Indian Army Cyber Quest 2026: देश की साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने और साइबर दुनिया के खतरों से निपटने के लिए इंडियन आर्मी टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह एक प्रतियोगिता है जिसमें छात्र, साइबर प्रोफेशनल, इनोवेटर्सऔर टेक्नोलॉजी के शौकीन हिस्सा ले सकेंगे। इस प्रतियोगिता का आयोजन साइबरपीस फाउंडेशन के साथ मिलकर टेरिटोरियल आर्मी करेगी। इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 20 अगस्त तक आधिकारिक पोर्टल के जरिए रजिस्टर कर सकते हैं।इंडियन आर्मी टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026 टाइमलाइनरजिस्ट्रेशन : 30 जुलाई से 20 अगस्त, 2026शॉर्टलिस्टिंग फेज : ऑनलाइन शॉर्टलिस्टिंग प्रोसेस 1 सितंबर से 10 सितंबर, 2026 तक चलेगा।ग्रैंड फिनाले : कॉम्पिटिशन का ग्रैंड फिनाले 6 अक्टूबर से 8 अक्टूबर, 2026 तक होगा।अवार्ड सेरेमनी : अवार्ड सेरेमनी 9 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली में होगी।अंतिम राउंड में चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक इनाम और सर्टिफिकेट दिया जाएगा। साथ ही, उन्हें भारतीय सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों से मिलने का मौका मिलेगा। इस प्रतियोगिता के विजेता रक्षा संस्थानों का दौरा भी करेंगे। Indian Army Terrier Cyber Quest 2026 – Registrations Open!The #TerritorialArmy, in collaboration with #CyberPeace, invites students, innovators, cyber professionals and technology enthusiasts to participate in the Indian Army Terrier Cyber Quest 2026.Online… pic.twitter.com/dCKh7bP33l— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) August 6, 2026 प्रतियोगिता का फॉर्मेटशॉर्टलिस्टिंग राउंड में सभी उम्मीदवार एक ऑनलाइन कैप्चर-द-फ्लैग (CTF) चैलेंज में हिस्सा लेंगे। इस राउंड में चयनित टीमें फिर 36 घंटे के लाइव फिनाले में आगे बढ़ेंगी। यहां वे एक कृत्रिम नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर सैंडबॉक्स में इंडियन आर्मी के लिए खास तौर से विकसित सॉल्यूशन पर काम करेंगी। फिनाले के दौरान, टीमें कमजोरियों की पहचान करेंगी, गलतियों को दर्ज करेंगी, और डोमेन में कमाए गए अपने साइबर सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन या बैज के लिंक सबमिट करेंगी।कौन हिस्सा ले सकता है ?छात्र, साइबर सुरक्षा पेशेवर, एथिकल हैकर्स, सेना से जुड़े लोग और शोधकर्ता।फॉर्मेट : एक पूरी तरह से ऑनलाइन सीटीएफ क्वालिफायर राउंड के बाद एक इन-पर्सन ग्रैंड फिनाले होगा। हर टीम में टीम लीडर समेत ज्यादा से ज्यादा तीन सदस्य हो सकते हैं।स्कोरिंग : एक विशेषज्ञ पैनल ग्रैंड फिनाले के दौरान जमा की गई एंट्री का आकलन कमजोरियों की गंभीरता, सुलझाने का तरीका और जटिलता के आधार पर करेगा।ग्रैंड फिनालेटॉप 10 शॉर्टलिस्टेड टीमें नई दिल्ली में 36 घंटे के इन-पर्सन ग्रैंड फिनाले में मुकाबला करेंगी। सभी प्रतिभागी रियलिस्टिक डमी डेटा का इस्तेमाल करके एक खासतौर से तैयार सिस्टम स्टैक पर लाइव कमजोरी तलाशेंगे और दर्ज करेंगे। पहचानी गई वल्नरेबिलिटीज का उनकी गंभीरता, मूलता और जटिलता के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। एक विशेषज्ञ पैनल खोजों को सत्यापित करेगा और फाइनल स्कोर तय करेगा। टॉप तीन टीमों को उनके पूरे प्रदर्शन के आधार पर विजेता घोषित किया जाएगा।मेडल और सर्टिफिकेटटेरिटोरियल आर्मी प्रतियोगिता में उम्मीदवारों के योगदान और उपलब्धियों के लिए उन्हें मेडल और सर्टिफिकेट देगी। प्रतिभागियों को टेरिटोरियल आर्मी के साथ काम करने, रक्षा विशेषज्ञों के साथ काम करने, राष्ट्रीय सुरक्षा इकोसिस्टम में योगदान देने और वरिष्ठ सरकारी और सेना के अधिकारियों के साथ बातचीत करने का मौका मिलेगा।विजेताओं का सम्मानइस प्रतियोगिता के विजेताओं को भारत सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सम्मानित किया जाएगा और उन्हें खास डिफेंस एस्टैब्लिशमेंट्स में जाने का भी मौका मिलेगा।UGC का बड़ा अलर्ट! EdTech कंपनियों के झांसे में न आएं, 32 फर्जी यूनिवर्सिटी की लिस्ट जारी
सृजन संवाद में पुलिस-शिक्षा विभाग ने छात्रों को कानून, साइबर सुरक्षा और कॅरियर का दिया पाठ
शासकीय सांदीपनि कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैतूल बाजार में गुरुवार को शिक्षा विभाग और मध्यप्रदेश पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में सृजन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, महिला एवं बाल संरक्षण, करियर मार्गदर्शन, सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे, डीएसपी दिनेश सिंह मर्सकोले, यातायात प्रभारी गजेंद्र केन, निरीक्षक कविता नागवंशी, उप निरीक्षक रश्मि ठाकुर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मां सरस्वती के पूजन के साथ किया। यातायात प्रभारी गजेंद्र केन ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व पर प्रकाश डाला। निरीक्षक कविता नागवंशी ने महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने आत्मरक्षा के प्रति भी जागरूक किया। उप निरीक्षक रश्मि ठाकुर ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, जेजे एक्ट, बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक रहने का संदेश दिया। समझी पुलिस की कार्यप्रणाली कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं को थाना बैतूल बाजार का भ्रमण कराया गया। यहां उन्हें पुलिस थाने की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। उन्हें शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्हें डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से सवाल पूछे। उन्होंने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक पुरुषोत्तम देशमुख ने किया। इस अवसर पर शिक्षा और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्राचार्य एल.एल. लिल्हौरे ने विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में भी बताया। प्रभारी प्राचार्य आर.के. मालवीय ने साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने की सलाह दी। टीओटी-प्रशिक्षित शिक्षक रमेश कुमार पिंजारे और दशरथ गावंडे ने मेरे अधिकार और मेरी जिम्मेदारी विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक किया।
IIT कानपुर पहुंचे एयर मार्शल प्रवीण केशव वोहरा, स्वदेशी साइबर सुरक्षा तकनीकों का लिया जायजा
एयर मार्शल प्रवीण केशव वोहरा ने आईआईटी कानपुर के सी3आई हब का दौरा किया। उन्होंने स्वदेशी साइबर सुरक्षा तकनीकों और महत्वपूर्ण अवसंरचना को साइबर खतरों से बचाने वाले शोध कार्यों का जायजा लिया।
उत्तराखंड में सरकारी वेबसाइटों पर मैलवेयर हमला, साइबर सुरक्षा पर उठे सवाल
उत्तराखंड में सरकारी डिजिटल नेटवर्क पर प्रतिदिन लाखों साइबर हमले होते हैं, और हाल ही में एक मैलवेयर हमले ने कई सरकारी वेबसाइटों को प्रभावित किया।
UIDAI का बड़ा अपडेट: Aadhaar App के Offline Mode से बिना Internet होगा वेरिफिकेशन
आज के समय में आधार कार्ड देश के हर नागरिक की पहचान का सबसे बड़ा जरिया बना हुआ है। UIDAI यानी के भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा इस इस साल की शुरुआत में नया 'आधार एप' लॉन्च किया था। जब इस एप को लॉन्च किया गया है तो कुछ दिनों के बाद पुराने 'एमआधार' एप को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। अब इस नए आधार एप को ऑफलाइन मोड में भी इस्तेमाल किया जा सकता है और इसके मदद से आप बिना किसी इंटरनेट के भी अपनी पहचान का पुख्ता वेरिफिकेशन आसानी से कर पाएंगे। आइए आपको इस लेख में बताते है यूआईडीएआई का नया ऑफलाइन फीचर कैसे यूज कर सकते हैं और जानें इसके फायदे। जानिए क्या नया है ऑफलाइन मोड और कैसे काम करता? - गौरतलब है कि आधार एप ऐसा बनाया गया है कि अब बिना किसी इंटरनेट के भी इसको इस्तेमाल किया जा सकता है। - बिना इंटरनेट के आप आधार एप ओपन करेंगे तो भी आपकी स्क्रीन पर एक क्यूआर कोड नजर आएगा, जो ऑफलाइन मोड पर भी काम करता है। - बता दें कि, इस क्यूआर कोड में आपकी फोटो, नाम और जन्मतिथि जैसी जरूरी जानकारियां पहले से ही सुरक्षित रूप से लॉक रहती हैं। बिना नेटवर्क के कैसे होगा पहचान का पूरा सत्यापन - खासकर, जब आप किसी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या सरकारी ऑफिस जाएंगे, तो वहां स्थित अधिकारी अपने मोबाइल से आपके इस ऑफलाइन क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे। - कोड स्कैन करने पर अधिकृत QR स्कैनर या UIDAI के आधार एप के तहत आपकी पहचान ऑफलाइन सत्यापित कर पाएंगे। - इस पूरी प्रक्रिया के लिए आपके फोन में डेटा की जरूरत नहीं पड़ेगी। डेटा की प्राइवेसी और सुरक्षा का रखा गया है खास ध्यान - हर किसी के मन यह डर जरुर होता है कि इंटरनेट के बिना क्या यह सुरक्षित है? - UIDAI के अनुसार, यह ऑफलाइन क्यूआर कोड पूरी तरह सेफ है। - इस सुविधा में सिर्फ जरुरत की जानकारी ही शेयर की जाती है, ताकि आपकी निजता बेहतर तरीके से सुरक्षित रहे और अनावश्यक डेटा शेयर होने का जोखिम कम हो। दूर-दराज के क्षेत्रों और आम नागरिकों को मिलने वाले बड़े लाभ - इस नए ऑफलाइन मोड का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो खराब नेटवर्क वाले क्षेत्रों या गांव में रहते हैं। - ट्रेन टिकट चेकिंग के दौरान या आपातकालीन स्थिति में मोबाइल डेटा न होने पर भी आपका डिजिटल आधार पूरी तरह से मान्य होगा। - गौरतलब है कि कुछ जगहों पर नया Aadhaar App पहचान के लिए सुविधाजनक ऑप्शन बन सकता है। लेकिन, कुछ संस्थान पर अपने नियमों के अनुसार फिजिकल आधार या अन्य दस्तावेज भी मांगा जा सकता है।

