दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत छाती और पेट पर गंभीर चोटों के कारण हुई, जिसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। शोर-शराबे का विरोध करने पर हुए हमले में उनकी पसलियां टूटीं और तिल्ली फट गई।
Manipur में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, UNLF और PLA समेत तीन आतंकी पकड़े गए
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। एक पुलिस बयान में यह जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि इन तीनों उग्रवादियों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया। तेंगनौपाल जिले के खारो खुल्लेन में एक तलाशी अभियान के दौरान यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ) के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान थौबल जिले के हेइरोक निवासी एन. सुरेश सिंह (26) के रूप में हुई है। बयान में कहा गया है कि असम राइफल्स की खुफिया सूचना के आधार पर इंफाल पूर्वी जिले के खाबेसोई से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एक सक्रिय सदस्य को पकड़ा गया। उसकी पहचान एम. सनथोई मेइतेई के रूप में हुई है और वह कथित तौर पर संगठन के नए सदस्यों की भर्ती करने में शामिल था। इसके अलावा, बिष्णुपुर जिले के कुंबी थाना क्षेत्र के इथाई कुंबी से कांगलेई यावोल कन्ना लुप (केवाईकेएल) के 43 वर्षीय उग्रवादी को गिरफ्तार किया गया है।
Manipur CM ने संगीतकार Chongtham Vikram के परिवार से मिलकर दिया न्याय का भरोसा
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने बृहस्पतिवार को मारे गए संगीतकार चोंगथाम विक्रम सिंह के परिवार को आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय मिलेगा और उनकी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन इंफाल पश्चिम जिले के थांगमेइबंद स्थित चोंगथाम के आवास पर पहुंचकर दिया। मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से बातचीत करते हुए इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि इसमें एक ऐसे निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई, जिसने कोई गलत काम नहीं किया था। सिंह ने चोंगथाम के माता-पिता, पत्नी और बेटे से मुलाकात की तथा उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव सहायता और सहयोग का भरोसा दिया। दिल्ली के किलोकरी इलाके में मंगलवार को 54 वर्षीय संगीतकार की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उन्होंने अपने घर के बाहर एक ढाबे से आ रहे शोर पर आपत्ति जताई थी। पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। किलोकरी में दो दशक से भी अधिक समय से रह रहे सिंह एक जाने-माने संगीतकार और गिटारवादक थे। वह 1980 के दशक की शुरुआत में मणिपुर रॉक बैंड फीनिक्स के मुख्य गिटारवादक थे। उन्होंने बाद में दिल्ली में एक संगीत शिक्षक और कलाकार के रूप में काम किया।
नई दिल्ली में मणिपुर के चर्चित गिटारवादक चोंगथाम विक्रम सिंह की कथित मॉब लिंचिंग ने सिर्फ एक परिवार को नहीं तोड़ा है, बल्कि राजधानी में पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले भेदभाव पर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हम आपको बता दें कि 55 वर्षीय चोंगथाम विक्रम सिंह की 6 सितंबर की देर रात अश्रम इलाके में कथित तौर पर आठ लोगों ने बेरहमी से पिटाई की। अगले दिन सुबह उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने सात लोगों और एक 15 वर्षीय किशोर को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच मॉब लिंचिंग के तौर पर कर रही है। चोंगथाम विक्रम सिंह की पत्नी जोशना चोंगथाम ने मंगलवार को चाणक्यपुरी में मीडिया के सामने जो घटनाक्रम बताया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। उनके मुताबिक, 6 सितंबर की रात करीब 11.30 बजे चोंगथाम विक्रम सिंह नीचे गए थे। कुछ देर बाद वह आठ लोगों से पीछा छुड़ाते हुए सीढ़ियां चढ़कर घर पहुंचे। हमलावरों ने उन्हें घर के दरवाजे तक पीटा। पत्नी और बेटे के सामने हुई इस हिंसा के बाद चोंगथाम विक्रम सिंह को सांस लेने में तकलीफ हुई और परिवार उन्हें होली फैमिली अस्पताल ले गया। उनका ब्लड प्रेशर बेहद कम था और करीब सुबह छह बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। जोशना ने कहा कि उन्होंने अपना पति और उनके बेटे ने अपना पिता खो दिया। इसे भी पढ़ें: Kiren Rijiju ने कहा: मणिपुरी संगीतकार हत्याकांड में Delhi Police 8-9 दिन में दाखिल करेगी चार्जशीट पुलिस के मुताबिक विवाद की शुरुआत घर के आसपास स्थित ढाबों से आने वाले तेज शोर को लेकर हुई थी। परिवार का कहना है कि चोंगथाम विक्रम सिंह ने पहले भी इस शोर और इलाके में होने वाली आवाजाही पर आपत्ति जताई थी और कुछ लोगों ने उन्हें धमकाया भी था। बेटे याइफाबा के पुलिस बयान के अनुसार, हमले के दौरान उसके पिता ने बताया था कि वह कुछ हमलावरों को पहचानते हैं और वे पहले भी उन्हें धमका चुके थे। याइफाबा ने पुलिस को यह भी बताया कि उसने दरवाजा खोलकर हमलावरों को अपने पिता को लात-घूंसों से पीटते देखा था और वह उनके चेहरों की पहचान कर सकता है। अस्पताल ले जाते समय सिंह ने कथित तौर पर बताया कि हमलावर सामने वाले ढाबे की तरफ से आए थे। बताया जा रहा है कि यह परिवार करीब नौ वर्षों से उसी मकान की तीसरी मंजिल पर रह रहा था। पड़ोसी के मुताबिक उस रात अचानक चीख-पुकार सुनाई दी। सामान्य तौर पर सिंह रात के खाने के बाद टहलने या कूड़ा बाहर डालने निकलते थे और माना जा रहा है कि उस रात भी वह इसी तरह नीचे गए थे। लेकिन वापस लौटते समय सीढ़ियां उनके लिए मौत का रास्ता बन गईं। घटना के बाद असली विवाद सिर्फ हत्या के आरोपियों तक सीमित नहीं रहा। पूर्वोत्तर के नागरिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे व्यापक नस्ली भेदभाव के संदर्भ में देखने की मांग की है। मणिपुर वीमेन गन सर्वाइवर्स नेटवर्क की संस्थापक सदस्य बिनालक्ष्मी नेप्राम ने आरोप लगाया कि यह नस्ली हिंसा का मामला है और सवाल उठाया कि आखिर पूर्वोत्तर के लोगों को अपने ही देश की राजधानी में ऐसी हिंसा का सामना क्यों करना पड़ता है। वहीं दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने घटना को भयावह बताते हुए इसमें नस्ली कोण से इंकार किया और विपक्ष पर ‘गंदी राजनीति’ नहीं करने की अपील की। उधर, मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने इसे बेहद पीड़ादायक घटना बताते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में निष्पक्ष, समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने पूर्वोत्तर के छात्रों और कामकाजी लोगों की बड़ी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि ऐसी घटनाओं को महज अलग-थलग अपराध मानकर छोड़ना ठीक नहीं होगा। हत्या के बाद नागरिक संगठनों के विरोध-प्रदर्शन के बीच एफआईआर में मॉब लिंचिंग से संबंधित प्रावधान लगाए जाने की बात सामने आई। दरअसल, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(2) में पांच या उससे अधिक लोगों द्वारा मिलकर किसी व्यक्ति की हत्या करने की स्थिति में, यदि आधार नस्ल, जाति, समुदाय, लिंग, जन्मस्थान, भाषा, व्यक्तिगत विश्वास या अन्य आधार हो, तो कठोर सजा का प्रावधान है, जिसमें उम्रकैद से लेकर मृत्युदंड तक की सजा हो सकती है। देखा जाये तो चोंगथाम विक्रम सिंह की हत्या ने पूर्वोत्तर के लोगों के बीच पुराने डर और असुरक्षा की भावना को फिर सामने ला दिया है। नागरिक संगठनों ने इस घटना को इसी वर्ष फरवरी में मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश की कुछ युवतियों के साथ कथित नस्ली गाली-गलौज जैसी घटनाओं के संदर्भ में देखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर पूर्वोत्तर के लोगों ने सवाल उठाया कि दिल्ली जैसे महानगर में आखिर उनकी सुरक्षा कितनी सुनिश्चित है। परिवार की मांग हालांकि बेहद साफ है कि बदला नहीं, न्याय चाहिए। उधर पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। दिल्ली बीजेपी ने जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करने और सरकार की ओर से मुकदमे को विशेष अदालत में तेजी से चलाने की सिफारिश की बात कही है। अब असली कसौटी यही है कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है, आरोपियों के खिलाफ कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और क्या यह मामला सिर्फ एक और सनसनीखेज खबर बनकर रह जाएगा। क्योंकि सवाल अब सिर्फ चोंगथाम विक्रम सिंह की हत्या का नहीं है। सवाल यह है कि दिल्ली में रहने वाला कोई व्यक्ति अगर अपने आसपास के शोर पर आपत्ति जताता है, तो क्या उसकी शिकायत का जवाब लात-घूंसों और भीड़ की हिंसा से दिया जाएगा? और अगर पीड़ित पूर्वोत्तर से आता है, तो क्या समाज को उसके साथ होने वाली हिंसा के नस्ली पहलू पर भी उतनी ही गंभीरता से विचार नहीं करना चाहिए?
Manipur के दो जिलों से प्रतिबंधित संगठनों के चार उग्रवादी गिरफ्तार
मणिपुर के दो घाटी जिलों से सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, ये सभी गिरफ्तारियां बुधवार को की गईं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि असम राइफल्स और गढ़वाल राइफल्स को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले के माना इंगखोल में ‘नेशनल रिवोल्यूशनरी फ्रंट ऑफ मणिपुर’ के 28 वर्षीय एक सक्रिय सदस्य को पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि इंफाल पश्चिम जिले में चिंगमेइरोंग से प्रतिबंधित कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी के 44 वर्षीय एक सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारी के अनुसार, पकड़े गए दो अन्य लोगों में एक प्रतिबंधित कांगलेई याओल कन्ना लुप का सक्रिय सदस्य है, जिसे इंफाल पश्चिम के सागोलटोंगबा स्थित उसके घर से पकड़ा गया। वहीं, दूसरा व्यक्ति इंफाल पूर्व के अहल्लुप से पकड़ा गया, जो केसीपी (नोंगद्रेनखोंबा) का सदस्य है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए उग्रवादियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
बीसी रॉय ट्रॉफी: मणिपुर ने पश्चिम बंगाल को हराकर बरकरार रखा जूनियर बॉयज एनएफसी ताज
Bengaluru, 9 सितंबर . मणिपुर ने डॉ. बीसी रॉय ट्रॉफी के लिए जूनियर बॉयज नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप का खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा. Wednesday को Bengaluru फुटबॉल स्टेडियम में खेले गए टियर-1 फाइनल में मणिपुर ने पश्चिम बंगाल को 3-1 से हराकर लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. इसी के साथ मणिपुर ने ... Read more
दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार पर 4-5 युवकों ने किया था लात-घूसों से हमला, बेटे ने दर्ज कराई एफआईआर
दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार पर 4-5 युवकों ने किया था लात-घूसों से हमला, बेटे ने दर्ज कराई एफआईआर
Manipur Music Teacher Killed: Chongtham Vikram Singh को Delhi में पीट-पीटकर मारा, लोगों में गुस्सा!
आरोप है कि घर के बाहर शोर-शराबे को लेकर हुए विवाद के बाद उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के विरोध में मणिपुर के लोगों ने दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला…
'आपको न्याय मिलेगा', गौरव गोगोई ने मणिपुर के म्यूजिशियन की हत्या पर जाहिर किया दुख
'आपको न्याय मिलेगा', गौरव गोगोई ने मणिपुर के म्यूजिशियन की हत्या पर जाहिर किया दुख
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मणिपुर निवासी सी. विक्रम सिंह कई वर्षों से किलोकरी गांव में रह रहे थे। घटना के समय उनके घर के सामने कुछ लोग शराब पी रहे थे और तेज आवाज में शोर-शराबा कर रहे थे।
Manipur School Closed: एनआरसी विवाद के बीच मणिपुर में स्कूल-कॉलेज बंद, 22 अगस्त तक जारी रहेगा आदेश
School Closed: एनआरसी विवाद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच मणिपुर सरकार ने स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का फैसला लिया है। राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान 22 अगस्त तक बंद रहेंगे।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

