सद्गुरु ट्रस्ट ने गौवंशों के लिए किए विशेष इंतजाम:चित्रकूट में भीषण गर्मी से बचाने को शेड-कूलर योजना
चित्रकूट जिले में भीषण गर्मी और हीटवेव के मद्देनजर सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा संचालित गौशाला में गौवंशों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। ट्रस्ट प्रबंधन ने करीब 1300 गौवंशों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नई योजना लागू की है। गौशाला की अध्यक्ष उषा जैन ने बताया कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए गौवंशों को लू और तेज धूप से बचाने के लिए सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक शेड के भीतर रखा जाएगा। इसके अतिरिक्त, पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और चारे की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। जैन ने यह भी बताया कि यदि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होती है, तो गौवंशों के लिए कूलर और अन्य शीतलन प्रणालियों की व्यवस्था भी जल्द शुरू की जाएगी। ट्रस्ट का लक्ष्य है कि भीषण गर्मी में किसी भी गौवंश को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट की यह गौशाला जिले में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। यह गौशाला पिछले लगभग 30 वर्षों से गौसेवा में संलग्न है। यहां विशेष रूप से केवल देसी नस्ल की गायों का पालन और संरक्षण किया जाता है। ट्रस्ट देसी गौवंशों के संरक्षण के साथ-साथ उनकी सेवा और चिकित्सा देखभाल पर भी विशेष ध्यान देता है। स्थानीय निवासियों ने ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे इन इंतजामों की सराहना की है। उनका कहना है कि जहां एक ओर भीषण गर्मी से मानव जीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं गौशाला में साफ-सफाई, पर्याप्त पानी और छायादार व्यवस्था से पशुओं को राहत मिल रही है। जिले में बढ़ते गर्मी के प्रभाव को देखते हुए अन्य पशुपालकों को भी अपने पशुओं की विशेष देखभाल करने की सलाह दी जा रही है। इसका उद्देश्य उन्हें तेज तापमान से होने वाली बीमारियों से बचाना है।
छिंदवाड़ा जिले में भीषण गर्मी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार दोपहर 1 बजे शहर का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गर्म हवाओं और तेज धूप ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया। सुबह से ही आसमान से आग बरसने जैसे हालात बने रहे और दोपहर होते-होते बाजार व सड़कें सूनी नजर आने लगीं। लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकले और गर्मी से बचने के लिए चेहरे व सिर को पूरी तरह ढंककर दिखाई दिए। मौसम विभाग ने जिले में हीटवेव के साथ अब “वॉर्म नाइट” का भी अलर्ट जारी किया है। यानी दिन के साथ रात में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बने रहने और गर्म हवाओं का असर जारी रहने का अनुमान जताया गया है। इस सीजन में जिले का अब तक का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया जा चुका है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहेगा और अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी होने से लोगों को उमस और बेचैनी का सामना करना पड़ सकता है। क्या होती है “वॉर्म नाइट”मौसम विज्ञान के अनुसार जब रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज होता है और दिन में भी अत्यधिक गर्मी बनी रहती है, तो उसे “वॉर्म नाइट” कहा जाता है। ऐसी स्थिति में रात के समय वातावरण ठंडा नहीं हो पाता और लोगों को लगातार गर्मी महसूस होती रहती है। डॉक्टरों की सलाह: हीट स्ट्रोक से ऐसे बचें
निवाड़ी जिला भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। जिले में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मोबाइल संदेशों से किया जा रहा अलर्ट मौसम विभाग की ओर से लोगों को मोबाइल संदेश भेजकर सावधान किया जा रहा है। संदेशों में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर नहीं निकलने और घरों में रहने की अपील की गई है। गुरुवार सुबह से ही जिले में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर बना हुआ है। दोपहर होते-होते सड़कों पर आवाजाही कम हो जाती है और लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की सलाह स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव करने को कहा गया है। बाजारों में कम हुई आवाजाही लगातार बढ़ती गर्मी का असर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी दिखाई दे रहा है। ग्रामीण इलाकों में भी गर्म हवाओं से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन और मौसम विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।
बस्ती जिले के कप्तानगंज विकासखंड में आंगनबाड़ी नियुक्ति के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में एक सफाई कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को ब्लॉक परिसर में कार्रवाई करते हुए शिवमूरत नामक सफाई कर्मचारी को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। इस कार्रवाई के बाद पूरे ब्लॉक परिसर में हड़कंप मच गया। बताया गया है कि आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में पैसे लेकर नियुक्ति कराने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। इन शिकायतों के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की सूचना फैलते ही ब्लॉक परिसर में कर्मचारियों, प्रधानों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए एंटी करप्शन टीम को रोकने का प्रयास किया और ब्लॉक का मुख्य गेट बंद करने की कोशिश भी की। इससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, टीम ने सख्ती दिखाते हुए आरोपी को अपने कब्जे में लिया और मौके से रवाना हो गई। एंटी करप्शन टीम आरोपी शिवमूरत को लेकर बस्ती कोतवाली पहुंची, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
संगम नगरी में डॉक्टरों और वकीलों के बीच छिड़ी जंग दूसरे दिन भी थमने का नाम नहीं ले रही है। दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं, लेकिन इस रस्साकशी का सीधा और सबसे दर्दनाक असर आम जनता पर पड़ रहा है। एक तरफ वकील मारपीट करने वाले डॉक्टरों की गिरफ्तारी के लिए एकलव्य चौराहे पर टेंट लगाकर धरने पर बैठे हैं, तो दूसरी तरफ एसआरएन (SRN) अस्पताल के डॉक्टरों ने ओपीडी बंद कर मोर्चा खोल दिया है। अस्पताल में डॉक्टरों की हड़ताल के कारण दूर-दराज से आए गंभीर मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। वहीं, सड़कों का हाल और भी बदतर है। आसमान से बरसती आग और भीषण गर्मी के बीच शहरवासी घंटों से लंबे जाम में फंसे हैं। इस अराजकता के बीच कहीं गंभीर मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस जाम में फंसी दिखी, तो कहीं ई-रिक्शा में एक बेबस मां अपने मासूम बच्चे को झुलसाने वाली धूप से बचाने के लिए कपड़े से ढकती नजर आई। इस विवाद और ट्रैफिक डायवर्जन ने छात्रों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है। बीते कल सीयूईटी (CUET) की परीक्षा थी, जहां जाम के कारण कई अभ्यर्थी समय पर सेंटर नहीं पहुंच सके। उनका साल बर्बाद हो चुका है। वहीं, आज शहर के 34 केंद्रों पर करीब 13,752 अभ्यर्थी लेखपाल की मुख्य परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा छूटने के बाद जब ये हजारों छात्र सड़कों पर निकलेंगे, तो स्थिति और कितनी भयावह होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। हालांकि वकीलों का दावा है कि उन्होंने रास्ता नहीं रोका है, उन्होंने एंबुलेंस, बच्चों और बुजुर्गों को नहीं रोका। उनका कहना है कि जबतक उनकी मांगे नहीं मानी जाएगी वह धरना खत्म नहीं करेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कानपुर हाईवे से हाई कोर्ट आने वाले पुल को बंद कर दिया है। भारी वाहनों की एंट्री बैन है और छोटे वाहनों को चौफटका, लूकरगंज और पानीटंकी के रास्ते सिविल लाइंस भेजा जा रहा है। इस भारी दबाव के कारण नवाब यूसुफ रोड समेत पूरे सिविल लाइंस इलाके में गाड़ियां रेंग रही हैं।
सागौर थाना क्षेत्र के सुहागपुर ओवरब्रिज के पास एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे यह दुर्घटना हुई। मृतक की पहचान सागौर कुटी निवासी अरुण मंडल के रूप में हुई है। अरुण पेशे से राजमिस्त्री थे और अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। हादसे की सूचना मिलते ही पीथमपुर और सागौर थानों की पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं। घटनास्थल सागौर थाना क्षेत्र में होने के कारण सागौर पुलिस ने मामले की जांच संभाली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। पुलिस ने मृतक की शिनाख्त होने के बाद परिजनों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार में शोक का माहौल छा गया। सागौर थाना पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर कानूनी जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस दुर्घटना के बाद फरार हुए अज्ञात वाहन की तलाश में आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
हाईकोर्ट के जस्टिस राकेश मोहन पांडेय ने प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी पर कहा है कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित पदों पर तय सीमा से अधिक दिव्यांग उम्मीदवारों को केवल उनकी योग्यता के आधार पर नियुक्ति देना कानूनन गलत है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को मेरिट लिस्ट की समीक्षा कर 90 दिनों के भीतर दोबारा मेरिट लिस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, उमेश कुमार श्रीवास, नेहा साहू, प्रमोद कुमार साहू सहित अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, इसमें बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय ने 9 मार्च 2019 को व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक के विभिन्न खाली पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। तय सीमा से अधिक दिव्यांग उम्मीदवारों का किया चयनयाचिका में बताया गया कि इस भर्ती में ओबीसी वर्ग के याचिकाकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया और मेरिट सूची में स्थान बनाया। लेकिन, जब चयन समिति ने प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी की, तो ओबीसी कैटेगरी के पदों पर 7% की तय सीमा से कहीं ज्यादा दिव्यांग उम्मीदवारों को चुन लिया गया। बताया कि व्याख्याता बायोलॉजी ई-संवर्ग के लिए कुल 200 पद भरे जाने थे, जिसमें ओबीसी के हिस्से के पदों में से 14 पद दिव्यांगों के लिए आरक्षित होने चाहिए थे, लेकिन चयन समिति ने ओबीसी कोटे के तहत ही 6 दिव्यांगों को उनकी मेरिट के आधार पर सीधे नियुक्त कर दिया, जिससे सामान्य ओबीसी उम्मीदवारों का हक प्रभावित हुआ। यही तरीका शिक्षक गणित और सहायक शिक्षक विज्ञान भर्ती में भी अपनाया गया। सरकार ने कहा- मेरिट में होने से मौकाराज्य सरकार की तरफ से तर्क दिया गया कि जिन दिव्यांग उम्मीदवारों का चयन किया गया, उन्होंने मेरिट सूची में ऊंचा स्थान हासिल किया था। सर्कुलर के अनुसार उनकी योग्यता को देखते हुए बिना उनकी मूल श्रेणी की परवाह किए उन्हें नियुक्ति दी गई। वहीं, याचिकाकर्ताओं की तरफ से कहा गया क चयन समिति की यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के इंदिरा साहनी मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने कहा- प्रक्रिया गलत व बराबरी के खिलाफसुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि चयन समिति द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया पूरी तरह से त्रुटिपूर्ण है। इस तरह की प्रक्रिया से सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों को समान अवसर नहीं मिल पाता है। अधिकारियों को दिव्यांगों को समान अवसर देने के लिए आरक्षण नियमों का सही पालन करना चाहिए था। जानिए इंदिरा साहनी केस के अनुसार आरक्षण प्रक्रिया हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के इंदिरा साहनी और राजेश कुमार डरिया मामलों का हवाला देते हुए सामाजिक और विशेष आरक्षण के अंतर को समझाते हुए कहा कि वर्टिकल आरक्षण यानी एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार यदि अपनी योग्यता से जनरल सीट लाते हैं, तो उन्हें कोटे में नहीं गिना जाता। वहीं होरिजोंटल आरक्षण यानी दिव्यांग, महिलाओं में से कोई दिव्यांग उम्मीदवार मेरिट से चुनकर आता है, तो उसे उसकी संबंधित सामाजिक श्रेणी के कोटे में ही समायोजित किया जाएगा, जिससे कुल आरक्षण का प्रतिशत न बदले।
राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और लोकधुनों की मिठास एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर गूंज उठी। जयपुर की प्रसिद्ध गायिका और कलाकार मनीषा ए. अग्रवाल के लोकप्रिय गीत ‘पधारो म्हारे देस’ को नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत समारोह में प्रस्तुत किया गया। इस विशेष अवसर ने न केवल जयपुर बल्कि पूरे राजस्थान को गौरवान्वित करने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे के दौरान आयोजित स्वागत समारोह में जब ‘पधारो म्हारे देस’ की धुन गूंजी तो वहां मौजूद भारतीय संस्कृति और राजस्थान की परंपराओं का एक खूबसूरत परिचय वैश्विक मंच पर देखने को मिला। यह गीत राजस्थान की मिट्टी, लोकसंस्कृति और भारत की सांस्कृतिक आत्मा को दुनिया तक पहुंचाने वाला प्रतीक बनकर उभरा। इस खास पल को लेकर गायिका मनीषा ए. अग्रवाल ने गहरी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि अपने गीत को विश्व स्तर पर इस तरह सम्मान मिलता देखना उनके लिए बेहद भावुक और गर्व का क्षण है। उन्होंने इसे ईश्वर की कृपा बताते हुए अपनी खुशी साझा की। मनीषा ने कहा कि “पधारो म्हारे देस केवल एक गीत नहीं, बल्कि राजस्थान की रेत, कहानियों, संस्कृति और परंपराओं की आत्मा है। इसे दुनिया के इतने बड़े मंच पर पहचान मिलना मेरे लिए अविस्मरणीय अनुभव है। राजस्थान की लोकसंस्कृति से जुड़ा यह गीत लंबे समय से राज्य की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है। ‘पधारो म्हारे देस’ राजस्थान की अतिथि सत्कार परंपरा, लोकभावना और सांस्कृतिक विरासत को संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त करता है। यही कारण है कि यह गीत वर्षों से राजस्थान की पहचान बन चुका है। इस गीत को टाइम्स म्यूजिक ने रिलीज किया गया था और रिलीज के बाद यह राजस्थान के लोकप्रिय सांस्कृतिक गीतों में शामिल हो गया। गीत की विशेषता केवल इसकी मधुर धुन नहीं, बल्कि उससे जुड़ा संगीत और लोकसंस्कृति का जीवंत प्रस्तुतीकरण भी है। मनेशा अग्रवाल ने बताया कि इस संगीत यात्रा में उन्हें देश के कई दिग्गज संगीत कलाकारों का साथ मिला। इस गीत और संगीत सफर से भारत के प्रतिष्ठित कलाकार जुड़े रहे, जिनमें जगजीत सिंह, उनके गुरु पंडित विश्व मोहन भट्ट, रूप कुमार राठौड़, उस्ताद सुल्तान खान, सलील भट्ट, लोक कलाकार गुलाबो सपेरा, गायक मोहम्मद वकील और संगीतकार रवि पवार जैसे नाम शामिल रहे हैं। संगीत प्रेमियों का मानना है कि ‘पधारो म्हारे देस’ केवल राजस्थान का स्वागत गीत नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के उस भाव का प्रतिनिधित्व करता है जिसमें अतिथि को देवता के समान सम्मान देने की परंपरा सदियों से जीवित रही है।
एमसीबी जिले के जनकपुर क्षेत्र के ग्राम चिडोला निवासी प्रेमबाई गोंड को अब दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सोशल मीडिया पर उनकी परेशानी सामने आने के बाद जिला मेडिकल बोर्ड उनके घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण करेगा और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेगा। प्रेमबाई पर 20 जून 2025 को भालू ने हमला किया था, जिसमें उनके सिर में गंभीर चोट आई थी और उनकी एक आंख पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस घटना के बाद वन विभाग की ओर से उन्हें सहायता राशि और बीमा का लाभ मिलना था, जिसके लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र अनिवार्य बताया गया था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने पर जागा प्रशासन प्रेमबाई गोंड बीते कई महीनों में छह बार मनेंद्रगढ़ मेडिकल बोर्ड के कार्यालय जा चुकी थीं, लेकिन उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र नहीं बन पाया था। उनकी इस परेशानी को लेकर एक व्यक्ति ने उनका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। 1 साल बाद भी गांव ठीक नहीं हुआ है वीडियो में बताया गया था कि घटना को लगभग एक वर्ष होने जा रहा है, लेकिन महिला का घाव अब तक पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है और वह लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। जिला मेडिकल बोर्ड की टीम अब पहुंचेगी पीड़िता के घर मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने निर्णय लिया कि पीड़ित महिला को अब अस्पतालों और दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके बजाय, जिला मेडिकल बोर्ड स्वयं उनके घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण करेगा और प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी करेगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जरूरतमंद, असहाय और विशेष परिस्थितियों में रहे लोगों तक सेवाएं पहुंचाना शासन की प्राथमिकता है। प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है।
पीएम मोदी द्वारा इटली की पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी देने पर नेता प्रतपिक्ष राहुल गांधी के तंज पर पलटवार करते हुए आज बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रदेश बीजेपी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को मेलोडी टॉफी बांटी। इस मौके पर राठौड़ ने कहा कि इटली राहुल गांधी का ननिहाल है। ननिहाल में मेलोडी टॉफी देखते ही राहुल गांधी मचलने लगे। उन्हें टॉफी के अलावा किसी ओर का ध्यान नहीं रहा। यह राहुल गांधी का बचपना है, उनको मैं क्या कहूं। इसलिए मैने आज कार्यकर्ताओं से कहा कि जिस टॉफी को देखकर राहुल गांधी मचलने लगे, उसका जुगाड़ करो, उसका टेस्ट कैसा हैं। मदन राठौड़ ने कहा-परिवार के मुखिया को परिवार का सदस्य गाली दे तो उसका प्रभाव कैसा रहेगा। उन्होने देश के प्रधानमंत्री को गाली दी, जिससे दुनियाभर में देश की हानि हुई। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने फूंका पुतलाराहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को गद्दार करने के विरोध में आज बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला फूंका। बीजेपी कार्यकर्ताओं प्रदेश बीजेपी कार्यालय से चौमू हाउस सर्किल तक प्रदर्शन करते हुए पहुंचे, यहां उन्होने राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला फूंका। प्रदर्शन में प्रदेश महामंत्री भूपेन्द्र सैनी, प्रदेश मंत्री सीताराम पोसवाल, महिला मोर्चा की अध्यक्ष राखी राठौड़, युवा मोर्चा अध्यक्ष शंकर गोरा सहित महिला व युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस से उलझे बीजेपी कार्यकर्ताप्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बेरिकेड्स लगाकर कार्यकर्ताओं को चौमू हाउस सर्किल से पहले रोकने की कोशिश भी की। लेकिन कार्यकर्ता पुलिस से उलझ पड़े। कई कार्यकर्ता बेरिकेड्स लांघकर आगे बढ़ गए। उसके बाद बीजेपी नेताओं की समझाइश के बाद कार्यकर्ता वापस लौटे। लेकिन उन्होने चौमू हाउस सर्किल पर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिससे कुछ देर के लिए चौराहे पर जाम लग गया। इसके बाद पुलिस ने वाहनों को डायवर्ट करके वहां से निकाला। बीजेपी-कांग्रेस के कार्यकर्ता उलझेबीजेपी के प्रदर्शन के दौरान एक बारगी बीजेपी-कांग्रेस के कार्यकर्ता भी आपस में उलझ गए। दरअसल, हुआं यूं कि जब बीजेपी के कार्यकर्ता प्रदर्शन के बाद मीडिया को बाइट दे रहे थे, उस समय कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाहर से आए कांग्रेस कार्यकर्ता वहां से पैदल गुजर रहे थे। इस समय जब बीजेपी कार्यकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ बयान दिया तो कांग्रेस का एक कार्यकर्ता राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने लगा। जिसके बाद बीजेपी-कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में उलझ गए। लेकिन मौके पर मौजूद लोगो ने बीच बचाव किया।
देश में बढ़ते ईधन संकट के बीच आईआईटी कानपुर के एक स्टार्टअप ने भारत का पहला स्वदेशी इलेक्ट्रिक कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर विकसित किया है। आईआईटी के स्टार्टअप इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर (एसआईआईसी) से इंक्यूबेट स्कैनैक्स्ट साइंटिफिक टेक्नोलॉजीज द्वारा विकसित किया गया ट्रैक्टर एक बार चार्ज होने पर 4-5 घंटे बैकअप देगा। अपडेट करने पर चल रहा काम कंपनी के फाउंडर रजत वर्धन ने बताया कि इस ट्रैक्टर को फिलहाल अपडेट किया जा रहा है। इसको दीपावली के नजदीक लांच किया जाएगा। इसकी कीमत डीजल ट्रैक्टर से ज्यादा होगी, लेकिन राज्य सरकारों से इसमें सब्सिडी दिए जाने पर वार्ता चल रही है। नई दिल्ली में हुआ समझौता स्कैनैक्स्ट साइंटिफिक टेक्नोलॉजीज द्वारा बीते दिनों ट्रैक्टर के टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए CSIR-CMERI और नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NRDC) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता नई दिल्ली में आयोजित ‘विज्ञान टेक 2026’ प्रदर्शनी के दौरान संपन्न हुआ। 90 प्रतिशत स्वदेशी घटकों से किया तैयार फाउंडर ने बताया कि 90% से अधिक स्वदेशी घटकों से विकसित यह इलेक्ट्रिक कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर विशेष रूप से भारत के छोटे और सीमांत किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इंपोर्टेड या संशोधित पारंपरिक प्लेटफॉर्म्स के विपरीत, यह तकनीक छोटे भू-स्वामित्व, बढ़ती डीजल लागत और किफायती कृषि मशीनीकरण की सीमित उपलब्धता जैसी भारतीय कृषि की वास्तविक चुनौतियों का समाधान करती है। यह हुआ समझौता नई दिल्ली में हुए समझौते के तहत, स्कैनैक्स्ट साइंटिफिक टेक्नोलॉजीज इस तकनीक का व्यावसायीकरण अपने स्वयं के ब्रांड पहचान से करेगी, जिसका उद्देश्य भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए किफायती, ऊर्जा-कुशल और बड़े पैमाने पर अपनाए जा सकने वाले मशीनीकरण समाधान उपलब्ध कराना है। इस ट्रैक्टर में पूर्णतः इलेक्ट्रिक ड्राइवट्रेन, Vehicle-to-Load (V2L) सुविधा — जो सिंचाई पंप और कृषि उपकरणों को ऊर्जा प्रदान कर सकती है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए इस उपलब्धि पर स्कैनैक्स्ट साइंटिफिक टेक्नोलॉजीज टीम ने कहा कि हम छोटे और सीमांत किसानों को उन्नत, किफायती और टिकाऊ तकनीक से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा स्मार्ट कॉम्पैक्ट ईवी ट्रैक्टर खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी लाएगा, ग्रामीण भारत में हरित रोजगार सृजित करेगा और सटीक एवं समृद्ध कृषि के एक नए युग की शुरुआत करेगा।
कैथल के गांव कुराड़ में बिजली की सप्लाई सुचारु न मिलने से खफा ग्रामीणों ने बिजली निगम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में 24 घंटे बिजली की सप्लाई दी जाए। सूचना पाकर निगम के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को आश्वासन देकर शांत करवाया। कट लगाने का कोई समय नहीं प्रदर्शन में शामिल सुनील, प्रदीप, संजय व मनोज ने कहा कि इस समय भयंकर गर्मी का मौसम चल रहा है। एक तो बिजली की सप्लाई पूरी नहीं आ रही और अगर दिन में 10 से 12 घंटे आती भी है तो उसमें भी न जाने कब कट लगा दिया जाता है। ऐसे में गांव के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली सप्लाई सुचारु में मिलने के कारण उन्हें पेयजल को लेकर भी दिक्कतें आ रही हैं। मोटरें न चलने के कारण गांव में पानी की समस्या पैदा हो रही है। भीषण गर्मी में गांव में बिजली के साथ-साथ पेयजल का संकट भी गहरा रहा है। सूचना पाकर कलायत थाना से सब इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। बिजली निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा बूझकर शांत करवाया। पुलिस अधिकारी विक्रम सिंह ने कहा कि निगम के अधिकारी मौके पर आ गए हैं। दूसरी ओर पुलिस प्रशासन भी ग्रामीणों की सहायता के लिए हर समय तैयार है। उनकी समस्या का समाधान करवाया जाएगा। समस्या के समाधान का आश्वासन वहीं मौके पर पहुंचे बिजली निगम के एसडीओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि ज्यादा गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर पर लोड पड़ता है, जिस कारण कई बार कट लगते हैं। ऐसा केवल एक गांव में नहीं बल्कि अन्य जगहों पर भी होता है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही गांव में और ट्रांसफार्मर लगवाया जाएगा, जिससे बिजली सप्लाई सुचारू हो जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया और अपने-अपने घरों को लौट गए।
दंतेवाड़ा जिले में पारिवारिक जमीन विवाद ने खूनी रूप ले लिया। भाई ने मामूली कहासुनी के बाद अपने ही भाई की लोहे की गैंती से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 19 मई को ग्राम टेकनार कोन्टीपारा में सुदराम के घर नामकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में परिवार और रिश्तेदार मौजूद थे। इसी दौरान रामू और रामलाल जो आपस में भाई हैं। उनके बीच पैतृक जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया। पहले दोनों के बीच बहस हुई, लेकिन मामला शांत हो गया। खाना खाने के बाद आंगन में सोया था बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 12 बजे विवाद के बाद मृतक खाना खाकर रिश्तेदार के घर के आंगन में सो गया था। इसी बीच आरोपी रामू भास्कर वहां पहुंचा और सो रहे अपने भाई पर लोहे की गैंती से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी ने दी घटना की जानकारी घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। प्रार्थी सुरेश भास्कर ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी मोती भास्कर ने आकर कहा कि रामू जीजा ने रामलाल जीजा को मार दिया। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। क्राइम सीन यूनिट के साथ मौके पर पहुंची पुलिस सूचना मिलते ही दंतेवाड़ा पुलिस क्राइम सीन यूनिट के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मामले में देहाती मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। हत्या में इस्तेमाल गैंती बरामद जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी रामू भास्कर (55) निवासी ग्राम कांदाकरका बड़े तुमनार थाना गीदम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की गैंती भी बरामद कर ली गई। 24 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार दंतेवाड़ा ASP आरके बर्मन ने बताया कि दंतेवाड़ा पुलिस ने आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। बुधवार को आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जिला जेल दंतेवाड़ा भेज दिया गया।
हाथरस में 45 डिग्री पहुंचा तापमान:भीषण गर्मी और लू से लोग बेहाल, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
हाथरस में पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। जिले में आज अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लू के थपेड़ों से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। दोपहर के समय शहर की अधिकांश सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, लोग केवल मजबूरी में ही घरों से बाहर निकले। गर्मी से बचाव के लिए लोग तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं, जिसमें अलीगढ़ रोड स्थित नहर में डुबकी लगाना भी शामिल है। लोगों की सामान्य दिनचर्या भीषण गर्मी के कारण काफी प्रभावित हुई है। कुछ बिजली घरों पर विद्युत ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिए पानी का छिड़काव भी किया गया। स्था नीय प्रशासन ने लोगों को गर्मी और लू के प्रति अलर्ट किया है। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 'सचेत' ऐप के माध्यम से अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में कहा गया है कि जनपद का पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार करने की संभावना है। जिलाधिकारी ने हीट वेव (लू) से बचाव के लिए लोगों से अपने मोबाइल फोन में प्ले-स्टोर से 'सचेत' ऐप डाउनलोड करने की अपील की है। इस ऐप के जरिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी तापमान, हीट वेव और मौसम संबंधी अलर्ट समय-समय पर प्राप्त होते रहते हैं। गर्मी और लू से करें अपना बचाव... जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से प्राप्त अलर्ट और दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है, ताकि अत्यधिक गर्मी और लू के दुष्प्रभावों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि सतर्कता और सावधानी ही सुरक्षा का सर्वोत्तम उपाय है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि बच्चों तथा पालतू जानवरों को कभी भी बंद वाहन में अकेला न छोड़ें। जहां तक संभव हो घर में ही रहें और सूर्य के सीधे ताप से बचें। संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें, बासी खाने और मादक पेय पदार्थों का सेवन न करें। घर से बाहर निकलते समय अपने शरीर व सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें।
जमशेदपुर में जिला कांग्रेस ने गुरुवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर डीसी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। परविंदर सिंह ने कहा कि नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने लाखों छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और सरकार को इसकी जवाबदेही लेनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की भी मांग की और कहा कि आत्महत्या करने वाले छात्रों की मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। प्रदर्शन के बाद, कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
चित्रकूट के चकमाली अमानपुर कर्वी के निवासियों ने बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। निवासियों ने अपने मोहल्ले में उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है, ताकि लो वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती की समस्या से निजात मिल सके। मोहल्लेवासियों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से उनके क्षेत्र में बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है। लगभग 150 से अधिक घरों में प्रतिदिन फ्यूज उड़ने, लो वोल्टेज की समस्या और रातभर बिजली गुल रहने जैसी दिक्कतें आम हैं। उनका आरोप है कि रानीपुर के जेई फोन नहीं उठाते, जिससे शिकायतें अनसुनी रह जाती हैं। पी.एन. श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि मोहल्लेवासी पिछले तीन वर्षों से उच्च क्षमता या 250 केवी का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए अधिशासी अभियंता चित्रकूट को कई बार पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने तहसील दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के बाद, उन्होंने निवासियों को आश्वासन दिया है कि वे इस मामले में आख्या मंगाकर समस्या का निवारण कराएंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में पी.एन. श्रीवास्तव, राघवेंद्र सिंह चौहान, विमला सिंह, महेश प्रसाद, रोहित पटेल, लाल बहादुर निषाद, अतुल द्विवेदी, श्याम सुंदर और नरेंद्र कुमार सहित कई अन्य निवासी उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में जल्द से जल्द उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत समस्या से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई।
उन्नाव पुलिस को मिले 21 नए डायल 112 वाहन:आपातकालीन सेवा और गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा होगी मजबूत
उन्नाव पुलिस को डायल 112 सेवा के तहत 21 नए वाहन मिले हैं। गुरुवार को पुलिस लाइन परिसर से इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इनमें 13 बाइक और 8 चार पहिया वाहन शामिल हैं, जिससे जिले में आपातकालीन पुलिस सेवा और मजबूत होगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन नए वाहनों को विशेष रूप से गंगा एक्सप्रेसवे पर तैनात किया गया है। एक्सप्रेसवे पर बढ़ते यातायात और संभावित सड़क हादसों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति की सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच सकेगी। इससे घायलों को समय पर मदद मिल सकेगी और यातायात व्यवस्था भी सुचारु रहेगी। नए वाहनों के शामिल होने से घटनाओं और सड़क हादसों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। वाहनों को रवाना करने के दौरान एसएसपी जयप्रकाश सिंह, एएसपी अखिलेश सिंह, एएसपी शैलेन्द्र लाल, सीओ सोनम सिंह और सीओ विनी सिंह मौजूद रहीं। अधिकारियों ने वाहनों का निरीक्षण कर संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने कहा कि डायल 112 सेवा आम जनता को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। नए वाहनों के मिलने से पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार होगा और किसी भी घटना की सूचना पर कम से कम समय में सहायता पहुंचाई जा सकेगी। नए वाहनों के शामिल होने के बाद अब उन्नाव पुलिस के पास कुल 85 डायल 112 वाहन हो गए हैं। इससे जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता और निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पुलिस विभाग का मानना है कि आधुनिक संसाधनों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और आमजन को बेहतर सुरक्षा देने में मदद मिलेगी।
देवास जिले के टोंककला पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी मुकेश विज को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है। ग्वांग्झू (चीन) से भारत लौटते ही देवास पुलिस की टीम ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट पर दबोच लिया। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी हुई थी। आरोपी मुकेश विज पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद से ही पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह चीन के ग्वांग्झू शहर में है और भारत लौट रहा है। इसी सटीक सूचना के आधार पर देवास पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट पर घेराबंदी की और उसके भारत पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की पूछताछ करेगी पुलिसमुकेश विज को टोंककला पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट प्रकरण का मुख्य आरोपी बनाया गया है। दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी के बाद देवास पुलिस की टीम उसे कस्टडी में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। आरोपी को देवास लाकर पुलिस इस पूरे प्रकरण के संबंध में उससे विस्तृत पूछताछ करेगी। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
अमेरिका में नौकरी और बेहतर जिंदगी का सपना दिखाकर यमुनानगर के एक कारोबारी दंपती से करीब सवा करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि जगाधरी की एक महिला एजेंट ने पहले उसे और उसकी पत्नी को अमेरिका वर्क परमिट पर भेजने का भरोसा दिया और धीरे-धीरे किस्तों में 97 लाख रुपये वसूल लिए। इस दौरान परिवार ने अपने सपने को पूरा करने के लिए पत्नी के जेवर तक बेच दिए, करीब दो एकड़ जमीन बेचनी पड़ी और लाखों रुपये का कर्ज भी लेना पड़ा। आरोप है कि इसके बाद महिला ने अपने एक परिचित के माध्यम से 17.50 लाख रुपये का निवेश करवाकर छह महीने में रकम दोगुनी करने का लालच दिया। जब वर्षों इंतजार के बाद भी न अमेरिका का वीजा मिला और न ही निवेश की रकम वापस हुई तो पीड़ित ने अपने कुल 1 करोड़ 14 लाख 50 हजार रुपये और दस्तावेज वापस मांगे। आरोप है कि इसके बाद उसे झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी गईं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला एजेंट और उसके सहयोगी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। जमीन और पत्नी के जेवर बेचकर जुटाई रकम गांव पीरूवाला निवासी सुपिंदर सिंह ने बिलासपुर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बिलासपुर में खालसा एग्री इम्पेक्स के नाम से कारोबार करता है, जबकि उसकी पत्नी बुटीक संचालित करती है। कि करीब 10 साल पहले उसकी पहचान रजनी डांग उर्फ सोनू पत्नी हर्ष कुमार, निवासी सेक्टर-18, पार्क के नजदीक, हुडा जगाधरी, जिला यमुनानगर से हुई थी। रजनी डांग खुद को विदेश भेजने और रोजगार दिलाने का काम करने वाली बताती थी। पीड़ित के अनुसार रजनी डांग ने उसे और उसकी पत्नी को वर्क परमिट पर अमेरिका भेजने का झांसा दिया। इसके लिए उसने करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही और कहा कि रकम धीरे-धीरे जमा करवा दो, वीजा लगते ही दोनों को अमेरिका भेज दिया जाएगा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने अपनी पत्नी के जेवर बेचकर, करीब दो एकड़ जमीन बेचकर और कर्ज लेकर रजनी डांग को कुल 97 लाख रुपये नकद और अन्य माध्यमों से दिए, लेकिन इसके बावजूद उसे अमेरिका नहीं भेजा गया। टिंकू खान के पास निवेश करवाने का आरोप शिकायत में कहा गया है कि रजनी डांग ने उसकी मुलाकात अपने परिचित कमरियाब उर्फ टिंकू खान, निवासी गांव कांसापुर से करवाई। रजनी ने दावा किया कि टिंकू खान लोगों की रकम निवेश कर कुछ ही महीनों में दोगुनी कर देता है। शिकायतकर्ता के अनुसार रजनी के कहने पर उसने टिंकू खान के पास 17 लाख 50 हजार रुपये निवेश किए। आरोप है कि रकम की सुरक्षा के नाम पर टिंकू खान ने अपने प्लॉट की रजिस्ट्री भी उसे दिखाई और भरोसा दिलाया कि यदि रकम वापस नहीं की तो वह प्लॉट उसके नाम कर देगा। कोलकाता भेजा, लेकिन नहीं मिला वीजा सुपिन्दर सिंह ने बताया कि 2025 में रजनी डांग उसे और उसकी पत्नी को अमेरिका वीजा प्रक्रिया के लिए कोलकाता लेकर गई, लेकिन वहां उन्हें कोई वीजा नहीं मिला। शिकायतकर्ता के अनुसार जब उसे रजनी डांग पर शक हुआ तो उसने अपने 97 लाख रुपये, टिंकू खान के पास निवेश करवाई गई 17.50 लाख रुपये और दस्तावेज वापस मांगे। आरोप है कि इसके बाद रजनी डांग भड़क गई और उसे तथा उसके परिवार को जान से मारने, झूठे मुकदमों में फंसाने और महिलाओं से संबंधित झूठे केस दर्ज करवाने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि रजनी ने कहा कि उसका मुंह बंद कराने के लिए वह अपने जानकार पुलिस अधिकारियों को लाखों रुपये तक दे सकती है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि टिंकू खान ने उसकी फर्म का 2 लाख 50 हजार रुपये का चेक लिया था। बाद में उसने नकद रकम ले ली, लेकिन चेक वापस नहीं किया। शिकायतकर्ता ने पुलिस से चेक वापस दिलाने की मांग भी की है। पुलिस ने आरोपी रजनी डांगी और कमरियाब उर्फ टिंकू खान के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
सीवान में करोड़ों रुपए की लागत से बना मॉडल अस्पताल उद्घाटन के डेढ़ साल के अंदर ही बदहाली और भ्रष्टाचार की मिसाल बनता नजर आ रहा है। तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री और वर्तमान सदर विधायक मंगल पाण्डेय ने 3 दिसंबर 2024 को जिला स्थापना दिवस के मौके पर जल्दबाजी में इस भवन का उद्घाटन किया था। हालांकि, निर्माण कार्य आज भी अधूरा बताया जा रहा है। अब हालात ऐसे हैं कि अस्पताल की दीवारें फटने लगी हैं, बारिश में पानी टपक रहा है और भीषण गर्मी में मरीज व डॉक्टर बिना एसी के तड़पने को मजबूर हैं। जिस अस्पताल को आधुनिक और वातानुकूलित सुविधा के तौर पर प्रचारित किया गया था, वहीं आज सामान्य इमरजेंसी, महिला इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर और वार्डों में मरीज बेहाल हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति ऑपरेशन थिएटर की है, जहां न खिड़की है और न ही वेंटिलेशन। पूरा सिस्टम एसी पर निर्भर है, लेकिन पिछले लगभग दो महीनों से एसी बंद पड़ा है। गर्मी इतनी अधिक है कि महिला डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने से तक इनकार कर दिया। बदहाल व्यवस्था से मरीज की जान जोखिम में एक महिला डॉक्टर ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर पूरी तरह बंद कमरा है। एसी खराब है और एक पंखा तक नहीं लगाया गया है। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर और मरीज दोनों की जान जोखिम में रहती है। डॉक्टर ने साफ कहा कि अगर किसी मरीज के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसका दोष डॉक्टरों पर मढ़ दिया जाएगा, जबकि असली जिम्मेदार बदहाल व्यवस्था है। चार मंजिला इस मॉडल अस्पताल में प्रथम तल पर इमरजेंसी, दूसरे तल पर महिला वार्ड और ऑपरेशन थिएटर, तीसरे तल पर जनरल वार्ड और चौथे तल पर ब्लड बैंक व अधीक्षक कार्यालय संचालित हैं। मरीजों और गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए बनाई गई लिफ्ट कई महीनों से खराब पड़ी है। गर्भवती महिलाएं सीढ़ियों से ऊपर-नीचे करने को मजबूर मजबूरी में परिजन गर्भवती महिलाएं और गंभीर मरीज सीढ़ियों के सहारे और गोद मे उठाकर ऊपर-नीचे कर रहे हैं। यहां तक कि प्रसव के लिए आई महिलाओं के लिए स्ट्रेचर तक कि व्यवस्था नही है। चौथे तल पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय में आने वाले लोगों की हालत भी सीढ़ियां चढ़ते-उतरते खराब हो रही है। एक तरफ परिजन जान जोखिम में डालकर मरीजों को चढ़ा-उतार रहे है। वहीं दूसरी ओर डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए लगी अलग लिफ्ट सुचारु रूप से चल रही है, जिससे अस्पताल प्रबंधन की संवेदनहीनता साफ दिखाई दे रही है। गैस का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं अस्पताल में मरीजों के परिजनों के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। प्रसव कराने आई महिलाओं के परिजन वार्ड के बाहर फर्श और सीढ़ियों पर बैठकर समय काटने को मजबूर हैं। दूसरी तरफ दवाओं की उपलब्धता को लेकर सरकार के दावों की भी पोल खुल रही है। इमरजेंसी वार्ड में सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला गैस का इंजेक्शन कई दिनों से उपलब्ध नहीं है और मरीजों को निजी दुकानों से दवा खरीदनी पड़ रही है। इतना ही नहीं, कई बेड के पास लगे ऑक्सीजन पाइपों में सप्लाई तक बंद पड़ी है, जिससे इमरजेंसी सेवा पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है। एसी का कॉपर पाइप चुरा ले गए चोर मामले पर अस्पताल के हेल्थ मैनेजर कमलजीत कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि दो महीने पहले चोर एसी का कॉपर पाइप चुरा ले गए थे, जिसके कारण एसी बंद है। उन्होंने दावा किया कि ठेकेदार को सूचना दे दी गई है और जल्द मरम्मत कराई जाएगी। वहीं लिफ्ट की खराबी को तकनीकी समस्या बताते हुए जल्द ठीक कराने की बात कही गई। हालांकि ऑक्सीजन सप्लाई बंद होने की जानकारी तक उन्हें नहीं थी। दूसरी ओर सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि सभी समस्याएं संज्ञान में हैं और जल्द सुधार कराया जाएगा।
बहराइच में युवक का पेड़ से लटकता शव मिला:भाजपा विधायक पहुंचीं मृतक के घर, 5 लोगों पर मुकदमा दर्ज
बहराइच जिले के रुपईडीहा थाना क्षेत्र के सुमेरपुर गांव में एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला है। परिवार ने युवक की हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान 19 वर्षीय रोहित के रूप में हुई है, जो सुमेरपुर गांव का निवासी था। वह सुबह घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी थी। देर रात सबुना गांव जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे एक पेड़ से उसका शव लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलने पर बलहा से भाजपा विधायक सरोज सोनकर देर रात मृतक के घर पहुंचीं। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी और रुपईडीहा थाना प्रभारी भी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे। परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए पहले अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। विधायक और अधिकारियों के समझाने के बाद देर रात करीब 1 बजे रोहित का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने प्रधान प्रतिनिधि शमशाद, अतीक, आसिफ, आफताब और सलमान सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। रुपईडीहा थाना प्रभारी रमेश सिंह रावत ने बताया कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
बंगाल सरकार ने कर्मचारियों को मीडिया में भाग लेने और सूचनाएं ‘लीक’ करने पर लगाई रोक
पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने सभी स्तरों के कर्मचारियों के लिए कई प्रतिबंध जारी किए हैं। इन प्रतिबंधों के तहत कर्मचारियों को मीडिया में बयान देने, टीवी बहसों में हिस्सा लेने, सरकारी दस्तावेज सार्वजनिक करने और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण सूचनाएं लीक करने से रोका गया है।
शामली जनपद में स्वास्थ्य विभाग के सैकड़ों संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया है। यह प्रदर्शन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर किया जा रहा है, क्योंकि उन्हें पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें लगभग तीन माह से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब वेतन रोका गया है, लेकिन इस बार लंबे समय तक भुगतान न होने से कर्मचारियों में असंतोष है। संविदाकर्मियों ने बताया कि वेतन न मिलने के कारण उन्हें दैनिक खर्चों, बच्चों की स्कूल फीस और प्रवेश जैसी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। उन्होंने जिले के अधिकारियों से कई बार इस संबंध में अपील की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। आज भी कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इस मुद्दे पर बातचीत की थी। हालांकि, कोई ठोस आश्वासन न मिलने के बाद उन्होंने कार्यबहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनका बकाया वेतन नहीं मिल जाता, तब तक वे प्रदर्शन जारी रखेंगे। प्रदर्शनकारी संविदाकर्मियों ने स्पष्ट किया है कि कार्यबहिष्कार के दौरान वे केवल आपातकालीन सेवाएं ही प्रदान करेंगे। अन्य सभी प्रकार के कार्यों का पूरी तरह से बहिष्कार किया जाएगा। इस कार्यबहिष्कार के कारण जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है।
राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने अदालत के कामकाज के दौरान खर्चों में कटौती और पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रजिस्ट्रार जनरल चंचल मिश्रा की ओर से बुधवार को जारी नोटिस के तहत तय किया गया है कि एक शुरुआती पहल के रूप में 22, 26 और 27 मई को मुकदमों की सुनवाई वर्चुअल माध्यम (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) से की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के सर्कुलर और बार एसोसिएशन से चर्चा के बाद फैसला हाईकोर्ट का यह कदम भारत सरकार के कार्मिक एवं ट्रेनिंग विभाग द्वारा 12 मई को जारी मेमोरेंडम और सुप्रीम कोर्ट द्वारा 15 मई को जारी सर्कुलर के बाद उठाया गया है। इस आदेश का मुख्य मकसद अदालत के कामकाज को बिना किसी रुकावट के जारी रखते हुए फ्यूल की बचत करना है। इसके लिए हाईकोर्ट प्रशासन ने जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर बेंच की हाईकोट बार एसोसिएशन के साथ विस्तृत चर्चा करने के बाद यह फैसला लिया है। तीन दिन वर्चुअल सुनवाई, लेकिन फिजिकल पर रोक नहीं आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर बेंच की सभी अदालतों में 22 मई, 26 मई और 27 मई 2026 को कोर्ट रूम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यवाही संचालित की जाएगी। हालांकि, प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि इन दिनों में अदालतों में फिजिकल हियरिंग (भौतिक सुनवाई) पर कोई प्रतिबंध (रोक) नहीं लगाई गई है। व्हीकल शेयरिंग और ऑनलाइन पेशी की अपील खर्च और तेल बचाने की इस मुहिम में वकीलों और केस से जुड़े अन्य लोगों से सहयोग मांगा गया है। हाईकोर्ट प्रशासन ने वकीलों से अपील की है कि वे वर्चुअल सुनवाई को अपनाकर इस पहल का समर्थन करें। साथ ही, कोर्ट रूम तक अनावश्यक यात्रा को कम करने और 'व्हीकल पूलिंग' (गाड़ियां शेयर करने) के जरिए ईंधन संरक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीतापुर में यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा सात परीक्षा केंद्रो पर गुरुवार को आयोजित लेखपाल भर्ती परीक्षा सकुशल और नकलविहीन माहौल में संपन्न हुई। जिले के सातों परीक्षा केंद्रों पर कुल 2986 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 2634 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए जबकि 352 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। अभ्यर्थियों के अनुसार गणित और सामान्य ज्ञान के कई सवाल अपेक्षाकृत आसान रहे, जिससे उन्हें राहत मिली। वहीं कंप्यूटर विषय से जुड़े प्रश्नों ने काफी देर तक उलझाए रखा। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि कंप्यूटर सेक्शन में तकनीकी और अवधारणात्मक प्रश्न अधिक पूछे गए, जिनका उत्तर देने में समय लगा। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच को लेकर भी अभ्यर्थियों में नाराजगी देखने को मिली। कुछ अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि चेकिंग के दौरान उन्हें पानी की बोतलें और जेवरात बाहर उतरवाने पड़े, जिससे उन्हें असुविधा हुई। महिला अभ्यर्थियों ने विशेष रूप से जांच प्रक्रिया को लेकर परेशानी जाहिर की। भीषण गर्मी के बीच परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पंखों और ठंडे पानी की व्यवस्था न होने से भी अभ्यर्थियों में नाराजगी रही। कई केंद्रों पर बिजली और वेंटिलेशन की कमी के कारण परीक्षार्थियों को गर्मी में परीक्षा देनी पड़ी। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए थे। केंद्रों पर पुलिस बल के साथ स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात रहे। परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्रों से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को मिश्रित स्तर का बताया।
रिटायर्ड जेई ने GPF के 25 साल लड़ाई लड़ी:साल 2001 में अधिकारियों ने 2.5 लाख रुपए का किया था गबन
बिजली विभाग में साल 2001 में हुए GPF गबन के मामले में 25 वर्ष बाद नया मोड़ आया है। विभाग ने पहली बार आधिकारिक रूप से यह स्वीकार किया है कि तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से JE इंद्र पाल सिंह के जीपीएफ भुगतान में गंभीर अनियमितता हुई थी। इस मामले में FIR दर्ज कराने के आदेश दिए हैं, साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के सभी देय रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह है पूरा मामला 80 वर्षीय रिटायर्ड JE इंद्र पाल सिंह को अपनी जीवनभर की मेहनत नहीं मिली, साल 2001 में इंद्र पाल सिंह के करीब 2.50 लाख रुपये के जीपीएफ भुगतान को विभागीय अभिलेखों में कैश भुगतान दिखा दिया गया था। जबकि विभागीय नियमों के तहत GPF की राशि केवल चेक के माध्यम से ही दी जाती है। हैरानी की बात यह रही कि उसी अवधि में अन्य कर्मचारियों को भुगतान चेक से किया गया, लेकिन इंद्र पाल सिंह के मामले में कैश एंट्री दर्ज कर दी गई। यह नाम सामने आए इस मामले में तत्कालीन अधिशासी अभियंता DP सिंह, सहायक अभियंता SK सिंह और कार्यालय सहायक मुनेश चौहान के नाम सामने आए हैं। विभागीय जांच के बाद इन सभी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनके देय रोकने के आदेश दिए गए हैं। पीड़ित इंद्र पाल सिंह ने 25 साल में कई बार विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई। वह इस समय उम्र के आखिरी पड़ाव पर हैं, और लगातार इंसाफ के लिए चक्कर काटते रहे हैं। आखिर तक हार नहीं मानूंगा पीड़ित ने कहा कि मैंने हार नहीं मानी और लगातार अपने GPF की राशि वापस दिलाने की मांग उठाते रहे। आखिरकार विभाग को मामले में कार्रवाई करनी पड़ी।कार्यालय सहायक मुनेश कुमार चौहान के खिलाफ पहले भी पुलिस कार्रवाई हो चुकी है। वर्ष 2012 में पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद वह जेल भी गया था और फिलहाल जमानत पर बाहर है। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद फिर शिकंजा कस सकता है, विभाग के इस फैसले रिटायर्ड जेई के लिए राहत माना जा रहा है, बल्कि यह उन कर्मचारियों के लिए भी एक संदेश है कि वर्षों पुराने मामलों में भी न्याय की उम्मीद खत्म नहीं होती। रिटायर्ड इंजिनियर का कहना है कि ना मैंने हार मानी है ना आखिरी सांस तक हार मानूंगा।
बुलंदशहर में स्व-गणना का आज अंतिम दिन:कल से प्रगणक करेंगे डोर-टू-डोर सर्वे, पारंपरिक प्रक्रिया शुरू
बुलंदशहर में भारत की आगामी जनगणना 2027 के तहत शुरू की गई स्व-गणना प्रक्रिया आज रात 12 बजे समाप्त हो जाएगी। इसके बाद 22 मई से जिले में पारंपरिक घर-घर जनगणना अभियान शुरू होगा, जिसमें नियुक्त प्रगणक परिवारों की जानकारी एकत्र करेंगे। केंद्र और राज्य सरकार ने इस बार नागरिकों को ऑनलाइन माध्यम से अपनी जनगणना संबंधी जानकारी स्वयं दर्ज करने की सुविधा प्रदान की थी। जिले में बड़ी संख्या में लोगों ने इस डिजिटल व्यवस्था का लाभ उठाया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के निवासियों ने स्व-गणना प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशासन ने उन नागरिकों से अपील की है जिन्होंने अभी तक ऑनलाइन जानकारी दर्ज नहीं की है, वे निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी कर लें। अधिकारियों ने बताया कि स्व-गणना सुविधा का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाना था, जिससे नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार जानकारी दर्ज कर सकें। इससे डेटा संकलन में तेजी आई है और त्रुटियों की संभावना भी कम हुई है। स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के बाद, अब प्रशिक्षित प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। शासन स्तर पर सभी प्रगणकों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा चुका है और उन्हें समयबद्ध तरीके से जनगणना कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जनगणना विभाग के नोडल अधिकारी एवं एडीएम वित्त अभिषेक कुमार ने जानकारी दी कि जिन लोगों ने स्व-गणना नहीं की है, उनकी जानकारी प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर दर्ज की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से सही और अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने तथा जनगणना कार्य में सहयोग करने की अपील की, ताकि सटीक आंकड़े तैयार किए जा सकें।
गुना के एक निजी होटल में युवा लेखक हार्दिक डावर (पुत्र गुलशन डावर) की प्रेरणादायक पुस्तक 'फ्रॉम जीरो टू जीरो: द रेजोनेंस ऑफ बीइंग' का भव्य विमोचन किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भोपाल डीआईजी अवधेश गोस्वामी और विशिष्ट अतिथि के तौर पर एसपी हितिका वासल मौजूद रहीं। आत्म-अन्वेषण और संघर्ष पर आधारित इस 123 पेज की किताब को वक्ताओं ने युवाओं के लिए सकारात्मक सोच और आत्मचिंतन का बेहतरीन प्रेरणास्रोत बताया है। मुख्य अतिथि डीआईजी अवधेश गोस्वामी ने लेखक की सराहना करते हुए कहा, पुस्तक का शीर्षक इस बात का गवाह है कि हार्दिक की चेतना का विकास हो गया है। इस तरह के टाइटल की उम्मीद किसी 29 साल के नौजवान से कदापि नहीं की जाती है। यह 65-70 वर्ष के एक परिपक्व व्यक्ति की तरह लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक पिता के भाग्य से पुत्र के धर्म और कर्म का निर्माण होता है, जो हार्दिक में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। एसपी बोलीं- पढ़ते समय वक्त का ध्यान ही नहीं रहाविशिष्ट अतिथि एसपी हितिका वासल ने पुस्तक की रोचकता का जिक्र करते हुए कहा कि वे इसे पढ़ते समय इतनी तल्लीन हो गईं कि उन्हें समय का ध्यान ही नहीं रहा। वहीं, जीएसटी भोपाल के सहायक आयुक्त बलराम धाकड़ ने कहा, 123 पेज की यह किताब हम सभी के जीवन की कहानी है। यह हम सभी के अस्तित्व की अनुगूंज है। पिता ने भावुक होकर बताया अवसाद का दौरसमारोह में लेखक के पिता गुलशन डावर ने भावुक होते हुए बेटे के संघर्ष की कहानी साझा की। उन्होंने कहा कि एक पिता के नाते बेटे के अच्छे नंबर लाने से ज्यादा महत्वपूर्ण उसका लीक से हटकर काम करना है। उन्होंने बताया, एक समय ऐसा भी आया था जब हार्दिक अवसाद (डिप्रेशन) में चला गया था। तब मैंने उसे समझाया था कि अगर शरीर तुम्हारे साथ है, तो ईश्वर भी तुम्हारे साथ है। जो तुम्हारा था ही नहीं, वही अब तुम्हारे पास नहीं है। पिता ने बताया कि यही बात उनके और हार्दिक के जीवन का टर्निंग पॉइंट बनी, जिससे वह आज पूरे आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। लेखन से कम होता है जीवन का दबावपुस्तक के विषय पर चर्चा करते हुए लेखक हार्दिक डावर ने कहा कि यह किताब आत्म-अन्वेषण, संघर्ष और जीवन के वास्तविक अर्थ को समझने की एक कोशिश है। उन्होंने कहा, इंसान जब सुख और दुख को एक समान भाव से स्वीकार करता है, तभी जीवन का असली आनंद मिलता है। हार्दिक ने लेखन को तनावमुक्ति का साधन बताते हुए कहा कि लिखने से जीवन का दबाव काफी कम हो जाता है। मीट एंड ग्रीट सत्र से हुई शुरुआतकार्यक्रम की शुरुआत 'मीट एंड ग्रीट' सत्र से हुई, जिसमें उपस्थित पाठकों और अतिथियों ने लेखक से सीधा संवाद कर पुस्तक की प्रेरणा के बारे में चर्चा की। इस गरिमामय समारोह में जीएसटी भोपाल के सहायक आयुक्त संदीप श्रीवास्तव विशेष रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा कई साहित्य प्रेमी, प्रशासनिक अधिकारी और आम नागरिक भी कार्यक्रम का हिस्सा बने। आयोजन का सफल संचालन सुनील जैन ने किया, जबकि अंत में आभार लेखक की पत्नी अनन्या डावर ने व्यक्त किया।
देवरिया में 100 से अधिक पंपों पर डीजल खत्म:जिले में गहराया ईंधन संकट, आपूर्ति प्रभावित
देवरिया में डीजल का गंभीर संकट गहरा गया है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक 100 से अधिक पेट्रोल पंपों पर डीजल का स्टॉक खत्म हो गया है। जहां डीजल उपलब्ध है, वहां भी वाहन चालकों को सीमित मात्रा में ही ईंधन दिया जा रहा है, जिससे ट्रक चालकों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार, देवरिया शहर के सीसी रोड, सिविल लाइन रोड, पुरवा, हाटा रोड के साथ-साथ सलेमपुर और भाटपाररानी जैसे क्षेत्रों में 100 से अधिक पेट्रोल पंपों पर डीजल समाप्त हो चुका है। कई पंपों पर केवल पेट्रोल उपलब्ध है। पेट्रोल पंप संचालकों ने बताया कि डीजल की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन तेल कंपनियों से पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिन पेट्रोल पंपों पर डीजल उपलब्ध है, वहां वाहन चालकों को एक हजार रुपये से अधिक का डीजल नहीं दिया जा रहा है। इस कारण लंबी दूरी तय करने वाले ट्रक चालक विशेष रूप से परेशान हैं। उन्हें डीजल की तलाश में कई किलोमीटर तक भटकना पड़ रहा है, फिर भी पर्याप्त मात्रा में ईंधन नहीं मिल पा रहा है। पंप संचालकों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से डीजल की आपूर्ति में काफी कमी आई है। मांग और आपूर्ति के बीच बड़े अंतर के कारण पंपों पर स्टॉक जल्दी खत्म हो जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां कई पंप पूरी तरह बंद होने की कगार पर हैं। इस डीजल संकट का सीधा असर परिवहन व्यवस्था और कृषि कार्यों पर पड़ रहा है। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो माल ढुलाई बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। वहीं, किसान भी सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों को लेकर चिंतित हैं। आम जनता ने प्रशासन और तेल कंपनियों से जल्द से जल्द पर्याप्त डीजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि इस संकट से राहत मिल सके।
प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में वकीलों और डॉक्टरों के बीच हुई मारपीट और वकीलों पर हमले का मामला तूल पकड़ गया है। हाईकोर्ट के वकील की तरफ से इस मामले में लेटर पिटिशन दाखिल की गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजी गई लेटर पिटिशन में प्रदेश में वकीलों पर अत्याचार, पुलिस की ज्यादतियों और हिंसक घटनाओं का संज्ञान लेने की मांग की गई है। लेटर पिटिशन में मुख्य न्यायाधीश एवं न्यायालय के अन्य साथी न्यायाधीशगण को संज्ञान लेने की गुजारिश की गई है। खासकर लखनऊ और प्रयागराज की घटनाओं पर एक्शन की मांग की गई है। हाईकोर्ट के अधिवक्ता गौरव द्विवेदी की तरफ से भेजी गई लेटर पिटिशन में कहा गया है कि प्रयागराज और लखनऊ में अधिवक्ताओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों, पुलिस ज्यादतियों और हिंसक घटनाओं के संबंध में जनहित याचिका है। ये घटनाएं कानूनी पेशे की स्वतंत्रता और न्याय प्रशासन को प्रभावित कर रही है। पिटिशन के जरिये कहा गया है कि जनहित में और कानूनी बिरादरी की गरिमा, सुरक्षा और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए इसे प्रस्तुत किया जा रहा है, जो न्याय वितरण प्रणाली का एक अनिवार्य स्तंभ है। हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं के खिलाफ हिंसा, अपमान और बल प्रयोग से जुड़ी दो अत्यंत चिंताजनक घटनाएं घटी हैं, जिससे बार के सदस्यों में भय और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है और न्याय प्रशासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। घटना की 4 तस्वीरें देखिए… किन मामलों का संज्ञान – स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल, प्रयागराज की घटना स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल प्रयागराज में एक घायल मरीज के इलाज और तीमारदारों से संबंधित प्रतिबंधों को लेकर अधिवक्ताओं और जूनियर डॉक्टरों के बीच गंभीर झड़प हुई। घटना कथित तौर पर तब शुरू हुई जब अधिवक्ता एक सड़क दुर्घटना के बाद एक घायल महिला को अस्पताल ले गए और तीमारदारों की उपस्थिति को लेकर अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा आपत्ति जताई गई। पुलिस और अस्पताल अधिकारियों ने बताया कि मरीज के इलाज को लेकर हुए विवाद के बाद बुधवार को यहां स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल में वकीलों और जूनियर डॉक्टरों के बीच झड़प हो गई। वकीलों ने कोतवाली थाने में अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। अस्पताल में हुई मारपीट को यूं बताया इस बीच अधिवक्ता रिया उर्फ रासिका अनीश खान ने अपनी शिकायत में कहा कि एक महिला वकील साथी एक दुर्घटना में घायल हो गई थीं, और तीन-चार महिला अधिवक्ता उनके साथ एसआरएन अस्पताल पहुंची थीं। शिकायत के अनुसार, एक जूनियर डॉक्टर अस्पताल में सो रहा था और जगाए जाने पर उसने महिला अधिवक्ताओं के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई जूनियर डॉक्टरों ने कुछ अधिवक्ताओं को एक कमरे के भीतर बंद कर दिया, उनके साथ मारपीट की, महिला अधिवक्ताओं के कपड़े फाड़ दिए और उनके निजी अंगों को छुआ। पुलिस ने बताया कि कोतवाली थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इसके बाद विवाद शारीरिक मारपीट, मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपों में बदल गया, जिसके परिणामस्वरूप विरोध प्रदर्शन, सड़क जाम और प्राथमिकी दर्ज की गई। उक्त घटना के कारण अस्पताल की आपातकालीन और ओपीडी सेवाएं प्रतिकूल रूप से प्रभावित हुईं और शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई। यह घटना नागरिकों और मानवीय कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले अधिवक्ताओं से जुड़ी संवेदनशील स्थितियों को संभालने में पूर्ण प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है। लखनऊ की घटना का जिक्र किया कैसरबाग सिविल कोर्ट लखनऊ में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज की घटना एक और चौंकाने वाली घटना कैसरबाग सिविल कोर्ट, लखनऊ में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के पास कथित अतिक्रमणों और अधिवक्ता कक्षों (चैम्बर्स) को हटाने के निर्देशों के अनुपालन में चलाए गए अतिक्रमण विरोधी और ध्वस्तीकरण (तोड़फोड़) अभियान के दौरान हुई। अधिसूचित संरचनाओं से परे जाकर किए जा रहे ध्वस्तीकरण के खिलाफ अधिवक्ताओं द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने अभ्यास करने वाले अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज और बल प्रयोग किया। कथित तौर पर कई अधिवक्ताओं को चोटें आईं। इस घटना ने पूरे राज्य में कानूनी बिरादरी को गहरा सदमा पहुँचाया है और इसके परिणामस्वरूप बार एसोसियेशन द्वारा निरंतर विरोध प्रदर्शन और कार्य का बहिष्कार किया जा रहा है। न्यायालय परिसर के भीतर और आसपास बार के सदस्यों के खिलाफ अत्यधिक पुलिस बल का प्रयोग अत्यंत निंदनीय है और यह कानूनी पेशे की स्वतंत्रता और गरिमा पर आघात करता है। अधिवक्ता न्यायालय के अधिकारी होते हैं और न्याय वितरण प्रणाली का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। अधिवक्ताओं के खिलाफ हिंसा, अपमान और पुलिस ज्यादतियों की बार-बार होने वाली घटनाएं न केवल कानूनी पेशेवरों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को भी कमजोर करती हैं। जानिये क्या हुआ था प्रयागराज के स्वरूपरानी अस्पताल में बुधवार सुबह डॉक्टरों और वकीलों के बीच जमकर हंगामा हो गया। एक घायल महिला अधिवक्ता को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। इसी दौरान इलाज को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। महिला अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में उनके साथ अभद्रता की गई। उनका कहना है कि उन्हें बाल पकड़कर घसीटा गया और पीटा गया। वहीं अस्पताल प्रशासन की ओर से देर शाम तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। जिसके बाद हाईकोर्ट के वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। वकीलों ने हाइकोर्ट के पास फ्लाईओवर पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगाम के बाद सुबह 6 बजे से अस्पताल की सुविधाएं बंद हैं। दवा वितरण केंद्र बंद कर दिया गया है। मरीज और तीमारदार इधर-उधर भटक रहे हैं। थाना शाहगंज, कोतवाली, सिविल लाइन्स, खुलदाबाद, जॉर्ज टाउन की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है। टूर्नामेंट प्रैक्टिस के दौरान हुआ हादसा हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष विशाल पांडे ने बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में महिला अधिवक्ताओं का एक टूर्नामेंट आयोजित किया गया है, जिसकी प्रैक्टिस पिछले सप्ताह से चल रही है। शहर के अलग-अलग इलाकों से महिला अधिवक्ता और छात्राएं सुबह प्रैक्टिस के लिए आती हैं। उन्होंने बताया कि झूंसी निवासी जागृति शुक्ला सोमवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रैक्टिस के लिए आ रही थीं। इसी दौरान रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया। हादसे के बाद उन्होंने अपने साथियों को फोन किया। कुछ लड़कियां और साथी अधिवक्ता उन्हें इलाज के लिए स्वरूपरानी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टर को जगाने पर विवाद हुआ विशाल पांडे का आरोप है कि उस समय अस्पताल में डॉक्टर सो रहे थे और केवल एक-दो स्टाफ मौजूद थे। घायल की हालत गंभीर होने और फ्रैक्चर की आशंका के चलते साथी लगातार डॉक्टर को बुलाने की बात कह रहे थे। इसी बात पर विवाद शुरू हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर और स्टाफ गाली-गलौज पर उतर आए और फिर मारपीट शुरू कर दी। उनके मुताबिक घायल युवती के साथ आई लड़कियों, परिजनों और बीच-बचाव करने पहुंचे लोगों को भी पीटा गया। यहां तक कि चौकी इंचार्ज के साथ भी हाथापाई हुई।
मैनपुरी में दो भाइयों ने खुद को झूठे मुकदमे में फंसाए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि जिस घटना में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, उस समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे। बेवर थाना क्षेत्र के ग्राम टोडरपुर निवासी अमन दीक्षित और उनके भाई कमलकांत दीक्षित उर्फ रामू ने एसपी कार्यालय में एक प्रार्थना पत्र दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिनेश दीक्षित ने 17 मई को थाना बेवर में उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत में उन पर गाड़ी रोककर हमला करने का आरोप लगाया गया है। दोनों भाइयों का दावा है कि घटना के समय अमन अपने गांव में परिवार के साथ थे, जबकि कमलकांत मैनपुरी स्थित अपने आवास पर मौजूद थे। अमन दीक्षित एलएलबी के छात्र हैं और उनके भाई व्यवसायी हैं। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर फर्जी तरीके से इस मुकदमे में फंसाया गया है। अमन दीक्षित ने बताया कि कई लोग इस बात के गवाह हैं कि घटना के समय दोनों भाई मौके पर नहीं थे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ये गवाह अदालत में गवाही देने के लिए भी तैयार हैं। पीड़ित भाइयों ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष लोगों को मुकदमों में फंसाकर दबाव बनाने और धन उगाही करने का काम करता है। अमन दीक्षित ने यह भी बताया कि विपक्षी पक्ष के एक सदस्य पर पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। दोनों भाइयों ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका विश्वास है कि यदि पुलिस निष्पक्षता से जांच करेगी तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
नर्मदापुरम के रसूलिया स्थित ईसाप स्मॉल फाइनेंस ब्रांच में 53.14 लाख रुपए के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। बैंक के पूर्व मैनेजर और महिला कैशियर ने 103 महिला खाताधारकों के नाम पर फर्जी लोन निकालकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। प्रबंधन की शिकायत पर जब पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो सीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार रात देहात थाना पुलिस ने पूर्व मैनेजर, कैशियर और उनके दो अन्य साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। गबन की यह वारदात 1 जनवरी 2021 से 11 नवंबर 2024 के बीच अंजाम दी गई। आरोपियों ने महिला समूहों की सदस्यों के नाम पर लोन निकाला और राशि खुद हड़प ली। इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ, जब महिलाओं के मोबाइल पर लोन की किश्त जमा करने का मैसेज आया। इसके बाद खाताधारकों ने जब बैंक पहुंचकर पूछताछ की, तो गबन की सच्चाई सामने आई। फर्जी हस्ताक्षर कर बताया- 'लोन निरस्त हो गया'ईसाप स्मॉल फाइनेंस के वर्तमान मैनेजर विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी ओमपुरी माइक्रो लोन ब्रांच का मैनेजर और प्रियंका गोस्वामी कैशियर थी। उन्होंने बताया, बैंक संस्था में कार्यरत रहते हुए आरोपियों ने ऋण के संबंध में पर्ची पर ग्राहकों के जाली हस्ताक्षर किए। वे ग्राहकों को लोन निरस्त होने की गलत सूचना देते थे और फिर उनकी लोन राशि को बिना बताए हड़प लेते थे। इस तरह आरोपियों ने कुल 53 लाख 14 हजार 955 रुपए का गबन किया। पुलिस ने नहीं की एफआईआर, कोर्ट जाना पड़ाफर्जीवाड़ा उजागर होने पर ईसाप स्मॉल फाइनेंस प्रबंधन ने एक्शन लेते हुए मैनेजर ओमपुरी (पुत्र अजय पुरी, निवासी सिवनी मालवा) और कैशियर प्रियंका गोस्वामी (निवासी रेवा बनखेड़ी) को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद नवंबर 2024 में थाने में लिखित शिकायत की गई थी। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने पर प्रबंधन ने न्यायालय में परिवाद पेश किया, जिसके बाद अब कोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई है। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिसदेहात थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया कि महिला खाताधारकों के नाम पर 53.14 लाख रुपए का फर्जी लोन निकाला गया था। उन्होंने कहा, यह मामला उजागर होने के बाद परिवाद कोर्ट में पेश किया गया था। अब न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है। हम मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं और सभी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बुलंदशहर में पुलिस विभाग ने कई थाना प्रभारियों का तबादला किया है। नरोरा थाना प्रभारी गंगा प्रसाद राजपूत को क्राइम ब्रांच भेजा गया है, जबकि आहार और नरोरा थानों में नए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के आदेश पर, नरोरा थाना प्रभारी गंगा प्रसाद राजपूत को अपराध शाखा बुलंदशहर स्थानांतरित किया गया है। थाना आहार के प्रभारी भुवनेश कुमार को नरोरा थाने की कमान सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, जहांगीराबाद की 11 मील चौकी इंचार्ज नीरज शर्मा को थाना आहार का प्रभारी नियुक्त किया गया है। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि यह फेरबदल जिले में अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत चाईबासा डैम में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान बड़ी बाजार स्थित मस्जिद मोहल्ला निवासी 22 वर्षीय इजहार अशरफ उर्फ जानू के रूप में हुई है। उसका शव लगभग 12 घंटे बाद डैम से बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार, इजहार अशरफ बुधवार शाम को प्रतिदिन की तरह चाईबासा डैम में नहाने गया था। वह अक्सर अपने दोस्तों के साथ डैम में जाया करता था। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। इसी दौरान डैम किनारे उसकी बाइक खड़ी मिली। बाइक देखकर स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। इसके बाद आशंका जताई गई कि युवक डैम में डूब गया है। घटना की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युवक की तलाश शुरू कराई गई। रातभर खोजबीन चलती रही, लेकिन अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। गुरुवार सुबह फिर से खोज अभियान शुरू किया गया। करीब 12 घंटे बाद डैम से युवक का शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेज दिया है। बताया जा रहा है कि मृतक वेल्डिंग मिस्त्री का काम करता था और परिवार की जिम्मेदारी भी उसके कंधों पर थी। दोस्तों के अनुसार, इजहार मिलनसार और शांत स्वभाव का युवक था।
भदोही जिला अस्पताल में गर्मी से बढ़े मरीज:ओपीडी 500 से बढ़कर 750 हुई, डायरिया-उल्टी के मामले अधिक
भदोही में पिछले तीन-चार दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। इस भीषण गर्मी का असर जिला अस्पताल में भी दिख रहा है, जहां मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। सामान्य दिनों में जिला अस्पताल की ओपीडी लगभग 500 रहती थी, लेकिन गर्मी बढ़ने के बाद यह संख्या बढ़कर 700 से 800 के बीच पहुंच गई है। आज दोपहर 12 बजे तक ओपीडी के लिए 550 पर्चियां काटी जा चुकी थीं, जबकि 50 मरीज इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किए गए। इनमें डायरिया, पेट दर्द और उल्टी के मरीज सबसे अधिक हैं। जिले में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। चिकित्सकों ने लोगों को अधिक पानी पीने और दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी है। इसके बावजूद, गर्मी से परेशान लोग पेट दर्द और उल्टी जैसी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में मरीजों को दवा और उपचार प्रदान किया जा रहा है, साथ ही ओआरएस का भी वितरण किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. संतोष चक ने जिले के लोगों से धूप में न निकलने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पेट दर्द, उल्टी या अन्य कोई लक्षण होने पर तत्काल चिकित्सक की सलाह लें और इलाज कराएं।
सुल्तानपुर जिला अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत कार्यरत डॉक्टरों को पिछले पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने से परेशान डॉक्टरों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को एक मांग पत्र सौंपा। EMO (इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर) सहित NHM के विभिन्न पदों पर तैनात इन डॉक्टरों ने जिलाधिकारी को सामूहिक प्रार्थना पत्र सौंपकर अपने लंबित वेतन के भुगतान की गुहार लगाई है। डॉक्टरों का कहना है कि वे जिला अस्पताल में पूरी ईमानदारी और नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें पांच महीने से वेतन नहीं मिला है। डॉक्टरों ने अपने पत्र में बताया कि उन्होंने इस संबंध में पूर्व में कई बार मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में मौखिक और लिखित शिकायतें की थीं। हालांकि, हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला और कोई कार्रवाई नहीं हुई। पांच महीने से वेतन न मिलने के कारण डॉक्टरों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। थक-हारकर इन डॉक्टरों ने अब सुल्तानपुर के जिलाधिकारी से जल्द से जल्द लंबित वेतन का भुगतान कराने की मांग की है। मांग पत्र सौंपने वाले डॉक्टरों में डॉ. रोहित कुमार विश्वकर्मा (EMO), डॉ. फैज मोहम्मद (EMO), डॉ. फिजू देसाई (MO, NRC), डॉ. अमित शर्मा (EMO), डॉ. शिव कुमार (EMO), डॉ. देवाशीष मिश्रा (EMO), डॉ. मृदुल त्रिपाठी (EMO) और डॉ. दिग्विजय सिंह (EMO) शामिल हैं।
आज अयोध्या का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।इतनी तेज धूप में धरती जल रही है।इस बीच रामलला के दर्शन मार्ग पर नंगे पांव पहुंची महिला श्रद्धालु दौड़ते नजर आई।रामपथ पर भी श्रद्धालु नंगे पांव चलते नजर आए। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्रा के अनुसार क्षेत्र में गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 78 प्रतिशत तथा न्यूनतम 38 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा की गति 3.3 किलोमीटर प्रति घंटा रही और हवा दक्षिण-पूर्वी दिशा से चली। बीते 24 घंटों में क्षेत्र में कोई वर्षा नहीं हुई। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने की सलाह दीमौसम वैज्ञानिक डॉ. मिश्रा ने बताया कि आगामी 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। साथ ही लू चलने और तापमान सामान्य से अधिक बने रहने के आसार हैं। हवा सामान्य गति से पश्चिमी एवं पूर्वी दिशा में चल सकती है। उन्होंने किसानों और आमजन को दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से खेतों में कार्य करने वाले किसानों को पर्याप्त पानी पीने और सावधानी बरतने की अपील की गई है।
मुजफ्फरनगर के मीरापुर क्षेत्र में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में 15 हजार रुपये का इनामी बदमाश घायल हो गया। घटना बृहस्पतिवार को वाहन चेकिंग के दौरान हुई। जानसठ की सीओ ऋषिका सिंह के अनुसार, मीरापुर पुलिस सम्भलहेड़ा गंगनहर पटरी पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान कुतुबपुर की ओर से आ रहे एक बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन उसने पुलिस पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल होकर सड़क किनारे गिर गया। पूछताछ में उसकी पहचान वाहिद पुत्र यामीन निवासी ललियाना गांव, थाना किठौर, मेरठ के रूप में हुई। पुलिस ने उसके पास से एक चोरी की मोटरसाइकिल, तमंचा, कारतूस और चोरी का एटीएम कार्ड बरामद किया। पुलिस के मुताबिक, वाहिद मीरापुर थाने में दर्ज लूट के मामले में वांछित था और उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित था। बताया गया है कि आरोपी पर मीरापुर के अलावा मेरठ और नोएडा में लूट, हत्या, चोरी और अवैध हथियार से जुड़े कुल 8 मुकदमे दर्ज हैं। घायल बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जालौन के उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच हुए विवाद ने अब प्रशासनिक और कानूनी रूप ले लिया है। मरीज के परिजनों की तहरीर पर डॉक्टर आराध्य नगाइच सहित करीब 40 जूनियर और सीनियर डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया। FIR दर्ज होने के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में धरना शुरू कर दिया, जिससे ओपीडी सेवाएं भी प्रभावित हो गईं और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद जूनियर डॉक्टरों ने समाप्त किया, वहीं डीएम ने तीन सदस्य मजिस्ट्रियल जांच समिति गठित की है जो जल्द रिपोर्ट सौंपेगी। बता दे कि घटना 18 मई 2026 की मध्यरात्रि करीब 12 बजे की है, जब मेडिकल कॉलेज में स्मृति गुप्ता पुत्री बृज किशोर गुप्ता के इलाज को।लेकर स्मृति के परिजनों और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के बीच विवाद हो गया था। मामला बढ़ने के बाद दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति बन गई थी, जिसमें डॉक्टर आराध्य नगाइच की शिकायत के बाद ब्रजकिशोर गुप्ता और उनके बेटे के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली थी, जिसके बाद व्यापारियों ने बाजार बंद कर डाक्टरों के खिलाफ प्रदर्शन किया था। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों द्वारा मारपीट की गई, लेकिन FIR दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद एसपी विनय कुमार ने धरना समाप्त कराया और पुलिस ने मामले में डॉक्टर आराध्य नगाइच सहित 40 डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। FIR दर्ज होने के बाद गुरुवार को जूनियर डॉक्टर आक्रोशित हो गए और कार्रवाई को गलत बताते हुए मेडिकल कॉलेज में धरने पर बैठ गए। डॉक्टरों की मांग थी कि निष्पक्ष जांच किए बिना उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा निरस्त किया जाए। धरने के कारण मेडिकल कॉलेज की ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को घंटों परेशान होना पड़ा। कई मरीज बिना इलाज के वापस लौटते भी दिखाई दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद त्रिवेदी जूनियर डॉक्टरों के बीच पहुंचे और उनसे वार्ता की। प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने अपना धरना समाप्त कर दिया, जिसके बाद ओपीडी सेवाएं दोबारा शुरू हो सकीं। घटना की निष्पक्ष जांच के लिए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय मजिस्ट्रियल जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में अपर जिलाधिकारी प्रेमचन्द्र मौर्य को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि राजकीय मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत अवस्थी तथा अपर पुलिस अधीक्षक IPS डॉ. ईशान सोनी को सदस्य नामित किया गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि गठित समिति पूरे घटनाक्रम की गहन जांच करेगी। समिति विवाद के कारणों, संबंधित पक्षों की भूमिका, मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर भी अपनी रिपोर्ट देगी। प्रशासन ने समिति को शीघ्र जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि जूनियर डॉक्टरों का धरना समाप्त हो चुका है और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की बाधा नहीं है और मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से जारी हैं। फिलहाल प्रशासन, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और संबंधित पक्षों के बीच आपसी समन्वय बनाकर पूरे विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
एनटीपीसी औरैया परियोजना में भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत 'स्वच्छता पखवाड़ा-2026' का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 21 मई 2026 को सुबह 6:00 बजे एनटीपीसी औरैया टाउनशिप परिसर में एक वृहद श्रमदान अभियान चलाया गया। यह पखवाड़ा 16 मई से 31 मई 2026 तक चलेगा। इस अभियान का नेतृत्व परियोजना प्रमुख शुभाशीष गुहा ने किया। इसमें अपर महाप्रबंधक, विभागाध्यक्ष, जागृति महिला मंडल के सदस्य, बड़ी संख्या में कर्मचारी और उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रमदान की शुरुआत अतिथि गृह परिसर से हुई और यह शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा टाउनशिप के विभिन्न स्थलों तक फैला। इस दौरान परिसर से कूड़ा-करकट हटाकर गहन सफाई की गई। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने विशेष रूप से प्लास्टिक कचरे का उचित निपटान किया, जिसका उद्देश्य एनटीपीसी औरैया परियोजना को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त रखना है। अभियान का मुख्य लक्ष्य टाउनशिप को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त बनाना तथा स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता फैलाना है। टाउनशिप में स्थायी स्वच्छता बनाए रखने के लिए पूरे परिसर को विभिन्न स्वच्छता जोनों में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की सफाई और रखरखाव के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें बनाई गई हैं और उनकी विशिष्ट ड्यूटी लगाई गई है। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख श्री शुभाशीष गुहा ने कहा, स्वच्छता पखवाड़ा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक संस्कार है। एनटीपीसी औरैया भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन की भावना के अनुरूप लगातार प्रयासरत है। हमारा मानना है कि जहां स्वच्छता होती है, वहीं बीमारियों का अंत होता है। हम इस संदेश को एनटीपीसी औरैया से पूरे भारत में फैलाना चाहते हैं। स्वच्छ और हरित परिसर बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाने और दूसरों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया। स्वच्छता पखवाड़े के तहत आगामी दिनों में टाउनशिप और परियोजना परिसर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, प्रतियोगिताएं और सफाई अभियान आयोजित किए जाएंगे। एनटीपीसी औरैया राष्ट्र निर्माण में स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करते हुए अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अमृतसर के घर में ब्लास्ट:आग लगी, छत में दरार पड़ी, बाहर लगे शीशे टूटे, 2 महिलाएं झुलसी, वजह पता नहीं
अमृतसर में गुरूवार दोपहर अचानक एक घर में ब्लास्ट हो गया। जिसके बाद घर को आग लग गई। धमाका इतना तेज था कि घर की छत में दरारें पड़ गईं और बाहर लगे शीशे भी टूट गए। धमाके की आवाज सुनकर इलाके में अफरातफरी मच गई। आग में 2 महिलाएं बुरी तरह से झुलस गईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। दोनों की हालत नाजुक बनी हुई है। ब्लास्ट कैसे हुआ, अभी इसके बारे में कुछ पता नहीं चलना है। पुलिस मौके पर पहुंच गई है और इसकी जांच कर रही है। घर में धमाके से जुड़े PHOTOS… हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
रायबरेली में भूसी लदे ट्रक में लगी आग, VIDEO:शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान
रायबरेली के गुरुबक्श गंज थाना क्षेत्र में भूसी से लदे एक ट्रक में अचानक आग लग गई। यह घटना नकदिलपुर इलाके में हुई, जहां शॉर्ट सर्किट के कारण ट्रक आग का गोला बन गया। हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, ड्राइवर और दो अन्य मजदूर सुरक्षित बच गए। जानकारी के अनुसार, ट्रक नंबर UP 78 DN 3082 भूसा लेकर नगदिलपुर से केशरुवा भट्टे की ओर जा रहा था। नकदिलपुर प्राइमरी स्कूल के पास बिजली के तार से छू जाने के कारण ट्रक के इंजन में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग फैल गई। ट्रक ड्राइवर सुरेश पुत्र छब्बर (38) और उस पर सवार लेबर अयान, सैफ, कपिल ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मिट्टी, बालू तथा पानी की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। उन्होंने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को भी सूचित किया। सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ियों और पुलिस बल ने पानी की मदद से आग पर पूरी तरह काबू पाया। गुरुबक्श गंज थाना अध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
रीवा जिला पंचायत ने मऊगंज जिले की हनुमना जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरा में संबल योजना और भवन सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की सहायता राशि में अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की है। करीब 24.06 लाख रुपए के नियमविरुद्ध भुगतान के मामले में पंचायत सचिव दयाशंकर पांडेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच में सामने आए छह मामले जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांच में कुल छह प्रकरणों में आर्थिक गड़बड़ी सामने आई। इनमें पांच सामान्य मृत्यु के मामलों को दुर्घटना मृत्यु बताकर हितग्राहियों को 2 लाख रुपए के बजाय 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि जारी की गई। इससे करीब 20 लाख रुपए का अतिरिक्त भुगतान हुआ। डूबने से मौत के मामले में भी गड़बड़ी एक अन्य मामले में पानी में डूबने से हुई मौत पर राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत सहायता मिलनी थी, लेकिन इसके स्थान पर संबल योजना से 4.06 लाख रुपए का भुगतान कर दिया गया। इस तरह कुल 24.06 लाख रुपए की अनियमितता सामने आई। कूटरचित दस्तावेज बनाने का आरोप आदेश में कहा गया है कि सचिव दयाशंकर पांडेय ने कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर योजना का लाभ दिलाया। इसे मध्य प्रदेश पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के तहत गंभीर कदाचार माना गया है। इसी आधार पर मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के तहत उन्हें निलंबित किया गया है। हनुमना जनपद बनाया गया मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान सचिव का मुख्यालय जनपद पंचायत हनुमना तय किया गया है। आदेश के अनुसार उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा।
पीलीभीत भीषण गर्मी और बिजली विभाग की लचर कार्यप्रणाली की दोहरी मार झेल रहा है। जिले में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे जनता बेहाल है। ऐसे में अघोषित बिजली कटौती और तकनीकी खामियों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। ताजा मामला गांधी स्टेडियम के पास का है, जहां महज 24 घंटे के भीतर दो बार ट्रांसफार्मर फुंकने से हड़कंप मच गया। बुधवार को गांधी स्टेडियम के बाहर लगा मुख्य ट्रांसफार्मर भारी लोड के कारण जल गया था। विभाग ने आनन-फानन में बैकअप के तौर पर वहां एक मोबाइल ट्रांसफार्मर तैनात किया। लेकिन बिजली विभाग की लापरवाही का आलम यह रहा कि गुरुवार को वह मोबाइल ट्रांसफार्मर भी खराब हो गया और उसमें भीषण आग लग गई। देखते ही देखते ट्रांसफार्मर धू-धू कर जलने लगा, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। एक तरफ लोग बूंद-बूंद पानी और हवा के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने फोन बंद कर लिए हैं। बुधवार को पीलीभीत में तीन दर्जन से अधिक मोहल्लों की बिजली व्यवस्था फाल्ट के चलते प्रभावित हुई। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रामलीला समेत कई उपकेंद्रों के मोबाइल नंबर हमेशा स्विच ऑफ रहते हैं, जिससे शिकायतों का निवारण तो दूर, सही जानकारी तक नहीं मिल पा रही है। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता आशीष यादव ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण लोड बढ़ने से सैकड़ों शिकायतें आ रही हैं, जिन पर टीम युद्ध स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि 24 घंटे में दो बार ट्रांसफार्मर कैसे फुंका, इसकी तकनीकी जांच कराई जाएगी। साथ ही, जिन कर्मचारियों के फोन स्विच ऑफ आ रहे हैं, उनके खिलाफ भी सख्त जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बहादुरगढ़ में सीवर हादसे पर बवाल:प्लम्बर सुनील की मौत के बाद परिजनों ने मांगा 1 करोड़ मुआवजा
बहादुरगढ़ में महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी परिसर में सीवरेज टैंक की जहरीली गैस की चपेट में आने से प्लम्बर सुनील की मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है और 1 करोड़ रुपये मुआवजा व मृतक की पत्नी को नौकरी देने की मांग रखी है। परिवार का कहना है कि जब तक यूनिवर्सिटी और हॉस्पिटल प्रबंधन लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। जानकारी के अनुसार तीन दिन पहले यूनिवर्सिटी परिसर में सीवर सफाई के दौरान जहरीली गैस फैलने से पांच कर्मचारी बेहोश हो गए थे। इनमें हॉस्पिटल में प्लम्बर के पद पर कार्यरत सुनील की हालत गंभीर हो गई थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार और स्थानीय लोगों में भारी रोष बना हुआ है। परिजनों का आरोप है कि सुनील को छुट्टी के दिन भी जबरदस्ती सीवर टैंक की सफाई के लिए उतारा गया। इतना ही नहीं, कर्मचारियों को किसी तरह के सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए। परिवार का कहना है कि हादसे के बाद हॉस्पिटल प्रबंधन ने कोई सहयोग नहीं किया। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महाराजा अग्रसेन हॉस्पिटल के पदाधिकारियों समेत 8 लोगों के खिलाफ सदर थाना में की धारा 106 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। उधर, हॉस्पिटल प्रबंधन फिलहाल पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए है। वहीं पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पाली में खेलते समय 8 साल के बच्चे की आंख में अचानक टॉय कार से तार निकलकर सीधे आंख में जा घुस गया। बच्चे की चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन दौड़े। तार बच्चे की आंख में घुसने के साथ ही बाहर तक लटक रहा था। पिता ने लटकते तार का आधा हिस्सा काटा और हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने तार को निकालकर आंख को बचा लिया। मामला पाली शहर की इंद्रा कॉलोनी का है। घटना बुधवार शाम को हुई। घटना से जुड़ी ये तस्वीरें देखें … घर में खेलते समय हुआ हादसा जानकारी के के अनुसार, बलवीर सिंह का 8 साल का बेटा कुलदीप बुधवार देर शाम घर में रिमोट वाली कार से खेल रहा था। इसी दौरान अचानक रिमोट कार का तार तेज स्पीड से निकला और सीधे मासूम की आंख में जा घुसा। तार आंख की पुतली में फंसकर लटक गया। बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और रात करीब साढ़े दस बजे उसे इलाज के लिए बांगड़ हॉस्पिटल लेकर आए। 250 रुपए में खरीदी थी रिमोट कार बच्चे के पिता बलवीर सिंह ने बताया - बेटे की जिद पर बुधवार को ही 250 रुपए में रिमोट कार खरीदकर दी थी। शाम को खेलते समय हादसा हो गया। रिमोट से कार चलाते समय तार अचानक निकलकर सीधे बच्चे की आंख में घुस गया। डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक निकाला तार बांगड़ हॉस्पिटल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विपुल नागर ने बताया - बच्चे को ट्रॉमा सेंटर में लाया गया था। सूचना मिलने पर डॉक्टर सुभाष सैनी, डॉ. रिया और डॉ. अंकिता की टीम ने आंख में फंसे तार को सफलतापूर्वक निकाल दिया। रात में इलाज के बाद बच्चे को गुरुवार सुबह दोबारा जांच के लिए बुलाया गया था। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे की आंख सुरक्षित है और उसकी नजर भी सामान्य है।
शहडोल जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र में एक उत्पाती हाथी को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग ने एक बड़ा रेस्क्यू अभियान शुरू किया है। इस अभियान में तीन प्रशिक्षित हाथियों की मदद ली जा रही है। वन विभाग को उम्मीद है कि अगले दो दिनों के भीतर हाथी को काबू कर सुरक्षित क्षेत्र में पहुंचाया जा सकेगा। शहडोल वन मंडल के एसडीओ फॉरेस्ट संतोष शुक्ला ने बताया कि हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डॉक्टर, महावत और रेंज स्तर का पूरा अमला तैनात है। प्रशिक्षित हाथियों के जरिए उत्पाती हाथी को शांत कर नियंत्रित करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। रेस्क्यू कैंप के करीब पहुंचा एसडीओ शुक्ला के अनुसार, अभियान को शुरुआती सफलता मिली है, और उत्पाती हाथी का संपर्क रेस्क्यू टीम के तीनों प्रशिक्षित हाथियों से हो चुका है। मंगलवार रात हाथी कुछ समय के लिए रेस्क्यू कैंप के करीब भी पहुंचा था, जहां उसे प्रशिक्षित हाथियों के साथ देखा गया। हालांकि, बाद में वह पहाड़ी इलाके की ओर बढ़ गया। रेस्क्यू टीम के दायरे में आया इसके बाद से रेस्क्यू टीम लगातार जंगल क्षेत्र में उसकी निगरानी कर रही है। वन अमले का मानना है कि हाथी अब रेस्क्यू टीम की मूवमेंट के दायरे में आ चुका है, जिससे अभियान को गति मिली है। किसान को दिया था कुचल उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले गिरवा गांव में खेत में सो रहे एक किसान को इसी हाथी ने कुचलकर मार डाला था, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की तीन टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। गज रक्षक ऐप के जरिए गांवों में अलर्ट भेजे जा रहे हैं, और हाथी के बस्ती के करीब पहुंचने की सूचना मिलते ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। वन विभाग ने ग्रामीणों से रात के समय जंगल और खेतों की ओर अकेले न जाने की अपील भी की है।
ERCP योजना के तहत ईसरदा बांध से निकाली जा रही प्रस्तावित नहर को लेकर ग्राम पावटा और किशोरपुरा के ग्रामीण आज जिला कलक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान किसानों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन के सामने आपत्ति दर्ज करवाते हुए मांग की है कि नहर का निर्माण वर्तमान सर्वे के बजाय पूर्व सर्वे के अनुसार किया जाए। नहर निकलने से खातेदारी जमीन को होगा नुकसान किसानों का कहना है कि वर्तमान प्रस्तावित नहर खातेदारी भूमि से होकर निकाली जा रही है, जिससे उनकी कृषि भूमि दो हिस्सों में बंट जाएगी। इससे खेती करने, खेतों तक पहुंचने और उत्पादन कार्य में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश किसानों के पास सीमित कृषि भूमि है और यही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। नहर निर्माण से किसानों की उपजाऊ जमीन प्रभावित होगी और भविष्य में परिवार का पालन-पोषण करना भी मुश्किल हो जाएगा। सिवायचक और तालाबी भूमि से निकाली जाए शहर ग्रामीणों ने प्रशासन को दिए ज्ञापन में कहा कि क्षेत्र में सिवायचक और तालाबी भूमि उपलब्ध है, इसलिए नहर को उसी मार्ग से निकाला जाए। किसानों का यह भी कहना है कि वर्तमान सर्वे के अनुसार नहर ग्राम पावटा की आबादी के काफी नजदीक होकर गुजर रही है, जिससे भविष्य में जनहानि और पशुधन को नुकसान होने की आशंका बनी रहेगी। ग्रामीणों ने पूर्व में पाचना बांध की नहर से हुए नुकसान का भी हवाला दिया। उनका कहना है कि पहले भी खातेदारी भूमि से नहर निकालने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था और अब दोबारा वही स्थिति बन रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे और वर्तमान सर्वे के अनुसार नहर निर्माण नहीं होने देंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूर्व सर्वे के अनुसार ही नहर निर्माण करवाने की मांग की है।
जौनपुर के सहायक संभागीय परिवहन (एआरटीओ) कार्यालय में पिछले एक सप्ताह से सर्वर धीमा होने और बार-बार फेल होने के कारण कामकाज बुरी तरह प्रभावित है। इस तकनीकी खराबी के चलते तीन हजार से अधिक नए वाहनों का पंजीकरण लंबित हो गया है। बीते आठ दिनों से वाहन संबंधी कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले 'वाहन पोर्टल' में लगातार तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। पोर्टल की गति अत्यंत धीमी है और यह बार-बार लॉग आउट हो रहा है, जिससे रोजमर्रा के कार्य बाधित हो रहे हैं। गुरुवार को भी सर्वर पूरी तरह डाउन रहने से वाहन ट्रांसफर, फिटनेस और टैक्स जमा करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य ठप रहे। हालांकि, ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित काउंटर सुचारु रूप से संचालित होता रहा।पोर्टल की इस स्थिति से वाहन मालिकों में गहरा रोष है। लोग सुबह से आकर घंटों लाइन में इंतजार करते हैं, लेकिन सर्वर ठीक न होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो एआरटीओ कार्यालय में लंबित फाइलों का अंबार लग जाएगा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) अजीत सिंह ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से सर्वर की स्थिति लगभग बंद जैसी बनी हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि उच्च स्तर पर सर्वर को अपडेट किया जा रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही इस तकनीकी समस्या का समाधान हो जाएगा।
नीट पेपर लीक मामला, एनएसयूआई ने निकाली शव यात्रा:एनएसयूआई का प्रदर्शन, एनटीए को भंग करने की मांग
नीट पेपर लीक और उसके बाद चल रहे विवादों के बीच कोटा में छात्रों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रिदम शर्मा के नेतृत्व में छात्रों और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए सांकेतिक शव यात्रा निकाली। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने देशभर के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य संकट में डाल दिया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पूरी तरह कमजोर हो चुकी है। रिदम शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लगातार तीसरी बार परीक्षा प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, लेकिन केंद्र सरकार और एनटीए कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तुरंत इस्तीफा दें। साथ ही एनटीए को भंग कर नई और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू की जाए ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द एक्शन नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा छात्र सड़कों पर उतरकर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के दौरान यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की मौत का सिलसिला जारी है। यमुनोत्री धाम में बुधवार को दो और श्रद्धालुओं की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। इसके साथ ही इस यात्रा सीजन में अकेले यमुनोत्री धाम में मरने वालों की संख्या 11 हो गई है। गंगोत्री धाम में भी अब तक 8 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। दोनों धामों को मिलाकर कुल मृतकों का आंकड़ा 19 पहुंच गया है। अधिकतर मामलों में प्रारंभिक कारण हार्ट अटैक या अचानक तबीयत बिगड़ना बताया गया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार यात्रियों को स्वास्थ्य जांच कराने, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और अस्वस्थ महसूस होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दे रहे हैं। यात्रा फिलहाल सुचारु रूप से जारी है। महाराष्ट्र और गुजरात के श्रद्धालुओं की मौत मृतकों की पहचान महाराष्ट्र के अमरावती निवासी 64 वर्षीय वंदना विजय सिंह बघेल और गुजरात के भावनगर निवासी 68 वर्षीय पटेल नितिनभाई बलूभाई के रूप में हुई है। दोनों श्रद्धालु 21 मई 2026 को यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए पहुंचे थे। दर्शन के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों की मौत का संभावित कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यमुनोत्री में सबसे ज्यादा मौतें चारधाम यात्रा के मौजूदा सीजन में यमुनोत्री धाम में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और यात्रियों की फिटनेस को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन का कहना है कि अधिकतर मृतकों की उम्र 60 वर्ष से ऊपर रही है और कई मामलों में पहले से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी सामने आई हैं। गंगोत्री में भी 8 श्रद्धालुओं की जान गई गंगोत्री धाम में भी यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक 8 श्रद्धालुओं की मौत दर्ज की गई है। दोनों धामों को मिलाकर कुल मौतों का आंकड़ा 19 तक पहुंच चुका है। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य जांच, मेडिकल कैंप और एंबुलेंस सेवाएं बढ़ाई गई हैं, लेकिन ऊंचाई और मौसम के कारण बुजुर्ग यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। आज यमुनोत्री में 22 हजार, गंगोत्री में 25 हजार पंजीकरण चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। बुधवार को यमुनोत्री धाम के लिए 22 हजार और गंगोत्री धाम के लिए 25 हजार पंजीकरण दर्ज किए गए। यमुनोत्री धाम के कपाट सुबह 6:30 बजे पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मौसम साफ रहने से यात्रा सामान्य रूप से संचालित हो रही है और धामों में भीड़ भी सामान्य बनी हुई है।
गोंडा जिले में कल मगरमच्छ द्वारा खींचे गए 30 वर्षीय दीपक का शव आज गुरुवार को सरयू नदी से बरामद कर लिया गया है। यह घटना उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के उमरीबेगमगंज डीहा गांव में हुई थी, जहां दीपक को मगरमच्छ खींच ले गया था। गुरुवार दोपहर 12:20 बजे घटनास्थल से लगभग 8 किलोमीटर दूर ऐली माझा गांव के पास एक हाईटेंशन लाइन टावर के समीप नदी में उनका शव उतराता हुआ मिला। एसडीआरएफ की टीमें गुरुवार सुबह 8 बजे से लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही थीं। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम को यह सफलता मिली। उमरी बेगमगंज थाने की पुलिस ने दीपक के शव का पंचनामा कर परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शव मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली, क्योंकि उन्हें शव मिलने की उम्मीद कम थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृतक दीपक की पत्नी रेखा वर्मा को गोंडा जिला आपदा विभाग द्वारा चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। दीपक अपनी सास उर्मिला देवी के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे। कल बुधवार को वे सास का अंतिम संस्कार करने के लिए सरयू नदी के किनारे गए थे। अंतिम संस्कार स्थल पर खूंटा लगाने के बाद वे नदी में हाथ धोने के लिए बढ़े। इसी दौरान सरयू नदी से एक मगरमच्छ आया और दीपक के सिर को अपने जबड़े में कसकर उन्हें नदी में खींच ले गया। इस घटना से परिवार में हड़कंप मच गया था। दामाद को मगरमच्छ द्वारा खींच ले जाने के बाद भी परिवार के सदस्यों ने किसी तरह उर्मिला देवी का अंतिम संस्कार संपन्न किया था।
समस्तीपुर में पुल के नीचे मिला अधेड़ का शव:हत्या कर शव फेंकने की आशंका, मृतक की पहचान नहीं हो सकी है
समस्तीपुर में चोरनिया स्थान के पास पुल के नीचे एक अधेड़ का शव मिला है। उम्र 50 वर्ष के करीब है। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना वारिसनगर थाना क्षेत्र के भुसारी-खतुआहा मार्ग की है। ग्रामीणों के मुताबिक पुल के नीचे से बदबू आने पर गांव के लोगों की जप पड़ी। बॉडी चार से पांच दिन पुरानी लग रही है। शव के गल जाने के कारण मौत कैसे हुई यह पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि हत्या कहीं और की गई है, सूबत मिटाने के लिए यहां लाकर फेंका गया है। यह इलाका वारसिनगर-खानपुर बॉर्डर पर है। जिसके चलते दोनों थानों को सूचना दी गई है। छानबीन में जुटी पुलिस वहीं, इस संबंध में वारिसनगर थानाध्यक्ष सर्वेंश झा ने बताया कि अभी शव की पहचान नहीं हो पाई है। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। ब़डी 72 घंटे तक सुरक्षित रखी जाएगी। उसके बाद भी परिजन नहीं आते हैं तो शव का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। पहचान के लिए आसपास के थानों से संपर्क किया गया है।
रिंग रोड पर अंडरपास न बनने से किसान नाराज:उन्नाव में विरोध प्रदर्शन, प्रदेश संयोजक को सौंपा ज्ञापन
उन्नाव के सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र में निर्माणाधीन रिंग रोड को लेकर किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। पिंडोखा, लालता खेड़ा सहित आसपास के गांवों के किसानों ने पुरानी सड़क बंद कर बिना अंडरपास बनाए रिंग रोड निर्माण का विरोध किया है। किसानों का कहना है कि अंडरपास न बनने से गांवों का संपर्क बाधित हो जाएगा और लोगों को खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्हें आवागमन के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर किसानों और ग्रामीणों ने किसान आंदोलन के प्रदेश संयोजक अजय अनमोल को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने समस्या के समाधान की मांग की और अजय अनमोल को मौके पर ले जाकर निर्माणाधीन रिंग रोड स्थल का निरीक्षण कराया। निरीक्षण के बाद प्रदेश संयोजक अजय अनमोल ने कहा कि बिना अंडरपास बनाए रिंग रोड का निर्माण जनहित के खिलाफ है। उन्होंने ग्रामीणों और किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर सड़क निर्माण को अनुचित बताया। अजय अनमोल ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को प्रशासन और सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी उन्नाव, लखनऊ मंडल के आयुक्त और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना अंडरपास के रिंग रोड का निर्माण किया गया तो किसानों और ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। किसानों ने भी स्पष्ट किया कि जब तक अंडरपास निर्माण की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस दौरान किसान आंदोलन के जिला महासचिव प्रदीप निषाद, पिंकू परिहार, मनोज रावत, तहसील अध्यक्ष कल्याण सिंह राजपूत, अखलेश राजपूत सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। किसानों ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेकर समस्या का समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
फरीदाबाद में नहर में कूदे युवक का शव मिला:मां ने छोले- भटूरे खाने पर डांटा, नाराज होकर लगाई थी छलांग
फरीदाबाद में आगरा नहर में कूदे 19 वर्षीय युवक का शव करीब 20 घंटे बाद गुरुवार सुबह बरामद कर लिया गया। युवक ने मां की डांट से नाराज होकर नहर में छलांग लगाई थी।गुरुवार सुबह एसडीआरएफ की टीम को सेक्टर-37 और खेड़ी पुल की तरफ जाने वाली नहर के बीच बने कठपुलिया के नीचे युवक का शव फंसा हुआ दिखाई दिया। इसके बाद टीम ने शव को बाहर निकाला और परिजनों को सूचना देकर उसकी पहचान कराई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया है। पल्ला थाना क्षेत्र की सरस्वती कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय कुलदीप अपने परिवार के साथ रहता था। परिजनों के मुताबिक, वह पिछले कुछ समय से मोबाइल फोन को लेकर घर वालों से नाराज चल रहा था। बुधवार सुबह वह घर से निकला और दुकान से छोले-भटूरे लेकर आया था। भीषण गर्मी में तबीयत खराब होने की आशंका को देखते हुए उसकी मां ने उसे भटूरे न खाने की सलाह देते हुए डांट दिया। बताया जा रहा है कि इसी बात से नाराज होकर कुलदीप घर से निकल गया। नाराज होकर आगरा नहर पुल पर पहुंचा परिजनों के अनुसार, युवक सेक्टर-37 के सामने आगरा नहर के नए पुल पर पहुंचा और वहां से नहर में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोगों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। उनका कहना था कि सूचना देने के बावजूद करीब चार घंटे तक न तो गोताखोर बुलाए गए और न ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। परिवार के लोगों ने लगाया था जाम पुलिस की कथित लापरवाही से नाराज परिवार के लोगों ने घटनास्थल वाले पुल पर जाम भी लगा दिया था, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। जाम की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहनों को डायवर्ट कर स्थिति को संभाला। इस दौरान परिजनों और पुलिस के बीच कहासुनी भी हुई। परिवार के लोगों का आरोप था कि पुलिस उनकी मदद करने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने में लगी रही। कठपुलिया के नीचे फंसा मिला शव पल्ला थाना प्रभारी सत्य प्रकाश ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे टीम को सेक्टर-37 और खेड़ी पुल के बीच बनी कठपुलिया के नीचे युवक का शव फंसा हुआ मिला। शव को बाहर निकालकर पहचान कराई गई और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया। घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है। युवक की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं इलाके में भी शोक का माहौल बना हुआ है।
अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर उन्नाव में ज्वेलर्स के शोरूम से लूट करके फरार हुए दो बदमाशों को ऊंचाहार एक्सप्रेस से बुधवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। बदमाशों के दो साथी गाजियाबाद में पकड़े गए हैं। इनमें से दो बदमाशों पर 1-1 लाख रुपए का इनाम भी घोषित है। लुटेरों के पास से ज्वेलर्स से लूटा गया सोना और नकदी से भरा बैग भी बरामद कर लिया गया है। प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर मची खलबली कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि उन्नाव में लूट कर भारी मात्रा में सोना लेकर भागे अपराधी ऊंचाहार एक्सप्रेस में सवार हैं। इस पर उन्नाव स्पेशल सेल, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस एक्टिव हो गई। ट्रेन के अलीगढ़ जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर रुकते ही भारी पुलिस बल ने बोगियों को घेर लिया। ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों को पहले तो समझ ही नहीं आया कि अचानक क्या हुआ। पुलिस ने घेराबंदी कर दो मुख्य लुटेरों समेत 3 संदिग्ध युवकों को अलीगढ़ स्टेशन पर ही ट्रेन से नीचे उतारा। 2 लुटेरों को गाजियाबाद में दबोचा अलीगढ़ में कार्रवाई के बाद पुलिस दो बदमाशों में तलाश में जुट गई। ट्रेन में सवार सुरक्षा दल को बाकी बचे बदमाशों के इनपुट मिले थे। स्कॉट टीम ने ट्रेन के अंदर ही दो अन्य लुटेरों को दबोच लिया, जिन्हें आगे गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर उतारा गया और वहां की पुलिस के हवाले किया गया। उन्नाव से अमृतसर तक जुड़े हैं तार पकड़े गए 4 मुख्य लुटेरों में से एक बदमाश उन्नाव का स्थानीय निवासी है, जबकि तीन अन्य आरोपी अमृतसर, पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह एक अंतरराज्यीय गैंग है, जो बड़े ज्वेलर्स को निशाना बनाता था। GRP सिपाही रणवीर घायल ट्रेन के भीतर जब पुलिस टीम बदमाशों को पकड़ने के लिए आगे बढ़ी, तो खुद को घिरा देख लुटेरों ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। इस अफरा-तफरी और पकड़-धकड़ के दौरान जीआरपी सिपाही रणवीर सिंह घायल हो गए। हालांकि चोट लगने के जवानों ने लुटेरों को दबोच लिया। उन्नाव एसओजी को सौंपे गए बदमाश सीओ सिविल लाइंस सर्वम सिंह ने बताया कि बदमाश उन्नाव में ज्वेलर्स के यहां लूट की घटना को अंजाम देकर फरार हुए थे। प्रयागराज से चलकर दिल्ली जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस में बदमाशों के होने की जानकारी उन्नाव एसओजी ने दी थी। इस पर दो बदमाशों को घेराबंदी कर हिरासत में लेने के बाद उन्नाव एसओजी को सौंप दिया है।
इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र में हॉस्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक युवती ने फेक आईडी बनाकर अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजने के मामले में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी ने युवती के पति को भी भ्रामक मैसेज भेजकर उसकी शादीशुदा जिंदगी खराब करने की कोशिश की। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता की शिकायत पर अमन निवासी बागली के खिलाफ आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पीड़िता मूल रूप से पानसमेल की रहने वाली है और इंदौर में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही है। उसके पति एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। चार माह पहले हुई है शादी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी करीब चार माह पहले हुई थी। 2 मई 2026 को आरोपी ने उसके पति के नाम से फेक आईडी बनाकर आपत्तिजनक मैसेज भेजे। मैसेज में युवती के शादी से पहले और बाद में किसी अन्य युवक से संबंध होने जैसी बातें लिखी गई थीं। दोस्ती बनाए रखने का दबाव बनाया महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसे भी सीधे मैसेज कर ब्लैकमेल किया और दोस्ती बनाए रखने का दबाव बनाया। 6 मई 2026 को जब उसने आरोपी अमन से बात कर उसे समझाने की कोशिश की, तो आरोपी ने जान से मारने और पूरे परिवार की बदनामी करने की धमकी दी। आरोपी ने शादी तुड़वाने तक की धमकी दी थी। घटना की जानकारी पीड़िता ने अपने परिवार को दी, जिसके बाद बुधवार को मामले में शिकायत दर्ज कराई गई।
हनुमानगढ़ में भाखड़ा नहर प्रणाली से जुड़े किसानों को आज गुरुवार से सिंचाई का पानी मिलना शुरू हो जाएगा। सिंचाई विभाग ने भाखड़ा प्रणाली का नया रोटेशन जारी किया है। इसके तहत 1200 क्यूसेक क्षमता वाली नहरों में पूरी क्षमता से पानी छोड़ा जाएगा, जबकि छोटी नहरों में उनकी क्षमता के अनुसार पानी उपलब्ध होगा। जल संसाधन भाखड़ा-सिद्धमुख रेगुलेशन खंड ने भाखड़ा प्रणाली की नहरों का साप्ताहिक वरीयताक्रम भी जारी कर दिया है। यह वरीयताक्रम 21 से 29 मई तक प्रभावी रहेगा। विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, रतनपुरा (आरटीपी) नहर में 42 क्यूसेक, नाथवाना (एनटीडब्ल्यू) में 73, प्रतापपुरा (पीटीपी) में 248, हरिपुरा (एचआरपी) में 261, दीनगढ़ (डीएनजी) में 274, सूरतपुरा (एसटीपी) में 283, मोडिया (एमओडी) में 508, लोंगवाला (एलजीडब्ल्यू) में 653, पीलीबंगा (पीबीएन) में 868, अमरपुरा (एएमपी) में 963, रोड़ांवाली (आरआरडब्ल्यू) में 976, नवां-सतीपुरा (एनडब्ल्यूएन) में 987, मोरजण्डा (एमजेडी) में 1200, नगराना (एनजीडी) में 1208, लीलांवाली (एलएलडब्ल्यू) में 1448, भाखरांवाली (बीकेडब्ल्यू) में 1453, करनीसिंह (केएसडी) में 1783, मम्मड़खेड़ा (एमएमके) में 1978, जोड़कियां (जेआरके) में 2058, सूरतगढ़ (एसटीजी) में 2178, भगतपुरा (बीजीपी) में 2216 और संगरिया (एसएनजी) नहर में 2222 क्यूसेक पानी प्रवाहित होगा। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक नहर को आठ दिन तक पूरी क्षमता से चलाने के बाद बंद किया जाएगा। नहरों में पानी के उतार-चढ़ाव की स्थिति में यदि किसी नहर के रेगुलेशन में बदलाव की आवश्यकता हुई, तो भाखड़ा सिद्धमुख रेगुलेशन खंड और जल संसाधन खंड प्रथम/द्वितीय के अधिशाषी अभियंता से विचार-विमर्श के बाद व्यवस्था की जाएगी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यह समय नरमा और कपास की बुवाई का है। सिंचाई के लिए पानी मिलने से किसानों को बड़ी सहायता मिलेगी। पिछले दिनों तेज गर्मी और पानी की कमी के कारण किसानों को खेतों की तैयारी में परेशानी हो रही थी। अब नहरों में पानी आने से बुवाई के कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में पानी की आपूर्ति नियमित बनी रहती है तो कपास, नरमा और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई बेहतर तरीके से हो सकेगी, जिससे उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। इधर, भीषण गर्मी के बीच पानी की उपलब्धता बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में भी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खनिज विभाग ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। उड़नदस्ता दल ने देर रात जांच अभियान चलाकर अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे चार ट्रैक्टरों को जब्त किया। यह कार्रवाई कोलबीरा और विशेसरा क्षेत्र में की गई। खनिज विभाग को क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। इन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए उड़नदस्ता दल ने देर रात कोलबीरा और विशेसरा इलाकों में दबिश दी। जांच के दौरान रेत से भरे ट्रैक्टरों को रोका गया। दस्तावेज न मिलने पर चार ट्रैक्टर जब्त चालकों से दस्तावेज मांगने पर उनके पास कोई वैध कागजात या रॉयल्टी पर्ची नहीं मिली। इसके बाद टीम ने चारों ट्रैक्टरों को तत्काल जब्त कर लिया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए सभी वाहनों के खिलाफ खान-खनिज अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अवैध कारोबार पर लगातार निगरानी जारी अधिकारियों ने यह भी कहा कि कलेक्टर के आदेश के बाद से जिले में अवैध कारोबारियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में भी इस तरह के जांच अभियान जारी रहेंगे ताकि अवैध उत्खनन और परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
रीवा में आज भीषण गर्मी और लू का अलर्ट:अगले तीन दिन और बढ़ेगी गर्मी; रात में भी राहत नहीं
रीवा में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार गुरुवार को शहर में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी और लोग घरों में रहने को मजबूर रहे। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीन दिनों में रीवा का तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है। 18 मई को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 19 मई को तापमान करीब 44 डिग्री के आसपास रहा, जबकि 20 मई को भी अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान भी 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जिससे रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले तीन दिनों तक रीवा और विंध्य क्षेत्र में लू जैसे हालात बने रहने की संभावना है। 22 मई को अधिकतम तापमान 45 डिग्री, 23 मई को 45 से 46 डिग्री और 24 मई को भी तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। आईएमडी ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है। स्थानीय निवासी अमित शुक्ला ने बताया कि सुबह 10 बजे के बाद ही सड़कें तपने लगती हैं और बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। वहीं रीवा निवासी सीमा साकेत ने कहा कि लगातार बढ़ रही गर्मी से बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी काफी बढ़ गई है तथा रात में भी गर्म हवाएं चल रही हैं। आईएमडी भोपाल द्वारा जारी मौसम बुलेटिन में रीवा जिले को हीट वेव प्रभावित जिलों की सूची में शामिल किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मध्य प्रदेश सरकार ड्रॉपआउट विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के लिए ‘शिक्षा घर योजना’ शुरू करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। अब स्कूल शिक्षा विभाग इसी सत्र से योजना को लागू करने की तैयारी करेगा। यह फैसला मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा बैठक में लिया गया। कक्षा 8 के बाद पढ़ाई छोड़ने वालों को मिलेगा लाभ अधिकारियों ने बैठक में बताया कि योजना का लाभ उन किशोर-किशोरियों और युवक-युवतियों को मिलेगा, जिन्होंने कक्षा 8 या उससे आगे की पढ़ाई के दौरान अनुत्तीर्ण होने पर पढ़ाई छोड़ दी थी। योजना के जरिए ऐसे विद्यार्थियों को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। ड्रॉपआउट दर कम करने पर रहेगा फोकस सरकार का उद्देश्य स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों की संख्या कम करना है। योजना लागू होने से शिक्षा से दूर हुए विद्यार्थियों को दोबारा पढ़ाई का अवसर मिलेगा। पाठ्यक्रम में शामिल होगी सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने पाठ्यक्रम से जुड़ी प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा। घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने विभागीय घोषणाओं का जल्द पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध कार्ययोजना बनाने को कहा। वहीं, स्कूल भवनों की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने जिलों में आंशिक रूप से जर्जर स्कूलों की तत्काल मरम्मत कराने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षण व्यवस्था प्राथमिकता है। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग की 14 योजनाओं को जारी रखने की सहमति दी। अधिकारियों को इनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए गए।
आम आदमी पार्टी ने महंगाई पर जताया विरोध:पेट्रोल-डीजल, गैस व आवश्यक वस्तुओं के दाम कम करने की मांग
हनुमानगढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के विरोध में गुरुवार को प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में आम नागरिकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने और आवश्यक वस्तुओं के दाम नियंत्रित करने की मांग की गई। आप जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बेनीवाल ने बताया कि देश के कृषि प्रधान होने के बावजूद आम जनता लगातार महंगाई की मार झेल रही है। कोरोनाकाल के बाद से रोजगार और व्यापार पहले ही प्रभावित हुए हैं, ऐसे में पेट्रोल, डीजल और घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देकर एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं, जबकि उपभोक्ता पहले से ही महंगाई का सामना कर रहे हैं। 'दैनिक जरूरत की वस्तुओं पर पड़ रहा महंगाई का असर'पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर खाद्य पदार्थों और दैनिक जरूरत की वस्तुओं पर पड़ रहा है। परिवहन खर्च बढ़ने से दूध, घी, तेल, दालें, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री महंगी हो रही है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि इस महंगाई से मध्यम और गरीब वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। आप कार्यकर्ताओं ने तेल उत्पादन और आयात नीति पर भी सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने सुझाव दिया कि यदि किसानों से तिलहन फसलों की बेहतर खरीद और प्रोत्साहन दिया जाए, तो खाद्य तेल के आयात पर निर्भरता कम हो सकती है। उन्होंने आमजन के हितों की रक्षा के लिए सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग की। इस अवसर पर सुरेश कुमार, युवराज सिंह, राजेंद्र सिंह, कमल सिंह और विनोद कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कैथल के सीवन में एक ट्रक ड्राइवर ने सड़क किनारे खड़ी कार को टक्कर मार दी। इस हादसे में गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। वहीं, पास खड़े कार मालिक को भी चोटें आई हैं। कार का मालिक खरबूजे लेने के लिए सड़क के किनारे रुका हुआ था। इस संबंध में कार मालिक ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। चीका निवासी सुरेश कुमार ने सीवन थाना में दी शिकायत में बताया कि वह HDFC बैंक चीका में कर्मचारी है। 20 मई की शाम करीब छह बजे अपनी कार में सवार होकर कैथल से चीका आ रहा था। रास्ते में सीवन के पास सड़क किनारे कुछ व्यक्ति खरबूजा बेच रहे थे। उसने खरबूजे खरीदने के लिए गाड़ी को कच्चे रास्ते में साइड में उतारकर खड़ा कर दिया और गाड़ी से नीचे उतरकर खरबूजे खरीदने लगा। तभी सीवन की तरफ से एक ट्रक ड्राइवर ने अपने ट्रक को तेज रफ्तार व लापरवाही से चलाते हुए उसकी गाड़ी को सीधी टक्कर मार दी। कार को घसीटते हुए ले गया ट्रक की टक्कर लगते गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और ट्रक गाड़ी को घसीटते हुए झाड़ियों में फेंक गया। इस एक्मेंसीडेंट में वह भी मरने से बाल-बाल बचा और उसे चोटें आई हैं। ट्रक ड्राइवर अपने ट्रक को लेकर कैथल की तरफ भाग गया। उसने राहगीर से लिफ्ट लेकर करीब 2 किलोमीटर चलकर ट्रक वाले को पकड़ा। आरोपी ड्राइवर ने अपना नाम शुकरुदीन बताया, जो पोपडा जिला करनाल का रहने वाला है। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सीवन थाना के जांच अधिकारी जगवीर सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
तेज गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। अस्पतालों में लू, डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त, चक्कर आना और बुखार जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासतौर पर दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या डीग अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़े हैं। लोग कमजोरी, सिर दर्द, चक्कर, उल्टी-दस्त और शरीर में पानी की कमी जैसी शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अत्यधिक तापमान के कारण शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो रहा है। पीएमओ ने जारी की स्वास्थ्य संबंधी सलाह पीएमओ जितेंद्र फौजदार ने बताया कि लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए। उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, ओआरएस घोल, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी। साथ ही बाहर निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकने और हल्के व सूती कपड़े पहनने पर जोर दिया। बच्चों और बुजुर्गों को अधिक खतरा पीएमओ ने बताया कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त लोगों को गर्मी से सबसे ज्यादा खतरा रहता है। ऐसे लोगों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है ताकि वे लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का शिकार न हों। गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत लें इलाज चिकित्सकों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर, बेहोशी, अत्यधिक पसीना या सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायत हो तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। समय पर इलाज मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। अस्पताल प्रशासन की अपील अस्पताल प्रशासन ने आमजन से गर्मी के मौसम में सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। साथ ही लोगों से पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने को कहा गया है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर तहसील कार्यालय में सुनवाई के दौरान हुए विवाद और मारपीट मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। घटना 19 मई की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, तहसील कार्यालय में एक राजस्व मामले की सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि एक पक्ष ने अधिवक्ता के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज और मारपीट की। कोर्ट परिसर में दोनों पक्षों के बीच जमकर हाथापाई हुई देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और तहसील व सिविल कोर्ट परिसर में दोनों पक्षों के बीच जमकर हाथापाई होने लगी। घटना से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हंगामे के कारण अन्य मामलों की सुनवाई और साक्ष्य संबंधी कार्य भी प्रभावित हुए। तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज तहसीलदार गुरूदत्त पंचभाय की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस चौकी वाड्रफनगर और बसंतपुर थाना पुलिस ने बीएनएस की धाराओं 296, 351(3), 115(2), 224, 190, 191(2), 121, 132 एवं 194(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है। रात में दबिश देकर 10 आरोपी पकड़े गए जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में अफजल, इलियास, इलियासुद्दीन, अमरनाथ गहरवरिया, इन्द्रास, उदयनाथ गहरवरिया, रामसकल वर्मा, चन्द्रवली गहरवरिया, दिनेश पटेल और मनधारी खैरा शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम परसडीहा, तहसील वाड्रफनगर के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को 20 मई को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्ती बलरामपुर एसपी ने साफ कहा है कि जिले में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस प्रशासन ने अवैध गतिविधियों पर “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने की बात कही है।
इंदौर में लक्ष्मीबाई प्रतिमा से जिंसी चौराहे तक मास्टर प्लान की सड़क बनाने में बाधक 16 मकानों के अवैध हिस्से को गुरुवार को नगर निगम की टीम ने हटा दिया। टीम जेसीबी और पोकलेन मशीन लेकर पहुंची और अवैध हिस्सों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। नगर निगम ने मास्टर प्लान की सड़क में बाधा बन रहे मकान के मालिकों को पहले ही नोटिस दिया था। उनसे निर्माण में बाधक हिस्सा तोड़ने को कहा गया था। इस पर कई लोगों ने खुद ही सड़क में बाधा बन रहे हिस्से को हटा लिया था, जबकि 16 मकान मालिकों ने नगर निगम की बात नहीं मानी थी। 5 जेसीबी-5 पोकलेन मशीन के साथ मैदान में उतरा अमला नगर निगम के रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरिया ने बताया कि आज नगर निगम की टीम दलबल के साथ कार्रवाई के लिए मैदान में उतरी। निगम की 4 से ज्यादा टीमें इसमें लगी हैं। 5 पोकलेन और 5 जेसीबी मशीनों से मकानों के अवैध हिस्सों को तोड़ा जा रहा है। दोपहर तक तोड़ने का काम पूरा होगा। पहले ही जारी कर चुके थे नोटिस उन्होंने बताया कि यहां कार्रवाई करने के लिए पहले ही नगर निगम द्वारा यहां के रहवासियों को नोटिस जारी कर दिए थे। यहां पर कुल 78 मकान हैं। इनमें से कई रहवासियों ने खुद ही बाधक हिस्सों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी थी, लेकिन 16 मकान मालिकों ने बाधक हिस्सों को नहीं हटाया, जिसके चलते निगम कमिश्नर के ऑर्डर पर आज कार्रवाई की गई। हालांकि इस दौरान कोई विवाद की स्थिति नहीं बनी। बता दें कि कुछ दिनों पहले महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी यहां पर दौरा करने पहुंचे थे, उन्होंने ने भी यहां रहवासियों से बातचीत की थी और खुद से ही बाधक हिस्सों को हटाने के लिए कहा था।
धार में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में जुआ:पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा, तीन अन्य फरार
धार जिले की अमझेरा थाना पुलिस ने बुधवार देर रात कार्रवाई करते हुए तीन जुआरियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी मोबाइल टॉर्च की रोशनी में जुआ खेल रहे थे। इस दौरान तीन अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी और ताश के पत्ते जब्त किए हैं। अमझेरा थाना प्रभारी राजू मकवाना ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिलेभर में अवैध जुआ और सट्टा गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार देर रात करीब 12:30 बजे मुखबिर से सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया था कि ग्राम अमझेरा में कुछ लोग मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही अमझेरा पुलिस ने तत्काल एक टीम गठित कर मौके पर दबिश दी। पुलिस कार्रवाई के दौरान संजय भाबर, गोपाल कुशवाह और भावसिंह सिंगार को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, इदरिश उर्फ मरद, फारुख और बबलु अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 52 ताश के पत्ते और कुल 4,640 रुपये नकद जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय पिता लक्ष्मण भाबर (निवासी नरसिंह दरवाजा, अमझेरा), गोपाल पिता ओमप्रकाश कुशवाह (निवासी अमझेरा) और भावसिंह पिता धुलजी सिंगार (निवासी नालापुरा, अमझेरा) के रूप में हुई है। फरार आरोपियों में इदरिश उर्फ मरद, फारुख पिता अमीन और बबलु पिता दितीया (सभी निवासी अमझेरा) शामिल हैं। अमझेरा पुलिस ने कहा कि क्षेत्र में अवैध जुआ, सट्टा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा में कबाड़ी मुकेश साहू उर्फ बरबट्टी के अवैध निर्माण पर गुरुवार को नगर निगम और जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। 150 से अधिक पुलिस बल की मौजूदगी में दो मंजिला इमारत को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन भारी पुलिस बल के कारण विरोध के बावजूद बुलडोजर चलता रहा। मुकेश साहू उर्फ बरबट्टी कोरबा के चर्चित पुल चोरी मामले का मुख्य आरोपी है। वह कबाड़ के धंधे की आड़ में लंबे समय से अवैध गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज हैं, जिनमें शहर में अवैध कब्जे कर गोदाम और दुकानें चलाने के आरोप भी शामिल हैं। बुलडोजर कार्रवाई की सूचना मिलने पर बरबट्टी ने प्रशासन का रास्ता रोकने का प्रयास किया। टीम को घर तक पहुंचने से रोकने के लिए उसने घर के बाहर कई वाहनों के टायर निकालकर सड़क पर खड़े कर दिए थे, ताकि रास्ता अवरुद्ध हो जाए। कार्रवाई के दौरान विरोध और पुलिस की तैनाती जैसे ही बुलडोजर दो मंजिला मकान के पास पहुंचा, घर के सदस्य और समर्थक विरोध करने लगे। महिलाओं सहित परिवार के लोगों ने हंगामा किया और कार्रवाई रोकने का दबाव बनाया। हालांकि, पहले से अलर्ट 150 पुलिस जवानों ने मोर्चा संभाला और विरोध के बावजूद तोड़फोड़ जारी रखी। पहले भी हो चुकी है संपत्तियों पर कार्रवाई यह पहली बार नहीं है जब बरबट्टी पर कार्रवाई की गई है। इससे पहले भी पुलिस उसके गोदाम को सील कर चुकी है। शहर के राताखार, मुड़ापार और कोरकोमा रोड स्थित उसकी कबाड़ की दुकानें भी सील की जा चुकी हैं। प्रशासन उन दुकानों के अवैध कब्जों पर भी बुलडोजर चला चुका है। प्रशासनिक सख्ती पर लोगों की प्रतिक्रिया शहर में अवैध कब्जों और अपराधियों पर हो रही इस सख्त कार्रवाई की आम जनता सराहना कर रही है। लोगों का कहना है कि पुल चोरी जैसे गंभीर मामले के आरोपी पर प्रशासन का यह कदम आवश्यक था। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट रही। सीएसपी सहित कई थानों के टीआई मौके पर मौजूद थे।
कटनी जिले में जमीन का सौदा कराने के नाम पर 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एनकेजे थाना क्षेत्र की बजरंग कॉलोनी निवासी रेखा पाठक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनसे बयाना राशि ले ली गई। बिना भूमिस्वामी की अनुमति किया सौदा पीड़िता ने शिकायत में बताया कि ग्राम बसाड़ी निवासी सुभाष रजक और रमेश पटेल ने मिलकर यह पूरा मामला तैयार किया। आरोप है कि ग्राम मिर्जा स्थित खसरा नंबर 30/2 और 30/3 की जमीन का सौदा 17 जनवरी 2025 को उनके ससुर कमलाकांत पाठक के साथ किया गया था। शिकायत के अनुसार यह जमीन असल में श्री निवास राजपूत के नाम दर्ज है, लेकिन उनकी अनुमति और हस्ताक्षर के बिना ही इकरारनामा तैयार कर 10 लाख रुपये नगद बयाना के रूप में ले लिए गए। फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप रेखा पाठक का आरोप है कि इस इकरारनामे को रमेश पटेल ने अपनी हैंडराइटिंग में लिखा था। दस्तावेज पर सुभाष रजक, रमेश पटेल और गवाहों के हस्ताक्षर हैं, लेकिन असली भूमिस्वामी के हस्ताक्षर नहीं कराए गए। उन्होंने बताया कि ससुर के निधन के बाद जब उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने या पैसे वापस करने की बात कही तो आरोपी मुकर गए। धमकी देने का भी आरोप पीड़िता का कहना है कि पैसे मांगने पर आरोपियों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और जान से मारने व हाथ-पैर तुड़वाने की धमकी दी। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए कार्रवाई से बचने की बात भी कही। रेखा पाठक ने खुद को अपने दिवंगत ससुर की कानूनी वारिस बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। एसपी से की ये मांगें पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने तथा 10 लाख रुपए की राशि वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
जालंधर के थाना लांबड़ा एरिया में आते सागर एन्क्लेव में पति ने सिर में तवा मारकर पत्नी का कत्ल कर दिया। कत्ल के बाद खुद थाने पहुंच गया और पुलिस से कहा कि मैंने अपनी पत्नी को मार डाला है, मुझे अरेस्ट कर लो। पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट कर घटना स्थल का जायदा लिया और लोगों के बयान दर्ज कर केस दर्ज कर लिया है।थाना लांबड़ा पुलिस ASI बलवीर सिंह के अनुसार महिला की पहचान सीता देवी (48) के तौर पर हुई है। आरोपी की पहचान संतोष विश्वकर्मा (55) के रूप में हुई है। परिवार यहां किराए के मकान में रह था। महिला के बेटे फैक्ट्री में काम करते हैं और पति पर पहले भी नेपाल में कत्ल का केस दर्ज है।सागर एन्क्लेव निवासी और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के जिला संयोजक विजय यादव ने बताया कि सुबह करीब सवा 8 बजे उन्हें इस वारदात की सूचना मिली। जब वे मौके पर पहुंचे, तो नजारा बेहद खौफनाक था। आरोपी पति ने अपनी पत्नी के सिर पर रोटी पकाने वाले लोहे के तवे से इतने जोरदार और ताबड़तोड़ वार किए थे कि महिला की आंखें तक बाहर आ गई थीं। महिला की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।मोहल्ले के लोगों ने बताया कि महिला के कत्ल के बाद फैक्ट्री गए उसके बेटे को सूचित किया गया। बेटे ने मौके पर पहुंचकर मां को सिविल अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे ब्राड डेड करार दे दिया। कत्ल करके खुद थाने पहुंचा बेखौफ आरोपीहैरानी की बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति बिल्कुल बेखौफ रहा। वह खुद पुलिस थाने गया और वहां ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से बोला मैं अपनी जनानी (पत्नी) का मर्डर करके आया हूं। सूत्रों और स्थानीय लोगों से यह भी पता चल रहा है कि आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और वह कथित तौर पर नेपाल में भी किसी का कत्ल करके यहां भागा हुआ था। यह जोड़ा करीब 10 से 15 दिन पहले ही इस इलाके में किराए पर रहने आया था। पति-पत्नी के बीच झगड़े का मुख्य कारण क्या था, इसका अभी सटीक पता नहीं चल पाया है। मकान मालिकों ने नहीं कराई थी पुलिस वेरिफिकेशनइस घटना के बाद इलाके में प्रवासियों के वेरिफिकेशन को लेकर भी लोगों ने सवाल उठ। विजय यादव ने बताया कि उन्होंने पहले भी थाना लांबड़ा के एसएचओ से दो-तीन बार बात की थी कि कॉलोनी में आकर किराएदारों की जांच की जाए। साथ ही मकान मालिकों से भी अपील की गई थी, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। आज स्थिति यह है कि सागर एन्क्लेव में रहने वाले अधिकांश प्रवासी किराएदारों की कोई पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हुई है, जिससे यह पता लगाना मुश्किल है कि कौन अपराधी है। मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरूघटना की सूचना मिलते ही डीएसपी करतारपुर (औजला साहब) और लांबड़ा थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब मकान मालिक से भी पूछताछ कर रही है कि बिना पहचान पत्र और वेरिफिकेशन के आरोपी को कमरा कैसे दिया गया। आरोपी पुलिस की हिरासत में है और मामले की गहन जांच जारी है।
राजस्थान के राज्य पक्षी और विश्व स्तर पर संकटग्रस्त गोडावण (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) के संरक्षण इतिहास में 21 मई का दिन नया मील का पत्थर साबित हुआ। प्रदेश में पहली बार आधिकारिक तौर पर ‘गोडावण दिवस’ मनाया गया। इस मौके पर जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क (DNP) स्थित सुदासरी ब्रीडिंग सेंटर में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने गोडावण की विशेष प्रतिमाओं का अनावरण किया। ये प्रतिमाएं मरुस्थलीय पक्षी संरक्षण और जन-जागरूकता का संदेश देंगी। कार्यक्रम में जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी, भाजपा जिलाध्यक्ष दलपत सिंह हींगड़ा, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और वन्यजीव विशेषज्ञ मौजूद रहे। गोडावण दिवस के अवसर पर वन मंत्री ने सुदासरी DNP क्षेत्र का दौरा कर गोडावण संरक्षण और कृत्रिम प्रजनन (ब्रीडिंग) परियोजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान मंत्री को जंगल में एक साथ 9 गोडावण विचरण करते नजर आए। मंत्री के सामने आए 9 गोडावण, संरक्षण को मिली नई उम्मीद वन मंत्री संजय शर्मा की डेजर्ट नेशनल पार्क सफारी के दौरान सुदासरी क्षेत्र में एक साथ 9 गोडावण दिखाई दिए। वन विभाग अधिकारियों के अनुसार इनमें 5 मादा और 4 नर गोडावण शामिल थे। आमतौर पर शर्मीले स्वभाव के इस पक्षी का एक साथ इतनी संख्या में नजर आना संरक्षण प्रयासों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। जैसलमेर में 130 और ब्रीडिंग सेंटर में 87 गोडावण वन मंत्री संजय शर्मा ने बताया- वर्तमान में जैसलमेर के जंगलों में 130 गोडावण मौजूद हैं, जबकि अत्याधुनिक तकनीक से संचालित ब्रीडिंग सेंटर में 87 गोडावण सुरक्षित रखे गए हैं। इस तरह गोडावण का कुल कुनबा बढ़कर 217 तक पहुंच गया है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गोडावण को विलुप्त होने से बचाने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। आने वाले समय में इनके प्राकृतिक आवास को और सुरक्षित करने, अंडों की सुरक्षा बढ़ाने और ब्रीडिंग सेंटर की क्षमता मजबूत करने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे, ताकि मरुभूमि की इस अनमोल धरोहर को संरक्षित रखा जा सके।
आईपीएस पीयूष दीक्षित ने गुरुवार को दौसा महकमें की कमान संभाली। ऑफिस पहुंचने पर एएसपी योगेंद्र फौजदार ने उन्हें रिसीव किया। इसके बाद जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। ऑफिस के गेट पर महिला कांस्टेबलों ने तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सुबह 11 बजकर 25 मिनट पर ऑफिस में पदभार संभालते हुए बतौर 37वें पुलिस अधीक्षक जॉइन किया। अपराधियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेंगे मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा पुलिस की प्राथमिकताएं तय की हुई हैं, जिनकी शीघ्रता और संजीदगी से फॉलो करेंगे और पालन भी करवाएंगे। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, उसमें कोई कंप्रोमाइज नहीं किया जाएगा। एसपी ने कहा की रेंज आईजी हमारे लीडर हैं। उनके नेतृत्व में एक्सीडेंट रोकने और नशा उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। उसके तहत दौसा जिला पुलिस भी कार्रवाई करते हुए बेहतर करने का हरसंभव प्रयास करेगी। सितम्बर 2025 में पदोन्नति से IPS बने थे राज्य सरकार ने मंगलवार देर रात 17 आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की थी। इसके तहत पीयूष दीक्षित को एसीबी जयपुर से दौसा एसपी लगाया है। दीक्षित दौसा के 37वें एसपी हैं। इनकी सितंबर 2025 में आईपीएस में पदोन्नति हुई थी। इसके बाद मार्च 2026 तक जयपुर में एसपी सुरक्षा रहे थे। 27 मार्च से एसीबी जयपुर में एसपी लगे हुए थे। पहली बार जिला एसपी की कमान संभाली है। इससे पहले पीयूष दीक्षित एसीबी अलवर में एएसपी रहे चुके हैं। वहीं दौसा के एसपी रहे आईपीएस सागर राणा को भीलवाड़ा एसपी लगाया है।
सावन से पहले देवघर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। बासी या खराब भोजन परोसने वाले होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। देवघर एक प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां बाबा बैद्यनाथ धाम और माता शक्ति का शक्तिपीठ स्थित है। सावन और श्रावणी मेले के दौरान यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ के कारण जिले में लगभग 700 से 800 होटल और भोजनालय संचालित होते हैं, लेकिन अक्सर श्रद्धालुओं को बासी और खराब भोजन परोसने की शिकायतें मिलती रही हैं। जिला खाद्य जांच पदाधिकारी राजेश शर्मा ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी होटल में बासी, खराब या गंदा भोजन परोसा जाता है, तो संबंधित होटल का लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को 'फूड सेफ्टी कनेक्ट एप' या विभाग के शिकायत नंबर पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई है। इस एप के माध्यम से भोजन की तस्वीरें भी अपलोड की जा सकती हैं। विभाग द्वारा लगातार होटल और रेस्टोरेंटों का निरीक्षण किया जा रहा है। हाल ही में हुई जांचों में कई स्थानों पर जले हुए तेल और नकली पनीर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। आशियाना होटल से 22 किलो पनीर नष्ट कराया गया, जबकि सुमित वैष्णव होटल का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, शिवान्ता बार से एक्सपायरी सॉस और हटसन एग्रो दुकान से 25 किलो मिलावटी घी भी जब्त किया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पटना के कादिरगंज थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक युवक के कथित अपहरण का प्रयास किया गया। मंगलवार को हुई इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग युवक को जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। पीड़ित रविकांत कुमार ने बुधवार को कादिरगंज थाना में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 10 कट्ठा जमीन को लेकर पारिवारिक विवाद रविकांत कुमार के अनुसार, यह मामला 10 कट्ठा जमीन के पारिवारिक विवाद से जुड़ा है। हालांकि, पहले आपसी बातचीत के बाद इस विवाद को सुलझा लिया गया था। लेकिन मंगलवार देर रात जब रविकांत एक जन्मदिन पार्टी से घर लौट रहे थे, तभी उनके चचेरे भाई विपिन कुमार उर्फ चंदन, शंकर कुमार, रोशन कुमार और मोनू कुमार ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। जबरन पकड़कर गाड़ी में बैठाने की कोशिश आरोपियों ने रविकांत को जबरन पकड़कर गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया। रविकांत के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों की भीड़ देखकर आरोपी रविकांत को छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे वाकये का वीडियो बना लिया। इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ लोग एक युवक को जबरन पकड़कर वाहन की ओर ले जा रहे हैं। आरोप सही पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई कादिरगंज थाना प्रभारी रोशन कुमार ने बताया कि, ‘यह पारिवारिक जमीन विवाद से जुड़ा एक पुराना मामला है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।’ थाना प्रभारी ने कहा कि, ‘मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि वीडियो और अन्य साक्ष्यों में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’
कानपुर की एक गत्ता फैक्ट्री में गुरुवार तड़के शार्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में लपटों ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। आग की चपेट में फैक्ट्री से रखे चार गैस सिलेंडर आ गए। इसके बाद एक के बाद एक तेज धमाके होने लगे। धमाके सुन आसपड़ोस के लोग सहम गए। गैस सिलेंडरों के चपेट में आते ही 10-10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। इलाकाई लोगों ने किदवई नगर पुलिस और फायर ब्रिगेड को घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर में पांच फायर स्टेशनों से करीब 9 गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। चार घंटे बाद फायर कर्मियों ने आग पर काबू पाया। घटना साकेत नगर स्थित फैक्ट्री में हुई। पहले 3 तस्वीर देखिए… गुरुवार रात करीब 3 बजे शार्ट सर्किट से लगी आग साकेत नगर निवासी अजीत अरोड़ा की घर से कुछ दूरी पर पीपीएम हॉस्पिटल के पीछे गत्ता फैक्ट्री है। गुरुवार तड़के करीब 3 बजे फैक्ट्री में शार्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग ने फैक्ट्री में रखे डिब्बों और गैस सिलेंडरों को कुछ ही देर में अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद फैक्ट्री में हुए एक के बाद एक कई धमाकों के बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। ऊंची-ऊंची लपटे देख आसपास के अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। कुछ ही पलों में आग की लपटों से फैक्ट्री की टीनशेड ढह गई। इलाकाई लोगों ने किदवई नगर पुलिस और फायर ब्रिगेड मिनी कंट्रोल रूम पर जानकारी दी। सूचना पर किदवई नगर फायर स्टेशन ऑफिसर कामता प्रसाद पांडेय मौके पर पहुंचे। आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सिलेंडरों में हो रहे धमाकों और गत्तों पर टीनशेड गिरने की वजह से आग पर काबू पाने में परेशानी हो रही थी। इसके बाद फजलगंज, लाटूश रोड, मीरपुर कैंट व जाजमऊ फायर स्टेशन से 9 गाड़ियां मौके पर बुलाई गईं। इसके बाद गत्ता फैक्ट्री की दीवार को तोड़कर 6 सिलेंडर फायर ब्रिगेड बाहर निकाले और आग बुझाने का काम शुरू किया। चार घंटे की मशक्कत के बाद फायर कर्मियों ने आग पर काबू पाया।
अलवर के थानागाजी में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लगने के बाद अचानक फटने से बड़ा हादसा हो गया। कच्चे घर की रसोई के अंदर और बाहर बैठे बंजारा परिवार के करीब 15 लोग झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और घायलों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। घटना टहला क्षेत्र के दाता खोहदरीबा में गुरुवार सुबह 10 बजे की है। लोगों की मदद से घायलों को टहला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से 6 घायलों को अलवर के लिए रैफर कर दिया गया, इनमें से दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, बाकि लोगों में कुछ दूसरे अस्पतालों में भर्ती है और कुछ लोगों को टहला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। घायलों में लाडा देवी(55) और राधेश्याम(40) करीब 70 फीसदी से ज्यादा झुलस गए हैं, जिनमें से राधेश्याम को अलवर के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इनके अलावा लाडा देवी समेत मंजू देवी(45) हेम सिंह(13), किल्टू(18), लक्ष्मी(13), आलोक(06) और अनूप(09) को अलवर जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सुबह खाना बनाते समय अचानक सिलेंडर फटा घायलों को टहला से अलवर लेकर पहुंचे पूर्व पार्षद रोहिताश घांघल ने बताया कि राधेश्याम बंजारा दाता खोहदरीबा निवासी है। उसके परिवार में गुरुवार सुबह करीब 10 बजे खाना बन रहा था। कच्चे घर की रसोई में कुछ लोग बैठे थे और कुछ लोग रसोई के बाहर खाना खाने की तैयारी में थे। आगे घांघल ने बताया कि तभी अचानक गैस सिलेंडर में तेजी से आग लगी और कुछ ही सेकेंड में फट गया। जिससे परिवार के करीब 15 लोग झुलस गए। जिनमें बच्चे और बड़े सभी शामिल हैं। खुद राधेश्याम और महिला लाडो देवी गंभीर हालत में हैं। जिनको अलवर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बीकानेर पुलिस ने जिले में सक्रिय अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। नयाशहर थाने के हिस्ट्रीशीटर विष्णु बांगड़ा और बाला भाट को डीएसटी और गजनेर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने दबोचा। दोनों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपए का इनाम घोषित था और पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई की मॉनिटरिंग एडीएसपी चक्रवर्ती सिंह राठौड़ ने की। कार्रवाई में डीएसटी प्रभारी विश्वजीत सिंह, गजनेर थानाधिकारी ओम प्रकाश सुथार, एएसआई दीपक यादव तथा हेड कांस्टेबल वासुदेव और श्रीराम की अहम भूमिका रही। फायरिंग और जानलेवा हमले के मामले में हुई गिरफ्तारी पुलिस के अनुसार दोनों बदमाशों की गिरफ्तारी गजनेर थाने में दर्ज एक गंभीर मामले में की गई है। एफआईआर के मुताबिक 9 फरवरी 2026 को शाम करीब पौने तीन बजे परिवादी रतीराम जाट अपने साथियों के साथ बोलेरो गाड़ी में जा रहा था। इसी दौरान चैनी फांटा के पास एक स्कॉर्पियो और अन्य गाड़ियों में सवार बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने गाड़ी पर हमला किया, लोहे की रॉड और लाठियों से मारपीट की तथा जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की। हमले में परिवादी पक्ष के लोगों को चोटें आईं। एफआईआर में बाला भाट, विष्णु बांगड़ा सहित अन्य आरोपियों के नाम शामिल हैं। हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी पुराने अपराधी हैं और इनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपी कई महीनों से फरार चल रहे थे। अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी बीकानेर पुलिस का कहना है कि जिले में फरार और इनामी बदमाशों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में भी दबिश दे रही है।
23 नए मंत्रियों ने ली शपथ, 59 साल बाद कांग्रेस की तमिलनाडु मंत्रिमंडल में वापसी
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय की कैबिनेट का विस्तार हो गया है, जिसमें 23 नए विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस नए मंत्रिमंडल में कांग्रेस के दो विधायक भी शामिल हैं, जो एक लंबे अंतराल के बाद राज्य सरकार का हिस्सा बने हैं।
देश के टॉप 100 डीएम में बालोद कलेक्टर:छत्तीसगढ़ में हासिल किया पहला स्थान, सफलता को बताया टीमवर्क
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने एक बार फिर बालोद जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट एजेंसी की ओर से देश के 800 जिलों में किए गए प्रतिष्ठित सर्वे में बालोद कलेक्टर को देश के 100 सर्वश्रेष्ठ जिला मजिस्ट्रेट्स (डीएम) की सूची में शामिल किया गया है। खास बात यह रही कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान भी हासिल किया। यह सम्मान उन्हें बेहतर प्रशासन, त्वरित निर्णय क्षमता, नवाचार, संकट प्रबंधन और आम जनता के प्रति संवेदनशील कार्यशैली जैसे 10 प्रमुख मानकों पर मिले जनमत के आधार पर प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि के बाद संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अधिकारी-कर्मचारियों ने कलेक्टर को बधाई दीं। इस दौरान चंद्रकांत कौशिक, नूतन कंवर, मधुहर्ष सहित एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को दिया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरी लगन, प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है। इसी टीमवर्क की बदौलत जिले को यह सम्मान प्राप्त हुआ है।
ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के बहाने एक महिला से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। महिला ने आरोप लगाया है कि उसी के मकान में किराए पर रहने वाले एक युवक ने उसे नौकरी का झांसा देकर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार पीड़ित महिला पिछले 10 साल से अपने पति से अलग रह रही है और उनका तलाक का मामला अदालत में चल रहा है। वह घरों में काम करके अपने बच्चों का पालन-पोषण करती है। करीब दो साल पहले महिला जिस मकान में किराए पर रहने आई थी, आरोपी अभिषेक नामक युवक भी वहीं रहता था। यहीं से दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। अच्छी फैक्ट्री में नौकरी दिलाने का वादा किया महिला ने बताया कि अभिषेक अक्सर उससे हमदर्दी भरी बातें करता था। जनवरी में जब महिला के बच्चे स्कूल गए हुए थे, अभिषेक उसके कमरे में आया। उसने महिला की अकेले बच्चों को पालने की स्थिति पर सहानुभूति जताते हुए एक अच्छी फैक्ट्री में नौकरी दिलवाने का वादा किया। इसी लालच का फायदा उठाकर उसने महिला के साथ पहली बार शारीरिक संबंध बनाए। बदनाम करने और जान से मारने की धमकी दी महिला का आरोप है कि युवक ने नौकरी का झांसा देकर दो से तीन बार उसके साथ दुष्कर्म किया। जब महिला ने इसका विरोध करना शुरू किया, तो आरोपी ने उसे समाज में बदनाम करने और जान से मारने की धमकी दी। इसके अतिरिक्त, युवक ने नौकरी दिलवाने के नाम पर महिला से कई बार पैसे भी लिए। जब महिला ने और पैसे देने से मना किया, तो उसने उसके बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने बुधवार को महिला की शिकायत पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी अभिषेक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मेरठ में भाजपा नेताओं ने बांटी मेलोडी:पीएम मोदी के लगाए नारे, कहा मेलोडी खाओ खुद जान जाओ
मेरठ में भाजपा नेताओं ने मेलोडी टॉफी बांटकर पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद दिया। भाजपाइयों ने एक दूसरे को मेलोडी टॉफी बांटते हुए कहा कि मेलोडी खाओ खुद जान जाओ। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी के नाम का नारा लगाया। हाल ही में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की पीएम मेलोनी को मेलोडी टॉफी का पैकेट उपहार में दिया था। इसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। इसके बाद भाजपाई एक दूसरे को मेलोडी बांट रहे हैं। मेरठ में बुढाना गेट पर भाटवाड़ा में भाजपा नेता दीपक शर्मा भाटवाड़ा ने अपने साथियों व आम जनता को मेलोडी टॉफी बांटी। दीपक शर्मा ने टॉफी बांटते हुए कहा कि मेलोडी खाओ खुद जान जाओ। इसके साथ ही सभी ने मिलकर पीएम मोदी का नारा लगाया। कहा कि हमारे देश के पीएम मोदी जिस तरह अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि मजबूत कर रहे हैं। अन्य देशों के साथ हमारे संबंध बढ़ा रहे हैं उसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर साफ नजर आ रहा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में आज हमारा देश आगे बढ़ रहा है।
शेखपुरा में शेखोपुर सराय थाना पुलिस ने जानलेवा हमले के एक मामले में महब्बतपुर गांव से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पुस्तम कुमार के रूप में हुई है, जो गांव के देवेंद्र सिंह का बेटा है। यह गिरफ्तारी गुरुवार को की गई। थानाध्यक्ष विवेक कुमार चौधरी ने बताया कि यह मामला 10 दिन पहले महब्बतपुर गांव में हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ा है। यह विवाद एक ईंट चिमनी भट्ठा की पार्टनरशिप में रुपयों के लेन-देन को लेकर उत्तम सिंह उर्फ मेघु सिंह और देवेंद्र सिंह के बीच शुरू हुआ था। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट विवाद ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया, जिसमें दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना में एक पक्ष से सत्यम कुमार, शिवम कुमार और मधु कुमार सहित अन्य लोग शामिल थे। दोनों पक्ष आपस में गोतिया परिवार के सदस्य हैं। घायल युवक शिवम की लिखित शिकायत पर स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें सात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस ने इसी मामले में कार्रवाई करते हुए मोहब्बतपुर गांव में छापेमारी कर पुस्तम कुमार को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के डर से अभियुक्त फरार थानाध्यक्ष चौधरी ने बताया कि इस मामले के अन्य अभियुक्त गिरफ्तारी के डर से फरार हो गए हैं। गिरफ्तार आरोपी को पुलिस निगरानी में शेखपुरा जेल भेज दिया गया है। छापेमारी का नेतृत्व एएसआई नागेंद्र कुमार ने किया था।
जल संसाधन विभाग कोटा के मुख्य अभियंता डीआर मीणा ने शाहाबाद और किशनगंज क्षेत्र में विभाग की ओर से संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने करई नदी पर प्रस्तावित कुंजेय और सेमरी बांध निर्माण स्थलों का जायजा लिया और अधिकारियों व संवेदकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य अभियंता ने निर्देश दिए कि बांध निर्माण कार्य शुरू करने से पहले नदी क्षेत्र का भू-वैज्ञानिक परीक्षण और विस्तृत सर्वे कराया जाए। उन्होंने निर्माण स्थल पर सभी आवश्यक मशीनरी और गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला स्थापित करने पर भी जोर दिया। मीणा ने कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया। '4 जोन में से 3 का काम लगभग पूरा हुआ'इसके बाद मुख्य मीणा ने किशनगंज क्षेत्र में चल रही हथियादह मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत पाइप नेटवर्क कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत कुल 4 जोन बनाए गए हैं, जिनमें से 3 जोन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। शेष कार्यों को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि आगामी रबी सीजन में किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता जितेंद्र शेखर, अधिशासी अभियंता राजेंद्र मीणा सहित संवेदक कंपनी के प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
भीलवाड़ा में एक व्यक्ति को ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर की गई साइबर ठगी के मामले में साइबर थाने ने कार्रवाई करते हुए पीड़ित को 31.50 लाख रुपए में से 20.85 लाख रुपए होल्ड कराकर खाते में रिफंड करा दिए। यह था मामला साइबर थाने के बाबूलाल ने बताया की सुभाषनगर निवासी भरत सिंह चुंडावत ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि अज्ञात ठगों ने ऑनलाइन निवेश और अधिक मुनाफे का झांसा देकर उनसे विभिन्न बैंक खातों में 31.50 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। बैंक के अधिकारियों से बात कर राशि फ्रिज करवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और विभिन्न बैंकों के नोडल अधिकारियों से कॉर्डिनेश कर ठगी गई राशि को ट्रैक किया। पुलिस ने 20.85 लाख रुपए फ्रिज कराकर कोर्ट से राशि रिफंड कराने के आदेश प्राप्त किए।इसके बाद पूरी राशि परिवादी के खाते में वापस जमा कराई गई। साइबर थाना पुलिस ने आमजन से सावधान रहने की अपील की है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का बूंदी दौरा आज:49 करोड़ के विकास कार्यों का करेंगे शिलान्यास
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरुवार को बून्दी के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे शहर में करीब 49 करोड़ रुपए की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। वे कई अन्य कार्यक्रमों में भी शिरकत करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बिरला शाम 4 बजे रणजीत निवास पहुंचेंगे। यहां वे अभिभाषक परिषद की नवगठित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद, शाम 5 बजे टाउन हॉल में एक मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष बून्दी शहर के 49 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे। इसी अवसर पर, ओम बिरला 'बून्दी विकास मंथन' कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इस मंथन में शहर के प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर प्रबुद्धजनों के साथ संवाद किया जाएगा और उनके महत्वपूर्ण सुझाव लिए जाएंगे।
करौली के सपोटरा क्षेत्र स्थित डाबरा गांव के क्षेत्रपाल धाम मंदिर परिसर में 24 दिन के अंदर दूसरी बार लेपर्ड का मूवमेंट देखा गया है। बुधवार देर रात लेपर्ड ने मंदिर परिसर में एक कुत्ते का शिकार किया, जिसकी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जानकारी के अनुसार, लेपर्ड देर रात मंदिर परिसर में पहुंचा और वहां घूम रहे कुत्ते पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। इससे पहले 27 अप्रैल को भी इसी मंदिर परिसर में लेपर्ड ने एक कुत्ते को अपना निशाना बनाया था। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में चिंतालगातार हो रहे लेपर्ड के मूवमेंट से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्रपाल धाम में सुबह 3 से 4 बजे के बीच श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाता है, जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल होते हैं। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने लेपर्ड को पकड़कर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ने की अपील की है। वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने, रात में अकेले बाहर नहीं निकलने और बच्चों पर विशेष निगरानी रखने का आग्रह किया है।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल निवासी कारोबारी के आत्महत्या मामले में रेवाड़ी जिले के खोल थाने में कारोबारी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से एक आरोपी ने आम आदमी पार्टी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा था। मृतक हरीश के बेटे आयुष चोटिया निवासी सीकर (राजस्थान) की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 व 3(5) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्रेशर में हो गया था घाटा शिकायत में बताया गया कि उसके पिता हरीश कुमार बालाजी मिनरल्स नामक क्रेशर व्यवसाय से जुड़े थे। व्यवसाय में घाटा होने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी। इसी दौरान साझेदारी और पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद बढ़ गया। इन लोगों पर लगे आरोप शिकायतकर्ता ने आम आदमी पार्टी से चुनाव लड़ चुके रविंद्र सिंह मटरू, हरपाल चौधरी, जैली सिंह सरपंच, परमीत सिंह, सांवरमल मीणा, अशोक मीणा समेत अन्य लोगों पर लगातार मानसिक प्रताड़ना, धमकियां और आर्थिक दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। भारी ब्याज पर लिया था कर्ज आरोप है कि मृतक हरीश ने कई लोगों से भारी ब्याज पर कर्ज लिया था और मूल राशि से कई गुना अधिक रकम लौटाने के बावजूद आरोपियों ने चेक, दस्तावेज और गिरवी रखे गए गहने वापस नहीं किए। शिकायत में यह भी कहा गया कि कुछ लोगों ने क्रेशर और ट्रांसपोर्ट कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर दबाव बनाया तथा धमकियां दीं। पुलिस को सौंपे सबूत परिजनों के अनुसार, मृतक ने आत्महत्या से पहले वीडियो और सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें कई लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया गया है। पुलिस को वीडियो रिकॉर्डिंग, कॉल रिकॉर्डिंग और सुसाइड नोट भी सौंपे गए हैं। 12 मई को खाया था जहर शिकायत के मुताबिक, 12 मई की शाम हरीश कुमार ने अपने परिचितों को मदद के लिए मैसेज और लोकेशन भेजी थी। बाद में वह अपनी कार में अचेत अवस्था में मिले। उन्हें पहले नारनौल के निजी अस्पताल ले जाया गया और फिर जयपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
भागलपुर में सड़क हादसे में युवक की मौत हुई है। ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां से बेहतर इलाज के लिए मायागंज अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक रसलपुर थाना क्षेत्र के चकराजू गांव निवासी विकास कुमार सिंह का बेटा बिक्की कुमार (18) है। बिक्की ने 8वीं तक ही पढ़ाई की थी, फिर मजदूरी करने लगा था। बताया जा रहा कि बिक्की फुआ के घर आमडंडा जा रहा था। घटना रसलपुर थाना 50 मीटर की दूरी पर हुई है। पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त किया मृतक के पिता विकाश कुमार सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगों ने फोन कर जानकारी दी थी कि उनका बेटा सड़क हादसे में घायल हो गया है। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे में बेटे के सीने में गंभीर चोट लगी थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर चालक को पकड़ लिया और वाहन को जब्त कर थाना पहुंचा दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
टोहाना शहर के रेलवे स्टेशन के पास स्थित ऑटो मार्केट में वीरवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। मृतक की नहीं हो पाई है। सूचना मिलने पर जाखल रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव को टोहाना के नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। जाखल रेलवे चौकी प्रभारी एएसआई सतीश कुमार ने बताया कि उन्हें सुबह नागरिक अस्पताल से एक व्यक्ति के शव मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और शव को नागरिक अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, मृतक की करीब 50 वर्ष और कद करीब 5 फुट 7 इंच है। उसने लोअर और टी-शर्ट पहन रखी थी। 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखवाया शव पुलिस ने बताया कि मृतक के शरीर पर चोट का कोई निशान नहीं मिला है। मौत के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पहचान न होने के कारण शव को 72 घंटे के लिए शवगृह में सुरक्षित रखवाया गया है। आसपास के सभी थानों में मृतक का हुलिया भेज दिया गया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के परिजन लापता हैं और उनका हुलिया मृतक से मेल खाता हो, तो वे टोहाना नागरिक अस्पताल या जाखल रेलवे पुलिस से संपर्क करें। मामले की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
वाराणसी में भीषण गर्मी और लू का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने इस वर्ष पहली बार शहर में लगातार दो दिनों के लिए लू का रेड अलर्ट जारी किया है। 22 और 23 मई को गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि रात में भी लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। पहले देखें तस्वीरें… वही, आज शहर का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर बना रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की रफ्तार 10-15 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक होने के कारण गर्मी का असर और बढ़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। सड़क-घाट पर पसरा सन्नाटा प्रचंड गर्मी का असर शहर की सड़कों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय प्रमुख मार्गों पर सन्नाटा पसरा रहा और वाहनों की आवाजाही कम रही। लोग धूप से बचने के लिए गमछा, टोपी और छाते का सहारा लेते नजर आए। वहीं शिकंजी, जूस और ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है। गंगा नदी में बच्चे सीख रहे तैनाकी गर्मी के बीच बच्चों में तैराकी सीखने का उत्साह भी देखने को मिल रहा है। देशभर में डूबने की घटनाओं के बीच वाराणसी में अभिभावक अपने बच्चों को तैराकी की ट्रेनिंग दिलाने के लिए आगे आ रहे हैं। गर्मियों की छुट्टियों में गायघाट पर प्रतिदिन तैराकी क्लास आयोजित की जा रही है, जहां बच्चे उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं। दुकानदारों की नहीं हो रही बिक्री वहीं भीषण गर्मी का असर पर्यटन और रोजगार पर भी पड़ रहा है। गंगा घाटों पर पर्यटकों की संख्या में कमी आई है, जिससे घाट किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदारों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिन के समय नाव संचालन भी लगभग बंद है, क्योंकि तेज धूप के चलते पर्यटक नाव से गंगा घाटों का भ्रमण नहीं कर रहे हैं। मई माह में जून जितनी बिजली की हो रही खपत इधर प्रचंड गर्मी के चलते बिजली खपत ने भी नया रिकॉर्ड बना दिया है। इस वर्ष 19 मई को ही बिजली की मांग 900 मेगावाट तक पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष 14 जून को 896 मेगावाट की खपत दर्ज हुई थी। बढ़ती मांग के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश बिजली उपकेंद्र ओवरलोडिंग की चपेट में आ गए हैं। प्रतिदिन 4 से 5 ट्रांसफॉर्मर फुंकने की घटनाएं सामने आ रही हैं। विभागीय अभियंताओं का अनुमान है कि जून और जुलाई में बिजली की मांग बढ़कर 1200 मेगावाट तक पहुंच सकती है।

