Kotia में Andhra Pradesh की चुनावी गतिविधियों के खिलाफ BJD का दल करेगा दौरा
बीजू जनता दल (बीजद) का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ओडिशा के कोरापुट जिले के विवादित कोटिया पंचायत क्षेत्र का संभवत: दौरा करेगा और वहां के तीन गांव में पड़ोसी आंध्र प्रदेश की चुनाव संबंधी गतिविधियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराएगा। आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा पर पूर्वी घाट की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बसे कोटिया गांवों को लेकर दशकों से जारी क्षेत्रीय विवाद अक्सर चुनावों के दौरान सामने आता है। इस क्षेत्र पर दोनों राज्य अपना अधिकार जताते हैं और यह मामला फिलहाल उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। इन गांवों के लोगों को दोनों राज्यों में मतदान करने का अधिकार प्राप्त है, जिससे उन्हें दोनों राज्यों के चुनावों में वोट डालने की अनूठी सुविधा मिलती है। बीजद के प्रतिनिधिमंडल में पूर्व सांसद झिना हिकाका, प्रदीप माझी और मनोहर रंधारी के साथ विधायक एवं पार्टी के आदिवासी प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष जगन्नाथ साराका शामिल हैं। बीजद प्रमुख नवीन पटनायक ने पहले इस मुद्दे पर हस्तक्षेप का अनुरोध करते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखा था। उन्होंने पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से कोटिया के निवासियों से मिलकर उनकी चिंताओं और कठिनाइयों को समझने को कहा। पार्टी ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि प्रतिनिधिमंडल जमीनी स्थिति का आकलन करेगा और चुनाव संबंधी गतिविधियों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी जुटाएगा। इसके बाद वह आगे विचार-विमर्श और उचित कार्रवाई के लिए पटनायक को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा। बीजद ने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य स्थिति का आकलन करना और निवासियों की चिंताओं को समझना है, क्योंकि इस मुद्दे का ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता और प्रशासनिक अधिकार पर प्रभाव पड़ता है। पटनायक ने 2024 के चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषणापत्र का हवाला देते हुए कोटिया मुद्दे पर किए गए वादों को पूरा करने में कथित विफलता को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए थे। पटनायक ने कहा था कि भाजपा ने वादा किया था कि ‘डबल इंजन सरकार’ इस मुद्दे का समाधान करेगी, ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करेगी और ओड़िया गौरव को बहाल करेगी। अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा सरकार कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है, जबकि आंध्र प्रदेश कोटिया के तीन गांवों में पंचायत चुनाव कराने पर अड़ा हुआ है। ओडिशा इन गांवों को अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है।
Bengaluru के Yelahanka Palace में नहीं होगी YS Sharmila की बेटी की शादी, Jagan ने रोकी अनुमति
अपनी बहन वाईएस शर्मिला के साथ संपत्ति विवाद के चलते, युवाजन श्रमिक रायतू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने नवंबर में बेंगलुरु स्थित पारिवारिक परिसर, 'येलाहंका पैलेस' में अपनी भतीजी की शादी करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। शर्मिला की बेटी, वाईएस अंजलि रेड्डी की सगाई 24 सितंबर को सोमाला रघुरामी रेड्डी के साथ हुई, जो अमेरिका में रहते हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि आंध्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख शर्मिला, उनकी शादी 25 नवंबर को येलाहांका पैलेस में कराना चाहती थीं। शर्मिला के एक सहयोगी ने बताया कि जगन मोहन रेड्डी ने अपनी माँ, वाई.एस. विजयम्मा के ज़रिए शर्मिला तक यह संदेश पहुँचाया कि वे येलाहंका पैलेस में शादी नहीं होने देंगे। इसे भी पढ़ें: Supreme Court के निर्देश पर Andhra Pradesh के 100 नगरीय निकायों में चुनाव प्रक्रिया स्थगित सहयोगी ने कहा यह शर्मिला के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि वह रिश्तेदारों, राजनीतिक नेताओं और जानी-मानी हस्तियों को शादी के निमंत्रण कार्ड बाँट चुकी थीं। अब उन्हें शादी के लिए कोई दूसरी जगह ढूँढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सहयोगी के अनुसार, जगन मोहन रेड्डी ने विजयम्मा से कहा कि यह प्रॉपर्टी उनकी सास के नाम पर रजिस्टर्ड है। शर्मिला के सहयोगी ने बताया, विजयम्मा ने उन्हें अपना फ़ैसला बदलने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे। उन्होंने आगे कहा कि अब शर्मिला के पास कोई और विकल्प नहीं बचा है, सिवाय इसके कि वह किसी दूसरी उपयुक्त जगह की तलाश करें। उन्होंने बताया, उन्होंने पहले ही कांग्रेस हाईकमान के शीर्ष नेताओं, कर्नाटक के डी. के. शिवकुमार और तेलंगाना के ए. रेवंत रेड्डी जैसे मुख्यमंत्रियों, तथा तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन को निमंत्रण भेज दिया है। इन लोगों की मौजूदगी के लिए जरूरी सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, उन्हें अब किसी दूसरी उपयुक्त जगह की तलाश करनी होगी। उन्होंने आगे कहा कि अब शर्मिला के पास कोई और विकल्प नहीं बचा है, बल्कि विश्वास है कि वह किसी अन्य जगह की तलाश कर सकती है। उन्होंने बताया, उनसे पहले ही कांग्रेस हाईकमान के शीर्ष नेता, कर्नाटक के डी. के. शिवकुमार और तेलंगाना के ए. रेवंत रेड्डी जैसे कलाकार, और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन को सुझाव दिया गया है। इन लोगों की पहचान के लिए आवश्यक सुरक्षा और अन्य मित्रों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, उन्हें अब किसी अन्य उपयुक्त स्थान की तलाश करनी होगी।
Supreme Court के निर्देश पर Andhra Pradesh के 100 नगरीय निकायों में चुनाव प्रक्रिया स्थगित
आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद 100 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में चुनाव प्रक्रिया रोक दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने बुधवार को एक आदेश जारी कर 13 नगर निगमों, 87 नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में चुनाव की आगे की प्रक्रिया रोकने का निर्देश दिया। राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने इससे पहले 14 अक्टूबर को इन शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव कराने के लिए अधिसूचना जारी की थी। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, 16 से 18 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जाने थे और 19 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होनी थी। पुनेठा ने बुधवार देर रात जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के निर्देशों को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग आदेश देता है कि राज्य के सभी 100 शहरी स्थानीय निकायों में चुनाव की आगे की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोक दी जाए।’’यह फैसला वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की ओर से उच्चतम न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर किए जाने के बाद आया है। पार्टी ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाने से इनकार कर दिया गया था। नामांकन की समयसीमा 19 अक्टूबर को समाप्त हो गई थी। उच्चतम न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग को 25 अक्टूबर तक उम्मीदवारों की अंतिम सूची प्रकाशित नहीं करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, न्यायालय ने पुनेठा को याचिकाकर्ता वाईएसआरसीपी और विभिन्न उम्मीदवारों की ओर से दिए गए अभ्यावेदनों पर विचार करने का भी निर्देश दिया। उच्चतम न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग को उपलब्ध कराए गए दस्तावेजी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर विचार करने का भी आदेश दिया। आयोग को यह तय करना है कि उन शहरी स्थानीय निकायों में नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ायी जाए या नहीं, जहां उसके अनुसार कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण उम्मीदवार नामांकन दाखिल नहीं कर पाए थे। पुनेठा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आयोग जिला प्रशासन से रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद 22 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाने पर आदेश जारी करेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव अधिसूचना में संशोधन कर समयसीमा बढ़ायी जाएगी और इस फैसले के प्रकाशित होने के समय से उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने के लिए कम से कम 48 घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। वाईएसआरसीपी ने उच्चतम न्यायालय में यह याचिका अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड महफूज ए. नाजकी के माध्यम से दायर की थी। पार्टी द्वारा नामांकन प्रक्रिया के दौरान पुंगनूर, रायचोटी, कडप्पा और तिरुपति में कथित हिंसक घटनाओं को न्यायालय के संज्ञान में लाया गया। उसने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी के उम्मीदवारों पर हमले किए गए, उन्हें धमकाया गया और नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया। वाईएसआरसीपी ने उच्चतम न्यायालय से अधिकारियों को उम्मीदवारों के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया, ताकि वे ‘‘बिना किसी डर के’’ अपना नामांकन दाखिल कर सकें।
कहीं आफत की बारिश तो कहीं ठंड की दस्तक! जानिए दक्षिण भारत से लेकर दिल्ली-NCR तक के मौसम का हाल
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग ने दक्षिण भारत में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। वहीं, उत्तर भारत के कुछ राज्यों में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है।IMD के अनुसार, दिल्ली-Delhi NCR में 24 और 25 अक्टूबर को हल्की बारिश हो सकती है। पंजाब और हरियाणा में भी इन तारीखों पर बारिश के आसार हैं। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में 23 अक्टूबर से बारिश हो सकती है।तमिलनाडु के 17 जिलों में येलो अलर्टतमिलनाडु (Tamil Nadu) में मौसम विभाग ने 23 अक्टूबर तक 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें चेन्नई, तिरुवल्लुर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, कुड्डालोर और तिरुचि जैसे जिले शामिल हैं।इन इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। 23 और 24 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।केरल में भारी बारिश की चेतावनीकेरल (Kerala) और माहे (Mahe) में 23 से 27 अक्टूबर के बीच बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। लक्षद्वीप में भी बारिश हो सकती है और 23 अक्टूबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश की आशंका है।खराब मौसम को देखते हुए IMD ने 23 से 25 अक्टूबर तक केरल और लक्षद्वीप के तटों पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।कर्नाटक में भी बदलेगा मौसमकर्नाटक (Karnataka) के तटीय और दक्षिणी इलाकों में 23 अक्टूबर से बारिश हो सकती है। दक्षिणी कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। इसके साथ ही आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है।इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय कर्नाटक में 23 और 24 अक्टूबर को बारिश ज्यादा होने की संभावना है।आंध्र प्रदेश में भी बारिश के आसारआंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के तटीय इलाकों, यनम और रायलसीमा में 23 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।अगले कुछ दिनों तक दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। केरल में 27 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ इलाकों में भी बारिश हो सकती है।
Andhra Pradesh के 7 जिलों की 19 नगरपालिकाओं में चुनाव रुके, अन्य निकायों में मतदान तय समय पर
आंध्र प्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने बुधवार को कहा कि सात जिलों की 19 नगरपालिकाओं को छोड़कर अन्य सभी अधिसूचित नगरपालिकाओं और नगर निगमों में स्थानीय निकाय चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगे। ये 19 नगरपालिकाएं वाईएसआर कडप्पा, अन्नमय्या, तिरुपति, अनंतपुरम, प्रकाशम, पलनाडु और मार्कापुरम जिलों में स्थित हैं। पुनेठा ने उच्चतम न्यायालय (एससी) के आदेशों का हवाला देते हुए एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “सात जिलों की 19 नगरपालिकाओं को छोड़कर अन्य सभी (अधिसूचित) नगरपालिकाओं और नगर निगमों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चुनाव होंगे।”राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को इन जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की और उन्हें शीर्ष अदालत के आदेशों का पालन करने का निर्देश दिया। हालांकि, पुनेठा ने कहा कि आयोग को उच्चतम न्यायालय के आदेश की प्रति अभी प्राप्त नहीं हुई है।
साउथ इंडिया में फिर बिगड़ेगा मौसम, तमिलनाडु-केरल में भारी बारिश, दिल्ली में कब होगी बारिश?
नई दिल्ली: CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार देश के कई राज्यों एक बार फिर तेज बारिश होने वाली है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, तमिलनाडु (Tamil Nadu), पुडुचेरी (Puducherry) और कराईकल (Karaikal) में 21 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी के पास अगले 24 घंटे में लो-प्रेशर एरिया बन रहा है, जिसकी वजह से ये बारिश होगी। तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 22 अक्टूबर तक तेज बारिश का दौर रहेगा, तो वहीं कुछ जगहों पर 26 अक्टूबर तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी।केरल और कर्नाटक में भी अलर्टकेरल (Kerala) और माहे (Mahe) में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है। यहां 26 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। दक्षिण कर्नाटक (Karnataka) के अंदरूनी इलाकों में 21 से 24 अक्टूबर के बीच तेज बारिश का अलर्ट है।इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और रायलसीमा (Rayalaseema) में भी आज भारी बारिश हो सकती है। अंडमान-निकोबार (Andaman and Nicobar) में भी 26 अक्टूबर तक बारिश का अनुमान है, जहां 24 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर तेज बारिश होगी।एमपी और महाराष्ट्र में भी बरसेंगे बादलIMD का कहना है कि मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), महाराष्ट्र (Maharashtra) और नॉर्थ-ईस्ट (North-East) के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। हालांकि हर जगह बारिश एक जैसी नहीं होगी। बारिश की वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा लो-प्रेशर सिस्टम है। इसके अलावा थाईलैंड की खाड़ी में बना एक और सिस्टम बुधवार को अंडमान सागर की तरफ बढ़ सकता है।दिल्ली-NCR में अभी मौसम साफ रहेगादिल्ली-NCR (Delhi-NCR) में अभी मौसम साफ रहेगा। यहां दिन का तापमान 31 से 33 डिग्री और रात का 18 से 20 डिग्री के आसपास रह सकता है। लेकिन हफ्ते के आखिर में मौसम बदल सकता है। दिल्ली (Delhi), हरियाणा (Haryana) और पंजाब (Punjab) में 24 और 25 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है।बंगाल की खाड़ी में एक और लो-प्रेशर बन सकता हैमौसम विभाग के मुताबिक, 23 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक और लो-प्रेशर एरिया बन सकता है। ये सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ेगा और मजबूत हो सकता है। अगले कुछ दिन साउथ इंडिया के लिए भारी रहने वाले हैं। अगर आप तमिलनाडु (Tamil Nadu), केरल (Kerala) या कर्नाटक (Karnataka) में हैं तो थोड़ा संभल कर रहें और IMD की सलाह का पालन करें। वहीं दिल्ली-NCR (Delhi-NCR) वालों को अभी 2-3 दिन राहत मिलेगी, लेकिन वीकेंड पर मौसम का मिजाज बदल सकता है, इसलिए थोड़ा अलर्ट रहना बेहतर होगा।

