\मंत्र पढ़कर देखो, आरक्षण की जरूरत नहीं पड़ेगी...\, टीवी की 'गोपी बहू' का बड़ा बयान, भड़क उठे लोग!
Devoleena Bhattacharjee Trolled On Her Reservation Comment: टीवी की गोपी बहू बनकर मशहूर हुई देवोलीना भट्टाचर्जी एक बार फिर से काफी ज्यादा चर्चा का विषय बन गई है। दरअसल इस बार उनका एक ऐसा सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से इंटरनेट पर
रामानंद सागर के पोते, शिव सागर ने रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की 'रामायण' को लेकर चल रही चर्चा पर अपनी राय दी है।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बनाई जाएगी फिल्म, 20 करोड़ रखा गया बजट, टाइटल सुन हो जाएंगे हैरान
Cockroach Janata Party Protest Film: तकरीबन 1 महीने पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने नीट पेपर लीक विवाद और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए एक अनोखा आंदोलन किया। जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा। लेकिन अब इस पूरे आंदोलन
मल्लिका शेरावत के करियर का टर्निंग पॉइंट बनेगा ये शो?
लंबे समय बाद मल्लिका शेरावत करण जौहर के रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स 2' में नजर आएंगी. स्ट्रैटजी बेस्ड इस शो के जरिए वह स्क्रीन पर वापसी कर रही हैं. जानिए क्यों इसे उनके करियर के लिए अहम माना जा रहा है. अब देखना होगा कि मल्लिका अपनी रणनीति और व्यक्तित्व से दर्शकों का कितना दिल जीत पाती हैं.
नितेश तिवारी की बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होने के बाद अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने अपना एक पुराना फोटो शेयर किया है। कंगना ने अपनी स्कूल के दिनों की एक थ्रोबैक फोटो इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट की है, जिसमें वे माता सीता के रूप में तैयार नजर आ रही हैं। फोटो के साथ कंगना ने तंज कसते हुए लिखा कि सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद। वहीं रामायण में एक्ट्रेस साई पल्लवी का सीता का रूप में लुक भी चर्चा में बना हुआ है। लाल साड़ी पहने सीता बनीं कंगनाकंगना रनोट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर स्कूल के दिनों के नाटक की फोटो शेयर की। पहली फोटो में कंगना लाल रंग की साड़ी पहने नजर आ रही हैं। उनके पास भगवान राम के रूप में तैयार एक लड़की खड़ी है, जबकि एक बच्चा हनुमान का रूप धरकर उनके चरणों के पास बैठा हुआ है। कंगना ने कैप्शन में इस नाटक में हिस्सा लेने वाले अपने सभी दोस्तों के नाम लिखे। 'सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद', दूसरी फोटो में कसा तंजकंगना ने इसके बाद एक और क्लोज-अप फोटो शेयर की। इस फोटो में उनके बाल खुले हैं और वे अपने दाएं हाथ से आशीर्वाद देने की मुद्रा में खड़ी हैं। इस फोटो के कैप्शन में कंगना ने हंसने वाला इमोजी बनाकर लिखा, सभी लिबरल्स को मेरा आशीर्वाद। कंगना की इस पोस्ट 'रामायण' के ट्रेलर में साई पल्लवी के सीता वाले लुक से जोड़कर देखा जा रहा है। साई पल्लवी के लुक पर भी हो रही चर्चाफिल्म 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी के लुक और उनके हिंदी उच्चारण को लेकर काफी चर्चा देखने को मिल रही है। कुछ लोग उनके लुक और हिंदी बोलने के अंदाज की तारीफ कर रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इस पर सवाल उठा रहे हैं। इसी चर्चा के बीच कंगना रनोट की यह थ्रोबैक पोस्ट सामने आई है। जेन-जी को गटर जनरेशन बताकर विवाद में फंसी कंगना दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। वहीं, कंगना के 'जनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर सोनू सूद ने कहा कि अगर कंगना ने ऐसा कहा है, तो यह बहुत शर्मनाक है। मीडिया से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सोनू ने कहा, ये युवा ही हैं जो कलाकारों को बनाते हैं और आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं। जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप आगे बढ़ते रहेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
'बंटवारा 1947' के पोस्टर में AI का हुआ इस्तेमाल? फैंस कंफ्यूज
'बंटवारा 1947' का नया पोस्टर तब वायरल हो गया जब डेब्यू करने वाली कनिका कपूर की तुलना कियारा आडवाणी से की गई. कई फैन्स उनकी शक्ल में समानता देखकर हैरान रह गए, जबकि कुछ लोगों ने तो यह भी अंदाजा लगाया कि पोस्टर बनाने के लिए AI का इस्तेमाल किया गया था.
नितेश तिवारी की 'रामायण' के ट्रेलर की चर्चा के बीच कंगना रनौत ने अपने बचपन की एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वह माता सीता के रूप में दिख रही हैं।
नितेश तिवारी की 'रामायण' का ट्रेलर पाकिस्तान में भी वायरल हो गया है। पाकिस्तानी यूट्यूबर्स ने फिल्म के ₹4000 करोड़ के बजट, हॉलीवुड स्तर के वीएफएक्स, रणबीर कपूर और साई पल्लवी के लुक्स की जमकर तारीफ की।
ऋत्विक धनजानी: जिंदगी में मिले सच्चे दोस्तों को थामकर रखो
मुंबई, टीवी के चहेते एक्टर ऋत्विक धनजानी को 'पवित्र रिश्ता' से घर-घर में पहचान मिली और उसके बाद से वो टीवी की दुनिया के सबसे पॉपुलर चेहरों में से एक बन गए। प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ ऋत्विक अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी चर्चा में रहते हैं। खासकर अपने दोस्तों को लेकर अक्सर वह सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते रहते हैं।
Ramayana: रणबीर कपूर की रामायण में नजर आएंगे टीवी के कृष्ण? फैन थ्योरीज हो रहीं वायरल
Ranbir Kapoor Ramayana: नितेश तिवारी की रामायण का ट्रेलर रिलीज होने के बाद फैंस अब ट्रेलर की ही चर्चा कर रहे हैं। इस ट्रेलर में लोगों के बीच एक सवाल जो सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है, वो है कि ट्रेलर में दिखाए भगवान विष्णु का किरदार किसने निभाया है?
अभिनेता थलपति विजय की फिल्म 'जन नायकन' को कर्नाटक में कावेरी नदी जल विवाद के कारण भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
फिल्म की शूटिंग दिसंबर 2026 से शुरू होने की योजना है। इससे पहले विक्की सितंबर से अपनी विशेष फिटनेस और डाइट योजना पर काम शुरू करेंगे। इस पूरे ट्रांसफॉर्मेशन की निगरानी फिटनेस कोच तेजस लालवानी करेंगे, जिन्होंने अभिनेता की तैयारियों की जानकारी साझा की है।
मनोरंजन जगत में जब भी ड्रामा, एंटरटेनमेंट और बेबाकी की बात आती है, तो सबसे पहला नाम राखी सावंत का ही ज़हन में आता है। सोशल मीडिया पर उनकी रील्स, पैपराजी से मजेदार बातचीत और अचानक दिए गए बयान हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। यह कोई आज की बात नहीं है, बल्कि पिछले दो दशकों से राखी सावंत का नाम इंटरनेट पर किसी न किसी वजह से ट्रेंड करता रहा है। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए राखी सावंत ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान बीबीसी (BBC) को एक बेहद खास और इमोशनल इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू में उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ के उतार-चढ़ाव, शादियों के कड़वे अनुभवों और अपने काम से जुड़े ऐसे अनसुने किस्से शेयर किए हैं, जिनकी चर्चा अब पूरे देश में हो रही है।जब लोग कंटेंट का मतलब नहीं जानते थे, तब मैं कंटेंट बना रही थीइंटरव्यू की शुरुआत में जब शो की होस्ट ने राखी से पूछा कि उन्हें किस नाम से पुकारा जाए—राखी या नीरू? तो राखी ने अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़ते हुए साफ कहा कि नीरू नाम की कोई लड़की नहीं है, सब मुझे सिर्फ राखी ही बुलाएं। इसके बाद कंटेंट क्रिएशन पर बात करते हुए राखी का दर्द और आत्मविश्वास दोनों छलक पड़ा। होस्ट के इस सवाल पर कि वे देश की शुरुआती कंटेंट क्रिएटर्स में से एक हैं, राखी ने कहा कि वे खुद को दुनिया की पहली कंटेंट क्रिएटर मानती हैं। जब लोग कंटेंट शब्द का मतलब भी नहीं जानते थे, तब वे लोगों का मनोरंजन कर रही थीं। राखी के मुताबिक, शुरुआती दिनों में जब वे कुछ अलग करती थीं, तो लोग उन्हें जोकर कहकर उनका मजाक उड़ाया करते थे, लेकिन आज पूरा इंटरनेट और नए इन्फ्लुएंसर्स उन्हीं के स्टाइल को फॉलो कर रहे हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि वे सोच-समझकर कोई ड्रामा नहीं करतीं, बल्कि वे खुद एक चलता-फिरता कंटेंट हैं।शादी की, बर्बाद हुए और अब ज़िंदा लाश हैं – मैरिड स्टेटस पर बड़ा खुलासाइंटरव्यू के दौरान जब होस्ट ने राखी की शादियों और उनके निजी रिश्तों को लेकर सवाल पूछने की कोशिश की, तो राखी काफी भावुक और आक्रामक दोनों नजर आईं। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे फिलहाल शादीशुदा हैं, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में इनकार करते हुए कहा कि वे सिंगल हैं। जब उनके अतीत के बारे में सवाल हुआ, तो राखी ने भरे मन से कहा कि इस बारे में बात करके उनके पुराने जख्मों पर नमक न छिड़का जाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने शादियां कीं, धोखा खाया, बर्बाद हुईं और अब वे खुद को एक जिंदा लाश महसूस करती हैं।इसी दौरान जब बिग बॉस में उनके साथ नजर आए रितेश को लेकर सवाल किया गया, तो राखी ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने रितेश को 'भाड़े का पति' करार देते हुए बताया कि रितेश ने उस वक्त उनकी कैंसर से जूझ रही मां के इलाज में और आर्थिक रूप से बहुत बड़ी मदद की थी। इसलिए उन्होंने उस रिश्ते को एक नाम दिया था।संस्कृत में पूजती हूं अल्लाह – धर्म और आस्था पर राखी सावंत का अनोखा विचारअपनी पर्सनल लाइफ के अलावा राखी सावंत ने अपने धार्मिक विश्वास और पारिवारिक पृष्ठभूमि पर भी दिल खोलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनका जन्म एक हिंदू परिवार में 'नीरू भेड़ा' के रूप में हुआ था, लेकिन उनकी मां ने बाद में बैपटिज्म लिया और प्रभु यीशु में विश्वास जगाया। इसी वजह से उनकी शुरुआती पढ़ाई एक कैथोलिक स्कूल में हुई, हालांकि वे केवल 8वीं कक्षा तक ही पढ़ सकीं।आगे चलकर जब उन्होंने एक मुस्लिम व्यक्ति से निकाह किया, तो उन्होंने इस्लाम धर्म कबूल किया और मक्का जाकर उमराह भी किया। अपने मौजूदा धार्मिक विश्वास के बारे में बात करते हुए राखी ने कहा कि वे किसी भी धर्म में भेदभाव नहीं मानतीं। आज वे अल्लाह की इबादत करती हैं, लेकिन चूंकि उन्हें उर्दू या अरबी भाषा नहीं आती, इसलिए वे संस्कृत के श्लोकों और मंत्रों के भाव से ही अल्लाह को याद करती हैं। उनका मानना है कि ईश्वर एक ही है और भाषा भक्ति में कभी बाधा नहीं बन सकती।'अग्निचक्र' से लेकर बॉलीवुड की 'OG' बनने तक का संघर्षपूर्ण सफर25 नवंबर 1978 को मुंबई के एक साधारण परिवार में जन्मी राखी सावंत का असली नाम नीरू भेड़ा था। बॉलीवुड में पहचान बनाने के लिए उन्होंने लंबा और मुश्किल संघर्ष तय किया। साल 1997 में फिल्म 'अग्निचक्र' से अपने करियर की शुरुआत करने वाली राखी को शुरुआती दिनों में साइड रोल्स और छोटे-छोटे डांस नंबर्स से ही संतोष करना पड़ा था। हालांकि, फिल्म 'चुरा लिया है आपने' के सुपरहिट गाने 'मोहब्बत है मिर्ची' ने उन्हें रातों-रात पहचान दिला दी।इसके बाद राखी ने 'परदेसिया' जैसे मशहूर म्यूजिक वीडियोज, कई हिंदी और क्षेत्रीय फिल्मों में काम किया। टीवी की दुनिया में 'बिग बॉस' के पहले सीजन से लेकर कई अन्य सीजन्स में उनके आने से शो की टीआरपी आसमान छूने लगी। इंटरव्यू के अंत में उन्होंने गर्व से कहा कि वे बॉलीवुड की 'OG' (ओरिजनल) एंटरटेनर हैं और सलमान खान, शाहरूख खान, आमिर खान से लेकर दिलजीत दोसांझ तक सभी बड़े कलाकार उनका और उनके काम का सम्मान करते हैं। आज भले ही इंडस्ट्री में सैकड़ों नए क्रिएटर्स आ गए हों, लेकिन राखी सावंत की जगह कोई दूसरा नहीं ले सकता।
नितेश तिवारी की 'रामायण पार्ट 1' के ट्रेलर में दिखे अभिनेता चेतन हंसराज एक खास रोल निभा रहे हैं और इसकी पुष्टि भी उन्होंने खुद ही अपने सोशल मीडिया हैंडल पर की है। एक्टर फिल्म में क्या करते नजर आएंगे, जानने के लिए नीचे स्क्रोल करें।
हाल ही में राजा ने एक्स वाइफ श्वेता पर कई चौंकाने वाले आरोप भी लगाए थे। यही नहीं राजा ने अब अपनी बेटी पलक तिवारी के बदले 93 लाख रुपये का फ्लैट लेने के मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
'शोला जो भड़के' फेम भगवान दादा से डांस सीखते थे अमिताभ और गोविंदा
नई दिल्ली, 1 अगस्त 1913 को महाराष्ट्र के अमरावती में जन्मे भगवान आबाजी पालव का बचपन बेहद गरीबी में बीता। उनके पिता मुंबई की एक कपड़ा मिल में काम करते थे और भगवान आबाजी पालव ने भी अपने जीवन की शुरुआत एक मिल मजदूर के रूप में ही की थी। मूक फिल्मों के दौर में उन्होंने मात्र एक जूनियर आर्टिस्ट के रूप में सिनेमा जगत में अपना पहला कदम रखा।
बॉलीवुड के गलियारों में सितारों के लिंकअप और ब्रेकअप के किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन 80 और 90 के दशक में सनी देओल और डिंपल कपाड़िया की जोड़ी ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी थीं। 'मंजिल मंजिल', 'अर्जुन' और 'आग का गोला' जैसी सुपरहिट फिल्मों में एक साथ काम करने के दौरान दोनों की नजदीकियां काफी बढ़ गई थीं। भले ही दोनों ने कभी मीडिया के सामने अपने रिश्ते को खुलकर स्वीकार नहीं किया, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री से लेकर दर्शकों तक, हर कोई उनकी केमिस्ट्री और करीबियों से अच्छी तरह वाकिफ था।सेट और वैनिटी वैन से जुड़ा वो दिलचस्प किस्साहाल ही में दोनों के शूटिंग के दिनों का एक ऐसा ही पुराना वाकया दोबारा चर्चा में आया है, जो वैनिटी वैन से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि फिल्मों के सेट पर सनी देओल और डिंपल कपाड़िया एक-दूसरे के साथ काफी वक्त बिताया करते थे। शूटिंग के ब्रेक के दौरान दोनों घंटों एक ही वैनिटी वैन में साथ वक्त गुजारते थे। सेट पर मौजूद क्रू मेंबर्स और मेकर्स भी इस बात को बखूबी समझते थे, इसलिए कई बार शूटिंग के शेड्यूल को भी दोनों की सुविधा और कम्फर्ट के हिसाब से थोड़ा फ्लेक्सिबल रखा जाता था।लंदन की सड़कों का वो वायरल वीडियो और आज का सचसनी और डिंपल के इस सीक्रेट रिलेशनशिप की चर्चा सिर्फ बीते जमाने तक ही सीमित नहीं रही। कुछ साल पहले जब सोशल मीडिया पर दोनों का लंदन की सड़कों पर हाथ में हाथ डाले बैठा हुआ एक वीडियो वायरल हुआ था, तो इसने एक बार फिर तहलका मचा दिया था। इस वीडियो ने साबित कर दिया था कि वक्त बीतने के बाद भी दोनों के बीच का खास बॉन्ड खत्म नहीं हुआ। हालांकि, दोनों ने हमेशा अपनी पर्सनल लाइफ पर चुप्पी साधे रखी। आज भी जब बॉलीवुड की सबसे रहस्यमयी और इमोशनल लव स्टोरीज का जिक्र होता है, तो सनी और डिंपल का नाम सबसे ऊपर आता है।
भारतीय सिनेमा में इन दिनों काम के घंटों (वर्किंग आवर्स) को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है। एक तरफ जहां बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण सेट पर केवल 8 घंटे काम करने और वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखने की पुरजोर वकालत कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ साउथ फिल्म इंडस्ट्री के मेकर्स का मानना है कि कलाकारों को वहां के कल्चर और माहौल के हिसाब से खुद को ढालना चाहिए। इस पूरे मुद्दे पर अब साउथ के जाने-माने डायरेक्टर वेंकी अट्लूरी ने अपनी आने वाली फिल्म 'विश्वनाथ एंड संस' के प्रमोशन के दौरान बेहद बेबाक राय रखी है। उनका कहना है कि चाहे एक्टर किसी भी इंडस्ट्री से आए, उसे तेलुगु सिनेमा के वर्क कल्चर का सम्मान करना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे वे खुद बॉलीवुड में जाने पर वहां के नियमों का पालन करेंगे।जब ऊटी की ठंड में रवीना टंडन ने लगातार की 14 घंटे शूटिंगअपनी बात को साबित करने के लिए वेंकी अट्लूरी ने बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रवीना टंडन का एक बेहद दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि जब वे अपनी फिल्म की शूटिंग ऊटी में कर रहे थे, तो वहां का तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस के करीब था। कड़ाके की इस ठंड में शेड्यूल पूरा करने के लिए या तो लगातार 14 घंटे शूट करना जरूरी था या फिर फिल्म का पैचवर्क बाद में किसी दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ता। फिल्म के हीरो सूर्या इसके लिए तुरंत तैयार हो गए थे। जब मेकर्स ने रवीना टंडन से बात करने की सोची, तो उनके मैनेजर को लगा कि मैम गुस्सा हो जाएंगी। हालांकि, जब रवीना को स्थिति बताई गई तो उन्होंने बिना किसी नखरे के सुबह 10:30 बजे से देर रात 12:30 बजे तक यानी लगातार 14 घंटे कड़कड़ाती ठंड में शूटिंग पूरी की।8 घंटे की शिफ्ट पर क्यों अड़ी हैं दीपिका पादुकोण?दूसरी ओर, दीपिका पादुकोण का नजरिया इस मामले में बिल्कुल अलग है। जब दीपिका के कुछ साउथ प्रोजेक्ट्स से अलग होने की खबरें आईं, तो इसके पीछे उनकी 8 घंटे की वर्किंग शिफ्ट की शर्त को बड़ी वजह बताया गया। दीपिका का साफ मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में जरूरत से ज्यादा काम करने को नॉर्मलाइज कर दिया गया है, जो किसी भी इंसान के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। उनका कहना है कि एक इंसान के शरीर को आराम देने के लिए 8 घंटे की ड्यूटी ही काफी होती है। मां बनने के बाद दीपिका की सोच में और भी बदलाव आया है और वे अब सेट पर मैटरनिटी लीव, पैटरनिटी लीव और छोटे बच्चों को साथ लाने जैसी सुविधाओं को नॉर्मल और अनिवार्य बनाना चाहती हैं।14 अगस्त को सिनेमाघरों में टकराएगी फिल्म और सोचडायरेक्टर वेंकी अट्लूरी के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर बॉलीवुड बनाम टॉलीवुड वर्क स्टाइल पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग डायरेक्टर की बात से इत्तेफाक रखते हुए कह रहे हैं कि काम पूरा करने के लिए एक्टर्स में फ्लैक्सिबिलिटी होनी चाहिए, तो वहीं एक बड़ा तबका दीपिका के स्टैंड की तारीफ कर रहा है कि हेल्थ और पर्सनल लाइफ पहले आनी चाहिए। बहरहाल, 14 अगस्त को रिलीज होने जा रही वेंकी अट्लूरी की फिल्म 'विश्वनाथ एंड संस' में सूर्या और रवीना टंडन के साथ अनिल कपूर और ममिता बैजू भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं।
अभिनेत्री भूमि पेडनेकर अपने एक मंदिर दौरे के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल्स के निशाने पर आ गई हैं। सावन महीने की शुरुआत पर भूमि एक शिव मंदिर में पूजा-अर्चना करने और शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुंची थीं। इस दौरान उनके काले चश्मे (सनग्लासेज) पहनने पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए हैं। भूमि ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मंदिर की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट की थीं, जिसके बाद कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने पूजा में सनग्लासेज पहनने को गलत बताया। टॉप और जींस में मंदिर पहुंची थीं भूमि पेडनेकरभूमि पेडनेकर ने गुरुवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर मंदिर यात्रा का वीडियो और फोटो शेयर किए थे। इसमें वे ब्लैक टॉप और ब्लू डेनिम जींस में नजर आ रही हैं। उन्होंने आंखों पर काला चश्मा लगा रखा है और शिवलिंग पर जल अर्पित कर रही हैं। पोस्ट के कैप्शन में भूमि ने लिखा, सावन की शुरुआत के साथ, मैं आसान जीवन की नहीं, बल्कि इसे सम्मान के साथ जीने की ताकत मांगती हूं। हर हर महादेव। 'कम से कम पूजा करते वक्त चश्मा तो उतार लेतीं'भूमि के इस वीडियो पर कई लोगों ने उनकी भक्ति की तारीफ की, तो वहीं ज्यादातर यूजर्स ने चश्मा पहनकर जलाभिषेक करने पर आपत्ति जताई। एक यूजर ने लिखा, सनग्लासेज उतारकर पूजा कर सकती थीं?? दूसरे यूजर ने कमेंट किया, कम से कम चश्मा तो उतार लेतीं। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, कभी किसी को चश्मा पहनकर पूजा करते नहीं देखा। एक यूजर ने सलाह देते हुए लिखा, “कम से कम भगवान को चश्मे से मत देखो, थोड़ा सम्मान दिखाओ।” ऐतिहासिक फिल्म 'द प्राइड ऑफ भारत' में आएंगी नजरवर्कफ्रंट की बात करें तो भूमि पेडनेकर जल्द ही ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित दो भागों की फिल्म 'द प्राइड ऑफ भारत: छत्रपति शिवाजी महाराज' में नजर आएंगी। इस फिल्म में वे बेलावाड़ी की वीरांगना रानी बेलावाड़ी मल्लम्मा का किरदार निभा रही हैं। फिल्म का निर्देशन संदीप सिंह कर रहे हैं। इस फिल्म में 'कांतारा' फेम ऋषभ शेट्टी मुख्य भूमिका में हैं, जबकि अर्जुन रामपाल और विवेक ओबेरॉय भी अहम किरदारों में दिखाई देंगे। इससे पहले भूमि वेब सीरीज 'दलदल' को लेकर चर्चा में रही थीं। ये खबर भी पढ़ें शॉर्ट्स और बनियान में मंदिर पहुंचे वरुण धवन:पहनावे पर उठे सवाल; फैंस बोले- भगवान के घर तो ढंग के कपड़े पहनते बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन मुंबई के एक मंदिर में शॉर्ट्स और सैंडो बनियान पहने नजर आए। वरुण अपनी आने वाली फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' की रिलीज से पहले मंदिर में आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। लेकिन अब वे अपने इस पहनावे की वजह से शल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें
आदित्य रिखारी के जन्मदिन पर फैंस ने दिया स्पेशल गिफ्ट
मुंबई, सिंगर-सॉन्गराइटर आदित्य रिखारी ने अपने बर्थडे के मौके पर फैंस को एक खास गिफ्ट दिया। दरअसल, उनका नया रोमांटिक ट्रैक 'बूहे बारियां' गुरुवार को रिलीज हो गया है। यह गाना उनके दिल के बेहद करीब है। आदित्य का मानना है कि इस गाने में वो एहसास है, जो हर किसी ने कभी न कभी महसूस किया होगा।
रणबीर कपूर स्टारर फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज होने के बाद भारत के साथ पाकिस्तान में भी इसकी चर्चा हो रही है। पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर और फिल्म क्रिटिक्स ने ट्रेलर पर प्रतिक्रिया देते हुए इसके VFX, स्टार कास्ट और मेकिंग की तारीफ की। पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर ‘काम वाली बात’ के नाम से पहचाने जाने वाले माविया उमर फारूकी ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर की समीक्षा करते हुए कहा कि फिल्म का बड़ा बजट उसके विजुअल्स में साफ नजर आता है। फारूकी ने हॉलीवुड स्टूडियोज के साथ VFX पर किए गए काम की भी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘एक पाकिस्तानी के तौर पर मैं बोलूंगा कि भाई, मैं ट्रेलर देखकर तो एक्साइटेड हो गया हूं कि फिल्म के अंदर क्या है, फिल्म के अंदर क्या देखने को मिलेगा।’ साथ ही उन्होंने रणबीर कपूर और यश की परफॉर्मेंस की भी तारीफ की। वहीं, पाकिस्तानी यूट्यूबर और फिल्म क्रिटिक हस्नात खान ने भी अपने यूट्यूब रिव्यू में ट्रेलर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि फिल्म को लेकर जो हाइप बनी थी, ट्रेलर उसे पूरी तरह सही साबित करता है। उनके मुताबिक, ट्रेलर का हर सीन शानदार है और मेकर्स ने विजुअल्स, CGI, लाइटिंग, एनिमेशन और स्टंट्स पर बेहतरीन काम किया है। उन्हें कहीं भी लो क्वालिटी या कमजोर VFX नहीं दिखे। हस्नात खान ने यश की एक्टिंग और उनके एक्शन सीन्स की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रेलर की शुरुआत ही यश के दमदार अंदाज से होती है। नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के पहले पार्ट का ट्रेलर कल रिलीज हो गया। मेकर्स ने इसे 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। 'रामायण' के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया। देखें ट्रेलर की झलक- ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिकफिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
जिमी शेरगिल- ऑपरेशन सफेद सागर जैसे प्रोजेक्ट हमें चुनते हैं
मुंबई, अभिनेता जिमी शेरगिल बहुत जल्द वेब सीरीज 'ऑपरेशन सागर' में भारतीय वायु सेना अधिकारी और वरिष्ठ पायलट के किरदार में नजर आएंगे। अभिनेता का मानना है कि इस सीरीज ने उन्हें चुना, जिसके जरिए वे कहानी बता सकें।
हिमांश कोहली: 'सुपर 30' में ऋतिक रोशन के अभिनय ने मुझे काफी प्रभावित किया था
मुंबई, अभिनेता हिमांश कोहली फिल्म 'आर्यभट्ट का जीरो' के साथ सिनेमाघरों में धमाल मचाने के लिए तैयार हैं। अभिनेता ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि उन्हें ऋतिक रोशन की फिल्म 'सुपर 30' ने किस तरह प्रभावित किया था।
कियारा आडवाणी: सलमान खान ने दी सलाह और पूरी तरह बदल गई जिंदगी
मुंबई, कियारा आडवाणी आज बॉलीवुड की सबसे चर्चित और सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उन्होंने अपनी सादगी और अभिनय के दम पर लाखों लोगों का दिल जीता। उनके इस स्टारडम के पीछे अभिनेता सलमान खान का खास योगदान रहा।
'तारक मेहता' के सेट पर पहुंचा स्पाइडरमैन, चंपकलाल के छुए पैर
तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो 18 साल पूरे कर चुका है. इस जश्न में हॉलीवुड के स्पाइडरमैन ने भी एंट्री की, जिसने शो के फैंस को खुश कर दिया. ये ट्रैक फैंस के बीच छा गया है.
'धुंध और घंटियों के बीच मिला सुकून', जया भट्टाचार्य ने किए दार्जिलिंग के महाकाल मंदिर के दर्शन
मुंबई, भागदौड़ भरी जिंदगी और लगातार शूटिंग के बीच जब कलाकारों को कुछ पल अपने लिए मिलते हैं, तो वो अक्सर किसी शांत जगह का रुख करते हैं। टीवी अभिनेत्री जया भट्टाचार्य ने भी कुछ ऐसा ही किया। अपनी हाल की शूटिंग खत्म करने के बाद जया दार्जिलिंग पहुंचीं और वहां के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में समय बिताया। उन्होंने इस खूबसूरत अनुभव को फैंस के साथ साझा किया।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर तहलका मचाने वाले कैप्टिव रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' (Lock Upp 2) के जेल के अंदर का तापमान अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है। शो में शामिल कंटेस्टेंट्स के बीच की जुबानी जंग अब बदसूरत निजी हमलों में तब्दील हो चुकी है। हालिया एपिसोड में सोशल मीडिया स्टार श्रेया कालरा और टीवी जगत की मशहूर अभिनेत्री शिल्पा शिंदे के बीच एक ऐसी भयानक लड़ाई देखने को मिली, जिसने पूरे घर को हिलाकर रख दिया। गुस्से से लाल श्रेया कालरा ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए शिल्पा शिंदे को सरेआम 'पागल साइकोटिक औरत' तक कह डाला, जिसके बाद शो में जबरदस्त हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया है।एक टास्क के दौरान शुरू हुआ विवाद और निजी हमलों का दौरलॉक अप के जेल के भीतर हर दिन नए टास्क और रणनीतियों के कारण जोड़ियां बनती और बिगड़ती हैं। इस बार भी विवाद की शुरुआत एक वीकली टास्क के दौरान हुई, जहां दोनों अभिनेत्रियां एक-दूसरे की रणनीति को काटने की कोशिश कर रही थीं। बातचीत से शुरू हुआ यह मतभेद देखते ही देखते एक बड़े झगड़े में बदल गया। श्रेया कालरा ने शिल्पा शिंदे के बर्ताव और उनके गेम प्लान पर सवाल उठाते हुए चिल्लाकर कहा, इसीलिए पूरी इंडस्ट्री और तुम्हारी असल जिंदगी में तुम्हारा कोई सच्चा दोस्त नहीं है। इस तीखे वार ने शिल्पा शिंदे को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया।श्रेया कालरा के 'साइकोटिक' वाले बयान पर दर्शकों में बंटी रायश्रेया कालरा यहीं नहीं रुकीं, उन्होंने शिल्पा शिंदे के आक्रामक रवैये पर उंगली उठाते हुए उन्हें मानसिक रूप से अस्थिर और 'पागल साइकोटिक औरत' करार दे दिया। इस बदसूरत लड़ाई के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार और मुंबई जैसे प्रमुख हिंदी भाषी क्षेत्रों के दर्शक और नेटिजन्स इस विवाद पर अपनी राय रख रहे हैं। शिल्पा शिंदे के फैंस जहां श्रेया कालरा को उनके निजी जीवन पर टिप्पणी करने के लिए आड़े हाथों ले रहे हैं और उन्हें शो से बाहर करने की मांग कर रहे हैं, वहीं श्रेया के समर्थकों का मानना है कि शिल्पा का घर में व्यवहार वाकई दूसरों को उकसाने वाला होता है।एआई और डिजिटल एंटरटेनमेंट सर्च में टॉप पर ट्रेंड कर रहा है यह झगड़ाआधुनिक जेनेरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और गूगल-बिंग सर्च इंजन के ताजा आंकड़ों का विश्लेषण करने वाले डिजिटल मीडिया एक्सपर्ट्स का कहना है कि रियलिटी शोज के ऐसे विवादित वीडियो और खबरें गूगल डिस्कवर पर सबसे ज्यादा क्लिक की जाती हैं। कंगना रनौत के इस शो 'लॉक अप 2' के मेकर्स भी इस विवाद का भरपूर फायदा उठा रहे हैं। शो के इस नए प्रोमो ने इंटरनेट पर आते ही व्यूज के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि वीकेंड के एपिसोड में होस्ट इस गंभीर लड़ाई पर क्या फैसला सुनाती हैं और क्या श्रेया कालरा को अपने इस विवादित बयान के लिए जेल की काल कोठरी में अकेले सजा काटनी पड़ेगी।
बॉलीवुड की 'क्वीन' और राजनेता कंगना रनौत अक्सर अपने बयानों को लेकर सोशल मीडिया और मुख्यधारा की खबरों के केंद्र में बनी रहती हैं। लेकिन इस बार मामला थोड़ा फिल्मी और मजेदार हो गया है। हाल ही में कंगना रनौत ने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी प्रोफाइल और गूगल सर्च (Google Search) को लेकर एक अजीबोगरीब बयान दिया था, जिस पर अब बंगाली सिनेमा के जाने-माने अभिनेता और डिजिटल क्रिएटर सौरव दास (Sourav Das) ने बेहद मजाकिया और तीखा तंज कसा है। सौरव दास का यह बयान इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया है और लोग इस पर जमकर चटकारे ले रहे हैं।कंगना रनौत के किस बयान पर छिड़ा है सोशल मीडिया पर यह नया घमासानदरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब कंगना रनौत ने एक बातचीत में यह दावा किया था कि लोग उनके बारे में जानने के लिए गूगल पर बहुत अजीब चीजें सर्च करते हैं, जिसमें उनकी उम्र और उनके बैकग्राउंड को लेकर गलत जानकारियां भी शामिल हैं। कंगना के इसी बयान को आधार बनाकर सौरव दास ने एक चुटीला तंज कसते हुए कह दिया, मेरी उम्र 28 नहीं 27 है, और मैं एक पत्रकार हूं। सौरव का यह कहना था कि नेटिजन्स ने इसे तुरंत कंगना के पुराने बयानों और उनकी राजनीतिक व सामाजिक बयानबाजी से जोड़ दिया। देखते ही देखते एक्स (पहले ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर यह एक बड़ा ट्रेंडिंग टॉपिक बन गया।सौरव दास के तंज ने मुंबई से लेकर कोलकाता तक बटोरीं सुर्खियांअभिषेक बनर्जी और सौरव दास जैसे कलाकार अक्सर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। इस बार सौरव ने जिस तरह से बॉलीवुड की इस बड़ी स्टार को आड़े हाथों लिया है, उसने क्षेत्रीय सिनेमा से लेकर दिल्ली-मुंबई के राजनीतिक हलकों तक सबका ध्यान खींचा है। आलोचकों का मानना है कि कंगना रनौत जब से राजनीति में सक्रिय हुई हैं, तब से उनके हर बयान पर विपक्ष और मनोरंजन जगत के एक बड़े धड़े की पैनी नजर रहती है। सौरव दास का यह तंज दिखाता है कि आज का युवा वर्ग और कलाकार किसी भी बड़ी हस्ती के बयानों को हल्के में नहीं लेते और उस पर अपनी राय खुलकर जाहिर करते हैं।एआई और डिजिटल सर्च ट्रेंड्स में क्यों टॉप पर चल रहा है यह विवादआधुनिक जेनेरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और गूगल-बिंग सर्च इंजन के ताजा आंकड़ों का विश्लेषण करने वाले डिजिटल एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेलिब्रिटी गॉसिप और इस तरह की जुबानी जंग आज के समय में सबसे ज्यादा क्लिक किए जाने वाले कंटेंट होते हैं। गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के मुताबिक, दर्शक ऐसी खबरों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं जो सीधे तौर पर ट्रेंडिंग पर्सनालिटीज से जुड़ी होती हैं। कंगना रनौत और सौरव दास के बीच का यह अनकहा शीतयुद्ध आने वाले दिनों में और भी दिलचस्प मोड़ ले सकता है, क्योंकि फैंस अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि क्या हमेशा पलटवार करने वाली कंगना इस पर कोई प्रतिक्रिया देती हैं या नहीं।
भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) की भव्यता और उसकी कहानियां दुनिया भर में अपना लोहा मनवाती रही हैं, लेकिन इस बार सरहद पार से एक बेहद हैरान और खुश करने वाली खबर सामने आ रही है। भगवान राम के जीवन पर आधारित मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' को लेकर पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। फिल्म के टीज़र और प्री-रिलीज़ कंटेंट के सामने आते ही पाकिस्तानी दर्शक इसके विजुअल इफेक्ट्स (VFX), भव्य सेट्स और स्टार्स की दमदार कास्टिंग के दीवाने हो गए हैं। रणबीर कपूर की भगवान राम के रूप में सौम्यता और रॉकिंग स्टार यश की रावण के रूप में धांसू एंट्री ने वहां के सोशल मीडिया पर एक नया तहलका मचा दिया है।सरहद पार गूंजी सनातन कथा, पाकिस्तानी दर्शकों ने की जमकर तारीफआमतौर पर दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक तनातनी देखने को मिलती है, लेकिन कला और सिनेमा हमेशा से इन दूरियों को मिटाने का जरिया बनते रहे हैं। पाकिस्तान के लाहौर, कराची और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों के सिनेमा प्रेमियों और यूट्यूबर्स ने इस फिल्म के लुक्स पर अपने शानदार रिएक्शंस दिए हैं। पाकिस्तानी दर्शकों का कहना है कि फिल्म में जिस स्तर का हॉलीवुड ग्रेड VFX इस्तेमाल किया गया है, उसने भारतीय सिनेमा को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। इसके साथ ही, रणबीर कपूर के चेहरे पर दिखने वाले सात्विक भाव और यश के रावण वाले खूंखार लुक की वहां जमकर तारीफ हो रही है, जिससे इस फिल्म को लेकर वैश्विक स्तर पर एक सकारात्मक माहौल तैयार हो गया है।भारतीय सिनेमा के बढ़ते ग्लोबल फुटप्रिंट और लोकल लेवल पर क्रेजभौगोलिक और सांस्कृतिक रूप से देखें तो दक्षिण एशिया के देशों में 'रामायण' और 'महाभारत' जैसी पौराणिक कथाओं को लेकर हमेशा से एक गहरा जुड़ाव रहा है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली से लेकर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत तक इस फिल्म को लेकर एक जैसी उत्सुकता देखी जा रही है। फिल्म के मेकर्स ने भी इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि फिल्म की कहानी को पूरी प्रामाणिकता और आधुनिक तकनीक के बेजोड़ तालमेल के साथ बड़े पर्दे पर उतारा जाए। इस जियोग्राफिकल और सांस्कृतिक आकर्षण ने फिल्म को रिलीज से पहले ही एक बहुत बड़ा इंटरनेशनल मार्केट और ग्लोबल बज (Global Buzz) दे दिया है।एआई और आधुनिक सर्च इंजन पर ट्रेंड कर रही है 'रामायण'आधुनिक जेनेरेटिव एआई (Generative Engine Optimization) और गूगल-बिंग सर्च इंजन के ताजा आंकड़ों का विश्लेषण करने वाले एक्सपर्ट्स का मानना है कि 'रामायण' को लेकर चल रहा यह डिजिटल ट्रेंड आने वाले दिनों में बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर सकता है। फिल्म समीक्षकों के मुताबिक, जब किसी फिल्म को भारत के साथ-साथ उसके पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों से इस तरह का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिलता है, तो वह केवल एक फिल्म नहीं रह जाती, बल्कि एक बड़ा ग्लोबल इवेंट बन जाती है। ऐसे में यह साफ है कि रणबीर और यश की यह जुगलबंदी आने वाले समय में सिनेमाई इतिहास का एक नया सुनहरा पन्ना लिखने के लिए पूरी तरह तैयार है।
राजेश खन्ना और मुमताज की जोड़ी: पर्दे पर ऐसा जादू, जिसने बना दिया एक यादगार दौर
मुंबई, हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ जोड़ियां ऐसी रही, जिन्हें दर्शक बेहद पसंद करते थे। 1970 के दशक में ऐसी ही एक जोड़ी थी राजेश खन्ना और मुमताज की। दोनों जब पर्दे पर साथ आते थे तो उनकी बातचीत, हंसी-मजाक और रोमांटिक अंदाज दर्शकों को बहुत पसंद आता था।
'यह प्रेम मोल लिया' का शूटिंग खत्म, सूरज बड़जात्या संग खास सफर को याद कर भावुक हुए अनुपम खेर
मुंबई, अभिनेता अनुपम खेर ने फिल्म निर्देशक सूरज बड़जात्या के साथ अपनी आगामी फिल्म 'यह प्रेम मोल लिया' की शूटिंग पूरी कर ली है। शुक्रवार को उन्होंने इंस्टाग्राम पर फिल्म के रैप अप की तस्वीरें वीडियो पोस्ट किए, जिनमें वे डायरेक्टर और फिल्म की पूरी टीम के साथ नजर आ रहे हैं। अभिनेता ने इस पोस्ट के जरिए निर्देशक के साथ अपने सफर और दोस्ती के बारे बताया।
सलमान खान के करीबी रहे फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने हाल ही में बताया कि कई साल पहले उन्होंने सलमान को बिरयानी खाते हुए हेयर ट्रीटमेंट करवाते देखा था। साइरस ब्रोचा से बातचीत में शैलेन्द्र ने बताया कि उस समय हर सोमवार रात उनकी सलमान से मुलाकात होती थी। उन्होंने कहा कि सलमान डाइनिंग टेबल पर खाना खाते समय सामने लगे शीशे में खुद को देखते रहते थे। रसोई में एक छोटी टेबल और उसके सामने शीशा लगा था, जिससे बातचीत भी शीशे के जरिए होती थी। शैलेन्द्र ने आगे बताया, अचानक एक शख्स कमरे में आया। उसने दस्ताने पहने, एक सिरिंज निकाली और सलमान की स्कैल्प में इंजेक्शन लगाने लगा। उस समय सलमान आराम से बिरयानी खा रहे थे। हम दोनों अब भी शीशे के जरिए बात कर रहे थे और मैं यह सब देखकर हैरान था। मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर हो क्या रहा है। मैंने पूछा, 'भाई, यह क्या चल रहा है?' इस पर सलमान ने कहा, 'स्टार बनने की एक कीमत चुकानी पड़ती है, भाई' और वह खाना खाते हुए सामान्य तरीके से बातचीत करते रहे। बाद में उन्हें पता चला कि यह PRP (प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा) थेरेपी थी, जिसका इस्तेमाल बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें इस ट्रीटमेंट की जानकारी नहीं थी। उस समय यह प्रोसेस इललीगल थी। उनके मुताबिक, अब कई लोग PRP थेरेपी करवाते हैं और उम्र बढ़ने के साथ बाल पतले होने पर इसका इस्तेमाल किया जाता है। क्या होता है PRP हेयर ट्रीटमेंट? यह एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है, जिसे प्लेटलेट-रिच प्लाज्मा (PRP) थेरेपी कहा जाता है। इसमें व्यक्ति का थोड़ा-सा खून (ब्लड) निकालकर मशीन में प्रोसेस किया जाता है। इसके बाद खून से प्लेटलेट्स से भरपूर प्लाज्मा अलग किया जाता है और उसे इंजेक्शन की मदद से सिर के उन हिस्सों में लगाया जाता है, जहाँ बाल पतले हो रहे हों या झड़ रहे हों। इसका उद्देश्य बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देना और हेयर फॉल कम करने में मदद करना होता है। …………… शैलेन्द्र सिंह से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… विवेक ओबेरॉय की कॉन्फ्रेंस के बाद गुस्से में थे सलमान:प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने एक्टर को शांत रहने की सलाह दी थी फिल्म प्रोड्यूसर शैलेन्द्र सिंह ने बताया था कि विवेक ओबेरॉय द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में सलमान पर आरोप लगाने के बाद सलमान बहुत गुस्से में थे। शैलेन्द्र ने कहा था कि उन्होंने सलमान को सलाह दी थी कि जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएं। उन्होंने एक्टर से कहा, “जिंदगी में हमें रिएक्ट नहीं, बल्कि एक्ट करना चाहिए। जो करना है, वह बाद में भी किया जा सकता है। अभी शांति से बैठो और समय को अपना काम करने दो।” शैलेन्द्र के मुताबिक, सलमान ने उनकी बात मानी और उस समय कोई रिएक्शन नहीं दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
नेहा मर्दा ने किया बाबा महाकाल के दर्शन, बोलीं- ये हमारी चौथी यात्रा है
उज्जैन, श्रावण कृष्ण पक्ष की द्वितीय तिथि पर बाबा महाकाल के दर पर श्रद्धालुओं का सैलाब देखने को मिला। इस दौरान भक्तों ने गुरुवार देर रात से ही लाइन में लगकर अपने ईष्ट देव बाबा महाकाल के दर्शन किए।
'लॉक अप सीजन 2' में श्रेया कालरा पर भड़क गयी आकांक्षा चमोला, कहा- तुम गौरव को कितना जानती हो?
मुंबई, एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला अपनी 'लॉक अप' की साथी कंटेस्टेंट श्रेया कालरा पर तब भड़क गई, जब उन्हें पता चला कि श्रेया ने एक्टर गौरव खन्ना के साथ उनके तलाक के बारे में कुछ बातें कही थीं।
टीवी सीरियल 'महाभारत' में भगवान श्रीकृष्ण का किरदार निभाने वाले एक्टर नीतीश भारद्वाज ने गुरुवार को नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के ट्रेलर को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX), कलाकारों की परफॉर्मेंस और संगीत की तारीफ करते हुए रणबीर कपूर को सलाह दी। नीतीश भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर 'रामायण' का ट्रेलर शेयर करते हुए लिखा, बेस्ट फॉरेन फिल्म के लिए यह 100% ऑस्कर की हकदार है। बधाई हो नमित। नितेश तिवारी, सत्यजीत रे और शेखर कपूर के बाद भारतीय सिनेमा की दुनिया को भारत का अगला बड़ा तोहफा हैं। प्रोडक्शन डिजाइन और सिनेमैटोग्राफी (DOP) के लिए यह फिल्म कई पुरस्कार जीत सकती है। VFX और AI की मदद से बनाया गया इसका पीरियड वर्ल्ड शानदार है। भारतीय सिनेमा के साथ कोलेबोरेट करने के लिए महान संगीतकार हैंस जिमर का भी धन्यवाद। रणबीर कपूर को सलाह देते हुए उन्होंने लिखा, रणबीर अब रणवीर के साथ अगली पीढ़ी के दो बेजोड़ धुरंधरों की बराबरी पर हैं। यश, ग्लोबल सिनेमा में आपका स्वागत है। आरके, मैं आपको हमेशा एक एक्टर के रूप में पसंद करता रहा हूं, लेकिन अब आपकी सामाजिक जिम्मेदारी शुरू होती है कि आप भारत की विरासत, संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं को आगे बढ़ाएं। इसलिए अब 'एनिमल' जैसी फिल्में नहीं, चाहे उसके लिए कितना भी बड़ा ऑफर क्यों न मिले। कृपया अपनी वाणी को अब और प्रदूषित न करें। भारत के पास आपकी अभिनय क्षमता को दिखाने के लिए कहानियों की कोई कमी नहीं है। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, मुझे सिर्फ यही उम्मीद है कि भारतीय दर्शक साई पल्लवी को सीता के रूप में स्वीकार करेंगे। साथ ही, मैं चाहता हूं कि फिल्म में कहीं न कहीं मृदंगम और मंजीरे की धुनों के बीच गोस्वामी तुलसीदास जी की चौपाइयां भी सुनाई दें। यही इस महाकाव्य की वह ध्वनि है, जो हर भारतीय की आत्मा में बसती है। मैं नितेश तिवारी की इस भव्य फिल्म को बनाने की मेहनत के सम्मान में 'रामायण' कम से कम 5 बार देखना चाहूंगा। नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' के पहले पार्ट का ट्रेलर कल रिलीज हो गया। मेकर्स ने इसे 30 जुलाई को सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। 'रामायण' के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया। देखें ट्रेलर की झलक- ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिकफिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
बॉलीवुड के पावर कपल रणबीर कपूर और आलिया भट्ट इन दिनों अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। निर्देशक नितेश तिवारी की महत्वाकांक्षी और मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' (Ramayana) का जब से क्रेज शुरू हुआ है, तब से फैंस इसकी एक झलक पाने के लिए बेताब हैं। इस बीच, फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद बी-टाउन में हलचल तेज हो गई है। पति रणबीर कपूर की इस फिल्म की पहली झलक देख खुद को रोक न पाने वाली आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया पर अपना रिएक्शन शेयर किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है।आलिया भट्ट का दिल जीतने वाला रिएक्शनफिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आने वाले हैं, जिसे लेकर उनके फैंस में भारी उत्साह है। जैसे ही फिल्म का ट्रेलर या उससे जुड़ी पहली झलक सामने आई, आलिया भट्ट ने तुरंत अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी खुशी जाहिर की। आलिया ने इस प्रोजेक्ट के स्केल, विजुअल्स और रणबीर के डेडिकेशन की जमकर तारीफ की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होने वाली है। आलिया के इस प्यार भरे और सपोर्टिव पोस्ट ने फैंस का दिल जीत लिया है और यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।भव्यता और वीएफएक्स की हो रही है चर्चाफिल्म 'रामायण' को भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी और भव्य फिल्मों में गिना जा रहा है। इसमें रणबीर कपूर के साथ-साथ साई पल्लवी (माता सीता) और यश (रावण) जैसे दिग्गज कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। ट्रेलर में जिस तरह के शानदार वीएफएक्स (VFX) और भव्य सेट दिखाए गए हैं, उसने दर्शकों की एक्साइटमेंट को और बढ़ा दिया है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि यह फिल्म रिलीज के साथ बॉक्स ऑफिस के कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने का दम रखती है।
कन्नड़ सुपरस्टार यश की आने वाली पैन इंडिया फिल्म 'टॉक्सिक' (Toxic) इन दिनों सुर्खियों में है। इस फिल्म में यश के साथ बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस कियारा आडवाणी नजर आने वाली हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो कियारा इस फिल्म में अपने अब तक के सबसे अलग और बोल्ड अवतार में दिखेंगी, जिसे लेकर कहा जा रहा है कि उन्होंने अपने किरदार के लिए सारी 'हदें पार' कर दी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज बॉलीवुड पर राज करने वाली कियारा आडवाणी असल में कौन हैं और फिल्म इंडस्ट्री तक उनका सफर कैसे शुरू हुआ? इससे भी ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि उनका सलमान खान और प्रियंका चोपड़ा से एक बहुत ही गहरा कनेक्शन है। आइए इस अनसुने सफर के बारे में विस्तार से जानते हैं।'टॉक्सिक' में कियारा का एकदम नया अवतारकियारा आडवाणी को अब तक दर्शकों ने 'कबीर सिंह' की प्रीति या 'शेरशाह' की डिंपल जैसे सीधे-सादे और इमोशनल किरदारों में ज्यादा पसंद किया है। लेकिन यश की 'टॉक्सिक' उनके करियर का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाली है। बताया जा रहा है कि यह एक हाई-ऑक्टेन एक्शन और डार्क थ्रिलर फिल्म है, जिसमें कियारा का किरदार बेहद ग्रे और इंटेंस होगा। अपने इस रोल में जान डालने के लिए उन्होंने अपनी पुरानी इमेज की सभी सीमाएं तोड़ दी हैं, और दर्शक पहली बार उन्हें इतने दमदार और आक्रामक लुक में देखने वाले हैं।प्रियंका चोपड़ा से जुड़ा है नाम बदलने का राजकियारा का जन्म मुंबई के एक सिंधी परिवार में हुआ था और उनका असली नाम 'आलिया आडवाणी' है। जब वह बॉलीवुड में कदम रखने वाली थीं, तब आलिया भट्ट पहले से ही एक बड़ी स्टार बन चुकी थीं। ऐसे में एक ही नाम की दो अभिनेत्रियों को लेकर दर्शकों में कन्फ्यूजन न हो, इसलिए उन्हें अपना नाम बदलने की सलाह दी गई थी। खुद कियारा ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने प्रियंका चोपड़ा की फिल्म 'अंजाना अंजानी' देखी थी, जिसमें प्रियंका के किरदार का नाम 'कियारा' था। उन्हें यह नाम इतना पसंद आया कि उन्होंने अपना नाम आलिया से बदलकर हमेशा के लिए कियारा रख लिया।सलमान खान से है यह सीक्रेट पारिवारिक रिश्ताकियारा को नाम बदलने की सलाह किसी और ने नहीं, बल्कि सलमान खान ने ही दी थी। कियारा को बॉलीवुड में पहला ब्रेक साल 2014 में आई फिल्म 'फगली' से मिला था, जिसे सलमान खान ने ही सपोर्ट किया था। लेकिन सलमान और कियारा का रिश्ता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है। दरअसल, कियारा की मौसी शाहीन जाफरी, सलमान खान की पहली गर्लफ्रेंड रही हैं। इसके अलावा, दिग्गज अभिनेत्री जूही चावला कियारा के परिवार की बेहद करीबी दोस्त हैं। इतने मजबूत फिल्मी कनेक्शन होने के बावजूद, कियारा को असली पहचान 'लस्ट स्टोरीज' और 'कबीर सिंह' जैसी फिल्मों में अपनी शानदार एक्टिंग के दम पर ही मिली, जिसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की।
संसद में गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भाजपा सांसद कंगना रनोट का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। संजय सिंह ने सदन में कहा, इनकी एक सांसद हैं। उन्होंने किसान आंदोलन में किसानों को गालियां दीं। नौजवानों के आंदोलन में नौजवानों के लिए इतनी भद्दी टिप्पणी की, मान्यवर, इस सदन के अंदर मैं कह नहीं सकता। उन्होंने आगे कहा, हमारी बच्चियों के चरित्र के ऊपर सवाल उठाया गया। इसके बाद संजय सिंह ने कहा, मैं जेपी नड्डा जी से निवेदन करना चाहता हूं, समझाइए अपने उस सांसद को। अपने भाषण के दौरान संजय सिंह ने कहा, अभी तो उसको एक थप्पड़ पड़ा। सिर्फ पांच उंगलियों के निशान पड़े थे। ऐसी बात करोगे... तो तुम्हारी सरकार को इस देश का नौजवान... पकड़ के गटर में डालने का काम करेगा। कंगना ने क्या कहा था दरअसल, हाल ही में कंगना ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। वहीं, कंगना के 'जनरेशन गटर' वाले बयान को लेकर सोनू सूद ने कहा कि अगर कंगना ने ऐसा कहा है, तो यह बहुत शर्मनाक है। मीडिया से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सोनू ने कहा, ये युवा ही हैं जो कलाकारों को बनाते हैं और आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं। जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप आगे बढ़ते रहेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें… …………… कंगना रनोट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… 'मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं':सौरव दास बोले- दोस्त ने की तुलना, कंगना रनोट के साथ कॉफी पर जाने को तैयार हैं भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बॉलीवुड अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने अपना जन्मदिन सादगी के साथ मनाया। मुंबई स्थित उनके कार्यालय के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रशंसक उन्हें बधाई देने पहुंचे। सोनू सूद ने अपने चाहने वालों से मुलाकात कर उनके प्यार और शुभकामनाओं के लिए आभार जताया। जन्मदिन का सबसे खास पल तब रहा, जब उन्होंने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। सोनू सूद के जन्मदिन पर उनके कार्यालय के बाहर उत्सव जैसा माहौल नजर आया। अभिनेता ने सभी का अभिवादन स्वीकार किया, उनसे बातचीत की और कई लोगों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। फैंस का उत्साह दिखाता है कि सोनू सूद केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि लोगों के बीच अपनी अलग पहचान रखने वाले शख्स भी हैं। बच्चों के साथ बांटी खुशियां इस जन्मदिन की सबसे भावुक तस्वीरें उस समय सामने आईं, जब सोनू सूद ने जरूरतमंद बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताया और उन्हें अपने खास दिन का हिस्सा बनाया। यह पहल उनके सामाजिक सरोकारों और लोगों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। समाजसेवा से बनाई अलग पहचान 30 जुलाई 1973 को पंजाब के मोगा में जन्मे सोनू सूद ने फिल्मों के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। कोरोना महामारी के दौरान जरूरतमंद लोगों की मदद कर उन्होंने लाखों लोगों का भरोसा जीता। आज भी वे शिक्षा, इलाज और रोजगार जैसी जरूरतों में लोगों की सहायता के लिए सक्रिय रहते हैं।
स्टंट आधारित रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी' के नए सीजन को लेकर दर्शकों में जबरदस्त बज बना हुआ है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो के पॉपुलर कंटेस्टेंट्स जैस्मीन भसीन, करण वाही और शगुन शर्मा ने अपने इस एडवेंचरस सफर, डर और पर्सनल लाइफ पर खुलकर बात की। बातचीत के दौरान जैस्मीन भसीन ने अपने हालिया हेल्थ इश्यू के बाद आए मानसिक बदलाव पर कहा कि वे अब खुद को प्राथमिकता देती हैं ताकि किसी पर बोझ न बनें। वहीं, करण वाही ने एक्टिंग, होस्टिंग और रियलिटी शो के प्रेशर के अंतर को समझाया, जबकि शगुन शर्मा ने बताया कि डेली सोप की स्क्रिप्टेड दुनिया से अलग रियलिटी शो में काम करना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। सबसे पहले पढ़िए जैस्मीन भसीन से बातचीत के प्रमुख अंश…. सवाल: इस बार 'खतरों के खिलाड़ी' में आपका कमबैक हुआ है। क्या यह सिर्फ एक कम्पटीशन था या खुद को कुछ साबित करने का मौका?जैस्मीन भसीन: मेरे लिए यह शो हमेशा खुद को कुछ साबित करने और खुद को यह याद दिलाने का जरिया रहा है कि जिंदगी आसान नहीं होने वाली है। आपको लगातार चुनौतियों से गुजरना होगा और अपने डर का सामना करना सीखना होगा। मेरे लिए हमेशा से यही सोच रही है और इस बार भी यही था। सवाल: हाल ही में आपने अपनी हेल्थ प्रॉब्लम का सामना किया। उस अनुभव के बाद जिंदगी को देखने का नजरिया कितना बदला है?जैस्मीन भसीन: मेरा नजरिया अब इस मामले में बदल गया है कि मेरे लिए मेरी सेहत ही मेरी पहली प्राथमिकता (First Priority) होनी चाहिए। मुझे कभी भी खुद को, अपनी सेहत को और अपनी जरूरतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर कल को मेरी सेहत खराब होती है, तो मैं दूसरों पर बोझ बन जाऊंगी। जिन लोगों के लिए या जिस प्रोफेशन के लिए मैं अपनी सेहत को नजरअंदाज करती हूं, अगर सेहत ही ठीक नहीं रही तो न मैं काम कर पाऊंगी और न उन लोगों के साथ रह पाऊंगी जो मेरे लिए मायने रखते हैं। इसलिए इस साल मैंने तय किया है कि सबसे पहले अपना ख्याल रखूंगी। सवाल: इस सफर में अली गोनी ने आपको क्या ऐसी सलाह दी जो आज भी याद है?जैस्मीन भसीन: अली ने मुझसे बस इतना ही कहा था कि स्ट्रेस (तनाव) मत लेना। जो स्टंट तुमसे हो पाए वो कर लेना, और जो न हो पाए, उसके लिए बिल्कुल परेशान मत होना। सवाल: अगर आपको इस शो का कोई एक स्टंट दोबारा करने का मौका मिले, तो कौन सा चुनेंगी?जैस्मीन भसीन: अगर मुझे कोई एक स्टंट दोबारा करने का मौका मिले, तो वो एयरप्लेन वाला स्टंट होगा, जिसे आप सभी ने प्रोमो में भी देखा है। अब पढ़िए करण वाही से हुई खास बातचीत.… सवाल: इतने सालों बाद इस शो में वापसी की है। क्या इस बार आपने अपने एक्सपीरियंस के दम पर खेल खेला या रिस्क लेने की क्षमता बढ़ गई थी?करण वाही: मुझे लगता है कि 'खतरों के खिलाड़ी' जैसे शो में एक्सपीरियंस एक हद तक ही काम आता है। आखिरकार आपको रिस्क तो लेना ही पड़ता है। वक्त के साथ आपकी रिस्क लेने की क्षमता बढ़ती है या घटती है, यह आपकी पर्सनैलिटी पर निर्भर करता है। तो हां, कई जगहों पर मैंने ज्यादा रिस्क लिया और कई जगहों पर संभालकर खेला। सवाल: आप होस्टिंग, एक्टिंग और रियलिटी शो तीनों कर चुके हैं। सबसे ज्यादा प्रेशर किसमें महसूस होता है?करण वाही: सबसे ज्यादा प्रेशर रियलिटी शो में ही महसूस होता है। एक्टिंग और होस्टिंग में वैसा प्रेशर नहीं होता। जहां भी आपको किसी से मुकाबला करना पड़ता है, दबाव वहीं बनता है। एक्टिंग और होस्टिंग में आप अपना काम कर रहे होते हैं, वहां कोई डायरेक्ट कम्पटीशन नहीं होता। सवाल: इस सीजन में किस कंटेस्टेंट ने आपको सबसे ज्यादा इम्प्रेस किया और किसने सरप्राइज किया?करण वाही: मुझे सबसे ज्यादा सरप्राइज ओरी (Orry) ने किया और सबसे ज्यादा इम्प्रेस फराना ने किया। सवाल: रोहित शेट्टी की कौन सी एडवाइस या बात हमेशा आपके साथ रहेगी?करण वाही: रोहित सर का पूरा औरा और उनका तरीका ही अपने आप में कमाल का है। वे हमेशा सही वक्त पर सही बात कहते हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। वे शो की बैकबोन (रीढ़ की हड्डी) हैं। ऐसा कोई एक पर्टिकुलर वाक्य नहीं है, लेकिन उनका जो भरोसा मुझ पर रहा, वही मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। सवाल: अगर बॉलीवुड के किसी एक्टर के साथ पार्टनर स्टंट करना हो, तो किसे चुनेंगे?करण वाही: बॉलीवुड एक्टर में... मैं रवि दुबे को चुनूंगा! अब तो वह हमारा दोस्त बॉलीवुड एक्टर बन चुका है, उसकी 'रामायण' आ रही है। शो पर शगुन शर्मा के खुलासे… सवाल: शो से पहले लोग आपको टीवी एक्ट्रेस के तौर पर जानते थे। क्या इस शो के बाद आपकी इमेज पूरी तरह बदल जाएगी?शगुन शर्मा: पूरी तरह से तो नहीं बदलेगी, लेकिन लोगों को यह जरूर समझ आ जाएगा कि जो किरदार मैं टीवी पर निभाती हूं और रियल लाइफ में शगुन जैसी है, वे दोनों बहुत अलग हैं। दर्शकों को मेरी असली पर्सनैलिटी की झलक मिल जाएगी। सवाल: रियलिटी शो और डेली सोप (सीरियल्स) में सबसे बड़ा डिफरेंस कहां महसूस हुआ?शगुन शर्मा: सबसे बड़ा अंतर यही है कि रियलिटी शो में कैमरे आपके रॉ और असली इमोशंस को कैप्चर करते हैं। सीरियल्स में आपके पास एक लिखी हुई स्क्रिप्ट होती है। सीरियल्स में काम करते हुए आप खुद को उतना नहीं जान पाते, जबकि रियलिटी शो में आप अपने उन इमोशंस और ताकतों से रूबरू होते हैं, जिनके बारे में आपको खुद भी पता नहीं होता। सवाल: सबसे मुश्किल स्टंट कौन सा था, जिसे देखकर लगा कि 'बस अब नहीं होगा'?शगुन शर्मा: चूंकि अभी शो का टेलीकास्ट शुरू नहीं हुआ है, इसलिए मैं किसी खास स्टंट का नाम नहीं ले सकती। लेकिन इतना जरूर कहूंगी कि सभी स्टंट्स बहुत ज्यादा मुश्किल थे। सवाल: अगर आपको इस सीजन का 'मोस्ट फियरलेस कंटेस्टेंट' चुनना हो, तो किसका नाम लेंगी?शगुन शर्मा: मैं नए बैच में से अविनाश का नाम लूंगी। उसे किसी भी चीज से डर नहीं लगता था और वह हर स्टंट के लिए हमेशा एक्साइटेड और तैयार रहता था।
70-80 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस मुमताज आज 79 साल की हो चुकी हैं। उस दौर में मुमताज की वो पॉपुलैरिटी थी कि उनके फिल्मों में पहने गए कपड़े ट्रेंड बन जाते थे। खूबसूरती ऐसी थी कि यश चोपड़ा, शम्मी कपूर जैसे लोग भी उन्हें शादी का प्रस्ताव देने से कतराते नहीं थे। लेकिन काम और करियर के लिए जुनूनी मुमताज हर प्रस्ताव ठुकरा देती थीं। हालांकि एक समय ऐसा भी था जब कुछ बी-ग्रेड फिल्मों में काम करने की वजह से शशि कपूर, जीतेंद्र जैसे बड़े एक्टर्स उनके साथ फिल्में करने से इनकार कर दिया करते थे। आज मुमताज के बर्थडे के खास मौके पर पढ़िए, उनके करियर और जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने किस्से- किस्सा-1 लता मंगेशकर की गोद में बैठकर देखीं फिल्में, कहती थीं- आंटी अगली बार भी बुलाना 31 जुलाई 1947 में मुमताज का जन्म हैदराबाद के ड्रायफ्रूट वेंडर अब्दुल समाज अख्सरी के घर हुआ। परिवार ईरान से ताल्लुक रखता था। पिता ईमामों के खानदान से थे। मुमताज महज एक साल की थीं, जब माता-पिता अलग हो गए। मां ने ही फिल्मों में बतौर जूनियर आर्टिस्ट काम कर मुमताज और बड़ी बहन मलका की अकेले परवरिश की। कुछ समय बाद मां बॉम्बे आकर बसीं। मुमताज भी अक्सर उनके साथ सेट पर जातीं। सेट पर हंसती खेलतीं मुमताज को महज 5 साल की उम्र में बतौर बाल कलाकार फिल्म संसार में काम करने मिला। आगे वो चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर यास्मीन (1955), सोने की चिड़िया (1958), लाजवंती (1958), तलाक (1958) जैसी कई फिल्मों में नजर आईं। फिल्मों में काम मिलने से घर की आर्थिक स्थिति सुधरी और मुमताज मां के साथ वाल्केश्वर स्थित बिल्डिंग में आकर रहने लगीं। उनके ठीक ऊपर लता मंगेशकर का घर था, जहां 16MM पर फिल्में दिखाई जाती थीं। एक ही इंडस्ट्री से होने के चलते लता नन्हीं मुमताज को काफी लाड़ देती थीं। जब भी घर में फिल्म शुरू करतीं तो मुमताज को भी घर बुला लेतीं। लता उन्हें गोद में बैठाकर फिल्म दिखातीं और वो जल्द ही सो जाती थीं। लेकिन जाते हुए हर बार कहतीं- आंटी जब भी फिल्म देखो, मुझे भी बुला लेना। कई बार तो लता मंगेशकर के भाई उन्हें सोती हुई हालत में घर छोड़ने जाते थे। किस्सा-2 सेट पर मिली मां की मौत की खबर, डायरेक्टर से पूछा- क्या मैं जा सकती हूं दिन भर फिल्मों के सेट पर बिताते हुए जल्द ही उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी उठानी शुरू कर दी। 12 की उम्र में उन्हें जमीन के तारे (1960) में कैरेक्टर रोल मिल गया। इस फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस देखने के बाद मशहूर डायरेक्टर वी.शांताराम ने उन्हें फिल्म स्त्री में अच्छा रोल दिया। एक दिन मुमताज फिल्म स्त्री के सेट पर पहुंचीं। मुमताज डांस का शॉट दे ही रही थीं कि घर से खबर आई- ‘मां नहीं रहीं।’ 13 साल की मुमताज चुप खड़ी हो गईं और थोड़ी देर बाद डायरेक्टर वी.शांताराम से कहा- 'क्या करूं अन्ना?' वी.शांताराम हड़बड़ाए और कहा- ‘तुम्हें जरूर जाना चाहिए।’ मुमताज तुरंत हैदराबाद के लिए रवाना हुईं। जनाजे में शामिल हुईं और अगले दिन ही फिर सेट पर आ गईं। इस पर मुमताज ने रेडियो नशा को दिए इंटरव्यू में कहा था, उस जमाने में कोई मर भी जाए और अगर प्रोड्यूसर का सेट लगा है, तो आपको जाना ही पड़ेगा। आप प्रोड्यूसर को कंगाल नहीं कर सकते, क्योंकि उनके बाद दूसरे प्रोड्यूसर का सेट लगना है। किस्सा- 3 महमूद ने खूबसूरती देख फिल्म ऑफर की, शशि कपूर ने बी-ग्रेड एक्ट्रेस कहकर ठुकराया 14 साल की उम्र में मुमताज ने फिल्म गहरा दाग में काम किया था। फिल्म में उन्होंने हीरो राजेंद्र कुमार की बहन का रोल किया था। इसी समय उन्हें 1963 की फिल्म फौलाद में रेसलर दारा सिंह के साथ पहला लीड रोल मिला। दारा सिंह का कद देखकर कोई हीरोइन काम करने के लिए तैयार नहीं थीं, ऐसे में मुमताज को ये रोल दिया गया। जोड़ी हिट रही और फिर मुमताज को दारा सिंह के साथ एक के बाद एक कुल 16 फिल्में मिलीं। इन फिल्मों के अलावा मुमताज ने कई बी-ग्रेड फिल्मों में भी काम किया, हालांकि उन्हें खास पहचान नहीं मिली। मुमताज की बड़ी बहन मलका भी फिल्मों में आईं और कॉमेडियन-एक्टर महमूद के साथ कई फिल्में कीं। एक दिन महमूद काम के सिलसिले में मलका से मिलने पहुंचे, तो उनकी नजर मुमताज पर पड़ी। देखने में बेहद खूबसूरत मुमताज को वो एक टक देखते रहे। जब महमूद को फिल्म प्यार किए जा में शशि कपूर, किशोर कुमार के साथ कास्ट किया गया, तो उन्होंने अपने अपोजिट मुमताज को ही कास्ट किया। हालांकि फिल्म में उनका रोल छोटा था। एक दिन फिल्म की शूटिंग के दौरान महमूद ने शशि कपूर से कहा कि वो अपनी आने वाली फिल्मों में मुमताज को कास्ट करें। शशि कपूर ने तल्ख अंदाज में जवाब दिया, नहीं, मैं उस एक्ट्रेस को कभी अपनी हीरोइन नहीं बनाऊंगा, जिसने दारा सिंह के साथ बी-ग्रेड फिल्म की। किसे पता था कि ये बी-ग्रेड फिल्मों की वो एक्ट्रेस जल्द ही टॉप और हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस बन जाएगी। किस्सा- 4 महमूद की जिद पर दिलीप कुमार की हीरोइन बनीं मुमताज प्यार किए जा फिल्म में साथ काम करने के बाद महमूद अपनी हर फिल्म में मुमताज को अपोजिट रोल देने लगे। वो भांप चुके थे कि मुमताज में टॉप एक्ट्रेस बनने का हुनर और जज्बा है। वो दूसरे हीरो को भी मुमताज के साथ काम करने की सलाह देते थे। जब महमूद को पता चला कि दिलीप कुमार फिल्म राम और श्याम कर रहे हैं, जिसमें उनका डबल रोल है, तो वो सीधे मुमताज की सिफारिश करने पहुंच गए। तब दिलीप कुमार आरके स्टूडियो में शूट कर रहे थे। महमूद उनके पास गए और कहा- एक नई लड़की है, बहुत टैलेंटेड है, उसके साथ काम कर लीजिए। दिलीप कुमार ने जवाब दिया- ‘अभी मैं व्यस्त हूं, लंच ब्रेक में लड़की की फोटो लेकर आना।’ महमूद हड़बड़ाहट में एक स्टूडियो गए और मुमताज के गाने की पूरी रील उठा लाए। लंच ब्रेक में उन्होंने दिलीप कुमार को मुमताज की रील दिखाई तो उन्होंने कहा- ‘यार महमूद, लड़की तो बहुत अच्छी दिखती है, खूबसूरत है, डांस भी करती है, बड़ी प्यारी लड़की है। मैं करूंगा। डबल रोल है, एक वहीदा है, दूसरी मुमताज होगी।’ फिल्म राम और श्याम हिट रही और मुमताज को देशभर में पहचान मिल गई। किस्सा- 5 जीतेंद्र ने साथ काम करने से किया इनकार, डायरेक्टर बोले- ऐतराज है तो हीरो बदलूंगा, हीरोइन नहीं फिल्म राम और श्याम रिलीज होने से पहले मुमताज को फिल्म बंद जो बन गए मोती (1967) में काम मिला, जीतेंद्र और डायरेक्टर वी.शांताराम की बेटी राजश्री लीड रोल में थीं और मुमताज को साइड रोल मिला था। फिल्म की शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले राजश्री की शादी तय हो गई और उन्होंने फिल्म छोड़ दी। ऐसे में वी.शांताराम ने मुमताज को ही फिल्म में लीड रोल दिया। जैसे ही ये खबर जीतेंद्र को मिली, तो उन्होंने तुरंत डायरेक्टर को कॉल कर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा- ‘उसको हीरोइन क्यों बनाया, कोई और हीरोइन ढूंढिए।’ जवाब मिला- ‘हीरोइन तो मुमताज ही होगी, आपको दिक्कत है, तो आप फिल्म छोड़ दो।’ वो वी.शांताराम ही थे, जिन्होंने जीतेंद्र को हीरो बनाया था, तो जीतेंद्र को मजबूरन फिल्म करनी ही पड़ी। इसी तरह साल 1969 की फिल्म दो रास्ते में शशि कपूर को कास्ट किया गया। बाद में जब मुमताज की कास्टिंग हुई तो शशि कपूर ने फिल्म छोड़ दी। इस फिल्म में बाद में राजेश खन्ना को साइन किया गया। फिल्म का गाना बिंदिया चमकेगी, चूड़ी खनकेगी काफी हिट हुआ था। किस्सा-6 अमिताभ के लिए छोड़ दी अपनी मर्सिडीज अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री में नए थे, जब उन्हें मुमताज के साथ फिल्म बंधे हाथ में काम मिला। मुमताज तब काफी पॉपुलर हो चुकी थीं। उनकी कामयाबी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब अमिताभ बच्चन साधारण कार से आते थे, तब मुमताज मर्सिडीज से सेट पर आती थीं। अमिताभ को उनकी कार बहुत पसंद थी। एक दिन उन्होंने साथ काम करने वालों से कहा- मुझे ये कार पसंद है, देखना एक दिन मैं भी मर्सिडीज चलाऊंगा। किसी तरह ये बाद मुमताज के कानों तक पहुंची। उस दिन जब वो शूटिंग पूरी कर निकलीं, तो अमिताभ की कार ले गईं और अपनी वहीं सेट पर छोड़ दी। अमिताभ बाहर आए, तो उन्हें अपनी कार नहीं मिली। आसपास पूछा, तो गार्ड ने बताया कि मुमताज अपनी कार आपके लिए छोड़ गई हैं, जिससे आप इसे चला लें। अमिताभ उनकी कार घर ले गए और इस तरह मुमताज ने अमिताभ की इच्छा पूरी कर दी। किस्सा- 7 शम्मी कपूर ने प्रपोज किया, तो राज कपूर ने मेरा नाम जोकर से निकाला हिट फिल्में देते हुए मुमताज बड़ी एक्ट्रेस बन गईं। इसी समय 1968 में उन्हें शम्मी कपूर के साथ फिल्म ब्रह्मचारी में कास्ट किया गया। साथ काम करते हुए दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे।। रिलीज के बाद फिल्म सुपरहिट हुई और इसके गाने आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे, चक्के में चक्का, चक्के पे गाड़ी काफी हिट हुए। फिल्म रिलीज के कुछ समय बाद शम्मी कपूर और मुमताज रिलेशनशिप में आ गए। कुछ समय बाद शम्मी कपूर ने उन्हें शादी का प्रस्ताव दिया। मुमताज भी शादी करना चाहती थीं, लेकिन राज कपूर ने शर्त रखी कि अगर शादी करनी है, तो मुमताज को फिल्मों में काम करना बंद करना पड़ेगा, हमारे घर की बहुएं काम नहीं करेंगी। मुमताज उस समय करियर के पीक पर थीं और घर की जिम्मेदारी होने के चलते वो काम नहीं छोड़ना चाहती थीं। शम्मी कपूर ने उनके परिवार को आर्थिक मदद देने का वादा भी किया, लेकिन मुमताज ने करियर के लिए प्यार की कुर्बानी दे दी। जिस समय मुमताज और शम्मी कपूर की शादी की बात चल रही थी, तभी राज कपूर ने उन्हें फिल्म मेरा नाम जोकर में फिरंगी महिला के रोल में कास्ट किया था। जैसे ही उन्हें पता चला कि शम्मी उनसे शादी करना चाहते हैं, राज कपूर ने मुमताज को फिल्म से निकाल दिया। राज कपूर ने मुमताज से कहा था- मैं तुम्हें नहीं ले सकता। घर के लोगों को ऐसा खुला रोल नहीं दूंगा। मुमताज की जगह बाद में रशियन एक्ट्रेस सेनिया को कास्ट किया गया था। किस्सा- 8 फिल्म में देव आनंद की बहन बनने से किया इनकार मुमताज ने 1971 की फिल्म तेरे मेरे सपने में देव आनंद के साथ काम किया। कुछ साल बाद उन्हें फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा मिली, लेकिन कहा गया कि उन्हें देव साहब की बहन का किरदार निभाना है। मुमताज ने तुरंत मना कर दिया। कहा- मैं इतने रोमांटिक हीरो की बहन का रोल हरगिज नहीं करूंगी। उनकी ये बात सुनकर देव आनंद खूब हंसे और कहा- फिल्म में काम तो तुम करोगी, लेकिन मेरी हीरोइन बन कर। बाद में जीनत अमान को बहन का रोल दिया गया और मुमताज ने देव आनंद के साथ लीड रोल किया। ये फिल्म जबरदस्त हिट रही थी। किस्सा- 9 दूसरे हीरो के साथ काम करने पर नाराज हो जाते थे राजेश खन्ना राजेश खन्ना और मुमताज की दोस्ती बहुत गहरी थी। जब कभी मुमताज किसी दूसरे एक्टर के साथ फिल्म साइन कर लेतीं तो राजेश खन्ना इस बात से नाराज हो जाते थे। इस पर मुमताज उनसे कहतीं- आप भी तो दूसरी एक्ट्रेस के साथ फिल्में साइन कर लेते हैं, मैं तो नाराज नहीं होती। अपनी इसी आदत से वो राजेश खन्ना को मना लेती थीं। किस्सा-10 24 की उम्र में शादी कर छोड़ी फिल्में, ससुराल ने काम करने से रोका मुमताज करियर के पीक पर थीं, जब घरवालों ने उनका रिश्ता युगांडा के रईस बिजनेसमैन मयूर माधवानी से तय कर दिया। रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार में जल्दी शादी करवाने का रिवाज था। घरवालों ने दबाव दिया, तो मुमताज न नहीं कह सकीं। उन्होंने ज्यादातर फिल्मों का साइनिंग अमाउंट लौटा दिया और जो अधूरी फिल्में थीं, उनकी शूटिंग पूरी की। 1974 में उनकी मयूर से शादी हुई और वो युगांडा जाकर बस गईं। शादी से पहले ही उनके पति के भाई ने साफ कह दिया कि मुमताज को फिल्मों में काम करना छोड़ना होगा। शादी के बाद उनका 3-4 बार मिसकैरेज हुआ था। उनकी दो बेटियां हैं, जिनका नाम नताशा और तान्या है। उनकी बड़ी बेटी नताशा की शादी एक्टर फरदीन खान से हुई है। फरदीन के पिता फिरोज खान और मुमताज करीबी दोस्त हैं। किस्सा- 11 मौत से पहले शम्मी कपूर ने रखी मुमताज से मिलने की इच्छा, मिलीं तो रो पड़ीं साल 2010 में मुमताज भारत में थीं, जब उनके पास शम्मी कपूर की पत्नी नीला देवी का कॉल आया। नीला ने उन्हें कहा कि शम्मी कपूर की इच्छा है कि आप उनकी बर्थडे पार्टी में आएं। मुमताज ने जवाब दिया- मैं जरूर आऊंगी। जैसे ही वो पार्टी में पहुंची, तो देखा शम्मी कपूर शराब पी रहे हैं। इस बात की जानकारी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हर शख्स को थी कि शम्मी कपूर की तबीयत कई महीनों से बिगड़ी हुई है। मुमताज पास पहुंचीं और कहा- ‘अगर आपकी तबीयत ठीक नहीं है तो आप शराब क्यों पी रहे हैं।’ शम्मी कपूर ने जवाब में कहा- ‘मैं ज्यादा दिनों तक नहीं जीने वाला।’ मुमताज को उस दिन ही पता चला कि शम्मी कपूर चंद महीनों के ही मेहमान हैं। वो भावुक हो गईं और कहा- ‘आप पी सकते हैं। एंजॉय योरसेल्फ। ’ कुछ देर बाद मुमताज वहां से चली गईं। जाते हुए बस कहा- ‘अपना ख्याल रखना।’
आजकल बॉलीवुड में पुराने गानों का रीमेक बनाने का एक ट्रेंड सा चल पड़ा है। इसी कड़ी में 90 के दशक की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'करण अर्जुन' के आइकॉनिक गाने 'राणाजी माफ करना' का नया वर्जन 'राणाजी 2.0' हाल ही में रिलीज हुआ है। लेकिन दर्शकों को यह नया प्रयोग बिल्कुल पसंद नहीं आया और सोशल मीडिया पर इसे जमकर ट्रोल किया जा रहा है। इस भारी विरोध और आलोचनाओं के बीच अब उस ओरिजिनल गाने में अपनी अदाओं से दर्शकों को दीवाना बनाने वाली एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने अपनी बात रखी है।'राणाजी 2.0' को क्यों नकार रहे हैं दर्शक?दर्शकों का साफ कहना है कि नए गानों के नाम पर पुराने क्लासिक गानों की आत्मा के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। 'राणाजी 2.0' में न तो वह पुराना सुकून देने वाला संगीत है और न ही वह सादगी जो 90 के दशक के गानों की पहचान हुआ करती थी। सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार कमेंट कर रहे हैं कि नए कलाकारों की परफॉरमेंस में वह बात नहीं है जो सालों पहले ममता कुलकर्णी ने पर्दे पर दिखाई थी। इसी तुलना और पुरानी यादों के चलते नया गाना लोगों की उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फेरता नजर आ रहा है।ममता ने बताया ओरिजिनल की सफलता का राजनए गाने की ट्रोलिंग पर अपनी राय रखते हुए ममता कुलकर्णी ने इस बात पर जोर दिया कि उस दौर के गानों में एक अलग तरह की कशिश होती थी। उन्होंने बताया कि 90 के दशक के गानों में संगीत, बोल और कलाकारों की मेहनत का एक ऐसा परफेक्ट तालमेल होता था, जो सीधे लोगों के दिलों को छूता था। उस समय तकनीक भले ही आज जितनी एडवांस नहीं थी, लेकिन गानों में जो भावनाएं होती थीं वो बिल्कुल असली और जमीन से जुड़ी होती थीं। यही बड़ी वजह है कि 'राणाजी' जैसा गाना आज दशकों बाद भी हर पीढ़ी की जुबान पर चढ़ा हुआ है और दर्शक आज भी उस ओरिजिनल धुन को भूल नहीं पाए हैं।
लोकप्रिय रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स' के दूसरे सीजन का सस्पेंस अब खत्म हो गया है और फैंस जिस चीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वो लिस्ट आ चुकी है। अगर आप भी यह सर्च कर रहे हैं कि इस बार शो में कौन-कौन शामिल हो रहा है, तो आपको बता दें कि मेकर्स ने 21 दमदार कंटेस्टेंट्स की पूरी लिस्ट फाइनल कर ली है। इस बार गेम का लेवल पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल और रोमांचक होने वाला है क्योंकि बॉलीवुड की बेबाक अदाकारा मल्लिका शेरावत से लेकर रियलिटी शोज के मास्टरमाइंड माने जाने वाले मुनव्वर फारूकी तक एक ही छत के नीचे नजर आएंगे।मल्लिका शेरावत और मुनव्वर फारूकी सहित 21 नामों का खुलासायह शो पूरी तरह से चालाकी, धोखे और भरोसे के इर्द-गिर्द घूमता है। मेकर्स ने इस बार एंटरटेनमेंट को ध्यान में रखते हुए एकदम अलग-अलग बैकग्राउंड के 21 लोगों को चुना है ताकि दर्शकों को हर एपिसोड में नया ड्रामा देखने को मिले। सबसे ज्यादा चर्चा मल्लिका शेरावत की हो रही है जो एक लंबे ब्रेक के बाद इतने बड़े रियलिटी गेम शो का हिस्सा बन रही हैं। वहीं, मुनव्वर फारूकी अपनी चतुर गेम प्लानिंग और स्ट्रैटेजी के लिए जाने जाते हैं। जब ये दोनों आमने-सामने होंगे, तो यकीनन बाकी कंटेस्टेंट्स के लिए अपनी जगह बचाना आसान नहीं होगा।कौन बिगाड़ेगा किसका गेम और क्या होगी रणनीति?'द ट्रेटर्स' का फॉर्मेट ही ऐसा है जहाँ कंटेस्टेंट्स को 'फेथफुल' (वफादार) और 'ट्रेटर्स' (धोखेबाज) में बांट दिया जाता है। इस बार यह देखना सबसे दिलचस्प होगा कि 21 लोगों की इस भारी भीड़ में कौन किस पर भरोसा करता है और कौन पीठ में छुरा घोंपता है। मुनव्वर फारूकी का शांत दिमाग और मल्लिका शेरावत का आक्रामक अंदाज शो में एक तगड़ा तड़का लगाएगा। हर कोई एक-दूसरे का गेम बिगाड़ने की फिराक में रहेगा और दर्शक भी टीवी स्क्रीन से नजरें नहीं हटा पाएंगे। जल्द ही शो की स्ट्रीमिंग शुरू होगी और यह साफ हो जाएगा कि इस सीज़न का असली मास्टरमाइंड कौन है।क्लिक-वर्दी मीडियम और ब्लॉग टाइटल्स (Click-Worthy Title Suggestions):मल्लिका शेरावत vs मुनव्वर फारूकी: 'द ट्रेटर्स 2' के 21 कंटेस्टेंट्स की लिस्ट देख उड़ जाएंगे आपके होश!द ट्रेटर्स 2 में एंट्री ले रहे हैं ये 21 धुरंधर, जानें कौन रचेगा धोखे का सबसे बड़ा चक्रव्यूह।The Traitors 2 India: 21 Contestants Revealed! Will Munawar Faruqui Survive Mallika's Game?मुनव्वर फारूकी का नया माइंड गेम! द ट्रेटर्स 2 की पूरी लिस्ट और अंदर की सारी कहानी।
एक्ट्रेस से अब प्रेजेंटर बनीं सोनाली बेंद्रे, फिल्म 'सोलह' से शुरू किया सिनेमा का नया सफर
मुंबई, बॉलीवुड में कई सालों तक अपनी खूबसूरती और दमदार एक्टिंग से दिल जीतने वाली सोनाली बेंद्रे अब एक नए रोल में नजर आएंगी। दरअसल, वह अब अभिनय के साथ-साथ अच्छी कहानियों को आगे बढ़ाने का काम भी करना चाहती हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने फिल्म 'सोलह' के साथ प्रेजेंटर के तौर पर अपना सफर शुरू किया है।
हिंदी सिनेमा के पहले 'सुपरस्टार' राजेश खन्ना के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित बंगले 'आशीर्वाद' को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक बेहद अहम और कड़ा आदेश जारी किया है। कोर्ट ने विभिन्न मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे इस संपत्ति को 'शापित', 'भूतिया' या 'अशुभ' करार देने वाली खबरों और दावों पर तुरंत रोक लगाएं। अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया है कि इस तरह की सनसनीखेज और निराधार बातें पहली नजर में मानहानिकारक हैं, जो मौजूदा मकान मालिक के सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन जीने के मौलिक अधिकारों का सीधे तौर पर हनन करती हैं।अब किसके स्वामित्व में है राजेश खन्ना का यह ऐतिहासिक बंगला?आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिग्गज अभिनेता राजेश खन्ना का जुलाई 2012 में निधन हो गया था। उनके निधन के कुछ समय बाद, उनके परिवार ने इस ऐतिहासिक बंगले को ప్రముఖ व्यवसायी शशि शेट्टी को बेच दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सौदा लगभग 90 करोड़ रुपये में हुआ था। संपत्ति खरीदने के बाद नए मालिक शशि शेट्टी ने पुराने बंगले को पूरी तरह से गिरा दिया था और वहां अपने परिवार के रहने के लिए एक नया चार मंजिला आधुनिक घर तैयार करवाया है। हालांकि, पुरानी यादों और इस बंगले के ऐतिहासिक महत्व को सम्मान देते हुए उन्होंने इसका नाम आज भी 'आशीर्वाद' ही रखा हुआ है।क्यों खटखटाना पड़ा वर्तमान मालिक को बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा?हाल ही के दिनों में इंटरनेट, सोशल मीडिया और कुछ डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कई लेख और वीडियो धड़ल्ले से वायरल हो रहे थे, जिनमें 'आशीर्वाद' बंगले को देश के सबसे 'भूतिया' या 'श्रापित' मकानों की सूची में शामिल किया गया था। इस प्रकार की भ्रामक, मनगढ़ंत और नकारात्मक खबरों के कारण वर्तमान मालिक शशि शेट्टी की मानसिक शांति और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंच रही थी। अपने घर को लेकर फैलाई जा रही इन आधारहीन अफवाहों और सनसनीखेज दावों से परेशान होकर आखिरकार शशि शेट्टी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया और कानूनी कार्रवाई की मांग की।अदालत की सख्त टिप्पणी और अगली सुनवाईमामले की गंभीरता को समझते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने वर्तमान मालिक शशि शेट्टी की आपत्तियों को पूरी तरह से जायज ठहराया है। कोर्ट ने सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल अपनी टीआरपी बढ़ाने या सनसनी फैलाने के उद्देश्य से किसी की निजी संपत्ति को बिना किसी तार्किक आधार के 'भूतिया' या 'शापित' बताना पूरी तरह से गैरकानूनी और अनुचित है। चूंकि सुनवाई के दौरान आरोपी या संबंधित मीडिया प्लेटफॉर्म्स की ओर से कोई भी अपना पक्ष रखने के लिए अदालत में पेश नहीं हुआ, इसलिए हाईकोर्ट ने आगामी 21 अगस्त 2026 को होने वाली अगली सुनवाई तक इस तरह के सभी मानहानिकारक प्रकाशनों और वीडियो प्रसारण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।क्या है 'आशीर्वाद' बंगले का गौरवशाली और दिलचस्प इतिहास?राजेश खन्ना का यह 'आशीर्वाद' बंगला हिंदी सिनेमा के सुनहरे इतिहास का एक बहुत बड़ा गवाह रहा है। 1950 के दशक में मशहूर अभिनेता राजेंद्र कुमार ने इस जमीन को खरीदकर यहां एक घर बनवाया था और इसका नाम 'डिमिया' रखा था। इस घर में रहने के बाद राजेंद्र कुमार की झोली में लगातार कई सुपरहिट फिल्में आईं और उन्हें हिंदी सिनेमा का 'जुबली कुमार' कहा जाने लगा। इसके बाद, साल 1970 के दशक में राजेश खन्ना ने राजेंद्र कुमार से यह बंगला खरीद लिया और इसका नाम बदलकर 'आशीर्वाद' रख दिया। इसी प्रतिष्ठित बंगले की चार दीवारों के भीतर रहते हुए राजेश खन्ना ने भारतीय सिनेमा के पहले 'सुपरस्टार' का मुकाम हासिल किया। हालांकि, साल 2012 में राजेश खन्ना के निधन के बाद उनकी इच्छा इसे एक संग्रहालय (म्यूज़ियम) में बदलने की थी, लेकिन पारिवारिक और वित्तीय कारणों से अंततः इसे बेच दिया गया, और अब यह एक नए आधुनिक स्वरूप में मौजूद है।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त ने हाल ही में अपनी मां और भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री नरगिस दत्त के जीवन के उन सबसे दर्दनाक और संघर्षपूर्ण दिनों को याद किया है, जब पूरा परिवार एक तरफ कैंसर जैसी भयानक बीमारी से जूझ रहा था और दूसरी तरफ उन्हें फिल्मों की दुनिया में अपनी शुरुआत करनी थी। एक यूट्यूब चैनल पर दिल को छू लेने वाली बातचीत के दौरान संजय दत्त ने बताया कि कैसे उनकी मां अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थीं, और उस मुश्किल घड़ी में उनके पिता सुनील दत्त ने उन्हें क्या बड़ी सीख दी थी।पैंक्रियाटिक कैंसर से जंग और अमेरिका में इलाजनरगिस दत्त के निधन का वह दौर दत्त परिवार के लिए बेहद कठिन और चुनौती भरा था। संजय दत्त ने बातचीत में साझा किया कि उनकी मां को पैंक्रियाटिक कैंसर जैसी गंभीर बीमारी ने अपनी आगोश में ले लिया था। 1980 के दशक की शुरुआत में मेडिकल साइंस और टेक्नोलॉजी आज जितनी उन्नत नहीं थी, इसलिए इलाज के लिए उन्हें अमेरिका के न्यू यॉर्क स्थित स्लोअन केटरिंग अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी एक बड़ी सर्जरी हुई। उस समय संजय दत्त महज 19-20 साल के युवा थे और अपनी मां को गंभीर शारीरिक पीड़ा से गुजरते हुए देखना उनके लिए अंदर से झकझोर देने वाला अनुभव था।जब कोमा में थीं मां और पिता सुनील दत्त ने भेजा शूटिंग परसंजय दत्त ने अपने जीवन के उस सबसे असहज पल को याद करते हुए बताया कि जब उनकी पहली फिल्म रिलीज होने वाली थी, तब उन पर पेशेवर और मानसिक दोनों तरह का भारी दबाव था। एक तरफ उनकी मां अस्पताल में कोमा में थीं और दूसरी तरफ उनके पिता सुनील दत्त ने उन्हें अपनी फिल्म की शूटिंग पूरी करने के लिए वापस काम पर भेज दिया था। संजय ने कहा कि उस कम उम्र में उन्हें अपने पिता का यह फैसला समझ नहीं आया था कि जब मां वेंटिलेटर या कोमा में हैं, तब कोई फिल्म पूरी करने के लिए कैसे जा सकता है। हालांकि, पिता के आदेश का पालन करते हुए उन्होंने अपनी फिल्म पूरी की और वापस लौटे।'घर लौटते ही मां ने छोड़ दी थी जंग'अपनी मां के आखिरी पलों को याद करते हुए संजय दत्त काफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने नरगिस जी को एक सच्ची योद्धा की तरह अंत तक लड़ते हुए देखा था। उनके भीतर घर लौटने की एक जबरदस्त जिद थी, और जब तक वे मुंबई अपने घर वापस नहीं आ गईं, उन्होंने अपनी बीमारी के खिलाफ संघर्ष जारी रखा। लेकिन जैसे ही वे अपने घर लौटीं, उन्होंने मानो हार मान ली और दुनिया को अलविदा कह दिया। आपको बता दें कि नरगिस दत्त का मात्र 51 वर्ष की आयु में 3 मई 1981 को निधन हो गया था, और वह अपने बेटे संजय दत्त की पहली फिल्म 'रॉकी' की रिलीज भी नहीं देख पाई थीं।
जेठालाल: दिशा के साथ वाली केमिस्ट्री को मिस करता हूं
मुंबई, अभिनेता दिलीप जोशी ने टीवी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' में अपनी को-स्टार दिशा वकानी के साथ दर्शकों के दिलों में खास पहचान बनाई है। हालांकि दिशा अब शो छोड़ चुकी हैं, जिसकी कमी दर्शकों को ही नहीं, बल्कि को-स्टार्स को भी भरपूर खलती है।
बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में आ गए हैं। लंदन में आर्यन को एक मिस्ट्री गर्ल के साथ देखा गया, जिनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। यूजर्स ने इस मिस्ट्री गर्ल की पहचान आर्टिस्ट विनी तकायर के रूप में की है। दोनों को लंदन के एक कसीनो से बाहर निकलते हुए देखा गया, जिसके बाद से दोनों के डेटिंग की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, इस पर दोनों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लंदन कसीनो के बाहर साथ दिखे आर्यन और विनीतस्वीरों में आर्यन खान कैजुअल लुक में नजर आ रहे हैं। वे लंदन के एक कसीनो से बाहर निकलते दिख रहे हैं। उनके ठीक पास में विनी तकायर खड़ी हैं, जिन्होंने ऑल-ब्लैक आउटफिट पहना हुआ है। दोनों के एक साथ कसीनो से बाहर निकलने के बाद ही फैंस के बीच उनके रिश्ते को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगी हैं। विनी ने शेयर की तस्वीरें, लिखा- 'लंदन, आई एल वाई'तस्वीरें वायरल होने के तुरंत बाद विनी तकायर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लंदन ट्रिप की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। उन्होंने इन तस्वीरों के साथ कैप्शन लिखा, लंदन, आई एल वाई (London, ily)। विनी के इस पोस्ट के बाद दोनों के अफेयर की चर्चा और तेज हो गई। आर्यन और विनी इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को फॉलो भी करते हैं। फिलहाल दोनों में से किसी ने भी इन खबरों पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है। पहले मॉडल लरिसा बोनेसी के साथ जुड़ा था नामयह पहली बार नहीं है जब आर्यन खान अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। इससे पहले उनका नाम ब्राजीलियन मॉडल और एक्ट्रेस लरिसा बोनेसी के साथ जोड़ा जा चुका है। लरिसा, आर्यन के लक्जरी कपड़ों के ब्रांड 'डी'यावोल एक्स' (D'YAVOL X) के कई विज्ञापनों में नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा वे आर्यन की बतौर डायरेक्टर पहली सीरीज 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' के प्रीमियर पर भी दिखाई दी थीं। डायरेक्शन और बिजनेस में करियर बना रहे हैं आर्यनशाहरुख खान के बड़े बेटे आर्यन खान एक्टिंग की जगह डायरेक्शन और बिजनेस में अपना करियर बना रहे हैं। उन्होंने अपने लक्जरी स्ट्रीटवियर ब्रांड के साथ बिजनेस की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने वेब सीरीज 'द बास्टर्ड्स ऑफ बॉलीवुड' से बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया है। आर्यन मीडिया और लाइमलाइट से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं, लेकिन उनके सोशल मीडिया आउटिंग्स अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं।
कुणाल खेमू की बहन ने कश्मीर से जुड़ी यादें साझा कीं, भावुक हुए अशोक पंडित
मुंबई, 1990 कश्मीरी पंडितों के लिए ऐसा भयावह माहौल लेकर आया था, जिसने उन्हें रातों रात घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया। इन्हीं में अभिनेता कुणाल खेमू का परिवार भी शामिल था। गुरुवार को अभिनेता की बहन करिश्मा खेमू ने अपने दोबारा कश्मीर दौरे की झलकियां पेश कीं, जिसे देखकर मनोरंजन जगत के कई सेलेब्स, जो घाटी से ताल्लुक रखते हैं उनकी यादें ताजा हो गई।
'तुम्हें हर जन्म में चुनूंगी', सोनम कपूर और सास प्रिया आहूजा ने आनंद आहूजा के बर्थडे पर लुटाया प्यार
मुंबई, सोनम कपूर और उनके पति आनंद आहूजा की जोड़ी को बॉलीवुड की सबसे प्यारी जोड़ियों में गिना जाता है। दोनों अक्सर एक-दूसरे के लिए सोशल मीडिया पर प्यार भरे पोस्ट डालते रहते हैं। इस बीच, पति आनंद के जन्मदिन के मौके पर सोनम ने एक प्यार भरा पोस्ट शेयर किया। वहीं उनकी सास प्रिया आहूजा ने भी आनंद के लिए इमोशनल नोट लिखा और परिवार की पुरानी यादें ताजा कीं।
साल 1964 में रिलीज हुई निर्देशक राज खोसला की फिल्म ‘वो कौन थी’ हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित मिस्ट्री-थ्रिलर फिल्मों में गिनी जाती है। मनोज कुमार, साधना, प्रेम चोपड़ा और हेलन जैसे कलाकारों से सजी इस फिल्म ने अपने रहस्य, संगीत और सस्पेंस से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई थी।
अभिनेता सोनू सूद ने देश छात्र प्रदर्शनों में शामिल युवाओं पर कंगना रनोट की टिप्पणी की आलोचना की है। हाल ही में कंगना ने प्रदर्शनकारी जेन-जी (Gen-Z) छात्रों को 'जनरेशन गटर' कहा था। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनू सूद ने कहा कि अगर कंगना ने ऐसा कहा है तो यह बहुत शर्मनाक है। सोनू ने कहा कि यही युवा कलाकारों को स्टार बनाते हैं और ऊंचाई तक पहुंचाते हैं। उन्होंने मशहूर हस्तियों को सोच-समझकर बोलने की सलाह दी और जनता को भगवान का रूप बताया। कहा- सोच समझकर कर बोलना चाहिएमीडिया से बातचीत के दौरान सोनू सूद ने कहा कि उन्होंने कंगना का पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए। सोनू ने कहा, ये युवा ही हैं जो कलाकारों को बनाते हैं और आपको इस मुकाम तक पहुंचने में मदद करते हैं। जब तक वे आपके साथ खड़े हैं, आप आगे बढ़ते रहेंगे। अगर वे साथ नहीं हैं तो काम मुश्किल हो जाता है। इसलिए हर किसी को साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक कहावत है 'तोल-मोल के बोल', यानी बोलने से पहले अच्छे से सोच लेना चाहिए क्योंकि जनता भगवान का दूसरा रूप होती है। कंगना ने युवाओं को बताया था 'जनरेशन गटर'यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट शेयर किए। इनमें उन्होंने सीजेपी (CJP) विरोध प्रदर्शनों में शामिल युवाओं पर निशाना साधा था। कंगना ने प्रदर्शनकारी युवाओं को 'जनरेशन गटर' कहते हुए आरोप लगाया था कि ये लोग शराब और नशे का महिमामंडन करते हैं और पैसों के लिए अपने माता-पिता पर निर्भर रहते हैं। कंगना ने कहा था कि असली आजादी मेहनत से मिलती है, बिना कुछ कमाए आजादी की मांग करना गलत है। कंगना ने मीडिया पर लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। उन्होंने आगे लिखा था, इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं और उनकी सोच इतनी बदसूरत तथा मानसिकता इतनी भ्रष्ट है कि वे अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं। फिर भी वे नशा करने, शराब पीने या कई लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाने की अपनी तथाकथित आजादी का खुलेआम प्रदर्शन करती हैं। वे बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर निर्भर रहती हैं और वास्तव में आत्मनिर्भर हुए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की मांग करती रहती हैं। एक विनम्र याद दिलाना: स्वतंत्र जीवन कमाना पड़ता है। अगर आप जिम्मेदारी उठाए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की कोशिश करते हैं, तो आप सिर्फ एक विकृत व्यक्तित्व हैं - 'गटर छाप'। इसके अलावा कंगना ने एक और इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, प्रदर्शनकारियों को आम लोग उनकी गंदी और अपमानजनक रीलों की वजह से सड़कों पर पीट रहे हैं और गालियां दे रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा। अगर तुम सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हो, तो वही जनता भी तुम्हें नुकसान पहुंचाएगी। अगर तुम्हें देश और नेतृत्व से समस्या है और तुमने सार्वजनिक रूप से खूब गंदी-गंदी गालियां दी हैं, तो अब उनकी भी सुनो जो इस देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की ताकत से लेकर आए हैं। क्योंकि बोलने का हक उन्हें भी है। अब रोने वाली कोई बात नहीं है।
'लॉक अप 2' में नेहल ने बढ़ाया आकांक्षा चमोला का हौसला, बोलीं-अपनी असली पर्सनालिटी दिखाओ
मुंबई, पूर्व बिग बॉस 19 की कंटेस्टेंट और मॉडल नेहल चुडासमा टीवी की दुनिया का जाना-पहचाना नाम हैं। बिग बॉस के घर में भी उन्होंने कई बार गलत समझे जाने और अकेले पड़ जाने का दर्द झेला था। शायद इसी वजह से जब वो 'लॉक अप 2' में आकांक्षा चमोला को सपोर्ट करने विजिटर बनकर पहुंचीं, तो उन्होंने सबसे पहले आकांक्षा की उसी उलझन को पकड़ा जो पिछले कई दिनों से दर्शकों को भी खटक रही थी।
मुंबई, एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर सावन के पवित्र महीने में शिवलिंग पर पूजा करते हुए एक वीडियो शेयर करने के बाद सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रही हैं।
भारतीय सिनेमा इतिहास की सबसे भव्य और बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होते ही इंटरनेट पर तहलका मच गया है। सुपरस्टार रणबीर कपूर (श्री राम) और रॉकिंग स्टार यश (रावण) की मुख्य भूमिकाओं से सजी इस फिल्म के विजुअल्स ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस ब्लॉकबस्टर ट्रेलर के सामने आने के बाद जहां एक तरफ लोग इसकी भव्यता की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सिनेमाप्रेमियों और फैंस को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। फिल्म में 'बजरंगबली' यानी हनुमान जी का दमदार किरदार निभा रहे बॉलीवुड के 'तारा सिंह' सनी देओल की एक भी झलक ट्रेलर में न दिखने से फैंस का दिल टूट गया है।सोशल मीडिया पर भड़का फैंस का गुस्सा और निराशाट्रेलर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आउट होते ही मुंबई, दिल्ली, लखनऊ समेत पूरे देश के सिनेमा फैंस ने इसे लूप पर देखना शुरू कर दिया। दर्शकों को उम्मीद थी कि रणबीर और यश के दमदार आमने-सामने के सीन्स के साथ-साथ उन्हें सनी देओल का रौद्र और शक्तिशाली हनुमान अवतार भी देखने को मिलेगा। लेकिन पूरे ट्रेलर में सनी देओल को न पाकर फैंस ने मेकर्स के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करनी शुरू कर दी है। एक्स (ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर मीम्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई है, जहां लोग कह रहे हैं कि मेकर्स को कम से कम हनुमान जी का एक छोटा सा टीजर या झलक तो जरूर दिखानी चाहिए थी।रणबीर कपूर और यश के लुक ने जीता दिल, वीएफएक्स की हो रही तारीफभले ही सनी देओल के फैंस थोड़े मायूस हों, लेकिन ट्रेलर में दिखाए गए अन्य किरदारों और सिनेमाटोग्राफी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर की आंखों की सौम्यता और रावण के खूंखार अवतार में यश की एंट्री ने थिएटर जैसी फीलिंग स्क्रीन पर ला दी है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) और बैकग्राउंड स्कोर को लेकर बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के विशेषज्ञ काफी उत्साहित हैं। जानकारों का मानना है कि यह फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करने का माद्दा रखती है।क्या मेकर्स ने सनी देओल के लुक को जानबूझकर रखा है सस्पेंसफिल्म क्रिटिक्स और इनसाइड सोर्सेज का कहना है कि निर्देशक नितेश तिवारी ने सनी देओल के हनुमान लुक को जानबूझकर ट्रेलर से गायब रखा है। इसके पीछे एक सोची-समझी मार्केटिंग और कूटनीतिक रणनीति हो सकती है। मेकर्स चाहते हैं कि सनी देओल का हनुमान अवतार सीधे सिनेमाघरों में या फिर फिल्म के किसी स्पेशल कैरेक्टर टीजर के जरिए ही दुनिया के सामने आए ताकि दर्शकों के बीच उत्सुकता का स्तर चरम पर बना रहे। अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि फैंस की इस भारी मांग के बाद क्या मेकर्स फिल्म की रिलीज से पहले सनी देओल का कोई नया पोस्टर या प्रोमो जारी करते हैं या नहीं।
बॉलीवुड के 'बादशाह' शाहरुख खान के बड़े बेटे आर्यन खान अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी हमेशा लाइमलाइट में बने रहते हैं। इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर फिल्मी गलियारों तक आर्यन खान की लव लाइफ को लेकर एक बेहद दिलचस्प खबर तेजी से वायरल हो रही है। यूनाइटेड किंगडम की राजधानी लंदन से आई कुछ तस्वीरों और वीडियो ने इंटरनेट का पारा बढ़ा दिया है, जहां आर्यन खान को एक मिस्ट्री गर्ल (रहस्यमयी लड़की) के साथ बेहद करीब और क्वालिटी टाइम बिताते हुए देखा गया है।लंदन की सड़कों पर मिस्ट्री गर्ल संग स्पॉट हुए आर्यन खानदरअसल, आर्यन खान इन दिनों अपने किसी अपकमिंग प्रोजेक्ट और पर्सनल ट्रिप के सिलसिले में लंदन में मौजूद हैं। लंदन के एक बेहद पॉश कैफे और नाइट क्लब से कुछ इनसाइड तस्वीरें लीक हुई हैं, जिसमें आर्यन खान एक खूबसूरत विदेशी लड़की के साथ नजर आ रहे हैं। तस्वीरों में दोनों की बॉन्डिंग और क्लोजनेस को देखकर कयास लगाए जा रहे हैं कि आर्यन खान की जिंदगी में किसी खास शख्स की एंट्री हो चुकी है। इस मिस्ट्री गर्ल के लुक और स्टाइल को देखकर फैंस लगातार इंटरनेट पर उसे सर्च कर रहे हैं।सोशल मीडिया पर फैंस के बीच छिड़ी बड़ी बहस और रूमर्स का बाजार गर्मजैसे ही ये तस्वीरें रेडिट, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर वायरल हुईं, वैसे ही किंग खान के फैंस और नेटिजन्स के बीच चर्चा का दौर शुरू हो गया। मुंबई, दिल्ली से लेकर लंदन तक के यूजर्स इस मिस्ट्री गर्ल की पहचान उजागर करने में जुट गए हैं। कुछ यूजर्स का दावा है कि यह लड़की लंदन की कोई जानी-मानी मॉडल या आर्यन की पुरानी यूनिवर्सिटी फ्रेंड हो सकती है, वहीं कुछ का मानना है कि दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। हालांकि, हमेशा की तरह लाइमलाइट से दूरी बनाए रखने वाले आर्यन खान ने इन खबरों और वायरल तस्वीरों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।स्टार किड के नए प्रोजेक्ट्स और करियर पर टिकीं बॉलीवुड की नजरेंआर्यन खान का नाम इससे पहले भी कई मशहूर सेलिब्रिटीज और मॉडल्स के साथ जोड़ा जा चुका है, लेकिन उन्होंने कभी अपनी लव लाइफ को लेकर खुलकर बात नहीं की है। वर्तमान में आर्यन खान अपने निर्देशन की शुरुआत (Directional Debut) करने की तैयारियों में जुटे हैं, जिसे लेकर बॉलीवुड में काफी बज बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक डायरेक्टर के तौर पर डेब्यू करने से पहले आर्यन का इस तरह सुर्खियों में आना उनके अपकमिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर दर्शकों की उत्सुकता को और ज्यादा बढ़ा देता है। अब देखना यह होगा कि इस मिस्ट्री गर्ल की मिस्ट्री कब तक सामने आती है।
आनंद आहूजा के बर्थडे पर अनिल कपूर ने किया विश, शांतिप्रिय स्वभाव की तारीफ की
मुंबई, अभिनेत्री सोनम कपूर के पति आनंद आहूजा गुरुवार को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर उनके परिवार के सदस्यों ने जन्मदिन की बधाई दी।
एक्टर सुदेश बेरी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने उन्हें भगवान विष्णु का अवतार बताया और कहा कि अगर मौका मिला, तो वह उनके पैर धोकर उनका पानी पीना चाहेंगे। वहीं, उन्होंने CJP पार्टी पर भी निशाना साधा। सुदेश बेरी ने कहा कि जंतर-मंतर पर बैठी CJP देश को आगे नहीं, बल्कि पीछे खींच रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पार्टी का नाम तक ठीक से नहीं पता। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता एजीपी, सीजीपी... मैं तो इन लोगों को पहचानता भी नहीं हूं। मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि ये देश को पीछे खींच रहे हैं।' CJP पर निशाना साधते हुए सुदेश बेरी ने कहा, 'ये सब बेकार लोग हैं। इनके पास देश के लिए कोई काम नहीं है। अगर सच में समाज की सेवा करनी है, तो बच्चों के लिए गार्डन बनाएं, बुजुर्गों के लिए ओल्ड एज होम बनाएं और लोगों का इलाज कराएं। सिर्फ जंतर-मंतर पर बैठकर विरोध करने से कुछ नहीं होगा।' उन्होंने पार्टी के नाम पर भी तंज कसा। सुदेश बेरी ने कहा, 'कुछ अजीब से जानवर का नाम लेकर पार्टी बना दी। लकड़बग्घा पार्टी क्यों नहीं बनाते?' सुदेश बेरी ने मोदी की जमकर तारीफ की इंटरव्यू में सुदेश बेरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'नरेन्द्र मोदी ने बेचारे ने क्या बिगाड़ा है? उनको चाय बेचने दो। वो पूरी दुनिया में चाय बेचकर आए हैं।' बातचीत के दौरान इंटरव्यूअर ने सुदेश बेरी को याद दिलाया कि उन्होंने पहले अपनी मां के चरण धोकर उनका जल पिया था। इस पर उन्होंने कहा, 'अब मुझे मोदी जी के पैर धोकर पीना है। अगर आप मुझे मोदी जी से मिला दें। मैं तो उनसे मिला नहीं, मैं उनको जानता नहीं हूं। जैसे हमने ईश्वर को देखा नहीं है, फिर भी उनकी पूजा करते हैं, तो मैं भी उतनी ही इज्जत मोदी जी की करता हूं। तो इसमें कोई बुरी बात नहीं है। कोई बुरी बात तो नहीं है? करता हूं तो करता हूं। पार्टियों से परे, राजनीति से परे, एक इंसान के तौर पर।' रामराज्य आने का भी दावा किया सुदेश बेरी ने यह भी कहा कि उनके मुताबिक देश में 'रामराज्य आ चुका है।' जब उनसे पूछा गया कि ऐसा कैसे, तो उन्होंने जवाब दिया, 'रामराज्य आ चुका है। जो मैं देख सकता हूं, वो आप नहीं देख पा रहे हैं। शब्दों में नहीं बता सकते, ये महसूस करने वाली बात है।' इंटरव्यू में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये लोग देश के लिए काम कर रहे हैं और इनके खिलाफ बिना वजह बोलना ठीक नहीं है।
कभी थीं रंगू दीवान... फिर बनीं सिनेमा की सुलोचना, एक नाम जिसने मां के किरदार को किया अमर
मुंबई, हिंदी और मराठी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री सुलोचना लाटकर का नाम आते ही आंखों के सामने एक मां की तस्वीर उभर आती है। पर्दे पर उन्होंने अमिताभ बच्चन से लेकर धर्मेंद्र और राजेश खन्ना तक, बड़े-बड़े सितारों की मां बनकर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
मुंबई, साल 1983 में रिलीज हुई फिल्म 'हीरो' में जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्रि की दमदार जोड़ी देखने को मिली थी। इस कड़ी में अब मीनाक्षी शेषाद्रि ने इस फिल्म से जुड़ा एक किस्सा साझा किया।
रिजेक्शन से स्टारडम तक: सोनू निगम की आवाज करोड़ों दिलों को पसंद
मुंबई, 'कल हो ना हो', 'सूरज हुआ मद्धम', 'ये दिल... दीवाना', 'संदेसे आते हैं' और 'अभी मुझमें कहीं' जैसे यादगार गानों से सोनू निगम ने करोड़ों दिलों में जगह बनाई। वह 90 और 2000 के दशक में बॉलीवुड के सबसे बड़े प्लेबैक सिंगर्स में शामिल रहे। आज भी उनकी आवाज लोगों का मन मोह लेती है। उनकी इस कामयाबी के पीछे कई ऐसे दर्द भरे पल भी छिपे हैं, जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं।
नई दिल्ली, एक ऐसी अभिनेत्री जिसने अपनी पहली ही बड़ी फिल्म से पूरे देश को अपना दीवाना बना लिया। जिसे अक्सर याद किया जाता है झरने के नीचे नहाने वाले सीन के लिए लेकिन उसकी कहानी कितनी दिलचस्प रही, इस पर कोई गौर नहीं कर पाया। हम बात कर रहे हैं फिल्म अभिनेत्री मंदाकिनी की।
ब्रह्ममुहूर्त में आया 'रामायण: पार्ट 1' का ट्रेलर, पांच भाषा में रिलीज
मुंबई, निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित पौराणिक गाथा 'रामायण: पार्ट 1' का आधिकारिक ट्रेलर गुरुवार ब्रह्ममुहूर्त में हिंदी, कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम सहित पांच भारतीय भाषाओं में रिलीज किया गया।
ट्रेलर की शुरुआत रावण के प्रभावशाली परिचय से होती है। यश को विशालकाय व्यक्तित्व, लंबी जटाओं और युद्ध कौशल से भरपूर रूप में दिखाया गया है। शुरुआती दृश्यों में यह स्थापित किया गया है कि रावण तीनों लोकों पर अपना प्रभाव स्थापित कर चुका है और उसका अहंकार चरम पर है।
भाई सोहेल से मिलने के लिए 'द अलायंस' के सेट पर पहुंचे सलमान खान, दिखा कूल बॉय लुक
मुंबई, अभिनेता सलमान खान अपने भाई सोहेल खान से मिलने के लिए रियलिटी शो 'द अलायंस' के सेट पर पहुंचे। सेट के बाहर अभिनेता ने पैपराजी को पोज दिए। शो में सलमान खान ने डेनिम की शर्ट, काली पैंट और काउबॉय हैट पहनी हुई थी। सलमान शो में तब पहुंचे, जब सोहेल एक मोमेंट पर भावुक हो गए।
'लॉकअप-2' में अर्जुन बिजलानी ने कंटेस्टेंट हर्षद को दिखाया आईना
मुंबई, पॉपुलर वेब रियलिटी शो 'लॉकअप-2' के हालिया स्पेशल एपिसोड में कंटेस्टेंट के करीबी बतौर मेहमान जेल के अंदर आए हैं। शो के दौरान हर्षद के विजिटर अर्जुन बिजलानी ने उन्हें आईना दिखाया तो गौतमी कपूर ने अपने पति राम कपूर की तरफ से श्रेया कालरा से माफी मांगी। साथ ही शिल्पा शिंदे की जमकर सराहना की।
कॉमेडी फिल्म की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है दर्शकों को हंसाना। फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' इसी सबसे जरूरी काम में बुरी तरह नाकाम रहती है। फिल्म शुरुआत से आखिर तक यह भरोसा दिलाती रहती है कि अब कुछ मजेदार होने वाला है, लेकिन हर अगले सीन के साथ निराशा ही हाथ लगती है। शोर है, भागदौड़ है, गलतफहमियां हैं, लेकिन हंसी कहीं दिखाई नहीं देती। राघव जुयाल की पहली सोलो लीड फिल्म से जिस धमाके की उम्मीद थी, वह शुरुआत में ही हवा हो जाती है। फिल्म की कहानीकहानी लंदन में रहने वाले स्ट्रगलिंग एक्टर अजय सिंह (राघव जुयाल) की है। क्रिकेट की एक शर्त हारने के बाद उस पर क्लब मालिक फैटी (संजय कपूर) का दस हजार पाउंड का कर्ज चढ़ जाता है। पैसे लौटाने के लिए उसके पास सिर्फ एक रात है, लेकिन सच बोलने की बजाय अजय एक के बाद एक झूठ बोलता चला जाता है। उसकी गर्लफ्रेंड रोशनी (निहारिका एन एम), बहन नताशा (पार्वती ओमनाकुट्टन) और रोशनी का भाई सिड (विवान भटेना) भी इस झूठ के जाल में फंसते चले जाते हैं। कहानी का आइडिया सुनने में दिलचस्प लगता है। एक रात, ढेर सारी गलतफहमियां और भागदौड़ वाली कॉमेडी, लेकिन स्क्रीन पर सब कुछ इतना बिखरा हुआ है कि कुछ देर बाद यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कहानी आखिर जाना कहां चाहती है। कई सीन सिर्फ समय भरने के लिए जोड़े गए लगते हैं और क्लाइमैक्स तक पहुंचते पहुंचते फिल्म पूरी तरह थका देती है। फिल्म में एक्टिंगराघव जुयाल ने किल जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से प्रभावित किया था, लेकिन यहां वह पूरी तरह लड़खड़ा जाते हैं। यह उनकी पहली सोलो लीड फिल्म है, लेकिन पूरी फिल्म में वह लीड हीरो से ज्यादा किसी साइड किरदार जैसे महसूस होते हैं। उनके चेहरे के हावभाव जरूरत से ज्यादा बनावटी लगते हैं और कई जगह ओवरएक्टिंग कॉमेडी को पूरी तरह खत्म कर देती है। कॉमिक टाइमिंग भी बार बार चूकती है, जिससे उनका किरदार दर्शकों से जुड़ ही नहीं पाता। संजय कपूर अपने अनुभव से कुछ दृश्यों को संभालने की कोशिश करते हैं, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट उनके हाथ भी बांध देती है। विवान भटेना अपने सीमित स्क्रीन टाइम में असर छोड़ते हैं और कई जगह राघव से ज्यादा सहज नजर आते हैं। पार्वती ओमनाकुट्टन ने फिल्म में सबसे बैलेंस्ड परफॉर्मेंस दी है। निहारिका एन एम ईमानदार कोशिश करती हैं, लेकिन कमजोर राइटिंग उन्हें भी ज्यादा मौका नहीं देता। चन्दन रॉय सान्याल और निकी वालिया जैसे शानदार एक्टर्स के टैलेंट का फिल्म में बहुत कम इस्तेमाल हुआ है। फिल्म में डायरेक्शननिर्देशक विवेक बी अग्रवाल की सबसे बड़ी गलती यह है कि उन्होंने शोर को कॉमेडी समझ लिया। पूरी फिल्म में किरदार लगातार भागते हैं, चिल्लाते हैं और एक दूसरे के पीछे दौड़ते रहते हैं, लेकिन कोई भी सिचुएशन ऐसी नहीं बनती जिस पर खुलकर हंसी आए। स्क्रीनप्ले जरूरत से ज्यादा उलझा हुआ है। नए किरदार आते रहते हैं, लेकिन कहानी को मजबूत करने के बजाय उसे और बिखेर देते हैं। कई पंचलाइन बिना असर छोड़े निकल जाती हैं। गलतफहमियों पर टिकी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत उसकी राइटिंग होती है, लेकिन यहां वही सबसे कमजोर कड़ी साबित होती है। क्लाइमैक्स तक पहुंचते पहुंचते फिल्म पूरी तरह अपनी पकड़ खो देती है। फिल्म का तकनीकी पहलूलंदन की लोकेशन अच्छी लगती है और सिनेमैटोग्राफी भी ठीक ठाक है। एडिटिंग अगर थोड़ी और कसी हुई होती तो फिल्म का असर कुछ बेहतर हो सकता था, लेकिन कमजोर कहानी और ढीले स्क्रीनप्ले के सामने तकनीकी पक्ष भी बेबस नजर आता है। फिल्म में म्यूजिकअमित त्रिवेदी का म्यूजिक फिल्म की कुछ गिनी चुनी अच्छी बातों में शामिल है। हालांकि गाने कहानी की रफ्तार को रोकते हैं। सबसे अजीब फैसला आखिर में लगातार गाने रखने का है, जिससे फिल्म खत्म होने के बाद भी खत्म होती हुई महसूस नहीं होती। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट'भाई तेरा स्टार है' एक ऐसी कॉमेडी फिल्म है, जिसमें सबसे ज्यादा कमी हंसी की है। कमजोर कहानी, बिखरा हुआ स्क्रीनप्ले, फीका निर्देशन और राघव जुयाल की निराशाजनक लीड परफॉर्मेंस मिलकर इस फिल्म को बेहद थका देने वाला अनुभव बना देते हैं। जिस फिल्म से राघव को बतौर सोलो हीरो नई पहचान मिलनी थी, वही फिल्म उनके करियर के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है। अगर अच्छी कॉमेडी देखने की उम्मीद लेकर थिएटर जा रहे हैं, तो यह फिल्म आपकी उम्मीद और आपका धैर्य दोनों तोड़ देगी।
भाजपा सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनोट के साथ चल रही बयानबाजी के बीच सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा कि वह यंग ऋतिक रोशन जैसे दिखते हैं। दरअसल, 'द मोजो स्टोरी' पर पत्रकार बरखा दत्त से बातचीत में सौरव ने कहा कि उनके मन में कंगना के प्रति कोई निजी दुश्मनी नहीं है। सौरव ने कहा कि उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए भी कंगना से शांत रहने और बैठकर बातचीत करने की अपील की थी। उनके मुताबिक, मतभेदों का समाधान संवाद से होना चाहिए क्योंकि देश में चर्चा और बहस की संस्कृति लगातार कमजोर होती जा रही है। सौरव ने कहा कि उनके दोस्तों ने भी इस पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया, ‘मेरे दोस्त भी मुझे मैसेज कर रहे थे कि अब वो तुम्हारे पीछे क्यों पड़ी है? उनमें से एक ने कहा कि मैं थोड़ा-बहुत यंग ऋतिक रोशन जैसा दिखता हूं।’ हालांकि, इस पर सौरव ने हैरानी जताई। जब सौरव से पूछा गया कि क्या वह कंगना के साथ कॉफी पर मिलना चाहेंगे, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। उनके मुताबिक, उनके मन में किसी के लिए, यहां तक कि भाजपा सांसदों के प्रति भी, कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। सौरव दास के बयान पर कंगना भड़क गईं बता दें कि इससे पहले लगातार स्टूडेंट प्रोटेस्ट की आलोचना कर रहीं एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास के बयान पर भड़क गईं। दरअसल, कंगना के प्रोटेस्ट विरोधी बयानों पर सौरव ने कहा कि उन्हें उनकी पार्टी तक सीरियसली नहीं लेती, तो बाकी लोगों को भी नहीं लेना चाहिए। सौरव के बयान पर कंगना भड़क गईं और जवाब में उन्हें बेरोजगार और बेकार कहा था। पूरी खबर यहां पढ़ें… दरअसल, पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद से ही कंगना रनोट लगातार सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी और स्टूडेंट प्रोटेस्ट के खिलाफ बयान दे रही हैं। मंगलवार को कंगना ने सोशल मीडिया पर लिखा था, प्रदर्शनकारियों को आम लोग उनकी गंदी और अपमानजनक रीलों की वजह से सड़कों पर पीट रहे हैं और गालियां दे रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा। अगर तुम सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हो, तो वही जनता भी तुम्हें नुकसान पहुंचाएगी। अगर तुम्हें देश और नेतृत्व से समस्या है और तुमने सार्वजनिक रूप से खूब गंदी-गंदी गालियां दी हैं, तो अब उनकी भी सुनो जो इस देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट की ताकत से लेकर आए हैं। क्योंकि बोलने का हक उन्हें भी है। अब रोने वाली कोई बात नहीं है। इसके अलावा कंगना ने एक और इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा था, सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है। वे स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को कमाना नहीं चाहतीं। जो महिलाएं वास्तव में स्वतंत्र होती हैं, वे विद्रोही फैसले लेती हैं, बेबाक राय रखती हैं, परंपराओं से हटकर करियर चुनती हैं और अपने हर फैसले की जिम्मेदारी भी खुद उठाती हैं, क्योंकि वे अपने दम पर जीवन जीती हैं। वे यह सब अपने माता-पिता या परिवार की कीमत पर नहीं करतीं। यह तथाकथित पश्चिमी सोच वाली भारतीय महिलाओं की नई पीढ़ी है, जिन्हें मैं 'जनरेशन गटर' कहती हूं। उन्होंने आगे लिखा था, इनमें से कुछ के पास समाज को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं और उनकी सोच इतनी बदसूरत तथा मानसिकता इतनी भ्रष्ट है कि वे अच्छी गृहिणी भी नहीं बन सकतीं। फिर भी वे नशा करने, शराब पीने या कई लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाने की अपनी तथाकथित आजादी का खुलेआम प्रदर्शन करती हैं। वे बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर निर्भर रहती हैं और वास्तव में आत्मनिर्भर हुए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की मांग करती रहती हैं। एक विनम्र याद दिलाना: स्वतंत्र जीवन कमाना पड़ता है। अगर आप जिम्मेदारी उठाए बिना स्वतंत्र जीवन जीने की कोशिश करते हैं, तो आप सिर्फ एक विकृत व्यक्तित्व हैं - 'गटर छाप'।
90 के दशक में टीवी शो 'सुरभि' ने रेणुका शहाणे को घर-घर तक पहुंचा दिया था। उस दौर में सोशल मीडिया नहीं था, लेकिन लाखों चिट्ठियां कलाकारों तक पहुंचती थीं। दैनिक भास्कर से बातचीत में रेणुका शहाणे ने 'सुरभि' के दिनों की यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि फैंस के खत उनके लिए खास होते थे। एक दिन उन्हें खून से लिखा पत्र मिला, जिसने उन्हें बुरी तरह डरा दिया था। उन्होंने 'हम आपके हैं कौन' के बाद फिल्मों के बजाय टीवी चुनने की वजह भी बताई। सवाल: आप करीब 10 साल तक 'सुरभि' जैसे ऐतिहासिक शो का हिस्सा रहीं। आज जब हर चीज सोशल मीडिया पर आ गई है, तो क्या आपको चिट्ठियों वाला दौर याद आता है? जवाब: बहुत याद आता है। वह बेहद खूबसूरत एहसास था, जिसे आज हम मिस करते हैं। उस समय फैंस लंबे खत लिखा करते थे। उन चिट्ठियों में सिर्फ हमारे लिए प्यार नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी की बातें भी होती थीं। ऐसा लगता था कि हमारा उनसे व्यक्तिगत रिश्ता बन गया है। आज लोगों से संपर्क करना आसान हो गया है, लेकिन उस इंतजार की मिठास खो गई है। किसी जवाब का इंतजार करना भी अपने आप में खुशी होती थी। पुराने पोस्ट ऑफिस बॉक्स देखती हूं तो लगता है कि एक पूरा दौर वहीं छूट गया। सवाल: उस दौर में फैंस के खतों से जुड़ा कोई ऐसा किस्सा जो आज भी याद हो? जवाब: बहुत सारे हैं। सबसे ज्यादा मुझे स्कूल के बच्चों की चिट्ठियां याद आती हैं। 'सुरभि' उस समय बच्चों का भी पसंदीदा कार्यक्रम था। कई बच्चे नौवीं-दसवीं से मुझे खत लिखना शुरू करते थे और कॉलेज तक लिखते रहे। उनकी पढ़ाई, दोस्त और सपने, सब उन चिट्ठियों में होते थे। ऐसा रिश्ता आज शायद सोशल मीडिया पर बन पाना मुश्किल है। एक घटना मैं कभी नहीं भूल सकती। बचपन में सुनते थे कि राजेश खन्ना जी को खून से लिखे खत आते थे। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे साथ भी ऐसा होगा। एक दिन मेरे घर पर खून से लिखा खत आया। उसे देखकर मैं सचमुच डर गई थी। मुझे लगा कि अगर कोई इंसान इस हद तक जा सकता है, तो ये प्यार नहीं बल्कि डराने वाली दीवानगी है। उस खत ने मुझे बहुत असहज कर दिया था। सवाल: इतना प्यार, इतनी लोकप्रियता, फिर भी क्या कभी लगा कि अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है? जवाब: नहीं। सच कहूं तो मुझे जितना मिला, उसकी मैंने कभी कल्पना नहीं की थी। मैंने कभी आईने के सामने खड़े होकर अवॉर्ड लेने की स्पीच की प्रैक्टिस नहीं की। मैं इस क्षेत्र में इसलिए आई थी क्योंकि मुझे थिएटर से प्यार था। कब थिएटर मेरा पेशा बन गया और कब मुझे ऐसे मौके मिले जिन्होंने इतिहास रच दिया, यह मेरे लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। इसलिए मुझे कभी नहीं लगा कि कुछ छूट गया। सवाल: 'हम आपके हैं कौन' के बाद भी आपने कई फिल्में ठुकरा दीं। ऐसा फैसला लेना आसान नहीं रहा होगा? जवाब: उस समय फिल्मों में लगभग एक जैसे किरदार मिल रहे थे। एक भूमिका पसंद आने के बाद उसी तरह के रोल बार-बार मिलने लगते थे। मुझे लगा कि टेलीविजन पर महिलाओं के लिए ज्यादा मजबूत और अर्थपूर्ण किरदार लिखे जा रहे हैं। वहां हर बार कुछ नया करने का मौका मिलता था। इसलिए मैंने फिल्मों की बजाय टीवी को प्राथमिकता दी। सवाल: लेकिन उस दौर में फिल्मों को मना करना बहुत बड़ी बात मानी जाती थी? जवाब: शायद इसलिए कि मेरी महत्वाकांक्षा अलग थी। मेरा लक्ष्य सिर्फ लोकप्रिय होना नहीं था। मैं अच्छा काम करना चाहती थी। थिएटर ने मुझे सिखाया कि दर्शक पांच हों या पांच हजार, काम पूरी ईमानदारी से करना है। सफलता का मतलब सिर्फ स्टार बनना नहीं, बल्कि हर काम से कुछ नया सीखना भी है। मैंने हमेशा उसी सोच के साथ काम किया। सवाल: यानी आपके लिए लोकप्रियता से ज्यादा काम की गुणवत्ता मायने रखती थी? जवाब: बिल्कुल। मैं प्रशिक्षित अभिनेत्री नहीं थी। मैंने हर काम करते हुए सीखा। हर नए प्रोजेक्ट ने मुझे कुछ नया सिखाया। लोकप्रियता अपने आप मिलती चली गई। इसलिए मैंने कभी नहीं सोचा कि मुझे क्या हासिल करना है। मेरे लिए अच्छा काम करना ही सबसे बड़ी उपलब्धि रही। __________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. शाहरुख फिल्मों के बारे में नहीं सोचते थे:रेणुका शहाणे बोलीं- टीवी के बड़े स्टार थे, उन्हें देखने हजारों की भीड़ जुटती थी थिएटर से अभिनय की शुरुआत, पीएचडी छोड़कर एक्टिंग को करियर बनाना, शाहरुख खान के साथ 'सर्कस' में काम करने का अनुभव, निर्देशन की नई पारी और सोशल मीडिया पर बेबाक राय। दैनिक भास्कर से बातचीत में रेणुका शहाणे ने करियर के कई किस्से साझा किए, जिनसे पता चलता है कि उन्होंने लोकप्रियता से ज्यादा अच्छे काम को महत्व दिया।पूरा इंटरव्यू पढ़ें.. सास मां बन जाए तो रिश्ते खूबसूरत बनते हैं:रेणुका शहाणे बोलीं- नहीं तो बेटा और पति सास-बहू के झगड़ों में पिसेंगे मराठी वेब सीरीज 'अगं आई अहो आई' में रेणुका शहाणे ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं, जो रिश्तों को जोड़ने में विश्वास रखती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने बताया कि 'अगं आई' और 'अहो आई' का मतलब क्या है, सास-बहू के रिश्तों को लेकर धारणाएं कैसे बदल सकती हैं, परिवार क्यों टूट रहे हैं और बेटी की शादी के बाद मां किन भावनाओं से गुजरती है।पूरा इंटरव्यू पढ़ें...
टीवी इंडस्ट्री की चर्चित और लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार रुबीना दिलैक इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में हैं। एडवेंचर और थ्रिल से भरपूर रोहित शेट्टी के रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' (Khatron Ke Khiladi 15) का हिस्सा बनीं रुबीना के साथ सेट पर एक खौफनाक हादसा हो गया। शो के एक बेहद कठिन स्टंट को अंजाम देते समय टीवी एक्ट्रेस अचानक अचेत (बेहोश) हो गईं, जिसके तुरंत बाद सेट पर अफरा-तफरी मच गई और मेडिकल टीम को इमरजेंसी में एम्बुलेंस बुलानी पड़ी।हवा में लटकीं, जाल से निकलकर पानी में गिरीं और टूट गईं हिम्मतहाल ही में मेकर्स द्वारा जारी किए गए 'खतरों के खिलाड़ी 15' के नए प्रोमो में इस पूरी घटना का दिल दहला देने वाला मंजर देखा जा सकता है।खतरनाक हेलीकॉप्टर टास्क: रुबीना हवा में उड़ते हेलीकॉप्टर के नीचे जाली में फंसी नजर आ रही हैं।पानी में भयानक गिरावट: जाली से बाहर निकलने की कोशिश के बाद वह तेज रफ्तार में नीचे पानी में गिर जाती हैं। पानी का दबाव और स्टंट का डर इतना ज्यादा था कि किनारे तक पहुंचते-पहुंचते उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह बेहोश हो गईं।रोहित शेट्टी का रिएक्शन: प्रोमो में शो के होस्ट रोहित शेट्टी लगातार रुबीना को आवाज देते और मेडिकल स्टाफ को तुरंत अलर्ट करते दिखाई दे रहे हैं। सेट पर एम्बुलेंस पहुंची और डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें फर्स्ट एड और मेडिकल ट्रीटमेंट दिया।मुझे याद नहीं कि बेहोश होने के बाद क्या हुआ – रुबीना ने जताया आभारइस खौफनाक पल को याद करते हुए रुबीना दिलैक ने शो की पूरी प्रोडक्शन और मेडिकल टीम का दिल से धन्यवाद किया।मैं शो की मेडिकल टीम और क्रू की बेहद शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने पलक झपकते ही मुझे संभाला और एम्बुलेंस तक पहुंचाया। ईमानदारी से कहूं तो बेहोश होने के बाद वहां क्या-क्या हुआ, मुझे कुछ भी याद नहीं है। मुझे बाद में लोगों से इसके बारे में पता चला। मैं इस एपिसोड को खुद टीवी पर देखना चाहती हूं। यह मेरी जिंदगी का सबसे खतरनाक और इंटेंस अनुभव था।जुड़वा बेटियों की प्रेरणा से लिया था खतरों से खेलने का फैसलापहले ही एपिसोड की शूटिंग के दौरान हुए इस हादसे पर बात करते हुए रुबीना ने बताया कि वह शो की शुरुआत बेहद धमाकेदार अंदाज में करना चाहती थीं, हालांकि हर बार चीजें योजना के मुताबिक नहीं होतीं।जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने इस कठिन शो में हिस्सा क्यों लिया, तो रुबीना ने भावुक होते हुए अपनी जुड़वा बेटियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि जब उनकी बेटियां बड़ी हों, तो अपनी मां को एक मिसाल के रूप में देखें। वह अपनी बेटियों को यह सिखाना चाहती हैं कि लाइफ में चाहे कितनी भी बड़ी चुनौती आए, उससे डरकर कभी पीछे नहीं हटना चाहिए।कब और कहां देख सकेंगे 'खतरों के खिलाड़ी 15'?फैंस लंबे समय से रोहित शेट्टी के इस रियलिटी शो का इंतजार कर रहे हैं।प्रीमियर डेट: 'खतरों के खिलाड़ी 15' का ग्रैंड प्रीमियर 1 अगस्त 2026 को होने जा रहा है।टेलीकास्ट टाइम: शो हर शनिवार और रविवार रात 9:00 बजे कलर्स टीवी (Colors TV) पर प्रसारित होगा।ओटीटी प्लेटफॉर्म: दर्शक इस शो की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार (Jio Hotstar) पर भी देख सकेंगे।
फिल्म रामायण का ट्रेलर रिलीज:ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4:15 बजे दुनिया भर में लॉन्च
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर आज रिलीज हो गया है। मेकर्स ने इसे भारतीय समयानुसार 30 जुलाई सुबह 4:15 बजे, ब्रह्म मुहूर्त के शुभ अवसर पर दुनिया भर में लॉन्च किया। 'रामायण' के ट्रेलर को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में एक साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया गया है। देखें ट्रेलर की झलक- रामायण के ट्रेलर ने जीता दर्शकों का दिल'रामायण' का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया। भव्य दृश्य, भगवान राम के किरदार और रावण बने यश के दमदार अंदाज की जमकर तारीफ हो रही है। एक यूजर ने लिखा, यह सिर्फ ट्रेलर नहीं, पीढ़ियों से जुड़ी एक भावना है। वहीं दूसरे ने कहा, कुछ फिल्में देखी जाती हैं, रामायण महसूस की जाती है। एक यूजर ने लिखा, रावण के किरदार में यश की कास्टिंग बेहतरीन है। जबकि साई पल्लवी के सीता रूप को देखकर लोगों ने कहा, मां सीता के रूप में साई पल्लवी दिव्य लग रही हैं। कई दर्शकों ने यह भी लिखा कि ट्रेलर देखने के उत्साह में वे पूरी रात सो नहीं पाए। इससे पहले फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर रिलीज की जानकारी दी थी कि हिंदू परंपरा में सुबह 4 से 5 बजे के बीच का समय ब्रह्म मुहूर्त माना जाता है, जिसे किसी भी नए और शुभ कार्य की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसी मान्यता को ध्यान में रखते हुए मेकर्स ने ट्रेलर रिलीज का समय चुना। रणबीर कपूर बने हैं भगवान राम, यश निभा रहे रावण का रोलफिल्म 'रामायण' में बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बड़े कलाकार एक साथ नजर आने वाले हैं। रणबीर कपूर फिल्म में भगवान राम की भूमिका में हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता का किरदार निभा रही हैं। साउथ सुपरस्टार यश इस फिल्म में रावण के रोल में दिखेंगे। इसके अलावा सनी देओल हनुमान की भूमिका में हैं, जबकि रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में शामिल हैं। ऑस्कर विनर्स एआर रहमान और हैंस जिमर दे रहे म्यूजिकफिल्म के संगीत को लेकर भी काफी समय से चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में दो दिग्गज म्यूजिशियन एआर रहमान और ऑस्कर विजेता हैंस जिमर पहली बार एक साथ मिलकर बैकग्राउंड स्कोर और संगीत तैयार कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और एक्टर यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत किया जा रहा है। इस ग्रैंड प्रोजेक्ट को दो भागों में बनाया जा रहा है, जिसका पहला पार्ट नवंबर 2026 में दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा। 4000 करोड़ के बजट में बन रही देश की सबसे महंगी फिल्म'दंगल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म बना चुके डायरेक्टर नितेश तिवारी पिछले कई सालों से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो भागों में बनने वाली इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के करीब है, जो इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महंगी फिल्म बनाता है। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स (VFX) की जिम्मेदारी ऑस्कर विनिंग कंपनी DNEG संभाल रही है। फिल्म के पहले पार्ट की शूटिंग पूरी हो चुकी है और इस समय इसके पोस्ट-प्रोडक्शन का काम तेजी से चल रहा है। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-
हरियाणवी सॉन्ग बैरण से बिलबोर्ड तक पहुंच बनाने वाले सुमित-अनुज का नया सॉन्ग 'बरसात' अब हॉलीवुड तक पहुंच गया है। रिलीज होने के 20 दिनों के भीतर ही इसे हॉलीवुड फ्रेंचाइजी स्पाइडर मैन के लिए सिलेक्ट कर लिया गया। इस सीरिज की नई फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' के लिए बरसात को इंडिया कैंपेन के लिए चुना गया है। 28 जुलाई को इस सॉन्ग की प्रमोशनल वीडियो भी रिलीज की गई। सॉन्ग में अभिनेता पीटर पार्कर की इमोशनल लव स्टोरी भी दिखाई गई। सिंगर्स का दावा है कि किसी हॉलीवुड स्टूडियो की फिल्म में चुने जाने वाला ये पहला हरियाणवी सॉन्ग है। दो दिन पहले रिलीज हुए इस सॉन्ग को 35 लाख से भी अधिक बार देखा जा चुका है। फिल्म में कैसे चुना गया ‘बरसात’ सॉन्ग फिल्म से कैसे जुड़ा सॉन्ग 'बरसात' 9 जुलाई को सोनी म्यूजिक इंडिया के साथ रिलीज हुआ था। रिलीज के साथ ही सॉन्ग तेजी से लोकप्रिय हुआ। इसके इमोशनल लिरिक्स और म्यूजिक को दर्शकों ने खूब पसंद किया। बाद में इसी सॉन्ग का स्पेशल मेल प्रमोशनल वर्जन तैयार किया गया, जिसे स्पाइडर-मैन के इंडियन प्रमोशन कैंपेन के लिए चुना गया। इसके बाद फिल्म के प्रमोशन के लिए बरसात का वीडियो 28 जुलाई को रिलीज किया गया। इसमें पीटर पार्कर और एमजे के रिश्ते की इमोशनल स्टोरी दिखाई गई है। इस प्रमोशनल सॉन्ग को बंजारे ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी शेयर किया। हॉलीवुड फिल्म में पहला हरियाणवी सॉन्ग मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बरसात को पहला हरियाणवी सॉन्ग माना जा रहा है, जो हॉलीवुड स्टूडियो की फिल्म के इंडियन प्रमोशन कैंपेन में शामिल किया गया है। इसे सिर्फ बंजारे की सफलता नहीं, बल्कि हरियाणवी म्यूजिक और लैंग्वेज की ग्लोबल पहचान के रूप में भी देखा जा रहा है। रीजनल आर्टिस्ट्स के लिए खुलेगा नया रास्ता सिंगर सुमित और अजय ने दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए बताया कि ये सॉन्ग सिर्फ एक लव एंगल नहीं है। जब इसे फिल्म के प्रमोशन के रूप में चुना गया तो सबसे पहले अपने गांव, परिवार और हरियाणा की याद आई। उन्होंने कहा- एक ऐसा म्यूजिक बनाना है, जो लोगों के दिलों तक पहुंचे। हमारा सॉन्ग हरियाणवी लैंग्वेज को दुनिया के सबसे बड़े फिल्म प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने का जरिया बना है तो इससे बड़ी उपलब्धि कोई नहीं। सुमित और अनुज के बारे में जानिए…. सुमित के पिता PTI, भाई असिस्टेंट प्रोफेसर सुमित का जन्म 20 अप्रैल 1998 में हुआ। उनके पिता सत्यवान PTI टीचर हैं। उन्होंने अंबाला पॉलिटेक्निक से मैकेनिकल ट्रेड में कोर्स किया। उसके बाद हिसार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर में बीटेक की। सुमित भी गाने के साथ म्यूजिक कंपोज करते हैं। उनका छोटा भाई असिस्टेंट प्रोफसर है। अनुज के पिता JBT टीचर अनुज का जन्म 30 अगस्त 2002 को हुआ। इनके पिता राजेंद्र सिंह JBT टीचर हैं। अनुज की एक बड़ी बहन भी है। उन्होंने JRF क्वालीफाई किया हुआ है। अनुज जब तीसरी क्लास में थे तो उन्होंने स्टेज पर ‘यशोमती मैया से बोले नंदलाला’ भजन गया था। इसके बाद स्कूल टाइम में वह अलग-अलग प्रोग्रामों में हिस्सा लेने लगे। अनुज ने आठवीं क्लास में म्यूजिक में करियर बनाने की ठान ली। सरकारी नौकरी की कोशिश की अनुज बताते हैं कि उन्हें सिंगर बनना था। तब परिवार ने कहा कि पढ़ाई बेहद जरूरी है। इसलिए वे उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में MA की। इसके बाद नेट का एग्जाम भी क्रैक किया। सरकारी नौकरी की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद म्यूजिक में ही अपना करियर बनाने की ठान ली। पहले गाने के 40 हजार दिए, पसंद नहीं आया सुमित ने बताया कि उन्होंने 2019 में एक गाना लिखा था। वे अपने पहले गाने को कंपोज कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अपने परिवार से 40 हजार रुपए मांगे। उन्होंने हिसार में एक म्यूजिक प्रोड्यूसर से गाना तैयार करवाया, लेकिन उन्हें म्यूजिक पसंद नहीं आया। वे चाहते थे कि उनके लिरिक्स हर दिल तक पहुंचें। वे अपनी भावना को म्यूजिक प्रोड्यूसर तक ठीक से नहीं पहुंचा पाए, जिसकी वजह से मिस कम्युनिकेशन हुआ और गाना बेहतरीन नहीं बन पाया। इसके बाद 5 और गाने रिलीज किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। 28 नवंबर 2024 को पहला गाना रिलीज किया सुमित ने बताया कि 2024 में उन्होंने यूट्यूब पर बंजारा के नाम से चैनल बनाया। इसी ऑफिशल चैनल से अपने गाने रिलीज करने शुरू कर दिए। 28 नवंबर 2024 में 'सूट्स विद मी' पहला गाना रिलीज किया। उसके बाद उन्होंने दूसरा गाना 'डिफरेंट टॉक', आशिक आवारा, मौज, हाय रै और छठा गाना बैरण रिलीज किया। बैरण गाना लिखने से लेकर एनिमेटेड वीडियो रिलीज करने में डेढ़ साल का समय लगा। उन्होंने बार-बार इसके लिरिक्स बदले। --------------- यह खबर भी पढ़ें… बिलबोर्ड पर छाए हरियाणवी सिंगर भाइयों की कहानी:बैरण सॉन्ग में एनिमेटेड लव स्टोरी दिखाई; कोरोना में गाना शुरू किया, अब मुंबई से ऑफर हरियाणा में भिवानी जिले का गांव संडवा। इस गांव के रहने वाले दो चचेरे भाई सुमित और अनुज पूरे भारत में छाए हुए हैं। वजह- इनका नया हरियाणवी गाना बैरण। इस गाने में अनुज ने अपनी आवाज दी है, जबकि सुमित ने म्यूजिक कंपोज किया। (पूरी खबर पढ़ें)
भोपाल से मुंबई तक अन्नू कपूर का सफर संघर्षों से भरा रहा। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। परिवार चलाने के लिए उन्होंने चाय बेची, चाट का ठेला लगाया, लॉटरी टिकट बेचे और ऑटो रिक्शा चलाया। गरीबी ने उनका आईएएस बनने का सपना छीन लिया, लेकिन अभिनय ने नई पहचान दिलाई। जेब में सिर्फ 419 रुपए 25 पैसे लेकर मुंबई पहुंचे अन्नू कपूर को चेहरे की वजह से रिजेक्ट किया गया, लेकिन अपनी प्रतिभा के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर साबित किया कि असली हीरो चेहरा नहीं, हुनर होता है। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं अन्नू कपूर के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें… गरीबी ने छीन लिया आईएएस बनने का सपना 20 फरवरी 1956 को भोपाल के एक साधारण परिवार में जन्मे अन्नू कपूर का बचपन आर्थिक परेशानियों में बीता। उनके पिता मदनलाल कपूर पारसी थिएटर चलाते थे, जबकि मां कमल शबनम क्लासिकल गायिका और शिक्षिका थीं। घर में कला का माहौल था, लेकिन आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो जाता था। अन्नू कपूर पढ़ाई में अच्छे थे और उनका सपना आईएएस अधिकारी बनने का था, लेकिन परिवार की हालत ने उन्हें यह सपना छोड़ने पर मजबूर कर दिया। परिवार चलाने के लिए किया हर छोटा-बड़ा काम जब घर की जिम्मेदारी आई तो उन्होंने कोई काम छोटा नहीं समझा। एक इंटरव्यू में अन्नू कपूर ने कहा था, मैंने अपनी जिंदगी चलाने के लिए चाय बेची, फ्राइड फूड का स्टॉल लगाया। कठिनाइयां मेरे जीवन में नई नहीं थीं। समस्याओं को तो मैंने बचपन से जिया है। चाय बेचने के अलावा उन्होंने चाट का ठेला लगाया, लॉटरी टिकट बेचे और ऑटो रिक्शा चलाया। उस समय उनके लिए सबसे जरूरी था कि किसी तरह परिवार का खर्च चलता रहे। लेकिन मुश्किलों के बीच अभिनय का सपना कभी खत्म नहीं हुआ। थिएटर बना जिंदगी बदलने का रास्ता बचपन से घर में थिएटर का माहौल था। पिता मंच पर अभिनय करते थे, इसलिए अन्नू कपूर का झुकाव रंगमंच की ओर बढ़ा। उन्होंने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) में दाखिला लिया। यहीं से उनकी अभिनय यात्रा को दिशा मिली। हालांकि यहां भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा। एक बार मशहूर थिएटर निर्देशक बैरी जॉन एक नाटक के लिए कलाकार चुन रहे थे। ऑडिशन में अन्नू कपूर सबसे ज्यादा अंक लेकर पहले स्थान पर रहे, लेकिन चेहरे को किरदार के लिए उपयुक्त नहीं मानने के कारण उन्हें रोल नहीं मिला। इस घटना ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया। बाद में अन्नू कपूर ने इस घटना को याद करते हुए कहा था, मैं सबसे ज्यादा अंक लेकर आया था, लेकिन मुझे कहा गया कि तुम्हारे पास उस किरदार वाला चेहरा नहीं है। उस दिन मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान हुआ था।'' यही वह पल था, जब उन्होंने तय किया कि अब उन्हें चेहरे से नहीं, अभिनय से पहचान बनानी है। 70 साल के बूढ़े का किरदार बना टर्निंग पॉइंट एनएसडी के दिनों में अन्नू कपूर ने नाटक 'एक रुका हुआ फैसला' में 70 साल के बुजुर्ग का किरदार निभाया। तब उनकी उम्र करीब 25 साल थी, लेकिन अभिनय इतना प्रभावशाली था कि दर्शक उनकी असली उम्र का अंदाजा नहीं लगा पाए। संयोग से नाटक देखने निर्देशक श्याम बेनेगल भी पहुंचे थे। श्याम बेनेगल अन्नू कपूर की अदाकारी से प्रभावित हुए और उन्होंने उन्हें फिल्म 'मंडी' (1983) के लिए चुन लिया। यहीं से संघर्षरत थिएटर कलाकार के फिल्मी सफर की शुरुआत हुई। एनएसडी में अभिनय की बारीकियां सीखने के बाद अन्नू कपूर के सामने सवाल था- अब आगे क्या? थिएटर पहचान दे रहा था, लेकिन रोजी-रोटी नहीं। ऐसे में उन्होंने मुंबई का रुख किया, जहां लाखों लोग सपनों के साथ आते हैं और हजारों सपने टूट जाते हैं। जेब में सिर्फ 419 रुपए 25 पैसे लेकर पहुंचे मुंबई मुंबई आने का फैसला आसान नहीं था। जेब में महज 419 रुपए 25 पैसे थे। रहने का ठिकाना पक्का नहीं था और फिल्मों में काम मिलने की गारंटी भी नहीं थी। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में अन्नू कपूर ने बताया था कि मुंबई आने के समय उनके पास सिर्फ 419.25 रुपए थे। उन्हें भरोसा था कि ईमानदारी से अभिनय करेंगे तो एक दिन पहचान जरूर मिलेगी। चेहरे की वजह से बार-बार हुए रिजेक्ट मुंबई पहुंचते ही उन्हें एहसास हुआ कि यहां सिर्फ अभिनय नहीं, चेहरा भी मायने रखता है। उस दौर में हिंदी फिल्मों में लंबे, गोरे और पारंपरिक हीरो जैसे दिखने वाले कलाकारों को प्राथमिकता मिलती थी। अन्नू कपूर इन मानकों पर फिट नहीं बैठते थे। रिजेक्शन लगातार मिल रहे थे, लेकिन उन्होंने तय कर लिया था कि अगर हीरो नहीं बन सकते, तो ऐसा अभिनेता बनेंगे जिसे लोग कभी भूल न सकें। श्याम बेनेगल ने बदली किस्मत एनएसडी के दौरान नाटक में उनका अभिनय देखकर निर्देशक श्याम बेनेगल पहले ही प्रभावित हो चुके थे। उन्होंने अन्नू कपूर को 1983 में फिल्म 'मंडी' में मौका दिया। रोल छोटा था, लेकिन इंडस्ट्री के बड़े निर्देशकों की नजर उन पर पड़ गई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। धीरे-धीरे उन्होंने 'उत्सव', 'चमेली की शादी', 'मिस्टर इंडिया', 'तेजाब', 'राम लखन' जैसी फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभाए। स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी भले कुछ मिनटों की होती, लेकिन दर्शक उन्हें नजरअंदाज नहीं कर पाते थे। हर किरदार में अलग पहचान बनाई अन्नू कपूर ने खुद को किसी एक तरह के रोल तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कॉमिक, गंभीर, खलनायक और भावनात्मक सभी तरह के किरदार निभाए। उनकी खासियत रही कि वह अपने किरदार को अभिनय नहीं, जीते थे। फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर कहा जाता है कि कोई रोल छोटा नहीं होता। अन्नू कपूर ने इसे अपने करियर से सच साबित किया। टीवी ने बना दिया घर-घर का चेहरा फिल्मों में काम मिल रहा था, लेकिन असली लोकप्रियता टीवी से मिली। 1993 में उन्होंने संगीत आधारित शो 'अंताक्षरी' होस्ट करना शुरू किया। उनका अंदाज अलग था। बेहतरीन हिंदी-उर्दू, हाजिरजवाबी, कविता, शायरी और संगीत ज्ञान ने उन्हें बाकी एंकरों से अलग बना दिया। धीरे-धीरे लोग शो से ज्यादा अन्नू कपूर को देखने लगे। रविवार की शाम 'अंताक्षरी' के समय परिवार टीवी के सामने बैठ जाता था। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक उनकी एंकरिंग के प्रशंसक बन गए। आज भी भारतीय टेलीविजन के लोकप्रिय होस्ट्स में अन्नू कपूर का नाम लिया जाता है। लेकिन इस शो से पहले साढ़े चार महीने तक अन्नू कपूर बेरोजगार रहे। जेब खाली थी और एक वक्त का खाना बचाने के लिए देर तक सोते थे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने उस दौर का जिक्र किया। साढ़े चार महीने ऐसा वक्त देखा, जब जेब में एक रुपया नहीं था अन्नू कपूर कहते हैं- मेरी जिंदगी में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन 4 मई 1992 से शुरू हुआ साढ़े चार महीने का दौर मैं कभी नहीं भूल सकता। वो मेरी जिंदगी का सबसे मुश्किल समय था। मैं एक छोटे कमरे में रहता था, जिसका किराया सिर्फ एक हजार रुपए था। हालत ऐसी थी कि जेब में एक रुपए भी नहीं था। न कोई चेक था, न शूटिंग और न ही काम। पूरा दिन खाली गुजरता था। रात को दोस्तों के घर जाकर ताश खेलता था ताकि मन हल्का हो जाए। सुबह जानबूझकर देर से उठता था, क्योंकि देर से उठने पर सीधे लंच कर लेता था और एक वक्त का खाना बच जाता था। उस दौर ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया था। ड्राइवर ने कहा- बुरे वक्त में छोड़कर गया तो पाप लगेगा उसी मुश्किल दौर में मेरे ड्राइवर केशव दत्त ने जो साथ दिया, उसे मैं कभी नहीं भूल सकता। मैंने उससे कहा था कि तू कहीं और नौकरी कर ले। मैं तुझे एचएलएल में एक बड़े अफसर के यहां लगवा देता हूं। वहां तुझे 750 रुपए की जगह 2000 रुपए तनख्वाह मिलेगी। उसने मेरी बात सुनकर कहा, सर, मैं ब्राह्मण हूं। अच्छे वक्त में आपको छोड़ दूं तो कोई बात नहीं, लेकिन बुरे वक्त में छोड़कर गया तो मुझे पाप लगेगा। अगर अभी आप तनख्वाह नहीं दे पा रहे हैं, तो भी मैं आपके साथ हूं। ऐसे वफादार लोग किस्मत वालों को ही मिलते हैं। 'अंताक्षरी' का पहला एपिसोड देखा और जिंदगी बदल गई करीब साढ़े चार महीने बाद दिल्ली में बनने वाली एक वीडियो फिल्म के लिए एक शख्स मुझे 5000 रुपए एडवांस देकर गया। इससे थोड़ी राहत मिली। लेकिन असली टर्निंग पॉइंट 3 सितंबर 1993 को आया। उस दिन मैं हमेशा की तरह दोस्त के घर ताश खेल रहा था। रात करीब आठ बजे दोस्त की पत्नी ने कहा, अरे अन्नू जी, आप टीवी पर दिख रहे हो। मैंने पलटकर देखा तो जी टीवी पर 'अंताक्षरी' का पहला एपिसोड चल रहा था, जिसे मैंने करीब डेढ़ महीने पहले शूट किया था। मैंने ताश के पत्ते नीचे रख दिए और पूरा शो देखा। शो खत्म होने के बाद दोस्त ने मुझसे कहा, पंडित की जुबान है, आज के बाद तुझे जिंदगी में कभी पीछे मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनकी बात सच साबित हुई। 'अंताक्षरी' ने मेरी जिंदगी बदल दी और उसके बाद मुझे फिर कभी वैसा संघर्ष नहीं करना पड़ा। स्टार नहीं, एक्टर कहलाना पसंद था जब कई कलाकार हीरो बनने की दौड़ में थे, तब अन्नू कपूर का नजरिया अलग था। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, मैं स्टार बनने नहीं आया था, मैं अभिनेता बनना चाहता था। स्टारडम कुछ समय का होता है, अभिनय हमेशा रहता है। यही सोच उनके पूरे करियर में दिखाई दी। उन्होंने कभी बड़े बैनर या बड़े रोल का इंतजार नहीं किया। जो किरदार मिला, उसे पूरी ईमानदारी से निभाया। 'विक्की डोनर' ने बदल दी करियर की तस्वीर करीब तीन दशक तक फिल्मों और टेलीविजन में काम करने के बाद 2012 में अन्नू कपूर के करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट आया। निर्देशक शुजीत सरकार की फिल्म 'विक्की डोनर' में उन्होंने डॉ. बलदेव चड्ढा का किरदार निभाया। फिल्म का विषय अलग था और अन्नू कपूर का अभिनय इसकी बड़ी ताकतों में से एक माना गया। उनकी कॉमिक टाइमिंग, पंजाबी लहजा और किरदार की ऊर्जा ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों का दिल जीत लिया। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। यह सम्मान उनके करीब तीन दशक के संघर्ष और मेहनत की पहचान बन गया। हर दौर में खुद को बदलते रहे अन्नू कपूर ने खुद को दोहराने के बजाय नए किरदार चुने। '7 खून माफ', 'ऐतराज', 'जॉली एलएलबी 2', 'ड्रीम गर्ल' जैसी फिल्मों में उन्होंने साबित किया कि उम्र बढ़ने के साथ उनका अभिनय और परिपक्व हुआ है। उन्होंने वेब प्लेटफॉर्म, रेडियो और टेलीविजन पर भी काम किया। रेडियो शो 'सुहाना सफर विद अन्नू कपूर' में हिंदी सिनेमा और संगीत की जानकारी ने श्रोताओं को प्रभावित किया। अभिनय के साथ उनकी भाषा, साहित्य और संगीत की समझ भी उनकी अलग पहचान बनी। एक किस्सा जिसने उनकी सोच बदल दी अन्नू कपूर अक्सर कहते हैं कि संघर्ष इंसान को मजबूत बनाता है। उन्होंने बताया कि गरीबी ने उन्हें सिखाया कि किसी भी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था,मैंने जिंदगी में कोई काम छोटा नहीं माना। जो काम ईमानदारी से किया जाए, वही इंसान को आगे ले जाता है। शोहरत मिली, लेकिन जमीन से जुड़े रहे सफलता मिलने के बाद भी अन्नू कपूर ने अपने संघर्ष के दिनों को नहीं भुलाया। वह बताते हैं कि एक समय घर चलाना मुश्किल था, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों को कमजोरी नहीं बनने दिया। उनका मानना है कि कलाकार की सबसे बड़ी पूंजी उसका हुनर होता है, न कि चेहरा या स्टारडम। रिजेक्शन को बनाया ताकत अन्नू कपूर की कहानी उन लोगों के लिए सीख है जो एक-दो असफलताओं के बाद हार मान लेते हैं। उन्हें कई बार सिर्फ इसलिए काम नहीं मिला क्योंकि वे पारंपरिक फिल्मी हीरो जैसे नहीं दिखते थे। लेकिन उन्होंने अपनी कमी को ताकत बना लिया। आज बॉलीवुड में उनका नाम उन कलाकारों में लिया जाता है जो किसी भी किरदार को यादगार बना सकते हैं। ____________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... हिट फिल्म के बाद भी 15 महीने बेरोजगार रहीं कृति:स्टारकिड्स ने छीने बड़े रोल, जिस किरदार पर सवाल उठे, उसी ने दिलाया नेशनल अवॉर्ड आज कृति सेनन बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनके नाम नेशनल अवॉर्ड, कई सुपरहिट फिल्में और अपना प्रोडक्शन हाउस है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता रिजेक्शन, अकेलेपन, तानों और आत्मविश्वास की लड़ाई से होकर गुजरा है।पूरी खबर पढ़ें..
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हर हफ्ते दर्शकों के लिए कुछ न कुछ नया परोसा जाता है, लेकिन जुलाई का यह आखिरी हफ्ता बिंज-वॉचर्स के लिए बेहद खास साबित होने वाला है। 27 जुलाई से 31 जुलाई 2026 के बीच अलग-अलग ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रोमांच, हॉरर, ट्रू-क्राइम और एनिमेटेड पौराणिक गाथाओं का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। अगर आप भी वीकेंड पर घर बैठे बेहतरीन फिल्मों और सीरीज का आनंद लेना चाहते हैं, तो अपनी वॉचलिस्ट में इन 6 बड़े प्रोजेक्ट्स को जरूर शामिल कर लें।'द डेविल वियर्स प्राडा 2' (JioHotstar - 29 जुलाई)फैशन और ग्लैमर की दुनिया का सबसे चर्चित नाम एक बार फिर स्क्रीन पर वापसी कर रहा है। 29 जुलाई को जियोहॉटस्टार पर रिलीज हो रही फिल्म 'द डेविल वियर्स प्राडा 2' में मेरिल स्ट्रीप और ऐनी हैथवे फिर से अपने प्रतिष्ठित किरदारों में नजर आएंगी। कहानी इस बार डिजिटल युग के प्रभाव और घटती कमाई के बीच मैगजीन 'रनवे' को बचाने के इर्द-गिर्द घूमती है। मिरांडा प्रीस्टली अपनी विरासत को बचाने की लड़ाई लड़ रही है, जबकि लंबे समय बाद एंडी सैक्स की वापसी पुराने रिश्तों, तल्खियों और नई चुनौतियों के साथ फैशन वर्ल्ड का एक नया ड्रामा पेश करती है।'द डेविल्स माउथ' (Prime Video - 29 जुलाई)एडवेंचर और थ्रिल पसंद करने वालों के लिए 29 जुलाई को अमेजन प्राइम वीडियो पर फिल्म 'द डेविल्स माउथ' आ रही है। यह कहानी पांच दोस्तों की है जो अपनी ग्रेजुएशन से ठीक पहले थाईलैंड की खूबसूरत वादियों में छुट्टियां मनाने जाते हैं। वहां एक रहस्यमयी समुद्री गुफा 'द डेविल्स माउथ' को एक्सप्लोर करने की उनकी उत्सुकता अचानक एक डरावने और जानलेवा जाल में बदल जाती है।'पैन एम 103 पर बमबारी' (Netflix - 30 जुलाई)सच्ची घटनाओं और इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर के शौकीनों के लिए 30 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर 6 एपिसोड की लिमिटेड सीरीज 'पैन एम 103 पर बमबारी' आ रही है। यह सीरीज 1988 में स्कॉटलैंड के लॉकरबी में हुए दर्दनाक प्लेन क्रैश हादसे पर आधारित है, जिसमें 270 बेगुनाह लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। सीरीज में एफबीआई और स्कॉटलैंड पुलिस की संयुक्त जांच तथा वैश्विक स्तर पर जुटाए गए सबूतों के जरिए इस बड़ी साजिश के पर्दाफाश की पूरी कहानी दिखाई गई है।'बैटमैन: केप्ड क्रूसेडर सीजन 2' (Prime Video - 31 जुलाई)सुपरहीरो बैटमैन के फैंस के लिए 31 जुलाई का दिन बेहद खास रहने वाला है। 'बैटमैन: केप्ड क्रूसेडर सीजन 2' अमेजन प्राइम वीडियो पर दस्तक दे रहा है। नए सीजन में गोथम सिटी के बड़े माफियाओं के पकड़े जाने के बाद अपराध की एक नई लहर शुरू होती है। ब्रूस वेन को नए दुश्मनों से शहर को बचाने के साथ-साथ अपने शुरुआती संघर्षों और पहचान को भी संभालना होगा।'द लेजेंड ऑफ कर्ण' (SonyLIV - 31 जुलाई)पौराणिक कथाओं में रुचि रखने वालों के लिए सोनी लिव 31 जुलाई को हिंदी एनिमेटेड सीरीज 'द लेजेंड ऑफ कर्ण' पेश कर रहा है। महाभारत के सबसे चर्चित और दानवीर योद्धा कर्ण के जन्म से लेकर उनके सारथी परिवार में पालन-पोषण, असाधारण धनुर्विद्या और समाज में मिली उपेक्षा तक के सफर को इसमें बड़े ही संवेदनशील और भव्य अंदाज में दिखाया गया है। यह सीरीज कर्ण के त्याग, निष्ठा और आत्म-सम्मान की जंग को बयां करती है।'बालन: द बॉय' (ZEE5 - 31 जुलाई)31 जुलाई को जी5 पर रिलीज हो रही मलयालम साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म 'बालन: द बॉय' सस्पेंस से भरी हुई है। यह एक ऐसे लड़के की कहानी है जिसकी मां उसे लगातार जगह और पहचान बदलकर पालती है, लेकिन कभी वजह नहीं बताती। जब मां अचानक गायब हो जाती है, तो बालन उसके अतीत के गहरे राज़ तलाशना शुरू करता है, जहां उसे कई चौंकाने वाली सच्चाइयों का सामना करना पड़ता है।
अभिनेत्री करिश्मा तन्ना और उनके पति वरुण बंगेरा माता-पिता बन गए हैं। 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन करिश्मा ने बेटे को जन्म दिया है। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर अपने नवजात शिशु के पैर की मोनोक्रोम फोटो शेयर करके यह जानकारी दी। करिश्मा और वरुण ने अपने संयुक्त बयान में इस बच्चे को जीवन का सबसे बड़ा आशीर्वाद बताया है। इस जानकारी के सामने आने के बाद फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के सितारों के साथ फैंस भी इस कपल को शुभकामनाएं दे रहे हैं। इंस्टाग्राम पर शेयर की बेटे के पैर की फोटोकरिश्मा और वरुण ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक संयुक्त पोस्ट में बच्चे के आगमन का ऐलान किया। शेयर की गई फोटो में बच्चे के पैर में एक टैग लगा नजर आ रहा है, जिस पर लिखा है 'ही इज हियर' (वह आ गया है)। फोटो के साथ पोस्ट में लिखा था, यह एक लड़का है! करिश्मा और वरुण। हमारा सबसे बड़ा आशीर्वाद, 29 जुलाई 2026। इसके साथ ही कैप्शन में करिश्मा ने लिखा, गुरु पूर्णिमा के पवित्र दिन जन्म हुआ... हमारा सबसे बड़ा आशीर्वाद यहां है। हमारी दुनिया में स्वागत है छोटे बच्चे। स्मृति ईरानी और सोनू सूद समेत कई सितारों ने दी बधाईसोशल मीडिया पर करिश्मा और वरुण की इस पोस्ट के बाद बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और अभिनेत्री स्मृति ईरानी ने कमेंट में लिखा, हार्दिक बधाई, भगवान भला करे। वहीं एक्टर सोनू सूद, खुशी कपूर, वामिका गब्बी, नेहा धूपिया, सोनल चौहान और कॉमेडियन कीकू शारदा ने भी कपल को कमेंट करके शुभकामनाएं दीं। फैंस भी लगातार इस पोस्ट पर रिएक्ट कर रहे हैं। देखें करिश्मा की प्रेग्नेंसी की तस्वीरें अप्रैल में दी थी प्रेग्नेंसी की जानकारीकरिश्मा तन्ना ने इसी साल अप्रैल के महीने में अपनी प्रेग्नेंसी की खबर साझा की थी। उस समय उन्होंने एक खास फोटो के साथ लिखा था कि अगस्त में उनके घर छोटा मेहमान आने वाला है। इसके बाद मई में करिश्मा की तुलू रीति-रिवाज से गोद भराई (बेबी शावर) की रस्म हुई थी। इस पारंपरिक कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो भी करिश्मा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। 2022 में बिजनेसमैन वरुण बंगेरा से की थी शादीकरिश्मा तन्ना और वरुण बंगेरा की पहली मुलाकात साल 2021 में एक कॉमन फ्रेंड की पार्टी में हुई थी। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। कुछ महीनों की डेटिंग के बाद दोनों ने सगाई कर ली और 5 फरवरी 2022 को मुंबई में शादी के बंधन में बंध गए। करिश्मा की शादी में हल्दी, मेहंदी और संगीत समेत तमाम रस्में पारंपरिक तरीके से हुई थीं, जिसमें टीवी और बॉलीवुड के कई कलाकार शामिल हुए थे। 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' से करियर की शुरुआतकरिश्मा तन्ना टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। उन्होंने साल 2001 में मशहूर टीवी शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे 'नागिन 3', 'अदालत' और 'बालवीर' जैसे कई धारावाहिकों में नजर आईं। उन्होंने रियलिटी शो 'बिग बॉस 8' में हिस्सा लिया था और 'खतरों के खिलाड़ी 10' की विनर भी रहीं। फिल्म 'संजू' (2018) के अलावा उन्होंने 2023 में हंसल मेहता की नेटफ्लिक्स सीरीज 'स्कूप' में पत्रकार जागृति पाठक का मुख्य किरदार निभाया था, जिसके लिए उन्हें काफी सराहना मिली थी।
फिल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध के पीछे कई बार कलाकारों को ऐसे भयानक अनुभवों से गुजरना पड़ता है, जिनके बारे में जानकर हर कोई हैरान रह जाता है। अब साउथ सिनेमा से लेकर बॉलीवुड तक अपनी खूबसूरती और बेहतरीन अदाकारी का जलवा बिखेरने वाली जानी-मानी अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने अपने साथ हुई एक बेहद डरावनी और चौंकाने वाली घटना का खुलासा किया है। काजल ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि किस तरह फिल्म की शूटिंग के दौरान एक असिस्टेंट डायरेक्टर ने सारी हदें पार करते हुए उनके प्राइवेट स्पेस में जबरन घुसपैठ की थी, जिससे वे बुरी तरह डर गई थीं और उनके हाथ-पैर कांपने लगे थे।बिना अनुमति कारवां में घुसा और उतार दी शर्टएबीपी न्यूज को दिए गए अपने एक इंटरव्यू में इस खौफनाक वाकये को याद करते हुए काजल अग्रवाल ने बताया कि कुछ समय पहले जब वे एक फिल्म की शूटिंग पूरी करने के बाद अपने कारवां यानी वैनिटी वैन में आराम कर रही थीं, तब यह घटना घटी। उस दौरान वे कारवां में बिल्कुल अकेली थीं, तभी फिल्म में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम करने वाला एक शख्स बिना किसी अनुमति के अचानक अंदर घुस आया। अभिनेत्री ने बताया कि उस व्यक्ति ने अंदर आते ही अपनी शर्ट उतार दी और अपनी छाती पर बने काजल के नाम के टैटू को उन्हें दिखाने लगा। अचानक हुई इस हरकत से काजल इतनी ज्यादा घबरा गईं कि उन्हें समझ नहीं आया कि वे क्या प्रतिक्रिया दें।एक्ट्रेस ने की फैन की दीवानगी की तारीफ, लेकिन व्यवहार को बताया गलतहालांकि काजल अग्रवाल ने इस बात को स्वीकार किया कि वे अपने फैंस के प्यार की इज्जत करती हैं और उन्हें इस बात की खुशी थी कि कोई उनका इतना बड़ा फैन था कि उसने उनके नाम का टैटू अपनी बॉडी पर गुदवाया था। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी कड़ा जोर दिया कि किसी की भी दीवानगी का यह मतलब नहीं होता कि वह किसी महिला के प्राइवेट स्पेस यानी कारवां में बिना इजाजत घुस जाए। काजल ने दो टूक शब्दों में कहा कि कोई कितना भी बड़ा फैन क्यों न हो, ऐसा अनुचित व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। घटना के तुरंत बाद अभिनेत्री ने उस शख्स को सख्त चेतावनी दी कि अगर उसने दोबारा ऐसी हरकत की तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाद उन्होंने उसे वहां से बाहर भेज दिया।काजल अग्रवाल का शानदार फिल्मी सफरअपनी एक्टिंग और खूबसूरती से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली काजल अग्रवाल ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2004 में आई हिंदी फिल्म 'क्यों! हो गया ना' से एक छोटे से सपोर्टिंग रोल के साथ की थी। हालांकि उन्हें असली और ऐतिहासिक सफलता मशहूर निर्देशक एस. एस. राजामौली की साल 2009 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'मगधीरा' से मिली, जिसने उन्हें रातों-रात साउथ सिनेमा का सुपरस्टार बना दिया। इसके बाद उन्होंने 'डार्लिंग', 'मिस्टर परफेक्ट', 'बिजनेसमैन' और 'टेम्पर' जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया। इसके अलावा बॉलीवुड में भी उन्होंने अजय देवगन के साथ फिल्म 'सिंघम' और अक्षय कुमार के साथ थ्रिलर फिल्म 'स्पेशल 26' जैसी बेहतरीन फिल्मों में काम कर अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई है।
बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान से जुड़ी एक बेहद दिलचस्प और बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेज़ॅन प्राइम वीडियो पर प्रसारित होने वाला पॉपुलर रियलिटी शो 'अलायंस' इन दिनों अपने दिलचस्प मोड़ और फिनाले की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस शो में अभिनेता और निर्देशक सोहेल खान पहले से ही एक मजबूत कंटेस्टेंट के रूप में नजर आ रहे हैं, जो बतौर वाइल्ड कार्ड एंट्री इस शो में शामिल हुए थे। अब मनोरंजन जगत से सामने आ रही ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाई सोहेल खान का उत्साह बढ़ाने और उनका हौसला मजबूत करने के लिए खुद सलमान खान इस रियलिटी शो के मंच पर नजर आने वाले हैं। फैंस के लिए यह किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं है क्योंकि यह पहला मौका होगा जब सलमान खान किसी शो में अपने परिवार के सदस्य का समर्थन करने के लिए खास मेहमान के तौर पर शिरकत करेंगे।सीमा सजदेह के बाहर होने के बाद इमोशनल हुए सोहेल खानआपको बता दें कि इस शो में सोहेल खान के साथ उनकी एक्स वाइफ सीमा सजदेह ने भी एंट्री ली थी, जिससे दर्शकों के बीच काफी चर्चाएं हुई थीं। हालांकि, हाल ही में सीमा सजदेह ने अपनी मर्जी से शो से बाहर होने का फैसला किया और उन्होंने होस्ट से उन्हें एलिमिनेट करने का अनुरोध किया था, जिसके बाद कुशाल टंडन ने डेजी शाह की जगह सीमा का नाम लेकर उन्हें शो से बाहर का रास्ता दिखा दिया। अपनी एक्स पत्नी के इस तरह शो से अचानक बाहर जाने के बाद सोहेल खान अंदर से काफी ज्यादा इमोशनल और आहत नजर आए थे। सीमा के जाने से उपजे इस भावनात्मक और कठिन हफ्ते के बाद अब भाई सलमान खान का साथ मिलने से सोहेल को खेल में एक नई मानसिक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।क्या होगी कुशाल टंडन और सलमान खान की आमने-सामने मुलाकात?पिंकविला की एक रिपोर्ट के अनुसार, सलमान खान इस रियलिटी शो में लगभग एक घंटे के लिए स्पेशल गेस्ट के रूप में आएंगे और भाई सोहेल खान का कॉन्फिडेंस बूस्ट करेंगे। इस संभावित मुलाकात को लेकर दर्शकों के मन में एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या सलमान खान की मुलाकात शो में मौजूद अन्य कंटेस्टेंट्स, विशेष तौर पर कुशाल टंडन से होगी या नहीं। गौरतलब है कि अतीत में जब कुशाल टंडन एक अन्य बड़े रियलिटी शो 'बिग बॉस' का हिस्सा बने थे, तब सलमान खान ने उनकी हरकतों पर उन्हें कड़ी फटकार लगाई थी। ऐसे में फैंस यह देखने के लिए बेहद उत्सुक हैं कि इस शो के सेट पर सलमान और कुशाल का आमना-सामना होता है या फिर दोनों भाइयों की मुलाकात को पूरी तरह से अलग और निजी रखा जाता है। कुणाल खेमू द्वारा होस्ट किए जाने वाले इस शो में अब मुकाबला बेहद रोमांचक हो चला है।
नेटफ्लिक्स पर अगस्त में मचेगा धमाल: रिलीज होने जा रही हैं 10 से ज्यादा शानदार फिल्में और वेब सीरीज
आप भी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर बेहतरीन कंटेंट देखने के शौकीन हैं और आपके पास नेटफ्लिक्स का सब्सक्रिप्शन है, तो आने वाला अगस्त का महीना आपके लिए बेहद मनोरंजन से भरपूर होने वाला है। इस बार नेटफ्लिक्स दर्शकों के लिए एक या दो नहीं बल्कि एक साथ 10 से ज्यादा धमाकेदार फिल्में और वेब सीरीज लेकर आ रहा है, जो हर मूड और जॉनर के दर्शकों को स्क्रीन से बांधे रखेंगी। रोमांस और ड्रामा से लेकर देशभक्ति, खेल और रोमांचक डॉक्यूमेंट्री तक, अगस्त के महीने में आपको एंटरटेनमेंट का फुल डोज मिलने वाला है। आइए नजर डालते हैं नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली उन चुनिंदा और बड़ी फिल्मों और सीरीज की पूरी लिस्ट पर, जिनका फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।अगस्त 2026 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली फिल्में और सीरीज की पूरी लिस्टओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर अगस्त के महीने में आने वाले प्रोजेक्ट्स की एक लंबी फेहरिस्त तैयार है, जो आपके वीकेंड और छुट्टियों को शानदार बना देगी:मैं वापस आऊंगा (7 अगस्त): इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी और ए. आर. रहमान के जादुई संगीत से सजी यह फिल्म भारत-पाकिस्तान के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर आधारित दो प्रेमियों की बेहद खूबसूरत और भावुक कहानी है। इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना और शर्वरी जैसे दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। करीब 70 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए 97.37 करोड़ रुपये की कमाई की थी और अब यह नेटफ्लिक्स पर दस्तक देने जा रही है।WWE समर स्लैम 2026 (2 अगस्त): रेसलिंग प्रेमियों के लिए यह महीना किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है क्योंकि डब्ल्यूडब्ल्यूई का सबसे बड़ा समर इवेंट सीधे नेटफ्लिक्स पर आ रहा है। इस महामुकाबले में रोमन रेंस बनाम सैथ रॉलिंस, ब्रॉक लैसनर बनाम ओबा फेमी (हेल इन ए सेल) और सीएम पंक बनाम कोडी रोड्स जैसी दुनिया की दिग्गज रेसलिंग हस्तियां आपस में भिड़ती हुई दिखाई देंगी।बैडली इन लव - सीजन 2 (4 अगस्त): जापानी रिएलिटी शो 'बैडली इन लव' का दूसरा सीजन नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस शो में युवाओं की दिलचस्प लव स्टोरी और उनके बीच का हाई-वोल्टेज ड्रामा दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेगा।माय लाइफ विद द वॉल्टर बॉयज - सीजन 3 (6 अगस्त): यह बेहद लोकप्रिय टीनएज ड्रामा सीरीज अपने तीसरे सीजन के साथ लौट रही है। इसकी कहानी एक ऐसी लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है जिसे वॉल्टर परिवार गोद ले लेता है, और इस परिवार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सात लड़के और एकमात्र लड़की होती है, जिससे कहानी में दिलचस्प मोड़ आते हैं।ऑपरेशन सफेद सागर (7 अगस्त): कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के अदम्य साहस और ऐतिहासिक भूमिका पर आधारित यह फिल्म ओनी सेन के निर्देशन में बनाई गई है। इस देशभक्ति से भरपूर फिल्म में जिमी शेरगिल, सिद्धार्थ, अभय वर्मा, मिहिर आहूजा और दीया मिर्जा जैसे बेहतरीन कलाकार नजर आएंगे, जिसमें अभिनेता सिद्धार्थ ने अमर शहीद स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा का किरदार निभाया है।मोरिन्हो (11 अगस्त): फुटबॉल जगत के सबसे चर्चित और विवादित फुटबॉल मैनेजर जोसे मोरिन्हो (Jos Mourinho) के निजी जीवन और उनके शानदार करियर के उतार-चढ़ाव पर आधारित यह एक बेहद खास 3 भागों की डॉक्यूमेंट्री सीरीज है, जो फुटबॉल फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं होगी।
असम में जारी भीषण बाढ़ के बीच बॉलीवुड अभिनेताओं ने मदद के हाथ बढ़ाए हैं। अभिनेता सलमान खान और अभिनेत्री आलिया भट्ट पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आए हैं। सलमान खान ने अपनी चैरिटेबल संस्था 'बीइंग ह्यूमन' के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों में बहु-स्तरीय राहत अभियान शुरू किया है। वहीं, आलिया भट्ट ने सोशल मीडिया पर अपील जारी कर देशवासियों से असम के बाढ़ पीड़ितों की मदद करने का अनुरोध किया है। असम में मानसून की भारी बारिश के चलते लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। सलमान ने फैन क्लब के साथ मिलकर शुरू किया राहत कार्य मिड डे की रिपोर्ट के मुताबिक सलमान खान की संस्था 'बीइंग ह्यूमन' ने असम में जमीनी स्तर पर काम करने के लिए अपने स्थानीय फैन क्लब के साथ हाथ मिलाया है। अभियान के पहले चरण में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैयार भोजन के पैकेट और अन्य जरूरी सामान बांटे जा रहे हैं। राहत सामग्री में पीने का पानी, दवाइयां, सेनेटरी पैड्स और मच्छर भगाने वाली रिपेलेंट क्रीम शामिल हैं। आने वाले हफ्तों में इस अभियान के तहत सूखा राशन, अस्थायी आश्रय सामग्री और बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए स्कूलों व अस्पतालों के पुनर्निर्माण में मदद की जाएगी। 'हर साल आती है यह त्रासदी': आलिया भट्ट ने जताया दुखअभिनेत्री आलिया भट्ट ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक पोस्ट शेयर कर असम के हालात पर चिंता जताई। आलिया ने लिखा, इस समय देश के कई हिस्से बाढ़ से प्रभावित हैं, जिसमें असम सबसे ज्यादा मुश्किल दौर से गुजर रहा है। 60 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। परिवारों ने अपने घर, जमीन, मवेशी और अपनों को खो दिया है। उन्होंने आगे लिखा कि यह आपदा हर साल आती है, फिर भी लोग इसके लिए तैयार नहीं हो पाते। आलिया ने वादा किया कि वे जल्द ही मदद के लिए जमीनी संगठनों की जानकारी साझा करेंगी। आयुष्मान खुराना-ताहिरा कश्यप ने भी की मदद वहीं अभिनेता आयुष्मान खुराना और उनकी पत्नी ताहिरा कश्यप ने असम में जारी भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। इस दंपति ने असम मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक योगदान दिया है, जिसका उपयोग बाढ़ पीड़ित परिवारों के राहत और पुनर्वास कार्यों में किया जाएगा। सामाजिक कार्यों में लगातार सक्रिय रहने वाले आयुष्मान और ताहिरा इससे पहले भी संकट के समय मदद के लिए आगे आते रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने महाराष्ट्र मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान दिया था, साथ ही कचरा बीनने वाली महिलाओं को सशक्त बनाने वाली दिल्ली की संस्था 'गुलमेहर' का भी समर्थन किया था। इसके अलावा, आयुष्मान यूनिसेफ (UNICEF) इंडिया के राष्ट्रीय एंबेसडर भी हैं और बच्चों के अधिकारों, शिक्षा व उनके कल्याण के लिए लगातार आवाज उठाते रहे हैं। असम में बिगड़े हालात, 75 से ज्यादा लोगों की मौतअसम में जुलाई के मध्य से मूसलाधार बारिश और ऊपरी इलाकों में जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के चलते अब तक 75 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। राज्य के शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट और नौगांव समेत कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ से 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं और हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न हो चुकी है। ये खबर भी पढ़ें स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी के ऑफिस पहुंचे सलमान खान:बुजुर्गों को चाबियां दीं, हाथ मिलाया, फिल्म मातृभूमि से जुड़ा सवाल करने से इनकार बॉलीवुड एक्टर सलमान खान शुक्रवार को SRA (स्लब रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी) के दफ्तर पहुंचे, जहां उन्होंने कई बुजुर्गों को उनके सपनों के घर की चाबियां सौंपीं। एक्टर टाइट सिक्योरिटी के साथ पहुंचे थे, इसके बावजूद भीड़ ने उन्हें घेर लिया। सलमान खान के पर्सनल सिक्योरिटी हैड शेरा भी उनके साथ मौजूद रहे। सलमान ने वहां मौजूद बुजुर्ग महिलाओं को उनके घरों की चाबियां दीं और मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया। पूरी खबर पढ़ें
बॉलीवुड एक्टर सनी देओल ने कहा- फिल्म में मैं किसी धर्म का चेहरा नहीं, बल्कि इंसानियत का चेहरा दिखाना चाहते हैं। फिल्म में दिखाया गया है कि हालात इंसान को तोड़ देते हैं, लेकिन अंत में जीत हमेशा इंसानियत की ही होती है। अंत में न कोई धर्म बचता है, न कोई मजहब... सबसे बड़ी चीज इंसानियत है और उससे भी बड़ी हमारी मां होती है। आज समाज में जिस तरह हर बात को धर्म और राजनीति से जोड़कर देखा जाता है, वे खुद को इससे हमेशा दूर रखते आए हैं। सनी ने कहा- मैं कभी ऐसी फिल्में नहीं करता जो लोगों को बांटती हों। लोग कई बार फिल्मों को अलग नजरिए से देखने लगते हैं, जबकि उनका उद्देश्य बिल्कुल अलग होता है। 'गदर' भी मेरे लिए कभी हिंदू-मुस्लिम फिल्म नहीं थी, वह एक परिवार और एक प्रेम कहानी थी। दरअसल, बॉलीवुड एक्टर सनी देओल, अपने बेटे करण देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी के साथ बुधवार को अपनी आगामी फिल्म 'बंटवारा 1947' के प्रमोशन के लिए जयपुर पहुंचे। इस दौरान तीनों दैनिक भास्कर कार्यालय पहुंचे और फिल्म, अपने लंबे फिल्मी सफर, भारत-पाक विभाजन, इंसानियत, समाज और सिनेमा की जिम्मेदारी पर खुलकर बातचीत की। यह पार्टिशन फिल्म जरूर है, लेकिन फैसला नहीं सुनाती सनी देओल ने कहा- फिल्म भारत के विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी जरूर है, लेकिन यह तय नहीं करती कि कौन सही था और कौन गलत। यह कहानी रिश्तों के टूटने और फिर जुड़ने की है। भटका हुआ इंसान सही रास्ते पर लौटता है। युवा इस फिल्म को देखेंगे तो उन्हें जिंदगी की कई ऐसी बातें समझ आएंगी, जो शायद आज उन्हें दिखाई नहीं देतीं। सिनेमा समाज को दिशा देने का माध्यम भी है। हमने हमेशा कोशिश की है कि फिल्मों के जरिए समाज को कुछ लौटाया जाए। 'बंटवारा 1947' भी ऐसी ही फिल्म है। दर्शक जब थिएटर से बाहर निकलेंगे तो उनके दिल में सबसे पहले मां के लिए सम्मान और इंसानियत का भाव होगा। सनी देओल ने बताया- पंजाब के गांवों में बचपन बिताने के दौरान उन्होंने विभाजन की अनेक सच्ची कहानियां सुनीं। लोग मारने वालों की बातें करते हैं, लेकिन जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरे धर्म के लोगों को बचाया, उनकी कहानियां कम सुनाई जाती हैं। हमारी फिल्म उन्हीं इंसानों को सलाम करती है। मां की सेवा सबसे बड़ा कर्म है सनी देओल ने भावुक होते हुए कहा- फिल्म का सबसे बड़ा संदेश मां और मानवता है। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह फिल्म किसी को निराश नहीं करेगी। इसमें मनोरंजन है, एक्शन है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा एक मजबूत संदेश है। मां की सेवा से बड़ा कोई कर्म नहीं और मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं। फिल्म का एक संवाद है, 'कोई मजहब बुरा नहीं होता, अच्छा-बुरा इंसान होता है।' यही इस फिल्म का सार है। राजस्थान से मेरा रिश्ता बहुत पुराना है राजस्थान से अपने लगाव का जिक्र करते हुए सनी देओल ने कहा- रिश्ता बचपन से इस प्रदेश से जुड़ा है। पापा (धर्मेंद्र) के साथ बचपन से यहां आता रहा हूं। यहां कई फिल्मों की शूटिंग की है। मौका मिलता है तो राजस्थान की सड़कों और गांवों में खुद गाड़ी चलाकर घूमने निकल जाता हूं। यहां एक अलग ही शांति और खुलापन महसूस होता है। राजस्थान मेरे सबसे पसंदीदा राज्यों में से एक है। 'सिकंदर मिर्जा मेरा सबसे ताकतवर किरदार है' निर्देशक राजकुमार संतोषी ने कहा- 'बंटवारा 1947' का नायक सिकंदर मिर्जा उनके अब तक लिखे गए सबसे सशक्त किरदारों में से एक है। सुपरमैन वह नहीं जो आसमान में उड़ता है। असली सुपरमैन वह है, जो नफरत और सांप्रदायिकता के सामने खड़ा होने की हिम्मत रखता है। सिकंदर मिर्जा ऐसा ही इंसान है। यह किरदार अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के अधिकार और सम्मान के लिए लड़ता है। दूसरे का दर्द महसूस करना ही असली इंसानियत है। सिकंदर मिर्जा वही करता है। वह नफरत के माहौल में भी अपने जमीर को मरने नहीं देता। 'दामिनी' के गुस्से से लेकर 'बंटवारा' की संवेदना तक संतोषी ने बताया- मेरी फिल्मों में समाज के प्रति गुस्सा हमेशा निजी अनुभवों से आया है। उन्होंने याद किया कि उनकी मां और दादी सालों तक अदालतों के चक्कर लगाती रहीं। वहीं से 'दामिनी' जैसी फिल्मों की संवेदनाएं पैदा हुईं। बंटवारा 1947 फिल्म में भी दर्द है, लेकिन यहां संघर्ष केवल बाहरी नहीं, भीतर का भी है। आदमी परिस्थितियों से भी लड़ता है और अपने जमीर को बचाने की लड़ाई भी लड़ता है। राजकुमार संतोषी ने सनी देओल की अभिनय शैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सनी अभिनय नहीं करते, किरदार को जी लेते हैं। 'घातक', 'दामिनी', 'घायल' के संवाद आज भी इसलिए याद हैं क्योंकि उन्होंने उन्हें पूरी सच्चाई और विश्वास के साथ बोला। 'बंटवारा 1947' में भी सनी देओल ने सिकंदर मिर्जा के किरदार को पूरी ईमानदारी से जिया है। मैंने उन्हें कहा था कि यह आपकी सामान्य एक्शन फिल्म नहीं है। यह परिवार, मां-बेटे, पति-पत्नी और इंसानियत के रिश्तों की फिल्म है। उन्होंने बिना एक पल सोचे इसे स्वीकार कर लिया। पिता के सामने अभिनय नहीं, भावनाएं खुद निकल आईंफिल्म में सनी देओल के बेटे का किरदार निभा रहे करण देओल ने कहा कि यह उनके लिए अभिनय से कहीं बढ़कर अनुभव था। स्क्रीन पर मेरे सामने मेरे असली पिता थे। भावनात्मक दृश्यों में अभिनय करने की जरूरत ही नहीं पड़ी। कई सीन में हम दोनों सचमुच भावुक हो गए। राज सर और आमिर सर ने मुझ पर भरोसा किया, यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।
आम्रपाली दुबे ने शेयर किया पुराना टीवी शो क्लिप
मुंबई, टेलीविजन इंडस्ट्री से अपने करियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री आम्रपाली दुबे भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार हैं।
'मैं रो पड़ी थी, मेहनत के बाद भी शरीर साथ नहीं दे रहा था': मनीषा कोइराला
मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने अपनी जिंदगी से जुड़ा खास अनुभव साझा किया है।
'आर्यभट्ट का जीरो' का ट्रेलर रिलीज
मुंबई, अभिनेता हिमांश कोहली की हिंदी ड्रामा-कॉमेडी फिल्म 'आर्यभट्ट का जीरो' के मेकर्स ने बुधवार को फिल्म का ट्रेलर रिलीज कर दिया है।
विवाद के बीच कंगना रनौत ने एक और वीडियो किया जारी, मीडिया पर लगाया 'टारगेट' करने का आरोप
अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत के हालिया छात्र विरोध प्रदर्शन संबंधी बयान पर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस बीच कंगना ने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल कुछ प्रदर्शनकारियों के व्यवहार पर आपत्ति जताई थी। उनके मुताबिक, बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के सामने सड़क पर अशोभनीय भाषा और हरकतों को सामान्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके बयान के एक हिस्से को दिखाया जा रहा है, जबकि उन्होंने कई मौकों पर युवाओं और छात्रों की तारीफ भी की है।
संजय दत्त के 67वें जन्मदिन पर बोलीं बहन प्रिया
मुंबई, बॉलीवुड के दमदार अभिनेता संजय दत्त बुधवार को अपना 67वां जन्मदिन मना रहे है।
सोनू सूद ऐसे बने असल जिंदगी के नायक
नई दिल्ली, सोनू सूद का जन्म 30 जुलाई 1973 को पंजाब के मोगा में हुआ था। उनके पिता शक्ति सागर सूद एक सफल उद्यमी थे और माता सरोज सूद शिक्षिका थीं।
तारक मेहता का उल्टा चश्मा के 18 साल पूरे होने पर असित मोदी और कास्ट ने साझा किए शो के अनसुने किस्से
मुंबई, 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' के 18 साल पूरे होने पर मंगलवार असित मोदी ने जेठालाल, बबीता जी और पूरी टीम के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात की।
टेलीविजन इंडस्ट्री की दुनिया से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। अपने चार्म, बेहतरीन अभिनय और संजीदा अंदाज के लिए घर-घर में अपनी खास पहचान बनाने वाले लोकप्रिय अभिनेता हर्षद चोपड़ा ने रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' (Lock Upp 2) के मंच पर एक ऐसा दिल दहला देने वाला राज खोला है, जिसे सुनकर पूरा देश स्तब्ध रह गया है। शो के दौरान कैमरे के सामने खुलकर बात करते हुए हर्षद ने अपनी जिंदगी के सबसे काले और डरावने दौर का जिक्र किया। अभिनेता ने नम आंखों से खुलासा किया कि जब वे महज 9 साल के थे, तब उनके साथ यौन शोषण (Child Abuse) जैसी बेहद खौफनाक घटना हुई थी, जिसका गहरा जख्म उनके दिलो-दिमाग पर आज भी ताजा है।माता-पिता के नाम दिया कड़ा संदेश, बच्चों की सुरक्षा पर उठाई गंभीर आवाजइस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर बात करते हुए हर्षद चोपड़ा ने सिर्फ अपनी आपबीती साझा नहीं की, बल्कि देश के सभी माता-पिता और अभिभावकों से एक बेहद जरूरी और हाथ जोड़कर खास अपील भी की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पैरेंट्स को अपने बच्चों के साथ सिर्फ दोस्ताना रिश्ता ही नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें इस काबिल बनाना चाहिए कि वे अपने साथ होने वाली किसी भी गलत हरकत या असहज स्थिति को बिना किसी डर के अपने परिवार से साझा कर सकें। हर्षद ने बताया कि बचपन में हुई उस घटना के बाद उन्हें लंबे समय तक मानसिक तनाव और अकेलेपन से जूझना पड़ा था, लेकिन अब वक्त आ गया है कि समाज इस विषय पर खुलकर बात करे और चुप्पी तोड़े।शो के मंच पर पसरा सन्नाटा, फैंस और सेलेब्रिटीज दे रहे हैं समर्थनजैसे ही हर्षद चोपड़ा ने 'लॉक अप 2' के मंच पर अपनी जिंदगी के इस दर्दनाक सच का खुलासा किया, सेट पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। शो के होस्ट और मेकर्स ने भी उनके इस साहस की जमकर सराहना की। सोशल मीडिया पर उनके इस बयान के सामने आने के बाद से फैंस और तमाम टेलीविजन कलाकार उनके समर्थन में उतर आए हैं और उनकी हिम्मत की दाद दे रहे हैं। मानसिक स्वास्थ्य और बाल सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर एक लोकप्रिय अभिनेता द्वारा इस तरह खुलकर सामने आने से समाज में एक बड़ा और सकारात्मक संदेश गया है।
बॉलीवुड और राजनीति की दुनिया में अपने बेबाक बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत और ड्रामा क्वीन के नाम से मशहूर राखी सावंत के बीच एक बार फिर जुबानी जंग छिड़ गई है। हाल ही में कंगना रनौत द्वारा देश के युवाओं यानी 'Gen Z' (जेन जी) पीढ़ी को लेकर दिए गए एक विवादित बयान ने सोशल मीडिया पर भूचाल ला दिया है। कंगना के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राखी सावंत ने उन पर जोरदार हमला बोला है। राखी ने अपने ही अंदाज में वीडियो जारी कर कंगना पर जमकर निशाना साधा और यहां तक कह दिया कि ऐसी भाषा बोलने वाले नेताओं को तो कुत्ता भी वोट नहीं देगा।क्या था कंगना रनौत का वो बयान जिस पर मचा है बवाल?कंगना रनौत ने हाल ही में देश के आधुनिक युवाओं और जेन जी जनरेशन के राजनीतिक रुख, खान-पान और लाइफस्टाइल को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां कर दी थीं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। उनके इस बयान के बाद देश के युवाओं और कई राजनीतिक विश्लेषकों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई थी। आलोचकों का कहना था कि एक जनप्रतिनिधि या जिम्मेदार शख्सियत को इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इसी कड़ी में जब राखी सावंत ने कंगना का यह बयान सुना, तो वह खुद को रोक नहीं पाईं और सोशल मीडिया पर खुलकर कंगना के खिलाफ मैदान में उतर गईं।राखी सावंत ने वीडियो जारी कर याद दिलाया थप्पड़ कांडकंगना पर हमला बोलते हुए राखी सावंत ने तंज कसते हुए कहा कि लगता है वह सीआईएसएफ कर्मी द्वारा एयरपोर्ट पर पड़े थप्पड़ को भूल गई हैं और एक बार फिर अनाप-शनाप बयानबाजी कर रही हैं। राखी ने गुस्से में कहा कि देश का युवा जागरूक है और अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़ रहा है, ऐसे में उन्हें इस तरह से नीचा दिखाना बेहद शर्मनाक है। दोनों अभिनेत्रियों के बीच छिड़ी इस नई तकरार के बाद इंटरनेट पर एक बार फिर मीम्स और तीखे कमेंट्स का दौर शुरू हो गया है। इस बयानबाजी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब भी कंगना रनौत कोई विवादित टिप्पणी करती हैं, तो इंडस्ट्री के दूसरे कलाकारों की प्रतिक्रिया आना लाजिमी हो जाता है।
थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' पर बड़ी कार्रवाई: सिनेमाघरों में बच्चों के देखने पर लगी रोक
साउथ सिनेमा के सुपरस्टार और अपने राजनीतिक सफर की ओर कदम बढ़ा चुके थलापति विजय की फिल्मों का क्रेज फैंस के सिर चढ़कर बोलता है। उनकी फिल्मों की रिलीज किसी बड़े त्योहार से कम नहीं होती, लेकिन हाल ही में उनकी बहुचर्चित फिल्म 'जन नायकन' (Jan Nayagan) को लेकर एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान सिनेमाघरों में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब अचानक बच्चों द्वारा फिल्म देखने पर आपत्ति जताते हुए इसकी स्क्रीनिंग रोक दी गई। इस अप्रत्याशित फैसले के बाद कई सिनेमाघरों में लगातार शोज कैंसिल करने पड़े, जिससे थलापति विजय के फैंस में भारी गुस्सा और निराशा देखने को मिल रही है।क्या है पूरा मामला और क्यों रोकनी पड़ी फिल्म की स्क्रीनिंग?प्राप्त जानकारी के अनुसार, फिल्म के कुछ दृश्यों, सेंसर बोर्ड के दिशा-निर्देशों या आयु वर्ग (Age Rating) के नियमों को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद खड़ा हो गया था। जब सिनेमाघरों में छोटे बच्चों और परिवारों को फिल्म देखते हुए पाया गया, तो तय नियमों और सुरक्षा मानकों का हवाला देते हुए अधिकारियों और थिएटर मैनेजमेंट ने तुरंत कड़ा कदम उठाया। बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक शोज रोके जाने से थलापति विजय के जो फैंस सुबह-सुबह सिनेमाघरों के बाहर लंबी लाइनों में खड़े थे, उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा। इस औचक रोक के बाद से सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है कि आखिर अंतिम समय पर ऐसा प्रशासनिक या प्रबंधकीय निर्णय क्यों लेना पड़ा।फैंस में भारी निराशा, बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर भी पड़ सकता है असरथलापति विजय की फिल्मों का पहला हफ्ता बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए रिकॉर्ड बनाने के लिए जाना जाता है। ऐसे में अचानक शोज कैंसिल होने और स्क्रीनिंग रोके जाने की खबर से फिल्म के निर्माताओं और वितरकों (Distributors) को भी बड़ा झटका लगा है। सिनेमाघरों के बाहर टिकट रिफंड कराने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, थिएटर प्रबंधन और फिल्म से जुड़े लोगों का कहना है कि नियमों का पालन करना सर्वोपरि है और स्थिति सामान्य होते ही शोज को सुचारू रूप से चलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बहरहाल, इस घटना ने एक बार फिर फिल्म सेंसरशिप और सिनेमाघरों में उम्र सीमा के नियमों को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

