ही नहीं थी। एक ही जमीन कई लोगों को बेच चुका था आरोपी इसके बाद जब पीड़ित ने अपने स्तर पर जमीन की जांच कराई, तो एक और बड़ा खुलासा हुआ। पता चला कि आरोपी रामपाल तोमर इसी जमीन का करीब 25 हजार वर्ग फीट हिस्सा पहले ही चार अन्य लोगों — असन बहरानी, निशा असरानी, एकता बनवारी और ज्योति देवी को बेच चुका था। रजिस्ट्रार ऑफिस की रिपोर्ट में हुआ सबसे बड़ा खुलासा मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य तब सामने आया, जब रजिस्ट्रार कार्यालय से जमीन से संबंधित रिकॉर्ड मंगाए गए। जांच में पता चला कि आरोपी द्वारा दिखाए गए दस्तावेज, ग्रंथ और रजिस्ट्री नंबर पूरी तरह फर्जी थे। सरकारी रिकॉर्ड में इस जमीन का वास्तविक मालिक राजेश कुकरेजा निकला। यानी आरोपी ने ऐसी जमीन बेच दी, जिस पर उसका कोई अधिकार ही नहीं था। पुलिस ने नहीं सुनी तो कोर्ट पहुंचा पीड़ित अपनी गाढ़ी कमाई के साढ़े 34 लाख रुपए फंसने के बाद पीड़ित भावेश वाधवानी ने आरोपी से रकम वापस मांगी, लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने विश्वविद्यालय थाने में शिकायत दर्ज कराई, मगर कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार पीड़ित ने न्यायालय में परिवाद दायर किया। कोर्ट ने मामले को गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस कर रही पूरे नेटवर्क की जांच विश्वविद्यालय थाना पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने इस तरह की फर्जी रजिस्ट्रियों से और कितने लोगों को ठगा है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं रजिस्ट्रार कार्यालय या राजस्व विभाग का कोई कर्मचारी भी इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल तो नहीं था। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
तोशाम पुलिस ने अरेस्ट किया बैटरी चोर:घर के बाहर खड़े ट्रैक्टर से निकाली, पुलिस ने स्कूटी को जब्त किया
भिवानी जिला पुलिस ने चोरी की वारदातों में शामिल आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए अभियान चलाया था। इसी के तहत कार्रवाई करते हुए थाना तोशाम पुलिस ने ट्रैक्टर बैटरी चोरी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता श्याम सुंदर निवासी तोशाम ने थाना तोशाम में शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया था कि 21 मई 2026 को उन्होंने अपना ट्रैक्टर व ट्रॉली घर के पास खड़ी की थी। अगले दिन सुबह देखने पर ट्रैक्टर की बैटरी चोरी मिली। शिकायत मिलने पर थाना तोशाम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। नशा करने का आदी है पकड़ा गया आरोपी मामले में कार्रवाई करते हुए थाना तोशाम के जांच अधिकारी एएसआई राकेश कुमार की टीम ने जांच के दौरान एक आरोपी को तोशाम क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनजीत के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई ट्रैक्टर बैटरी और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी बरामद कर ली है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नशे का आदी है।
फरीदाबाद के सूरजकुंड क्षेत्र स्थित एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में बांग्लादेश के एक छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान मुस्ताक के रूप में हुई है, जो बीटेक सेकंड ईयर का छात्र था। घटना की सूचना मिलते ही सूरजकुंड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में मामला प्रेम संबंधों से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मुस्ताक कॉलेज हॉस्टल की दूसरी मंजिल पर अपने एक साथी छात्र के साथ रह रहा था। घटना के समय उसका रूममेट किसी काम से बाहर गया हुआ था। जब वह वापस कमरे में पहुंचा तो उसने मुस्ताक को पंखे से लटका देखा। पंखे से लटके मुस्ताक को देखकर हॉस्टल के छात्रों में हड़कंप मच गया। साथी छात्रों ने तुरंत उसे नीचे उतारकर नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बांग्लादेश दूतावास को दी जानकारी सुरजकुंड थाना इंचार्ज पह्ललाद ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम और फॉरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। कमरे की तलाशी के दौरान कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया है। मृतक के परिजनों के साथ-साथ बांग्लादेश दूतावास को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। प्रेम-प्रसंग की आशंका जताई जा रही पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे प्रेम-प्रसंग की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि छात्र की एक युवती से बातचीत होती थी। हालांकि वह कॉलेज की छात्रा नहीं बताई जा रही। फिलहाल, पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
जमुई जिले में भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव किया है। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शनिवार को एक आदेश जारी किया। इसके तहत, कक्षा 5 तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियां 27 मई 2026 तक निलंबित रहेंगी। यह निर्देश जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, प्री-स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर लागू होगा। जारी आदेश के अनुसार, कक्षा 5 से ऊपर की कक्षाओं के लिए विद्यालयों का संचालन सीमित समय के लिए होगा। इन कक्षाओं की पढ़ाई सुबह से लेकर पूर्वाह्न 11 बजे तक ही संचालित की जाएगी। दोपहर में तेज धूप और अत्यधिक तापमान के कारण बच्चों को लू और गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। जिलाधिकारी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वर्तमान मौसम बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। डीएम ने सभी विद्यालय प्रबंधन को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और शैक्षणिक गतिविधियों को नए समय के अनुसार पुनर्निर्धारित करने का निर्देश दिया है। इस आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी जिला शिक्षा पदाधिकारी और आईसीडीएस विभाग को सौंपी गई है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अत्यधिक गर्मी के दौरान बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें और उन्हें पर्याप्त पानी तथा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएं।
नाबालिग को नेपाल बॉर्डर से ढूंढ लाई पुलिस:लड़की को आरोपी बहला कर ले गया था; लोकेशन के आधार पर पकड़ा
झुंझुनूं पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नेपाल बॉर्डर से एक नाबालिग लड़की को दस्तयाब किया है। इसके साथ ही लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने वाले मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। शिकायत में बताया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी को युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया है। साइबर सेल और डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (DST) की मदद से तकनीकी इनपुट जुटाए गए। इंटेलिजेंस और सटीक लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने सीधे नेपाल बॉर्डर पर दबिश दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नाबालिग लड़की को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया और आरोपी को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय को 4 साल बाद पूर्णकालिक कुलसचिव और परीक्षा नियंता मिल गये है। कैंपस के होल्कर भवन में सुबह 9:30 बजे से 3 तक इंटरव्यू चला। जानकारी के अनुसार, कुलसचिव पद के लिए 18 और परीक्षा नियंता पद के लिए 16 अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिया गया। लगभग तीन महीने की स्क्रीनिंग प्रक्रिया के बाद इन्हें अंतिम सूची में जगह दी गई थी। साक्षात्कार में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के साथ कार्यकारिणी के प्रतिनिधि भी रहे। सभी ने कुलसचिव के लिए राजन श्रीवास्तव,परीक्षा नियंत्रक अवधेश कुमार के नाम को तय किया गया है। पूर्व कुलपति सुधीर जैन के समय नही हो सकी थी नियुक्तिबीएचयू पिछले लगभग चार वर्ष से कुलसचिव और परीक्षा नियंता का पद आचार्य प्रभारियों के जिम्मे था। इससे पहले दिसंबर-2024 में इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाले गए थे मगर तत्कालीन कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रकरण ठंडे बस्ते में चला गया। प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद इन पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को रफ्तार दी। हालांकि तीन महीने पहले दोनों पदों के लिए साक्षात्कार के बाद किसी भी अभ्यर्थी को योग्य नहीं पाया गया और प्रभारी आचार्यों के भरोसे ही काम चलता रहा। अब जानिए कौन हैं प्रोफेसर राजन श्रीवास्तवराजन श्रीवास्तव आईआईटी बीएचयू में संयुक्त कुलसचिव (प्रशासन) पर कार्यरत थे। हाल ही में उन्हें राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान, जॉयस, अमेठी का कुलसचिव बनाया गया था। राजन श्रीवास्तव उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लगभग तीन दशकों के समृद्ध अनुभव के साथ एक कुशल प्रशासनिक अधिकारी हैं। उन्होंने प्रशासन एवं वित्त के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे आईआईटी (बीएचयू) में कार्यवाहक कुलसचिव के रूप में साढ़े चार वर्षों तक (7 जुलाई, 2025 तक) सेवाएं दीं। उन्होंने अपनी सेवा जीवन की शुरुआत 1996 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में सहायक कुलसचिव के रूप में की। 2009 में उन्हें बीएचयू में उप कुलसचिव पद पर पदोन्नत किया गया। इसके बाद वे 2012 में उप कुलसचिव के रूप में आईआईटी (बीएचयू) से जुड़े थे। मौजूदा JR को मिली परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारीबीएचयू के नये परीक्षा नियत्रंक की जिम्मेदारी मौजूदा संयुक्त कुलसचिव डॉ. अवधेश कुमार दी गई है। मौजूदा समय में परीक्षा नियत्रंक कार्यालय के तहत मुख्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालते हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं और प्रवेश प्रक्रियाओं से जुड़े UET / PET / RET अनुभाग के भी प्रभारी के रूप में कार्य करते हैं।
डीडवाना जिले में मृत मिले 8 मोरों की मौत के मामले में वन विभाग की जांच पूरी हो गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी मोरों की मौत का कारण अत्यधिक गर्मी और हीट स्ट्रोक (लू लगना) सामने आया है। वन विभाग ने अवैध शिकार और संदिग्ध गतिविधियों की आशंकाओं को खारिज करते हुए पांच दिन तक क्षेत्र में गहन सर्च अभियान चलाया, लेकिन कहीं भी शिकार से जुड़े सबूत नहीं मिले। अब विभाग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वन्यजीव बहुल क्षेत्रों में वाटर हॉल में पानी भरवाने का काम शुरू कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हीट स्ट्रोक की पुष्टि उप वन संरक्षक विजय शंकर पाण्डे के निर्देश पर क्षेत्रीय वन अधिकारी ममता मुण्ड ने टीम के साथ पूरे मामले की विस्तृत जांच करवाई। सूचना मिलने के बाद मृत पाए गए 8 मोरों का पोस्टमार्टम राजकीय पशु अस्पताल मकराना में तीन सदस्यीय विशेषज्ञ डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड द्वारा किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी मोरों की मौत का कारण हीट स्ट्रोक प्रमाणित हुआ। पांच दिन चला सर्च अभियान, नहीं मिले शिकार के सबूत घटना के बाद वन विभाग ने लगातार पांच दिनों तक आसपास के क्षेत्रों में गहन सर्च अभियान चलाया। जांच के दौरान अवैध शिकार से जुड़ा कोई साक्ष्य या संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई। वन बागरिया समुदाय के डेरों की भी बारीकी से जांच की गई, लेकिन वहां से कोई आपत्तिजनक सामग्री या शिकार से संबंधित उपकरण बरामद नहीं हुए। विभाग ने समुदाय के लोगों को वन अपराध नहीं करने के लिए पाबंद भी किया है। ग्रामीणों ने भी नहीं जताया किसी पर शक जांच के दौरान वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए। ग्रामीणों ने भी किसी व्यक्ति विशेष पर किसी प्रकार का संदेह जाहिर नहीं किया। इसी दौरान वन विभाग की टीम ग्राम गेढ़ा के सरपंच मुकेश डारा से मिलने उनके घर पहुंची, लेकिन जानकारी मिली कि वे पिछले कुछ दिनों से हैदराबाद में हैं। उनकी अनुपस्थिति में टीम ने उनके परिजनों से बातचीत की। सरपंच के पिता ने भी किसी रंजिश या संदिग्ध गतिविधि से इनकार करते हुए मेडिकल रिपोर्ट आने से पहले फैली अफवाहों का खंडन किया। वन विभाग ने शुरू करवाई पानी की व्यवस्था क्षेत्रीय वन अधिकारी ममता मुण्ड ने बताया कि वन विभाग वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वन्यजीव बहुल क्षेत्रों में वाटर हॉल चिन्हित कर उनमें पानी भरवाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। आमजन से भी की अपील वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि भीषण गर्मी के दौरान पक्षियों के लिए परिंडे बांधें और पानी की समुचित व्यवस्था करें, ताकि बेजुबान पक्षियों को राहत मिल सके।
तरनतारन के सराय अमानत खां स्थित गांव बुर्ज (राजाताल) के पास पुलिस को एक 24 वर्षीय युवक का शव मिला है। शव पर धारदार हथियारों से गहरे घाव के निशान हैं। जानकारी के अनुसार, सराय अमानत खां थाने की पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव बुर्ज (राजाताल) के पास कलसन वाली रोड पर एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा है। सूचना मिलते ही थाना सराय अमानत खां के एसएचओ बलजिंदर सिंह बाजवा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने पाया कि युवक पर धारदार हथियारों से हमला किया गया था। थाना एसएचओ बलजिंदर सिंह बाजवा के मुताबिक, मृतक युवक के खिलाफ विभिन्न थानों में मामले दर्ज थे। घटना की सूचना मिलते ही पहुंचे DSP घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी सुखबीर सिंह भी मौके पर पहुंचे और पूरी घटना का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मृतक युवक की पहचान शिवदीप सिंह पुत्र निरवैर सिंह निवासी गांव भैणी गिलां, थाना कंबोज के रूप में हुई है। डीएसपी सुखबीर सिंह और एसएचओ बलजिंदर सिंह बाजवा ने आश्वस्त किया कि हत्या में शामिल आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, हत्यारों की पहचान और हत्या के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
चित्तौड़गढ़ के जयंत वडारा जयंत वडारा ने कठिन परिस्थितियों और गंभीर बीमारी को मात देते हुए सीए परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-10 हासिल कर मिसाल पेश की है। डेंगू हेमरेज जैसी गंभीर बीमारी से जूझने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल की ओर से शनिवार को जयपुर के मानसरोवर स्थित टैगोर इंटरनेशनल स्कूल कैंपस के दीप स्मृति ऑडिटोरियम में दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में करीब 16 रैंक होल्डर्स और 619 नए सीए सदस्यों को मेंबरशिप सर्टिफिकेट दिए गए। दरअसल, सीए इंटरमीडिएट परीक्षा से ठीक एक महीने पहले जयंत डेंगू हैमरेज का शिकार हो गए थे। हालत इतनी खराब थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा और कमजोरी के कारण 10 मिनट तक बैठना भी मुश्किल हो रहा था। परीक्षा के दौरान वह बेहोश भी हो गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार देशभर में 10वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और राजस्थान का नाम रोशन किया। सामाजिक एवं न्याय अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत रहे मुख्य अतिथि कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सीए राजामोरध्वज शर्मा और सीए कुलदीप शर्मा ने किया। समारोह में सेंट्रल काउंसिल सदस्य सीए सतीश कुमार गुप्ता और सीए (डॉ.) रोहित रुवतिया अग्रवाल ने नए सदस्यों को संबोधित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। बीमारी और पारिवारिक संकट के बीच हासिल की सफलता चित्तौड़गढ़ के रहने वाले जयंत वडारा ने बताया कि उनके दोनों बहन और बहनोई चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जिन्हें देखकर उन्हें भी सीए बनने की प्रेरणा मिली। उनके पिता कृषि मंडी में एजेंट हैं, जबकि मां महिला एवं बाल विकास विभाग में अधिकारी हैं। उन्होंने 12वीं में डिस्ट्रिक्ट टॉप किया था, जबकि 10वीं में 94.2 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इससे पहले सीए इंटरमीडिएट में भी उन्होंने ऑल इंडिया रैंक-32 प्राप्त की थी। कॉलेज में भी वे सेकेंड रैंक पर रहे। सीए इंटरमीडिएट परीक्षा से पहले हुआ था डेंगू हेमरेज जयंत ने बताया कि सीए इंटरमीडिएट परीक्षा से पहले उन्हें डेंगू हेमरेज हो गया था। इसी दौरान उनके पिता का हार्ट ऑपरेशन भी हुआ। बीमारी के बाद शरीर बेहद कमजोर हो गया था, लेकिन उन्होंने लगातार मेहनत जारी रखी। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों के ऑफर मिलने के बावजूद वह प्राइवेट सेक्टर में ही आगे काम करना चाहते हैं। वर्तमान में वे बीसीजी मुंबई में कार्यरत हैं। भीलवाड़ा के दो भाइयों ने साथ हासिल की सफलता समारोह में भीलवाड़ा जिले के बीगोद कस्बे के आयु पगारिया और नमन पगारिया भी चर्चा का केंद्र रहे। दोनों भाइयों ने एक साथ सीए परीक्षा पास कर ऑल इंडिया रैंक-45 हासिल की। दोनों को समारोह में एक साथ सीए की डिग्री दी गई। दोनों भाइयों ने बताया कि वे साथ बैठकर पढ़ाई करते थे और एक-दूसरे की तैयारी में मदद करते थे, जिससे कठिन विषयों को समझना और पेपर सॉल्व करना आसान हो गया। उनके पिता व्यवसायी हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। देश में 23 केंद्रों पर एक साथ आयोजित हुई कन्वोकेशन सेरेमनी सीए सतीश कुमार गुप्ता ने बताया- ICAI का आज देश में 23 केंद्रों पर एक साथ कन्वोकेशन सेरेमनी आयोजित की गई है। इसमें 10 हजार नए सीए सदस्यों को डिग्री दी है। जयपुर केंद्र पर 900 से ज्यादा सीए सदस्यों को डिग्री दी गई है। इनमें यहां 600 से अधिक सीए मौजूद रहे। इसका मतलब ये है कि जो नए चार्टर्ड अकाउंटेंट बने हैं, उनमें जिम्मेदारी की भावना ला सके। यह प्रोफेशन ट्रस्ट का प्रोफेशन है। हमनें इसका भी एक मैसेज दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की जिम्मेदारी भी है। युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत वहीं सीए (डॉ.) रोहित रुवतिया अग्रवाल ने युवाओं को भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। चार्टर्ड अकाउंटेंट देश की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने नए सीए सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट देश की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनसे उच्च स्तर की नैतिकता, पारदर्शिता और व्यावसायिक दक्षता की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने नवसीए को देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विदिशा जिले में एक बड़ा हादसा टल गया। खड़ेर गांव के पास सड़क से गुजर रही एक बोलेरो कार पर अचानक एक विशाल पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि वाहन में सवार सभी छह लोग सुरक्षित बच गए और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। यह घटना शनिवार को विदिशा जिले के खड़ेर गांव के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीषण गर्मी और तेज हवाओं के बीच सड़क किनारे खड़ा एक पेड़ अचानक टूटकर चलती बोलेरो पर आ गिरा। पेड़ गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया और कई वाहन रुक गए। आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और कार में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस हादसे में बोलेरो वाहन क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के कारण सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क किनारे लगे जर्जर और सूखे पेड़ों की जांच कर उन्हें समय रहते हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
सिरसा जिले के डबवाली खंड के कालूवाना गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में पुरानी ईंटों से बनाई जा रही बाउंड्री वॉल को ग्रामीणों की शिकायत के बाद गिरा दिया गया। ठेकेदार ने शनिवार को मौके पर पहुंचकर दीवार को गिरा दिया। पीएचसी की बिल्डिंग, बाउंड्री वॉल, प्रवेश द्वार और आईपीबी गली के निर्माण के लिए करीब 42 लाख रुपए का अनुमानित बजट पंचायती विभाग को भेजा गया था। ठेकेदार द्वारा कार्य शुरू किए जाने के तुरंत बाद ही ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। विशेष रूप से 26 लाख 66 हजार196 रुपए की अनुमानित लागत वाली बाउंड्री वॉल में पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिस पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया विभाग चौकीदार दुनीराम ने इस मुद्दे को उठाया और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित विभाग और ठेकेदार हरकत में आए। चौकीदार दुनीराम के अनुसार, शनिवार को जेई सुनील और ठेकेदार ने मौके का निरीक्षण किया। जब दुनीराम ने जेई से पुरानी ईंटों के इस्तेमाल के प्रावधान के बारे में पूछा, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद ठेकेदार ने अपने मजदूरों से बनी हुई दीवार को तुरंत ढहा दिया। जेई बोले- अब नई ईंटों से होगा दीवार का निर्माण जेई सुनील ने आश्वासन दिया कि बाउंड्री वॉल का निर्माण अब नई ईंटों से ही करवाया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद ठेकेदार को तत्काल पुनर्निर्माण शुरू करने का निर्देश दिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से पंचायती विभाग को भेजे गए 42 लाख 22 हजार 954 रुपए के कुल अनुमानित एस्टीमेट में बिल्डिंग पर 6 लाख 34 हजार 881 रुपए, बाउंड्री वॉल पर 26 लाख 66 हजार 196 रुपए, पीएचसी के प्रवेश द्वार पर 1 लाख 93 हजार 946 रुपए और आईपीबी गली पर 7 लाचा 27 हजार 931 रुपए की अनुमानित लागत दर्शाई गई है।
अररिया जिले में जमीन घोटाले का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जाली भू-स्वामी बनकर जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। यह मामला नगर थाना अररिया में थाना कांड संख्या-239/2026 के तहत दर्ज किया गया था। निबंधन कार्यालय अररिया के निम्नवर्गीय कर्मचारी पंकज कुमार के आवेदन पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। आरोपियों ने संजय मंडल (निवासी गिद्धवास, थाना रानीगंज) के आधार कार्ड में छेड़छाड़ की थी। आरोपियों ने संजय मंडल के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर पहचानकर्ता नारायण मंडल और गवाह सच्चितानंद मंडल की मिलीभगत से डीड नंबर 7175 का निबंधन कराया था। इस तरह उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन हड़पने का प्रयास किया। फोटो की पहचान के बाद कार्रवाई एसपी जितेंद्र कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अररिया के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी अनुसंधान और मानवीय स्रोतों का उपयोग करते हुए निबंधन कार्यालय से फर्जी आधार नंबर का विवरण प्राप्त किया। अंकित फोटो की पहचान के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान संजय मंडल पुत्र महेश मंडल और जीवछ मंडल पुत्र ब्रह्मदेव मंडल के रूप में हुई है। ये दोनों गिद्धवास, थाना रानीगंज, जिला अररिया के निवासी हैं। पुलिस ने उनके पास से मूल आधार कार्ड, रजिस्ट्री के समय इस्तेमाल किया गया फर्जी आधार कार्ड, अन्य जाली दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी पुलिस ने मामले में सभी संलिप्त आरोपियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। छापेमारी दल में नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक, रानीगंज थाना के धर्मेंद्र कुमार, नगर थाना के रामलखन चौधरी और डीआईयू टीम के अधिकारी शामिल थे। एसपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि जिले में ऐसे जमीन घोटालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और फर्जी दस्तावेजों से संपत्ति हड़पने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। मामले में आगे की जांच चल रही है और अन्य संलिप्त लोगों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
कोरबा के कुसमुंडा क्षेत्र स्थित अहिरन नदी में शनिवार सुबह सैकड़ों मछलियां मृत मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि अज्ञात लोगों ने रात के समय विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल कर मछलियों का शिकार किया, जिससे नदी का पानी दूषित हो गया। सुबह जब ग्रामीण और कॉलोनीवासी नदी किनारे पहुंचे तो पानी में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां तैरती दिखाई दीं। लोगों के मुताबिक नदी का पानी भी बदरंग नजर आ रहा था और आसपास बदबू फैल गई थी। नदी का पानी हुआ बदरंग, फैली बदबू ग्रामीणों का आरोप है कि देर रात बारूद जैसे विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल कर मछलियों को मारा गया। इससे पानी में केमिकल फैल गया और ऑक्सीजन की कमी होने से बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो गई। पीने के पानी को लेकर लोगों में डर स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इसी स्थान से विकास नगर कॉलोनी में पानी की सप्लाई होती है। कॉलोनी के लोग इसी पानी का उपयोग पीने और घरेलू कामों के लिए करते हैं। घटना के बाद लोगों में जहरीले पानी को लेकर डर का माहौल है। कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से पानी की तत्काल जांच कराने और सप्लाई की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की है। मरी हुई मछलियां घर ले जाने की आशंका ग्रामीणों ने बताया कि नदी में अभी भी मछलियों के मरने का सिलसिला जारी है। कुछ बच्चे और ग्रामीण मरी हुई मछलियां बीनकर घर ले जा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरा बढ़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मरी हुई मछलियों को तुरंत नदी से हटाया जाए, ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो। कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि विस्फोटक का इस्तेमाल कर मछली मारना गंभीर अपराध है और इससे पर्यावरण के साथ आम लोगों के स्वास्थ्य को भी खतरा हो सकता है।
बाड़मेर में एक बार फिर गर्मी के तेवर तेज हो गए है। दिनभर रुक-रुक गर्म हवा चली, जिससे लोग दिनभर बचते नजर आए। वहीं ग्रामीण इलाकों में धूलभरी आंधियां चल रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान बढ़कर 45 डिग्री से पार पहुंच गया है। वहीं शनिवार को बाड़मेर प्रदेश में दूसरा सबसे गर्म शहर रहा है। मौसम विभाग ने रविवार को यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 25 मई से नौतपा शुरू हो रहा है। इससे तापमान बढ़ने के साथ भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। इस बीच दोपहर को बाजार और प्रमुख सड़कें भी सूनी रही। दरअसल, मई माह में बार-बार मौसम बदलने के साथ तापमान में भी लगातार बदलाव देखने को मिला है। 12 मई को इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया था, जब अधिकतम तापमान 48.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। इसके बाद 13 मई को तापमान 45.2 डिग्री और 14 मई को 45.1 डिग्री दर्ज किया गया था। 43.3 डिग्री पहुंचा तापमान 15 मई को तेज हवाओं और बादलों की वजह से तापमान में करीब 4 डिग्री की गिरावट आई और पारा 41.4 डिग्री तक पहुंच गया। इसके बाद फिर से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी और 22 मई को अधिकतम तापमान फिर 43.3 डिग्री पहुंच गया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 1.8 डिग्री बढ़कर 45.1 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री से गिरकर 28.7 डिग्री पहुंच गया। शनिवार को दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आई। वहीं नींबू पानी, गन्ना जूस और पेय पदार्थ स्टॉलों पर शाम के समय भीड़ देखने को मिली। हीटवेव का अलर्ट मौमस विभाग ने कल यानी रविवार को हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 25 मई से नौतपा की शुरूआत हो जाएगी। इससे आगामी दिनों में गर्मी और लू तेज होगी। साथ ही तापमान एक बार फिर 48 डिग्री के पार जाने की संभावना जताई है।
अबोहर में नाबालिग लड़की से रेप:पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, घर में डेरा बनाकर खुद को बाबा बताता था
अबोहर के गांव किल्लियांवाली में एक बाबा द्वारा नाबालिग छात्रा से रेप का मामला सामने आया है। आरोप है कि बाबा ने छात्रा के घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपी बाबा को गिरफ्तार कर रेप और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पीड़िता का मेडिकल भी कराया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान किल्लियांवाली निवासी 26 वर्षीय जस धालीवाल पुत्र बहादुर उर्फ जस्सा बाबा के रूप में हुई है। वह जटाधारी वेश में अपने घर में ही एक डेरा बनाकर खुद को बाबा बताता था। जस धालीवाल लोगों की दुख-समस्याएं दूर करने का दावा करता था और पिछले चार साल से घर में धूना जलाकर 'चौकियां' लगा रहा था। उसके अंधविश्वास में आसपास के लोग फंसने लगे थे। परिवार ने समस्याओं के समाधान के लिए बाबा से संपर्क किया इसी दौरान, आसपास के इलाके का एक परिवार अपनी 15 वर्षीय बेटी के साथ, जो दसवीं कक्षा की छात्रा है, बाबा के डेरे पर आने लगा। परिवार ने बाबा पर विश्वास कर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उससे संपर्क किया। बाबा ने उन्हें भी गुमराह कर अपने विश्वास में ले लिया। आरोप है कि 17 मई की दोपहर को जस बाबा छात्रा के घर पहुंचा। उस समय उसके माता-पिता मजदूरी पर गए हुए थे। बाबा ने नाबालिग लड़की से जबरन रेप किया और उसे जादू से मारने या उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया। कुछ दिनों बाद लड़की ने अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजन उसे थाने ले गए, जिसके बाद पुलिस ने लड़की का मेडिकल करवाया। पुलिस ने रेपी जस बाबा को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ मुकदमा नंबर 153 के तहत रेप और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी का मेडिकल भी कराया गया है। पुलिस उसे कल अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि मामले में आगे की पूछताछ की जा सके।
बड़ी खाटू दरगाह शरीफ में उर्स शुरू:पारंपरिक झंडारोहण के साथ हुई शुरुआत, जिलेभर से उमड़े जायरीन
बड़ी खाटू में हजरत समन दीवान र.अ. के 799वें उर्स मुबारक का आगाज पारंपरिक झंडारोहण के साथ अकीदत और उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। उर्स के मौकेपर दरगाह परिसर में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों और जायरीनों की भीड़ उमड़ी। उर्स के आगाज के तहत दरगाह शरीफ पर विशेष झंडारोहण कार्यक्रम हुआ, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। झंडारोहण के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक और रूहानी माहौल देखने को मिला और जायरीनों ने मुल्क में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। इस अवसर पर अफसार अहमद शेख, वक्त कमेटी सदर अब्दुल गफूर बेहलीम, अब्दुल रहीम चौहान, इफ्तखार अहमद गैसावत सहित कई ग्रामीण और जायरीन मौके पर मौजूद रहे। सभी ने उर्स की व्यवस्थाओं में सहयोग करते हुए उर्स की कामयाबी और क्षेत्र में भाईचारे की दुआ की। उर्स के दौरान दरगाह शरीफ में फातिहा, लंगर, महफिल-ए-जिक्र और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उर्स के आगाज के साथ ही बड़ी खाटू में श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है।
भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बढ़ते अपराध, तस्करी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए शनिवार को सीतामढ़ी समाहरणालय स्थित विमर्श सभाकक्ष में इंडो-नेपाल बॉर्डर डिस्ट्रिक्ट समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रभारी डीएम संजीव कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान दोनों देशों के प्रशासनिक, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा को मजबूत करने तथा अपराधियों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई चलाने पर सहमति व्यक्त की। बैठक में सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक अमित रंजन, उप विकास आयुक्त संदीप कुमार, नेपाल के रौतहट, सर्लाही और महोत्तरी जिलों के मुख्य जिला अधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 51वीं और 20वीं वाहिनी के कमांडेंट सहित कई अन्य अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए। चर्चा के दौरान भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सक्रिय जाली नोट गिरोह, अवैध हथियारों की तस्करी, ड्रग्स एवं नारकोटिक्स कारोबार, शराब, तंबाकू और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की सीमा पार तस्करी पर रोक लगाने के उपायों पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती इलाकों में अपराधियों और तस्करों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाए जाएंगे, ताकि अंतरराष्ट्रीय सीमा का दुरुपयोग रोका जा सके। दोनों देशों के अधिकारियों ने मोस्ट वांटेड अपराधियों की गिरफ्तारी, संदिग्ध व्यक्तियों एवं विदेशी नागरिकों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए विशेष रणनीति तैयार की। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, मानव तस्करी, ड्रग्स तस्करी, सीमा स्तंभों की सुरक्षा, नो मैंस लैंड में अतिक्रमण और सीमा क्षेत्र की अन्य समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए निरंतर समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में नेपाल के महोत्तरी के चीफ जिला ऑफिसर इंद्र देव यादव, सर्लाही के सीडीओ रामू राज कादरिया, रौतहट के सीडीओ दिनेश सागर भुसाल, बीरगंज के आईसीएस मनीष कुमार दास, एसएसबी 51वीं बटालियन के कमांडेंट संजीव कुमार सिंह, 20वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट बिरजू रजक समेत दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
खरगोन में शनिवार शाम को नगर पालिका के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने दो प्रतिष्ठानों से 10 क्विंटल अमानक पॉलीथिन और डिस्पोजल सामग्री जब्त की। इसे अमानक पॉलीथिन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है। यह कार्रवाई नगर पालिका सीएमओ कमला कोल के नेतृत्व में की गई। टीम में स्वच्छता प्रभारी प्रकाश चिते और सहायक राजस्व प्रभारी राजेंद्र चौहान भी शामिल थे। जवाहर मार्ग और मुख्य बाजार स्थित हिंदुस्तान ब्रदर्स तथा अन्नपूर्णा पत्तल दोना भंडार पर यह कार्रवाई हुई। दोनों प्रतिष्ठानों से 5-5 क्विंटल अमानक पॉलीथिन और पत्तल-दोने जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान कुछ विवाद की स्थिति भी बनी। स्वास्थ्य प्रभारी ने कारोबारियों से पॉलीथिन खरीदी के बिल मांगे, लेकिन वे उपलब्ध कराने में आनाकानी करते रहे। बिल प्रस्तुत न करने पर उन्हें वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। स्वच्छता प्रभारी प्रकाश चिते ने बताया कि जब्त की गई अमानक पॉलीथिन और अन्य सामग्री का अनुमानित मूल्य लगभग 10 लाख रुपए है। इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है। उनके निर्देशों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
बूंदी में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने बड़ा फैसला लिया है। अब प्रतिबंधित प्लास्टिक का निर्माण करने वालों की सटीक सूचना देने पर 5 हजार रुपए की जगह 15 हजार रुपए तक का इनाम दिया जाएगा। वहीं, प्लास्टिक कैरी बैग और प्रतिबंधित वस्तुओं के भंडारण, बिक्री या परिवहन की सूचना देने वालों को भी प्रति क्विंटल के हिसाब से अधिकतम 10 हजार रुपए तक का पुरस्कार मिलेगा। मंडल ने आमजन से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल बूंदी ने सिंगल यूज प्लास्टिक और प्लास्टिक कैरी बैग पर लगे पूर्ण प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए पुरस्कार योजना में संशोधन किया है। क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि आमजन की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। 1 जुलाई 2022 से लागू है पूर्ण प्रतिबंध भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की 12 अगस्त 2021 की अधिसूचना के अनुसार, 1 जुलाई 2022 से देशभर में चिन्हित सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू है। इन प्लास्टिक वस्तुओं पर है पूरी तरह रोक प्रतिबंधित सामग्री में प्लास्टिक स्टिक वाले ईयर बड्स, गुब्बारों की प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक झंडे, कैंडी और आइसक्रीम की स्टिक शामिल हैं। इसके अलावा थर्माकोल (पॉलीस्टाइरीन) से बनी सजावटी सामग्री और केवल एक बार उपयोग में आने वाली प्लास्टिक कटलरी जैसे प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ और ट्रे भी पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। मिठाई के डिब्बों पर लिपटी प्लास्टिक फिल्म, आमंत्रण पत्रों एवं सिगरेट पैकेट की प्लास्टिक शीट और 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले पीवीसी बैनर का उपयोग भी गैरकानूनी घोषित किया गया है। सूचना देने वालों को मिलेगा नकद पुरस्कार मंडल के अनुसार, प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग या सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं का निर्माण करने वाली किसी भी इकाई की सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति को 15 हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, इन वस्तुओं की बिक्री, ट्रांसपोर्ट या भंडारण की जानकारी देने पर सूचनादाता को 1 हजार रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से अधिकतम 10 हजार रुपए तक का पुरस्कार मिलेगा। आमजन से सहयोग की अपील जिला प्रशासन और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को प्रतिबंधित प्लास्टिक के निर्माण या भंडारण की जानकारी मिलती है तो वह क्षेत्रीय कार्यालय, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, बूंदी में व्यक्तिगत रूप से सूचना दे सकता है। इसके अलावा ई-मेल rorpcb.bundi@gmail.com पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को मेहंदीपुर धाम पहुंचकर स्वयंभू बालाजी महाराज के दर्शन किए। रावत के मंदिर पहुंचने पर ट्रस्ट पदाधिकारी ने उनकी अगवानी की, इसके बाद गर्भगृह के सामने पहुंचकर बालाजी महाराज के दर्शन किए। मंदिर के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने उन्हें टीका लगाया व माला पहनाकर स्वागत किया। महंत निवास में पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने नरेशपुरी महाराज से धार्मिक व आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की। महंत ने उन्हें मोदक प्रसादी भेंट की। मंत्री गहलोत ने किए दर्शन जयपुर से करौली जाते वक्त सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने मेहंदीपुर बालाजी धाम में पहुंचकर दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस दौरान प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना करते हुए बालाजी महाराज से जनकल्याण की प्रार्थना की। मंत्री गहलोत ने मंदिर पीठाधीश्वर महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज से आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि बालाजी महाराज की कृपा से पूरे प्रदेश में शांति, समृद्धि और जनकल्याण का मार्ग प्रशस्त हो तथा सभी के जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे। इस दौरान भाजपा पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रेला, जिला उपाध्यक्ष गुलाब बैरवा, जिला महामंत्री लेखपाल कसाना, गौरी देवी पाटन, लोकेश मीणा सीमला समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नाथद्वारा में श्रीमाली ब्राह्मण समाज युवा संगठन द्वारा आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय रात्रिकालीन टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का शनिवार को शुभारंभ हुआ। नाथद्वारा के लाल बाग स्थित दामोदर लाल महाराज खेल स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में कुल 12 टीमें भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में श्रीजी नाइट राइडर (नाथद्वारा), गरुड़ा मेवाड़, दवे एक्सपोर्टस, बांसवाड़ा बैटलर्स, यूनाइटेड ब्रदर्स, अवधूत जालोर, युवा संगठन नाथद्वारा, एसबीएस सूरत, टाइटंस, प्रिंस एंटरप्राइज, बागोल रॉयल्स एवं लीजेंड्स सहित कुल 12 टीमें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। सभी लीग और प्रारंभिक मुकाबले 8-8 ओवर के खेले जा रहे हैं, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले रविवार को 10-10 ओवर के होंगे। प्रतियोगिता में अंपायर की जिम्मेदारी कपिल पुरोहित, विमल सालवी एवं पूरण सिंह राजपूत निभा रहे हैं, वहीं स्कोरर की भूमिका लक्षित निभा रहे हैं। इस अवसर पर श्रीमाली ब्राह्मण समाज युवा संगठन के अध्यक्ष पूरण प्रकाश श्रीमाली, हितेश श्रीमाली, ऐश्वर्य श्रीमाली, नितिन श्रीमाली, योगेश श्रीमाली, कपिल श्रीमाली, चंद्रेश श्रीमाली, महेश श्रीमाली, दीपक श्रीमाली सहित संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी। आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं को खेलों के माध्यम से जोड़कर सामाजिक एकता, भाईचारा और खेल भावना को बढ़ावा देना है।
सवाई माधोपुर के सर्किट हाउस रोड स्थित एक निजी गार्डन में शनिवार शाम समता आंदोलन समिति का स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समता आंदोलन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पाराशर नारायण शर्मा रहे। इस दौरान पत्रकार वार्ता का भी आयोजन किया गया, जिसमें समिति की विचारधारा और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के अध्यक्ष पाराशर नारायण शर्मा ने कहा कि समता आंदोलन समिति समाज में हर प्रकार के आरक्षण के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को समाज, राजनीति या सरकारी सेवाओं में अवसर उसकी क्षमता और योग्यता के आधार पर मिलना चाहिए। चाहे सरकारी नौकरी हो, संसद हो, विधानसभा हो या समाज का कोई अन्य क्षेत्र, हर जगह प्रतिभा और मेहनत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अपने संबोधन में पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। शर्मा ने कहा कि इस विषय को लेकर उन्होंने लंबे समय तक मजबूत लड़ाई लड़ी है, जिसका प्रभाव उत्तर प्रदेश में देखने को मिला है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में अब पदोन्नति में आरक्षण समाप्त कर दिया गया है और इसी प्रकार राजस्थान में भी इसे समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम जल्द उठाए जाएंगे। पाराशर नारायण शर्मा ने कहा कि समाज में समानता तभी स्थापित हो सकती है जब सभी को समान अवसर मिलें और किसी प्रकार का भेदभाव न हो। उन्होंने युवाओं से शिक्षा और प्रतिस्पर्धा के माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने समिति के कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने और समाज में जागरूकता फैलाने का आग्रह किया। कार्यक्रम के दौरान समिति के अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और संगठन की आगामी योजनाओं पर चर्चा की। सभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
महीनों केस लटकाया तो नपेंगे अधिकारी:सीएम योगी ने कहा- आंकड़ों की बाजीगरी नहीं... जमीन पर राहत दे
उत्तर प्रदेश की राजस्व अदालतों में सालों से तारीख-पे-तारीख भुगत रहे आम नागरिकों और किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दो टूक लहजे में कहा है कि जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों में अधिकारियों की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ने निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा के बाद भी यदि कोई मामला पेंडिंग रहता है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सीधे गाज गिरेगी। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा, राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जमीन पर आम जनता को इसका वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। पेंडिंग केसों की स्थिति और जिलों का रिपोर्ट कार्डमुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में विभिन्न धाराओं के तहत पेंडिंग केसों और जिलों के प्रदर्शन का जो लेखा-जोखा सामने आया, वह इस प्रकार है- धारा-34 (दाखिल-खारिज/म्यूटेशन): 22 लाख से घटकर 10 लाख हुए केस पेंडिंग केसों की स्थिति: 1 जनवरी 2026 को यूपी में कुल 22,44,466 वाद लंबित थे, जो 22 मई 2026 तक घटकर 10,59,139 रह गए हैं। बेस्ट परफॉर्मर जिले: बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बदायूं। कमजोर परफॉर्मर जिले: गोरखपुर, संतकबीरनगर, प्रतापगढ़, बलिया और देवरिया। (सीएम ने यहां विशेष अभियान चलाने को कहा है)। धारा-80 (कृषि भूमि का गैर-कृषि में परिवर्तन): 85 हजार से घटकर 38 हजार पर आए मामले पेंडिंग केसों की स्थिति: इस साल की शुरुआत में 85,158 केस लंबित थे, जिनमें से ताबड़तोड़ कार्रवाई कर 77,578 का निपटारा किया गया। अब सिर्फ 38,166 मामले बचे हैं। बेस्ट परफॉर्मर जिले: बस्ती, चित्रकूट, अयोध्या, बागपत और कन्नौज। कमजोर परफॉर्मर जिले: मेरठ, वाराणसी, अमेठी, गौतमबुद्धनगर (नोएडा) और हापुड़। धारा-24 (पैमाइश/जमीन की नापजोख): आधे रह गए पेंडिंग केस पेंडिंग केसों की स्थिति: 1 जनवरी को 1,82,710 केस पेंडिंग थे, जो अब घटकर 92,915 रह गए हैं। बेस्ट परफॉर्मर जिले: वाराणसी, कुशीनगर, मैनपुरी, बलरामपुर और हमीरपुर। कमजोर परफॉर्मर जिले: गौतमबुद्धनगर, लखनऊ, प्रतापगढ़, अमेठी और मुजफ्फरनगर। धारा-116 (जमीन का बंटवारा): पुराने केसों के लिए बनेगी स्पेशल स्ट्रेटेजी पेंडिंग केसों की स्थिति: जनवरी में 1,69,693 केस लंबित थे, जो अब घटकर 1,14,479 बचे हैं। बेस्ट परफॉर्मर जिले: वाराणसी, एटा, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी और महाराजगंज। कमजोर परफॉर्मर जिले: प्रतापगढ़, मुजफ्फरनगर, कानपुर नगर, गोंडा और बलिया। वरासत के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर धारा-33 के तहत आने वाले निर्विवादित वरासत मामलों पर बात करते हुए बताया गया कि 22 मई 2026 तक प्राप्त 7,15,872 आवेदनों में से 6,52,512 का निपटारा कर दिया गया है। सीएम योगी ने साफ किया कि पैतृक संपत्तियों के ट्रांसफर या वरासत के नाम पर आम जनता को तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ने चाहिए।

