निम्बाहेड़ा के पीएम श्री विद्यालय में साइबर सेफ्टी कार्निवल, क्विज और पोस्टर प्रतियोगिता से विद्यार्थियों ने डिजिटल सुरक्षा के गुर सीखे।
AI Security: क्या टेक दिग्गजों को सता रहा साइबर सुरक्षा का खतरा, 100 से अधिक कंपनियों ने मिलाया हाथ, क्या है वजह?
धनबाद पुलिस ने तेज किया साइबर सुरक्षा अभियान, IIT(ISM) के 13 छात्र बने 'साइबर साथी'
Dhanbad News: धनबाद पुलिस, दूरसंचार विभाग और आईआईटी-आईएसएम ने मिलकर साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है।
मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी ऑनलाइन सेवाओं और डेटा को साइबर हमलों से बचाने के लिए नई तैयारी शुरू की है। हर साल IIT, NIT समेत प्रमुख तकनीकी संस्थानों से 10 इंजीनियरिंग स्नातकों को एक साल की साइबर सुरक्षा ट्रेनिंग दी जाएगी।
जांजगीर-चांपा पुलिस ने साइबर अपराधों से लोगों को जागरूक करने के लिए गुरुवार को ‘एक राखी साइबर जागृति की’ अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत जिले में 1 लाख 50 हजार से ज्यादा लोगों को ‘साइबर जागृति की राखी’ बांधी गई और साइबर ठगी से बचने का संदेश दिया गया। अभियान का मुख्य कार्यक्रम जांजगीर के ऑडिटोरियम हॉल में हुआ। इसमें कलेक्टर जनमेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय मौजूद रहे। कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम में एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि जिस तरह राखी भाई-बहन के रिश्ते और रक्षा का प्रतीक है, उसी तरह सभी को एक-दूसरे को साइबर अपराध से बचाने के लिए जागरूक रहना चाहिए। यह अभियान जिले के 432 गांवों, सभी शहरी वार्डों, सरकारी कॉलेजों, हायर सेकेंडरी स्कूलों और सरकारी कार्यालयों तक चलाया गया। पुलिस, ग्राम कोटवारों और महिला कमांडो ने लोगों को ‘साइबर जागृति की राखी’ बांधी और साइबर अपराधों से सावधान रहने की शपथ दिलाई। महिला कमांडो, स्व-सहायता समूह और कैदियों ने भी दिया सहयोग ‘साइबर जागृति की राखी’ तैयार करने में जिला पुलिस के साथ महिला कमांडो, महिला स्व-सहायता समूह और जिला जेल के कैदियों ने भी सहयोग किया। सभी ने मिलकर राखियां तैयार करने में योगदान दिया। साइबर ठगी से बचने की दी जानकारी अभियान के दौरान लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए गए। उन्हें समझाया गया कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या बैंक से जुड़ी जानकारी न दें। सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी सावधानी से करने की सलाह दी गई। लोगों को बताया गया कि अगर वे साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगी पहल अभियान के सत्यापन के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ की राज्य प्रभारी सोनल राजेश शर्मा को बुलाया गया था। उन्होंने जिलेभर में हुए कार्यक्रमों का निरीक्षण और सत्यापन किया। एक ही समय में जिले के 432 गांवों में साइबर जागरूकता अभियान चलाने की इस पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया के तहत प्रमाणित किया गया। कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रभारी ने पुलिस अधीक्षक को प्रमाणपत्र भी दिया। जांजगीर-चांपा पुलिस की इस पहल के जरिए गांव से लेकर शहर तक लोगों को साइबर अपराधों से सावधान रहने का संदेश दिया गया।
Lucknow News: छात्रों को साइबर सुरक्षा व डिजिटल फोरेंसिक का बनाएगा विशेषज्ञ
छात्रों को साइबर सुरक्षा व डिजिटल फोरेंसिक का बनाएगा विशेषज्ञ
स्कूल में साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला करवाई
जालंधर| एसडी फुल्लरवान गर्ल्स सीसे. स्कूल द्वारा विद्यार्थियों के लिए साइबर सुरक्षा, साइबर हाइजीन एवं डिजिटल दुनिया के जिम्मेदार उपयोग विषय पर विशेष कार्यशाला करवाई। पहल में ट्राई एवं मोबाइल कंपनी के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अहम जानकारी दी। ये पंजाब राज्य एवं जालंधर जिले में अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया के सुरक्षित, जिम्मेदार एवं जागरूक उपयोग के प्रति संवेदनशील बनाना था। मुख्य वक्ता अंकुर पालिवाल डीजीएम ने विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, चक्षु एप, सीईआईआर, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा, डिजिटल बुलिंग, साइबर उत्पीड़न एवं साइबर फ्रॉड से बचाव के बारे जानकारी दी। विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड एवं संबंधित शिकायतों की रिपोर्ट करने के लिए भारत सरकार की हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी बताया।
साइबर सुरक्षा को लेकर युवाओं को किया गया जागरूक
देवरी-सारागांव | नगर के सांस्कृतिक भवन में सारागांव थाना पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता अभियान के तहत नगर के युवाओं को साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव की जानकारी दी गई। जिलेभर में चलाए जा रहे साइबर सुरक्षा अभियान के तहत पुलिस द्वारा विभिन्न स्थानों पर लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में थाना प्रभारी राकेश सूर्यवंशी के निर्देश पर एएसआई राजेश सिंह की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किया गया। एएसआई राजेश सिंह ने युवाओं को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी अनजान नंबर से आए कॉल पर व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें तथा अज्ञात लिंक और एप को डाउनलोड करने से बचें। उन्होंने मोबाइल टावर लगाने, नौकरी दिलाने सहित अन्य आकर्षक ऑफरों के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से भी सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही किसी भी प्रकार की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान थाना सारागांव पुलिस स्टाफ एवं बड़ी संख्या में नगर के युवा उपस्थित रहे।
भारतीय सेना ने युवाओं की तकनीकी प्रतिभा को निखारने के लिए 'टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026' का आयोजन किया है। इसके जरिए साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में माहिर छात्रों को देश सेवा का बड़ा अवसर मिलेगा।

