जांजगीर-चांपा पुलिस ने साइबर अपराधों से लोगों को जागरूक करने के लिए गुरुवार को ‘एक राखी साइबर जागृति की’ अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत जिले में 1 लाख 50 हजार से ज्यादा लोगों को ‘साइबर जागृति की राखी’ बांधी गई और साइबर ठगी से बचने का संदेश दिया गया। अभियान का मुख्य कार्यक्रम जांजगीर के ऑडिटोरियम हॉल में हुआ। इसमें कलेक्टर जनमेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय मौजूद रहे। कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी भी शामिल हुए। कार्यक्रम में एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि जिस तरह राखी भाई-बहन के रिश्ते और रक्षा का प्रतीक है, उसी तरह सभी को एक-दूसरे को साइबर अपराध से बचाने के लिए जागरूक रहना चाहिए। यह अभियान जिले के 432 गांवों, सभी शहरी वार्डों, सरकारी कॉलेजों, हायर सेकेंडरी स्कूलों और सरकारी कार्यालयों तक चलाया गया। पुलिस, ग्राम कोटवारों और महिला कमांडो ने लोगों को ‘साइबर जागृति की राखी’ बांधी और साइबर अपराधों से सावधान रहने की शपथ दिलाई। महिला कमांडो, स्व-सहायता समूह और कैदियों ने भी दिया सहयोग ‘साइबर जागृति की राखी’ तैयार करने में जिला पुलिस के साथ महिला कमांडो, महिला स्व-सहायता समूह और जिला जेल के कैदियों ने भी सहयोग किया। सभी ने मिलकर राखियां तैयार करने में योगदान दिया। साइबर ठगी से बचने की दी जानकारी अभियान के दौरान लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए गए। उन्हें समझाया गया कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या बैंक से जुड़ी जानकारी न दें। सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी सावधानी से करने की सलाह दी गई। लोगों को बताया गया कि अगर वे साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगी पहल अभियान के सत्यापन के लिए गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ की राज्य प्रभारी सोनल राजेश शर्मा को बुलाया गया था। उन्होंने जिलेभर में हुए कार्यक्रमों का निरीक्षण और सत्यापन किया। एक ही समय में जिले के 432 गांवों में साइबर जागरूकता अभियान चलाने की इस पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया के तहत प्रमाणित किया गया। कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रभारी ने पुलिस अधीक्षक को प्रमाणपत्र भी दिया। जांजगीर-चांपा पुलिस की इस पहल के जरिए गांव से लेकर शहर तक लोगों को साइबर अपराधों से सावधान रहने का संदेश दिया गया।
Lucknow News: छात्रों को साइबर सुरक्षा व डिजिटल फोरेंसिक का बनाएगा विशेषज्ञ
छात्रों को साइबर सुरक्षा व डिजिटल फोरेंसिक का बनाएगा विशेषज्ञ
Baghpat News: विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा व कॅरिअर बनाने के लिए जागरूक किया
Students were made aware of cybersecurity and career building.
पंचायती राज चुनाव से पहले उदयपुर पुलिस की साइबर सुरक्षा एडवाइजरी, 1930 पर दें सूचना
पंचायती राज चुनाव को लेकर उदयपुर पुलिस ने साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। खेरवाड़ा, बावलवाड़ा, पहाड़ा और पाटिया थाना पुलिस ने साइबर ठगी, फर्जी संदेश और अफवाहों से सतर्क रहने की अपील की।
जयपुर रेंज पुलिस का बड़ा डिजिटल नवाचार, फुटेज में देंखे Google Maps पर मिलेंगे ब्लैक स्पॉट के अलर्ट
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स्कूल में साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला करवाई
जालंधर| एसडी फुल्लरवान गर्ल्स सीसे. स्कूल द्वारा विद्यार्थियों के लिए साइबर सुरक्षा, साइबर हाइजीन एवं डिजिटल दुनिया के जिम्मेदार उपयोग विषय पर विशेष कार्यशाला करवाई। पहल में ट्राई एवं मोबाइल कंपनी के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अहम जानकारी दी। ये पंजाब राज्य एवं जालंधर जिले में अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया के सुरक्षित, जिम्मेदार एवं जागरूक उपयोग के प्रति संवेदनशील बनाना था। मुख्य वक्ता अंकुर पालिवाल डीजीएम ने विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, चक्षु एप, सीईआईआर, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा, डिजिटल बुलिंग, साइबर उत्पीड़न एवं साइबर फ्रॉड से बचाव के बारे जानकारी दी। विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड एवं संबंधित शिकायतों की रिपोर्ट करने के लिए भारत सरकार की हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी बताया।
भारतीय सेना ने युवाओं की तकनीकी प्रतिभा को निखारने के लिए 'टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026' का आयोजन किया है। इसके जरिए साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में माहिर छात्रों को देश सेवा का बड़ा अवसर मिलेगा।
UIDAI का बड़ा अपडेट: Aadhaar App के Offline Mode से बिना Internet होगा वेरिफिकेशन
आज के समय में आधार कार्ड देश के हर नागरिक की पहचान का सबसे बड़ा जरिया बना हुआ है। UIDAI यानी के भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा इस इस साल की शुरुआत में नया 'आधार एप' लॉन्च किया था। जब इस एप को लॉन्च किया गया है तो कुछ दिनों के बाद पुराने 'एमआधार' एप को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। अब इस नए आधार एप को ऑफलाइन मोड में भी इस्तेमाल किया जा सकता है और इसके मदद से आप बिना किसी इंटरनेट के भी अपनी पहचान का पुख्ता वेरिफिकेशन आसानी से कर पाएंगे। आइए आपको इस लेख में बताते है यूआईडीएआई का नया ऑफलाइन फीचर कैसे यूज कर सकते हैं और जानें इसके फायदे। जानिए क्या नया है ऑफलाइन मोड और कैसे काम करता? - गौरतलब है कि आधार एप ऐसा बनाया गया है कि अब बिना किसी इंटरनेट के भी इसको इस्तेमाल किया जा सकता है। - बिना इंटरनेट के आप आधार एप ओपन करेंगे तो भी आपकी स्क्रीन पर एक क्यूआर कोड नजर आएगा, जो ऑफलाइन मोड पर भी काम करता है। - बता दें कि, इस क्यूआर कोड में आपकी फोटो, नाम और जन्मतिथि जैसी जरूरी जानकारियां पहले से ही सुरक्षित रूप से लॉक रहती हैं। बिना नेटवर्क के कैसे होगा पहचान का पूरा सत्यापन - खासकर, जब आप किसी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या सरकारी ऑफिस जाएंगे, तो वहां स्थित अधिकारी अपने मोबाइल से आपके इस ऑफलाइन क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे। - कोड स्कैन करने पर अधिकृत QR स्कैनर या UIDAI के आधार एप के तहत आपकी पहचान ऑफलाइन सत्यापित कर पाएंगे। - इस पूरी प्रक्रिया के लिए आपके फोन में डेटा की जरूरत नहीं पड़ेगी। डेटा की प्राइवेसी और सुरक्षा का रखा गया है खास ध्यान - हर किसी के मन यह डर जरुर होता है कि इंटरनेट के बिना क्या यह सुरक्षित है? - UIDAI के अनुसार, यह ऑफलाइन क्यूआर कोड पूरी तरह सेफ है। - इस सुविधा में सिर्फ जरुरत की जानकारी ही शेयर की जाती है, ताकि आपकी निजता बेहतर तरीके से सुरक्षित रहे और अनावश्यक डेटा शेयर होने का जोखिम कम हो। दूर-दराज के क्षेत्रों और आम नागरिकों को मिलने वाले बड़े लाभ - इस नए ऑफलाइन मोड का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो खराब नेटवर्क वाले क्षेत्रों या गांव में रहते हैं। - ट्रेन टिकट चेकिंग के दौरान या आपातकालीन स्थिति में मोबाइल डेटा न होने पर भी आपका डिजिटल आधार पूरी तरह से मान्य होगा। - गौरतलब है कि कुछ जगहों पर नया Aadhaar App पहचान के लिए सुविधाजनक ऑप्शन बन सकता है। लेकिन, कुछ संस्थान पर अपने नियमों के अनुसार फिजिकल आधार या अन्य दस्तावेज भी मांगा जा सकता है।

