बच्चों के लिए Internet मौलिक अधिकार, उम्र आधारित बैन Supreme Court ने किया खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट के इस्तेमाल पर उम्र के आधार पर लगाई जाने वाली पूरी तरह से पाबंदियों को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बच्चों को इंटरनेट तक पहुँचने और उसका इस्तेमाल करने का मौलिक अधिकार प्राप्त है। हालाँकि, कोर्ट ने बच्चों को ऑनलाइन यौन शोषण से बचाने के लिए एक सख्त व्यवस्था बनाने की बात कही है। इसमें विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री का जल्द पता लगाना और उसे हटाना शामिल है। कोर्ट ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनकी आज़ादी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं हैं। कोर्ट ने माना कि बच्चों को इंटरनेट के इस्तेमाल से पूरी तरह रोकना अनुचित होगा। साथ ही, इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा के ऐसे उपाय होने चाहिए जो बच्चों के अधिकारों को छीने बिना उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें। अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि उम्र के आधार पर लगाई गई पाबंदियां बच्चों को ऐसी वेबसाइटों की ओर धकेल सकती हैं, जो किसी के नियंत्रण में नहीं हैं और कहीं अधिक खतरनाक हो सकती हैं। अदालत ने कहा कि जो बच्चे ऑनलाइन बहकावे में आते हैं या जिन्हें डराया-धमकाया जाता है, वे इन पाबंदियों के उल्लंघन के लिए सजा मिलने के डर से अपने माता-पिता या किसी भरोसेमंद वयस्क को ऐसी घटनाओं के बारे में बताने से हिचकिचा सकते हैं। इसे भी पढ़ें: भारत पर 100% टैरिफ लागू होने से ठीक एक दिन पहले Donald Trump का बड़ा यू-टर्न! रूस से तेल पर लगे प्रतिबंध और शुल्क हटाए सुप्रीम कोर्ट ने आपत्तिजनक सामग्री न हटा पाने पर जताई चिंता अदालत ने इस बात पर चिंता जताई कि मौजूदा दिशानिर्देशों के बावजूद, बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री ऑनलाइन लगातार फैल रही है। अदालत ने पीड़ितों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम न उठाने पर नियामक प्राधिकरणों और सोशल मीडिया कंपनियों की आलोचना की। यह कार्यवाही आंशिक रूप से उन रिपोर्टों के आधार पर शुरू हुई, जो अदालत के सामने पेश की गई थीं। इन रिपोर्टों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद रीडायरेक्ट लिंक और वेबसाइटों के ज़रिए, बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री के कथित 'पेड प्रमोशन' (पैसे देकर प्रचार करने) की ओर इशारा किया गया था। अदालत ने कहा कि ऐसी सामग्री की रिपोर्ट करने और उसे हटाने की मौजूदा व्यवस्था काफी हद तक व्यक्तिगत शिकायतों पर निर्भर है। जब कोई एक प्लेटफॉर्म ऐसी सामग्री का पता लगाकर उसे हटाता है, तो वही सामग्री अन्य प्लेटफॉर्मों पर अपने आप चिह्नित (फ्लैग) नहीं होती है। इससे उसे हटाने में देरी हो सकती है और वह ऑनलाइन फैलती रह सकती है। इसे भी पढ़ें: बैंकिंग सिस्टम पर Akhilesh Yadav का केंद्र पर वार, KYC और CIBIL को लेकर दागे 12 सवाल राष्ट्रीय डेटाबेस, क्रॉस-प्लेटफ़ॉर्म पहचान सर्वोच्च न्यायालय ने बाल यौन शोषण सामग्री की पहचान और उसे हटाने की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार और इंटरनेट एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने केंद्र सरकार को अवधारणात्मक हैश और यूआरएल के राष्ट्रीय डेटाबेस के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश दिया है। इससे प्लेटफॉर्मों को विभिन्न सेवाओं में समान सामग्री की पहचान करने और समन्वित पहचान एवं हटाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी प्रणालियों में गलत तरीके से सामग्री हटाने से बचाव के उपाय शामिल होने चाहिए। किसी एक शिकायत के आधार पर सामग्री को स्वचालित रूप से डेटाबेस से हटाया या जोड़ा नहीं जाना चाहिए। इस तरह की कार्रवाई से पहले कई सुरक्षा उपाय और सत्यापन आवश्यक हैं।
ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल भुगतान से जोड़ने और उन्हें नियमित रूप से इसका इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक वर्ष में राजस्थान की 3 लाख महिलाओं तक भीम पेमेंट्स एप्प की सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी शुरुआत उदयपुर से हुई, यहां आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों की 100 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया। ये महिलाएं पहले से ही अपने रोजमर्रा के वित्तीय लेन-देन में भीम एप्प इस्तेमाल कर रही हैं और अब आगे बड़ी संख्या में इन महिलाओं को इससे भुगतान करने के बारे में सिखाया जाएगा। यह पहल ‘यूपीआई फॉर हर 2.0’ कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही उनके मन में इसे लेकर भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ाना है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी राजस्थान ग्रामीण बैंक, एनपीसीआई भीम और वुमेन्स वर्ल्ड बैंकिंग ने रणनीतिक साझेदारी की है। इस पहल के तहत यह कार्य किया जा रहा है। कई महिलाओं के पास स्मार्टफोन और बैंक खाते होने के बावजूद वे डिजिटल भुगतान का नियमित इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। जानकारी की कमी, तकनीक को लेकर झिझक और डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा को लेकर आशंकाएं इसकी प्रमुख वजह हैं। एनपीसीआई भीम की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी ललिथा नटराज ने कहा कि डिजिटल भुगतान क्रांति का पूरा लाभ उठाने के लिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। डिजिटल भुगतान से महिलाएं अपने पैसों का बेहतर प्रबंधन कर सकती हैं और वित्तीय सेवाओं तक आसानी से पहुंच बना सकती हैं। राजस्थान ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष मुकेश भारतीय ने कहा कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का ग्रामीण समुदायों के साथ विश्वास का मजबूत रिश्ता है। इस भरोसे को भीम की डिजिटल सुविधाओं से जोड़कर महिलाओं को डिजिटल वित्तीय सेवाओं का इस्तेमाल शुरू करने में मदद मिल सकती है। इससे डिजिटल सुविधाओं का लाभ गांवों और परिवारों तक पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी। वुमेन्स वर्ल्ड बैंकिंग की दक्षिण एशिया प्रमुख कल्पना अजयन् ने कहा कि महिलाओं के डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जुड़ने में भरोसे की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं को डिजिटल भुगतान में आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक करना भी जरूरी है। डिजिटल भुगतान के दौरान साइबर धोखाधड़ी से बचने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने जैसे सुरक्षा उपायों की जानकारी महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
सेन्हा थाना में साइबर सुरक्षा पर प्रशिक्षण
लोहरदगा|माई भारत, लोहरदगा की ओर से 9 से 13 अक्टूबर 2026 तक सेन्हा थाना में साइबर सुरक्षा विषय पर पांच दिवसीय अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेन्हा थाना प्रभारी मनोज कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में एमवाई भारत के पांच स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, पहचान की चोरी, सोशल मीडिया सुरक्षा, डिजिटल वित्तीय लेनदेन में होने वाले साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें मजबूत पासवर्ड बनाने, दोहरी प्रमाणीकरण व्यवस्था अपनाने, संदिग्ध लिंक से बचने, फर्जी कॉल के प्रति सतर्क रहने, व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी सुरक्षित रखने के महत्व को समझाया गया।
एआई एजेंटों ने भारतीय संगठनों के गोपनीय डाटा में लगाई सेंध, साइबर सुरक्षा एजेंसी ने जारी की चेतावनी
एआई का बढ़ता इस्तेमाल साइबर सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन रहा है। देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी सीईआरटी-इन ने गंभीर चेतावनी जारी कर बताया है कि एआई एजेंटों ने बिना अनुमति भारतीय संगठनों के कंप्यूटर सिस्टम और गोपनीय डाटा में सेंध लगाई।
Shahjahanpur News: हेल्पलाइन नंबर और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी
सेहरामऊ दक्षिणी। मिशन शक्ति अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय वेहटी में छात्राओं को महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के प्रति जागरूक किया गया।
Bilaspur News: भाखड़ा स्कूल में विद्यार्थियों को दिए साइबर सुरक्षा के टिप्स
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भाखड़ा में वोकेशनल
हापुड़: मिशन शक्ति 6.0 के तहत छात्रों को साइबर सुरक्षा और अभ्युदय योजना की दी जानकारी
होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को 1930 हेल्पलाइन और प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग की जानकारी दी गई।
साइबर सुरक्षा के साथ में महिला सशक्तीकरण की जानकारी दी
निकटवर्ती जवाली में विशेष विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया। मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं और श्रमिकों को कानूनी अधिकारों देना था। इस दौरान अधिकार मित्र प्रदीप कुमार ने उपस्थित महिलाओं और श्रमिकों को वर्तमान समय में महत्वपूर्ण विषय साइबर सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को ऑनलाइन ठगी से बचने के उपायों के साथ-साथ आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए नालसा हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जागरूक किया। महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर (सखी) और घरेलू हिंसा से जुड़े कानूनी प्रावधानों एवं सुरक्षा उपायों की जानकारी दी, ताकि वे किसी भी उत्पीड़न की स्थिति में अपने अधिकारों का खुलकर उपयोग कर सकें।
Hardoi News: छात्र-छात्राओं को मागर्दशन के साथ मिला साइबर सुरक्षा का मंत्र
हरदोई। मिशन शक्ति अभियान में बृहस्पतिवार को सीएसएन पीजी कॉलेज सहित जनपद के विभिन्न विद्यालयों में पुलिस अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को कॅरिअर के अलावा साइबर सुरक्षा के विषय में जागरूक किया।
लखनऊ में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत गुरुवार को कैसरबाग स्थित आईएएस दृष्टि कोचिंग सेंटर में छात्राओं के लिए करियर गाइडेंस और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कैसरबाग पुलिस की ओर से आयोजित कार्यक्रम में स्कंद पब्लिक स्कूल, अमीनाबाद और अमीरुद्दौला इस्लामिया डिग्री कॉलेज की छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में छात्राओं को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से यूपीएससी, यूपीपीसीएस, एसएससी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन की जानकारी दी गई। साथ ही महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों, साइबर अपराध और पुलिस की हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट से बचने के तरीके बताए कार्यक्रम में यूपी पुलिस साइबर क्राइम मुख्यालय के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. रक्षित टंडन ने छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों के बारे में बताया। उन्होंने डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के उपाय साझा किए। इस दौरान साइबर सुरक्षा से संबंधित वीडियो भी दिखाए गए। साइबर टीम ने छात्राओं को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, निजी जानकारी और ओटीपी साझा नहीं करने तथा सोशल मीडिया का सतर्कता से इस्तेमाल करने की सलाह दी। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने के लिए भी जागरूक किया गया। छेड़छाड़ या उत्पीड़न होने पर हेल्पलाइन पर करें शिकायत महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि छेड़छाड़, पीछा करने, उत्पीड़न या हिंसा की स्थिति में चुप रहने के बजाय पुलिस से मदद लें। छात्राओं को आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 112, वीमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में बताया गया। पुलिसकर्मियों ने कहा कि किसी भी विषम परिस्थिति में घबराने के बजाय आत्मविश्वास और सूझबूझ से काम लें। आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रेरित पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को करियर के अवसरों की जानकारी देने के साथ महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकारों और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा। यह कार्यक्रम डीसीपी पश्चिमी जितेंद्र श्रीवास्तव के निर्देशन एसीपी कैसरबाग अभिषेक पांडेय, थाना प्रभारी निरीक्षक कैसरबाग अंजनी मिश्रा तथा मिशन शक्ति, साइबर और एंटी रोमियो टीम की ओर से आयोजित किया गया।
सीतापुर में महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के सीता इंटर कॉलेज में 15 अक्टूबर को मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्राओं को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, साइबर अपराध और महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बताया गया कि मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी आईडी बनाना, फोटो एडिट करके वायरल करना और अश्लील संदेश भेजना साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। छात्राओं को अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने, फोटो के दुरुपयोग से सतर्क रहने, ओटीपी साझा न करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई। साइबर बुलिंग या किसी अन्य समस्या का सामना करने पर माता-पिता अथवा शिक्षक को तुरंत जानकारी देने और संबंधित सबूत सुरक्षित रखने के लिए कहा गया। पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान के उद्देश्यों और महिला सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों के बारे में भी बताया। इसके साथ ही छात्राओं को यातायात नियमों का पालन करने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के प्रति जागरूक किया गया।
हापुड़ में मिशन शक्ति 6.0 के तहत महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का संदेश, साइबर सुरक्षा पर भी जागरूकता
पीरनगर सूदना में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, आपातकालीन हेल्पलाइन 1930 और कौशल विकास की जानकारी दी गई।
नोएडा, 15 अक्टूबर . महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर Police कमिश्नरेट द्वारा मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कमिश्नरेट के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में Thursday को साइबर अपराध ... Read more
मध्य रेल में साइबर सुरक्षा को लेकर ऑनलाइन जागरूकता सत्र, अधिकारियों-कर्मचारियों को किया सतर्क
कर्मचारियों को सुरक्षित डिजिटल कार्यप्रणालियां अपनाने और संभावित साइबर खतरों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए आईटी टीम ने दी अहम जानकारी।
Starlink Internet in Ukraine: स्पेसएक्स ने स्टारलिंक इंटरनेट पर लगाई पाबंदी
चलते समय स्टारलिंक के इस्तेमाल पर स्पेसएक्स की रोक से यूक्रेनी सेना की संचार व्यवस्था प्रभावित, जेलेंस्की ने एलन मस्क से पूर्ण बहाली की अपील की।
बुलंदशहर में उत्तर प्रदेश पुलिस के मिशन शक्ति अभियान 6.0 के तहत गुरुवार को डिबाई स्थित त्रिवेणी दत्त सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन के जागरूकता कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। इस दौरान मिशन शक्ति टीम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी और सोशल मीडिया सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने तथा सोशल मीडिया का सावधानी से इस्तेमाल करने की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराने के लिए भी जागरूक किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर खतरों से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना रहा। इस अवसर पर मिशन शक्ति प्रभारी जितेंद्र कुमार, रिचा वर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित
बड़वानी| शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) बड़वानी में बुधवार को प्रशिक्षणार्थियों के लिए वित्तीय साक्षरता व साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित की गई। नेशनल सेंटर फॉर फाइनेंशियल एजुकेशन के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में वक्ता आयुष जैन ने ऑनलाइन ठगी, डिजिटल पेमेंट फ्रॉड से बचाव और सरकारी बीमा योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। कार्यशाला में 22 देशों की करेंसी, पुराने भारतीय नोट और सिक्कों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। प्राचार्य केतन मालवीय सहित अन्य अतिथि मौजूद थे।
वित्तीय साक्षरता मेला डीग: साइबर सुरक्षा और बैंकिंग योजनाओं की जानकारी 15 अक्टूबर को
डीग के मेला ग्राउंड में 15 अक्टूबर को लगने वाले मेले में डिजिटल बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और साइबर धोखाधड़ी से बचाव की दी जाएगी जानकारी।
हिंद महासागर से साइबर सुरक्षा तक: भारत-आसियान मिलकर करेंगे रक्षा की नई तैयारी, रक्षा मंत्री ने रखा रोडमैप- From Indian Ocean to cybersecurity India and ASEAN to jointly prepare for new defense initiatives
Sant Kabir Nagar News: मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
Under Mission Shakti, girl students were made aware about cyber security.
मुजफ्फरनगर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर मिशन शक्ति अभियान के तहत मंगलवार, 13 अक्टूबर को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय शेरपुर में छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 और संचार साथी पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने और ओटीपी व पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। छात्र-छात्राओं को साइबर बुलिंग, फर्जी सोशल मीडिया आईडी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और निजी तस्वीरों के दुरुपयोग से बचाव के तरीके भी बताए गए। साइबर अपराध का शिकार होने पर साक्ष्य सुरक्षित रखने, संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने और जरूरत पड़ने पर पुलिस से सहायता लेने की जानकारी दी गई।
बुलंदशहर में साइबर सुरक्षा अभियान:पुलिस ने छात्रों को बताए साइबर ठगी से बचाव के तरीके
बुलंदशहर में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह (एनसीएसएएम) के तहत साइबर क्राइम सेल और थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने निर्मला कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए। पुलिस टीम ने छात्रों को ऑनलाइन ठगी, बैंक धोखाधड़ी, फिशिंग कॉल और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़े खतरों के बारे में जानकारी दी। उन्हें अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन साझा की जाने वाली निजी जानकारियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिसकर्मियों ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। कार्यक्रम में साइबर ठगी का शिकार होने पर शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in की जानकारी भी दी गई। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना है।
एआई और साइबर सुरक्षा के अनुरूप अपडेट करें इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम : कुलपति
Update engineering courses according to AI and cybersecurity: Vice-Chancellor
आईपीएस अधिकारियों के लिए नई तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और डिजिटल साधनों से जुड़े प्रशिक्षण पाठ्यक्रम अनिवार्य किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने का रिकॉर्ड उनकी वार्षिक प्रदर्शन मूल्यांकन रिपोर्ट में शामिल होगा।
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण डेटा सेंटर उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है।

