आईडीसीए विमेंस टी10 नेशनल क्रिकेट चैंपियनशिप: दिल्ली को 5 रन से हराकर आंध्र प्रदेश ने जीता खिताब
7वीं आईडीसीए विमेंस टी10 नेशनल क्रिकेट चैंपियनशिप (बधिरों के लिए) 2026 के खिताबी मुकाबले में दिल्ली को शिकस्त देकर आंध्र प्रदेश ने खिताब अपने नाम किया। फाइनल मैच में, आंध्र प्रदेश की महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवरों में 4 विकेट खोकर 73 रन बनाए। दिल्ली की महिला टीम ने कड़ा मुकाबला किया, लेकिन वे 5 रनों से पीछे रह गईं और 10 ओवरों में 4 विकेट खोकर 68 रन ही बना सकी। इंडियन डेफ क्रिकेट एसोसिएशन (आईडीसी), जिसे बीसीसीआई का समर्थन प्राप्त है और जिसे डेफ इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल और एशियन डेफ क्रिकेट एसोसिएशन से मान्यता मिली हुई है, इस चैंपियनशिप का आयोजन कर रहा है। आंध्र प्रदेश की डी. कंथम्मा इस टूर्नामेंट की सबसे बेहतरीन खिलाड़ी रहीं और उन्होंने कई अवॉर्ड जीते। उन्होंने फाइनल में 'विमन ऑफ द मैच' के साथ 'सीरीज की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज' का खिताब भी अपने नाम किया। इसके अलावा उन्हें 'सीरीज की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी' भी घोषित किया गया। उत्तर प्रदेश की प्रिया दीक्षित को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए 'सीरीज की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज' के तौर पर सम्मानित किया गया। इंडियन डेफ क्रिकेट एसोसिएशन (आईडीसी), जिसे बीसीसीआई का समर्थन प्राप्त है और जिसे डेफ इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल और एशियन डेफ क्रिकेट एसोसिएशन से मान्यता मिली हुई है, इस चैंपियनशिप का आयोजन कर रहा है। Also Read: LIVE Cricket Score चैंपियनशिप के सफल समापन पर बात करते हुए आईडीसीए अध्यक्ष सुमित जैन ने कहा, पिछले पांच दिनों में, हमने अपने अद्भुत बधिर एथलीट्स की ओर से प्रदर्शित असाधारण प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और सच्ची खेल भावना को देखा है। आज हमने यहां आंध्र प्रदेश और दिल्ली, दोनों टीमों द्वारा वास्तव में सराहनीय प्रदर्शन देखा, जिन्होंने अपना सब कुछ झोंक दिया। मैं इस अवसर पर हमारे मुख्य अतिथि और पूर्व भारतीय क्रिकेटर, गुरशरण सिंह को धन्यवाद देना चाहूंगा। मैं एचडीसीए के अध्यक्ष धीरज कुमार को भी धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने इस इवेंट के लिए इतनी शानदार मेजबानी की। इस इवेंट में आपकी मौजूदगी से हमें और ज्यादा खिलाड़ियों को, खासकर महिला खिलाड़ियों को, क्रिकेट को करियर के तौर पर अपनाने के लिए प्रेरित करने में मदद मिलेगी। मैं साइरस पूनावाला को भी उनके हौसला-अफजाई के लिए खास धन्यवाद देना चाहूंगा। आईडीसीए महिलाओं की सातवीं टी10 नेशनल क्रिकेट चैंपियनशिप (बधिरों के लिए) उनकी लगातार मदद और समावेशी खेलों को बढ़ावा देने की उनकी प्रतिबद्धता की वजह से ही इतनी बड़ी कामयाबी बन पाई है। Article Source: IANS
आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम में बस में आग लगने से 14 यात्री जिंदा जले
मार्कपुरम। आंध्रप्रदेश में मार्कपुरम जिले के रायवरम गांव में गुरुवार को भीषण सड़क हादसे में एक यात्री बस में आग लग जाने से 14 यात्री जिंदा जल गए। पुलिस ने बताया कि एक निजी बस आज तड़के तेलंगाना के जगतियाल से पामुरु जा रही थी तभी राष्ट्रीय राजमार्ग पर यह बस ट्रक से टकरा गई। […] The post आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम में बस में आग लगने से 14 यात्री जिंदा जले appeared first on Sabguru News .
आंध्र प्रदेश में भीषण बस हादसा, 14 की मौत, कई घायल
आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले में एक निजी ट्रैवल बस की टिपर ट्रक से टक्कर हो गई, जिसके बाद उसमें आग लग गई
केला उत्पादन करने वाले किसानों की दुर्दशा के खिलाफ आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला रेड्डी बुधवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। वह केले से भरा एक ट्रक लेकर कडप्पा जिले के कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं
डालसा की पहल पर भटका मजदूर आंध्र प्रदेश के अंगुल से घर लाया गया
भास्कर न्यूज | चाईबासा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा मोहम्मद शाकिर एवं सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में मंगलवार को झींकपानी प्रखंड के जोड़ापोखर पंचायत निवासी विक्रम मुंडा की सकुशल घर वापसी हुई। ज्ञात हो कि अपने परिचित के साथ रोजगार के लिए गुजरात गए झीकपानी प्रखंड के विक्रम मुंडा दो दिन काम करने के बाद ही घर लौटने के क्रम में रास्ता भटक गया था। पांच दिन पैदल चलकर वह आंध्र प्रदेश के अंगुल पहुंच गया। इस दौरान उन्होंने पैदल कई किलोमीटर की यात्रा पैदल ही तय की। भाषा की परेशानी के बावजूद उसने किसी से सहायता लेकर अपने घर फोन कर परिजनों को अपनी स्थिति से अवगत कराया। परिजनों ने सारी जानकारी तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय को दी और आवेदन के माध्यम से सहायता की मांग की। प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने तत्काल पुलिस अधीक्षक को सूचना दी। 17 मार्च को वह दक्षिण भारत के अंगुल रेलवे स्टेशन पहुंचा, वहां उसके होने की सूचना पर आरपीएफ इंस्पेक्टर राकेश मोहन ने रेलवे स्टेशन के अधीक्षक से संपर्क किया और गांव की ही एक महिला सुशांति मुंडा को वहां भेजा गया। आवश्यक कागजी कार्रवाई करते हुए विक्रम मुंडा को घर वापस पहुंचाया गया।
आंध्र प्रदेश में मिलावटी और जहरीले दूध से बच्चों की मौत की घटना के बाद इंदौर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। सोमवार को कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर की विभिन्न दूध डेयरियों पर जांच अभियान चलाते हुए छापामार कार्रवाई की। अभियान के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित डेयरियों से दूध और पनीर सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के सैंपल लिए गए। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित संचालकों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सोमवार दोपहर बताया कि जिले में दूध डेयरी और दुग्ध उत्पादकों के खिलाफ लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। खाद्य विभाग की टीम ने डेयरियों में स्वच्छता, भंडारण व्यवस्था और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि बाजार में शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
आंध्र प्रदेश की इस जगह पर जोरो-शोरो पर चल रही है Pushpa 2 की शूटिंग,रश्मिका मंदाना ने साझा की तस्वीर

