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इंस्टा पर मैसेज-डेटा गोपनीयता पर मेटा और केंद्र ने नहीं दिया जवाब

इंस्टाग्राम पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग बंद किए जाने और यूजर्स के निजी डेटा की गोपनीयता से जुड़े मामले में कंपनी मेटा और केंद्र सरकार अपना जवाब पेश नहीं कर रही हैं। सोमवार को हाई कोर्ट के समक्ष इस मामले की फिर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हाल ही में भारत में दो ऐसे मामले हुए हैं। इनमें मेटा को सफाई देनी पड़ी। यूजर्स का डेटा लीक होने और वीडियो हटाने की घटना के बाद बवाल हो गया था। इस दौरान हाई कोर्ट ने मौखिक रूप से चेतावनी दी कि जवाब देने के लिए अंतिम अवसर दिया जा रहा है। अगली सुनवाई पर जवाब नहीं आया तो बचाव का अवसर समाप्त कर दिया जाएगा। यह निजता के अधिकार के विपरीत हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में याचिका पार्थ शर्मा ने दायर की है। मामले की सुनवाई जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच ने की। याचिका में इंस्टाग्राम की ओर से जारी उस सूचना को चुनौती दी गई है। इसमें कहा गया है कि 8 मई 2026 से इंस्टाग्राम पर एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग उपलब्ध नहीं रहेगी। सूचना में यूजर्स को यह भी बताया गया था कि वे प्रभावित चैट्स से मीडिया या मैसेज डाउनलोड कर सकते हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले निजता के अधिकार के विपरीत है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के के.एस. पुट्टास्वामी (रिटायर्ड) बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में दिए गए निजता संबंधी फैसले का भी हवाला दिया गया है। अगली पेशी पर जवाब नहीं आया तो बचाव का अवसर खत्म : हाई कोर्ट

दैनिक भास्कर 18 Aug 2026 5:30 am

AI और साइबर सुरक्षा से स्मार्ट पुलिसिंग को मिलेगी नई ताकत : डीजीपी

कोटा शहर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम की पहल पर एवं भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), कोटा के तकनीकी सहयोग से 17 से 19 अगस्त 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय...

खास खबर 17 Aug 2026 9:23 pm

सेबी ने प्रतिभूति बाजार में साइबर सुरक्षा, घटनाओं की रिपोर्टिंग को मजबूत करने के लिए दो पोर्टल लॉन्च किए

सेबी ने प्रतिभूति बाजार में साइबर सुरक्षा, घटनाओं की रिपोर्टिंग को मजबूत करने के लिए दो पोर्टल लॉन्च किए

समाचार नामा 17 Aug 2026 9:05 pm

SEBI: साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग पर नियामक गंभीर, सेबी प्रमुख तुहित कांत बोले- बाजार से ले रहे सुझाव

सेबी अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे ने साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग पर बाजार भागीदारों से सुझाव मांगे। उन्होंने इन्वेंटराइजेशन और पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफिक मानकों के महत्व पर जोर दिया। छोटे ब्रोकर मार्केट एसओसी के जरिये जोखिम कम कर सकते हैं।

ज़ी न्यूज़ 17 Aug 2026 3:23 am

साइबर सुरक्षा आकलन में मानवीय निर्णय क्षमता की परीक्षा को एनआईईएलआईटी ने ‘साइबर कुश्ती 2026’ लॉन्च किया

नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) ने ‘साइबर कुश्ती 2026’ की शुरुआत की है। यह एक राष्ट्रव्यापी साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) हैकाथॉन है, जिसका उद्देश्य प्रतिभागियों की केवल कमजोरियों की पहचान करने की क्षमता नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा आकलन के दौरान मानवीय निर्णय क्षमता का परीक्षण करना है। इसकी घोषणा रविवार को की गई।

समाचार नामा 16 Aug 2026 3:35 pm

नगरीय निकायों में नहीं चलेंगे अनट्रेंड कम्प्यूटर ऑपरेटर:CPCT और साइबर सुरक्षा कोर्स 30 दिनों में पास करना जरूरी

मध्य प्रदेश के नगर पालिक निगम, नगरपालिका और नगर परिषद में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों को लेकर सरकार ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, म.प्र. द्वारा जारी नए आदेश के तहत अब सभी कम्प्यूटर ऑपरेटरों के लिए तकनीकी दक्षता और साइबर सुरक्षा से जुड़ी कुछ अनिवार्य योग्यताएं तय कर दी गई हैं। इसके लिए उन्हें 30 दिनों की समय-सीमा दी गई है, ऐसा न करने पर उनके मानदेय या वेतन भुगतान पर रोक लग सकती है। यह आदेश नगरीय प्रशासन एवं विकास की अपर आयुक्त मिशा सिंह ने किया है। आदेश की प्रति सभी नगर पालिक निगमों के आयुक्तों, संयुक्त संचालकों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों को भेज दी गई है। क्यों लिया गया यह फैसला? विभाग का कहना है कि नगरीय निकायों की विभिन्न शाखाओं, योजनाओं और परियोजनाओं में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों द्वारा कंप्यूटर संबंधी कार्यों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विभागीय ऑनलाइन पोर्टल और आईटी (IT) आधारित प्रणालियों का संचालन किया जाता है। सरकारी डेटा को सुरक्षित रखने और ऑनलाइन कामकाज को सुचारू बनाने के लिए ऑपरेटरों की तकनीकी क्षमता और साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी को पुख्ता करना बेहद आवश्यक हो गया है। ये 3 शर्तें पूरी करना हुआ अनिवार्य CPCT परीक्षा पास होना जरूरी: सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों द्वारा अनिवार्य रूप से CPCT (Computer Proficiency Certification Test) परीक्षा पास की गई हो। मिशन कर्मयोगी पोर्टल से सर्टिफिकेट कोर्स: ऑपरेटरों को भारत सरकार के 'मिशन कर्मयोगी' (iGOT Karmayogi) पोर्टल पर उपलब्ध साइबर सिक्योरिटी और आईटी से संबंधित कम से कम 10 सर्टिफिकेट कोर्स पूरे करने होंगे। 50 क्रेडिट पॉइंट अर्जित करना जरूरी : इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रमों को पूरा करके कंप्यूटर ऑपरेटरों को कम से कम 50 क्रेडिट पॉइंट हासिल करने होंगे। तय किए गए मुख्य सर्टिफिकेट कोर्स आदेश के साथ एक सूची भी जारी की गई है जिसमें आवश्यक कोर्स और उनकी महत्ता बताई गई है, जैसे बेसिक कंप्यूटर कोर्स और माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल/वर्ड (डेटा एंट्री और रिकॉर्ड के लिए)। साइबर सिक्योरिटी बेसिक्स और डिजिटल सेफ्टी एसेंशियल्स (सरकारी कंप्यूटर और पासवर्ड सुरक्षित रखने के लिए)। आधुनिक तकनीकी और एआई की जानकारी के लिए ('AI Using Google Bard and ChatGPT for Beginners') जैसे कोर्स तय किए गए हैं। इसके साथ ही डेटा ड्रिवन डिसीजन मेकिंग और रिस्पॉन्सिबल डेटा मैनेजमेंट को भी सीखना होगा। वेतन और नौकरी पर आ सकता है संकट शासन ने निर्देश दिया है कि जो कंप्यूटर ऑपरेटर आगामी 30 दिनों के भीतर इन अनिवार्य योग्यताओं और प्रशिक्षण को पूरा नहीं करेंगे, उन्हें आगे नियोजन में रखने या हटाने और उनके नियमानुसार मानदेय/वेतन भुगतान की कार्रवाई इसी आधार पर तय की जाएगी। यानी शर्तें पूरी न करने वालों की सैलरी अटक सकती है। औसतन किस निकाय में कितने ऑपरेटर होते हैं? निकायों में कंप्यूटर ऑपरेटरों की संख्या वहां की जनसंख्या, वॉर्डों की संख्या और विभागीय शाखाओं (जैसे- जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जलकर, संपत्ति कर, पीएम आवास योजना, राजस्व आदि) के आधार पर तय होती है। आधिकारिक रूप से स्वीकृत और आउटसोर्स पदों के आधार पर एक अनुमानित औसत इस प्रकार है: नगर निगम स्तर पर 60 से 150+ ऑपरेटर नगर निगम बड़े शहर होते हैं, जहां कई ज़ोनल ऑफिस और दर्जनों विभाग होते हैं। इंदौर और भोपाल जैसे 'A' श्रेणी के नगर निगमों में ऑपरेटरों की संख्या 150 से भी अधिक हो सकती है, जबकि छोटे नगर निगमों में यह संख्या 50-70 के आसपास होती है। नगर पालिका स्तर पर 15 से 30 ऑपरेटर ये मध्यम श्रेणी के शहर होते हैं। यहाँ मुख्य कार्यालय में ही लगभग सभी शाखाएं (राजस्व, सामान्य प्रशासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी आदि) संचालित होती हैं, जिसके कारण हर काउंटर और मुख्य शाखा पर ऑपरेटरों की जरूरत होती है। नगर परिषद स्तर पर 5 से 10 ऑपरेटर ये छोटे या ग्रामीण से शहरी क्षेत्र में परिवर्तित हो रहे टाउन होते हैं। यहाँ सीमित संख्या में वॉर्ड और विभाग होते हैं, इसलिए मुख्य रूप से लेखा (Accounts), स्थापना, और नागरिक सेवाओं के काउंटरों को संभालने के लिए सीमित ऑपरेटर ही रखे जाते हैं।

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 1:06 pm

UIDAI का बड़ा अपडेट: Aadhaar App के Offline Mode से बिना Internet होगा वेरिफिकेशन

आज के समय में आधार कार्ड देश के हर नागरिक की पहचान का सबसे बड़ा जरिया बना हुआ है। UIDAI यानी के भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा इस इस साल की शुरुआत में नया 'आधार एप' लॉन्च किया था। जब इस एप को लॉन्च किया गया है तो कुछ दिनों के बाद पुराने 'एमआधार' एप को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। अब इस नए आधार एप को ऑफलाइन मोड में भी इस्तेमाल किया जा सकता है और इसके मदद से आप बिना किसी इंटरनेट के भी अपनी पहचान का पुख्ता वेरिफिकेशन आसानी से कर पाएंगे। आइए आपको इस लेख में बताते है यूआईडीएआई का नया ऑफलाइन फीचर कैसे यूज कर सकते हैं और जानें इसके फायदे। जानिए क्या नया है ऑफलाइन मोड और कैसे काम करता? - गौरतलब है कि आधार एप ऐसा बनाया गया है कि अब बिना किसी इंटरनेट के भी इसको इस्तेमाल किया जा सकता है। - बिना इंटरनेट के आप आधार एप ओपन करेंगे तो भी आपकी स्क्रीन पर एक क्यूआर कोड नजर आएगा, जो ऑफलाइन मोड पर भी काम करता है। - बता दें कि, इस क्यूआर कोड में आपकी फोटो, नाम और जन्मतिथि जैसी जरूरी जानकारियां पहले से ही सुरक्षित रूप से लॉक रहती हैं। बिना नेटवर्क के कैसे होगा पहचान का पूरा सत्यापन - खासकर, जब आप किसी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या सरकारी ऑफिस जाएंगे, तो वहां स्थित अधिकारी अपने मोबाइल से आपके इस ऑफलाइन क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे। - कोड स्कैन करने पर अधिकृत QR स्कैनर या UIDAI के आधार एप के तहत आपकी पहचान ऑफलाइन सत्यापित कर पाएंगे। - इस पूरी प्रक्रिया के लिए आपके फोन में डेटा की जरूरत नहीं पड़ेगी। डेटा की प्राइवेसी और सुरक्षा का रखा गया है खास ध्यान - हर किसी के मन यह डर जरुर होता है कि इंटरनेट के बिना क्या यह सुरक्षित है? - UIDAI के अनुसार, यह ऑफलाइन क्यूआर कोड पूरी तरह सेफ है। - इस सुविधा में सिर्फ जरुरत की जानकारी ही शेयर की जाती है, ताकि आपकी निजता बेहतर तरीके से सुरक्षित रहे और अनावश्यक डेटा शेयर होने का जोखिम कम हो। दूर-दराज के क्षेत्रों और आम नागरिकों को मिलने वाले बड़े लाभ - इस नए ऑफलाइन मोड का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो खराब नेटवर्क वाले क्षेत्रों या गांव में रहते हैं। - ट्रेन टिकट चेकिंग के दौरान या आपातकालीन स्थिति में मोबाइल डेटा न होने पर भी आपका डिजिटल आधार पूरी तरह से मान्य होगा। - गौरतलब है कि कुछ जगहों पर नया Aadhaar App पहचान के लिए सुविधाजनक ऑप्शन बन सकता है। लेकिन, कुछ संस्थान पर अपने नियमों के अनुसार फिजिकल आधार या अन्य दस्तावेज भी मांगा जा सकता है।

प्रभासाक्षी 31 Jul 2026 4:11 pm