छत्तीसगढ़ में साइबर जागृति अभियान के तहत बुधवार, 1 अक्टूबर को कोरबा नगर निगम सभागृह में साइबर चौपाल का आयोजन हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आम लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। महापौर संजू देवी राजपूत, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। OTP फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचने पुलिस की सलाह पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने OTP फ्रॉड, अनजान लिंक और ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों से बचने के उपाय बताए। उन्होंने लोगों से OTP और बैंक की गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करने की अपील की। मंत्री लखन लाल देवांगन ने उपस्थित जनसमुदाय को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई। 15 अगस्त से चल रहे इस अभियान के तहत स्कूल, कॉलेज और ग्राम पंचायतों में जागरूकता फैलाई जा रही है। पुलिस ने साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी है।
देवरिया में सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार दोपहर 12 बजे जिला पंचायत सभागार में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें लोगों को बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता जरूरी है। कार्यक्रम में लोगों से कहा गया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM या UPI PIN, पासवर्ड और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। बैंक या सरकारी संस्था के नाम पर आने वाले संदिग्ध फोन कॉल पर भरोसा न करने की सलाह दी गई। मोबाइल पर किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई एप डाउनलोड करने या संदिग्ध लिंक खोलने से भी बचने को कहा गया। KYC और इनाम के नाम पर करते हैं ठगी जागरूकता कार्यक्रम में बताया गया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। कभी बैंक खाता बंद होने, KYC अपडेट करने तो कभी इनाम या किसी अन्य लालच का हवाला देकर गोपनीय जानकारी मांगी जाती है। लोगों से कहा गया कि ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित बैंक या संस्था से उसके आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें। सावधानी से कम किया जा सकता है नुकसान जिला पंचायत अध्यक्ष पंडित गिरीश चंद तिवारी ने कहा कि मोबाइल कॉल और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को झांसे में लेकर ऑनलाइन फ्रॉड किया जा रहा है। इसे रोकने के लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है। सावधानी बरतकर साइबर अपराध से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। डॉ. हरिश्चंद्र यादव ने भी डिजिटल लेनदेन के दौरान सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए संबंधित साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को सूचना दें, ताकि रकम की निकासी या आगे होने वाले नुकसान को रोकने का प्रयास किया जा सके। ये लोग रहे मौजूद कार्यक्रम का संचालन अंकुर राय ने किया। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्र प्रकाश सिंह, गंगा शरण पांडे, राजेश सिंह, मिथिलेश कुमार, धनंजय समेत जिला पंचायत के कर्मचारी और नागरिक मौजूद रहे।
कांकेर जिले की चारामा पुलिस ने शासकीय शहीद गेंद सिंह महाविद्यालय में साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। थाना प्रभारी सुरेश कुमार राठौर और उनकी टीम ने 250 से ज्यादा विद्यार्थियों और शिक्षकों को जानकारी दी। पुलिस ने छात्रों को ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचने के तरीके बताए। OTP, पासवर्ड, बैंक डिटेल और निजी जानकारी किसी के साथ शेयर न करने की सलाह दी गई। अनजान लिंक और संदिग्ध वेबसाइट से दूर रहने को भी कहा गया। साइबर बुलिंग, ब्लैकमेलिंग या साइबर स्टॉकिंग होने पर तुरंत माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। केस स्टडी और वीडियो के जरिए साइबर ठगी के तरीके समझाए गए। इस दौरान छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए गए। हेलमेट-सीट बेल्ट लगाने और नशे में वाहन न चलाने की सीख यातायात नियमों की जानकारी देते हुए छात्रों को हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने, तय गति में वाहन चलाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल न करने और नशे में वाहन न चलाने की सलाह दी गई। ट्रैफिक सिग्नल और सड़क संकेतों का पालन करने के लिए भी कहा गया। हादसे में घायल की मदद करने पर 25 हजार रुपए की जानकारी पुलिस ने राहवीर योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले को सरकार की ओर से 25 हजार रुपए दिए जाते हैं। आपात स्थिति में डायल-112 पर कॉल करने की जानकारी भी दी गई।
डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी: साइबर सुरक्षा और साइबर हाइजीन पर व्याख्यान
आईआईएस (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) जयपुर में विजिलेंस अवेयरनेस वीक 2026 के तहत सेंट्रल विजिलेंस कमीशन के निर्देशानुसार ‘साइबर सिक्योरिटी एवं साइबर हाइजीन’ पर व्याख्यान हुआ। विशेषज्ञों ने बदलते साइबर खतरों, बचाव के तरीकों और व्यक्तिगत जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया। वक्ता कर्नल आरडी शर्मा (हेडक्वार्टर्स साउथ वेस्टर्न कमांड) ने कहा कि आज केवल पासवर्ड सुरक्षा के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने ‘बियॉन्ड द पासवर्ड’ के संदर्भ में 12 या अधिक कैरेक्टर वाले मजबूत पासवर्ड और बहु-स्तरीय सुरक्षा अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने विशिंग, मालवेयर, क्रेडेंशियल चोरी, बिजनेस ईमेल कॉम्प्रोमाइज, डीपफेक, डेटा लीक, इनसाइडर थ्रेट और फिजिकल चोरी जैसे जोखिम बताए।
दूदू के राजकीय कन्या कॉलेज में छात्राओं के लिए 24 दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण चल रहा है। बुधवार को दूदू थाना पुलिस की महिला अधिकारियों ने छात्राओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। महिला पुलिस अधिकारी सुमन शर्मा, विनोद चौधरी और सोनू कंवर ने छात्राओं को सुरक्षा के उपाय बताए। सुमन शर्मा ने राजकॉप सिटीजन ऐप और महिला सुरक्षा केंद्र की जानकारी दी। विनोद चौधरी ने साइबर क्राइम, ऑनलाइन ठगी और मोबाइल के गलत इस्तेमाल से बचने के तरीके बताए। उन्होंने फर्जी अरेस्ट कॉल जैसे डिजिटल अपराधों से सतर्क रहने की अपील की। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने जवाब दिया। कार्यक्रम प्रभारी प्रो. डॉ. रामनारायण झा ने छात्राओं को जागरूक रहने को कहा। इस मौके पर कई शिक्षक भी मौजूद थे।
मोबाइल Data जल्दी जल्दी हो जाता है खत्म? ऐसे बचाएं Internet
pc: hindustan अगर आपके फोन का मोबाइल डेटा महीने का पैक खत्म होने से पहले ही खत्म हो जाता है, तो इसकी वजह सिर्फ ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल करना नहीं है। कई बार ऐप्स बैकग्राउंड में डेटा इस्तेमाल करते रहते हैं, वीडियोज हाई क्वालिटी में चलते हैं या ऑटोमैटिक अपडेट्स की वजह से भी डेटा तेजी से खत्म हो सकता है। कुछ आसान सेटिंग्स बदलकर आप अपने मोबाइल डेटा की खपत कम कर सकते हैं। डेटा यूसेज सबसे पहले चेक करें अपने फोन की मोबाइल डेटा यूसेज सेटिंग्स में जाकर देखें कि कौन-सा ऐप सबसे ज्यादा डेटा इस्तेमाल कर रहा है। अगर कोई ऐसा ऐप ज्यादा डेटा खर्च कर रहा है जिसका इस्तेमाल आप कम करते हैं, तो उसके बैकग्राउंड डेटा को रिस्ट्रिक्ट कर सकते हैं। डेटा सेवर मोड करें ऑन एंड्राइड फोन में मौजूद डेटा सेवर फीचर इंटरनेट की अनावश्यक खपत को कम करने में मदद करता है। इसे ON करने पर कई ऐप्स का बैकग्राउंड डेटा सीमित हो जाता है। जरूरत पड़ने पर आप जरूरी ऐप्स को अनरिस्ट्रीक्टेड डेटा की अनुमति दे सकते हैं। यूट्यूब और OTT की वीडियो क्वालिटी कम करें वीडियो स्ट्रीमिंग मोबाइल डेटा को तेजी से खत्म कर सकती है। यूट्यूब, नेटफिक्स या दूसरे स्ट्रीमिंग ऐप्स में मोबाइल डेटा इस्तेमाल करते समय वीडियो क्वालिटी को ऑटो या कम रिजॉल्यूशन पर रखें। HD और Full HD वीडियोज ज्यादा डेटा खर्च करते हैं। ऑटोमेटिक अपडेट्स को करें मैनेज गूगल प्ले स्टोरऔर दूसरे ऐप्स के ऑटोमेटिक अपडेट्स को Wi-Fi ओनली पर सेट कर सकते हैं। इससे ऐप्स अपडेट करने में आपका मोबाइल डेटा खर्च नहीं होगा। बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेशऔर सिंक पर दें ध्यान कुछ ऐप लगातार बैकग्राउंड में Refresh और सिंक होते रहते हैं। जिन ऐप्स की आपको तुरंत जरूरत नहीं है, उनके बैकग्राउंड डेटा या ऑटो -सिंक को सीमित करना डेटा बचाने का अच्छा तरीका है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वीडियोज का ऑटो-प्ले बंद करें और बड़े फाइल्स को मोबाइल डेटा के बजाय Wi-Fi से डाउनलोड करें। इन छोटी-छोटी सेटिंग्स और आदतों से आप अपने मोबाइल डेटा को लंबे समय तक चला सकते हैं।

