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शिवांगी जोशी और शिल्पा शिंदे की लड़ाई में पकड़ा गया मेकर्स का बड़ा झूठ

छोटे पर्दे के मशहूर और विवादित रियलिटी शो अपनी असलियत को लेकर अक्सर दर्शकों के निशाने पर रहते हैं। 'बिग बॉस' से लेकर कई अन्य शोज पर स्क्रिप्टेड होने के आरोप तो आम बात हैं, लेकिन अब एकता कपूर के चर्चित रियलिटी शो 'लॉकअप सीजन 2' (Lock Upp 2) को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है। शो के अंदर टीवी की लोकप्रिय अभिनेत्री शिवांगी जोशी और दिग्गज एक्ट्रेस शिल्पा शिंदे के बीच हुई भयंकर तीखी लड़ाई का एक ऐसा वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है, जिसे देखने के बाद नेटिजन्स ने मेकर्स के दावों की हवा निकाल दी है और शो को पूरी तरह से 'स्क्रिप्टेड' करार दे दिया है।अचानक कैसे बदल गया शिवांगी जोशी का हेयरस्टाइलसामने आए इस वायरल वीडियो क्लिप में 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' फेम एक्ट्रेस शिवांगी जोशी और वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट शिल्पा शिंदे के बीच जबरदस्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है। शो के दौरान जब शिल्पा ने शिवांगी की पर्सनल लाइफ को लेकर तीखे ताने कसे, तो एक बेहतरीन लीडर की तरह शिवांगी ने भी उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया। हालांकि, बहस के इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सोशल मीडिया यूजर्स की नजर एक ऐसी अजीब बात पर पड़ी, जिसने शो की पोल खोल दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि जब शिवांगी और शिल्पा के बीच तीखी बहस शुरू हुई थी, तब शिवांगी के बालों का एक टाइट 'जूड़ा' (बन) बंधा हुआ था, लेकिन बहस के दौरान बिना किसी विजिबल ब्रेक या कट के अचानक उनके बाल एक परफेक्ट 'पोनीटेल' में बदलते हुए दिखाई दिए।यूजर्स ने मेकर्स को घेरा, दो धड़ों में बंटे फैंसइस बड़े 'कंटिन्युटी एरर' (Continuity Error) के सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स दो अलग-अलग धड़ों में बंट गए हैं। वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने तंज कसा और लिखा, हम तो पहले से ही कह रहे हैं कि यह रियलिटी शो पूरी तरह से स्क्रिप्टेड है और सीन्स को री-शूट किया जाता है। वहीं, मेकर्स का बचाव करते हुए कुछ फैंस ने तर्क दिया कि लंबी बहस और झगड़ों को एडिट करके छोटा किया जाता है, जिसकी वजह से टाइम गैप आ जाता है। हालांकि, आलोचकों ने पलटवार करते हुए कहा कि बहस के बीच अचानक हेयरस्टाइल का पूरी तरह बदल जाना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि शोज की स्क्रिप्ट पहले से तैयार होती है। इस बीच, 'क्रैक डाउन' टास्क हारने की वजह से हर्षद चोपड़ा, पामेला सेरेना, सूफी मोतीवाला, शिल्पा शिंदे और लैला जैसे कंटेस्टेंट्स डेंजर जोन में पहुंच चुके हैं, जिन पर आने वाले 'जजमेंट डे' में एलिमिनेशन की तलवार लटक रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:19 pm

32 साल पुराना पंकज उधास का यह सदाबहार रोमांटिक गाना, जिसे कभी मुकेश ने भी दी थी अपनी आवाज

हिंदी सिनेमा के दिग्गज गजल सम्राट और गायक पंकज उधास ने अपनी जादुई आवाज से संगीत प्रेमियों को कई ऐसे नायाब तोहफे दिए हैं, जो आज भी लोगों की जुबान पर आसानी से मिल जाते हैं। उनकी गायकी का जादू ऐसा है कि दशकों बीत जाने के बाद भी उनके गाने नए जैसे महसूस होते हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही ऐतिहासिक और बेहद रोमांटिक गाने के बारे में बताने जा रहे हैं, जो रिलीज के तीन दशक बाद भी संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज कर रहा है। इस गाने से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प इतिहास है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं कि 1960 के दशक में इसे सबसे पहले लेजेंडरी सिंगर मुकेश के लिए रिकॉर्ड किया गया था।जब 60 के दशक में मुकेश ने रिकॉर्ड की थी यह धुनइस सदाबहार रोमांटिक गाने के इतिहास की बात करें तो 1960 के दशक में प्रसिद्ध संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी ने इस खूबसूरत धुन को कंपोज किया था और इसे अपने दौर के बेहतरीन गायक मुकेश की आवाज में रिकॉर्ड भी किया था। हालांकि, किसी कारणवश वह फिल्म अधूरी रह गई और वह गाना कभी आधिकारिक रूप से रिलीज नहीं हो सका। इसके कई सालों बाद संगीतकार विजू शाह ने इस पुरानी और बेहतरीन धुन को नए सिरे से संवारा और इसे डायरेक्टर राजीव राय की एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'मोहरा' (Mohra) के लिए चुना, जो साल 1994 में बड़े पर्दे पर रिलीज हुई थी।पंकज उधास और साधना सरगम की आवाज में अमर हुआ 'ना कजरे की धार'हम बात कर रहे हैं साल 1994 की ब्लॉकबस्टर फिल्म मोहरा के आइकॉनिक गाने 'ना कजरे की धार, ना मोतियों के हार' की। इस खूबसूरत गीत को पंकज उधास और साधना सरगम ने अपनी सुरीली आवाज से सजाकर अमर कर दिया। फिल्म में यह गाना अभिनेता सुनील शेट्टी और नई अभिनेत्री पूनम झावर पर फिल्माया गया था, जिसे दर्शकों ने बेशुमार प्यार दिया। अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, रवीना टंडन और नसीरुद्दीन शाह जैसे सितारों से सजी फिल्म 'मोहरा' बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक रूप से सफल साबित हुई थी। इस फिल्म के अन्य गाने जैसे 'टिप टिप बरसा पानी' और 'तू चीज बड़ी है मस्त मस्त' भी उस दौर में चार्टबस्टर रहे थे, लेकिन 'ना कजरे की धार' ने अपनी एक अलग और रूमानी पहचान बनाई जो आज भी लोगों के दिलों में ताजा है

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:15 pm

24 साल पहले अक्षय खन्ना के इस सुपरहिट गाने ने मचाया था गदर, पब-डिस्को से लेकर तमिल सिनेमा तक हुई थी धूम

बॉलीवुड अभिनेता अक्षय खन्ना अपनी बेहतरीन अदाकारी, बेबाक अंदाज और कमाल के स्वैग के लिए हमेशा जाने जाते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनके हालिया गानों और लुक्स ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं, लेकिन आज हम आपको उनके करियर के एक ऐसे एवरग्रीन और चार्टबस्टर गाने के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने रिलीज के साथ ही देश के हर पब और डिस्कोथेक में तहलका मचा दिया था। साल 2002 में आई सस्पेंस और रोमांस से भरपूर फिल्म 'हमराज' का गाना 'बर्दाश्त नहीं कर सकता' आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है।जब अक्षय खन्ना के स्वैग और केके की आवाज ने मचाया धमालसाल 2002 में आई डायरेक्टर जोड़ी अब्बास-मस्तान की सुपरहिट फिल्म 'हमराज' (Humraaz) में अक्षय खन्ना ने एक नेगेटिव शेड वाला किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया था। इस फिल्म का गाना 'बर्दाश्त नहीं कर सकता, अब दूर नहीं रह सकता' उनके उसी जुनूनी और रोमांटिक अंदाज को बखूबी बयां करता है। इस धमाकेदार गाने का म्यूजिक मशहूर कंपोजर हिमेश रेशमिया ने तैयार किया था, जबकि इसे अपनी जादुई आवाज दिवंगत सिंगर केके (KK) और सुनिधि चौहान ने दी थी। केके की हाई-पिच और इंटेंस वोकैल्स ने अक्षय खन्ना के ऑन-स्क्रीन एनर्जी लेवल को ऐसा मैच किया कि यह गाना उस दौर का सबसे बड़ा यूथ एंथम बन गया था। इसके कैची बीट्स और ग्रूवी म्यूजिक पर हर कोई थिरकने को मजबूर हो जाता था।तमिल सिनेमा में भी बना था इस सुपरहिट गाने का रीमेकइस गाने की लोकप्रियता सिर्फ बॉलीवुड तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसकी गूंज दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी सुनाई दी थी। साल 2005 में आई तमिल फिल्म 'गिरिवलम' (Girivalam) में इस हिंदी गाने का तमिल रीमेक 'नी यारो नी यारो' के रूप में तैयार किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि यह पूरी तमिल फिल्म में एकमात्र ऐसा गाना था जिसे हिंदी वर्जन से रीक्रिएट किया गया था, जो इसकी जबरदस्त लोकप्रियता का प्रमाण है। सुधाकर शर्मा द्वारा लिखे गए इस गाने और फिल्म 'हमराज' में अक्षय खन्ना के साथ अमीषा पटेल और बॉबी देओल की तिकड़ी ने प्यार, पैसे के लालच, धोखे और बदले की कहानी को परदे पर अमर कर दिया था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 6:13 pm

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बॉलीवुड का रिएक्शन:प्रकाश राज बोले- आपने सरकार को घुटनों पर ला दिया'; प्रियंका चोपड़ा ने नई पीढ़ी को सराहा

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने वाले बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता प्रकाश राज, कॉमेडियन-एक्टर वीर दास, अभिनेता अभिषेक बनर्जी और कॉमेडियन समय रैना समेत कई सेलेब्स ने छात्रों को बधाई देते हुए उनके आंदोलन का समर्थन किया। वहीं विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा और आयशा खान सहित कई कलाकारों और डिजिटल क्रिएटर्स ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत पर जोर दिया। प्रकाश राज बोले- सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, मेरे प्यारे साथियों, आपको बहुत-बहुत बधाई। सोनम वांगचुक सर और उन सभी लोगों को भी बधाई, जो युवाओं के साथ मजबूती से खड़े रहे। आपने साबित कर दिया कि सरकार को भी घुटनों पर झुकाया जा सकता है। वीर दास बोले- जीत आपकी है, अब जश्न मनाइए वीर दास ने छात्रों के नाम संदेश लिखते हुए कहा, “आपने उस छोटी-सी बात को फिर से जीवित कर दिया, जिसे हम स्कूल की किताबों में पढ़कर भूल गए थे। प्यारे बच्चों, आगे चाहे जो भी हो, जीत आपकी है। अब जाइए और इस जीत का जश्न मनाइए।” समय रैना ने लिखा- छात्रों को और ताकत मिले कॉमेडियन समय रैना ने छात्रों के समर्थन में संक्षिप्त पोस्ट करते हुए लिखा, छात्रों को और ताकत मिले। उनका यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी बोले- एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने अपनी प्रोफाइल फोटो बदलते हुए लिखा, मैंने अपनी प्रोफाइल फोटो बदल ली है। नई पीढ़ी को बहुत-बहुत बधाई। साथ ही एक बात हमेशा याद रखिए- अगर हम एकजुट रहेंगे तो मजबूत रहेंगे, बंट जाएंगे तो हार जाएंगे। प्रियंका चोपड़ा ने नई पीढ़ी को बताया जीत का हकदार प्रियंका चोपड़ा ने भी इस घटनाक्रम पर खुशी जताई और अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए आंदोलन का नेतृत्व करने वाली नई पीढ़ी की तारीफ की। प्रियंका ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे की एक पोस्ट शेयर की, जिसमें लिखा था, देशभर में 30 दिन तक चले छात्र आंदोलन और सोनम वांगचुक की 26 दिन की कठिन भूख हड़ताल के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इस पोस्ट पर उन्होंने ताली बजाने वाला, भावुक चेहरा, काला चश्मा और लाल दिल वाला इमोजी लगाकर अपनी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद प्रियंका ने इंडिया कल्चरल हब की एक और पोस्ट शेयर की, जिस पर लिखा था, यह जीत नई पीढ़ी की है। प्रियंका ने इसके बाद सोनम वांगचुक की एक तस्वीर भी अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की। हालांकि, इस तस्वीर के साथ उन्होंने कुछ भी नहीं लिखा। विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा और आयशा खान ने भी किया समर्थन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिनेता विजय वर्मा, सान्या मल्होत्रा, आयशा खान समेत कई कलाकारों और डिजिटल क्रिएटर्स ने भी छात्रों की चिंताओं का समर्थन किया। इन सभी ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रों की आवाज सुने जाने की जरूरत पर जोर दिया। सोशल मीडिया पर इन कलाकारों के पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इसे छात्रों की एकजुटता और उनकी आवाज की जीत बता रहे हैं।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 4:11 pm

मेडिकल ड्रामा का नया ट्रेंड; ओटीटी पर हिट डॉक्टर्स कहानियां:अवॉर्ड्स में दबदबा, 'द पिट' को मिले रिकॉर्ड 25 एमी नॉमिनेशन

कोविड महामारी ने लोगों की नजर में डॉक्टरों की छवि बदल दी। अब दर्शक जानना चाहते हैं कि डॉक्टर हर दिन किन फैसलों, मानसिक दबाव, संसाधनों की कमी और मरीजों की जटिल परिस्थितियों से गुजरते हैं। इसी वजह से दुनियाभर में मेडिकल ड्रामा की नई लहर देखने को मिल रही है। 2025 में रिलीज हुई अमेरिकी सीरीज द पिट इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इस सीरीज को 2026 के एमी अवॉर्ड्स में सबसे ज्यादा नामांकन मिले। इसकी सफलता के बाद एक बार फिर मेडिकल ड्रामा चर्चा में हैं। दुनिया में मेडिकल ड्रामा की नई लहर द पिट - जियो हॉटस्टार में उपलब्ध। 2026 एमी अवॉर्ड्स में सबसे ज्यादा नामांकन। इसके 2 सीजन आ चुके हैं। 8.9 की IMDB रेटिंग है। द गुड डॉक्टर - यह सीरीज नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है। इसके 7 सीजन आ चुके हैं। 8.0 की IMDB रेटिंग है। हॉस्पिटल प्लेलिस्ट - इसके 2 सीजन आ चुके हैं। 8.7 की IMDB रेटिंग है। ट्रांसप्लांट - सीरियाई शरणार्थी डॉक्टर के संघर्ष की कहानी। प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है। 7.9 की IMDB रेटिंग है। भारत में भी बढ़ रहा ट्रेंड ग्राम चिकित्सालय - ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की चुनौतियों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाती है। 2 सीजन आ चुके हैं। प्राइम वीडियो पर उपलब्ध। 7.4 की IMDB रेटिंग है। मुंबई डायरीज 26/11- मुंबई हमले के दौरान सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों की चुनौतियों को दिखाती है। अमेजन प्राइम वीडियो पर है। 8.4 की IMDB रेटिंग है। मेडिकल ड्रीम्स - मेडिकल छात्रों की दुनिया पर आधारित कहानी। यूट्यूब पर उपलब्ध। 7.2 की IMDB रेटिंग है।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 4:01 pm

पति ने कहा- तुम दुनिया की सबसे बदसूरत औरत हो:अपारा मेहता ने तलाक पर की बात; भीड़ की बदसलूकी और सिगरेट से जलाए जाने पर भी बोलीं

टीवी शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी एक्ट्रेस अपरा मेहता ने मॉब अटैक और शादी पर बड़ा बयान दिया है। एक्ट्रेस ने कहा है कि उनके पूर्व पति एक्टर दर्शन जरिवाला ने उन्हें दुनिया की सबसे बदसूरत महिला कहा था, जिसके बाद उनका तलाक हुआ था। हालिया इंटरव्यू में उन्होंने करियर के पीक में भीड़ द्वारा हुई बदसलूकी पर भी बात की। एक्ट्रेस ने बताया है कि लोगों ने उन्हें घेर कर गलत तरह छुआ और फिर सिगरेट से जलाया। एक्ट्रेस अपरा मेहता ने हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में भीड़ द्वारा हुई बदसलूकी पर कहा, ‘मैं करियर के पीक पर थी और हम लोगों का गुजराती ड्रामा कोलकाता में होता था। तो 5 शोज हुए थे कला मंदिर में। वहां सीट पूरी पैक थीं। जैसे ही में अंदर आई मुझे देखकर लोगों ने 8 हजार डांडियां ऊपर उछाल दीं। मैं भीड़ में बुरी तरह फंस गई। वो मुझे खींच के म्यूजिशियन्स के पोडियम तक ले गए। मैं लोगों से हाथ मिलाने लगी तो लोग मेरे हाथ की हीरे की अंगूठी खींचने लगे, किसी ने मुझे सिगरेट से जला दिया। पूरी जनता पागल हो गई थी।’ आगे अपरा ने कहा, ‘पोडियम हिलने लगा था, मैंने कहा ये तो खतरनाक हो गया। उसके बाद मुझे वहां से उतारा गया, पूरे लोगों ने सर्कल बनाया। उस समय हर कोई मुझे हर कहीं छू रहा था। मैंने कहा ओके टच कर लो क्या मिलेगा। मैं उस समय शॉक में भी नहीं थी।’ पति ने कहा था- तुम दुनिया की सबसे बदसूरत औरत हो एक्ट्रेस अपरा मेहता ने करियर के पीक में गुजरात के पॉपुलर एक्टर दर्शन जरिवाला से शादी की थी। इस शादी से उन्हें एक बेटी हुई, लेकिन 2003 में दोनों अलग हो गए। अपरा ने बताया है कि 2003 में वो शूटिंग के सिलसिले में USA में थीं। उस दिन उनकी शादी की सालगिरह थी, उसी दिन दर्शन जरिवाला ने तलाक की मांग की। अपरा कहती हैं, मैंने उन्हें यूएसए से कॉल किया, हमारी एनिवर्सरी थी। उन्होंने मुझसे कहा कि हमें बात करना चाहिए। काम खत्म कर मैं लौटी। मैं 3 बजे भारत पहुंचीं, 5 बजे घर आई, मुझे अगली सुबह 7 बजे शूटिंग के लिए जाना था। उन्होंने मुझसे कहा, अपरा हमें अलग हो जाना चाहिए, मैं अब तुमसे प्यार नहीं करता। अब पसंद नहीं करता और मुझे लगता है कि तुम दुनिया की सबसे बदसूरत महिला हो। वो झूले पर बैठे चाय पीते हुए कह रहे थे, मैं वहीं खड़ी सुन रही थी। काम पर गई, थोड़ी देर बाद कहा कि नहीं उसने जानबूझकर ऐसा नहीं कहा होगा। लेकिन फिर थोड़े दिनों बाद वो घर छोड़कर चले गए। कौन हैं अपरा मेहता?

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 3:30 pm

पंकज त्रिपाठी ने 'क्रिमिनल जस्टिस 4' और 'मैं अटल हूं' को लेकर खोले राज, बोले- 'किरदार को समझना जरूरी है'

मुंबई, अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपने करियर में कई यादगार किरदार निभाए हैं, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक रहा। फिल्म 'मैं अटल हूं' में उन्होंने देश के लोकप्रिय नेता के जीवन, विचारों और व्यक्तित्व को पर्दे पर उतारने की कोशिश की।

देशबन्धु 25 Jul 2026 2:39 pm

'ईमानदारी को लोग घमंड समझ लेते हैं', घमंडी कहे जाने पर करण पटेल ने दिया जवाब

मुंबई, अभिनेता करण पटेल किसी भी मुद्दे पर अपनी सोच खुलकर रखने से पीछे नहीं हटते, जिसके चलते सोशल मीडिया पर उन्हें कई बार 'रूड' और 'एरोगेंट' जैसे शब्दों का सामना करना पड़ता है। अब इस पर करण पटेल ने कहा कि कई बार लोग सच बोलने और अपनी बात रखने को गलत समझ लेते हैं।

देशबन्धु 25 Jul 2026 2:35 pm

'बहुत याद आएगी तुम्हारी', सिकंदर खेर ने 'चक्कचक्क' के निधन पर शेयर किया इमोशनल पोस्ट

मुंबई, अभिनेता सिकंदर खेर ने अपने पालतू डॉग 'चक्कचक्क' के निधन पर सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा कर उसे श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि चक्कचक्क उनके जीवन का अहम हिस्सा थी और उसके जाने से उनकी जिंदगी में बड़ी कमी आ गई है।

देशबन्धु 25 Jul 2026 2:27 pm

राज कुंद्रा पर्दे पर लाएंगे पंजाब की अनकही कहानियां, बोले-यहां कई दमदार किस्से अभी बाकी हैं

मुंबई, एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति बिजनेसमैन राज कुंद्रा अब पंजाबी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अपनी पहली पंजाबी फिल्म 'मेहर' के जरिए अभिनय की शुरुआत करने वाले राज कुंद्रा अब ऐसी कहानियों का हिस्सा बनना चाहते हैं, जो सिर्फ मनोरंजन तक सीमित न हों, बल्कि समाज, संस्कृति और लोगों की भावनाओं को भी दर्शाएं।

देशबन्धु 25 Jul 2026 2:20 pm

सेट पर चाय परोसने से लेकर मशहूर फिल्म निर्देशक बनने तक, किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं बीआर इशारा की कहानी

मुंबई, हिंदी सिनेमा में बीआर इशारा ने ऐसे दौर में फिल्में बनाईं, जब समाज कुछ विषयों पर खुलकर बात करने से भी हिचकता था। उनकी फिल्मों ने कई बार विवाद खड़े किए, लेकिन उन्होंने हमेशा अपनी सोच के अनुसार काम किया। बहुत कम लोग जानते हैं कि पर्दे के पीछे बड़ा नाम बनने से पहले बीआर इशारा ने फिल्मों के सेट पर चाय तक परोसी थी। उनका यह संघर्ष ही आगे चलकर सबसे बड़ी ताकत बना।

देशबन्धु 25 Jul 2026 2:12 pm

आशा भोसले ने जब लेस्ली लुईस को स्टेज पर बुलाकर कहा- 'इनके बिना ये अवॉर्ड मुमकिन नहीं था'

मुंबई, मशहूर संगीतकार और गायक लेस्ली लुईस ने दिग्गज प्लेबैक सिंगर आशा भोसले के साथ काम करने के अपने अनुभव को याद किया है। उन्होंने बताया कि आशा भोसले ने मेरे करियर के शुरुआती दौर में काफी समर्थन दिया था। उनका भरोसा मेरे लिए बहुत मायने रखता था।

देशबन्धु 25 Jul 2026 2:10 pm

छात्रों के समर्थन में उतरीं सौंदर्या रजनीकांत, कहा- 'उनकी आवाज सम्मान के साथ सुनी जानी चाहिए'

मुंबई, फिल्म निर्माता और सुपरस्टार रजनीकांत की छोटी बेटी सौंदर्या रजनीकांत इन दिनों छात्रों के समर्थन में दिए गए अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। सौंदर्या ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी बातों को सुना जाना चाहिए।

देशबन्धु 25 Jul 2026 2:07 pm

असम बाढ़ पीड़ितों के लिए मसीहा बनीं भूमि पेडनेकर: देशवासियों से लगाई मदद की गुहार,

पूर्वोत्तर राज्य असम इस समय भीषण बाढ़ (Assam Floods) और कुदरती तबाही के एक बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। राज्य के लाखों लोग बेघर हो चुके हैं और खाने-पीने से लेकर बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दुखद परिस्थिति में बॉलीवुड की मशहूर और संवेदनशील अभिनेत्री भूमि पेडनेकर (Bhumi Pednekar) असम के बाढ़ पीड़ितों के दर्द को बयां करते हुए उनके समर्थन में आगे आई हैं। सोशल मीडिया के जरिए भूमि ने देशवासियों से अपील की है कि वे इस मुश्किल वक्त में आगे आएं और असम के लोगों की राहत और पुनर्वास के लिए बढ़-चढ़कर अपना योगदान दें। उनका यह मानवीय संदेश इस समय इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो, लोगों से की आगे आने की अपीलभूमि पेडनेकर ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक वीडियो और राहत कार्यों से जुड़े अपडेट्स शेयर करते हुए असम के हालात पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि हर साल आने वाली यह प्राकृतिक आपदा असम के जनजीवन को पूरी तरह तबाह कर देती है, जिससे उबरने के लिए पीड़ितों को हमारी एकजुटता और मदद की सख्त जरूरत है। अभिनेत्री ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर सिर्फ संवेदनाएं जताने तक सीमित न रहें, बल्कि वेरिफाइड रिलीफ फंड्स और एनजीओ (NGOs) के माध्यम से आर्थिक मदद पहुंचाएं ताकि असम के प्रभावित गांवों तक खाना, साफ पानी और दवाइयां तुरंत पहुंचाई जा सकें।बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहे असम के लाखों लोग और प्रभावित जिलेअसम के ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में उफान आने के कारण राज्य के दर्जनों जिले जलमग्न हो चुके हैं। लाखों लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं। स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन तबाही का दायरा इतना बड़ा है कि सरकारी प्रयासों के साथ-साथ आम नागरिकों और सेलिब्रिटीज का समर्थन भी बहुत जरूरी हो गया है। भूमि पेडनेकर जैसी लोकप्रिय हस्तियों के सामने आने से इस आपदा की गंभीरता राष्ट्रीय स्तर पर फिर से चर्चा में आ गई है, जिससे राहत सामग्री जुटाने के अभियानों को तेजी मिल रही है।लोकल कम्युनिटीज और देश भर के फैंस से मिल रहा है भरपूर समर्थनमुंबई और दिल्ली से लेकर असम के स्थानीय युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भूमि पेडनेकर के इस सराहनीय कदम की जमकर तारीफ हो रही है। फैंस लगातार उनके पोस्ट को शेयर कर रहे हैं और असम के लोगों के लिए डोनेशन कैंपेन चला रहे हैं। बॉलीवुड सेलेब्रिटीज का इस तरह सामाजिक मुद्दों और आपदा राहत कार्यों में आगे आना हमेशा से एक सकारात्मक संदेश देता है। भूमि की इस अपील के बाद देश के कोने-कोने से लोग असम रिलीफ फंड में अपना योगदान देने के लिए आगे आ रहे हैं, जो संकट की इस घड़ी में मानवता की एक बड़ी मिसाल पेश कर रहा है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 1:58 pm

आलिया भट्ट का जलवा: इन 8 धांसू फिल्मों ने मचाया तहलका, एक से जीता नेशनल अवॉर्ड तो दूसरी से हॉलीवुड में जमाई धाक

बॉलीवुड की सबसे टैलेंटेड और वर्सटाइल अभिनेत्रियों में शुमार आलिया भट्ट (Alia Bhatt) ने अपने शानदार अभिनय से हर बार दर्शकों का दिल जीता है। चाहे कोई संजीदा किरदार हो, दमदार एक्शन हो या फिर लीक से हटकर की गई ब्लैक कॉमेडी, आलिया ने हर रोल में खुद को बेस्ट साबित किया है। ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) पर आलिया भट्ट की कई बेहतरीन फिल्में मौजूद हैं, जिन्हें दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है। इनमें से एक फिल्म के लिए तो उन्हें देश का सबसे प्रतिष्ठित नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिल चुका है, जबकि एक अन्य फिल्म के जरिए उन्होंने सीधे हॉलीवुड के गलियारों में अपनी धाक जमाई है। आइए नजर डालते हैं नेटफ्लिक्स पर मौजूद आलिया भट्ट की इन 8 बेमिसाल फिल्मों पर।'गंगूबाई काठियावाड़ी' से जीता नेशनल अवॉर्ड और 'हार्ट ऑफ स्टोन' से हॉलीवुड में एंट्रीइस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है निर्देशक संजय लीला भंसाली की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'गंगूबाई काठियावाड़ी' (Gangubai Kathiawadi) का। इस फिल्म में गंगूबाई के दमदार और बेबाक किरदार को जीवंत करने के लिए आलिया भट्ट को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का 'नेशनल फिल्म अवॉर्ड' (National Film Award) मिला था। वहीं दूसरी तरफ, आलिया ने वैश्विक पटल पर कदम रखते हुए 'हार्ट ऑफ स्टोन' (Heart of Stone) फिल्म से अपना शानदार हॉलीवुड डेब्यू किया। इस स्पाई-थ्रिलर फिल्म में वे हॉलीवुड स्टार गैल गैडोट के साथ मुख्य खलनायिका के रूप में नजर आईं और अपनी बेहतरीन एक्टिंग से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमा दी。'राज़ी', 'उड़ता पंजाब' और 'डार्लिंग्स' में दिखा एक्टिंग का असली दमनेटफ्लिक्स पर आलिया भट्ट की 'राज़ी' (Raazi) भी मौजूद है, जिसमें उन्होंने एक कश्मीरी जासूस 'सहमत' का किरदार निभाकर हर किसी को भावुक कर दिया था। इसके अलावा, पंजाब के ड्रग्स संकट पर बनी 'उड़ता पंजाब' (Udta Punjab) में एक लाचार लेकिन हिम्मती बिहारी प्रवासी लड़की के रोल में आलिया की एक्टिंग को उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ परफॉर्मेंस माना जाता है। डार्क कॉमेडी के शौकीनों के लिए आलिया के होम प्रोडक्शन की फिल्म 'डार्लिंग्स' (Darlings) एक बेहतरीन चॉइस है, जिसमें उन्होंने घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाली 'बदरू' का एक बेहद अनोखा और दिलचस्प किरदार निभाया है।'जिगरा' से लेकर 'डियर जिंदगी' और 'कपूर एंड संस' का पारिवारिक ड्रामाआलिया भट्ट की हालिया रिलीज एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'जिगरा' (Jigra) भी नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है, जिसमें वे अपने भाई को जेल से छुड़ाने के लिए एक बेहद आक्रामक और प्रोटेक्टिव बहन के रूप में नजर आई हैं। अगर आप कुछ हल्का-फुल्का और इंस्पायरिंग देखना चाहते हैं, तो शाहरुख खान और आलिया भट्ट स्टारर 'डियर जिंदगी' (Dear Zindagi) एक परफेक्ट फिल्म है, जो मेंटल हेल्थ और जिंदगी जीने के नजरिए को बेहद खूबसूरती से बयां करती है। इसके साथ ही, एक बिखरे हुए परिवार की कहानी समेटे 'कपूर एंड संस' (Kapoor & Sons) को भी आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं, जिसमें आलिया ने अपनी चुलबुली एक्टिंग से फिल्म में चार चांद लगा दिए थे।लोकल मार्केट्स और ओटीटी लवर्स के बीच आलिया का जबरदस्त क्रेजमुंबई, दिल्ली, पटना से लेकर बेंगलुरु जैसे देश के तमाम छोटे-बड़े शहरों (लोकल मार्केट्स) के सिनेमा लवर्स के बीच आलिया भट्ट की इन फिल्मों को लेकर जबरदस्त दीवानगी देखी जाती है। वीकेंड्स पर नेटफ्लिक्स के ट्रेंडिंग चार्ट्स में अक्सर आलिया की फिल्में टॉप पर बनी रहती हैं। हाल ही में उनकी अपकमिंग स्पाई थ्रिलर फिल्म 'एल्फा' (Alpha) के थियेट्रिकल रन के बाद ओटीटी रिलीज को लेकर भी दर्शकों के बीच काफी बज बना हुआ है। ऐसे में अगर आप घर बैठे बेहतरीन सिनेमा का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो आज ही नेटफ्लिक्स पर आलिया भट्ट की इन चुनिंदा 8 फिल्मों की बिंज-वॉचिंग लिस्ट तैयार कर सकते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 1:56 pm

साई पल्लवी की सीता पर दीपिका चिखलिया का भरोसा, बोलीं- किरदार निभाना सम्मान भी, सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी

दीपिका ने कहा कि कलाकारों के बीच तुलना होना स्वाभाविक है, लेकिन हर अभिनेता अपनी अलग शैली और दृष्टिकोण के साथ किरदार को जीवंत करता है। ऐसे में नई पीढ़ी के कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलना चाहिए।

देशबन्धु 25 Jul 2026 1:21 pm

स्मृति ईरानी की सादगी की कायल रावी गुप्ता, बताया- 'इतनी बड़ी हस्ती होकर भी सेट पर नहीं दिखातीं अपना रुतबा'

मुंबई, टीवी अभिनेत्री रावी गुप्ता इन दिनों अपने चर्चित शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के दूसरे सीजन को लेकर चर्चा में हैं। सालों बाद इस लोकप्रिय शो में वापसी करने वाली रावी ने अपने को-स्टार और शो की मुख्य अभिनेत्री स्मृति ईरानी के साथ काम करने का अनुभव साझा किया है।

देशबन्धु 25 Jul 2026 1:20 pm

जिनके साथ काम किया, वे मंत्री बन गए: साउथ के सुपरस्टार्स और राजनीति पर बॉबी देओल का मजेदार बयान वायरल

बॉलीवुड में 'एनिमल' के बाद विलेन के रूप में धमाकेदार वापसी करने वाले बॉबी देओल (Bobby Deol) इन दिनों साउथ सिनेमा में अपनी दमदार मौजूदगी से छाए हुए हैं। एक के बाद एक बड़ी पैन-इंडिया फिल्मों में खूंखार विलेन का रोल निभा रहे बॉबी देओल हाल ही में साउथ के तीन सबसे बड़े सितारों—थलापति विजय, पवन कल्याण और नंदमुरी बालकृष्ण—के साथ काम करने के अपने अनुभवों को लेकर सुर्खियों में हैं।'द हॉलीवुड रिपोर्टर' को दिए एक इंटरव्यू के दौरान बॉबी देओल ने अपने साउथ को-स्टार्स और उनके राजनीतिक सफर को लेकर एक ऐसा मजेदार बयान दिया, जिसे सुनकर वहां मौजूद सभी लोग और फैंस ठहाके लगाने पर मजबूर हो गए। आइए एक एंटरटेनमेंट रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं बॉबी देओल के इस इंटरव्यू की दिलचस्प बातें।जिन-जिन स्टार्स के साथ काम किया, वे मंत्री बन गएसाउथ सिनेमा के अपने अनुभव पर बात करते हुए बॉबी देओल ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह एक बड़ा ही दिलचस्प और मजेदार संयोग (Coincidence) बन गया है।पवन कल्याण और बालकृष्ण का जिक्र: उन्होंने बताया, मैंने नंदमुरी बालकृष्ण सर के साथ 'डाकू महाराज' में काम किया। फिर मैंने पवन कल्याण जी के साथ 'हरि हर वीरा मल्लू' की। सबसे मजेदार बात यह है कि जिन-जिन बड़े स्टार्स के साथ मैंने स्क्रीन शेयर की, वे बाद में राजनीति में जाकर बड़े पदों पर पहुंच गए या मंत्री बन गए। वैसे मैं तो बस मजाक कर रहा हूं!सुपरस्टार्स का दबदबा: बॉबी ने साफ किया कि यह केवल एक इत्तेफाक है, लेकिन अब उनके दोस्त और इंडस्ट्री के लोग भी इस बात को लेकर उनसे खूब हंसी-मजाक करते हैं।थलापति विजय और 'जन नायकन' पर बोले बॉबीथलापति विजय की बहुप्रतीक्षित और संभावित आखिरी फिल्म 'जन नायकन' में बॉबी देओल 'फीनिक्स' नाम के मुख्य विलेन का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म में विजय के साथ काम करने और उनकी सादगी को लेकर बॉबी ने बड़ा खुलासा किया:ज्यादा प्रमोशन पर भरोसा नहीं करते विजय: बॉबी ने बताया कि फिल्म की रिलीज में भले ही कुछ महीनों का वक्त लगा, लेकिन उनकी विजय से बहुत ज्यादा बातचीत नहीं हुई। उन्होंने कहा, विजय को फिल्मों का बहुत ज्यादा शोर-शराबा या प्रमोशन करना पसंद नहीं है। वह किसी भी तरह का आडंबर नहीं करते और केवल अपने काम पर पूरा भरोसा रखते हैं।काम के प्रति निष्ठा: बॉबी ने आगे कहा कि जब उन्होंने देखा कि विजय का काम करने का अंदाज यही है, तो उन्होंने भी उनके इस फैसले का सम्मान किया।साउथ में बॉबी का 'विलेन अवतार'बॉबी देओल का यह बयान ऐसे समय आया है जब थलापति विजय तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय भूमिका (TVK पार्टी) निभा रहे हैं, जबकि पवन कल्याण आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के पद पर हैं। साउथ में बॉबी देओल की विलेन वाली पारी बहुत ही सफल मानी जा रही है, और 'जन नायकन', 'हरि हर वीरा मल्लू' व 'डाकू महाराज' जैसी फिल्मों से उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैन फॉलोइंग में जबरदस्त इजाफा हुआ है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 1:11 pm

जिम में वर्कआउट करते हुए दिखे सलमान खान, शेयर किया दमदार कैप्शन

मुंबई, अभिनेता सलमान खान ने शनिवार को सोशल मीडिया पर अपनी नई तस्वीरें शेयर करते हुए एक संदेश लिखा, जिसके बाद उनकी पोस्ट चर्चा का विषय बन गई।

देशबन्धु 25 Jul 2026 12:59 pm

शाहरुख खान लंदन में मना रहे हैं वेकेशन:चेहरा छिपाए गौरी, आर्यन-अबराम के साथ टहलते दिखे; स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर चुप्पी के बीच वायरल हुई थी फर्जी पोस्ट

स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर फर्जी पोस्ट वायरल होने के बीच शाहरुख खान अपने परिवार के साथ लंदन में वेकेशन मना रहे हैं। लंदन स्थित घर के बाहर से एक्टर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो पत्नी गौरी और बेटों आर्यन- अबराम के साथ सड़क पर टहलते दिखे हैं। सामने आए वीडियो में शाहरुख खान की बेटी सुहाना खान नजर नहीं आ रही हैं। शाहरुख खान हुडी पहने हुए चेहरा छिपाए हुए दिखे, वहीं अबराम और आर्यन उनके पीछे वॉक कर रहे थे। ऐश्वर्या राय भी न्यूयॉर्क वेकेशन पर ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन को भी न्यूयॉर्क वेकेशन में स्पॉट किया गया है। फैन पेज से वायरल हुई फोटो में ऐश्वर्या-अभिषेक कैजुअली न्यूयॉर्क की सड़कों पर टहलते दिखे हैं। शाहरुख खान के नाम से वायरल हुई थी प्रोटेस्ट से जुड़ी फर्जी पोस्ट सलमान खान ने कुछ समय पहले ही स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़ी एक पोस्ट शेयर की थी। इसके कुछ देर बाद ही शाहरुख खान की पोस्ट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पोस्ट में लिखा गया था, प्यारे छात्रों, आप लोगों ने यह दिखा दिया है कि असली ताकत कहां होती है, किताबों में, कलम में और अपनी आवाज में। आपका यह विरोध सिर्फ एक परीक्षा के खिलाफ नहीं है, बल्कि एक बेहतर, पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था के लिए है। हर छात्र इस बात का हकदार है कि उसकी मेहनत का मूल्यांकन उसकी मेहनत के आधार पर हो, न कि किसी पेपर लीक या घोटाले के कारण। यह लड़ाई सही भी है और जरूरी भी। देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। फैक्ट चेक करने पर सामने आया कि शाहरुख खान ने अपने किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसी कोई पोस्ट शेयर नहीं की। इसे फैनपेज द्वारा एडिट कर बनाया गया था। कई फैंस देश के बड़े मुद्दे पर शाहरुख खान की चुप्पी पर निराशा जाहिर कर रहे हैं। वहीं कुछ सेलेब्स ऐसे भी हैं, जो बेबाकी से इस मुद्दे पर राय रख रहे हैं। सलमान खान इस प्रोटेस्ट पर बोलने वाले पहले सबसे बड़े स्टार रहे। आगे करीना कपूर, वरुण धवन, सारा अली खान, प्रीति जिंटा, दीया मिर्जा जैसे कई सेलेब्स ने इस पर पोस्ट शेयर की। प्रोटेस्ट में शामिल हुए ये सेलेब्स सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी 20 जुलाई को जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट में शामिल हुईं। इस दौरान उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। उनके अलावा साउथ एक्टर प्रकाश राज भी कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके के साथ ट्रक में प्रोटेस्ट करते दिखे। 20 जुलाई के प्रोटेस्ट के बाद कई सेलेब्स अलग-अलग शहरों के प्रोटेस्ट में शामिल हुए। एक्ट्रेस आएशा खान को मुंबई के प्रोटेस्ट से डीटेन तक किया गया। वहीं एक्टर और आमिर खान के भांजे इमरान खान, कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी, सिंगर-रैपर बादशाह, हुमा कुरैशी, साकिब सलीम जैसे कई और सेलेब्स प्रोटेस्ट में पहुंचे।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 12:55 pm

एक्टर सोनू सूद बोले- पैसा सब कुछ नहीं होता:मां-बाप को याद कर भावुक हुए, कहा- उनका साथ सबसे बड़ी दौलत

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने आज अपने सोशल मीडिया पेज पर एक भावुक वीडियो साझा किया है। वीडियो में उन्होंने लोगों से अपने माता-पिता का सम्मान करने और उनके महत्व को समझने की अपील की है। मोगा निवासी सोनू सूद इस दौरान अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए भावुक दिखाई दिए। सूद ने बताया कि उन्होंने बहुत कम उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया था। उन्होंने कहा कि एक दिन हर किसी के माता-पिता इस दुनिया को अलविदा कह जाते हैं। उस समय आपके फोन में उनका नंबर तो रहेगा, लेकिन उसे उठाने वाला कोई नहीं होगा। माता-पिता को गले लगाने का मौका मिल जाता अभिनेता ने यह भी कहा कि जीवन में चाहे इंसान के पास कितना भी पैसा और सुविधाएं क्यों न हों, माता-पिता के साथ न होने पर कुछ भी खरीद पाने की खुशी अधूरी रह जाती है। उस समय व्यक्ति उनके पुराने संदेश पढ़कर और यादों को ताजा कर यही सोचता है कि काश एक बार फिर अपने माता-पिता को गले लगाने का मौका मिल जाता। अपने प्यार का एहसास जरूर कराएं सोनू सूद ने भावुक अपील करते हुए कहा कि दुनिया की हर चीज दोबारा हासिल की जा सकती है, लेकिन बीता हुआ समय और माता-पिता का साथ वापस नहीं आता। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर उनके माता-पिता आज उनके साथ हैं तो उन्हें अपने प्यार का एहसास जरूर कराएं। उन्हें गले लगाएं और बताएं कि उनकी जिंदगी में माता-पिता की अहमियत सबसे ज्यादा है। संदेश की लोग जमकर सराहना कर रहे सोनू सूद के इस भावुक वीडियो को सोशल मीडिया पर लाखों लोग देख रहे हैं। उनके संदेश की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं और इसे माता-पिता के प्रति प्रेम, सम्मान और अपनापन जताने वाला प्रेरणादायक संदेश बता रहे हैं।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 12:27 pm

बाढ़ प्रभावित असम को मदद की जरूरत, भूमि पेडनेकर की लोगों से अपील, ज्यादा से ज्यादा करें दान

मुंबई, असम में पिछले कुछ समय से बाढ़ के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इस बड़ी आपदा को देखते हुए अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने शनिवार को सोशल मीडिया के जरिए लोगों से मदद की अपील की।

देशबन्धु 25 Jul 2026 12:06 pm

अमाल मलिक के तनिष्क बागची पर गंभीर आरोप:कहा- लड़की से शादी का वादा कर अब्यूज किया, सीधे कोर्ट में मिलेंगे; जानिए क्या है पूरा विवाद

सैयारा सॉन्ग कंट्रोवर्सी के चलते सिंगर-कंपोजर तनिष्क बागची और अमाल मलिक के बीच सोशल मीडिया पर विवाद जारी है। अब अमाल ने तनिष्क पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। अमाल ने दावा किया है कि तनिष्क ने टिप्स म्यूजिक कंपनी में काम करने वाली एक लड़की से शादी का वादा किया और बाद में अब्यूज कर छोड़ दिया। इतना ही नहीं अमाल ने दावा किया है कि वह उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम से धमकी दिलवा रहे हैं। अमाल ने ऑफिशियल X अकाउंट (पहले ट्विटर) पर तनिष्क बागची के लिए लिखा है, ‘तुमने मीटू का मामला रफा-दफा करवा लिया क्या? टिप्स म्यूजिक कंपनी के ए एंड आर डिपार्टमेंट में एक लड़की है। उससे शादी का वादा करके तुमने उसका शोषण किया और फिर उसे छोड़ दिया। आज तुमने किसी और से शादी कर ली। उस महिला पर तरस आता है जिसने तुम्हारे जैसे सांप को चुना। वह लड़की गहरे सदमे और अवसाद में है, और यह खबर बहुत तेजी से फैलेगी।’ आगे अमाल ने लिखा है, ‘और कृपया देवेंद्र फडणवीस का नाम लेकर मुझे अप्रत्यक्ष धमकियां देना बंद करो। ये सब मेरे साथ नहीं चलेगा, छोटे। मैं गलत नहीं हूं, इसलिए मुझे किसी बात का डर नहीं है। तुम मुझसे गंदी लड़ाई करना चाहते हो? तो सामने आओ। जिस स्कूल के तुम चपरासी भी नहीं बन सके, हम वहां के प्रिंसिपल, ट्रस्टी और म्यूजिक टीचर हैं, बेटे। अब कोर्ट में मिलते हैं। अगर सच में कुछ करना है, तो आ जाओ। तनिष्क बागची मैं आऊं क्या अपनी पर?’ जानिए क्या है पूरा विवाद? 2025 की फिल्म सैयारा के सुपरहिट होने के बाद सिंगर तनिष्क बागची ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें टाइटल सॉन्ग के लिए 8 लिखे मिले थे। गाना हिट रहा, लेकिन उन्हें इसकी रॉयल्टी नहीं मिली। तनिष्क का बयान आने के बाद यशराज फिल्म्स (YRF) ने कहा कि सभी भुगतान कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार किए गए हैं, जिसके बाद तनिष्क ने अपनी पोस्ट हटा दी। तनिष्क की पोस्ट के बाद अमाल मलिक ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह 2015 से ही म्यूजिक इंडस्ट्री की खामियों के खिलाफ लड़ रहे हैं और अब लोग 10 साल देर से जागे हैं। इसके बाद से ही अमाल मलिक लगातार तनिष्क के खिलाफ कई पोस्ट शेयर कर रहे हैं। एक पोस्ट में अमाल ने तनिष्क को मिस्टर रिमिक्स और ऑरिजिनल गाने खराब करने वाला लिखा। शुक्रवार को अमाल ने कई पोस्ट शेयर किए, जिसमें उन्होंने तनिष्क पर फर्जी कैंपेन चलाने के आरोप लगाते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। फिलहाल इस विवाद पर अब तक तनिष्क बागची की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ मोटिवेशनल पोस्ट शेयर की हैं। कौन हैं तनिष्क बागची? विवादों में रहे हैं अमाल मलिक अमाल मलिक बॉलीवुड के पॉपुलर सिंगर और कंपोजर हैं। उनके पिता डब्बू मलिक और भाई अरमान मलिक की सिंगिंग इंडस्ट्री में काफी फेमस हैं। उन्होंने करियर की शुरुआत में सलमान खान की जय हो और सोनम कपूर की खूबसूरत जैसी फिल्मों में कंपोजिशन किया और कई हिट गाने दिए। अमाल मलिक के पॉपुलर गाने कुछ महीनों पहले ही अमाल मलिक ने भाई अरमान और परिवार से रिश्ता तोड़ने की अनाउंसमेंट की थी, जिससे वो सुर्खियों में आ गए थे। इसके बाद उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 18 में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने अंकल अन्नू मलिक पर कई विवादित बयान दिए थे।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 11:50 am

प्रोटेस्ट पर सवाल पूछे जाने पर भड़के राघव जुयाल:कहा- ये पूछने की हिम्मत वहां करो जहां वाकई पूछना चाहिए, बॉयकॉट की मांग पर दिया रिएक्शन

इन दिनों अपकमिंग फिल्म भाई तेरा स्टार है के प्रमोशन में व्यस्त चल रहे एक्टर और डांसर की मीडिया से बहस हो गई। राघव हाल ही में फिल्म प्रमोट करने जयपुर पहुंचे थे। इवेंट से निकलते हुए एक रिपोर्टर ने राघव से स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर सवाल किया, जिससे वो भड़क गए। लोकल न्यूज चैनल के रिपोर्टर ने राघव के निकलते ही उनके कंधे पर हाथ रखा और पूछा, आपने स्टूडेंट के बीच प्रमोशन किया है, लेकिन स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर आपने कुछ बोला नहीं है। इस पर राघव ने उसी अंदाज में कंधे पर हाथ रखकर कहा, ‘जितनी हिम्मत आप हमसे पूछने में करते हैं, उतनी उनसे किया करो, जिनसे वाकई पूछना चाहिए।’ राघव चिढ़कर निकलने लगे, तभी रिपोर्टर ने फिर कहा कि आप स्टूडेंट के बीच आए हैं। इस पर राघव ने पलटकर कहा, ‘मैंने इंस्टाग्राम पर डाला हुआ है, आप वो पढ़ लीजिए और इतनी हिम्मत वहां दिखाते, जहां दिखाना है। वहां हिम्मत दिखाओ, वहां ये हालत नहीं होती।’ राघव जुयाल का वीडियो सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर उन्हें बॉयकॉट करने की मांग की जाने लगी। अब राघव ने खुद आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो री-शेयर किया, जिसमें उनके बॉयकॉट की मांग हो रही थी। इसके साथ एक्टर ने लिखा- मुझे जो कहना था, मैंने कह दिया। प्रोटेस्ट पर क्या थी राघव की पोस्ट राघव जुयाल उन सेलेब्स में शामिल हैं, जिन्होंने सबसे पहले स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़ी पोस्ट शेयर की थी। राघव ने सबसे पहले भगत सिंह की तस्वीर शेयर कीं और दूसरी पोस्ट में आंदोलन से जुड़े डायलॉग शेयर किए। प्रोटेस्ट के बीच शेयर की गईं राघव की पोस्ट- शहनाज गिल से नाम जुड़ने पर चर्चा में है राघव जुयाल की बर्थडे पार्टी में शहनाज गिल, आर्यन खान समेत कई सेलेब्स पहुंचे थे। इस दौरान राघव, शहनाज के लिए बेहद प्रोटेक्टिव दिखे। उन्होंने अपनी बर्थडे पार्टी के बाद शहनाज को लोगों से बचाते हुए कार के अंदर गोद में बैठा लिया था। पिंकविला से बातचीत में राघव ने साफ किया कि किसी भी महिला की सुरक्षा करना उनके लिए कोई पब्लिसिटी स्टंट नहीं, बल्कि उनकी मूल प्रवृत्ति है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई महिला उनके साथ होगी, वे 'मरते दम तक उसकी रक्षा करेंगे'।

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 10:27 am

सलमान खान की देर रात क्रिप्टिक पोस्ट:शर्टलेस तस्वीर के साथ लिखा, सलमान डर गया, जो डर गया वो मर गया; स्टूडेंट प्रोटेस्ट का किया था सपोर्ट

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने देर रात सोशल मीडिया पर क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की है। जिसे चंद घंटों में ही 1.3 मिलियन से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। सलमान ने इंस्टाग्राम से दो शर्टलेस तस्वीरें शेयर कीं। शर्टलेस तस्वीरें जिम की हैं, जिनमें सलमान जिम इक्विपमेंट के पास खड़े हैं और उनके सिर पर तोलिया डला हुआ है। इन तस्वीरों के साथ सलमान खान ने लिखा है, सलमान खान डर गया, हम्म्म जो डर गया समझो मर गया। स्टूडेंट प्रोटेस्ट सपोर्ट कर चर्चा में हैं सलमान खान इन दिनों जंतर-मंतर में चल रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट को सपोर्ट कर चर्चा में हैं। 2 दिन पहले सलमान ने स्टूडेंट का समर्थन करते हुए एक पोस्ट शेयर की और प्रोटेस्ट के हिंसक होने पर निराशा जाहिर की। उन्होंने लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद से ही कई बड़े बॉलीवुड सेलेब्स ने भी प्रोटेस्ट में समर्थन देना शुरू कर दिया। इनमें वरुण धवन, प्रीति जिंटा, करीना कपूर, अनन्या पांडे, सारा अली खान शामिल हैं। सलमान की पोस्ट के कुछ समय बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्दे पर एक रील पोस्ट की और चर्चा करने की बात की। कुछ देर बाद लिखा- सोनम प्लीज कुछ खा लो, कुछ घंटों में टूटा अनशनप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोस्ट सामने आने के बाद सलमान खान ने नई पोस्ट में सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की। संयोग से इसके कुछ घंटों बाद ही उन्होंने अनशन खत्म कर दिया। सलमान खान ने लिखा था, छात्र हमारी टॉप प्रायोरिटी हैं, चाहे शिक्षा के मामले में हो या उनकी सुरक्षा के। इसलिए उन्हें किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है और न ही उनके माता-पिता को उनकी फिक्र करनी चाहिए। माननीय प्रधानमंत्री ने भी इस मामले पर ट्वीट किया है और मुझे पूरा भरोसा है कि पेपर लीक के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसलिए छात्रों से मेरी अपील है कि वे अपने घर लौट जाएं और अपने माता-पिता के पास रहें। आगे सलमान ने लिखा, ‘सोनम, अब यह मामला खत्म हो चुका है, भाई। इसे और आगे मत बढ़ाओ। अगर भविष्य में जरूरत पड़ी तो उसी जज़्बे को फिर से दिखाना, हालांकि मुझे इसकी संभावना नहीं लगती। फिलहाल कुछ खा लो। अगर चाहो तो मैं अपने घर से तुम्हारे लिए खाना भी भिजवा दूंगा।’

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 8:59 am

Shabana Azmi Health Update: जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ी, 102 डिग्री बुखार के साथ स्वाइन फ्लू की चपेट में आईं एक्ट्रेस

हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री और सामाजिक कार्यकर्ता शबाना आजमी (Shabana Azmi) की सेहत को लेकर चिंताजनक खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) विवाद और शिक्षा सुधारों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन का समर्थन कर रहीं शबाना आजमी स्वाइन फ्लू (Swine Flu) की चपेट में आ गई हैं।तबीयत बिगड़ने के कारण डॉक्टर ने उन्हें पूर्ण रूप से आराम करने की सख्त हिदायत दी है, जिसके चलते वे अब इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बन पाएंगी।टीम ने जारी किया हेल्थ अपडेटशबाना आजमी की टीम ने उनकी सेहत के बारे में आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि अभिनेत्री को आज CJP Protest में शामिल होना था, लेकिन अचानक स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वे इसमें हिस्सा नहीं ले सकेंगी।टीम के मुताबिक:102 डिग्री बुखार: शबाना आजमी को 102 डिग्री तेज बुखार है और जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है।डॉक्टर की सलाह: डॉक्टरों ने उन्हें घर/अस्पताल में बेड रेस्ट की सलाह दी है। फिलहाल वे विश्राम कर रही हैं। उनकी बिगड़ती सेहत की खबर मिलते ही फैंस और वेल-विशर्स उनके जल्द ठीक होने की दुआएं मांग रहे हैं।आंसू गैस के धुएं से आया था अस्थमा अटैकगौरतलब है कि इससे पहले सोमवार, 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर आयोजित 'चलो संसद मार्च' के दौरान भी शबाना आजमी की स्थिति बिगड़ गई थी। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए छोड़े गए आंसू गैस (Tear Gas) के धुएं की वजह से उन्हें अचानक अस्थमा अटैक (Asthma Attack) आ गया था।हालांकि, समय रहते अपने पास रखे इन्हेलर (Inhaler) का इस्तेमाल करने से स्थिति नियंत्रण में आ गई थी। ठीक होने के बाद वे फिर से छात्रों के समर्थन में डटी रही थीं और अपने सोशल मीडिया हैंडल्स से लगातार तस्वीरें व वीडियो शेयर कर रही थीं।क्या हैं स्वाइन फ्लू (H1N1) के मुख्य लक्षण?स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा-ए वायरस के कारण होने वाला एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से फैलता है। शुरुआती दौर में इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे ही लगते हैं:अचानक तेज बुखार (100F से अधिक) और ठंड लगनासूखी खांसी और गले में दर्द या खराशसिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्दशरीर में अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना

न्यूज़ इंडिया लाइव 25 Jul 2026 8:08 am

छात्र आंदोलन में पैसे देकर सेलेब्स बुलाने का दावा:एक्ट्रेस आकांक्षा बोलीं- रैली का चेहरा बनने के मिले ऑफर; मीरा चोपड़ा ने कहा-पीएम को गाली देना गलत

देशभर में चल रहे नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन के बीच बॉलीवुड हस्तियों के बयानों से नया विवाद शुरू हो गया है। एक्ट्रेस आकांक्षा पुरी ने दावा किया है कि इस आंदोलन में शामिल होने और रैलियों का चेहरा बनने के लिए कई स्टार्स, इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को पैसों के ऑफर दिए जा रहे हैं। वहीं, प्रियंका चोपड़ा की कजिन और एक्ट्रेस मीरा चोपड़ा ने विरोध प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने पर कड़ा एतराज जताया है। पैसे देकर आंदोलन का चेहरा बनाए जाने के ऑफरन्यूज एजेंसी IANS से बातचीत में एक्ट्रेस आकांक्षा पुरी ने कहा कि मनोरंजन उद्योग के लोगों को कई ग्रुप्स की ओर से फोन आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि रैलियों में जाने और आंदोलन का चेहरा बनने के लिए स्टार्स और इन्फ्लुएंसर्स को पैसों का लालच दिया जा रहा है। आकांक्षा ने कहा, हर कोई इसे एक मार्केटिंग एक्सरसाइज में बदलना चाहता है। वे चाहते हैं कि हम रैलियों में जाएं और इस आंदोलन का चेहरा बनें। लेकिन मैं इस सर्कस का हिस्सा नहीं बनूंगी। सही चीज का समर्थन जरूर करें, लेकिन इसे पैसों के लिए मार्केटिंग स्टंट न बनाएं। हालांकि, आकांक्षा ने यह भी माना कि वे छात्रों की वास्तविक मांगों के साथ खड़ी हैं और सरकार को युवाओं की बात सुननी चाहिए। पीएम को गाली देने पर भड़कीं मीरा चोपड़ादूसरी तरफ, एक्ट्रेस मीरा चोपड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो री-शेयर करते हुए प्रदर्शनकारियों के आचरण पर सवाल खड़े किए हैं। वायरल वीडियो में माइक पर एक महिला कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती दिख रही है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिख रही महिला नीट की रैंक होल्डर है। वीडियो पर रिएक्ट करते हुए मीरा चोपड़ा ने लिखा, क्या यह आज का युवा है? या नीट की स्टूडेंट? प्लीज बताओ यह कौन सा युवा है??? राजनीतिक रोटियां न सेकें पार्टियांइससे पहले मीरा चोपड़ा ने भी छात्रों की जायज मांगों का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने अधिकारियों से अपील की थी कि छात्रों की बात सुनी जाए, क्योंकि वे देश का भविष्य हैं। हालांकि, उन्होंने राजनीतिक दलों द्वारा इस मुद्दे का फायदा उठाने पर सख्त चेतावनी भी दी थी। मीरा ने लिखा था, चाहे CJP हो या आम आदमी पार्टी (AAP), किसी भी राजनीतिक दल को अपने एजेंडे के लिए छात्रों के संघर्ष का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। बच्चे का भविष्य कोई राजनीतिक हथियार नहीं है। छात्रों की बात जरूर सुनी जाए, लेकिन नेताओं को उनके कंधे पर रखकर बंदूक चलाने की इजाजत न मिले। ये खबर भी पढ़ें दीया मिर्जा ने पीएम मोदी पर निशाना साधा:पेपर लीक पर 47 दिन बाद बोले, बच्चों को खोने वाले परिवारों के लिए एक शब्द भी नहीं कहा अभिनेत्री दीया मिर्जा ने नीट पेपर लीक विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर अपनी निराशा जताई है। सोशल मीडिया पर एक नोट शेयर करते हुए दीया ने कहा कि पीएम का बयान संवेदनहीन था। पूरी खबर पढ़ें करीना बोलीं- छात्रों की बात सुनना अहसान नहीं, हमारा फर्ज:कमल हासन बोले- सिस्टम सड़ चुका है; इमरान और वरुण समेत कई एक्टर्स समर्थन में उतरे दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधार आंदोलन को अब बॉलीवुड हस्तियों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। सलमान खान, आलिया भट्ट और अनन्या पांडे के बाद अब करीना कपूर खान, कमल हासन, वरुण धवन, इमरान खान और पीयूष मिश्रा भी छात्रों के पक्ष में आ गए हैं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 25 Jul 2026 4:30 am

Tanushree Dutta Post: 'बॉलीवुड माफिया छीन रहा मेरा काम', तनुश्री दत्ता का छलका दर्द, सोशल मीडिया पर खोला मोर्चा

बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता (Tanushree Dutta) एक बार फिर अपने एक बेबाक बयान और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में आ गई हैं। हालांकि, इस बार उन्होंने किसी पुराने विवाद पर बात नहीं की है, बल्कि अपने करियर, काम के मौकों और आर्थिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।तनुश्री ने इंस्टाग्राम पर अपनी एक नई तस्वीर साझा करते हुए एक विस्तृत पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोग और 'विरोधी खेमे के हैंडलर्स' लगातार उनके काम में रुकावटें डाल रहे हैं और ब्रांड्स व मेकर्स को भड़का रहे हैं।विरोधी खेमे के लोग ब्रांड्स और मेकर्स को करते हैं गुमराहतनुश्री दत्ता ने अपने पोस्ट में खुलासा किया कि बहुत से लोग और ब्रांड्स उनके साथ काम करने में रुचि रखते हैं, लेकिन बिचौलिए और विरोधी खेमे के लोग उन्हें सही जानकारी नहीं पहुंचने देते।उन्होंने लिखा:ऐसे लोग भी हैं जो मेरे साथ काम करना चाहते हैं, लेकिन विरोधी खेमे के लोग मुझे कोई भी काम या जानकारी मिलने नहीं देते। वे झूठ बोलते हैं, बातों को घुमाते हैं और शुरुआती पूछताछ के स्तर पर ही चीजों को गलत दिशा में ले जाते हैं या ब्रांड्स और इवेंट्स को गुमराह करते हैं ताकि मुझे नुकसान पहुंचाया जा सके।बॉलीवुड माफिया और दबंगों की धोखाधड़ी से बचेंइंडस्ट्री के कुछ प्रभावशाली लोगों पर निशाना साधते हुए तनुश्री ने लिखा कि बॉलीवुड के 'दबंग' और 'माफिया' लगातार उनके काम के अवसरों को खराब करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने इवेंट ऑर्गेनाइजर्स और फिल्म मेकर्स को सतर्क रहने की सलाह दी है कि वे किसी भी बिचौलिए या अनधिकृत व्यक्ति के झांसे में न आएं।काम और पेमेंट को लेकर रखीं सख्त शर्तेंतनुश्री दत्ता ने अपने पेशेवर काम करने के तरीके को पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी बताया। उन्होंने काम करने के लिए निम्नलिखित नियम और दिशानिर्देश साझा किए:केवल ऑफिशियल बैंक अकाउंट: कोई भी ब्रांड या मेकर्स तब तक कोई पेमेंट न करें, जब तक वह उनके ICICI बैंक के ऑफिशियल अकाउंट में न हो। वे किसी अन्य बैंक या कैश (Cash) ट्रांजैक्शन में काम नहीं करतीं।100% टैक्स डिक्लेयर्ड काम: तनुश्री ने कहा कि उनका सारा काम कानूनी, पारदर्शी और भारत सरकार के नियमों के अनुसार टैक्स के दायरे में होता है।बिजनेस व्हाट्सएप से इनवॉइस: बुकिंग की पुष्टि केवल उनके वेरीफाइड बिजनेस व्हाट्सएप नंबर से भेजे गए कानूनी इनवॉइस के आधार पर ही मानी जाएगी।सामान/प्रोडक्ट भेजने के नियम: बिना उनके वेरीफाइड बिजनेस व्हाट्सएप की कन्फर्मेशन और कूरियर (FedEx आदि) के माध्यम से पुष्टि के कोई भी प्रोडक्ट उनके घर न भेजा जाए।100 साल बाद भी मेरे रिकॉर्ड्स पूरी तरह साफ मिलेंगेअपनी विश्वसनीयता पर बात करते हुए तनुश्री ने कहा कि वे कोई भी अनौपचारिक या संदिग्ध काम नहीं करती हैं। अगर कोई 100 साल बाद भी उनके फाइनेंशियल और लीगल रिकॉर्ड्स देखेगा, तो वे पूरी तरह व्यवस्थित और साफ-सुथरे पाए जाएंगे।उन्होंने अपने एम्प्लॉयर्स और फैंस से अपील की कि अगर किसी बिचौलिए की वजह से उनसे संपर्क करने में कोई दिक्कत आ रही है, तो वे सीधे उनके बिजनेस व्हाट्सएप पर इसकी जानकारी दें, ताकि धोखेबाजों की पहचान की जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 10:44 pm

Apoorva Mukhija Controversy: 'सूफी न होते तो आज मैं जिंदा न होती', Lock Upp में रो पड़ीं अपूर्वा मखीजा; बयां किया इंडियाज गॉट लेटेंट विवाद का सच

मशहूर कंटेंट क्रिएटर अपूर्वा मखीजा ने हाल ही में रियलिटी शो 'लॉक अप' (Lock Upp) में बतौर इनफॉर्मर एंट्री ली, जहां उनका आमना-सामना अपने पूर्व मित्र और क्रिएटर सूफी मोतीवाला से हुआ। बीते दिनों सोशल मीडिया पर दोनों के बीच चली लंबी तनातनी और तीखी बयानबाजी के बाद फैंस को शो में तगड़े ड्रामे और बहस की उम्मीद थी। हालांकि, इसके बिल्कुल उलट दोनों कलाकारों ने परिपक्वता दिखाते हुए अपने सारे मतभेद भुला दिए और एक-दूसरे को गले लगाकर रो पड़े।शो के दौरान अपूर्वा और सूफी ने अपनी पिछली गलतफहमियों पर खुलकर दिल की बात रखी। सूफी ने स्पष्ट किया कि उनके दिल में अपूर्वा के लिए कोई नफरत नहीं है। इस पर काफी भावुक होकर अपूर्वा ने अपनी मां की कसम खाते हुए स्वीकार किया कि उन्होंने सूफी की दोस्ती को बहुत मिस किया।2025 के विवाद में सूफी ने बचाई मेरी जानबातचीत के दौरान अपूर्वा मखीजा ने एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि साल 2025 में जब वह समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' (India's Got Latent) के बड़े विवाद में फंसी थीं, तब उनका मानसिक स्वास्थ्य पूरी तरह टूट चुका था।अपूर्वा ने भावुक होकर बताया:धमकियां और FIR: उस दौरान उनके खिलाफ कई जगह एफआईआर दर्ज कराई गई थीं और सोशल मीडिया पर दुष्कर्म (Rape) व जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं।आत्महत्या के ख्याल: भारी ट्रोलिंग और तनाव के कारण वह आत्महत्या करने के बारे में सोच रही थीं।सूफी का सहारा: अपूर्वा ने सूफी मोतीवाला को अपनी जान बचाने का पूरा श्रेय देते हुए कहा, अगर उस वक्त सूफी मेरे साथ न होते, तो शायद आज मैं इस दुनिया में जिंदा न होती।क्यों टूटा था अपूर्वा और सूफी का रिश्ता?अपूर्वा मखीजा और सूफी मोतीवाला की दोस्ती 'द ट्रेटर्स' (The Traitors) शो के दौरान हुई थी। शो खत्म होने के बाद भी दोनों को अक्सर साथ देखा जाता था। लेकिन बाद में कुछ निजी कारणों और सूफी द्वारा अपूर्वा पर 'बागी व्यवहार' (Rebellious Behavior) के आरोप लगाने के बाद दोनों अलग हो गए थे।सूफी ने उस वक्त इंस्टाग्राम पर अपनी सफाई देते हुए लिखा था कि लोग उन पर अपूर्वा की पॉपुलैरिटी का फायदा उठाने का गलत आरोप लगा रहे हैं। सूफी का कहना था कि वह ऐसी दोस्ती में नहीं रह सकते जहां उनके साथ होने वाले बर्ताव की कोई जवाबदेही न हो, इसलिए उन्होंने दूरी बना ली थी। हालांकि, अब 'लॉक अप' के मंच पर दोनों के बीच दोबारा सुलह हो गई है, जिससे उनके फैंस बेहद खुश हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 10:39 pm

सलमान के बाद क्या शाहरुख भी छात्रों के समर्थन में:पोस्ट में दावा- मैं आप सभी के साथ हूं; जानें वायरल पोस्ट की सच्चाई

सलमान खान के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि शाहरुख खान ने भी नीट विवाद पर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन किया है। इंटरनेट पर शाहरुख के नाम से एक स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें छात्रों के समर्थन में मैसेज लिखा है। इस पोस्ट में पेपर लीक के अलावा पारदर्शी सिस्टम के लिए आवाज उठाई गई है। हालांकि, पड़ताल में यह स्क्रीनशॉट पूरी तरह फर्जी निकला है। शाहरुख खान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसा कोई पोस्ट शेयर नहीं किया है और न ही इस मुद्दे पर अब तक कोई प्रतिक्रिया दी है। वायरल स्क्रीनशॉट में क्या दावा किया जा रहा है?सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट में शाहरुख खान के हवाले से लिखा गया कि छात्रों ने दिखाया है कि असली ताकत किताबों, पेन और आवाज में होती है। फर्जी पोस्ट में लिखा था, यह लड़ाई सिर्फ एक एग्जाम के खिलाफ नहीं, बल्कि फेयर और पारदर्शी सिस्टम के लिए है। हर छात्र अपनी मेहनत का हिसाब चाहता है, न कि पेपर लीक या स्कैम। मैं इमोशनली और मॉरली आप सभी के साथ हूं। इस मैसेज के सामने आने के बाद कई लोगों को लगा कि शाहरुख खान ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। सामने आई सच्चाई, फैंस ने जताई नाराजगीजब शाहरुख खान के आधिकारिक इंस्टाग्राम और X (ट्विटर) अकाउंट्स की जांच की गई, तो वहां ऐसा कोई भी बयान या पोस्ट नहीं मिला। इसके बाद यह साफ हो गया कि इंटरनेट पर वायरल हो रहा स्क्रीनशॉट पूरी तरह से फर्जी और एडिट किया गया है। शाहरुख के फैंस ने भी सोशल मीडिया पर फर्जी स्क्रीनशॉट शेयर करने वाले यूजर्स को आड़े हाथों लिया और गलत जानकारी फैलाने के लिए नाराजगी जताई। सलमान खान समेत कई बॉलीवुड हस्तियां आ चुकी हैं समर्थन मेंदिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन को बॉलीवुड की कई नामचीन हस्तियों का समर्थन मिल चुका है। सलमान खान, करीना कपूर, आलिया भट्ट, इमरान खान, शबाना आजमी और राजकुमार राव जैसे कलाकारों ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध करते हुए उनकी मांगों को सही ठहराया है। इसी बीच लोगों को शाहरुख खान के बयान का भी इंतजार था, जिसका फायदा उठाकर किसी ने यह फर्जी पोस्ट वायरल कर दिया। 'किंग' फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं शाहरुख खानशाहरुख खान इन दिनों अपनी आने वाली एक्शन फिल्म 'किंग' की शूटिंग में व्यस्त हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में शाहरुख अपनी बेटी सुहाना खान के साथ नजर आएंगे। फिल्म में दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, राघव जुयाल और रानी मुखर्जी भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म 24 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। ये खबर भी पढ़ें दीया मिर्जा ने पीएम मोदी पर निशाना साधा:पेपर लीक पर 47 दिन बाद बोले, बच्चों को खोने वाले परिवारों के लिए एक शब्द भी नहीं कहा अभिनेत्री दीया मिर्जा ने नीट पेपर लीक विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर अपनी निराशा जताई है। सोशल मीडिया पर एक नोट शेयर करते हुए दीया ने कहा कि पीएम का बयान संवेदनहीन था। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:32 pm

टाइगर श्रॉफ और विद्युत जामवाल पहली बार आएंगे साथ, अनुभव सिन्हा करेंगे एक्शन फिल्म का निर्देशन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक अनुभव सिन्हा करेंगे, जबकि इसे टी-सीरीज के प्रमुख भूषण कुमार प्रोड्यूस करेंगे। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो यह फिल्म बॉलीवुड की सबसे बड़ी एक्शन फिल्मों में शामिल हो सकती है।

देशबन्धु 24 Jul 2026 3:51 pm

यूके में शूट हुई अली अब्बास जफर की नई फिल्म

मुंबई, यशराज फिल्म्स के प्रमुख आदित्य चोपड़ा मशहूर निर्देशक अली अब्बास जफर के साथ रोमांटिक एक्शन ड्रामा अनटाइटेल्ड फिल्म लेकर आ रहे हैं।

देशबन्धु 24 Jul 2026 3:39 pm

'कुछ लोग मेरे काम के अवसरों को रोक रहे हैं': तनुश्री दत्ता

मुंबई, अभिनेत्री तनुश्री दत्ता एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, उन्होंने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट शेयर की।

देशबन्धु 24 Jul 2026 3:28 pm

थलापति विजय की आखिरी फिल्म जन नायकन देखने पहुंचीं तृषा:निकलते हुए भीड़ ने घेरा, एक्ट्रेस की मां बोलीं- बुरा लग रहा है, उन्हें बहुत मिस करेंगे

एक्टर से राजनेता बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय की आखिरी फिल्म जन नायकन कल यानी 23 जुलाई को दुनियाभर में रिलीज हुई है। इस मौके पर उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड तृषा कृष्णन फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने पहुंची थीं। थिएटर के बाहर स्पॉट हुईं तृषा ने इस पर बात करने से इनकार कर दिया, जबकि उनकी मां ने भावुक होकर कहा कि वो विजय को बड़े पर्दे पर देखना मिस करेंगी। तृषा कृष्णन की मां उमा कृष्णन भी फिल्म देखने पहुंचीं। विजय की आखिरी फिल्म पर उन्होंने एएनआई से बातचीत में कहा, मुझे बहुत बुरा लग रहा है, हम उन्हें बहुत मिस करेंगे। फिल्म देखने पहुंचीं तृषा भीड़ में फंसी तृषा कृष्णन अपनी दोस्तों के साथ जन नायकन देखने पहुंची थीं। फिल्म देखकर निकलते हुए तृषा को भीड़ ने घेर लिया, जिसके बाद एक्ट्रेस कार तक पहुंचने में मशक्कत करती नजर आई हैं। फैंस की भीड़ के बीच पुलिस को भी एक्ट्रेस और उनकी दोस्तों को बचाने में जद्दोजहद करनी पड़ी। फिल्म देखने के कुछ देर बाद तृषा ने दोस्तों के साथ एक फोटो शेयर की है, जिसके कैप्शन में लिखा था, ‘हम जिंदा निकल कर आ गए’। वहीं फिल्म पर लिखा गया, ‘एक आखिरी बार, एक आखिरी डांस, जन नायकन का पागलपन।’ फिल्म ने पहले दिन किया 40 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन इंडस्ट्री ट्रैकर वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, विजय की फिल्म जन नायकन ने पहले दिन देशभर में 42.70 करोड़ का नेट कलेक्शन कर लिया है। सेंसरशिप के चलते टलती रही विजय की आखिरी फिल्म जन नायकन बता दें कि विजय ने बीते साल जन नायकन के बाद फिल्म से रिटायरमेंट का ऐलान किया था। ये फिल्म पहले जनवरी 2026 में रिलीज की जाने वाली थी। हालांकि सेंसरशिप के चलते फिल्म टलते हुए अब रिलीज हुई है। फिल्म रिलीज से पहले थलापति विजय के फैंस में काफी उत्साह देखने मिला। उनके कई फैंस विदेश से फिल्म देखने भारत आए हैं। साउथ के कई सिनेमाघरों के बाहर विजय के बड़े-बड़े कटआउट लगाए गए, जहां फैंस घंटों तक डांस करते रहे। ……………………………………… जन नायकन मूवी रिव्यू:विजय की आखिरी फिल्म पर राजनीति हावी, तीन घंटे का सफर बन गया थका देने वाला तमाशा विजय की आखिरी फिल्म होने के कारण 'जन नायकन' सिर्फ एक रिलीज नहीं, बल्कि करोड़ों प्रशंसकों के लिए भावनात्मक मौका थी। उम्मीद थी कि यह फिल्म उनके लंबे सिनेमाई सफर को यादगार विदाई देगी। लेकिन निर्देशक एच. विनोथ इसे कहानी से ज्यादा राजनीतिक संदेश और स्टार की छवि चमकाने का माध्यम बना देते हैं। नतीजा यह कि फिल्म कई बार मनोरंजन छोड़कर चुनावी भाषण जैसी लगने लगती है। विजय की मौजूदगी तालियां जरूर बटोरती है, लेकिन कमजोर पटकथा और जरूरत से ज्यादा लंबाई फिल्म का असर कम कर देती है। फिल्म की लंबाई 3 घंटे 3 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 2 स्टार दिए हैं। पूरा रिव्यू पढ़ें…

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 3:10 pm

अभिनेत्री मन्नारा चोपड़ा: सिर्फ छात्रों से जुड़े मुद्दों पर हो चर्चा

मुंबई, अभिनेत्री मन्नारा चोपड़ा ने कॉमेडियन कुणाल कामरा के जंतर-मंतर पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे मंचों का इस्तेमाल किसी खास धर्म या विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

देशबन्धु 24 Jul 2026 3:04 pm

मैं अटल हूं' में किरदार निभाना था बेहद मुश्किल, पंकज त्रिपाठी ने 'क्रिमिनल जस्टिस 4' को लेकर किया बड़ा खुलासा

अपनी बेमिसाल अदायगी और अनंतिम संवाद अदायगी (डायलॉग डिलीवरी) से हर किरदार में जान फूंकने वाले बॉलीवुड के मंझे हुए अभिनेता पंकज त्रिपाठी इन दिनों अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी बहुचर्चित फिल्म 'मैं अटल हूं' में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार निभाने के दौरान आई चुनौतियों पर खुलकर बात की। इसके साथ ही, दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो चुके ओटीटी (OTT) फ्रेंचाइजी शो 'क्रिमिनल जस्टिस सीजन 4' (Criminal Justice 4) को लेकर भी उन्होंने एक बड़ा और दिलचस्प खुलासा किया है, जिससे उनके फैंस की उत्सुकता सातवें आसमान पर पहुंच गई है।'मैं अटल हूं' फिल्म में अटल बिहारी वाजपेयी का किरदार निभाना क्यों था बड़ी चुनौतीबातचीत के दौरान पंकज त्रिपाठी ने बताया कि स्क्रीन पर एक महान राजनेता, कवि और दूरदर्शी व्यक्तित्व वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जैसी शख्सियत को जीवंत करना उनके करियर के सबसे कठिन कार्यों में से एक था। उन्होंने कहा कि चुनौती केवल उनके जैसी आवाज या हाव-भाव की नकल करने की नहीं थी, बल्कि उनके भीतर के उस इंसान, उनकी वैचारिक गहराई और राजनीतिक संवेदनशीलता को महसूस करने की थी। अभिनेता ने साझा किया कि इस बायोपिक के लिए उन्हें महीनों तक गहरी रिसर्च करनी पड़ी, ताकि देश के इस सम्मानित नेता के चरित्र के साथ पूरी ईमानदारी बरती जा सके और दर्शकों को एक प्रामाणिक सिनेमाई अनुभव मिल सके।'क्रिमिनल जस्टिस 4' को लेकर पंकज त्रिपाठी ने रखी अपनी खास शर्तओटीटी प्लेटफॉर्म पर कानूनी ड्रामा और अपनी बेहतरीन वकालत से घर-घर में मशहूर हुए 'माधव मिश्रा' यानी पंकज त्रिपाठी ने अपनी सुपरहिट सीरीज 'क्रिमिनल जस्टिस' के चौथे सीजन को लेकर भी खुलकर चर्चा की। जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका नया सीजन आ रहा है, तो उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा कि वह इस प्रोजेक्ट के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्होंने मेकर्स के सामने एक स्पष्ट शर्त रखी थी। अभिनेता ने साफ किया कि वह किसी भी प्रोजेक्ट को केवल औपचारिकता के लिए नहीं करना चाहते, इसलिए उनकी पहली और आखिरी शर्त यही रहती है कि स्क्रिप्ट और कोर्टरूम की बहसें उतनी ही धारदार और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी होनी चाहिए जितनी पिछले सीजनों में थीं।दर्शकों के बीच क्यों छाई रहती है पंकज त्रिपाठी की सादगी और अभिनय शैलीपंकज त्रिपाठी की सबसे बड़ी खूबी उनकी वह सादगी है जो पर्दे पर उनके हर किरदार को बेहद सहज और वास्तविक बना देती है। चाहे वह जमीन से जुड़ा कोई आम आदमी हो या फिर देश का नेतृत्व करने वाला राजनेता, उनकी अभिनय शैली हमेशा से दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ती है। 'मैं अटल हूं' और 'क्रिमिनल जस्टिस' जैसे अलग-अलग जॉनर के प्रोजेक्ट्स में उनकी यह बहुमुखी प्रतिभा एक बार फिर साबित करती है कि वे आज के समय में भारतीय सिनेमा के सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय अभिनेताओं में से एक क्यों माने जाते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 3:04 pm

साई पल्लवी बेहतरीन एक्ट्रेस हैं, पर क्या वह सीता जैसी दिखेंगी?' महाकाव्य रामायण पर दीपिका चिखलिया का बड़ा सवाल

भारतीय सिनेमा जगत और पौराणिक धारावाहिकों के इतिहास में अमर हो चुके रामानंद सागर के 'रामायण' में माता सीता का ऐतिहासिक किरदार निभाकर घर-घर में पूजनीय हुईं अभिनेत्री दीपिका चिखलिया एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों बहुप्रतीक्षित और मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' को लेकर जबरदस्त चर्चाएं चल रही हैं, जिसमें दक्षिण भारत की जानी-मानी अभिनेत्री साई पल्लवी को मां सीता के रूप में पर्दे पर उतारने की तैयारी है। इसी बीच, मूल 'सीता' यानी दीपिका चिखलिया ने इस कास्टिंग पर एक बड़ा और विचारोत्तेजक सवाल खड़ा कर दिया है, जिसके बाद से फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।साई पल्लवी की अभिनय क्षमता पर कोई शक नहीं, पर लुक पर संशयमीडिया और फैंस के साथ हाल ही में हुई एक बातचीत के दौरान जब दीपिका चिखलिया से पूछा गया कि वह आने वाली फिल्म 'रामायण' में साई पल्लवी को माता सीता के रूप में देखने को लेकर क्या सोचती हैं, तो उनका जवाब काफी संतुलित लेकिन तीखा था। दीपिका ने स्पष्ट रूप से कहा कि साई पल्लवी अपनी कला और अभिनय कौशल के मामले में एक बेहद शानदार और बेहतरीन अभिनेत्री हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। हालांकि, उन्होंने तुरंत यह सवाल भी उठाया कि क्या साई पल्लवी का चेहरा और शारीरिक बनावट उस पारंपरिक भारतीय छवि से मेल खाती है, जैसी दर्शक सदियों से माता सीता के रूप में कल्पना करते आए हैं।भारतीय संस्कृति और पौराणिक किरदारों की होती है एक अलग छविदीपिका चिखलिया ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब कोई ऐतिहासिक या धार्मिक महाकाव्य पर्दे पर उतारा जाता है, तो दर्शकों की भावनाएं उस पात्र के साथ गहराई से जुड़ी होती हैं। पुराने समय के कलाकारों का चयन करते समय उनके चेहरे पर एक खास शालीनता, सरलता और देवीय आभा का विशेष ध्यान रखा जाता था। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में भले ही निर्देशक और मेकर्स नए प्रयोग करना चाहते हैं, लेकिन दर्शकों के दिलों में मां सीता की जो एक शाश्वत और पवित्र छवि बसी हुई है, उस पर खरा उतरना किसी भी आधुनिक अभिनेत्री के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।नितेश तिवारी की मेगा-बजट 'रामायण' पर टिकी हैं सबकी नजरेंनिर्देशक नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आने वाले हैं, जबकि साई पल्लवी को लेकर सीता के रोल की चर्चाएं जोरों पर हैं। फिल्म के वीएफएक्स (VFX) और भव्य सेट डिजाइनिंग पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, ताकि इसे ग्लोबल लेवल पर एक ऐतिहासिक मास्टरपीस बनाया जा सके। ऐसे में, दिग्गज अभिनेत्री दीपिका चिखलिया द्वारा उठाया गया यह सवाल फिल्म की रिलीज से पहले ही एक बड़ा चर्चा का विषय बन गया है, और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक पर्दे पर साई पल्लवी को मां सीता के रूप में कितना स्वीकार करते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 3:02 pm

कुमार सानू की शादी की सिल्वर जुबली पर बेटी शैनन का इमोशनल पोस्ट

मुंबई, मशहूर प्लेबैक सिंगर कुमार सानू अपनी शादी की 25वीं सालगिरह मना रहे हैं।

देशबन्धु 24 Jul 2026 3:01 pm

दिया मिर्जा ने पीएम मोदी पर निशाना साधा:कहा- 47 दिन बाद बोले लेकिन कुछ नहीं कहा; प्रभावितों के लिए एक भी सहानुभूति भरा शब्द नहीं

अभिनेत्री दीया मिर्जा ने नीट पेपर लीक विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर अपनी निराशा जताई है। सोशल मीडिया पर एक नोट शेयर करते हुए दीया ने कहा कि पीएम का बयान संवेदनहीन था। उन्होंने सवाल उठाया कि हफ्तों से अनशन पर बैठे छात्रों, विरोध कर रहे युवाओं और अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों के लिए एक भी शब्द क्यों नहीं कहा गया। यह प्रतिक्रिया पीएम मोदी के उस वीडियो मैसेज के बाद आई है, जिसमें उन्होंने फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून बनाने का आश्वासन दिया था। 'टूटे दिलों को जोड़ने वाली बात नहीं कही'दीया मिर्जा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक भावुक नोट शेयर करते हुए सरकार के रवैये की आलोचना की। उन्होंने लिखा, उन माता-पिता के लिए सहानुभूति का एक शब्द भी नहीं, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया। अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों के संघर्ष, सोनम जी और हफ्तों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के लिए कुछ नहीं कहा गया। सर, इतना कठिन कैसे हो सकता है? दीया ने प्रधानमंत्री के देरी से बोलने पर सवाल उठाते हुए आगे लिखा, आपको कुछ कहने में 47 दिन लग गए। और अब जब आपने कहा है, तो भी कुछ नहीं कहा। ऐसा कुछ भी नहीं, जो उन लाखों टूटे हुए दिलों को राहत दे सके। पीएम मोदी ने वीडियो मैसेज में क्या कहा?मोदी ने गुरुवार आधी रात 12 बजे छात्रों के लिए वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी। पीएम ने बताया कि कैबिनेट में इससे जुड़े मसौदे पर आज चर्चा होगी और सख्त फैसले लिए जाएंगे। मंजूरी मिलने के बाद इसे अगले हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा। साथ ही इसे जल्द पास कराने की कोशिश होगी। PM मोदी ने X हैंडल पर 2.56 मिनट का एक वीडियो मैसेज पोस्ट किया। कहा- पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं। गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं। हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया। 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया। जंतर-मंतर पर एक महीने से जारी था CJP का प्रदर्शनदिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र संगठन करीब एक महीने से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षाओं में हुई धांधली के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। इसके साथ ही देश की पूरी परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार लागू किए जाएं। ये खबर भी पढ़ें करीना बोलीं- छात्रों की बात सुनना अहसान नहीं, हमारा फर्ज:कमल हासन बोले- सिस्टम सड़ चुका है; इमरान और वरुण समेत कई एक्टर्स समर्थन में उतरे दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधार आंदोलन को अब बॉलीवुड हस्तियों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। सलमान खान, आलिया भट्ट और अनन्या पांडे के बाद अब करीना कपूर खान, कमल हासन, वरुण धवन, इमरान खान और पीयूष मिश्रा भी छात्रों के पक्ष में आ गए हैं। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 2:32 pm

द इंडिया स्टोरी मूवी रिव्यू:बड़ा मुद्दा भी नहीं बचा पाया फिल्म को, कमजोर लेखन और बेजान कोर्टरूम ड्रामा ने किया पूरा खेल खराब

सिनेमा की सबसे बड़ी ताकत यही होती है कि वह मनोरंजन के साथ समाज के जरूरी सवाल भी उठा सके। द इंडिया स्टोरी भी कीटनाशकों, मिलावटी भोजन और बढ़ते कैंसर जैसे बेहद गंभीर विषय को पर्दे पर लाती है। विषय ऐसा है जो हर परिवार से जुड़ा है और जिस पर मजबूत फिल्म बन सकती थी। लेकिन अफसोस, यहां इरादे बड़े हैं और फिल्म बेहद छोटी साबित होती है। कमजोर पटकथा, बिखरा स्क्रीनप्ले, फीका कोर्टरूम ड्रामा और जरूरत से ज्यादा मेलोड्रामा मिलकर इस फिल्म को एक औसत अनुभव बना देते हैं। इस फिल्म की लेंथ 2 घंटा 20 मिनट है। दैनिक भास्कर ने इस फिल्म को 5 में से 2 स्टार रेटिंग दी है। कैसी है फिल्म की कहानी? कहानी पूर्व सैन्य अधिकारी मेजर योगेश पाटिल (श्रेयस तलपड़े) की है, जिसकी छोटी बेटी परी (त्रिशा शारदा) कैंसर की वजह से दुनिया छोड़ देती है। जांच के दौरान योगेश को पता चलता है कि उसकी बेटी की बीमारी के पीछे फलों, सब्जियों, दूध और दूसरे खाद्य पदार्थों में मौजूद जहरीले कीटनाशक हैं। इसके बाद वह सरकार, कीटनाशक कंपनियों और जरूरत से ज्यादा रसायनों का इस्तेमाल करने वाले किसानों को अदालत में कटघरे में खड़ा कर देता है। इस कानूनी लड़ाई में उसका साथ देती हैं वकील अर्चना (काजल अग्रवाल)। अदालत में सुनवाई शुरू होती है और यहीं से फिल्म को उड़ान भरनी चाहिए थी। लेकिन पूरी बहस इतनी कमजोर लिखी गई है कि मामला कभी रोमांचक बन ही नहीं पाता। विपक्ष के वकील (मनीष वाधवा) को भी सिर्फ औपचारिक मौजूदगी तक सीमित कर दिया गया है। न कोई जोरदार जिरह होती है, न चौंकाने वाले सबूत सामने आते हैं और न ही ऐसा कोई दृश्य जो दर्शकों से तालियां बटोर सके। आखिर तक फिल्म सिर्फ एक ही बात दोहराती रहती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? श्रेयस तलपड़े पूरी ईमानदारी से अपना किरदार निभाते हैं। बेटी को खोने वाले पिता का दर्द उनके चेहरे पर साफ दिखता है, लेकिन कमजोर लेखन उनके अभिनय को ऊंचाई तक नहीं पहुंचने देता। काजल अग्रवाल का अभिनय ठीक है, लेकिन अदालत में उनका किरदार प्रभाव नहीं छोड़ता। इतने बड़े केस की वकील होने के बावजूद उनके हिस्से कोई ऐसा दृश्य नहीं आता जो याद रह जाए। बाल कलाकार त्रिशा शारदा फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी हैं। बीमारी से जूझती बच्ची के रूप में वह दिल छू जाती हैं। मुरली शर्मा अपनी छोटी भूमिका में असर छोड़ते हैं, जबकि मनीष वाधवा जैसे सशक्त अभिनेता का पूरा इस्तेमाल ही नहीं किया गया। निर्देशन और तकनीकी पक्ष निर्देशक चेतन डीके का उद्देश्य अच्छा है, लेकिन फिल्म बनाने का तरीका बेहद साधारण है। स्क्रीनप्ले बिखरा हुआ है और कई दृश्य कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय सिर्फ जानकारी देने का काम करते हैं। सबसे बड़ी कमी कोर्टरूम ड्रामा में दिखाई देती है। जहां तेज बहस, मजबूत तर्क और कानूनी दांवपेंच होने चाहिए थे, वहां सब कुछ बेहद आसान और सपाट नजर आता है। सरकार, मीडिया और बड़ी कंपनियों जैसे अहम पहलुओं को भी सतही तरीके से दिखाया गया है। पहला हिस्सा डॉक्यूमेंट्री जैसा महसूस होता है, जबकि दूसरा हिस्सा जरूरत से ज्यादा भावुक हो जाता है। संपादन भी ढीला है और फिल्म कई जगह अपनी रफ्तार खो देती है। कैमरा वर्क और प्रोडक्शन डिजाइन सामान्य हैं। तकनीकी रूप से फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है जो बड़े पर्दे का अनुभव खास बना सके। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? संगीत पूरी तरह निराश करता है। कोई भी गीत याद नहीं रहता और पृष्ठभूमि संगीत भी फिल्म की भावनाओं को ज्यादा ऊंचाई नहीं दे पाता। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? द इंडिया स्टोरी इस बात का उदाहरण है कि सिर्फ अच्छा विषय किसी फिल्म को अच्छा नहीं बना सकता। जब पटकथा कमजोर हो, कोर्टरूम ड्रामा बेजान हो और निर्देशन में धार न हो, तो सबसे जरूरी मुद्दा भी अपना असर खो देता है। अगर आपका मकसद सिर्फ कीटनाशकों के नुकसान के बारे में जानना है तो फिल्म एक जानकारी जरूर देती है। लेकिन एक प्रभावशाली कोर्टरूम ड्रामा और मजबूत सिनेमाई अनुभव की उम्मीद लेकर जाएंगे तो यह फिल्म निराश ही करेगी।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 1:45 pm

दीपिका चिखलिया ने साई पल्लवी के लुक पर उठाए सवाल:कहा- रामायण में सीता के घुंघराले बालों का कहीं वर्णन नहीं; मेकर्स ने पोस्टपोन किया ट्रेलर

रणबीर कपूर की मोस्ट अवेटेड फिल्म रामायणः पार्ट-1 का ट्रेलर पोस्टपोन हो चुका है। ये ट्रेलर पहले 24 जुलाई यानी आज रिलीज किया जाना था, लेकिन आखिरी वक्त में इसे टाल दिया गया है। इस फैसले से फैंस काफी नाराज दिखे। वहीं दूसरी तरफ रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में माता सीता का किरदार निभाने वालीं दीपिका चिखलिया ने फिल्म में तथ्यों को गलत तरह दिखाने पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि फिल्म रामायण, टीवी शो रामायण को टक्कर नहीं दे पाएगी। दीपिका चिखलिया ने तथ्य गलत दिखाने पर उठाए सवाल रामानंद सागर के टीवी शो रामायण में माता सीता बनीं दीपिका चिखलिया ने फिल्म रामायण में सीता बनीं साई पल्लवी के घुंघराले बाल दिखाए जाने पर सवाल उठाए। वैराइटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में दीपिका ने साई पल्लवी पर कहा, तुलसीदास की रामायण में सीता का वर्णन बादाम जैसी आंखों वाली, एक निश्चित कद-काठी, लंबे बालों और गौर वर्ण वाली स्त्री के रूप में किया गया है। यही बात रामानंद सागर भी तलाश रहे थे और उन्हें वह रूप मुझमें दिखाई दिया। आगे उन्होंने कहा, मेरी पहचान आज भी सीता के रूप में है। कई बार लोग मेरा नाम भूल जाते हैं, लेकिन उन्हें याद रहता है कि मैंने सीता का किरदार निभाया था। यही मेरी पहचान है। मुझे लगता है कि हमारी रामायण का प्रभाव फिल्म 'रामायण' पर बहुत गहरा रहेगा। महामारी के दौरान जब हमारी रामायण का दूरदर्शन पर दोबारा प्रसारण हुआ था, तब नई पीढ़ी ने भी उसे देखा। ऐसे में उस छवि को मिटा पाना बहुत मुश्किल है। रामायण में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि सीता जी के घुंघराले बाल थे। अन्नू कपूर भी उठा चुके हैं साई पल्लवी की कास्टिंग पर सवाल सीनियर एक्टर अन्नू कपूर ने हाल ही में रणबीर कपूर स्टारर फिल्म रामायण में माता सीता का किरदार साउथ एक्ट्रेस साई पल्लवी को देने पर सवाल खड़े किए हैं। अन्नू कपूर ने हाल ही में जूम को दिए इंटरव्यू में कहा है कि भारत में बायोपिक नहीं बनानी चाहिए। आगे अन्नू कपूर ने नितेश तिवारी की अपकमिंग फिल्म रामायण पर कहा, ‘क्या बनाएंगे, जो बनाएंगे, वो रामानंद सागर की रामायण को टेक्नोलॉजिकली बहुत शू शां और फूं फां और शोशेबाजी कर देंगे। लेकिन उसके बाद आप ये सोचिए कि किसको आपने सीता का रोल दिया है। सीता मां हैं, इस देश का हिंदू श्री राम चंद्र को नारायण का अवतार मानते हैं और किनको लिया है माता सीता के रोल में। अब आप सोचिए।’ रामायण का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन फिल्म रामायण के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ने ऑफिशियल सोशल मीडिया से स्टेटमेंट जारी कर ट्रेलर पोस्टपोन होने की जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट से पार्टनरशिप होने के बाद ट्रेलर टाला गया है, क्योंकि वो अब इसे वर्ल्ड लेवल पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। स्टेटमेंट के आखिर में नमित मल्होत्रा ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा, मैं रामायण पर विश्वास रखने वाले सभी प्रशंसकों और समर्थकों का दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिनकी वजह से यह संभव हो पाया। हमारे देश का युवा ही हमारा भविष्य है। आइए, हम सभी मिलकर अपने भविष्य की रक्षा और उसे बेहतर बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। जय हिंद। 8 नवंबर को रिलीज होगी रामायणः पार्ट-1 बता दें कि एपिक सागा फिल्म रामायण, इंडियन सिनेमा की मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता के किरदार में हैं। ये फिल्म 8 नवंबर को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। सबसे मंहगे बिकेंगे रामायण के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म रामायण के हिंदी वर्जन के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए फिल्म के प्रोड्यूसर्स 450 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। जबकि अब तक सबसे मंहगे डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स शाहरुख खान की अपकमिंग फिल्म किंग के 250 करोड़ में बिके हैं। अगर ये फिल्म 450 की बजाए 300 करोड़ तक में भी डील करती है, तो ये बॉलीवुड के इतिहास की सबसे बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन डील बन जाएगी। फिल्म 'रामायण' से जुड़ी अहम बातें-

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 12:52 pm

'दुल्हनिया ले आएगी' फिल्म रिव्यू

फिल्म: दुल्हनिया ले आएगी, स्टार कास्ट: महेश मांजरेकर, पीयूष मिश्रा, खुशाली कुमार, ओमकार कपूर, स्नेहिल दीक्षित मेहरा (बीसी आंटी), निर्देशक: आकाशादित्य लामा, रिलीज डेट: 24 जुलाई 2026, कहां देखें: सिनेमाघरों में, अवधि: 2 घंटे 7 मिनट, रेटिंग: 3.5/5

देशबन्धु 24 Jul 2026 12:34 pm

'भाई को राजनीतिक रूप से हाइजैक कर लिया गया', छात्रों को प्रदर्शन खत्म करने की सलाह देने पर ट्रोल हुए सलमान खान

अभिनेता ने पेपर लीक मामले में सरकार की कार्रवाई पर जताया भरोसा, सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील; पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

देशबन्धु 24 Jul 2026 12:07 pm

टीवी इंडस्ट्री की पार्टी में ड्रग का बजट होता है:एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री बोलीं- नशे की वजह से कई बार शूटिंग कैंसिल हुई, मैंने भी सारे नशे किए

क्योंकि सास भी कभी बहू थी, कुसुम और कोई अपना सा जैसे कई सुपरहिट टीवी शोज में नजर आ चुकीं एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री ने हाल ही में टीवी इंडस्ट्री और एक्टर्स के नशे करने से जुड़ा एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खुद भी कबूला है कि वो सभी तरह के नशे कर चुकी हैं। इतना ही नहीं एक्ट्रेस ने ये भी दावा किया है कि टीवी इंडस्ट्री की पार्टीज के लिए ड्रग का बजट बनता था, कई बार तो शूटिंग तक कैंसिल करना पड़ता था। एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री ने हाल ही में सिद्धार्थ कानन के पॉडकास्ट में सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर बात की। एक्ट्रेस ने कहा कि ड्रग्स ही एक्टर की मौत की वजह बने। उन्होंने कहा- ‘उन्होंने आत्महत्या क्यों की ये मेरी समझ से परे है। लेकिन मुझे लगता है ड्रग्स ही वजह है। पहले हमारी इंडस्ट्री में पार्टी का बजट होता था कि दारू का कितना बजट होगा। अब ड्रग्स का बजट होता है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा, ‘आप इसे पसंद करें या न करें, लेकिन मैं खुद भी देखकर शॉक थी कि ड्रग्स का बजट होता है। इसलिए बहुत सालों से मैंने पार्टी करना बंद कर दिया है। अब वो पार्टियां नहीं होतीं कि गाना लगा है चलो डांस करें, अब पार्टीज कुछ अलग होती हैं, पूरी तरह।’ एक्ट्रेस ने दावा किया है कि टीवी इंडस्ट्री की बड़ी पार्टीज में खुलेआम ड्रग्स इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन छोटी पार्टीज में ओपनली ड्रग्स इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा- ‘हर कोई जानता है कि सब नशे करते हैं। मैं पर्सनली नहीं जानती कि कौन नशे करता है, लेकिन मैं ऐसी जगह गई हूं, जहां मैंने लोगों को ड्रग्स लेते देखा है।’ आगे एक्ट्रेस ने कहा है, ‘मैं सती सावित्री बनने की कोशिश नहीं कर रही हूं, मैंने अपनी जिंदगी में सारे नशे किए हैं। लेकिन मैंने एक्सपेरिमेंट की तरह किया है कि ये करने से क्या होता है। वर्ना अगर आप ड्रग्स में घुस जाओ, तो जिंदगी में कुछ नहीं कर सकते हो।’ नारायणी ने आगे कहा, ‘कोकेन की लत लग जाती है। मुझे लगता है कोकेन इंडस्ट्री को खा रही है। ये दुनिया को खा रही है, क्योंकि सभी ड्रग्स करते हैं। मैं बहुत कम लोगों को जानती हूं जो ड्रग्स नहीं करते हैं। मैं ये सब नहीं करती थी, लेकिन जब मैं ऐसी जगह गई, तो मैं वहां लोगों को देखकर शॉक हो जाती थी।’ एक्टर्स खड़े होने लायक नहीं होते, शूटिंग कैंसिल होती है- नारायणी जब आगे एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या एक्टर्स सेट पर या वैनिटी में ड्रग्स लेते हैं, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे नाम नहीं लेना है, लेकिन ये बहुत होता है। हमारी शूट कैंसिल हुई है, क्योंकि एक्टर्स शूट करने की हालत में नहीं है। महंगे एक्टर्स सेट पर बैठे हैं, लेकिन शूट नहीं हो रही, क्योंकि लोग खड़े होने लायक नहीं हैं। मेरे आखिरी दो शोज में ऐसा नहीं हुआ है, लेकिन पिछले शोज में ये बहुत हुआ है।’ अपने विवादित बयान में नारायणी शास्त्री ने साफ किया है कि वो ड्रग एडिक्ट नहीं हैं, उन्होंने सारे नशे सिर्फ ट्राय करने के लिए इस्तेमाल किए थे। एक्ट्रेस ने सफाई में कहा है कि उन्होंने पहली बार शराब इसलिए पी, जिससे उन्हें पता रहे कि अगर कोई उन्हें छिपकर शराब पिलाए तो पता हो कि उसका स्वाद कैसा है। कौन हैं एक्ट्रेस नारायणी शास्त्री

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 11:15 am

मिलाप जावेरी ने अमन और आकांक्षा की तारीफ में लिखे कसीदे-'आपके टैलेंट को कोई रोक नहीं सकता'

निर्देशक मिलाप जावेरी की फिल्म 'तेरा यार हूं मैं' से अभिनेता अमन इंद्र कुमार और आकांक्षा शर्मा हिंदी सिनेमा की दुनिया में कदम रखा है। शुक्रवार को निर्देशक ने सोशल मीडिया के माध्यम से दोनों कलाकारों की जमकर तारीफ की और साथ काम करने पर गर्व जताया।

देशबन्धु 24 Jul 2026 10:57 am

भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव पर भड़कीं मलाइका अरोड़ा:फोटो के लिए कुत्ते को बेरहमी से घसीटा गया, एक्ट्रेस बोलीं- ये बेवकूफ आदमी है कौन, वाहियात

एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा हाल ही में भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव पर भड़क गई हैं। इतना ही नहीं एक्ट्रेस उन्हें पहचान भी नहीं सकीं और उनके अस्तित्व पर सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, हाल ही में खेसारी लाल यादव एक इवेंट का हिस्सा बने थे। जैसे ही वो पोज देने के लिए कैमरामैन के सामने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि जिस जगह बैकग्राउंड बैनर लगा है, ठीक उसी जगह एक आवारा कुत्ता बैठा है। खेसारी लाल यादव ने खुद तो कुत्ते को छुआ तक नहीं, लेकिन वहां मौजूद टीम ने उस कुत्ते को बेरहमी से घसीटते हुए वहां से अलग कर दिया। खेसारी लाल यादव शांत खड़े देखते रहे और कुत्ते को हटाए जाने के बाद उन्होंने वहां पोज दिए। इवेंट का वीडियो सामने आने के बाद मलाइका भड़क गईं। मलाइका ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट से खेसारी लाल यादव का वो वीडियो शेयर कर भड़कते हुए लिखा है, ‘ये लोग हैं कौन और ये आदमी कौन है, जो खड़ा होकर पोज दे रहा है। वाहियात।’ इतना ही नहीं। ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से वीडियो री-शेयर करने के अलावा मलाइका अरोड़ा ने शेयर किए गए वीडियो पर भी दो कमेंट किए। पहले कमेंट में मलाइका ने लिखा, ‘वाहियात’। और दूसरे कमेंट में उन्होंने लिखा, ‘ये बेवकूफ कौन है, क्या इसके लिए पोज देना इतना जरूरी था।’ मलाइका का कमेंट सामने आने के बाद कई लोग खेसारी लाल यादव की पैरवी करते हुए उनकी पहचान बता रहे हैं। वहीं कुछ ट्रोलर्स ऐसे भी हैं, जो मलाइका को ही ट्रोल कर रहे हैं। कौन हैं खेसारी लाल यादव?

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 10:02 am

मूवी रिव्यू: उत्तर दा पुत्तर:वास्तु के बहाने बड़ा तंज कसती है फिल्म, क्या किस्मत सच में दिशाओं से बदलती है?

वास्तु, किस्मत और अंधविश्वास जैसे विषयों पर कई बार बहस होती है, लेकिन फिल्मों में इसे हल्के फुल्के और मनोरंजक अंदाज में कम ही दिखाया जाता है। 'उत्तर दा पुत्तर' इसी कोशिश के साथ आती है। फिल्म हंसाती है, व्यंग्य करती है और आखिर में एक ऐसा सवाल छोड़ जाती है, जो शायद थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी आपके साथ चलता है। हालांकि कुछ कमियां इसे और बेहतर बनने से रोकती हैं। इस फिल्म की लेंथ 1 घंटा 43 मिनट है। इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की कहानी फिजिक्स के प्रोफेसर साईं राम टुटेजा (अन्नू कपूर) की है। विज्ञान पढ़ाने वाले टुटेजा खुद वास्तु पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। उनकी जिद है कि वह तभी अपना घर बनाएंगे, जब उसे उत्तर दिशा की ओर फेस करने वाली परफेक्ट जमीन मिले। इसी वजह से सालों तक किराए के घर में रहते हैं। जब आखिरकार उन्हें मनचाही जमीन मिलती है और सपनों का घर बनाने का सफर शुरू होता है, तब किस्मत उनके सामने एक के बाद एक मुश्किलें खड़ी कर देती है। इंटरवल के बाद कहानी दिलचस्प मोड़ लेती है, जब टुटेजा समझते हैं कि जिंदगी सिर्फ दिशा नहीं, बल्कि अपने फैसलों और मेहनत से बदलती है। इस सफर में उनका छात्र ज्ञान चंद उर्फ जीसी (सुमित गुलाटी) उनका सबसे बड़ा सहारा बनता है। फिल्म कॉमेडी और व्यंग्य के जरिए वास्तु और अंधविश्वास पर सवाल भी उठाती है। कई जगह इसकी झलक 'खोसला का घोंसला' की याद दिलाती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? अन्नू कपूर पूरी फिल्म की जान हैं। साईं राम टुटेजा के किरदार में उनका अभिनय इतना सहज है कि कई बार लगता है जैसे यह किरदार उन्हीं के लिए लिखा गया हो। कॉमेडी, इमोशन और टाइमिंग, हर जगह वह फिल्म को अपने कंधों पर संभाल लेते हैं। सुमित गुलाटी (ज्ञान चंद उर्फ जीसी) दूसरे हिस्से में कहानी का मजबूत आधार बनते हैं और अपने किरदार में ईमानदार नजर आते हैं। रुखसार रहमान (गिन्नी) सधी हुई एक्टिंग करती हैं। राजेंद्र सेठी (आनंद राज आनंद) कम स्क्रीन टाइम में भी असर छोड़ते हैं। बृजेंद्र काला, पवन मल्होत्रा, इश्तियाक खान और नितिन अरोड़ा जैसे कलाकार अपनी मौजूदगी से फिल्म को और मनोरंजक बनाते हैं। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष डायरेक्टर रविंदर सिवाच ने एक अच्छे आइडिया को मनोरंजक तरीके से पेश किया है। फिल्म का मैसेज साफ है और वह बिना भाषण दिए अपनी बात कह जाती है। हालांकि कुछ सीन जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं और एडिटिंग थोड़ी टाइट होती तो फिल्म का असर और बढ़ सकता था। कास्टिंग में भी एक बात खटकती है। नासिर अब्दुल्ला, जो गिन्नी के पिता बने हैं, पर्दे पर अन्नू कपूर से उम्र में छोटे नजर आते हैं। ऐसे में उनका अन्नू कपूर के ससुर वाला किरदार पूरी तरह विश्वसनीय नहीं लगता। कैमरा वर्क और बाकी टेक्निकल पहलू कहानी के हिसाब से ठीक हैं। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का म्यूजिक कहानी के साथ चलता है। गाने सीन के हिसाब से अच्छे लगते हैं, लेकिन थिएटर से बाहर निकलने के बाद बहुत ज्यादा याद नहीं रहते। बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के मूड को सपोर्ट करता है। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? 'उत्तर दा पुत्तर' कोई बड़ी या भव्य फिल्म नहीं है, लेकिन एक अच्छे विषय को ईमानदारी और हल्के फुल्के अंदाज में पेश करती है। अन्नू कपूर का शानदार अभिनय, बाकी कलाकारों का साथ और व्यंग्य से भरी कहानी इसे एक बार देखने लायक बनाती है। अगर आप ऐसी फिल्में पसंद करते हैं जो हंसाने के साथ सोचने पर भी मजबूर करें, तो 'उत्तर दा पुत्तर' आपको निराश नहीं करेगी। हालांकि थोड़ी टाइट एडिटिंग और कुछ बेहतर कास्टिंग फैसले इसे और मजबूत बना सकते थे।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 9:00 am

रणबीर कपूर और यश की 'रामायण' का ट्रेलर हुआ पोस्टपोन, सोनी पिक्चर्स के साथ महा-पार्टनरशिप के बाद अब ग्लोबल लेवल पर मचेगा तहलका

सिनेमा जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। निर्देशक नितेश तिवारी की बहुचर्चित और मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' का फैंस जिस ऐतिहासिक ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, उसे फिलहाल टाल दिया गया है। फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने शुक्रवार सुबह आधिकारिक तौर पर यह जानकारी साझा की है कि ट्रेलर की रिलीज को आगे बढ़ा दिया गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि मेकर्स ने भारत के बाहर फिल्म के ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन के लिए हॉलीवुड के दिग्गज स्टूडियो 'सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट' के साथ एक ऐतिहासिक साझेदारी (Partnership) पक्की कर ली है। अब इस फिल्म का ट्रेलर किसी आम भारतीय फिल्म की तरह रिलीज न होकर दुनिया भर में एक भव्य ग्लोबल इवेंट के रूप में लॉन्च किया जाएगा।सोनी पिक्चर्स के साथ हुई महा-डील, ग्लोबल मंच पर पहुंचेगी भारतीय संस्कृतिनिर्माता नमित मल्होत्रा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस बड़े बदलाव के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के साथ हुई इस पार्टनरशिप से 'रामायण' को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने का उनका सपना अब सच होने जा रहा है। सोनी पिक्चर्स इस फिल्म को भारत के बाहर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिस्ट्रीब्यूट करेगी, जिससे इस सिनेमैटिक मास्टरपीस को ग्लोबल लेवल पर अभूतपूर्व पहुंच मिलेगी। मेकर्स का मानना है कि भारतीय सिनेमा के 100 साल से अधिक के इतिहास में यह बेहद गर्व का पल होगा जब हमारी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर बनी किसी फिल्म को किसी बड़ी हॉलीवुड फ्रेंचाइजी की तरह पूरी दुनिया में एक साथ दिखाया जाएगा।मेकर्स की नई मार्केटिंग स्ट्रेटेजी और फैंस के लिए खास संदेशइस पूरी घोषणा के पीछे निर्माताओं की बदलती हुई मार्केटिंग स्ट्रेटेजी साफ तौर पर देखी जा सकती है। पहले की प्लानिंग के मुताबिक आज ही ट्रेलर सामने आने वाला था, लेकिन सोनी पिक्चर्स के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टाई-अप होने के बाद मेकर्स ने इसे एक बड़े ग्लोबल कैंपेन का रूप देने का फैसला किया है। हालांकि, टीम की तरफ से अभी तक ट्रेलर रिलीज की नई तारीख का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन इतना तय है कि यह फिल्म भारतीय कहानियों और संस्कृति को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने के लिए एक सांस्कृतिक दूत (Cultural Ambassador) की भूमिका निभाएगी। अंत में निर्माताओं ने फिल्म को लगातार सपोर्ट कर रहे सभी फैंस और शुभचिंतकों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 7:55 am

Jana Nayagan Star Fees: बजट से थोड़ी ही कम है थलापति विजय की फीस, Bobby से लेकर डायरेक्टर तक ने कितना वसूला

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय की बहुचर्चित और उनके करियर की आखिरी फिल्म माने जा रही 'जन नायगन' (Jana Nayagan) इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई कर रही है और रिलीज के साथ ही इसने पर्दे पर कब्जा जमा लिया है। कई विवादों और लंबे इंतजार के बाद सिनेमाघरों में उतरी इस फिल्म को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। फिल्म की सफलता के बीच अब इसकी स्टारकास्ट और मेकर्स की भारी-भरकम फीस का खुलासा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, थलापति विजय की सैलरी इतनी ज्यादा है कि वह किसी सामान्य फिल्म के पूरे बजट के बराबर बैठती है, तो वहीं विलेन बने बॉबी देओल और निर्देशक की फीस ने भी सबको चौंका दिया है।थलापति विजय ने वसूली इतनी भारी-भरकम रकम, पूजा हेगड़े की फीस भी आई सामनेसाउथ सिनेमा में अपनी अदाकारी और स्टारडम का लोहा मनवा चुके थलापति विजय फिल्मों से दूरी बनाकर अब पूरी तरह राजनीति में सक्रिय हो रहे हैं, ऐसे में 'जन नायगन' उनके फैंस के लिए बेहद खास है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मेगा-बजट फिल्म का कुल बजट 300 से 500 करोड़ रुपये के बीच आंका गया है। 'न्यूज 18' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले थलापति विजय ने इस फिल्म में काम करने के लिए लगभग 275 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक फीस चार्ज की है, जो कई फिल्मों के कुल बजट को भी पीछे छोड़ देती है। वहीं दूसरी ओर, इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रही लोकप्रिय अभिनेत्री पूजा हेगड़े ने अपनी एक्टिंग के लिए लगभग 6 करोड़ रुपये की फीस ली है।बॉबी देओल से लेकर डायरेक्टर एच. विनोद तक ने झटके इतने करोड़रणबीर कपूर की फिल्म 'एनिमल' के बाद से खलनायक के रूप में अपनी एक नई और दमदार पहचान बनाने वाले अभिनेता बॉबी देओल ने 'जन नायगन' में भी एक खतरनाक विलेन की भूमिका निभाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फिल्म के लिए बॉबी देओल ने 5 से 10 करोड़ रुपये के बीच की रकम वसूली है। हालांकि, सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म के निर्देशन के लिए डायरेक्टर एच. विनोद ने लगभग 25 करोड़ रुपये लिए हैं, जबकि फिल्म का शानदार संगीत तैयार करने वाले मशहूर म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर ने इसके लिए 13 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं।बॉक्स ऑफिस पर पहले ही दिन किया बड़ा धमाकास्टार्स की भारी-भरकम फीस और तगड़ी स्टारकास्ट के दम पर बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार शुरुआत की है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, 'जन नायगन' ने अपने पहले ही दिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर लगभग 25.99 करोड़ रुपये की धांसू ओपनिंग दर्ज की है। फिल्म के एक्शन सीन्स, थलापति विजय का स्वैग और बॉबी देओल के साथ उनकी टक्कर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में पूरी तरह कामयाब साबित हो रही है। आने वाले दिनों में यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर और भी कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ने की पूरी उम्मीद जगा रही है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 7:53 am

'कर्ली बालों वाली सीता को शायद लोग न करें स्वीकार...', नितेश तिवारी की Ramayana पर बोलीं पुरानी सीता दीपिका चिखलिया

सिनेमा जगत में इन दिनों नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' को लेकर जबरदस्त चर्चाएं हैं। फिल्म के ट्रेलर रिलीज से ठीक पहले, रामानंद सागर के पौराणिक धारावाहिक 'रामायण' में माता सीता का अमर किरदार निभाकर घर-घर में पूजनीय हुईं अभिनेत्री दीपिका चिखलिया का एक बड़ा बयान सामने आया है। 'वैरायटी इंडिया' को दिए गए एक इंटरव्यू में दीपिका ने नई 'रामायण' में अभिनेत्री साई पल्लवी के सीता के रोल पर खुलकर अपनी राय रखी है। इसके साथ ही उन्होंने अरुण गोविल की राजा दशरथ के रूप में पौराणिक दुनिया में वापसी और अपनी पुरानी यादों पर भी खुलकर बात की है।साई पल्लवी के सीता बनने पर बोलीं दीपिका- परफॉर्मेंस देखे बिना कुछ कहना जल्दबाजी होगीजब इंटरव्यू के दौरान दीपिका चिखलिया से यह पूछा गया कि वह नई फिल्म में साई पल्लवी को माता सीता के रूप में देखने को लेकर क्या सोचती हैं, तो उन्होंने साई पल्लवी की तारीफ करते हुए उन्हें बेहद टैलेंटेड एक्ट्रेस बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि बिना उनकी परफॉर्मेंस देखे किसी भी कलाकार को कास्ट करने के फैसले पर कोई टिप्पणी करना सही नहीं होगा। दीपिका ने कहा कि उन्होंने साई पल्लवी का काम पहले देखा है और वे बहुत बेहतरीन हैं, लेकिन वे सीता के रूप में पर्दे पर कैसी लगेंगी, यह फिल्म रिलीज होने और उनके अभिनय को देखने के बाद ही साफ तौर पर कहा जा सकता है।तुलसीदास की रामायण का जिक्र कर बताई माता सीता की पारंपरिक छविअपनी बात को आगे बढ़ाते हुए दीपिका चिखलिया ने तुलसीदास की रामायण में माता सीता के वर्णन का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि उस ग्रंथ में सीता जी के रूप-रंग को लेकर बादाम जैसी आंखें, एक खास कद-काठी और विशेष प्रकार के सौंदर्य का जिक्र किया गया है। रामानंद सागर भी अपने शो के लिए ठीक ऐसी ही खूबियों वाली अभिनेत्री की तलाश कर रहे थे, जो उन्हें मुझमें नजर आई थीं। दीपिका ने यह भी आशंका जताई कि आज की युवा पीढ़ी के जेहन में रामानंद सागर की रामायण वाली सीता की जो एक खास और पारंपरिक छवि बसी हुई है, ऐसे में नई फिल्म में 'कर्ली बालों वाली सीता' के रूप में साई पल्लवी के लुक को दर्शक कितनी आसानी से स्वीकार कर पाएंगे, यह देखने वाली बात होगी।पुरानी विरासत और स्टारकास्ट को लेकर क्या बोलीं टीवी की सीता?दीपिका का मानना है कि उनकी वाली 'रामायण' की विरासत आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है, खासकर कोविड महामारी के दौरान जब इसे दोबारा टीवी पर प्रसारित किया गया, तो आज की यंग जनरेशन ने भी इसे बहुत प्यार दिया और उनके मन में सीता जी की वही पुरानी छवि स्थायी रूप से बैठ गई है। आपको बता दें कि नितेश तिवारी की इस मेगा-बजट फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में नजर आने वाले हैं, जबकि यश खूंखार खलनायक रावण की भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा फिल्म में सनी देओल बजरंगबली हनुमान के और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में दिखाई देंगे। यह बहुप्रतीक्षित फिल्म इसी साल दिवाली के खास मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 7:50 am

बॉक्स ऑफिस पर थलापति विजय की 'जन नायगन' से भिड़ी अजय देवगन की 'धमाल 4', जानिए 14वें दिन किसकी हुई जीत

बॉलीवुड के सिंघम यानी अजय देवगन की बहुचर्चित कॉमेडी फ्रेंचाइजी फिल्म 'धमाल 4' इन दिनों सिनेमाघरों में तहलका मचा रही है। बीते 10 जुलाई को रिलीज होने के बाद से ही इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपना ऐसा दबदबा बनाया कि अक्षय कुमार की 'वेलकम टू द जंगल' और स्पाई यूनिवर्स की फिल्म 'ऐल्फा' जैसी बड़ी फिल्मों को भी पछाड़ दिया। यहां तक कि क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म के आने से भी 'धमाल 4' के विजय रथ पर कोई ब्रेक नहीं लगा। लेकिन अब सिनेमाघरों में फिल्म का मुकाबला साउथ के सुपरस्टार थलापति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायगन' से हो चुका है। तो आइए जानते हैं कि थलापति विजय की इस नई चुनौती के सामने 14वें दिन बॉक्स ऑफिस पर 'धमाल 4' का प्रदर्शन कैसा रहा और क्या इसका सिंहासन हिल गया है?'जन नायगन' की एंट्री से थमी 'धमाल 4' की रफ्तार, जानिए 14वें दिन का कलेक्शनथलापति विजय की इस आखिरी फिल्म को मेकर्स ने पैन इंडिया लेवल पर रिलीज किया है, जहां हिंदी भाषी क्षेत्रों में इसे 'जन नेता' नाम से उतारा गया है। इस फिल्म के सिनेमाघरों में दस्तक देते ही 'धमाल 4' की ताबड़तोड़ कमाई की रफ्तार पर थोड़ा असर जरूर देखने को मिला है। बॉक्स ऑफिस ट्रैकर्स सैकनिल्क की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, अपनी रिलीज के 14वें दिन यानी गुरुवार को 'धमाल 4' ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर लगभग 2.46 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इसके साथ ही भारतीय बाजार में इस कॉमेडी फिल्म का कुल नेट कलेक्शन अब बढ़कर 136.96 करोड़ रुपये के आंकड़े पर पहुंच गया है। वहीं दूसरी तरफ, ऑनलाइन लीक होने की तमाम खबरों के बावजूद 'जन नायगन' ने हिंदी बेल्ट में पहले दिन 2 से 3 करोड़ रुपये की ठोस ओपनिंग हासिल की है।गुरुवार को मिले इतने शोज और तेजी से 200 करोड़ की ओर बढ़ती फिल्मनिर्देशक इंदर कुमार के निर्देशन में बनी फिल्म 'धमाल 4' को रिलीज के दो हफ्ते बाद भी सिनेमाघरों में अच्छा-खासा स्पेस मिल रहा है। गुरुवार को देशभर के थिएटर्स में इस फिल्म को कुल 11,483 शोज मिले, जो यह बताने के लिए काफी हैं कि दर्शकों के बीच इसकी डिमांड अभी भी बनी हुई है। हालांकि घरेलु बॉक्स ऑफिस पर थलापति विजय की फिल्म के आने से 'धमाल 4' की दैनिक कमाई में थोड़ी गिरावट जरूर आई है, लेकिन वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म अब भी गदर काट रही है। फिल्म ने दुनिया भर में कुल 182.62 करोड़ रुपये की शानदार कमाई कर ली है और अब यह तेजी से प्रतिष्ठित 200 करोड़ रुपये के क्लब की तरफ अपने कदम बढ़ा रही है। अगर इसके ओवरसीज कलेक्शन की बात करें, तो विदेशी बाजारों से इस मूवी ने अब तक लगभग 22.60 करोड़ रुपये का बिजनेस कर लिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jul 2026 7:48 am

मूवी रिव्यू: दुल्हनिया ले आएगी:रिश्तों पर नहीं, समाज की सोच पर निशाना साधती है खुशाली कुमार की फिल्म

क्या 30 की उम्र पार होते ही लड़की की शादी कर देना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए? यही सवाल उठाती है निर्देशक आकाशादित्य लामा की फिल्म 'दुल्हनिया ले आएगी'। कॉमेडी, इमोशन और पारिवारिक रिश्तों के ताने-बाने में बुनी गई यह फिल्म मनोरंजन के साथ एक जरूरी सामाजिक संदेश भी देती है कि शादी की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती। हालांकि कहानी कई जगह अनुमानित लगती है, लेकिन इसका उद्देश्य और क्लाइमैक्स फिल्म को एक बार देखने लायक बना देते हैं। इस फिल्म की लेंथ 2 घंटा 8 मिनट है। दैनिक भास्कर ने इस फिल्म को 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। कैसी है फिल्म की कहानी? फिल्म की कहानी 32 वर्षीय नव्या (खुशहाली कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है। बढ़ती उम्र को लेकर उसके पिता (महेश मांजरेकर) लगातार उसकी शादी की चिंता करते रहते हैं। जल्दबाजी में उसकी शादी एक ऐसे लड़के से तय कर दी जाती है, जिसके पहले से कई लड़कियों के साथ अफेयर रह चुके होते हैं। नव्या को इस सच्चाई का पता चल जाता है, लेकिन वह अपने पिता का दिल नहीं तोड़ना चाहती। वह यह बात उनसे छिपा लेती है और तय करती है कि शादी तो उसी दिन होगी, लेकिन सही दूल्हे के साथ। इसके बाद शुरू होती है उसके लिए सही जीवनसाथी की तलाश, जिसमें कई मजेदार और भावुक घटनाएं सामने आती हैं। इस सफर में ओंकार कपूर का किरदार भी कहानी में अहम मोड़ लेकर आता है। फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसका क्लाइमैक्स है। आखिर में निर्देशक यह संदेश देते हैं कि सरकार ने भले ही लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र तय कर दी हो, लेकिन शादी की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती। लड़की को तभी शादी करनी चाहिए, जब उसे सही जीवनसाथी मिले। हालांकि पहले हाफ में कहानी थोड़ी धीमी गति से आगे बढ़ती है और कई घटनाएं पहले से अनुमानित लगती हैं। अगर स्क्रीनप्ले पर थोड़ा और काम किया जाता तो फिल्म और प्रभावशाली बन सकती थी। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? खुशहाली कुमार ने नव्या के किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है। उन्होंने एक ऐसी लड़की की भावनाओं को अच्छी तरह पर्दे पर उतारा है, जो परिवार की खुशी और अपनी जिंदगी के फैसलों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती है। ओंकार कपूर अपने किरदार में सहज नजर आते हैं और कहानी को हल्कापन देने में सफल रहते हैं। महेश मांजरेकर एक चिंतित पिता के रूप में प्रभाव छोड़ते हैं। उनके और खुशहाली कुमार के बीच के भावनात्मक दृश्य फिल्म की सबसे मजबूत कड़ियों में शामिल हैं। वहीं पीयूष मिश्रा अपनी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद अदायगी से हर बार की तरह प्रभावित करते हैं। भले ही उनका किरदार बहुत लंबा न हो, लेकिन जहां भी नजर आते हैं, अपनी छाप छोड़ जाते हैं। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष निर्देशक आकाशादित्य लामा ने गंभीर सामाजिक मुद्दे को भारी-भरकम बनाने के बजाय हल्के-फुल्के और मनोरंजक अंदाज में पेश किया है। यही फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहानी को पारिवारिक दर्शकों के हिसाब से सरल और सहज रखा है। सिनेमैटोग्राफी फिल्म के माहौल के अनुरूप है और रंगों का इस्तेमाल आकर्षक लगता है। एडिटिंग पहले हाफ में थोड़ी और कसी जा सकती थी, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी अच्छी रफ्तार पकड़ लेती है। संवाद कई जगह मुस्कुराने पर मजबूर करते हैं, जबकि क्लाइमैक्स भावनात्मक असर छोड़ता है। कैसा है फिल्म का म्यूजिक? फिल्म का संगीत इसकी मजबूत कड़ियों में से एक है। 'बिटिया पराई नहीं होती' गाना भावनात्मक रूप से दिल को छूता है और फिल्म के संदेश को मजबूती देता है। वहीं 'जलवा दिखा जाए' कहानी में मनोरंजन का तड़का लगाता है। दोनों गाने फिल्म के मूड के साथ अच्छी तरह मेल खाते हैं और याद रह जाते हैं। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? 'दुल्हनिया ले आएगी' कोई बहुत अलग कहानी नहीं कहती, लेकिन समाज में लड़कियों की शादी को लेकर बने दबाव और सोच पर जरूरी सवाल जरूर उठाती है। फिल्म कॉमेडी, इमोशन और सामाजिक संदेश का संतुलित मिश्रण है। अगर आप परिवार के साथ ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं, जो मनोरंजन के साथ एक सकारात्मक संदेश भी दे, तो यह फिल्म आपके लिए अच्छी पसंद हो सकती है।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 6:30 am

करीना बोलीं- छात्रों की बात सुनना अहसान नहीं, हमारा फर्ज:कमल हासन बोले- सिस्टम सड़ चुका है; इमरान और वरुण समेत कई एक्टर्स समर्थन में उतरे

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधार आंदोलन को अब बॉलीवुड हस्तियों का बड़ा समर्थन मिल रहा है। सलमान खान, आलिया भट्ट और अनन्या पांडे के बाद अब करीना कपूर खान, कमल हासन, वरुण धवन, इमरान खान और पीयूष मिश्रा भी छात्रों के पक्ष में आ गए हैं। करीना कपूर ने कहा कि देश के युवाओं की मांग सुनना कोई अहसान नहीं, बल्कि हमारा फर्ज है। वहीं कमल हासन ने मौजूदा शिक्षा व्यवस्था को सड़ा हुआ बताया है। इमरान खान ने मुंबई में खुद सड़क पर उतरकर छात्रों के साथ प्रदर्शन किया। इमरान खान की प्रोटेस्ट में तस्वीरें करीना बोलीं- बच्चे कल की तैयारी नहीं कर रहे, वे ही कल हैंकरीना कपूर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नोट शेयर किया है। उन्होंने लिखा, मैं पिछले कुछ दिनों से इस मुद्दे पर शांत थी, लेकिन अब चुप नहीं रह सकती। अपनी आवाज उठाने वाले युवाओं की अनदेखी करना नामुमकिन है और ऐसा होना भी नहीं चाहिए। शिक्षा से बच्चे को भरोसा और उम्मीद मिलती है। लेकिन शिक्षा तभी काम करती है जब बच्चों को इस पर विश्वास हो। अगर उन्हें लगेगा कि ईमानदारी, मेहनत और मेरिट का कोई मतलब नहीं है, तो उनका भरोसा उठ जाएगा। करीना ने आगे लिखा, छात्रों को ऐसी व्यवस्था मिलनी चाहिए जिस पर वे भरोसा कर सकें। जब पूरी पीढ़ी अपने भविष्य के लिए एक आवाज में बोलती है, तो उन्हें सुनना अहसान नहीं, हमारा फर्ज है। हमारे बच्चे हमें देख रहे हैं। वे कल की तैयारी नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे ही हमारा कल हैं। कमल हासन बोले- सिस्टम सड़ चुका एक्टर और नेता कमल हासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश के शिक्षा तंत्र पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, जब एक बच्चा रोया था, तब हमें सुन लेना चाहिए था। हमने तब तक इंतजार किया जब तक कई बच्चों की मौत नहीं हो गई। एक ऐसा सिस्टम जहां सीखने की जगह कोचिंग ने ले ली है, उत्सुकता की जगह चिंता ने ले ली है और मेरिट की जगह अपराध ने ले ली है, वह सिस्टम पूरी तरह सड़ चुका है। जब बच्चों को जवाबों की जगह बैरिकेड्स और लाठियां मिलती हैं, तो देश नाकाम साबित होता है। कमल हासन ने 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जिक्र करते हुए उनसे अपना अनशन खत्म करने की अपील भी की। उन्होंने देश के बच्चों से कहा कि आपने अपना फर्ज निभाया है, अब देश को आपके लिए अपना फर्ज निभाना होगा। मुंबई में प्रदर्शन में शामिल हुए इमरान खानएक्टर इमरान खान बुधवार को नीट धांधली के खिलाफ मुंबई में आयोजित एक विरोध मार्च में खुद शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने दिल्ली में 'चलो संसद' मार्च के दौरान छात्रों पर हुए आंसू गैस और लाठीचार्ज पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने लिखा था, जब मैंने देखा कि पुलिस छात्रों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज कर रही है, तो मेरा दिल टूट गया। जिन छात्रों ने मेहनत की, उन्हें सिस्टम ने धोखा दिया और जब उन्होंने अपनी बात रखनी चाही तो उन्हें लाठियों से चुप करा दिया गया। मुंबई मार्च के दौरान जब एक युवा कलाकार ने उनसे पूछा कि कई एक्टर्स राजनीति पर बोलने से बचते हैं, तो इमरान ने कहा, सच्ची कला में कलाकार का अपना नजरिया होता है। अगर आप अपनी राय के साथ खड़े नहीं हो सकते और अपनी कला में दिल नहीं डाल सकते, तो उस कला की कोई कीमत नहीं है। वरुण धवन बोले- राजनीतिक फायदे के लिए न हो इस्तेमाल एक्टर वरुण धवन ने भी इंस्टाग्राम पर छात्रों का समर्थन किया। वरुण ने लिखा, छात्र देश का भविष्य हैं। जब किसी छात्र का सपना टूटता है, तो सिर्फ एक सपना नहीं, पूरे परिवार की उम्मीदें टूटती हैं। सिस्टम के फेल होने पर उन्हें सवाल पूछने का पूरा हक है। अधिकारियों को उनकी चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए और पारदर्शी हल निकालना चाहिए। यह केवल छात्रों का आंदोलन रहना चाहिए और इस पर किसी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए। पीयूष मिश्रा ने कहा- इंकलाब जिंदाबाद वहीं, सीनियर एक्टर और सिंगर पीयूष मिश्रा ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए 'इंकलाब जिंदाबाद' का नारा दिया। पीयूष ने कहा, जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, वह बहुत दुखद था। मैं छात्रों के साथ हूं। पुलिस और बच्चों को चोट पहुंची, यह सब गलत था। अगर सरकार और प्रशासन पहले ही छात्रों की बात सुन लेता, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 5:00 am

बंटवारे में मां की चीखें सुनीं, भाई को मरते देखा:नकल उतारने पर शाहरुख पर केस किया, सरकार ने बैन कीं मनोज कुमार की फिल्में

सिनेमा में कई हीरो आए, कई सुपरस्टार बने, लेकिन एक अभिनेता ऐसा भी था जिसने पर्दे पर उपकार, पूरब और पश्चिम, रोटी कपड़ा और मकान जैसी फिल्मों के जरिए देशभक्ति को जिया। उनका नाम था मनोज कुमार। देशप्रम ही वो वजह था कि लोग उनका असली नाम भूलने लगे और उन्हें सिर्फ एक नाम से पुकारने लगे 'भारत कुमार'। उनकी फिल्मों में दिखने वाला जज्बा, जुनून और दर्द सिर्फ अभिनय नहीं था। उन्होंने खुद 10 साल की उम्र में भारत-पाक के बंटवारे से उठी चीखें सुनी और कई जाने जाते देखीं। बीमार मां को दर्द से कराहते देखा और छोटे भाई को दम तोड़ते भी। सिर पर छत नहीं थी, भविष्य का कोई भरोसा नहीं था और उम्मीद भी टूटने लगी, लेकिन किसे पता था कि पाकिस्तान से भागा वो बच्चा, देशभक्ति की ऐसी मिसाल बनेगा कि हर कोई उन्हें असल नाम से ज्यादा भारत कुमार के नाम से पहचानेगा। आज मनोज कुमार उर्फ भारत कुमार की बर्थ एनिवर्सरी है। अप्रैल 2025 में उनका निधन हो गया है, लेकिन अगर आज वो होते तो 88 साल के हो जाते। उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर जानिए, विभाजन के दर्द से निकलकर देश का हीरो बनने की कहानी- किस्सा- 1 दंगों में भाई की मौत हुई, यमुना में शव बहाया; इलाज न करने वाले डॉक्टर्स को लाठी से पीटा 24 जुलाई 1937 ब्रिटिश इंडिया के अबोटाबाद के पंजाबी हिंदू परिवार में हरिकृष्ण गिरी गोस्वामी का जन्म हुआ, जो बाद में मनोज कुमार नाम से जाने गए। वो हिस्सा जहां उनका जन्म हुआ वो बंटवारे के बाद पाकिस्तान के खैबर पखतूनख्वा में आता है। मनोज कुमार महज 10 साल के थे, जब अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद बंटवारा शुरू हुआ। दंगे भड़के और जान बचाते हुए मनोज कुमार का परिवार दिल्ली के हडसन लाइन रिफ्यूजी कैंप में आकर रहने लगा। छोटा भाई कुक्कू महज 2 माह का था। पैदाइश से ही उसकी तबीयत खराब रहती थी और मां भी बीमार चल रही थी। दंगों के बीच डॉक्टर्स भी जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे थे, तभी भाई की सही इलाज न मिल पाने से मौत हो गई। बचपन का वो दर्द याद कर मनोज कुमार ने संसद टीवी के शो गुफ्तगू में कहा- वो रोता हुआ बचपन, जो लाहौर से बिछड़ गया, जो अबोटाबाद से बिछड़ गया। बहुत रोता हुआ बचपन था वो, आज भी सोचता हूं तो आंखे भले ही संभाल लूं, लेकिन दिल रोता है। दिल का रोना बहुत भयानक होता है। सबसे बड़ा मैं, मुझसे छोटी बहन ललिता। जब बंटवारा हुआ तो मां ने छोटे भाई को जन्म दिया। कुक्कू नाम था उसका, बीमार, मां भी बीमार। हम रिफ्यूजी कैंप में थे। मां को दिल्ली के तीस हजारी अस्पताल में रखा गया। जब सायरन बजता था, तो डॉक्टर-नर्स अंडरग्राउंड चले जाते थे। मां मेरी तड़प रही थी, भाई तड़प रहा था। मां चीख रही थी कि डॉक्टर को बुलाओ। वो सब अंडरग्राउंड थे। मां चीख मारी, मेरा भाई कुक्कू चला गया था। मैं गुस्से में था। मैं लाठी लेकर अंडरग्राउंड गया। डॉक्टर्स को भी मारा, नर्स को भी मारा। पिता जी आए, उन्होंने संभाला। दूसरे दिन उस 2 महीने के बच्चे को जमुना जी में बहा दिया, जैसे-जैसे वो नीचे जा रहा था, वैसे-वैसे लगता था कि मैं डूब रहा हूं। फिर पिता जी ने रात को अपने सिर पर हाथ रखकर कसम खिलवाई कि जिंदगी में दंगा, मारपीट नहीं करना। आखिर में मनोज कुमार ने रुंहासी आवाज में कहा, जिसका बचपन मर गया, समझो वो आदमी ही मर गया। भाई की मौत के बाद भी मनोज कुमार, 2 महीने तक रिफ्यूजी कैंप में ही रहे और हालात बेहतर होने के बाद परिवार दिल्ली में ही बस गया। पिता स्टील की फैक्ट्री में काम करते थे, लेकिन साथ ही वो शायर थे। जब मनोज कुमार के पिता 5वीं में थे, तो लामा इकबाल ने उनकी नजम सुनकर उन्हें खिज्र का तकाजा दिया था। जब उनका कलाम छपा, तो महाराष्ट्र उर्दू एकेडमी से उन्हें सिमरन अवॉर्ड मिला। किस्सा- 2 दिलीप कुमार को फिल्मों में मरता देख मान लिया फरिश्ता, सोचा- मैं भी फरिश्ता बनूंगा दिल्ली में ही मनोज कुमार की पढ़ाई हुई। वह कम उम्र के थे, जब मामा उन्हें अक्सर फिल्में दिखाने ले जाते थे। तब दिलीप कुमार स्टार बन चुके थे, जिनकी फिल्में अक्सर सिनेमाघरों में लगती थीं। मनोज कुमार ने सबसे पहले दिलीप कुमार की 1947 में आई फिल्म जुगनू देखी, जिसमें उनके किरदार की मौत हो जाती है। तब तक मनोज कुमार नहीं जानते थे कि सिनेमा क्या होता है। कुछ समय बाद उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्म शहीद (1948) देखी। उसमें भी दिलीप कुमार को मरता हुआ दिखाया गया। मनोज कुमार फिल्म देखकर घर लौटे, तो देर तक सोए ही नहीं। मन में बस एक ही ख्याल था कि जब वो शख्स एक साल पहले (फिल्म जुगनू में) मर चुके हैं, तो दोबारा (फिल्म शहीद में) कैसे मर सकते हैं। मां ने उन्हें जागते देखा, तो पूछ लिया- सोते क्यों नहीं हो? मनोज कुमार ने मासूम आवाज में कहा- बीजी (जैसा वो मां को पुकारते थे), आदमी कितनी बार मरता है? मां ने जवाब दिया- एक बार। मनोज कुमार ने फिर कहा- और जो 2-3 बार मरे? मां ने कहा- वो तो फरिश्ता ही होगा। उस दिन मनोज कुमार ने ठान लिया कि मैं भी बड़ा होकर फरिश्ता ही बनूंगा। किस्सा- 3 कजन का खत मिलने पर बॉम्बे पहुंचे, सेट पर सामान ढोने का काम मिला बढ़ती उम्र के साथ मनोज कुमार हीरो बनने का ख्याल पक्का करने लगे। उन्होंने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई पूरी की। मनोज कुमार के कजन लेखराज भाकरी भी हिंदी सिनेमा से जुड़ चुके थे। एक दिन जब मनोज कुमार की लेखराज से मुलाकात हुई, तो उन्होंने मनोज को देखते ही कहा- तू तो हीरो लगता है। मनोज सुनकर खड़े हुए और झट से कहा- तो बना दीजिए। लेखराज ने जब फिल्में डायरेक्ट करना शुरू किया, तो उन्हें मनोज की कही वो बात याद रही। 1956 में उन्होंने मनोज के परिवार को खत लिखकर उन्हें बॉम्बे भेजने को कहा। माता-पिता की रजामंदी के बाद मनोज बॉम्बे पहुंचे और चाचा-चाची के घर में रहने लगे। लेखराज ने शुरुआत में उन्हें सेट असिस्टेंट का काम दिया, जहां वो शूटिंग से जुड़ा सामान ढोते थे। कुछ समय बाद ही उन्हें कड़ी मेहनत की बदौलत असिस्टेंट डायरेक्टर का काम मिलने लगा। किस्सा- 4 पहली फिल्म में 19 साल के मनोज कुमार को बनाया 90 साल का भिखारी, गर्लफ्रेंड भी नहीं पहचान सकी मनोज कुमार के कजिन लेखराज ने 1957 की फिल्म फैशन डायरेक्ट की, जिसमें माला सिन्हा और प्रदीप कुमार लीड रोल में थे। इस फिल्म में मनोज ने उन्हें असिस्ट किया था। तब वह महज 19 साल के थे। शूटिंग शुरू होने से पहले लाइट टेस्टिंग के लिए मनोज को ही कैमरे के सामने खड़ा कर लाइट चेक की जाती थी। जब इस फिल्म के छोटे से रोल के लिए कोई कलाकार नहीं मिला, तो लेखराज ने मनोज से कहा कि वो इसे करें। मनोज को लगा कि कोई बढ़िया सा रोल होगा, लेकिन बाद में पता चला कि 19 साल के मनोज कुमार को 90 साल के एक भिखारी का रोल मिला है। उन्होंने इसे भी स्वीकार किया और पूरे गेटअप के साथ भिखारी बन गए। इस समय तक मनोज कुमार को दिल्ली के कॉलेज में साथ पढ़ने वाली शशि को पसंद करते थे। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। घर में टेलीफोन नहीं था, तो जब मनोज छुट्टी पर दिल्ली जाते तभी दोनों की बात होती थी। जब मनोज को फिल्म फैशन में काम मिला, तो वो घरवालों और गर्लफ्रेंड शशि को खबर नहीं दे सके। फिल्म रिलीज हुई और शशि अपनी दोस्तों के साथ फिल्म देखने पहुंचीं। उन्होंने पूरी फिल्म देखी, लेकिन भिखारी बने मनोज कुमार का गेटअप ऐसा था कि वो उन्हें पहचान ही नहीं सकीं। फिल्म फैशन में रोल छोटा जरूर था, लेकिन मनोज कुमार कुछ मिनटों के अभिनय में अपनी गहरी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। आगे उन्हें सहारा, चांद और हनीमून जैसी और फिल्मों में छोटे-मोटे रोल मिलने लगे। किस्सा- 5 दिलीप कुमार की फिल्म से प्रेरित होकर बदला नाम मनोज कुमार का असली नाम हरिकृष्ण गिरी गोस्वामी था, हालांकि जब उन्हें फिल्मों में काम मिलने लगा तो उन्होंने नाम बदल दिया। बचपन में उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्म शबनम देखी थी, जिसमें उनके किरदार का नाम मनोज कुमार था। फिल्मों के लिए उन्होंने अपना नाम ही मनोज कुमार रख लिया। हर फिल्म में उन्हें इसी नाम से क्रेडिट दिया जाता था। छोटे-मोटे रोल करने के बाद हुनर की बदौलत मनोज कुमार को फिल्म कांच की गुड़िया (1960) में लीड रोल दिया गया। आगे उन्होंने रेशमी रूमाल, चांद, बनारसी ठग, गृहस्थी, अपने हुए पराए, वो कौन थी जैसी और फिल्में कीं, लेकिन असल पहचान मिली 1962 की फिल्म हरियाली और रास्ता से। आगे शादी (1962), गृहस्थी (1963), फूलों की सेज (1964) ने उन्हें टॉप एक्टर्स में शामिल किया, जिसके बाद ब्लॉकबस्टर फिल्म वो कौन थी (1964) से मनोज कुमार स्टार बने। इस फिल्म के गाने लग जा गले और नैना बरसे रिमझिम आज भी काफी मशहूर हैं। स्टार बनने के बाद मनोज कुमार को दिलीप कुमार के साथ 1968 की फिल्म आदमी में काम मिला। किस्सा- 6 लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर बनाई फिल्म मनोज कुमार ने 1965 में फिल्म शहीद में काम किया, जो भगत सिंह पर बनी थी। फिल्म बड़ी हिट रही और इसके गाने ‘ऐ वतन, ऐ वतन हमको तेरी कसम…’, 'सरफरोशी की तमन्ना… और ओ मेरा रंग दे बसंती चोला… काफी पसंद किए गए। ये फिल्म तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को इतनी पसंद आई कि उन्होंने मनोज कुमार से कहा कि उन्हें नारे जय जवान जय किसान पर फिल्म बनाने की सलाह दी। सलाह मानते हुए मनोज कुमार ने फिल्म उपकार (1967) बनानी शुरू कर दी और इसे डायरेक्ट करने का भी फैसला किया। एक दिन मनोज कुमार ने मुंबई से दिल्ली जाने के लिए राजधानी ट्रेन की टिकट खरीदी और ट्रेन में चढ़ गए। ट्रेन में बैठे-बैठे ही उन्होंने आधी फिल्म लिखी और लौटते हुए आधी। जब मनोज कुमार ने अनाउंस किया कि वो उपकार फिल्म से डायरेक्शन में कदम रखने जा रहे हैं, तो राज कपूर ने उन्हें तीखे शब्दों में सलाह दी, या तो एक्टिंग कर लो या डायरेक्शन, क्योंकि हर कोई राज कपूर नहीं है, जो हर काम एक साथ कर ले। 1967 में आई उपकार उस साल की सबसे बड़ी फिल्म थी। फिल्म का गाना मेरे देश की धरती सोना उगले.. आज भी सबसे बेहतरीन देशभक्ति गानों में गिना जाता है। फिल्म में मनोज कुमार का नाम भारत था। फिल्म के गाने की पॉपुलैरिटी देखते हुए मनोज कुमार को मीडिया ने भारत कहना शुरू कर दिया और फिर उन्हें भारत कुमार कहा जाने लगा। फिल्म हिट होने के बाद राज कपूर ने अपनी कही बात पर पछतावा जाहिर करते हुए मनोज कुमार से कहा था- ‘मुझे लगता था कि सिर्फ मैं ही अपना कॉम्पिटिशन हूं, लेकिन अब मुझसे मुकाबला करने के लिए तुम आ गए हो।’ फिल्म भले ही लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर बनी थी, लेकिन अफसोस वो इसे देख नहीं सके। 1966 में शास्त्री जी ताशकंत, उज्बेकिस्तान की यात्रा पर निकले थे। वो लौटने के बाद फिल्म उपकार देखते, लेकिन ताशकंत में ही इंडो-पाकिस्तान वॉर में शांति पत्र साइन करने के अगले दिन 11 जनवरी 1966 को उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के एक साल बाद 11 अगस्त 1967 को फिल्म रिलीज हुई। लाल बहादुर शास्त्री को फिल्म न दिखा पाने का अफसोस ताउम्र मनोज कुमार को रहा। किस्सा- 7 इमरजेंसी का विरोध किया, फिल्में बैन हुईं मनोज कुमार के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अच्छे ताल्लुकात थे, लेकिन जब इमरजेंसी की घोषणा हुई तो मनोज कुमार ने इसका जमकर विरोध किया। विरोध करने वाले कई सितारों की फिल्मों को बैन कर दिया गया, जिनमें मनोज कुमार की फिल्में भी शामिल हुईं। उनकी फिल्म दस नंबरी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बैन कर दी और फिल्म शोर सिनेमाघरों में रिलीज के 2 हफ्ते पहले ही दूरदर्शन पर दिखा दी गई। जब फिल्म सिनेमाघरों में लगी तो ये फ्लॉप हो गई। किस्सा- 8 इमरजेंसी पर फिल्म बनाने से किया इनकार, अमृता प्रीतम से कहा- क्या तुम बिक चुकी हो कुछ दिनों बाद मनोज कुमार के पास सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से कॉल आया, जिसमें उनसे पूछा गया कि क्या वो इमरजेंसी पर बन रही डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन करेंगे। मनोज ने साफ तौर पर इनकार कर दिया। जब उन्हें पता चला कि डॉक्यूमेंट्री को मशहूर राइटर अमृता प्रीतम लिख रही हैं, तो उन्होंने तुरंत अमृता प्रीतम को कॉल मिलाया और पूछा कि क्या तुम बिक चुकी हो। मनोज ने की बात सुनकर अमृता प्रीतम भी उदास हो गईं। आगे उन्होंने अमृता से कहा कि उन्हें इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रिप्ट फाड़ देनी चाहिए। किस्सा- 9 दिलीप कुमार को क्रांति की शूटिंग में हुई अड़चन तो रोक दी शूटिंग मनोज कुमार ने उपकार के बाद पूरब और पश्चिम, शोर, रोटी कपड़ा और मकान जैसी कई सुपरहिट फिल्में बनाईं। जब मनोज कुमार ने क्रांति (1981) बनाई, तो इसमें दिलीप कुमार को कास्ट किया। वही दिलीप कुमार, जो उनकी फिल्मों में आने की प्रेरणा थे। ये वो समय था, जब दिलीप कुमार ने 4 सालों तक कोई फिल्म नहीं की थी, इसके बावजूद वो राजी हो गए। ये एक मेगा बजट की फिल्म थी। फिल्म के एक सीन के लिए दिलीप कुमार को लोहे की जंजीरें पहनाकर राज दरबार में पेश किया जाना था। बार-बार टेक हुआ, लेकिन दिलीप कुमार भारी-भरकम जंजीरों में सही शॉट नहीं दे पाए। एक समय दिलीप साहब झुंझला गए और डायरेक्टर मनोज कुमार से कहा- तुमने मुझे ये जंजीरों वाला जवाहरात पहना दिया है, इसका वजन शरीर पर आ रहा है। पहले इसे हल्का करवाओ। अब वो जमाना गया जब हम 15 किलो वजन के साथ एक्टिंग करते थे। ये सुनते ही मनोज कुमार ने तुरंत शूटिंग रुकवा दी। उन्होंने रबर की जंजीरें बनवाईं और ऐसी पेंट करवाईं कि वो असली लगें। उन हल्की जंजीरों के साथ ही फिर दिलीप साहब ने शूटिंग की। किस्सा 10 फिल्म क्रांति, जिसके नाम पर बिकने लगे कपड़े ये उस साल की सबसे बड़ी हिट होने के साथ-साथ शोले के बाद भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी। देश के 26 सेंटर में 25 हफ्तों से ज्यादा चली थी। फिल्म मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) और जूनागढ़ (गुजरात) में भी सिल्वर जुबली रही, जहां कोई फिल्म टिकती नहीं थी। करीब डेढ़ सालों तक सिनेमाघरों में चली ये फिल्म 96 दिनों तक हाउसफुल थी। फिल्म का क्रेज ऐसा था कि दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में तो इस फिल्म के पोस्टर वाली टी-शर्ट, शर्ट, जैकेट और अंडरगार्मेंट्स भी बिकने लगे थे। किस्सा- 11 बहन की मौत के बावजूद, अगले दिन मनोज कुमार के सेट पर पहुंचे थे प्राण 1966 की फिल्म दो बदन में मनोज कुमार ने पहली बार प्राण के साथ काम किया और दोनों दोस्त बन गए। फिल्मों के मशहूर विलेन प्राण को हमेशा नेगेटिव रोल ही मिलते थे। ऐसे में उनकी छवि बदलने के लिए मनोज कुमार ने उन्हें अपनी फिल्म आह में पॉजिटिव रोल दिया। ये फिल्म फ्लॉप रही और लोगों ने प्राण को नापसंद किया, लेकिन मनोज कुमार ने तब भी हार नहीं मानी। उसी समय मनोज उपकार फिल्म में काम कर रहे थे। उन्होंने इस फिल्म में उन्हें मलंग बाबा का पॉजिटिव रोल देने का फैसला किया। इस सिलसिले में दोनों की मुलाकात हुई। मनोज कुमार- क्या आप मेरी फिल्म में मलंग बाबा का रोल प्ले करोगे? प्राण ने जवाब दिया- पंडित जी, लाइए स्क्रिप्ट पढ़ लूं। वो मनोज कुमार को पंडित जी ही कहते थे। स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद उन्होंने कहा, पंडित, फिल्म की स्क्रिप्ट और मलंग का किरदार दोनों बहुत खूबसूरत हैं, लेकिन एक बार सोच लो, क्योंकि मेरी छवि खूंखार, शराबी, जुआरी और बालात्कारी की है। क्या दर्शक मुझे किसी साधू बाबा के रोल में अपना सकेंगे। इरादों के पक्के मनोज कुमार ने उन्हें वो रोल दिया और शूटिंग शुरू कर दी। प्राण साहब समय के बेहद पाबंद थे। एक दिन वो सेट पर पहुंचे तो मनोज कुमार को लगा कि वो बीमार हैं। उन्होंने पास जाकर पूछा- आपकी तबीयत तो ठीक है ना? जवाब मिला- हां, मैं एकदम फिट हूं। उस दिन दोनों ने एक्शन सीन शूट किए। जब पैकअप हुआ तो फिर मनोज ने गौर किया कि प्राण साहब कुछ ठीक नहीं लग रहे। वो तुरंत मेकअप रूम में पहुंचे और कहा- आप कुछ छिपा रहे हैं। आप आज मुझे ठीक नहीं लग रहे। अगर कुछ बात है तो बताइए। जवाब में प्राण साहब ने कहा- नहीं कुछ नहीं, दरअसल कल शाम को मेरी बड़ी बहन की अचानक मौत हो गई। उस चक्कर में मैं रात भर सो नहीं पाया। ये सुनकर मनोज कुमार दंग रहे है कि अपनी जान से प्यारी बड़ी बहन को खोने पर भी वो सेट पर पहुंच गए। मनोज ने फिर कहा- अगर ऐसा कुछ था तो आपने मुझे फोन करके बताया क्यों नहीं, मैं आज की शूटिंग कैंसिल कर देता। जवाब मिला- मैं हरगिज ऐसा नहीं चाहता था कि मेरी वजह से आपकी फिल्म का शेड्यूल खराब हो। वैसे भी आपने बहुत मुश्किल से इतने सारे कलाकारों को एक साथ जुटाया है। मेरी वजह से फिल्म को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए। इसके बाद से ही दोनों की दोस्ती हर फिल्म के साथ गहरी होती चली गई। जब 12 जुलाई 2013 को मनोज कुमार ने प्राण साहब के निधन की खबर सुनी तो सदमे में चले गए। उन्होंने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और बातचीत करनी बंद कर दी। कई दिनों तक मनोज कुमार ने न किसी से मुलाकात की न ही कुछ बोले। किस्सा- 12 शाहरुख खान पर किया था 100 करोड़ की मानहानी का केस 2007 की फिल्म ओम शांति ओम के एक सीन में शाहरुख खान ने मनोज कुमार की नकल उतारी थी। मनोज कुमार की मिमिक्री करते हुए उन्होंने उनका सिग्नेचर पोज भी किया था, जिसमें वो अपने हाथों को चेहरे के सामने लाते थे। फिल्म में मजाक बनता देख मनोज कुमार इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने शाहरुख खान और ईरोज पर 100 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा कर दिया। मामला बढ़ता देख शाहरुख खान ने ई-मेल के जरिए मनोज कुमार से माफी मांगी थी। मनोज कुमार ने शाहरुख को माफ कर दिया और कोर्ट ने भी फिल्ममेकर्स को उस सीन को फिल्म से हटाने के आदेश दे दिए। भारत के बाद जब जापान में ये फिल्म रिलीज हुई तब भी उस सीन को नहीं हटाया गया। इस बात से नाराज होकर मनोज ने कहा था, मैं शाहरुख को कभी माफ नहीं करूंगा, उसने मेरी और कोर्ट के आदेश की इंसल्ट की है। हालांकि, समय के साथ ये मामला खत्म हो चुका है। बता दें कि ये मामला कोर्ट के बाहर ही सेटल हो गया था।

दैनिक भास्कर 24 Jul 2026 4:30 am

सलमान खान ने लीक पेपर से दी थी परीक्षा:एक्टर बोले- मेरे लिए आता था लीक पेपर; नीट विवाद के बीच पुराना वीडियो वायरल

देशभर में चल रहे नीट पेपर लीक विवाद पर बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तारीफ करते हुए सरकार से कड़े कदम उठाने की अपील की। सलमान के इस पोस्ट के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर 'द कपिल शर्मा शो' का एक पुराना वीडियो वायरल होने लगा। इस वीडियो में उनके पिता सलीम खान खुलासा कर रहे हैं कि स्कूल के दिनों में सलमान के लिए एक शख्स लीक पेपर घर लाता था। सलमान ने भी शो में हंसते हुए इसे स्वीकार किया था। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स दो गुटों में बंट गए हैं। 'गणेश मेरे लिए लाता था लीक पेपरवीडियो में सलमान खान अपने पिता सलीम खान और भाइयों अरबाज व सोहेल खान के साथ कपिल शर्मा के शो में नजर आ रहे हैं। शो में सलीम खान बताते हैं कि कैसे गणेश नाम का एक व्यक्ति उनके घर आता था और सलमान उसकी बहुत खातिरदारी करते थे। सलीम खान ने मजाकिया अंदाज में कहा था, मुझे समझ नहीं आता था कि गणेश को मुझसे भी ज्यादा इज्जत क्यों मिल रही है। बाद में पता चला कि जब परीक्षा का पेपर लीक होता था, तो वही लाकर देता था। इस पर सोहेल खान ने हंसते हुए कहा कि टीवी पर पारिवारिक राज खोले जा रहे हैं। तभी सलमान ने मुस्कुराते हुए सफाई दी कि वह पेपर सोहेल के लिए नहीं, बल्कि उनके अपने लिए आता था। बचाव में उतरे फैंस- बोले स्कूल की बात पुराना वीडियो सामने आने के बाद कई यूजर्स ने सलमान को घेरने की कोशिश की, लेकिन सलमान के फैंस उनके समर्थन में आ गए। सोशल मीडिया पर फैंस का कहना है कि यह उनके स्कूल के दिनों की पुरानी और हल्की-फुल्की बात थी। एक यूजर ने लिखा, सलमान अपने स्कूल के दिनों की बात कर रहे थे, इसका राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा से कोई मुकाबला नहीं है। वहीं कई यूजर्स ने उन्हें इस मुद्दे पर ट्रोल किया आंदोलन का हिंसक होना बेहद दुखद लंबी चुप्पी के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जंतर-मंतर में छात्रों के साथ हुई हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलमान खान पहले सुपरस्टार बन चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ छात्रों के साथ हुई हिंसा की कड़ी निंदा की, बल्कि उनके विरोध प्रदर्शन को सही करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही उनका साथ देगी और शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी होगी। साथ ही एक्टर ने कहा कि ये सिर्फ छात्रों और शिक्षा का मुद्दा है इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं करना चाहिए। सलमान खान ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से अपने स्कूल के दिनों की एक तस्वीर शेयर कर लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। कॉकरोच जनता पार्टी ने री-शेयर किया पोस्ट सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम से इसे री-शेयर किया गया है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 4:45 pm

शेफाली जरिवाला के पालतू कुत्ते सिंबा का निधन:बच्चा मानती थीं, पति पराग बोले- तुम दोनों से मिलने का इंतजार नहीं कर सकता

कांटा लगा एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला के पालतू कुत्ते सिंबा का आज निधन हो गया है। शेफाली, सिंबा को अपना बच्चा मानती थीं। फैंस से ये दुखद खबर शेयर करते हुए शेफाई के पति एक्टर पराग त्यागी ने भावुक पोस्ट शेयर की है। पराग त्यागी ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से शेफाली जरीवाला और सिंबा का एक वीडियो शेयर कर लिखा है, ‘अब मम्मा अकेली नहीं हैं। सिंबा मम्मा के साथ बहुत खुश है। तुम दोनों से मिलने का इंतजार नहीं कर सकता, मेरी लाइफ लाइन। दूसरी तरफ।’ सिंबा को बेटा मानती थीं शेफाली जरीवाला शेफाली पालतू डॉग सिंबा को बेटा मानती थीं। उनकी मौत के बाद पति पराग त्यागी ने सिंबा के कई वीडियोज शेयर कर दावा किया कि शेफाली के जाने के बाद से ही वो बेहद उदास है। रक्षाबंधन पर शेफाली सिंबा को राखी भी बांधती थीं। उनकी मौत के बाद पराग ने सिंबा को राखी बांधी थी। 27 जून 2025 में अचानक हुआ निधन बताते चलें कि शेफाली जरीवाला का निधन 27 जून 2025 को अचानक हुआ है। उस रोज उनके घर में पूजा रखी गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, शेफाली ने उस दिन व्रत रखा था, उन्होंने इंसुलिन ली थी, जिसके बाद फ्रिज में रखा ठंडा खाना खाते ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उनका निधन हो गया। शेफाली के निधन का कारण ब्लड प्रेशर फ्लक्चुएशन माना जाता है। हालांकि परिवार ने कभी उनके निधन के कारण पर ऑफिशियल पुष्टि नहीं की है। ‘बिग बॉस 13’ में ली थी वाइल्ड कार्ड एंट्री शेफाली जरीवाला को कांटा लगा गर्ल नाम से जाना जाता था। एक्ट्रेस कई टीवी शोज और म्यूजिक एल्बम में नजर आई थीं। इसके अलावा शेफाली जरीवाला ने 2019 में बिग बॉस 13 में वाइल्ड कार्ड एंट्री ली थी, जहां उन्हें अपने एक्स-बॉयफ्रेंड सिद्धार्थ शुक्ला के साथ अच्छा बॉन्ड शेयर करते देखा गया था। बता दें कि सिद्धार्थ शुक्ला का भी निधन 2021 में कार्डियक अरेस्ट के कारण हुआ था।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 3:30 pm

राजकुमार राव 'मोदी है तो मुमकिन है' गाने पर घिरे:बोले- आप प्रेशर नहीं समझ सकते, मेरी आत्मा बिकाऊ नहीं; फिर कमेंट डिलीट किया

एक्टर राजकुमार राव साल 2025 में आए राजनीतिक प्रमोशनल गाने 'मोदी है तो मुमकिन है' को लेकर विवादों में आ गए हैं। दिल्ली में NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में राजकुमार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट लिखी थी। इसके बाद यूजर्स ने उन्हें पुराने गाने की याद दिलाते हुए ट्रोल करना शुरू कर दिया। एक यूजर के कमेंट का जवाब देते हुए राजकुमार ने लिखा कि वे उनके दबाव के बारे में सोच भी नहीं सकते। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना यह कमेंट डिलीट कर दिया। अब इस कमेंट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। देरी से बोलने पर ट्रोल हुए, फिर दिया जवाबराजकुमार राव ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के समर्थन में देरी से पोस्ट की। इस पोस्ट के बाद लोगों ने उन्हें देर से बोलने और राजनीतिक गाने 'मोदी है तो मुमकिन है' में काम करने के लिए ट्रोल करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने कमेंट किया, मेरे मन में आपके लिए बहुत सम्मान था, लेकिन एक प्रोपेगैंडा गाने की वजह से सब खत्म हो गया। मैं आपकी कोई फिल्म नहीं छोड़ता था, कभी नहीं सोचा था कि आप इतनी आसानी से बिक जाएंगे। इस पर राजकुमार राव ने जवाब में लिखा, भाई, मैं कभी अपनी आत्मा नहीं बेच सकता। एक गाना यह तय नहीं करता कि मैं कौन हूं, किस बात का समर्थन करता हूं या जीवन में मेरी विचारधारा क्या है। आप प्रेशर के बारे में नहीं जान सकते। मैं हमेशा सही बात और इंसानियत को जोड़ने वाली बातों के साथ खड़ा रहता हूं। जब तक मेरी अंतरात्मा साफ है और मैं मेहनत कर रहा हूं, तब तक कुछ और मायने नहीं रखता। कमेंट डिलीट करने के बाद बढ़ा विवादराजकुमार ने अपना यह जवाब बाद में इंस्टाग्राम से डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक इसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर फैल चुके थे। कई यूजर्स ने इसे 'साल का सबसे बड़ा कबूलनामा' कहा। वहीं, कुछ लोगों ने एक्टर को अवसरवादी करार दिया। एक यूजर ने X पर लिखा, दबाव कोई ऐसा बहाना नहीं है कि आप रीढ़ की हड्डी न होने की बात छिपा सकें। एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, इसे हिम्मत नहीं, बल्कि अवसरवादिता कहते हैं। जब माहौल बदलता दिखता है, तभी ये लोग ऐसी बातें करते हैं। छात्रों के समर्थन में पोस्ट से शुरू हुआ विवादराजकुमार राव ने इंस्टाग्राम पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के पक्ष में बात रखी थी। छात्र नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शैक्षणिक सुधारों की मांग कर रहे हैं। 41 साल के एक्टर ने लिखा था, “जब युवा असहज महसूस करते हैं, तो यह समाज के लिए मैसेज है कि उनकी बात सुनी जानी चाहिए। हर आवाज को सम्मान, निष्पक्षता और गरिमा मिलनी चाहिए। शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत होनी चाहिए। हिंसा किसी भी तरफ से हो, वह सिर्फ जख्म गहरे करती है। यह समय बातचीत और सहानुभूति का है।” 2025 में रिलीज हुआ था गाना, टी-सीरीज ने किया था प्रोड्यूसजिस गाने को लेकर यह विवाद चल रहा है, उसका टाइटल 'मोदी है तो मुमकिन है' है। टी-सीरीज का प्रोड्यूस किया यह गाना साल 2025 में रिलीज हुआ था। 2 मिनट 55 सेकंड लंबे इस गाने को मीत ब्रदर्स ने गाया है। गाने में राजकुमार राव के अलावा वरुण धवन, विक्रांत मैसी और अरशद वारसी जैसे कलाकार भी नजर आए थे। यह गाना अब भी यूट्यूब पर उपलब्ध है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 2:09 pm

'लेटर्स टू अ यंग पोएट' ने मनीषा कोइराला का बदल दिया नजरिया

मुंबई, अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने गुरुवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट से बताया कि उन्होंने हाल ही में एक ऐसी किताब खत्म की, जिसने उनके दिल को अंदर से छुआ।

देशबन्धु 23 Jul 2026 2:06 pm

जन नायकन मूवी रिव्यू:विजय की आखिरी फिल्म पर राजनीति हावी, तीन घंटे का सफर बन गया थका देने वाला तमाशा

विजय की आखिरी फिल्म होने के कारण 'जन नायकन' सिर्फ एक रिलीज नहीं, बल्कि करोड़ों प्रशंसकों के लिए भावनात्मक मौका थी। उम्मीद थी कि यह फिल्म उनके लंबे सिनेमाई सफर को यादगार विदाई देगी। लेकिन निर्देशक एच. विनोथ इसे कहानी से ज्यादा राजनीतिक संदेश और स्टार की छवि चमकाने का माध्यम बना देते हैं। नतीजा यह कि फिल्म कई बार मनोरंजन छोड़कर चुनावी भाषण जैसी लगने लगती है। विजय की मौजूदगी तालियां जरूर बटोरती है, लेकिन कमजोर पटकथा और जरूरत से ज्यादा लंबाई फिल्म का असर कम कर देती है। फिल्म की लंबाई 3 घंटे 3 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 2 स्टार दिए हैं। फिल्म की कहानी कैसी है?कहानी वेत्री (विजय) की है, जो जेल में बंद होने के बावजूद सब पर भारी पड़ता है। ईमानदार जेलर श्रीकांत (गौतम वासुदेव मेनन) उसकी इंसानियत पहचानता है, लेकिन एक हादसे के बाद अपनी बेटी विजी (ममिता बैजू) की जिम्मेदारी वेत्री को सौंप देता है। वेत्री उसे सेना में अधिकारी बनाने का सपना पूरा करने निकल पड़ता है। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय अपराधी जॉन हिमलर (बॉबी देओल) देश में हिंसा और अराजकता फैलाने की साजिश रच रहा है। पत्रकार कयाल (पूजा हेगड़े) भी इस कहानी का हिस्सा बनती हैं। शुरुआत में कहानी भावनात्मक लगती है, लेकिन जल्द ही महिला सशक्तिकरण, आतंकवाद, राजनीति, भ्रष्टाचार और सत्ता की लड़ाई जैसे कई मुद्दों का बोझ उठाने लगती है। इसके चलते मूल कहानी पीछे छूट जाती है। अंतराल के बाद फिल्म पूरी तरह बिखर जाती है और ऐसा लगता है कि हर दूसरा दृश्य सिर्फ विजय की छवि को और बड़ा बनाने के लिए लिखा गया है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है?विजय हमेशा की तरह पूरे आत्मविश्वास के साथ नजर आते हैं। एंट्री, एक्शन, संवाद और स्क्रीन प्रेजेंस में उनका जलवा बरकरार है। लेकिन जब पटकथा ही कमजोर हो तो उनका स्टारडम भी फिल्म को ज्यादा दूर नहीं ले जा पाता।ममिता बैजू सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं और भावनात्मक दृश्यों में अपनी छाप छोड़ती हैं। बॉबी देओल का खलनायक कागज पर जितना खतरनाक लगता है, पर्दे पर उतना असर नहीं छोड़ता। पूजा हेगड़े को करने के लिए बहुत कम मिला है। प्रकाश राज, नासर, प्रियामणि और गौतम वासुदेव मेनन जैसे कलाकार भी सीमित भूमिका में रह जाते हैं। निर्देशन और तकनीकी पक्ष कैसा है?एच. विनोथ ने एक मजबूत भावनात्मक कहानी को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की, लेकिन यही दांव सबसे कमजोर साबित होता है। पटकथा बार-बार भटकती है और कई दृश्य बिना किसी असर के गुजर जाते हैं। फिल्म को आसानी से आधा घंटा छोटा किया जा सकता था।विशेष प्रभाव कई जगह बड़े पर्दे के स्तर के नहीं लगते। चरम हिस्सा जरूरत से ज्यादा लंबा और थकाऊ है। cinematography अच्छी है और कुछ दृश्य प्रभाव छोड़ते हैं, लेकिन कमजोर राइटिंग और ढीली एडिटिंग तकनीकी मेहनत पर भारी पड़ जाता है। म्यूजिक कैसा है?अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी है। गाने पहले से लोकप्रिय हैं और पार्श्व संगीत कई दृश्यों में जान डालता है। खासकर विजय की एंट्री और एक्शन वाले दृश्य संगीत की वजह से ज्यादा प्रभावशाली बनते हैं। फाइनल वर्डिक्ट, देखें या नहीं?'जन नायकन' अपने सबसे बड़े मकसद में ही चूक जाती है। यह न पूरी तरह दमदार राजनीतिक ड्रामा बन पाती है और न ही विजय को यादगार विदाई दे पाती है। विजय के प्रशंसकों के लिए इसमें तालियां बजाने लायक कई पल हैं, लेकिन एक दर्शक के तौर पर फिल्म निराश करती है। कमजोर कहानी, बिखरी पटकथा और बेवजह की लंबाई इसे साधारण बना देती है। विजय की विदाई इससे कहीं ज्यादा मजबूत और यादगार फिल्म की हकदार थी।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 1:27 pm

छात्रों के समर्थन में उतरीं आलिया भट्ट

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट देश में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर अपनी आवाज उठाई है। वहीं अभिनेता और राजनेता कमल हासन ने भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 1:27 pm

जंतर-मंतर पर उतरीं हुमा कुरैशी: रूमर्ड बॉयफ्रेंड और भाई साकिब सलीम के साथ न्याय की मांग के लिए बैठीं एक्ट्रेस

बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री हुमा कुरैशी (Huma Qureshi) ने एक बार फिर अपनी बेबाकी और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर खड़े होने की आदत से सबका दिल जीत लिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे एक विरोध प्रदर्शन (CJP Protest) में उस वक्त भारी सनसनी फैल गई जब अभिनेत्री अचानक रात के ठीक 3 बजे वहां पहुंच गईं। इस दौरान उनके साथ उनके भाई और अभिनेता साकिब सलीम (Saqib Saleem) के अलावा उनके रूमर्ड बॉयफ्रेंड भी नजर आए। आधी रात के वक्त इस तरह किसी हाई-प्रोफाइल सेलिब्रिटी का सड़क पर उतरकर छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े होना सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। इस पूरी घटना का वीडियो और तस्वीरें अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिस पर फैंस अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।रात के 3 बजे जंतर-मंतर पहुंचने की क्या थी वजह?अक्सर बॉलीवुड सेलेब्स को अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल और फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त देखा जाता है, लेकिन जब बात देश के किसी गंभीर सामाजिक या न्याय से जुड़े मुद्दे की आती है, तो कुछ कलाकार अपनी जिम्मेदारी निभाने से पीछे नहीं हटते। हुमा कुरैशी के रात के सन्नाटे में अचानक जंतर-मंतर पर पहुंचने के पीछे मुख्य मकसद सीजेपी (CJP) प्रोटेस्ट का समर्थन करना और पीड़ित पक्षों के साथ एकजुटता दिखाना था। रात के 3 बजे कड़ाके की ठंड या खुले आसमान के नीचे प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर अभिनेत्री ने साबित कर दिया कि वे सिर्फ ऑन-स्क्रीन ही नहीं बल्कि रियल लाइफ में भी मुद्दों पर बोलने का माद्दा रखती हैं।भाई साकिब सलीम और रूमर्ड बॉयफ्रेंड भी आए नजरइस दौरान हुमा के साथ उनके भाई साकिब सलीम भी पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे। भाई-बहन की इस जोड़ी को एक साथ इस तरह के विरोध प्रदर्शन में समर्थन देते देख लोग उनकी सराहना कर रहे हैं। इसके साथ ही, मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स की निगाहें हुमा के साथ नजर आए उनके रूमर्ड बॉयफ्रेंड पर भी टिकी रहीं, जिनकी मौजूदगी को लेकर अब गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इन सब चर्चाओं से दूर हुमा का पूरा ध्यान केवल उस धरने और उस पर चल रही चर्चाओं पर केंद्रित था, जहां उन्होंने बिना किसी तामझाम के एक आम नागरिक की तरह समय बिताया।सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, मिल रही हैं मिली-जुली प्रतिक्रियाएंजैसे ही हुमा कुरैशी के जंतर-मंतर पर रात के वक्त मौजूद होने की खबर फैली, वैसे ही उनके वीडियो और तस्वीरें हर तरफ छा गईं। सोशल मीडिया पर उनके इस कदम की कुछ लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि एक सेलिब्रिटी होने के नाते उन्हें जनता के बीच आकर उनकी आवाज बनना चाहिए। वहीं कुछ लोग इसे पब्लिसिटी स्टंट भी करार दे रहे हैं। बहरहाल, कारण चाहे जो भी हो, हुमा कुरैशी का आधी रात को इस तरह सड़क पर उतरना इस वक्त देश भर की सुर्खियों में छाया हुआ है और हर कोई इसके पीछे की पूरी सच्चाई जानने के लिए उत्सुक है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:42 pm

शेफाली जरीवाला के गम से उभरे भी नहीं थे पराग त्यागी कि टूटा दूसरा बड़ा, पहाड़ बेटे सिम्बा के जाने पर छलका दर्द

मनोरंजन जगत से एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आ रही है, जिसे सुनकर किसी की भी आंखें नम हो जाएंगी। अभिनेत्री शेफाली जरीवाला के निधन के गहरे सदमे और दुख से अभी अभिनेता पराग त्यागी पूरी तरह से उबर भी नहीं पाए थे कि उनकी जिंदगी में एक और ऐसा वज्रपात हुआ है जिसने उन्हें अंदर से तोड़ कर रख दिया है। शेफाली के जाने के गम से जूझ रहे पराग पर अब दूसरा सबसे बड़ा दुख यह टूटा है कि उनके लाडले 'बेटे' यानी उनके प्यारे पेट डॉग सिम्बा ने भी इस दुनिया को हमेशा-हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। पराग के लिए सिम्बा सिर्फ एक पालतू जानवर नहीं बल्कि उनकी जिंदगी का एक बेहद अहम हिस्सा और उनका बेटा था, जिसके जाने से उनका घर और दिल दोनों सूने हो गए हैं। इस मुश्किल घड़ी में पराग का एक इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपने इस दर्द को बयां किया है।शेफाली के बाद सिम्बा का जाना पराग के लिए किसी बड़े झटके से कम नहींपराग त्यागी और शेफाली जरीवाला अपने पेट डॉग सिम्बा से बेहद प्यार करते थे और सोशल मीडिया पर अक्सर उसके साथ अपनी तस्वीरें व वीडियो साझा करते रहते थे। शेफाली के अचानक दुनिया से चले जाने के बाद सिम्बा ही वह इकलौता सहारा था जो पराग की जिंदगी में उनके अकेलेपन को थोड़ा कम कर रहा था। लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। शेफाली के जाने के कुछ ही समय बाद सिम्बा की तबीयत बिगड़ने और उसका साथ छूट जाने से पराग पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ही वक्त में अपने सबसे करीबियों को खो देने का यह दर्द शब्दों में बयां कर पाना किसी के लिए भी मुमकिन नहीं है।सोशल मीडिया पर इमोशनल पोस्ट शेयर कर पराग ने कही दिल की बातअपने लाडले सिम्बा के इस दुनिया से जाने पर पराग त्यागी ने बेहद भावुक कर देने वाला नोट लिखा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर सिम्बा के साथ बिताए हसीन पलों को याद करते हुए लिखा कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। पराग ने अपने संदेश में बेहद मार्मिक बात कहते हुए लिखा कि अब मां और बेटा दोनों एक साथ मिल चुके हैं और मम्मा अब अकेली नहीं हैं, क्योंकि सिम्बा भी उनके पास पहुंच गया है। इस लाइन ने उनके चाहने वालों और फैंस का दिल झकझोर कर रख दिया है और हर कोई कमेंट सेक्शन में पराग को इस मुश्किल वक्त से लड़ने के लिए ढांढस बंधा रहा है।फैंस और सेलेब्स दे रहे हैं पराग त्यागी को सांत्वनाएक तरफ जहां पराग त्यागी अपने जीवन के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं, वहीं मनोरंजन जगत के तमाम कलाकार और उनके फैंस लगातार उनके संपर्क में हैं और उन्हें इस असहनीय दर्द को सहने की शक्ति मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार शोक व्यक्त कर रहे हैं और कह रहे हैं कि भगवान पराग को इस अपार दुख को सहन करने की हिम्मत दे। किसी भी इंसान के लिए यह कल्पना करना भी मुश्किल है कि वह अपने जीवन के दो सबसे खास और चहेतों को इतनी जल्दी खो दे, लेकिन पराग के इस जज्बे की भी तारीफ हो रही है कि वे इस स्थिति में भी खुद को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 23 Jul 2026 12:40 pm

मुख्यमंत्री बनने के बाद हुई रिलीज, थलापति विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायकन'

मुंबई, साउथ सिनेमा के सुपरस्टार और मुख्यमंत्री विजय थलापति की बहुतप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायकन' गुरुवार को राज्यबर के करीब 1,000 सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है।

देशबन्धु 23 Jul 2026 12:37 pm

नाना की पुण्यतिथि पर भावुक हुए प्रतीक स्मिता पाटिल

मुंबई, अभिनेता प्रतीक स्मिता पाटिल ने गुरुवार को अपने नाना की पुण्यतिथि पर उन्हें याद करते हुए खास पोस्ट शेयर की।

देशबन्धु 23 Jul 2026 12:34 pm

हम लोग डरने वाले नहीं हैं:भाई पर कुल्हाड़ी से हुए जानलेवा हमले पर बोले पंकज त्रिपाठी, कहा- संसार में किसी के साथ गलत नहीं किया

जून में पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई विजेंद्र नाथ पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था। घटना के बाद वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अब लंबे समय बाद पंकज त्रिपाठी ने इस हमले पर बात की है। उनका कहना है कि उनके परिवार ने कभी किसी के साथ गलत नहीं किया है, यही वजह है कि परिवार किसी से नहीं डरता। हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में एक्टर पंकज त्रिपाठी ने कहा है, ‘मेरा अपने परिवार से बहुत लगाव है, हम दिन में रोज एक बार बात जरूर करते हैं। इस घटना का मुझ पर असर जरूर पड़ा, लेकिन मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। हम लोग किसी से डरने वाले लोग नहीं हैं।’ आगे एक्टर ने कहा है, ‘हमने किसी के लिए संसार में गलत नहीं किया, तो डर किस बात का। वो एक अप्रिय घटना से ज्यादा कुछ नहीं है। जीवन में ये सब घटना चलती रहती है।’ जानिए क्या था हमले का पूरा विवाद? जून में बिहार के गोपालगंज में एक्टर पंकज त्रिपाठी के भाई विजेंद्र नाथ पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। घटना बरौली थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव की है। विजेंद्र नाथ तिवारी देर शाम अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान अचानक 2 लोगों ने विजेंद्र पर वार किया। हमले में वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। विजेंद्र नाथ को तुरंत सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने हालत को देखते हुए उन्हें पटना AIIMS रेफर कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि विजेंद्र का आरोपियों के साथ जमीनी विवाद था, जिसके चलते उन पर जानलेवा हमला किया गया था। दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जल्द शुरू करेंगे यूट्यूब चैनल आखिरी बार इसी साल की फिल्म कृष्णा अवतारम में नजर आए पंकज त्रिपाठी जल्द ही अपना यूट्यूब चैनल शुरू करने वाले हैं। आने वाले दिनों में वो फिल्म मिर्जापुर में नजर आएंगे, जो 5 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इसके अलावा वो फिल्म पारिवारिक मनुरंजन और ओह माय डॉग में नजर आएंगे। पंकज त्रिपाठी 12 साल बाद थिएटर में भी वापसी करने वाले हैं।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 11:41 am

स्टूडेंट प्रोटेस्ट के सवाल पर भड़के सोनू निगम:रूपाली गांगुली बोलीं- कानून हाथ में लेने वाले स्टूडेंट नहीं, शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन की चुप्पी का मजाक उड़ाया

बॉलीवुड के कई बड़े सेलेब्स लगातार जंतर मंतर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कुछ स्टार्स ऐसे भी हैं, जो स्टूडेंट के विरोध में बयान दे रहे हैं, तो कुछ इस मुद्दे पर बात करने से भी झिझक रहे हैं। हाल ही में एक इवेंट में पहुंचे सिंगर सोनू निगम से प्रोटेस्ट पर सवाल किया गया, जिस पर वो भड़क गए। वहीं रूपाली गांगुली ने प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने पर सवाल खड़े किए हैं। सोनू निगम मंगलवार को एक इवेंट में शामिल हुए। इस समय एक रिपोर्टर ने देश में जारी प्रोटेस्ट पर पूछा- देश में जो सिचुएशन चल रही है, स्टूडेंट का प्रोटेस्ट चल रहा। इसी बीच सोनू निगम हंसते हुए चिढ़ गए और तुरंत सवाल काटते हुए कहा- मैं यहां किस लिए आया हूं। आगे उन्होंने चुप करवाते हुए कहा-'बस, बस।' रिपोर्टर तब भी शांत नहीं हुआ तो सिंगर ने कहा- ‘अभी हो गया, हो गया।’ वीडियो वायरल होने के बाद सोनू निगम ट्रोलर्स के निशाने पर आ चुके हैं। कई फैंस ने वीडियो पर कमेंट कर लिखा है कि वो उनके कॉन्सर्ट के टिकट कैंसिल करवा रहे हैं। रूपाली गांगुली बोलीं- पुलिस पर हमला करने वालों को स्टूडेंट नहीं कह सकते अनुपमा एक्ट्रेस रूपाली गांगुली ने प्रोटेस्ट पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा, ‘जो लोग कानून अपने हाथ में लेते हैं, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं और पुलिस पर हमला करते हैं, उन्हें छात्र नहीं कहा जा सकता। ऐसे कृत्य किसी भी जायज आंदोलन को कमजोर ही करते हैं।’ भाजपा से जुड़ी हुईं रूपाली ने छात्रों की मांगो को जायज कहा, लेकिन साथ ही कहा कि प्रोटेस्ट हिंसक नहीं होना चाहिए। उन्होंने लिखा है, ‘दुर्भाग्य से जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसा का रूप ले लेता है, तो छात्रों की वास्तविक चिंताएं पीछे छूट जाती हैं। अगर देशविरोधी या राजनीतिक स्वार्थ रखने वाले तत्व छात्र आंदोलनों का इस्तेमाल अपने एजेंडे के लिए करते हैं, तो सबसे ज्यादा नुकसान उन छात्रों का होता है जो न्याय की मांग कर रहे हैं।’ ‘भारत अपने छात्रों के साथ है। भारत अपने नागरिकों के साथ है। यह लड़ाई पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर सुधारों के लिए होनी चाहिए, न कि हिंसा और तोड़फोड़ के लिए।’ शशि थरूर ने बिग बी की चुप्पी पर ली फिरकी कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अमिताभ बच्चन का प्रोटेस्ट से जुड़ा 14 साल पुराना पोस्ट शेयर कर फिरकी ली है। री-शेयर की गई पोस्ट में अमिताभ बच्चन ने दिल्ली गैंगरेप से जुड़े विरोध में आंसू गैस के इस्तेमाल का विरोध किया था, जबकि इस प्रोटेस्ट में हिंसा होने के बावजूद उन्होंने चुप्पी साधी हुई है। विवेक ऑबेरॉय ने भी टाला था प्रोटेस्ट से जुड़ा सवाल कुछ समय पहले ही विवेक ऑबेरॉय से सोनम वांगचुक और उनके अनशन पर सवाल किया गया, तो एक्टर ने मुद्दे पर राय रखने की बजाए कहा, ‘मैं अभिनेता हूं, नेता नहीं हूं, मैं पॉलिटिकल चीजों पर ज्यादा ध्यान नहीं देता।’ विवेक का ये बयान सामने आने के बाद कई लोग उनकी जमकर आलोचना कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 10:34 am

आंदोलन का हिंसक होना बेहद दुख की बात:लंबी चुप्पी के बाद सलमान खान ने किया प्रोटेस्ट का समर्थन, कहा- राजनीतिक रंग न दें, ये शिक्षा का मुद्दा

लंबी चुप्पी के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जंतर-मंतर में छात्रों के साथ हुई हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने वाले सलमान खान पहले सुपरस्टार बन चुके हैं। उन्होंने न सिर्फ छात्रों के साथ हुई हिंसा की कड़ी निंदा की, बल्कि उनके विरोध प्रदर्शन को सही करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही उनका साथ देगी और शिक्षा व्यवस्था में बेहतरी होगी। साथ ही एक्टर ने कहा कि ये सिर्फ छात्रों और शिक्षा का मुद्दा है इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश नहीं करना चाहिए। सलमान खान ने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से अपने स्कूल के दिनों की एक तस्वीर शेयर कर लिखा- यह एक बेहद शांतिपूर्ण आंदोलन था। यह देखकर बहुत दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। इस आंदोलन में घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह देखकर खुशी होती है कि हमारे देश के छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग के लिए एकजुट होकर सामने आए हैं और उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। आगे सलमान खान लिखते हैं, ‘मैं छात्रों के इस कदम की दिल से सराहना करता हूं। उन्होंने जिस समर्पण, ईमानदारी और मेहनत से पढ़कर अपना भविष्य बनाने का जज्बा दिखाया है, वह काबिले-तारीफ है। यही युवा पीढ़ी एक शिक्षित और मजबूत भारत का निर्माण करेगी और देश का नाम रोशन करेगी।’ सलमान ने आगे लिखा, ‘यह आंदोलन और यह विरोध प्रदर्शन बिल्कुल सही दिशा में किया गया है और छात्रों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया। उनका साहस, हिम्मत और शिक्षा के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।’ ‘यह मुद्दा छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय सिर्फ हमारे देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि सरकार भी उनका साथ देगी और हमारी शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। यह सभी के लिए फायदे की स्थिति होगी। मैं सकारात्मक फैसले की उम्मीद और प्रार्थना करता हूं। भगवान उन सभी का भला करे जो शिक्षा हासिल करना चाहते हैं।’ इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड बने- सलमान खान अपनी लंबी-चौड़ी पोस्ट के आखिर में सलमान ने लिखा है, ‘मेरी इच्छा है कि शिक्षा ही अगला ट्रेंड और फैशन बने। हर साल पढ़ाई को लेकर लोगों का उत्साह और बढ़े। इतना कि बाहर से लोग भारत में पढ़ने आएं और भारत ही एजुकेशन हब बने। कॉकरोच जनता पार्टी ने री-शेयर किया पोस्ट सलमान खान की पोस्ट सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के ऑफिशियल इंस्टाग्राम से इसे री-शेयर किया गया है। प्रोटेस्ट के सपोर्ट में उतर रहे हैं बॉलीवुड सेलेब्स एक्टर अनुपम खेर ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को सबसे निष्पक्ष और ईमानदार बताया, साथ ही उन्हें बाहरी राजनीतिक दलों के एजेंडे से सावधान रहने की हिदायत दी। वहीं, रत्ना पाठक शाह ने मौजूदा स्थिति की तुलना पौराणिक कथा के द्रोणाचार्य से की और सीमा पाहवा ने फिल्म इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। नसीरुद्दीन शाह बोले- जाहिल देश चलाए तो चाहेगा सब जाहिल बनें नसीरुद्दीन शाह ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा- अगर एक जाहिल इस मुल्क की रहनुमाई करे, तो उसका दिल यही चाहेगा कि पूरा मुल्क उसी की तरह जाहिल, नासमझ, नाकाम और बेरहम बने। मेरी पूरी हमदर्दी छात्रों के साथ है। मैं उन्हें हजार-हजार हर सांस के साथ दुआएं देता हूं और हर टीचर्स डे पर उन्हें सलाम करता हूं। इस वक्त मेरा दिल भी भरा हुआ है और मैं गुस्से से खौल भी रहा हूं यह देखकर कि हमारे इन बच्चों के साथ किस तरह ज़ुल्म का बर्ताव किया जा रहा है उन गुंडों के हाथों, जो मुझे अमरीका के ICE एजेंट्स की याद दिलाते हैं, मुंह पर नकाब लगाए हुए, हाथ में डंडा लिए हुए। आखिर में नसीरुद्दीन शाह ने कहा, ‘कभी अपने बच्चों के बारे में भी सोचा करो और यह भी सोचो कि तुम्हारा अंजाम तुम्हें भी एक दिन मिलेगा जरूर। इन सब बच्चों से मैं कहना चाहता हूं कि हिम्मत न हारें। बहुत से लोगों की हमदर्दी आपके साथ है, बहुत से लोग आपके साथ हैं। आप लड़ते रहें। मुझे हमारे मुल्क की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और अब वह उम्मीद और उजागर हो गई है। आप लोग अपनी लड़ाई लड़ते रहें, हम सब आपके साथ हैं। और इस मुल्क की हुकूमत को मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं, सब याद रखा जाएगा।’ अनुपम खेर बोले- 'छात्रों का प्रदर्शन सबसे ईमानदारएक्टर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर कर जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज पर दुख जताया। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शैक्षणिक सुधारों की मांग कर रहे हैं। अनुपम खेर ने कहा, छात्रों, प्रदर्शन के वीडियो देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। जब छात्र सिर्फ अपनी मांग रखना चाहते हैं, तो उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए। मैं भी कभी छात्र था और अधिकारियों से सवाल पूछता था। इसलिए आपकी बेचैनी, गुस्सा और भविष्य की उम्मीदों को अच्छे से समझता हूं। छात्र प्रदर्शन सबसे ईमानदार प्रदर्शन होता है, क्योंकि वे सिर्फ अपने भविष्य, अधिकार और देश के सुधार के लिए चिंतित होते हैं। मैं दिल से आपका समर्थन करता हूं। राजनीतिक हस्तक्षेप पर चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, एक बड़े भाई के नाते कहना चाहता हूं कि जब आपके प्रदर्शन में बाहरी राजनीतिक दल शामिल होने लगते हैं, तो सावधान रहें। उनका मकसद आपका मुद्दा आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि अपना स्वार्थ पूरा करना होता है। शुरुआत में लगता है कि ज्यादा लोग आने से प्रदर्शन मजबूत होगा, लेकिन ये लोग आपकी आवाज का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए करने लगते हैं। बाद में मुद्दा आपका नहीं रहता, वे कैमरे और नारे अपने साथ ले जाते हैं। इससे आपकी सच्चाई को नुकसान पहुंचता है। अपना विरोध खुद का रखें, किसी को अपनी आवाज का गलत इस्तेमाल न करने दें। रत्ना पाठत बोलीं- छात्रों का भविष्य दांव पर लगा रहे'एक्टर नसीरुद्दीन शाह के समर्थन के बाद उनकी पत्नी और सीनियर एक्ट्रेस रत्ना पाठक शाह ने भी इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा, मुझे हमेशा से एकलव्य की कहानी गलत लगती थी कि गुरु द्रोणाचार्य ने अंगूठा मांगकर उसका पूरा भविष्य दांव पर लगा दिया। अब समझ आ रहा है कि वे किस तरह के गुरु थे। हम विश्वगुरु बनने की बात करते हैं, लेकिन अपने छात्रों से संवाद तक नहीं बना पा रहे। हम चाहते हैं कि छात्र अपना पूरा भविष्य इसलिए कुर्बान कर दें ताकि कुछ लोग अपनी राजनीतिक सत्ता बचा सकें? ये किस तरह के गुरु हैं? अपनी पीढ़ी की तरफ से माफी मांगते हुए उन्होंने कहा, हम देख रहे थे कि क्या गलत हो रहा है, लेकिन सही समय पर सही तरीके से उसे रोक नहीं पाए। इसलिए हमने आपको मार्गदर्शन देने का अधिकार खो दिया है। लेकिन हमारे पास आपका समर्थन करने का संकल्प है। हमें बुलाइए, हम आपके साथ हैं। सीमा पाहवा ने कहा- 'चूहों की तरह छिपे हैं बड़े स्टार्स'एक्ट्रेस सीमा पाहवा ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो शेयर कर इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर नाराजगी जताई। उन्होंने सीजेपी (CJP) को टैग करते हुए कहा, मैं इन बच्चों, इनके परिवारों और देश के साथ हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि यह कैसे रुकेगा, क्योंकि इंसानियत खत्म हो चुकी है। इतने सारे लोग अब भी चुप हैं, यह बहुत शर्मनाक है। क्या आपको लगता है कि सरकार खिलाफ हो जाएगी तो काम या पद चला जाएगा? अपनी इंसानियत जगाइए। रोते, तड़पते और पिटते बच्चों को देखिए। क्या आप इसलिए घरों में दुबके हैं ताकि आपके अवॉर्ड्स न रुकें? क्या आप सब कायर हैं? शर्म आनी चाहिए! बाहर निकलिए और छात्रों का साथ दीजिए। सीमा पाहवा ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ सड़क पर उतरीं 75 वर्षीय सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, मैं उस महिला की बड़ी प्रशंसक बन गई हूं जो इस उम्र में वहां मार्च कर रही हैं। अगर मुझे अपनी व्यक्तिगत समस्या न होती, तो मैं भागकर जाती और बच्चों के साथ लाठीचार्ज झेलती। राजकुमार राव की अपील- 'बातचीत से निकलेगा समाधान'एक्टर राजकुमार राव ने भी सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए शांतिपूर्ण बातचीत पर जोर दिया। उन्होंने लिखा, जब युवा महसूस करते हैं कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही, तो यह समाज के लिए याद दिलाने वाली बात है कि उसे सुनना चाहिए। हर आवाज को गरिमा, निष्पक्षता और सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए। साथ ही, शांति ही हमारी सबसे बड़ी ताकत होनी चाहिए। हिंसा केवल जख्मों को गहरा करती है और समाधान से दूर ले जाती है। यह बातचीत और सहानुभूति का समय है। उन्होंने आगे कहा, छात्रों को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए और अधिकारियों को सहानुभूति व खुलेपन के साथ सुनना चाहिए। असली और स्थायी बदलाव टकराव से नहीं, बातचीत से आता है। हम सभी देश का विकास चाहते हैं और उसकी नींव निष्पक्ष शिक्षा है। क्या है जंतर-मंतर प्रदर्शन का पूरा मामलादेशभर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के पेपर लीक होने की घटनाओं के बाद से छात्रों का आक्रोश बढ़ा हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में हजारों छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग नीट परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधार लागू करना है। सोमवार को संसद घेराव के लिए निकले छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसके बाद से यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 8:28 am

छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए : सलमान खान

अभिनेता सलमान खान ने नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया है

देशबन्धु 23 Jul 2026 6:10 am

छात्रों पर लाठीचार्ज, बॉलीवुड दिग्गजों ने उठाई आवाज:अनुपम खेर बोले- ये बर्ताव नहीं होना चाहिए; रत्ना-सीमा, राजकुमार राव भी समर्थन में आए

दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद बॉलीवुड की कई हस्तियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। अनुपम खेर, रत्ना पाठक शाह, सीमा पाहवा और राजकुमार राव ने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। एक्टर अनुपम खेर ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को सबसे निष्पक्ष और ईमानदार बताया, साथ ही उन्हें बाहरी राजनीतिक दलों के एजेंडे से सावधान रहने की हिदायत दी। वहीं, रत्ना पाठक शाह ने मौजूदा स्थिति की तुलना पौराणिक कथा के द्रोणाचार्य से की और सीमा पाहवा ने फिल्म इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। अनुपम खेर बोले- 'छात्रों का प्रदर्शन सबसे ईमानदारएक्टर अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर कर जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज पर दुख जताया। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शैक्षणिक सुधारों की मांग कर रहे हैं। अनुपम खेर ने कहा, छात्रों, प्रदर्शन के वीडियो देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। जब छात्र सिर्फ अपनी मांग रखना चाहते हैं, तो उनके साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए। मैं भी कभी छात्र था और अधिकारियों से सवाल पूछता था। इसलिए आपकी बेचैनी, गुस्सा और भविष्य की उम्मीदों को अच्छे से समझता हूं। छात्र प्रदर्शन सबसे ईमानदार प्रदर्शन होता है, क्योंकि वे सिर्फ अपने भविष्य, अधिकार और देश के सुधार के लिए चिंतित होते हैं। मैं दिल से आपका समर्थन करता हूं। राजनीतिक हस्तक्षेप पर चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, एक बड़े भाई के नाते कहना चाहता हूं कि जब आपके प्रदर्शन में बाहरी राजनीतिक दल शामिल होने लगते हैं, तो सावधान रहें। उनका मकसद आपका मुद्दा आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि अपना स्वार्थ पूरा करना होता है। शुरुआत में लगता है कि ज्यादा लोग आने से प्रदर्शन मजबूत होगा, लेकिन ये लोग आपकी आवाज का इस्तेमाल अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए करने लगते हैं। बाद में मुद्दा आपका नहीं रहता, वे कैमरे और नारे अपने साथ ले जाते हैं। इससे आपकी सच्चाई को नुकसान पहुंचता है। अपना विरोध खुद का रखें, किसी को अपनी आवाज का गलत इस्तेमाल न करने दें। रत्ना शाह बोलीं- छात्रों का भविष्य दांव पर लगा रहे'एक्टर नसीरुद्दीन शाह के समर्थन के बाद उनकी पत्नी और सीनियर एक्ट्रेस रत्ना पाठक शाह ने भी इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया। उन्होंने महाभारत के एकलव्य प्रसंग का जिक्र करते हुए व्यवस्था पर निशाना साधा। रत्ना पाठक शाह ने कहा, मुझे हमेशा से एकलव्य की कहानी गलत लगती थी कि गुरु द्रोणाचार्य ने अंगूठा मांगकर उसका पूरा भविष्य दांव पर लगा दिया। अब समझ आ रहा है कि वे किस तरह के गुरु थे। हम विश्वगुरु बनने की बात करते हैं, लेकिन अपने छात्रों से संवाद तक नहीं बना पा रहे। हम चाहते हैं कि छात्र अपना पूरा भविष्य इसलिए कुर्बान कर दें ताकि कुछ लोग अपनी राजनीतिक सत्ता बचा सकें? ये किस तरह के गुरु हैं? अपनी पीढ़ी की तरफ से माफी मांगते हुए उन्होंने कहा, हम देख रहे थे कि क्या गलत हो रहा है, लेकिन सही समय पर सही तरीके से उसे रोक नहीं पाए। इसलिए हमने आपको मार्गदर्शन देने का अधिकार खो दिया है। लेकिन हमारे पास आपका समर्थन करने का संकल्प है। हमें बुलाइए, हम आपके साथ हैं। सीमा पाहवा ने कहा- 'चूहों की तरह छिपे हैं बड़े स्टार्स'एक्ट्रेस सीमा पाहवा ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो शेयर कर इंडस्ट्री के बड़े कलाकारों की चुप्पी पर नाराजगी जताई। उन्होंने सीजेपी (CJP) को टैग करते हुए कहा, मैं इन बच्चों, इनके परिवारों और देश के साथ हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि यह कैसे रुकेगा, क्योंकि इंसानियत खत्म हो चुकी है। इतने सारे लोग अब भी चुप हैं, यह बहुत शर्मनाक है। क्या आपको लगता है कि सरकार खिलाफ हो जाएगी तो काम या पद चला जाएगा? अपनी इंसानियत जगाइए। रोते, तड़पते और पिटते बच्चों को देखिए। क्या आप इसलिए घरों में दुबके हैं ताकि आपके अवॉर्ड्स न रुकें? क्या आप सब कायर हैं? शर्म आनी चाहिए! बाहर निकलिए और छात्रों का साथ दीजिए। सीमा पाहवा ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ सड़क पर उतरीं 75 वर्षीय सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, मैं उस महिला की बड़ी प्रशंसक बन गई हूं जो इस उम्र में वहां मार्च कर रही हैं। अगर मुझे अपनी व्यक्तिगत समस्या न होती, तो मैं भागकर जाती और बच्चों के साथ लाठीचार्ज झेलती। राजकुमार राव की अपील- 'बातचीत से निकलेगा समाधान'एक्टर राजकुमार राव ने भी सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए शांतिपूर्ण बातचीत पर जोर दिया। उन्होंने लिखा, जब युवा महसूस करते हैं कि उनकी बात नहीं सुनी जा रही, तो यह समाज के लिए याद दिलाने वाली बात है कि उसे सुनना चाहिए। हर आवाज को गरिमा, निष्पक्षता और सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए। साथ ही, शांति ही हमारी सबसे बड़ी ताकत होनी चाहिए। हिंसा केवल जख्मों को गहरा करती है और समाधान से दूर ले जाती है। यह बातचीत और सहानुभूति का समय है। उन्होंने आगे कहा, छात्रों को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए और अधिकारियों को सहानुभूति व खुलेपन के साथ सुनना चाहिए। असली और स्थायी बदलाव टकराव से नहीं, बातचीत से आता है। हम सभी देश का विकास चाहते हैं और उसकी नींव निष्पक्ष शिक्षा है। क्या है जंतर-मंतर प्रदर्शन का पूरा मामलादेशभर में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) के पेपर लीक होने की घटनाओं के बाद से छात्रों का आक्रोश बढ़ा हुआ है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में हजारों छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग नीट परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में कड़े सुधार लागू करना है। सोमवार को संसद घेराव के लिए निकले छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसके बाद से यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 4:30 am

हिट फिल्म के बाद भी 15 महीने बेरोजगार रहीं कृति:स्टारकिड्स ने छीने बड़े रोल, जिस किरदार पर सवाल उठे, उसी ने दिलाया नेशनल अवॉर्ड

पहले रैंप शो के बाद मैं ऑटो में बैठकर पूरे रास्ते रोती रही थी... पहले फोटोशूट के बाद भी घर जाकर रोई थी। हिट फिल्म के बाद भी 15 महीने काम नहीं मिला। कई बार ऐसा हुआ कि जिस फिल्म के लिए ऑडिशन दिया, आखिर में वह किसी स्टार किड को मिल गई। कई-कई महीने तक कोई ऑडिशन नहीं आता था। मैं मां को दिन में दस-दस बार फोन करके रोती थी। आज कृति सेनन बॉलीवुड की सफल अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनके नाम नेशनल अवॉर्ड, कई सुपरहिट फिल्में और अपना प्रोडक्शन हाउस है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता रिजेक्शन, अकेलेपन, तानों और आत्मविश्वास की लड़ाई से होकर गुजरा है। यह कहानी उस लड़की की है, जिसने कभी एक्टिंग का सपना नहीं देखा था, लेकिन रास्ता चुना तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज की सक्सेस स्टोरी में कृति सेनन के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें। दिल्ली की इंजीनियरिंग स्टूडेंट, जिसने सपनों के दम पर बॉलीवुड तक का सफर तय किया कृति सेनन का जन्म 27 जुलाई 1990 को नई दिल्ली में हुआ। उनके पिता राहुल सेनन चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जबकि मां गीता सेनन दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर रह चुकी हैं। उनकी छोटी बहन नूपुर सेनन भी अभिनय और सिंगिंग की दुनिया में सक्रिय हैं। कृति ने शुरुआती पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), आर.के. पुरम से की। इसके बाद जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी.टेक की डिग्री हासिल की। 'मैं पढ़ाई में अच्छी थी, फिल्मों में आने का कभी नहीं सोचा' कृति सेनन ने बॉलीवुड बबल को दिए इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में उनका पूरा ध्यान पढ़ाई पर रहता था। वह पढ़ाई में अच्छी थीं, लेकिन बेहद शर्मीली भी थीं। वह कहती हैं,मुझे स्टेज पर जाने से भी डर लगता था। डांस करना पसंद था, लेकिन एक्टिंग, थिएटर या ड्रामा में मैंने कभी हिस्सा नहीं लिया। फिल्मों में आने का तो मैंने कभी सोचा ही नहीं था। स्कूल के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू हुई। जिंदगी तय रास्ते पर चल रही थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि यही लड़की आगे चलकर बॉलीवुड की बड़ी स्टार बनेगी। बी.टेक के दौरान एक सलाह ने बदल दी जिंदगी इंजीनियरिंग के दौरान एक दिन किसी ने कृति से कहा, तुम्हारी हाइट अच्छी है, मॉडलिंग क्यों नहीं ट्राय करती? पहली प्रतिक्रिया थी- नहीं... ये मेरे बस की बात नहीं। लेकिन फिर उन्होंने सोचा कि कोशिश करने में नुकसान नहीं है। अगर कुछ नहीं हुआ, तो कम से कम कॉन्फिडेंस बढ़ जाएगा। यही फैसला उनकी जिंदगी का बड़ा टर्निंग पॉइंट बन गया। बहन ने खींचीं तस्वीरें... और किस्मत ने नया दरवाजा खोल दिया कृति के पास प्रोफेशनल पोर्टफोलियो नहीं था। उनकी छोटी बहन नूपुर ने घर पर ही कुछ तस्वीरें खींचीं। आज उन तस्वीरों को देखकर कृति खुद हंस पड़ती हैं। वह कहती हैं, आज भी जब वो तस्वीरें देखती हूं तो हंसी आती है कि कितनी अजीब थीं। उन्होंने वही तस्वीरें एक वेबसाइट पर चल रहे फ्रेश फेस कॉन्टेस्ट में भेज दीं। इनाम था- मशहूर फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी से मुफ्त पोर्टफोलियो शूट। कृति को सिर्फ इतना पता था कि डब्बू रत्नानी से फोटोशूट महंगा होता है। फैशन और मॉडलिंग की दुनिया के बारे में उन्हें कुछ भी नहीं मालूम था। किस्मत ने साथ दिया...वह कॉन्टेस्ट जीत गईं। यहीं से मॉडलिंग का पहला कॉन्ट्रैक्ट मिला और फिल्मों तक जाने वाली राह खुली। पहला फोटोशूट... और घर जाकर फूट-फूटकर रोईं किसी नए इंसान के लिए कैमरे के सामने खड़ा होना आसान नहीं होता। कृति के लिए भी नहीं था। उन्हें नहीं पता था कि कैमरे की तरफ कैसे देखना है, हाथ कहां रखने हैं और एक्सप्रेशन कैसे देने हैं। शूट के दौरान फोटोग्राफर ने मुस्कुराते हुए सिर्फ इतना कहा,ये तुम्हारा पहला फोटोशूट है ना? बात सामान्य थी, लेकिन कृति को लगा कि शायद वह खराब काम कर रही हैं। शूट खत्म हुआ… वह सीधे घर पहुंचीं और रो पड़ीं। आज भी कृति मानती हैं कि अगर उन्हें लगता है कि उन्होंने 100 प्रतिशत नहीं दिया, तो यह बात उन्हें लंबे समय तक परेशान करती है। पहले रैंप शो में सबके सामने डांट पड़ी... ऑटो में बैठकर रोती रहीं अगर फोटोशूट मुश्किल था, तो पहला रैंप शो उससे भी कठिन साबित हुआ। नर्वसनेस के कारण रैंप पर कोरियोग्राफी में गलती हो गई। शो खत्म हुआ तो कोरियोग्राफर ने करीब 50 मॉडल्स के सामने उन्हें डांट दिया। कृति कुछ नहीं बोलीं। चुपचाप बाहर निकलीं...एक ऑटो में बैठीं...और पूरे रास्ते रोती रहीं। घर पहुंचकर भी काफी देर तक उनके आंसू नहीं रुके। मां ने उन्हें समझाते हुए कहा, मुझे नहीं लगता कि यह दुनिया तुम्हारे लिए बनी है। यहां टिकना है तो बहुत मजबूत बनना पड़ेगा। लोगों की बातें सुनकर टूटोगी तो आगे नहीं बढ़ पाओगी। शायद यही वह दिन था, जब कृति ने तय किया कि अब रोना बंद... सीखना शुरू। हार मानना कभी नहीं सीखा कृति मानती हैं कि उनके अंदर यह आदत हमेशा से रही है। अगर वह गिरती हैं, तो दोबारा उठकर कोशिश करती हैं। वह कहती हैं, मैं आसानी से हार नहीं मानती। शायद यही वजह है कि हर बार गिरने के बाद मैंने खुद को एक और मौका दिया। धीरे-धीरे मेरा आत्मविश्वास बढ़ता गया। यही जिद आगे चलकर उन्हें मॉडल से अभिनेत्री और फिर नेशनल अवॉर्ड विजेता कलाकार बनाने वाली थी। मुंबई में अकेली रहने लगीं, GMAT की तैयारी भी करती थीं... परिवार ने कहा- पहले सपना पूरा करो पहले रैंप शो की डांट और शुरुआती असफलताओं के बाद कृति सेनन ने हार नहीं मानी। मॉडलिंग आगे बढ़ रही थी, लेकिन फिल्मों का रास्ता अभी भी धुंधला था। इसी बीच उन्होंने मुंबई आने का फैसला किया। यह आसान नहीं था, क्योंकि वह कभी घर से दूर नहीं रही थीं। 'मैं कभी हॉस्टल में नहीं रही थी' कृति बताती हैं, मैं हमेशा अपने परिवार के साथ रही थी। घर में हर सुविधा थी। कॉलेज तक कार चलाना सीख लिया था, लेकिन कभी अकेले रहने की नौबत नहीं आई थी। मुंबई आने के शुरुआती पांच-छह महीने आसान रहे, क्योंकि उस समय उनके पिता की पोस्टिंग भी मुंबई में थी। लेकिन उसके बाद... पापा वापस चले गए और पहली बार कृति पूरी तरह अकेली रह गईं। किराए का घर... कामवाली... खाना... सारी जिम्मेदारी खुद संभाली जिंदगी बदल चुकी थी। किराए का घर लेना, खर्च संभालना, खाना बनवाना, कामवाली का इंतजाम करना... हर छोटी-बड़ी जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। इसके साथ ही वह फिल्मों के लिए ऑडिशन दे रही थीं। इसी दौरान वह GMAT की तैयारी भी कर रही थीं। घरवालों ने उनके लिए प्लान-बी भी तैयार रखा था। अगर एक्टिंग में बात नहीं बनी, तो आगे की पढ़ाई करके दूसरा करियर बनाया जा सकता था। लेकिन कृति के मन में अब सिर्फ एक सपना था। फिल्म इंडस्ट्री के बारे में कुछ नहीं जानती थीं मुंबई पहुंचकर उन्हें सबसे ज्यादा अनजान दुनिया ने परेशान किया। कृति कहती हैं, मुझे समझ ही नहीं आता था कि शुरुआत कहां से करूं। किससे मिलूं, किस प्रोडक्शन हाउस में जाऊं, कौन-सी फिल्म करनी चाहिए और कौन-सी नहीं। मुझे कुछ भी नहीं पता था। वह किसी फिल्मी परिवार से नहीं थीं। उनके लिए बॉलीवुड सिर्फ पर्दे की चमक थी। पर्दे के पीछे की दुनिया बिल्कुल नई थी। 'मैं सिर्फ शाहरुख, माधुरी और ऋतिक की फैन थी' कृति बताती हैं कि उन्हें फिल्मों से प्यार था। वह माधुरी दीक्षित, शाहरुख खान और ऋतिक रोशन की बड़ी फैन थीं। लेकिन वह मानती हैं कि फैन होना और इंडस्ट्री को समझना अलग बातें हैं। उन्हें यह भी नहीं पता था कि करियर कैसे बनाया जाता है, किससे मिलना चाहिए और कौन सही सलाह देगा। एजेंसी बनी सबसे बड़ी ताकत कृति मानती हैं कि शुरुआती दिनों में उनकी मॉडलिंग एजेंसी ने उनका काफी साथ दिया। उन्हें समझाया गया कि कब ऑडिशन देना चाहिए, कब किसी रोल के लिए इंतजार करना चाहिए और कब किसी फिल्म को छोड़ना चाहिए। नए कलाकार के लिए सही सलाह बड़ी ताकत होती है। कृति को यह सहारा मिल गया था। मां ने कहा- 'सपनों को मत रोकना' कृति की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का भरोसा सबसे बड़ी ताकत रहा। वह बताती हैं कि उनकी मां अपनी जिंदगी में बहुत कुछ करना चाहती थीं। गाना सीखना... तैरना सीखना... और भी कई सपने... लेकिन उन्हें उतनी आजादी नहीं मिली। शायद यही वजह थी कि उन्होंने अपनी बेटी से हमेशा कहा,जो करना चाहती हो, अभी कर लो। सपनों को कभी मत रोकना। वरना बाद में सिर्फ पछतावा रह जाएगा। यही बात कृति के दिल में बस गई। पापा का भरोसा नहीं होता, तो शायद यह फैसला कभी नहीं ले पाती कृति मानती हैं कि परिवार का साथ नहीं होता तो वह शायद कभी फिल्मों में आने की हिम्मत नहीं जुटा पातीं। वह कहती हैं, अगर उस समय पापा का भरोसा मेरे साथ नहीं होता, तो शायद मैं इतना बड़ा फैसला कभी नहीं ले पाती। हर स्ट्रगल करने वाले कलाकार को ऐसा परिवार नहीं मिलता। कृति मानती हैं कि यह उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। दोस्त ने कहा- फिल्मों में गई तो शादी नहीं होगी सपनों के रास्ते में सिर्फ संघर्ष नहीं आया...लोगों की सोच भी सामने आई। कृति बताती हैं कि उनके एक दोस्त ने उनसे कहा था,अगर तुम मॉडलिंग या फिल्मों में गई, तो बाद में शादी करने में दिक्कत होगी। यह सुनकर उन्हें हैरानी हुई। उन्हें लगा कि उनकी ही पीढ़ी के लोग आज भी इतनी पुरानी सोच रखते हैं। लेकिन उन्होंने किसी की बात पर ध्यान नहीं दिया। उनके लिए उस समय शादी नहीं...सपना ज्यादा जरूरी था। एक बात ने जिंदगी बदल दी कृति कहती हैं, मुझे हमेशा लगता था कि अगर मैंने कोशिश ही नहीं की, तो पूरी जिंदगी यही सोचती रहूंगी कि शायद मैं कर सकती थी। यही सोच उन्हें हर मुश्किल के बाद आगे बढ़ाती रही। उन्हें मंजिल नहीं दिख रही थी...लेकिन भरोसा था कि चलते रहे, तो रास्ता जरूर मिलेगा। स्टार किड्स ले गए फिल्में, महीनों तक नहीं मिला एक भी ऑडिशन मुंबई आकर कृति सेनन ने सोचा था कि मेहनत करेंगी और धीरे-धीरे रास्ता बन जाएगा। लेकिन जल्द ही समझ आ गया कि बॉलीवुड में सिर्फ टैलेंट काफी नहीं होता, खासकर तब जब फिल्मी बैकग्राउंड न हो। हर दिन उम्मीद से शुरू होता था...और कई दिन निराशा के साथ खत्म हो जाते थे। कृति बताती हैं कि कई फिल्मों के लिए उन्होंने ऑडिशन दिए। फिल्म में नए चेहरे की तलाश थी। उन्हें बुलाया गया...उन्होंने तैयारी की...ऑडिशन दिया...उम्मीद भी जगी...लेकिन आखिर में रोल किसी स्टार किड या स्थापित कलाकार को मिल गया। कृति कहती हैं, उस समय मन में यही सवाल आता था कि अगर लेना ही नहीं था, तो फिर ऑडिशन क्यों कराया? हर बार उम्मीद टूटती थी, लेकिन अगली सुबह फिर नए ऑडिशन की तैयारी शुरू हो जाती थी। महीने गुजर जाते थे, कोई ऑडिशन नहीं आता था रिजेक्शन से ज्यादा मुश्किल था... इंतजार। कई-कई महीने गुजर जाते थे, जब कोई ऑडिशन नहीं आता था। फोन नहीं बजता था। कोई कॉल नहीं... कोई मीटिंग नहीं... कोई उम्मीद नहीं... नए कलाकार के लिए यही सबसे कठिन दौर होता है। कृति कहती हैं कि उस समय लगता था जैसे जिंदगी रुक गई हो, क्योंकि इंडस्ट्री में कोई उन्हें जानता तक नहीं था। 'मैं मां को दिन में 10-10 बार फोन करती थी' अकेलापन धीरे-धीरे मानसिक दबाव में बदलने लगा। भविष्य की चिंता... काम न मिलने का डर... और परिवार से दूर रहने के दर्द के बीच उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं- उनकी मां। कृति उस दौर को याद कर इमोशनल हो जाती हैं। वह करती हैं, मैं मां को दिन में दस-दस बार फोन करती थी। कई बार सिर्फ रोती रहती थी। समझ नहीं आता था कि आगे क्या होगा। हर बार मां उन्हें एक ही बात कहतीं- धैर्य रखो... मेहनत करती रहो... सही समय जरूर आएगा। यही भरोसा उन्हें टूटने नहीं देता था। आउटसाइडर होना सबसे बड़ी चुनौती था कृति मानती हैं कि किसी फिल्मी परिवार से न होना अपने आप में संघर्ष है। वह कहती हैं, आज किसी स्टार किड की पहली फिल्म आती है, तो लोग पहले से उसे जानते हैं। मीडिया में चर्चा होती है। लेकिन जब कोई बिल्कुल नया लड़का या लड़की आता है, तो लोगों को पता भी नहीं चलता कि उसकी फिल्म कब रिलीज हुई। यही वजह थी कि उन्हें हर फिल्म, हर ऑडिशन और हर किरदार के लिए खुद को बार-बार साबित करना पड़ता था। 'मॉडल्स एक्टिंग नहीं कर सकतीं' संघर्ष सिर्फ रोल पाने का नहीं था। लोगों ने उन्हें लेकर पहले से राय बना ली थी। कई लोगों का मानना था कि मॉडल सिर्फ दिखने में अच्छी होती हैं, वे अभिनय नहीं कर सकतीं। कृति को अक्सर सिर्फ 'खूबसूरत चेहरा' समझा जाता था। उन्हें लगता था कि लोग उनकी मेहनत नहीं, सिर्फ उनका लुक देख रहे हैं। 'बरेली की बर्फी' के लिए भी लोगों को भरोसा नहीं था जब अश्विनी अय्यर तिवारी की फिल्म 'बरेली की बर्फी' का ऑफर मिला, तब भी कई लोगों ने सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि कृति छोटे शहर की साधारण लड़की का किरदार नहीं निभा पाएंगी। लेकिन कृति ने किसी की बात पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने किरदार को समझा, उसकी भाषा सीखी, उसका व्यवहार अपनाया। फिल्म रिलीज हुई, तो वही किरदार उनके करियर का बड़ा मोड़ बन गया। 'बिट्टी मिश्रा' के रूप में कृति ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ ग्लैमरस रोल निभाने वाली अभिनेत्री नहीं हैं। 'पानीपत' में कहा गया- मराठी लड़की जैसी नहीं लगती 'बरेली की बर्फी' के बाद भी सवाल खत्म नहीं हुए। फिल्म 'पानीपत' के दौरान लोगों ने कहा- कृति मराठी लड़की जैसी नहीं लगतीं। शुरुआत में यह डर खुद कृति के मन में भी था। वह सोचती थीं कि पता नहीं इस किरदार में कैसी लगेंगी। लेकिन जैसे ही उन्होंने कॉस्ट्यूम पहना, मेकअप किया और किरदार में उतरना शुरू किया, सारा डर गायब हो गया। उन्हें एहसास हुआ कि कलाकार की असली पहचान उसका अभिनय होता है, सिर्फ चेहरा नहीं। कृति की सबसे बड़ी सीख लगातार रिजेक्शन, आलोचना और इंतजार ने उन्हें एक बात सिखाई- दूसरों की राय आपकी पहचान तय नहीं कर सकती। उन्होंने हर 'नहीं' को अगली 'हां' की तैयारी बना लिया। यही सोच आगे चलकर उन्हें उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म तक ले गई। 'मिमी' करने से लोगों ने रोका, लेकिन उसी फिल्म ने दिलाया नेशनल अवॉर्ड 'बरेली की बर्फी' के बाद कृति सेनन ने साबित कर दिया था कि वह सिर्फ ग्लैमरस रोल निभाने वाली अभिनेत्री नहीं हैं। फिर भी उन्हें लगता था कि इंडस्ट्री उन्हें पूरी तरह कलाकार के रूप में स्वीकार नहीं कर रही। उन्हें ऐसे किरदारों का इंतजार था, जो उनके अभिनय की असली परीक्षा लें। यह इंतजार फिल्म 'मिमी' के साथ खत्म हुआ। 'इतनी जल्दी मां का रोल मत करो' जब कृति के पास 'मिमी' की स्क्रिप्ट आई, तो कई लोगों ने सलाह दी कि इतनी कम उम्र में मां का किरदार निभाना सही फैसला नहीं होगा। लोगों का मानना था कि इससे उनकी ग्लैमरस इमेज प्रभावित होगी और करियर पर असर पड़ सकता है। लेकिन कृति ने वही किया, जो हमेशा करती आई थीं। उन्होंने लोगों की नहीं, कहानी की सुनी। कृति कहती हैं, मेरे लिए सबसे जरूरी कहानी थी। मुझे उस किरदार का सफर बहुत खूबसूरत लगा। अगर कहानी दिल को छू रही है, तो बाकी बातें मायने नहीं रखतीं। मुझे वह फैसला कभी जोखिम नहीं लगा। किरदार के लिए बढ़ाया वजन, खुद को पूरी तरह बदल दिया 'मिमी' सिर्फ एक फिल्म नहीं थी। यह कृति के करियर की सबसे बड़ी चुनौती थी। सरोगेट मां के किरदार को पर्दे पर सच्चाई के साथ उतारने के लिए उन्होंने वजन बढ़ाया, लुक बदला और किरदार की भावनाओं को समझने में महीनों लगाए। जब फिल्म रिलीज हुई, तो दर्शकों के साथ समीक्षकों ने भी उनके अभिनय की जमकर तारीफ की। जिस अभिनेत्री को कभी सिर्फ 'खूबसूरत चेहरा' कहा जाता था, वही अब अभिनय के लिए सराही जा रही थी। नेशनल अवॉर्ड ने बदल दी पहचान 'मिमी' के लिए कृति सेनन को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री) मिला। यह सिर्फ एक अवॉर्ड नहीं था। यह उन तमाम रिजेक्शन, इंतजार, तानों और संघर्षों का जवाब था, जिनसे वह वर्षों तक गुजरी थीं। जिस लड़की को कभी कहा गया था कि मॉडल एक्टिंग नहीं कर सकती... उसी ने देश का सबसे बड़ा अभिनय सम्मान जीत लिया। आज भी मानती हैं- रिजेक्शन जरूरी थे आज जब कृति अपने संघर्ष के दिनों को याद करती हैं, तो उन्हें किसी से शिकायत नहीं होती। वह मानती हैं कि अगर शुरुआत में उन्हें इतनी असफलताएं नहीं मिली होतीं, तो शायद वह इतनी मजबूत कलाकार नहीं बन पातीं। उनके शब्दों में, अगर मुझे शुरुआत में इतने रिजेक्शन नहीं मिले होते, तो शायद मैं आज की कृति सेनन नहीं होती। हर रिजेक्शन ने मुझे कुछ नया सिखाया और बेहतर बनने के लिए मजबूर किया। हर किरदार के साथ तोड़ा एक नया स्टीरियोटाइप 'बरेली की बर्फी' में छोटे शहर की लड़की... 'पानीपत' में ऐतिहासिक किरदार... 'मिमी' में सरोगेट मां... 'तेरी बातों में ऐसा उलझा जिया' में रोबोट... और 'दो पत्ती' में अभिनेत्री के साथ निर्माता... कृति ने हर बार नया जोखिम उठाया। शायद यही वजह है कि आज उन्हें सिर्फ स्टार नहीं, बल्कि भरोसेमंद अभिनेत्री माना जाता है। ___________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... 20-25 ऑडिशन में रिजेक्ट हुईं रश्मिका मंदाना:कहा गया- एक्ट्रेस जैसा चेहरा नहीं; घर जाकर रोती थीं, फिर बनीं पैन इंडिया स्टार आज रश्मिका मंदाना देश की बड़ी अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। 'पुष्पा', 'एनिमल' और 'छावा' जैसी फिल्मों से उन्होंने पैन इंडिया स्टार का दर्जा हासिल किया। लेकिन करियर की शुरुआत में उन्हें लगातार रिजेक्शन झेलने पड़े। उन्होंने करीब 20-25 ऑडिशन दिए, जिनमें ज्यादातर में यह कहकर रिजेक्ट कर दिया गया कि उनका चेहरा एक्ट्रेस जैसा नहीं है।पूरी खबर पढ़ें..

दैनिक भास्कर 23 Jul 2026 4:30 am

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर अभिनेता रहमान की सरकार से अपील, बोले- 'छात्र हमारे दुश्मन नहीं, भारत का भविष्य हैं'

मुंबई, दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और उस दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर देशभर में बहस तेज हो गई है। इस मुद्दे पर अब कई जानी-मानी हस्तियां भी खुलकर अपनी राय रख रही हैं। फिल्मी दुनिया से भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

देशबन्धु 22 Jul 2026 5:31 pm

'हॉनर ऑफ अशोक अवॉर्ड 2026' मिलने पर भावुक हुए अनुपम खेर, लिखा- यह सबसे खास सम्मानों में से एक

मुंबई, अभिनेता अनुपम खेर को प्रतिष्ठित हॉनर ऑफ अशोक अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। अभिनेता ने सोशल मीडिया के जरिए इस सम्मान के लिए आभार और खुशी व्यक्त की।

देशबन्धु 22 Jul 2026 4:44 pm

ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने बनाई नई कैबिनेट, भारतीय मूल के कनिष्क नारायण बने AI मंत्री, लिसा नंदी को संस्कृति मंत्रालय

नई कैबिनेट में जान हीली को वित्त मंत्री बनाया गया है, जबकि एड मिलिबैंड को विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार का कहना है कि नई टीम आर्थिक सुधार, विदेश नीति और तकनीकी विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देगी।

देशबन्धु 22 Jul 2026 4:16 pm

अश्नीर ग्रोवर की बायोपिक से अलग हुए आमिर खान:क्रिएटिव डिफरेंस के बाद छोड़ा प्रोजेक्ट; श्रद्धा कपूर हैं फिल्म की प्रोड्यूसर

बॉलीवुड एक्टर आमिर खान भारतपे के पूर्व को-फाउंडर और बिजनेसमैन अश्नीर ग्रोवर की बायोपिक से बाहर हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के डायरेक्टर राहुल मोदी के साथ क्रिएटिव डिफरेंस की वजह से आमिर ने इस प्रोजेक्ट को छोड़ने का फैसला किया है। पहले खबर थी कि आमिर इस फिल्म में अश्नीर ग्रोवर का किरदार निभाने वाले थे और उनके साथ श्रद्धा कपूर मुख्य भूमिका में थीं। आमिर के फिल्म छोड़ने के बावजूद मेकर्स इस प्रोजेक्ट पर काम जारी रखेंगे। अब श्रद्धा कपूर और राहुल मोदी अश्नीर के रोल के लिए किसी युवा एक्टर की तलाश कर रहे हैं। क्रिएटिव डिफरेंस की वजह से अलग हुए आमिर आमिर खान को स्टार्टअप्स की दुनिया काफी पसंद है। वे अश्नीर ग्रोवर की बायोपिक को लेकर काफी उत्सुक थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने खुद फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम किया था और इसे अपने हिसाब से तैयार करने की कोशिश की। हालांकि, स्क्रिप्ट और फिल्म के डायरेक्शन को लेकर डायरेक्टर राहुल मोदी और आमिर के विचार अलग थे। लगातार बातचीत के बाद भी जब सहमति नहीं बनी, तो आमिर ने खुद को इस प्रोजेक्ट से अलग कर लिया। मेकर्स को नए यंग एक्टर की तलाश आमिर खान के हटने के बाद भी बायोपिक पर काम बंद नहीं हुआ है। डायरेक्टर राहुल मोदी और एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर फिल्म को आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अब मेकर्स अश्नीर ग्रोवर के रोल के लिए किसी युवा एक्टर की तलाश कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मेकर्स की इंडस्ट्री के दो से तीन बड़े युवा एक्टर्स से बात चल रही है और जल्द ही मुख्य किरदार के नाम पर मुहर लग सकती है। फिल्म में एक्टिंग के साथ प्रोडक्शन भी संभालेंगी श्रद्धाइस बायोपिक में श्रद्धा कपूर अहम भूमिका में नजर आएंगी। वे फिल्म में अश्नीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर का किरदार निभा सकती हैं। इसके साथ ही श्रद्धा कपूर एक बड़े स्टूडियो के साथ मिलकर इस फिल्म को प्रोड्यूस भी कर रही हैं। एक्टर और प्रोड्यूसर के तौर पर यह फिल्म श्रद्धा के करियर का बड़ा प्रोजेक्ट मानी जा रही है। मार्च 2027 में शुरू होने वाली थी फिल्म की शूटिंगशुरुआती योजना के मुताबिक, इस फिल्म की शूटिंग मार्च 2027 में शुरू होनी थी। आमिर खान निर्देशक आशुतोष गोवारिकर के साथ अपनी पीरियड ड्रामा फिल्म की शूटिंग पूरी करने के बाद इस बायोपिक का काम शुरू करने वाले थे। हालांकि, अब कास्टिंग में बदलाव होने के बाद शूटिंग शेड्यूल पर भी असर पड़ सकता है। कौन हैं अश्नीर ग्रोवर?अश्नीर ग्रोवर देश के जाने-माने बिजनेसमैन और भारतपे के पूर्व को-फाउंडर हैं। दिल्ली के मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे अश्नीर ने आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए की पढ़ाई की है। साल 2018 में उन्होंने भारतपे की शुरुआत की, जिसने छोटे दुकानदारों के लिए सिंगल क्यूआर कोड से पेमेंट आसान बनाया। साल 2021 में रियलिटी शो 'शार्क टैंक इंडिया' के पहले सीजन में बतौर जज नजर आने के बाद वे घर-घर में लोकप्रिय हो गए। अपनी बेबाक शैली, किताब 'दोगलापन' और बाद में भारतपे से विवादित विदाई को लेकर भी वे लगातार सुर्खियों में रहे।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 4:03 pm

मूवी रिव्यू: मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी:रिश्तों, अकेलेपन और हीलिंग की संवेदनशील कहानी, लेकिन लंबी लेंथ और धीमी रफ्तार दर्शकों की सब्र की परीक्षा लेती है

निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति की 'मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी' परिवार, रिश्तों, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक हीलिंग पर आधारित धीमी रफ्तार लेकिन दिल छू लेने वाली कहानी पेश करती है। फिल्म में हायाओ म्याऊजाकी की फिल्मों की गर्मजोशी और बिल्लियों के प्रति प्रेम की झलक महसूस होती है। इसकी लेंथ 2 घंटे 18 मिनट है। दैनिक भास्कर ने फिल्म को 5 में से 3 स्टार रेटिंग दी है। फिल्म की कहानी कैसी है? फिल्म की शुरुआत मैक्स (सिद्धार्थ मेनन) और उसकी गर्लफ्रेंड मिन (मेधा शंकर) के ब्रेकअप से होती है। कभी दोनों को हायाओ मियाजाकी की फिल्में जोड़ती थीं, लेकिन अब उनका रिश्ता खत्म हो चुका है। अब उनके बीच सिर्फ उनकी पालतू बिल्ली म्याऊजाकी का रिश्ता बचा है। मिन कुछ समय के लिए बिल्ली को मैक्स के पास छोड़ देती है। जानवरों के बालों से एलर्जी के कारण मैक्स उसे रखने के लिए तैयार नहीं होता। धीरे-धीरे यही बिल्ली दोनों की जिंदगी में फिर से भावनात्मक जुड़ाव की वजह बनती है। यह सिर्फ ब्रेकअप की कहानी नहीं है। मैक्स मां वसुधा की कैंसर से हुई मौत के सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर पिता रमेश पत्नी के जाने के बाद अकेलेपन, अपराधबोध और अंदरूनी संघर्ष से जूझ रहे हैं। कहानी तीन पीढ़ियों की भावनात्मक उलझनों को जोड़ती है। मैक्स के दादा श्रीधर महादेवन नर्सिंग होम में जीवन को नए नजरिए से देखते हैं। जेनिफर सेक्वेरा और कैरोल जैसे किरदार दिखाते हैं कि उम्र चाहे कोई भी हो, इंसान को अपनापन और प्यार की जरूरत हमेशा रहती है। फिल्म रिश्तों के टूटने, माता-पिता और बच्चों की बढ़ती दूरियों, मानसिक स्वास्थ्य, थेरेपी, अकेलेपन, इस्लामोफोबिया, लैंगिक भूमिकाओं और पारिवारिक जिम्मेदारियों जैसे कई सामाजिक मुद्दों को बिना भाषण दिए स्वाभाविक ढंग से कहानी में पिरोती है। हालांकि कई सब-प्लॉट के कारण फिल्म कुछ जगहों पर बिखरी हुई और जरूरत से ज्यादा लंबी महसूस होती है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? सिद्धार्थ मेनन ने मैक्स के किरदार में टूटे इंसान की भावनाओं को ईमानदारी से निभाया है। मां की मौत और रिश्ते के खत्म होने के बाद की उथल-पुथल को वह प्रभावी ढंग से स्क्रीन पर लाते हैं। मेधा शंकर ने मिन के किरदार में संयमित अभिनय किया है। ज्यादा ड्रामेटिक दृश्य नहीं होने के बावजूद वह किरदार को सहज बनाए रखती हैं। फिल्म की सबसे मजबूत परफॉर्मेंस आदिल हुसैन की है। रमेश महादेवन के रूप में उन्होंने अपराधबोध, अकेलेपन और आत्मस्वीकृति के संघर्ष को प्रभावशाली ढंग से निभाया है। खासकर थेरेपी वाले दृश्य और बेटे मैक्स के साथ उनके भावुक संवाद याद रहते हैं। नासर ने श्रीधर महादेवन का किरदार निभाया है। वह सीमित स्क्रीन टाइम में भी असर छोड़ते हैं। उनकी मौजूदगी फिल्म में अनुभव और भावनात्मक गहराई जोड़ती है। नफीसा अली जेनिफर सेक्वेरा के रूप में गरिमा और संवेदनशीलता लेकर आती हैं। विदात्री बंदी कैरोल के किरदार में सहजता और जीवन से थकी लेकिन सकारात्मक ऊर्जा से प्रभावित करती हैं। मंदिरा बेदी धारा के किरदार में कहानी को संतुलन देती हैं। हालांकि उनका रोल छोटा है, लेकिन वह प्रभाव छोड़ती हैं। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष कैसा है? निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति ने भावनात्मक विषयों को संवेदनशीलता से पेश किया है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके किरदार हैं, जिन्हें पर्याप्त समय मिला है। हालांकि इसी वजह से फिल्म कई जगह जरूरत से ज्यादा फैली हुई महसूस होती है। सिनेमैटोग्राफी साधारण लेकिन प्रभावी है। कैमरा पात्रों की भावनाओं पर फोकस करता है। प्रोडक्शन डिजाइन मजबूत है। मैक्स का आधुनिक अपार्टमेंट, स्टूडियो घिबली के पोस्टर और कैरोल का बोहेमियन घर किरदारों की मानसिक दुनिया को दर्शाते हैं। कॉस्ट्यूम डिजाइन किरदारों के व्यक्तित्व के अनुरूप है और छोटे-छोटे विजुअल डिटेल्स फिल्म को वास्तविक बनाते हैं। म्यूजिक कैसा है? फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर शांत और भावनात्मक है। संगीत कहानी पर हावी होने की बजाय उसका मूड बेहतर बनाता है। कहीं भी जरूरत से ज्यादा शोर या मेलोड्रामा नहीं है। हालांकि कोई गाना लंबे समय तक याद नहीं रह जाता। फिल्म की कमियां फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी 2 घंटे 18 मिनट की लंबी अवधि है। कई दृश्य और सब-प्लॉट छोटे किए जा सकते थे। कुछ जगहों पर भावुक संवाद लंबे लगते हैं और फिल्म की गति धीमी पड़ जाती है। कुछ कलाकारों का अभिनय निर्देशक की सोच के अनुरूप पूरा प्रभाव नहीं छोड़ पाता। कई गंभीर विषयों को एक साथ शामिल करने से कहानी कुछ हिस्सों में बिखरी हुई लगती है। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? अगर आपको तेज रफ्तार मसाला फिल्में पसंद हैं तो 'मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी' धीमी लग सकती है। लेकिन रिश्तों, परिवार, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक हीलिंग पर आधारित संवेदनशील कहानियां पसंद हैं तो यह फिल्म पसंद आ सकती है। यह फिल्म मनोरंजन से ज्यादा इंसानी भावनाओं को समझने और महसूस करने का अनुभव देती है। लंबी लेंथ इसकी कमजोरी है, लेकिन ईमानदार कहानी और आदिल हुसैन का दमदार अभिनय इसे एक बार देखने लायक बनाते हैं।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 3:15 pm

मेरे खिलाफ चल रहा है पेड PR कैंपेन': 'आवारापन 2' के गाने की तुलना पर फूटा कंपोजर अमाल मलिक का गुस्सा

बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री में अपने बेहतरीन और मेलोडियस गानों के लिए मशहूर जाने-माने कंपोजर अमाल मलिक इन दिनों सुर्खियों में छाए हुए हैं। उनकी आने वाली बहुचर्चित फिल्म 'आवारापन 2' (Awarapan 2) के नए गाने को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों तीखी बहस छिड़ी हुई है। गाने की सोशल मीडिया पर पुरानी ओरिजिनल धुनों से हो रही लगातार तुलना और आलोचनाओं से आहत होकर अमाल मलिक का सब्र आखिरकार टूट गया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपना कड़ा रुख अपनाते हुए खुलासा किया है कि उनके और उनके संगीत के खिलाफ जानबूझकर एक 'पेड पीआर' कैंपेन चलाया जा रहा है, जिसका मकसद उनकी छवि को धूमिल करना है।क्या है पूरा मामला और क्यों मचा है बवाल?फिल्म 'आवारापन' के गानों का क्रेज आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में जिंदा है। ऐसे में जब मेकर्स ने इसके सीक्वल 'आवारापन 2' के नए गाने का ऐलान किया या उसे रिलीज किया, तो सोशल मीडिया यूजर्स और क्रिटिक्स ने उसकी तुलना ओरिजिनल फिल्मों के गानों से करनी शुरू कर दी। कई नेटिजन्स ने नए संगीत को पुराना जादू बिखेरने में असफल बताया। देखते ही देखते यह तुलना ट्रोलिंग में बदल गई, जिससे संगीतकार अमाल मलिक काफी आहत हुए और उन्होंने खुलकर अपनी भड़ास निकाली। उनका कहना है कि उनकी कला और मेहनत पर सवाल उठाने वाले लोग निष्पक्ष नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश काम कर रही है।अमाल मलिक का तीखा वार: 'यह सब प्लांटेड और पेड है'सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपने गुस्से का इजहार करते हुए अमाल मलिक ने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें निशाना बनाने के लिए कुछ लोग और एजेंसियां मिलकर पैसे देकर नकारात्मक माहौल तैयार कर रही हैं। उन्होंने साफ किया कि एक संगीतकार के तौर पर हर प्रोजेक्ट में उनका विजन अलग होता है और वे हमेशा अपने श्रोताओं को फ्रेश म्यूजिक देने की कोशिश करते हैं। अमाल ने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए कहा कि उनकी मेहनत को इस तरह के ओछे हथकंडों से गिराया नहीं जा सकता, क्योंकि उनके असली चाहने वाले उनके संगीत की गहराई को अच्छी तरह समझते हैं।फैंस और इंडस्ट्री में छिड़ी नई बहस, लखनऊ से मुंबई तक चर्चाअमाल मलिक के इस खुलासे के बाद से बॉलीवुड गलियारों और संगीत प्रेमियों के बीच बहस छिड़ गई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, मुंबई, दिल्ली और देश के दूसरे बड़े शहरों में म्यूजिक लवर्स इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या वाकई सोशल मीडिया पर कलाकारों के खिलाफ पेड कैंपेन चलाना एक आम ट्रेंड बन गया है। एआई सर्च इंजन और सोशल मीडिया पर 'अमाल मलिक आवारापन 2 कंट्रोवर्सी' को लेकर लगातार सर्च किया जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के विवाद भले ही कुछ समय के लिए सुर्खियां बटोरते हैं, लेकिन अंत में दर्शकों की अदालत ही तय करती है कि कौन सा संगीत लोगों के दिलों पर राज करेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 22 Jul 2026 3:07 pm

राहुल गांधी जंतर-मंतर छोड़कर PM आवास क्यों जाना चाहते थे?': कंगना रनौत के तीखे सवालों से गरमाई सियासत

देश की राजधानी दिल्ली में इन दिनों राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी कड़ी में अपने बेबाक बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाली भारतीय जनता पार्टी की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। हाल ही में हुए एक राजनीतिक प्रदर्शन और मार्च के दौरान राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाते हुए कंगना ने पूछा है कि आखिर वे जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने के बजाय सीधे प्रधानमंत्री आवास की ओर क्यों कूच करना चाहते थे। इस बयान के सामने आने के बाद से सियासी गलियारों में घमासान मच गया है।कंगना रनौत का सीधा सवाल: नियमों और सुरक्षा से खिलवाड़ क्यों?कंगना रनौत ने मीडिया और सार्वजनिक मंचों से बात करते हुए राहुल गांधी की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक और राजनीतिक दल के लिए विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर जैसी निर्धारित जगहें तय हैं, जहां शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी जा सकती है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री आवास की तरफ बढ़ने की जिद करना केवल और केवल एक राजनीतिक स्टंट और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना है। कंगना ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस करने के लिए कोई ठोस आधार नहीं बचा है, इसलिए वे इस तरह के ड्रामे रचकर सुर्खियां बटोरना चाहते हैं।राहुल गांधी और कांग्रेस के आक्रामक तेवरों पर सियासत तेजकांग्रेस पार्टी और विपक्ष का मानना है कि उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत उन्हें अपनी बात रखने का हक है। दूसरी ओर, बीजेपी लगातार यह दलील दे रही है कि कानून का पालन करना हर सांसद और नेता की पहली नैतिक जिम्मेदारी है। राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए मार्च और पुलिस के साथ हुई तनातनी के बाद से ही दिल्ली की राजनीति में तनाव का माहौल बना हुआ है। लखनऊ से लेकर मुंबई और पटना तक के राजनीतिक विश्लेषक इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह टकराव और अधिक तीखा रूप ले सकता है।देश भर के सियासी गलियारों में छिड़ी नई बहसकंगना रनौत के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और एआई सर्च प्लेटफॉर्म्स पर यूजर खासे सक्रिय हो गए हैं। लोग इस बात को लेकर अपने विचार रख रहे हैं कि क्या वीवीआईपी क्षेत्रों (VVIP Zones) में इस तरह के राजनीतिक मार्च की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं। उत्तर प्रदेश और देश के अन्य प्रमुख राज्यों के राजनीतिक केंद्रों में भी इस मुद्दे पर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। जानकारों का कहना है कि आगामी सत्रों और चुनावों से पहले इस तरह के विवाद राजनीतिक दलों के लिए एक-दूसरे को घेरने का मुख्य हथियार बन चुके हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 22 Jul 2026 3:02 pm

कारगिल की अनकही दास्तान 'ऑपरेशन सफेद सागर': क्या पर्दे पर असली सेना के अधिकारियों की भूमिका निभा रहे हैं फिल्म के कलाकार

बॉलीवुड और भारतीय सिनेमा के गलियारों में जब भी देशभक्ति और सैन्य पराक्रम पर आधारित फिल्मों की बात आती है, तो दर्शकों का उत्साह सातवें आसमान पर होता है। इन दिनों कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के अदम्य साहस को बयां करने वाली बहुचर्चित फिल्म 'ऑपरेशन सफेद सागर' (Operation Safed Sagar) को लेकर सोशल मीडिया से लेकर फिल्म जगत तक हलचल मची हुई है। फिल्म के टीज़र और स्टार कास्ट को लेकर फैंस के मन में लगातार यह सवाल उठ रहा है कि क्या पर्दे पर वर्दी पहनने वाले ये कलाकार किसी असली मिलिट्री ऑफिसर की भूमिका निभा रहे हैं या फिर यह पूरी तरह से काल्पनिक कथा पर आधारित है?क्या है 'ऑपरेशन सफेद सागर' और इसकी कास्टिंग का सच?साल 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना द्वारा चलाए गए उस ऐतिहासिक और बेहद खतरनाक ऑपरेशन का नाम 'सफेद सागर' था, जिसने दुश्मन के छक्के छुड़ा दिए थे। इसी वीरता की गाथा को बड़े पर्दे पर उतारने के लिए मेकर्स ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जब से फिल्म की कास्ट (Operation Safed Sagar Cast) की घोषणा हुई है, तब से यह चर्चा तेज है कि क्या फिल्म में काम करने वाले एक्टर्स ने किसी असली युद्ध नायक (War Hero) का किरदार निभाया है या नहीं। फिल्म से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं में प्रामाणिकता लाने के लिए वास्तविक सैन्य अधिकारियों के जीवन, उनके संघर्ष और युद्ध की रणनीतियों का बारीकी से अध्ययन किया है।पर्दे पर असली फौजियों जैसी चमक लाने के लिए की गई है कड़ी मेहनतफिल्म के कलाकारों और निर्देशक ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलटों और ग्राउंड ऑफिसर्स ने जिस मानसिक और शारीरिक दृढ़ता का परिचय दिया था, उसे परदे पर पूरी ईमानदारी के साथ उतारा जाए। इसके लिए एक्टर्स ने मिलिट्री कैंप्स में जाकर विशेष ट्रेनिंग ली है, ताकि उनके हाव-भाव, बॉडी लैंग्वेज और युद्ध के दौरान के तनाव को बिल्कुल असली रूप में दिखाया जा सके। यही वजह है कि दर्शक जब इस फिल्म को देखेंगे, तो उन्हें हर फ्रेम में एक असली मिलिट्री ऑफिसर की झलक और देश के प्रति समर्पण साफ नजर आएगा।देश भर के दर्शकों में जबरदस्त उत्साह, लखनऊ से मुंबई तक चर्चाइस बहुप्रतीक्षित फिल्म को लेकर देश के तमाम हिस्सों में जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, मुंबई, दिल्ली और पुणे जैसे बड़े शहरों में डिफेंस और देशभक्ति फिल्मों के शौकीन युवा इसके हर एक अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं। एआई सर्च इंजन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग लगातार 'ऑपरेशन सफेद सागर कास्ट' और इसकी असली कहानी के बारे में सर्च कर रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की फिल्में न केवल मनोरंजन का साधन हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को देश के वीर जवानों के बलिदान से रूबरू कराने का एक बेहतरीन जरिया भी हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 22 Jul 2026 2:55 pm

अगस्त में शुरू होगा ‘किंग’ का अमेरिका शूटिंग शेड्यूल:फिल्म में शाहरुख के साथ उनकी बेटी सुहाना खान भी लीड रोल में नजर आएंगी

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की चर्चित फिल्म ‘किंग’ अब अपने अंतिम शूटिंग चरण में पहुंच गई है। इंडस्ट्री से मिली जानकारी के अनुसार...‘फिल्म का आखिरी इंटरनेशनल शेड्यूल अगस्त में अमेरिका में शूट किया जाएगा। इसके लिए मेकर्स कई लोकेशनों पर तैयारी कर रहे हैं। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो इस शेड्यूल के साथ निर्देशक सिद्धार्थ आनंद की इस एक्शन थ्रिलर की मुख्य शूटिंग पूरी हो जाएगी। इसके बाद पूरी टीम पोस्ट-प्रोडक्शन, वीएफएक्स और फिल्म को अंतिम रूप देने के काम में जुट जाएगी। इससे पहले फिल्म का एक अहम शेड्यूल जॉर्जिया में पूरा किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, फिल्म की ज्यादातर शूटिंग पूरी हो चुकी है और अब केवल क्लाइमैक्स का बड़ा एक्शन सीक्वेंस फिल्माया जाना बाकी है। यही वजह है कि मेकर्स लोकेशन चुनने में पूरी सावधानी बरत रहे हैं।’ जॉर्जिया में पूरा हुआ अहम शूटिंग शेड्यूल इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार ‘फिल्म का बड़ा हिस्सा पहले ही जॉर्जिया में शूट किया जा चुका है। अप्रैल और मई के दौरान फिल्म की यूनिट ने वहां कई हफ्तों तक लगातार शूटिंग की, जिसमें बड़े एक्शन और ड्रामेटिक सीक्वेंस फिल्माए गए। इस विदेशी शेड्यूल को फिल्म की प्रिंसिपल फोटोग्राफी का सबसे अहम चरण माना जा रहा है। जॉर्जिया जाने से पहले मुंबई के महबूब स्टूडियो में भी एक महत्वपूर्ण एक्शन ब्लॉक शूट किया गया था, जिसकी पुष्टि उस समय शाहरुख खान के करीबी सूत्रों ने की थी। सूत्रों का कहना है कि फिल्म की टीम पिछले साल जनवरी से इस प्रोजेक्ट पर लगातार काम कर रही है। अब शूटिंग अपने आखिरी चरण में है और अगस्त में प्रस्तावित अमेरिका शेड्यूल के पूरा होते ही फिल्म की मुख्य शूटिंग खत्म हो जाएगी।’ स्टूडियो में फिल्माए गए बड़े एक्शन सीन यूनिट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, फिल्म का एक अहम शेड्यूल मुंबई के यशराज स्टूडियो में पूरा किया गया। यह शूटिंग छह दिनों तक चली, जिसमें बड़े पैमाने पर हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस फिल्माए गए। शूटिंग का काम रोज देर रात शुरू होकर तड़के करीब साढ़े चार बजे तक चलता था। इस शेड्यूल में शाहरुख खान ने चार दिनों तक शूटिंग की, जबकि शुरुआती दो दिनों में स्टंट टीम और अन्य कलाकारों के हिस्से के दृश्य फिल्माए गए। पूरे एक्शन ब्लॉक के लिए अत्याधुनिक ग्रीन स्क्रीन तकनीक का इस्तेमाल किया गया, ताकि बाद में विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स) की मदद से दृश्यों को और भव्य तथा बड़े पैमाने पर पेश किया जा सके। बता दें कि इस फिल्म में शाहरुख के साथ उनकी बेटी सुहाना खान लीड रोल में नजर आएंगी। पोस्ट-प्रोडक्शन पर रहेगा अगला बड़ा फोकस अंतिम इंटरनेशनल शेड्यूल पूरा होने के बाद फिल्म का सबसे अहम तकनीकी चरण शुरू होगा। इसके तहत एडिटिंग, विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स), डिजिटल इंटरमीडिएट (DI), साउंड डिजाइन, डॉल्बी मिक्सिंग और बैकग्राउंड स्कोर पर कई महीनों तक काम किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर की एक्शन फिल्मों के विजुअल स्टैंडर्ड के अनुरूप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यही वजह है कि शूटिंग पूरी होने के बाद भी पोस्ट-प्रोडक्शन पर विशेष समय और संसाधन लगाए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 2:22 pm

पंकज त्रिपाठी की 'ओह माय डॉग' में दिखेगा इंसान और डॉग का खास रिश्ता, बोले- 'यह कहानी दिल को छू लेने वाली है'

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी अपनी दमदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं। अब वह अपनी आने वाली फिल्म 'ओह माय डॉग' को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के मौके पर पंकज त्रिपाठी ने बताया कि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि इंसान और डॉगी के बीच बने भावनात्मक रिश्ते को दिखाने वाली कहानी है।

देशबन्धु 22 Jul 2026 2:20 pm

अरमान मलिक: 9 साल में 'सा रे गा मा पा' से की थी शुरुआत

मुंबई, बॉलीवुड में अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले अरमान मलिक आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। रोमांटिक गानों से लेकर पॉप म्यूजिक तक, उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। हालांकि, कम ही लोग जानते हैं कि अरमान का संगीत सफर बहुत छोटी उम्र में ही शुरू हो गया था।

देशबन्धु 22 Jul 2026 2:14 pm

CJP के प्रदर्शन में पिटे टीवी एक्टर सेहबान:कहा- हाथ सूज गया है, पुलिस ने कई लाठियां मारीं; 2 लड़कियों को बचाने की कोशिश कर रहे थे

बेपनाह, दिल मिल गए और तुझसे है राब्ता जैसे पॉपुलर टीवी शोज में नजर आ चुके एक्टर सेहबान अजीम लाठीचार्ज में घायल हो गए। एक्टर 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में जंतर मंतर पहुंचे थे, जहां दो लड़कियों को लाठीचार्ज से बचाते हुए एक्टर के हाथ और शरीर के कई हिस्सों पर लाठी पड़ गई। एक्टर ने दावा है कि पुलिस जानबूझ कर लाठियां चला रही थी। मिड डे को दिए इंटरव्यू में एक्टर सेहबान ने कहा, वह मंजर बेहद दिल तोड़ देने वाला था। मैं छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल होने गया था। मेरी मुंबई से आई दो महिला दोस्त भी वहां मौजूद थीं। उन्हें लाठीचार्ज से बचाने की कोशिश में मुझे चोट लग गई। मेरा हाथ सूज गया है। पुलिस ने मेरे हाथ, पैरों और शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी कई बार लाठियां मारीं। आगे एक्टर ने कहा, हम जंतर-मंतर के अंदर तक भी नहीं पहुंच पाए, जहां असल में प्रदर्शन हो रहा था। पुलिस ने चारों तरफ बैरिकेडिंग कर रखी थी। हमें बीच में घेर लिया और फिर लाठीचार्ज शुरू कर दिया। उन्हें इस बात की कोई परवाह नहीं थी कि वे किस पर लाठी चला रहे हैं। वहां बच्चे थे, महिलाएं थीं, लेकिन किसी को नहीं बख्शा गया। आगे अभिनेता ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह सुनियोजित लग रही थी और उसका मकसद बलपूर्वक भीड़ को वहां से हटाना था। उन्होंने कहा, मुझे लगा कि यह लाठीचार्ज जानबूझकर किया गया था। वे बस चाहते थे कि हम सभी वहां से चले जाएं। मेरा दिल उन बच्चों के लिए दुखता है, जो इस प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। कई छात्र ट्रेन और बसों से कई दिनों का सफर तय करके पहुंचे थे। सेहबान ने दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल कई लोग घायल हुए। उन्होंने कहा, पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को बेरहमी से पीटा। कई लोगों के शरीर से खून बह रहा था। ये युवा छात्र वहीं डटे रहे और उन्होंने यह सारी मार झेली। सेहबान अजीम के साथ प्रोटेस्ट में शामिल हुईं दोस्तों ने उनके वीडियो भी पोस्ट किए हैं, जिसमें वो लगातार इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। पोस्ट में उनकी दोस्त ने लिखा है कि लाठीचार्ज के समय एक्टर अपनी दो दोस्तों को बचाने की कोशिश कर रहे थे। इन टीवी शोज में नजर आए सेहबान अजीम सेहबान अजीम, दिल मिल गए, एक हजारों में मेरी बहना है, हमसफर्स, थपकी प्यार की, बेपनाह और तुझसे है राब्ता जैसे शोज का हिस्सा रहे हैं। इसके अलावा वो टाइम्स मोस्ट डिजायरेबल मैन की लिस्ट में लगातार तीन सालों तक शामिल हुए हैं। सेहबान को आखिरी बार स्पाय बहू टीवी शो में देखा गया था। शबाना आजमी प्रोटेस्ट में पहुंचीं, अस्थमा अटैक आया 20 जुलाई को सीनियर एक्ट्रेस शबाना आजमी, प्रकाश राज जैसे बड़े चेहरे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे। इस दौरान शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ गई। अब एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया है कि आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से उन्हें अस्थमा अटैक आया। उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई, लेकिन उनका पंप उनके पास था। पास की बिल्डिंग में ले जाकर उन्हें शुरुआत उपचार दिया गया। कुछ देर बाद तबीयत ठीक होने पर उन्होंने दोबारा प्रोटेस्ट जॉइन किया। बाकी कलाकारों के शामिल न होने पर शबाना का जवाबबॉलीवुड सेलिब्रिटीज के न आने पर सवाल पूछा गया, तो शबाना ने कहा कि लोग सिर्फ फिल्मी सितारों की अनुपस्थिति पर बात करते हैं। कोई भी बड़े बिजनेसमैन या उद्योगपतियों के शामिल न होने पर सवाल नहीं उठाता। ऐसे सवाल पूछकर मुख्य मुद्दे को भटकाया जाता है और गैर-जरूरी विवाद खड़ा किया जाता है। दिलजीत दोसांझ बोले- छात्रों के साथ गलत हुआ दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, आज जो हुआ, बहुत गलत हुआ। छात्रों के साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए था। मैं अधिकारियों से अपील करता हूं कि वे छात्रों की मांगें सुनें। लोगों की आवाज ही भगवान की आवाज होती है। मुझे पहले भी कई बार 'एंटी-नेशनल' कहा गया है। अब भी शायद मुझे यही कहा जाएगा। किसान आंदोलन के बाद मुझे काफी विरोध और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिनके बारे में मैं खुलकर बात भी नहीं कर सकता। बाकी सब भगवान देख रहे हैं। भगवान सबका भला करें। कंगना ने आंदोलन को बताया दबाव बनाने की कोशिशसोमवार को कंगना रनोट ने कहा था कि मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए संसद सही जगह है, न कि सड़कें। उन्होंने कहा कि जनता ने एक सरकार चुनी है और सरकार चलाने का फैसला उसी का होना चाहिए। कंगना ने कहा की ये सब जंतर-मंतर पर हुड़दंग कर रहे हैं, उत्पात मचा रहे हैं। जिस तरह से आंदोलन चल रहा है वो ठीक नहीं है। प्रदर्शन के जरिए सरकार को यह तय करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता कि किसे पद पर रखना है और किसे हटाना है। हेमा मालिनी बोलीं- छात्रों को गुमराह न करेंबीजेपी सांसद हेमा मालिनी ने भी न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में इस प्रदर्शन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आंदोलन से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। मोदी सरकार देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। हेमा मालिनी ने कहा कि इस मामले को बातचीत से हल किया जाना चाहिए और इसमें शामिल छात्रों को गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इन बड़े सेलेब्रिटीज ने भी किया आंदोलन का समर्थनजंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन में शबाना आजमी और प्रकाश राज के अलावा कुणाल कामरा और स्वरा भास्कर भी जमीनी स्तर पर शामिल हुए हैं। वहीं सोनी राजदान, जीनत अमान, अभय देओल, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, ओमी वैद्य और सोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुहिम का समर्थन किया है। गीतकार जावेद अख्तर ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुला खत लिखकर इस मामले पर बातचीत शुरू करने की मांग की है। इनके अलावा विशाल ददलानी, दीया मिर्जा और फिल्म मेकर ओनिर ने भी प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता जताई है।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 1:55 pm

प्रीति जिंटा ने सोनम वांगचुक के समर्थन में उठाई आवाज, सरकार से की बातचीत की अपील

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा फिल्मों के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर भी राय रखने के लिए जानी जाती हैं। इस कड़ी में उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी।

देशबन्धु 22 Jul 2026 1:49 pm

मनोज मुंतशिर ने जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों को देशद्रोही बताया:कहा- वहां 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' गैंग, मैं शामिल होने नहीं जाऊंगा, सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल

फिल्म 'आदिपुरुष' के डायलॉग राइटर और गीतकार मनोज मुंतशिर अपने एक बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर आ गए हैं। दिल्ली में NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को लेकर मनोज मुंतशिर ने एक इंटरव्यू में प्रदर्शनकारियों को 'देशद्रोही' बता दिया। उन्होंने कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ यह बात कह रहे हैं और वे कभी जंतर-मंतर नहीं जाएंगे। हालांकि, इसी इंटरव्यू में उन्होंने NEET पेपर लीक मामले पर सरकार और प्रशासन की नाकामी पर सवाल उठाते हुए युवाओं का समर्थन भी किया था। जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर क्या बोले मनोज मुंतशिर'टाइम्स नाउ नवभारत' के साथ बातचीत में 50 साल के गीतकार मनोज मुंतशिर ने साफ किया कि वे कभी जंतर-मंतर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा, मैं जंतर-मंतर इसलिए नहीं जाऊंगा क्योंकि इस वक्त वहां का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग ऐसे नहीं हैं, जिनके साथ खड़े होकर मुझे अच्छा लगे। उन्होंने आगे कहा कि वे भाषण सुन रहे हैं और वहां आने वाले लोगों को देख रहे हैं। वहां 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' और 'कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है' जैसी बातें करने वाले लोग आ रहे हैं। मनोज ने कहा कि वे बड़ी जिम्मेदारी के साथ इन्हें देशद्रोही बोल रहे हैं। NEET पेपर लीक पर सरकार और सिस्टम को घेराइंटरव्यू के दौरान जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों का विरोध करने के साथ ही मनोज मुंतशिर ने NEET पेपर लीक मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रशासनिक तंत्र पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के युवा इससे बेहतर व्यवस्था के हकदार हैं। दुनिया में कोई यह नहीं कह सकता कि NEET का पेपर लीक होना अच्छी बात है। यह सरासर गलत हुआ है। अगर इस पूरी व्यवस्था की वजह से एक भी बच्चे की जान जाती है, तो यह पूरे सिस्टम की नाकामी और जवाबदेही है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने किया ट्रोल मनोज मुंतशिर के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर सामने आते ही यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने लिखा, देशद्रोही की परिभाषा क्या है मनोज मुंतशिर? करियर के लिए विचारधारा बदल लेना सही नहीं है। अगर देश के हजारों युवा देशद्रोही हैं तो फिर इस देश को कोई नहीं बचा सकता। वहीं एक अन्य यूजर ने कमेंट किया कि भगवान से प्रार्थना है कि आने वाली पीढ़ियों के साथ वैसा बर्ताव न हो, जैसा आप इस पीढ़ी के साथ कर रहे हैं। अमेठी से निकलकर बॉलीवुड तक का सफर और विवादउत्तर प्रदेश के अमेठी में जन्मे मनोज मुंतशिर लंबे समय से बॉलीवुड में बतौर गीतकार काम कर रहे हैं। उन्होंने 'तेरी गलियां', 'तेरी मिट्टी' और 'देश मेरे' जैसे कई चर्चित गाने लिखे हैं। हालांकि, साल 2023 में आई फिल्म 'आदिपुरुष' के बाद वे बड़े विवाद में घिर गए थे। फिल्म में भगवान राम, सीता और हनुमान से जुड़े संवादों की भाषा को लेकर देशभर में उनका भारी विरोध हुआ था। भारी विरोध के बाद मेकर्स को फिल्म के डायलॉग बदलने पड़े थे। इसके बाद भी मनोज मुंतशिर अपने राजनीतिक और सामाजिक बयानों को लेकर चर्चा में बने रहते हैं।

दैनिक भास्कर 22 Jul 2026 1:43 pm

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन : नसीरुद्दीन शाह ने प्रशासन को घेरा, प्रीति जिंटा ने की बातचीत की अपील

मुंबई, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प पर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह और अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने प्रतिक्रिया दी है।

देशबन्धु 22 Jul 2026 12:33 pm

ब्लॉग लिखना पड़ा भारी, अमिताभ बच्चन ने दी सफाई

मुंबई, मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने स्पष्ट किया है कि उनके हालिया ब्लॉग पोस्ट को लोगों ने गलत तरीके से समझ लिया। उन्होंने कहा कि उनकी पोस्ट किसी निजी स्थिति से जुड़ी नहीं थी, बल्कि अर्जेंटीना की हार के बाद फुटबॉल के दिग्गज लियोनेल मेसी के उदाहरण के जरिए एक विचार समझाने का प्रयास था।

देशबन्धु 22 Jul 2026 12:31 pm

'ये आवारापन' पर उठे सवालों के बीच अमाल मलिक का बड़ा दावा, बोले- 'गाने के खिलाफ चलाया जा रहा पेड पीआर कैंपेन'

मुंबई, इमरान हाशमी स्टारर फिल्म 'आवारापन 2' इन दिनों अपनी रिलीज से पहले लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म का टाइटल ट्रैक 'ये आवारापन' हाल ही में रिलीज़ हुआ है, जिसे दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। इस गाने की सबसे खास बात यह भी है कि इसके जरिए गायक अरिजीत सिंह ने कुछ समय के ब्रेक के बाद वापसी की है।

देशबन्धु 22 Jul 2026 12:29 pm

'लवबर्ड्स' बोलने पर भड़के हर्षद-शिवांगी, शिल्पा शिंदे को घेरा

मुंबई, रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' में हर दिन नए रिश्ते बनते और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। शो में कंटेस्टेंट्स के बीच होने वाले विवाद लगातार दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं। इस बार अभिनेता हर्षद चोपड़ा और शिवांगी जोशी, शिल्पा शिंदे से भिड़ते नजर आए।

देशबन्धु 22 Jul 2026 12:28 pm

क्या भारत में लागू हो सकता है 4-डे वर्क वीक? अभिनेता विक्रांत मैसी ने दिया जवाब

मुंबई, दुनियाभर में '4-डे वर्क वीक' (हफ्ते में चार दिन काम) और वर्क-लाइफ बैलेंस पर बहस तेज हो चुकी है। जहां कई पश्चिमी देश इसे अपना रहे हैं, वहीं भारत में ऐसा होता देखना थोड़ा मुश्किल नजर आ रहा है। इसी मुद्दे पर अभिनेता विक्रांत मैसी ने बहुत ही व्यावहारिक और जमीनी पहलू सामने रखा है।

देशबन्धु 22 Jul 2026 12:24 pm

15 साल पूरे 'सिंघम', अजय रोहित ने शेयर किया आइकोनिक क्लिप

मुंबई, अभिनेता अजय देवगन की फिल्म 'सिंघम' को रिलीज हुए 15 साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर अभिनेता ने सोशल मीडिया के माध्यम से फिल्म से जुड़ी यादों को फिर से दोहराया।

देशबन्धु 22 Jul 2026 12:20 pm