जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने 'सतलुज' फिल्म विवाद, जसवंत सिंह खालड़ा, सीबीएफसी की आपत्तियों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर संवैधानिक दृष्टि से अपनी राय रखी है
देश की न्यायिक प्रणाली और पुलिस व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, पूर्वाग्रह-मुक्त और मानवीय बनाने की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने नई हैंडबुक ऑन कॉम्बैटिंग जेंडर स्टीरियोटाइप्स (जेंडर गाइडबुक) के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। यह ड्राफ्ट भोपाल की नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी (एनजेए) में तैयार हुआ है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिए हैं कि सभी अदालतें और पुलिस एफआईआर व चार्जशीट में इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें। जेंडर गाइडबुक : प्रमुख बदलावों में यह भी शामिल नई गाइडलाइन का लक्ष्य न्याय प्रणाली को अभियुक्त केंद्रित से बदलकर पीड़ित केंद्रित बनाना है। इसके लिए कई प्रावधान किए गए हैं। बच्चों के बयान दर्ज करते समय यह सुनिश्चित करना कि वे आरोपी के सामने न आएं और उनके लिए सपोर्ट पर्सन की नियुक्ति की जाए। अच्छी महिला और बुरी महिला के भेदभाव को पूरी तरह खारिज किया गया है। लस्ट या हवस जैसे शब्दों से बचना चाहिए, क्योंकि ये अपराध की गंभीरता को कम कर सकते हैं। न्यायाधीश और पुलिस का कर्त्तव्य है कि पीड़ित को शुरुआत से ही कानूनी सहायता और वकील मिले। सुनवाई के दौरान पीड़ित को दोबारा मानसिक आघात न पहुंचे, इसके लिए संवेदनहील सवालों पर रोक लगाने के निर्देश। no hue and cry (कोई शोर-शराबा नहीं-घटना के बाद के व्यवहार के लिए) ऐसे शब्दों से बचें जो पीड़ित को दोषी ठहराते हों। परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर है- के बजाय पीड़ित को हुए नुकसान पर ध्यान दें। स्क्रीन के पीछे से गवाही- पीड़ित को वीडियो लिंक या स्क्रीन के पीछे से गवाही की सुविधा दी जाए। वर्चस्व के लिए यौन हिंसा... जैसी लाइनें नई गाइडबुक में नहीं पुरानी हैंडबुक (जो अगस्त 2023 में तत्कालीन सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की पहल पर आई थी) को कोर्ट ने अत्यधिक तकनीकी और अकादमिक माना था। नई हैंडबुक को सरल और व्यावहारिक बनाया गया है। साथ ही, पुरानी हैंडबुक की इस विवादित टिप्पणी को भी हटा दिया गया है कि “प्रभावशाली जातियों के पुरुषों ने ऐतिहासिक रूप से जातिगत वर्चस्व बनाए रखने के लिए यौन हिंसा का उपयोग किया है।” जहां नारी की पूजा होती है, वहां देवता रमते हैं... ऐसे सांस्कृतिक मुहावरे हटाकर कानूनी अधिकारों पर ध्यान देने के निर्देश संवेदनशील अदालती प्रक्रिया के नए नियम सहमति व व्यवहार: यौन अपराधों में नाबालिगों की सहमति मान्य नहीं। अदालती तर्क ‘गोल्ड डिगर’ जैसी अटकलों के बजाय सबूतों पर केंद्रित हो, न कि पीड़ित के कपड़ों, व्यवहार या इतिहास पर। पीड़ित द्वारा देर से रिपोर्ट करने जैसी धारणा खारिज। टू-फिंगर टेस्ट पर पूर्ण रोक: दुष्कर्म के मामलों में यह टेस्ट अपमानजनक और अप्रासंगिक करार दिया गया है। गवाह अब ‘अतिथि’ होंगे: कोर्ट में गवाहों को डराने वाले सवालों के बजाय अतिथि जैसा सम्मान मिलेगा। सांस्कृतिक मुहावरे और सामाजिक धारणाएं मसलन जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता रमते हैं, को हटाने और इसकी जगह कानूनी अधिकारों पर ध्यान देने के निर्देश। कमेटी में 5 एक्सपर्ट इनमें दो भोपाल से इस नई गाइडबुक का ड्राफ्ट नेशनल ज्यूडिशियल एकेडमी के निदेशक जस्टिस (सेवानिवृत्त) अनिरुद्ध बोस की अध्यक्षता में गठित 5 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने तैयार किया है। इस समिति में गुजरात हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सोनिया गोकानी, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. सूरत सिंह, शिक्षाविद् प्रो. लूसी ज्वेलो तथा मप्र कैडर की पूर्व आईपीएस अधिकारी अनुराधा शंकर सिंह शामिल थीं।
मध्य प्रदेश के उद्यानिकी विभाग में तबादले के नाम पर 5 लाख रुपए मांगने और विभाग के सचिव पर सोशल मीडिया के जरिए गंभीर आरोप लगाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में भाजपा नेता शाहरुख खान के खिलाफ भोपाल क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर के बाद बुधवार को भोपाल क्राइम ब्रांच की विशेष टीम ग्वालियर पहुंची और भाजपा नेता शाहरुख खान से कई घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद टीम उन्हें नोटिस देकर वापस भोपाल लौट गई। पुलिस जल्द ही दोबारा ग्वालियर आकर आगे की कार्रवाई करेगी। तबादले के नाम पर 5 लाख रुपए की मांग का आरोप पुलिस सूत्रों के अनुसार, शाहरुख खान ने उद्यानिकी विभाग के एक अधिकारी से मनचाहा तबादला कराने के एवज में 5 लाख रुपए की मांग की थी। इसी दौरान अधिकारी ने अपने स्तर पर प्रयास कर स्वयं ही अपना तबादला करवा लिया। बताया जा रहा है कि जब शाहरुख खान को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने विभाग के सचिव को निशाना बनाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर दी। पोस्ट में सचिव पर पैसे लेकर तबादले करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। सचिव की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर सोशल मीडिया पोस्ट की जानकारी मिलने पर विभाग के सचिव ने इसे अपनी छवि धूमिल करने का प्रयास बताते हुए भोपाल क्राइम ब्रांच में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने शाहरुख खान के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद क्राइम ब्रांच के अधिकारी भरत प्रजापति के नेतृत्व में एक विशेष टीम ग्वालियर पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से टीम ने शाहरुख खान से बंद कमरे में कई घंटे तक पूछताछ की और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। सीएसपी किरण अहिरवार ने बताया- भाजपा नेता शाहरुख खान के खिलाफ भोपाल में एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग में तबादले के नाम पर पैसों के लेन-देन के आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की थी। इसी मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच की टीम ने ग्वालियर में उनसे पूछताछ की है। मामले की विस्तृत जांच भोपाल पुलिस कर रही है।
भाजपा विधायक और खनन कारोबारी संजय पाठक के खिलाफ दर्ज आपराधिक अवमानना (क्रिमिनल कंटेम्प्ट) मामले में बुधवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में फिर सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में कोर्ट ने उनकी व्यक्तिगत पेशी से छूट देने की मांग खारिज कर दी थी। अब विधायक को दोपहर 2:30 बजे अदालत में उपस्थित होना होगा। जस्टिस को फोन करने के आरोप से शुरू हुआ विवाद पूरा मामला 1 सितंबर 2025 का है। उस दिन जस्टिस विशाल मिश्रा ने ओपन कोर्ट में बताया था कि एक विधायक ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। उस समय उनके समक्ष विधायक परिवार से जुड़े खनन मामले की सुनवाई चल रही थी। न्यायिक निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जस्टिस मिश्रा ने स्वयं को उस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया था। हाईकोर्ट ने माना न्यायपालिका की गरिमा से जुड़ा मामला इस घटनाक्रम के बाद कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित ने अलग याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के दौरान 2 अप्रैल को हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि यह न्यायपालिका की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला है तथा प्रथम दृष्टया यह आपराधिक अवमानना का मामला बनता है। इसके बाद कोर्ट ने संजय पाठक को नोटिस जारी किया था। पिछली सुनवाई में नहीं मिली राहत पिछली सुनवाई में संजय पाठक की ओर से उनके अधिवक्ता ने व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट देने का अनुरोध किया था। साथ ही भविष्य की सुनवाई में भी व्यक्तिगत उपस्थिति से राहत देने की मांग की गई थी। हालांकि हाईकोर्ट ने यह आग्रह स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उन्हें अगली सुनवाई में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। कोर्ट से बाहर बोले- मामला विचाराधीन है पिछली सुनवाई के बाद जब संजय पाठक अदालत परिसर से बाहर निकले तो मीडिया ने उनसे मामले पर प्रतिक्रिया मांगी। इस पर उन्होंने कहा कि मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और जब तक सुनवाई चल रही है, तब तक इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। आज दोपहर होगी सुनवाई बुधवार को दोपहर 2:30 बजे इस मामले में फिर सुनवाई होगी। हाईकोर्ट में संजय पाठक की व्यक्तिगत उपस्थिति रहेगी। मामले में हस्तक्षेपकर्ता की ओर से अधिवक्ता आर्यन उरमलिया पैरवी कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल विधायक को व्यक्तिगत पेशी से कोई राहत नहीं दी जाएगी।
2018 केरल बाढ़ से जुड़ा कथित 'ऑडियो' क्राइम ब्रांच की जांच के दायरे में
केरल सरकार ने मंगलवार को एक विवादित ऑडियो क्लिप की क्राइम ब्रांच से जांच के आदेश दिए। इस क्लिप में कथित तौर पर पूर्व बिजली मंत्री के. कृष्णनकुट्टी की आवाज है
मधुबनी में मंगलवार शाम 5:00 बजे से मधुबनी समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिला पुलिस की मासिक क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) योगेंद्र कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान जिले में विधि-व्यवस्था, लंबित मामलों के निष्पादन, अपराध नियंत्रण और मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। जून माह में निर्धारित लक्ष्य से अधिक कार्य करते हुए 116 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के लिए 43 पुलिस पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। बैठक में पुलिस की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। इस संबंध में एसएसपी योगेंद्र कुमार ने मंगलवार संध्या 7:00 बजे मधुबनी के समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में बताया कि जून माह के दौरान जिले में कुल 1,123 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 130 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शिवम धाकड़, एएसपी रश्मि, जिले के सभी अनुमंडलों के एसडीपीओ, साइबर डीएसपी अंकुर कुमार, ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार, सभी थाना अध्यक्ष और सर्किल इंस्पेक्टर सहित कई अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। लक्ष्य से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन करने वाले जिले के 43 पुलिस पदाधिकारियों को एसएसपी योगेंद्र कुमार और ग्रामीण एसपी शिवम धाकड़ ने संयुक्त रूप से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। एसएसपी ने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने से उनका मनोबल बढ़ता है और पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार आता है। जून माह में जिले भर से कुल 1,250 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें हत्या के 26 और आर्म्स एक्ट के तहत 22 अपराधी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, नारकोटिक्स के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान के दौरान लगभग 3.30 करोड़ रुपये मूल्य के गांजा एवं ब्राउन शुगर जब्त किए गए, और 23 तस्करों व अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि मधुबनी पुलिस अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी, मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक तथा आमजन की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर नशे के नेटवर्क और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 9 जुलाई को गोविंद नगर खारचा निवासी संजू पिता बिंदादीन पटेल को 3.526 किलोग्राम गांजा और एक पिट्ठू बैग के साथ गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच के दौरान रतलाम जिले के बोरखेड़ा निवासी अनुज पिता जितेंद्र उर्फ छोटू जैन की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अनुज के कब्जे से 3.500 किलोग्राम गांजा बरामद किया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह शहर में नशे के आदी लोगों को गांजा बेचने के लिए लेकर आता था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह गांजा किससे खरीदता था और किन लोगों तक इसकी सप्लाई करता था। एमडी ड्रग्स मामले में भी आरोपी दबोचा दूसरी कार्रवाई में क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के एक अन्य मामले में फरार चल रहे आरोपी साजिद पिता मजहर अली को गिरफ्तार किया है। डीसीपी त्रिपाठी के अनुसार इससे पहले पुलिस ने मोहम्मद हसन और साहिल खान को 22.34 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान साजिद का नाम सामने आने के बाद उसकी तलाश की जा रही थी। मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने साजिद को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली गई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
बेगूसराय के वीरपुर थाना क्षेत्र के मुजफ्फरा कस्तुरबा विद्यालय की वार्डन रिंकू कुमारी की 2021 में हुई संदिग्ध मौत हुई थी। मामला हत्या का है या आत्महत्या इसकी जांच मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव के नेतृत्व में एसआईटी कर रही है। एसआईटी स्कूल के गार्ड बबलू से पूछताछ की। यही वो ही शख्स है जिसने सबसे पहले लाश देखी थी। इसपर हत्या का भी आरोप है। बबलू ने एसआईटी को बताया कि मैडम ने मुझे स्कूल आने के लिए कहा था, मैं देरी से पहुंचा। देखा कि मैडम की लाष पड़ी है। पूछताछ के बाद एसआईटी ने जांच के पहले दिन ही पूरी सीन को री-क्रिएट किया। टीम ने स्कूल के गेट के पास से जांच शुरू की। मेन गेट के बाद कैंपस से मध्य विद्यालय जाने वाले रास्ते को देखा। इसके बाद स्कूल के भवन की चारों ओर से जांच हुई, फिर एसआईटी भवन की छत पर पुहंची। पूरी जांच के दौरान आईजी विकास वैभव भी मौजूद रहे। एसआईटी को पूछताछ में गार्ड ने क्या बताया, मृतका की बेटी ने क्या आरोप लगाए, पुलिस किस एंगल पर कर रही जांच, पढ़ें रिपोर्ट… 5 तस्वीरों में देखे सीन कैसे री-क्रिएट हुआ मैडम ने मुझे स्कूल आने के लिए कहा था- गार्ड एसआईटी को स्कूल के गार्ड बबलू ने बताया कि 4 अप्रैल 2021 को लॉकडाउन था। यहां रहने वाले सभी बच्चे घर भेज दिए गए थे। शिक्षक और स्टाफ को स्कूल आना था। 4 अप्रैल को रविवार था, जिसके कारण मैं 3 अप्रैल को हम घर चला गया था। सुबह में लेट तक सोया था। इसी दौरान वार्डन रिंकू मैडम ने स्कूल आने के लिए फोन किया। मैंने बोला कि थोड़ी देर में आते हैं, फिर मैं सो गया। नींद खुलने के बाद करीब 12:00 बजे स्कूल पहुंचा, तो मेन गेट का ताला खुला हुआ था, लेकिन गेट अंदर से बंद था। हाथ अंदर करके गेट खोला और स्कूल भवन के अंदर जाने वाले ग्रिल के पास पहुंचा तो वह भी अंदर से बंद था। मैंने वो गेट भी खोला और अंदर गया तो ऑफिस खुला हुआ था। कोई नहीं था, मुझे लगा कि हो सकता है रिंकू मैडम कुछ काम से आईं होंगी और ऐसे ही खुला छोड़ कर चली गई होंगी। सीसीटीवी बंद था तो मैंने सीसीटीवी को चालू कर दिया। डेढ़ घंटे तक सीसीटीवी क्यों नहीं चालू किया मां को न्याय दिलाने के लिए जिला से लेकर हाईकोर्ट तक पिछले 5 साल से संघर्ष कर रही मृतका रिंकू कुमारी की हेटी तेजस्विनी ने बताया कि पैसा के विवाद में कौशल और रोहित ने मेरी मां को मारा और इस मामले में स्कूल का गार्ड बबलू भी शामिल है। जिस दिन पैसा वापस करने का डेट था, आखिर उसी दिन घटना क्यों हुई। गार्ड बबलू का कहना है कि वह 12:00 बजे स्कूल आया और 1:30 बजे सीसीटीवी कैमरा चालू हुआ तो फिर यह डेढ़ घंटे का अंतराल क्यों हुआ। यह सही बात तो वही बताएगा। पुलिस ने भले ही सुसाइड का क्लोजर रिपोर्ट दे दिया, लेकिन वह सुसाइड नहीं बल्कि, मर्डर है। मृतका की बेटी से एसआईटी ने डॉक्यूमेंट लिए स्कूल में जांच से पहले डीआईजी कार्यालय स्थित कैंप ऑफिस में एसआईटी की बैठक हुई थी। जिसमें अनुसंधान की प्रगति, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों, उपलब्ध दस्तावेजों और अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। डीआईजी कार्यालय में करीब 4 घंटे तक अधिकारियों ने सभी बिंदुओं पर मंथन किया। मृतका की बेटी तेजस्विनी कुमारी से सभी कागजात और घटना की जानकारी लेने के बाद आईजी विकास वैभव के नेतृत्व वाली SIT जब वीरपुर प्रखंड क्षेत्र के मुजफ्फरा में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पहुंची तो वहां पूरी टीम ने अनुसंधान शुरू किया। हाईकोर्ट ने मामले की जांच नए सिरे से करने के आदेश दिए हैं जांच के बाद आईजी विकास वैभव में बताया कि वीरपुर थाना क्षेत्र में 4 अप्रैल 2021 को कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय की वार्डन रिंकू कुमारी मृत पाई गई थी। उस समय पुलिस ने मामले को फाइनल कर सबमिट कर दिया था। इसके बाद उच्च न्यायालय ने इसे संदिग्ध मानते हुए पूरे मामले का नए सिरे से जांच करने का आदेश दिया है। उच्च न्यायालय के आदेश पर आज से SIT ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विभिन्न पहलुओं पर जांच होगी, सभी डॉक्यूमेंट का सत्यापन कर रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि जो भी जानकारी हो, उसकी सूचना दें। मामले के तह तक जाकर सच्चाई निकाला जाएगा। आईजी ने कहा कि अभी तक के अध्ययन के मुताबिक केस को सुसाइड मानकर क्लोज कर दिया गया था, लेकिन पूरे प्रकरण में उच्च न्यायालय ने कई बिंदुओं को संदिग्ध माना है, डाउट किए हैं। हम लोगों ने भी देखा है कि कई विषय हैं, जिस पर जांच होनी चाहिए। सभी विषय का अध्ययन कर रहे हैं। इस प्रकार के आदेश सामान्यतः नहीं दिया जाता है। बिहार के अलग-अलग हिस्सों से अधिकारियों को हमने अपनी टीम में शामिल किया है। पैसो के लेन-देन में मां की की हत्या हुई मौके पर मौजूद मृतका की बेटी और हाईकोर्ट की याचिकाकर्ता तेजस्विनी ने बताया कि कौशल, रोहित और बबलू ने मिलकर हमारी मां की हत्या की थी। 4 अप्रैल 21 को मेरी मां कस्तूरबा विद्यालय आई थी। स्कूल आते ही स्कूल का सीसीटीवी बंद हो गया था, फिर 1:30 बजे सीसीटीवी कैमरा चालू हुआ है। पुलिस ने क्लोज रिपोर्ट दिया था कि आत्महत्या है। लेकिन हम लोगों को पूरा विश्वास है कि यह सुसाइड नहीं हत्या है। जमीन के लिए दिए गए 15 लाख के लेन-देन में मेरी मां की हत्या की गई। न जमीन मिली और न ही पैसे मिले तो कौशल और रोहित ने कहा था कि 4 अप्रैल को पैसा लौटा देंगे। उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच कर न्याय मिला मिलेगा। हाई कोर्ट के आदेश और विकास वैभव पर भरोसा है। आज हम लोगों को बुलाया गया था, हमने पूरी बात बताई है। आवश्यक साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं। हाई कोर्ट के आदेश पर गठित हुई SIT रिंकू की मौत का रहस्य 5 साल बाद भी नहीं सुलझा है। हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल 2026 की सुनवाई के दौरान स्थानीय पुलिस की जांच पर सवाल उठाए और केस की जांच नए सिरे से करने के आदेश दिए। अब जांच शुरुआत से होगी। इसके लिए आईजी विकास वैभव को जिम्मा सौंपा गया है। हाईकोर्ट ने माना कि बेगूसराय पुलिस के निचले स्तर के अधिकारी इस मामले में न्याय नहीं कर सकते। विकास वैभव को कोर्ट ने खुली छूट दी है कि वे अपनी टीम खुद चुनें और बेगूसराय पुलिस को सख्त निर्देश दिया है कि वे विकास वैभव की टीम को हर संभव सहयोग दें। SIT टीम में शामिल अधिकारी SIT में बेगूसराय क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) शैलेश कुमार सिन्हा, विशेष निगरानी इकाई पटना के डीएसपी अशोक झा, बगहा के एसडीपीओ निहार भूषण, मुजफ्फरपुर पूर्वी के एसडीपीओ अलय वत्स, पटना जिलाबल के पुलिस निरीक्षक कुमार अभिनव और बेगूसराय जिलाबल के अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल हैं अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी कहानी सुबह गई स्कूल, दोपहर में मिली मौत की सूचना 4 अप्रैल 2021 की सुबह रिंकू कुमारी अपने घर असुरारी से स्कूल के लिए निकली थी। दोपहर करीब 2 बजे उनकी बेटी तेजस्विनी को उनकी मौत की सूचना मिली। जब परिजन स्कूल पहुंचे, तो रिंकू कुमारी का शव फर्श पर पड़ा था। पुलिस और स्थानीय लोगों ने उन्हें मोबाइल में वे तस्वीरें दिखाई, जिनमें शव पंखे से लटका हुआ था। लेकिन शरीर धूल और मिट्टी से सना था तथा पैर जमीन को छू रहे थे। परिजनों ने इसे हत्या बताया, जबकि पुलिस आत्महत्या का रूप देने में जुटी रही। बेटी का आरोप- दबाव में बदली गई FIR याचिकाकर्ता तेजस्विनी कुमारी ने कोर्ट को बताया कि वह प्राथमिकी दर्ज कराने वीरपुर थाना पहुंची तो तत्कालीन थाना प्रभारी ने उनके बताए संदिग्धों कौशल कुमार और रोहित कुमार के खिलाफ नामजद FIR दर्ज करने से मना कर दिया। पुलिस ने अपनी मर्जी से आवेदन लिखवाया और उस पर तेजस्विनी के हस्ताक्षर लिए। तेजस्विनी का कहना है कि आरोपी उनके पड़ोसी हैं और उन्होंने उसकी मां से जमीन के नाम पर 15 लाख रुपए लिए थे। मौत से पहले लिखा था दो पेज का लेटर रिंकू ने मौत से पहले 2 पेज का एक लेटर लिखा था। कौशल के नाम से लिखे गए इस लेटर में उसने कहा था कि किस तरीके से 15 लाख रुपए का जुगाड़ करके दिया था। किस-किस से कैसे पैसे लिए थे और अब पैसा लौटाना कितनी मजबूरी है। कौशल ने 4 अप्रैल 2021 को ही पैसे लौटाने का वादा किया गया था, लेकिन उसी दिन रिंकू की संदिग्ध मौत हो गई। कोर्ट ने पाया कि स्थानीय पुलिस की जांच में कई बड़े झोल थे, जिन्हें नजरअंदाज किया गया। साढ़े पांच घंटा बंद क्यों रहा CCTV जस्टिस संदीप कुमार ने अपने आदेश में पुलिस की जांच को पूरी तरह से एकतरफा और संदिग्ध बताया। घटना के दिन स्कूल के सीसीटीवी कैमरे सुबह 7:57 बजे बंद हो गए और ठीक दोपहर 1:45 बजे (जब शव बरामद हुआ) फिर से चालू हो गए। पुलिस ने कभी यह नहीं पूछा कि साढ़े पांच घंटे कैमरे बंद क्यों थे, क्या कोई साक्ष्य मिटाया जा रहा था। सिटिंग पोजीशन में आत्महत्या का दावा रिंकू कुमारी का शव पार्शियल हैंगिंग (अर्ध-लटकती हुई स्थिति) में था, जहां उनके मुड़े पैर जमीन को छू रहे थे। मेडिकल विशेषज्ञों और हाईकोर्ट ने माना कि ऐसी स्थिति में हत्या की संभावना ज्यादा होती है, लेकिन पुलिस ने इसे आत्महत्या मानकर केस बंद करने की जल्दबाजी दिखाई। तत्कालीन थाना प्रभारी ने उसके बताए गए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के बजाए, अपनी मर्जी से आवेदन लिखवाया और उस पर जबरन हस्ताक्षर कराए। मोबाइल लोकेशन और सीडीआर की अनदेखी पुलिस ने संदिग्धों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और टावर लोकेशन की जांच में घोर लापरवाही बरती। जिन लोगों पर हत्या का शक था, उनके लोकेशन की गहन जांच नहीं की गई। स्कूल का चपरासी अजीत कुमार घटना के समय मौजूद था। लेकिन उसके बयानों में भारी विरोधाभास था। हाईकोर्ट ने पाया कि पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ करने के बजाय उसे बचाने की कोशिश किया है। क्यों खास है यह फैसला पटना हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष जांच हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि जब स्थानीय पुलिस की जांच किसी विशेष दिशा में मोड़ दी गई हो या प्रभाव में हो, तो संवैधानिक अदालतों का यह कर्तव्य है कि वे दोबारा जांच के आदेश दें। कोर्ट ने तेज तर्रार आईपीएस आईजी विकास वैभव को अपनी टीम खुद चुनने की आजादी दी है और बेगूसराय पुलिस को उन्हें पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है। जमीन विवाद और 15 लाख रुपए का एंगल याचिकाकर्ता तेजस्विनी के अनुसार यह कोई साधारण आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। आरोपियों ने रिंकू कुमारी से जमीन दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपए लिए थे। 4 अप्रैल 2021 को ही इन पैसों को वापस करने के लिए पंचायत बुलाई गई थी। आरोप है कि पैसे नहीं लौटाने पड़े, इसलिए वार्डन की हत्या कर दी गई और उसे सुसाइड का रूप देने के लिए स्कूल प्रशासन के साथ मिलकर साजिश रची गई। विकास वैभव को क्यों सौंपी गई जांच पटना हाईकोर्ट ने माना कि बेगूसराय पुलिस के निचले स्तर के अधिकारी इस मामले में न्याय नहीं कर सकते। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि निष्पक्ष जांच नागरिक का मौलिक अधिकार है। आईजी विकास वैभव को यह जिम्मेदारी देने के पीछे का उद्देश्य जांच की पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। कोर्ट ने उन्हें खुली छूट दी है कि वे अपनी टीम खुद चुनें और बेगूसराय पुलिस को सख्त निर्देश दिया है कि वे विकास वैभव की टीम को हर संभव सहयोग प्रदान करें। क्या होती है डी नोवो (De Novo) जांच कानूनी भाषा में डी नोवो जांच का मतलब है शून्य से शुरुआत। अब विकास वैभव और उनकी टीम पुरानी चार्जशीट या पुलिस की पुरानी थ्योरी को आधार नहीं बनाएगी। वे नए सिरे से चश्मदीदों के बयान लेंगे, फॉरेंसिक साक्ष्यों की दोबारा जांच करेंगे और उन कड़ियों को जोड़ेंगे, जिन्हें वीरपुर थाना की पुलिस ने जानबूझकर छोड़ दिया था। यह जांच अब शुरू से होगी, जिसमें पुराने सबूतों और बयानों पर निर्भर रहने के बजाय नए सिरे से सत्य की खोज की जाएगी। आदेश है पुलिस अधिकारियों के लिए चेतावनी इस आदेश के बाद मृतका की बेटी तेजस्विनी को न्याय की एक नई उम्मीद जागी है। पांच साल इंतजार और सिस्टम से लड़ने के बाद अब उम्मीद है कि इस रहस्यमयी मौत का सच सामने आएगा। यह मामला केवल एक हत्या या आत्महत्या का नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर सवाल है। कैसे एक संवेदनशील मामले में साक्ष्यों को नजर अंदाज किया गया। कोर्ट का यह आदेश उन पुलिस अधिकारियों के लिए एक चेतावनी है जो जांच में कोताही बरतते हैं। ‘घर से निकलते समय मां ने कहा था खाना खा लेना’ तेजस्विनी ने बताया कि सुबह 6 बजे मां जब घर से निकल रही थी तो उस समय हम तीनों बहन सोई हुई थी। मां जगा कर बोली कि खाना खा लेना, हम शाम तक आ जाएंगे। दोपहर में खाना खाने से पहले फोन आया कि मां ने आत्महत्या कर लिया। हम लोग वहां पहुंचे तो मां की लाश फर्श पर पड़ी हुई थी। स्थानीय लोगों ने फोटो दिखाया की मां फंदे से लटकी हुई है और पैर मोड़कर घुटने के बल बैठी हुई थी। FIR दर्ज कराने गए तो थानाध्यक्ष समरेंद्र कुमार ने कहा कि हम जैसा कहते हैं वैसा लिखो। हम नाम दे रहे थे, लेकिन उसने नाम नहीं दिया, सही तरीके से इन्वेस्टिगेशन नहीं किया। कोर्ट में नालिसी दायर किया तो ट्रायल शुरू हुआ, 9 अप्रैल 2025 को केस डिस्टिक कोर्ट ने क्लोज कर दिया। पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट में आत्महत्या साबित किया था। इस बीच में हम लोग मानवाधिकार चले गए थे। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में केस क्लोज होने पर पटना हाई कोर्ट के वकील आकांक्षा मालवीय ने काफी सपोर्ट किया और मेरी तरफ से कोर्ट में सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए। हाईकोर्ट के आदेश से जगी न्याय की उम्मीद तेजस्विनी का कहना है कि अब कोर्ट के आदेश पर फिर से जांच शुरू हो रही है। न्याय मिल जाता तो पटना नहीं जाते, लेकिन अब न्याय की उम्मीद जगी है। लगता है कि मेरी मां की मौत का राज खुल जाएगा। पुलिस अगर उसी समय सही से जांच करती तो न्याय मिल जाता। हम लगातार गुहार लगाते रहे थे कि अच्छे से जांच किया जाए, लेकिन कोई देखने के लिए तैयार नहीं हुआ। एसपी, डीएम, डीआईजी, डीजीपी सबको आवेदन भेजें। यह करते-करते थक गए।
केरल लोक सेवा आयोग क्राइम ब्रांच की एसआईटी की जांच में सहयोग करेगा
केरल लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) के साथ सहयोग करेगा
क्राइम मीटिंग एसपी व्यस्त, दूसरे दिन भी चेन छिनतई
जिले में पुलिस की चौकसी और गश्त के दावों की हवा एक बार फिर निकल गई है। बोकारो में चेन स्नैचिंग की घटनाएं अब आम बात हो चुकी हैं। बेखौफ अपराधियों ने पिछले 24 घंटे के अंदर दूसरी बड़ी वारदात को अंजाम देकर सीधे पुलिस को चुनौती दी। सोमवार को सेक्टर-4 थाना क्षेत्र के सबसे व्यस्त इलाका लक्ष्मी मार्केट में दिनदहाड़े गोमिया की महिला के गले से सोने की चेन उड़ा ली गई। वारदात उस वक्त हुई, जब जिले के एसपी खुद सभी थाना प्रभारियों, डीएसपी के साथ मासिक अपराध समीक्षा बैठक कर रहे थे। बता दें कि स्वांग गोमिया निवासी पीड़ित संजय सिन्हा अपनी प|ी कनकलता सिन्हा के साथ सेक्टर-4 स्थित लक्ष्मी मार्केट स्थित मयूर मेडिकल में अपने बेटे के इलाज के लिए आए थे। सुबह करीब 11:15 बजे वह मेडिकल दुकान के सामने खड़े थे, तभी एक बाइक पर सवार दो अपराधी पहुंचे। पीछे बैठे युवक ने कनकलता के गले पर झपट्टा मारा और चेन छिनकर भाग गया। हालांकि पीड़ित संजय सिन्हा ने शोर मचाते हुए कुछ दूर तक बाइक सवार बदमाशों का पीछा किया, लेकिन वह पकड़ने में नाकाम रहे। बताया कि अपराधियों में से एक ने सफेद टोपी और आसमानी रंग की शर्ट पहन रखा था। वारदात के बाद दोनों आरोपी बीजीएच की ओर भाग गए। पीड़ित की शिकायत पर सेक्टर-4 थाना में मामला दर्ज किया गया है। लेकिन देखना यह है कि पुलिस हमेशा की तरह सिर्फ लकीर पीटती रह जाती है या इन बेखौफ बाइकर्स को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा पाती है। सेक्टर-4 थाना में शिकायत लेकर पहुंचे पीड़ित पक्ष।
गुरुग्राम में कांग्रेस और भाजपा के बीच 'सुंदरकांड पाठ' को लेकर छिड़ा सियासी विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। सेक्टर-40 थाना पुलिस ने कांग्रेस के जिलाध्यक्षों को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस सोमवार देर रात भेजा गया, जिससे शहर की राजनीतिक सरगर्मी अचानक तेज हो गई है। दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को भाजपा के जिला कार्यालय 'गुरुकमल' के बाहर सुंदरकांड का पाठ करने का ऐलान किया था, जिसके बाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के तहत यह कदम उठाया। पुलिस की इस कार्रवाई पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन राव ने नोटिस मिलने के बाद एक वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी और कहा कि उनका कार्यक्रम फाइनल है और अब वे पीछे नहीं हटेंगे। धार्मिक पाठ करना कोई क्राइम नहीं कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन राव और शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर का साफ कहना है कि यह नोटिस उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और पूजा करने से रोकने की एक सोची-समझी साजिश है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि राम नाम लेना या धार्मिक पाठ करना कोई अपराध (क्राइम) नहीं है। देर रात नोटिस भेजकर उन्हें डराने और रोकने का प्रयास वे किसी तरह की हिंसा या हंगामा करने नहीं जा रहे थे, बल्कि केवल सुंदरकांड का पाठ करना चाहते थे। ऐसे में देर रात नोटिस भेजकर उन्हें डराने और रोकने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने जैसा है। पुलिस प्रशासन अलर्ट वहीं, दूसरी तरफ भाजपा कार्यालय के बाहर इस तरह के आयोजन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। पुलिस का मानना है कि किसी भी राजनीतिक दल के दफ्तर के ठीक बाहर दूसरे दल के इस तरह के धार्मिक या राजनीतिक आयोजन से टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। सुरक्षा के मद्देनजर 'गुरुकमल' कार्यालय के आसपास पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। फिलहाल, इस नोटिस के बाद दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है, और मंगलवार को होने वाले इस घटनाक्रम पर पूरे शहर की नजरें टिकी हुई हैं। ये है मामला वर्धन राव ने बताया कि भगवान श्रीराम की आस्था के केंद्र अयोध्या के 'श्रीराम मंदिर' में हुए चंदा चोरी के आरोपियों को कठोर से कठोर सजा दिलाने और उनका संरक्षण करने वाले भाजपा नेताओं की सद्बुद्धि के लिए इस यज्ञ स्वरूप सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें शहरी और ग्रामीण दोनों जिलों के कार्यकर्ता शामिल होंगे। सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग उनका कहना है कि इस कार्यक्रम से भाजपा नेता डर गए हैं और उन पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके रोकने का प्रयास कर रहे हैं। हमने पुलिस और प्रशासन के पास 10 जुलाई को परमिशन संबंधी लेटर सौंपा था, लेकिन अभी तक अगर परमिशन नहीं दी गई तो यह सीधे तौर पर हमें रोकने की साजिश है। अगर परमिशन नहीं मिलती है तो हम या तो गिरफ्तारी देंगे या फिर उचित जगह पर हमें सुंदरकांड का पाठ करने दिया जाए।
जोधपुर कमिश्नरेट के पूर्व व पश्चिम जिले में पिछले 24 घंटों में ठगी, रेप, जालसाजी की वारदात सामने आई हैं। एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात कर्मचारी की मौत हो गई। आपसी विवाद में पड़ोसियों ने घर में घुसकर हमला कर तोड़फोड़ की। मार्बल-ग्रेनाइट के नाम पर धोखाधड़ी की गई। वहीं युवती को ब्लैकमेल कर उससे रेप का मामला सामने आया है। 1. एयरफोर्स स्टेशन पर कर्मचारी की मौत एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के अंतर्गत एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात कार्मिक की ड्यूटी के दौरान अचानक से तबियत बिगड़ गई। एंबुलेंस से मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 36 साल के आलोक कुमार सिंह मूल रूप से भदसान, जिला औरैया उत्तर प्रदेश के थे। उन्हें ड्यूटी के दौरान अचानक चक्कर आए थे। उनके पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की। 2. युवती ने ब्लैकमेल का लगाया आरोप क युवती को ब्लैकमेल कर उससे रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसके अश्लील फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रुपए मांगे। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज करवाया है। 3. आपसी रंजिश में पड़ोसियों पर हमला नागौरी गेट थाना इलाके में पड़ोसियों की गाड़ियों में तोड़फोड़ और हमले के दो मामले सामने आए है। जालौरियों का बास और शिप हाउस सरगरा कॉलोनी में आपसी रंजिश के चलते पड़ोसियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया। बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी कार के कांच फोड़ दिए और बीच-बचाव करने आए परिवार पर हमला कर दिया। वहीं मेहता जी का नोहरा (जालौरियों का बास) निवासी बुजुर्ग हेमराज खत्री (67) ने नागौरी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि आपसी विवाद को लेकर पड़ोस में ही रहने वाले संजय टांक, और बेटे गौरव टांक ने एक राय होकर उनके घर पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने घर के बाहर खड़ी उनकी कार के कांच पत्थरों से तोड़ दिए और विरोध करने पर उनके बेटे के साथ बेरहमी से मारपीट की। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच एएसआई मदनसिंह को सौंपी है। 4. 73 साल की बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर तोड़फोड़ नागौरी गेट इलाके की ही दूसरी घटना शिप हाउस सरगरा कॉलोनी की है। यहां रहने वाली 73 साल की बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया कि पड़ोस में रहने वाले श्रवण कुमार और अन्य ने एक राय होकर उनके घर में घुसकर जमकर उत्पात मचाया। आरोपियों ने घर का सामान तोड़ दिया और जान से मारने की नीयत से बुजुर्ग महिला और उसके बेटे पर हमला कर दिया। 5. मार्बल-ग्रेनाइट के नाम पर धोखाधड़ी माता का थान इलाके में गुलाब नगर निवासी कैलाशदान चारण से मकान निर्माण के लिए मार्बल व ग्रेनाइट लाने के नाम पर लाखों रुपए हड़प लिए गए। आरोपी ईसा कालबेलिया ने रुपए लेने के बाद न तो माल दिया और न ही पैसे लौटाए। पीड़ित ने 7 लाख रुपए की ठगी को लेकर मामला दर्ज करवाया है। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है। 6. करवड़ में चेन स्नैचिंग की वारदात कमिश्नरेट के करवड़ थाना क्षेत्र में चैन स्नेचिंग का मामला सामने आया है। नेतड़ा निवासी भानाराम जाट (35) ने रिपोर्ट दी कि आरोपी सुनील मदेरणा ने उसके साथ बीच रास्ते में मारपीट की और गले में पहनी 2 तोले की सोने की चेन झपट कर भाग गया। 7. अवैध शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार बोरानाडा पुलिस ने आशियाना द्वारका के पीछे धीनाला नाडा से सांगरिया निवासी दिनेश गुर्जर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से बिना लाइसेंस के बेची जा रही अवैध देसी शराब के 42 पव्वे बरामद किए गए हैं।
झुंझुनूं जिले में पुलिस प्रशासन और बिजली विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने जिले के 18 में से 8 पुलिस थानों के प्रभारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। वहीं अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (अजमेर डिस्कॉम) ने भी अभियंताओं की नई सूची जारी करते हुए कई अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियां बदल दी हैं। 8 पुलिस थानों में बदले थानाधिकारी वीके खीचड़ बने झुंझुनूं के नए एसई सहायक अभियंताओं के भी हुए तबादले कई जेईएन की भी बदली जिम्मेदारी अन्य कर्मचारियों की भी बदली पोस्टिंग पुलिस और बिजली विभाग में हुए इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद आने वाले दिनों में नए अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने पदों पर कार्यभार संभालेंगे।
अलवर शहर में बुजुर्ग व्यापारी की हत्या के दोनों आरोपियों की पुलिस ने परेड निकाली। दोनों हत्यारे फटे कपड़ों में लंगड़ाते हुए चल रहे थे और सिर मुंडा हुआ था। पुलिस रविवार सुबह दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर गई और वारदात का सीन रीक्रिएट कराया। आरोपियों को देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। इस दौरान लोगों ने अलवर पुलिस जिंदाबाद के नारे लगाए और आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। दरअसल, बुजुर्ग दिनेश अग्रवाल (80) अलवर नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन अजय अग्रवाल के मामा और पूर्व CMHO डॉ. सुबोध अग्रवाल के चचेरे भाई थे। अजय अग्रवाल साल 2023 में कांग्रेस के टिकट पर अलवर शहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। अब वे कांग्रेस में नहीं हैं। देखिए पुलिस की कार्रवाई के PHOTOS… पुलिस ने घटनास्थल पर सीन रीक्रिएट किया कोतवाली थाना प्रभारी रमेश सैनी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर यह जाना गया कि वे किस रास्ते से घर में घुसे, हत्या और लूट की वारदात कैसे की और बाद में किस रास्ते से फरार हुए। पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है। एक अन्य आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने 9 जुलाई की रात वारदात को अंजाम दिया था। प्रारंभिक जांच में हत्या के बाद घर से हजारों रुपए की लूट की बात भी सामने आई है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश और लूटे गए सामान की बरामदगी में जुटी हुई है। बेटे के घर नहीं पहुंचे तो किया फोन बहू रीमा अग्रवाल ने बताया- मेरे ससुर दिनेश चंद अग्रवाल खदाना मोहल्ले वाले मकान में अकेले रहते थे। वे स्वाभिमानी थे और बुढ़ापे में भी अपना सारा काम खुद ही करते थे। वे रोजाना रात का खाना खाने के लिए खदाना मोहल्ले से एक किलोमीटर दूर स्कीम नंबर 4 में हमारे घर आते थे। जब गुरुवार (9 जुलाई) शाम वे खाना खाने नहीं पहुंचे तो करीब 7:30 बजे मेरे पति विकास ने उन्हें फोन किया। उनका लैंडलाइन नंबर बंद आया। इसके बाद मेरे पति वहां पहुंचे तो मेरे ससुर कमरे में चारपाई पर मृत पड़े मिले। बदमाशों ने उनके हाथ, पैर और मुंह को कपड़ों से कसकर बांध रखा था, ताकि वे चिल्ला नहीं सकें। घर की अलमारियां टूटी हुई थीं और सारा सामान बिखरा पड़ा था। --- ये खबर भी पढ़ें… जीएसटी अफसर के घर को लूटने वाले लंगड़ाते हुए चले:पुलिस ने परेड निकाली, सीन रीक्रिएट कराया; शक नहीं हो इसलिए 5-6 बार कपड़े बदले अलवर की शालीमार सोसायटी में जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के घर हुई लूट के मामले में पुलिस ने चार बदमाशों को शनिवार शाम गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों को मौका तस्दीक कराने के लिए घटना स्थल यानी जीएसटी अधिकारी के घर पर लेकर पहुंची। चारों आरोपी लंगड़ाते हुए चले। (पढ़िए पूरी खबर)
भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत कल (12 जुलाई को) नूंह जिले के तावडू और पुन्हाना में बनने वाले नए न्यायिक परिसरों का शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिले की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक और सशक्त बनाना है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर न्यायिक सुविधाएं मिल सकें। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने बताया कि तावडू न्यायिक परिसर के निर्माण के लिए हरियाणा सरकार ने 43.34 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। यह परिसर लगभग 9.825 एकड़ भूमि पर बनेगा और इसमें पांच न्यायालय शामिल होंगे, जिनमें एक फैमिली कोर्ट भी होगा। भवन का निर्माण बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और दो मंजिला स्वरूप में किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, तावडू में न्यायिक अधिकारियों के लिए चार डुप्लेक्स आवासीय भवन भी बनाए जाएंगे। इन आवासीय भवनों के निर्माण पर 7.63 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। पुन्हाना में 42.27 करोड़ की लागत से बनेगा न्यायिक परिसर इसी प्रकार, पुन्हाना में करीब 6.29 एकड़ भूमि पर बनने वाले न्यायिक परिसर के लिए 42.27 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। इस परिसर में भी पांच न्यायालय, जिनमें एक फैमिली कोर्ट शामिल होगा, स्थापित किए जाएंगे। पुन्हाना में भी न्यायिक अधिकारियों के लिए चार डुप्लेक्स आवासीय भवन तैयार किए जाएंगे, जिन पर 6.94 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। डॉ. गर्ग ने बताया कि दोनों परियोजनाओं का निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इन आधुनिक सुविधाओं से लैस परिसरों के बनने से वादकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा, जिससे नूंह जिले की न्यायिक अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी और लोगों को त्वरित, प्रभावी एवं सुगम न्याय उपलब्ध हो सकेगा।
इंदौर में सामने आए हाई-प्रोफाइल ड्रग्स तस्करी मामले की जांच अब और तेज होती जा रही है। दो दिन पहले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी से हुई लंबी पूछताछ हुई थी। अब इस मामले में इंदौर क्राइम ब्रांच भी सक्रिय हो गई है। पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त जांच में ड्रग्स नेटवर्क के तार गुजरात से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में ड्रग्स की सप्लाई चेन और वित्तीय लेन-देन का संबंध गुजरात से जुड़ा पाया गया है। इसके आधार पर क्राइम ब्रांच ने इंदौर और गुजरात के कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें पूछताछ के लिए तलब करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी से दोबारा पूछताछ की तैयारी कर रही हैं। इस बार उनके संपर्क में रही एक महिला को भी नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि दोनों के बयानों से ड्रग्स नेटवर्क के संचालन और उससे जुड़े लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। तस्करों के खुलासे के बाद बढ़ी जांचराजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में 10.1 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़े गए आरोपी इरफान उर्फ गोलू चंदेरी और रॉनी भाई ने पूछताछ के दौरान नाना पटवारी का नाम लिया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर आरोपियों के आमने-सामने बैठाकर कई घंटे तक पूछताछ की थी। प्रारंभिक बयान और तथ्यों के सत्यापन के बाद उन्हें घर जाने की अनुमति दी गई, लेकिन जांच लगातार जारी है। सप्लाई चेन और फंडिंग पर फोकस क्राइम ब्रांच अब इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की पड़ताल कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि मादक पदार्थों की खेप कहां से आ रही थी, इसके पीछे कौन लोग हैं और इसका वित्तीय नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा था। अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी से जुड़े पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह खबर भी पढ़ें… जीतू पटवारी का भाई बोला-3 साल पहले ड्रग्स लेता था कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पुलिस हिरासत में लेने का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। पार्टी इसे सियासी एंगल देने के मूड में है। शुक्रवार को जीतू और नाना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
पश्चिम बंगाल में यूसीसी मसौदे की समीक्षा को नौ सदस्यीय समिति गठित, जस्टिस रंजना देसाई करेंगी नेतृत्व
पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रस्तावित यूसीसी-2026 के मसौदे की समीक्षा के लिए जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति गठित की है।
इंदौर के राजबाड़ा इलाके के कुछ रेडिमेड व्यापारियों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में क्राइम ब्रांच ने हैदराबाद से मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया। ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को इंदौर लाए। अब उससे पूछताछ कर रहे हैं। इंदौर क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा 26 मार्च 2025 को राजबाड़ा के रेडिमेड कपड़ा व्यापारी मुकेश जैन सहित 16 व्यापारियों ने पुलिस कमिश्नर ऑफिस में उनके साथ हुई ठगी की शिकायत की। शिकायत में बताया दलाल अशोक गोपलानी व उसके साथी कार्तिक ने खुद को बाहर की प्रतिष्ठित व्यापारिक फर्मों से जुड़े होने का विश्वास दिलाया और इंदौर के व्यापारियों को मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु, तेलंगाना और राजस्थान की विभिन्न फर्मों से व्यापार कराया और 30 से 45 दिनों में सभी पेमेंट का आश्वासन दिया। विश्वास में आकर दिया 1.70 करोड़ का माल दलालों के विश्वास में आकर व्यापारियों ने विभिन्न फर्मों को लगभग 1.70 करोड़ रुपए का रेडिमेड गारमेंट्स, ड्रेस मटेरियल व अन्य कपड़ा सामग्री उधार में भेजी। इनमें से हैदराबाद स्थित रॉयल क्रिएशन के संचालक मोहम्मद अकरम ने अकेले 40 लाख रुपए का माल लिया, लेकिन तय समय के बाद भी पेमेंट नहीं किया। व्यापारियों ने तगादा किया तो वह और उसके साथी टालमटोल करने लगे, फिर मोबाइल बंद कर लिए। इंदौर के व्यापारी हैदराबाद में आरोपी के ठिकाने पहुंचे, पर कोई वैध व्यापारिक गतिविधि नहीं मिली और आरोपी फरार मिला। क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने प्लानिंग से इंदौर के व्यापारियों का विश्वास जीतकर माल लिया और पेमेंट किए बिना फरार हो गए। डॉक्यूमेंट्स की जांच, धोखाधड़ी का मामला डीसीपी ने बताया व्यापारियों के बयान, बिल, टैक्स इनवॉइस, ई-वे बिल, ट्रांसपोट डॉक्यूमेंट्स, बैंक चेक व अन्य डॉक्यूमेंट्स की जांच की गई और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। मामले में आरोपियों की तलाश शुरू की और पूर्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। फरार आरोपी मोहम्मद अकरम की तलाश की जा रही थी। स्पेशल टीम बनाई, हैदराबाद से किया गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अकरम की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच ने स्पेशल टीम बनाई और हैदराबाद भेजा। टेक्निकल चीजें, मुखबिर की सूचना और साइबर शाखा से मिले इनपुट के आधार पर टीम को आरोपी की लोकेशन याकूतपुरा, चारमीनार (हैदराबाद) में चिन्हित की गई। टीम ने लोकल पुलिस की मदद से आरोपी को उसके घर से ही गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर लेकर इंदौर पहुंची। अब टीम उससे पूछताछ कर ओर भी डिटेल निकाल रही है।
देश भर में बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट की ओर से तैयार की गई 40 मिनट का शार्ट फिल्म ‘साइलेंट क्राइम्स नॉट जस्ट ए फिल्म ए वेकअप कॉल' शनिवार को रेवथ्री में प्रीमियर लांच किया गया। फिल्म के डॉयलाग- अब डकैत घोड़े पर नहीं, मोबाइल के पीछे से आते हैं… स्क्रीन पर आते ही सिनेमा हाल तालियों से गूंज उठा। प्रीमियम के मौके पर फिल्म अभिनेता अन्नू कपूर, डॉयरेक्टर धीरज कुमार, राइटर आशीष द्विवेदी समेत पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल, डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह समेत कानपुर कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। ACP कर्नलगंज बने फिल्म के पोस्टर बॉय साइबर फ्रॉड के प्रति जागरुक करने के लिए बनी फिल्म ‘साइलेंट क्राइम्स नॉट जस्ट ए फिल्म ए वेकअप कॉल' में हिंदी सिनेमा को 44 साल देने वाले फिल्म अभिनेता अन्नू कपूर साइबर क्राइम दरोगा करतार सिंह का किरदार निभाया है। फिल्म में अभिनेता मुश्ताक खान इंपेक्टर बाबूलाल दुबे का किरदार निभाया है। वहीं एसीपी कर्नलगंज आनंद ओझा ने फिल्म में एसीपी अंगद सिंह का किरदार निभाया है, वह फिल्म के पोस्टर बॉय भी हैं। अन्नू कपूर ने कविता सुनाकर प्रीमियम की शुरूआत की स्क्रीनिंग के दौरान अन्नू कपूर ने कहा कि आज की दोपहर जहां आप कानपुर कमिश्नरेट के अंतर्गत बनी फिल्म का प्रीमियर शुरू होने जा रहा है, सच कहूं तो मुंबई की बड़ी–बड़ी कमिर्शियल फिल्म को इस तरह का प्रीमियर नसीब नहीं होता। यह फिल्म नहीं एक संकल्प है, अभियान, इरादा है। कमिश्नर रघुबीर लाल से वर्षों पहले साइबर अपराध पर फिल्म बनाने के लिए फोन पर बात हुई थी, जो आज सफल होता दिख रहा है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल व एसीपी आनंद ओझा और हम सबके मिले जुले प्रयासों से ये मुहिम पूरी हो रही है। हम सबके ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, अपने परिवार, समाज, देश को संभालने की। तू जिंदा है तो, जिंदगी की जीत में यकीन कर, अगर कही है स्वर्ग तो उतार ला जमीन पर… सुबह और शाम के खिले हुए गगन को चूम कर, तू सुन जमीन गा रही है झूमकर….कविताओं की इन चार पंक्तियों के बाद फिल्म का 40 मिनट का प्रीमियर शुरू हुआ। फरवरी 2026 में कानपुर में हुई थी शूटिंग इस फिल्म की शूटिंग पुलिस लाइन, पुलिस ऑफिस और कोतवाली थाने में फरवरी 2026 में पूरी की गई थी। शार्ट फिल्म की शुरूआत से पहले कानपुरवासियों ने अपने साथ हुई साइबर ठगी की घटनाओं को साझा किया। इस मौके पर एमएलसी अरुण पाठक, विधायक अमिताभ बाजपेई, महेश त्रिवेदी, पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल, डीसीपी एसएम कासिम आबिदी, एडीसीपी एलआईयू महेश कुमार, सुमित सुधाकर रामटेके, अंजलि विश्वकर्मा, नजम हमराज, संजय कपूर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने मंदसौर से 10-10 हजार के दो इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया। लंबे समय से इनकी तलाश की जा रही थी। टीम को मंदसौर में इनकी लोकेशन मिली और दबिश देकर उन्हें धरदबोचा। डीसीपी क्राइम ब्रांच इंदौर राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट के मामले में क्राइम ब्रांच ने पूर्व में खालिद हुसैन पिता मुबारिक हुसैन, नदीम खान पिता अजीज खान को लगभग 151 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि शाहिद पिता युसूफ खान और महफूज पिता मुबारिक खान की भी इस मामले में संलिप्तता है। मगर दोनों लगातार फरार चल रहे थे। दोनों आरोपियों की गिरफ्तार नहीं होने पर इंदौर पुलिस ने 10-10 हजार का इनाम घोषित किया गया। लगातार चल रही थी तलाश, मंदसौर में मिले क्राइम ब्रांच की टीम एमडी ड्रग्स के मामले में लगातार इन दोनों आरोपियों की तलाश में लगी थी। मुखबीर की सूचना और टेक्निकल चीजों के आधार पर क्राइम ब्रांच को दोनों फरार आरोपियों के मंदसौर में छिपे होने की जानकारी मिली। टीम मंदसौर पहुंची और दोनों आरोपियों को धरदोबाचा और इंदौर ले आई। दोनों से पूछताछ कर एमडी ड्रग्स के स्त्रोत, सप्लाई नेटवर्क एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर जानकारी निकाल रही है और आगे की कार्रवाई कर रही है। टीम को ये जानकारी मिली है कि आरोपी शाहिद मंडी में मजदूरी करता है, जबकि मगफूज पेशे से ड्राइवर है। 2 करोड़ 71 लाख का नशा पकड़ चुकी क्राइम ब्रांच डीसीपी त्रिपाठी ने बताया कि इंदौर क्राइम ब्रांच 1 जनवरी 2026 से आज तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 46 मामलों में 99 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 22.613 किलोग्राम एमडी ड्रग्स, 24.838 किलोग्राम गांजा, 256.08 ग्राम ब्राउन शुगर और 10 ग्राम कोकीन सहित लगभग 2 करोड़, 71 लाख 98 हजार रुपए कीमत का अवैध मादक पदार्थ जब्त कर चुकी है।
गुरुग्राम के नए न्यायिक परिसर 'टावर ऑफ जस्टिस' में जिला अदालतों को तत्काल शिफ्ट करने का रास्ता साफ हो गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि औपचारिक पर्यावरण मंजूरी और फायर विभाग की अंतिम अनुमति का इंतजार करते हुए भी अदालतों को नए परिसर में स्थानांतरित किया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि मौजूदा हालात में न्यायिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और अब और देरी आम जनता के हित में नहीं होगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने कहा कि गुरुग्राम जिला न्यायालय का कामकाज फिलहाल गंभीर रूप से प्रभावित है। इसलिए नए परिसर में शिफ्टिंग अति आवश्यक है। सरकार का दावा- अब पूरी तरह तैयार है भवन सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया कि 'टावर ऑफ जस्टिस' अब हर तरह से तैयार है और सभी लंबित निर्माण कार्य पूरे कर दिए गए हैं। सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि यदि कोई कमी सामने आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा। आग के बाद बढ़ा था संकट हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पुराने गुरुग्राम कोर्ट परिसर में आग लगने और भवन के एक हिस्से के असुरक्षित घोषित होने के बाद न्यायिक कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। बड़ी संख्या में रिकॉर्ड भी आग में नष्ट हो गए थे। इसके बाद अदालतों को अस्थायी रूप से गेस्ट हाउस से संचालित किया जा रहा है, जहां केवल जरूरी मामलों की ही सुनवाई हो रही है। जिला जज की रिपोर्ट में सामने आई थीं कमियां हाईकोर्ट ने पहले जिला एवं सत्र न्यायाधीश से नए परिसर का निरीक्षण कराया था। रिपोर्ट में कई कमियां बताई गई थीं, कई जगह निर्माण कार्य अधूरा था। फर्नीचर की स्थापना नहीं हुई थी।बारिश के दौरान बेसमेंट में सीवेज का पानी भर गया था। पर्यावरण मंजूरी और फायर NOC लंबित थी। इन कमियों के बाद सरकार से जवाब मांगा गया था। फायर NOC एक-दो दिन में मिलने का दावा सरकार ने कोर्ट को बताया कि फायर विभाग परिसर का निरीक्षण कर चुका है और कोई बड़ी कमी नहीं मिली है। आवश्यक प्रमाणपत्र एक-दो दिन में जारी होने की संभावना है। वहीं पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है और भवन सभी वैधानिक मानकों का पालन करता है। हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले आदेश के पालन की रिपोर्ट हलफनामे के जरिए दाखिल की जाए। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। क्या है पूरा मामला? टावर ऑफ जस्टिस का निर्माण वर्षों से लंबित था। पहले इसे अक्टूबर 2020 तक पूरा होना था। देरी होने पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर निगरानी शुरू की। जिसके बाद पुराने कोर्ट परिसर में आग और भवन के असुरक्षित होने के बाद नए परिसर में शिफ्टिंग जरूरी हो गई। अब हाईकोर्ट ने जनहित को देखते हुए तत्काल स्थानांतरण की अनुमति दे दी है।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने प्लॉट बेचने के नाम पर 18.75 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में यूनाइटेड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि कंपनी के पदाधिकारियों ने महिला से रुपए लेने के बाद न तो प्लॉट की रजिस्ट्री की और न ही रकम लौटाई। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। क्राइम ब्रांच ने यशवंत निवास रोड निवासी वनिता डांगी की शिकायत पर यूनाइटेड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर त्रिलोकी प्रसाद गुप्ता, अनीता गहलोत और कंपनी से जुड़े एक अन्य आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। सुपर कॉरिडोर पर दिखाया था प्लॉट शिकायत के मुताबिक, अप्रैल 2024 में वनिता डांगी सुपर कॉरिडोर स्थित ऑर्चर्ड पार्क में प्लॉट देखने गई थीं। वहां उनकी मुलाकात त्रिलोकी प्रसाद गुप्ता और अनीता गहलोत से हुई। दोनों ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताते हुए प्लॉट नंबर J-16 दिखाया, जिसका क्षेत्रफल करीब 1000 वर्गफीट बताया गया। आरोपियों ने प्लॉट का सौदा 25 लाख रुपए में तय किया। 10 अप्रैल 2024 को विक्रय पत्र तैयार किया गया। वनिता ने 50 हजार रुपए नकद और बाद में अलग-अलग माध्यमों से 18.75 लाख रुपए आरोपियों को दिए। शेष 6 लाख रुपए रजिस्ट्री के समय देने की बात तय हुई थी। रजिस्ट्री टालते रहे, फिर प्लॉट देने से किया इनकार वनिता का आरोप है कि भुगतान के बाद भी आरोपी लगातार रजिस्ट्री टालते रहे। जुलाई 2025 में उन्होंने कहा कि यदि जल्दी रजिस्ट्री करानी है तो दूसरा प्लॉट चुन लें, जबकि बाद में रकम लौटाने का भी आश्वासन दिया। शिकायत के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 को त्रिलोकी प्रसाद गुप्ता ने साफ कह दिया कि न तो पैसे वापस मिलेंगे और न ही प्लॉट दिया जाएगा। आरोप है कि उसने जान से मारने की धमकी भी दी। अन्य मामलों की भी जांच पीड़िता ने परिवार के साथ कई बार ऑर्चर्ड पार्क जाकर आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन न रजिस्ट्री हुई और न ही रकम वापस मिली। इसके बाद उन्होंने क्राइम ब्रांच में शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इसी तरह अन्य लोगों से भी धोखाधड़ी की गई है।
बंदर मूवी प्रिव्यू: सच्ची घटना से प्रेरित बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर
अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘बंदर: मंकी इन अ केज’ एक सच्ची घटना से प्रेरित क्राइम-थ्रिलर है। बॉबी देओल मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का प्रीमियर 2025 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ और यह 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर 'दलदल' में सबसे खौफनाक विलेन बन सकती हैं भूमि पेडनेकर
भूमि पेडनेकर ने अब तक ऐसे किरदार निभाए हैं जो बेहद वास्तविक और भरोसेमंद लगे हैं। लेकिन उनकी साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर ‘दलदल’ शायद वह सरप्राइज़ है, जिसका इंतज़ार दर्शक कर रहे थे। ट्रेलर में भूमि को डीसीपी रीटा फरेरा के रूप में पेश किया गया है, जो एक ...
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी नई हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह ट्रेलर कुछ दिन पहले आए असरदार और बेचैन कर देने वाले टीज़र के बाद रिलीज हुआ है, जिसे अपनी अलग और डरावनी झलक के लिए खूब सराहना मिली थी।
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर 'दलदल' का टीजर रिलीज, इस दिन प्राइम वीडियो पर होगा प्रीमियर
प्राइम वीडियो ने अपनी हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' की दुनिया भर में प्रीमियर की डेट रिलीज कर दी है। यह सीरीज 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। इसके साथ ही 'दलदल' का जबरदस्त, खौफनाक टीज़र भी जारी किया गया है। विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी ...
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
एमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने अपनी आगामी थियेट्रिकल रिलीज फिल्म 'निशांची' का धमाकेदार फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। अजय राय और रंजन सिंह द्वारा जार पिक्चर्स के बैनर तले, फ्लिप फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस की गई ये फिल्म एक रोमांचकारी ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम फ्री धड़कपुर से चोरी हुई बाइक, प्राइम वीडियो की सीरीज दुपहिया का मजेदार ट्रेलर हुआ रिलीज
web series dupahiya trailer: प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी ओरिजिनल सीरीज 'दुपहिया' का दिलचस्प ट्रेलर जारी कर दिया है। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी द्वारा उनके बैनर बॉम्बे फिल्म कार्टेल के तहत रचित और कार्यकारी निर्मित है। यह सीरीज़ एक काल्पनिक ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
Mirzapur 3 के बाद Prime Video ने किया एक और क्राइम-थ्रिलर सीरीज का एलान, 'मटका किंग' बनकर धूम मचाएगा ये एक्टर
गशमीर महाजनी और Surbhi Jyoti की नई क्राइम-थ्रिलरसीरीज Gunaah का टीजर हुआ लॉन्च, जाने कब और कहां होगी स्ट्रीम
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
सस्पेंस, क्राइम और थ्रिलर का रखते है शौक तो OTT पर फौरन निपटा डाले ये जबरदस्तसाउथ फिल्में,हॉलीवुड भी लगने लगेगा फीका
Nikkhil Advani BirthdaySpecial :रोमांस-क्राइम और थ्रिलर के बेताज बादशाह है निखिल अडवानी, पढ़िए उनका पूरा फिल्मी सफरनामा
Salman Khan फायरिंग मामले में पुलिस को मिली अबतक की सबसे बड़ी कामयाबी, क्राइम ब्रांच के हाथ लगे दो और अपराधी
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में अहम घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी. इस सप्ताह की शुरुआत में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोलीबारी की घटना में इस्तेमाल की गई दूसरी बंदूक बरामद की। सूरत की तापी नदी से तीन मैगजीन के साथ बंदूक बरामद की गई। इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया 16 अप्रैल को कच्छ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। बाद में, शहर की एक अदालत ने गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दोनों आरोपियों को 25 अप्रैल तक मुंबई अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पहचान बिहार के विक्की गुप्ता (24) और सागर पाल (21) के रूप में हुई, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। इसे भी पढ़ें: काला जादू- टोना-टोटका करने का Kangana Ranaut पर आरोप लगाने के बाद अब एक्ट्रेस के बारे Adhyayan Suman क्या सोचते है? मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच अभी भी जारी है मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। अनजान लोगों के लिए, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार की धमकियों के बाद 2022 में सलमान की सुरक्षा का स्तर वाई-प्लस तक बढ़ा दिया गया था। अभिनेता को व्यक्तिगत बन्दूक ले जाने के लिए भी अधिकृत किया गया था और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उन्होंने एक नया बख्तरबंद वाहन भी खरीदा है।
Salman Khan फायरिंग केस में आया बिलकुल तड़कता-भड़कता अपडेट,मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथ लगा एक और पुख्तासबूत
Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी ये क्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी येक्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
Salman Khan फायरिंग केस में आया नया मोड़! भाईजान कोमारना नहीं था शूटर्स का मकसद,क्राइम ब्रांच ने किया चौकाने वाला खुलासा
Salman Khan के घर हुई फायरिंग के मामले में आया नया मोड़,क्राइम ब्रांच कोपुर्तगाल से मिला बड़ा कनेक्शन, जाने क्या है मामला
धमाकेदार बीतने वाला है अप्रैल का ये हफ्ता, क्राइम-थ्रिलर के साथ देशभक्ति का तड़का लगाने आ रही है ये धांसूफिल्में और सीरीज
मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, सलमान के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर दबोचे
Salman Khan House Firing: एक्टर सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को भुज से गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई क्राइम ब्रांच को ये कामयाबी मिली. आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं. रविवार को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग कर भुज फरार हो गए थे. देखें ये वीडियो.
Salman Khan के घर हुई फायरिंग मेंक्राइम ब्रांच के हाथ लगी बड़ी सफलता,नवी मुंबई में पकड़े गए 2 संदिग्ध
सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जांच करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच, इन धाराओं में दर्ज किया केस
Salman Khan firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर रविवार तड़के दो अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले के बाद हर कोई सलमान खान की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहा है। बांद्रा पुलिस ने दो अज्ञात शख्स के ...
April में OTT पर तहलका मचाने आ रही है ये धमाकेदार फिल्में और सीरीज, मिलेगा एक्शन से लेकर क्राइम-थ्रिलर तक का मजा
क्राइम-थ्रिलर कंटेंट देखने के है शौकीन! तो फौरन देख डाले UP के माफियाओं पर बनी येवेब सीरीज,खौफनाक कहानियां खड़े कर देंगी रोंगटे

