गाने का विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि राजस्थानी गायक रैपरिया बालम के इस गीत का मिर्जापुर मूवी में गैंगस्टरों, नशेड़ी बलात्कारियों के साथ इस्तेमाल अत्यंत आपत्तिजनक एवं जन भावनाओं को आहत करने वाला है।
45 साल पहले Lata Mangeshkar एक फ्लॉप गाने को अमेरिका ने कॉपी कर लिया था जिसके बाद 4000 करोड़ रुपये का मुकदमा चला था। इस गाने का कॉपी सुपरहिट रहा था।
लाइफ में सक्सेसफुल होना है तो थोड़ा अहंकारी बनना पड़ेगा, आर माधवन के बेटे ने ऐसा क्यों कहा
आर माधवन के बेटे वेदांत एक टैलेंटेड एथलीट हैं। वह भारत के लिए अब तक कई मेडल जीत चुके हैं। पूरे देश को माधवन के बेटे वेदांत पर गर्व है।अब वेदांत ने अपना एक्सपीरियंस शेयर किया है।
फराह खान ने अक्षय खन्ना के गानों से क्यों बनाई दूरी? किया खुलासा
फराह खान ने हाल ही में उस समय के बारे में बात की जब अक्षय खन्ना इतने 'चिड़चिड़े' हो गए थे कि उन्होंने लगभग उनके गानों की कोरियोग्राफी करना ही छोड़ दिया था.
रीढ़ की हड्डी के दर्द से तड़पा एक्टर, 6 घंटे चली सर्जरी, की पार्टी
दिग्गज अभिनेता शरत सक्सेना ने स्पाइन की सर्जरी करवाई. जो छह घंटे चली. सर्जरी के बाद उनकी तस्वीरें इंस्टाग्राम पर सामने आईं जिसमें वे स्वस्थ और खुश नजर आ रहे हैं.
Bigg Boss 20 : मेल वॉशरूम में घुसने पर कनिका मान पर भड़के युंग, घरवालों को दी वॉर्निंग- सबको दंड...
बिग बॉस 20 में हर दिन नया ड्रामा और नई लड़ाई देखने को मिल रही है। अब शो का नया प्रोमो सामने आया है जिसमें कनिका मान और युंग के बीच लड़ाई हो जाती है।
सोहा अली खान ने खोले सफलता के राज, सरनेम के दबाव पर की खुलकर बात
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और सेलिब्रिटी गलियारों में अक्सर स्टारकिड्स के जीवन, उन पर होने वाले पारिवारिक दबाव और सफलता की परिभाषा को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं होती रहती हैं। इस बीच, अपनी बेहतरीन अदाकारी, शालीनता और बेबाक अंदाज के लिए पहचानी जाने वाली लोकप्रिय अभिनेत्री सोहा अली खान (Soha Ali Khan) ने हाल ही में जीवन के कई अनछुए पहलुओं पर खुलकर बात की है। एक हालिया इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने फिल्मी करियर, महत्वाकांक्षाओं, माता-पिता से मिले प्रसिद्ध सरनेम के दबाव और मानसिक शांति को लेकर ऐसी बातें साझा की हैं, जो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी को सोचने पर मजबूर कर देती हैं। सोहा ने बताया कि उनके लिए सफलता का पैमाना भीड़ से अलग है, और वह समाज की तय की गई दौड़ में शामिल होने के बजाय अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना पसंद करती हैं। उनके इन विचारों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह केवल एक मशहूर फिल्मी परिवार से ताल्लुक नहीं रखतीं, बल्कि उनकी सोच बेहद परिपक्व और जमीनी है, जो उनके प्रशंसकों को हमेशा से प्रेरित करती आई है।महत्वाकांक्षा की नई परिभाषा और सफलता के असली मायनेजिंदगी में इंसान को क्या चाहिए और क्या नहीं, इस बात को लेकर सोहा अली खान हमेशा से अपने विचारों में बेहद स्पष्ट रही हैं। महत्वाकांक्षी होने के अपने नजरिए को साझा करते हुए सोहा ने बताया कि महत्वाकांक्षा को लेकर उनकी परिभाषा आम लोगों से काफी अलग हो सकती है। उन्होंने अपने पिता (मंसूर अली खान पटौदी) की सिखाई हुई एक बेहद खास बात का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पिता ने उन्हें समझाया था कि दुनिया में कई लोगों के लिए जीवन का अंतिम लक्ष्य केवल खुश रहना होता है। यदि आप कोई ऐसा काम कर रहे हैं, जिसे करते वक्त आपको उसमें आने वाले संघर्ष और मेहनत में भी एक अंदरूनी खुशी का अहसास हो रहा है, तो आपको वही करना चाहिए और वही बनना चाहिए जो आप वास्तव में बनना चाहते हैं। लेकिन, अगर आपको यह लगने लगे कि वर्तमान का वह संघर्ष आपको खुशी नहीं दे रहा है, बल्कि वह सिर्फ भविष्य की किसी कथित खुशी तक पहुंचने की एक सीढ़ी भर है, तो आपको वह रास्ता तुरंत छोड़ देना चाहिए। सोहा का मानना है कि सफलता का मतलब केवल भौतिक उपलब्धियां हासिल करना नहीं है, बल्कि उस प्रक्रिया का आनंद लेना है जिससे होकर आप गुजर रहे हैं।अभिनय करियर, शांत स्वभाव और जरूरत से ज्यादा पाने की चाहत से दूरीअपने अभिनय सफर के बारे में बात करते हुए सोहा अली खान ने बहुत ही व्यावहारिक दृष्टिकोण सामने रखा। उन्होंने कहा कि अभिनय उनके जीवन और करियर का केवल एक हिस्सा है, न कि उनका पूरा जीवन या उनकी पहचान का एकमात्र जरिया है। उनके जीवन में ऐसे कई पल आते हैं जब उनके पास खाली समय होता है और वह कुछ भी नहीं करना चाहती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वह आलसी हैं, बल्कि उन्हें अपने जीवन में शांत रहना और खुद के साथ वक्त बिताना पसंद है। सोहा का यह भी कहना है कि उन्हें उस स्तर की भारी-भरकम प्रसिद्धि या अंधाधुंध पैसा कमाने की कोई आवश्यकता महसूस नहीं होती, जिसे पाने के लिए लोग अपनी मानसिक शांति दांव पर लगा देते हैं। उन्हें अपनी जिंदगी में वह आंतरिक संतुष्टि और खुशी पाने के लिए किसी बाहरी दिखावे की जरूरत नहीं है, जो उनके खुद के बनाए दायरे में उन्हें सुकून देती है। उनका यह संतुलित रवैया इस बात को दर्शाता है कि चकाचौंध भरी फिल्मी दुनिया में रहते हुए भी अपने मूल स्वरूप और मानसिक स्वास्थ्य को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है।माता-पिता के प्रसिद्ध सरनेम का दबाव और उससे मिलने वाला विशेषाधिकारजब सोहा अली खान से यह सवाल किया गया कि क्या उनके माता-पिता (शर्मिला टैगोर और मंसूर अली खान पटौदी) के इतने बड़े और प्रतिष्ठित सरनेम का उनके ऊपर कभी किसी प्रकार का दबाव रहा है, तो उन्होंने इस पर बड़ी सहजता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा से इस बात को लेकर पूरी तरह जागरूक रही हैं कि उनकी मां (शर्मिला टैगोर) का वैवाहिक जीवन कितना सफल रहा है, उन्होंने अपने तीनों बच्चों का पालन-पोषण कितनी बेहतरीन और संस्कारी तरीके से किया है, और इसके साथ ही उन्होंने अपना एक शानदार फुल-टाइम बॉलीवुड करियर भी सफलतापूर्वक चलाया है। यह सारी बातें उनके लिए किसी दबाव या बोझ की तरह नहीं, बल्कि उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा रही हैं। सोहा का कहना है कि उन्हें अपना सरनेम बेहद पसंद है और वह इसे एक विशेष विशेषाधिकार (Privilege) के रूप में देखती हैं, जो हर किसी के पास नहीं होता। उन्होंने इस बात को बहुत खूबसूरती से रेखांकित किया कि कैसे एक मजबूत और सफल परिवार की पृष्ठभूमि आपको कमजोर करने के बजाय जीवन में आगे बढ़ने और अपनी पहचान बनाने का एक संबल प्रदान करती है।काम और जिंदगी का संतुलन तथा हॉरर फिल्म 'छोरी 2' में अभिनयअपने काम और अभिनय की दुनिया में सक्रियता को बनाए रखते हुए सोहा अली खान हाल के दिनों में भी कुछ चुनिंदा और दमदार प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुकी हैं। उनके फिल्मी सफर की बात करें तो उन्हें पिछली बार लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई चर्चित हॉरर फिल्म 'छोरी 2' (Chhorii 2) में देखा गया था। इस फिल्म में उन्होंने 'दासिमा' नाम का एक बेहद जटिल और ग्रे शेड वाला किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों और समीक्षकों द्वारा काफी सराहा गया था। सोहा इस बात पर यकीन रखती हैं कि काम भले ही कम किया जाए, लेकिन वह ऐसा होना चाहिए जो प्रभावशाली हो और जिसमें कुछ नया करने की गुंजाइश हो। परिवार की जिम्मेदारियों, अपनी निजी पसंद और काम के बीच एक बेहतरीन तालमेल बिठाते हुए सोहा आज जिस मुकाम पर हैं, वह उन तमाम युवाओं के लिए एक मिसाल है जो जीवन में सफलता और मानसिक शांति के बीच संतुलन तलाशने की कोशिश करते रहते हैं।
जॉर्जिया एंड्रियानी ने टॉपलैस फोटोशूट से मचा दिया तहलका, आज रात एक एक फैन का सोना मुश्किल
Giorgia Andriani Bold Photos:
रवि किशन का गाना 'मनी फॉलोज माय ब्रदर' रिलीज, वायरल मीम का हुआ म्यूजिकल मेकओवर
रवि किशन के वायरल मीम 'मनी फॉलोज माय ब्रदर' को टी-सीरीज ने म्यूजिकल रूप दिया गया है, जो अब इंटरनेट पर गर्दा उड़ा रहा है। इस वीडियो में 'मिर्जापुर द मूवी' फेम रवि किशन का अलग अंदाज देखने को मिल रहा है।
इस एक्ट्रेस के साथ कमल हासन ने दिए किसिंग सीन, कैमरा बंद होते ही ऑन हो जाती थी दुश्मनी
कमल हासन और रति अग्निहोत्री की आन-स्क्रीन जोड़ी को काफी पसंद किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दोनों पर्दे के पीछे एक दूसरे से बात करना भी पसंद नहीं करते थे?
सिनेमा का वो गायक जो कभी वकालत करता था, उसने 80 साल पहले अपने एक गीत से हर किसी के दिल में जगह बना ली थी।
सूर्यकुमार ने किया मिसबिहेव! एक्ट्रेस को भेजे आपत्तिजनक मैसेज?
खुशी मुखर्जी ने क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव से जुड़े मैसेजिंग विवाद और इंस्टाग्राम अकाउंट बार-बार डिलीट होने पर रिएक्ट किया है. खुशी ने बताया कि उन्होंने अपना ऐप लॉन्च किया है जहां वे फैंस से सीधे जुड़ती हैं.
टॉक्सिक फ्लॉप हुई या हिट, 'आदिपुरुष' से भी बड़ी डिजास्टर साबित हुई फिल्म?
यश की 'टॉक्सिक' बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई। 500 करोड़ के बजट के मुकाबले फिल्म की कमाई काफी कम रही और करीब 160 करोड़ रुपये का अंतर नजर आ रहा है।
अरिजीत सिंह को हराने के 21 साल बाद काजी तौकीर को हुआ अपनी कमी का एहसास, बोले- फेम गुरुकुल में...
अरिजीत सिंह और काजी तौकीर शो गुरुकुल में कंटेस्टेंट बनकर आए थे। इस दौरान अरिजीत को हराकर काजी ने जीत हासिल की थी। अब उस जीत के सालों बाद काजी ने एक स्टेटमेंट दिया है जो काफी वायरल हो रहा है।
लता मंगेशकर के इस गाने की हुई थी चोरी, अमेरिकी सिंगर को देना पड़ा था 4000 करोड़ का हर्जाना
क्या आप जानते हैं लता मंगेशकर का एक आईकॉनिक सॉन्ग अमेरिकी रैपर को इतना पसंद आया कि उसने इसको कॉपी कर गाना बना दिया और बिना इजाजत।
अनुराग कश्यप की ‘लिटिल थॉमस’ में गुलशन देवैया-रसिका दुग्गल, 23 अक्टूबर को रिलीज
अनुराग कश्यप की निर्मित ‘लिटिल थॉमस’ में गुलशन देवैया और रसिका दुग्गल मुख्य भूमिकाओं में हैं। 90 के दशक के गोवा की कहानी वाली यह फिल्म 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
'जगधात्री' में एसीपी गीता बनकर एंट्री लेंगी मोना वासु, रुद्र के मर्डर मिस्ट्री में आएंगे नए ट्विस्ट
जी टीवी के पॉपुलर शो 'जगधात्री' की कहानी में अब एक नया और दिलचस्प मोड़ आने वाला है। एक्ट्रेस मोना वासु शो में एसीपी गीता के किरदार में एंट्री करने जा रही हैं। उनकी एंट्री ऐसे समय में हो रही है, जब जगधात्री खुद एक बड़ी मुश्किल में फंस चुकी है और उस पर रुद्र की हत्या का आरोप है।
पाकिस्तानी एक्ट्रेस हानिया आमिर (Hania Aamir) ने एक म्यूजिक वीडियो शेयर किया है जिसमें राखी सावंत (Rakhi Sawant) का भी कैमियो है।
200 करोड़ के क्लब में शामिल होने को तैयार हनुमान अंश को 11 सितंबर को विदेशो में रिलीज कर दिया गया है। यह फिल्म बाहरी देशों में कहां-कहां रिलीज होगी, पढ़ें पूरी डिटेल्स।
नई दिल्ली में BMW इंडिया ने शुक्रवार को अपनी नई BMW 7 सीरीज रेंज लॉन्च की। इस खास मौके पर बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह को BMW इंडिया का नया ब्रांड एंबेसडर के तौर पर पेश किया गया। लॉन्च इवेंट में नई BMW 7 सीरीज रेंज से पर्दा रणवीर सिंह ने उठाया। इस मौके पर BMW की फ्लैगशिप 7 सीरीज और रणवीर सिंह की मौजूदगी एक साथ देखने को मिली। रणवीर सिंह ने ब्रांड एंबेसडर के तौर पर इस लॉन्च में हिस्सा लिया। BMW के मुताबिक, यह साझेदारी एक्सीलेंस, एम्बिशन और कुछ असाधारण करने की चाह को दर्शाती है। BMW की फ्लैगशिप सेडान पेट्रोल और पूरी तरह इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ उपलब्ध होगी। पूरी तरह इलेक्ट्रिक परफॉर्मेंस मॉडल BMW i7 M70 भी भारत में ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा। BMW i7 M70 अब तक की सबसे पावरफुल BMW 7 सीरीज होगी। इन कारों की डिलीवरी अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। रणवीर इससे पहले स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड फेस थे रणवीर इससे पहले स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड फेस थे। फरवरी 2025 में स्कोडा ने उन्हें अपना पहला ‘ब्रांड सुपरस्टार’ घोषित किया था। कंपनी ने रणवीर को अपनी नई ब्रांड स्ट्रेटेजी और कायलाक SUV के प्रमोशनल कैंपेन में शामिल किया था। हालांकि रणवीर का कार कंपनियों से जुड़ाव सिर्फ स्कोडा तक सीमित नहीं रहा है। वह पहले मारुति सुजुकी नेक्सा के भी ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं। 2014 में उन्हें नेक्सा रेंज का चेहरा बनाया गया था। खास बात यह है कि रणवीर खुद भी महंगी और लग्जरी कारों के शौकीन हैं। उनके कार कलेक्शन में फेरारी 296 जीटीबी, जीएमसी हमर ईवी 3एक्स, रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी और मर्सिडीज-मेबैक जीएलएस 600 जैसी गाड़ियां शामिल हैं। रणवीर कई बड़े ब्रांड्स के ब्रांड एंबेसडर रह चुके हैं रणवीर सिंह ने ऑटोमोबाइल के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, खाने-पीने की चीजों, पर्सनल केयर और फैशन समेत कई क्षेत्रों के बड़े ब्रांड्स के लिए टीवी विज्ञापन किए हैं। टेक्नोलॉजी और मनोरंजन की बात करें तो रणवीर डिश टीवी और फास्ट्रैक स्मार्ट के विज्ञापनों में नजर आ चुके हैं। खाने-पीने के ब्रांड्स में रणवीर ने चिंग्स सीक्रेट, बिंगो! और थम्स अप के लिए विज्ञापन किए हैं। पर्सनल केयर और लाइफस्टाइल में वह ड्यूरेक्स, कोलगेट मैक्सफ्रेश, फ्लाइट और मान्यवर के विज्ञापनों में नजर आए हैं। इसके अलावा रणवीर वीवो, मिंत्रा और मेकमायट्रिप जैसे बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों का भी हिस्सा रहे हैं। यह बॉलीवुड सितारे भी कार कंपनियों के ब्रांड एंबेसडर रहे हैं शाहरुख खान: शाहरुख खान लंबे समय से हुंडई मोटर इंडिया का चेहरा हैं। हुंडई के साथ उनकी साझेदारी 1998 में सैंट्रो के विज्ञापन से शुरू हुई थी। इसके बाद वह कंपनी के कई प्रचार अभियानों में नजर आए हैं। विक्की कौशल: बॉलीवुड स्टार विक्की कौशल टाटा मोटर्स के पैसेंजर और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट के आधिकारिक ब्रांड एंबेसडर हैं। वह टाटा कर्व के प्रचार अभियान में भी नजर आ चुके हैं। कार्तिक आर्यन: कार्तिक आर्यन को मारुति सुजुकी की ब्रेजा के प्रचार अभियान से जोड़ा गया है। वह कंपनी के ‘मोर पावर टू योर प्ले’ अभियान का हिस्सा रहे हैं। रणबीर कपूर: रणबीर कपूर लंबे समय से रेनॉल्ट इंडिया से जुड़े रहे हैं। वह कंपनी की कई कारों के प्रचार अभियानों में नजर आ चुके हैं। आयुष्मान खुराना- आयुष्मान खुराना को टोयोटा इंडिया के साथ ब्रांड पार्टनर के तौर पर जोड़ा गया है। वह कंपनी के प्रचार अभियानों का हिस्सा रहे हैं।
'मुंह धोकर बात करो', ज्यादा मेकअप करने वाली एक्ट्रेस को सेट से वापस भेज देते थे गुलजार
गुलजार साहब का कहना है कि अगर सेट पर कोई एक्ट्रेस ओवर मेकअफ करके आती थीं तो वह उनको मुंह धोकर आने को बोलते थे।
'मुझे कोई नीचे नहीं गिरा सकता', 6 घंटे की सर्जरी के बाद ऐसा क्यों बोले शरद सक्सेना?
76 साल की उम्र में दिग्गज एक्टर शरत सक्सेना की छह घंटे लंबी सर्जरी हुई है। सर्जरी के बाद की तस्वीरें पोस्ट कर उन्होंने अपनी खुशी जाहिर की है।
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स सेरेमनी को नई दिल्ली के विज्ञान भवन से गुजरात के केवड़िया (एकता नगर) शिफ्ट किए जाने पर छिड़े विवाद पर बॉलीवुड एक्टर परेश रावल ने करारा जवाब दिया है। यहां जानिए 22 सितंबर को होने वाले इस अवॉर्ड शो के इतिहास, 'आर्टिकल 370' और ममूटी की जीत से जुड़ी खास बातें।
बर्फ की सिल्ली पर लेटी हीरोइन को देखकर बेकाबू हुए पवन सिंह, मचलकर करने लगा रोमांस
Bhojouri Song Garmi Ka Dehiya Me:
सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) के भीतर चल रही कानूनी लड़ाई और कोर्ट के आदेश पर होने वाले चुनाव के बीच एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने आरोप लगाया कि ऑफिस के कुछ दस्तावेज पूनम ढिल्लों की कार में रखे जा रहे थे और उन्हें इसका वीडियो बनाने से रोकने की कोशिश की गई। एक वीडियो में कुनिका सदानंद ने मामले को लेकर कहा, मैं CINTAA की आज की स्थिति देखकर बहुत दुखी हूं। मैंने पिछले 40 साल में किसी कमेटी का ऐसा व्यवहार नहीं देखा। कुनिका ने बताया कि उन्हें CINTAA ऑफिस से दस्तावेज हटाए जाने की जानकारी मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचीं। उनके मुताबिक, मनीष चतुर्वेदी और प्रीति ने फोन कर बताया कि पिछली कमेटी के लोग जल्दबाजी में कागजात ले जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मामला पुलिस तक पहुंचा, लेकिन पुलिस ने कहा कि दस्तावेजों को रोकने के लिए चैरिटी कमिश्नर का आदेश जरूरी है। कुनिका के अनुसार, दस्तावेजों को टेंपो से कार्तिक कॉम्प्लेक्स स्थित ऑफिस ले जाया जा रहा था। कुनिका ने कहा कि फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) से जुड़े लोगों ने टेंपो को रोक दिया और दस्तावेजों को CINTAA के ऑफिस में रखकर वहां ताला लगा दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग दस्तावेजों को पूनम ढिल्लों की कार में रख रहे थे। कुनिका के मुताबिक, इसका वीडियो बनाया गया और पुलिस से प्रक्रिया रोकने के लिए कहा गया। कुनिका ने बताया कि पुलिस ने कुछ दस्तावेज दिखाए, जिनमें कुछ कोर्ट के कागजात थे। उन्होंने कहा कि अगली सुनवाई 16 तारीख को है, इसलिए दस्तावेजों को लॉक करके रखने का सुझाव दिया गया था। उन्होंने पद्मिनी कोल्हापुरे के कथित बयान का भी जिक्र किया। कुनिका के अनुसार, पद्मिनी ने कहा कि वह कागजात सुरक्षित रखने के लिए ले जा रही थीं। कुनिका ने सवाल उठाया कि उन्हें दस्तावेज किससे सुरक्षित रखने थे। कुनिका ने आरोप लगाया कि पूनम ने एक व्यक्ति का फोन छीनकर तोड़ने की कोशिश की और उन्हें वीडियो बनाने से रोकने का प्रयास किया। कुनिका ने कहा कि पुलिस ने कागजात के एक कार्टन पर ताला लगाने की अनुमति दी और बाद में उस लॉकिंग सिस्टम पर टेप लगाया गया। उन्होंने कहा कि CINTAA के संस्थापकों ने कभी नहीं सोचा होगा कि संगठन में ऐसी स्थिति आएगी। पूनम ढिल्लों और उपासना सिंह गुट में बहस हुई गुरुवार को CINTAA के मुंबई कार्यालय में दोनों गुटों पूनम ढिल्लों खेमा और उपासना सिंह-FWICE खेमा के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कानूनी दस्तावेजों को कथित तौर पर कार्यालय से बाहर ले जाने और चुनाव से जुड़े घटनाक्रमों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाए। पिछले महीने CINTAA के दोनों गुटों में मतभेद हुए अगस्त की शुरुआत में पूनम ढिल्लों और उपासना सिंह के नेतृत्व वाले गुटों के बीच मतभेद के बाद CINTAA (सिने और टीवी कलाकार संघ) की कार्यकारी समिति के 11 सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। जिनमें से 8 निर्वाचित सदस्य थे। इसके बाद FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) ने 12 सितंबर को CINTAA के नए चुनाव कराने की घोषणा की। पूनम ढिल्लों के नेतृत्व वाले गुट ने 25 अगस्त को दिंडोशी सत्र न्यायालय में चुनाव की वैधता को चुनौती दी थी। 8 सितंबर को अदालत ने चुनाव कराने की अनुमति दे दी। अदालत ने कहा कि चुनाव घोषित होने के बाद वह इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि चुनाव होने पर उसके परिणाम मामले के अंतिम फैसले के अनुरूप होंगे। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उपासना सिंह ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलने का पूरा विश्वास था। उन्होंने बताया कि CINTAA के इतिहास में पहली बार 51 लोगों ने नामांकन दाखिल किए हैं। उनका कहना है कि कार्यकारी समिति के भंग होने के बाद कार्यकारी आम बैठक में लिए गए फैसले अमान्य हैं। FWICE अध्यक्ष बीएन तिवारी ने कहा कि अदालत ने 12 सितंबर को चुनाव कराने की अनुमति दी है और चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव परिणाम घोषित होने तक CINTAA के सोशल मीडिया खातों को निलंबित करने का अनुरोध किया गया है। इस मामले में वर्सोवा और अंबोली पुलिस स्टेशनों को भी पत्र लिखा गया है। CINTAA के बैंक खाते भी चुनाव परिणाम आने तक फ्रीज किए गए हैं।
BMW 7 सीरीज़ भारत में हुई लॉन्च, रणवीर सिंह बने ब्रांड एंबेसडर
नई फ्लैगशिप सेडान पेट्रोल और ऑल-इलेक्ट्रिक i7 M70 मॉडल में उपलब्ध होगी, अक्टूबर 2026 से शुरू होगी डिलीवरी।
फराह ने यह भी बताया कि उन्होंने दिल चाहता है के बाद एक्टर में एक बदलाव देखा। उनके अनुसार, अक्षय समय के साथ डांस और परफॉर्मेंस के साथ ज्यादा सहज हो गए। उन्होंने कहा, “दिल चाहता है के बाद, मुझे लगता है कि उनमें बदलाव आया।
'हैवान' तो बस शुरुआत! अभी लाइन में हैं ये 10 फिल्में और सीरीज, 18 सितंबर को होगा बड़ा धमाका
अक्षय कुमार और सैफ अली खान की फिल्म हैवान रिलीज हो चुकी है। आइए जानते हैं इस क्राइम थ्रिलर रिलीज के बाद फैंस को किन 10 फिल्मों और सीरीज का इंताजर है।
स्वयंभू: संयुक्ता के जन्मदिन पर मेकर्स ने जारी किया ट्रेनिंग BTS वीडियो
फिल्म 'स्वयंभू' में भूमि के किरदार के लिए अभिनेत्री संयुक्ता ने घुड़सवारी, तीरंदाजी और रॉक क्लाइम्बिंग की कड़ी ट्रेनिंग ली है।
पैसे और समय की बर्बादी, मिर्जापुर द मूवी को देख शोभा डे बोलीं- मैं तो सो गई थी
मिर्जापुर द मूवी को दर्शकों का प्यार तो मिल ही रहा था, लेकिन सेलेब्स की तरफ से भी पॉजिटिव रिस्पॉन्स आ रहे थे। हालांकि अब शोभा डे ने फिल्म को लेकर ऐसा रिव्यू दिया है कि सब हैरान हो गए हैं।
हानिया आमिर ने ‘पैबलो’ से म्यूजिकल डेब्यू किया है। गाने में रैप के साथ राखी सावंत की खास एंट्री ने सबका ध्यान खींचा। दोनों के इस क्रॉस-बॉर्डर कोलैबोरेशन को फैंस ने खूब पसंद किया।
ज्योति से तलाक मामले में पवन सिंह पर कोर्ट की कार्रवाई
भोजपुरी अभिनेता और बीजेपी एमएलसी पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह से तलाक और गुजारा-भत्ता का मामला बलिया फैमिली कोर्ट में चल रहा है। सुनवाई के दौरान बयान दर्ज कराने के लिए पवन सिंह के पेश न होने पर कोर्ट ने 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
परिणीति चोपड़ा ने बताई प्रेग्नेंसी की खबर मिलने के बाद राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया
परिणीति चोपड़ा ने बताया कि ‘Shaque: Trust No One’ की शूटिंग के दौरान उन्हें प्रेग्नेंसी का पता चला था। राघव चड्ढा खबर मिलते ही शिमला पहुंचे, जबकि टीम ने अभिनेत्री के लिए खास इंतजाम किए।
गुजरात क्या बांग्लादेश या पाकिस्तान में है? 72वें नेशनल फिल्म अवार्ड्स विवाद पर भड़के परेश रावल
गुजरात में हो रहे 72वें 'राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार' समारोह को लेकर चल रहे विवाद पर एक्टर परेश रावल ने रिएक्टर किया है।
भुवन बाम की 'द रिवोल्यूशनरीज' आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं। इस बीच मशहूर यूट्यूबर और एक्टर ने बताया कि उनकी सफलता के सफर में असफलता एक जरूरी हिस्सा रही।
‘पांड्या स्टोर’ और सैराब जैसे पॉपुलर शोज फेम एक्टर रोहित चंदेल को POCSO केस में जमानत मिल गई है। उन पर 16 साल की लड़की का पीछा करने, बार-बार फोन करने, परेशान करने और मारपीट करने का आरोप है। मुंबई पुलिस ने उन्हें जुलाई में गिरफ्तार किया था। रोहित चंदेल पर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज एक्ट यानी POCSO के तहत केस दर्ज है। वह करीब दो महीने से जेल में थे। चार्जशीट में पेशे और धर्म की जानकारी गलत रोहित चंदेल को पहले जमानत मिलने में मुश्किल हुई थी। केस के कागजात में कुछ गड़बड़ियां सामने आई थीं। खबरों के मुताबिक, दस्तावेजों में उनके पेशे को एक्टर की जगह गलत तरीके से बिजनेसमैन बताया गया था। चार्जशीट में उनका धर्म भी गलत दर्ज किया गया था। उनके मेडिकल रिकॉर्ड में भी गलती थी। उसमें उनकी वैवाहिक स्थिति मैरिड लिखी गई थी, जबकि रोहित चंदेल ने खुद को अविवाहित बताया है। 22 जुलाई को दूसरी जमानत अर्जी खारिज हुई थी एक्टर के वकील ने कहा था कि सरकारी कागजात में हुई गलतियों का केस पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। हालांकि, 22 जुलाई को रोहित चंदेल की दूसरी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी। इसके बाद 16 साल की शिकायतकर्ता ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। 10 जुलाई को घर से हुई थी गिरफ्तारी रोहित के खिलाफ 10 जुलाई को पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) के तहत शिकायत दर्ज हुई थी। 10 जुलाई को ही उन्हें दहिसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया। फिलहाल एक्टर कस्टडी में हैं। शुक्रवार को मुंबई के पूर्वी उपनगर की रहने वाली नाबालिग की शिकायत मिलने पर पंत नगर पुलिस स्टेशन ने एक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 (पीछा करना) और 115(2) (चोट पहुंचाने का इरादा) भी लगाई हैं। एक्टर पर आरोप हैं कि वह नाबालिग लड़की को अपने नंबर से कॉल कर बार-बार परेशान कर रहे थे। नाबालिग ने उनका फोन उठाना बंद किया, तो एक्टर दूसरे नंबर से बार-बार कॉल कर परेशान करने लगे। शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई को रोहित ने लड़की को उसके घर के पास जबरदस्ती रोकने की कोशिश की और बाद में उसका पीछा भी किया। जब नाबालिग ने विरोध किया, तो एक्टर ने बहस करते हुए उसे गालियां दीं और मारपीट की। को-स्टार ने गिरफ्तारी पर जताई हैरानी ‘सैराब’ एक्ट्रेस किशोरी शहाणे ने को-स्टार रोहित की गिरफ्तारी पर रिएक्शन दिया। टेलीचक्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने यह खबर पढ़ी, तो पहले लगा कि यह शो के प्रमोशन का हिस्सा है, क्योंकि सीरियल में भी ऐसा ही ट्रैक चल रहा है। लेकिन बाद में पता चला कि मामला सच है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शो की शूटिंग नॉर्मल तरीके से चल रही है और उन्हें इस मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है। रोहित चंदेल का जन्म महाराष्ट्र के शहादा में हुआ था। करीब 90 ऑडिशन में रिजेक्ट होने के बाद उन्हें पहला कमर्शियल एड मिला। इसके बाद उन्होंने 2014 में शो 'हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल' से टीवी डेब्यू किया। आगे चलकर वे 'चंद्रगुप्त मौर्य', 'तमन्ना' और 'ये उन दिनों की बात है' जैसे कई धारावाहिकों में नजर आए। साल 2022 में उन्होंने डिज्नी+ हॉटस्टार की वेब सीरीज 'स्काइप लाइव' में राजकुमार का किरदार निभाया। 'काशीबाई बाजीराव बल्लाल' और 'पांड्या स्टोर' ने उन्हें घर-घर में फेमस बनाया। वर्तमान में वे टीवी शो 'सैराब' में नजर आ रहे हैं।
'राइज एंड फॉल 2' से अश्नीर ग्रोवर की छुट्टी! अब ये पूर्व भारतीय क्रिकेटर संभालेंगे शो की कमान
रिएलिटी शो 'राइज एंड फॉल' के नए सीजन में बड़ा बदलाव हुआ है। अश्नीर ग्रोवर की जगह अब होस्ट की कुर्सी पर स्टार क्रिकेटर की एंट्री हुई है।
‘राइज एंड फॉल सीजन 2' से वीरेंद्र सहवाग की नई पारी, 15 सेलिब्रिटीज के बीच होगी पावर और पैसों की जंग
‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ में वीरेंद्र सहवाग होस्ट के रूप में नई पारी शुरू करेंगे। शो में 15 सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट्स के बीच सत्ता, पैसा, रणनीति और बदलते गठबंधनों की दिलचस्प जंग देखने मिलेगी।
जयपुर में शुक्रवार को जयपुर एयरपोर्ट पर बॉलीवुड, क्रिकेट और मनोरंजन जगत की हस्तियों की आवाजाही से माहौल खास नजर आया। दोपहर की फ्लाइट से बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला जयपुर पहुंचीं। इसके बाद भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रवि शास्त्री भी एयरपोर्ट पर नजर आए। वहीं, कुछ समय बाद अजय देवगन, हनी सिंह, गोविंदा और अनिल कपूर जैसे बॉलीवुड सितारों के लुक लाइक डुप्लिकेट्स ने भी जयपुर में दस्तक दी। ये कलाकार जयपुर के एक होटल में परफॉर्म करेंगे। सेलिब्रिटीज जैसे लुक वाले इन कलाकारों की मौजूदगी ने एयरपोर्ट पर यात्रियों और प्रशंसकों का ध्यान खींचा। ग्लैमरस अंदाज में पहुंचीं उर्वशी रौतेला दोपहर की फ्लाइट से अभिनेत्री उर्वशी रौतेला जयपुर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर उन्होंने ग्लैमरस लुक में एंट्री ली। उन्हें देखते ही कुछ प्रशंसक उनके साथ तस्वीर लेने के लिए आगे आए। उर्वशी ने भी फैंस को निराश नहीं किया और उनके साथ फोटो क्लिक करवाए। एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद वे सीधे अपने होटल के लिए रवाना हो गईं। उनके जयपुर आने को लेकर शहर में उनके प्रशंसकों के बीच भी उत्सुकता देखने को मिली। क्रिकेटर रवि शास्त्री को देख प्रशंसकों में खासा उत्साह इसके बाद भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री जयपुर एयरपोर्ट पहुंचे। शास्त्री जयपुर में एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आए हैं। एयरपोर्ट पर उनकी मौजूदगी ने क्रिकेट प्रशंसकों का भी ध्यान खींचा। क्रिकेट से जुड़े लंबे और सफल करियर के कारण रवि शास्त्री की जयपुर में भी बड़ी फैन फॉलोइंग है। एयरपोर्ट पर उन्हें देखकर क्रिकेट से जुड़े लोगों और प्रशंसकों में खास उत्साह नजर आया। सितारों के हमशक्लों ने भी बढ़ाई चमक शुक्रवार को जयपुर एयरपोर्ट पर सिर्फ फिल्म और क्रिकेट जगत की हस्तियां ही आकर्षण का केंद्र नहीं रहीं। बॉलीवुड के लोकप्रिय सितारों के लुक लाइक डुप्लिकेट्स भी जयपुर पहुंचे। अजय देवगन, हनी सिंह, गोविंदा, अनिल कपूर और सलमान खान के लुक लाइक डुप्लिकेट्स जयपुर आए हैं। ये सभी कूकस स्थित एक 5 सितारा होटल में होने वाले कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुतियां देने के लिए पहुंचे हैं। इन कलाकारों का अंदाज और हावभाव संबंधित बॉलीवुड सितारों से काफी मेल खाने के कारण ये लुक लाइक कलाकार अक्सर मनोरंजन कार्यक्रमों में आकर्षण का केंद्र रहते हैं। जयपुर में भी इनके पहुंचने के बाद कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
रणवीर सिंह शुक्रवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे। उनकी अपकमिंग फिल्म ‘प्रलय’ के लिए अपनाया गया नया रफ लुक चर्चा में रहा। एक्टर ने ढीली टी-शर्ट, बैगी पैंट, बीनी, स्टेटमेंट सनग्लासेस और फेस मास्क से अपना लुक काफी हद तक छिपा रखा था। कार से उतरते ही पैपराजी ने उनकी तस्वीरें लेना शुरू कर दिया। अंदर जाने से पहले रणवीर ने सिक्योरिटी स्टाफ का अभिवादन किया और वहां मौजूद गार्ड्स से हाथ मिलाया। उन्होंने एंट्री पर तैनात पुलिसकर्मी से भी हाथ मिलाया। इसके बाद रणवीर पैपराजी के पास रुके। पैपराजी के ‘प्रलय’ के नारे लगाने पर उन्होंने भी उत्साह के साथ प्रतिक्रिया दी। ‘प्रलय’ के सेट से रणवीर का पहला लुक सामने आया था बता दें कि हाल ही में मुंबई में चल रही शूटिंग से फिल्म प्रलय से रणवीर का पहला लुक सामने आया था। लंबे बालों में नजर आ रहे रणवीर की पीठ पर एक बच्चा भी दिखाई दे रहा था। फिल्म में रणवीर के साथ कल्याणी प्रियदर्शन भी नजर आएंगी। सामने आए वीडियो में रणवीर सिंह के साथ अभिनेत्री कल्याणी प्रियदर्शन भी नजर आ रही थीं। लंबे बाल और पीठ पर बच्चा, रणवीर का नया अंदाज ‘प्रलय’ के सेट से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में रणवीर सिंह लंबे बालों वाले लुक में दिखाई दे रहे थे। उनकी पीठ पर एक बच्चा नजर आया था। हालांकि, फिल्म में उनके किरदार और बच्चे के बीच संबंध को लेकर मेकर्स की ओर से अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई थी। मुंबई में अगस्त से चल रही फिल्म की शूटिंग ‘प्रलय’ की शूटिंग मुंबई में अगस्त से शुरू हो चुकी है। फिल्म को सर्वाइवल और पोस्ट-एपोकैलिप्टिक थ्रिलर बताया गया है, जबकि हालिया रिपोर्टों में इसे जॉम्बी एक्शन थ्रिलर भी कहा गया है। फिल्म का निर्देशन जय मेहता कर रहे हैं। जल्द दूसरी बार पिता बनेंगे रणवीर रणवीर सिंह की निजी जिंदगी भी इन दिनों चर्चा में है। रणवीर और दीपिका पादुकोण दूसरी बार माता-पिता बनने वाले हैं। वहीं, मंगलवार को कपल ने फैमिली फोटोशूट की कुछ खूबसूरत तस्वीरें शेयर की थीं। दीपिका-रणवीर के फोटोशूट में उनकी बेटी दुआ भी नजर आई थीं। तस्वीरों में दीपिका और रणवीर के साथ दुआ ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। तस्वीरों के साथ रणवीर सिंह ने कैप्शन में लिखा है, “बेबी दुआ और हमारे दिल बड़े हो रहे हैं! आपकी दुआओं के लिए धन्यवाद।” देखिए रणवीर सिंह- दीपिका की खूबसूरत फैमिली फोटोज- सोशल मीडिया यूजर्स ने दुआ की नई तस्वीर की तुलना दीपिका और रणवीर की पुरानी तस्वीरों से की। ज्यादातर लोगों का कहना था कि दुआ बिल्कुल रणवीर जैसी दिखती हैं। जल्द हो सकती है दीपिका की डिलीवरी दीपिका पादुकोण का तस्वीरों में बड़ा बेबी बंप नजर आया है। इससे पहले पिछली प्रेग्नेंसी में भी मेटरनिटी फोटोशूट की तस्वीरें पोस्ट करने के महज एक हफ्ते बाद ही दीपिका ने बेटी को जन्म दिया था। इस बार भी यही हो सकता है। दीपिका ने अप्रैल में प्रेग्नेंसी अनाउंस की थी। 19 अप्रैल को की थी दूसरी प्रेग्नेंसी की घोषणा दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने 19 अप्रैल को दूसरी बार पेरेंट्स बनने की गुड न्यूज दी थी। तब भी कपल ने बेटी दुआ की प्रेग्नेंसी किट पकड़े हुए तस्वीर शेयर की थी। सितंबर 2024 में हुआ था दुआ का जन्म दीपिका पादुकोण ने साल 2024 की शुरुआत में प्रेग्नेंसी अनाउंस की, जिसके बाद 8 सितंबर 2024 को उनके घर बेटी का जन्म हुआ था। नवंबर 2024 में कपल ने बेटी का नाम दुआ रखा। शुरुआत में दीपिका-रणवीर ने बेटी की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की थीं। दीवाली के मौके पर दीपिका रणवीर ने फैमिलो फोटोज शेयर कर दुआ का चेहरा रिवील किया था। _________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. रणवीर सिंह की नई फिल्म 'प्रलय' की शूटिंग शुरू:कल्याणी प्रियदर्शन संग नजर आएंगे एक्टर; धुरंधर' की सफलता के बाद रणवीर का बड़ा प्रोजेक्ट अभिनेता रणवीर सिंह ने अपनी अगली फिल्म 'प्रलय' की शूटिंग रविवार को मुंबई में शुरू कर दी है। मेकर्स की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यह एक एंड-ऑफ-द-वर्ल्ड (दुनिया के अंत) के संकट पर आधारित एक्शन थ्रिलर फिल्म है।पूरी खबर पढ़ें..
बेटे की कब्र पर रोईं सेलिना, बयां किया मां का खालीपन
बॉलीवुड एक्ट्रेस सेलिना जेटली ने अपने दिवंगत बेटे शमशेर को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो बेटे की कब्र के पास बैठी नजर आती हैं. सेलिना का ये वीडियो हर किसी को रुला रहा है.
पाकिस्तानी रैप सॉन्ग 'Pablo' में राखी सावंत की आवाज, VIDEO
पाकिस्तानी एक्ट्रेस-सिंगर हानिया आमिर ने अपने हेटर्स के लिए बनाए रैप सॉन्ग 'पाब्लो' से म्यूज़िक की दुनिया में कदम रखा. हालांकि, राखी सावंत के कैमियो ने सारी लाइमलाइट चुरा ली.
कनिका मान से ऑनस्क्रीन नजदीकियां बढ़ने के बीच सामने आई दूल्हा-दुल्हन की वायरल तस्वीरें
टेलीविजन के सबसे विवादित और लोकप्रिय रियलिटी शो 'बिग बॉस 20' के गलियारों से एक ऐसा सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला बाहर आया है जिसने सोशल मीडिया का तापमान अचानक बढ़ा दिया है। इस शो के सबसे चर्चित कंटेस्टेंट्स में से एक 'गुल्लू' अपनी गेम स्ट्रैटेजी और शो की प्रसिद्ध अभिनेत्री कनिका मान के साथ बढ़ती हुई नजदीकियों और ऑनस्क्रीन कैमिस्ट्री को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए थे, लेकिन इसी बीच उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़ा एक ऐसा बड़ा राज खुला है जिसके बारे में जानकर फैंस के पैरों तले जमीन खिसक गई है। सोशल मीडिया पर गुल्लू की शादी से जुड़ी कुछ ऐसी पुरानी तस्वीरें और दस्तावेज वायरल हो रहे हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि यह डैशिंग कंटेस्टेंट पहले से ही शादीशुदा है और उनकी एक पत्नी भी है। इस खुलासे के बाद शो के अंदर और बाहर दोनों जगह खलबली मच गई है, क्योंकि शो में आने से पहले उन्होंने अपनी सिंगल होने की जो छवि पेश की थी, वह अब सवालों के घेरे में आ गई है।बिग बॉस के घर में कनिका मान और गुल्लू की बढ़ती नजदीकियां'बिग बॉस 20' के इस सीजन में शुरुआत से ही कंटेस्टेंट्स के बीच की बॉन्डिंग और लव एंगल दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करते रहे हैं, और इनमें सबसे ज्यादा चर्चा गुल्लू और अभिनेत्री कनिका मान की दोस्ती की रही है। शो के अंदर दोनों को अक्सर साथ में समय बिताते, एक-दूसरे का समर्थन करते और कई रोमांटिक पलों को साझा करते हुए देखा गया है, जिसे फैंस सोशल मीडिया पर 'गुल्लू-कनिका शिपिंग' के रूप में काफी पसंद कर रहे थे। दर्शकों को लगा था कि शो के भीतर परवान चढ़ती यह नई दोस्ती शायद किसी सच्चे रिश्ते या प्यार की शुरुआत है, लेकिन किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि इस सुहानी ऑनस्क्रीन कहानी के पीछे एक ऐसा छिपा हुआ सच है जो पूरी बाजी को पलट कर रख देगा। जैसे-जैसे शो आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इन दोनों के बीच का यह रिश्ता घर के बाकी सदस्यों के बीच भी चर्चा और बहस का मुख्य मुद्दा बनता जा रहा है।सोशल मीडिया पर वायरल हुई दुल्हन के साथ गुल्लू की तस्वीरें और चौंकाने वाले दावेजैसी ही 'बिग बॉस' का यह सीजन अपनी लोकप्रियता के चरम पर पहुंचा, वैसे ही इंटरनेट की दुनिया में कुछ ऐसे पुराने फोटो और वीडियो अचानक तैरने लगे जिन्होंने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया। इन वायरल तस्वीरों में गुल्लू पारंपरिक दूल्हे के लिबास में नजर आ रहे हैं और उनके साथ एक महिला भी पारंपरिक दुल्हन के जोड़े में खड़ी दिखाई दे रही है, जिन्हें उनकी पत्नी बताया जा रहा है। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और शो के कट्टर फैंस के बीच तीखी बहस छिड़ गई है कि क्या गुल्लू ने अपनी मैरिड लाइफ की बात छिपाकर इस रियलिटी शो में हिस्सा लिया है। कई लोगों का यह भी कहना है कि शो की टीआरपी और दर्शकों की सहानुभूति बटोरने के लिए अक्सर कंटेस्टेंट्स अपनी असल जिंदगी के कई पहलुओं को छिपा लेते हैं, और इस ताजा खुलासे ने एक बार फिर से इस बात पर मुहर लगा दी है कि टीवी की दुनिया के ग्लैमर के पीछे कई परतें छिपी होती हैं।शो के मेकर्स और कनिका मान की प्रतिक्रिया का इंतजारइस पूरे विवाद के सामने आने के बाद से ही 'बिग बॉस' के फैंस और मीडिया की निगाहें इस बात पर टिकी हुई हैं कि शो के मेकर्स, होस्ट और खुद कनिका मान इस चौंकाने वाले सच पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। क्या वीकेंड के वार पर इस मुद्दे को उठाया जाएगा और क्या खुद गुल्लू इस पर अपनी सफाई पेश करेंगे, यह आने वाले एपिसोड्स में ही साफ हो पाएगा। शो के अंदर इस तरह के खुलासे अक्सर गेम का पूरा नक्शा बदल देते हैं, क्योंकि जब किसी प्रतियोगी की निजी जिंदगी से जुड़ा कोई बड़ा झूठ या राज बाहर आता है, तो घर के अंदर के बाकी सदस्य भी उस पर सवाल खड़े करना शुरू कर देते हैं। कनिका मान के लिए भी यह स्थिति काफी असहज करने वाली हो सकती है, क्योंकि शो में उनकी साख और जुड़ाव सीधे तौर पर गुल्लू के साथ जुड़ा हुआ है।रियलिटी शो के ड्रामे और दर्शकों की उम्मीदों का सचयह कोई पहली बार नहीं है जब किसी लोकप्रिय रियलिटी शो के अंदर किसी कंटेस्टेंट की पर्सनल लाइफ या छिपी हुई शादियों के राज इस तरह से पब्लिक डोमेन में आए हों, क्योंकि कैमरे की नजरों से कुछ भी लंबे समय तक छिपा नहीं रह सकता। 'बिग बॉस' जैसे मंचों पर आने वाले सितारे यह अच्छी तरह जानते हैं कि यहाँ फेम और लोकप्रियता जितनी जल्दी मिलती है, उतनी ही जल्दी जरा सी चूक से उनका करियर खतरे में भी पड़ सकता है। गुल्लू का यह मामला इस बात का एक और उदाहरण है कि आज के डिजिटल युग में किसी भी व्यक्ति का अतीत या उसकी असली पहचान ज्यादा दिनों तक पर्दों के पीछे नहीं छिप सकती। अब देखना यह होगा कि इस खुलासे के बाद 'बिग बॉस 20' के घर में गुल्लू का सफर किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या दर्शक उन्हें इस खुलासे के बाद भी उतना ही प्यार देते हैं या फिर उनके खेल का अंत तय माना जाए।
भारतीय सिनेमा के गलियारों में जब भी दो मेगास्टार्स एक साथ पर्दे पर उतरते हैं, तो बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचने की उम्मीद हर किसी की जुबान पर होती है, और इस बार का मामला है बहुप्रतीक्षित एक्शन-ड्रामा फिल्म 'हैवान' का। हिंदी सिनेमा के दो दिग्गज और मंजे हुए कलाकार अक्षय कुमार और सैफ अली खान लम्बे अरसे बाद एक बार फिर बड़े पर्दे पर आमने-सामने नजर आए हैं, जिसे लेकर दर्शकों के बीच भारी क्रेज देखा जा रहा था। फिल्म रिलीज होने के बाद से ही क्रिटिक्स और सिनेमाप्रेमियों के बीच इसकी कहानी, निर्देशन और अभिनय को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कहा जा रहा है कि एक तरफ जहाँ अपने सदाबहार अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले सैफ अली खान ने अपने गंभीर और इंटेंस किरदार से सबको चौंका दिया है, वहीं पारंपरिक 'खिलाड़ी' छवि वाले अक्षय कुमार इस बार अपनी पुरानी चमक बिखेरने में कुछ हद तक कमजोर नजर आए हैं। इस बहुचर्चित जुगलबंदी के पर्दे के पीछे की सच्चाई और फिल्म की खूबियों-कमियों का पूरा कच्चा-चिट्ठा आइए गहराई से टटोलते हैं।फिल्म की स्टारकास्ट और उम्मीदों का भारी बोझजब भी अक्षय कुमार और सैफ अली खान जैसी जोड़ियों को सिल्वर स्क्रीन पर कास्ट किया जाता है, तो दर्शकों की उम्मीदों का ग्राफ अपने आप आसमान छूने लगता है। नब्बे के दशक के इन दोनों कलाकारों ने अपने करियर में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, और उनकी ऑन-स्क्रीन केमेस्ट्री हमेशा से ही दर्शकों की चहेती रही है। 'हैवान' फिल्म से भी ट्रेड एनालिस्ट्स और फैंस को यही उम्मीद थी कि यह बॉक्स ऑफिस पर एक नया रिकॉर्ड कायम करेगी और मसाला फिल्मों के पुराने दौर को ताजा कर देगी। लेकिन सिनेमाघरों में उतरने के बाद फिल्म की पटकथा और ट्रीटमेंट को लेकर जिस तरह की बातें सामने आ रही हैं, उससे यह साफ हो गया है कि केवल बड़े नामों के सहारे किसी भी कमजोर कहानी को लंबे समय तक खींचना आज के समझदार दर्शकों के बीच अब मुमकिन नहीं रह गया है।कहानी का ताना-बाना और पटकथा में बिखरावफिल्म 'हैवान' की कहानी मुख्य रूप से दो ऐसे दोस्तों या प्रतिद्वंदियों के इर्द-गिर्द घूमती है जिनकी जिंदगियां एक मोड़ पर आकर खतरनाक रूप से टकरा जाती हैं। निर्देशक ने फिल्म में ड्रामा, थ्रिलर और एक्शन का तड़का लगाने की पूरी कोशिश की है, लेकिन स्क्रीनप्ले (Screenplay) के स्तर पर कई ऐसी खामियां रह गई हैं जो दर्शकों को कहानी के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने नहीं देतीं। फिल्म का पहला हिस्सा रफ्तार पकड़ने में काफी समय लेता है, और कई सींस ऐसे प्रतीत होते हैं जिन्हें जबरन खींचा गया हो। इंटरवल के बाद कहानी थोड़ी गति पकड़ती है, लेकिन तब तक दर्शक मुख्य प्लॉट से अपनी दिलचस्पी खोने लगते हैं। संवादों (Dialogues) में वह धार और कसावट गायब है जो इस स्तर की एक्शन थ्रिलर फिल्मों की सबसे बड़ी यूएसपी हुआ करती थी।अभिनय के मोर्चे पर कौन किस पर भारी पड़ा?फिल्म के सबसे दिलचस्प पहलुओं की अगर बात की जाए, तो वह है इसका अभिनय पक्ष, जहाँ सैफ अली खान ने अपने मंजे हुए और परिपक्व अभिनय से पूरी महफिल लूट ली है। सैफ ने अपने किरदार की परतों को जिस संवेदनशीलता और गहराई के साथ पर्दे पर उतारा है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है, और उन्होंने यह साबित कर दिया है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी वे एक बेहतरीन अभिनेता हैं। इसके विपरीत, हमेशा अपनी चुस्त एक्शन शैली के लिए जाने जाने वाले अक्षय कुमार इस फिल्म में कुछ थके हुए और अनमने से नजर आते हैं। उनके हिस्से में आए एक्शन सींस और ड्रामैटिक सीक्वेंस में वह पुराना जादुई असर देखने को नहीं मिलता, जिसकी वजह से समीक्षक यह कहने से नहीं चूक रहे कि इस बार 'अनाड़ी' कहे जाने वाले सैफ ने 'खिलाड़ी' अक्षय पर अभिनय के मामले में बढ़त बना ली है।तकनीकी पक्ष, संगीत और निर्देशन का कमजोर पहलूकिसी भी फिल्म की सफलता में उसके संगीत, सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर का बहुत बड़ा योगदान होता है, लेकिन 'हैवान' इस मामले में भी थोड़ा निराश करती है। फिल्म के गाने कहानी की रफ्तार को आगे बढ़ाने के बजाय कई जगहों पर गतिरोध पैदा करते हुए नजर आते हैं, जो दर्शकों की उत्सुकता को कम कर देते हैं। सिनेमैटोग्राफी और विजुअल इफेक्ट्स (VFX) को और अधिक बेहतर बनाया जा सकता था, क्योंकि आज के आधुनिक सिनेमाई दौर में दर्शक उच्च गुणवत्ता वाले विजुअल्स की उम्मीद करते हैं। निर्देशन के स्तर पर भी विजन की थोड़ी कमी साफ झलकती है, क्योंकि दो बड़े सितारों की मौजूदगी के बावजूद निर्देशक उनके स्टारडम का सही इस्तेमाल करने में सफल नहीं हो पाए हैं।बॉक्स ऑफिस पर भविष्य और दर्शकों का अंतिम फैसलाइन तमाम कमियों और मिक्स्ड रिव्यूज के बावजूद 'हैवान' अपने पहले वीकेंड में बॉक्स ऑफिस पर ठीकठाक आंकड़े जुटाने में कामयाब रही है, जिसका मुख्य श्रेय दोनों लीड एक्टर्स की स्टार पावर और उनकी पुरानी फैन फॉलोइंग को जाता है। हालांकि, वर्ड ऑफ माउथ (Word of Mouth) कमजोर होने के कारण आने वाले हफ्तों में फिल्म के लिए सिनेमाघरों में टिके रहना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। यह फिल्म इस बात का एक और बड़ा उदाहरण है कि केवल बड़े सितारों और भारी-भरकम बजट के दम पर फिल्म को हिट नहीं कराया जा सकता, बल्कि इसके लिए एक मजबूत और कसी हुई कहानी का होना सबसे पहली शर्त है। यदि आप सैफ अली खान के अभिनय के दीवाने हैं और वीकेंड पर एक बार सिनेमाघरों का रुख करना चाहते हैं, तो आप इसे देख सकते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा उम्मीदें बांधकर जाने से बचना समझदारी होगी।
भारतीय संस्कृति, पारंपरिक त्योहारों और उन पर होने वाले राजनीतिक या सेलिब्रिटी बयानों का सिलसिला हमेशा से ही सुर्खियों में रहता है, और इस बार मामला नवरात्रि के सबसे लोकप्रिय नृत्य 'गरबा' को लेकर छिड़ी एक तीखी बहस का है। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी और जानी-मानी गायिका-समाजसेविका अमृता फडणवीस द्वारा गरबा को लेकर दिए गए एक बयान पर टेलीविजन जगत की मशहूर अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्य खुलकर आमने-सामने आ गई हैं। अमृता फडणवीस के बयान के बाद से सोशल मीडिया पर शुरू हुई इस बहस ने तूल पकड़ लिया है, जहाँ देवोलीना ने इस पूरे विवाद को 'बकवास' करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस गरबा विवाद ने एक बार फिर से इस बात पर बहस छेड़ दी है कि क्या पारंपरिक सांस्कृतिक आयोजनों को सिर्फ मनोरंजन या आधुनिकता के चश्मे से देखा जाना चाहिए या फिर इसके पीछे छिपी गहरी आध्यात्मिक और पारंपरिक आस्था को सर्वोपरि रखना चाहिए।क्या था अमृता फडणवीस का बयान और क्यों शुरू हुआ यह विवादयह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान अमृता फडणवीस ने गरबा और डांडिया के बदलते स्वरूप, आधुनिक संगीत के प्रभाव और युवाओं के बीच इसके बढ़ रहे क्रेज पर अपनी खुलकर राय रखी थी। उनके उस बयान के बाद विभिन्न सांस्कृतिक मंचों और सोशल मीडिया पर यह चर्चा छिड़ गई कि क्या आज के दौर में पारंपरिक गरबा अपनी मूल पवित्रता और भक्ति भाव को खोता जा रहा है और क्या यह सिर्फ एक कमर्शियल पार्टी या डीजे नाइट बनकर रह गया है। हालांकि, उनके समर्थकों का मानना था कि उनका उद्देश्य केवल सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखते हुए आधुनिकता के साथ उसका संतुलन बनाने का था, लेकिन आलोचकों और कुछ हस्तियों ने इस पर तीखी आपत्ति दर्ज कराई कि इस तरह के बयानों से त्योहारों के आनंद और उनकी सहजता पर बंदिशें लगाने जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।देवोलीना भट्टाचार्य का तीखा पलटवार- 'गरबा सिर्फ नाच नहीं, बल्कि भक्ति की पराकाष्ठा है'अमृता फडणवीस के इस बयान पर अपनी बेबाक राय रखते हुए लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्य ने नाराजगी जाहिर की और इस पूरे विवाद को सिरे से 'बकवास' बता दिया। देवोलीना ने सोशल मीडिया और इंटरव्यू के माध्यम से कहा कि गरबा केवल कुछ स्टेप्स वाला कोई वेस्टर्न या मॉडर्न डांस नहीं है, बल्कि इसकी आत्मा में शुद्ध भक्ति, मां दुर्गा के प्रति समर्पण और हमारी सदियों पुरानी सनातन संस्कृति रसी हुई है। उन्होंने कहा कि त्योहार हमारी आस्था के प्रतीक होते हैं और इन्हें किसी भी तरह के अनावश्यक विवाद या राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए। देवोलीना के इस समर्थन और तीखे तेवर के बाद उनके फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस बहस में कूदकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी हैं, जिससे यह मामला और अधिक तूल पकड़ गया है।आधुनिकता बनाम परंपरा- गरबा के बदलते स्वरूप पर सांस्कृतिक बहसइस पूरे वाकये ने एक बार फिर से उस पुरानी और गहरी बहस को जिंदा कर दिया है जिसमें आधुनिकता और परंपरा के बीच की रेखा को लेकर समाज में हमेशा मतभेद रहे हैं। एक तरफ जहां बड़े-बड़े कमर्शियल इवेंट्स, क्लबों और डीजे नाइट्स में होने वाले गरबा आयोजनों को युवा पीढ़ी बेहद पसंद करती है और इसे मनोरंजन का एक बड़ा जरिया मानती है, वहीं दूसरी तरफ पारंपरिकवादी लोग और कलाकार इस बात से चिंतित रहते हैं कि इससे गरबा की मूल धार्मिक और आध्यात्मिक गरिमा धूमिल हो रही है। इस तरह के आयोजनों में पहनावे, संगीत की शैली और अनुशासन को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। यही वजह है कि जब भी कोई प्रसिद्ध हस्ती इस पर अपनी टिप्पणी देती है, तो वह तुरंत एक बड़े सार्वजनिक विवाद का रूप ले लेती है, जैसा कि इस मामले में देखने को मिला है।सेलिब्रिटी बयानों का समाज पर प्रभाव और त्योहारों की असली खूबसूरतीआज के डिजिटल और सोशल मीडिया के दौर में किसी भी सेलिब्रिटी या सार्वजनिक हस्ती द्वारा दिया गया बयान जंगल की आग की तरह फैल जाता है, और उस पर तुरंत पक्ष-विपक्ष की प्रतिक्रियाएं आने लगती हैं। अमृता फडणवीस और देवोलीना भट्टाचार्य के बीच छिड़ी इस वैचारिक तनातनी ने यह साबित कर दिया है कि हमारे देश में कला, संस्कृति और पर्व कितने संवेदनशील मुद्दे हैं जिनसे आम जनता की भावनाएं सीधे तौर पर जुड़ी होती हैं। चाहे विचार कितने भी अलग क्यों न हों, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि नवरात्रि और गरबा हमारे समाज को जोड़ने, उत्सव मनाने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का एक अनमोल अवसर प्रदान करते हैं, जिन्हें हर प्रकार के विवादों से दूर रखकर आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ मनाया जाना चाहिए।
टेलीविजन के सबसे बड़े और बहुचर्चित रियलिटी शो 'बिग बॉस' ने अपने प्रसारण के ऐतिहासिक 20 साल पूरे कर लिए हैं। इस दो दशक लंबे सुनहरे सफर का जश्न मनाने के लिए बिग बॉस के मेकर्स ने घर के भीतर मौजूद सभी कंटेस्टेंट्स के लिए एक बेहद खास और अप्रत्याशित सरप्राइज तैयार किया। बिग बॉस ने सभी कंटेस्टेंट्स को असेंबली एरिया में बुलाया और उनके सामने पूरे 19 सीजनों की खट्टी-मीठी यादों को समेटती हुई 24 मिनट की एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म (शोरील) चला दी।जैसे ही इस ऐतिहासिक फिल्म की शुरुआत हुई, घर का माहौल पूरी तरह बदल गया। पुरानी लड़ाइयों, टूटे रिश्तों, दोस्ती और आंसुओं की दास्तान को पर्दे पर देखकर मौजूदा सीजन के कंटेस्टेंट्स अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख सके और लिविंग एरिया में कई कंटेस्टेंट्स फूट-फूटकर रोते नजर आए। लेकिन इस पूरी फिल्म का सबसे मार्मिक और दिल छू लेने वाला पल वह था, जब स्क्रीन पर बिग बॉस के इतिहास के सबसे चहेते चेहरे यानी दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला (Sidharth Shukla) की आवाज और मुस्कान गूंजी।24 मिनट में जीवंत हुए दो दशक: स्क्रीन पर दिखे शो के सबसे आइकॉनिक लम्हेबिग बॉस द्वारा दिखाई गई इस 24 मिनट की फिल्म में शो के पहले सीजन से लेकर 19वें सीजन तक के सबसे चर्चित और यादगार घटनाक्रमों को पिरोया गया था:ऐतिहासिक विवाद और तकरार: मनोज तिवारी और डॉली बिंद्रा के बीच का चर्चित 'किचन विवाद', राखी सावंत के बेबाक ड्रामे, और घर के भीतर हुए बड़े-बड़े टास्क के विजुअल्स ने कंटेस्टेंट्स को चौंका दिया।सच्चे रिश्तों की दास्तान: शो के जरिए बने गहरे रिश्तों, ब्रेकअप्स और भावुक मोमेंट्स को देखकर घरवाले मंत्रमुग्ध रह गए। कई कंटेस्टेंट्स इस बात से हैरान थे कि जिस घर में वे आज बैठे हैं, उसकी चारदीवारी कितने आंसुओं और संघर्षों की गवाह रही है।सलमान खान का रौद्र और संवेदनशील रूप: होस्ट के तौर पर सलमान खान के ऐतिहासिक वीकेंड का वार के वो हिस्से भी शामिल थे जहां उन्होंने गलतियों पर घरवालों को फटकार लगाई और मुश्किल वक्त में सहारा दिया।सिद्धार्थ शुक्ला की एंट्री पर थमीं सांसें: 'सिडनाज' के पलों ने नम की सबकी आंखेंइस स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान जब 'बिग बॉस 13' का दौर शुरू हुआ, तो कमरे में सन्नाटा पसर गया। स्क्रीन पर बिग बॉस 13 के विजेता सिद्धार्थ शुक्ला का शेर जैसा बेखौफ अंदाज और शहनाज गिल के साथ उनकी मासूम बॉन्डिंग (SidNaaz) दिखाई गई:घरवालों का इमोशनल ब्रेकडाउन: सिद्धार्थ को स्क्रीन पर जिंदादिली से हंसते और टास्क करते देख मौजूदा घरवाले अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। मेल और फीमेल दोनों कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे को गले लगाकर रोने लगे।खड़े होकर दिया सम्मान: कई प्रतियोगियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं और सिद्धार्थ शुक्ला के योगदान को नमन किया। घरवालों ने माना कि सिद्धार्थ जैसा करिश्माई, निडर और सच्चा खिलाड़ी बिग बॉस के पूरे इतिहास में कोई दूसरा नहीं हुआ।सोशल मीडिया पर सिद्धार्थ शुक्ला ट्रेंड: फैंस बोले- 'किंग हमेशा जिंदा रहेगा'जैसे ही इस भावुक एपिसोड का प्रोमो सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सामने आया, दर्शकों और सिडनाज फैंस का सैलाब उमड़ पड़ा। इंटरनेट पर 'सिद्धार्थ शुक्ला' और 'बिग बॉस 20' टॉप ट्रेंड करने लगे:फैंस का दर्द छलका: एक यूजर ने लिखा, बिग बॉस के 20 साल पूरे हो सकते हैं, लेकिन सिद्धार्थ शुक्ला के बिना यह शो हमेशा अधूरा रहेगा। आज भी उन्हें स्क्रीन पर देखकर दिल भर आता है।मेकर्स का जताया आभार: सोशल मीडिया पर दर्शकों ने बिग बॉस की टीम की सराहना की कि उन्होंने 20 साल की लिगेसी को सेलिब्रेट करते हुए सिद्धार्थ शुक्ला को वह सम्मान दिया जिसके वे वास्तविक हकदार थे।अमर हो गई वो मुस्कान: कई फैंस ने लिखा कि सिद्धार्थ शुक्ला केवल एक ट्रॉफी विनर नहीं थे, बल्कि उन्होंने बिग बॉस खेलने की परिभाषा ही बदल दी थी। आज भले ही वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन बिग बॉस के इतिहास का हर पन्ना उनके नाम के बिना अधूरा है।बिग बॉस के 20वें साल में दिखाई गई इस फिल्म ने साबित कर दिया कि यह शो सिर्फ एक गेम नहीं, बल्कि इंसानी भावनाओं, संघर्ष और कभी न मिटने वाली यादों का एक जीवंत दस्तावेज है।
इंटरनेट डेस्क। रणबीर कपूर स्टारर रामायण यूं तो अपनी शुरुआत से ही चर्चा में है। लेकिन ट्रेलर रिलीज के साथ ही इसे लेकर खूब सुर्खियां हैं। जैसे-जैसे रिलीज का वक्त करीब आ रहा है लोगों में फिल्म को लेकर अलग लेवल का उत्साह भी देखने को मिल रहा है। ट्रेलर के बाद से जिस किरदार की झलक के लिए दर्शकों में सबसे अधिक इंतजार है, वो हैं सनी देओल के हनुमान जिनके लुक को मेकर्स ने अब तक छिपा कर रखा है। इस किरदार को लेकर अब फिल्म से जुड़ी एक ऐसी जानकारी सामने आई है और इसी के साथ फैन्स का उत्साह भी काफी बढ़ा है। कहा जा रहा है कि हनुमान जी के लंका जाने वाले एपिसोड पर एक बेहद विशाल अग्नि सीक्वेंस तैयार किया गया है। इसी सीन को लेकर खबर आई है कि इस लंका दाह सीक्वेंस को शूट करने में टीम को करीब दो महीने लग गए। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही रणबीर स्टारर रामायण में सनी देओल भगवान हनुमान का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में जहां रणबीर कपूर भगवान राम के रोल में दिख रहे हैं वहीं साई पल्लवी माता सीता की भूमिका निभा रही हैं और यश रावण के किरदार में दिखेंगे। मेकर्स इस पौराणिक और धार्मिक कहानी को फिल्माने में किसी तरह का कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। माना जा रहा है कि सनी देओल के साथ फिल्माया लंका में अग्नि कांड का सीक्वेंस भी काफी जबरदस्त होगा। pc- LallantopCinema
'हनुमान अंश' की सफलता के बीच प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर स्वामी कैलाशानंद गिरी से मिलने हरिद्वार पहुंचीं। इस मुलाकात के दौरान स्वामी कैलाशानंद ने उन्हें एक खास सलाह भी दी।
थिएटर के बाद अब घर पर बैठकर देख सकते हैं 'मिर्जापुर द मूवी', जानें- ओटीटी पर कहां होगी स्ट्रीम?
अली फजल और पंकज त्रिपाठी स्टारर फिल्म 'मिर्जापुर द मूवी' बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई कर रही है। ऐसे में इसके ओटीटी रिलीज को लेकर भी चर्चा जोरों पर हैं।
‘हैवान’ को लेकर X पर शुरुआती प्रतिक्रियाएं ज्यादातर सकारात्मक हैं। दर्शकों ने अक्षय कुमार के निगेटिव किरदार, सैफ अली खान की एक्टिंग और प्रियदर्शन के निर्देशन की तारीफ की, हालांकि कुछ ने स्क्रीनप्ले पर सवाल उठाए।
'दाढ़ी देखी और थमा दिया आतंकी का रोल...', 9/11 के बाद मुस्लिम एक्टर्स ने क्या झेला?
9/11 से पहले भी हॉलीवुड में अरब और मुस्लिम किरदारों को लेकर स्टीरियोटाइप मौजूद था. लेकिन हमले के बाद आतंकवाद अमेरिकी समाज के सबसे बड़े डर में बदल गया और पर्दे पर भी उसका एक चेहरा तैयार हो गया. उस चेहरे की दाढ़ी थी, अरबी लहजा था, कभी सिर पर टोपी या पगड़ी थी और अक्सर हाथ में बंदूक.
दो बार जुड़वा बच्चों को दिया जन्म, अब बेटे की कब्र पर जाकर बिलख उठी बोलीं- जब मैं मर जाऊं तो..
Celina Jaitley On Son Grave:
बादशाह ने शादी में दिया धोखा? एक्स-वाइफ ईशा रिखी ने कसा तंज
बिग बॉस 20 पर ईशा रिक्खी की हालिया कमेंट ने ऑनलाइन कई सवालों को जन्म दिया है, और फैंस यह सवाल कर रहे हैं कि क्या उन्होंने बादशाह को 'प्लेबॉय' कहा है?
महाराष्ट्र के नेताओं राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने 72 साल के इतिहास में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को दिल्ली से गुजरात शिफ्ट किए जाने के फैसले की आलोचना की है। वहीं, शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कलाकारों से इस समारोह का बहिष्कार करने की अपील की है। लोकेशन बदले जाने पर राज ठाकरे ने आपत्ति जताते हुए लिखा, 'आखिर इसकी जरूरत क्यों पड़ी? देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का महत्व कम करने की कोशिश के बाद अब क्या देश की राजधानी दिल्ली की अहमियत भी धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश हो रही है?' आगे उन्होंने लिखा, 'सवाल सीधा है, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन गुजरात में ही क्यों? अगर जगह बदलनी ही थी तो मुंबई क्यों नहीं? दादासाहेब फाल्के ने भारतीय सिनेमा की नींव महाराष्ट्र में रखी थी। फिर पुरस्कार समारोह महाराष्ट्र में क्यों नहीं हुआ? तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में बड़े पैमाने पर फिल्में बनती हैं। दक्षिण भारत में सिनेमा ने राजनीति तक को प्रभावित किया है। फिर गुजरात को ही क्यों चुना गया?' आगे उन्होंने लिखा, 'ऐसा लगता है कि खुद कुछ बड़ा करने में नाकाम लोग अब नाम और जगह बदलकर एक नया इतिहास बनाने की कोशिश कर रहे हैं। शायद उन्हें डर है कि कल को उनका राजनीतिक प्रभाव सिर्फ गुजरात तक सीमित रह जाए, इसलिए आज से ही गुजरात को हर चीज का केंद्र बनाने की कोशिश की जा रही है।' गुजरात को आगे क्यों किया जा रहा- राज ठाकरे राज ठाकरे ने सिर्फ नेशनल फिल्म अवॉर्ड ही नहीं बल्कि कॉमनवेल्थ, 2023 क्रिकेट वर्ल्ड कप की लोकेशन भी गुजरात रखने पर सवाल किया। उन्होंने पूछा है कि इससे अमित शाह देश को क्या बताना चाहते हैं। उन्होंने लिखा, 'मुद्दा यह नहीं है कि समारोह केवड़िया में हो रहा है या मुंबई में। असली सवाल यह है कि 72 साल से चली आ रही एक शानदार परंपरा को आखिर क्यों तोड़ा जा रहा है? राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देश की राजधानी दिल्ली में दिए जाते रहे हैं। अब अचानक इस परंपरा को बदलने की जरूरत क्यों पड़ी? अमेरिका में ऑस्कर हमेशा लॉस एंजिलिस में होता है। वहां ट्रंप आए, बुश आए या ओबामा, किसी ने यह कोशिश नहीं की कि पुरस्कार समारोह अपने गृह राज्य में ले जाएं।' 'हम इस मुद्दे पर आवाज जरूर उठाएंगे, लेकिन देशभर के कलाकारों को भी सामने आना होगा। कलाकारों को पूछना होगा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की गौरवशाली परंपरा को क्यों तोड़ा जा रहा है।' संजय राउत ने सेलेब्स से सेरेमनी बॉयकॉट करने की अपील की शिवसेना नेता संजय राउत ने भी गुजरात में सेरेमनी रखे जाने की निंदा की। उन्होंने कहा कि ये गुजरात से जुड़ा कोई प्रोग्राम नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय फिल्म पुरुस्कार है, तो इसकी लोकेशन गुजरात क्यों रखी गई। इसे राजधानी में ही रखना था, जैसा पिछले कई सालों से चला आ रहा है। उन्होंने अन्य सेलेब्स से इस इवेंट में न जाने और इसे बॉयकॉट करने की अपील की है। नई दिल्ली की जगह गुजरात में होगा समारोह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आम तौर पर नई दिल्ली में होता रहा है। पिछले साल 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह 23 सितंबर 2025 को दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए थे। अब 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के लिए परंपरा में बदलाव किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार समारोह दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित करने की तैयारी है। इसे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का पहला दिल्ली के बाहर आयोजन बताया जा रहा है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई 2026 को की जा चुकी है। इनमें ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। फिल्म की अभिनेत्री यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का सम्मान मिला, जबकि सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार कार्तिक आर्यन (‘चंदू चैंपियन’) और ममूटी (‘ब्रह्मयुगम’) को संयुक्त रूप से दिया गया। देखिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के विजेताओं की लिस्ट- राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों पुरस्कार मिलने की संभावना डियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 22 सितंबर को गुजरात दौरा प्रस्तावित है। वह महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी और इसके बाद पदरा में ब्रह्माकुमारीज के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इसी दौरे में उनके एकता नगर जाने की भी संभावना है, जहां वह 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान कर सकती हैं। एकता नगर क्यों चुना गया? एकता नगर गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित है और यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी प्रमुख आकर्षण है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को यहां आयोजित करने से इसे गुजरात के प्रमुख पर्यटन और राष्ट्रीय एकता से जुड़े स्थल के साथ जोड़ने का संदेश जाता है। हाल ही में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में आनंद एल राय की डॉक्यूमेंट्री ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक’ को भी सम्मान मिला है। यह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और केवड़िया के विकास की कहानी पर आधारित है। ________________________________________ यह खबर भी पढ़ें.. आर्टिकल 370 को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड:कार्तिक आर्यन बेस्ट एक्टर, यामी गौतम बेस्ट एक्ट्रेस, 72वें नेशनल अवॉर्ड का एलान फिल्म आर्टिकल 370 को शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 की बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। वहीं, फिल्म 'श्रीकांत' को बेस्ट हिंदी फिल्म का पुरस्कार मिला और यामी गौतम को लीडिंग रोल में बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया गयाफिल्म आर्टिकल 370 को शनिवार को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में वर्ष 2024 की बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला।पूरी खबर पढ़ें..
कास्ट- अक्षय कुमार, सैफ अली खान डायरेक्टर- प्रियदर्शन ड्यूरेशन- 2 घंटे 44 मिनट रेटिंग- 3/5प्रियदर्शन, अक्षय कुमार और सैफ अली खान, नाम सुनकर ही लगता है कि मामला कुछ बड़ा होने वाला है। ऊपर से कहानी में एक ऐसा नेत्रहीन किरदार है, जिसकी आंखें भले दुनिया नहीं देख पातीं, लेकिन उसके कान, नाक और दिमाग कमाल का काम करते हैं। सामने है अक्षय कुमार का खूंखार परशुराम का किरदार, जो बदले की आग में जल रहा है। यानी एक तरफ ऐसा आदमी जिसे दिखाई नहीं देता और दूसरी तरफ ऐसा आदमी जिसे रोकना आसान नहीं। ‘हैवान’ का यह मुकाबला कागज पर काफी दिलचस्प है और फिल्म कई जगह इस दिलचस्पी को पर्दे पर भी उतारती है। बस दिक्कत यह है कि फिल्म अपने असली खेल तक पहुंचने में थोड़ा ज्यादा वक्त लेती है। कैसी है फिल्म की कहानी? श्याम राणे जन्म से नेत्रहीन है। परिवार की जिम्मेदारियां उठाते हुए वह मुंबई की एक बड़ी बिल्डिंग में काम करता है। आंखों की रोशनी नहीं है, लेकिन आवाज, खुशबू और स्पर्श से आसपास की दुनिया को समझने की उसकी क्षमता असाधारण है। दूसरी तरफ है परशुराम गोखले। जेल से बाहर आने के बाद उसके पास गुस्सा है, पुराना हिसाब है और बदला लेने की पूरी तैयारी। श्याम की जिंदगी में एक बच्ची से जुड़ा ऐसा राज आता है, जो उसे सीधे परशुराम के निशाने पर ला खड़ा करता है। इसके बाद शुरू होता है असली बिल्ली-चूहे का खेल, जहां श्याम को उस दुश्मन से बचना है जिसे वह देख नहीं सकता, और परशुराम को उस आदमी से निपटना है जो उसकी हर आहट सुन सकता है। कहानी का आइडिया मजेदार है और खासकर श्याम के सेंसेस को जिस तरह इस्तेमाल किया गया है, उसमें काफी गुंजाइश है। लेकिन फिल्म को वहां तक पहुंचने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है। कहानी में दम है, बस रफ्तार थोड़ी और तेज होती तो मजा दोगुना हो जाता। कैसी है स्टारकास्ट की एक्टिंग? सैफ अली खान श्याम के किरदार में काफी सहज नजर आते हैं। उन्होंने नेत्रहीन किरदार को बेचारा बनाने की गलती नहीं की। श्याम शांत है, जिम्मेदार है और जरूरत पड़ने पर खतरनाक भी हो सकता है। सैफ की अंडरप्ले की गई एक्टिंग इस किरदार को विश्वसनीय बनाती है। अक्षय कुमार के लिए यह रोल अलग है। परशुराम में हीरो वाली चमक नहीं, बल्कि एक अजीब बेचैनी और गुस्सा है। अक्षय ने किरदार को पूरी एनर्जी के साथ निभाया है। हालांकि कुछ जगह उनका गुस्सा इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि डर पैदा होने के बजाय सीन थोड़ा ओवर-द-टॉप लगने लगता है। जिस ‘हैवान’ से खौफ पैदा होना चाहिए, वह हर बार उतना डरावना नहीं बन पाता। शारिब हाशमी पुलिस वाले के रोल में फिल्म के तनाव के बीच हंसी की खिड़की खोलते हैं और कई जगह खूब मजा देते हैं। बोमन ईरानी भरोसेमंद हैं। असरानी की मौजूदगी फिल्म में गर्माहट लाती है। सैयामी खेर और श्रिया पिलगांवकर को अच्छे कलाकार होने के बावजूद सीमित जगह मिली है। और मोहनलाल की झलक ‘ओप्पम’ देखने वालों के लिए खास तोहफा है। कैसा है डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष? कॉमेडी के लिए मशहूर प्रियदर्शन यहां एक डार्क थ्रिलर लेकर आए हैं। उनका यह नया रंग देखने में अच्छा लगता है। फिल्म में माहौल बनाने की कोशिश साफ दिखाई देती है। स्क्रीनप्ले की सबसे बड़ी कमी इसकी रफ्तार है। कुछ हिस्से कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय उसे रोकते हुए लगते हैं। गाने और कुछ लंबे भावनात्मक हिस्से थ्रिलर की गति को तोड़ते हैं। जब फिल्म श्याम और परशुराम के बीच आमने-सामने का खेल शुरू करती है, तब इसका असर बेहतर होता है। श्याम की सुनने और सूंघने की क्षमता को कहानी में इस्तेमाल करना भी दिलचस्प है। सिनेमैटोग्राफी फिल्म के मूड के साथ जाती है। मुंबई की ऊंची इमारतें, बंद गलियां और रात के दृश्य कहानी को जरूरी अंधेरा देते हैं। खासकर तनाव वाले सीन्स में कैमरा और साउंड मिलकर माहौल बनाने की कोशिश करते हैं। बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म के मजबूत हिस्सों में है। कई जगह संगीत से ज्यादा आवाजें और खामोशी तनाव पैदा करती हैं, जो श्याम के किरदार को देखते हुए फिल्म की कहानी के लिए बिल्कुल सही चुनाव है। बस एडिटिंग टेबल पर थोड़ी और सख्ती होती तो फिल्म ज्यादा चुस्त हो सकती थी। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? प्रीतम का म्यूजिक फिल्म के मूड को सपोर्ट करता है, लेकिन कोई गाना ऐसा नहीं है जो फिल्म खत्म होने के बाद भी कानों में घूमता रहे। ‘मेरे हीरो हैं’ भावनात्मक हिस्सों में ठीक बैठता है और ‘रंगियारा’ थोड़ा हल्कापन देता है। लेकिन इस फिल्म में असली काम गानों से ज्यादा बैकग्राउंड स्कोर करता है। ‘ओप्पम’ का असर: पुरानी कहानी, नया तड़का ‘हैवान’ प्रियदर्शन की ही मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ का हिंदी रूपांतरण है। मूल फिल्म में मोहनलाल ने नेत्रहीन श्याम जैसे किरदार को निभाया था। यहां सैफ अपनी अलग छाप छोड़ने की कोशिश करते हैं और काफी हद तक सफल भी होते हैं। हिंदी संस्करण में एक्शन, इमोशन, कॉमेडी और स्टारडम का मसाला थोड़ा ज्यादा है। यही इसे ‘ओप्पम’ से अलग बनाता है, लेकिन कभी-कभी यही मसाला थ्रिलर की कसावट कम भी करता है। फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं? ‘हैवान’ में आइडिया है, बड़े सितारे हैं और प्रियदर्शन का अलग अंदाज भी। सैफ का शांत श्याम और अक्षय का बेचैन परशुराम आमने-सामने आते हैं तो फिल्म में असली मजा शुरू होता है। समस्या सिर्फ इतनी है कि जिस थ्रिल के लिए दर्शक टिकट खरीदता है, फिल्म उसे थोड़ा इंतजार करवाकर देती है। अगर आपको डार्क थ्रिलर में थोड़ा मसाला, इमोशन और कॉमेडी पसंद है तो ‘हैवान’ आपको निराश नहीं करेगी। लेकिन अगर उम्मीद है कि फिल्म शुरू से आखिर तक सीट की पकड़ मजबूत रखेगी, तो मामला थोड़ा ढीला पड़ता है। कुल मिलाकर, ‘हैवान’ में काटने वाले दांत जरूर हैं, बस हमला थोड़ा देर से होता है।
हैवान एक्स रिव्यू: 'ओप्पम' की कॉपी या धांसू थ्रिलर? अक्षय कुमार-सैफ की फिल्म देखकर क्या बोले दर्शक?
Haiwaan Movie X Review: फिल्म 'हैवान' आज 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म का पहले दिन पहला शो देखने के बाद दर्शकों ने कैसा रिएक्शन दिया है?
फिल्म ‘डीसी’ के निर्माता कलानिधि मारन ने की फिल्म की टीम पर तोहफों की बारिश। मगर फिल्म की अभिनेत्री वामिका गब्बी न ही इस समारोह में नहीं दिखीं।
Harry Potter Teaser: नए हैरी पॉटर की हॉगवर्ट्स में दस्तक, डोमिनिक मैकलॉघलिन ने संभाली जादू की कमान
दुनिया भर के हैरी पॉटर फैंस के लिए आखिरकार इंतजार की घड़ियां खत्म हो गई हैं। HBO की बहुप्रतीक्षित Harry Potter सीरीज का टीजर ट्रेलर जारी कर दिया गया है। करीब 2 मिनट 37 सेकंड के इस टीजर में दर्शकों को एक बार फिर हॉगवर्ट्स की जादुई दुनिया में लौटने का मौका मिलेगा, लेकिन इस बार कहानी नए कलाकारों के साथ आगे बढ़ेगी।
ब सीरीज के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में परिणीति ने अपनी प्रेगनेंसी और उसके दौरान शूटिंग को लेकर बात की। एक्ट्रेस ने कहा कि उनके बच्चे नीर ने दुनिया में आने से पहले ही अपना फिल्मी डेब्यू किया।
अक्सर बीहड़ के डकैत और बुंदेलखंड-उत्तर प्रदेश की राजनीति पर फिल्में बनाने वाले निर्देशक तिग्मांशु धूलिया इस बार इन तीनों की पृष्ठभूमि लपेटकर ‘घमासान’ लाए हैं। जानिए कैसी है अरशद वारसी और प्रतीक गांधी अभिनीत यह फिल्म ?
'ये रिश्ता क्या कहलाता है' के अपकमिंग एपिसोड में देखने को मिलेगा कि कबीर की वजह से मायरा का दिल टूट जाएगा। वहीं अपनी बेटी को दूसरा मौका देने के लिए अभिरा, अरमान से झूठ बोलते नजर आएगी।
एक्ट्रेस बिपाशा बसु को प्रोटीन पाउडर के नए खुले जार में छोटे-छोटे कीड़े मिले हैं। उन्होंने इसका वीडियो इंस्टाग्राम स्टोरीज पर शेयर किया। बिपाशा ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के कमिश्नर तुकाराम मुंढे को टैग किया और मामले में दखल देने की अपील की। बिपाशा ने लिखा ड्रिंक के वीडियो के साथ लिखा है, ‘तुकाराम मुंढे आप ही हमारी एकमात्र उम्मीद हैं। ताकि हम जो भी चीजें खरीदें, उनमें खराब या मिलावटी सामान न मिले।’ वीडियो में बिपाशा ने अपनी उंगली पर एक छोटा सा कीड़ा दिखाया। उन्होंने कहा, ‘इस आइसोप्योर में छोटे-छोटे कीड़े भरे हुए हैं। बहुत ही छोटे कीड़े। यह नया डिब्बा है, जिसे हमने अभी खोला है।’ इसके बाद उन्होंने उंगली पर कीड़ा दिखाते हुए कहा, ‘ये रहे कीड़े, इसमें ऐसे ही कीड़े भरे हुए हैं।’ महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर लोगों का ध्यान बढ़ रहा है। तुकाराम मुंढे राज्यभर में फूड बिजनेस के खिलाफ कई तरह की जांच और कार्रवाई कर रहे हैं। श्वेता तिवारी ने डिलीवरी में कॉकरोच आने पर मांगी थी तुकाराम मुंढे से मदद श्वेता तिवारी ने हाल ही में ऑनलाइन एनर्जी ड्रिंक ऑर्डर की थी। जब ऑर्डर खोला गया, तो उसमें कॉकरोच मिलने से एक्ट्रेस घबरा गईं। एक्ट्रेस ने वीडियो जारी कर महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी कार्रवाई से चर्चा में बने हुए FDA ऑफिसर तुकाराम मुंढे से सवाल किया है। ऑफिशियल इंस्टाग्राम से शेयर किए गए वीडियो में श्वेता तिवारी ने कहा, ‘हमने इंस्टामार्ट से रेडबुल मंगवाया। लेकिन इंस्टामार्ट से हमारे घर में ये (कॉकरोच) भी आया। कॉकरोच पूरे घर में भाग रहा है।’ दूसरे वीडियो में श्वेता ने कॉकरोच दिखाया और कहा, ‘क्या हमें तुकाराम मुंढे जी को टैग करना चाहिए। मुंढे जी ये हमारे घर में इंस्टामार्ट से कॉकरोच आ रहे हैं। आप कहां हैं, ध्यान दीजिए।’ प्रीति जिंटा और ट्विंकल खन्ना ने भी बात रखी हाल ही में मुंबई में एक्ट्रेस प्रीति जिंटा को काली टी-शर्ट पहने देखा गया। इस टी-शर्ट पर ‘टीम तुकाराम मुंढे’ लिखा था। उनके इस कपड़े को अधिकारी के फूड सेफ्टी अभियान के समर्थन के तौर पर देखा गया। मुंढे की इंस्पेक्शन पर हो रही चर्चा को लेकर ट्विंकल खन्ना ने भी अपनी बात रखी थी। एक पोस्ट में एक्ट्रेस से लेखिका बनीं ट्विंकल ने लिखा, ‘क्या किसी सरकारी अधिकारी को बस अपना काम करते हुए देखना इतनी अनोखी बात है कि यह खबर बन गई है?’ सलमान खान ने भी दोस्त की तुकाराम मुंढे के नाम से फिरकी ली सलमान खान ने अपनी दोस्त सृष्टि साहनी के मुंबई के बांद्रा में खुले नए कैफे 'द टक शॉप एट सेवियोज' का वीडियो शेयर किया। साथ ही सलमान ने दोस्त को कैफे की हाइजीन बनाए रखने की मजाकिया अंदाज में चेतावनी दी। सलमान ने लिखा, “सृष्टि मेरी कॉफी रिफिल करना प्लीज। कीमत मत बढ़ाना, क्वालिटी मेंटेन करना। हाइजीन मेंटेन रखना, वरना मैं HIM को भेज दूंगा और काम हो जाएगा, बहन।” सलमान ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन “HIM” का इशारा महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे की ओर माना जा रहा है। यह बात ऐसे समय में आई है, जब महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर कार्रवाई तेज है।
Bigg Boss 20: रियलिटी शो 'बिग बॉस' के सफर को दो दशक हो चुके हैं। यह 20वां सीजन चल रहा है। हालिया एपिसोड में सीजन 20 के प्रतिभागियों को पुराने शो की एक छोटी सी झलक दिखाई। इस दौरान सिद्धार्थ शुक्ला को देखकर सभी की आंखें छलक आईं।
फूड सेफ्टी को लेकर चल रही इस चर्चा में बॉलीवुड से पहले भी प्रतिक्रिया सामने आ चुकी है। हाल ही में अभिनेत्री प्रीति जिंटा को मुंबई में एक ऐसी टी-शर्ट में देखा गया था, जिस पर ‘टीम तुकाराम मुंढे’ लिखा था।
संजय दत्त के 'मराठी नहीं सीखी' पर मचा बवाल, मंत्री को फोन कर दी सफाई!
संजय दत्त के मराठी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर बवाल मचा तो एक्टर ने खुद मंत्री प्रताप सरनाईक को फोन किया. ‘जय महाराष्ट्र’ से बातचीत शुरू कर संजू बाबा ने अपनी बात साफ की.
Haiwaan Review: अक्षय कुमार की ‘हैवान’ देखने से पहले पढ़ें यह रिव्यू, कहीं पछताना न पड़े
सैफ अली खान और अक्षय कुमार की फिल्म ‘हैवान’ ने सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है। अगर आप इसे देखने का प्लान बना रहे हैं तो रिव्यू जरूर पढ़ लें।
Review: हैवान बने अक्षय, सैफ को चक्रव्यूह में फंसाया, दमदार है फिल्म
अक्षय कुमार और सैफ अली खान करीब 18 साल बाद वापस एक ही फिल्म हैवान में लौटे हैं. ये मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल की सुपरहिट फिल्म ओप्पम का रीमेक है, जिसे प्रियदर्शन ने बनाया है. अक्षय एक लंबे वक्त के बाद बतौर विलेन इसमें नजर आए हैं. वहीं सैफ पहली बार प्रियदर्शन संग काम कर रहे हैं. ऐसे में तीनों दिग्गज कलाकारों ने साथ मिलकर क्या हैवान को देखने लायक बनाया है? पढ़िए हमारा रिव्यू...
बिग बॉस 20: यंग डीएसए बने इस सीजन के पहले कैप्टन, कनिका मान से इस बात पर हुई तगड़ी बहस
Bigg Boss 20: रियलिटी शो 'बिग बॉस' का सीजन 20 खूब दिलचस्प चल रहा है। यंग डीएसए उर्फ हर्ष विजय मचारे घर के पहले कैप्टन बने है। इसके अलावा प्रतिभागियों के बीच दोस्ती और बहस का सिलसिला भी जारी है।
बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत को छह साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन यह मामला आज भी लगातार चर्चा में बना हुआ है। करणी सेना मुंबई के अध्यक्ष सुरजीत सिंह राठौड़ जयपुर आए। निकाय चुनाव में मतदान के लिए जयपुर पहुंचे राठौड़ ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े अपने दावों, कूपर अस्पताल की मॉर्च्युरी में उनके पार्थिव शरीर को देखने के दौरान सामने आई बातों, दिशा सालियान से जुड़े कथित कनेक्शन और मामले की जांच को लेकर अपनी मांगों पर बात की। राठौड़ का दावा है कि सुशांत के पार्थिव शरीर को देखने के दौरान मैंने शरीर पर कुछ ऐसी चीजें देखीं, जिन्हें लेकर मेरे मन में सवाल पैदा हुए। उनका कहना है कि मैंने उस समय पुलिस और संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी दी, लेकिन मेरा बयान दर्ज नहीं किया गया। मैं अब महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग से दोबारा जांच की मांग करूंगा। राठौड़ ने कहा- सुशांत के पार्थिव शरीर को देखकर उस समय रिया के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला- ‘सॉरी बाबू।’ सवाल: आखिर छह साल बाद सुशांत सिंह राजपूत केस को आप क्यों उठा रहे हैं? सुरजीत सिंह राठौड़: मेरे लिए यह सिर्फ एक मामला नहीं है। जब किसी परिवार को लगता है कि उसे न्याय नहीं मिला है तो उसकी आवाज उठाना जरूरी है। मैं 15 जून 2020 को कूपर अस्पताल पहुंचा था। वहां मैंने जो कुछ देखा, उसके बाद मेरे मन में कई सवाल पैदा हुए। मैंने उस समय भी अपनी बात रखी और आज भी उसी बात पर कायम हूं। मेरा कहना है कि अगर किसी व्यक्ति ने कोई गंभीर बात सामने रखी है तो कम से कम उसका बयान तो दर्ज होना चाहिए। मेरा बयान ही दर्ज नहीं किया गया। आज भी मैं चाहता हूं कि मेरी बात सुनी जाए और तथ्यों की दोबारा जांच हो। 15 जून 2020 को मैं कूपर अस्पताल पहुंचा था। वहां धोनी एंटरटेनमेंट के निर्माता संदीप सिंह भी आए थे। इसी दौरान रिया चक्रवर्ती वहां आईं और उन्होंने सुशांत के अंतिम दर्शन की इच्छा जताई। मॉर्च्युरी के स्टाफ से अनुमति लेने के बाद मैं और रिया अंदर गए। सुशांत का पार्थिव शरीर डीप फ्रीजर से बाहर निकाला गया। मैंने उनके चेहरे से कपड़ा हटाया। उस समय रिया के मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला- ‘सॉरी बाबू।’ मैं उस समय हैरान हुआ कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। मेरे मन में सवाल आया कि आखिर वह किस बात के लिए माफी मांग रही थीं? हालांकि यह उनकी व्यक्तिगत भावना हो सकती है और इसका अर्थ मैं निश्चित तौर पर नहीं बता सकता। उस वक्त मेरे मन में यह बात जरूर आई थी। जब हम मॉर्च्युरी से बाहर आए तो रिया की मां, पिता और भाई अंदर जाना चाहते थे, लेकिन मॉर्च्युरी स्टाफ ने उन्हें अनुमति नहीं दी। इसके बाद वे वहां से चले गए। बाद में एक चैनल के माध्यम से रिया की ओर से यह कहा गया कि उन्होंने मॉर्च्युरी के अंदर सुशांत को नहीं देखा था। मेरा कहना है कि मैं उनके साथ अंदर गया था, इसलिए इस बात को लेकर मेरे मन में सवाल है। सवाल: महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग को लेकर भी आपने सवाल उठाए हैं। अब आपने दोबारा पत्र क्यों लिखा? सुरजीत सिंह राठौड़: मैंने वर्तमान महाराष्ट्र मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को पत्र और ई-मेल भेजकर दोबारा अपनी बात रखी है। मेरी मांग है कि मेरे बयान को दर्ज किया जाए और यह देखा जाए कि उस समय कूपर अस्पताल और रिया चक्रवर्ती को किस आधार पर क्लीन चिट दी गई थी। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि अगर मैं उस घटना का प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा कर रहा था तो मेरा बयान क्यों नहीं लिया गया? कम से कम मुझे बुलाकर पूछा तो जाता कि आपने क्या देखा था। सवाल: आप सुशांत और दिशा सालियान की मौत के बीच कनेक्शन की बात भी करते हैं। आपका आधार क्या है? सुरजीत सिंह राठौड़: मेरा मानना है कि दोनों घटनाओं की कड़ियों को भी जांच के दायरे में देखा जाना चाहिए। सुशांत और दिशा दोनों दोस्त थे। सुशांत को दिशा से जुड़ी कुछ बातें पता थीं और वे इसको लेकर नाराज थे। इसमें आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली और डीनो मोरिया से दिशा परेशान थी। इस पर सुशांत भी इन सभी से नाराज थे। मेरा दावा है कि सुशांत ने कुछ लोगों के सामने इस मामले को उठाने की बात कही थी। मुझे लगता है कि इन दोनों मामलों के बीच जो भी तथ्यात्मक कड़ियां हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मैं चाहता हूं कि जांच एजेंसी सभी तथ्यों को सामने रखे और जो सच है, वह देश के सामने आए। मैंने पहले भी कुछ लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसी को ही निकालना चाहिए। अगर कोई साजिश थी तो उसका पता लगाया जाना चाहिए और अगर नहीं थी तो यह भी स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए कि सुशांत की मौत से जुड़े हर सवाल का जवाब क्या है। सवाल: आपकी सुशांत से व्यक्तिगत मुलाकात कितनी थी? सुरजीत सिंह राठौड़: मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरी सुशांत से कोई गहरी व्यक्तिगत दोस्ती नहीं थी। मुंबई में फिल्म प्रीमियर और दूसरे कार्यक्रमों में एक-दो बार मुलाकात हुई थी। एक प्रोजेक्ट को लेकर फोन पर भी बातचीत हुई थी। जब फिल्म पद्मावत को लेकर राजस्थान में आंदोलन चल रहा था। उस समय सुशांत ने राजपूत समाज को लेकर कुछ बयान दिए थे। बाद में उन्होंने अपने नाम से सरनेम भी हटाया था। तब मैंने उन्हें फोन करके कहा था कि आप अपना काम कीजिए। इस मामले में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने मुझसे कहा था कि वे फिल्म इंडस्ट्री में हैं और कई बार इंडस्ट्री में रहकर कुछ बातें समझनी पड़ती हैं। सवाल: अब आप सुशांत सिंह राजपूत पर फिल्म बनाने की तैयारी भी कर रहे हैं। इसकी वजह क्या है? सुरजीत सिंह राठौड़: हां, हम सुशांत पर फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं। अभी इसकी स्टोरी पर काम चल रहा है। इस फिल्म का मेरा उद्देश्य पैसा कमाना नहीं है। मैं चाहता हूं कि इस पूरे मामले में जो सवाल उठे, जो घटनाएं सामने आईं और मैंने जो कुछ देखा या जाना, उसे सिनेमा के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाए। हम जल्दबाजी नहीं करना चाहते। अगर हम वास्तविक घटनाओं पर फिल्म बना रहे हैं तो हर तथ्य को जिम्मेदारी से दिखाना जरूरी है, इसलिए पटकथा पर काफी काम किया जा रहा है। मैं दिखाना चाहता हूं कि सुशांत की जिंदगी में कौन-कौन लोग आए, उनके आसपास क्या घटनाएं हुईं और उनकी मौत के बाद किस तरह का घटनाक्रम सामने आया।
‘हैवान’ अक्षय कुमार और सैफ अली खान दोनों के करियर के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है, क्योंकि यह सिर्फ दो बड़े सितारों की साथ में वापसी वाली फिल्म नहीं, बल्कि अपनी तरह की एक अलग और फ्रेश कहानी लेकर आती है। फिल्म का कॉन्सेप्ट दिलचस्प होने के साथ-साथ ऐसा है, जिसे हिंदी सिनेमा में बार-बार एक्सप्लोर नहीं किया गया है। एक तरफ है नेत्रहीन श्याम, जिसकी दुनिया आंखों के बजाय आवाज, एहसास और इंस्टिंक्ट से चलती है, तो दूसरी तरफ है परशुराम, जिसका रहस्य और खौफ हर पल कहानी को एक नई दिशा देता है। दोनों के बीच होने वाला मुकाबला सिर्फ हीरो और विलेन की भिड़ंत नहीं, बल्कि दिमाग, हिम्मत और सर्वाइवल का ऐसा खेल है, जहां एक छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है। प्रियदर्शन ने इसी यूनिक आइडिया को अक्षय कुमार और सैफ अली खान के बिल्कुल नए अवतार के साथ पर्दे पर उतारा है और यही वजह है कि ‘हैवान’ दोनों एक्टर्स के लिए एक ऐसी फिल्म बनकर सामने आती है, जो उनकी अब तक की इमेज को बदलने की ताकत रखती है। ‘हैवान’ की कहानी की सबसे दिलचस्प बात इसका बेसिक कॉन्सेप्ट है। यहां एक ऐसा शख्स है जो देख नहीं सकता, लेकिन उसके सामने खड़ा इंसान उसके लिए किसी भी वक्त सबसे बड़ा खतरा बन सकता है। श्याम की दुनिया आवाजों, एहसास और अंदाजे से चलती है, जबकि परशुराम अपने इरादों को पढ़ने का कोई मौका नहीं देता। दोनों के बीच शुरू होने वाला संघर्ष धीरे-धीरे एक ऐसे चेज़ में बदल जाता है, जहां हर छोटी आहट मायने रखती है और किसी भी पल कहानी का रुख बदल सकता है। फिल्म आपको लगातार इस सवाल के साथ आगे ले जाती है कि आखिर इस खेल में बढ़त किसके पास है। अक्षय कुमार ने परशुराम को जिस तरह निभाया है, वह उनके करियर के आम विलेन किरदारों से काफी अलग नजर आता है। यहां वह जरूरत से ज्यादा गुस्सा या शोर नहीं करते। उनकी आंखों की नजर, चेहरे की ठंडक और बेहद नपी-तुली बॉडी लैंग्वेज ही किरदार का डर पैदा करती है। वह जब स्क्रीन पर मौजूद होते हैं, तो बिना कुछ किए भी सीन में बेचैनी महसूस होने लगती है। अक्षय ने परशुराम को ऐसा किरदार बनाया है जिसे आप जितना समझने की कोशिश करते हैं, उतना ही वह रहस्यमयी होता जाता है। श्याम के रूप में सैफ अली खान का काम काफी कंट्रोल्ड है। वह नेत्रहीन किरदार को सिर्फ उसकी शारीरिक कमजोरी तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसकी मानसिक मजबूती को सामने लाते हैं। आवाज पहचानना, आसपास की हलचल को समझना और खतरे को महसूस करना उनके किरदार के अहम हथियार बनते हैं। सैफ का परफॉर्मेंस किसी बड़े ड्रामे पर निर्भर नहीं है, बल्कि छोटे-छोटे रिएक्शन और शांत रवैये से श्याम की स्थिति को असरदार बनाता है। यही संयम अक्षय के परशुराम के सामने उनकी मौजूदगी को और मजबूत करता है। पहल चौधरी का किरदार फिल्म की कहानी में ऐसा एंगल लेकर आता है, जिसे पहले से जानना उसके इम्पैक्ट को कम कर सकता है। इसलिए उनके हिस्से को बिना किसी स्पॉइलर के देखना ही बेहतर है। उन्होंने अपने किरदार की मासूमियत और इमोशनल पहलू को अच्छी तरह पकड़ा है। सैयामी खेर, श्रिया पिलगांवकर और बोमन ईरानी भी कहानी के अलग-अलग हिस्सों को मजबूती देते हैं। शारिब हाशमी पुलिस ऑफिसर की भूमिका में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं। वहीं असरानी की स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म को एक अलग भावनात्मक रंग देती है। प्रियदर्शन को लंबे समय से कॉमेडी और फैमिली एंटरटेनमेंट के लिए जाना जाता है, लेकिन ‘हैवान’ में उनका फोकस पूरी तरह अलग दिखाई देता है। निर्देशक ने कहानी को सिर्फ एक्शन सीक्वेंस के सहारे आगे नहीं बढ़ाया, बल्कि सिचुएशन और माहौल को कहानी का अहम हिस्सा बनाया है। कई सीन्स में कम संवाद और ज्यादा सन्नाटा काम करता है। यही तरीका फिल्म की टेंशन को बनाए रखता है। फिल्म के साउंड डिजाइन और बैकग्राउंड म्यूजिक का इस्तेमाल इसके मूड को बनाने में अहम भूमिका निभाता है। प्रीतम का BGM खासकर उन पलों में असर डालता है, जहां स्क्रीन पर ज्यादा कुछ होता हुआ नजर नहीं आता, लेकिन अंदर ही अंदर खतरा बढ़ रहा होता है। ‘मेरे हीरो हैं’ फिल्म के इमोशनल हिस्से को सपोर्ट करता है, जबकि ‘रंगियारा’ कहानी के कुछ हल्के और ट्रैवल मोमेंट्स में अलग फील देता है। म्यूजिक को कहानी पर हावी करने के बजाय उसके मूड के हिसाब से रखा गया है। मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ से प्रेरित होने के बावजूद ‘हैवान’ को सिर्फ सीन-दर-सीन रीमेक के तौर पर देखना सही नहीं होगा। प्रियदर्शन ने मूल कहानी के सस्पेंस को बरकरार रखते हुए इसे हिंदी दर्शकों और स्टार कास्ट की स्क्रीन इमेज के हिसाब से ढाला है। इमोशन, एक्शन और कमर्शियल एंटरटेनमेंट को इसमें अपनी जगह दी गई है। मोहनलाल की स्पेशल अपीयरेंस भी ओरिजिनल फिल्म से जुड़े दर्शकों के लिए एक खास सरप्राइज बनती है। ‘हैवान’ उन फिल्मों में से है जो अपनी कहानी के साथ दर्शक को लगातार जोड़े रखने की कोशिश करती है। अक्षय का डार्क अवतार, सैफ का इंटेंस परफॉर्मेंस और एक ऐसे कॉन्फ्लिक्ट का सेटअप, जहां देखने वाला भी किरदारों के साथ खतरे को महसूस करता है, फिल्म को अलग पहचान देता है। अगर आपको साइकोलॉजिकल थ्रिलर, कैट-एंड-माउस गेम और ऐसी कहानियां पसंद हैं जिनमें पूरी तस्वीर धीरे-धीरे सामने आती है, तो इस तरह से ‘हैवान’ आपके लिए सही पसंद है। डायरेक्टर – प्रियदर्शन कास्ट – सैफ अली खान, अक्षय कुमार, बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, मोहनलाल, असरानी, शारिब हाशमी ड्यूरेशन – 2h44m रेटिंग – 3.5
दिल्ली से छीना नेशनल फिल्म अवॉर्ड? अब गुजरात में होने का दावा, क्या है सच
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार का 72वा समारोह दिल्ली में आयोजित न होकर गुजरात के केवडिया में होगा। इस पर एक दावा वायरल हो रहा है। पढ़िए उस वायरल दावा का सच।
बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त मराठी बोलने से इनकार करने पर विवादों में हैं। वह कुछ समय पहले दही हांडी प्रोग्राम में पहुंचे थे, जहां शिवसेना नेता (शिंदे गुट) और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने उनसे मराठी में बात करने कहा था। संजय ने इनकार कर दिया और कहा कि वो 6 साल तक जेल में रहकर भी मराठी नहीं सीख सके। संजय के बयान पर विवाद हो गया, जिसके बाद अब उन्होंने मंत्री प्रताप सरनाईक को कॉल कर माफी मांगी है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अच्छी मराठी आती है। गलत संदेश गया, तो माफी मांगता हूं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रताप सरनाईक एक बैठक में थे, तभी संजय दत्त का फोन आया। एक्टर ने बातचीत की शुरुआत मराठी में “प्रताप भाई, जय महाराष्ट्र” कहकर की। संजय दत्त ने सफाई देते हुए कहा कि ठाणे में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में उन्होंने यह बात मजाकिया अंदाज में कही थी। उन्होंने सरनाईक से कहा, “अगर मेरी बात से किसी की भावना आहत हुई हो या कोई गलत संदेश गया हो तो मैं माफी चाहता हूं। मेरा परिवार मुंबईकर है। मैं इसी मिट्टी में पला-बढ़ा हूं और महाराष्ट्र ने मुझे बहुत कुछ दिया है।” बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया फोन पर बातचीत के दौरान संजय दत्त ने शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के कठिन दौर में बालासाहेब ठाकरे मजबूती से उनके साथ खड़े रहे थे। संजय दत्त ने कहा कि वह बालासाहेब ठाकरे के प्रति हमेशा सम्मान रखते हैं। जानिए क्या है पूरा विवाद? संजय दत्त रविवार को मुंबई में आयोजित दही हांडी कार्यक्रम में पहुंचे थे। यह कार्यक्रम ठाणे में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता और महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने आयोजित किया था। संजय दत्त मंच पर हिंदी में बोल रहे थे। इस पर प्रताप सरनाईक ने कहा, “आजकल मैं सभी लोगों को मराठी सिखा रहा हूं। तो मैंने सोचा कि क्यों न हम सब संजय दत्त से मराठी में बात करवाएं। वह हिंदी में बात करते हैं, लेकिन हम सभी मराठी समझते हैं।” मंत्री की बात पर मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर हंसी दिखाई दी। इसके बाद संजय दत्त ने माइक लिया और पहले “हर हर महादेव” के नारे लगाए। फिर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” बीजेपी विधायक ने शिवसेना मंत्री पर निशाना साधा संजय दत्त के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक नरेंद्र मेहता ने प्रताप सरनाईक पर सवाल उठाए। नरेंद्र मेहता ने कहा, “अगर कोई कलाकार मराठी नहीं जानता तो उस पर आप हंसते हैं, लेकिन दूसरी तरफ आम रिक्शा चालकों पर मराठी भाषा को लेकर दबाव बनाया जाता है। यह कैसा न्याय है? एकनाथ शिंदे ने उन्हें कभी कुछ करने नहीं दिया। वहां डमी मंत्री की जरूरत है, इसलिए वे हैं।” मराठी न बोलने पर सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल संजय दत्त के मराठी बोलने से इनकार के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। एक यूजर ने लिखा, “सिर्फ संजय दत्त या सलमान खान ही किसी मंत्री को इस तरह मना कर सकते हैं और फिर भी मुस्कुरा सकते हैं।” एक यूजर ने लिखा, “मतलब साफ है, मराठी भाषा का अनिवार्य होना सिर्फ शहर के ऑटो-रिक्शा और टैक्सी वालों के लिए है, बड़े लोगों के लिए नहीं।” एक ने कहा, “विडंबना देखिए, काश शहर के ऑटो वाले भी ऐसा कह पाते और भारी जुर्माने से बच पाते।” कुछ लोग मराठी न बोलने पर संजय दत्त को ट्रोल भी कर रहे हैं। एक ने कहा, “आप पूरी जिंदगी महाराष्ट्र में रहे, फिर भी आपको मराठी नहीं आती। यह शर्मनाक है।” संजय दत्त के वो बयान और डायलॉग, जिनसे हुआ विवाद 1. 2009: चुनावी सभा में TADA को लेकर बयान 2009 के लोकसभा चुनाव के दौरान संजय दत्त समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मऊ में एक चुनावी सभा के दौरान उन्होंने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस का जिक्र करते हुए 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर बात की। संजय दत्त ने कहा था कि उनकी मां मुस्लिम थीं और इसी वजह से उनके परिवार को परेशान किया गया। उन्होंने अपने खिलाफ TADA के तहत हुई कार्रवाई का भी जिक्र किया। इस बयान को लेकर विवाद हुआ और चुनाव आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। संजय दत्त के बयान को चुनाव प्रचार में सांप्रदायिक संदर्भ के तौर पर देखा गया। 2. 2016: सलमान खान को बताया 'एरोगेंट' संजय दत्त और सलमान खान की दोस्ती बॉलीवुड की चर्चित दोस्तियों में रही है। ऐसे में 2016 में एक कार्यक्रम के दौरान जब संजय दत्त से सलमान खान को एक शब्द में बयान करने के लिए कहा गया और उन्होंने 'एरोगेंट' कहा, तो यह जवाब सुर्खियों में आ गया। मीडिया में दोनों के बीच अनबन की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, संजय दत्त ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनके और सलमान के बीच कोई झगड़ा नहीं है। 3. 2026: 'धुरंधर' के डायलॉग को लेकर विवाद फिल्म 'धुरंधर में संजय दत्त के किरदार एसपी चौधरी असलम के एक डायलॉग पर बलोच समुदाय ने आपत्ति जताई। विवाद के बाद थिएटर रिलीज के वर्जन में उस हिस्से को म्यूट किया गया।
समय रैना की जिंदगी में आई ‘12वीं फेल’ वाली हसीना? वेकेशन की तस्वीरों से फैंस ने खोज निकाला क्लू
समय रैना और ‘12वीं फेल’ एक्ट्रेस मेधा शंकर के वेकेशन को लेकर डेटिंग की अटकलें तेज हैं। फैंस ने सोशल मीडिया पोस्ट में कई चीजें देखकर क्लू जोड़े, हालांकि दोनों ने अभी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।
Sharat Saxena Health Update: अभिनेता शरत सक्सेना की हाल ही में लम्बर स्पाइन सर्जरी हुई है, जो करीब छह घंटे चली। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सेहत का हाल बताया है।
भारतीय बॉक्स ऑफिस के इतिहास में कभी-कभार ऐसा चमत्कार देखने को मिलता है, जो बड़े-बड़े फिल्म पंडितों, ट्रेड एनालिस्ट्स और मेगा-बजट प्रोड्यूसर्स के गणित को पूरी तरह ध्वस्त कर देता है। डॉ. विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी और नीम करोली बाबा के दिव्य जीवन पर आधारित आध्यात्मिक फिल्म 'हनुमान अंश' (Hanuman Ansh) ने सिनेमाघरों में वो आंधी पैदा कर दी है, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।महज 2 करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी यह फिल्म अब बड़े पर्दे पर बड़े-बड़े सुपरस्टार्स की नींद उड़ा रही है। जहां 300 से 400 करोड़ रुपये के बजट में बनी सुपरस्टार यश की पैन-इंडिया फिल्म 'टॉक्सिक' (Toxic) दूसरे हफ्ते में ही हांफने लगी और सिंगल डिजिट में सिमट गई, वहीं पंकज त्रिपाठी स्टारर मोस्ट अवेटेड 'मिर्जापुर: द मूवी' (Mirzapur The Film) के रिलीज होने के बावजूद दर्शक सिर्फ और सिर्फ 'हनुमान अंश' देखने सिनेमाघरों में उमड़ रहे हैं।35वें दिन भी डबल डिजिट में कमाई: तोड़े 5वें हफ्ते के सारे ऑल-टाइम रिकॉर्डफिल्म व्यापार विशेषज्ञ उस वक्त दंग रह गए जब रिलीज के पांचवें हफ्ते में, यानी 35वें दिन (5वें गुरुवार) के बॉक्स ऑफिस आंकड़े सामने आए। जहां सामान्य बॉलीवुड और साउथ की बड़ी से बड़ी फिल्में चौथे या पांचवें हफ्ते तक पहुंचते-पहुंचते चंद लाख रुपये के कलेक्शन पर सिमट जाती हैं, वहीं 'हनुमान अंश' ने अपने 35वें दिन भी भारत में नेट ₹10.00 करोड़ की धमाकेदार कमाई दर्ज की है।ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क (Sacnilk) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 35वें दिन यह कलेक्शन 7,664 से अधिक शोज के जरिए हुआ है। फिल्म का कुल भारतीय नेट कलेक्शन अब ₹163.13 करोड़ के पार पहुंच चुका है, जबकि इसका ग्रॉस कलेक्शन ₹192.75 करोड़ हो गया है। फिल्म अब घरेलू बॉक्स ऑफिस पर ₹200 करोड़ ग्रॉस के जादुई आंकड़े से महज चंद कदम दूर है।10 लाख की ओपनिंग से 190 करोड़ तक का सफर: माउथ पब्लिसिटी का अद्भुत करिश्माइस फिल्म की सफलता की कहानी किसी परिकथा जैसी है। 7 अगस्त को जब यह फिल्म थिएटर्स में रिलीज हुई थी, तब न तो इसका कोई करोड़ों का पीआर कैंपेन था और न ही कोई चमचमाते इवेंट्स:पहले दिन का हाल: फिल्म ने अपने ओपनिंग डे पर मात्र ₹10 लाख का कलेक्शन किया था और इसे देशभर में केवल 355 शोज मिले थे।दूसरे हफ्ते तक सन्नाटा: दूसरे हफ्ते में यह फिल्म रोजाना महज 4 से 5 लाख रुपये कमा रही थी और कई जगहों से इसके शोज हटाए जा रहे थे।17वें दिन हुआ चमत्कार: तीसरे हफ्ते के दौरान सोशल मीडिया, रील्स और दर्शकों की जुबानी तारीफ (Word of Mouth) का ऐसा चक्रवात उठा कि सिनेमाघरों के बाहर लंबी कतारें लग गईं।पांचवें हफ्ते का धमाका: फिल्म ने अपने पांचवें शनिवार को ₹16.50 करोड़ और पांचवें रविवार को रिकॉर्डतोड़ ₹22.75 करोड़ का बिजनेस किया। 35वें दिन भी 10 करोड़ कमाने के मामले में इसने 'पठान', 'स्त्री 2', '3 इडियट्स' और 'पुष्पा 2' जैसी कल्ट हिट्स को 35वें दिन के कलेक्शन में काफी पीछे छोड़ दिया है।'टॉक्सिक' और 'मिर्जापुर द मूवी' को कैसे पड़ा भारी झटका?बॉक्स ऑफिस पर इस समय सबसे ज्यादा नुकसान उन बड़ी फिल्मों को झेलना पड़ा है, जिन्हें इस महीने सिनेमाघरों पर एकछत्र राज करने की उम्मीद थी:यश की 'टॉक्सिक' हुई धड़ाम: भारी प्रमोशन और 24,000 से अधिक शोज के साथ ओपनिंग लेने वाली यश की फिल्म 'टॉक्सिक' कमजोर स्क्रिप्ट और नेगेटिव रिव्यूज के चलते 13वें-14वें दिन ही महज 39 से 60 लाख रुपये प्रतिदिन पर आ गिरी। थिएटर मालिकों ने टॉक्सिक के शोज काटकर 'हनुमान अंश' को स्क्रीन सौंप दिए।'मिर्जापुर: द मूवी' की रफ्तार थमी: कालीन भैया और गुड्डू पंडित के भौकाल वाली फिल्म 'मिर्जापुर' ने अपने पहले हफ्ते में ₹10.55 करोड़ के आसपास का कारोबार किया, लेकिन 'हनुमान अंश' की मजबूत पकड़ ने इसके स्क्रीन शेयर और मल्टीप्लेक्स ऑक्यूपेंसी को बुरी तरह प्रभावित किया है।नीम करोली बाबा की भक्ति और सादगी ने जीता दर्शकों का दिलफिल्म में अभिनेता शोभिनव सत्या (शोभित श्रीवास्तव) ने नीम करोली बाबा (महाराज जी) का मुख्य किरदार निभाया है, जबकि चंदन आनंद और विहान शhedge ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। फिल्म की कहानी 12-13 वर्ष के बालक लक्ष्मीनारायण द्वारा मां के निधन के बाद ईश्वर की खोज में घर छोड़ने और आगे चलकर दीन-दुखियों की सेवा करते हुए महान संत बनने के सफर को दर्शाती है।सिनेमाघरों से सामने आ रहे वीडियोज में देखा जा सकता है कि दर्शक फिल्म खत्म होने के बाद खड़े होकर जयकारे लगा रहे हैं और कई लोग भावुक होकर स्क्रीन के सामने हाथ जोड़ते नजर आ रहे हैं। कैंची धाम के प्रति लोगों की अटूट आस्था और फिल्म की रूहानी सादगी ने इसे केवल एक सिनेमा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक आंदोलन बना दिया है।
टेलीविजन के सबसे बड़े और बहुचर्चित रियलिटी शो बिग बॉस का 20वां सीजन इस समय लगातार चर्चा में बना हुआ है। हर रोज शो से जुड़ी नई-नई खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है पंजाबी सिनेमा की खूबसूरत अभिनेत्री और मॉडल ईशा रिखी के बयानों ने। ईशा रिखी का नाम लंबे समय से बॉलीवुड और म्यूजिक इंडस्ट्री के जाने-माने रैपर बादशाह के साथ जोड़ा जाता रहा है। दोनों के रिश्ते और फिर अचानक अलग होने की खबरों ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। अब जब ईशा बिग बॉस 20 के मंच पर कदम रखने जा रही हैं, तब उन्होंने अपनी निजी जिंदगी, दिल टूटने के दर्द और भविष्य में दोबारा प्यार करने की संभावनाओं पर खुलकर अपनी बात रखी है।बादशाह संग रिश्ते और अलगाव पर ईशा रिखी ने तोड़ी चुप्पीईशा रिखी और बादशाह का रिश्ता हमेशा से मीडिया और फैंस के बीच कौतूहल का विषय रहा है। हालांकि दोनों में से किसी ने भी कभी खुले तौर पर अपने रिश्ते को लेकर बहुत ज्यादा बातें नहीं की थीं, लेकिन इंडस्ट्री के गलियारों में दोनों के अफेयर और शादी तक की चर्चाएं जोरों पर थीं। कुछ समय पहले जब दोनों के अलग होने की खबरें आईं, तो उनके चाहने वालों को गहरा झटका लगा था। अब ईशा ने एक इंटरव्यू में अपनी बात रखते हुए संकेत दिया है कि किसी भी रिश्ते का अंत आसान नहीं होता। जब आप किसी इंसान के साथ समय बिताते हैं और अपने जज्बात साझा करते हैं, तो अलग होने पर भावनात्मक रूप से उबरने में वक्त लगता है। ईशा ने बताया कि उन्होंने उस दौर को बेहद शांति और गरिमा के साथ झेला है और कभी भी अपने पुराने रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से नकारात्मकता नहीं फैलाई।क्या दोबारा किसी के प्यार में पड़ने के लिए तैयार हैं ईशा?जब ईशा रिखी से यह सीधा सवाल पूछा गया कि क्या वह बादशाह से अलग होने के बाद अब अपनी जिंदगी में दोबारा किसी नए इंसान का स्वागत करने और प्यार में पड़ने के लिए तैयार हैं, तो उन्होंने बेहद परिपक्व जवाब दिया। ईशा का कहना है कि प्यार कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे योजना बनाकर किया जाए। प्यार कभी भी, कहीं भी और किसी से भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनका दिल टूटा जरूर था, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उनका प्यार पर से भरोसा उठ गया है। वह मानती हैं कि हर रिश्ता एक नया अनुभव लेकर आता है और वह खुद को किसी भी सकारात्मक संभावना से दूर नहीं रखना चाहतीं। ईशा के मुताबिक, अगर उनकी जिंदगी में कोई ऐसा इंसान आता है जो सच्चा, समझदार और उनके काम व भावनाओं का सम्मान करने वाला हो, तो वह निश्चित तौर पर दोबारा प्यार करने से पीछे नहीं हटेंगी।बिग बॉस के घर में क्या शुरू होगी कोई नई लव स्टोरी?बिग बॉस का घर एक ऐसी जगह मानी जाती है जहां रिश्ते बनते और बिगड़ते देर नहीं लगती। कई सीजन में हमने देखा है कि शो के कंटेस्टेंट्स के बीच प्यार की नई शुरुआत हुई है। ऐसे में फैंस के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या ईशा रिखी बिग बॉस के घर के भीतर किसी कंटेस्टेंट के साथ नए रिश्ते की शुरुआत कर सकती हैं? इस पर ईशा ने मुस्कुराते हुए कहा कि वह घर के अंदर किसी खास एजेंडे या लव एंगल की तलाश में नहीं जा रही हैं। उनका पूरा फोकस अपने गेम, अपने व्यक्तित्व को दर्शकों के सामने सही तरीके से रखने और शो को पूरी शिद्दत से खेलने पर है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि बिग बॉस का घर एक ऐसी दुनिया है जहां आप हफ्तों तक बाहरी दुनिया से कटकर अजनबियों के साथ रहते हैं, इसलिए वहां कब क्या मोड़ आ जाए, यह पहले से कोई तय नहीं कर सकता।काम और करियर पर फोकस है ईशा रिखी की पहली प्राथमिकताईशा रिखी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समय उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उनका काम और करियर है। पंजाबी सिनेमा में 'जट्ट एंड जूलियट 2', 'हैप्पी गो लकी' और 'अरदास' जैसी चर्चित फिल्मों से अपनी पहचान बनाने वाली ईशा अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि कई बार लोग किसी महिला की पहचान को सिर्फ उसके रिश्तों या उसके पार्टनर के नाम से जोड़ने लगते हैं, जो सही नहीं है। वह चाहती हैं कि लोग उन्हें ईशा रिखी के रूप में जानें, उनके अभिनय और उनकी मेहनत की तारीफ करें। बिग बॉस 20 उनके लिए एक ऐसा मंच है जहां वह अपनी असली पहचान, अपने विचार और अपनी मजबूती को दुनिया के सामने रख सकती हैं।ईशा के फैंस को है बिग बॉस 20 के भव्य प्रीमियर का बेसब्री से इंतजारईशा रिखी के इस बेबाक और सुलझे हुए अंदाज को देखकर उनके प्रशंसक काफी खुश हैं। सोशल मीडिया पर उनके समर्थक लगातार पोस्ट साझा कर रहे हैं और कह रहे हैं कि ईशा का यह पॉजिटिव रवैया उन्हें शो में बहुत आगे तक ले जाएगा। दर्शकों को उम्मीद है कि ईशा घर के भीतर एक मजबूत और शांत प्रतियोगी के रूप में उभरेंगी जो बिना किसी फालतू ड्रामे के अपनी बात मजबूती से रखेगी। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि सलमान खान के इस बहुचर्चित शो में कदम रखने के बाद ईशा रिखी का सफर कैसा रहता है और क्या सचमुच उनकी जिंदगी में प्यार का नया अध्याय शुरू होता है या वह केवल अपनी मजबूत खेल भावना से दर्शकों का दिल जीतती हैं।
भारतीय टेलीविजन का सबसे चर्चित और विवादित रियलिटी शो 'बिग बॉस' अपने 20वें सीजन (Bigg Boss 20) के साथ ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंच चुका है। दो दशकों के इस सफर को यादगार बनाने के लिए मेकर्स हर हफ्ते दर्शकों को नए ट्विस्ट और सरप्राइज दे रहे हैं। इसी सिलसिले में शो के मेकर्स और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार ने एक नया और बेहद भावुक कर देने वाला प्रोमो जारी किया है, जिसने न केवल घर के अंदर मौजूद कंटेस्टेंट्स बल्कि देशभर के करोड़ों बिग बॉस फैंस को रुला दिया है।बिग बॉस के 20 साल के सफर को सेलिब्रेट करने के लिए घर के भीतर 19 सीजनों के सबसे प्रतिष्ठित और यादगार लम्हों की एक विशेष 24 मिनट की शोरील (Showreel) दिखाई गई। इस दौरान जैसे ही स्क्रीन पर 'बिग बॉस 13' के विजेता और दिवंगत अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला (Sidharth Shukla) की मुस्कान और उनकी दमदार आवाज गूंजी, असेंबली रूम में सन्नाटा छा गया। सिद्धार्थ को स्क्रीन पर देखते ही मौजूदा सीजन के कंटेस्टेंट्स अपने जज्बातों पर काबू नहीं रख पाए और फूट-फूटकर रोने लगे।24 मिनट की खास शोरील: स्क्रीन पर जीवंत हुए 19 सीजनों के ऐतिहासिक पलबिग बॉस के घर का लिविंग एरिया और असेंबली रूम उस वक्त आंसुओं और पुरानी यादों का गवाह बन गया, जब शो की पूरी विरासत को बड़े पर्दे पर पेश किया गया:एक साथ बैठे नजर आए सभी घरवाले: बिग बॉस ने सभी प्रतियोगियों को असेंबली रूम में एकत्रित किया और घोषणा की कि वे इस घर की 20 साल पुरानी रूह और लीगेसी से रूबरू होने जा रहे हैं।ऐतिहासिक तकरार और रिश्ते: इस 24 मिनट के वीडियो में बीते 19 सालों की सबसे यादगार यादों को संजोया गया था। इसमें मनोज तिवारी और डॉली बिंद्रा की मशहूर 'अंडे वाली लड़ाई', गौहर खान और कुशाल टंडन का प्यार, अली गोनी और जैस्मिन भसीन का भावुक ब्रेकडाउन और होस्ट सलमान खान का रौद्र रूप दिखाया गया।सिद्धार्थ शुक्ला और आसिम रियाज का टकराव: स्क्रीन पर जब बिग बॉस 13 के दौरान सिद्धार्थ शुक्ला और आसिम रियाज की मशहूर जंग और फिर उनके बीच की भाईचारे वाली बॉन्डिंग दिखाई गई, तो घर में मौजूद कई कंटेस्टेंट्स के चेहरे पर हैरानी और सम्मान के भाव साफ देखे जा सकते थे।'सिडनाज' के पलों ने नम की सबकी आंखें: फफक पड़े मौजूदा कंटेस्टेंट्सइस पूरी शोरील का सबसे मार्मिक और दर्दभरा हिस्सा वह था जब सिद्धार्थ शुक्ला और शहनाज गिल यानी 'सिडनाज' (SidNaaz) की मासूम मोहब्बत और खट्टी-मीठी नोकझोंक के दृश्य पर्दे पर आए:घरवालों का इमोशनल ब्रेकडाउन: सिद्धार्थ को जिंदादिल अंदाज में हंसते और शहनाज के साथ मस्ती करते देख कंटेस्टेंट्स अपने आंसू नहीं रोक सके। कई फीमेल और मेल कंटेस्टेंट्स एक-दूसरे को गले लगाकर रोते नजर आए।'किंग ऑफ बिग बॉस' की याद: कंटेस्टेंट्स ने हाथ जोड़कर और ताली बजाकर सिद्धार्थ शुक्ला के प्रति अपना सम्मान जाहिर किया। घर के सदस्यों ने माना कि बिग बॉस के इतिहास में सिद्धार्थ शुक्ला जैसा व्यक्तित्व न कभी आया था और न कभी आ सकता है। वह असल मायनों में बिग बॉस के बेताज बादशाह थे।सोशल मीडिया पर छाया 'सिद्धार्थ शुक्ला': फैंस बोले- आज भी दिल में जिंदा है हमारा शेरप्रोमो रिलीज होते ही एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर सिद्धार्थ शुक्ला और सिडनाज टॉप ट्रेंड करने लगे। लाखों फैंस ने इस वीडियो क्लिप को री-शेयर करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं:फैंस के भावुक कमेंट्स: एक यूजर ने लिखा कि सिद्धार्थ शुक्ला केवल बिग बॉस 13 के विनर नहीं थे, बल्कि वह बिग बॉस की पहचान बन चुके हैं। स्क्रीन पर उनकी एक झलक ही आज भी आंखों में आंसू लाने के लिए काफी है।मेकर्स का आभार: नेटिजन्स ने बिग बॉस 20 के मेकर्स की तारीफ की कि उन्होंने 20 साल के सफर में सिद्धार्थ शुक्ला के योगदान को इतनी खूबसूरती और गरिमा के साथ सम्मानित किया।अधूरी दास्तान का दर्द: फैंस ने लिखा कि भले ही सिद्धार्थ आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन बिग बॉस के इतिहास में जब भी सबसे मजबूत और सच्चे खिलाड़ी का नाम लिया जाएगा, तो सिद्धार्थ शुक्ला का नाम हमेशा पहले पायदान पर रहेगा।बिग बॉस 20 का यह स्पेशल नॉस्टैल्जिया एपिसोड केवल मौजूदा घरवालों के लिए ही नहीं, बल्कि शो के इतिहास को चाहने वाले हर दर्शक के लिए एक भावुक सफर साबित हुआ है, जिसने यह साबित कर दिया कि कुछ शख्सियतें जाने के बाद भी अमर हो जाती हैं।
The Revolutionaries: निखिल आडवाणी की आने वाली सीरीज 'द रिवोल्यूशनरीज' संजीव सान्याल की किताब 'रिवोल्यूशनरीज: द अदर स्टोरी ऑफ हाउ इंडिया वॉन इट्स फ्रीडम' पर आधारित है।
वरुण तेज और लावण्या त्रिपाठी ने बेटे वायु के पहले जन्मदिन पर पहली बार उसका चेहरा फैंस को दिखाया। तस्वीरों पर परिवार और सेलेब्स ने प्यार बरसाया। दोनों की मुलाकात फिल्म के सेट पर हुई थी।
‘हैवान’ के बाद आएंगी 4 क्राइम थ्रिलर फिल्में, सितंबर में होंगी रिलीज, चेक कर लें लिस्ट
प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी ‘हैवान’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इसके बाद थिएटर्स में चार और क्राइम थ्रिलर फिल्में आने वाली हैं।
शर्मनाक! मैरी कॉम पर भड़के लोग, मनोज तिवारी की बेटी के लिए कह दी ऐसी बात, वीडियो वायरल
मैरी ने रीति को कुछ ऐसा कह दिया, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
9/11 आतंकी हमले पर बनी हैं ये फिल्में, शाहरुख खान की मूवी भी लिस्ट में
11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए दर्दनाक आतंकवादी हमले ने न केवल वैश्विक राजनीति को बदला, बल्कि सिनेमा के पर्दे पर भी गहरा प्रभाव छोड़ा है.
बिग बॉस का फिल्मी तड़का, कंटेस्टेंट्स के निकले आंसू, काजी ने लिए मजे
बिग बॉस 20 के चौथे एपिसोड में एक कड़े टास्क के बाद यंग DSA ने शो की पहली कप्तानी हासिल की, जबकि काजी तौकीर ने एक नकली मेडिकल इमरजेंसी का नाटक किया, जिससे बाकी कंटेस्टेंट कन्फ्यूज हो गए.
फिल्म ‘हैवान’ आज रिलीज हो रही है। फिल्म में अक्षय कुमार और सैफ अली खान 18 साल बाद साथ काम करते नजर आएंगे। दोनों की दोस्ती की कहानी करीब तीन दशक पुरानी है। अमर उजाला से बातचीत में सैफ ने बताया कि अक्षय से पहली बार उनकी मुलाकात कब हुई थी?
8 एपिसोड की इस सीरीज को देख घबरा जाएंगे आप, क्लाइमेक्स ऐसा कि थम जाएंगी सांसे; 7.4 है इसकी रेटिंग
आज हम आपको एक ऐसे क्रिमिनल सीरीज के बारे में बताएंगे जो साइकोलॉजिकल थ्रिलर है। इस सीरीज में आपको जबरदस्त ट्विस्ट और टर्न्स देखने को मिलेंगे।
हाल ही में अमीषा पटेल और हार्दिक पांड्या का एक वीडियो क्लिप वायरल हुआ था, जिसके बाद से ही उनके डेटिंग रूमर्स की चर्चा होने लगी थी।
पंजाबी सिंगर जस मानक और उनकी मंगेतर फैशन डिजाइनर कोमल तंवर की इंगेजमेंट का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में जस मानक अपनी मंगेतर पर नोट उड़ाते हुए दिख रहे हैं। जस मानक के इस स्टाइल की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। जस मानक और कोमल तंवर करीब 7 साल से दोस्त हैं। उनकी दोस्ती के बारे में किसी को पता नहीं था, लेकिन जून में पहली बार दोनों की फोटोज सामने आईं और जुलाई में इंगेजमेंट हुई। इंगेजमेंट के प्रोग्राम को भी प्राइवेट रखा गया। अब इंगेजमेंट की फोटो जस मानक ने इंस्टाग्राम पर शेयर की थी, लेकिन उस फंक्शन के वीडियो अब सामने आ रहे हैं। अब उनके फेंस ने 10 सितंबर को वीडियो पोस्ट की हैं। जानिए VIDEO में क्या दिख रहा… कोमल डांस कर रही, नोट उड़ाते दिखे जस मानक इंगेजमेंट पार्टी के वीडियो में कोमल तंवर नारंगी-भूरे रंग का लहंगा पहनकर डांस करती नजर आ रही हैं। उनके पीछे जस मानक हाथ में ड्रिंक लिए खड़े दिखाई देते हैं। इसके बाद वे नोटों की गड्डी खोलकर कोमल तंवर पर नोट उड़ाते हैं। अपने ही ‘लहंगा’ सॉन्ग पर डांस पार्टी में जस मानक का ही ‘लहंगा’ सॉन्ग बज रहा था। इसी गाने पर जस मानक नोट उड़ाने के बाद कोमल के साथ डांस करते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में पार्टी में गिने-चुने मेहमान ही नजर आ रहे हैं। जस मानक ने कब और कैसे रिलेशन ओपन किया, जानिए...
इस वीकेंड OTT पर क्या देखें? क्राइम थ्रिलर से लेकर रोमांस तक, यहां हैं 10 बेस्ट ऑप्शन
Weekend Watch List: हम आपको 10 फिल्मों और सीरीज की लिस्ट बता रहे हैं जो इस वीकेंड आप घर बैठे एंजॉय कर सकते हैं। इस लिस्ट में क्राइम थ्रिलर से लेकर रोमांटिक कंटेंट शामिल है।
एक मिट्टी के घर से निकला लड़का, परिवार पर जिम्मेदारियों का बोझ, खेत गिरवी और पेट भरने के लिए 12 लोगों के बीच एक खिचड़ी। फिर मुंबई का सफर, जहां वड़ा पाव और चाय के सहारे दिन गुजरे और 15 साल तक काम के बदले सम्मानजनक पैसे नहीं मिले। यही रवि किशन की उस जिंदगी की तस्वीर है, जिसे वे आज भी भूल नहीं पाए हैं। कभी काम पाने के लिए संघर्ष करने वाले रवि किशन ने भोजपुरी सिनेमा में स्टारडम हासिल किया, हिंदी फिल्मों और OTT में पहचान बनाई और अब राजनीति में भी सक्रिय हैं। 750 से ज्यादा फिल्मों का सफर तय कर चुके रवि किशन आज गोरखपुर से दूसरी बार लोकसभा सांसद हैं। आज की सक्सेस स्टोरी में रवि किशन के जीवन और करियर से जुड़ी कुछ और खास बातें। मिट्टी के घर से शुरू हुई कहानी रवि किशन का जन्म 17 जुलाई 1969 को मुंबई (तब बॉम्बे) में हुआ, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों के कारण उनका बचपन उत्तर प्रदेश के जौनपुर में बीता। परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था। खेत गिरवी था और घर की जिम्मेदारियां बढ़ती जा रही थीं। बाद में अभिनय को अपना सपना बनाकर उन्होंने मुंबई का रुख किया। रवि किशन ने अपने संघर्ष को याद करते हुए बताया है कि उनका परिवार बेहद गरीबी में रहा। एक समय ऐसा था जब 12 लोगों के लिए एक ही खिचड़ी बनती थी और उसमें पेट भरने के लिए पानी मिला दिया जाता था। शुभांकर मिश्रा से बातचीत में रवि किशन ने कहा था- घनघोर गरीबी देखी। हम लोग घनघोर गरीबी वाले। एक ही खिचड़ी बन रही है, उसमें 12 लोग खा रहे हैं, पानी भर के।” उनके मुताबिक गरीबी सिर्फ आर्थिक स्थिति नहीं थी, बल्कि वह अनुभव उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बन गया। 17 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे रवि किशन को बचपन से एक्टिंग का शौक था। गांव में रामलीला में वो मां सीता का रोल निभाते थे और इसके लिए मां की साड़ी पहनते थे। जब उनके पुजारी पिता ने उन्हें सीता के रोल में देखा तो बेल्ट से बहुत मारा, जिससे उनकी चमड़ी छिल गई। इसके बाद मां ने डरकर 500 रुपए दिए और कहा कि बेटा भाग जा, नहीं तो आज मारा जाएगा। अपनी जान बचाने के लिए वो घर से भागे और ट्रेन पकड़कर मुंबई पहुंच गए। उस समय रवि 17 साल के थे। ‘लोग चलकर आते हैं, मैं रेंग कर आया हूं’ मुंबई में फिल्म इंडस्ट्री की चमक के पीछे का संघर्ष उन्होंने करीब से देखा। यहां न कोई बड़ा फिल्मी बैकग्राउंड था, न मजबूत आर्थिक सहारा और न ही इंडस्ट्री में पहचान। रवि किशन कहते हैं- लोग चलकर आते हैं, मैं रेंगकर आया हूं। जब मैं मुंबई आया था, तब ये बंबई हुआ करता था। पापा मेरे ऐक्टिंग करियर के खिलाफ थे। वे कहते थे- 'नचनिया बनबे का रे'। वे चाहते थे कि मैं खेती करूं, सरकारी नौकरी करूं या दूध बेचूं। लेकिन मुझे इन चीजों में दिल नहीं लगता था। मुझे बस डांस में मजा आता था। ये मेरा गॉड गिफ्ट था। मैं इसी राह पर चलता गया। इसमें बहुत वक्त लगा। हिंदी सिनेमा में काम मिला, लेकिन पहचान नहीं रवि किशन ने 1990 के दशक में हिंदी फिल्मों से अभिनय करियर की शुरुआत की। ‘पीतांबर’ आग का तूफान', 'रानी और महारानी', 'जख्मी दिल', 'उधार की जिंदगी,' आतंक, कोई किसी से कम नहीं, अग्नि मोर्चा जैसी फिल्में कीं। लेकिन इन फिल्मों से न तो खास पहचान मिली, न सम्मानजनक मेहनताना। रवि किशन के मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री में करीब 15 साल तक उन्हें काम के बदले वह पैसा नहीं मिला, जिसे वे सम्मानजनक मेहनताना मानते थे। फिल्म 'तेरे नाम' से रवि किशन को मिली पहचान हिंदी फिल्मों में रवि किशन ने दर्शकों का ध्यान तब खींचा, जब वो फिल्म ‘तेरे नाम’ में पंडित रमेश्वर के रोल में नजर आए थे। रवि किशन ने बताया था कि यह फिल्म उन्हें कैसे मिली। एक बार वे नितिन मनमोहन के ऑफिस में डायरेक्टर सतीश कौशिक से मिले। सतीश कौशिक ने कहा था कि उन्हें ऐसा लड़का चाहिए जो पंडित का किरदार निभाए और भूमिका चावला का मंगेतर बने। रवि किशन ने बिना देर किए हामी भर दी। उन्होंने बताया था कि सतीश कौशिक ने बाल कटवाने को कहा तो भी वे तुरंत तैयार हो गए। ‘तेरे नाम’ के लिए रवि किशन को नेशनल अवॉर्ड का नॉमिनेशन मिला था। बार-बार अपमानित होना पड़ता था लेकिन लगातार काम मिलने के बावजूद रवि किशन को वह पहचान नहीं मिल रही थी, जिसकी उन्हें तलाश थी। यही वह दौर था जब एक अभिनेता के तौर पर खुद को साबित करने के साथ-साथ उन्हें समझना पड़ा कि इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए सिर्फ प्रतिभा काफी नहीं होती। भाषा, बैकग्राउंड, पहचान और मौके भी मायने रखते हैं। रवि किशन ने अपने अनुभवों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हजारों बार अपमान झेला है। रवि किशन कहते हैं- “लोग एक-दो बार ह्यूमिलिएट होते हैं, मैं हजारों बार हुआ हूं। ये सब अद्भुत है जीवन का रंग। भोजपुरी सिनेमा ने बदल दी जिंदगी हिंदी फिल्मों में लंबे संघर्ष के बाद रवि किशन को भोजपुरी सिनेमा में बड़ा मौका मिला। 2003 में उन्होंने मोहनजी प्रसाद की फिल्म 'सैयां हमार’ से भोजपुरी सिनेमा में कदम रखा। हालांकि, शुरुआत में वे इस इंडस्ट्री को लेकर आश्वस्त नहीं थे, लेकिन परिवार के प्रोत्साहन ने उन्हें भोजपुरी फिल्मों की ओर जाने के लिए तैयार किया। यही फैसला उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना। भोजपुरी सिनेमा में उन्हें ऐसा दर्शक मिला, जिसने उन्हें स्टार बना दिया। वे लगातार फिल्मों में नजर आने लगे और उनकी लोकप्रियता उत्तर भारत के बड़े हिस्से तक पहुंच गई। खुद रवि किशन के मुताबिक, एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगातार फिल्मों के ऑफर मिलने लगे और वे एक दिन में कई फिल्मों की शूटिंग तक करते थे। जिस अभिनेता को हिंदी सिनेमा में लंबे समय तक पहचान के लिए इंतजार करना पड़ा था, वही भोजपुरी सिनेमा में बड़ा नाम बन गया। यहीं से उनके करियर का दूसरा अध्याय शुरू हुआ। भोजपुरी स्टार से मल्टी-लैंग्वेज अभिनेता भोजपुरी में स्टार बनने के बाद रवि किशन ने खुद को सिर्फ एक भाषा की फिल्मों तक सीमित नहीं रखा। हिंदी के साथ उन्होंने तेलुगु, तमिल और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया। ‘फिर हेरा फेरी’, ‘वेलकम टू सज्जनपुर’, ‘रावण’, ‘तनु वेड्स मनु’, ‘बुलेट राजा’, ‘मुक्केबाज’, ‘बटला हाउस’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदार नजर आए। हिंदी फिल्मों के अलावा रवि ने ‘रेस गुर्रम’, ‘ओक्का अम्मई तप्पा’, ‘साक्ष्यम’, ‘हेब्बुली’, ‘स्केच’ जैसी कई साउथ की फिल्मों में काम किया। रवि के करियर की खासियत यही रही कि उन्होंने सिर्फ हीरो बनने पर जोर नहीं दिया। उन्होंने सपोर्टिंग रोल, विलेन और कैरेक्टर रोल भी स्वीकार किए। यही वजह है कि समय के साथ उनकी पहचान सिर्फ भोजपुरी स्टार की नहीं रही, बल्कि ऐसे अभिनेता की बनी जो किसी भी किरदार में अपनी छाप छोड़ सकता है। टीवी और OTT ने दिखाई अभिनय की नई रेंज फिल्मों के साथ रवि किशन ने टीवी और ओटीटी पर भी काम किया। रंगबाज़, हसमुख, मत्स्य कांड, द व्हिसलब्लोअर, खाकी: द बिहार चैप्टर और मामला लीगल है जैसे प्रोजेक्ट्स ने उनके अभिनय के अलग-अलग रंग दिखाए। खासकर मामला लीगल है में वीडी त्यागी के किरदार ने उन्हें डिजिटल दर्शकों के बीच मजबूत पहचान दी। इसके बाद लापता लेडीज में पुलिस अधिकारी श्याम मनोहर के किरदार ने उनके अभिनय की नई रेंज सामने रखी। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से सराहना मिली और रवि किशन के प्रदर्शन की खूब चर्चा हुई। जिस अभिनेता का करियर कभी सिर्फ भोजपुरी स्टार के तौर पर देखा जाता था, उसने धीरे-धीरे खुद को हिंदी सिनेमा और ओटीटी के मजबूत कैरेक्टर आर्टिस्ट के तौर पर स्थापित किया। 750 से ज्यादा फिल्मों का सफर रवि किशन के करियर का सबसे बड़ा आंकड़ा उनकी फिल्मों की संख्या है। वे कई भाषाओं में 750 से ज्यादा फिल्मों में काम करने का दावा करते हैं और उनकी फिल्मोग्राफी में हिंदी, भोजपुरी के अलावा तेलुगु, तमिल और कन्नड़ सिनेमा भी शामिल है। लेकिन उनके लिए सफलता सिर्फ फिल्मों की संख्या नहीं है। उनकी कहानी का सबसे अहम हिस्सा यह है कि उन्होंने असफलता, रिजेक्शन और आर्थिक संघर्ष के बावजूद काम करना नहीं छोड़ा। जिस दौर में काम के बावजूद उनके पास पर्याप्त पैसा नहीं था और जिस दौर में एक फिल्म के किरदार के लिए उनकी तारीफ हुई, इन दोनों के बीच उन्होंने खुद को लगातार बदला। गरीबी आज भी रवि किशन के साथ है रवि किशन की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा यह है कि करोड़ों की संपत्ति, स्टारडम और सांसद बनने के बाद भी उनके अंदर का संघर्षरत लड़का पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। वे बताते हैं कि आज भी सेवन स्टार होटल में जाने पर महंगा खाना ऑर्डर करने में उन्हें संकोच होता है। वे खिचड़ी खाना पसंद करते हैं। यहां तक कि कपड़े लॉन्ड्री में देने में भी उन्हें हिचक होती है। रवि किशन कहते हैं- “अभी भी सेवन स्टार होटल में जाता हूं, तो मैं अच्छा भोजन ऑर्डर नहीं करता, अभी भी खिचड़ी ऑर्डर करता हूं।” वे बताते हैं कि खुद पर खर्च करने की तुलना में परिवार पर खर्च करने में उन्हें ज्यादा खुशी मिलती है। पत्नी और बच्चे उनके लिए फोन, कपड़े और जूते जैसी चीजें खरीदते हैं, जबकि वे परिवार की जरूरतों और इच्छाओं पर खुलकर खर्च करते हैं। उनके शब्दों में, गरीबी से वे बाहर निकल गए, लेकिन गरीबी की मानसिकता आज भी उनके भीतर कहीं मौजूद है। अपमान को कमजोरी नहीं, ताकत बनाया रवि किशन की सफलता में एक और चीज अहम रही- उन्होंने अपने संघर्ष को लेकर कड़वाहट नहीं रखी। वे मानते हैं कि जिंदगी में मिले अपमान और रिजेक्शन ने उन्हें मजबूत बनाया। उनके मुताबिक, छोटी उम्र में संघर्ष इंसान को जल्दी परिपक्व करता है। वे कहते हैं- “कच्ची उम्र में बेइज्जती भी सही होती है। बड़ा मजबूत बना देती है, परिपक्व कर देती है। जो संघर्ष नहीं देखता, वो बाद में कहीं न कहीं पैनिक कर जाता है।” यही सोच उनके करियर में दिखाई देती है। उन्होंने अपने खिलाफ जाने वाली परिस्थितियों को अपनी पहचान बनने नहीं दिया। हिंदी में सीमित मौके मिले तो भोजपुरी में गए, वहां स्टार बने तो वापस हिंदी और दूसरी भाषाओं की फिल्मों में अपनी जगह बनाई। OTT आया तो वहां भी नए किरदार स्वीकार किए। राजनीति में एंट्री, पहली हार और फिर वापसी फिल्मों में सफलता के बाद रवि किशन ने राजनीति में कदम रखा। 2014 में कांग्रेस के टिकट पर जौनपुर से लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें सिर्फ करीब 4.25% वोट मिले और हार का सामना करना पड़ा। फरवरी 2017 में बीजेपी में शामिल होने के बाद 2019 में गोरखपुर से चुनाव लड़ा और बड़ी जीत के साथ पहली बार लोकसभा पहुंचे। 2024 में उन्होंने सपा की काजल निषाद को हराकर लगातार दूसरी बार गोरखपुर सीट जीती। आज भी किरदारों की तलाश जारी रवि किशन की कहानी गरीबी, रिजेक्शन और संघर्ष से निकलकर भोजपुरी सिनेमा, बॉलीवुड, OTT और संसद तक पहुंचने की है। आज वे ‘लापता लेडीज’ के श्याम मनोहर, ‘मामला लीगल है’ के वीडी त्यागी और ‘मिर्जापुर- द मूवी’ के बाब्बन बाबुआ जैसे अलग-अलग किरदारों से दर्शकों के बीच मौजूद हैं। जिस अभिनेता ने कभी वड़ा पाव और चाय पर दिन गुजारे, उसने अपने संघर्ष और अपमान को कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया। _____________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़ें.. पैसे बचाने के लिए पैदल चलती थीं हुमा कुरैशी:पीजी में रहीं; 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में ₹65,000 मिले, हिट के बाद भी स्ट्रगल करना पड़ा दिल्ली की हुमा कुरैशी ने एक्टिंग को करियर बनाने के लिए परिवार को मनाने में महीनों लगाए। मुंबई पहुंचीं तो न गॉडफादर था, न फिल्मी लॉन्च। छोटे से पीजी में चार लड़कियों के साथ रहकर ऑडिशन देने वाली हुमा ने विज्ञापनों से शुरुआत की। शाहरुख खान और आमिर खान जैसे सितारों के साथ विज्ञापन किए। पूरी खबर पढ़ें..

