चार-धाम यात्रा के मद्देनजर राजस्थान पुलिस ने जारी की साइबर सुरक्षा चेतावनी
जयपुर। चार-धाम यात्रा के अगले सत्र के मद्देनजर राजस्थान पुलिस की साइबर अपराध शाखा विशेष सतर्कता बरत रही है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) वीके सिंह ने सोमवार को बताया कि राज्य के आमजन और श्रद्धालुओं के लिए एक विस्तृत साइबर सुरक्षा सलाह जारी की गयी है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को उन साइबर अपराधियों से […] The post चार-धाम यात्रा के मद्देनजर राजस्थान पुलिस ने जारी की साइबर सुरक्षा चेतावनी appeared first on Sabguru News .
रिलायंस फाउंडेशन ने ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ‘e-SafeHER’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह एक साइबर सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण पहल है, जिसे भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम ...
लखनऊ के इंजीनियर्स भवन में डिजिटल वेलबीइंग और साइबर सुरक्षा पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षाविद, इंजीनियर और बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने इस दौरान तकनीक के संतुलित और सुरक्षित उपयोग को आज के डिजिटल दौर की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता जे.बी सिंह ने मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित लोगों से तकनीक का सीमित और जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल करने की अपील की, ताकि इसके सही लाभ प्राप्त किए जा सकें। समय पर खुद को स्क्रीन से दूर रखना बेहद महत्वपूर्ण आईईटी लखनऊ की डॉ. दिव्या शर्मा ने 'माइंडफुल टेक' के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि लगातार स्क्रीन पर समय बिताने से कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। डॉ. शर्मा ने डिजिटल डिटॉक्स को आवश्यक बताते हुए कहा कि समय-समय पर खुद को स्क्रीन से दूर रखना बेहद महत्वपूर्ण है। प्रोफेसर नीलम श्रीवास्तव ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए मजबूत पासवर्ड, सुरक्षित प्लेटफॉर्म का उपयोग और निरंतर जागरूकता सबसे प्रभावी उपाय हैं। उन्होंने विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्र में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IIoT) के बढ़ते उपयोग के मद्देनजर सुरक्षा को और भी महत्वपूर्ण बताया। डिजिटल जागरूकता बढ़ाना समय की मांग राजेश श्रीवास्तव ने बढ़ते स्क्रीन टाइम के नकारात्मक प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज में डिजिटल जागरूकता बढ़ाना समय की मांग है, ताकि लोग साइबर ठगी और अन्य ऑनलाइन खतरों से स्वयं को सुरक्षित रख सकें।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वी.पी. सिंह ने कहा कि तेजी से विकसित हो रही तकनीक के बीच सुरक्षा और संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रवीण कुमार शुक्ला ने संगोष्ठी की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि एन.के निषाद ने इसका संचालन और समन्वय किया।
डीग में छात्रों को विधिक मुद्दों पर किया जागरूक:साइबर सुरक्षा, पॉक्सो और नशा मुक्ति पर विशेष अभियान
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग द्वारा एक विशेष विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडेज कार्यक्रम के तहत महात्मा गांधी उच्च माध्यमिक स्कूल, डीग में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीग के अध्यक्ष हेमराज गौड ने की। इस कार्यक्रम में कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों और साइबर सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम तथा नशा मुक्ति जैसे महत्वपूस्कूलर्ण सामाजिक-विधिक मुद्दों के बारे में जागरूक किया गया। छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए स्कूल में कोर्ट वाली दीदी नामक एक बाल-अनुकूल शिकायत या सुझाव पेटी भी स्थापित की गई। इसी क्रम में, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सरोज मीणा ने राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल पान्होरी में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, डीग रेनू शकीत ने एम. जे. एफ. उच्च माध्यमिक स्कूल डीग में शिविर लगाया। इसके अतिरिक्त, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, डीग अजय कुमार शर्मा ने राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल सेऊ में और न्यायिक मजिस्ट्रेट, डीग भाविका कुल्हारी ने श्रीराम आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल, डीग में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। इस अवसर पर लीगल डिफेंस काउंसिल के मुख्य प्रतिरक्षा अधिकारी विनोद कुमार शर्मा, उप-मुख्य प्रतिरक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार शर्मा, सहायक प्रतिरक्षा अधिकारी सौना गौतम, आशुतोष शर्मा, रोहन सिंह फौजदार, पीएलवी प्रियंका शर्मा और महात्मा गांधी राजकीय स्कूल की प्रिंसिपल नीता गुप्ता सहित कई न्यायिक कर्मचारीगण, अध्यापकगण एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
जिला जज ने स्कूल में लगाई कोर्ट वाली दीदी की शिकायत पेटी, साइबर सुरक्षा पर किया जागरूक
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा जिला एवं सेशन न्यायाधीश अभय जैन ने संगम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी लगाकर शुरुआत की। वहीं क्लास लेते हुए विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया। जिला न्यायाधीश जैन ने गुरुवार को संगम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में क्लास लेकर विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड तथा सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सोशल मीडिया का सोच-समझकर उपयोग करने, व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने तथा किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल से दूर रहने की सलाह दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सवाल पूछे, जिनका न्यायाधीश जैन ने समाधान किया। उन्होंने इस अवसर पर विद्यालय में कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी लगाकर शुरुआत की। इस पहल के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों में विशेष शिकायत पेटी लगाई जाएगी, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं, शिकायतें और सवाल लिखकर डाल सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव विशाल भार्गव ने बताया कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक नई पहल कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी की शुरुआत की गई है। इसमें छात्र-छात्राएं अपनी समस्याएं, शिकायतें और सवाल लिखकर डाल सकते हैं। इस योजना की खास बात यह है कि पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने से बच्चों को बिना किसी डर या संकोच के अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम इन शिकायतों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। महत्वपूर्ण हेल्पलाईन नम्बर भीलवाडा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, 8306002107, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साईबर क्राइम 1930, मुफ्त कानूनी सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं। कोर्ट वाली दीदी से विद्यार्थी बिना डरे कर सकेंगे अपनी बात
मोगा पुलिस ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुरु तेग बहादरगढ़ में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया। बता दे कि यह कार्यक्रम सीनियर कप्तान पुलिस मोगा के निर्देशों और डीएसपी सब डिवीजन मोगा गुरप्रीत सिंह व डीएसपी ट्रैफिक मोगा की अगुवाई में आयोजित किया गया। ट्रैफिक एजुकेशन सेल मोगा के इंचार्ज एएसआई केवल सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए ट्रैफिक नियमों और चिन्हों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, ओवरस्पीड से बचने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया। 112 हेल्पलाइन नंबर के बारे में दी जानकारी एएसआई केवल सिंह ने नशे की हालत में वाहन न चलाने और वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे रखने की भी हिदायत दी। उन्होंने 112 हेल्पलाइन नंबर के बारे में भी बताया और आपातकालीन स्थिति में इसका उपयोग करने की अपील की। नशे के प्रति लोगों को किया जागरूक छात्रों को नशे से दूर रहने और इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें नशा तस्करों की सूचना हेल्पलाइन नंबर 9779100200 पर देने का आग्रह भी किया गया। अभियान के दौरान साइबर क्राइम से बचाव के लिए भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कई लोग रहे मौजूद छात्रों को ऑनलाइन ठगी से सतर्क रहने और किसी भी साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर स्कूल के प्रिंसिपल दिलबाग सिंह बराड़, अध्यापक कुलदीप कौर, नवजोत सिंह, सतविंदर सिंह, राम सिंह, रविंदर कौर, सुरिंदर कौर और सिमरनजीत कौर भी उपस्थित थे।

