बच्चों को पॉक्सो, साइबर सुरक्षा और आत्म रक्षा के प्रति किया जागरूक
भास्कर न्यूज | टोंक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नालसा (जागृति) योजना, 2025 के तहत मंगलवार को सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भविष्य की थीम पर निजी स्कूल में जागरूकता शिविर आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य स्कूल के विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा व कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। प्राधिकरण सचिव (एडीजे) दिनेश कुमार जलुथरिया ने पॉक्सो एक्ट-2012 के प्रमुख प्रावधानों, यौन अपराधों से संरक्षण, शिकायत की प्रक्रिया तथा उपलब्ध निशुल्क कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी। “अच्छा स्पर्श-बुरा स्पर्श”, साइबर सुरक्षा व आत्म-सुरक्षा के उपायों पर भी सरल व प्रभावी तरीके से समझाइश दी गई। कोर्ट वाली दीदी पहल की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में हर स्कूल में चाइल्ड सेफ्टी कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने पर भी चर्चा की गई। यह कोऑर्डिनेटर बच्चों के साथ मैत्रीपूर्ण व्यवहार रखते हुए उनकी समस्याओं को समझे। समाधान सुनिश्चित करे। ट्रांसफार्मेटिव ट्यूजडे गतिविधि के तहत संवाद, प्रश्नोत्तर सत्र और इंटरेक्टिव गतिविधियों के जरिए बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित की गई। जागरूकता के स्तर का आकलन करने हेतु प्री-असेसमेंट एवं पोस्ट-असेसमेंट भी किया गया। अभियान बच्चों की सुरक्षा, जागरूकता एवं अधिकारों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह समाज में सकारात्मक व स्थायी परिवर्तन लाने का प्रयास है। सचिव जलुथरिया ने स्कूल के शिक्षकों व विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस अभियान को सिर्फ औपचारिकता कार्यक्रम मानने की जगह सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं। समाज में भी जागरूकता फैलाएं। कार्यक्रम में जागृति यूनिट के सदस्यों की भागीदारी रही। बच्चों की गोपनीयता का ध्यान रखा जाए। किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक मंचों पर साझा न की जाए।

