यमुनानगर शहर के सिटी मॉल और एक निजी अस्पताल को गोलियों से दहलाने वाले बदमाशों को लेकर पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए नाबालिग युवकों को मात्र 50 हजार रुपए का लालच दिया गया था। यह खौफनाक साजिश विदेश में बैठे गैंगस्टर नोनी राणा के इशारे पर रची गई थी, जिसकी कमान कुरुक्षेत्र के मुख्य आरोपी गुरलाल के हाथों में थी। सोशल मीडिया के जरिए जुड़ते गए आरोपी सूत्रों के अनुसार कुरुक्षेत्र निवासी गुरलाल को ऐसे युवकों की तलाश थी जो पैसों के लिए फायरिंग जैसी वारदात करने को तैयार हो जाएं। इसके लिए उसने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर युवकों की तलाश शुरू की। इसी दौरान उसका संपर्क करनाल के तरावड़ी क्षेत्र के दो नाबालिग लड़कों से हुआ। बातचीत बढ़ने के बाद गुरलाल ने उन्हें पैसों का लालच देकर वारदात के लिए तैयार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि पूरी फायरिंग की योजना गुरलाल ने बनाई और वही इस घटना को लीड कर रहा था, जबकि नाबालिगों को सिर्फ दहशत फैलाने के लिए इस्तेमाल किया गया। दहशत फैलाने के लिए चुनी भीड़भाड़ वाली जगहें पुलिस का मानना है कि रंगदारी वसूली के मकसद से शहर में डर का माहौल बनाने के लिए ही अस्पताल और सिटी मॉल जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों को निशाना बनाया गया। पहले अस्पताल में ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं और फिर सिटी मॉल के बाहर फायरिंग कर गैंगस्टरों के नाम की पर्ची फेंकी गई, ताकि इलाके में खौफ फैल सके। रात को फायरिंग, सुबह मुठभेड़ में गिरफ्तारी वारदात के कुछ घंटों बाद ही पुलिस ने घेराबंदी कर रविवार सुबह गांव सुड़ैल के पास तीनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जवाबी फायरिंग में दो आरोपियों के पैर में गोली लगी, जबकि तीसरा बाइक से गिरकर घायल हो गया। तीनों का इलाज सिविल अस्पताल यमुनानगर में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। मुठभेड़ के दौरान सीआईए-1 और सीआईए-2 के प्रभारी भी गोली लगने से बाल-बाल बचे, क्योंकि उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी। गैंग कनेक्शन और रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस गैंग से जुड़े हैं, विदेश में बैठे नोनी राणा की भूमिका क्या है और इस साजिश में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। साथ ही यह भी जांच जारी है कि क्या यह हमला पहले मांगी गई रंगदारी से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए साइबर और क्राइम यूनिट की टीमें संयुक्त रूप से काम कर रही हैं और जल्द ही मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। अस्पताल और सिटी मॉल में की थी फायरिंग शनिवार देर रात यमुनानगर में बाइक सवार बदमाशों ने पहले रेलवे रोड स्थित एक निजी अस्पताल में घुसकर करीब 13-14 राउंड फायरिंग की और फरार हो गए। इसके कुछ ही देर बाद सिटी मॉल के बाहर भी गोलियां चलाकर गैंगस्टरों के नाम की पर्ची फेंकी, जिससे शहर में दहशत फैल गई। सीसीटीवी वीडियो मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी शुरू की और रविवार सुबह गांव सुड़ैल के पास बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से करीब 25-30 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें दो बदमाशों के पैर में गोली लगी और तीसरा बाइक से गिरकर घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती करा दिया।
भागलपुर में अपराध पर लगाम कसने के लिए एसएसपी प्रमोद कुमार ने समीक्षा भवन में मासिक क्राइम मीटिंग की। इस मीटिंग में जिले के सभी डीएसपी, सिटी डीएसपी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। एसएसपी ने लंबित मामलों को तेजी से निपटाने और अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता देने के सख्त निर्देश दिए। अपराध नियंत्रण पर जोर, लापरवाहों पर कार्रवाई मीटिंग में एसएसपी प्रमोद कुमार ने पिछले एक महीने में दर्ज आपराधिक मामलों की समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों की प्रगति और उनके निष्पादन की गति पर भी चर्चा की। एसएसपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण और मामलों के त्वरित निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लापरवाह अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में लापरवाही पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। 11 पुलिसकर्मी सम्मानित, बेहतर काम करने वालों को प्रोत्साहन इस अवसर पर बेहतर कार्य करने वाले 11 अनुसंधान पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। एसएसपी ने कहा कि अच्छे कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे पुलिस व्यवस्था में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और कार्यकुशलता बढ़ेगी। वहीं, जिन अनुसंधान पदाधिकारियों ने लंबित मामलों का समय पर निष्पादन नहीं किया, उनसे स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा गया है। हर महीने होती है क्राइम मीटिंग एसएसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि यह क्राइम मीटिंग हर महीने आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य थाना स्तर पर दर्ज मामलों की समीक्षा करना और पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपराधों की रोकथाम और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए जिम्मेदारी से कार्य करने को कहा। पुलिस का संदेश: कानून-व्यवस्था मजबूत करना प्राथमिकता इस बैठक के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने यह संदेश दिया कि जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और आम जनता को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दो दिनी चीफ जस्टिस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए भोपाल आए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और देश के 25 राज्यों के हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के परिजनों ने भोपाल और आसपास के पर्यटन स्थलों की खूबसूरती का आनंद लिया है। नेशनल ज्यूडिशल एकेडमी में न्यायाधीशों की कॉन्फ्रेंस के बीच उनके परिजनों ने भीमबैठका, भोजपुर के विख्यात शिव मंदिर और ट्राइबल म्यूजियम समेत अन्य स्थानों में विजिट कर भोपाल की खूबसूरती को पास से देखा। इसके बाद रविवार दोपहर बाद सभी न्यायाधीश वापस लौट गए। भोपाल स्थित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी (एनजेए) में शनिवार को हुई कॉन्फ्रेंस की खास बात यह रही कि दिल्ली के बाद भोपाल इकलौता शहर है जहां सीजेआई समेत सुप्रीम कोर्ट के 9 न्यायाधीश व हाईकोर्ट के सभी 25 चीफ जस्टिस एक साथ जुटे। यहां पहले दिन न्यायपालिका में तकनीक और एआई के इस्तेमाल पर फोकस रहा। इसमें जस्टिस सूर्यकांत समेत सुप्रीम कोर्ट के 9 न्यायाधीशों ने बात रखी। यहां कहा गया कि मुकदमों की पेंडेंसी निपटाने में एआई मददगार हो सकता है। मुकदमों की प्रक्रिया तेज करने में इसका इस्तेमाल होना चाहिए लेकिन फैसले में एआई की भागीदारी बिल्कुल न हो। फैसले तो पूरी तरह न्यायाधीशों के विवेकाधीन ही होने चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में बनी है कमेटी गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने न्यायपालिका में एआई के उपयोग और इसके विकास को लेकर एक समिति का गठन किया है। दिसंबर 2025 में इसका पुनर्गठन किया गया है। यह समिति सुप्रीम कोर्ट और अधीनस्थ न्यायपालिका में एआई टूल्स को अपनाने, विकसित करने और इनके उपयोग के लिए एक रोडमैप तैयार करेगी। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा इसके अध्यक्ष हैं। भोपाल कॉन्फ्रेंस की थीम भोपाल में हुई कॉन्फ्रेंस की थीम एकीकृत, कुशल और जन-केंद्रित न्यायपालिका रही। काॅन्फ्रेंस में देशभर के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों ने डिजिटल नवाचार के माध्यम से भाषाई और भौगोलिक बाधाओं को तोड़ने पर विचार-विमर्श किया। एकीकृत, कुशल और जन-केंद्रित न्यायपालिका थीम पर जस्टिस जेके महेश्वरी, जस्टिस बीबी नागरत्ना, जस्टिस पी. नरसिम्हा, जस्टिस दीपांकर दत्ता, जस्टिस जॉय माल्या बागची, जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली ने अलग-अलग विषयों पर अपनी बात रखी। डिजिटल डिवाइस और एआई काम की गति बढ़ाने में मददगार चीफ जस्टिस सूर्यकांत का कहना है कि भारत जैसे विशाल देश में जन केंद्रित न्यायपालिका के लिए तेजी से मुकदमों के निराकरण (क्विक डिस्पोजल) की व्यवस्था बनाना बहुत जरूरी है। इस काम में इन्फॉर्मेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, डिजिटल डिवाइस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्यायपालिका के काम की गति बढ़ाने में बड़ी मददगार हो सकते हैं। मौजूदा नीतियों में सुधार के साथ ही न्यायपालिका के परफॉर्मेंस का भी नियमित मूल्यांकन होना चाहिए। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत के साथ एनजेए के डायरेक्टर जस्टिस अनिरुद्ध बोस और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीशगण ने इसमें विचार रखे।
मैं एक अडॉप्टेड चाइल्ड हूं, सहर हाशमी। एक्टिविस्ट शबनम हाशमी और गौहर रजा की गोद ली हुई बेटी। मैं केवल 9 महीने की थी जब सगे मां-बाप अनाथालय छोड़ गए थे। जब अम्मा-पापा अनाथालय आए थे, तब मैं महज एक साल की थी। अम्मा बताती हैं कि मैं शीशे से उन्हें देख रही थी। जैसे ही वो लोग मेरे सामने पहुंचे, मैंने अपना हाथ उनकी तरफ बढ़ा दिया। अम्मा-पापा ने फौरन मेरा हाथ थाम लिया, जबकि उनका पहले से एक बेटा था साहिर हाशमी। कागजी कार्रवाई के बाद मुझे घर ले आए। घर में धूमधाम से मेरा स्वागत हुआ। मिठाई बांटी गई। मां बताती है कि साहिर भाई के दोस्त अक्सर स्कूल में बहनों की बातें किया करते थे। भाई सबकुछ सुनते रहते और घर आकर जिद करते कि मुझे भी बहन चाहिए। तब अम्मा और पापा ने तय किया कि हम एक बेटी गोद लेंगे। जब पांच साल की हुई तब पहली बार अम्मा ने बताया कि मुझे गोद लिया है। तब मुझे कुछ समझ नहीं आया। उसके कुछ समय बाद एक दफा मेंहदी लगाने के लिए अम्मा के साथ लाजपतनगर मार्केट जा रही थी। मुझे बहुत शौक था, जैसे ही मेंहदी का रंग फीका होता मैं दोबारा लगवा लेती थी। मेंहदी लगवाते हुए अचानक मैंने अम्मा से पूछा- साहिर भाई कैसे पैदा हुए हैं? अम्मा बोलीं- साहिर मेरे पेट से पैदा हुआ है। फिर मैंने पूछा क्या मैं भी आपके पेट से पैदा हुई हूं? अम्मा बोलीं- नहीं, तुम मेरे पेट से पैदा नहीं हुई हो। अम्मा की ये बात मेरे मन में बैठ गई। मैं सोचने लगी कि अम्मा ये क्या बोल रही हैं? मैं सच में इनकी बेटी नहीं हूं। तब तो ये लोग मुझे प्यार ही नहीं करते होंगे। मेरे लिए कभी कुछ करेंगे भी नहीं। सब कुछ साहिर भाई के लिए करेंगे। मुझे लंबे समय तक लगता रहा कि यह लोग मुझसे प्यार नहीं करते हैं। अम्मा-पापा दूसरे पैरेंट्स से बिलकुल अलग थे। किसी तरह की रोक-टोक नहीं करते थे। वो सोचते थे कि बच्चा अपने फैसले खुद लेना सीखे। जब मैं उनसे कुछ मांगती थी और नहीं मिलता था तब लगता था कि इनकी बेटी नहीं हूं इसलिए नहीं देते। जबकि वे लोग ठीक होते थे अपनी जगह। उनके पास पैसे नहीं होते थे। जैसे-जैसे मैं बड़ी हुई तो बाकी बच्चों से एकदम अलग होती चली गई। मेरे अंदर गुस्सा था। मैं गुस्से में हिंसक हो जाती थी। कुछ भी उठाकर फेंक देना, किसी को भी मार देना। उस वक्त अम्मा-पापा मेरी इन हरकतों को सामान्य समझते थे। कहते थे कि बच्चा है, कोई बात नहीं है। कुछ समय बाद साहिर भाई पढ़ाई के लिए बाहर चले गए। जब वो घर आते तो मुझे उनसे भी दिक्कत होती। ऐसे लगता कि ये क्यों आए हैं। मुझे हर बात पर शक होता जैसे कि कुछ अच्छा खाना बने तो मुझे लगता कि उनका बेटा है इसलिए बन रहा। अपने बेटे से हंस-हंस कर बात कर रहे हैं। ये सब देखते ही मैं वहां से उठकर चली जाती थी। भाई मुझसे इतना प्यार करते थे, तब भी मुझे उनसे दिक्कत होती थी। शुरुआत में अम्मा-पापा को लगता था कि वे लोग मुझे समय नहीं दे पाते, इसलिए चिड़चिड़ी हो गई हूं। फिर उन्होंने एक साथ ट्रैवल करना बंद किया। दोनों में से एक हमेशा मेरे पास घर में रहते थे। फिर उन्होंने गूगल पर पढ़ना शुरू किया। उन्होंने काउंसलर से भी बात करी, लेकिन जब साल 2014 में मैंने बाहरवीं पास की और आत्महत्या की कोशिश की तो यह उनके लिए अति हो गई थी। फिर उन्हें काउंसलर ने कहा कि इसे साइकैट्रिक ट्रीटमेंट की जरूरत है, वरना वे अपना बच्चा खो देंगे। अगर कोई मुझे कह देता कि ये क्या पहन लिया, अच्छी नहीं लग रही हो। इतनी सी बात सुनकर मैं ट्रिगर हो जाती थी। अगर मुझसे कोई तेज आवाज में बात करे तो मैं सहन नहीं कर पाती थी। अगर अम्मा मुझे किसी बात पर व्हॉटसएप पर थम्स-अप साइन भेज देती तो मैं अपसेट हो जाती। सोचने लगती कि उन्होंने ठीक से बात नहीं की। मेरे लिए टाइम ही नहीं है उनके पास। फिर मैं बहुत गहरी सोच में चली जाती। मेरे शौक बहुत मंहगे होते थे। मुझे मंहगी चीजों की आदत हो गई थी। जब आईफोन XR आया तो मुझे चाहिए था। किसी तरह अम्मा-पापा ने मुझे EMI पर फोन दिलवाया और तीसरे दिन वह चोरी हो गया। मैं बहुत अपसेट हो गई। एक हफ्ते के बाद पापा ने मुझे दोबारा आईफोन दिलवाया तब मैं खुश हुई। मेरे लिए पैसे खर्च करना एक सेफ्टी वॉल जैसा था। जब मेजर ब्रेकडाउन होता तो मैं कुर्सी उठाकर मार देती थी। मुझे न सुनना बिलकुल पसंद नहीं है। अगर मैंने कोई चीज मांगी और पापा ने मना कर दी, तब तो मुझे वो चीज चाहिए ही होती थी। चाहे कुछ हो जाए। मैं खुद को मारने लगती थी। यहां तक की मैंनें अम्मा-पापा पर भी हाथ उठाया था। मेरा डॉग जो मुझे जान से ज्यादा प्यारा था, उसे भी उठाकर फेंक दिया था। अपना कमरा लॉक कर लेना। अम्मा को धक्का दे देना। घंटों तक रोना। आपा खो देना। मुझे सबसे आसान लगता था कि मैं खुद को मार लूं। मैं ही हर समस्या की जड़ हूं। फिर सिर दर्द हो जाता था तो पांच छह लोग मुझे एक दवा देने में लग जाते थे जिसके बाद मैं सो जाती थी। ऐसे में शॉपिंग या मंहगी चीजों की खरीदारी मेरे लिए सेफ्टी वॉल का काम करता था। बस तब मैं थोड़ा शांत हो जाती थी। एक दफा मैंने पापा पर हाथ उठाया था। उसके बाद देर रात मैं कमरे में ये सब सोचकर रो रही थी। शायद पापा ने मेरी आवाज सुन ली और भागकर कमरे में आए। मैंने उनसे कहा कि आप पर हाथ उठाया, आपको चोट लग गई। मुझे बहुत बुरा लग रहा है। मैं आपको मारना नहीं चाहती थी, लेकिन पता नहीं क्या हो जाता है। खुद को कंट्रोल नहीं कर पाती। पापा ने मुझे गले लगा लिया। फिर कहने लगे कि मैं जानता हूं। जब गुस्सा आए और तुम्हें लगे कि पापा को मारकर शांत हो सकती हो तो तुम मार लिया करो मुझे। मुझे बॉर्डर लाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर था। इसके अलग-अलग लक्षण होते हैं। मेरे अंदर था कि मुझे बहुत ज्यादा पैसा खर्च करना अच्छा लगता था। जब पैसे देने से अम्मा-पापा मना कर देते तो पूरे घर में हिंसा और तोड़-फोड़ होती थी। इसके अलावा मेरे अंदर आत्महत्या करने की बहुत इच्छा होती थी। मैंने बहुत बार कोशिश की, लेकिन बच गई। मैं खुद को बहुत नुकसान पहुंचाती थी। मैं खुद को बहुत नकारा समझती थी और लगता था कि मुझसे तो दुनिया में कुछ हो ही नहीं पाएगा। मैं तो बहुत बेचारी हूं। मेरी बीमारी के बारे में तब पता चला जब मैं 18 साल की हुई और आत्महत्या करने के लिए अपनी कलाई की नस काट ली थी। देर से डायग्नोस होने की वजह से मेरी और मेरे परिवार की जिंदगी के कीमती 18 साल बरबाद हो गए। सबसे बड़ी बात है कि इस बीमारी से ग्रस्त कोई इंसान अगर परिवार में है तो उसकी चपेट में पूरा परिवार आता है। मैंने आत्महत्या की कोशिश तो बहुत बार की है लेकिन साल 2014 वाला मुझे याद है। उस दिन अम्मा लैपटॉप पर काम कर रही थीं और मैं नीचे सोसाइटी के बच्चों के साथ खेल रही थी। हम रेड हैंड गेम खेल रहे थे। एक बच्चे ने मेरे हाथ पर बहुत तेज मार दिया। मैं रोते हुए घर आई और अम्मा को बताया। अम्मा काम में इतना व्यस्त थीं कि ध्यान नहीं दे पाईं। मैंने टेबल पर रखा कटर उठाया और कलाई काट ली। फिर मैंने कई बार छत से कूदने की कोशिश की। कई बार ट्रक के नीचे आने के लिए हाईवे पर भाग गई। मैं गिन नहीं सकती कि ऐसा कितनी बार किया मैंने। इन सब वजहों से घर का माहौल बहुत खराब रहता था। 24 घंटे घर में मेरे जैसा मरीज था, इसलिए अम्मा अक्सर रोती रहती थी। जो लोग मुझे पसंद नहीं थे, वे घर नहीं आ सकते थे। मुझे अच्छा नहीं लगता था। दो साल के लिए तो मैंने खुद को कमरे में लॉक कर लिया था। बाहर नहीं आती थी। शरीर 70 साल की औरत जैसा हो गया था। लाइट का बटन भी बंद नहीं कर पाती थी, शरीर इतना कमजोर हो गया था। रिमोट तक नहीं उठा पाती थी। बिस्तर पर बैठी चिल्लाती रहती थी कि खाने को दे दो। सारा दिन क्राइम पेट्रोल देखती थी। वहीं से मुझे आत्महत्या के ख्याल आते थे। एक साल तक मैं 10-10 घंटे तक पेंटिंग करती थी। पहले मैं सिर्फ ब्लैक एंड वाइट पेंटिंग करती थी। फिर कलरफुल बनानी शुरू की। साल 2016 में जब मां ने मेरी एक साल की पेंटिंग देखी तो बोलीं- हम एग्जीबिशन लगाएंगे। उनकी बात सुनते ही मैं डर गई। मुझे लगा कि घर में रहते हुए दो साल बीत गए हैं। अब मैं लोगों से बात कैसे करुंगी, कैसे लोगों का सामना करुंगी। अम्मा ने मुझे बहुत समझाया। उसके बाद बस अम्मा-पापा ने कहा कि तुम्हें साइकेट्रिस्ट के पास जाना चाहिए। लेकिन मैं मना कर देती थी। मुझे बॉलीवुड की फिल्में देखकर लगता था कि वहां तो पागल जाते हैं। वे लोग मुझे जंजीरों से बांध देंगे, कमरे में बंद कर देंगे। बिजली के झटके देंगे। जब मैं साइकेट्रिस्ट के पास गई तो बहुत अच्छा लगा। बच्चों के साइकेट्रिस्ट तो वैसे ही बहुत अच्छे होते हैं। वहां बहुत सारे पोस्टर लगे हुए थे, खिलौने थे। वहां जाते-जाते मुझे लगने लगा कि यह मेरे लिए कितना जरूरी है। समय बीतता गया, मेरी दवाइयां चलती रहीं। 20 साल डिप्रेशन में रहने के बाद धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर लौटने लगी। मैं अम्मा-पापा के साथ समय गुजारने लगी। उन्हें समझने लगी। बहुत साल तक तो मैं अपनी सगी मां से नफरत करती रही कि वह कितनी गंदी थीं जो अनाथालय छोड़ गईं। हालांकि अब ऐसा नहीं है। मौका मिले तो मैं अपनी सगी मां से जरूर मिलना चाहूंगी। मेरे लिए दिक्कत यह भी थी कि हर डॉक्टर हमसे फैमिली हिस्ट्री पूछता था। तब अम्मा-पापा बताते थे कि अडॉप्टेड चाइल्ड हूं। तब मैं बहुत गुस्सा करती थी लेकिन अब नहीं। अब कहीं जाकर मैं अडॉप्शन को लेकर नॉर्मल हुई हूं। मेरे लिए शबनम हाशमी और गौहर रजा ही असली मम्मी-पापा हैं। मैं उनसे बहुत प्यार करती हूं। आज मैं निफ्ट से सर्टिफाइड फैशन स्टाइलिश्ट और मोटीवेशनल स्पीकर हूं। मैंने मेंटल हेल्थ पर जो स्टिगमा बना हुआ है, उसे तोड़ने की शुरुआत की है। 11 मार्च 2024 को मैंने रॉयल इनफील्ड खरीदी और दुनिया से इसपर बात करने के लिए निकल गई। शहर दर शहर रॉयल इन फील्ड पर सबसे ज्यादा सेमिनार करने का विश्व रिकॉर्ड मेरे नाम है। मेरी सारी जिंदगी एक ऐसे अंधेरे नरक में गुजरी है कि मुझे लगता है कि मैं देश के कोने कोने में जाकर इसपर बात करूं। मैं बाइक पर जाती हूं। लोगों से बात करती हूं। उन्हें बताती हूं कि यह बीमारी नहीं है। (सहर हाशमी ने अपने जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए हैं) ---------------------- 1- संडे जज्बात-लोग भैंस, बुलडोजर आंटी कहते थे:30 की उम्र में 92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया मैं कानपुर की रहने वाली आभा शुक्ला हूं। भैंस, मोटी, 45 साल की आंटी, चलती-फिरती बुलडोजर, किसी के ऊपर गिर जाए, तो वो दबकर ही मर ही जाए… कभी ये सारे नाम मेरे ही थे। लोग मुझे इन्हीं नामों से बुलाते थे। मेरे असली नाम ‘आभा शुक्ला’ से नहीं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
एमपी बोर्ड:परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर फर्जी पेपर लीक, साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
एमपी बोर्ड परीक्षा से पहले जालसाजों ने टेलीग्राम के जरिए फर्जी प्रश्नपत्र बेचने का नेटवर्क सक्रिय कर दिया है। जालसाजों ने फर्जी प्रश्नपत्रों को असली दिखाने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के लोगो और मोनो का दुरुपयोग किया। मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने बोर्ड से शिकायत मिलने के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच के अनुसार माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने शिकायत में बताया कि कुछ टेलीग्राम चैनलों के जरिए छात्रों से रुपए वसूलकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। जांच के दौरान टेलीग्राम पर अब तक एमपी बोर्ड एग्जाम पेपर 2026, एमपी बोर्ड पेपर, एमपी बोर्ड 2025 एग्जाम पेपर, एमपी बोर्ड पेपर लीक, ऑल बोर्ड्स पेपर 2026, एमपी बोर्ड ऑफिशियल और एमपी बोर्ड प्रश्न 2026 जैसे सात चैनल सामने आए हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
धौलपुर में पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के समस्त वृताधिकारियों, थानाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध गोष्ठी (क्राइम मीटिंग) की। इस बैठक में जिले की कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। इसमें लंबित प्रकरणों, एफआईआर, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित अभियानों की समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने थाना-वार लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के विशेष निर्देश दिए। उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों, दुष्कर्म के दो माह से लंबित मामलों, एससी/एसटी, पॉक्सो, लोकसेवकों पर हमले के प्रकरणों, हत्या, डकैती, लूट और दुष्कर्म के अनट्रेस मामलों के त्वरित खुलासे के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। आदतन अपराधियों पर सख्त निगरानी रखने, नए हिस्ट्रीशीटरों की पहचान कर नई हिस्ट्रीशीट खोलने और चोरी व नकबजनी जैसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सूचना तंत्र मजबूत करने पर जोर दिया गया। अवैध मादक पदार्थों के परिवहन की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के निर्देश भी दिए गए। बीट क्षेत्र में सतत निगरानी, निरंतर गश्त, मालखानों में माल का व्यवस्थित रख-रखाव और लंबित मामलों व माल के शीघ्र निस्तारण को सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने थानों में लंबित शिकायतों के त्वरित निस्तारण, थाना भवनों और स्वागत कक्षों में स्वच्छता, सीसीटीवी कैमरों के उचित रखरखाव, आमजन से शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार के निर्देश दिए। वांछित अपराधियों और स्थाई वारंटियों की गिरफ्तारी पर विशेष ध्यान देने, नए कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन एवं नाकाबंदी-गश्त बढ़ाने पर भी बल दिया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, एडीएफ बाड़ी कमल कुमार जांगिड़, शिकाऊ प्रकोष्ठ हवा सिंह, हीनियस क्राइम मॉनिटरिंग यूनिट गिर्राज मीणा सहित सभी वृताधिकारी और जिले के समस्त थानाधिकारी उपस्थित रहे।
नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी में आज से दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन शुरू हो रहा है। यह आयोजन हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस का होगा। सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत भी शामिल होंगे। उनके अलावा देश के विभिन्न राज्यों से 25 से ज्यादा हाईकोर्ट के जज भी शामिल होंगे। राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रित न्यायपालिका पर मंथन किया जाएगा। सीजेआई बनने के बाद जस्टिस सूर्यकांत का यह मप्र का पहला दौरा है। लंबे समय बाद एक साथ इतने बड़े स्तर पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस भोपाल में जुट रहे हैं। सम्मेलन की थीम- ‘एकीकृत, कुशल और जन-केंद्रित न्यायपालिका’ रखी गई है। इसी विषय पर सीजेआई सूर्यकांत देशभर के जजों को संबोधित करेंगे। सम्मेलन में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के साथ न्याय व्यवस्था को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने को लेकर मंथन किया जाएगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी करेंगे अगवानी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत के भोपाल प्रवास के दौरान उनकी अगवानी और नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी में उनके पहुंचने तक की सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रदेश के आला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के जिम्मे है। सीजेआई से भोपाल प्रवास के दौरान सीनियर एडवोकेट्स भी मुलाकात कर सकते हैं।
साइबर क्राइम...:इंस्टाग्राम पर इन्वेस्टमेंट का झांसा दे महिला से 5.47 लाख रुपए ठगे
भोगपुर के दशमेश नगर की रहने वाली एक महिला से इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क कर अज्ञात महिला ने 5,47,700 रुपए ठग लिए। पीड़िता की शिकायत पर साइबर क्राइम पोर्टल पर मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता मर्सी बाली पुत्री रॉबिन्सन बाली ने बताया कि उनका एक इंस्टाग्राम अकाउंट है। इसी दौरान उन्होंने इंस्टाग्राम आईडी पर एक वीडियो देखा, जिसमें घर बैठे इन्वेस्टमेंट कर मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। वीडियो से प्रभावित होकर उन्होंने उस आईडी पर इन्वेस्टमेंट से संबंधित मैसेज किया। मैसेज करने के बाद आरोपी पक्ष ने उन्हें वाट्सएप नंबर 8619347257 और 9963413013 से संपर्क किया गया। महिला ने इन्वेस्टमेंट में मोटा रिटर्न का भरोसा दिलाया। मर्सी ने 8 मार्च, 2024 को पहली बार 5 हजार रुपए ट्रांसफर किए। फिर अलग-अलग खातों से 5.47 लाख ट्रांसफर कर दिए। आखिर मुनाफा न होता देख पैसे वापस मांगे तो महिला टालमटोल करने लगी। फिर फोन कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया। इसके बाद 6 जुलाई 2025 को उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। भोगपुर थाने के इंस्पेक्टर हरबीर सिंह ने बताया कि पीड़िता को थाने बुलाकर बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
रायपुर पुलिस ने महंत लक्ष्मीनारायण कॉलेज में “संवाद से समाधान” अभियान के तहत छात्रों और शिक्षकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में पुलिस ने साइबर अपराध, नशा मुक्ति, यातायात नियम और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी और छात्रों को हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जागरूक किया। एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने प्रिंसिपल, टीचर और स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए अभियान का उद्देश्य बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम जनता से सीधे संवाद करना, उनकी समस्याओं को समझना, विश्वास बढ़ाना और साइबर अपराध, यातायात नियम, महिला एवं बच्चों से जुड़े अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पुलिस ने साइबर, नशा और सुरक्षा की दी जानकारी एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा ने छात्रों को साइबर अपराधों जैसे ओटीपी फ्रॉड, फर्जी केवाईसी अपडेट, ऑनलाइन लोन ऐप, सोशल मीडिया हैकिंग और फर्जी लिंक/कॉल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, संदिग्ध लिंक से दूरी और व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने से बचाव किया जा सकता है। उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 और रायपुर पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को फॉलो करने की सलाह दी। स्टूडेंट्स को नशा और सड़क सुरक्षा की जानकारी दी गई थाना प्रभारी सतीश सिंह गहरवार ने नशा मुक्ति और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हेल्पलाइन 1933 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस नंबर पर पूरी गोपनीयता के साथ नशे की अवैध बिक्री या तस्करी की सूचना दी जा सकती है। ट्रैफिक शाखा के एएसआई टीके भोई ने छात्रों को सड़क दुर्घटनाओं के कारण, यातायात नियमों का पालन और दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय समझाए। कार्यक्रम में स्टूडेंट्स को रायपुर पुलिस की विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई: आपातकालीन नंबर: 112 कंट्रोल रूम: 9479191099 महिला हेल्पलाइन: 9479210932 साइबर हेल्पलाइन: 1930 ट्रैफिक हेल्पलाइन: 9479191234 कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने सवाल पूछे और सुरक्षा व्यवस्था पर सुझाव साझा किए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता और युवाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुनना और समाधान सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से एडिशनल डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल, एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक सतीश सिंह गहरवार और ट्रैफिक शाखा से सहायक उप निरीक्षक टीके भोई उपस्थित रहे।
सी.एस.टी. पुलिस कमिश्नरेट जयपुर की ओर से अवैध मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के पास से 589.95 ग्राम स्मैक बरामद की। एनडीपीएस एक्ट के तहत वाणिज्यिक मात्रा की श्रेणी में आती है। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 1 करोड़ 18 लाख रुपए कीमत की वाणिज्यिक मात्रा में स्मैक बरामद कर ड्रग तस्कर कल्याण सिंह (22) पुत्र बीरम सिंह निवासी गांव टोकडी जिला झालावाड़ को गिरफ्तार किया। संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा आरोपी स्पेशल कमिश्नर राहुल प्रकाश ने बताया- पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बड़ी मात्रा में स्मैक लेकर जा रहा है। इस पर सीएसटी टीम ने थाना सांगानेर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए चाकसू बस स्टैंड के सामने टोंक रोड पर संदिग्ध को रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ स्मैक बरामद की गई। कार्रवाई करते हुए कल्याण सिंह (22) पुत्र बीरम सिंह निवासी गांव टोकडी थाना बालता तहसील ईकलेरा जिला झालावाड़ को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी से तस्करी नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
पलवल साइबर क्राइम थाना पुलिस ने न्यूड वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल कर 1.39 लाख की ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारी राजस्थान से की गई हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि एक व्यक्ति ने एनसीआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 24 जनवरी की रात उन्हें एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आई थी। कॉल पर एक युवती ने अपना चेहरा दिखाए बिना आपत्तिजनक हरकतें कीं और पीड़ित का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर धमकाया अगले दिन, आरोपियों ने खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर पीड़ित को धमकाया। उन्होंने वीडियो डिलीट कराने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में 1.39 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और तकनीकी जांच से मोबाइल की लोकेशन राजस्थान के भरतपुर जिले में पाई गई। पुलिस ने पहले भरतपुर निवासी अखलाख को गिरफ्तार किया और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया। पूछताछ में सामने आया कि ठगी की रकम हारिश के बैंक खाते में गई थी, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया। थाना प्रभारी नवीन कुमार ने कहा कि साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
महराजगंज साइबर क्राइम थाना ने मिशन शक्ति फेज-5 के तहत राम मनोहर लोहिया पार्क में एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और डिजिटल सुरक्षा के लिए सचेत करना था। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों, महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल/मैसेज, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी लॉटरी/इनाम, फर्जी निवेश योजनाएं, एटीएम/बैंकिंग फ्रॉड, यूपीआई धोखाधड़ी, फर्जी ऐप डाउनलोड, डीपफेक वीडियो और साइबर बुलिंग जैसे विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने लोगों को सलाह दी कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर प्रतिक्रिया न दें। अपनी व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी, पिन, पासवर्ड, बैंक डिटेल्स, आधार/पैन विवरण किसी से साझा न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से मित्रता करने और निजी जानकारी साझा करने से बचने की भी अपील की गई। कार्यक्रम में साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 के महत्व को समझाया गया। नागरिकों को बताया गया कि किसी भी साइबर ठगी या अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल – cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, नागरिकों को नए कानूनों और आईटी एक्ट/डिजिटल कानूनों से संबंधित प्रावधानों से अवगत कराया गया, जिससे वे अपने कानूनी अधिकारों और दायित्वों को समझ सकें। उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार, पड़ोस व समाज में भी साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी साझा करें, ताकि एक सुरक्षित डिजिटल समाज का निर्माण किया जा सके।
ज्यूडिशियल एकेडमी में राष्ट्रीय सम्मेलन:CJI और 25 हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस कल भोपाल में
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और देशभर के 25 हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस भोपाल आ रहे हैं। ये सभी नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी में 7 फरवरी को आयोजित हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। 8 फरवरी तक चलने वाले इस सम्मेलन की थीम- ‘एकीकृत, कुशल और जन-केंद्रित न्यायपालिका’ रखी गई है। इसी विषय पर सीजेआई सूर्यकांत देशभर के जजों को संबोधित करेंगे और हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के साथ न्याय व्यवस्था को आम लोगों के लिए अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने को लेकर मंथन करेंगे।
गुरुग्राम जिला पुलिस ने गुरूवार को कुख्यात अपराधी रिक्की (29 वर्ष) की अवैध प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चला दिया। रिक्की ने सेक्टर 37 में प्लॉट नंबर 50 फेज-4 स्थित HSIIDC की लगभग 03 बीघा सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा और टीन शेड डालकर पार्किंग बनाकर कमाई कर रहा था। वह मूलरूप से खांडसा गांव का रहने वाला है, यह जमीन गांव के पास ही है। दरअसल गुरुग्राम में पुलिस द्वारा ऐसे अपराधियों की पहचान करके उनका खाका तैयार किया गया है, जो आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहते हुए अवैध व अनैतिक तरीकों से संपत्ति अर्जित करते हैं तथा उसी के बल पर निरंतर अपराधों को अंजाम देते हैं। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध उनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित करके उन्हें गिराया जा रहा है। 31 अपराधिक मामले दर्ज रिक्की आवारा किस्म के लोगों के संपर्क में आकर अपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। लड़ाई-झगड़ा, लोगों में भय उत्पन्न करने, हत्या, हत्या के प्रयास तथा अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराधों के 31 मामले इसके खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज हैं। आरोपी शातिर एवं चालाक प्रवृत्ति का है तथा कई बार जेल जा चुका है। नगर निगम के DTP आर.एस. भाट, निरीक्षक मंजीत, प्रभारी पुलिस थाना सैक्टर-37 की टीम एवं HSIIDC के अधिकारियों के संयुक्त अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस की कार्रवाई जारी पुलिस प्रवक्ता अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस आमजन को यह विश्वास दिलाती है कि अपराधियों, भूमाफियाओं एवं अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध ऐसी सख्त कार्यवाही भविष्य में भी निरंतर रूप से जारी रहेगी। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने एमडी ड्रग के तीन आरोपी पकड़े:राजस्थान और उज्जैन के दो मामले में थे फरार
इंदौर क्राइम ब्रांच ने एमडी ड्रग से जुड़े मामलों में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी पूर्व में दर्ज मामले में फरार चल रहा था, जबकि अन्य दो आरोपियों को अलग मामले में संयोगितागंज क्षेत्र से पकड़ा गया है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने बीते दिनों 60 ग्राम एमडी ड्रग जब्त की थी। इस मामले में कुलदीप मेघवाल को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान कुलदीप ने जमान खान निवासी झालावाड़ का नाम उजागर किया था। इसके बाद बुधवार को क्राइम ब्रांच ने दबिश देकर जमान खान को इंदौर सीमा से गिरफ्तार किया। आरोपी पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है और रिपेयरिंग का काम करता है। अन्य आरोपियों से 13 ग्राम एमडी बरामद वहीं दूसरी कार्रवाई में क्राइम ब्रांच ने शिवाजी नगर शौचालय के पास एमडी ड्रग बेचते हुए मित सिसौदिया निवासी संयोगितागंज, इंदौर और शोभित उर्फ पुष्पेन्द्र ठाकुर निवासी उज्जैन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 13 ग्राम एमडी ड्रग, दो मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी पेशे से ड्रग पेडलर हैं और चलते-फिरते लोगों को नशा उपलब्ध कराते थे। जल्दी पैसा कमाने के लालच में आरोपी इस अवैध गतिविधि में शामिल हुए थे।
फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। यूजीसी की ओर से दिल्ली ब्लास्ट के बाद 2 एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। उसी में दिल्ली पुलिस के द्वारा यह कार्रवाई की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी कार्रवाई शुरू की थी। क्राइम ब्रांच ने निजी विश्वविद्यालय के संचालन से जुड़े कथित अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के आरोपों में मामले दर्ज किए थे। सिद्दीकी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की। दिल्ली ब्लास्ट के बाद शुरू हुई जांचदिल्ली ब्लास्ट के बाद चर्चा में आई फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी व अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दाखिल मनी लॉन्ड्रिंग की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के लिए दिल्ली की साकेत कोर्ट में 31 जनवरी को सुनवाई की जाएगी। कोर्ट ने ये फैसला ईडी की दलीलें सुनने के बाद दिया है। 4 पाइंट मे समझिए अब तक कार्रवाई और ED की जांच…
गैंगस्टर फायरिंग, रंगदारी केसों का ग्राफ बढ़ा, फियर क्राइम दिसंबर के मुकाबले 32% बढ़ा
शहर की क्राइम डायरी के दो महीनों के आंकड़े अपराधियों की नई आपराधिक ट्रेंड को साफ कर रही है। शहर में कुल एफआईआर का आंकड़ा ज्यादा रहा। दिसंबर 2025 में कुल 552 एफआईआर के मुकाबले जनवरी 2026 में संख्या 638 पहुंच गई। जहां एक तरफ गाड़ियां, बाइक व चोरी जैसे मामलों की संख्या में बड़ी गिरावट आई। दिसंबर में 51 वाहन चोरी के केस जनवरी में घटकर 28 रह गए। दिसंबर में घरों, दुकानों और फैक्ट्रियों में 28 सेंधमारी के केस भी जनवरी में कम हो गए हैं। यानी पारंपरिक चोरी की घटनाओं पर कुछ हद तक कंट्रोल दिखा। पर हथियार के दम पर डरा कर किए जाने वाले अपराधों का आंकड़ा बढ़ा है। फायरिंग की घटनाएं दिसंबर में 8 के मुकाबले जनवरी में बढ़कर 11 हुईं। मकसद डर फैलाना था। हत्या और हत्या की कोशिश के मामले 2 महीनों में बराबर रहे, लेकिन जनवरी में इनमें गैंग, हथियार और पुरानी रंजिश के एंगल ज्यादा दिखे। रंगदारी और धमकी के मामले 6 से बढ़कर 14 दर्ज हुए। पैसे न देने पर दुकानों/घरों के बाहर फायरिंग की गई। “पहले कॉल, फिर हमला” पैटर्न पर अपराधी आगे बढ़ रहे हैं। क्राइम ट्रेंड एनालिसिस हत्या + कोशिश {दोनों महीनों में लगभग 9–9 केस {जनवरी में गैंग और हथियार एंगल ज्यादा समझें फियर क्राइम ऐसा अपराध जिसका मकसद सिर्फ शारीरिक या आर्थिक नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि लोगों के मन में दहशत बैठाना होता है। इनमें फायरिंग, रंगदारी, गैंग हमले और सार्वजनिक हिंसा शामिल हैं, ताकि इलाके में डर का माहौल बने और अपराधियों का प्रभाव स्थापित हो सके। जनवरी में फायरिंग की घटनाएं 03 जनवरी को टिब्बा क्षेत्र में फायरिंग में व्यक्ति घायल। 05 जनवरी को विदेशी गैंग में सक्रिय लव कुमार को पैर पर गोली मार घायल किया। 06 जनवरी को सिविल सिटी की दुकान पर रंगदारी के लिए फायरिंग। 13 जनवरी को 4 आरोपियों ने युवक पर गोलियां चलाईं। 21 जनवरी को जमालपुर में गोली मारकर युवक की हत्या। 24 जनवरी को युवक के ही सहकर्मी ने गोली मारी। फायरिंग-लूट के 57 केस, दिसंबर में आंकड़ा 43 {दिसंबर में 40 बड़े झगड़ों के केस रजिस्टर्ड हुए जनवरी में ऐसे 34 मामले आए। जनवरी के कई झगड़ों में तलवार, पिस्तौल और डंडों के खुले इस्तेमाल से दहशत बढ़ी है। अगर हत्या, हत्या की कोशिश, फायरिंग, लूट और रंगदारी जैसे “फियर क्राइम” जोड़कर देखें तो दिसंबर में ऐसे 43 मामले दर्ज हुए थे। जनवरी में यह बढ़कर 57 हो गए। यानी डर बढ़ाने वाले अपराधों में करीब 32% बढ़ोतरी। हथियारों के जरिये धमकी देने वाली घटनाएं भी बढ़ती रहीं। कई मामलों में आरोपी पहचान में आने के बाद भी तुरंत गिरफ्त में नहीं आए। जनवरी में छोटी चोरी पर सख्ती दिखी, लेकिन संगठित ढंग से डर पैदा करने वाले गिरोहों से निपटना अभी बड़ी चुनौती बना हुआ है। दोनों महीनों में थाना जमालपुर के इलाके में फियर क्राइम काफी ज़्यादा देखने को मिला। जनवरी में 2 हत्या, एक फायरिंग से हत्या का प्रयास और एक एक्सटॉरशन का मामला देखने को मिला वही दिसंबर में भी जमालपुर में एक लूट और फायरिंग के साथ साथ पूनम पांडेय नाम की महिला को दामाद ने गोली मार दी थी। तस्वीर साफ है, जेब काटने वाले कम हुए, बंदूक दिखाकर डराने वाले बढ़े। अब अपराधी दहशत फैलाने की दिशा में जाते दिख रहे हैं।
नारनौल शहर थाना क्षेत्र की परशुराम कॉलोनी में बंद पड़े एक मकान को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के आभूषण व नकदी चोरी कर ली। इस बारे में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित धीरज यादव निवासी मोहल्ला कायमपुरा महेंद्रगढ़ ने बताया कि वह फिलहाल नारनौल शहर की परशुराम कॉलोनी में रह रहा है। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। उसने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह और उसकी पत्नी किसी जरूरी कार्य से अपने परशुराम कॉलोनी स्थित मकान को ताला लगाकर बाहर गए थे। अंदर का ताला मिला टूटा बीते कल वे शाम को वापस लौटे तो मकान का मुख्य गेट बाहर से बंद था, लेकिन अंदर से कुंडी लगी हुई थी। शक होने पर वे गेट के ऊपर से कूदकर अंदर गए, जहां अंदर का दरवाजा टूटा हुआ मिला। 30 हजार रुपए नकद भी ले गए घर की जांच करने पर पता चला कि अज्ञात चोर मकान से एक 52 इंच की एलईडी टीवी, सोने का मंगलसूत्र, एक सोने की चेन, चांदी की तीन जोड़ी पायल तथा करीब 30 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए। घटना की सूचना तुरंत डायल 112 पर पुलिस को दी गई। सीन ऑफ क्राइम टीम पहुंची सूचना मिलने पर थाना शहर नारनौल से PSI अजीत, SPO अनिल व सीन ऑफ क्राइम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फिंगरप्रिंट टेक्नीशियन EHC मन्नू द्वारा मौके से चांस प्रिंट उठाने का प्रयास किया गया, लेकिन काफी कोशिशों के बावजूद कोई ठोस सुराग नहीं मिला। पुलिस ने ई-साक्ष्य के तौर पर वीडियोग्राफी कराई गई। मामला दर्ज पीड़ित की लिखित शिकायत के आधार पर थाना शहर नारनौल में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 व 331(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जिसके बाद पुलिस ने चोरों की तलाश शुरू कर दी।
मैनपुरी में रेलवे फाटक न खोलने पर 2 कार पर सवार 7 युवकों ने गेटमैन पर पिस्टल तान दी। जान से मारने की धमकी दी। थप्पड़ और लात-घूसों से बुरी तरह पीटा। भद्दी-भद्दी गालियां दीं। गेटमैन को उठाकर मारते हुए कार तक ले जाने लगे। पूरी वारदात रेलवे फाटक पर लगे CCTV में रिकॉर्ड हो गई। आरोपी खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बता रहे थे। हालांकि गेटमैन गिड़गिड़ाता रहा, कहता रहा कि गाड़ी आने वाली है... फाटक कैसे खोल दूं... हादसा हो जाएगा तो कौन जिम्मेदार होगा... पर हमलावरों ने एक न सुनी। इस दौरान गेटमैन के दो साथी भी बीच-बचाव करते नजर आए। करीब 20 मिनट तक हमलावरों ने बवाल किया। इस घटना के कारण कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन करीब 15 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही और लगातार हॉर्न बजाती रही। मामले में 5 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वारदात थाना दन्नाहार क्षेत्र अंतर्गत टिण्डौली रेलवे स्टेशन से महज 2 किलोमीटर दूर की बताई जा रही है। CCTV फुटेज में देखिए युवकों की दबंगई, 3 तस्वीरें... जानिए VIDEO में क्या दिखा…पूरी घटना रेलवे क्रॉसिंग पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। फुटेज में साफ दिख रहा है कि रेलवे फाटक बंद है। इसी दौरान फाटक के दूसरे छोर से टाटा सूमो और एक अन्य कार से करीब 7 लोग उतरते हैं। ग्रे रंग का ब्लेजर पहने और ब्लू कलर का ब्लेजर पहने दो युवक कमर से पिस्टल निकालकर फाटक के केबिन की ओर बढ़ते हैं। फाटक के पास खड़े गेटमैन पर पिस्टल सटा देते हैं और गाली देने लगते हैं। तुरंत फाटक खोलने के लिए कहते हैं। मना करने पर युवक गेटमैन को चेहरे पर मुक्का मारते हैं। फिर उसे उठाकर कार की तरफ ले जाने लगते हैं। क्रॉसिंग के पास पहुंचकर उसे लात-घूसों से बुरी तरह पीटते हैं। गेटमैन के दो साथी बीच-बचाव करते दिखाई देते हैं। सभी युवक कमर में पिस्टल लगाए हुए नजर आते हैं। अब पूरा मामला विस्तार से समझ लीजिए... घटना 2 फरवरी 2026 की रात करीब 1:25 बजे की बताई जा रही है। टिण्डौली रेलवे क्रॉसिंग, जो जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर और पास के टिण्डौली रेलवे स्टेशन से मात्र 1–2 किलोमीटर की दूरी पर है, उस वक्त कालिंदी एक्सप्रेस के गुजरने के कारण फाटक बंद था। इसी दौरान एक टाटा सूमो और एक अन्य कार फाटक के पास आकर रुकी। कार से उतरे 5–6 लोग, जिनके हाथों में हथियार थे। उन्होंने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए सीधे गेटमैन के केबिन में घुसकर फाटक खोलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। गेटमैन अवध किशोर ने जब नियमों का हवाला देते हुए ट्रेन गुजरने से पहले फाटक खोलने से इनकार किया, तो कथित पुलिसकर्मी बेकाबू हो गए। गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि एक व्यक्ति ने सीधे पिस्टल तान दी, जबकि बाकी लोग कमर में हथियार लगाए खड़े रहे। ट्रैक पेट्रोलिंग मैन ने बयां किया खौफघटना के वक्त नाइट पेट्रोलिंग पर मौजूद ट्रैक पेट्रोलिंग मैन नारायण सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया- हम लोग नाइट पेट्रोलिंग पर थे। कालिंदी एक्सप्रेस को लेकर फाटक बंद किया गया था। तभी 5–6 लोग कार से उतरकर केबिन में घुस आए। गेटमैन से गाली-गलौज करने लगे और फाटक खोलने को कहा। मना करने पर मारपीट की और पिस्टल तान दी।” नारायण सिंह के मुताबिक, सभी लोग हथियारों से लैस थे और उन्होंने रेलवे कर्मचारियों के साथ अभद्रता की सारी हदें पार कर दीं। 15 मिनट तक रुकी ट्रेन, हॉर्न से गूंजता रहा इलाकाइस दबंगई के चलते रेलवे सिग्नल नहीं मिल पाया। कालिंदी एक्सप्रेस करीब 10 से 15 मिनट तक रेलवे क्रॉसिंग पर खड़ी रही, और लगातार हॉर्न बजाती रही। रात के सन्नाटे में हॉर्न की आवाज से इलाके में दहशत फैल गई। रेलवे कर्मचारियों का कहना है कि अगर जरा सी भी चूक होती, तो बड़ा रेल हादसा हो सकता था। पुलिस का बयान: मुकदमा दर्ज, जांच शुरूदन्नाहार थाना प्रभारी वीरेंद्र पाल सिंह ने बताया- मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हथियारबंद लोग वास्तव में पुलिसकर्मी थे या पुलिस के नाम पर रौब दिखाने वाले कोई और। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… गाजियाबाद-मोबाइल गेम की लत, 3 बहनें 9वीं मंजिल से कूदीं:उम्र 12-14-16 साल; सुसाइड नोट में लिखा- सॉरी मम्मी-पापा, गेम नहीं छोड़ पा रहे गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार रात 2 बजे तीनों बहनें हाथ पकड़कर बालकनी से कूद गईं। गिरने की आवाज सुनकर कॉलोनी के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। तीनों बहनों की उम्र 12 से 16 साल के बीच है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा है कि तीनों बहनों को टास्क-बेस्ड कोरियन लव गेम की लत थी। पिता ने उन्हें गेम खेलने से मना किया और फटकार लगाई। इसके चलते तीनों बहनों ने यह कदम उठाया। पूरी खबर पढ़िए…
“अधिवक्ताओं से मिला स्नेह मेरे जीवन का अमूल्य अनुभव है। आप सभी मेरे अपने हैं और मैं हमेशा आप लोगों का रहूंगा।” यह बातें मंगलवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के लाइब्रेरी हॉल में आयोजित विदाई समारोह के दौरान मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव ने कहीं। बार से मिला सीखने का अवसरमुख्य अतिथि न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विभिन्न जनपदों की बार एसोसिएशन से उन्हें निरंतर कुछ न कुछ सीखने का अवसर मिला। उच्च न्यायालय में अपने कार्यकाल के दौरान वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिवक्ताओं से मिला स्नेह, सम्मान और प्रेरणा उनके लिए सदैव स्मरणीय रहेगा। माल्यार्पण कर किया गया न्यायमूर्ति का स्वागतकार्यक्रम के आरम्भ में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव का माल्यार्पण कर पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनन्दन किया। महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा ने कहा कि न्यायमूर्ति नलिन के व्यक्तित्व के बारे में जितना कहा जाए, उतना ही कम है। उन्होंने कहा कि न्यायिक कार्यों के दौरान उन्होंने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को समान रूप से सुनते हुए निर्णय दिए और सदैव न्याय की गरिमा को सर्वोपरि रखा। उन्होंने बार एसोसिएशन की ओर से उनके सुखद, दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। यह विदाई नहीं, अभिनन्दन समारोह: अध्यक्षअपने अध्यक्षीय संबोधन में अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने कहा कि ऐतिहासिक लाइब्रेरी हॉल में अधिवक्ताओं की बड़ी उपस्थिति यह दर्शाती है कि यह केवल विदाई समारोह नहीं, बल्कि एक अभिनन्दन कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति नलिन कुमार श्रीवास्तव अपने शांत, संयमित और निष्पक्ष निर्णयों के लिए जाने जाते हैं और न्यायिक कार्यों के दौरान उनके चेहरे पर कभी उत्तेजना नहीं देखी गई। बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे उपस्थितसमारोह की अध्यक्षता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, इलाहाबाद के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश पाण्डे ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन महासचिव वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलेश कुमार शर्मा ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमलेश कुमार द्विवेदी (के.के. द्विवेदी), उपाध्यक्ष अमित कुमार सिंह (सोनू), विवेक मिश्र, राज कुमार त्रिपाठी, हनुमान प्रसाद मिश्र, दिनेश वरुण, संयुक्त सचिव प्रशासन वैरिस्टर सिंह, संयुक्त सचिव लाइब्रेरी शशि कुमार द्विवेदी (उग्र), संयुक्त सचिव महिला बिन्दु कुमारी, कोषाध्यक्ष अंजनी कुमार मिश्र सहित कार्यकारिणी सदस्य एवं बड़ी संख्या में वरिष्ठ व कनिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे। यह जानकारी संयुक्त सचिव प्रेस रामेश्वर दत्त पाण्डेय (आर.डी.) द्वारा उपलब्ध कराई गई।
राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ते अपराधों और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शहर और ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेसी नेताओं ने आरोप लगाया कि रायपुर में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। अपराधिक घटनाओं में हुआ इजाफा कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि रायपुर शहर और ग्रामीण अंचलों में हत्या, लूट, मारपीट, छेड़छाड़, बलात्कार, चाकूबाजी जैसी गंभीर घटनाओं में लगातार इजाफा होने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा, कि हालात ऐसे हैं कि छात्र, युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और व्यापारी वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। नेताओं का कहना है कि पुलिसिंग कमजोर होने का सीधा असर आम जनता की सुरक्षा पर पड़ रहा है। सट्टा–नशे के कारोबार का भी उल्लेख ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि अवैध सट्टा, ऑनलाइन जुआ, नशे और अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। कई थानों में पुलिस बल की कमी, लापरवाही और उदासीन रवैये के चलते अपराध नियंत्रण पूरी तरह विफल होता नजर आ रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जनता से चालान के नाम पर अनावश्यक वसूली की जा रही है, जबकि अपराध रोकने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। अपराधों में अंकुश नहीं लगने पर आंदोलन की दी चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो कानून व्यवस्था से जुड़ी गंभीर घटनाओं के लिए पुलिस और जिला प्रशासन जिम्मेदार होंगे और कांग्रेस पार्टी जनहित में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस दौरान शहर अध्यक्ष कुमार शंकर मेनन, ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, छाया वर्मा, प्रमोद दुबे, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, सुबोध हरितवाल, एजाज ढेबर, प्रमोद चौबे, संजय पाठक, आकाश शर्मा, नंदलाल देवांगन, आकाश तिवारी, जी श्रीनिवास, बंशी कन्नौजे और संदीप तिवारी मौजूद रहे। पढ़े ज्ञापन की कॉपी
साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर 'दलदल' में सबसे खौफनाक विलेन बन सकती हैं भूमि पेडनेकर
भूमि पेडनेकर ने अब तक ऐसे किरदार निभाए हैं जो बेहद वास्तविक और भरोसेमंद लगे हैं। लेकिन उनकी साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर ‘दलदल’ शायद वह सरप्राइज़ है, जिसका इंतज़ार दर्शक कर रहे थे। ट्रेलर में भूमि को डीसीपी रीटा फरेरा के रूप में पेश किया गया है, जो एक ...
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर 'दलदल' का टीजर रिलीज, इस दिन प्राइम वीडियो पर होगा प्रीमियर
प्राइम वीडियो ने अपनी हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' की दुनिया भर में प्रीमियर की डेट रिलीज कर दी है। यह सीरीज 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। इसके साथ ही 'दलदल' का जबरदस्त, खौफनाक टीज़र भी जारी किया गया है। विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी ...
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
एमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने अपनी आगामी थियेट्रिकल रिलीज फिल्म 'निशांची' का धमाकेदार फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। अजय राय और रंजन सिंह द्वारा जार पिक्चर्स के बैनर तले, फ्लिप फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस की गई ये फिल्म एक रोमांचकारी ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
अनुराग कश्यप लेकर आए क्राइम ड्रामा फिल्म निशांची, इस दिन सिनेमाघरों में होगी रिलीज
अनुराग कश्यप एक नई गहन क्रामइ ड्रामा फिल्म 'निशांची' लेकर आ रहे हैं। अमेजन एमजीएम स्टूडियो ने इस फिल्म का टीजर शेयर करते हुए इसकी थिएट्रिकल रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित ये फिल्म हालात को हूबहू पर्दे पर उतारने वाली और ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
Mirzapur 3 के बाद Prime Video ने किया एक और क्राइम-थ्रिलर सीरीज का एलान, 'मटका किंग' बनकर धूम मचाएगा ये एक्टर
गशमीर महाजनी और Surbhi Jyoti की नई क्राइम-थ्रिलरसीरीज Gunaah का टीजर हुआ लॉन्च, जाने कब और कहां होगी स्ट्रीम
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
सस्पेंस, क्राइम और थ्रिलर का रखते है शौक तो OTT पर फौरन निपटा डाले ये जबरदस्तसाउथ फिल्में,हॉलीवुड भी लगने लगेगा फीका
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
Nikkhil Advani BirthdaySpecial :रोमांस-क्राइम और थ्रिलर के बेताज बादशाह है निखिल अडवानी, पढ़िए उनका पूरा फिल्मी सफरनामा
Salman Khan फायरिंग मामले में पुलिस को मिली अबतक की सबसे बड़ी कामयाबी, क्राइम ब्रांच के हाथ लगे दो और अपराधी
Salman Khan फायरिंग केस में आया बिलकुल तड़कता-भड़कता अपडेट,मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथ लगा एक और पुख्तासबूत
Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी ये क्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी येक्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
Salman Khan फायरिंग केस में आया नया मोड़! भाईजान कोमारना नहीं था शूटर्स का मकसद,क्राइम ब्रांच ने किया चौकाने वाला खुलासा
Salman Khan के घर हुई फायरिंग के मामले में आया नया मोड़,क्राइम ब्रांच कोपुर्तगाल से मिला बड़ा कनेक्शन, जाने क्या है मामला
Salman Khan के घर हुईफायरिंग के केस में क्राइम ब्रांच को मिली बड़ी सफलता, इस राज्य में पकड़े गए दोनों आरोपी
धमाकेदार बीतने वाला है अप्रैल का ये हफ्ता, क्राइम-थ्रिलर के साथ देशभक्ति का तड़का लगाने आ रही है ये धांसूफिल्में और सीरीज
मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, सलमान के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर दबोचे
Salman Khan House Firing: एक्टर सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को भुज से गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई क्राइम ब्रांच को ये कामयाबी मिली. आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं. रविवार को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग कर भुज फरार हो गए थे. देखें ये वीडियो.
सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जांच करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच, इन धाराओं में दर्ज किया केस
Salman Khan firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर रविवार तड़के दो अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले के बाद हर कोई सलमान खान की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहा है। बांद्रा पुलिस ने दो अज्ञात शख्स के ...
April में OTT पर तहलका मचाने आ रही है ये धमाकेदार फिल्में और सीरीज, मिलेगा एक्शन से लेकर क्राइम-थ्रिलर तक का मजा
क्राइम-थ्रिलर कंटेंट देखने के है शौकीन! तो फौरन देख डाले UP के माफियाओं पर बनी येवेब सीरीज,खौफनाक कहानियां खड़े कर देंगी रोंगटे

