Andhra Pradesh Urban Body Polls: बूथ कब्जे के आरोपों के बाद 12 केंद्रों पर Repolling शुरू
अमरावती, दो नवंबर आंध्र प्रदेश में एक नवंबर को हुए चुनाव के दौरान बूथ पर कथित कब्जे की रिपोर्ट के बाद सोमवार को छह शहरी स्थानीय निकायों के 12 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान शुरू हुआ। राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने यह जानकारी दी। आयोग के अनुसार, पुनर्मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक जारी रहेगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने रविवार देर रात अलग-अलग आदेश जारी करके प्रभावित मतदान केंद्रों पर हुए मतदान को निरस्त घोषित किया और दो नवंबर को नए सिरे से मतदान कराने का निर्देश दिया। वाईएसआर कडप्पा जिले में तीन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान हो रहा है। इनमें जम्मलमडुगु नगरपालिका के वार्ड संख्या तीन, 17 और 29 के मतदान केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा कडप्पा नगर निगम के वार्ड संख्या 15 के एक मतदान केंद्र पर भी दोबारा मतदान कराया जा रहा है। पुलिवेंदुला नगरपालिका के वार्ड संख्या एक, तीन, सात और आठ के चार मतदान केंद्रों पर भी नए सिरे से मतदान हो रहा है। जिला प्रशासन और जिला निर्वाचन प्राधिकार की ओर से मिली रिपोर्ट के बाद ये आदेश जारी किए गए। रिपोर्ट में कहा गया था कि संबंधित मतदान केंद्रों पर बूथ पर कब्जा किया गया और मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई, जिससे मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से वंचित रह गए। पलनाडु जिले की माचेरला नगरपालिका के वार्ड संख्या 23 के दो मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया गया है। वहीं, अनंतपुर जिले में अनंतपुरमू नगर निगम के वार्ड संख्या 30 के एक मतदान केंद्र पर नए सिरे से मतदान हो रहा है। इसी तरह प्रकाशम जिले की चिमाकुर्ती नगरपालिका के वार्ड संख्या 14 के एक मतदान केंद्र पर भी पुनर्मतदान जारी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित जिलाधिकारियों और नगरपालिका निर्वाचन अधिकारियों को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को लिखित रूप से इसकी सूचना देने का निर्देश दिया था। साथ ही संबंधित क्षेत्रों में पुनर्मतदान की व्यवस्था के बारे में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा था। पुनर्मतदान में हिस्सा लेने वाले मतदाताओं के बाएं हाथ की मध्यमा उंगली पर अमिट स्याही लगाई जा रही है। आंध्र प्रदेश के 100 शहरी स्थानीय निकायों में रविवार को मतदान हुआ था। इस दौरान 60.3 प्रतिशत मतदान का अस्थायी आंकड़ा दर्ज किया गया। राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा था कि कुछ स्थानों से छिटपुट घटनाओं को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण रहा।
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Andhra Pradesh के 100 शहरी निकायों में मतदान शांतिपूर्ण, SEC ने शिकायतों पर दिए जांच के आदेश
अमरावती, एक नवंबर आंध्र प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) अनिल चंद्र पुनेठा ने रविवार को कहा कि राज्य के 100 शहरी स्थानीय निकायों के लिए मतदान ज्यादातर इलाकों में शांतिपूर्ण रहा, हालांकि कुछ जगहों से छिटपुट शिकायतें मिली हैं। पुनेठा ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों से प्राप्त शिकायतों और अभ्यावेदनों की जांच की जा रही थी और जिलाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों तथा चुनाव पर्यवेक्षकों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुनेठा ने बताया कि आंध्र प्रदेश के 100 शहरी स्थानीय निकायों के लिए मतदान ज्यादातर इलाकों में शांतिपूर्ण रहा, हालांकि कुछ जगहों से छिट-पुट शिकायतें मिली हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि उन्होंने कडपा, पलनाडु, अनंतपुर, कुरनूल, नेल्लोर और तिरुपति सहित 12 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ मतदान प्रक्रिया और सामने आई घटनाओं की समीक्षा की। पुनेठा के मुताबिक, जिलाधिकारियों ने उन्हें बताया कि ज्यादातर इलाकों में मतदान शांतिपूर्ण रहा, जबकि कुछ जिलों से छोटी-मोटी शिकायतें मिली हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि विजयवाड़ा के वार्ड 55 में तकनीकी और अन्य कारणों से मतदान शुरू होने में देरी हुई, जिसके बाद मतदान का समय ढाई घंटे बढ़ाकर शाम पांच बजे से शाम 7.30 बजे तक कर दिया गया। उन्होंने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया, ताकि मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के अवसर से वंचित न रह जाएं। पुनेठा ने कहा कि पलनाडू और अनंतपुर से सामने आई घटनाओं की जांच, पीठासीन अधिकारियों से रिपोर्ट मिलने और अन्य सबूतों की समीक्षा करने के बाद की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर शिकायतें सही पाई गईं, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार अपराह्न तीन बजे तक 48.03 प्रतिशत मतदान हुआ था। उसके मुताबिक, मतदान केंद्रों से पूरी जानकारी मिलने के बाद, सोमवार को अंतिम मतदान प्रतिशत की घोषणा की जाएगी। इस बीच, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि राज्य में 92 शहरी स्थानीय निकायों -जिनमें 13 नगर निगम और 79 नगरपालिकाएं व नगर पंचायतें शामिल हैं- के लिए मतदान कुछ छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शीर्ष पुलिस अधिकारी के मुताबिक कडपा, कुरनूल और अनंतपुर सहित 20 जिलों से चुनाव से जुड़ी 41 घटनाओं की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे प्रत्येक घटना की जांच करें, जिम्मेदार लोगों की पहचान करें और उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करें। गुप्ता के मुताबिक, संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जबकि मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए वीडियोग्राफी, ड्रोन, शरीर पर पहने जाने वाले कैमरों और अन्य निगरानी प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया। गुप्ता ने बताया कि पुलिस सुरक्षा के घेरे में मतपेटियों को तय स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, और मतगणना शुरू होने तक यह सुरक्षा व्यवस्था कायम रहेगी। पुलिस महानिदेशक ने चेतावनी दी थी कि जो लोग मतदान में बाधा डालने या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चुनावों के दौरान पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों द्वारा किए गए काम की सराहना भी की।
आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा Cyclone Murasu, 3 नवंबर को तट से टकराने की आशंका
आंध्र प्रदेश में एक बार फिर चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य हिस्से में बना गहरा दबाव चक्रवाती तूफान 'मुरासु' में बदल गया है। इसके 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। कुछ दिन पहले ही आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'अरनब' ने भारी तबाही मचाई थी। अब नए तूफान को लेकर तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है तूफान आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि चक्रवाती तूफान 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। उन्होंने कहा कि इस दौरान 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इसे भी पढ़ें: एकतरफा प्यार में पागल था आरोपी चाचा, Andhra Pradesh Horror में कई चौकाने वाले खुलासे, दादा ने की ये मांग क्या है 'मुरासु' नाम का मतलब? इस तूफान का नाम 'मुरासु' रखा गया है। तमिल भाषा में मुरासु का मतलब 'ढोल' होता है। इस नाम का सुझाव भारत ने दिया था। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी इस तूफान के और तेज होने की थोड़ी संभावना भी है। हालांकि, फिलहाल इसके चक्रवाती तूफान बने रहने का अनुमान है। इसे भी पढ़ें: Amit Shah का Rahul Gandhi पर हमला, 1984 के दंगों और दिल्ली रैली को लेकर कांग्रेस को घेरा नवंबर में कम बारिश और ज्यादा गर्मी की संभावना आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नवंबर में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। वहीं, इस महीने तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि अक्टूबर 2026 में देश का औसत अधिकतम तापमान 1901 के बाद से सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। महापात्र ने कहा, फिलहाल हमें उम्मीद है कि यह चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। इसके बनने के बाद इसका नाम मुरासु होगा। इसके गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की थोड़ी संभावना है, लेकिन फिलहाल हमारा अनुमान है कि यह चक्रवाती तूफान होगा और 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा।
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बंगाल की खाड़ी में गहराया अवदाब, Andhra Pradesh तट पर 3 नवंबर को दस्तक दे सकता है Cyclone
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र तीव्र होकर अवदाब के क्षेत्र में बदल गया है और इसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। यह तूफान तीन नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में दस्तक दी थी। उस समय तट पर पहुंचने के दौरान हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा थी। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, “संभावित चक्रवाती तूफान में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। इस दौरान हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। यह मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है।”आईएमडी ने अपराह्न तीन बजे जारी बुलेटिन में कहा कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा अंडमान सागर के ऊपर बना अवदाब का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा और 31 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजकर 30 मिनट पर उसी क्षेत्र में दबाव में बदल गया। बुलेटिन के अनुसार, इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की बहुत अधिक आशंका है। इसमें कहा गया है कि इसके बाद के 12 घंटों के दौरान यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और तीव्र होकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। बुलेटिन में बताया गया कि इसके दो नवंबर की शाम तक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों से होते हुए आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंचने की संभावना है। अवदाब का क्षेत्र ऐसी मौसमी स्थिति है, जो निम्न दबाव के क्षेत्र से अधिक तीव्र होती है, लेकिन चक्रवाती तूफान से कम प्रभावशाली होती है। भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा, “हम इस प्रणाली की प्रगति पर नजर रख रहे हैं और इसके आगे बढ़ने के साथ ही नयी जानकारी जारी करेंगे।”आईएमडी ने ओडिशा के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है।
2 November की शाम तक Andhra Pradesh तट पहुंचेगा नया Cyclone, IMD ने किया आगाह
बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक बार फिर चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि अंडमान सागर के ऊपर बना एक मौसमी सिस्टम लगातार ताकतवर होता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह सिस्टम अगले 6 घंटों के भीतर एक 'डिप्रेशन' (कम दबाव का क्षेत्र) में बदल सकता है और अगले 24 घंटों में एक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। मौसम संबंधी ताजा जानकारी के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब और अधिक स्पष्ट और मजबूत हो गया है। यह फिलहाल दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा अंडमान सागर के आसपास के इलाकों के ऊपर स्थित है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है और 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच सकता है। इसे भी पढ़ें: SEBI का ध्यान पूंजी बाजार को सुगम बनाने और Investors की सुरक्षा पर: Tuhin Kanta Pandey बंगाल की खाड़ी का यह सिस्टम 6 घंटे में 'डिप्रेशन' (कम दबाव के क्षेत्र) में बदल सकता है IMD के अनुसार, 30 अक्टूबर को दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ऊपर कम दबाव का एक क्षेत्र बना था। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। 31 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक, यह दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास के इलाकों में एक 'वेल-मार्क्ड' (स्पष्ट रूप से चिह्नित) कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया था। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले 6 घंटों के भीतर यह सिस्टम इसी इलाके में एक 'डिप्रेशन' (गहरा कम दबाव का क्षेत्र) में बदल सकता है। इससे पता चलता है कि समुद्र के ऊपर बन रहा यह मौसमी सिस्टम लगातार अधिक व्यवस्थित और शक्तिशाली होता जा रहा है। इसे भी पढ़ें: SEBI पूंजी बाजारों को सुगम बनाने में जुटा, Tuhin Kanta Pandey बोले निवेशकों की सुरक्षा प्राथमिकता अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान बनने की संभावना IMD ने यह भी बताया है कि 'डिप्रेशन' में बदलने के बाद, अगले 24 घंटों के भीतर यह सिस्टम एक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। जैसे-जैसे यह सिस्टम मजबूत होगा, इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ने की उम्मीद है। अपने संभावित रास्ते पर आगे बढ़ते हुए, यह दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ सकता है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, यह संभावित चक्रवाती तूफान 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है।
Kotia सीमा पर Andhra Pradesh के पंचायत चुनाव का Odisha के सभी दल करेंगे विरोध
ओडिशा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सभी विपक्षी दलों ने विवादित कोटिया क्षेत्र में पंचायत चुनाव कराने के आंध्र प्रदेश सरकार के कदम का सामूहिक विरोध करने का फैसला किया है। नेताओं ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा पर पूर्वी घाट की खूबसूरत पहाड़ियों में बसे कोटिया क्षेत्र के गांवों को लेकर दशकों पुराना क्षेत्रीय विवाद अक्सर चुनावों के दौरान सामने आता है। दोनों राज्य इस क्षेत्र पर अपना अधिकार जताते हैं और यह मामला फिलहाल उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। इन गांवों के लोगों को दोहरी मतदान की सुविधा प्राप्त है, जिसके तहत वे दोनों राज्यों में मतदान कर सकते हैं। यह विवादित क्षेत्र ओडिशा के कोरापुट जिले के अंतर्गत आता है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग निषेधाज्ञा का उल्लंघन करेंगे या ग्रामीणों को मतदान में भाग लेने के लिए उकसाएंगे, उनके खिलाफ गिरफ्तारी सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आंध्र प्रदेश के इस कदम का संयुक्त रूप से विरोध करने का फैसला बृहस्पतिवार को हुई सर्वदलीय बैठक में लिया गया। इस बैठक में सभी प्रमुख दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। इसकी अध्यक्षता कोरापुट के जिलाधिकारी मनोज सत्यवान महाजन ने की। बैठक में सभी ने ओडिशा के क्षेत्रीय हितों की रक्षा करने पर सर्वसम्मति से सहमति जताई। जयपुर से कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद बहिनीपति ने कहा कि कोटिया की क्षेत्रीय स्थिति को लेकर ‘‘कोई समझौता नहीं’’ किया जाएगा। कोरापुट से बीजू जनता दल (बीजद) के पूर्व सांसद झीना हिकाका ने कहा कि विभिन्न दलों के नेता संयुक्त रूप से विवादित गांवों का दौरा करेंगे और जरूरत पड़ने पर वहां डेरा डालेंगे, ताकि आंध्र प्रदेश को चुनाव कराने से रोका जा सके। भाजपा विधायक रघुराम माछा ने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है और उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा। जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘क्षेत्र में अनधिकृत गतिविधियों को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा एक नवंबर से लागू होगी।’’चुनाव से पहले लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए संवेदनशील सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और रणनीतिक स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन लोगों का विश्वास मजबूत करने के लिए विकास संबंधी पहलों पर भी ध्यान दे रहा है और ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान कर रहा है।
Cyclone Arnab से Andhra Pradesh में बिजली ढांचे को 500 करोड़ का नुकसान
आंध्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री गोट्टीपति रवि कुमार ने बृहस्पतिवार को पश्चिम गोदावरी जिले में कहा कि चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण राज्य के बिजली ढांचे को 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पश्चिम गोदावरी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक रहा, जहां बिजली के 3,700 खंभे उखड़ गए। कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, चक्रवात के कारण राज्य के बिजली ढांचे को प्राथमिक अनुमान के मुताबिक लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। विस्तृत मूल्यांकन के बाद नुकसान की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति की बहाली के काम में करीब 1,700 कर्मचारी लगे हुए हैं, जबकि राज्य की तीनों बिजली वितरण कंपनियों से 500 अतिरिक्त कर्मचारियों को भी काम पर लगाया जा रहा है।
Ram Charan ने अपने 39वें जन्मदिन पर पत्नी उपासना के साथ किए Tirupati Temple के दर्शन | Watch Video
राम चरण को पत्नी और बेटी के साथ तिरूपति मंदिर में देखा गया। अपने 39वें जन्मदिन के अवसर पर, सुपरस्टार राम चरण ने प्रतिष्ठित तिरुपति मंदिर का दौरा किया और अपनी पत्नी उपासना कामिनेनी और बेटी क्लिन कारा के साथ पूजा की। बुधवार सुबह वह मंदिर में दर्शन करने गए थे। इसे भी पढ़ें: Johnny Depp कैप्टन Jack Sparrow के रूप में वापसी करेंगे? Pirates of the Caribbean के निर्माता ने किया खुलासा मंदिर में उनके दर्शन की कई तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें उन्हें वेष्टी और शर्ट पहने देखा जा सकता है, जबकि उपासना ने रानी गुलाबी साड़ी चुनी है। समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में अभिनेता और उनकी पत्नी और बच्चे को कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर से बाहर आते देखा जा सकता है। काम के मोर्चे पर राम चरण गेम चेंजर की कहानी एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है जो सरकार के कामकाज के तरीके को बदलने के लिए निष्पक्ष चुनाव की वकालत करके भ्रष्ट राजनेताओं से लड़ने का प्रयास करता है। यह दूसरी बार है जब राम और कियारा किसी फिल्म में साथ काम करेंगे। इससे पहले, उन्होंने बोयापति श्रीनु की 2019 की फिल्म विनय विद्या राम के साथ स्क्रीन स्पेस साझा किया था। गेम चेंजर के अलावा, राम चरण अपनी 16वीं फिल्म में जान्हवी कपूर के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करते हुए भी दिखाई देंगे, जिसका नाम शीर्षक नहीं है और इसे आरसी16 कहा जाता है। फिल्म को हाल ही में हैदराबाद में एक पूजा समारोह के साथ लॉन्च किया गया। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता उप्पेना से डेब्यू करने वाले बुची बाबू सना द्वारा निर्देशित तेलुगु फिल्म हिंदी, तमिल, मलयालम और कन्नड़ में भी रिलीज होगी। इसे भी पढ़ें: हॉलीवुड स्टार Vin Diesel को आयी Deepika Padukone की याद, शेयर की अपनी एक्ट्रेस के साथ पुरानी तस्वीर फिल्म में जान्हवी मुख्य भूमिका में हैं, जिसमें कन्नड़ सुपरस्टार शिव राजकुमार भी हैं। फिल्म के लिए एआर रहमान संगीत तैयार करेंगे। राम चरण ने जान्हवी के साथ काम करने को लेकर उत्साह व्यक्त किया और कहा, जगदेका वीरुडु अतिलोका सुंदरी की पुरानी यादों को याद करते हुए, कई लोग मुझे जान्हवी कपूर के साथ जोड़ी में देखने के लिए उत्सुक हैं। #WATCH | Andhra Pradesh: Actor Ram Charan along with his family on his birthday, visited & offered prayers at the Tirupati Balaji Temple. pic.twitter.com/Ugq0byNirp — ANI (@ANI) March 27, 2024

