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चक्रवात मुरासु: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र से तत्काल सहायता मांगी

अमरावती, 6 नवंबर . आंध्र प्रदेश के Chief Minister एन चंद्रबाबू नायडू ने Friday को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा. इसमें उन्होंने चक्रवात ‘मुरासु’…

डेली किरण 6 Nov 2026 10:43 pm

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने चक्रवात प्रभावित गुंटूर और बापटला जिलों का दौरा किया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने चक्रवात प्रभावित गुंटूर और बापटला जिलों का दौरा किया

समाचार नामा 6 Nov 2026 8:45 pm

आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरासू' से भारी तबाही, 8 लोगों की मौत; 20000000000 रुपये का नुकसान

आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'मुरासू' से लगभग 1,919 करोड़ रुपये का प्रारंभिक नुकसान हुआ है, जिससे 1.4 लाख हेक्टेयर से अधिक फसलें और 983 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।

जागरण 6 Nov 2026 8:44 pm

Chandrababu Naidu ने आंध्र प्रदेश में चक्रवात प्रभावित इलाकों का लिया जायजा, 37 करोड़ रुपये जारी

गुंटूर, छह नवंबर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार हाल में राज्य में आए दो चक्रवाती तूफानों ‘अर्नब’ और ‘मुरासु’ से हुए नुकसान का आकलन कर रही है और राहत कार्य तब तक जारी रखेगी, जब तक कि मदद आखिरी प्रभावित व्यक्ति तक न पहुंच जाए। उन्होंने गुंटूर जिले के रेटुरु गांव में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि हाल में आए दो चक्रवातों से राज्य को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसमें गुंटूर, बापटला और प्रकाशम जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को तब नुकसान उठाना पड़ा, जब उनकी फसलें कटाई के लिए तैयार थीं। नायडू ने कहा, ‘‘हम चक्रवात ‘अर्नब’ और ‘मुरासु’ से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं। जब तक आपदा से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति तक मदद नहीं पहुंच जाती, तब तक राहत और पुनर्वास के प्रयास जारी रहेंगे।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को पहले ही ‘अल नीनो’ के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ा था, लेकिन ‘पट्टिसीमा’ परियोजना से पानी मिलने के बाद उन्होंने बुआई कीं। उन्होंने बताया कि जब फसलें कटाई के लिए तैयार थीं और उनसे अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, तभी ‘मुरासु’ चक्रवात आ गया। मंगलवार को ‘मुरासु’ चक्रवात ओंगोल के पास, नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराया। नायडू ने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए एहतियाती कदमों से संपत्ति के नुकसान को कम करने में मदद मिली और राहत कार्य तेजी से शुरू किए जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि जब भी चक्रवात की पूर्व चेतावनी जारी की जाए, तो उसे गंभीरता से लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जागरूकता फैला रही है कि हर किसान फसल बीमा के लिए पंजीकरण कराए। उन्होंने कहा कि किसान फसल बीमा और ‘इनपुट सब्सिडी’ के जरिए अपने नुकसान की भरपाई कर सकते हैं। नायडू ने कहा कि सरकार चक्रवात राहत कार्यों के लिए तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु से मदद ले रही है। उन्होंने बताया कि चक्रवात ‘अर्नब’ के दौरान उखड़ गए लगभग 30,000 बिजली के खंभों को फिर से लगा दिया गया है, जबकि चक्रवात ‘मुरासु’ के दौरान 10,000 और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए थे। मछली पालन वाले तालाबों में भी बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जा रही है। नायडू ने कहा कि दोनों चक्रवातों से हुए नुकसान का व्यापक आकलन किया जा रहा है और सरकार केंद्र के साथ लगातार जानकारी साझा कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी चक्रवातों के असर के बारे में जानकारी ली थी। मुख्यमंत्री ने नल्लामाडा नाले की समस्या का स्थायी समाधान निकालने का वादा भी किया। मुख्यमंत्री ने 2019 से 2024 के बीच वाईएसआरसीपी की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान राज्य में ‘व्यापक तबाही’ हुई थी। नायडू ने कहा कि जहां तटीय जिले चक्रवातों की मार झेल रहे हैं, वहीं ‘अल नीनो’ ने रायलसीमा को प्रभावित किया, जहां पानी की कमी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि सूखे की स्थिति का अध्ययन करने के लिए केंद्रीय टीमों ने भी इस क्षेत्र का दौरा किया है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि तटीय इलाकों का पानी समुद्र में बहकर जा रहा है, जबकि रायलसीमा में पानी की कमी है। उन्होंने कहा कि सरकार जल सुरक्षा और उपलब्ध संसाधनों के कुशल प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इससे पहले, नायडू ने बापटला जिले के चक्रवात प्रभावित गांवों का दौरा किया और चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण जलमग्न हुए खेतों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मुताबिक मंगलवार को ‘मुरासु’ नामक भीषण चक्रवाती तूफान ने ओंगोल के पास, नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार किया, जिसमें आठ लोगों की जान चली गई। एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक राज्य सरकार ने तत्काल राहत के लिए प्रभावित जिलों को 37 करोड़ रुपये जारी किए हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक 1.4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे 1.8 लाख से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। बागवानी फसलों को 6,749 हेक्टेयर क्षेत्र में नुकसान पहुंचा है, जिससे 12,586 किसान प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक ‘मुरासु’ से 1,919 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

प्रभासाक्षी 6 Nov 2026 7:03 pm

Cyclone Murasu से आंध्र प्रदेश में 1919 करोड़ रुपये का नुकसान, CM Naidu ने दिए राहत के निर्देश

अमरावती, छह नवंबर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण 1,919 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री नायडू ने बृहस्पतिवार देर रात अधिकारियों के साथ चक्रवात के बाद की स्थिति की समीक्षा की और उन्हें राहत व बहाली के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्बाध बिजली और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करने पर जोर दिया। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि लगातार आए दो चक्रवातों ‘अर्नब’ और ‘मुरासु’ के बाद किसानों तथा निवासियों को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े। बृहस्पतिवार देर रात जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में नायडू के हवाले से कहा गया, ‘‘हम चक्रवात ‘मुरासु’ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए बापटला और गुंटूर जिलों के चक्रवात प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। प्रारंभिक तौर पर राज्य को लगभग 1,918.5 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है।’’अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात से संबंधित घटनाओं में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, 1.4 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें बर्बाद हुई हैं, जिससे 1.8 लाख से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। वहीं 6,749 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती को नुकसान पहुंचा है, जिससे 12,586 किसान प्रभावित हुए हैं। चक्रवात के कारण 983 मकान, 346 नौकाएं और 220 मछली पकड़ने के जाल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद फसल के नुकसान का सटीक आकलन करने में 48 से 72 घंटे का समय और लगेगा। आंध्र प्रदेश मध्य बिजली वितरण कंपनी के प्रभावित 11-केवी के 1,103 फीडर में से 871 को बहाल कर दिया गया है, जबकि क्षतिग्रस्त हुए बिजली के 3,946 खंभों में से 1,493 की मरम्मत कर दी गई है। सड़क एवं भवन विभाग ने प्रमुख जिला सड़कों और राज्य राजमार्गों की 760 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त होने की सूचना दी है, जबकि सभी 206 चिह्नित स्थानों पर गिरे हुए पेड़ों को हटा दिया गया है। पंचायत राज विभाग ने 204 किलोमीटर में 74 ग्रामीण सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना दी है, जिसकी मरम्मत पर 92 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बृहस्पतिवार तक राज्य के 31,428 टेलीकॉम टावर में से 30,518 चालू थे, जिससे 97 प्रतिशत सेवाएं बहाल हो गई हैं। बापटला, प्रकाशम और पश्चिम गोदावरी जिलों में कुछ स्थानों पर बहाली का काम लंबित है।

प्रभासाक्षी 6 Nov 2026 4:03 pm

तिरुपति लड्डू मामले की आंध्र प्रदेश से बाहर नहीं होगी सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने तिरुपति लड्डू घी मिलावट मामले को आंध्र प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने से इनकार कर दिया। अदालत ने आरोपी की याचिका खारिज करते हुए कहा कि राज्य में गवाहों की बड़ी संख्या के कारण सुनवाई प्रभावित होगी।

जागरण 5 Nov 2026 9:56 pm

आंध्र प्रदेश स्थानीय निकाय चुनाव में हिंसा, कडप्पा और तिरुपति में पेट्रोल बम से किए गए हमले

आंध्र प्रदेश में गुरुवार को जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (जेडपीटीसी) और मंडल परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (एमपीटीसी) के चुनावों के दौरान मतदान के समय तनाव बढ़ गया। वाईएसआर कडप्पा और तिरुपति जिलों के कुछ हिस्सों से पेट्रोल बम हमलों और झड़पों की खबरें आईं।

खास खबर 5 Nov 2026 4:59 pm

आंध्र प्रदेश में चक्रवात मुरासु का कहर: समंदर में नाव पलटने से लापता हुए तमिलनाडु के चार मछुआरों के शव बरामद

दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में हाल ही में आए खतरनाक चक्रवाती तूफान 'मुरासु' (Cyclones Murasu) की वजह से मची तबाही के निशान और दर्दनाक हादसे धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के समुद्री तटों पर इस प्राकृतिक आपदा ने ऐसा तांडव मचाया कि कई परिवारों की दुनिया उजड़ गई। ताजा और बेहद दुखद खबर आंध्र प्रदेश के प्रकाशम (Prakasam) जिले से सामने आ रही है, जहां चक्रवात मुरासु के दौरान समुद्र में नाव पलटने के कारण लापता हुए तमिलनाडु के नौ मछुआरों में से चार के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद से तटीय इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि बाकी के पांच लापता मछुआरों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस भीषण चक्रवात के दौरान समुद्र के भीतर क्या कुछ घटा और प्रशासन द्वारा राहत व बचाव कार्य किस तरह से आगे बढ़ाए जा रहे हैं।चक्रवात मुरासु का तांडव: प्रकाशम जिले के कलेक्टर पी. राजा बाबू ने दी पूरी जानकारीप्रकाशम जिले के जिला कलेक्टर पी. राजा बाबू ने मीडिया और समाचार एजेंसी पीटीआई को इस पूरी दुखद घटना की जानकारी देते हुए बताया कि तमिलनाडु के ये सभी मछुआरे बीते 29 अक्टूबर को चेन्नई से समुद्र में मछली पकड़ने के लिए निकले थे। जब मौसम विभाग की ओर से चक्रवात 'मुरासु' के आने की चेतावनी जारी की गई, तो इन मछुआरों को अपनी नावें लेकर किसी सुरक्षित स्थान पर लौटने की सलाह दी गई थी।चैन्नई से आने के बाद इन मछुआरों ने अपनी नावों को आंध्र प्रदेश के विभिन्न तटों पर सुरक्षित खड़ा किया था। इनमें से तीन नावें रामायपट्टनम (Ramayapatnam) बंदरगाह पर और एक नाव निजामपट्टनम (Nizamapatnam) बंदरगाह पर खड़ी की गई थी। अधिकारियों को पूरी उम्मीद थी कि सभी नावें और उन पर सवार लोग सुरक्षित हैं, लेकिन प्रकृति के भयंकर प्रकोप के आगे इंसानी योजनाएं धरी की धरी रह गईं और मुरासु चक्रवात ने सब कुछ उलट-पुलट कर रख दिया।कैसे हुआ यह भीषण हादसा? बिना सूचना दिए समुद्र में उतरना पड़ा भारीजिला प्रशासन द्वारा दी गई शुरुआती जांच और रिपोर्ट के अनुसार, तमिलनाडु के अधिकारियों ने गत दो नवंबर को यह पुष्टि की थी कि सभी मछुआरे और उनकी नावें संबंधित बंदरगाहों पर सुरक्षित हैं। लेकिन इसके बाद 3 नवंबर को एक बड़ी लापरवाही या जल्दबाजी सामने आई। निजामपट्टनम बंदरगाह पर खड़ी एक नाव पर सवार नौ मछुआरों ने आंध्र प्रदेश या तमिलनाडु के किसी भी स्थानीय अधिकारी को बिना कोई सूचना दिए, अपने अन्य साथियों के पास पहुंचने के लिए रामायपट्टनम की ओर अपनी नाव आगे बढ़ा दी।जैसे ही ये नौ मछुआरे अपनी नाव लेकर रामायपट्टनम की तरफ जा रहे थे, उसी दौरान चक्रवात मुरासु के प्रभाव से समंदर में तेज हवाएं चलने लगीं और मौसम बेहद भयानक हो गया। तेज हवाओं और ऊंची उठती खतरनाक लहरों की चपेट में आकर उनकी नाव संतुलन खो बैठी और समंदर के बीचों-बीच पलट गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद सभी नौ मछुआरे गहरे पानी में लापता हो गए थे, जिसके बाद तटरक्षक बल (Coast Guard) और स्थानीय प्रशासन को तुरंत इसकी सूचना दी गई।चार मछुआरों के शव बरामद, तीन शव तट पर बहकर आएजैसे-जैसे बचाव अभियान आगे बढ़ा, वैसे-वैसे इस हादसे की डरावनी तस्वीरें सामने आने लगीं। अब तक की गई तलाश के बाद लापता नौ मछुआरों में से चार के शव बरामद किए जा चुके हैं। प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, बरामद किए गए चार शवों में से तीन शव बहकर कोथापट्टनम (Kothapatnam) के तट पर आ गए थे, जबकि चौथे शव को सघन तलाशी अभियान के दौरान पानी से बाहर निकाला गया।सभी चारों शवों को कानूनी और चिकित्सीय औपचारिकताएं पूरी करने के लिए स्थानीय सरकारी जनरल अस्पताल (GGH) में भेजा जा रहा है। प्रकाशम जिला कलेक्टर ने बताया कि उन्होंने तमिलनाडु सरकार के शीर्ष अधिकारियों से इस संबंध में सीधी बात की है, और तमिलनाडु से अधिकारियों की एक विशेष टीम आंध्र प्रदेश के लिए रवाना हो चुकी है। इस टीम में मत्स्य विभाग के एक सहायक निदेशक भी शामिल हैं, जो मृतकों की पहचान की पुष्टि करेंगे और पूरी कागजी कार्रवाई में स्थानीय प्रशासन का सहयोग करेंगे।पांच अन्य लापता मछुआरों की तलाश जारी, पलटी हुई नाव को भी बाहर निकालने के इंतजामप्रशासन के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता इस समय बाकी बचे पांच लापता मछुआरों को सुरक्षित ढूंढना या उनके बारे में कोई पुख्ता जानकारी हासिल करना है। कलेक्टर पी. राजा बाबू ने आश्वस्त किया है कि तटरक्षक बल, मरीन पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की मदद से पांचों लापता मछुआरों की तलाश का अभियान पूरी मुस्तैदी के साथ जारी रहेगा। इसके अलावा, समंदर में पलटी हुई उस क्षतिग्रस्त नाव को भी खींचकर सुरक्षित तट पर लाने के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बरामद किए गए सभी शवों को सम्मान के साथ तमिलनाडु के अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा, ताकि वे उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचा सकें। इस बीच, तमिलनाडु सरकार ने भी आंध्र प्रदेश में अपने अधिकारियों की टीम भेजकर राहत कार्यों में पूरा सहयोग देने का ऐलान किया है।नेल्लोर और नरसपुर के बीच ओंगोल के पास तट से टकराया था 'मुरसु' चक्रवातगौरतलब है कि मंगलवार तड़के 'मुरसु' (Murasu) नाम के इस भीषण चक्रवाती तूफान ने दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार किया था। इस चक्रवात ने नेल्लोर और नरसपुर के बीच, विशेष रूप से ओंगोल (Ongole) के पास के तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और समंदर की उफनती लहरों ने तटीय इलाकों में खड़े पेड़ों, बिजली के खंभों और मकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मौसम विभाग और सरकार की तमाम चेतावनियों के बावजूद समुद्र के भीतर हुई यह अनहोनी एक बार फिर यह साबित करती है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जरा सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। प्रशासन ने एक बार फिर सभी तटीय इलाकों के नागरिकों और मछुआरों से अपील की है कि वे मौसम पूरी तरह से सामान्य होने तक समुद्र की ओर जाने का कोई जोखिम न उठाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 5 Nov 2026 4:32 pm

तिरुपति लड्डू मिलावट मामला: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश से बाहर ट्रायल कराने की मांग ठुकराई

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तिरुपति मंदिर के लड्डुओं में कथित मिलावट के मामले की सुनवाई आंध्र प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने की मांग खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई आधार नहीं है, जिसके चलते मुकदमे को दूसरे राज्य में स्थानांतरित करने की जरूरत हो।

खास खबर 5 Nov 2026 3:05 pm

तिरुपति लड्डू मिलावट मामला: Supreme Court ने आंध्र प्रदेश से बाहर ट्रायल कराने की मांग ठुकराई

New Delhi, 5 नवंबर . Supreme Court ने Thursday को तिरुपति मंदिर के लड्डुओं में कथित मिलावट के मामले की सुनवाई आंध्र प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने की…

डेली किरण 5 Nov 2026 3:03 pm

Tirupati Laddu मामला: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश से बाहर ट्रायल भेजने की याचिका खारिज की

नयी दिल्ली, पांच नवंबर उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को तिरुपति के लड्डुओं में मिलावटी घी के इस्तेमाल के मामले की सुनवाई आंध्र प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने के अनुरोध वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले के आरोपी महाराष्ट्र के डेयरी उद्योग के कारोबारी और मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मच्छिंद्र शांताराम लंके की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी। लंके की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने दलील दी कि नेता मामले को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं, जिससे निष्पक्ष सुनवाई के लिए प्रतिकूल माहौल बन गया है। दवे ने कहा, ‘‘यह एक राजनीतिक मुद्दा बन गया है। राज्य में प्रतिकूल माहौल है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री लगातार इस मामले को लेकर बयान दे रहे हैं।’’दवे ने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में घी में पशु चर्बी की मौजूदगी से इनकार किए जाने के बावजूद नेता इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने दलील दी, ‘‘निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई के लिए इस मामले को पड़ोसी राज्य में स्थानांतरित कर दिया जाए। अधिकांश आरोपी उत्तर भारत के हैं। भाषा की बाधा भी है।’’उन्होंने कहा कि भले ही सुनवाई करने वाला न्यायाधीश इन टिप्पणियों से प्रभावित न हो, लेकिन ऐसे माहौल में निष्पक्ष अभियोजन की उम्मीद नहीं की जा सकती। इस पर प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने दवे से कहा, ‘‘हमने अपने आदेश से उन सभी को चुप करा दिया है। अगर कुछ होता है तो आप हमारे पास आ सकते हैं।’’दवे ने कहा, ‘‘कृपया देखिए कि किस तरह के बयान दिए जा रहे हैं। इससे मेरे मुकदमे पर प्रतिकूल असर पड़ता है। कोई भी इससे अछूता नहीं है। मुकदमे की सुनवाई बेहद राजनीतिक रूप से प्रतिकूल माहौल में होगी। इसका खमियाजा केवल मुझे भुगतना पड़ेगा। नेताओं के बीच चल रही लड़ाई में मेरा इस्तेमाल किया जा रहा है। मैं यह भी नहीं कह रहा हूं कि मामले को यहां स्थानांतरित किया जाए। इसे किसी भी पड़ोसी राज्य में भेज दिया जाए। आखिरकार, इस मामले में सीबीआई अभियोजन कर रही है। अधिकांश आरोपी उत्तर भारत के हैं और भाषा की बड़ी बाधा है।’’हालांकि, पीठ ने मामले को स्थानांतरित करने की अनिच्छा जताते हुए कहा कि कई गवाह राज्य के ही हैं और इससे सुनवाई प्रभावित होगी। पीठ ने यह भी कहा कि जांच उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने की थी। पीठ ने आदेश दिया, ‘‘हम सुनवाई को स्थानांतरित करने के इच्छुक नहीं हैं। याचिका खारिज की जाती है।’’चार अक्टूबर 2024 को शीर्ष अदालत ने तिरुपति के लड्डू बनाने में पशु चर्बी के इस्तेमाल के आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय स्वतंत्र एसआईटी गठित की थी। न्यायालय ने कहा था कि ऐसा ‘‘करोड़ों लोगों की भावनाओं को शांत करने’’ के लिए किया जा रहा है। साथ ही उसने स्पष्ट किया था कि अदालत का इस्तेमाल ‘‘राजनीतिक अखाड़े’’ के रूप में नहीं किया जा सकता। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने इससे पहले आरोप लगाया था कि राज्य में वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के कार्यकाल में तिरुपति के लड्डू बनाने में पशु चर्बी का इस्तेमाल किया गया था। उनके इस दावे के बाद बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने नायडू पर राजनीतिक लाभ के लिए ‘‘घिनौने आरोप’’ लगाने का आरोप लगाया था, जबकि राज्य में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी ने अपने दावे के समर्थन में प्रयोगशाला की एक रिपोर्ट प्रसारित की थी। उच्चतम न्यायालय ने लड्डू बनाने में कथित तौर पर पशु चर्बी के इस्तेमाल की अदालत की निगरानी में जांच कराने के अनुरोध वाली याचिकाओं सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया था।

प्रभासाक्षी 5 Nov 2026 2:03 pm

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों का किया हवाई सर्वेक्षण

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों का किया हवाई सर्वेक्षण

समाचार नामा 4 Nov 2026 7:51 pm

दीपोत्सव-2026 में देशभर के लोकनृत्यों से सजेगी रामनगरी:पश्चिम बंगाल के श्री खोल से आंध्र प्रदेश के बोनालू तक दिखेगी सांस्कृतिक विविधता

दीपोत्सव-2026 में इस बार रामनगरी की सड़कों और सांस्कृतिक मंचों पर देश की विविध लोक परंपराओं के रंग देखने को मिलेंगे। आयोजन में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए लोक कलाकार अपने पारंपरिक नृत्यों और लोक विधाओं की प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही अन्य प्रदेशों के कलाकार भी अपनी क्षेत्रीय लोककला के माध्यम से दीपोत्सव की सांस्कृतिक भव्यता बढ़ाएंगे। लोकनृत्यों की यह विविधता अयोध्या में देश की सांस्कृतिक एकता और परंपराओं का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगी। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, प्रदेश के लोक कलाकार दलों में मथुरा का मयूर और बम रसिया नृत्य, प्रयागराज का ढेढ़िया नृत्य, बांदा का पाई डंडा, सोनभद्र का मांदल-सिंघा और करमा नृत्य प्रमुख आकर्षण होंगे। गाजीपुर का धोबिया, गोरखपुर का वनटांगिया, पीलीभीत का थारू, झांसी का राई नृत्य होगा आकर्षण का केंद्र उन्होंने बताया अयोध्या के कलाकार बधावा, फरुवाही तथा डमरू एवं शंख नृत्य की प्रस्तुति देंगे। वहीं गाजीपुर का धोबिया, गोरखपुर का वनटांगिया, पीलीभीत का थारू, झांसी का राई, सुलतानपुर का नटवरी और बहराइच का डोमकच नृत्य भी अपनी लोक परंपरा की झलक दिखाएगा। रणप्पा चढैय्या और शंख वादन की प्रस्तुति देंगे दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों की लोक विधाओं को भी स्थान दिया गया है। पश्चिम बंगाल के कलाकार श्री खोल, ओड़िशा के कलाकार मास्क डांस, शाही जात्रा, रणप्पा चढैय्या और शंख वादन की प्रस्तुति देंगे। झारखंड का पुरुलिया छऊ, मध्य प्रदेश का गुदुम बाजा, कर्नाटक का ढोलु कुनीथा और गुजरात का तलवार रास भी दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। चेन्नई की कावड़ी, कड़गम और मयूर नृत्य तथा आंध्र प्रदेश का बोनालू भी इसके अलावा राजस्थान का घूमर-चरी, बिहार की झिझिया, चेन्नई की कावड़ी, कड़गम और मयूर नृत्य तथा आंध्र प्रदेश का बोनालू भी दीपोत्सव की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का हिस्सा होंगे। अलग-अलग राज्यों की इन लोक विधाओं के जरिए दर्शकों को देश की विविध लोक परंपराओं, वेशभूषा, संगीत और नृत्य शैलियों से रूबरू होने का अवसर मिलेगा। सोनभद्र का मांदल एवं सिंघा नृत्य और अयोध्या का बधावा नृत्य शामिल रहेगा दीपोत्सव की शोभायात्रा में भी लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से उत्सव को जीवंत बनाएंगे। इसमें प्रयागराज का ढेढ़िया नृत्य, मथुरा का मयूर नृत्य, बांदा का पाई डंडा, सोनभद्र का मांदल एवं सिंघा नृत्य और अयोध्या का बधावा नृत्य शामिल रहेगा। इ सके साथ ही आजमगढ़ के कलाकार धोबिया नृत्य और प्रयागराज के कलाकार कबीरी गायन प्रस्तुत करेंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से शोभायात्रा में प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। मयूर, करमा, राई, धोबिया, थारू और छऊ जैसी लोक विधाएं दीपोत्सव में लोक कलाकारों की भागीदारी का उद्देश्य पारंपरिक कला रूपों को मंच देना और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है। मयूर, करमा, राई, धोबिया, थारू और छऊ जैसी लोक विधाएं अपने क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हैं। ऐसे आयोजनों से कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, वहीं अलग-अलग क्षेत्रों की लोक परंपराएं व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचती हैं। लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक कलाओं की छटा भी रामनगरी को खास पहचान देगी अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि, दीपोत्सव-2026 में दीपों की रोशनी के साथ लोकनृत्य, लोकसंगीत और पारंपरिक कलाओं की छटा भी रामनगरी को खास पहचान देगी। उन्होंने बताया उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और देश के अनेक राज्यों से आने वाले कलाकार अयोध्या को सांस्कृतिक संगम का स्वरूप देंगे। लोक प्रस्तुतियों के जरिए दीपोत्सव भारतीय संस्कृति की विविधता, परंपरा और आपसी एकता का संदेश भी प्रसारित करेगा।

दैनिक भास्कर 4 Nov 2026 5:56 pm

Cyclone alert: आंध्र प्रदेश के तट से टकराया 'मुरासु', 110 की रफ्तार से चली हवा; ओडिशा समेत कई राज्यों में अलर्ट

भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' आंध्र प्रदेश के तट से टकराया, जहां 110 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई। इसके प्रभाव से कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है, उड़ानें रद्द हुईं और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गईं।

जागरण 3 Nov 2026 11:18 am

आंध्र प्रदेश के निकाय चुनावों में हैरान कर रही हिंसा

आंध्र प्रदेश में शहरी नुक्कड़ों और गांवों के चौराहों पर इन दिनों एक जंग-सी छिड़ी हुई है। ऐसे नजारे वहां पहले कभी नहीं देखे गए। वहां स्थानीय निकायों (शहरी और ग्रामीण पंचायत) के चुनाव होने वाले हैं और इनमें अपना दबदबा कायम करने के लिए…

लाइव हिन्दुस्तान 26 Oct 2026 11:13 pm

आंध्र प्रदेश लॉसेट 2026: आज से दूसरे चरण के रजिस्ट्रेशन शुरू, ऐसे करें आवेदन; जानें पूरा प्रोसेस

आंध्र प्रदेश लॉसेट और पीजीएलसेट 2026 की दूसरे चरण की काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। उम्मीदवार 28 अक्तूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रमाणपत्रों की जांच 29 अक्तूबर तक होगी।

अमर उजाला 26 Oct 2026 9:00 am

हरियाणा पुलिस में DSP से लेकर आंध्र प्रदेश में ASP अफसर तक, Gen Z आईपीएस जया शर्मा की सफलता की कहानी

हरियाणा पुलिस में डीएसपी के पद पर कार्यरत रहीं जया शर्मा ने कड़ी मेहनत से यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बनने का सपना पूरा किया। वे वर्तमान में आंध्र प्रदेश के कर्नूल में आडोनी की एएसपी हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 19 Oct 2026 6:37 am

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना बाढ़ पीड़ितों के मदद के लिए आगे आए सोनू सूद, जरूरतमंदों को प्रदान की सहायता

Sonu Sood : आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आई भयानक बाढ़ के मद्देनजर रखते हुए, बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने बहुत जरूरी सहायता की पेशकश की है। एक वीडियो में, सोनू सूद ने बाढ़ पीड़ितों के लिए अपनी गहरी चिंता व्यक्त की और संकट के समय में ...

वेब दुनिया 4 Sep 2024 3:55 pm

आंध्र प्रदेश की इस जगह पर जोरो-शोरो पर चल रही है Pushpa 2 की शूटिंग, रश्मिका मंदाना ने साझा की तस्वीर

आंध्र प्रदेश की इस जगह पर जोरो-शोरो पर चल रही है Pushpa 2 की शूटिंग,रश्मिका मंदाना ने साझा की तस्वीर

मनोरंजन नामा 22 Mar 2024 6:45 am