इंदौर के जिला न्यायालय परिसर से एक आरोपी के पुलिस अभिरक्षा से फरार होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जमानत आवेदन खारिज होने के बाद आरोपी को जेल भेजने की तैयारी चल रही थी, इसी दौरान वह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। मामला एमजी रोड थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार आरोपी राजकुमार पिता सज्जन सिंह मालवीय, निवासी राजीव आवास विहार को शनिवार को कोर्ट नंबर 14 में पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उसका जमानत आवेदन निरस्त कर दिया और उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। आदेश सुनते ही पुलिस को चकमा जैसे ही आरोपी को जेल वारंट की जानकारी दी गई, उसने मौके का फायदा उठाया और पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया। घटना के बाद कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मियों ने उसे काफी तलाश किया, लेकिन वह नहीं मिला। बाद में पुलिस की ओर से एक लिखित आवेदन कोर्ट को दिया गया। इसमें बताया गया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 493, 494 और 323 के एक मामले में राजकुमार पेश हुआ था, जिसमें उसकी जमानत याचिका खारिज की गई थी। फिलहाल पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बीमारी से दुखी युवक ने की आत्महत्या इंदौर के खजराना में रहने वाले एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। वह गंभीर बीमारी से पीड़ित था। उसे छोटे भाई ने अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी मौत हो गई। खजराना पुलिस के अनुसार अय्यूब (45) पिता इब्राहिम शेख को उसका भाई सलीम 12 अप्रैल की रात में एमवाय अस्पताल लेकर आया था। शनिवार रात उसकी वहां मौत हो गई। अय्यूब के परिजनों ने बताया कि वह करीब 15 सालों से गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। इसके चलते वह काम पर भी नहीं जा पाता था। उसने शादी भी नहीं की थी। इन परिस्थितियों से परेशान होकर उसने आत्महत्या कर ली। अय्यूब के परिवार में उसका छोटा भाई सलीम है, जो ड्राइवरी का काम करता है। चंदन नगर में एसिड पीकर दी जान वहीं, चंदन नगर निवासी रोहित (35) ने 20 अप्रैल को एसिड पिया था। उसकी शनिवार को मौत हो गई। रोहित के परिवार में उसकी मां और भाई हैं। परिजनों ने बताया कि उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद वह तनाव में रहता था।
पंचकूला पुलिस ने नशीले पदार्थों के तस्करों और कानून से बच रहे अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 की टीम ने एक भगोड़े नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है, जिसे कोर्ट ने लगभग 3 साल पहले भगोड़ा (पीओ) घोषित किया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आशिफ (34) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से चंडीगढ़ का रहने वाला है। वह लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था। क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 के इंचार्ज इंस्पेक्टर दलीप सिंह के नेतृत्व में टीम ने आरोपी को काबू किया। हेरोइन की तस्करी करते पकड़ा गया था डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी आशिफ का आपराधिक इतिहास वर्ष 2018 से जुड़ा है। उस समय उसे हेरोइन की तस्करी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। गिरफ्तारी के बाद मामला अदालत में विचाराधीन था। आरोपी को जमानत मिलने के बाद वह कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करने के बजाय पेशी से गैर-हाजिर होकर फरार हो गया। उसकी इस हरकत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने लगभग 3 साल पहले उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। आरोपी आशिफ को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जौनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में शनिवार को 'एस.पी. गुप्ता स्मृति विधि पुस्तकालय' का उद्घाटन किया गया। भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आरके अग्रवाल ने इसका लोकार्पण किया। इस अवसर पर संस्थान को लगभग 6000 विधि पुस्तकों सहित अन्य सामग्री का दान भी मिला। आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जस्टिस अग्रवाल ने विधि शिक्षा में आधुनिक पुस्तकालयों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से पुस्तकों के माध्यम से निरंतर अध्ययन करने और अपने ज्ञान को अद्यतन करने का आग्रह किया। जस्टिस अग्रवाल ने कहा कि यह पुस्तकालय केवल एक संग्रह नहीं, बल्कि छात्रों के लिए एक मार्गदर्शक का कार्य करेगा। जस्टिस अग्रवाल ने स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता को एक समर्पित अधिवक्ता बताया और उनकी स्मृतियों को साझा किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने इस दान को विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय इस ट्रस्ट द्वारा दी गई सामग्रियों को संरक्षित रखेगा और विधि के छात्र इन पुस्तकों से अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे। न्यास की ओर से डॉ. अरुणिमा परोलिया ने बताया कि उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता की विरासत को विश्वविद्यालय को समर्पित किया है। उनका उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ी इस ज्ञान का विस्तार कर सके। उन्होंने अपने पिता के कथन को दोहराया कि कानून केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सम्मान की चीज है। इस दान में लगभग 6000 विधि पुस्तकों के साथ-साथ स्टील, लकड़ी और कांच की अलमारियां भी शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण योगदान से पुस्तकालय की सुविधाओं और संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिलेगा। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल अग्रवाल भी उपस्थित रहे। कुलपति ने मुख्य अतिथि को विश्वविद्यालय की ओर से अभिनंदन पत्र सौंपा। कार्यक्रम का स्वागत भाषण संस्थान के निदेशक प्रो. विनोद कुमार ने दिया, और इसका संचालन डॉ. अनुराग मिश्र ने किया।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने निवेश के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। आरोपी ने व्यापार में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर लोगों से लाखों रुपए निवेश कराए और रकम का उपयोग निजी खर्चों व कर्ज चुकाने में कर लिया। क्राइम ब्रांच के मुताबिक आरोपी सत्यविंद चावला ने फरियादियों को शीतल पेय और FMCG व्यापार में अधिक लाभ का झांसा देकर करीब 27 लाख रुपए का निवेश करवाया, लेकिन निवेश की गई राशि को व्यापार में लगाने के बजाय उसने व्यक्तिगत खर्च और अन्य कार्यों में खर्च कर दिया, जिससे निवेशकों को आर्थिक नुकसान हुआ। आरोपी ने बनाई थी फर्म जांच में सामने आया कि आरोपी ने हरसिमरन सिंह अरोरा, जयंत रिजवानी और रासिका प्रधान के साथ साझेदारी में ‘फ्रेश लिंक इंटरप्राइजेस’ नाम से फर्म बनाई थी। इसी फर्म के जरिए फरियादियों से निवेश कराया गया। जब निवेशकों को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच से की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ कर रही पुलिस फिलहाल क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल है तथा कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है। इंदौर क्राइम ब्रांच ने ठगी के एक मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। शनिवार को क्राइम ब्रांच ने मामला का खुलासा किया। आरोपियों ने कुछ लोगों को झांसा देकर उनसे व्यापार में निवेश करवाया और उन पैसों का इस्तेमाल खुद के खर्चे और कर्ज चुकाने आदि में कर लिया। जब इसकी जानकारी निवेशकों को लगी तो उन्होंने मामले की शिकायत की थी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक आरोपी सत्यविंद चावला ने फरियादियों को शीतल पेय और FMCG व्यापार में ज्यादा लाभ का लालच देकर करीब 27 लाख का निवेश करवाया और इन पैसों का इस्तेमाल व्यापार में न करते हुए व्यक्तिगत खर्च और दूसरे कामों में किया और फरियादियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाकर ठगी की। आरोपी ने हरसिमरन सिंह अरोरा, जयंत रिजवानी और रासिका प्रधान के साथ पार्टनरशीप कर फ्रेश लिंक इंटरप्राइजेस नामक फर्म खुलवाकर निवेश किया था, जिसके बाद उनसे फरियादियों से ये 27 लाख रुपए का निवेश करवाया था। मामले का पता चलने पर फरियादियों ने मामले की शिकायत की, जिसके बाद से टीम आरोपी की तलाश में थी। क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी सत्यविंद चावला से पूछताछ कर ओर भी जानकारी निकाल रही है।
सागर संभाग के प्रभारी आईजी मिथिलेश शुक्ला शनिवार दोपहर दमोह पहुंचे। उन्होंने जबलपुर नाका स्थित नए पुलिस कंट्रोल रूम में जिले के पुलिस अफसरों के साथ अपराधों की समीक्षा की। आईजी की कमान संभालने के बाद दमोह में उनकी यह पहली बैठक थी। बैठक की शुरुआत में एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने आईजी का स्वागत किया। इसके बाद आईजी ने जिले के सभी एसडीओपी और थाना प्रभारियों से परिचय लिया। उन्होंने जिले की क्राइम रिपोर्ट देखी और एक-एक थाने के कामकाज का हिसाब लिया। आईजी ने दमोह पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि यहां अपराध सुलझाने का तरीका अच्छा है, लेकिन कुछ जगहों पर जो कमियां दिखी हैं, उन्हें सुधारने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। आईजी ने सभी थाना प्रभारी से उनके थाना क्षेत्र अंतर्गत अपराधों की जानकारी ली और पेंडिंग मामलों को जल्द ही निपटाने के निर्देश दिए। इसके अलावा जो पुलिस की कार्य प्रणाली है उसके आधार पर ही सभी को कार्य करने के लिए निर्देशित किया। सुधार के निर्देश, जल्द होगा दोबारा मुआयना आईजी ने साफ किया कि पुलिसिंग को और बेहतर बनाने के लिए जो निर्देश आज दिए गए हैं, उन्हें गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने अफसरों को चेताया कि वह जल्द ही दोबारा दमोह आकर निरीक्षण करेंगे और देखेंगे कि निर्देशों का कितना पालन हुआ है। इस बैठक में सीएसपी एचआर पांडे सहित जिले के तमाम आला पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।
जबलपुर से करीब 40 किमी दूर बरगी डैम इलाके में एक साधु की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी। 65 वर्षीय साधु का शव बाइक के नीचे दबा मिला था। उनके हाथ सहित शरीर पर पांच-छह चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने कहा कि उनकी हत्या की गई है। पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने साधु से हाथापाई भी की थी। घटना शनिवार दोपहर करीब 12 बजे बरगी डैम किनारे निर्माणाधीन मंदिर में हुई। इसका पता तब चला जब मजदूर काम करने पहुंचे। साधु तारापुरी महाराज नजर नहीं आए तो मजदूरों ने तलाश की। कुटिया में जाकर देखा तो वह खून से लथपथ मृत हालत में पड़े थे। सूचना मिलते ही बरगी थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच, एफएसएल और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची। सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि साधु का शव उनकी कुटिया में मिला है और शरीर पर 5 से 6 गहरी चोट के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की पुष्टि होती है। पुलिस ने पंचनामा कर शव पीएम के लिए मेडिकल कालेज भेजा है। हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। घटना की सूचना परिवार को दे दी है। एक टीम सिवनी जिले के ईश्वरपुर गांव भी भेजी जाएगी। वहां परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर मामले के सुराग जुटाए जाएंगे। बाइक गिरी पड़ी थी, इसी में फंसी मिली घड़ी जिस कुटिया में साधु की खून से सनी लाश मिली, वहीं उनकी बाइक भी जमीन पर गिरी हुई पाई गई है। पुलिस ने आशंका जताई है कि साधु और हमलावर के बीच संघर्ष हुआ होगा। इसी दौरान बाइक गिर गई, जिससे घटना के वक्त झूमाझपटी होने की संभावना बढ़ गई है। तारापुरी महाराज इसी बाइक के नीचे दबे थे। मौके पर मिली बाइक में एक घड़ी भी फंसी हुई पाई गई है। पुलिस को शक है कि यह घड़ी या तो मृत साधु की हो सकती है या फिर हमलावर की। इस सुराग को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सिवनी के रहने वाले थे साधु करीब एक साल पहले मृतक तारापुरी महाराज ईश्वरपुरी (सिवनी) बरगी डैम के पास आकर रहने लगे थे। मां नर्मदा के भक्त होने के कारण यहीं रहने लगे थे। स्थानीय लोगों की मदद से बांध के किनारे मंदिर का निर्माण करा रहे थे। साधु शुक्रवार को घंसौर में चल रहे एक केस की पेशी पर गए थे और रात में वापस कुटिया लौटे थे। जमीन विवाद में हत्या की आशंका, परिवार से चल रहा विवाद पुलिस ने बताया कि मंदिर में मौजूद लोगों का कहना था कि मृतका का एक बेटा है, जो कि परिवार के साथ मंडला में रहता है। ईश्वरपुर गांव में उनकी चार एकड़ जमीन है, जिसकी कीमत करीब 70 से 80 लाख है। इसी जमीन को लेकर परिवार के भाईयों और बहनों से विवाद भी चल रहा था। शुक्रवार को सिवनी तहसील में पेशी थी, जिसके चलते तारापुरी महाराज गए थे। बताया जा रहा है कि वहां पर जमीन को लेकर विवाद भी हुआ था।
आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती-2025 के तहत चयनित 60,244 आरक्षियों में से पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की आरटीसी में प्रशिक्षण प्राप्त 986 महिला रिक्रूट आरक्षियों की दीक्षांत परेड 26 अप्रैल को रिजर्व पुलिस लाइंस, महानगर, लखनऊ में आयोजित होगी। परेड का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सलामी लेंगे। प्रशिक्षण के दौरान इन महिला आरक्षियों को आधुनिक पुलिसिंग से लेकर साइबर क्राइम तक का प्रशिक्षण दिया गया है। कार्यक्रम सुबह करीब 8 बजे शुरू होगा और इसे प्रदेश के सभी जनपदों के पुलिस लाइंस, पीएसी वाहिनियों व प्रशिक्षण संस्थानों में लाइव टेलीकास्ट किया जाएगा। इससे एक साथ पूरे प्रदेश में महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का भी मजबूत संदेश जाएगा।2017 के बाद महिलाओं की रिकॉर्ड भर्ती 1947 से लेकर 2017 तक यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हजार महिलाओं की भर्ती हुई थी, जबकि 2017 के बाद यह संख्या 44 से 45 हजार पहुंच गई है। अब प्रदेश में पुलिस भर्ती होने पर 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य कर दिया गया है। फिजिकल ट्रेनिंग के साथ कानून, तकनीक, अनुशासन और व्यावहारिक पुलिसिंग पर फोकस आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती-2025 के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं महिला आरक्षियों को फिजिकल ट्रेनिंग के साथ-साथ आधुनिक पुलिसिंग के सभी जरूरी पहलुओं में प्रशिक्षित किया गया है।प्रशिक्षण में सोशल पुलिसिंग, साइबर क्राइम की रोकथाम, आधुनिक तकनीक, सीसीटीएनएस, फॉरेंसिक साइंस व मेडिसिन, हथियार संचालन, अपराध नियंत्रण, विवेचना, पुलिस अभियोजन, सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, यातायात प्रबंधन और पुलिस रेडियो संचार प्रणाली जैसे विषय शामिल रहे। आधुनिक, संवेदनशील और सक्षम पुलिस कर्मी के रूप में किया गया तैयार इसके साथ ही भारतीय संविधान, मानवाधिकार, लैंगिक संवेदनशीलता, पुलिस की कार्यप्रणाली, अनुशासन, नैतिकता और जवाबदेही पर भी विशेष जोर दिया गया।व्यावहारिक प्रशिक्षण के तहत आरक्षियों को गार्ड ड्यूटी, बंदी एस्कॉर्ट, हवालात ड्यूटी, वर्दी पहनने के नियम, अधिकारियों की वर्दी पहचान, सैल्यूट की विधि, योग, खेल और श्रमदान जैसी गतिविधियों में भी दक्ष बनाया गया। यह प्रशिक्षण महिला आरक्षियों को आधुनिक, संवेदनशील और सक्षम पुलिस कर्मी के रूप में तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जस्टिस लिसा गिल को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त होने पर बधाई दी
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस फरजंद अली ने भीलवाड़ा के प्रतापनगर थाने से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए SHO राजपाल सिंह को फटकार लगाई। अदालत ने गुरुवार को जांच अधिकारी को प्रथम दृष्टया दोषी माना और मामले में DGP व गृह सचिव को हस्तक्षेप के निर्देश दिए। यह मामला 71 साल के पत्रकार को दी गई धमकी और शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने से जुड़ा है। दादागिरी करनी है तो नौकरी पर क्यों हो कल सुनवाई के दौरान जस्टिस फरजंद अली ने प्रतापनगर थाना प्रभारी राजपाल सिंह से कहा कि इतनी ही दादागिरी करनी है तो नौकरी पर क्यों हो? जाओ गांव में खुली जीप लेकर घूमो। हाथ में चाबुक ले लो। वकील भारत भूषण चारण ने अदालत को बताया कि मामले में पीड़ित 71 साल के बुजुर्ग हैं, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। थानेदार उन्हें बार-बार डरा-धमका रहा है, जिससे वे बेहद खौफ में हैं। पत्रकार को धमकी, कार्रवाई में ढिलाई पर अदालत नाराज मामले में बुजुर्ग पत्रकार अनिल राठी ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उनकी एक टिप्पणी से नाराज होकर थाना प्रभारी ने उन्हें अपशब्द कहे और गोली मारने की धमकी दी। राठी ने तुरंत एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। शरीफ आदमी के साथ गुंडों जैसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी शरीफ इंसान के साथ गुंडों जैसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जज ने कहा, “आम नागरिक के साथ ऐसी भाषा? इसे एक हफ्ते के भीतर इस जिले से बाहर करो।” आखिरी में उन्होंने कहा, “एक बार तो सिस्टम को टाइट करना ही पड़ेगा। अपनी विभागीय कार्रवाई जारी रखो, लेकिन यह सुनिश्चित हो कि वह अधिकारी उस इलाके से दूर रहे।” DGP और गृह सचिव को हस्तक्षेप का आदेश सुनवाई के दौरान जस्टिस अली ने राजस्थान पुलिस के डीजीपी और गृह सचिव को मामले में सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने साफ संकेत दिया कि पुलिस अधिकारियों द्वारा इस तरह का व्यवहार गंभीर है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। SHO पर कार्रवाई की अनुशंसा, नोटिस में बदलाव कोर्ट कोर्ट में पुलिस विभाग की ओर से भीलवाड़ा शहर डिप्टी सज्जन सिंह उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनसे पूछा कि विभाग ने क्या कार्यवाही की। जवाब में बताया गया कि SHO को 17 सीसी के तहत नोटिस दिया गया है। तब कोर्ट ने कहा कि 17 तो फोर्मल है। 16 में क्यों नहीं दिया। कोर्ट ने नियम 16 में बदलने के निर्देश दिए। साथ ही, सीआई राजपाल सिंह को जिले से बाहर करने की अनुशंसा भी की गई है। अगली सुनवाई 8 मई को, जांच रिपोर्ट तलब कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 8 मई तय करते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले, SHO को 23 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया था। यह है मामला प्रतापनगर थानाधिकारी राजपाल सिंह और पत्रकार अनिल राठी के बीच पिछले माह बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ। जिसमें एसएचओ राजपाल सिंह की ओर से पत्रकार राठी को सोशल मीडिया पर टिप्पणी को लेकर फोन पर गाली गलौच करते हुए मरने-मारने की धमकी दे रहे हैं। अपशब्दों का प्रयोग करते हुए मिलने पर मार देने की धमकी दी। एसपी धर्मेंद्र सिंह ने मामले की जांच एसपी हेमंत कुमार को सौंपी। हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों और आदेशों के बाद भीलवाड़ा पुलिस महकमे में हड़कंप जैसे हालात बन गए हैं। इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था और पुलिस जवाबदेही के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। यह मामला न सिर्फ एक पत्रकार को दी गई धमकी का है, बल्कि पुलिस की जवाबदेही और आम नागरिकों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत 25 अप्रैल को भिवानी आएंगे। इस दौरान वे भिवानी कोर्ट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके अलावा चौधरी बंसीलाल विश्वविद्याल (CBLU) में आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्यातिथि पहुंचेंगे। भिवानी स्थित चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) का 5वां दीक्षांत समारोह 25 अप्रैल को आयोजित होगा। जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। हरियाणा के राज्यपाल एवं कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को उपाधियां प्रदान करेंगे। जो कुल 600 विद्यार्थियों को डिग्री देंगे। इनमें से 452 छात्राएं व 148 छात्र शामिल हैं। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के 25 अप्रैल को भिवानी पहुंचेंगे। इस दौरान वे स्थानीय न्यायिक परिसर भिवानी में लोहारू के न्यायिक परिसर के विस्तार की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा सिवानी के लिए नए न्यायिक परिसर और तोशाम में न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास की वर्चुअल माध्यम से आधारशिला रखेंगे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करेंगे। सभी कार्यक्रमों की तैयारियां जारी हैं। अधिकारियों ने किए दौरेइस दौरे को लेकर अधिकारी भी दौरा कर चुके हैं। वहीं डीसी साहिल गुप्ता ने वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ हवाई पट्टी के साथ-साथ चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय और न्यायिक परिसर का दौरा किया। उन्होंने चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय और न्यायिक परिसर में होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान न्यायिक परिसर में सेशन जज डीआर चालिया ने डीसी के साथ यहां पर होने वाले कार्यक्रम के बारे में बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम को गरिमापूर्ण एवं भव्य बनाने के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य मंच, सिटिंग प्लान आदि जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। वहीं डीसी ने हवाई पट्टी पर सभी व्यवस्थाएं देखी और चौ.बंसीलाल विश्वविद्यालय में मुख्य मंच आदि की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
रांची। झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा में आरक्षण श्रेणी का लाभ नहीं दिए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सुनवाई के बाद जेपीएससी को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं को आरक्षण श्रेणी का लाभ दिया जाए। इससे पूर्व सुनवाई के दौरान बताया गया कि याचिकाकर्ता ओबीसी-वन और बीसी-टू श्रेणी से संबंधित हैं। आवेदन पत्र भरते समय एक कॉलम में त्रुटि हो जाने के कारण आयोग ने उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं दिया और सामान्य श्रेणी में शामिल कर लिया। इसके कारण उनका चयन नहीं हो सका। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि वे आरक्षित वर्ग से आते हैं और आरक्षण श्रेणी के अंतिम चयन कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इसके बाद भी उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया। इस दौरान याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का हवाला दिया, जिसमें ऐसे मामलों में आरक्षण लाभ दिए जाने की बात कही गई है। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को आरक्षण का लाभ देने का निर्देश दिया। प्राची सुप्रिया राणा और विकास कुमार की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। रांची। झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को हजारीबाग-बरही सड़क के किनारे लगाए गए बीस हजार पौधों के दावे पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सुनवाई के बाद हाई पॉवर कमेटी के अध्यक्ष सह रीजनल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट को स्थल निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले में एनएचएआई के क्षेत्रीय पदाधिकारी से भी पेड़ों के संरक्षण तथा अधिकतम पौधरोपण के लिए अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। रांची| झारखंड हाई कोर्ट ने निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे की जमानत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई पूरी करने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। हजारीबाग वन भूमि घोटाले से जुड़े इस मामले में जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की अदालत में दोनों पक्षों की ओर से जोरदार बहस हुई। इस केस में बेल मिलते ही विनय चौबे के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो जाएगा, क्योंकि उनके खिलाफ दर्ज 4 प्रमुख मामलों में से 3 में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। विनय चौबे 20 मई 2025 से न्यायिक हिरासत में हैं। वे 338 दिन न्यायिक हिरासत में बिता चुके हैं। कानूनी जानकारों की मानें तो विनय चौबे के खिलाफ एसीबी में कुल 4 मामले चल रहे थे। इनमें से तीन मामलों में अदालतों से उन्हें राहत मिल चुकी है। हजारीबाग का यह मामला आखिरी है जिसमें वे न्यायिक हिरासत में हैं वे जेल से बाहर आ सकेंगे।
उदयपुर रेंज पुलिस ने साइबर अपराधों की रोकथाम और सड़क सुरक्षा व ट्रैफिक मैनेजमेंट पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मुख्य अतिथि उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव ने कहा- जिस तरह हमने कोरोना महामारी में लाइफ स्टाइल को बदला और जागरूकता का परिचय दिया। उसी तरह साइबर अपराध और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता ही बचाव है। उदयपुर रेंज पुलिस और यूनिसेफ राजस्थान की ओर से हुई गुरुवार को पुलिस लाइन में हुई कार्यशाला में उन्होंने यह कहा। आईजी गौरव श्रीवास्तव ने कहा- वर्तमान समय में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए आमजन को सतर्क और जागरूक रहना जरूरी है। उन्होंने ‘साइबर शील्ड' अभियान से डिजिटल सुरक्षा, ऑनलाइन ठगी से बचाव एवं सुरक्षित इंटरनेट उपयोग की जानकारी दी। साथ ही 'जीवन रक्षा अभियान' के अंतर्गत सड़क सुरक्षा नियमों की पालना, हेलमेट व सीट बेल्ट लगाने और ओवरस्पीडिंग से बचाव पर विशेष जोर दिया। आईजी ने आमजन से आह्वान किया कि नियमों का पालन पुलिस से बचाव के लिए नहीं, बल्कि खुद की सुरक्षा के लिए जरूरी है। खुद के साथ दूसरों को भी करें जागरूक: एएसपी रत्नू कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ASP हर्ष रत्नू ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। यूनिसेफ की राज्य बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत ने साइबर शील्ड और जीवन रक्षा अभियान के बारे में बताया। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने अभियान के तहत तैयार किए लिंक को भरते हुए साइबर अपराधों की रोकथाम का संकल्प लिया। उन्होंने इस लिंक में तैयार क्विज और इस क्विज को पूरा करके मिलने वाले प्रमाण पत्र के बारे में बताया। कार्यक्रम में राजसमंद एएसपी रजत विश्नोई, सलूंबर एएसपी रतन चावला, बांसवाड़ा एएसपी गोविंद सिंह, प्रतापगढ़ एससपी बलवीर सिंह, चितौड़गढ़ डीएसपी शिवप्रकाश, उदयपुर डीएसपी विनय चौधरी मौजूद रहे।
5 महीने से युवक लापता:इंदौर क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंचीं मां और बहन; बहू पर लगाए गंभीर आरोप
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में 5 महीने से लापता युवक संदीप पाल को लेकर उसकी मां और बहन क्राइम ब्रांच पहुंचीं। यहां उन्होंने बेटे के लापता होने के मामले में बहू पर आरोप लगाए हैं। वहीं, बहू ने अशोक नगर में सास और ननद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस पूरे मामले को पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ बता रही है। बाणगंगा में रहने वाला संदीप पाल पिछले 5 महीनों से लापता है। उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट बाणगंगा थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। मां दुर्गाबाई का कहना है कि बेटे के लापता होने के बाद से बहू का व्यवहार बदल गया है। वह बार-बार यह कहकर परिवार को गुमराह कर रही है कि संदीप पर भारी कर्ज था और वह खुद ही कहीं चला गया। मां ने आशंका जताई है कि बेटे के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। उनके मुताबिक बहू उनकी करोड़ों की पुश्तैनी जमीन में हिस्सा चाहती है। वहीं बहन वर्षा पाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी भाभी उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश कर रही हैं। वर्षा का दावा है कि उनसे 70 लाख रुपए की मांग की गई है और इसकी रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। परिवार का कहना है कि पहले उनके भाई को गायब किया गया और अब उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
जोधपुर में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में गुरुवार को नए हॉल का शुभारंभ हुआ। पंज प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज का नए हॉल में प्रकाशमान किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी, अरुण मोंगा और बलजिंदर सिंह संधू ने भी शिरकत की। सुबह पंज प्यारो के नेतृत्व में कीर्तन और फूल वर्षा के बीच गुरु ग्रंथ साहिब जी की सवारी नए हॉल में प्रवेश कर सुशोभित हुई। संगत ने 'जो बोले सो निहाल' के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना दिया। सुबह विशेष कीर्तन दीवान सजाया गया। इसमें स्त्री सत्संग और रागी जत्थों ने गुरबाणी गाई। इसके बाद अखंड पाठ साहिब की शुरुआत हुई। बाद में गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। इसमें संगत ने बिना भेदभाव के प्रसाद ग्रहण किया। ये भी रहे मौजूद कार्यक्रम में मारवाड़ के पूर्व राज परिवार के गजसिंह मुख्य अतिथि रहे। साथ ही हेमलता राजे भी उपस्थित रहीं। संत-महात्माओं में सैनाचार्य अचलानंद गिर, पंजाब केसरी जयानंद सुरेश्वर, जय कीर्ति विजय महाराज और रामस्नेही संत हरिराम शास्त्री शामिल हुए। इसके अलावा भामाशाह अनिल भावनानी, सुनील तलवार, विक्रमजीत सिंह बक्शी, गोपी जनवानी, संजीव सचदेवा, कुश गहलोत, सिख समाज के चेयरमैन सरदार जगदेव सिंह खालसा, हरजीत सिंह भूटानी, मनजीत सिंह छाबड़ा, गुरमुख सिंह छाबड़ा, गुरचरण सिंह बग्गा, हरदीप सिंह सलूजा, प्रतिपाल सिंह वालेचा भी शामिल हुए।
भिलाई में अकेले रह रही महिला साइबर ठगी की शिकार हो गई है। डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 62 साल की महिला से 7 लाख रुपए ठग लिए गए। आरोपी खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर कई दिनों तक महिला को वीडियो कॉल और मैसेज के जरिए डराते-धमकाते रहे। मामला थाना सुपेला क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा मामला पुलिस के अनुसार, भिलाई के आर्य नगर कोहका निवासी निर्मला चौबे ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 13 मार्च 2026 को उनके मोबाइल पर एक वीडियो कॉल आया। उस कॉल में 5 से 7 लोग पुलिस की वर्दी में दिख रहे थे। उनमें से एक व्यक्ति ने अपना नाम संदीप राव बताया और खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया। आरोपियों ने महिला को बताया कि उनके नाम से कोटक महिंद्रा बैंक में करोड़ों रुपए का लेन-देन हो रहा है और वे अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के लिए उनके घर की तलाशी ली जाएगी। इसके बाद आरोपियों ने लगातार कई दिनों तक कॉल और मैसेज कर महिला को डराया। यहां तक कहा गया कि अगर उन्होंने किसी को इस बारे में बताया तो उन्हें जेल जाना पड़ेगा। 16 मार्च को 3 लाख रुपए ट्रांसफर किए डर के कारण महिला ने 16 मार्च को अपने SBI खाते से 3 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए एक खाते में ट्रांसफर कर दिए। यह पैसा अगोदिया नारायण चोवाराम के नाम पर भेजा गया था। इसके बाद 17 मार्च को दो युवक और एक युवती उसके घर पहुंचे और 4 लाख रुपए की मांग करने लगे। जब महिला ने पैसे न होने की बात कही, तो आरोपियों ने उसे सोना गिरवी रखने की सलाह दी। वहीं, महिला के घर 4 सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद उस समय की कोई रिकॉर्डिंग नहीं हुई। 15 अप्रैल को पैसा लौटाने का दिया था झांसा महिला ने बताया कि आरोपियों के कहने पर उन्होंने मुथूट फाइनेंस में सोना गिरवी रखकर सिटी यूनियन बैंक गुंदुर तालापाडू बुग्गुगुंडी विष्णु वर्धन के खाते में 4 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद 15 अप्रैल के बाद पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा। इसी भरोसे में महिला ने परिवार को भी जानकारी नहीं दी। तीन दिनों में ही 30 से बार किया कॉल, 20 बार वीडियो कॉल महिला के आधार कार्ड में रजिस्ट्रर्ड मोबाइल नंबर पर ही ठगों ने कॉल किया था। आरोपी संदीप राव ने 20 से 30 बार फोन कर बात की और 19 मैसेज भेजे। इसके अलावा 18 बार मिस कॉल भी किया। वह सुबह “गुड मॉर्निंग”, शाम “गुड इवनिंग” और रात “गुड नाइट” के मैसेज भी भेजता था। इसके साथ ही नारायण चोवाराम नाम के व्यक्ति के नंबर से भी 10 मिस कॉल और 20 वीडियो कॉल आए। बाद में दूसरे नंबर से 3 वीडियो कॉल और 2 व्हाट्सएप कॉल भी किए गए। एफआईआर की कॉपी और सुप्रीम कोर्ट का जुर्माना भी दिखाया आरोपियों ने पीड़ित महिला को फर्जी एफआईआर की कॉपी, सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी जुर्माना का आदेश तक दिखाया। लगातार कॉल, वीडियो कॉल और फर्जी दस्तावेज दिखाकर आरोपियों ने महिला को पूरी तरह मानसिक दबाव में रखा। बाद में जब कोई पैसा वापस नहीं मिला, तब महिला को ठगी का एहसास हुआ और 22 अप्रैल को उन्होंने अपने दामाद के साथ पुलिस चौकी स्मृति नगर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। एक दिन पहले भी ठगी के दो मामले हुए थे दर्ज इधर भिलाई में एक दिन पहले भी साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। पहला मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र का है। यहां पर चरोदा के रेलवे कॉलोनी जोन-1 निवासी रामू ने - शिकायत दर्ज कराई कि 19 अप्रैल की शाम करीब 5.30 बजे उनके मोबाइल पर लगातार बैंक ट्रांजेक्शन के मैसेज आ रहे थे। देखने पर पता चला कि एचडीएफसी बैंक खाते से अलग-अलग किस्तों में कुल 3 लाख 28 हजार 44 रुपए निकाल लिए गए हैं। वहीं दूसरा मामला छावनी थाना क्षेत्र का है। यहां सेक्टर-1, बी मार्केट निवासी 70 वर्षीय सुभाषचंद का मोबाइल 14 अप्रैल को पावर हाउस चौक में जयंती समारोह के चोरी हो गया। 18 अप्रैल को खाते से 1 लाख 99 हजार 621 रुपए कई खातों में ट्रांसफर कर लिए गए।
केरलम के सबरीमाला मंदिर सहित धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने कहा कि वाट्सएप यूनिवर्सिटी से मिली जानकारी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस नागरत्ना ने यह टिप्पणी दाउदी बोहरा समुदाय की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल की दलील के जवाब में की थी। कौल ने कहा था कि ज्ञान और समझ, चाहे वह किसी भी सोर्स से मिली हो, उसे स्वीकार करने में कोई बुराई नहीं है। कौल एक अखबार में कांग्रेस सांसद डॉ. शशि थरूर के लिखे लेख का हवाला दे रहे थे, जिसमें धार्मिक मामलों में न्यायिक संयम बरतने की बात कही गई है। CJI सूर्यकांत ने कहा, हम सभी प्रतिष्ठित व्यक्तियों, विधिवेत्ताओं आदि का सम्मान करते हैं, लेकिन निजी राय निजी राय ही होती है। इसके पहले कोर्ट ने बुधवार को कहा कि किसी धार्मिक प्रथा को जरूरी (एसेन्शियल) या गैर-जरूरी घोषित करना कोर्ट के लिए मुश्किल है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली नौ जजों की संविधान बेंच ने कहा कि संविधान में ‘एसेन्शियल’ शब्द का जिक्र नहीं है। 7 सवाल, जिनपर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही 22 अप्रैल: सुनवाई के दौरान 5 मुख्य टिप्पणियां सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से शुरू हुई सुनवाई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई है। पहले 3 दिन, 9 अप्रैल तक सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछले 7 दिन की सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री विवाद की टाइम लाइन सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच सुनवाई कर रही
जबलपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां इलाज के दौरान लापता हुए पति की मौत हो जाने और शव को लावारिस बताकर दफनाने पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जबलपुर निवासी प्रीति विश्वकर्मा ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर बताया कि उनके पति मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती थे, लेकिन अचानक वार्ड से गायब हो गए। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला। महिला ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और पुलिस से शिकायत कर पति की खोज की मांग की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सुनवाई नहीं होने पर पत्नी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि उनके पति की इलाज के दौरान ही अगले दिन मौत हो गई थी। इसके बाद अस्पताल ने शव को लावारिस मानते हुए अंतिम संस्कार कर दिया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि महिला ने अपने पति की पहचान उन कपड़ों से की, जो उन्होंने अस्पताल में भर्ती होते समय पहने थे। बिना सूचना शव दफनाने पर कोर्ट सख्त बुधवार को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने इस मामले में सुनवाई की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मरीज अस्पताल में भर्ती था, तो उसकी मौत की जानकारी परिजनों को क्यों नहीं दी गई? शव को मुर्दाघर में रखने के बाद बिना सूचना अंतिम संस्कार कैसे कर दिया गया? हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निराकरण करते हुए महिला को स्वतंत्रता दी है कि वह पति की मौत की जांच और मुआवजे की मांग के लिए अलग से याचिका दायर कर सकती है। कोर्ट ने संकेत दिया कि इस मामले में लापरवाही के गंभीर पहलुओं की जांच हो सकती है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में तैनात एक जज की वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उन्हें हरियाणा ट्रांसफर कर दिया गया है। सस्पेंशन के दौरान वह हरियाणा के उसी जिले में रहेंगे। चीफ जस्टिस की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि जज ने खुद को ब्लैकमेल करने के आरोप लगाए थे। उनकी शिकायत पर चंडीगढ़ पुलिस ने केस भी दर्ज किया था। इस मामले में रोहतक के वकील को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें अब जमानत मिल गई है। ऑर्डर के मुताबिक, हरियाणा सिविल सर्विसेज़ (पनिशमेंट एंड अपील) रूल्स, 2016 के रूल 4(b) के साथ संविधान के आर्टिकल 235 के तहत हाई कोर्ट के डिसिप्लिनरी अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए सस्पेंशन का ऑर्डर दिया गया है। चीफ जस्टिस और दूसरे जजों वाली फुल बेंच ने यह भी निर्देश दिया है कि सस्पेंशन पीरियड के दौरान ऑफिसर का हेडक्वार्टर हरियाणा में होगा। मोबाइल फोन खो गया था इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने वकील के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। आरोपी को एक दिन पहले ही चंडीगढ़ जिला अदालत से जमानत मिली थी। जिसके बाद यह एक्शन हुआ है। जज ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ समय पहले उनका मोबाइल खो गया था। उसके बाद से यह सिलसिला शुरू हुआ। छवि खराब करने की कोशिश यह मामला जज की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायत के अनुसार, 18 फरवरी को उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आई। इसके बाद व्हाट्सएप पर मैसेज भेजे गए, जिनमें उनकी मार्फ्ड और आपत्तिजनक तस्वीरें दिखाई गईं। फिर दूसरे नंबर से कॉल कर 1.5 करोड़ रुपये की मांग की गई और पैसे न देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। कोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि अभी तक यह साबित नहीं हुआ है कि कोई रकम वसूली गई थी, इसलिए एक्सटॉर्शन (रंगदारी) का पूरा मामला नहीं बनता। इसी आधार पर जमानत दी गई। कोर्ट ने यह भी माना कि डराने-धमकाने का मामला अलग अपराध हो सकता है, लेकिन फिलहाल आरोपी को हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है
फाजिल्का के अबोहर में नानक नगरी निवासी 24 वर्षीय युवक अनमोल चुघ की जलालाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मंगलवार देर रात करीब 9 बजे उसके शव को सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां सिटी वन पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया है। बताया जा रहा है कि युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। उसने परिजनों को इसकी वीडियो बनाकर भेजा था। युवक के ऊपर साइबर क्राइम के मामले दर्ज थे। इसको लेकर वह जेल भी काट कर आया था। वह बीते कुछ दिनों से जलालाबाद में किराए पर रह रहा था। अबोहर में हाल ही में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पुलिस कई स्थानों पर छापेमारी की थी। बीते दो माह से किराए पर रह रहा था मृतक के परिजनों के अनुसार, अनमोल पिछले करीब दो महीने से जलालाबाद में रह रहा था। बताया जा रहा है कि वह पहले भी साइबर अपराध से जुड़े मामलों आरोपी था। इसमें उस पर केस दर्ज हुए थे और वह जेल भी काटकर आया था। परिवार को मंगलवार देर शाम घटना की सूचना मिली, जिसके बाद वे जलालाबाद पहुंचे। परिजनों का कहना है कि उसने कल शाम को फोन किया था। इसमें उसने कहा था कि वह फांसी लगा लेगा ृ पुलिस ने मोबाइल जांच के लिए लिया पुलिस ने मृतक का मोबाइल जांच के लिए कब्जे में ले लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना जलालाबाद क्षेत्र की है, इसलिए संबंधित थाना पुलिस को सूचित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई परिजनों के बयानों के आधार पर की जाएगी। साइबर क्राइम से जुड़े मामले में हाल के दिनों में हुई कई छापेमारी मृतक के पड़ोसी और समाजसेवी नेता इंद्रजीत भंडारी ने बताया कि अनमोल साइबर अपराध के जाल में फंस गया था और मानसिक रूप से परेशान भी था। उन्होंने इस घटना से जुड़े कई सवालों की जांच की मांग की है। भंडारी ने यह भी बताया कि अबोहर के सैकड़ों युवा साइबर क्राइम के इस जाल में फंस चुके हैं और आए दिन बाहरी राज्यों की पुलिस द्वारा उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।
RSS के कार्यक्रम में जाने से प्रमोशन होने की बात जस्टिस स्वर्णकांता ने नहीं कही
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो साल 2024 में काशी विद्यापीठ में आयोजित एक कार्यक्रम का है, जहां भाषण में स्वर्णकांता शर्मा ने अपने आगे बढ़ने का श्रेय भगवान शिव और विश्वविद्यालय को दिया था.
पुलिस ने 6 लिस्टेड आरोपियों को किया गिरफ्तार:गोपालगंज में ऑर्गनाइज्ड क्राइम के खिलाफ अभियान तेज
गोपालगंज जिले में पुलिस मुख्यालय के निर्देशों का पालन करते हुए संगठित अपराध और सूचीबद्ध अपराधियों के खिलाफ एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत पुलिस ने अब तक 6 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस कप्तान विनय तिवारी के नेतृत्व में प्रशासन अपराधियों पर नकेल कसने के लिए सक्रिय है। एसपी विनय तिवारी ने स्वयं कुचायकोट क्षेत्र में पुलिस बल के साथ मार्च निकाला। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य संगठित अपराध में संलिप्त गिरोहों को यह कड़ा संदेश देना था कि जिले में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए एक रणनीति तैयार की इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने अभियुक्तों की पहचान और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए एक रणनीति तैयार की है। जिले के विभिन्न थानों में दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर सूचीबद्ध अपराधियों की एक सूची अपडेट की गई है, ताकि उनकी दैनिक गतिविधियों की निगरानी की जा सके। गिरफ्तार किए गए अपराधियों पर कठोर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। एसपी विनय तिवारी ने बताया कि जिले में सूचीबद्ध अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है तथा उनके आपराधिक इतिहास का विश्लेषण करते हुए संगठित अपराध की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पुलिस प्रशासन के इस अभियान में सहभागी बनने की अपील एसपी विनय तिवारी ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे पुलिस प्रशासन के इस अभियान में सहभागी बनें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनता का सहयोग अनिवार्य है। यदि आपके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखती है या किसी अपराधी के छिपे होने की सूचना मिलती है, तो तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में सक्रिय भूमाफियाओं के संगठित गैंग की पहचान हो चुकी है। मुर्गा बाबा, योगेंद्र पंडित, गंग दयाल यादव और डब्लू तिवारी समेत कई भूमाफियाओं की कुंडली तैयार कर ली गई है, जिनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। टॉप प्रायरिटी पर रखते हुए भूमाफियाओं पर एक्शन एसपी विनय तिवारी ने बताया कि भूमाफियाओं के द्वारा अर्जित की गई अकुल संपत्ति का आकलन कर उसे जप्त करने की कार्रवाई पुलिस कर रही है, शहर में चार-पांच गैंग सामने आए हैं थावे में एक गैंग की सक्रियता सामने आई है। सासामुसा कुचायकोट मीरगंज में भू माफियाओ की कुंडली तैयार की जा रही है। सभी थानेदारों को आदेश दिया गया है। टॉप प्रायरिटी पर रखते हुए भूमाफियाओं पर एक्शन किया जाएगा। पुलिस कप्तान ने बताया कि गंगदयाल यादव उसके एसोसिएट योगेंद्र पंडित पर फ्रेश केस टाउन थाने में दर्ज कराया गया है. एसपी ने बताया कि 2015 से 2025 दिसंबर तक के पेशेवर अपराधियों की क्रिमिनल रिकॉर्ड्स को खंगाल जा रहा है।जो हत्या लूट व अन्य तरह के अपराध में शामिल है। अगर कोई जेल से बाहर है तो उससे भी जमानत की अर्जी को रद्द करा कर उसके खिलाफ दर्ज कांड मे स्पीड़ी ट्रायल चलाने का आदेश दिया गया है बीएएनस की धारा 111 के तहत संगठन प्राप्त की श्रेणी में लाया जाएगा जो लोगों को डराने धमकाने वह काम कर रहे अन्य तरह के अपराध कर को करते हैं तो उनके उनके ऊपर करके लक्षित करके कार्रवाई की जाएगी ऐसे लोगों को लगाम लगाने का प्रयास कर रहा है
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) पानीपत ने समालखा के यौन उत्पीड़न से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। बोर्ड ने पीड़ित को 5 लाख रुपए की सहायता राशि देने का आदेश दिया है, जिसमें 2 लाख रुपए की अंतरिम राहत तुरंत जारी की गई है। वहीं, मामले के आरोपी किशोर को बाल सुधार गृह से रिहा कर 6 महीने के प्रोबेशन पर रखा गया है। यह मामला 24 जनवरी 2024 को एक बच्चे के यौन उत्पीड़न का केस समालखा थाना में पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान पीड़ित बच्चे के बयान, माता-पिता की गवाही और आरोपी के मेडिकल टेस्ट जैसे साक्ष्य प्रस्तुत किए गए थे। बोर्ड ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नाबालिग की पहचान गोपनीय रखी है। प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट बोले- पुनर्वास को प्राथमिकता देना आवश्यक जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनित लिंबा ने सुनवाई के दौरान कहा कि किशोरों से जुड़े मामलों में पुनर्वास को प्राथमिकता देना आवश्यक है। इसी दृष्टिकोण के तहत यह निर्णय लिया गया है। पीड़ित के अभिभावकों के खाते में तत्काल 2 लाख रुपए की अंतरिम सहायता राशि प्रदान की गई है। शेष 3 लाख रुपए की राशि पीड़ित बच्चे के 18 वर्ष पूरे होने के बाद उसके अभिभावकों के खाते में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में जमा की जाएगी। यह सहायता राशि पीड़ित की शिक्षा और अन्य खर्चों के लिए है, ताकि वह वयस्क होने के बाद भी अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सके। आरोपी को प्रोबेशन पीरियड पर रिहा किया आरोपी किशोर, जिसकी आयु लगभग 15 वर्ष थी, को 2 साल 2 महीने और 17 दिन तक बाल सुधार केंद्र में रखा गया था। अब उसे 6 महीने के प्रोबेशन पीरियड पर रिहा किया गया है। बोर्ड ने संबंधित नाबालिग को परामर्श, नैतिक शिक्षा और व्यवहार सुधार कार्यक्रमों में शामिल करने के भी निर्देश दिए हैं। प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट पुनित लिंबा ने अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर उचित निगरानी रखने और सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करने की सलाह दी। साथ ही, संबंधित संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि किशोर को निर्धारित अवधि तक नियमित काउंसलिंग उपलब्ध कराई जाए और उसकी प्रगति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बोर्ड ने समाज से भी अपील की है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता बरती जाए।
नोएडा के 2021 हेट क्राइम मामले की मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने यूपी पुलिस की जांच पर कड़ी नाराजगी जताई। कहा- जांच अधिकारी (IO) सही तरीके से पेश नहीं हो रहे। IO अदालत के साथ ‘हाइड एंड सीक’ जैसा व्यवहार क्यों कर रहे? जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यूपी सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि एफआईआर में धारा 153-बी क्यों नहीं जोड़ी गई? यह धारा राष्ट्रीय एकता के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी से जुड़ी है। धारा 295-ए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के मामलों में लागू होती है। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को सभी निर्देशों का पालन करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है। अगली सुनवाई 19 मई को होगी। मामला मुस्लिम धर्मगुरु काजिम अहमद शेरवानी से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2021 में नोएडा में उन पर हमला हुआ था। उनकी दाढ़ी खींची गई। टोपी उतार दी गई। उन्हें धार्मिक पहचान को लेकर अपमानित किया गया। SC ने कहा- 16 फरवरी के आदेश पर अमल नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 16 फरवरी को राज्य सरकार की ओर से जो कहा गया था, उसका अब तक पालन नहीं हुआ है। तब शिकायत के आधार पर एफआईआर में धारा 153-बी और 295-ए जोड़ी जानी चाहिए थी। लेकिन, अब तक धारा 153-बी शामिल नहीं की गई है। इस पर बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दाखिल किया गया अनुपालन हलफनामा संतोषजनक नहीं है। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ने बताया कि ट्रायल कोर्ट ने आगे की जांच की अनुमति दे दी है। पुलिस जरूरी धाराएं जोड़ देगी। कहा- अदालत की बुलाकर फटकार लगाने में कोई रुचि नहीं याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि धारा 153-बी को फिर से केस से हटा दिया गया है। इस पर कोर्ट ने जांच अधिकारी को तलब करने की बात कही, लेकिन राज्य सरकार के अनुरोध पर दो हफ्ते का समय दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 19 मई को तय की गई है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अपने अधिकारियों को सही तरीके से निर्देश दें, वरना वे मुश्किल में पड़ेंगे। उन्हें बुलाकर फटकार लगाने में अदालत की कोई रुचि नहीं है। नोएडा में पांच साल पहले हुई थी घटना यह मामला मुस्लिम धर्मगुरु काजिम अहमद शेरवानी से जुड़ा है। आरोप है कि 4 जुलाई, 2021 में वह दिल्ली से अलीगढ़ एक शादी में जा रहे थे। तभी एक चलती वैन में कुछ लोगों ने उन्हें लिफ्ट दी और बाद में उनके साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उनकी दाढ़ी खींची और टोपी उतार दी। उनके साथ गाली-गलौज भी की गई। यह हमला उनकी धार्मिक पहचान को लेकर किया गया था। ………………… यह खबर भी पढ़िए भाजपा की जनाक्रोश रैली, योगी महिलाओं के साथ पैदल चले: प्रदेश अध्यक्ष बोले- नकाब वालों के चक्कर में सपा ने 80% महिलाओं का नुकसान कराया लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर लखनऊ में भाजपा ने मंगलवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। सीएम योगी खुद इस पदयात्रा में महिलाओं के साथ पैदल चले। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाएं चलीं। यहां पढ़ें पूरी खबर
बूंदी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में मंगलवार को केंद्रीय विद्यालय में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर साइबर जागरूकता और पॉक्सो एक्ट विषयों पर केंद्रित था, जिसमें ट्रेनिंग मजिस्ट्रेट पूनम बैरा और अधिकार मित्र लवकुश हर्षल ने स्टूडेंट्स को महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी दी। इस दौरान छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम, पॉक्सो एक्ट, हैकिंग और अन्य ऑनलाइन तथा सामाजिक अपराधों के बारे में विस्तार से बताया गया। स्कूल के प्रिंसिपल यू.एस. विजय ने विद्यार्थियों को इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहने की सलाह दी। 'साइबर अपराघ तेजी से बढ़ रहे, जागरूक होना जरूरी'ट्रेनिंग मजिस्ट्रेट पूनम बैरा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए विद्यार्थियों का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के तहत बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला। अधिकार मित्र लवकुश हर्षल ने विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के अपराध या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत संबंधित प्राधिकरण या हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी। स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षिका शिल्पा दहिया ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस महत्वपूर्ण पहल के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीकांत शर्मा ने किया।
जस्टिस सुभाष विद्यार्थी के केस से अलग होने की मुख्य वजह याचिकाकर्ता की सोशल मीडिया गतिविधियां बताई जा रही हैं। अदालत ने याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा किए गए कुछ पोस्ट्स पर कड़ी नाराजगी जताई।
हाईकोर्ट जस्टिस को फोन करने के मामले पर भाजपा विधायक संजय पाठक आज व्यक्तिगत तौर पर अदालत मे हाजिर होगें। पिछली सुनवाई में विधायक ने मामले पर बिना शर्त माफी मांगी थी। इससे पहले हाई कोर्ट ने आपराधिक अवमानना का केस दर्ज किया था। कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित की और से याचिका दायर की है। जिस पर आज सुनवाई होना है। मामले की शुरुआत तब हुई जब जस्टिस विशाल मिश्रा ने 1 सितंबर 2025 को एक आदेश में कहा कि विधायक संजय पाठक ने उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए खुद को सुनवाई से अलग कर लिया और पूरे मामले को चीफ जस्टिस के पास भेज दिया। खनन कंपनी से जुड़ा था मामला यह विवाद संजय पाठक परिवार से जुड़ी खनन कंपनियों के कथित अवैध उत्खनन से संबंधित था, जिसकी सुनवाई जस्टिस मिश्रा की बेंच में लंबित थी। आदेश में जस्टिस मिश्रा ने साफ लिखा कि इस तरह का संपर्क न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, इसलिए वे इस याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे। बाद में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए विधायक के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई के निर्देश दिए। कोर्ट ने नोटिस जारी कर पूछा कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। डिवीजन बेंच में सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। याचिका में आरोप है कि विधायक द्वारा जस्टिस से संपर्क की कोशिश न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की गंभीर कोशिश है।
जबलपुर के जबलपुर में दिव्यांग बच्चों को स्कूल से बाहर किए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने साफ कहा कि बच्चों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव न सिर्फ गलत है, बल्कि किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। मामला शहर के विजडम वैली स्कूल और जीडी गोयनका स्कूल से जुड़ा है। इन पर आरोप है कि स्पेशल (दिव्यांग) बच्चों को स्कूल से बाहर किया जा रहा था। शिकायत सामने आने के बाद इस मुद्दे पर जनहित याचिका दायर की गई। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की डिवीजन बेंच ने तत्काल प्रभाव से दिव्यांग बच्चों को निकाले जाने पर रोक लगा दी। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को आदेश दिया कि जबलपुर के सभी स्कूलों में पढ़ रहे विशेष बच्चों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए। मामले की अगली सुनवाई 29 अप्रैल तय की गई है। कानून होने के बावजूद जमीनी हकीकत कमजोर याचिकाकर्ता सौरभ सुबैया की ओर से दायर याचिका में बताया गया कि जबलपुर में करीब 50 सरकारी और 200 निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में दिव्यांग छात्र पढ़ते हैं। इनमें कई बच्चे ऐसे हैं जो न बोल सकते हैं और न ही सुन सकते हैं। ‘स्पेशल एजुकेटर’ नहीं, कानूनों का पालन अधूरा याचिका में यह भी बताया गया कि स्कूलों में आज भी विशेष शिक्षक नियुक्त नहीं हैं। जबकि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत यह अनिवार्य है। इन कानूनों का पालन न होना पूरी तरह अवैधानिक है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शिवेंद्र पाण्डेय ने कोर्ट को बताया कि निजी स्कूलों द्वारा स्पेशल बच्चों को बाहर करना सीधे उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इस पर कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया। समावेशी शिक्षा पर बड़ा संदेश याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि हाईकोर्ट का यह अंतरिम आदेश कई मायनों में अहम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ समावेशी शिक्षा को मजबूती मिलेगी, बल्कि निजी स्कूलों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी। साथ ही दिव्यांग बच्चों के अधिकारों की न्यायिक सुरक्षा को लेकर एक मजबूत संदेश गया है।
बंदर मूवी प्रिव्यू: सच्ची घटना से प्रेरित बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर
अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘बंदर: मंकी इन अ केज’ एक सच्ची घटना से प्रेरित क्राइम-थ्रिलर है। बॉबी देओल मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का प्रीमियर 2025 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ और यह 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी नई हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह ट्रेलर कुछ दिन पहले आए असरदार और बेचैन कर देने वाले टीज़र के बाद रिलीज हुआ है, जिसे अपनी अलग और डरावनी झलक के लिए खूब सराहना मिली थी।
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर 'दलदल' का टीजर रिलीज, इस दिन प्राइम वीडियो पर होगा प्रीमियर
प्राइम वीडियो ने अपनी हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' की दुनिया भर में प्रीमियर की डेट रिलीज कर दी है। यह सीरीज 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। इसके साथ ही 'दलदल' का जबरदस्त, खौफनाक टीज़र भी जारी किया गया है। विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी ...
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
एमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने अपनी आगामी थियेट्रिकल रिलीज फिल्म 'निशांची' का धमाकेदार फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। अजय राय और रंजन सिंह द्वारा जार पिक्चर्स के बैनर तले, फ्लिप फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस की गई ये फिल्म एक रोमांचकारी ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
अनुराग कश्यप लेकर आए क्राइम ड्रामा फिल्म निशांची, इस दिन सिनेमाघरों में होगी रिलीज
अनुराग कश्यप एक नई गहन क्रामइ ड्रामा फिल्म 'निशांची' लेकर आ रहे हैं। अमेजन एमजीएम स्टूडियो ने इस फिल्म का टीजर शेयर करते हुए इसकी थिएट्रिकल रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित ये फिल्म हालात को हूबहू पर्दे पर उतारने वाली और ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
क्राइम फ्री धड़कपुर से चोरी हुई बाइक, प्राइम वीडियो की सीरीज दुपहिया का मजेदार ट्रेलर हुआ रिलीज
web series dupahiya trailer: प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी ओरिजिनल सीरीज 'दुपहिया' का दिलचस्प ट्रेलर जारी कर दिया है। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी द्वारा उनके बैनर बॉम्बे फिल्म कार्टेल के तहत रचित और कार्यकारी निर्मित है। यह सीरीज़ एक काल्पनिक ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
Mirzapur 3 के बाद Prime Video ने किया एक और क्राइम-थ्रिलर सीरीज का एलान, 'मटका किंग' बनकर धूम मचाएगा ये एक्टर
गशमीर महाजनी और Surbhi Jyoti की नई क्राइम-थ्रिलरसीरीज Gunaah का टीजर हुआ लॉन्च, जाने कब और कहां होगी स्ट्रीम
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
सस्पेंस, क्राइम और थ्रिलर का रखते है शौक तो OTT पर फौरन निपटा डाले ये जबरदस्तसाउथ फिल्में,हॉलीवुड भी लगने लगेगा फीका
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
Nikkhil Advani BirthdaySpecial :रोमांस-क्राइम और थ्रिलर के बेताज बादशाह है निखिल अडवानी, पढ़िए उनका पूरा फिल्मी सफरनामा
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में अहम घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी. इस सप्ताह की शुरुआत में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोलीबारी की घटना में इस्तेमाल की गई दूसरी बंदूक बरामद की। सूरत की तापी नदी से तीन मैगजीन के साथ बंदूक बरामद की गई। इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया 16 अप्रैल को कच्छ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। बाद में, शहर की एक अदालत ने गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दोनों आरोपियों को 25 अप्रैल तक मुंबई अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पहचान बिहार के विक्की गुप्ता (24) और सागर पाल (21) के रूप में हुई, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। इसे भी पढ़ें: काला जादू- टोना-टोटका करने का Kangana Ranaut पर आरोप लगाने के बाद अब एक्ट्रेस के बारे Adhyayan Suman क्या सोचते है? मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच अभी भी जारी है मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। अनजान लोगों के लिए, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार की धमकियों के बाद 2022 में सलमान की सुरक्षा का स्तर वाई-प्लस तक बढ़ा दिया गया था। अभिनेता को व्यक्तिगत बन्दूक ले जाने के लिए भी अधिकृत किया गया था और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उन्होंने एक नया बख्तरबंद वाहन भी खरीदा है।
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