Manipur के 58,863 विस्थापितों को Diwali और निंगोल चाकोउबा पर मिली 5.88 करोड़ की आर्थिक मदद
इंफाल, आठ नवंबर मणिपुर सरकार ने दिवाली और निंगोल चाकोउबा के अवसर पर 58,863 पात्र आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) के लिए राज्य आपातकालीन कोष से विशेष सहायता के रूप में 5.88 करोड़ रुपये जारी किए हैं। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। बयान के अनुसार, रविवार को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी को 1,000 रुपये की राशि वितरित की गई। यह धनराशि हाल ही में 10 जिलों - इंफाल पश्चिम, चुराचांदपुर, इंफाल पूर्व, थोउबल, उखरुल, काकचिंग, कांगपोकपी, तेंगनौपाल, जिरीबाम और बिष्णुपुर के उपायुक्तों के निर्दिष्ठ खातों में हस्तांतरित कर दी गई थी। बयान में कहा गया कि उपायुक्तों को उचित सत्यापन के बाद पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता राशि का वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। विस्थापित समुदाय ने त्योहारों के मौसम में यह वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए वाई खेमचंद सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। सिंह ने भी दिवाली और निंगोल चाकोउबा के अवसर पर राज्य के लोगों को अपनी बधाई और शुभकामनाएं दीं। निंगोल चाकोउबा मैतेई समुदाय का एक पारंपरिक त्योहार है, जो विवाहित महिलाओं और उनके मायके के बीच स्नेह व प्रेम के संबंध का उत्सव मनाता है।
Manipur Police ने शुरू की हत्याओं की जांच, सुरक्षाबलों की संयुक्त टीमें तैनात
इंफाल, छह नवंबर मणिपुर पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि हाल में नागरिकों की हत्या की घटनाओं की गहन जांच की जा रही है और इनमें शामिल आरोपियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस का यह बयान कांगपोकपी जिले के ताफौ कुकी गांव के आसपास से पिछले सप्ताह लापता हुए दो युवकों के क्षत-विक्षत शव रविवार को पड़ोसी सेनापति जिले के पहाड़ी इलाके में मिलने के कुछ दिन बाद आया है। लापता युवकों की तलाश के लिए चलाए गए अभियान के दौरान केले के एक बागान में बोरियों में भरे मिले शवों की पहचान टी. चोंगलोई (21) और पाओगिनलाल हांगसिंग (20) के रूप में हुई। पुलिस ने एक बयान में बताया, “नागरिकों को निशाना बनाकर की गई आगजनी और हत्या की हालिया घटनाओं की गहन जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। साथ ही, गवाहों का पता लगाकर उनसे पूछताछ की जा रही है।”पुलिस ने बताया, “इसके अलावा, पुलिस, कोबरा, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), असम राइफल्स और सेना की संयुक्त टीमें प्रभावित इलाकों में खुफिया सूचनाओं के आधार पर अभियान चला रही हैं, ताकि कानून के अनुसार कार्रवाई कर ऐसे जघन्य अपराधों को अंजाम देने वालों को सजा दिलाई जा सके।”बयान के अनुसार, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के साथ समन्वय कर भी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और पुलिस व सभी सुरक्षा बल इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से शांति बनाए रखने, संयम बरतने और कानून को हाथ में नहीं लेने की अपील की।
प्रतिबंधित PLA का सदस्य रेगन सिंह Delhi से गिरफ्तार, Manipur Police को सौंपा गया
नयी दिल्ली, छह नवंबर दिल्ली पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है, जो मणिपुर में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज दो मामले में वांछित था। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी की पहचान मणिपुर के थांगमेइबंद लौरोंगुरेल लीकाई निवासी आर.के. रेगन सिंह उर्फ गांधी के रूप में की है। अधिकारियों ने बताया कि सिंह को तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने के बाद चलाए गए अभियान के तहत दक्षिण दिल्ली के यूसुफ सराय से गिरफ्तार किया गया। पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) हर्ष इंदोरा ने एक बयान में कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उसे अग्रिम जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए मणिपुर पुलिस की एक टीम को सौंप दिया है।’’पुलिस के अनुसार, एक अधिकारी को तीन सितंबर को सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित पीएलए का एक वांछित उग्रवादी दिल्ली में मौजूद है। अधिकारी ने इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिसके बाद आरोपी का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के लिए एक टीम गठित की गई। अधिकारी ने कहा, ‘‘रेगन सिंह मणिपुर के थौबल पुलिस थाने में यूएपीए के तहत दर्ज दो मामलों में वांछित था। वह कथित तौर पर प्रतिबंधित पीएलए/रिवॉल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (आरपीएफ) से जुड़ा था और कानून लागू करने वाली एजेंसियों से बच रहा था।’’पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान तकनीकी निगरानी से संकेत मिला कि आरोपी नयी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के आसपास हो सकता है। अधिकारी के अनुसार, टीम वहां पहुंची और पूछताछ की, लेकिन अस्पताल में उस नाम का कोई मरीज भर्ती नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने अपनी तलाश का दायरा बढ़ाते हुए यूसुफ सराय के होटलों में पूछताछ की। साथ ही, सफदरजंग एन्क्लेव और ग्रीन पार्क में भी व्यापक स्तर पर छानबीन की गई। पुलिस ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। पुलिस ने बताया कि शुरुआत में वांछित व्यक्ति की तस्वीर उपलब्ध नहीं होने के कारण उसकी पहचान करना मुश्किल था। हालांकि, लगातार प्रयासों के बाद टीम ने यूसुफ सराय से पूर्वोत्तर भारत के एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया। अधिकारी ने कहा, ‘‘शुरुआती पूछताछ के दौरान उस व्यक्ति ने अपनी गलत पहचान बताई और किसी उग्रवादी संगठन से संबंध होने से इनकार किया। बाद में उसकी तस्वीर मणिपुर पुलिस को भेजी गई, जिसने पुष्टि की कि वह वांछित आरोपी रेगन सिंह है।’’
दिल्ली में पकड़ा गया प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का वांटेड उग्रवादी, मणिपुर पुलिस को सौंपा गया
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के एक वांछित सदस् को पकड़ने में कामयाबी पाई है। आरोपी की पहचान RK रीगन सिंह तौर पर की गई है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने प्रतिबंधित संगठन पीएलए से जुड़े एक लाख के इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह अपराधी मणिपुर के थौबल थाने में यूएपीए के तहत दर्ज मामले में वांछित था।
दिल्ली पुलिस ने मणिपुर के प्रतिबंधित संगठन से जुड़े एक वांछित उग्रवादी को किया गिरफ्तार
New Delhi, 6 नवंबर . दिल्ली Police की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े ऑपरेशन में Friday को एक वांछित उग्रवादी को गिरफ्तार किया. उस पर पूर्वोत्तर के एक…
Nainital से Bhimtal तक, Lucknow के पास Summer Vacation के लिए बेहतरीन हैं ये 4 जगहें
उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों का शहर लखनऊ जितना अपनी ऐतिहासिक इमारतों के लिए जाना जाता है, उतना की अपनी संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। ऐतिहासिक इमारतों से भरपूर लखनऊ शहर प्राचीन काल से ही तहजीब और अदब का नमूना पेश करता आया है। लखनऊ में आपको जितनी खूबसूरती इमारतें मिलेंगी, यहां की संस्कृति और खाना भी वैसा ही है। वैसे तो यह शहर अपने आप में बेहद खूबसूरत है, लेकिन गर्मियों में यह शहर काफी गर्म हो जाता है। ऐसे में अगर आप भी किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर सुकून के साथ-साथ छुट्टियों का भी पूरा मजा उठाया जा सके। तो हम आपको आज इस आर्टिकल के जरिए लखनऊ से करीब 400 किमी से कम दूरी पर स्थिति कुछ ऐसे हिल स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि बेहद खूबसूरत हैं और आप यहां अपने परिवार के साथ जा सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Manipur घूमने का प्लान है तो Imphal में Kangla Fort और Loktak Lake जरूर देखें नैनीताल लखनऊ से करीब 381 किमी दूर स्थित नैनीताल हिल स्टेशन बेहद खास और खूबसूरत है। यहां पर आप नैनी झील, नैना देवी मंदिर, टिफिन टॉप और स्नो व्यू पॉइंट जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। उत्तराखंड में कुमाऊं पहाड़ियों की तलहटी में बसा नैनीताल लखनऊ के पास सबसे ज़्यादा घूमे जाने वाले हिल स्टेशनों में से एक है। यहां पर पूरे साल मौसम सुहावना रहता है। वहीं यह जगह फैमिली ट्रिप के लिए बेस्ट है। भीमताल उत्तराखंड का भीमताल भी एक बेहद शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन है। इस जगह की खासियत यहां का अनोखा और शांत माहौल है। यहां पर आप भीमताल झील, पैडल बोटिंग, बर्ड वाचिंग और प्रकृति के बीच सैर करने का मजा ले सकते हैं। लखनऊ से भीमताल की दूरी करीब 367 किमी है। यह जगह अपने आप में खूबसूरती को समेटे हुए है। भीमताल चीड़, ओक और झाड़ियों के घने जंगलों से घिरा है। इसके अलावा आप यहां पर कुछ फेमस मंदिरों के भी दर्शन कर सकते हैं। चंपावत उत्तराखंड में बसा चंपावत सबसे कम आबादी वाले जिलों में शामिल है। यह उत्तराखंड राज्य के पूर्वी हिस्से है और बेहद खूबसूरत जिला है। यहां पर आपको प्रकृति, पौराणिक कथाएं, इतिहास और आध्यात्मिकता का अनोखा संगम देखने को मिलता है। कुमाऊं क्षेत्र में हिमालय की शानदार पहाड़ियों से घिरे चंपावत के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आप भी अगर किसी नई जगह की तलाश में हैं, तो यह जगह आपके लिए है। लखनऊ से यह जगह करीब 367 किमी दूर है। नौकुचियाताल उत्तराखंड का नौकुचियाताल झील के किनारे बसा एक खूबसूरत और छोटा गांव है। यह जगह उन लोगों के लिए बेस्ट है, जोकि प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं और सुकून की तलाश में हैं। यह मुख्य रूप में यह जगह नौ कोनों वाली झील के लिए प्रसिद्ध है, जोकि करीब 1 किमी लंबी और 40 मीटर गहरी है। ऐसे में अगर आप लखनऊ में रहते हैं, तो इस बार की छुट्टियों में फैमिली के साथ यहां पर जा सकते हैं। लखनऊ से यहां की दूरी करीब 368 किमी है।
Travel Tips: Manipur घूमने का प्लान है तो Imphal में Kangla Fort और Loktak Lake जरूर देखें
इंफाल एयरपोर्ट बेहद खूबसूरत है। यहां की ताजी हवा और खुला आकाश आपका मन मोह लेगा। मणिपुरी शैली की हरी छतों वाला यह छोटा और बेहद खूबसूरत एयरपोर्ट इतना सहज है कि आप फ्लाइट से उतरकर पैदल ही भवन में जा सकते हैं। महानगरों की भागदौड़ से दूर इस शहर की अपनी खासियत है। ऐसे में अगर आप भी मणिपुर जाने का प्लान कर रही हैं। तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप मणिपुर के इंफाल में कौन-कौन सी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इमा मार्केट शहर के बीचों-बीच इमा मार्केट है। यह महिलाओं यानी की माताओं द्वारा चलाया जाने वाला बाजार है। यह मार्केट सिर्फ महिलाओं द्वारा चलाई जाती है। आप यहां से फनेक, ब्लाउज, शॉल, दुपट्टे, चादर, गमछे और भी कई तरह की चीजें ले सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Bird Watching के शौकीनों के लिए बेस्ट हैं ये 5 जगहें, सर्दियों में दिखेंगे रंग-बिरंगे पक्षी कांगला किला की सैर आपको इंफाल में दो जगहें जरूर देखनी चाहिए। पहली कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे स्थित है। मेतेई भाषा में इसका अर्थ है जमीन का मुख्य भाग। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं की लिस्ट में से एक है। यहां के राजवंश के शासकों की कांगला फोर्ट राजधानी हुआ करता था और आज भी मणिपुर के लोगों के लिए गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इस फोर्ट के मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं, जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं की सूची में से एक है। कांगला फोर्ट राजधानी हुआ करता था और आज भी मणिपुर के निवासियों के लिए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके अलावा आप यहां पर कांगला संग्रहालय, बोट म्यूजियम और पुरातत्व संग्रहालय देख सकते हैं। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर आप सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर को देख सकते हैं। सानामाही मेतेई वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी है, जिसको मेतेई लोग पवित्र और शुभ मानते हैं। यहां पर कई दर्शनीय स्थल है, जैसे राजा बोधचंद्र की समाधि और महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति आदि। इसके अलावा यहां महाराजा नरसिंह द्वारा बनवाया गया श्री गोविंद जी मंदिर भी देख सकते हैं। लोकताक लेक आप इस दौरान लोकताल लेक भी जा सकते हैं। यह पूरे नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी और फ्रेश वाटर लेक है। इसकी खासियत है कि झील के ऊपर तैरते हुए भूखंड हैं, जिनको स्थानीय भाषा में 'फुम्डी' भी कहा जाता है। फुम्डी वनस्पति और अन्य जैविक तत्वों से बना एक बायोमास होता है, जो जमीन की शक्ल ले लेता है, लेकिन पानी के ऊपर तैरता रहता है। मोइरांग के पास लोकताक झील स्थित है, जहां आईएनए का संग्रहालय भी है। इस संग्रहालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी सेना से संबंधित वस्तुएं देख सकते हैं। वहीं आप इंडियन पीस मेमोरियल देख सकते हैं। यह स्मारक उन भारतीय शहीदों की याद में बनाया गया है, जोकि सेकेंड वर्ल्ड वॉर में आजाद हिंद फौज के तहत जापानी सेना के साथ मिलकर लड़े थे। इस रेड हिल के पास उन्होंने ब्रिटिश सेना को हराया था। इन बातों का रखें खास ध्यान ट्रेन से इंफाल जाने के लिए आपको सबसे पहले दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी आप यहां पर जा सकते हैं। आप सितंबर से लेकर अप्रैल के लिए बीच का समय इंफाल जाने के लिए सबसे बेहतर होता है। क्योंकि इस दौरान यहां का मौसम सुहावना रहता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से आपको इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। अब यह सुविधा ऑनलाइन मौजूद है। आप मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आप इसको कोलकाता, दिल्ली और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही आपको इंफाल एयरपोर्ट पर भी यह उपलब्ध है।
Manipur: में मेरा चाओरेल हौबा उत्सव हयिंग खोंगबल उपहोंग युमफाम में मनाया गया
11 अक्टूबर, रविवार: इम्फाल में हयिंग खोंगबल उपहोंग युमफाम में मेरा चाओरेल हौबा उत्सव मनाया गया, लाइनिंगथौ सनामही बोर्ड के सदस्य सचिव का बयान।
Manipur Music Teacher Killed: Chongtham Vikram Singh को Delhi में पीट-पीटकर मारा, लोगों में गुस्सा!
आरोप है कि घर के बाहर शोर-शराबे को लेकर हुए विवाद के बाद उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के विरोध में मणिपुर के लोगों ने दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला…
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

