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Manipur के कामजोंग और उखरुल में armed groups के बीच झड़प, पांच लोगों की मौत

मणिपुर के कामजोंग और उखरुल जिलों में सशस्त्र समूहों के बीच फिर से हुई झड़पों में एक महिला सहित पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नगा बहुल कामजोंग जिले के कुकी बहुल चसाद गांव में 22 वर्षीय एक युवक और 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मृतका पांच बच्चों की मां थी। शुक्रवार रात महिला के गर्दन के पास गोली मारी गई थी, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि हत्या के बाद कुकी और नगा समुदायों के सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही। इसके बाद हुई झड़पों में उक्त युवक की मौत हो गई और इस दौरान 10 घरों में आगजनी की गई। जिले के अधिकारियों ने हिंसा को और फैलने से रोकने के लिए चसाद पुलिस गेट चौराहे के 400 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 162 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में, संदिग्ध उग्रवादियों ने म्यांमा सीमा के पास तंगखुल नगा समुदाय की बस्ती वाले कामजोंग के निंगचौ गांव में घुसकर गोलीबारी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि इस घटना में नगाचांसो निंगशेन (35) और लीशिशां लीशादांग (48) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद सुरक्षा बल ने गांव में पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। स्थानीय ग्रामीणों ने दावा किया कि हमलावर गोलीबारी करने के बाद म्यांमा सीमा की ओर भाग गए। अधिकारियों ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए कामजोंग जिला अस्पताल भेज दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, उखरुल जिले में एक अन्य घटना में संदिग्ध उग्रवादियों ने चेपु याओलेन के पास एक वाहन पर गोलीबारी की, जिसमें वाहन चालक संदीप राय (40) की मौत हो गई। कांगपोकपी जिले के मकुई अशांग और तापन इलाकों में भी सशस्त्र गुटों के बीच भारी गोलीबारी की सूचना मिली है। इस वर्ष फरवरी में कुकी और नगा समुदायों के बीच हिंसा शुरू होने के बाद से 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया है। यह हिंसा मुख्य रूप से उखरुल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलांग और नोनी जिलों के साथ-साथ सेनापति जिले के कुछ हिस्सों में केंद्रित है। मणिपुर में तीन साल पहले जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से सुरक्षा बल सभी जिलों के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं और क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए गश्त कर रहे हैं। मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच जारी जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

प्रभासाक्षी 10 Oct 2026 7:53 pm

Captain Smit Machhar पर कॉकपिट में हमले की जांच करेगी NIA, केंद्र का निर्देश

केंद्र सरकार ने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को 'फ्लाईदुबई' (flyDubai) की एक फ़्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए हमले का मामला दर्ज करने और उसकी जांच करने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि कॉकपिट के अंदर हुई बहस के बाद विमान अचानक तेज़ी से नीचे की ओर (शार्प डाइव) गया और सऊदी अरब के एयरस्पेस में वापस लौट आया। केंद्र सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक, 'फ्लाईदुबई' की फ़्लाइट 1073 ने 30 सितंबर को सुबह 7:05 बजे (गल्फ़ स्टैंडर्ड टाइम - GST) दुबई से उड़ान भरी थी। इस फ़्लाइट में 174 यात्री और छह क्रू मेंबर सवार थे और इसे भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छार और ओमान के फ़र्स्ट ऑफ़िसर उड़ा रहे थे। यह विमान जॉर्डन-सऊदी अरब बॉर्डर के पास उड़ रहा था, तभी खबर है कि इसने तेज़ी से नीचे की ओर गोता लगाया और सऊदी एयरस्पेस की तरफ़ वापस मुड़ गया। इसे भी पढ़ें: Manipur के Kamjong में महिला की हत्या के बाद भड़की हिंसा, धारा 162 लागू फर्स्ट ऑफ़िसर पर कैप्टन पर हमला करने का आरोप सरकार ने बताया कि यात्रियों के अनुसार, ओमान के फर्स्ट ऑफ़िसर ने उड़ान के दौरान कैप्टन मच्छर पर चाकू से हमला किया। ऐसा लग रहा था कि यह विमान को हाईजैक करने या उसे क्रैश कराने की कोशिश थी। खबरों के मुताबिक, हमले के बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने फर्स्ट ऑफिसर पर काबू पा लिया और उसे रोक दिया। सरकारी आदेश में दी गई जानकारी के अनुसार, कैप्टन मच्छर के सिर और हाथों पर गहरे घाव हुए थे। इस घटना के बाद, फ़्लाइडुबई (flyDubai) के दूसरे पायलटों ने विमान का कंट्रोल संभाला और उसे उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक में प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ एयरपोर्ट पर सुबह लगभग 10:45 बजे (GST) सुरक्षित उतारा। सरकार के अनुसार, बाद में सऊदी अधिकारियों ने फर्स्ट ऑफिसर को गिरफ़्तार कर लिया। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi पर महिला पुलिसकर्मी से धक्का-मुक्की का आरोप, BJP ने शेयर किया वीडियो NIA किसी बड़ी साज़िश की जांच करेगी केंद्र सरकार ने कहा कि इस घटना से पता चलता है कि एक भारतीय नागरिक के ख़िलाफ़ 'एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016' की धारा 3 और 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967' की धारा 16 (धारा 15(1)(a) के साथ) के तहत अपराध किए गए हैं। आदेश में बताए गए अपराध 'राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008' के तहत 'शेड्यूल्ड ऑफेंस' (सूचीबद्ध अपराध) हैं। सरकार ने कहा कि इस मामले में एक भारतीय पायलट पर हमला और 'फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073' को हाईजैक करने या क्रैश करने की साफ़ कोशिश शामिल है। सरकार ने कहा कि इस घटना के गंभीर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय असर हैं और किसी बड़ी साज़िश का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की ज़रूरत है। इसलिए, केंद्र सरकार ने NIA को मामला दर्ज करने और NIA अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामले की जांच करने का निर्देश दिया।

प्रभासाक्षी 10 Oct 2026 4:15 pm

Manipur के Kamjong में महिला की हत्या के बाद भड़की हिंसा, धारा 162 लागू

मणिपुर के हिंसा प्रभावित कामजोंग जिले में एक महिला की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद राज्य में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी, जिसके मद्देनजर अधिकारियों ने निषेधाज्ञा लागू कर दी। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों बताया कि यह घटना शुक्रवार रात करीब नौ बजकर 35 मिनट पर नगा बहुल कामजोंग जिले के कुकी बहुल चसाद गांव में हुई। उन्होंने महिला के गले के पास गोली लगी थी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि हत्या के बाद कुकी और नगा समुदायों के सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही। हिंसा के दौरान कई घरों में आगजनी की गई। जिले के अधिकारियों ने हिंसा को और फैलने से रोकने के लिए चसाद पुलिस गेट चौराहे के 400 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 162 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। इस आदेश के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह जुटने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

प्रभासाक्षी 10 Oct 2026 10:53 am

रावण का 90 फीट का बन रहा पुतला:ढांचा मणिपुर से पटना आ रहा है, पहली बार दिल्ली के कलाकार करेंगे रामलीला का मंचन

गांधी मैदान में 11 से 21 अक्टूबर तक श्री रामलीला महोत्सव का आयोजन होगा। महोत्सव में पहली बार दिल्ली के सांस्कृतिक कला संगम के कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे। इस बार रावण का 90 फीट, मेघनाथ का 85 फीट और कुंभकर्ण का 80 फीट ऊंचा पुतला आकर्षण का केंद्र रहेगा। साउथ इंडियन स्टाइल और राजस्थानी थीम पर पुतले तैयार किए जाएंगे। रावण के पुतले के लिए ढांचा मणिपुर से पटना आ रहा है। 20 अक्टूबर को 8 लोगों की टीम एक साथ भव्य आतिशबाजी करेगी। बैकग्राउंड में एलईडी स्क्रीन और स्पेशल इफेक्ट्स से रामलीला के दृश्य और जीवंत होंगे। पटना में पहली बार रामलीला में इस तकनीक के इस्तेमाल की तैयारी है। कार्यक्रम श्री दशहरा कमेटी ट्रस्ट की ओर से होगा। ये सारी जानकारियां श्री दशहरा कमेटी ने पीसी कर बताई है। नीतीश कुमार करेंगे महोत्सव का उद्घाटन ट्रस्ट के चेयरमैन कमल नोपानी ने बताया कि 11 अक्टूबर को शाम 4 बजे महोत्सव का उद्घाटन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार सहित अन्य उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि रामलीला जैसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में अच्छे मूल्यों और आदर्शों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 1955 से चली आ रही परंपरा का यह 71वां वर्ष ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कुमार की ओर से महोत्सव की तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि 1955 से चली आ रही परंपरा का यह 71वां वर्ष है। इस बार महोत्सव को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, परंपरा और भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। पहले 4 दिन रामलीला के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम ट्रस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश नंदन ने बताया कि 11 से 14 अक्टूबर तक शाम चार बजे से रामलीला का मंचन होगा। शाम छह बजे से गीत-संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में देश के चर्चित कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। वहीं, 15 से 19 अक्टूबर तक रोज शाम 6 बजे से रामलीला का मंचन होगा। आगरा के कलाकार पुतलों को बना रहे हैं रामलीला महोत्सव के संयोजक आशु गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के सांस्कृतिक कला संगम के कलाकार रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन करेंगे। रावण दहन कार्यक्रम के संयोजक मनीष सिन्हा ने बताया कि तीनों पुतलों का निर्माण आगरा के अनुभवी कलाकार कर रहे हैं। 20 अक्टूबर को शाम चार बजे रावण दहन कार्यक्रम शुरू होगा। आतिशबाजी भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगी। गांधी मैदान में मां पटन देवी के दर्शन का अवसर महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को मां पटन देवी के विग्रह के दर्शन और पूजन का अवसर भी मिलेगा। शिशिर कुमार और डॉ. अजय प्रकाश के संयोजन में गांधी मैदान के मुख्य पंडाल के पास मां पटन देवी के विग्रह को स्थापित किया जा रहा है। इससे महोत्सव में आने वाले श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों में भी शामिल हो सकेंगे। 21 अक्टूबर को होगा भरत मिलाप ट्रस्ट के महासचिव प्रिंस कुमार राजू ने बताया कि महोत्सव की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारी, सदस्य और युवा कार्यकर्ता आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने में जुटे हैं। कोषाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुमार ने कहा कि समाज के सहयोग से यह गौरवशाली परंपरा लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने लोगों से महोत्सव में शामिल होकर भारतीय संस्कृति की इस परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की।

दैनिक भास्कर 9 Oct 2026 8:09 pm

गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर सीएम को राज्य में शांति और विकास के लिए केंद्र के पूर्ण समर्थन का दिया भरोसा

New Delhi/इंफाल, 8 अक्टूबर . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने Thursday को मणिपुर के Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह को भरोसा दिलाया कि केंद्र Government राज्य में शांति बहाल करने, विकास सुनिश्चित करने और वहां के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने में पूरा सहयोग देगी. इंफाल में Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) के एक ... Read more

डेली किरण 8 Oct 2026 11:53 pm

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मणिपुर के मुख्यमंत्री को एनएच प्रोजेक्ट और अन्य मुद्दों पर केंद्र के समर्थन का भरोसा दिल

New Delhi/इंफाल, 8 अक्टूबर . सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने Thursday को मणिपुर के Chief Minister युमनाम खेमचंद सिंह को भरोसा दिलाया कि राज्य Government द्वारा उठाए गए सभी प्रोजेक्ट और मुद्दों पर काम किया जाएगा, जिसमें दो अहम नेशनल हाईवे का विकास भी शामिल है. इंफाल में Chief Minister कार्यालय (सीएमओ) ... Read more

डेली किरण 8 Oct 2026 10:33 pm

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मणिपुर के मुख्यमंत्री को एनएच प्रोजेक्ट और अन्य मुद्दों पर केंद्र के समर्थन का भरोसा दिलाया

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मणिपुर के मुख्यमंत्री को एनएच प्रोजेक्ट और अन्य मुद्दों पर केंद्र के समर्थन का भरोसा दिलाया

समाचार नामा 8 Oct 2026 10:32 pm

Manipur के Loktak Lake पर बसा Floating Village Champu Khangpok पानी पर तैरता है

क्या आप कभी ऐसी जगह पर घूमने के लिए गए हैं, जहां पर कदम रखते ही जमीन डगमगाने लगे। आपको ऐसा महसूस हो, जैसे आप चल नहीं बल्कि तैर रहे हैं। ऐसा दृश्य सोचने पर एकदम सपने जैसा महसूस होता है। ऐसा ही कुछ मणिपुर का फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको अनोखे और रोमांच से भरपूर जगह फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक के बारे में बताने जा रहे हैं। फ्लोटिंग विलेज है चंपू खंगपोक भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में एक तैरता हुआ गांव है। जिसका नाम चंपू खंगपोक है। यह भारत की फेमस लोकटक झील पर बसा है, जोकि करीब 240 वर्ग किमी के आकार में फैली है। इस गांव के लोगों ने पानी के साथ जीना सीख लिया है, तभी तो आपको इस गांव में पानी पर चलते लोग, तैरते घर और द्वीप देखने को मिलेंगे। इसे भी पढ़ें: Gaya Ji में Pind Daan का पूरा बजट: Train टिकट, होटल स्टे और पूजा फीस की डिटेल जानें डगमगाती जमीन का रहस्य चंपू खंगपोक गांव के तैरने के पीछे कोई जादू नहीं हैं। बल्कि इसके पीछे साइंस का कमाल है। इसके पीछे की वजह इस स्थान की प्रकृति और बायोमास का प्रोसेस है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस गांव की जमीन किसी चट्टान या मिट्टी से नहीं बनी है, बल्कि यह फुम्डी नाम की प्राकृतिक जमीन है। फुम्डी जमीन जड़ों, सड़े-गले पौधों, मिट्टी और जैविक पदार्थों की परत से बनी होती है। वहीं साल-दर-साल जब इन सभी चीजों का जमावड़ा शुरू होकर एक जगह पर एकत्र होता है। तो इसकी परत से जमीन बन जाती है। यह जमीन इतनी ज्यादा मजबूत होती है कि इन पर घरों तक का निर्माण किया जा सकता है। बदलती है घरों की लोकेशन यहां पर रहने वाले लोगों के घरों को फुमशंग कहा जाता है, जो अपनी लोकेशन को बदलते रहते हैं। क्योंकि यह घर जमीन पर नहीं बल्कि फुम्डी पर बने हैं, तो पानी के बहाव और हवा के दबाव की वजह से इनकी लोकेशन बदलती रहती है। यही कारण है कि चंपू खंगपोक दुनियाभर में अपनी इसी विशेषता की के कारण आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। देख सकेंगे तैरता हुआ नेशनल पार्क अनोखे गांव के अलावा आप लोकटक झील में तैरता हुआ कीबुल लामजाओ नेशनल पार्क भी देख सकेंगे। यह पार्क विष्णुपुर जिले में हैं, जोकि लोकटक झील के दक्षिण पश्चिम में करीब 40 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र फैला है। इस जगह की खासियत यह है कि यहां पर विलुप्त हो रहे संगाई हिरण रहते हैं, यह उनका अकेला आवास स्थल है।

प्रभासाक्षी 28 Sep 2026 4:52 pm

Imphal Trip: Kangla Fort से लेकर Ima Market तक, Imphal में देखने लायक हैं ये प्रमुख स्थल

इंफाल एयरपोर्ट को देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा और बेहद खूबसूरत एयरपोर्ट इतना सहज है कि विमान से उतरकर पैदल ही आप भवन में दाखिल हुआ जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर इस शहर की अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा है। यहां के युवा जहां आधुनिक लिबास में नजर आता है, तो वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे अपने पारंपरिक परिधानों में दिखते हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। इमा मार्केट समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक शहर के बीचों-बीच बनी इमा मार्केट है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला बाजार। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। यहां पर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे- ब्लाउज, शॉल, चादर, दुपट्टे, गमछे और भी कई तरह की चीजें हैं। वहीं मार्केट के एक हिस्से में सिर्फ पूजा का सामान है। इसे भी पढ़ें: Imphal Airport से अगवा पश्चिम बंगाल का युवक Bishnupur से सुरक्षित बचाया गया एक्सप्लोर करें कांगला किला इंफाल में दो जगहें आपको जरूर देखनी चाहिए। जिसमें पहला कांगला किला है और दूसरा लोकताक लेक है। कांगला फोर्ट या किला शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे स्थित है। मणिपुरी भाषा की भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। वहीं आज भी मणिपुर के निवासियों के लिए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां बनी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। इसे भी पढ़ें: मणिपुर के Kangpokpi में 7 ग्रामीणों को हिरासत में लेने पर बवाल, रिहाई के बाद शांत हुआ प्रदर्शन सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर इसके साथ ही आप सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर देख सकते हैं। सानामाही मेतेई वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी है। इसको मेतेई लोग बेहद शुभ और पवित्र स्थल मानते हैं। यहां पर आपको कई और दर्शनीय स्थल भी देखने को मिल जाएंगे, जैसे महाराज नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति, राजा बोधचंद्र की समाधि आदि। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर बनवाया गया है, जोकि इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। लोकताक लेक अगले दिन आप लोकताक लेक जा सकते हैं। यह पूरे नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी फ्रेश वाटर लेक है और इसकी खासियत झील के ऊपर आपको तैरते भूखंड दिखेंगे, जिनको स्थानीय भाषा में 'फुम्डी' कहते है। लोकताक झील मोइरांग के पास स्थित है, जहां INA का एक संग्रहालय है। इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी सेना से संबंधित वस्तुएं दिखाई जाती हैं। यहां से लौटने के दौरान आप इंडियन पीस मेमोरियल देख सकते हैं। रेड हिल के पास स्थित यह स्मारक उन भारतीय शहीदों की याद में बनाया गया है। जोकि सेंकेंड वर्ल्ड वॉर में आजाद हिंद फौज के तहत जापानी सेना के साथ मिलकर लड़े थे। इसी रेड हिल के पास उन्होंने ब्रिटिश सेना को हराया था। इंफाल में कई मंदिर, संग्रहालय, पार्क, झीलें, चिड़ियाघर और दर्शनीय स्थल हैं। अगर समय रहे, तो आप इन सबको भी देख सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Manipur के Kangpokpi में 6 ग्रामीणों की हिरासत पर हिंसक विरोध, बाद में हुए रिहा कुछ जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल जाने के लिए गुवाहाटी या दीमापुर जाना होगा। यहां पर इंफाल के लिए बस मिल जाएगी। वहीं भारत के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा सीधे पहुंच सकते हैं। इन बातों का रखें ध्यान मणिपुर में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइप परमिट लेना जरूरी है। यह सुविधा अब ऑनलाइन भी मौजूद है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा कोलकाता, दिल्ली और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मिल जाएगी। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की कॉपी की जरूरत है। इसका शुल्क 100 रुपए है और विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होगी।

प्रभासाक्षी 21 Sep 2026 3:31 pm

Manipur Music Teacher Killed: Chongtham Vikram Singh को Delhi में पीट-पीटकर मारा, लोगों में गुस्सा!

आरोप है कि घर के बाहर शोर-शराबे को लेकर हुए विवाद के बाद उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के विरोध में मणिपुर के लोगों ने दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला…

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 7:06 pm

अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

बूमलाइव 14 Aug 2026 6:24 pm