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मोहला-मानपुर में पुलिस ने लगाई 'चौपाल':ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा और नशामुक्ति का दिया संदेश; युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के सुदूर और संवेदनशील इलाकों में पुलिस और ग्रामीणों के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए रविवार को 'पुलिस की चौपाल' का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाय.पी. सिंह के निर्देश और एसडीओपी मानपुर विनोद कुमार मिंज के मार्गदर्शन में थाना सीतागांव के ग्राम हलांजूर और एड़मा-बड़मा में आयोजित हुआ। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याएं सुनना, उनकी जरूरतों को समझना और उन्हें सामाजिक व कानूनी विषयों पर जागरूक करना था। 14 गांवों का दौरा, बच्चों और ग्रामीणों से की बातचीत थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार यादव ने थाना क्षेत्र के तीन बीट के अंतर्गत आने वाले सभी 14 गांवों का दौरा किया। उन्होंने वनांचल के स्कूली बच्चों, आंगनबाड़ी के बच्चों और ग्रामीणों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं व बुनियादी जरूरतों की जानकारी ली। साइबर ठगी से बचने के बताए आसान तरीके चौपाल में ग्रामीणों को साइबर अपराधों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने की सलाह दी गई। साथ ही ओटीपी किसी के साथ साझा नहीं करने और साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने की जानकारी दी गई। महिलाओं और बच्चों को बताए उनके अधिकार कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी विशेष जानकारी दी गई। उन्हें घरेलू हिंसा से बचाव, अपने कानूनी अधिकार, अभिव्यक्ति ऐप, डायल-112 और महिला हेल्पलाइन 1091 के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया। युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील पुलिस ने युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। उन्हें शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहकर स्वस्थ और सुरक्षित समाज बनाने में सहयोग देने की अपील की गई। बारिश के मौसम में सुरक्षा के दिए सुझाव वर्षा ऋतु को देखते हुए ग्रामीणों को जहरीले जीव-जंतुओं और सांप काटने की स्थिति में बचाव के उपाय बताए गए। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई। पर्यावरण संरक्षण के लिए बांटे फलदार पौधे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए थाना क्षेत्र के सभी 14 गांवों में ग्रामीणों को फलदार पौधे वितरित किए गए। सीतागांव और सेंडावाही में पीपल, बरगद, नीम और करंज के पौधे लगाए गए। अन्य गांवों में भी यह अभियान चरणबद्ध तरीके से जारी है।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 9:58 pm

लखनऊ पुलिस साइबर सेल और NGO 'प्रयास' की पहल:400 छात्रों को साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग दी; कोऑर्डिनेटर बोलीं- जागरूकता ही जरूरी

लखनऊ पुलिस की साइबर सेल और गैर-सरकारी संगठन 'प्रयास' ने संयुक्त रूप से स्कूली छात्रों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी। अभियान के तहत करीब 400 छात्रों को सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी, साइबर बुलिंग और मोबाइल हैकिंग जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के प्रति जागरूक करना था। कक्षा-12 की छात्रा अनुषांगी खेमका ने साइबर जागरूकता अभियान की पहल की है। लखनऊ पुलिस की साइबर सेल के सहयोग से वह स्कूलों में जाकर छात्रों को साइबर अपराध से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक कर रही हैं। सेंट मेरी इंटर कॉलेज में हुआ कार्यक्रम आयोजित कार्यक्रम में सेंट मेरी इंटर कॉलेज के कक्षा 9 से 12 तक के करीब 400 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। लखनऊ पुलिस की साइबर सेल और NGO 'प्रयास' के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साइबर अपराध के बदलते तरीकों और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई। मुख्य आरक्षी ने बताए साइबर सुरक्षा के अहम नियम साइबर सेल के मुख्य आरक्षी गौरव शुक्ला ने छात्रों को सोशल मीडिया पर निजी फोटो और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने, प्रोफाइल को सुरक्षित रखने, अनजान लोगों द्वारा भेजे गए लिंक और APK फाइल डाउनलोड न करने की सलाह दी। उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग, मोबाइल हैकिंग और फिशिंग फ्रॉड से बचने के तरीके भी बताए। साथ ही साइबर हेल्पलाइन और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी। डिजिटल जागरूकता पर दिया जोर कोऑर्डिनेटर अनुगंगी खेमका ने कहा कि आज के समय में बच्चों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में सही जानकारी के अभाव में बच्चे आसानी से साइबर अपराधियों का शिकार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि 'प्रयास' का उद्देश्य लखनऊ पुलिस के सहयोग से स्कूलों में लगातार ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना है, ताकि छात्र सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बन सकें। पोस्टर भी बांटे, स्कूल प्रबंधन ने की सराहना कार्यक्रम के दौरान छात्रों को साइबर सुरक्षा से जुड़े पोस्टर और जागरूकता सामग्री भी वितरित की गई। स्कूल के डायरेक्टर श्री गौरव, प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होने चाहिए, जिससे छात्र साइबर अपराध के प्रति सतर्क रह सकें और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपना सकें।

दैनिक भास्कर 19 Jul 2026 12:00 pm

हिसार पुलिस ने साइबर सुरक्षा को लेकर किया जागरूक:पीड़ित के खाते में लौटाए ₹17 हजार; SP बोले- 1930 पर करें कॉल

हिसार के उकलाना में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर ठगी के एक पीड़ित को उसकी 17 हजार रुपए की ठगी गई राशि वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ित की मेहनत की कमाई सुरक्षित वापस उसके बैंक खाते में पहुंच गई। थाना प्रभारी उकलाना पीएसआई कुलदीप ने बताया कि शिकायत संख्या 31307260053688 के तहत पीड़ित ने ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही साइबर हेल्प डेस्क उकलाना की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक एवं राष्ट्रीय साइबर पोर्टल के माध्यम से ठगी गई राशि को होल्ड करवाने की प्रक्रिया शुरू की। पीड़ित के बैंक खाते में वापस करवाई राशि लगातार प्रयासों के बाद 17 हजार रुपए की पूरी राशि सफलतापूर्वक पीड़ित के बैंक खाते में वापस करवा दी गई। राशि वापस मिलने पर पीड़ित ने हिसार पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क उकलाना का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण उसकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकी। ठगी के शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण एसपी सिद्धान्त जैन (आईपीएस) ने कहा कि साइबर ठगी होने के बाद शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि पीड़ित तत्काल शिकायत दर्ज कराता है तो ठगी गई राशि को होल्ड कर वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि हिसार पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है और पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। साइबर हेल्प डेस्क से तुरंत संपर्क करें एसपी ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के साथ ऑनलाइन ठगी होती है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही निकटतम साइबर पुलिस थाना अथवा साइबर हेल्प डेस्क से तुरंत संपर्क करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें उन्होंने लोगों से साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाते की जानकारी या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 3:48 pm