इंदौर के सांसद शंकर लालवानी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में उत्तर प्रदेश के इन्फ्लुएंसर जतिन मिश्रा सोमवार को क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे। पुलिस द्वारा जारी नोटिस के बाद वे इंदौर आए और एडिशनल डीसीपी सहित अन्य अधिकारियों के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखा। इस दौरान पुलिस ने उनसे पूरे मामले को लेकर पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए। जतिन ने भागीरथपुरा में गंदे पानी के मामले को लेकर एक वीडियो बनाया था। जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले जतिन मिश्रा ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें इंदौर के सांसद को लेकर टिप्पणी की गई थी। वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया था। मामले में सांसद के प्रतिनिधि ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि वीडियो में की गई टिप्पणी आपत्तिजनक है और इससे जनभावनाएं आहत हुई हैं। क्राइम ब्रांच ने जारी किया था नोटिस शिकायत मिलने के बाद इंदौर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी थी। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने यूट्यूबर जतिन मिश्रा के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया और क्राइम ब्रांच की ओर से उन्हें नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। नोटिस मिलने के बाद जतिन मिश्रा सोमवार को इंदौर पहुंचे और क्राइम ब्रांच कार्यालय में अधिकारियों के सामने उपस्थित हुए। यहां पुलिस ने उनसे वीडियो बनाने के उद्देश्य और उसमें की गई टिप्पणियों को लेकर पूछताछ की। जतिन ने माफी मांगी, कहा-ऐसा उद्देश्य नहीं था पूछताछ के दौरान जतिन मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों से माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में वे इस तरह का कोई कंटेंट नहीं बनाएंगे, जिससे किसी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि की छवि को नुकसान पहुंचे। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई होगी क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक जतिन मिश्रा के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। वीडियो और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। वीडियो में सांसद पर की थी ये टिप्पणी करीब एक महीने पहले अपलोड किए वीडियो में जतिन ने ग्वालियर और मंदसौर के साथ इंदौर का भी उल्लेख किया है। जतिन ने वीडियो में कहा कि इंदौर पहुंचा तो सांसद मिल गए, बोले जतिन अब आज और रुको कल चले जाना। हमने उनकी बात मान ली। जब सुबह आने लगा तो सांसद जी बोले जतिन जब चार दिन रुक ही गए हो, तो चार दिन और रुक जाओ। इंदौर की हवा, पानी और स्वच्छता देखो, उसके बाद जाना। हमने कहा सांसद जी आपके इंदौर का दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो गई और आप चाहते हैं कि हम भी इंदौर में रहकर इंदौर का पानी पिएं और हमारे घर हमारी लाश वापस जाए। तो सांसद जी ने कहा क्या यार जतिन तुम उन ….. जैसे लोगों के मरने पर अफसोस कर रहे हो। हम तुम्हारे लिए बढ़िया मिनरल वॉटर का प्रबंध कर देंगे। हमने कहा सांसद जी हम रुक नहीं पाएंगे। तो सांसद जी ने कहा रुकना तो पड़ेगा। वरना दोबारा हमारे इंदौर की तरफ दिखाई मत पड़ना। हमने कहा कैसी बात कर रहे हैं सांसद जी। बगल में खड़ा सांसद का चम्चा बोला तू सांसद जी से जवान लड़ाएगा। जैसा सांसद जी कह रहे हैं वैसा करो। इसके बाद जतिन ने सांसद शंकर लालवानी को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। जतिन ने वीडियो में आगे कहा कि जिनके संसद क्षेत्र के लोग मर रहे हों और उन्हें संवेदना व्यक्त करने की तमीज न हो, ऐसे लोग जनप्रतिनिधि बनेंगे। जतिन ने यह वीडियो 11 जनवरी को पोस्ट किया है। ये खबर भी पढ़िए… उप्र के इन्फ्लुएंसर पर इंदौर में एफआईआर दर्ज इंदौर क्राइम ब्रांच ने उत्तरप्रदेश के एक इन्फ्लुएंसर के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई भागीरथपुरा कांड के बाद बनाए गए एक वीडियो को लेकर की गई है। जतिन मिश्रा के इंस्टाग्राम पर 17 हजार फॉलोअर्स हैं। उसके दो पेज चलते हैं। पढ़ें पूरी खबर…
VIDEO: 'पाजी जस्टिस मिल गया', अर्शदीप सिंह ने किया संजू सैमसन को रील में ट्रोल
भारतीय क्रिकेट टीम कोलगातार दूसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप जिताने में अर्शदीप सिंह ने भी अहम भूमिका निभाई। अर्शदीप ने न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में तो कोई विकेट नहीं लिया लेकिन मैच के बाद वो लगातार सुर्खियों में रहे। उन्होंने वर्ल्ड कप जीतने के बाद कई भारतीय खिलाड़ियों के साथ रील्स बनाई और उनमें से एकसंजू सैमसन भी थे जिनके साथ उन्होंने एक मजेदार रील बनाई। अर्शदीप और संजू की ये रील सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है जिसमें देखा जा सकता है कि वो संजू के मजे लेते हुए कहते हैं कि आखिरकार संजू को जस्टिस मिल ही गया। गौरतलब है कि जब भी विकेटकीपर-बैटर को इंडियन टीम में जगह नहीं मिलती थी तो सोशल मीडिया पर अक्सर “जस्टिस फॉर संजू सैमसन” ट्रेंड करता था। विराट कोहली और रोहित शर्मा के रिटायरमेंट के बाद ही सैमसन परमानेंट खिलाड़ी बने। इसके अलावाअर्शदीप ने अपने हेड कोच गौतम गंभीर के साथ भी एक मजेदार रील शेयर की। अर्शदीप ने गंभीर के मजे लेते हुए कहा, “पाजी, कदे हस वि लिया करो यार।” अर्शदीप की ये बात सुनकर गंभीर भी हंस पड़े। Arshdeep singh with sanju samson on instagram Oye paaji....justice mil gayaaaaa pic.twitter.com/BFQvCCF6Ho — lakshman (@rebel_notout) March 8, 2026 Also Read: LIVE Cricket Score इस फाइनल मैच की बात करें तो 256 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कीवी टीम क शुरूआत खराब रही और 31 रन के कुल स्कोर पर फिन एलन (9) के रूप में पहला झटका लगा। इसके बाद रचिन रविंद्र (1), ग्लेन फिलिप्स (5) और मार्क चैपमैन (3) सस्ते में पवेलियन लौट गए। हालांकि टिम सेफर्ट ने एक छोर संभाले रखा और शानदार अर्धशतक लगाया। सेफर्ट ने लगातार दूसरा अर्धशतक जड़ते हुए 26 गेंदों में 52 रन बनाए।उनके अलावा कप्तान मिचेल सैंटनर ने 35 गेंदों में 43 रन बनाए। आठ खिलाड़ी दहाईं के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए, जिसके चलते न्यूजीलैंड 19 ओवर मे 159 रनों पर ऑलआउट हो गई।भारत के लिए गेंदबाजी में कमाल करते जसप्रीत बुमराह ने 15 रन देकर 4 विकेट लिए, वहीं अक्षर ने तीन ओवर में 27 रन देकर 3 विकेट झटके। इसके अलावा हार्दिक पांड्या, अभिषेक शर्मा और वरूण चक्रवर्ती के खाते में 1-1 विकेट आया।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित उच्च स्तरीय जांच समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस संगीत लोढा ने रविवार को ट्रीटमेंट प्लांट और बांडी नदी क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रदूषण की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर प्रदूषित पानी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए। ट्रीटमेंट प्लांट के पीछे मिला प्रदूषित पानी निरीक्षण के दौरान जस्टिस लोढा ट्रीटमेंट प्लांट-4 के पीछे पहुंचे, जहां प्रदूषित पानी भरा हुआ दिखाई दिया। इस पर उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि यहां गंदा पानी क्यों जमा है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यदि फैक्ट्रियां चलानी हैं तो किसी भी सूरत में नदी में प्रदूषित पानी नहीं दिखना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। पुनायता पुलिया के पास मिले एसिड टैंकर खाली होने के निशान निरीक्षण के दौरान पुनायता पुलिया की तरफ एसिड टैंकर खाली किए जाने के निशान भी मिले। इस पर जस्टिस लोढा ने जिला कलेक्टर एल.एन. मंत्री को दिन और रात दोनों समय निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि टैंकर कहां और कब खाली किए जा रहे हैं। पुलिया के दूसरी ओर एक गड्ढे में भी प्रदूषित पानी भरा हुआ मिला। इस पर उन्होंने अधिकारियों को तुरंत उसे खाली करवाने के निर्देश दिए। ट्रीटमेंट प्लांट और मीटर की जांच की निरीक्षण के दौरान जस्टिस लोढा ट्रीटमेंट प्लांट-6 होते हुए पीटीपी प्लांट-3 पहुंचे। यहां उन्होंने इनलेट और आउटलेट मीटर की जांच की तथा प्लांट की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा प्लांट के पास बने स्टोरेज क्षेत्र में जमा स्लज का भी निरीक्षण किया। वहां बड़ी मात्रा में स्लज जमा देखकर उन्होंने सवाल किया कि इतनी मात्रा में स्लज क्यों स्टोर कर रखा गया है और इसके निस्तारण की क्या व्यवस्था है। पहले भी कर चुके हैं निरीक्षण गौरतलब है कि इससे पहले जस्टिस संगीत लोढा 27 और 28 दिसंबर 2025 को भी क्षेत्र का निरीक्षण कर चुके हैं। उस दौरान भी उन्होंने बांडी नदी में प्रदूषण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए थे। रविवार को हुए निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों के कर्मचारी भी मौजूद रहे। जस्टिस लोढा ने साफ कहा कि नदी को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सख्त निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
महिला पुलिसकर्मियों ने चास-बाकारो शहर में चलाया एंटी-क्राइम चेकिंग
सिटी रिपोर्टर | बोकारो अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बोकारो महिला पुलिस ने नारी शक्ति का संदेश देते हुए विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के नेतृत्व में महिला पुलिस कर्मियों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान चलाकर वाहनों की जांच की और लोगों को सुरक्षा का संदेश दिया। महिला पुलिस कर्मियों ने नया मोड़, चेक पोस्ट सहित कई प्रमुख स्थानों पर सघन जांच की। इस दौरान बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और ब्लैक फिल्म लगी गाड़ियों की जांच की गई तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों को चेतावनी दी गई। वहीं हेलमेट पहनकर सुरक्षित वाहन चला रही महिलाओं को महिला पुलिसकर्मियों द्वारा सम्मानित भी किया गया। एसपी ने सभी महिलाओं को महिला दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि महिला दिवस के अवसर पर महिला पुलिसकर्मियों को आगे रखकर यह विशेष जांच अभियान चलाया गया है, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि महिलाएं हर क्षेत्र में सशक्त और सक्षम हैं।
जिले में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आर्मी ऑफिसर बनकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹8,000 बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी की पहचान प्रदीप उर्फ पिंकू निवासी पर्वतीय कॉलोनी, एनआईटी फरीदाबाद के रूप में हुई है। थाना साइबर क्राइम जींद के प्रभारी ने बताया कि लक्ष्मी नगर निवासी अंकित ने शिकायत दी थी कि उसकी बातचीत इंस्टाग्राम पर एक लड़की की आईडी से शुरू हुई थी। बातचीत के दौरान लड़की ने खुद को मथुरा की रहने वाली बताया और कहा कि उसके पिता सियाचिन में तैनात आर्मी अधिकारी हैं। विश्वास में लेने के बाद आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे मांगने शुरू कर दिए। कभी ट्रिप फीस, कभी बीमारी और कभी एक्सीडेंट का बहाना बनाकर अलग-अलग तारीखों में विभिन्न यूपीआई आईडी के माध्यम से ₹3,51,490 रुपये ठग लिए। जब शिकायतकर्ता ने पैसे वापस मांगे तो उसे ठगी का शक हुआ और उसने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर 29 दिसंबर 2025 को थाना साइबर क्राइम जींद में अभियोग संख्या 121 के तहत धारा 318(4), 61(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान इंस्टाग्राम आईडी रिकॉर्ड, सीडीआर, केवाईसी डिटेल और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ में प्रदीप उर्फ पिंकू का नाम सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने 6 मार्च 2026 को आरोपी प्रदीप उर्फ पिंकू को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से ₹8,000 रुपये बरामद किए। आरोपी को अदालत में पेश कर जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस की अपील जींद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सावधान रहें। यदि कोई व्यक्ति खुद को सेना या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर पैसे मांगता है, तो पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
चंडीगढ़ में आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को शहर में एक भव्य वॉकथॉन का आयोजन किया गया। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और खुद भी इसमें शामिल होकर करीब 2.5 किलोमीटर पैदल चले। यह वॉकथॉन सुखना लेक स्थित पुलिस पोस्ट से शुरू होकर ओपन हैंड मॉन्यूमेंट तक आयोजित की गई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना था। जस्टिस सूर्यकांत के साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू ने भी इस पदयात्रा में हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में युवा वकीलों और न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम में जोश भर दिया। बता दें कि यह वॉकथॉन और पौधारोपण अभियान इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूट्स वीक (IIDW) के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था। इससे पहले शनिवार शाम जस्टिस सूर्यकांत ने चंडीगढ़ इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर का उद्घाटन भी किया था। चीफ जस्टिस बोले- सुबह की वॉक बहुत अच्छी लगी मीडिया से बात करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “सुबह की वॉक बहुत अच्छी लगी। इतने सारे यंग लॉयर्स और जजों के साथ मिलकर वॉक किया। इसका उद्देश्य यही था कि लोगों को महिला अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाए। मुझे पूरा विश्वास है कि इस वॉक ने भी इसमें थोड़ा-बहुत योगदान दिया होगा।” रजिस्ट्री सिस्टम में महिलाओं के योगदान पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “हम सब उसे बहुत अच्छे से स्वीकार करते हैं। हम उसका आदरपूर्वक सम्मान करते हैं और हमें पूरा विश्वास है कि हमारी बहनें, हमारी बेटियां और हमारी माताएं सिस्टम में अपने पराक्रम भरे योगदान को आगे भी जारी रखेंगी।”
हत्या के बाद जमीन पर पड़ी खून की बूंद…मोबाइल में रिकॉर्ड आवाज…कपड़ों पर मिला DNA जो खुली आंखों से दिखाई नहीं देता। अक्सर यही छोटे-छोटे सुराग बड़े अपराधों का सच सामने लाते हैं। राजस्थान में इन सुरागों की मदद से गंभीर अपराधों की गुत्थियां सुलझाने में स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की महिला वैज्ञानिक अहम भूमिका निभा रही हैं। हत्या, दुष्कर्म, साइबर अपराध जैसे संवेदनशील मामलों में डीएनए प्रोफाइलिंग से लेकर वॉइस एनालिसिस तक इनकी जांच अक्सर निर्णायक साबित होती है। महिला दिवस पर पढ़िए ऐसी ही महिला वैज्ञानिकों की कहानी… 2008 में जयपुर के गोविंदगढ़ में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। महीनों की जांच के बावजूद पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। विसरा और अन्य सैंपल जांच के लिए स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे गए। टॉक्सिकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. यजुला गुप्ता ने साक्ष्यों की जांच की। जांच में सामने आया कि चारों को पहले नशे का इंजेक्शन दिया गया। फिर दर्द निवारक दवा और अंत में जहरीला इंजेक्शन लगाकर हत्या की गई। यह खुलासा मृतकों के शरीर पर मिले कैनुला के बेहद बारीक निशानों से हुआ। इसी आधार पर हुई पूछताछ में परिवार के ही मेल नर्स बेटे ने प्रॉपर्टी के लालच में पूरे परिवार की हत्या करना कबूल कर लिया। इसी तरह चर्चित यूट्यूबर एल्विश यादव की रेव पार्टियों में सांप के जहर के इस्तेमाल के मामले में भी सैंपल जांच के लिए डॉ. यजुला के पास भेजे गए थे। उनकी रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सांप के जहर को अंडे की जर्दी में इंजेक्ट कर एंटीवेनम तैयार किया गया था। वर्तमान में टॉक्सिकोलॉजी विभाग की उप निदेशक डॉ. यजुला गुप्ता पिछले 27 वर्षों में 30 हजार से अधिक मामलों की जांच कर चुकी हैं। वह बताती हैं कि फॉरेंसिक में आने का उनका कोई तय इरादा नहीं था। पीएचडी के बाद उन्होंने जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट के पद के लिए आवेदन किया और चयन हो गया। वह बताती हैं- जब मैंने 1999 में जॉइन किया तब लैब में करीब 10 हजार केस पेंडिंग थे। टॉक्सिकोलॉजी में हम सिर्फ दो महिला वैज्ञानिक थीं। डॉ. यजुला बताती हैं कि क्राइम सीन पर कई बार बेहद वीभत्स हालात होते हैं, लेकिन सच तक पहुंचना ही मकसद होता है। स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब की फिजिक्स डिवीजन में सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर सरिता कुमारी ने राजस्थान का पहला ऑडियो ऑथेंटिकेशन सिस्टम शुरू किया। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) से आने वाली ऑडियो रिकॉर्डिंग की वैज्ञानिक जांच को व्यवस्थित रूप से शुरू करने का श्रेय उन्हें जाता है। बीते पांच वर्षों में वे 400 से ज्यादा मामलों में अपनी रिपोर्ट दे चुकी हैं। सरिता बताती हैं- बचपन में सीआईडी सीरियल में फॉरेंसिक लैब देखकर इस क्षेत्र में आने की इंस्पिरेशन मिली। एसीबी से मिलने वाली ऑडियो फाइल कई बार बेहद लंबी होती है। कुछ मामलों में 8–10 घंटे तक लगातार रिकॉर्डिंग सुननी पड़ती है। दो बेटियों की मां सरिता के लिए प्रोफेशनल और पर्सनल जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना कम चुनौतीपूर्ण नहीं है। उनका कहना है कि हर केस अपने साथ नई मुश्किलें लेकर आता है। एक ट्रैप केस में जिस व्यक्ति को पकड़ा गया था और जिसकी आवाज का सैंपल भेजा गया था, दोनों अलग निकले। लैब में हुए मिलान से सच्चाई सामने आई और एक निर्दोष व्यक्ति बच गया। कई मामलों में सिर्फ आवाज के पैटर्न से आरोपी की पहचान संभव हुई। 8 जनवरी 2014 को वे फिजिक्स डिवीजन की पहली महिला अधिकारी के रूप में नियुक्त हुई थीं। स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब, जयपुर के आर्सेनल और एक्सप्लोसिव डिवीजन में रश्मि गुप्ता अकेली महिला वैज्ञानिक हैं, क्योंकि यहां का काम सीधे विस्फोटकों, ज्वलनशील पदार्थों और हथियारों से जुड़ा होता है। रश्मि बताती हैं- हमारे पास जो सैंपल आते हैं, वे अक्सर बेहद ज्वलनशील और खतरनाक होते हैं। जांच के दौरान आग लगने या दुर्घटना का जोखिम हमेशा बना रहता है। एक छोटी सी चूक भी गंभीर हादसे में बदल सकती है। वे पिछले 19 वर्षों में 1000 से ज्यादा क्राइम सीन की जांच कर चुकी हैं। जयपुर बम ब्लास्ट, अजमेर रोड गैस टैंकर ब्लास्ट, भांकरोटा गैस कांड जैसे मामलों में उनकी जांच रिपोर्ट ने अहम भूमिका निभाई। 2022 में उदयपुर में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट के मामले में डॉ. रश्मि और उनकी टीम ने इनका विश्लेषण कर जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग दिए। आठ महीने के बेटे की मां होने के बावजूद वे इस जोखिम भरे विभाग में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही हैं। स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब की केमिस्ट्री डिवीजन में कार्यरत फॉरेंसिक साइंटिफिक असिस्टेंट (FSA) मीना ने पढ़ाई के दौरान ही इस क्षेत्र में आना तय कर लिया था। मीना कहती हैं- समाज में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसक अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों में सच सामने लाने और पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए विज्ञान सबसे मजबूत हथियार है। मैं चाहती थी कि इसी हथियार के साथ इस लड़ाई का हिस्सा बनूं। वे मानती हैं कि फॉरेंसिक कोई ग्लैमर भरा पेशा नहीं, बल्कि बेहद जिम्मेदारी और धैर्य वाला विज्ञान है। हमारी लैब में किए गए वैज्ञानिक परीक्षण ही कई बार अदालत में सच और झूठ के बीच फर्क तय करते हैं। टोंक की रहने वाली जूनियर साइंटिफिक असिस्टेंट (JSA) मोताली आफाक ने बचपन में टीवी पर आने वाले क्राइम शो ‘सीआईडी’ में फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. सालुंखे और उनकी असिस्टेंट डॉ. तारिका को देखकर फॉरेंसिक साइंटिस्ट बनने का सपना देखा था। टोंक से निकलकर इस फील्ड तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन परिवार के सहयोग से मोताली ने टीचिंग, पुलिस या मेडिकल जैसे पारंपरिक विकल्पों की बजाय फॉरेंसिक साइंस को चुना। मोताली कहती हैं- रेप या चाइल्ड अब्यूज जैसे मामलों की फाइल जब हमारे पास आती है तो कई बार रूह कांप जाती है। लेकिन उसी पल खुद को संभालकर हम इस सोच के साथ काम करते हैं कि हमारी जांच किसी पीड़ित को इंसाफ दिला सकती है। दोहरी भूमिका : चुनौती सिर्फ क्राइम नहीं, जिंदगी भीफॉरेंसिक लैब में काम करने वाली महिला वैज्ञानिकों के लिए लड़ाई सिर्फ अपराध से नहीं, बल्कि जिंदगी की जिम्मेदारियों से भी होती है। नारकोटिक्स विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ. गीता वाधवानी कहती हैं- मैं दिव्यांग हूं, लेकिन कभी काम को हल्के में नहीं लिया। परिवार और नौकरी की दोहरी जिम्मेदारी कई बार थका देती है, फिर भी जब किसी रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करते हैं तो सबसे बड़ा डर यही होता है कि हमारी वजह से कोई निर्दोष सजा न पाए। केमिस्ट्री विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर ममता कंवर राठौड़ बताती हैं- क्राइम सीन पर कई बार बेहद संवेदनशील हालात में काम करना पड़ता है। भीड़ के बीच भी हमें पूरे कंट्रोल के साथ सबूत जुटाने होते हैं। जन्मदिन या छुट्टियां हमारे लिए अक्सर फाइलों और केसों के बीच ही गुजरती हैं। ममता पिछले 20 वर्षों में 10 हजार से ज्यादा मामलों पर काम कर चुकी हैं। पॉलीग्राफ डिवीजन की डॉ. प्रज्ञा राजमोहिते का काम अपराधियों के दिमाग को पढ़ना है। वे रेपिस्ट, सीरियल किलर और पेशेवर अपराधियों के साथ बैठकर ब्रेन मैपिंग, नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट करती हैं। कहती हैं- ऐसे लोगों के आमने-सामने बैठना जोखिम भरा होता है। लेकिन सच तक पहुंचने के लिए हमें कानून और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच बेहद सावधानी से काम करना पड़ता है। टॉक्सिकोलॉजी विभाग की एफएसए पूर्णिमा जिंदल के मुताबिक, इस पेशे की सबसे बड़ी सीख यही है कि हर केस इंसान और समाज के नए पहलू दिखाता है। महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में सच सामने लाना हमारे लिए सिर्फ काम नहीं, जिम्मेदारी भी है। फॉरेंसिक साइंस क्या है और कैसे काम करती हैफॉरेंसिक साइंस वह प्रक्रिया है, जिसमें क्राइम सीन से मिले साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर सच तक पहुंचा जाता है। खून के धब्बे, डीएनए, उंगलियों के निशान, गोली-कारतूस, आवाज की रिकॉर्डिंग या किसी रसायन के अंश जैसे सुराग लैब में माइक्रोस्कोप, केमिकल टेस्ट और डीएनए प्रोफाइलिंग से जांचे जाते हैं। इनकी वैज्ञानिक रिपोर्ट कई मामलों में अदालत में निर्णायक सबूत बनती हैं। नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू होने के बाद गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक जांच की अहमियत और बढ़ गई है। अब कई मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना अनिवार्य माना जा रहा है, ताकि जांच सिर्फ बयान या शक नहीं बल्कि ठोस प्रमाणों के आधार पर आगे बढ़े।
दिन गुरुवार, शाम करीब 6 बजे। नर्मदा किनारे ग्वारीघाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। लोग शाम की नर्मदा आरती देखने जुट रहे थे। घाट किनारे फूल-प्रसाद, खिलौने और छोटे-छोटे सामान की दुकानों पर बच्चे बैठे थे। कुछ बच्चे रिमोट वाली कार का रिमोट हाथ में लिए इंतजार कर रहे हैं कि कोई ग्राहक अपने बच्चे को कार में घुमाने आए। खास बात यह है कि इन बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग भी टंगे हुए हैं। घाट किनारे क्लास देख लगती है लोगों की भीड़ शाम 7 बजे नर्मदा आरती शुरू होती है और साढ़े 7 बजे आरती खत्म होते ही घाट की सीढ़ियों से एक साथ आवाज गूंजती है। “भारत माता की जय।” देखते ही देखते करीब 300 बच्चे सीढ़ियों पर बैठ जाते हैं। यही बच्चे कुछ देर पहले दुकानों पर सामान बेच रहे थे। सामने एक डिजिटल बोर्ड लगा है, छोटा सा साउंड सिस्टम है और एक शिक्षक माइक से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। माहौल ऐसा कि घाट पर मौजूद लोग भी रुककर इस अनोखी क्लास को देखने लगते हैं। छोटे-छोटे बच्चे मैथ्स के बड़े-बड़े सवाल हल करते नजर आते हैं। इन बच्चों को पढ़ाने वाले वही पराग भैया हैं, जिन्होंने हाल ही में अपनी कोचिंग में पढ़ने वाली आर्थिक रूप से कमजोर छात्रा को 10वीं की परीक्षा दिलाने के लिए स्कूल प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई थी। दैनिक भास्कर ने पराग दीवान से बात कर उनकी पूरी कहानी जानी। शाम के वक्त घाट किनारे उनकी क्लास भी देखी। साथ ही उस छात्रा से भी बात की जो अब 10वीं की परीक्षा दे पाएगी और उन बच्चों से भी मिले जो हर दिन घाट पर पढ़ने पहुंचते हैं। मां के निधन के बाद आया बच्चों को पढ़ाने का विचार पराग बच्चों के बीच बैठकर कहते हैं, “ये बच्चे ही मेरा परिवार हैं। 2016 में मेरी मां का निधन हुआ। उनकी अस्थियां मैंने नर्मदा में विसर्जित की थीं। उस समय लगा कि अब मेरा कोई नहीं रहा। तभी मन में आया कि इन बच्चों के साथ ही जिंदगी बिताऊंगा। आज यही बच्चे मेरा परिवार हैं।” उन्होंने बताया कि शुरुआत सिर्फ 5 बच्चों से हुई थी। धीरे-धीरे संख्या बढ़ती गई और आज 200 से ज्यादा बच्चे यहां पढ़ने आते हैं। पराग बताते हैं, “शुरुआत में बच्चों को पढ़ने लाने के लिए 10-20 रुपए तक देने पड़ते थे। अब हालत यह है कि मेरे आने से पहले ही बच्चे घाट पर इकट्ठे हो जाते हैं। पूरा सेटअप लगा देते हैं, डिजिटल बोर्ड भी।” प्रशासन ने भी की मदद, चीफ जस्टिस ने बांटे टैबलेट पराग के इस प्रयास में कई लोगों ने मदद की। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बच्चों के लिए डिजिटल बोर्ड उपलब्ध कराया। वहीं 26 जनवरी को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने 60 बच्चों को टैबलेट दिए, ताकि उनकी पढ़ाई डिजिटल तरीके से हो सके। पराग कहते हैं, “हम प्रधानमंत्री के ‘पढ़ेगा इंडिया, बढ़ेगा इंडिया’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।” दिनभर दुकान, शाम को पढ़ाई पराग बताते हैं कि इन बच्चों के परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। कई बच्चों के माता-पिता नाव चलाते हैं या फूल-प्रसाद और दिया-नारियल की दुकान लगाते हैं। कुछ बच्चे खुद भी दुकान चलाते हैं और दिनभर में 60-70 रुपए तक कमा लेते हैं। शाम को यही बच्चे पढ़ने के लिए घाट पर पहुंच जाते हैं। ‘पहले 20 रुपए देकर बुलाते थे, अब खुद आ जाती हूं’ 8वीं कक्षा की छात्रा परी यादव ने कहा,“मैं ग्वारीघाट पर नारियल-प्रसाद की दुकान लगाती हूं। शाम 6 बजे घर जाती हूं और तैयार होकर बैग लेकर पढ़ने आ जाती हूं। पराग भैया बहुत अच्छे से पढ़ाते हैं। 9 बजे के बाद वो 10वीं-12वीं वालों को पढ़ाते हैं।” परी मुस्कुराते हुए कहती है, “शुरुआत में भैया 20 रुपए देते थे और पढ़ाते थे। धीरे-धीरे पढ़ने की आदत लग गई। अब बिना पैसे लिए रोज पढ़ने आती हूं।” परी ने बातचीत के दौरान 625 का स्क्वायर और न्यूटन के लॉ भी समझाए। दुकान भी संभालती हूं, पढ़ाई भी करती हूं तीसरी कक्षा की छात्रा खुशी खिलौनों की दुकान संभालती है। वह बताती है, “पहले मेरी दीदी पढ़ने जाती थीं। फिर मैं भी उनके साथ जाने लगी। अब रोज खुद ही पढ़ने जाती हूं। कभी मम्मी दुकान चलाती हैं, कभी मैं।” घाट पर रिमोट कार चलाने वाली बच्ची भी पढ़ती है यहां चौथी कक्षा की आराधना घाट पर बच्चों की रिमोट कार चलवाती है। आराधना बताती है कि मैं शाम 5 बजे से गाड़ी चलाती हूं। फिर पराग सर से कोचिंग पढ़ती हूं। दिन में स्कूल भी जाती हूं। सर हमें मैथ्स और इंग्लिश पढ़ाते हैं। 10वीं की छात्रा को परीक्षा दिलाने के लिए लड़ी लड़ाई 13 फरवरी की शाम पराग दीवान को पता चला कि उनकी कोचिंग में पढ़ने वाली सान्या उईके को स्कूल ने फीस बकाया होने के कारण एडमिट कार्ड नहीं दिया है। अगले ही दिन परीक्षा शुरू होनी थी। पराग ने एक वीडियो बनाकर स्कूल के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। वीडियो वायरल होते ही लोगों का समर्थन मिलने लगा। छात्र संगठन एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने स्कूल के सामने प्रदर्शन भी किया। पराग कहते हैं,“सान्या बेहद मेधावी छात्रा है। उसकी मां घर-घर काम करती है। फीस जमा नहीं हो पाने के कारण उसे परीक्षा से रोकना गलत था।” बाद में एक व्यक्ति ने आगे आकर छात्रा की पूरी फीस जमा कर दी। अब सान्या परीक्षा दे सकेगी। सान्या बताती है, “मम्मी घरों में काम करती हैं और पापा डेयरी में काम करते हैं। फीस नहीं जमा हो पाई थी। सर ने मदद की, अब मैं एग्जाम दे पाऊंगी।” आगे खोलना चाहता हूं ऐसा स्कूल जहां बच्चे ही टीचर होंगे पराग बताते हैं कि उनकी ‘पराग ट्यूटोरियल’ नाम से कोचिंग भी चलती है, जहां 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को पढ़ाया जाता है और आईआईटी-नीट की तैयारी भी कराई जाती है। वे कहते हैं, “आगे मैं ऐसा स्कूल खोलना चाहता हूं जहां बच्चे ही टीचर बनें। 10वीं का बच्चा 8वीं वाले को पढ़ाएगा, 12वीं वाला 11वीं वाले को। इससे टीचर की सैलरी सीधे इन बच्चों के परिवारों तक पहुंचेगी।”
बुरहानपुर में पुलिस इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर्स के लिए एक दिवसीय ई-विवेचना प्रशिक्षण कार्यशाला शनिवार को आयोजित की गई। इस कार्यशाला में विवेचना अधिकारियों को बताया गया कि अब वे क्राइम स्पॉट पर टेबलेट लेकर पहुंचेंगे और सारी विवेचना ऑनलाइन दर्ज करेंगे। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिस इन्वेस्टिगेशन को आधुनिक तकनीक से अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है। जिले के सभी विवेचकों को पुलिस विभाग द्वारा टेबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कार्यशाला में सीसीटीएनएस विशेषज्ञ प्रधान आरक्षक नीरज सैनी और आरक्षक विनोद सांवले ने विवेचना को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की विस्तृत जानकारी दी। इन टेबलेट्स के माध्यम से ई-विवेचना ऐप और अन्य पुलिसिंग ऐप का उपयोग मैदानी स्तर पर इन्वेस्टिगेशन के दौरान किया जाएगा। बयान समेत केस डायरी अपडेट कर सकेगी पुलिसइन ऐप्स के जरिए केस डायरी लेखन, अपराध विवरण प्रपत्र, संपत्ति जब्त फॉर्म, गिरफ्तारी फॉर्म, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, पीएम फॉर्म और कथन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां तुरंत भरी जा सकेंगी। प्रशिक्षण में ई-विवेचना प्रणाली के माध्यम से जांच की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन दर्ज करने के तरीके बताए गए। विवेचकों को सीसीटीएनएस पोर्टल पर एफआईआर से लेकर विवेचना पूरी होने तक की जानकारी, केस डायरी, बयान, पंचनामा और दस्तावेजों का डिजिटल रूप से संग्रहण करने के बारे में भी अवगत कराया गया। इसमें केस डायरी को ऑनलाइन अपडेट करना, अरेस्ट, नोटिस, चार्ज शीट की एंट्री और कोर्ट में पेश किए जाने वाले दस्तावेजों की ऑनलाइन एंट्री शामिल है। सीसीटीएनएस प्रणाली का डेमो भी करके दिखाया गया।
मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों ने लंबित स्टाइपेंड संशोधन को लेकर विरोध तेज कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगे नहीं मानी जाती हैं तो वे सोमवार से ओपीडी सेवाएं नहीं देंगे। ऑपरेशन थिएटर (OT) में भी सिर्फ अति गंभीर मरीज होने पर ही सेवा देंगे। यानी प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों में हर्निया, रॉड इंप्लांट जैसे सामान्य ऑपरेशन के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) के अनुसार, सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन शासन के आदेश के अनुसार एक अप्रैल 2025 से लागू होना था। यह अब तक लागू नहीं किया है। कई बार निवेदन के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। इससे डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। JDA के नेतृत्व में करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न पिछले दो दिनों से शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हैं। फिलहाल डॉक्टर काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं। आदेश के बावजूद लागू नहीं हुआ संशोधन रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि मध्य प्रदेश शासन के 7 जून 2021 के आदेश अनुसार, सीपीआई आधारित स्टाइपेंड संशोधन एक अप्रैल 2025 से लागू होना था। इसके बावजूद अब तक न तो संशोधित स्टाइपेंड लागू किया गया है और न ही अप्रैल 2025 से देय एरियर का भुगतान किया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। काली पट्टी लगाकर कर रहे प्रतीकात्मक विरोध जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के नेतृत्व में प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। करीब 8 हजार रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न पिछले दो दिनों से काली पट्टी लगाकर काम कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनका उद्देश्य जनता और मीडिया का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करना है। रविवार को निकलेगा 'जस्टिस मार्च' विरोध के अगले चरण में रविवार को प्रदेश के विभिन्न शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसरों में ‘जस्टिस मार्च’ रैली आयोजित की जाएगी। इस दौरान रेजिडेंट डॉक्टर प्रेस वार्ता कर अपनी मांगों और समस्याओं को विस्तार से रखेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा और इसका उद्देश्य शासन का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित करना हैै। सोमवार से इलेक्टिव सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी रेजिडेंट डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकला तो सोमवार से मध्य प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में इलेक्टिव सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। हालांकि, डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो। आदेश के क्रियान्वयन की मांग जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन का कहना है कि उनका आंदोलन केवल शासन के पहले से जारी आदेश के क्रियान्वयन और लंबित एरियर के भुगतान की मांग को लेकर है। यदि सरकार जल्द निर्णय लेती है तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा, लेकिन मांगों की अनदेखी होने पर विरोध को आगे और तेज किया जा सकता है।
सस्ता टूरिज्म पैकेज देने के नाम पर ठगी करने वाले चार आरोपियों को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी सूरत के रहने वाले है। पिछले काफी वक्त से क्राइम ब्रांच आरोपियों की तलाश में जुटी थी। टीम ने सूचना मिलने के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो की तलाश अभी भी जारी है। शनिवार को क्राइम ब्रांच ने चारों के गिरफ्तार होने का खुलासा किया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि जुलाई 2025 आवेदक ने डीसीपी ऑफिस में ब्लू माउंटेन टूरिज्म कंपनी के खिलाफ ठगी की शिकायत की थी। बदमाशों ने टूरिज्म पैकेज देने के नाम पर क्रेडिट कार्ड से अनॉयथराइज ट्रांजेक्शन कर आवेदक के कार्ड पर EMI कर ठगी को अंजाम दिया था। टूरिज्म पैकेज नहीं मिलने पर आवेदक को ठगी का पता चला, जिसमें उसके साथ लगभग एक लाख रुपए का फ्रॉड हुआ था। ठगी का पता चलने के बाद आवेदन क्राइम ब्रांच पहुंचा था और मामले में शिकायत की थी। जांच में पता चला कि आरोपियों ने टूर एंड टूरिज्म कंपनी के नाम से फेक पैकेज देने के नाम पर ठगी की थी। उन्होंने क्रेडिट कार्ड से पैकेज अलॉट करने के नाम पर ट्रांजेक्शन किए थे। टीम को ये भी जानकारी मिली थी कि आरोपी ब्लू माउंटेन टूरिज्म कंपनी के नाम पर इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने बताया कि घटना के बाद से क्राइम ब्रांच की इन्वेस्टिगेशन टीम लगातार ट्रांजेक्शन के माध्यम से खातों को ट्रेस करते हुए आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया। इसमें साइबर तकनीक और मुखबिर सूचना का बड़ा योगदान रहा। क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में चार आरोपी आकाश, रिजवान, शाहिद, जुनैद सभी निवासी सूरत आ चुके है, जबकि इनके दो साथी भाविक और कपिल की तलाश की जा रही है। क्राइम ब्रांच की टीम आरोपियों से पूछताछ कर जानकारी निकाल रही है, और फरार आरोपियों की भी जानकारी निकाल रही है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में रहे जस्टिस धर्माधिकारी मद्रास हाईकोर्ट के अगले चीफ जस्टिस होंगे। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा के बाद गुरुवार को केंद्र के विधि एवं न्याय मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी किया। इसके साथ ही वे मप्र हाईकोर्ट से अन्य राज्यों में चीफ जस्टिस बनने वाले 17वें न्यायाधीश बन गए हैं। 8 जुलाई 1966 को रायपुर में जन्मे जस्टिस धर्माधिकारी का अपॉइंटमेंट मद्रास हाईकोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव के रिटायरमेंट के दिन 5 मार्च को हुआ है। 8 जुलाई, 1966 को रायपुर में जन्मे जस्टिस धर्माधिकारी ने 1992 में अपना लीगल करियर शुरू किया। उन्होंने दो दशकों से ज्यादा समय तक मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की, जिसमें सिविल, क्रिमिनल और कॉन्स्टिट्यूशनल मामले में सटीक पैरवी की। उन्होंने 2000 से 2015 तक यूनियन ऑफ इंडिया के लिए स्टैंडिंग काउंसिल के तौर पर काम किया। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल एक्साइज डिपार्टमेंट सहित कई सरकारी संस्थाओं और पब्लिक सेक्टर इंस्टीट्यूशन को सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल के तौर पर रिप्रेजेंट किया। जस्टिस धर्माधिकारी को 7 अप्रैल, 2016 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का एडिशनल जज अपॉइंट किया गया था और 17 मार्च, 2018 को परमानेंट जज के तौर पर कन्फर्म किया गया था। मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर प्रमोट होने से पहले, उन्हें 23 अप्रैल, 2025 को केरल हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया गया था। जज बनने से पहले जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में करीब 24 साल तक वकील के रूप में काम किया। अप्रैल 2025 में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर बताया था कि भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 222 के तहत उनके तबादले को मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 20 मार्च, 24 मार्च और 3 अप्रैल 2025 को हुई बैठकों में जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से केरल हाई कोर्ट में स्थानांतरित करने की सिफारिश की थी। मध्यप्रदेश से केरल ट्रांसफर होकर गए जस्टिस धर्माधिकारी ने गुरुवार को ही केरल स्टोरी टू मामले की भी सुनवाई की थी। जस्टिस अरविंद धर्माधिकारी उस बेंच (खंडपीठ) में शामिल थे, जिसने एकल जज के अस्थायी आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई की। उस आदेश में फिल्म 'द केरल स्टोरी 2 - गोज बियॉन्ड' की रिलीज 15 दिनों के लिए रोक दी गई थी। जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस पीवी बालकृष्णन की पीठ ने गुरुवार को देर शाम लगभग दो घंटे की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। फिल्म के प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह की ओर से एकल न्यायाधीश के अंतरिम आदेश के खिलाफ अपील दायर करने के बाद दलीलें सुनने के बाद पीठ ने टिप्पणी की कि फिल्म के सर्टिफिकेशन का विरोध करने वाली याचिकाएं जनहित याचिका (PIL) की प्रकृति की थीं।
जयपुर में होली के दौरान हुड़दंग और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत विधायकपुरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लग्जरी कार में ले जाई जा रही अवैध बीयर की खेप पकड़ी है। पुलिस ने 479 बोतल बीयर बरामद कर आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है। बीयर परिवहन में काम ली गई XUV-700 कार को भी जब्त कर लिया है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि धुलंड़ी के दिन पुलिस टीम इलाके में लगातार गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि संजय मार्ग स्थित दुर्गा बिजनेस सेंटर के पास एक XUV-700 कार में अवैध रूप से बीयर ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो कार की डिग्गी से कुल 20 पेटियों में भरी 479 बोतल बीयर बरामद हुई। इन्हें किया गिरफ्तार पुलिस ने मौके से आरोपी मोहित तिलवानी (21) निवासी सेक्टर-8, मंदिर मोड़ सर्किल, विद्याधर नगर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पुलिस से बचने के लिए लग्जरी कार का इस्तेमाल कर रहा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसकी चालाकी काम नहीं आई। नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने बीयर से भरी पेटियां और XUV-700 कार को जब्त कर लिया है। फिलहाल आरोपी से इतनी बड़ी मात्रा में बीयर कहां से लाई गई और इसके पीछे किसका नेटवर्क है, इस संबंध में पूछताछ की जा रही है।
बिलासपुर में एक आरक्षक अपने साथियों के साथ आधी रात को एक युवक के घर पहुंचा। उसने खुद को क्राइम ब्रांच का अफसर बताया। इसके बाद युवक को जबरदस्ती स्कार्पियो में बैठाकर ले गया और बंधक बनाकर नशीले पदार्थों के केस में फंसाने की धमकी देकर डेढ़ लाख रुपए की मांग की गई। आखिर में उन्होंने 54 हजार रुपए वसूल लिए और वहां से चले गए। उनके चंगुल से छूटने के बाद युवक अपने परिजन के साथ थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर पूर्व में पुलिस गाड़ी चलाने वाले चार युवकों को गिरफ्तार किया। यह घटना कोटा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, करगीखुर्द निवासी अभिषेक सिंह 26 फरवरी की रात करीब 12:05 बजे घर पर था। तभी अचानक उनके घर के सामने एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो-एन (CG 10-4800) और एक लाल रंग की स्विफ्ट (CG 10 BW) आकर रुकी। कार से चार लोग उतरे और खुद को क्राइम ब्रांच बता कर लगभग 50 मिनट तक घर के बाहर गाली-गलौज करते रहे। इस दौरान उन्होंने अभिषेक को फोन करके दरवाजा खुलवाया। जैसे ही अभिषेक बाहर आया, आरक्षक योगेश पांडेय ने उन्हें जबरन स्कॉर्पियो में बैठा लिया। नशे का सामान बेचने के आरोप में मांगे 1.50 लाख इस दौरान गाड़ी को उसके घर से करीब 1 किमी दूर ले जाकर युवकों ने खुद को रायपुर क्राइम ब्रांच का अफसर बताया। जिसके बाद उसे नशे का सामान बेचने की धमकी देते हुए केस दर्ज करने की चेतावनी दी। इस दौरान उससे 1 लाख 50 हजार रुपए की डिमांड की। कथित पुलिसकर्मियों ने धमकी देते हुए कहा कि पैसे नहीं देने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज देंगे। डरे-सहमे अभिषेक ने अपने परिजनों की मदद से 54 हजार रुपए दिया। तब जाकर उसे छोड़ा गया। उनके चंगुल से छूटने के बाद अभिषेक ने मामले की शिकायत कोटा थाने में की, जिस पर पुलिस ने सभी के खिलाफ धारा 308 (7), 319 (2), 296, और 3 (5) बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज कर लिया है। पटैता में वसूली करने पहुंचा फर्जी क्राइम ब्रांच अभिषेक को छोड़ने के बाद यह गिरोह कोरीपारा पटैता निवासी मनोज यादव के घर भी पहुंचा। वहां भी इन लोगों ने जमकर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। अभिषेक ने फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर बनकर काम करने वाले योगेश पांडेय (उर्फ भूरू), विनय साहू और देव बघेल की पहचान की है। इनके साथ अन्य युवक भी शामिल थे, जिनकी पहचान पुलिस कर रही है और उन्हें तलाशा जा रहा है। थानों में आउटसोर्स गाड़ियों के पूर्व ड्राइवरों की करतूत ग्रामीण इलाकों में जाकर पुलिस का आड़ लेकर फर्जी वसूली करने वालों में कोटा थाना समेत अन्य थानों में काम कर चुके आउटसोर्स के पूर्व ड्राइवर शामिल थे। पुलिस ने 4 ड्राइवरों को पकड़ लिया है और सभी से थाने में पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए सभी संदेहियों के कई रिश्तेदार भी पुलिस विभाग में पदस्थ हैं। उनके संरक्षण में ये लोग लगातार ग्रामीणों को डराकर धमकाकर वसूली करते थे।
होटल व्हाइट सीजन में चलता मिला जुआ:क्राइम ब्रांच ने मारा छापा, 15 जुआरी पकड़े, साढ़े तीन लाख रुपए जब्त
ग्वालियर में होलिका दहन के साथ ही पुलिस भी एक्शन मोड में आ गई है। क्राइम ब्रांच ने सोमवार रात होलिका दहन के बाद रात 10 बजे लोहिया बाजार स्थित होटल व्हाइट सीजन में जुए का खेल पकड़ा है। होटल के अलग-अलग कमरों में जुए के फड़ लगे थे। पुलिस ने होटल से 15 जुआरियों को पकड़ा है, जिनके पास से ताश की गड्डी और साढ़े तीन लाख रुपए बरामद किए गए हैं। पुलिस ने जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के बाद आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। ग्वालियर शहर के कोतवाली थाना स्थित लोहिया बाजार में होटल व्हाइट सीजन है। सोमवार रात को पुलिस को सूचना मिली थी कि होलिका दहन के साथ ही तीन दिन तक होटल में बड़े स्तर पर जुआ का फड़ लगाया जा रहा है। यह होलिका दहन के दिन से ही शुरू हो जाएगा। पुलिस अफसरों ने क्राइम ब्रांच की टीम को इस मामले में एक्शन लेने के लिए निर्देशित किया था। सोमवार रात 10 बजे कोतवाली थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए होटल में चल रहे जुए के अड्डे पर छापा मारकर 15 जुआरियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से 3 लाख 45 हजार रुपए नकद बरामद किए। पकड़े गए सभी आरोपियों पर जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह पकड़े गए सोमवार रात होटल व्हाइट सीजन से जुआ खेलते हुए पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनोज शर्मा, सोनू पाल, सचिन कुमार, गजेंद्र बघेल, रेशु शर्मा, दुर्गेश किरार, आरिफ खान, तरुण अग्रवाल, बलवीर शर्मा, वीरू पाल, गौरव सिंह, राजेंद्र धाकड़ और मनीष शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया कि लोहिया बाजार में एक होटल से जुआ का फड़ चलते पकड़ा गया है। 15 आरोपियों को ताश खेलते हुए पकड़ा था और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
बंदर मूवी प्रिव्यू: सच्ची घटना से प्रेरित बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर
अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘बंदर: मंकी इन अ केज’ एक सच्ची घटना से प्रेरित क्राइम-थ्रिलर है। बॉबी देओल मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का प्रीमियर 2025 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ और यह 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर 'दलदल' में सबसे खौफनाक विलेन बन सकती हैं भूमि पेडनेकर
भूमि पेडनेकर ने अब तक ऐसे किरदार निभाए हैं जो बेहद वास्तविक और भरोसेमंद लगे हैं। लेकिन उनकी साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर ‘दलदल’ शायद वह सरप्राइज़ है, जिसका इंतज़ार दर्शक कर रहे थे। ट्रेलर में भूमि को डीसीपी रीटा फरेरा के रूप में पेश किया गया है, जो एक ...
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी नई हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह ट्रेलर कुछ दिन पहले आए असरदार और बेचैन कर देने वाले टीज़र के बाद रिलीज हुआ है, जिसे अपनी अलग और डरावनी झलक के लिए खूब सराहना मिली थी।
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर 'दलदल' का टीजर रिलीज, इस दिन प्राइम वीडियो पर होगा प्रीमियर
प्राइम वीडियो ने अपनी हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' की दुनिया भर में प्रीमियर की डेट रिलीज कर दी है। यह सीरीज 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। इसके साथ ही 'दलदल' का जबरदस्त, खौफनाक टीज़र भी जारी किया गया है। विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी ...
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
एमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने अपनी आगामी थियेट्रिकल रिलीज फिल्म 'निशांची' का धमाकेदार फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। अजय राय और रंजन सिंह द्वारा जार पिक्चर्स के बैनर तले, फ्लिप फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस की गई ये फिल्म एक रोमांचकारी ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
अनुराग कश्यप लेकर आए क्राइम ड्रामा फिल्म निशांची, इस दिन सिनेमाघरों में होगी रिलीज
अनुराग कश्यप एक नई गहन क्रामइ ड्रामा फिल्म 'निशांची' लेकर आ रहे हैं। अमेजन एमजीएम स्टूडियो ने इस फिल्म का टीजर शेयर करते हुए इसकी थिएट्रिकल रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित ये फिल्म हालात को हूबहू पर्दे पर उतारने वाली और ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम फ्री धड़कपुर से चोरी हुई बाइक, प्राइम वीडियो की सीरीज दुपहिया का मजेदार ट्रेलर हुआ रिलीज
web series dupahiya trailer: प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी ओरिजिनल सीरीज 'दुपहिया' का दिलचस्प ट्रेलर जारी कर दिया है। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी द्वारा उनके बैनर बॉम्बे फिल्म कार्टेल के तहत रचित और कार्यकारी निर्मित है। यह सीरीज़ एक काल्पनिक ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
Mirzapur 3 के बाद Prime Video ने किया एक और क्राइम-थ्रिलर सीरीज का एलान, 'मटका किंग' बनकर धूम मचाएगा ये एक्टर
गशमीर महाजनी और Surbhi Jyoti की नई क्राइम-थ्रिलरसीरीज Gunaah का टीजर हुआ लॉन्च, जाने कब और कहां होगी स्ट्रीम
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
Nikkhil Advani BirthdaySpecial :रोमांस-क्राइम और थ्रिलर के बेताज बादशाह है निखिल अडवानी, पढ़िए उनका पूरा फिल्मी सफरनामा
Salman Khan फायरिंग मामले में पुलिस को मिली अबतक की सबसे बड़ी कामयाबी, क्राइम ब्रांच के हाथ लगे दो और अपराधी
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में अहम घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी. इस सप्ताह की शुरुआत में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोलीबारी की घटना में इस्तेमाल की गई दूसरी बंदूक बरामद की। सूरत की तापी नदी से तीन मैगजीन के साथ बंदूक बरामद की गई। इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया 16 अप्रैल को कच्छ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। बाद में, शहर की एक अदालत ने गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दोनों आरोपियों को 25 अप्रैल तक मुंबई अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पहचान बिहार के विक्की गुप्ता (24) और सागर पाल (21) के रूप में हुई, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। इसे भी पढ़ें: काला जादू- टोना-टोटका करने का Kangana Ranaut पर आरोप लगाने के बाद अब एक्ट्रेस के बारे Adhyayan Suman क्या सोचते है? मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच अभी भी जारी है मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। अनजान लोगों के लिए, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार की धमकियों के बाद 2022 में सलमान की सुरक्षा का स्तर वाई-प्लस तक बढ़ा दिया गया था। अभिनेता को व्यक्तिगत बन्दूक ले जाने के लिए भी अधिकृत किया गया था और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उन्होंने एक नया बख्तरबंद वाहन भी खरीदा है।
Salman Khan फायरिंग केस में आया बिलकुल तड़कता-भड़कता अपडेट,मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथ लगा एक और पुख्तासबूत
Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा
रोंगटे खड़े कर देंगी सीरियल किलर्स पर बनी ये क्राइम-थ्रिलर, खून ख्राबार देखकर उड़ जाएगी रातों की नींद
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Salman Khan फायरिंग केस में आया नया मोड़! भाईजान कोमारना नहीं था शूटर्स का मकसद,क्राइम ब्रांच ने किया चौकाने वाला खुलासा
Salman Khan के घर हुईफायरिंग के केस में क्राइम ब्रांच को मिली बड़ी सफलता, इस राज्य में पकड़े गए दोनों आरोपी
धमाकेदार बीतने वाला है अप्रैल का ये हफ्ता, क्राइम-थ्रिलर के साथ देशभक्ति का तड़का लगाने आ रही है ये धांसूफिल्में और सीरीज
मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, सलमान के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर दबोचे
Salman Khan House Firing: एक्टर सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को भुज से गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई क्राइम ब्रांच को ये कामयाबी मिली. आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं. रविवार को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग कर भुज फरार हो गए थे. देखें ये वीडियो.
Salman Khan के घर हुई फायरिंग मेंक्राइम ब्रांच के हाथ लगी बड़ी सफलता,नवी मुंबई में पकड़े गए 2 संदिग्ध
सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जांच करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच, इन धाराओं में दर्ज किया केस
Salman Khan firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर रविवार तड़के दो अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले के बाद हर कोई सलमान खान की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहा है। बांद्रा पुलिस ने दो अज्ञात शख्स के ...
April में OTT पर तहलका मचाने आ रही है ये धमाकेदार फिल्में और सीरीज, मिलेगा एक्शन से लेकर क्राइम-थ्रिलर तक का मजा
क्राइम-थ्रिलर कंटेंट देखने के है शौकीन! तो फौरन देख डाले UP के माफियाओं पर बनी येवेब सीरीज,खौफनाक कहानियां खड़े कर देंगी रोंगटे

