OTT की ये क्राइम थ्रिलर घुमा देगी दिमाग, मर्डर और सुसाइड के बीच उलझी है फिल्म की कहानी
OTT Watch: अगर आप क्राइम थ्रिलर फिल्में देखने के शौकीन हैं तो हम आपको ओटीटी पर मौजूद एक ऐसी फिल्म के बारे में बता रहे हैं जो आपके होश उड़ा देगी। ये फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित फिल्म है।
वाइल्डलाइफ क्राइम से जुड़े मामलों की जांच के लिए देहरादून और दिल्ली के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) जयपुर में बन रही एडवांस लैब में कछुए से लेकर टाइगर-हाथी तक हर वन्यजीव के अपराध की जांच हो अब तक फॉरेंसिक एनालिसिस के लिए डब्ल्यूआईआई देहरादून और डीएफएसएल दिल्ली पर निर्भर था। लेकिन वहां देशभर का लोड आने से रिपोर्ट में काफी समय लग जाता था। डायरेक्टर प्रो. शंकर जुनारे ने बताया कि लैब के सॉफ्टवेयर अमेरिका, सिंगापुर और हांगकांग से इंपोर्ट किए जा रहे हैं। नीदरलैंड, फ्रांस और इजराइल से भी टेक्नोलॉजी आ रही है। लैब पर अब तक 15 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। कुल 30 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसमें DNA प्रोफाइलिंग, टॉक्सिकोलॉजी, ट्रेस एविडेंस और डिजिटल फॉरेंसिक की सुविधा होगी। सांप की केंचुली, पक्षी के पंख, हाथी दांत और टाइगर की हड्डी तक का साइंटिफिक टेस्ट अब यहीं बहुत कम समय में पूरा हो जाएगा। अन्य प्रदेश भी अपनी जांचों के लिए हमसे संपर्क कर सकेंगे। DNA टेस्ट, जहर जांच, हाथी दांत-सींग की ऑथेंटिसिटी, डिजिटल डेटा रिकवरी होगी। लैब से रणथंभौर, सरिस्का, मुकुंदरा, मरुस्थल क्षेत्र के साथ ही अन्य वनक्षेत्रों में होने वाले वन्यजीव अपराधों पर सीधी नजर रखी जा सकेगी। भास्कर एक्सपर्ट राजेश सिंह, पूर्व उपनिदेशक, एफएसएल रिपोर्ट जल्द आने पर तस्करों पर शिकंजा कसना आसान वाइल्डलाइफ क्राइम इंवेस्टिेगेशन पर काम शुरू होते ही हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगे। जांच प्रक्रिया कम समय में और कम खर्च पर आसानी से पूरी हो सकेगी। इससे तस्करों पर शिकंजा कसना आसान होगा। स्टेट यूनिट पर भी दबाव कम होगा।
दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा के आधिकारिक आवास से जले हुए नोट मिलने के मामले में संसदीय जांच समिति ने सभी आरोप सही पाए हैं।
क्या मजदूरी मांगने की सजा मौत हो सकती है? बिहार के रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के जोगिया गांव से सामने आई यह घटना मजदूरी विवाद, हत्या और उसके बाद भड़की हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े करती है
बढ़ते ड्रग्स और साइबर क्राइम के खिलाफ 100 स्कूलों के 21 हजार छात्रों में जनजागृति अभियान
मीरा भाईंदर वसई विरार में ड्रग्स और साइबर क्राइम के खिलाफ अभियान, 100 स्कूलों के 21 हजार छात्रों को ऑनलाइन जागरूक किया गया।
'क्राइम पेट्रोल' से रिप्लेस किए जाने पर क्या बोले अनूप सोनी?
हाल ही में एक इंटरव्यू में एक्टर अनूप सोनी ने 'क्राइम पेट्रोल' की होस्टिंग की जिम्मेदारी अजय देवगन को सौंपे जाने पर अपना रिएक्शन दिया और शो के होस्ट के तौर पर क्या कुछ कहा. जानिए
'किताबें डाउनलोड करना क्राइम नहीं', जमानत मांगते हुए TISS छात्र की दलील
टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस के एक पूर्व छात्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है. यह याचिका पिछले साल दिल्ली यूनिवर्सिटी के दिवंगत प्रोफेसर जीएन साईबाबा की याद में कैंपस में हुई अनधिकृत सभा से जुड़ी एफआईआर के खिलाफ है. कोर्ट को दी गई दलील में कहा गया कि किताबें डाउनलोड करना या साहित्य पर चर्चा कोई अपराध नहीं है.
Explainer: जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ क्या अब FIR दर्ज हो सकती है, क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?
जस्टिस यशवंत वर्मा के मामले में लोकसभा अध्यक्ष की बनाई जांच समिति ने सरकारी आवास में मिली बेहिसाब नकदी, सबूतों के सुरक्षित न रहने और संतोषजनक जवाब नहीं देने से जुड़े तीनों आरोप साबित माने हैं. संसद की जांच के नतीजों के बाद क्या अब FIR हो सकती है?
दिल्ली पुलिस ने 'गैंगलैंड' के तीन गुर्गों को किया गिरफ्तार, रंगदारी की साजिश हुई नाकाम
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने मथुरा के नए बने आपराधिक गिरोह गैंगलैंड के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
न अजय देवगन, न अनूप सोनी, क्राइम पेट्रोल का असली होस्ट कौन?
क्राइम पेट्रोल के नए सीजन में अजय देवगन होस्ट की कमान संभालते नजर आएंगे. इस बीच खबर आई कि अजय देवगन सिर्फ कुछ एपिसोड्स के लिए हैं. सवाल ये है कि अनूप सोनी और अजय देवगन नहीं, तो आखिर शो का असली होस्ट है कौन.
जबलपुर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान में तिलवारा पुलिस, क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई की। तिलवारा पुल पार एक पेट्रोल पंप के पास देर रात घेराबंदी कर पिकअप वाहन से 192 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की गई। शराब की कीमत करीब 25 लाख रुपए बताई गई है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पिकअप वाहन से मिली 1,714 लीटर शराब पुलिस ने संदिग्ध पिकअप वाहन (MP 20 ZQ 1873) को रोककर तलाशी ली। वाहन से अलग-अलग ब्रांड की कुल 192 पेटी अंग्रेजी शराब मिली, जिसकी मात्रा करीब 1,714 लीटर है। पुलिस के मुताबिक जब्त शराब की बाजार कीमत करीब 25 लाख रुपए है। पिकअप में सवार दो आरोपी गिरफ्तार देर रात हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पिकअप में सवार दो लोगों को पकड़ा। आरोपियों की पहचान घनश्याम झरिया (29), निवासी खेरी, थाना जबेरा, जिला दमोह और राहुल यादव (28), निवासी लालमाटी, घमापुर के रूप में हुई है। 9 ब्रांड की शराब मिली पुलिस के मुताबिक बरामद शराब में मैकडॉनल्ड, बैगपाइपर, 8 पीएम, गोवा, ऑफिसर्स चॉइस, ओल्ड मोंक, आइकॉनिक, रॉयल स्टैग और मैजिक मोमेंट्स ब्रांड शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी शराब की इस खेप को शहर के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई करने की तैयारी में थे।
देश की सर्वोच्च अदालत में आए दिन कई तरह के दिलचस्प और गंभीर मामले सामने आते हैं, लेकिन कई बार वकीलों की ऐसी अजीबोगरीब मांगें सामने आ जाती हैं जिन्हें देखकर जजों का भी माथा ठनक जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा तब देखने को मिला जब सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान एक वकील ने ऐसी मांग रख दी, जिसे सुनकर बेंच की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस सूर्यकांत (Justice Surya Kant) बेहद नाराज हो गए। अदालत की गरिमा और कानूनी प्रावधानों से परे की गई इस मांग पर जज ने न सिर्फ उस वकील को आड़े हाथों लिया, बल्कि सटीक उदाहरण देते हुए कोर्टरूम में ही उन्हें कानून का ककहरा भी पढ़ा दिया।क्या थी वकील की वो अजीब मांग जिस पर भड़के जज?सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक मामले में बहस करते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत के सामने कुछ ऐसी राहत या आदेश देने की गुहार लगाई, जो कानूनी दायरे और प्रक्रिया के बिल्कुल खिलाफ थी। वकीलों से उम्मीद की जाती है कि वे पुख्ता तथ्यों और कानूनी धाराओं के तहत अपनी बात रखें, लेकिन जब बिना किसी ठोस आधार के ऐसी मांगें रखी जाती हैं तो न्यायालय का कीमती समय भी बर्बाद होता है। जैसे ही वकील ने अपनी यह दलील कोर्ट के सामने रखी, बेंच ने तुरंत उस पर आपत्ति जताई और कार्यवाही के दौरान अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर कर दी।जस्टिस सूर्यकांत ने उदाहरण देकर लगाई क्लासमामले की गंभीरता को समझते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने तुरंत हस्तक्षेप किया और वकील को कड़े शब्दों में नसीहत दी। उन्होंने न सिर्फ उस मांग को सिरे से खारिज किया, बल्कि व्यावहारिक और कानूनी उदाहरण देते हुए समझाया कि न्यायिक प्रक्रिया किस तरह से काम करती है। जज की इस दो टूक और स्पष्ट टिप्पणी ने कोर्ट रूम में मौजूद सभी लोगों का ध्यान खींच लिया। जस्टिस सूर्यकांत ने साफ शब्दों में कहा कि अदालतें नियमों और संविधान के दायरे में रहकर काम करती हैं, और इस तरह की बचकानी या गैर-कानूनी मांगें स्वीकार नहीं की जा सकती हैं।सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली और वकीलों की जिम्मेदारीयह पूरी घटना एक बार फिर इस बात पर जोर देती है कि देश की अदालतों में केस दाखिल करने और बहस करने से पहले वकीलों को कानूनी बारीकियों का पूरा ज्ञान होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट जैसे उच्चतर मंच पर इस प्रकार की बिना सिर-पैर की दलीलें देने से न केवल न्यायिक समय का नुकसान होता है, बल्कि मुवक्किल के केस पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। जस्टिस सूर्यकांत की इस सख्त प्रतिक्रिया को कानूनी गलियारों में एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि अदालत में केवल ठोस और कानूनी रूप से टिकने वाली दलीलें ही स्वीकार की जाएंगी।
'क्राइम पेट्रोल' के आगामी सीजन में अब होस्ट के रूप में बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन नजर आएंगे। उन्होंने इस शो में अनूप सोनी की जगह ले ली है। अब इस मामले पर अनूप ने अपनी बात रखी है।
Anup Soni: 'क्राइम पेट्रोल' के नए सीजन को होस्ट करेंगे अजय देवगन, अनूप सोनी ने कही बड़ी बात
Anup Soni: सोनी टीवी ने पिछले हफ्ते अपने नए शोज की घोषणा के दौरान सबको चौंका दिया। चैनल ने बताया कि बॉलीवुड स्टार अजय देवगन, चैनल के मशहूर ट्रू-क्राइम शो 'क्राइम पेट्रोल' को होस्ट करेंगे। यह शो लंबे समय से अनूप सोनी से जुड़ा रहा है, जिन्होंने एक दशक से भी ज़्यादा समय तक इसे होस्ट किया है।क्राइम पेट्रोल पर अनूप सोनीअजय के नए होस्ट बनने की घोषणा के बाद, अनूप ने इस बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया दी और क्राइम पेट्रोल के होस्ट के तौर पर अपनी विरासत के बारे में बात की। अनूप सोनी ने ANI को बताया, जब तक मेरे करियर में क्राइम पेट्रोल से भी बड़ा कुछ नहीं आ जाता, तब तक मैं चाहे कितना भी काम क्यों न करूं, लोग मुझे क्राइम पेट्रोल के लिए ही याद रखेंगे। क्राइम पेट्रोल से पहले, लोग मुझे 'बालिका वधू' के लिए पहचानते थे। लेकिन जब क्राइम पेट्रोल आया, तो लोग 'बालिका वधू' को भूल गए।दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर की सलाह को याद करते हुए अनूप सोनी ने कहा कि कुछ रोल या प्रोजेक्ट्स किसी एक्टर के सफर में अहम मोड़ बन जाते हैं। ये चीजें लोकप्रिय होती हैं, इसलिए एक एक्टर के तौर पर उनसे भागने के बजाय, आपको उन्हें अपना लेना चाहिए। अब जब अजय देवगन 'क्राइम पेट्रोल' में होस्ट की भूमिका निभाने जा रहे हैं, तो सोनी अपने पुराने दिन याद किए।अजय देवगन बनें 'क्राइम पेट्रोल' के नए होस्ट View this post on Instagram A post shared by Ajay Devgn (@ajaydevgn) इस हफ़्ते की शुरुआत में, 'क्राइम पेट्रोल' के मेकर्स ने नए सीज़न का पहला प्रोमो जारी किया, जिसमें अजय नज़र आए और दर्शकों को नए होस्ट के तौर पर उनकी भूमिका की पहली झलक मिली। प्रोमो में, अजय देश में अपराध की स्थिति पर बात करते हैं और बताते हैं कि अपराध करने वाला अक्सर पीड़ित का ही कोई परिचित होता है। वे प्रोमो का समापन यह कहते हुए करते हैं, मैं रहूंगा आपके साथ। यह शो 31 अगस्त को सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न पर शुरू होगा।क्राइम पेट्रोल के बारे मेंक्राइम पेट्रोल 2003 में सोनी पर शुरू हुआ था। इसे दिवाकर पुंडीर ने होस्ट किया था, जिनकी जगह 2004 में शक्ति आनंद ने ले ली। यह शो 2006 में बंद हो गया था और 2010 में इसे अनूप सोनी और साक्षी तंवर के साथ फिर से शुरू किया गया। 2011 के बाद अनूप ने अकेले शो को होस्ट करने की ज़िम्मेदारी संभाली और 2018 तक इसे होस्ट करते रहे। तब से, इसके अलग-अलग सीज़न को दिव्यांका त्रिपाठी दहिया, सोनाली कुलकर्णी, आशुतोष राणा और संजीव त्यागी ने होस्ट किया है।
बरेली : नाबालिग से रेप का आरोपी गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में पैर में लगी गोली
नवाबगंज सीओ नीलेश मिश्रा ने बताया कि 12 अगस्त की शाम को नवाबगंज थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नाबालिग से रेप का वांछित आरोपी इलाके में देखा गया है। पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।
20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों, खासकर नाबालिग लड़कियों की कथित मौजूदगी को लेकर इंदौर क्राइम ब्रांच में शिकायत दी गई है। शिकायतकर्ता फैजान अंसारी ने पुलिस से मामले की जांच कर अबीजित दिपके, सौरव दास और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल करने की मांग की है।
जस्टिस वर्मा पर लगे आरोप सही पाए गए
दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के ऊपर लगे आरोपों को संसद की जांच समिति ने सही पाया है।
कनाडा में सिखों और भारतीय समुदाय पर नस्लीय और नफ़रत से प्रेरित हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा मामला दक्षिण एडमॉन्टन का है, जहां टैमरैक-वे (Tamarack Way) स्थित वॉलमार्ट सुपरसेंटर के अंदर एक सिख ट्रक ड्राइवर पर नस्लीय व धार्मिक टिप्पणियां करते हुए बर्बरतापूर्वक हमला किया गया। हमले में पीड़ित की दाढ़ी खींची गई, मुंह पर घूंसे मारे गए और उनकी दस्तार (पगड़ी) उतार दी गई। गंभीर रूप से घायल पीड़ित की पहचान ब्रिटिश कोलंबिया (B.C.) से आए ट्रक ड्राइवर तलविंदर सिंह अटवाल के रूप में हुई है, जो काम के सिलसिले में एडमॉन्टन आए हुए थे। ये पूरी घटना गुरुवार, 6 अगस्त की है। जिसका वीडियो 9 अगस्त को सामने आया। लेकिन, 12 अगस्त को इस वीडियो की पुष्टि तब हुई, जब वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन की इस मामले में एंट्री हुई। अब सोशल मीडिया पर मामला गर्माता देख एडमॉन्टन पुलिस सर्विस की 'हेट क्राइम यूनिट'ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर लोग इसे नस्ली हमला बता रहे हैं और स्थानीय पुलिस से हमलावर पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। नस्लीय टिप्पणियां कीं, मुंह पर मारा घूंसा और दाढ़ी खींची स्थानीय मीडिया के मुताबिक 6 अगस्त को पीड़ित तलविंदर सिंह अटवाल वॉलमार्ट स्टोर के अंदर मौजूद थे, तभी एक अज्ञात युवक और युवती ने उन्हें निशाना बनाया। दोनों ने अटवाल पर नस्लवादी और धार्मिक रूप से आपत्तिजनक फब्तियां कसनी शुरू कर दीं। जब अटवाल ने इसका विरोध किया, तो हमलावर युवक ने उन पर हमला कर दिया। आरोपी ने अटवाल के चेहरे पर ज़ोरदार घूंसा मारा और उनकी दाढ़ी खींचकर उन्हें ज़मीन पर पटक दिया। इस धक्का-मुक्की और मारपीट के दौरान अटवाल ज़मीन पर गिर पड़े और उनकी दस्तार (पगड़ी) आंशिक रूप से सिर से उतर गई। घटना के बाद पूरे सिख समुदाय में भारी रोष व्याप्त है। पुलिस पहुंचने से पहले भागे आरोपी, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस स्टोर के अंदर हुए इस घटनाक्रम के बाद आरोपी युवक और युवती पुलिस के पहुंचने से पहले ही मौके से फरार हो गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म YEGWAVE पर भी तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। फिलहाल, एडमॉन्टन पुलिस सर्विस (EPS) की 'हेट क्राइम यूनिट' ने इस पूरे मामले की जांच एक संभावित नफ़रत से प्रेरित अपराध के रूप में शुरू कर दी है। पुलिस संदिग्धों की पहचान के लिए वॉलमार्ट स्टोर के सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है। बाणा पहना होने के कारण किया गया टारगेट: WSO की कड़ी निंदा इस शर्मनाक घटना की वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन ऑफ कनाडा (WSO) ने कड़े शब्दों में निंदा की है। ऑर्गनाइजेशन के लीगल काउंसिल बलप्रीत सिंह ने इस हमले पर गहरा रोष जताते हुए कहा कि यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि यह एक नस्लीय हमला था। हमारा सिख भाई वॉलमार्ट के अंदर पूरे बाणे में जा रहा था और उसे इसी वजह से टारगेट किया गया। बलप्रीत सिंह ने कहा कि यह बेहद अस्वीकार्य घटना है। हम उम्मीद करते हैं कि एडमॉन्टन पुलिस इसे बेहद गंभीरता से लेगी। वीडियो में साफ दिख रहे हमलावर युवक, जिसने धक्का-मुक्की और मारपीट की, और उसके साथ मौजूद महिला, जिसने भाई की दाढ़ी खींची, दोनों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, पीड़ित तलविंदर सिंह अटवाल ने स्थानीय मीडिया के सामने घटना के बाद मौके पर पहुंचे शुरुआती पुलिस अधिकारी की कार्यशैली और ढिलाई पर गहरी निराशा और असंतोष व्यक्त किया है। अटवाल का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। वीडियो में क्या दिख रहा है, विस्तार से पढ़िए… सबसे पहले यादविंदर सिंह नाम के युवक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस वीडियो को शेयर किया है। युवक ने बताया कि कनाडा में पंजाबियों के साथ मारपीट अब आम होने लगी है। हालांकि जिस युवक को पीटा, उसकी पहचान नहीं हो पाई है। वीडियों में लोग पुलिस को फोन लगाते हुए नजर आए। लोगों ने कहा कि 1 घंटे से भी ज्यादा समय हो गया है, लेकिन कनाडा पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। घटना को लेकर पुलिस का कोई आधिकारिक बयान अभी नहीं आया है। धक्का-मुक्की के बाद मारा मुक्का: घटना 6 अगस्त की है, लेकिन इसका वीडियो अब सामने आया है। वॉल्मार्ट स्टोर के अंदर कैनेडियन और पंजाबी युवक खड़े नजर आते हैं। अन्य लोग शॉपिंग के लिए ट्रॉलियां ले जाते हुए दिखते हैं। अचानक दोनों के बीच बहस शुरू हो जाती है। इस बीच कनाडा का युवक सिख युवक को धक्का मार देता है। इससे सिख युवक की दस्तार और केस खुल जाते हैं। केस और दस्तार संभालते हुए पंजाबी युवक मुश्किल से खड़ा होता है। मुक्का मारकर भाग जाता है युवक: पंजाबी युवक धक्का मारने का कारण पूछता है तो कनाडा का युवक फिर उस पर हमला कर देता है। सिख युवक हमले से बचने का प्रयास करता है, लेकिन मुक्का उसकी नाक पर लग जाता है। इससे वह फर्श पर गिर जाता है और 20 मिनट तक वहां से हिल नहीं पाता। इस बीच, जैसे ही वहां पंजाबी समुदाय के दूसरे लोग एकत्रित होने लगे, कनाडाई युवक मौके से भाग गया। पुलिस को फोन करने पर भी कोई नहीं पहुंचा: पंजाबी कम्युनिटी के कनाडा में रह रहे लोगों ने तुरंत सिख युवक को संभाला और उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन युवक दर्द में कराहता रहा। इसके बाद लोगों ने पुलिस को फोन किया और एक घंटे तक पुलिस आने का इंतजार करते रहे, लेकिन कनाडा की पुलिस मौके पर नहीं आई। लोगों ने इसका विरोध भी जताया और कहा कि पुलिस भी यहां पंजाबियों का साथ नहीं दे रही। 10 बार पुलिस को कॉल की गई मौके पर मौजूद एक अन्य पंजाबी परविंदर ने बताया कि घटना को लेकर कनाडा पुलिस को आधे घंटे के अंदर 10 बार कॉल की, लेकिन कोई नहीं आया। अगर यही घटना गोरे के साथ हुई होती तो 2 मिनट में पुलिस टूं-टूं करते हुए पहुंच जाती। उनसे कहा कि यहां पर केवल युवक ही नहीं महिलाएं भी हमारी दाढ़ियों को हाथ डाल रही हैं। पुलिस का बयान नहीं आया सामने उसने कहा कि जब ब्राउन कम्युनिटी कानून के लूपहोल्स सीख लेगी तो रेसिस्ट्स पर हमले हो सकते हैं। एडमंटन पुलिस सेवा की ओर से कोई प्रेस रिलीज नहीं आई। न तो घायल व्यक्ति की पहचान बताई गई, न चोट की स्थिति और न ही किसी गिरफ्तारी की जानकारी। स्टोर के कैमरे भी फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए।
अजय देवगन के क्राइम पेट्रोल होस्ट करने पर आया अनूप सोनी का रिएक्शन, बोले- मुझे लगता है वह…
क्राइम पेट्रोल शो को अब अजय देवगन होस्ट करने वाले हैं। अब इस मामले पर अनूप सोनी का रिएक्शन आ गया है जो कई सालों से इसे होस्ट कर रहे थे।
इस्तीफा देने के बाद भी नहीं बचेंगे जस्टिस यशवंत वर्मा? कैश कांड में अब संसद लेगी बड़ा फैसला
इससे पहले संसद की जांच समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि जस्टिस वर्मा अपने सरकारी आवास से मिले बेहिसाब नोटों के स्रोत का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। समिति ने पाया कि उन्होंने सबूतों से छेड़छाड़ की और जांच के दौरान सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दिए।
पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार पी के नेतृत्व में दादरी पुलिस ने मुकदमा नंबर 165/2026 में बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अंकित हत्याकांड : आरोपियों को क्राइम सीन पर ले जाकर जुटाए साक्ष्य
अंकित हत्याकांड में गिरफ्तार चार आरोपियों से पुलिस ने गहनता से पूछताछ की। पुलिस आरोपियों को क्राइम सीन पर लेकर गई और साक्ष्य जुटाए।
रूस की तरफ से मध्यस्थ बनेंगे पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़
नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026 । भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचादबैंक (Oschadbank) से जुड़े अंतरराष्ट्रीय निवेश विवाद में अपना आर्बिट्रेटर नियुक्त किया है। यह मामला रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेनी बैंक की संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों को हुए कथित नुकसान से जुड़ा है। विवाद की […] The post रूस की तरफ से मध्यस्थ बनेंगे पूर्व चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ appeared first on Rashtriya Ujala .
क्राइम कथा में देखिए गोरखपुर के तिवारी गिड़गिड़ाते रहे मगर तलवार से दरिंदे ने सीना छलनी कर दिया
गोरखपुर के सिकरीगंज थाना क्षेत्र में ब्रह्मभोज के दौरान बिजली ठेकेदार शिवकुमार त्रिपाठी की कथित तौर पर धारदार हथियार से हत्या का मामला सामने आया है। घटना के बाद सामने आए कथित वीडियो ने पूरे मामले को और सनसनीखेज बना दिया।
जस्टिस वर्मा पर लगेगा महाभियोग? जानिए कैसे हटाए जाते हैं जज
जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े कैश कांड में संसदीय जांच समिति की रिपोर्ट आ गई है. अब समिति ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की सिफारिश करने की बात कही है. ऐसे में जानते हैं कि किसी भी सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव कैसे लाया जाता है और इसके तहत क्या कार्रवाई होती है.
जस्टिस वर्मा के खिलाफ आरोप 'साबित', कैश बरामदगी की जांच करने वाली लोकसभा समिति की रिपोर्ट - BBC
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जस्टिस वर्मा के ख़िलाफ़ आरोप साबित, कैश बरामदगी की जांच करने वाली लोकसभा समिति की रिपोर्ट
लोकसभा अध्यक्ष की ओर से जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास के परिसर में कैश मिलने के आरोपों की जांच के लिए गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों में पेश कर दी है.
जस्टिस यशवंत वर्मा पर बड़ा फैसला, लोकसभा समिति ने नकदी मामले में तीनों आरोप साबित माने
दिल्ली स्थित जज के सरकारी आवास में आग लगने के बाद मिली बड़ी मात्रा में नकदी का मामला अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। लोकसभा की उस जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट संसद में पेश कर दी है, जिसने पूर्व इलाहाबाद और दिल्ली हाई कोर्ट जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों […] The post जस्टिस यशवंत वर्मा पर बड़ा फैसला, लोकसभा समिति ने नकदी मामले में तीनों आरोप साबित माने appeared first on https://rajsattaexpress.com .
जस्टिस यशवंत वर्मा के घर क्या हुआ था 14 मार्च 2025 की रात?, देशभर में हो गया था हंगामा
दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश यशवंत वर्मा से जुड़ी नकदी बरामदगी मामले की जांच रिपोर्ट संसद में पेश कर दी गई है.
जस्टिस वर्मा पर 3 आरोप सिद्ध, रिपोर्ट में क्या कहा गया?
जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े कैश कांड में संसदीय जांच समिति ने तीन आरोप सिद्ध माने हैं. रिपोर्ट में अघोषित नकदी, साक्ष्यों के संरक्षण में लापरवाही और असंतोषजनक जवाब का जिक्र है. हालांकि, घटनास्थल पर मौजूद नकदी की कुल रकम और मालिकाना हक स्पष्ट नहीं हो सका. वीडियो में जानें अब तक की पूरी कार्रवाई.
कैश कांड में जस्टिस यशवंत वर्मा पर लगे तीनों आरोप सही, शीतकालीन सत्र में आ सकता है महाभियोग प्रस्ताव
दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से बड़ी मात्रा में जले हुए नोटों के बंडल मिले थे. इस मामले में तीन सदस्यीय जांच समिति ने उनपर लगे तीनों आरोप सही पाए. अब पूर्व जज के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया जा सकता है.
इस्तीफे के बावजूद जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग की तैयारी, मिलेंगे 2 सवालों के जवाब?
जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े कैश कांड की संसदीय जांच समिति ने बड़ी रकम की मौजूदगी और जांच में पुलिस की चूक को गंभीर बताया है. समिति ने तीन आरोप सही पाए हैं और शीतकालीन सत्र में महाभियोग प्रस्ताव लाने की सिफारिश की है.
जांच समिति ने कहा कि जस्टिस वर्मा के जवाब में स्पष्टता, पारदर्शिता और संस्थागत जिम्मेदारी का भाव नहीं दिखा। समिति ने यह भी कहा कि घटनास्थल से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित या संरक्षित नहीं किए गए और स्टोर रूम में कुछ फेरबदल किया गया था।
शेखपुरा के सदर प्रखंड अंतर्गत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बादशाहपुर में बुधवार को स्कूली बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों को साइबर फ्रॉड, बाल श्रम, बाल विवाह और छात्राओं से छेड़खानी जैसे विभिन्न कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बच्चों को साइबर अपराध से बचाव, विद्यालय आने-जाने के दौरान बालिकाओं के साथ छेड़छाड़ और बदतमीजी से सुरक्षा के उपायों के बारे में बताया गया। इन सभी कानूनी प्रावधानों से संबंधित पोस्टर और पंपलेट भी बच्चों के बीच वितरित किए गए। यह कार्यक्रम महिला थाना अध्यक्ष रिशु कुमारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह जिलास्तरीय टीम में महिला हेल्प लाइन की प्रभारी अमृता दयाल और अंजनी कुमार राय भी शामिल थे। उन्होंने बच्चों को कानूनी जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें जागरूक रहने की शपथ भी दिलाई। पुलिस ने अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए 'पीपल फ्रेंडली पुलिसिंग' के तहत यह आयोजन किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों को अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई। गुड टच और बैड टच के बारे में भी जानकारी दी उन्हें सामाजिक कुरीतियों जैसे बाल विवाह और नशा सेवन से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इन बुराइयों से दूर रखने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, स्कूली बच्चों को 'गुड टच' और 'बैड टच' के बारे में भी जानकारी दी गई। किसी भी संकट की स्थिति में मदद के लिए वरीय पुलिस अधिकारियों ने अपने टेलीफोन और मोबाइल नंबर साझा किए।
देश की राजधानी नई दिल्ली से एक बड़ी राजनीतिक और न्यायिक खबर सामने आ रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास से भारी मात्रा में संदिग्ध नकदी मिलने के बहुचर्चित मामलों की जांच करने वाली तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा के पटल पर रख दी गई। संसद के मॉनसून सत्र 2026 के समापन से ठीक एक दिन पहले पेश की गई इस रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि इस पूरे प्रकरण में फिलहाल किसी भी प्रकार की बाहरी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि घर के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी का पाया जाना कोई सामान्य बात नहीं है और इसे पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।न्यायाधीश (जांच) अधिनियम के तहत तैयार की गई है रिपोर्टयह महत्वपूर्ण रिपोर्ट न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के निर्धारित प्रावधानों के तहत पूरी सतर्कता से तैयार की गई है। इसमें जांच की पूरी लंबी प्रक्रिया के दौरान दर्ज किए गए सभी मौखिक बयानों और पुख्ता दस्तावेजी साक्ष्यों को शामिल किया गया है। मीडिया सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि जांच कार्यवाही के दौरान जस्टिस यशवंत वर्मा कई तीखे सवालों के स्पष्ट और सीधे जवाब देने से बचते हुए नजर आए। आपको बता दें कि इस तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर इसी साल मई के महीने में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी थी।लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 12 अगस्त 2025 को जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे इन गंभीर आरोपों की पारदर्शी जांच के लिए इस तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली इस उच्चस्तरीय समिति में बॉम्बे हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और कर्नाटक हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बी.वी. आचार्य को भी बतौर सदस्य शामिल किया गया था।क्या था पूरा विवाद और कैसे हुआ था कैश का खुलासा?यह पूरा सनसनीखेज मामला 14 मार्च 2025 की रात को उस समय प्रकाश में आया जब नई दिल्ली स्थित जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास पर अचानक भयंकर आग लग गई थी। आग पर काबू पाने के लिए जब दमकल विभाग के कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो परिसर के एक स्टोर रूम की तलाशी के दौरान वहां से भारी मात्रा में अधजली और बिल्कुल सही सलामत नकदी बरामद हुई। घटना के वक्त जस्टिस वर्मा दिल्ली हाईकोर्ट में जज के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।इस घटना के बाद तूल पकड़े विवाद के चलते उन्हें उनके मूल कैडर यानी इलाहाबाद हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना द्वारा गठित एक आंतरिक न्यायिक समिति ने भी अपनी जांच में यह पाया था कि जिस स्टोर रूम से यह भारी नकदी बरामद हुई थी, उस पर जस्टिस वर्मा का ही सक्रिय या अप्रत्यक्ष नियंत्रण था।महाभियोग प्रस्ताव और आगे की प्रक्रियाजुलाई 2025 में संसद के 200 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर कर जस्टिस वर्मा को उनके पद से हटाने के लिए महाभियोग चलाने का एक प्रस्ताव भी पेश किया था, जिसके परिणामस्वरूप इस वैधानिक समिति का गठन किया गया था। हालांकि, शुरुआत से ही जस्टिस वर्मा अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों का पुरजोर खंडन करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार देते आए हैं। अब लोकसभा में रिपोर्ट पेश होने के बाद इस मामले में आगे की विधायी और राजनीतिक हलचल तेज होने की पूरी संभावना है।
दिल्ली : क्राइम ब्रांच ने प्रतिबंधित चीनी मांझे को ले जा रहे तीन को किया गिरफ्तार, एक कार जब्त
दिल्ली : क्राइम ब्रांच ने प्रतिबंधित चीनी मांझे को ले जा रहे तीन को किया गिरफ्तार, एक कार जब्त
चोरी की गाड़ियों के इंजन और पार्ट्स खरीदकर बेचने के मामले में क्राइम ब्रांच इंदौर ने फरार चल रहे आरोपी फ़हीम अंसारी (34) को गिरफ्तार किया है। बुधवार को क्राइम ब्रांच ने इसका खुलासा किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से स्क्रैप हाइड्रोलिक मशीन जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत 2.50 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी के गोदाम को भी पुलिस ने सील कर दिया। मामले में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी अल्ताफ अंसारी के गोदाम को भी सील किया गया है। मुखबिर सूचना पर घेराबंदी कर पकड़ा एडिशनल डीसीपी (क्राइम) राजेश दंडोतिया ने बताया कि 9 अगस्त को दौलतगंज-रानीपुरा क्षेत्र में कबाड़ दुकान से चोरी की गाड़ियों के पार्ट्स बेचने का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस पूर्व में अल्ताफ अंसारी (49) और अरशद अंसारी (25) को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनके कब्जे से 12 इंजन और कई कलपुर्जे बरामद हुए थे। जांच में सामने आई फ़हीम की भूमिका अल्ताफ और अरशद से पूछताछ के दौरान फहीम अंसारी के मामले में शामिल होने की बात सामने आई, जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम ने मुखबिर और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मंगलवार को घेराबंदी कर फहीम को धर दबोचा। मशीन जब्त, दोनों आरोपियों के गोदाम सील कार्रवाई के दौरान पुलिस ने फहीम के पास से स्क्रैप हाइड्रोलिक मशीन जब्त कर उसके गोदाम को सील कर दिया है। इसके पूर्व गिरफ्तार आरोपी अल्ताफ के गोदाम पर भी सील लगाई जा चुकी है। चौथी कक्षा तक पढ़ा फहीम लंबे समय से कबाड़ का काम कर रहा था। फिलहाल पुलिस उससे वाहन चोरी के नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है।
जले नोट किसके, कितनी थी रकम? अनसुलझे रहे ये सवाल, जस्टिस वर्मा पर तीनों आरोप सिद्ध
जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े कैश कांड मामले में संसदीय जांच समिति ने तीन आरोप सिद्ध किए हैं। रिपोर्ट में दिल्ली स्थित उनके आधिकारिक आवासीय परिसर से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने, साक्ष्यों के संरक्षण में लापरवाही और असंतोषजनक जवाब देने का जिक्र है.
संसदीय जांच समिति ने दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ़ लगे तीनों आरोपों को सही पाया है। समिति ने निष्कर्ष निकाला कि उनके सरकारी आवास पर भारी मात्रा में बिना हिसाब-किताब वाला कैश मिला, सबूतों को ठीक से सुरक्षित नहीं रखा गया और इस घटना के बारे में उनके स्पष्टीकरण टालमटोल भरे और असंतोषजनक थे। समिति के ये निष्कर्ष 14 मार्च, 2025 को दिल्ली में 30 तुगलक क्रिसेंट स्थित जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास पर लगी आग के बाद वहां के एक स्टोररूम में मिले कैश से जुड़े हैं। हालांकि, पैनल ने यह नहीं कहा कि आपराधिक कानून के नज़रिए से वह पैसा निजी तौर पर जस्टिस वर्मा का था। पैनल ने पाया कि उनके अधिकार वाले परिसर में बड़ी मात्रा में ऐसी नकदी मिली जिसका कोई स्पष्ट हिसाब-किताब नहीं था, और वह इसकी मौजूदगी, स्रोत या मालिकाना हक के बारे में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाए। इसे भी पढ़ें: Delimitation पर Centre को Tamil Nadu की चुनौती: Lok Sabha सीटें 543 पर रहें, विधानसभा में आया प्रस्ताव जांच में क्या पता चला? समिति ने जस्टिस वर्मा के खिलाफ तीन औपचारिक आरोपों की जांच की। आसान शब्दों में कहें तो, ये वे खास आरोप थे जिनकी जांच के दौरान पड़ताल की जानी थी। इसे भी पढ़ें: TN Assembly का ऐतिहासिक फैसला, NEET Resolution पास कर विजय सरकार ने Social Justice की ओर बढ़ाया कदम सरकारी आवास पर बिना हिसाब-किताब वाली नकदी कमेटी ने पाया कि आग लगने के बाद स्टोररूम में 500 रुपये के नोटों की बड़ी मात्रा मौजूद थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सबूतों से पता चला कि वहां कुछ इक्का-दुक्का नोट नहीं, बल्कि करेंसी के बंडल, ढेर और कतारें थीं। पैनल ने कहा कि जस्टिस वर्मा यह संतोषजनक ढंग से नहीं बता पाए कि कैश कहां से आया, किसका था या स्टोररूम में क्यों रखा था।अदालत ने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि स्टोररूम पूरी तरह से उनके नियंत्रण से बाहर था; अदालत का मानना था कि यह उनके आधिकारिक रिहायशी परिसर का हिस्सा था और उनके संस्थागत नियंत्रण में था।
जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड की रिपोर्ट लोकसभा में पेश, साजिश के नहीं मिले संकेत
जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड की तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट लोकसभा में पेश हुई। रिपोर्ट में साजिश के संकेत नहीं मिले, लेकिन नकदी बरामदगी को गंभीर मामला बताया गया।
जस्टिस यशवंत वर्मा पर लगे तीनों आरोप साबित, सरकारी आवास पर भारी मात्रा में मिले थे जले और अधजले नोट
जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच कर रही समिति ने अपनी रिपोर्ट में उनके खिलाफ लगाए गए तीनों आरोपों को साबित माना है। 14-15 मार्च 2025 की रात दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास के स्टोर रूम में आग लगी थी। मौके पर पहुंचे पुलिस और दमकल अधिकारियों को वहां बड़ी संख्या में 500 रुपये के जले, अधजले और बिखरे हुए नोट मिले थे।
जस्टिस यशवंत वर्मा पर लगे तीनों आरोप साबित, आवास पर मिले थे भारी मात्रा में नोट
जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच कर रही समिति ने अपनी रिपोर्ट में उनके खिलाफ लगाए गए तीनों आरोपों को साबित माना है। 14-15 मार्च 2025 की रात दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास के स्टोर रूम में आग लगी थी। मौके पर पहुंचे पुलिस और दमकल अधिकारियों को वहां बड़ी संख्या में 500 रुपये के जले, अधजले और बिखरे हुए नोट मिले थे।
साजिश के संकेत नहीं; जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड की रिपोर्ट लोकसभा में पेश
Justice Yashwant Varma: यह रिपोर्ट न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत तैयार की गई है। इसमें जांच की पूरी कार्यवाही के दौरान दर्ज किए गए मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को शामिल किया गया है।
जला कैश, जांच और इस्तीफा… संसद में पेश जस्टिस यशवंत वर्मा रिपोर्ट में क्या है?
जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़ी जांच समिति की रिपोर्ट बुधवार को संसद में पेश की गई. मार्च 2025 में उनके सरकारी आवास में आग लगने के बाद स्टोररूम से भारी नकदी मिलने का आरोप लगा था. जांच में उनका स्टोररूम पर नियंत्रण होना पाया गया. इसके बाद जुलाई 2025 में 200 से ज्यादा सांसदों ने उन्हें हटाने के प्रस्ताव पर दस्तखत किए थे. जस्टिस वर्मा ने बाद में इस्तीफा दे दिया था.
आग बुझाते वक्त मिला कैश, 14 मार्च की रात जस्टिस वर्मा के घर क्या हुआ?
संसद में आज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच रिपोर्ट पेश होगी. 14 मार्च 2025 को जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास में आग लगी थी. इस दौरान उनके घर से नोटों के बंडल पाए गए थे.
संसद में रखी जाएगी जस्टिस यशवंत वर्मा पर जांच रिपोर्ट, दो बड़े बिल पेश करेंगे अमित शाह
Parliament Monsoon Session Live Updates: संसद का मॉनसून सत्र अब तक हंगामों से भरा ही रहा है. आज सत्र का 18वां दिन है और आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में दो अहम बिल पेश करने वाले हैं. इसके अलावा झारखंड में चल रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर सदन में हंगामा देखने को मिल सकता है.
कर्नाटकः सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने जेल में मारा छापा, प्रज्वल रेवन्ना सहित दो कैदियों के पास से मिले फोन
कपूरथला में पुरानी रंजिश में युवक की गोली मारकर हत्या
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पटना में क्राइम मीटिंग के बीच प्रॉपर्टी डीलर पर ताबड़तोड़ फायरिंग, चार गोलियां लगने से हालत गंभीर
एसएसपी की क्राइम मीटिंग के दौरान पटना के रामकृष्ण नगर में प्रॉपर्टी डीलर शुभम यादव को अपराधियों ने चार गोलियां मारीं। शुभम गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में भर्ती है; घटना सीसीटीवी में कैद हुई है और पुलिस जांच कर रही है।
क्राइम ब्रांच ने 103.55 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ जिस आरोपी को गिरफ्तार किया। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में टीम के सामने कई बातें आई हैं। जिसके आधार पर टीम आगे की जांच कर रही है। हालांकि इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीमें अन्य राज्य में भी गई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में और भी नाम सामने आ सकते हैं। दरअसल, क्राइम ब्रांच की टीम ने पिछले दिनों सुपर कॉरिडोर से अयाज हुसैन नामक एक युवक को 103.55 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर टीम ने शहनवाज को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी तीन दिन की पुलिस रिमांड पर है और उनसे पूछताछ की जा रही है। दूसरे राज्य की लिंक मिली राजेश दंडोतिया एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच ने बताया कि इस मामले में जांच जारी है। दूसरे राज्य की लिंक मिली है। जिस पर टीम काम कर रही है। संभवना है कि राजस्थान की तरफ से ही अयाज इतनी बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स लेकर आया होगा। पूछताछ में कई बातें सामने आई है, जिस पर टीम लगी हैं। टीमें बाहर भी गई है बताया जा रहा है कि इस मामले में अन्य आरोपियों की लिंक निकालने के लिए क्राइम ब्रांच की टीमें बाहर भी गई हुई है। टीमें वहां रहकर मिली लिंक के आधार पर आगे की इन्वेस्टिगेशन कर रही है। संभावना है कि जल्द ही इस मामले में टीमें और भी लोगों तक पहुंच जाएगी।
जस्टिस वर्मा ‘कैश कांड’ की रिपोर्ट आज संसद में, सत्र का 3 दिन बाकी
आज लोकसभा और राज्यसभा में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच रिपोर्ट पेश की जाएगी. इस मामले में तीन सदस्यीय कमेटी बनी थी, आज यह कमेटी अपनी रिपोर्ट संसद में पेश करने वाली है.
पटना में एक बार फिर से बदमाशों ने खुलेआम पुलिस को चुनौती दी है। इधर पटना के एसएसपी कार्तिकेश शर्मा मंगलवार की शाम क्राइम मीटिंग ले रहे थे, उधर अपराधियों ने एक प्रॉपर्टी डीलर के सीने में 4 गोलियां उतार दीं। युवक की पहचान शुभम कुमार यादव के रूप में हुई। उसे गंभीर हालत प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। गोली मारने की घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। घटना रामकृष्णा नगर थाना के भूपतिपुर ज्योतिष बाबा रोड की है। वारदात से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए बैक टू बैक मारीं 4 गोलियां सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि शुभम सड़क किनारे फोन पर बात कर रहा है। तभी अपाचे बाइक पर दो बदमाश आते हैं। वो शुभम के करीब जाते हैं और उस पर ताबड़तोड़ 4 गोली फायर कर देते हैं। गोली लगने के बाद शुभम कराहता हुआ जमीन पर गिर जाता है। वारदात को अंजाम देकर दोनों अपराधी बाइक से फरार हो जाते हैं। शुभम सड़क पर गिर जाता है। गोली की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकलते हैं। आसपास के लोग शुभम को गंभीर हालत में प्राइवेट अस्पताल में एडमिट करवाते हैं। पटना में SSP की क्राइम मीटिंग के दौरान वारदात हैरानी की बात यह है कि घटना मंगलवार की देर रात हुई. उसी समय पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा क्राइम मीटिंग कर रहे थे. इस बैठक में सभी अनुमंडल अधिकारी और पटना जिले के थानेदार शामिल थे. एसएसपी अधिकारियों के साथ अपराध रोकने पर चर्चा कर रहे थे. पटना सदर पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी-2 रंजन कुमार ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शुभम कुमार को गोली मारी गई है और उसका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि गोलीबारी के पीछे का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। हर एंगल से जांच की जा रही है।
TOP News: जिम्बाब्वे नाव हादसे में 15 की मौत, जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ आज संसद में पेश होगी जांच रिपोर्ट
कैश कांड वाले जस्टिस यशवंत वर्मा के अधजले नोटों के राज से उठेगा पर्दा? लोकसभा में पेश होगी रिपोर्ट
लोकसभा अध्यक्ष ने जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित बंगले से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के मामले की पड़ताल के लिए बीते साल 12 अगस्त को एक जांच समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखा जाएगा।
जयपुर कमिश्नरेट में 17 एसीपी बदले, साइबर क्राइम पर फोकस; 3 अफसर R4C में लगाए
आगामी चुनावों को देखते हुए पुलिस ने मंगलवार देर रात एडीजी कार्मिक बीजू जॉर्ज जोसफ ने दो तबादला सूची जारी करते हुए 171 डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए। इसी आदेश में पूर्व में 8 जून को जारी की गई तबादला सूची से 10 डिप्टी एसपी के तबादले निरस्त भी किए है। इसमें जयपुर कमिश्नरेट में 17 एसीपी बदले गए हैं। इस बार सरकार ने साइबर क्राइम पर सख्ती दिखाते हुए आर4सी में 3 डिप्टी एसपी लगाएं हैं। पहली तबादला सूची 123 डिप्टी एसपी अफसरों की जारी की और दूसरी सूची में 48 प्रोबेशनर को पोस्टिंग देने की जारी की है। आदेशानुसार जयपुर कमिश्नरेट में आरपीएस जेठू सिंह को एसीपी सोढाला, दिलीप कुमार मीणा को एसीपी शास्त्री नगर, जितेन्द्र सिंह को एसीपी आदर्श नगर, कृष्णराज जांगिड़ को एसीपी चौमूं, दरजा राम बोस को एसीपी सदर, डॉ. पूनम को एसीपी अशोक नगर, शिवदयाल बलाई को एसीपी मालवीय नगर, दीपक कुमार खण्डेलवाल को एसीपी सांगानेर, धर्मेद्र कुमार शर्मा को एसीपी बगरू, ओम प्रकाश गोदारा को एसीपी कोतवाली, नेहा राव को एसीपी यातायात साउथ सेकंड, कमल कुमार मीना को एसीपी यातायात नॉर्थ, नरेन्द्र कुमार को एसीपी महिला अनुसंधान सैल कमिश्नरेट, संजय कुमार आर्य को एसीपी मैट्रो, नरेन्द्र कुमार को एसीपी कंट्रोल रूम, संग्राम सिंह को एसीपी साइबर क्राइम प्रथम व हेमराज एसीपी साइबर क्राइम सेकंड के पद पर लगाया है। जयपुर निगम से 5 आरएएस हटाए, नई पोस्टिंग दी ही नहीं राज्य सरकार ने मंगलवार को जारी आरएएस तबादला सूची में जयपुर नगर निगम को लेकर बड़ा बदलाव किया है। सूची में नगर निगम जयपुर में तैनात पांच आरएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। इनमें उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा, मनोज कुमार वर्मा, प्रवीण कुमार, दिलीप सिंह और डॉ. मिलन मीणा शामिल हैं। खास बात यह है कि इस सूची में निगम जयपुर में इन अधिकारियों के स्थान पर किसी नए आरएएस अधिकारी की पोस्टिंग नहीं की गई है। इससे निगम में आरएएस अधिकारियों की कमी हो गई है। आने वाले दिनों में काम भी प्रभावित होगा, क्योंकि पहले अधिकारियों को दो-दो विंग का अतिरिक्त चार्ज मिला हुआ है। चारों अधिकारियों को अलग-अलग पदों पर लगाया गया है। ऐसे में निगम के प्रशासनिक और जोन स्तर के कामकाज पर इसका असर पड़ सकता है।
बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण, त्वरित औद्योगिक विकास और अपराध के बदलते ट्रेंड के चलते थानों के क्षेत्राधिकार में बदलाव किया जाएगा। इसके लिए डीजीपी ने एडीजी कार्मिक बीजू जॉर्ज जोसफ की अध्यक्षता में 5 सदस्यों की कमेटी बनाई है। इसमें आईजी अजयपाल लांबा, डीआईजी राष्ट्रदीप, शंकर दत्त शर्मा व राशि डोगरा डूडी हैं। कमेटी 10 दिन में रिपोर्ट देगी। थानों के क्षेत्राधिकार में बदलाव से पुलिस के रेस्पॉन्स टाइम में सुधार होगा। प्रदेश के 50 से ज्यादा ऐसे पुलिस थाने हैं, जिनका क्षेत्राधिकार सुव्यवस्थित नहीं है। कुछ थानों में राजस्व सीमा और प्रशासनिक सीमाओं की परेशानी है। इसी तरह 50 से ज्यादा ऐसे थाने हैं जहां मुकदमों का रजिस्ट्रेशन 200 से 300 है, तो कुछ थानों का रजिस्ट्रेशन 1 हजार पार है। इससे अनुसंधान प्रभावित होता है। कार्यभार समान होने से पेंडेंसी कम होगी। डीजीपी शर्मा ने आदेश में कमेटी को थानों में अपराध पंजीकरण दर, साइबर, संगठित, महिला अपराध सहित अन्य अपराधों की प्रकृति और उनकी रोकथाम तथा त्वरित व गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान पर काम करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा क्षेत्र की संवेदनशीलता, धार्मिक स्थल, वीआईपी मूवमेंट और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। रेस्पॉन्स टाइम सुधारने के लिए क्षेत्रवार स्टडी थाने से क्षेत्राधिकार के सबसे दूरस्थ बिंदु तक पहुंचने और पुलिस प्रतिक्रिया में लगने वाले समय को कम करने के संबंध में भी गहन स्टडी करेंगे। राजमार्गों, मुख्य मार्गों की स्थिति और पर्यटन स्थलों पर उमड़ने वाली भीड़ का आकलन किया जाएगा। इसके लिए कमेटी को धरातल स्तर का अध्ययन करने और संबंधित जिलों के एसपी से सुझाव लेने के भी निर्देश दिए हैं। कमेटी प्रदेश के सभी पुलिस थानों के सीमांकन, प्रशासनिक पुनर्गठन, नवीन थानों के सृजन एवं संसाधनों की आवश्यकता का अध्ययन करेगी। प्रदेश के थानों के क्षेत्राधिकार को व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि सभी थानों पर कार्य का समान प्रभार हो और रेस्पॉन्स टाइम में सुधार हो सके।’-राजीव कुमार शर्मा, डीजीपी राजस्थान
20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र का 13 अगस्त को आखिरी दिन है। तीन हफ्तों के दौरान संसद की कार्यवाही लगातार विपक्ष के हंगामे के कारण प्रभावित रही है। विपक्ष दिल्ली में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर गृह मंत्री के जवाब की मांग कर रहा है। सरकार ने सोमवार को कहा कि अमित शाह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं। हालांकि, राहुल ने कहा कि हमें शाह की राय नहीं सुननी बल्कि यह जानना है कि छात्रों पर पुलिस एक्शन का आदेश किसने दिया था। इधर, लोकसभा में आज दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़े कैश कांड की जांच रिपोर्ट लोकसभा में पेश की जाएगी। इसके अलावा, सरकार फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 को जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) को भेजने के लिए तैयार है। आज इससे जुड़ा प्रस्ताव रखा जाएगा। यह बिल इस साल 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था। इसमें देश में गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और विदेशी फंडिंग पर सरकार की कड़ी निगरानी का प्रस्ताव है। संसद की 17वें दिन की कार्यवाही से जुड़े 3 अपडेट्स… 1. वंदे मातरम् बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘वंदे मातरम्’ बिल को मंजूरी दे दी। अब राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बराबर कानूनी सुरक्षा मिलेगी। इसके अपमान या गायन में जानबूझकर बाधा डालने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। 2. हंगामे के बीच लोकसभा में 2 बिल पास: विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा ने केरल का नाम केरलम करने और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से जुड़े दो बिल बिना चर्चा के पास कर दिए। लोकसभा अब तक 11 बिल पास कर चुकी है, जिनमें सिर्फ 2 पर चर्चा हुई है। 3. सरकार सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर चर्चा के लिए तैयार: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अमित शाह और लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, सरकार गृह मंत्री के बयान और सुरक्षाबलों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोपों पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं खनिज, खदान और ट्रिब्यूनल से जुड़े तीन बिलों पर चर्चा के लिए 2-3 घंटे का समय तय किया गया है। मानसून सत्र के तीसरे हफ्ते की कार्यवाही 3 अगस्तः राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया। लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या (CJI सहित) 34 से बढ़ाकर 38 करने संबंधी बिल बिना चर्चा के पास कर दिया। पूरी खबर पढ़ें… 4 अगस्तः राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच बहस हुई। खड़गे ने कहा- राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था। सरकार को चढ़ावा चोरी मामले पर सदन में जवाब देना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 5 अगस्त: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ 50 मिनट बैठक की। सरकार लोकसभा सीटें 816 करने और 33% महिला आरक्षण लागू करने से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पास कराना चाहती है। पूरी खबर पढ़ें… 6 अगस्त: दिल्ली में छात्रों पर हुई लाठीचार्ज मामले में अमित शाह के बयान की मांग को लेकर राज्यसभा में खड़गे और रिजिजू के बीच तीखी बहस हुई।खड़गे ने सभापति से गृहमंत्री को सदन में बुलाने के लिए आदेश देने की अपील की। पूरी खबर पढ़ें… 7 अगस्त: विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) MSME विधेयक 2026 ध्वनिमत से पास हुआ। दोनों सदन सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… मानसून सत्र के दूसरे हफ्ते की कार्यवाही 27 जुलाई: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026' को लेकर विपक्षी पार्टियों के नेताओं से बातचीत की। पूरी खबर पढ़ें… 28 जुलाई: लोकसभा में प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाने पर हंगामा हुआ। संसद के बाहर राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने रेपिस्ट की पैरवी करने वाले शख्स को शिक्षा मंत्री बनाया है। पूरी खबर पढ़ें… 29 जुलाई: लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 बुधवार को ध्वनि मत से पास हो गया। पूरी खबर पढ़ें… 30 जुलाईः पेपर लीक से जुड़ा संशोधन बिल लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा में भी पास हो गया। अब ये बिल राष्ट्रपति के पास जाएगा। उनकी सहमति मिलते ही यह कानून बन जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… 31 जुलाईः विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर प्रदर्शन किया। सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में दानपेटी लेकर पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें… मानसून सत्र के पहले हफ्ते की कार्यवाही 20 जुलाई: राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए लाठीचार्ज करा रही है और गृह मंत्री से जवाब मांगा। पूरी खबर पढ़ें… 21 जुलाई: संसद सत्र शुरू होने से पहले NDA और INDIA गठबंधन की अलग-अलग बैठकें हुईं। विपक्ष के हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही प्रभावित रही। पूरी खबर पढ़ें… 22 जुलाई: राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च और धरना देने की कोशिश की। संसद में भी लगातार विरोध के कारण कामकाज प्रभावित हुआ। पढ़ें पूरी खबर… 23 जुलाई: संसद परिसर में NDA और INDIA गठबंधन के सांसद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की और माहौल गर्म रहा। पूरी खबर पढ़ें… 24 जुलाई: राज्यसभा में 'राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश किया गया। इसमें 'वंदे मातरम्' के अपमान या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रस्ताव रखा गया। पूरी खबर पढ़ें…
Parliament: जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच रिपोर्ट आज लोकसभा में होगी पेश, इस्तीफे के बाद अब क्या होगा?
कैश कांड: जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लोकसभा में पेश होगी जांच रिपोर्ट
यह विवाद तब शुरू हुआ था जब 15 मार्च को जस्टिस यशवंत वर्मा के उनकेदिल्ली स्थित आवासपर बड़ी संख्या में जले हुए नोट मिले थे. इसके बाद उनका ट्रांसफर इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया गया.
जस्टिस वर्मा मामले में गठित समिति ने पूरी की जांच, लोकसभा में पेश होगी रिपोर्ट
पूर्व दिल्ली हाईकोर्ट जज जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच समिति की रिपोर्ट कल लोकसभा में पेश की जाएगी. उनके सरकारी आवास पर जले हुए नोट मिलने के बाद 200 से ज्यादा सांसदों ने उन्हें हटाने की मांग की थी. इस्तीफे के बाद भी संसद द्वारा हटाने की प्रक्रिया पर बहस जारी है.
साइबर क्राइम पर सरकार का बड़ा एक्शन, 3,718 फर्जी ऐप्स ब्लॉक, ₹11,158 करोड़ बचाए
गृह मंत्रालय के तहत I4C ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की है. 30 जून 2026 तक फर्जी लोन ऐप समेत 3,718 मोबाइल ऐप ब्लॉक किए गए और CFCFRMS के जरिए 11,158 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी रोकी गई. 25,698 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन रोके और 15.75 लाख SIM तथा 5.77 लाख IMEI ब्लॉक किए.
डिजिटल क्राइम पर 48 घंटे में राहत की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका
भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ ऑनलाइन खतरों में वृद्धि हो रही है, जिसमें निजी जानकारी लीक होना, डीपफेक बनाना और जान से मारने की धमकी शामिल हैं.
वसई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, 97.91 लाख की नकली करंसी के साथ एक गिरफ्तार
वसई क्राइम ब्रांच ने 97.91 लाख की नकली करंसी के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा। मांडवी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज, जांच जारी।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की बड़ी बैठक, अपराध नियंत्रण से साइबर क्राइम तक सख्ती के निर्देश
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने अपराध समीक्षा बैठक में साइबर क्राइम, महिला अपराध, नशे और संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस बैठक से प्रदेश के पुलिस आयुक्त, रेंज महानिरीक्षक पुलिस, पुलिस उपायुक्त एवं जिला पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, अनुसंधान, विभागीय कार्यवाहियों तथा विभिन्न विशेष अभियानों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
साध्वी यौन शोषण मामले में सजा के खिलाफ डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह की अपील की सुनवाई कर रही पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की बेंच में बदलाव होगा। जस्टिस सुखविंदर कौर ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने केस कार्यवाहक चीफ जस्टिस के पास भेजते हुए आग्रह किया है कि इसे ऐसी दूसरी बेंच के सामने लगाया जाए, जिसमें वह शामिल न हों। यह मामला जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज और जस्टिस सुखविंदर कौर की बेंच के समक्ष सूचीबद्ध था। अब कार्यवाहक चीफ जस्टिस तय करेंगे कि गुरमीत सिंह की अपील पर आगे कौन सी बेंच सुनवाई करेगी। हाई कोर्ट के निर्देश पर डेरा प्रमुख का कस्टडी सर्टिफिकेट अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने इसे रिकॉर्ड पर ले लिया है। अब मामले की अगली सुनवाई नई बेंच के समक्ष होगी। आरोपों की टाइमलाइन पर ही सवाल पिछली सुनवाई में गुरमीत सिंह की ओर से पेश वकील जितेंद्र खुराना ने कथित घटनाओं और बाद में सामने आए आरोपों के बीच के अंतर को अदालत के सामने प्रमुखता से रखा। बचाव पक्ष ने कहा कि कथित घटनाएं 1999 की बताई गई हैं, लेकिन दुष्कर्म का आरोप पहली बार 2006 में सामने आया। वकील के अनुसार, 2002 से 2005 के बीच दिए गए कई बयानों में दुष्कर्म का कोई आरोप नहीं था।बचाव पक्ष ने इसी आधार पर आरोपों की टाइमलाइन और अभियोजन की कहानी पर सवाल उठाए। घटनास्थल पर भी असमंजस: दो डेरों का जिक्र बचाव पक्ष ने कथित घटनास्थल को लेकर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। अदालत में दलील दी गई कि चार्ज में सिर्फ ‘डेरा सच्चा सौदा क्षेत्र स्थित गुफा’ का उल्लेख है। वहीं, गवाही में पुराने और नए डेरे का जिक्र सामने आया। बचाव पक्ष के अनुसार दोनों स्थान करीब 7-8 किलोमीटर दूर बताए गए और दोनों जगह गुफा होने की बात कही गई। बचाव पक्ष ने कहा कि घटनास्थल को लेकर यह अंतर मामले के तथ्यों की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है। जांच अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल बचाव पक्ष ने जांच अधिकारी इंस्पेक्टर सतीश डागर की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। अदालत में दलील दी गई कि जांच अधिकारी के खिलाफ पहले से शिकायतें थीं। वकील के अनुसार, वर्ष 2005 में ही ऐसे सवाल तैयार करवा लिए गए थे, जिनका संबंध कथित प्रेम पत्र और यौन आरोपों से था। बचाव पक्ष ने कहा कि उस समय तक पीड़िता की ओर से दुष्कर्म का आरोप सामने नहीं आया था। ट्रायल कोर्ट के फैसले में इस्तेमाल भाषा पर आपत्ति बचाव पक्ष ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में इस्तेमाल किए गए ‘असाधारण परिस्थितियों में असाधारण उपाय’ जैसे शब्दों पर भी आपत्ति जताई। वकील ने दलील दी कि ट्रायल कोर्ट ने फैसला सुनाते समय कानून की स्थापित कसौटियों से हटकर दृष्टिकोण अपनाया। बचाव पक्ष की ओर से इन्हीं आधारों पर दोषसिद्धि और सजा को चुनौती दी जा रही है। 2017 में दो मामलों में हुई थी 10-10 साल की सजा दो साध्वियों के यौन शोषण के मामले में पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने अगस्त 2017 में गुरमीत सिंह को दोषी ठहराया था। अदालत ने दोनों मामलों में 10-10 साल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही डेरा प्रमुख पर कुल 30.20 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था। सजा के खिलाफ गुरमीत सिंह ने हाई कोर्ट में अपील दायर की है। एक मामले की 10 साल की सजा पूरी होने के बाद दूसरे मामले की 10 साल की सजा शुरू होनी है।
राम गोपाल वर्मा ने अपनी नई फिल्म 'पुलिस कंपनी' की घोषणा की है, जो मुंबई पुलिस और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक पर आधारित है। टी-सीरीज द्वारा निर्मित इस फिल्म में हर्षवर्धन राणे मुख्य भूमिका में होंगे।
साध्वी यौन शोषण केस: जस्टिस सुखविंदर कौर का सुनवाई से इनकार, नई बेंच के पास जाएगा राम रहीम का मामला
न्यायमूर्ति सुखविंदर कौर ने साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की अपील पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है।
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति असद को मौत की सजा, वॉर क्राइम के दोषी पाए गए
सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद को मौत की सजा सुनाई गई है. असद की सरकार पर लगे आरोपों में आम नागरिकों की सुनियोजित हत्या, हिरासत में यातना और मौत, लोगों को जबरन गायब करना, मनमानी गिरफ्तारियां और नागरिक इलाकों पर हमले शामिल हैं.
भोजपुर में SP मिस्टर राज ने मासिक क्राइम मीटिंग में अपराध नियंत्रण पर दिया जोर
11 अगस्त, मंगलवार: भोजपुर में मासिक क्राइम मीटिंग के दौरान SP मिस्टर राज ने पुलिस अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था बनाए रखने और लंबित कांडों के निष्पादन पर जोर दिया गया। जिला वासियों को शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
वाराणसी में क्राइम की खबरें: आठ लाख की ठगी में 25 हजार का इनामी गिरफ्तार, युवक पर रॉड-लाठी से हमला
काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं लगी। पैसे वापस मांगने पर टालमटोल और धमकी दी जाने लगी।
छत्तीसगढ़ में हैरान करने वाला मामला, चीफ जस्टिस की फोटो लेकर श्मशान घाट में तंत्र-मंत्र करते पकड़ा गया व्यक्ति
Ajay Devgn In Crime Patrol:
जोधपुर शहर और आसपास के इलाकों में बीते 24 घंटों में चाकूबाजी, ठगी, अवैध खनन और सड़क हादसों के कई मामले सामने आए हैं। बनाड़ क्षेत्र में पुरानी दुश्मनी को लेकर दो युवकों ने एक-दूसरे पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की जान चली गई। जोधपुर के बनाड़ थाना क्षेत्र के सारण नगर स्थित 10 दुकान गौशाला रोड पर रविवार रात करीब 10 बजे पुरानी रंजिश को लेकर दो छात्रों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। पुलिस के अनुसार, पीपाड़ शहर निवासी रामभरोस जाट (21) और बिलाड़ा निवासी विशाल माली (25) के बीच पुरानी दुश्मनी चल रही थी। रविवार रात आमना-सामना होने पर दोनों में कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट और चाकूबाजी में बदल गई। दोनों ने एक-दूसरे पर चाकू से कई वार किए। लहूलुहान हालत में दोनों को बनाड़ रोड स्थित श्रीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर क्रॉस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2 हादसों में 2 लोगों की मौत जोधपुर में दो सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। पहला हादसा रसाला रोड के पास हुआ। मदेरणा कॉलोनी निवासी करण देवड़ा अपनी बाइक से जा रहा था। रसाला पुलिया के पास तेज रफ्तार मैजिक गाड़ी ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। महात्मा गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान करण की मौत हो गई। माता का थान थाना पुलिस ने चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। लूणी में कार ने महिला को कुचला: दूसरा हादसा लूणी थाना क्षेत्र में हुआ। चिरडिया बालोतरा निवासी मुकनाराम जाट ने बताया कि शुभदण्ड के पास अज्ञात कार चालक ने उसकी पत्नी को टक्कर मार दी। अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। लूणी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिप हाउस सरगरा कॉलोनी निवासी राजकुमार ने रिपोर्ट दी कि आरोपी करण भाटी व अन्य ने उनके घर पर पथराव किया, मोटरसाइकिल तोड़ दी और चाचा के घर में घुसकर तोड़फोड़ व मारपीट की। बोरानाडा थाना क्षेत्र के पाल निवासी महिला ओर युवती 9 अगस्त की सुबह 10 बजे मंदिर जाने का कहकर घर से निकली थीं, जो देर रात तक वापस नहीं आईं। परिजनों की रिपोर्ट पर बोरानाडा पुलिस मामला दर्ज कर तलाश कर रही है। साइबर ठगी का मामला एयरफोर्स क्षेत्र के निवासी एडम अली सोलंकी के साथ ऑनलाइन साइबर फ्रॉड हुआ। इसको लेकर जयपुर साइबर थाने से जीरो नंबरी एफआईआर प्राप्त होने पर महामंदिर थाने में मामला दर्ज किया गया।
‘सिंघम’ के बाद अब टीवी पर क्राइम से लड़ेंगे अजय देवगन, ‘क्राइम पेट्रोल’ के नए सीजन को करेंगे होस्ट
‘क्राइम पेट्रोल’ के नए प्रोमो में अजय देवगन बताते हैं कि कई बार किसी अपराध के पीछे कोई अनजान व्यक्ति नहीं, बल्कि पीड़ित का जाना-पहचाना शख्स ही जिम्मेदार होता है। अभिनेता अपराध की घटनाओं के पीछे छिपे सच और रिश्तों की परतों को सामने लाने की बात करते नजर आते हैं।
नूरमहल में महिला से दातर दिखाकर लूट: तीन बदमाशों ने घेरकर छीना पर्स-घड़ी, एक गिरफ्तार; दो फरार
जालंधर देहात के नूरमहल-नकोदर रोड पर गांव उप्पल खालसा गेट के पास मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने एक महिला को दातर दिखाकर लूट लिया।
Korba News: लोन बंद कराने के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप, बजाज फाइनेंस कर्मचारी के खिलाफ कई केस दर्ज
जिले में अब तक ऐसे तीन मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें शिकायतकर्ताओं ने करीब 10 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस ने अलग-अलग शिकायतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
राजस्थान : पिता ने मोबाइल पर गेम खेलने से रोका, कोटा में 11वीं के छात्र ने आत्महत्या की
अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद मयंक के पिता चौथमल नागर की भी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के मुताबिक, मयंक अक्सर अपना समय मोबाइल फोन पर बिताता था। उसके पिता ने बताया कि रविवार को जब परिवार घर पर था, तो उन्होंने मयंक को गेम खेलते हुए देखा।
पानीपत में साल 2024 में मॉडल टाउन थाना क्षेत्र में हुए एक सड़क दुर्घटना के मामले में पानीपत जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने मिसाल पेश करने वाला फैसला सुनाया है। बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनीत लिंबा ने नाबालिग आरोपी को दंडित करने के बजाय जिम्मेदार नागरिक बनाने के उद्देश्य से 3 महीने तक ट्रैफिक पुलिस के साथ ड्यूटी करने का आदेश दिया है, ताकि वह खुद यातायात नियमों को समझे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करे। जानकारी के अनुसार, साल 2024 में असंध रोड पर ड्यूटी से रात करीब 8 बजे अपने घर लौट रहे दत्ता कॉलोनी निवासी जतिन को एक 17 वर्षीय नाबालिग ने वाहन से टक्कर मार दी थी। इस हादसे में जतिन को गंभीर चोटें आई थीं। मॉडल टाउन थाना पुलिस के माध्यम से यह मामला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पहुंचा। मजिस्ट्रेट बोले- सजा का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनीत लिंबा ने फैसला सुनाते हुए कहा कि नाबालिग अवस्था सीखने और संस्कार ग्रहण करने की उम्र होती है। न्याय का मुख्य उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि नाबालिग को उसकी गलती का एहसास कराकर उसे एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है। सड़क दुर्घटनाएं तेज रफ्तार, बिना लाइसेंस और कम उम्र में वाहन चलाने जैसी लापरवाही का परिणाम होती हैं। ऐसे में बच्चे के भविष्य और समाज की सुरक्षा दोनों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अभिभावकों से अपील- नाबालिगों को न दें वाहन प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट ने जिला के सभी अभिभावकों से बेहद भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपने नाबालिग बच्चों को गाड़ियां या बाइक न चलाने दें। उन्होंने कहा, बच्चों को वाहन की चाबी देने से पहले अभिभावकों को यह सोचना चाहिए कि वे अपने बच्चे के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रहे हैं। समाज के लिए बड़ा संदेश कोर्ट के इस फैसले से समाज में यह कड़ा संदेश गया है कि नाबालिग होना नियमों की अनदेखी का लाइसेंस नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को केवल सजा देने से बेहतर है कि उन्हें समझाकर सही दिशा दी जाए। इसके लिए स्कूलों, अभिभावकों और प्रशासन को मिलकर बच्चों में सड़क सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने की जरूरत है।
क्राइम ब्रांच ने सुपर कॉरिडोर से एक ड्रग्स तस्कर को गिरफ्तार किया। उसके पास से 103.55 ग्राम एमडी ड्रग्स मिली। जब वह बिना नंबर की बाइक से ड्रग्स लेकर जा रहा था, तभी टीम ने उसकी घेराबंदी की। टीम को देख वह घबरा गया और भागने की कोशिश में वह बाइक से फिसलकर गिर गया। ड्रग्स की अनुमानित कीमत 10 लाख 30 हजार रुपए है। बाइक सहित टीम ने 11 लाख 80 हजार रुपए का मश्रुका जब्त किया। सोमवार को टीम ने पूरे मामले का खुलासा किया। रविवार शाम को क्राइम ब्रांच को मुखबीर से सूचना मिली कि एक युवक 100 ग्राम से ज्यादा एमडी ड्रग्स लेकर इंदौर आने वाला है। राजेश कुमार त्रिपाठी, डीसीपी क्राइम ब्रांच ने बताया मुखबीर से मिली सटिक सूचना पर क्राइम ब्रांच की टीम अलर्ट मोड में आई और तुरंत सुपर कॉरिडोर पर घेराबंदी की। टीम को देखकर बाइक सवार युवक घबरा गया और भागने की कोशिश में वह फिसलकर गिर गया। पूछताछ में युवक ने अपने नाम अयाज हुसैन (19) निवासी इंदौर बताया। तलाशी में उसके पास से 103.55 ग्राम एमडी ड्रग्स मिली। जिसकी अनुमानित कीमत 10 लाख 30 हजार रुपए है। पूछताछ में सामने आया एक ओर नाम, उसे भी पकड़ा उन्होंने बताया कि जब टीम ने उसे गिरफ्तार कर उससे सख्ती से पूछताछ की तो टीम के सामने अयाज के साथी शाहनवाज का नाम सामने आया। टीम ने अयाज की निशानदेही पर शाहनवाज को भी गिरफ्तार किया। टीम को जानकारी मिली कि अयाज हुसैन आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ पहले भी आपराधिक मामला दर्ज है। अयाज 8वीं तक पढ़ा हुआ है और मजदूरी का काम करता है, जबकि शाहनवाज चूड़ियां बनाने का काम करता है। टीम दोनों से पूछताछ कर ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी निकाल रही है। पार्टियों में पहुंचाते थे ड्रग्स डीसीपी ने बताया कि टीम को शिकायत मिली थी कि ये पार्टियों में भी ड्रग्स सप्लाई करने का काम करते थे। साथ ही लक्झरी लाइफ जीने के शौकिन है। ड्रग्स बेचकर ये पैसा कमाकर बड़े आदमी बनने की फिराक में थे। पिछले काफी दिनों से इनकी तलाश की जा रही थी। आरोपी इंदौर के पेडलरों की डिमांड पर इंदौर में माल लाने का काम करते थे। कई बार ये जगह बदल लेता था, गाड़ियों में भी नंबर प्लेट नहीं लगाता था, जिसके कारण ये कई बार बच निकलता था। मगर इस बार ये टीम के हत्थे चढ़ गया।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में श्मशान घाट पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की तस्वीर रखकर कथित तौर पर काला जादू करने के मामले में फरार तीन आरोपियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन वे अभी फरार हैं। इस मामले में पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मामला सीपत थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए तस्वीरें… श्मशान घाट में पूजा-पाठ करते मिले 4 युवक ग्राम देवरी स्थित मुक्तिधाम में बीते शुक्रवार (7 अगस्त) की रात चार युवक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और दो अन्य लोगों की तस्वीरें रखकर पूजा-पाठ कर रहे थे। इसकी जानकारी आसपास के लोगों को मिली तो वे श्मशान घाट पहुंच गए। लोगों ने कुछ देर तक युवकों की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद मौके पर पहुंचकर एक युवक को पकड़ लिया, जबकि उसके तीन साथी वहां से भाग निकले। युवक को पकड़कर पिटाई की, फिर पुलिस को सौंपा इस दौरान भीड़ ने पकड़े गए युवक की जमकर पिटाई की और इसके बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को अपने कब्जे में ले लिया। पूछताछ में उसकी पहचान ऋषिकेश के रूप में हुई, जो राजकिशोर नगर का रहने वाला है। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया। आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देने का पुलिस का दावा पुलिस के अनुसार जेल में बंद प्रियांशु बोले का भाई ओम बोले और उसके अन्य साथियों की तलाश लगातार जारी है। पुलिस ने आरोपियों के संभावित ठिकानों के साथ ही उनके रिश्तेदारों के यहां भी दबिश दी है। आरोपी ओम सिटी कोतवाली क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस जब उसके घर और दुकान पहुंची तो दोनों जगह ताला लगा मिला। परिवार के सदस्य भी वहां मौजूद नहीं थे। अब पुलिस की जांच का मुख्य फोकस फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने और श्मशान घाट में की जा रही गतिविधियों के पीछे की वजह का पता लगाने पर है। किसने दी थी सलाह, इसका पता लगा रही पुलिस श्मशान घाट से मिली तस्वीरों में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के अलावा जेल में बंद प्रियांशु बोले और शिकायतकर्ता की तस्वीरें भी शामिल थीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन तस्वीरों को वहां क्यों रखा गया था और आरोपियों को तंत्र साधना करने की सलाह किसने दी थी। पुलिस के मुताबिक फरार आरोपियों से पूछताछ के बाद ही पूरे घटनाक्रम की कड़ी स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि सोशल मीडिया के जरिए कथित तांत्रिक से संपर्क किसने किया और श्मशान घाट में इस गतिविधि की योजना किसने बनाई थी। संपर्क में रहने वालों से भी ली जा रही जानकारी फरार युवक ओम बोले की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उसके घर और दुकान पर दबिश दे चुकी है। दोनों जगह ताला मिलने के बाद पुलिस अब उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां भी तलाश कर रही है। इसके साथ ही पुलिस फरार आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर उनके बारे में जानकारी जुटा रही है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार न्यायाधीशों को अलग-अलग हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर नियुक्त करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही ओडिशा हाईकोर्ट के दो जजों के तबादले की भी अनुशंसा की गई है। इनमें जस्टिस कृष्णा राम मोहपात्रा का ट्रांसफर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट किया गया है। बता दें कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अगले दो महीनों के भीतर चीफ जस्टिस समेत दो जज रिटायर होने वाले हैं। इसके बावजूद कॉलेजियम की सिफारिश में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए फिलहाल केवल एक जज का तबादला किया गया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार न्यायाधीशों को अलग-अलग हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की है। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता में 6 अगस्त को हुई कॉलेजियम की बैठक में यह फैसला लिया गया। कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रविंद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा की गई है। इसी तरह इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है। जबकि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को उसी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा की गई है। ओडिशा हाईकोर्ट के दो जजों का तबादला कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट के दो जजों के तबादले की भी सिफारिश की है। जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का तबादला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट किया गया है। उनके आने से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक कामकाज को मजबूती मिलने की उम्मीद है। लंबित मामलों के बीच एक नए जज की नियुक्ति से मामलों की सुनवाई और निपटारे में भी मदद मिल सकती है। वहीं, जस्टिस मानस रंजन पाठक का तबादला गुजरात हाईकोर्ट करने की सिफारिश की गई है। जानिए कौन हैं जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी न्यायिक रही है। उनके पिता सरत चंद्र मोहपात्रा जज रह चुके हैं। जस्टिस मोहपात्रा ने बीए और एलएलबी की शिक्षा हासिल की है। उन्होंने 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया था। वकालत के दौरान उन्होंने कानून की कई शाखाओं में काम किया। सिविल, सेवा, आपराधिक और संवैधानिक मामलों समेत अलग-अलग क्षेत्रों में उन्हें करीब 26 साल का अनुभव रहा है। कई कानूनी क्षेत्रों का है अनुभव जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को अभिभावक और आश्रित अधिनियम, हिंदू अल्पसंख्यक एवं संरक्षकता अधिनियम, हिंदू दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण अधिनियम और किशोर न्याय (बालकों की देखभाल संरक्षण) अधिनियम से जुड़े मामलों का भी अनुभव रहा है। उन्होंने ओडिशा सरकार के साथ-साथ ओडिशा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी काम किया है। इसके अलावा, वे अलग-अलग सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े मामलों में अधिवक्ता के रूप में पैरवी कर चुके हैं। कई संस्थानों के लिए कर चुके हैं पैरवी जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा ने सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, क्योंझर, भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS), नई दिल्ली, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई संस्थानों के लिए अधिवक्ता के रूप में पैरवी की है। वकालत के दौरान उन्होंने कई तरह के मामलों में काम किया और कानूनी क्षेत्र में अनुभव हासिल किया। इसके बाद उन्हें न्यायिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। इसे तथ्य और भाषा के लिहाज से साफ करते हुए न्यूज स्टाइल में तैयार किया है: 17 अप्रैल 2015 को बने हाईकोर्ट जज जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा को 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके बाद से वे ओडिशा हाईकोर्ट में न्यायिक जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद उनका तबादला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करने की अनुशंसा की गई है। अगले दो महीने में चीफ जस्टिस समेत 3 जज हो जाएंगे कम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के रूप में एक नया न्यायाधीश मिलने का रास्ता साफ हुआ है। उनके अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, अगले दो महीनों में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के तीन जज सेवानिवृत्त होने वाले हैं। जस्टिस संजय एस. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल अगस्त में रिटायर होंगे, जबकि चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा सितंबर में सेवानिवृत्त होंगे। इससे हाईकोर्ट में जजों की संख्या तीन कम हो जाएगी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस समेत कुल 13 जज कार्यरत हैं।
रफ्तार का कहर: चिकित्सक की कार ने कई वाहनों को मारी टक्कर, मच गई अफरातफरी; बाल-बाल बचे तीन लोग
आगरा के थाना जगदीशपुरा के प्रेमनगर रोड स्थित दौजी राम मंदिर के पास तेज रफ्तार कार सवार ने खड़ी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में तीन लोग बाल - बाल बच गए।
डीलर/डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के नाम पर 1 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को तो क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब क्राइम ब्रांच की जांच आरोपी के बैंक खातों तक पहुंच गई हैं। टीम बैंक खातों की डिटेल निकाल रही है, ताकि पता चल सके की आखिर इतने पैसों का कहां इस्तेमाल किया। साथ ही आरोपी के बेटे की भी तलाश की जा रही है। धोखाधड़ी करने वाले आरोपी 74 साल मनोहर लाल पिता स्व.उमाशंकर गुप्ता, जानकी नगर एनएक्स, भंवरकुआं इंदौर को शनिवार को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया। मगर टीम की जांच जारी है। ये है पूरा मामला गुजरात क्षेत्र की डीलरशिप/डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने का झांसा देकर 1 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में क्राइम ब्रांच इंदौर ने 74 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनोहरलाल गुप्ता पिता स्व. उमाशंकर गुप्ता, निवासी जानकी नगर एक्सटेंशन, भंवरकुआं, इंदौर के रूप में हुई थी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपी इंदौर स्थित आई.एच.एल. मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड और इन्फुटेक हेल्थकेयर लिमिटेड में डायरेक्टर/मुख्य संचालक के रूप में काम करता है। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, गुजरात के झालोद, जिला दाहोद निवासी कमलेश अग्रवाल ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि आरोपियों ने गुजरात क्षेत्र की डीलर/डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने का प्रलोभन देकर 50-50 लाख रुपए, यानी कुल 1 करोड़ रुपए जमा करवाए। शिकायतकर्ता के मुताबिक शुरुआत में जुलाई 2022 तक डिस्ट्रीब्यूटर मार्जिन मनी के रूप में करीब 28.50 लाख रुपए दिए गए। इसके बाद आरोपियों ने न तो मार्जिन मनी का भुगतान किया, न व्यापार के लिए माल उपलब्ध कराया और न ही मूल राशि वापस की। दी थी जान से मारने की धमकी शिकायतकर्ता ने क्राइम ब्रांच को बताया कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों की ओर से कथित तौर पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। मामले की जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने बैंक स्टेटमेंट, लेजर, पत्राचार और अन्य दस्तावेजों की जांच की। जिला अभियोजन कार्यालय से कानूनी राय लेने के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला पाया। जिसके बाद मामला दर्ज किया गया था। बैंक खातों की जांच करेगी क्राइम ब्रांच डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इस धोखाधड़ी के मामले में क्राइम ब्रांच आरोपियों के खातों की जांच करेगी। बैंक खातों में जो धोखाधड़ी कर पैसा लिया गया था। उन रुपयों का क्या इस्तेमाल किया गया है, इसकी भी जानकारी क्राइम ब्रांच निकालेगी। साथ ही कोशिश की जाएगी कि फरियादी का पूरा पैसा रीकवर कर वापस लौटाया जा सके। इधर, मामले में आरोपी के फरार बेटे की भी तलाश की जा रही है। इसके लिए टीमें लगी हुई है।
The Crime Branch will investigate Aanchal's death; Minister Omprakash assured the family of an impartial probe.
Faridabad News: नकली टाटा चाय के 387 पैकेट बरामद, तीन दुकानों पर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई
387 packets of counterfeit Tata Tea seized; Crime Branch raids three shops.
गोमतीनगर थाने की बैरक में सिपाही आकाश यादव ने की आत्महत्या, क्राइम टीम में थे तैनात
गोमतीनगर थाने की बैरक में मंगलवार शाम 2019 बैच के सिपाही आकाश यादव ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। वह क्राइम टीम में तैनात थे और आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है, पुलिस जांच कर रही है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने चोरी की गाड़ियां खरीदकर उनके पार्ट्स व इंजन अवैध रूप से बेचने वाले कबाड़ कारोबारी दो आरोपियों पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी की गाड़ियों के 12 इंजन और अन्य पार्ट्स मिले है। जिन्हें टीम ने जब्त किया है। शनिवार को ही टीम ने यहां पर दबिश दी थी, जिसके बाद पूरे मामले की जांच की जा रही थी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक आरोपियों के नाम अल्ताफ अंसारी और अरशद अंसारी को पकड़ा है। उनकी दौलतगंज रानीपुरा में कबाड़ की दुकान के संचालक हैं। चोरी के दो पहिया गाड़ियों के कलपुर्जे और 12 इंजन (जिसमें से 3 इंजन के नंबर मिटाने के लिए घिसे हुए) थे। इनकी अनुमानित कीमत 3 लाख रुपए है। टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जिसके बाद टीम ने स्क्रैप दुकान पर दबिश देकर यहां पर गाड़ियों की जांच की थी। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और सामान जब्त किया।
पटना हाईकोर्ट के होने वाले चीफ जस्टिस वी. कामेश्वर राव दिल्ली विश्वविद्यालय से 1987 में बीए ऑनर्स भूगोल और 1990 में एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। मार्च 1991 में उन्होंने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में वकालत के लिए नामांकन कराया।
पंचकूला में बढ़ा क्राइम ग्राफ, पिछले 7 महीने में हुए 14 मर्डर
पंचकूला में इस साल अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है, जहां सात महीनों में 14 हत्याएं दर्ज हुई हैं, जिससे लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

