यशराज फिल्म्स (YRF) के स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड जासूसी एक्शन थ्रिलर फिल्म 'अल्फा' (Alpha) इन दिनों सिनेमाघरों में तहलका मचा रही है. फिल्म क्रिटिक्स की तरफ से मिले-जुले और खराब रिव्यूज मिलने के बावजूद इस फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर कोई असर नहीं पड़ा है. आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की इस धांसू जोड़ी ने सोशल मीडिया के सारे नेगेटिव ट्रेंड्स को धता बताते हुए केवल तीन दिनों के अंदर भारत में लगभग 34 करोड़ का नेट कलेक्शन और दुनियाभर में करीब 58.80 करोड़ की ग्रॉस कमाई करके हर किसी को हैरान कर दिया है.खराब रिव्यूज के बाद भी सारे शो हाउसफुल, वीसेंड पर बनाया रिकॉर्डआमतौर पर फिल्म क्रिटिक्स के खराब रिव्यूज के बाद बड़ी-बड़ी फिल्मों की कमाई दूसरे और तीसरे दिन औंधे मुंह गिर जाती है, लेकिन 'अल्फा' के मामले में पूरी कहानी बिल्कुल उलट नजर आ रही है. फिल्म ने अपने पहले दिन शुक्रवार को 9.25 करोड़ रुपये का बिजनेस किया, जबकि दूसरे दिन शनिवार को यह आंकड़ा उछलकर 11.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. वहीं तीसरे दिन यानी रविवार को फिल्म ने 13.25 करोड़ रुपये का शानदार नेट कलेक्शन किया. थिएटर्स में दर्शकों की यह भारी भीड़ साबित करती है कि लोगों को स्पाई यूनिवर्स की यह नई जंग बेहद पसंद आ रही है.धांसू 'वर्ड ऑफ माउथ' और फीमेल-लीड फिल्मों के टूटे पुराने रिकॉर्डआलोचकों की नकारात्मक टिप्पणियों को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए देश की यंग जनरेशन भारी तादाद में सिनेमा हॉल का टिकट खरीद रही है. फिल्म की इस शानदार सफलता के पीछे जनता का तगड़ा 'वर्ड ऑफ माउथ' और सिनेमा हॉल का जबर्दस्त थिएटर एक्सपीरियंस है. इस फिल्म की सबसे बड़ी कामयाबी यह है कि यह बॉलीवुड की उन चुनिंदा फीमेल-लीड एक्शन फिल्मों में शामिल हो गई है, जिसने ओपनिंग वीकेंड के कई बड़े और पुराने रिकॉर्ड्स को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है.सीता और दुर्गा की बदले की कहानी, शिव रवैल के निर्देशन का जलवाफिल्म की कहानी सीता उर्फ अल्फा (आलिया भट्ट) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे बचपन से ही एक बेहद सीक्रेट मिलिट्री प्रोजेक्ट के लिए ट्रेन किया जाता है. जब उसे अपने परिवार और अतीत की कड़वी सच्चाई का पता चलता है, तो वह अपनी बिछड़ी हुई बहन दुर्गा (शरवरी वाघ) के साथ मिलकर उस क्रूर और ताकतवर सिस्टम के खिलाफ बगावत कर देती है. 'द रेलवे मेन' फेम डायरेक्टर शिव रवैल के निर्देशन में बनी इस फिल्म के स्टंट और वीएफएक्स (VFX) हॉलीवुड के टक्कर के हैं.विलेन बने बॉबी देओल और ऋतिक रोशन के धमाकेदार कैमियो से हिला थिएटरफिल्म में विलेन के रूप में बॉबी देओल का बेहद खूंखार लुक और अनिल कपूर की दमदार एक्टिंग दर्शकों के रोंगटे खड़े कर रही है. लेकिन फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज वाईआरएफ (YRF) स्पाई यूनिवर्स के फैंस के लिए ऋतिक रोशन का धमाकेदार कैमियो है. ऋतिक रोशन अपने बेहद लोकप्रिय किरदार 'कबीर' (वार फिल्म वाले) के रूप में एक छोटे मगर दमदार सीन में नजर आते हैं, जो इस फिल्म की कहानी को सीधे 'पठान', 'टाइगर' और 'वॉर' की दुनिया से जोड़ देता है.
मसूरी में वीकेंड पर बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर नजर आए। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों और प्रशंसकों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। शाहिद कपूर अपनी बेटी का दाखिला कराने के लिए वुडस्टॉक स्कूल पहुंचे थे। वुडस्टॉक स्कूल में इस साल का दूसरा समर प्रोग्राम चल रहा है। इसमें देश-विदेश के 151 बच्चे हिस्सा ले रहे हैं। करीब 12 दिन तक चलने वाले कार्यक्रम में बच्चों के लिए शैक्षणिक, रचनात्मक, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। स्कूल परिसर पहुंचने पर शाहिद कपूर ने मुख्य विद्यालय भवन का भ्रमण किया। उन्होंने कैफेटेरिया, छात्रावास समेत अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा। इस दौरान उन्होंने मसूरी और स्कूल परिसर की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया।
आमिर खान अकेले नहीं, इन फिल्मी सितारों ने भी की हैं तीन-तीन शादियां
बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान ने रविवार को गौरी स्प्रैट के साथ शादी कर ली। रीना दत्ता और किरण राव के बाद यह आमिर खान की तीसरी शादी है।
बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान (Aamir Khan) ने 5 जुलाई को अपनी लेडी लव गौरी स्प्रैट (Gauri Spratt) संग शादी के बंधन में बंधकर हर किसी को सरप्राइज दे दिया है. मुंबई के पाली हिल स्थित अपने आवास पर एक बेहद निजी और क्लोज सेरेमनी में इस कपल ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत अपनी शादी रजिस्टर्ड कराई. दो साल से भी ज्यादा समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद दोनों हमेशा के लिए एक हो गए हैं. इस इंटीमेट वेडिंग में आमिर के करीबी दोस्त, परिवार के लोग और पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान भी शामिल हुए, जिन्होंने सोशल मीडिया 'X' पर शादी का एक अनसीन इनसाइड वीडियो शेयर कर तहलका मचा दिया है.शादी के जश्न में जमकर नाचे दूल्हा-दुल्हनइरफान पठान द्वारा शेयर किए गए वीडियो में न्यूली वेड कपल आमिर और गौरी मेहमानों के साथ खुशी से झूमते और नाचते-गाते नजर आ रहे हैं. इस बेहद खास मौके पर बॉलीवुड के दिग्गज डायरेक्टर राजकुमार हिरानी, मनसे प्रमुख राज ठाकरे, मशहूर फोटोग्राफर अविनाश गोवारिकर और एक्टर अमीन हाजी समेत कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद थीं. सभी मेहमान नई जोड़ी को इस तरह खुश देखकर शादी के जश्न का भरपूर आनंद लेते दिखे.बच्चों और एक्स-वाइफ की मौजूदगी में लीं शादी की कसमेंवीडियो क्लिप में आमिर खान और गौरी स्प्रैट बेहद इमोशनल अंदाज में अपनी शादी की कसमें (वेडिंग वाव्स) पढ़ते नजर आ रहे हैं. इस खूबसूरत पल के दौरान दूल्हा-दुल्हन के ठीक पीछे आमिर के बच्चे, इरा खान और जुनैद खान बैठे दिखाई दिए. वहीं, गौरी के पहले विवाह से उनका बेटा भी दोनों के बीच बैठा नजर आया, जबकि आमिर और उनकी एक्स-वाइफ किरण राव के बेटे आजाद राव खान भी इस सेरेमनी का हिस्सा बने. जैसे ही कसमें पूरी हुईं, पूरा कमरा तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और आमिर ने प्यार से गौरी का हाथ चूम लिया.इरफान पठान ने लिखा दिल छू लेने वाला नोटपूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने इस जश्न का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'प्यारे आमिर भाई और गौरी को शादी की हार्दिक बधाई! आप दोनों को प्यार, खुशी, हंसी और साथ से भरा जीवन मिले. अल्लाह आपके इस खूबसूरत सफर को अनंत खुशियों और अनगिनत आशीर्वादों से भर दे. आप दोनों के लिए बहुत खुश हूं.'वेडिंग लुक: सिंपल और एलिगेंट आउटफिट में जचे दोनोंअपनी लाइफ के इस सबसे स्पेशल डे के लिए आमिर खान ने ट्रेडिशनल आइवरी कलर का कुर्ता चुना था, जिस पर उन्होंने एक खूबसूरत ब्रोच लगाया हुआ था. वहीं, दुल्हन गौरी स्प्रैट बेज रंग के लहंगे और मैचिंग डिजाइनर ज्वेलरी में बेहद खूबसूरत और ग्रेसफुल लग रही थीं. आपको बता दें कि आमिर और गौरी की मुलाकात पहले एक सामान्य जान-पहचान के रूप में हुई थी, जो धीरे-धीरे गहरी दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई. करीब 18 महीने तक अपने रिश्ते को छुपाकर रखने के बाद इस कपल ने साल 2025 में अपने रिलेशनशिप को ऑफिशियल किया था.
GDN Trailer Out: 'भारत के एडिसन' बने आर. माधवन, जी.डी. नायडू की बायोपिक का दमदार ट्रेलर रिलीज
पैन इंडिया सुपरस्टार आर. माधवन एक बार फिर पर्दे पर इतिहास रचने के लिए तैयार हैं. उनकी मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘जीडीएन’ (GDN) का शानदार ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है. इस फिल्म में माधवन भारत के मशहूर विजिनरी इनोवेटर और महान वैज्ञानिक जी.डी. नायडू की भूमिका निभा रहे हैं. ट्रेलर सामने आते ही सिनेमाप्रेमियों के बीच फिल्म को लेकर जबरदस्त एक्साइटमेंट देखा जा रहा है. यह फिल्म इसी साल 17 जुलाई को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है.पूरी तरह किरदार में डूबे आर. माधवनफिल्म के ट्रेलर में आर. माधवन बेहद दमदार, गंभीर और अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं. उन्होंने जी.डी. नायडू के किरदार को इतनी शिद्दत से पकड़ा है कि उनकी बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस देखकर फैंस हैरान हैं. लुक से लेकर डायलॉग डिलीवरी तक, माधवन की कड़ी मेहनत साफ झलक रही है. अपनी बेहतरीन एक्टिंग से उन्होंने इस ऐतिहासिक किरदार को जीवंत कर दिया है.कौन थे 'भारत के एडिसन' जी.डी. नायडू?यह फिल्म भारत के महानतम आविष्कारों में शुमार जी.डी. नायडू की जिंदगी से रूबरू कराती है, जिन्हें दुनिया 'भारत का एडिसन' भी कहती है. फिल्म सिर्फ उनके वैज्ञानिक आविष्कारों की कहानी नहीं समेटती, बल्कि उनके कड़े संघर्ष, दूरगामी सोच और जिंदगी के भावुक उतार-चढ़ाव को भी बड़े पर्दे पर पेश करेगी. ट्रेलर से साफ संकेत मिलते हैं कि इस बायोपिक में उनके जीवन के कई ऐसे अनसुने पहलुओं को दिखाया जाएगा, जिनसे दुनिया अब तक अनजान थी.माधवन का एक और मास्टरक्लास अभिनयआर. माधवन भारतीय सिनेमा के उन गिने-चुने वर्सेटाइल एक्टर्स में से हैं, जिन्होंने हर भाषा और हर जॉनर में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया है. 'रॉकेट्री' के बाद एक बार फिर वह एक बेहद शांत, समझदार और दिमागी रूप से मजबूत वैज्ञानिक के सफर को जीने जा रहे हैं. 17 जुलाई को थिएटर्स में रिलीज हो रही 'जीडीएन' से उम्मीद है कि यह नई पीढ़ी को जी.डी. नायडू के महान योगदान और उनके अविश्वसनीय आविष्कारों से रूबरू कराएगी.
फिल्म प्रोड्यूसर बोनी कपूर की बेटी और एक्टर अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर कल यानी 6 जुलाई को शादी कर रही हैं। वे अपने लॉन्ग टर्म बॉयफ्रेंड रोहन ठक्कर के साथ शादी करेंगी। शादी से पहले उनके घर पर प्री-वेडिंग रस्में शुरू हो गई हैं। माता की चौकी के बाद अंशुला की मेहंदी सेरेमनी रखी गई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। अपनी मेहंदी के लिए अंशुला ने पारंपरिक पीले या हरे रंग के बजाय टिल ब्लू कलर का डिजाइनर लहंगा चुना। इस फंक्शन में पूरा कपूर परिवार शामिल हुआ। देखें मेहंदी रस्म की तस्वीरें.… फंक्शन में शामिल हुआ पूरा कपूर परिवारअंशुला कपूर और रोहन ठक्कर की मेहंदी सेरेमनी के दौरान पूरा कपूर परिवार एक साथ नजर आया। इस पारिवारिक मिलन में दूल्हा-दुल्हन के करीबी दोस्त और रिश्तेदार शामिल हुए। फंक्शन में अंशुला के पिता बोनी कपूर और भाई अर्जुन कपूर मेहमानों का स्वागत करते दिखे। उनके अलावा सोनम कपूर, खुशी कपूर, महीप कपूर और बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन भी इस जश्न का हिस्सा बने। कार्यक्रम में काफी संगीत और डांस भी हुआ। मेहंदी के लिए चुना खास गुजराती पटोला लहंगाअंशुला कपूर ने अपनी मेहंदी सेरेमनी के लिए फैशन डिजाइनर अर्पिता मेहता का डिजाइन किया हुआ टिल ब्लू कलर का कस्टमाइज्ड लहंगा पहना। इस लहंगे का डिजाइन गुजरात के पारंपरिक पटोला प्रिंट से प्रेरित है। स्कर्ट पर बारीक पटोला मोटिफ्स के साथ मिरर वर्क किया गया है। लहंगे के बॉर्डर पर एंटीक गोल्ड एम्ब्रॉयडरी है। इसके साथ उन्होंने मैचिंग दुपट्टा लिया, जिस पर ज्योमेट्रिक पैटर्न, मिरर वर्क और टैसल्स लगे हुए हैं। ब्लाउज पर व्हाइट पोल्का-डॉट डिटेलिंग और गले पर हैवी कढ़ाई की गई है। पारंपरिक पोल्की छोड़कर पहनी फिरोजी ज्वेलरीअपने ब्राइडल लुक को अलग बनाने के लिए अंशुला ने पारंपरिक पोल्की ज्वेलरी को छोड़कर 'आम्रपाली ज्वेल्स' की फिरोजी (टर्कोइज) ज्वेलरी चुनी। उन्होंने मोतियों वाले हैवी फिरोजी नेकलेस के साथ मैचिंग ड्रॉप ईयररिंग्स और अंगूठियां पहनीं। उनका मेकअप बिल्कुल नेचुरल और फ्रेश रखा गया था, जिसमें न्यूड पिंक लिपस्टिक शामिल थी। बालों को सॉफ्ट वेव्स लुक देकर आधा खुला छोड़ा गया था, जिसमें पीछे की तरफ गहरे गुलाबी रंग का फ्लोरल गजरा लगाया गया था। यह गजरा उनके नीले लहंगे के साथ अलग ही दिख रहा था। माता की चौकी से हुई थी फंक्शन की शुरुआतमेहंदी सेरेमनी से पहले अंशुला के घर पर पारंपरिक माता की चौकी का आयोजन किया गया था। इस फंक्शन में अंशुला ने पंजाबी कारीगरी को दिखाते हुए चमकीले फुल्कारी दुपट्टे के साथ बेज-गोल्ड कलर का हैवी लहंगा पहना था। इसके साथ उन्होंने क्लासिक कुंदन ज्वेलरी कैरी की थी, जिसमें गले का हार, झुमके और मांग टीका शामिल थे। माता की चौकी के लिए उन्होंने बालों का जूड़ा बनाया था और सैटिन फिनिश मेकअप चुना था।
आमिर खान की तीसरी शादी: इरफान पठान ने दी दुआएं साथ बधाई
नई दिल्ली, हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता आमिर खान ने रविवार को गौरी स्प्रेट के साथ शादी कर ली। आमिर की यह तीसरी शादी है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने आमिर को उनकी तीसरी शादी की बधाई दी।
आमिर की तीसरी मैरिज पर सलमान खान 'परफेक्ट मिलने तक शादी करते रहेंगे'
मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने रविवार को अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से रजिस्टर्ड मैरिज कर नई जिंदगी की शुरुआत की। उनकी तीसरी शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर जहां फैंस उन्हें बधाई दे रहे हैं, वहीं सलमान खान का एक पुराना बयान भी तेजी से वायरल हो रहा है।
दो महीने तक दर्द से जूझती रही सुमोना चक्रवर्ती
मुंबई, टीवी की लोकप्रिय अभिनेत्री सुमोना चक्रवर्ती लंबे समय से सोशल मीडिया से दूर थीं, लेकिन अब खुद अभिनेत्री ने इस दूरी की वजह बताते हुए अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर का खुलासा किया है।
चेतन आनंद की फिल्म 'हकीकत': 'कर चले हम फिदा' आज भी शहीदों की क़ुरबानी याद दिलाता है
नई दिल्ली, हिंदी सिनेमा में सेना और युद्ध पर कई फिल्में बनीं, लेकिन कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो दर्शकों के दिल में हमेशा के लिए बस जाती हैं।
आमिर-गौरी की शादी की झलक: बेटा रिंग बेयरर, जमीन पर बैठकर कपल ने साइन किए पेपर्स
मुंबई, बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान ने तीसरी शादी कर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की। रविवार को उन्होंने अपनी साथी गौरी स्प्रैट से रजिस्टर्ड मैरिज कर ली। शादी की पहली तस्वीर अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में जमीन पर बैठकर आमिर और गौरी शादी के पेपर्स पर साइन करते नजर आ रहे है।
माधुरी जैन का बयान बना विवाद, तीसरी बच्चा-अमीरी वाली टिप्पणी पर बवाल
मुंबई, रियलिटी शो 'लॉकअप' सीजन 2 अक्सर अपने कंटेस्टेंट्स की निजी बातों और तीखे बयानों को लेकर चर्चा में रहता है। शो का फॉर्मेट ही ऐसा है कि यहां कंटेस्टेंट्स अपनी जिंदगी से जुड़े ऐसे खुलासे करते हैं जो कई बार दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं और कई बार विवाद भी खड़ा कर देते हैं।
61 की उम्र में आमिर खान बने तीसरी बार दूल्हा? गौरी स्प्रैट संग शादी की तस्वीर का जानें पूरा सच
भारतीय सिनेमा के 'मिस्टर परफेक्टनिस्ट' कहे जाने वाले दिग्गज अभिनेता आमिर खान एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में आ गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक खबर तेजी से आग की तरह फैल रही है कि 61 वर्षीय आमिर खान ने गुपचुप तरीके से गौरी स्प्रैट नाम की महिला के साथ तीसरी शादी रचा ली है। इस दावे के साथ दूल्हा-दुल्हन के लिबास में आमिर खान की एक बेहद खूबसूरत और क्लोज-अप तस्वीर भी शेयर की जा रही है, जिसे देखकर उनके फैंस और फिल्म इंडस्ट्री के लोग हैरान-परेशान हैं। इंटरनेट पर लोग लगातार इस वायरल फोटो की असलियत खंगालने में जुटे हैं।वायरल हो रही 'वेडिंग फोटो' के पीछे का हैरान करने वाला असली सचजब हमारे डिजिटल इन्वेस्टिगेशन डेस्क ने इंटरनेट पर सनसनी मचा रही इस खबर और तस्वीर की गहराई से पड़ताल की, तो एक बेहद चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। असल में आमिर खान ने कोई तीसरी शादी नहीं की है और न ही गौरी स्प्रैट नाम की किसी महिला के साथ उनका कोई संबंध है। वायरल हो रही तस्वीर पूरी तरह से फर्जी है, जिसे आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई (AI Generated Photo) टूल की मदद से तैयार किया गया है। डीपफेक और एआई मॉर्फिंग तकनीक का इस्तेमाल करके किसी शरारती तत्व ने आमिर खान के चेहरे को एक विदेशी दूल्हे के शरीर पर लगा दिया है, जो पहली नजर में बिल्कुल असली लगती है।फैंस से अपील और सेलिब्रिटी डीपफेक का बढ़ता हुआ खतरनाक ट्रेंडआमिर खान के करीबी सूत्रों और पीआर टीम ने भी इन खबरों को पूरी तरह से बकवास, आधारहीन और अफवाह करार दिया है। आमिर खान इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'सितारे जमीन पर' के पोस्ट-प्रोडक्शन और अन्य फिल्मी प्रोजेक्ट्स में पूरी तरह व्यस्त हैं। रीना दत्ता और किरण राव से तलाक के बाद आमिर इस समय सिंगल हैं और अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों पर ध्यान दे रहे हैं। फिल्म समीक्षकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स बटोरने के लिए सेलिब्रिटीज की एआई जनरेटेड तस्वीरों का इस्तेमाल करना एक खतरनाक ट्रेंड बन चुका है, जिससे फैंस को सावधान रहने की जरूरत है।
नई बायोपिक:15 साल बाद बड़े परदे पर लौटेंगी सेलिना, निभाएंगी ‘सिस्टर निवेदिता’ का किरदार
सेलीना जेटली करीब 15 साल बाद बड़े परदे पर वापसी करने जा रही हैं। वह निर्देशक राम कमल मुखर्जी की अगली बायोपिक में सिस्टर निवेदिता (मार्गरेट नोबल) का किरदार निभाएंगी। अपने एक इंटरव्यू में सेलिना ने कहा कि यह फिल्म उनके करियर के सबसे खास अनुभवों में से एक है। उन्होंने बताया कि राम कमल मुखर्जी के साथ काम करना उनके लिए अलग अनुभव रहा और इस किरदार को निभाना उनके लिए सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी जैसा है। सेलिना कहती है...‘सिस्टर निवेदिता मुझे सबसे ज्यादा इसलिए प्रभावित करती हैं, क्योंकि उनका जन्म भारत में नहीं हुआ था, फिर भी उन्होंने अपना जीवन भारत, इसकी संस्कृति, आध्यात्मिक विचारधारा और लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया।’ कौन हैं सिस्टर निवेदिता सिस्टर निवेदिता स्वामी विवेकानंद की आयरिश शिष्या थीं, जिन्होंने अपना जीवन भारत की शिक्षा, समाजसेवा और राष्ट्रजागरण को समर्पित कर दिया। महिला शिक्षा और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान को आज भी प्रेरणास्रोत माना जाता है।
'रीना रॉय' थी प्लान B, मां के मना किया फिर भी किया 'नागिन'
मुंबई, हिंदी सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में शामिल 'नागिन' आज भी दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान रखती है। इस फिल्म की कहानी, इसके गाने और इसका रहस्यमय अंदाज आज भी लोगों को याद है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने वाली रीना रॉय इस किरदार के लिए पहली पसंद नहीं थीं।
नसीरुद्दीन शाह ने ओम पुरी को दी अपनी शर्ट, एफटीआईआई में अड्मिशन ने किया था प्रेरित
मुंबई, भारतीय सिनेमा की दुनिया में कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो पर्दे पर नहीं बल्कि असल जिंदगी में समय के साथ मिसाल बन जाते हैं। ऐसे ही दो बड़े नाम हैं दिवंगत अभिनेता ओम पुरी और दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह।
भारतीय सभ्यता की सबसे बड़ी ताकत हमेशा यह रही है कि उसने सवाल पूछने से कभी डरना नहीं सीखा। उपनिषदों में शिष्य गुरु से बेझिझक प्रश्न करता है। बुद्ध सदियों से चली आ रही मान्यताओं को चुनौती देते हैं। चार्वाक ईश्वर और वेदों तक पर सवाल उठाते हैं। कबीर धर्म और समाज में फैले पाखंड पर खुलकर चोट करते हैं। भारतीय दर्शन की लगभग हर परंपरा का आधार संवाद, तर्क और वाद-विवाद की समृद्ध परंपरा रही है। इंसान की सबसे बड़ी कुव्वत उसका दिमाग है और दिमाग का सबसे असरदार औजार है- एक अच्छा सवाल। इंसान और बाकी तमाम जीव-जंतुओं के बीच सबसे बड़ा फर्क सिर्फ यह नहीं है कि इंसान दो पैरों पर चलता है, औजार बनाता है या आसमान छूती इमारतें खड़ी कर लेता है। असली फर्क यह है कि इंसान सवाल पूछता है। वह सिर्फ यह नहीं देखता कि सूरज हर सुबह निकलता है; वह जानना चाहता है कि सूरज उगता हुआ दिखाई क्यों देता है। वह किसी बात को महज इसलिए सच नहीं मान लेता कि सब उसे सच मानते हैं; वह पूछता है आखिर यह सच क्यों है, और यही जिज्ञासा, यही सवाल करने की बेचैनी इंसान को इंसान बनाती है। किसी छोटे बच्चे को देखिए। दुनिया में आने के कुछ ही सालों में वह सवालों की चलती-फिरती मशीन बन जाता है। यह क्या है? वह कौन है? ऐसा क्यों है? वैसा क्यों नहीं है? अगर हम गौर से देखें, तो समझ आएगा कि जिज्ञासा इंसान की सबसे स्वाभाविक फितरत है। इतिहास गवाह है कि जिस समाज ने सवालों को दबाया, वह ठहर गया; और जिसने सवालों का इस्तकबाल किया, वह आगे बढ़ता गया। जरा सोचिए, विज्ञान की पूरी इमारत किस बुनियाद पर खड़ी है? किसी दिन न्यूटन के दिमाग में यह सवाल कौंधा कि पेड़ से गिरता हुआ सेब हमेशा नीचे ही क्यों आता है, ऊपर क्यों नहीं चला जाता। अगर कुछ सवाल कभी न पूछे गए होते तो शायद हम आज भी अंधविश्वासों और गलत धारणाओं के जंगल में भटक रहे होते। विज्ञान जवाबों नहीं, सवालों से जन्म लेता है। सवाल सिर्फ विज्ञान के दायरे तक ही नहीं रहते हैं। अदब, फन और फलसफा भी सवालों की कोख से ही जन्म लेते हैं। एक शायर जब पूछता है कि इंसान दु:खी क्यों है, मोहब्बत क्या है, तन्हाई क्यों है, इंसाफ किसे कहते हैं, तब शायरी पैदा होती है। एक लेखक जब अपने समाज से सवाल करता है, एक फिल्मकार जब अपने दौर की उलझनों, नाइंसाफियों और विसंगतियों पर उंगली रखता है, तब मायने रखने वाला सिनेमा बनता है। कला का काम तैयार जवाब बांटना नहीं, ऐसे सवाल पैदा करना है जो हमें अपने बारे में कुछ नया सोचने पर मजबूर कर दें। मुझे तब फिक्र होती है, जब लोग किसी फिल्म, किताब या खयाल से असहमत होने के बजाय उसे चुप करा देना चाहते हैं। किसी सवाल को सिर्फ इसलिए दबा देना कि वह असुविधाजनक है, किसी आत्मविश्वास से भरे समाज की निशानी नहीं हो सकती। अगर कोई बच्चा पूछ ले कि यह नियम क्यों है, तो उसे चुप करा दिया जाता है। अगर कोई नौजवान जानना चाहे कि यह परंपरा किस बुनियाद पर बनी है, तो उससे कहा जाता है, बहुत सवाल मत करो। अगर कोई नागरिक सरकार से पूछ ले कि यह फैसला क्यों लिया गया, तो उसे विरोधी मान लिया जाता है। जबकि सच यह है कि सवाल पूछना विरोध नहीं, बल्कि समाज में अपनी हिस्सेदारी निभाने का तरीका है। जो शख्स सवाल पूछ रहा है, वह बता रहा है कि उसे समाज की फिक्र है। धर्म और आस्था के मामले में भी यही बात लागू होती है। आस्था का सम्मान करने का यह हरगिज मतलब नहीं कि इंसान अपनी सोचने-समझने की ताकत पर ताला लगा दे। पर सवाल पूछना और हर बात का विरोध करना एक ही चीज नहीं हैं। कुछ लोग समझते हैं हर बात में नुक्स निकालना ही अक्लमंदी की निशानी है। ऐसा नहीं है। सवाल पूछने का मकसद सच तक पहुंचना होना चाहिए। अगर आपका इरादा सामने वाले को नीचा दिखाना भर है, तो वह जिज्ञासा नहीं, अहंकार है, लेकिन अगर आपकी कोशिश समझने की है, सीखने की है, सच के थोड़ा और करीब जाने की है, तो आपका सवाल पूछना एक रचनात्मक सरोकार बन जाता है। बौद्धिक ईमानदारी की पहली शर्त यही है कि इंसान जो सवाल दूसरों से पूछता है, उसे अपने आप से भी पूछे। हम अक्सर दूसरों के खयालों को कसौटी पर कसते हैं, लेकिन अपने यकीनों की जांच नहीं करते। हमें खुद से भी यह पूछने का हौसला होना चाहिए कि मैं जो मानता हूं, उसे मानने की बुनियाद क्या है। कहीं ऐसा तो नहीं कि मैंने कोई राय सिर्फ इसलिए अपना ली क्योंकि मेरे आसपास के ज्यादातर लोग उसे सही मानते हैं? अपने ही विश्वासों से सवाल करना आसान नहीं होता, लेकिन यही मानसिक परिपक्वता की सबसे बड़ी निशानी है। आज के दौर में, जब जानकारी पहले से कहीं ज्यादा और कहीं तेजी से हमारे सामने आती है, तब सवाल पूछने की जरूरत और भी बढ़ जाती है। इंटरनेट पर हर रोज लाखों दावे किए जाते हैं। हर विचार के हक में भी दलीलें मिल जाती हैं और उसके खिलाफ भी। ऐसे में आंख मूंदकर किसी बात को सच मान लेना खतरनाक हो सकता है। हमें पूछना होगा- इसका स्रोत क्या है? इसका सबूत क्या है? इसकी दलील क्या है? यही आलोचनात्मक सोच हमें भ्रम, अफवाह और प्रचार के जाल से बचाती है।सवाल पूछना सिर्फ हमारा अधिकार नहीं, हमारी जिम्मेदारी भी है। जो समाज सवाल पूछना छोड़ देता है, वह धीरे-धीरे सोचने की अपनी ताकत खो देता है, और जो इंसान सवाल पूछना छोड़ देता है, वह सीखना भी छोड़ देता है। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)
हार मान चुकी थी विद्या, फिर आया 'तुम ही मेरी परिणीता हो' कॉल
मुंबई, 'परिणीता', 'कहानी', 'द डर्टी पिक्चर' और 'भूलभुलैया' जैसी फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने वाली अभिनेत्री विद्या बालन का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। फिल्मों में कदम रखने से पहले उन्हें कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा।
कैटरीना को देखकर घबरा जाती थीं परिणीति- खुद बताया किस्सा
मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने जब मशहूर फिल्म निर्माता और प्रोड्यूसर करण जौहर के लोकप्रिय और चर्चित शो 'कॉफी विद करण' में एक्टर आदित्य रॉय कपूर के साथ शिरकत की, तब उन्होंने मजेदार अंदाज में बताया कि वह साथी एक्ट्रेस कैटरीना कैफ के सामने बहुत ज्यादा नर्वस हो जाती हैं।
इतिहास रचने के बाद अंकिता कोंवर ने मिलिंद सोमन का जताया आभार
मुंबई अंकिता कोंवर ने मुश्किल हालात में इंग्लिश चैनल रिले स्विम पूरी करके इतिहास रच दिया है। वह इंग्लिश चैनल रिले स्विम पूरी करने वालीं पूर्वोत्तर भारत की पहली महिला बन गई हैं। इस उपलब्धि पर अंकिता ने अपने पति मिलिंद सोमन का समर्थन के लिए शुक्रिया अदा किया है।
विक्की कौशल का इंटेंस वर्कआउट जारी,मानसून में भी नहीं ले रहे ब्रेक
मुंबई, हिंदी सिनेमा में बहुत कम समय में अपने अभिनय से पहचान बना चुके एक्टर विक्की कौशल फिटनेस को लेकर काफी सजग रहते हैं। उन्होंने फिटनेस के प्रति अपनी पूरी लगन की एक झलक फैंस के साथ साझा की।
कंगना: 'लॉक अप 2' में फराह-रितेश बने सख्त जेलर
मुंबई, अभिनेत्री कंगना रनौत रियलिटी शो 'लॉक अप' के दूसरे सीजन के लिए वापस आ गई हैं। हालांकि, इस बार वह 'जजमेंट डे' एपिसोड में जूरी के तौर पर 'जनता की आवाज' बनेंगी।
साल बाद संगीत में वापसी: हंस राज हंस ने 'ओहदियां खेदां' के बाद किया कमबैक
मुंबई, गायक से राजनेता बने हंस राज हंस ने एक दशक से अधिक समय बाद संगीत की दुनिया में अपनी वापसी को लेकर अपनी खुशी जाहिर की।
पेनेलोप क्रूज ने पति के साथ रिश्ते को लेकर की बात, बोलीं- मैं अभी भी सीख रही हूं
लॉस एंजिल्स, हॉलीवुड अभिनेत्री पेनेलोप क्रूज ने पति के साथ अपने रिश्ते के अनुभव का साझा किया है। उनका कहना है कि पति जेवियर बार्डेम के साथ उनका रिश्ता सीखने का एक अनुभव रहा है।
मधु का बयान: पहले कलाकारों को सीखने का समय मिलता था, अब पहली फिल्म से ही साबित करना होता है
मुंबई, 90 के दशक की चर्चित अभिनेत्री मधु ने अपनी फिल्मों से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। उन्होंने 'फूल और कांटे', 'रोजा', 'जेंटलमैन' और 'योधा' जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया। वह लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा रहीं।
Aamir Khan Net Worth: तीसरी शादी करने वाले आमिर खान के पास है कितनी संपत्ति!
आमिर खान ने वर्ष 2025 में अपने 60वें जन्मदिन के अवसर पर पहली बार गौरी स्प्रैट को सार्वजनिक रूप से अपनी साथी के रूप में परिचित कराया था। उस समय मीडिया और फोटोग्राफरों को यह उम्मीद थी कि अभिनेता अपनी नई फिल्म की घोषणा करेंगे, लेकिन उन्होंने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी सबसे बड़ी खबर साझा कर सभी को चौंका दिया।
बॉलीवुड एक्टर आमिर खान आज गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी करने वाले हैं। मुंबई के पाली हिल (बांद्रा) स्थित आमिर खान के आवास पर यह प्राइवेट शादी होगी। भारी मानसूनी बारिश के बीच शादी में शामिल होने के लिए उद्योगपति मुकेश अंबानी और उनका परिवार भी आमिर खान के घर पहुंचा। आज आमिर खान की तीसरी शादी होगी। इसमें सिर्फ दोनों परिवारों के लोग और कुछ करीबी दोस्त शामिल होंगे। शादी में शामिल होने पहुंचे सेलेब्स; देखें तस्वीरें बता दें कि आमिर ने पहली शादी साल 1986 में फिल्म प्रोड्यूसर रीना दत्ता से की थी। साल 2002 में रीना से अलग होने के बाद आमिर ने साल 2005 में डायरेक्टर किरण राव से दूसरी शादी की। साल 2021 में किरण और आमिर का तलाक हो गया। सैलून एंटरप्रेन्योर और फैशन प्रोफेशनल हैं गौरी स्प्रैट आमिर ने साल 2025 में अपने 60वें जन्मदिन पर गौरी के साथ अपने रिलेशनशिप को पब्लिक किया था। गौरी बेंगलुरु की रहने वाली एक सैलून एंटरप्रेन्योर और फैशन प्रोफेशनल हैं। उनके पिता तमिल-ब्रिटिश मूल के और मां पंजाबी-आयरिश मूल की हैं। गौरी 1920 के दशक में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े ब्रिटिश कम्युनिस्ट फिलिप स्प्रैट की पोती हैं। आमिर की तरह गौरी भी पहले शादीशुदा रही हैं और उनका एक 7 साल का बच्चा है। गौरी और उनका बच्चा पिछले दो साल से मुंबई में साथ रह रहे हैं। आमिर और गौरी एक-दूसरे को पिछले 25 सालों से जानते हैं। दोनों पहले काफी अच्छे दोस्त थे, जिसके बाद उन्होंने एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया। जब से आमिर और गौरी ने अपने रिश्ते को ऑफिशियल किया है, तब से गौरी को अक्सर आमिर के साथ अलग-अलग इवेंट्स और मौकों पर साथ देखा जाता है। गौरी के आने से खुद को पूरा मानते हैं आमिरमई 2026 में NBT को दिए इंटरव्यू में आमिर ने गौरी के साथ अपने रिश्ते को लेकर कहा था, ‘मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे गौरी मिलीं और हमारा रिश्ता शुरू हुआ। वह बेहतरीन हैं और उनके साथ मुझे बहुत शांति मिलती है। हालांकि रीना दत्ता और किरण राव के साथ भी मेरा रिश्ता बहुत गहरा था, लेकिन चीजें आगे नहीं बढ़ पाईं। मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि गौरी मेरी जिंदगी में आईं। मुझे लगता है, अब जाकर मैं मुकम्मल हुआ हूं।’ 2002 में हुआ था पहला तलाक आमिर ने अपनी पहली शादी साल 1986 में रीना दत्ता से की थी। यह एक लव मैरिज थी जो करीब 16 सालों तक चली। दोनों के दो बच्चे, जुनैद खान और इरा खान हैं। साल 2002 में दोनों कानूनी तौर पर अलग हो गए। किरण राव से दूसरा रिश्ता फिर सहमति से अलग हुए रीना दत्ता से तलाक के बाद आमिर खान की जिंदगी में डायरेक्टर किरण राव आईं। साल 2005 में दोनों की शादी हुई। इस शादी से उनका एक बेटा आजाद है, जिसका जन्म IVF से हुआ। शादी के 15 साल बाद, जुलाई 2021 में आमिर और किरण ने तलाक की घोषणा की थी। अपने साझा बयान में उन्होंने इसे एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत लिया गया फैसला बताया था। आमिर के मुताबिक, समय के साथ पति-पत्नी के रूप में उनके रिश्ते का तालमेल बदल गया था। हालांकि, तलाक के बाद भी दोनों के बीच सम्मान और दोस्ती बरकरार है। वे आज भी अपने बेटे की मिलकर परवरिश कर रहे हैं और पानी फाउंडेशन समेत कई फिल्मी प्रोजेक्ट्स पर साथ काम करते हैं। ------------------------------------- आमिर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें आमिर खान ने 20 की उम्र में घरवालों से छिपकर पड़ोसी से पहली कोर्ट मैरिज की, जानिए 3 अहम रिश्तों की कहानी मशहूर कहावत है कि ‘दूसरा मौका सिर्फ कहानियां देती हैं, जिंदगी नहीं’, लेकिन बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने ये कहावत गलत साबित कर दी। दो नाकाम शादियों के बाद आमिर ने जिंदगी को नया मौका दिया है और आज वो 61 की उम्र में गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें
एक्टर अली गोनी ने सोशल मीडिया पर उन लोगों को जवाब दिया है, जिन्होंने एल्विश यादव के घी ब्रांड का नाम न लेने पर उन्हें ट्रोल किया था। हाल ही में अली ने एक वीडियो में घी की तारीफ की थी, लेकिन ब्रांड का नाम नहीं लिया। इसके बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर सवाल उठाए और इसे धर्म से जोड़कर रिएक्शन दिया। अली गोनी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर कर इस मामले पर अपनी सफाई दी। वीडियो में उन्होंने एल्विश यादव के घी ब्रांड का नाम भी लिया और कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि ब्रांड का नाम न लेने को लेकर विवाद खड़ा हो जाएगा। अली ने कहा, नमो नारायण। नमो नारायण। आप लोगों को कुछ नया नहीं मिला बात बनाने का, तो आप लोगों ने ये बना दिया। मैं तो बस घी की तारीफ कर रहा था। मैंने तो इतना सोचा भी नहीं था कि आप लोग नाम को लेकर इतना बड़ा... दिस इज सो फनी। उन्होंने आगे कहा, मैं कभी इन चीजों पर इतना ध्यान नहीं देता, बट ये बहुत फनी था। मतलब इतनी घटिया बात आप लोग करेंगे, लेकिन नमो नारायण। और मुझे कोई भी नाम लेने से कोई प्रॉब्लम नहीं है। मेरे लिए सब बराबर है। कुछ नया ढूंढो यार, कुछ नया ढूंढो भाई। अली गोनी पहले भी हुए थे ट्रोल गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है, जब अली गोनी इस तरह के विवाद में आए हैं। इससे पहले वह मुंबई में गर्लफ्रेंड जैस्मिन भसीन के साथ गणपति पूजा में शामिल हुए थे। उस दौरान 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारे को लेकर भी उन्हें सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा था। बाद में फिल्मीझान को दिए एक पॉडकास्ट में अली ने कहा था कि वह पहली बार गणपति उत्सव में शामिल हुए थे। उन्हें कभी नहीं लगा था कि एक छोटी-सी बात इतना बड़ा विवाद बन जाएगी। उन्होंने कहा था, “मेरे धर्म में इसकी इजाजत नहीं है। हम पूजा नहीं करते हैं। हमारा एक ही बिलीवर है। हम नमाज पढ़ते हैं, हम प्रार्थना करते हैं।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि वो हर धर्म का सम्मान करते हैं। अली गोनी ने यह भी बताया था कि वायरल वीडियो में जैस्मिन भसीन उनके मुंह को इसलिए पकड़ रही थीं, क्योंकि पीछे लोग जयकारा लगा रहे थे और किसी ने कहा था, गणपति सबसे क्यूट हैं। इसके बाद जैस्मिन ने प्यार से अली की तरफ इशारा करते हुए कहा, ये भी क्यूट है। अली का कहना था कि इस वीडियो का गलत मतलब निकाला गया और ऐसा दिखाया गया, जैसे जैस्मिन उन्हें गणपति बप्पा मोरया बोलने के लिए कह रही थीं।
आमिर खान के गौरी स्प्रैट के साथ 5 जुलाई को रजिस्टर्ड मैरिज करने की चर्चा तेज। जानिए कौन हैं गौरी स्प्रैट, आमिर की पहली और दूसरी पत्नी, परिवार और पूरी जानकारी।
पैन-इंडिया के चक्कर में डूबा साउथ सिनेमा? 'द राजा साब' से लेकर 'केडी' तक बॉक्स ऑफिस पर ढेर
साउथ फिल्म इंडस्ट्री के लिए पिछला कुछ समय बेहद निराशाजनक रहा है। 'बाहुबली', 'पुष्पा' और 'आरआरआर' जैसी फिल्मों से पूरे देश में डंका बजाने वाले साउथ सिनेमा की कई बड़ी बजट फिल्में बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर गई हैं। इनमें प्रभास की ‘द राजा साब’, ‘केडी: द डेविल’, ‘पेद्दी’ और ‘मना शंकर वर प्रसाद गारू’ जैसी मोस्ट अवेटेड फिल्में शामिल हैं, जिनसे मेकर्स को भारी उम्मीदें थीं। इस असफलता ने पूरी इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है और अब बड़े-बड़े सुपरस्टार्स के स्टारडम पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।सितारों की आसमानी फीस और कमजोर कहानी बनी विलेनसाउथ सिनेमा के इस बुरे दौर की सबसे बड़ी वजह सुपरस्टार्स की भारी-भरकम फीस बन गई है। फिल्म के कुल बजट का एक बहुत बड़ा हिस्सा अकेले लीड एक्टर की जेब में चला जाता है। नतीजतन, राइटिंग, स्क्रीनप्ले और वीएफएक्स जैसी तकनीकी चीजों के लिए नाममात्र का बजट बचता है। मेकर्स कहानी से ज्यादा हीरो की इमेज चमकाने, स्लो-मोशन एंट्री और भारी-भरकम डायलॉग्स पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे स्क्रीनप्ले का कबाड़ा हो रहा है।पुराना फॉर्मूला फेल, सिर्फ स्टार पावर से नहीं चलतीं फिल्में'बाहुबली' और 'केजीएफ' की अपार सफलता के बाद हर मेकर अपनी फिल्म को 'पैन-इंडिया' ब्लॉकबस्टर बनाने की अंधी दौड़ में शामिल हो गया है। इस चक्कर में असली जज्बात और मजबूत कहानी को छोड़कर सिर्फ महंगे सेट्स और स्टार पावर पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है। आज सोशल मीडिया और ओटीटी के दौर में दर्शक बेहद जागरूक हो चुके हैं। वे सिर्फ किसी बड़े सुपरस्टार का चेहरा देखकर थियेटर की टिकट नहीं खरीद रहे, बल्कि उन्हें नए कंटेंट की तलाश है।ओटीटी का बढ़ा असर, कंटेंट को ही राजा मान रही जनतादर्शकों को अच्छी तरह पता है कि कोई भी नई फिल्म रिलीज के कुछ ही हफ्तों बाद उनके मोबाइल स्क्रीन यानी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आ जाएगी। ऐसे में वे सिनेमाघरों का रुख तभी करते हैं जब फिल्म में कुछ बेहद खास और अनोखा हो। इसका सबसे बुरा असर उन औसत फिल्मों पर पड़ रहा है जो पहले सिर्फ स्टार्स के नाम पर चल जाया करती थीं। साउथ सिनेमा के पास आज भी बेहतरीन डायरेक्टर्स और टेक्नीशियन्स की फौज है, बस जरूरत इस बात की है कि वे स्टार सिस्टम के ग्लैमर से बाहर निकलकर दोबारा मजबूत कहानियों पर दांव लगाना शुरू करें।
नेटफ्लिक्स के चर्चित रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' में एक बार फिर होस्ट कंगना रनौत का जलवा देखने को मिल रहा है। शो में आते ही कंगना ने कंटेस्टेंट्स की क्लास लगानी शुरू कर दी है। लेटेस्ट एपिसोड के 'जजमेंट डे' में कंगना का निशाना मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रियाज अली बने। रियाज के सोशल मीडिया पर 27 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, लेकिन कंगना ने उनके इन आंकड़ों को ही चुनौती दे डाली और उन्हें 'बॉट्स' कहकर संबोधित किया। कंगना के इस तीखे कटाक्ष का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।जब रियाज के फॉलोअर्स पर कंगना ने उठाए सवालवायरल हो रहे 'लॉक अप 2' के प्रोमो में कंगना रनौत बेहद आक्रामक अंदाज में रियाज अली से पूछती नजर आ रही हैं, 27 मिलियन फॉलोअर्स! अवि भी आपको ढूंढ रहे हैं, और हम भी उनको ढूंढ रहे हैं कि वो आखिर हैं कहां? ये 27 मिलियन फॉलोअर्स कम और बोट्स ज्यादा हैं। कंगना की यह बात सुनकर रियाज अली के चेहरे के हाव-भाव पूरी तरह बदल गए। रियाज ने सफाई देते हुए कहा, ऐसे ही होता है, जब फॉलोअर्स बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं तो लोगों को लगता है कि ये बॉट्स हैं। कंगना के इस 'सच्चाई' वाले वार ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।सोशल मीडिया पर भिड़े फैंस, वीडियो हुआ वायरलकंगना रनौत का यह अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है। प्रोमो सामने आते ही ट्विटर और इंस्टाग्राम पर यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, कंगना ने सच बोलने में जरा भी हिचकिचाहट नहीं दिखाई और रियाज अली की बोलती बंद कर दी, बेचारा उसका चेहरा देखो, वह रोने ही वाला था। वहीं दूसरे ने लिखा, कंगना रनौत ने रियाज की पूरी क्लास लगा दी। शो में अब रियाज और कंगना के बीच का यह मुकाबला आने वाले एपिसोड्स में कितना बढ़ता है, यह देखने वाली बात होगी।'लॉक अप 2' में मची है खलबलीएकता कपूर के इस शो में इस बार सितारों के अलावा सोशल मीडिया पर्सनैलिटीज भी अपनी पर्सनल लाइफ के गहरे राज खोल रहे हैं। हाल ही में शो से श्रेष्ठा अय्यर का एलिमिनेशन हुआ है, जिसके बाद खेल और ज्यादा दिलचस्प हो गया है। कंगना रनौत की शो में वापसी के बाद से कंटेस्टेंट्स के बीच हड़कंप मचा हुआ है। जिस तरह से कंगना बेबाकी से कंटेस्टेंट्स के 'फेक' होने पर सवाल उठा रही हैं, उससे साफ है कि इस सीजन में विवादों का स्तर काफी ऊंचा रहने वाला है।
पंजाबी एक्टर व कॉमेडियन बीनू ढिल्लों ने एअर इंडिया की फ्लाइट के साथ अपना ताजा एक्सपीरिएंस शेयर किया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर लाइव आकर अपने फैंस से कहा है कि एअर इंडिया की फ्लाइट में कभी सफर मत करना, चाहे पैदल ही कनाडा जाने पड़े। फ्लाइट में चढ़े बीनू ढिल्लों ने कहा- बिजनेस क्लास की सभी सीटें बेकार पड़ी हैं। इनमें कई सीटों की सुविधाएं चल ही नहीं रहीं। जब कंप्लेन की गई तो स्टाफ का कहना है कि आपको 35% रिफंड मिल जाएगा। यात्रा नहीं करनी है तो फ्लाइट से उतर भी सकते हैं। बीनू ढिल्लों के साथ मौजूद अन्य पैसेंजर्स ने भी इसे अपना सबसे खराब अनुभव बताया। हालांकि, इस मामले में अभी एअर इंडिया एयरलाइंस की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है। जानिए, वीडियो में क्या-क्या बोले बीनू ढिल्लों कैरी ऑन जट्टा 4 के प्रमोशन को जा रहे थे आखिर में ढिल्लों कहते हैं कि बाबा सब पर मेहर करें। कैरी ऑन जट्टा किसने देख ली? चलो मिलते हैं। बताया जा रहा है कि बीनू ढिल्लों ने यह वीडियो कैरी ऑन जट्टा-4 फिल्म के प्रमोशन के लिए कनाडा जाते वक्त बनाई है। हालांकि, अभी तक एअर इंडिया की ओर से इस पर कोई सफाई नहीं दी गई। किष्टू के बोलीं- सही कहा आपने बीनू ढिल्लों की ओर से एअर इंडिया की वजह से हुई परेशानी के खिलाफ उठाई गई आवाज का सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर किष्टू के (कनिष्ठा कौशिक) ने समर्थन किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, बिल्कुल सही कहा जी। किष्टू के पंजाबी बोलियों के चलते कोरोना काल में फेमस हुई थीं। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… ट्रोलिंग पर पंजाबी एक्टर गुरप्रीत घुग्गी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- बड़ी कंपनी छवि खराब करवा रही, एक्ट्रेस को प्रेग्नेंट कर ₹5 करोड़ देने का दावा पंजाबी एक्टर गुरप्रीत घुग्गी ने सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग को लेकर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि उनके साथ 30-35 वर्षों से काम करने वाले कई कलाकार अब रंजिश निकाल रहे हैं। एक बड़ी कंपनी पैसे देकर सोशल मीडिया पर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रचार करवा रही है। पढ़ें पूरी खबर…
एक्ट्रेस आकांक्षा चमोला ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर बड़ा खुलासा किया है। लॉक अप सीजन 2 के एक एपिसोड के दौरान आकांक्षा ने बायसेक्सुअल होने की बात कही है। आकांक्षा ने कहा, मैं शादी से पहले बायसेक्सुअल थी। मेरे कुछ लड़कियों के साथ रिलेशन रहे हैं। बहुत ज्यादा इंटिमेट रिलेशन नहीं रहे हैं, लेकिन मैं कुछ लड़कियों के साथ रिलेशनशिप में रही हूं और बस वही है। मतलब मुझे लड़कियां पसंद हैं। मैं उन्हें एडमायर करती हूं, मैं उनकी तरफ अट्रैक्ट होती हूं और मुझे लगता है कि यही मेरा सेफ स्पेस है। वहीं, आकांक्षा के बायसेक्सुअल होने वाले बयान के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे सिर्फ पब्लिसिटी पाने का तरीका बताया। एक यूजर ने लिखा, यह सब सिर्फ पब्लिसिटी के लिए बोला गया है। दूसरे यूजर ने कहा, रियलिटी शोज का एक ही फॉर्मूला है, लोगों को चौंकाओ, ट्रेंड में आओ और फिर वही दोहराओ। वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, ये सब शो चलाने के लिए किया गया ड्रामा है। सब पहले से स्क्रिप्टेड होता है। बच्चे न चाहने की वजह से अलग हो रहे हाल ही में लॉक अप शो के दौरान आकांक्षा ने अपने पति गौरव खन्ना से अलग होने का एलान किया था। अपने को-कंटेस्टेंट्स श्रेया कालरा और सूफी मोतीवाला से बातचीत में उन्होंने इसकी वजह का खुलासा किया था। आकांक्षा ने बताया था कि शादी के बाद भी उनमें कभी बच्चों को लेकर 'मैटरनल इंस्टिंक्ट' (मां बनने की इच्छा) नहीं जागी। उन्होंने शुरुआत में इसे समझने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्हें अहसास हुआ कि वे इसके लिए नहीं बनी हैं। आकांक्षा के मुताबिक, गौरव पहले इस बात से सहमत थे, लेकिन समय के साथ उनकी सोच बदल गई और अब उन्हें बच्चे चाहिए, जबकि आकांक्षा बच्चे नहीं चाहती हैं। एक साल से अलग रह रहे हैं दोनों आकांक्षा ने यह भी कहा था कि वे और गौरव पिछले एक साल से एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं। उन्होंने गौरव से बातचीत में कहा था कि अगर वे इस वजह से अलग होना चाहते हैं, तो यह फैसला बिल्कुल सही है। सोशल मीडिया पर इस एलान के बाद से ही काफी चर्चा हुई। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे शो के लिए पीआर स्टंट भी बताया था। वहीं, आकांक्षा के तलाक के ऐलान के बाद 30 जून को मीडिया से बात करते हुए गौरव ने कहा था, प्यार आज भी उतना ही है और सपोर्ट भी उतना ही है। मैं हमेशा आकांक्षा को सपोर्ट करूंगा। वो मेरी बीवी है। प्यार किया तो पीछे क्यों हटूं। गौरव ने आगे कहा था कि वे हमेशा आकांक्षा के साथ खड़े हैं और चाहते हैं कि वो शो में अच्छा खेलें और जीतकर आएं। नवंबर 2016 में हुई थी गौरव-आकांक्षा की शादीगौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला के रिश्ते की शुरुआत टीवी इंडस्ट्री में काम करने के दौरान हुई थी। दोनों की पहली मुलाकात एक ऑडिशन के सिलसिले में हुई थी, जिसके बाद वे दोस्त बन गए। लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद, दोनों ने 24 नवंबर 2016 को गौरव के होमटाउन कानपुर में शादी कर ली थी। गौरव खन्ना ने जहां 'अनुपमा' और 'बिग बॉस 19' जैसे शो में काम किया है, वहीं आकांक्षा चमोला भी 'स्वरागिनी', 'संतोषी मां', 'ये है आशिकी' और 'क्राइम पेट्रोल' जैसे शोज में नजर आ चुकी हैं।
वेब सीरीज 'राख' में रज्जो के किरदार से चर्चा बटोर रहे अभिनेता रमनदीप यादव का यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। कभी उनका सपना भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलना था, लेकिन किस्मत उन्हें थिएटर और फिर एक्टिंग में ले आई। उन्होंने मुंबई में चार साल तक ऑडिशन दिए, आर्थिक तंगी झेली और कई बार शहर छोड़ने का मन भी बनाया, लेकिन हार नहीं मानी। आखिरकार 'राख' ने उन्हें वह पहचान दिलाई, जिसका वह लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने संघर्ष, रिजेक्शन, थिएटर, 'राख' और रज्जो की तैयारी पर बात करते हुए बताया कि कई लोग कहते हैं कि अगर हमारे आस पास होते तो पक्का मार देते। सवाल: आपने क्रिकेट भी खेला है। फिर अचानक एक्टिंग की तरफ कैसे रुख हुआ? जवाब: सच कहूं तो आज भी मैं पूरी तरह नहीं समझ पाया कि ऐसा क्यों हुआ। मेरा सपना भारत के लिए क्रिकेट खेलना था। कभी नहीं सोचा था कि मैं एक्टिंग करूंगा। ऐसा कोई एक दिन या घटना नहीं हुई, जिसके बाद मैंने क्रिकेट छोड़ने का फैसला लिया हो। धीरे-धीरे लगा कि चीजें वैसी नहीं हो रही थीं जैसी मैं चाहता था। मेहनत के बावजूद मन नहीं लग रहा था। शायद भगवान ने मेरे लिए कुछ और सोच रखा था। कॉलेज के आखिरी साल में एक दोस्त ने कहा कि यूथ फेस्टिवल के लिए ऑडिशन हो रहे हैं, चलो ट्राई करते हैं। मैंने बिना ज्यादा सोचे ऑडिशन दिया और पहली बार में ही चयन हो गया। पहली बार स्टेज पर परफॉर्म किया और वहीं एहसास हुआ कि मुझे इसमें बहुत मजा आ रहा है। उस अनुभव ने मेरी जिंदगी की दिशा बदल दी। सवाल: थिएटर तक पहुंचने का सफर कैसे शुरू हुआ? जवाब: यूथ फेस्टिवल में मेरी परफॉर्मेंस देखकर थिएटर टीचर ने कहा कि मुझे उनके थिएटर ग्रुप से जुड़ जाना चाहिए। मैंने कहा कि फीस देने की मेरी हैसियत नहीं है। उस समय 1500-2000 रुपए फीस थी और मैं घरवालों से थिएटर सीखने के लिए पैसे नहीं मांग सकता था। उन्होंने कहा कि तुम आ जाओ, फीस की चिंता मत करो। शुरुआत में मैंने नुक्कड़ नाटक किए। जागरूकता अभियान के तहत कई स्ट्रीट प्ले किए। मुझे पता नहीं था कि इसके पैसे मिलेंगे। पहला चेक 2500 रुपए का मिला। उसी पैसे से थिएटर की फीस भरी और 500 रुपए बच गए। तब लगा कि एक्टिंग से कमाई भी हो सकती है। सवाल: क्या उस समय तय कर लिया था कि अब एक्टिंग ही करनी है? जवाब: नहीं, बिल्कुल नहीं। उस समय मैं सुबह क्रिकेट की प्रैक्टिस करता था और शाम को थिएटर करता था। दोनों साथ लेकर चलना चाहता था, लेकिन धीरे-धीरे समझ आया कि थिएटर भी उतनी ही मेहनत और समर्पण मांगता है जितना क्रिकेट। क्रिकेट में अनुशासन तय होता है, लेकिन एक्टिंग में खुद अपना अनुशासन बनाना पड़ता है। किताबें पढ़नी होती हैं, लोगों को ऑब्जर्व करना होता है, कविताएं पढ़नी होती हैं, संगीत सुनना होता है, पेंटिंग देखनी होती है और इंसानी व्यवहार को समझना पड़ता है। करीब डेढ़-दो साल बाद मुझे यकीन हुआ कि अब एक्टिंग में ही आगे बढ़ना है। सवाल: क्या आपने किसी एक्टिंग स्कूल में जाने की भी कोशिश की? जवाब: हां। मैंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) का ऑडिशन दिया, लेकिन चयन नहीं हुआ। इसके बाद दूसरे ड्रामा स्कूलों में भी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। हालांकि मैंने हार नहीं मानी। थिएटर करता रहा और साथ-साथ ऑडिशन भी देता रहा। सवाल: पहला ब्रेक कैसे मिला? जवाब: मेरा पहला प्रोजेक्ट अनुराग कश्यप सर की फिल्म ‘मनमर्जियां’ थी। इसके बाद एमएक्स प्लेयर की सीरीज 'कैंपस डायरीज' मिली, जिसमें मैंने पृथ्वीराज का किरदार निभाया। इस सीरीज के बाद इंडस्ट्री में लोग मुझे पहचानने लगे और ऑडिशन मिलने शुरू हो गए। सवाल: नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘कैट’आपको कैसे मिली? जवाब: उस समय मैं 'कैंपस डायरीज' की शूटिंग कर रहा था। तभी मुझे 'कैट' का ऑडिशन मिला। इसमें मुझे सरदार का किरदार निभाना था, लेकिन पगड़ी बांधनी तक नहीं आती थी। मैं शूट खत्म करके सीधे दोस्त के घर गया। उसने रातभर मेरी मदद की, पगड़ी बांधी और हमने ऑडिशन रिकॉर्ड किया। बाद में मुझे डायरेक्टर से मिलने के लिए अमृतसर बुलाया गया। मैं पहली बार पगड़ी बांधकर ट्रेन से गया। पूरी यात्रा में गर्दन तक नहीं हिलाई, क्योंकि डर था कि पगड़ी खराब न हो जाए। आज सोचता हूं कि पगड़ी पहनकर जाना सही फैसला था। शायद उसी वजह से डायरेक्टर को मेरे लुक पर दोबारा सोचने की जरूरत नहीं पड़ी। सवाल: 'कैट' के बाद आपने चंडीगढ़ से मुंबई आने का फैसला कैसे लिया? जवाब: 'कैट' में काम करने के बाद मुझे थोड़ा आर्थिक सहारा मिला। तब लगा कि अब मुंबई जाकर किस्मत आजमानी चाहिए। मैं कास्टिंग डायरेक्टर्स से मिलकर उन्हें बताना चाहता था कि मैंने 'CAT' में काम किया है। मैं शो रिलीज होने से करीब तीन महीने पहले ही मुंबई आ गया था। 'कैट' रिलीज होने के बाद लोगों ने मेरा काम पसंद किया। जिन कास्टिंग डायरेक्टर्स से मैं पहले मिल चुका था, उन्हें मेरा चेहरा याद आ गया। इसके बाद ऑडिशन मिलने लगे। पहले मुझे खुद जाकर बताना पड़ता था कि मैं एक्टर हूं, लेकिन अब लोग मेरे काम से परिचित थे। हालांकि ऑडिशन मिल रहे थे, लेकिन कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं मिल रहा था। कई बार मैं आखिरी दौर तक पहुंचा, लेकिन रोल किसी और को मिल गया। देखते-देखते चार साल निकल गए। सवाल: इन चार सालों का संघर्ष कितना मुश्किल था? जवाब: बहुत मुश्किल था। जो पैसे लेकर मुंबई आया था, वे करीब छह महीने में खत्म हो गए। इसके बाद मैंने थिएटर किया, वर्कशॉप्स लीं और जितना काम मिला, करता रहा। कमाई नहीं होती थी, तो खर्च कम कर दिए। मैंने सादा जीवन जीना शुरू कर दिया। कोशिश यही थी कि किसी तरह मुंबई में टिके रहूं। मैं वर्सोवा में रहता था। कई बार लगा कि यह शहर छोड़ना पड़े। एक्टिंग छोड़ने का कभी मन नहीं हुआ, लेकिन लगा कि कुछ समय के लिए चंडीगढ़ जाकर पैसे जुटा लूं और फिर लौटूं। सवाल: फिर 'राख' कैसे मिली? जवाब: मैं कुछ दिनों के लिए चंडीगढ़ गया था। तभी 'राख' के ऑडिशन का कॉल आया। खास बात यह थी कि ऑडिशन उसी कास्टिंग टीम ने भेजा था, जिसने मुझे चार साल पहले 'CAT' के लिए चुना था। मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की हुई कि इतने साल बाद भी उन्हें मैं याद था और उन्होंने लीड किरदार के लिए मेरा टेस्ट किया। उस वक्त लगा कि शायद भगवान मुझे एक और मौका दे रहे हैं। मैंने खुद से कहा कि अब बीच का रास्ता नहीं अपनाना है। इस मौके के लिए पूरी ताकत लगा दूंगा। पूरी ईमानदारी से तैयारी की और आखिरकार यह रोल मिल गया। सवाल: 'रज्जो' जैसा खतरनाक किरदार निभाने की तैयारी कैसे की? जवाब: जब मैंने पहली बार स्क्रिप्ट पढ़ी, तो मैं भावुक हो गया। कहानी इतनी गहरी और क्रूर थी कि पढ़ते-पढ़ते ही उसका असर महसूस होने लगा। इसके बाद मैंने रमनदीप को अलग रख दिया और सिर्फ रज्जो के बारे में सोचना शुरू किया। मैं चाहता था कि रज्जो की चाल, आवाज, सोच, आदतें और व्यवहार अलग हो। थिएटर की वजह से मुझे किरदार तैयार करने की आदत है। मैं सिर्फ डायलॉग याद नहीं करता, बल्कि यह भी सोचता हूं कि वह क्या खाता होगा, कैसे चलता होगा, किस तरह बात करता होगा और दुनिया को किस नजर से देखता होगा। खुशकिस्मती से इस शो के लिए 12 दिन की एक्टिंग वर्कशॉप मिली। उससे किरदार को समझने में काफी मदद मिली। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे मुश्किल सीन कौन-सा था? जवाब: दो सीन मेरे लिए सबसे मुश्किल थे। पहला वह, जिसमें रज्जो साहिल को पहली बार मारता है। उस दिन मैं पूरी तरह किरदार में डूब चुका था। कई टेक देने के बाद सच में ऐसा लग रहा था जैसे मैंने किसी को मार दिया हो। आधे दिन तक सेट पर होकर भी खुद में नहीं था। दूसरा सीन वह था, जब रज्जो साहिल की बॉडी ठिकाने लगाने जाता है। वहां भी मैं पूरी तरह किरदार की मानसिक स्थिति में था। मेरी कोशिश थी कि रज्जो सिर्फ खलनायक न लगे। मैं चाहता था कि दर्शक उसके अंदर का इंसान भी देखें। वह गलत इंसान है, लेकिन उसके फैसलों के पीछे भी एक मानसिकता है। मैंने उसी सोच के साथ यह किरदार निभाया। सवाल: 'राख' रिलीज होने के बाद दर्शकों से किस तरह का रिस्पॉन्स मिल रहा है? जवाब: दर्शकों का रिस्पॉन्स उम्मीद से बेहतर मिला है। लोग कहते हैं कि मैंने किरदार बहुत अच्छी तरह निभाया है। कई लोग यह भी कहते हैं कि अगर हमारे आस पास होते तो पक्का मार देते। मेरे लिए यह सबसे बड़ा कॉम्प्लीमेंट है, क्योंकि इसका मतलब है कि लोग मेरे किरदार से नफरत कर रहे हैं। यानी मैंने अपना काम ईमानदारी से किया है।
हेमा मालिनी का म्यूजिकल कॉन्सर्ट 60 वर्षीय फिल्मी सफर और धर्मेंद्र को समर्पित
भाजपा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने अपने आगामी म्यूजिकल कॉन्सर्ट को लेकर बात की
मशहूर कहावत है कि ‘दूसरा मौका सिर्फ कहानियां देती हैं, जिंदगी नहीं’, लेकिन बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने ये कहावत गलत साबित कर दी। दो नाकाम शादियों के बाद आमिर ने जिंदगी को नया मौका दिया है और आज वो 61 की उम्र में गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से शादी कर रहे हैं। दोनों आमिर के घर में रजिस्टर्ड मैरिज करेंगे, जिसमें परिवार के लोगों के अलावा चुनिंदा करीबी दोस्त शामिल होंगे। आमिर की पूर्व पत्नियां रीना दत्ता और किरण भी इस शादी में पहुंच सकती हैं। आमिर की पिछली दो शादियां भले ही नाकाम रहीं, लेकिन वो आज भी दोनों को जिंदगी के अहम किरदार मानते हैं। आमिर महज 20 साल के थे, जब उन्हें पड़ोस में रहने वालीं रीना से प्यार हो गया। तब वो फिल्मों में नहीं आए थे। घरवालों से चोरी-छिपे मुलाकात होना और घरवालों का गुस्सा, आमिर के खाते में आया। उन्होंने हार नहीं मानी और फिल्मी हीरो की तरह दुनिया की नजरों से छिपकर कोर्ट में शादी कर ली, जिसमें 10 रुपए खर्चा आया। दोनों कानूनी तौर पर पति-पत्नी बने, लेकिन दुनिया की नजरों में अपनी-अपनी जिंदगी जीते थे। संघर्ष लंबा रहा, लेकिन फिर दुनिया उनके प्यार के आगे झुकी और उनके रिश्ते को स्वीकार कर लिया। दोनों के 2 बच्चे आयरा और जुनैद हुए। शादी के 15 साल बाद ये रिश्ता टूट गया। आमिर के लिए ये असहनीय था। उन्होंने शराब का सहारा लिया और खुद को दुनिया से छिपा लिया, लेकिन कभी पहली पत्नी रीना और परिवार पर आंच नहीं आने दी। कुछ समय बाद आमिर की जिंदगी में एक रोज किरण राव की एंट्री हुई, जो उन्हीं की फिल्म की असिस्टेंट डायरेक्टर थीं। न कोई प्यार-मोहब्बत की बातें हुईं, न इजहार, न फैंसी डेट और न कोई प्लानिंग। कहानी महज एक आधे घंटे के कॉल से शुरू हुई। और फिर क्या था चट मंगनी और पट ब्याह। इस शादी से एक बेटा आजाद हुआ, लेकिन 2021 में दोनों ने अपनी-अपनी जिंदगियों को अहमियत देते हुए शादी तोड़ दी। लेकिन दोस्ती और एहसास बरकरार रहा। अब आमिर 61 की उम्र में गौरी स्प्रैट से शादी कर रहे हैं। गौरी तलाकशुदा हैं, जिनकी पिछली शादी से एक बेटा है। आज आमिर की तीसरी शादी के खास मौके पर, जानिए उनकी जिंदगी के इन 3 सबसे अहम चैप्टर्स की कहानी- आमिर महज 20 साल के थे। वो बॉम्बे की जिस बिल्डिंग के चौथे माले पर रहते थे, उसके ठीक सामने एयर इंडिया की बिल्डिंग थी। दोनों का फासला महज 100 मीटर था। एक दिन खिड़की पर खड़े आमिर की नजर सामने की बिल्डिंग की खिड़की पर पड़ी। सामने उन्हें गोरी-खूबसूरत लड़की दिखी। पहली नजर में ही आमिर को वो लड़की इस कदर पसंद आई कि उनका ज्यादातर समय खिड़की पर ही कटने लगा। कुछ दिनों बाद आमिर ने गौर किया कि वो लड़की भी देर तक खिड़की पर ही दिखती है, कहीं उसे भी वो पसंद तो नहीं करती। आमिर की शिल्पा नाम की दोस्त भी उसी बिल्डिंग में रहती थी। आमिर ने नाम पता किया, जो था रीना दत्ता। आमिर ने एक दिन शिल्पा से कहा- मुझे वो लड़की बहुत पसंद है, लेकिन वो हमेशा भीड़ में रहती है। वो तुम्हारी दोस्त है, उसे दुकान से सामान लेने के बहाने साथ लेकर निकलो और बुक्स लेने के बहाने मेरे घर ले आना। ठीक ऐसा ही हुआ, शिल्पा, रीना को आमिर के घर ले आईं। तीनों बेडरूम में बैठे और फिर शिल्पा, विक्की नाम के दोस्त से अर्जेंट काम के बहाने 2 मिनट का समय मांगकर वहां से निकल गईं। आमिर ने रीना को सच बता दिया कि इस कमरे में होना कोई संयोग नहीं बल्कि प्लान है। जवाब मिला- मैं समझ गई थी। आमिर ने झट से कहा- रीना, मैं आपको बहुत पसंद करता हूं। जवाब मिला- मुझे कोई इंट्रेस्ट नहीं। आमिर ने दबाव देकर पूछा, तब भी रीना ने यही कहा- मुझे दोस्ती नहीं करनी, कभी आगे फैसला बदला तो जरूर बताऊंगी। आमिर उदास हो गए और बस इतना ही कहा- चलो अब हम भी विक्की के घर ही चलते हैं। कुछ दिन बाद आमिर ने दोस्त के जरिए फिर रीना को मैसेज भेजा कि वो उनसे बस एक बार मिलना चाहते हैं। बात बन गई। आमिर ने रीना को कॉलेज से पिक किया और कैफे ले गए। आमिर ने सीधे पूछा- मुझे यकीन नहीं होता कि आप मुझे पसंद नहीं करतीं। अगर ऐसा है, तो आप घंटों मुझे देखते हुए खिड़की पर क्यों खड़ी रहती थीं। रीना का जवाब शॉकिंग था, उन्होंने कहा- बस ऐसे ही फन के लिए। आमिर का दिल टूट गया, उन्हों खिड़की पर जाना ही बंद कर दिया। एक महीने बाद बस स्टॉप के पास उनका रीना से सामना हुआ। आमिर हाय-हैलो कर आगे बढ़ गए कि पीछे से आवाज आई- आमिर। वो पलटे तो रीना घबराई हुई पास आईं और कहा- मुझे तुमसे जरूरी बात करनी है। उन्होंने कहा- बताओ। रीना ने कहा- यहां नहीं, कल घर आऊंगी। 7 सितंबर 1985 को घर आते ही रीना ने कहा- मैं भी तुम्हें पसंद करती हूं। मैं उस दिन डर गई थी। पेरेंट्स स्ट्रिक्ट हैं, इसलिए न कहा था। रिश्ता शुरू हुआ। दोनों खिड़कियों से इशारों में बात करते और मौका पाते ही टेलीफोन पर बातें करते। 1986 की 1 जनवरी को रीना और आमिर ने आधे घंटे कॉल पर बात की और रीना की मम्मी ने एक्सेंटशन फोन से पूरी बात सुन ली। आमिर को घर बुलाया गया। रीना की मां ने आमिर को डांटकर भगा दिया और कहा कि 2 दिन बाद रीना के पिता बात करेंगे। जब तक आमिर घर पहुंचे, सारी खिड़कियां बंद कर दी गईं। रीना को घर में बंद कर दिया गया। 4-5 दिन बाद एक रोज आमिर ने एक आधी खुली खिड़की से रीना को रोते देखा और आग बबूला हो गए। उन्होंने कॉल कर रीना की मां से मिन्नतें कीं, लेकिन बात नहीं बनी। कुछ दिन बाद रीना के छोटे भाई-बहन आमिर को समझाने पहुंचे कि रीना से दूर रहो। उल्टा गुस्से में आमिर रीना के घर पहुंच गए। रीना के मां-बाप ने धमकी दी कि मेरी बेटी से दूर रहो वर्ना टांगे तुड़वा दी जाएंगी। आमिर घर लौटे। कुछ दिनों बाद रीना को कॉलेज जाने की परमिशन मिली। खबर मिलते ही आमिर कॉलेज पहुंचे और रीना से पूछा कि क्या वो साथ रहना चाहती हैं। रीना की हामी मिलते ही आमिर को तसल्ली हुई। घरवालों से छिपकर बात करने के लिए दोनों सड़क पर रोज एक सीक्रेट स्पॉट पर लेटर छोड़ने लगे। कुछ दिनों आमिर ने खत में घरवालों से छिपकर शादी करने का प्रस्ताव दिया। शादी सिर्फ इसलिए, जिससे रीना के घरवाले उनकी कहीं और शादी न करवा सकें। रीना ने एक दिन का समय मांगा और हां कर दिया। आमिर ने दोस्त सत्या के घर जाकर स्पेशल मैरिज एक्ट पढ़ा। अब दिक्कत ये थी कि फरवरी 1986 में आमिर महज 20 के थे, जबकि शादी की लीगल उम्र 21 साल थी। 14 मार्च 1986 को आमिर 21 के हुए और अगले दिन जाकर उन्होंने शादी के लिए एप्लीकेशन दे दी। एक महीने बाद 15 अप्रैल को एप्लीकेशन वैलिड हुई, लेकिन 16-17 को वीकेंड होने की वजह से 18 अप्रैल को दोनों चोरी-छिपे मैरिज रजिस्टार के दफ्तर पहुंचे और शादी की। आमिर का भाई फैसल, दोस्त विक्की, सत्या और स्वाति गवाह बने। शादी के बाद दोनों अपने-अपने घर चले गए। 8 महीने तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन फिर एक दिन भावनाओं में बहकर रीना ने छोटी बहन अन्नू को शादी की बात बता दी। उस दिन रीना के पेरेंट्स चेन्नई गए हुए थे। छोटी बहन ने तुरंत कॉल कर उन्हें सारी बात बता दी। पेरेंट्स अगले दिन लौटने वाले थे। आमिर बहुत डर गए। वो रीना को घर ले आए और अपने घरवालों को इकट्ठा किया। सबको लगा कि आमिर अपनी गर्लफ्रेंड से मिलवाएंगे, लेकिन रोते-बिलखते आमिर ने कहा- मैंने शादी कर ली है। सन्नाटा पसर गया। औरतें रोने लगीं। आमिर भी खूब रो रहे थे। तभी पिता पास आए और गले लगाकर कहा- अब तो शादी हो गई, अब क्यों रो रहे हो। आमिर ने कहा- रीना के घरवाले आज बॉम्बे आ रहे हैं, उन्हें भी अभी पता चला है। उनका क्या करेंगे। पिता ने कहा, वो रीना के पेरेंट्स से बात करेंगे। रीना ने घर पर कॉल किया, तो जवाब मिला- घर आने और मिलने की जरुरत नहीं है। रीना फिर घर नहीं गईं। 4 महीने बाद रीना के पिता की तबीयत बिगड़ी तो रीना आमिर के साथ हॉस्पिटल पहुंचीं। पिता ने बात नहीं की, लेकिन आमिर ने पैर छुआ तो उन्होंने चेहरा हिलाकर आशीर्वाद दिया। कुछ दिनों बाद जब वो डिस्चार्ज हुए, तो आमिर घर जाने लगे। एक दिन खाना खाते हुए उन्होंने आमिर से कहा- मुझे पहले ही तुम से मिल लेना था। रीना के लिए तुमसे अच्छा लड़का मुझे कभी नहीं मिलता। शादी के कुछ समय बाद ही आमिर खान की फिल्म कयामत से कयामत तक रिलीज हुई, जिससे वो स्टार बन गए। आमिर ने स्टारडम पर असर न पड़े, इसलिए शुरुआती कुछ सालों तक उन्होंने शादी राज रखी। इस शादी से उन्हें दो बच्चे आयरा और जुनैद हुए। हालांकि, बढ़ते स्टारडम के साथ आमिर का परिवार को समय देना मुश्किल होता चला गया। यही वजह रही कि रीना ने 2001 में आमिर का घर छोड़कर चली गईं। इसी साल आमिर की लगान रिलीज हुई, जो ब्लॉकबस्टर रही। रीना इसकी को-प्रोड्यूसर थीं। आमिर ने अपना ड्राइवर और कुक रीना और बच्चों के साथ भेजा और अकेले रहने लगे। तलाक से आमिर इस कदर टूट गए कि कभी शराब को हाथ न लगाने वाले आमिर शराबी बन गए। करीब डेढ़ साल तक आमिर रोज इतनी शराब पीते थे, जिससे उन्हें नींद आ जाए। उन्होंने काम करना भी लगभग बंद कर दिया। जूही चावला, अनिल कपूर जैसे कई दोस्त उन्हें सहारा देने घर भी पहुंचते थे। एक साल अलग रहने के बाद 2002 में दोनों का आधिकारिक तौर पर तलाक हुआ और बच्चों की कस्टडी रीना को मिल, लेकिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को बच्चे 2 से 6 बजे तक आमिर से मिलने आते थे। सिर्फ यही वो समय था, जब आमिर शराब छूते तक नहीं थे। आमिर खान की किरण राव से पहली मुलाकात फिल्म लगान के सेट पर हुई। किरण राव मिडिल क्लास परिवार से ताल्लुक रखती थीं, जो लगान के डायरेक्टर आशूतोष गोवारिकर की असिस्टेंट डायरेक्टर थीं। तब दोनों ने एक-दूसरे को ज्यादा तवज्जो नहीं दी। कुछ समय बाद आमिर ने कोकाकोला एड में काम किया, जिसे आशूतोष ने डायरेक्टर और किरण ने असिस्टेंट डायरेक्ट किया था। 2003 में काम के सिलसिले में आमिर-किरण की बातचीत होने लगी। फिर आया साल 2004, आमिर खान महाराष्ट्र के मेनावली में केतन मेहता के निर्देशन की फिल्म मंगल पांडे की शूटिंग कर रहे थे, ठीक इसी जगह शाहरुख की फिल्म स्वदेश की भी शूटिंग चल रही थी, जिसे आशूतोष गोवारिकर बना रहे थे। मेनावली गांव में शूटिंग के दौरान अक्सर किरण और आमिर की बातें होने लगीं। वो कभी-कभी साथ ड्राइव पर जाते थे। एक रोज किरण ने आमिर को काम के सिलसिले में कॉल किया। आधे घंटे की बातचीत के बाद आमिर ने खुशी महसूस की और उन्होंने किरण के साथ रहने का फैसला कर लिया। जल्द ही दोनों रिलेशनशिप में आ गए और एक-दूसरे को समझने के लिए लिव-इन में रहने लगे। किरण राव के परिवार को जब इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने इस रिश्ते का विरोध किया। आमिर, किरण से 8 साल बड़े थे, तलाकशुदा थे और दो बच्चों के पिता थे। किरण ने परिवार के खिलाफ जाकर 28 दिसंबर 2005 में आमिर से सिविल मैरिज की। मुंबई के पंचगनी में 2 दिनों का सेलिब्रेशन रखा गया और महेरबाई हाउस नाम के पारसी बंगले में उनका रिसेप्शन हुआ। किरण ने 2011 में फिल्म धोबी घाट से डायरेक्टोरियल डेब्यू किया, जिसमें आमिर खान लीड रोल में थे। इसी साल किरण सरोगेसी की मदद मां बनीं। उनके बेटे का नाम आजाद राव खान रखा गया। किरण, आमिर खान प्रोडक्शन से जुड़ी रहीं। साल 2021 में आमिर और किरण ने मिलकर खुशी-खुशी एक वीडियो के जरिए तलाक की अनाउंसमेंट की। दोनों ने कहा कि वो हमेशा दोस्त रहेंगे और मिलकर बेटे आजाद की परवरिश करेंगे। तलाक के बाद भी दोनों पूर्व पत्नियों को देते हैं अहमियत आमिर खान, तलाक के बाद भी रीना दत्ता और किरण राव को पूरा सम्मान देते हैं। 2024 में हुई बेटी आयरा की शादी में आमिर खान ने रीना के साथ मिलकर पूरी जिम्मेदारियां उठाईं और किरण राव भी बेटे आजाद के साथ हर फंक्शन में बराबर की भागीदार रहीं। देखिए, पूर्व पत्नियों के साथ आमिर की तस्वीरें- किरण राव से अलग होने के बाद आमिर खान ने थैरेपी लेनी शुरू की और फिल्म लाल सिंह चड्ढा से कमबैक किया। फिल्म खास नहीं चली और आमिर ने एक्टिंग से ब्रेक लेने की अनाउंसमेंट कर दी। 2025 में आमिर खान ने 60वें जन्मदिन के मौके पर मीडिया और पैपराजी को इनवाइट किया और बताया कि वो एक बड़ी अनाउंसमेंट करने वाले हैं। हर कोई इस उम्मीद में पहुंचा कि आमिर नई फिल्म पर बात करेंगे, लेकिन बात कुछ और ही थी। आमिर ने केक काटने के बाद सबसे गौरी स्प्रैट का परिचय करवाया, आमिर की गर्लफ्रेंड। शुरुआत में गौरी की तस्वीरें क्लिक करने से रोका गया, लेकिन जल्द ही दोनों पब्लिकली साथ स्पॉट होने लगे। आमिर खान ने बताया कि वो गौरी को पिछले 25 सालों से जानते थे, लेकिन 2024 में दोनों की कॉमन लोगों की मदद से फिर बातचीत शुरू हुई और फिर दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। गौरी स्प्रैट बैंग्लोर की रहने वालीं हैं, जिनका पिछली शादी से एक 8 साल का बेटा है। आमिर ने कहा- अब जाकर मुकम्मल हुआ आमिर खान ने गौरी से रिश्ते पर बात करते हुए कहा था, मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे गौरी मिलीं और हमारा रिश्ता शुरू हुआ। वह बेहतरीन हैं और उनके साथ मुझे बहुत शांति मिलती है। हालांकि रीना दत्ता और किरण राव के साथ भी मेरा रिश्ता बहुत गहरा था, लेकिन चीजें आगे नहीं बढ़ पाईं। मैं खुद को खुशनसीब मानता हूं कि गौरी मेरी जिंदगी में आईं। मुझे लगता है, अब जाकर मैं मुकम्मल हुआ हूं।
एक लड़का, जो बचपन से ही फिल्मों का दीवाना था और जब उसने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा, तो उसे शुरुआत में कई रिजेक्शन झेलने पड़े। कास्टिंग काउच जैसे कड़वे अनुभवों का भी सामना करना पड़ा। यहां तक कि एक दिन जब वह काम की तलाश में अपना पोर्टफोलियो लेकर एक प्रोड्यूसर के घर पहुंचा, तो प्रोड्यूसर ने उसके पीछे कुत्ता छोड़ दिया। वही लड़का आज बॉलीवुड के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक है। उसने अपने करियर में 'धुरंधर', 'धुरंधर 2', 'पद्मावत' और 'बाजीराव मस्तानी' जैसी कई सुपरहिट फिल्में दीं। जी हां, हम बात कर रहे हैं रणवीर सिंह की। उनके बर्थडे के खास मौके पर आइए, उनकी जिंदगी को करीब से जानते हैं किस्सा-1 क्रिकेटर बनना चाहते थे; अमरनाथ ने कर दिया था रिजेक्ट सातवीं क्लास में रणवीर ने एक स्कूल मैच में सिर्फ 46 गेंदों पर 71 रन बना दिए। इस शानदार पारी के बाद उन्होंने क्रिकेटर बनने का फैसला किया। अपने दोस्तों के साथ उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहिंदर अमरनाथ की क्रिकेट अकादमी में ट्रायल देने का मन बनाया। रणवीर ने साल 2017 में फिल्म '83' के एक इवेंट में यह किस्सा सुनाया था। उन्होंने कहा, ‘मेरे दोस्त क्रिकेट को लेकर काफी सीरियस थे और समय पर पहुंच गए, लेकिन मैं देर से पहुंचा। अमरनाथ सर पिच के पास खड़े थे। उन्होंने मुझे देर से आने और मेरा खेल देखने के बाद रिजेक्ट कर दिया। उस दिन उन्होंने मुझे रिजेक्ट करके बिल्कुल सही फैसला किया, वरना आज मैं यहां एक एक्टर के रूप में नहीं बैठा होता।’ दादी ने एक्टर बनने का सपना दिखाया था रणवीर सिंह की दादी चांद बर्क 1950 और 1960 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस थीं। उन्होंने राज कपूर की फिल्म 'बूट पॉलिश' से हिंदी सिनेमा में अपनी पहचान बनाई और नरगिस, राज कपूर समेत कई बड़े सितारों के साथ काम किया। इसके अलावा वह 'बसंत बहार', 'सोहनी महिवाल', 'लाजवंती', 'अदालत' और 'दुश्मन' जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। सिमी ग्रेवाल को दिए एक इंटरव्यू में रणवीर सिंह ने बताया था कि सबसे पहले उनकी दादी ने ही उनके भीतर एक्टर बनने का सपना जगाया था। उन्होंने कहा था कि उनके अंदर एक्टर बनने का कीड़ा सबसे पहले उनकी दादी ने ही डाला था। शाहरुख की फिल्म के गाने की वजह से सस्पेंड हुए थे रणवीर साल 1998 में फिल्म 'दिल से' रिलीज हुई थी और उसका सुपरहिट गाना 'छैंया-छैंया' हर किसी की जुबान पर था। उस समय रणवीर सिंह करीब 13 साल के थे और स्कूल में पढ़ते थे। शाहरुख के जबरदस्त फैन रहे रणवीर पर इस गाने का ऐसा जादू चला कि वह खुद को इसे सुनने से रोक नहीं पाए। एक दिन रणवीर क्लासरूम में चुपके से वॉकमैन पर 'छैंया-छैंया' सुन रहे थे और पूरी तरह गाने में खोए हुए थे। लेकिन उनकी यह शरारत ज्यादा देर तक छिप नहीं सकी। तभी उनकी टीचर ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। क्लास में पढ़ाई के दौरान गाना सुनना स्कूल के नियमों के खिलाफ था। अनुशासन तोड़ने पर स्कूल प्रशासन ने सख्त कदम उठाया और रणवीर सिंह को कुछ दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया। रणवीर सिंह और धर्मेंद्र की बेटी अहाना देओल एक समय रिलेशनशिप में थे। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे, जहां उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों करीब 4 से 5 साल तक रिश्ते में रहे। रणवीर ने 'कॉफी विद करण' में बिना नाम लिए खुलासा किया था कि उनकी कॉलेज गर्लफ्रेंड ने अभिनेता आदित्य रॉय कपूर के लिए उनसे ब्रेकअप कर लिया था। प्रोड्यूसर ने रणवीर का पालतू कुत्ता पीछे छोड़ दिया आज रणवीर सिंह सुपरस्टार हैं, लेकिन संघर्ष के दिनों में उन्हें कई कड़वे अनुभवों से भी गुजरना पड़ा। 19वें माराकेश फिल्म फेस्टिवल के 'इन कन्वर्सेशन विद…' सेशन में उन्होंने एक ऐसा किस्सा शेयर किया था। रणवीर ने बताया था कि एक बार वह काम की तलाश में अपना पोर्टफोलियो लेकर एक प्रोड्यूसर से मिलने उनके घर पहुंचे थे। वह बरामदे में बैठकर घंटों इस उम्मीद में इंतजार करते रहे कि शायद उनसे मिलने का मौका मिल जाए, लेकिन अंदर वह अपने दोस्तों के साथ बीयर पी रहे थे और मौज-मस्ती कर रहे थे। रणवीर के मुताबिक, उस व्यक्ति ने मजा करने के लिए अपने पालतू कुत्ते को उनके पीछे छोड़ दिया। अचानक बड़ा सा कुत्ता उनकी तरफ दौड़ पड़ा और वह डर के मारे पूरे बरामदे में भागने लगे। रणवीर ने कहा, मैं बुरी तरह डर गया था। सोचिए, एक संघर्ष कर रहे कलाकार के साथ ऐसा मजाक किया गया। हालांकि, उन्होंने उस प्रोड्यूसर का नाम नहीं बताया था। सगाई को तीन साल तक सीक्रेट रखा साल 2015 में रणवीर सिंह ने दीपिका पादुकोण को शादी के लिए प्रपोज किया था। उस वक्त दोनों ने अपनी सगाई की बात दुनिया से छिपाकर रखी और करीब तीन साल तक यह राज सिर्फ परिवार के कुछ लोगों तक ही सीमित रहा। करण जौहर के शो में रणवीर ने बताया था कि उस समय उन्होंने अपनी मां और बहन की मदद से एक खूबसूरत डायमंड रिंग खरीदी थी। वह रिंग उनकी हैसियत से कहीं ज्यादा महंगी थी, लेकिन उनके लिए दीपिका की खुशी सबसे बढ़कर थी। हॉलिडे के दौरान रणवीर ने तय किया कि प्रपोज करने का यही सही मौका होगा। मालदीव में समुद्र के बीचों-बीच एक छोटी-सी रेतीली जगह थी। चारों तरफ सिर्फ नीला पानी था और दूर-दूर तक कोई नहीं था। नाव उन्हें वहां छोड़कर चली गई। रणवीर को लगा कि इससे बेहतर पल शायद कभी नहीं मिलेगा। उन्होंने बाद में मजाक में यह भी स्वीकार किया था कि उन्होंने जानबूझकर इतना परफेक्ट माहौल चुना था, ताकि दीपिका के लिए उन्हें 'न' कहना लगभग नामुमकिन हो जाए। रणवीर घुटनों के बल बैठे, दीपिका को अंगूठी पहनाई और अपने दिल की बात कह दी। दीपिका इस सरप्राइज के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थीं। उनकी आंखें नम हो गईं और उन्होंने मुस्कुराते हुए 'हां' कह दिया। उस एक जवाब ने रणवीर को ऐसा एहसास कराया, मानो उन्होंने पूरी दुनिया जीत ली हो। तीन साल बाद, नवंबर 2018 में इटली के लेक कोमो में दोनों ने शादी की। सितंबर 2024 में उनकी बेटी दुआ का जन्म हुआ। रणवीर सिंह साल 2014 में ड्यूरेक्स के ब्रांड एम्बेसडर बने थे। इस दौरान उन्होंने सेक्स एजुकेशन को लेकर भी खुलकर बात की थी। जीक्यू इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में रणवीर ने बताया था कि ड्यूरेक्स के विज्ञापन का कॉन्सेप्ट उन्होंने खुद तैयार किया था। रणवीर ने कहा था, “मैंने ड्यूरेक्स को खुद फोन किया और कहा कि मैं उनके साथ काम करना चाहता हूं। कोई बड़ा सेलिब्रिटी कंडोम ब्रांड का प्रचार नहीं करता, लेकिन मैंने सोचा, क्यों न मैं यह करूं?” इंटरव्यू के दौरान रणवीर ने यह भी कहा था कि वह 12 साल की उम्र से ही ड्यूरेक्स का इस्तेमाल कर रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि 12 साल की उम्र में ऐसा कौन करता है, तो रणवीर ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया, 14 साल की लड़की! 'बेफिक्रे' में रणवीर ने वाणी को 23 बार किस किया था फिल्म 'बेफिक्रे' में रणवीर सिंह और वाणी कपूर के बीच कुल 23 किसिंग सीन फिल्माए गए थे। नवंबर 2016 में जब दोनों अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए 'द कपिल शर्मा शो' (एपिसोड 63) में पहुंचे, तब इन 23 किसिंग सीन्स को लेकर शो में खूब हंसी-मजाक हुआ। बातचीत के दौरान रणवीर ने शूटिंग का एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा था, “शूटिंग के दौरान मैं तो थक गया था यार, वाणी को किस करते-करते।” रणवीर ने बताया कि लगातार इतने किसिंग सीन शूट करते-करते यह सब उनके लिए रोजमर्रा का हिस्सा बन गया था। कभी दाईं तरफ से शॉट देना होता, कभी बाईं तरफ से, फिर रीटेक... देखते-देखते पूरा प्रोसेस एक रूटीन जैसा हो गया था। वहीं, वाणी ने कहा था कि एक समय ऐसा आ गया था जब उन्हें इन सीन्स से कोई फर्क ही नहीं पड़ता था। दोनों इतने सहज हो गए थे कि कई बार खाना खाने के तुरंत बाद भी बिना किसी खास तैयारी के शूटिंग शुरू कर देते थे। 'पद्मावत' के एक सीन के लिए रजा मुराद ने रणवीर को 24 थप्पड़ मारे थे फिल्म 'पद्मावत' की शूटिंग के दौरान एक सीन में रजा मुराद को रणवीर सिंह को थप्पड़ मारना था। आमतौर पर ऐसे सीन एक-दो टेक में पूरे हो जाते हैं, लेकिन निर्देशक संजय लीला भंसाली अपनी बारीकी और परफेक्शन के लिए जाने जाते हैं। इसलिए इस सीन को बेहतरीन ढंग से फिल्माने के लिए उन्होंने कई रीटेक करवाए। हर रीटेक में रजा मुराद को रणवीर को थप्पड़ मारना पड़ा। नतीजा यह हुआ कि रणवीर ने इस एक सीन के लिए 24 थप्पड़ खाए। आखिरकार सीन तो ओके हो गया, लेकिन रणवीर के गालों की लाली लंबे समय तक नहीं गई। 'धुरंधर 2' में 48 डिग्री की गर्मी में लेदर जैकेट और विग पहन की थी शूटिंग रणवीर की ब्लॉकबस्टर फिल्में 'धुरंधर' और 'धुरंधर 2' ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया। दोनों फिल्मों ने दुनिया भर में ₹3000 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर नया रिकॉर्ड बनाया। लेकिन पर्दे पर दिखने वाले इन दमदार दृश्यों के पीछे रणवीर की कड़ी मेहनत और समर्पण छिपा था। 'धुरंधर 2' के क्लाइमेक्स की शूटिंग किसी चुनौती से कम नहीं थी। 47–48 डिग्री की झुलसाती गर्मी, चारों ओर तपते मेटल कंटेनर, भारी पठानी सूट, लेदर जैकेट और सिर पर विग पहनकर रणवीर ने लगातार शूटिंग की। मेकअप और प्रोस्थेटिक आर्टिस्ट करनदीप सिंह ने बताया था कि सिर्फ इस क्लाइमेक्स सीन की तैयारी में, रिहर्सल समेत, 15 से 20 दिन लगे। लुधियाना के बाहरी इलाके में फिल्माए गए इस एक्शन सीक्वेंस में रणवीर को जलते कंटेनरों पर छलांग भी लगानी पड़ी। हालात इतने मुश्किल थे कि पूरी टीम के लिए खाना खाना तक आसान नहीं था। इसके बावजूद रणवीर ने बिना किसी शिकायत के हर सीन पूरे डेडिकेशन और भरपूर एनर्जी के साथ पूरा किया। ________________________ बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें.... धर्मेंद्र ने कॉलर पकड़ी तो राजकुमार ने छोड़ी फिल्म:बप्पी लाहिड़ी के गहने देखकर बोले- मंगलसूत्र भी पहन लो, अमिताभ के सूट को पर्दा कहा ये कौन हैं? सलमान खान का सवाल सुनते ही जवाब आया- जानी…, अपने अब्बा से जाकर पूछना, हम कौन हैं। यही थे राजकुमार। वो अभिनेता, जो फ्लॉप फिल्म के बाद भी अपनी फीस बढ़ा देते थे। कहते थे- ‘मेरी पिक्चर चले न चले, मैं फेल नहीं हुआ। कभी बप्पी लाहिड़ी के गहने पहनने का सरेआम मजाक बना देते थे, तो कभी गोविंदा जैसे कलाकारों की शर्ट काटकर रूमाल बना लेते थे। पूरी खबर पढ़ें....
नचिकेत सामंत द्वारा निर्देशित हिंदी क्राइम-थ्रिलर फिल्म 'बेबी डू डाई डू' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। इसी को लेकर मूवी की लीड कास्ट एक्ट्रेस हुमा कुरैशी, रचित सिंह और मरूधर शेखावत ने शनिवार को आईएएनएस से बात की और कई दिलचस्प बातें बताईं
सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी एक्ट्रेस इकरा अजीज के नाम से एक पोस्ट वायरल है। इसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने आलिया भट्ट और शरवरी स्टारर फिल्म अल्फा देखने की अपील की और लिखा कि 'अल्फा, धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब है।' साथ ही YRF का शुक्रिया भी अदा किया। हालांकि, पड़ताल में यह दावा गलत निकला। क्या है वायरल दावा? सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म्स पर इकरा अजीज के नाम और तस्वीर के साथ पोस्ट शेयर किया जा रहा है। दावा है कि उन्होंने लिखा, Alpha जरूर देखिए। यह धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब है। शुक्रिया YRF। इसी पोस्ट के आधार पर कई यूजर्स इकरा अजीज को ट्रोल कर रहे हैं और इसे सच मानकर शेयर भी कर रहे हैं। फैक्ट चेक में क्या सामने आया? दैनिक भास्कर की पड़ताल में इस दावे की पुष्टि नहीं हुई। इकरा अजीज के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अल्फा या YRF को लेकर ऐसा कोई पोस्ट नहीं मिला। YRF से जुड़े सूत्रों ने भी इस पोस्ट को फर्जी बताया। उनके मुताबिक, इसे ट्रोलिंग और गलत जानकारी फैलाने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसका YRF या फिल्म अल्फा के प्रमोशन से कोई संबंध नहीं है। एडिटेड स्क्रीनशॉट होने की आशंका वायरल तस्वीर का फॉर्मेट ऐसा है, जिसे आसानी से एडिट किया जा सकता है। फिलहाल ऐसा कोई विश्वसनीय सबूत नहीं मिला कि यह पोस्ट इकरा अजीज के आधिकारिक अकाउंट से किया गया था। इसलिए इसे प्रमाणिक नहीं माना जा सकता। निष्कर्ष दावा: इकरा अजीज ने 'Alpha' देखने की अपील की और इसे 'धुरंधर का पाकिस्तान की तरफ से जवाब' बताते हुए YRF का धन्यवाद किया। सच्चाई: पड़ताल में दावा फर्जी निकला। इकरा अजीज के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसा कोई पोस्ट नहीं मिला। YRF सूत्रों ने भी पोस्ट को फेक बताते हुए कहा कि इसे ट्रोलिंग और गलत जानकारी फैलाने के उद्देश्य से वायरल किया जा रहा है। बता दें कि YRF की स्पाई थ्रिलर ‘अल्फा’ 3 जुलाई 2026 को रिलीज हुई। यह स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल-लीड फिल्म है, जिसमें दो महिला जासूस मुख्य भूमिका में हैं। YRF स्पाई यूनिवर्स में पहले एक था टाइगर, टाइगर जिंदा है, वॉर, पठान और टाइगर 3 जैसी फिल्में आ चुकी हैं। ‘अल्फा’ इस फ्रेंचाइजी की पहली फीमेल-लीड फिल्म है। ‘अल्फा’ एक स्पाई एक्शन थ्रिलर है, जिसमें एक लड़की बचपन से खतरनाक मिशनों के लिए तैयार की जाती है और आगे चलकर देश के जोखिम भरे ऑपरेशन्स का हिस्सा बनती है। फिल्म में आलिया भट्ट, शरवरी, बॉबी देओल, अनिल कपूर और आर. माधवन प्रमुख भूमिकाओं में हैं। कुछ सरप्राइज कैमियो भी शामिल हैं। फिल्म का निर्देशन शिव रवैल ने किया है, जबकि निर्माण आदित्य चोपड़ा और YRF ने किया है।
मेरी मां एक्टिंग करियर को लेकर बहुत उत्साहित नहीं थीं: विद्या बालन
मुंबई, हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री विद्या बालन ने बताया कि जब वह टीवी शो 'हम पांच' का हिस्सा थी तो उनकी मां का क्या रिएक्शन था। विद्या बालन हाल ही में 'द अनुपम खेर शो : कुछ भी हो सकता है' में शामिल हुईं।
जायद खान फिल्म को 'मैं हूं ना' से मिली पहचान
नई दिल्ली, बॉलीवुड में हर साल कई नए चेहरे आते हैं। कुछ देखते ही देखते सुपरस्टार बन जाते हैं तो कुछ अच्छी शुरुआत के बावजूद भीड़ में कहीं खो जाते हैं। जायद खान उन सितारों में शामिल हैं जिन्होंने बड़े सपनों और शानदार लॉन्च के साथ फिल्मी दुनिया में कदम रखा, लेकिन सफलता उनके साथ ज्यादा दूर तक नहीं चल सकी।
पंकज पाराशर की ओटीटी सीरीज में अभिनेत्री शीना चौहान निभाएंगी निगेटिव किरदार
मुंबई, निर्देशक पंकज पाराशर ने अपनी आगामी ओटीटी सीरीज में अभिनेत्री शीना चौहान की नकारात्मक भूमिका को लेकर बातचीत की।
‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी और ‘द पिरामिड स्कीम’ में अभिनय से चर्चा में आए इंद्रेश मलिक ने दैनिक भास्कर से बातचीत में करियर, संघर्ष और निजी जिंदगी से जुड़े किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले वह मल्टी लेवल मार्केटिंग फ्रॉड का शिकार हुए थे। उन्होंने संजय लीला भंसाली के साथ काम, थिएटर, इंडस्ट्री के अनुभव, ऑडिशन और परिवार से जुड़ी बातें साझा कीं। साथ ही आने वाले प्रोजेक्ट्स और लेखन के शौक पर भी बात की। सवाल: ‘द पिरामिड स्कीम’ में आपका किरदार प्रभावशाली है। क्या असल जिंदगी में भी ऐसी स्कीम या मल्टी-लेवल मार्केटिंग का सामना किया है? जवाब: बिल्कुल। ऑडिशन के बाद क्रिएटिव टीम और डायरेक्टर्स से मुलाकात में मैंने बताया था कि करीब 15-20 साल पहले मैं भी ऐसी स्कीम का शिकार हो चुका हूं। उस समय मल्टी-लेवल मार्केटिंग का कॉन्सेप्ट नया था और जागरूकता कम थी। आधी-अधूरी जानकारी देकर लोगों को जोड़ा जाता था। मैं भी इसका नुकसान झेल चुका हूं। सवाल: इस सीरीज का ऑफर मिलने पर पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मैं अपने पिछले किरदारों की इमेज से बाहर निकलकर कुछ अलग करना चाहता था। यह किरदार मुझे दिलचस्प लगा। पूरी यूनिट शानदार थी और पहली बार Amazon Prime के साथ काम करने का मौका मिला। डायरेक्टर्स और क्रिएटिव टीम के साथ अच्छी ट्यूनिंग बनी। शूटिंग का माहौल सकारात्मक था। सवाल: क्या पिछली इमेज से आपका मतलब ‘हीरामंडी’ के उस्ताद जी के किरदार से है? जवाब: जी हां। ‘हीरामंडी’ में उस्ताद जी का किरदार निभाना शानदार अनुभव था। ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ के बाद फिर से संजय लीला भंसाली के साथ काम करने का मौका मिला। सवाल: उस्ताद जी के किरदार से जुड़ाव कैसे बना था? जवाब: जब पहली बार इस किरदार के बारे में बताया गया, तभी लगा कि यह रोल मैं कर सकता हूं। मेरे परिवार की जड़ें विभाजन से पहले के पंजाब और आज के पाकिस्तान के शहरों से जुड़ी हैं। मैंने बुजुर्गों से उस दौर की भाषा, लहजा और संस्कृति सीखी थी। वही अनुभव किरदार में काम आया। सवाल: आपने बताया कि ‘हीरामंडी’ के लिए विभाजन से पहले के पंजाब की संस्कृति पर काम किया था। आपके परिवार का संबंध कहां से है? जवाब: मेरे ननिहाल का संबंध झंग से है। दादा-दादी का परिवार सरगोधा, रावलपिंडी और लाहौर क्षेत्र से था। विभाजन के बाद परिवार भारत आया और दिल्ली में बस गया। मेरी पैदाइश लुधियाना में हुई, क्योंकि उस समय पहला बच्चा ननिहाल में होने की परंपरा थी। इसके बाद मेरी पढ़ाई और परवरिश दिल्ली में हुई। सवाल: कहा जाता है कि ‘हीरामंडी’ की शूटिंग लंबी चली और कलाकार दूसरे प्रोजेक्ट नहीं कर पा रहे थे। क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ? जवाब: नहीं, मेरे साथ ऐसी बड़ी समस्या नहीं हुई। किसी भी पेशे में एक काम उम्मीद से ज्यादा लंबा चल सकता है। लेकिन जब अंतिम परिणाम खूबसूरत हो, तो बाकी परेशानियां छोटी लगती हैं। सवाल: संजय लीला भंसाली के साथ दोबारा काम करने का अनुभव कैसा था? जवाब: मैं उनका बड़ा प्रशंसक हूं। वह परफेक्शनिस्ट से भी आगे हैं। उनके साथ काम करना हमेशा सपना रहा है। सेट पर उनसे और टीम से प्यार और सम्मान मिला। सवाल: ‘हीरामंडी 2’ को लेकर कोई अपडेट है? जवाब: फिलहाल मुझे जानकारी नहीं है। जब भी कुछ होगा, सबको पता चल जाएगा। सवाल: ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ से जुड़ी कोई खास याद? जवाब: उस समय कोविड का दौर था और ज्यादातर शूटिंग रात में फिल्म सिटी में होती थी। मेरा किरदार लंबा नहीं था, लेकिन छोटे रोल में भी लोगों ने मुझे नोटिस किया। यह शानदार अनुभव था। सवाल: आलिया भट्ट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: आलिया विनम्र और जमीन से जुड़ी इंसान हैं। उनमें स्टार वाला अहंकार नहीं दिखा। वह सहयोगी हैं। मैंने उनके साथ कम समय काम किया, लेकिन अनुभव अच्छा रहा। उन्होंने ‘गंगूबाई’ के किरदार के लिए जबरदस्त मेहनत की थी और वह बेहतरीन अभिनेत्री हैं। सवाल: ‘फन्ने खां’ में आपका किरदार फिल्म में नजर क्यों नहीं आया? जवाब: मैंने फिल्म की शूटिंग की थी, लेकिन रिलीज के समय मेरा हिस्सा नहीं था। एडिटिंग के दौरान क्या फैसला लिया गया, मुझे नहीं पता। लेकिन इसका अफसोस नहीं है। फिल्म निर्माता का अपना विजन होता है। मेरा काम किरदार ईमानदारी से निभाना है। सवाल: आपको कब महसूस हुआ कि अभिनेता ही बनना है? जवाब: मुझे बचपन से अभिनेता बनना था। मैं प्रसिद्ध होना चाहता था और अभिनय मेरा जुनून था। मैं अपने शौक और पैशन के लिए पैदा हुआ हूं और उसी के लिए जीना चाहता हूं। सवाल: क्या आपके बच्चे भी इसी फील्ड में हैं? जवाब: मेरा बड़ा बेटा डायरेक्शन, कास्टिंग और एडिटिंग में काम कर रहा है। उसे इन क्षेत्रों की अच्छी समझ है। छोटा बेटा अभी तय कर रहा है कि उसे किस दिशा में जाना है। मुझे भरोसा है कि वह अपना रास्ता खुद बना लेगा। सवाल: आपके करियर का सबसे बड़ा संघर्ष क्या रहा? जवाब: इस इंडस्ट्री को समझना सबसे बड़ी चुनौती थी। कई बार लोगों की बातों पर भरोसा कर लेता था। वादे किए जाते थे, लेकिन पूरे नहीं होते थे। धीरे-धीरे समझ आया कि इस प्रोफेशन में समझदारी से काम करना और फैसले लेना जरूरी है। काम नहीं होता, तब मुश्किलें ज्यादा महसूस होती हैं। लेकिन जुनून हो तो हर परेशानी पार कर सकते हैं। सवाल: आपकी नजर में सबसे बड़ी सफलता क्या है? जवाब: लोगों का भरोसा और प्यार सबसे बड़ी सफलता है। अगर दर्शक पसंद करते हैं, तो काम भी मिलता है। किसी किरदार की तारीफ सबसे ज्यादा खुशी देती है। सवाल: सफलता मिलने के बाद आपके अंदर कितना बदलाव आया? जवाब: मेरे अंदर बिल्कुल बदलाव नहीं आया। मैं आज भी वही दिल्ली वाला लड़का हूं। पुराने दोस्त भी कहते हैं कि मैं नहीं बदला। यह सुनकर अच्छा लगता है। रिश्ते निभाना मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है। सवाल: एक्टिंग के अलावा खाली समय में क्या करना पसंद करते हैं? जवाब: मैं दूसरे बिजनेस भी देखता हूं। शेर-ओ-शायरी और छोटी कहानियां लिखता हूं, खाना बनाता हूं, कपड़े, बैग और जूते डिजाइन करता हूं। मुझे कुछ नया करना पसंद है। मन नहीं होता तो आराम कर लेता हूं। सवाल: खाना बनाने का भी शौक है? जवाब: जी, बहुत। मुझे नई रेसिपी पर प्रयोग करना अच्छा लगता है। दादी-नानी के समय की कई पारंपरिक रेसिपी धीरे-धीरे खत्म हो रही हैं। मैं उन्हें सीखने और संभालने की कोशिश करता हूं। मसाले अलग-अलग जगहों से लाकर खुद तैयार करता हूं। खाना बनाना मेरे लिए थेरेपी है। सवाल: कभी रेस्टोरेंट खोलने का विचार आया? जवाब: नहीं। मैं सिर्फ शौक के लिए खाना बनाता हूं। परिवार और खास दोस्तों के लिए बनाता हूं। फिलहाल इसे बिजनेस बनाने का इरादा नहीं है। सवाल: जो कहानियां और शायरी लिखते हैं, क्या उन्हें पर्दे पर लाने का इरादा है? जवाब: बिल्कुल। मैं लिखता हूं ताकि एक दिन उन्हें पर्दे पर ला सकूं। यह मेरी मंजिल है और भरोसा है कि सही समय पर ऐसा जरूर होगा। सवाल: किस तरह की शायरी लिखते हैं? जवाब: मुझे उर्दू और हिंदी के शब्दों से खेलना पसंद है। मैं शेर-ओ-शायरी लिखता हूं। कविता के नियमों का बड़ा जानकार नहीं हूं, लेकिन दिल से लिखता हूं। सवाल: हाल ही में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ कैसी लगी? जवाब: मुझे पसंद आई। खासकर बेदी साहब का किरदार शानदार लगा। रणवीर सिंह सहित टीम ने बेहतरीन काम किया है। फिल्म का हर छोटा-बड़ा किरदार अच्छे से लिखा और निभाया गया है। सवाल: अगर ‘धुरंधर’ में काम करने का मौका मिलता, तो कौन-सा किरदार करना पसंद करते? जवाब: मैं किसी नए किरदार में खुद को देखना पसंद करता। निर्देशक जैसा कहते, उसी हिसाब से मेहनत करता। अगर दूसरा हिस्सा बनता है और मौका मिलता है, तो खुशी होगी। सवाल: आपके आने वाले प्रोजेक्ट्स कौन-कौन से हैं? जवाब: अभी ज्यादा खुलकर नहीं बता सकता। दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने की कोशिश कर रहा हूं। ऐसे किरदार तलाशता हूं, जिनमें कुछ नया करने का मौका मिले। सवाल: क्या आज भी ऑडिशन देते हैं? जवाब: बिल्कुल। ऑडिशन देने में कोई बुराई नहीं है। इससे किरदार समझने का मौका मिलता है। बस शिकायत है कि कई बार ऑडिशन लेने वाले खुद किरदार को ठीक से नहीं समझा पाते।
नकारात्मक टिप्पणियों से दूरी बनाना सीखा, अदिति राव हैदरी बोलीं-मैं कमेंट्स नहीं पढ़ती
अदिति राव हैदरी ने बताया कि वह साल 2011 से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और तब से उन्हें दर्शकों का प्यार और पहचान लगातार मिलती रही है। उन्होंने कहा कि कलाकार होने के नाते उन्हें यह पसंद है कि लोग उनके काम को सराहें और उन्हें अपनाएं।
अमेरिका में आतिशबाजी के जश्न की प्रियंका चोपड़ा ने शेयर कीं तस्वीरें
मुंबई, एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट के माध्यम से फैंस को अमेरिका में 'फोर्थ ऑफ जुलाई' (4 जुलाई) से पहले के सेलिब्रेशन की झलक दिखाई।
रवि किशन ने बताया कि संघर्ष के दिनों में उनके पास कोई काम नहीं था और वे अक्सर अपनी कार में रखे मेकअप बॉक्स को सूंघकर भावुक हो जाते थे। उन्होंने कहा कि वह दो-तीन महीने तक लगातार उस बॉक्स को देखकर रोते थे और भगवान से यही सवाल करते थे कि उन्हें दोबारा अभिनय करने का मौका कब मिलेगा।
सोनाक्षी-जहीर की शादी में वो खास पल: 'कलमा' और 'गायत्री मंत्र' का संगम देख फैंस भी हुए भावुक
बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की शादी ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इस शाही शादी में प्यार और संस्कृति का जो अनूठा मेल देखने को मिला, उसकी चर्चा अभी भी जारी है। हाल ही में सोनाक्षी ने अपनी शादी से जुड़ी एक बेहद खूबसूरत और भावनात्मक घटना का जिक्र किया है, जिसने सभी का दिल जीत लिया। अभिनेत्री ने एक खास पेंटिंग शेयर करते हुए खुलासा किया कि उनकी शादी के दौरान एक ऐसी चीज हुई जिसने इस बंधन को और भी ज्यादा यादगार बना दिया। उनके द्वारा साझा की गई इस जानकारी ने साबित कर दिया कि कैसे दो अलग धर्मों के लोग एक-दूसरे की मान्यताओं का सम्मान करते हुए नए जीवन की शुरुआत कर सकते हैं।पेंटिंग में दिखी एकता की मिसालसोनाक्षी सिन्हा ने सोशल मीडिया पर अपनी शादी के दौरान की एक पेंटिंग साझा की, जिसमें उन्होंने 'कलमा' और 'गायत्री मंत्र' के एक साथ लिखे होने का जिक्र किया। यह अनूठी घटना उस प्यार को दर्शाती है जिसे उन्होंने और जहीर ने अपने खास दिन पर साझा किया था। सोनाक्षी ने बताया कि यह उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था कि उनके सबसे खास दिन पर दो अलग-अलग संस्कृतियों के सबसे पवित्र मंत्र एक साथ मौजूद थे। इस पेंटिंग के जरिए उन्होंने यह संदेश दिया है कि प्यार का कोई धर्म नहीं होता और जब दो आत्माएं एक होती हैं, तो ब्रह्मांड भी खुशियों की इबारत लिखता है।फैंस ने की सराहना, इंटरनेट पर वायरल हुई तस्वीरजैसे ही सोनाक्षी ने यह किस्सा शेयर किया, उनके फैंस और फॉलोअर्स ने इस पर जमकर प्यार बरसाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई और लोग इस खूबसूरत पहल की तारीफ करने लगे। यूजर्स का कहना है कि सोनाक्षी और जहीर की शादी ने दिखा दिया कि कैसे परंपराओं को साथ लेकर चला जा सकता है। यह घटना न केवल उनके रिश्ते की गहराई को दिखाती है, बल्कि भारत की 'विविधता में एकता' वाली संस्कृति को भी बयां करती है। सोनाक्षी की इस सादगी और खुलेपन को प्रशंसकों ने सराहा है, और यह पोस्ट इस बात का गवाह है कि कैसे एक सेलिब्रिटी अपनी निजी खुशियों को बेहद सम्मानजनक और अलग अंदाज में दुनिया के सामने पेश करती है।
52 साल की उम्र में भी सिंगल: मशहूर कोरियोग्राफर ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों नहीं बसाया घर और परिवार
मनोरंजन जगत में अपनी थिरकन से लोगों को दीवाना बनाने वाली मशहूर कोरियोग्राफर अक्सर अपनी प्रोफेशनल लाइफ को लेकर तो सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन इस बार वह अपनी निजी जिंदगी के एक ऐसे सच को लेकर चर्चा में हैं, जिसने फैंस को भी भावुक कर दिया है। 52 साल की उम्र में भी सिंगल और खुश नजर आने वाली इस कलाकार ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपनी शादी और बच्चों की ख्वाहिश पर खुलकर बात की। उन्होंने न केवल इस बात को स्वीकार किया कि वह भी एक सामान्य महिला की तरह परिवार बसाना चाहती थीं, बल्कि उन हालातों और वजहों पर भी रोशनी डाली, जिसके कारण उन्हें पूरी जिंदगी अकेले बिताने का फैसला लेना पड़ा। उनकी यह सादगी भरी स्वीकारोक्ति इस समय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।शादी और बच्चों का सपना, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर थाकोरियोग्राफर ने बताया कि उनके मन में हमेशा से यह इच्छा थी कि वह अपने जीवनसाथी के साथ एक सुखद गृहस्थी बसाएं और उनके भी बच्चे हों। उन्होंने कहा, मैं भी अन्य महिलाओं की तरह शादी करना चाहती थी और मां बनना मेरी सबसे बड़ी ख्वाहिश थी। हालांकि, ग्लैमर इंडस्ट्री की भागदौड़ भरी जिंदगी और करियर की ऊंचाइयों को छूने की होड़ में वह कहीं न कहीं पीछे छूट गईं। उन्होंने बताया कि काम के प्रति उनकी दीवानगी और जिम्मेदारी के चलते सही समय पर जीवनसाथी तलाशने का मौका ही नहीं मिल पाया। धीरे-धीरे समय निकलता गया और जब उन्हें एहसास हुआ, तब तक वह अपने करियर के उस मुकाम पर थीं जहां से लौटना आसान नहीं था।'अकेले रहना मजबूरी नहीं, चुनाव है'अपनी इस स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने किसी भी तरह का पछतावा जाहिर करने के बजाय इसे एक 'चुनाव' माना है। उनका मानना है कि ताउम्र अकेले रहने का मतलब यह नहीं कि आप दुखी हैं। उन्होंने उन लोगों को भी जवाब दिया जो अक्सर महिलाओं की शादी और उम्र को लेकर सवाल उठाते हैं। कोरियोग्राफर का कहना है कि आज के दौर में खुशी किसी और पर निर्भर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अपने काम, अपने डांस और अपने प्रशंसकों को ही अपना परिवार मान लिया है। उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि भले ही उनके जीवन में वह साथी या बच्चे नहीं आए जिनकी उन्होंने कल्पना की थी, लेकिन उन्होंने अपने काम के जरिए जो मुकाम हासिल किया है, वह उन्हें आत्मसंतोष देता है। उनका यह सफर आज उन तमाम लोगों के लिए प्रेरणा है, जो समाज के बनाए मानदंडों के पीछे न भागकर अपनी शर्तों पर जिंदगी जीना चाहते हैं।
विक्की कौशल का बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन: 12 किलो वजन बढ़ाया, फिर 15 किलो घटाकर निभाया चुनौतीपूर्ण किरदार
अब इसी तरह की तैयारी अभिनेता विक्की कौशल ने अपनी आगामी फिल्म लव एंड वॉर के लिए की है। यह फिल्म प्रसिद्ध निर्देशक संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बन रही है और पिछले दो वर्षों से इसकी शूटिंग चल रही है।
जोधपुर में प्रसिद्ध कवि और अभिनेता शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की शादी 6 जुलाई को होने जा रही है। 4 जुलाई (शनिवार) से 3 दिन शादी की रस्में और कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। शादी समारोह में शामिल होने के लिए मेहमानों का आगमन शुरू हो चुका है। शादी के कार्यक्रम जोधपुर के अलग-अलग आलीशान होटलों में आयोजित किए जाएंगे। 4 जुलाई की शाम को 'ताज हरि महल' में होने वाले 'संस्कृति स्वर' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी शामिल होंगे। शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा की शादी शाश्वत से होने जा रही है। मेहमानों का आगमन शुक्रवार से ही शुरू हो गया था। सभी मेहमानों को 'उम्मेद भवन पैलेस' में ठहराया गया है, जहां उनका पारंपरिक राजस्थानी संस्कृति के साथ भव्य स्वागत किया गया। स्वरा और शाश्वत 6 जुलाई को उम्मेद भवन पैलेस में ही सात फेरे लेंगे। इससे पूर्व के कार्यक्रम शहर के ताज हरि महल, इंडाना पैलेस, उम्मेद भवन पैलेस और वेलकमहोटल आईटीसी में होंगे। क्या करती हैं स्वरा लोढ़ा शैलेश लोढ़ा की बेटी स्वरा लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं और अपनी निजी जिंदगी को काफी प्राइवेट रखती हैं। स्वरा अपनी मां की तरह ही एक लेखिका हैं। उन्होंने अपनी मां डॉ. स्वाति लोढ़ा के साथ मिलकर '54 Reasons Why Parents Suck!' नामक किताब लिखी है। शादी समारोह में शामिल होंगे कई वीआईपी गेस्ट समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, लक्ष्यराज सिंह मेवाड़, योग गुरु स्वामी बाबा रामदेव, अभिनेता राकेश बेदी, कृष्णा अभिषेक, सेलो कंपनी के प्रदीप राठौड़, केपीएमजी के चेयरमैन पंकज कर्णावट, वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौधरी, ब्रजेश सिंह और प्रसिद्ध हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा समेत कई बॉलीवुड हस्तियां, कवि और साहित्यकार हिस्सा लेंगे। अब जानिए उस होटल की खासियत, जहां होगी शादी
एक्टर जावेद जाफरी ने 'धमाल 4' की रिलीज को लेकर दिया जवाब
मुंबई,एक्टर जावेद जाफरी ने अपनी आगामी फिल्म 'धमाल 4' की रिलीज को लेकर कहा कि क्या फिल्म में 'मानव' का किरदार निभाते हुए उन्हें कभी बोरियत महसूस हुई।
रवीना टंडन ने शेयर किया 'वेलकम टू द जंगल' का अनुभव
मुंबई, बॉलीवुड स्टार रवीना टंडन ने अपनी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' में अपने पुराने दोस्तों और को-स्टार्स अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी के साथ फिर से काम करने के बारे में बात की।
स्कॉटलैंड की वादियों में खोईं निकिता दत्ता
मुंबई, अभिनेत्री निकिता दत्ता ने “पोस्टकार्ड्स फ्रॉम स्कॉटलैंड” के अपने खूबसूरत अनुभवों की झलकियां साझा की हैं।
'धमाल 4' का हिस्सा बनना सपने के सच होने जैसा: एक्ट्रेस अंजलि आनंद
मुंबई, आगामी फिल्म 'धमाल 4' को लेकर अभिनेत्री अंजलि आनंद ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस लोकप्रिय फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना किसी सपने के पूरे होने जैसा है। फिल्म के सेट पर हर दिन हंसी-मजाक और मस्ती का माहौल रहता था।
सलमान खान फिल्म्स ने अपनी अपकमिंग फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर चल रही खबरों पर सफाई दी है। प्रोडक्शन हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि फिल्म की सीबीएफसी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुकी होने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। बयान में कहा गया कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया है। इसलिए इस तरह की रिपोर्ट्स पर भरोसा न करें। सलमान खान फिल्म्स ने मीडिया और लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि की जानकारी न फैलाएं। फिल्म से जुड़े सभी आधिकारिक अपडेट केवल उनके ऑफिशियल प्लेटफॉर्म पर ही शेयर किए जाएंगे। दरअसल, हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म 'मातृभूमि' को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। फिल्म 'मातृभूमि' साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प पर आधारित है। पहले इस फिल्म का नाम 'बैटल ऑफ गलवान' रखा गया था। फिल्म को पहले 17 अप्रैल को ईद के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट टाल दी गई। इस फिल्म का प्रोडक्शन सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान ने किया है और इसके डायरेक्टर अपूर्व लाखिया हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। फिल्म 'मातृभूमि' का टीजर 27 दिसंबर 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर रिलीज किया गया था। इस फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। कर्नल संतोष बाबू ने ही गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के दौरान भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व किया था। इस झड़प में वे शहीद हो गए थे। वर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान इन दिनों फिल्म 'SVC63' की शूटिंग कर रहे हैं। वामशी पेडिपल्ली के डायरेक्शन में बन रही इस एक्शन फिल्म को दिल राजू की श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस प्रोड्यूस कर रही है। फिल्म में नयनतारा पहली बार सलमान के साथ स्क्रीन शेयर करेंगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी और इसकी शूटिंग अगस्त या सितंबर 2026 तक पूरी हो सकती है।
सलमान खान फिल्म्स ने अपनी अपकमिंग फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर चल रही खबरों पर सफाई दी है। प्रोडक्शन हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि फिल्म की सीबीएफसी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुकी होने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। बयान में कहा गया कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया है। इसलिए इस तरह की रिपोर्ट्स पर भरोसा न करें। सलमान खान फिल्म्स ने मीडिया और लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि की जानकारी न फैलाएं। फिल्म से जुड़े सभी आधिकारिक अपडेट केवल उनके ऑफिशियल प्लेटफॉर्म पर ही शेयर किए जाएंगे। दरअसल, हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म 'मातृभूमि' को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। फिल्म 'मातृभूमि' साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प पर आधारित है। पहले इस फिल्म का नाम 'बैटल ऑफ गलवान' रखा गया था। फिल्म को पहले 17 अप्रैल को ईद के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट टाल दी गई। इस फिल्म का प्रोडक्शन सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान ने किया है और इसके डायरेक्टर अपूर्व लाखिया हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। फिल्म 'मातृभूमि' का टीजर 27 दिसंबर 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर रिलीज किया गया था। इस फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। कर्नल संतोष बाबू ने ही गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के दौरान भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व किया था। इस झड़प में वे शहीद हो गए थे।
गौरी के साथ आमिर खान के विवाह पर सोमी अली की प्रतिक्रिया
मुंबई, गौरी स्प्रैट के साथ अभिनेता आमिर खान 5 जुलाई को शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। उनकी इस शादी को लेकर अब अभिनेत्री सोमी अली की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
इंडियन आइडल में 22 वर्ष बाद लौटे अभिजीत सावंत और अमित सना
मुंबई, म्यूजिक रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' के खास 75वें एपिसोड यानी 'डायमंड जुबली स्पेशल' का जश्न मनाया गया। इस मौके पर सीजन 1 के अभिजीत सावंत और अमित साना का दिल छू लेने वाला रीयूनियन हुआ।
ऐसे बदली फिल्म 'दोस्ती' के हीरो सुशील कुमार की किस्मत
मुंबई, अभिनेता सुशील कुमार ने एक ही फिल्म से ऐसी पहचान हासिल की कि आज भी उनका नाम उसी किरदार के साथ याद किया जाता है। 1964 में रिलीज हुई फिल्म 'दोस्ती' ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।
कृति सेनन कबीर बहिया के साथ आईं नजर
मुंबई, बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन को शुक्रवार शाम मुंबई में अपने कथित बॉयफ्रेंड कबीर बहिया के साथ डिनर के लिए बाहर जाते हुए देखा गया। हालांकि दोनों एक ही जगह पहुंचे, लेकिन वे अलग-अलग रेस्टोरेंट में गए।
बेटी रिवा के बर्थडे पर रवि किशन का खास पोस्ट
मुंबई, अभिनेता-राजनेता रवि किशन ने 4 जुलाई को अपनी बेटी रिवा किशन को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए अपने युवा दिनों की एक दुर्लभ तस्वीर शेयर की, जिसमें वे अपनी पत्नी और बेटी के साथ नजर आ रहे हैं।
एक्ट्रेस और बिग बॉस फेम ईशा मालवीय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में वह एक पल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमशक्ल को पीएम मोदी समझ बैठीं। जिसके बाद वहां मौजूद पैपराजी और दूसरे लोग हंसने लगे। दरअसल, ईशा ब्राइट एंटरटेनमेंट अवॉर्ड्स 2026 के रेड कार्पेट पर पहुंची थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात पीएम मोदी के हमशक्ल से हुई। उन्हें देखते ही ईशा चौंक गईं और मुस्कुराते हुए कहा, ओह, मोदी जी! हालांकि, बाद में उन्हें रियलाइज हुआ कि वे पीएम मोदी के हमशक्ल हैं। इसके बाद उन्होंने हमशक्ल से हाथ मिलाया और कैमरे की ओर देखकर कहा, गाइज, हमारे साथ मोदी जी हैं। विकास महांते कौन हैं? ईशा ने पीएम मोदी के जिन हमशक्ल से मुलाकात की, वह विकास महांते हैं। विकास महांते मुंबई के जाने-माने बिजनेसमैन, एक्टर और समाजसेवी हैं। उनकी शक्ल, दाढ़ी और बोलने का अंदाज पीएम मोदी से काफी मिलता-जुलता है, जिसकी वजह से लोग उन्हें देखते ही भ्रमित हो जाते हैं। विकास कई चुनावों के दौरान बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के प्रचार कार्यक्रमों में भी नजर आ चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब समेत कई राज्यों में चुनावी रैलियों में हिस्सा लिया है। एक्टिंग की दुनिया में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई है। वह फिल्म 'हैप्पी न्यू ईयर' में कैमियो रोल कर चुके हैं। इसके अलावा 'मोदी काका का गांव', 'द साबरमती रिपोर्ट' और 'एक नया सवेरा' जैसी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स में भी काम कर चुके हैं। वहीं, ईशा मालवीय के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्होंने 13 साल की उम्र में मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। साल 2017 में वह मिस मध्य प्रदेश बनीं, जबकि 2019 में मिस टीन इंडिया वर्ल्डवाइड प्रतियोगिता में सेकेंड रनर-अप रहीं। ईशा ने 2021 में टीवी शो 'उड़ारियां' से एक्टिंग करियर की शुरुआत की। इस शो में जैस्मिन कौर संधू का उनका किरदार काफी लोकप्रिय हुआ। इसके बाद वह बिग बॉस 17 में नजर आईं, जहां उनकी लोकप्रियता पूरे देश में बढ़ी। ईशा कई हिंदी और पंजाबी म्यूजिक वीडियो में भी काम कर चुकी हैं। सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं और वह कई बड़े फैशन व ब्यूटी ब्रांड्स के साथ जुड़ी हुई हैं।
मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच टीवी एक्ट्रेस उर्वशी ढोलकिया के बेटे और एक्टर क्षितिज ढोलकिया हाल ही में एक हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। भारी बारिश के दौरान उनकी पार्किंग में खड़ी कार पर अचानक एक बड़ा पेड़ गिर पड़ा, जिससे कार को काफी नुकसान पहुंचा। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय क्षितिज कार के अंदर मौजूद नहीं थे और किसी को चोट नहीं आई। घटना के बाद क्षितिज ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो शेयर किए, जिनमें उनकी कार पेड़ के नीचे दबी हुई दिखाई दे रही है। वीडियो में फायर ब्रिगेड और अन्य अधिकारी पेड़ हटाने की कोशिश करते नजर आए। क्षितिज ने बताया कि उनकी कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने मुंबई पुलिस और फायर ब्रिगेड का आभार जताते हुए लिखा कि यह घटना याद दिलाती है कि जिंदगी कितनी अनप्रेडिक्टेबल हो सकती है। उन्होंने कहा कि वह खुद को खुशकिस्मत मानते हैं क्योंकि हादसे के समय वह कार में नहीं थे। वर्कफ्रंट की बात करें तो क्षितिज ढोलकिया ने एकता कपूर के शो 'नागिन 7' से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। एक्टिंग से पहले वह फिल्म इंडस्ट्री में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर चुके हैं और 'हमशकल्स' और 'ड्रीम गर्ल' जैसी फिल्मों की टीम का हिस्सा रह चुके हैं। वहीं, उर्वशी ढोलकिया की बात करें तो वह शो 'कसौटी जिंदगी की' में 'कोमोलिका' के किरदार के लिए पहचानी जाती हैं। इसके अलावा वह कलर्स टीवी के रियलिटी शो 'बिग बॉस 6' (2012) की विनर भी रह चुकी हैं। शहर के कई इलाकों में जलभराव पिछले कुछ दिनों से मुंबई में लगातार भारी बारिश हो रही है। तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है और इसका असर बॉलीवुड और टीवी सितारों पर भी दिखा। हाल ही में बिग बॉस 19 फेम अश्नूर कौर के लग्जरी घर में बारिश का पानी घुस गया, जिससे घर के सामान को काफी नुकसान हुआ। अश्नूर ने वीडियो शेयर कर हालात दिखाए। वहीं, ट्रैफिक से बचने के लिए एक्टर रणदीप हुड्डा ने आम लोगों की तरह मास्क लगाकर मेट्रो से सफर किया था। दूसरी ओर, तमन्ना भाटिया बारिश में भीगती नजर आईं और ठंड लगने की बात कही थी।
कैटरीना कैफ ने खोला राज, विक्की कौशल की खास बात को किया शेयर
फिल्म निर्माता और निर्देशक करण जौहर का सबसे लोकप्रिय और चर्चित शो 'कॉफी विद करण' के एक एपिसोड में बतौर गेस्ट शामिल हुईं एक्ट्रेस कैटरीना कैफ ने एक बेहद प्यारे पल का जिक्र किया
हिट फिल्म हो तो तालियां स्टार्स के हिस्से आती हैं, लेकिन फ्लॉप होते ही सबसे पहले कटघरे में डायरेक्टर खड़ा होता है। विक्रम भट्ट इसे फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बड़ा और सबसे पुराना सच मानते हैं। वह कहते हैं, हमें फ्लॉप फिल्मों की लाश उठाने के पैसे दिए जाते हैं। यह उनके चार दशक लंबे करियर का अनुभव है। हॉरर फिल्मों को हिंदी सिनेमा में नई पहचान दिलाने वाले विक्रम भट्ट ने सुपरहिट फिल्मों के साथ फ्लॉप दौर भी देखा। उन्होंने बड़े सितारों के साथ काम किया, नए कलाकारों को लॉन्च किया, निजी विवादों का सामना किया और जेल तक का सफर भी तय किया। इसके बावजूद उनका मानना है कि इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए सफलता नहीं, बल्कि अपने सिद्धांतों पर कायम रहना सबसे जरूरी है। यही वजह है कि उन्होंने स्टार सिस्टम, फिल्मों के क्रेडिट, आमिर खान के साथ दोबारा काम न करने की वजह, अपने संघर्ष और विवादों पर बेबाकी से बात की। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं विक्रम भट्ट के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। शुरुआती मौके से लेकर अलग पहचान बनाने तक विक्रम भट्ट फिल्मी माहौल में बड़े हुए और कम उम्र में ही फिल्म निर्माण से जुड़ गए। शुरुआती दौर में उन्होंने निर्देशन की बारीकियां सीखीं और अपनी फिल्मों के जरिए अलग पहचान बनाई। रोमांटिक और थ्रिलर फिल्मों के बाद उन्होंने हॉरर जॉनर में ऐसा प्रयोग किया, जिसने उन्हें इंडस्ट्री में अलग मुकाम दिलाया। 'राज', '1920', 'शापित' और 'हॉन्टेड 3डी' जैसी फिल्मों ने उन्हें हॉरर फिल्मों का बड़ा चेहरा बना दिया। उनकी फिल्मों ने साबित किया कि दमदार कहानी और ट्रीटमेंट के दम पर हॉरर भी बॉक्स ऑफिस पर सफल हो सकता है। डायरेक्टर के तौर पर नए और बड़े स्टार्स के साथ काम करने का फर्क अपने लंबे करियर में विक्रम भट्ट ने अमिताभ बच्चन, मिथुन चक्रवर्ती, आमिर खान, अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी जैसे बड़े सितारों के साथ-साथ नए कलाकारों के साथ भी काम किया है। उनके मुताबिक दोनों की अपनी-अपनी खूबियां होती हैं। उन्होंने बताया कि डायरेक्टर के तौर पर नए और बड़े स्टार्स के साथ काम करने में क्या फर्क होता है। विक्रम भट्ट कहते हैं कि नए कलाकार उतने ट्रेंड या मंझे हुए नहीं होते, जितने अनुभवी कलाकार होते हैं। लेकिन उनमें सीखने की इच्छा होती है, जो कई बार स्टार्स में नहीं होती। स्टार्स अपनी तय शैली में काम करना पसंद करते हैं, जबकि डायरेक्टर कई बार कुछ अलग करना चाहता है। इसलिए दोनों के अपने-अपने फायदे हैं। स्टार्स के साथ काम करने पर फिल्म को अच्छी ओपनिंग और अनुभवी अभिनेता मिलता है। वहीं, नए कलाकारों के साथ एक उत्साही और कुछ कर दिखाने का जज्बा रखने वाला इंसान मिलता है। इसलिए दोनों के अपने-अपने एडवांटेज हैं। फिल्म की जिम्मेदारी हमेशा डायरेक्टर की होती है विक्रम भट्ट का मानना है कि स्टार हो या न हो, फिल्म की जिम्मेदारी आखिरकार डायरेक्टर की ही होती है। हालांकि बदकिस्मती यह है कि जब किसी स्टार की फिल्म हिट होती है, तो डायरेक्टर को उतना श्रेय नहीं मिलता। काम वह उतना ही करता है, लेकिन फिल्म स्टार की हिट कहलाती है। वह कहते हैं कि उन्हें खुशी है कि फिल्म 'धुरंधर' के मामले में उसके डायरेक्टर आदित्य धर का भी नाम लिया जा रहा है। सिर्फ कलाकारों की ही नहीं, बल्कि डायरेक्टर की भी चर्चा हो रही है। वरना अक्सर लोग कहते हैं कि यह फलां स्टार की हिट फिल्म है। यही सबसे बड़ी दिक्कत है। उनके मुताबिक मेहनत सभी बराबर करते हैं। लेकिन जब स्टार की फिल्म नहीं चलती, तब सबसे पहले डायरेक्टर का नाम आता है कि इतने बड़े स्टार के साथ भी फ्लॉप फिल्म बना दी। इसलिए वह मजाक में कहते हैं कि डायरेक्टर को पैसे फ्लॉप फिल्म की लाश उठाने के लिए दिए जाते हैं। हिट सबकी होती है, लेकिन फ्लॉप सिर्फ डायरेक्टर की मानी जाती है। हिट का क्रेडिट स्टार को, फ्लॉप का ठीकरा डायरेक्टर पर विक्रम भट्ट कहते हैं कि यह कोई नई बात नहीं, बल्कि हमेशा से ऐसा ही होता आया है। स्टार एक साथ कई फिल्में करते हैं। अगर उनकी चार फिल्मों में से तीन हिट हो जाएं और आपकी फिल्म फ्लॉप हो जाए, तो लोग यही मानते हैं कि कमी डायरेक्टर में रही होगी। वह कहते हैं कि लोग यह नहीं समझते कि किसी फिल्म को सफल बनाने में सिर्फ स्टार नहीं होता। कोई राइटर कहानी लिखता है, कोई अच्छे डायलॉग देता है, कोई बेहतरीन सीन बनाता है, अच्छे गाने बनते हैं और सही पब्लिसिटी होती है। तब जाकर एक स्टार बनता है। लेकिन जब फिल्म हिट होती है, तो लोग मान लेते हैं कि सिर्फ स्टार ने ही सब कुछ किया है। उनके मुताबिक यह बरसों से चला आ रहा सच है और इसे बदला नहीं जा सकता। यही इंडस्ट्री की हकीकत है, इसलिए इससे लड़ने का कोई मतलब नहीं है। मुझे हमेशा मेरा क्रेडिट मिला विक्रम भट्ट कहते हैं कि खुशकिस्मती से उनके साथ कभी ऐसा नहीं हुआ कि उनका श्रेय किसी और को मिल गया हो। आमिर खान के साथ काम करने के दौरान भी लोग कहते थे कि हमेशा आमिर को ही क्रेडिट मिलता है, लेकिन 'गुलाम' ने उन्हें भी पूरा सम्मान दिया। वह बताते हैं कि किसी ने कभी यह नहीं कहा कि फिल्म आमिर खान ने डायरेक्ट की थी। उन्हें जितना क्रेडिट मिलना चाहिए था, उतना मिला। ' आवारा पागल दीवाना' के लिए भी उन्हें पूरा श्रेय मिला। इसलिए वह मानते हैं कि इस मामले में उनकी किस्मत अच्छी रही। आमिर खान के साथ दोबारा काम क्यों नहीं हुआ? विक्रम भट्ट बताते हैं कि 'गुलाम' के समय मुकेश भट्ट और आमिर खान के रिश्ते अच्छे नहीं थे। आमिर शायद उनके साथ आगे काम नहीं करना चाहते थे। यह कोई निजी दुश्मनी नहीं थी, बल्कि दोनों का स्वभाव मेल नहीं खा रहा था। वह कहते हैं कि वह मुकेश भट्ट के लिए काम करते थे और 'गुलाम' भी उन्हें मुकेश भट्ट ने ही दी थी। ऐसे में उन्हें लगा कि अगर वह मुकेश भट्ट को छोड़कर आमिर खान के साथ चले जाएं, तो यह बेवफाई होगी। बाद में फिर कभी ऐसा मौका ही नहीं आया। वह दूसरी दिशा में चले गए और आमिर खान दूसरी राह पर। भगवान पर भरोसा रखने वाला इंसान बेवफाई नहीं कर सकता हालांकि फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा बहुत कम होता है। आमतौर पर लोग बड़े स्टार्स के साथ ही खड़े नजर आते हैं। लेकिन विक्रम भट्ट हमेशा मुकेश भट्ट के ही साथ खड़े रहे। विक्रम भट्ट से जब पूछा गया कि इसकी ताकत और हिम्मत कहां से आई कि किसी को धोखा नहीं देना है? विक्रम भट्ट कहते हैं कि उन्हें नहीं लगता कि इसके लिए किसी खास हिम्मत या ताकत की जरूरत होती है। उनका मानना है कि जो इंसान सच में भगवान पर भरोसा रखता है, वह ऐसे काम नहीं कर सकता। वह बताते हैं कि उन्होंने 'गुलाम' मुकेश भट्ट के लिए बनाई थी, जिसमें आमिर खान थे। इससे पहले मुकेश भट्ट ने ही उन्हें 'जानम' जैसी पहली फिल्म और 'फरेब' जैसी पहली हिट फिल्म दी थी। ऐसे इंसान को सिर्फ इसलिए छोड़ देना कि कहीं और काम मिल रहा है, उन्हें सही नहीं लगा। उनका कहना है कि जो इंसान सिर्फ मौके देखकर रिश्ते बदलता है, वह बिन पेंदी का लोटा होता है और ऐसे लोग इस इंडस्ट्री में ज्यादा समय तक टिक नहीं पाते। अगर आपके अपने सिद्धांत नहीं हैं, तो आप बहुत आगे नहीं जा सकते। मेरे करियर में ऊंचाइयां भी आईं और बड़े उतार भी विक्रम भट्ट कहते हैं कि उनके करियर ने ऊंचाइयां भी देखी हैं और बड़े उतार भी। कभी लगातार छह-सात फिल्में हिट हुईं, तो कभी लगातार छह-सात फिल्में फ्लॉप भी रहीं। फिर दोबारा हिट फिल्मों का दौर आया और उसके बाद फिर फ्लॉप फिल्मों का दौर। वह अपने करियर की तुलना ऊंट की चाल से करते हैं, जो कभी ऊपर जाती है, कभी नीचे। उनका कहना है कि शायद अब फिर से ऊपर वाला दौर आया है। यह कितना लंबा चलेगा, यह ऊपरवाला ही जानता है। उनकी बस यही दुआ है कि जितना हो सके, यह दौर चलता रहे। अगर मेरी जिंदगी पर फिल्म बने तो उसका नाम 'संघर्ष' होगा विक्रम भट्ट कहते हैं कि अगर उनकी जिंदगी पर फिल्म बने, तो उसका नाम 'संघर्ष' होना चाहिए। उन्होंने हर चीज के लिए संघर्ष किया है- निजी जिंदगी, फिल्मी करियर और आध्यात्मिक यात्रा में भी। उनके मुताबिक संघर्ष उनकी सबसे बड़ी पहचान रहा है। मेरी फिल्में रिलीज के समय नहीं, समय बीतने के बाद पसंद की जाती हैं विक्रम भट्ट कहते हैं कि उनकी फिल्मों के साथ अजीब बात होती है। जब फिल्म रिलीज होती है, तब लोगों को पसंद नहीं आती, लेकिन कुछ साल बाद वही फिल्म कल्ट क्लासिक बन जाती है। वह उदाहरण देते हैं कि 'राज' को रिलीज के समय किसी ने जीरो स्टार दिए, किसी ने एक स्टार और किसी ने डेढ़ स्टार। लेकिन कुछ साल बाद वही फिल्म क्लासिक कहलाने लगी। इसी तरह 'हॉन्टेड' के रिलीज होने पर लोगों ने उसकी काफी आलोचना की थी, लेकिन आज वही लोग उसे क्लासिक कहते हैं। वह कहते हैं कि आज जो फिल्म क्लासिक है, रिलीज के समय वह क्लासिक नहीं थी। और जो आज नई फिल्म है, अगर चल गई तो चार साल बाद उसे भी क्लासिक कहा जाएगा। इसी बात को वह अंग्रेजी की एक लाइन से समझाते हैं- Durability is acceptability. यानी जो समय की कसौटी पर टिकता है, वही स्वीकार किया जाता है। जो टिक नहीं पाता, वह समय के साथ खत्म हो जाता है। धोखाधड़ी के आरोप में उदयपुर जेल में बिताए 70 दिन विक्रम भट्ट के करियर में सिर्फ फिल्मी उतार-चढ़ाव ही नहीं आए। उनकी निजी जिंदगी भी कई बार विवादों में रही। सबसे ज्यादा चर्चा तब हुई, जब उन्हें और उनकी पत्नी को एक कथित धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया। विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को उदयपुर के 'इंदिरा आईवीएफ' ग्रुप के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया से जुड़े ₹30 करोड़ की धोखाधड़ी और ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि उन्होंने मुर्डिया की दिवंगत पत्नी पर बायोपिक बनाने के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपए लिए और प्रोजेक्ट बीच में रोक दिया गया। इस गिरफ्तारी ने मीडिया का ध्यान खींचा। विक्रम भट्ट से जब पूछा गया कि क्या सेलिब्रिटी होने के कारण उन्हें टारगेट किया गया होगा, तो उन्होंने इस सवाल का जवाब इस तरह दिया। सेलिब्रिटी होने की वजह से मामला बड़ा बन गया विक्रम भट्ट कहते हैं कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें सेलिब्रिटी होने की वजह से टारगेट किया गया या नहीं। लेकिन इतना जरूर है कि सेलिब्रिटी होने की वजह से हर बात ज्यादा चर्चा में आ जाती है। वह अखबारों की सुर्खियां बन जाती है और जरूरत से ज्यादा बड़ा मुद्दा बन जाता है। उनका कहना है कि अगर यही घटना किसी कम जाने-पहचाने व्यक्ति के साथ हुई होती, तो शायद इतना बड़ा रूप नहीं लेती। लेकिन अब वह अपनी पहचान या अपना ओहदा तो बदल नहीं सकते, इसलिए जो है, उसे स्वीकार करना ही पड़ता है। ___________________________________________ पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए... ‘मॉम, क्या लगती हैं आप?’:14 साल के बेटे की बात सुनकर शिल्पा शेट्टी बोलीं- लगा, अब सच में जिंदगी में कुछ हासिल किया है हर सफलता की कहानी सिर्फ तालियों और शोहरत से नहीं बनती। इसके पीछे ऐसे दौर भी होते हैं जब मौके छूटते हैं, फैसले गलत साबित होते हैं और फिर खुद को साबित करना पड़ता है। शिल्पा शेट्टी की कहानी भी ऐसी ही रही।पूरी खबर पढ़ें..
सुभाष घई ने किया सरोज खान को याद: आप हमेशा महान कोरियोग्राफर के रूप में याद की जाएंगी
मुंबई, भारतीय सिनेमा की दिग्गज कोरियोग्राफर सरोज खान की पुण्यतिथि पर पूरा फिल्म जगत उन्हें याद कर रहा है। शुक्रवार को मशहूर फिल्म निर्माता सुभाष घई ने भी उन्हें भावुक श्रद्धांजलि दी।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने एक्टर सलमान खान की फिल्म 'मातृभूमि' का क्लियरेंस सर्टिफिकेट अगले आदेश तक रोक दिया है। यह फिल्म साल 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प पर आधारित है। पहले इस फिल्म का नाम 'बैटल ऑफ गलवान' रखा गया था। फिल्म को पहले 17 अप्रैल को ईद के मौके पर रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट बढ़ाकर अगस्त तय की गई थी। सेंसर बोर्ड के इस फैसले के बाद अब फिल्म की अगस्त रिलीज भी टलने की आशंका है। सेंसर बोर्ड ने अगले आदेश तक रोका सर्टिफिकेटएनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंसर बोर्ड ने फिल्म 'मातृभूमि' को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। फिल्म के मेकर्स को उम्मीद थी कि इसे स्वतंत्रता दिवस के वीकेंड पर अगस्त में रिलीज कर दिया जाएगा, लेकिन नया सर्टिफिकेट न मिलने के कारण अब ऐसा होना मुश्किल लग रहा है। इस फिल्म का निर्माण सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान ने किया है और इसके डायरेक्टर अपूर्वा लाखिया हैं। फिल्म में सलमान खान के साथ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह, अभिलाष चौधरी और अंकुर भाटिया मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का म्यूजिक हिमेश रेशमिया ने तैयार किया है। चीनी सोशल मीडिया पर विरोध के बाद बदला था नामइस फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ही विवाद शुरू हो गया था। पिछले साल दिसंबर में जब फिल्म का टीजर सामने आया था, तब चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वीबो (Weibo) पर इसे लेकर काफी विरोध देखा गया था। चीनी यूजर्स ने मेकर्स पर गलवान घाटी की घटना को गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगाया था। इस विवाद के बाद मेकर्स ने फिल्म का नाम 'बैटल ऑफ गलवान' से बदलकर 'मातृभूमि' कर दिया था। नाम बदलने के साथ ही फिल्म की स्क्रिप्ट और दृश्यों में भी कुछ बदलाव किए गए थे। फिल्म पर विदेश मंत्रालय ने दी थी सफाईइसी साल जनवरी में भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) से भी इस फिल्म को लेकर सवाल पूछा गया था। तब ऐसी खबरें आई थीं कि विदेश मंत्रालय ने भारत और चीन के सैनिकों के बीच छह साल पहले हुई झड़प पर बन रही इस फिल्म को लेकर आपत्ति जताई है। इस पर सफाई देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत में फिल्म निर्माण से जुड़े मामलों को संबंधित अथॉरिटी ही देखती है। इस तरह के मामलों में विदेश मंत्रालय का कोई रोल नहीं होता है। उन्होंने साफ किया था कि मंत्रालय की तरफ से फिल्म पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। कर्नल संतोष बाबू के रोल में दिखेंगे सलमान खानफिल्म 'मातृभूमि' का टीजर 27 दिसंबर 2025 को सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर रिलीज किया गया था। इस फिल्म में सलमान खान 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संतोष बाबू का किरदार निभा रहे हैं। कर्नल संतोष बाबू ने ही गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के दौरान भारतीय टुकड़ी का नेतृत्व किया था। इस झड़प में वे शहीद हो गए थे।
डिप्रेशन में थे कॉमेडियन 'वीआईपी', कोरोना में बेटी ध्वनि बनी सबसे बड़ी सपोर्ट
मुंबई, कोविड-19 महामारी का समय मनोरंजन जगत के लिए भी बेहद कठिन दौर साबित हुआ था, जब शूटिंग, लाइव शो और स्टेज परफॉर्मेंस पूरी तरह रुक गए थे। इसी मुश्किल समय को याद करते हुए दिग्गज कॉमेडियन और अभिनेता विजय ईश्वरलाल पवार ने अपने जीवन का एक भावनात्मक अनुभव साझा किया।
पुण्यतिथि पर याद: भरत व्यास जिन्होंने 'ऐ मालिक तेरे बंदे हम' जैसे अमर गीत लिखा
मुंबई, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे बेहतरीन गीतकार हुए हैं, जिन्होंने शब्दों को भावना के साथ इतनी कुशलता से पिरोया है कि उनकी रचनाएं सदाबहार गाने बन गई हैं और पीढ़ियों के दिलों में उन्होंने हमेशा के लिए अपनी जगह बना ली है।
प्रतिभा सिन्हा बर्थडे स्पेशल: 'परदेसी-परदेसी' से रातोंरात फेम, एक रिश्ते से करियर तबाह
मुंबई, साल 1996 में रिलीज हुई फिल्म 'राजा हिंदुस्तानी' का सदाबहार गीत 'परदेसी परदेसी' आज भी दर्शकों के दिलों में गूंजता है।
‘यारियां’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2’ समेत कई बड़ी फिल्मों में लीड रोल कर चुके हिमांश कोहली की नई फिल्म ‘आर्यभट्ट का जीरो’ है। इससे जुड़ने से लेकर मेकिंग आदि पर उनसे हुई खास बातचीत... हिमांश कहते हैं...‘आर्यभट्ट का जीरो’ देहरादून के एक मोहल्ले की कहानी है। इसमें मेरा किरदार ब्रह्मगुप्त श्रीवास्तव उर्फ बग्गू है, जिसे उसके पिता हमेशा ‘जीरो’ मानते हैं। पिता चाहते हैं कि बेटा उनके जीते-जी कुछ बन जाए, जबकि बग्गू अपने सपनों की दुनिया बसाना चाहता है। यह पिता-पुत्र के टकराव की कहानी के साथ हर उस युवा की कहानी भी है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष करता है।’ फिल्म में मेरी जिंदगी की झलक भी है, तारीक मोहम्मद ने लिखी है कहानी हिमांश बताते हैं...‘मैं इस फिल्म से शुरुआत से जुड़ा रहा हूं। जब लेखक तारिक मोहम्मद कहानी लिख रहे थे, तब हम अपनी जिंदगी के अनुभव साझा कर रहे थे। मैं उन्हें बता रहा था कि कई बार अपने सपनों को लेकर सबसे पहले घरवालों को ही समझाना पड़ता है। मेरे जीवन में भी ऐसा दौर आया है। फिल्म के कई हिस्से, खासकर प्री-क्लाइमैक्स, मेरी निजी जिंदगी से मेल खाते हैं। सिर्फ मुझे ही नहीं, पूरी टीम को लगा कि कहानी में कहीं न कहीं उनकी भी जिंदगी दिखाई देती है।’ हर किरदार बग्गू की मंजिल तक उसे पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है हिमांश कहते हैं, ‘यह सिर्फ एक लड़के की कहानी नहीं, पूरे मोहल्ले की कहानी है। फिल्म में सोनाली सहगल, रवि किशन, नीरज सूद, अल्का अमीन, राजेश शर्मा, दर्शना बानिक, गोपाल दत्त और शिल्पा शिंदे जैसे कलाकार हैं। हर किरदार बग्गू की जिंदगी में किसी न किसी मोड़ पर आता है और उसकी सोच या सफर को प्रभावित करता है।’ देहरादून सिर्फ लोकेशन नहीं, फिल्म का एक अहम किरदार भी है बकौल हिमांश...‘फिल्म की शूटिंग देहरादून, दिल्ली और मुंबई में हुई लेकिन सबसे ज्यादा समय देहरादून में बिताया। करीब 65 दिन वहां शूट किया। दिल्ली और मुंबई का इस्तेमाल कहानी की जरूरत के हिसाब से किया गया है। क्लाइमैक्स भी देहरादून में शूट हुआ।’ पहले नाम ‘बूंदी रायता’ था, फिर फिल्म बनने तक मिल गया मनचाहा टाइटल हिमांश के मुताबिक...‘शुरुआत में फिल्म का वर्किंग टाइटल ‘बूंदी रायता’ रखा गया था, क्योंकि ‘आर्यभट्ट का जीरो’ टाइटल उपलब्ध नहीं था। हमारी पहली पसंद हमेशा यही नाम था। यह किसी और के पास रजिस्टर्ड था, लेकिन बाद में रिन्यू नहीं हुआ और फिल्म पूरी होने तक हमें यह टाइटल मिल गया। मुझे लगता है कि कहानी के भाव और पिता-पुत्र के रिश्ते को यही नाम सबसे बेहतर तरीके से व्यक्त करता है।’ लीड रोल मिलना रणनीति नहीं, किस्मत का साथ होना है हिमांश का कहना है...‘यारियां’ में भी मैं पहले थर्ड लीड के लिए चुना गया था, लेकिन वर्कशॉप के दौरान मुख्य भूमिका तक पहुंच गया। उसी समय ‘हमसे है लाइफ’ में भी लीड कर रहा था। सही समय पर सही मौका मिलना जरूरी होता है, लेकिन तैयारी भी उतनी ही जरूरी है। अभिनय के साथ-साथ अपने प्रोडक्शन हाउस के तहत भी फिल्में बना रहा हूं। ‘जूलिया एंड कालिया’ पूरी हो चुकी है। दूसरी फिल्म ‘क से कबूतर’ शिक्षा व्यवस्था पर आधारित है, जिसकी शूटिंग जारी है। इसका अगला शेड्यूल छत्तीसगढ़ में होगा।
निर्देशक चेतन का बयान : 'मिलावटी खाना इंसान की पूरी मेहनत पर पानी फेर देता है'
मुंबई, निर्देशक चेतन की फिल्म 'द इंडिया स्टोरी' खाद्य सुरक्षा (फूड सेफ्टी) के मुद्दे पर लोगों को सोचने पर मजबूर करती है। फिल्म के प्रमोशन के दौरान चेतन ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि यह कहानी हर भारतीय परिवार को प्रभावित करने वाले खतरे को सामने लाती है।
अद्रिजा रॉय: स्विट्जरलैंड में मंगेतर संग बर्थडे सेलेब्रिट किया बोली- 'छोटे पल ही सबसे बड़ी खुशी हैं'
मुंबई, लोकप्रिय सीरियल 'अनुपमा' के जरिए घर-घर में पहचान बना रही अद्रिजा रॉय इन दिनों अपने निजी जीवन को लेकर चर्चा में हैं। वह 4 जुलाई को अपना जन्मदिन एक खास अंदाज में मनाने जा रही हैं। आईएएनएस संग बातचीत में उन्होंने बताया कि वह अपना बर्थडे यूरोप के खूबसूरत देश स्विट्जरलैंड में अपने मंगेतर विग्नेश अय्यर के साथ सेलिब्रेट करेंगी।
'मिसमैच्ड' किरदार से इमोशनल हुई प्राजक्ता कोली, बोली- 'डिंपल आहूजा को अलविदा कहना मेरे लिए मुश्किल'
मुंबई, वेब सीरीज 'मिसमैच्ड' पिछले कुछ सालों में युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय रही है। इसी सीरीज की मुख्य किरदार डिंपल आहूजा ने दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई, जिसे प्राजक्ता कोली ने निभाया था। इस बीच अब प्राजक्ता ने अपने इस लंबे सफर को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा की।
'अल्फा' को लेकर दर्शक बंटे: जबरदस्त एक्शन को मिली तारीफ लेकिन कमजोर कहानी पर उठे सवाल
मुंबई, यश राज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की 'टाइगर', 'वॉर' और 'पठान' जैसी बड़ी फिल्मों के बाद अब उनकी नई फिल्म 'अल्फा' रिलीज हो चुकी है और इसे लेकर सिनेमाघरों में दर्शकों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी मुख्य भूमिकाओं में नजर आती हैं।
कॉमेडियन सुनील पाल ने समय रैना के विवादित शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में शामिल होने को लेकर पहली बार प्रतिक्रिया दी। गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि समय रैना ने उन्हें शो में आने के लिए 25 लाख रुपए का ऑफर दिया था। गुरुवार को वह फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' देखने जा रहे थे। इस दौरान पैपराजी से बातचीत में सुनील ने कहा, समय रैना के लगभग 11 मिलियन फॉलोअर्स हैं और वह मुझे फॉलो करता है। इससे पता चलता है कि अब वह सही आदमी को फॉलो कर रहा है। वह सही मंजिल तक पहुंच जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि वह समय रैना के शो में कब नजर आएंगे, तो उन्होंने कहा, मैं उसके शो में क्यों जाऊंगा। वह मुझे फॉलो कर रहा है। वह मेरे पीछे आएगा। सुनील पाल ने आगे दावा किया कि समय ने उनसे शो में आने के लिए बातचीत की थी और 25 लाख रुपए देने की पेशकश भी की थी। उनके मुताबिक, उन्होंने कहा था कि वह गाली-गलौज नहीं करेंगे। इस पर समय ने कथित तौर पर जवाब दिया था, सर, गाली तो आप मत देना, लेकिन हम लोग सब देंगे। हालांकि, सुनील पाल ने यह कन्फर्म नहीं किया कि वह 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के दूसरे सीजन में शामिल होंगे या नहीं। आलिया भट्ट पर भी तंज कसा 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के दूसरे सीजन के पहले एपिसोड में आलिया भट्ट और शर्वरी वाघ गेस्ट के रूप में नजर आई थीं। इसको लेकर सुनील ने कहा, जहां-जहां है आलिया, वहां-वहां हैं गालियां, बजाओ तो तालियां, वरना सपने में आएगा विजय माल्या। गौरतलब है कि 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के पहले सीजन में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर सुनील पाल ने सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई थी। शो को लेकर उस समय विवाद भी हुआ था। वहीं 'इंडियाज गॉट लेटेंट सीजन 2' को लेकर सुनील पाल ने यह भी कहा था, 'समय रैना के नए सीजन में दो लोगों को बैठाएं, अपनी माताजी और अपने पिताजी को बैठाएं। उनके सामने शो करके दिखाएं, तब मैं मानूंगा कि समय है और रैना है।' सुनील पाल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… कपिल शर्मा शो में सुनील पाल का आरोप:बोले- समय रैना के सामने मुझे अभिमन्यु की तरह घेरा गया, मेरे जोक्स काटे कॉमेडियन सुनील पाल ने द ग्रेट इंडियन कपिल शो में अपनी अपीयरेंस के बाद आरोप लगाया था कि शो के दौरान उन्हें 'टारगेट' किया गया और उनके कई अच्छे जोक्स को एडिट कर दिया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरभ दास ने सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के बयान पर निराशा जताई है। हालिया बातचीत में सौरभ दास ने कहा कि वे दिलजीत के रुख से थोड़े अपसेट हैं। दिलजीत को गानों की तरह अपने शब्दों से भी देश के युवाओं के मुद्दों और इस आंदोलन पर बात करनी चाहिए। इससे पहले दिलजीत दोसांझ ने अपने इंस्टाग्राम लाइव में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से खुद को दूर रखने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वे राजनेता नहीं, बल्कि सिर्फ एक कलाकार हैं। युवाओं का जोश बढ़ाएं दिलजीत सोशल मीडिया सामने वीडियो में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास मीडिया से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। शुरुआत में सौरभ ने कहा कि उनके पास एक्टर-सिंगर दिलजीत के लिए कोई संदेश नहीं है। हालांकि, जब उनसे दिलजीत के हालिया बयान को लेकर सीधा सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, यह बहुत दुखद है। मुझे लगता है कि उन्हें इस आंदोलन पर कुछ बोलना चाहिए ताकि युवाओं का जोश बढ़े। वे अपने गानों से तो जोश बढ़ाते ही हैं, लेकिन उन्हें अपने शब्दों से भी देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बात करनी चाहिए। दिलजीत ने प्रदर्शन से खुद को अलग किया यह पूरा विवाद दिलजीत दोसांझ के एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के बाद शुरू हुआ। लाइव बातचीत के दौरान एक फैन ने दिलजीत से दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर राय मांगी थी। इस पर दिलजीत ने जवाब दिया था, भाई, मुझे इन प्रदर्शन जैसी चीजों से दूर ही रखो। मैं एक कलाकार हूं, कोई नेता नहीं हूं। दिलजीत ने साफ कर दिया था कि वे खुद को केवल मनोरंजन की दुनिया तक ही सीमित रखना चाहते हैं और उनका किसी भी राजनीतिक दल या आंदोलन से कोई सीधा संबंध नहीं है। नीट पेपर लीक पर प्रदर्शन कर रही है CJPककरोच जनता पार्टी पिछले कुछ समय से दिल्ली के जंतर मंतर पर लगातार आंदोलन कर रही है। यह संगठन नीट (NEET) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इस डिजिटल सटायर ग्रुप की शुरुआत अभिजीत दिपके ने की थी, जो अब युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जमीन पर उतरकर प्रदर्शन कर रहा है। इस आंदोलन को कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी समर्थन मिला है, जिसके कारण यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। किसान आंदोलन में एक्टिव थे, अब बनाई दूरीसोशल मीडिया पर दिलजीत दोसांझ के इस बदले रुख को लेकर काफी चर्चा हो रही है। साल 2020-21 में हुए किसान आंदोलन के दौरान दिलजीत ने खुलकर किसानों का समर्थन किया था। वे खुद दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे धरने में शामिल होने पहुंचे थे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों के लिए बड़ी आर्थिक मदद भी की थी। हालांकि, उसके बाद से दिलजीत ने राजनीतिक और सामाजिक विवादों से पूरी तरह दूरी बना ली है। इसी साल मई में उन्होंने राजनीति में आने की खबरों को भी पूरी तरह खारिज कर दिया था।
शेफाली ने बताया कि जब उनके बच्चे छोटे थे, तब उन्होंने अपने करियर से ब्रेक लेकर पूरी तरह से परिवार को प्राथमिकता दी थी। उस समय उनका स्पष्ट निर्णय था कि वह घर पर रहकर बच्चों की परवरिश करेंगी।
ईशा कोप्पिकर ने उठाए सवाल: बॉलीवुड में महिलाओं की उम्र 'समस्या', पुरुषों की उम्र 'अनुभव' कैसे?
मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर अक्सर सामाजिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जानी जाती हैं। इस बार उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में उम्र और महिलाओं को लेकर मौजूद 'दोहरे मापदंड' पर सवाल उठाए हैं।
42 के हुए तोशी सबरी: रियलिटी शो से की सिंगिंग की शुरुआत, अब है नामी म्यूजिक डायरेक्टर
मुंबई, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने संगीतकार और गायक मुहम्मद ओवेज सबरी, जिन्हें तोशी सबरी के नाम से जाना जाता है, 4 जुलाई को अपना 42वां जन्मदिन मनाएंगे। रियलिटी शो के जरिए अपने गायन करियर की शुरुआत करने वाले तोशी ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई है।
'अम्मा' में सत्ता संघर्ष तेज, एडहॉक कमेटी पर श्वेता मेनन ने उठाए गभीर सवाल
कोच्चि, मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों का प्रमुख कमेटी 'मलयालम मूवी आर्टिस्ट एसोसिएशन' (अम्मा) एक बार फिर अंदरूनी विवादों के कारण सुर्खियों में है। संगठन में नेतृत्व और नियंत्रण को लेकर चल रहा टकराव अब एक संघर्ष में बदल गया है।
नसीम बानो: हिंदी सिनेमा की पहली फीमेल सुपरस्टार, बेटी सायरा की खातिर छोड़ी एक्टिंग
मुंबई, आज की पीढ़ी जब सायरा बानो का नाम सुनती है तो उनके सामने एक खूबसूरत, शालीन और प्रतिभाशाली अभिनेत्री की छवि उभरती है। सायरा बानो की ये चमकती विरासत जिस महिला से आई, वह खुद अपने समय की सबसे बड़ी स्टार थीं। हम बात कर रहे हैं सायरा बानो की मां नसीम बानो की।
यशराज स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल लीड फिल्म अल्फा बड़े स्केल, हाई ऑक्टेन एक्शन और एक नए कॉन्सेप्ट के साथ सिनेमाघरों में आई है। ट्रेलर से उम्मीद थी कि यह स्पाई यूनिवर्स को नया मुकाम देगी, लेकिन फिल्म उस उम्मीद पर पूरी तरह खरी नहीं उतरती। डायरेक्टर शिव रवैल ने इसे इंटरनेशनल स्पाई थ्रिलर का लुक देने में मेहनत की है। विजुअल्स, एक्शन और प्रोडक्शन वैल्यू प्रभावित करते हैं, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और कम भावनात्मक जुड़ाव फिल्म को बार बार पीछे खींचते हैं। फिल्म की कहानीकरीब 140 मिनट लंबी फिल्म की शुरुआत 27 जुलाई 1999 से होती है। इंडियन आर्मी के विक्रांत कौल (अनिल कपूर) और फतेह सिंह लाखावत (बॉबी देओल) देश की सबसे खतरनाक सीक्रेट फोर्स बनाने का सपना देखते हैं। इसी सोच से टीम अल्फा की शुरुआत होती है, जिसके सैनिकों को अल्फा सीरम दिया जाता है। यह सीरम इंसान की ताकत, रिफ्लेक्स और रिकवरी को कई गुना बढ़ा देता है। इसी दौरान विक्रांत अपनी गर्भवती पत्नी जानकी (दिया मिर्जा) की जान बचाने के लिए उसे भी अल्फा सीरम दे देता है। यह फैसला उसकी पूरी जिंदगी बदल देता है। फतेह का मानना होता है कि इस सीरम पर सिर्फ सेना का हक था। वह विक्रांत की नवजात बेटी को उससे अलग कर देता है और उसे यकीन दिला देता है कि उसकी बेटी मर चुकी है। सालों बाद वही बेटी सीता (आलिया भट्ट) फतेह की निगरानी में एक खतरनाक हथियार बन चुकी होती है। बचपन से उसे मिशन दिए जाते हैं और वह देश के दुश्मनों को खत्म करती रहती है। लेकिन एक दिन उसे पता चलता है कि जिस इंसान को वह अपना गुरु मानती रही, वही सबसे बड़ा गुनहगार है। दूसरी तरफ स्पेन में पली विक्रांत की दूसरी बेटी दुर्गा (शरवरी) की एंट्री होती है। दोनों बहनों का आमना सामना होता है और कहानी ऑपरेशन ओडिसी के रहस्य तक पहुंचती है। आखिर फतेह का असली मिशन क्या है, ऑपरेशन ओडिसी के पीछे उसका मकसद क्या है और क्या सीता उसे रोक पाएगी, फिल्म का क्लाइमैक्स इन्हीं सवालों के जवाब देता है। फिल्म में एक्टिंगसीता के किरदार में आलिया भट्ट ने पूरी मेहनत की है। उन्होंने एक्शन सीक्वेंस में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और कई दृश्यों में प्रभाव भी छोड़ती हैं। हालांकि भावनात्मक दृश्यों में उनका किरदार दर्शकों से उतना जुड़ नहीं पाता, जितनी जरूरत थी।शरवरी को स्क्रीन स्पेस कम मिला है, लेकिन जितना मौका मिला उसमें उन्होंने अच्छा काम किया है और अपने किरदार के साथ न्याय किया है। फिल्म के सबसे बड़े सरप्राइज पैकेज हैं बॉबी देओल। फतेह सिंह लाखावत के रोल में उनका जुनून, खामोशी और खतरनाक स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है। अनिल कपूर भी अपने किरदार में पूरी तरह फिट बैठते हैं। वहीं फिल्म के आखिर में ऋतिक रोशन का कैमियो स्पाई यूनिवर्स के फैंस के लिए एक अच्छा सरप्राइज बनकर आता है और आगे की फिल्मों के लिए उत्सुकता भी बढ़ा देता है। फिल्म में डायरेक्शन और टेक्निकल पक्षनिर्देशक शिव रवैल ने फिल्म को हॉलीवुड स्टाइल स्पाई थ्रिलर जैसा ट्रीटमेंट देने की कोशिश की है। सिनेमैटोग्राफी शानदार है। सेपिया टोन, बड़े सेट्स और खूबसूरत लोकेशंस फिल्म को शानदार विजुअल अपील देते हैं। खासकर आलिया और शरवरी के बीच पहला फाइट सीक्वेंस फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा है। हालांकि कहानी के स्तर पर फिल्म कई जगह कमजोर पड़ जाती है। स्क्रीनप्ले ढीला है और कई घटनाएं बिना ठोस आधार के आगे बढ़ती हैं। कुछ ट्विस्ट जरूर हैं, लेकिन उनमें वह रोमांच नहीं है जो दर्शकों को पूरी फिल्म बांधकर रख सके। भावनात्मक दृश्यों में भी फिल्म असर छोड़ने में नाकाम रहती है। कई जगह स्पाई एजेंट्स को इतना सुपरह्यूमन बना दिया गया है कि कहानी वास्तविकता से दूर जाती महसूस होती है। इतना अच्छा कॉन्सेप्ट होने के बावजूद लेखन उसे पूरी तरह भुना नहीं पाता। फिल्म का पहला हिस्सा औसत रफ्तार से आगे बढ़ता है। असली खेल इंटरवल के बाद शुरू होता है, जब बॉबी देओल के ग्रे शेड वाले किरदार का एक बड़ा सच सामने आता है। यही ट्विस्ट कहानी में नई जान डालता है और कुछ देर के लिए फिल्म धुरंधर जैसी स्पाई थ्रिलर वाली फील देने लगती है। हालांकि, इसके बाद भी कमजोर स्क्रीनप्ले फिल्म को पूरी तरह उड़ान नहीं भरने देता। इंटरवल के बाद आने वाले ट्विस्ट और बॉबी देओल के ग्रे शेड वाले किरदार की परतें फिल्म को बेहतर बनाती हैं, लेकिन कमजोर लेखन इसकी रफ्तार को आखिर तक बरकरार नहीं रख पाता। फिल्म में म्यूजिकफिल्म का बैकग्राउंड स्कोर कहानी के टोन के मुताबिक ठीक बैठता है और एक्शन को सपोर्ट करता है। लेकिन गानों में ऐसा कोई ट्रैक नहीं है जो फिल्म खत्म होने के बाद भी याद रह जाए। फिल्म को फाइनल वर्डिक्ट अल्फा विजुअली शानदार है, एक्शन दमदार है और बॉबी देओल अपने किरदार से सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। आलिया भट्ट ने भी पूरी ईमानदारी से फिल्म को संभालने की कोशिश की है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले, कम भावनात्मक जुड़ाव और औसत थ्रिल इसकी सबसे बड़ी कमजोरियां बन जाती हैं। फिल्म एक नए स्पाई चैप्टर की मजबूत शुरुआत बन सकती थी, लेकिन यह मौका पूरी तरह भुना नहीं जा सका। अगर आप बड़े पर्दे पर स्टाइलिश एक्शन और यशराज स्पाई यूनिवर्स के फैन हैं तो फिल्म एक बार देख सकते हैं, लेकिन कहानी के स्तर पर यह आपको पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाएगी।
मद्रास हाईकोर्ट सख्त: जन नायगन' पायरेसी केस के दो आरोपियों की जमानत खारिज
चेन्नई, साउथ सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की फिल्म 'जन नायगन' को लेकर चल रहा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इसके पायरेसी मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
जब किसी प्रोजेक्ट से राजकुमार हिरानी का नाम जुड़ता है तो उम्मीदें बढ़ना स्वाभाविक है। अरशद वारसी, विक्रांत मैसी, बोमन ईरानी और मोना सिंह जैसे कलाकार हों तो बेहतरीन क्राइम-कॉमेडी की आस और मजबूत हो जाती है। जियोहॉटस्टार पर रिलीज हुई 'प्रीतम एंड पेड्रो' साइबर क्राइम जैसे समकालीन विषय को कॉमेडी, थ्रिल और इमोशन के साथ पेश करने की कोशिश करती है। कॉन्सेप्ट दिलचस्प और स्टारकास्ट दमदार है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और धीमी रफ्तार के कारण सीरीज अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाती। 6 एपिसोड की इस सीरीज को दैनिक भास्कर ने 5 में से 2.5 स्टार दिए हैं। सीरीज की कहानी कैसी है? 'प्रीतम एंड पेड्रो' की कहानी गोवा में सेट है। पेड्रो गोंसाल्वेस (अरशद वारसी) पुराने ख्यालों वाला अनुभवी पुलिस अफसर है, जो अपराधियों को पकड़ने में माहिर है, लेकिन तकनीक और साइबर दुनिया से उसकी ज्यादा दोस्ती नहीं है। एक घटना के बाद उसका तबादला साइबर सेल में होता है, जहां उसकी मुलाकात युवा और टेक-सेवी अधिकारी प्रीतम पार्कर (वीर हिरानी) से होती है। दोनों की कार्यशैली बिल्कुल अलग है। पेड्रो अनुभव और जमीनी जांच पर भरोसा करता है, जबकि प्रीतम डेटा, हैकिंग और डिजिटल तकनीक के जरिए अपराध सुलझाता है। इसी बीच उन्हें मंत्री के बेटे के अपहरण और एक हाई-प्रोफाइल साइबर क्राइम की गुत्थी सुलझाने की जिम्मेदारी मिलती है। जांच के साथ ऑनलाइन फ्रॉड, हैकिंग और डिजिटल स्कैम की परतें खुलती हैं, वहीं दोनों किरदारों की निजी जिंदगी और भावनात्मक संघर्ष को भी कहानी में जोड़ा गया है। स्टारकास्ट की एक्टिंग कैसी है? अरशद वारसी पूरी सीरीज की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनका सहज अभिनय, शानदार कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस कई कमजोर दृश्यों को भी संभाल लेती है। राजकुमार हिरानी के बेटे वीर हिरानी इस सीरीज से बतौर लीड एक्टर डेब्यू कर रहे हैं। उन्होंने ईमानदारी से किरदार निभाया है। कई दृश्यों में उनका आत्मविश्वास दिखता है, लेकिन भावनात्मक हिस्सों में अनुभव की कमी महसूस होती है। शुरुआत के लिहाज से उनका प्रदर्शन संतोषजनक है। विक्रांत मैसी सीमित स्क्रीन टाइम में भी प्रभाव छोड़ते हैं। मोना सिंह, बोमन ईरानी, सत्यदीप मिश्रा और श्रुति मराठे अपने किरदारों के साथ न्याय करते हैं, लेकिन स्क्रिप्ट उन्हें ज्यादा अवसर नहीं देती। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष कैसा है? निर्देशक अविनाश अरुण ने इससे पहले 'थ्री ऑफ अस' और 'पाताल लोक' जैसी बेहतरीन कृतियां दी हैं। ऐसे में उनसे उम्मीदें ज्यादा थीं, लेकिन इस बार वह कहानी की पकड़ बनाए रखने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाए। निर्देशन में राजकुमार हिरानी की फिल्मों वाला हल्का-फुल्का ह्यूमर और मानवीय स्पर्श जरूर नजर आता है। हालांकि सबसे बड़ी कमजोरी इसकी राइटिंग और स्क्रीनप्ले है। राजकुमार हिरानी, अभिजात जोशी, सुयश त्रिवेदी और अमित दुबे की लिखी कहानी का विषय प्रासंगिक है, लेकिन कई एपिसोड अनावश्यक रूप से लंबे लगते हैं। थ्रिल लगातार नहीं बनता और इमोशनल सीन भी अपेक्षित असर नहीं छोड़ते। अंत तक सीरीज मनोरंजक तो रहती है, लेकिन यादगार नहीं बनती। तकनीकी रूप से सीरीज मजबूत है। गोवा की लोकेशंस, सिनेमैटोग्राफी, कैमरा वर्क और प्रोडक्शन वैल्यू प्रभावित करते हैं। साइबर क्राइम से जुड़े विजुअल्स भी विश्वसनीय लगते हैं, लेकिन मजबूत तकनीकी पक्ष कमजोर लेखन की भरपाई नहीं कर पाता। म्यूजिक कैसा है? राजकुमार हिरानी के प्रोजेक्ट्स में संगीत हमेशा एक अहम भूमिका निभाता रहा है। 'प्रीतम एंड पेड्रो' में भी कुछ गाने शामिल किए गए हैं। शांतनु मोइत्रा का संगीत और स्वानंद किरकिरे के गीत कहानी के साथ मेल खाते हैं। श्रेया घोषाल की आवाज में रेट्रो अंदाज वाला गीत सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन कोई भी गाना लंबे समय तक याद नहीं रहता। बैकग्राउंड स्कोर कई जगह सस्पेंस पैदा करता है, लेकिन कहानी की धीमी रफ्तार और कमजोर थ्रिल के कारण उसका असर सीमित रह जाता है। फाइनल वर्डिक्ट: देखें या नहीं? अगर आप अरशद वारसी के फैन हैं या साइबर क्राइम पर हल्के-फुल्के अंदाज की सीरीज देखना चाहते हैं, तो 'प्रीतम एंड पेड्रो' एक बार देख सकते हैं। लेकिन अगर आप राजकुमार हिरानी के नाम से उनकी फिल्मों जैसा दमदार लेखन, गहरे इमोशन और यादगार मनोरंजन की उम्मीद करेंगे, तो यह सीरीज निराश कर सकती है।
पुराने और नए बॉलीवुड एक्टर्स में असली फर्क क्या है? अरशद वारसी ने किस्सा सुनकर समझाया
मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी अपनी सादगी और चुलबुले अंदाज के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने आईएएनएस से बॉलीवुड में काम करने के बदलते तरीके पर अपने अनुभव साझा किए और पुराने व नए कलाकारों के बीच फर्क को समझाया।
मुंबई, बॉलीवुड फिल्म 'हम हैं बेमिसाल' 90 के दशक की उन एक्शन फिल्मों में से एक है, जिसमें उस दौर के बड़े सितारे एक साथ नजर आए थे। यह फिल्म सिर्फ अपने एक्शन और स्टारकास्ट की वजह से ही नहीं बल्कि इसकी शूटिंग से जुड़ी कुछ वास्तविक घटनाओं की वजह से भी याद की जाती है।
लॉस एंजिल्स में भाषा की चुनौतियों पर सना सईद ने तोड़ी चुप्पी, बोली- 'सुना जाना सबसे जरूरी होता है'
मुंबई, सुपरहिट फिल्म 'कुछ कुछ होता है' में शाहरुख खान की बेटी 'अंजलि' का किरदार निभाकर लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली अभिनेत्री सना सईद ने सोशल मीडिया पर अपना एक अनुभव साझा किया। दरअसल, उन्होंने विदेश में रहने के दौरान भाषा, उच्चारण और संवाद से जुड़ी कठिनाइयों के बारे में खुलकर बात की।
'गदर' के सेट पर सनी देओल बने डायरेक्टर, अमीषा पटेल ने एक टेक में ओके किया सीन
मुंबई, 15 जून 2001 को रिलीज हुई फिल्म 'गदर: एक प्रेम कथा' अपने दौर की बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म रही। इस फिल्म के सीक्वल 'गदर 2' ने भी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया था। फिल्म में सनी देओल और अमीषा पटेल की जोड़ी को काफी पसंद किया गया था।
'एक चतुर नार' ने दिखाई बचपन की याद, किशोर कुमार के बेटे ने बताया अनसुना किस्सा
मुंबई, भारतीय सिनेमा के महान गायक किशोर कुमार के गाने आज की पीढ़ी के बीच भी काफी लोकप्रिय है। हाल ही में उनके बेटे सुमित कुमार ने अपने पिता से जुड़ी कुछ यादें साझा कीं। दरअसल, सुमित कुमार टीवी शो 'इंडियन आइडल' में बतौर स्पेशल गेस्ट शामिल हुए थे। इस दौरान वह एक कंटेस्टेंट की परफॉर्मेंस को देख इमोशनल हो गए।

