...

मुजफ्फरपुर के युवक की आंध्र प्रदेश में मौत:दरवाजे पर फंदे से लटकी मिली लाश, पेंटर का करता था काम

मुजफ्फरपुर के युवक की आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में संदिग्ध स्थिति में मौत हुई है। युवक का शव किराए के कमरे के बाहर दरवाजे पर फंदे से लटका मिला। स्थानीय पुलिस सुसाइड मान रही है, लेकिन परिजन ने हत्या की आशंका जताई है। युवक लाश सोमवार को गांव लाई गई है। मृतक औराई थाना क्षेत्र के सुंदरखौली गांव हरेंद्र सहनी (30) हैं। परिजन के अनुसार हरेंद्र करीब 1 साल पहले आंध्र प्रदेश गया था। जहां वो पेंटर का काम करता था। कमरे के बाहर फंदे से लटका मिला शव करीब पांच दिन पहले नेल्लोर पुलिस ने परिजनों को फोन कर हरेंद्र की मौत की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोमवार को शव गांव भेजा। सोमवार को जैसे ही हरेंद्र का शव गांव पहुंचा, परिवार में चीख-पुकार मच गई। पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और उसका अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप हरेंद्र के परिजनों ने पुलिस की आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि हरेंद्र मानसिक रूप से मजबूत था और ऐसा कदम नहीं उठा सकता था। आरोप है कि उसके साथ रहने वाले कुछ लोगों ने हत्या की, फिर शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया परिजनों ने बताया कि हरेंद्र की शादी करीब 12 साल पहले हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी हरेंद्र के कंधों पर थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। गांव के पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं जदयू नेता अजय पटेल ने भी कहा कि अब तक परिवार को घटना की पूरी सच्चाई नहीं बताई गई है।

दैनिक भास्कर 27 Jul 2026 9:44 pm

इंदौर में आज रोपे जाएंगे 50 हजार पौधे:आंध्र प्रदेश से बुलवाए पौधे, सिरपुर तालाब पर भी 20 हजार पौधे लगाने की प्लानिंग

इंदौर में आज 50 हजार पौधे रोपे जाएंगे। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। रविवार को यह आयोजन बिजासन टेकरी के सामने स्थित वन विभाग की जमीन रमना पर होगा। इसमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित आमजन शामिल होकर पौधारोपण करेंगे। इंदौर में 21 लाख पौधारोपण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। करीब 13 दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और संस्थाओं की भागीदारी से बुढ़ानिया की 48 एकड़ पहाड़ी पर करीब एक लाख पौधे लगाए गए थे। इसी कड़ी में अब वन विभाग की जमीन रमना पर 50 हजार पौधे रोपे जाएंगे। राजमुंद्री, आंध्र प्रदेश से बुलवाए गए पौधे जनकार्य एवं उद्यान विभाग प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि रविवार को बिजासन टेकरी के सामने स्थित वन विभाग की जमीन पर 50 हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। आयोजन की शुरुआत सुबह 11.30 बजे होगी। इसमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय सहित अन्य नेता और आमजन शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि इस पौधारोपण की खास बात यह है कि यहां छोटे पौधों के साथ 10 फीट तक ऊंचे पौधे भी लगाए जाएंगे। इन पौधों को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के माध्यम से राजमुंद्री, आंध्र प्रदेश से बुलवाया गया है। इनमें बरगद, नीम, जामुन, आम सहित अन्य प्रजातियों के पौधे शामिल हैं। बुढ़ानिया में भी आंध्र प्रदेश से आए थे पौधे राजेंद्र राठौर ने बताया कि इससे पहले बुढ़ानिया में किए गए पौधारोपण के लिए भी आंध्र प्रदेश से पौधे बुलवाए गए थे। आगामी सप्ताह में सिरपुर तालाब पर 20 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए भी तैयारी की जा रही है। संभावना है कि अगले सप्ताह सिरपुर तालाब और पितृपर्वत पर पौधारोपण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जहां भी पौधारोपण किया गया है, वहां पौधों के संरक्षण और उनके बेहतर विकास का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

दैनिक भास्कर 26 Jul 2026 6:05 am

भारत में कोरोना के नए वैरिएंट 'Omicron RF.5' की एंट्री: आंध्र प्रदेश में पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जानिए यह नया स्ट्रेन कितना खतरनाक है और क्या हैं इसके लक्षण

देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के रूप बदलने (म्यूटेशन) के कारण स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले से भेजे गए कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों के सैंपलों की जीनोम सीक्वेंसिंग में कोरोना के एक बिल्कुल नए सब-वेरिएंट ओमिक्रॉन RF.5 (Omicron RF.5) की पुष्टि हुई है। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विायरोलॉजी (NIV) की रिपोर्ट में इस नए स्ट्रेन का खुलासा होने के बाद राज्य सरकार तुरंत एक्शन मोड में आ गई है। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह खबर पैनिक होने की नहीं बल्कि सावधान रहने की है, क्योंकि यह नया स्ट्रेन पहले से ही सिंगापुर और कुछ अन्य दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में फैल रहा है।क्या ओमिक्रॉन RF.5 पुराना वेरिएंट है या ज्यादा खतरनाक?इस नए वेरिएंट के सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या यह डेल्टा या पिछले अन्य वेरिएंट्स की तरह जानलेवा है? इस पर आंध्र प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा निदेशक (DME) डॉ. ए. विष्णुवर्धन ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि फिलहाल उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि RF.5 वेरिएंट अन्य ओमिक्रॉन स्ट्रेन की तुलना में अधिक खतरनाक या जानलेवा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वेरिएंट स्वाभाविक रूप से JN.1 लीनेज से विकसित हुआ है, न कि दो अलग-अलग स्ट्रेन के मिलने (Recombinant) से बना है। इसलिए जनता को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बल्कि बुनियादी सावधानी ही इससे बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग रहें बेहद सावधानभले ही यह वेरिएंट सामान्य तौर पर गंभीर न हो, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने हाई-रिस्क ग्रुप वाले लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की चेतावनी दी है। आंध्र प्रदेश में इस हालिया उछाल के दौरान जिन 4 मरीजों की मौत दर्ज की गई है, वे सभी पहले से ही गंभीर क्रोनिक बीमारियों (Comorbidities) से पीड़ित थे। डॉक्टरों के अनुसार, निम्नलिखित श्रेणियों के लोगों को शुरुआती लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:सीनियर सिटीजन: 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग।गर्भवती महिलाएं: गर्भधारण के समय कमजोर इम्यूनिटी के कारण खतरा।गंभीर बीमारियों से पीड़ित: अनियंत्रित डायबिटीज (मधुमेह), हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी, लिवर की समस्या या दिल के मरीजों को विशेष ध्यान रखना होगा।फ्लू जैसे ही हैं इसके लक्षण, अस्पताल पूरी तरह तैयारडॉक्टरों के मुताबिक, ओमिक्रॉन RF.5 वेरिएंट के लक्षण भी कोरोना के पिछले ओमिक्रॉन वेरिएंट्स की तरह ही हैं और यह मुख्य रूप से श्वसन तंत्र के ऊपरी हिस्से (Upper Respiratory Tract) को प्रभावित करता है। इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:गले में खराश या दर्द होना।सूखी या बलगम वाली लगातार खांसी आना।हल्का से तेज बुखार और सिरदर्द होना।नाक बहना या नाक का पूरी तरह ब्लॉक हो जाना।अत्यधिक थकान और शरीर के जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द।स्थिति से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपातकालीन समीक्षा बैठक की है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में कुल 16-19 सक्रिय मामले हैं, जो पूरी तरह से छिटपुट (Sporadic) हैं। राज्य के सभी टीचिंग अस्पतालों में विशेष कोविड आइसोलेशन वार्ड और बेड तैयार कर दिए गए हैं, साथ ही टेस्टिंग किट्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत की अधिकांश आबादी में वैक्सीन और पिछले संक्रमण के कारण मजबूत हाइब्रिड इम्यूनिटी मौजूद है, इसलिए किसी बड़ी लहर की आशंका बेहद कम है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Jul 2026 9:38 am

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना बाढ़ पीड़ितों के मदद के लिए आगे आए सोनू सूद, जरूरतमंदों को प्रदान की सहायता

Sonu Sood : आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आई भयानक बाढ़ के मद्देनजर रखते हुए, बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने बहुत जरूरी सहायता की पेशकश की है। एक वीडियो में, सोनू सूद ने बाढ़ पीड़ितों के लिए अपनी गहरी चिंता व्यक्त की और संकट के समय में ...

वेब दुनिया 4 Sep 2024 3:55 pm

आंध्र प्रदेश की इस जगह पर जोरो-शोरो पर चल रही है Pushpa 2 की शूटिंग, रश्मिका मंदाना ने साझा की तस्वीर

आंध्र प्रदेश की इस जगह पर जोरो-शोरो पर चल रही है Pushpa 2 की शूटिंग,रश्मिका मंदाना ने साझा की तस्वीर

मनोरंजन नामा 22 Mar 2024 6:45 am