बीडीए का डिजिटल नवाचार:राजधरा पोर्टल पर अब घर बैठे ही देखें अपनी जमीन का मास्टर प्लान
जमीन खरीदने से पहले सही जानकारी न मिलने के कारण लोग अक्सर भूमाफियाओं के झांसे में आ जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुए भरतपुर विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने एक बड़ी डिजिटल पहल की है। जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर और अलवर के बाद भरतपुर पांचवां ऐसा शहर बन गया है, जहां मास्टर प्लान के साथ भू-उपयोग की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आमजन घर बैठे यह जान सकेंगे कि किसी जमीन का उपयोग आवासीय है या व्यावसायिक, और वहां सड़क या अन्य कोई योजना प्रस्तावित है या नहीं। दरअसल, हाल के दिनों में बीडीए को ऐसी कई शिकायतें मिली थीं, जिनमें आरोप था कि भूमाफिया लोगों को गुमराह कर गलत भू-उपयोग बताकर जमीनें बेच रहे हैं। इसी के बाद प्राधिकरण ने यह कदम उठाया है। बीडीए आयुक्त कनिष्क कटारिया ने बताया कि अब नगरीय क्षेत्र की किसी भी भूमि का मास्टर डवलपमेंट प्लान के अनुसार भू-उपयोग, प्रस्तावित सड़कें और अन्य जानकारियां राजस्व रिकॉर्ड या लोकेशन के आधार पर ऑनलाइन देखी जा सकेंगी। भविष्य में इस पोर्टल पर पूर्व में अनुमोदित योजनाओं को भी एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने की योजना है। यह पूरी व्यवस्था राज्य के एकीकृत जीआईएस सिस्टम ‘राजधरा’ के माध्यम से संचालित की जा रही है। रंगों से पता चलेगा भूखंड आवासीय है या व्यावसायिक क्षेत्र, फर्जीवाड़ा रुकेगा डीओआईटी के उपनिदेशक पुष्पेंद्र कुंतल ने बताया कि मैप में रंगों के जरिए भू उपयोग की जानकारी दी गई है। पीला रंग आवासीय क्षेत्र, लाल व्यावसायिक, नीला सार्वजनिक या अर्ध-सार्वजनिक उपयोग और हरा रंग पार्क व रिक्रिएशनल एरिया को दर्शाता है। जमीन पर क्लिक करने पर जोन, वार्ड, संबंधित थाना और विधानसभा क्षेत्र की जानकारी पॉप-अप में दिखाई देती है। इस डिजिटल पहल से जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ी है और आमजन को समय व मेहनत दोनों की बचत हुई है। आमजन को ये फायदा
डिजिटल गार्ड हो गये फेल, साइबर सुरक्षा की कमजोरी हुई उजागर
साइबर-सिक्योरिटी फर्म और वेब-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता कंपनी द्वारा की गई रुकावट एक गंभीर याद दिलाती है कि किस प्रकार रक्षक भी कमजोर हैं

