इंदौर में नौकरी दिलाने के नाम पर स्टूडेंट्स की ओरिजनल मार्कशीट रखने और वापस करने के एवज में 5 हजार रुपए की डिमांड करने वाले एक कंसलटेंसी के मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसके पास से 313 स्टूडेंट्स की 10वीं-12वीं की मार्कशीट मिली। कई स्टूडेंट्स ने पुलिस को इस बात की शिकायत की थी, जिसके बाद विजय नगर पुलिस हरकत में आई और मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि ऑर्बिट मॉल में मयंक सर्राफ का कंसलटेंस ऑफिस है। वह AZFA इंटरप्राइजेज नाम फर्म के माध्यम से इंदौर में पढ़ने आए स्टूडेंट्स को पार्ट टाइम, फूल टाइम नौकरी दिलाने का काम करता है, नौकरी पाने की इच्छुक स्टूडेंट्स द्वारा संपर्क करने पर उनकी ओरिजनल मार्कशीट अपने पास रख लेता और उन्हें टास्कअप, टेलीपरफॉर्मेंस, प्राइवेट बैंक आदि जगह पर नौकरी दिलाता और बदले में 5 हजार रुपए प्रतिव्यक्ति से लेता, जब तक वे 5 हजार रुपए जमा नहीं करते। तब तक उनकी मार्कशीट वापस नहीं करता। आरोपी मंयक स्टूडेंट्स पर लगातार 5 हजार रुपए देने का दबाव बनाने और प्रताड़ित करने लगा। 313 स्टूडेंट्स की 313 ओरिजनल मार्कशीट आरोपी ने अपने कब्जे में रखी थी। इधर, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर और भी जानकारी निकाल रही है।
मेरठ के कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने सम्बोधन में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का विराट व्यक्तित्व हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ निश्चय और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की भावना से विभिन्न रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत का निर्माण किया। यदि सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण नहीं किया होता तो आज भारत अखंड नहीं होता। राज्यपाल ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और योगदान पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं। सभी विश्वविद्यालय इस विषय पर प्रस्तुति तैयार करें और सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति को राजभवन में प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और शिक्षकों को महान व्यक्तित्वों के बारे में पढ़ना और जानना चाहिए। 450 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, छात्राओं की बढ़ती भागीदारी पर खुशी राज्यपाल ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि इस दीक्षांत समारोह में 450 विद्यार्थियों को उपाधि मिली, जिनमें 329 छात्र और 120 छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने याद किया कि कुछ वर्ष पहले छात्राओं की संख्या बहुत कम थी, लेकिन अब लगातार उनकी भागीदारी बढ़ रही है, जो महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण है। राज्यपाल ने बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में 22 पदक प्रदान किए गए। इनमें 12 पदक छात्राओं और 10 पदक छात्रों को मिले। वहीं चार प्रायोजित स्वर्ण पदकों में तीन छात्राओं और एक छात्र को सम्मानित किया गया। उन्होंने सभी पदक विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि इस दीक्षांत समारोह में 450 विद्यार्थियों को उपाधि मिली, जिनमें 329 छात्र और 120 छात्राएं शामिल हैं। उन्होंने गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी का उल्लेख करते हुए कहा कि नेतृत्व का मूल्य पद से नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, परिश्रम और जनहित के कार्यों से तय होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और संगठन दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। राज्यपाल ने कहा कि केवल भाषण देने से बदलाव नहीं आएगा। विश्वविद्यालयों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर शिक्षा, शोध और नवाचार में सुधार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर की अच्छी व्यवस्थाओं से सीख लेकर उन्हें अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को इसरो जैसे संस्थानों का कार्य समझना चाहिए। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की रक्षा और वैज्ञानिक उपलब्धियों में विश्वविद्यालयों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विद्यार्थियों को ऐसे कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। महिला सुरक्षा और छात्राओं के लिए विशेष योजनाएं राज्यपाल ने कहा कि छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की प्राथमिकता है। कॉलेज जाने वाली बेटियों के लिए परिवहन और अन्य सुविधाओं पर लगातार कार्य किया जा रहा है ताकि उन्हें शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सरकार ने छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की थी। शुरुआत में इसमें 90-95 प्रतिशत अंक लाने वाली छात्राओं को ही स्कूटी देने का प्रावधान था। उन्होंने कहा कि इससे गांवों और संसाधनों की कमी वाले परिवारों के बच्चों को नुकसान होता, क्योंकि उनके पास उतनी सुविधाएं नहीं होतीं, जबकि इसका लाभ अधिकतर संपन्न और अधिकारियों के बच्चों तक पहुंच जाता। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री से योजना में सुधार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके लिए बजट भी दिया है, इसलिए इसका लाभ वास्तव में जरूरतमंद विद्यार्थियों तक पहुंचना चाहिए। शोध का लाभ किसानों तक पहुंचे उन्होंने विश्वविद्यालय में चल रहे शोध कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में विभिन्न शोध परियोजनाओं को करोड़ों रुपये की वित्तीय सहायता मिली है। उन्होंने अधिकारियों से इन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और उनका लाभ किसानों तक पहुंचाने को कहा। राज्यपाल ने बताया कि कृषि विज्ञान केंद्रों ने वर्ष 2025-26 में 1,800 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, जिनसे हजारों किसान लाभान्वित हुए। उन्होंने बायोगैस संयंत्र, डेयरी फार्मिंग, मशरूम उत्पादन, प्राकृतिक खेती और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक किसान को समय पर मृदा परीक्षण की सुविधा मिलनी चाहिए। यदि स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ को इसकी अनुमति मिले तो कम लागत में अधिक किसानों तक यह सुविधा पहुंचाई जा सकती है।। शोध केवल फाइलों तक सीमित न रहे उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने शोध, पेटेंट और नवाचार का वास्तविक प्रभाव दिखाना चाहिए। यदि कोई विषय नहीं मिलता तो गांवों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और किसानों पर भी शोध किया जाए ताकि समाज को उनसे प्रेरणा मिले। राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक किसान को समय पर मृदा परीक्षण की सुविधा मिलनी चाहिए। यदि स्वयं सहायता समूहों और एफपीओ को इसकी अनुमति मिले तो कम लागत में अधिक किसानों तक यह सुविधा पहुंचाई जा सकती है। राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन का बड़ा केंद्र है। विश्वविद्यालयों को गन्ने की नई किस्मों, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए शोध करना चाहिए। उन्होंने पुरस्कार पाने वाले वैज्ञानिकों से इस दिशा में संकल्प लेने का आह्वान किया। आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य अभियानों की जानकारी उन्होंने बताया कि प्रदेश में हजारों आंगनबाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही एचपीवी वैक्सीन अभियान चलाकर किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। दीक्षांत समारोह के दौरान भी छात्राओं और महिलाओं के लिए टीकाकरण एवं स्वास्थ्य किट वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी डिग्री और अंकपत्र डिजिलॉकर में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, जिससे प्रमाणपत्र सुरक्षित रहेंगे और उन्हें बार-बार दस्तावेज लेकर नहीं जाना पड़ेगा। छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था टेंडर व्यवस्था पर उठाए सवाल राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में पानी की टंकियां तो बनाई गई हैं, लेकिन उनकी स्थिति जर्जर है और उनका सही उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएं। राज्यपाल ने कहा कि कई छात्रावासों में भोजन व्यवस्था ठेकेदारों के माध्यम से संचालित होती है। उन्होंने चिंता जताई कि कई बार टेंडर व्यवस्था में एक्सपायरी मसालों और अन्य खाद्य सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता और भोजन की गुणवत्ता व खाद्य सामग्री की नियमित जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी छात्रावासों का नियमित निरीक्षण होना चाहिए। भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, वाशिंग मशीन जैसी सुविधाएं और ठेकेदार व्यवस्था की समीक्षा कर छात्र समितियों को अधिक जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि बॉयज हॉस्टल में वाशिंग मशीन की व्यवस्था भी होनी चाहिए। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि उनका एक ही मंत्र होना चाहिए— 'देश प्रथम'। उन्होंने कहा कि माता-पिता के संघर्ष को कभी न भूलें और अपने ज्ञान व परिश्रम का उपयोग देश और समाज के विकास के लिए करें। अपने संबोधन के अंत में राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री बांटने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि 'दीक्षा उत्सव' होना चाहिए। इसमें गांव, किसान, महिलाएं, छात्र, शोधकर्ता और समाज सभी की भागीदारी होनी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय समाज के विकास का केंद्र बन सके।
उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के अहिरन पुरवा गांव में सोमवार शाम तेज बारिश के कारण एक कच्चा छप्पर ढह गया। इस हादसे में छप्पर के नीचे बैठे 54 वर्षीय रामप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। रामप्रकाश सोमवार शाम करीब पांच बजे अपने घर के बाहर बने छप्पर के नीचे आराम कर रहे थे। इसी दौरान लगातार हो रही तेज बारिश के कारण जर्जर छप्पर अचानक भरभराकर गिर पड़ा। मलबे में दबने से रामप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों और परिजनों ने उन्हें मलबे से बाहर निकाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। चिकित्सकों ने घायल का उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मृतक रामप्रकाश अपनी बेटी और दामाद के साथ रहते थे। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण कई कच्चे मकान और छप्पर कमजोर हो गए हैं, जिससे ऐसे हादसों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने प्रशासन से जर्जर कच्चे आवासों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने और उन्हें सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
भोपाल के कोहेफिजा स्थित ओल्ड सेक्रेटिएट में नया प्रशासनिक कॉरिडोर बनेगा। जिसमें कलेक्टोरेट, कमिश्नर और आईजी कार्यालय होंगे। इसमें कई विभाग है। जिसकी शिफ्टिंग शुरू हो गई है। सोमवार को कमिश्नर कर्मवीर शर्मा ने बैठक लेकर 10 अगस्त तक सभी दफ्तरों को शिफ्ट करने के निर्देश दिए। बता दें कि हाउसिंग बोर्ड ने मौजूदा कलेक्टोरेट परिसर में ही नए कंपोजिट एडमिनिस्ट्रेटिव हब के निर्माण का आधिकारिक टेंडर जारी किया है। इसके साथ ही पर्यावरणीय अड़चनों में फंसा प्रोफेसर कॉलोनी वाला पुराना प्रस्ताव भी समाप्त हो गया। अब ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर ही भोपाल का नया प्रशासनिक कॉरिडोर बनेगा, जहां कलेक्टोरेट, कमिश्नर और आईजी कार्यालय एक ही परिसर में संचालित होंगे। इस निर्माण के बदले चयनित डेवलपर को पुराने सचिवालय परिसर में 3.36 हेक्टेयर जमीन कंपंसेटरी लैंड पार्सल (सीएलपी) के रूप में मालिकाना हक के साथ दी जाएगी। इस जमीन का मिक्स लैंड यूज रखा गया है, यानी यहां रेसीडेंशियल और कमर्शियल हाईराइज प्रोजेक्ट विकसित किए जा सकेंगे। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 217.96 करोड़ रुपए है, जबकि बदले में दी जाने वाली जमीन की कीमत 256.92 करोड़ रुपए आंकी गई है। यह पूरा मॉडल राज्य सरकार की री-डेंसिफिकेशन नीति के तहत लागू किया जा रहा है, ताकि सरकारी खजाने पर सीधा वित्तीय बोझ न पड़े। एक परिसर में होंगे तीन बड़े दफ्तरप्रोजेक्ट के तहत जी+7 कंपोजिट ऑफिस बिल्डिंग बनाई जाएगी, जिसमें कलेक्टर कार्यालय, संभागायुक्त कार्यालय और आईजी कार्यालय संचालित होंगे। इसके अलावा जी+2 मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें 80 ईसीएस क्षमता रहेगी। परिसर में संप वेल, बिजली सब-स्टेशन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। 3 हिस्सों में बांटी गई डेवलपमेंट लैंडडेवलपर को दी जाने वाली जमीन तीन हिस्सों में बांटी है। सीएलपी-1 सबसे बड़ा 2.15 हेक्टेयर का ब्लॉक होगा। 0.63 हेक्टेयर और 0.58 हेक्टेयर के दो अन्य पार्सल भी शामिल किए गए हैं। ये ऑफिस शिफ्ट होंगेबैठक में कमिश्नर शर्मा ने ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर के अंतर्गत सभी शासकीय कार्यालय की शिफ्टिंग के संबंध में चर्चा की। कलेक्ट्रेट कार्यालय का अभिलेखागार, परिसर का अधिवक्ता हॉल, न्यायालय, पुलिस महानिरीक्षक, सायबर सेल सहित अन्य कार्यालयों को 10 अगस्त तक शिफ्टिंग करने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास, कृषि, श्रम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कार्यालय शिफ्ट किए जा चुके हैं। तहसील हुजूर, तहसील बैरागढ़ शहर को नए भवन में शीघ्र अति शीघ्र शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए गए। भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को आर्थिक विकास का मॉडल बनाएंसोमवार को ही कमिश्नर शर्मा ने भोपाल विकास प्राधिकरण की बैठक भी की। उन्होंने कहा कि भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को आर्थिक विकास का मॉडल बनाएं। इसके लिए सभी संबंधित विभाग पूरे समन्वय से कार्य करें। बैठक में बीडीए की अलग-अलग संचालित एवं निर्माणाधीन प्रोजेक्ट की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में एकाई सिटी, भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR), नवीन प्रोजेक्ट के टेंडर प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई। शर्मा ने भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन (BMR) प्लान से जुड़े काम की प्रगति बैठक में BMR के ओवरव्यू, प्रोजेक्ट की प्रस्तावित समय-सीमा और इसमें शामिल काम के अलग-अलग चरणों की जानकारी को प्रजेंटेंशन के माध्यम से समय-सीमा तैयार करने की प्रक्रिया और मौजूदा स्थिति के विश्लेषण पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें डेमोग्राफी, मोबिलिटी और ट्रांसपोर्टेशन, इकॉनमी, इकोलॉजी और प्राकृतिक संसाधन, फिजिकल और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान दिया गया है। बीएमआर का आर्थिक मॉडल जिसमें नाॅलेज एवं एआई सिटी के साथ क्षेत्रवार एकीकृत औद्योगिक क्लस्टर लॉजिस्टिक एवं सेटेलाइट टाउन, पर्यटन एवं कृषि आधारित उद्योगों का क्षेत्रवार विकास शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि, औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा और पर्यटन जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए मुख्य संभावित इलाकों की पहचान की गई है। सभी संबंधित क्षेत्रों के स्टेकहोल्डर के साथ बैठकें करने, सुझाव आमंत्रित करने और जी -20 सम्मेलन आयोजित करने का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। इससे प्रोजेक्ट की समग्र कार्यप्रणाली और आउटपुट को मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के साथ व्यापक स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन करने का भी निर्देश दिया। ताकि, उन्हें योजना बनाने की प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। इससे क्षेत्र के समग्र विजन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कमिश्नर ने बैठक में अलग - अलग स्तर पर लंबित प्रोजेक्टस की समीक्षा के दौरान मिसरोद फेस-1, आईएसवीटी, विवेकानंद के साथ - साथ रिडवलपमेंट कार्यों में गति लाने के लिए सभी संबंधित विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय करने के निर्देश दिए।
रीवा के गांधी मेमोरियल एवं संजय गांधी अस्पताल के पीडियाट्रिक्स (बाल रोग) विभाग में सोमवार शाम को उस समय हड़कंप मच गया, जब रीवा मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्र डॉ. संजय जाटव चाकू से घायल अवस्था में मिले। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल स्टाफ और डॉक्टर मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में उन्हें तत्काल इलाज के लिए भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार डॉ. संजय जाटव मूल रूप से इंदौर के रहने वाले हैं और रीवा मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक्स विभाग से पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं। आज उनकी ड्यूटी संजय गांधी अस्पताल के बच्चा वार्ड में थी। ड्यूटी के दौरान ही वे चाकू से घायल अवस्था में मिले। साथी डॉक्टरों और कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया। हमला या आत्मघाती प्रयास, कंफर्म नहींफिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि डॉ. जाटव ने खुद को चाकू मारा या किसी अन्य व्यक्ति ने उन पर हमला किया। पुलिस दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अस्पताल परिसर के लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने घायल डॉक्टर के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। संजय गांधी अस्पताल की सीएमओ डॉ. सुप्रिया अग्रवाल ने बताया कि पीजी छात्र डॉ. संजय जाटव घायल अवस्था में मिले थे। उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। अभी स्पष्ट नहीं है कि चोट कैसे लगी।
बड़वानी पुलिस की ओर से बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता के लिए तैयार की गई विशेष कॉमिक्स अटकन चटकन सशक्त बचपन सोमवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेंट की गई। भाजपा जिला अध्यक्ष अजय यादव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर यह कॉमिक्स सौंपी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बड़वानी पुलिस के इस संवेदनशील प्रयास की सराहना की है। पुलिस डायरी की सच्ची कहानियों पर आधारित है कॉमिक्स बड़वानी एसपी पद्मविलोचन शुक्ल के मार्गदर्शन में यह कॉमिक्स तैयार की गई है। इसमें पुलिस डायरी की वास्तविक घटनाओं को सरल, रोचक और चित्रात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है। कॉमिक्स के माध्यम से बच्चों को अपनी सुरक्षा करने, 'गुड टच-बैड टच' समझने और आपात स्थिति में पुलिस व प्रशासन से मदद लेने के तरीके सिखाए गए हैं। बच्चों के लिए तैयार की गई एनिमेशन फिल्म बच्चों में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते रुझान को ध्यान में रखते हुए एसपी पद्मविलोचन शुक्ल ने कॉमिक्स की कहानियों पर आधारित एक 'एनिमेशन फिल्म' भी बनवाई है। इस एनिमेशन फिल्म के जरिए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के बच्चों को दृश्यों और आवाज के माध्यम से सुरक्षा के पाठ आसानी से समझाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बड़वानी पुलिस टीम को दी बधाई भाजपा जिला अध्यक्ष अजय यादव ने मुख्यमंत्री को बड़वानी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के उद्देश्यों और सकारात्मक परिणामों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस प्रिंट और डिजिटल नवाचार की प्रशंसा करते हुए एसपी सहित पूरी पुलिस टीम को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
टाटा मैजिक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई, दो घायल:एक की हालत गंभीर, मेरठ रेफर किया गया
शामली में पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार शाम एक तेज रफ्तार टाटा मैजिक अनियंत्रित होकर आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। इस हादसे में दो लोग घायल हो गए, जिनमें से एक को गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया है। दुर्घटना सोमवार शाम लगभग 5:30 बजे पीके रोड के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टाटा मैजिक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।हादसे में टाटा मैजिक में सवार बिजरोल निवासी सचिन गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार अटाली निवासी विजेंद्र कश्यप को भी चोटें आईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।चिकित्सकों ने सचिन की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर कर दिया। विजेंद्र कश्यप का उपचार जिला अस्पताल में ही किया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों, टाटा मैजिक और ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपने कब्जे में लेकर थाने भिजवा दिया है।जांच अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पीलीभीत में DCM और बाइक की आमने-सामने टक्कर:बाइक सवार युवक की गई जान, इलाज के दौरान तोड़ा दम
पीलीभीत जिले के पूरनपुर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक सड़क हादसे में 30 वर्षीय युवक की मृत्यु हो गई। यह घटना माधोटांडा रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित यूके बैटरी की दुकान के समीप हुई, जहां एक तेज रफ्तार डीसीएम और मोटरसाइकिल की आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसा सोमवार शाम लगभग 7:00 बजे हुआ। राहगीरों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पूरनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पूरनपुर भिजवाया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने युवक का परीक्षण किया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का निरीक्षण कर जांच शुरू की। मृतक की पहचान पीलीभीत के कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रम्पुरा निवासी ताराचंद (30) पुत्र राम भरोसे के रूप में हुई। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दी। हादसे की खबर मिलते ही ताराचंद के गांव और घर में शोक छा गया। परिजन अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
टेक्सटाइल हब पाली की कपड़ा इंडस्ट्रीज में रोजाना होने वाली प्लास्टिक पैकिंग पाउच (थैलियों) की भारी मांग को देखते हुए शहर में आधुनिक कटिंग-स्लिटिंग मशीन स्थापित की गई है। इस पहल से स्थानीय उद्यमियों को गुजरात से कम दामों पर पैकिंग सामग्री मिलेगी, साथ ही करीब 250 महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा। सोमवार शाम मंडिया रोड स्थित सरस्वती स्कूल में लघु उद्योग भारती, पाली की ओर से हुए कार्यक्रम में इस मशीनरी का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने 28 इंच पीवीसी कटिंग मशीन और 63 इंच नॉन-वूवन स्लिटिंग मशीन की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। रोजाना 3 लाख पाउच की जरूरतकार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने बताया कि पाली की कपड़ा इंडस्ट्रीज में सलवार-सूट और अन्य तैयार वस्त्रों की पैकिंग के लिए रोजाना करीब 3 लाख प्लास्टिक थैलियों की जरूरत होती है। अब तक स्थानीय उद्यमी इन्हें सूरत और बड़ौदा (गुजरात) से मंगवाते थे। पाली में ही मशीन स्थापित होने से अब उद्यमियों को गुजरात की तुलना में भी कम दरों पर पैकिंग मैटेरियल स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा। 250 महिलाओं को मिलेगा रोजगारपूर्व विधायक पारख ने बताया कि मशीन से रोजाना लाखों पाउच की कटिंग की जाएगी, जिनकी सिलाई और जिप (चैन) लगाने का कार्य महिलाओं द्वारा किया जाएगा। इससे एक ही मशीन के माध्यम से करीब 250 महिलाओं को रोजगार मिलेगा। भविष्य में मांग बढ़ने पर शहर में ऐसी और भी मशीनें लगाई जाएंगी। कार्यक्रम में ये रहे मौजूदकार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन महामंत्री प्रकाशचंद गुप्ता, समाजसेवी भगवती महेश बल्दवा, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, राजू भाई मेड़तिया, विनय बम्ब, रामकिशोर साबू, नारायण कुमावत, महावीरसिंह टेवाली, रमेश परिहार, राजेंद्रसिंह धुरासनी, तिलोक चौधरी, जितेन्द्र भाटी, मानवेन्द्र सिंह भाटी, मुकेश प्रजापत, मुकेश गोस्वामी और रणवीरसिंह राजपुरोहित सहित कई लोग मौजूद रहे।
जयपुर में एक मकान में सिलेंडर भभकने से एक महिला 90% झुलस गई। यह हादसा मोतीडूंगरी थाना क्षेत्र स्थित मोतीडूंगरी रोड के आनंदपुरी इलाके में सोमवार शाम साढे़ 6 बजे हुआ। गली नंबर-1 स्थित मकान संख्या P-12 की दूसरी मंजिल पर हुए हादसे में गंभीर घायल महिला स्वाति सैनी को SMS हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही मोतीडूंगरी थाना प्रभारी मोहन पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री) टीम को भी मौके पर बुलाया गया। शुरुआती जांच में पुलिस पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध मानकर सभी पहलुओं से जांच कर रही है। दूसरी मंजिल के हॉल में लगी आग, किचन में नहीं मिले शुरुआती संकेत प्रारंभिक जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जिस सिलेंडर ब्लास्ट की बात कही जा रही है, उसकी आग किचन में नहीं बल्कि हॉल में लगी हुई प्रतीत हुई। दूसरी मंजिल पर बने हॉल में ही स्वाति सैनी अपने पति हरीश सैनी के साथ रहती थीं, जबकि हॉल के आगे किचन बना हुआ है। मौके पर हॉल में आग लगने के कारण कमरे में काले धुएं के निशान दिखाई दिए। वहीं कमरे में लगी एक तस्वीर का शीशा भी टूटा हुआ मिला, जिससे घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं स्वाति, दो बेटियों की मां घायल स्वाति सैनी एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। उनकी शादी हरीश सैनी से हुई है और दंपती की दो बेटियां हैं। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य भी मकान में मौजूद थे। एक ही मकान में रहता है पूरा परिवार जानकारी के अनुसार, मकान की पहली मंजिल पर स्वाति के जेठ गोविंद और जेठानी रीना रहते हैं। परिवार में सास गीता देवी और ससुर सत्यनारायण सैनी भी निवास करते हैं। मकान का ग्राउंड फ्लोर किराये पर दिया हुआ है। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई घटना, हर पहलू से जांच पुलिस और एफएसएल टीम घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग वास्तव में सिलेंडर ब्लास्ट से लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। घटनास्थल की परिस्थितियां सामान्य सिलेंडर दुर्घटना से अलग दिखाई देने के कारण पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट और एफएसएल की राय के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
विदिशा जिले में करीब दो सप्ताह के लंबे इंतजार के बाद सोमवार को बारिश हुई। इस हल्की बारिश से सूख रही फसलों को शुरुआती राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक जिले में हल्की बारिश की संभावना जताई है। पिछले दो सप्ताह से बारिश न होने के कारण किसान चिंतित थे। सोयाबीन और धान की फसलें पानी के अभाव में प्रभावित हो रही थीं। कई स्थानों पर फसलें पीली पड़ने लगी थीं, जिससे किसानों को ट्यूबवेल और नदी से सिंचाई करनी पड़ रही थी। हालांकि, यह पानी कुछ ही घंटों में सूख जा रहा था, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ रही थी। सोमवार को ग्यारसपुर, शमशाबाद, नटेरन, विदिशा सहित जिले के कई क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। ग्यारसपुर में अच्छी बारिश हुई, जबकि विदिशा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पांच से दस मिनट तक हल्की बारिश हुई। किसानों का कहना है कि भले ही बारिश कम हुई हो, लेकिन इससे फसलों को शुरुआती राहत मिली है। अभी लगातार अच्छी बारिश की जरुरतकिसानों के अनुसार, धान की खेती के लिए अभी भी लगातार अच्छी बारिश की आवश्यकता है। यदि एक सप्ताह तक लगातार बारिश होती है, तो नदी-नाले भरेंगे, भूजल स्तर सुधरेगा और धान व सोयाबीन की फसल को पर्याप्त पानी मिल सकेगा। फिलहाल, कई किसान कम बारिश के कारण धान की रोपाई करने से भी बच रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक जिले में हल्की बारिश और मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि मानसून ट्रफ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मध्य प्रदेश में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। यदि मौसमीय तंत्र पश्चिम की ओर सक्रिय होता है, तो पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मथुरा में बेटी की शादी के लिए 25 लाख रुपये लेकर जा रहे प्लाईवुड कारोबारी के कर्मचारियों को बदमाशों ने कुछ ही मिनटों में शिकार बना लिया। बाइक सवार बदमाशों ने कार के पास आकर कहा- गाड़ी के इंजन से तेल रिस रहा है। चालक ने जैसे ही कार रोककर बोनट खोला, बदमाशों ने कर्मचारियों का ध्यान भटकाया और कार में रखा 25 लाख रुपये से भरा बैग लेकर फरार हो गए। वारदात सोमवार शाम करीब 7 बजे थाना हाईवे क्षेत्र में राधा वैली के पास हुई। चंद्रिका प्लाईवुड के मालिक नीलेश अग्रवाल ने बताया कि उनकी बेटी की शादी की तैयारियां चल रही हैं। इसी सिलसिले में 25 लाख रुपये गोविंद नगर निवासी उनके साढ़ू सुनील बंसल के पास भेजे जा रहे थे। कार में चालक रमेश के अलावा कर्मचारी सुनील और मेघश्याम भी सवार थे। 'इंजन से तेल रिस रहा है', कहकर रुकवाई कार पुलिस के मुताबिक, बाइक सवार बदमाश पहले से ही कार पर नजर रखे हुए थे। उन्होंने चालक से कहा कि गाड़ी के इंजन से तेल रिस रहा है। चालक ने कार रोककर बोनट खोल लिया और इंजन देखने लगा। इसी दौरान बदमाशों ने कर्मचारियों का ध्यान भटकाया और कार में रखा नकदी से भरा बैग उठाकर फरार हो गए। कुछ सेकेंड में हुई वारदात चालक और कर्मचारी जब तक कुछ समझ पाते, बदमाश मौके से निकल चुके थे। बैग गायब होने का पता चलते ही कर्मचारियों ने शोर मचाया और कारोबारी नीलेश अग्रवाल को सूचना दी। इसके बाद परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी सूचना मिलते ही एसपी सिटी राजीव कुमार, सीओ प्रवीन कुमार तिवारी और थाना हाईवे पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और चालक व कर्मचारियों से पूछताछ की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में इसे सुनियोजित टप्पेबाजी की वारदात माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
जोधपुर में दोस्त को लोन दिलाने के नाम पर आरोपी दोस्त ने लाखों रुपए की धोखाधड़ी कर दी। आरोपी ने पीड़ित के डॉक्यूमेंट लगाकर उसके फर्जी साइन कर क्रेटा कार समेत लाखों का इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान लोन पर उठा लिया। जब पीड़ित के अकाउंट से लोन की किस्तें कटी तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। बासनी थाना पुलिस ने 6 महीने से फरार आरोपी सुनील राव (34) पुत्र साबूराम निवासी मेलाणा खेड़ापा को अजमेर से दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की बरामदगी के लिए पूछताछ कर रही है। लोन के नाम पर आरोपी ने लिए पीड़ित के डॉक्यूमेंट्स बासनी थानाधिकारी गजेंद्र कुमार की टीम ने यह कार्रवाई की है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित हेमराज सोलंकी को पैसों की जरूरत थी। उसने अपने दोस्त सुनील राव से मदद मांगी। सुनील ने हेमराज को पर्सनल लोन दिलवाने का झांसा दिया और उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, बैंक पे-स्लिप और खाली चेक ले लिए। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित के फर्जी साइन कर बजाज फाइनेंस, आईडीएफसी फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक से क्रेटा कार, एलईडी टीवी, मोबाइल और वाशिंग मशीन फाइनेंस करवा ली और खुद यूज करने लगा। जब हेमराज के खाते से लोन की किस्तें कटने लगीं, तब उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला। 6 महीने बाद पुलिस ने अजमेर से आरोपी को दबोचा उन्होंने बताया कि घटना के बाद जब पीड़ित ने कोर्ट के जरिए बासनी थाने में मामला दर्ज कराया तो आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स का तकनीकी विश्लेषण किया। करीब 6 महीने की तलाश के बाद पुलिस टीम ने उसे अजमेर से गिरफ्तार कर लिया। फाइनेंस कंपनी पहले ही जब्त कर चुकी है क्रेटा कार थानाधिकारी गजेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी सुनील राव काफी शातिर किस्म का है। लोन चुकता न करने के कारण फाइनेंस कंपनी ने पहले ही क्रेटा कार जब्त कर ली थी। उन्होंने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि फर्जी तरीके से खरीदे गए अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों की बरामदगी की जा सके। कार्रवाई में एएसआई नैनाराम, कॉन्स्टेबल शंकरलाल और जितेंद्र सिंह शामिल रहे।
पलवल जिले में एसटीएफ टीम ने नीरज फरीदपुरिया गैंग के 50 हजार रुपए के इनामी सदस्य सहित 2 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं। एसटीएफ दोनों आरोपियों से रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अलीगढ़ जिले के बजौता निवासी सोनू उर्फ प्रमोद और मिल्कगनी गांव निवासी ललित उर्फ ललती के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर धाराओं में 16-16 मुकदमे दर्ज हैं। अवैध पिस्टल समेत 130 कारतूस बरामद एसटीएफ यूनिट प्रभारी अनिल छिल्लर ने बताया कि सोनू उर्फ प्रमोद को होडल से पकड़ा गया। कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने के बाद उसके कब्जे से एक अवैध पिस्टल (ग्लॉक), 42 राउंड, एक अवैध रिवाल्वर, 54 राउंड, और .315 बोर, 12 बोर और .32 बोर के कुल 130 राउंड बरामद किए गए। सोनू नीरज फरीदपुर गैंग का सदस्य है और गैंग की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए हथियार सप्लाई का काम भी करता है। यूपी पुलिस ने घोषित किया 50 हजार का इनाम सोनू के खिलाफ हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, फिरौती और धमकी देने सहित कुल 16 गंभीर मामले दर्ज हैं। वह बुलंदशहर (यूपी) के काकोड थाने में दर्ज एक हत्या के मुकदमे में फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी पर बुलंदशहर पुलिस ने 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था। वहीं, पलवल जिले के चांदहट थाना क्षेत्र के मिल्कगनी गांव निवासी ललित उर्फ ललती को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है। ललित भी हथियार सप्लायर है और एक अपराधी किस्म का व्यक्ति है। उसके खिलाफ पलवल और फरीदाबाद जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने और धमकी देने सहित आर्म्स एक्ट के तहत 16 मुकदमे दर्ज हैं। मामले की जांच कर रही पुलिस एसटीएफ इंचार्ज अनिल छिल्लर ने बताया कि आरोपियों से की निशानदेही पर भारी मात्रा में असला बरामद किया है। पूछताछ की जा रही है कि आरोपी इस अवैध असले को कहां से लेकर आए और कहां सप्लाई करना था। पूलिस का कहना है कि आरोपियों से अवैध असला सप्लाई मामले में और बड़े सुराग मिल सकते है, जिसके लिए गहणता से पूछताछ जारी है।
प्रयागराज जनता दर्शन से चार अफसर नदारद:कलेक्ट्रेट के 25 कर्मचारी भी अनुपस्थित, डीएम ने वेतन रोका
प्रयागराज में जनता दर्शन और कलेक्ट्रेट के औचक निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने चार विभागों के नोडल अधिकारियों और कलेक्ट्रेट के 25 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। सोमवार को जनता दर्शन कार्यक्रम में जनसुनवाई के लिए सभी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य थी, लेकिन जिला विकास अधिकारी, नगर निगम नोडल, मुख्य चिकित्साधिकारी नोडल और जिला आपूर्ति विभाग नोडल जैसे चार महत्वपूर्ण विभागों के नोडल अधिकारी अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने इन सभी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्टीकरण मांगा और एक दिन का वेतन रोकने का आदेश दिया। जनता दर्शन के बाद, जिलाधिकारी ने सुबह 10:30 बजे कलेक्ट्रेट का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कार्यालयों में जाकर उपस्थिति पंजिका की जांच की। इस दौरान, कलेक्ट्रेट के 25 कर्मचारी बिना किसी पूर्व अनुमति के अनुपस्थित पाए गए। डीएम ने इस पर भी कड़ी नाराजगी जताई और सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य में जनता दर्शन और कार्यालयों में समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया और स्पष्ट किया कि जन कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अपर जिलाधिकारियों को समय-समय पर औचक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मोतिहारी में ATM चोरी कांड:37 लाख रुपये की चोरी हुई थी,फरार आरोपियों के घर कुर्की की तैयारी
मोतिहारी पुलिस एटीएम चोरी की घटनाओं के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के भवानी चौक स्थित एसबीआई एटीएम से 37 लाख रुपये की चोरी के मामले में पुलिस ने फरार आरोपियों पर दबाव बढ़ा दिया है। पुलिस ने हरियाणा में चिन्हित दो आरोपियों के घर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के लिए इस्तेहार तामिला कराया है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आरोपी शीघ्र पुलिस या न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो हरियाणा जाकर उनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। एसबीआई एटीएम से जुड़ा मामला यह मामला बीते माह रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के भवानी चौक स्थित एसबीआई एटीएम से जुड़ा है। अज्ञात चोरों ने एटीएम को काटकर उसमें रखे करीब 37 लाख रुपये चुरा लिए थे। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच तेज की। मोतिहारी पुलिस की टीम हरियाणा तक पहुंची और वहां से दो चोरों को गिरफ्तार कर मोतिहारी लाई थी। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस चोरी कांड में अन्य साथियों के नाम सामने आए। इनमें जुनैद और सहाजत, दोनों पिता हज़र खान, निवासी ग्राम पिनगवा, थाना पिनगवा, जिला नूंह (हरियाणा) शामिल हैं। पुलिस ने इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए कई बार छापेमारी की, लेकिन वे अब तक फरार हैं। कोर्ट के निर्देश पर इस्तेहार चस्पा कराया लगातार फरारी के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत कोर्ट के निर्देश पर दोनों आरोपियों के घर पर इस्तेहार चस्पा कराया है। इसमें उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा उनके खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस संबंध में सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने कहा कि मोतिहारी में अपराध करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराधी देश के किसी भी कोने में छिप जाएं, पुलिस उन्हें खोज निकालने में सक्षम है। डीएसपी ने आम लोगों से भी अपील की कि ऐसे अपराधियों के बारे में जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
जोधपुर में डिलीवरी से पहले एक और प्रसूता की तबीयत बिगड़ गई। महिला को रविवार को उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था, जिसे दौरे आने लगे थे। हालांकि उसकी हालत में सुधार है, लेकिन उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं इससे पहले एक प्रसूता समू की रविवार को महात्मा गांधी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इधर, मथुरादास माथुर और उम्मेद हॉस्टिपल में सोमवार को 68 डिलीवरी हुईं। इनमें 33 सिजेरियन डिलीवरी थी। अभी महात्मा गांधी और उम्मेद हॉस्पिटल में दो-दो प्रसूताएं एडमिट हैं। महात्मा गांधी में भर्ती दो प्रसूताएं डायलिसिस पर हैं, जबकि उम्मेद में भर्ती दोनों महिलाएं वेंटिलेटर पर हैं। रेफर होकर आई थी एक प्रसूता डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- एक प्रसूता रेफर होकर रविवार शाम को उम्मेद हॉस्पिटल आई थी। डिलीवरी से पहले उसे दौरे आने लगे थे। वहीं डिलीवरी के बाद भी उसे दौरे आए थे। इसके बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं इससे पहले यहां भर्ती एक और प्रसूता सरोज भी वेंटिलेटर पर है। उसे डिलीवरी के दौरान कॉर्डिक प्रॉब्लम हुई थी। हालांकि दोनों की स्थिति में सुधार है। वहीं गलत खून चढ़ाने से धापू की 13 जुलाई को तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। ऐसे में उसका लगातार डायलिसिस चल रहा है। एक दिन में हुई 68 डिलीवरी, 33 सिजेरियन डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- अभी तक सभी केस जो आए हैं, वे रेफरल हैं। इसकी भी रिपोर्ट हमने भेजी है। उन्होंने बताया- मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में 19 डिलीवरी हुई थी। इनमें 9 सिजेरियन थे। जबकि उम्मेद हॉस्पिटल में 49 डिलीवरी हुई थी। इसमें से 24 सिजेरियन और 25 नॉर्मल थी। दोनों हॉस्पिटल में 33 सिजेरियन हुए हैं और सभी की हालत सामान्य है। गलत खून चढ़ाने वाले मामले में अब तक नहीं सौंपी रिपोर्ट इधर, गलत खून चढ़ाने के मामले में अभी तक पूरी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। दरअसल, उम्मेद हॉस्पिटल की ओर से प्रारंभिक रिपोर्ट दे दी गई थी, लेकिन इनमें लापरवाही बरतने वालों के नाम नहीं थे। इस पर मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने सभी के नाम मांगे थे। डॉ. बीएस जोधा ने बताया- इनमें नाम मांगे गए थे। ये रिपोर्ट अभी सब्मिट नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह खबर भी पढ़ें... डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो बच्चेदानी निकाली,अब मौत:महिला की किडनी डैमेज हुई; जोधपुर में 25 दिन से वेंटिलेटर पर थी कोटा, बीकानेर, बांसवाड़ा के बाद अब जोधपुर में भी एक प्रसूता की मौत हो गई। महिला की 24 जून को तिंवरी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद खून नहीं रुका तो उसे उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। (पूरी खबर पढ़ें)
महोबा में विक्की ठाकुर पर हुए हमले के मुख्य आरोपी और बीजेपी नेता शिव प्रताप सिंह परमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक सभी पांच आरोपी पकड़े जा चुके हैं। हालांकि, पीड़ित परिवार पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। यह घटना 14 जुलाई की रात महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र के समदनगर इलाके में पेट्रोल पंप के पास हाईवे पर हुई थी। दबंगों ने ज्यवेंद्र सिंह उर्फ विक्की ठाकुर पर कुल्हाड़ी से हमला कर उनके दोनों हाथ काट दिए थे। विक्की ठाकुर इस समय दिल्ली के एक अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। घटना के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परिजनों की तहरीर पर तीन नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने शुरुआत में रोहित, नादिर और अभिषेक नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपी बीजेपी नेता शिव प्रताप सिंह परमार घटना के बाद से फरार था, जिसे लेकर विपक्ष और पीड़ित परिवार लगातार पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रहे थे। सोशल मीडिया पर पीड़ित की बहन सुनीता द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाने के बाद पुलिस हरकत में आई और शिव प्रताप सिंह परमार व उसके साथी राजेश उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार बिल्कुल संतुष्ट नहीं है। विक्की ठाकुर की बहन संगीता सिंह ने प्रशासन पर बड़े नेताओं के दबाव और मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके भाई के दोनों हाथ काट दिए गए हैं और वह अब किसी काम के नहीं रहे। संगीता ने मांग की है कि इस जघन्य अपराध के बदले आरोपियों का या तो एनकाउंटर किया जाए या उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। वहीं, गिरफ्तार आरोपी बीजेपी नेता शिव प्रताप सिंह परमार ने खुद को बेकसूर बताते हुए इस पूरे मामले को एक बड़ी साजिश करार दिया है।
अररिया नगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के ओम नगर वार्ड संख्या-8 से 20 ग्राम स्मैक के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मिट्ठू कुमार मिश्र उर्फ थालानंद कुमार, शिवम झा और जितेंद्र कुमार झा के रूप में हुई है। ये तीनों अररिया जिले के सोनामनी गोदाम थाना क्षेत्र के पलासीमनी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। चौथा आरोपी ओम नगर वार्ड संख्या-8 निवासी अभिषेक कुमार उर्फ अंकू है। फरार आरोपी की पहचान इस्तेमाल टोला वार्ड संख्या-4 निवासी शहादत आलम के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, नगर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जीरो माइल से लाल रंग की बाइक पर सवार तीन युवक स्मैक लेकर ओम नगर के रास्ते फारबिसगंज जाने वाले हैं। कैश और मोबाइल फोन बरामद किया गया सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ओम नगर बाजार समिति के समीप गली में नाकेबंदी कर वाहन जांच शुरू कर दी। कुछ देर बाद लाल बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। पुलिस को देखकर उन्होंने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान, मिट्ठू कुमार मिश्र के पास से उजले रंग की प्लास्टिक में रखा 20 ग्राम स्मैक जैसा पदार्थ, 100 रुपये के तीन नोट और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। जितेंद्र कुमार झा के पास से भी एक मोबाइल फोन मिला, जबकि बाइक चला रहे शिवम झा के पास से कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बाइक उन्होंने एक दोस्त से मांगकर ली थी। तीनों आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि बरामद स्मैक ओम नगर निवासी अभिषेक कुमार उर्फ अंकू के साथ मिलकर जीरो माइल के शहादत आलम से खरीदी गई थी। इसके बाद पुलिस ने अभिषेक कुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस टीम ने शहादत आलम की गिरफ्तारी के लिए इस्तेमा टोला स्थित उसके घर पर भी छापेमारी की, लेकिन वह पहले ही फरार हो चुका था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी भूमिका की जांच की जा रही है।
हाथरस के कोतवाली चंदपा क्षेत्र के बूलगढ़ी गांव में मंगलवार को प्रस्तावित सवर्ण संगठनों की महापंचायत और चंदपा थाने के घेराव के ऐलान को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सोमवार शाम करीब सात बजे से गांव के अंदर और बाहर बैरिकेडिंग कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जिले का खुफिया तंत्र भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और पल-पल की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज रहा है। यह मामला 10 जुलाई को दलित समाज के 19 वर्षीय युवक सनी की संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रैक्टर से दबकर हुई मौत से जुड़ा है। घटना के बाद चंदपा पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर ट्रैक्टर मालिक को गिरफ्तार कर लिया था। ट्रैक्टर मालिक ठाकुर समाज से बताया जा रहा है। परिजनों ने हत्या का लगाया था आरोप पोस्टमार्टम के बाद जब युवक का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने आरोपी बनी सिंह और उसके भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी थीं। सवर्ण संगठनों ने बताया हादसा दूसरी ओर, करणी सेना समेत विभिन्न सवर्ण संगठनों का कहना है कि युवक की मौत एक दुर्घटना थी, हत्या नहीं। संगठनों ने कई बैठकें कर प्रशासन से हत्या और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं हटाने की मांग की है। महापंचायत और थाने के घेराव का ऐलान इसी मुद्दे को लेकर सवर्ण संगठनों ने मंगलवार को महापंचायत आयोजित करने और चंदपा थाने के घेराव का ऐलान किया है। इसे देखते हुए प्रशासन ने गांव को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। गांव के प्रवेश मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। करणी सेना के प्रदेश महासचिव हाउस अरेस्ट एहतियात के तौर पर पुलिस ने राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश महासचिव निशांत चौहान को हाउस अरेस्ट कर लिया है। इसके अलावा कुछ अन्य पदाधिकारियों और सक्रिय लोगों की गतिविधियों पर भी खुफिया एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं। 2020 की घटना के कारण भी संवेदनशील है बूलगढ़ी बूलगढ़ी गांव पहले भी वर्ष 2020 की चर्चित दलित युवती प्रकरण के कारण राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रह चुका है। उस मामले को देखते हुए गांव पहले से ही संवेदनशील माना जाता है। वर्तमान में भी पीड़ित परिवार के घर पर सीआरपीएफ की तैनाती है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गोपालगंज के थावे प्रखंड के विदेशी टोला गांव निवासी युवा इंजीनियर रोहन उर्फ सोनू गुप्ता का पार्थिव शरीर एक सप्ताह के इंतजार के बाद उनके पैतृक गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही परिवार और गांव में शोक छा गया। परिजन ताबूत में बंद शव देखकर भावुक हो गए। इंजीनियर की असामयिक मृत्यु की खबर से पूरे क्षेत्र में दुख का माहौल था। उनके अंतिम दर्शन के लिए आस-पास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। सभी शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने और युवक को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। अंतिम यात्रा पिपराही पुल स्थित श्मशान घाट तक निकाली गई। वहां सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। मृतक के बड़े भाई आलोक कुमार ने उन्हें मुखाग्नि दी। गांव के लोगों ने बताया कि रोहन न केवल अपने परिवार का सहारा था, बल्कि पूरे गांव के लिए एक प्रेरणा भी था। विदेश में रहकर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन करने वाले इस इंजीनियर का निधन क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति है। शिप इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे रोहन मृतक रोहन उर्फ सोनू गुप्ता,जूता-चप्पल एवं जनरल स्टोर व्यवसायी संजय प्रसाद गुप्ता के सबसे छोटा बेटा था। दुबई स्थित अल बयाह एडनौक कंपनी में शिप इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। बताया जाता है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान सऊदी अरब से लौट रहे जहाजों की तैनाती ऑफ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज के पास थी। इसी दौरान 13 जुलाई को ईरान की ओर से हुए बम धमाके में रोहन की मौत हो गई थी।
जोधपुर के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र स्थित रोटरी चौराहे पर एक टैक्सी चालक से मोबाइल छीनकर भागने की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई है। मामले।में किशोर कुमार (25) पुत्र लक्ष्मणराम, अर्जुन (22) पुत्र लक्ष्मणराम, निवासी जगदंबा कॉलोनी नया गांव पाली को गिरफ्तार कर लिया। क्या है पूरा मामला कापरड़ा निवासी प्रमोदपुरी पुत्र छोटूपुरी रातानाडा इलाके में टैक्सी चलाता है। 19 जुलाई की शाम करीब 5:45 बजे वह रोटरी चौराहे के पास सरकारी स्कूल के सामने अपनी टैक्सी खड़ी कर पिछली सीट पर बैठा था। उसका वन प्लस मोबाइल टैक्सी के डैशबोर्ड पर रखा हुआ था। इसी दौरान रिक्तिया भैरूजी चौराहे की तरफ से एक बाइक पर दो युवक आए। उनमें से एक युवक बाइक से उतरा और डैशबोर्ड से मोबाइल उठाकर बाइक पर बैठकर भागने लगा। जब प्रमोदपुरी ने हिम्मत दिखाकर बदमाशों का पीछा किया, तो आरोपियों ने उसे धक्का दे दिया और मेडिकल चौराहे की तरफ फरार हो गए। वारदात के बाद पीड़ित की शिकायत पर शास्त्रीनगर थानाधिकारी दिनेश लखावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों को सक्रिय किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस आउट कर पाली जिले के ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र से दबोच लिया। कार्रवाई में थानाधिकारी दिनेश लखावत, एएसआई थानाराम, एएसआई घेवरराम, कांस्टेबल महेन्द्र, राजूराम और राजेन्द्र शामिल रहे।
संभल के नखासा थाना क्षेत्र के शरीफपुर गांव में बच्चों की परवरिश को लेकर पति से विवाद के बाद 24 वर्षीय महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला अपने पीछे तीन साल और आठ माह के दो मासूम बेटों को छोड़ गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पति के काम पर जाने के बाद लगाया फंदा पुलिस के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 10 बजे पति मनोज कुमार मजदूरी के लिए घर से निकल गए थे। इसके बाद उनकी पत्नी किरन ने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। करीब दो घंटे बाद बच्चों के रोने की आवाज सुनकर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। उन्होंने कमरे में जाकर देखा तो किरन फंदे से लटकी हुई थी। परिजन उसे तुरंत नीचे उतारकर संभल के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चार साल पहले हुई थी शादी मृतका की पहचान किरन (24) पत्नी मनोज कुमार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से असमोली थाना क्षेत्र के बेला की मिलक गांव की रहने वाली थी। करीब चार वर्ष पहले उसकी शादी मनोज कुमार से हुई थी। दंपती के दो बेटे हैं, जिनमें आर्यन (3) और विराट (8 माह) शामिल हैं। बच्चों की परवरिश को लेकर था विवाद परिजनों के अनुसार, बच्चों की परवरिश को लेकर पति-पत्नी के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि आठ माह पहले दूसरे बेटे के जन्म के बाद दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया था। 112 पर सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस दोपहर करीब 1:30 बजे घटना की जानकारी मिलने पर महिला के मायके पक्ष के लोग भी ससुराल पहुंच गए। शुरुआत में मायके और ससुराल पक्ष कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते थे, लेकिन शाम करीब 4:30 बजे किसी ग्रामीण ने डायल 112 पर घटना की सूचना दे दी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और महिला पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई थाना प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है। दोनों पक्षों की अनिच्छा के बावजूद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा क्षेत्र में गत दिनों हुई एक युवक के सुसाइड मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि सुसाइड से एक दिन पहले 8 मई को मृतक मोहनराम ने अपने गांव के एक युवक को फोन किया था। कॉल रिकॉर्डिंग में मृतक रोते और घबराते हुए बता रहा था कि हीराराम और पाबूराम उसके अश्लील फोटो-वीडियो वायरल कर रहे हैं। उसने परेशान होकर कहा था कि 'यह उसका आखिरी कॉल है।' इसके अगले ही दिन उसने जान दे दी। मोबाइल में मिली कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने बालोतरा जिले के गिड़ा थाना क्षेत्र के हीराराम (37) पुत्र तेजाराम जाट और बाबूराम उर्फ पाबूराम (36) पुत्र रूपाराम जाट के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फंदे से लटका मिला था शवसदर थानाधिकारी रूपसिंह ने बताया कि गत 9 मई को तलवाड़ा से आगे डूंगरपुर रोड स्थित सामागढ़ा मोड़ के पास मोहनराम का शव सड़क किनारे खड़े ट्रक से रस्सी के सहारे लटका मिला था। सूचना पर पहुंची तलवाड़ा थाना पुलिस ने शव को महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाकर पोस्टमॉर्टम करवाया और परिजनों को सौंप दिया। उस समय परिजनों ने बिना किसी संदेह के गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया था। अंतिम संस्कार के बाद अश्लील फोटो-वीडियो की जानकारी मिलीअंतिम संस्कार के कुछ दिनों बाद क्षेत्र में मृतक के कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो सामने आने लगे। इसके बाद पुलिस की कस्टडी में मौजूद मृतक के मोबाइल की डिजिटल और तकनीकी जांच की गई, तो ब्लैकमेलिंग का खुलासा हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर मृतक को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर वायरल करने की धमकी देने और रुपयों के लेन-देन को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
संगरूर शहर के अति व्यस्त इलाके में स्थित एक मनियारी की दुकान को चोरों ने निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के माल और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। शातिर चोर दुकान से सगुन में इस्तेमाल होने वाली नोटों की मालाएं, गल्ले में रखी नकदी और गौशाला के दानपात्र की राशि चुराकर फरार हो गए। पीड़ित दुकानदार के अनुसार इस चोरी की घटना में उनका करीब 1.50 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है। यह घटना संगरूर के पटियाला गेट स्थित कोऑपरेटिव बैंक के पास और वूमेन्स वर्ल्ड ब्यूटी पार्लर के समीप शनिवार और रविवार की दरमियानी रात को घटी। रविवार सुबह जब दुकान मालिक गोपाल दास गोयल, उद्देश्य कुमार गोयल और निशांत गोयल दुकान खोलने पहुँचे, तो उन्होंने अंदर सारा सामान अस्त-व्यस्त और गल्ला टूटा हुआ पाया। जांच करने पर पता चला कि चोर दुकान की तीसरी मंजिल पर बने स्टोर रूम के रास्ते शटर उठाकर अंदर दाखिल हुए थे। शातिर चोरों ने बंद किए सीसीटीवी कैमरे और उड़ाई नोटों की मालाएं वारदात को अंजाम देने से पहले चोरों ने पूरी चालाकी दिखाते हुए दुकान की मुख्य बिजली सप्लाई काट दी और सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया, जिनकी फुटेज रात करीब 12:45 बजे से बंद मिली। इसके बाद चोरों ने इत्मीनान से दुकान खंगाली और शादी-विवाह के मौसम के लिए रखी गई नई करेंसी नोटों की कीमती मालाएं, गल्ले में जमा बिक्री के पैसे तथा गौशाला के दानपात्र में रखी नकदी समेट ली। सूचना पर पहुँची पुलिस, खंगाली जा रही सीसीटीवी फुटेज घटना की जानकारी मिलते ही थाना सिटी संगरूर की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और दुकान सहित आसपास के पूरे इलाके का मुआयना किया। पुलिस अधिकारी आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों और सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं ताकि चोरों के आने-जाने के रास्ते का सुराग लगाया जा सके। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि आरोपियों को जल्द ही पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस स्टेशन के पास चोरी से व्यापारियों में रोष और चिंता घटना की सूचना मिलने पर अग्रवाल सभा संगरूर के प्रधान बदरी जिंदल भी मौके पर पहुँचे और इस चोरी पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जब पुलिस थाना सिटी से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित घनी आबादी और बाजार वाले इलाके में ऐसी वारदातें हो रही हैं, तो आम दुकानदार खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे। उन्होंने जिला पुलिस प्रमुख (एसएसपी) से मांग की है कि मामले की त्वरित जांच कर चोरों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजा जाए और गश्त बढ़ाई जाए।
मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित जागृति विहार एक्सटेंशन में सोमवार को चोरों ने महज 9 मिनट में बंद मकान खंगाल दिया। नगदी व कीमती सामान समेटकर बदमाश फरार हो गए। घर लौटा परिवार तो घटना का पता चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। इस चोरी के बाद लोगों में खलबली मची है। CCTV कमरे में दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं। सेक्टर 5, जागृति विहार एक्सटेंशन में जितेंद्र पाल पुत्र विजयपाल सिंह परिवार के साथ रहते हैं। वह एक फाइनेंस कंपनी में काम करते हैं। सोमवार दोपहर परिवार कहीं गया हुआ था। इसी दौरान चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़कर घर में प्रवेश कर लिया। अंदर कमरे का ताला तोड़कर बदमाश घर में घुसे और अलमारी से नगदी और जेवरात समेटकर फरार हो गए। घर लौटने पर वारदात का पता चला जितेंद्र पाल मूलरूप से भावनपुर थाना क्षेत्र के किनानगर के रहने वाले हैं। सोमवार सुबह 9 बजे वह अपनी पत्नी सीमा को लेकर गांव गए थे। वहां पूजा रखी गई थी। पत्नी को गांव में छोड़कर वह किसी काम से निकल गए। दोपहर करीब 1 बजे सीमा घर लौटी तो ताले टूटे देख कर दंग रह गई। इसके बाद सीमा ने शोर मचा दिया। सीमा के चिल्लाने पर जुटे क्षेत्र के लोगसीमा के चिल्लाने पर आसपास के लोग उनके घर की तरफ दौड़े। सीमा ने पति को फोन कर बताया कि घर में चोरी हो गई है। इसके बाद काफी संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए। कुछ देर में जितेंद्र पाल भी आ गए और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और उसने मेडिकल पुलिस को बुला लिया। नकदी और जेवरात ले गई चोर जितेंद्र पाल ने पुलिस को बताया कि घर की अलमारी में करीब 65000 रूपए रखे थे। इसके अलावा सोने की 7 ग्राम वजन की एक अंगूठी, दो मंगलसूत्र, चांदी की चार पाजेब भी गायब हैं। चोर ने घर के मुख्य दरवाजे से लेकर अंदर कमरों के दरवाजे पर लगे ताले भी तोड़े हैं। पूरे घर को अच्छी तरह खंगाला गया है। 9 मिनट तक घर के अंदर रहे चोरइस घटना के बाद पुलिस कैमरे खंगाल रही है। जितेंद्र भी अपने स्तर से कुछ कैमरे देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 9:20 पर वह गांव के लिए निकले थे। इसके 10 मिनट बाद ही चोर वहां आ गए। एक चोर घर के अंदर चला गया और दूसरा बाहर बाइक पर खड़े होकर निगरानी करने लगा। दिनदहाड़े हुई चोरी से लोगों में नाराजगी दिनदहाड़े हुई चोरी की वारदात के बाद लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पुलिस चौकी की मांग काफी समय से उठाई जा रही है लेकिन कोई अफसर नहीं सुनता। इसके अलावा कई बार जाग्रति विहार एक्सटेंशन में बिना नंबर की बाइक पर संदिग्ध भी देखे गए। थाना पुलिस से शिकायत की लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। पहले भी कई बार चोरी हो चुकी है।
नवादा में सोमवार को छात्र-युवाओं ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन प्रजातंत्र चौक से शुरू हुआ। छात्र हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शहर की विभिन्न सड़कों और प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए आगे बढ़े। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन छात्रों में सरकार की नीतियों को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं जिनसे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में विफल रही है, जिसका सीधा असर देश के लाखों विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के हितों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए है। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की अपील की। आक्रोश मार्च के दौरान शहर में पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। पूरे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रदर्शन के अंत में छात्रों ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग दोहराई।
गुटखा थूकते समय ट्रेन से गिरा बुजुर्ग, गंभीर घायल:हरिद्वार से लौटते समय कायमगंज के पास हुआ हादसा
फर्रुखाबाद के मेरापुर थाना क्षेत्र के ग्राम मुरान निवासी गजेंद्र सिंह (56) सोमवार को कासगंज अनवरगंज एक्सप्रेस से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना कायमगंज से पहले हुई, जब वे गुटखा थूकने के लिए ट्रेन के गेट पर थे। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गजेंद्र सिंह अपनी पत्नी सुमन के साथ हरिद्वार में रह रहे पुत्र और बहू से मिलकर घर लौट रहे थे। सोमवार दोपहर 12:55 बजे वे कासगंज जंक्शन से ट्रेन संख्या 15038 में सवार हुए थे। उनके साथ दंपति की बड़ी पुत्री का पुत्र परवन सिंह भी था। गजेंद्र सिंह ने बताया कि कायमगंज से पहले गुटखा थूकने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ा और वे ट्रेन से नीचे गिर गए। गनीमत रही कि रेल ट्रैक पर गिट्टी डालने का काम चलने के कारण ट्रेन की रफ्तार धीमी थी, जिससे उन्हें सिर में चोट आई, लेकिन बड़ा हादसा टल गया। अधेड़ के ट्रेन से गिरने पर ट्रेन में मौजूद पुलिसकर्मी ने तुरंत ट्रेन रुकवाई। मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर घायल गजेंद्र सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज पहुंचाया। वहां गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल फर्रुखाबाद रेफर कर दिया। डॉ. राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल में 108 एंबुलेंस के ईएमटी ने गजेंद्र सिंह को भर्ती कराया। ड्यूटी पर तैनात डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने उनका उपचार शुरू किया। डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने जानकारी दी कि गजेंद्र सिंह की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। उनके सिर में चोट लगी है और फिलहाल उनका उपचार जारी है।
राजगढ़ जिले की खुजनेर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत लाख्या के ग्रामीण सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सरपंच बीरम सिंह चौहान और पंचायत सचिव के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों ने पांचवें वित्त आयोग की राशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है, जिसमें 2023 से अब तक 50 से 60 लाख रुपए बिना कार्य कराए फर्जी बिलों के माध्यम से निकालने की बात कही गई है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सरकारी राशि की वसूली की मांग की है। ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में बिना वर्क कोड खोले और किसी भी निर्माण कार्य के बिना लगभग 28 लाख रुपए केवल 15 दिनों के भीतर निकाल लिए गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि भुगतान के लिए एक ही बिल को कई बार स्कैन कर लगाया गया और कागजों में काम दिखाकर राशि निकाली गई, जबकि मौके पर अधिकांश कार्य दिखाई नहीं देते। कई संदिग्ध खर्चों का भी उल्लेखआवेदन में कई संदिग्ध खर्चों का भी उल्लेख है। इनमें दो लाख रुपए की फोटोकॉपी, 60 हजार रुपए की मिठाई, 18 हजार रुपए का नाश्ता, एक लाख रुपए का मोबाइल, एक लाख रुपए का लैपटॉप, दो लाख रुपए में जमीन लीज, जेसीबी के टायर, पानी की मोटर, सफाई, किराया और पुरानी पुलिया को नया बताकर भुगतान शामिल हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इनमें से कई कार्य वास्तव में धरातल पर हुए ही नहीं हैं। ग्रामीणों ने पंचायत भवन निर्माण में भी अनियमितता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। साथ ही पुराने पंचायत भवन का फर्नीचर, गार्डर, पंखे, गोडरेज, टीवी, सोलर प्लेट सहित अन्य सरकारी सामग्री का भी कोई हिसाब नहीं है। आरोप- गांव में संबंधित काम नहीं हुएग्रामीण हिंदू सिंह ने बताया कि सरपंच और सचिव ने मिलकर फर्जी बिल लगाकर सरकारी राशि निकाली, जबकि गांव में संबंधित कार्य नहीं हुए। वहीं दुर्गेश पटेल ने कहा कि कागजों में लाखों रुपए के खर्च दिखाए गए हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति अलग है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर जांच कर सच्चाई सामने लाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं सरपंच और पंचायत सचिव का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। ये बिल ग्रामीणों ने ज्ञापन के साथ सौंपे हैं…
नवजात की मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया:बहराइच मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल ने जांच के आदेश दिए
बहराइच मेडिकल कॉलेज के महिला विंग में एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। हरदी थाना क्षेत्र के नेपालपुरवा गांव निवासी ज्योति नामक गर्भवती महिला को उनके पति अमित शुक्ला ने रविवार रात करीब 11 बजे अस्पताल में भर्ती कराया था। सोमवार सुबह अल्ट्रासाउंड किया गया, जिसमें नवजात की धड़कन नहीं मिली। शिकायत करने पर डॅाक्टर भड़के पति अमित शुक्ला का आरोप है कि सोमवार दोपहर करीब 12 बजे जब ज्योति की तबीयत अधिक खराब हुई, तो उन्होंने अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टर से संपर्क किया। अमित का दावा है कि उन्हें उचित इलाज नहीं मिला और प्रसव पीड़ा बढ़ाने के लिए दी गई दवा के बाद ज्योति की हालत बिगड़ गई, जिससे बच्चे की मौत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर चिकित्सक भड़क उठे। घटना की सूचना पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संजय खत्री और सीएमएस डॉ. एसके वर्मा मौके पर पहुंचे। प्रिंसिपल खत्री ने बताया कि महिला का देर रात और सोमवार को अल्ट्रासाउंड किया गया था। इसमें नवजात में कोई हरकत नहीं दिखी, जिसके बाद दोपहर में प्रसव पीड़ा बढ़ाने के लिए दवा दी गई। उन्होंने आशंका जताई कि नवजात की गर्भ में ही मौत हो चुकी थी। प्रिंसिपल ने कहा कि परिजनों के आरोपों के आधार पर एक टीम गठित कर जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि जांच में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नवजात की मौत के बाद पिता अमित शुक्ला अपने मृत बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दिखे।
फिरोजाबाद में पिता की हत्या का आरोपी बेटा गिरफ्तार:घरेलू विवाद में दिया अंजाम, बैट और फ्राईपैन बरामद
फिरोजाबाद में सिरसागंज थाना पुलिस ने घरेलू विवाद में अपने पिता की हत्या करने के आरोपी बेटे को वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बेसबॉल बैट और स्टील का फ्राईपैन भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, सिरसागंज के अहीर टोला निवासी 75 वर्षीय राकेश बाबू शर्मा की उनके बेटे उपेन्द्र शर्मा ने घरेलू विवाद के दौरान बेसबॉल बैट से सिर पर हमला कर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतक के दूसरे बेटे लालजी की तहरीर पर सिरसागंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ऊमरी मोड़ के पास से आरोपी उपेन्द्र शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी वारदात के बाद फरार होने की फिराक में था। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बेसबॉल बैट और स्टील का फ्राईपैन भी बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
लखीमपुर खीरी में सोमवार को दिनभर मौसम का मिजाज बदला रहा। रुक-रुक कर हुई हल्की से मध्यम बारिश ने उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत दिलाई, लेकिन शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव होने से आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और बीच-बीच में बारिश होती रही। बारिश के दौरान लोग छाता और रेनकोट के सहारे अपने गंतव्य तक पहुंचते नजर आए। दोपहर करीब एक बजे हल्की धूप निकलने से कुछ समय के लिए उमस बढ़ी, लेकिन शाम होते-होते फिर फुहारों ने मौसम को सुहावना बना दिया। लगातार बारिश के चलते शहर के कई निचले क्षेत्रों में पानी भर गया। शिव कॉलोनी, अर्जुनपुरवा, सब्जी मंडी, संकटा देवी और गंगोत्री नगर सहित कई इलाकों की सड़कें जलमग्न हो गईं। जलभराव के कारण राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़क और नालियों का अंतर मिट जाने से हादसे की आशंका भी बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए जिले में येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। विभाग ने बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।
बेतिया जिले के मझौलिया और सिकटा प्रखंड को जोड़ने वाला कदमवा घाट स्थित बांस का चचरी पुल सिकरहना नदी की तेज धारा में बह गया है। पुल बह जाने से दोनों प्रखंडों के बीच आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे स्कूली बच्चों, महिलाओं और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सिकरहना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया था। इसी तेज बहाव के चलते नदी पर बना यह चचरी पुल पानी में समा गया। पुल बहने के बाद अब लोगों को जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है। स्कूली बच्चे अपनी साइकिल नाव पर लादकर विद्यालय पहुंच रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। सिकटा विधायक समृद्ध वर्मा ने फीता काटकर किया थास्थानीय लोगों ने बताया कि इस चचरी पुल का निर्माण ग्रामीणों ने 7 जनवरी को आपसी सहयोग और चंदा जुटाकर किया था। इसका उद्घाटन सिकटा विधायक समृद्ध वर्मा ने फीता काटकर किया था। उद्घाटन के समय विधायक ने ग्रामीणों को भविष्य में पक्का पुल बनाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, कई महीने बीत जाने और विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद भी पक्के पुल का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के दौरान कई जनप्रतिनिधियों ने स्थायी पुल का वादा किया था, लेकिन नई सरकार बनने के बाद भी स्थिति जस की तस है। चचरी पुल बहने की घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने सरकार, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से जल्द से जल्द कदमवा घाट पर पक्के पुल का निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही बरसात के दौरान सुरक्षित आवागमन के लिए बड़ी नाव उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
मुजफ्फरपुर में घर में चोरी हुई थी। मामले में पुलिस ने 6 शातिरों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से कट्टा, कारतूस और चोरी में इस्तेमाल औजार, 6 मोबाइल और साने-चांदी के जेवरात बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई को सरैया थाना में रेखा सिन्हा ने चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में बताया गया था कि 7 जुलाई की रात अज्ञात चोरों ने नगदी, आवश्यक कागजात, सोना-चांदी के आभूषण, पीतल के बर्तन और अन्य कीमती सामान चुरा लिए थे। कार्रवाई के लिए टीम बनी थी। सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी की गई। इसी क्रम में 19 जुलाई को नारायणपुर माल के पास छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू खान (छतौनी), बिट्टू कुमार (गोरौल, वैशाली), नीरज कुमार, आदित्य कुमार, अभिषेक कुमार (तीनों सरैया) और विजय कुमार (देवरिया, मुजफ्फरपुर) के रूप में हुई है। आपराधिक इतिहास पता लगा रही पुलिस पुलिस ने इनके पास से एक सोने का मंगलसूत्र, दो सोने के बेसर, चांदी का सिक्का, दो सेट चांदी की बिछिया, 49 पीस व्हाइट मेटल की बिछिया और पांच जोड़ी चांदी की पायल सहित चोरी का अन्य सामान बरामद किया है। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने पीसी कर बताया कि इन अपराधियों की गिरफ्तारी से सरैया थाना क्षेत्र के दो गृहभेदन कांडों का सफल उद्भेदन हुआ है। साथ ही जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी की घटनाओं के भी खुलासे की संभावना है। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है तथा आगे की कार्रवाई जारी है।
गुरुग्राम में फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार:बिना डिग्री कर रहा था इलाज, अवैध रूप से बेच रहा था एमटीपी किट
गुरुग्राम जिले के घाटा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक फर्जी डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति बिना किसी वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज कर रहा था और गर्भवती महिलाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के एमटीपी किट बेच रहा था। उप सिविल सर्जन एवं पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह सोलंकी ने थाना सेक्टर-56 पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि न्यू दीपक मेडिकोज पर विकास नामक व्यक्ति खुद को डॉक्टर बताकर इलाज कर रहा है। इस सूचना की पुष्टि के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक डिकॉय ऑपरेशन चलाया। महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर भेजा ऑपरेशन के तहत, एक महिला को ग्राहक बनाकर मेडिकल स्टोर भेजा गया। वहां आरोपी ने महिला को बिना किसी वैध पर्चे के एमटीपी किट दी और गर्भपात की पूरी प्रक्रिया भी समझाई। पूर्व निर्धारित संकेत मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर छापा मारा और आरोपी को पकड़ लिया। उसके कब्जे से एक एमटीपी किट और डिकॉय महिला द्वारा दिए गए रुपए बरामद किए गए। इस शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-56 में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी के पास नहीं मिली कोई मेडिकल डिग्री पुलिस ने 20 जुलाई को आरोपी विकास, जो फतेहपुर बेरी (नई दिल्ली) का निवासी है, को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर पूछताछ की। जांच में खुलासा हुआ कि उसके पास कोई मेडिकल डिग्री या वैध चिकित्सकीय योग्यता नहीं थी। इसके बावजूद, वह पिछले लगभग 8 महीनों से मेडिकल स्टोर पर मरीजों का इलाज कर रहा था। पुलिस के अनुसार, मेडिकल स्टोर का संचालक और फार्मासिस्ट भी उसकी इन गतिविधियों से परिचित थे। आरोपी एमटीपी किट की खरीद-बिक्री से संबंधित कोई वैध रिकॉर्ड या बिल भी प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है।
धार जिले के कुक्षी थाना क्षेत्र के ग्राम पिपलिया में अंधविश्वास की आड़ में महिला से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। एक कथित तांत्रिक ने बीमारी का इलाज तंत्र-मंत्र से करने का झांसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने महिला को तांत्रिक क्रिया से जान लेने की धमकी देकर चुप रहने के लिए डराया। पुलिस ने शिकायत मिलते ही मुख्य आरोपी सहित उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला ने रविवार को कुक्षी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि उसका समधी रेवसिंह और एक अन्य व्यक्ति राकेश उसे मनावर बस स्टैंड से बाइक पर ग्राम कडमाल स्थित धन्नालाल भारूड के घर ले गए थे। वहां उसे एक कमरे में छोड़ दिया गया, जहां कथित तांत्रिक कैलाश नर्गेश पहले से मौजूद था। महिला बोली- रेप के बाद धमकी दी थीमहिला का आरोप है कि कैलाश नर्गेश ने तांत्रिक विधि से बीमारी ठीक करने का दावा किया। इलाज के बहाने उसने महिला की रेप किया। वारदात के बाद आरोपी ने महिला को धमकी दी कि यदि उसने किसी को घटना के बारे में बताया तो वह तांत्रिक क्रिया से उसे और उसके पति को जान से मरवा देगा। इस डर के कारण महिला शुरुआत में सहमी रही, लेकिन बाद में उसने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर कुक्षी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कैलाश नर्गेश (40), निवासी ग्राम खण्डलई, थाना मनावर, और सह आरोपी धन्नालाल मरोला (54), निवासी ग्राम कडमाल बसाहट को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रही है।
कानपुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार शुक्ला की कोर्ट ने इलाज में डाक्टरों की लापरवाही से आइटीबीपी जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले में चार्जशीट का संज्ञान ले लिया है। तीन डॉक्टर समेत चार अभियुक्त जमानत पर है। कोर्ट ने तीन डॉक्टरों समेत पांच अभियुक्तों के खिलाफ समन जारी कर तलब किया है। मामले की सुनवाई 14 अगस्त को होगी। ग्राम आलीमऊ खागा फतेहपुर निवासी आईटीबीपी जवान विकास सिंह 19 मई को अपनी मां का कटा हाथ लेकर पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंच गए थे। आरोप था कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उसकी मां को अपना हाथ गंवाना पड़ा। आरोप था कि उसकी मां को सास लेने में तकलीफ थी। इसके बाद उन्हें कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के दूसरे ही दिन लापरवाही के कारण हाथ में इंफेक्शन फैल गया था। करीब 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल ज्यादा हालत बिगड़ने पर उन्हें पारस अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। वहां डॉक्टरों ने बताया था कि इंफेक्शन पूरे हाथ में फैल गया है। जान बचाने के लिए हाथ काटना जरूरी है। 24 मई को रेलबाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। विवेचक ने करीब 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। कोर्ट ने प्रथम द्रष्टया अपराध मानते हुए चार्जशीट का संज्ञान ले लिया है। डॉक्टरों के खिलाफ समन जारी आदेश में कहा है कि अभियुक्त डॉ. विजय कुमार चौरसिया, डॉ. अनुज मेहरोत्रा, आशीष कुमार, डॉ. धीरज उपाध्याय जमानत पर हैं। अभियुक्त डॉ. शिवम दीक्षित, डॉ. उत्कर्ष कुमार, डॉ. तरुण कुमार, प्रसीद पी अनंथ, रजत बजाज को विवेचक ने नोटिस दे दी है, फिर भी जमानत नहीं कराई है। इसलिए इन सभी के खिलाफ समन जारी किया जाता है। यह सभी अभियुक्त 14 अगस्त को कोर्ट में पेश हों।
प्रदेश में सरकार ने ग्रामीण-शहरी शिविर की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ा दी है। एक बार फिर प्रदेशभर में यह शिविर मंगलवार से लगेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को सीएमआर में राज उन्नति की 7वीं बैठक के दौरान शिविरों के समीक्षा करते हुए इनकी डेट बढ़ाने का फैसला लिया। बैठक में सीएम ने 7 विभागों की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। सीएम ने कहा- विकास परियोजनाओं को टाइमलाइन में पूरा कर जनता को समय पर लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को संदेश दिया- वे काम में बहाने नहीं बनाएं और जनता के काम को समय पर पूरा करें। दो अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई मुख्यमंत्री भजनलाल ने बैठक में संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों की समीक्षा करते हुए बूंदी जिले में प्रसूति सहायता योजना के तहत लाभार्थी मनीषा मीणा को समय पर लाभ नहीं मिलने पर संयुक्त श्रम आयुक्त दीपक यादव और संकेत मोदी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परिवादी ने साल 2023 में प्रसूति सहायता योजना के तहत आवेदन किया था, जिसे दस्तावेज अपूर्ण बताते हुए निरस्त कर दिया गया। वहीं प्रतापगढ़ में चुपना के राजीविका के जागृति क्लस्टर संगठन की शिकायत पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से चार्जशीट देने के निर्देश दिए। संगठन ने शिकायत दी थी कि ब्लॉक परियोजना प्रबंधक धर्मेन्द्र पंवार द्वारा उनके क्लस्टर संगठन का खाता बंद कर दिया गया और उनसे कमीशन की मांग की गई। इस संबंध में संगठन ने विभिन्न स्तरों पर परिवाद दर्ज कराया। शिकायत प्रथमदृष्टया सही पाई जाने के बावजूद लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई में देरी पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को चार्जशीट दिए जाने के निर्देश दिए। 15 जुलाई तक 19 हजार से ज्यादा शिविर लगे प्रदेशभर में 12 जून से 15 जुलाई तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 19 हजार से ज्यादा शिविर आयोजित हो चुके हैं। शहरी सेवा शिविरों में 42 हजार से अधिक पट्टे जारी करने के साथ ही 13 हजार से अधिक नाम हस्तांतरण भी किए गए। वहीं, 1 लाख से अधिक जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीकरण, पालनहार योजना में 12 हजार से अधिक सत्यापन, 18 हजार से अधिक पीएम स्वनिधि ऋण आवेदन तथा 41 हजार से अधिक विद्युत कनेक्शन उपलब्ध करवाए गए। इसी प्रकार ग्रामीण सेवा शिविरों में 1 लाख 97 हजार से अधिक नामांतरण, लगभग 48 हजार से अधिक पत्थरगढ़ी/सीमाज्ञान, 27 हजार से अधिक आपसी सहमति से विभाजन तथा 18 हजार से अधिक रास्तों के प्रकरणों का निस्तारण किया गया। साथ ही ग्रामीण सेवा शिविरों में 25 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार, 11 लाख से अधिक की टीबी स्क्रीनिंग तथा साढ़े 4 लाख से अधिक महिलाओं की ओरल, ब्रेस्ट एवं सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग भी की गई।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच की मांग वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में सोमवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति के चैंबर में करीब दो घंटे तक चली इस सुनवाई के बाद मामले की अगली तारीख 20 अगस्त तय की गई है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति बीआर सिंह की खंडपीठ ने इस आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई की। यह याचिका कर्नाटक निवासी भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने दायर की है, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ लगे आरोपों की सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की गई है। इस मामले में न्यायालय पहले ही संबंधित एजेंसियों को निर्देश दे चुका है कि शिकायत मिलने पर आरोपों का कानून के अनुसार सत्यापन किया जाए। कोर्ट ने सीबीआई और ईडी को कानून के तहत उचित कार्रवाई करने की स्वतंत्रता भी दी थी। इसके अतिरिक्त, कोर्ट ने डीओपीटी, वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) को भी याचिका में लगाए गए आरोपों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। सोमवार को हुई सुनवाई के बाद देर शाम तक आदेश हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं हो सका। मामले की अगली सुनवाई अब 20 अगस्त को निर्धारित की गई है।
दुर्ग जिले में शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर एक ड्राइवर से 19 लाख रुपए की ठगी की गई है। आरोपियों ने 28 महीने में रकम चार गुना करने और हर महीने 10 से 12 प्रतिशत रिटर्न देने का लालच दिया था। मामले में एक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला उतई थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, आरोपी तृप्ति साहू खुद को 'रैम्बो इंटरनेशनल ट्रेडिंग कंपनी' की लीडर बताती थी। जांच में उसके कई बैंक खातों में लाखों रुपए के संदिग्ध लेनदेन मिले हैं। पुलिस का कहना है कि निवेशकों से मिली रकम का इस्तेमाल वह निजी कामों में कर रही थी। ड्राइवर को चार गुना रकम का लालच शिकायतकर्ता दीपक कुमार अहिरवार (35), निवासी ग्राम जोरातराई, उतई, पेशे से ड्राइवर हैं। उन्होंने बताया कि साल 2024 में उनकी पहचान ललित साहू के जरिए तृप्ति साहू से हुई। उसने दावा किया कि उसकी कंपनी 28 महीने में निवेश की रकम चार गुना कर देती है और हर महीने 10 से 12 प्रतिशत तक रिटर्न देती है। उसने यह भी कहा कि इसी कारोबार से उसने घर और कार खरीदी है। दीपक ने बताया कि 28 फरवरी 2024 को उन्होंने उतई में ललित साहू के घर पर तृप्ति साहू को 5 लाख रुपए नकद दिए। अगले दिन उनके नाम से निवेश की आईडी बनाई गई। करीब एक महीने बाद आरोपी ने 45 हजार रुपए देकर भरोसा जीत लिया। बैंक से लोन लेकर भेजे 14 लाख रुपए शुरुआती रकम मिलने के बाद दीपक ने एक्सिस बैंक से 15 लाख रुपए का लोन लिया। 28 मार्च 2024 को उसमें से 14 लाख रुपए आरोपी के कहने पर निखिल पिल्लई के एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी उनसे लगातार और निवेश करने के लिए कहा जाता रहा। रिश्तेदारों और दोस्तों से भी कराई निवेश आरोपी ने ज्यादा लोगों को जोड़ने पर अतिरिक्त कमाई का लालच दिया। इस पर दीपक ने अपने भाई, दोस्त और एक रिश्तेदार से 4 लाख रुपए लेकर निवेश कराया। उनके नाम से भी आईडी बनाई गई, लेकिन किसी को कोई रिटर्न नहीं मिला। पैसे मांगने पर पहचानने से किया इनकार कुछ समय तक रिटर्न मिलता रहा, लेकिन अप्रैल 2024 के बाद भुगतान बंद हो गया। आरोपी कंपनी अपडेट होने का बहाना बनाकर टालती रही। जब निवेशकों ने अपने पैसे वापस मांगे तो उसने पहचानने से इनकार कर दिया और कहा कि निवेश अपने जोखिम पर किया गया था। 19 लाख की ठगी का मामला दर्ज शिकायतकर्ता ने कुल 23 लाख रुपए निवेश करने की बात कही। हालांकि पुलिस जांच में फिलहाल 19 लाख रुपए की धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर उतई थाना में अपराध क्रमांक 389/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 420 और 34 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बैंक खातों में मिले संदिग्ध लेनदेन जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के एसबीआई, यस बैंक, केनरा बैंक और एचडीएफसी बैंक खातों की जांच की। खातों में लाखों रुपए के संदिग्ध लेनदेन मिले। पूछताछ में आरोपी ने निवेशकों से मिली रकम का निजी इस्तेमाल करने और कुछ लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की बात स्वीकार की। महिला गिरफ्तार, कार और दस्तावेज जब्त 20 जुलाई 2026 को पुलिस ने तृप्ति साहू को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के पास से बैंक पासबुक, पैन कार्ड, आधार कार्ड और कार (CG-07-CF-8179) जब्त की है।
बेमेतरा जिले के ग्राम निनवा के हल्का क्रमांक-40 की पटवारी अम्बा उपाध्याय पर स्वामित्व योजना के तहत डिजिटल रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के नाम पर अवैध वसूली करने का आरोप लगा है। ग्राम निनवा, सावतपुर, डुडा और उघरा के ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि ड्रोन सर्वे के बाद स्वामित्व योजना के तहत कब्जाधारियों का नाम डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए 20 हजार से 30 हजार रुपए तक की मांग की जा रही है। पैसे नहीं देने पर नाम दर्ज नहीं करने और काम रोकने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में कई लोगों के नाम शामिल शिकायत पत्र में कई ग्रामीणों के नाम और उनसे कथित रूप से मांगी या ली गई राशि का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ मामलों में पैसे लेने के बाद भी काम पूरा नहीं किया गया, जबकि एक प्रकरण में जमीन किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज करने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीण महिला ने सुनाई आप बीती ग्रामीण बैसाखी बाई ने बताया कि वह अपने बेटे के नाम पर आबादी भूमि दर्ज कराने के लिए पटवारी अम्बा उपाध्याय के पास गई थीं। उनके अनुसार, पटवारी ने काम के बदले पैसे मांगे और कहा कि यदि रकम नहीं दी गई तो नाम दर्ज नहीं किया जाएगा। जांच की मांग, कलेक्टर ने दिया भरोसा ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पटवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई के सांडी थाना क्षेत्र के चर्चित ईश्वरवती दहेज हत्याकांड में करीब आठ वर्ष बाद अदालत ने सोमवार शाम फैसला सुनाते हुए मृतका के पति को दोषी करार दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) की अदालत ने आरोपी अनूप कुमार को सात वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला वर्ष 2018 में न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार, कोथैरा पुरवा मजरा खुजरहरा निवासी लालता प्रसाद ने 2014 में अपनी पुत्री ईश्वरवती का विवाह सांडी थाना क्षेत्र के आदमपुर निवासी अनूप कुमार से किया था। विवाह में 75 हजार रुपये नकद सहित करीब डेढ़ लाख रुपये का दहेज दिया गया था। आरोप है कि शादी के बाद पति और उसके परिजन अतिरिक्त दहेज में मोटरसाइकिल की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर ईश्वरवती को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। आरोप लगाया कि अनूप कुमार के एक अन्य महिला से संबंध थे। इसका विरोध करने पर ईश्वरवती के साथ मारपीट की जाती थी। 10 मार्च 2017 को परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिली। परिवार का आरोप था कि मारपीट के बाद उसे जबरन जहरीला पदार्थ पिलाकर हत्या की गई। परिजनों का आरोप था कि स्थानीय पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों और न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय के आदेश पर 13 अप्रैल 2018 को सांडी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना और सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। अदालत ने आरोपी अनूप कुमार को दोषी मानते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। पुलिस के अनुसार, यह फैसला 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम है। अभियोजन अधिकारी चंद्र कुमार सिंह, विवेचक सीओ देवेंद्र राय तथा थाना सांडी के पैरोकार मुख्य आरक्षी अमित कुमार की प्रभावी पैरवी से अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध कराने में सफल रहा।
लखनऊ विश्वविद्यालय ने सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही के दौरान कथित तौर पर बाधा डालने के आरोप में दो LLB छात्रों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों छात्रों का एक वीडियो सामने आया था। बाद में वो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ था। जिसमें वो सुप्रीम कोर्ट के अंदर कथित तौर पर हंगामा करते, जज के सामने कागज फेंकते और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते नजर आए। मामले में FIR दर्ज होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई की है। LU के सेकेंड कैंपस के अपर प्रॉक्टर की ओर से गठित समिति की संस्तुतियों के आधार पर दोनों छात्रों को जांच पूरी होने तक निलंबित किया गया है। हॉस्टल कमरा भी निरस्त, कैंपस में प्रवेश पर रोक विश्वविद्यालय के नोटिस के अनुसार, निलंबित छात्रों में तीन वर्षीय LLB पाठ्यक्रम के पांचवें सेमेस्टर के छात्र सुरेंद्र सिंह और चंद्र भान शामिल हैं। दोनों को जांच अवधि के दौरान लखनऊ विश्वविद्यालय के परिसरों में प्रवेश से रोक दिया गया है। इसके अलावा, दोनों छात्रों के आवंटित हॉस्टल कमरों का आवंटन भी निरस्त कर दिया गया है। उन्हें छात्र संबंधी सुविधाओं से भी वंचित किया गया है। छात्रों को तीन कार्य दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। LU के प्रवक्ता मुकुल श्रीवास्तव ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर छात्रों के खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने गिरफ्तार किया था पुलिस के अनुसार, दोनों छात्रों को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कथित तौर पर हंगामा करने, CJI के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, जज की ओर कागज फेंकने और एक सुरक्षाकर्मी से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मामले में सुप्रीम कोर्ट जैसी संवैधानिक संस्था की गरिमा के प्रतिकूल आचरण से जुड़े आरोपों में FIR दर्ज की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया, जिसमें शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर बैठे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। नूंह दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में चौटाला ने कहा कि हजारों छात्र शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के सामने अपनी बात रख रहे थे। उनकी मांगों को सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए। छात्र कथित पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले युवाओं को न्याय दिलाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। चौटाला ने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से मतभेद भुलाकर छात्रों के समर्थन में खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट के अलावा हरियाणा में भी कई भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो युवाओं का व्यवस्था और सरकार पर से विश्वास उठ जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। नूंह में मनाई जाएगी चौधरी देवीलाल की जयंती इसी बीच, अभय सिंह चौटाला ने घोषणा की कि इनेलो का स्थापना दिवस और पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल की जयंती इस वर्ष 27 सितंबर को नूंह में भव्य स्तर पर मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले यह कार्यक्रम 25 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन जुम्मे की नमाज को देखते हुए मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए तिथि बदलकर 27 सितंबर कर दी गई है। चौटाला ने यह भी बताया कि पुन्हाना अनाज मंडी का निरीक्षण करने पर स्थान छोटा प्रतीत हुआ है। इसलिए कार्यकर्ताओं को 20 से 30 एकड़ खुली जमीन तलाशने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि विशाल रैली का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा सके।
गयाजी के बिल्डर से 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई है। रिवॉल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई है। कहा था कि रंगदारी दे दो नहीं तो तुम्हारे परिवार को जान से मार देंगे। कारोबार नहीं करने देंगे। पीड़िता विकास कुमार ने सोमवार को अपने कार्यालय में पीसी कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने सिविल लाइन थाने में केस भी दर्ज कराया है। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आवेदन में बताया है कि 3 जुलाई को अमित कुमार, उसका छोटा भाई सुमित कुमार और उनके साथ आए 3-4 लोगों ने ऑफिस में घुसकर हथियार दिखाकर 50 लाख रुपए रंगदारी मांगी है। 14 जुलाई को पीड़ित ने केस किया था, आज कारोबारी ने पीसी की है। केस नहीं करने की भी दी थी धमकी पीड़ित ने कहा कि अमित और सुमित दोनों भाई हैं। उनलोगों ने ऑफिस में घुसकर कहा था कि तुम कहां किस वक्त जाते हो हमलोग पूरी खबर रखते हैं। दोनों ने मेरे ऑफिस के बाहर रेकी की थी, फिर ऑफिस में घुसकर धमकाया था। मैंने पैसों की व्यवस्था की बात कहकर किसी तरह से घटना को टाला। दोनों का आपराधिक इतिहास है। उनलोगों ने कहा था कहीं केस किए तो समझ लेना। रंगदारी हमारे लिए बड़ा खेल नहीं है। ठीक से दे दिए तो ठीक है, कुछ नहीं होगा। सीसीटीवी पुलिस को सौंपा बिल्डर विकास कुमार सिविल लाइन थाना के गोडिया मठ गली के रहने वाले हैं। विकास कुमार ने बताया कि मेरा ऑफिस धर्मसभा भवन गली स्थित सरजू परिसर में है। घटना के समय वह अपने कार्यालय में बैठे थे। तभी अमित कुमार, सुमित कुमार और उनके साथी कार्यालय में पहुंचे। आरोपियों के हाथों में रिवॉल्वर और पिस्तौल थे। कार्यालय में घुसते ही उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी। मामले से जुड़ा एक सीसीटीवी भी है। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। सीसीटीवी में देखा जा सकता है कि दोनों आरोपी ऑफिस के बाहर खड़े हैं। पुलिस से सुरक्षा की मांग बिल्डर ने यह भी आरोप लगाया है कि अमित कुमार और सुमित कुमार के खिलाफ पहले से सिविल लाइंस और कोतवाली थाना में कई मामले दर्ज हैं। उनके खिलाफ कई अन्य संगीन मामले भी दर्ज है।विकास कुमार ने जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके परिवार की जान-माल का खतरा है। इसलिए सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
इंदौर के राजनगर में नशे की लत, कर्ज चुकाने के लिए पैसों की जरूरत और पारिवारिक मनमुटाव के चलते एक भतीजे ने अपने ताऊ की चाकू मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने पड़ोसी की दीवार पर खून से सने हाथों के निशान बनाए और ऐसा दिखाने की कोशिश की कि आरोपी पड़ोसी के घर की ओर भागा है। हालांकि, उसकी यह चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चली। रविवार को हुई इस वारदात का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए 50 वर्षीय कमल कुमावत हत्याकांड में आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में टूटा, कबूल कर ली हत्या पुलिस ने जब मृतक कमल कुमावत के 19 वर्षीय भतीजे चेतन कुमावत, पिता पप्पू कुमावत, निवासी डी सेक्टर राजनगर से पूछताछ की तो वह घबरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि कुछ महीने पहले तक पूरा परिवार संयुक्त रूप से रहता था। उस समय ताऊ का व्यवहार अच्छा था, लेकिन बंटवारे के बाद दोनों के रिश्तों में खटास आ गई थी। नशे की लत और पैसों के विवाद में की हत्या पूछताछ में चेतन ने बताया कि वह ब्राउन शुगर का आदी है। डीसीपी सुनील कुमार मेहता के अनुसार, आरोपी ने नशे और कर्ज चुकाने के लिए ताऊ से रुपए मांगे थे, लेकिन उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर उसने रात होने का इंतजार किया। रात करीब 2:30 बजे वह रसोई से चाकू लाया और सो रहे ताऊ पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने मृतक की पैंट की जेब से अलमारी की चाबी निकालकर नकदी तलाश की, लेकिन पैसे नहीं मिले। शक से बचने के लिए उसने जेवरात नहीं छुए। पुलिस को गुमराह करने के इरादे से उसने अपने खून से सने हाथ पड़ोसी की दीवार पर लगाए और ऐसा दिखाने की कोशिश की कि आरोपी पड़ोसी के घर की ओर भागा है। सुबह सामान्य होने का किया नाटक वारदात के बाद आरोपी ने खून से सने कपड़े फेंक दिए, हाथ-पैर धोए और सो गया। सुबह वह रोज की तरह काम पर चला गया, लेकिन चोट लगने के कारण उसे वापस घर भेज दिया गया। घर लौटने के बाद वह ताऊ के कमरे में पहुंचा और जोर-जोर से चिल्लाकर परिजन व आसपास के लोगों को बुला लिया। इसके बाद लोगों की मदद से कमल कुमावत को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की, जिसके बाद पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया।
हापुड़ डिवीजन के अतराड़ा बिजलीघर से जुड़े गांव अजराड़ा में एंटी करप्शन टीम ने अवर अभियंता (जेई) सुधीर और संविदा लाइनमैन तारा को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ देहात थाने में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दो कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए मांगी थी रिश्वत गांव अजराड़ा निवासी युनूस ने बताया कि उन्होंने सरताज और समीर के नाम पर दो-दो किलोवाट के दो कॉमर्शियल बिजली कनेक्शनों के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि अवर अभियंता सुधीर ने आवेदन निरस्त कर दिया और लंबे समय तक उन्हें परेशान करता रहा। अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ। इसके बाद युनूस ने एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराई। 15 हजार की मांग, 12 हजार में हुई सौदेबाजी शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाई। टीम ने युनूस से अवर अभियंता को फोन कराया, जिसमें जेई ने 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में दोनों के बीच 12 हजार रुपये देने पर सहमति बनी। सोमवार को रिश्वत की रकम देने का समय तय किया गया। लाइनमैन को पैसे लेने भेजा, दोनों रंगे हाथ दबोचे गए टीम प्रभारी मयंक अरोड़ा के नेतृत्व में ट्रैप टीम प्रभारी राहुल देव तोमर, जसवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, किशनपाल सिंह समेत 17 सदस्यीय टीम ने कार्रवाई की। अवर अभियंता ने युनूस को ट्याला स्टैंड पर बुलाया। आरोप है कि मौके पर पहुंचने के बाद जेई ने संविदा लाइनमैन तारा को रुपये लेने भेज दिया। शाम करीब सात बजे जैसे ही तारा ने 12 हजार रुपये लेकर जेई के पास पहुंचा, एंटी करप्शन टीम ने दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। देहात थाने में दर्ज हुई एफआईआर कार्रवाई के बाद एंटी करप्शन टीम दोनों आरोपियों को देहात थाने ले गई, जहां उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मेडिकल परीक्षण के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। समाचार लिखे जाने तक पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। देहात कोतवाली प्रभारी पारस मलिक ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बैतूल शहर के जैन दादावाड़ी परिसर में 18 जुलाई को आयोजित कांग्रेस के संगठन सृजन कार्यक्रम में हुए विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। कांग्रेस के जिला प्रवक्ता विजय पारधी की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने सोमवार शाम पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, कांग्रेस नेता एवं अधिवक्ता नवनीत मालवीय, मनोज मालवे, सलमान खान तथा अन्य साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। कार्यक्रम में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद थे। मारपीट कर जान से मारने की धमकी दीएफआईआर के अनुसार फरियादी विजय पारधी ने बताया कि वह जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी आमला के अध्यक्ष हैं। 18 जुलाई की शाम करीब 5 बजे वे संगठन सृजन कार्यक्रम में शामिल होने जैन दादावाड़ी पहुंचे थे। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान नवनीत मालवीय ने उन्हें देखकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर नवनीत मालवीय, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, मनोज मालवे, सलमान खान एवं अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए सार्वजनिक रूप से उनका अपमान किया, जान से मारने की धमकी दी और धक्का-मुक्की कर मारपीट की। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। वायरल वीडियो की जांच में जुटी पुलिसविजय पारधी का कहना है कि इस घटना से वह मानसिक रूप से बेहद आहत हैं। उनका कहना है कि अब तक समझ नहीं पा रहे हैं कि उनके साथ ऐसा क्यों किया गया। घटना के बाद से वह और उनका परिवार डरा हुआ महसूस कर रहा है। कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की संबंधित धाराओं तथा एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली थाना प्रभारी देवकरण डहरिया ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। वायरल वीडियो की भी जांच की जाएगी और उसमें दिखाई देने वाले घटनाक्रम तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पांसे बोले- बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहापूर्व मंत्री सुखदेव पांसे ने कहा कि इतना कोई घटनाक्रम नहीं हुआ, जितना बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। वहीं कांग्रेस नेता मनोज मालवे ने कहा कि यह पार्टी के भीतर का मामला है। इसे आपस में बैठकर सुलझा लिया जाएगा। जबकि नामजद आरोपी नवनीत मालवीय से इस संबंध में संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे चर्चा नहीं हो सकी।
पंचकूला जिले में पिंजौर के रामपुर सियूडी स्थित बस स्टैंड वाली कॉलोनी में सोमवार को एक 14 वर्षीय किशोरी ने आत्महत्या कर ली। किशोरी ने किराए के मकान में चुन्नी से फंदा लगाकर अपनी जान दी। मृतका संजना अपने परिवार के साथ डॉ. मेहर चंद के मकान में किराए के कमरे में रहती थी। उसके परिवार में माता-पिता और एक बड़ा भाई शामिल हैं। अमरावती चौकी पुलिस को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आसपास के लोगों से पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मामले की जांच कर रही पुलिस पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस परिवार के सदस्यों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज कर रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशालय और शासन सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नियमितिकरण, मानदेय बढ़ाने और आंगनवाड़ी कर्मियों से गैर-आईसीडीएस कार्य नहीं करवाने की मांग उठाई।प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को डिटेन कर गांधीनगर थाने पहुंचाया। बाद में सभी को थाने से छोड़कर उनके-अपने घरों के लिए रवाना कर दिया गया। 1 जुलाई से चल रहा था आंदोलनअखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर आंगनवाड़ी कर्मियों का आंदोलन 1 जुलाई से शुरू हुआ था। 1 से 6 जुलाई तक कार्य बहिष्कार किया गया, जबकि 7 से 18 जुलाई तक आम हड़ताल और ताला बंदी रही। 18 जुलाई को हुआ था समझौता18 जुलाई को विभाग और कर्मचारी संघ के बीच समझौता हुआ था। इसमें ग्रेच्युटी से जुड़े आदेश जल्द जारी करने और अन्य राज्यों में दिए जा रहे मानदेय का अध्ययन कर तीन महीने के भीतर मानदेय बढ़ाने पर निर्णय लेने पर सहमति बनी। समझौता पत्र पर विभाग की ओर से निदेशक वासुदेव मालावत और अतिरिक्त निदेशक दीनानाथ बब्बल, जबकि संघ की ओर से संस्थापक छोटीलाल बुनकर, संरक्षक विनीता शेखावत, प्रदेशाध्यक्ष रचना शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद हड़ताल समाप्त करने की घोषणा भी कर दी गई थी। मानदेय बढ़ोतरी पर स्पष्टता नहीं होने से नाराजगीहालांकि, कुछ आंगनवाड़ी कर्मियों ने समझौते का विरोध किया। उनका कहना है कि समझौते में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि मानदेय कितना बढ़ाया जाएगा। इसी वजह से सोमवार को उन्होंने फिर से प्रदर्शन किया। दूसरे राज्यों से कम है राजस्थान का मानदेयप्रदर्शनकारी कर्मियों का कहना है कि मध्य प्रदेश, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में आंगनवाड़ी कर्मियों को 11 हजार से 20 हजार रुपए तक मानदेय मिलता है, जबकि राजस्थान में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को करीब 6,500 से 10,500 रुपए तक ही मानदेय दिया जा रहा है। उनका कहना है कि अन्य राज्यों के बराबर मानदेय तय कर जल्द आदेश जारी किए जाएं।
लुधियाना जिले के जगराओं स्थित गांव डल्ला में एक एनआरआई की बंद कोठी को निशाना बनाने पहुंचे चोर को ग्रामीणों की मुस्तैदी से रंगे हाथ पकड़ लिया गया। चोरी की नीयत से घुसे युवक को ग्रामीणों ने मौके पर ही धर दबोचा और हल्की पिटाई के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव डल्ला के रहने वाले एनआरआई जगदेव सिंह की कोठी लंबे समय से बंद पड़ी थी। सोमवार को एक बाइक सवार युवक इस सूनी कोठी में चोरी के इरादे से दाखिल हो गया। आरोपी ने घर के अंदर से पीतल के बर्तन, नल की टूटियां, घड़ियां और अन्य कीमती सामान बटोर कर एक जगह इकट्ठा कर लिया था। मिस्त्री की सतर्कता से पकड़ा गया आरोपी जब आरोपी चोरी का सारा सामान लेकर कोठी से बाहर निकलने की फिराक में था, तभी पास में ही काम कर रहे एक मिस्त्री की नजर उस पर पड़ गई। मिस्त्री को तुरंत संदेह हुआ और उसने शोर मचा दिया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर एकत्र हो गए और भागने का प्रयास कर रहे आरोपी को चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। ग्रामीणों ने आरोपी को पिलाया पानी, परिजनों से कराई बात फिर सौंपा पुलिस को आरोपी को पकड़ने के बाद शुरुआत में आक्रोशित ग्रामीणों ने उसकी धुनाई की। हालांकि, इसके बाद ग्रामीणों ने मानवीयता दिखाते हुए युवक को ठंडा पानी पिलाया और पुलिस को सौंपने से पहले उसके परिजनों को फोन करके पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद आरोपी को बिना किसी देरी के थाना हठूर ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने शुरू की जांच, कानून हाथ में न लेने की अपील थाना हठूर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर चोरी के प्रयास और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहा है। वहीं, घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और कानून को अपने हाथ में लेने से बचें।
अयोध्या में बाल कल्याण समिति और पुलिस ने देवकाली बाईपास स्थित आर्य स्पा सेंटर पर सोमवार को छापेमारी की। टीम के पहुंचते ही स्पा सेंटर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन जांच में किसी प्रकार की संदिग्ध या अनैतिक गतिविधि सामने नहीं आई। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सर्वेश अवस्थी ने बताया- शासन के निर्देश पर जिले के स्पा सेंटरों का निरीक्षण किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं किसी नाबालिग से अवैध कार्य तो नहीं कराया जा रहा और उनका किसी प्रकार का शोषण तो नहीं हो रहा। इसी क्रम में शिकायत के आधार पर आर्य स्पा सेंटर की जांच की गई। दस्तावेज और कर्मचारियों का किया सत्यापन संयुक्त टीम ने स्पा सेंटर में कार्यरत कर्मचारियों का सत्यापन किया। साथ ही लाइसेंस सहित अन्य आवश्यक अभिलेखों की भी गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान कोई अनियमितता, आपत्तिजनक सामग्री या नियमों के उल्लंघन का मामला सामने नहीं आया। अधिकारियों ने बताया कि जिले के अन्य स्पा सेंटरों पर भी इसी तरह औचक निरीक्षण किए जाएंगे, ताकि नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और कानून का कड़ाई से पालन कराया जा सके।
बालाघाट में चावल घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए गोंदिया (महाराष्ट्र) के दो बड़े राइस मिलर्स को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने खंडेलवाल राइस मिल के संचालक किशनलाल खंडेलवाल और जुगल खंडेलवाल को पकड़ा है। इसके साथ ही इस बहुचर्चित मामले में अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 3.5 करोड़ रुपए का फोर्टिफाइड चावल खरीदने का आरोप जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार खंडेलवाल बंधुओं ने एथेनॉल प्लांट के नाम पर सरकारी गोदामों से निकला करीब 3.5 करोड़ रुपए का फोर्टिफाइड चावल खरीदा था। आरोपियों का बड़ा राइस उद्योग है और वे शराब फैक्ट्रियों को भी माल सप्लाई करते हैं। इससे पहले पुलिस ने नैतरा की श्री बिहारी राइस मिल के संचालक बिहारी पटले, शांति राइस मिल के संचालक सुरेंद्र राणा, विराज राइस मिल के संचालक और मुनीम समेत अन्य आरोपियों को पकड़ा था। 16 हजार मीट्रिक टन चावल का घोटाला, एथेनॉल प्लांट का मालिक फरार जानकारी के अनुसार, करीब एक साल के भीतर एवीजे एथेनॉल प्लांट (छिंदवाड़ा) के नाम पर एफसीआई और सरकारी गोदामों से गरीबों के लिए निकला 16 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा फोर्टिफाइड चावल डायवर्ट किया गया। दलालों के जरिए यह चावल राइस मिलों में भेजा गया और मिलर्स ने इसी चावल की मिलिंग दिखाकर वापस सरकार के पास जमा कर दिया। मामले में एथेनॉल प्लांट का मालिक, उसका बेटा और सिवनी के राइस मिलर्स फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है । 12 करोड़ का चावल और 20 से ज्यादा ट्रक जब्त पुलिस ने इस मामले में अब तक 13 से ज्यादा लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। कार्रवाई के दौरान राइस मिलों से 12 करोड़ रुपये से अधिक कीमत का 5 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा चावल और परिवहन में इस्तेमाल 20 से अधिक ट्रक जब्त किए जा चुके हैं। एसआईटी की टीम मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। यह खबर भी पढ़ें… MP में 1160 करोड़ के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में एक्शन:राइस मिलर, एथेनॉल प्लांट और ट्रांसपोर्टर्स सहित 13 नामजद, पूर्व सांसद बोले- सीबीआई जांच हो मध्यप्रदेश के बालाघाट में 1,160 करोड़ रुपए के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। अब तक 17 ट्रक जब्त किए जा चुके हैं। 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ हो चुकी है। 13 से ज्यादा आरोपियों को नामजद कर लिया गया है। हालांकि कुछ नामों का खुलासा नहीं किया गया है। इसमें कई रसूखदार नाम भी शामिल है। दैनिक भास्कर ने खुलासा किया था कि एथेनॉल उत्पादन के नाम पर सरकारी फोर्टिफाइड चावल की खरीद-बिक्री में करोड़ों रुपए का खेल चल रहा है। सरकारी सिस्टम से करीब 2320 रुपए प्रति क्विंटल में निकलने वाला चावल करीब 2800 रुपए प्रति क्विंटल में बेचा जा रहा था। इस पूरे नेटवर्क में कई स्तरों पर मुनाफा बांटा जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर --------------------------------------- एथेनॉल के नाम पर 1160 करोड़ का चावल घोटाला: 2320 में खरीदकर 2800 में बेच रहे, मुनाफे में सब हिस्सेदार…‘खुलासे’ से डर रही पुलिस देश में एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को पर्यावरण-अनुकूल नीति के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, मध्य प्रदेश में एथेनॉल प्रोडक्शन के नाम पर सरकारी चावल के घोटाले का मामला सामने आया है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि 5 लाख मीट्रिक टन (50 लाख क्विंटल) सरकारी चावल में से ज्यादातर चावल का इस्तेमाल एथेनॉल बनाने में हुआ ही नहीं। यह चावल दोबारा सरकारी गोदाम पहुंच गया। इसकी कीमत करीब 1160 करोड़ रुपए है। पढ़ें पूरी खबर
यूपी में 2 और एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। पहला- विंध्य एक्सप्रेस-वे। यह प्रयागराज की सोनवार तहसील से सोनभद्र तक 330 किमी लंबा होगा। दूसरा- विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे। चंदौली-गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए यह 117 किमी लंबा बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में दोनों एक्सप्रेसवे के एलाइंमेंट को मंजूरी दी जाएगी। सीएम आवास पर सुबह 10.30 बजे होने वाली बैठक के लिए मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोमवार शाम करीब 8:30 बजे एजेंडा जारी किया। करीब 12 एजेंडे में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट बैठक में मानसून सत्र बुलाने का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल नहीं है, लेकिन बैठक में इस पर भी चर्चा हो सकती है। सरकार जुलाई के अंतिम सप्ताह या 3 अगस्त से मानसून सत्र शुरू करने पर विचार कर रही है। 5 राज्यों से यूपी की कनेक्टिविटी बढ़ेगी यूपीडी के एक अधिकारी ने बताया- विंध्य एक्सप्रेस-वे प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेस-वे के अंतिम छोर (सोनवार तहसील) से शुरू होगा। इसके बाद यह मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी और चंदौली से होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। यह यूपी को बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमाओं से सीधे जोड़ेगा, जिससे अंतर-राज्यीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 22,400 करोड़ रुपए है। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद प्रयागराज से सोनभद्र का सफर सवा तीन घंटे में पूरा हो जाएगा, इसमें अभी साढ़े छह घंटे तक समय लगता है। विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे चंदौली-गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के अंतिम छोर को विंध्य एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। 130 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, विंध्य एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे दिल्ली से लेकर सीधे बिहार और मध्य प्रदेश की सीमा तक निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी। अहम बातें पढ़िए… कैबिनेट के प्रमुख प्रस्ताव, जिन पर मुहर लग सकती है ***************** यह खबर भी पढ़िए:- राममंदिर चढ़ावा चोरी- योगी ने नई SIT को मंजूरी दी:आज ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- सरकार दोबारा SIT बनाए; राजनीति नहीं होनी चाहिए अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा SIT बनाने का आदेश दिया है। सोमवार दोपहर 3:30 बजे सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने कहा- नए सिरे से SIT बनाई जाए। सीनियर IPS अधिकारी टीम की अगुआई करें, ताकि जांच किसी निर्णायक स्तर तक पहुंचे। CJI ने कहा- ‘हम केवल सावधान करना चाहते हैं। इस मामले में राजनीति न करें। पहली नजर में यह दंड कानून के तहत अपराध का मामला लगता है। इसकी निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूरी ईमानदारी से जांच होनी चाहिए। जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए। बस हमारी यही बात है।’ पढ़ें पूरी खबर…
आजमगढ़ में मतदेय स्थलों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार शाम जिला निर्वाचन अधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। बैठक में विधायक, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मतदेय स्थलों के पुनर्गठन को लेकर चर्चा की गई। सभी उप जिलाधिकारी (एसडीएम) वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार 1200 मतदाताओं के आधार पर मतदेय स्थलों का पुनर्गठन किया जा रहा है। प्रारंभिक सूची के प्रकाशन के बाद प्राप्त आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण के उपरांत अंतिम सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद सभी संलग्नकों के साथ प्रस्ताव 25 जुलाई तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय 31 जुलाई तक इसे निर्वाचन आयोग के अनुमोदन के लिए प्रेषित करेगा। 21 जुलाई तक दें आपत्तियां, 22 जुलाई को बनेगी अंतिम सूची बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि 21 जुलाई को जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मतदेय स्थलों के संबंध में आपत्तियां और सुझाव प्राप्त करें। प्राप्त सुझावों का तत्काल परीक्षण और सत्यापन कर 22 जुलाई की शाम तक अंतिम सूची तैयार कर भेजी जाए। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे विधानसभा क्षेत्रवार मतदेय स्थलों से संबंधित आपत्तियां और सुझाव 21 जुलाई तक जिला निर्वाचन कार्यालय में उपलब्ध करा दें, ताकि समय से उनका निस्तारण कर प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा जा सके। निर्वाचन आयोग के मानकों का होगा पालन जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार ऐसे मतदेय स्थलों को चिह्नित किया जाए, जो मुख्य गांव या बस्ती से अधिक दूरी पर हैं। ऐसे मतदान केंद्रों को हटाकर मतदान क्षेत्र के भीतर किसी सुविधाजनक भवन में स्थापित किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए लगभग दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन मतदेय स्थलों के भवन सुरक्षित हैं, जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से कम है और मतदाताओं को दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ती, उनकी स्थिति में कोई बदलाव न किया जाए। बैठक में सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, अतरौलिया विधायक संग्राम यादव, गोपालपुर विधायक नफीस अहमद, मुबारकपुर विधायक अखिलेश यादव, मेंहनगर विधायक पूजा सरोज, लालगंज विधायक बेचई सरोज, उप जिला निर्वाचन अधिकारी गंभीर सिंह तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
चित्तौड़गढ़ क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव अब बड़े विवाद की वजह बन गया है। चुनाव कराने का दावा किया गया, लेकिन जिस जगह मतदान होना बताया गया था वहां चुनाव जैसी कोई गतिविधि नहीं मिली। कई सदस्यों का कहना है कि उन्हें चुनाव की सूचना ही नहीं दी गई। जिला खेल अधिकारी और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) तक को आखिरी समय में जानकारी मिली। इतना ही नहीं, चुनाव के बाद भी नतीजों की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई। ऐसे में पूरा चुनाव सवालों के घेरे में आ गया है और इसकी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। तय जगह पर नहीं मिला चुनाव, दूसरे होटल में होने की चर्चा जानकारी के अनुसार चित्तौड़गढ़ क्रिकेट एसोसिएशन पिछले करीब दो साल से तदर्थ (एडहॉक) कमेटी के जरिए संचालित हो रही है। कुछ सदस्यों ने चुनाव नहीं होने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद कोर्ट ने चुनाव कराने के निर्देश दिए। आरोप है कि 25 मई की तारीख का नोटिफिकेशन जारी दिखाया गया और 19 जुलाई को मतदान तय कर दिया गया, लेकिन इसकी जानकारी न तो एसोसिएशन के अधिकांश सदस्यों को दी गई और न ही समय पर संबंधित विभागों तक पहुंची। रविवार को जब सदस्य और अन्य लोग सांवलियाजी स्थित गोकुल विश्रांति गृह पहुंचे, जहां चुनाव होना बताया गया था, तो वहां चुनाव अधिकारी नहीं मिले और चुनाव कार्यालय बताए गए कमरे पर ताला लगा मिला। बाद में चर्चा रही कि मंगलवाड़ क्षेत्र के एक होटल में कुछ लोगों की मौजूदगी में चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। 24 घंटे बाद भी नहीं आए नतीजे, कई सवाल खड़े हुए चुनाव को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर मतदान हो चुका था तो उसके बाद परिणाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए। आमतौर पर चुनाव पूरा होने के बाद चुनाव अधिकारी विजेताओं की घोषणा करता है, लेकिन यहां 24 घंटे से ज्यादा समय बीतने के बाद भी कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई। चुनाव अधिकारी, तदर्थ समिति के अध्यक्ष और संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कई लोगों ने फोन नहीं उठाया। कुछ सदस्यों का आरोप है कि एसोसिएशन के पुराने सदस्यों को सूचना नहीं दी गई और नए सदस्यों को जोड़कर चुनाव कराने की कोशिश की गई। उनका यह भी कहना है कि तदर्थ समिति को नए सदस्य बनाने का अधिकार ही नहीं है। ऐसे में पूरे चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश और प्रक्रिया पर भी उठे सवाल इस मामले में सदस्यों का कहना है कि हाईकोर्ट ने समय पर चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन चुनाव की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं अपनाई गई। आरोप है कि मतदाता सूची सार्वजनिक नहीं की गई, सदस्यों को नोटिस नहीं भेजा गया और चुनाव की जानकारी भी अंतिम समय में दी गई। जिला खेल अधिकारी और आरसीए को भी समय पर सूचना नहीं मिलने की बात सामने आई है। अब एसोसिएशन के कई सदस्य पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और चुनाव प्रक्रिया की वैधता की जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि क्रिकेट जैसे महत्वपूर्ण खेल से जुड़े संगठन में चुनाव पूरी पारदर्शिता और तय नियमों के अनुसार होने चाहिए, ताकि खिलाड़ियों और खेल के हितों पर किसी तरह का सवाल खड़ा न हो।
हरियाणा के पंचकूला की फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पंचकूला की दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में उसे 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। मामला वर्ष 2024 में थाना कालका में दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार, 12 अप्रैल 2024 को एक महिला ने अपनी 16 वर्षीय बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 365 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने लगातार प्रयास करते हुए 28 मई 2024 को किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। पीड़िता के बयान, मेडिकल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा-6 जोड़ी गई।मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए पुलिस ने जांच के दौरान पीड़िता के न्यायालय में बयान दर्ज करवाए, मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए तथा स्कूल रिकॉर्ड के जरिए उसकी आयु का प्रमाण भी अदालत में पेश किया। इन वैज्ञानिक और तथ्यात्मक साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने प्रभावी पैरवी की, जिसके बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
कानपुर देहात के रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र में खेत से लौट रही मां-बेटी को गांव के कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर पीटा। बचाव में पहुंचे पति और उसके भाइयों पर भी लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना की वजह जमीनी विवाद बताया गया है, पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का आरोप है कि पहले भी 3 बार शिकायत कर चुके है, लेकिन कुछ नहीं हुआ। घटना रविवार शाम रसूलाबाद कोतवाली क्षेत्र के इटैली गांव के मजरा रिवरी में हुई। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। आरोप है कि खेतों से काम कर घर लौट रही मां और बेटी पर गांव के कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इस घटना से गांव में तनाव का माहौल बन गया। पीड़ित रामबाबू ने बताया कि उसकी पत्नी अनीता और बेटी पूनम रविवार शाम खेतों से घर लौट रही थीं। आरोप है कि रास्ते में गांव के संदीप, अनिल, शिवमोहन और कमलेश ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर रामबाबू और उसके भाई रोहित, अरविंद तथा दुर्गेश मौके पर पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे सभी घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण एकत्र हो गए। पीड़ित पक्ष ने रसूलाबाद कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी मारपीट की शिकायत दी गई है। रसूलाबाद कोतवाली प्रभारी शिवनारायण सिंह ने बताया एक पक्ष से शिकायत मिली हैं। दूसरे पक्ष से शायद चौकी पर शिकायत दी गई उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस घटना के कारणों और दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल कर रही है।
शिवपुरी में चार अवैध कॉलोनाइजरों पर FIR दर्ज:बिना अनुमति कॉलोनी विकसित करने पर कार्रवाई
शिवपुरी जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर और एसडीएम न्यायालय के आदेश के बाद, सोमवार को चार अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मध्यप्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 61-घ के तहत मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में, अभिजीत सिंह भदौरिया पिता धर्मसिंह भदौरिया के खिलाफ ग्राम सिंहनिवास में बिना वैध अनुमति के कॉलोनी विकसित करने का आरोप है। दूसरे मामले में, जितेंद्र शर्मा पिता मोहनलाल शर्मा, निवासी तुलसीनगर, झांसी तिराहा, शिवपुरी के खिलाफ ग्राम सिंहनिवास में अवैध कॉलोनी विकसित करने के आरोप में कोतवाली थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। तीसरा आरोपी कावेन्द्र सिंह पिता कप्तान सिंह, निवासी सुभाष नगर, मुरैना है। उनके खिलाफ ग्राम सिंहनिवास में अनुमति कॉलोनी विकसित करने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। चौथे मामले में, राजीव गुप्ता पिता रमेशचंद्र गुप्ता, जो राज रियल एस्टेट डेवलपर्स लिमिटेड के प्रोपराइटर हैं और हनुमान कॉलोनी, शिवपुरी के निवासी हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। उन पर ग्राम नोहरीकला में नियमों के विपरीत कॉलोनी विकसित करने का आरोप है। यह कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) शिवपुरी के आदेशों के पालन में और जनपद पंचायत की शिकायत के आधार पर की गई है। जिला प्रशासन ने इन अवैध कॉलोनियों के प्लॉटों के क्रय-विक्रय और नामांतरण पर पहले ही रोक लगा दी थी। प्रशासन ने आम जनता से अपील की कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी सभी वैधानिक स्वीकृतियों और कॉलोनाइजर के लाइसेंस की पूरी जांच अवश्य करें।
रामानुज परिवार के तत्वावधान में हिन्दी भवन में आज कथा का दूसरा दिन रहा। 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में आज श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा का दिव्य वाचन श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर के श्रीमुख से हुआ। द्वितीय दिवस का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, भगवान श्रीहरि के पूजन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। अपने ओजस्वी एवं भावपूर्ण प्रवचन में श्रीमद्भागवत महापुराण के दिव्य स्वरूप, भगवान श्रीहरि की अनंत महिमा तथा भक्त ध्रुव के अटल विश्वास, तप, त्याग और निष्काम भक्ति का अत्यंत प्रेरणादायक वर्णन किया। ध्रुव के चरित्र के बारे में बताया उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन तभी सार्थक होता है, जब वह भगवान के प्रति निष्काम प्रेम, सेवा और समर्पण का भाव अपनाता है। ध्रुव का चरित्र हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, श्रद्धा और ईश्वर पर अटूट विश्वास बनाए रखने की प्रेरणा देता है।श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, भक्ति, सदाचार और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाने वाला दिव्य प्रकाश है। कथा श्रवण से मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक जागरण होता है और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा संस्कारों का संचार होता है। आज के मुख्य यजमान सुभाष गुप्ता व सुषमा गुप्ता रहे। उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन कर कथा का पुण्य लाभ प्राप्त किया। महाआरती में पहुंच रहे भक्त कथा स्थल पर भगवान श्रीहरि के जयघोष, मधुर भजन-कीर्तन एवं भक्तिमय वातावरण से सम्पूर्ण हिन्दी भवन परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया तथा महाआरती में भाग लेकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन की व्यवस्थाओं में राजेश गर्ग, धवल गुप्ता, दिनेश सिंह, नीरू गर्ग एवं गौरव बंसल ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। वहीं महाआरती के उपरांत भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी सभी कार्यकर्ताओं के सहयोग से सुव्यवस्थित एवं भक्तिभाव के साथ सम्पन्न कराई गई। कथा 25 जुलाई तक चलेगी।
राजनांदगांव की सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने आरके नगर चौक पर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले नाबालिग समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लूट में इस्तेमाल की गई है बिना नंबर प्लेट की स्कूटी और लूटा गया मोबाइल बरामद किया गया है। मामला 19 जुलाई का है। एक बाइक सवार देवरी (महाराष्ट्र) से अपनी मां को दवाई देकर भिलाई (कैंप-01) लौट रहा था। आरके नगर चौक के पास उसकी बाइक का फ्यूल खत्म हो गया। जब वह पैदल गाड़ी ले जा रहा था, तभी शाम करीब 4:15 बजे बिना नंबर की काली स्कूटी पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने उसे धक्का देकर गिरा दिया। आरोपियों ने पीड़ित के गले से आधा तोला सोने की चेन और जेब से मोबाइल लूट लिया। लूटे गए सामान की कुल कीमत लगभग 54,000 रुपए बताई गई है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।पीड़ित की शिकायत पर सिटी कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 384/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ में कबूला जुर्म मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने शहर के प्रमुख चौराहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल गिरफ्तार किए गए बालिग आरोपियों में सुरेंद्र यादव (18), निवासी लखोली नाका चौक, अशोक राईस मिल रोड, राजनांदगांव और अभिषेक कुम्भारे (18), निवासी भरकापारा, गंज चौक, राजनांदगांव शामिल हैं। इनके साथ एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने इन आरोपियों को 20 जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
उदयपुर की हिरणमगरी और सूरजपोल थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 अलग-अलग मामलों में अंतरराज्यीय चेन स्नैचर गिरोह और पर्स छीनने वाले बदमाशों का पर्दाफाश किया है। हिरणमगरी पुलिस ने चोरी की बाइक से चेन स्नैचिंग करने वाले 2शातिर आरोपियों को अजमेर से गिरफ्तार किया है। वहीं, सूरजपोल पुलिस ने स्कूटी सवार महिला से पर्स छीनकर भागने वाले आरोपियों को भी पकड़ा है। एसपी डॉ अमृता दुहन ने बताया कि हिरणमगरी थाना पुलिस ने अहमदाबाद निवासी भौमिक उर्फ लाला और सूरत निवासी जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी रविंद्र चारण के नेतृत्व में बनी स्पेशल 'टारगेट टीम' ने 9 दिनों की कड़ी मशक्कत और 400 से 500 किलोमीटर की दूरी तय कर आरोपियों को अगली वारदात को अंजाम देने से ठीक पहले पकड़ा। दोनों आरोपी पिछले 17 सालों से लगातार अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं। ये आरोपी लूट और स्नैचिंग के पैसों से बेहद खर्चीली और विलासितापूर्ण लाइफस्टाइल जीते हैं। इनके खिलाफ राजस्थान और गुजरात के अलग-अलग थानों में हत्या, लूट, धोखाधड़ी, चोरी और चेन स्नैचिंग के करीब 18 मामले दर्ज हैं। ये वर्तमान में वडोदरा और सूरत पुलिस के मामलों में भी वांछित चल रहे थे। हेलमेट और रुमाल का इस्तेमाल करते थे एसपी ने बताया कि जांच में बदमाशों का बेहद हैरान करने वाला तरीका सामने आया है। आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए गुजरात से बाइक चोरी कर राजस्थान में और राजस्थान से बाइक चुराकर गुजरात के शहरों में वारदात करते थे। पुलिस से बचने के लिए आरोपी वारदात वाले शहर से करीब 100 किलोमीटर पहले ही अपने मोबाइल बंद कर लेते थे। पहचान छिपाने के लिए वे हमेशा हेलमेट और रुमाल का इस्तेमाल करते थे। किसी भी शहर से वाहन चुराकर 400 से 500 किलोमीटर दूर जाकर वारदात करते थे और फिर उस वाहन को किसी सुनसान जगह पर छोड़कर दूसरे साधनों से भाग निकलते थे। हिरणमगरी पुलिस टीम ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर 9 दिनों तक घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में सुनसान जगह बाइक छोड़कर पैदल जाते बदमाशों का हुलिया भूपालपुरा की पुरानी वारदात से मैच हो गया। पुलिस ने ऑटो चालकों, ट्रैवल्स एजेंटों से पूछताछ और तकनीकी मदद से अहमदाबाद होते हुए अजमेर में आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों ने पूछताछ में जून महीने में हाथीपोल क्षेत्र से बाइक चुराने और भूपालपुरा में चेन स्नैचिंग की वारदात कबूल की है। एसपी दुहन ने बताया कि दूसरी बड़ी कार्रवाई में सूरजपोल पुलिस ने 18 जुलाई की रात हुई पर्स छीनने की वारदात का पर्दाफाश किया। भटियानी चौहटा से अपने घर जा रही महिला का पीछा कर बाइक सवार बदमाशों ने पर्स छीन लिया था। इस दौरान महिला चलती स्कूटी से नीचे गिर गई, जिससे उसके हाथ और शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं। थानाधिकारी सूर्यभान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी मदद के आधार पर बाघपुरा के जंगलों में दबिश देकर 19 साल के आरोपी ललित को गिरफ्तार किया। 2 बाल अपचारियों को डिटेन किया। पुलिस ने इनके कब्जे से छीना गया पर्स, चांदी की पायजेब, एटीएम कार्ड और वारदात में इस्तेमाल पावर बाइक बरामद की है।
मुजफ्फरपुर में सोमवार देर शाम रिटायर्ड बैंककर्मी और उनकी पत्नी की हत्या कर दी गई। बैंककर्मी के शरीर पर चाकू से वार के कई निशान मिले हैं, जबकि मकान की तीसरी मंजिल पर उनकी पत्नी का शव मिला। शुरुआती जांच में पत्नी की गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना का खुलासा तब हुआ, जब बेंगलुरु में रह रहे दंपती के बेटे ने घर के CCTV कैमरों में गड़बड़ी देखी। शक होने पर उसने पड़ोसी को फोन कर घर जाकर देखने के लिए कहा। पड़ोसी जब घर पहुंचा तो दोनों मृत अवस्था में पाए गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल हत्या किसने और क्यों की, इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस के मुताबिक, किसी ने प्लानिंग के तहत बुजुर्ग दंपती की हत्या की है। घटना रामबाग इलाके के मिठनपुरा की है। नीच कुछ तस्वीरें देखिए… महिला के शरीर पर भी खून के निशान मृत रिटायर्ड बैंककर्मी की पहचान अशोक कुंवर के रूप में हुई है, जो पंजाब नेशनल बैंक में थे। पत्नी नीलम कुंवर हाउस वाइफ है। पुलिस के मुताबिक, आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने घर में घुसकर अलग-अलग मंजिलों पर दोनों की हत्या की। ग्राउंड फ्लोर पर पति की हत्या की गई। जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने पहले रिटायर्ड बैंककर्मी अशोक कुमार पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया। उनकी पीठ पर करीब एक दर्जन बार चाकू से वार किए गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनका शव घर के प्रथम मंजिल पर मिला। वहीं तीसरे फ्लोर पर पत्नी को मारा गया है। पति की हत्या के बाद अपराधियों ने दूसरे तल पर मौजूद उनकी पत्नी को निशाना बनाया। पहले उनका मुंह टेप से बांधा गया और फिर गले में गमछा लपेटकर उनकी हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। पड़ोसी ने जब घर के अंदर दोनों के शव देखे तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। स्थानीय निवासी चिंकू कुमार ने बताया कि सोमवार रात करीब आठ बजे उन्हें मृतक के बेटे निखिल का फोन आया। निखिल ने बताया कि घर का सीसीटीवी कैमरा ठीक से काम नहीं कर रहा है और माता-पिता से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके बाद जब वह घर पहुंचे तो अंदर दोनों का शव पड़ा मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लूटपाट, संपत्ति विवाद के एंगल पर जांच कर रही पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी स्वयं पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच का जायजा लिया। उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की गहन जांच कर रही है। शुरुआती जांच में हत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, पुलिस आपसी रंजिश, लूटपाट का विरोध, संपत्ति विवाद समेत सभी संभावित एंगल पर जांच कर रही है। इसके अलावा, आसपास के इलाकों और घर के बाहर लगे CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जयपुर में पुलिस ने साइबर फ्रॉड गिरोह के दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के बैंक खातों की जांच में साइबर पोर्टल नंबर 1930 पर 13 अलग-अलग साइबर शिकायतें दर्ज मिली थीं। इनमें करीब 17 लाख रुपए की ठगी के रुपए आए थे। पुलिस ने आरोपियों से दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। उनके बैंक खातों में करीब 5 लाख रुपए की राशि फ्रीज कराई है। विशेष अभियान 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत पुलिस ने यह कार्रवाई की। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया- जांच में सामने आया कि आरोपी जयपुर के पॉश इलाकों में चाय की थड़ियों पर बैठकर स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स को कमीशन का लालच देते थे। इसके बदले स्टूडेंट्स के बैंक खाते किराए पर लेकर उनमें साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर 19 जुलाई को दो आरोपी अरिहंत जैन (19) निवासी शांतिनगर दुर्गापुरा और युवराज सिंह उर्फ युवी (20) निवासी मानसरोवर को गिरफ्तार किया। एटीएम से रुपए निकाकर आरोपियों तक पहुंचाते आरोपी म्यूल अकाउंट वाले खातों में आए रुपयों को एटीएम से निकालकर गिरोह के मुख्य आरोपियों तक पहुंचाते थे। ताकि साइबर पोर्टल 1930 पर शिकायत दर्ज होने से पहले रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ट्रेसिंग से बचाया जा सके। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ शिप्रापथ थाने में बीएनएस और आईटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश कर रही है। 'आपका मोबाइल फिर से आपका' अभियान में 519 मोबाइल बरामद वहीं जयपुर साउथ पुलिस के विशेष अभियान 'आपका मोबाइल फिर से आपका' के तहत CEIR पोर्टल की मदद से 519 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.75 करोड़ रुपए बताई गई है। पुलिस ने ये मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए हैं। 5 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी राशि होल्ड साल 2026 में जुलाई तक साइबर पोर्टल की सहायता से 5 करोड़ 3 लाख 83 हजार 876 रुपए की संदिग्ध राशि होल्ड कराई गई है। वहीं 26 लाख 96 हजार 69 रुपए पीड़ितों के खातों में रिफंड कराए गए। इसके अलावा साल 2025-26 के दौरान जयपुर दक्षिण पुलिस ने करीब 18 हजार साइबर शिकायतों का निस्तारण किया। 5,500 से अधिक लोगों को किया साइबर जागरूक साइबर अपराध की रोकथाम के लिए साइबर सेल जयपुर दक्षिण ने विशेष जागरूकता अभियान चलाते हुए 20 स्कूलों और कॉलेजों सहित विभिन्न स्थानों पर 5,500 से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव के बारे में जागरूक किया।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में 21 जुलाई को दिल्ली स्थित किसान घाट पर आयोजित होने वाली महारैली की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 'देश बचाओ मोर्चा' के बैनर तले एकजुट हुए विभिन्न किसान और मजदूर संगठनों के शीर्ष नेता सोमवार शाम फतेहगढ़ साहिब पहुंचे। ये सभी नेता यहां रात्रि विश्राम करने के बाद मंगलवार सुबह काफिले के साथ दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को तुरंत रद्द करवाने की मांग को लेकर यह विशाल आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि केंद्र सरकार इस समझौते को लागू करती है, तो इससे देश की संपूर्ण कृषि व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी और भारतीय किसानों के हितों को गहरा आघात पहुंचेगा। हरियाणा सरकार की नीतियों और शंभू बॉर्डर बंदी का विरोध किसान नेता पंधेर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हालिया बयानों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि सरकार किसानों की मूल समस्याओं का समाधान करने से भाग रही है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा शंभू बॉर्डर को एक तरफ से बंद किए जाने के फैसले को दमनकारी नीति करार दिया। इसके साथ ही किसान नेताओं ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी का भी पुरजोर विरोध किया। देश के कई राज्यों से दिल्ली पहुंचेंगे हजारों किसान और मजदूर मोर्चा के नेताओं ने बताया कि इस महारैली में शामिल होने के लिए पंजाब के सभी जिलों से सैकड़ों बसों और अन्य वाहनों के काफिले दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और ओडिशा समेत देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में किसान, मजदूर और जन-संगठनों के प्रतिनिधि दिल्ली पहुंच रहे हैं। मुख्य रूप से प्रभावित होंगी ये फसलें किसान नेताओं के अनुसार, इस व्यापार समझौते का सबसे बुरा प्रभाव देश में मक्का, सोयाबीन, कपास, सेब, नाशपाती और ड्राई फ्रूट्स के उत्पादन पर पड़ेगा। इसके अलावा यह समझौता देश के अन्य आर्थिक क्षेत्रों के लिए भी नुकसानदेह साबित होगा। नेताओं ने स्पष्ट किया कि 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा, जो सुबह शुरू होकर शाम करीब चार बजे समाप्त होगा।
शेखपुरा जिले में पिछले तीन दिनों से मॉनसून सक्रिय है। बीते 24 घंटों में जिले में औसतन 35 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसमें घाटकुसुंभा प्रखंड में सर्वाधिक 63 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। बरबीघा प्रखंड क्षेत्र में 43 मिलीमीटर, शेखोपुरसराय में 38 मिलीमीटर, अरियरी में 25.4 मिलीमीटर और चेवाड़ा प्रखंड में 23.8 मिलीमीटर बारिश हुई। सदर प्रखंड शेखपुरा में सबसे कम 18.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इससे पहले भी जिले में मध्यम दर्जे की 20 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जिसमें घाटकुसुंभा क्षेत्र में ही सबसे अधिक वर्षा हुई थी। जुलाई माह में जिले में औसतन 360 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जाती है, जबकि इस माह अब तक 148 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। जून माह में मात्र 49 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, जो सामान्य से काफी कम थी। लगातार हो रही बूंदाबांदी के कारण जिले का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है, और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। नदी, नाले, पोखर और तालाब अभी भी सूखे पड़ेबारिश के बाद किसानों ने धान की रोपनी का काम तेज कर दिया है। हालांकि, जिले में अभी भी पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, जिसके कारण नदी, नाले, पोखर और तालाब अभी भी सूखे पड़े हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक जिले में मॉनसून सक्रिय रहेगा और विभिन्न क्षेत्रों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश जारी रहने का अनुमान है। विभाग ने बारिश के दौरान लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश के दौरान वज्रपात की घटना से बचने के लिए उन्हें खुले स्थान और पेड़ के नीचे शरण नहीं लेने की सलाह दी है। बारिश होने के दौरान लोगों को सुरक्षित पक्के मकान में शरण लेने की सलाह दी गई है।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित डॉ. संपूर्णानंद शोध छात्रावास के जीर्णोद्धार के बाद लोकार्पण किया। उच्च शिक्षा मंत्री ने फीता काटकर छात्रावास का लोकार्पण किया और भवन की सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कमरों, अध्ययन कक्ष, मेस, सुरक्षा व्यवस्था आदि का निरीक्षण किया। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि डॉ. संपूर्णानंद जी शिक्षा और प्रशासन दोनों के आदर्श थे। उनके नाम पर बने इस छात्रावास से काशी की विद्वत परंपरा को नई ऊर्जा मिलेगी। कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा में शोध और नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि शोधार्थी राष्ट्र-निर्माण के आधार स्तंभ हैं। यहां रहकर वे न केवल शोध करें, बल्कि ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प में अपना योगदान भी दें। इससे पहले काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी, कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय एवं मुख्य गृहपति डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने उच्च शिक्षा मंत्री को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। मुख्य गृहपति ने बताया कि डॉ. संपूर्णानंद शोध छात्रावास में कुल 50 कक्ष हैं, जिसमें शोधार्थियों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस अवसर पर कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, प्रभारी अभियंत्रण विभाग प्रो. राकेश तिवारी, सम्पत्ति अधिकारी डॉ. एस.एन. सिंह आदि उपस्थित रहे।
देहरादून में 17 जुलाई को हुए पंजाबी सिंगर जैस्मीन सैंडलस के शो की कुछ फोटो और वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। इन पोस्ट में कुछ यूजर्स ने दावा किया है कि शो के दौरान जैस्मीन के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान या उसके बाद जैस्मीन सैंडलस की ओर से ऐसी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। जैस्मीन शाम करीब 8 बजे देहरादून के परेड ग्राउंड पहुंची थीं। भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विकास निगम की ओर से आयोजित लोकपर्व कार्यक्रम में उन्हें प्रस्तुति के लिए बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि शो के दौरान जैस्मीन ने खुद कुछ लड़कियों को स्टेज के पास बुलाया था। इस दौरान कई लड़कियों ने उनसे गले मिलकर फोटो और वीडियो बनवाए। इन्हीं तस्वीरों और वीडियो को अब सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावों के साथ शेयर किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान जैस्मीन ने महिलाओं की सुरक्षा और ग्राउंड में मौजूद लड़कियों की सेफ्टी का मुद्दा भी उठाया था। पूरे शो के दौरान उन्होंने और उनकी टीम ने किसी भी तरह की कोई शिकायत या आपत्ति नहीं जताई। कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के करीब डेढ़ घंटे तक चला। मौके पर पुलिस अधिकारी तैनात थे और जैस्मीन की सुरक्षा के लिए उनके निजी सुरक्षा गार्ड भी मौजूद थे। शो करने के बाद जैस्मीन वहां से रवाना हो गईं। जैस्मीन सैंडलस के शो की PHOTOS… अब पढ़िए जैस्मीन का सिंगर बनने का पूरा सफर… गुलाबी एल्बम से मिली पहचान, बॉलीवुड तक पहुंचीं जैस्मीन का 2008 में पहला गाना मुस्कान हिट हुआ। लेकिन असली पहचान उन्हें 2012 में एल्बम गुलाबी से मिली, जिसमें उन्होंने रैपर बोहेमिया के साथ काम किया। 2014 में बॉलीवुड ने उनकी आवाज को पहचाना। सलमान खान की फिल्म किक के लिए यो यो हनी सिंह के साथ गाए गाने यार ना मिले को लोगों ने खूब पसंद किया। इस एक गाने ने जैस्मीन को रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद गैरी संधू के साथ इलीगल वेपन जैसे गानों ने उन्हें घर-घर में फेमस कर दिया। सबसे मोटी फीस और करोड़ों की नेटवर्थ संघर्ष के दिनों से लेकर आज तक जैस्मीन की फीस में जमीन-आसमान का अंतर आया है। अब जैस्मीन बॉलीवुड या फिल्म के गानों के लिए 30 लाख से 35 लाख प्रति गाना चार्ज करती हैं। उनके एक लाइव कॉन्सर्ट की फीस भी लगभग 10 लाख से 25 लाख के बीच बताई जाती है। उनकी अनुमानित नेटवर्थ लगभग 60 करोड़ रुपए है। इंडिया टूर का शानदार आगाज आपको बता दें कि 'द ड्रीम गर्ल इंडिया टूर' 11 जुलाई को दिल्ली से शुरू हुआ है। इसके बाद यह कारवां 17 जुलाई को देहरादून, 18 जुलाई को मुंबई, 25 जुलाई को बेंगलुरु और 29 अगस्त को चंडीगढ़ पहुंचेगा। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… धुरंधर फेम सिंगर मंगेतर को गले लगाकर रो पड़ीं:टीम की लड़कियों ने संभाला; कॉन्सर्ट से पहले का VIDEO सामने आया धुरंधर फिल्म से चर्चा में आईं पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलस इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। उनका एक भावुक बैकस्टेज वीडियो सामने आया है, जिसमें वह स्टेज पर जाने से पहले अपने मंगेतर शेखर चौधरी के गले लगकर भावुक होती नजर आ रही हैं। इस दौरान शेखर उन्हें संभालते और हौसला बढ़ाते दिखे, जबकि जैस्मिन अपने आंसू नहीं रोक पाईं। पढ़ें पूरी खबर…
बागपत में मूसलाधार बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, इस बारिश के बाद यमुना और हिंडन नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। सोमवार शाम करीब 5 बजे शुरू हुई यह बारिश लगभग एक घंटे तक चली। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण करीब एक घंटे तक आवागमन भी प्रभावित रहा। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने बारिश रुकने तक सड़कों किनारे इंतजार किया। बागपत में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। वहीं, हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से पहले ही हजारों बीघा फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। किसानों का कहना है कि खादर क्षेत्र में आने वाली फसलों के लिए यह बारिश नुकसानदेह साबित हो सकती है। उन्हें आशंका है कि और अधिक बारिश होने पर नदियों का जलस्तर बढ़ेगा, जिससे उनकी फसलें और खराब हो जाएंगी। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बागपत और आसपास के अधिकतर स्थानों पर अधिक बारिश की संभावना जताई है।
सीतामढ़ी शहर में सोमवार को भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। राधा-कृष्ण मंदिर परिसर से वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। भगवान श्रीजगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को सुसज्जित रथ पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। यह रथयात्रा राधा-कृष्ण मंदिर परिसर से निकलकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु 'जय जगन्नाथ' के जयघोष लगाते हुए चल रहे थे। भजन-कीर्तन और ढोल-नगाड़ों की धुन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने भगवान के रथ का पुष्पवर्षा, आरती और प्रसाद अर्पित कर स्वागत किया। कई स्थानों पर भक्तों के लिए शरबत और प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने रथ की रस्सी खींचकर स्वयं को सौभाग्यशाली माना। चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के अध्यक्ष दर्शन कुमार ने बताया कि भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा सनातन परंपरा, सेवा और समरसता का प्रतीक है। भाजपा ओबीसी मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष श्याम नंदन किशोर प्रसाद ने इसे सनातन संस्कृति, आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह यात्रा समाज में प्रेम, भाईचारे और लोककल्याण का संदेश प्रसारित करती है। सीतामढ़ी के डिप्टी मेयर आशुतोष कुमार ने सभी श्रद्धालुओं पर भगवान श्रीजगन्नाथ की कृपा और शहर में सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करते हैं और समाज को एकजुट करते हैं। रथयात्रा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। पूरे यात्रा मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं ने सुख, समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना करते हुए पूरे श्रद्धाभाव के साथ इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया।
सोनीपत में सोमवार को विधायक निखिल मदान ने एसएमडीए (सोनीपत मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी) अधिकारियों के साथ सेक्टर 4 का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं पर चर्चा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विधायक मदान ने कहा कि हरियाणा, विशेषकर सोनीपत जिले को 'पदकों की खान' कहा जाता है। ओलिंपिक हो या कॉमनवेल्थ गेम्स, सोनीपत के खिलाड़ी हमेशा सबसे अधिक पदक जीतते हैं। ऐसे में जिले के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों और युवाओं की जरूरतों को देखते हुए सेक्टर 4 स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल सुविधाओं को जल्द शुरू करना आवश्यक है। ओपन क्रिकेट ग्राउंड भी तैयार होगा उन्होंने स्टेडियम में 2 वॉलीबॉल कोर्ट, 2 पिकल बॉल कोर्ट, 2 बास्केट बॉल कोर्ट, 2 लॉन टेनिस कोर्ट, 1 बॉक्स क्रिकेट और 1 पैडल कोर्ट जैसी सुविधाएं बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके अतिरिक्त, जब तक सेक्टर 4 स्पोर्ट्स स्टेडियम में बहुउद्देशीय हॉल और एथलेटिक्स पवेलियन नहीं बन जाता, तब तक एक ओपन क्रिकेट ग्राउंड भी तैयार किया जाए। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी विधायक ने इन सभी कार्यों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए एसएमडीए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इन परियोजनाओं के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विधायक निखिल मदान ने यह भी बताया कि सेक्टर 4 स्पोर्ट्स स्टेडियम से सटी 14 एकड़ भूमि पर पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में थीम पार्क बनाने के लिए भी एसएमडीए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। ऑक्सीजन बाग की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश इसके अलावा, सेक्टर 4 में स्पोर्ट्स स्टेडियम से आगे राजपुरा माइनर के साथ लगती 15 एकड़ भूमि पर ऑक्सीजन बाग लगाने के लिए भी अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह पहल भविष्य में सोनीपत वासियों को प्रदूषण से निजात दिलाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण होगी। इस अवसर पर मुख्य अभियंता यजेश मेहरा, कार्यकारी अभियंता अमित कुमार, एसडीओ राजपाल और कनिष्ठ अभियंता गौरव कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रेलबाजार में 6 साल की बच्ची के साथ रेप के प्रयास के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पवन कुमार राय की कोर्ट ने आरोपी दुकानदार को 5 साल कैद व 30 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। दुकानदार ने अक्टूबर 2015 में वारदात को अंजाम दिया था। पीड़िता की मां के शिकायत करने पर दुकानदार ने उनके साथ गाली–गलौज की। पीड़िता के पिता ने रेलबाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उनकी 6 साल की बेटी मस्जिद में अरबी पढ़ने के लि जाती थी। 5 अक्टूबर 2015 को बेटी अपनी मां के साथ मस्जिद गई थी। छुट्टी होने के बाद बेटी मस्जिद के सामने फेथफुलगंज निवासी इरशाद जमा की चश्मे की दुकान पहुंची, जहां उसने बेटी के साथ रेप का प्रयास किया। घर जाने के दौरान पीड़िता को उसकी मां रास्ते में मिली, जिस पर उसने अपनी मां को आपबीती बयां की। वह दुकान में शिकायत करने पहुंची तो आरोपी ने उनके साथ गाली–गलौज की थी। मामला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट में ट्रायल पर था। अभियोजन की ओर से पीड़िता समेत 7 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। कोर्ट ने आरोपी को 5 साल कैद की सजा सुनाई है।
दो बाइक की टक्कर में एक युवक की मौत:ससुराल जाते समय धातरी गांव में हादसा, एक घायल हायर सेंटर रेफर
चूरू जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र के धातरी गांव में सोमवार शाम दो बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस हादसे में ससुराल आए एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरी बाइक पर सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार पड़िहारा निवासी डालाराम मेघवाल (27) अपने ससुराल धातरी आया हुआ था। उसकी बाइक की टक्कर धातरी निवासी अनिल नायक (25) की बाइक से हुई। दुर्घटना में दोनों युवक घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पड़िहारा सीएचसी ले जाया गया। वहां से उन्हें रतनगढ़ रेफर कर दिया गया। रतनगढ़ के जालान अस्पताल में डॉ. सुखवीर कस्वां ने डालाराम को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अनिल को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया। सूचना मिलने पर रतनगढ़ थाना के एएसआई रामकुमार कस्वां अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने डालाराम के शव को पोस्टमार्टम के लिए जालान अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में सामाजिक कार्यकर्ता मितेश जैन ने प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में गांधी मैदान में एक दिवसीय अनशन किया। अनशन स्थल पर एक दिवसीय अनशन- सोनम वांगचुक के समर्थन में का बैनर लगाया गया था। इस दौरान शहर के कई लोग भी समर्थन देने पहुंचे। मितेश जैन ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय का व्यापारीकरण बंद होना चाहिए। पर्यावरण और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने बच्चों की आत्महत्या और नीट परीक्षा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर चिंता जताते हुए ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिससे छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और उन्हें बिना परेशानी परीक्षा देने का मौका मिले। मितेश जैन ने उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के विरोध के बाद सरकार को फैसला बदलना पड़ा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण से जुड़े मामलों पर शासन और प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। साथ ही राष्ट्रपति से शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय के व्यापारीकरण को रोकने की अपील की। सोनम वांगचुक की मांगों का समर्थन मितेश जैन ने कहा कि सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से देश और युवाओं को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने वांगचुक को महान वैज्ञानिक, पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् बताते हुए कहा कि वे शिक्षा में सुधार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी उनकी मांगों का पूरा समर्थन करते हैं। रौनक अग्रवाल बोले- पर्यावरण और शिक्षा दोनों खतरे में गांधी मैदान पहुंचे रौनक अग्रवाल ने कहा कि देश में पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। शिक्षा का निजीकरण और व्यवसायीकरण बढ़ रहा है, जिसके विरोध में यह अनशन किया गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा में भी परियोजनाओं के लिए बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं। वहीं उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में भी लोग इसका विरोध कर रहे हैं। पेपर लीक और सरकारी स्कूलों का मुद्दा उठाया रौनक अग्रवाल ने कहा कि देश में पेपर लीक की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उनका दावा है कि वर्ष 2021 से अब तक करीब 80 पेपर लीक हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में 90 हजार से ज्यादा सरकारी स्कूल बंद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर मितेश जैन अनशन पर बैठे हैं और वे उनका समर्थन करने पहुंचे हैं। सरकार हर आवाज को गंभीरता से सुने रौनक अग्रवाल ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं है। सरकार को एक व्यक्ति की आवाज हो या एक करोड़ लोगों की, सभी की बात समान रूप से सुननी और उस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि तभी सकारात्मक बदलाव संभव होगा।
मधेपुरा में ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहार ग्रामीण आजीविका प्रोत्साहन समिति (जीविका) ने जीविका सुधा बिक्री केंद्र (JSBK) योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र जीविका दीदियों को सुधा उत्पादों की बिक्री के लिए केंद्र खोलने पर 60 हजार रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना की कुल लागत 75 हजार रुपए है, जिसमें लाभार्थी को 15 हजार रुपए का स्वयं योगदान करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 24 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। CBO-MIS प्रोफाइल अपडेट होना चाहिए यह योजना केवल मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (MMRY) से जुड़ी स्वयं सहायता समूह (SHG) की पात्र महिला सदस्यों के लिए है। आवेदन करने के लिए आवेदिका का CBO-MIS प्रोफाइल अपडेट, वैध LOKOS ID और समूह से लिए गए पूर्व ऋण की सभी किस्तों का भुगतान होना जरूरी है। प्रस्तावित बिक्री केंद्र आवेदिका की अपनी ग्राम पंचायत में ही होना चाहिए। दुकान का न्यूनतम क्षेत्रफल 70 वर्ग फुट होना आवश्यक है। साथ ही बिजली कनेक्शन और सड़क संपर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। आधार कार्ड, मोबाइल नंबर अपडेट करें आवेदन के दौरान आधार कार्ड, सक्रिय मोबाइल नंबर, LOKOS ID, दुकान का फोटो, स्वामित्व या किरायानामा और बिजली बिल समेत अन्य जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। जिला प्रशासन ने बताया कि इच्छुक जीविका दीदियां 24 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। प्रशासन ने सभी पात्र महिलाओं से समय सीमा के भीतर आवेदन कर योजना का लाभ उठाने और स्वरोजगार के जरिए परिवार की आय बढ़ाने की अपील की है।
मंदसौर जिले के भानपुरा थाने में थाना प्रभारी का फेरबदल किया गया है। एसपी विनोद कुमार मीना ने सोमवार रात आदेश जारी करते हुए थाना प्रभारी रमेश चंद्र डांगी को लाइन अटैच कर दिया। वहीं, भानपुरा थाने की जिम्मेदारी अब उपनिरीक्षक विनय बुंदेला को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार, रमेश चंद्र डांगी अक्टूबर 2024 से भानपुरा थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ थे। पुलिस अधीक्षक ने काम में लापरवाही के चलते उन्हें लाइन अटैच किया है। सूत्रों के मुताबिक डांगी के खिलाफ विभागीय जांच भी चल रही है। बीते कुछ महीनों से डांगी को हटाए जाने की चर्चा थी। बुंदेला यशोधर्मन थाने में पदस्थ थेनवनियुक्त थाना प्रभारी विनय बुंदेला पिछले करीब पांच वर्षों से मंदसौर शहर के यशोधर्मन थाने में पदस्थ थे। इस दौरान जिले में हुई कई बड़ी और चर्चित पुलिस कार्रवाइयों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हाल ही में नई आबादी थाना पुलिस द्वारा करीब 20 किलो ब्राउन शुगर (स्मैक) जब्त करने की कार्रवाई में भी उनका अहम योगदान रहा। इस ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 40 करोड़ रुपए आंकी गई थी। इसके अलावा एमडी ड्रग्स फैक्ट्री के भंडाफोड़ सहित जिले के कई बड़े मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई में भी वे विशेष टीम का हिस्सा रहे हैं। एसपी विनोद कुमार मीना ने कहा कि विभाग में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को जिम्मेदारी और अवसर दिए जाएंगे, जबकि काम में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एएसपी तेर सिंह बघेल ने बताया कि आर.सी. डांगी के खिलाफ शराब संबंधित एक मामले को लेकर विभागीय जांच चल रही है।
विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर युवक से लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। एजेंटों ने युवक को हर महीने लाखों रुपए कमाने का झांसा दिया और पैसे हड़प लिए। मामला श्रीगंगानगर के सदर थाना क्षेत्र का है। पुलिस को दी रिपोर्ट में रिद्धि-सिद्धि प्रथम निवासी मनोज कुमार ने गुरविंद्र निवासी फिरोजपुर और खुशविंद्र सिंह निवासी गुरदासपुर(पंजाब) के खिलाफ ठगी व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। मनोज कुमार ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया- वह काम की तलाश में थे। इसी दौरान उन्होंने अपनी परिचित अल्का चौधरी को अपनी परेशानी बताई। अल्का ने उन्हें गुरविंद्र सिंह से मिलवाया। गुरविंद्र सिंह ने खुद को बड़ा बिजनेसमैन बताया। उसने दावा किया कि उसका चंडीगढ़ और दुबई में अच्छा कारोबार है तथा एक कंपनी चल रही है, जिसमें 200 लोग काम कर रहे हैं। उसने मनोज कुमार को आश्वासन दिया कि वह उन्हें दुबई में 2 लाख रुपए प्रतिमाह वाली नौकरी दिलवा देगा। इसके लिए कुल 8 लाख रुपए खर्च आएगा। मनोज कुमार ने भरोसा कर लिया और अपनी प्रॉपर्टी बेचकर 8 लाख रुपए की व्यवस्था की। 11 जून 2025 को मनोज ने आरोपियों को पूरे पैसे दे दिए। साथ ही उनके पास जरूरी दस्तावेज भी जमा कर दिए। पैसे लेने के बाद आरोपियों ने मनोज को दुबई नहीं भेजा। जब मनोज ने पूछताछ की तो गुरविंद्र और खुशविंद्र सिंह ने बहाना बनाया कि विदेशों में युद्ध चल रहा है, इसलिए फ्लाइट में दिक्कत आ रही है। इस तरह 3-4 महीने निकल गए, लेकिन नौकरी और दुबई जाने का सपना अधूरा ही रहा। जब मनोज कुमार ने 8 लाख रुपए वापस मांगे तो आरोपियों ने सिर्फ 3 लाख रुपए लौटाए। बाकी 5 लाख रुपए लौटाने से साफ इनकार कर दिया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक दिनेश कुमार मीणा कर रहे हैं।
फर्रुखाबाद में शमशाबाद के मोहल्ला घटियापुर में 25 वर्षीय एक विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 22 दिन पहले पुत्री को दिया था जन्म। इस घटना से परिवार में मातम छा गया। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। देखिए 2 तस्वीरें- जानिए पूरा मामला विस्तार से… परिजनों के अनुसार, घटियापुर निवासी इबरार की पत्नी शबनम (25) ने रविवार रात अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर फांसी लगा ली। काफी देर तक बाहर न आने पर परिजनों को संदेह हुआ। दरवाजा खोलने पर शबनम फंदे से लटकी हुई मिली। परिजनों ने उसे तुरंत नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। ससुर ने मायके पक्ष को दी सूचना मृतका के ससुर हसीनुद्दीन फारूकी ने इस घटना की जानकारी कायमगंज के मोहल्ला गढ़ी नूर निवासी मृतका के पिता मोहम्मद फारूकी को दी। सूचना मिलते ही मृतका के पिता और अन्य परिजन रात में ही शमशाबाद पहुंच गए। सोमवार दोपहर को मृतका के पिता ने पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी सचिन चौधरी और क्षेत्राधिकारी कायमगंज राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। शाम करीब 5 बजे फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने कमरे की गहनता से जांच की। 22 दिन पहले पुत्री को जन्म दिया था बताया गया है कि शबनम ने करीब 22 दिन पहले ही एक पुत्री को जन्म दिया था। नवजात बच्ची के सिर से मां का साया उठ जाने से परिवार में गहरा मातम है। आत्महत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी सचिन चौधरी ने बताया- मृतका के परिजनों की सूचना पर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सावन के द्वितीय सोमवार 10 अगस्त को बल्केश्वर क्षेत्र में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। श्री बल्केश्वर महादेव मेला समिति के तत्वावधान में इस वर्ष भी विशाल महादेव मेले का भव्य और सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा। 9 अगस्त रविवार शाम बल्केश्वर चौराहे पर धार्मिक रीति-रिवाज के साथ मेले का श्रद्धापूर्वक उद्घाटन होगा। सोमवार को वाटर वर्क्स स्थित अतिथिवन में समिति पदाधिकारियों ने मेले का पोस्टर जारी कर जनजागरूकता की शुरुआत की। लाखों श्रद्धालु करेंगे जलाभिषेक मुख्य संरक्षक पूर्व पार्षद डॉ. कुंदनिका शर्मा और ताराचंद मित्तल 'तोती भाई' ने बताया कि यह मेला आगरा की धार्मिक परंपरा का प्रतीक है। लाखों भक्त और काँवड़िए परिक्रमा कर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। भक्तों को असुविधा न हो इसके लिए समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। ये रहेंगी व्यवस्थाएंमेला संयोजक पार्षद मुरारी लाल गोयल, पार्षद हरिओम गोयल, पार्षद पूजा बंसल और गिर्राज बंसल ने बताया कि मंदिर से वाटरवर्क्स चौराहा तक खोया-पाया केंद्र और 24 घंटे प्राथमिक चिकित्सा केंद्र बनाया जाएगा। सरकारी डॉक्टर और दवाएं उपलब्ध रहेंगी। मेला कमेटी ने बताया- पूरे परिक्रमा मार्ग पर पेयजल और 9 से 10 अगस्त तक भंडारे की व्यवस्था होगी। सुरक्षा के लिए 100-150 स्वयंसेवक पुलिस के साथ तैनात रहेंगे। यमुना में जलस्तर बढ़ने पर बैरिकेटिंग होगी। स्नान के लिए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। बायो टॉयलेट, महिला पुलिस, अग्निशमन और गोताखोरों की व्यवस्था रहेगी। ये सभी व्यवस्थाएं 9 अगस्त शाम से 10 अगस्त दोपहर तक चलेंगी। जल्द प्रशासन से मिलकर सफाई, पैचवर्क, बिजली और सुरक्षा को लेकर ज्ञापन दिया जाएगा।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणवीर सिंह ने कटिहार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-3 स्थित रेलवे न्यायालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने न्यायिक व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, न्यायाधीश सिंह ने रेलवे कोर्ट के हाजत (लॉकअप) का दौरा किया। उन्होंने सुरक्षा और साफ-सफाई व्यवस्था का बारीकी से मुआयना किया और संबंधित अधिकारियों को नियमित स्वच्छता बनाए रखने तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद, प्रधान जिला जज ने रेलवे न्यायालय भवन में चल रहे जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए रेलवे मजिस्ट्रेट गौरव को निर्देश दिया कि रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सभी निर्माण और मरम्मत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। इसका उद्देश्य न्यायालय के दैनिक कार्यों को नियमित और सुचारू रूप से संचालित करना है। आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी लीनिरीक्षण के दौरान, प्रधान जिला जज ने न्यायालय परिसर की वर्तमान व्यवस्था, न्यायिक कार्यों के संचालन और आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने जोर दिया कि न्यायालय परिसर में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी और सुगम बनाने के लिए आवश्यक है। इस अवसर पर प्रधान जिला जज रणवीर सिंह के साथ डीएलएसए सचिव सह एसीजेएम कमलेश सिंह देबू, रेलवे मजिस्ट्रेट गौरव और न्यायालय तथा रेलवे प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि कटिहार का रेलवे न्यायालय वर्षों पुराने भवन में संचालित हो रहा था, जिसकी स्थिति काफी जर्जर हो गई थी। पूर्व में पटना उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति द्वारा भी न्यायालय के जीर्णोद्धार और नए रेलवे कोर्ट के निर्माण के संबंध में रेल प्रशासन को निर्देश दिए गए थे। ज्ञात है कि रेलवे न्यायालय परिसर अत्यधिक संकुचित होने के कारण नियमित न्यायिक कार्यों तथा मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। वही जीर्णोद्धार कार्य के पूरा होने के बाद न्यायालय की कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो जाएगी।
राजधानी रायपुर में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में शुरू हुआ आंदोलन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर अलग-अलग छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न पृष्ठभूमि से जुड़े युवाओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान NSUI के 5 कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए।हंगर स्ट्राइक करने वालों में हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, इंडिया घृतलहरे, ड्रिंकल और सोनम शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल होने नहीं जा सके। इसलिए रायपुर में रहकर ही सोनम वांगचुक और शिक्षा सुधार की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग धरने में शामिल छात्रों और युवाओं ने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। कई युवाओं को बार-बार परीक्षाएं देनी पड़ रही हैं, जिससे उनका समय, मेहनत और आर्थिक संसाधन प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सरकार को परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इसके साथ ही पेपर लीक के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग धरने में शामिल युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे देश के करोड़ों युवाओं से जुड़े हैं। इसलिए केंद्र सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम का भी जिक्र किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों के साथ की गई कार्रवाई उचित नहीं है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। पहले दिन 500 से ज्यादा लोग हुए थे शामिल रविवार को आंदोलन के पहले दिन भी डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर 500 से अधिक छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि जुटे थे। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन में नारेबाजी की गई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से उनका आंदोलन जारी रहेगा। NSUI के कार्यकर्ताओं ने भी स्पष्ट किया कि उनकी भूख हड़ताल मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी।
बालोद जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र में बाइक सवारों की मदद करना एक परिवार को भारी पड़ गया। बाइक उठाने को लेकर हुए विवाद के बाद चार युवक देर रात लाठी-डंडे लेकर घर में घुस गए। आरोपियों ने महिलाओं से गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान एक महिला के गले से करीब 50 हजार रुपए कीमत का मंगलसूत्र भी छीन लिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक नाबालिग आरोपी की तलाश जारी है। बाइक उठाने को लेकर हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, रायपुर निवासी सरिता जोगी 17 जुलाई को अपने मायके ग्राम रूदा आई थीं। उसी रात गांव में मोहित बारले और आर्यन गेण्ड्रे बाइक से गिर गए थे। सरिता के भतीजे यश टंडन और मामा हेमंत जोशी ने उनकी मदद करते हुए बाइक हटाई और दोनों को उठाया। इसी दौरान बाइक उठाने में देरी की बात को लेकर विवाद हो गया और आरोपियों ने यश टंडन के साथ मारपीट कर दी। बाद में मामला शांत हो गया। देर रात घर में घुसकर हमला 18 जुलाई की रात करीब 2 बजे मोहित बारले, आर्यन गेण्ड्रे, जालम गांड़ा और एक नाबालिग लाठी-डंडे लेकर हेमंत जोशी के घर पहुंचे। आरोपियों ने दरवाजा तोड़कर घर में घुसते हुए परिवार के लोगों के साथ मारपीट की। महिला का मंगलसूत्र छीना, मोबाइल और बिजली मीटर तोड़ा हमले के दौरान आरोपियों ने सरिता की मौसी धनी कुर्रे के गले से करीब 50 हजार रुपए कीमत का मंगलसूत्र छीन लिया। सरिता ने पुलिस को सूचना देने के लिए मोबाइल उठाया तो आरोपियों ने मोबाइल जमीन पर पटककर तोड़ दिया। इसके बाद घर में लगा बिजली मीटर भी क्षतिग्रस्त कर फरार हो गए। तीन आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग फरार गुंडरदेही थाना प्रभारी नवीन बोरकर ने बताया कि मामले में बीएनएस की धारा 111, 296, 309(6), 324(4), 331(6) और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने मोहित बारले (21), आर्यन गेण्ड्रे (22) और जालम गांड़ा (26) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। घटना में शामिल एक नाबालिग आरोपी की तलाश जारी है। आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही पुलिस प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे के आदी और झगड़ालू प्रवृत्ति के हैं। पुलिस के अनुसार, जालम गांड़ा के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पूर्व में जेल भी जा चुका है। फरार नाबालिग की तलाश के साथ मामले की आगे जांच जारी है।
फरीदाबाद की गोशाला में देर रात हमला:युवकों ने की फायरिंग, मची अफरा-तफरी, 2 बाइक छोड़कर भागे आरोपी
फरीदाबाद जिले के उपमंडल मोहना स्थित कामधेनु गोशाला में रविवार देर रात कुछ युवकों द्वारा हमला करने और फायरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गोशाला में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। गोशाला की देखरेख करने वाले लोकेश अत्री ने बताया कि रात करीब 10 बजे करीब 12 युवक और एक युवती गोशाला पहुंचे। उनके अनुसार सभी युवक शराब के नशे में थे। आरोप है कि उन्होंने गोशाला के बाहर खड़े होकर गाली-गलौज शुरू कर दी और शराब व बीयर की बोतलें तोड़ने लगे। जब गोशाला की ओर से इसका विरोध किया गया तो युवकों ने लोकेश अत्री के साथ लाठी-डंडों से मारपीट कर दी। हमलावरों ने 2 राउंड फायरिंग की पीड़ित के मुताबिक, विवाद के बाद सभी आरोपी वहां से चले गए, लेकिन करीब 20 मिनट बाद वे दोबारा लौटे। इस बार आरोपी एक बलेनो कार, एक शिफ्ट कार और 8 से 10 बाइक पर सवार होकर आए। आरोप है कि इसी दौरान कार में बैठे एक युवक ने 2 राउंड फायरिंग कर दी। गोली चलने की आवाज सुनते ही गोशाला में मौजूद लोगों में भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई। हालांकि इस घटना में किसी के गोली लगने की सूचना नहीं है। 2 बाइक छोड़कर भागे आरोपी घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। भागने की जल्दबाजी में उनकी 2 बाइक वहीं छूट गईं, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। हाथापाई के दौरान एक वाहन के शीशे भी टूट गए। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों में से एक युवक अपना नाम केशव बता रहा था। जिससे उसकी पहचान में पुलिस को मदद मिल सकती है। घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आरोपियों की तलाश कर रही पुलिस पुलिस ने मौके से मिले साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की। पीड़ित पक्ष ने बताया कि इससे पहले भी गोशाला में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे गोशाला से जुड़े लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। छांयसा थाना प्रभारी गोपाल दास ने बताया कि फायरिंग जैसे गंभीर मामलों में पुलिस लिखित शिकायत का इंतजार नहीं करती। मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और मौके पर छूटी बाइक के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कोटपूतली जिले में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर 21 जुलाई 2026 से 31 अगस्त 2026 तक चलेंगे। राज्य सरकार ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इससे पहले 12 जून से 15 जुलाई तक प्रदेशभर में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का आयोजन किया गया था। इन शिविरों में राजस्व विभाग सहित कुल 21 विभागों ने भाग लिया था और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाया था। शेष रह गए कार्यों का निस्तारण होगा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब आयोजित होने वाले फॉलो-अप शिविरों में मुख्य अभियान के दौरान शेष रह गए कार्यों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप समन्वित रूप से कार्य करें। उन्हें फॉलो-अप शिविरों का सफल संचालन सुनिश्चित करने और प्रत्येक पात्र नागरिक को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।
सीकर में दो कैंपर और एक स्कॉर्पियो में सवार होकर आए बदमाशों ने स्कॉर्पियो सवार युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने लूट और जान से मारने की नीयत से युवक की गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे स्कॉर्पियो पीछे से क्षतिग्रस्त हो गई। सीकर शहर के नजदीकी पालवास निवासी गंगा सिंह पुत्र अर्जुन सिंह ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट में आरोप लगाया कि 2 कैंपर और 1 अन्य स्कॉर्पियो में आए हमलवारों ने उसकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया, फिर जोरदार टक्कर मार दी। आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से वारदात को अंजाम दिया, जिससे उसे अंदरूनी चोटें आईं और उसकी स्कॉर्पियो क्षतिग्रस्त हो गई। स्कॉर्पियो को लगातार टक्कर मारते रहे बदमाश रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित गंगा सिंह शनिवार शाम करीब 4 बजे पिपराली से अपनी स्कॉर्पियो लेकर अपने गांव पालवास लौट रहा था। इसी दौरान पालवास रोड पर जीणमाता होटल के पास पहुंचते ही कैंपर वाहन ने उसकी गाड़ी के आगे और दूसरी कैंपर गाड़ी ने पीछे से टक्कर मार दी। आरोप है कि दोनों वाहन लगातार उसकी स्कॉर्पियो को टक्कर मारते रहे। पीड़ित का आरोप है कि मौके पर मौजूद जीणमाता होटल के राजपाल और भवानी सिंह ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो आरोपियों ने राजपाल पर भी वाहन चढ़ाने की कोशिश की, जिससे उसके पैर में चोट आई। पीड़ित ने रिपोर्ट में ईश्वर सिंह, लोकेन्द्र सिंह, दीवान सिंह, अरविंद सिंह, सुनील सिंह सहित 2-3 अन्य लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है। इसके आरोप है कि ये लोग एक अन्य स्कॉर्पियो में भी सवार थे। मौका पाकर गाड़ी से उतरकर बचाई जान पीड़ित गंगा सिंह ने बताया कि मौका पाकर वह वाहन से उतरकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। इस दौरान आरोपियों ने उसकी स्कॉर्पियो में रखा बैग, 2 हजार रुपए नकद और कपड़े भी ले लिए और जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी। वहीं, सदर थाना पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपों की जांच कर रही है।
उदयपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और परिवहन विभाग टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। जांच में नियमों की पालना नहीं करने पर टीम ने 4 बसों को सीज कर दिया। साथ ही 6 अन्य बसों का चालान काटा गया और बस संचालकों पर कुल 85 हजार रुपए की पेनल्टी लगाई गई। शहर के बालीचा चौराहे पर सोमवार को यह कार्रवाई की गई। इस दौरान बिना परमिट, अवैध रूप से सड़कों पर दौड़ रही और अनधिकृत रूप से मॉडिफाई की स्लीपर और लग्जरी बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। यह पूरी कार्रवाई जिला एवं सेशन न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश गुप्ता के निर्देश पर हुई। टीम ने मौके पर 10 लग्जरी और स्लीपर बसों को रोककर उनके कागजात और बस की बनावट की बारीकी से जांच की। गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र के बालीचा चौराहे पर हुई औचक कार्रवाई के दौरान न्यायपालिका, प्रशासन और पुलिस विभाग के आला अधिकारी खुद सड़क पर डटे रहे। स्लीपर बसों के कोच की हुई जांच इस मौके पर अपर जिला न्यायाधीश और प्राधिकरण के सचिव राहुल चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड, परिवहन निरीक्षक राजेंद्र दन्तसुलिया और तेजपाल मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में बसों के अंदर जाकर स्लीपर कोच की बनावट और परमिट की पूरी जांच की गई। जांच में सामने आया कि कई बस संचालक मोटर वाहन अधिनियम 1988 और सुरक्षा मानक AIS-119 के नियमों को ताक पर रखकर बसें चला रहे थे। कई ट्रैवल एजेंसियों ने ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में बसों के अंदरूनी ढांचे में मनमाने और गैर-कानूनी बदलाव कर रखे थे। गलत बदलाव से होते हादसे जिला परिवहन अधिकारी मुकेश डाड ने बताया- बसों में किए जाने वाले इस तरह के अनधिकृत बदलाव सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह बनते हैं। ऐसे बदलावों से कई बार बड़े हादसे होते हैं और यात्रियों की जान चली जाती है। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी बस संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।
पुरानी रंजिश में गमछे से गला घोंटकर युवक की हत्या:दम घुटने से तड़प-तड़पकर मौत; आरोपी डिटेन
बीकानेर शहर में सोमवार को पुरानी रंजिश को लेकर दो युवकों में विवाद हो गया। यह इतना बढ़ा कि एक युवक ने दूसरे युवक की गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में लक्ष्मीनाथजी घाटी के नीचे स्थित गुलजार बस्ती के पास शाम करीब 5 बजे हुई। सीओ सिटी अनुज डाल ने बताया कि आरोपी मोहम्मद हुसैन उर्फ बाबू को डिटेन कर लिया है। गले में पड़े गमछे से गला घोंट दियासीओ सिटी अनुज डाल ने बताया कि शाबिर(35) और मोहम्मद हुसैन के बीच पहले से विवाद चल रहा था। सोमवार को दोनों आमने-सामने आए तो कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान मोहम्मद हुसैन ने शाबिर का गिरेबान पकड़ लिया और उसके गले में पड़े गमछे को खींचते हुए उसे जोर से झकझोर दिया। गला घोंट देने से शाबिर कुछ ही देर में अचेत होकर गिर पड़ा। काफी देर तक जब वह पड़ा रहा, तो आसपास मौजूद लोगों ने उसे संभाला और तुरंत पीबीएम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी डिटेन, कल होगा पोस्टमॉर्टमघटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे डिटेन कर लिया। शव को पीबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है और मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शाबिर और मोहम्मद हुसैन एक-दूसरे के परिचित थे। दोनों नशे के आदी बताए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि आपसी कहासुनी के बाद विवाद अचानक बढ़ गया, जिसके कारण विवाद हिंसक हो गया। सीओ का कहना है कि कोतवाली थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी जयपुर शहर की बैठक में संगठन की मजबूती, बूथ सशक्तीकरण, संगठनात्मक कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियान और पार्टी की विभिन्न गतिविधियों को लेकर चर्चा की गई। इस मौके पर जिला अध्यक्ष अमित गोयल ने कहा- सभी पदाधिकारियों और मंडल अध्यक्ष निर्धारित दायित्वों का पूरा करें। जयपुर शहर जिला कार्यालय में हुई बैठक में गोयल ने कहा- भारतीय जनता पार्टी का सबसे बड़ा बल उसका सशक्त संगठन और समर्पित कार्यकर्ता है। उन्होंने कहा- प्रत्येक कार्यकर्ता बूथ को संगठन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई मानते हुए उसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य करें। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से घर-घर संपर्क बढ़ाने, केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और संगठन द्वारा निर्धारित प्रत्येक कार्यक्रम को पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ सफल बनाने का आह्वान किया। योजना के साथ कार्य करने के निर्देश गोयल ने कहा- कार्यकर्ताओं की सक्रियता, संगठन के प्रति समर्पण और जनता के बीच निरंतर संवाद ही भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी मंडलों को समयबद्ध योजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। विधायक गोपाल शर्मा बोले- आमजन की समस्याओं के समाधान जल्द हों विधायक गोपाल शर्मा ने कहा- भाजपा का संगठन राष्ट्रहित, सेवा और सुशासन की विचारधारा पर आधारित है। उन्होंने कहा- प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के बीच जाकर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाए और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। उन्होंने कहा- संगठन की सफलता बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही होती है। यही भाजपा की सबसे बड़ी पहचान है। मीडिया सह-प्रभारी नयन माधाणी अग्रवाल ने बताया- बैठक में विधायक बालमुकुंद आचार्य, विधायक प्रत्याशी रवि नैय्यर, जिला महामंत्री नवरतन नराणिया, रेखा राठौड़, राजेश ताम्बी आदि मौजूद रहे।
फतेहगढ़ चूड़ियां के वार्ड नंबर 3, चित्तौड़गढ़ रोड स्थित एक बंद पड़े घर में दुस्साहसिक चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। अज्ञात चोरों ने सूने घर का फायदा उठाकर अलमारियों के ताले तोड़ डाले और घर में रखी नकदी व सोने-चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है और पीड़ित परिवार का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब मकान मालिक गुरमीत सिंह अपनी बहन से मिलने के लिए अमृतसर गए हुए थे। इसी दौरान उन्हें पड़ोसियों ने फोन पर सूचना दी कि उनके घर का मुख्य गेट और अंदर के कमरों के दरवाजे खुले पड़े हैं तथा सामान बिखरा हुआ है। सूचना मिलते ही जब गुरमीत सिंह तुरंत घर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि ताले टूटे हुए थे और अलमारियों का सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। जांच करने पर पता चला कि अलमारी में रखे 5 से 6 तोले सोने के गहने और 57 हजार रुपये की नकदी गायब थी। चोरों के बुलंद हौसले: चोरी के बाद इत्मीनान से खाए फल और पी कोल्ड ड्रिंक वारदात के तरीके से साफ जाहिर होता है कि चोरों को किसी का डर नहीं था। चोर दीवार फांदकर घर के अंदर दाखिल हुए थे। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद चोरों ने आराम से सोफे पर बैठकर फल खाए और फ्रिज में रखी कोल्ड ड्रिंक पी। इतना ही नहीं, शातिर चोरों ने केले के छिलके उसी अलमारी की दराज में फेंक दिए, जहां से उन्होंने पैसे चुराए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की शुरू घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। फतेहगढ़ चूड़ियां के एसएचओ सुरिंदरपाल सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द ही पहचान कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
झालावाड़ में राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ ने तृतीय श्रेणी शिक्षक संवर्ग की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का दूसरा चरण शुरू कर दिया। जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम सात सूत्रीय मांग-पत्र जिला कलेक्टर को सौंपते हुए स्थानांतरण, पदोन्नति, एरियर, पेंशन, पे-प्रोटेक्शन, रिक्त पदों पर भर्ती और क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण जैसी मांगों का जल्द समाधान करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि समय रहते मांगें नहीं मानी गईं तो जयपुर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। दूसरे चरण में सरकार पर बढ़ाया दबाव जिला महामंत्री किशोर कुमार राठौर और जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष रितेश कुमार चौधरी ने बताया कि संगठन लंबे समय से तृतीय श्रेणी शिक्षकों की मांगों को लेकर संघर्षरत है। आंदोलन के दूसरे चरण में मुख्यमंत्री के नाम सात सूत्रीय ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा गया। उनका कहना है कि वर्ष 2018 के बाद से तृतीय श्रेणी शिक्षक, प्रबोधक, शारीरिक शिक्षक और पुस्तकालयाध्यक्ष के स्थानांतरण नहीं हुए, जबकि अन्य संवर्गों के स्थानांतरण नियमित रूप से किए जा रहे हैं। पदोन्नति, एरियर और पेंशन पर जताई नाराजगी संगठन ने कहा कि तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी में पदोन्नति का रास्ता लंबे समय से अवरुद्ध है। सरकार कोर्ट में शिक्षकों का प्रभावी पक्ष रखने में भी विफल रही है। इसके अलावा शिक्षकों और कर्मचारियों के उपार्जित अवकाश, एरियर राशि तथा सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन प्रकरणों का भुगतान भी लंबे समय से लंबित है। रीट और पे-प्रोटेक्शन के मुद्दे भी उठाए संघ ने वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर रीट परीक्षा उत्तीर्ण करने का दबाव बनाए जाने को अनुचित बताया। साथ ही मांग की कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों पर जारी पे प्रोटेक्शन आदेशों के आधार पर की जा रही वसूली तत्काल बंद की जाए, क्योंकि यह प्रावधान इस संवर्ग पर लागू नहीं होता। स्टाफिंग पैटर्न और स्कूल भवनों के लिए बजट की मांग शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न लागू कर नए पद सृजित करने, रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा पिछले वर्ष अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए बजट जारी करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा। चेतावनी: नहीं हुआ समाधान तो जयपुर में होगा निर्णायक आंदोलन जिला कोषाध्यक्ष ज्ञानचंद पाटीदार और जिला उपाध्यक्ष परमानंद गुर्जर ने कहा कि इन मांगों को लेकर तृतीय श्रेणी शिक्षकों सहित पूरे शिक्षक समुदाय में व्यापक आक्रोश है। उन्होंने सरकार से शिक्षक संगठनों को शीघ्र वार्ता के लिए बुलाकर समस्याओं का सकारात्मक समाधान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते न्यायोचित मांगों का समाधान नहीं हुआ तो संगठन जयपुर में व्यापक एवं निर्णायक आंदोलन करेगा, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद प्रदर्शन में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के जिलाध्यक्ष चंदन चतुर्वेदी, महामंत्री राजेश गौतम, जिला उपाध्यक्ष मुस्ताक अहमद, शिक्षक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अरविंद गोचर, भवानीमंडी ब्लॉक अध्यक्ष महेश कुमार जाट, बकानी ब्लॉक अध्यक्ष जितेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष गोपाल निगम, सुनेल ब्लॉक अध्यक्ष हजारीलाल दांगी, सभा अध्यक्ष तूफान सिंह सहित विभिन्न ब्लॉकों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

