खैरथल के सेठ गोपाल दास स्कूल में छात्र-छात्राओं के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को सुरक्षा और साइबर जागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना था। गुड टच, बैड टच की जानकारी दी इस कार्यक्रम में महिला पुलिस की कॉन्स्टेबल मनीषा और शर्मिला ने बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' की पहचान के बारे में बताया। उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन ठगी से सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और आपातकालीन स्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों पर भी जानकारी दी। डराने-धमकाने या ठगी की कोशिश पर परिजन-पुलिस को सूचना देने की अपील कॉन्स्टेबलों ने विद्यार्थियों को समझाया कि यदि कोई व्यक्ति अनुचित व्यवहार करे, ऑनलाइन डराने-धमकाने, लालच देने या ठगी का प्रयास करे, तो उन्हें बिना किसी झिझक के अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को सूचित करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान 112 (आपातकालीन सेवा), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) और 1930 (साइबर धोखाधड़ी हेल्पलाइन) जैसे महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उन्हें साइबर अपराधों से बचने के उपाय सिखाना और किसी भी गलत घटना की जानकारी आत्मविश्वास के साथ संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य मितेश, अध्यापक दुर्गेश और अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। विद्यालय प्रशासन ने भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम की जानकारी सतवीर द्वारा दी गई।
राजस्थान पुलिस के महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को सवाई माधोपुर के रणथंभौर रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आईजी परम ज्योति ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, कानूनी अधिकार, साइबर सुरक्षा और आपातकालीन हेल्पलाइन की जानकारी दी। इस दौरान छात्राओं को राजकोप सिटिजन ऐप डाउनलोड करने और सड़क सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। आईजी परम ज्योति ने किया कार्यक्रम में शामिल आईजी परम ज्योति गुरुवार शाम को सवाई माधोपुर पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने अपने गोद लिए सूरवाल थाने का निरीक्षण किया। इसके बाद शुक्रवार सुबह वह रणथंभौर रोड स्थित एक मैरिज गार्डन पहुंचीं, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। महिला कानून और हेल्पलाइन की दी जानकारी कार्यक्रम के दौरान आईजी परम ज्योति ने छात्राओं को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिला गरिमा हेल्पलाइन 1090, पुलिस सहायता 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग के बारे में बताया। साथ ही पॉक्सो कानून, नई न्याय संहिता, वन स्टॉप सेंटर, महिला बीट अधिकारी योजना और गुड टच-बैड टच जैसे विषयों पर भी जानकारी दी। साइबर सुरक्षा पर किया जागरूक साइबर सुरक्षा सत्र में ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में जानकारी दी गई। आईजी ने छात्राओं से आपात स्थिति में मदद के लिए राजकोप सिटिजन ऐप डाउनलोड करने की अपील की। हेलमेट पहनने और नशे से दूर रहने की सलाह कार्यक्रम में बाइक चलाने वाले छात्र-छात्राओं को हेलमेट पहनने और नशे से दूर रहने की सलाह दी गई। इस दौरान एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी, एएसपी विजय सिंह मीणा, सीओ सिटी राजेन्द्र मीणा, कोतवाली थानाधिकारी मदन लाल मीणा सहित बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स मौजूद रहे।
खैरथल में डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला हुई। ये कार्यशाला बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत महिला अधिकारिता विभाग, महिला पुलिस थाना खैरथल और स्पेक्ट्रा संस्था के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय बालिका स्कूल में हुई। इसमें छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताएमहिला पुलिस थाना खैरथल के थानाधिकारी नंदलाल ने छात्राओं को सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताए। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930, आपातकालीन नंबर 112 और राजकॉप सिटिजन ऐप की जानकारी दी। नंदलाल ने किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत पुलिस और हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की। डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग के लिए प्रेरित कियामहिला अधिकारिता विभाग की ब्लॉक सुपरवाइजर नीरज शर्मा ने लाड़ो प्रोत्साहन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, बाल विवाह निषेध, पॉक्सो अधिनियम, डिजिटल साक्षरता और बालिकाओं के अधिकारों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनने और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। महिला सुरक्षा सलाह केंद्र की लीगल एडवाइजर कोयल जाटव ने घरेलू हिंसा अधिनियम (डीवी एक्ट), महिलाओं के कानूनी अधिकार, घरेलू हिंसा से संरक्षण और उपलब्ध कानूनी सहायता सेवाओं की जानकारी प्रदान की। स्पेक्ट्रा संस्था के जिला समन्वयक गुलाब शर्मा ने बाल श्रम, बाल विवाह, साइबर सुरक्षा और बच्चों के अधिकारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं से जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। कार्यशाला के दौरान सुरक्षा सखियों के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर भी महिला एवं बालिका सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता और साइबर जागरूकता अभियान को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल स्टाफ, विभागीय अधिकारी, सुरक्षा सखी ओमवती व सुष्मा सहित बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया।
हिसार पुलिस अधीक्षक हिसार सिद्धांत जैन के निर्देशानुसार गुरुवार को थाना बरवाला में पुलिस पब्लिक को-ऑर्डिनेशन कमेटी (PPCC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी निरीक्षक करमजीत सिंह ने की। इसमें शहर के गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं अन्य लोगों ने कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान पुलिस अधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं जनहित से जुड़े विषयों की जानकारी देते हुए नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग की अपील की। लोगों से कहा गया कि वे अपराध, नशा तस्करी, साइबर अपराध और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। आपसी समन्वय से ही अपराधमुक्त समाज का निर्माण संभव : थाना प्रभारी थाना प्रभारी करमजीत सिंह ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय तथा आपसी विश्वास से ही सुरक्षित और अपराधमुक्त समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने नागरिकों से अपने आसपास होने वाली किसी भी आपराधिक या असामाजिक गतिविधि की जानकारी निडर होकर पुलिस को देने का आग्रह किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। बैठक में महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन, नशा मुक्त समाज के निर्माण, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग तथा साइबर ठगी से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराधों से बचने के लिए लोगों को जागरूक रहने और किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी। लोगों ने दिया पुलिस को सहयोग करने का भरोसा बैठक में उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण, जनजागरूकता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आमजन के सहयोग से ही जिले में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे जनसंवाद एवं समन्वय कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे।
महिला सुरक्षा पर जागरूकता सत्र: साइबर सुरक्षा व हेल्पलाइन नंबर की जानकारी दी
शास्त्री नगर स्थित संत जयाचार्य महिला कॉलेज में बुधवार को पुलिस उपायुक्त (उत्तर) के निर्देशन में ‘हर महिला की सुरक्षा एवं सम्मान’ विषय पर ऑनलाइन जागरूकता सत्र का आयोजन हुआ। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सुरेन्द्र कुमार ने विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को राजस्थान पुलिस की विभिन्न सुरक्षा योजनाओं, महिला हेल्पलाइन, साइबर सुरक्षा तथा महिला अधिकारों से जुड़ी अहम जानकारियां साझा कीं। कॉलेज प्राचार्या डॉ. मनीषा शर्मा के मार्गदर्शन में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सत्र में सक्रिय भागीदारी की।
450 छात्राओं को आत्मरक्षा व साइबर सुरक्षा की जानकारी दी
सीकर हाईवे स्थित उदयपुरिया गांव के मेहता कॉलेज में पुलिस के जनजागरूकता अभियान के तहत 450 छात्राओं को महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा और साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी गई। कार्यक्रम जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देशन में कालिका पेट्रोलिंग टीम की नोडल अधिकारी रानू शर्मा के नेतृत्व में हुआ। महिला कांस्टेबल सुशीला और सुनीता चौधरी ने राजकॉप सिटीजन एप, महिला गरिमा हेल्पलाइन 1090 और साइबर हेल्पलाइन 1930 के उपयोग की प्रक्रिया समझाई।
युवाओं को दी नशा मुक्ति व साइबर सुरक्षा की सीख
खानपुर| शहर के निजी स्कूल में 'ड्रग्स को कहें ना, अपने सपनों को कहें हां' विषय पर विधिक जागरूकता कार्यशाला हुई। ताल्लुका विधिक सेवा समिति की अध्यक्ष एवं सिविल न्यायिक मजिस्ट्रेट अंजू कुमारी ने विद्यार्थियों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों से आगाह करते हुए अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करने की सीख दी। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के कड़े प्रावधान बताए। अधिकार मित्र भारत कुमार गौड़ ने बाल विवाह, पर्यावरण संरक्षण और साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली।
मारू बंजारा समाज शिक्षा एवं विकास समिति, पाली के तत्वावधान में रविवार को हिम्मत नगर स्थित समाज भवन में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वर्ष 2025-26 में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के 105 छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और सम्मान देकर सम्मानित किया गया। SDM बोले- प्रतिभाओं को बेहतर अवसर देना समाज की जिम्मेदारी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसडीएम विमलेन्द्र सिंह राणावत थे, जबकि अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेन्द्र सिंह मेहता ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी राहुल राजपुरोहित मौजूद रहे। एसडीएम राणावत ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति उसकी युवा शक्ति और शिक्षा पर आधारित होती है। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर अवसर और सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। मोबाइल का सीमित उपयोग करने की दी सलाह अध्यक्षीय उद्बोधन में महेन्द्र सिंह मेहता ने विद्यार्थियों से मोबाइल का सीमित और सकारात्मक उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रति समर्पित रहकर ही विद्यार्थी अपने जीवन में बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों का भी हुआ सम्मान समारोह में ग्राम पंचायत बीझासनी (बिलाड़ा) की सरपंच/प्रशासक रेखा देवी, ग्राम पंचायत गुंदोज के सरपंच/प्रशासक दिनेश बंजारा, ग्राम पंचायत रूपावास के सरपंच सुरेश बंजारा के साथ समाजसेवी एवं भामाशाह किशन बंजारा, एडवोकेट गोविंद बंजारा, श्रवण चौहान और गोविंदराम (बिलाड़ा) का भी सम्मान किया गया। महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों की दी जानकारी कार्यक्रम के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय की कालिका पेट्रोलियम यूनिट की ओर से छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इन लोगों ने निभाई अहम भूमिका कार्यक्रम का संचालन मांगीलाल तंवर ने किया। आयोजन को सफल बनाने में कल्याण पंवार, हरीश भाटी, श्याम पाषाण, विजय सोलंकी, अशोक पलियाल, इंदर पडियार, देव चावड़ा, श्याम राठौड़, नरेश चावड़ा, रोशन पंवार, श्रवण डालिया, कैलाश मूण, रवि राठौड़, दिनेश गौड़, कैलाश पलियाल, मोहन गौड़, अशोक राड़ सहित समिति के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के सुदूर और संवेदनशील इलाकों में पुलिस और ग्रामीणों के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए रविवार को 'पुलिस की चौपाल' का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय.पी. सिंह के निर्देश और एसडीओपी मानपुर विनोद कुमार मिंज के मार्गदर्शन में थाना सीतागांव के ग्राम हलांजूर और एड़मा-बड़मा में आयोजित हुआ। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याएं सुनना, उनकी जरूरतों को समझना और उन्हें सामाजिक व कानूनी विषयों पर जागरूक करना था। 14 गांवों का दौरा, बच्चों और ग्रामीणों से की बातचीत थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार यादव ने थाना क्षेत्र के तीन बीट के अंतर्गत आने वाले सभी 14 गांवों का दौरा किया। उन्होंने वनांचल के स्कूली बच्चों, आंगनबाड़ी के बच्चों और ग्रामीणों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं व बुनियादी जरूरतों की जानकारी ली। साइबर ठगी से बचने के बताए आसान तरीके चौपाल में ग्रामीणों को साइबर अपराधों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने की सलाह दी गई। साथ ही ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करने और साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने की जानकारी दी गई। महिलाओं और बच्चों को बताए उनके अधिकार कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी विशेष जानकारी दी गई। उन्हें घरेलू हिंसा से बचाव, अपने कानूनी अधिकार, अभिव्यक्ति ऐप, डायल-112 और महिला हेल्पलाइन 1091 के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया। युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील पुलिस ने युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। उन्हें शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहकर स्वस्थ और सुरक्षित समाज बनाने में सहयोग देने की अपील की गई। बारिश के मौसम में सुरक्षा के दिए सुझाव वर्षा ऋतु को देखते हुए ग्रामीणों को जहरीले जीव-जंतुओं और सांप काटने की स्थिति में बचाव के उपाय बताए गए। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई। पर्यावरण संरक्षण के लिए बांटे फलदार पौधे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए थाना क्षेत्र के सभी 14 गांवों में ग्रामीणों को फलदार पौधे वितरित किए गए। सीतागांव और सेंडावाही में पीपल, बरगद, नीम और करंज के पौधे लगाए गए। अन्य गांवों में भी यह अभियान चरणबद्ध तरीके से जारी है।
लखनऊ पुलिस की साइबर सेल और गैर-सरकारी संगठन 'प्रयास' ने संयुक्त रूप से स्कूली छात्रों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी। अभियान के तहत करीब 400 छात्रों को सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी, साइबर बुलिंग और मोबाइल हैकिंग जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक करना था। कक्षा-12 की छात्रा अनुषांगी खेमका ने साइबर जागरूकता अभियान की पहल की है। लखनऊ पुलिस की साइबर सेल के सहयोग से वह स्कूलों में जाकर छात्रों को साइबर अपराध से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक कर रही हैं। सेंट मेरी इंटर कॉलेज में हुआ कार्यक्रम आयोजित कार्यक्रम में सेंट मेरी इंटर कॉलेज के कक्षा 9 से 12 तक के करीब 400 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। लखनऊ पुलिस की साइबर सेल और NGO 'प्रयास' के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साइबर अपराध के बदलते तरीकों और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्य आरक्षी ने बताए साइबर सुरक्षा के अहम नियम साइबर सेल के मुख्य आरक्षी गौरव शुक्ला ने छात्रों को सोशल मीडिया पर निजी फोटो और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने, प्रोफाइल को सुरक्षित रखने, अनजान लोगों द्वारा भेजे गए लिंक और APK फाइल डाउनलोड न करने की सलाह दी। उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग, मोबाइल हैकिंग और फिशिंग फ्रॉड से बचने के तरीके भी बताए। साथ ही साइबर हेल्पलाइन और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी। डिजिटल जागरूकता पर दिया जोर कोऑर्डिनेटर अनुगंगी खेमका ने कहा कि आज के समय में बच्चों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में सही जानकारी के अभाव में बच्चे आसानी से साइबर अपराधियों का शिकार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि 'प्रयास' का उद्देश्य लखनऊ पुलिस के सहयोग से स्कूलों में लगातार ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना है, ताकि छात्र सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बन सकें। पोस्टर भी बांटे, स्कूल प्रबंधन ने की सराहना कार्यक्रम के दौरान छात्रों को साइबर सुरक्षा से जुड़े पोस्टर और जागरूकता सामग्री भी वितरित की गई। स्कूल के डायरेक्टर श्री गौरव, प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए, जिससे छात्र साइबर अपराध के प्रति सतर्क रह सकें और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपना सकें।

