भोपाल में साइबर क्राइम ब्रांच ने बड़े फर्जी सिम रैकेट का खुलासा करते हुए दो पीओएस एजेंटों को मंगलवार गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक ही व्यक्ति के चेहरे का उपयोग कर करीब 246 फर्जी सिम कार्ड जारी किए। इन सिम कार्ड्स को अलग-अलग नाम और पतों पर एक्टिवेट किया गया, जिससे इनके साइबर अपराधों में इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। मामले का खुलासा “ऑपरेशन FACE” के तहत की गई कार्रवाई में हुआ, जो फर्जी सिम नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए चलाया जा रहा है। फर्जी दस्तावेजों से सिम एक्टिवेशन का खेल जांच में सामने आया कि आरोपी ग्राहकों के आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी अपने पास रख लेते थे और उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अलग-अलग नामों से सिम जारी करते थे। एक ही व्यक्ति की फोटो लगाकर करीब 250 सिम एक्टिवेट की गईं। आरोपियों ने यह काम कमीशन और कंपनी के इंसेंटिव के लालच में किया। साइबर क्राइम के मुताबिक, 2023 में दूरसंचार विभाग द्वारा एआई आधारित फेसियल रिकग्निशन टूल के जरिए ऐसे संदिग्ध कनेक्शनों की पहचान की गई थी, जिनमें एक ही चेहरे पर 50 से अधिक सिम सक्रिय पाए गए। इसी इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए भोपाल में यह गिरफ्तारी की गई। AI से खुली पोल एआई तकनीक ने फर्जी सिम एक्टिवेशन के बड़े नेटवर्क की पोल खोल दी। इस कार्रवाई की शुरुआत दूरसंचार विभाग (DOT) द्वारा 2023 में एआई (Artificial Intelligence) आधारित फेसियल रिकग्निशन टूल (ASTR) के जरिए संदिग्ध मोबाइल सिम धारकों का डाटा उपलब्ध कराए जाने से हुई। इस डाटा में ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें एक ही व्यक्ति के चेहरे का उपयोग कर अलग-अलग नाम और पतों पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड एक्टिव पाए गए। इसी इनपुट के आधार पर भोपाल में सक्रिय फर्जी सिम रैकेट का खुलासा हुआ। साइबर क्राइम ब्रांच ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए जांच आगे बढ़ाई और एक ही चेहरे पर सैकड़ों सिम जारी करने के इस संगठित खेल का पर्दाफाश किया। तकनीकी विश्लेषण से पकड़े गए आरोपी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और डेटा एनालिसिस के आधार पर जहांगीराबाद निवासी देवेंद्र यादव और इतवारा क्षेत्र निवासी सैफ कुरैशी को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। दोनों आरोपी पीओएस एजेंट के रूप में काम करते थे और सिम बेचने के बदले मिलने वाले इनाम के लालच में इस अवैध गतिविधि में शामिल हुए। अन्य साथियों की तलाश जारीपूछताछ में आरोपियों ने अपने एक साथी के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने की बात कबूल की है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का उपयोग किन-किन साइबर अपराधों में किया गया। ऐसे रखें सावधानी पुलिस ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सिम जारी कराते समय यदि विक्रेता बार-बार प्रक्रिया दोहराने को कहे तो सावधान रहें। अपने आधार कार्ड पर जारी सिम की संख्या की जानकारी दूरसंचार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से ली जा सकती है। साइबर अपराध की किसी भी घटना की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या भोपाल साइबर क्राइम के नंबर 9479990636 पर दी जा सकती है।
बूंदी के नैनवां स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छात्राओं को साइबर क्राइम और उससे बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता न्यायिक अधिकारी अलका मीना थीं। उन्होंने छात्राओं को साइबर क्राइम के विभिन्न स्वरूपों से अवगत कराया और उनसे निपटने के लिए कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। मीना ने छात्राओं को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर स्कूल प्रिंसिपल डॉ. फरनाज़ सिद्दीकी और समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन रवि प्रकाश पालीवाल ने किया। अंत में न्यायिक अधिकारी ने विद्यालय को कोर्ट वाली दीदी नामक एक शिकायत एवं सुझाव पेटिका भेंट की। उन्होंने छात्राओं को इस पेटिका के उपयोग के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। कंटेंट- अश्विनी शर्मा, नैनवां।
फरीदकोट में जिला पुलिस द्वारा एसएसपी डॉ प्रज्ञा जैन के नेतृत्व में न सिर्फ अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी है बल्कि जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, गांवों और मोहल्लों में लोगों को जागरूक करने के लिए एक प्रेरणादायक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत जिला कम्युनिटी पुलिस अफसर एसपी हेडक्वार्टर मनविंदर बीर सिंह और डीएसपी (सीएडब्ल्यू) जगतार सिंह की निगरानी में अलग-अलग स्थानों पर जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों को किया जागरूक इसी कड़ी में पंजाब पुलिस महिला मित्र टीमों द्वारा गांव कोहारवाला, राउवाला, रण सिंह वाला समेत कई अन्य गांवों में विशेष जागरूकता सेमिनार आयोजित किए गए। इन सेमिनारों में युवाओं, बच्चों और महिलाओं को घरेलू हिंसा की रोकथाम, बाल विवाह के प्रति जागरूकता, सांझ केंद्रों की भूमिका तथा साइबर क्राइम के नए खतरनाक रुझानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। हेल्पलाइन नंबर 112 और 1098 के बारे में दी जानकारी इसके साथ ही लोगों को हेल्पलाइन नंबर 112 और साइबर क्राइम से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त की जा सके। इस मौके पर नशों के खिलाफ लोगों को जागरूक करते हुए कहा गया कि नशों के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। नशे के दूर रहने की अपील लोगों से अपील की गई कि वे नशों से दूर रहें और इस सामाजिक बुराई के खात्मे में अपना योगदान दें। इसके अलावा सेफ पंजाब एंटी-ड्रग हेल्पलाइन नंबर 97791-00200 और एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन कॉल/व्हाट्सऐप नंबर 93946-93946 के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस ने की लोगों से अपील पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की कि यदि उन्हें नशों या किसी अन्य अपराध से संबंधित कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी थाने से संपर्क करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
डूंगरपुर जिले के 19 सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को विधिक साक्षरता और जागरूकता का संदेश दिया गया। इस दौरान न्यायाधीशों ने शिक्षक बनकर बच्चों को कानून का पाठ पढ़ाया। मुख्य रूप से साइबर अपराधों, मोबाइल और सोशल साइट्स के दुरुपयोग से बचने के तरीके बताए गए। जागरूक रहने की सलाहशहर के महारावल सीनियर स्कूल में जिला न्यायाधीश दीपा गुर्जर ने छात्रों को साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक रहने की सलाह दी। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण न्यायालय के विशिष्ट न्यायाधीश मोहम्मद आरिफ ने राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिलड़ी में ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके समझाए। बेटियों की सुरक्षा और जागरूकता पर चर्चापारिवारिक न्यायालय की न्यायाधीश नीतू आर्य ने देवेंद्र गर्ल्स स्कूल में बेटियों की सुरक्षा और जागरूकता पर बात की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज मीणा ने स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में फ्रॉड कॉल से बचने के लिए जागरूक रहने की सीख दी। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल बलवाड़ा में सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग के प्रति छात्रों को सचेत किया। स्कूलों में 'कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी' स्थापित कीइस एक दिवसीय कार्यक्रम में कुल 19 स्कूलों में न्यायाधीशों और विधिक जागरूकता से जुड़े अधिकारियों ने बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। न्यायाधीशों ने बच्चों की समस्याओं को भी सुना। स्कूलों में 'कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी' स्थापित की गई है, जिसमें बच्चे अपनी समस्याएं लिखकर डाल सकेंगे। इन शिकायतों पर न्यायाधीश विचार करेंगे और समाधान के प्रयास किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में जूनियर लीगल लिटरेसी क्लब की स्थापना भी की जाएगी।
कोटा में साइबर जागरूकता अभियान के तहत 52 जुडिशल ऑफिसर स्कूलों में जाकर बच्चों को जानकारी दे रहे है। जिले में 700 सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का चयन किया गया है। जिला जज सत्यनारायण व्यास सुबह 8 बजे स्वामी विवेकानंद नगर इलाके में मां भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्टूडेंट्स को सोशल मीडिया, इंटरनेट यूज के उपयोग और बचाव के बारे में जानकारी दी। स्कूल में ‘कोर्ट वाली दीदी’ के नाम से एक बॉक्स भी रखा गया हैं। निजी जानकारी सोशल मीडिया पर न करें शेयर जिला जज सत्यनारायण व्यास ने कहा कि आपके फोटो और नाम का दुरूपयोग हो रहा है। कोई आपके नाम से धमकी भरा मैसेज भेज रहा है, ये साइबर मिसयूज है। अनजान व्यक्ति परिवार के बारे में जानकरी मांग रहा है, ये भी साइबर मिस यूज है। हमें इसको पहचनाना है और सतर्क रहना है। सोशल मीडिया और इंटरनेट के खतरे भी बहुत है। वर्तमान समय में ये एक बहुत बड़ी बीमारी है। सोशल मीडिया पर आपकी जानकारी सार्वजनिक हो जाती है, कही घूमने जा रहे है और सोशल मीडिया पर सूचना डाल दी, पीछे से चोरी हो जाती है। निजी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर न करें। सोशल मीडिया को केवल अपने हित के लिए यूज करें। जिला जज बोले- चुप रहने से अपराध बढ़ता है जिला जज ने कहा कि अगर आपके पास कोई मैसेज, फोन आता है तो तुरंत अपने पेरेंट्स और टीचर को बताए। स्कूल में शिकायत बॉक्स में आपकी समस्या लिख कर डाले। स्क्रीन शॉट लेकर भी शिकायत कर सकते हो। जिला विधिक सेवा प्राधिकारण आपकी सेवा और सुरक्षा के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि चुप रहने से अपराध बढ़ता है। सतर्क रहे जागरूक रहे, मोबाइल के प्रयोग से सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि सप्ताह के पहले और तीसरे मंगलवार को बच्चों को इसके बारे में जानकारी देने के लिए अभियान चलाया है। छोटी सी लापरवाही साइबर क्राइम का कारण बन सकती डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विभा आर्या ने बताया कि आज के डिजिटल दौर में बच्चों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का सीमित और सुरक्षित उपयोग करना बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती है। ‘कोर्ट वाली दीदी’, पेटी में लिखकर शिकायत डाल सकते करीब आधे घंटे से ज्यादा समय तक चले सत्र में उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेलिंग और परिचित बनकर ठगी जैसे मामलों से बचने के उपाय बताए। उन्होंने समझाया कि किस तरह अपराधी बच्चों को मानसिक रूप से दबाव में लेकर उनसे गलत जानकारी या पैसे हासिल करने की कोशिश करते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्कूल में एक कंप्लेंट बॉक्स भी रखा गया, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी शिकायत गुप्त रूप से डाल सकेंगे। महिला जज दो दिन बाद फिर स्कूल आकर इन शिकायतों को कलेक्ट करेंगी। इसी तरह पूरे कोटा शहर के विभिन्न स्कूलों में न्यायिक अधिकारियों ने पहुंचकर विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक किया।
न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने नसीहत दी कि बच्चे सोशल मीडिया की दुनिया छोड़कर किताबों की तरफ बढ़ें। इसके अलावा मैदानी खेलों जैसे-कबड्डी, क्रिकेट, बैडमिंट खेलें, मोबाइल गेम्स नहीं। दरअसल, मंगलवार को प्रदेशर में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान की शुरुआत की गई। इसके तहत मंगलवार को बांसवाड़ा शहर के राजकीय नूतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा- साइबर अपराध की दुनिया बहुत खतरनाक है। अश्लील फोटो या वीडियो डाउनलोड करना, शेयर करना या किसी को भेजना गंभीर अपराध है, जिससे बचना मुश्किल होता है। जज बाले-मोबाइल नशा है, भविष्य बिगाड़ सकता है कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने विद्यार्थियों को मोबाइल के खतरों से आगाह करते हुए जीवन में अनुशासन का महत्व समझाया। न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मोबाइल फोन एक ऐसी लत है, जिसे एक बार हाथ में लेने पर बार-बार चलाने का मन करता है। मोबाइल के ज्यादा यूज करने से दिमाग कार्यक्षमता और मेमोरी को नुकसान होता है। बच्चों में मोबाइल के कारण चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन की गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं। देर रात तक मोबाइल चलाने से स्वास्थ्य बिगड़ता है, इसलिए समय पर सोना और जागना अनिवार्य है। पेरेंट्स को भी मैसेज- बच्चों पर नजर रखें न्यायाधीश ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों द्वारा किए जा रहे मोबाइल के उपयोग पर पैनी नजर रखें और समय-समय पर उनके फोन चेक करें ताकि बच्चे किसी गलत दिशा में न भटकें। ये जागरूकता अभियान मंगलवार को प्रदेश के 14 स्कूलों में आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव कौशल सिंह ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। वहीं प्रत्येक मंगलवार को न्यायिक अधिकारी स्कूलों में जाकर छात्रों को साइबर क्राइम से जागरूक करेंगे। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कौशल सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी जयदीप पुरोहित, संस्था प्रधान कालूराम खांट सहित स्कूल का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
हरियाणा राज्य चुनाव आयोग (HSEC) द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशानुसार यदि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज एवं लंबित हैं या जिन मामलों में उन्हें पहले दोषी ठहराया गया हैं, उन्हें ऐसे मामलों के बारे में कम से कम एक हिंदी और एक इंग्लिश सहित 2 अखबारों में एक घोषणा प्रकाशित करनी होगी। नगर पालिकाओं के चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को पहले ही ऐसे उम्मीदवारों को खड़ा करने वाले राजनैतिक दलों को निर्देश जारी किए थे, जिनके खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज एवं लंबित हैं या जिन मामलों में उन्हें पहले दोषी ठहराया गया है। नाम वापसी के अगले दिन देनी होगी जानकारी हरियाणा राज्य में अब यह घोषणा प्ररुप 1-क में उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तारीख के अगले दिन से और मतदान की तारीख से दो दिन पहले तक कम से कम तीन बार प्रकाशित करवाई जानी होगी। ऐसे सभी उम्मीदवारों को उन अखबारों की कॉपी भी जमा करनी होगी। उदाहरण स्वरूप अगर नाम वापस लेने की अंतिम तिथि महीने की 10 तारीख है और मतदान की तिथि महीने की 20 तारीख है, तो यह घोषणा महीने की 11 से 18 तारीख तक अलग-अलग तीन तारीखों पर अवश्य पब्लिश की जानी चाहिए। इस समय के दौरान अपराधिक मामले वाले सभी उम्मीदवारों को लोकल टीवी चैनल या केबल नेटवर्क पर यह घोषणा अवश्य प्रकाशित करवानी होगी। वहीं मतदान खत्म होने के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पहले पूरी की जानी चाहिए। राजनीतिक दलों को करना होगा पालन राजनैतिक दलों द्वारा खड़े किए गए अपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों के मामले में, चाहे वे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल हो, ऐसे उम्मीदवारों को घोषणा करनी होगी कि उन्होनें इस बारे अपने सम्बन्धित राजनीतिक दल को भी अवगत करवा दिया है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल, जो ऐसे उम्मीदवारों को खड़ा करती है तो इनके बारे में उन्हें अपनी वेबसाइट के साथ-साथ लोकल टीवी चैनलों या लोकल में उपलब्ध केबल नेटवर्क और एक हिंदी और एक इंग्लिश कम से कम दो अखबारों में जिनका पंचायत समिति, जिला परिषद इलाके में ज्यादा से ज्यादा प्रसार हो। इस बारे में जानकारी देते हुए एक घोषणा प्रारुप ।-3 में प्रकाशित करनी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत को देनी होगी रिपोर्ट मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल, जो अपराधिक मामले वाले उम्मीदवार खड़े करती हैं, उन्हें संबंधित उपायुक्त-कम-जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत को एक रिपोर्ट देनी होगी। जिसमें बताया जाएगा कि उन्होंने इन निर्देशों की जरूरतें पूरी कर ली हैं। इस बारे में राजनैतिक दलों द्वारा प्रकाशित किए गए घोषणा वाले पेपर की कटिंग भी साथ में लगानी होगी। यह चुनाव खत्म होने के 30 दिनों के अंदर करना होगा। इन निर्देशों का पालन आने वाले समय में होने वाले सभी पंचायत आम चुनाव या उपचुनावों में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को करना होगा।
झज्जर जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए डीसीपी क्राइम धारना यादव ने विधिवत अपना कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आमजन की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और इस दिशा में पुलिस पूरी तरह से कटिबद्ध है। उन्होंने संकेत दिए कि जिले में अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही को लेकर नई रणनीति पर काम किया जाएगा। आमजन के लिए बनेगा सरल प्लेटफॉर्म डीसीपी धारना यादव ने कहा कि आम आदमी को अपनी शिकायत रखने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जहां लोग बिना झिझक अपनी बात रख सके। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाएगा, ताकि हर व्यक्ति को न्याय मिलने की प्रक्रिया तेज और प्रभावी हो सके। पुलिस-जनता के बीच मजबूत होगा रिश्ता उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पुलिस और आमजन के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा रहेगा। उनका मानना है कि जब तक जनता और पुलिस के बीच विश्वास नहीं होगा, तब तक कानून-व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत नहीं किया जा सकता, इसलिए वे ऐसी पुलिसिंग को बढ़ावा देगी, जिसमें संवाद, सहयोग और भरोसा तीनों प्रमुख आधार बने। पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर डीसीपी ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना बेहद जरूरी है। उन्होंने साफ किया कि हर कार्रवाई में जवाबदेही तय होगी और आमजन को यह भरोसा दिलाया जाएगा कि उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष और समय पर कार्रवाई हो रही है। इसके लिए आंतरिक मॉनिटरिंग सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा। साफ छवि के साथ काम करने के निर्देश धारना यादव ने पुलिस कर्मियों को संदेश देते हुए कहा कि वे अपनी साफ-सुथरी छवि बनाए रखें और ईमानदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि जब पुलिस की छवि सकारात्मक होगी, तभी जनता का विश्वास और सहयोग दोनों बढ़ेगा। उनका लक्ष्य है कि झज्जर पुलिस एक भरोसेमंद और जिम्मेदार संस्था के रूप में सामने आए। अपराध नियंत्रण पर रहेगा फोकस उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और मामलों का त्वरित निपटारा उनकी प्राथमिकता में शामिल रहेगा। इसके लिए पुलिस टीम को सक्रिय, सतर्क और जिम्मेदार तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि अपराधियों में कानून का डर बना रहे और आमजन खुद को सुरक्षित महसूस करे। सुरक्षित झज्जर, भरोसेमंद पुलिसिंग की ओर कदम कार्यभार संभालते ही डीसीपी धारना यादव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में झज्जर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उनका विजन साफ है—एक ऐसा वातावरण तैयार करना, जहां हर नागरिक खुद को सुरक्षित, सुना हुआ और न्याय के प्रति आश्वस्त महसूस करे।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम जशपुर से सड़क मार्ग से पहुंचे। सोमवार सुबह उन्होंने होमगार्ड के फायर यूनिट का निरीक्षण किया और फायर ब्रिगेड वाहनों का प्रदर्शन देखकर उनकी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जिले की पुलिसिंग की तारीफ करते हुए कहा कि आज के समय में पुलिस का मुख्य काम समाज का भरोसा जीतकर क्राइम को कंट्रोल करना है, और छत्तीसगढ़ पुलिस इस जिम्मेदारी को अच्छी तरह निभा रही है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दो फायर ब्रिगेड वाहन अभी रायगढ़ फायर स्टेशन में चल रहे हैं। इस पर DGP अरुण देव गौतम ने कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से बात की और वाहनों को जल्द सारंगढ़ भेजने के साथ वहां फायरमैन की व्यवस्था पर चर्चा की। इसके बाद DGP ने छठवीं वाहिनी का निरीक्षण किया और परिसर की साफ-सफाई के साथ जरूरी सुविधाओं में सुधार करने के निर्देश दिए। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि वे सरगुजा रेंज के दौरे पर जशपुर से रायगढ़ पहुंचे हैं। उन्होंने SSP शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में जिले की पुलिसिंग की सराहना की और होमगार्ड की फायर सर्विस की भी तारीफ की। DGP ने कहा कि साइबर अपराध को रोकने के लिए पुलिस म्यूल अकाउंट्स पर लगातार कार्रवाई कर रही है और CCTNS सिस्टम को बेहतर बनाने के साथ संसाधन भी बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नए सब-इंस्पेक्टरों की जल्द तैनाती से पुलिस बल और मजबूत होगा। पुलिस अधिकारियों को बैठक में कई निर्देश दिए डीजीपी ने रविवार शाम रक्षित केंद्र के ऑफिसर्स मेस में जिले के पुलिस अधिकारियों और थाना-चौकी प्रभारियों की अहम बैठक ली। बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग में नए तरीके अपनाने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए बेसिक व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बीट सिस्टम को मजबूत करने के निर्देश दिए और बताया कि इससे सही जानकारी मिलती है और अपराध रोकने में मदद मिलती है। बोले- थाना प्रभारी पीड़ितों की शिकायत स्वयं सुने DGP अरुण देव गौतम ने थाना और चौकी प्रभारियों को कहा कि वे हर शिकायतकर्ता और पीड़ित की बात खुद सुनें। इसके बाद तुरंत उचित कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को आम लोगों के साथ लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए और स्थानीय विवादों को समय पर शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना चाहिए। बैठक में DGP ने कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने, जनता का भरोसा बनाने और शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस की कार्यप्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष हो उन्होंने कहा कि न्यायालय के मामलों में समंस और वारंट समय पर पूरा किया जाए और विशेषज्ञों की रिपोर्ट समय पर कोर्ट में पेश की जाए, ताकि पीड़ितों को जल्दी न्याय मिल सके। बैठक में DGP ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि पुलिस का काम पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह होना चाहिए। किसी भी मामले में पक्षपात नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष पुलिसिंग से ही जनता का भरोसा बढ़ता है। इसलिए सभी थाना और चौकी प्रभारी अपने काम में ईमानदारी और पारदर्शिता बनाए रखें और कानून के अनुसार निष्पक्ष रूप से अपने दायित्व निभाएं।
न्यायमूर्ति नागरत्ना ने यह टिप्पणी पटना के चाणक्य विधि विश्वविद्यालय में आयोजित ‘डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मृति व्याख्यान’ के दौरान की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि संविधान की ताकत केवल नागरिकों को दिए गए अधिकारों में नहीं, बल्कि उसकी संस्थागत संरचना की मजबूती में भी निहित होती है।
मुंगेर में एक व्यवसायी से करीब 6 लाख रुपए मूल्य के सोने के जेवरात ठग लिए गए। यह घटना रविवार दोपहर कोतवाली थाना क्षेत्र के आजाद चौक पर हुई। एक अज्ञात युवक ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर बड़ी बाजार निवासी बच्चु पाहुजा को निशाना बनाया और 50 ग्राम सोने के जेवरात लेकर फरार हो गया। पीड़ित बच्चु पाहुजा ने पुलिस को बताया कि वह बाजार से घर लौट रहे थे, तभी आजाद चौक के पास युवक ने उन्हें रोका। युवक ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि इतने गहने पहनकर चलना सुरक्षित नहीं है। गहनों को सुरक्षित रखने का दिलाया भरोसा युवक की बातों में आकर पाहुजा ने अपनी सोने की चेन और अंगूठी उतार दी। ठग ने गहनों को सुरक्षित रखने का भरोसा दिलाया और उन्हें एक कागज में रखकर रुमाल में बांधने को कहा। इसी दौरान उसने चालाकी से असली गहनों की जगह पत्थर रख दिए और पोटली बदल दी। आरोपी ने पाहुजा को गहने सुरक्षित रखने की बात कहकर घर जाने को कहा और मौके से फरार हो गया। घर पहुंचने पर जब बच्चु पाहुजा ने पोटली खोली, तो उसमें गहनों की जगह पत्थर मिले। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने कोतवाली थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। लोगों से अज्ञात व्यक्ति के झांसे में न आने की अपील इस घटना के बाद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में न आएं और खुद को अधिकारी बताने वाले लोगों से सतर्क रहें। प्रशासन ने ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जागरूकता और सावधानी बरतने पर जोर दिया है। अगर ऐसी कोई सूचना आती है तो तुरंत 112 या लोकल पुलिस को जानकारी दें। वहीं इस घटना को लेकर प्रभारी थानाध्यक्ष रतन कुमार ने बताया कि पीड़ित के द्वारा थाना में आवेदन दिया गया है, घटना की जांच शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपी की पहचान करने का प्रयास जारी है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) संयोजक अरविंद केजरीवाल सोमवार को शराब घोटाले मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में खुद अपनी दलील रखेंगे। यह मामला CBI की उस याचिका पर से जुड़ा है, जिसमें ट्रायल कोर्ट से केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को राहत देने के आदेश को चुनौती दी गई है। रविवार को केजरीवाल और अन्य 22 पूर्व आरोपियों ने इस मामले की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को मामले से अलग (रिक्यूज) करने की मांग करते हुए आवेदन दाखिल किया है। आरोपियों ने कहा कि उन्हें शक है कि इस मामले की सुनवाई निष्पक्ष और तटस्थ तरीके से हो पाएगी। इसलिए मामले को दूसरी बेंच में ट्रांसफर किया जाए। रीक्यूजल का मतलब होता है कि कोई जज संभावित हितों के टकराव, पक्षपात या निष्पक्षता पर सवाल उठने की स्थिति में खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर ले। ट्रायल कोर्ट ने केजरीवाल सहित 23 आरोपियों को बरी किया था 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को राहत दे दी थी। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में CBI की जांच की कड़ी आलोचना भी की थी। ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ CBI की याचिका पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई की थी। उन्होंने 9 मार्च को कहा था प्राइमा फेसी (पहली नजर में) ट्रायल कोर्ट की टिप्पणियां गलत लगती हैं और उन पर विचार जरूरी है। साथ ही, जस्टिस शर्मा की बेंच ने ट्रायल कोर्ट की ओर से CBI के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश पर भी रोक लगा दी थी। केजरीवाल सुप्रीम कोर्ट तक जज बदलने की मांग कर चुके इसके बाद केजरीवाल ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय को लेटर लिखकर जज बदलने की मांग की और कहा कि ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ टिप्पणी करने का कोई स्पष्ट कारण दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जस्टिस शर्मा पहले इस मामले में कई आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर चुकी हैं, जबकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत दी। हालांकि, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पहले ही केजरीवाल की यह मांग खारिज कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि खुद जज ही तय करेंगे कि उन्हें सुनवाई से अलग होना है या नहीं। इसके बाद केजरीवाल ने जस्टिस शर्मा की टिप्पणियों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में अलग से विशेष अनुमति याचिका (SLP) भी दाखिल की है। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। बरी होने पर केजरीवाल ने कहा था- मैंने सिर्फ ईमानदारी कमाई 27 फरवरी को बरी होने के बाद कोर्ट से बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा- मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज ये साबित हो गया कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं। वहीं, कोर्ट के फैसले पर मनीष सिसोदिया ने कहा- हमें एक बार फिर गर्व हो रहा हैं अपने संविधान पर और बी.आर. अंबेडकर पर, जिन्होंने हमें ऐसा संविधान दिया। सच की फिर से जीत हुई है। पूरी खबर पढ़ें… ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… केजरीवाल बोले- कोर्ट का फैसला भाजपा के मुंह पर तमाचा:हमें खत्म करने के लिए मोदी खुद इस केस की मॉनिटरिंग कर रहे थे आम आदमी पार्टी(AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शराब घोटाले में कोर्ट का फैसला भारतीय जनता पार्टी के मुंह पर जोरदार तमाचा है। उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर 1 मार्च को एक रैली में कहा कि AAP को खत्म करने के लिए मोदी जी खुद इस केस की मॉनिटरिंग कर रहे थे। उन्होंने मोदी और शाह पर 4 साल तक परेशान करने का आरोप लगाया। पूरी खबर पढ़ें…
इंदौर पुलिस महकमे में थाना प्रभारी स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। डीसीपी मुख्यालय के आदेश के तहत तीन प्रमुख थानों में नए टीआई की पदस्थापना की गई है, जबकि वर्तमान प्रभारियों को क्राइम ब्रांच भेजा गया है। कमिश्नर संतोष सिंह के निर्देश पर भंवरकुआं थाने की जिम्मेदारी अब संतोष दूधी को सौंपी गई है। यह इलाका छात्र बहुल और संवेदनशील माना जाता है, इसलिए उनकी नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। वहीं, हित गोपाल यादव को अन्नपूर्णा थाना प्रभारी बनाया गया है। वे पहले भंवरकुआं थाने के लिए प्रयासरत थे, लेकिन अजय नायर के स्थान पर उन्हें अन्नपूर्णा भेजा गया। इसी तरह, पीएल शर्मा को सदर बाजार थाने की कमान दी गई है। उन्हें पहले हीरानगर से हटाकर क्राइम ब्रांच भेजा गया था और तब से वे नई पदस्थापना की प्रतीक्षा में थे। इधर, भंवरकुआं से राजकुमार यादव, अन्नपूर्णा से अजय नायर और सदर बाजार से यशवंत बड़ोले को क्राइम ब्रांच में स्थानांतरित किया गया है। तीनों को क्राइम ब्रांच भेजना विभागीय प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, हालांकि अधिकारियों के बीच उनके कामकाज को लेकर कुछ समय से नाराजगी भी थी। बताया जा रहा है कि तीनों की जनता से संवाद कम था।
गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की तीन टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर नशा बेचने वालों की झुग्गियों पर बुलडोजर चला दिया। इन्होंने सरकारी भूमि पर अवैध रूप से झुग्गियां बना रखी थी और यहीं से शहर भर में नशा सप्लाई करते थे। रविवार को दोपहर में पुलिस की टीमों ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट आरएस बाठ के साथ सेक्टर-44 के गांव कन्हई, जज एन्क्लेव के पीछे स्थित गांव वजीराबाद और गांव झाड़सा में पहुंचकर बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने इन इलाकों में बनी 500 से ज्यादा अवैध झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया। ये झुग्गियां सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाई गई थीं, जहां नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी का अड्डा बन गया था। इन झुग्गियों से आसपास के इलाके में नशे का प्रसार हो रहा था, जिससे युवाओं पर बुरा प्रभाव पड़ रहा था। इन आरोपियों ने बना रखी थी झुग्गियां यहां पर नशा कारोबार के आरोपी जगत, एक्सटॉर्शन का आरोपी मदन और एक अन्य व्यक्ति द्वारा बनाई गई झुग्गियों पर कार्रवाई की गई। आरोपी जगत बंधु उर्फ जगत पर करीब 8 आपराधिक केस दर्ज हैं। इन मामलों में चोरी, अवैध गतिविधियां और NDPS एक्ट के तहत दर्ज संगीन अपराध भी शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है और स्थानीय स्तर पर दहशत का माहौल बना रखा था। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात क्राइम ब्रांच की टीमों ने पहले इन झुग्गियों को नशा कारोबारियों से जोड़कर चिन्हित किया और फिर प्रशासनिक सहयोग से बुलडोजर एक्शन लिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। झुग्गियों में रहने वाले लोगों को पहले ही सूचना दे दी गई थी। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई अपराधियों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। नशा माफिया और अवैध कब्जा करने वालों पर लगातार नकेल कसी जा रही है। इस एक्शन से इलाके में नशे के कारोबार पर अंकुश लगने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इंदौर में साइबर फ्रॉड के दो अलग-अलग मामलों में क्राइम ब्रांच भी एक्टिव हो गया है। क्राइम ब्रांच की टीम पुलिस के साथ मिलकर आरोपियों की तलाश कर रही है। दो अलग-अलग मामलों में हुई 15 लाख की ठगी के मामले में एक दर्जन से ज्यादा खातों को ब्लॉक कराया जा चुका है। अब पुलिस खातों और संबंधित नंबरों की डिटेल निकालने के साथ ही टेक्निकल एविडेंस भी कलेक्ट कर रही है। दरअसल, इंदौर में दो अलग-अलग मामलों में पुलिस के साथ मिलकर क्राइम ब्रांच भी जांच में जुट गई है। एरोड्रम और पलासिया पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच भी काम कर रही हैं। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में रहने वाले रिटायर्ड अफसर अशोक कुमार को स्कॉटलैंड से डॉ.लिसा डेविस ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। दोनों की दोस्ती अच्छी होने पर लिसा ने स्कार्टलैंड से रिटायर्ड अफसर के लिए गिफ्ट भेजने की बात कहीं थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से फर्जी कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को कस्टम वाला बताते हुए पार्सल आने की बात कहीं। पार्सल में डॉलर्स होने की बात कहते हुए बदमाश ने इन डॉलर्स को कनर्वट करने को कहा और कनर्वशन प्राइजिंग प्रोसेसिंग फीस जमा करने की बात कहीं। इस प्रकार बदमाशों ने अलग-अलग कारण बताकर उनसे 10 लाख 43 हजार रुपए की ठगी कर दी। इस पर रिटायर्ड अफसर ने एरोड्रम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं दूसरा मामला पलासिया थाना क्षेत्र का है। यहां एक बिजनेस मैन सार्थक ने ऑनलाइन बॉडी मसाजर पसंद किया और संबंधित वेबसाइड पर जाकर 899 रुपए का ऑनलाइन पैमेंट कर प्रोडक्ट ऑर्डर कर दिया। बिजनेस मैन का प्रोडक्ट तो नहीं आया, लेकिन उन्हें बदमाश का कॉल आया, जिसमें सामने वाले ने उन्हें पैमेंट का ट्रांजेक्शन फेल होने सहित अन्य बातों का झांसा देकर 10 से 11 बार प्रोसेसिंग करा ली और 5 लाख 41 हजार रुपए ठग लिए। जिसके शिकायत उन्होंने थाने पर की। एक दर्जन से ज्यादा खाते ब्लॉक किए एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि दोनों ही मामलों में पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम भी जांच कर रही है। दोनों ही मामलों को मिलकर एक दर्जन से ज्यादा खाते ब्लॉक करा दिए हैं, जिनमें पैसों का ट्रांजेक्शन हुआ है। क्राइम ब्रांच की टीम दोनों ही थानों की पुलिस के साथ मिलकर खातों की डिटेल निकाल रही है। इसके साथ ही जिन नंबरों से फरियादियों को कॉल आए थे, सोशल मीडिया अकाउंट के साथ ही अन्य टेक्निकल एविडेंस के आधार पर जांच की जा रही है। इधर, दंडोतिया ने अपील की है कि वे ऑनलाइन शॉपिंग करने के दौरान सावधान रहे और सोशल मीडिया पर अनजान फ्रेंड रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट ना करें।
कार्रवाई:भेल के 3000 खंडहर बने क्राइम कैपिटल' मिर्च पाउडर, चाकू सहित 6 बदमाश पकड़े
भोपाल में भेल के हजारों क्वार्टर पिछले 10 साल से अधिक समय से खंडहर हालत में पड़े हैं। वे असामाजिक तत्वों के छिपने का ठिकाना बन गए हैं। भोपाल में भेल की करीब 4,479 एकड़ जमीन है। इस पर कुल 6,300 क्वार्टर हैं। इनमें से करीब 3 हजार क्वार्टर पूरी तरह खंडहर हो चुके हैं। राज्य सरकार लंबे समय से भेल के कब्जे से 1,146 हेक्टेयर जमीन वापस लेने की तैयारी कर रही है। जिला प्रशासन ने यह जमीन चिह्नित भी कर ली है। भेल की आपत्ति के चलते ये क्वार्टर खंडहर ही पड़े हैं। शुक्रवार को भेल के इन्हीं खंडहरों में दो युवकों के साथ लूट का वीडियो सामने आया था। दो बदमाशों ने चाकू की नोक पर उनसे लूट की थी। आरोपियों ने उनके मोबाइल और कैश लूटे थे। इसके बाद पुलिस ने शुक्रवार रात ही गोविंदपुरा थाना क्षेत्र के इसी खंडहर में शहर में डकैती की योजना बना रहे 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। बदमाशों में 2 नाबालिग भी, सभी शातिर भेल के खंडहर पड़े क्वार्टर में शुक्रवार को 6 आरोपी बिट्टन मार्केट में ज्वेलर्स की दो दुकानों पर डकैती की योजना बना रहे थे। इनमें 2 आरोपी नाबालिग हैं। आरोपियों के पास से मिर्च पाउडर, ताला तोड़ने के औजार, चार चाकू और 2 मोटरसाइकिल मिली हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके महंगे शौक हैं। इसी वजह से उन पर काफी ज्यादा कर्ज हो गया है। कर्ज उतारने के लिए वे डकैती की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में नागू नरवाडे (12 अपराध), मोहम्मद इकबाल (16 अपराध), संजय प्रजापति (9 अपराध), इरशाद खान (2 अपराध) और दो नाबालिग (4-4 अपराध) शामिल हैं। लूट करने वाले दोनों आरोपी पकड़े भेल के खंडहर क्वार्टर में शुक्रवार को लूट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। गोविंदपुरा थाना पुलिस ने लूट करने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने भेल के खंडहर में शराब पार्टी करने गए दो युवकों के साथ चाकू की नोक पर लूट की थी। आरोपी पूरब सुक्करबारे ने चाकू दिखाकर लूट की थी। वहीं, आरोपी आशीष खलको उर्फ मार्टिन घटना का वीडियो बना रहा था। आरोपियों ने दोनों युवकों से कैश और मोबाइल लूटे थे। बाद में पीड़ितों ने चार हजार रुपए की व्यवस्था करके उन्हें और दिए। तब बदमाशों ने मोबाइल लौटाए। लौटाया। भेल का भूगोल होती रहती हैं वारदातें पड़े भेल के इन खंडहर क्वार्टरों में आपराधिक गतिविधियां आए दिन होती रहती हैं। इन खंडहर क्वार्टरों में हत्या, दुष्कर्म और लूट जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। ऐसी कई घटनाएं पुलिस थानों में दर्ज हैं। इनमें नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं भी शामिल हैं। सवाल-जिम्मेदार कौन
छत्तीसगढ़ के DGP अरूण देव गौतम ने कहा कि प्रदेश में अब कहीं हथियारबंद नक्सली ग्रुप नहीं हैं। पुलिस के लिए साइबर क्राइम रोकना चुनौती है। छत्तीसगढ़ में नशे की मांग बढ़ी है। पुलिस सप्लाई लाइन काटने पूरा जोर लगा रही है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पुलिसिंग को ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सरगुजा में DGP अरूण देव गौतम ने संभाग के राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की बैठक ली और पुलिसिंग को ज्यादा प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। DGP ने कहा कि सरगुजा ग्रामीण डिविजन है। बड़ा इलाका गांव का क्षेत्र है। कई बार नजर नहीं पहुंच पाती है। पुरानी व्यवहारिक पुलिसिंग की तकनीक को लागू करने पर जोर दिया गया है। डीएसपी कैडर का थाना क्षेत्र पर बारीक पर्यवेक्षण हो। डीजीपी ने कहा कि सभी एसपी को गांव का निरीक्षण करने और कम्युनिटी से ज्यादा रिश्ते रखने के निर्देश दिए गए हैं। आईजी को कहा गया है कि एसडीओपी के कार्यों का निरीक्षण करते रहें। आने वाले समय में पुलिस की कार्यप्रणाली में बेहतर सुधार होगा। साइबर क्राइम बड़ी चुनौती डीजीपी ने कहा कि प्रदेश में साइबर क्राइम पुलिस के लिए नई चुनौती बनी है। दरअसल बड़ी संख्या में साइबर क्राइम के मामले आ रहे हैं। साइबर क्राइम से निबटने एवं मामलों को सुलझाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत पड़ रही है। अतिरिक्त क्षमता से काम करना पड़ रहा है। छत्तीगसढ़ में बढ़ी नशे की मांग डीजीपी गौतम ने कहा कि छत्तीगसढ़ में गांजा, अफीम ड्रग्स की सप्लाई को रोकने का काम पुलिस का है, लेकिन उतना ही जरूरी है कि समाज में ड्रग्स की डिमांड कम हो। हाल की रिपोर्ट बताती है कि छत्तीसगढ़ में गांजा की खपत बढ़ी है ऐसे में हमे सतर्कता बरतनी है। कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कभी बड़े पैमाने पर गांजा की खेती होती थी इसमें नक्सलियों का भी इंवॉलमेट था इसका पैसा नक्सलियों को भी जाता था। वर्तमान में गांजा की खेती और सप्लाई पर बहुत कंट्रोल किया गया है। अफीम की खेती रोकने पुलिस मुस्तैद डीजीपी अरूण देव गौतम ने कहा कि अफीम की खेती झारखंड, बिहार और राजस्थान के कुछ जानकार लोगों ने की। इस पर जोर दिया जा रहा है कि ग्रामीणों को झांसे में लेकर कोई अफीम की खेती न कर पाये। बाहरी लोग खेती के लिए जमीन लीज में लेकर अफीम की खेती कर रहे थे। उन्हें रोकने बड़े सतर्कता बरती जा रही है। डीजीपी की बैठक में सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा सहित संभाग के सभी जिलों के एसपी, एडिशनल एसपी, डीएसपी व राजपत्रित अधिकारी शामिल हुए।
टोंक: एसपी राजेश मीणा ने की क्राइम मीटिंग, अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
जिला पुलिस अधीक्षक ने थानाधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, रात्रि गश्त बढ़ाने और अपराधियों की निगरानी मजबूत करने के आदेश दिए।
सवाई माधोपुर: साइबर क्राइम टीम ने ठगी के 99,998 रुपये रिफंड कराए
म्यूल हंटर अभियान के तहत पुलिस ने बाबूलाल प्रजापत के खाते से एपीके फाइल भेजकर उड़ाए गए पैसे वापस दिलाए।
चुनाव आयोग जैसी संस्थाएं हों पूरी तरह स्वतंत्र, सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस नागरत्ना का बड़ा बयान
इंदौर में एक सीनियर सिटीजन को फेसबुक पर 'विदेशी महिला' से दोस्ती भारी पड़ गई। विदेशी महिला बनकर बात करने वाले साइबर ठगों ने गिफ्ट भेजने का झांसा देकर उनसे 10 लाख 43 हजार रुपए ठग लिए। मामले में एरोड्रम पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक ओम विहार कॉलोनी निवासी 67 वर्षीय अशोक कुमार (रिटायर्ड अधिकारी) को फेसबुक पर “डॉ. लिसा डेविस” नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। खुद को स्कॉटलैंड का बताने वाली महिला से बातचीत बढ़ी और दोस्ती गहरी हो गई। गिफ्ट के नाम पर शुरू हुआ खेल कुछ समय बाद महिला ने विदेश से गिफ्ट भेजने की बात कही। इसके बाद पीड़ित के पास दिल्ली एयरपोर्ट से कथित कस्टम अधिकारियों के फर्जी कॉल आने लगे। ठगों ने बताया कि पार्सल में डॉलर हैं, जिन्हें कन्वर्ट कराने के लिए प्रोसेसिंग फीस देनी होगी। अलग-अलग कारण बताकर आरोपी लगातार पैसे मांगते रहे और इस तरह 10.43 लाख रुपए ठग लिए। बेटे को बताया, तब खुला राज जब लगातार पैसे मांगे जाने लगे तो पीड़ित को शक हुआ और उन्होंने अपने बेटे को जानकारी दी। इसके बाद एरोड्रम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई, उन्हें ब्लॉक करा दिया है और आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है। पुलिस की सलाह: ऐसे बचें ‘कस्टम फ्रॉड’ से
मधुबनी जिले के जयनगर अनुमंडल क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। शुक्रवार शाम को डीएसपी कार्यालय में एक क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता डीएसपी राघव दयाल ने की। बैठक में अनुमंडल के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई आपराधिक घटनाओं, लंबित मामलों की स्थिति और विधि-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। डीएसपी राघव दयाल ने सभी थानाध्यक्षों को लंबित कांडों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित रखना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी में तेजी लाने और वारंट तथा कुर्की-जब्ती की प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। रात्रि गश्ती को प्रभावी बनाने पर दिया जोर डीएसपी ने जोर देकर कहा कि अपराध नियंत्रण पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी थाना क्षेत्रों में नियमित गश्ती बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के आदेश दिए। हाल ही में बढ़े चोरी के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए, डीएसपी ने रात्रि गश्ती को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया। थानाध्यक्षों से थानों में दर्ज मामलों की ली जानकारी बैठक के दौरान, डीएसपी ने सभी थानाध्यक्षों से उनके संबंधित क्षेत्रों में दर्ज और निष्पादित मामलों की जानकारी ली। उन्होंने लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए एक विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। डीएसपी ने थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित कांडों की सूची तैयार करने, प्राथमिकताएं तय करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका निष्पादन करने का निर्देश दिया। अवैध गतिविधियों पर सख्ती बरतते हुए, डीएसपी ने अवैध शराब, मादक पदार्थों के कारोबार और अवैध खनन के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। डीएसपी राघव दयाल ने बताया कि आम नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष जयनगर अमित कुमार, लदनियां थानाध्यक्ष अनूप कुमार, बासोपट्टी थानाध्यक्ष विकास कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।
बिसौली कोतवाली को मिला नया प्रभारी:एसएसपी ने क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर कमलेश मिश्रा को किया तैनात
बदायूं में एसएसपी ने देर रात बिसौली कोतवाली में नए इंस्पेक्टर की तैनाती कर दी है। क्राइम ब्रांच में तैनात रहे कमलेश कुमार मिश्रा को बिसौली का नया कोतवाल बनाया गया है। इससे पहले बिसौली कोतवाली का प्रभार इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह पुंडीर के पास था। पिछले दिनों एक फरियादी से गालीगलौज का वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इसके बाद से यह कोतवाली प्रभारी विहीन चल रही थी। शुक्रवार रात को क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर कमलेश मिश्रा को बिसौली कोतवाली की जिम्मेदारी सौंपी गई। कमलेश मिश्रा इससे पहले उघैती थाने की कमान भी संभाल चुके हैं और ट्रैफिक इंस्पेक्टर का प्रभार भी सफलतापूर्वक निभा चुके हैं।
रोहतक में एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया के ट्रांसफर होने के बाद नए एसपी गौरव राजपुरोहित ने आज चार्ज संभाल लिया। एसपी ऑफिस में एएसपी ने उन्हें रिसीव करते हुए अभिनंदन किया। उसके बाद डीएसपी रवि खुंडिया, डीएसपी दलीप सिंह व डीएसपी गुलाब सिंह ने आईपीएस गौरव का स्वागत किया। एसपी का चार्ज संभालते हुए गौरव राजपुरोहित ने सबसे पहले ईश्वर का धन्यवाद करते हुए कहा कि रोहतक में जनता की सेवा करने का मौका मिला है। सरकार ने जो भरोसा उनके ऊपर दिखाया है, वह उस भरोसे को कायम रखेंगे। जनता की भलाई व पुलिस की सेवा बेहतर करने के लिए काम करेंगे। जनता की सेवा करना ही प्रथम ध्येय एसपी गौरव राजपुरोहित ने कहा कि जनसेवा सरकार की प्राथमिकता है और सरकार ने समय-समय पर मीटिंग के माध्यम से निर्देश भी दिए कि पहला ध्येय जनता की सेवा होना चाहिए। पुलिस की भूमिका अपराध नियंत्रण, ट्रैफिक कंट्रोल व महिला विरुद्ध अपराध को रोकने का है और उस पर उसी प्रकार से काम भी किया जाएगा। कानून हाथ में लेने की किसी को नहीं इजाजत एसपी गौरव ने कहा कि कोई भी व्यक्ति ऐसा ना समझे कि वह कानून अपने हाथ में ले सकता है। कानून को हाथ में लेने की किसी को अनुमति नहीं है। पुलिस की भूमिका यही है कि वह जनता को सुरक्षित महसूस करवाए और उसके लिए कड़े निर्देश अधिकारियों को दिए जाएंगे। अपराधियों को लेकर अपनाया जाएगा सख्त रवैया एसपी गौरव ने कहा कि अपराधी तत्वों को लेकर सख्त से सख्त रवैया अपनाया जाएगा। सरकार ने भी कहा है कि अपराधियों से लड़ने के लिए किसी प्रकार के संसाधनों की कमी नहीं रहेगी। जो भी अपराध हुए है, वो ट्रेस नहीं हुए है तो उनको ट्रेस करके जल्द से जल्द आरोपियों को सजा दिलवाई जाएगी। गैंगस्टरों से निपटना बनेगी चुनौती नए एसपी गौरव राजपुरोहित के सामने रोहतक के एक्टिव गैंगस्टरों से निपटने की चुनौती रहेगी। कई गांवों में एक्टिव गैंग काम कर रही है, जिनकी रंजिश में आए दिन मर्डर भी हो रहे हैं। व्यापारियों से फिरौती मांगी जा रही है। ऐसी गैंगों से निपटना एसपी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं रहेगा।
चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा के हेडक्वार्टर के बाहर ग्रेनेड हमला होने से चंडीगढ़ की सिक्योरिटी एक्सपोज हो गई है। 1 अप्रैल की शाम 5 बजे हमलावर वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल गए। उसके बाद चंडीगढ़ पुलिस न तो उनकी कैमरों से पहचान कर पाई, और न ही ह्यूमन इनपुट कारगर साबित हुआ। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने चंडीगढ़, मोहाली और पटियाला में दबिश दी। इसके बाद गुरुवार देर रात 2 लोगों को रोपड़ से पकड़ा गया। हालांकि, यह कार्रवाई भी पंजाब पुलिस ने की। चंडीगढ़ पुलिस की इस वर्किंग को लेकर चंडीगढ़ के एक रिटायर SP का कहना है कि चंडीगढ़ में पहले कोई क्राइम तो कर सकता था, लेकिन क्राइम के बाद शहर से निकल नहीं सकता था। वह चीज होनी चाहिए। नए रोड बने अपराधियों के सेफ रूट चंडीगढ़ से आसानी से अपराधियों के बाहर निकलने की सबसे बड़ी वजह शहरीकरण है। चंडीगढ़ और पंचकूला में अत्यधिक विकास हुआ। इस वजह से शहर में कनेक्टिविटी बढ़ी है। आवाजाही के लिए नए रोड बने हैं। अब ये रोड ही आरोपियों के लिए सेफ रूट का काम कर रहे हैं। चंडीगढ़ से पंचकूला 13 किलोमीटर है। जबकि, मोहाली की दूरी 8 से 10 किलोमीटर है। 3 शहरों में पहले 4 से 5 रोड होते थे। अब कई नए कट या रोड बने हैं। चंडीगढ़ से मोहाली और पंचकूला जाने के ये रास्ते खुले इसमें पहले मलोया थाना क्षेत्र में पहला रास्ता चंडीगढ़ से जुझार नगर की ओर जाता है, जो मोहाली में निकलता है। दूसरा रास्ता झांमपुर की ओर जाता है। तीसरा रास्ता मलोया सत्संग भवन से होता हुआ गांव तोगा की ओर निकलता है और टोड़ा से होकर सीधा मोहाली के पीसीए स्टेडियम से जुड़ता है। यहां पुलिस का कोई पहरा नहीं होता। इसी तरह मल्लांपुर रोड, जो बद्दी, कुराली, न्यू चंडीगढ़ और ओमैक्स की ओर जाता है। वहां भी पुलिस ने कोई नाका नहीं लगाया। वहीं, कैम्बवाला, मनीमाजरा, मौलीजागरां, किशनगढ़ और आईटी पार्क से पंचकूला में एंट्री होती है। इसके अलावा जगतपुरा से सीधे मोहाली और आगे हरियाणा की ओर रास्ता जाता है। फेज-6 मैक्स हॉस्पिटल वाला रास्ता ही एक ऐसा है, जहां कुछ दिनों से नाकाबंदी की गई है। बाकी जगह नाकाबंदी न होने का फायदा अपराधियों को मिल रहा है। चंडीगढ़ पुलिस का ऑपरेशन सेल बड़े केस सॉल्व कर चुका चंडीगढ़ पुलिस का ऑपरेशन सेल कभी आतंकियों और देशद्रोही गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई के लिए जाना जाता था। बीते वर्षों में डीएसपी बीडी बैक्टर, केआईपी सिंह, सतबीर सिंह, जगबीर सिंह, विजय कुमार, इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों और इंस्पेक्टर अमनजोत के कार्यकाल में कई बड़े खुलासे हुए। वर्ष 2006 के सेक्टर-17 बम ब्लास्ट के आरोपियों को अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया गया था। डीएसपी विजय कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के साजिशकर्ता जगतार सिंह हवारा को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की। इसके बाद बुड़ैल जेल में 9 नई सुरंगों का खुलासा हुआ। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को भी शुरुआती दौर में ऑपरेशन सेल ने ही गिरफ्तार किया था। प्रिंस चौहान और बंबीहा गैंग के गुर्गों को हथियारों सहित पकड़ा गया था। लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर फिरौती मांगने के मामले में भी बड़ी रिकवरी हुई थी। हालांकि, हाल के कुछ सालों से इसमें कमी आई है। इन केसों में चंडीगढ़ पुलिस विफलता दिखी चंडीगढ़ पुलिस की वर्किंग पर रिटायर्ड अधिकारी ने ये बातें कहीं…
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जस्टिस से संपर्क मामले में गुरुवार को विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने नोटिस जारी कर पूछा कि आपके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में आरोप था कि विधायक संजय पाठक ने जस्टिस विशाल मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की, जो न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता था। दरअसल, संजय पाठक परिवार से जुड़ी खदानों की सुनवाई जस्टिस मिश्रा की अदालत में लंबित थी। 1 सितंबर 2025 को एमपी हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा ने ऑर्डर में लिखा था कि- बीजेपी विधायक संजय पाठक ने मुझे एक पर्टिकुलर मैटर (पाठक परिवार की खनन कंपनियों ) पर चर्चा करने की कोशिश की है, इसलिए मैं इस रिट याचिका पर विचार करने के पक्ष में नहीं हूं। विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग याचिकाकर्ता ने कहा कि पहले भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव और पुनीत श्रोती उपस्थित रहे। डिवीजन बेंच ने विधायक की आपत्ति को दरकिनार कर उन्हें नोटिस जारी करने और जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए। 2025 में हाईकोर्ट में याचिका लगाई, जांच आगे नहीं बढ़ी कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित ने जून 2025 में हाईकोर्ट में याचिका लगाई। इसमें कहा कि पाठक परिवार की कंपनियों के अवैध खनन की शिकायतें ईओडब्ल्यू में की थीं। 6 महीने बाद भी जांच आगे नहीं बढ़ी। केस में पाठक परिवार की कंपनियों ने इंटर विन एप्लिकेशन लगाई। इसके बीच खनिज विभाग के प्रमुख सचिव ने इनके खिलाफ 443 करोड़ का जुर्माना लगाया। CM मोहन बोले थे- कंपनियों ने मंजूरी से ज्यादा खनन किया मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधानसभा में कहा कि जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील में मेसर्स आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन, मेसर्स निर्मला मिनरल्स और पेसिफिक एक्सपोर्ट ने मंजूरी से ज्यादा खनन किया। पहले आशुतोष मनु दीक्षित ने 31 जनवरी 2025 को ईओडब्ल्यू में कहा कि इन कंपनियों ने 1,000 करोड़ रुपए जमा नहीं किए। शिकायत पर 23 अप्रैल को जांच टीम बनी। टीम ने 6 जून को रिपोर्ट शासन को सौंप दी। तीन कंपनियों से 443 करोड़ रुपए की वसूली तीनों खनन कंपनियों पर 443 करोड़ रुपए की वसूली निकाली गई। कंपनियों ने कहा कि वे 70 साल से खनिज का व्यापार कर रहे हैं और इतने सालों में रॉयल्टी या टैक्स चोरी की कोई शिकायत नहीं है। बीजेपी विधायक संजय पाठक पर ये आरोप भी लगे हैं…. …………………………………………… ये खबर भी पढ़िए… जज का खुलासा–विधायक संजय पाठक ने फोन किया बीजेपी विधायक संजय पाठक ने मुझे एक पर्टिकुलर मैटर (पाठक परिवार की खनन कंपनियों ) पर चर्चा करने की कोशिश की है, इसलिए मैं इस रिट याचिका पर विचार करने का इच्छुक नहीं हूं। 1 सितंबर को एक याचिका की सुनवाई से इनकार करते हुए एमपी हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा ने जब ये ऑर्डर लिखा तो हाईकोर्ट के वकील और पक्षकार भी सकते में आ गए। दरअसल, ये याचिका बीजेपी विधायक संजय पाठक के परिवार से जुड़ी कंपनियों के अवैध खनन पर कार्रवाई के लिए लगाई गई थी। पढ़ें पूरी खबर…
राजसमंद जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं रोकथाम के उद्देश्य से एसपी हेमन्त कलाल के निर्देशन में साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत विद्यार्थियों, आमजन और सरकारी कर्मचारियों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाया जा रहा है। इस क्रम में कुंभलगढ़ पंचायत समिति के महाराणा प्रताप सभागार में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के लिए “साइबर जागरूकता एवं साइबर स्वच्छता” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ उपखण्ड अधिकारी साक्षी पुरी के आतिथ्य में हुआ। कार्यशाला में साइबर पुलिस थाने से खैरूल वसीम ने अधिकारियों को साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने विभागीय आईडी के दुरुपयोग को रोकने, सरकारी डाटा की सुरक्षा, विभागीय ईमेल का सुरक्षित उपयोग और तकनीकी उपकरणों के नियमित रखरखाव पर विशेष जोर दिया। साथ ही समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट और फायर वॉल के उपयोग की आवश्यकता भी बताई। विशेषज्ञों ने बताया कि साइबर अपराधी सोशल इंजीनियरिंग और प्रतिरूपण तकनीकों के जरिए सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाते हैं। इससे बचाव के लिए नियमित प्रशिक्षण और सतर्कता बेहद जरूरी है।
उदयपुर पुलिस अधीक्षक डॉ.अमृता दुहन ने बुधवार को ऋषभदेव थाने में पहुंचकर मीटिंग ली। उन्होंने थाने का निरीक्षण करते हुए मालखाना, बैरक, मेस और पुलिस रिकॉर्ड्स की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को बढ़ते क्राइम पर लगाम लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने थानाधिकारियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी और बेहतर कार्य करने के निर्देश दिए। इससे पहले उन्होंने प्रसिद्ध ऋषभदेव मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने भगवान को अर्पित स्वर्ण व चांदी की आंगिया भी देखी। थाने में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। एसपी ने पुलिस जवानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और बेहतर कार्य करने वाले जवानों की सराहना भी की। क्राइम मीटिंग में सख्त निर्देश, जनसुनवाई में उठे अहम मुद्दे एसपी ऋषभदेव डिप्टी कार्यालय पहुंची। जहां सभी थानाधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग ली। बैठक में कानून व्यवस्था को मजबूत करने, अपराध नियंत्रण और पेंडिंग केस निपटाने पर जोर दिया गया। मीटिंग के बाद आयोजित जनसुनवाई में सीएलजी सदस्य, व्यापारी और आम नागरिकों ने बढ़ती जरूरतों को लेकर सीसीटीवी कैमरे, पुलिस जाब्ता, ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग रखी। एसपी दुहन ने सभी समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल, डिप्टी राजीव राहर, थानाधिकारी हेमंत अहारी सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इनपुट: शुभम जैन, ऋषभदेव
हरदोई में साइबर क्राइम पुलिस ने मार्च माह में ऑनलाइन धोखाधड़ी के चार मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इन मामलों में पीड़ितों के कुल 11,00,335 रुपये वापस कराए हैं। साइबर क्राइम पुलिस ने इन शिकायतों का संज्ञान लिया। फिर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीड़ितों के बैंक खातों से निकाली गई धनराशि को सफलतापूर्वक वापस दिलवाया। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ितों ने खुशी जाहिर की। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि साइबर क्राइम के लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है। लोग किसी अनजान को ओटीपी न बताएं। बैंक से जुड़ी जानकारी भी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। साइबर क्राइम से जुड़े लंबित मामलों के विषय में कार्रवाई की जा रही है।
इंदौर में डेली कॉलेज के इंस्टाग्राम पेज पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। डेली कॉलेज की तरफ से ही इस मामले में शिकायत की थी। जिसके बाद चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर किया था। केस दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच ने बुधवार को एक अहेड मीडिया की संचालिका को बयान के लिए बुलाया और उनके बयान दर्ज किए। दरअसल, 25 मार्च 2026 को क्राइम ब्रांच ने शिकायत के बाद चार लोगों पर केस दर्ज किया था। मामले में एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि डेली कॉलेज के ही गजेंद्र सिंह ने शिकायत की थी। वॉइज ऑफ डीसी नाम से फेक पेज बनाया था। मामले को इन्वेस्टिगेशन में लिया है। नोटिस जारी कर सभी के बयान लिए जा रहे हैं। 25 मार्च को दर्ज हुआ था मामला क्राइम ब्रांच में 25 मार्च 2026 को केस दर्ज किया था। इस मामले में चार लोग संदीप पारेख, अनुराग जैन, रंजीत सिंह नामली और मानवीर बायस के खिलाफ कायमी की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया था कि जुलाई 2025 में वॉइस ऑफ डीसी नाम से एक इस्टाग्राम अकाउंट बनाया गया। इसका पहले नाम वॉइस ऑफ डेली कॉलेज था। जिस पर सोसाइटी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के खिलाफ झूठी, असत्य, अपमानजनक, दुर्भावनापूर्ण और परेशान करने वाली पोस्ट की थी। साथ ही कई अन्य जानकारी भी दी थी। जिसके बाद मामले में कायमी की गई थी। पेज के लिए कुछ ही कंटेंट बनाए थे क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार को अहेड मीडिया की संचालिका अलीशा सैनी को बयान के लिए बुलवाया था। उनसे कई बातों की जानकारी लेकर उनके बयान दर्ज किए गए। मीडिया से चर्चा में अलीशा सैनी का कहना है कि वॉइस ऑफ डेली कॉलेज नाम का ग्रुप बनवाया था। उसे अनुराग जैन और संदीप पारेख हैंडल कर रहे थे। नवंबर 2025 में उनके बोर्ड ऑफ गवर्नर के लिए हमसे संपर्क किया था। उस पेज के लिए लिमिटेड कंटेंट है। तीन एआई वीडियो है, एक दो शूट वीडियो है। ऐसे 8 से 9 वीडियो का कंटेंट हमने डिजाइन करवाया था। 3 फरवरी को पेज सस्पेंड होने का पता चला अलीशा सैनी ने बताया कि दिसंबर में जब इसकी शिकायत हुई और हमारी जानकारी में आया तो हमने कहा कि कैंपेन और पेज के लिए काम नहीं कर पाएंगे। जिसके साक्ष्य आज यहां पर सब्मिट कर दिए हैं। दिसंबर से हम इस कैंपेन से जुड़े नहीं है। 3 फरवरी को पता चला कि एक लीगल ऑर्डर के माध्यम से इंस्टाग्राम ने इसे सस्पेंड कर दिया है। तब इसके बारे में जानकारी निकाली। तब मुझे संदीप पारेख और अनुराग जैन ने बताया कि ये ओल्ड डेलियन एसोसिएशन का अनऑफिशियल पेज नहीं है। इसका उस ग्रुप उस संस्था से कोई रिलेशन नहीं है ना ही इसका डेली कॉलेज से कोई ऑफिशियल एसोसिएशन नहीं है। कॉलेज को उपलब्ध करा दी थी जानकारी सैनी ने बताया कि अनुराग जैन ओडीए के ट्रेजर थे, संदीप पारेख डेली कॉलेज के बोर्ड ऑफ गवर्नर थे। हमने उन पर भरोसा करके 8-10 वीडियो बनाए थे। जब पेज को सस्पेंड किया गया तो पता चला कि इस पर कुछ आपत्तिजनक कंटेंट था जो हमने नहीं बनाया था, उन्हीं के द्वारा दूसरे सोर्स से बनवाकर पेज पर डाला जा रहा था। इस पर मैंने डेली कॉलेज से संर्पक करके मेरे पास जो जानकारी थी वह कॉलेज को उपलब्ध करा दी थी। हमने केवल 8 से 10 वीडियो कॉटेंट बनाए थे, जबकि सस्पेंड होने के पहले पेज पर 100 पोस्ट थीं, ये जो 90 पोस्ट थीं, वह हमने नहीं बनाई। बयान में हमने जो कंटेंट बनाए हैं, जो चैट हुई हैं अनुराग जैन के साथ, संदीप पारेख के साथ, रंजीत नामली के साथ। हमारा किस टाइम लाइन में एसोसिएशन था, कब तक उनके साथ काम कर रहे थे, ये सारी जानकारी बयान में दी गई है।
बंदर मूवी प्रिव्यू: सच्ची घटना से प्रेरित बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर
अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘बंदर: मंकी इन अ केज’ एक सच्ची घटना से प्रेरित क्राइम-थ्रिलर है। बॉबी देओल मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का प्रीमियर 2025 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ और यह 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर 'दलदल' में सबसे खौफनाक विलेन बन सकती हैं भूमि पेडनेकर
भूमि पेडनेकर ने अब तक ऐसे किरदार निभाए हैं जो बेहद वास्तविक और भरोसेमंद लगे हैं। लेकिन उनकी साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर ‘दलदल’ शायद वह सरप्राइज़ है, जिसका इंतज़ार दर्शक कर रहे थे। ट्रेलर में भूमि को डीसीपी रीटा फरेरा के रूप में पेश किया गया है, जो एक ...
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी नई हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह ट्रेलर कुछ दिन पहले आए असरदार और बेचैन कर देने वाले टीज़र के बाद रिलीज हुआ है, जिसे अपनी अलग और डरावनी झलक के लिए खूब सराहना मिली थी।
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर 'दलदल' का टीजर रिलीज, इस दिन प्राइम वीडियो पर होगा प्रीमियर
प्राइम वीडियो ने अपनी हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' की दुनिया भर में प्रीमियर की डेट रिलीज कर दी है। यह सीरीज 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। इसके साथ ही 'दलदल' का जबरदस्त, खौफनाक टीज़र भी जारी किया गया है। विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी ...
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
एमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया ने अपनी आगामी थियेट्रिकल रिलीज फिल्म 'निशांची' का धमाकेदार फर्स्ट लुक पोस्टर रिलीज कर दिया है। अजय राय और रंजन सिंह द्वारा जार पिक्चर्स के बैनर तले, फ्लिप फिल्म्स के साथ मिलकर प्रोड्यूस की गई ये फिल्म एक रोमांचकारी ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम फ्री धड़कपुर से चोरी हुई बाइक, प्राइम वीडियो की सीरीज दुपहिया का मजेदार ट्रेलर हुआ रिलीज
web series dupahiya trailer: प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी ओरिजिनल सीरीज 'दुपहिया' का दिलचस्प ट्रेलर जारी कर दिया है। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी द्वारा उनके बैनर बॉम्बे फिल्म कार्टेल के तहत रचित और कार्यकारी निर्मित है। यह सीरीज़ एक काल्पनिक ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
Mirzapur 3 के बाद Prime Video ने किया एक और क्राइम-थ्रिलर सीरीज का एलान, 'मटका किंग' बनकर धूम मचाएगा ये एक्टर
गशमीर महाजनी और Surbhi Jyoti की नई क्राइम-थ्रिलरसीरीज Gunaah का टीजर हुआ लॉन्च, जाने कब और कहां होगी स्ट्रीम
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
सस्पेंस, क्राइम और थ्रिलर का रखते है शौक तो OTT पर फौरन निपटा डाले ये जबरदस्तसाउथ फिल्में,हॉलीवुड भी लगने लगेगा फीका
Nikkhil Advani BirthdaySpecial :रोमांस-क्राइम और थ्रिलर के बेताज बादशाह है निखिल अडवानी, पढ़िए उनका पूरा फिल्मी सफरनामा
Salman Khan फायरिंग मामले में पुलिस को मिली अबतक की सबसे बड़ी कामयाबी, क्राइम ब्रांच के हाथ लगे दो और अपराधी
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में अहम घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी. इस सप्ताह की शुरुआत में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोलीबारी की घटना में इस्तेमाल की गई दूसरी बंदूक बरामद की। सूरत की तापी नदी से तीन मैगजीन के साथ बंदूक बरामद की गई। इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया 16 अप्रैल को कच्छ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। बाद में, शहर की एक अदालत ने गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दोनों आरोपियों को 25 अप्रैल तक मुंबई अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पहचान बिहार के विक्की गुप्ता (24) और सागर पाल (21) के रूप में हुई, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। इसे भी पढ़ें: काला जादू- टोना-टोटका करने का Kangana Ranaut पर आरोप लगाने के बाद अब एक्ट्रेस के बारे Adhyayan Suman क्या सोचते है? मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच अभी भी जारी है मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। अनजान लोगों के लिए, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार की धमकियों के बाद 2022 में सलमान की सुरक्षा का स्तर वाई-प्लस तक बढ़ा दिया गया था। अभिनेता को व्यक्तिगत बन्दूक ले जाने के लिए भी अधिकृत किया गया था और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उन्होंने एक नया बख्तरबंद वाहन भी खरीदा है।
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मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, सलमान के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर दबोचे
Salman Khan House Firing: एक्टर सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को भुज से गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई क्राइम ब्रांच को ये कामयाबी मिली. आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं. रविवार को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग कर भुज फरार हो गए थे. देखें ये वीडियो.
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