ओपन एआई ने अपने आगामी एस्ट्रा एआई मॉडल पर काम रोका, साइबर सुरक्षा की चिंताओं के कारण उठाया कदम
ओपन एआई ने अपने आगामी एआई मॉडल एस्ट्रा पर काम रोक दिया है। यह कदम आंतरिक मूल्यांकन में एजेंटिक कोडिंग और साइबर सुरक्षा में संभावित खतरनाक विकास के कारण उठाया गया है।
Slow Internet In Monsoon: क्या आपने कभी गौर किया है कि बारिश के समय मोबाइल इंटरनेट धीमा पड़ जाता है? कई एप्स काम नहीं करने लगते और यूट्यूब जैसे एप्स पर वीडियो बफर होने लगता है।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर बल दिया amitshah,digitalsecurity,cybersecurityकेंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा उपायों की आवश्यकता पर बल दिया केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शहरी सहकारी बैंकों […]
हवाई अड्डों की साइबर सुरक्षा होगी अभेद्य, सीआईएसएफ ने आईआईटी रोपड़ के साथ मिलाया हाथ
नागरिक उड्डयन क्षेत्र में साइबर सुरक्षा को अधिक मजबूत और अभेद्य बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
उत्तराखंड ने साइबर अपराध नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित राहत दिलाने में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
दौसा : पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान, छात्र-छात्राओं को सिखाए साइबर सुरक्षा और यातायात के नियम
साथ ही छात्र-छात्राओं को महिला एवं बालिका सुरक्षा, यातायात नियमों का पालन करने तथा किसी भी प्रकार की परेशानी या अपराध की स्थिति में पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति किया जागरूक
संगरूर | एसएसपी डॉ. रवजोत ग्रेवाल के दिशा-निर्देशों पर जिला पुलिस संगरूर ने विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, साइबर सुरक्षा और करियर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पीजीआई सैटेलाइट सेंटर, घाबदां में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम एसपी (मुख्यालय) एवं जिला कम्युनिटी पुलिस अधिकारी राजेश छिब्बर और डीएसपी कम्यूनिटी अफेयर्स परमिंदर सिंह बराड़ के नेतृत्व में एसपीसी योजना के तहत सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, घाबदां के सहयोग से आयोजित किया। कार्यक्रम में पीजीआई चंडीगढ़ के उपनिदेशक (प्रशासन) पंकज राय (आईएएस), पीजीआई घाबदां की डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. श्रुति शर्मा, डॉ. निपुन प्रिंजा, डॉ. अमनदीप कौर, डॉ. सतृष्णा, डॉ. सतविंदर कौर, भगवंत सिंह सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
भास्कर न्यूज | जालंधर पी सी एम एस डी कॉलेज फॉर विमेन, जालंधर में कॉमर्स और मैनेजमेंट के पीजी विभाग ने इंटरनेशनल कॉमर्स डे के अवसर पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता कराई। विभाग के फैकल्टी सदस्यों की देखरेख में हुई इस गतिविधि का उद्देश्य छात्राओं की रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देना तथा वाणिज्य क्षेत्र के उभरते रुझानों व मुद्दों पर जागरूकता विकसित करना रहा। बीकॉम सेमेस्टर प्रथम (रेगुलर व एफएस) की छात्राओं ने डिजिटल बैंकिंग और साइबर सुरक्षा विषय पर पोस्टर बनाए। बी.कॉम सेमेस्टर तृतीय (रेगुलर व एफएस) ने वैश्विक व्यापार का विकास विषय को प्रस्तुत किया, जबकि बी.कॉम सेमेस्टर पंचम (रेगुलर व एफएस) ने सतत और हरित प्रथाएं पर अपने विचार रेखांकित किए। निर्णायक मंडल में प्रिंसिपल डॉ. पूजा प्रशर, डॉ. नीना मित्तल, डॉ. दिव्या बुढिया और कवलजीत कौर शामिल रहीं। विजेताओं को रचनात्मकता, विषय-संगति, प्रस्तुति और समग्र प्रभाव के आधार पर प्रथम, द्वितीय, तृतीय व सांत्वना पुरस्कार दिए गए। अध्यक्ष नरेश बुधिया, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विनोद दादा और प्रिंसिपल डॉ. पूजा पराशर ने आयोजन की सराहना की।
बोकारो थर्मल एसबीआई में मना सावन महोत्सव प्रतियोगिता के साथ साइबर सुरक्षा पर दिया जोर
बोकारो थर्मल स्थित एसबीआई शाखा में शुक्रवार को ग्राहक सेवा समिति की तिमाही बैठक के साथ सावन महोत्सव का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। शाखा के मुख्य प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि ग्राहक सेवा समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में आयोजित की जाती है। इस बार सावन माह को देखते हुए कार्यक्रम का केंद्र महिलाओं को बनाया गया। आयोजन में एसएचजी की महिला सदस्य, सीआईएसएफ की महिला कर्मचारी एवं अधिकारी तथा बैंक की महिला ग्राहकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए अंताक्षरी, म्यूजिकल चेयर, मेहंदी प्रतियोगिता और एक मिनट में सबसे अधिक गोलगप्पे खाने जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। महिलाओं के लिए मेहंदी लगाने की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। मनोरंजन के साथ-साथ बैंक की विभिन्न सेवाओं और साइबर ठगी से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी गई। मुख्य प्रबंधक अमित कुमार ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बिना सावधानी बरते बैंकिंग लेन-देन न करें।
डीआईजी ने छात्राओं को किया जागरूक:कहा- आत्मरक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा की जानकारी भी जरूरी
डीग में राजस्थान पुलिस द्वारा 'महिला सुरक्षा संकल्प कार्यक्रम-2026' का आयोजन किया गया। मास्टर आदित्येन्द्र राजकीय महाविद्यालय में शुक्रवार को हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना था। इसमें अपराध अन्वेषण शाखा (सीआईडी-सीबी), जयपुर की डीआईजी राशि डोगरा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। पुलिस अधिकारियों, महाविद्यालय प्रशासन और छात्राओं ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद छात्राओं ने आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाएं किसी भी चुनौती का सामना साहस और आत्मविश्वास के साथ कर सकती हैं। महिलाओं और छात्राओं को किया जागरूकडीआईजी ने कहा कि डिजिटल युग में महिलाओं के लिए आत्मरक्षा के साथ-साथ साइबर सुरक्षा की जानकारी भी आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, महिला हेल्पलाइन सेवाओं और पुलिस की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से किसी भी अपराध की स्थिति में बिना भय के तुरंत पुलिस से संपर्क करने की अपील की, और कहा कि राजस्थान पुलिस महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले ने कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाकर अपराधों की रोकथाम करना भी है। उन्होंने छात्राओं से साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग और डिजिटल अपराधों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान एसपी शरण गोपीनाथ कांबले, कालिका टीम और एंटी रोमियो टीम को भी सम्मानित किया गया।
सृजन संवाद में पुलिस-शिक्षा विभाग ने छात्रों को कानून, साइबर सुरक्षा और कॅरियर का दिया पाठ
शासकीय सांदीपनि कृषि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैतूल बाजार में गुरुवार को शिक्षा विभाग और मध्यप्रदेश पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में सृजन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून, साइबर सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, महिला एवं बाल संरक्षण, करियर मार्गदर्शन, सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे, डीएसपी दिनेश सिंह मर्सकोले, यातायात प्रभारी गजेंद्र केन, निरीक्षक कविता नागवंशी, उप निरीक्षक रश्मि ठाकुर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मां सरस्वती के पूजन के साथ किया। यातायात प्रभारी गजेंद्र केन ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व पर प्रकाश डाला। निरीक्षक कविता नागवंशी ने महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने आत्मरक्षा के प्रति भी जागरूक किया। उप निरीक्षक रश्मि ठाकुर ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, जेजे एक्ट, बच्चों के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक रहने का संदेश दिया। समझी पुलिस की कार्यप्रणाली कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं को थाना बैतूल बाजार का भ्रमण कराया गया। यहां उन्हें पुलिस थाने की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। उन्हें शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्हें डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से सवाल पूछे। उन्होंने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक पुरुषोत्तम देशमुख ने किया। इस अवसर पर शिक्षा और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। प्राचार्य एल.एल. लिल्हौरे ने विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बारे में भी बताया। प्रभारी प्राचार्य आर.के. मालवीय ने साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने की सलाह दी। टीओटी-प्रशिक्षित शिक्षक रमेश कुमार पिंजारे और दशरथ गावंडे ने मेरे अधिकार और मेरी जिम्मेदारी विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक किया।
UIDAI का बड़ा अपडेट: Aadhaar App के Offline Mode से बिना Internet होगा वेरिफिकेशन
आज के समय में आधार कार्ड देश के हर नागरिक की पहचान का सबसे बड़ा जरिया बना हुआ है। UIDAI यानी के भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा इस इस साल की शुरुआत में नया 'आधार एप' लॉन्च किया था। जब इस एप को लॉन्च किया गया है तो कुछ दिनों के बाद पुराने 'एमआधार' एप को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। अब इस नए आधार एप को ऑफलाइन मोड में भी इस्तेमाल किया जा सकता है और इसके मदद से आप बिना किसी इंटरनेट के भी अपनी पहचान का पुख्ता वेरिफिकेशन आसानी से कर पाएंगे। आइए आपको इस लेख में बताते है यूआईडीएआई का नया ऑफलाइन फीचर कैसे यूज कर सकते हैं और जानें इसके फायदे। जानिए क्या नया है ऑफलाइन मोड और कैसे काम करता? - गौरतलब है कि आधार एप ऐसा बनाया गया है कि अब बिना किसी इंटरनेट के भी इसको इस्तेमाल किया जा सकता है। - बिना इंटरनेट के आप आधार एप ओपन करेंगे तो भी आपकी स्क्रीन पर एक क्यूआर कोड नजर आएगा, जो ऑफलाइन मोड पर भी काम करता है। - बता दें कि, इस क्यूआर कोड में आपकी फोटो, नाम और जन्मतिथि जैसी जरूरी जानकारियां पहले से ही सुरक्षित रूप से लॉक रहती हैं। बिना नेटवर्क के कैसे होगा पहचान का पूरा सत्यापन - खासकर, जब आप किसी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या सरकारी ऑफिस जाएंगे, तो वहां स्थित अधिकारी अपने मोबाइल से आपके इस ऑफलाइन क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे। - कोड स्कैन करने पर अधिकृत QR स्कैनर या UIDAI के आधार एप के तहत आपकी पहचान ऑफलाइन सत्यापित कर पाएंगे। - इस पूरी प्रक्रिया के लिए आपके फोन में डेटा की जरूरत नहीं पड़ेगी। डेटा की प्राइवेसी और सुरक्षा का रखा गया है खास ध्यान - हर किसी के मन यह डर जरुर होता है कि इंटरनेट के बिना क्या यह सुरक्षित है? - UIDAI के अनुसार, यह ऑफलाइन क्यूआर कोड पूरी तरह सेफ है। - इस सुविधा में सिर्फ जरुरत की जानकारी ही शेयर की जाती है, ताकि आपकी निजता बेहतर तरीके से सुरक्षित रहे और अनावश्यक डेटा शेयर होने का जोखिम कम हो। दूर-दराज के क्षेत्रों और आम नागरिकों को मिलने वाले बड़े लाभ - इस नए ऑफलाइन मोड का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो खराब नेटवर्क वाले क्षेत्रों या गांव में रहते हैं। - ट्रेन टिकट चेकिंग के दौरान या आपातकालीन स्थिति में मोबाइल डेटा न होने पर भी आपका डिजिटल आधार पूरी तरह से मान्य होगा। - गौरतलब है कि कुछ जगहों पर नया Aadhaar App पहचान के लिए सुविधाजनक ऑप्शन बन सकता है। लेकिन, कुछ संस्थान पर अपने नियमों के अनुसार फिजिकल आधार या अन्य दस्तावेज भी मांगा जा सकता है।

