विदिशा में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस के 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान शहर की सड़कों पर पुलिसकर्मियों और स्कूली विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर आमजन से साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की। यह मानव श्रृंखला दुर्गा नगर से गांधी चौक होते हुए नीमताल तक बनाई गई। इसमें सात स्कूलों के सैकड़ों विद्यार्थियों के साथ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। प्रतिभागियों ने हाथों में साइबर सुरक्षा से जुड़े संदेशों वाली तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया और बताया कि थोड़ी सी सावधानी बड़ी ठगी से बचा सकती है। एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा पूरे प्रदेश में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान चलाया जा रहा है। विदिशा जिले के सभी थाना क्षेत्रों में प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। यह मानव श्रृंखला भी इसी अभियान का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाना था। चौबे ने आगाह किया कि साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी या पासवर्ड साझा करने से बचना चाहिए। उनके अनुसार, सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। कार्यक्रम के समापन पर, सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और पुलिस अधिकारियों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया। उन्होंने प्रतिज्ञा की कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति सजग रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। पुलिस अधिकारियों ने जोर दिया कि जागरूक नागरिक ही साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मंदसौर में साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शुक्रवार को 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत एक पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। पुलिस कंट्रोल रूम में हुए इस आयोजन में शहर के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 20 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और डिजिटल सुरक्षा पर आकर्षक पोस्टर बनाकर जागरूकता का संदेश दिया। इसी कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार मीना ने साइबर सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करेगा। 4 वर्षीय गौरवी ने भी पार्टिसिपेट कियापोस्टर प्रतियोगिता में 4 वर्षीय गौरवी भावसार ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी पेंटिंग के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश दिया। देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह और शील्ड देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभा राणा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नयन पालीवाल और खुशी माली संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान पर रहे, जबकि आर.एल. कर्णावत ने तृतीय स्थान हासिल किया। इन विजेता विद्यार्थियों को एसपी विनोद कुमार मीना ने पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए। प्रसिद्ध आर्टिस्ट ने मूल्यांकन कियाकार्यक्रम में एडिशनल एसपी तेर सिंह बघेल, डीएसपी कीर्ति बघेल, शहर कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र राठौर, नई आबादी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर, यशोधर्मन थाना प्रभारी शिवांशु मालवीय सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। प्रसिद्ध आर्टिस्ट भावना लोहार ने प्रतियोगिता के मूल्यांकन में निर्णायक की भूमिका निभाई। एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस के 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसका लक्ष्य ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताना और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित व जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने मोबाइल का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतने की अपील भी की।
साइबर सुरक्षा: 350 से ज्यादा छात्रों को जागरूक किया
सीहोर| आईईएस पब्लिक स्कूल में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला हुई। मकसद था विद्यार्थियों में सुरक्षित, जिम्मेदार डिजिटल आदतें बढ़ाना। कार्यशाला में एसपी सोनाक्षी सक्सेना, एएसपी सुनीता रावत, एसडीओपी पूजा शर्मा मौजूद रहीं। एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने 350 से ज्यादा विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा का महत्व बताया। ऑनलाइन खतरों से बचाव की जानकारी दी। डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित इस्तेमाल समझाया। कार्यशाला में साइबर अपराधों के बढ़ते मामले बताए गए। फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीके समझाए गए। डेटा चोरी से बचाव के उपाय बताए गए। सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग बताया गया। मजबूत पासवर्ड रखने पर जोर दिया गया। मनीषा कवाथेकर ने अतिथियों का मार्गदर्शन के लिए आभार जताया। छात्रों से प्रेरक बातचीत के लिए धन्यवाद दिया।
शाला में पुलिस ने साइबर सुरक्षा पर क्लास लगाई
भास्कर न्यूज | खरेंगा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत पुलिस ने खरेंगा हाईस्कूल में जागरूकता अभियान चलाया। अर्जुनी पुलिस ने छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति, महिला और बालिका सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, यातायात नियम, कानून से जुड़ी बातें बताईं। नशे के नुकसान समझाए गए। नशामुक्त जीवन का महत्व बताया गया। गुड टच-बैड टच पर जानकारी दी गई। ऑनलाइन ठगी से बचने के तरीके बताए गए। सोशल मीडिया सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने की बात कही गई। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। पुलिस ने बालिकाओं को सुरक्षा और अधिकारों के बारे में बताया गया। हेल्पलाइन सेवाओं के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने की अपील की गई। शिक्षा, अनुशासन, नैतिक मूल्यों के साथ भविष्य बनाने का संकल्प लेने को कहा गया। कार्यक्रम में स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक, थाना अर्जुनी के पुलिस अधिकारी, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
छतरपुर जिले के लवकुशनगर अनुभाग में शुक्रवार को सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ऑपरेशन विश्वास के तहत बरामद किए गए 42 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपए है। लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से बचने के तरीके बताए गए। एसडीओपी नवीन दुबे ने क्षेत्रवासियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए सलाह दी कि वे किसी भी स्थिति में ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने संदिग्ध लिंक और फर्जी कॉल से सतर्क रहने तथा किसी भी साइबर ठगी की तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में ऑपरेशन विश्वास चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत लवकुशनगर अनुभाग क्षेत्र से विभिन्न कंपनियों के कुल 42 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपए आंकी गई है। अनुभाग कार्यालय लवकुशनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी नवीन दुबे ने सभी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को सौंपे। लंबे समय बाद अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने खुशी व्यक्त की और पुलिस की इस पहल की सराहना की।
सिरोही के पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल में महिला सुरक्षा एवं जागरूकता पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पुलिस विभाग की महिला टीम ने लगभग 400 छात्राओं को महिला अपराधों से बचाव, साइबर सुरक्षा और आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी। स्कूल की प्रिंसिपल हीरा खत्री और पीएम श्री योजना प्रभारी गोपाल सिंह राव ने बताया कि वर्तमान समय में बालिकाओं को कानून, साइबर अपराधों और सुरक्षा संबंधी जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है। पुलिस टीम ने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया अपराध या महिला उत्पीड़न की स्थिति में बिना डर के तुरंत पुलिस से संपर्क करें। कार्यक्रम में हेड कांस्टेबल मुकेश कुमारी और इन्द्रा ने साइबर अपराधों से बचने के उपाय, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी और महिला सुरक्षा संबंधी कानूनी अधिकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं से सतर्क रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा किसी भी समस्या को परिवार और शिक्षकों से साझा करने का आह्वान किया। पीएम श्री योजना प्रभारी गोपाल सिंह राव ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम बालिकाओं को केवल जानकारी ही नहीं देते, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, निर्भीक और सशक्त बनने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षित और जागरूक बालिका ही सुरक्षित एवं सशक्त समाज की आधारशिला है। इस कार्यक्रम में उपप्रिंसिपल वर्षा त्रिवेदी, देवी लाल, अनिता चव्हाण सहित पुलिस विभाग से नौरंगी, रुक्मण, बसंती, सुमित्रा, संजना, सविता, पुष्पा और राजेंद्र सिंह की सक्रिय सहभागिता रही। अंत में स्कूल परिवार ने पुलिस विभाग की टीम का आभार व्यक्त किया। यह कार्यक्रम बालिकाओं में महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने में सफल रहा।
पीथमपुर के घाटा बिल्लौद स्थित राम कृष्णा गार्डन में 'सायबर सुरक्षा अभियान 2.0 सेफ क्लिक' का आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश शासन पुलिस मुख्यालय भोपाल की ओर से संचालित अभियान में घाटा बिल्लौद और लेबड़ के ग्रामीण और व्यापारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। धार के पुलिस कप्तान सचिन शर्मा के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारुल बेलापुरकर और सीएसपी रवि सोनेरे ने कार्यक्रम में शिरकत की। थाना प्रभारी बागदून (पीथमपुर) निरीक्षक सुनील शर्मा और चौकी प्रभारी घाटा बिल्लौद निलेश कुमार मालविया ने ग्रामीणों को डिजिटल सुरक्षा के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने डिजिटल दुनिया में सावधानी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। सायबर ठगी से बचने के उपाय बताए अधिकारियों ने सायबर ठगी से बचने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने ग्रामीणों को अनजान नंबरों से आने वाले वीडियो कॉल न उठाने की सलाह दी। साथ ही, मुफ्त उपहार या लॉटरी का प्रलोभन देने वाले संदिग्ध लिंक या फोटो पर क्लिक करने से बचने को कहा। मोबाइल में अज्ञात APK फाइल डाउनलोड करने से भी मना किया गया, क्योंकि ऐसी फाइलें डेटा और पैसे चुरा सकती हैं। यदि कोई व्यक्ति सायबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे तत्काल राष्ट्रीय सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। यह नंबर ठगी हुई राशि को ब्लॉक करने में सहायक होता है। सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल की अपील इस जन-जागरूकता अभियान को सफल बनाने में पुलिस बल के आरक्षक मंगल सिंह मेड़ा और आरक्षक श्यामू राजावत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय समाजसेवी रमेश मीणा, लखन यादव, मुकेश सिसोदिया सहित घाटा बिल्लौद और लेबड़ के समस्त व्यापारी संगठनों ने भी इस सुरक्षा संकल्प को आगे बढ़ाने का वादा किया। इस तरह की एकजुटता दर्शाती है कि सायबर सुरक्षा किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। तस्वीरे देखिए…
स्कूल से सड़क तक विद्यार्थियों व लोगों को साइबर सुरक्षा का दिया संदेश
भास्कर संवाददाता| बड़वानी जिले में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत गुरुवार को स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। एक ओर ग्राम कठोरा के पीएम श्री एकीकृत माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा व यातायात नियमों की जानकारी दी गई। दूसरी ओर शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन को ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए गए। कटोरा स्थित विद्यालय में महिला पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। सोशल मीडिया का लापरवाही से उपयोग न करें। छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों, हेल्पलाइन नंबरों व आपातकालीन सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। सड़क सुरक्षा के तहत हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग का संदेश दिया गया। यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने की शपथ दिलाई गई। शहर में निजी नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने पुलिस के साथ मिलकर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसमें साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों से लोगों को अवगत कराया गया। नाटक के माध्यम से बताया गया कि फर्जी ऑफर, इनाम, नौकरी, लोन, केवाईसी अपडेट, डिजिटल अरेस्ट व नकली एपीके फाइलों के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता है। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। एटीएम पिन, सीवीवी, एपीके या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर समय गंवाने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। निकटतम पुलिस थाने में भी सूचना दें। समय रहते कार्रवाई हो सकेगी। आर्थिक नुकसान रोका जा सकेगा।
नुक्कड़ नाटक के जरिए बच्चों ने दिया साइबर सुरक्षा का संदेश
सलामतपुर| रायसेन पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत बुधवार को सलामतपुर के ब्राइट फ्यूचर स्कूल में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से फर्जी लिंक, ओटीपी साझा करने, ऑनलाइन लॉटरी के झांसे और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क के खतरों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। सलामतपुर थाना प्रभारी श्यामराज सिंह और चौकी प्रभारी सुनील शर्मा ने विद्यार्थियों को साइबर हेल्पलाइन 1930 और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में आरक्षक रोहित गोस्वामी, स्कूल संचालक मिर्जा हसीब बेग, शैक्षणिक स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
करनाल जिले के घरौंडा के न्यू बस स्टैंड पर बुधवार को सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और राहवीर योजना को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान आम नागरिकों और रोडवेज कर्मचारियों को यातायात नियमों के पालन, ऑनलाइन ठगी से बचाव और सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जागरूक कर हादसों और साइबर अपराधों को कम करना रहा। कार्यक्रम में एएसआई अजय कुमार, कॉर्डिनेटर, थाना हाईवे करनाल ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है। वाहन चलाते समय सीट बेल्ट और हेलमेट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें। निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं और नशे की हालत में ड्राइविंग से बचें। उन्होंने मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए वाहन चलाने को भी खतरनाक बताया। साइबर ठगी से बचने के दिए टिप्स कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। एएसआई अजय कुमार ने बताया कि आजकल ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी या यूपीआई पिन जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और सोशल मीडिया पर आने वाले लालच भरे ऑफरों से सतर्क रहें। उन्होंने बताया कि यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराए और साइबर क्राइम पोर्टल पर भी रिपोर्ट करे। गोल्डन ऑवर में मदद से बच सकती है जान इस दौरान राहवीर योजना के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला गोल्डन ऑवर घायल व्यक्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस समय पर यदि किसी व्यक्ति को अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति बिना किसी डर के घायल की मदद करता है, उसे सरकार द्वारा सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाता है। लोगों से सहयोग की अपील कार्यक्रम के अंत में आम नागरिकों और रोडवेज कर्मचारियों से अपील की गई कि वे यातायात नियमों का पालन करें, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहें और सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए आगे आएं। पुलिस ने कहा कि जागरूकता और सहयोग से ही ऐसे अपराधों और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC), इंदौर में सोमवार को सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसपी वाहनी सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशाल पैदल रैली निकाली गई, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना था। रैली में संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे नव आरक्षक प्रशिक्षुओं के साथ पीटीसी के राजपत्रित अधिकारी, निरीक्षक तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली की शुरुआत पीटीसी के परेड मैदान से हुई और यह डेली कॉलेज रोड, जिला जेल रोड, लोक सेवा आयोग कार्यालय तथा रेसिडेंसी क्षेत्र से होकर पुनः पीटीसी परिसर में संपन्न हुई। इस दौरान प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े संदेशों वाले बैनर और पोस्टर लेकर लोगों को जागरूक किया। रैली में साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क रहने, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग तथा इंटरनेट इस्तेमाल के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रशिक्षुओं और स्टाफ को साइबर सुरक्षा जागरूकता की शपथ भी दिलाई गई। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में नागरिकों का जागरूक और सतर्क रहना बेहद जरूरी है। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय द्वारा आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को मोबाइल और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने के लिए प्रेरित करना तथा साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है।
मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की आधिकारिक वेबसाइट शनिवार को हैक हो गई। वेबसाइट के होमपेज पर पाकिस्तान समर्थित आपत्तिजनक संदेश और नारे दिखाई देने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मेडा के अधिकारियों ने तुरंत मामले की जानकारी पुलिस को दी। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हैकर्स केवल वेबसाइट का होमपेज बदलने में सफल हुए या फिर किसी संवेदनशील डेटा तक भी उनकी पहुंच बनी। वेबसाइट पर स्वयं को OVERTHRASH1337 नामक हैकर समूह का सदस्य बताने वाला संदेश दिखाई दिया, जिसमें पाकिस्तान समर्थक नारे और आपत्तिजनक शब्द लिखे गए थे। मेडा की तकनीकी टीम ने वेबसाइट को बहाल करने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक वेबसाइट सामान्य नहीं हो सकी। शुरुआती जांच में इसे वेबसाइट डिफेसमेंट का मामला माना जा रहा है। यानी हैकर्स ने वेबसाइट के मुख्य पेज को बदलकर अपना संदेश प्रदर्शित कर दिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हैकिंग का असर केवल होमपेज तक सीमित है या वेबसाइट के सर्वर और अन्य डेटा तक भी अनधिकृत पहुंच बनाई गई है। मामले की तकनीकी जांच की जा रही है। वहीं, एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

