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अखिलेश का भाजपा पर वार: सफाई के नाम पर हजारों करोड़ का घोटाला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की नदियों की बदहाल स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है

देशबन्धु 20 Jun 2026 11:29 pm

नीट-यूजी पुनर्परीक्षा में पारदर्शिता और छात्रों की सुविधा के लिए मॉकड्रिल जरूरी : मंत्री संजय सिंह

बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह ने नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा को लेकर सरकार की मॉकड्रिल का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है

देशबन्धु 20 Jun 2026 11:15 pm

सस्ते में सोना और चांदी खरीदने का मौका; एक हफ्ते में दाम करीब 10,600 रुपए घटा

सोने और चांदी में इस हफ्ते गिरावट देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः 2,800 रुपए और 10,600 रुपए से अधिक सस्ते हो गए हैं।

देशबन्धु 20 Jun 2026 9:56 pm

अकालतख्तऔरपंजाबसरकारकेबीचबढ़ाटकराव, ऑडियोरिकॉर्डिंगसामनेआनेकेबादसियासतगरमाई

चंडीगढ़. पंजाबकीराजनीतिऔरसिखधार्मिकसंस्थाओंकेबीचचलरहेविवादनेनयामोड़लेलियाहै. अकालतख्तऔरपंजाबकेमुख्यमंत्रीभगवंतमानकेबीचजारीटकरावउससमयऔरतेजहोगयाजबअकालतख्तकीओरसेएकबातचीतकीऑडियोरिकॉर्डिंगसार्वजनिककीगई. इसरिकॉर्डिंगकेसामनेआनेकेबादआमआदमीपार्टीऔरशिरोमणिअकालीदलकेबीचआरोप-प्रत्यारोपकादौरभीतेजहोगयाहै. दोनोंपक्षइसरिकॉर्डिंगकोअपने-अपनेदावोंकेसमर्थनमेंपेशकररहेहैं, जिससेमामलाअबधार्मिक, राजनीतिकऔरकानूनीबहसकाविषयबनगयाहै. विवादकीपृष्ठभूमिउसवीडियोसेजुड़ीहैजिसमेंमुख्यमंत्रीभगवंतमानसेमिलते-जुलतेदिखाईदेनेवालेएकव्यक्तिकोसिखगुरुओंकेचित्रोंपरकथितरूपसेशराबछिड़कतेहुएदिखायागयाथा. इसवीडियोकोलेकरपहलेसेहीविवादचलरहाथाऔरइसीप्रकरणकेकारणअकालतख्तनेमुख्यमंत्रीकेखिलाफकड़ारुखअपनायाथा. मामलेनेउससमयऔरगंभीररूपलेलियाजबधार्मिकभावनाओंकोठेसपहुंचानेकेआरोपोंकेबीचमुख्यमंत्रीकोलेकरसार्वजनिकबयानसामनेआनेलगे. अबसामनेआईरिकॉर्डिंगकथिततौरपरउसबातचीतकीहैजोमुख्यमंत्रीभगवंतमानऔरअकालतख्तकेजत्थेदारज्ञानीकुलदीपसिंहगर्गजकेबीचहुईथी. रिकॉर्डिंगमेंमुख्यमंत्रीकीओरसेवीडियोकोपूरीतरहफर्जीबतायागयाहै. बातचीतकेदौरानउन्होंनेकथितरूपसेकहाकिवीडियोकीसत्यताकीजांचकिसीभीफोरेंसिकप्रयोगशालासेकराईजासकतीहैऔरवहइसकेलिएतैयारहैं. रिकॉर्डिंगकेअनुसारजत्थेदारनेभीकहाकिवीडियोअसलीहैयानकली, इसकानिष्कर्षकेवलवैज्ञानिकजांचकेबादहीनिकालाजासकताहै. साथहीयहभीबतायागयाकिअकालतख्तअपनेस्तरपरवीडियोकीजांचकरानेकीप्रक्रियाअपनाएगा. रिकॉर्डिंगसार्वजनिकहोतेहीआमआदमीपार्टीनेइसेमुख्यमंत्रीकेपक्षमेंमहत्वपूर्णप्रमाणबताया. पार्टीनेताओंकाकहनाहैकिमुख्यमंत्रीनेशुरुआतसेहीवीडियोकोफर्जीबतायाथाऔरउन्होंनेकभीस्पष्टरूपसेयहदावानहींकियाकिवीडियोकृत्रिमबुद्धिमत्तातकनीकसेतैयारकियागयाहै. पार्टीकातर्कहैकिरिकॉर्डिंगयहसाबितकरतीहैकिमुख्यमंत्रीलगातारनिष्पक्षजांचकीमांगकरतेरहेऔरपूरेमामलेकोवैज्ञानिकतरीकेसेपरखाजानाचाहिए. आमआदमीपार्टीकेनेताओंनेयहभीसवालउठायाहैकिवीडियोमेंदिखाईदेनेवालाव्यक्तिवास्तवमेंकौनहैऔरउसकीपहचानकोलेकरभीस्पष्टताआवश्यकहै. पार्टीकाकहनाहैकिकिसीभीनिष्कर्षपरपहुंचनेसेपहलेतथ्योंऔरजांचरिपोर्टोंकाइंतजारकियाजानाचाहिए. रिकॉर्डिंगजारीहोनेकेबादपार्टीप्रवक्ताओंनेइसेमुख्यमंत्रीकेरुखकीपुष्टिबतायाऔरकहाकिइससेकईभ्रांतियांदूरहोतीहैं. दूसरीओरशिरोमणिअकालीदलनेइसपूरेघटनाक्रमपरतीखीप्रतिक्रियादीहै. अकालीदलकाआरोपहैकिआमआदमीपार्टीसमयकेसाथअपनापक्षबदलरहीहै. पार्टीनेताओंकाकहनाहैकिपहलेवीडियोकोकृत्रिमतकनीकसेतैयारबतायागयाऔरअबनयातर्कसामनेलायाजारहाहै. अकालीदलकादावाहैकियदिजांचमेंवीडियोकीप्रामाणिकतास्थापितहोचुकीहैतोफिरसरकारऔरसत्तारूढ़दलकोस्पष्टजवाबदेनाचाहिए. विपक्षीदलोंकाकहनाहैकिपूरेमामलेनेपंजाबकीराजनीतिमेंगंभीरसवालखड़ेकरदिएहैं. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकियहविवादकेवलएकवीडियोयारिकॉर्डिंगतकसीमितनहींरहगयाहै. इसकेपीछेधार्मिकसंस्थाओंकीभूमिका, राजनीतिकजवाबदेहीऔरसार्वजनिकजीवनमेंनैतिकताजैसेकईव्यापकप्रश्नजुड़ेहुएहैं. पंजाबकीराजनीतिमेंअकालतख्तकाऐतिहासिकऔरसामाजिकप्रभावअत्यंतमहत्वपूर्णमानाजाताहै. ऐसेमेंउसकेसाथकिसीभीप्रकारकाटकरावराजनीतिकरूपसेसंवेदनशीलविषयबनजाताहै. इसविवादकेबीचविभिन्नसामाजिकऔरधार्मिकसंगठनोंनेसंयमबरतनेकीअपीलकीहै. उनकाकहनाहैकिकिसीभीनिष्कर्षपरपहुंचनेसेपहलेसभीतथ्योंऔरजांचरिपोर्टोंकोसार्वजनिककियाजानाचाहिए. साथहीधार्मिकभावनाओंसेजुड़ेमामलोंमेंराजनीतिकलाभ-हानिकीबजायपारदर्शिताऔरसंवेदनशीलताकोप्राथमिकतादीजानीचाहिए. वर्तमानस्थितिमेंरिकॉर्डिंगनेविवादकोशांतकरनेकेबजायऔरअधिकचर्चाकाविषयबनादियाहै. एकपक्षइसेमुख्यमंत्रीकेदावोंकीपुष्टिबतारहाहै, जबकिदूसरापक्षइसेनएसवालोंकोजन्मदेनेवालाघटनाक्रममानरहाहै. आनेवालेदिनोंमेंजांचरिपोर्टों, राजनीतिकप्रतिक्रियाओंऔरधार्मिकसंस्थाओंकेरुखपरसभीकीनजरेंटिकीरहेंगी. पंजाबकीराजनीतिमेंयहघटनाक्रमइसलिएभीमहत्वपूर्णमानाजारहाहैक्योंकिइसमेंसरकार, विपक्षऔरएकप्रमुखधार्मिकसंस्थातीनोंआमने-सामनेदिखाईदेरहेहैं. रिकॉर्डिंगकेसार्वजनिकहोनेकेबादविवादकादायराऔरबढ़गयाहैतथाअबयहकेवलएकवीडियोकीसत्यताकामामलानहीं, बल्किविश्वास, जवाबदेहीऔरराजनीतिकविश्वसनीयताकीपरीक्षाबनताजारहाहै.

पलपल इंडिया 20 Jun 2026 8:50 pm

आरबीआई एमपीसी मिनट्स की बैठक में बताया गया कि अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार ने की भारत की मदद

मुंबई, आरबीआई की ओर से शुक्रवार को मौद्रिक नीति कमेटी की बैठक के मिनट्स जारी किए गए। इसमें बताया गया कि अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार ने देश की पश्चिम एशिया संकट से निपटने में मदद की है।

देशबन्धु 20 Jun 2026 5:42 pm

इटली रवाना हुई उत्तराखंड की प्रीमियम लीची, किसानो को होगा मुनाफा

नई दिल्ली, मोदी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसकी क्रम में अब उत्तराखंड की प्रीमियम लीची की पहली खेप को देहरादून से इटली के रवाना किया है।

देशबन्धु 20 Jun 2026 5:33 pm

पीएममोदीकीप्रेसकॉन्फ्रेंसपरछात्रनेपूछासवाल, तेजस्वीसूर्यानेबतायाक्योंहैंप्रेसकॉन्फ्रेंसगैरजरूरी

बेंगलुरु। प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीद्वारापिछलेएकदशकसेअधिकसमयसेखुलीप्रेसकॉन्फ्रेंसनहींकरनेकेमुद्देपरभारतीयजनतापार्टीकेसांसदतेजस्वीसूर्याकाएकबयानराजनीतिकऔरसामाजिकहलकोंमेंचर्चाकाविषयबनगयाहै।एककॉलेजकार्यक्रमकेदौरानछात्रद्वारापूछेगएसवालकेजवाबमेंसूर्यानेकहाकिआजकेडिजिटलयुगमेंपारंपरिकप्रेसकॉन्फ्रेंसकीउपयोगितापहलेजैसीनहींरहगईहै, क्योंकिसोशलमीडियाऔरडिजिटलमाध्यमोंनेजनप्रतिनिधियोंकोसीधेजनतासेसंवादकरनेकाअवसरउपलब्धकरादियाहै।उनकेइसजवाबकावीडियोसोशलमीडियापरतेजीसेवायरलहोरहाहैऔरइसेलेकरविभिन्नराजनीतिकप्रतिक्रियाएंभीसामनेआरहीहैं। यहघटनाक्रमबेंगलुरुकेएककॉलेजमेंआयोजितसंवादकार्यक्रमकेदौरानसामनेआया, जहांछात्रोंकोविभिन्नसमसामयिकविषयोंपरसवालपूछनेकाअवसरदियागयाथा।इसीदौरानएकछात्रनेसांसदतेजस्वीसूर्यासेसवालकियाकिभारतदुनियाकासबसेबड़ालोकतंत्रहै, लेकिनप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीनेपिछलेदसवर्षोंसेअधिकसमयमेंकोईखुलीप्रेसकॉन्फ्रेंसनहींकीहै।ऐसेमेंइसविषयपरउनकाक्यादृष्टिकोणहै। छात्रकेसवालकोसुननेकेबादतेजस्वीसूर्यानेपहलेउसेएकमहत्वपूर्णऔरअच्छासवालबताया।इसकेबादउन्होंनेकहाकिजिसप्रकारदुनियातेजीसेबदलरहीहै, उसीतरहसंवादकेतरीकेभीबदलरहेहैं।उन्होंनेतर्कदियाकिआजकेसमयमेंसोशलमीडिया, डिजिटलप्लेटफॉर्मऔरप्रत्यक्षसंवादकेअनेकमाध्यमउपलब्धहैं, जिनकेजरिएकोईभीनेतासीधेजनतातकअपनीबातपहुंचासकताहै।उनकेअनुसारप्रेसकॉन्फ्रेंसकापारंपरिकस्वरूपउसदौरकीआवश्यकताथा, जबसंवादकेविकल्पसीमितहुआकरतेथे। सूर्यानेकहाकिप्रधानमंत्रीसंवादनहींकररहेहैं, ऐसाकहनाउचितनहींहोगा, क्योंकिप्रधानमंत्रीविभिन्नमाध्यमोंसेप्रतिदिनदेशवासियोंतकअपनीबातपहुंचातेहैं।उन्होंनेकहाकिआजतकनीकनेसंचारकीप्रकृतिकोपूरीतरहबदलदियाहैऔरजनतासीधेअपनेनेताओंसेजुड़सकतीहै।ऐसेमेंप्रेसकॉन्फ्रेंसकोसंवादकाएकमात्रमाध्यममाननावर्तमानसमयकीवास्तविकताओंसेमेलनहींखाता। हालांकिउनकेइसबयानकेबादराजनीतिकबहसतेजहोगईहै।विपक्षीदललंबेसमयसेप्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीद्वाराखुलीप्रेसकॉन्फ्रेंसनहींकिएजानेकामुद्दाउठातेरहेहैं।विपक्षकातर्कहैकिलोकतांत्रिकव्यवस्थामेंप्रेसकॉन्फ्रेंसजवाबदेहीकाएकमहत्वपूर्णमाध्यमहै, जहांपत्रकारसरकारऔरप्रधानमंत्रीसेसीधेसवालपूछसकतेहैं।वहींभारतीयजनतापार्टीकाकहनाहैकिप्रधानमंत्रीविभिन्नमंचों, साक्षात्कारों, जनसभाओं, डिजिटलमाध्यमोंऔर‘मनकीबात’ जैसेकार्यक्रमोंकेजरिएलगातारजनतासेसंवादकरतेहैं। सूर्याकेबयानकावीडियोसोशलमीडियापरसामनेआनेकेबादकांग्रेसकीराष्ट्रीयप्रवक्तासुप्रियाश्रीनेतसहितकईविपक्षीनेताओंनेइसपरप्रतिक्रियादी।कांग्रेसनेताओंनेछात्रकेसवालकोलोकतंत्रऔरजवाबदेहीसेजुड़ाविषयबतातेहुएकहाकिजनताकेप्रश्नोंकासामनाकरनाकिसीभीलोकतांत्रिकनेतृत्वकीजिम्मेदारीहोतीहै।वहींभाजपासमर्थकोंनेसूर्याकेतर्कोंकासमर्थनकरतेहुएकहाकिडिजिटलयुगमेंसंवादकेस्वरूपमेंव्यापकबदलावआयाहैऔरजनतातकसीधेपहुंचनेकेकईनएमाध्यमविकसितहुएहैं। राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकियहबहसकेवलप्रधानमंत्रीकीप्रेसकॉन्फ्रेंसतकसीमितनहींहै, बल्कियहआधुनिकलोकतंत्रमेंराजनीतिकसंवादकेबदलतेस्वरूपसेभीजुड़ीहुईहै।एकओरपारंपरिकमीडियासंस्थानोंकीभूमिकाहै, तोदूसरीओरसोशलमीडियाऔरडिजिटलप्लेटफॉर्मकेजरिएनेताओंऔरजनताकेबीचसीधासंपर्कस्थापितहोरहाहै।ऐसेमेंयहप्रश्नलगातारउठतारहाहैकिक्यानएसंचारमाध्यमपारंपरिकप्रेसकॉन्फ्रेंसकास्थानलेसकतेहैंयाफिरदोनोंकीअपनी-अपनीअलगभूमिकाहै। प्रधानमंत्रीनरेंद्रमोदीकेकार्यकालमेंप्रेसकॉन्फ्रेंसकामुद्दासमय-समयपरचर्चामेंआतारहाहै।प्रधानमंत्रीनेकईराष्ट्रीयऔरअंतरराष्ट्रीयमीडियासंस्थानोंकोसाक्षात्कारदिएहैं, लेकिनपत्रकारोंकेसाथखुलाप्रश्नोत्तरसत्रबहुतकमदेखनेकोमिलाहै।वर्ष 2019 केलोकसभाचुनावकेदौरानआयोजितएकप्रेसवार्तामेंभीअधिकतरसवालोंकेजवाबतत्कालीनभाजपाअध्यक्षअमितशाहनेदिएथे।इसकेबादभीविपक्षलगातारयहप्रश्नउठातारहाहैकिप्रधानमंत्रीकोनियमितरूपसेपत्रकारोंकेसवालोंकासामनाकरनाचाहिए। हालकेमहीनोंमेंविदेशदौरोंकेदौरानभीयहमुद्दाचर्चामेंरहा।अंतरराष्ट्रीयमंचोंपरकुछविदेशीपत्रकारोंद्वाराभीप्रधानमंत्रीसेप्रेसकॉन्फ्रेंसकोलेकरसवालपूछेगएथे।हालांकिसरकारकापक्षरहाहैकिसभीकार्यक्रमोंकाप्रारूपअलग-अलगहोताहैऔरहरसार्वजनिकआयोजनकोखुलीप्रेसकॉन्फ्रेंसनहींमानाजासकता। इसीबीचकॉलेजकार्यक्रममेंछात्रऔरसांसदकेबीचहुआयहसंवादएकबारफिरराष्ट्रीयबहसकाविषयबनगयाहै।जहांएकपक्षइसेलोकतांत्रिकजवाबदेहीसेजोड़करदेखरहाहै, वहींदूसरापक्षइसेबदलतेसमयऔरआधुनिकसंचारव्यवस्थाकेसंदर्भमेंसमझनेकीबातकररहाहै।फिलहालसोशलमीडियापरयहवीडियोव्यापकरूपसेसाझाकियाजारहाहैऔरइसपरराजनीतिक, सामाजिकतथाशैक्षणिकवर्गोंमेंचर्चाजारीहै।आनेवालेदिनोंमेंयहबहसऔरतेजहोसकतीहैकिलोकतंत्रमेंजनताऔरसत्ताकेबीचसंवादकासबसेप्रभावीमाध्यमक्याहोनाचाहिएतथाआधुनिकतकनीककेदौरमेंपारंपरिकप्रेसकॉन्फ्रेंसकीभूमिकाकितनीप्रासंगिकबनीहुईहै।

पलपल इंडिया 20 Jun 2026 4:50 pm

बीएफएसआई थीमैटिक फंड्स ने किया बेहतर प्रदर्शन

मुंबई, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा (बीएफएसआई) थीमैटिक फंड्स ने मई महीने में म्यूचुअल फंड निवेश जगत में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इन फंड्स ने 5.5 प्रतिशत का रिटर्न दिया और इनमें 1,013 करोड़ रुपए का निवेश आया।

देशबन्धु 20 Jun 2026 2:52 pm

अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से शेयर बाजार में खुशहाली

मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बढ़ी उम्मीदों तथा ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट के कारण निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

देशबन्धु 20 Jun 2026 1:32 pm

आखिरकार जर्मनी में भी पिछड़ गया नगद भुगतान

कई दशकों तक जर्मनी में भुगतान का राजा रहा नगद अब पिछड़ गया है. डेबिट कार्ड और मोबाइल फोन से डिजिटल भुगतान की सुविधा ने अब सबको अपना मुरीद बना लिया है

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:40 am

अरुणाचल में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम पर क्यों बढ़ रहा है विवाद

पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में फ्रीडम आफ रिलीजन एक्ट यानी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू करने के लिए गठित उच्चाधिकार समिति ने सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है

देशबन्धु 20 Jun 2026 10:38 am

दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 74 सरकारी डॉक्टरों के तबादले की सिफारिश की

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को उपराज्यपाल टीएस संधू से 74 सरकारी डॉक्टरों के तबादले की सिफारिश की। इनमें वे 39 डॉक्टर भी शामिल हैं जो 5 साल से ज्यादा समय से तिहाड़ और मंडोली जेलों में तैनात हैं। यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

देशबन्धु 20 Jun 2026 8:30 am

'शेर अकेला चलता है', 'ऑपरेशन तुड़वा' की धमकियों पर एकनाथ शिंदे का पलटवार

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने पार्टी के 60वें स्थापना दिवस समारोह में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) पर निशाना साधा।

देशबन्धु 20 Jun 2026 8:20 am

अकाली दल ने मान पर अकाल तख्त की मर्यादा को चुनौती देने का लगाया आरोप, बोले- सीएम रहने योग्य नहीं

शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) की कार्यकारिणी समिति ने शुक्रवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की आलोचना करते हुए कहा कि वह सार्वजनिक मंचों पर अकाल तख्त के अधिकार को चुनौती दे रहे हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 8:10 am

अगर शिवसैनिक पद छोड़ने को कहेंगे तो मैं इस्तीफा दे दूंगा: उद्धव ठाकरे

मुंबई में उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को शिवसेना की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर पार्टी के भीतर चल रहे तीव्र मतभेदों पर संबोधन किया

देशबन्धु 20 Jun 2026 7:10 am

अरविंद केजरीवाल ने नीट पुनर्परीक्षा देने वाले छात्रों को दीं शुभकामनाएं

नीट पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों का उत्साह बढ़ाते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सभी परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 6:40 am

पंजाब: सीएम मान ने 61.82 करोड़ रुपए की धुस्सी बांध परियोजना की आधारशिला रखी

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को जालंधर जिले में 61.82 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 37.93 किलोमीटर लंबी धुस्सी बांध लिंक रोड परियोजना की आधारशिला रखी

देशबन्धु 20 Jun 2026 6:10 am

दोनों पक्षों को लगना चाहिए कि वे जीत गए, तभी अमेरिका-ईरान समझौता टिक पाएगा : शशि थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि अमेरिका-ईरान शांति समझौते के टिके रहने के लिए दोनों पक्षों को यह महसूस होना चाहिए कि वे जीत गए हैं

देशबन्धु 20 Jun 2026 5:50 am

पवन कल्याण ने तेलंगाना में तेज की जन सेना की राजनीतिक यात्रा, खोला प्रदेश कार्यालय

जन सेना पार्टी ने तेलंगाना में अपना प्रदेश कार्यालय खोला। इस अवसर पर पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने घोषणा की कि जन सेना तेलंगाना में अपनी राजनीतिक यात्रा को तेज करेगी।

देशबन्धु 20 Jun 2026 4:40 am

दोहरा मापदंड अपनाना ठीक नहीं: संजय निषाद

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य सरकार में मंत्री संजय निषाद शामिल हुए

देशबन्धु 19 Jun 2026 11:37 pm

ओमप्रकाश राजभर के बयान को सपा गंभीरता से नहीं लेती, पहले वह अपनी पार्टी बचाएं : फखरुल हसन चांद

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ नेताओं द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) में संभावित टूट और कई सांसदों के संपर्क में होने के दावों पर सपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

देशबन्धु 19 Jun 2026 11:26 pm

'12 साल विश्वास, विकास और जनकल्याण' अभियान की होगी शुरुआत: राखी राठौड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने के मौके पर प्रदेश में ‘12 साल विश्वास, विकास और जनकल्याण के’ नामक अभियान की शुरुआत की गई है

देशबन्धु 19 Jun 2026 11:23 pm

टीसीएस का शेयर रिकॉर्ड में जोरदार गिरावट

नई दिल्ली, आईटी फर्म एक्सेंचर की ओर से कारोबार को लेकर सर्तक आउटलुक के बाद भारतीय आईटी कंपनियों में शुक्रवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली है।

देशबन्धु 19 Jun 2026 5:01 pm

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर, आईटी शेयरो में जारी रही बिकवाली

मुंबई, भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 607.08 अंक या 0.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,802.90 और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,013.10 पर था।

देशबन्धु 19 Jun 2026 4:57 pm

सरकार ने कहा भारत में कोयला गैसीकरण परियोजनाओं पर चल रहा काम

नई दिल्ली, एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, भारत में 65,000 करोड़ रुपए से अधिक की कोयला गैसीकरण परियोजनाओं पर वर्तमान में काम चल रहा है।

देशबन्धु 19 Jun 2026 4:20 pm

ग्रेट निकोबार परियोजना की पर्यावरण मंजूरी और पारदर्शिता पर जयराम रमेश ने उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने शुक्रवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (ईआईए) और निगरानी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

देशबन्धु 19 Jun 2026 3:48 pm

एनएसई के डीआरएचपी में बड़ा खुलासा, गलती से खाते में पहुंचे 1 करोड़ रुपए से अधिक के शेयरों को लेकर विवाद

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में खुलासा किया है कि उसने एक व्यक्ति के डीमैट खाते में गलती से जमा हुए शेयरों को कथित रूप से अपने पास रखने और बेचने के मामले में पुलिस शिकायत दर्ज कराई थी।

देशबन्धु 19 Jun 2026 3:41 pm

भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने से कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट, सोना-चांदी 3 प्रतिशत तक फिसले

भू-राजनीतिक तनाव में कमी आने से सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग कमजोर होने से हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को लगातार तीसरे सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।

देशबन्धु 19 Jun 2026 2:58 pm

भारतीय शेयर बाजार में आयी गिरावट, लाल निशान में खुला बाजार

मुंबई, सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार अपने लगातार पांच सत्रों की तेजी खोकर गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।

देशबन्धु 19 Jun 2026 2:52 pm

देश में ईंधन सप्लाई को लेकर राहत, बीते 3 दिनों में 1.47 करोड़ एलपीजी सिलेंडर किए डिलीवर

नई दिल्ली, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि वर्तमान में देश में ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और बीते 3 दिनों में 1.47 करोड़ एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी हुई है।

देशबन्धु 19 Jun 2026 2:50 pm

राज्यसभा में NDA की बढ़ी ताकत: 27 में से 19 सीटों पर जीत, दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंचा गठबंधन

राज्यसभा चुनाव में NDA ने 27 में से 19 सीटें जीतकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। झारखंड में परिमल नथवानी की जीत के बाद NDA दो-तिहाई बहुमत के और करीब पहुंच गया है।

देशबन्धु 19 Jun 2026 10:27 am

राहुल गांधी का 56वां जन्मदिन: पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, खरगे बोले- संविधान के मूल्यों के सच्चे प्रहरी

राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी शुभकामनाएं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उनके नेतृत्व और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की।

देशबन्धु 19 Jun 2026 10:12 am

कर्नाटक एमएलसी चुनाव में डीके शिवकुमार की रणनीति रंग लाई, पांचों सीटों पर जीत; क्रास वोटिंग से भाजपा- जेडीएस को झटका

कर्नाटक MLC चुनाव में कांग्रेस ने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज कर भाजपा और जेडी(एस) को बड़ा झटका दिया। क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं के बीच डीके शिवकुमार की रणनीति चर्चा में है।

देशबन्धु 19 Jun 2026 9:46 am

UNHRC में भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला, कहा- आतंकवाद फैलाने वाला सहयोग की उम्मीद न करे

UNHRC में भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद और सिंधु जल समझौते के मुद्दे पर कड़ा जवाब दिया। भारत ने कहा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश सहयोग और सद्भावना की उम्मीद नहीं कर सकता।

देशबन्धु 19 Jun 2026 9:07 am

झारखंडराज्यसभाचुनावमेंकांग्रेसकोबड़ाझटका, क्रॉसवोटिंगकेबीचएनडीएसमर्थितपरिमलनथवानीकीजीत

रांची. झारखंडराज्यसभाचुनावकेनतीजोंनेराज्यकीराजनीतिमेंनयासमीकरणखड़ाकरदियाहै. दोसीटोंकेलिएहुएचुनावमेंएनडीएसमर्थितनिर्दलीयउम्मीदवारपरिमलनथवानीनेअप्रत्याशितजीतदर्जकरकांग्रेसकोबड़ाराजनीतिकझटकादियाहै, जबकिझारखंडमुक्तिमोर्चा (झामुमो) केउम्मीदवारबैद्यनाथरामदूसरीसीटपरनिर्वाचितहुएहैं. चुनावपरिणामसामनेआतेहीकांग्रेसखेमेमेंहलचलबढ़गईहैऔरपार्टीनेताओंनेक्रॉसवोटिंगकीआशंकाजतातेहुएअपनीहीपंक्तियोंमेंअसंतोषऔरसंगठनात्मकचुनौतियोंकीओरसंकेतकियाहै. राज्यसभाकीदोसीटोंकेलिएइसबारमुकाबलात्रिकोणीयरहा. मैदानमेंझामुमोकेबैद्यनाथराम, कांग्रेसकेप्रणवझाऔरभाजपासमर्थितनिर्दलीयउम्मीदवारपरिमलनथवानीथे. मतदानकोलेकरपहलेसेहीराजनीतिकगलियारोंमेंक्रॉसवोटिंगकीचर्चाएंतेजथीं. मतदानसुबहनौबजेशुरूहुआऔरदोपहरबादतकचला. विधानसभाकेकुल 81 सदस्योंनेमतदानप्रक्रियामेंहिस्सालिया. मुख्यमंत्रीहेमंतसोरेन, विपक्षकेनेताबाबूलालमरांडी, कांग्रेसविधायकदलकेनेताप्रदीपयादव, संसदीयकार्यमंत्रीराधाकृष्णकिशोरसहितसभीप्रमुखनेताओंनेअपनेमताधिकारकाउपयोगकिया. मतगणनापूरीहोनेकेबादसामनेआएआंकड़ोंनेकईराजनीतिकविश्लेषकोंकोभीचौंकादिया. एनडीएसमर्थितपरिमलनथवानीको 28 वोटप्राप्तहुए, जबकिझामुमोउम्मीदवारबैद्यनाथरामको 30 मतमिले. कांग्रेसउम्मीदवारप्रणवझाअपेक्षितसमर्थनजुटानेमेंअसफलरहेऔरचुनावहारगए. चुनावमेंतीनमतअमान्यघोषितकिएगए, जिसनेभीपरिणामोंकोप्रभावितकिया. नतीजेसामनेआतेहीकांग्रेसनेताओंनेखुलेतौरपरक्रॉसवोटिंगकीसंभावनाजताई. पार्टीनेताओंकामाननाहैकियदिगठबंधनकेसभीविधायकनिर्धारितरणनीतिकेअनुसारमतदानकरते, तोपरिणामअलगहोसकतेथे. कांग्रेसकेभीतरइसबातकोलेकरमंथनशुरूहोगयाहैकिआखिरकिनपरिस्थितियोंमेंपार्टीउम्मीदवारकोअपेक्षितसमर्थननहींमिलपाया. राजनीतिकजानकारोंकामाननाहैकियहपरिणामकेवलएकचुनावीहारनहीं, बल्किझारखंडमेंकांग्रेसकीआंतरिकस्थितिऔरगठबंधनराजनीतिकीचुनौतियोंकोभीउजागरकरताहै. वहींएनडीएखेमेमेंजीतकेबादउत्साहकामाहौलदिखाईदिया. भाजपाविधायकप्रदीपप्रसादनेपरिणामकोविधायकोंकीअंतरात्माकीआवाज काफैसलाबतातेहुएकहाकिकईविधायकोंनेराजनीतिकदबावसेऊपरउठकरमतदानकिया. उन्होंनेदावाकियाकियहपरिणामराज्यकीराजनीतिमेंबदलावकासंकेतहैऔरइससेविपक्षीगठबंधनकीएकजुटतापरगंभीरसवालखड़ेहुएहैं. परिमलनथवानीकीजीतकोइसलिएभीमहत्वपूर्णमानाजारहाहैक्योंकिवेनिर्दलीयउम्मीदवारकेरूपमेंमैदानमेंथे, लेकिनउन्हेंएनडीएकापूरासमर्थनप्राप्तथा. दूसरीओरझामुमोउम्मीदवारबैद्यनाथरामकीजीतनेसत्तारूढ़दलकीस्थितिकोमजबूतकियाहै, हालांकिकांग्रेसउम्मीदवारकीहारनेगठबंधनकेभीतरसंतुलनऔरसमन्वयकोलेकरनईबहसछेड़दीहै. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकिराज्यसभाचुनावकेयेनतीजेआनेवालेविधानसभाऔरलोकसभाचुनावोंसेपहलेझारखंडकीराजनीतिपरदूरगामीप्रभावडालसकतेहैं. कांग्रेसकेलिएयहपरिणामआत्ममंथनकाअवसरबनगयाहै, जबकिएनडीएइसेअपनीरणनीतिकसफलताकेरूपमेंप्रस्तुतकररहाहै. अबसबसेबड़ासवालयहीहैकिक्यावास्तवमेंक्रॉसवोटिंगहुईयाफिरराजनीतिकगणितमेंकोईऐसीचूकहुईजिसनेकांग्रेसकोहारकेमुहानेपरपहुंचादिया. फिलहालझारखंडकीराजनीतिमेंराज्यसभाचुनावकेपरिणामचर्चाकासबसेबड़ाविषयबनेहुएहैं. कांग्रेसहारकेकारणोंकीतलाशमेंजुटगईहै, जबकिएनडीएऔरझामुमोअपने-अपनेतरीकेसेइसजीतकोराजनीतिकसंदेशकेरूपमेंप्रस्तुतकररहेहैं. आनेवालेदिनोंमेंइसचुनावकेप्रभावऔरइसकेपीछेकीराजनीतिककहानीपरसबकीनजरेंटिकीरहेंगी.

पलपल इंडिया 18 Jun 2026 7:50 pm

टाटा मोटर्स ने बढ़ाए कमर्शियल वाहनों के दाम

नई दिल्ली, टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स (टीएमसीवी) ने अपने कमर्शियल वाहनों की कीमतों में 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है।

देशबन्धु 18 Jun 2026 5:24 pm

उद्धवठाकरेकोबड़ाझटका! छहसांसदोंकीबगावतसेहिलीशिवसेना, 50 करोड़केआरोपोंसेमचासियासीभूचाल

मुंबई. महाराष्ट्रकीराजनीतिमेंएकबारफिरबड़ाभूचालआनेकेसंकेतदिखाईदेरहेहैं. चारवर्षपहलेएकनाथशिंदेकीअगुवाईमेंहुईबगावतसेटूटचुकीशिवसेनाअबएकऔरबड़ेराजनीतिकसंकटकासामनाकरतीनजरआरहीहै. उद्धवठाकरेकेनेतृत्ववालीशिवसेना (उद्धवबालासाहेबठाकरे) केनौलोकसभासांसदोंमेंसेछहसांसदोंकेअलगगुटबनानेऔरएकनाथशिंदेकेनेतृत्ववालीशिवसेनाकेसाथजानेकीचर्चाओंनेराज्यकीराजनीतिकोगर्मादियाहै. यदियहघटनाक्रमवास्तविकरूपलेताहैतोयहकेवलउद्धवठाकरेकेलिएहीनहीं, बल्किमहाराष्ट्रकीराजनीतिऔरराष्ट्रीयजनतांत्रिकगठबंधनकीसंसदीयताकतकेलिएभीमहत्वपूर्णसाबितहोगा. दिल्लीमेंगुरुवारकोइसघटनाक्रमनेउससमयऔरअधिकगंभीररूपलेलियाजबशिवसेना (उद्धवगुट) द्वाराबुलाईगईसंसदीयदलकीबैठकमेंकथितरूपसेबगावतकरनेवालेछहसांसदशामिलनहींहुए. उनकीअनुपस्थितिनेराजनीतिकगलियारोंमेंचलरहीअटकलोंकोऔरबलदिया. बतायाजारहाहैकिइनसांसदोंनेलोकसभाअध्यक्षओमबिरलाकोपत्रसौंपकरअलगसमूहकेरूपमेंमान्यतादेनेकीमांगकीहै. दूसरीओर, उद्धवगुटकेवरिष्ठनेताओंअरविंदसावंत, अनिलदेसाईऔरसंजयराउतनेलोकसभाअध्यक्षसेमुलाकातकरकिसीभीअलगगुटकोमान्यतानहींदेनेकाआग्रहकियाहै. इसपूरेविवादकेबीचशिवसेना (उद्धवगुट) केवरिष्ठनेतासंजयराउतनेबेहदगंभीरआरोपलगाएहैं. उन्होंनेदावाकियाकिपार्टीकेसांसदोंकोतोड़नेकेलिएबड़ेपैमानेपरधनबलकाउपयोगकियाजारहाहै. राउतकेअनुसारकुछसांसदोंकोकरोड़ोंरुपयेकीपेशकशकीगईऔरउन्हेंविशेषविमानोंकेमाध्यमसेविभिन्नस्थानोंसेलेजायागया. उन्होंनेआरोपलगायाकिसांसदोंकोपहले 15-15 करोड़रुपयेदिएगएऔरबादमेंयहदावाभीकियाकिएकसांसदकी“न्यूनतमसमर्थनकीमत” 50 करोड़रुपयेतकपहुंचगईहै. संजयराउतनेसामाजिकमाध्यमोंपरभीतीखीप्रतिक्रियाव्यक्तकरतेहुएकहाकिजिननेताओंकेपासकभीसामान्ययात्राकेसाधनतकनहींथे, वेआजनिजीविमानोंमेंसफरकररहेहैं. उन्होंनेव्यंग्यात्मकअंदाजमेंकहाकियहसबठाकरेनामऔरशिवसेनाकेराजनीतिकब्रांडकीवजहसेसंभवहुआहै. राउतकेइनआरोपोंनेपूरेघटनाक्रमकोऔरअधिकविवादास्पदबनादियाहै. हालांकिआरोपोंकीस्वतंत्रपुष्टिनहींहोसकीहैऔरदूसरीओरसेइनदावोंपरअभीतककोईठोसप्रतिक्रियासामनेनहींआईहै. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकियहघटनाक्रमवर्ष 2022 कीउसबगावतकीयाददिलाताहैजबएकनाथशिंदेकेनेतृत्वमेंबड़ीसंख्यामेंविधायकउद्धवठाकरेकासाथछोड़करअलगहोगएथे. उसविद्रोहकेकारणमहाविकासअघाड़ीसरकारकापतनहुआथाऔरशिवसेनादोहिस्सोंमेंबंटगईथी. अबयदिसांसदोंकायहसंभावितविभाजनभीवास्तविकतामेंबदलताहैतोयहउद्धवठाकरेकेलिएचारवर्षोंमेंदूसराबड़ाराजनीतिकझटकाहोगा. जिनछहसांसदोंकेनामइससंभावितराजनीतिकघटनाक्रमकेकेंद्रमेंबताएजारहेहैं, उनमेंधाराशिवसेसांसदओमराजेनिंबालकरप्रमुखहैं. मराठवाड़ाक्षेत्रकेप्रभावशालीनेतामानेजानेवालेनिंबालकरलंबेसमयतकउद्धवठाकरेकेविश्वस्तनेताओंमेंगिनेजातेरहेहैं. हालकेदिनोंमेंउनकीकुछबैठकोंसेअनुपस्थितिनेअटकलोंकोजन्मदियाहै. मुंबईउत्तर-पूर्वसेसांसदसंजयदीनापाटिलकानामभीचर्चामेंहै. वेपहलेराष्ट्रवादीकांग्रेसपार्टीसेजुड़ेरहेऔरबादमेंअविभाजितशिवसेनामेंशामिलहुएथे. मुंबईकीराजनीतिमेंउनकामहत्वपूर्णप्रभावमानाजाताहैऔरउनकाराजनीतिकपरिवारलंबेसमयसेसार्वजनिकजीवनमेंसक्रियरहाहै. परभणीसेलगातारतीनबारलोकसभाचुनावजीतनेवालेसंजयजाधवभीसंभावितबागीसांसदोंमेंशामिलबताएजारहेहैं. मराठवाड़ाक्षेत्रमेंउनकीमजबूतपकड़मानीजातीहैऔरवेलंबेसमयतकउद्धवठाकरेकेकरीबीनेताओंमेंगिनेजातेरहेहैं. यवतमाल-वाशिमसेसांसदसंजयदेशमुखकाराजनीतिकप्रभावविदर्भक्षेत्रमेंकाफीमहत्वपूर्णमानाजाताहै. वेपहलेनिर्दलीयविधायकरहचुकेहैंऔरमहाराष्ट्रसरकारमेंमंत्रीपदभीसंभालचुकेहैं. संगठनात्मकस्तरपरउनकीपकड़कोदेखतेहुएउनकाकोईभीराजनीतिकनिर्णयविशेषमहत्वरखताहै. हिंगोलीसेसांसदनागेशपाटिलआष्टीकरपहलीबारलोकसभापहुंचेहैं, लेकिनक्षेत्रमेंउनकीपहचानएकजमीनीनेताकेरूपमेंरहीहै. पार्टीनेतृत्वकीहालियाबैठकोंसेउनकीदूरीनेराजनीतिकचर्चाओंकोऔरतेजकरदियाहै. शिर्डीसेसांसदभाऊसाहेबवाकचौरेकानामभीइससंभावितसमूहमेंलियाजारहाहै. वेदोबारसांसदरहचुकेहैंऔरक्षेत्रमेंउनकाअपनाराजनीतिकआधारमानाजाताहै. यदियेछहसांसदऔपचारिकरूपसेअलगहोजातेहैंतोलोकसभामेंशिवसेना (उद्धवगुट) कीसंख्यानौसेघटकरकेवलतीनरहजाएगी. ऐसेमेंअरविंदसावंत, अनिलदेसाईऔरराजाभाऊवाजेहीपार्टीकाप्रतिनिधित्वकरतेदिखाईदेंगे. दूसरीओर, एकनाथशिंदेकीस्थितिऔरमजबूतहोगीतथाशिवसेनाकीविरासतपरउनकादावाभीराजनीतिकरूपसेअधिकप्रभावशालीबनसकताहै. महाराष्ट्रकीराजनीतिमेंयहघटनाक्रमकेवलसंख्याकाखेलनहींहै, बल्किनेतृत्व, संगठनऔरराजनीतिकभविष्यकीलड़ाईभीहै. आगामीवर्षोंमेंहोनेवालेचुनावोंकोदेखतेहुएयहसंघर्षऔरअधिकमहत्वपूर्णहोजाताहै. उद्धवठाकरेकेसामनेअबसबसेबड़ीचुनौतीअपनेसंगठनकोएकजुटरखनेऔरकार्यकर्ताओंकेमनोबलकोबनाएरखनेकीहै. वहींएकनाथशिंदेकेलिएयहअवसरअपनेराजनीतिकप्रभावकोऔरव्यापकबनानेकामानाजारहाहै. फिलहालपूरेदेशकीनजरेंइसबातपरटिकीहैंकिलोकसभाअध्यक्षकेसमक्षप्रस्तुतदावोंपरक्यानिर्णयहोताहैऔरक्यावास्तवमेंछहसांसदउद्धवठाकरेकासाथछोड़करनयाराजनीतिकरास्ताचुनतेहैं. यदिऐसाहोताहैतोमहाराष्ट्रकीराजनीतिमेंएकऔरबड़ेअध्यायकीशुरुआतहोगी, जिसकेप्रभावआनेवालेवर्षोंतकमहसूसकिएजासकतेहैं.

पलपल इंडिया 18 Jun 2026 3:50 pm

2027 के वित्त वर्ष में ग्रामीण सड़कों के निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में ग्रामीण सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

देशबन्धु 18 Jun 2026 2:06 pm

अमेरिकी फेड के फैसले के बाद भारतीय शेयर बाजार की फ्लैट शुरुआत, सेंसेक्स-निफ्टी में मामूली गिरावट

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा सख्त रुख अपनाने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के सत्र में कारोबार की शुरुआत फ्लैट की। इस दौरान निफ्टी50 और सेंसेक्स में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

देशबन्धु 18 Jun 2026 1:00 pm

कीमती धातुओं पर अमेरिकी फेड के फैसले का असर, सिल्वर 2.5 प्रतिशत से ज्यादा टूटा

मुंबई, अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर को अपरिवर्तित रखने के बाद गुरुवार के कारोबारी सत्र में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।

देशबन्धु 18 Jun 2026 12:48 pm

भविष्य की सैन्य ताकत के लिए भारत का स्वदेशी ड्रोन पर जोर

भारत अपने अब तक के सबसे बड़े सैन्य ड्रोन ऑर्डर की तैयारी कर रहा है जिसकी कीमत दो अरब डॉलर से अधिक है. उम्मीद है कि इससे देश की अपनी ड्रोन युद्ध क्षमता बेहतर होगी

देशबन्धु 18 Jun 2026 10:04 am

राम मंदिर चंदा विवाद में संत समाज के साथ खड़ी है कांग्रेस: कुमारी शैलजा

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को तेज कर दिया है

देशबन्धु 18 Jun 2026 8:20 am

आंध्र प्रदेश : वाईएसआरसीपी ने एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाने का आरोप लगाया

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि आंध्र प्रदेश में मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) का दुरुपयोग बड़े पैमाने पर मतदाता नाम हटाने के लिए किया जा रहा है।

देशबन्धु 18 Jun 2026 7:40 am

हिमाचल प्रदेश: किशाऊ बांध परियोजना पर समझौते के लिए भाजपा सांसद ने पीएम मोदी का जताया आभार

हिमाचल प्रदेश में किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर हुए ऐतिहासिक समझौते का स्वागत करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।

देशबन्धु 18 Jun 2026 7:20 am

गुजरात: बीजे मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की शिकायत पर तीन निलंबित

अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज में रैगिंग विरोधी जांच में तीन द्वितीय वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टरों को छह महीने से एक वर्ष तक के लिए निलंबित कर दिया गया है

देशबन्धु 18 Jun 2026 7:10 am

हार को स्वीकार करने की आदत डालें विपक्ष, बहाने बनाने से कुछ नहीं होगा: चिराग पासवान

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी

देशबन्धु 18 Jun 2026 6:40 am

'इतिहास से सीखें,' पंजाब भाजपा प्रमुख ने सीएम भगवंत मान को सलाह दी

पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को इतिहास से सीख लेने की सलाह दी और उन्हें याद दिलाया कि शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह भी अकाल तख्त के सामने झुके थे।

देशबन्धु 18 Jun 2026 6:10 am

'जनादेश स्वीकार करने ही एक सच्चे नेता की पहचान', शांभवी चौधरी का ममता बनर्जी पर तंज

लोक जनशक्ति पार्टी (आर) की सांसद शांभवी चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से भवानीपुर सीट से उपचुनाव की मांग को सिरे से खारिज कर दिया।

देशबन्धु 18 Jun 2026 4:30 am

पार्टी में टूट की खबरें पूरी तरह भ्रामक, हमारे नौ सांसद एकजुट : संजय राउत

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने हाल ही में पार्टी में कथित टूट और असंतोष की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल पार्टी के भीतर नौ सांसद लोकसभा में सक्रिय हैं और किसी तरह के बड़े विभाजन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

देशबन्धु 18 Jun 2026 4:20 am

भारत और यूके व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू, भारतीय निर्यात और पेशेवरों को बड़ा फायदा

भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने घोषणा करते हुए जानकारी दी कि कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (सीईटीए) 15 जुलाई से लागू होगा

देशबन्धु 18 Jun 2026 4:10 am

‘हमारी लड़ाई आज से शुरू’: कोटा में राहुल गांधी का ऐलान

लोकसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) राहुल गांधी ने बुधवार को कोटा के दशहरा मैदान में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान छात्रों से बातचीत की।

देशबन्धु 17 Jun 2026 11:39 pm

हमने एक मस्जिद खोई, अब दूसरी और तीसरी नहीं खो सकते : शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कथावाचक रामभद्राचार्य के बयान पर पलटवार किया

देशबन्धु 17 Jun 2026 11:35 pm

ऑपरेशनटाइगरसेउद्धवठाकरेकोबड़ाझटका, छहसांसदोंकीबगावतसेबदलसकतेहैंसियासीसमीकरण

मुंबई. महाराष्ट्रकीराजनीतिमेंएकबारफिरबड़ासियासीघटनाक्रमआकारलेतादिखाईदेरहाहै. शिवसेना (उद्धवबालासाहेबठाकरे) केछहसांसदोंद्वाराअलगसंसदीयसमूहबनानेकीसंभावनाओंनेराज्यकीराजनीतिमेंहलचलतेजकरदीहै. राजनीतिकगलियारोंमेंइसे‘ऑपरेशनटाइगर’ कानामदियाजारहाहै. मानाजारहाहैकियदियहप्रयाससफलहोताहैतोयहकेवलउद्धवठाकरेकेलिएएकऔरबड़ाझटकानहींहोगा, बल्किमहाराष्ट्रऔरराष्ट्रीयराजनीतिकेशक्तिसंतुलनपरभीइसकाव्यापकप्रभावपड़सकताहै. राजनीतिकसूत्रोंकेअनुसारयहघटनाक्रमअचानकनहींहुआहै. पिछलेकईमहीनोंसेअसंतुष्टसांसदोंऔरमुख्यमंत्रीएकनाथशिंदेकेनेतृत्ववालीशिवसेनाकेबीचसंपर्कबनाएजानेकीचर्चाचलरहीथी. मुंबईऔरदिल्लीमेंकईदौरकीबैठकोंतथाराजनीतिकबातचीतकेबादअबयहमामलानिर्णायकमोड़परपहुंचतादिखाईदेरहाहै. हालांकिउद्धवठाकरेगुटलगातारपार्टीमेंकिसीप्रकारकीटूटकीसंभावनासेइनकारकरतारहा, लेकिनहालकेदिनोंमेंबढ़ीराजनीतिकगतिविधियोंनेइनअटकलोंकोऔरमजबूतकरदियाहै. विश्लेषकोंकामाननाहैकिपूरेघटनाक्रमकासमयबेहदमहत्वपूर्णहै. 19 जूनकोशिवसेनाकास्थापनादिवसहैऔरइसवर्षपार्टीअपनेगठनके 60 वर्षपूरेकररहीहै. यदिइसीअवधिमेंबागीसांसदऔपचारिकरूपसेएकनाथशिंदेकेनेतृत्ववालेगुटकेसाथआतेहैं, तोइसकाप्रतीकात्मकऔरराजनीतिकमहत्वकाफीबढ़जाएगा. राजनीतिकपर्यवेक्षकोंकेअनुसारयहकदमशिवसेनाकीविरासतपरशिंदेगुटकेदावेकोऔरमजबूतकरसकताहै. वर्ष 2022 मेंएकनाथशिंदेकेनेतृत्वमेंहुएविद्रोहनेशिवसेनाकेविधायीदलकोविभाजितकरदियाथा. उसघटनाक्रमनेमहाराष्ट्रकीराजनीतिकीदिशाबदलदीथीऔरउद्धवठाकरेसरकारकापतनहुआथा. अबयदिसंसदीयस्तरपरभीबड़ीटूटहोतीहै, तोयहउद्धवठाकरेकेनेतृत्वऔरसंगठनात्मकनियंत्रणपरनएसवालखड़ेकरसकतीहै. इसघटनाक्रमकेराष्ट्रीयराजनीतिकप्रभावभीमहत्वपूर्णमानेजारहेहैं. संसदकेआगामीमानसूनसत्रसेपहलेयदिछहसांसदशिंदेगुटकेसाथआतेहैं, तोराष्ट्रीयजनतांत्रिकगठबंधनकीलोकसभामेंप्रभावीसंख्याबढ़सकतीहै. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकिकेंद्रकीसत्तारूढ़गठबंधनसरकारभविष्यकीमहत्वपूर्णविधायीऔरसंवैधानिकपहलोंकोध्यानमेंरखतेहुएअपनेसंसदीयसमर्थनकोऔरमजबूतकरनाचाहतीहै. राजनीतिकचर्चाओंमेंयहभीकहाजारहाहैकिमहिलाओंकेलिएआरक्षणऔरपरिसीमनजैसेमहत्वपूर्णमुद्देआनेवालेसमयमेंसंसदकेएजेंडेमेंशामिलहोसकतेहैं. ऐसेमेंलोकसभामेंअतिरिक्तसमर्थनसत्तारूढ़गठबंधनकीस्थितिकोऔरमजबूतकरसकताहै. हालांकिसरकारकीओरसेइससंबंधमेंकोईआधिकारिकघोषणानहींकीगईहै. एकनाथशिंदेकेलिएयहघटनाक्रमकईस्तरोंपरलाभकारीमानाजारहाहै. वर्तमानमेंलोकसभामेंउनकेगुटकेसातसांसदहैं. यदिछहऔरसांसदउनकेसाथआतेहैंतोयहसंख्याबढ़कर 13 होसकतीहै. इससेनकेवलराष्ट्रीयस्तरपरउनकीराजनीतिकताकतबढ़ेगी, बल्किकेंद्रसरकारमेंउनकीपार्टीकीहिस्सेदारीऔरप्रभावभीमजबूतहोसकताहै. महाराष्ट्रकीमहायुतिसरकारकेभीतरभीइससेशक्तिसंतुलनप्रभावितहोसकताहै. अधिकसांसदोंकेसाथशिंदेगुटगठबंधनमेंऔरप्रभावशालीभूमिकानिभानेकीस्थितिमेंआसकताहै. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकिइससेशिंदेकीराष्ट्रीयपहचानऔरराजनीतिकमहत्वाकांक्षाओंकोभीनईमजबूतीमिलेगी. दूसरीओरउद्धवठाकरेकेसामनेचुनौतीऔरकठिनहोतीदिखाईदेरहीहै. वर्ष 2022 केविभाजनकेबादउन्होंनेजनसंपर्कअभियानों, समर्थकोंकीसहानुभूतिऔरआक्रामकविपक्षीराजनीतिकेसहारेअपनीराजनीतिकप्रासंगिकताबनाएरखीथी. लेकिनयदिसंसदीयस्तरपरभीबड़ीटूटहोतीहै, तोइससेउनकीपार्टीकीराष्ट्रीयउपस्थितिऔरविपक्षीगठबंधनमेंप्रभावदोनोंकमजोरपड़सकतेहैं. स्थितिकीगंभीरताकोदेखतेहुएशिवसेना (यूबीटी) केसंसदीयनेताअरविंदसावंतनेलोकसभाअध्यक्षकोपत्रलिखकरआग्रहकियाहैकिकिसीभीनएसमूहकोमान्यतादेनेसेपहलेपार्टीकापक्षसुनाजाए. इससेस्पष्टहैकिपार्टीनेतृत्वइससंभावितसंकटकोलेकरसतर्कहै. राजनीतिकजानकारोंकामाननाहैकि‘ऑपरेशनटाइगर’ केवलछहसांसदोंकेपालाबदलनेकीकहानीनहींहै. इसकेकेंद्रमेंशिवसेनाकीविरासत, उद्धवठाकरेकानेतृत्व, एकनाथशिंदेकीबढ़तीराजनीतिकताकत, राष्ट्रीयजनतांत्रिकगठबंधनकीसंसदीयरणनीतिऔरमहाराष्ट्रकीबदलतीसत्तासंरचनाजैसेकईबड़ेमुद्देजुड़ेहुएहैं. फिलहालराजनीतिकहलकोंमेंनिगाहेंआनेवालेदिनोंकीघटनाओंपरटिकीहैं. यदियहअभियानअपनेतार्किकनिष्कर्षतकपहुंचताहै, तोइसेकेवलशिवसेनामेंएकऔरविभाजनकेरूपमेंनहीं, बल्किमहाराष्ट्रऔरराष्ट्रीयराजनीतिकोप्रभावितकरनेवालीबड़ीराजनीतिकघटनाकेरूपमेंयादकियाजासकताहै.

पलपल इंडिया 17 Jun 2026 8:50 pm

बंगालकीसियासतमेंभूचाल, पूर्वमंत्रीउदयनगुहागिरफ्तार, अभिषेकबनर्जीपरभ्रष्टाचारकेदोनएमामलेदर्ज

कोलकाता. पश्चिमबंगालकीराजनीतिमेंबुधवारकोबड़ाघटनाक्रमदेखनेकोमिला, जबतृणमूलकांग्रेसकेवरिष्ठनेताऔरराज्यसरकारकेपूर्वमंत्रीउदयनगुहाकोएककथितधोखाधड़ीमामलेमेंगिरफ्तारकरलियागया. वहींतृणमूलकांग्रेसकेराष्ट्रीयमहासचिवअभिषेकबनर्जीकेखिलाफभीभ्रष्टाचारसेजुड़ेदोनएमामलेदर्जकिएगएहैं. इनघटनाक्रमोंकेबादराज्यकीराजनीतिमेंहलचलतेजहोगईहैऔरसत्तारूढ़दलपरदबावबढ़तादिखाईदेरहाहै. पुलिसअधिकारियोंकेअनुसारउदयनगुहाकोबुधवारसुबहकोलकातास्थितउनकेआवाससेहिरासतमेंलियागयाऔरबादमेंगिरफ्तारकरलियागया. उन्हेंआगेकीपूछताछऔरजांचकेलिएकूचबिहारलेजायागया. पुलिसकाकहनाहैकिगिरफ्तारीएकधोखाधड़ीसंबंधीमामलेमेंकीगईहै, जिसकीजांचपहलेसेचलरहीथी. उदयनगुहापूर्वमुख्यमंत्रीममताबनर्जीकीसरकारमेंमंत्रीरहचुकेहैं. उनकीगिरफ्तारीकेसाथहीवेपूर्वसरकारकेचौथेऐसेमंत्रीबनगएहैंजिन्हेंविभिन्नमामलोंमेंगिरफ्तारकियागयाहै. इससेपहलेसुजीतबोस, उज्ज्वलविश्वासऔरदिलीपमंडलभीअलग-अलगमामलोंमेंकानूनप्रवर्तनएजेंसियोंकीकार्रवाईकासामनाकरचुकेहैं. मामलेकीशिकायतदिनहाटाकेएकव्यवसायीरूपमसाहानेदर्जकराईथी. शिकायतकर्ताकाआरोपहैकिनवजातशिशुओंकेलिएअस्पतालमेंविशेषसुविधास्थापितकरनेकेनामपरकईलोगोंसेधनएकत्रकियागयाथा. आरोपहैकिएकत्रकीगईराशिनिर्धारितउद्देश्यकेलिएउपयोगनहींकीगई. रूपमसाहानेदावाकियाकिउनसेपहले 50 हजाररुपयेकीमांगकीगईथी, बादमेंराशि 25 हजाररुपयेकरदीगई. उन्होंनेआरोपलगायाकिभुगतानकरनेकेबावजूदउन्हेंकेवल 10 हजाररुपयेकीरसीददीगईऔरपूरीरसीदमांगनेपरधमकायाभीगया. गिरफ्तारीकेबादउदयनगुहानेमीडियाकेसवालोंकाकोईजवाबनहींदिया. पुलिसअधिकारियोंकाकहनाहैकिमामलेसेजुड़ेसभीतथ्योंकीजांचकीजारहीहैऔरआवश्यकदस्तावेजोंकीपड़तालभीकीजाएगी. इसीबीचतृणमूलकांग्रेसकेराष्ट्रीयमहासचिवअभिषेकबनर्जीकीकानूनीमुश्किलेंभीबढ़गईहैं. उनकेखिलाफदोनएप्राथमिकीदर्जकीगईहैं. येदोनोंमामलेभारतीयजनतापार्टीकेनेताअभिजीतदासकीशिकायतोंकेआधारपरदर्जकिएगएहैं. अभिजीतदासपहलेडायमंडहार्बरलोकसभासीटसेचुनावलड़चुकेहैं. पहलामामलाकोलकाताकेनिकटजोकाक्षेत्रमेंसरकारीजमीनसेकथितरूपसेमिट्टीकीअवैधखुदाईऔरबिक्रीसेजुड़ाबतायाजारहाहै. यहमामलाकालीतला-आसूतिथानाक्षेत्रमेंदर्जकियागयाहै. दूसरामामलाबिश्नुपुरथानाक्षेत्रमेंदर्जहुआहै, जिसमेंवर्ष 2020 मेंआएअम्फानचक्रवातकेदौरानराहतकोषमेंकथितअनियमितताओंऔरधनकेदुरुपयोगकेआरोपलगाएगएहैं. अभिषेकबनर्जीहालकेदिनोंमेंकईजांचएजेंसियोंकेसमक्षपेशहोचुकेहैं. 14 और 16 जूनकोराज्यपुलिसकेआपराधिकजांचविभागनेउनसेअलग-अलगमामलोंमेंपूछताछकीथी. इनमेंकथितभड़काऊभाषणऔरहस्ताक्षरजालसाजीसेजुड़ेमामलेशामिलबताएगएहैं. इसकेअलावा 15 जूनकोप्रवर्तननिदेशालयनेभीउन्हेंराज्यकेसरकारीस्कूलोंमेंशिक्षकोंऔरगैर-शिक्षकीयकर्मचारियोंकीभर्तीमेंकथितअनियमितताओंसेजुड़ेमामलेमेंपूछताछकेलिएबुलायाथा. समाचारलिखेजानेतकअभिषेकबनर्जीकीओरसेइननएमामलोंपरकोईआधिकारिकप्रतिक्रियासामनेनहींआईथी. वहींतृणमूलकांग्रेसकीओरसेभीतत्कालकोईबयानजारीनहींकियागया. हालांकिराजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकिलगातारबढ़तीकानूनीचुनौतियांआनेवालेदिनोंमेंराज्यकीराजनीतिपरअसरडालसकतीहैं. उदयनगुहाकीगिरफ्तारीऔरअभिषेकबनर्जीकेखिलाफनएमामलोंकेदर्जहोनेसेपश्चिमबंगालकीराजनीतिमेंएकबारफिरआरोप-प्रत्यारोपकादौरतेजहोनेकेसंकेतमिलरहेहैं. अबसभीकीनजरजांचएजेंसियोंकीअगलीकार्रवाईऔरतृणमूलकांग्रेसकीआधिकारिकप्रतिक्रियापरटिकीहुईहै.

पलपल इंडिया 17 Jun 2026 6:50 pm

यूपीमेंयोगीबाबा, बंगालमेंशुभेंदुदादाऔरबिहारमेंसम्राट; अपराधियोंकोनेपालहीभागनापड़ेगा

पटना. बिहारकेमुख्यमंत्रीसम्राटचौधरीनेअपराधऔरकानून-व्यवस्थाकोलेकरबड़ाऔरतीखाबयानदियाहै. कहा, “अपराधियोंकेलिएबिहारमेंकोईजगहनहींहै. उन्हेंनेपालहीभागनाहोगा, क्योंकियूपीमेंयोगीबाबाबैठेहैं, पश्चिमबंगालमेंशुभेंदुअधिकारीदादाहैंऔरबिहारमेंसम्राटबैठाहै.” मुख्यमंत्रीकेइसबयानपरकार्यक्रमस्थलपरमौजूदलोगोंनेतालियांबजाकरप्रतिक्रियादी. वहींउनकेइसबयानकोलेकरराजनीतिकऔरसामाजिकहलकोंमेंभीचर्चाशुरूहोगईहै. मुख्यमंत्रीनेदावाकियाकिबिहारमेंअपराधियोंकेलिएअबकोईसुरक्षितजगहनहींबचीहैऔरयदिकोईअपराधीकार्रवाईसेबचनाचाहताहैतोउसेराज्यछोड़करनेपालभागनापड़ेगा. उनकेइसबयानकेबादराजनीतिकगलियारोंमेंचर्चातेजहोगईहै. अपनेसंबोधनमेंमुख्यमंत्रीसम्राटचौधरीनेकहाकिबिहारसरकारअपराधऔरअपराधियोंकेखिलाफजीरोटॉलरेंसकीनीतिपरकामकररहीहै. उन्होंनेकहाकिराज्यमेंकानूनकाराजस्थापितकरनासरकारकीसर्वोच्चप्राथमिकताओंमेंशामिलहैऔरइसीदिशामेंलगातारअभियानचलाएजारहेहैं. मुख्यमंत्रीनेकहाकिपुलिसऔरप्रशासनकोअपराधियोंकेखिलाफकड़ीकार्रवाईकरनेकीपूरीस्वतंत्रतादीगईहैतथाकिसीभीप्रकारकीआपराधिकगतिविधिकोबर्दाश्तनहींकियाजाएगा. मुख्यमंत्रीनेकहाकिराज्यसरकारअपराधनियंत्रणकोलेकरलगातारगंभीरप्रयासकररहीहै. संगठितअपराध, अवैधगतिविधियोंऔरकानूनव्यवस्थाकोचुनौतीदेनेवालेतत्वोंकेखिलाफविशेषअभियानचलाएजारहेहैं. उन्होंनेदावाकियाकिपुलिसलगातारअपराधियोंकीगिरफ्तारीकररहीहैऔरराज्यमेंअपराधकेमामलोंपरप्रभावीनियंत्रणस्थापितकरनेकेलिएव्यापकस्तरपरकार्रवाईकीजारहीहै. सम्राटचौधरीनेकहाकिसरकारकाउद्देश्यआमनागरिकोंकोसुरक्षितवातावरणउपलब्धकरानाहै. उन्होंनेकहाकिकानूनकाभयअपराधियोंमेंहोनाचाहिए, जबकिआमलोगोंकोसुरक्षाऔरविश्वासकामाहौलमिलनाचाहिए. मुख्यमंत्रीकेअनुसारराज्यमेंसुशासनऔरविकासकीयोजनाओंकोसफलबनानेकेलिएमजबूतकानून-व्यवस्थाआवश्यकहैऔरसरकारइसदिशामेंलगातारकार्यकररहीहै. अपनेसंबोधनकेदौरानमुख्यमंत्रीनेविपक्षपरभीनिशानासाधा. उन्होंनेआरोपलगायाकिकुछराजनीतिकदलऔरविपक्षीनेताबिहारकीकानून-व्यवस्थाकोलेकरगलततस्वीरपेशकरनेकाप्रयासकररहेहैं. मुख्यमंत्रीनेकहाकिवास्तविकस्थितियहहैकिअपराधियोंकेखिलाफलगातारकार्रवाईहोरहीहैऔरसरकारकिसीभीमामलेमेंढिलाईबरतनेकेपक्षमेंनहींहै. उन्होंनेकहाकिविपक्षकेआरोपोंकेबावजूदराज्यसरकारकानून-व्यवस्थाकोमजबूतकरनेऔरविकासकोगतिदेनेकेलिएप्रतिबद्धहै. मुख्यमंत्रीनेकहाकिबिहारमेंविकास, निवेशऔररोजगारकेअवसरबढ़ानेकेलिएसुरक्षितवातावरणजरूरीहै. इसलिएअपराधनियंत्रणऔरसुशासनदोनोंपरसमानरूपसेध्यानदियाजारहाहै. उन्होंनेविश्वासजतायाकिसरकारकीसख्तनीतिऔरप्रशासनिककार्रवाईकेकारणआनेवालेसमयमेंअपराधपरऔरप्रभावीनियंत्रणदेखनेकोमिलेगा. सम्राटचौधरीकायहबयानऐसेसमयमेंआयाहैजबकानून-व्यवस्थाऔरअपराधनियंत्रणकामुद्दाबिहारकीराजनीतिमेंलगातारचर्चाकाविषयबनाहुआहै. मुख्यमंत्रीकेइसबयानकोसरकारकीअपराधविरोधीनीतिकामजबूतसंदेशमानाजारहाहै, वहींविपक्षइसेलेकरराजनीतिकप्रतिक्रियादेनेकीतैयारीमेंभीजुटगयाहै.

पलपल इंडिया 17 Jun 2026 5:50 pm

कच्चे तेल की कीमते काम होने पर आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के शेयरों में आई तेजी

मुंबई, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेतों के बीच बुधवार को सरकारी तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली।

देशबन्धु 17 Jun 2026 5:38 pm

एक्स डाउन: यूजर्स ने आउटेज की रिपोर्ट की, ऐप और वेबसाइट पर लॉगिन और फीड में आईं दिक्कतें

एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) की सर्विस में बुधवार को रुकावट आई। सुबह करीब 8:30 बजे सर्विस ठप होने की सबसे अधिक शिकायतें मिलीं।

देशबन्धु 17 Jun 2026 4:13 pm

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक कर रहे सपाट कारोबार

मुंबई, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर आशावाद के कारण घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सपाट कारोबार करते दिखाई दिए।

देशबन्धु 17 Jun 2026 2:41 pm

फिर टूटेगी उद्धव ठाकरे की शिवसेना! सांसदों के पाला बदलने की अटकलें तेज, संजय राउत ने लगाया बड़ा आरोप

शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के संपर्क से बाहर होने और पाला बदलने की अटकलों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। संजय राउत ने सांसदों की खरीद-फरोख्त को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

देशबन्धु 17 Jun 2026 8:44 am

राम मंदिर चंदा विवाद के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ 19 जून को अयोध्या का दौरा करेंगे

राम मंदिर चंदे में कथित गबन को लेकर चल रहे विवाद के बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 19 जून को अयोध्या का प्रस्तावित दौरा चर्चा का विषय बन गया है।

देशबन्धु 17 Jun 2026 8:20 am

राजस्थान: भाजपा ने राहुल गांधी की कोटा यात्रा को बताया ‘राजनीतिक ड्रामा’

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल ने मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कोटा में छात्रों से प्रस्तावित संवाद को राजनीतिक ड्रामा करार दिया

देशबन्धु 17 Jun 2026 5:40 am

सपा शासन में था जंगलराज, योगी सरकार ने सुधारी कानून-व्यवस्था : जगदंबिका पाल

उत्तर प्रदेश में माफिया के खिलाफ जारी कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान का भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने समर्थन किया

देशबन्धु 17 Jun 2026 4:30 am

पीयूष गोयल ने फ्रांस में किया यूपीआई लॉन्च, भारतीय पर्यटकों के लिए डिजिटल भुगतान हुआ आसान

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस के नीस शहर में मशहूर गैलरीज लाफायेट में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) लॉन्च किया

देशबन्धु 17 Jun 2026 4:10 am

मंत्री अनिल कुमार का अखिलेश यादव से सवाल, सपा की सरकार में कितनी आईआईटी खुली थीं

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता, विकास और सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्‍होंने श्रीराम मंदिर के चढ़ावा विवाद के बाद एसआईटी के गठन को स्‍वागतयोग्‍य बताया है।

देशबन्धु 17 Jun 2026 1:40 am

किशाऊ परियोजना से हिमाचल को हर साल मिलेगी 100 करोड़ यूनिट बिजली: सीएम सुक्खू

हिमाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि वर्षों से लंबित किशाऊ बहु उद्देशीय बांध परियोजना को लेकर बड़ी सफलता मिली है

देशबन्धु 16 Jun 2026 11:30 pm

दिल्ली-राजस्थान को मिलेगा अतिरिक्त पानी, किशाऊ परियोजना पर राज्यों के बीच बनी सहमति

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यमुना के पुनर्जीवीकरण के बारे में वर्षों से लंबित 'किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना' पर संबंधित राज्यों में सहमति बन गई

देशबन्धु 16 Jun 2026 11:10 pm

हल्दीघाटी का युद्ध देशभक्ति का एक जीता-जागता प्रतीक है : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मेवाड़ की पवित्र धरती ने पूरी दुनिया को साहस, वीरता और स्वाभिमान का संदेश दिया है।

देशबन्धु 16 Jun 2026 11:00 pm

राम मंदिर दान चोरी पर प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं, ये भगवान राम के नाम पर सबसे बड़ा पाप

शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने राम दान चोरी मामले में गठित एसआईटी जांच को लेकर भाजपा पर निशाना साधा

देशबन्धु 16 Jun 2026 10:29 pm

आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री अनीता बोलीं, सरकार इसे सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध

आंध्र प्रदेश की गृह और आपदा प्रबंधन मंत्री वांगलापुड़ी अनीता ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार सार्वजनिक भागीदारी, पुलिस–जन सहयोग, तकनीक के उपयोग, पारदर्शी प्रशासन, तेज प्रतिक्रिया और सख्त कानून व्यवस्था के माध्यम से आंध्र प्रदेश को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

देशबन्धु 16 Jun 2026 10:26 pm

‘ऑपरेशन टाइगर’ का धमाका! उद्धव गुट में बगावत की आहट

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने की आहट है। सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के 9 सांसदों में से 6 सांसद दिल्ली पहुंच चुके हैं और बुधवार (17 जून) को लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर सकते हैं

देशबन्धु 16 Jun 2026 10:22 pm

भाजपामेंबड़ेसंगठनात्मकबदलावकीआहट, राजनाथसिंहकेआवासपरशाह-नड्डासमेतशीर्षनेताओंकीमैराथनबैठक

नईदिल्ली. भारतीयजनतापार्टीकेकेंद्रीयसंगठनमेंबड़ेफेरबदलकीअटकलोंकेबीचसोमवारकोराष्ट्रीयराजधानीदिल्लीमेंपार्टीकेशीर्षनेतृत्वकीएकअहमबैठकहुई. रक्षामंत्रीराजनाथसिंहकेसरकारीआवासपरआयोजितइसबैठकमेंकेंद्रीयगृहमंत्रीअमितशाह, भाजपाअध्यक्षनितिननवीन, केंद्रीयमंत्रीजेपीनड्डा, राष्ट्रीयमहासचिव (संगठन) बीएलसंतोषऔरराष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघ (आरएसएस) केवरिष्ठपदाधिकारीशामिलहुए. करीबचारघंटेसेअधिकसमयतकचलीइसबैठककोभाजपाकेआगामीसंगठनात्मकपुनर्गठनऔरराजनीतिकरणनीतिसेजोड़करदेखाजारहाहै. सूत्रोंकेअनुसारबैठकमेंभाजपाऔरआरएसएसकेबीचसमन्वयकीमहत्वपूर्णजिम्मेदारीनिभानेवालेवरिष्ठपदाधिकारीअरुणकुमारभीमौजूदरहे. केंद्रीयशिक्षामंत्रीधर्मेंद्रप्रधाननेभीबैठकमेंभागलिया. हालांकिबैठककेएजेंडेकोलेकरभाजपाकीओरसेकोईआधिकारिकजानकारीसाझानहींकीगईहै, लेकिनराजनीतिकगलियारोंमेंइसेपार्टीकेकेंद्रीयसंगठनमेंसंभावितबदलावोंकीदिशामेंमहत्वपूर्णकदममानाजारहाहै. भाजपासूत्रोंकाकहनाहैकिबैठकमेंसंगठनात्मकढांचेकोमजबूतबनाने, केंद्रीयपदाधिकारियोंकीनईटीमकेगठन, आगामीचुनावीरणनीतिऔरराज्योंमेंसंगठनविस्तारजैसेविषयोंपरविस्तृतचर्चाहुई. मानाजारहाहैकिपार्टीनेतृत्वआगामीचुनावीचुनौतियोंकोध्यानमेंरखतेहुएसंगठनकोनईऊर्जाऔरदिशादेनेकीतैयारीकररहाहै. जानकारीकेअनुसारजनवरीमेंभाजपाअध्यक्षकादायित्वसंभालनेवालेनितिननवीनकेनेतृत्वमेंपार्टीकीनईकेंद्रीयटीमकागठनलगभगअंतिमचरणमेंपहुंचचुकाहै. ऐसेसंकेतमिलरहेहैंकिइसीमहीनेनईटीमकीघोषणाकीजासकतीहै. पार्टीनेतृत्वसंगठनमेंअनुभवऔरयुवानेतृत्वकेबीचबेहतरसंतुलनस्थापितकरनेपरविशेषध्यानदेरहाहै. सूत्रोंकेमुताबिकनईटीममेंकईनएचेहरोंकोअवसरमिलसकताहै. पार्टीसंगठनकोअधिकसक्रिय, प्रभावीऔरचुनावीदृष्टिसेमजबूतबनानेकेलिएविभिन्नराज्योंसेऐसेनेताओंकोजिम्मेदारीदेनेपरविचारकियाजारहाहै, जिन्होंनेसंगठनात्मकस्तरपरउल्लेखनीयकार्यकियाहै. इसकेसाथहीकुछऐसेनेताओंकोभीसंगठनमेंमहत्वपूर्णभूमिकासौंपीजासकतीहैजोवर्तमानमेंसरकारमेंविभिन्नजिम्मेदारियोंकानिर्वहनकररहेहैं. भाजपाकेभीतरलंबेसमयसेकेंद्रीयटीममेंबदलावकीचर्चाचलरहीहै. पार्टीनेतृत्वकामाननाहैकिलगातारबदलतेराजनीतिकपरिदृश्यऔरआगामीचुनावोंकोदेखतेहुएसंगठनात्मकढांचेकोसमय-समयपरनईदिशादेनाआवश्यकहै. इसीरणनीतिकेतहतसंगठनमेंनईजिम्मेदारियोंकाबंटवाराऔरकार्यशैलीमेंबदलावकिएजानेकीसंभावनाजताईजारहीहै. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकियहबैठककेवलपदाधिकारियोंकेचयनतकसीमितनहींथी, बल्किइसमेंआगामीवर्षोंकीराजनीतिकरणनीतिपरभीचर्चाहुईहोगी. भाजपाअगलेकुछवर्षोंमेंकईमहत्वपूर्णचुनावोंकासामनाकरनेजारहीहै. ऐसेमेंसंगठनकोमजबूतऔरचुस्त-दुरुस्तबनानापार्टीनेतृत्वकीप्राथमिकतामानाजारहाहै. बैठकमेंआरएसएसकेप्रतिनिधियोंकीमौजूदगीकोभीविशेषमहत्वदियाजारहाहै. भाजपाऔरसंघकेबीचसंगठनात्मकसमन्वयकोपार्टीकीताकतमानाजाताहै. ऐसेमेंकेंद्रीयसंगठनमेंहोनेवालेसंभावितबदलावोंकोलेकरसंघकीरायऔरसुझावभीमहत्वपूर्णमानेजारहेहैं. यहीकारणहैकिबैठकमेंभाजपाऔरआरएसएसदोनोंपक्षोंकेवरिष्ठपदाधिकारीमौजूदरहे. सूत्रोंकायहभीकहनाहैकिसंगठनात्मकफेरबदलकेसाथ-साथविभिन्नमोर्चों, प्रकोष्ठोंऔरविभागोंमेंभीबदलावकिएजासकतेहैं. पार्टीऐसेनेताओंकोजिम्मेदारीदेनाचाहतीहैजोजमीनीस्तरपरसंगठनकोमजबूतकरनेमेंसक्षमहोंऔरविभिन्नसामाजिकवर्गोंतकपार्टीकीपहुंचकोऔरव्यापकबनासकें. भाजपानेतृत्वकाफोकसकेवलचुनावीजीततकसीमितनहींहै, बल्किसंगठनकेदीर्घकालिकविस्तारपरभीहै. इसीवजहसेनईटीमकेगठनमेंक्षेत्रीयसंतुलन, सामाजिकप्रतिनिधित्वऔरराजनीतिकअनुभवजैसेकईपहलुओंकोध्यानमेंरखाजारहाहै. पार्टीचाहतीहैकिसंगठनमेंऐसेचेहरेसामनेआएंजोनएमतदाताओंऔरयुवाओंकेबीचप्रभावीसंवादस्थापितकरसकें. राजनीतिकहलकोंमेंयहचर्चाभीहैकिकुछवरिष्ठनेताओंकोसंगठनमेंबड़ीजिम्मेदारीदेकरउन्हेंचुनावीप्रबंधनऔररणनीतिककार्योंमेंलगायाजासकताहै. वहींकुछनएऔरयुवानेताओंकोराष्ट्रीयस्तरपरअवसरदेकरपार्टीभविष्यकेनेतृत्वकोभीतैयारकरनाचाहतीहै. हालांकिभाजपाकीओरसेअभीतककिसीभीसंभावितफेरबदलकीआधिकारिकपुष्टिनहींकीगईहै, लेकिनराजनाथसिंहकेआवासपरहुईइसलंबीऔरउच्चस्तरीयबैठकनेराजनीतिकचर्चाओंकोतेजकरदियाहै. पार्टीकार्यकर्ताओंऔरनेताओंकीनिगाहेंअबनईकेंद्रीयटीमकीघोषणापरटिकीहुईहैं. यदिआनेवालेदिनोंमेंभाजपाअपनीनईकेंद्रीयसंगठनात्मकटीमकीघोषणाकरतीहै, तोउसेआगामीचुनावीरणनीतिऔरसंगठनात्मकविस्तारकेदृष्टिकोणसेबेहदमहत्वपूर्णमानाजाएगा. फिलहालयहस्पष्टहैकिभाजपानेतृत्वसंगठनकोनएस्वरूपमेंढालनेऔरभविष्यकीराजनीतिकचुनौतियोंकेलिएतैयारकरनेकीदिशामेंसक्रियरूपसेकामकररहाहै.

पलपल इंडिया 16 Jun 2026 6:50 pm

जी-7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका दिखा अलग थलग, दुनिया जता रही मोदी पर भरोसा

जी-7 शिखर सम्मेलन इस बार वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और व्यापार का मंच नहीं बल्कि बदलती विश्व व्यवस्था का आईना प्रतीत हुआ। फ्रांस में आयोजित इस सम्मेलन में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहुंचे तो उनके सामने वह यूरोप खड़ा था जो अब आंख मूंदकर वॉशिंगटन के पीछे चलने को तैयार नहीं दिखता। लंबे समय तक टैरिफ की धमकियां, कूटनीतिक दबाव, सार्वजनिक अपमान और अचानक फैसलों का सामना करने के बाद अब यूरोपीय देशों ने यह मान लिया है कि ट्रंप बदलती अमेरिकी सोच का स्थायी चेहरा हैं। यही कारण है कि इस बार जी-7 सम्मेलन पर सबसे गहरी छाया अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ती दूरी की रही। देखा जाये तो ईरान युद्ध के बाद पैदा हुई वैश्विक बेचैनी ने इस सम्मेलन को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। युद्धविराम की घोषणा के बावजूद तेल बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है, महंगाई को लेकर चिंता गहरा रही है और दुनिया की अर्थव्यवस्था फिर अनिश्चितता के मोड में पहुंचती दिखाई दे रही है। ट्रंप इस सम्मेलन में यह साबित करने पहुंचे कि उनकी आक्रामक और टकराव वाली विदेश नीति परिणाम दे रही है। वह चाहते हैं कि दुनिया अमेरिकी प्राथमिकताओं को स्वीकार करे, चाहे मामला व्यापार का हो, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का, सुरक्षा का या फिर चीन को घेरने की रणनीति का। लेकिन इस बार यूरोप का स्वर बदला हुआ है। वह अमेरिका के साथ तो रहना चाहता है, मगर उसकी हर बात पर सिर झुकाने को तैयार नहीं है। इसे भी पढ़ें: France पहुंचे PM Modi, G7 Summit में वैश्विक चुनौतियों पर दुनिया को दिखाएंगे रास्ता देखा जाये तो यूरोप के भीतर यह बदलाव अचानक नहीं आया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों वर्षों से यूरोप की रणनीतिक स्वायत्तता की वकालत करते रहे हैं। उनका तर्क साफ है कि यूरोप को अपनी सुरक्षा और अपने हितों की रक्षा के लिए हमेशा अमेरिका पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। इस बार सम्मेलन की मेजबानी कर रहे मैक्रों ने साफ शब्दों में कह दिया है कि यह ऐसा समय है जब अमेरिकी, रूसी और चीनी नेतृत्व यूरोप के हितों के खिलाफ खड़ा दिखाई देता है। इसलिए यूरोप को अब जागना होगा और अपने हितों की रक्षा खुद करनी होगी। हालांकि मैक्रों की रणनीति केवल विरोध की नहीं है। उन्होंने ट्रंप के साथ निजी संबंध बनाए रखने की भी भरपूर कोशिश की है। कभी एफिल टावर पर भोज, कभी सैन्य परेड में विशेष सम्मान और कभी नोट्रे डेम कैथेड्रल के पुनरोद्धार समारोह में आमंत्रण देकर उन्होंने ट्रंप को साधने की कोशिश की है। लेकिन ईरान युद्ध और ग्रीनलैंड विवाद के बाद यूरोप में ट्रंप विरोध चरम पर पहुंच गया। एक समय तो हालात ऐसे बन गए थे कि यूरोपीय नेताओं को लगने लगा कि ट्रंप डेनमार्क के अधीन ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए अमेरिकी सेना भेज सकते हैं। यह केवल एक भू-राजनीतिक विवाद नहीं था, बल्कि उस भरोसे के टूटने का प्रतीक था जिस पर दशकों से अटलांटिक गठबंधन टिका हुआ था। दरअसल, ग्रीनलैंड प्रकरण ने यूरोप को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि कहीं नाटो की सबसे बड़ी सैन्य ताकत ही उसके लिए सबसे बड़ा खतरा न बन जाए। यही कारण है कि अब यूरोपीय देशों में यह बहस तेज हो गई है कि अगर अमेरिका हर वैश्विक संकट में नेतृत्व नहीं करता या करना नहीं चाहता, तो आगे की दुनिया कैसी होगी। इस चिंता ने नाटो और अटलांटिक गठबंधन की नींव तक को हिला दिया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर भी इस बार दबाव में दिखे। घरेलू राजनीति में चुनौती झेल रहे स्टारमर को ईरान पर अमेरिकी हमलों का समर्थन न करने के कारण ट्रंप की नाराजगी का सामना करना पड़ा। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से ब्रिटेन का मजाक उड़ाया और उसे असहयोगी तक कह दिया। नतीजा यह हुआ कि ब्रेक्जिट के बाद अमेरिका के और करीब जाने की कोशिश कर रहा ब्रिटेन अब फिर यूरोप की ओर झुकता दिखाई दे रहा है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, जिन्हें कभी ट्रंप का स्वाभाविक सहयोगी माना जाता था, वह भी अब दूरी बनाती नजर आ रही हैं। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची इस सम्मेलन में पहली बार शामिल हुईं और उन्होंने अमेरिका, यूरोप तथा पश्चिम एशिया के बीच संवाद की कड़ी बनने की कोशिश की। साफ है कि दुनिया अब केवल अमेरिकी नेतृत्व पर निर्भर रहने की बजाय बहुध्रुवीय संतुलन की तरफ बढ़ रही है। देखा जाये तो ट्रंप की सबसे बड़ी चुनौती यह भी है कि वह निजी कूटनीति को सार्वजनिक तमाशे में बदल देते हैं। पिछले वर्ष नाटो प्रमुख मार्क रुटे के निजी संदेश सार्वजनिक कर उन्होंने यह दिखा दिया था कि यूरोपीय नेता निजी तौर पर अमेरिका के दबाव को स्वीकार करते हैं, भले ही सार्वजनिक मंचों पर विरोध का अभिनय करें। इस कारण अब यूरोपीय नेताओं के लिए संतुलन साधना और मुश्किल हो गया है। उन्हें अपने मतदाताओं को भी संतुष्ट रखना है और अमेरिका से रिश्ते भी नहीं बिगाड़ने हैं। इसी उथल पुथल के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी इस सम्मेलन में विशेष महत्व रखती है। जब पश्चिमी दुनिया भीतर से विभाजित दिखाई दे रही है, तब भारत एक ऐसे संतुलित और भरोसेमंद साझेदार के रूप में उभरा है जिस पर हर शक्ति केंद्र भरोसा करना चाहता है। मोदी ने रूस और अमेरिका दोनों से संबंध बनाए रखे, पश्चिम एशिया के संकटों में संतुलन साधा और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती से उठाया। यही वजह है कि आज दुनिया भारत को केवल एक बाजार नहीं, बल्कि स्थिर नेतृत्व वाली निर्णायक शक्ति के रूप में देख रही है। देखा जाये तो मोदी की कूटनीति की सबसे बड़ी ताकत यही है कि उन्होंने भारत को किसी एक खेमे में सीमित नहीं होने दिया। अमेरिका से रणनीतिक साझेदारी भी कायम रखी और रूस के साथ पुराने रिश्ते भी नहीं टूटने दिए। पश्चिम एशिया में भारत की स्वीकार्यता बनी रही और यूरोप के साथ आर्थिक तथा तकनीकी सहयोग भी लगातार बढ़ता गया। जी-7 जैसे मंचों पर मोदी की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि बदलती विश्व व्यवस्था में भारत केंद्र में आ चुका है। जब दुनिया अविश्वास, टकराव और अनिश्चितता से जूझ रही है, तब भारत संवाद, संतुलन और स्थिरता का चेहरा बनकर उभरा है। यही प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीतिक सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। बहरहाल, जी-7 शिखर सम्मेलन 2026 की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि गहरे मतभेदों और पश्चिमी देशों के भीतर बढ़ती अविश्वास की राजनीति के बावजूद संवाद की प्रक्रिया टूटी नहीं। ईरान संकट के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में पैदा हुए तनाव, तेल आपूर्ति को लेकर आशंकाओं और यूक्रेन युद्ध की लंबी खिंचती स्थिति के बीच सदस्य देशों ने कम से कम इस बात पर सहमति दिखाई कि बहुपक्षीय सहयोग को जिंदा रखना जरूरी है। सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वैश्विक आर्थिक असंतुलन, आपूर्ति श्रृंखला, महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षा और विकासशील देशों के कर्ज संकट जैसे मुद्दों पर साझा चर्चा आगे बढ़ी। यूरोप ने अपनी सामरिक स्वायत्तता का स्वर बुलंद किया, जबकि अमेरिका ने भी यह संकेत दिया कि यूरोपीय देशों को अपनी सुरक्षा जिम्मेदारियों में अधिक भागीदारी निभानी होगी। भारत, ब्राजील, केन्या और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की भागीदारी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि ग्लोबल साउथ को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकासशील देशों की आकांक्षाओं को मजबूती से उठाकर भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत किया। हालांकि सम्मेलन कई अहम मुद्दों पर ठोस नतीजे देने में विफल भी रहा। यूक्रेन युद्ध को लेकर कोई निर्णायक रोडमैप सामने नहीं आया, चीन को लेकर पश्चिमी देशों के भीतर मतभेद बने रहे और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर विषय को जानबूझकर पीछे कर दिया गया ताकि अमेरिका और यूरोप के बीच टकराव नहीं बढ़े। ईरान समझौते पर भी स्पष्टता का अभाव रहा और ट्रंप की आक्रामक शैली के कारण साझा घोषणापत्र को लेकर एकजुटता कमजोर दिखाई दी। कुल मिलाकर यह सम्मेलन उपलब्धियों से अधिक बदलती विश्व राजनीति के अंतर्विरोधों का प्रतीक बनकर सामने आया, जहां संवाद तो जारी रहा लेकिन भरोसे का संकट अब भी गहराता दिखाई दिया। -नीरज कुमार दुबे

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 5:59 pm

सार्वजनिक जीवन में विश्वास की पूंजी

विश्वास और भरोसा ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। सार्वजनिक जीवन में जन विश्वास गंवाने वाला व्यक्ति किसी योग्य नहीं रह जाता। हाल ही में भारतीय राजनीति में जन विश्वास से जुड़ी दो अहम घटनाएं घटित हुई। पहली घटना में एक नेता ने जन विश्वास की पूंजी खो दिया। वहीं दूसरी घटना में नेता ने जन विश्वास की पूंजी को सहेजा ही नहीं, बल्कि हर बीतते दिन के साथ उसमें वृद्धि भी की। पहली घटना 4 मई की है। इस दिन जन विश्वास खो चुकी तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष एवं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। तृणमूल और ममता से नाराजगी का आलम यह था कि स्वयं ममता बनर्जी अपनी सीट हार गई। आज ममता बनर्जी और उनकी पार्टी की जो दुर्दशा हो रही है, उसकी जिम्मेदार कोई दूसरा नहीं बल्कि वह स्वयं और उनके कर्म ही हैं। इसे भी पढ़ें: Bengal में LoP पद पर संग्राम, विधानसभा Speaker के खिलाफ High Court पहुंचीं ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के विधायक और सांसद अपना अलग गुट बना चुके हैं। स्वतंत्र भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में ऐसा कोई दूसरा उदाहरण मिलना मुश्किल है, जब किसी राजनीतिक दल का इतनी तेजी से विघटन हुआ हो। या किसी नेता की तथाकथित साख चुनाव हारने के चंद दिनों में ही औंधे मुंह गिरी हो। सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी को मंदिर जाने की याद आई। कालीबाड़ी दर्शन करने पहुंची ममता बनर्जी को लोगों ने पूरी तरह अनदेखा किया। डेढ दशक तक सूबे का मुख्यमंत्री रहने वाले नेता की जनता इस हद तक उपेक्षा करे, तो यह सिर्फ चुनावी हार नहीं, जनविश्वास के टूटने का संकेत होता है। तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से आजिज जनता आज उसके नेताओं का अंडे, टमाटर, जूते और मार कुटाई से सत्कार कर रही है। तृणमूल के नेताओं को देखकर चोर-चोर के नारे लगाए जा रहे हैं। ये वो लोग है जो पिछले 15 वर्षों से तृणमूल नेताओं की तानाशाही, गुण्डागर्दी और अत्याचार चुपचाप सह रहे थे। तृणमूल नेताओं के प्रति जनता का व्यवहार उनके स्वाभाविक क्रोध, कुंठा, निराशा और हताशा का परिणाम है। ममता सरकार के डेढ़ दशक के शासन के दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं की हत्या व अपहरण, पोलिंग एजेंटों की पिटाई, बमबाजी, गोलीबारी, बूथों में तोड़फोड़, वोटों की लूट, प्रत्याशियों व उनके परिवार के सदस्यों को धमकियां, ये सब बंगाल में आम बातें हो चुकीं थीं। भाजपा के अपने अनुमानों के अनुसार, 2021 में विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुई हिंसा में टीएमसी के गुंडों ने 300 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की थी। तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कानून व व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा था कि, राज्य में लोकतंत्र सांस नहीं ले पा रहा है। मुख्यमंत्री और प्रशासन मूक दर्शक बने हुए हैं। दूसरी घटना 10 जून को घटित हुई। इस दिन नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप में 4,399 दिन पूरे किए, जो देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में पूरे किए गए 4,398 दिन के कार्यकाल से ज्यादा है। इस तरह जनविश्वास, सुशासन और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक बनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए। यह सिर्फ रिकॉर्ड नहीं, 140 करोड़ भारतीयों के अटूट विश्वास की जीत है। 2014 में देश ने उत्साह और अटूट विश्वास के साथ नरेंद्र मोदी को अपना प्रधानमंत्री चुना था, लेकिन उन्होंने स्वयं को हमेशा एक प्रधानसेवक माना। इसी रूप में वे अपना राष्ट्रधर्म निभाते हुए विकसित भारत के निर्माण में जुटे हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प के साथ उन्होंने समाज के हर वर्ग का विश्वास जीता है। उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का एहसास कराया है। विपक्ष के लगातार मिथ्या प्रचार, व्यक्तिगत हमलों, यहां तक की अपशब्द देने के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी अहर्निशं जनसेवा में जुटे हैं। देश की जनता उन पर भरोसा करती है, जनता को विश्वास है मोदी के रहते उनका अहित नहीं होगा। इसलिए वो लगातार तीसरी बार उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी सहर्ष सौंपती है। जब विश्वास टूटता है तो बड़े से बड़े नेता और व्यक्ति अर्श से फर्श पर आ जाता है। भारतीय राजनीति में इंदिरा गांधी का बड़ा कद था। लेकिन अपनी सत्ता बचाने के लिए 1975 को इमरजेंसी लगाने के बाद जनता का विश्वास इंदिरा गांधी से टूट गया। 1977 के आम चुनाव में कांग्रेस को ऐतिहासिक हार का मुंह देखना पड़ा। इंदिरा का घमंड चूर चूर हो गया, और देश में आजादी के बाद पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ। उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, उड़ीसा में बीजू जनता दल, दिल्ली में आम आदमी पार्टी तमाम ऐसे उदाहरण ऐसे हैं, जब जनता ने इन दलों पर विश्वास करके सत्ता के सिंहासन पर बैठाया। लेकिन जब ये नेता विश्वास और उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे तो, जनता ने इन्हें इनको आसमान से जमीन पर पटकने में देरी नहीं की। तमिलनाडु में विश्वास ही तो खत्म हुआ होगा, तभी तो वहां की जनता ने सत्तारूढ़ डीएमके को हटाकर अभिनेता चंद्रशेखरन जोसेफ विजय की नयी नवेली पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम यानी टीवीके को सत्ता की कुंजी सौंप दी। वहीं कई ऐसे उदाहरण भी हैं, जहां विश्वास के चलते जनता ने बार बार जीत का आशीष दिया। गुजरात में बीते 31 और मध्य प्रदेश 21 साल से भाजपा की सरकार है। इतने लंबे समय तक विश्वास और सेवा किये बिना कोई नेता या दल सत्ता या लोगों के दिलों में नहीं रह सकता। किसी जमाने में हरियाणा में भाजपा कोई बड़ी शक्ति नहीं थी। बामुश्किल उसके दो या तीन विधायक ही जीतते थे। लेकिन विश्वास और जनसेवा की बदौलत ही पिछले 12 वर्षों से हरियाणा में भाजपा की सरकार सत्ता में है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में मिथक था कि यहां कोई सरकार दोबारा रिपीट नहीं करती। 2017 में भाजपा को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कृतित्व एवं व्यक्तित्व से सरकार और शासन के प्रति जनता के विश्वास को लगातार बढ़ाने का काम किया। नतीजा उत्तर प्रदेश की राजनीति में 37 साल पुराना यह मिथक 2022 के विधानसभा चुनाव में टूट गया। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी कर लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भाजपा सरकार पिछले नौ साल से लगातार जनसेवा में जुटी है। जीवन की सबसे बड़ी पूंजी पद नहीं, बल्कि विश्वास होता है। यह विश्वास किसी नेता, राजनीतिक दल या किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी है। यह विश्वास बना रहना ही चाहिए। और जिस दिन यह विश्वास टूटता है, उस दिन नतीजे वैसे ही होते हैं, जैसे 4 मई को पश्चिम बंगाल में ईवीएम से निकले। हारने वाला कुंठा, निराशा और हताशा में भले ही इसे वोट की लूट बताता रहे, लेकिन ये वोट की नहीं बल्कि दिल की लूट होती है। इसलिए व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में विश्वास बनाए रखें। - डॉ. आशीष वशिष्ठ (लेखक-पत्रकार)

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 5:54 pm

फिरसियासीभूचालकीआहट, उद्धवठाकरेके 16 विधायकऔर 7 सांसदोंपरनजर, शिंदेगुटकेदावोंसेबढ़ीहलचल

मुंबई. महाराष्ट्रकीराजनीतिमेंएकबारफिरबड़ेराजनीतिकघटनाक्रमकीअटकलेंतेजहोगईहैं. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुखउद्धवठाकरेकेनेतृत्ववालीपार्टीमेंसंभावितटूटकोलेकरचर्चाओंकाबाजारगर्महै. दावाकियाजारहाहैकिउद्धवगुटकेकरीब 16 विधायकऔर 7 सांसदएकनाथशिंदेकेनेतृत्ववालीशिवसेनाकेसंपर्कमेंहैं. हालांकिइनदावोंकीअबतककोईआधिकारिकपुष्टिनहींहुईहै, लेकिनलगातारसामनेआरहेराजनीतिकसंकेतोंनेराज्यकीसियासतकोगरमादियाहै. रविवारकोमातोश्रीमेंउद्धवठाकरेद्वारालोकसभासांसदोंकीबुलाईगईबैठककेबादइनचर्चाओंनेऔरजोरपकड़लिया. राजनीतिकगलियारोंमेंयहसवालउठनेलगाकिक्यावास्तवमेंपार्टीकेसभीसांसदनेतृत्वकेसाथमजबूतीसेखड़ेहैंयाफिरअंदरहीअंदरअसंतोषबढ़रहाहै. बैठककेबादविभिन्नराजनीतिकहलकोंमेंइसबातकीचर्चाशुरूहोगईकिआनेवालेदिनोंमेंमहाराष्ट्रकीराजनीतिमेंबड़ाउलटफेरदेखनेकोमिलसकताहै. सूत्रोंकेमुताबिकशिवसेना (यूबीटी) केकुछसांसदऔरविधायकपार्टीकीवर्तमानकार्यशैलीऔरनेतृत्वसेअसंतुष्टबताएजारहेहैं. हालांकिइनमेंसेकिसीभीनेतानेसार्वजनिकरूपसेनाराजगीव्यक्तनहींकीहै, लेकिनराजनीतिकचर्चाओंमेंयहदावाकियाजारहाहैकिकईनेतावैकल्पिकराजनीतिकसंभावनाओंपरविचारकररहेहैं. उद्धवठाकरेनेसांसदोंकीबैठककेदौरानकथिततौरपरस्पष्टसंदेशदियाकियदिकिसीकोपार्टीछोड़करजानाहैतोवहजासकताहैऔरइससेसंगठनकमजोरनहींहोगा. सूत्रोंकेअनुसारउन्होंनेयहभीकहाकिसमयबदलनेपरपार्टीछोड़नेवालोंकाराजनीतिकहिसाबभीकियाजाएगा. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकियहबयानपार्टीकेभीतरचलरहीसंभावितअसंतोषकीचर्चाओंकेसंदर्भमेंकाफीमहत्वपूर्णमानाजारहाहै. उधरपिछलेकुछदिनोंसेमहाराष्ट्रकीराजनीतिमें‘ऑपरेशनटाइगर’ नामकराजनीतिकअभियानकीचर्चालगातारहोरहीहै. विपक्षीखेमेमेंयहचर्चाहैकिएकनाथशिंदेकेनेतृत्ववालीशिवसेनाउद्धवगुटकेनेताओंकोअपनेसाथलानेकेप्रयासमेंजुटीहुईहै. बतायाजारहाहैकिदोनोंपक्षोंकेनेताओंकेबीचदिल्लीऔरमुंबईमेंकईस्तरोंपरबातचीतभीहुईहै. हालांकिइनदावोंकोलेकरकोईआधिकारिकदस्तावेजयापुष्टिसामनेनहींआईहै. केंद्रीयमंत्रीऔरशिंदेगुटकेवरिष्ठनेताप्रतापरावजाधवनेभीइसबहसकोहवादेतेहुएकहाकिउद्धवगुटकेकईसांसदऔरविधायकपार्टीकेभीतरकीस्थितिसेसंतुष्टनहींहैं. उन्होंनेदावाकियाकिकईनेताओंकोलगताहैकिउनपरलगातारसंदेहकियाजाताहैऔरउन्हेंसंगठनमेंपहलेजैसीप्राथमिकतानहींमिलरहीहै. हालांकिउन्होंनेयहभीकहाकिसंपर्कमेंहोनेकाअर्थयहनहींहैकिकोईनेतातुरंतपार्टीबदलनेजारहाहै. राजनीतिकजानकारोंकामाननाहैकियदिशिंदेगुटवास्तवमेंबड़ीसंख्यामेंसांसदोंऔरविधायकोंकोअपनेसाथलानेमेंसफलहोताहैतोयह 2022 कीबगावतकेबादउद्धवठाकरेकेलिएदूसराबड़ाराजनीतिकझटकासाबितहोसकताहै. गौरतलबहैकि 2022 मेंएकनाथशिंदेकेनेतृत्वमेंहुएविद्रोहनेशिवसेनाकोदोहिस्सोंमेंबांटदियाथाऔरराज्यकीसत्ताकापूरासमीकरणबदलगयाथा. हालांकिउद्धवठाकरेगुटनेटूटकीसभीअटकलोंकोसिरेसेखारिजकरदियाहै. पार्टीकेवरिष्ठनेताऔरसांसदअरविंदसावंतनेकहाकिसभीसांसदपूरीतरहसेपार्टीनेतृत्वकेसाथहैंऔरटूटकीखबरेंकेवलराजनीतिकअफवाहेंहैं. उन्होंनेचुनौतीदेतेहुएकहाकियदिसातसांसदपार्टीछोड़नेवालेहैंतोउनकेनामसार्वजनिककिएजाएं. सावंतनेदावाकियाकिशिवसेना (यूबीटी) पूरीतरहएकजुटहैऔरपार्टीमेंकिसीप्रकारकासंकटनहींहै. दूसरीओरशिंदेगुटकीनेताशाइनाएनसीनेभी‘ऑपरेशनटाइगर’ कोलेकरचलरहीचर्चाओंकोखारिजकियाहै. उन्होंनेकहाकिउनकीपार्टीकिसीभीसंगठनकोतोड़नेकीराजनीतिमेंविश्वासनहींरखती. उनकेअनुसारमुख्यमंत्रीएकनाथशिंदेकीविकासआधारितराजनीतिऔरजनस्वीकृतिकेकारणविभिन्नदलोंकेनेतास्वेच्छासेउनकेसाथजुड़नाचाहतेहैं. उन्होंनेकहाकिमहाराष्ट्रमेंकिसीप्रकारका‘ऑपरेशनटाइगर’ नहींबल्किविकासऔरप्रगतिकाअभियानचलरहाहै. फिरभीराजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकिलगातारउठरहेसवालऔरनेताओंकेबयानोंसेयहस्पष्टहैकिमहाराष्ट्रकीराजनीतिमेंअंदरखानेकुछनकुछगतिविधियांजरूरचलरहीहैं. खासकरआगामीस्थानीयनिकायचुनावोंऔरभविष्यकीराजनीतिकरणनीतियोंकोदेखतेहुएविभिन्नदलअपनेसंगठनात्मकढांचेकोमजबूतकरनेमेंजुटेहुएहैं. फिलहालस्थितिपूरीतरहदावोंऔरप्रतिदावोंकेबीचबनीहुईहै. एकओरशिंदेगुटकेनेताओंकेबयानराजनीतिकहलचलकोबढ़ारहेहैंतोदूसरीओरउद्धवठाकरेकाखेमापार्टीकीएकजुटताकादावाकररहाहै. ऐसेमेंआनेवालेकुछदिनमहाराष्ट्रकीराजनीतिकेलिएबेहदमहत्वपूर्णमानेजारहेहैं. यदिचर्चाओंकेअनुरूपकोईबड़ाराजनीतिकघटनाक्रमसामनेआताहैतोराज्यकीराजनीतिमेंएकबारफिरबड़ाबदलावदेखनेकोमिलसकताहै. वहींयदिसभीविधायकऔरसांसदउद्धवठाकरेकेसाथबनेरहतेहैंतोयहउनकेनेतृत्वकेलिएबड़ीराहतहोगी. फिलहालमहाराष्ट्रकीराजनीतिमेंनिगाहेंअगलेकुछदिनोंपरटिकीहैं, जहांहरबयानऔरहरराजनीतिकगतिविधिकोबेहदध्यानसेदेखाजारहाहै.

पलपल इंडिया 16 Jun 2026 4:50 pm

2027 कीजंगसेपहलेमायावतीका OBC दांव, ‘आयरनलेडी’बनकर 2007 वालाकरिश्मादोहरानेकीतैयारी

लखनऊ. उत्तरप्रदेशविधानसभाचुनाव 2027 कीसियासीसरगर्मियांतेजहोनेलगीहैंऔरइसीबीचबहुजनसमाजपार्टीप्रमुखमायावतीनेऐसाराजनीतिकदांवचलाहै, जिसनेप्रदेशकीराजनीतिमेंनईहलचलपैदाकरदीहै. पार्टीकीअहमबैठककेबादजारीसंदेशमेंमायावतीनेखुदकोएकबारफिर‘आयरनलेडी’ केरूपमेंपेशकरतेहुएओबीसीसमाजकोसाधनेकीकोशिशकीहै. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकिबसपासुप्रीमोकायहकदमकेवलएकबयाननहीं, बल्कि 2007 मेंमिलीऐतिहासिकजीतकेफॉर्मूलेकोदोबाराजमीनपरउतारनेकीरणनीतिहै. मायावतीनेअपनेसंबोधनमेंकहाकिपिछड़ावर्ग, दलितऔरअन्यवंचितसमाजकावास्तविकहितबसपाशासनमेंहीसुरक्षितरहाहै. उन्होंनेदावाकियाकिउनकेमुख्यमंत्रीरहतेहुएओबीसीवर्गकोसम्मान, भागीदारीऔरअधिकारमिले, जबकिअन्यदलोंनेकेवलवोटबैंककीराजनीतिकी. इसीदौरानउन्होंनेस्वयंको‘आयरनलेडी’ बतातेहुएअपनेशासनकालकीसख्तप्रशासनिकछविकोभीसामनेरखा. राजनीतिकजानकारोंकेअनुसारमायावतीका‘आयरनलेडी’ वालासंदेशकेवलव्यक्तिगतछविनिर्माणतकसीमितनहींहै. इसकेजरिएवहप्रदेशकीजनताको 2007 से 2012 केउसकार्यकालकीयाददिलानाचाहतीहैं, जबकानून-व्यवस्थाऔरप्रशासनिकनियंत्रणकोलेकरउनकीसरकारकीअलगपहचानबनीथी. बसपासुप्रीमोयहसंदेशदेनाचाहतीहैंकिमजबूतनेतृत्वऔरकठोरप्रशासनदेनेकीक्षमताआजभीउनकेपासहै. अपनेभाषणमेंमायावतीनेवर्ष 2007 काविशेषउल्लेखकिया. उन्होंनेकहाकिउसीचुनावमेंओबीसीसमाजकेव्यापकसमर्थनसेबसपाकोपूर्णबहुमतमिलाथा. राजनीतिकदृष्टिसेयहबयानबेहदमहत्वपूर्णमानाजारहाहैक्योंकि 2007 काचुनावउत्तरप्रदेशकीराजनीतिमेंसामाजिकइंजीनियरिंगकासबसेसफलप्रयोगमानाजाताहै. उससमयदलित, पिछड़ाऔरसवर्णवर्गकेएकहिस्सेकेसमर्थननेबसपाकोअपनेदमपरसत्तातकपहुंचायाथा. पिछलेकुछचुनावोंमेंबसपाकाजनाधारकमजोरहुआहैऔरउसकापारंपरिकवोटबैंकभीकईहिस्सोंमेंबंटतादिखाईदियाहै. ऐसेमेंमायावतीएकबारफिरदलितऔरओबीसीगठजोड़कोमजबूतकरअपनेराजनीतिकआधारकोपुनर्जीवितकरनेकीकोशिशकररहीहैं. विशेषरूपसेगैर-यादवपिछड़ावर्गकोलेकरउनकीसक्रियताबढ़तीदिखाईदेरहीहै. मायावतीनेअपनेसंबोधनमेंआरक्षणकामुद्दाभीजोरदारतरीकेसेउठाया. उन्होंनेआरोपलगायाकिशिक्षाऔरसरकारीनौकरियोंमेंओबीसीवर्गकोमिलनेवाले 27 प्रतिशतआरक्षणकोधीरे-धीरेकमजोरकियाजारहाहै. उनकेइसबयानकोभाजपाऔरविपक्षीगठबंधनदोनोंपरएकसाथहमलामानाजारहाहै. बसपाप्रमुखकाप्रयासहैकिपिछड़ावर्गकेबीचयहसंदेशजाएकिउनकेअधिकारोंऔरहिस्सेदारीकीसबसेमुखरआवाजबसपाहीउठारहीहै. राजनीतिकविश्लेषकोंकामाननाहैकियहरणनीतिसीधेतौरपरभाजपाकेउसवोटबैंककोप्रभावितकरनेकीकोशिशहै, जिसमेंगैर-यादवओबीसीसमुदायकीबड़ीभूमिकारहीहै. मौर्य, कुर्मी, सैनी, शाक्य, लोधऔरअन्यपिछड़ीजातियांपिछलेकईचुनावोंमेंभाजपाकेसाथमजबूतीसेखड़ीरहीहैं. ऐसेमेंमायावतीकानयाअभियानभाजपाकेलिएचुनौतीबनसकताहै. दूसरीओर, समाजवादीपार्टीऔरकांग्रेसद्वाराआगेबढ़ाएजारहेपीडीएयानीपिछड़ा, दलितऔरअल्पसंख्यकसमीकरणकोभीबसपाकीनईरणनीतिसेझटकालगसकताहै. सपाप्रमुखअखिलेशयादवलगातारपीडीएकोचुनावीआधारबनानेकीकोशिशकररहेहैं. लेकिनयदिदलितऔरअति-पिछड़ावर्गकाएकहिस्साबसपाकीओरलौटताहैतोविपक्षीवोटोंकाबिखरावबढ़सकताहै. मायावतीनेअपनेकार्यकर्ताओंकोभीनयाराजनीतिकसंदेशदिया. उन्होंनेकहाकिकेवलदूसरीपार्टियोंकीआलोचनाकरनेसेकोईलाभनहींहोगा. कार्यकर्ताओंकोसमाजकेबीचजाकरयहसंदेशदेनाहोगाकिदलित, पिछड़ाऔरशोषितवर्गसत्ताकी‘मास्टरचाबी’ अपनेहाथमेंलेकरहीवास्तविकपरिवर्तनलासकताहै. उन्होंनेसमर्थकोंसे 2027 में‘शासकवर्ग’ बननेकालक्ष्यलेकरआगेबढ़नेकाआह्वानकिया. यहबयानबसपाकीपारंपरिकबहुजनराजनीतिकीयाददिलाताहै, जिसमेंसामाजिकरूपसेवंचितवर्गोंकोकेवलवोटरनहींबल्किसत्ताकेकेंद्रमेंपहुंचानेकीबातकहीजातीरहीहै. ‘शासकवर्ग’ कानाराउसीराजनीतिकसोचकाविस्तारमानाजारहाहै. राजनीतिकपर्यवेक्षकोंकेअनुसारमायावतीकायहपूराअभियानसंकेतदेताहैकिबसपा 2027 केचुनावकोत्रिकोणीयबनानेकीतैयारीमेंहै. पार्टीअबकेवलअपनेपारंपरिकवोटबैंकपरनिर्भररहनेकेबजायपिछड़ेवर्गोंमेंनईपैठबनानेकाप्रयासकररहीहै. यदिबसपादलितोंकेसाथओबीसीवर्गकेप्रभावीहिस्सेकोजोड़नेमेंसफलहोतीहैतोउत्तरप्रदेशकीराजनीतिमेंसमीकरणपूरीतरहबदलसकतेहैं. फिलहालमायावतीकेइसनएराजनीतिकअभियाननेभाजपा, समाजवादीपार्टीऔरकांग्रेसतीनोंकीरणनीतियोंपरअसरडालनाशुरूकरदियाहै. आनेवालेमहीनोंमेंयहस्पष्टहोगाकि‘आयरनलेडी’ कीछविऔर 2007 केसोशलइंजीनियरिंगमॉडलकायहनयासंस्करणबसपाकोकितनाराजनीतिकलाभदिलापाताहै. लेकिनइतनातयहैकिउत्तरप्रदेशकीचुनावीराजनीतिमेंमायावतीनेएकबारफिरखुदकोकेंद्रमेंलानेकीकोशिशतेजकरदीहैऔरउनकेइसदांवने 2027 कीसियासीलड़ाईकोऔरदिलचस्पबनादियाहै.

पलपल इंडिया 16 Jun 2026 3:50 pm

E20 ईंधन को लेकर बड़ा बयान: इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने का दावा गलत :केंद्र

ई20 ईंधन के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंश्योरेंस क्लेम खारिज होने के दावे को पीआईबी ने मंगलवार को फर्जी बताया। साथ ही कहा कि ई20 ईंधन के उपयोग के बाद भी मोटर वाहन की इंश्योरेंस पॉलिसी पूरी तरह से वैध रहेगी।

देशबन्धु 16 Jun 2026 3:41 pm

मई में थोक महंगाई 9.68 प्रतिशत रही, सरकार ने 2022-23 आधार वर्ष के साथ नई डब्ल्यूपीआई सीरीज लॉन्च की

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को 2022-23 को नया आधार वर्ष मानते हुए संशोधित थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) सीरीज लॉन्च की, साथ ही मंत्रालय ने बताया कि मई में थोक महंगाई दर 9.68 प्रतिशत दर्ज की गई।

देशबन्धु 16 Jun 2026 3:10 pm

अदाणी के नवी मुंबई और गुवाहाटी एयरपोर्ट को मिला वैश्विक सम्मान, खूबसूरत डिजाइन और टिकाऊ विकास के लिए मिली पहचान

अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) ने वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। कंपनी के दो एयरपोर्ट्स को प्रतिष्ठित 'प्रिक्स वर्साय वर्ल्ड्स मोस्ट ब्यूटीफुल एयरपोर्ट्स लिस्ट 2026' में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि कंपनी विश्वस्तरीय विमानन अवसंरचना विकसित करने पर जोर दे रही है, जो आर्थिक विकास, पर्यटन और क्षेत्रीय प्रगति में योगदान दे रही है।

देशबन्धु 16 Jun 2026 2:58 pm

मुनाफा वसूली के बाद सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट

मुंबई, लगातार दो सत्रों की तेजी के बाद सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली।

देशबन्धु 16 Jun 2026 2:12 pm

Ethanol Fuel आपकी गाड़ी की उम्र घटाएगा या पैसा बचाएगा? E-100 पर आखिर इतना बड़ा दाँव क्यों लगा रही है मोदी सरकार?

भारत अब पेट्रोल और डीजल पर निर्भर अर्थव्यवस्था से निकलकर वैकल्पिक ईंधन की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने E-100 ईंधन के मानकों को मंजूरी देकर देश की ऊर्जा नीति में एक नई बहस और नई उम्मीद दोनों को जन्म दिया है। इस फैसले के बाद इथेनॉल आधारित परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकार, वाहन कंपनियों और ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में यही ईंधन भारत को कच्चे तेल के वैश्विक झटकों से बचाने का मजबूत आधार बन सकता है। पेट्रोल का खेल खत्म? सरकार लाई E-100 ईंधन का मास्टर प्लान हम आपको बता दें कि E-100 ऐसा ईंधन है जिसमें लगभग सौ प्रतिशत इथेनॉल होता है और पारंपरिक पेट्रोल की मिलावट नहीं के बराबर रहती है। इथेनॉल गन्ना, मक्का, खराब अनाज और कृषि अपशिष्ट जैसे स्रोतों से तैयार किया जाता है। अभी देश में E-20 मिश्रण वाला पेट्रोल इस्तेमाल हो रहा है जिसमें बीस प्रतिशत इथेनॉल और अस्सी प्रतिशत पेट्रोल होता है। लेकिन E-100 पूरी तरह इथेनॉल आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ने का संकेत है। इसे भी पढ़ें: सही कहा था Modi ने... एक एक बूंद पानी के लिए तरस रहा Pakistan, नहरें सूखीं, खेत बंजर हो रहे, शहरों में भी जल संकट तेल संकट से बचने का भारत का नया हथियार! मोदी सरकार की नजर सिर्फ पर्यावरण पर नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था और रणनीतिक सुरक्षा पर भी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से कच्चे तेल के रूप में खरीदता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ते ही देश का आयात बिल और महंगाई दोनों बढ़ जाती हैं। ऐसे में सरकार इथेनॉल आधारित ईंधन को ऊर्जा आत्मनिर्भरता का रास्ता मान रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के कारण अब तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के कच्चे तेल आयात की बचत हुई है, जबकि किसानों को लगभग अस्सी हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय मिली है। ऊर्जा विशेषज्ञ भी इसे भारत की दीर्घकालिक रणनीति का अहम हिस्सा मान रहे हैं। केपीएमजी की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इथेनॉल आधारित बदलाव भारत के परिवहन ऊर्जा ढांचे को मजबूत बना सकता है और वैश्विक तेल संकटों से देश को बचाने में मददगार साबित हो सकता है। देखा जाये तो E-100 ईंधन की सबसे बड़ी ताकत यह है कि इससे किसानों की भूमिका सीधे ऊर्जा अर्थव्यवस्था से जुड़ जाएगी। गन्ना और मक्का जैसी फसलों की मांग बढ़ेगी तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया सहारा मिलेगा। लंबे समय से खेती में लागत और लाभ के संकट से जूझ रहे किसानों के लिए यह अतिरिक्त आय का नया रास्ता बन सकता है। सरकार इसी वजह से इसे कृषि और ऊर्जा दोनों क्षेत्रों के लिए दोहरा लाभ मान रही है। हालांकि सवाल यह भी है कि क्या E-100 पेट्रोल की पूरी तरह जगह ले सकता है। जवाब है, हां लेकिन तुरंत नहीं। देश की करोड़ों गाड़ियां अभी पारंपरिक पेट्रोल या E-20 ईंधन के हिसाब से बनी हैं। उन्हें सीधे E-100 पर चलाना संभव नहीं है। इथेनॉल का व्यवहार पेट्रोल से अलग होता है। इससे इंजन की संरचना, फ्यूल पंप, इंजेक्टर और पाइप लाइन तक में बदलाव करना पड़ता है। यही वजह है कि अब वाहन कंपनियां विशेष फ्लेक्स फ्यूल तकनीक वाले वाहन विकसित कर रही हैं। मारुति सुजूकी ने वैगन आर का फ्लेक्स फ्यूल मॉडल पेश कर संकेत दे दिया है कि कम कीमत वाली जनसाधारण की गाड़ियां भी इथेनॉल आधारित तकनीक पर लाई जा सकती हैं। इसके अलावा टोयोटा, एमजी, हुंडई और सुजुकी भी ऐसे उत्पादों पर काम कर रही हैं। दोपहिया क्षेत्र में हीरो मोटोकॉर्प ने स्प्लेंडर और एच एफ डीलक्स के फ्लेक्स फ्यूल संस्करण सामने रखे हैं। इससे साफ है कि उद्योग जगत अब इस बदलाव को गंभीरता से लेने लगा है। गन्ने से बनेगा गाड़ी का ईंधन! देखा जाये तो E-100 के कई फायदे हैं। सबसे पहला लाभ विदेशी तेल पर निर्भरता कम होना है। इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। दूसरा बड़ा लाभ पर्यावरण को होगा क्योंकि इथेनॉल पारंपरिक जीवाश्म ईंधन की तुलना में अपेक्षाकृत स्वच्छ माना जाता है और इससे कार्बन उत्सर्जन कम हो सकता है। तीसरा लाभ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा जहां इथेनॉल उत्पादन से कृषि आधारित उद्योगों को नई गति मिल सकती है। क्यों डर रहे हैं लोग इथेनॉल वाले पेट्रोल से? वैसे इथेनॉल को लेकर आम उपभोक्ताओं के मन में अभी भी कई तरह की आशंकाएं हैं। सबसे बड़ी चिंता गाड़ी के इंजन और उसकी उम्र को लेकर है। बहुत से वाहन मालिक मानते हैं कि अधिक इथेनॉल मिश्रण से इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है, माइलेज घट सकता है और लंबे समय में फ्यूल पाइप, रबर पार्ट्स तथा इंजेक्टर जैसे हिस्सों को नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने पेट्रोल वाहन पूरी तरह इथेनॉल आधारित ईंधन के लिए तैयार नहीं हैं, इसलिए उनमें दिक्कतें आ सकती हैं। यही वजह है कि लोग अपने मौजूदा वाहन में अधिक इथेनॉल वाला ईंधन डलवाने से हिचक रहे हैं। हालांकि नई फ्लेक्स फ्यूल तकनीक वाली गाड़ियां विशेष रूप से इथेनाल के हिसाब से तैयार की जा रही हैं, इसलिए उनमें ऐसी आशंकाएं कम होंगी। सरकार और कंपनियां यह दावा कर रही हैं कि सही तकनीक वाले इंजनों में इथेनॉल से गाड़ी की आयु पर कोई गंभीर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन उपभोक्ताओं का भरोसा जीतना अभी बाकी है। कीमत को लेकर भी बहस तेज है। माना जा रहा है कि देश में बड़े पैमाने पर उत्पादन होने पर इथेनॉल आधारित ईंधन पेट्रोल की तुलना में सस्ता पड़ सकता है, क्योंकि इसका स्रोत घरेलू कृषि क्षेत्र है और इसमें आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम रहती है। फिर भी आम लोगों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि जब मौजूदा E-20 ईंधन में बीस प्रतिशत इथेनॉल मिला हुआ है, तब उपभोक्ताओं से पूरी तरह पेट्रोल जैसी कीमत क्यों वसूली जा रही है। आलोचकों का तर्क है कि यदि पेट्रोल की मात्रा कम है तो कीमत में भी उसका असर दिखना चाहिए। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि ईंधन मूल्य निर्धारण केवल कच्चे तेल की मात्रा से तय नहीं होता, बल्कि उत्पादन, प्रसंस्करण, परिवहन और कर व्यवस्था जैसे कई पहलू उसमें शामिल रहते हैं। साथ ही डीजल में इथेनॉल मिलाने को लेकर अभी व्यापक स्तर पर कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है, क्योंकि डीजल इंजन की तकनीक पेट्रोल इंजनों से अलग होती है और उसमें इथेनॉल मिश्रण को लेकर ज्यादा तकनीकी चुनौतियां हैं। फिलहाल सरकार का मुख्य जोर पेट्रोल आधारित वाहनों और फ्लेक्स फ्यूल तकनीक को आगे बढ़ाने पर है। लेकिन तस्वीर का दूसरा पक्ष भी कम चुनौतीपूर्ण नहीं है। इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से कम होती है। यानी समान दूरी तय करने के लिए वाहन को ज्यादा ईंधन की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा मौजूदा वाहनों को सीधे E-100 पर चलाना संभव नहीं है। उपभोक्ताओं को नए फ्लेक्स फ्यूल वाहन खरीदने होंगे, जो शुरुआती दौर में महंगे भी हो सकते हैं। सबसे बड़ी चुनौती बुनियादी ढांचे की है। देशभर के पेट्रोल पंपों को E-100 के भंडारण और वितरण के लिए नई व्यवस्था विकसित करनी होगी। जब तक व्यापक स्तर पर ईंधन स्टेशन तैयार नहीं होंगे, तब तक उपभोक्ताओं का भरोसा भी नहीं बन पाएगा। दूसरी चुनौती इथेनॉल उत्पादन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है। यदि ईंधन उत्पादन के लिए अत्यधिक कृषि संसाधन लगाए गए तो खाद्य सुरक्षा और जल संकट जैसे सवाल भी उठ सकते हैं। बहरहाल, इसके बावजूद सरकार और उद्योग दोनों मानते हैं कि भारत अब ऊर्जा परिवर्तन के ऐसे मोड़ पर पहुंच चुका है जहां वैकल्पिक ईंधन को टाला नहीं जा सकता। E-100 कोई रातोंरात होने वाली क्रांति नहीं है, बल्कि यह लंबी यात्रा की शुरुआत है। आने वाले वर्षों में पेट्रोल और इथेनॉल दोनों साथ-साथ चलेंगे, लेकिन दिशा साफ दिखाई दे रही है। भारत अब तेल आयात पर टिके भविष्य से हटकर खेतों से निकलने वाली ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है। -नीरज कुमार दुबे

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 1:28 pm

मोदी कैबिनेट में विस्तार की अटकलें तेज, टीएमसी के बागियों को भी मिल सकती है जगह

मानसून सत्र से पहले मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की चर्चा तेज है। तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों वाली एनसीपीआई को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है।

देशबन्धु 16 Jun 2026 10:36 am

केंद्र ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया, पेट्रोल पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं

केंद्र सरकार ने मंगलवार से डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर विंडफॉल गेन टैक्स बढ़ा दिया है। हालांकि, पेट्रोल पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है।

देशबन्धु 16 Jun 2026 10:32 am

'कॉकरोच जनता पार्टी': सोशल मीडिया पर धमाल के बाद जमीनी हकीकत क्या है?

सोशल मीडिया पर सनसनी के तौर पर उभरी सीजेपी एक महीने के भीतर ही देश में जगह जगह अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है. कई लोग इसमें युवाओं के नेतृत्व को लेकर उम्मीदें जता रहे हैं तो कइयों को इसके भविष्य को लेकर आशंकाएं भी हैं

देशबन्धु 16 Jun 2026 10:27 am

एनसीपीआई: तृणमूल के बागी सांसदों ने एक अनाम राजनीतिक पार्टी का हाथ क्यों थामा?

जिस एनसीपीआई का रविवार से पहले तक ज्यादातर लोगों ने नाम तक नहीं सुना था वह तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के शामिल होने से अचानक पश्चिम बंगाल से लोकसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर रातों-रात सुर्खियों में आ गई है

देशबन्धु 16 Jun 2026 10:25 am

रिकॉर्ड के मोर्चे पर कौन भारी, कौन कमजोर

इस बार 11 जून की तारीख भारतीय इतिहास के लिए विशेष बनकर आई। इसी दिन निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने सबसे ज्यादा दिन शासन चलाने का रिकॉर्ड कायम कर दिया। इसके पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे ज्यादा 4398 दिन प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के नाम है। मौजूदा दौर विशेषकर विजुअल मीडिया के वर्चस्व का दौर है। विजुअल मीडिया की चूंकि उत्सवधर्मिता केंद्रित है, लिहाजा इस रिकॉर्ड को लेकर सत्ता पक्ष में उत्साह का माहौल होना ही था और ऐसा है भी। लेकिन इसे लेकर आलोचनाओं की बाढ़ भी आ गई है। विशेषकर प्रगतिशील खेमे से मोदी के इस रिकॉर्ड को लेकर तंज में आलोचनाएं की जा रही हैं। इन आलोचनाओं का भाव कुछ वैसे ही है, जैसे कहां राजा भोज, कहां गंगू तेली। आलोचकों की नजर में कहावत के राजा भोज नेहरू हैं और गंगू मोदी। प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ अरसा पहले संसद को संबोधित करते हुए देश के विकास में अतीत के हर प्रधानमंत्री के योगदान को याद किया था। इतिहास क्रम में हर प्रधानमंत्री ने कुछ न कुछ योगदान दिया ही है। हर प्रधानमंत्री की युगीन आवश्यकताएं और परिस्थितियां अलग रही हैं। इसे भी पढ़ें: मोदी की फ्रांस, स्लोवाकिया यात्रा से बदले वैश्विक समीकरण, दुनिया को दिखा नए भारत का दम इसलिए अव्वल तो ऐसी तुलनाएं होनी ही नहीं चाहिए थी। क्योंकि नेहरू के युग में भारत की जो स्थिति थी, वह अब नहीं है। इतिहास का कोई खंड कठिन होता है तो कोई आसान। इसलिए इतिहास के काल खंड की बुनियाद पर उस दौर के शासक की परख होनी चाहिए। इसका मतलब यह नहीं कि भविष्य का शासक अपनी उपलब्धियों का जश्न नहीं मना सकता। प्रधानमंत्री मोदी को लेकर जिस तरह का राजनीतिक माहौल स्थापित हो चुका है, उसमे अगर प्रगतिशील खेमा और कांग्रेस की आलोचना के केंद्र में मोदी ना रहें तो ही हैरत होगी। प्रगतिशील खेमा मोदी को कमतर दिखाने की कोशिश में नेहरू को सबसे ज्यादा दिनों तक प्रधानमंत्री दिखाने की कोशिश कर रहा है। इस आलोक में इतिहास के तथ्यों को जांचना जरूरी है। इसमें दो राय नहीं कि जब 15 अगस्त 1947 को देश को आजादी मिली, तब पंडित जवाहर लाल नेहरू ने ही देश के पहले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। लेकिन वह किसी एक दल विशेष यानी कांग्रेस की ही सरकार नहीं थी, बल्कि एक तरह से वह राष्ट्रीय सरकार थी, जिसमें अंबेडकर भी थे और श्यामाप्रसाद मुखर्जी भी। द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद ऐसा लगने लगा था कि भारत को आजादी मिल जाएगी। इस बीच ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार बनी और लॉर्ड एटली प्रधानमंत्री बने। एटली ने चुनावी वादा किया था कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनी तो भारत को स्वाधीनता दी जाएगी। जब उन्होंने ब्रिटेन की कमान संभाल ली तो उन्होंने भारत को आजादी देने की प्रक्रिया तेज कर दी। इसी सिलसिले में 1946 में कैबिनेट मिशन भारत आया। मिशन के सामने सवाल यह था कि सत्ता का हस्तांतरण किसे किया जाएगा, क्योंकि उन दिनों भारत में दो बड़े और प्रमुख दल थे, कांग्रेस और मुस्लिम लीग। लेकिन सत्ता किसे सौंपी जाए, इस सवाल के साथ ही भारत की भावी सरकार और विधान को तैयार करने के लिए संविधान सभा का चुनाव 1946 में हुआ। इस चुनाव में कांग्रेस को 208 और मुस्लिम लीग को 73 सीटें मिलीं। दूसरे दलों और निर्दलीयों को 15 सीटें मिलीं थी। इसके पहले प्रांतीय विधानसभाओं के चुनाव हुए थे, जिसमें कांग्रेस को 923 और मुस्लिम लीग को 425 सीटें मिली थीं। कांग्रेस को सामान्य सीटों के नब्बे प्रतिशत हिस्से पर जीत मिली, मुस्लिम बहुल 87 प्रतिशत सीटों पर मुस्लिम लीग को जीत मिली। इसके बाद सबसे बड़ा दल होने के नाते कांग्रेस को ही सत्ता हस्तांतरण होना तय हुआ। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष का महत्व बढ़ गया। उन दिनों कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए अधिकांश प्रांतीय समितियों ने सरदार पटेल का नाम आगे किया था, जबकि कुछ ही प्रांतीय कांग्रेस समितियों ने जवाहर लाल नेहरू का नाम आगे किया। चूंकि गांधी जी पहले ही कह चुके थे कि उनके बाद जवाहर उनकी भाषा बोलेगा यानी सत्ता उन्हें मिलेगी, इसलिए वे ही अध्यक्ष बनाए गए। इसके बाद सत्ता हस्तांतरण प्रक्रिया के तहत 2 सितंबर 1946 को 'अंतरिम सरकार' का गठन हुआ, जिसमें नेहरू जी को 'वायसराय की कार्यकारी परिषद का उपाध्यक्ष' बनाया गया, उस पद का नाम प्रधानमंत्री नहीं था। इसे अंतरिम सरकार कहा गया। भले ही कुछ लोग सुविधा के लिए नेहरू के प्रधानमंत्रित्व काल को उसी दिन से मान लेते हैं। यहां याद करना जरूरी है कि वायसराय की कार्यकारी परिषद के पदेन अध्यक्ष खुद वायसराय लॉर्ड वेवेल थे। उनके बाद आए वायसराय माउंटबेटन इसके अध्यक्ष रहे। देश को स15 अगस्त 1947 को भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947' के तहत देश को आजाद घोषित किया गया। इस कानून के मूल पाठ में कहीं भी प्राइम मिनिस्टर या प्रधानमंत्री शब्द नहीं लिखा हुआ है। हालांकि पंद्रह अगस्त 1947 की आधी रात को नेहरू ने स्वाधीन सरकार के मंत्री के रूप में शपथ ली, भले ही वे उसके मुखिया थे। नेहरू ने अंग्रेजी में शपथ लेते हुए ‘ऑफिस ऑफ मिनिस्टर’ यानी मंत्री पद की शपथ ली थी, प्रधानमंत्री पद की नहीं। इसके बाद ही उन्होंने ‘नियति से साक्षात्कार’ वाला प्रसिद्ध भाषण दिया था। यहां याद करना चाहिए कि भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के तहत तत्कालीन गवर्नर-जनरल को ब्रिटिश सम्राट के प्रतिनिधि के रूप में दोनों उपनिवेशों भारत और पाकिस्तान का संवैधानिक प्रमुख नियुक्त किया गया था। जिन्हें सलाह देने और शासन चलाने के लिए एक मंत्रि परिषद का प्रावधान था। इस प्रावधान में प्रधानमंत्री या प्रीमियर या प्राइम मिनिस्टर का कोई पद नहीं है। गवर्नर-जनरल को इसी मंत्रि परिषद की सलाह पर शासन चलाना था। मोदी को सबसे लंबे समय तक बतौर निर्वाचित प्रधानंत्री काम करने के रिकॉर्ड को गलत साबित करने वाला प्रगतिशील तबके का तर्क है कि 1946 के चुनावों में कांग्रेस सबसे बड़ा दल बन कर उभरी और उसके निर्वाचित नेता के तौर पर नेहरू ने सरकार चलाई। लेकिन हकीकत यह है कि 1946 का चुनाव वयस्क मतदान के अधिकार और एक व्यक्ति, एक वोट के सिद्धांत के तहत नहीं हुआ था। तब वोटर होने की शर्त संपत्ति, शिक्षा, कर भुगतान आदि था। मुसलमान सिर्फ मुस्लिम बहुल सीटों के ही मतदाता थे। एक तरह से यह सार्वभौम वयस्क मतदान के अधिकार से रहित चुनाव था। इसलिए सही मायने में 1946 का चुनाव ना तो समानता और वयस्क मतदान के अधिकार से लैस था, न ही पूरे देश के मतदाताओं का प्रतिबिंब था। एक तरह से कहें तो यह सिर्फ दस प्रतिशत लोगों के मतदान की बुनियाद पर हुआ चुनाव था। जिसमें हर वयस्क की भागीदारी नहीं थी। उन दिनों धार्मिक आधार पर अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्र भी थे। इसलिए 1946 का चुनाव सही मायने में संतुलित मतदान नहीं था। स्वाधीन भारत में पहला आम चुनाव 1951 -52 के बीच हुआ। जिसमें कांग्रेस को 364 सीटें मिलीं। इसी नतीजे के आधार पर पंडित नेहरू ने 13 मई 1952 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और 27 मई 1964 को मृत्यु पर्यंत अपने पद पर रहे। इसी लिहाज से नेहरू का निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल 4398 दिन ही होता। आधुनिक सार्वभौम मतदान के अधिकार और सिद्धांत के लिहाज से देखें तो पंडित नेहरू का निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर असल कार्यकाल 13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक का ही होता है। रही बात नेहरू और मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों की, तो इसकी तुलना की जा सकती है। भारत की आजादी के वक्त देश में बीस विश्वविद्यालय थे, जिसे नेहरू ने अपने कार्यकाल में 64 तक पहुंचा दिया था। इस लिहाज से देखें तो मोदी के कार्यकाल में देश में साढ़े पांच सौ से ज्यादा विश्वविद्यालय हो चुके हैं। नेहरू समर्थक कह रहे हैं कि आजादी के वक्त देश में 15 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर नेहरू ने 81 कर दी थी। लेकिन जब मोदी ने कार्यकाल संभाला तो देश में 393 मेडिकल कॉलेज थे, जिसे उन्होंने 818 तक कर दिया है। 431 मेडिकल कॉलेज तो 2014 के बाद ही बने हैं। बेशक नेहरू अपनी विदेश नीति के लिए जाने जाते हैं, लेकिन मोदी ने भारत के स्वत्व बोध को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब बढ़ाया है। - उमेश चतुर्वेदी लेखक राजनीतिक समीक्षक और वरिष्ठ पत्रकार हैं...

प्रभासाक्षी 16 Jun 2026 10:18 am

राजनाथ सिंह के आवास पर भाजपा की अहम बैठक, केंद्रीय टीम में बदलाव की चर्चाएं तेज

भाजपा की केंद्रीय टीम में संभावित फेरबदल को लेकर हलचल तेज हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद संगठन में बड़े बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।

देशबन्धु 16 Jun 2026 9:11 am

प्रधानमंत्री मोदी आज फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

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देशबन्धु 16 Jun 2026 8:41 am

खान सर पर गंभीर आरोप लगने के बाद पटना कोचिंग संस्थान विवाद में नया मोड़

खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े विवाद में सोमवार को उस समय एक नया मोड़ आ गया, जब पटना की एक सिविल अदालत द्वारा जमानत दिए जाने के बाद बेउर जेल से रिहा हुए रोशन आनंद ने फैसल खान (खान सर) पर गंभीर आरोप लगाए।

देशबन्धु 16 Jun 2026 4:30 am

कुणाल घोष पर फेंका गया अंडा, युवक का आरोप- 'उन्होंने हमारे साथ बहुत ज्यादतियां की हैं'

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक कुणाल घोष पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान अंडा फेंका गया

देशबन्धु 16 Jun 2026 2:22 am

प्रिंस यादव मौत मामले की भारत, बिहार और नेपाल सरकार मिलकर संयुक्त जांच करे : तेजस्वी यादव

पटना में ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है

देशबन्धु 16 Jun 2026 2:19 am