आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा Cyclone Murasu, 3 नवंबर को तट से टकराने की आशंका
आंध्र प्रदेश में एक बार फिर चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को बताया कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य हिस्से में बना गहरा दबाव चक्रवाती तूफान 'मुरासु' में बदल गया है। इसके 3 नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। कुछ दिन पहले ही आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'अरनब' ने भारी तबाही मचाई थी। अब नए तूफान को लेकर तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है तूफान आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि चक्रवाती तूफान 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। उन्होंने कहा कि इस दौरान 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इसे भी पढ़ें: एकतरफा प्यार में पागल था आरोपी चाचा, Andhra Pradesh Horror में कई चौकाने वाले खुलासे, दादा ने की ये मांग क्या है 'मुरासु' नाम का मतलब? इस तूफान का नाम 'मुरासु' रखा गया है। तमिल भाषा में मुरासु का मतलब 'ढोल' होता है। इस नाम का सुझाव भारत ने दिया था। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी इस तूफान के और तेज होने की थोड़ी संभावना भी है। हालांकि, फिलहाल इसके चक्रवाती तूफान बने रहने का अनुमान है। इसे भी पढ़ें: Amit Shah का Rahul Gandhi पर हमला, 1984 के दंगों और दिल्ली रैली को लेकर कांग्रेस को घेरा नवंबर में कम बारिश और ज्यादा गर्मी की संभावना आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि नवंबर में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। वहीं, इस महीने तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि अक्टूबर 2026 में देश का औसत अधिकतम तापमान 1901 के बाद से सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। महापात्र ने कहा, फिलहाल हमें उम्मीद है कि यह चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। इसके बनने के बाद इसका नाम मुरासु होगा। इसके गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की थोड़ी संभावना है, लेकिन फिलहाल हमारा अनुमान है कि यह चक्रवाती तूफान होगा और 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराएगा।
Cyclone Murasu बंगाल की खाड़ी में बना, IMD ने Andhra Pradesh तट से टकराने की चेतावनी दी
भुवनेश्वर, एक नवंबर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहन दबाव रविवार को चक्रवाती तूफान में बदल गया, जिसके बाद ओडिशा सरकार ने राज्य के दक्षिणी हिस्से में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने ताजा बुलेटिन में बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान मुरासु बना है। इसके तीन नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है। भारत ने इस तूफान को मुरासु नाम दिया है, जिसका अर्थ युद्ध का नगाड़ा होता है। यह तूफान और तेज होकर बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, यह तीन नवंबर की सुबह नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है। विभाग के अनुसार इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और तेज होकर 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का पूर्वानुमान है। ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि राज्य सरकार ने दक्षिणी हिस्से में पहले ही ‘हाई अलर्ट’ जारी कर दिया है। सरकार ने निचले इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का भी आदेश दिया है। भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा में दो नवंबर से बारिश शुरू होगी। तीन और चार नवंबर को बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है।
cyclone arnab odisha andhra pradesh flood damage relief operations- चक्रवात अर्नब: ओडिशा के गंजम-गजपति में बाढ़ के हालात सुधरे, आंध्र प्रदेश में 4,764 करोड़ के नुकसान का अनुमान
बंगाल की खाड़ी में गहराया अवदाब, Andhra Pradesh तट पर 3 नवंबर को दस्तक दे सकता है Cyclone
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र तीव्र होकर अवदाब के क्षेत्र में बदल गया है और इसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। यह तूफान तीन नवंबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में दस्तक दी थी। उस समय तट पर पहुंचने के दौरान हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा थी। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, “संभावित चक्रवाती तूफान में हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। इस दौरान हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। यह मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है।”आईएमडी ने अपराह्न तीन बजे जारी बुलेटिन में कहा कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा अंडमान सागर के ऊपर बना अवदाब का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा और 31 अक्टूबर को पूर्वाह्न 11 बजकर 30 मिनट पर उसी क्षेत्र में दबाव में बदल गया। बुलेटिन के अनुसार, इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की बहुत अधिक आशंका है। इसमें कहा गया है कि इसके बाद के 12 घंटों के दौरान यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और तीव्र होकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। बुलेटिन में बताया गया कि इसके दो नवंबर की शाम तक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों से होते हुए आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंचने की संभावना है। अवदाब का क्षेत्र ऐसी मौसमी स्थिति है, जो निम्न दबाव के क्षेत्र से अधिक तीव्र होती है, लेकिन चक्रवाती तूफान से कम प्रभावशाली होती है। भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा, “हम इस प्रणाली की प्रगति पर नजर रख रहे हैं और इसके आगे बढ़ने के साथ ही नयी जानकारी जारी करेंगे।”आईएमडी ने ओडिशा के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है।
2 November की शाम तक Andhra Pradesh तट पहुंचेगा नया Cyclone, IMD ने किया आगाह
बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक बार फिर चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि अंडमान सागर के ऊपर बना एक मौसमी सिस्टम लगातार ताकतवर होता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह सिस्टम अगले 6 घंटों के भीतर एक 'डिप्रेशन' (कम दबाव का क्षेत्र) में बदल सकता है और अगले 24 घंटों में एक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। मौसम संबंधी ताजा जानकारी के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब और अधिक स्पष्ट और मजबूत हो गया है। यह फिलहाल दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तथा अंडमान सागर के आसपास के इलाकों के ऊपर स्थित है। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है और 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच सकता है। इसे भी पढ़ें: SEBI का ध्यान पूंजी बाजार को सुगम बनाने और Investors की सुरक्षा पर: Tuhin Kanta Pandey बंगाल की खाड़ी का यह सिस्टम 6 घंटे में 'डिप्रेशन' (कम दबाव के क्षेत्र) में बदल सकता है IMD के अनुसार, 30 अक्टूबर को दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ऊपर कम दबाव का एक क्षेत्र बना था। यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। 31 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे तक, यह दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास के इलाकों में एक 'वेल-मार्क्ड' (स्पष्ट रूप से चिह्नित) कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया था। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले 6 घंटों के भीतर यह सिस्टम इसी इलाके में एक 'डिप्रेशन' (गहरा कम दबाव का क्षेत्र) में बदल सकता है। इससे पता चलता है कि समुद्र के ऊपर बन रहा यह मौसमी सिस्टम लगातार अधिक व्यवस्थित और शक्तिशाली होता जा रहा है। इसे भी पढ़ें: SEBI पूंजी बाजारों को सुगम बनाने में जुटा, Tuhin Kanta Pandey बोले निवेशकों की सुरक्षा प्राथमिकता अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान बनने की संभावना IMD ने यह भी बताया है कि 'डिप्रेशन' में बदलने के बाद, अगले 24 घंटों के भीतर यह सिस्टम एक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। जैसे-जैसे यह सिस्टम मजबूत होगा, इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ने की उम्मीद है। अपने संभावित रास्ते पर आगे बढ़ते हुए, यह दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ सकता है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, यह संभावित चक्रवाती तूफान 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के करीब, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है।
Kotia सीमा पर Andhra Pradesh के पंचायत चुनाव का Odisha के सभी दल करेंगे विरोध
ओडिशा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सभी विपक्षी दलों ने विवादित कोटिया क्षेत्र में पंचायत चुनाव कराने के आंध्र प्रदेश सरकार के कदम का सामूहिक विरोध करने का फैसला किया है। नेताओं ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा पर पूर्वी घाट की खूबसूरत पहाड़ियों में बसे कोटिया क्षेत्र के गांवों को लेकर दशकों पुराना क्षेत्रीय विवाद अक्सर चुनावों के दौरान सामने आता है। दोनों राज्य इस क्षेत्र पर अपना अधिकार जताते हैं और यह मामला फिलहाल उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। इन गांवों के लोगों को दोहरी मतदान की सुविधा प्राप्त है, जिसके तहत वे दोनों राज्यों में मतदान कर सकते हैं। यह विवादित क्षेत्र ओडिशा के कोरापुट जिले के अंतर्गत आता है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग निषेधाज्ञा का उल्लंघन करेंगे या ग्रामीणों को मतदान में भाग लेने के लिए उकसाएंगे, उनके खिलाफ गिरफ्तारी सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आंध्र प्रदेश के इस कदम का संयुक्त रूप से विरोध करने का फैसला बृहस्पतिवार को हुई सर्वदलीय बैठक में लिया गया। इस बैठक में सभी प्रमुख दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। इसकी अध्यक्षता कोरापुट के जिलाधिकारी मनोज सत्यवान महाजन ने की। बैठक में सभी ने ओडिशा के क्षेत्रीय हितों की रक्षा करने पर सर्वसम्मति से सहमति जताई। जयपुर से कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद बहिनीपति ने कहा कि कोटिया की क्षेत्रीय स्थिति को लेकर ‘‘कोई समझौता नहीं’’ किया जाएगा। कोरापुट से बीजू जनता दल (बीजद) के पूर्व सांसद झीना हिकाका ने कहा कि विभिन्न दलों के नेता संयुक्त रूप से विवादित गांवों का दौरा करेंगे और जरूरत पड़ने पर वहां डेरा डालेंगे, ताकि आंध्र प्रदेश को चुनाव कराने से रोका जा सके। भाजपा विधायक रघुराम माछा ने कहा कि राज्य सरकार ओडिशा के हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है और उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा। जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘क्षेत्र में अनधिकृत गतिविधियों को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा एक नवंबर से लागू होगी।’’चुनाव से पहले लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए संवेदनशील सीमावर्ती गांवों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और रणनीतिक स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन लोगों का विश्वास मजबूत करने के लिए विकास संबंधी पहलों पर भी ध्यान दे रहा है और ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान कर रहा है।
Cyclone Arnab से Andhra Pradesh में 6 मौतें, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने किया हवाई सर्वेक्षण
आंध्र प्रदेश के तेनाली मंडल में दीवार गिरने से 11 वर्षीय लड़के की मौत हो गई और इसके साथ ही अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि यह घटना बुधवार रात करीब नौ बजे हुई। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यभर में मौसम लगभग ठीक है और अवरुद्ध सड़कों तथा क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों में से करीब 90 प्रतिशत को बहाल कर दिया गया है। जैन ने कहा कि बहाली का काम बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगा। इस बीच, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवाती तूफान से तबाह हुए कुछ जिलों में बड़े भूभाग और खेतों का हवाई सर्वेक्षण किया। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कृष्णा, पश्चिम गोदावरी और डॉ. बी आर आंबेडकर कोनसीमा जिलों का सर्वेक्षण किया। नायडू ने नवनिर्मित राजधानी अमरावती से हेलीकॉप्टर के जरिए कोनसीमा जिले के कट्रेनिकोना मंडल स्थित चेयेरू गांव तक दौरा किया। वहीं, मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को बताया कि बुधवार को बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण अंडमान सागर और उसके आसपास के क्षेत्र में नया कम दबाव का क्षेत्र बना है। विभाग ने कहा कि इसके गहरे होकर अवदाब में बदलने और नवंबर के पहले सप्ताह में आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कम दबाव का क्षेत्र बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे बना और पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे तक उसी क्षेत्र में बना रहा। इस बीच, भारतीय तटरक्षक बल ने बृहस्पतिवार को बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश तट के पास फंसे मार्शल द्वीपसमूह के ध्वज वाले मालवाहक जहाज ‘सिग्मा पर्ल’ के चालक दल के 13 सदस्यों को बचाया। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण खराब मौसम के बीच जहाज फंस गया था। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, डॉ. बी आर आंबेडकर कोनसीमा जिले के समुद्र तटीय गांव अंतरवेदी के पास तटरक्षक बल का बचाव अभियान जारी है।
Amit Shah ने Cyclone Arnab प्रभावित राज्यों को दिया मदद का भरोसा, मुख्यमंत्रियों से की बात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात 'अरनाब' से प्रभावित राज्यों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) बचाव और राहत कार्यों में पूरी तरह जुटे हुए हैं। 29 अक्टूबर को, शाह ने आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और सहायता उपायों पर चर्चा की। उन्होंने 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि चक्रवात 'अरनाब' के मद्देनजर, मैंने आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बात की है। मैंने उन्हें भरोसा दिलाया है कि आपदा के समय लोगों की कठिनाइयों को कम करने के लिए हर संभव मदद दी जाएगी। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab Update | चक्रवात 'अर्नब' का तांडव! आंध्र प्रदेश के 13 जिलों में भारी तबाही, सड़कों को नुकसान और 'फ्लैश फ्लड' का अलर्ट उन्होंने आगे कहा कि NDRF और SDRF की टीमें हरकत में आ गई हैं और युद्ध स्तर पर बचाव व राहत कार्य चला रही हैं। नुकसान का आकलन करने और आगे की जरूरी मदद तय करने के लिए जल्द ही IMCT (अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें) भेजी जाएंगी। भारत सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ लोगों के साथ खड़ी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 'बहुत भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब' (Very Severe Cyclonic Storm Arnab) के अवशेष के रूप में बना 'डीप डिप्रेशन' (deep depression) लगभग उत्तर दिशा की ओर 22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था। 29 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे तक यह कमजोर होकर एक 'डिप्रेशन' (depression) में बदल गया। यह सिस्टम दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर, 19.0N अक्षांश और 81.9E देशांतर के पास, छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से लगभग 20 किमी पश्चिम में केंद्रित था। यह डिप्रेशन ओडिशा के भवानीपटना से 170 किमी दक्षिण-पश्चिम, टिटलागढ़ से 210 किमी दक्षिण-पश्चिम, रायपुर से 250 किमी दक्षिण और संबलपुर से 350 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित था। इसके लगभग उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ते रहने और 29 अक्टूबर की शाम तक और कमजोर होकर एक 'वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया' (well-marked low-pressure area) में तब्दील होने की संभावना है। रायपुर और संबलपुर में लगे 'डॉपलर वेदर रडार' (Doppler Weather Radars) के जरिए इस सिस्टम पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab के असर से Andhra Pradesh के 13 जिलों में अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी इसके अलावा, 28 अक्टूबर को देखे गए ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण (upper air cyclonic circulation) के प्रभाव से, दक्षिण अंडमान सागर और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक कम दबाव का क्षेत्र बना है। इस प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 24 घंटों के भीतर दक्षिण अंडमान सागर तथा उससे सटे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के ऊपर एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र (well-marked low-pressure area) में तब्दील होने की संभावना है।
अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने आंध्र प्रदेश और उसके आसपास के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बुधवार तड़के तटीय क्षेत्रों से टकराने के बाद इस चक्रवात ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश, पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने तथा करंट लगने व दीवार ढहने जैसी हादसों के कारण कम से कम 5 लोगों की मौत हो चुकी है। तबाही के इस मंजर के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और चक्रवात चेतावनी केंद्र ने राज्य के 13 जिलों और यनम क्षेत्र के लिए 'फ्लैश फ्लड' (अचानक आने वाली बाढ़) का मध्यम से उच्च जोखिम वाला अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के दायरे में बापटला, गुंटूर, NTR, कृष्णा, एलुरु, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी सीताराम राजू, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, अनाकापल्ली, पार्वतीपुरम मान्यम और पश्चिमी गोदावरी जिले शामिल हैं। चक्रवात 'अर्नब' से 5 लोगों की मौत, सड़कें क्षतिग्रस्त बुधवार तड़के चक्रवात 'अर्नब' आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इसके कारण भारी तबाही हुई—पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, और करंट लगने जैसी घटनाओं में 5 लोगों की मौत हो गई। सुबह 2 बजे से 8 बजे के बीच, 6 घंटे की अवधि में यह चक्रवात आंध्र प्रदेश और यनम के तटों से होकर गुजरा, जिससे कई इलाकों, खासकर तटीय जिलों में भारी बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि एलुरु, पश्चिमी गोदावरी और विजयनगरम सहित 10 से अधिक जिलों के सैकड़ों गांवों पर चक्रवात की सबसे ज्यादा मार पड़ी है। कई इलाकों में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab के असर से Chhattisgarh में तेज बारिश, रायपुर समेत 12 जिलों में स्कूल बंद चक्रवात चेतावनी केंद्र ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के असर से कुछ जल क्षेत्रों (watersheds) और आसपास के इलाकों में मध्यम से भारी 'फ्लैश फ्लड' का खतरा है। केंद्र ने चेतावनी दी है कि जिन इलाकों की मिट्टी पहले से ही पूरी तरह गीली (saturated) है और जो निचले इलाके संवेदनशील माने जाते हैं, वहां सतह पर पानी बहने (surface runoff) और जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 29 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे से 30 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे तक आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ उत्तरी तमिलनाडु के तट पर तूफानी मौसम का अनुमान जताया है। इस दौरान हवा की गति 50 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है और झोंकों के साथ यह 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई बुधवार सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों में आंध्र प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश हुई, जबकि ओडिशा में बहुत भारी से लेकर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। आंध्र प्रदेश के गरिबिडी में 26 सेमी बारिश हुई। इसके बाद अनाकापल्ली, श्रृंगवरपुकोटा, वेपाडा और चीपुरुपल्ले में 25-25 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसे भी पढ़ें: Cyclone Arnab के असर से Andhra Pradesh के 13 जिलों में अचानक बाढ़ का अलर्ट जारी भीमुनिपटनम, मेंटाडा और येलामंचिली में 24-24 सेमी, जबकि गंट्याडा और रानास्थलम में 23-23 सेमी बारिश हुई। गजपतिनगरम, नेल्लीमेरला, विशाखापत्तनम और मेराकामुदिदाम में 22-22 सेमी, और चोडावरम तथा बोंडापल्ले में 21-21 सेमी बारिश दर्ज की गई। IMD ने गुरुवार, 29 अक्टूबर के लिए तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। साथ ही, इन क्षेत्रों और रायलसीमा में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी संभावना है। 30 अक्टूबर से 3 नवंबर तक तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने के आसार हैं। 1, 2 और 3 नवंबर को भी इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। 1 नवंबर तक 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात से हुए नुकसान की जानकारी देते हुए बताया कि करंट लगने और दीवार गिरने की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई है। हजारों हेक्टेयर में खड़ी फसलें, जिनमें धान भी शामिल है, बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इसे भी पढ़ें: केंद्रीय कर्मचारियों का DA 3 फीसदी बढ़ा, ओडिशा में चक्रवात Arnab से अलर्ट चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध किया है। मौसम विभाग ने बताया कि इससे पहले, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' आंध्र प्रदेश और यनम के तटों से तड़के 2 बजे से सुबह 8 बजे के बीच गुजरा, जिसके बाद यह कमजोर होकर एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
Ram Charan ने अपने 39वें जन्मदिन पर पत्नी उपासना के साथ किए Tirupati Temple के दर्शन | Watch Video
राम चरण को पत्नी और बेटी के साथ तिरूपति मंदिर में देखा गया। अपने 39वें जन्मदिन के अवसर पर, सुपरस्टार राम चरण ने प्रतिष्ठित तिरुपति मंदिर का दौरा किया और अपनी पत्नी उपासना कामिनेनी और बेटी क्लिन कारा के साथ पूजा की। बुधवार सुबह वह मंदिर में दर्शन करने गए थे। इसे भी पढ़ें: Johnny Depp कैप्टन Jack Sparrow के रूप में वापसी करेंगे? Pirates of the Caribbean के निर्माता ने किया खुलासा मंदिर में उनके दर्शन की कई तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें उन्हें वेष्टी और शर्ट पहने देखा जा सकता है, जबकि उपासना ने रानी गुलाबी साड़ी चुनी है। समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा साझा किए गए वीडियो में अभिनेता और उनकी पत्नी और बच्चे को कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिर से बाहर आते देखा जा सकता है। काम के मोर्चे पर राम चरण गेम चेंजर की कहानी एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है जो सरकार के कामकाज के तरीके को बदलने के लिए निष्पक्ष चुनाव की वकालत करके भ्रष्ट राजनेताओं से लड़ने का प्रयास करता है। यह दूसरी बार है जब राम और कियारा किसी फिल्म में साथ काम करेंगे। इससे पहले, उन्होंने बोयापति श्रीनु की 2019 की फिल्म विनय विद्या राम के साथ स्क्रीन स्पेस साझा किया था। गेम चेंजर के अलावा, राम चरण अपनी 16वीं फिल्म में जान्हवी कपूर के साथ स्क्रीन स्पेस साझा करते हुए भी दिखाई देंगे, जिसका नाम शीर्षक नहीं है और इसे आरसी16 कहा जाता है। फिल्म को हाल ही में हैदराबाद में एक पूजा समारोह के साथ लॉन्च किया गया। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता उप्पेना से डेब्यू करने वाले बुची बाबू सना द्वारा निर्देशित तेलुगु फिल्म हिंदी, तमिल, मलयालम और कन्नड़ में भी रिलीज होगी। इसे भी पढ़ें: हॉलीवुड स्टार Vin Diesel को आयी Deepika Padukone की याद, शेयर की अपनी एक्ट्रेस के साथ पुरानी तस्वीर फिल्म में जान्हवी मुख्य भूमिका में हैं, जिसमें कन्नड़ सुपरस्टार शिव राजकुमार भी हैं। फिल्म के लिए एआर रहमान संगीत तैयार करेंगे। राम चरण ने जान्हवी के साथ काम करने को लेकर उत्साह व्यक्त किया और कहा, जगदेका वीरुडु अतिलोका सुंदरी की पुरानी यादों को याद करते हुए, कई लोग मुझे जान्हवी कपूर के साथ जोड़ी में देखने के लिए उत्सुक हैं। #WATCH | Andhra Pradesh: Actor Ram Charan along with his family on his birthday, visited & offered prayers at the Tirupati Balaji Temple. pic.twitter.com/Ugq0byNirp — ANI (@ANI) March 27, 2024

