राष्ट्रगीत वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने के अवसर पर मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय के तत्वावधान में देशभक्ति गीतों से ओतप्रोत शताब्दी स्वर- वन्देमातरम् स्वरांजलि संगीत उत्सव में देश भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। प्रबंध अध्ययन संकाय (एफएमएस) सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में इंदौर के पंडित गौतम काले के नेतृत्व में व संगीत विभाग के अध्यक्ष डॉ पामिल मोदी के साथ समूह के 24 सदस्यों ने एक से बढकर एक प्रस्तुतियां से सभी का मन मोह लिया। स्वरांजलि में गौतम काले ने देशभक्ति, राष्ट्र प्रेम और वंदेमातरम के समकालीन तत्वों के साथ बलिदानियों की भावनाएं और उनके देशभक्ति के जज्बें को शब्दों, सुरों और संगीत के माध्यम से संगीत प्रस्तुतियों को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला बाल विकास राज्यमंत्री प्रो मंजू बाघमार उपस्थित थीं। अध्यक्षता कुलगुरु प्रो बीपी सारस्वत ने की। सांगीतिक प्रस्तुतियों से उठी देशभक्ति की लहर कार्यक्रम की शुरूआत में पं काले एवं डॉ पामिल मोदी एवं समूह ने मातृ भू की आराधना-वंदना वसुंधरा परिवार हमारा प्रस्तुत किया। इसके बाद हमें वीर केशव मिले आप जब से, हमें साधना की नई डगर मिल गई... पेश कर समा बांध दिया। निर्मल पाएँ भावना यही राष्ट्र आराधना प्रस्तुति में देश के प्रति बलिदान होने वाले क्रांतिकारियों की देश के प्रति मनोस्थितियों को उजागर किया। पूज्य माँ की अर्चना की एक छोटा उपकरण हूँ। संगीत कार्यक्रम में पंडित काले एवं शामिल मोदी के साथ हिमांशी शिमली, हिमांक गंधर्व, तितिक्षा आर्य, ज्योतिबाला स्वर्णकार, अंजलि जैन, प्रिया सुथार, सुमित मोंडल, देवेश मालव, निखिल कुमार सात्संगी, मनीषा दाधीच, प्रभात गरासिया, आदर्श नायक, अमिताभ जैन, चेतना मकवाना, कीर्ति सेठ, मनीषा पवार, निकुंज गुप्ता, प्रज्ञा शर्मा, सावन गर्ग, वंशिता पांडे, विशाल राठौड़, धनंजय ध्रुव ने कोरस में गीत प्रस्तुत किए। गिटार पर हर्ष वर्धन धांधड़ा, तबला पर हृतिक कुमावत, हरिओम तिवारी, हारमोनियम पर जितेश सोलंकी, ऑक्टोपैड पर भेरू, कीबोर्ड पर विजय धांधड़ा ने संगत की। प्रो. मंजू बाघमार-समाज और संस्थाएं सुरक्षित रहेंगे तो सभी सुरक्षित रहेंगेवहीं राज्यमंत्री प्रो मंजू बाघमार ने कहा कि जब तक लोगों के लिए राष्ट्र प्रथम रहेगा तब तक समाज और संस्थाएं सुरक्षित रहेंगी। समाज और संस्थाएं सुरक्षित रहेंगे तो सभी सुरक्षित रहेंगे। कुलगुरु - जो देश से जुडा, उसके लिए राष्ट्र प्रथम कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो बीपी सारस्वत ने कहा कि संघ के सौ साल की यात्रा एक ऐसी कठिन यात्रा है जिसमें लोगों ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। तब जाकर सौ साल का यह वटवृक्ष खडा हुआ है। सही मायने में जो व्यक्ति देश से जुड़ा रहता है उसके लिए राष्ट्र प्रथम होता है। हर नागरिक को राष्ट्र प्रथम के लिए देश से जुडे रहना चाहिए। ये सब मौजूद रहेइस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो मीरा माथुर, कुलसचिव डा वीसी गर्ग, वित्त नियंत्रक गिरीश कच्छारा, परीक्षा नियंत्रक मुकेश बारबर, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष अलका मूंदड़ा पूर्व जिला प्रमुख शांति लाल मेघवाल, पूर्व कुलपति प्रोफ़ेसर उमाशंकर शर्मा, भाजपा के प्रदेश प्रतिनिधि प्रमोद सामर, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ केविभाग संघ चालक हेमेन्द्र श्रीमाली, संगीत विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डा प्रेम भंडारी, प्रोफ़ेसर साधना कोठारी, प्रोफ़ेसर महीप भटनागर सहित विश्वविद्यालय के सभी डीन, डाइरेक्टर्स, विभागाध्यक्ष एवं शिक्षक उपस्थित थे।
स्पोर्ट्स अथोरिटी ऑफ इंडिया (साईं) की वेट लिफ्टिंग और कबड्डी की दो दिवसीय चयन प्रक्रिया 16 से 18 मार्च को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में आयोजित होगी। चयन प्रक्रिया के तहत इन दोनों खेलों के लिए आवासीय और गैर आवसीय योजना के तहत खिलाड़ियों चयन किया जाएगा। साईं प्रशिक्षण केन्द्र, जयपुर के प्रभारी देवदत्त शर्मा ने बताया कि इन खेलों के लिए खिलाड़ियों की आयु 14 से 18 साल तय की गई हैं। कबड्डी के लिए खिलाड़ियों को 16 मार्च और वेट लिफ्टिंग के खिलाड़ियों को 17 मार्च को सुबह 7 बजे रिर्पोटिंग करनी हैं। उन्होने बताया कि खिलाड़ियों का चयन सामान्य दक्षता परीक्षण, खेल-विशिष्ट दक्षता परीक्षण सहित अन्य चयन प्रक्रियाओं के तहत किया जाएगा। खिलाड़ियों को इन दस्तावेजों को साथ रखना होगापहचान पत्र (आधार कार्ड-पैन कार्ड)मूल निवास प्रमाण पत्रजन्म प्रमाण पत्रखेल से संबंधित प्रमाण पत्रचिकित्साधिकारी द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्रउपरोक्त दस्तावेजों की दो-दो फोटो कॉपीचार पासपोर्ट आकार की फोटो
चित्तौड़गढ़ जिले के निकुंभ थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक सड़क हादसा हो गया। यहां कंटेनर और पिकअप गाड़ी के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत होने की बात सामने आ रही है, जबकि कई लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार पिकअप गाड़ी में एक ड्राइवर और करीब 26 महिलाएं सवार थीं, यानी कुल मिलाकर 27 लोग इस गाड़ी में यात्रा कर रहे थे। हादसा इतना भयानक था कि टक्कर लगते ही पिकअप गाड़ी सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरी और उसमें बैठे कई लोग अंदर ही फंस गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। दशा माता मंदिर दर्शन कर लौट रहे थे श्रद्धालु बताया जा रहा है कि पिकअप में सवार सभी लोग प्रतापगढ़ जिले के बंबोरी गांव के रहने वाले थे। ये सभी महिलाएं, बच्चे और ड्राइवर उदयपुर जिले के मावली स्थित दशा माता मंदिर में दर्शन करने के लिए गए थे। मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वे सभी वापस अपने गांव बंबोरी लौट रहे थे। पिकअप गाड़ी निकुंभ होते हुए बंबोरी की तरफ जा रही थी। इसी दौरान नपावली के पास वागन नदी की पुलिया पर यह हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि जैसे ही पिकअप पुलिया पर चढ़ी, उसी समय सामने से तेज रफ्तार में आ रहा कंटेनर ओवर टेक करने की कोशिश में अचानक अपनी साइड बदलकर दूसरी तरफ आ गया, जिससे सामने से आ रही पिकअप सीधे उसकी चपेट में आ गई। ओवरटेक करते समय बदली साइड, हो गया बड़ा हादसा प्राथमिक जानकारी के अनुसार कंटेनर चालक अपने आगे चल रही गाड़ी को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसने अपनी गाड़ी को दूसरी साइड में मोड़ दिया। उसी समय सामने से पिकअप गाड़ी आ रही थी और दोनों गाड़ियों के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और गाड़ी सड़क से नीचे झाड़ियों में चली गई। हादसे में पिकअप के ड्राइवर सहित दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कई महिलाएं और बच्चे घायल हो गईं और कुछ लोग गाड़ी के अंदर फंस गए। दुर्घटना के बाद कंटेनर का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने किया रेस्क्यू, घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने तुरंत निकुंभ थाना पुलिस को जानकारी दी। सूचना मिलते ही थाना अधिकारी राम सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से पिकअप में फंसे लोगों को एक-एक कर बाहर निकाला जा रहा है। इसके बाद सभी घायलों को तुरंत निकुंभ हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार कुछ घायलों को इलाज के लिए निंबाहेड़ा हॉस्पिटल भी रेफर किया गया है और कई जनों को लाया जा रहा है। हालांकि कितने जने घायल हुए, इसके बारे में आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। पुलिस ने घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य करते हुए स्थिति को संभाला। हादसे के बाद सड़क पर लगा जाम, पुलिस ने संभाली व्यवस्था इस भीषण हादसे के कारण सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई और कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। दोनों गाड़ियों के बीच टक्कर होने के कारण सड़क पर भारी जाम की स्थिति बन गई थी। बाद में पुलिस ने कंटेनर को सड़क से हटाने की कार्रवाई शुरू की और यातायात को धीरे-धीरे चालू करवाया। फिलहाल इस सड़क पर वन-वे यातायात शुरू कर दिया गया है ताकि लोगों को ज्यादा परेशानी न हो।
मऊगंज जिले में रसोई गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने शुक्रवार को गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर बताया कि जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने उपभोक्ताओं से किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाहों पर विश्वास न करने का आग्रह किया है। कलेक्टर बोले- वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही लें सिलेंडर निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जैन ने उपभोक्ताओं से संवाद करते हुए कहा कि वे केवल अपनी जरूरत के हिसाब से ही सिलेंडर लें। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है। प्रशासन वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहा है ताकि आम जनता को असुविधा न हो। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के निर्देश कलेक्टर ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सघन निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। गैस एजेंसियों के स्टॉक रजिस्टर और भौतिक उपलब्धता का प्रतिदिन मिलान अनिवार्य कर दिया गया है। गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वितरण प्रक्रिया और सर्वर सुधार पर जोर एजेंसी संचालकों को तेल कंपनियों से समन्वय कर सर्वर क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि रिफिल बुकिंग और ओटीपी जनरेशन में देरी न हो। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, जिले में दो बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतराल निर्धारित किया गया है। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी भी साथ रहे। प्रशासन ने वितरण व्यवस्था को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य जमाखोरी की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण पाना है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे उपभोक्ताओं को गैस प्राप्ति में होने वाली हर बाधा को तत्काल दूर करें।
दमोह में 6 एकड़ गेहूं जलकर राख:दो कौए आपस में उलझकर बिजली तारों से टकराए, चिंगारी निकलने से लगी आग
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र के चौरई गांव में शुक्रवार शाम एक अजीबोगरीब हादसे में 6 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। बिजली के तारों पर कौओं की आपसी लड़ाई के कारण निकली चिंगारी से यह आग लगी, जिससे तीन किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाम करीब 5 बजे बिजली के तारों पर कौओं का एक झुंड आपस में लड़ रहा था। इसी दौरान दो कौए आपस में उलझकर तारों से टकरा गए, जिससे तारों के बीच शॉर्ट सर्किट हुआ। तारों से निकली चिंगारी नीचे सूखी फसल पर गिरी और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। लाखों का नुकसान इस आगजनी में किसान ओमकार साहू, संतराम प्रजापति और सुनील त्रिपाठी की करीब 6 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जल गई। फसल के अलावा खेत में रखे सिंचाई के 50 पाइप और 6 नोजल भी आग की भेंट चढ़ गए। अनुमान के मुताबिक, किसानों को करीब 3 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने बुझाई आग आग की लपटें उठते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक फसल का बड़ा हिस्सा जल चुका था। प्रभावित किसानों ने अब प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में शुक्रवार 13 मार्च 2026 को दो दिवसीय छत्तीसगढ़ ग्रीन समिट 2026 की शुरुआत हुई। समिट का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। समिट का आयोजन विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला, रजिस्ट्रार डॉ. शैलेन्द्र कुमार पटेल और कार्यक्रम अधिकारी अंवेशा पॉल सहित कई प्राध्यापक और शिक्षाविद भी शामिल हुए। इस मौके पर सीएम साय ने कहा वर्तमान समय में जलवायु संकट लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यह आवश्यक है कि हम पर्यावरण संरक्षण के उपायों पर केवल चिंतन ही न करें, बल्कि उन्हें व्यवहार में भी उतारें। साय ने आगे कहा- छत्तीसगढ़ देश में स्टील उत्पादन का एक बड़ा केंद्र है और इस क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए ग्रीन स्टील जैसे नवाचारों को अपनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट 2023 के अनुसार संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की नीतियों के साथ-साथ प्रदेशवासियों की जागरूकता और पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारी का परिणाम है। वहीं कार्यक्रम के पहले विश्वविद्यालय पुलिस ने एनएसयूआई के विश्वविद्यालय अध्यक्ष और छात्र नेता पुनेश्वर लहरे को हिरासत में ले लिया। जानकारी के लहरे के नेतृत्व में कुछ छात्र मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की तैयारी तैयारी में थे। समिट में पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा समिट में पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। समिट के दौरान ग्रीन अवॉर्ड के जरिए पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले लोगों और समुदायों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा जनजातीय कथावाचन, आर्ट वॉक, ग्रीन ट्रेल और वन आधारित आजीविका से जुड़े उद्यमों के स्टॉल भी लगाए गए। कार्यक्रम में प्रादेशिक सेना की इको टास्क फोर्स ने वनों के पुनर्स्थापन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों का प्रदर्शन भी किया। साथ ही शैक्षणिक प्रस्तुतियां, पैनल चर्चा और छात्र गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिनमें विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। दो दिवसीय यह समिट 14 मार्च 2026 तक चलेगा। आयोजकों के अनुसार इसका उद्देश्य सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और युवाओं को एक मंच पर लाकर सतत विकास के लिए संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना है। चुनाव बहाली को लेकर ज्ञापन सौंपने वाले थे छात्र एनएसयूआई के विश्वविद्यालय अध्यक्ष पुनेश्वर लहरे ने बताया ज्ञापन में छात्र संघ चुनाव की बहाली, कॉलेज आने-जाने के लिए मासिक यात्रा भत्ता और युवाओं से जुड़े अधूरे चुनावी वादों को पूरा करने की मांग रखी जानी थी। एक दिन पहले भी पुनेश्वर लहरे ने विश्वविद्यालय परिसर का एक वीडियो साझा किया था। इसमें उन्होंने सवाल उठाया था कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले अचानक सड़कों की मरम्मत, बोर्डों की सफाई और सजावट क्यों शुरू हो जाती है, जबकि छात्रों की मूलभूत समस्याओं पर अक्सर प्रशासन चुप रहता है।
देवरिया। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। महिला का आरोप है कि उसके नाबालिग बेटे का अपहरण कर जबरन खून निकलवाया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में रीता देवी ने बताया कि उनका बेटा सत्यम यादव (15) कक्षा सात का छात्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजेंद्र चौक उमानगर के कुछ युवक गिरोह बनाकर रहते हैं और मादक पदार्थों का सेवन करते हैं। रीता देवी के अनुसार, उनके बेटे ने 12 मार्च 2026 को उन्हें इस पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत में कहा गया है कि आरोपियों ने लगभग एक माह पहले और फिर एक सप्ताह पहले नाबालिग को धमकाकर अपने साथ ले गए। आरोप है कि उसे पिस्टल दिखाकर अगवा किया गया और सोनूघाट स्थित एक निजी ब्लड बैंक में ले जाकर जबरन उसका खून निकलवाया गया। महिला का कहना है कि आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर यह काम कराया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनके बेटे के साथ मारपीट की। उन्होंने मारपीट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी अपलोड कर दिया। साथ ही यह धमकी भी दी कि अगर घटना के बारे में किसी को बताया तो उसे और उसकी मां को घर में घुसकर गोली मार दी जाएगी। रीता देवी ने बताया कि वह अपने बेटे के साथ अकेले रहती हैं और उसकी पढ़ाई के लिए शहर में निवास कर रही हैं। आरोपियों की धमकियों के कारण परिवार में भय का माहौल है और उन्हें किसी भी समय जान का खतरा महसूस हो रहा है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, कड़ी कार्रवाई करने और अपने तथा अपने बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पीलीभीत में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता सुधीर तिवारी ने एक इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। शहर के बेलो वाला चौराहा स्थित निशात मैरिज हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अताउर रहमान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने गुजिया खाकर अपना रोजा खोला, जिसने सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। इस इफ्तार कार्यक्रम में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में रोजेदार और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। अजान के समय, पूर्व मंत्री अताउर रहमान और अन्य मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने 'गुजिया' खाकर अपना रोजा इफ्तार किया। हिंदू-मुस्लिम एकता की यह अनूठी पहल सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री अताउर रहमान ने कहा कि पीलीभीत हमेशा से प्रेम और शांति का शहर रहा है। उन्होंने इस आयोजन को नफरत की राजनीति करने वालों के लिए एक कड़ा जवाब बताया। आयोजक सुधीर तिवारी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले होली मिलन समारोह मनाया गया था और अब जुमे के पवित्र अवसर पर मुस्लिम भाइयों के साथ इफ्तार की खुशियां साझा की जा रही हैं। तिवारी ने गंगा-जमुनी तहजीब को देश की असली ताकत बताया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सुधीर तिवारी की यह सक्रियता आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण है। होली मिलन के तुरंत बाद इतने बड़े स्तर पर इफ्तार पार्टी का सफल आयोजन कर तिवारी ने पीलीभीत शहर विधानसभा सीट पर अपनी दावेदारी को और भी पुख्ता कर लिया है। वे सपा के पारंपरिक 'M-Y' (मुस्लिम-यादव) समीकरण के साथ-साथ सवर्ण और अन्य वर्गों को जोड़ने में सफल दिख रहे हैं।कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को संयोजक इज़हार मालिक और अखलाक अंसारी ने बखूबी संभाला। इस दौरान सपा के कई स्थानीय पदाधिकारी और भारी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
अमेठी सांसद किशोरीलाल शर्मा देर शाम अमेठी पहुंचे। उन्होंने दिवंगत कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष और प्रदेश महासचिव के घर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने पूर्व जिलाध्यक्ष के परिवार को ढांढस भी बंधाया। सांसद शर्मा ने अमेठी कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष दिवंगत योगेंद्र मिश्रा की तेरहवीं में पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नेता विपक्ष राहुल गांधी की ओर से भेजी गई पुष्पमाला अर्पित की और परिवार से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस कठिन समय में राहुल गांधी ने परिवारजनों से फोन पर बात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने आगामी दौरे में घर आने का आश्वासन भी दिया। इस मौके पर पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंघल, रायबरेली के जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी, निर्मल शुक्ला और कोऑर्डिनेटर रोहित सिंह समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
उन्नति फाउंडेशन ने 'उन्नति उत्सव' समारोह:'उन्नति सेवा रत्न सम्मान' से विभूतियों को नवाजा गया
उन्नति फाउंडेशन ने शुक्रवार को 'उन्नति उत्सव एवं उन्नति सेवा रत्न सम्मान 2026' समारोह का आयोजन किया। यह कार्यक्रम शेरोज़ कैफे में आयोजित किया गया, जहाँ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। संस्था के संस्थापक रोहित सिंह ने इस अवसर पर बताया कि उन्नति फाउंडेशन का उद्देश्य स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, स्वदेशी और समृद्ध भारत के लिए काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करना है। इसी लक्ष्य के तहत कई समाजसेवियों और युवाओं को 'उन्नति सेवा रत्न सम्मान' से नवाजा गया। लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं संस्थापक रोहित सिंह ने एसिड अटैक सर्वाइवर्स को भी 'उन्नति गौरव रत्न' से विशेष रूप से सम्मानित किया। उन्होंने इन सर्वाइवर्स के साहस और संघर्ष को प्रेरणादायी बताया। कार्यक्रम में राजेश पांडेय, शैलजा पांडेय, शिव्या सिंह, शैल सिंह और मंजू श्रीवास्तव ने लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने सांस्कृतिक माहौल को और समृद्ध किया। इनको मिला सम्मान 'उन्नति सेवा रत्न सम्मान' प्राप्त करने वालों में शिखा सिंह पटेल, प्रीति शुक्ला, लकी सुरीन, उषा गोस्वामी, राजेश पांडेय, तृप्ति मिश्रा, मंजू श्रीवास्तव, निधि शुक्ला, अतुल अरोरा, शिवम् श्रीवास्तव, सेव्यास सिंह, हर्षित, शैल सिंह, सैफ खान, हर्ष, अनिकेत, हर्ष गोस्वामी और शैलजा पांडेय सहित कई प्रमुख व्यक्ति शामिल थे।
सीतापुर में दो दिनों तक चलने वाली यूपी एसआई भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। परीक्षा से पहले संभावित सॉल्वर गैंग और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने शहर के विभिन्न होटलों, ढाबों और धर्मशालाओं में शुक्रवार देर शाम सघन चेकिंग अभियान चलाया। सीओ सिटी विनायक भोंसले के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शहर के बस स्टॉप और रेलवे स्टेशन के आसपास स्थित होटलों में विशेष रूप से तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने होटल के रिसेप्शन पर रखे रजिस्टरों की गहन जांच की और वहां ठहरे लोगों के पहचान पत्र व अन्य दस्तावेजों को खंगाला। पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी रही कि कहीं परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों के नाम पर सॉल्वर गैंग के सदस्य तो नहीं ठहरे हैं। चेकिंग के दौरान होटल संचालकों से भी पूछताछ की गई और उन्हें निर्देश दिए गए कि बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को कमरा न दिया जाए। पुलिस टीम ने होटल में ठहरे लोगों से भी पूछताछ कर उनके आने का उद्देश्य और परीक्षा से संबंधित जानकारी ली। सीओ सिटी विनायक भोंसले ने बताया कि यूपी एसआई भर्ती परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना पुलिस की प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शहर में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सॉल्वर गैंग की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस टीम को विशेष निर्देश दिए गए हैं और संदिग्ध लोगों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा केंद्रों के साथ-साथ अभ्यर्थियों के ठहरने वाले स्थानों पर भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। यदि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उपनिरीक्षक स्वाति चतुर्वेदी, उपनिरीक्षक प्रिंस सोनकर समेत अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे और पूरे अभियान के दौरान होटलों की गहन तलाशी ली गई।
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी 'गौधाम योजना' के शुभारंभ से पहले ही इस पर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार की इस योजना को 'हवा-हवाई' और 'फर्जी विज्ञापनबाजी' करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की राजनीतिक द्वेष भावना के कारण प्रदेश का पशुधन आज सड़कों पर भूखा-प्यासा भटकने को मजबूर है। सरकार खेल रही आंकड़ों का खेल कांग्रेस नेता ठाकुर ने कहा, कि सरकार खुद मानती है कि प्रदेश में 1,84,993 से अधिक छुट्टा और घुमंतू मवेशी हैं। लेकिन सवा दो साल में मात्र 11 गौधाम पंजीकृत हुए और केवल 3 बनकर तैयार हुए हैं। एक गौधाम की क्षमता 200 मवेशियों की है। यानी सिर्फ 600 पशुओं को छत मिली, जबकि 1,84,303 मवेशी अब भी सड़कों पर दुर्घटनाओं और खुली चराई का कारण बन रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकार द्वारा निर्धारित चारे की राशि पर तंज कसते हुए इसे 'हास्यास्पद' बताया। उन्होंने पूछा कि 10 प्रतिदिन प्रति पशु में कौन सा चारा मिलेगा और पशु का पेट कैसे भरेगा? कांग्रेस ने आरोप लगाया कि 1460 गौधाम बनाने का दावा सिर्फ कागजी है और इसके पीछे भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों को सरकारी जमीन पर कब्जा दिलाने की साजिश है। तालाबंदी ने बिगाड़े हालात कांग्रेस प्रवक्ता ने अपनी पूर्ववर्ती सरकार की 'नरवा, गरवा, घुरवा, बारी' योजना का बचाव करते हुए कहा, कि कांग्रेस शासन में 10,000 गोठान बने, जिनमें से 7,000 आत्मनिर्भर थे। भाजपा सरकार ने गोठानों में ताला लगाकर न केवल मवेशियों के साथ अन्याय किया, बल्कि महिला स्व-सहायता समूहों का रोजगार भी छीन लिया। गोठानों के बंद होने से 'खुली चराई' बढ़ गई है, जिससे किसान अपनी फसलें नहीं बचा पा रहे हैं।
यीडा में स्पार्क मिंडा ग्रुप करेगी 220 करोड़ का निवेश:प्राधिकरण ने कंपनी को लेटर ऑफ इंटेंट सौंपा
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने स्पार्क मिंडा टोयोडेंसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर 8डी में 7 एकड़ भूखंड का लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) सौंपा है। कंपनी इस परियोजना में लगभग 220 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह एलओआई यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह और अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र कुमार भाटिया ने कंपनी के कार्यकारी निदेशक अशोक दास और पीयूष गोयल को सौंपा। इस अवसर पर मिंडा ग्रुप के प्रमुख (कॉरपोरेट मामलों) अमित जालान भी उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश शासन की निवेश प्रोत्साहन नीति के तहत फॉर्च्यून 500 कंपनियों में शामिल होने के कारण कंपनी को सहायक अनुदान प्रदान किया गया है। स्पार्क मिंडा टोयोडेंसो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इस परियोजना में लगभग 20 लाख यूनिट स्विच, सेंसर और अन्य संबंधित ऑटो स्विच प्रणालियों का उत्पादन करेगी। इस निवेश से क्षेत्र में कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। स्पार्क मिंडा ग्रुप की कंपनी मिंडा कॉरपोरेशन लिमिटेड की भारत सहित वियतनाम, इटली, जापान और इंडोनेशिया में कुल 27 उत्पादन इकाइयाँ कार्यरत हैं। कंपनी वैश्विक स्तर पर मेकेट्रॉनिक्स, सूचना एवं कनेक्टेड सिस्टम, प्लास्टिक एवं इंटीरियर, आफ्टरमार्केट उत्पाद तथा इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी ने पुणे और बेंगलुरु में अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) केंद्र भी स्थापित किए हैं।
गाजियाबाद नगर निगम को ब्लूमबर्ग मेयर चैलेंज 2025 में बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता मिली है। शहर दुनिया के शीर्ष 24 शहरों में शामिल हो गया है। इस उपलब्धि पर पार्षदों ने नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक को नगर निगम मुख्यालय में बधाई दी। उन्होंने आयुक्त को फूल और पौधा भेंट कर सम्मानित किया। गाजियाबाद का प्राकृतिक पेंट प्रोजेक्ट इस सफलता का मुख्य कारण है। इस परियोजना के तहत गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भी शामिल किया गया है, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। पार्षदों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट शहर में नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा और गोबर से संबंधित समस्याओं के समाधान में भी सहायक होगा। इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए गाजियाबाद नगर निगम को 1 मिलियन डॉलर की पुरस्कार राशि भी प्राप्त होगी। इस राशि का उपयोग शहर में योजना को मजबूत करने और नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए किया जाएगा। पार्षदों ने इस उपलब्धि को पूरे गाजियाबाद के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत की सराहना की, जिसके कारण यह सफलता संभव हो पाई। नगर निगम मुख्यालय में पार्षदों और नागरिकों ने इस सफलता पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि गाजियाबाद भविष्य में भी ऐसे ही नवाचारी कार्यों के माध्यम से अपनी पहचान बनाए रखेगा।
लखनऊ में द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र ने शुक्रवार को 'स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता' विषय पर एक तकनीकी व्याख्यान आयोजित किया। आईईआई भवन, रीवर बैंक कॉलोनी में हुए इस कार्यक्रम में इंजीनियरों, शिक्षाविदों और छात्रों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई की संभावनाओं पर चर्चा की। एमिटी स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सचिन कुमार मुख्य वक्ता थे। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) स्वास्थ्य सेवाओं को तेज, सटीक और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एआई तकनीक से रोगों की पहचान अधिक सटीकता से संभव हो रही है, जिससे मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल पाता है। चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा डॉ. कुमार ने आगे कहा कि एआई आधारित सिस्टम डॉक्टरों को निर्णय लेने में सहायता करते हैं। इससे गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है। डेटा विश्लेषण, डिजिटल हेल्थ सर्विसेज और स्मार्ट हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है।उन्होंने टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, रोबोटिक सर्जरी और स्मार्ट हेल्थकेयर सिस्टम जैसे क्षेत्रों में भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला। इन तकनीकों से दूरदराज के मरीजों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से पहुंच रही हैं। नई तकनीक स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता आईईआई उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र के अध्यक्ष इं. वी.पी सिंह ने की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ नई तकनीकों और डिजिटल समाधानों के जरिए समाज के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।कार्यक्रम के संयोजक डॉ. ए.के जौहरी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की । उन्होंने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक और जनोपयोगी कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
आगर मालवा में शुक्रवार को पट्टा वितरण कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष और एक पटवारी के बीच बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि नगर पालिका अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि कार्यक्रम स्थल पर ही धरने पर बैठ गए। मामला शांत करने के लिए प्रशासन को संबंधित पटवारी को कार्यालय अटैच करना पड़ा। यह घटना जिला मुख्यालय स्थित पुरानी नगर पालिका परिसर में 'मुख्यमंत्री शहरी भू-अधिकार योजना 2026' के तहत आयोजित पट्टा वितरण कार्यक्रम की है। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान मुख्य अतिथि थे। मंत्री जी कुछ हितग्राहियों को पट्टे बांटकर चले गए, जिसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष नीलेश जैन पटेल और अन्य पार्षद बाकी बचे पट्टों का वितरण कर रहे थे। इसी दौरान, शेष पट्टों को एसडीएम कार्यालय ले जाने की बात पर नगर पालिका अध्यक्ष और पटवारी महेश मालवीय के बीच कहासुनी हो गई। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पटवारी का व्यवहार ठीक नहीं था, जिससे नाराज होकर वे वहीं धरने पर बैठ गए। प्रशासनिक बैठक और कार्रवाई हंगामे की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। विवाद सुलझाने के लिए नगर पालिका कार्यालय में एक समन्वय बैठक बुलाई गई, जिसमें विधायक मधु गहलोत, भाजपा जिला अध्यक्ष और एडीएम-एसडीएम समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। पटवारी पर गिरी गाज एसडीएम मिलिंद ढोके ने बताया कि पट्टा वितरण के दौरान समन्वय की कमी के कारण विवाद की स्थिति बनी थी। शुरुआती जांच के बाद पटवारी महेश मालवीय को फिलहाल तहसील कार्यालय अटैच कर दिया गया है। प्रशासन अब मामले की आगे समीक्षा कर रहा है।
एमिटी विश्वविद्यालय में दो दिवसीय सम्मेलन का समापन:महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और शोध पर हुई चर्चा
लखनऊ में एमिटी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन शुक्रवार को समापन हो गया।यह सम्मेलन 'विमेन इन एकेडेमिया, रिसर्च एंड मैनेजमेंट फॉर वर्क-लाइफ इनिशिएटिव्स फॉर सस्टेनेबल हेल्थ एंड एम्पावरिंग सेफ्टी (वार्म-विशेज 2026)' विषय पर केंद्रित रहा। इस का आयोजन एमिटी इंस्टिट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी और सीएसआईआर–इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च, लखनऊ ने संयुक्त रूप से किया था। सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और शोध से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा हुई। समापन सत्र की मुख्य अतिथि लखनऊ की संयुक्त पुलिस आयुक्त अपर्णा कुमार (आईपीएस) थीं। वह हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस में इस पद को संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनी हैं। यह सम्मेलन महिला सशक्तिकरण का उत्सव मुख्य अतिथि अपर्णा कुमार ने 'वार्म-विशेज 2026' को केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि यहां उपस्थित महिलाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनकी सफलता समाज में नए अवसरों के द्वार खोलेगी। इस अवसर पर ओरल और पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को मुख्य अतिथि ने पुरस्कार प्रदान किए। ओरल प्रेजेंटेशन में हुमैरा सईद और इशिका दुग्गल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि पोस्टर प्रेजेंटेशन में कनिष्का सिंह, सृष्टि गुप्ता और नेहा खरे को पहला पुरस्कार मिला। संस्थान महिलाओं को उचित अवसर दे रहा प्रोफेसर भास्कर नारायण ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को केवल शारीरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसमें मानसिक स्वास्थ्य, आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान भी शामिल होना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि जब संस्थान महिलाओं को उचित अवसर और सहयोग प्रदान करते हैं, तो इसका लाभ पूरे समाज को मिलता है। सम्मेलन के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य, उद्यमिता, जैव-प्रौद्योगिकी नवाचार और पर्यावरणीय सततता जैसे विषयों पर कई तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए। इन सत्रों में डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और लखनऊ विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। सम्मेलन में विश्वविद्यालय के शिक्षक, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
मेरठ में दो दिन तक आयोजित होने वाली पुलिस भर्ती की परीक्षा के लिए प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले के 45 परीक्षा केंद्रों पर दो दिनों में 78,720 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी और नकल रोकने के लिए एआई, बायोमेट्रिक और रेटिना स्कैन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। एसएसपी अविनाश पांडेय के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बड़े केंद्रों पर 57 और छोटे केंद्रों पर 40 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। ट्रेजरी से प्रश्नपत्र सीसीटीवी निगरानी में केंद्रों तक पहुंचाने का काम किा गया है। परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटे पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच होगी और परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले केंद्रों के गेट बंद कर दिए जाएंगे। नकल माफिया पर एसटीएफ की विशेष नजर रहेगी और इंटरनेट मीडिया पर पेपर लीक की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। परीक्षा में अभ्यर्थियों को केवल पेन, प्रवेश पत्र और आधार कार्ड ले जाने की अनुमति होगी। घड़ी, स्मार्ट वॉच, मोबाइल, ब्लूटूथ, पानी की बोतल, कैप और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही परीक्षा देने आने वालों को कोई परेशानी न हो इसके लिए सावर्जनिक स्थान जैसे मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों आदे पर हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं।
सरगुजा जिले के राजाकटेल गांव में विशेष संरक्षित पंडो जनजातियों की जमीन पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा अवैध कब्जा के विवाद को लेकर कांग्रेस की जांच टीम आज गांव में पहुंची। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह के नेतृत्व में गठित 8 सदस्यीय दल ने लोगों से चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी जमीनों के दस्तावेज भी नहीं दिए गए हैं और सीमांकन भी नहीं किया गया है। दरअसल, राजाकटेल में विशेष संरक्षित पण्डो जनजाति की कृषी भूमि पर बाहरी लोगों के द्वारा कब्जा कर उन्हंे बेदखल किए जाने की शिकायत हुई थी। भाजपा के पदाधिकारी भी गांव में पहुंचे थे। ग्रामीणों की जमीन व सरकारी पर मुस्लिमों द्वारा अवैध तरीके से कब्जा करने को लेकर विवाद की स्थिति गांव में बनी हुई है। इसे लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने जांच टीम बनाई थी। भू अधिकार मिला, लेकिन दस्तावेज नहीं मिले गांव का दौरा करने के बाद जांच हेतु गठित दल में शामिल कांग्रेस महामंत्री एवं अधिवक्ता हेमंत तिवारी ने बताया कि 80 के दशक में इस गांव के पंडो जनजाति को सिंहदेव योजना के अन्तर्गत भू-अधिकार तो दिए गए, लेकिन इससे संबंधित दस्तावेज आज तक नहीं दिया गया। आज तक गांव में भूमि का न तो सीमांकन हुआ है न ही कब्जे से संबंधित नक्शों को काटा गया है। भू-स्वामियों को भू-अधिकार से संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने के कारण उनकी जमीन की पहचान स्पष्ट नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि पंडो जनजाति के जमीनों के साथ ही गांव की अन्य शासकीय जमीन पर भी कब्जा हुआ है। विवाद उभरने के बाद प्रशासन के द्वारा गठित जांच दल ने भी मौके पर कोई पुख्ता कारवाई नहीं की है, न तो नापजोख या सीमांकन किया है। मामले में जांच दल 2 दिनो के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट जिला कांग्रेस अध्यक्ष को सौंप देगा। जांच दल के सदस्यों में लखनपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अमित सिंहदेव, उदयपुर जनपद अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह, जिला पंचायत सदस्य मोनिका पैकरा, पूर्व महिला जिलाध्यक्ष संध्या रवानी एवं जगरोपन यादव भी मौजूद थे। समस्या निवारण की मांग करेंगे-पाठककांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा है कि अति संरक्षित पण्डो जनजाति के जमीन सहित शासकीय जमीन पर कब्जे का मामला बेहद गंभीर है। दोषियों की पहचान कर उन्हें बेदखल कर पण्डो जनजाति के प्रभावितों को उनके जमीन का हक दिलाने की आवश्यकता है। भाजपा पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव जो कि पण्डो समाज के भू-अधिकार के हित में कार्य कर रहे हैं के बयानो को तोड-मरोडकर और उनका पुतला दहन कर इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रही है। उसे पण्डो समाज के हित से कोई सरोकार नहीं है। राजाकटेल में कैंप लगाकर भूमि की नापजोख और सीमांकन कर प्रभावित पण्डो जनजाति के परिवारों को उनकी भूमि का कब्जा वापस दिलाया जाएगा।
घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को शहर और आसपास के क्षेत्रों में की गई आकस्मिक जांच के दौरान 12 होटलों से 18 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर संयुक्त जांच दलों ने बाजार क्षेत्र में अचानक निरीक्षण कर कार्रवाई की। इस दौरान शहर के अग्रवाल राजभोग किचिन और हशमती दरबार सहित छैगांवमाखन के टिकली ढाबा, चाइनीज ढाबा, मैत्री अमृत तुल्य, राजस्थान ढाबा और श्रीश्याम ढाबा से घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए। इन प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। जिला आपूर्ति अधिकारी दिनेश सावले ने बताया कि घरेलू सिलेंडरों का व्यवसायिक उपयोग नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों पर आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। जिले में एलपीजी गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त मात्रा में सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ता फोन से गैस बुकिंग करेंगे तो गैस एजेंसियों द्वारा उन्हें होम डिलीवरी की सुविधा दी जाएगी। होटल टिक्कड़ पर मिला अवैध स्टाकइधर, शहर के मशहूर होटल टिक्कड़ पर प्रशासन को कमर्शियल गैस का अवैध स्टाक मिला हैं। इसके साथ ही घरेलू गैस सिलेंडर भी जब्त किए हैं। फिलहाल मौके पर कार्रवाई चल रही है। प्रशिक्षु आईएएस डॉ. श्रीकृष्ण सुशीर और प्रशिक्षु आईपीएस अमित कुमार सहित खाद्य आपूर्ति अधिकारी रोहित देवल मौके पर हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव शनिवार, 14 मार्च को बैतूल पहुंचेंगे। वे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की पुत्री स्वर्गीय सुरभि खंडेलवाल के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करेंगे। मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से बैतूल आएंगे और खंडेलवाल परिवार से मिलकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर लगभग 12:30 बजे बैतूल हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां से वे सीधे गंज स्थित खंडेलवाल निवास जाएंगे, जहां वे परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी संवेदनाएं प्रकट करेंगे। कुछ समय रुकने के बाद, वे दोपहर लगभग 1:15 बजे हेलीकॉप्टर से कटनी के लिए रवाना हो जाएंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने शुक्रवार को हेलीपैड स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और वीआईपी प्रोटोकॉल के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इधर, सुरभि खंडेलवाल के निधन के बाद से बैतूल में प्रदेशभर के नेताओं का आना-जाना जारी है। शनिवार को प्रदेश सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री भी बैतूल पहुंचेंगे। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सुबह करीब 11 बजे सड़क मार्ग से बैतूल पहुंचकर खंडेलवाल परिवार से मुलाकात करेंगे। वहीं, उपमुख्यमंत्री कृष्णा गौर दोपहर लगभग 1:30 बजे बैतूल पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करेंगी। इनके अलावा, प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता भी बैतूल पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मिलेंगे और श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। सुरभि खंडेलवाल के निधन के बाद से खंडेलवाल निवास पर नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का लगातार तांता लगा हुआ है।
यूपी एसआई भर्ती में तीसरी FIR:टेलीग्राम पर पेपर बेचने का झांसा, एसआई भर्ती में ठगी का एक और मामला
उत्तर प्रदेश पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2025 से पहले सोशल मीडिया के जरिए ठगी का मामला सामने आया है। टेलीग्राम पर ‘CBSE WALLAH’ नाम के चैनल से अभ्यर्थियों को पेपर लीक कराने का झांसा देकर उनसे रुपये वसूले जा रहे थे। मामले में पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के सोशल मीडिया सेल के इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार की तहरीर पर लखनऊ के हुसैनगंज थाने में तीसरी एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है। टेलीग्राम चैनल के जरिए अभ्यर्थियों को बनाया निशानाजांच में सामने आया है कि टेलीग्राम पर ‘CBSE WALLAH’ नाम से संचालित एक चैनल के माध्यम से एसआई भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को निशाना बनाया जा रहा था। इस चैनल पर दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले उपलब्ध कराया जाएगा।चैनल संचालकों ने परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने का लालच देकर अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश की। इस तरह के संदेश वायरल होने से भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति भी पैदा हो गई। 15 हजार में पूरा, 8 हजार में आधा पेपर देने का झांसापुलिस के अनुसार चैनल संचालकों ने अभ्यर्थियों से पैसे वसूलने के लिए अलग-अलग दर तय कर रखी थी। आरोपियों ने दावा किया कि 15 हजार रुपये देने पर पूरा प्रश्नपत्र और 8 हजार रुपये देने पर आधा पेपर उपलब्ध कराया जाएगा।इसके लिए टेलीग्राम चैनल पर दो यूपीआई आईडी भी साझा की गई थीं, जिन पर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन पैसे जमा करने के लिए कहा गया। यूपीआई आईडी vinitranga45737-2@okhdfcbank और 9752636286@indus के माध्यम से रकम जमा कराने का संदेश वायरल किया गया था। पुलिस भर्ती बोर्ड की निगरानी में खुला मामलाउत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी की जा रही है। बोर्ड के सोशल मीडिया सेल द्वारा व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है।इसी निगरानी के दौरान 13 मार्च 2026 को टेलीग्राम पर यह संदिग्ध गतिविधि सामने आई, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए हुसैनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। कई धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमाइस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 221 और 292 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा आईटी एक्ट की धारा 66डी तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 की धारा 4/13(2) और 8/13(4) के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कंप्यूटर नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी से अनुचित मौद्रिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया, जिससे सरकारी कार्य में भी बाधा उत्पन्न हुई। साइबर ठगों की तलाश में जुटी पुलिसपुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की तहरीर पर हुसैनगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। साइबर टीम टेलीग्राम चैनल संचालकों की पहचान और उनके नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।
करनाल में तीन नशा तस्कर गिरफ्तार:गांजा बरामद, ग्राहकों का कर रहे थे इंतजार, सीआईए की कार्रवाई
करनाल जिले में सीआईए-2 गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए रेलवे ब्रिज के नीचे से दो युवकों को काबू किया है। दोनों युवक मोटरसाइकिल पर बैठे हुए थे और उनके पास एक सफेद पॉलिथीन में काफी मात्रा में गांजा मिला। पुलिस ने मौके पर ही इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन किया तो कुल 2 किलो 25 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, गुरूवार को पुलिस की टीम करनाल से काछवा चौक और झिलमिल ढाबा बाईपास रोड होते हुए तरावड़ी जा रही थी। ग्राहकों का कर रहे थे इंतजार जब पुलिस जीटी रोड पर तरावड़ी ओवरब्रिज के नीचे पहुंची तो एक मुखबिर ने सूचना दी कि दो युवक बाइक पर गांजा बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस ने तुरंत रेडिंग टीम बनाकर रेलवे ब्रिज के नीचे दबिश दी। वहां एक मोटरसाइकिल पर दो युवक बैठे मिले। दोनों के बीच में एक सफेद रंग की पॉलिथीन रखी हुई थी। पुलिस को देखकर भागने की कोशिश पुलिस गाड़ी को देखकर दोनों युवक बाइक स्टार्ट कर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। पकड़े गए युवकों ने पूछताछ में अपनी पहचान सीताराम निवासी विश्वास कॉलोनी, तरावड़ी और विकेश कुमार निवासी गांव बछौली थाना खानपुर जिला समस्तीपुर बिहार, हाल निवासी नितिन राइस मिल गांव नडाना थाना तरावड़ी के रूप में बताई। पॉलिथीन से बरामद हुआ गांजा वहीं तीसरा चन्दन कुमार निवासी पटपारा समस्तीपुर बिहार का रहने वाला है। पुलिस ने सफेद पॉलिथीन की तलाशी ली तो उसमें गांजा मिला। आरोपियों से लाइसेंस या परमिट मांगा गया, लेकिन वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद सरकारी इलेक्ट्रॉनिक कांटे से पॉलिथीन सहित वजन किया गया, जो 2 किलो 25 ग्राम निकला। मामले की जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया।मामले की जांच एएसआई रामनिवास को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जाएगी और नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। आज आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया ।
जयपुर शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने कई बड़े फैसले लिए हैं। शुक्रवार को जेडीए की प्रोजेक्ट वर्क्स कमेटी (पीडब्ल्यूसी) की बैठक में द्रव्यवती नदी के किनारे प्रस्तावित एलिवेटेड ट्रैफिक कॉरिडोर की डीपीआर तैयार करने सहित कई विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। जेडीए द्वारा इन परियोजनाओं पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाएंगे। बैठक की अध्यक्षता जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने की। बैठक में शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए द्रव्यवती नदी के साथ प्रस्तावित एलिवेटेड ट्रैफिक कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए 6 करोड़ रुपए की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने और आवागमन सुगम होने की उम्मीद है। नदी पर बॉक्स कल्वर्ट और नई सड़कें द्रव्यवती नदी पर चार स्थानों पर बॉक्स कल्वर्ट निर्माण के लिए 16.67 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है, जिससे आसपास के क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा। इसके अलावा जोन-9 के हरे कृष्ण मार्ग (महल रोड) पर एट-ग्रेड यू-टर्न सुविधा के निर्माण कार्य को 12.12 करोड़ रुपए की कार्योत्तर स्वीकृति दी गई। वहीं जोन-6 की लोहा मंडी योजना के शेष क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए 6.09 करोड़ रुपए की प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी जारी की गई। वहीं खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए द्रव्यवती नदी के किनारे आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण और विकास के लिए 7.90 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। साथ ही जयसिंहपुरा खोर क्षेत्र में राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद को प्रस्तावित आउटडोर स्टेडियम के लिए आवंटित भूमि की प्लानिंग को भी मंजूरी दी गई। टोंक रोड क्षेत्र में लैंड पूलिंग स्कीम बैठक में टोंक रोड स्थित शिवदासपुरा, चंदलाई और बरखेड़ा क्षेत्र में प्रारंभिक लैंड पूलिंग स्कीम प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है। इससे इन क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास संभव हो सकेगा। इसके अलावा नगर निगम हेरिटेज की अमृत 2.0 योजना के तहत सीवरेज पंपिंग स्टेशन के लिए भूमि आवंटन, जेडीए और रीको के बीच हस्तांतरित 4.57 हेक्टेयर भूमि की प्लानिंग तथा जेडीए की सेंट्रल स्पाइन योजना के ब्लॉक-2 की री-प्लानिंग को भी स्वीकृति प्रदान की गई। जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि इन परियोजनाओं के लागू होने से शहर की यातायात व्यवस्था मजबूत होगी और जयपुर के सुनियोजित विकास को गति मिलेगी। बैठक में जेडीए सचिव निशांत जैन, आयोजना निदेशक मृणाल जोशी और निदेशक अभियांत्रिकी प्रथम देवेंद्र गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बालाघाट की बहेला पुलिस ने 12 साल से फरार चल रहे एक शातिर अपराधी अनिल डहारे को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। लूट और हत्या की कोशिश जैसे गंभीर मामलों में फंसे अनिल पर 10 हजार रुपए का इनाम था। वह जमानत मिलने के बाद से गायब था और पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी पहचान बदलकर रह रहा था। पुलिस की जांच में अनिल की फरारी की दिलचस्प कहानी सामने आई है। गांव से भागने के बाद वह सबसे पहले केरल गया, जहां उसने अपना नाम 'मनीष' बताया। इसके बाद वह बिहार के मधुबनी पहुंचा और वहां अपना नाम 'मोहम्मद सद्दाम हुसैन' रख लिया। इसी नाम से उसने वहां एक मुस्लिम युवती से शादी भी कर ली, जिससे उसके तीन बच्चे हैं। उसका ससुराल पक्ष उसे आज भी सद्दाम हुसैन के नाम से ही जानता था। दिल्ली में कर रहा था ठेकेदारी बिहार के बाद वह दिल्ली चला गया और वहां दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) में ठेकेदारी करने लगा। उसके खिलाफ जबलपुर हाई कोर्ट से स्थायी वारंट जारी हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी। 5 हजार किलोमीटर का पीछा कर पकड़ा गया एसडीओपी ओमप्रकाश ने बताया कि अनिल को पकड़ने के लिए पांच टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने छत्तीसगढ़, बिहार और दिल्ली तक करीब 5 हजार किलोमीटर का सफर तय किया। आखिरकार साइबर सेल और दूसरे राज्यों की पुलिस की मदद से उसे दिल्ली से दबोच लिया गया। इस बड़ी कामयाबी में केरल, बिहार और दिल्ली पुलिस का भी सहयोग रहा।
MNC में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी:ग्रेटर नोएडा में 3 गिरफ्तार, लाखों की धोखाधड़ी का खुलासा
ग्रेटर नोएडा की थाना बिसरख पुलिस ने MNC कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 01 सीपीयू, 01 मॉनिटर, 01 की-बोर्ड, 01 माउस, विभिन्न कंपनियों के 06 कूटरचित जॉब ऑफर लेटर, 03 मोबाइल फोन और 7600 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। शुक्रवार को गोपनीय सूचना के आधार पर विकास डाबर, अरुण कुमार और वैभव कुमार को इटेड़ा गोल चक्कर के पास सर्विस रोड, थाना क्षेत्र बिसरख से गिरफ्तार किया गया। डीसीपी शक्ति अवस्थी ने बताया कि विकास मूल रूप से हिसार,हरियाणा का रहने वाला है। वह विदेशी कंपनी यू.एस. हेल्थ केयर में क्लेम सेटल का कार्य करता है। उसके साथी वैभव कुमार और अरुण कुमार भी पूर्व में MNC कंपनियों में नौकरी कर चुके हैं। ये आरोपी MYWORKDAYJOBS.COM पर अपनी प्रोफाइल बनाकर नौकरी तलाश रहे लोगों का डाटा प्राप्त करते थे। इसके बाद वे उनसे संपर्क करके नामी कंपनियों (MNC) में नौकरी दिलाने का प्रलोभन देते थे। कुल सालाना पैकेज के अनुरूप अपना हिस्सा (प्रतिशत) तय करके टोकन मनी के रूप में आंशिक रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।आरोपी MAILHOSTINGR.COM और GOOGLE ACCOUNT प्लेटफॉर्म पर नामी MNC कंपनियों के समान ई-मेल आईडी बनाते थे। अपने कंप्यूटर से संबंधित कंपनी का ऑफर लेटर हेड (लोगो) सहित तैयार कर उसमें जॉइनिंग डेट अंकित करते थे और मेल के माध्यम से अभ्यर्थी को भेजते थे। इससे अभ्यर्थियों को यकीन हो जाता था और वे विश्वास करके बाकी तय रकम ऑनलाइन अभियुक्तों के बताए गए खातों में ट्रांसफर कर देते थे। जब अभ्यर्थी या आवेदक संबंधित कंपनी पर जाकर अपनी नौकरी के संबंध में जानकारी करते थे, तो उन्हें किन्हीं तकनीकी कारणों या दस्तावेजों की त्रुटि का हवाला देकर गुमराह किया जाता था। उन्हें अग्रिम तिथि या किसी अन्य कंपनी का ऑफर लेटर पुनः मेल के माध्यम से भेजा जाता था। अभियुक्त लोगों से एडवांस में 40,000 से 60,000 रुपये तक टोकन मनी लेते थे। ये अब तक लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। अभियुक्तों के खातों की जानकारी कर अन्य लेन-देन की जांच की जा रही है।
राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल भर्ती अभ्यर्थियों द्वारा प्रशिक्षण केंद्र में भोजन की गुणवत्ता को लेकर की गई शिकायत अब उनके लिए मुश्किल बनती दिख रही है। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों ने खराब भोजन दिखाने के लिए AI-जनित तस्वीरों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद मामले में जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार राजस्थान से प्रशिक्षण के लिए भेजे गए कुछ अभ्यर्थियों ने कथित रूप से AI से तैयार की गई तस्वीरें प्रसारित कीं, जिनमें प्रशिक्षण केंद्र में खराब गुणवत्ता का भोजन दिखाया गया था। शिकायत सामने आने के बाद राजस्थान पुलिस ने मामले की जांच के लिए पुलिस दूरसंचार निदेशक दौलतराम अटल को मध्य प्रदेश स्थित प्रशिक्षण केंद्र भेजा। 36 अभ्यर्थी जांच के दायरे में एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार करीब 36 अभ्यर्थियों ने भोजन की शिकायत करते समय कथित तौर पर AI-जनित तस्वीरों का इस्तेमाल किया। हालांकि प्रारंभिक जांच में प्रशिक्षण केंद्र में खराब भोजन परोसे जाने के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। प्रशिक्षण के लिए मध्य प्रदेश भेजे गए थे अभ्यर्थी अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती में करीब 9 हजार अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। राज्य में प्रशिक्षण केंद्रों की सीमित क्षमता के कारण कुछ अभ्यर्थियों को मध्य प्रदेश के प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा गया। राजस्थान में राजस्थान पुलिस अकेडमी सहित विभिन्न प्रशिक्षण केंद्र एक समय में लगभग 6 हजार प्रशिक्षुओं को ही समायोजित कर सकते हैं, इसलिए अतिरिक्त अभ्यर्थियों को दूसरे राज्यों में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप सूत्रों के मुताबिक कुछ अभ्यर्थियों ने कथित रूप से मध्य प्रदेश के तिघरा स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTC) के खिलाफ खराब भोजन दिखाने वाली AI-जनित तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कीं। मध्य प्रदेश पुलिस ने भी इस मामले की जांच की है। जांच में संकेत मिले हैं कि यह तस्वीरें वास्तविक नहीं थीं, बल्कि AI तकनीक से तैयार की गई थीं। प्रशिक्षण से वापस भेजे जा सकते हैं अभ्यर्थी सूत्रों का कहना है कि मामले में शामिल अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम के बीच में ही वापस भेजा जा सकता है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। अधिकारियों ने कहा कि राज्य के बाहर भेजे जाने वाले कांस्टेबलों की अंतिम संख्या का निर्धारण तब होगा जब चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र मिलने के बाद औपचारिक रूप से प्रशिक्षण के लिए रिपोर्ट करेंगे।
बिजनौर कोर्ट ने दुष्कर्म दोषी को सुनाई सजा:कोर्ट ने 7 साल कैद, 10 हजार का लगाया जुर्माना
बिजनौर कोर्ट संख्या 7 के अपर जिला जज अशोक भारतेंदु ने नगीना देहात क्षेत्र में युवती से दुष्कर्म के मामले में आरोपी अमित सैनी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने अमित सैनी को सात वर्ष के कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई। यह घटना 14/15 जुलाई 2022 की रात को हुई थी। एडीजीसी पंकज चौहान ने बताया कि नगीना देहात क्षेत्र के एक व्यक्ति ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, 14/15 जुलाई 2022 की रात को शिकायतकर्ता अपने परिवार के साथ छत पर सो रहा था। उसकी 18 वर्षीय बेटी भी वहीं सोई हुई थी। रात में शौच के लिए वह सड़क किनारे पहुंची, जहां पहले से घात लगाए बैठे आरोपी अमित सैनी पुत्र विमल ने उसे पकड़ लिया। आरोपी अमित सैनी ने युवती का मुंह भींचकर चाकू की नोक पर उसे जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया। सुबह करीब पांच बजे आरोपी ने पीड़िता के पिता को फोन कर बताया कि वह उनकी बेटी को उठाकर ले गया था और उन्हें उसे आकर ले जाने को कहा। पिता जब अपनी बेटी को ढूंढने निकले, तो वह जंगल में बदहवास हालत में मिली। होश में आने पर पीड़िता ने अपने परिजनों को आपबीती बताई। पुलिस ने आरोपी अमित सैनी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और उसके खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े सात गवाहों को अदालत में पेश किया, जिनके बयानों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने अमित सैनी को दोषी ठहराया।
दहेज में बाइक न मिलने पर पत्नी को मारा:दतिया में पति समेत तीन को उम्र कैद; 2024 का मामला
दतिया में दहेज में मोटरसाइकिल की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या के मामले में अदालत ने पति समेत तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। खास बात यह रही कि सुनवाई के दौरान मायके पक्ष के कई गवाह अपने बयान से मुकर गए, लेकिन फॉरेंसिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने तीनों को हत्या का दोषी माना। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सविता जड़िया की अदालत ने समीर मोगिया, रतीलाल मोगिया और शुगर सिंह मोगिया को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। मामला 19 अगस्त 2024 का है। प्रकाश नगर निवासी उजाला मोगिया को उसके ससुराल वाले जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उस समय ससुराल पक्ष ने मौत का कारण फांसी लगाना बताया था। अस्पताल से सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि उजाला की शादी प्रकाश नगर निवासी समीर मोगिया से हुई थी। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज को लेकर उसे परेशान करते थे और मायके जाने से भी रोकते थे। घटना वाले दिन उजाला की मां विद्धू बाई बेटी को लेने ससुराल पहुंची थीं। आरोप है कि, उस समय पति समीर, नाना ससुर रतीलाल और मामा ससुर शुगर सिंह उजाला के साथ मारपीट कर रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने मोटरसाइकिल की मांग दोहराते हुए जान से मारने की धमकी दी। मां के लौटने के कुछ घंटे बाद ही उजाला की मौत की खबर आ गई। मामले में दहेज हत्या और हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया गया। करीब दो साल तक चली सुनवाई के दौरान मायके पक्ष के गवाह अदालत में पक्षद्रोही हो गए और अपने बयान बदल दिए। इसके बावजूद अदालत ने फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को अहम मानते हुए तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
जालौन के थाना कुठौंद क्षेत्र में शंकरपुर पुलिस चौकी के पास दिनदहाड़े हुई लूट की घटना में घायल महिला की मौत हो गई है। बैग छीनने के दौरान सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हुई महिला की इलाज के दौरान कानपुर के अस्पताल में दम तोड़ दिया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं पुलिस चौकी के पास हुई वारदात को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश भी है। सिरसा कलार थाना क्षेत्र के मड़िया गांव निवासी तेज सिंह पुत्र सिपाही लाल अपनी पत्नी रचना देवी (35) के साथ बाइक से अपनी ससुराल तिर्वा, जनपद कन्नौज जा रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों ने रास्ते में सिरसा कलार बाजार से कुछ खरीदारी की थी और वहां से आगे बढ़ गए। गुरुवार को जैसे ही वे कुठौंद थाना क्षेत्र की शंकरपुर पुलिस चौकी के अंतर्गत धराना गांव के पास स्थित भीमसेन मंदिर के पास पहुंचे, तभी पीछे से आए एक बाइक सवार बदमाश ने झपट्टा मारकर रचना देवी के हाथ से बैग छीन लिया। अचानक हुए इस हमले से रचना देवी का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं बदमाश बैग लेकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी और घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। परिजनों के मुताबिक बैग में करीब 20 हजार रुपये नकद, एक कमर पेटी और कानों के टोकस रखे हुए थे। महिला को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर औरैया रेफर कर दिया गया। औरैया से भी स्थिति नाजुक होने पर उन्हें कानपुर के अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका रचना देवी अपने पीछे तीन छोटे बच्चों शोभित (11 वर्ष), वंश (9 वर्ष) और अभि (5 वर्ष) को छोड़ गई हैं। मां की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। दिनदहाड़े पुलिस चौकी के पास हुई इस वारदात ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए तीन टीमों का गठन किया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में शुक्रवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी 'जियोकॉन–2026' का आगाज हो गया है । जिसका विषय 'भूविज्ञान और जलवायु परिवर्तन हेतु सतत पर्यावरण' रहा। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यदि युद्ध और संसाधनों का अंधाधुंध दोहन नहीं रुका, तो आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ नहीं बचेगा। संगोष्ठी के संयोजक और भू-विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. ध्रुवसेन सिंह ने कहा कि वर्तमान में हो रहे युद्धों में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक अस्त्र-शस्त्र जलवायु परिवर्तन की रफ्तार बढ़ा रहे हैं। इससे ग्लोबल वार्मिंग में तेजी आई है। उन्होंने बताया कि अगर हम एक 'सस्टेनेबल' पृथ्वी चाहते हैं, तो हमें 'ग्रीन एनर्जी' और 'ग्रीन इकोनॉमी' को अपनाना होगा। पृथ्वी हमें जीवन के लिए ऑक्सीजन, पानी और खनिज दे रही है, लेकिन मानवीय गतिविधियों ने इसे संकट में डाल दिया है। हिमालय में चट्टानों के गिरने का वैज्ञानिक समाधान IIT पटना के निदेशक प्रो. टी.एन सिंह ने पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाले भूस्खलन और चट्टानों के गिरने (Rockfall) पर व्याख्यान दिया। उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों में बनने वाली 'अर्ध-सुरंगों' के सुरक्षित निर्माण के लिए डायनेमिक रॉकफॉल एनालिसिस की जरूरत बताई। खास बातें: जो चर्चा में रहीं ब्लू इकोनॉमी: NIO गोवा के निदेशक प्रो. सुनील सिंह ने बताया कि महासागर भविष्य की अर्थव्यवस्था के आधार हैं।एनर्जी सिक्योरिटी: AMD हैदराबाद के निदेशक डॉ. धीरज पांडे ने नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य के लिए रणनीतिक खनिजों के महत्व पर चर्चा की । प्रो. अरविंद मोहन ने कहा कि आज दुनिया में जितने भी अंतरराष्ट्रीय संघर्ष हो रहे हैं, उनके पीछे प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जे की होड़ है। 200 से अधिक शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए सम्मेलन में देश के 29 विश्वविद्यालयों और लगभग 20 प्रमुख राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक, शिक्षाविद और शोधार्थी भाग ले रहे हैं। पहले दिन आठ विशेष व्याख्यान आयोजित हुए और 200 से अधिक शोधार्थियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए।कार्यक्रम में डॉ. स्नेहा रघुवंशी, डॉ. ज्योत्सना दुबे, डॉ. मनोज यादव,प्रो. एमजी ठक्कर, राजिंदर कुमार और प्रो. पंकज श्रीवास्तव समेत कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।
DCM की चपेट में आने से महिला की मौत:पति के साथ सिलेंडर भरवाने जा रही थी, डीएवी तिराहे पर हादसा
बुलंदशहर में एक महिला की सड़क हादसे में मौत हो गई। वह अपने पति के साथ मोटरसाइकिल पर गैस सिलेंडर भरवाने जा रही थी, तभी डीएवी तिराहे के पास मोटरसाइकिल से गिर गई। पीछे से आ रही एक डीसीएम गाड़ी ने उसे कुचल दिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतका के शव का पंचनामा भरकर उसे जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में डीसीएम चालक को हिरासत में ले लिया है और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया है। यह हादसा नगर कोतवाली क्षेत्र के डीएवी तिराहे पर हुआ।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव कार्य के चलते शुक्रवार को कई इलाकों में निर्धारित समय तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। बिजली विभाग की ओर से 33/11 केवी सबस्टेशन पर मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा, जिसके कारण सुबह से करीब साढ़े तीन घंटे तक बिजली नहीं आएगी। बिजली विभाग के अनुसार 33/11 केवी प्रतापनगर सब स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से 11:15 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इस दौरान तकनीकी टीमों द्वारा लाइनों और उपकरणों का रखरखाव किया जाएगा। सुबह 8 बजे से 11.15 बजे तक इन इलाकों में बिजली रहेगी बंद शटडाउन के दौरान अंबेडकर कॉलोनी, मजदूर कॉलोनी ,बरकतुल्ला खा कॉलोनी ,जगदम्बा कॉलोनी ,प्रताप नगर ए,बी,सी, डी, ई, एफ सेक्टर, संजय गांधी ए,बी,सी कॉलोनी, यूआईटी कॉलोनी,फैजा आम मस्जिद,आखलिया चौराहा ,मसूरिया फ़िल्टर हाउस ,96 क्वार्टर ,सदर पुलिस थाना,के सेक्टर ,इंद्रा कॉलोनी ,जे सेक्टर सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली बंद रहेगी। बिजली विभाग ने इन इलाकों के लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के दौरान आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। मेंटेनेंस कार्य पूरा होते ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी
सीएम भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सवाल उनसे किया जाना चाहिए, जिन्होंने वर्षों तक किसान और मजदूर के नाम पर राज किया। उन्होंने कहा कि विरोधी पूछते हैं कि सरकार इतनी नौकरियां कैसे दे पाएगी, लेकिन हमारी सरकार लगातार फैसले ले रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी डायरी और पेन साथ रखें और सरकार द्वारा दी जा रही हर नौकरी को लिखते चलें। मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि हमारी सरकार के केंद्र में हमेशा से किसान रहा है। राजस्थान देश में गेहूं के समर्थन मूल्य पर सबसे ज्यादा बोनस देने वाले राज्य है। लेकिन जिन्होने किसान और मजदूर के नाम पर इस देश पर राज किया। गरीबी हटाने और किसानों को आगे बढ़ाने के नारे दिए, लेकिन इनके लिए कुछ नहीं किया। ईआरसीपी और यमुना जल समझौते को इन्होने कितने दिनों तक लटकाए रखा। लेकिन हमारी सरकार लगातार इन सब पर काम कर रही हैं। हमारे सवा दो सालों में हमने संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) की 73 प्रतिशत घोषणाओं को पूरा कर चुके हैं। सीएम भजनलाल शर्मा ने यह बातें आज दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केन्द्र में किसान सम्मान निधि के राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। सीएम यहां से पीएम मोदी के गुवाहाटी में पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त के हस्तान्तरण कार्यक्रम में भी वीसी से जुड़े और पीएम का संबोधन सुना। डायरी पेन साथ रखो और नोट करते जाओ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पहले हमारे किसान का बेटा मेहनत करता था, पढ़ता था, लेकिन पेपरलीक हो जाते थे। लेकिन मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि सवा दो साल में कोई पेपर लीक हुआ हैं। आपने देखा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अजमेर आए थे तो उन्होने 25 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए थे। अब तक हम 1.25 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दे चुके हैं। 1.35 लाख भर्तियां प्रक्रियाधीन है, एक लाख भर्तियों का कैलेंडर हमने जारी कर दिया है। बजट में हमने 25 हजार पद बढ़ा दिए है। इसलिए सवा लाख पदों पर हमने भर्ती निकाली है। लेकिन हमारे विरोधी कहते है कि आप इतनी नौकरियां कैसे दो पाओगे, हमने कहा-आप डायरी-पेन साथ में रखिए और लिखते चलिए। यह मोदी की सरकार है, जो कहते हैं वो करते हैं। 2027 में किसानों को दिन में बिजली देंगे सीएम ने कहा कि हमने किसानों से वादा किया है कि हम साल 2027 से किसानों को दिन में बिजली देने का काम करेंगे। अभी हम 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली दे रहे हैं। हमारी सरकार ने बिजली बिलों पर 50 हजार 833 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी है और 2 लाख से अधिक नए कृषि कनेक्शन जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि 35 लाख किसानों को 25 हजार करोड़ रुपए के अल्पकालीन ऋण वितरित किए जाएंगे। इसके लिए 800 करोड़ रुपए का ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
बलरामपुर जिले में रसोई गैस की कालाबाजारी और वितरण में अनियमितताओं पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने तेल कंपनियों के अधिकारियों, गैस वितरकों और पुलिस प्रशासन के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 14,500 सिलेंडरों की मांग है, जिसकी आपूर्ति तेल कंपनियों द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और अनावश्यक घबराहट में बुकिंग न कराने की अपील की। वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए डीएम ने कई सख्त निर्देश जारी किए। जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि 'बिना बुकिंग, नो सिलेंडर' का नियम कड़ाई से लागू किया जाए। सिलेंडर की आपूर्ति केवल बुकिंग की वरिष्ठता के आधार पर ही की जाएगी। प्रशासन ने रिफिलिंग के अंतराल को भी स्पष्ट किया है। इसके अनुसार, शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के बाद ही दूसरी रिफिल बुकिंग संभव होगी। बैठक में उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिले बिना ही 'डिलीवरी सफल' का मैसेज आने की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी धोखाधड़ी पाई गई तो संबंधित गैस एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए डीएम ने पुलिस विभाग को सभी गैस एजेंसियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई वितरक ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि यदि उनके पास गैस का स्टॉक समाप्त हो जाता है, तो इसकी स्पष्ट जानकारी नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करनी होगी। एजेंसी संचालक कार्यालय बंद कर गायब नहीं होंगे, बल्कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करेंगे। डीएम ने तेल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर्स को भी रोजाना बुकिंग,बैक-लॉग और गैस ट्रकों की आवाजाही की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए, ताकि जिले में गैस आपूर्ति पूरी तरह सुचारू बनी रहे।
इनकम टैक्स की टीम ने शुक्रवार को नोएडा के सब रजिस्ट्रार कार्यालय नोएडा-1 (एसआरओ-1) में पहुंची। वहां रिकार्ड की जांच की। इस दौरान हजार करोड़ से ज्यादा के लेन देन संदिग्ध मिले। सर्वे के दौरान संपत्ति रजिस्ट्रियों के रिकॉर्ड में अमान्य, अधूरे और दोषपूर्ण पैन नंबरों की बड़ी संख्या मिली। जिससे बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की आशंका है। टीम ने डिजिटल डेटा, रजिस्ट्रियों के दस्तावेज भी खंगाले। फॉर्म-61 और फॉर्म-61A की रिपोर्टिंग में भी अंतर सामने आया है। सब रजिस्ट्रार कार्यालय में इस तरह की छानबीन होने से कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बता दें इससे पहले कानपुर और कानपुर देहात के रजिस्ट्री कार्यालयों में भी इनकम टैक्स की टीम को सैकड़ों करोड़ की अनियमितताएं मिली थी, जिसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में भी रजिस्ट्री रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की गई है। नोएडा में सामने आया मामला उसी जांच का हिस्सा माना जा रहा है। टीम के अनुसार यदि जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और दस्तावेज तैयार करने वाले एजेंटों के खिलाफ आयकर अधिनियम और अन्य प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई हो सकती है। इससे पहले भी इनकम टैक्स विभाग की ओर से कई बार नोटिस जारी कर अनियमितताओ को दूर करने के लिए कहा गया था।
उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर जालौन प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में 14 और 15 मार्च को चार पालियों में परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें कुल 9600 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। जिला मुख्यालय उरई में इस परीक्षा के लिए कुल 9 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय महिला इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, दयानंद वैदिक कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज, सनातन धर्म इंटर कॉलेज, आचार्य नरेंद्र इंटर कॉलेज, सर्वोदय इंटर कॉलेज और गांधी इंटर कॉलेज उरई शामिल हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा आयोजित की जाएगी। दो दिन तक चलने वाली परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी। पहली पाली के लिए परीक्षार्थियों को सुबह 8 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि सुबह 9:30 बजे के बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसी प्रकार दूसरी पाली के लिए अभ्यर्थियों को दोपहर 1 बजे से प्रवेश मिलेगा और 2:30 बजे के बाद किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और कालपी बस स्टैंड पर तीन हेल्प डेस्क भी स्थापित किए हैं, जहां से बाहर से आने वाले परीक्षार्थियों को आवश्यक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 250 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार की निगरानी में परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। इसके अलावा तीन राजपत्रित अधिकारी, जिनमें अपर पुलिस अधीक्षक तथा उरई और माधौगढ़ के क्षेत्राधिकारी शामिल हैं, पूरी परीक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेंगे। जिले में 9 सेक्टर मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी मॉनिटरिंग उरई पुलिस लाइन से की जाएगी। परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को केवल पेन, प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र ही परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति होगी। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक सामग्री ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से जांच भी की जाएगी।प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखने की व्यवस्था की है, ताकि किसी प्रकार की अफवाह या नकल से संबंधित गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ परीक्षा संपन्न कराई जाएगी, जिससे अभ्यर्थियों को निष्पक्ष वातावरण मिल सके।
पानीपत जिले में समालखा खंड के गांव गढ़ी छाज्जु में स्थानीय निवासी मोहित कुमार के घर से 21 लाख 50 हजार रुपए की चोरी हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दे कि शिकायतकर्ता मोहित कुमार गढ़ी छाज्जु के रहने वाले हैं और सप्लीमेंट्स तथा आयुर्वेदिक दवाओं का व्यापार करते हैं। उन्होंने बताया कि यह राशि एक दुकान की रजिस्ट्री के लिए घर के कमरे में बेड के अंदर एक थैले में छिपाकर रखी गई थी। 12 मार्च को सुबह जब मोहित कुमार उठे, तो उन्होंने कमरे में बेड पर चादर और सामान बिखरा हुआ पाया। बेड खोलने पर रुपए से भरा थैला गायब मिला। घर की तलाशी लेने पर भी पैसे नहीं मिले। चोरों की तलाश में जुटी पुलिस मोहित ने अज्ञात चोरों द्वारा रात में घर में घुसकर चोरी करने का शक जताया। उन्होंने तुरंत समालखा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पैसे बरामद करने और चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज में दिखे आरोपी थाना प्रभारी गुलशन कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की गहन छानबीन की जा रही है। फुटेज में दो युवक मुंह पर कपड़ा बांधे मोहित के घर में प्रवेश करते हुए दिखाई दे रहे हैं। प्रभारी ने यह भी आशंका जताई कि इस चोरी में घर के किसी सदस्य का हाथ हो सकता है। उन्होंने जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया।
नर्मदापुरम में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर चल रही किल्लत के बीच शुक्रवार शाम प्रशासन ने शहर में होटलों और भोजनालयों में छापेमार कार्रवाई की। जांच के दौरान बस स्टैंड के सामने स्थित पहलवान ढाबे से देसी-विदेशी शराब के 80 पाव (करीब 15 हजार रुपए कीमत) बरामद हुए। वहीं शहर के अलग-अलग होटलों से 7 अनाधिकृत गैस सिलेंडर भी जब्त किए गए। सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ शहर के भोजनालयों, रेस्टोरेंट और होटलों में घरेलू गैस सिलेंडरों के अनाधिकृत उपयोग और भंडारण की जांच कर रहे थे। इसी दौरान कोतवाली थाने से करीब 100 मीटर दूर बस स्टैंड के सामने स्थित पहलवान ढाबे की जांच की गई। ढाबे में अवैध सिलेंडर तो नहीं मिले, लेकिन वहां बड़ी मात्रा में देसी और विदेशी शराब का जखीरा मिला। इसे देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। इसके बाद तत्काल आबकारी विभाग की टीम को मौके पर बुलाकर कार्रवाई कराई गई। काका श्री होटल में शराब पीते लोग भागेपहलवान ढाबे के पास स्थित काका श्री होटल की भी जांच की गई। यहां शराब तो नहीं मिली, लेकिन कुछ लोग शराब पीते हुए मिले, जो टीम को देखकर मौके से भाग निकले। संयुक्त टीम ने जांच के दौरान कई होटलों से अनाधिकृत गैस सिलेंडर भी जब्त किए। जीआरवी होटल से 1 अतिरिक्त व्यावसायिक सिलेंडर डोमिनोज़ से 5 व्यावसायिक सिलेंडर सतरस्ता स्थित विक्रांत होटल से 1 घरेलू सिलेंडर इसके अलावा मैंगो मेनिया होटल की भी जांच की गई। आबकारी एक्ट में ढाबा संचालक पर कार्रवाईआबकारी उप निरीक्षक हेमंत चौकसे ने बताया कि पहलवान ढाबे से देसी और विदेशी शराब के 80 पाव जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 15 हजार रुपए है। मामले में ढाबा संचालक के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह, अतिरिक्त तहसीलदार शक्ति सिंह राठौर, आरआई गजेंद्र जाटव और पुलिस टीम मौजूद रही।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर नगर निगम में शहर के विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर पेश किए गए बजट पर सियासी घमासान देखने को मिला। महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार द्वारा पेश किए गए 2391 करोड़ रुपये के बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। बीजेपी और कांग्रेस पार्षदों द्वारा कुल 14 संशोधन प्रस्ताव भी लगाए गए थे, जिनमें से 4 को अस्वीकार करते हुए सभापति ने अंततः बजट को पारित कर दिया। कभी टमटम से आईं थी और अब स्कॉर्पियो से, विकास किसका हुआ ?सदन की कार्यवाही के दौरान बीजेपी पार्षद ब्रजेश श्रीवास ने महापौर के बजट को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने महापौर की दो तस्वीरें सदन में लहराईं। एक तस्वीर वर्ष 2024 की थी, जब महापौर टमटम (इलेक्ट्रिक व्हीकल) से बजट पेश करने आई थीं, जबकि दूसरी तस्वीर वर्ष 2026 की थी, जिसमें वे स्कॉर्पियो गाड़ी से उतरते हुए दिखाई दे रही थीं। श्रीवास ने तंज कसते हुए कहा कि जब नगर निगम की आर्थिक स्थिति ठीक थी, तब महापौर इलेक्ट्रिक वाहन से आकर निगम की सादगी का दिखावा कर रही थीं, लेकिन अब जब निगम की हालत खराब है तो वे महंगी गाड़ी से बजट पेश करने पहुंच रही हैं। उन्होंने बजट को खोखला बताते हुए निगम की आर्थिक स्थिति को अब तक का सबसे खराब दौर बताया। इतिहास में पहली बार इतनी खराब स्थिति में नगर निगमवहीं नेता प्रतिपक्ष हरिपाल ने भी निगम की आर्थिक स्थिति को लेकर सत्ताधारी कांग्रेस और महापौर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नगर निगम के इतिहास में पहली बार आर्थिक स्थिति इतनी खराब हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम को अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर लोन लेना पड़ रहा है, जबकि एफडी को सामान्यतः आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रखा जाता है और उसे तोड़ा नहीं जाता। उनके मुताबिक यह वित्तीय प्रबंधन की बड़ी विफलता है। महापौर ने किया आरोपों को खारिजहालांकि महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बजट शहर के विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सवाल उठाना है, इसलिए वे हर मुद्दे पर उन्हें निशाना बनाते हैं।नगर निगम के इस बजट में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई है। करोड़ों के होंगे विकास कार्यइसमें शहर में आवारा स्वानों के लिए 5 शेल्टर हाउस बनाने की योजना शामिल है। पेयजल और सीवर व्यवस्था के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें निगम को 25 से 30 प्रतिशत राशि वहन करनी होगी। इसके अलावा सड़कों और नालियों के निर्माण पर 500 करोड़ रुपये तथा जनकार्य मद में सड़क, डामर, आरसीसी और नालियों पर 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पेयजल व्यवस्था में खर्च होंगे 900 करोड़सामुदायिक भवन और पार्क विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पानी की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें चंबल नदी के कोतवाल बांध से पानी लाने की योजना पर 400 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं वार्ड 61 से 66 में पेयजल व्यवस्था सुधारने और नए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 450 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। फिलहाल बजट पारित हो चुका है, लेकिन सदन में हुई तीखी बहस ने साफ कर दिया है कि नगर निगम की राजनीति आने वाले समय में और गर्माने वाली है। अब देखना होगा कि महापौर द्वारा घोषित योजनाएं जमीन पर कब तक उतर पाती हैं।
देवरिया में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर:एक युवक की मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल
देवरिया के श्रीरामपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में ठाकुरपुर गांव निवासी 22 वर्षीय अख्तर अंसारी की मौत हो गई, जबकि बासोपट्टी गांव निवासी 30 वर्षीय बलवंत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। यह घटना शुक्रवार शाम करीब पांच बजे बासोपट्टी गांव में भारत पेट्रोलियम पंप के पास हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना में श्रीरामपुर थाना क्षेत्र के ठाकुरपुर गांव निवासी अख्तर अंसारी (22) पुत्र खुरशेद अंसारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। दूसरे बाइक सवार बासोपट्टी गांव निवासी बलवंत सिंह (30) पुत्र शेषनाथ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिहार के मैरवा स्थित एक अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। श्रीरामपुर थाना पुलिस को सूचना मिलते ही वे घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई और मृतक के शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि बासोपट्टी स्थित भारत पेट्रोलियम पंप के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौत हुई है और दूसरा गंभीर रूप से घायल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
मैहर में शुक्रवार को मां कर्मा देवी की जयंती के मौके पर साहू समाज ने शोभायात्रा निकाली। इस दौरान मेधावी बच्चों का सम्मान किया गया और शादी योग्य युवक-युवतियों के लिए परिचय सम्मेलन भी रखा गया। जिला अध्यक्ष दीपक साहू की अगुवाई में यह शोभायात्रा नई सब्जी मंडी से शुरू हुई। समाज के सैकड़ों लोग गाजे-बाजे के साथ यात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा रंगलाल चौराहा, शारदा टॉकीज और घंटाघर से होते हुए वार्ड नंबर 1 स्थित साहू समाज की धर्मशाला पहुंची। रास्ते में घंटाघर पर समाज के संरक्षक लखनलाल साहू की ओर से लोगों के लिए ठंडे पानी और जलपान का इंतजाम किया गया था। मेधावी छात्रों का सम्मान और परिचय सम्मेलन धर्मशाला में यात्रा खत्म होने के बाद कई सामाजिक कार्यक्रम हुए। साल 2024-25 की बोर्ड परीक्षाओं (10वीं और 12वीं) में 70% से ज्यादा नंबर लाने वाले छात्र-छात्राओं को इनाम देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद दोपहर में युवक-युवती परिचय सम्मेलन हुआ, जिसमें समाज के परिवारों ने हिस्सा लिया। शाम को सामूहिक भोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। अतिथि और संदेश आयोजन में मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी और साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष हरीशंकर साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष गीता संतोष सोनी ने की। आए हुए अतिथियों ने मां कर्मा देवी की पूजा-अर्चना की और समाज के लोगों को मिल-जुलकर रहने और बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने की बात कही।
अंबाला जिले के बराड़ा क्षेत्र में संदिग्ध विस्फोटक मिलने की खबर सामने आई है। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। बराड़ा रोड को एहतियात के तौर पर पूरी तरह बंद कर दिया गया है और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने बाइक सवार 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनके बैग से विस्फोटक बरामद किया गया है। एसटीएफ और बम निरोधक दस्ते ने मौके पर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अधिकारी स्थिति का जायजा ले रहे हैं और लोगों को मौके से दूर रहने की सलाह दी गई है। जानकारी के अनुसार बराड़ा रोड के पास संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने की सूचना पुलिस को दी गई थी। प्रारंभिक जांच में करीब दो किलो आरडीएक्स होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही स्पेशल टास्क फोर्स और जिला पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बम निरोधक दस्ता भी जांच में जुटा हुआ है। पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हालांकि पुलिस अधिकारी अभी इस मामले में कुछ भी स्पष्ट बोलने से बच रहे हैं। STF ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया अंबाला STF ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे लगभग 2 किलो विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ है, ये तीनों बराड़ा से अंबाला की तरफ जा रहे थे। जिन्हें STF अंबाला की टीम ने रास्ते में ही सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक बैग बरामद हुआ था जिसकी तलाशी लेने पर उसमें से विस्फोटक पदार्थ बरामद हुए इनकी मात्रा लगभग 2 किलो है। बाइक पर ले जा रहे थे इन तीन आरोपियों की उम्र लगभग 20 से 25 साल के बीच में है ये तीनों बाइक पर जा रहे थे और ये बाइक आरोपी जगवीर की है। इन तीन आरोपियों में से एक गांव कंबासी दूसरा अजमेर और तीसरा मेरठ का रहने वाला है। इन तीन आरोपियों से अभी आगे की जांच की जाएगी कि आखिर इनका मकसद किया था क्यों यह विस्फोटक सामान लेकर घूम रहे थे और किस घटना को अंजाम देने वाले थे। जनवरी में बलदेव नगर थाने में हुआ था धमाकाइससे पहले जनवरी में अंबाला के बलदेव नगर थाना परिसर में खड़ी एक कार में दो बार धमाके हुए थे। डीएल-3सीएजेड-6651 नंबर की कार में यह धमाके हुए थे। उस समय करीब 250 पुलिसकर्मी गणतंत्र दिवस की तैयारियों के तहत एयरफोर्स स्टेशन के पास सघन तलाशी अभियान में लगे हुए थे। कार में मिले थे एलपीजी सिलेंडरघटना के बाद बलदेव नगर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान कार के अंदर 5-5 किलो के 3 एलपीजी सिलेंडर मिले थे और तीनों पर रेगुलेटर लगे हुए थे। एसपी के निर्देश पर खाली कराया गया था थानाकार में पहले शाम के समय आग लगने की घटना सामने आई थी, जिसे पुलिसकर्मियों ने सामान्य मानकर बुझा दिया था। लेकिन उसी रात करीब 8 बजे एसपी ने बलदेव नगर थाने में फोन कर तुरंत थाना खाली करने के निर्देश दिए थे। बताया गया कि एसपी को किसी व्यक्ति ने कार से जुड़ा एक वीडियो भेजा था, जिसके बाद पूरे मामले से पर्दा उठा।
रोहतक में जिला परिषद के वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा पर दोपहर के समय ऑफिस में घुसकर 5-6 युवकों ने जानलेवा हमला किया। आरोपियों ने अनिल हुड्डा के साथ ऑफिस में ही मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए। हमले की सूचना आर्य नगर थाना पुलिस को दी गई। जिला परिषद के वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा दोपहर के समय अपने ऑफिस में अकेले बैठे हुए थे। इसी दौरान 5-6 युवक ऑफिस में घुसे और आते ही अनिल हुड्डा के साथ मारपीट शुरू कर दी। अनिल हुड्डा ने अपने आप को बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन आरोपी अधिक होने के कारण खुद को बचा नहीं सके और आरोपियों ने अनिल को नीचे गिराकर जमकर मारपीट की। जिला परिषद की मीटिंग में हुई थी कहासुनी जिला परिषद की कल मीटिंग हुई थी, जिसमें वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा की पार्षद धीरज मलिक के साथ कहासुनी हुई थी। इसके बाद नीचे आने के बाद भी किसी के साथ कहासुनी हुई थी, जिसमें वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा ने एक व्यक्ति को डंडे से मारा भी था। आशंका है कि उसी के कहने पर आरोपियों ने ऑफिस में घुसकर मारपीट की है। सरकारी भवन में नहीं कोई सुरक्षा वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा का ऑफिस जिला विकास भवन में है, जहां ADC सहित अन्य अधिकारियों के ऑफिस भी है। सरकारी भवन में घुसकर जिला परिषद के वाइस चेयरमैन पर हमला, प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठा रहा है। वाइस चेयरमैन पर हुए हमले के बाद सरकारी भवन में सुरक्षा का मुद्दा भी उठ रहा है। ADC की तरफ से दी गई शिकायत आर्य नगर थाना SHO बिजेंद्र कुमार ने बताया कि वाइस चेयरमैन अनिल हुड्डा की तरफ से अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई गई है। वहीं ADC नरेंद्र कुमार की तरफ से एक शिकायत दी गई है कि सरकारी भवन में अज्ञात युवकों ने घुसकर हमला किया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
स्कूल में फीस बकाया होने पर कक्षा 9वीं की छात्रा को परीक्षा में नहीं बैठाने पर हंगामा हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारी स्कूल पहुंच गए। स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी को बुलाया। काफी देर हंगामे के बाद स्कूल प्रिंसिपल ने लिखित में माफी मांगी। फिर छात्रा को परीक्षा देने बैठाया। मामला शहर के काट्जू नगर स्थित श्री जैन एकेडमी हाई स्कूल का है। अभाविप के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य व रतलाम भाग संयोजक चेतन गुर्जर ने बताया कि हमें शुक्रवार दोपहर स्कूल में 10 विद्यार्थियों की स्कूल फीस बकाया होने पर परीक्षा में नहीं बैठाने की जानकारी मिली। स्कूल पहुंच इस बात का विरोध जताया। फीस बाकि होने पर परीक्षा से किसी भी विद्यार्थी को वंचित नहीं किया जा सकता। हंगामे की सूचना पर डीईओ अनिता सागर, जितेंद्र जोशी भी पहुंचे। स्कूल प्रिंसिपल से बात की। प्रिंसिपल ने कहा कि कई बच्चों की फीस बाकि है। स्कूल के स्टाफ व अन्य सुविधाएं भी स्कूल को देखना पड़ती है। ऐसे में विद्यार्थियों को फीस के लिए कहना पड़ता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है फीस को लेकर किसी भी विद्यार्थी को परीक्षा में बैठने से मना किया जा सकता। अभाविप पदाधिकारियों स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रिंसिपल ने मांगी माफी बाद में स्कूल प्रिंसिपल ज्योति जैन ने लिखित में माफी मांगी। प्रिंसिपल ने लिखा कि हमसे गलती हो गई थी। हमारा उद्देश्य किसी भी छात्र को नुकसान पहुंचाना नहीं था। फिर भी इस घटना से छात्र और आप सभी को जो असुविधा हुई उसके लिए हमें खेद है। हम अपनी गलती के लिए क्षमा प्रार्थी है। आगे भी इस बात का ध्यान रखा जाएगा। ऐसा व्यवहार नहीं किया जाएगा। इसके बाद डीईओ ने भी जिले के सभी स्कूलों के लिए एक लेटर जारी किया। जिसमें बकाया फीस होने पर किसी भी छात्र को परीक्षा से रोकने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। कार्रवाई करेंगे- डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी अनिता सागर ने बताया कि एक छात्रा को परीक्षा में बैठने नहीं दिया। स्कूल प्रिंसिपल को समझाया है। फीस के अभाव में कोई भी स्कूल विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने से नहीं रोक सकता। आगे से कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित स्कूल पर कार्रवाई की जाएगी।
टोंक में कांग्रेस ने रसोई गैस की बढ़ी कीमतों के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क से घंटाघर तक पैदल मार्च निकाला और केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। जिला कांग्रेस कमेटी टोंक के नेतृत्व में शुक्रवार को गांधी पार्क में धरना दिया गया। कार्यकर्ताओं ने रसोई गैस और चूल्हे पर तवा रखकर प्रदर्शन किया। जिला संगठन प्रभारी एवं आमेर विधायक प्रशांत शर्मा ने कहा- केंद्र सरकार के पास कोई ठोस कार्ययोजना नहीं है। केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पहले जनता को नोटबंदी की लाइन में लगना पड़ा। फिर कोरोना के दौरान परेशानियां झेलनी पड़ीं। अब गैस की बढ़ती कीमतों से लोग त्रस्त हैं। उन्होंने कहा- भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा अब आम जनता के सामने आ चुका है। कूटनीति की विफलता और ऊर्जा प्रबंधन की नाकामी गंभीर मुद्दा है। इसका खामियाजा आज देश की 140 करोड़ जनता भुगत रही है। उन्होंने कहा- सरकार को पता था कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर एलपीजी आपूर्ति पर पड़ेगा। ऐसे में सरकार को पहले से ही इंतजाम करना चाहिए था। पहले नोटबंदी, फिर कोरोना में ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी और अब रसोई गैस की किल्लत बन गई है। इस अवसर पर निवर्तमान अध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा, पूर्व विधायक कमल बैरवा, पीसीसी सदस्य कुलदीप सिंह राजावत, दिनेश चौरसिया, श्रीराम चौधरी, सलीमुद्दीन खान, देवली ब्लॉक अध्यक्ष महादेव मीणा, पीपलू ब्लॉक अध्यक्ष जयनारायण मीणा, उनियारा ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश धाकड़, निवाई अध्यक्ष सतीश शर्मा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष हंसराज गुंजल, सेवादल अध्यक्ष अब्दुल खालिक, बरकत हसीन, शिवराज बैरवा, प्रवीण माणु, महमूद शाह, महावीर तोगड़ा, इरशाद बैग, कैलाशी देवी मीणा सहित कई नेताओं ने धरने को संबोधित करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की। जिला सोशल मीडिया प्रभारी जर्रार खान ने बताया कि इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
बालाघाट में प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर वारासिवनी क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर चलाए गए जांच अभियान के दौरान 13 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त कर प्रकरण दर्ज किए गए हैं। भोजनालयों और चौपाटी पर दी दबिश खाद्य विभाग की टीम ने वारासिवनी स्थित आनंद भोजनालय, दीनबंधु भोजनालय सहित कॉलेज चौक और तहसील के पास स्थित नई चौपाटी पर छापेमारी की। इन स्थानों पर व्यावसायिक गतिविधियों के लिए घरेलू सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा था। युद्ध के कारण आपूर्ति पर असर प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण गैस सिलेंडर की किल्लत की स्थिति बन रही है। इसी के मद्देनजर घरेलू उपभोक्ताओं के हिस्से की गैस का अवैध व्यावसायिक उपयोग रोकने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। नियम तोड़ने वालों पर दर्ज हुए प्रकरण जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 13 सिलेंडर जब्त किए गए। विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है और स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। सघन जांच अभियान आगे भी रहेगा जारी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि व्यावसायिक केंद्रों पर घरेलू गैस का उपयोग नियमों के विरुद्ध है। अधिकारियों ने कहा कि आगामी दिनों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली के महराजगंज क्षेत्र में शुक्रवार को एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। युवक अपने साले के जन्मदिन समारोह में शामिल होने अयोध्या स्थित अपनी ससुराल जा रहा था, तभी उसकी बाइक अनियंत्रित होकर एक पत्थर से टकरा गई। मृतक की पहचान मिलएरिया थाना क्षेत्र के पूरे बनिया मजरे डीहा निवासी राम कैलाश के रूप में हुई है। वह शुक्रवार शाम करीब 7 बजे पूरे सुखई निवासी अपने बहनोई विजय की बाइक लेकर अयोध्या के पास ससुराल के लिए निकले थे। कैर नैया नाला के पास निर्माणाधीन पुल के समीप रखे एक भारी पत्थर से उनकी बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि राम कैलाश ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एम्बुलेंस की सहायता से युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोतवाल जगदीश यादव ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की आगे की जांच की जा रही है।
मंदसौर जिले के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोयाबड़ी के बोरो की आड़ में ट्रक से ले जाई जा रही करीब 50 लाख रुपए कीमत की 350 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शराब से भरा ट्रक भी कब्जे में लिया है। ट्रक सहित कुल जब्त मशरूका की कीमत करीब 60 लाख रुपए आंकी गई है। जानकारी के अनुसार रुपनी–कचनारा रोड स्थित पुलिया के पास ग्राम फतेहगढ़ क्षेत्र में एक ट्रक संदिग्ध हालत में खड़ा मिला। जब उसकी तलाशी ली गई तो उसमें सोयाबड़ी के बोरो के नीचे बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब की पेटियां छिपाकर रखी हुई थीं। गिनती करने पर ट्रक से कुल 350 पेटी विदेशी शराब बरामद हुई। मामले में पुलिस ने ट्रक क्रमांक GJ 16 AC 7576 सहित पूरी शराब जब्त कर ली है। जब्त शराब की कीमत करीब 50 लाख रुपए और ट्रक की कीमत करीब 10 लाख रुपए बताई जा रही है। आबकारी एक्ट में दर्ज किया केसएडिशनल एसपी टी.एस. बघेल ने बताया कि मामले में आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। साथ ही यह जांच की जा रही है कि शराब कहां से लाई जा रही थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। पुलिस के अनुसार शुक्रवार को थाना नाहरगढ़ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रक में अवैध शराब ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी वरुण तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रुपनी–कचनारा रोड स्थित पुलिया के पास ग्राम फतेहगढ़ क्षेत्र में दबिश दी। नशा तस्करों के खिलाफ अभियान जारीथाना प्रभारी वरुण तिवारी ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार चल रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत अवैध मादक पदार्थ और शराब तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
जलदाय विभाग के निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को जलभवन में प्रदेशभर से पहुंचे हजारों कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। प्रान्तीय नल मजदूर यूनियन (इंटक) के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन को झुकना पड़ा और विभाग के मुख्य अभियंता ने लिखित आश्वासन दिया कि विभाग में निजीकरण नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष संजय सिंह शेखावत ने किया। उनके साथ कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष बाबूलाल शर्मा और जिला अध्यक्ष ताराचंद सैनी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जलदाय विभाग कर्मचारियों की जीवन रेखा है और इसे किसी भी हालत में निजी हाथों में नहीं जाने दिया जाएगा। कर्मचारियों की भारी भीड़ और नारेबाजी से जलभवन परिसर गूंज उठा। सीएम आवास की ओर कूच की तैयारी प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की तैयारी कर रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता मुख्यालय देवराज सोलंकी धरना स्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक रुख रखते हैं और कर्मचारियों का अहित नहीं होने दिया जाएगा। निजीकरण नहीं करने का लिखित में मिला आश्वासन मुख्य अभियंता देवराज सोलंकी ने यूनियन को लिखित पत्र देकर आश्वस्त किया कि विभाग में किसी भी प्रकार का निजीकरण नहीं किया जाएगा। साथ ही जल्द ही तकनीकी कर्मचारियों की नई भर्ती करने का भी आश्वासन दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। यूनियन पदाधिकारियों ने इसे जलदाय कर्मचारियों की एकता और संघर्ष की जीत बताया। उनका कहना है कि यदि भविष्य में विभाग को निजीकरण की ओर ले जाने का प्रयास किया गया तो कर्मचारी इससे भी बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। कई कर्मचारी नेता रहे मौजूद प्रदर्शन के दौरान राजस्थान इंटक के प्रदेशाध्यक्ष जगदीश राज श्रीमाली, संरक्षक जगदीश प्रसाद शर्मा, रामाशंकर गुर्जर, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह सोलंकी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह शेखावत सहित कर्मचारी नेता राजेश पारीक, महेंद्र शर्मा और बाबूलाल यादव मौजूद रहे। यूनियन ने अंत में सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी एकता और जोश ने साबित कर दिया है कि जब कर्मचारी एकजुट होते हैं तो बड़े से बड़ा फैसला भी बदला जा सकता है।
हरियाणा के पंचकूला में शुक्रवार शाम को राज्यस्तरीय पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम हुआ। जिसमें सीएम नायब सैनी बतौर मुख्यातिथि पहुंचे और असम के गुवाहाटी में आयोजित पीएम किसान सम्मान निधि योजना कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़े। असम के कार्यक्रम में पीएम नरेन्द्र मोदी ने 22वीं किस्त के तहत देश के 9 करोड़ 32 लाख से अधिक किसानों के खातों में 18 हजार 640 करोड़ रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की। इसमें हरियाणा के 15 लाख 86 हजार किसानों के खातों में 328 करोड़ रुपए की राशि डाली गई। हरियाणा के कार्यक्रम में सीएम के साथ कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे। किसानों के भरोसे का प्रमाण नायब सिंह सैनी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत 22वीं किस्त जारी करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहायता देश के किसानों को दिए गए भरोसे का प्रमाण है। यह उस संकल्प की पुनः पुष्टि है, जो पीएम नरेंद्र मोदी ने हमारे अन्नदाता के कल्याण के लिए लिया है। 22 किस्तों में साढ़े 7 हजार करोड़ आए सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने आज पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त के तहत हरियाणा के 15 लाख 86 हजार किसानों के बैंक खातों में 328 करोड़ रुपए पंहुचाने का काम किया है। इसे मिलाकर किसानों को 22 किस्तों में कुल 7 हजार 562 करोड़ रूपए की राशि जारी हो जाएगी। खाद पर सब्सिडी दे रहे उन्होंने कहा कि पीम किसानों को सम्मान निधि देने के साथ साथ खाद पर भी सब्सिडी उपलब्ध करवा रहे है। उन्होंने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना हो, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, कुसुम योजना के तहत किसानों को सोलर से जोड़ने का काम हो, पीएम नरेंद्र मोदी निरंतर किसानों को सशक्त करने का कार्य कर रहे हैं।
दमोह जिला मुख्यालय पर शुक्रवार शाम सैकड़ों शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अनिवार्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर राज्य सरकार से इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका की मांग शिक्षक सुरेंद्र राय ने बताया कि परीक्षा से जुड़े कई तकनीकी बिंदु हैं। उन्होंने कहा कि यदि मध्य प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका लगाती है, तो अन्य राज्यों की तरह यहाँ भी परीक्षा निरस्त हो सकती है। 30 साल बाद परीक्षा लेने पर आपत्ति प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि सरकार को 30 साल की सेवा के बाद इस परीक्षा की याद आई है। उन्होंने मांग की कि यदि शिक्षकों की परीक्षा ली जा रही है, तो अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की भी इसी तरह परीक्षा होनी चाहिए। मानसिक प्रताड़ना और एसआईआर सर्वे का हवाला शिक्षकों ने आरोप लगाया कि एसआईआर सर्वे और अधिकारियों की प्रताड़ना के कारण कई शिक्षक पूर्व में अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्होंने अपने वजूद को बचाने के लिए आगे भी कड़ा संघर्ष करने की बात कही है। कई शिक्षक संगठनों ने दिया समर्थन इस विरोध प्रदर्शन में अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा और शासकीय शिक्षक संगठन सहित कई अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों का विरोध किया।
नागौर के डेह गांव में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और एटीएस की संयुक्त टीम ने एक घर पर छापा मारकर आरोपी मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास 27.37 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी और नशे की बिक्री से कमाए 50 हजार 400 रुपए कैश बरामद किए है। आरोपियों की पहचान संजय उर्फ पिंटू और उसकी मां जसोदा के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि यह परिवार लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त है। आरोपी संजय का पिता संतोष राम आचार्य पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल में बंद है। लेकिन उसके पीछे से मां-बेटे ने इस गलत काम को पैतृक व्यवसाय की तरह अपना लिया। जसोदा ने अपने घर में किराना दुकान खोल रखी थी, जिसकी आड़ में वह ग्राहकों को एमडी सप्लाई करती थी। जबकि बेटा संजय आसपास के इलाकों में तस्करी का नेटवर्क संभालता था। एएनटीएफ जयपुर मुख्यालय को मिली गुप्त सूचना के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। टीम ने बताया कि संजय के खिलाफ पहले भी नागौर सदर और कुचेरा थानों में तस्करी के मामले दर्ज हैं। नागौर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच बड़ी खाटू थानाधिकारी को सौंपी गई है, जिससे नेटवर्क से जुड़े स्थानीय नेटवर्क को खत्म किया जा सके।
चित्तौड़गढ़ जिले में शुक्रवार को अफीम किसानों ने नारकोटिक्स विभाग की कथित मनमानी और उत्पीड़न के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। अफीम किसान संघर्ष समिति के बैनर तले हजारों किसान धरना देने पहुंचे और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि साल 2025-26 की अफीम फसल के दौरान नारकोटिक्स विभाग के कुछ अधिकारी कानून की आड़ में किसानों को परेशान कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि अधिकारी बिना अनुमति उनके घरों में घुसकर छापेमारी कर रहे हैं, मारपीट कर रहे हैं और भारी रकम की अवैध वसूली की जा रही है। धरने के बाद किसानों ने जिला प्रशासन के माध्यम से भारत सरकार की वित्त मंत्री और नारकोटिक्स विभाग के उच्च अधिकारियों के नाम ज्ञापन भेजा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो वे नारकोटिक्स विभाग का घेराव करेंगे और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर देंगे। किसानों ने अवैध वसूली और कार्रवाई के लगाए आरोप धरने में शामिल किसानों ने बताया कि कई किसानों से करोड़ों रुपए तक की अवैध वसूली की गई है। किसानों के अनुसार डेलवास (डूंगला) के सुरेश पुत्र रतनलाल और संतोष पुत्र चतुर्भुज धाकड़ से करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपए लिए जाने का आरोप है। इसी तरह देवरिया क्षेत्र में भी एक किसान से छापेमारी के दौरान 70 लाख रुपए की मांग की गई। किसानों का कहना है कि जब किसान इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ रहा तो उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे उठा लिया गया। खारखंदा के रतनलाल माली ने भी आरोप लगाया कि बिना किसी दोष के उन्हें करीब साढ़े तीन महीने जेल में रखा गया। इन घटनाओं के कारण क्षेत्र के अफीम किसानों में नाराजगी और डर का माहौल बना हुआ है। महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार का भी आरोप किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में की गई छापेमारियों के दौरान महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटनाएं हुई हैं। किसानों ने कहा कि चित्तौड़गढ़ सेल के इंस्पेक्टर प्रदीप लौहार के खिलाफ कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। किसानों ने मांग की कि उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और उन्हें पद से हटाया जाए। किसानों का कहना है कि यदि किसी किसान के खिलाफ कार्रवाई करनी भी हो तो उसे कानून के दायरे में रहकर की जानी चाहिए, लेकिन वर्तमान में कुछ अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। ज्ञापन में किसानों ने रखी कई जरूरी मांगें धरने के बाद किसानों ने उप नारकोटिक्स आयुक्त कोटा के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें किसानों ने कई मांगें रखीं। किसानों ने कहा कि अवैध कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए अफीम लम्बरदारों और महिलाओं को तुरंत रिहा किया जाए। जिन अधिकारियों ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और इंस्पेक्टर प्रदीप लौहार को तुरंत बर्खास्त किया जाए। इसके अलावा किसानों ने मांग की कि किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को हटाकर पूरे मामले की जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए। किसानों ने यह भी कहा कि अफीम की लुआई-चिराई से लेकर तौल होने तक किसानों के घरों पर छापेमारी पूरी तरह बंद की जाए और जिन किसानों से कथित तौर पर करोड़ों रुपए की वसूली की गई है, वह राशि वापस दिलाई जाए। कच्चे तौल की व्यवस्था पर भी जताया विरोध किसानों ने नारकोटिक्स विभाग की “कच्चे तौल” व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि लुआई-चिराई के समय पौधों से निकलने वाली अफीम में पानी ज्यादा होता है। किसान उसे सुखाकर बाद में तौल केंद्र पर ले जाते हैं, लेकिन विभाग कच्ची अफीम में मौजूद पानी को भी अफीम मानकर कार्रवाई कर रहा है। किसानों का कहना है कि इस कारण उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। किसानों ने मांग की कि कच्चे तौल की व्यवस्था बंद की जाए। यदि विभाग इस व्यवस्था को जारी रखना चाहता है तो वह रोजाना अफीम संग्रहण की व्यवस्था करे, ताकि किसानों को घर पर अफीम रखने की मजबूरी न हो। धरना स्थल पर पहुंचे अधिकारी धरना स्थल पर किसानों से बातचीत करने के लिए कोटा से एएनसी जब्बर सिंह राजपुरोहित पहुंचे। उन्होंने किसानों को बताया कि नियमों के अनुसार बिना वैधानिक प्रक्रिया के किसी अधिकारी को पट्टाधारी किसान के घर में जाकर कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि और किसान नेता भी धरने में शामिल हुए और किसानों को संबोधित किया।नेताओं ने कहा कि अफीम किसान सालों से देश की अर्थव्यवस्था और औषधि उत्पादन में योगदान दे रहे हैं, लेकिन कुछ अधिकारियों की वजह से ईमानदार किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
पन्ना जिले की पवई पुलिस ने शादी का झूठा वादा कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी प्रभु कुमार चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई के बाद न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। शादी का वादा कर किया रेप पीड़िता ने 9 मार्च 2026 को पवई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सिमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम महोड निवासी प्रभु कुमार चौधरी (26) ने उसे अपने झांसे में लिया। आरोपी ने खुद को कुंवारा बताया और शादी करने का वादा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। एसपी के निर्देश बनाई विशेष टीम महिला संबंधी अपराध होने पर एसपी निवेदिता नायडू ने मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह और एसडीओपी पवई भावना दांगी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सुशील कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और आरोपी के छिपने के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी प्रभु कुमार को पवई क्षेत्र से ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे पवई उप जेल भेज दिया गया है।
गैस न होने पर लकड़ी पर पकाया खाना:खरगोन के कृषि मेले में 5 हजार लोगों का भोजन; दो दिन चला आयोजन
खरगोन में आयोजित दो दिवसीय कृषि विज्ञान मेले में रसोई गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण 5000 से अधिक किसानों का भोजन लकड़ी की भट्ठियों पर तैयार किया गया। ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध के चलते रसोई गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका असर आमजन के साथ-साथ सरकारी आयोजनों पर भी पड़ रहा है। मेले का समापन शुक्रवार को हुआ। हलवाई पूनम कुशवाह ने बताया कि गांव से जलाऊ लकड़ियों का प्रबंध किया गया और मिट्टी व ईंटों से कच्ची भट्ठियां बनाई गईं। इन चार भट्ठियों पर किसानों के लिए सब्जी, पूड़ी, दाल और चावल जैसे व्यंजन पकाए गए। समापन सत्र में कृषि वैज्ञानिकों ने तकनीकी सत्र आयोजित किए और उन्नत किसानों को सम्मानित किया गया। मेले में जैविक खेती के उत्पादों और उन्नत कृषि उपकरणों के 80 स्टॉल लगाए गए थे, जिन्होंने किसानों को नई जानकारी और तकनीकें प्रदान कीं। तीन तस्वीर देखिए…
उदयपुर में दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। हादसे में तीन लोग घायल भी हो गए। जिले के गोगुंदा-सायरा मार्ग पर शुक्रवार शाम करीब चार बजे श्रीमालियों की मादड़ी के पास लोडिंग टेंपो अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया। जानकारी के अनुसार सुआवतो का गुड़ा गांव से कुछ लोग बिजली की खराब डीपी को लेकर टेंपो से गोगुंदा आ रहे थे। इसी दौरान श्रीमालियों की मादड़ी के पास टेंपो ड्राइवर का बैलेंस बिगड़ गया और गाड़ी खाई में गिर गई। हादसे में भोपाल सिंह (55) पुत्र पन सिंह और राम सिंह (45) पुत्र भेरू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना पर गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह चारण जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। घायलों को 108 एंबुलेंस से गोगुंदा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद अभय सिंह पुत्र मोहब्बत सिंह, मोहब्बत सिंह (55) पुत्र सोहन सिंह और लक्ष्मण सिंह (16) पुत्र गोविंद को जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं बिजली विभाग ने फॉल्ट रिमूवल टीम (एफआरटी) का ठेका कर्मचारी महावीर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एफआरटी सदस्य ने डीपी खुलवाकर ग्रामीणों से बदलवाने के लिए कहामृतकों के परिजनों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। असल में सुआवतो का गुड़ा गांव के एक मोहल्ले में चार दिन से बिजली बंद नहीं आ रही थी। इस बीच गांव में फॉल्ट रिमूवल टीम (एफआरटी) सदस्य महावीर सिंह ने डीपी को खुलवा दिया और ग्रामीणों से कहा कि वे गोगुंदा ले जाएं और बदलवा कर ले आएं। इसी दौरान डीपी लेकर गोगुंदा जाते समय यह हादसा हो गया, जिससे परिजनों में आक्रोश है। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर गोगुंदा अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाए हैं। वहीं हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। गोगुंदा बिजली निगम के सहायक अभियंता रोहित सिंह ने बताया- इस संबंध में वहां काम करने वाली निजी कंपनी ने फॉल्ट रिमूवल टीम (एफआरटी) सदस्य महावीर सिंह को हटा दिया है। एसडीएम और तहसीलदार पहुंचे अस्पतालहादसे की सूचना पर गोगुंदा एसडीएम आईएएस शुभम भैसारे और सायरा तहसीलदार सुरेश मेहता अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मिलकर सांत्वना दी। बाद में बिजली विभाग के अधिकारी रोहित सिंह गुहिल एसडीएम कार्यालय पहुंचे। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। इनपुट : गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा
शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश की जिला इकाई के नेतृत्व में शुक्रवार को मऊगंज में शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम संयुक्त कलेक्टर ए.पी. द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर टीईटी (TET) परीक्षा से जुड़े विवादित आदेशों पर रोक लगाने और सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की। पुराने शिक्षकों पर परीक्षा थोपने का विरोध शासकीय शिक्षक संगठन के जिला अध्यक्ष कौशलेश चतुर्वेदी ने बताया कि लोकशिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी हालिया आदेश शिक्षकों के हितों के विपरीत है। संगठन का तर्क है कि जो शिक्षक पिछले 27 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उन पर अचानक पात्रता परीक्षा का दबाव बनाना न्यायसंगत नहीं है। शिक्षकों ने इस आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई है। प्रक्रियागत खामियों पर उठाए सवाल ज्ञापन में शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि डीपीआई द्वारा जारी आदेश के लिए शासन स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया, मंत्रिमंडलीय परामर्श और वैधानिक अनुमोदन नहीं लिए गए हैं। शिक्षकों के अनुसार यह आदेश शासन की स्थापित नीति और नियमों के विरुद्ध है। सिविल अपील क्रमांक 1385/2025 में याचिकाकर्ता एक निजी संस्था है, जिसका सरकारी शिक्षकों की सेवा शर्तों से सीधा संबंध नहीं होना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा राज्यों को दिए गए निर्देशों की स्पष्टता पर भी सवाल उठाए गए हैं। सेवा शर्तों में बदलाव को बताया गलत शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि नियुक्ति के समय उनकी सेवा शर्तों में ऐसी किसी परीक्षा का उल्लेख नहीं था। सर्वोच्च न्यायालय के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सेवा में आने के इतने वर्षों बाद नियमों में बदलाव करना अनुचित है। उग्र आंदोलन की चेतावनी कौशलेश चतुर्वेदी ने दोटूक शब्दों में कहा कि वरिष्ठ शिक्षकों के सम्मान और हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि राज्य सरकार ने जल्द ही इस मामले में संज्ञान लेकर पुनर्विचार याचिका दायर नहीं की और विवादित आदेश वापस नहीं लिया, तो संगठन प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। प्रदर्शन के दौरान जिले के लगभग 50 प्रमुख शिक्षक पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।
दतिया में शनिवार को बिजली कटौती:मेंटेनेंस के कारण सुबह 6 से 11 बजे तक प्रभावित रहेगी सप्लाई
दतिया शहर और आसपास के कई इलाकों में कल शनिवार को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह कटौती नयाखेड़ा स्थित 33/11 केवी सबस्टेशन और उससे जुड़े 11 केवी फीडरों पर होने वाले मेंटेनेंस कार्य के कारण की जाएगी। जानकारी के अनुसार, सुबह 6 बजे से 11 बजे तक विभिन्न फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में बिजली कटौती होगी। सबसे पहले सुबह 6 बजे से शास्त्री नगर, उरीना, धीरपुरा, रिछार, महुआ और रिछारी फीडरों से जुड़े इलाकों में बिजली बंद रहेगी। नयाखेड़ा, जिगना और बगरई फीडर पर सुबह 8 बजे से बिजली आपूर्ति रोकी जाएगी। इसके अतिरिक्त, आबादी-1, सिलोरी, गुजर्रा, कोटरा, सेनागिर, ठाकुरपुरा, केशर-परासुरा, परासरी, पिपरखा कला और नेहरूका सहित कई अन्य फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में भी सुबह से दोपहर तक बिजली बाधित रहेगी। कुछ स्थानों पर सुबह 10 बजे से 11 बजे तक भी बिजली बंद रखी जाएगी। मेंटेनेंस कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। आवश्यकतानुसार बिजली बंद रहने का समय कम या ज्यादा भी किया जा सकता है। बिजली कटौती के मद्देनजर लोगों से सुबह के समय अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लेने की अपील की गई है।
राज्य में शुरू होने जा रहे बालिका सैनिक स्कूलों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। छात्राओं के चयन के लिए प्रवेश परीक्षा पहले ही आयोजित की जा चुकी है। अब स्कूलों के संचालन के लिए स्टाफ तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार पूज्य रामदेवी रामनारायण राठी राजकीय बालिका सैनिक स्कूल, जयमलसर (बीकानेर) और महाराव शेखाजी राजकीय बालिका सैनिक स्कूल, मोहनपुरा (सीकर) में विभिन्न पदों पर प्रतिनियुक्ति के लिए विभागीय शिक्षकों और कार्मिकों से आवेदन मांगे गए हैं। 14 से 18 मार्च तक होंगे ऑनलाइन आवेदन इच्छुक शिक्षक और कार्मिक 14 मार्च से 18 मार्च 2026 तक रात 12 बजे तक शाला दर्पण पोर्टल पर स्टाफ लॉगिन के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। चयन प्रक्रिया मेरिट और साक्षात्कार के आधार पर की जाएगी। इन पदों पर मांगे गए आवेदन दोनों बालिका सैनिक स्कूलों के लिए कई शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से…• वरिष्ठ अध्यापक• अध्यापक लेवल-1• अध्यापक लेवल-2• शारीरिक शिक्षा शिक्षक• वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक• पुस्तकालयाध्यक्ष• वरिष्ठ सहायक• प्रयोगशाला सहायक• कनिष्ठ सहायक अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने वालों को प्राथमिकता आदेश में कहा गया है कि कक्षा 6 से 12 तक अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने और संवाद करने की क्षमता रखने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि हिंदी और संस्कृत विषय के शिक्षकों के लिए यह अनिवार्यता नहीं होगी। नए सत्र से शुरू होगा संचालन राज्य सरकार की योजना के अनुसार बीकानेर के जयमलसर और सीकर के मोहनपुरा में राजकीय बालिका सैनिक स्कूल नए सत्र से संचालित किए जाएंगे। इसके लिए पहले छात्राओं का चयन किया गया और अब स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि स्कूल समय पर शुरू हो सकें।
खाना बनाते समय सिलेंडर में आग:सतना में खुले एरिया में रखकर आग पर काबू, समझदारी से बड़ा हादसा टला
सतना के सिटी कोतवाली इलाके के डालीबाबा मोहल्ले में शुक्रवार शाम एक घर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर में आग लग गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, राजेश दाल मिल के पास स्थित सुरेश कुमार नामदेव के घर के किचन में खाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान अचानक सिलेंडर में आग भड़क उठी। आस-पड़ोस के लोगों ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक वसीम मंसूरी अपने सहयोगी स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। प्रधान आरक्षक मंसूरी ने गीले बोरों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। आग ने तब तक विकराल रूप ले लिया था, लेकिन लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। आग बुझने के बाद, सुरक्षा के मद्देनजर सिलेंडर और चूल्हे को घर से बाहर निकालकर खुले मैदान में रखवा दिया गया।
चैत्र नवरात्र 19 मार्च से शुरू हो रहा है। नवरात्रि के दौरान डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रेलवे ने डोंगरगढ़ स्टेशन पर 10 एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज दिया है। इसमें लंबी दूरी की गाड़ियां भी शामिल हैं। यह सुविधा 19 मार्च से 27 मार्च तक प्रभावी रहेगी। वहीं, 4 लोकल ट्रेनों का विस्तार किया गया है। जबकि, डोंगरगढ़-दुर्ग के बीच स्पेशल ट्रेन भी चलाई जाएगी। डोंगरगढ़ में कुछ ट्रेनों का स्टॉपेज और स्पेशल ट्रेन भी हर साल की तरह इस साल भी डोंगरगढ़ में चैत्र नवरात्र के मौके पर मेला लगेगा। इस दौरान ट्रेनों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है, क्योंकि चैत्र नवरात्रि में बड़ी संख्या में लोग मां बम्लेश्वरी देवी के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने खास इंतजाम किए हैं। इसके तहत कुछ ट्रेनों का अस्थायी स्टॉपेज दिया गया है, कुछ ट्रेनों का रूट बढ़ाया गया है और एक मेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन भी चलाने का फैसला लिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में आसानी हो सके। ट्रेनों का विस्तार और स्पेशल ट्रेन की सुविधा श्रद्धालुओं के लिए इलाज, खाने-पीने समेत कई सुविधाएं इधर, चैत्र नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं और पदयात्रियों की सुविधा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने अधिकारियों को तैयारियों को लेकर निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं, इसलिए सभी विभाग मिलकर काम करें ताकि किसी भी श्रद्धालु को परेशानी न हो। खास तौर पर स्वास्थ्य और मेडिकल सुविधाओं पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम गर्मी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए कई व्यवस्थाएं की हैं। रास्ते में ओआरएस घोल और जरूरी दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। पदयात्रियों के पैरों में छाले होने पर उनके इलाज के लिए मरहम-पट्टी की भी व्यवस्था रहेगी। अंजोरा से अछोली तक सेवा पंडाल लगाए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं को आराम करने की जगह, पेयजल, चाय-नाश्ता और भोजन की सुविधा होगी। डोंगरगढ़ को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प नवरात्र के दौरान डोंगरगढ़ को प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। मंदिर परिसर, सीढ़ियों और मेला स्थल पर लगातार साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसलिए पेयजल और बिजली की सप्लाई सुचारु रखने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग को मिठाइयों और अन्य खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता जांचने के निर्देश भी दिए गए हैं। मंदिर परिसर में रहेगा भारी पुलिस बल नवरात्र के दौरान सुरक्षा के लिए मेला स्थल और मंदिर परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहेगा। मेले की निगरानी के लिए एक आधुनिक कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। यातायात व्यवस्था ठीक रखने के लिए दुर्घटना संभावित जगहों पर रेडियम संकेतक, रिफ्लेक्टर और अस्थायी स्पीड ब्रेकर लगाए जाएंगे। साथ ही रोपवे की तकनीकी सुरक्षा को लेकर ट्रस्ट से फिटनेस सर्टिफिकेट और मेंटेनेंस की जानकारी ली गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी मेले में तैनात रहेगी।
बालाघाट के आंबेडकर चौक पर शुक्रवार को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग और भारत मुक्ति मोर्चा के बैनर तले धरना प्रदर्शन हुआ। यह विरोध प्रदर्शन ओबीसी की जाति आधारित जनगणना और शिक्षकों की समस्याओं सहित कई मांगों को लेकर किया गया। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश महासचिव रामदास ठवकर ने कहा कि सरकार ओबीसी वर्ग की गिनती (जाति आधारित जनगणना) नहीं करवाकर उनके साथ हक की लड़ाई में अन्याय कर रही है। प्रदर्शन के दौरान संगठनों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा: ओबीसी वर्ग की सही संख्या जानने के लिए जाति आधारित जनगणना की मांग। साल 2011 से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों को पात्रता परीक्षा (TET) से छूट दी जाए। ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग। एससी, एसटी और ओबीसी के समर्थन में यूजीसी बिल लागू करना। भारत बंद की चेतावनी यह प्रदर्शन संगठनों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन का दूसरा हिस्सा था। नेताओं ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने आगे की रणनीति भी तय कर ली है- 23 मार्च को पूरे देश में बड़ी रैलियां निकाली जाएंगी। 23 अप्रैल को अपनी मांगों के समर्थन में 'भारत बंद' आंदोलन किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने सरकार से अपील की है कि वे इन जनहित के मुद्दों को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द इनका समाधान निकालें।
डीग में शुक्रवार रात सीओ सीताराम बैरवा के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च रात 7:30 बजे शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सड़क पर अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी देना था। फ्लैग मार्च डीग कोतवाली से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा। इसमें मेन बाजार, घंटाघर, लोहा मंडी, नई सड़क, पुराना बस स्टैंड और गणेश मंदिर जैसे इलाके शामिल थे, जिसके बाद यह कोतवाली पर ही समाप्त हुआ। पुलिस ने इस दौरान सड़क पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को समझाइश दी। सीओ सीताराम बैरवा ने बताया कि यह फ्लैग मार्च अचानक निकाला गया था। उन्होंने कहा कि दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे अतिक्रमण कर रखा था, जिससे यातायात बाधित हो रहा था। सीओ ने चेतावनी दी कि यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस फ्लैग मार्च में सीओ राजनरेश, कोतवाली थाना प्रभारी रामनरेश मीणा, एसआई अमर सिंह, कांस्टेबल बजरंग, कांस्टेबल टिंकू, अजीराम, यदुनाथ, यादराम, श्याम मुरारी, वीरेंद्र और गौरव सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
जालोर में खेत की बाड़ में लगी आग मकान तक पहुंच गई। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई लेकिन लोगों ने इंतजार नहीं किया। पानी के 20 टैंकर डालकर एक घंटे में आग पर काबू पा लिया। मामला जिले के मांडवला गांव के डांगरा रोड पर एक कृषि बेरे का है। जानकारी के अनुसार- शुक्रवार शाम 5 बजे मांडवला गांव में डागरा रोड पर अचानक एक कुएं के पास आग लग गई। आग ने खेत की बाड़ को चपेट में लिया और काफी दूर तक फैल गई। आग एक मकान तक पहुंच गई। इसके बाद लपटें देख ग्रामीण जुट गए। फायर ब्रिगेड़ को सूचना दी। दमकल मौके पर समय पर नहीं पहुंची तो ग्रामीणों ने पानी के टैंकर मंगवाए और करीब 20 टैंकरों पानी डालकर आग पर काबू पा लिया। घटना में कोई जनहानि या बड़ी क्षति नहीं हुई। हालांकि खेत की बाड़ जलकर राख हो गई। सूचना पर पुलिस थाना बिशनगढ़ से भैराराम विश्नोई व बीट प्रभारी नरेश कुमार मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वहीं मांडवला की पटवारी मीनाक्षी मीना भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। बाद में थाना अधिकारी मनोज कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।
PM किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी:जिले के 1.49 लाख किसानों को फायदा; PM मोदी का सम्बोधन सुना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त का असम से ऑनलाइन माध्यम से स्थानांतरण किया। इस अवसर पर यहां बनियाना मोड़ स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में जिला स्तरीय कार्यक्रम किया गया। पीएम किसान जिला नोडल अधिकारी संजू मीणा ने बताया- जिले के 1,49,281 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त के तहत डिजिटल माध्यम से आर्थिक सहायता का लाभ प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में जिले के लाभान्वित किसान राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री एवं सहकारिता मंत्री का लाइव उद्बोधन सुना। इस दौरान संयुक्त निदेशक कृषि विभाग रामराज मीणा, उप रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग रामस्वरूप सिंधू तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक बीएल जाट सहित अन्य अधिकारी, किसान मौजूद रहे।
ईरान इजरायल-अमेरिका युद्ध के चलते रेस्टोरेंट संचालकों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है। इसके बाद आम लोगो को घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इधर गैस सिलेंडर की काला बाजारी रोकने के लिए शुक्रवार को खाद्य विभाग की टीम ने एक बार फिर जिले में एक दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई कर 38 सिलेंडर जब्त किए हैं। दो दिन से शहर में गैस सिलेंडर को लेकर जामखोरी की मिल रही शिकायतों को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की टीम ने दूसरे दिन लगातार छापा मारकर कार्रवाई कर आज फिर 38 घरेलू गैस सिलेंडर प्रतिष्ठानो से जब्त किए हैं।असिटेंट फ़ूड कंट्रोलर संतोष सिमोलिया ने बताया कि जिला खाद्य आपूर्ति विभाग ने शुक्रवार को ताड़बतोड़ कार्रवाई कर उज्जैन, तराना, महिदपुर, खाचरोद के एक दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की है। संतोष सिमोलिया ने बताया कि तोपखाना एवं महाकाल घाटी स्थित मुजम्मिल जायका, होटल झम-झम, अलबेग रेस्टोरेन्ट, नीलकंठधारी, हब्बु शब्बु मिठाई की दुकान, रशीदा बेन्जो हाउस राधा रानी भोजनलाय, जैन श्री भोजनालय, रूद्राक्ष रेस्टोरेन्ट, महाकाल नाश्ता देवास रोड श्री रामानन्द रेस्टोरेन्ट, होटल फोजी पालखन्दा, सात्विक रेस्टोरेन्ट, तुलसी ढाबा, खाना खजाना, ज्युस सेन्टर तराना, श्री महेश्वरी स्विट्स, श्री मिष्ठान, जय श्री महाकाल टी स्टाल खाचरोद, स्वतिक होटल, श्री बजंरग स्वीट्स, दुर्गा महाराणा महिदपुर, चितावद फन्टा, श्री राम टी-स्टाल महिदपूर, हरीओम रेस्टोरेन्ट, आदि प्रतिष्ठानों से 92 हजार रुपए के 38 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
ग्वालियर में अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से संबंधित हाल ही में जारी आदेशों के विरोध में दिया गया है। मोर्चा ने इन आदेशों को तुरंत वापस लेने की मांग की है। यह ज्ञापन सी एल डोडियार, ज्वाइंट कमिश्नर विकास को सौंपा गया। संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल ने 2 मार्च 2026 को टीईटी परीक्षा से संबंधित आदेश जारी किए थे। मोर्चा का आरोप है कि इन आदेशों को जारी करने से पहले राज्य सरकार, मंत्रिमंडल या सचिवालय स्तर पर कोई स्पष्ट सहमति या मार्गदर्शन नहीं लिया गया, जो कि स्थापित शासकीय प्रक्रिया के खिलाफ है। ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय में टीईटी परीक्षा से संबंधित सिविल अपील क्रमांक 1385/2025 का भी उल्लेख किया गया है। इस मामले में एक अशासकीय शिक्षण संस्था याचिकाकर्ता है और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) उत्तरदाता है। मोर्चा का तर्क है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में मध्यप्रदेश लोक शिक्षण संचालनालय को सीधे तौर पर कोई विशेष कार्रवाई का निर्देश नहीं दिया गया है। ऐसे में पुराने शिक्षकों के लिए टीईटी से संबंधित निर्देश जारी करना अव्यावहारिक है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि प्रदेश के प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के अधिकांश शिक्षक अपनी प्रारंभिक नियुक्ति शिक्षककर्मी या संविदा शिक्षक के रूप में प्राप्त कर चुके हैं। वे 25 से 27 वर्षों से निरंतर सेवा में कार्यरत हैं। ऐसे में इन अनुभवी शिक्षकों पर नए टीईटी नियम लागू करना उचित नहीं है। अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि टीईटी से जुड़े विवादित आदेश को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट और व्यवहारिक निर्णय लेने का आग्रह किया है।
राजधानी स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर को बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि मिली है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए मेडिकल कॉलेज में डीएम-कार्डियोलॉजी (सुपर स्पेशियलिटी) की दो पीजी सीटों को मंजूरी प्रदान की है। हालांकि इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने डीएम यानी डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन करने वाले डॉक्टरों के स्टाइपेंड और कैडर व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं। विशेषज्ञ समिति की समीक्षा के बाद मिली अनुमति मेडिकल कॉलेज ने आवेदन पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति हेल्थ साइंसेज और आयुष विश्वविद्यालय, रायपुर के माध्यम से प्रस्तुत किया था। इसके बाद एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने कॉलेज की स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट (SAF) और मूल्यांकनकर्ताओं की रिपोर्ट का परीक्षण किया। विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद न्यूनतम मानकों के आधार पर डीएम-कार्डियोलॉजी की दो सीटों को मंजूरी दी गई। हृदय रोग विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने की उम्मीद सुपर स्पेशियलिटी कोर्स शुरू होने से प्रदेश में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे गंभीर हृदय रोगों के इलाज के लिए मरीजों को राज्य के बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। साथ ही उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाओं और शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इस उपलब्धि पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई दी है। स्टाइपेंड और कैडर को लेकर उठे सवाल डीएम-कार्डियोलॉजी की सीटों की मंजूरी के साथ ही छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन का कहना है कि छत्तीसगढ़ में अभी तक डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (DM), सर्जिकल सुपर स्पेशियलिटी (MCh) और डॉक्टरेट ऑफ नेशनल बोर्ड (DrNB) के डॉक्टरों के लिए अलग कैडर या अलग स्टाइपेंड संरचना तय नहीं की गई है। इसी वजह से कई जगहों पर सुपर स्पेशियलिटी कोर्स कर रहे डॉक्टरों को भी डॉक्टर ऑफ मेडिसिन या मास्टर ऑफ सर्जरी पीजी रेजिडेंट के बराबर ही स्टाइपेंड मिल रहा है, जबकि DM कोर्स MD के बाद किया जाने वाला उच्च स्तर का विशेषज्ञता कोर्स है। कई बार भेजे जा चुके हैं प्रस्ताव डॉक्टरों और संस्थानों की ओर से इस मुद्दे पर कई बार सरकार को पत्र लिखकर DM/MCh/DrNB के लिए अलग कैडर और बेहतर वेतन संरचना तय करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन अभी तक इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। नए DM छात्रों के सामने भी चुनौती अब जब रायपुर मेडिकल कॉलेज में DM-कार्डियोलाॅजी की पढ़ाई शुरू होने जा रही है, तो यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर स्टाइपेंड और कैडर की स्थिति स्पष्ट नहीं होगी तो दूसरे राज्यों के डॉक्टर यहां सुपर स्पेशियलिटी पढ़ाई के लिए कितने आकर्षित होंगे।
हिसार जिले के थाना बरवाला पुलिस ने प्लॉट के विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले में कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित दो आरोपियों को काबू किया है। बता दे कि पुलिस को दी शिकायत में गांव ढाड निवासी बिजेन्द्र ने बताया कि 15 फरवरी की रात करीब 9 बजे वह अपने घर पर मौजूद था। इसी दौरान उसका भाई सेवा सिंह अपनी पत्नी सुमन और बेटे रोहित के साथ उसके मकान की दीवार कूदकर अंदर आ गया। आरोप है कि सेवा सिंह ने अपने हाथ में लिए तेजधार हथियार (जेलुआ) से उस पर हमला कर दिया। बचाव करते समय शिकायतकर्ता के हाथ पर चोट लग गई। मुंह और नाक पर वार किए शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद आरोपी रोहित और सुमन ने भी डंडों से उसके मुंह और नाक पर वार किए, जिससे उसे चोटें आईं और खून निकलने लगा। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर शिकायतकर्ता को आरोपियों से छुड़वाया। जाते समय आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। आरोपियों को कोर्ट में किया पेश पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी रोहित निवासी गांव ढाड को काबू कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं महिला आरोपी को अदालत से जमानत मिल गई है। पुलिस मामले की आगामी जांच में जुटी हुई है।
कोरबा में जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी का 'खटिया खड़ी' आंदोलन कुछ ही घंटों में संपन्न हो गया। यह आंदोलन बालको में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों के लिए किया गया था। अमित जोगी ने दावा किया कि यह सफल रहा, क्योंकि प्रबंधन ने उनकी तीन प्रमुख मांगें मान ली हैं। बालको परसाभाटा स्थित गेट के सामने अमित जोगी ने एक टेंट लगाकर प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने वहां मौजूद मजदूरों की समस्याओं को उठाया और उनके साथ गेट की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस बल ने उन्हें रोका, जिससे कुछ देर तक हल्की धक्का-मुक्की चलती रही। अमित जोगी ने कहा, ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल मीडिया से बात करते हुए अमित जोगी ने बताया कि उन्होंने अपने पिता अजीत जोगी द्वारा 2004 में बालको में किए गए आंदोलन की तर्ज पर ही मजदूरों के हक में यह संघर्ष किया है। जोगी ने पुष्टि की कि उनका 'खटिया खड़ी' आंदोलन सफल रहा है। उन्होंने बताया कि बालको प्रबंधन ने उनकी तीन मांगों को स्वीकार कर लिया है। आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया अमित जोगी ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया था। उन्होंने दावा किया कि प्रबंधन ने आदेश जारी किए थे कि जो भी इस आंदोलन में शामिल होगा, उसे काम और सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। जोगी ने कहा कि ऐसी स्थिति में वह खुद बालको की यूनिफॉर्म पहनकर आंदोलन करेंगे।
राजसमंद के राजनगर में उड़ान नवारंभ एग्जीबिशन 19 और 20 मार्च होगी। राजनगर के भिक्षु निलियम में होने वाली इस एग्जीबिशन में स्टेट के 10 से ज्यादा शहरों के अलग-अलग प्रोडक्ट एक ही जगह मिलेंगे। उड़ान मेले की मीडिया प्रभारी सीमा चपलोत ने शुक्रवार को बताया- स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने, महिला आत्मनिर्भरता बढ़ाने और महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से एग्जीबिशन की जाएगी। इस मेले में 70 से अधिक स्टॉल्स लगाए जाएंगे। इनमें जयपुर, कोटा, किशनगढ़, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, नाथद्वारा, मोलेला, कांकरोली, विजयनगर, उदयपुर और अजमेर सहित राजस्थान के विभिन्न शहरों से विक्रेता अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री करेंगे। यहां साडियां, ड्रेस मटेरियल, बेडशीट, फैशन एसेसरीज, हस्तनिर्मित उत्पाद और लाइफस्टाइल से जुड़ी आकर्षक वस्तुएं उपलब्ध रहेंगी। मेला समिति की संयोजक अभिलाषा बडोला ने बताया- आयोजन में शॉपिंग के साथ मनोरंजन के लिए फूड स्टॉल्स, किड्स गेम्स स्टॉल्स और विशेष आकर्षण के रूप में ट्रेजर हंट गतिविधि भी होंगी। मेला समन्वयक ममता चपलोत ने बताया- बच्चों और बड़ों के मनोरंजन के लिए विशेष गेम्स जोन भी बनाया जाएगा। आयोजन की खास बात यह है कि मेले का संचालन और अधिकांश व्यवस्थाएं महिलाएं और बच्चे संभालेंगे। दिव्यांग बच्चों के लिए भी विशेष स्टॉल रखी जाएगी।
हरियाणा के पंचकूला में विदेश भेजने के नाम पर फ्रॉड करने के मामले में एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। पुलिस ने यूके से अमेरिका भेजने का झांसा देकर करीब 28 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान श्याम लाल (71) निवासी रायपुररानी, जिला पंचकूला के रूप में हुई है। पंजाब निवासी शख्स ने पुलिस को शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में वह इंग्लैंड गया था, लेकिन वहां स्थायी रूप से रहने और रोजगार की समस्या के कारण वह अमेरिका जाना चाहता था। इसी दौरान उसके परिचितों के माध्यम से उसकी मुलाकात आरोपी वीर सिंह उर्फ मिट्टू उर्फ जॉन और उसके पिता श्याम लाल से करवाई गई। जिन्होंने खुद को एजेंट बताते हुए उसे इंग्लैंड से अमेरिका भेजने का भरोसा दिया। आरोपियों ने यह काम कराने के लिए लगभग 30 लाख रुपए की मांग की, जिसके बाद आपसी बातचीत में सौदा 25 लाख रुपए में तय हुआ। रिश्तेदारों से लेकर दिए 25 लाख रुपए शिकायतकर्ता के पिता लखविंद्र सिंह ने जमीन बेचने और रिश्तेदारों से उधार लेकर आरोपियों को कुल 25 लाख रुपए दिए। इनमें से 15 लाख रुपए नकद पंचकूला सेक्टर-25 में दिए गए, जबकि 10 लाख रुपए अलग-अलग खातों से आरोपी श्याम लाल के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता को विदेश भेजने की प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा दिलाया, लेकिन रास्ते में डंकी रूट के जरिए उसे कई देशों में भटकना पड़ा और आरोपियों ने इस दौरान 3 लाख रुपए भी दिलवाए। डंकी रूट के रास्ते रहा परेशान शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि इस अवैध रास्ते से यात्रा के दौरान उसे फ्रांस, स्पेन और अन्य देशों में कई दिनों तक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। इसके बाद विभिन्न देशों की कस्टडी और कैंपों में रहने के बाद आखिरकार उसे मार्च 2025 में भारत वापस भेज दिया गया। भारत लौटने के बाद जब शिकायतकर्ता ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया और धमकियां देना शुरू कर दिया। शिकायत मिलने के बाद एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट पंचकूला ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान इन्चार्ज योगविन्द्र सिंह के नेतृत्व में जांच अधिकारी एएसआई दीपक ने 12 मार्च 2026 को आरोपी श्याम लाल को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया।
खैरथल। केंद्र सरकार की नीतियों तथा रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के विरोध में शुक्रवार को खैरथल-तिजारा जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में अंबेडकर चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम यादव ने किया। भाजपा के खिलाफ की नारेबाजी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने “संसद से नरेंद्र गायब, रसोई से सिलेंडर गायब” जैसे नारे लगाते हुए महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरा और आम जनता को राहत देने की मांग की। इसके बाद अंबेडकर चौक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष बलराम यादव ने कहा- केंद्र सरकार की गलत आर्थिक और जनविरोधी नीतियों के कारण देश में महंगाई चरम पर पहुंच गई है। रसोई गैस सिलेंडर के लगातार बढ़ते दामों से आम आदमी का घरेलू बजट बिगड़ गया है और गरीब व मध्यम वर्ग के परिवारों की रसोई पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि महंगाई ने आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है, लेकिन केंद्र सरकार जनता की समस्याओं से पूरी तरह बेखबर है। सिलेंडर के दाम करने की मांग की यादव ने कहा- कांग्रेस पार्टी हमेशा से आम जनता की आवाज उठाती रही है और महंगाई के खिलाफ यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से गैस सिलेंडर की कीमतों में तत्काल कमी कर आम लोगों को राहत देने की मांग की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष विक्रम चौधरी,अशोक चौधरी,पार्षद नारायण छंगाणी,नाथूराम,कांग्रेस जिला सचिव फतेह मोहम्मद,पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश हेडाऊ,पूर्व जिला महासचिव मेहरदीन खान,पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष कपिल शर्मा,बक्सानंद भारती,यूथ कांग्रेस प्रदेश सचिव रामनिवास प्रजापत,पूर्व मंडल अध्यक्ष इस्माइल खान,एडवोकेट रामावतार चौधरी, जिला महासचिव खुर्शीद खान,राहुल पार्षद,मनोज पार्षद,रामचंद्र कॉमरेड,अर्जुन ठाकुर,उस्मान खान,वसीम अकरम,खेल प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष संदीप अग्रवाल,राजमिस्त्री यूनियन अध्यक्ष धीरूभाई,संजय गुर्जर,घनश्याम दास,वीरपाल सिंह,रवि सेन,ओमवीर,रहीसा,मंडल अध्यक्ष लक्ष्मीकांत मीणा सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन में शामिल सभी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की।
नरसिंहपुर जिले में सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ नरसिंहपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो आम लोगों के बैंक खातों को 'म्यूल अकाउंट' (किराए के खाते) बनाकर करोड़ों रुपए का अवैध लेन-देन कर रहा था। जांच में सामने आया है कि करीब 180 बैंक खातों के जरिए 15 करोड़ रुपए से अधिक की राशि इधर से उधर की गई है। लालच देकर जुटाते थे पासबुक और एटीएम पुलिस के अनुसार, ठग गिरोह के सदस्य भोले-भाले नागरिकों को छोटे-मोटे आर्थिक लाभ का झांसा देते थे। वे लोगों को बहला-फुस्कर उनके बैंक खाते खुलवाते और फिर उनकी पासबुक, एटीएम कार्ड व लॉगिन क्रेडेंशियल अपने कब्जे में ले लेते थे। इन खातों का इस्तेमाल बाद में ऑनलाइन गेमिंग, सेक्सटॉर्शन और साइबर फ्रॉड से कमाई गई काली कमाई को खपाने के लिए किया जाता था। 17 आरोपी जेल में, भारी मात्रा में दस्तावेज जब्त एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस ने 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। 35 म्यूल अकाउंट्स को तत्काल प्रभाव से बंद कराया। 9 पासबुक, 4 एटीएम कार्ड और 9 मोबाइल फोन जब्त किए। आरोपियों के खिलाफ स्टेशनगंज, गाडरवारा और करेली थानों में धारा 318(4) और 3(5) बीएनएस (BNS) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। ऐसे होता था अवैध धन का 'लॉन्ड्रिंग' गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। ठगी की राशि पहले इन म्यूल खातों में मंगवाई जाती थी। इसके बाद उस रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करके, नकद निकालकर या ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स में जमा कराकर 'क्लीन' करने की कोशिश की जाती थी। पुलिस ने संबंधित बैंकों को पत्र लिखकर बाकी संदिग्ध खातों में भी लेन-देन रोकने के निर्देश दिए हैं। पुलिस की सराहनीय उपलब्धि बीते एक वर्ष में नरसिंहपुर पुलिस ने साइबर ठगी के विरुद्ध आक्रामक रुख अपनाया है। पुलिस ने अब तक लगभग 45 लाख रुपए की राशि पर होल्ड लगवाया है और करीब 53 लाख रुपए की ठगी गई राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई है। इस सफल ऑपरेशन में करेली, स्टेशनगंज और गाडरवारा थाना प्रभारियों सहित साइबर सेल के अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही।
कोटा में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने 11 गांव में 14 किलोमीटर तपती धूप में पैदल सफर किया। इस दौरान उन्होंने बाइक और मंदिर परिसर में बैठकर लोगों की समस्याएं भी सुनी। मंत्री मदन दिलावर शुक्रवार सवेरे 8 बजे कोटा स्थित अपने आवास से प्राचीन रंगबाड़ी बालाजी मंदिर पहुंचे। हनुमान जी महाराज के दर्शन कर ढोक लगाई। वे चार दिवसीय जनहिताय-जन सुखाय पदयात्रा पर निकले हैं। यात्रा में मंत्री दिलावर नयागांव पहुंचे। वहां से पैदल यात्रा शुरू की। मंत्री ने लोगों से कहा कि मैं जब से मंत्री बना हूं, तब से क्षेत्र के लोगों के लिए हर तरह के विकास कार्य करा रहा हूं। फिर भी कोई कमी ना रह जाए। इसलिए आपके बीच आकर आपसे जानकारी लेता हूं। गांव में गंदगी देखकर जताई नाराजगीमंत्री मदन दिलावर ने यात्रा के दौरान ग्रामीणों द्वारा बताए गए आवश्यक विकास कार्यों की मौके पर ही काम शुरू करने की घोषणा की। यात्रा के दौरान गांव में गंदगी देखकर नाराजगी जताई। ग्राम विकास अधिकारी को सभी ग्राम पंचायत के सभी गांव में सात दिन में सफाई करवाने के निर्देश दिए। इन गांव में निकली आज पदयात्रापहले दिन पदयात्रा में नयागांव, डोबड़ा, पदमपुरा, कोथला, थोलपुरा, डडवाड़ा, भांवरिया, कंवरपुरा, हरिपुरा, रांवठा होते हुए सोहनपुरा तक 11 गांव के 14 किलोमीटर का मार्ग तय किया। यात्रा का रात्रि विश्राम सोहनपुरा में रहेगा। दूसरे दिन की पदयात्रा शनिवार सुबह 8 बजे सोहनपुरा गांव से शुरू होगी। शिक्षा मंत्री पदयात्रा में रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में चार दिन में 24 गांव में जाएंगे।
कफ सिरप तस्कर यूपी से गिरफ्तार:मऊगंज पुलिस ने कानपुर से पकड़ा, इस पर 10 हजार का इनाम था
मऊगंज पुलिस ने नशीली कफ सिरप की तस्करी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी विनोद अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। कानपुर के रहने वाले इस आरोपी पर 10,000 रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस उसे उत्तर प्रदेश से पकड़कर मऊगंज ले आई है। तस्करी का यह मामला 28 मार्च 2025 को सामने आया था, जब मऊगंज के गाड़ा मोड़ के पास एक बिना नंबर वाली कार से 2160 शीशी ऑनरेक्स कफ सिरप पकड़ी गई थी। इस नशीली सिरप की कीमत करीब 4.21 लाख रुपए थी। पुलिस ने तब कुछ आरोपियों को पकड़कर केस दर्ज किया था और नशीली दवाओं की इस सप्लाई चेन की जांच शुरू की थी। यूपी के बड़े शहरों तक फैला नेटवर्क पुलिस ने जब मामले की जांच की, तो पता चला कि इसके तार उत्तर प्रदेश के वाराणसी, कानपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज जैसे शहरों से जुड़े हैं। जांच में कानपुर के बड़े ड्रग सप्लायर विनोद अग्रवाल का नाम मुख्य सरगना के रूप में सामने आया। विनोद पर पहले से ही यूपी में नशीली दवाओं की तस्करी (NDPS एक्ट) के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। ऐसे हुई गिरफ्तारी मुख्य आरोपी विनोद अग्रवाल लंबे समय से फरार चल रहा था। मऊगंज पुलिस ने 9 मार्च 2026 को उसे कानपुर सेंट्रल जेल से रिमांड पर लिया। पूछताछ के दौरान उसने बड़े पैमाने पर अवैध सप्लाई की बात कबूल की, जिसके बाद पुलिस ने उसे मऊगंज वाले केस में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है।
मध्य प्रदेश के करीब 3 लाख शिक्षकों की नौकरी और भविष्य पर अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने का संकट खड़ा हो गया है। इस नए नियम के विरोध में पन्ना जिले के मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में दोबारा विचार करने के लिए अर्जी (पुनर्विचार याचिका) लगाने की मांग की है। संघ ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा है। कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्रा ने बताया कि भोपाल के शिक्षा विभाग (DPI) ने 3 मार्च 2026 को एक चिट्ठी जारी की है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के एक ताजा फैसले का हवाला देते हुए कहा गया है कि अब पुराने शिक्षकों के लिए भी TET परीक्षा पास करना जरूरी होगा। इस आदेश के बाद से शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। संघ के मुख्य तर्क कर्मचारी संघ का कहना है कि यह नियम उन शिक्षकों पर थोपना गलत है जिनकी नौकरी शिक्षा का अधिकार कानून (RTE Act 2009) आने से पहले लगी थी। संघ ने अपनी बात रखने के लिए कुछ खास बातें कही हैं- नियुक्ति के समय जो शर्तें थीं, उन्हें बाद में नहीं बदला जा सकता। उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों ने अपने शिक्षकों को बचाने के लिए कानूनी कदम उठाए हैं, वैसा ही मध्य प्रदेश सरकार को भी करना चाहिए। अगर यह नियम लागू हुआ, तो लाखों शिक्षकों की तरक्की (प्रमोशन) और नौकरी की निरंतरता पर बुरा असर पड़ेगा। सरकार को चेतावनी संघ के नेताओं का आरोप है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़े स्तर पर मंजूरी लिए बिना ही जल्दबाजी में यह आदेश जारी कर दिया है, जिससे शिक्षकों में डर का माहौल है। संघ ने साफ कर दिया है कि अगर मध्य प्रदेश सरकार ने जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका नहीं लगाई, तो कर्मचारी संघ खुद शिक्षकों के हक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएगा।
हरियाणा के पंचकूला में पुलिस ने चोरी के आरोपी को काबू कर उससे नकदी व लाखों रुपये के सोना-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी चोरी की कई वारदातों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर मामले दर्ज हैं। फिलहाल आरोपी से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ जारी है, जिससे अन्य वारदातों के खुलासे की भी संभावना है। पंचकूला के एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज ने जानकारी देते हुए बताया कि 7 जनवरी को पंचकूला निवासी एक व्यक्ति ने थाना पिंजौर में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 6 जनवरी को वह किसी काम से अपने घर से बाहर गए हुए थे। जब वह वापस लौटे तो घर का सामान बिखरा हुआ मिला और अलमारी में रखा कैश गायब था। शिकायत के आधार पर थाना पिंजौर में चोरी का मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। डिटेक्टिव स्टाफ इंचार्ज इंस्पेक्टर निर्मल सिंह के नेतृत्व में जांच अधिकारी मुख्य सिपाही कंवर पाल ने टीम के साथ मिलकर गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर आरोपी मनोज कुमार उर्फ मौजू निवासी जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश को काबू किया। 2 दिन के रिमांड पर आरोपी डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1.50 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा पुलिस ने करीब 6 लाख रुपये के सोना-चांदी के आभूषण भी बरामद किए हैं, जो आरोपी ने हिमाचल प्रदेश में चोरी की वारदातों के दौरान हासिल किए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पंचकूला और हिमाचल प्रदेश में चोरी के चार मामले दर्ज हैं। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ जारी है और संभावना है कि उससे अन्य चोरी की वारदातों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
बुरहानपुर में शुक्रवार को सैकड़ों शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह विरोध प्रदर्शन प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया गया था। शिक्षकों का कहना है कि वे पहले से ही कई गलत नीतियों से परेशान हैं, जैसे नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता का लाभ न मिलना और पेंशन का अभाव। अब टीईटी परीक्षा को अनिवार्य किए जाने से उनके अस्तित्व पर संकट आ गया है। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वे शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आड़ में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों को टीईटी परीक्षा में शामिल करने के फैसले का लगातार विरोध करेंगे। उन्होंने मांग की कि मध्य प्रदेश सरकार उच्चतम न्यायालय में रिव्यू पिटीशन दायर करे। संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार रिव्यू पिटीशन दायर नहीं करती है, तो शिक्षक संवर्ग के हित संरक्षण के लिए मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ को उच्चतम न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय चौधरी, संभागीय सचिव संजय सिंह गहलोत, जिला अध्यक्ष सुनीता महाजन, संगठन मंत्री दिलीप इंगले, सुनील कोटवे सहित नेपानगर, खकनार, धुलकोट क्षेत्र के पदाधिकारी और महिला प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गैस सिलेंडर पर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन:गांधी चौराहे पर विरोध जताया, महंगाई कम करने की मांग
सिलेंडर के दाम बढ़ाने पर प्रतागढ़ में जिला कांग्रेस कमेटी ने गांधी चौराहे पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गैस सिलेंडर के दाम कम करने की मांग उठाई। आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ा-पूर्व विधायक पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने बताया कि देश में गैस के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। हाल ही में कमर्शियल गैस सिलेंडर के साथ-साथ घरेलू गैस सिलेंडर के भाव भी बढ़ा दिए गए हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों से आम आदमी के साथ-साथ होटल व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है। कई छोटे होटल और ढाबे बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं, वहीं शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों पर भी इसका असर दिख रहा है। गैस सिलेंडर के दाम कम करने की मांग की कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि सरकार को गैस सिलेंडर की कीमतों में तुरंत कमी करनी चाहिए और आम लोगों को राहत देनी चाहिए। इसके साथ ही, गैस की उपलब्धता भी सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई कम करने और गैस सिलेंडर के दाम घटाने की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इस दिशा में कदम नहीं उठाए तो पार्टी द्वारा आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के संबंध में इंटरनेशनल किन्नर अखाड़ा की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। बैठक में आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने विभिन्न राज्यों से आए किन्नर संतों को महामंडलेश्वर और श्रीमहंत की उपाधि प्रदान की। साथ ही सिंहस्थ में भूमि आवंटन और धर्म से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।यह बैठक उज्जैन के शिवांजलि गार्डन में संपन्न हुई। इसमें अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज और देश के विभिन्न राज्यों से आए किन्नर संत एवं पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ में अखाड़े की व्यवस्थाओं, मर्यादाओं और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श करना था।बैठक के उपरांत, इंटरनेशनल किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने विधि-विधान से कई किन्नर संतों का पट्टाभिषेक किया। इस समारोह में चांदी के शंख से दुग्धाभिषेक, केसरिया शॉल ओढ़ाकर और पुष्प वर्षा के बीच वैदिक मंत्रोच्चार किए गए। इस अवसर पर सूरत के दिलीपनंद गिरी, तेलंगाना के महाकालीनंद गिरी, राजस्थान के कामाख्यानंद गिरी सीतारमण और उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ गढ़ी मानिकपुर की रेखानंद गिरी को महामंडलेश्वर की उपाधि से सम्मानित किया गया। वहीं, गुजरात की नंदिनीनंद गिरी, महाराष्ट्र के अकोला से गणेशानंद गिरी के साथ-साथ इंदौर की सुनहरी नंद गिरी, आकांक्षा नंद गिरी, गुंजन नंद गिरी, अलोपी नंद गिरी और खुशीनंद गिरी को श्रीमहंत बनाया गया। किन्नर अखाड़े के पदाधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ 2028 को लेकर दो दिनों से गहन विचार-विमर्श चल रहा है। इस दौरान अखाड़े की मर्यादाओं, नियमों और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की गई। सरकार से यह भी मांग की जाएगी कि जिस प्रकार अन्य अखाड़ों के महामंडलेश्वरों को भूमि आवंटित की जाती है, उसी प्रकार किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वरों के लिए भी अलग से भूमि उपलब्ध कराई जाए।बैठक में किन्नर समाज को सनातन धर्म से जोड़ने और समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जोर दिया गया।
राजस्थान में जगह- जगह गैस किल्लत होने की सूचनाओं के बीच पाली में शुक्रवार को गठित विशेष टास्क फोर्स ने शहर में गैस एजेंसी, गोदाम और प्रतिष्ठानों का जायजा लिया। साथ ही बताया कि वर्तमान में जिले में डिमांड से लगभग दोगुना स्टॉक उपलब्ध है, ऐसे में आमजन को घबराने की जरूरत नहीं है। टीम में शामिल अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सीलिंग) ओमप्रभा, उप पुलिस अधीक्षक जयसिंह तंवर, एसडीएम विमलेन्द्र राणावत और जिला रसद अधिकारी कमल कुमार पंवार ने शहर में जगह-जगह औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पाली शहर स्थित मैसर्स लक्ष्मी इंडेन गैस के गोदाम का जायजा लिया और गैस एजेंसी धारक को ऑयल कंपनी से प्राप्त गैस सिलेंडरों की नियमित रूप से होम डिलीवरी करने व उपभोक्ताओं से अधिक राशि नहीं वसूलने व बुकिंग अनुसार गैस सिलेंडरों की सप्लाई करने के निर्देश दिए। पणिहारी चौराहा स्थित श्रीनाथ रेस्टोरेन्ट एवं नया बस स्टेंड स्थित केसर रेस्टोरेन्ट का भी औचक निरीक्षण किया गया। मौके पर प्रतिष्ठान मालिकों को घरेलू गैस सिलेंडरों का कॉमर्शियल उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जिले के समस्त उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, पुलिस प्रशासन एवं प्रवर्तन अधिकारी/निरीक्षकों द्वारा कुल 11 गैस एजेंसियों का निरीक्षण किया गया। उपखंड क्षेत्र रानी व सुमेरपूर में 7 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच में 5 घरेलू गैस सिलेंडर और 13 कॉमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त के साथ जब्त किए गए। टीम ने बताया कि जिले में अवैध रिफलिंग, अवैध भंडारण, उच्च दामों पर विक्रय, कालाबाजारी आदि के संबंध में क्षेत्र में सतत निगरानी की जा रही है। अवैध गतिविधि पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 एवं द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति का विनियमन एवं वितरण) आदेश, 2000 की सुसंगत धाराओं व नियमों के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी। जिले में रोजाना 7 हजार गैस सिलेंडर की डिमांडटीम के अधिकारियों के अनुसार- जिले में प्रतिदिन 7000 गैस सिलेंडरों की मांग रहती है। इसकी एवज में आज जिले में 13 हजार घरेलू गैस सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ता एलपीजी गैस आपूर्ति के संबंध में 181, 112 और उपभोक्ता मामलात विभाग की हेल्पलाइन नंबर 14435 और जिला रसद कार्यालय पाली के कंट्रोल रूम 02932-251007 पर शिकायत कर सकते है।
रतलाम शहर के हरदेवलाला पिपली क्षेत्र में दशा माता की पूजा के दौरान एक वृद्धा के गले से करीब तीन तोले की सोने की चेन चोरी हो गई। घटना का पता चलते ही पूजा करने आई महिलाओं में हड़कंप मच गया। परिजनों ने पूजा के दौरान बाहरी महिलाओं पर चोरी का संदेह जताया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है। शुक्रवार सुबह शहर में महिलाओं ने पीपल के पेड़ों पर दशा माता की पूजा-अर्चना की। माणकचौक थाना क्षेत्र के हरदेवलाला पिपली स्थित भैरव मंदिर परिसर में भी बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा करने पहुंचीं। इसी दौरान क्षेत्र निवासी सावित्री देवी (74) पति जगदीश माहेश्वरी अपनी बहू विद्या माहेश्वरी के साथ पूजा करने आई थीं। वृद्धा के आसपास घेरा बनाकर खड़ी थीं महिलाएंपरिजनों के अनुसार पूजा के दौरान कुछ महिलाएं सावित्री देवी के आसपास घेरा बनाकर खड़ी थीं। बहू भी पास में ही मौजूद थी। कुछ देर बाद वृद्धा ने गले पर हाथ लगाया तो उनकी सोने की चेन गायब थी, जबकि चेन में लगा करीब एक ग्राम का सोने का पेंडल उनकी साड़ी में अटका हुआ मिला। वृद्धा ने जब यह बात बहू को बताई तो उसने देखा कि पूजा के दौरान पास में खड़ी तीन-चार महिलाएं वहां से निकलकर एक मैजिक वाहन में बैठकर रवाना हो गईं। घटना के दौरान एक अन्य महिला ने भी अपने गले से चेन गायब होने की बात कही, हालांकि बाद में उनकी चेन वहीं जमीन पर गिरी हुई मिल गई। सीसीटीवी में दिखीं चार महिलाएंसूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ की। इसके बाद पुलिस वृद्धा की बहू और बेटे को लेकर कंट्रोल रूम पहुंची, जहां आसपास के सीसीटीवी फुटेज देखे गए। फुटेज में मंदिर के पीछे की ओर से जाती हुई चार संदिग्ध महिलाएं दिखाई दीं। बताया जा रहा है कि वे पूजा के अनुरूप तैयार होकर आई थीं, लेकिन क्षेत्र की निवासी नहीं थीं। उनके साथ एक बच्चा भी था। वृद्धा का बेटा जितेंद्र माहेश्वरी और बहू विद्या माहेश्वरी शाम करीब 5.30 बजे माणकचौक थाने पहुंचे और घटना की शिकायत दर्ज कराई। अज्ञात के खिलाफ केस दर्जथाना प्रभारी पातीराम डावरे ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। सीसीटीवी में दिख रही संदिग्ध महिलाओं के आधार पर जांच की जा रही है। फिलहाल अन्य किसी महिला द्वारा चेन चोरी की शिकायत नहीं मिली है।
गुरुग्राम के हयातपुर में इंस्टामार्ट के डिलीवरी कर्मचारियों ने कंपनी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी लगातार काम का बोझ बढ़ा रही है, लेकिन उन्हें पर्याप्त भुगतान नहीं मिल रहा, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। प्रदर्शनकारी डिलीवरी बॉय के अनुसार, पहले उन्हें एक शिफ्ट में 12 ऑर्डर मिलते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 कर दिया गया। कर्मचारियों ने तब भी काम जारी रखा, लेकिन अब कंपनी एक शिफ्ट में 18 ऑर्डर डिलीवर करने का निर्देश दे रही है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। वेतन बढ़ाने की मांग कर्मचारियों ने यह भी बताया कि उन्हें अक्सर 7 किलोमीटर तक दूर-दराज के इलाकों में ऑर्डर पहुंचाने के लिए भेजा जाता है। इतनी दूरी तय करने में पेट्रोल का खर्च और समय दोनों बढ़ जाते हैं, लेकिन इसके अनुपात में उन्हें भुगतान नहीं मिलता। उनका आरोप है कि बढ़ती लागत और मेहनत के बावजूद उनकी आय में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। कुछ समय के लिए ऑर्डर की डिलीवरी रोकी इस नाराजगी के कारण कई डिलीवरी कर्मचारियों ने कुछ समय के लिए ऑर्डर की डिलीवरी रोक दी। हयातपुर स्थित पिजन हॉल में बड़ी संख्या में ऑर्डर पैकेट रखे हुए पाए गए, जिन्हें ग्राहकों तक नहीं पहुंचाया जा सका। जल्द समाधान की मांग डिलीवरी कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि ऑर्डर की संख्या कम की जाए या फिर तय की गई दूरी और मेहनत के अनुसार उचित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इससे उन्हें काम करने में आ रही परेशानियों का समाधान हो सकेगा।
कोंडागांव कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना के निर्देश पर खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न होटल और ढाबों की जांच की गई, जिसमें 14 प्रतिष्ठानों से कुल 29 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। खाद्य अधिकारी नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि कोंडागांव क्षेत्र में लक्ष्मी विलास होटल से 4, शैलेश होटल से 1 और हयात फूड कॉर्नर से 1 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किया गया। फरसगांव क्षेत्र में पुष्पा होटल बोरगांव से 2, राजवंशी होटल बोरगांव से 3, अमृत सागर स्वीट्स फरसगांव से 2 और मनसा होटल फरसगांव से 1 सिलेंडर जब्त किया गया। बड़ेराजपुर क्षेत्र में पूर्णिमा होटल विश्रामपुरी से 5, निषाद होटल से 1, महेंद्र ढाबा से 1 और चमक होटल से 1 सिलेंडर जब्त किया गया। केशकाल क्षेत्र में सिंघनपुर ढाबा से 2, शारदा डेली नीड्स बेडमा से 2 और इब्राहिम चाय-नाश्ता केंद्र केशकाल से 3 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में आगे भी लगातार जांच और कार्रवाई जारी रहेगी।
इजराइल-ईरान युद्ध का गेहूं उपार्जन पर असर:10 दिन देरी से शुरू होगी खरीदी, किसान पंजीयन संख्या बढ़ी
अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव के कारण मध्यप्रदेश में इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीदी करीब 10 दिन देरी से शुरू होगी। आमतौर पर 15 से 20 मार्च के बीच शुरू होने वाला उपार्जन इस वर्ष 1 अप्रैल से प्रारंभ किया जाएगा। रबी विपणन वर्ष 2026–27 के लिए जारी नीति के अनुसार प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में 1 अप्रैल 2026 से गेहूं खरीदी शुरू होगी, जबकि प्रदेश के शेष संभागों में उपार्जन कार्य 7 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। सुबह 8 से रात 8 बजे तक होगी खरीदीजिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर सोमवार से शुक्रवार सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक गेहूं खरीदी की जाएगी। शासकीय अवकाश के दिनों में खरीदी नहीं होगी। कलेक्टर सोनिया मीना ने जिला उपार्जन समिति, सभी एसडीएम और खंड स्तरीय समितियों को शासन की उपार्जन नीति के अनुसार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने एसडीएम को उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण कर वहां किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही खरीदी प्रक्रिया पूरी की जाए और केवल एफएक्यू (FAQ) गुणवत्ता वाले गेहूं का ही उपार्जन किया जाए। पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़ीइस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए किसानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष जहां 64 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था, वहीं इस साल 73,296 किसानों ने पंजीयन कराया है, यानी पिछले साल की तुलना में 9,296 किसान अधिक पंजीकृत हुए हैं।
पीएम-किसान की 22वीं किस्त जारी:ब्यावर के 1.31 लाख किसानों को 26 करोड़ रुपए मिले
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुक्रवार को 22वीं किस्त जारी की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के गुवाहाटी में आयोजित पीएम-किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम के दौरान देशभर के किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से यह राशि भेजी। इस अवसर पर देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में लगभग 18,650 करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए। राजस्थान में भी 66.76 लाख से अधिक किसान इस योजना से लाभान्वित हुए। ब्यावर जिले में इस अवसर पर शुक्रवार शाम 5 बजे जिला कलेक्ट्रेट सभागार में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, किसानों और अधिकारियों ने देखा। उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हीरालाल ने बताया कि ब्यावर जिले के कुल 1,31,353 किसानों को योजना की 22वीं किस्त के रूप में प्रति किसान 2,000 रुपए के हिसाब से कुल लगभग 26 करोड़ 27 लाख रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की गई है। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जयपुर के दुर्गापुरा स्थित SIAM परिसर से ऑनलाइन जुड़े और किसानों को संबोधित किया। जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने जानकारी दी कि पीएम-किसान उत्सव दिवस के अवसर पर जिले के सभी पात्र किसानों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हित में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में विधायक शंकर सिंह रावत, नगर परिषद ब्यावर की पूर्व सभापति शशिबाला सोलंकी सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट, उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां हीरालाल और संयुक्त निदेशक गणेशाराम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। इसके अतिरिक्त, भारतीय किसान संघ के कन्हैयालाल कुमावत, नारायण सिंह पवार, रघुवीर सिंह चारण तथा ब्यावर जिला किसान संघ के गणपत सिंह और ओम सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। किसानों ने योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जिला अस्पताल फलोदी के मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. जितेंद्र कुमार गौड़ को 7 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार दोपहर उनके रेलवे स्टेशन के सामने स्थित घर पर की गई। एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है। एसीबी मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर एसीबी चौकी जोधपुर ग्रामीण ने यह ट्रेप कार्रवाई की। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि आरोपी ने पुलिस थाना फलोदी में दर्ज एक मामले में परिवादी पिंटू थानवी और नंदकिशोर जोशी की चोटों की मेडिकल रिपोर्ट उनके पक्ष में तैयार करने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। जांच में सामने आया कि आरोपी डॉक्टर पहले ही 3 हजार रुपये रिश्वत के रूप में ले चुका था। बाकी 7 हजार रुपये की मांग कर रहा था, जिसके बाद परिवादी ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन करने के बाद एसीबी ने ट्रेप की कार्रवाई की। उप महानिरीक्षक पुलिस एसीबी जोधपुर भुवन भूषण यादव के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस सोनी के नेतृत्व में निरीक्षक पुलिस अनिल कुमार और उनकी टीम ने कार्रवाई करते हुए डॉ. गौड़ को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। जितेंद्र कुमार गौड़ मई 2023 से जिला चिकित्सालय फलोदी में मेडिकल ज्यूरिस्ट के पद पर कार्यरत हैं। एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
रायपुर के चन्द्रखुरी स्थित सुभाषचन्द्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष और नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों पर अपनी बातें रखी। उन्होंने कहा कि, डायन प्रताड़ना से 2600 से अधिक महिलाओं की मौत चुकी है। अंधविश्वास की वजह से अत्याचार बढ़ा है। इसलिए जागरूकता और सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश लगातार प्रगति कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद समाज में अंधविश्वास और कुरीतियां अब भी मौजूद हैं, जिनकी वजह से कई निर्दोष लोगों को प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। सामाजिक बहिष्कार किया जाता है और कुछ मामलों में उनकी हत्या तक हो जाती है। उन्होंने खास तौर पर डायन या टोनही के संदेह में महिलाओं पर होने वाले अत्याचार को गंभीर सामाजिक समस्या बताया। वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच को बढ़ावा दे उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में टोनही प्रताड़ना निरोधक कानून 2005 लागू है, लेकिन गांव-गांव में इसके प्रचार और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है साथ ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच को बढ़ावा देना समय की जरूरत है।बीमारियों या प्राकृतिक घटनाओं का कारण जादू-टोना नहीं बल्कि वैज्ञानिक कारण होते हैं, इसलिए इलाज के लिए झाड़-फूंक के बजाय डॉक्टरों से संपर्क करना चाहिए। डायन प्रताड़ना में महिला मौत के वास्तविक आकड़े 2600 से अधिक उन्होंने बताया कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार 2001 से 2015 के बीच डायन प्रताड़ना के कारण 2600 से अधिक महिलाओं की मौत दर्ज की गई है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।उन्होंने कहा कि चमत्कार के नाम पर होने वाली घटनाओं के पीछे अक्सर वैज्ञानिक कारण या हाथ की सफाई होती है। समाज में अंधविश्वास, पाखंड और कुरीतियों को खत्म करने के लिए वैज्ञानिक जागरूकता बढ़ाना और सभी नागरिकों का एकजुट होकर आगे आना जरूरी है। भूत-प्रेत जैसी मान्यताओं के पीछे अक्सर मानसिक विकार डॉ. मिश्र ने कहा कि भूत-प्रेत जैसी मान्यताओं का कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं है। ऐसी घटनाओं के पीछे अक्सर मानसिक विकार, अंधविश्वास या शरारती तत्वों का हाथ होता है, जबकि टीवी पर प्रसारित अंधविश्वास बढ़ाने वाले धारावाहिकों का समाज और बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

