इवनिंग न्यूज बुलेटिन में आज छत्तीसगढ़ की दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें।
प्रदेश में सरकारी कालेजों के छात्र-छात्राओं को अब डिग्री के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फिनटेक जैसी आधुनिक तकनीकों को सीखने का मौका मिलेगा।
छत्तीसगढ़ की सुकमा पुलिस की अपील पर मशहूर गायक और संगीतकार एआर रहमान ने साइबर सुरक्षा को लेकर एक खास वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की। एआर रहमान ने कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। किसी अनजान कॉल या मैसेज पर बिना जांचे भरोसा न करें। इसी के साथ उन्होंने लोगों से ऑनलाइन लेन-देन के दौरान भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा अभियान छत्तीसगढ़ पुलिस और राज्य सरकार की ओर से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक 'साइबर जागृति अभियान' चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करना है। नए तरीकों से होने वाली ठगी को लेकर जागरूकता पुलिस के मुताबिक, अभियान के तहत लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को लेकर जागरूक किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि एआर रहमान जैसे लोकप्रिय कलाकार का संदेश अधिक लोगों तक पहुंचेगा और साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। SP की देखरेख में चल रहा अभियान अभियान सुकमा एसपी मयंक गुर्जर की देखरेख में चल रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और मनोज तिर्की की देखरेख में जिले में साइबर जागरूकता से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। OTP और PIN किसी से शेयर न करें सुकमा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक से जुड़ी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर बिना जांचे क्लिक न करें और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल पुलिस ने कहा है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। अभियान के तहत पुलिस ने लोगों से अपील की है- साइबर जागरूक बनें, सुरक्षित डिजिटल भविष्य से जुड़ें। सुकमा पुलिस की अपील पर मशहूर गायक और संगीतकार ए.आर. रहमान ने साइबर सुरक्षा को लेकर एक खास वीडियो संदेश जारी किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस और राज्य सरकार 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक 'साइबर जागृति अभियान' चला रही है। इसका मकसद लोगों को साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी से बचाना है। पुलिस के मुताबिक, ए.आर. रहमान ने अपने संदेश में लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सावधान रहने और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित व जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है। पुलिस का मानना है कि इस मशहूर कलाकार का संदेश ज्यादा लोगों तक पहुंचेगा और साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह अभियान एसपी मयंक गुर्जर की देखरेख में चल रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और मनोज तिर्की की देखरेख में जिले में जागरूकता से जुड़ी कई गतिविधियां हो रही हैं। इस अभियान का मकसद लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों से सावधान करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को एक बड़ा अभियान बनाना है। सुकमा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक से जुड़ी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। किसी अनजान लिंक, कॉल या मैसेज पर बिना जांचे क्लिक या भरोसा न करें। ऑनलाइन लेन-देन के दौरान खास सावधानी रखें। अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर जानकारी देने को कहा गया है। पुलिस ने अभियान का संदेश दिया है: साइबर जागरूक बनें, सुरक्षित डिजिटल भविष्य से जुड़ें।
डीग में साइबर सुरक्षा अलर्ट: मोबाइल गुम होते ही बैंकिंग और खाते ऐसे करें सुरक्षित
डीग पुलिस ने मोबाइल गुम या चोरी होने पर बैंकिंग, यूपीआई और ऑनलाइन खातों को सुरक्षित करने के जरूरी कदम बताए, साइबर ठगी पर 1930 पर शिकायत करें।
राजस्थान पुलिस की वाई-फाई साइबर सुरक्षा एडवाइजरी, ऐसे रखें नेटवर्क सुरक्षित
साइबर क्राइम शाखा ने राउटर का पासवर्ड बदलने, WPA3 एन्क्रिप्शन और गेस्ट नेटवर्क का उपयोग करने की सलाह दी।
राजस्थान पुलिस की साइबर सुरक्षा एडवाइजरी: वाई-फाई नेटवर्क ऐसे रखें सुरक्षित
कमजोर वाई-फाई नेटवर्क से डेटा लीक और हैकिंग का खतरा बढ़ता है। राउटर सेटिंग्स बदलकर और डब्ल्यूपीए3 एन्क्रिप्शन चालू करके साइबर ठगी से बचा जा सकता है।
गया कॉलेज में शुक्रवार को NCC कैडेट्स के लिए साइबर अपराध और नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाया गया। इसका मकसद युवाओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाना और नशे के बुरे असर के बारे में बताकर उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। पुलिस अधिकारियों ने कैडेट्स से कहा कि इन सामाजिक चुनौतियों से लड़ने के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे जरूरी हथियार हैं। अभियान के दौरान NCC कैडेट्स को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, OTP फ्रॉड और बैंकिंग फ्रॉड जैसे डिजिटल अपराधों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए कई तरीके अपनाते हैं। वे कभी बैंक अधिकारी बनकर, तो कभी KYC अपडेट, इनाम, नौकरी या लोन का झांसा देकर गोपनीय बैंकिंग जानकारी मांगते हैं। कैडेट्स को खास तौर पर समझाया गया कि वे अपना OTP, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, PIN, पासवर्ड या कोई भी गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। उन्हें अनजान लिंक, संदिग्ध वेबसाइट और फर्जी कॉल से सावधान रहने की सलाह दी गई। सोशल मीडिया और इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सुरक्षित रहने के तरीके भी बताए गए। 'युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे खुद के साथ परिवार को सुरक्षित रखें' अधिकारियों ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट अब जीवन का अहम हिस्सा हैं, इसलिए युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे खुद सुरक्षित रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध से बचाएं। एक छोटी सी गलती से बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। साइबर जागरूकता के साथ ही इस कार्यक्रम में नशा विरोधी अभियान भी चलाया गया। NCC कैडेट्स को NDPS एक्ट के नियम और मादक पदार्थों के सेवन, बिक्री व तस्करी से जुड़े कानूनी पहलुओं के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने बताया कि नशीले पदार्थ न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि परिवार और समाज पर भी उनका गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कैडेट्स को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए इससे दूर रहने का संदेश दिया गया। युवाओं से अपील की गई कि वे अपने आसपास नशे से प्रभावित लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करें और समाज में स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। अधिकारियों ने युवाओं को बनाया बदलाव का वाहक कार्यक्रम में एसएसपी, नगर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं NCC के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। अधिकारियों ने NCC कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति समाज में बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा साइबर अपराध और नशे के खिलाफ जागरूक होंगे, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा। अधिकारियों ने कैडेट्स को स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों, सहपाठियों और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा एवं नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से NCC कैडेट्स को यह संदेश दिया गया कि साइबर अपराध के खिलाफ सतर्कता और नशे के खिलाफ जागरूकता—दोनों ही सुरक्षित एवं स्वस्थ समाज की मजबूत नींव हैं। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही साइबर अपराध मुक्त और नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया जा सकता है।
सितंबर में हर दिन चलेगा साइबर सुरक्षा का अभियान
भरतपुर| मोबाइल पर अनजान लिंक आया, बैंक अधिकारी बनकर फोन आया या अचानक किसी पुलिस अधिकारी के नाम से वीडियो कॉल आ गई... एक छोटी सी चूक और मेहनत की कमाई खाते से गायब। इसी खतरे को देखते हुए पुलिस ने सितंबर को ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ जन-जागरूकता माह के रूप में मनाने का फैसला किया है। पूरे महीने पुलिस आमजन को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपाय बताएगी। पुलिस का यह अभियान सिर्फ थानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूल-कॉलेज से लेकर बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और गांव की पंचायत तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जाएगा। साइबर ठगों के निशाने पर रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम होंगे। पुलिस, पेंशन विभाग के साथ मिलकर उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’, निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी बैंक अधिकारी और अन्य साइबर फ्रॉडसे बचाव की जानकारी देगी।
भारतीय सेना ने युवाओं की तकनीकी प्रतिभा को निखारने के लिए 'टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026' का आयोजन किया है। इसके जरिए साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में माहिर छात्रों को देश सेवा का बड़ा अवसर मिलेगा।

