साइबर सुरक्षा पर जागरूकता सत्र, ऑनलाइन ठगी से बचने के गुर सिखाए
भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज की सोसाइटी फॉर एडवांसमेंट ऑफ एकेडमिक्स, स्पोर्ट्स एंड कल्चरल एक्टिविटीज ने अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र विभाग के कमेटी रूम में साइबर सुरक्षा को लेकर एक जागरुकता सत्र का आयोजन किया। सत्र का संचालन बैंक ऑफ बड़ौदा लुधियाना के चीफ मैनेजर और लर्निंग हेड अजितेश कुमार ने किया। उन्होंने साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों और रोजमर्रा की जिंदगी में सुरक्षित डिजिटल तौर-तरीके अपनाने के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने डिजिटल टेक्नोलॉजी और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में तेजी से हो रही बढ़ोतरी पर बात की। उन्होंने जोर दिया कि जहां डिजिटलाइजेशन से बहुत सुविधाएं मिली हैं, वहीं इससे साइबर खतरों का जोखिम भी बढ़ा है। उन्होंने साइबर अपराध के विभिन्न रूपों जैसे फिशिंग हमले, पहचान की चोरी, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, सोशल इंजीनियरिंग स्कैम, मैलवेयर हमले और डेटा की चोरी पर चर्चा की। व्यावहारिक उदाहरणों और असल जिंदगी के केस स्टडीज़ के जरिए उन्होंने समझाया कि कैसे साइबर अपराधी इंसानी गलतियों और जानकारी की कमी का फायदा उठाकर संवेदनशील जानकारी तक अनधिकृत पहुंच हासिल कर लेते हैं। इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. किरण बैंस ने की। इसमें कॉलेज ऑफ बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज के फैकल्टी सदस्यों, स्टाफ और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सवाल-जवाब सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने वक्ता के साथ सक्रिय रूप से बातचीत की और ऑनलाइन सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट, सोशल मीडिया सुरक्षा और उभरते साइबर खतरों से जुड़े मुद्दों पर जानकारी मांगी। ऑनलाइन निजी जानकारी साझा करते समय सावधानियां बरतने की अपील विशेषज्ञ ने प्रतिभागियों को सलाह दी कि वह ऑनलाइन निजी जानकारी साझा करते समय, पासवर्ड बनाते समय, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते समय और बिना मांगे आए मैसेज या कॉल का जवाब देते समय सावधानी बरतें। उन्होंने मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करने, सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करने और ऑनलाइन ट्रांजक्शन करने से पहले वेबसाइट की प्रमाणिकता की जांच करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने लोगों को साइबर अपराध की रिपोर्ट करने और ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में मदद पाने के उपलब्ध तरीकों के बारे में भी जानकारी दी। यह कार्यक्रम एसएएएससीए के तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जो छात्रों और फैकल्टी सदस्यों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित रूप से शैक्षणिक, सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती है। सेक्रेटरी डॉ. शालिनी शर्मा ने अजितेश कुमार का आभार व्यक्त किया। सेशन का समापन बायोकेमिस्ट्री विभाग की बायोकेमिस्ट डॉ. शिल्पा की तरफ से धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने रिसोर्स पर्सन के योगदान और दर्शकों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। इस सेशन का संचालन अंग्रेज़ी की प्रोफेसर डॉ. सुमेधा भंडारी ने बहुत अच्छे ढंग से किया।
सांभर में विधिक साक्षरता शिविर:पॉक्सो, बाल संरक्षण, साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों को जागरूक किया
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार सांभर लेक के न्यायालय परिसर में मंगलवार को एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सत्र न्यायाधीश) माधवी दिनकर के निर्देशन में हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य पॉक्सो अधिनियम, बाल संरक्षण कानून, साइबर कानून, साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध जैसे विषयों पर आमजन को जागरूक करना था। शिविर में अध्यक्ष, तालुका विधिक सेवा समिति (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश क्रमांक-2) इंदु उज्जवल ने पॉक्सो अधिनियम और बाल संरक्षण कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उज्जवल ने बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए समय पर शिकायत और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी को आवश्यक बताया। इंदु उज्जवल ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का हनन करता है और उनके स्वास्थ्य, शिक्षा तथा भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घरेलू हिंसा रोकथाम संबंधी कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए महिलाओं और बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा और साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर भी चर्चा हुई। इसमें डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया दुरुपयोग, बैंकिंग धोखाधड़ी और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया। आमजन को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। विधिक सेवा प्राधिकरण के लीगल एड असिस्टेंट चान्दमल सांभरिया ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हेल्पलाइन नंबर 15100, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और गरिमा हेल्पलाइन नंबर 1090 के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद व्यक्ति इन सेवाओं का उपयोग कर कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं और शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं। इस अवसर पर सचिव, तालुका विधिक सेवा समिति रणजीत सिंह राठौड़ सहित पैरा लीगल वालेंटियर शंकर लाल छंदवाल, प्रेमचंद भेहड़ा, उमा शंकर व्यास, पूजा सांभरिया, निशांत शर्मा, राहुल वीर, जुल्फिकारुल्लाह खान, योगेश शुक्ला और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

