Cyclone Arnab से Andhra Pradesh में 6 मौतें, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने किया हवाई सर्वेक्षण
आंध्र प्रदेश के तेनाली मंडल में दीवार गिरने से 11 वर्षीय लड़के की मौत हो गई और इसके साथ ही अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह घटना बुधवार रात करीब नौ बजे हुई। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यभर में मौसम लगभग ठीक है और अवरुद्ध सड़कों तथा क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों में से करीब 90 प्रतिशत को बहाल कर दिया गया है। जैन ने कहा कि बहाली का काम बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगा। इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवाती तूफान से तबाह हुए कुछ जिलों में बड़े भूभाग और खेतों का हवाई सर्वेक्षण किया। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कृष्णा, पश्चिम गोदावरी और डॉ. बी आर आंबेडकर कोनसीमा जिलों का सर्वेक्षण किया। नायडू ने नवनिर्मित राजधानी अमरावती से हेलीकॉप्टर के जरिए कोनसीमा जिले के कट्रेनिकोना मंडल स्थित चेयेरू गांव तक दौरा किया। वहीं, मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को बताया कि बुधवार को बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण अंडमान सागर और उसके आसपास के क्षेत्र में नया कम दबाव का क्षेत्र बना है। विभाग ने कहा कि इसके गहरे होकर अवदाब में बदलने और नवंबर के पहले सप्ताह में आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे बना और पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे तक उसी क्षेत्र में बना रहा। इस बीच, भारतीय तटरक्षक बल ने बृहस्पतिवार को बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश तट के पास फंसे मार्शल द्वीपसमूह के ध्वज वाले मालवाहक जहाज ‘सिग्मा पर्ल’ के चालक दल के 13 सदस्यों को बचाया। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण खराब मौसम के बीच जहाज फंस गया था। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, डॉ. बी आर आंबेडकर कोनसीमा जिले के समुद्र तटीय गांव अंतरवेदी के पास तटरक्षक बल का बचाव अभियान जारी है।
Amit Shah ने Cyclone Arnab प्रभावित राज्यों को दिया मदद का भरोसा, मुख्यमंत्रियों से की बात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात 'अरनाब' से प्रभावित राज्यों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) बचाव और राहत कार्यों में पूरी तरह जुटे हुए हैं। 29 अक्टूबर को, शाह ने आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और सहायता उपायों पर चर्चा की। उन्होंने 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि चक्रवात 'अरनाब' के मद्देनजर, मैंने आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बात की है। मैंने उन्हें भरोसा दिलाया है कि आपदा के समय लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए हर संभव मदद दी जाएगी। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab Update | चक्रवात 'अर्नब' का तांडव! आंध्र प्रदेश के 13 जिलों में भारी तबाही, सड़कों को नुकसान और 'फ्लैश फ्लड' का अलर्ट उन्होंने आगे कहा कि NDRF और SDRF की टीमें हरकत में आ गई हैं और युद्ध स्तर पर बचाव व राहत कार्य चला रही हैं। नुकसान का आकलन करने और आगे की जरूरी मदद तय करने के लिए जल्द ही IMCT (अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें) भेजी जाएंगी। भारत सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ लोगों के साथ खड़ी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 'बहुत भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब' (Very Severe Cyclonic Storm Arnab) के अवशेष के रूप में बना 'डीप डिप्रेशन' (deep depression) लगभग उत्तर दिशा की ओर 22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था। 29 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे तक यह कमजोर होकर एक 'डिप्रेशन' (depression) में बदल गया। यह सिस्टम दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर, 19.0N अक्षांश और 81.9E देशांतर के पास, छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से लगभग 20 किमी पश्चिम में केंद्रित था। यह डिप्रेशन ओडिशा के भवानीपटना से 170 किमी दक्षिण-पश्चिम, टिटलागढ़ से 210 किमी दक्षिण-पश्चिम, रायपुर से 250 किमी दक्षिण और संबलपुर से 350 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित था। इसके लगभग उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ते रहने और 29 अक्टूबर की शाम तक और कमजोर होकर एक 'वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया' (well-marked low-pressure area) में तब्दील होने की संभावना है। रायपुर और संबलपुर में लगे 'डॉपलर वेदर रडार' (Doppler Weather Radars) के जरिए इस सिस्टम पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab के असर से Andhra Pradesh के 13 जिलों में अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी इसके अलावा, 28 अक्टूबर को देखे गए ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण (upper air cyclonic circulation) के प्रभाव से, दक्षिण अंडमान सागर और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। इस प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 24 घंटों के भीतर दक्षिण अंडमान सागर तथा उससे सटे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के ऊपर एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र (well-marked low-pressure area) में तब्दील होने की संभावना है।
अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश और उसके आसपास के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बुधवार तड़के तटीय क्षेत्रों से टकराने के बाद इस चक्रवात ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने तथा करंट लगने व दीवार ढहने जैसी हादसों के कारण कम से कम 5 लोगों की मौत हो चुकी है। तबाही के इस मंजर के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और चक्रवात चेतावनी केंद्र ने राज्य के 13 जिलों और यनम क्षेत्र के लिए 'फ्लैश फ्लड' (अचानक आने वाली बाढ़) का मध्यम से उच्च जोखिम वाला अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के दायरे में बापटला, गुंटूर, NTR, कृष्णा, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, अनाकापल्ली, पार्वतीपुरम मान्यम और पश्चिमी गोदावरी जिले शामिल हैं। चक्रवात 'अर्नब' से 5 लोगों की मौत, सड़कें क्षतिग्रस्त बुधवार तड़के चक्रवात 'अर्नब' आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इसके कारण भारी तबाही हुई—पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, और करंट लगने जैसी घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई। सुबह 2 बजे से 8 बजे के बीच, 6 घंटे की अवधि में यह चक्रवात आंध्र प्रदेश और यनम के तटों से होकर गुजरा, जिससे कई इलाकों, खासकर तटीय जिलों में भारी बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि एलुरु, पश्चिमी गोदावरी और विजयनगरम सहित 10 से अधिक जिलों के सैकड़ों गांवों पर चक्रवात की सबसे ज्यादा मार पड़ी है। कई इलाकों में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab के असर से Chhattisgarh में तेज बारिश, रायपुर समेत 12 जिलों में स्कूल बंद चक्रवात चेतावनी केंद्र ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के असर से कुछ जल क्षेत्रों (watersheds) और आसपास के इलाकों में मध्यम से भारी 'फ्लैश फ्लड' का खतरा है। केंद्र ने चेतावनी दी है कि जिन इलाकों की मिट्टी पहले से ही पूरी तरह गीली (saturated) है और जो निचले इलाके संवेदनशील माने जाते हैं, वहां सतह पर पानी बहने (surface runoff) और जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 29 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे से 30 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे तक आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ उत्तरी तमिलनाडु के तट पर तूफानी मौसम का अनुमान जताया है। इस दौरान हवा की गति 50 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है और झोंकों के साथ यह 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई बुधवार सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों में आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश हुई, जबकि ओडिशा में बहुत भारी से लेकर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। आंध्र प्रदेश के गरिबिडी में 26 सेमी बारिश हुई। इसके बाद अनाकापल्ली, श्रृंगवरपुकोटा, वेपाडा और चीपुरुपल्ले में 25-25 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab के असर से Andhra Pradesh के 13 जिलों में अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी भीमुनिपटनम, मेंटाडा और येलामंचिली में 24-24 सेमी, जबकि गंट्याडा और रानास्थलम में 23-23 सेमी बारिश हुई। गजपतिनगरम, नेल्लीमेरला, विशाखापत्तनम और मेराकामुदिदाम में 22-22 सेमी, और चोडावरम तथा बोंडापल्ले में 21-21 सेमी बारिश दर्ज की गई। IMD ने गुरुवार, 29 अक्टूबर के लिए तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। साथ ही, इन क्षेत्रों और रायलसीमा में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है। 30 अक्टूबर से 3 नवंबर तक तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने के आसार हैं। 1, 2 और 3 नवंबर को भी इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। 1 नवंबर तक 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात से हुए नुकसान की जानकारी देते हुए बताया कि करंट लगने और दीवार गिरने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है। हजारों हेक्टेयर में खड़ी फसलें, जिनमें धान भी शामिल है, बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसे भी पढ़ें: केंद्रीय कर्मचारियों का DA 3 फीसदी बढ़ा, ओडिशा में चक्रवात Arnab से अलर्ट चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है। मौसम विभाग ने बताया कि इससे पहले, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आंध्र प्रदेश और यनम के तटों से तड़के 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच गुजरा, जिसके बाद यह कमजोर होकर एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
तूफान अर्नब के बाद बदलेगा मौसम, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD): देश के कई राज्यों में मौसम बदलने जा रहा साथ ही IMD की ओर से भारी बारिश का भी अलर्ट जारी हुआ है। 29 अक्टूबर को कई राज्यों में होगी बारिश | उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), बिहार (Bihar), झारखंड (Jharkhand) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में भारी बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली (Delhi), पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana) और चंडीगढ़ (Chandigarh) में तेज आंधी चलने का अलर्ट है।CNBC-TV18 के अनुसार, यह चेतावनी चक्रवाती तूफान अर्नब (Cyclone Arnab) के कमजोर होने के बाद जारी की गई है। इस तूफान ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के तट पर दस्तक दी थी।इन राज्यों में होगी जोरदार बारिशमौसम विभाग के मुताबिक, 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश (East Uttar Pradesh), बिहार (Bihar) और झारखंड (Jharkhand) में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के उत्तरी इलाकों में भी तेज बारिश का अनुमान है।इसके अलावा ओडिशा (Odisha), विदर्भ (Vidarbha) और आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के तटीय इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल (West Bengal) और सिक्किम (Sikkim) में भी तेज बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश (East Madhya Pradesh) में भी बहुत भारी बारिश हो सकती है।दिल्ली समेत इन जगहों पर चलेगी तेज आंधीदिल्ली (Delhi), पंजाब (Punjab), हरियाणा (Haryana) और चंडीगढ़ (Chandigarh) में 29 और 30 अक्टूबर को तेज आंधी चलने की चेतावनी है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), पूर्वी राजस्थान (East Rajasthan), पूर्वी मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में भी गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट है। यहां हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है।तट से टकराने के बाद कमजोर पड़ा तूफानचक्रवाती तूफान अर्नब (Cyclone Arnab) ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और यानम (Yanam) के तट पर दस्तक दी थी। उस समय हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी और झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गए थे। तट से टकराने के बाद तूफान धीरे-धीरे कमजोर हो गया।मछुआरों के लिए जरूरी चेतावनीमौसम विभाग ने मछुआरों को 28 और 29 अक्टूबर को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी (Northwest Bay of Bengal) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) के तट के पास मौसम खराब रह सकता है। साथ ही पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश-ओडिशा (Andhra Pradesh-Odisha) के तटों के पास भी न जाने को कहा गया है।
Cyclone Arnab के असर से Andhra Pradesh के 13 जिलों में अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी
(तस्वीरों सहित)विशाखापत्तनम, 28 अक्टूबर चक्रवात अर्नब के कारण भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के चक्रवात चेतावनी केंद्र ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के 13 जिलों और यनम में बृहस्पतिवार सुबह साढ़े पांच बजे तक अचानक बाढ़ आने का मध्यम से उच्च जोखिम जताते हुए चेतावनी जारी की। यह चेतावनी बापटला, गुंटूर, एनटीआर, कृष्णा, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, अनकापल्ली, पार्वतीपुरम मान्यम और पश्चिमी गोदावरी जिलों के लिए जारी की गई है। चक्रवात चेतावनी केंद्र ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा, बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में अचानक बाढ़ आने का मध्यम से उच्च जोखिम है। इसमें चेतावनी दी गई है कि जिन इलाकों की मिट्टी पूरी तरह संतृप्त (पानी से भरी) है और जो निचले इलाके संवेदनशील माने गए हैं, वहां सतह पर पानी बहने और जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। केंद्र ने बुधवार पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे से बृहस्पतिवार सुबह साढ़े पांच बजे तक उत्तर आंध्र तट और ओडिशा तट के एक बड़े हिस्से के लिए समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी भी जारी की। इस दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 29 अक्टूबर को सुबह साढ़े पांच बजे से 30 अक्टूबर को सुबह साढ़े पांच बजे तक आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के साथ ही उत्तरी तमिलनाडु के तट पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है और कहा कि यह गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि ओडिशा में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हुई। आंध्र प्रदेश में गरिविडी में 26 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद अनकापल्ली, श्रृंगवरपुकोटा, वेपाडा और चीपुरुपल्ले में 25-25 सेंटीमीटर बारिश हुई। केंद्र के अनुसार, बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे तेज हवा की रफ्तार मछलीपट्टनम में (96 किलोमीटर प्रति घंटा) दर्ज की गई। इसके बाद विशाखापत्तनम और काकीनाडा में 80-80 किलोमीटर प्रति घंटा, कालिंगपट्टनम में 70 किलोमीटर प्रति घंटा, बापटला में 45 किलोमीटर प्रति घंटा और कवाली में 32 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। आईएमडी ने बताया कि चक्रवात अर्नब के केंद्र के पूरी तरह जमीन पर पहुंचने के साथ ही बुधवार सुबह आठ बजे तक इसके तट से टकराने की प्रक्रिया पूरी हो गई थी। आईएमडी ने कहा कि यह मौसम प्रणाली के अगले 48 घंटे में उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने का अनुमान है। इसके अगले छह घंटे में कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदलने और उसके बाद के छह घंटे में और कमजोर होकर गहरे अवदाब क्षेत्र में तब्दील होने का अनुमान है। आईएमडी ने बुधवार से तीन नवंबर तक अगले सात दिनों के दौरान आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और गरज के साथ बारिश का अनुमान जताया है। विभाग ने बुधवार को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया। इस दौरान 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश के साथ गरज और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। आईएमडी ने कहा कि 29 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। इन क्षेत्रों और रायलसीमा में गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी अनुमान है। तीस अक्टूबर से तीन नवंबर तक तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में एक, दो और तीन नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। विभाग ने एक नवंबर तक 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखने के बाद उनसे फोन पर भी बात की और चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान की जानकारी दी। विज्ञप्ति में कहा गया, नायडू ने चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और बहाली के प्रयासों में सहयोग के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क मामले में Andhra Pradesh Police ने बिहार से दो आरोपियों को दबोचा
आंध्र प्रदेश पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंट (पीआईओ) से जुड़े जासूसी के एक मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पीआईओ ने भारतीय सिम कार्ड से जुड़े ओटीपी का इस्तेमाल व्हाट्सऐप अकाउंट चालू करने के लिए किया। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गिरफ्तार किये गए दोनों व्यक्ति बिहार के रहने वाले हैं। बयान के अनुसार यह गिरफ्तारी ‘ऑपरेशन फायरवॉल-2026’ के दूसरे चरण के दौरान की गई जिसकी शुरुआत 25 अक्टूबर को की गई थी। बयान में कहा गया, “आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस सेल (एपी सीआई सेल) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंट से जुड़े जासूसी नेटवर्क के संबंध में बिहार में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इस नेटवर्क में भारतीय सिम कार्ड से जुड़े ओटीपी का इस्तेमाल व्हाट्सऐप अकाउंट चालू करने के लिए किया गया।”आरोपियों की पहचान बिहार के रक्सौल निवासी प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंट राजा कुमार और आदित्य कुमार उर्फ आदित्य कुमार पांडेय के रूप में हुई है। बयान में कहा गया कि दोनों आरोपियों को बुधवार को विजयवाड़ा की संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बयान में कहा गया कि जांच में पता चला कि राजा कुमार ने कई भारतीय मोबाइल नंबर से जुड़े व्हाट्सऐप अकाउंट चालू कराने में कथित तौर पर मदद की और इसके लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंट के साथ ओटीपी उसने नेपाल में मौजूद बिचौलियों के माध्यम से साझा किए थे। बयान में कहा गया कि उसने किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर कथित तौर पर एक मोबाइल भुगतान बैंक खाते का भी इंतजाम किया, जिसका इस्तेमाल सिम कार्ड के ओटीपी के बदले भुगतान प्राप्त करने के लिए किया गया। बयान के अनुसार, इस खाते में बड़ी रकम जमा की गई थी। बयान के अनुसार पाकिस्तानी खुफिया एजेंट में से एक ने कथित तौर पर ‘सोनी’ या ‘सोनी क्वीन’ नाम का इस्तेमाल करते हुए विशाखापत्तनम में नौसेना अधिकारियों के साथ काम करने वाले असैन्य संविदा चालक अन्नम साई वर प्रसाद से संपर्क किया और पूर्वी नौसेना कमान के युद्धपोतों तथा पनडुब्बियों से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल की। पुलिस के अनुसार, ‘जोशिता पॉल’ नाम से पहचाने गए एक अन्य एजेंट ने विशाखापत्तनम में कर्मी को पैसे देकर उनसे गोपनीय जानकारी हासिल करने की कथित तौर पर कोशिश की। बयान में कहा गया कि आदित्य कुमार कथित तौर पर राजा कुमार, रक्सौल के अन्य लोगों और वसीम, सुल्तान और नईम नाम से पहचाने गए पाकिस्तानी एजेंट के साथ काम करता था। बयान में कहा गया कि उसने भारतीय सिम कार्ड के ओटीपी का इस्तेमाल करके व्हाट्सऐप अकाउंट चालू कराने में मदद की और कूट संदेश मंचों के माध्यम से पाकिस्तानी एजेंट से संपर्क किया। आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने नौसेना और रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर जासूसी गतिविधियां किए जाने के संदेह संबंधी जानकारी के आधार पर दो सितंबर को भारतीय न्याय संहिता, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के तहत पुलिस ने एक अक्टूबर को विशाखापत्तनम से अन्नम साई वर प्रसाद और तीन अक्टूबर को कोयंबटूर से विशाखापत्तनम नौसैनिक अड्डे पर तैनात नौसेना कर्मचारी प्रदीप मुखर्जी को गिरफ्तार किया था। दोनों फिलहाल विजयवाड़ा जिला जेल में बंद हैं।
भारत के तटीय इलाकों से लेकर उत्तर भारत के मैदानी राज्यों तक चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) का भयंकर असर देखने को मिल रहा है। इस शक्तिशाली चक्रवात के कारण देश के बड़े हिस्से में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी-तूफान और तूफानी हवाओं को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। चक्रवात के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में भी इसका सीधा असर दिखने लगा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश, यनम, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है, जबकि झारखंड, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। 28 अक्टूबर को केरल और माहे में भी बारिश हो सकती है। 100 किमी प्रति घंटे से अधिक की हवाएं चलने की आशंका IMD ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 100 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। तेलंगाना में 60–70 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि झारखंड और आसपास के राज्यों में हवा की गति 50–60 किमी प्रति घंटे रहने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान के साथ 60–70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, और हवा के झोंके 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab से Andhra Pradesh में कोई जनहानि नहीं, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दिए बहाली के निर्देश कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान मौसम विभाग ने 28 से 31 अक्टूबर के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और झारखंड में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। बिहार में 29 से 31 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश होने की संभावना है, जिसके साथ 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं। 28 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बारिश होने की संभावना है, जबकि विदर्भ में 30 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। IMD ने 28 से 30 अक्टूबर के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान जताया है। हिमाचल प्रदेश में 29 अक्टूबर से 2 नवंबर तक बारिश हो सकती है, जबकि उत्तराखंड में 28 अक्टूबर से 2 नवंबर के बीच बारिश होने की संभावना है। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab आंध्र प्रदेश तट के पास ठहरा, 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं पंजाब में 29 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच हल्की बारिश हो सकती है, वहीं हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच हल्की बारिश होने के आसार हैं। 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में भी कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में चक्रवात से नुकसान चक्रवात 'अरनाब' का असर तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में काफी बढ़ गया है। बुधवार सुबह से ही आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान देखने को मिल रहा है। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसे भी पढ़ें: भीषण Cyclone Arnab के खतरे के बीच Andhra Pradesh में 84 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए काकीनाडा के तटीय इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जहां लोग तूफान के असर से जूझ रहे हैं। रिहायशी इलाकों में कई घरों के अंदर समुद्र का पानी घुस गया है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात का असर तटीय क्षेत्रों से आगे तक फैल सकता है, जिससे आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान आ सकते हैं।
Cyclone Arnab से Andhra Pradesh में कोई जनहानि नहीं, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दिए बहाली के निर्देश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण राज्य में अब तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है और प्रशासन के पहले से किए गए एहतियाती उपायों के कारण जनहानि रोकने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों समेत 32,000 कर्मचारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे चक्रवात से संपत्ति को होने वाला नुकसान कम से कम रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं और प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति जल्द से जल्द बहाल करें। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नायडू ने कहा, ‘‘चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण अब तक किसी की जान जाने की खबर नहीं है। प्रशासन के पहले से किए गए एहतियाती उपायों के कारण जनहानि रोकने में मदद मिली।’’मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गिरे हुए पेड़ों के कारण बंद सड़कों को दो घंटे के भीतर साफ करने और राष्ट्रीय राजमार्गों से पेड़ों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने तेज हवाएं थमने के बाद प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने को भी कहा। नायडू ने चक्रवात राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खेतों में पानी भरने से रोकने, बागवानी फसलों की सुरक्षा करने और तालाबों एवं नहरों के तटबंध टूटने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसलों के नुकसान का प्रारंभिक आकलन करने और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) तथा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कर्मियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखने को कहा। इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को चक्रवात प्रभावित इलाकों में लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए ‘मनमित्र’ प्रणाली का पूरा इस्तेमाल करने और शिकायतकर्ताओं को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए की गई कार्रवाई की जानकारी देने का निर्देश दिया। इस बीच, काकीनाडा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) जी. बिंदु माधव ने कहा कि चक्रवात ‘अर्नब’ से जिला काफी प्रभावित हुआ है तथा इसके कारण कई पेड़ एवं बिजली के करीब 100 खंभे उखड़ गए।
भीषण Cyclone Arnab के खतरे के बीच Andhra Pradesh में 84 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि राज्य को भारी नुकसान पहुंचाने की आशंका वाले अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के मद्देनजर सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी व्यक्ति की जान न जाए। मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवात मंगलवार देर रात दो बजे से चार बजे के बीच तट से टकरा सकता है। नायडू ने उंडावल्ली स्थित अपने कैंप कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सभी लोगों की जान बचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने संवेदनशील जिलों के लोगों को सतर्क रहने और चक्रवात के तट से गुजरने के बाद भी घरों के अंदर रहने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित जिलों में 84,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया है। इस बीच, मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य क्षेत्र के ऊपर बना अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान पिछले छह घंटों के दौरान पश्चिम से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा। मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे तक यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। आंध्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री गोत्तिपति रवि कुमार ने मंगलवार को चक्रवात ‘अर्नब’ के खतरे के मद्देनजर बिजली वितरण कंपनियों को हाई अलर्ट पर रहने और जन सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए करीब छह हजार कर्मियों को तैनात किया गया है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों, निदेशकों और ईस्टर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (ईपीडीसीएल) के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए विभाग की तैयारियों की समीक्षा की। कुमार ने कहा कि चक्रवात से तत्काल प्रभावित नहीं होने वाले क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अवकाश संबंधी व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। उन्होंने बिजली वितरण कंपनियों के अध्यक्षों और प्रबंध निदेशकों को क्षेत्र का दौरा करने तथा स्थिति पर करीबी नजर रखने का निर्देश दिया। मंत्री ने बताया कि निदेशक पहले से ही विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा और कोनसीमा जिलों में बिजली आपूर्ति संबंधी कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
IMD Weather Update: बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ अब आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवाती तूफान 28 अक्टूबर की दोपहर तक आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यनम के पास समुद्र तट से टकरा सकता है। इस दौरान तूफान की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि तेज हवाओं के झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकते हैं। तूफान को देखते हुए तटीय इलाकों के मौसम पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं कितना असर डालेगा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’इस चक्रवात और दूसरी मौसमी प्रणालियों के असर की वजह से दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा। कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश होगी।28 अक्टूबर को टकराएगा तूफानमौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के 27 अक्टूबर की शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 28 अक्टूबर 2026 की दोपहर तक आंध्र प्रदेश और यनम के तट से टकरा सकता है। तूफान के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यनम के पास पहुंचने का अनुमान है। तूफान की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशाखापत्तनम और मछलीपट्टनम में लगे डॉप्लर मौसम रडार लगातार निगरानी कर रहे हैं।तेजी से बढ़ रहा चक्रवाती तूफानबंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ पिछले छह घंटों में 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:30 बजे तूफान विशाखापट्टनम से करीब 170 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में था। इसके अलावा यह काकीनाडा से 180 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, मछलीपट्टनम से 270 किलोमीटर पूर्व, बापटला से 350 किलोमीटर पूर्व और ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 370 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में स्थित था। The very severe cyclonic storm “Arnab” [Pronunciation :Ornab] over Westcentral Bay of Bengal moved west-northwestwards with a speed of 18 kmph during past 6 hours, and lay centered at 0900 UTC of today, the 27th October, 2026 over the same region near latitude 16.2N and longitude 83.3E, about 140 km southeast of Kakinada (43189, Andhra Pradesh), 170 km south of Vishakhapatnam (43149, Andhra Pradesh), 230 km east of Machilipatnam (43185, Andhra Pradesh), 300 km east-northeast of Bapatla (43220, Andhra Pradesh), and 380 km south-southwest of Gopalpur (43049, Odisha).It is very likely to move nearly west-northwestwards during next few hours, then northwestwards and cross Andhra Pradesh & Yanam coasts between Bapatla and Visakhapatnam, close to south of Yanam as a very severe cyclonic storm with the maximum sustained wind speed of 125-135 kmph gusting to 150 kmph by 0600 UTC of 28th October, 2026.The system is under continuous surveillance of the Doppler Weather Radar at Vishakhapatnam and Machillipatnam.— India Meteorological Department (@Indiametdept) October 27, 2026 दिल्ली-NCR, बिहार और महाराष्ट्र में मौसम का हालचक्रवात के व्यापक असर की वजह से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के राज्यों में भी हवा की रफ्तार और बारिश की गतिविधियों में भारी तेजी आएगी। 28 अक्टूबर को दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बिजली कड़कने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। झारखंड में जहां 50-60 किमी/घंटे की तूफानी हवाएं चलेंगी। वहीं, अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं महाराष्ट्र में बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है। जबकि विदर्भ में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।यूपी में तक होगी तेज बारिशआईएमडी के मुताबिक, 28 अक्टूबर से पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक हो सकती है, वहीं पश्चिमी यूपी में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। 29 अक्टूबर को पूर्वी यूपी के कई जिलों में बारिश हो सकती है और पश्चिमी यूपी में भी कुछ जगहों पर बौछारें पड़ने के आसार हैं। 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। इस दिन पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में भी बारिश होने की संभावना है। वहीं, 31 अक्टूबर को प्रदेश के दोनों हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
Cyclone Arnab का खतरा: Andhra Pradesh और ओडिशा में अलर्ट, तटीय इलाकों से निकासी शुरू
(तस्वीरों के साथ)अमरावती/भुवनेश्वर, 27 अक्टूबर बंगाल की खाड़ी में ‘बेहद गंभीर’ चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के पूर्वी तट की ओर तेजी से बढ़ने और अगले 24 घंटे के भीतर इसके तट से टकराने की आशंका के बीच आंध प्रदेश और ओडिशा सरकार ने मंगलवार को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने सहित अन्य ऐहतियाती तैयारियां तेज कर दीं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया कि चक्रवात मंगलवार सुबह 11:30 बजे बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से लगभग 170 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में था। इसके शाम तक पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ने और बुधवार सुबह तक बापटला तथा विशाखापत्तनम के बीच, यनम के पास तट पार करने की संभावना है। विभाग ने बताया कि तट से टकराते समय चक्रवाती तूफान के प्रभाव से 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चलने और इस गति के 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया है। जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई गई है और एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के अनुसार, चक्रवात का असर दिखने लगा है और उत्तरी तटीय जिलों में जल्द ही भारी बारिश होने की आशंका है। श्रीकाकुलम जिले में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि विशाखापत्तनम और काकीनाडा में तेज हवाएं चलने लगी हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और चक्रवात से होने वाले नुकसान को कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभावित रूप से प्रभावित होने वाले जिलों के जिलाधिकारियों से बात की और अधिकारियों को राहत शिविरों में भोजन, पेयजल तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एपीएसडीएमए के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करने की अपील की। लोगों को चक्रवात के दौरान घरों के भीतर रहने और तेज हवाओं के बीच बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें निकटतम आश्रय स्थल पर जाना चाहिए और समुद्र, नदियों तथा तालाबों से दूर रहना चाहिए। चक्रवात के करीब आने के साथ समुद्र में लहरों की ऊंचाई एक से दो मीटर तक पहुंचने की आशंका है। वहीं, उत्तरी आंध्र प्रदेश और तटीय जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान है। जैन ने बताया कि राज्य के 20 जिलों में 2,131 चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं। इसके अलावा, 18 जिलों में 2.70 करोड़ लोगों के मोबाइल फोन पर लगातार चक्रवात संबंधी चेतावनी संदेश भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तट पर 30,000 से अधिक मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित कर दिया गया है, जबकि चक्रवात प्रभावित इलाकों में आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने के लिए 1,087 चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 8,281 आपातकालीन बिस्तरों और 1,274 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। सांप के काटने की संभावित घटनाओं से निपटने के लिए अस्पतालों में सांप के जहर को निष्क्रिय करने वाली दवा की 21,536 खुराक भी उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि 1,351 गर्भवती महिलाओं को पहले ही सुरक्षित रूप से अस्पतालों में पहुंचा दिया गया है। पेयजल के टैंकर, जनरेटर और ‘रिवर्स ऑस्मोसिस’ (आरओ) संयंत्र भी तैयार रखे गए हैं। चक्रवात के संभावित रूप से तट से टकराने से पहले भारतीय रेलवे ने करीब 600 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। समुद्र में खराब स्थिति के कारण उप्पाडा और काकीनाडा के बीच यातायात बाधित हुआ है। तट पर लगातार ऊंची लहरें उठने से आसपास के तटीय इलाकों के बीच आवाजाही प्रभावित हुई है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। राज्य सरकार का लक्ष्य करीब 48,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश पी. पाटिल ने बताया कि गजपति और नबरंगपुर जिलों में लगभग 11-11 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मलकानगिरि, गंजाम, कोरापुट, रायगढ़ा, कालाहांडी और नुआपाड़ा जिलों में भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान चल रहा है। आठ जिलों में मंगलवार और बुधवार को स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पुरी, गजपति, गंजाम, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरि जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन जिलों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। विभाग ने बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, क्योंझर, मयूरभंज, कंधमाल, कालाहांडी, नबरंगपुर, खुर्दा, नयागढ़, जगतसिंहपुर, नुआपाड़ा, बलांगीर और बौध जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इन जिलों में सात से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश होने का अनुमान है। पाटिल ने बताया कि संवेदनशील इलाकों के लोगों को ठहराने के लिए 135 स्थायी चक्रवात आश्रय स्थल और लगभग 1,600 अस्थायी आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने संभावित रूप से प्रभावित इलाकों में 294 बचाव दल तैनात किए हैं। इनमें राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के नौ, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के 60 और अग्निशमन सेवा के 225 दल शामिल हैं। पाटिल ने कहा कि सरकार ने जनहानि रोकने का लक्ष्य रखा है और जिला अधिकारियों को जान-माल की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड में नदियों के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश से पश्चिमी और उत्तरी ओडिशा में अचानक बाढ़ आने तथा जलभराव की आशंका है। चक्रवात के करीब आने के मद्देनजर ओडिशा के प्रमुख बंदरगाहों पारादीप, धामरा और गोपालपुर में भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान के प्रभाव से पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी मंगलवार दोपहर बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर के तटीय जिलों में मध्यम बारिश हुई, जबकि झारग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, हावड़ा और कोलकाता के कुछ हिस्सों में भी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 28 और 29 अक्टूबर को दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा और पश्चिम बर्धमान जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, कोलकाता में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। विभाग ने बताया कि उप-हिमालयी क्षेत्र के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों में 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश होने की आशंका है। अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात के कारण झारखंड के कुछ हिस्सों में भी तीन दिन तक भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 28 अक्टूबर सुबह साढ़े आठ बजे से अगले 24 घंटे के लिए रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
Cyclone Arnab Alert: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात 'अर्नब' को लेकर आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और ओडिशा (Odisha) में अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यनम के पास टकरा सकता है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 125 किमी प्रति घंटे तक रहने और तेज झोंके 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। खतरे को देखते हुए लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है और कई इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं।तूफान के असर से साउथ कोस्ट रेलवे ने 27 और 28 अक्टूबर को चलने वाली 53 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 27 और 28 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है। इससे निचले इलाकों में पानी भरने और यातायात प्रभावित होने का खतरा है।आंध्र प्रदेश में राहत और बचाव की तैयारीआंध्र प्रदेश सरकार ने चक्रवात से निपटने की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को लोगों को समय पर चेतावनी देने और सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। राहत के लिए 20 जिलों को 27 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं, 4,711 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में पहुंचाने की तैयारी है। समुद्र में गए मछुआरे सुरक्षित लौट आए हैं। कई जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और ट्रेनें रद्द की गई हैं।• NDRF की टीमें: आंध्र प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में बचाव दल तैनात किए गए हैं। यनम में भी दो टीमें मौजूद हैं।• राहत शिविर: लोगों को सुरक्षित रखने के लिए 1,763 आश्रय स्थलों की पहचान की गई है।• जरूरी सामान: पानी के टैंकर, अग्निशमन गाड़ियां और बचाव के उपकरण तैयार रखे गए हैं। अलग-अलग जिलों में कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं।• स्कूल और समुद्र तट: प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। समुद्र तटों पर जाने और मछली पकड़ने पर भी रोक लगाई गई है।ओडिशा में भारी बारिश और 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। इसके चलते आठ ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और दो ट्रेनों का सफर बीच रास्ते में ही खत्म कर दिया गया है। छह जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रहेंगे, जबकि गंजाम में 27 अक्टूबर को आंगनवाड़ी केंद्र भी बंद रखे गए हैं। प्रशासन ने मछली पकड़ने और पर्यटन स्थलों पर जाने पर रोक लगा दी है।इन राज्यों में भी बारिश का अलर्ट• पश्चिम बंगाल: दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झारग्राम, बांकुरा और पुरुलिया में 28 से 30 अक्टूबर तक भारी बारिश हो सकती है। दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा है।• छत्तीसगढ़: 28 और 29 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।• पूर्वी उत्तर प्रदेश: 29 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका है।• अंडमान-निकोबार: एहतियात के तौर पर स्कूलों को दो दिन के लिए बंद रखने का आदेश दिया गया है।• तेलंगाना और बिहार समेत दूसरे राज्यों के अधिकारियों को भी सतर्क रहने और जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है।चक्रवात के चलते रेलवे ने बड़े स्टेशनों पर हेल्प डेस्क और टिकट रिफंड काउंटर खोले हैं। यात्रियों को स्टेशन जाने से पहले ट्रेन का स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है। वहीं, तटीय इलाकों के लोगों से प्रशासन की चेतावनी मानने और सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की गई है।
चक्रवात 'अर्नब' का असर: ओडिशा के कई हिस्सों में तेज हवा के साथ भारी बारिश जारी, आंध्र प्रदेश में कैसा है मौसम??cyclone arnab odisha orange alert andhra pradesh landfall heavy rainfall
भीषण चक्रवाती तूफान Arnab का ओडिशा में असर, कल Andhra Pradesh तट पर देगा दस्तक
बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के पूर्वी तट की ओर बढ़ने के साथ ओडिशा के कुछ हिस्सों में मंगलवार को तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के पास पहुंचने का अनुमान जताया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, तूफान मंगलवार सुबह बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में विशाखापत्तनम से लगभग 260 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में केंद्रित था। इसके मंगलवार शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और उसके बाद उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ने की संभावना है। तूफान के तट से टकराने के दौरान 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और पवन के झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। ओडिशा में आईएमडी ने पुरी, गजपति, गंजाम, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरि जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है। बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक और खुर्दा सहित 16 जिलों के लिए सात से 11 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि राज्य स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और संवेदनशील स्थानों पर कर्मियों तथा उपकरणों को तैनात किया गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। वहीं, आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) ने बताया कि राज्य के उत्तरी तटीय जिलों में भारी बारिश की आशंका है। श्रीकाकुलम में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है, जबकि तटीय जिलों में तेज हवाएं चलने लगी हैं। एपीएसडीएमए के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
चक्रवात Arnab का खतरा: Andhra Pradesh ने 20 जिलों के लिए 27 करोड़ रुपये किए मंजूर
आंध्र प्रदेश सरकार ने चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण भारी बारिश और तेज हवा चलने की आशंका के बीच सोमवार को राहत कार्यों के लिए 20 जिलों को 27 करोड़ रुपये जारी किए। तूफान के 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 15 टीम तैनात की गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि अगले 12 घंटे में चक्रवात के और तीव्र होकर अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है और इसके 27 अक्टूबर की शाम के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का अनुमान है। चक्रवात के 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के निकट आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को पार करने की संभावना है। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) की ओर से जारी बयान के अनुसार, राहत और बचाव कार्यों के लिए बापटला, कृष्णा, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, काकीनाडा और अनकापल्ली जिलों को दो-दो करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस बीच, सरकार की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। बयान के अनुसार, समुद्र तटों पर लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार दोपहर से तटीय सड़कों पर आवाजाही भी रोक दी जाएगी। पेयजल की कमी से निपटने के लिए जरूरत के मुताबिक तैनाती हेतु 2,613 आपातकालीन पानी के टैंकर तैयार रखे गए हैं। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) ने बयान में बताया कि आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष मुख्य सचिव जी. साई प्रसाद ने श्रीकाकुलम, मार्कापुरम, गुंटूर, एनटीआर, एलुरु, अल्लूरी, पोलावरम, मन्यम, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, श्री सत्य साई, नेल्लोर और तिरुपति जिलों के लिए एक-एक करोड़ रुपये मंजूर करने के आदेश जारी किए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 15 टीम काकीनाडा, अमलापुरम के नादिपुडी, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी के राजमहेंद्रवरम, एलुरु, पश्चिमी गोदावरी के नरसापुरम, कृष्णा जिले के मछलीपट्टनम और अनकापल्ली जिले के नक्कापल्ली में तैनात की गई हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चक्रवात अर्नब की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, पहले से ही एहतियाती उपाय करने और जान-माल का कोई नुकसान न होने को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा की और उन्हें निर्देश दिया कि वे मौसम प्रणाली के संभावित प्रभाव के अनुसार लोगों को सतर्क करें तथा नुकसान को कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं। नायडू ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘अधिकारियों को चक्रवात ‘अर्नब’ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए, समय रहते एहतियाती कदम उठाने चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जान-माल का कोई नुकसान न हो।’’मुख्यमंत्री ने चक्रवात के कारण होने वाली बारिश की तीव्रता, हवा की गति और संभावित बाढ़ का आकलन करने तथा बदलती परिस्थितियों के आधार पर उपयुक्त कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को पिछले चक्रवातों से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण करने तथा किसानों और अन्य लोगों को समय रहते चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया, ताकि वे आवश्यक एहतियाती कदम उठा सकें।
Cyclone Arnab को लेकर 4 राज्यों में High Alert, तट से टकराने पर IMD की पैनी नजर
बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। बुधवार सुबह इसके तट से टकराने की संभावना को देखते हुए चार राज्यों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने इस चक्रवाती तूफान को देखते हुए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आंध्र प्रदेश के तट से टकराने से पहले यह धीरे-धीरे और अधिक भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले लेगा। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पुडुचेरी को भी अलर्ट पर रखा गया है। इसे भी पढ़ें: चक्रवात ‘अर्नब’ हुआ सक्रिय, 28 अक्टूबर को Andhra Pradesh तट से टकराने की चेतावनी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार सुबह जारी अपने बुलेटिन में बताया कि यह तूफान सुबह 5:30 बजे बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उससे सटे पश्चिमी-मध्य हिस्से में, विशाखापत्तनम से लगभग 650 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में मौजूद था। यह 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। सोमवार आधी रात तक इस चक्रवात के और अधिक तीव्र होकर एक 'गंभीर चक्रवाती तूफान' (severe cyclonic storm) में बदलने की संभावना है, और मंगलवार तक यह और भी ताकतवर होकर एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' (very severe cyclonic storm) का रूप ले सकता है। अनुमान है कि यह यानम के पास, बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट को पार करेगा। इस दौरान हवा की लगातार गति 115–125 किमी प्रति घंटा रहेगी, जबकि हवा के झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। इस बीच, IMD ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे सोमवार से पश्चिम बंगाल के तट के पास और समुद्र में न जाएं, क्योंकि इस इलाके में तेज हवाएं चलेंगी। साथ ही, चक्रवात के कारण दार्जिलिंग के उप-हिमालयी जिले में भूस्खलन (landslides) होने की भी चेतावनी दी गई है। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab की बढ़ी ताकत, आंध्र प्रदेश से ओडिशा तक भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने, जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और तटीय इलाकों में लगातार चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया है। प्रशासन उन गर्भवती महिलाओं को भी अस्पतालों में पहुंचाने की तैयारी कर रहा है, जिनकी प्रसव की तारीख नजदीक है। ओडिशा में, छह दक्षिणी जिलों — गंजाम, गजपति, रायगडा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर — को संवेदनशील (खतरे की आशंका वाले) क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रतिक्रिया टीमों को तैनात किया गया है, जबकि कुछ पहाड़ियों, झरनों और बांधों के पास मछली पकड़ने और पर्यटकों के जाने पर रोक लगा दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अगले कुछ घंटों में और ताकतवर होने की आशंका है। इसकी वजह से देश के कई हिस्सों में मौसम खराब होने वाला है। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ पिछले छह घंटों के दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, ये तूफान 26 अक्टूबर की शाम तक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके बाद 27 अक्टूबर को इसके अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है। तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट से टकरा सकता है।इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। झोंकों के साथ हवा की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। तूफान के खतरे को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।इन राज्यों में बारिश का खतरातूफान के असर से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। वहीं, तटीय इलाकों में तेज हवाओं, ऊंची समुद्री लहरों और निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है।140 Kmph की रफ्तार से चल सकती है हवाएंचक्रवाती तूफान अरनब के 28 अक्टूबर की सुबह से दोपहर से पहले के समय में आंध्र प्रदेश और यनम के तट पर पहुंचने की संभावना है। इसके बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के पास तट पार करने का अनुमान है। तट से टकराने के दौरान इसकी रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। हवा के तेज झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इस वजह से तटीय इलाकों में पेड़ गिरने, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने तथा यातायात प्रभावित होने का खतरा है। तूफान के तट से गुजरने के बाद इसकी ताकत धीरे-धीरे कम होने लगेगी। 28 अक्टूबर की शाम तक हवा की रफ्तार घटकर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। 29 अक्टूबर की सुबह तक हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे होने का अनुमान है। मौसम संबंधी चेतावनी !मुख्य बिंदुआने वाले चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव के कारण, 27 और 28 तारीख को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में; 28 तारीख को ओडिशा में; 28 और 29 तारीख को छत्तीसगढ़ में; और 29 तारीख को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, 27 और 29 तारीख को ओडिशा में; 28 तारीख को विदर्भ और तेलंगाना में; 30 तारीख को पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में; 29 तारीख को झारखंड में; तथा 29 और 30 अक्टूबर, 2026 को बिहार में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।HighlightsUnder the influence of impending Cyclonic Storm“Arnab”, isolated extremely heavy rainfall likely over Coastal Andhra Pradesh & Yanam on 27th & 28th, over Odisha on 28th and over Chhattisgarh on 28th & 29th, East Uttar Pradesh on 29th; isolated heavy to very heavy rainfall also likely over Odisha on 27th & 29th, over Vidarbha & Telangana on 28th, over East Madhya Pradesh, over East Uttar Pradesh on 30th, over Jharkhand on 29th and over Bihar on 29th and 30th October, 2026.South Peninsular India:❖ Isolated to Scattered rainfall likely over Rayalaseema and Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal during 26th October-1st November; Kerala & Mahe during 27th October-1st November; Lakshadweep on 27th October and on 1st November; Coastal Karnataka and South Interior Karnataka during 28th October-1st November; North Interior Karnataka during 29th October-1st November; Coastal Andhra Pradesh & Yanam on 26th October and during 30th October-1st November; Telangana on 27th October and during 29th October-1st November.❖ Fairly Widespread to Widespread rainfall likely over Kerala & Mahe and Lakshadweep on 26th October; Coastal Andhra Pradesh & Yanam during 27th-29th October; Telangana on 28th October.❖ Isolated thunderstorm, lightning & gusty winds (speed reaching 80-90 kmph) likely over Coastal Andhra Pradesh & Yanam during 27th-28th October, with gusty winds (speed reaching 40-50 kmph gusting to 60 kmph) likely over Coastal Andhra Pradesh & Yanam on 26th October and on 29th October; Rayalaseema during 27th-28th October, with gusty winds (speed reaching 30-40 kmph gusting to 50 kmph) likely over Kerala & Mahe and Lakshadweep on 26th October; North Interior Karnataka on 29th October; South Interior Karnataka on 28th October; Rayalaseema on 26th October and on 29th October; Telangana on 27th October and during 29th-30th October.❖ Isolated thunderstorm & lightning likely over Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal during 26th-27th October.❖ Isolated heavy rainfall likely over Kerala & Mahe on 26th October; Coastal Andhra Pradesh & Yanam on 29th October; Telangana on 27th October and on 29th October with isolated very heavy rainfall also likely over Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal on 26th October.❖ Isolated extremely heavy rainfall likely over Coastal Andhra Pradesh & Yanam during 27th-28th October; Telangana on 28th October.❖ Thundersquall (wind speed reaching 50-60 kmph gusting to 70 kmph) likely over Telangana on 28th October.❖ Strong Surface Winds likely over North Interior Karnataka during 28th-29th October; South Interior Karnataka during 27th-28th October; Coastal Andhra Pradesh & Yanam and Rayalaseema during 26th-29th October.East India:❖ Fairly Widespread to Widespread rainfall likely over Andaman & Nicobar Islands during 26th October-1st November; Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim during 29th-30th October; Gangetic West Bengal during 28th-29th October; Jharkhand during 28th-30th October; Bihar during 29th-31st October; Odisha during 27th30th October.❖ Isolated to Scattered rainfall likely over Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim on 28th October and during 31st October-1st November; Gangetic West Bengal on 27th October and during 30th October-1st November; Jharkhand on 27th October and during 31st October-1st November; Bihar on 28th October and on 1st November; Odisha on 26th October and during 31st October-1st November.❖ Isolated thunderstorm, lightning & gusty winds (speed reaching 40-50 kmph gusting to 60 kmph) likely over Andaman & Nicobar Islands during 26th-27th October; Gangetic West Bengal during 28th-29th October; Jharkhand on 30th October; Bihar during 28th-31st October; Odisha on 27th October, with gusty winds (speed reaching 30-40 kmph gusting to 50 kmph) likely over Andaman & Nicobar Islands during 28th-29th October; Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim during 29th-31st October; Gangetic West Bengal on 27th October and on 30th October; Jharkhand on 27th October; Bihar on 1st November.❖ Isolated heavy rainfall likely over Andaman & Nicobar Islands on 26th October and on 29th October; SubHimalayan West Bengal & Sikkim during 29th-30th October; Gangetic West Bengal during 28th-29th October; Jharkhand on 28th October and on 30th October; Bihar on 31st October with isolated very heavy rainfall also likely over Jharkhand and Odisha on 29th October; Bihar during 29th-30th October.❖ Isolated extremely heavy rainfall likely over Odisha during 27th-28th October.❖ Thundersquall (wind speed reaching 60-70 kmph gusting to 80 kmph) likely over Odisha on 28th October.❖ Thundersquall (wind speed reaching 50-60 kmph gusting to 70 kmph) likely over Jharkhand during 28th29th October; Odisha on 29th October.Northwest India:❖ Isolated to Scattered rainfall likely over Himachal Pradesh and Jammu-Kashmir-Ladakh-Gilgit-BaltistanMuzaffarabad during 29th-30th October; Uttarakhand during 28th October-1st November.❖ Isolated to Scattered rainfall likely over Haryana Chandigarh & Delhi and Punjab during 28th-31st October; East Rajasthan and West Uttar Pradesh during 29th-31st October; East Uttar Pradesh on 28th October and during 31st October-1st November; West Rajasthan during 29th-30th October.❖ Fairly Widespread to Widespread rainfall likely over East Uttar Pradesh during 29th-30th October.❖ Isolated thunderstorm, lightning & gusty winds (speed reaching 40-50 kmph gusting to 60 kmph) likely over Jammu-Kashmir-Ladakh-Gilgit-Baltistan-Muzaffarabad on 30th October, with gusty winds (speed reaching 30-40 kmph gusting to 50 kmph) likely over Uttarakhand during 29th-30th October.❖ Isolated thunderstorm, lightning & gusty winds (speed reaching 40-50 kmph gusting to 60 kmph) likely over East Uttar Pradesh on 31st October; East Rajasthan on 30th October, with gusty winds (speed reaching 30-40 kmph gusting to 50 kmph) likely over Haryana Chandigarh & Delhi, Punjab, West Rajasthan and West Uttar Pradesh during 29th-30th October; East Uttar Pradesh on 28th October; East Rajasthan on 29th October.❖ Isolated thunderstorm & lightning likely over Himachal Pradesh during 29th-30th October.❖ Isolated heavy rainfall likely over Uttarakhand on 30th October; East Uttar Pradesh on 31st October with isolated very heavy rainfall also likely over East Uttar Pradesh during 29th-30th October.Central India:❖ Isolated to Scattered rainfall likely over West Madhya Pradesh during 28th-31st October; East Madhya Pradesh on 27th October and during 31st October-1st November; Vidarbha on 27th October and during 30th31st October; Chhattisgarh on 28th October and during 31st October-1st November.❖ Fairly Widespread to Widespread rainfall likely over East Madhya Pradesh during 28th-30th October; Vidarbha during 28th-29th October; Chhattisgarh during 29th-30th October.❖ Isolated thunderstorm, lightning & gusty winds (speed reaching 40-50 kmph gusting to 60 kmph) likely over East Madhya Pradesh during 28th-30th October; Vidarbha during 28th-29th October, with gusty winds (speed reaching 30-40 kmph gusting to 50 kmph) likely over West Madhya Pradesh during 28th-31st October; East Madhya Pradesh on 27th October.❖ Isolated thunderstorm & lightning likely over Vidarbha on 27th October.❖ Isolated heavy rainfall likely over East Madhya Pradesh on 28th October and on 30th October; Vidarbha on 29th October; Chhattisgarh on 27th October with isolated very heavy rainfall also likely over East Madhya Pradesh on 29th October; Vidarbha on 28th October.❖ Isolated extremely heavy rainfall likely over Chhattisgarh during 28th-29th October.❖ Thundersquall (wind speed reaching 50-60 kmph gusting to 70 kmph) likely over Chhattisgarh during 27th-29th October.Northeast India:❖ Isolated to Scattered rainfall likely over Arunachal Pradesh during 30th October-1st November; Assam & Meghalaya during 27th October-1st November; Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura during 26th October1st November.❖ Isolated thunderstorm & lightning likely over Assam & Meghalaya during 27th-29th October; Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura during 26th-29th October.❖ Isolated heavy rainfall likely over Assam & Meghalaya during 30th October-1st November; Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura on 28th October.West India:❖ Isolated to Scattered rainfall likely over Konkan & Goa, Madhya Maharashtra and Marathawada during 28th30th October.❖ Isolated thunderstorm, lightning & gusty winds (speed reaching 40-50 kmph gusting to 60 kmph) likely over Konkan & Goa on 29th October; Madhya Maharashtra during 28th-30th October.For more information, visit Us : https://t.co/BPpoTbykBF#WeatherUpdate #RainfallForecast #IndiaWeather #HeavyRain #ThunderstormAlert #WeatherWarnings@moesgoi @airnewsalerts @DDNational @ndmaindia @ICRER_MHA— India Meteorological Department (@Indiametdept) October 26, 2026 आंध्र प्रदेश में बेहद भारी बारिश का खतराचक्रवाती तूफान के सबसे ज्यादा असर की आशंका आंध्र प्रदेश में है। वहीं चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा है। मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश में 27-28 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकता है। वहीं ओडिशा में 27-29 अक्टूबर और तेलंगाना में 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तूफान के दौरान आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में हवाओं की रफ्तार 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की भी आशंका है।इन जगहों पर भी होगी बारिशतूफान का असर छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 27 से 29 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है। 28 अक्टूबर को दक्षिणी जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। झारखंड में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है, जबकि बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को भी बिहार के कुछ इलाकों में तेज बारिश की आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।यूपी में भी बदलेगा मौसमIMDके अनुसार तूफान की वजह से पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है, जबकि उत्तर बंगाल और सिक्किम में 29-30 अक्टूबर को तेज बारिश का अनुमान है। पूर्वी विदर्भ में 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश की आशंका है। उत्तर प्रदेश में भी तूफान के कारण मौसम बिगड़ सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 30 और 31 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है।लोगों को दी बचने की सलाहचक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के चलते बंगाल की खाड़ी में समुद्र बेहद अशांत हो सकता है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर तक प्रभावित समुद्री इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। तेज हवाओं और बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूर रहें।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवात 'अर्नब' (Arnab) तेज हो रहा है। इसे देखते हुए आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और ओडिशा (Odisha) में अलर्ट जारी किया गया है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, तूफान 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इससे कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की आशंका है। दोनों राज्यों की सरकारें लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम कर रही हैं।भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव वाला क्षेत्र 26 अक्टूबर को चक्रवात में बदल गया। आगे बढ़ते समय तूफान की ताकत और दिशा में ये बदलाव हो सकता है: आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तूफान के पहुंचने की संभावना जताई गई है। चक्रवात के रास्ते और ताकत को लेकर मौसम विभाग लगातार नजर रख रहा है। आंध्र प्रदेश में लोगों की सुरक्षा के लिए उठाए गए ये कदमराज्य सरकार ने चक्रवात के खतरे को देखते हुए सभी जिलों को सतर्क रहने को कहा है। प्रशासन लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने और बिजली जैसी जरूरी सुविधाएं चालू रखने की तैयारी कर रहा है। लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाना: प्रशासन ने करीब 5.7 लाख लोगों की पहचान की है, जो चक्रवात से प्रभावित हो सकते हैं। इन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाने का काम सोमवार शाम से शुरू किया गया। जिलों में अलर्ट: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सभी जिलों को सतर्क रहने और लोगों की जान बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। बिजली की व्यवस्था: मंत्री जी. रवि कुमार ने बिजली कंपनियों को बिजली चालू रखने और तूफान के बाद जल्द आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। मछुआरों को चेतावनी: समुद्र में मछली पकड़ने गई नावों को वापस लौटने के लिए कहा गया है। अस्पताल और कंट्रोल रूम: खतरे वाले इलाकों की गर्भवती महिलाओं को पहले ही अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। चक्रवात पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। ओडिशा सरकार ने भी किए पुख्ता इंतजामओडिशा सरकार ने भी चक्रवात से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर वहां की तैयारियों के बारे में जानकारी ली और अलग-अलग विभागों को जरूरी काम सौंपे हैं। स्कूल-कॉलेज बंद: पांच जिलों में मंगलवार और बुधवार को स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। अधिकारियों की जिम्मेदारी: आठ मंत्रियों और पांच वरिष्ठ IAS अधिकारियों को हालात पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। बाढ़ से बचाव: दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। हीराकुंड जलाशय से पहले ही पानी छोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है। लोगों की सुरक्षा: सरकार की कोशिश है कि चक्रवात के कारण किसी की जान न जाए। चक्रवात 'अर्नब' नाम किस देश ने दिया?चक्रवात 'अर्नब' का नाम बांग्लादेश ने सुझाया था। उत्तरी हिंद महासागर में आने वाले चक्रवातों के नाम रखने के लिए लिस्ट बनाई गई है। इसे अप्रैल 2020 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र के एशिया-प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (UNESCAP) के चक्रवात पैनल ने अपनाया था।इस सूची में 13 देशों के सुझाए गए कुल 169 नाम हैं। हर देश ने 13 नाम दिए हैं। इनमें भारत, बांग्लादेश, ईरान, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और यमन शामिल हैं। चक्रवातों के नाम इस लिस्ट के क्रम के हिसाब से रखे जाते हैं।
चक्रवात ‘अर्नब’ हुआ सक्रिय, 28 अक्टूबर को Andhra Pradesh तट से टकराने की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र चक्रवात ‘अर्नब’ में तब्दील हो गया है तथा इसके 27 अक्टूबर तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने तथा अगले दिन सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। आईएमडी के राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार, सोमवार सुबह साढ़े पांच बजे चक्रवात बंगाल की खाड़ी के मध्य-पूर्वी और उससे सटे मध्य-पश्चिमी हिस्से में केंद्रित था। पिछले छह घंटों के दौरान यह 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा। मौसम विभाग ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव चक्रवात ‘अर्नब’ में तब्दील हो गया है और इसके 27 अक्टूबर तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने तथा 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है।”विभाग ने बताया कि यह चक्रवाती प्रणाली अंडमान द्वीपसमूह के श्री विजय पुरम से करीब 590 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में, विशाखापत्तनम से 650 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, काकीनाडा से 730 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में, मछलीपत्तनम से 830 किलोमीटर पूर्व में और बापटला से 910 किलोमीटर पूर्व में स्थित थी। मौसम विभाग के अनुसार, इस प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और सोमवार आधी रात तक बंगाल की खाड़ी के मध्य-पश्चिमी हिस्से में भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की प्रबल संभावना है। इसके बाद 27 अक्टूबर तक इसके और मजबूत होकर अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान बनने का अनुमान है। इसके बाद चक्रवात के उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और 28 अक्टूबर की सुबह तक बापटला एवं विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को पार करने की आशंका है। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर रफ्तार 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि हवा की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। इस चक्रवाती प्रणाली के प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और रायलसीमा में कुछ स्थानों पर गरज-चमक की आशंका है। मौसम विभाग ने 27 और 28 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश तथा यानम में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में 29 अक्टूबर को भी भारी बारिश हो सकती है। इस बीच, आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने कहा कि अगले तीन दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी सावधानियों का सख्ती से पालन करने की अपील की। जैन ने आगाह किया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात के लगातार मजबूत होने के बीच लोगों को अपनी सतर्कता में कोई कमी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को आधिकारिक परामर्शों का पालन करने और जरूरी एहतियाती कदम उठाने की सलाह दी।
चक्रवात ‘अर्नब’ मचाएगा तबाही?: 125 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी- Cyclone Arnab heading towards Andhra Pradesh Winds to blow at speeds of 140 km/h heavy rainfall alert issued
Ram Charan ने अपने 39वें जन्मदिन पर पत्नी उपासना के साथ किए Tirupati Temple के दर्शन | Watch Video
राम चरण को पत्नी और बेटी के साथ तिरूपति मंदिर में देखा गया। अपने 39वें जन्मदिन के अवसर पर, सुपरस्टार राम चरण ने प्रतिष्ठित तिरुपति मंदिर का दौरा किया और अपनी पत्नी उपासना कामिनेनी और बेटी क्लिन कारा के साथ पूजा की। बुधवार सुबह वह मंदिर में दर्शन करने गए थे। इसे भी पढ़ें: Johnny Depp कैप्टन Jack Sparrow के रूप में वापसी करेंगे? Pirates of the Caribbean के निर्माता ने किया खुलासा मंदिर में उनके दर्शन की कई तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें उन्हें वेष्टी और शर्ट पहने देखा जा सकता है, जबकि उपासना ने रानी गुलाबी साड़ी चुनी है। समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में अभिनेता और उनकी पत्नी और बच्चे को कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर से बाहर आते देखा जा सकता है। काम के मोर्चे पर राम चरण गेम चेंजर की कहानी एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है जो सरकार के कामकाज के तरीके को बदलने के लिए निष्पक्ष चुनाव की वकालत करके भ्रष्ट राजनेताओं से लड़ने का प्रयास करता है। यह दूसरी बार है जब राम और कियारा किसी फिल्म में साथ काम करेंगे। इससे पहले, उन्होंने बोयापति श्रीनु की 2019 की फिल्म विनय विद्या राम के साथ स्क्रीन स्पेस साझा किया था। गेम चेंजर के अलावा, राम चरण अपनी 16वीं फिल्म में जान्हवी कपूर के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करते हुए भी दिखाई देंगे, जिसका नाम शीर्षक नहीं है और इसे आरसी16 कहा जाता है। फिल्म को हाल ही में हैदराबाद में एक पूजा समारोह के साथ लॉन्च किया गया। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता उप्पेना से डेब्यू करने वाले बुची बाबू सना द्वारा निर्देशित तेलुगु फिल्म हिंदी, तमिल, मलयालम और कन्नड़ में भी रिलीज होगी। इसे भी पढ़ें: हॉलीवुड स्टार Vin Diesel को आयी Deepika Padukone की याद, शेयर की अपनी एक्ट्रेस के साथ पुरानी तस्वीर फिल्म में जान्हवी मुख्य भूमिका में हैं, जिसमें कन्नड़ सुपरस्टार शिव राजकुमार भी हैं। फिल्म के लिए एआर रहमान संगीत तैयार करेंगे। राम चरण ने जान्हवी के साथ काम करने को लेकर उत्साह व्यक्त किया और कहा, जगदेका वीरुडु अतिलोका सुंदरी की पुरानी यादों को याद करते हुए, कई लोग मुझे जान्हवी कपूर के साथ जोड़ी में देखने के लिए उत्सुक हैं। #WATCH | Andhra Pradesh: Actor Ram Charan along with his family on his birthday, visited & offered prayers at the Tirupati Balaji Temple. pic.twitter.com/Ugq0byNirp — ANI (@ANI) March 27, 2024

