आंध्र प्रदेश के शहरी इलाकों से हटी आचार संहिता, ग्रामीण क्षेत्रों में अभी रहेगी लागू
अमरावती, 8 नवंबर . आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता हटाने का आदेश जारी किया है. राज्य निर्वाचन आयुक्त…
आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण ने एलके आडवाणी को दी 99वें जन्मदिन की बधाई
Cyclone Murasu: आंध्र प्रदेश में सीएम Naidu ने दिए तत्काल आर्थिक मदद के आदेश
अमरावती, आठ नवंबर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चक्रवात ‘मुरासु’ से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं। नायडू ने अपने शिविर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों से प्रभावित इलाकों में राहत, पुनर्वास और बहाली के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने बिजली के बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान और बिजली आपूर्ति बहाल करने के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। शनिवार देर रात जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, नायडू ने कहा, ‘‘सरकार आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कदम उठाएगी और चक्रवात ‘मुरासु’ से प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।’’अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बागवानी फसलों को हुए नुकसान का करीब 92 प्रतिशत आकलन पूरा हो चुका है, जबकि कृषि फसलों को हुए नुकसान का आकलन नौ नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। बिजली आपूर्ति की बहाली की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण बिजली के करीब 30,000 खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे और उससे प्रभावित सभी गांवों में अब बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। उन्होंने बताया कि चक्रवात ‘मुरासु’ से प्रभावित 1,825 गांव में बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम जारी है और अब तक 7,850 क्षतिग्रस्त खंभों की मरम्मत की जा चुकी है। नागरिक आपूर्ति विभाग ने मुख्यमंत्री को बताया कि चक्रवात राहत अभियान के तहत 3.8 लाख परिवारों को आवश्यक वस्तुएं वितरित की गई हैं। नायडू ने प्याज, चावल, पाम तेल, गेहूं के आटे और अरहर की दाल की कीमतें नियंत्रित करने के उपायों तथा राशन की दुकानों के माध्यम से इन वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि 8,000 क्विंटल प्याज खरीदा गया है और इसे ‘रायथु बाजारों’ (किसान बाजारों) में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है। उन्होंने बताया कि व्यापारियों ने चावल की विभिन्न किस्मों को 47 रुपये से 82 रुपये प्रति किलोग्राम की निर्धारित कीमतों पर बेचने पर सहमति जताई है। अधिकारियों के अनुसार, सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में 204 व्यापारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि खुले बाजार में 70 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकने वाला ‘धरणी’ ब्रांड का चावल रायथु बाजारों में 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है, जबकि बीपीटी किस्म का चावल 49 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध है। अधिकारियों ने बताया कि 150 बिक्री केंद्र के माध्यम से कुल 27,430 क्विंटल चावल बेचा गया है, जिससे 1.03 लाख परिवारों को लाभ हुआ है। उन्होंने बताया कि राशन की दुकानों के माध्यम से पाम तेल 125 रुपये प्रति लीटर, अरहर की दाल 100 रुपये प्रति किलोग्राम और गेहूं का आटा 25 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
चक्रवात मुरासु: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र से तत्काल सहायता मांगी
अमरावती, 6 नवंबर . आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन चंद्रबाबू नायडू ने Friday को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा. इसमें उन्होंने चक्रवात ‘मुरासु’…
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने चक्रवात प्रभावित गुंटूर और बापटला जिलों का दौरा किया
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने चक्रवात प्रभावित गुंटूर और बापटला जिलों का दौरा किया
आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरासू' से भारी तबाही, 8 लोगों की मौत; 20000000000 रुपये का नुकसान
आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरासू' से लगभग 1,919 करोड़ रुपये का प्रारंभिक नुकसान हुआ है, जिससे 1.4 लाख हेक्टेयर से अधिक फसलें और 983 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
Cyclone Murasu से आंध्र प्रदेश में 1919 करोड़ रुपये का नुकसान, CM Naidu ने दिए राहत के निर्देश
अमरावती, छह नवंबर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण 1,919 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री नायडू ने बृहस्पतिवार देर रात अधिकारियों के साथ चक्रवात के बाद की स्थिति की समीक्षा की और उन्हें राहत व बहाली के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्बाध बिजली और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करने पर जोर दिया। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि लगातार आए दो चक्रवातों ‘अर्नब’ और ‘मुरासु’ के बाद किसानों तथा निवासियों को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े। बृहस्पतिवार देर रात जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में नायडू के हवाले से कहा गया, ‘‘हम चक्रवात ‘मुरासु’ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए बापटला और गुंटूर जिलों के चक्रवात प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। प्रारंभिक तौर पर राज्य को लगभग 1,918.5 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है।’’अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात से संबंधित घटनाओं में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, 1.4 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें बर्बाद हुई हैं, जिससे 1.8 लाख से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। वहीं 6,749 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती को नुकसान पहुंचा है, जिससे 12,586 किसान प्रभावित हुए हैं। चक्रवात के कारण 983 मकान, 346 नौकाएं और 220 मछली पकड़ने के जाल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद फसल के नुकसान का सटीक आकलन करने में 48 से 72 घंटे का समय और लगेगा। आंध्र प्रदेश मध्य बिजली वितरण कंपनी के प्रभावित 11-केवी के 1,103 फीडर में से 871 को बहाल कर दिया गया है, जबकि क्षतिग्रस्त हुए बिजली के 3,946 खंभों में से 1,493 की मरम्मत कर दी गई है। सड़क एवं भवन विभाग ने प्रमुख जिला सड़कों और राज्य राजमार्गों की 760 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त होने की सूचना दी है, जबकि सभी 206 चिह्नित स्थानों पर गिरे हुए पेड़ों को हटा दिया गया है। पंचायत राज विभाग ने 204 किलोमीटर में 74 ग्रामीण सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना दी है, जिसकी मरम्मत पर 92 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बृहस्पतिवार तक राज्य के 31,428 टेलीकॉम टावर में से 30,518 चालू थे, जिससे 97 प्रतिशत सेवाएं बहाल हो गई हैं। बापटला, प्रकाशम और पश्चिम गोदावरी जिलों में कुछ स्थानों पर बहाली का काम लंबित है।
आंध्र प्रदेश में चक्रवात मुरासु का असर कमजोर, बारिश से मिली राहत
आंध्र प्रदेश में चक्रवात मुरासु का असर कमजोर, बारिश से मिली राहत
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों का किया हवाई सर्वेक्षण
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों का किया हवाई सर्वेक्षण
दीपोत्सव-2026 में इस बार रामनगरी की सड़कों और सांस्कृतिक मंचों पर देश की विविध लोक परंपराओं के रंग देखने को मिलेंगे। आयोजन में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोक कलाकार अपने पारंपरिक नृत्यों और लोक विधाओं की प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही अन्य प्रदेशों के कलाकार भी अपनी क्षेत्रीय लोककला के माध्यम से दीपोत्सव की सांस्कृतिक भव्यता बढ़ाएंगे। लोकनृत्यों की यह विविधता अयोध्या में देश की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगी। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, प्रदेश के लोक कलाकार दलों में मथुरा का मयूर और बम रसिया नृत्य, प्रयागराज का ढेढ़िया नृत्य, बांदा का पाई डंडा, सोनभद्र का मांदल-सिंघा और करमा नृत्य प्रमुख आकर्षण होंगे। गाजीपुर का धोबिया, गोरखपुर का वनटांगिया, पीलीभीत का थारू, झांसी का राई नृत्य होगा आकर्षण का केंद्र उन्होंने बताया अयोध्या के कलाकार बधावा, फरुवाही तथा डमरू एवं शंख नृत्य की प्रस्तुति देंगे। वहीं गाजीपुर का धोबिया, गोरखपुर का वनटांगिया, पीलीभीत का थारू, झांसी का राई, सुलतानपुर का नटवरी और बहराइच का डोमकच नृत्य भी अपनी लोक परंपरा की झलक दिखाएगा। रणप्पा चढैय्या और शंख वादन की प्रस्तुति देंगे दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों की लोक विधाओं को भी स्थान दिया गया है। पश्चिम बंगाल के कलाकार श्री खोल, ओड़िशा के कलाकार मास्क डांस, शाही जात्रा, रणप्पा चढैय्या और शंख वादन की प्रस्तुति देंगे। झारखंड का पुरुलिया छऊ, मध्य प्रदेश का गुदुम बाजा, कर्नाटक का ढोलु कुनीथा और गुजरात का तलवार रास भी दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। चेन्नई की कावड़ी, कड़गम और मयूर नृत्य तथा आंध्र प्रदेश का बोनालू भी इसके अलावा राजस्थान का घूमर-चरी, बिहार की झिझिया, चेन्नई की कावड़ी, कड़गम और मयूर नृत्य तथा आंध्र प्रदेश का बोनालू भी दीपोत्सव की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का हिस्सा होंगे। अलग-अलग राज्यों की इन लोक विधाओं के जरिए दर्शकों को देश की विविध लोक परंपराओं, वेशभूषा, संगीत और नृत्य शैलियों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। सोनभद्र का मांदल एवं सिंघा नृत्य और अयोध्या का बधावा नृत्य शामिल रहेगा दीपोत्सव की शोभायात्रा में भी लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से उत्सव को जीवंत बनाएंगे। इसमें प्रयागराज का ढेढ़िया नृत्य, मथुरा का मयूर नृत्य, बांदा का पाई डंडा, सोनभद्र का मांदल एवं सिंघा नृत्य और अयोध्या का बधावा नृत्य शामिल रहेगा। इ सके साथ ही आजमगढ़ के कलाकार धोबिया नृत्य और प्रयागराज के कलाकार कबीरी गायन प्रस्तुत करेंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से शोभायात्रा में प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। मयूर, करमा, राई, धोबिया, थारू और छऊ जैसी लोक विधाएं दीपोत्सव में लोक कलाकारों की भागीदारी का उद्देश्य पारंपरिक कला रूपों को मंच देना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है। मयूर, करमा, राई, धोबिया, थारू और छऊ जैसी लोक विधाएं अपने क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हैं। ऐसे आयोजनों से कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, वहीं अलग-अलग क्षेत्रों की लोक परंपराएं व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचती हैं। लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक कलाओं की छटा भी रामनगरी को खास पहचान देगी अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि, दीपोत्सव-2026 में दीपों की रोशनी के साथ लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक कलाओं की छटा भी रामनगरी को खास पहचान देगी। उन्होंने बताया उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और देश के अनेक राज्यों से आने वाले कलाकार अयोध्या को सांस्कृतिक संगम का स्वरूप देंगे। लोक प्रस्तुतियों के जरिए दीपोत्सव भारतीय संस्कृति की विविधता, परंपरा और आपसी एकता का संदेश भी प्रसारित करेगा।
भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' आंध्र प्रदेश के तट से टकराया, जहां 110 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई। इसके प्रभाव से कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है, उड़ानें रद्द हुईं और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गईं।
आंध्र प्रदेश के निकाय चुनावों में हैरान कर रही हिंसा
आंध्र प्रदेश में शहरी नुक्कड़ों और गांवों के चौराहों पर इन दिनों एक जंग-सी छिड़ी हुई है। ऐसे नजारे वहां पहले कभी नहीं देखे गए। वहां स्थानीय निकायों (शहरी और ग्रामीण पंचायत) के चुनाव होने वाले हैं और इनमें अपना दबदबा कायम करने के लिए…
आंध्र प्रदेश लॉसेट 2026: आज से दूसरे चरण के रजिस्ट्रेशन शुरू, ऐसे करें आवेदन; जानें पूरा प्रोसेस
आंध्र प्रदेश लॉसेट और पीजीएलसेट 2026 की दूसरे चरण की काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। उम्मीदवार 28 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रमाणपत्रों की जांच 29 अक्तूबर तक होगी।
हरियाणा पुलिस में DSP से लेकर आंध्र प्रदेश में ASP अफसर तक, Gen Z आईपीएस जया शर्मा की सफलता की कहानी
हरियाणा पुलिस में डीएसपी के पद पर कार्यरत रहीं जया शर्मा ने कड़ी मेहनत से यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बनने का सपना पूरा किया। वे वर्तमान में आंध्र प्रदेश के कर्नूल में आडोनी की एएसपी हैं।
आंध्र प्रदेश की इस जगह पर जोरो-शोरो पर चल रही है Pushpa 2 की शूटिंग,रश्मिका मंदाना ने साझा की तस्वीर

