ओडिशा में छात्रों के लिए साइबर सुरक्षा अभियान में 40 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए
भुवनेश्वर, 14 अगस्त . Odisha Government ने Friday को साइबर अपराध के बढ़ते खतरे से निपटने और छात्रों व युवाओं के बीच सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान चलाया. साथ ही, उन्हें साइबर जागरूकता का एंबेसडर बनने के लिए सशक्त भी किया. यह अभियान Odisha Police ने ... Read more
IIT दिल्ली का नया AI कोर्स: साइबर सुरक्षा में सर्टिफिकेट प्रोग्राम
IIT दिल्ली ने साइबर सुरक्षा और AI में एक नया सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है, जो तकनीकी करियर में रुचि रखने वालों के लिए एक बेहतरीन अवसर है। इस कोर्स के लिए आवेदन प्रक्रिया 7 नवंबर 2026 तक खुली है, और कक्षाएं 14 नवंबर 2026 से शुरू होंगी। जानें इस कोर्स की फीस, सीटों की संख्या और आवेदन कैसे करें।
Udham Singh Nagar News: विद्यार्थियों ने रैली निकालकर दिया साइबर सुरक्षा का संदेश
विद्यार्थियों ने रैली निकालकर दिया साइबर सुरक्षा का संदेश
लखनऊ के हाइजिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में मंगलवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा, रैगिंग रोकथाम, महिला सुरक्षा और नशे से बचाव को लेकर जागरूकता पर चर्चा हुईं। इसमें करीब 170 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मकसद युवाओं को वास्तविक जिंदगी के साथ डिजिटल दुनिया में भी सतर्क रहने के लिए जागरूक करना था। अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव ने छात्रों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि किसी भी असहज या संदिग्ध स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते अभिभावक, शिक्षक या पुलिस की मदद लेना जरूरी है। रैगिंग को मजाक न समझें छात्रों को बताया गया कि रैगिंग के नाम पर जूनियर को डराना, धमकाना, अपमानित करना या मानसिक-शारीरिक रूप से परेशान करना स्वीकार्य नहीं है। देर रात बुलाने या किसी गलत गतिविधि के लिए दबाव बनाने पर तुरंत शिकायत करने की सलाह दी गई। महिला सुरक्षा को लेकर पिंक बूथ, महिला सहायता डेस्क और महिला सुरक्षा केंद्र जैसी सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। अपरिचित लोगों पर भरोसा न करने और निजी जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने की अपील की गई। फर्जी लिंक और कॉल से रहें सावधान साइबर फ्रॉड से बचने के लिए छात्रों को OTP, पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल और निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने को कहा गया। फर्जी लिंक, संदिग्ध कॉल, SMS और मैसेज से सावधान रहने की सलाह दी गई। साइबर अपराध होने पर तुरंत शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी न डालें छात्रों से सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग का इस्तेमाल करने को कहा गया। मोबाइल नंबर, लोकेशन, कॉलेज और घर से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने की सलाह दी गई। अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट और संदिग्ध प्रोफाइल से दूरी बनाए रखने को कहा गया। नशे को ना कहने का संदेश कार्यक्रम में युवाओं को नशीले पदार्थों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान बताए गए। गलत संगति और जिज्ञासा को नशे की शुरुआत का कारण बताते हुए इससे दूर रहने की अपील की गई। किसी भी दबाव या प्रलोभन पर साफ तौर पर ‘ना’ कहने और साथियों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया। छात्रों ने पूछे सवाल संवादात्मक सत्र में छात्रों ने रैगिंग, साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया और आपात स्थिति से जुड़े सवाल पूछे। पुलिस अधिकारियों ने व्यवहारिक उदाहरणों के जरिए उनके सवालों का समाधान किया। हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी छात्रों को साइबर अपराध और ऑनलाइन फ्रॉड के लिए 1930, मादक पदार्थों से जुड़ी सूचना के लिए MANAS 1933 तथा ड्रग्स और मानव तस्करी संबंधी सूचना के लिए 7839861034 पर जानकारी देने के बारे में बताया गया।
UIDAI का बड़ा अपडेट: Aadhaar App के Offline Mode से बिना Internet होगा वेरिफिकेशन
आज के समय में आधार कार्ड देश के हर नागरिक की पहचान का सबसे बड़ा जरिया बना हुआ है। UIDAI यानी के भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा इस इस साल की शुरुआत में नया 'आधार एप' लॉन्च किया था। जब इस एप को लॉन्च किया गया है तो कुछ दिनों के बाद पुराने 'एमआधार' एप को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। अब इस नए आधार एप को ऑफलाइन मोड में भी इस्तेमाल किया जा सकता है और इसके मदद से आप बिना किसी इंटरनेट के भी अपनी पहचान का पुख्ता वेरिफिकेशन आसानी से कर पाएंगे। आइए आपको इस लेख में बताते है यूआईडीएआई का नया ऑफलाइन फीचर कैसे यूज कर सकते हैं और जानें इसके फायदे। जानिए क्या नया है ऑफलाइन मोड और कैसे काम करता? - गौरतलब है कि आधार एप ऐसा बनाया गया है कि अब बिना किसी इंटरनेट के भी इसको इस्तेमाल किया जा सकता है। - बिना इंटरनेट के आप आधार एप ओपन करेंगे तो भी आपकी स्क्रीन पर एक क्यूआर कोड नजर आएगा, जो ऑफलाइन मोड पर भी काम करता है। - बता दें कि, इस क्यूआर कोड में आपकी फोटो, नाम और जन्मतिथि जैसी जरूरी जानकारियां पहले से ही सुरक्षित रूप से लॉक रहती हैं। बिना नेटवर्क के कैसे होगा पहचान का पूरा सत्यापन - खासकर, जब आप किसी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या सरकारी ऑफिस जाएंगे, तो वहां स्थित अधिकारी अपने मोबाइल से आपके इस ऑफलाइन क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे। - कोड स्कैन करने पर अधिकृत QR स्कैनर या UIDAI के आधार एप के तहत आपकी पहचान ऑफलाइन सत्यापित कर पाएंगे। - इस पूरी प्रक्रिया के लिए आपके फोन में डेटा की जरूरत नहीं पड़ेगी। डेटा की प्राइवेसी और सुरक्षा का रखा गया है खास ध्यान - हर किसी के मन यह डर जरुर होता है कि इंटरनेट के बिना क्या यह सुरक्षित है? - UIDAI के अनुसार, यह ऑफलाइन क्यूआर कोड पूरी तरह सेफ है। - इस सुविधा में सिर्फ जरुरत की जानकारी ही शेयर की जाती है, ताकि आपकी निजता बेहतर तरीके से सुरक्षित रहे और अनावश्यक डेटा शेयर होने का जोखिम कम हो। दूर-दराज के क्षेत्रों और आम नागरिकों को मिलने वाले बड़े लाभ - इस नए ऑफलाइन मोड का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो खराब नेटवर्क वाले क्षेत्रों या गांव में रहते हैं। - ट्रेन टिकट चेकिंग के दौरान या आपातकालीन स्थिति में मोबाइल डेटा न होने पर भी आपका डिजिटल आधार पूरी तरह से मान्य होगा। - गौरतलब है कि कुछ जगहों पर नया Aadhaar App पहचान के लिए सुविधाजनक ऑप्शन बन सकता है। लेकिन, कुछ संस्थान पर अपने नियमों के अनुसार फिजिकल आधार या अन्य दस्तावेज भी मांगा जा सकता है।

