जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने सोमवार को जिले के सभी थानाधिकारियों, वृत्त अधिकारियों और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण क्राइम मीटिंग की। इस बैठक में जिले की कानून व्यवस्था और अपराध की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही थानाधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसपी मनीष कुमार ने बैठक के दौरान सबसे पहले थानेवार दर्ज मामलों की समीक्षा की और लंबित मामलों को जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनडीपीएस, आबकारी अधिनियम और अवैध शराब तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने जघन्य अपराधों के मामलों में त्वरित अनुसंधान कर उनके शीघ्र निस्तारण पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसे आगामी दिनों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। बैठक में पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों की भी समीक्षा की गई। एसपी ने सभी थानाधिकारियों को वांछित अपराधियों को चिन्हित कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' और 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' जैसे अभियानों की समीक्षा की गई। डूंगरपुर जिला पुलिस के विभिन्न ऑपरेशनों पर भी समय-समय पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर अपराध मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने और आमजन में विश्वास बनाए रखने की हिदायत दी।
अम्बेडकर-फुले विचार क्रांति महोत्सव: महिला सुरक्षा और सोशल जस्टिस पर मंथन
जयपुर में आयोजित महोत्सव में पूर्व न्यायिक अधिकारी रजनी बृजेश और विशेषज्ञों ने महिला सुरक्षा कानूनों के क्रियान्वयन और एससी-एसटी बजट पारदर्शिता पर विचार रखे।
भोपाल क्राइम ब्रांच ने रविवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए चरस तस्करी के नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने एमपी नगर जोन-1 क्षेत्र से एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 126 ग्राम चरस बरामद की। पकड़े गए आरोपी मंसूर खान (निवासी कोतवाली) ने पूछताछ में बताया कि वह चरस शाहजहांनाबाद की रहने वाली महिला तस्कर से खरीदता था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी की निशानदेही पर शाहजहांनाबाद स्थित घर पर दबिश दी। वॉशिंग मशीन से 7 लाख रुपए कीमत का माल जब्त छापेमारी के दौरान पुलिस को घर में रखी वॉशिंग मशीन के ड्रायर से करीब डेढ़ किलो चरस बरामद हुआ। इसके बाद महिला नौशीन खान और उसके पति जावेद उर्फ चिकना को गिरफ्तार कर लिया गया। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि जब्त चरस की कीमत करीब 7 लाख रुपए आंकी गई है। पेडलर और सप्लाई चेन की जांच जारी पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी चरस कहां से लाते थे और उनके नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है।
अररिया के हरियाबाड़ा स्थित पुलिस केंद्र में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के सभी थाना और ओपी प्रभारियों ने भाग लिया। एसपी ने लंबित आपराधिक मामलों के शीघ्र निस्तारण और अपराध नियंत्रण के लिए सख्त निर्देश दिए। गोष्ठी में लंबित आपराधिक कांडों की विस्तृत समीक्षा की गई। एसपी जितेंद्र कुमार ने सभी थानाध्यक्षों को विधि-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करने और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। पुलिस बल के बीच समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया बैठक में अपराध की रोकथाम, जांच की गुणवत्ता में सुधार और पुलिस बल के बीच समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। अपराध गोष्ठी के बाद पुलिस केंद्र में ही पुलिस सभा का भी आयोजन किया गया। इसमें एसपी जितेंद्र कुमार, रक्षित पुलिस उपाधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी व जवान शामिल हुए। त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश सभा के दौरान एसपी ने जवानों और अधिकारियों की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की भावना से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। एसपी ने जोर देकर कहा कि पुलिस जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जवानों से ईमानदारी और निष्ठा के साथ कर्तव्यों का पालन करने की अपील की, ताकि जिले में शांतिपूर्ण माहौल बना रहे। अपराध मुक्त समाज की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही पुलिस यह आयोजन अररिया जिला पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण और बल के कल्याण के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। एसपी जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में जिला पुलिस अपराध मुक्त समाज की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इस संबंध में जानकारी अररिया एसपी कार्यालय से रविवार देर रात करीब 9 बजे एक प्रेस रिलीज जारी कर दी गई।
कानपुर के सात गांव इन दिनों ‘मिनी जामताड़ा’ के नाम से चर्चा में हैं। पुलिस ने करीब 3 महीने तक फील्ड एक्सरसाइज के बाद चारों ओर से गांवों को घेरकर 20 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग दूसरे के नाम पर सिम कार्ड खरीदते, फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खुलवाते। इन्हीं सिम और खातों के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को जाल में फंसाकर साइबर ठगी करते थे। दैनिक भास्कर कानपुर शहर से घाटमपुर के रास्ते करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित साइबर ठगों के गांव रठिगांव, लक्ष्मणपुर, समाज नगर, लीलादास का पुरवा, बढ़ैल, पुलंदर, कैलाशपुर पहुंचा। यहां का हाल जाना। गिरफ्तारी के बाद से इन गांवों में सन्नाटा पसरा है। करीब 1700 से 2000 की आबादी वाले गांवों में सड़कें सूनी हैं, 80% युवा गायब हैं। किसी अनजान को देखते ही लोग घर के दरवाजे बंद कर लेते हैं। महिलाएं और बच्चे खिड़कियों से झांकते दिखे। पढ़िए ये रिपोर्ट… सबसे पहले 'मिनी जामताड़ा' गांवों के बारे में जानिए झारखंड का जामताड़ा साइबर ठगी को लेकर बदनाम है। उसी तर्ज पर अब कानपुर का छोटा सा इलाका साइबर ठगी के कारण चर्चित हो चुका है। ठगी के धंधे में रठिगांव, लक्ष्मणपुर, समाज नगर, लीलादास का पुरवा, बढ़ैल, पुलंदर व कैलाशपुर हैं। यह सभी गांव चार से पांच किमी के रेडियस में बसे हुए हैं। सभी गांव की आबादी 1700-2200 के करीब है। हम सबसे पहले रेउना इलाके के रठिगांव पहुंचे। यहां से पुलिस ने चार आरोपियों शैलेंद्र, रोमी, नीरज और ज्ञान प्रकाश को गिरफ्तार किया है। हम कुछ बच्चों से पूछते हुए शैलेंद्र व रोमी के घर पहुंचे। दरवाजा बंद था। एक ओर कुछ लोग बैठकी कर रहे थे। ज्यादातर बुजुर्ग और महिलाएं। हमको देख हर कोई वहां से निकल गया। युवा नजर नहीं आए। कुछ घरों के खिड़की-दरवाजे खुले, लेकिन कोई बात करने को तैयार नहीं था। इसी बीच हमारी मुलाकात रोमी, शैलेंद्र व मखौली निवासी शिवकांत के परिजनों से हुई। कुछ देर गुस्सा जाहिर करने के बाद तीनों कैमरे के सामने अपनी बात रखने को राजी हुए। जानिए जिन्हें गिरफ्तार किया गया…उनके परिजनों ने क्या कहा? रोमी की मां बोलीं- बेटा ठग नहीं, मिल में काम करता है रोमी की मां सियादेवी का कहना है कि उनका 15 साल का बेटा अहमदाबाद में कपड़ा मिल में नौकरी करता है। एक महीने पहले वह गेहूं काटने के लिए गांव आया था। मंगलवार (6 अप्रैल) को शौच के लिए गया था। तभी पुलिस ने उसे पकड़कर जेल भेज दिया। हमारा बेटा साइबर ठग नहीं है। ‘पुलिस से पूछते रहे नाती को कहां ले जा रहे हो’ इसी गांव के शैलेंद्र को भी पुलिस ने पकड़ा है। शैलेंद्र की नानी शांति का कहना है कि ‘हमारा नाती शैलेंद्र किसानी का काम करता है। वह शौच के लिए गया था। तभी पुलिस ने उसको पकड़ा है। मेरे घर में कुछ भी नहीं है। हम पुलिस से पूछते रहे कि हमारे नाती को कहां ले जा रहे हो, किसी ने कुछ नहीं बताया।’ ‘हार्वेस्टर पता करने गया था… पुलिस ने जेल भेज दिया’ रठिगांव से सात किमी दूर हमारी मुलाकात मखौली निवासी इंद्रजीत से हुई। इंद्रजीत का कहना है कि ‘भाई शिवकांत इलाहाबाद में लेबरी करता है। बीते सात दिन पहले वह छुट्टी लेकर आया था। हमारी चचेरी बहन कौशल्या रठिगांव में रहती हैं। इनके यहां गेहूं कटवाने के लिए वह दोस्त ज्ञान प्रकाश के साथ हार्वेस्टर पता करने गया था। पुलिस ज्ञान प्रकाश के साथ शिवकांत को भी पकड़कर ले गई।’ जानिए जहां बना रखा था ठगी का अड्डा खाना बनाने का इंतजाम, डिस्पोजल मिले रठिगांव के बाद हम उस स्थान पर पहुंचे जहां से साइबर ठग कॉल करके घटना को अंजाम देते थे। दूसरे शब्दों में कहें तो साइबर ठगों ने अपना वर्कप्लेस बनाया था। मौके पर थाना रेउना एसओ अनुज कुमार फोर्स के साथ छानबीन कर रहे थे। गिरफ्तारी वाले स्थान पर घने पेड़ थे। इसके अलावा तीन झोपड़ियां भी थीं। एक झोपड़ी के अंदर चूल्हा भी था। आसपास सैकड़ों की संख्या में डिस्पोजल प्लेट्स व गिलास पड़े थे। ये पुलिस की रडार पर आए सातों गांवों का केंद्र है। यह स्थान कानपुर देहात जिले की सीमा (मूसा नगर) से महज एक किलोमीटर दूर है। ‘50 से ज्यादा लड़के आते थे’ मौके पर मौजूद एक किसान ने बताया कि सालों से यहां पर सुबह के समय से लड़कों का आना-जाना शुरू हो जाता था। दिन भर वह यहीं पर रुकते थे और खाना वगैरह बनाते खाते थे। वह लोग लगातार फोन पर बात करते रहते थे। उनके हाथों में कुछ कागज होते थे, जिनमें नंबर लिखे होते थे। सुबह से शाम तक करीब 50 से ज्यादा लड़कों का रोजाना आना-जाना होता था। पुलिस की रेड के बाद समाचारों से पता चला कि ये लोग साइबर ठग थे। सड़क से निकलने वालों को नहीं लगती थी भनक साइबर ठगों ने अपना वर्क प्लेस ऐसे स्थान को बनाया जो कि घने पेड़ों के बीच है। सड़क से महज चंद कदमों की दूरी पर होने के बावजूद, यहां बैठे लोगों की सड़क से निकलने वालों को भनक नहीं लगती थी। जबकि यहां बैठे लोग बाहर नजर रख सकते थे। किसी के आने की आहट मिलते ही ये लोग गांव के रास्ते निकल जाते थे। स्थिति ज्यादा बिगड़ने पर वह महज मिनटों में कानपुर की सीमा पार करते हुए कानपुर देहात जिले की सीमा में चले जाते थे। ठगी करने वाले 100 से ज्यादा नंबर अभी भी सक्रिय पुलिस ने जिस क्षेत्र में छापेमारी करके 20 साइबर ठगों को अरेस्ट किया है। वहां अभी भी साइबर ठग एक्टिव हैं। पुलिस ने 10 अप्रैल को मौके पर अपने साइबर सिस्टम से चेक किया तो पता चला कि साइबर ठगों के 100 से ज्यादा नंबर अभी भी एक्टिव हैं। फिलहाल पुलिस अभी 17 फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। ऐसे अपने जाल में फंसाते थे साइबर ठग पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगी का यह गैंग बीते करीब पांच साल से सक्रिय है। बाग में चार से पांच लोगों की अलग-अलग टीमें बनाकर बैठते थे। फोन कर आवास योजना व अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ देने का लालच देते थे। किसी व्यक्ति के जाल में फंसते ही अपने से बड़ा अधिकारी बताकर कॉल टीम के सीनियर मेंबर को ट्रांसफर कर दी जाती थी। जांच में सामने आया है कि यह लोग रोजाना 100 के करीब लोगों को कॉल करते थे। सुबह से शाम तक ठगी गई रकम को टीम के सभी मेंबर आपस में बांट लेते थे। नौकरी तो सिर्फ दिखावे के लिए…काम ठगी इस गैंग के सदस्यों की खासियत यह है कि अधिकतर शहर से बाहर या गैर राज्यों में मिल आदि में नौकरी करते हैं। जब यह छुट्टी पर आते तो इस काम को अंजाम देते थे। जैसे ही ठगी की कुछ रकम हाथ लगती और पुलिस में शिकायत होती तत्काल वह वापस अपनी मिल आदि में नौकरी के लिए वापस लौट जाते थे। क्षेत्र में भी यही बताते थे कि हम बाहर नौकरी करते हैं। इससे किसी को उन पर शक भी नहीं होता था। अधिकतम पढ़ाई 10वीं पास गैंग में पकड़े गए सभी आरोपियों की क्वालीफिकेशन कुछ खास नहीं है। इनमें कुछ लोग 10वीं पास हैं। इसके अलावा अन्य आरोपियों ने महज 5वीं या 8वीं तक की पढ़ाई की है। कम समय में पैसा कमाने की लत इनको साइबर ठगी की ओर ले आई। ---------यह खबर भी पढ़ें…कानपुर में 20 साइबर ठगों को दौड़ाकर पकड़ा:एक और 'मिनी जामताड़ा' का भंडाफोड़; 17 गाड़ियों से 70 पुलिसवाले पहुंचे यूपी में एक और 'मिनी जामताड़ा' का भंडाफोड़ हुआ है। कानपुर पुलिस 17 गाड़ियों के साथ फिल्मी स्टाइल में पहुंची। ड्रोन से रेकी करते हुए पूरे इलाके को चारों ओर से घेर लिया। फिर खेतों में बनीं झोपड़ियों में से 20 साइबर ठगों को अरेस्ट किया। इनसे ही ये लोग ठगी का धंधा चलाते थे। पुलिस के अनुसार, साइबर ठग देशभर में लोगों को कभी पुलिस अधिकारी बनकर तो कभी आवास योजना या बैंक लोन के नाम पर झांसा देते थे। पूरी खबर पढ़ें
तुकोगंज पुलिस द्वारा “इन्फिनिक्स इन्फोटेक” कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इससे पहले भी इस कंपनी के खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत की जा चुकी थी, लेकिन उस समय मामला दर्ज नहीं हो पाया था।बताया जाता है कि बिहार निवासी अंगेश कुमार ने सबसे पहले शिकायत की थी। क्राइम ब्रांच में डीसीपी के रीडर द्वारा उनके बयान भी लिए गए, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बाद में उन्होंने डीसीपी जोन-3 से भी गुहार लगाई। निवेश के नाम पर लाखों की ठगीअंगेश कुमार, निवासी पिपरा (बेगूसराय), ने आरोप लगाया कि कंपनी के मालिक मनीष पांडे और कर्मचारी अंकित तिवारी ने उन्हें एक प्रोजेक्ट में निवेश करने का झांसा दिया। इस दौरान उनसे करीब 17.66 लाख रुपए की ठगी की गई।आरोपियों ने दावा किया था कि उनकी कंपनी एल्गोरिथम आधारित सॉफ्टवेयर के जरिए ऑटोमेटिक ट्रेडिंग कराती है। उन्होंने पीड़ित का डिमेट अकाउंट भी लिंक कराया और एक साल में 1 करोड़ रुपये रिटर्न का लालच दिया। समझौते का दबाव और कार्रवाई में देरीपीड़ित का कहना है कि 5 दिसंबर 2025 को उनसे बयान लिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उन्हें 3–4 लाख रुपये लेकर समझौता करने का दबाव बना रहे थे। इस संबंध में उन्होंने एक वीडियो भी तैयार किया था। दूसरी शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिसमामले में नया मोड़ तब आया जब देपालपुर निवासी नितीश भगत ने भी इसी कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने मनीष पांडे समेत अनिमेष चौहान, संदीप त्यागी, अनुराग सैंडलानी और नेहा जैन पर करीब 5 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया।इसके बाद तुकोगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। आशंका है कि इस निवेश योजना के जरिए और भी लोगों से ठगी की गई हो सकती है।
शेखपुरा एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने मासिक अपराध समीक्षा बैठक में पुलिसकर्मियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रूटीन कार्य, छापेमारी और गश्त के दौरान थाना से बाहर निकलने पर सभी पुलिसकर्मी बॉडी कैमरा पहनकर निकलें। इसका उद्देश्य पुलिस की गतिविधियों को ऑनलाइन दर्ज कर पारदर्शिता बढ़ाना और जनता का विश्वास जीतना है। एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को प्रतिदिन अपने अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया। उन्हें दिनभर के कार्यों की सूची बनाकर उसे पूरा करने की रणनीति तैयार करने को कहा गया। वारंट के निष्पादन पर भी जोर दिया गया किसी भी आपराधिक घटना पर त्वरित कार्रवाई करने के साथ-साथ न्यायालय द्वारा जारी समन और वारंट के निष्पादन पर भी जोर दिया गया। थानाध्यक्षों को इसके निष्पादन की रणनीति तैयार करने और कार्य पूरा होने के बाद उसे अपडेट करने के निर्देश दिए गए। एसपी ने एक साल से पुराने आपराधिक मामलों में अनुसंधान कार्य को गति देने और जल्द से जल्द आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, सभी पुलिस पदाधिकारियों, विशेषकर थानाध्यक्षों को नए आपराधिक कानूनों के तहत पुलिस विभाग द्वारा जारी विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक ऐप्स को लगातार अपडेट करते रहने को कहा गया। नाबालिग बच्चों के गायब होने की सूचना और उनकी तस्वीरें अपडेट की जाएंगी नए आपराधिक कानून के तहत 'वात्सल्य', 'समन्वय', 'प्रतिबिंब', 'इट्सो' जैसे ऐप्स के रखरखाव और दैनिक अद्यतन पर विशेष निर्देश दिए गए। एसपी ने बताया कि 'वात्सल्य' ऐप के माध्यम से जिले के नाबालिग बच्चों के गायब होने की सूचना और उनकी तस्वीरें अपडेट की जाएंगी, जबकि 'प्रतिबिंब' ऐप का उपयोग साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए किया जा रहा है। जिस पर उनके सभी मोबाइल नंबर को अपडेट करने से उनके बारे में किसी भी प्रकार के अपराध किए जाने की जानकारी पूरे देश में प्राप्त हो जाती है। इसके अलावा नवालिग बच्चों के साथ यौन अपराध को लेकर मामलों के लिए संघारित ईट्सो एप पर भी लगातार आंकड़े अपडेट करते रहने को भी कहां गया है। जानकारी आपस में पुलिस के साथ साझा की जाती इस ऐप पर नाबालिग के साथ किसी भी प्रकार के यौनाचार दुष्कर्म आदि के मामलों का लोड कर इसकी जानकारी आपस में पुलिस के साथ साझा की जाती है। इसके अलावा आपराधिक कानून के तहत अनुसंधान के नए स्वरूप में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के इस्तेमाल के लिए ई साक्ष्य पोर्टल पर भी लगातार अनुसंधान कार्य को अपडेट करते रहने की सलाह सभी थानाध्यक्ष सहित पुलिस पदाधिकारी को दिया।
1 नवंबर 2023 की रात। पुलिस रेड के लिए JDU नेता ओवैस करनी के पेट्रोल पंप पहुंची। पुलिस को देखते ही वो पंप के नोजल से बाल्टी में पेट्रोल भरने लगा। 3 से 4 बाल्टियों में उनसे पेट्रोल भरा। जैसे ही पुलिस वाले उसके पास आए उसने इसी पेट्रोल से उन्हें नहला दिया। इसके बाद अपने आदमियों से कहा- माचिस लाओ रे…यहीं जला देते हैं। रेड में 2 दरोगा भी थे। शरीर पर वर्दी थी, लेकिन पुलिस वाले कांप रहे थे। सभी को गाड़ी छोड़कर भागना पड़ा। ये JDU नेता ओवैस करनी की क्राइम कुंडली का सिर्फ एक चैप्टर है। बिहर पुलिस के रिकॉर्ड में उसकी हैवानियत के ऐसे 33 मामले दर्ज हैं। इसमें हत्या के 2 और रंगदारी के 10 से ज्यादा केस हैं। 29 मार्च को इसी JDU नेता ओवैस के फार्म हाउस से असम की 7 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया था। लड़कियों ने उसके ऊपर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और देखिए ओवैस की पूरीा क्राइम कुंडली… असम की 7 नाबालिगों के इन्वेस्टिगेशन में खुली कुंडली सहरसा फार्म हाउस कांड के आरोपी JDU नेता ओवैस करनी की इन्वेस्टिगेशन के दौरान हमें उसकी पूरी क्राइम कुंडली का पता चला। उसके ऊपर फार्म हाउस में असम की नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण के साथ 11 मामले सिर्फ हत्या की कोशिश के हैं। 10 रंगदारी के मामलों के साथ छेड़छाड़ के कई मामले हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने JDU नेता पर दर्ज सभी मामलों की पड़ताल की। 1 नवंबर 2023 की शाम 8 बजे सहरसा सदर थाने के दरोगा शंकर चौधरी अपनी टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। टीम में दरोगा सनोज वर्मा, विवेक कुमार -1, कृष्णा कुमार और दिनेश ठाकुर भी थे। भेड़धरी रोड पुल के पास गाड़ियाें की चेकिंग को लेकर विवाद हो गया। एक बाइक पर सवार 3 अपराधी भागने लगे। पुलिस ने बदमाशों का पीछा किया। बदमाश बाइक लगाकर शोर मचाकर लोगों को पुलिस के खिलाफ उकसाने लगे। शोर सुनकर आसपास के करीब 30 से ज्यादा महिला-पुरुष इकट्ठा हो गए। भीड़ ने रोड की लाइट काट दी। पुलिस वालों से गाली-गलौज और मारपीट होने लगी। इसकी जानकारी मिलते ही थाने से भारी संख्या में पुलिस की टीम पहुंच गई। पुलिस को देख बदमाश JDU नेता ओवैस करनी के घर में जाकर छिप गए। बदमाशों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस जब JDU नेता के पेट्रोल पंप पर पहुंची तो उसने महिला दारोगा रीता कुमारी और एक अन्य दारोगा सहित 7 पुलिस कर्मियों को पेट्रोल से नहलाकर जिंदा जलाने की कोशिश की। इस दौरान मारपीट कर पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फाड़ी गई। घटना के बाद पुलिसकर्मी जान बचाकर भागे। JDU नेता के खिलाफ सहरसा के सदर थाना में मामला दर्ज किया गया। इस केस में पुलिस वालों की गवाही तक नहीं हुई। जिस टीम पर पेट्रोल फेंका वो बोली- पुलिस उसके यहां रेड करने से डरती है इन्वेस्टिगेशन के दौरान रिपोर्टर ने उन पुलिस कर्मियों से भी संपर्क करने की कोशिश की जिन्हें JDU नेता ने पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की थी। पुलिस वाले आज भी इस कांड से इतना डरे हैं कि अपना नाम उजागर नहीं करना चाहते हैं। इन पुलिस वालों का दूसरे जिलों में ट्रांसफर हो चुका है। अब सभी अलग-अलग जिलों के थानों पर तैनात हैं, लेकिन JDU नेता के खिलाफ मुंह नहीं खोल रहे हैं। रिपोर्टर से बातचीत के दौरान पुलिस वालों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ बातें कहीं। JDU नेता काफी दबंग है। मैं उस टीम में था जो उसे गिरफ्तार करने पेट्रोल पंप पर गई थी। हमें तो लगा वो जला ही देगा। ओवैस करनी अपने क्षेत्र का रंगदार है। बहुत कम पुलिस वाले उसके घर में घुसने की हिम्म्त कर पाते हैं। JDU नेता पर 3 दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। हत्या, लूट और दुष्कर्म जैसे अपराध से उसका खौफ बना हुआ है। पुलिस को सूचना मिलती है, लेकिन पेट्रोल कांड से सबक लेकर वो बिना तैयारी नहीं जाती है। कई बार तो शिकायत करने वाला ही पीछे हट जाता है। इतना डरा दिया जाता है कि वह JDU नेता के खिलाफ स्टैंड नहीं कर पाता है। पेट्रोल कांड में तो आज तक हम पुलिस कर्मियों की गवाही ही नहीं कराई गई है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन के दौरान एक 13 साल की नाबालिग को जबरन घर से खीचकर फार्म हाउस ले जाने का इनपुट मिला। पड़ताल में पता चला कि नाबालिग पर ओवैस करनी की नजर गड़ गई थी। वह उसे घर से जबरन खींचकर फार्म हाउस ले जा रहा था, लेकिन काफी विरोध के बाद मासूम की इज्जत बची। पढिए मासूम के साथ की गई हैवानियत। पीड़ित के पिता इरफान (बदला हुआ नाम) ने बताया, 10 सितंबर 2025 की शाम लगभग 5 बज रहे थे। JDU नेता ओवैस करनी फार्म हाउस से बाहर निकला। पड़ोसी की एक 13 साल की मासूम पर उसकी नजर पड़ी गई। लड़की JDU नेता को देखकर घर में चली गई। यह JDU नेता को नागवार लगा, वह भी पीछे से मासूम के घर में घुस गया। वो उसे उठाकर जबरन फार्म हाउस ले जाने की कोशिश करने लगा। मौके पर घर वालों ने पहुंचकर लड़की को JDU नेता के चंगुल से छुड़ाया। विरोध पर JDU नेता ने घर वालों को जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़ित के पिता ने आरोपी JDU नेता के खिलाफ सहरसा के सदर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया है कि रंगदारी नहीं देने पर ओवैस करनी 13 साल की बेटी को फार्म हाउस ले जा रहा था। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में JDU नेता की रंगदारी की कई कहानियां सामने आई हैं। वह फार्म हाउस में कई ऐसी लड़कियों को लेकर गया है जिनके घर वालों ने उसे रंगदारी नहीं दी। सबसे ज्यादा चर्चा नवंबर 2023 की घटना की हुई। पढ़िए रंगदारी नहीं देने वालों की बेटियों को कैसे उठा लेता था ओवैस। सहरसा के सदर थाने में मो. नवी (बदला हुआ नाम) ने ओवैस पर जबरन बेटी को फार्म हाउस ले जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने बताया, JDU नेता पहले पैसा बांटता है। इसके बाद लड़कियों पर नजर रखता है। JDU नेता ने एक दिन साथियों के साथ हमारे घर में घुसकर हमला कर दिया। उद्देश्य नाबालिग लड़की को ले जाना था। वह उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। घर में लूटपाट कर जान से मारने की धमकी भी दी। दूसरे पीड़ित ने बताया, एक दिन ओवैस करनी के साथ कई लोग हथियारों के साथ उसके घर पहुंच गए। वो 10 लाख रुपए की रंगदारी मांग रहा था। पैसे नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। स्थिति बिगड़ती देख मैंने डायल 112 पर कॉल कर दिया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही JDU नेता ने अपने आदमियों के साथ हमला कर दिया। JDU नेता के खिलाफ मेरे मोबाइल कई सबूत थे, जिसे छीनकर डिलीट कर दिया गया। JDU नेता ओवैस करनी की क्राइम कुंडली असम की 7 लड़कियों ने खोली है जिन्हें फार्म हाउस से रेस्क्यू किया गया है। पढ़िए फार्म हाउस कांड की पीड़ित असम की नाबालिग लड़कियों की कहानी। 29 मार्च 2026 को असम की रहने वाली एक 14 साल की नाबालिग ने घर वालों से JDU नेता की शिकायत की थी। शिकायत के बाद उसे जबरन खींचकर फार्म हाउस ले जाने की कोशिश हो रही थी। पीड़ित की मां ने पुलिस से की गई शिकायत में बताया कि हम लोगों ने विरोध किया तो JDU नेता ओवैस करनी ने मेरे ऊपर गोली चला दी। मामले को दबाने के लिए JDU नेता ने एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया, लेकिन पुलिस आई तो हमने पूरी घटना की जानकारी दे दी। पीड़ित के परिजनों के आरोप पर केस दर्ज कर फार्म हाउस से असम की 7 नाबालिग लड़कियों को बरामद किया गया। JDU नेता ओवैस करनी और उसका मुंशी जेल में हैं। फार्म हाउस में पुलिस तैनात है, मामले की जांच में प्रशासन और पुलिस की टीम लगी है। असम के लोगों का आरोप है कि जब घर वाले रात में सो जाते हैं तो JDU नेता लड़कियों को जबरन उठा ले जाता है। 28 मार्च की रात 2 बजे वो एक 14 साल की लड़की को जबरन ले जाने की कोशिश में था। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि JDU नेता ओवैस करनी ईंट भट्ठा, कोयले का कारोबार करता है। वो ठेकेदारों को बोलकर नॉर्थ ईस्ट की लड़कियों की डिमांड करता था। जिन 7 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया वह भी नार्थ ईस्ट के असम की रहने वाली थी। अब जानिए असम की 15 साल की पीड़िता के पिता सन्नी (बदला हुआ नाम) का दर्द। हम लोग नॉर्थ ईस्ट के असम से आए हैं। यहां बाहरी हैं, बस प्रताड़ित होते हैं। जब भी विरोध करते हैं, मारापीटा जाता है। जान से मारने और लड़कियों के वीडियो वायरल करने की धमकी दी जाती है। 14 साल की लड़की के माता पिता भी विरोध का शिकार हुए। हम लोगों ने जब भी विरोध करने की हिम्म्त की रस्सी से बांधकर उल्टा लटका देता था। कभी-कभी काम पर नहीं जाने पर हाथ-पैर बांधकर रस्सी से ऊपर टांग दिया जाता था। करंट लगाया जाता है। हमलोगों को जानवरों की तरह रखा जाता था। रात 10 बजे के बाद बच्चियों को अपने कमरे में ले जाता था। डांस करवाया जाता था और उनसे जबरदस्ती करने की कोशिश की जाती थी। रात करीब 3 बजे उन्हें वापस घर भेज दिया जाता था। भास्कर की पड़ताल में इनपुट मिला कि कई मजदूर बेटियों के साथ हो रही घटना से तंग आकर फार्म हाउस से भाग गए हैं। रिपोर्टर को अफजल का इनपुट मिला जो असम का रहने वाला है। कई दिनों की पड़ताल के बाद रिपोर्टर को अफजल का नंबर मिला। मोबाइल पर हुई वीडियो कॉल बातचीत में अफजल ने JDU नेता की हैवानियत सुनाई। बोला - लड़की सप्लाई नहीं करने पर उसे बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया। मालिक और मुंशी दोनों डराते-धमकाते थे। करंट भी लगाते थे, JDU में बांधकर मारते थे। रिपोर्टर: क्या हुआ था, आप थोड़ा विस्तार से बताइए? अफजल: हम काम करने के लिए वहां गए थे, शुरुआत में सब ठीक था, एक महीने बाद ड्राम करने लगा। रिपोर्टर: क्या हो गया ऐसा ? अफजल: बोलता था कि किसी लड़की या महिला से बात कराओ। रिपोर्टर: फिर आपने क्या किया? अफजल: हमने साफ मना कर दिया कि हम यहां काम करने आए हैं, ऐसे काम के लिए नहीं आए। रिपोर्टर: इस पर क्या बोला? अफजल: मेरे ऊपर जुल्म करने लगा, छोटी-छोटी बात पर मारपीट करता था। रिपोर्टर: मारपीट किस तरह से करता था? अफजल: एक दिन ऑफिस में ले जाकर धमकाया, फिर मुंशी के साथ मिलकर पीटा। रिपोर्टर: कैसे मारता था? अफजल: JCB में बांधकर लटका देता था, लगता था हम मर जाएंगे। रिपोर्टर: हमेशा मारता था या गुस्से में होता था तब मारता था? अफजल: शराब पीने के बाद और भी ज्यादा खतरनाक हो जाता था, किसी की इज्जत उतार देता था। रिपोर्टर: आप लोग वहां कितने दिन तक रहे? अफजल: 4 से 5 महीने ही रहे, इस दौरान बहुत परेशान किया गया। रिपोर्टर: आप कैसे भागे वहां से? अफजल: डर से भागना पड़ा, वह करंट लगाकर मार देता। रिपोर्टर: क्या आपको बंधक बनाकर रखा गया था? अफजल: हां, 3-4 लोगों को एक कमरे में बंद कर ताला लगा देता था। मोबाइल भी छीन लिया जाता था, ताकि हम घर पर बात न कर सकें। रिपोर्टर: वो आपसे लड़कियों के बारे में क्या कहता था? अफजल: कहता था कि किसी लड़की को बुलाकर लाओ, हमने मना किया तो मारा-पीटा। रिपोर्टर: अभी आपके परिवार की क्या स्थिति है? अफजल: मेरा परिवार अभी भी वहां फंसा हुआ है। रिपोर्टर: अब आप क्या चाहते हैं? अफजल: हम चाहते हैं कि हमें न्याय मिले और जो वहां फंसे हैं, उन्हें जल्द से जल्द असम भेजा जाए। पड़ताल के दौरान भास्कर रिपोर्टर के हाथ एक वीडियो भी लगा है। वीडियो में ओवैस करनी का मुंशी अमित लोगों को धमका रहा है। अमित ओवैस करनी का राइट हैंड है। असम के पीड़ित परिवार वालों का आरोप है कि मुंशी अमित ही उनके घर से लड़कियों को बुलाकर ले जाता था। अमित के खिलाफ पुलिस को की गई शिकायत में असम के पीड़ित परिवारों ने डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया है। वीडियो में वह खुलेआम धमकी देते हुए बोल रहा है - जाकर पता कर लेना हमारे बारे में, बिहार में यादव कैसा होता है। तुम लोगों को पूरी बात समझ में नहीं आएगी। यह बात अपने दिमाग से निकाल दो कि यहां से कोई निकल पाएगा। मैं सोया नहीं हूं, थोड़ा क्रॉस करके दिखाओ तो क्या करता हूं। अगर हिम्मत है तो यहां से निकलकर दिखाओ। अगर चुपचाप रहोगे तो ठीक है, नहीं तो क्या होगा, यह समझना मुश्किल हो जाएगा। जान लो, उलट-पलट कर चीर दूंगा। अभी जेल में है JDU नेता ओवैस करनी 29 मार्च को बिहार के सहरसा के नया टोला के ईंट भट्ठे से पुलिस ने 75 मजदूरों को रेस्क्यू किया था। ये ईंट भट्ठा ओवैस का है। सभी मजदूरों को एजेंट के जरिए असम से यहां काम करने के लिए लाया गया था। पुलिस की पूछताछ में 7 नाबालिग लड़कियों ने बताया है कि ओवैस उन्हें फार्म हाउस पर ले जाकर गंदा काम करता था। सभी लड़कियों की उम्र 14 से 16 साल है। जांच के दौरान लड़कियों ने JDU नेता पर यौन शोषण से लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने आरोपी JDU नेता ओवैस के साथ उसके सहयोगी मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नजरुल हक नाम का एजेंट इन परिवारों को असम से यहां लाया था। वो भागकर अपने घर असम चला गया है। भास्कर से बातचीत में उसने बताया कि ओवैस उससे ऐसे परिवारों को टारगेट करवाता था, जिनकी बच्चियां सुंदर हों। सभी लड़कियों को फिलहाल चाइल्ड लाइन में रखा गया है। पुलिस जांच के लिए सभी परिवार उसी ईंट भट्ठे के पास बने घरों में रह रहे हैं।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- अब हर जिले में अपराधों की मासिक श्रेणीवार रिपोर्ट तैयार होगी। इसमें यह विश्लेषण किया जाएगा कि किस जिले में कौन-सा अपराध बढ़ा या घटा है और उसके अनुसार रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला एसपी नियमित जनसुनवाई करें। आईजी स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा हो। वरिष्ठ अधिकारी हर महीने जिलों में जाकर अपराधों की स्थिति जांचें। प्रवृत्ति आधारित अपराधों का अध्ययन कर रोकथाम की रणनीति बनाएं। जयपुर स्थित पुलिस हेडक्वार्टर (PHQ) में शुक्रवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राजस्थान के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बड़ी समीक्षा बैठक आयोजित हुई। यह पहला मौका था कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएचक्यू में पुलिस अधिकारियों की मिटिंग ली। साइबर क्राइम, ड्रग्स और बॉर्डर एरिया पर विशेष टार्गेटसीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- सरकार ने राजस्थान की जनता से सुरक्षित माहौल का जो भरोसा दिया है, उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। सीएम ने कहा- राजस्थान में किसी भी प्रकार का अपराध स्वीकार नहीं होगा। अपराध और भ्रष्टाचार दोनों पर जीरो टॉलरेंस से काम होगा। बैठक में पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराध, नारकोटिक्स तस्करी और सीमावर्ती जिलों में अपराध नियंत्रण को लेकर स्पष्ट टारगेट और रिपोर्टिंग सिस्टम दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा- हर कार्रवाई की मॉनिटरिंग होगी और परिणाम आधारित पुलिसिंग लागू की जाएगी। बैठक में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा, सभी रेंज आईजी, जिलों के एसपी और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी जुड़े। बैठक में जीरो टॉलरेंस, साइबर क्राइम, नारकोटिक्स, बॉर्डर एरिया सिक्योरिटी और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। एफआईआर का समयबद्ध अनुसंधान सुनिश्चित हो इससे पहले मुख्यमंत्री ने मिटिंग में पुलिस अधिकारियों को कहा कि सुदृढ़ कानून व्यवस्था और अपराध पर जीरो टॉलरेंस राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि थानों में दर्ज एफआईआर का समयबद्ध अनुसंधान सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही पर जिम्मेदारी तय हो। सरकार का दावा: अपराधों में बड़ी कमी बैठक में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 2023 से 2025 के बीच कुल अपराधों में 18.77% की कमी दर्ज हुई है। हत्या: 25.68% कमी डकैती: 47.26% कमी लूट: 50.75% कमी अपहरण: 12.24% कमी चोरी/नकबजनी: 33.75% कमी महिला अत्याचार: 9.94% कमी SC-ST अत्याचार: 28.29% कमी वहीं बलात्कार और पोक्सो मामलों में अनुसंधान का औसत समय: पहले: 107 और 103 दिन अब: 42 और 40 दिन 42 महिला PCR वैन को हरी झंडीबैठक से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस मुख्यालय से महिला सुरक्षा को समर्पित 42 PCR वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वैन 24 घंटे महिलाओं की सहायता के लिए तैनात रहेंगी। इन सभी वैन को अभय कमांड सेंटर से जोड़ा गया है, जो डायल-112 की तर्ज पर काम करेंगी। हर वाहन में मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT), GPS, फोल्डिंग स्ट्रेचर और LED लाइट बार लगाए गए हैं, जिससे मौके पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव होगी। मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य सरकार महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 को लगातार मजबूत कर रही है, ताकि उत्पीड़न, शोषण और हिंसा जैसी आपात स्थितियों में महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सके।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में कार्यरत जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा
नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने 9 अप्रैल को अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजा और इसकी एक प्रति सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को भी प्रेषित की है। न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने इस पत्र में लिखा कि मैं […] The post इलाहाबाद हाईकोर्ट में कार्यरत जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
जस्टिस यशवंत वर्मा का शॉकिंग इस्तीफा ; जानें क्या है अधजली नकदी का अनसुलझा रहस्य
मार्च 2025 में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित आवास पर आग लगने के बाद कथित अधजली नकदी मिलने से उठा विवाद गंभीर जांच और संसदीय कार्रवाई तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट की आंतरिक जांच, प्रशासनिक तबादला और महाभियोग प्रक्रिया के बीच अप्रैल 2026 में उन्होंने राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंप दिया।
निंबाहेड़ा: पीएमश्री स्कूल में साइबर क्राइम और बाल सुरक्षा पर कार्यशाला आयोजित
आरपीएस मुकेश चौधरी की मौजूदगी में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा और गुड टच-बैड टच के प्रति जागरूक कर आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए।
पानीपत शहर में बचपन को मजदूरी की भट्टी से बचाने के लिए पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने ऑपरेशन स्माइल के तहत एक कार्रवाई की है। पुलिस ने शहर के विभिन्न ढाबों और दुकानों पर छापामारी कर 5 नाबालिग बच्चों को बाल श्रम की बेड़ियों से मुक्त कराया है। साथ ही टीम ने भीख मांगने वाले 30 बच्चों को भी रेस्क्यू कर उनके पीछे सक्रिय गिरोह की जांच शुरू कर दी है। गोहाना रोड और कृष्णपुरा मार्केट में छापामारी क्राइम ब्रांच टीम के इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि शुक्रवार को विशेष अभियान के तहत गोहाना रोड और कृष्णपुरा मार्केट में दबिश दी गई। इस दौरान 8 से 13 साल की उम्र के पांच बच्चों को दुकानों और ढाबों से काम करते हुए पाया गया। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन मासूमों को वहां से रेस्क्यू किया और उनके परिजनों को मौके पर बुलाया। 3 से 5 हजार में 10 घंटे तक काम पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बच्चों और दुकानदारों ने कबूल किया कि इन मासूमों से दिन में 10-10 घंटों से अधिक काम लिया जाता था और इसके बदले उन्हें महीने के मात्र 3 से 5 हजार रुपए वेतन दिया जाता था। इतनी कम उम्र में बच्चों का इस तरह का आर्थिक और शारीरिक शोषण कानूनन अपराध है। दोषियों पर जेजे एक्ट के तहत शिकंजा इंस्पेक्टर संदीप कुमार के अनुसार, बाल श्रम करवाने वाले ढाबा और दुकान मालिकों के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट और चाइल्ड लेबर एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। भिक्षावृत्ति गिरोह पर भी कड़ा प्रहार ऑपरेशन स्माइल के तहत केवल बाल श्रम ही नहीं, बल्कि भिक्षावृत्ति के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया गया है। पुलिस अब तक शहर के विभिन्न चौराहों से 30 बच्चों को भीख मांगते हुए रेस्क्यू कर चुकी है। पुलिस अब उस गिरोह का पता लगाने में जुटी है, जो इन मासूमों से जबरन भीख मंगवाता है। शहरभर में जारी रहेगा अभियान क्राइम ब्रांच ने चेतावनी दी है कि ऑपरेशन स्माइल के तहत शहर के हर उस ठिकाने पर छापामारी की जाएगी, जहां बाल श्रम की आशंका है। पुलिस का लक्ष्य पानीपत को बाल श्रम और भिक्षावृत्ति से मुक्त बनाना है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति को इस्तीफा भेज दिया है। 14 मार्च 2025 को उनके दिल्ली स्थित सरकारी घर में आग लगने के दौरान 500-500 के नोटों के बंडल जले मिले थे। इसके बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया था। उन्होंने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ ली थी, लेकिन उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई थी। मामले की जांच पूरी होने तक उन्हें न्यायिक कामों से दूर रखा गया था। जस्टिस वर्मा ने 9 अप्रैल को इस्तीफा भेजा था, लेकिन न्यूज एजेंसी ने अगले दिन, यानी 10 अप्रैल को इसकी जानकारी दी। इस्तीफे में लिखा- गहरे दुख के साथ पद छोड़ रहा जस्टिस वर्मा ने राष्ट्रपति को भेजे इस्तीफे में लिखा है- मैं आपके सम्मानित कार्यालय को उन कारणों से परेशान नहीं करना चाहता, जिनकी वजह से मुझे यह पत्र लिखना पड़ रहा है। लेकिन गहरे दुख के साथ मैं इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद से तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा दे रहा हूं। इस पद पर सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है। महाभियोग प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जस्टिस वर्मा के घर से कैश बरामदगी के बाद उनके खिलाफ लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था। उन्होंने इसे चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा था कि दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन राज्यसभा ने उसे मंजूर नहीं किया। इसके बावजूद लोकसभा ने जांच समिति बना दी, जो गलत है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- लोकसभा स्पीकर के पास जांच का अधिकारसुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि लोकसभा स्पीकर की ओर से गठित संसदीय जांच पैनल में कुछ खामी दिखाई देती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जजेज इन्क्वायरी एक्ट के तहत लोकसभा स्पीकर के पास यह अधिकार है कि वह जस्टिस वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए समिति गठित कर सकें, भले ही राज्यसभा में ऐसा ही प्रस्ताव खारिज हो चुका हो। सुप्रीम कोर्ट ने 8 जनवरी को फैसला सुरक्षित रखा था। हालांकि, कोर्ट ने जस्टिस वर्मा को पार्लियामेंट्री कमेटी के सामने जवाब दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने से मना कर दिया था। संसद में महाभियोग लाने का पूरा प्रोसेस एक ग्राफिक में… जजों की जांच के लिए कानूनी प्रक्रिया को समझिए… 1968 के जजों (जांच) अधिनियम के मुताबिक जब किसी जज को हटाने का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में मंजूर हो जाता है तो स्पीकर या चेयरमैन उस आरोप की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक समिति बनाते हैं। -------------------------- ये खबर भी पढ़िए- सुप्रीम कोर्ट बोला-मेरठ का मामला देश के लिए चेतावनी:जिंदगी की कीमत पर व्यवसाय नहीं चलेगा, 859 संपत्तियों को तोड़ने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने गुरुवार को 859 संपत्तियों पर बने अवैध सेटबैक को दो महीने के भीतर तोड़ने का आदेश दिया है। अवैध सेटबैक यानी इमारत के चारों ओर छोड़ी जाने वाली अनिवार्य खाली जगह में किया गया निर्माण। लाइव लॉ के मुताबिक, कोर्ट ने कहा- मामला सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के लिए चेतावनी है। अगर प्रशासन ने समय रहते कदम उठाए होते, तो इतनी बड़ी समस्या पैदा नहीं होती।कानून का राज लोगों के शोर-शराबे के आगे झुक नहीं सकता है। व्यवसाय किसी की जिंदगी की कीमत पर नहीं चल सकता है। पढ़ें पूरी खबर...
फरीदाबाद के सेक्टर-12 स्थित कोर्ट परिसर और आसपास के पार्किंग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को परखने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा कांबिंग और सर्चिंग की मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान क्राइम ब्रांच, बॉम्ब स्क्वाड, डॉग्स स्क्वाड व थाना की टीमों द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी। सुरक्षा को लेकर तैयारी रखना मकसद पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल पुलिस की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में पुलिस कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया दे सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी ड्रिल के जरिए पुलिसकर्मियों की सतर्कता, समन्वय और कार्यक्षमता का आकलन किया जाता है। आस-पास के इलाके की जांच की गई ड्रिल के दौरान कोर्ट परिसर, पार्किंग स्थल और आसपास के क्षेत्रों में खड़े वाहनों की भी गहन जांच की गई। साथ ही, वहां मौजूद लोगों से पूछताछ कर उनकी पहचान भी सत्यापित की गई। इस पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया गया। अधिकारी बोले अभ्यास बेहद जरूरी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभ्यास से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पुलिस बल पहले से तैयार रहता है।
धार स्थित भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में गुरुवार को लगातार चौथे दिन सुनवाई हुई। इस दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अपना पक्ष रखा और एएसआई सर्वे के आधार पर भोजशाला को सरस्वती मंदिर बताया। जैन ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 1902 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किए गए सर्वे में यह सिद्ध हो चुका है कि भोजशाला एक मंदिर है, जहां संस्कृत की शिक्षा दी जाती थी। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्ड में भी यह स्थान भोजशाला के रूप में दर्ज है। करीब एक घंटे तक जैन ने एएसआई रिपोर्ट के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि याचिकाकर्ताओं को यहां 24 घंटे पूजा करने का अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए वर्ष 2003 के आदेश में संशोधन जरूरी है। इसके साथ ही हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से तर्क पूरे हो गए। सर्वे में मिले धार्मिक चिन्हों का हवाला जैन ने कोर्ट को बताया कि हाल ही में कोर्ट के आदेश पर 98 दिन तक चला सर्वे भी इस बात की पुष्टि करता है। सर्वे में दीवारों और खंभों पर भगवान गणेश, ब्रह्मा, नरसिंह सहित पशु आकृतियों के चित्र मिले हैं। उन्होंने तर्क दिया कि मस्जिदों में इस प्रकार के चिन्ह नहीं बनाए जाते। साथ ही त्रिशूल मिलने का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि कार्बन डेटिंग से यह साबित होता है कि भोजशाला का अस्तित्व मस्जिद से पहले का है और मंदिर के पत्थरों का उपयोग बाद में मस्जिद निर्माण में किया गया। मेहराब बाद में बनाए जाने का दावा जैन के मुताबिक सर्वे में यह भी सामने आया कि मस्जिद में उपयोग किए गए खंभे मूल रूप से भोजशाला के ही हिस्से थे, जबकि दीवारों पर बने मेहराब बाद में जोड़े गए। आज फिर होगी सुनवाई गुरुवार को सुनवाई के दौरान दूसरे याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी की ओर से वकील ने बताया कि वे हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के तर्कों का समर्थन करते हैं, लेकिन कुछ अतिरिक्त बिंदु भी रखना चाहते हैं। दस्तावेज स्कैन नहीं होने के कारण वे शुक्रवार को विस्तृत तर्क पेश करेंगे। कोर्ट अब इस मामले में शुक्रवार को फिर सुनवाई करेगा।
जयपुर पूर्व के ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 हजार रुपए के इनामी अपराधी अरबाज खान उर्फ काला को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले करीब 4 माह से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि 21 दिसंबर की रात पीड़िता के साथ मारपीट और हत्या के प्रयास के इरादे से फायरिंग की वारदात हुई थी। इस मामले में ट्रांसपोर्ट नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस पहले ही शाहीद खान और वाहीद खान को BNS और आर्म्स एक्ट मामले में गिरफ्तार कर चुकी थी। वहीं घटना के बाद से अरबाज उर्फ काला और आबिद खान फरार चल रहे थे, जिनकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। थानाधिकारी अरुण कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। इसके बाद बुधवार को आरोपी अरबाज खान उर्फ काला को उसके ठिकाने से डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरबाज खान उर्फ काला (26) निवासी नाग तलाई, कली का भट्टा, दिल्ली बाईपास रोड, गलतागेट थाना क्षेत्र के रूप में हुई है। अब फरार आबिद खान की तलाश जारी पुलिस अब इस मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी आबिद खान की तलाश में जुटी है। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ओमप्रकाश ने गुरुवार को पुलिस लाइन और परेड का निरीक्षण किया। वहीं, संपर्क सभा में पुलिस अधिकारियों व पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ एक अपराध समीक्षा बैठक की। आईजी ओमप्रकाश ने क्राइम मीटिंग में पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आमजन को साथ लेकर उनके भय को कम करने का प्रयास करें। उन्होंने चूरू जिले में अन्य राज्यों से आने वाले तस्करों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। आईजी ने बताया कि चूरू जिले में अपराध ग्राफ में कमी आई है और गैंगस्टरों पर काफी हद तक लगाम कसी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आईजी ने कहा कि दूसरे जिलों के बॉर्डर से आने वाले शराब और हथियार तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है। अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस की कार्यशैली और कानून व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने प्रदेश में साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को सक्रिय रहने और साइबर क्राइम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुनील कुमार, सिकाउ एएसपी डॉ. कृष्णा सामरिया, एएसपी सतपाल सिंह शेखावत, डीएसपी सुनील कुमार झाझड़िया, कोतवाली थानाधिकारी सुखराम चोटिया, सदर थानाधिकारी मोटाराम, महिला थानाधिकारी रचना विश्नोई सहित जिले के कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र में स्थित गोविंद गुरु राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बांसिया में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सीमलवाड़ा तालुका अध्यक्ष एवं न्यायाधीश हरीश मेनारिया ने छात्रों को कानूनी जानकारी दी और उन्हें मोबाइल का गुलाम नहीं बनकर उसे अपना गुलाम बनाने का संदेश दिया। न्यायाधीश हरीश मेनारिया ने बताया कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग स्मरण शक्ति को प्रभावित करता है। उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग को बच्चों की मानसिक और शारीरिक क्षमता के लिए खतरनाक बताया।बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए न्यायाधीश ने छात्रों को अपनी निजी जानकारी, जैसे ओटीपी, आधार और बैंक विवरण, किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना सोचे-समझे किसी भी संदेश को फॉरवर्ड करना कानूनी रूप से अपराध की श्रेणी में आ सकता है। शिक्षा के महत्व पर दिया जोरशिविर में पॉक्सो एक्ट की गंभीरता और बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में भी छात्रों को जागरूक किया गया।शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए न्यायाधीश ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया जा सकता है। उन्होंने छात्रों को जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने और आवश्यकता पड़ने पर सरकारी हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
आईजी ओमप्रकाश चूरू में आज क्राइम मीटिंग लेंगे
चूरू | बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश बुधवार देर शाम चूरू पहुंचे। आईजी गुरुवार को चूरू पुलिस लाइन का निरीक्षण सहित क्राइम मीटिंग व संपर्क सभा भी लेंगे। एएसपी सुनील कुमार ने बताया कि आईजी ओमप्रकाश गुरुवार सुबह सात बजे परेड का निरीक्षण करेंगे। सुबह 8.30 बजे पुलिस लाइन का अवलोकन कर व्यवस्थाओं करेंगे। नौ बजे संपर्क सभा कर पुलिसकर्मियों की सुनवाई करेंगे। सुबह 11 बजे क्राइम मीटिंग लेकर कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। दोपहर एक बजे प्रेसवार्ता करेंगे। आईजी दोपहर बाद चूरू से बीकानेर के लिए रवाना होंगे।
जयपुर वेस्ट पुलिस ने अवैध बजरी भंडारण और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बजरी से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली और बजरी भरने में इस्तेमाल ट्रैक्टर-लोडर को जब्त किया है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि सेज थाना पुलिस लगातार इलाके में गश्त और निगरानी कर रही थी। इसी दौरान थाना सेज के थानाधिकारी उदय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 250 फीट रोड, कलवाड़ा चौराहे के पास कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बजरी का भंडारण और परिवहन कर रहे एक युवक को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कृष्ण कुमार बैरवा (26) निवासी लोहरवाड़ा, थाना पीपलू, जिला टोंक हाल किरायेदार कलवाड़ा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी बिना लाइसेंस बजरी का भंडारण और परिवहन कर रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अवैध बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और बजरी भरने में का आ रही ट्रैक्टर-लोडर को जब्त किया। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
लखनऊ में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अवध की शासक बेगम हजरत महल की 147 वीं पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि में न्यायाधीश सैयद कमर हसन रिजवी शामिल हुए। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि एरा मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर डॉ.अब्बास अली मेहदी और सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल ने बेगम हजरत के जीवन पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा- आखिरी मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर ने दिल्ली में आज़ादी की मशाल जलाई। जिसके बाद अवध की शासक महारानी बेगम हजरत महल ने उस मशाल की लौ को जीवित रखा। बेगम जंग के मैदान में आगे आईं। अंग्रेज़ों से लड़ीं और युद्व का नेतृत्व किया। वतन से दूर भी होना पड़ा यही वजह है कि उन्हें 150 साल बाद भी याद किया जा रहा है। 1751 में दक्षिण भारत के नवाब हैदर अली, उनके बेटे शेरे मैसूर नवाब टीपू सुल्तान और बंगाल के सिराजुद्दौला ने अंग्रेजों से लोहा लिया था। इन सभी स्वतंत्रता सेनानियों और उनके सहयोगियों की सेवाएं और बलिदान अविस्मरणीय हैं। लखनऊ पीठ के न्यायाधीश सैयद कमर हसन रिजवी ने कहा कि बेगम हजरत महल अपने राज्य के लोगों का मार्गदर्शन करने के साथ-साथ मैदाने जंग में भी सक्रिय थीं। वो सम्पूर्ण रूप से महिला शसक्तीकरण का उदाहरण है। वतन की खातिर इसके लिए उन्हें अपने वतन से दूर भी होना पड़ा। कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन प्रोफेसर डॉ. अब्बास अली मेहदी और सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल एडवोकेट ने बेगम हजरत महल और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की सेवाओं और बलिदानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बेगम हजरत महल सोसाइटी के फाउंडर अध्यक्ष अब्दुल नसीर नासिर ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि बेगम हज़रत महल की याद में जल्द ही एक ड्रामा ‘बेगम हज़रत महल’ और एक कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया जाएगा। जिससे उनके विचार आम जनता तक पहुंचेंगे।
चंडीगढ़ पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर बदलाव करते हुए 21 इंस्पेक्टरों के तबादले किए गए हैं। यह आदेश मंगलवार देर शाम जारी किया गया है। कई थानों के प्रभारी बदले गए हैं और कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में शहर के कई प्रमुख थानों—सेक्टर 17, 31, 39, आईटी पार्क, सरंगपुर और मनीमाजरा—में नए थाना प्रभारी लगाए गए हैं। इसके अलावा कुछ अधिकारियों को पुलिस लाइन, जांच शाखा और यातायात शाखा में भेजा गया है। जानिए किस कहां हुए ट्रांसफर इंस्पेक्टर राम दयाल: सेक्टर 39 से आईआरबी। इंस्पेक्टर कुलवीर कौर: एएचटीयू से एएचटीयू व सीआरयू। इंस्पेक्टर शादीलाल: विजिलेंस से सेक्टर 34 थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर आशा शर्मा: सेक्टर 17 से पीसीसी व हाईकोर्ट। इंस्पेक्टर राम रतन: पुलिस लाइन से सेक्टर 26 थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर राजीव कुमार: सेक्टर 31 से सेक्टर 39 थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर उषा रानी: आईटी पार्क से पुलिस लाइन। इंस्पेक्टर मिनी: सरंगपुर से आईटी पार्क थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर हरि ओम शर्मा: मनीमाजरा से सेक्टर 31 थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर रोहित कुमार: सेक्टर 17 से ट्रैफिक। इंस्पेक्टर अशोक कुमार: आईआरबी से सारंगपुर थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर इरम रिजवी: पुलिस हैडक्ववाटर से सेक्टर 17 वुमन सेल थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर ज्ञान सिंह: सेक्टर 26 से सीआईडी। इंस्पेक्टर दया राम: आरटीसी से आरटीसी व पुलिस लाइन। इंस्पेक्टर सतिंदर कुमार: सेक्टर 34 से पुलिस लाइन। इंस्पेक्टर तीरथ सिंह: मनीमाजरा से अडिशनल एसएचओ मनीमाजरा। इंस्पेक्टर सुधीर कुमार: फोटो शाखा से क्राइम ब्रांच। इंस्पेक्टर सुदेश कुमार: चौकी 22 से सेक्टर 17 थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर बलजीत सिंह: डीएसपी सेंट्रल रीडर से पुलिस हैडक्ववाटर। इंस्पेक्टर जसकरण सिंह: बस स्टैंड सेक्टर 17 से मौलीजागरा थाना प्रभारी। इंस्पेक्टर हरभजन सिंह: एमओबी से पीओ व समन स्टाफ।
नवादा पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव धीमन ने जिले के सभी डीएसपी, एसडीपीओ, सीआई, एसएचओ, ईआरएसएस और एफएसएल सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण क्राइम मीटिंग की। इस बैठक में जिले की वर्तमान अपराध स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अपराधों की रोकथाम, लंबित मामलों का शीघ्र खुलासा और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। एसपी धीमन ने पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने, त्वरित कार्रवाई करने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह बैठक नवादा को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य छोटी घटनाओं पर तत्काल नियंत्रण पाना और बड़े अपराधों को जड़ से खत्म करना है, ताकि जिले में शांति और कानून का राज स्थापित हो सके।
लखनऊ में साइबर जालसाजों ने एयरटेल कंपनी के डायरेक्टर को एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैककर 10 लाख रुपए ठग लिए। तीन अलग-अलग खातों में रुपए ट्रांसफर करवा लिए। जालसाजी का पता चलने पर पीड़ित पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए पूरी रकम रिफंड करवा दी। अर्जुनगंज लखनऊ निवासी योगेंद्र कुमार एयरटेल में डायरेक्टर हैं। योगेंद्र को मोबाइल चलाने के दौरान रुपए निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का मैसेज मिला। उस मैसेज पर रिस्पांस करने पर एक Malicious Malware फाइल भेजी गई। इसके बाद पीड़ित का फोन हैक हो गया। जिसके बाद नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हुए उनके खाते से तीन बार में 10 लाख रुपए कट गए। इसके बाद जालसाज और रुपए की डिमांड करने लगे। इस पर पीड़ित जानकारी करने के लिए साइबर थाने पहुंचे। मामले में साइबर थाना इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव ने बताया कि 17 फरवरी की पीड़ित ने आकर पूरा मामला बताया। उनकी शिकायत पर जांच की गई तो जिस खाते में रकम गई थी उसमें पूरा पैसा पड़े होने की जानकारी हुई। इस पर मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई में तेजी लाई गई। बैंक में रुपए फ्रीज कर दिए गए। कोर्ट रिलीज करने का आर्डर मंगाया गया। पीड़ित को ऑर्डर मिलते ही 10 लाख रुपए मंगलवार को वापस हो गई। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया- साइबर अपराध के मामलों को पुलिस अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पीड़ितों की धनराशि की शीघ्र रिकवरी के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस प्रकरण में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया। गोल्डन टाइम में ही NCCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर फ्राडस्टरों के खाते को फ्रीज कराया गया। कोर्ट के द्वारा फ्राड की हुई 10 लाख रकम वापस कराई गई है। साइबर ठगी होने पर तुरंत इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नं-1930 या cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं। पुलिस पर भरोसा बढ़ारुपए मिलने के बाद पीड़ित योगेंद्र ने लखनऊ पुलिस का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा मेरे साथ हुए 10 लाख के साइबर फ्रॉड के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरी रकम बरामद कर मुझे वापस दिलाई गई। इससे आम जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हुआ है।
बूंदी में छात्रों को कानूनी रूप से जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। 'एम्पावरिंग राजस्थान यूथ ए लीगल लिटरेसी इनिशिएटिव-2026' योजना के तहत अब स्कूलों में शिक्षक के साथ-साथ न्यायाधीश भी कक्षाएं लेंगे। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस पहल के तहत 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान अप्रैल माह के पहले मंगलवार से प्रारंभ हो चुका है। इसके अंतर्गत बूंदी जिले के 24 सिविल जज से लेकर डीजे कैडर तक के न्यायाधीश 592 चयनित स्कूलों में छात्रों को कानूनी साक्षरता का पाठ पढ़ाया। इन कक्षाओं में छात्रों को साइबर सुरक्षा, साइबर बुलिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन धोखाधड़ी और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सरिता मीणा ने बताया कि यह अभियान राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की पहल पर शुरू हुआ है। इसका शुभारंभ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधिपति सूर्यकांत ने 20 फरवरी को साइबर लॉ पर आयोजित राज्य स्तरीय कॉन्फ्रेंस में किया था, जबकि प्रदेशव्यापी क्रियान्वयन अब शुरू हुआ है। अभियान के तहत कक्षा 8 से 12वीं तक के छात्रों के लिए कॉमन सेशन आयोजित किए गए। पहले दिन बूंदी जिले में पदस्थापित न्यायिक अधिकारी पंकज नरूका, सुमन गुप्ता, संजय कुमार गुप्ता, सरिता मीणा, डॉ. विवेक शर्मा, मीनाक्षी मीना, दुदा राम खोकर, भावना भार्गव, डॉ. मनोज तिवारी, जाकिर हुसैन, अंबिका, सीमा संदू, आदित्य वशिष्ठ, सिद्धांत सक्सैना, पैनल लॉयर, लीगल एड डिफेंस काउंसिल और पैरा लीगल वॉलंटियर्स ने 2054 छात्रों को लाभान्वित किया। यह अभियान आगामी एक साल तक चलेगा, जिसमें हर माह के पहले और तीसरे मंगलवार को एक विशेष विषय पर छात्रों को जागरूक किया जाएगा। शुरुआत साइबर सुरक्षा से हुई है। भविष्य में दैनिक जीवन से जुड़े कानून, संवैधानिक अधिकार, विधिक सहायता, बाल अधिकार, महिला अधिकार और जिम्मेदार नागरिकता जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।
जयपुर में मोबाइल चोरी के बाद डिजिटल पेमेंट ऐप के जरिए बैंक खाते से लाखों रुपए निकालने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया सैमसंग एंड्रॉयड मोबाइल और धोखाधड़ी से निकाले गए 90 हजार रुपए बरामद किए गए हैं। मामला रामनगरिया थाना इलाके का है। डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया कि आरोपी संजय कुमार मीना (28) निवासी दौसा को पकड़ा गया है। आरोपी के खिलाफ पहले भी चोरी और अन्य आपराधिक मामलों के कई मुकदमे मानपुर, बांदीकुई और जयपुर के खो नागोरियान थानों में दर्ज हैं। निर्माणाधीन मकान से मोबाइल चोरी कर भागा था डीसीपी ईस्ट ने बताया कि आरोपी ने 12 मार्च की रात जगदीश प्रसाद मीना के निर्माणाधीन मकान से मोबाइल चोरी किया था। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल में फोन-पे ऐप डाउनलोड कर परिचितों के बैंक खातों में अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए और पीड़ित के खाते से 7 लाख 38 हजार रुपए निकाल लिए। 21 मार्च को पीड़ित जगदीश प्रसाद ने बैंक अकाउंट चेक किया तब रुपए निकलने का पता चला। इसके बाद रामनगरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। ऑनलाइन गेमिंग में खर्च किए रुपए विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना पर 31 मार्च को आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने अपने हिस्से के पैसों में से कुछ रकम ऑनलाइन गेमिंग और शौक पूरे करने में खर्च कर दी। फिलहाल उसके कब्जे से 90 हजार रुपए कैश और चोरी का मोबाइल बरामद किया जा चुका है।
भोपाल में साइबर क्राइम ब्रांच ने बड़े फर्जी सिम रैकेट का खुलासा करते हुए दो पीओएस एजेंटों को मंगलवार गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक ही व्यक्ति के चेहरे का उपयोग कर करीब 246 फर्जी सिम कार्ड जारी किए। इन सिम कार्ड्स को अलग-अलग नाम और पतों पर एक्टिवेट किया गया, जिससे इनके साइबर अपराधों में इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। मामले का खुलासा “ऑपरेशन FACE” के तहत की गई कार्रवाई में हुआ, जो फर्जी सिम नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए चलाया जा रहा है। फर्जी दस्तावेजों से सिम एक्टिवेशन का खेल जांच में सामने आया कि आरोपी ग्राहकों के आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी अपने पास रख लेते थे और उन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अलग-अलग नामों से सिम जारी करते थे। एक ही व्यक्ति की फोटो लगाकर करीब 250 सिम एक्टिवेट की गईं। आरोपियों ने यह काम कमीशन और कंपनी के इंसेंटिव के लालच में किया। साइबर क्राइम के मुताबिक, 2023 में दूरसंचार विभाग द्वारा एआई आधारित फेसियल रिकग्निशन टूल के जरिए ऐसे संदिग्ध कनेक्शनों की पहचान की गई थी, जिनमें एक ही चेहरे पर 50 से अधिक सिम सक्रिय पाए गए। इसी इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए भोपाल में यह गिरफ्तारी की गई। AI से खुली पोल एआई तकनीक ने फर्जी सिम एक्टिवेशन के बड़े नेटवर्क की पोल खोल दी। इस कार्रवाई की शुरुआत दूरसंचार विभाग (DOT) द्वारा 2023 में एआई (Artificial Intelligence) आधारित फेसियल रिकग्निशन टूल (ASTR) के जरिए संदिग्ध मोबाइल सिम धारकों का डाटा उपलब्ध कराए जाने से हुई। इस डाटा में ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें एक ही व्यक्ति के चेहरे का उपयोग कर अलग-अलग नाम और पतों पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड एक्टिव पाए गए। इसी इनपुट के आधार पर भोपाल में सक्रिय फर्जी सिम रैकेट का खुलासा हुआ। साइबर क्राइम ब्रांच ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए जांच आगे बढ़ाई और एक ही चेहरे पर सैकड़ों सिम जारी करने के इस संगठित खेल का पर्दाफाश किया। तकनीकी विश्लेषण से पकड़े गए आरोपी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और डेटा एनालिसिस के आधार पर जहांगीराबाद निवासी देवेंद्र यादव और इतवारा क्षेत्र निवासी सैफ कुरैशी को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। दोनों आरोपी पीओएस एजेंट के रूप में काम करते थे और सिम बेचने के बदले मिलने वाले इनाम के लालच में इस अवैध गतिविधि में शामिल हुए। अन्य साथियों की तलाश जारीपूछताछ में आरोपियों ने अपने एक साथी के साथ मिलकर इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने की बात कबूल की है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का उपयोग किन-किन साइबर अपराधों में किया गया। ऐसे रखें सावधानी पुलिस ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सिम जारी कराते समय यदि विक्रेता बार-बार प्रक्रिया दोहराने को कहे तो सावधान रहें। अपने आधार कार्ड पर जारी सिम की संख्या की जानकारी दूरसंचार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से ली जा सकती है। साइबर अपराध की किसी भी घटना की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या भोपाल साइबर क्राइम के नंबर 9479990636 पर दी जा सकती है।
बूंदी के नैनवां स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छात्राओं को साइबर क्राइम और उससे बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता न्यायिक अधिकारी अलका मीना थीं। उन्होंने छात्राओं को साइबर क्राइम के विभिन्न स्वरूपों से अवगत कराया और उनसे निपटने के लिए कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। मीना ने छात्राओं को डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित और जिम्मेदारी से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर स्कूल प्रिंसिपल डॉ. फरनाज़ सिद्दीकी और समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन रवि प्रकाश पालीवाल ने किया। अंत में न्यायिक अधिकारी ने विद्यालय को कोर्ट वाली दीदी नामक एक शिकायत एवं सुझाव पेटिका भेंट की। उन्होंने छात्राओं को इस पेटिका के उपयोग के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। कंटेंट- अश्विनी शर्मा, नैनवां।
डूंगरपुर जिले के 19 सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को विधिक साक्षरता और जागरूकता का संदेश दिया गया। इस दौरान न्यायाधीशों ने शिक्षक बनकर बच्चों को कानून का पाठ पढ़ाया। मुख्य रूप से साइबर अपराधों, मोबाइल और सोशल साइट्स के दुरुपयोग से बचने के तरीके बताए गए। जागरूक रहने की सलाहशहर के महारावल सीनियर स्कूल में जिला न्यायाधीश दीपा गुर्जर ने छात्रों को साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक रहने की सलाह दी। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण न्यायालय के विशिष्ट न्यायाधीश मोहम्मद आरिफ ने राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिलड़ी में ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके समझाए। बेटियों की सुरक्षा और जागरूकता पर चर्चापारिवारिक न्यायालय की न्यायाधीश नीतू आर्य ने देवेंद्र गर्ल्स स्कूल में बेटियों की सुरक्षा और जागरूकता पर बात की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज मीणा ने स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में फ्रॉड कॉल से बचने के लिए जागरूक रहने की सीख दी। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल बलवाड़ा में सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग के प्रति छात्रों को सचेत किया। स्कूलों में 'कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी' स्थापित कीइस एक दिवसीय कार्यक्रम में कुल 19 स्कूलों में न्यायाधीशों और विधिक जागरूकता से जुड़े अधिकारियों ने बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। न्यायाधीशों ने बच्चों की समस्याओं को भी सुना। स्कूलों में 'कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी' स्थापित की गई है, जिसमें बच्चे अपनी समस्याएं लिखकर डाल सकेंगे। इन शिकायतों पर न्यायाधीश विचार करेंगे और समाधान के प्रयास किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में जूनियर लीगल लिटरेसी क्लब की स्थापना भी की जाएगी।
कोटा में साइबर जागरूकता अभियान के तहत 52 जुडिशल ऑफिसर स्कूलों में जाकर बच्चों को जानकारी दे रहे है। जिले में 700 सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का चयन किया गया है। जिला जज सत्यनारायण व्यास सुबह 8 बजे स्वामी विवेकानंद नगर इलाके में मां भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्टूडेंट्स को सोशल मीडिया, इंटरनेट यूज के उपयोग और बचाव के बारे में जानकारी दी। स्कूल में ‘कोर्ट वाली दीदी’ के नाम से एक बॉक्स भी रखा गया हैं। निजी जानकारी सोशल मीडिया पर न करें शेयर जिला जज सत्यनारायण व्यास ने कहा कि आपके फोटो और नाम का दुरूपयोग हो रहा है। कोई आपके नाम से धमकी भरा मैसेज भेज रहा है, ये साइबर मिसयूज है। अनजान व्यक्ति परिवार के बारे में जानकरी मांग रहा है, ये भी साइबर मिस यूज है। हमें इसको पहचनाना है और सतर्क रहना है। सोशल मीडिया और इंटरनेट के खतरे भी बहुत है। वर्तमान समय में ये एक बहुत बड़ी बीमारी है। सोशल मीडिया पर आपकी जानकारी सार्वजनिक हो जाती है, कही घूमने जा रहे है और सोशल मीडिया पर सूचना डाल दी, पीछे से चोरी हो जाती है। निजी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर न करें। सोशल मीडिया को केवल अपने हित के लिए यूज करें। जिला जज बोले- चुप रहने से अपराध बढ़ता है जिला जज ने कहा कि अगर आपके पास कोई मैसेज, फोन आता है तो तुरंत अपने पेरेंट्स और टीचर को बताए। स्कूल में शिकायत बॉक्स में आपकी समस्या लिख कर डाले। स्क्रीन शॉट लेकर भी शिकायत कर सकते हो। जिला विधिक सेवा प्राधिकारण आपकी सेवा और सुरक्षा के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि चुप रहने से अपराध बढ़ता है। सतर्क रहे जागरूक रहे, मोबाइल के प्रयोग से सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि सप्ताह के पहले और तीसरे मंगलवार को बच्चों को इसके बारे में जानकारी देने के लिए अभियान चलाया है। छोटी सी लापरवाही साइबर क्राइम का कारण बन सकती डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विभा आर्या ने बताया कि आज के डिजिटल दौर में बच्चों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का सीमित और सुरक्षित उपयोग करना बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती है। ‘कोर्ट वाली दीदी’, पेटी में लिखकर शिकायत डाल सकते करीब आधे घंटे से ज्यादा समय तक चले सत्र में उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेलिंग और परिचित बनकर ठगी जैसे मामलों से बचने के उपाय बताए। उन्होंने समझाया कि किस तरह अपराधी बच्चों को मानसिक रूप से दबाव में लेकर उनसे गलत जानकारी या पैसे हासिल करने की कोशिश करते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्कूल में एक कंप्लेंट बॉक्स भी रखा गया, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी शिकायत गुप्त रूप से डाल सकेंगे। महिला जज दो दिन बाद फिर स्कूल आकर इन शिकायतों को कलेक्ट करेंगी। इसी तरह पूरे कोटा शहर के विभिन्न स्कूलों में न्यायिक अधिकारियों ने पहुंचकर विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक किया।
न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने नसीहत दी कि बच्चे सोशल मीडिया की दुनिया छोड़कर किताबों की तरफ बढ़ें। इसके अलावा मैदानी खेलों जैसे-कबड्डी, क्रिकेट, बैडमिंट खेलें, मोबाइल गेम्स नहीं। दरअसल, मंगलवार को प्रदेशर में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान की शुरुआत की गई। इसके तहत मंगलवार को बांसवाड़ा शहर के राजकीय नूतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा- साइबर अपराध की दुनिया बहुत खतरनाक है। अश्लील फोटो या वीडियो डाउनलोड करना, शेयर करना या किसी को भेजना गंभीर अपराध है, जिससे बचना मुश्किल होता है। जज बाले-मोबाइल नशा है, भविष्य बिगाड़ सकता है कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने विद्यार्थियों को मोबाइल के खतरों से आगाह करते हुए जीवन में अनुशासन का महत्व समझाया। न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मोबाइल फोन एक ऐसी लत है, जिसे एक बार हाथ में लेने पर बार-बार चलाने का मन करता है। मोबाइल के ज्यादा यूज करने से दिमाग कार्यक्षमता और मेमोरी को नुकसान होता है। बच्चों में मोबाइल के कारण चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन की गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं। देर रात तक मोबाइल चलाने से स्वास्थ्य बिगड़ता है, इसलिए समय पर सोना और जागना अनिवार्य है। पेरेंट्स को भी मैसेज- बच्चों पर नजर रखें न्यायाधीश ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों द्वारा किए जा रहे मोबाइल के उपयोग पर पैनी नजर रखें और समय-समय पर उनके फोन चेक करें ताकि बच्चे किसी गलत दिशा में न भटकें। ये जागरूकता अभियान मंगलवार को प्रदेश के 14 स्कूलों में आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव कौशल सिंह ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। वहीं प्रत्येक मंगलवार को न्यायिक अधिकारी स्कूलों में जाकर छात्रों को साइबर क्राइम से जागरूक करेंगे। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कौशल सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी जयदीप पुरोहित, संस्था प्रधान कालूराम खांट सहित स्कूल का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
बंदर मूवी प्रिव्यू: सच्ची घटना से प्रेरित बॉबी देओल और अनुराग कश्यप की क्राइम थ्रिलर
अनुराग कश्यप निर्देशित फिल्म ‘बंदर: मंकी इन अ केज’ एक सच्ची घटना से प्रेरित क्राइम-थ्रिलर है। बॉबी देओल मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का प्रीमियर 2025 टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ और यह 22 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर 'दलदल' में सबसे खौफनाक विलेन बन सकती हैं भूमि पेडनेकर
भूमि पेडनेकर ने अब तक ऐसे किरदार निभाए हैं जो बेहद वास्तविक और भरोसेमंद लगे हैं। लेकिन उनकी साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर ‘दलदल’ शायद वह सरप्राइज़ है, जिसका इंतज़ार दर्शक कर रहे थे। ट्रेलर में भूमि को डीसीपी रीटा फरेरा के रूप में पेश किया गया है, जो एक ...
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी नई हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज ‘दलदल’ का दमदार ट्रेलर रिलीज कर दिया है। यह ट्रेलर कुछ दिन पहले आए असरदार और बेचैन कर देने वाले टीज़र के बाद रिलीज हुआ है, जिसे अपनी अलग और डरावनी झलक के लिए खूब सराहना मिली थी।
भूमि पेडनेकर की क्राइम थ्रिलर 'दलदल' का टीजर रिलीज, इस दिन प्राइम वीडियो पर होगा प्रीमियर
प्राइम वीडियो ने अपनी हिंदी क्राइम थ्रिलर सीरीज 'दलदल' की दुनिया भर में प्रीमियर की डेट रिलीज कर दी है। यह सीरीज 30 जनवरी को रिलीज हो रही है। इसके साथ ही 'दलदल' का जबरदस्त, खौफनाक टीज़र भी जारी किया गया है। विष धमिजा की बेस्टसेलिंग किताब भेंडी ...
प्राइम वीडियो की तेलुगु क्राइम थ्रिलर फिल्म 'चीकाटीलो' का रोमांचक ट्रेलर रिलीज
प्राइम वीडियो ने अपनी इमोशनल तेलुगु क्राइम सस्पेंस ड्रामा 'चीकाटीलो' का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज कर दिया है। तेजी से विकसित हो रहे हैदराबाद की पृष्ठभूमि पर आधारित इस कहानी में संध्या की यात्रा दिखाई गई है, जो एक ट्रू-क्राइम पॉडकास्टर है। शोभिता धुलिपाला ...
क्रिमिनल जस्टिस 4 में एक अलग अवतार में दिखीं बरखा सिंह, बोलीं- मैं खुद को साबित करना चाहती थी
बरखा सिंह भारतीय सिनेमा के सबसे होनहार चेहरों में से एक हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर काम करते हुए, बाधाओं को पार किया है और अपने लिए एक रास्ता बनाया है। दर्शकों और आलोचकों को उनके किरदारों और अभिनय के तरीके से बेहद प्यार है। एक इंटरव्यू में बरखा ...
राणा नायडू सीजन 2: नए किरदारों के साथ क्राइम, एक्शन और इमोशन का जबरदस्त तड़का
राणा नायडू सीजन 2' में गालियों में कमी और ड्रामा में बढ़ोतरी हुई है। अर्जुन रामपाल का 'रॉफ' और कृति खरबंदा जैसे नए किरदार कहानी को नया मोड़ देते हैं। राणा और नागा के किरदार पहले की तरह दमदार हैं, जो परिवार को मुश्किलों से निकालते हैं। सीरीज की ...
अनुराग कश्यप लेकर आए क्राइम ड्रामा फिल्म निशांची, इस दिन सिनेमाघरों में होगी रिलीज
अनुराग कश्यप एक नई गहन क्रामइ ड्रामा फिल्म 'निशांची' लेकर आ रहे हैं। अमेजन एमजीएम स्टूडियो ने इस फिल्म का टीजर शेयर करते हुए इसकी थिएट्रिकल रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित ये फिल्म हालात को हूबहू पर्दे पर उतारने वाली और ...
प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी रोमांचक इन्वेस्टीगेटिव क्राइम थ्रिलर 'स्टोलन' का दमदार ट्रेलर लॉन्च कर दिया है। अनुराग कश्यप, किरण राव, निखिल आडवाणी और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे दिग्गज फिल्ममेकर्स की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर टीम के साथ 'स्टोलन' करण ...
सोनू सूद की फतेह इस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई स्ट्रीम, साइबर क्राइम की काली दुनिया को दिखाती है फिल्म
बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद की फिल्म 'फतेह' को सिनेमाघरों में मिलाजुला रिस्पॉन्स मिला था। इस फिल्म से सोनू सूद ने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा है। साइबर क्राइम पर आधारित इस फिल्म में सोनू सूद के साथ जैकलीन फर्नांडिस मुख्य भूमिका में नजर आईं। वहीं ...
क्राइम फ्री धड़कपुर से चोरी हुई बाइक, प्राइम वीडियो की सीरीज दुपहिया का मजेदार ट्रेलर हुआ रिलीज
web series dupahiya trailer: प्राइम वीडियो ने अपनी आगामी ओरिजिनल सीरीज 'दुपहिया' का दिलचस्प ट्रेलर जारी कर दिया है। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी द्वारा उनके बैनर बॉम्बे फिल्म कार्टेल के तहत रचित और कार्यकारी निर्मित है। यह सीरीज़ एक काल्पनिक ...
क्राइम पेट्रोल एक्टर नितिन चौहान का निधन, 35 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
मनोरंजन जगत से एक दुखद खबर सामने आई है। टीवी के जाने-माने एक्टर नितिन चौहान का निधन हो गया है। वह महज 35 साल के थे। एक्टर की मौत की वजह की कोई आधिकारिक जानकरी सामने नहीं आई है। नितिन रियलिटी शो 'दादागिरी 3 के विनर रह चुके हैं।
Mirzapur 3 के बाद Prime Video ने किया एक और क्राइम-थ्रिलर सीरीज का एलान, 'मटका किंग' बनकर धूम मचाएगा ये एक्टर
डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने आखिरकार शुक्रवार को क्राइम ड्रामा सीरीज़ क्रिमिनल जस्टिस के बहुप्रतीक्षित चौथे अध्याय की घोषणा कर दी, जिसमें पंकज त्रिपाठी मुख्य भूमिका में हैं। नई किस्त में अभिनेता पंकज त्रिपाठी अलौकिक वकील माधव मिश्रा के रूप में वापसी करेंगे। एक बयान में, अभिनेता ने कहा कि नया अध्याय मिश्रा के जीवन और जटिल मामलों को इतनी आसानी और स्थायित्व के साथ सामने लाने की उनकी क्षमता के बारे में विस्तार से बताएगा। पंकज त्रिपाठी के हवाले से बताया गया कि ऑन-स्क्रीन वकीलों की प्रसिद्धि के हॉल में, मुझे लगता है कि माधव मिश्रा ने क्रिमिनल जस्टिस के साथ अपनी जगह बना ली है। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि सीरीज़ में माधव का किरदार मुझसे कितना मिलता-जुलता है। हर जीत मुझे अपनी जैसी लगती है और हर हार ऐसी लगती है एक व्यक्तिगत क्षति। मैं डिज़्नी+हॉटस्टार पर नए सीज़न की घोषणा करने के लिए उत्साहित हूं और मुझे उम्मीद है कि दर्शक इस सीज़न को पहले की तरह ही प्यार देना जारी रखेंगे। डिज़्नी प्लस हॉटस्टार ने पोस्ट को कैप्शन दिया ''कोर्ट जारी है, और नए सीज़न की तैयारी भी। आ रहे हैं माधव मिश्रा, #HotstarSpecials #CriminalJustice के नए सीज़न के साथ!'' इसे भी पढ़ें: Rakhi Sawant Condition is Critical | क्रिटिकल है एक्ट्रेस राखी सावंत की हालत, पूर्व पति रितेश ने शेयर किया है हेल्थ अपडेट फ्रेंचाइजी के बारे में जानकारी क्रिमिनल जस्टिस की शुरुआत 2018 में अपने पहले सीज़न के साथ हुई थी जिसे 2008 में इसी नाम की ब्रिटिश टेलीविजन श्रृंखला से रूपांतरित किया गया था। क्रिमिनल जस्टिस: बिहाइंड क्लोज्ड डोर्स नामक दूसरा सीज़न 2020 में आया, इसके बाद तीसरा अध्याय, क्रिमिनल जस्टिस: अधूरा सच, 2022 में आया। क्रिमिनल जस्टिस का निर्माण अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट द्वारा किया गया है। इसे भी पढ़ें: Scam 2010 The Subrata Roy Saga: हंसल मेहता ने किया 'स्कैम' के तीसरे सीजन का ऐलान, सहारा की कहानी पर केंद्रित होगा नया शो बता दें कि पंकज त्रिपाठी आखिरी बार मर्डर मुबारक में नजर आए थे। फिल्म में सारा अली खान, विजय वर्मा, आदित्य रॉय कपूर और करिश्मा कपूर समेत कई स्टार कलाकार शामिल हैं। होमी अदजानिया द्वारा निर्देशित यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। वह अगली बार मिर्ज़ापुर 3 में नज़र आएंगे। रिलीज़ डेट की अभी घोषणा नहीं की गई है। View this post on Instagram A post shared by Disney+ Hotstar (@disneyplushotstar)
सस्पेंस, क्राइम और थ्रिलर का रखते है शौक तो OTT पर फौरन निपटा डाले ये जबरदस्तसाउथ फिल्में,हॉलीवुड भी लगने लगेगा फीका
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
Nikkhil Advani BirthdaySpecial :रोमांस-क्राइम और थ्रिलर के बेताज बादशाह है निखिल अडवानी, पढ़िए उनका पूरा फिल्मी सफरनामा
Salman Khan फायरिंग मामले में पुलिस को मिली अबतक की सबसे बड़ी कामयाबी, क्राइम ब्रांच के हाथ लगे दो और अपराधी
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में अहम घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है। अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी. इस सप्ताह की शुरुआत में, मुंबई क्राइम ब्रांच ने गोलीबारी की घटना में इस्तेमाल की गई दूसरी बंदूक बरामद की। सूरत की तापी नदी से तीन मैगजीन के साथ बंदूक बरामद की गई। इसे भी पढ़ें: Tamannaah Bhatia Summoned by cyber cell | 'अवैध' IPL Streaming ऐप मामले में तमन्ना भाटिया को साइबर सेल ने तलब किया 16 अप्रैल को कच्छ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। बाद में, शहर की एक अदालत ने गोलीबारी की घटना के सिलसिले में दोनों आरोपियों को 25 अप्रैल तक मुंबई अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया। आरोपियों की पहचान बिहार के विक्की गुप्ता (24) और सागर पाल (21) के रूप में हुई, जिन्हें मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया गया। इसे भी पढ़ें: काला जादू- टोना-टोटका करने का Kangana Ranaut पर आरोप लगाने के बाद अब एक्ट्रेस के बारे Adhyayan Suman क्या सोचते है? मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच अभी भी जारी है मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। अनजान लोगों के लिए, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार की धमकियों के बाद 2022 में सलमान की सुरक्षा का स्तर वाई-प्लस तक बढ़ा दिया गया था। अभिनेता को व्यक्तिगत बन्दूक ले जाने के लिए भी अधिकृत किया गया था और अतिरिक्त सुरक्षा के लिए उन्होंने एक नया बख्तरबंद वाहन भी खरीदा है।
Salman Khan फायरिंग केस में आया बिलकुल तड़कता-भड़कता अपडेट,मुंबई क्राइम ब्रांच के हाथ लगा एक और पुख्तासबूत
Salman Khan फायरिंग केस मेंक्राइम ब्रांच को गुजरात से मिला बड़ा कनेक्शन, मामले में हुआ अबतक का सबसे सनसनीखेज खुलासा
Salman Khan फायरिंग केस में आया नया मोड़! भाईजान कोमारना नहीं था शूटर्स का मकसद,क्राइम ब्रांच ने किया चौकाने वाला खुलासा
Salman Khan के घर हुई फायरिंग के मामले में आया नया मोड़,क्राइम ब्रांच कोपुर्तगाल से मिला बड़ा कनेक्शन, जाने क्या है मामला
Salman Khan के घर हुईफायरिंग के केस में क्राइम ब्रांच को मिली बड़ी सफलता, इस राज्य में पकड़े गए दोनों आरोपी
धमाकेदार बीतने वाला है अप्रैल का ये हफ्ता, क्राइम-थ्रिलर के साथ देशभक्ति का तड़का लगाने आ रही है ये धांसूफिल्में और सीरीज
मुंबई क्राइम ब्रांच का एक्शन, सलमान के घर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर दबोचे
Salman Khan House Firing: एक्टर सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को भुज से गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई क्राइम ब्रांच को ये कामयाबी मिली. आरोपी बिहार के पश्चिमी चंपारण के रहने वाले बताए जा रहे हैं. रविवार को गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग कर भुज फरार हो गए थे. देखें ये वीडियो.
Salman Khan के घर हुई फायरिंग मेंक्राइम ब्रांच के हाथ लगी बड़ी सफलता,नवी मुंबई में पकड़े गए 2 संदिग्ध
सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जांच करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच, इन धाराओं में दर्ज किया केस
Salman Khan firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर रविवार तड़के दो अज्ञात हमलावरों ने गोलीबारी कर दी। इस हमले के बाद हर कोई सलमान खान की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर कर रहा है। बांद्रा पुलिस ने दो अज्ञात शख्स के ...
April में OTT पर तहलका मचाने आ रही है ये धमाकेदार फिल्में और सीरीज, मिलेगा एक्शन से लेकर क्राइम-थ्रिलर तक का मजा

