सनी देओल (Sunny Deol) की फिल्म 'बंटवारा 1947' (Batwara 1947 Review) विभाजन के दर्द और इंसानियत की कहानी कहती है, जिसमें शबाना आजमी का अभिनय दमदार है। अब फिल्म देखें या ना देखें, जानने के लिए पढ़िए पूरा रिव्यू
इमरान हाशमी की फिल्म 'आवारापन 2' आज सिनेमाघरों में आ चुकी है। फिल्म की कड़ियां तो आपस में जुड़ी हैं, लेकिन क्या शिवम पंडित ने 19 साल पहले का वही पुराना चार्म सीक्वल में लौटाया है? पढ़ें रिव्यू।
शेखर कपूर : श्रीदेवी के साथ पुरानी तस्वीरे शेयर कर बोले- 'कैमरे के सामने आते ही छा जाती थी'
मुंबई, श्रीदेवी ने हिंदी सिनेमा कई तरह के किरदार निभाए। फिर चाहे 'सदमा' की मानसिक रूप से कमजोर लड़की वाला रोल हो या फिर 'इंग्लिश विंग्लिश' की आत्मविश्वासी गृहिणी वाली भूमिका की बात हो, उन्होंने अपने अभिनय से अपना एक अलग स्टारडम तैयार किया। आज भी लोग उन्हें दिल से याद करते है।
सलमान खान संजय दत्त ने सालों बाद स्क्रीन पर की वापसी, 7 डॉग्स में मचा दी तबाही
Salman Khan Sanjay Dutt 7 Dogs:
समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ विवाद में सभी FIR रद्द
मामले की सुनवाई के दौरान समय रैना की ओर से यह बताया गया कि उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए दिव्यांग लोगों के कल्याण से जुड़े कार्यों में योगदान दिया। उन्होंने ऐसे संगठनों को आर्थिक मदद दी, जो दिव्यांग लोगों के लिए काम करते हैं।
बंटवारा 1947 से पहले सनी देओल की इन लास्ट 7 फिल्मों का कैसा था हाल, एक ने तोड़ डाले थे कई रिकॉर्ड
सनी देओल की लास्ट 7 रिलीज हुई फिल्मों की आपको लिस्ट बताते हैं और साथ ही बताते हैं उनकी फिल्मों की बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट कैसी थी।
बॉलीवुड के दिग्गज बच्चन परिवार का नाम दशकों से हिंदी सिनेमा की पहचान और विरासत से जुड़ा रहा है। अब इसी नाम और उसकी प्रतिष्ठा से जुड़े एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बेहद अहम सवाल उठाए हैं। आराध्या बच्चन की सेहत को लेकर फैलाई गई झूठी खबरों पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को एक लीगेसी माना जा सकता है? अगर हां, तो क्या यह लीगेसी अगली पीढ़ियों तक कानूनी सुरक्षा के साथ आगे बढ़ सकती है? आराध्या बच्चन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को लेकर अहम सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने पूछा कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम से जुड़ी प्रतिष्ठा को लीगेसी की तरह अगली पीढ़ियों तक कानूनी सुरक्षा मिल सकती है? अगर मिल सकती है, तो यह सुरक्षा कितनी पीढ़ियों तक जारी रहेगी? जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि किसी ट्रेडमार्क की पहचान उसके प्रोडक्ट या सर्विस की वजह से बनती है। लेकिन किसी व्यक्ति या परिवार के नाम की पहचान उसकी उपलब्धियों, काम और समाज में उसकी प्रतिष्ठा से बनती है। ऐसे में सवाल है कि क्या यह प्रतिष्ठा भी परिवार की लीगेसी की तरह आगे बढ़ सकती है। कोर्ट ने तीन बड़े सवाल उठाए- पहला सवाल- क्या परिवार की प्रतिष्ठा अगली पीढ़ियों तक जा सकती है?कोर्ट यह देखेगा कि अगर किसी परिवार के नाम की प्रतिष्ठा ट्रेडमार्क जैसी मानी जाए, तो क्या यह प्रतिष्ठा अगली पीढ़ियों तक बनी रह सकती है? अगर हां, तो इसकी कानूनी सीमा क्या होगी? दूसरा सवाल- क्या फेक न्यूज भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन है?कोर्ट यह भी देखेगा कि अगर किसी सेलिब्रिटी या उसके परिवार को लेकर बेहद आपत्तिजनक और झूठी खबरें फैलाई जाती हैं, तो क्या इसे इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का उल्लंघन माना जा सकता है? तीसरा सवाल- क्या मानहानि को भी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जोड़ा जा सकता है?कोर्ट यह समझने की कोशिश करेगा कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली मानहानि को क्या इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के तहत लाया जा सकता है। कोर्ट ने साफ किया कि ये सवाल अंतिम नहीं हैं और मामले में आगे और मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। बच्चन परिवार की लीगेसी का भी मुद्दा आराध्या की तरफ से पेश वकील प्रवीण आनंद ने कहा कि मामला सिर्फ आराध्या की प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि पूरे बच्चन परिवार की प्रतिष्ठा का है। उन्होंने कोर्ट के सामने कहा कि बच्चन परिवार की तस्वीरों और ‘बच्चन’ नाम का इस्तेमाल कर ऐसे वीडियो बनाए गए, जिनमें आराध्या की मौत या कैंसर जैसी झूठी बातें कही गईं। इससे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। यही वजह है कि अब कोर्ट के सामने एक बड़ा सवाल है कि क्या किसी मशहूर परिवार के नाम और उसकी प्रतिष्ठा को एक लीगेसी माना जा सकता है और क्या उस लीगेसी को कानूनी सुरक्षा दी जा सकती है? 15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को करेगा। इस दौरान परिवार की प्रतिष्ठा, फेक न्यूज, मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े सवालों पर आगे चर्चा होगी। इस मामले का फैसला सिर्फ बच्चन परिवार के लिए नहीं, बल्कि दूसरे सेलिब्रिटी परिवारों के लिए भी अहम हो सकता है। इससे यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किसी परिवार के नाम, पहचान, तस्वीर और प्रतिष्ठा को ऑनलाइन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कानून किस तरह सुरक्षा देता है।
‘आवारापन 2’ में हैं वामिका गब्बी के रियल भाई, शाहरुख खान की ‘जीरो’ में भी आ चुके हैं नजर
Awarapan 2: इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ में वामिका गब्बी के रियल भाई ने भी काम किया है। आपने पहचाना? शाहरुख खान की ‘जीरो’ में भी नजर आए थे।
'ओएमजी 2' के निर्देशक अमित राय अपनी नई फिल्म 'ओह माय डॉग' लेकर आए हैं। अपने पालतू कुत्ते से प्रेरित यह फिल्म बेजुबानों के प्रति संवेदनशीलता, मानवीय रिश्तों और सामाजिक मुद्दों को बेहद भावुक अंदाज में पेश करती है। निर्देशक ने खुद इस फिल्म के बारे में इंडिया टीवी से बातचीत की है।
इंजियाज गॉट लेटेंट विवाद में यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना समेत पांच कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज केस को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। इन पर शो में दिव्यांग बच्चे पर गलत कमेंट करने का आरोप था। समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर को भी राहत मिली है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। कोर्ट ने इन पांचों की ओर से दिव्यांग लोगों के लिए जागरूकता और फंड जुटाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। कोर्ट ने कहा कि ये सभी युवा और प्रतिभाशाली हैं और अगर उन्होंने अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाई है, तो इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। हालांकि, दिव्यांग लोगों से जुड़े मुद्दे पर सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि ऑनलाइन और मनोरंजन से जुड़े कंटेंट में दिव्यांग लोगों के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए किस तरह के नियम या दिशा-निर्देश बनाए जा सकते हैं। स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी जैसी गंभीर बीमारी का मजाक बनाया था यह विवाद इंडियाज गॉट लेटेंट के एक एपिसोड से जुड़ा है। शो में दिव्यांग लोगों और SMA (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) जैसी गंभीर बीमारी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे। क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ऐसे मजाक और टिप्पणियां दिव्यांग लोगों की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। साथ ही ऑनलाइन कंटेंट को लेकर बेहतर नियम बनाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने दिव्यांगों के लिए फंड जुटाने का आदेश दिया था नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और चार अन्य कॉमेडियन को दिव्यांग लोगों के लिए काम करने और SMA से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए फंड जुटाने के लिए महीने में कम से कम दो कार्यक्रम करने का निर्देश दिया था। उन्हें अपने कार्यक्रमों में दिव्यांग लोगों को शामिल करने और उनकी उपलब्धियों को सामने लाने के लिए भी कहा गया था। बाद में कोर्ट को बताया गया कि इन कॉमेडियन ने कई कार्यक्रम आयोजित किए और दिव्यांग लोगों को उनमें शामिल किया। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए SMA से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता फैलाने और फंड जुटाने की कोशिश की गई। हालांकि, जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और बाकी चार कॉमेडियन पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने माना था कि पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था। स्टिल अलाइव से समय रैना ने किया कमबैक, लेटेंट 2 भी शुरू विवाद के बाद समय रैना ने 17 अप्रैल 2026 को स्टैंड-अप कॉमेडी शो स्टिल अलाइव से कमबैक किया। शो में उन्होंने विवाद और केस पर बात की। शो के बीच में समय भावुक भी हो गए। इस वीडियो को उनके यूट्यूब चैनल पर 71 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। जून 2026 में नेटफ्लिक्स ने इंडियाज गॉट लेटेंट 2 की घोषणा की। 20 जून 2026 में नेटफ्लिक्स और यूट्यूब पर एक साथ लेटेंट 2 का पहला एपिसोड स्ट्रीम किया गया, जिसमें आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बतौर पैनल गेस्ट पहुंचीं। पहले ही एपिसोड को सिर्फ यूट्यूब में 65 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले। आगे शो में करण औजला, कीकू शारदा, चंदन प्रभाकर, राघव जुयाल, बादशाह जैसे कई सेलेब्स पहुंच रहे हैं। ये शो लगातार ट्रेंड में है।
इंजियाज गॉट लेटेंट विवाद में यूट्यूबर और कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने शुक्रवार को समय रैना समेत पांच कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को रद्द कर दिया। ये मामले दिव्यांग बच्चे को लेकर की गई कथित असंवेदनशील टिप्पणियों से जुड़े थे। समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर को भी राहत मिली है। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने की। कोर्ट ने कहा- ये युवा प्रतिभाशाली हैं सुप्रीम कोर्ट ने इन पांचों की ओर से दिव्यांग लोगों के लिए जागरूकता और फंड जुटाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। कोर्ट ने कहा कि ये सभी युवा और प्रतिभाशाली हैं और अगर उन्होंने अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाई है, तो इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे। कोर्ट ने कहा कि पांचों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म की जाती है। हालांकि, दिव्यांग लोगों से जुड़े बड़े मुद्दे पर सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि ऑनलाइन और मनोरंजन से जुड़े कंटेंट में दिव्यांग लोगों के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए किस तरह के नियम या दिशा-निर्देश बनाए जा सकते हैं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद इंडियाज गॉट लेटेंट के एक एपिसोड से जुड़ा है। शो में दिव्यांग लोगों और SMA (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) जैसी गंभीर बीमारी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इसके बाद समय रैना, विपुल गोयल, बलराज घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर समेत कई लोगों के खिलाफ शिकायतें और आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ऐसे मजाक और टिप्पणियां दिव्यांग लोगों की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। साथ ही ऑनलाइन कंटेंट को लेकर बेहतर नियम बनाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने पहले क्या आदेश दिया था? नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और चार अन्य कॉमेडियन को दिव्यांग लोगों के लिए काम करने और SMA से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए फंड जुटाने के लिए महीने में कम से कम दो कार्यक्रम करने का निर्देश दिया था। उन्हें अपने कार्यक्रमों में दिव्यांग लोगों को शामिल करने और उनकी उपलब्धियों को सामने लाने के लिए भी कहा गया था। बाद में कोर्ट को बताया गया कि इन कॉमेडियन ने कई कार्यक्रम आयोजित किए और दिव्यांग लोगों को उनमें शामिल किया। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए SMA से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता फैलाने और फंड जुटाने की कोशिश की गई। हालांकि, जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और बाकी चार कॉमेडियन पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने माना था कि पहले दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था।
Yash: यश ने कहा, मैं अब भी शाहरुख खान सर का फैन,जिस दिन खुद को उनसे बड़ा समझने लगूंगा उस दिन...
इंटरनेट डेस्क। यश की फिल्म टॉक्सिक का हर किसी को इंतजार है। यश की पहले श्रद्धा कपूर की फिल्म इथा के साथ बॉक्स ऑफिस पर टक्कर होने वाली थी। लेकिन फिर इथा के मेकर्स ने अनाउंस किया कि वे फिल्म की रिलीज को आगे बढ़ा रहे हैं। बता दें कि इससे पहले यश की फिल्म केजीएफ चैप्टर 1 जब रिलीज हुई थी तब शाहरुख खान की जीरो भी रिलीज हुई थी और उस वक्त जीरो तो फ्लॉप हुई लेकिन केजीएफ चैप्टर 1 ब्लॉकबस्टर थी। दरअसल, यश आप की अदालत में आए और इस दौरान का एक प्रोमो सामने आया है। इस दौरान यश बोलते हैं, ‘मैं अब भी शाहरुख खान सर का फैन हूं। हमारी तो छोटी फिल्म थी, लेकिन शाहरुख सर की फिल्म बड़ी तो इसलिए हमने अपनी फिल्म रिलीज की। जीरो ने वर्ल्डवाइड 191 करोड़ की कमाई की थी। वहीं केजीएफ चैप्टर 1 ने 250 करोड़ कमाए थे वर्ल्डवाइड। हालांकि यश का मानना है कि इतनी बड़ी हिट के बावजूद वह शाहरुख खान से बड़े स्टार नहीं बन सकते हैं। यश ने आगे कहा कि वह सुपरस्टार हैं। जिस दिन मैं ये सोचने लगूं कि मैं अपने सीनियर्स से बड़ा हूं तो मेरा हो गया। pc- the hindu
'आवारापन 2' रिलीज होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स यूजर्स ने फर्स्ट डे फर्स्ट शो का रिव्यू दे दिया है। तो चलिए जानते हैं लोगों को कैसी लगी 'आवारापन 2'?
सबा संग हुआ ऋतिक का ब्रेकअप? डेटिंग ऐप पर ढूंढ रहे पार्टनर!
ऋतिक रोशन और सबा आजाद पिछले काफी वक्त से रिलेशनशिप में हैं. इंटरनेट पर अटकलें हैं कि उनका रिश्ता टूट गया है. जानें ऐसा क्यों कहा जा रहा है.
संदीपा धर ने श्रीनगर पहुंचते ही शंकराचार्य मंदिर में 250 सीढ़ियां चढ़कर किए दर्शन
मुंबई, एक्ट्रेस संदीपा धर इन दिनों कश्मीर की वादियों से लगातार खूबसूरत तस्वीरें अपने फैंस के साथ साझा कर रही हैं। एक्ट्रेस ने अपनी इस यात्रा की शुरुआत आध्यात्मिक अनुभव से की। श्रीनगर पहुंचते ही वह सबसे पहले शंकराचार्य मंदिर पहुंचीं। पहाड़ी की चोटी पर बने इस मंदिर तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब 250 सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। रास्ता आसान नहीं था, लेकिन ऊपर पहुंचने के बाद उन्हें जो अनुभव मिला, उसने पूरी थकान भुला दी।
Awarapan 2: इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' हिट होने की रेस में; पहले दिन कमा सकती है 15-20 करोड़
इमरान हाशमी की 'आवरपन 2' और सनी देओल की 'बंटवारा 1947' 14 अगस्त को थिएटर में क्लैश करने वाली हैं। इंडिपेंडेंस डे से एक दिन पहले रिलीज़ हुई इन दोनों फिल्मों में से, 'आवरपन 2' शुरुआती एडवांस बुकिंग और मॉर्निंग शो के आंकड़ों के मामले में सबसे आगे है। 'आवरपन 2' को एडवांस बुकिंग पर ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिला मौजूदा एडवांस बुकिंग आंकड़ों के मुताबिक, 'आवरपन 2' के 9,122 शो के लिए 2.85 लाख से ज़्यादा टिकट बिके। इससे लगभग 8.57 करोड़ रुपये की ग्रॉस कमाई हुई है। अगर ब्लॉक की गई सीटों को भी जोड़ लें, तो यह आंकड़ा लगभग 11.36 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। इस शुरुआती रिस्पॉन्स ने फिल्म की ओपनिंग को लेकर बड़ी उम्मीदें जगा दी हैं। 'बंटवारा 1947' एडवांस बुकिंग में पीछे सनी देओल और प्रीति ज़िंटा की 'बंटवारा 1947' की एडवांस बुकिंग काफ़ी कम रही। फिल्म के 8,886 शो के लिए करीब 65,391 टिकट बिक चुके हैं, जिनसे 1.76 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन हुआ है। ब्लॉक सीटों को मिलाकर यह आंकड़ा करीब 4.21 करोड़ रुपये है। इसलिए, एडवांस बुकिंग में ‘आवरपन 2’ ने ‘बंटवारा 1947’ पर बड़ी बढ़त बना ली है। सुबह के शो में भी ‘आवरपन 2’ को पसंद किया जा रहा है एडवांस बुकिंग के साथ-साथ इमरान हाशमी की फिल्म को सुबह के शो में भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। सुबह 9 बजे के शो में ‘आवरपन 2’ की करीब 21 परसेंट सीटें बुक हो गईं। इसके उलट, ‘बंटवारा 1947’ के सुबह के शो में सिर्फ करीब 8 परसेंट सीटों पर ही ऑडियंस की मौजूदगी देखी गई। इसलिए, यह साफ है कि ‘आवरपन 2’ को शुरुआती दौर में करीब तीन गुना ऑडियंस रिस्पॉन्स मिल रहा है। 19 साल बाद फिर चर्चा में है ‘आवरपन’ की कहानी 2007 में रिलीज़ हुई ‘आवरपन’ शुरू में बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक सफलता हासिल नहीं कर पाई थी। हालांकि, समय के साथ इस फिल्म को एक कल्ट क्लासिक का दर्जा मिल गया। फिल्म में इमरान हाशमी का निभाया शिवम पंडित का किरदार और म्यूजिक दर्शकों को खास तौर पर पसंद आया था। इसलिए, 19 साल बाद आई ‘आवरपन 2’ को लेकर पुराने फैंस में खास उत्सुकता है। ‘आवरपन 2’ की ओपनिंग 15 से 20 करोड़? एडवांस बुकिंग, मॉर्निंग शो में ऑक्यूपेंसी और ऑन-साइट बुकिंग के ट्रेंड को देखते हुए, यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि ‘आवरपन 2’ पहले दिन 15 से 20 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर सकती है। अगर यह अंदाजा सच साबित होता है, तो यह इमरान हाशमी की सोलो फिल्मों में सबसे बड़ी ओपनिंग हो सकती है। क्या पहले दिन 2007 की ‘आवारापन’ से बड़ी ओपनिंग होगी? 2007 में रिलीज़ हुई ओरिजिनल ‘आवारापन’ ने भारत में लगभग Rs 7.76 करोड़ का लाइफटाइम नेट कलेक्शन किया था, जबकि दुनिया भर में इसकी कमाई लगभग Rs 13 करोड़ थी। अगर ‘आवारापन 2’ अभी के अंदाज़ों के हिसाब से शुरू होती है, तो सीक्वल अपनी ओरिजिनल फ़िल्म के पहले दिन के लाइफटाइम कलेक्शन के करीब या उससे भी आगे निकल सकता है। ‘बंटवारा 1947’ के लिए बड़ी चुनौती राजकुमार संतोषी के डायरेक्शन में बनी ‘बंटवारा 1947’ बंटवारे के बैकग्राउंड पर बनी फ़िल्म है। इसमें सनी देओल, प्रीति ज़िंटा और शबाना आज़मी लीड रोल में हैं। हालांकि फ़िल्म एडवांस बुकिंग में पीछे है, लेकिन 15 अगस्त का नेशनल फेस्टिवल और उसके बाद का वीकेंड फ़िल्म के लिए अहम हो सकता है। फ़िल्म की आगे की कमाई काफी हद तक दर्शकों के रिस्पॉन्स पर निर्भर करेगी। सनी देओल की पिछली फिल्मों के मुकाबले धीमी शुरुआत 'बंटवारा 1947' की शुरुआत फिलहाल सनी देओल की कुछ पिछली फिल्मों के मुकाबले धीमी लग रही है। 'बॉर्डर 2' ने पहले दिन Rs 30 करोड़ नेट कमाए, जबकि 'जाट' ने Rs 9.50 करोड़ नेट कमाए। मौजूदा ट्रेंड के हिसाब से, 'बंटवारा 1947' की पहले दिन की कमाई लगभग Rs 5 से 8 करोड़ होने का अनुमान है। 15 अगस्त और वीकेंड से किसे फायदा? आने वाला शनिवार और रविवार दोनों फिल्मों के लिए काफी अहम होने वाला है। 15 अगस्त की छुट्टी से थिएटर में दर्शकों की संख्या बढ़ने की संभावना है। जहां 'आवरपन 2' को सीक्वल और पुराने फैंस का फायदा मिल रहा है, वहीं 'बंटवारा 1947' को देशभक्ति और बंटवारे के बैकग्राउंड पर बनी कहानी से फायदा हो सकता है। हालांकि, आने वाले दिनों में दर्शकों का रिस्पॉन्स और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन आखिरी तस्वीर साफ करने के लिए अहम होंगे।
'तुम से तुम तक' ने पूरे किए 400 एपिसोड, निहारिका चौकसे ने कहा-ये अनु-आर्या के प्यार का सबूत है
टेलीविजन सीरियल 'तुम से तुम तक' ने 400 एपिसोड पूरे कर लिए हैं। सीरियल की मुख्य कलाकार अभिनेत्री निहारिका चौकसे ने आईएएनएस के साथ खुशी जाहिर करते हुए बताया कि यह माइलस्टोन शो की लीड जोड़ी अनु और आर्या के रिश्ते का सबूत है।
इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' में खूंखार विलेन 'जोरावर' को लेकर जबरदस्त सस्पेंस बना हुआ था, लेकिन फिल्म की रिलीज के साथ ही उनके किरदार की तारीफ होने लगी है। लोग जानना चाहते हैं कि वो कौन ह
'7 डॉग्स' : सलमान खान और संजय दत्त की जोड़ी फिर दिखेगी, ट्रेलर ने बढ़ाई फिल्म की हलचल
मुंबई, सलमान खान और संजय दत्त को एक साथ पर्दे पर देखने का अपना ही क्रेज है। दोनों जब भी किसी प्रोजेक्ट में साथ नजर आते हैं, फैंस की दिलचस्पी अपने आप बढ़ जाती है। अब एक बार फिर यह जोड़ी चर्चा में है लेकिन इस बार मामला किसी बॉलीवुड फिल्म का नहीं बल्कि एक बड़े इंटरनेशनल एक्शन प्रोजेक्ट का है।
देशभर में ‘मिर्जापुर’ का भौकाल, PVR INOX बना ‘मिर्जाPVR’; 4 सितंबर को रिलीज होगी फिल्म
‘मिर्जापुर: द मूवी’ की रिलीज से पहले PVR INOX बना ‘मिर्जाPVR’। दिल्ली, मुंबई समेत चुनिंदा शहरों में खास टेकओवर होगा।
बंटवारा 1947 ने मचाया तहलका, सनी देओल की फिल्म को दर्शकों ने बताया 'गदर' जैसा दमदार|
स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले रिलीज हुई सनी देओल स्टारर फिल्म 'बंटवारा 1947' को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
2007 की फिल्म 'अपने' और 'आवारापन' के 19 साल बाद एक बार फिर सनी देओल और इमरान हाशमी की फिल्में आमने-सामने हैं। हाशमी की फिल्म एडवांस बुकिंग के मामले में आगे थी। वही, सनी देओल की फिल्म को फैमिली ऑडियंस का सपोर्ट है।
बंटवारा 1947: सनी देओल की फिल्म देखें या नहीं? पढ़े रिव्यू
Batwara 1947 Review: सनी देओल की बंटवारा 1947 सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। प्रीति जिंटा ने इस फिल्म के जरिए लंबे वक्त बाद फिल्मों में वापसी की है। आइए जानते हैं कैसी है सनी देओल और प्रीति जिंटा की ये फिल्म?
यश अपने फैन के अंतिम संस्कार में क्यों नहीं गए थे? बोले- अगर जाता तो फिर…
यश के एक फैन ने कई साल पहले अपनी लाइफ से नाखुश होकर आत्महत्या कर ली थी। उस फैन की आखिरी इच्छा थी कि उसके अंतिम संस्कार में यश शामिल हों, लेकिन एक्टर नहीं गए थे। अब यश ने इसकी वजह बताई है।
बचपन में स्टेज शो, लता से मिला सम्मान... तलाक के बाद सुनिधि चौहान बनीं बॉलीवुड की मजबूत आवाज
मुंबई, हिंदी फिल्मों के लिए सिंगर सुनिधि चौहान ने रोमांटिक से लेकर इमोशनल समेत कई तरह के गाने गाए और अलग पहचान बनाई। इस पहचान के पीछे उनका एक लंबा सफर रहा है। यह सफर उस समय शुरू हो गया था, जब वह महज 5 साल की थी। इस उम्र में उन्हें मंच पर जाने का मतलब भी ठीक से पता नहीं था।
सुपरस्टार Yash की फिल्म Toxic को मिला A सर्टिफिकेट, 26 अगस्त को सिनेमाघरों में होगी रिलीज
इस साल की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली भारतीय फिल्मों में से एक, डायरेक्टर गीतू मोहनदास की यश-स्टारर टॉक्सिक की वर्ल्डवाइड रिलीज में अब दो हफ्ते से भी कम समय बचा है। 2022 में रिलीज हुई केजीएफ चैप्टर 2 के चार साल बाद सुपरस्टार यश इस गैंगस्टर फिल्म के जरिये बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं, जिससे उनके फैंस बेहद उत्साहित हैं। CBFC ने दिया A सर्टिफिकेट, 194 मिनट लंबी होगी फिल्म एक तरफ जहां फिल्म का प्रमोशन जोरों पर है, वहीं सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन ने भी फिल्म को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही 26 अगस्त को फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। CBFC की वेबसाइट के अनुसार, फिल्म को A सर्टिफिकेट दिया गया है। फिल्म की कुल अवधि 194.12 मिनट यानी लगभग 3 घंटे और 14 मिनट है। इसे भी पढ़ें: Box Office पर Awarapan 2 ने Batwara 1947 को पछाड़ा, एडवांस बुकिंग में कमाए 3.26 करोड़ रुपये प्रोडक्शन से जुड़ी बातें इस एक्शन गैंगस्टर फिल्म को कर्नाटक के बेंगलुरु में सेंसर बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से सर्टिफिकेट मिला है। टॉक्सिक का निर्माण केवीएन प्रोडक्शंस और यश की कंपनी मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स ने मिलकर किया है। सामने आई टॉक्सिक की कहानी सेंसर बोर्ड की जानकारी से फिल्म की कहानी की झलक भी सामने आ गई है। यह बड़े बजट की एक्शन फिल्म आजादी के बाद के गोवा की पृष्ठभूमि पर बनी है, जहां हिंसा और ईर्ष्या का माहौल है। कहानी में एक गैंगस्टर वफादारी, सही-गलत के फैसले और खुद को बदलने की जद्दोजहद से गुजरता है। जबरदस्त एक्शन और नैतिक उलझनों के साथ, यह फिल्म दिखाती है कि अंधेरे के बीच खुद को सुधारने की क्या कीमत चुकानी पड़ती है। इसे भी पढ़ें: Crime Patrol के नए होस्ट बने Ajay Devgn, शो से रिप्लेस होने पर Anup Soni ने तोड़ी चुप्पी फिल्म के कलाकारों के बारे में फिल्म में यश के अलावा कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत मुख्य भूमिकाओं में हैं। राजीव रवि ने फिल्म की सिनेमैटोग्राफी की है, जबकि रवि बसरूर, विशाल मिश्रा और तनिष्क बागची ने इसका म्यूजिक दिया है। फिल्म का प्रोडक्शन डिजाइन टीपी आबिद और एडिटिंग उज्ज्वल कुलकर्णी ने की है।
'जेन-जी' को लेकर कंगना रनौत ने दी सफाई
मुंबई, एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत ने राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान 'जेन-जी' पर अपनी पिछली टिप्पणी को लेकर सफाई दी है।
करिश्मा कपूर : 'महबूब मेरे' का मजेदार किस्सा किया शेयर बोली- गाने में मैं ऋतिक रोशन को ढूंढ रही थीं
मुंबई, अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने 90 के दशक से हिंदी सिनेमा में राज किया है और अभी भी उनके प्रति दीवानगी लोगों के दिलों में कायम हैं। अभिनेत्री ने हाल ही में फिल्म 'फिजा' के मशहूर गाने 'महबूब मेरे' की अनकही कहानी बताई।
Awarapan 2 Review: इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ कैसी है, थिएटर्स में देखने लायक है या नहीं?
Awarapan 2 Review in Hindi: इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन 2’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म की टिकट बुक करने से पहले इसका स्पॉइलर फ्री रिव्यू पढ़ लीजिए।
Batwara 1947 Review: फिल्म 'बंटवारा 1947' आज 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। कैसी है भारत और पाकिस्तान के विभाजन की पृष्ठिभूमि पर बनी यह फिल्म? यहां पढ़िए रिव्यू
कन्नड़ एक्ट्रेस रिशिका सिंह ने यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर में महिलाओं के चित्रण और बोल्ड सीन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेलर में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से नहीं दिखाया गया। उन्होंने फिल्म के लीड एक्टर यश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो उन्हें कर्नाटक से निकाल दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में रिशिका ने टॉक्सिक के ट्रेलर में दिखाए गए सीन पर निराशा जताई। उन्होंने यश पर बात करते हुए पूछा कि उन्होंने ऐसे दृश्यों का हिस्सा बनने का फैसला क्यों किया, जिनमें महिलाओं को सम्मान के साथ नहीं दिखाया गया। रिशिका ने यह भी कहा कि यश पति और पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि कन्नड़ सिनेमा आगे बढ़े और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म कन्नड़ में बन रही है और इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस भी काम कर रही हैं। लेकिन ट्रेलर में महिलाओं को जिस तरह दिखाया गया, वह मुझे पसंद नहीं आया।” उन्होंने सवाल किया कि क्या फिल्म में पुरुषों के अहंकार को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि महिला किरदारों को उतनी ही अहमियत नहीं मिली। कियारा समेत पांच एक्ट्रेसेस के किरदारों पर सवाल रिशिका ने कहा कि टॉक्सिक में कई प्रमुख महिला कलाकार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ट्रेलर में इन महिलाओं को अच्छे या सम्मानजनक तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने पूछा, “फिल्म में पांच महिला कलाकार हैं। क्या इनमें से एक को भी खूबसूरत या तारीफ के लायक तरीके से दिखाया गया है?” कियारा को बॉलीवुड से लाकर ऐसा क्यों दिखाया गया- रिशिका रिशिका ने ट्रेलर के उस डायलॉग का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला से उसका “रेट” पूछा जाती है। उन्होंने फिल्म में इस लाइन को शामिल करने पर सवाल उठाया और खास तौर पर फिल्म में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी का नाम लिया। उन्होंने पूछा, “कियारा आडवाणी को बॉलीवुड से लाकर इस तरह क्यों दिखाया गया?” रिशिका ने यश के फैंस से यह भी सोचने को कहा कि अगर किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहीं उनकी पत्नियों के बारे में ऐसा ही बयान दिया जाता, तो वे कैसी प्रतिक्रिया देते। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना निर्देशक गीतू मोहनदास के खिलाफ नहीं है। रिशिका के मुताबिक, गीतू की अपनी रचनात्मक सोच है और हो सकता है कि वह “हमारी” संस्कृति को उसी तरह नहीं समझती हों। हालांकि, रिशिका ने सवाल किया कि कर्नाटक से होने के बावजूद यश ने इस तरह के चित्रण को मंजूरी क्यों दी। उन्होंने यश से सीधे कहा कि पुरुषों में गरिमा होनी चाहिए और महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। रिशिका बोलीं- महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो कर्नाटक खाली करवाएंगे वीडियो के आखिर में रिशिका ने कहा कि महिलाओं का सम्मान नहीं करने पर लोगों को कर्नाटक छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो हम आपको कर्नाटक से खाली करवा देंगे।” कियारा ने कहा- फिल्म में हर महिला किरदार अलग टॉक्सिक में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी पहले ही उन दावों को खारिज कर चुकी हैं, जिनमें कहा गया था कि फिल्म में महिला किरदारों को पीछे रखा गया है। कियारा के मुताबिक, फिल्म में हर महिला किरदार की अपनी अलग भूमिका और व्यक्तित्व है। उन्होंने फेमिना को दिए इंटरव्यू में कहा, “हर महिला अपने साथ अपनी ऊर्जा और अलग पहचान लेकर आई है। मुझे लगता है कि दर्शक एक ही सिनेमाई दुनिया में ऐसे अलग-अलग महिला किरदारों को देखकर आनंद लेंगे।” कौन हैं रिशिका सिंह रिशिका सिंह दिग्गज कन्नड़ फिल्म निर्माता राजेंद्र सिंह बाबू की बेटी हैं। वह ‘कल्ला मल्ला सुल्ला’, ‘बेंकी बिरुगाली’, ‘कंठीरवा’ और ‘थुंतारू’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। रिशिका ‘बिग बॉस कन्नड़’ के पहले सीजन में कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं।
शो का नया प्रोमो सामने आया है, जिसमें पवन सिंह ने अपनी लव लाइफ शॉकिंग बात बताई हैं। ये प्रोमो इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रहा है।
'आवारापन' एक्ट्रेस ने छोड़ा शोबिज, 19 साल बाद पहचानना मुश्किल
मृणालिनी 'प्रीमियर हैंडबॉल लीग' की चीफ मार्केटिंग ऑफिसर और को-फाउंडर हैं. बतौर को-फाउंडर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर वो एक बड़ी जिम्मेदारी निभा रही हैं.
यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स’ जल्द ही रिलीज होने वाली है। अब फिल्म को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जानिए क्या है पूरा मामला।
'बंटवारा 1947' 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी इस भावुक फिल्म में सनी देओल और प्रीति जिंटा के अभिनय तथा देशभक्तिपूर्ण कहानी को दर्शकों से शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है।
तुकाराम मुंढे की सख्ती की देवोलीना ने की तारीफ, बोलीं- ऐसे अफसर हों तो अपराधी 100 बार सोचेंगे|
टीवी एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने महाराष्ट्र एफडीए कमिश्नर आईएएस तुकाराम मुंढे की कार्यशैली और ईमानदारी की सराहना की है।
Lakshya Next Film: अभिनेता लक्ष्य को लेकर खबर है कि वे अब प्रोसित रॉय की अगली फिल्म में नजर आएंगे। यह एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर ड्रामा होगी।
The Traitors 2: रिया चक्रवर्ती ने बयां किया अपना दुख, बोलीं- ‘अब खुद को निर्दोष साबित…’’
शो 'द ट्रेटर्स 2' के दौरान अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद आईं मुश्किलों पर बात की। उन्होंने कोर्ट द्वारा क्लीन चिट मिलने पर भी अपनी राय रखी।
टीवी अभिनेत्री सोनाक्षी बत्रा इन दिनों शो 'जगद्धात्री' में अपने किरदार को लेकर चर्चा में हैं। पर्दे पर एक मजबूत और साहसी महिला का किरदार निभाते-निभाते इस भूमिका ने उनकी निजी सोच पर भी गहरा असर डाला है। खासकर देशभक्ति को लेकर उनका नजरिया पहले से काफी बदल गया है।
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Govinda: कोमल रानी असल में कहां से है? जिसकी गोविंदा के अफेयर की हो रही है चर्चा, जानें डिटेल्स
PC: TV9 बॉलीवुड एक्टर गोविंदा पिछले कुछ दिनों से अपनी फिल्मों से ज़्यादा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। एक तरफ गोविंदा के कमबैक की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ उनके अफेयर की भी बातें हो रही हैं। इसी बीच, गोविंदा को एयरपोर्ट पर एक 37 साल की लड़की के साथ स्पॉट किया गया। लड़की का नाम कोमल रानी स्वर्णकार बताया जा रहा है। गोविंदा और कोमल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। खबर है कि कोमल एक स्ट्रगलिंग एक्ट्रेस हैं। कोमल को रानी स्वर्णकार के नाम से भी जाना जाता है। उन्हें अक्सर गोविंदा के साथ पब्लिक में देखा गया है। कोमल बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं। गोविंदा की आने वाली फिल्म 'रूपा' से जुड़ने से पहले दर्शक उन्हें ज़्यादा नहीं जानते थे। कहा जा रहा है कि इस फिल्म से गोविंदा 7 साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी करेंगे। हालांकि उत्तर प्रदेश की रहने वाली कोमल हिंदी सिनेमा में नई हैं, लेकिन वह फिलहाल गोविंदा के साथ नाम जुड़ने की वजह से चर्चा में हैं। शुरुआत में इसे मराठी बताया गया था, लेकिन अब यह दावा झूठा बताया जा रहा है।
तारक मेहता में फूड सेफ्टी का मुद्दा, नकली ब्रांड से लेकर FDA की सख्ती तक दिखाई पूरी कहानी|
महाराष्ट्र एफडीए द्वारा डोमिनोज के लाइसेंस रद्द करने के बीच 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' शो में खाद्य सुरक्षा और नकली उत्पादों का मुद्दा उठाया गया है।
Batwara 1947 X Review: फिल्म 'बंटवारा 1947' रिलीज हो चुकी है। फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे दर्शक फर्स्ट डे फर्स्ट शो देख चुके हैं और नेटिजंस सोशल मीडिया पर अपना रिएक्शन साझा कर रहे हैं। जानिए फिल्म ने कितना जादू किया?
स्वतंत्रता दिवस पर 'आवारापन 2' और 'बंटवारा 1947' के बीच बॉक्स ऑफिस पर कड़ा मुकाबला जारी है। ₹8 करोड़ से अधिक की शानदार एडवांस बुकिंग के साथ इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' सनी देओल की फिल्म पर भारी पड़ती दिख रही है।
सनी देओल की फिल्म बंटवारा 1947 रिलीज हो गई है और अगर भी फिल्म देखने का सोच रहे हैं तो पहले ये दर्शकों के ट्विटर रिव्यू को पढ़ लीजिए।
इमरान हाशमी की मच अवेटेड फिल्म ‘आवारापन 2’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। जानिए फिल्म को लेकर यूजर्स की कैसी राय है।
फिल्म ‘टॉक्सिक’ के म्यूजिक लॉन्च इवेंट में यश ने कियारा आडवाणी के प्रेग्नेंटहोने के बाद भी लगातार काम के प्रति समर्पित होने की बात की। इसके साथ ही यह भी बताया कि सेट पर कियारा का ध्यान किस तरह रखा गया।
रेटिंग: 3.5ड्यूरेशन: 2 घंटे 25 मिनटकास्टः इमरान हाशमी, दिशा पाटनीडायरेक्टर: नितिन कक्कड़ 2007 की आवारापन अपने दर्द, मोहब्बत और संगीत की वजह से आज भी याद की जाती है। आवारापन 2 उसी भावनात्मक विरासत को आगे बढ़ाती है। इस बार शिवम की लड़ाई सिर्फ उसके अतीत से नहीं, बल्कि बच्चों की तस्करी के एक बड़े गिरोह से भी है। फिल्म में एक्शन और रोमांस है, लेकिन इसकी असली ताकत दर्द, रिश्तों और संगीत में है। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी पुराने आवारापन के फ्लैशबैक से शुरू होती है और फिर शिवम पंडित (इमरान हाशमी) की जिंदगी में लौटती है। शिवम एक अनाथालय चलाता है, जहां आलिया नाम की एक बच्ची रहती है। गोद लेने के बहाने कुछ लोग आलिया को अपने साथ ले जाते हैं और बाद में पता चलता है कि वह मानव तस्करी के गिरोह के हाथों पहुंच गई है। इसी बीच इंटरपोल का एक अधिकारी शिवम से संपर्क करता है और उसे बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह तक पहुंचने का मिशन देता है। शिवम बैंकॉक पहुंचता है, जहां उसका सामना पूरन गब्बी से होता है। इसी दौरान उसकी मुलाकात गैंगस्टर की बेटी दिशा (दिशा पाटनी) से होती है, जो आगे चलकर उसका साथ देती है। मिशन के साथ शिवम अपने पुराने दर्द और रिश्तों का भी सामना करता है। कैसी है कलाकारों की एक्टिंग? इमरान हाशमी पूरी फिल्म को अपने कंधों पर लेकर चलते हैं। शिवम के दर्द, गुस्से और अकेलेपन में वही पुरानी आवारापन वाली इंटेंसिटी दिखाई देती है। उनका बदला हुआ लुक और बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन भी किरदार पर खूब जंचता है। शबाना आजमी नफीसा के किरदार में बड़ा सरप्राइज हैं और अपने चेहरे और आवाज से खौफ पैदा करती हैं। दिशा पाटनी की स्क्रीन मौजूदगी अच्छी है, हालांकि उनके भाव कई जगह एक जैसे लगते हैं। पूरन गब्बी ठीक हैं, लेकिन इमरान हाशमी की इंटेंस मौजूदगी के सामने थोड़ा हल्का महसूस होते हैं। किरदार में थोड़ा और खौफ और वजन होता तो असर बढ़ सकता था। वहीं सुविंदर विक्की अपनी मौजूदगी से प्रभावित करते हैं। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? नितिन कक्कड़ ने पुराने आवारापन की भावनात्मक दुनिया को नए एक्शन और अपराध की कहानी के साथ जोड़ने की कोशिश की है। शिवम के दर्द और उसके मिशन के बीच संतुलन अच्छा है। फिल्म का भावनात्मक पक्ष कई जगह असर करता है, हालांकि कुछ दृश्य लंबे लगते हैं और कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती है। थोड़ी और कसावट इसे ज्यादा प्रभावी बना सकती थी। कैसे हैं फिल्म के टेक्निकल पहलु? विष्णु राव की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के डार्क और गंभीर माहौल को अच्छी तरह पकड़ती है। बैंकॉक की लोकेशन, एक्शन और भावनात्मक सीन में विजुअल्स प्रभाव छोड़ते हैं। हालांकि कुछ जगह एक्शन और प्रोडक्शन के स्तर पर और बेहतर काम की गुंजाइश महसूस होती है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का संगीत इसकी बड़ी ताकत है। आवारापन की पुरानी यादों को बनाए रखते हुए नए गानों में भी दर्द, मोहब्बत और नॉस्टेल्जिया का रंग है। ‘वे जुनून’, ‘ये आवारापन’, ‘तेरा मेरा रिश्ता कंटीन्यूज’ और ‘तेरे लिए’ फिल्म के भावनात्मक हिस्से को मजबूत करते हैं। पुराने गानों वाली वही गहराई हर जगह नहीं मिलती, लेकिन संगीत फिल्म के मूड को जरूर पकड़ता है। फाइनल वर्डिक्ट: फिल्म देखें या नहीं? आवारापन 2 कहानी में बहुत नया नहीं देती, लेकिन इमरान हाशमी का दर्द, शबाना आजमी की दमदार मौजूदगी और संगीत इसे देखने लायक बनाते हैं। अगर पहली आवारापन का दर्द और संगीत आज भी याद है, तो यह फिल्म उस एहसास के करीब जरूर ले जाएगी। दर्द वही है, इश्क वही है, बस शिवम की लड़ाई इस बार बड़ी है।
बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस रानी मुखर्जी ने अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जानिए क्या है पूरा मामला।
2026 में सबसे ज्यादा देखी गई अरशद वारसी की वेब सीरीज, मिले 27 मिलियन व्यूज, IMDb पर है 7.8 रेटिंग
राजकुमार हिरानी की ‘प्रीतम एंड पेड्रो’ ने साल 2026 के OTT चार्ट में टॉप किया है। ये वेब सीरीज भारत की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली वेब सीरीज बन गई है। इसे 27 मिलियन बाक देखा गया है।
Emraan Hashmi Movie Awarapan: फिल्म 'आवारापन 2' सिनेमाघरों में आज 14 अगस्त को रिलीज हुई है। यह फिल्म साल 2007 में आई 'आवारापन' का सीक्वल है।
थिएटर रिलीज के बाद हर किसी को 'कॉकटेल 2' के ओटीटी रिलीज का बेसब्री से इंतजार था। ऐसे में ये रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'कॉकटेल 2' अब स्ट्रीमिंग पर रिलीज होने जा रही है।
BB 20 Confirm Contestant: Bigg Boss
Bigg Boss 20 Confirm Contestant:
'फाड़ दूंगा...' श्वेता तिवारी संग शादी की खबरों पर भड़का एक्टर
श्वेता तिवारी संग अफेयर की खबरों पर रिएक्ट करते हुए विशाल ने कहा- सोशल मीडिया है. कोई कुछ भी बोल सकता है. इसकी वजह से वो इंसान भी बोल रहा है, जिसकी औकात नहीं है.
‘आवारापन 1’ की कहानी कहां खत्म हुई थी, क्या ‘आवारापन 2’ की टिकट बुक करने से पहले देखना होगा पार्ट 1?
इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ आज सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ के साथ रिलीज हो गई है। अगर आप इस फिल्म को थिएटर्स में देखने का प्लान बना रहे हैं, तो उससे पहले यह आर्टिकल पढ़ना आपके लिए बेहद जरूरी है।
बॉलीवुड एक्टर सनी देओल फिल्म बंटवारा 1947 के चलते काफी चर्चाओं में हैं। इस बीच प्रमोशन करने पहुंचे एक्टर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जानिए वीडियो में क्या कुछ है खास।
परिवार के खिलाफ जाकर शादी करने पर गौहर खान-जैद दरबार बोले- किसी को दिक्कत है तो...
गौहर खान और जैद दरबार की जोड़ी को फैंस बहुत पसंद करते हैं। अब दोनों ने बताया कि कैसे जब परिवार वाले उनकी शादी के खिलाफ थे तो उन्होंने क्या कहा था।
कियारा ने प्रेग्नेंसी में की 'टॉक्सिक', परेशान थे यश, बने बॉडीगार्ड!
मूवी टॉक्सिक की रिलीज डेट नजदीक है. गुरुवार को इसके एल्बम लॉन्च इवेंट में यश ने फिल्म की हीरोइनों की तारीफ की. खासतौर पर कियारा आडवाणी के डेडिकेशन की उन्होंने सराहना की.
Preity Zinta Look In Batwara 1947: फिल्म 'बंटवारा 1947' आज 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इससे पहले प्रीति जिंटा ने फिल्म से अपने लुक टेस्ट की फोटो शेयर किया है।
रिया चक्रवर्ती शो द ट्रेटर्स में नजर आ रही हैं। रिया के शो में आने से फैंस काफी हैरान हुए हैं। अब रिया ने शो में करण से बात करते हुए अपना एक एक्सपीरियंस शेयर किया है।
पुणे में एक्टर संजय दत्त के नाइटक्लब Ballr पर कॉपीराइट विवाद खड़ा हो गया है। क्लब में बिना इजाजत कॉपीराइट वाले गाने बजाए जा रहे थे। फोनोग्राफिक परफॉर्मेंस लिमिटेड (PPL) इंडिया ने बॉम्बे हाई कोर्ट में शिकायत की कि क्लब में बिना लाइसेंस कॉपीराइट म्यूजिक का इस्तेमाल हो रहा है। कोर्ट ने PPL को अंतरिम राहत देते हुए Ballr को जरूरी लाइसेंस के बिना अपने कलेक्शन की साउंड रिकॉर्डिंग सार्वजनिक रूप से बजाने से रोक दिया। PPL के एक प्रतिनिधि ने 24 जून को Ballr का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने क्लब में PPL के कलेक्शन के कई कॉपीराइट वाले गाने बजते हुए पाए। Ballr के मालिक एक्टर संजय दत्त और हेरंब शेलके हैं। इन गानों में ‘बदतमीज दिल’, ‘मौजा ही मौजा’, ‘दर्द-ए-डिस्को’, ‘ओ साकी साकी’ और ‘दस बहाने’ शामिल हैं। लिस्ट में जस्टिन बीबर और दुआ लिपा के गाने भी क्लब में बजाए जा रहे गानों की लिस्ट में इंटरनेशनल सॉन्ग भी शामिल थे। इनमें जस्टिन बीबर का ‘व्हाट डू यू मीन’ और दुआ लिपा का ‘लेविटेटिंग’ शामिल है। PPL का दावा है कि इन सभी साउंड रिकॉर्डिंग का कॉपीराइट उसी संस्था के पास है। 7 अगस्त के आदेश में बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाइटक्लब के मालिकों को जरूरी नॉन-एक्सक्लूसिव पब्लिक परफॉर्मेंस लाइसेंस के बिना PPL के कलेक्शन की साउंड रिकॉर्डिंग बजाने या इस्तेमाल करने से रोक दिया। पहले लिया था लाइसेंस, एक्सपायर होने के बाद रिन्यू नहीं कराया सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि Ballr ने पहले PPL इंडिया से उसके कलेक्शन का म्यूजिक इस्तेमाल करने के लिए कॉपीराइट लाइसेंस लिया था। PPL इंडिया कॉपीराइट वाली साउंड रिकॉर्डिंग के लाइसेंस का काम देखती है। हालांकि, यह लाइसेंस एक्सपायर हो गया था और इसे रिन्यू नहीं कराया गया। इस बात को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने PPL को अंतरिम राहत दी और Ballr में बिना जरूरी इजाजत कॉपीराइट वाली रिकॉर्डिंग इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया। PPL का कहना है कि मनोरंजन के लिए कॉपीराइट म्यूजिक बजाने वाले कमर्शियल संस्थानों को जरूरी लाइसेंस लेना होगा। संस्था उन जगहों पर भी नजर रख रही है, जहां बिना इजाजत उसकी रिकॉर्डिंग का इस्तेमाल हो सकता है। PPL के वकील बोले- बिना मंजूरी इस्तेमाल पर कानूनी नतीजे हो सकते हैं आदेश के बाद PPL के वकील हितेन वासन ने कहा कि संस्था उन मामलों की पहचान करना जारी रखेगी, जहां बिना जरूरी मंजूरी कॉपीराइट वाले संगीत का इस्तेमाल किया जा रहा है। वासन ने कहा, “बॉम्बे हाई कोर्ट का अंतरिम आदेश साफ मैसेज देता है कि कॉपीराइट वाले संगीत का बिना मंजूरी लगातार इस्तेमाल करने पर गंभीर कानूनी नतीजे हो सकते हैं।” यह अंतरिम आदेश है, अंतिम फैसला नहीं कोर्ट का आदेश इस मामले में अंतरिम कदम है। यह विवाद से जुड़े सभी मुद्दों पर अंतिम फैसला नहीं है। फिलहाल, Ballr को जरूरी लाइसेंस लिए बिना PPL के कलेक्शन की रिकॉर्डिंग इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है। PPL की शिकायत के बाद कमर्शियल जगहों पर म्यूजिक लाइसेंस के मुद्दे पर फिर ध्यान गया है। कमर्शियल जगहों को अपने मेहमानों के लिए कॉपीराइट वाले गाने बजाने से पहले जरूरी मंजूरी लेनी होती है।
सोनू निगम बोले, अगर आज के दौर में मैंने ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल नहीं किया तो…
सोनू निगम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह भी अपने कुछ गानों में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करते हैं। बता दें, ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल सिंगर के गाने को बेहतर बनाने के लिए होता है।
'स्पाइडर मैन- ब्रांड न्यू डे' के जबरदस्त क्रेज के बीच हिंदी फिल्म ‘ओह माय डॉग’ और साउथ इंडियन फिल्म ‘डीसी द ब्लडी वैलेंटाइन’ भी थिएटर्स में लगी हुई हैं। जानिए इन फिल्मों ने सभी फिल्मों ने गुरुवार को कितनी कमाई की है।
दक्षिण भारतीय सिनेमा की 'लेडी सुपरस्टार' के रूप में पहचान बना चुकीं तृषा कृष्णन आज भी लाखों दिलों पर राज करती हैं। अपनी बेहतरीन अदाकारी, दिलकश खूबसूरती और फिल्मों के शानदार चयन को लेकर वे हमेशा मीडिया की सुर्खियों में रहती हैं। हालांकि, उनकी पेशेवर जिंदगी जितनी चमकदार और सफल रही है, व्यक्तिगत जीवन में उन्हें कई ऐसे मोड़ों का सामना करना पड़ा है जिसने उनके प्रशंसकों को हैरान कर दिया। आज से लगभग 11 साल पहले, तृषा की जिंदगी में एक ऐसा पड़ाव आया था जब उनकी शादी की तैयारियां अपने चरम पर थीं। बिजनेसमैन और फिल्म प्रोड्यूसर वरुण मनियन के साथ उनकी सगाई हो चुकी थी और शादी के कार्ड तक बांटे जाने लगे थे। लेकिन अचानक आई एक खबर ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को स्तब्ध कर दिया—सगाई टूटने और शादी रद्द होने की खबर।जब सगाई के जश्न के बीच शुरू हुआ शादी की तैयारियों का दौरसाल 2015 की शुरुआत तृषा कृष्णन के फैंस के लिए बेहद खास खबर लेकर आई थी। काफी समय से चले आ रहे कयासों पर विराम लगाते हुए तृषा ने उद्योगपति और चेन्नई के मशहूर बिजनेसमैन वरुण मनियन के साथ अपने रिश्ते को आधिकारिक रूप दिया था। जनवरी 2015 में दोनों ने बेहद निजी लेकिन भव्य समारोह में सगाई की। इस सगाई में दक्षिण भारतीय सिनेमा जगत की कई नामी हस्तियां शामिल हुई थीं। हर तरफ सिर्फ तृषा और वरुण के रिश्ते की ही चर्चा हो रही थी। सगाई के बाद शादी की तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गईं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी की तारीख तय कर ली गई थी, भव्य वेडिंग वेन्यू बुक हो चुके थे और शादी के खूबसूरत निमंत्रण पत्र भी छपकर रिश्तेदारों और करीबियों तक पहुंचाए जा रहे थे। सब कुछ किसी फिल्मी पटकथा की तरह सही और सुखद लग रहा था।अचानक आई रिश्तों में दरार और शादी रद्द होने का फैसलासगाई के महज कुछ ही महीनों बाद अचानक यह खबर सामने आई कि तृषा और वरुण ने अपनी सगाई तोड़ दी है और शादी रद्द कर दी गई है। जिस रिश्ते की हर तरफ मिसाल दी जा रही थी, उसका इस तरह अचानक समाप्त हो जाना हर किसी के लिए हैरान करने वाला था। शादी के छपे हुए कार्ड धरे के धरे रह गए और दोनों परिवारों ने इस मामले पर पूरी तरह से चुप्पी साध ली। शुरुआत में इसे महज एक अफवाह माना जा रहा था, लेकिन जब तृषा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से वरुण मनियन के साथ की तस्वीरें हटानी शुरू कीं, तब यह स्पष्ट हो गया कि दोनों के रास्ते हमेशा के लिए अलग हो चुके हैं। इस घटना ने तमिल और तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ पूरे देश के मीडिया का ध्यान आकर्षित किया।क्या थी शादी टूटने की असली वजह? करियर या कुछ और?तृषा और वरुण के ब्रेकअप को लेकर मीडिया में कई तरह की बातें सामने आने लगीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी टूटने की मुख्य वजह तृषा का फिल्मी करियर था। कहा जाता है कि वरुण मनियन का परिवार शादी के बाद तृषा के फिल्मों में काम करने के सख्त खिलाफ था। वरुण का परिवार चाहता था कि तृषा शादी के बाद अभिनय की दुनिया को अलविदा कह दें और पूरी तरह से घरेलू जीवन अपना लें। हालांकि, तृषा अपने अभिनय और सिनेमा के प्रति अपने समर्पण को छोड़ने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थीं। उनके लिए उनका स्वाभिमान और करियर बेहद मायने रखता था। तृषा का मानना था कि शादी के बाद भी महिला को अपनी पहचान और काम को कायम रखने का पूरा हक है। करियर को लेकर उभरे इसी मतभेद ने दोनों के बीच दूरी पैदा कर दी।सगाई समारोह का वो विवाद और धनुष की मौजूदगीशादी टूटने के पीछे एक और बड़ी वजह सगाई के दौरान हुए एक विवाद को माना जाता है। मीडिया गलियारों में चल रही खबरों के अनुसार, तृषा और वरुण की सगाई के फंक्शन में साउथ एक्टर धनुष भी बतौर मेहमान शामिल हुए थे। धनुष तृषा के बहुत अच्छे दोस्त माने जाते थे। हालांकि, उस समय वरुण मनियन और धनुष के बीच व्यावसायिक या व्यक्तिगत स्तर पर कुछ अनबन चल रही थी। बताया जाता है कि सगाई के दौरान धनुष की मौजूदगी को लेकर वरुण के परिवार ने आपत्ति जताई थी, जिससे माहौल थोड़ा तनावपूर्ण हो गया था। इस घटना के बाद तृषा और वरुण के रिश्तों में और अधिक कड़वाहट आ गई, जिसने आखिरकार सगाई टूटने की आग में घी का काम किया।आत्मसम्मान और करियर के लिए तृषा का कड़ा फैसलाजब किसी रिश्ते में शर्ते और बंदिशें हावी होने लगती हैं, तो एक मजबूत इंसान अपने स्वाभिमान को चुनता है। तृषा कृष्णन ने भी ठीक यही किया। शादी जैसी बड़ी सामाजिक व्यवस्था के सामने झुकने के बजाय, उन्होंने अपनी शर्तों पर जीने का रास्ता चुना। उन्होंने साफ कर दिया कि वे किसी के दबाव में आकर अपना अभिनय करियर नहीं छोड़ेंगी। 11 साल पहले लिया गया वह फैसला तृषा के लिए आसान नहीं रहा होगा, क्योंकि सगाई टूटने के बाद मीडिया की तीखी सुर्खियों और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ता है। लेकिन तृषा ने बेहद गरिमा और परिपक्वता के साथ इस दौर का सामना किया और अपना पूरा ध्यान फिर से फिल्मों पर केंद्रित किया।ब्रेकअप के बाद सिनेमा की दुनिया में धमाकेदार वापसीशादी टूटने के झटके से उबरने के बाद तृषा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे सिनेमा की असली क्वीन हैं। उन्होंने एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया और अपने बेहतरीन अभिनय से आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। मणिरत्नम की महागाथा 'पोन्नियिन सेल्वन' में 'कुंदवई' के किरदार में उनके अभिनय ने पूरे भारत में तहलका मचा दिया। उनकी इस भूमिका को ऐतिहासिक सफलता मिली और वे फिर से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गईं। इसके अलावा थलपति विजय के साथ फिल्म 'लियो' में भी उनकी केमिस्ट्री और दमदार अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। तृषा ने यह साबित कर दिया कि एक व्यक्तिगत असफलता किसी कलाकार के करियर को समाप्त नहीं कर सकती।आज भी अपनी शर्तों पर जी रही हैं साउथ की 'क्वीन'तृषा कृष्णन की यह कहानी न केवल मनोरंजन जगत का एक चर्चित किस्सा है, बल्कि यह उन तमाम महिलाओं के लिए एक प्रेरणा भी है जो अपने सपनों और आत्मसम्मान से समझौता नहीं करना चाहतीं। आज 11 साल बाद भी तृषा अपनी शर्तों पर जीवन जी रही हैं और अपने काम से बेहद खुश हैं। वे दक्षिण भारतीय सिनेमा की सबसे अधिक फीस लेने वाली और मांग में रहने वाली अभिनेत्रियों में से एक हैं। उनका जीवन यह सिखाता है कि रिश्ते वही सही होते हैं जो आपकी पहचान का सम्मान करें, न कि उसे मिटाने की कोशिश करें। तृषा ने अपने करियर को चुनकर जो मिसाल कायम की, उसकी सराहना आज भी उनके प्रशंसक करते हैं।
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Mystery Thriller: आज सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ और इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ आने वाली है। इस बीच, थिएटर्स में पंकज त्रिपाठी की भी एक फिल्म आई है।
सनी देओल की फिल्म ‘बंटवारा 1947’ और इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ के बीच क्लैश होगा। लेकिन 19 साल पहले जब इनकी फिल्में ‘अपने’ और ‘आवारापन’ टकराई थीं तो बॉक्स ऑफिस पर क्या परिणाम रहा था?जानिए।
शाहरुख खान को लेकर यश बोले- जिस दिन उनसे बड़ा खुद को समझने लगूं, उस दिन…
शाहरुख खान एक ऐसे स्टार हैं जिनकी फैन फॉलोइंग ना सिर्फ इंडस्ट्री के बाहर बल्कि अंदर भी है। अब सुपरस्टार यश ने बताया कि वह शाहरुख के फैन रहे हैं।
3 घंटे 14 मिनट तक थर्रा उठेंगे थिएटर्स, यश की 'टॉक्सिक' सेंसर से पास
कन्नड़ सुपरस्टार यश की 'टॉक्सिक: अ फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' एक आने वाली एक्शन-एंटरटेनर फिल्म है, इसका निर्देशन गीतू मोहनदास कर रही हैं. सेंसर बोर्ड की तरफ से इसे पास कर दिया गया है.
कियारा आडवाणी ने प्रेग्नेंसी में की टॉक्सिक की शूटिंग, यश बोले- उनके बॉडीगार्ड्स और बाउंसर उनका...
यश की फिल्म टॉक्सिक रिलीज से बस कुछ कदम दूर है। फिल्म को लेकर ना सिर्फ एक्टर्स बल्कि फैंस में भी काफी एक्साइटमेंट है क्योंकि इसकी रिलीज का काफी समय से इंतजार किया जा रहा है।
आज सिनेमाघरों में सनी देओल की फिल्म ‘बंटवारा 1947’ और इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ के बीच क्लैश देखने को मिलेगा। जानिए एक्सपर्ट्स की राय में किस फिल्म को मिलेगी बड़ी ओपनिंग?
आर्मी हॉस्पिटल की जिंदगी पर आधारित शो ‘108 बेस हॉस्पिटल: उरी’ 15 अगस्त से टीवी और ओटीटी पर प्रसारित होने जा रहा है। 30 एपिसोड का यह फाइनाइट शो हर शनिवार और रविवार को दिखाया जाएगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो के मुख्य कलाकार गश्मीर महाजनी और एरिका फर्नांडिस ने अपने किरदारों, करियर बनाम पर्सनल लाइफ, डेली सोप के खिंचते फॉर्मेट और कश्मीर बॉर्डर पर शूटिंग के अपने अनुभवों पर खुलकर बात की। पढ़िए इस बातचीत के प्रमुख अंश.… सवाल: 15 अगस्त से शुरू हो रहे शो '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' में आप दोनों किस तरह के किरदार निभा रहे हैं?गश्मीर महाजनी: मैं आर्मी डॉक्टर अनिरुद्ध जैसवाल का किरदार निभा रहा हूं। अनिरुद्ध की गर्लफ्रेंड आर्मी में जाना चाहती थी, इसलिए उसने 10 साल पहले उससे रिश्ता तोड़ लिया था। लेकिन 10 साल बाद किस्मत उसे खुद इंडियन आर्मी में ले आती है। जब दोनों आमने-सामने आते हैं, तो उनके बीच का टकराव शुरू होता है। आर्मी डॉक्टर किन परिस्थितियों में दुश्मनों से लड़ते हैं और अपनों को बचाते हैं, यही इस शो में दिखाया गया है। पहली बार आर्मी डॉक्टर का रोल कर रहा हूं, जो मैं हमेशा से करना चाहता था। एरिका फर्नांडिस: मैं नैना निहारिका का रोल प्ले कर रही हूं। अनिरुद्ध ने 10 साल पहले नैना को छोड़ दिया था, लेकिन जब वह वापस आता है तो चीजे बदल जाती हैं। हालांकि, नैना अपने फर्ज और ड्यूटी को सबसे आगे रखती है और बाकी चीजों को पीछे। सवाल: अगर कभी रियल लाइफ में पार्टनर और करियर में से किसी एक को चुनना पड़े, तो किसे चुनेंगे?गश्मीर महाजनी: मुझसे अभी तक ऐसा किसी ने पूछा नहीं है। लेकिन अगर कोई गर्लफ्रेंड ऐसी कंडीशन रख दे, तो मैं करियर ही चुनूंगा। एक्टिंग के अलावा मुझे कुछ आता भी नहीं है। गर्लफ्रेंड तो दूसरी भी आ सकती है, लेकिन एक्टिंग तो एक्टिंग है... उसे कैसे छोड़ सकता हूं! एरिका फर्नांडिस: मैंने तो हमेशा अपने करियर को ही प्राथमिकता दी है। एक बार मुझसे भी ऐसा ही सवाल पूछा गया था और मेरा जवाब यही था कि मैं सिर्फ एक्टिंग ही चुनूंगी। सवाल: आर्मी डॉक्टर का रोल निभाने के लिए किस तरह की ट्रेनिंग और तैयारी करनी पड़ी?एरिका फर्नांडिस: हमने सर्जरी से पहले की तैयारियों का काफी रिहर्सल किया था। ओटी (ऑपरेशन थिएटर) और सर्जरी वाले सीन्स के लिए सेट पर रियल आर्मी डॉक्टर्स मौजूद रहते थे, जो हमें हर स्टेप पर गाइड करते थे। गश्मीर महाजनी: मेडिकल टर्म्स और तैयारियों में एरिका ने मेरी काफी मदद की। बाकी जहां तक आर्मी ऑफिसर की बात है, तो उनकी बॉडी लैंग्वेज अलग होती है। वे बात करते समय कमर पर हाथ रखकर खड़े नहीं होते, क्योंकि उनकी ट्रेनिंग वैसी होती है। बतौर एक्टर हमें खड़े होने, चलने और बैठने के इन्हीं छोटे-छोटे तौर-तरीकों का ध्यान रखना पड़ा। सवाल: यह सिर्फ 30 एपिसोड का लिमिटेड शो है। क्या टीवी इंडस्ट्री में ऐसे फाइनाइट शोज से बड़ा बदलाव आएगा?एरिका फर्नांडिस: ऐसे शोज बिल्कुल आने चाहिए। आज के दौर में शॉर्ट फॉर्मेट कंटेंट काफी पसंद किया जा रहा है, इसलिए टीवी को भी इस बदलाव की जरूरत है। गश्मीर महाजनी: कई बड़े एक्टर्स टीवी सिर्फ इसलिए नहीं करते क्योंकि वे सालों तक किसी एक प्रोजेक्ट में अटकना नहीं चाहते। 30 एपिसोड के शो की एक शुरुआत और अंत निश्चित होता है। डेली सोप में 50 एपिसोड के बाद कहानी खत्म हो जाती है, फिर सिर्फ स्पॉन्सर और बिजनेस के लिए उसे 200-500 एपिसोड तक खींचा जाता है। उसमें ऑडियंस को सेटिस्फेक्शन नहीं मिलता। लेकिन 30 एपिसोड का शो दर्शक और एक्टर दोनों को संतुष्टि देता है। सवाल: 'उरी' नाम से सुपरहिट फिल्म आ चुकी है। क्या इस शो को लेकर किसी तरह का प्रेशर महसूस हुआ?एरिका फर्नांडिस: आर्मी पर बनी ज्यादातर फिल्में बैटलफील्ड (युद्ध के मैदान) पर केंद्रित होती हैं। लेकिन '108 बेस हॉस्पिटल: उरी' उन घायल जवानों की कहानी है, जो जंग के बाद अस्पताल आते हैं और डॉक्टर्स कैसे उनकी जान बचाते हैं। यह कॉन्सेप्ट काफी अलग है। गश्मीर महाजनी: हम कोई प्रेशर नहीं लेते। प्रेशर लेकर करेंगे भी क्या! हमने काम कर दिया और हमें उसके पैसे मिल गए। प्रेशर लेना प्रोड्यूसर और चैनल का काम है, हमारा नहीं। सवाल: कश्मीर के संवेदनशील बॉर्डर एरिया में शूटिंग करने का अनुभव कैसा रहा?गश्मीर महाजनी: हम कश्मीर के काफी संवेदनशील बॉर्डर इलाकों में शूट कर रहे थे। वहां देखा कि किन मुश्किल परिस्थितियों में हमारे जवान 18-20 घंटे तैनात रहते हैं। हम तो नकली बंदूकें और नकली गोलियां चला रहे थे, फिर भी हमारे लिए शूट करना मुश्किल हो रहा था। सोचिए, जहां असली गोलियां चलती हैं, वहां जवान कैसे रहते होंगे। यह सब देखकर आर्मी के लिए दिल में इज्जत सौ गुना बढ़ गई। एरिका फर्नांडिस: डॉक्टर्स को भगवान के करीब माना जाता है क्योंकि वे जान बचाते हैं। आर्मी बेस में रहकर और उनकी लाइफस्टाइल को करीब से देखकर बहुत गर्व महसूस हुआ।
अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनोट ने 'जेन जी' (Gen Z) युवाओं पर अपने विवादित बयान पर सफाई दी है। कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में पूरे देश के युवा शामिल नहीं थे। वहां जुटी 10 हजार की भीड़ में आधे युवा थे, जबकि बाकी शबाना आजमी की उम्र के लोग थे। कंगना ने कहा कि उनका इरादा पूरी पीढ़ी को 'गटर छाप' कहने का नहीं था और उन पर युवा-विरोधी होने का झूठा एजेंडा चलाया जा रहा है। जंतर-मंतर पर 2 हजार युवा थे, शबाना आजमी का नाम घसीटाकंगना रनोट ने वीडियो में कहा कि देश में जेन जी की आबादी लगभग 30 से 35 करोड़ है। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में केवल 10 हजार के करीब लोग मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन स्थल पर हर उम्र के लोग घूम रहे थे और आधे से ज्यादा भीड़ शबाना आजमी की उम्र की थी। कंगना ने चुनौती देते हुए कहा कि कोई उनका ऐसा बयान दिखाए जिसमें उन्होंने पूरी युवा पीढ़ी को निशाना बनाया हो। उन्होंने कहा किया कि वे खुद युवा हैं, राहुल गांधी की तरह 50 साल की युवा नहीं। 'जेनरेशन गटर' कहने पर हुआ था विवादइससे पहले कंगना ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने प्रदर्शन के वीडियो को देखकर उल्टी आने की बात कही थी और वहां मौजूद लोगों की भाषा पर सवाल उठाए थे। कंगना ने ऐसे प्रदर्शनकारियों को 'जेनरेशन गटर' कहा था। उन्होंने बयान दिया था कि इन युवाओं के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ नहीं है और वे पढ़ाई-लिखाई में भी अच्छे नहीं हैं। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में उनकी जमकर आलोचना हुई थी। अब कहा- खुद को कॉकरोच कहोगे तो गटर ही घर होगाअपने बयान पर मचे बवाल के बाद कंगना ने ANI से बातचीत में तर्क दिया था कि प्रदर्शनकारी खुद को कॉकरोच बता रहे थे। उन्होंने कहा था कि कॉकरोच का घर गटर ही होता है। अगर कोई खुद को कॉकरोच कहेगा तो वह गटर में ही रहेगा। कंगना ने कहा था कि वे खुद को कॉकरोच या गटर में रहने वाला नहीं मानती हैं। उनका कहना था कि वे पूरे देश के युवाओं की नहीं, बल्कि सिर्फ उस खास प्रदर्शन में शामिल लोगों की बात कर रही थीं। प्रदर्शन में शामिल हुए थे शबाना आजमी और प्रकाश राजमामले के बैकग्राउंड की बात करें तो 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान 75 साल की वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी और एक्टर प्रकाश राज प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने पहुंचे थे। दोनों कलाकार संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों के साथ ट्रक में सवार नजर आए थे। इसी प्रदर्शन के दौरान भीड़ और भाषा को लेकर कंगना ने विवादित टिप्पणी की थी। ये खबर भी पढ़ें नसीरुद्दीन शाह को लोमड़ी कहने पर कंगना की सफाई:बोलीं- जब देखो पाकिस्तान के प्रेम में मरे रहते हैं; यह लव स्टोरी खत्म कब होगी? कंगना रनोट ने सीनियर एक्टर नसीरुद्दीन शाह को ‘लोमड़ी’ कहने को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री का यह रवैया नया नहीं है। कंगना के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पर कई लोगों ने ‘घड़ियाली आंसू’ बहाए थे, लेकिन अब झारखंड में बच्चों के साथ कथित ज्यादती पर वही लोग चुप हैं। पूरी खबर पढ़ें
शम्मी कपूर को ‘याहू’ की गूंज, बेफिक्र अंदाज और खुलकर नाचने वाले हीरो के तौर पर पूरी पीढ़ी ने याद किया। लेकिन उनके जीवन के कई किस्से स्टारडम से भी ज्यादा दिलचस्प हैं। एक दौर में उनकी ‘Yahoo’ पहचान इतनी मशहूर हो गई थी कि लोग उन्हें याहू कंपनी का मालिक समझने लगे थे। परिवार में भी कन्फ्यूजन था। रणधीर कपूर ने उनसे पूछ लिया था- “अंकल, आपने कंपनी खोली और बताया भी नहीं?” शम्मी कपूर की 15वीं डेथ एनिवर्सरी पर रजा मुराद और अरुण बख्शी ने उनसे जुड़ी यादें साझा कीं। जिस स्टार की फिल्म देखने के लिए घंटों लाइन लगती थी शम्मी कपूर के स्टारडम को समझने के लिए रजा मुराद की कहानी काफी है। जिस अभिनेता के साथ बाद में उन्होंने स्क्रीन शेयर की, कभी उसी की फिल्म देखने के लिए उन्हें घंटों एडवांस बुकिंग की लाइन में खड़ा होना पड़ता था। रजा मुराद बताते हैं कि शम्मी कपूर उनके पसंदीदा सितारों में थे। ‘जंगली’, ‘जानवर’, ‘ब्लफ मास्टर’, ‘राजकुमार’ और ‘सच्चाई’ जैसी फिल्मों के लिए दर्शकों में जबरदस्त क्रेज रहता था। करंट बुकिंग में टिकट मिलना मुश्किल होता था। इसलिए एडवांस बुकिंग के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती थी। नकल नहीं की, अपना अंदाज बनाया शम्मी कपूर की खासियत सिर्फ उनकी लोकप्रियता नहीं थी। उन्होंने किसी दूसरे अभिनेता की नकल करके अपना स्टाइल नहीं बनाया। उनकी अपनी बॉडी लैंग्वेज, ऊर्जा और आत्मविश्वास था। यही वजह थी कि भीड़ में भी वह तुरंत अलग नजर आते थे। फैन से को-स्टार तक का सफर वक्त बदला और वही रजा मुराद फिल्म ‘प्रेम रोग’ के सेट पर शम्मी कपूर के साथ खड़े थे, जिनकी फिल्में देखने के लिए वह कभी लाइन में लगा करते थे। रजा के लिए यह सपने के सच होने जैसा था। लेकिन शम्मी कपूर ने उन्हें कभी छोटा महसूस नहीं कराया। जूनियर कलाकार होने के बावजूद वह उनसे सहजता और बराबरी के भाव से पेश आते थे। रजा मुराद कहते हैं- सेट पर वह प्रैंक और मजाक करते रहते थे। कई बार किसी से आधी बात कहकर अचानक चुप हो जाते। सामने वाला सोचता रह जाता कि आखिर बात क्या है। फिर कुछ देर बाद शम्मी कपूर हंसते हुए बताते कि वह मजाक कर रहे थे। कैमरे का एंगल तक याद रहता था उनके भीतर का बच्चा उम्र के साथ बड़ा नहीं हुआ था। कैमरे के सामने भी वह सजग रहते थे। उन्हें पता रहता था कि कैमरा किस एंगल से उन्हें देख रहा है और फ्रेम में उनका चेहरा किस तरह नजर आएगा। अच्छा खाना उन्हें पसंद था और दोस्तों को खिलाना भी। घर पर दोस्तों के लिए दावतें करना उनके स्वभाव का हिस्सा था। स्टारडम के बावजूद जिंदगी को भरपूर जीने का यह अंदाज आखिरी दौर तक बना रहा। कश्मीर से था खास रिश्ता शम्मी कपूर और कश्मीर का रिश्ता हिंदी सिनेमा की यादों में खास जगह रखता है। ‘जंगली’, ‘कश्मीर की कली’ और ‘जानवर’ जैसी फिल्मों ने कश्मीर की खूबसूरती देशभर के दर्शकों तक पहुंचाई। ‘ये चांद सा रोशन चेहरा’, ‘कश्मीर की कली हूं मैं’ और ‘मेरे यार शब्बा खैर’ जैसे गीतों में नजर आईं वादियां और शम्मी कपूर का मस्तमौला अंदाज दर्शकों के दिल में बस गया। कश्मीर के पर्यटन में भी योगदान रजा मुराद मानते हैं कि कश्मीर के पर्यटन को लोकप्रिय बनाने में शम्मी कपूर की फिल्मों का बड़ा योगदान था। उनका कहना था कि शम्मी कपूर के नाम पर वहां कोई सड़क, बगीचा या मोहल्ला होना चाहिए। वह चाहते थे कि कश्मीर एयरपोर्ट का नाम भी शम्मी कपूर के नाम पर रखा जाता तो यह उनके योगदान का शानदार सम्मान होता। रजा के लिए शम्मी कपूर का पूरा व्यक्तित्व एक ही बात में समाया था- या तो सबसे अच्छे बनो या सबसे अलग। शम्मी कपूर निश्चित रूप से सबसे अलग थे। गीता बाली से मुलाकात और चार महीने का प्यार शम्मी कपूर की निजी जिंदगी का खूबसूरत अध्याय अभिनेत्री गीता बाली से जुड़ा था। दोनों की मुलाकात फिल्मी माहौल में हुई। ‘रंगीली रातें’ की शूटिंग के दौरान दोनों करीब आए। शम्मी कपूर ने गीता बाली के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन उन्होंने तुरंत हां नहीं की। करीब चार महीने तक दोनों इस बारे में बातचीत करते रहे। फिर एक रात गीता बाली ने कहा कि अगर शादी करनी है तो अभी करनी है। आधी रात मंदिर पहुंचे, पुजारी ने कहा- भगवान सो चुके हैं दोनों अपने दोस्त जॉनी वॉकर और निर्माता हरि वालिया की मदद से बाणगंगा मंदिर पहुंचे। रात काफी हो चुकी थी। पुजारी ने उनसे कहा कि भगवान सो चुके हैं, सुबह करीब चार बजे आइए। दोनों लौटे और सुबह फिर मंदिर पहुंचे। इसके बाद शादी हुई। लिपस्टिक से भरी मांग इस शादी की सादगी भी शम्मी-गीता के रिश्ते जैसी थी। गीता बाली के पास सिंदूर नहीं था। उन्होंने पर्स से लिपस्टिक निकाली और शम्मी कपूर से कहा कि उसी से उनकी मांग भर दें। 1955 में हुई इस शादी से दोनों के दो बच्चे हुए। करीब दस साल बाद गीता बाली की असमय मौत ने इस रिश्ते को हमेशा के लिए तोड़ दिया। गीता के जाने के बाद टूट गए थे शम्मी 1965 में गीता बाली के निधन के बाद शम्मी कपूर की जिंदगी का मुश्किल दौर शुरू हुआ। नीला देवी ने विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि वह इस सदमे से लंबे समय तक बाहर नहीं निकल पाए। करीब छह महीने तक वह राज कपूर के घर रहे। कृष्णा कपूर ने उनके बच्चों की देखभाल में मदद की। दर्द में शराब और सिगरेट का सहारा नीला देवी के मुताबिक, इस दौर में शम्मी कपूर ने शराब और सिगरेट का सहारा लिया। एक समय वह दिन में करीब 100 सिगरेट तक पीते थे और काफी शराब लेते थे। गीता बाली की याद उनके जीवन से कभी अलग नहीं हुई। 21 दिन गीता की याद में शराब से दूरी नीला देवी ने बताया कि हर साल 1 जनवरी से 21 जनवरी तक शम्मी कपूर शराब को हाथ नहीं लगाते थे। 21 जनवरी गीता बाली की पुण्यतिथि थी। इन 21 दिनों का संयम उनके लिए गीता को याद करने का तरीका था। धीरे-धीरे उन्होंने शराब कम की और बाद में लगभग छोड़ दी। आधी रात फोन और चार घंटे की बातचीत गीता बाली के निधन के बाद शम्मी कपूर की जिंदगी में नीला देवी आईं। इस रिश्ते की शुरुआत भी शम्मी कपूर वाले अंदाज में हुई। एक रात शम्मी कपूर ने नीला देवी को फोन किया। पहले उनकी बहन ने फोन उठाया और आवाज पहचानकर फोन रख दिया। शम्मी कपूर ने कहा कि उन्हें अभी नीला से बात करनी है। इसके बाद करीब चार-पांच घंटे दोनों की बातचीत हुई। एक रात में सुनाई पूरी जिंदगी की कहानी शम्मी कपूर ने नीला देवी को अपने जीवन की कहानी सुनाई- बचपन, परिवार, रिश्ते, गीता बाली, बच्चे और गीता के निधन के बाद की जिंदगी तक। उन्होंने अपनी जिंदगी की अच्छी और बुरी बातें बिना छिपाए बताईं। फिर साफ कहा कि वह उनसे शादी करना चाहते हैं और अगले दिन आकर उन्हें बाणगंगा ले जाएंगे। नीला देवी ने कहा कि शादी परिवार की मौजूदगी में ही होगी। शम्मी कपूर इसके लिए तैयार हो गए। कृष्णा कपूर पहले से नीला देवी को पसंद करती थीं और उन्होंने शम्मी कपूर को उनसे शादी करने की सलाह दी थी। 27 जनवरी 1969 को अचानक हुई शादी 27 जनवरी 1969 को शम्मी कपूर और नीला देवी की शादी हो गई। तैयारी इतनी अचानक हुई कि नीला देवी के कपड़े बाद में मंगवाए गए। शुरुआत में कृष्णा कपूर को लगा कि शम्मी मजाक कर रहे हैं। लेकिन जब उन्होंने साफ कर दिया कि वह सचमुच शादी करने जा रहे हैं, तो परिवार तैयार हुआ। कपूर परिवार में नया रिश्ता शादी के कुछ ही दिन बाद रितु नंदा की बड़ी शादी थी। इसलिए कपूर परिवार में शम्मी और नीला की शादी भी चर्चा में रही। नीला देवी के लिए कपूर परिवार में प्रवेश करना आसान नहीं था। जो लोग कल तक उन्हें दोस्त या दूसरे रिश्ते से जानते थे, अब कोई भाभीजी, कोई मामीजी और कोई चाचीजी कह रहा था। लेकिन सबसे अहम था शम्मी कपूर के बच्चों का उन्हें स्वीकार करना। गीता की अंगूठी ने बढ़ाया अपनापन शादी के तीसरे दिन शम्मी कपूर ने गीता बाली की अंगूठी नीला देवी को दी। उस पर हीरे के साथ ‘S’ लिखा था। नीला देवी ने इसे गीता बाली का प्रसाद मानकर स्वीकार किया। इस घटना से कंचन के मन में भी नीला देवी के लिए अपनापन बढ़ा। रिश्ता दो महीने भी नहीं चलेगा, लोगों ने कहा था शम्मी कपूर और नीला देवी की शादी को लेकर शुरुआत में कई लोगों को भरोसा नहीं था। पत्रकारों और आसपास के लोगों में चर्चा थी कि यह रिश्ता दो महीने भी नहीं टिकेगा। लेकिन शम्मी कपूर और नीला देवी ने यह धारणा गलत साबित कर दी। उनका साथ चार दशक से ज्यादा चला। पर्दे पर मस्त, असल जिंदगी में गुस्सैल नीला देवी बताती हैं कि पर्दे पर हमेशा मस्ती करते नजर आने वाले शम्मी कपूर असल जिंदगी में शर्मीले भी थे। उनका गुस्सा तेज था, हालांकि ज्यादा देर नहीं रहता था। शराब पीने के बाद कभी-कभी उनका गुस्सा बढ़ जाता। अगले दिन पूरी घटना याद नहीं रहती तो वह नीला देवी से पूछते कि पिछली रात क्या हुआ था। सब सुनने के बाद उन्हें अपने व्यवहार पर अफसोस होता और वह माफी मांगते। ‘याहू’ से ऐसा रिश्ता कि लोग मालिक समझ बैठे शम्मी कपूर के नाम के साथ ‘याहू’ इतना गहराई से जुड़ गया था कि एक दौर में लोग सचमुच उन्हें ‘याहू’ कंपनी का मालिक समझने लगे थे। शम्मी कपूर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके भतीजे रणधीर कपूर ने भी उनसे पूछ लिया था कि उन्होंने कभी क्यों नहीं बताया कि ‘याहू’ उनकी कंपनी है। शम्मी ने मजाक में जवाब दिया था कि अगर ‘याहू’ उनकी कंपनी होती तो वह भारत में नहीं बैठे होते, अमेरिका में होते। रणधीर कपूर भी हो गए थे कन्फ्यूज यह किस्सा बताता है कि शम्मी कपूर की ‘याहू’ पहचान कितनी मजबूत हो चुकी थी। उनकी फिल्म ‘जंगली’ का ‘याहू’ गीत और उनका उछलता-कूदता अंदाज इतना लोकप्रिय हुआ कि लोग इस शब्द को उनकी पहचान मानने लगे। याहू के भारत लॉन्च के समय कंपनी के सह-संस्थापक जेरी यांग भारत आए थे। शम्मी कपूर को भी कार्यक्रम में बुलाया गया। वहां उनके पहुंचते ही मशहूर ‘याहू’ गीत बजाया गया। डांस में स्टेप नहीं, बस संगीत का साथ शम्मी कपूर का डांस देखकर लगता था कि वह कोरियोग्राफी नहीं कर रहे, बल्कि संगीत को जी रहे हैं। उनका डांस काफी हद तक एक्सटेम्पोर होता था। तय स्टेप्स को हूबहू दोहराने के बजाय वह संगीत के साथ शरीर को स्वाभाविक रूप से चलने देते थे। उस दौर में हीरो का इस तरह खुलकर नाचना आम नहीं था। शम्मी कपूर ने यह सोच बदल दी। डांस को अभिनय का हिस्सा बनाया उनके लिए डांस सिर्फ गाने के बीच का हिस्सा नहीं था। वह अभिनय का हिस्सा था। उनकी खासियत यह भी थी कि वह किसी दूसरे अभिनेता को फॉलो नहीं करते थे। यही वजह थी कि उनके डांस को देखकर दर्शक तुरंत पहचान जाते थे कि यह शम्मी कपूर का अंदाज है। ‘बंटवारा’ के सेट पर जूनियर से मांगी माफी अरुण बक्शी ने फिल्म ‘बंटवारा’ की शूटिंग का किस्सा सुनाया, जो शम्मी कपूर की विनम्रता दिखाता है। शूटिंग के दौरान डायरेक्टर जेपी दत्ता शम्मी कपूर के साथ अरुण बक्शी का लंबा सीन फिल्मा रहे थे। शम्मी कपूर से लगातार रीटेक हो रहे थे। नए कलाकार को लग रहा था गलती उसकी है अरुण बक्शी उस समय नए कलाकार थे। उन्हें डर था कि उनकी वजह से शम्मी कपूर को परेशानी हो रही होगी। हर रीटेक के बाद वह दूर जाकर अपनी लाइनें दोहराने लगते। आखिरकार शॉट ओके हुआ। इसके बाद शम्मी कपूर खुद उनके पास पहुंचे और कहा- “अरुण, सॉरी यार।” इतने बड़े स्टार की माफी भूल नहीं पाए अरुण इतने बड़े स्टार का एक नए कलाकार से माफी मांगना अरुण बक्शी के लिए याद रहने वाला पल बन गया। यह किस्सा बताता है कि स्टारडम कितना भी बड़ा हो, शम्मी कपूर के लिए सामने वाले कलाकार की इज्जत उससे बड़ी थी। सेट से विमान तक जारी रहती थी महफिल ‘बंटवारा’ की शूटिंग के दौरान शम्मी कपूर, धर्मेंद्र और दूसरे कलाकारों के साथ बैडमिंटन खेलने का आनंद लेते थे। शूटिंग खत्म होने के बाद वापसी की फ्लाइट में भी उनकी मस्ती खत्म नहीं हुई। उस दौर में विमान में शराब की अनुमति थी। कलाकार अपने-अपने ब्रांड लेकर बैठे थे। फ्लाइट में जम गई गानों की महफिल विनोद खन्ना ने गाना शुरू किया और शम्मी कपूर भी साथ गाने लगे। अरुण बक्शी ने भी आलाप लगाया। देखते ही देखते विमान में महफिल जम गई। कुछ विदेशी यात्री भी इस माहौल का आनंद लेने लगे। यह किस्सा बताता है कि शम्मी कपूर के लिए शूटिंग के बाद भी जिंदगी एक उत्सव थी। फिल्म स्टार से इंटरनेट के शुरुआती दीवानों तक शम्मी कपूर की जिंदगी का एक पहलू उन्हें अपने दौर के बाकी सितारों से अलग बनाता है- टेक्नोलॉजी के प्रति उनका जुनून। जब भारत में इंटरनेट नया था और ज्यादातर लोग कंप्यूटर से परिचित भी नहीं थे, तब शम्मी कपूर कंप्यूटर सीख रहे थे। मैकिंटोश से बदली जिंदगी उन्होंने शुरुआती दौर में मैकिंटोश कंप्यूटर लिया। तकनीक को वह सिर्फ इस्तेमाल नहीं करना चाहते थे, बल्कि समझने की कोशिश करते थे। नीला देवी के मुताबिक, कंप्यूटर ने उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव किया। इसी दौर में उन्होंने सिगरेट भी छोड़ दी। एक तरफ वह पुरानी पीढ़ी के लोकप्रिय फिल्म स्टार थे, दूसरी तरफ नई डिजिटल दुनिया को अपनाने वाले शुरुआती लोगों में शामिल थे। बीमारी ने शरीर कमजोर किया, हौसला नहीं साल 2003 में शम्मी कपूर के फेफड़ों की हालत गंभीर हो गई। नीला देवी के मुताबिक, वह करीब एक महीने तक ब्रीच कैंडी अस्पताल में वेंटिलेटर पर रहे। इलाज के दौरान स्टेरॉयड और एंटीबायोटिक्स के असर से उनकी किडनी भी प्रभावित हुई और डायलिसिस शुरू हुआ। डायलिसिस के बावजूद घूमना नहीं छोड़ा रजा मुराद ने बताया कि दोनों किडनियों की समस्या के बावजूद शम्मी कपूर के चेहरे से मुस्कान गायब नहीं हुई थी। उनका रवैया था- इलाज करवाना है तो करवाना है और जिंदगी जीनी है तो जीनी है। डायलिसिस के बावजूद उन्होंने दुनिया घूमना नहीं छोड़ा। नीला देवी के साथ उन्होंने स्विट्जरलैंड, लंदन और न्यूयॉर्क तक यात्राएं कीं। अस्पताल के अलावा जिंदगी भी जरूरी थी बाद में जब डायलिसिस सप्ताह में तीन बार होने लगा तो कमजोरी बढ़ गई और यात्राएं मुश्किल हो गईं। लेकिन अस्पताल के अलावा बाकी दिनों में बाहर खाना उनके जीवन का हिस्सा बना रहा। कई वर्षों तक वह नीला देवी को सुबह तैयार होने के बाद किसी अच्छे होटल या रेस्टोरेंट में खाना खिलाने ले जाते थे। ड्राइविंग थी आजादी का अहसास शम्मी कपूर को ड्राइविंग का जबरदस्त शौक था। एक दिन उन्होंने नीला देवी से कहा कि वह सिर्फ कॉफी पीने जा रहे हैं और जल्दी लौट आएंगे। लेकिन वह काफी देर तक नहीं लौटे। फोन करने पर पता चला कि वह खुद गाड़ी चलाकर खंडाला पहुंच गए हैं। ‘ड्राइव नहीं कर सकता तो जीने का क्या फायदा’ उनके लिए ड्राइविंग सिर्फ शौक नहीं, बल्कि आजादी का अहसास थी। जब बीमारी के कारण वह खुद गाड़ी चलाने की स्थिति में नहीं रहे तो उन्होंने नीला देवी से कहा- “जब मैं ड्राइव नहीं कर सकता तो जीने का क्या फायदा?” नीला देवी ने उन्हें समझाया। यह वाक्य उनके जीवन के उस पहलू को सामने लाता है, जिसमें स्वतंत्रता और सक्रिय रहना उनके लिए जरूरी था। व्हीलचेयर आई, लेकिन जिंदगी नहीं रुकी व्हीलचेयर पर आने के बाद भी उन्होंने खुद को घर में कैद नहीं किया। लोगों से मिलते, बाहर जाते और अस्पताल में दूसरे मरीजों से मिलने की कोशिश करते। बीमारी उनके शरीर को रोक रही थी, लेकिन जिंदगी जीने की उनकी इच्छा को नहीं। बीमारी के बीच आध्यात्मिक बदलाव शम्मी कपूर शुरू में गुरु और आध्यात्मिकता को लेकर बहुत गंभीर नहीं थे। नीला देवी की मां ने उन्हें महावतार बाबाजी की तस्वीर दी थी और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने को कहा था। वह इसे सम्मान के तौर पर करते थे। करीब दो साल बाद उनकी मुलाकात गुरुजी से हुई। नीला देवी के मुताबिक, इस मुलाकात के बाद उनके जीवन में आध्यात्मिक बदलाव आया। भजन में हारमोनियम बजाते थे शम्मी परिवार गुरुजी के साथ बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, द्वारका और सोमनाथ जैसी यात्राओं पर गया। भजन-कीर्तन में शम्मी कपूर हारमोनियम बजाकर गाते थे। गुरुजी ने उन्हें फिल्मों या शराब से दूर रहने का आदेश नहीं दिया। नीला देवी के अनुसार, उन्होंने सिर्फ प्यार और आध्यात्मिक मार्ग दिखाया। यही बात शम्मी कपूर को सबसे ज्यादा प्रभावित कर गई। हीरो से कैरेक्टर एक्टर बनने में नहीं झिझके उम्र बढ़ने के साथ जब शम्मी कपूर को चरित्र भूमिकाएं मिलने लगीं तो कुछ लोगों ने कहा कि इतने बड़े स्टार को ऐसे रोल नहीं करने चाहिए। शम्मी कपूर ने नीला देवी से सलाह ली। उनका जवाब था- “आप अभिनेता हैं, अभिनेता कोई भी किरदार कर सकता है।” शम्मी कपूर को यह बात पसंद आई। स्टारडम से बड़ा था अभिनय उन्होंने चरित्र भूमिकाएं स्वीकार करना जारी रखा। उनका मानना था कि घर बैठकर सिर्फ शराब पीना और खाना उनकी जिंदगी नहीं हो सकती। अगर काम मिल रहा है तो काम करना चाहिए। यही वजह थी कि उम्र और बीमारी के बावजूद उन्होंने खुद को काम से अलग नहीं किया। अस्पताल जाते हुए भी गाना नहीं छोड़ा नीला देवी के मुताबिक, एक बार क्रिसमस के दौरान पुणे में शम्मी कपूर की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और अगले दिन एंबुलेंस से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचने और ICU की ओर जाते समय भी वह गाना गाने लगे। बीमारी शरीर तक पहुंची, कलाकार तक नहीं यह वही शम्मी कपूर थे, जिन्होंने पूरी जिंदगी दर्शकों को हंसाया, नचाया और अपनी ऊर्जा से भर दिया था। बीमारी ने उनके शरीर को कमजोर जरूर किया, लेकिन उनके भीतर के कलाकार को खत्म नहीं कर पाई। उनकी जिंदगी का यही सबसे बड़ा सबक था- हालात कितने भी मुश्किल हों, जिंदगी को जीना नहीं छोड़ना चाहिए। कश्मीर में हुई अंतिम इच्छा पूरी कश्मीर शम्मी कपूर के दिल के करीब था। उनकी इच्छा थी कि निधन के बाद उनकी अस्थियां डल झील में विसर्जित की जाएं। उनकी यह इच्छा पूरी की गई। जिस कलाकार ने ‘जंगली’ से कश्मीर की वादियों में अपना अलग रंग बिखेरा और ‘कश्मीर की कली’ के जरिए घाटी की खूबसूरती को देशभर के दर्शकों की कल्पना का हिस्सा बनाया, उसकी अंतिम विदाई भी उसी कश्मीर की झील से जुड़ी। ____________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. किशोर कुमार ने कार दफनाकर कई दिन शोक मनाया:'आनंद' में उन्हें हीरो लेना चाहते थे ऋषिकेश मुखर्जी, सिर मुंडवाकर बोले थे- अब क्या करोगे हिंदी सिनेमा के सबसे बहुमुखी कलाकारों में किशोर कुमार का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। उन्होंने अभिनय, संगीत, निर्देशन और फिल्म निर्माण किया, लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान उनकी आवाज बनी। चार दशक तक उन्होंने मोहम्मद रफी, मुकेश और मन्ना डे जैसे दिग्गजों के बीच अपनी अलग जगह बनाई।पूरी खबर पढ़ें..
Box Office: आवारापन 2 ने रिलीज से पहले ही किया कमाल, बॉक्स ऑफिस पर तोड़ा ये रिकॉर्ड
इमरान हाशमी की फिल्म आवारापन 2 ने रिलीज से पहले ही पहले पार्ट को बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के मामले में मात दे दी है। आवारापन 2 ने एडवांस बुकिंग में ही आवारापन के लाइफटाइम कलेक्शन को पछाड़ दिया है।
Kiara Advani से तुलना पर Batwara 1947 एक्ट्रेस का चढ़ा पारा, बोलीं-'पहली मुलाकात में मैं उनसे...'
बंटवारा 1947 एक्ट्रेस कनिका कपूर का कियारा आडवाणी से लगातार तुलना करने पर अब सब्र का बांध टूट गया है और सनी देओल की को-स्टार ने इस पर रिएक्ट किया है।
KBC 18 में पहुंचा दुनिया का सबसे छोटा डॉक्टर, बिग बी को सुनाई इमोशनल स्टोरी
अमिताभ बच्चन के शो 'कौन बनेगा करोड़पति 18' (KBC 18) में 'दुनिया के सबसे छोटे डॉक्टर' गणेश बरैया हॉट सीट पर पहुंचे. गुजरात के गोरखी गांव के रहने वाले गणेश ने शो के हालिया एपिसोड में न सिर्फ अपने गेमप्ले से, बल्कि अपनी प्रेरणादायक और इमोशनल कर देने वाली जिंदगी की कहानी से भी लोगों का दिल जीत लिया.
मनीषा कोइराला ने 2012 में ओवेरियन कैंसर के निदान के बाद अपने दर्दनाक अनुभव को साझा किया, जब उन्हें लगा था कि वे मर जाएंगी।
ओटीटी पर आ गई है आखिरी सवाल, जानें कहां देख सकते हैं संजय दत्त की फिल्म
OTT Release: संजय दत्त की हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म आखिरी सवाल अब ओटीटी पर रिलीज हो चुकी है।आखिरी सवाल बॉक्स ऑफिस पर डिजास्टर साबित हुई थी।
अपने किसी को खोने के गम से अधिकतर लोग कई महीनों तक नहीं उभर पाते, लेकिन टेढ़ी चोटी बनाकर सबको गुदगुदाने वालीं दिग्गज एक्ट्रेस ने मां की मौत के चंद मिनटों बाद ही सबसे बड़ा कॉमेडी सीन शूट किया था।
स्वतंत्रता दिवस आ रहा है, ऐसे में स्कूलों में तैयारियां भी हो चुकी है। पिछले 30 सालों से कुमार सानू के इस गाने पर बच्चे इंडिपेंडेंस डे के मौके पर जरूर परफॉर्म करते हैं।
कन्हैयालाल, जिन्हें 'मदर इंडिया' के सुक्खी लाला के रूप में जाना जाता है, एक ऐसे खलनायक थे जिन्हें उनके किरदारों के लिए दर्शकों से नफरत और गालियां मिलीं।
अमिताभ बच्चन के सामने पहुंचा दुनिया का सबसे छोटा डॉक्टर, केबीसी में जीता लोगों का दिल
KBC 18: कौन बनेगा करोड़पति में दुनिया के सबसे छोटे डॉक्टर गणेश बरैया पहुंचे। अमिताभ बच्चन के शो में गणेश बरैया ने अपनी इमोशनल कर देने वाली कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि वो कैसे डॉक्टर बन पाए।
चमोली में बड़ा हादसा, THDC में टनल धंसने से कई मजदूर फंसे; 8 को सुरक्षित निकाला गया - jagran.com
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नेटफ्लिक्स की सीरीज 'ऑपरेशन सफेद सागर' में 1999 के कारगिल युद्ध के बैकड्रॉप में वाजपेयी-नवाज शरीफ की लाहौर बस यात्रा और देव आनंद के पाकिस्तान दौरे की अनसुनी कहानी दिखाई गई है।
फिल्म 'रामायण' में एक एक्टर ऐसा भी है जो मूवी में एक या दो नहीं, बल्कि सात किरदार निभा रहे हैं, जिनमें रावण के नाना राजा माली भी शामिल हैं।
Box Office Report: आवारापन 2 की वजह से फेल हो जाएगी बंटवारा 1947? एडवांस बुकिंग में कुछ ऐसा है हाल
Sunny Deol vs Emraan Hashmi: आवारापन 2 और बंटवारा 1947 कल यानी 14 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। इन दोनों फिल्मों में से एडवांस बुकिंग में से किस फिल्म ने बाजी मारी है, वो डेटा हम आपको बता रहे हैं।
मशहूर गायक सोनू निगम ने मुंबई के अंधेरी वेस्ट में ₹1.06 करोड़ में नया ऑफिस खरीदा है। बीते दो वर्षों में वे कर्जत, मढ़ आइलैंड और बीकेसी में भी कई बड़े प्रॉपर्टी सौदे कर चुके हैं।
कंगना रनौत की फिल्म में जूनियर आर्टिस्ट थीं 'रामायण' की सीता, 'क्वीन' के बैकग्राउंड में आई नजर
कंगना रनौत की फिल्म में जूनियर आर्टिस्ट से शुरुआत करने वाली साई पल्लवी आज भारतीय सिनेमा का बड़ा नाम हैं। अपनी कुदरती सादगी के दम पर वे अब 'रामायण' फिल्म में माता सीता का किरदार निभाएंगी।
'क्राइम पेट्रोल' से रिप्लेस किए जाने पर क्या बोले अनूप सोनी?
हाल ही में एक इंटरव्यू में एक्टर अनूप सोनी ने 'क्राइम पेट्रोल' की होस्टिंग की जिम्मेदारी अजय देवगन को सौंपे जाने पर अपना रिएक्शन दिया और शो के होस्ट के तौर पर क्या कुछ कहा. जानिए
सलमान खान और संजय दत्त फिल्म '7 डॉग्स' के साथ एक इंटरनेशनल एक्शन थ्रिलर में वापसी कर रहे हैं। यह फिल्म '7 डॉग्स' नामक एक क्राइम सिंडिकेट और 'पिंक लेडी' नामक खतरनाक ड्रग के इर्द-गिर्द घूमती है।

