चौथी कक्षा से स्टूडेंट्स सीखेंगे एआई, कोडिंग व साइबर सुरक्षा
लुधियाना| हैबोवाल स्थित मंथन स्कूल में डिजिटल युग की एक नई इबारत लिखी गई है। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के सामाजिक प्रकल्प मंथन ने मंथन वोकेशनल ट्रेनिंग एंड एजुकेशन सेंटर का भव्य आगाज किया है। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता और व्यवसायी जोगेंद्र गोयल तथा उनकी पत्नी पूनम गोयल ने पारंपरिक पूजन के साथ किया। उद्घाटन के प्रतीक के रूप में कंप्यूटर माउस पर प्रथम क्लिक कर आधुनिक डिजिटल कक्षाओं की नींव रखी गई। संस्थान के नूरमहल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के संयोजक स्वामी विश्वानंद ने केंद्र की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि शिक्षा का असली उद्देश्य स्वावलंबन है। चौथी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सुरक्षा जैसे विषय केवल पाठ्यक्रम नहीं बल्कि उन्हें भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने का एक मिशन हैं। आशुतोष महाराज की प्रेरणा से तैयार इस केंद्र में बच्चे कक्षा चौथी से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का रचनात्मक उपयोग, कोडिंग की बुनियादी बारीकियां और साइबर सुरक्षा जैसे अत्याधुनिक विषय सीखेंगे।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में साजन अग्रवाल, जनक राज गोयल, निशा गोयल, सुनीता जैन, अशोक कुमार, अजय गर्ग और डॉ. आयुष गर्ग उपस्थित थे। इस मौके पर स्वामी गुरुकृपानंद, स्वामी प्रकाशानंद, साध्वी कपिला भारती, साध्वी मैथिली भारती व साध्वी मीनाक्षी भारती मौजूद रहे।
ट्रिनिटी स्कूल में 2000 लोगों को साइबर सुरक्षा की सीख दी
विदिशा| पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चल रहे सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत 8 जुलाई 2026 को ट्रिनिटी कॉन्वेंट स्कूल में साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता कार्यक्रम हुआ। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने विद्यार्थियों, शिक्षकों को साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए। कार्यक्रम में करीब 2000 छात्र, शिक्षक, स्टाफ शामिल हुए। जागरूकता वीडियो दिखाए गए। डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लिंक, साइबर बुलिंग, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों पर जानकारी दी गई। काशवानी ने कहा कि अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें। ओटीपी, पासवर्ड, बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। भ्रामक संदेशों से सतर्क रहने को कहा। उन्होंने बताया कि ठगी होने पर 1930 साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत कॉल करें। www.cybercrime.gov.i n पर शिकायत दर्ज करें। छात्रों ने ऑनलाइन फ्रॉड से जुड़े सवाल पूछे। जवाब व्यावहारिक उदाहरणों के साथ दिए गए। कार्यक्रम के अंत में साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। इसके बाद सड़क जनजागरूकता अभियान के तहत यातायात थाना प्रभारी आशीष राय ने हेलमेट पहनने की सलाह दी। यातायात संकेतों का पालन करने को कहा। वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करने की हिदायत दी। मौके पर सूबेदार मेघा शर्मा मौजूद रहीं। स्कूल की प्राचार्य भी मौजूद रहीं।
महिला सुरक्षा पर जिला पुलिस का फोकस:बेटियों को अधिकार, कानून से लेकर साइबर सुरक्षा तक की दी जानकारी
झालावाड़ पुलिस ने मंगलवार को पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव, आत्मरक्षा, हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं से किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने की अपील की, वहीं महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस का अभियान जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की, ताकि महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सके। साइबर अपराध, कानून और सिटिजन ऐप की जानकारी पिड़ावा की डीवाईएसपी पूजा नागर ने महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव के उपायों, बच्चों के अधिकारों और आपातकालीन स्थिति में सिटिजन ऐप के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर बिना झिझक तुरंत पुलिस से संपर्क करें। अधिकारों की जानकारी से बढ़ेगा आत्मविश्वास बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवराज सिंह हाड़ा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बेटियों को उनके अधिकारों, कानूनों और सुरक्षा उपायों की जानकारी देकर आत्मविश्वासी बनाते हैं। समिति सदस्य पूर्णिमा झाला ने कहा कि आत्मरक्षा के साथ-साथ महिलाओं को अपने अधिकारों और सुरक्षा संबंधी कानूनों की जानकारी होना भी जरूरी है। सरकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं की दी जानकारी जन साहस संस्था की कोऑर्डिनेटर वंदना सक्सेना ने बेटियों को जागरूक रहने और किसी भी समस्या में स्वयं को अकेला नहीं समझने का संदेश दिया। सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी पल्लवी चतुर्वेदी ने महिलाओं और बालिकाओं के लिए संचालित सरकारी योजनाओं और सहायता सेवाओं की जानकारी साझा की। इस दौरान लाइन पुलिस निरीक्षक मोहनलाल पोसवाल भी मंच पर मौजूद रहे। हेल्पलाइन, आत्मरक्षा और सम्मान समारोह कार्यक्रम में महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन नंबरों, आत्मरक्षा के उपायों और पुलिस की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। महिला वॉलंटियर्स से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने गए। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। बड़ी संख्या में रही महिलाओं और छात्राओं की भागीदारी कार्यक्रम में सुरक्षा सखी, महिला सीएलजी सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका समूह की महिलाएं, साथिन, एनएसएस स्वयंसेवक, विभिन्न एनजीओ प्रतिनिधि, स्कूल एवं कॉलेजों की प्रधानाचार्य, शिक्षिकाएं, एएनएम, जीएनएम, महिला अधिवक्ता, आशा सहयोगिनी, गृहिणियां, छात्रावास वार्डन और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
170 छात्राओं को साइबर सुरक्षा की सीख
भैरूंदा| सेफ क्लिक अभियान 2.0 के तहत बिना आंचल गर्ल्स स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। मकसद छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराध से बचाव समझाना रहा। सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने पर जोर दिया गया। एसडीओपी रोशन कुमार जैन और थाना भैरूंदा की पुलिस टीम ने सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल बताया। ऑनलाइन गेमिंग के दुष्प्रभाव समझाए। अज्ञात लिंक पर क्लिक करने के खतरे बताए। फर्जी एपीके फाइलों से होने वाले नुकसान बताए। अनजान एप्लीकेशन डाउनलोड करने से होने वाले साइबर फ्रॉड की जानकारी दी। पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल एनसीआरपी की जानकारी दी। हेल्पलाइन नंबर 1930 बताया। छात्राओं से कहा कि ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें। एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं और स्कूल स्टाफ को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। सुरक्षित इंटरनेट उपयोग का संकल्प लिया गया। मौके पर डायरेक्टर केएल पंवार, प्राचार्य, स्कूल स्टाफ और करीब 170 छात्राएं मौजूद रहीं।
अररिया में महिला एवं बाल विकास निगम, अररिया के तत्वावधान में मंगलवार को उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, कुसियारगाँव में 'सखी वार्ता' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को बाल विवाह, लैंगिक हिंसा, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता सेवाओं की जानकारी देना था। कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी सखी वार्ता टीम ने छात्राओं को बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और यह बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा भविष्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। उन्हें विवाह की वैधानिक आयु, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, साइबर सुरक्षा, आत्मरक्षा और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया गया संकट की स्थिति में उपलब्ध सरकारी सहायता सेवाओं की भी विस्तृत जानकारी साझा की गई। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, अस्थायी आश्रय, मेडिकल सहायता और पुलिस सहयोग जैसी सुविधाएं प्राप्त की जा सकती हैं। सखी वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा महिला हेल्पलाइन 181 के उपयोग और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया गया। सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया इस अवसर पर वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ एवं लेखा सहायक ने छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में उपलब्ध सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने वित्तीय साक्षरता और आत्मनिर्भरता के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के शिक्षकों एवं उपस्थित छात्राओं ने बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए सामूहिक शपथ ग्रहण की। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और बालिकाओं को सुरक्षित, शिक्षित एवं सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

