मुजफ्फरनगर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर मिशन शक्ति अभियान के तहत मंगलवार, 13 अक्टूबर को थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय शेरपुर में छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 और संचार साथी पोर्टल के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने, अनजान लिंक पर क्लिक न करने और ओटीपी व पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। छात्र-छात्राओं को साइबर बुलिंग, फर्जी सोशल मीडिया आईडी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और निजी तस्वीरों के दुरुपयोग से बचाव के तरीके भी बताए गए। साइबर अपराध का शिकार होने पर साक्ष्य सुरक्षित रखने, संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने और जरूरत पड़ने पर पुलिस से सहायता लेने की जानकारी दी गई।
बुलंदशहर में साइबर सुरक्षा अभियान:पुलिस ने छात्रों को बताए साइबर ठगी से बचाव के तरीके
बुलंदशहर में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह (एनसीएसएएम) के तहत साइबर क्राइम सेल और थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने निर्मला कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए गए। पुलिस टीम ने छात्रों को ऑनलाइन ठगी, बैंक धोखाधड़ी, फिशिंग कॉल और सोशल मीडिया के दुरुपयोग से जुड़े खतरों के बारे में जानकारी दी। उन्हें अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और ऑनलाइन साझा की जाने वाली निजी जानकारियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिसकर्मियों ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। कार्यक्रम में साइबर ठगी का शिकार होने पर शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in की जानकारी भी दी गई। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना है।
नवरात्र पर साइबर सुरक्षा के नौ मंत्र
नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के साथ उत्तराखंड एसटीएफ लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के नौ मंत्र भी सिखा रही है।
महिलाओं को सरकारी योजनाओं, कानूनी अधिकारों और साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी देकर आत्मनिर्भर बनाने की पहल की गई।
एआई और साइबर सुरक्षा के अनुरूप अपडेट करें इंजीनियरिंग का पाठ्यक्रम : कुलपति
Update engineering courses according to AI and cybersecurity: Vice-Chancellor
राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत लखनऊ के यूपी-112 परिसर में 450 छात्रों और शिक्षकों के लिए साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें प्रतिभागियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और साइबर अपराधों की पहचान के बारे में जानकारी दी गई।
साइबर अपराधों से बचाव के लिए छत्तीसगढ़ में जागरूकता अभियान लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में साइबर जागृति अभियान और ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के अभिनंदन समारोह में कहा कि साइबर सुरक्षा केवल सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। 7 सप्ताह का अभियान खत्म होना समापन नहीं, बल्कि शुरुआत है। साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा। छत्तीसगढ़ पुलिस ने 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चले अभियान में 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए और करीब 1.70 करोड़ लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया। सोशल मीडिया पर 3,100 से अधिक पोस्ट साझा की गईं, जिन्हें 6.02 करोड़ से ज्यादा व्यूज मिले। स्कूल-कॉलेज, ग्राम पंचायतों और हाट-बाजारों में लोगों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं और यूपीआई से जुड़े अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है। ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों और फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इन प्रयासों से साइबर अपराधों से जुड़ी एफआईआर में कमी आई है और ठगी की रकम वापस मिलने की दर बढ़ी है। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। अनजान लिंक खोलने, ओटीपी-पासवर्ड साझा करने और ऑनलाइन निवेश के नाम पर आने वाले संदिग्ध प्रस्तावों से बचें। ट्रैफिक सुधारने युवाओं ने दिए सुझाव ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 में युवाओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने रायपुर के टाटीबंध चौक, तेलीबांधा, आमापारा और शंकर नगर जैसे व्यस्त इलाकों की यातायात समस्याओं के समाधान सुझाए। इनमें पार्किंग व्यवस्था सुधारने, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ते बनाने, लेन मार्किंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से ट्रैफिक प्रबंधन जैसे सुझाव शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों पर विचार कर उन्हें लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। कार्यक्रम में साइबर जागरूकता के लिए बेहतर पहल करने वाले जिलों और ट्रैफिक हैकाथॉन के विजेताओं को सम्मानित किया गया। समारोह में विधायक राजेश मूणत, महापौर मीनल चौबे, पुलिस महानिदेशक अरुण गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अमित कुमार सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और विद्यार्थी मौद थे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से साइबर सुरक्षा के प्रति खुद जागरूक रहने और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील की।
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सोशल मीडिया पर मिले संदिग्ध मैसेज से सतर्क रहने का भी सुझाव दिया गया।
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग के कारण डेटा सेंटर उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है।

