Meta और WhatsApp ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के आदेश का पालन करने का भरोसा दिया। यह आदेश भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा तय की गई प्राइवेसी और यूज़र कंसेंट से जुड़ी सुरक्षा शर्तों के विस्तार ...
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा है कि आज के दौर में डिजिटल टेक्नोलॉजी के बिना आगे नहीं बढ़ा जा सकता। इससे आमजन को भी काफी सुविधा हुई है। लेकिन एआई हो या अन्य कोई तकनीक, यह हमारी सुविधा के लिए होनी चाहिए। हम उसके इतने आदी या बंधक न बन जाएं कि निजी कामों में भी उससे पूछने लगें कि अब क्या करना है। ऐसा होना भयानक होगा।वे राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) की ओर से आयोजित ‘साइबर सुरक्षा व जागरूकता और न्याय तक पहुंच’ विषयक राष्ट्रीय सेमीनार के दूसरे दिन तकनीकी सत्र को संबोधित कर रहे थे। सेमीनार के तीनों तकनीकी सत्रों में साइबर अपराधों के मूल स्वरूप, डिजिटल वित्तीय लेनदेन और उनके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई। तीन दिवसीय सेमीनार का समापन रविवार को होगा। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पी.बी. वराले ने देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी चुनौती नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। साइबर अपराध हमारे समय की बड़ी चुनौतियों में से एक है, लेकिन यही चुनौती न्यायिक और सामाजिक तंत्र को नए रूप में ढालने का अवसर भी देती है। उन्होंने कहा कि हमें प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि पूरी तरह निवारक दृष्टिकोण अपनाना होगा। मेरे साथ भी साइबर फ्रॉड हुआ 0.17 प्रतिशत मामलों में ही वित्तीय धोखाधड़ी दर्ज जस्टिस आनंद पाठक ने ‘शोले’ से समझाया साक्ष्य संकलन
साइबर सुरक्षा पर रालसा का सेमीनार आज से
रालसा की ओर से साइबर सुरक्षा व जागरूकता और न्याय तक पहुंच विषय पर तीन दिवसीय सेमीनार शुक्रवार से शुरू होगा। सेमीनार के चीफ गेस्ट सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई सूर्यकांत होंगे और सीएम भजनलाल शर्मा स्पेशल गेस्ट रहेंगे। सेमीनार का शुभारंभ झालाना डूंगरी स्थित आरआईसी में शुक्रवार शाम छह बजे सीजेआई करेंगे। वहीं सेमीनार के दौरान हाईकोर्ट के एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा के गाइडेंस में रालसा की कई नई पहलों की शुरूआत होगी। रालसा की विभिन्न योजनाओं, बुक्स व हैंड बुक्स की लॉन्चिंग की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मंगलवार को दिल्ली में इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लीडर्स प्लेनरी सत्र में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि तकनीक संचालित प्रशासन ही भविष्य की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ सरकार डिजिटल नवाचारों को अपनाकर सुशासन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। एआई का समुचित उपयोग ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बना सकता है। उपमुख्यमंत्री ने वैश्विक विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित कर सहयोग की संभावनाएं तलाशीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ ड्रिवन बाई आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के स्टाल को भी देखा। वहां इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सेन की टीम ने राज्य के आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़े नवाचारों को प्रदर्शित किया था। संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कमिश्नर से की मुलाकातउपमुख्यमंत्री शर्मा की डीआरडीओ के स्टाल पर भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट को-ऑर्डिनेटर स्टीफन प्रिजनर से मुलाकात हुई। दोनों के बीच वैश्विक सहयोग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका और विकासशील राज्यों में नवाचार आधारित समाधान पर चर्चा हुई।
डिजिटल गार्ड हो गये फेल, साइबर सुरक्षा की कमजोरी हुई उजागर
साइबर-सिक्योरिटी फर्म और वेब-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता कंपनी द्वारा की गई रुकावट एक गंभीर याद दिलाती है कि किस प्रकार रक्षक भी कमजोर हैं

