भारत और पोलैंड साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौतों की तैयारी में: एस. जयशंकर
वारसॉ, 4 सितंबर . विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने Friday को कहा कि India और पोलैंड साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष, स्वच्छ कोयला, वर्गीकृत जानकारी और महत्वपूर्ण खनिजों सहित विभिन्न क्षेत्रों में समझौतों पर काम कर रहे हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि ये समझौते द्विपक्षीय संबंधों में गहराई और मजबूती दोनों लाएंगे. वारसॉ में पोलैंड के ... Read more
गया कॉलेज में शुक्रवार को NCC कैडेट्स के लिए साइबर अपराध और नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाया गया। इसका मकसद युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाना और नशे के बुरे असर के बारे में बताकर उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। पुलिस अधिकारियों ने कैडेट्स से कहा कि इन सामाजिक चुनौतियों से लड़ने के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे जरूरी हथियार हैं। अभियान के दौरान NCC कैडेट्स को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, OTP फ्रॉड और बैंकिंग फ्रॉड जैसे डिजिटल अपराधों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए कई तरीके अपनाते हैं। वे कभी बैंक अधिकारी बनकर, तो कभी KYC अपडेट, इनाम, नौकरी या लोन का झांसा देकर गोपनीय बैंकिंग जानकारी मांगते हैं। कैडेट्स को खास तौर पर समझाया गया कि वे अपना OTP, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, PIN, पासवर्ड या कोई भी गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। उन्हें अनजान लिंक, संदिग्ध वेबसाइट और फर्जी कॉल से सावधान रहने की सलाह दी गई। सोशल मीडिया और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सुरक्षित रहने के तरीके भी बताए गए। 'युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे खुद के साथ परिवार को सुरक्षित रखें' अधिकारियों ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट अब जीवन का अहम हिस्सा हैं, इसलिए युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे खुद सुरक्षित रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाएं। एक छोटी सी गलती से बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। साइबर जागरूकता के साथ ही इस कार्यक्रम में नशा विरोधी अभियान भी चलाया गया। NCC कैडेट्स को NDPS एक्ट के नियम और मादक पदार्थों के सेवन, बिक्री व तस्करी से जुड़े कानूनी पहलुओं के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि नशीले पदार्थ न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि परिवार और समाज पर भी उनका गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कैडेट्स को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए इससे दूर रहने का संदेश दिया गया। युवाओं से अपील की गई कि वे अपने आसपास नशे से प्रभावित लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करें और समाज में स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। अधिकारियों ने युवाओं को बनाया बदलाव का वाहक कार्यक्रम में एसएसपी, नगर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं NCC के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने NCC कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति समाज में बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा साइबर अपराध और नशे के खिलाफ जागरूक होंगे, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा। अधिकारियों ने कैडेट्स को स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों, सहपाठियों और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा एवं नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से NCC कैडेट्स को यह संदेश दिया गया कि साइबर अपराध के खिलाफ सतर्कता और नशे के खिलाफ जागरूकता—दोनों ही सुरक्षित एवं स्वस्थ समाज की मजबूत नींव हैं। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही साइबर अपराध मुक्त और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया जा सकता है।
मुख्य अतिथि ने कहा कि धार्मिक यात्राएं और मेले ग्रामीण परिवेश में सामाजिक समरसता व भाईचारे को प्रगाढ़ करते हैं। उन्होंने इस दौरान ग्रामीणों को बैंक की जनहितकारी योजनाओं और वित्तीय सुरक्षा की भी जानकारी दी।
सितंबर में हर दिन चलेगा साइबर सुरक्षा का अभियान
भरतपुर| मोबाइल पर अनजान लिंक आया, बैंक अधिकारी बनकर फोन आया या अचानक किसी पुलिस अधिकारी के नाम से वीडियो कॉल आ गई... एक छोटी सी चूक और मेहनत की कमाई खाते से गायब। इसी खतरे को देखते हुए पुलिस ने सितंबर को ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ जन-जागरूकता माह के रूप में मनाने का फैसला किया है। पूरे महीने पुलिस आमजन को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपाय बताएगी। पुलिस का यह अभियान सिर्फ थानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूल-कॉलेज से लेकर बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और गांव की पंचायत तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जाएगा। साइबर ठगों के निशाने पर रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम होंगे। पुलिस, पेंशन विभाग के साथ मिलकर उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’, निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी बैंक अधिकारी और अन्य साइबर फ्रॉडसे बचाव की जानकारी देगी।
भारतीय सेना ने युवाओं की तकनीकी प्रतिभा को निखारने के लिए 'टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026' का आयोजन किया है। इसके जरिए साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में माहिर छात्रों को देश सेवा का बड़ा अवसर मिलेगा।

