दमोह पुलिस ने फरियादियों की समस्याओं के समाधान और पुलिसकर्मियों के व्यवहार की निगरानी के लिए ऑनलाइन फीडबैक प्रणाली शुरू की है। एसपी आनंद कलादगी ने मंगलवार को कार्यालय में इस क्यूआर कोड आधारित गूगल फॉर्म का शुभारंभ किया। यह व्यवस्था इंदौर पुलिस की तर्ज पर दमोह के प्रमुख थानों और चौकियों में लागू की गई है। पांच केंद्रों पर लगाए फीडबैक स्कैनर शुरुआती चरण में यह सुविधा दमोह कोतवाली, देहात थाना, एसपी ऑफिस, जबलपुर नाका और सागर नाका चौकी में उपलब्ध कराई गई है। इन स्थानों पर क्यूआर कोड स्कैनर लगाए गए हैं, जिन्हें स्मार्टफोन से स्कैन कर कोई भी फरियादी अपना अनुभव शेयर कर सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य जनता की सीधी राय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाना है। गूगल फॉर्म में आठ पॉइंट पर देंगे जानकारी इस ऑनलाइन फीडबैक फॉर्म में लगभग आठ कॉलम निर्धारित किए गए हैं, जिसे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में भरा जा सकता है। आवेदक को अपना नाम, थाना आने का कारण, संबंधित अधिकारी का नाम और उनके बर्ताव की जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही फरियादी स्टार रेटिंग के माध्यम से पुलिस की कार्यप्रणाली पर अपनी संतुष्टि दर्ज करा सकेंगे। असंतोषजनक फीडबैक पर सीधे संपर्क करेगी पुलिस एसपी आनंद कलादगी और साइबर सेल की टीम इन आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग करेगी। एसपी ने बताया कि यदि कोई फरियादी पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट पाया जाता है, तो उससे सीधे संपर्क कर समस्या पूछी जाएगी। किसी विशेष थाने से बार-बार नकारात्मक फीडबैक मिलने पर संबंधित थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
ट्रंप और जिनपिंग के बीच ताइवान, साइबर सुरक्षा, व्यापार और एआई पर हुई 'ऐतिहासिक' चर्चा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कई अहम मुद्दों पर लंबी बातचीत हुई
शिविर में दी साइबर सुरक्षा की जानकारी
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण करौली के निर्देशानुसार डांग क्षेत्र में विधिक जागरूकता अभियान के तहत पैरालीगल वॉलंटियर खुश बिहारी शर्मा द्वारा लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, महुआखेड़ा में छात्र-छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पैरालीगल वॉलंटियर खुश बिहारी शर्मा ने कहा कि बालिकाएं साहसी, आत्मनिर्भर और निडर बनें तथा किसी भी प्रकार की असुरक्षा या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत आवाज़ उठाएं। उन्होंने कहा कि आज के समय में जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन ठगी से सुरक्षा, हेलमेट पहनने की अनिवार्यता तथा बालिकाओं के अधिकारों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930, नालसा टोल फ्री नंबर 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं पुलिस सहायता नंबर 112 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है।

