संजय दत्त को जेल में की गई थी तोड़ने की कोशिश, बोले- मेरे पिता को...
संजय दत्त ने शेखर सुमन के शो में जेल के बिताए अपने टाइम को याद किया। उन्होंने बताया कि जेल में उन्हें तोड़ने की कोशिश की गई। संजय दत्त ने ये भी बताया कि जब उन्हें पहली बार हथकड़ी पहनाई गई थी तब उनके पिता का रिएक्शन क्या था।
दृश्यम 3 ने पहले ही दिन छापे ₹95 करोड़! टली उड़ता तीर की रिलीज डेट
आयुष्मान खुराना की फिल्म 'उड़ता तीर' की रिलीज डेट, जो पहले 9 अक्टूबर तय की गई थी, उसे अब 23 अक्टूबर तक टाल दिया गया है. माना जा रहा है कि फिल्म दृश्यम की वजह से ये फैसला लिया गया है.
सलमान की 'मातृभूमि' की रिलीज का रास्ता साफ! सरकार से मिली मंजूरी
भारत और चीन के बीच 2020 में हुए टकराव पर आधारित सलमान खान की फिल्म 'मातृभूमि' की रिलीज का रास्ता साफ हो गया है. सरकार से मंजूरी मिलने के बाद बस सेंसर बोर्ड से इस फिल्म को पास होना बाकी है.
'धुरंधर' बनी दृश्यम 3, अजय ने मचाई तबाही, कितने करोड़ पहुंची कमाई?
अजय देवगन ने अपनी फ्रैंचाइजी फिल्म 'दृश्यम' से एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो आजतक 90s के किसी भी सितारे ने नहीं किया था. उनकी नई फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई करके नया रिकॉर्ड बनाया है. दृश्यम 3 ने पहले दिन कितनी कमाई की, आइए देखते हैं.
इस साल अभी तक कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर आ चुकी हैं, जिनमें से कुछ ने पहले दिन ही करोड़ों की कमाई कर टॉप 10 में अपनी जगह बना ली। अब इस लिस्ट में 'दृश्यम 3' भी शामिल हो गई है।
दृश्यम 3 की शानदार ओपनिंग देखते हुए आयुष्मान खुराना की उड़ता तीर की रिलीज को आगे बढ़ा दिया है। अब ये फिल्म 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। पहले फिल्म 9 अक्टूबर को रिलीज होने वाली थी।
रिलेटेबल चेहरा, दमदार अदाकारी और लगातार मेहनत के दम पर हरलीन सेठी ने अपने हर किरदार से अलग पहचान बनाई है। ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’, ‘कोहरा’, ‘बैड कॉप’ और ‘डॉक्टर्स’ जैसे प्रोजेक्ट्स के बाद अब वह ‘शक’ में नजर आ रही हैं। अपने किरदारों से हरलीन ने साबित किया है कि वह खुद को सिर्फ नायिका की पारंपरिक छवि तक सीमित नहीं रखना चाहतीं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में हरलीन ने अपने बचपन, अभिनय की शुरुआत, ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ की सफलता और रिजेक्शन के अनुभवों पर बात की। उन्होंने सह-कलाकारों और ‘शक’ में श्रेया के किरदार की तैयारी से जुड़े अनुभव भी साझा किए। सवाल: बचपन में कैसी थीं? अभिनय का ख्याल कब आया? जवाब: मैं बचपन से ही बहुत मस्तमौला थी। खेल-कूद और दूसरी गतिविधियों में काफी रुचि थी। हालांकि, अभिनय करने का कोई प्लान नहीं था। मुझे सिर्फ इतना पता था कि परफॉर्मिंग आर्ट्स में कुछ करना है। मुझे संगीत में भी बहुत रुचि थी। याद है, बचपन में ‘कल हो न हो’ की कैसेट आई थी। मैंने उसे पूरे दिन बजाया था। मेरे दादा ने मजाक में कहा था कि जब तक सारे गाने याद नहीं हो जाएंगे, तब तक हमें यही सुनाती रहोगी। फिर संगीत से डांस और डांस से धीरे-धीरे अभिनय की तरफ आ गई। सवाल: क्या आप पढ़ाई में भी आप काफी अच्छी थीं? जवाब: हां। मैंने विज्ञापन में पढ़ाई की और पूरे मुंबई में टॉप-5 में थी। उस समय टीचर और आसपास के लोग चाहते थे कि मैं पढ़ाई के क्षेत्र में आगे बढ़ूं। लेकिन मेरा मन वहां पूरी तरह नहीं था। मैंने विज्ञापन एजेंसी में काम करने के बारे में सोचा। विज्ञापनों में असिस्टेंट डायरेक्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर भी काम किया। दरअसल, मैं लगातार तलाश रही थी कि परफॉर्मिंग आर्ट्स में आखिर मुझे करना क्या है। सवाल: वह कौन सा पल था, जब लगा कि अभिनय ही करना है? जवाब: कोई एक पल तो याद नहीं, लेकिन जब मैंने अपना पहला विज्ञापन किया, तब आधे दिन के काम के लिए मुझे 17 हजार रुपए मिले थे। मैंने सोचा कि मैंने ऐसा क्या काम किया? बस मुस्कुराई और विज्ञापन किया। उस समय मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी। उसके बाद धीरे-धीरे विश्वास बढ़ता गया। मैंने कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापन किए। लेकिन असली आत्मविश्वास वेब सीरीज ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ से आया। सवाल: ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ आपके लिए कितना बड़ा मोड़ था? जवाब: यह मेरे लिए बहुत बड़ा मोड़ था। लोगों ने समीरा के किरदार से बहुत जुड़ाव महसूस किया। पहली बार मैंने लोगों को अपनी खूबसूरती और आवाज की तारीफ करते सुना। मैंने कभी खुद को उस नजर से नहीं देखा था। मुझे लगता था कि मैं खूबसूरत नहीं हूं, क्योंकि मेरी मां बहुत खूबसूरत हैं और मेरा भाई भी उन पर गया है। ‘ब्रोकन’ के बाद पहली बार मुझे लगा कि शायद मैं भी खूबसूरत हूं। यह मेरे लिए सिर्फ अभिनय की सफलता नहीं थी, बल्कि खुद को स्वीकार करने की यात्रा भी थी। सवाल: क्या आपको लगा था कि ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ इतना बड़ा बनेगा? जवाब: बिल्कुल नहीं। हमने बहुत सच्चाई और प्यार से इसे बनाया था, लेकिन यह कल्ट बन जाएगा, इसकी कल्पना नहीं की थी। आज भी रोमांटिक सीरीज की बात होती है तो ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ का जिक्र होता है। शो दोबारा ट्रेंड हुआ, लोगों ने इसके किरदारों और संगीत को फिर से पसंद किया। मुझे उन लड़कियों की तस्वीरें मिलीं, जिन्होंने समीरा वाला टैटू तक बनवाया था। कई लोगों ने लिखा कि समीरा के किरदार ने उन्हें खुद से प्यार करना सिखाया। यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। सवाल: ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ में विक्रांत मैसी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: बहुत अच्छा। जब आप करियर की शुरुआत कर रहे होते हैं, तब सामने वाला आपको छोटा महसूस न कराए, यह बहुत जरूरी होता है। विक्रांत ने कभी मुझे ऐसा महसूस नहीं कराया कि वह मुझसे ज्यादा अनुभवी हैं। उन्होंने मेरी काफी मदद की और एक बार मेरी परफॉर्मेंस देखकर कहा था कि मैं उन्हें एक अनुभवी कलाकार जैसी लगी। मेरे लिए यह बहुत बड़ा कॉम्प्लिमेंट था। सवाल: ‘ब्रोकन’ के बाद आपने ‘कोहरा’ में मुख्य भूमिका के बजाय महत्वपूर्ण किरदार क्यों चुना? जवाब: मेरे लिए अच्छी कहानी और अच्छे फिल्ममेकर्स के साथ काम करना ज्यादा जरूरी था। ‘कोहरा’ के ऑडिशन के लिए जो सीन मुझे मिले, उन्हें पढ़कर ही लगा कि यह बहुत अच्छा प्रोजेक्ट है। सुदीप शर्मा सर के साथ काम करने का मौका भी मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण था। उन्होंने मुझसे कहा था, ‘हरलीन, बस मुझ पर भरोसा रखो और इसे करो।’ मैंने उन पर भरोसा किया और ‘कोहरा’ मेरे लिए एक बड़ा मोड़ बन गया। सवाल: ‘कोहरा’ और ‘ब्रोकन बट ब्यूटीफुल’ की सफलता में क्या अंतर महसूस हुआ? जवाब: ‘ब्रोकन’ को दर्शकों से बहुत प्यार मिला। ‘कोहरा’ को इंडस्ट्री के लोगों से भी बहुत सराहना मिली और दर्शकों ने भी इसे पसंद किया। इन दोनों तरह की स्वीकृति का मिलना बहुत खास होता है। बहुत कम प्रोजेक्ट्स ऐसे होते हैं जिन्हें दर्शक भी पसंद करें और इंडस्ट्री के लोग भी उतनी ही गंभीरता से लें। सवाल: ‘बैड कॉप’ में अनुराग कश्यप और गुलशन देवैया जैसे कलाकारों के साथ काम करना कैसा रहा? जवाब: बहुत मजेदार अनुभव था। गुलशन बहुत मजेदार और अलग तरह के इंसान हैं। उन्हें देखकर ही आपको मनोरंजन मिलता रहता है। अनुराग कश्यप हमेशा से मेरे पसंदीदा निर्देशकों में रहे हैं। उनके साथ एक ही प्रोजेक्ट में काम करना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। सौरभ सचदेवा, गुलशन, विक्रांत, शरद केलकर जैसे कलाकारों के बीच मैं अनुभव के मामले में सबसे जूनियर थी। इसलिए मेरी कोशिश रहती थी कि मैं मेहनत करके जाऊं और उनके सामने कम न लगूं। सवाल: अनुराग कश्यप के निर्देशन में काम करने की इच्छा भी है? जवाब: बिल्कुल। मैंने उनकी एक फिल्म के लिए ऑडिशन भी दिया था। बाद में किरदार बदल गया और उसमें एक अलग तरह के उच्चारण की जरूरत थी, इसलिए बात आगे नहीं बढ़ी। लेकिन उन्होंने मेरा ऑडिशन देखा था और खुद फोन करके मेरी तारीफ की थी। उम्मीद है, आगे उनके निर्देशन में काम करने का मौका मिले। सवाल: ‘शक’ के लिए हां कहने की सबसे बड़ी वजह क्या थी? जवाब: रेंसिल डिसिल्वा सर का फोन आया था। उन्होंने श्रेया के किरदार के बारे में बताया। मैं उस समय जुहू सर्कल के सिग्नल पर कार में थी। जैसे ही उन्होंने किरदार के बारे में बताया, मुझे लगा कि इसमें बहुत सारी परतें हैं। वह बचपन से नायिका की सबसे अच्छी दोस्त है, उसका नायिका के पति से रिश्ता है, बच्ची के गायब होने में भी उसका हाथ है और वह अपने पति से भी सच छिपा रही है। इतना जटिल किरदार सुनते ही मैंने कहा- सर, मैं यह करना चाहती हूं। सवाल: श्रेया जैसे किरदार में उतरने के लिए आपने क्या तैयारी की? जवाब: सबसे पहले मुझे अपने अंदर से उसके प्रति जजमेंट हटाना था। स्क्रिप्ट पढ़ते ही आप उसके कई फैसलों को गलत मान सकते हैं। लेकिन कलाकार के तौर पर आपको उस किरदार को समझना होता है। मैंने उसके बचपन से लेकर वर्तमान तक की पूरी जिंदगी के बारे में सोचा। अगर वह और उसकी दोस्त बचपन से साथ थीं, तो उनके रिश्ते में ऐसा क्या हुआ कि वह अपनी दोस्त के साथ ऐसा कर सकी? उसके मन में क्या था? पति के साथ उसका रिश्ता कैसे बना? इन सभी सवालों के जवाब मैंने अपनी नोटबुक में लिखे। मेरे लिए किरदार की तैयारी सिर्फ स्क्रिप्ट तक सीमित नहीं होती। मैं यह भी सोचती हूं कि कैमरे पर दिखाए जा रहे दृश्य से ठीक पहले किरदार की जिंदगी में क्या हुआ होगा। इससे किरदार को भीतर से समझने में मदद मिलती है। सवाल: इतने गंभीर किरदार के बाद क्या सेट का माहौल भी गंभीर रहता था? जवाब: नहीं। कैमरा शुरू होते ही हम किरदार बन जाते थे, लेकिन उससे पहले खूब मस्ती होती थी। 'शक’ की शूटिंग पहाड़ों में हुई। एक दिन पूरी कास्ट ने साथ में पार्टी की। खुले आसमान के नीचे संगीत था और सभी कलाकार साथ बैठे थे। शूटिंग के दौरान हम खाली समय में ट्रैकिंग और साइकिलिंग के लिए भी जाते थे। यही चीजें कलाकारों को एक-दूसरे के करीब लाती हैं और काम के दौरान केमिस्ट्री भी बेहतर होती है। सवाल: ‘शक’ के लिए मिला सबसे अच्छा कॉम्प्लिमेंट क्या रहा? जवाब: लोगों ने मेरी परफॉर्मेंस की तारीफ तो की ही, लेकिन मेरे लिए यह भी खास था कि लोगों ने कहा कि मैं स्क्रीन पर बहुत खूबसूरत लग रही हूं। मैंने आपको बताया कि मैंने कभी खुद को उस तरह नहीं देखा था, इसलिए यह बात मेरे लिए मायने रखती है। इसके अलावा मेरा और सुमित व्यास का जेल वाला एक सीन है, जिसे बहुत प्यार मिल रहा है। मेरे डीएम उस सीन की तारीफ से भरे हुए हैं। सवाल: आप किस तरह के किरदार करना चाहती हैं? जवाब: मेरी कोशिश रहती है कि ऐसे किरदार करूं, जिन्हें लोग अक्सर समझ नहीं पाते। मैं उन्हें सहानुभूति के साथ निभाना चाहती हूं। चाहे समीरा हो, ‘कोहरा’ की निमरत हो या ‘शक’ की श्रेया- इन सभी किरदारों में एक बारीक रेखा है। मुझे ऐसे किरदारों को समझना और निभाना पसंद है। सवाल: आगे क्या करने वाली हैं? जवाब: मैंने एक बहुत अच्छी सीरीज साइन की है। उसकी शूटिंग अक्टूबर-नवंबर में होगी। किरदार भी बहुत अच्छा है और कलाकार भी शानदार हैं। अभी मैं उसके बारे में ज्यादा नहीं बता सकती। इसके अलावा एक थिएट्रिकल प्रोजेक्ट पर भी बातचीत चल रही है। अगर सब कुछ तय हो गया तो जनवरी में उसकी शूटिंग शुरू हो सकती है।
OTT: ये 10 फिल्में और सीरीज वीकेंड को बनाएंगी मजेदार, एक्शन से लेकर कॉमेडी तक का मिलेगा मजा
इस पूरे हफ्ते ओटीटी पर शानदार फिल्में और सीरीज रिलीज हुई हैं। हम आपको इनमें से 10 ऐसी फिल्में और सीरीज बता रहे हैं जो आप इस वीकेंड पर देख सकते हैं। इस लिस्ट में एक्शन से लेकर रोमांटिक और सस्पेंस थ्रिलर फिल्में और सीरीज शामिल हैं।
'मुझे लगा था शाहरुख बन जाऊंगा', टीवी के SRK ने याद किए स्ट्रगल के दिन
इकबाल खान दरअसल शाहरुख खान बनने का सपना लेकर मुंबई आए थे. उन्हें मुंबई में सर्वाइव करने के लिए अपनी कार तक बेचनी पड़ी थी. लेकिन फिर बालाजी टेलीफिल्म्स के सीरियल ने उनकी किस्मत बदल दी.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन में नसीरुद्दीन शामिल हुए। पुलिस की इजाजत न मिलने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के इस प्रदर्शन में अभिनेत्री शबाना आजमी और संगीतकार विशाल ददलानी भी पहुंचे। शर्लिन चोपड़ा और विशाल भारद्वाज समेत कई सेलेब्स ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। इन बॉलीवुड सेलेब्स की मौजूदगी से प्रदर्शन स्थल पर भीड़ जुट गई। इन कलाकारों ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाई और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार का खुलकर समर्थन किया। नसीरुद्दीन शाह ने दीपके को गले लगाकर कहा शुक्रिया प्रदर्शन के दौरान अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस वीडियो को शेयर किया। वीडियो में नसीरुद्दीन शाह आयोजक अभिजीत को गले लगाते और धन्यवाद कहते दिख रहे हैं। अभिजीत ने बताया कि वे नसीरुद्दीन शाह के बहुत बड़े फैन हैं और उनका इस प्रदर्शन में आना किसी सपने के सच होने जैसा है। शबाना आजमी बोलीं- अधिकारों के लिए आवाज उठाना जरूरी अभिनेत्री शबाना आजमी भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं और उनका हौसला बढ़ाया। शबाना ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है। जब वोटर लिस्ट से बिना किसी कारण लोगों के नाम हटा दिए जाएं, तो जनता का विरोध करना बिल्कुल सही है। इससे पहले शबाना आजमी नीट पेपर लीक मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हो चुकी हैं। संगीतकार विशाल ददलानी ने जताया समर्थन बॉलीवुड सिंगर विशाल ददलानी ने भी शिवाजी पार्क पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने सीजेपी नेता अभिजीत दीपके से मुलाकात की और उन्हें गले लगाया। विशाल ने कार्यक्रम से पहले भी सोशल मीडिया के जरिए इस प्रदर्शन का समर्थन किया था। सीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से विशाल की मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए गए। वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर बोलीं शर्लिन चोपड़ा एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा ने वोट देने के अधिकार को मौलिक अधिकार बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की हत्या नहीं होनी चाहिए और नागरिकों से मतदान का हक नहीं छीना जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए जिन 13 करोड़ भारतीयों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, क्या यह साबित किया जा सकता है कि वे गैर-नागरिक हैं। शर्लिन ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान करती हैं और उन्हें पिता तुल्य मानती हैं, इसलिए एक बेटी के तौर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी असहमति दर्ज कराना उनका अधिकार है। उन्होंने पीएम मोदी से भारतीय नागरिकों के इस अधिकार को न छीनने की अपील की। सीजेपी की मांग और चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए किया मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया। सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीट लीक के बाद दो महीने में यह उनका दूसरा बड़ा आंदोलन है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी कि सरकार चाहे तो उन्हें जेल भेज सकती है। दरअसल, यह विवाद मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स के बाद शुरू हुआ था।
एयर लिफ्ट कर बाली से मुंबई लाई गई नुसरत भरूचा, टूटी रीढ़ की हड्डी में दिखी ऐसी क्रिटिकल हालत
Nushrratt Bharuccha Video:
Drishyam 3 Day 1: बॉक्स ऑफिस पर मचाया गदर, बनी अजय देवगन की सबसे बड़ी ओपनर
Day 1 Box Office: अजय देवगन की दृश्यम 3 की बॉक्स ऑफिस पर जोरदार शुरुआत हुई है। ये फिल्म दृश्यम फ्रेंचाइजी का आखिरी पार्ट है और पहले दिन ही फिल्म ने 60 करोड़ से ज्यादा कमाई कर ली है।
रणथंभौर में दिखे इब्राहिम और पलक तिवारी, उड़ीं डेटिंग की अफवाहें
इब्राहिम अली खान, पलक तिवारी के साथ रणथंभौर में टाइगर सफारी पर गए, जिसका वीडियो भी सामने आया है. हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर साथ देखे जाने के बाद, इस सफारी ने उनके कथित रिश्ते को लेकर फिर से चर्चा छेड़ दी है.
शाहरुख खान, सलमान खान नहीं ये है बॉलीवुड का सबसे अमीर शख्स, नेटवर्थ सुन लगेगा झटका
क्या आप जानते हैं बॉलीवुड का सबसे अमीर शख्स कौन है? अगर आप शाहरुख खान, सलमान खान या अमिताभ बच्चन का नाम सोच रहे हैं तो आप गलत हैं। आइए जानते हैं बॉलीवुड के सबसे अमीर शख्स के बारे में।
भारत लाई गईं नुसरत भरूचा, एक्ट्रेस को स्ट्रेचर पर देख फैंस परेशान
Nushratt Bharucha Video: एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया गया है। एक्ट्रेस को बाली ट्रिप के दौरान चोट लग गई थी। उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रेक्चर हो गया था। अब मुंबई में एक्ट्रेस की सर्जरी की जाएगी।
रानी स्वर्णकार ने अपने इंस्टाग्राम पर स्टोरी पोस्ट करके उन सेलेब्स पर निशाना साधा है जो उनके और गोविंदा के रिश्ते पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने साफ किया है कि वो गणेश पंडाल में गोविंदा के साथ अपनी फिल्म की कामयाबी के लिए आशीर्वाद लेने पहुंची थीं।
सिग्मा देखने थिएटर पहुंचीं थलपति विजय की पत्नी संगीता, वीडियो वायरल
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की पत्नी संगीता सोरनालिंगम, अपनी बेटी दिव्या के साथ कमला सिनेमाज़ में अपने बेटे जेसन संजय की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म 'सिग्मा' देखने पहुंचीं.
रोहित शेट्टी का ओरी के रील पर ‘रुक टेलर भेजता हूं’ वाला कमेंट, इंटरनेट पर छाई मजेदार नोकझोंक
ओरी की हालिया सोशल मीडिया रील ने ‘खतरों के खिलाड़ी’ के होस्ट रोहित शेट्टी के साथ उनकी मजेदार बातचीत को लेकर खूब ध्यान खींचा है...
तेज प्रताप यादव को इम्प्रेस करने के लिए सारा गुरपाल ने किया बोल्ड डांस, देखकर फटी रह गई आंखें
राइज एंड फॉल शो इन दिनों आ रहा है और इसमें तेज प्रताप यादव, सारा गुरपाल समेत कई सेलेब्स नजर आ रहे हैं। अब शो का एक प्रोमो आया है जिसे देखकर आप भी हैरान हो जाएंगे।
CJP प्रोटेस्ट में विशाल ददलानी ने की नारेबाजी, बोले- आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक…
Vishal Dadlani in CJP Protest: मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में विशाल ददलानी भी पहुंचे। उन्होंने स्टेज पर चढ़कर गो ज्ञानू गो का नारा भी लगाया।
बढ़े वजन पर ट्रोल हुईं कटरीना, विक्की बोले- पत्नी को खुश देखा
कटरीना कैफ को कुछ वक्त पहले भयंकर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था, क्योंकि मां बनने के बाद उनका वजन बढ़ा. अब कटरीना की लाइफ के इस फेज पर विक्की कौशल ने बात की और बताया कि कैसे वो एक्ट्रेस के लिए खुश हैं.
दृश्यम ने चला बॉक्स ऑफिस पर पुराना दांव! अजय का आया रिएक्शन
‘दृश्यम 3’ की रिलीज के बीच अजय देवगन ने बताया कि सीक्वल की सफलता में फिल्म से ज्यादा किरदारों का जुड़ाव मायने रखता है. जानें विजय सलगांवकर, गोपाल और सिंघम पर उन्होंने क्या कहा और किरदारों से अटैचमेंट को लेकर उनका नजरिया क्या है.
'बादशाह ने इसके साथ क्या कर दिया', माही के कमेंट पर ईशा रिखी हैरान
ईशा रिखी बिग बॉस 20 के घर में छाई रही. उनके इमोशनल ब्रेकडाउन को लेकर दिए गए बयान पर माही विज ने उन पर तंज कसा था. अब बिग बॉस के घर से बाहर निकलने के बाद माही विज की उस टिप्पणी पर ईशा ने खुलकर बात की.
CJP प्रोटेस्ट: जावेद अख्तर ने किन लोगों पर कस दिया तंज? बोले- कुछ लोग शोर-शराबे…
Javed Akhtar's Post: सीजेपी प्रोटेस्ट का शिवाजी पार्क के स्थानीय लोगों ने विरोध किया है। इस विरोध प्रदर्शन पर अब जावेद अख्तर ने अपनी राय सामने रखी है। उन्होंने शिवाजी पार्क के स्थानीय लोगों पर तंज कसा है।
वॉइस ऑफ़ डॉक्टर्स का चौथा सीज़न 4 अक्टूबर, 2026 को NMACC, मुंबई में होगा, और इसमें मशहूर सिंगर कुमार सानू, सुदेश भोसले और साधना सरगम की एक जानी-मानी जूरी होगी। आदित्य बिड़ला ग्रुप द्वारा पेश किया गया, राजश्री बिड़ला के कीमती सपोर्ट के साथ, यह इवेंट एक ऐसी शाम का वादा करता है जहां मेडिसिन, म्यूज़िक और इंसानी इमोशन एक ही स्टेज पर एक साथ आएंगे।
काश आप इसे रोक पाते, बेटे और Katrina के साथ खास पलों पर बोले Vicky Kaushal
अभिनेता विक्की कौशल ने हाल ही में एक बातचीत के दौरान पिता बनने के बाद अपनी जिंदगी में आए बदलावों के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि बेटे के साथ बिताया हर छोटा सा पल उनके लिए बेहद खास है। विक्की ने कहा कि बच्चे की हंसी, पहली बार रोना, नए एक्सप्रेशन और इशारों को देखना उनके लिए किसी जादुई अनुभव से कम नहीं है। विक्की कौशल ने कही ये बात हरित जवेरी ज्वेलर्स के यूट्यूब चैनल पर साझा की गई बातचीत में विक्की कौशल ने बताया कि पिता बनने के बाद आए बदलावों को शब्दों में समझाना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, आप इस बदलाव को इस तरह नहीं माप सकते कि कैसे और क्या बदला है, लेकिन मैं आपको इतना बता सकता हूं कि ये बस एक जादुई अनुभव है, एक जादुई एहसास है। मुझे नहीं पता कि इसे ठीक से समझाने के लिए मेरे पास इतने शब्द भी होंगे कि मैं बता सकूं कि आप असल में कैसा महसूस करते हैं। उन्होंने आगे कहा, हर दिन, हर छोटा सा पल, जब आपका बच्चा खिलखिलाता है, उसका पहली बार रोना, उसका पहला नया एक्सप्रेशन और उसका पहला नया इशारा, ये सब देखना और महसूस करना बस कमाल है। विक्की ने यह भी बताया कि पिछले 10 महीनों में उन्होंने कई ऐसे पल महसूस किए, जब उन्हें लगा कि उनके पास सब कुछ है। उन्होंने कहा, कहा जाता है कि इंसान कभी संतुष्ट नहीं होता, लेकिन पिछले 10 महीनों में मैंने ऐसे बहुत सारे पल जिए हैं, जब मुझे लगा कि बस यही है, सब कुछ पूरा है, मुझे और कुछ नहीं चाहिए। इसे भी पढ़ें: Hanuman Ansh 2 का बजट बढ़ेगा या नहीं? निर्माता Anupriya Nagar ने साफ किया प्लान कैटरीना और बेटे के साथ बिताए पलों पर क्या बोले? विक्की कौशल ने कैटरीना कैफ और अपने बेटे के साथ बिताए पलों के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि पत्नी को खुश और बच्चे को खिलखिलाते हुए देखना उनके लिए बेहद खास एहसास है। अभिनेता ने कहा, उस पल में अपनी पत्नी की खुशी और अपने बच्चे को खिलखिलाते हुए देखना और खुद भी उसी पल में होना, बस ऐसा लगता है कि काश आप इसे रोक पाते, तो इस पल को और जी पाते। ये बस कमाल है। विक्की ने कहा कि पिता बनने के बाद वह खुद को एक इंसान के तौर पर ज्यादा संवेदनशील और जिम्मेदार महसूस करते हैं। उन्होंने कहा, ये आपको एक इंसान के तौर पर बेहद संवेदनशील बनाता है। साथ ही, ये आपको एक इंसान के तौर पर बेहद जिम्मेदार भी बनाता है, क्योंकि अब आपको जो कहते हैं, उसे खुद भी करके दिखाना है। इसे भी पढ़ें: काम के लिए बाली गई थीं Nushrratt Bharuccha, हादसे ने बदला पूरा शेड्यूल; अब मुंबई में होगी सर्जरी बच्चे के सामने अपने व्यवहार पर ज्यादा ध्यान देते हैं विक्की विक्की के मुताबिक, पिता बनने के बाद उनके अंदर सबसे बड़ा बदलाव यह आया है कि अब वह अपने व्यवहार पर पहले से कहीं ज्यादा ध्यान देने लगे हैं। उनका मानना है कि बच्चे की शुरुआती सीख घर के माहौल और आसपास के लोगों को देखकर होती है। उन्होंने कहा, आपके बच्चे की पहली सीख अनजाने में वही होने वाली है, जो वह घर में देखता है और वह उन सभी चीजों को अपने अंदर लेता जाएगा। विक्की ने बताया कि पिछले 10 महीनों में उन्होंने खुद को पहले से कहीं ज्यादा मॉनिटर किया है। उन्होंने कहा, पिछले 10 महीनों में मैंने जितना खुद को मॉनिटर किया है, उतना मैंने पहले कभी खुद को मॉनिटर नहीं किया। आपको वैसा ही बनना होता है, ताकि आपका बच्चा आपसे कुछ सीख सके। यही मेरी सबसे बड़ी सीख रही है।
दृश्यम 3 की बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट आ गई है। फिल्म की शुरुआत काफी शानदार हो रही है। यह इस फिल्म का तीसरा और आखिरी पार्ट है जिसको काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
71 साल के अनुपम खेर ने नॉर्थ कैरोलिना में 35 फुट ऊंची रॉक वॉल पर चढ़ाई की, Watch Video
उन्होंने हरमन और अपने इंस्ट्रक्टर स्कॉट को धन्यवाद देते हुए कहा, “आज, 71 साल की उम्र में, मैं उस दीवार से खुद पर और अपनी काबिलियत पर थोड़े और भरोसे के साथ नीचे आया हूं। हमें खुद को वह मौका देना चाहिए।”
क्या बनेगा 'कजरा रे 2.0'? अभिषेक बच्चन बोले- आपको ऐश्वर्या और पापा से...
फिल्म बंटी और बबली जब रिलीज हुई थी तब इस फिल्म का कजरा रे गाना काफी हिट हुआ था। अब अभिषेक बच्चन से हाल ही में पूछा गया कि क्या कजरा रे का 2.0 बनेगा तो जानें एक्टर ने क्या कहा।
एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया ने हनुमान अंश और सनातन संस्कृति पर बन रही फिल्मों की सफलता पर अपनी राय रखी है। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति जितनी स्पिरिचुअल है, उतनी ही साइंटिफिक भी है। आज दर्शक अपनी संस्कृति के बारे में और ज्यादा जानना चाहते हैं। डिमांड के कारण ऐसी कहानियां बनाई जा रही हैं और लोग इन्हें पसंद कर रहे हैं। इस बीच सनातन थीम पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' ने 56 दिनों में दुनियाभर में 414.06 करोड़ रुपए का बिजनेस कर लिया है। साइंस और स्पिरिचुअलिटी एक ही सिक्के के दो पहलू तमन्ना भाटिया ने कहा कि अर्बन इंडिया के लिए अपनी जड़ों और कल्चर को समझना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग हर बात का पहले सबूत मांगते हैं और फिर विश्वास करते हैं, जबकि अध्यात्म का नियम है कि आप विश्वास करें तो अनुभव खुद मिल जाएगा। अपनी फिल्म 'वन' में निभाए किरदार का हवाला देते हुए तमन्ना ने बताया कि साइंस और स्पिरिचुअलिटी अलग नहीं हैं, दोनों एक ही बात को कहने के दो अलग तरीके हैं। 'हनुमान अंश' की प्रोड्यूसर से हुई थी मुलाकात तमन्ना ने बताया कि कुछ समय पहले एक पब्लिक वॉशरूम में उनकी मुलाकात 'हनुमान अंश' की महिला प्रोड्यूसर से हुई थी। वहां बातचीत के दौरान तमन्ना ने उन्हें फिल्म की सफलता पर बधाई दी। तमन्ना ने कहा कि मेकर्स ने बहुत कठिनाइयों के साथ यह फिल्म बनाई है और आज इसे जो रिस्पॉन्स मिल रहा है, उससे वे काफी खुश हैं। जब कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़े आंकड़े लेकर आती है, तो उसकी सफलता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। 'सनातन फिल्मों का हिस्सा बनने में दिक्कत नहीं' आगे भी धार्मिक या पौराणिक विषयों पर काम करने के सवाल पर तमन्ना ने कहा कि अगर किसी कहानी का लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़ता है तो वे ऐसी फिल्मों का हिस्सा जरूर बनना चाहेंगी। भारतीय पौराणिक कथाओं में कई ऐसे किरदार हैं जिन्हें पर्दे पर उतारा जा सकता है। अपने एक पुराने अनुभव का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जब उन्होंने छठी मैया का गाना किया था, तब पटना के एक कॉलेज में किसी ने उनसे कहा था कि ऊपर वाले ने इस काम के लिए खुद आपको चुना है। 'हनुमान अंश' ने 56 दिनों में कमाए 414.06 करोड़ रुपए सनातन और पौराणिक बैकग्राउंड पर बनी फिल्मों की सफलता का बड़ा उदाहरण 'हनुमान अंश' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन है। फिल्म ने अपनी रिलीज के 56वें दिन 4,345 शो के जरिए 2.90 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ ही भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई 317.38 करोड़ रुपए और कुल ग्रॉस कलेक्शन 374.86 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। ओवरसीज मार्केट में फिल्म ने 56वें दिन 0.10 करोड़ रुपए जोड़कर कुल 39.20 करोड़ रुपए की कमाई की है। इन आंकड़ों को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 414.06 करोड़ रुपए हो गया है।
संजय दत्त ने पितृपक्ष में किया माता-पिता का पिंड दान, ब्राह्मणों संग पूरे विधि-विधान से की पूजा
Sanjay Dutt Pind Daan:
एक्टर डीनो मोरिया के शुक्रवार को गिरफ्तार होने की खबर सामने आई है। सुबह वे कमिश्नर ऑफिस पहुंचे, जहां मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) के सामने उनकी पेशी हुई। उनसे पूछताछ की जा रही है। मामला मीठी नदी डीसिल्टिंग (गाद निकालना) घोटाले का है। दावा है कि राज्य में नदियों की सफाई के नाम पर हुए 65 करोड़ रुपए का गबन हुआ। इस जांच में मोरिया का नाम इसलिए आया क्योंकि उन पर उन कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े होने का आरोप है, जिन लोगों ने मुंबई में बाढ़ से बचाव और ड्रेनेज सिस्टम के रखरखाव के लिए दिए गए सरकारी फंड में हेराफेरी की थी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब डीनो, दिशा सालियन की मौत के मामले में भी जांच का सामना कर रहे हैं। पिछले साल ED ने डीनो के घर छापा मारा था 2025 में भी ED ने मुंबई और कोच्चि में 15 जगहों पर छापेमारी की, जिसमें मोरिया का घर भी शामिल था। इन छापों में उन लोगों और संगठनों को निशाना बनाया गया जो जांच के दायरे में आए कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े थे। जांच में सामने आया कि आरोपी केतन कदम और जय जोशी ने मैटप्रॉप कंपनी के अधिकारियों और बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके घोटाला किया। जब घोटाले के मुख्य आरोपी केतन कदम के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच हुई तो इसमें एक्टर डिनो मोरिया और उनके भाई का नाम सामने आया। दोनों ने कई मौकों पर केतन कदम से बात की थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि डीनो मोरिया और केतन महज दोस्त नहीं हैं, बल्कि उनके बीच पैसों का लेन-देन भी हो सकता है। यही वजह है कि डिनो को जांच के दायरे में लेकर पूछताछ की जा रही है। क्या था मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट मीठी नदी से गाद निकालने यानी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत 2005 में मुंबई में आई बाढ़ के बाद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) और दूसरी सिविक एजेंसियों ने की थी। इस प्रोजेक्ट का मकसद मलबे को हटाकर और नदी के तल का रखरखाव करके बाढ़ मैनेजमेंट को बेहतर बनाना था। बाद की जांच में डीसिल्टिंग के बताए गए काम और असल में किए गए काम के बीच अंतर मिला, जिससे प्रोजेक्ट के फंड के इस्तेमाल पर शक पैदा हुआ। मई 2025 की पहली FIR में 13 लोगों को आरोपी बनाया गया, जिनमें 3 BMC अधिकारी, ठेकेदार, बिचौलिए और निजी कंपनी के अधिकारी शामिल हैं। ………… यह खबर भी पढ़ें... एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर:इंडोनेशिया के बाली में एक्सीडेंट, एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया जा रहा, सर्जरी होगी एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, नुसरत फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। शुक्रवार को नुसरत की टीम की पब्लिसिस्ट संचिता त्रिवेदी ने बताया कि डॉक्टर आगे की जांच के बाद उनकी रीढ़ की सर्जरी करेंगे। उन्हें इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से बाली से मुंबई लाने की तैयारी की जा रही है। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी सर्जरी होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें...
एक्टर डीनो मोरिया के गिरफ्तार होने की खबर:मीठी नदी डीसिल्टिंग घोटाले से जुड़ा है मामला
एक्टर डीनो मोरिया शुक्रवार को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार होने की खबर सामने आई है। शुक्रवार सुबह वे कमिश्नर ऑफिस पहुंचे, जहां मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) के सामने उनकी पेशी हुई। मामला मीठी नदी डीसिल्टिंग स्कैम का है। दावा है कि राज्य में नदियों की सफाई के नाम पर हुए 65 करोड़ रुपए का गबन हुआ। इस जांच में मोरिया का नाम इसलिए आया क्योंकि उन पर उन कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े होने का आरोप है। इन लोगों पर मुंबई में बाढ़ से बचाव और ड्रेनेज सिस्टम के रखरखाव के लिए दिए गए सरकारी फंड में हेराफेरी करने का शक है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब डीनो, दिशा सालियन की मौत के मामले में भी जांच का सामना कर रहे हैं। पिछले साल ED ने डीनो के घर छापा मारा था 2025 में भी ED ने मुंबई और कोच्चि में 15 जगहों पर छापेमारी की, जिसमें मोरिया का घर भी शामिल था। इन छापों में उन लोगों और संगठनों को निशाना बनाया गया जो जांच के दायरे में आए कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े थे। जांच में सामने आया कि आरोपी केतन कदम और जय जोशी ने मैटप्रॉप कंपनी के अधिकारियों और बीएमसी के स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके घोटाला किया। जब घोटाले के मुख्य आरोपी केतन कदम के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच हुई तो इसमें एक्टर डिनो मोरिया और उनके भाई का नाम सामने आया। दोनों ने कई मौकों पर केतन कदम से बात की थी। जांच अधिकारियों का मानना है कि डीनो मोरिया और केतन महज दोस्त नहीं हैं, बल्कि उनके बीच पैसों का लेन-देन भी हो सकता है। यही वजह है कि डिनो को जांच के दायरे में लेकर पूछताछ की जा रही है। क्या था मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत 2005 में मुंबई में आई बाढ़ के बाद बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) और अन्य सिविक एजेंसियों ने की थी। इस प्रोजेक्ट का मकसद मलबे को हटाकर और नदी के तल का रखरखाव करके बाढ़ मैनेजमेंट को बेहतर बनाना था। बाद की जांच में डीसिल्टिंग के बताए गए काम और असल में किए गए काम के बीच अंतर मिला, जिससे प्रोजेक्ट के फंड के इस्तेमाल पर शक पैदा हुआ। खबर अपडेट की जा रही है…. ………… यह खबर भी पढ़ें... एक्ट्रेस नुसरत भरूचा को रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर:इंडोनेशिया के बाली में एक्सीडेंट, एयर एंबुलेंस से मुंबई लाया जा रहा, सर्जरी होगी एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, नुसरत फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। शुक्रवार को नुसरत की टीम की पब्लिसिस्ट संचिता त्रिवेदी ने बताया कि डॉक्टर आगे की जांच के बाद उनकी रीढ़ की सर्जरी करेंगे। उन्हें इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से बाली से मुंबई लाने की तैयारी की जा रही है। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी सर्जरी होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें...
अमिताभ बच्चन के शो कौन बनेगा करोड़पति को काफी पसंद किया जा रहा है। शो में हाल ही में एक कंटेस्टेंट आईं जिन्होंने बिग बी के सामने कुछ ऐसा कहा जिसकी उन्होंने उम्मीद नहीं की थी।
ब्लॉकबस्टर ‘कंतारा: चैप्टर 1’ ने एक साल पूरा किया, मेकर्स ने दर्शकों का आभार जताया
इस फिल्म को विजय किरागंदूर और चालुवे गौड़ा ने होम्बले फ़िल्म्स के बैनर तले बड़े स्केल पर प्रोड्यूस किया था। प्राचीन कदंब काल के दौरान, औपनिवेशिक शासन से पहले के तटीय कर्नाटक पर आधारित यह फिल्म, पवित्र जंगल की पौराणिक शुरुआत से लेकर इंसानी लालच, और लोककथाओं की दैवीय जड़ों की कहानी कहती है।
रान्या राव पर फिर कसा शिकंजा: गोल्ड स्मगलिंग केस
मुंबई, कन्नड़ एक्ट्रेस हर्षवर्धिनी रान्या राव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही है।
जयपुर और आसपास के इलाकों में इन दिनों प्रकाश झा के निर्देशन में बन रही चर्चित वेबसीरीज ‘आश्रम 4’ की शूटिंग जारी है। सीरीज के लिए शहर की अलग-अलग लोकेशन को कहानी के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। अब आमेर स्थित सागर लेक के आसपास के क्षेत्र में सीरीज के लिए एक नया सेट तैयार किया गया है, जहां बाबा निराला के किरदार में नजर आ रहे बॉबी देओल पर महत्वपूर्ण सीन फिल्माए गए। सागर लेक के पास शूटिंग के लिए कथा का माहौल तैयार किया गया। यहां बाबा निराला के रूप में बॉबी देओल लोगों के बीच कथा सुनाते हुए नजर आए। शूटिंग के दौरान बड़ी संख्या में कलाकार और जूनियर आर्टिस्ट भी मौजूद रहे। पूरे सेट को इस तरह तैयार किया गया कि यह बाबा निराला के आश्रम और उसके धार्मिक आयोजनों से जुड़े माहौल का हिस्सा नजर आए। यहां देखिए शूटिंग से जुड़े फोटोज… बाबा निराला ने सुनाई कथा, भक्तों की भीड़ के बीच फिल्माए गए सीन सागर लेक के पास बनाए गए सेट पर बाबा निराला के कथा सुनाने वाले दृश्यों को फिल्माया गया। बॉबी देओल ने बाबा निराला के गेटअप में शूटिंग की। कथा सुनाते बाबा निराला के आसपास बड़ी संख्या में लोग और उनके अनुयायियों के रूप में कलाकार मौजूद रहे। सीरीज की कहानी में बाबा निराला के प्रभाव और उसके इर्द-गिर्द बने धार्मिक माहौल को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। ऐसे में आमेर की लोकेशन पर फिल्माए जा रहे ये दृश्य कहानी के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। शूटिंग के दौरान सीरीज के प्रमुख कलाकारों में शामिल चंदन रॉय सान्याल भी नजर आए। वे सीरीज में भोपा स्वामी का किरदार निभा रहे हैं। बॉबी देओल और चंदन रॉय सान्याल से जुड़े दृश्यों की शूटिंग के लिए सागर लेक के आसपास विशेष तैयारियां की गईं। त्रिधा चौधरी पर भी फिल्माए गए अहम सीन शूटिंग के दौरान अभिनेत्री त्रिधा चौधरी भी नजर आईं। सीरीज में उनके किरदार से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दृश्यों को भी आमेर की इस लोकेशन पर फिल्माया गया। शूटिंग के लिए कलाकारों के कॉस्ट्यूम और मेकअप को कहानी के अनुरूप रखा गया। आमेर की ऐतिहासिक और प्राकृतिक लोकेशन को देखते हुए इसे सीरीज के कुछ दृश्यों के लिए उपयुक्त माना गया है। सागर लेक के आसपास का क्षेत्र शूटिंग के दौरान एक अलग ही दृश्यात्मक पृष्ठभूमि तैयार करता नजर आया। बॉबी देओल के बॉडी डबल का भी इस्तेमाल शूटिंग में बॉबी देओल के बॉडी डबल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे दृश्यों में, जहां कैमरा एंगल या शॉट की जरूरत के मुताबिक अभिनेता का पूरा चेहरा दिखाना आवश्यक नहीं होता, बॉडी डबल के जरिए शूटिंग पूरी की जाती है। इससे शूटिंग के दौरान समय बचाने के साथ अलग-अलग शॉट्स को तेजी से पूरा करने में मदद मिलती है। ‘आश्रम 4’ की शूटिंग में बॉबी देओल के साथ अन्य प्रमुख कलाकारों के सीन भी अलग-अलग हिस्सों में फिल्माए जा रहे हैं। जयपुर की कई लोकेशन पर चल रहा शूट ‘आश्रम 4’ की शूटिंग पिछले कई दिनों से जयपुर की अलग-अलग लोकेशन पर चल रही है। इससे पहले भी जयपुर और आसपास के क्षेत्रों को सीरीज के अलग-अलग दृश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया है। शहर की ऐतिहासिक इमारतों, ग्रामीण इलाकों और प्राकृतिक लोकेशन को कहानी के मुताबिक सेट में बदला जा रहा है। शूटिंग के लिए प्रोडक्शन टीम की ओर से कलाकारों के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सेट पर आठ से दस वैनिटी वैन की व्यवस्था की गई है, जिनका इस्तेमाल कलाकारों के मेकअप, कॉस्ट्यूम और आराम के लिए किया जा रहा है। बड़े स्तर पर चल रही शूटिंग के कारण सेट पर तकनीकी टीम, कलाकारों, जूनियर आर्टिस्ट और प्रोडक्शन स्टाफ की मौजूदगी बनी हुई है।
हनुमान अंश अब तेलुगु रिलीज के लिए तैयार, जानें थिएटर में कब आएगी नीम करोली बाबा की बायोपिक
विशाल चतुर्वेदी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म की अगस्त में रिलीज़ के बाद शुरुआत में धीमी शुरुआत हुई थी। पॉजिटिव वर्ड-ऑफ-माउथ ने इसे रफ़्तार पकड़ने में मदद की और अब यह भारत में 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है, जबकि इसकी दुनिया भर में कमाई 400 करोड़ रुपये से ज़्यादा हो गई है।
Rasik Dulare Sharan New CCTV Video:
सिनेमा ने महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के जीवन के हर पहलू को पर्दे पर उतारा है और अब नए फिल्ममेकर नए दौर में कुछ नई कहानियां कहने के लिए तैयार है।
PC: dnaindia हनुमान अंश ने आखिरकार अपने तेलुगु वर्जन के लिए नई रिलीज़ डेट तय कर दी है। विशाल चतुर्वेदी की डायरेक्ट की हुई भक्ति ड्रामा, जो नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित है, अब 9 अक्टूबर को रिलीज़ होगी, होम्बले फिल्म्स ने सोशल मीडिया पर यह घोषणा की। यह फिल्म पहले 18 सितंबर को तेलुगु में रिलीज़ होने वाली थी। हालांकि, रिलीज़ को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया था। पहले त्रिविक्रम श्रीनिवास को अपने फॉर्च्यून फोर सिनेमाज़ बैनर के तहत फिल्म पेश करने की उम्मीद थी। फिल्ममेकर के एक करीबी सोर्स के मुताबिक, हनुमान अंश टीम के साथ डील टूटने के बाद उन्होंने बाद में रिलीज़ से हाथ खींच लिए। रिलीज़ को लेकर अनिश्चितता के कारण 15 सितंबर को हैदराबाद में होने वाले तेलुगु टीज़र लॉन्च इवेंट को भी आखिरी समय में कैंसिल कर दिया गया। अब होम्बले फिल्म्स के तेलुगु वर्शन की ज़िम्मेदारी लेने के साथ, हनुमान अंश को अपनी ओरिजिनल 18 सितंबर की रिलीज़ मिस करने के बाद एक नई डेट मिल गई है। फिल्म अब 9 अक्टूबर को तेलुगु में रिलीज़ होगी। अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पहला तेलुगु पोस्टर शेयर करते हुए, प्रोडक्शन हाउस ने लिखा, हम बहुत पसंद की जाने वाली हनुमान अंश को तेलुगु में लाकर बहुत खुश हैं, ताकि दर्शक दुनिया भर में बड़े पर्दे पर इसकी शानदार चमक देख सकें। हनुमान अंश तेलुगु वर्ल्डवाइड रिलीज़ 9 अक्टूबर को होम्बले फिल्म्स द्वारा। होम्बले फिल्म्स ने हनुमान अंश को 7 अगस्त को भारत में रिलीज़ होने के एक महीने बाद 11 सितंबर को विदेशी बाज़ारों में भी रिलीज़ किया था। हनुमान अंश नीम करोली बाबा के जीवन और आध्यात्मिक सफ़र पर आधारित है, जिसमें लक्ष्मी नारायण से एक पूजनीय आध्यात्मिक व्यक्ति बनने के उनके बदलाव को दिखाया गया है। विशाल चतुर्वेदी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने सिर्फ़ 10 लाख रुपये से ओपनिंग की थी, लेकिन ज़बरदस्त वर्ड ऑफ़ माउथ के बाद इसमें ज़बरदस्त बदलाव आया। तब से यह 2026 के सबसे बड़े बॉक्स ऑफ़िस सरप्राइज़ में से एक बनकर उभरी है। सिर्फ़ 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फ़िल्म ने दुनिया भर में 400 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है और भारत में 300 करोड़ रुपये से ज़्यादा कमाए हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने तपन सिन्हा की जयंती पर दी श्रद्धांजलि
मुंबई, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता तपन सिन्हा की जन्मतिथि शुक्रवार को मनाई जा रही है।
एक्ट्रेस गिरिजा ओक ने खोला फेम का दूसरा पहलू
बॉलीवुड एक्ट्रेस गिरिजा ओक सालों से इंडस्ट्री में काम कर रही हैं. उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी सिनेमा में भी काम किया है. गिरिजा पिछले दो दशक से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का हिस्सा हैं. कुछ वक्त पहले गिरिजाकी इंटरनेट पर बोल्ड तस्वीरें सामने आई थीं.
50 के दशक में हिंदी फिल्मों में एक से बढ़कर एक 300 गाने लिखने वाले दिग्गज गीतकार ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के खिलाफ ऐसा क्या लिखा था कि उन्हें दो साल तक जेल में रहना पड़ा, पढ़ें उनसे जुड़ा किस्सा।
'मैं ना रहा मेरा' का नया गाना, रेखा भारद्वाज की आवाज ने दिया इमोशनल टच
मुंबई, फिल्म 'मैं ना रहा मेरा' के मेकर्स ने इसका नया गाना 'शायद' रिलीज कर दिया है।
बाली में नुसरत के साथ बड़ा हादसा, रीढ़ की हड्डी फ्रैक्चर
नुसरत भरूचा बाली में वर्क-कम-हॉलिडे के दौरान एक दुर्घटना का शिकार हो गईं, जिसमें उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया. उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी सर्जरी मुंबई में की जाएगी.
आज 'दृश्यम 3' थिएटर में अकेली न हीं उतरी हैं, इसका सामना बॉक्स ऑफिस पर 5 दमदार साउथ फिल्मों के साथ है। आइए जानते हैं कौन-कौन सी फिल्में आज 'दृश्यम 3' के साथ रिलीज हो रही हैं।
दर्शकों की बंटी राय: फिल्म 'प्रेम कीटाणु' पब्लिक रिव्यू
मुंबई, अभिनेता वीर पहाड़िया स्टारर कॉमेडी ड्रामा फिल्म 'प्रेम कीटाणु' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है।
Hanuman Ansh 2 का बजट बढ़ेगा या नहीं? निर्माता Anupriya Nagar ने साफ किया प्लान
विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' लगातार चर्चा में बनी हुई है। रिलीज के 55 दिन बाद भी लोग इस फिल्म के बजट और कमाई की बात कर रहे हैं। अनुप्रिया नागर ने इस फिल्म को सिर्फ 2 करोड़ रुपये के बजट में बनाया था और यह दुनियाभर में 400 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है। 'हनुमान अंश' की शानदार सफलता के बाद माना जा रहा था कि इसके दूसरे हिस्से को बड़े स्तर पर बनाया जाएगा। अब फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने इन चर्चाओं पर चुप्पी तोड़ दी है। क्या हनुमान अंश 2 का बजट बढ़ेगा? दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में अनुप्रिया नागर ने कहा कि किसी भी फिल्म को बड़ा दिखाने के लिए सिर्फ बड़ा बजट जरूरी नहीं होता। उनके मुताबिक, अगर कहानी को बड़े बजट की जरूरत नहीं है तो बेवजह करोड़ों रुपये खर्च करने का कोई मतलब नहीं है। अनुप्रिया नागर ने साफ किया कि 'हनुमान अंश 2' का बजट भी पहले हिस्से के आसपास ही रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि 10 या 20 करोड़ रुपये खर्च करने से फिल्म अपने आप बेहतर नहीं हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत से ज्यादा वीएफएक्स या एआई का इस्तेमाल कहानी की वास्तविकता और प्रामाणिकता को प्रभावित कर सकता है। इसे भी पढ़ें: काम के लिए बाली गई थीं Nushrratt Bharuccha, हादसे ने बदला पूरा शेड्यूल; अब मुंबई में होगी सर्जरी कहानी पर रहेगा ज्यादा फोकस अनुप्रिया नागर ने साफ कर दिया है कि 'हनुमान अंश 2' को बनाने के लिए बड़े बजट की जरूरत नहीं है। निर्माता फिल्म की कहानी पर ज्यादा ध्यान देने वाले हैं। उनका मानना है कि सबसे जरूरी यह है कि कहानी दर्शकों को पसंद आए। इसे भी पढ़ें: Drishyam 3 को लेकर दर्शकों का रिएक्शन, क्लाइमैक्स ने चौंकाया या नहीं? पढ़ें जनता का रिव्यू पहले दिन धीमी रही थी फिल्म की शुरुआत विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी 'हनुमान अंश' की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर काफी धीमी रही थी। फिल्म ने रिलीज के पहले दिन करीब 10 लाख रुपये की कमाई की थी। हालांकि, दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और मजबूत चर्चा की वजह से फिल्म की कमाई लगातार बढ़ती गई। रिलीज के 55 दिन बाद भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई कर रही है।
विक्रांत मैसी मिर्जापुर की सीरीज में नजर आए थे। हालांकि अब मिर्जापुर द मूवी में विक्रांत मैसी के किरदार को जितेंद्र कुमार ने रिप्लेस कर दिया है।
पापा सनी देओल को जब इस एक्ट्रेस की बाहों में इंटीमेट देख बुरी रह रोया बेटा, स्विमिंग पूल में...
Juhi Chawla Sunny Deol Intimate Scene:
दर्शकों ने अजय देवगन की विजय सलगांवकर के रोल में वापसी, सस्पेंस वाले ट्विस्ट और इमोशनल परफॉर्मेंस की तारीफ़ की है। फैंस मुश्किल कहानी पर बात कर रहे हैं और लेटेस्ट चैप्टर को एक रोमांचक ब्लॉकबस्टर एक्सपीरियंस बता रहे हैं।
एक्ट्रेस नुसरत भरूचा के बाली में हुए हादसे के बाद रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, नुसरत फिलहाल बाली के अस्पताल में भर्ती हैं और डॉक्टरों की निगरानी में हैं। शुक्रवार को नुसरत की टीम की पब्लिसिस्ट संचिता त्रिवेदी ने बताया कि डॉक्टर आगे की जांच के बाद उनकी रीढ़ की सर्जरी करेंगे। उन्हें इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से बाली से मुंबई लाने की तैयारी की जा रही है। मुंबई पहुंचने के बाद उनकी सर्जरी होगी। टीम के मुताबिक, चोट और सर्जरी की वजह से नुसरत को आराम करने और ठीक होने में समय लगेगा। इसका असर आने वाले हफ्तों में उनकी काम से जुड़ी जिम्मेदारियों पर भी पड़ सकता है। टीम ने सभी से उनकी निजता का सम्मान करने और उन्हें इलाज पर ध्यान देने देने की अपील की है। बता दें कि हादसे से करीब एक हफ्ते पहले नुसरत ने सोशल मीडिया पर छुट्टियों की कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। टाइगर श्रॉफ की फिल्म में एंट्री नुसरत के टाइगर श्रॉफ की अगली फिल्म की कास्ट में शामिल होने की भी खबर है। यह टाइगर और नुसरत की पहली ऑन-स्क्रीन जोड़ी होगी। एक सूत्र ने पिंकविला को बताया, “टीम को ऐसी एक्ट्रेस चाहिए थी, जो कहानी में मजबूती और भावनात्मक गहराई ला सके। नुसरत हमेशा सबसे मजबूत विकल्पों में थीं।” फिल्म में पश्मीना रोशन, अभिषेक बनर्जी और एल्विश यादव भी अहम भूमिकाओं में हैं। शूटिंग के दौरान घायल हुई थीं नुसरत साल 2023 में नुसरत भरूचा के शूटिंग के दौरान घायल होने की दो घटनाएं सामने आई थीं। अप्रैल 2023 में फिल्म ‘अकेली’ की शूटिंग के दौरान भी नुसरत हादसे का शिकार हुई थीं। एक सीन में उन्हें भागते हुए दिखाया जाना था। इसी दौरान वह संगमरमर के फर्श पर सिर के बल गिर गई थीं। हादसे के बाद वह करीब आधे घंटे तक दर्द से रोती रहीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी। वहीं, जनवरी 2023 में फिल्म ‘छोरी 2’ की शूटिंग के दौरान एक एक्शन सीन करते समय उनके चेहरे पर चोट लग गई थी। चोट इतनी थी कि उन्हें चेहरे और भौंह के पास टांके लगवाने पड़े थे। इसके बाद उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वह टांके लगवाती नजर आई थीं। अगस्त 2021 में शूटिंग के दौरान तबीयत बिगड़ी थी इससे पहले अगस्त 2021 में नुसरत की शूटिंग के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। वह लव रंजन की फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। करीब 23-24 दिनों से लगातार काम करने के कारण वह काफी थक गई थीं। घटना वाले दिन उन्हें तेज चक्कर आए और वह ठीक से खड़ी या बात नहीं कर पा रही थीं। इसके बाद उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया। वहां उनका ब्लड प्रेशर 65/55 तक गिर गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद इसे गंभीर वर्टिगो अटैक बताया था। इसकी वजह ज्यादा तनाव और थकान बताई गई थी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने 15 दिन आराम की सलाह दी थी। उनकी वजह से फिल्म की शूटिंग भी रोक दी गई थी। मौलाना रजवी ने मंदिर जाने पर आपत्ति जताई थी नुसरत भरूचा पिछले साल उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं। उन्होंने महाकाल के दर्शन किए और भस्म आरती में भी शामिल हुईं। नुसरत ने मंदिर से अपनी तस्वीर भी शेयर की थी और लिखा था, ‘जय श्री महाकाल।’ इसके बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके मंदिर जाने और हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे शरिया कानून के खिलाफ बताते हुए ‘गुनाह-ए-अजीम’ (बड़ा पाप) कहा था और नुसरत को तौबा (माफी) करने व कलमा पढ़ने की सलाह दी थी। नुसरत मुस्लिम बोहरा परिवार से ताल्लुक रखती हैं। हालांकि, उन्होंने बताया था कि उनका परिवार बचपन से ही सभी धर्मों का सम्मान करता रहा है। नुसरत के मुताबिक, वह मंदिरों के अलावा गुरुद्वारे और चर्च भी जाती रही हैं। उन्होंने वैष्णो देवी और केदारनाथ के दर्शन भी किए हैं। साथ ही वह नमाज भी पढ़ती हैं। …………… नुसरत भरूचा से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें... नुसरत भरूचा ने बताया-शादी की बात पर माता-पिता को दिया था 'धोखा', बोलीं-वे चाहते थे अरेंज मैरिज के लिए लड़कों से मीटिंग करूं बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी एक्टिंग करियर की शुरुआत के तुरंत बाद उनकी फैमिली चाहती थी कि उनकी शादी हो जाए। साथ ही उन्होंने कहा था कि मैंने अपने पेरेंट्स को सालों से धोखा दिया है। नुसरत ने बताया था कि वो कुछ लड़कों से भी मिली थीं, इसलिए उनकी फैमिली ने उनके सिंगल होने की शिकायत नहीं की थी। पूरी खबर यहां पढ़ें...
मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सीजेपी का प्रदर्शन; शबाना आजमी ने किया समर्थन
CJP का कहना है कि 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले प्रदर्शन के जरिए वह चुनाव और मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहती है। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को अपने अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाया है।
बादशाह ने इसके साथ क्या कर दिया...माही विज के इस कमेंट पर ईशा रिखी बोलीं- आप महिला होकर...
बिग बॉस के एक एपिसोड में ईशा रिखी अपनी पर्सनल लाइफ की दिक्कतों को लेकर रोने लग गई थीं। इस पर माही विज ने कहा था कि बादशआह ने इसके साथ क्या कर दिया। अब ईशा ने इस पर अपना रिएक्शन दिया है।
Drishyam 3 movie review in hindi: अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 3’ रिलीज हो चुकी है। इसके साथ ही मेकर्स ने इस फ्रेंचाइजी को पूरी तरह खत्म कर दिया है या कहानी अभी भी बाकी रह गई है? जानिए इस रिव्यू में…
Prem Keetanu Movie Review: वीर पहाड़िया-आफिया सैयद की रोमांटिक केमिस्ट्री ने जीता दिल
पहला प्यार जिंदगी में कब दाखिल हो जाए, इसका कोई टाइमटेबल नहीं होता। कभी दोस्तों के साथ मस्ती करते-करते किसी एक शख्स पर नजर टिक जाती है और फिर वही इंसान दिनभर की बातचीत का सबसे बड़ा मुद्दा बन जाता है। 'प्रेम कीटाणु' इसी एहसास को पकड़ने की कोशिश करती है, लेकिन फिल्म की खूबी यह है कि यह सिर्फ दो लोगों के रोमांस तक सीमित नहीं रहती। निर्देशक अपूर्व सिंह कार्की ने प्यार के साथ दोस्ती, परिवार, करियर और उस उम्र की बेचैनी को भी कहानी में जगह दी है, जब इंसान को खुद नहीं पता होता कि वह जिंदगी से आखिर चाहता क्या है। फिल्म हल्के-फुल्के अंदाज में आगे बढ़ती है, लेकिन इसके किरदारों के बीच चल रही इमोशनल उथल-पुथल इसे सिर्फ एक और रोमांटिक कॉमेडी बनने से बचाती है। वीर पहाड़िया फिल्म में विशाल का किरदार निभाते हैं। विशाल उन लड़कों में से है जिन्हें लगता है कि जिंदगी को ज्यादा गंभीरता से लेने की कोई जरूरत नहीं है। पढ़ाई उसकी प्राथमिकता नहीं और दोस्तों के साथ वक्त बिताना, मस्ती करना और अपनी ही दुनिया में रहना उसे पसंद है। उसकी यह आराम से चल रही जिंदगी तब बदलती है, जब उसकी मुलाकात सुहानी से होती है। आफिया सैयद ने सुहानी के किरदार से अभिनय की शुरुआत की है। उनका किरदार विशाल से बिल्कुल अलग है—सुहानी समझदार है, अपने भविष्य को लेकर स्पष्ट है और अपनी जिंदगी को लेकर उसके पास एक दिशा है। विशाल का उसकी तरफ आकर्षित होना स्वाभाविक लगता है, लेकिन परेशानी तब शुरू होती है जब उसे एहसास होता है कि प्यार सिर्फ पसंद कर लेने का नाम नहीं है। इसे भी पढ़ें: The Vvaan Movie Review | सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फैंटेसी थ्रिलर बहुत सारे आइडियाज़ के बोझ तले दबी कहानी में रंजीत की एंट्री इसी मोड़ पर होती है। अपारशक्ति खुराना ने इस किरदार को अपने चिर-परिचित हल्के और मजेदार अंदाज में निभाया है। रंजीत को महज एक ऐसा विलेन नहीं बनाया गया जो हीरो की प्रेम कहानी बिगाड़ने के लिए मौजूद हो। उसके अपने इरादे हैं और सुहानी को पसंद करने की अपनी वजहें हैं। यही वजह है कि लव ट्राएंगल फिल्म में कुछ दिलचस्प सवाल भी खड़े करता है। विशाल को यह समझना पड़ता है कि उसकी भावनाएं अपनी जगह हैं, लेकिन सुहानी की पसंद भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिल्म इसी कन्फ्यूजन से कई मजेदार पल निकालती है—वह कन्फ्यूजन जिसे शायद हर उस इंसान ने महसूस किया होगा, जिसने कभी किसी को पसंद किया हो और सामने वाले की हर छोटी बात में कोई संकेत ढूंढा हो। वीर पहाड़िया की परफॉर्मेंस फिल्म की बड़ी खूबियों में शामिल है। वह विशाल को जरूरत से ज्यादा नाटकीय बनाने की कोशिश नहीं करते। उनका अभिनय सहज है और किरदार की बेफिक्री स्क्रीन पर साफ दिखाई देती है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, हमें विशाल में जिम्मेदारी और जीवन के प्रति सीरियसनेस को लेकर बदलवा नजर लगते है, ग्रोइंग-अप आसान नहीं है, और विशाल के किरदार में हमें यह साफ़ दिखाई देता है. शुरुआत में उसका ध्यान सिर्फ सुहानी पर है, लेकिन बाद में उसे अपने करियर और भविष्य के बारे में भी सोचना पड़ता है। आफिया सैयद फिल्म में फ्रेशनेस लेकर आती हैं। सुहानी के किरदार में उनका आत्मविश्वास और सादगी अच्छी लगती है। वीर और आफिया की केमिस्ट्री भी बनावटी नहीं लगती। दोनों के बीच की झिझक, आकर्षण और छोटी-छोटी नोकझोंक फिल्म के रोमांटिक हिस्सों को खूबसूरत बनाती है। अपारशक्ति इन दोनों के बीच चल रही कहानी में अपनी कॉमिक एनर्जी जोड़ते हैं और कई दृश्यों को हल्का बनाए रखते हैं। फिल्म की दोस्ती वाली कहानी भी खास ध्यान खींचती है। विशाल और उसके रूममेट के बीच की बातचीत में वह सहज मस्ती है, जो पुराने दोस्तों के रिश्ते में अक्सर देखने को मिलती है। विशाल जब भी अपनी प्रेम कहानी को लेकर परेशान होता है, वह अपने दोस्त के पास पहुंच जाता है और वहां से उसे सलाह के साथ कुछ ऐसी बातें भी सुनने को मिलती हैं, जो उसकी परेशानी और बढ़ा देती हैं। इन दृश्यों में फिल्म की कॉमेडी सबसे नैचुरल लगती है। मजेदार बात यह है कि दोस्त का नजरिया भले ही अजीब हो, लेकिन रिश्तों को लेकर उसकी कई बातें सुनकर हंसी के साथ यह भी लगता है कि उनमें थोड़ी सच्चाई छिपी है। इसे भी पढ़ें: The Paradise Movie Review | क्रूर हिंसा और उलझी कहानी का शिकार हुई नानी की सबसे बड़ी फिल्म फिल्म का पारिवारिक पक्ष कहानी को एक अलग भाव देता है। राकेश बेदी सुहानी के पिता के किरदार में सहज और प्यारे लगते हैं। वहीं, विशाल का अपने माता-पिता के साथ रिश्ता कहानी को इमोशनल गहराई देता है। यहां फिल्म किसी बड़े पारिवारिक ड्रामे का सहारा नहीं लेती। छोटे संवादों और सामान्य परिस्थितियों के जरिए दिखाया जाता है कि माता-पिता और बच्चों के बीच प्यार होने के बावजूद कई बार बातचीत आसान नहीं होती। विशाल को अपने माता-पिता और खुद के व्यवहार को नए नजरिए से देखने का मौका मिलता है। यही हिस्सा फिल्म को थोड़ा ज्यादा रिलेटेबल बनाता है, क्योंकि भारतीय परिवारों में प्यार अक्सर बड़े-बड़े शब्दों में नहीं, बल्कि चिंता, सलाह, डांट और रोजमर्रा की छोटी बातों में दिखाई देता है। कहानी में एक मोमेंट ऐसा भी होता हैं जब विशाल को अमेरिकी वीजा मिल जाता है, और उसे इंडिया छोड़ कर अमेरिका जाना एक बड़ा फैसला लेना हैं, उसके पास बाहर जाकर अपना भविष्य बनाने का मौका है, लेकिन उसके सामने रिश्ते और भावनाएं भी हैं। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि सुहानी उसके साथ रहेगी या नहीं, बल्कि यह है कि विशाल खुद किस तरह की जिंदगी चाहता है। फिल्म इसी जगह पर अपने सबसे दिलचस्प सवाल उठाती है—क्या प्यार के लिए अपने सपनों को छोड़ देना सही है, या दोनों के बीच कोई रास्ता निकाला जा सकता है? अपूर्व सिंह कार्की इन सवालों को बहुत भारी नहीं होने देते। रोमांस, दोस्ती और कॉमेडी कहानी को लगातार हल्का बनाए रखते हैं। फिल्म का संगीत भी इसके युवा माहौल को मजबूत करता है और रोमांटिक पलों में जरूरी रंग भरता है। कुल मिलाकर, 'प्रेम कीटाणु' पहली मोहब्बत की कहानी से शुरू होकर धीरे-धीरे खुद को समझने की कहानी बन जाती है। वीर पहाड़िया ने विशाल को सहजता से निभाया है, जबकि आफिया सैयद का डेब्यू ताजगी लेकर आता है। अपारशक्ति खुराना कहानी में हंसी और ऊर्जा बनाए रखते हैं और राकेश बेदी फिल्म के पारिवारिक हिस्से को अपनापन देते हैं। फिल्म में कुछ ऐसे पल जरूर हैं जहां कहानी थोड़ी और कसावट मांगती है, लेकिन इसकी गर्मजोशी, हास्य और युवा ऊर्जा उसे संभाल लेते हैं। यह उन फिल्मों में से है जो आपको याद दिलाती हैं कि पहला प्यार सिर्फ किसी को पाने की कहानी नहीं होता—कई बार वह खुद को समझने की शुरुआत भी बन जाता है। डायरेक्टर: अपूर्व सिंह कार्की कास्ट: वीर पहाड़िया, आफिया सैयद, अपारशक्ति खुराना, राकेश बेदी, निखिल विजय ड्यूरेशन: 2 घंटे 18 मिनट रेटिंग: 4
सलमान खान होस्टेड शो 'बिग बॉस 20' में मिड वीक एविक्शन हुआ, जिसमें एक और कंटेस्टेंट का शो से पत्ता कट गया है। आइए जानते हैं कौन है वो।
अजय देवगन की 'दृश्यम 3' 2 अक्टूबर यानी शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म रिलीज के साथ ही दर्शकों के रिएक्शन भी सामने आने शुरू हो चुके हैं।
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Drishyam 3: 'दृश्यम 3' ने रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर किया धमाका! क्या पहले दिन रिकॉर्ड तोड़ेगी?
PC: navarashtra एक्टर अजय देवगन की मच-अवेटेड फिल्म 'दृश्यम 3' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। आखिरकार, इंतजार खत्म हुआ और फिल्म आज, 2 अक्टूबर को थिएटर्स में रिलीज हो रही है। रिलीज से पहले ही फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को लेकर काफी चर्चा हो रही है। एडवांस बुकिंग को मिले रिस्पॉन्स से पहले दिन की कमाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं। फिल्म को गांधी जयंती की छुट्टी का भी फायदा मिलने की संभावना है। 'दृश्यम 3' की एडवांस बुकिंग में बड़ा उछाल खबर है कि 'दृश्यम 3' की एडवांस बुकिंग को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। Sacnilk के डेटा के मुताबिक, देश भर में फिल्म के लाखों टिकट पहले ही बिक चुके हैं। PVR, Inox और Cinepolis जैसे बड़े नेशनल थिएटर्स में भी फिल्म के टिकट बड़ी मात्रा में बिके हैं। इस रिस्पॉन्स की वजह से सबका ध्यान फिल्म की पहले दिन की कमाई पर गया है। रिलीज़ से पहले ही एडवांस बुकिंग में मिले रिस्पॉन्स की वजह से अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि ‘दृश्यम 3’ बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ओपनिंग कर सकती है। एडवांस बुकिंग बड़ी फिल्मों की लिस्ट में शामिल देश के सिनेमाघरों में SACNILK की एडवांस बुकिंग के आंकड़ों के मुताबिक, ‘दृश्यम 3’ ने पॉपुलर फिल्मों की लिस्ट में जगह बना ली है। इस लिस्ट में ‘धुरंधर 2’, ‘पठान’ और ‘जवान’ जैसी फिल्में शामिल हैं। ‘दृश्यम 3’ की तुलना इन फिल्मों के एडवांस बुकिंग आंकड़ों से की जा रही है। एडवांस बुकिंग में मिले इस रिस्पॉन्स की वजह से अजय देवगन की फिल्म से बड़ी ओपनिंग की उम्मीदें जताई जा रही हैं। हालांकि, असल कमाई के आंकड़े फिल्म रिलीज़ होने के बाद ही साफ होंगे। क्या यह पहले ही दिन 50 करोड़ कमा लेगी? ‘दृश्यम 3’ की पहले दिन की कमाई को लेकर बॉक्स ऑफिस पर अलग-अलग अंदाज़े लगाए जा रहे हैं। कुछ बॉक्स ऑफिस अनुमानों के मुताबिक, फिल्म भारत में अपने पहले दिन 50 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नेट कलेक्शन कर सकती है। एडवांस बुकिंग में बढ़ोतरी और छुट्टी की वजह से फिल्म की कमाई में मदद मिल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यह अजय देवगन के करियर की सबसे बड़ी ओपनिंग में से एक हो सकती है। हालांकि, अभी यह सिर्फ एक अनुमान है, और असल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म को दर्शकों के रिस्पॉन्स पर निर्भर करेगा। विजय सलगांवकर के रोल में अजय देवगन अजय देवगन ने 'दृश्यम' के पिछले पार्ट्स में विजय सलगांवकर के रोल में दर्शकों का दिल जीत लिया था। फैंस यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि वह अपने परिवार को बचाने के लिए कौन सी तरकीबें अपनाएंगे। अब दर्शक यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि तीसरे पार्ट में यह कहानी क्या मोड़ लेगी। एडवांस बुकिंग में मिले रिस्पॉन्स के बाद अब फिल्म इंडस्ट्री इस बात पर ध्यान दे रही है कि 'दृश्यम 3' असल में बॉक्स ऑफिस पर कितनी कमाई करती है और अपने पहले दिन क्या रिकॉर्ड बनाती है।
अजय देवगन का लग्जूरियस घर, 'शिवशक्ति' रखा नाम
Ajay Devgn House Tour: ‘दृश्यम 3’ के अजय देवगन असल जिंदगी में बेहद आलीशान घर में रहते हैं. देखिए काजोल संग उनके 60 करोड़ के ‘शिवशक्ति’ बंगले की अंदर की तस्वीरें और खासियतें.
अनिल कपूर: एशियन एकेडमी अवॉर्ड्स में 'सूबेदार' का जलवा, अभिनेता को इस कैटेगरी में मिला नॉमिनेशन
अनिल कपूर स्टारर फिल्म 'सूबेदार' इसी साल मार्च में रिलीज हुई थी। अब इस फिल्म का एशियन एकेडमी क्रिएटिव अवॉर्ड्स में जलवा देखने को मिला है।
Shabana Azmi On 2 October Protest: अभिनेत्री शबाना आजमी ने आज 02 अक्तूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में होने वाले विरोध प्रदर्शनों में लोगों से इकट्ठा होने की अपील की है।
कॉलेज में किसी पर दिल आ जाए तो लगता है कहानी बस इतनी सी है, लेकिन कभी प्यार पूरा होने से पहले ही कोई नया मोड़ आ जाता है और फिर वही कहानी चार साल बाद एक बिल्कुल अलग दुनिया में लौटती है। फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ इसी प्यार, दोस्ती और जिंदगी के बदलते रंगों को हल्के फुल्के अंदाज में लेकर चलती है। फिल्म हंसाती है, रिलेट करती है और बीच बीच में जिंदगी की थोड़ी सी कड़वी सच्चाई भी दिखा देती है। फिल्म की कहानी कैसी है कहानी बनारस के इंजीनियरिंग कॉलेज से शुरू होती है। एडमिशन के दौरान विशाल ठाकुर (वीर पहाड़िया) और सुहानी (आफिया सैयद) पहली बार आमने सामने आते हैं। पहली मुलाकात नोकझोंक में बदलती है और दोनों एक दूसरे को श्राप दे बैठते हैं कि चार साल तक विशाल की कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनेगी और सुहानी का कोई बॉयफ्रेंड नहीं होगा। इसके बाद दोनों अलग अलग कॉलेज चले जाते हैं। चार साल की कॉलेज लाइफ में विशाल की जिंदगी में प्यार की दस्तक तो होती है, लेकिन बात मुकम्मल नहीं हो पाती। उधर सुहानी अपनी पढ़ाई और फिर करियर की तरफ बढ़ती है। चार साल बाद दोनों की जिंदगी कॉलेज से निकलकर नौकरी की दुनिया में पहुंच चुकी है। सुहानी को अच्छी नौकरी मिलती है, जबकि विशाल को करियर और जिंदगी की अपनी जद्दोजहद से गुजरना पड़ता है। फिर दोनों की मुलाकात होती है और यहीं से पुरानी कहानी नए हालात में दोबारा खुलती है। फिल्म सिर्फ यह नहीं पूछती कि दोनों प्यार में पड़ेंगे या नहीं, बल्कि यह भी देखती है कि वक्त के साथ बदले दो लोग एक दूसरे की जिंदगी में फिर जगह बना पाएंगे या नहीं। इसी के साथ दोस्ती, परिवार और जिम्मेदारियां कहानी को थोड़ा और बड़ा बनाती हैं। फिल्म में एक्टिंग कैसी है वीर पहाड़िया विशाल के किरदार में सहज हैं। कॉलेज के मस्तमौला लड़के से लेकर जिंदगी की परेशानियों से जूझते युवा तक वह किरदार के बदलाव को स्वाभाविक रखते हैं। आफिया सैयद की यह पहली फिल्म है और वह सुहानी के किरदार में फ्रेश लगती हैं। वीर के साथ उनकी नोकझोंक और केमिस्ट्री फिल्म के रोमांटिक हिस्सों में अच्छी लगती है। निखिल विजय फिल्म की जान हैं। मगन अरोड़ा बनकर उनकी कॉमिक टाइमिंग, पंच और वीर के साथ झगड़बंदी कई जगह जबरदस्त मजा देती है। कहानी जहां थोड़ी धीमी पड़ती है, निखिल वहां माहौल फिर से गर्म कर देते हैं। अपारशक्ति खुराना ने अपने किरदार को पूरे अंदाज में निभाया है और उसे इंटरेस्टिंग रखा है। हां, किरदार की लिखावट थोड़ी और मजबूत होती तो उनकी परफॉर्मेंस का असर और बढ़ सकता था। फिल्म का डायरेक्शन कैसा है? अपूर्व सिंह कार्की ने फिल्म को हल्का और यूथफुल रखा है। कॉलेज की मस्ती से लेकर नौकरी और जिम्मेदारियों वाली जिंदगी तक टोन बदलता है, लेकिन फिल्म जरूरत से ज्यादा भारी नहीं होती। राइटर दीपक किंगरानी, जिन्हें सिर्फ एक बंदा काफी है के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिल चुका है, ने रिश्तों, दोस्ती और कॉमेडी को सहज अंदाज में पिरोया है। स्क्रीनप्ले की अच्छी बात यह है कि कहानी सिर्फ रोमांस पर नहीं टिकी। परिवार और दोस्ती को भी जगह मिलती है। हां, बीच में रफ्तार थोड़ी ढीली पड़ती है और कुछ मोड़ पहले से भांपे जा सकते हैं। इमोशनल हिस्सों में थोड़ा और ठहराव होता तो कहानी का असर और बढ़ता। तकनीकी तौर पर फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट रंगीन और यूथफुल है। कॉलेज और बनारस का माहौल कहानी को अपनी अलग फील देता है। फिल्म का म्यूजिक कैसा है ‘कहो तो’, ‘तू मेरा रइयो’ और ‘इश्क का गुलाम’ फिल्म के रोमांटिक और यूथफुल मूड को अच्छे से सपोर्ट करते हैं। गाने कहानी से अलग नहीं लगते और फिल्म की फील को बनाए रखते हैं। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट प्यार की मस्ती, दोस्ती की शरारत और जिंदगी की थोड़ी सी कड़वी मिठास, ‘प्रेम कीटाणु’ इन तीनों का अच्छा कॉम्बिनेशन है। निखिल विजय खूब हंसाते हैं, वीर और आफिया की जोड़ी जमती है। थोड़ी कसावट की कमी जरूर है, लेकिन ये फिल्म मुस्कुराने और पुराने कॉलेज वाले दिनों को याद करने का अच्छा बहाना है।
कंटेस्टेंट शो के दौरान अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी बातें शेयर करते नजर आ रहे हैं। इसी बीच अब माही विज ने अपनी जिंदगी के उस दौर को याद किया जब उन्होंने पैसे की दिक्कत झेली।
2 अक्टूबर का सच ‘दृश्यम’ के हर फैन को पता है। पाव भाजी, सत्संग, फिल्म और फिर विजय सलगांवकर का वो खेल, जिसने पुलिस को सालों तक उलझाए रखा, लेकिन इस बार कहानी सिर्फ 2 अक्टूबर पर नहीं रुकी है। अब एक और तारीख सामने है- 23 जुलाई। आखिर उस दिन विजय कहां था? क्या हुआ था? और क्या इस तारीख के जरिए पुलिस विजय की बनाई पूरी कहानी को पलट सकती है? यहीं से फिल्म अपना असली खेल शुरू करती है। सामने हैं पुलिस अधीक्षक राजवीर सिंह तोमर, जिनके पास सवाल भी हैं और विजय को घेरने का इरादा भी। दूसरी तरफ विजय है, जिसकी सबसे बड़ी ताकत उसका दिमाग है। फिल्म कई बार आपको यकीन दिलाती है कि इस बार विजय फंस गया। फिर विजय चुप हो जाता है। आप सोचने लगते हैं कि उसके दिमाग में आखिर क्या चल रहा है? यही फिल्म का मजा है। हालांकि हर चाल उतनी दमदार नहीं है और कुछ जगह कहानी थोड़ी आसान लगती है। फिल्म की कहानी कैसी है सलगांवकर परिवार अपनी पुरानी जिंदगी में लौटने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सैम देशमुख की मौत का दर्द मीरा देशमुख के अंदर अब भी जिंदा है। मीरा और महेश देशमुख के लिए मामला खत्म नहीं हुआ। केस दोबारा खुलता है और पुलिस अधीक्षक राजवीर सिंह तोमर की एंट्री होती है। राजवीर पुराने सबूतों को नए नजरिए से देखता है। विजय सलगांवकर फिर पुलिस की नजर में आ जाता है। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि विजय ने 2 अक्टूबर को क्या किया था। सवाल यह भी है कि 23 जुलाई को विजय कहां था और इस तारीख का पुराने केस से क्या संबंध है? वकील इंद्रजीत शेट्टी भी इस खेल में उतरते हैं। इंस्पेक्टर गायतोंडे अपने पुराने अंदाज में केस को थोड़ा हल्का रखते हैं। इसके बाद शुरू होती है विजय और राजवीर की दिमागी टक्कर। एक तरफ कानून है। दूसरी तरफ विजय है, जो कानून की किताबें नहीं पढ़ता, लेकिन कानून को अपने हिसाब से घुमाना जानता है। फिल्म में एक्टिंग कैसी है फिल्म की सबसे बड़ी ताकत अजय देवगन और जयदीप अहलावत की टक्कर है। अजय देवगन का विजय अब सिर्फ एक किरदार नहीं रहा। चेहरे पर ज्यादा हलचल नहीं है। आवाज में भी ज्यादा बदलाव नहीं है, लेकिन उनकी आंखें बहुत कुछ कहती हैं। आप विजय को देखते हैं और सोचते हैं कि आखिर वह इतना शांत क्यों है? यही शांति कहानी का रोमांच बढ़ाती है। दूसरी तरफ जयदीप अहलावत हैं। राजवीर के रूप में उनका अंदाज शांत है। वह धीरे-धीरे विजय के करीब आते हैं। यही उनका सबसे बड़ा हथियार है। शुरुआत में दोनों की टक्कर फिल्म को बांधे रखती है। कुछ जगह फिल्म धीमी पड़ती है, लेकिन अजय और जयदीप के आमने-सामने आते ही रोमांच फिर बढ़ जाता है। प्रकाश राज भी अपने किरदार में शानदार हैं। उनके डायलॉग्स और अंदाज कोर्ट के सीन को मजबूत बनाते हैं। श्रेया सरन को इस बार पहले दोनों हिस्सों के मुकाबले कम जगह मिली है। हालांकि, उनके इमोशनल सीन असर छोड़ते हैं। तब्बू और रजत कपूर अपने बेटे को खोने का दर्द लेकर लौटे हैं। दोनों के किरदारों में बेचैनी साफ नजर आती है। फिर आते हैं गायतोंडे। सीरियस कहानी के बीच यह किरदार हंसी का मौका देता है। 2 अक्टूबर के मीम्स, पाव भाजी और अपनी पुलिसिया परेशानियों के साथ गायतोंडे फिल्म का तनाव हल्का करते हैं। फिल्म का डायरेक्शन कैसा है? अभिषेक पाठक की अच्छी बात यह है कि उन्होंने तीसरे हिस्से को पहले दो हिस्सों की नकल नहीं बनाया। कहानी में नए सवाल जोड़े गए हैं। इनमें 23 जुलाई वाली कड़ी सबसे दिलचस्प है। फिल्म जल्दी कहानी में उतर जाती है। ज्यादा समय यह बताने में नहीं लगाया गया कि कौन कौन है। दर्शक पहले से विजय की दुनिया जानता है। इसलिए फिल्म सीधे खेल शुरू करती है। लेकिन यही इसकी कमजोरी भी है। विजय और उसके परिवार के बीच का इमोशनल रिश्ता पहले दो हिस्सों में ज्यादा मजबूत था। इस बार कहानी ज्यादा इस बात पर टिकी है कि विजय अगली चाल क्या चलेगा। रोमांच बढ़ा है। परिवार वाला भाव थोड़ा कम हुआ है। फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले कैसा है स्क्रीनप्ले की सबसे बड़ी ताकत यह है कि फिल्म जवाब देने के बजाय लगातार नए सवाल खड़े करती है। 23 जुलाई क्या है? राजवीर के पास ऐसा क्या है, जिससे विजय परेशान है? विजय इतना शांत क्यों है? और सबसे बड़ा सवाल- क्या इस बार उसकी कोई चाल काम नहीं करेगी? यही सवाल आपको आगे ले जाते हैं। इंटरवल के आसपास फिल्म अच्छी पकड़ बनाती है। दूसरे हिस्से में विजय की योजना सामने आने लगती है। लेकिन कुछ मोड़ ऐसे हैं, जहां आपको लगेगा- यह इतनी आसानी से कैसे हो गया? पहले दो हिस्सों में विजय की योजनाएं बहुत मजबूत लगती थीं। इस बार कुछ जगह कहानी को आगे बढ़ाने के लिए आसान रास्ता लिया गया है। फिल्म का तकनीकी पक्ष कैसा है गोवा इस बार भी कहानी का हिस्सा लगता है। यह सिर्फ खूबसूरत जगह दिखाने के लिए नहीं है। कैमरे का काम रोमांच वाला माहौल बनाए रखता है। फिल्म की कटिंग भी ज्यादातर जगह तेज है। ढाई घंटे की फिल्म होने के बावजूद यह बेवजह लंबी नहीं लगती। हालांकि बीच के कुछ सीन और छोटे किए जा सकते थे। फिल्म का म्यूजिक कैसा है फिल्म में गानों की जरूरत कम है। अच्छी बात है कि कहानी पर गानों का बोझ नहीं डाला गया। अमर मोहिले का बैकग्राउंड म्यूजिक फिल्म की बड़ी ताकत है। जैसे-जैसे विजय की योजनाएं सामने आती हैं, संगीत रोमांच बढ़ाता है। कई सीन में आपको पता होता है कि कुछ होने वाला है। फिर भी संगीत बेचैनी बढ़ा देता है। ‘मुस्कुरा दो’ भावनात्मक हिस्सों को सहारा देता है। लेकिन फिल्म की असली ताकत बैकग्राउंड म्यूजिक ही है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘दृश्यम द कॉन्क्लूजन’ में कई शानदार रोमांचक पल हैं। हालांकि हर जगह पहले दोनों हिस्सों जैसा असर नहीं बन पाता। अजय देवगन और जयदीप अहलावत की टक्कर फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। गायतोंडे तनाव के बीच हंसी देते हैं। अमर मोहिले का पार्श्व संगीत माहौल बनाए रखता है। बीच में रफ्तार थोड़ी गिरती है। कुछ योजनाएं जरूरत से ज्यादा आसान लगती हैं, लेकिन 23 जुलाई का सवाल और विजय के दिमाग में चल रहा खेल इतना मजबूत है कि आखिरी मिनट तक नजर स्क्रीन से हटती नहीं।
फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ की स्टार-स्टडेड स्क्रीनिंग गुरुवार को मुंबई में आयोजित हुई। स्क्रीनिंग में सलमान खान पहुंचे और वह फिल्म के लीड एक्टर वीर पहाड़िया के साथ नजर आए। वहीं, इवेंट में जैकलीन फर्नांडिस, करण जौहर, सारा तेंदुलकर, जरीन खान और एल्विश यादव भी आए। स्क्रीनिंग के दौरान सलमान खान का एक वीडियो चर्चा में आया। फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान सलमान खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। स्क्रीनिंग में सलमान जब पहुंचे तो मीडिया और पैपराजी ने उन्हें रेड कार्पेट पर आकर तस्वीरें देने के लिए कहा। हालांकि, उसी समय मॉडल और एक्ट्रेस साक्षी मलिक कैमरों के सामने पोज दे रही थीं। सलमान खान ने तुरंत रेड कार्पेट पर पहुंचने के बजाय इंतजार किया। वह कुछ देर पीछे खड़े रहे और साक्षी मलिक को अपने पोज पूरे करने का मौका दिया। साक्षी मलिक के पोज देने के बाद सलमान खान रेड कार्पेट पर पहुंचे और पोज दिए। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर सलमान के इस व्यवहार की तारीफ हो रही है। ‘प्रेम कीटाणु’ एक हिंदी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म है, जिसमें वीर पहाड़िया, आफिया सैयद और अपारशक्ति खुराना मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का रनटाइम करीब 2 घंटे 18 मिनट है। फिल्म की कहानी रोमांस और कॉमेडी के इर्द-गिर्द बुनी गई है।
प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख का आज 02 अक्तूबर को जन्मदिन हैं। एक समय इंडस्ट्री पर इन्होंने राज किया। पढ़िए अदाकारा के दिलचस्प किस्से...
Prem Keetanu Screening: फिल्म 'प्रेम कीटाणु' की बीते दिन मुंबई में स्क्रीनिंग रखी गई। यहां सलमान खान भी पहुंचे। यह फिल्म आज शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है।
गुड न्यूज! नाना बने नवजोत सिंह सिद्धू, बेटी ने नन्ही परी को दिया जन्म
नवजोत सिंह सिद्धू के घर खुशियों ने दस्तक दी है. बेटी इनाया ने नन्ही परी को जन्म दिया है. जानिए सिद्धू ने अपनी नातिन का नाम क्या रखा है.
लातों से मारा, बाल पकड़कर घसीटा, मैं कांप गई जब देखा... रिलेशनशिप पर छलका काजल राघवानी का दर्द
काजल 'राइज एंड फॉल 2' में नजर आ रही हैं। काजल ने शो के दौरान एक बार फिर से अपने एक्स रिलेशनशिप पर बात की है और मारपीट का खुलासा किया, जिसने उनके फैंस को हैरान कर दिया।
फिल्म 'द पैराडाइज' में नानी एक दमदार और अलग अवतार में नजर आ रहे हैं। फिल्म में नानी के साथ मोहन बाबू और सोनाली कुलकर्णी जैसे कलाकार नजर आएंगे।
मांग में सिंदूर देख भड़कीं दिव्या खोसला, कोमल रानी पर फूटा गुस्सा
दिव्या खोसला ने कोमल रानी स्वर्णकार से लालबागचा राजा में गोविंदा के साथ उनके दिखने और उनकी मांग में दिख रहे सिंदूर को लेकर सवाल उठाए हैं.
आज यानी 2 अक्टूबर को एक और धमाका होने वाला है। शुक्रवार को अजय देवगन और जयदीप अहलावत की 'दृश्यम द कन्क्लूजन' यानी रिलीज होने वाली हैं। ये फिल्म इन सभी मूवी की कमाई पर असर डाल सकती है।
42 साल पहले जिस घटना ने ली करीब 15,000 मासूमों की जान, 2019 में उसी पर बनीं सीरीज को मिली 8.4 IMDb रेटिंग
एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया इन दिनों अपनी नई फिल्म 'द वन' को लेकर काफी सुर्खियों में हैं। फिल्म में उनका किरदार और खासतौर पर 'छठी मैया' गाना चर्चा में है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में तमन्ना ने छठ महापर्व से अपने भावनात्मक जुड़ाव, स्पिरिचुअलिटी और सनातन पर खुलकर बात की। तमन्ना ने बताया कि सिनेमाघरों में दर्शक इस फिल्म को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि एक पर्व की तरह देख रहे हैं; लोग थिएटर में पॉपकॉर्न छोड़कर ठेकुआ बांट रहे हैं और जूते-चप्पल बाहर उतारकर हॉल में जा रहे हैं। सवाल: 'द वन' की स्क्रिप्ट जब पहली बार आपके पास आई, तो आपने इसमें काम करने के लिए 'हां' क्यों कहा?जवाब: मुझे लगा कि यह बहुत ही दिलचस्प कॉन्सेप्ट है, जो लोककथा, फैंटेसी और आस्था को एक साथ लेकर आता है। हमारे देश में ऐसी कई कथाएं हैं जो अब तक आम लोगों तक नहीं पहुंची हैं। छठ महापर्व को करीब 30 से 40 करोड़ लोग मनाते हैं। हमने होली-दिवाली तो फिल्मों में बहुत देखी है, लेकिन छठ जैसे महापर्व को पहली बार इतने बड़े पैमाने पर बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। साथ ही, इस एक्शन फिल्म के केंद्र में एक गहरा इमोशन है। मुझे बचपन से ही 'द ममी' जैसी फिल्में पसंद रही हैं, जिनमें मैजिक और फोकलोर होता है। इसलिए मुझे लगा कि यह एक ऐसी फिल्म है जिसे पूरी फैमिली साथ बैठकर देख सकती है। सवाल: फिल्म में 'छठी मैया' का गाना करते समय आप इमोशनल हो गईं थी। आपके अंदर क्या भावनात्मक और आध्यात्मिक बदलाव आए?जवाब: जब मैंने पहली बार विशाल मिश्रा की आवाज में यह गाना सुना, तो लगा कि यह हर भक्त की अंदरूनी भावना है। शूटिंग के दौरान जब मैं सूर्य देव को अर्घ्य देने का रिचुअल कर रही थी, तब मुझे एक बहुत बड़ी बात समझ में आई, जिस चीज का अस्त होता है, उसका उदय भी निश्चित है। हम जिंदगी में कई बार उतार-चढ़ाव देखकर निराश हो जाते हैं, लेकिन छठ महापर्व हमें सिखाता है कि डूबते सूरज के बाद उगता सूरज जरूर आता है। इस गाने ने मुझे ग्रेटिट्यूड का गहरा भाव महसूस कराया। सवाल: थिएटर से दर्शकों का किस तरह का रिएक्शन मिल रहा है, क्या आपने इस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद की थी?जवाब: सच कहूं तो हमने फिल्म बनाते समय ऐसा बिल्कुल नहीं सोचा था। लेकिन अब जब मैं रील्स और वीडियो देख रही हूं, तो लोग सिनेमाघर के बाहर अपने जूते-चप्पल उतारकर अंदर जा रहे हैं। लोग हॉल में पॉपकॉर्न छोड़ ठेकुआ बांट रहे हैं। बिहार, पटना और झारखंड से जिस तरह का प्यार मिल रहा है, वैसा मैंने लंबे समय से किसी फिल्म के लिए नहीं देखा। कई लोग थिएटर में भावुक होकर रो रहे हैं, क्योंकि यह उनकी आस्था से जुड़ा है। यह देखना मेरे लिए बहुत मैजिकल है। सवाल: आप खुद शिव भक्त हैं और स्पिरिचुअल हैं। क्या इस जुड़ाव ने आपको इस रोल को निभाने में मदद की?जवाब: बिल्कुल। करीब चार साल पहले जब मैं अपने गुरु से मिली, तब मेरी असल स्पिरिचुअल जर्नी शुरू हुई। मुझे लगता है कि अगर यह फिल्म मुझे 4 साल पहले ऑफर होती, तो शायद मैं इसे उस तरह नहीं कर पाती। क्योंकि भक्ति एक ऐसा भाव है जिसमें आप कोई मिलावट या झूठी एक्टिंग नहीं कर सकते। अगर आपके अंदर वह भाव सच्चा नहीं है, तो दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं। पटना में एक स्टूडेंट ने मुझसे कहा था कि आप यह गाना इसलिए कर पाईं क्योंकि ऊपर वाले ने आपको इसके लिए चुना है। सवाल: आजकल सनातन और भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्मों को दर्शकों का काफी प्यार मिल रहा है। इस दौर को आप कैसे देखती हैं?जवाब: यह बहुत जरूरी दौर है, खासकर अर्बन इंडिया के लिए। हम हर चीज को लॉजिक और सबूत से तौलने की कोशिश करते हैं। सनातन संस्कृति में जो बातें कही गई हैं, वे जितनी स्पिरिचुअल हैं, उतनी ही साइंटिफिक भी हैं। स्पिरिचुअलिटी कहती है कि आप पहले विश्वास कीजिए, अनुभव अपने आप मिल जाएगा। आज लोग अपनी संस्कृति के बारे में और जानना चाहते हैं, इसलिए जब उन्हें ऐसी सच्ची कहानियां मिलती हैं, तो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन करती हैं। सवाल: फिल्मों में सिनेमैटिक लिबर्टी और कल्चरल ऑथेंटिसिटी के बीच संतुलन बनाना कितना मुश्किल होता है?जवाब: आपका इरादा सही होना चाहिए। जब हमने छठ का पूरा सीक्वेंस शूट किया, तो सभी नियमों और प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा। हमारे डायरेक्टर दीपक यूपी-बिहार बेल्ट से हैं, इसलिए वे बहुत पर्टिकुलर थे। हम कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं बना रहे थे, बल्कि एक कहानी के जरिए छठ की आस्था और इमोशन को लोगों तक पहुंचा रहे थे। उस इमोशन को फील कराने के लिए थोड़ी सिनेमैटिक लिबर्टी लेनी पड़ती है, ताकि दर्शक उस श्रद्धा को गहराई से महसूस कर सकें। 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' ने अपनी रिलीज के छठे दिन 7,070 शो के जरिए ₹4.25 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज किया है। इस कमाई के साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन ₹49.10 करोड़ और कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹58.42 करोड़ तक पहुंच गया है। ओवरसीज मार्केट की बात करें तो फिल्म ने छठे दिन ₹0.50 करोड़ की कमाई की, जिससे इसका कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन ₹5.00 करोड़ हो गया है। इन आंकड़ों को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब ₹63.42 करोड़ हो चुका है। फिल्म 25 सितंबर को रिलीज हुई थी।
आयुष्मान खुराना आज बॉलीवुड के उन एक्टर्स में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपनी अलग तरह की फिल्मों से इंडस्ट्री में पहचान बनाई। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। चंडीगढ़ से निकले आयुष्मान ने थिएटर किया, रेडियो जॉकी बने, एमटीवी पर वीजे रहे और कई ऑडिशन दिए। उन्हें इंडियन आइडल-2 में भी रिजेक्शन मिला। 2012 में ‘विक्की डोनर’ से फिल्मी करियर शुरू हुआ। पहली फिल्म हिट हुई, लेकिन इसके बाद लगातार तीन फिल्में नहीं चलीं। फिर ‘दम लगा के हईशा’ से करियर ने दोबारा रफ्तार पकड़ी। इसके बाद ‘बरेली की बर्फी’, ‘शुभ मंगल सावधान’, ‘अंधाधुन’, ‘बधाई हो’, ‘आर्टिकल 15’, ‘ड्रीम गर्ल’ और ‘बाला’ जैसी फिल्मों ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। आज की सक्सेस स्टोरी में आयुष्मान खुराना के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें... चंडीगढ़ में हुआ जन्म, पिता ज्योतिषी आयुष्मान खुराना का जन्म 14 सितंबर 1984 को चंडीगढ़ में हुआ। उनकी शुरुआती पढ़ाई चंडीगढ़ के सेंट जॉन्स हाई स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ से इंग्लिश लिटरेचर की पढ़ाई की और पंजाब यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन स्टडीज से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। उनके पिता पी. खुराना जाने-माने ज्योतिषी थे, जबकि मां पूनम खुराना ने हिंदी में एमए किया था। परिवार का माहौल पढ़ाई, साहित्य और कला से जुड़ा रहा। आयुष्मान ने कॉलेज के दिनों में थिएटर किया और दो थिएटर ग्रुप भी बनाए। डॉक्टर बनने का सपना था, डेंटिस्ट की सीट भी मिली थी एक्टिंग की दुनिया में आने से पहले आयुष्मान ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था। उन्होंने 11वीं में साइंस ली थी और कर्नाटक के एक डेंटल कॉलेज में उन्हें सीट भी मिल गई थी। लेकिन तभी उनका रुझान थिएटर की तरफ बढ़ा। उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई छोड़कर आर्ट्स और थिएटर चुना। डीएवी कॉलेज में उन्होंने थिएटर ग्रुप बनाए और स्ट्रीट प्ले किए। थिएटर में काम करते हुए आयुष्मान ने सामाजिक मुद्दों को समझा। यही अनुभव आगे चलकर उनकी फिल्मों के विषयों में भी दिखाई दिया। रोडीज जीते, लेकिन तुरंत मुंबई नहीं आए 2004 में आयुष्मान ने एमटीवी रोडीज सीजन-2 जीता। इसके बाद उन्हें पहचान मिलने लगी, लेकिन उन्होंने तुरंत मुंबई जाकर फिल्मों में किस्मत नहीं आजमाई। पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने रेडियो में काम शुरू किया। बाद में वे एमटीवी के वीजे बने और कई शो होस्ट किए। फिल्मों में आने से पहले आयुष्मान ने अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान जैसे सितारों का इंटरव्यू भी लिया था। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि इन सितारों से बातचीत ने उन्हें समझने में मदद की कि स्टार भी आम इंसानों की तरह होते हैं। पिता ने कहा- अभी मुंबई जाओ, वरना दो साल नौकरी नहीं मिलेगी आयुष्मान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह दो महीने का ब्रेक लेकर एक्टिंग की तैयारी करना चाहते थे। लेकिन उनके पिता ने उन्हें तुरंत मुंबई जाने के लिए कहा। आयुष्मान के मुताबिक, उनके पिता ने कहा था कि अगर अभी नहीं गए तो दो साल तक नौकरी नहीं मिलेगी। इसके बाद वह मुंबई आ गए। शुरुआती दिनों में उनके पास रहने की जगह भी नहीं थी। वह अपने डॉक्टर दोस्त के साथ केईएम हॉस्पिटल के हॉस्टल में रहे और ऑडिशन देते रहे। ट्रेन में गाने से कमाए पैसे फिल्म स्टार बनने से बहुत पहले आयुष्मान और उनके दोस्त ट्रेनों में परफॉर्म करते थे। उन्होंने बताया था कि कॉलेज के दौरान वे पश्चिम एक्सप्रेस में दोस्तों के साथ चढ़ते और अलग-अलग कोच में गाना-परफॉर्म करना शुरू कर देते थे। यात्रियों से मिलने वाले पैसे इकट्ठा किए जाते थे और आयुष्मान के मुताबिक, इतनी कमाई हो जाती थी कि दोस्तों ने उससे गोवा ट्रिप तक स्पॉन्सर की थी। इंडियन आइडल से भी हुए रिजेक्ट आयुष्मान का स्ट्रगल सिर्फ एक्टिंग ऑडिशन तक सीमित नहीं था। उन्होंने इंडियन आइडल-2 में भी हिस्सा लिया था, लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वह मुंबई राउंड तक पहुंचे थे और वहां उन्हें रिजेक्शन मिला। उनके मुताबिक, मुंबई आने से पहले भी उन्हें कई रिजेक्शन मिल चुके थे। 2012 में ‘विक्की डोनर’ पहली ही फिल्म ने बदल दी जिंदगी 2012 में आयुष्मान ने शूजित सरकार की ‘विक्की डोनर' से बॉलीवुड डेब्यू किया। फिल्म का विषय उस दौर के लिए काफी असामान्य था और आयुष्मान ने स्पर्म डोनर का किरदार निभाया। फिल्म सफल रही और आयुष्मान को रातोंरात पहचान मिली। उन्हें फिल्म के लिए बेस्ट मेल डेब्यू के साथ प्लेबैक सिंगिंग के लिए भी अवॉर्ड मिला। लेकिन पहली फिल्म की सफलता के बाद उनका सफर उतना आसान नहीं रहा, जितना बाहर से दिखाई देता था। पहली फिल्म के बाद लगातार तीन फ्लॉप, करियर पर लगा ब्रेक ‘विक्की डोनर’ के बाद आयुष्मान की ‘नौटंकी साला!’, ‘बेवकूफियां’ और ‘हवाईजादा’ बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। खुद आयुष्मान ने माना कि ‘विक्की डोनर' के बाद वह काफी कन्फ्यूज थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किस तरह की फिल्में करनी चाहिए। उन्होंने बाद में बताया कि तीन लगातार फिल्मों के अच्छा प्रदर्शन नहीं करने के बाद उनका नजरिया बदला। ‘दम लगा के हईशा’ ने फिर बदली कहानी 2015 में आई ‘दम लगा के हईशा’ आयुष्मान के करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी। फिल्म में उन्होंने ऐसे लड़के का किरदार निभाया जो पढ़ाई में कमजोर है और जिसकी शादी उससे ज्यादा पढ़ी-लिखी और वजनदार लड़की से हो जाती है। फिल्म की कहानी आम बॉलीवुड रोमांस से अलग थी और आयुष्मान की परफॉर्मेंस को खूब सराहा गया। आयुष्मान बताते हैं कि ‘दम लगा के हईशा’ के आने के बाद उनके करियर की दिशा बदल गई। फिर शुरू हुआ अलग कहानियों का दौर इसके बाद आयुष्मान ने एक के बाद एक ऐसे विषय चुने, जिनसे मुख्यधारा के कई अभिनेता दूरी बनाते रहे। ‘बरेली की बर्फी’ में छोटे शहर की कहानी, ‘शुभ मंगल सावधान’ में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसा संवेदनशील विषय, 'अंधाधुन’ में ब्लाइंड पियानो प्लेयर, ‘बधाई हो’ में उम्रदराज माता-पिता की प्रेग्नेंसी, ‘आर्टिकल 15’ में जातिगत भेदभाव, ‘ड्रीम गर्ल’ में फोन पर लड़की की आवाज निकालने वाला युवक और 'बाला’ में समय से पहले बाल झड़ने की समस्या जैसे विषय सामने आए। यहीं से आयुष्मान की एक अलग तरह की फिल्मी पहचान बनने लगी। आयुष्मान कहते हैं कि उनका पूरा करियर रिस्क से बना है और वह सामान्य कमर्शियल फिल्म में खुद को आसानी से नहीं देख पाते। ‘अंधाधुन’ और ‘बधाई हो’ ने स्टारडम मजबूत किया 2018 आयुष्मान के करियर के सबसे महत्वपूर्ण सालों में रहा। ‘अंधाधुन’ ने उन्हें अभिनेता के तौर पर नई ऊंचाई दी, जबकि ‘बधाई हो’ ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की। ‘अंधाधुन’ ने भारत के अलावा चीन में भी जबरदस्त कारोबार किया। वहीं ‘बधाई हो’ ने भारत में 100 करोड़ रुपए से ज्यादा का कलेक्शन किया। इसी दौर में आयुष्मान ने साबित किया कि कम बजट और असामान्य विषय वाली फिल्में भी दर्शकों तक पहुंच सकती हैं। पत्नी ताहिरा ने स्क्रिप्ट चुनने में निभाई अहम भूमिका आयुष्मान और ताहिरा कश्यप की मुलाकात किशोरावस्था में हुई थी और दोनों ने 2008 में शादी की। ताहिरा लेखक, निर्देशक और क्रिएटिव प्रोफेशनल हैं। आयुष्मान कई बार बता चुके हैं कि फिल्म साइन करने से पहले वह ताहिरा की राय लेते हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद वह ताहिरा को भी देते हैं। दोनों स्क्रिप्ट पर विस्तार से चर्चा करते हैं और मतभेद होने पर उसके फायदे-नुकसान देखते हैं। आयुष्मान ने ताहिरा को अपना ‘लाइफ कोच’ भी बताया है। सफलता के बाद भी फ्लॉप का दौर आया आयुष्मान के करियर में सिर्फ सफलता नहीं रही। ‘चंडीगढ़ करे आशिकी’, ‘अनेक’, ‘डॉक्टर जी’ और ‘एन एक्शन हीरो’ जैसी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर वैसी सफलता नहीं मिली, जैसी उनके सफल दौर में मिली थी। इससे साफ हुआ कि अलग विषय चुनने का मतलब हर बार बॉक्स ऑफिस सफलता की गारंटी नहीं है। लेकिन आयुष्मान ने अपने करियर की दिशा पूरी तरह नहीं बदली। उन्होंने अलग जॉनर और नए किरदार आजमाने जारी रखे। ‘हर फिल्म रिस्क थी, इसलिए अब डर नहीं सकता’ आयुष्मान के करियर की खास बात यही है कि उन्होंने शुरुआत ही एक रिस्की विषय से की थी। उनके शब्दों में- तक पहुंचा हूं, तो मैं डर नहीं सकता हूं। मेरी हर फिल्म रिस्क थी, शायद बाकी एक्टर्स के मुकाबले। मैं रिस्क लेकर यहां तक पहुंचा हूं, तो मैं डर नहीं सकता हूं।” यही सोच उनके करियर में बार-बार दिखाई देती है। कभी स्पर्म डोनर, कभी नपुंसकता से जूझता युवक, कभी अंधा पियानो प्लेयर, कभी जातिगत भेदभाव के खिलाफ खड़ा पुलिस अफसर और कभी माता-पिता की प्रेग्नेंसी से परेशान बेटा। 40 की उम्र के बाद भी प्रयोग जारी आयुष्मान ने उम्र बढ़ने के साथ अपने करियर का दायरा भी बढ़ाया है। ‘डॉक्टर जी’ और ‘एन एक्शन हीरो’ के बाद उन्होंने अलग जॉनर आजमाए। 2025 में वह ‘थामा' में नजर आए, जो मैडॉक फिल्म्स के हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स का हिस्सा थी। फिल्म में उनके साथ रश्मिका मंदाना, परेश रावल और नवाजुद्दीन सिद्दीकी थे। 2026 में भी उनका प्रयोग जारी है। उनकी आने वाली फिल्मों में ‘ये प्रेम मोल लिया’ और ‘उड़ता तीर’ शामिल हैं। ‘उड़ता तीर’ 9 अक्टूबर को रिलीज होगी। वहीं राजश्री प्रोडक्शन के बैनर तले बनी ‘ये प्रेम मोल लिया’ में आयुष्मान शरवरी वाघ के साथ नजर आएंगे। यह फिल्म 27 नवंबर को रिलीज होगी। इसका निर्देशन सूरज बड़जात्या ने किया है। एक्टिंग के साथ सिंगिंग में भी बनाई पहचान आयुष्मान खुराना की पहचान सिर्फ एक्टर के तौर पर नहीं है। वह अच्छे सिंगर भी हैं और कॉलेज के दिनों से संगीत उनके करियर का हिस्सा रहा है। उन्होंने डीएवी कॉलेज, चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान अपने दोस्त रोचक कोहली के साथ मिलकर ‘पानी दा रंग’ गाना लिखा और कंपोज किया था। यह गाना उन्होंने 2003 में लिखा था, लेकिन इसे रिलीज होने का मौका करीब 9 साल बाद मिला। 2012 में फिल्म ‘विक्की डोनर’ से आयुष्मान ने बॉलीवुड डेब्यू किया और इसी फिल्म के गाने ‘पानी दा रंग’ को अपनी आवाज भी दी। उन्होंने गाना सिर्फ गाया नहीं, बल्कि रोचक कोहली के साथ इसे कंपोज भी किया था। गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि आयुष्मान को फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर मिला। इसके बाद आयुष्मान ने ‘नौटंकी साला’, ‘बेवकूफियां’ जैसी फिल्मों के लिए भी प्लेबैक सिंगिंग की। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह खुद को ‘एक्टर-सिंगर’ मानते हैं और म्यूजिक को अपने करियर का समानांतर हिस्सा समझते हैं। आयुष्मान की संगीत की ट्रेनिंग भी रही है। उन्होंने बताया था कि वह बचपन से गाते थे और उन्हें वोकल ट्रेनिंग मिली थी, हालांकि यह ट्रेनिंग औपचारिक तरीके से नहीं हुई थी। उनके पिता भी संगीत में रुचि रखते थे और बांसुरी बजाते थे। ____________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. पहली फिल्म बंद हुई, अंडे-शकरकंद खाकर गुजारा किया:सिद्धार्थ मल्होत्रा बोले- ढीठपन और अड़ियलपन ने बचाया, ‘शेरशाह’ ने दी नई पहचान दिल्ली के मिडिल क्लास, आर्मी-मर्चेंट नेवी बैकग्राउंड वाले परिवार से निकले सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कभी खुलकर नहीं कहा था कि उन्हें एक्टर बनना है। स्कूल-कॉलेज में एमबीए और कॉर्पोरेट नौकरी का प्लान था, लेकिन अंदर छिपा एक्टर मॉडलिंग के रास्ते सामने आया। 21 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे तो फिल्म साइन होने के बावजूद प्रोजेक्ट बंद हो गया।पूरी खबर पढ़ें..
अक्तूबर का महीना शुरू हो चुका है। महीने का शुरुआती वीकएंड बहुत खास होने वाला है। इस शुक्रवार को मृणाल ठाकुर और हुमा कुरैशी की अदाकारी वाली फिल्म रिलीज हो रही है। वहीं गजराज राव की अदाकारी से सजी सीरीज भी दस्तक देने वाली है।
'दृश्यम: द कन्क्लूजन' (Drishyam: The Conclusion) विजय सलगांवकर की कहानी का तीसरा अध्याय है, जिसमें पुलिस एक बार फिर 2 अक्टूबर की घटना की जांच करती है। अब कैसी है ये फिल्म, जानने के लिए पढ़िए पूरा रिव्यू
'पहली फिल्म में ही कर दी गलती', नीरजा की शूटिंग को याद कर बोले जिम सर्भ
एक्टर जिम सर्भ ने फिल्म इंडस्ट्री में हायरार्की को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने अपनी डेब्यू फिल्म नीरजा का एक किस्सा शेयर किया, जिसमें उन्होंने गलती से सोनम कपूर के मुंह पर बंदूक लगा दी थी.
अजय देवगन की शानदार फिल्म 'दृश्यम 3' कल यानी 2 अक्टूबर को सिनेमाघारों में रिलीज हो रही हो रही है। ये फिल्म पहले दोनों पार्ट ये बेहतर होने वाली है।
रजनीकांत के सामने नोरा ने दिखाया सिजलिंग अवतार, Photos
सुपरस्टार रजनीकांत की मचअवेटेड फिल्म 'जेलर 2' अपनी थिएटर रिलीज के बेहद करीब है और इसे लेकर फैंस का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच मेकर्स ने फिल्म का प्रमोशन और तेज करते हुए इसके म्यूज़िक एल्बम में एक और धमाकेदार गाना जोड़ दिया है.
गुलशन देवैया और रसिका दुगल अभिनीत फिल्म 'लिटिल थॉमस' का ट्रेलर जारी हो गया है, जो गोवा के एक परिवार की प्यारी और मजेदार कहानी दिखाता है।
'बच्चों को अपनी सेक्सुअलिटी पर खुलकर बात करने दें', 'लड़कों'की परवरिश पर दीया मिर्जा का दो टूक जवाब
हाल ही में यौन उत्पीड़न के कई मामले सामने आए हैं। दिल्ली के एक पार्क में 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप से लेकर छेड़छाड़ तक की खबरों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
बिहार में चप्पल उतारकर The Vvaan देखने गए लोग, थिएटर के बाहर बांटा गया 'ठेकुआ'; इमोशनल हुए दर्शक
फिल्म द वन (The Vvaan) का बिहार में खूब क्रेज दिख रहा है। फिल्म ने एक हफ्ते में ही बॉक्स ऑफिस पर हाफ सेंचुरी मार दी है।
Drishyam 3 Review: ‘दृश्यम 3’, ‘दृश्यम 2’ से दमदार है या बकवास? पढ़ें अजय देवगन की फिल्म का रिव्यू
Drishyam 3 Review in Hindi: अजय देवगन को मोस्ट अवेटेड फिल्म दृश्यम 3 कल यानी 2 अक्टूबर के दिन रिलीज होगी, लेकिन इसका रिव्यू आ गया है। टिकट बुक करने से पहले पढ़िए।
हनुमान अंश फिल्म ने दो महीने में बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनियाभर में कमाई के झंडे गाड़ दिए हैं। जानिए 56वें दिन का कलेक्शन।

